*भ्रष्टाचार के आरोप में उरूवां ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी निलंबित*

खजनी गोरखपुर।तहसील क्षेत्र के उरूवां ब्लॉक में कार्यरत रहे ग्राम विकास अधिकारी राजकिशोर सिंह को भ्रष्टाचार के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि राजकिशोर सिंह द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए शासन की मंशा के विपरीत गांव के विकास कार्यों में धांधली की गई है। जिसके अनुसार उनके द्वारा ग्राम पंचायत इस्माईलपुर विकास खण्ड उरूवां में काली माँ के चबूतरे से सिंहासन के घर तक इंटरलांकिग कार्य से सम्बन्धित पत्रावली त्रुटिपूर्ण रूप से तैयार करना।

ग्रामसभा व ग्राम पंचायत इस्माईलपुर की समितियों की बैठक की कार्यवाही करना।

ग्राम पंचायत इस्माईलपुर में सामुदायिक शौचालय अक्रियाशील होने के उपरान्त रख-रखाव के लिए समूह के साथ अनुबन्ध करना तथा अनुचित तरीके से 72 हजार रूपए का भुगतान करना।

अपने पदीय दायित्वो व कृत्यों का समुचित निर्वहन न करना। उच्चाधिकारियों के आदेशो/निर्देशों की अवहेलना किया जाना। जैसे आरोप लगे हैं। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा भेजे गए निलंबन आदेश पत्रांक संख्या 3547 दिनांक 30 जनवरी 2025 के अनुसार राजकिशोर सिंह ग्राम विकास अधिकारी विकास खण्ड उरूवां, गोरखपुर को वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2 भाग-2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन के बराबर देय होगा तथा इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की धनराशि पर महंगाई भत्ता तथा महंगाई भत्ता का उपान्तक जो अवकाश वेतन पर देय होता है, भी अनुमन्य होगा। निलम्बन की अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान तभी किया जाएगा, जबकि इनके द्वारा इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा कि वे किसी अन्य व्यवसाय एवं सेवायोजन में नहीं लगे हैं। निलंबन अवधि के दौरान 6 सप्ताह तक उन्हें जांच अधिकारी खण्ड विकास अधिकारी बेलघाट गोरखपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

संलग्न पत्र ग्राम विकास अधिकारी राजकिशोर सिंह, बिल लिपीक जिला विकास कार्यालय गोरखपुर, बीडीओ उरूवां, जांच अधिकारी बेलघाट, जिला पंचायत राज अधिकारी गोरखपुर, मुख्य कोषाधिकारी गोरखपुर को सूचनार्थ तथा मुख्य विकास अधिकारी गोरखपुर, जिलाधिकारी गोरखपुर को अवलोकन हेतु प्रेषित किया गया है।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय हीरक जयंती अंतर्जनपदीय प्रतियोगिता हेतु बैठक सम्पन्न

गोरखपुर । संवाद भवन, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर में कुलाधिपति महामहिम आनंदीबेन पटेल के पटेल की प्रेरणा से हीरक जयंती अन्तर्जनपदीय प्रतियोगिता का आयोजन प्रस्तावित है। हीरक जयंती अंतर्जनपदीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन विश्वविद्यालय से सम्बद्ध तीनों जनपदों में ब्लॉक स्तर तथा जनपद स्तर पर नोडल महाविद्यालय तय किए गए हैं।

संपूर्ण कार्यक्रम की रूप-रेखा पर विमर्श हेतु एक बैठक आहूत थी। इस कार्यक्रम के माध्यम से अंतर्जनपदीय विविध कार्यक्रम में बनाए गए ब्लाक एवं जनपद नोडल महाविद्यालयों को कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करके जरूरी दिशा निर्देश प्रदान किया गया ’ इस आयोजित बैठक की संरक्षता प्रोफेसर पूनम टंडन , कुलपति दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर रही ’ कार्यक्रम की शुरूआत सम्मानित अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया । सभी अतिथियो एवं संयोजकों स्वागत प्रो. दिव्या रानी सिंह तथा मीटिंग की प्रस्ताविकी डॉ सत्यपाल सिंह, समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना, डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर ने रखा ’ साथ ही साथ प्रो. दिव्या रानी सिंह द्वारा कार्यक्रम में होने वाले मुख्य तीन प्रतियोगिताओं जैसे साहित्यिक प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रतियोगिता एवं खेल प्रतियोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई’ कार्यक्रम के सह समन्वयक सत्यपाल जी द्वारा आयोजित मुख्य प्रतियोगिताओं के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के चरणों के बारे में बताया गया।

यह प्रतियोगिता प्रथम स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर की जाएगी उसके उपरांत जिला स्तर पर एवं अंतत: विश्वविद्यालय स्तर पर इसका अंतिम चरण आयोजित होगा’ जिसमें महामहिम कुलाधिपति, आनंदीबेन पटेल उपस्थिति रहेगी’

समिति के सदस्यों एवं उनकी टीम द्वारा कार्यक्रम का दिशा निर्देशित बताया गया’ जिसमें डॉ वेंकटेश द्वारा साहित्यिक कार्यक्रमों, डॉ नूपुर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं डॉ आरती यादव द्वारा खेलकूद प्रतियोगिताओं का दिशा निर्देश विस्तृत रूप से बताया गया’ आभार ज्ञापन डा. सत्यपाल सिंह द्वारा किया गया।

उरूवां ब्लॉक के तीन ग्राम विकास अधिकारियों का वेतन रोकने की चेतावनी

खजनी गोरखपुर।तहसील क्षेत्र के उरूवां ब्लॉक में कार्यरत तीन ग्राम विकास अधिकारियों राजकिशोर सिंह ग्राम पंचायत इस्माईलपुर, पिड़िया रमाशंकर यादव ग्राम पंचायत टेंगरी और चैतन्य त्रिपाठी ग्राम पंचायत अरांव जगदीश के द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) पोर्टल पर ग्राम विकास से संबंधित कार्य योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पोर्टल पर अपलोड न करने पर एडीओ पंचायत उरूवां के द्वारा चेतावनी पत्र भेज कर उनके फरवरी माह का वेतन रोकने की चेतावनी देते हुए रोष जताया गया है।

चेतावनी पत्र में ग्राम पंचायत की वार्षिक कार्ययोजना को जीपीडीपी पोर्टल पर अपलोड किए जाने हेतु साप्ताहिक बैठकों में एवं दूरभाष माध्यमों से कई बार निर्देशित किए जाने के बावजूद 31 जनवरी 2025 तक अपलोड न करने पर रोष जताया गया है। साथ ही वार्षिक कार्ययोजना को तत्काल अपलोड करने और जिला पंचायत राज अधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा वीसी मीटिंग के दौरान रोष प्रकट करने की जानकारी भी दी गई है। चेतावनी से संबंधित संलग्न पत्र बीडीओ उरूवां, जिला पंचायत राज अधिकारी,उप निदेशक पंचायती राज अधिकारी और मुख्य विकास गोरखपुर को भी भेजा गया है।

ज्ञान एवं कला से मनुष्य को पूर्णता प्राप्त होती है: प्रोफेसर पूनम टंडन

गोरखपुर । दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बसंत पंचमी के अवसर पर विभिन्न विभागों में मां सरस्वती की समिधापूर्वक आराधना की गई. है. प्राचीन इतिहास विभाग में आयोजित पूजा- अर्चना में कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन मुख्य यजमान के तौर पर शामिल हुईं. उन्होंने एक तरफ कर्मचारियों को वस्त्र भेंट किया तो दूसरी तरफ विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया. कुलपति महोदया ने कहा कि ज्ञान एवं कला से मनुष्य को पूर्णता प्राप्त होती है. मां सरस्वती ज्ञान एवं कला की अधिष्ठात्री देवी हैं. बसंत पंचमी के अवसर पर उनकी पूजा हमारी परंपरा रही है. प्राचीन इतिहास विभाग विगत 45 वर्षों से अनवरत वाग्देवी सरस्वती की आनुष्ठानिक पूजा समारोहपूर्वक करता आ रहा है.

विज्ञान संकाय के प्राणी विज्ञान एवं जंतु विज्ञान विभाग, अभियांत्रिकी संकाय समेत विभिन्न विभागों में भी बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती की विधिवत आराधना की गई.

बसंत पंचमी पर्व की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए प्रोफेसर राजवंत राव ने बताया कि यह प्राचीन भारत में दीक्षा पर्व के रुप में मनाया जाता था। श्रावण के पूर्णिमा को विद्या आरम्भ होता था और माघ मास के शुक्ल पक्ष के पंचमी को विद्या समाप्ति अर्थात दीक्षांत समारोह सम्पन्न किया जाता था। इस रुप में बसंत पंचमी का पर्व आज भी महत्वपूर्ण है।

शारदा संगीतालय: आइल वसंत ऋतु आइल, मोरा मन अगराइल

गोरखपुर। शारदा संगीतालय आर्यनगर में आज विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ शारदा का पूजन अर्चन धूमधाम से किया गया इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या साक्षी श्रीवास्तव ने सभी को अबीर गुलाल लगा कर स्वागत किया। विद्यालय की छात्रा अनीता सिंह, लक्ष्मी गुप्ता , नीतू श्रीवास्तव रूपम श्रीवास्तव, अपर्णा त्रिपाठी , अंजना लाल एवं राधा मद्धेशिया द्वारा वसंत गीत की प्रस्तुति की गई, तत्पश्चात् वीर सेन सूफ़ी , लड्डू लाल यादव तथा पवन ने भी अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति दी , अमृता एवं ऐश्वर्या द्वारा युगल गीत की प्रस्तुति की गई । शारदा संगीतालय के महामंत्री लोक गायक डॉ राकेश श्रीवास्तव ने भी अपने सभी शिष्यों के साथ वसंत गीत के साथ वसंत ऋतु का स्वागत किया , मोरा मन अगराईंल , आइल वसंत ऋतु आइल…इस अवसर पर संस्था की प्रमुख अणिमा श्रीवास्तव द्वारा माँ सरस्वती का विधिवत पूजन अर्चन के बाद आरती की गई, प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।

गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के पुस्तकालय कक्ष (लाइब्रेरी) का हुआ शुभारंभ

गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के पुस्तकालय कक्ष (लाइब्रेरी) का विधवत मां सरस्वती की वंदना के साथ फीता खोल कर संस्थापक अध्यक्ष एस पी त्रिपाठी, वीरेंद्र मिश्रा दीपक, जय शंकर मिश्रा, राकेश शाश्वत, सुधीर श्रीवास्तव, कौशल त्रिपाठी, अध्यक्ष गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन रत्नाकर सिंह द्वारा किया गया। 

 नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने संस्थापक सदस्यों सहित पूर्व अध्यक्ष अरविंद राय पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी पूर्व मंत्री ओंमकार धर द्विवेदी पूर्व मंत्री नवनीत प्रताप त्रिपाठी पूर्व मंत्री विजय जैसवाल पूर्व मंत्री धीरज श्रीवास्तव पूर्व उपाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह व कंचन त्रिपाठी टीपी शाही उपेंद्र पाण्डेय को नवनिर्वाचित अध्यक्ष रितेश मिश्रा सहित पुरी कार्यकारिणी के साथ वरिष्ट पत्रकार जनो से अंग वस्त्र व माला पहना कर सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में रेल बजट 18 गुना बढ़ा: अश्विनी वैष्णव

गोरखपुर, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार अश्विनी वैष्णव ने बजट 2025-26 हेतु उत्तर प्रदेश में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु रिकार्ड बजट आवंटन हेतु माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में रेल के विकास के लिए कुल 1,04,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।

जिससे प्रदेश में दोहरी लाइन, तीसरी लाइन, अमृत भारत स्टेशन आदि का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 19,858 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है, जो कि यूपीए सरकार (वर्ष 2009-14) की तुलना में 18 गुना ज्यादा है।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर, उत्तर-मध्य एवं पूर्वाेत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक एवं मंडल रेल प्रबन्धक की उपस्थिति में स्थानीय पत्रकारों को बजटीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 5,200 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं जो कि पूरे स्विट्जरलैंड अथवा बेल्जियम के रेलवे ट्रैक की लंबाई से अधिक है। उन्होनें मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होनें उत्तर प्रदेश हेतु स्वीकृत रेल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए विशेष रूचि ली और उन्हें पूरा कराने में सराहनीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में एलिवेटेड ट्रैक परियोजना में आ रही अड़चनों को दूर कर विशेष योगदान दिया है।

रेल मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 157 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित कर उनकी क्षमता बढ़ाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में 14 वंदे भारत ट्रेनों का संचलन 20 जिलों से होकर किया जा रहा है तथा उनका ठहराव 25 स्टेशनों पर दिया गया है। दरभंगा-आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस का उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में अवस्थित 10 स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। गोरखपुर, लखनऊ एवं वाराणसी से अमृत भारत एक्सप्रेस के संचलन संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमृत भारत ट्रेनों के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जा रहा है। पुणे, बैंग्लोर, चेन्नई, दिल्ली में नये टर्मिनल बनाये जा रहे है। आगामी चार वर्षों में इन स्टेशनों से/के लिए कई गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। उन्होनंे कहा कि प्रत्येक यात्रा टिकट पर 55 प्रतिशत की रियायत दी जाती है। इस वर्ष 740 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेल पर यात्रा की। जुलाई,2024 से अबतक 40,000 करोड़ के लागत की रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

रेलमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4800 किमी रेल नेटवर्क में कवच प्रणाली लागू करने हेतु कार्यवाही तेजी से चल रही है और आगामी छः वर्षों में सम्पूर्ण भारतीय रेल पर कवच प्रणाली लागू कर दी जायेगी।

इसके उपरान्त पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे सुश्री सौम्या माथुर ने कहा कि गोरखपुर जं. स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तीन वर्षों में पूरा कर लिया जायेगा। गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन पर नये फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि सहजनवा-दोहरीघाट, घुघली-महराजगंज-आनन्द नगर तथा खलीलाबाद-बहराइच नई लाइन निर्माण के संबंध में तेजी से कार्यवाही चल रही है। गोरखपुर कैंट-गोरखपुर के मध्य तीसरी लाइन निर्माण का कार्य शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि वर्ष 2009-14 में आवंटित पूंजीगत व्यय 45,900 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में भारतीय रेल पर पूंजीगत व्यय के लिए 2,65,200 करोड़ आवंटित किया गया है। भारतीय रेल पर संरक्षा हेतु बजट में 1,16,514 करोड़ का आवंटन किया गया। रोड ओवर ब्रिज/रोड अण्डर ब्रिज के लिए वर्ष 2009-14 में औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 916 करोड़ की तुलना में वर्ष 2025-26 हेतु 7,000 करोड़ का आवंटन किया गया। वर्ष 2025-26 में ट्रैक रिन्यूवल हेतु 22,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भारतीय रेल के आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु वर्ष 2009-14 में नई लाइन निर्माण हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 5,075 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में 32,235.24 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे नई लाइन निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। वर्ष 2009-14 में आमान परिवर्तन कार्य हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 3,088 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में 4,550 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे आमान परिवर्तन परियोजनाओं को समय से पूरा किया जा सकेगा। वर्ष 2009-14 में दोहरीकरण, तीसरी/चौथी लाइन निर्माण हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित ₹ 2,461 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में इन कार्यो के लिए 32,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे इन निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर आवश्यकतानुसार गाड़ियों का संचलन किया जा सके। वर्ष 2009-14 में रोलिंग स्टाक हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 16,029 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 57,693 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

यात्रियों की सुविधाजन्य यात्रा हेतु 17,500 गैर वातानुकूलित सामान्य कोचों का निर्माण किया जायेगा। अगले पॉच वर्षों में सभी आई.सी.एफ. कोचों के स्थान पर एल.एच.बी. कोच लगा दिये जायेंगे। पहली वंदे स्लीपर ट्रेन का परीक्षण किया जा रहा है। 50 नमो भारत ट्रेन, आधुनिक सुविधाओं से युक्त 100 गैर वातानुकूलित अमृत भारत ट्रेनों तथा 200 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। खान-पान की गुणवत्ता में सुधार हेतु 600 बेस किचन चालू किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्वाेत्तर रेलवे के अपर महाप्रबन्धक दिनेश कुमार सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अभय कुमार गुप्ता, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह, सचिव/महाप्रबन्धक आनन्द ऋषि श्रीवास्तव एवं मीडिया प्रतिनिधि उपलब्ध थे।

*चौरी चौरा पर दुर्लभ दस्तावेजों की दो दिवसीय प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ*

गोरखपुर: चौरी चौरा विद्रोह और असहयोग आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों और तस्वीरों की एक दुर्लभ प्रदर्शनी का आयोजन महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा 3 और 4 फरवरी 2025 को सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज, गोरखपुर में किया गया। यह प्रदर्शनी चौरी चौरा घटना के ऐतिहासिक संदर्भ को समझने और उस दौर की घटनाओं को प्रमाणिक दस्तावेजों के माध्यम से देखने का अवसर प्रदान करती है।

सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर सी ओ सैमुएल ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

कल्चरल क्लब के समन्वयक प्रोफेसर जे के पांडेय ने प्रदर्शनी की रूपरेखा प्रस्तुत की। उद्घाटन समारोह के अवसर पर मुख्य नियंता प्रोफेसर सी पी गुप्ता, महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राणा, प्रोफेसर सुभाष पी डी,

मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक योगेंद्र प्रताप, डॉ. पवन कुमार, प्रोफेसर राहुल श्रीवास्तव, आरटीआई एक्टिविस्ट अविनाश गुप्ता, प्रोफेसर कैप्टन निधि लाल, डॉ अर्चना श्रीवास्तव, समाजसेवी अरविन्द कुमार कन्नौजिया, डॉ राकेश मिश्रा, राहुल कुमार झा, मारुति नंदन चतुर्वेदी सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में शामिल महत्वपूर्ण दस्तावेज

इस प्रदर्शनी में 1922 के चौरी चौरा विद्रोह से संबंधित दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक तस्वीरें, सरकारी रिकॉर्ड, अखबारों की रिपोर्टें, अदालती फैसले और कई अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियां प्रदर्शित की गईं।

महात्मा गांधी के भाषण का पुलिस अनुवाद

8 फरवरी 1921 को गोरखपुर में महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को लेकर एक ऐतिहासिक भाषण दिया था।

इस भाषण का अंग्रेजी में अनुवाद गोरखपुर पुलिस विभाग ने कराया था, जिसकी प्रति इस प्रदर्शनी में शामिल की गई।

चौरी चौरा विद्रोह की दुर्लभ तस्वीरें

5 फरवरी 1922 को हुए चौरी चौरा घटना के दौरान ली गई सात दुर्लभ तस्वीरों की सीरीज भी प्रदर्शनी का हिस्सा रही।

इन तस्वीरों को सरदार मजीठिया के कैमरे से अलग-अलग एंगल से क्लिक किया गया था, जिनमें चौरी चौरा पुलिस स्टेशन, जले हुए शव और शवों को ले जाने वाली बैलगाड़ी स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।

सरकारी टेलीग्राम और गजट रिपोर्ट

7 फरवरी 1922 को चौरी चौरा कांड की सूचना गोरखपुर पुलिस सुपरिटेंडेंट एस. आर. मेयर्स ने डीआईजी, सीआईडी यूनाइटेड प्रॉविन्स को भेजी थी। इस टेलीग्राम की प्रति भी प्रदर्शनी में प्रस्तुत की गई।

4 फरवरी 1922 को हुई घटना की रिपोर्ट यूनाइटेड प्रॉविंस गजट, एक्स्ट्राऑर्डिनरी में 16 मार्च 1922 को प्रकाशित की गई थी, जिसे भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया।

अखबारों में छपी रिपोर्टें

9 फरवरी 1922 को अखबार द लीडर में चौरी चौरा कांड के बाद गांवों में व्याप्त दहशत पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।

12 फरवरी 1922 को इसी अखबार में चौरी चौरा विद्रोह में महिलाओं की भागीदारी पर एक खास रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।

11 फरवरी 1922 को एक समाचार पत्र में थाने पर हमले के इकलौते जीवित बचे सिपाही सादिक अहमद द्वारा दी गई पूरी घटना का विवरण प्रकाशित किया गया था, जिसे प्रदर्शनी में रखा गया।

अदालती फैसले और दया याचिकाएं

9 जनवरी 1923 को गोरखपुर जिला सत्र न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय में 225 आरोपियों की सूची जारी की गई थी।

इस केस में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले कैदियों की सूची भी प्रदर्शनी में रखी गई, जिनमें बनारस, रायबरेली, लखनऊ, बरेली और आगरा जेलों में बंद कैदी शामिल थे।

चौरी चौरा केस में फांसी की सजा पाए कैदियों की दया याचिकाएं भी यहां प्रदर्शित की गईं।

26 जून 1923 को ब्रिटिश काउंसिल ने चौरी चौरा अपीलों पर पुनर्विचार करते हुए 19 में से 16 आरोपियों की सजा को यथावत रखने का आदेश दिया था। इस आदेश की प्रति भी प्रदर्शनी में शामिल थी।

विद्रोह के आरोपियों की ऐतिहासिक तस्वीरें

चौरी चौरा विद्रोह के आरोपियों को कोर्ट में पेशी के दौरान ली गई सामूहिक तस्वीर भी प्रदर्शनी का हिस्सा रही।

22 सितंबर 1922 को अदालत के बाहर बेड़ियों में जकड़े लाल मोहम्मद और काजी की एक दुर्लभ तस्वीर प्रदर्शनी में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी।

प्रत्यक्षदर्शियों के चित्र और दुर्लभ पुस्तकें

चौरी चौरा विद्रोह के प्रत्यक्षदर्शी छोटकी डुमरी निवासी सीता अहीर और नौजदी पासिन का फरवरी 1989 में लिया गया चित्र भी इस प्रदर्शनी में रखा गया।

इसके अलावा "एक्सेशन टु एक्सटिंक्शन – द स्टोरी ऑफ इंडियन प्रिंसेज" (डी. आर. मानकेकर) और "भिंड गजेटियर, मध्य प्रदेश शासन" जैसी दुर्लभ पुस्तकों की प्रतियां भी प्रदर्शनी में शामिल की गईं।

प्रदर्शनी का महत्व

चौरी चौरा जनविद्रोह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है, जिसके प्रभाव से महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। यह प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक घटना के गहरे अध्ययन और शोधकर्ताओं के लिए एक अनूठा अवसर थी। इसमें प्रदर्शित दुर्लभ दस्तावेज और तस्वीरें इस घटना को समझने और उसे प्रमाणिक रूप से देखने का सशक्त माध्यम बनीं।

महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा किए गए इस प्रयास से इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को चौरी चौरा आंदोलन की ऐतिहासिक वास्तविकताओं से परिचित होने का अवसर मिला।

विद्यालयों में सरस्वती पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

खजनी गोरखपुर।वसंत पंचमी पर्व पर स्कूलों में विद्या की अधिष्ठात्री मां देवी सरस्वती के प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती के पूजन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर खजनी में विद्यारंभ संस्कार का आयोजन हुआ। जिसमें अभिभावकों के साथ पहुंचे कुल 30 नन्हें-मुन्हें विद्यार्थियों का गायत्री शक्तिपीठ खजनी के संचालक पंडित सच्चिदानंद त्रिपाठी के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। उन्होंने अभिभावकों को अपने पाल्यों को किताबी शिक्षा के साथ ही उन्हें अच्छे संस्कार देने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रतिदिन सबेरे सूर्योदय से पहले सो कर उठना, नित्यकर्म स्नान आदि के साथ ही नियमित व्यायाम देवी देवताओं की पूजा माता-पिता और गुरूजनों के चरण स्पर्श कर उनसे आशिर्वाद प्राप्त करने और अपने आचरण में पवित्रता का भाव रखते हुए शिक्षा ग्रहण करने के सुझाव दिए। इसके साथ ही मां सरस्वती के सामूहिक पूजन, आरती, प्रार्थना और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों को विद्यालय के शिक्षक आचार्यों का पाथेय भी मिला। इस दौरान नन्हें- मुन्ने विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसे सभी उपस्थित जनों ने सराहा।

इस दौरान प्रधानाचार्य बृजराज मिश्र, आचार्य सूर्यदेव तिवारी, अशोक तिवारी, शैलेन्द्र मिश्र, रंजना शर्मा, मोनी, गोरख तिवारी आदि स्कूल के सभी शिक्षक अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। वसंत पंचमी के अवसर पर क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों में श्रद्धा पूर्वक मां सरस्वती की पूजा अर्चना,आरती और वंदना की गई।

नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता पूर्ति को भारत की ओर देख रही दुनिया : डॉ. भावतोष

गोरखपुर। दी वेस्ट बंगाल विश्वविद्यालय ऑफ हेल्थ साइंसेज के पूर्व कुलपति और सिस्टर निवेदिता विश्वविद्यालय कोलकाता के एमेरिटस प्रोफेसर प्रो. भावतोष विश्वास ने कहा कि स्वास्थ सेवा दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्षेत्र है। इस स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में दुनिया में 45 लाख नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है। पूरी दुनिया इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए भारत की तरफ देख रही है।

डॉ. भावतोष विश्वास सोमवार को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग और पैरामेडिकल की तरफ से आयोजित 'दीप प्रज्वलन एवं सेवा शपथ ग्रहण समारोह' को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। नर्सेज को चिकित्सा में समर्पण, सेवा और कर्तव्य निष्ठा का संकल्प दिलाते हुए डॉ. भावतोष ने कहा कि भारत पूरे विश्व को नर्स की आवश्यकता को पूरा करता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में नर्सिंग सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीएम के प्रयासों का सार्थक रूप आज इस विश्वविद्यालय में दिख रहा है। यहां का नर्सिंग कॉलेज देश के सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग संस्थानों में से एक है। यहां नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन वैदिक चिकित्सा में महर्षि चरक ने विश्व को चिकित्सा सेवा का अनमोल ज्ञान दिया जिसका पूरा विश्व अनुकरण कर रहा है।

नर्सिंग सेवा को समृद्ध प्रोफेशन बताते हुए डॉ. भावतोष ने कहा कि इसमें मरीज की सेवा प्यार और समर्पण के भाव से की जाएगी तो यह उत्कृष्टता के शिखर को छूता रहेगा। उन्होंने कहा कि नर्सिंग सेवा में बहुत तेजी से बदलाव और चुनौती आई है। नर्सिंग में संभावनाओं के असीम द्वार खुले हैं। यहां शोध की दृष्टि से भी अनंत संभावनाएं हैं।

समारोह के विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के पूर्व ड्रग कंट्रोलर और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सलाहकार डॉ. जीएन सिंह ने कहा कि गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय नई ऊर्जा और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। यहां का नर्सिंग कॉलेज उत्तर प्रदेश में उत्तम सेवा के लिए प्रेरणादायक संस्थान बना है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में साधना के साथ सामंजस्य, संतुलन बना कर चलना होगा। स्वास्थ के क्षेत्र में नए संकल्पों के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिबद्ध हैं। उनके मार्गदर्शन में चिकित्सा और शिक्षा के उत्तरोत्तर विकास के लिए यूरोप, जापान और इजरायल के साथ समझौता पत्र के द्वारा यहां के प्रोफेशनल विद्यार्थियों को शत प्रतिशत रोजगार के लिए प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नर्सेज के सेवा योगदान से यह विश्वविद्यालय सर्वोच्च संस्थान बनकर विश्व का प्रतिनिधत्व करेगा।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरिंदर सिंह ने नर्सिंग छात्राओं का दीक्षा मार्गदर्शन करते हुए कहा कि नर्सेज, सेवा संकल्प भाव से इस क्षेत्र में स्वयं को उतारे जिससे चिकित्सा जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सके। समाज और पीड़ित व्यक्ति आपके प्रति आशान्वित रहता है की नर्स दीदी हैं तो उसे जीवन का वरदान मिल जायेगा। उन्होंने कहा कि नर्सिंग में छात्रों को भी आना चाहिए। कारण, प्रोफेशनल नर्स की विश्व स्तर पर भारी मांग है। नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं वर्तमान में नए रोजगार सृजित हुए हैं। अपने कदम बाहर निकालिए आपके लिए विश्व स्तर पर जॉब है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय में स्थित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुशवाहा ने कहा कि नर्सिंग में सभी को स्वस्थ रखना आपकी नई चुनौती होगी। कोविड में आपने महत्वपूर्ण चुनौती को स्वीकार किया, नर्सिंग में जीवन को समर्पित करने का भाव जागृत हुआ। नर्सिंग उच्चतम सेवा कार्य है। नर्स मां जैसी होती है। जैसे छोटे-छोटे पौधे की नर्सरी होती है उसी निष्ठा, समर्पण से इस व्यवसाय में अपनी सेवा करें। कार्यक्रम में नर्सिंग संकाय की प्रमुख डॉ. डीएस अजीथा ने संकल्प प्रेरणा दिलाते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान पद्धति में नर्सेज की भूमिका प्राचीनकाल से चली आ रही है। समय और काल के बदलाव में दाई मां अब प्रोफेशनल नर्सेज के रूप में प्रतिष्ठित हो रही है। आज प्रोफेशनल कोर्स से नर्सेज का आत्मविश्वास समृद्ध हुआ है। अब नर्सेज हर विपरीत परिस्थितियों का सामना करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि लैंप लाइटिंग नर्सिंग कॉलेज की दीक्षा का एक अहम हिस्सा है जो नर्सिंग पेशे की गरिमा, जिम्मेदारी और उसके उद्देश्यों को दर्शाता है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव व डॉ. डीएस अजीथा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मंच संचालन निधि वर्मा, रोमा, आकांक्षा ने किया। कुलगीत की प्रस्तुति संध्या, जाह्नवी, समीक्षा, रिया और शिवांगी ने की। आयोजन में प्रमुख रूप से मीना सिंह, डॉ. रोहित श्रीवास्तव, ममता रावत, श्वेता अलबर्ट, कविता साहनी, नैंसी मिश्रा, इंदु चौधरी, हर्षिता, सुप्रिया श्रीवास्तव, सौम्या, सारिका, दीपांजलि, ज्योति वर्मा, ममता चौरसिया, गरिमा पाण्डेय,कुंवर अभिनव सिंह राठौड़, अनूप कुमार मिश्रा, शुभम कुमार मौर्य, कुलदीप यादव, संदीप शर्मा, अंकिता दीक्षित, माधुरी चौरसिया, आदर्श मिश्रा, आकांक्षा दीक्षित,आयुषी राज, धीरज कुमार, जय शंकर पांडेय, सुप्रिया गुप्ता, विशालदीप, संजीव विश्वकर्मा, अर्पणा प्रजापति, ज्योति गुप्ता, ख़ुशी चौधरी, आकाश वर्मा सहित सभी विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।