*गुजरात के मुख्यमंत्री ने दी गोरखपुर के युवा लेखक राजल को उनकी पुस्तक राजल नीति के लिए शुभकामनाएं*

गोरखपुर- युवा लेखक राजल की पुस्तक राजल नीति टाइम मैनेजमेंट के गुजराती संस्करण को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पत्र के माध्यम से शुभकामनाएं दी है। जिसमें उन्होंने राजल को पुस्तक के लिए बधाई दी और पुस्तक की सफलता के लिए कामना की है।

राजल नीति पुस्तक वर्तमान में 7 भाषा हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, मराठी, गुजरती, ओड़िया और पंजाबी भाषा में उपलब्ध है। टाइम मैनेजमेंट पर राजल सबसे ज्यादा अनुवाद किये जाने वाले भारतीय लेखक हैं। उन्होंने अब तक 6 पुस्तकें लिखी हैँ जिनमें राजल नीति टाइम मैनेजमेंट, राजल नीति स्ट्रेस मैनेजमेंट, राजल नीति लोकव्यवहार प्रमुख हैं।

इस अवसर पर राजल ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के प्रति आभार व्यक्ति किया और बताया की वो जो कुछ भी हैं अपने स्वर्गीय दादाजी राधेश्याम गुप्त जी की वजह से हैं और उनकी यह सफलता उन्हें ही समर्पित है। उनकी वजह से ही वो कक्षा 6 फेल और पढ़ाई छोड़ने से 9 डिग्री/सर्टिफिकेट की यात्रा तय कर पाए जिसमे एल. एल. बी, जर्नालिज्म, पी. जी. डी. बी. ए और बी लेवल जैसी 4 प्रोफेशनल डिग्रियां भी शामिल हैँ साथ ही साथ उन्होंने डायमंड बुक्स के निदेशक नरेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन के लिए भी उनका आभार व्यक्त किया।

राजल नीति पुस्तकों का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला कर चुके हैँ।

*भागवत कथा सुनने से दूर होते हैं सभी संताप-ब्रह्मांश दास ब्रह्मचारी*

खजनी गोरखपुर।। श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सुनने से सभी प्रकार दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

खजनी कस्बे के पास रूद्रपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के पहले दिन व्यास पीठ से हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम से पधारे कथाव्यास ब्रह्मांश दास ब्रह्मचारी ने उपस्थित श्रोताओं को मंगलाचरण की कथा सुनाई। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा सुनने से होने वाले प्रत्यक्ष लाभ की जानकारी देते हुए बताया कि कलियुग में मनुष्य को अन्य किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता उसे सिर्फ मृत्यु का भय लगा रहता है। किंतु भागवत कथा सुनने से मनुष्य को अपनी मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है और वह धर्म तथा सत्कर्म हेतु प्रेरित होकर अपना शेष जीवन सहजता से आत्म कल्याण के मार्ग पर चल कर व्यतीत करता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में मानव जीवन में तीन प्रकार के संतापों का वर्णन किया गया है। जिसमें दैहिक अर्थात शारीरिक दैविक अर्थात प्राकृतिक दैविय आपदाओं तथा भौतिक अर्थात सुख, समृद्धि, धन, भोजन, वस्त्र, आवास आदि से संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है। भागवत कथा सुनने के ऐ सभी प्रत्यक्ष लाभ हैं जो कि श्रद्धा पूर्वक कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं को सहज ही प्राप्त हो जाते हैं।

संगीतमय् कथा के शुभारंभ में विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि श्रद्धा और प्रेम ही वह मानवीय गुण हैं जिससे मानवों के भीतर दैविय (देवताओं) के गुण प्रकट होते हैं। उन्होंने आत्मदेव ब्राह्मण उनकी धर्मपत्नी धुंधली, धुंधकारी और गोकर्ण भगवान की कथा सुनाई। सायं 6 बजे से देर रात तक चली संगीतमय कथा में उपस्थित श्रद्धालु श्रोता भक्ति रस में सराबोर होते रहे। इस दौरान मुख्य यजमान प्रेम शंकर मिश्र,असमावती मिश्रा, डॉक्टर उदय प्रकाश मिश्र, गिरीवर मिश्र, बेनीमाधव राम त्रिपाठी, हरिनारायण शर्मा, जनार्दन द्विवेदी, रामकिशोर, बल्लभाशरण मिश्र, शुभम, ओमप्रकाश मिश्र, रामप्रकाश मिश्र, अश्वनी, अमर, हर्ष, राम सजीवन , जयप्रकाश तिवारी, समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु श्रोता उपस्थित रहे।

भोजपुरी-हिन्दी के सशक्त हस्ताक्षर रविंद्र श्रीवास्तव जुगानी भाई का 79 वर्ष की आयु में निधन

गोरखपुर। भोजपुरी व हिन्दी के सशक्त हस्ताक्षर साहित्यकार व आकाशवाणी के उद्घोषक रवींद्र श्रीवास्तव उर्फ जुगानी भाई का 79 वर्ष की उम्र में निधन. आज सुबह 9 बजे ली अंतिम सांस. फेफड़े के संक्रमण के चलते कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. सोशल मीडिया पर सेहत की लगातार अपडेट दे रहे थे।

4 फरवरी को पोस्ट में मास्क पहनने में लापरवाही की वजह से फेफड़े में संक्रमण का जिक्र किये थे. 28 मई 1945 को जन्मे रविन्द्र श्रीवास्तव उर्फ जुगानी भाई उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय रहे. 28 दिसम्बर 1973 से साल 2022 तक उन्होंने आकाशवाणी में सेवाएं दीं. गोरखपुर आकाशवाणी में पंचो जय जवान-जय किसान कार्यक्रम के जरिए जनमानस में लोकप्रिय हुए. भोजपुरी में कविताओं को पढ़ने की उनकी खास शैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई. उनकी कई भोजपुरी कविताओं ने उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाई. जीवनभर वो भोजपुरी को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रहे।

उन्हें राहुल सांस्कृत्यायन पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिंदी अकादमी भिखारी ठाकुर सम्मान, उत्तर प्रदेश हिंदी अकादमी लोकभूषण सम्मान, विद्या निवास मिश्र सम्मान, सरयू रत्न, भोजपुरी रत्न सम्मान मिल चुका है. उनके निधन की खबर से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई. जुगानी भाई के नाम से प्रसिद्धि पाने वाले रविन्द्र श्रीवास्तव अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने पुलवामा के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

गोरखपुर। अटेवा पेंशन बचाओ मंच जनपद शाखा गोरखपुर के समस्त शिक्षक कर्मचारियों ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद 43 जवानों को गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने पंत पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धांजलि अर्पित किया गया शहीदों को नमन कर सभा को संबोधित करते हुए अटेवा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवानों के हम सभी कर्जदार है और हम अपना कर्ज अर्धसैनिक बलों को उनके बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन दिलवाकर ही उतार सकते हैं ।पुलवामा में शहीद हुवे जवानों को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद भी अर्धसैनिक बालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित रखा गया है जो की असंवैधानिक है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र ही पुरानी पेंशन बहाल किया जाए क्योंकि लोकतंत्र में हठ धर्मिता ठीक नहीं है। अटेवा के जिला महामंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह एवं वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक कर्मचारियों की बुढ़ापे की लाठी है और उनके आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार है। जिला उपाध्यक्ष राजकुमार व संतोष पाठक ने कहा कि सरकार शीघ्र पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करें अन्यथा समस्त शिक्षक कर्मचारी विवश होकर आंदोलन को बाध्य होंगे श्रद्धांजलि सभा में समस्त विभिन्न विभागों के शिक्षक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे । सुनील कुमार दुबे राजकुमार, संतोष कुमार पाठक, ज्ञान प्रकाश सिंह, अर्जुन गुप्ता, किरन शर्मा, सीमा राय, प्रियमबदा, अवधेश कुमार, अजय कुमार भास्कर, मेवा लाल मौर्य आदि शामिल रहे

इंडिया पेस्टिसाइड्स लिमिटेड एवं समाधान अभियान द्वारा स्पेशली एबल्ड बच्चों की कार्यशाला "

गोरखपुर। चुप्पी तोड़ हल्ला बोल कार्यक्रम के अंतर्गत दृष्टिबाधित एवं स्पेशली एबल्ड बच्चों तथा उनके अध्यापकों के लिए' बाल यौन शोषण 'से बचाव एवं पोक्सो एक्ट 2012 की जागरुकता के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों, शिक्षकों, स्टाफ एवं गार्जियंस को बाल यौन शोषण से बचाव की जानकारी दी गई।

इसका आयोजन राजकीय मुकद्दीर विद्यालय नॉर्मल कैंपस तथा राष्ट्रीय दृष्टिहीन बालिका इंटर कॉलेज नॉर्मल कैंपस में आयोजित किया गया ।

कार्यक्रम में संस्था की निदेशिका श्रीमती शीलम बाजपेई ने 'चुप्पी तोड़ हल्ला बोल 'कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशली एबल्ड बच्चों में बाल यौन शोषण का खतरा बहुत अधिक है और बचाव की जागरुकता उनको सुरक्षित रख सकते है। निदेशिका श्रीमती सौम्या द्विवेदी ने दृष्टिबाधित बच्चों एवं उनके अध्यापकों को, विशेष रूप से डिजाइन किए गए कार्यक्रम के माध्यम से बाल यौन शोषण से बचाव और पाक्सो एक्ट 2012 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कमलेश वर्मा ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल होने का आशीर्वाद प्रदान किया एवं चुप्पी तोड़ हल्ला बोल कार्यक्रम की प्रशंसा की।

*कोर्ट के आदेश की अवमानना पर नपे थानाध्यक्ष और दारोगा*

खजनी गोरखपुर।।तहसील क्षेत्र के बेलघाट ब्लॉक के डेहराटीकर गांव के मूल निवासी विनित श्रीवास्तव अपने काम काज के सिलसिले में गोरखपुर शहर में रहते हैं गांव में उनकी खेती की पैतृक जमीन है जिसे लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा है और मामला सिविल कोर्ट बांसगांव में लंबित है किन्तु विवादित भूमि पर फैसला होने तक यथास्थिति बनाए रखने के कोर्ट के स्पष्ट स्थगन आदेश (स्टे) को न मानते हुए सिकरीगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर कमलेश कुमार और हलका दारोगा बैजनाथ बिंद ने प्रलोभन में आ कर विपक्षियों को विवादित भूमि पर कब्ज़ा करा दिया।

विनित श्रीवास्तव ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से इसकी शिकायत कोर्ट में माननीय न्यायाधीश से करते हुए बताया कि मेरे खेत की फसल की जुताई कराते हुए विपक्षियों को काबिज करा दिया, शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने आदेश की अवमानना पर थानाध्यक्ष, हलका दारोगा और विपक्षियों को आगामी 7 मार्च 2025 को कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी करते हुए नोटिस भेजी है। इतना ही नहीं प्रार्थी की शिकायत पर एसएसपी डाॅक्टर गौरव ग्रोवर के द्वारा भी कोर्ट के आदेश के अनुपालन का स्पष्ट आदेश दिया गया था।

वहीं दूसरी ओर अब कोर्ट से नोटिस मिलते ही थानेदार और दरोगा पीड़ित से कह रहे हैं कि गलती हो गई है आप थाने पर आ कर किसी तरह से मामले को सुलझा लें।

इस संदर्भ में थानाध्यक्ष सिकरीगंज इंस्पेक्टर कमलेश कुमार पासवान ने बताया कि उन्हें न्यायालय का नोटिस मिला है, कोर्ट के आदेश का भरपूर सम्मान करते हैं। पहले उन्हें मामले की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई थी।

फाइव स्टार सुविधाओं से युक्त होंगे गरीबों के मांगलिक कार्यक्रम : सीएम योगी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब गरीबों और आर्थिक दृष्टि से निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के कार्यक्रम भी फाइव स्टार सुविधाओं से युक्त होंगे। कल्याण मंडपम इसका माध्यम बनेगा। गोरखपुर के पहले कल्याण मंडपम का आज उद्घाटन हो रहा है। अगले कुछ माह में सात नए कल्याण मंडपम भी बनकर तैयार हो जाएंगे। इनमें से पांच कल्याण मंडपम के लिए धनराशि उन्होंने अपनी विधायक निधि से दी है।

03 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण मंडपम की बुकिंग मात्र 11 हजार रुपये में करने के निर्देश नगर निगम को दिए गए हैं।मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को करीब 103 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देने के लिए खोराबार टाउनशिप में नगर निगम की तरफ से आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।

कुल 26.31 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण

उन्होंने नगर के नवसृजित वार्ड खोराबार में 4.71 करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पहले कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के साथ ही 4.55 करोड़ रुपये की लागत से बने गैस आधारित पशु शवदाह गृह, महादेवपुरम से रामगढ़ताल में फेज 2 (पम्पिंग स्टेशन) तक 2.46 करोड़ रुपये से नाला निर्माण कार्य, एकला बांध से पशु शवदाह गृह (कारकस प्लांट) तक 0.68 करोड़ रुपये से सड़क निर्माण, महेवा स्थित कान्हा गोशाला में 0.97 करोड़ रुपये से शेड निर्माण का लोकार्पण किया। कुल 26.31 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण करने के अलावा उन्होंने 76.40 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया।

विकास यात्रा में सहभागी बनने और स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने की अपील

मुख्यमंत्री ने लोगों से विकास यात्रा में सहभागी बनने और स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने की अपील की। इसके लिए आज विमोचित स्वच्छता कॉमिक का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि 40 वर्ष में गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश ने गंदगी के कारण होने वाली मौतों को देखा है। गंदगी, कूड़ा, तालाबों को पाटने और नालियों के चोक होने के परिणामस्वरूप इंसेफेलाइटिस से बड़े पैमाने पर मौतें होती थीं। लोगों के स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने, स्वच्छ भारत मिशन और डबल इंजन सरकार के प्रयासों के परिणाम से आज इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त है। सभी लोगों को स्वच्छता को प्राथमिकता देनी होगी। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का संकल्प लेना होगा।

सबके लिए आवास का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम लोग आज जहां खड़े हैं, वहां खोराबार की मेडिसिटी/टाउनशिप परियोजना में हर आय वर्ग के लोगों के लिए आवास का सपना साकार हो रहा है। यहां ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी के मकान बन रहे हैं। प्लॉट भी उपलब्ध करवाए गए हैं। एक आवास जिसमें दो बेडरूम, एक डाइनिंग हाल, किचन, लैट्रिन-बाथरूम है। उसकी 28 लाख रुपये लागत आ रही है। ऐसे ही एलआईजी के मकान की लागत भी लगभग 16 लाख के आसपास पड़ रही है। ईडब्ल्यूएस के मकान की कीमत भी उसी प्रकार कम होती जाएगी।

लोकार्पण और शिलान्यास समारोह यह रहे मौजूद

लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव व गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पूर्व महापौर सीताराम जायसवाल, डॉ. सत्या पांडेय, भाजपा के जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने मंच से उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाईकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने एक दिवंगत सफाईकर्मी के पिता को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा। मंच पर आने से पूर्व मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम का फीता काटकर लोकार्पण और निरीक्षण किया। उन्होंने कल्याण मंडपम की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। मंचीय कार्यक्रम के बाद उन्होंने नगर निगम की दस गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
नौजवान भारत सभा के तरफ से हुई 'बच्चों को बचाओ, सपनों को बचाओ' मुहिम की शुरुआत

गोरखपुर। नौजवान भारत सभा के तरफ से आज 'बच्चों को बचाओ, सपनों को बचाओ' मुहिम की शुरुआत जाफ़रा बाज़ार के बड़ेकाजीपुर मोहल्ले में की गई।

इस दौरान नुक्कड़ सभा की गई और क्रान्तिकारी गीत प्रस्तुत किए गए। सभा में बात रखते हुए प्रसेन ने कहा कि आज पूरे देश में मोबाइल, सोशल मीडिया, टेलीविजन आदि के माध्यम से जो कचरा हमारे बच्चों के दिमाग में भरा जा रहा है वह हमारे बच्चों में संवेदनशीलता, सामूहिकता, न्यायबोध, कल्पनाशीलता का अंकुर उगने से पहले ही कुचल देता है। जो कुसंस्कृति आज परोसी जा रही है उससे बच्चों में अपने परिवेश और लोगों से अलगाव, हिंसा की प्रवृत्ति, अवसाद, नशाखोरी, यौन आक्रामकता, अपराध की तरफ रुझान बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है।

मोबाइल न मिलने पर आत्महत्या करने या परिवार के लोगों पर हमला करने बहुत सारी घटनायें सामने आ रही हैं। ‘नौजवान भारत सभा’ बच्चों को इस दिमागी कचरे, कुसंस्कृति से बचाने के कटिबद्ध है। इसलिए लोगों से अपील की गई की अपने बच्चों को लोग मोबाइल टीवी आदि से दूर करने कोशिश करें। ऑस्ट्रेलिया में जिस तरह सरकार ने 16 साल के बच्चों के लिए इंटरनेट बैन कर दिया है उसी तरह यहां नागरिकों को सरकार पर दबाव बनाना चाहिए कि वो 16 साल के बच्चों के लिए इंटरनेट पर बैन लगाए। नौजवान भारत सभा ने कार्यकर्ताओं ने कहा कि जाफराबाज़ार में बच्चों को अच्छी किताबें, नाटक, गीत आदि नौजवान भारतसभा द्वारा संचालित ‘शहीद भगतसिंह पुस्तकालय’ पर उपलब्ध हैं। परिजन अपने बच्चों को वहां जरूर भेजें।

आज के कार्यक्रम में अम्बरीश, आकाश, प्रभाकांत, प्रसेन, प्रीति, आदि लोग शामिल हुए।

रविदास जयंती पर गौतम बुद्ध सेवा ने निकाली धम्म प्रभात फेरी

गोरखपुर। नगर पंचायत गोला में गौतम बुद्धा सेवा समिति के तत्वावधान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संत शिरोमणि रविदास धम्म प्रभात फेरी का आयोजन किया गया जो हीरो एजेंसी-चिकनिया (चन्द चौराहे गोला) से प्रारम्भ होकर गौशाला मुहल्ला होते हुए ब्रह्स्थान, सराय चौक से अम्बेडकर बेवरी चौराहा गोला से बेवरी कस्बा होते हुए संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर पर पहुंच कर* उनके प्रतिमा पर दीप्रज्वलित व पुष्प अर्पित के बाद विचारगोष्ठी कर समापन किया गया। इस अवसर पर सन्त शिवलालदास सन्त घुरहू दास कन्हैयालाल, रणविजय, गब्बूलाल पू. जिला पं सदस्य ने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज ने पाखंडबाद अंधविश्वास से समाज को निकालने का प्रयास किया अपने विभिन्न दोहो के माध्यम से समाज को जागृत किया, जैसा कि एक दोहे "रविदास’ जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच, नर कूँ नीच करि डारि है, ओछे करम की कीच।। इस दोहे के माध्यम से से कहना चाहा कि कोई भी व्यक्ति किसी जाति में जन्म के कारण नीच या छोटा नहीं होता है किसी व्यक्ति को निम्न उसके कर्म बनाते हैं। इसलिए हमें सदैव अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए। हमारे कर्म सदैव ऊचे होने चाहिए।

इस अवसर पर जंग बहादुर प्रिंस आज़ाद बबलू गौतम एडवोकेट राजन अजय बौद्ध, भीम यादव सभासद, बालेन्द्र, अमन, अमित, डॉ सी के निगम, नंद लाल सचिन राणा राजेश कोटेदार, राजू, सीताराम, डॉ चंद्रिका, बलवन्त मास्टर अशोक दुर्गविजय बबलू यादव, सूर्यभान, बबलू टेलर, संतोष, सुभाष नेता गोलू उर्फ प्रधान, धर्मेंद्र कुमार, अशोक, रामानन्द, दुर्गविजय, प्रिंस मौर्या, देव नारायण कृष रामभजन पिंकी बौद्ध सरोज इसरवाती तारा देवी कंचन विजय लक्ष्मी कौशल्या पार्वती अनिता देवी व अनुसुधा इत्यादि लोग भारी संख्या में मवजूद थें।

कस्बे में नाली निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने का नोटिस

खजनी गोरखपुर।कस्बे में मुख्य मार्ग पर पटरियों के किनारे से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हो गया है। विभागीय नोटिस मिलने के बाद बीते सप्ताह से ही लोगों ने अपने घरों, दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाने और लोकनिर्माण विभाग की जद् में हुए निर्माण कार्य तथा अतिक्रमण के तोड़ फोड़ का काम शुरू कर दिया है। ऐसे में मशीनों से दीवारें और मकानों को तोड़ने का काम करने वाले कारीगरों की कमाई भी बढ़ गई है। खजनी ब्लॉक मुख्यालय के समीप से जैसे ही कुछ लोगों ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया, कस्बे में लोगों में होड़ मच गई है और अतिक्रमण हटाने का काम तेजी से शुरू हो गया है।

बीते दिनों खजनी कस्बे में सिकरीगंज मार्ग पर सड़क की पटरियों के किनारे से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा संबंधित व्यक्तियों के नाम से नोटिस जारी हुआ था। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि इन व्यक्तियों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण कर लिया है। ऐसे सभी व्यक्तियों को स्वत: अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। साथ ही नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि संबंधित व्यक्ति यदि ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और अतिक्रमण हटाने में लगने वाले खर्च की वसूली की जाएगी। कस्बे के निवासी जिन व्यक्तियों को यह नोटिस मिली थी, उन्हें हिदायत दी गई है कि नोटिस में दी गई सभी जानकारियों को ध्यान से पढ़ें और समझें।

लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए इस नोटिस में विशेष रूप से, नोटिस भेजा में दी गई अंतिम तिथि और कानूनी कार्रवाई के बारे में दी गई जानकारियों पर ध्यान देने और स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। साथ ही अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासनिक विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।