प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में रेल बजट 18 गुना बढ़ा: अश्विनी वैष्णव

गोरखपुर, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार अश्विनी वैष्णव ने बजट 2025-26 हेतु उत्तर प्रदेश में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु रिकार्ड बजट आवंटन हेतु माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में रेल के विकास के लिए कुल 1,04,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।

जिससे प्रदेश में दोहरी लाइन, तीसरी लाइन, अमृत भारत स्टेशन आदि का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 19,858 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है, जो कि यूपीए सरकार (वर्ष 2009-14) की तुलना में 18 गुना ज्यादा है।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर, उत्तर-मध्य एवं पूर्वाेत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक एवं मंडल रेल प्रबन्धक की उपस्थिति में स्थानीय पत्रकारों को बजटीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 5,200 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं जो कि पूरे स्विट्जरलैंड अथवा बेल्जियम के रेलवे ट्रैक की लंबाई से अधिक है। उन्होनें मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होनें उत्तर प्रदेश हेतु स्वीकृत रेल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए विशेष रूचि ली और उन्हें पूरा कराने में सराहनीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में एलिवेटेड ट्रैक परियोजना में आ रही अड़चनों को दूर कर विशेष योगदान दिया है।

रेल मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 157 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित कर उनकी क्षमता बढ़ाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में 14 वंदे भारत ट्रेनों का संचलन 20 जिलों से होकर किया जा रहा है तथा उनका ठहराव 25 स्टेशनों पर दिया गया है। दरभंगा-आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस का उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में अवस्थित 10 स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। गोरखपुर, लखनऊ एवं वाराणसी से अमृत भारत एक्सप्रेस के संचलन संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमृत भारत ट्रेनों के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जा रहा है। पुणे, बैंग्लोर, चेन्नई, दिल्ली में नये टर्मिनल बनाये जा रहे है। आगामी चार वर्षों में इन स्टेशनों से/के लिए कई गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। उन्होनंे कहा कि प्रत्येक यात्रा टिकट पर 55 प्रतिशत की रियायत दी जाती है। इस वर्ष 740 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेल पर यात्रा की। जुलाई,2024 से अबतक 40,000 करोड़ के लागत की रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

रेलमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4800 किमी रेल नेटवर्क में कवच प्रणाली लागू करने हेतु कार्यवाही तेजी से चल रही है और आगामी छः वर्षों में सम्पूर्ण भारतीय रेल पर कवच प्रणाली लागू कर दी जायेगी।

इसके उपरान्त पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे सुश्री सौम्या माथुर ने कहा कि गोरखपुर जं. स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तीन वर्षों में पूरा कर लिया जायेगा। गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन पर नये फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि सहजनवा-दोहरीघाट, घुघली-महराजगंज-आनन्द नगर तथा खलीलाबाद-बहराइच नई लाइन निर्माण के संबंध में तेजी से कार्यवाही चल रही है। गोरखपुर कैंट-गोरखपुर के मध्य तीसरी लाइन निर्माण का कार्य शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि वर्ष 2009-14 में आवंटित पूंजीगत व्यय 45,900 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में भारतीय रेल पर पूंजीगत व्यय के लिए 2,65,200 करोड़ आवंटित किया गया है। भारतीय रेल पर संरक्षा हेतु बजट में 1,16,514 करोड़ का आवंटन किया गया। रोड ओवर ब्रिज/रोड अण्डर ब्रिज के लिए वर्ष 2009-14 में औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 916 करोड़ की तुलना में वर्ष 2025-26 हेतु 7,000 करोड़ का आवंटन किया गया। वर्ष 2025-26 में ट्रैक रिन्यूवल हेतु 22,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भारतीय रेल के आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु वर्ष 2009-14 में नई लाइन निर्माण हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 5,075 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में 32,235.24 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे नई लाइन निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। वर्ष 2009-14 में आमान परिवर्तन कार्य हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 3,088 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए में 4,550 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे आमान परिवर्तन परियोजनाओं को समय से पूरा किया जा सकेगा। वर्ष 2009-14 में दोहरीकरण, तीसरी/चौथी लाइन निर्माण हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित ₹ 2,461 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में इन कार्यो के लिए 32,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे इन निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर आवश्यकतानुसार गाड़ियों का संचलन किया जा सके। वर्ष 2009-14 में रोलिंग स्टाक हेतु औसतन प्रतिवर्ष आवंटित 16,029 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 57,693 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

यात्रियों की सुविधाजन्य यात्रा हेतु 17,500 गैर वातानुकूलित सामान्य कोचों का निर्माण किया जायेगा। अगले पॉच वर्षों में सभी आई.सी.एफ. कोचों के स्थान पर एल.एच.बी. कोच लगा दिये जायेंगे। पहली वंदे स्लीपर ट्रेन का परीक्षण किया जा रहा है। 50 नमो भारत ट्रेन, आधुनिक सुविधाओं से युक्त 100 गैर वातानुकूलित अमृत भारत ट्रेनों तथा 200 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। खान-पान की गुणवत्ता में सुधार हेतु 600 बेस किचन चालू किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्वाेत्तर रेलवे के अपर महाप्रबन्धक दिनेश कुमार सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अभय कुमार गुप्ता, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह, सचिव/महाप्रबन्धक आनन्द ऋषि श्रीवास्तव एवं मीडिया प्रतिनिधि उपलब्ध थे।

*चौरी चौरा पर दुर्लभ दस्तावेजों की दो दिवसीय प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ*

गोरखपुर: चौरी चौरा विद्रोह और असहयोग आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों और तस्वीरों की एक दुर्लभ प्रदर्शनी का आयोजन महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा 3 और 4 फरवरी 2025 को सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज, गोरखपुर में किया गया। यह प्रदर्शनी चौरी चौरा घटना के ऐतिहासिक संदर्भ को समझने और उस दौर की घटनाओं को प्रमाणिक दस्तावेजों के माध्यम से देखने का अवसर प्रदान करती है।

सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर सी ओ सैमुएल ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

कल्चरल क्लब के समन्वयक प्रोफेसर जे के पांडेय ने प्रदर्शनी की रूपरेखा प्रस्तुत की। उद्घाटन समारोह के अवसर पर मुख्य नियंता प्रोफेसर सी पी गुप्ता, महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राणा, प्रोफेसर सुभाष पी डी,

मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक योगेंद्र प्रताप, डॉ. पवन कुमार, प्रोफेसर राहुल श्रीवास्तव, आरटीआई एक्टिविस्ट अविनाश गुप्ता, प्रोफेसर कैप्टन निधि लाल, डॉ अर्चना श्रीवास्तव, समाजसेवी अरविन्द कुमार कन्नौजिया, डॉ राकेश मिश्रा, राहुल कुमार झा, मारुति नंदन चतुर्वेदी सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में शामिल महत्वपूर्ण दस्तावेज

इस प्रदर्शनी में 1922 के चौरी चौरा विद्रोह से संबंधित दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक तस्वीरें, सरकारी रिकॉर्ड, अखबारों की रिपोर्टें, अदालती फैसले और कई अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियां प्रदर्शित की गईं।

महात्मा गांधी के भाषण का पुलिस अनुवाद

8 फरवरी 1921 को गोरखपुर में महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को लेकर एक ऐतिहासिक भाषण दिया था।

इस भाषण का अंग्रेजी में अनुवाद गोरखपुर पुलिस विभाग ने कराया था, जिसकी प्रति इस प्रदर्शनी में शामिल की गई।

चौरी चौरा विद्रोह की दुर्लभ तस्वीरें

5 फरवरी 1922 को हुए चौरी चौरा घटना के दौरान ली गई सात दुर्लभ तस्वीरों की सीरीज भी प्रदर्शनी का हिस्सा रही।

इन तस्वीरों को सरदार मजीठिया के कैमरे से अलग-अलग एंगल से क्लिक किया गया था, जिनमें चौरी चौरा पुलिस स्टेशन, जले हुए शव और शवों को ले जाने वाली बैलगाड़ी स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।

सरकारी टेलीग्राम और गजट रिपोर्ट

7 फरवरी 1922 को चौरी चौरा कांड की सूचना गोरखपुर पुलिस सुपरिटेंडेंट एस. आर. मेयर्स ने डीआईजी, सीआईडी यूनाइटेड प्रॉविन्स को भेजी थी। इस टेलीग्राम की प्रति भी प्रदर्शनी में प्रस्तुत की गई।

4 फरवरी 1922 को हुई घटना की रिपोर्ट यूनाइटेड प्रॉविंस गजट, एक्स्ट्राऑर्डिनरी में 16 मार्च 1922 को प्रकाशित की गई थी, जिसे भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया।

अखबारों में छपी रिपोर्टें

9 फरवरी 1922 को अखबार द लीडर में चौरी चौरा कांड के बाद गांवों में व्याप्त दहशत पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।

12 फरवरी 1922 को इसी अखबार में चौरी चौरा विद्रोह में महिलाओं की भागीदारी पर एक खास रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।

11 फरवरी 1922 को एक समाचार पत्र में थाने पर हमले के इकलौते जीवित बचे सिपाही सादिक अहमद द्वारा दी गई पूरी घटना का विवरण प्रकाशित किया गया था, जिसे प्रदर्शनी में रखा गया।

अदालती फैसले और दया याचिकाएं

9 जनवरी 1923 को गोरखपुर जिला सत्र न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय में 225 आरोपियों की सूची जारी की गई थी।

इस केस में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले कैदियों की सूची भी प्रदर्शनी में रखी गई, जिनमें बनारस, रायबरेली, लखनऊ, बरेली और आगरा जेलों में बंद कैदी शामिल थे।

चौरी चौरा केस में फांसी की सजा पाए कैदियों की दया याचिकाएं भी यहां प्रदर्शित की गईं।

26 जून 1923 को ब्रिटिश काउंसिल ने चौरी चौरा अपीलों पर पुनर्विचार करते हुए 19 में से 16 आरोपियों की सजा को यथावत रखने का आदेश दिया था। इस आदेश की प्रति भी प्रदर्शनी में शामिल थी।

विद्रोह के आरोपियों की ऐतिहासिक तस्वीरें

चौरी चौरा विद्रोह के आरोपियों को कोर्ट में पेशी के दौरान ली गई सामूहिक तस्वीर भी प्रदर्शनी का हिस्सा रही।

22 सितंबर 1922 को अदालत के बाहर बेड़ियों में जकड़े लाल मोहम्मद और काजी की एक दुर्लभ तस्वीर प्रदर्शनी में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी।

प्रत्यक्षदर्शियों के चित्र और दुर्लभ पुस्तकें

चौरी चौरा विद्रोह के प्रत्यक्षदर्शी छोटकी डुमरी निवासी सीता अहीर और नौजदी पासिन का फरवरी 1989 में लिया गया चित्र भी इस प्रदर्शनी में रखा गया।

इसके अलावा "एक्सेशन टु एक्सटिंक्शन – द स्टोरी ऑफ इंडियन प्रिंसेज" (डी. आर. मानकेकर) और "भिंड गजेटियर, मध्य प्रदेश शासन" जैसी दुर्लभ पुस्तकों की प्रतियां भी प्रदर्शनी में शामिल की गईं।

प्रदर्शनी का महत्व

चौरी चौरा जनविद्रोह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है, जिसके प्रभाव से महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। यह प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक घटना के गहरे अध्ययन और शोधकर्ताओं के लिए एक अनूठा अवसर थी। इसमें प्रदर्शित दुर्लभ दस्तावेज और तस्वीरें इस घटना को समझने और उसे प्रमाणिक रूप से देखने का सशक्त माध्यम बनीं।

महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा किए गए इस प्रयास से इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को चौरी चौरा आंदोलन की ऐतिहासिक वास्तविकताओं से परिचित होने का अवसर मिला।

विद्यालयों में सरस्वती पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

खजनी गोरखपुर।वसंत पंचमी पर्व पर स्कूलों में विद्या की अधिष्ठात्री मां देवी सरस्वती के प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती के पूजन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर खजनी में विद्यारंभ संस्कार का आयोजन हुआ। जिसमें अभिभावकों के साथ पहुंचे कुल 30 नन्हें-मुन्हें विद्यार्थियों का गायत्री शक्तिपीठ खजनी के संचालक पंडित सच्चिदानंद त्रिपाठी के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। उन्होंने अभिभावकों को अपने पाल्यों को किताबी शिक्षा के साथ ही उन्हें अच्छे संस्कार देने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रतिदिन सबेरे सूर्योदय से पहले सो कर उठना, नित्यकर्म स्नान आदि के साथ ही नियमित व्यायाम देवी देवताओं की पूजा माता-पिता और गुरूजनों के चरण स्पर्श कर उनसे आशिर्वाद प्राप्त करने और अपने आचरण में पवित्रता का भाव रखते हुए शिक्षा ग्रहण करने के सुझाव दिए। इसके साथ ही मां सरस्वती के सामूहिक पूजन, आरती, प्रार्थना और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों को विद्यालय के शिक्षक आचार्यों का पाथेय भी मिला। इस दौरान नन्हें- मुन्ने विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसे सभी उपस्थित जनों ने सराहा।

इस दौरान प्रधानाचार्य बृजराज मिश्र, आचार्य सूर्यदेव तिवारी, अशोक तिवारी, शैलेन्द्र मिश्र, रंजना शर्मा, मोनी, गोरख तिवारी आदि स्कूल के सभी शिक्षक अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। वसंत पंचमी के अवसर पर क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों में श्रद्धा पूर्वक मां सरस्वती की पूजा अर्चना,आरती और वंदना की गई।

नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता पूर्ति को भारत की ओर देख रही दुनिया : डॉ. भावतोष

गोरखपुर। दी वेस्ट बंगाल विश्वविद्यालय ऑफ हेल्थ साइंसेज के पूर्व कुलपति और सिस्टर निवेदिता विश्वविद्यालय कोलकाता के एमेरिटस प्रोफेसर प्रो. भावतोष विश्वास ने कहा कि स्वास्थ सेवा दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्षेत्र है। इस स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में दुनिया में 45 लाख नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है। पूरी दुनिया इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए भारत की तरफ देख रही है।

डॉ. भावतोष विश्वास सोमवार को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग और पैरामेडिकल की तरफ से आयोजित 'दीप प्रज्वलन एवं सेवा शपथ ग्रहण समारोह' को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। नर्सेज को चिकित्सा में समर्पण, सेवा और कर्तव्य निष्ठा का संकल्प दिलाते हुए डॉ. भावतोष ने कहा कि भारत पूरे विश्व को नर्स की आवश्यकता को पूरा करता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में नर्सिंग सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीएम के प्रयासों का सार्थक रूप आज इस विश्वविद्यालय में दिख रहा है। यहां का नर्सिंग कॉलेज देश के सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग संस्थानों में से एक है। यहां नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन वैदिक चिकित्सा में महर्षि चरक ने विश्व को चिकित्सा सेवा का अनमोल ज्ञान दिया जिसका पूरा विश्व अनुकरण कर रहा है।

नर्सिंग सेवा को समृद्ध प्रोफेशन बताते हुए डॉ. भावतोष ने कहा कि इसमें मरीज की सेवा प्यार और समर्पण के भाव से की जाएगी तो यह उत्कृष्टता के शिखर को छूता रहेगा। उन्होंने कहा कि नर्सिंग सेवा में बहुत तेजी से बदलाव और चुनौती आई है। नर्सिंग में संभावनाओं के असीम द्वार खुले हैं। यहां शोध की दृष्टि से भी अनंत संभावनाएं हैं।

समारोह के विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के पूर्व ड्रग कंट्रोलर और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सलाहकार डॉ. जीएन सिंह ने कहा कि गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय नई ऊर्जा और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। यहां का नर्सिंग कॉलेज उत्तर प्रदेश में उत्तम सेवा के लिए प्रेरणादायक संस्थान बना है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में साधना के साथ सामंजस्य, संतुलन बना कर चलना होगा। स्वास्थ के क्षेत्र में नए संकल्पों के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिबद्ध हैं। उनके मार्गदर्शन में चिकित्सा और शिक्षा के उत्तरोत्तर विकास के लिए यूरोप, जापान और इजरायल के साथ समझौता पत्र के द्वारा यहां के प्रोफेशनल विद्यार्थियों को शत प्रतिशत रोजगार के लिए प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नर्सेज के सेवा योगदान से यह विश्वविद्यालय सर्वोच्च संस्थान बनकर विश्व का प्रतिनिधत्व करेगा।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरिंदर सिंह ने नर्सिंग छात्राओं का दीक्षा मार्गदर्शन करते हुए कहा कि नर्सेज, सेवा संकल्प भाव से इस क्षेत्र में स्वयं को उतारे जिससे चिकित्सा जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सके। समाज और पीड़ित व्यक्ति आपके प्रति आशान्वित रहता है की नर्स दीदी हैं तो उसे जीवन का वरदान मिल जायेगा। उन्होंने कहा कि नर्सिंग में छात्रों को भी आना चाहिए। कारण, प्रोफेशनल नर्स की विश्व स्तर पर भारी मांग है। नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं वर्तमान में नए रोजगार सृजित हुए हैं। अपने कदम बाहर निकालिए आपके लिए विश्व स्तर पर जॉब है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय में स्थित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुशवाहा ने कहा कि नर्सिंग में सभी को स्वस्थ रखना आपकी नई चुनौती होगी। कोविड में आपने महत्वपूर्ण चुनौती को स्वीकार किया, नर्सिंग में जीवन को समर्पित करने का भाव जागृत हुआ। नर्सिंग उच्चतम सेवा कार्य है। नर्स मां जैसी होती है। जैसे छोटे-छोटे पौधे की नर्सरी होती है उसी निष्ठा, समर्पण से इस व्यवसाय में अपनी सेवा करें। कार्यक्रम में नर्सिंग संकाय की प्रमुख डॉ. डीएस अजीथा ने संकल्प प्रेरणा दिलाते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान पद्धति में नर्सेज की भूमिका प्राचीनकाल से चली आ रही है। समय और काल के बदलाव में दाई मां अब प्रोफेशनल नर्सेज के रूप में प्रतिष्ठित हो रही है। आज प्रोफेशनल कोर्स से नर्सेज का आत्मविश्वास समृद्ध हुआ है। अब नर्सेज हर विपरीत परिस्थितियों का सामना करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि लैंप लाइटिंग नर्सिंग कॉलेज की दीक्षा का एक अहम हिस्सा है जो नर्सिंग पेशे की गरिमा, जिम्मेदारी और उसके उद्देश्यों को दर्शाता है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव व डॉ. डीएस अजीथा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मंच संचालन निधि वर्मा, रोमा, आकांक्षा ने किया। कुलगीत की प्रस्तुति संध्या, जाह्नवी, समीक्षा, रिया और शिवांगी ने की। आयोजन में प्रमुख रूप से मीना सिंह, डॉ. रोहित श्रीवास्तव, ममता रावत, श्वेता अलबर्ट, कविता साहनी, नैंसी मिश्रा, इंदु चौधरी, हर्षिता, सुप्रिया श्रीवास्तव, सौम्या, सारिका, दीपांजलि, ज्योति वर्मा, ममता चौरसिया, गरिमा पाण्डेय,कुंवर अभिनव सिंह राठौड़, अनूप कुमार मिश्रा, शुभम कुमार मौर्य, कुलदीप यादव, संदीप शर्मा, अंकिता दीक्षित, माधुरी चौरसिया, आदर्श मिश्रा, आकांक्षा दीक्षित,आयुषी राज, धीरज कुमार, जय शंकर पांडेय, सुप्रिया गुप्ता, विशालदीप, संजीव विश्वकर्मा, अर्पणा प्रजापति, ज्योति गुप्ता, ख़ुशी चौधरी, आकाश वर्मा सहित सभी विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

दया ,करुणा,ममता व त्याग की प्रतिमूर्ति थी मां अकलेश देवी

गोरखपुर। आज मां अकलेश स्मृति सेवा परिषद व् डा अशोक कुमार श्रीवास्तव फैंस क्लब के तत्वावधान में मां अकलेश की 26 वीं स्मृति दिवस पर प्रमुख रूप से प्रमुख समाजसेवी श्री दुर्गा प्रसाद (बाबु जी) व परिवार के सदस्यों सहयोगियों के द्वारा पुष्पांजलि व् श्रद्धांजलि श्री अशोक विला,सभागार रेल विहार कॉलोनी, नौका विहार,तारामंडल के उपरांत शहर से सटे ग्राम ठठउर (वृद्ध असहायो के रहने का घर) पर चिन्हित वृद्ध असहायों को उनके जीवन यापन संबंधित सामाग्री प्रदान किया गया ,साथ ही साथ उनके साथ सभी लोगो भोजन भी कराया गया । आज के इस पुनीत आयोजन से सभी वृद्ध लोगो चेहरे पर गजब का सुंदर भाव था, मां दुर्गा समय मंदिर परिसर में माहौल काफी भाउक जैसा रहा । सभी उपस्थित वृद्ध एवं आम जनों ने एक स्वर से मां अक्लेश के परिवार जनों को खूब आशीर्वाद व् साधु वाद दिया ।

तत्पश्चात बाबु जी श्री दुर्गा प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि एक समाज सेविका के रूप में ममता मयी मां अकलेश की भूमिका सदा याद रखा जाएगा,मां अकलेश ने अपने जीवन काल में जरूरतमंदों के साथ-साथ सामाजिक उत्थान की दिशा में निरंतर मानव मात्र के प्रति दया करुणा एवं प्रेम का भाव विद्यमान रहता था अपने स्वभाव के अनुरूप ही जीवन भर कमजोर महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए हर समय मदद करने को तत्पर रहती थी उन्होंने जो कुछ भी किया किया हम सभी के उनकी सेवाओं को से सीख लेनी चाहिए।

इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ रूप सिंह, व्यापारी नेता मखनलाल गोयल, ई प्रदीप कुमार( पूर्व रेलवे अधिकारी), डॉ मनोज कुमार (विभागाध्यक्ष शिक्षा शास्त्र सेडीका) ने कहा कि मां के जैसी पुण्य आत्मा की स्मृति में दीन दुखियों के प्रति दया करुणा एवं सहानुभूति का भाव रखते हुए उनकी हर तरह से सहायता करना हमारा धर्म है। समाज के विकास की धारा को तभी सही दिशा मिल सकेगी जब हर वर्ग अपनी जरूरतों को पूरा पूरी कर सके। और अपनी जरूरतों को सुनिश्चित करने में सफल हो, ऐसा तभी संभव है जब आर्थिक सामाजिक दृष्टि से कमजोर वर्ग की हरसंभव सहायता हो,परिषद कई दशको से इस दिशा में बेहतर प्रयास कर रहा है ।

प्रसिद्ध रेलवे एक्टिविस्ट ई. रंजीत कुमार व निवेदिता ने कहा कि मां अकलेश ने ग़रीब परिवारों की महिलाओं की सहायता एवं सेवाओं से अपने जीवन का अधिकांश समय दिया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मांगीरिश् ग्रुप के मुखिया ई. संजीत व स्मिता ने कहा कि मां अकलेश ने महिलाओं व बच्चियों के समस्याओं को उठाते हुए विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मानव मात्र के प्रति दया करो एवं प्रेम व सहयोग की भावना से कार्य करना चाहिए। मां अकलेश की समाज की सेवा को हमेशा ये समाज याद रखेगा। सभी का आभार व् संचालन करते समाजसेवी मंजीत कुमार( बाबु) ने किया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप बबलू श्रीवास्तव, एडवोकेट अभिनव श्रीवास्त, एडवोकेट अभिषेक श्रीवास्तव, राहुल उपाध्याय, डा किरन, अर्चना, डा विभा, निवेदिता, स्मिता, मनीषा, इं.रंजीत कुमार, बैंक अधिकारी शिखर वर्मा, भावना, इ. प्रखर आशीष कुमार, निर्मल, दीपक कुमार, ई अनुभव, मंगीरिश, मानित, सौम्या, अंशिका, कृष्णकांत चौधरी, अमरजीत गौतम सहित भारी संख्या में हर समाज हर तबके के लोग उपस्थित थे।

एक साथ 9 मौतों के बाद तीसरे दिन भी गम में डूबा रहा गांव

खजनी गोरखपुर।तहसील क्षेत्र के बांसगांव थाने की हरनहीं चौकी क्षेत्र के हरदीचक गांव से प्रयागराज में कुंभ स्नान के बाद निजी पिकअप वाहन से घर वापस लौट रहे लगभग दो दर्जन लोग, गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र के रेवसा गांव के पास ट्रेलर वाहन की टक्कर से हुए हादसे में मारे गए 9 लोगों के शव पैतृक गांव पहुंचने के बाद शनिवार को गोला बाजार सरयू तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के बाद गांव में स्थित पीपल के वृक्ष पर एक साथ लटकते मिट्टी के घड़े दु:खद हादसे की कारूणिक कथा बयां करते हैं। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि अपने होशोहवास में कभी गांव में एक साथ इतनी मौत नहीं हुई थी, यहां तक कि कोरोना काल के भयानक दौर में भी गांव में इतनी मौत नहीं हुई थी।

मिली जानकारी के अनुसार प्रयागराज से वापस लौट रहे लोगों के साथ मोबाइल फोन पर परिवारजनों का संपर्क बना हुआ था। गाजीपुर पहुंचने के बाद लगभग आधी दूरी से भी कम देर की यात्रा बची हुई थी। इंतजार कर रहे परिवार के लोगों को पता था कि लंबी दूरी की यात्रा के बाद वापस लौटते ही भूखे प्यासे लोगों के लिए घर के बने स्वादिष्ट भोजन की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के लोग थके-हारे अपने माता-पिता या दादा-दादी की सेवा सूश्रूषा उनके हांथ पांव की मालिश करने और तीर्थयात्रा से लौट कर आने पर उनके शुभ आशीर्वाद मेले से लाए गए उपहार, खिलौने और प्रसाद पाने का इंतजार कर रहे थे। उन्हें बताया गया था कि रास्ते में सड़क पर यदि कहीं ज्यादा जाम नहीं मिला तो शाम को भोजन के समय तक लोग सकुशल घर पहुंच आएंगे। इस बीच अचानक सड़क दुघर्टना की खबर मिलते ही लोग सन्न रह गए। आनन फानन में निजी वाहन से लोग घटनास्थल की ओर रवाना हुए थे।

एक साथ 9 मौतों के सदमे से घटना के तीसरे दिन भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। इलाके के हर गांव गली और कस्बे में गाजीपुर में हुए सड़क हादसे में मारे गए लोगों और उनके परिवार की चिंता में लोग घटना को लेकर अफसोस जताते रहे।

इलाके के अयोध्या शुक्ला, गुलाब उर्फ बबलू सिंह,पिंटू, रामसकल, दिवाकर आदि ने बताया कि ऐसी दु:खद घटना अपने दुश्मन के साथ भी न हो एक साथ कई परिवार उजड़ गए। वहीं चौक चौराहों पर मृतकों के परिजनों को मिलने वाली शासकीय मदद को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं लोग एक दूसरे से पूछते हुए पाए गए कि कुछ सरकारी मदद मिली या नहीं, कितना और कब तक मिलने की उम्मीद है।

इस संदर्भ में एसडीएम कुंवर सचिन सिंह ने बताया कि शासन को सूचना भेजी गई है शीघ्र ही मृतकों के परिजनों के लिए अहैतुक सहायता से संबंधित कोई निर्देश हमें प्राप्त होगा।

चोरी के इरादे से घर में घुसे युवक को अवैध असलहे के साथ बेलघाट पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

बेलघाट / गोरखपुर

गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले नौकापुरा बभनौली गांव में रविवार की भोर में 3:30 बजे एक घर में एक चोर घुस गया। बताया जा रहा है कि घर के लोग तब सो रहे थे, इस दौरान घर में किसी के आने की आहट सुनकर अचानक घर के एक व्यक्ति की नींद खुल गई। नीद खुलने के बाद उस व्यक्ति ने देखा कि एक अज्ञात व्यक्ति चोरी के इरादे से उनके घर में घुसा है। इस दौरान घर के व्यक्ति ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो अज्ञात द्वारा उनपर हमला कर दिया जाता है। जिससे उस व्यक्ति ऊपर काफी चोट भी आई है। वहीं शोर सुनकर गांव के लोग व परिवार के अन्य लोग भी जग गए। गांव वालों के पहुंचते ही चोर को काबू में कर लिया गया। इस दौरान गांव वालों के द्वारा चोर के पास से एक अवैध 315 बोर का असलहा भी बरामद किया जाता है, जिसकी जानकारी तत्काल डायल 112 नंबर की पुलिस को दी जाती है। मौके पर पहुंची डायल 112 की पुलिस ने तत्काल आरोपी चोर को हिरासत में लेकर बेलघाट थाने पर पहुंचा दिया। बेलघाट पुलिस ने आरोपी चोर के विरुद्ध चोरी के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी चोर की पहचान बेलघाट थाना क्षेत्र के मकरहाँ गांव के निवासी गामा यादव के 28 वर्षीय पुत्र मोनू यादव के रूप में हुई है। मोनु यादव के पास से पुलिस ने 315 बोर का एक अवैध देशी तमंचा बरामद किया है।

सुनील श्रीवास्तव राज द्वारा रचित काव्य संग्रह पाथेय का लोकार्पण कार्यक्रम हुआ संपन्न

गोरखपुर। प्रेस क्लब में सुनील श्रीवास्तव राज द्वारा रचित काव्य संग्रह पाथेय का लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न हुआ। सुनील श्रीवास्तव रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त हुए और विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों में पिछले कई दशकों से शामिल रहे हैं। इन्हें इनकी रचनाओं के लिए पहले भी कई पुरस्कारो से पुरस्कृत किया जा चुका है। कवि ने इस संग्रह में साहित्यिक रसधारा के भाव के साथ जीवन यात्रा के कई पड़ावों के बारे में अपने अनुभव विचारों को सुंदरता के साथ प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर चितरंजन मिश्रा, भूतपूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष, दीदउ विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। उसके बाद सुनील श्रीवास्तव की पुत्री शिखाश्री एवं श्रेयाश्री द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुत की गई । तत्पश्चात पुस्तक का लोकार्पण किया गया । इस अवसर पर सौदागर सिंह, डा. प्रतिभा गुप्ता, प्रो.सूरज प्रसाद गुप्ता, विकास श्रीवास्तव, सौरभ सिन्हा, रवींद्र मोहन त्रिपाठी, सत्य नारायण पथिक, श्रेष्ठराज श्रीवास्तव, पुष्पा श्रीवास्तव, अरूण सदाबहार, सुधीर श्रीवास्तव नीरज आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय नवल द्वारा किया गया ।

गाजीपुर हादसे में मृत श्रद्धालुओं के शवों को सड़क पर रख कर परिजनों ने जाम लगाया

खजनी गोरखपुर।गाजीपुर के नंदगंज इलाके में हुए सड़क हादसे में मारे गए श्रद्धालुओं के शवों को खजनी माल्हनपार मार्ग पर रखकर मृतकों परिवारजनों और समर्थकों ने शनिवार सुबह जाम लगा दिया। जिससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, घटना की जानकारी होते पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं खजनी विधायक श्रीराम चौहान और उप जिलाधिकारी कुंवर सचिन सिंह तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बूझकर हर संभव शासकीय मदद दिलाने का भरोसा दे कर कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से जाम को समाप्त कराया। एक साथ रखे शवों को देखकर माहौल गमगीन हो गया रोते बिलखते परिवारजनों को मौजूद लोगों ने धैर्य बंधाया।

शुक्रवार को प्रयागराज से कुंभ स्नान के बाद अपने गांव हरदीचक लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को गाज़ीपुर के नंदगंज थाने के रेवसा गांव के पास तेज गति से आ रही अनियंत्रित ट्रेलर से पिकअप का पिछला हिस्सा फंस गया था। दोनों वाहनों की रफ्तार अधिक थी पिकअप का ढाला टूटने से ट्रेलर 8 श्रद्धालुओं को रौंदते हुए निकल गया और दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं पुरुष एवं बच्चे शामिल हैं सभी मृतक गोरखपुर जिले के खजनी तहसील के बांसगांव थाने के हारदीचक गांव के निवासी हैं।

गाजीपुर जिले से पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर पहुंचे आक्रोशित परिजनों ने आज शवों को माल्हनपार खजनी मार्ग पर रखकर मुआवजे और शासकीय मदद की मांग करने लगे।इस हृदयविदारक कारूणिक घटना से दुखी पूर्व केंद्रीय मंत्री क्षेत्रीय विधायक श्रीराम चौहान और तहसील प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि आप लोगों की मांगों को शासन तक भेज दिया जाएगा, साथ ही हम पूरी कोशिश करेंगे कि आप लोगों की सभी मांगें पूरी की जाएं। इस पर परिजन मान गए और सभी शवों को सरजू तट गोला मुक्तिपथ के लिए रवाना किए गए।

इस संदर्भ में एसडीएम कुंवर सचिन सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों की मांगों से संबंधित आवेदन मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है। हम लोग प्रयास कर रहे हैं कि मृतकों के परिजनों की मांगें पूरी हों अंततः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्णय सर्वमान्य होगा।एक ही गांव के सभी मृतकों में 1.अमर सिंह 45 वर्ष पुत्र शंभू सिंह 2. नित्या सिंह (5) पुत्री अमर सिंह 3. सुधा चौरसिया (55)पत्नी त्रिलोकी चौरसिया 4. सुरेंद्र गुप्ता (54) पुत्र रामप्यारे गुप्ता 5. लीलावती 40 वर्ष पत्नी सिद्धु गुप्ता 6. श्याम सुंदर (45) पुत्र शहजादे सिंह 7. पुष्पा देवी उर्फ स्नेहलता 40 वर्ष पत्नी अजय यादव 8.गुलाबी देवी (45) पत्नी रविंद्र यादव 9.शुभावती देवी पत्नी शिवजतन गुप्ता (52) ग्राम पंचायत हरदीचक थाना बांसगांव के निवासी हैं।

*ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट ने समाधान दिवस पर सुनी फरियाद, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश*

गोरखपुर- सदर तहसील सभागार में तहसील समाधान दिवस ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस आयोजित की गई ज्वाईंट मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया कि अधिकारी गण जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर समस्याओं का जमीनी स्तर पर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है और जन समस्याओं का गुणवत्तायुक्त एंव समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथकिता है। आए हुए मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता नही होनी चाहिए अन्यथा संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। ये निर्देश ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए दिये।

इस अवसर पर सदर तहसील में आयें मामलों को एक सप्ताह के अन्दर निस्तारित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट ने विगत सम्पूर्ण समाधान दिवस के प्रार्थना पत्र के निस्तारित मामलों का सत्यापन कराकर शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच भी करायी। ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि जन शिकायतो का निस्तारण गुणवत्तापरक किया जाये। शिकायतों के गुणवक्तापरक निस्तारण न होन पर कठोर कार्यवाही किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमित भ्रमण करते रहे। जनता के शिकायतो का निस्तारण स्वयं करे अधीनस्थ पर ना छोड़े।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी गण ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /विडियो पिपरौली शिशिर सिंह तहसीलदार सदर ध्रुवेश कुमार सिंह नायब तहसीलदार अरविंद नाथ पांडे नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह नायब तहसीलदार हिमांशु सिंह नायब तहसीलदार जाकिर हुसैन कानूनगो लेखपाल अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।