दया ,करुणा,ममता व त्याग की प्रतिमूर्ति थी मां अकलेश देवी
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गोरखपुर। आज मां अकलेश स्मृति सेवा परिषद व् डा अशोक कुमार श्रीवास्तव फैंस क्लब के तत्वावधान में मां अकलेश की 26 वीं स्मृति दिवस पर प्रमुख रूप से प्रमुख समाजसेवी श्री दुर्गा प्रसाद (बाबु जी) व परिवार के सदस्यों सहयोगियों के द्वारा पुष्पांजलि व् श्रद्धांजलि श्री अशोक विला,सभागार रेल विहार कॉलोनी, नौका विहार,तारामंडल के उपरांत शहर से सटे ग्राम ठठउर (वृद्ध असहायो के रहने का घर) पर चिन्हित वृद्ध असहायों को उनके जीवन यापन संबंधित सामाग्री प्रदान किया गया ,साथ ही साथ उनके साथ सभी लोगो भोजन भी कराया गया । आज के इस पुनीत आयोजन से सभी वृद्ध लोगो चेहरे पर गजब का सुंदर भाव था, मां दुर्गा समय मंदिर परिसर में माहौल काफी भाउक जैसा रहा । सभी उपस्थित वृद्ध एवं आम जनों ने एक स्वर से मां अक्लेश के परिवार जनों को खूब आशीर्वाद व् साधु वाद दिया ।
तत्पश्चात बाबु जी श्री दुर्गा प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि एक समाज सेविका के रूप में ममता मयी मां अकलेश की भूमिका सदा याद रखा जाएगा,मां अकलेश ने अपने जीवन काल में जरूरतमंदों के साथ-साथ सामाजिक उत्थान की दिशा में निरंतर मानव मात्र के प्रति दया करुणा एवं प्रेम का भाव विद्यमान रहता था अपने स्वभाव के अनुरूप ही जीवन भर कमजोर महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए हर समय मदद करने को तत्पर रहती थी उन्होंने जो कुछ भी किया किया हम सभी के उनकी सेवाओं को से सीख लेनी चाहिए।
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ रूप सिंह, व्यापारी नेता मखनलाल गोयल, ई प्रदीप कुमार( पूर्व रेलवे अधिकारी), डॉ मनोज कुमार (विभागाध्यक्ष शिक्षा शास्त्र सेडीका) ने कहा कि मां के जैसी पुण्य आत्मा की स्मृति में दीन दुखियों के प्रति दया करुणा एवं सहानुभूति का भाव रखते हुए उनकी हर तरह से सहायता करना हमारा धर्म है। समाज के विकास की धारा को तभी सही दिशा मिल सकेगी जब हर वर्ग अपनी जरूरतों को पूरा पूरी कर सके। और अपनी जरूरतों को सुनिश्चित करने में सफल हो, ऐसा तभी संभव है जब आर्थिक सामाजिक दृष्टि से कमजोर वर्ग की हरसंभव सहायता हो,परिषद कई दशको से इस दिशा में बेहतर प्रयास कर रहा है ।
प्रसिद्ध रेलवे एक्टिविस्ट ई. रंजीत कुमार व निवेदिता ने कहा कि मां अकलेश ने ग़रीब परिवारों की महिलाओं की सहायता एवं सेवाओं से अपने जीवन का अधिकांश समय दिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मांगीरिश् ग्रुप के मुखिया ई. संजीत व स्मिता ने कहा कि मां अकलेश ने महिलाओं व बच्चियों के समस्याओं को उठाते हुए विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मानव मात्र के प्रति दया करो एवं प्रेम व सहयोग की भावना से कार्य करना चाहिए। मां अकलेश की समाज की सेवा को हमेशा ये समाज याद रखेगा। सभी का आभार व् संचालन करते समाजसेवी मंजीत कुमार( बाबु) ने किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप बबलू श्रीवास्तव, एडवोकेट अभिनव श्रीवास्त, एडवोकेट अभिषेक श्रीवास्तव, राहुल उपाध्याय, डा किरन, अर्चना, डा विभा, निवेदिता, स्मिता, मनीषा, इं.रंजीत कुमार, बैंक अधिकारी शिखर वर्मा, भावना, इ. प्रखर आशीष कुमार, निर्मल, दीपक कुमार, ई अनुभव, मंगीरिश, मानित, सौम्या, अंशिका, कृष्णकांत चौधरी, अमरजीत गौतम सहित भारी संख्या में हर समाज हर तबके के लोग उपस्थित थे।
Feb 03 2025, 18:08