*भागवत कथा सुनने से दूर होते हैं सभी संताप-ब्रह्मांश दास ब्रह्मचारी*
खजनी गोरखपुर।। श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सुनने से सभी प्रकार दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
खजनी कस्बे के पास रूद्रपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के पहले दिन व्यास पीठ से हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम से पधारे कथाव्यास ब्रह्मांश दास ब्रह्मचारी ने उपस्थित श्रोताओं को मंगलाचरण की कथा सुनाई। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा सुनने से होने वाले प्रत्यक्ष लाभ की जानकारी देते हुए बताया कि कलियुग में मनुष्य को अन्य किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता उसे सिर्फ मृत्यु का भय लगा रहता है। किंतु भागवत कथा सुनने से मनुष्य को अपनी मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है और वह धर्म तथा सत्कर्म हेतु प्रेरित होकर अपना शेष जीवन सहजता से आत्म कल्याण के मार्ग पर चल कर व्यतीत करता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में मानव जीवन में तीन प्रकार के संतापों का वर्णन किया गया है। जिसमें दैहिक अर्थात शारीरिक दैविक अर्थात प्राकृतिक दैविय आपदाओं तथा भौतिक अर्थात सुख, समृद्धि, धन, भोजन, वस्त्र, आवास आदि से संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है। भागवत कथा सुनने के ऐ सभी प्रत्यक्ष लाभ हैं जो कि श्रद्धा पूर्वक कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं को सहज ही प्राप्त हो जाते हैं।
संगीतमय् कथा के शुभारंभ में विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि श्रद्धा और प्रेम ही वह मानवीय गुण हैं जिससे मानवों के भीतर दैविय (देवताओं) के गुण प्रकट होते हैं। उन्होंने आत्मदेव ब्राह्मण उनकी धर्मपत्नी धुंधली, धुंधकारी और गोकर्ण भगवान की कथा सुनाई। सायं 6 बजे से देर रात तक चली संगीतमय कथा में उपस्थित श्रद्धालु श्रोता भक्ति रस में सराबोर होते रहे। इस दौरान मुख्य यजमान प्रेम शंकर मिश्र,असमावती मिश्रा, डॉक्टर उदय प्रकाश मिश्र, गिरीवर मिश्र, बेनीमाधव राम त्रिपाठी, हरिनारायण शर्मा, जनार्दन द्विवेदी, रामकिशोर, बल्लभाशरण मिश्र, शुभम, ओमप्रकाश मिश्र, रामप्रकाश मिश्र, अश्वनी, अमर, हर्ष, राम सजीवन , जयप्रकाश तिवारी, समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु श्रोता उपस्थित रहे।
Feb 15 2025, 17:47