मैं भी यमुना का पानी पीता हूं', केजरीवाल के “जहर” वाले बयान पर खूब बरसे पीएम मोदी

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विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की करतार नगर इलाके में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल के यमुना में जहर घोलने की साजिश वाले बयान पर करारा जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली को डबल इंजन सरकार से ही फायदा मिल सकता है। डबल इंजन सरकार बनेगी तो दिल्ली से आपदा जाएगी, खुशहाली आएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के करतार नगर में जनसभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार पर बड़ा प्रहार किया। पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर भी हमला बोला जिसमें उन्होंने हरियाणा पर यमुना में जहर मिलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लोगों पर घिनौने आरोप लगाए हैं। हार के डर से आपदा वाले घबरा गए हैं। क्या हरियाणा के लोग दिल्ली से अलग हैं? दिल्ली का हर निवासी हरियाणा द्वारा भेजा गया वही पानी पीता है। पिछले 11 सालों से यह प्रधानमंत्री भी वही पानी पीता है। तमाम बड़े ऑफिसर्स, विदेशी एंबेसी के अधिकारी, कोर्ट के न्यायाधीश भी यमुना का पानी पीते हैं।

पीएम ने कहा कि यह बयान सिर्फ हरियाणा का नहीं बल्कि भारतीयों का अपमान है, हमारे संस्कारों का अपमान है। जिस देश में पानी पिलाना धर्म माना जाता है, वहां ऐसा आरोप लगाना एक पाप है। उन्होंने कहा कि क्या इस बात पर विश्वास किया जा सकता है कि दिल्ली में हमारे जैसे जो लोग यमुना के पानी पीते हैं, उनकी जान लेने के लिए हरियाणा यमुना में जहर मिलाएगा। उन्होंने कहा कि ये बयान हार के डर से दिया गया है। गलतियों को माफ करना भारत के नागरिकों का उदार चरित्र है, लेकिन जो लोग जानबूझकर गलत नीयत से पाप करते हैं, उन्हें न तो दिल्ली कभी माफ करती है और न ही देश।

जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, यहां का नजारा दिल्ली के मूड को दर्शा रहा है, यह दिल्ली के लोगों के जनादेश को दर्शाता है। दिल्ली कह रही है कि अब 'आपदा' के बहाने नहीं चलेंगे, 'आपदा' के झूठे वादे नहीं चलेंगे। दिल्ली कह रही है कि अब 'आपदा' की लूट और झूठ नहीं चलेगा। यहां के लोग ऐसी डबल इंजन वाली सरकार चाहते हैं जो गरीबों के लिए घर बनाए, दिल्ली को आधुनिक बनाए, हर घर में नल का जल पहुंचाए और टैंकर माफिया से मुक्ति दिलाए। आज दिल्ली कह रही है कि जब 5 फरवरी आएगी, 'आपदा' जाएगी, भाजपा आएगी।

वक्फ बोर्ड को मिली जेपीसी की हरी झंडी, विपक्ष ने जताई असहमति, शुरू हुआ वार-पलटवार

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वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर बुधवार को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) की बैठक हुई है। इस दौरान वक्फ संशोधन विधेयक पर रिपोर्ट 14 से 11 वोटों से पारित हो गई है। जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बुधवार को कहा समिति ने मसौदा रिपोर्ट और संशोधित विधेयक को बहुमत से स्वीकार कर लिया। सांसदों को अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए शाम चार बजे तक का समय दिया गया है। विपक्षी सांसदों ने इस कदम को अलोकतांत्रिक बताया और दावा किया कि उन्हें अंतिम रिपोर्ट का अध्ययन करने और अपने असहमति नोट तैयार करने के लिए बहुत कम समय दिया गया।

जेपीसी की बैठक पर कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने कहा, कई आपत्तियां और सुझाव आए थे जिन्हें इस रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। सरकार ने अपने अनुसार रिपोर्ट बनाई है. असंवैधानिक संशोधन लाए गए हैं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया है। अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए संशोधन लाए गए हैं।

वहीं, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर हुई जेपीसी की बैठक पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, हमें कल रात 655 पन्नों की रिपोर्ट मिली। रात भर 655 पन्नों की रिपोर्ट पढ़ना असंभव है। मैंने उन संशोधनों के खिलाफ असहमति रिपोर्ट दी है जो वक्फ बोर्ड के पक्ष में नहीं है। मैं संसद में भी इस विधेयक का विरोध करूंगा।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, मैंने अपना असहमति नोट दे दिया है। हमें कल रात 7:55 बजे 656 पन्नों का मसौदा रिपोर्ट मिला। पीड़ितों के बयान पर गौर नहीं किया गया है। हमने विचार-विमर्श के दौरान जो कहा उस पर ध्यान नहीं दिया गया। सवाल यह उठता है कि हितधारकों की जो राय हमने व्यक्त की, वह चेयरमैन को पसंद क्यों नहीं आई? मेरे हिसाब से जेपीसी की कार्यवाही मखौल बनकर रह गई है।

बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से लोकसभा में पेश किए जाने के बाद 8 अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था। विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को विनियमित और प्रबंधित करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है। इस बीच समिति के सदस्यों के बीच तनातनी देखने मिली। जहां एक तरफ सरकार ने इसे सफलता बताया तो वहीं विपक्ष ने कहा कि उनकी बातें नहीं सुनी गई।

विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को विनियमित और प्रबंधित करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है। वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जेपीसी की बैठक खत्म हो चुकी है। जेपीसी ने 11 के मुकाबले 14 वोट से स्वीकार कर लिया। इससे पहले जेपीसी ने सोमवार को भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्यों ने प्रस्तावित 14 संशोधनों के साथ वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी। विपक्षी सांसदों ने 44 बदलाव पेश किए थे जिन्हें खारिज कर दिया गया था।

पीएम मोदी नहीं इजरायल के पीएम नेतन्याहू बनेंगे नई ट्रंप सरकार में पहले मेहमान, 4 फरवरी को अमेरिका दौरा

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अमेरिका और इजराइल की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है। अमेरिका की जो बाइडन सरकार के बाद ट्रंप की सरकार में भी दोनों देशों के बीच रिश्ते नई ऊंचाइयों को छुएंगे। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिका आने का न्योता दिया है। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्योते पर यूएस का दौरा करने वाले हैं। डोनाल्ड ट्रंप 4 फरवरी को व्हाइट में नेतन्याहू की मेजबानी करेंगे। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में किसी विदेशी राजनेता की यह पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

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इस खबर की व्हाइट हाउस और नेतन्याहू के ऑफिस ने पुष्टि की है। व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया है कि ट्रंप इस बारे में चर्चा करने का इंतजार कर रहा हूं कि हम इजराइल और उसके पड़ोसियों के लिए शांति स्थापित और हमारे साझा विरोधियों से निपटने के लिए क्या कदम उठा सकते हैं। ट्रंप के साथ ये मुलाकात इजराइली पीएम के लिए एक मौका होगी, क्योंकि वह इजराइल की राजनीति में दबाव का सामना कर रहे हैं। वह अमेरिका से बड़ा समर्थन लेकर देश में ये साबित कर सकते हैं कि उनके ट्रंप से रिश्ते अच्छे हैं और वह ज्यादा मदद इजराइल के लिए ला सकते हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गए बयान में नेतन्याहू ने कहा,उन्हें इजराइल और उसके पड़ोसियों के बीच शांति लाने और दुश्मनों का मिलकर मुकाबला करने के लिए ट्रंप से बातचीत का इंतजार है। इससे पहले पिछले साल ट्रंप और नेतन्याहू के बीच चार साल बाद मुलाकात हुई थी।

इस मीटिंग के तहत युद्धविराम समझौते के दूसरे फेज को अपना फोकस बनाएंगे। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका लगातार इजराइल और हमास पर सीजफायर जारी रखने को लेकर दबाव बनाए हुए है। इस लिहाज से ट्रम्प और नेतन्याहू के बीच होने वाली बैठक बेहद खास है। 19 जनवरी को इजराइल और हमास के बीच 15 महीने की जंग के बाद सीजफायर शुरू हुआ है। इस दौरान बंधकों की अदलाबदली की जा रही है। 3 फरवरी से सीजफायर के अगले चरण पर चर्चा होनी है। इसका मकसद जंग को स्थायी तौर पर खत्म करना है।

दूसरी तरफ नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति से हथियारों की सप्लाई पर भी बात कर सकते हैं। बाइडेन ने अपने कार्यकाल में इजराइल पर दबाव बनाने के लिए भारी बमों की सप्लाई रोक दी थी।

क्या है संगम नोज? जहां मची भगदड़, सीएम योगी आदित्यनाथ ने वहां ना जाने की दी सलाह

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मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर आज प्रयागराज में भगद़ड़ की घटना हुई है, जिसमें अब तक 10 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है और कई लोगों के घायल बताए जा रहे हैं। फिलहाल हालात पर काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में हैं। भगदड़ मचने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से संगम नोज न जाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो यहाँ पहुंचने की कोशिश ना करें और जिस घाट पर हैं, वहीं स्नान करें। ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर संगम नोज क्या है, इसका क्या महत्व है?

असल में संगम नोज प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ स्थल पर स्थित एक प्रमुख स्नान स्थल है। इसका नाम इसके विशेष आकार की वजह से पड़ा है। इसे सबसे पवित्र स्थान माना जाता है क्योंकि यही वह स्थान है जहां गंगा, यमुना और पौराणिक नदी सरस्वती का संगम होता है। यहां दोनों नदियों का पानी अलग-अलग रंग में दिखाई देता है। यमुना का पानी जहाँ हल्का नीला होता है, वहीं गंगा का पानी हल्का मटमैला दिखाई देता है। यहां आकर यमुना नदी समाप्त हो जाती है और गंगा में मिल जाती है। कुंभ में इस क्षेत्र को संगम घाट के तौर पर चिह्नित किया गया है।

इस कारण यहां होती है भारी भीड़

साधु-संत और श्रद्धालु संगम नोज को स्नान के लिए सर्वोत्तम मानते हैं और यहां विशेष स्नान का आयोजन होता है। संगम नोज वो जगह है, जहां अलग-अलग अखाड़ों के संत अपने धार्मिक अनुष्ठान और अमृत स्नान करते हैं। अमृत स्नान के दिन संगम घाट पहुंचने के लिए अखाड़ों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाते हैं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि संगम नोज पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर श्रद्धालु संगम पहुंचकर स्नान करना चाहता है।यही कारण है कि हर बार यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है, इस बार भी यही हुआ।

अमृत स्नान के दिन संगम नोज पर भीड़ को कैसे किया जाता है नियंत्रित

प्रयागराज का कुंभ 13 जनवरी शुरू होकर 26 फ़रवरी तक चलेगा। इससे पहले साल 2019 में अर्धकुंभ और साल 2013 में पूर्णकुंभ का आयोजन प्रयागराज में किया गया था। हर 12 साल में चार बार क्रमिक रूप से हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होता है। प्रयागराज का कुंभ मेला क्षेत्र करीब 4 हज़ार हेक्टेयर जमीन पर फैला है। इसे 25 सेक्टरों में बाँटा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कुंभ मेला क्षेत्र को राज्य का 76 वां जिला घोषित किया है। मेला क्षेत्र में प्रशासन ने कुल 41 घाट तैयार किए हैं। इनमें 10 पक्के घाट हैं जबकि 31 अस्थायी घाट हैं। इन घाटों पर पहुंचने के लिए 14 प्रमुख मार्ग समेत 30 से मार्ग हैं। अमृत स्नान के दिन अलग अलग रास्तों से प्रयागराज पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को नजदीकी घाट पर रोका जाता है ताकि संगम घाट पर भीड़ ज्यादा ना हो। अमृत स्नान के अलावा अन्य दिनों में लोग अरैल घाट से नाव में बैठकर संगम नोज पहुंचते हैं और स्नान करते हैं। लेकिन अमृत स्नान के दिन घाटों पर नावों को बंद कर दिया जाता है ताकि श्रद्धालु नाव लेकर संगम ना पहुंच पाए और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

सीएम योगी ने दी संगम नोज जाने से बचने की सलाह

यही वजह है कि मौनी अमावस्या के दिन हे हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संगम नोज जाने से बचें और अपने निकटतम घाटों पर ही स्नान करें। सीएम योगी ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं। इसलिए किसी भी एक स्थान पर अधिक भीड़ इकट्ठा करने से बचा जाए। उन्होंने प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

महाविनाश के और करीब पहुंची दुनिया! परमाणु वैज्ञानिकों ने एक बार फिर 'प्रलय घड़ी' को किया सेट

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इंसानी सभ्यता हर पल विनाश के और करीब आती जा रही है। दुनिया में प्रलय कब आएगा, कितने करीब है, ये समय भी हर साल तय होता है। दुनिया के नामी-गिरामी वैज्ञानिकों का एक समूह हर साल पृथ्वी के विनाश का समय तय करते हैं। समय निर्धारण के लिए एक घड़ी भी बनाई गई है। इसे डूम्सडे क्लॉक या प्रलय की घड़ी, या प्रलय घड़ी जाता है। यह घड़ी दिखाती है कि इंसानी सभ्यता विनाश के कितने करीब है। इस घड़ी में एक सेकंड और बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को इस घड़ी को फिर से सेट करके आधी रात से 89 सेकंड पहले कर दिया गया है।

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बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स (बीएएस) के वैज्ञानिकों का पैनल हर साल इस घड़ी को सेट करता है। बीएएस के अनुसार, आधी रात को उस क्षण के बारे में बताती है जब पृथ्वी इंसानों के रहने लायक नहीं होगी और सर्वनाश हो जाएगा। इससे पहले के दो वर्षों के लिए बुलेटिन ने यूक्रेन पर रूस हमले, परमाणु हथियारों की दौड़ की संभावना, गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष और जलवायु संकट के कारण घड़ी को आधी रात से 90 सेकंड पहले सेट किया था। इस तरह वैज्ञानिकों ने इसे 1 सेकंड पहले सेट किया है। घड़ी सेट करने को लेकर बीएएस ने कहा कि परमाणु खतरे, बायोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के गलत इस्तेमाल और जलवायु परिवर्तन इसके मुख्य कारण हैं।

घड़ी में एक सेकंड की बढ़ोतरी बेहद खतरनाक

बीएएस के वैज्ञानिक डैनियल होल्ज ने कहा कि यह कदम दुनिया के सभी नेताओं के लिए एक चेतावनी है। यह एक सांकेतिक घड़ी है जो दिखाती है कि दुनिया तबाही के कितने करीब जा रही है। बीएएस ने एक बयान में कहा, दुनिया पहले से ही विनाश की कगार पर है और इस घड़ी में एक सेकंड की बढ़ोतरी बेहद खतरनाक है। हर सेकंड की देरी वैश्विक तबाही की संभावना बढ़ा देती है।

पहली बार 7 मिनट पर सेट किया गया था समय

परमाणु वैज्ञानिकों ने 78 साल पहले ये अनोखी घड़ी बनाई थी। सबसे पहली बार इस घड़ी को 1947 में मध्यरात्रि से 7 मिनट पर सेट किया गया था। पिछले साल यह मध्यरात्रि 90 सेकंड पर थी। लेकिन इसे एक सेकंड और करीब ले आया गया है।

भाजपा देश की सबसे अमीर पॉलिटिकल पार्टी, 7 हजार करोड़ से ज्यादा नकदी, जानें कांग्रेस के पास कितना बैंक बैलेंस?

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2014 से केंद्र की सत्ता में काबिज भाजपा देश की सबसे अमीर पॉलिटिकल पार्टी है। भाजपा के पास 7113 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस है। निर्वाचन आयोग को मुहैया कराए गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। वहीं, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पास सिर्फ 857.15 करोड़ रुपए हैं। भाजपा के पास कांग्रेस से करीब साढ़े 8 गुना ज्यादा कैश और बैंक बैलेंस है।

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आंकड़ों के मुताबिक भाजपा ने 2023-24 में लोकसभा चुनाव के दौरान करीब 1700 करोड़ रुपए खर्च किए थे। यह खर्च 2022-23 के खर्च से 60% ज्यादा है। उस साल पार्टी ने करीब 1000 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

इसकी तुलना में कांग्रेस ने 2023-24 में लोकसभा चुनाव के दौरान करीब छह सौ करोड़ रुपए खर्च किए। यह 2022-23 के खर्च से करीब 3 गुना ज्यादा है। उस साल कांग्रेस ने करीब दो सौ करोड़ रुपए खर्च किए थे।

भाजपा को पिछले साल से 2 गुना चंदा मिला

निर्वाचन आयोग को वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, भाजपा को पिछले साल की तुलना में इस साल करीब 2 गुना चंदा मिला है। भाजपा को 2023-24 के दौरान चुनावी बॉन्ड व्यवस्था के माध्यम से 1,685.69 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ, जबकि उसके पिछले वर्ष यह 1294.15 करोड़ रुपये था। सत्तारूढ़ दल ने वर्ष के दौरान 2,042.75 करोड़ रुपये का अन्य चंदा भी प्राप्त किया जबकि उसके पिछले वर्ष 2022-23 में उसे 648.42 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ था।

वहीं, कांग्रेस को 2023-24 के दौरान कुल 1225.11 करोड़ रुपए का चंदा मिला। इसमें 828.36 करोड़ रुपए चुनावी बॉण्ड के जरिए मिले हैं। चुनावी बॉण्ड को अब सुप्रीम कोर्ट ने बैन कर दिया है।

भाजपा और कांग्रेस ने विज्ञापन पर कितने किए खर्च

रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने विज्ञापनों पर 591 करोड़ खर्च किए। इसमें से 434.84 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 115.62 करोड़ प्रिंट मीडिया में दिए गए विज्ञापनों पर खर्च शामिल है। सत्तारूढ़ पार्टी ने 2023-24 के दौरान विमानों और हेलिकॉप्टरों के मद में 174 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि, 2022-23 में यह राशि 78.23 करोड़ रुपये थी।

कांग्रेस ने 2023-24 के दौरान विज्ञापनों पर 251.67 करोड़ खर्च किए। इसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विज्ञापनों पर 207.94 करोड़ और प्रिंट मीडिया के विज्ञापनों पर 43.73 करोड़ शामिल हैं। इस दौरान विमान और हेलिकॉप्टर के किराए के मद में पार्टी को 62.65 करोड़ खर्चने पड़े। पार्टी ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में बताया कि उसने 2023-24 के दौरान पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की दूसरी भारत जोड़ो यात्रा पर 49.63 करोड़ रुपए खर्च किए। पहली भारत जोड़ो यात्रा पर 71.84 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।

अंतरिक्ष में इसरो की एक और बड़ी कामयाबी, अंतरिक्ष में 100वां मिशन सफल, एनवीएस-2 नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च

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भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसरो बुधवार को अपना 100वां ऐतिहासिक मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। सुबह 6:23 बजे जीएसएलवी-एफ12 रॉकेट ने नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-2 को अंतरिक्ष में स्थापित किया। यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से किया गया। यह प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और मील का पत्थर साबित हुआ।

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इसरो ने मिशन को लेकर कहा है कि मिशन सफल सफल हो गया है. भारत अंतरिक्ष नेविगेशन में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। इसरो के मिशन सफल होने पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘श्रीहरिकोटा से 100वें प्रक्षेपण की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए इसरो को बधाई। इस रिकॉर्ड उपलब्धि के ऐतिहासिक क्षण में अंतरिक्ष विभाग से जुड़ना सौभाग्य की बात है। टीम इसरो, आपने एक बार फिर जीएसएलवी-एफ15/एनवीएस-02 मिशन के सफल प्रक्षेपण से भारत को गौरवान्वित किया है।’

नेविगेशन प्रणाली का विस्तार

एनवीएस-2 उपग्रह भारतीय नेविगेशन प्रणाली 'नाविक' का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप और 1,500 किलोमीटर तक के क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को सटीक समय, गति और स्थिति की जानकारी देना है। 2,250 किलोग्राम वजनी इस उपग्रह में एल-1, एल-5 और एस-बैंड में पेलोड्स लगाए गए हैं, जो कृषि, बेड़े प्रबंधन और लोकेशन-आधारित सेवाओं में उपयोगी साबित होंगे।

वी नारायणन के नेतृत्व में पहला मिशन

यह इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन के नेतृत्व में पहला मिशन है। उन्होंने 13 जनवरी को पदभार संभाला था। प्रक्षेपण से पहले इसरो अध्यक्ष नारायणन ने तिरुपति मंदिर में पूजा अर्चना की।

दिल्ली चुनाव: यमुना में जहर मिलाने के आरोप पर अमित शाह की अरविंद केजरीवाल को 3 चुनौतियां
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को हरियाणा सरकार पर यमुना में जहर मिलाने का आरोप लगाने के लिए अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा और इसे झूठा आरोप बताते हुए आम आदमी पार्टी के मुखिया को चुनौती दी कि वह दिल्ली जल बोर्ड की रिपोर्ट सार्वजनिक करें, जिसका हवाला उन्होंने आरोप लगाने के लिए दिया था।


दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को यह बताने की चुनौती दी कि यमुना में जो जहर मिलाया गया है, उसका नाम क्या है। एक अन्य चुनौती में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री से वह आधिकारिक आदेश दिखाने को कहा, जिसमें केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को बचाने के लिए यमुना के "जहरीले" पानी को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए कहा था।


अमित शाह ने अपने हमले में कहा, "केजरीवाल जी, हार-जीत तो चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा है। मासूमियत से मुंह बनाकर आपने हरियाणा सरकार पर यमुना में जहर मिलाने का आरोप लगाया और दिल्ली के लोगों को डराने की कोशिश की। राजनीति इससे ज्यादा गंदी नहीं हो सकती।" सोमवार को आप ने हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा पर यमुना में औद्योगिक कचरा डालने का आरोप लगाया, जबकि अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा नदी में जहर मिलाकर लोगों को मारने की कोशिश कर रही है। हालांकि, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की सीईओ शिल्पा शिंदे ने दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया और दावे को "तथ्यात्मक रूप से गलत, आधारहीन और भ्रामक" बताया।


शाह ने आप नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि वादे तोड़ने के मामले में केजरीवाल का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। "5 फरवरी दिल्ली के लोगों के लिए इस 'आपदा' से छुटकारा पाने का बहुत बड़ा मौका है। भाजपा को वोट दें... रमेश बिधूड़ी को (कालकाजी सीट से) जिताएं। शाह ने सभा में कहा, "कालकाजी को दिल्ली में नंबर वन बनाया जाएगा।"


70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव 5 फरवरी को होंगे और वोटों की गिनती 8 फरवरी को होगी। जनता के पैसे का इस्तेमाल आम आदमी के लिए या बड़े कॉरपोरेट्स के लिए: केजरीवाल ने भाजपा पर हमला किया अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को भाजपा की कड़ी आलोचना की और आगामी दिल्ली चुनावों को आम आदमी के कल्याण के लिए जनता के पैसे का इस्तेमाल करने और बड़े कॉरपोरेट्स को बचाने के बीच एक विकल्प के रूप में पेश किया।


उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घोंडा निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर 400 प्रमुख निगमों के 10 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ करके करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया, जबकि वादा किया कि आप जन-कल्याण योजनाओं में निवेश करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा, "यह चुनाव यह तय करने के लिए है कि हमारा सार्वजनिक पैसा कहां जाता है - क्या इसका इस्तेमाल आम लोगों के लिए किया जाना चाहिए या उन बड़े कॉरपोरेट्स को दिया जाना चाहिए, जिन्हें ऋण माफी से लाभ हुआ है।"
“जब आए थे तो छोटी सी कार थी, आज शीश महल में रहते हैं” अरविंद केजरीवाल पर राहुल गांधी का जोरदार हमला
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दिल्ली के विधानसभा चुनाव में प्रचार अब अपने पूरे जोर पर है। सभी पार्टी के बड़े चेहरे मैदान में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने आज पटपड़गंज में एक चुनावी रैली की। जिसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के साथ-साथ राहुल गांधी ने रैली में बीजेपी पर भी निशाना साधा।

कांग्रेस सांसद ने अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है। राहुल गांधी ने कहा कि केजरीवाल ने पहले तो बड़े-बड़े वादे किए मगर सत्ता में आने के बाद उनका असली रंग सामने आया है। दिल्ली में प्रदूषण इतना ज्यादा है कि सांस नहीं ली जाती है, वहीं दिल्ली की सड़कें टूटी हैं।

*आए थे तो छोटी सी कार थी, आज शीश महल में रहते हैं-राहुल गांधी*
राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, केजरीवाल जो मन में आता है बोल देते हैं, जब वे आए थे तो उनके पास एक छोटी कार थी और उन्होंने कहा था कि वे एक नई तरह की राजनीति करेंगे। उन्होंने कहा था कि वे दिल्ली को बदल देंगे लेकिन जब गरीबों को जरूरत थी, तो वे वहां नहीं थे, जब दंगे हुए तो वे वहां नहीं थे। उन्होंने कहा था कि वे स्वच्छ राजनीति करेंगे, लेकिन दिल्ली में शराब का सबसे बड़ा घोटाला हुआ और आपने उनके घर की फोटो देखी होगी। केजरीवाल एक महल में रहते हैं, 'शीश महल' में। तो यह सच है।"

*आप के साथ बीजेपी को भी लपेटा*
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, एक तरफ नफरत फैलाने वाले बीजेपी-आरएसएस के लोग हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस है-हम नफरत का हिंदुस्तान नहीं चाहते हैं। हमें मोहब्बत का हिंदुस्तान चाहिए। आरएसएस-बीजेपी जो एक भाई को दूसरे भाई से लड़ाते हैं एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाते हैं।
छोटी कार में आए, शीश महल में रहे: राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर हमला किया
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को चुनावी राज्य दिल्ली में एक जनसभा में आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री 'छोटी कार में आए, लेकिन शीश महल में रहे'। वह नीली वैगन आर का जिक्र कर रहे थे, जो पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने पर केजरीवाल की प्राथमिक गाड़ी थी। गांधी का शीश महल वाला संदर्भ भाजपा के उस आरोप से जुड़ा था, जिसमें कहा गया था कि केजरीवाल ने अपने पूर्व सरकारी आवास के नवीनीकरण के लिए जनता का पैसा खर्च किया है।

पटपड़गंज रैली में गांधी ने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वह अलग राजनीति करेंगे, छोटी कार में आए, लेकिन शीश महल में रहे।" राहुल गांधी ने दावा किया कि जब दिल्ली में हिंसा हुई, तब अरविंद केजरीवाल दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "जब गरीबों को उनकी जरूरत थी और जब दिल्ली में हिंसा हुई, तब आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल कभी दिखाई नहीं दिए।" उन्होंने दिल्ली आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल को जेल भेजे जाने पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया, "पटपड़गंज के विधायक मनीष सिसोदिया अरविंद केजरीवाल के साथ शराब घोटाले के सूत्रधार थे, इसलिए सिसोदिया सीट छोड़कर भाग गए।"


सिसोदिया और केजरीवाल दोनों ने शराब घोटाले में कई महीने जेल में बिताए। पिछले साल उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था। मनीष सिसोदिया जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। गांधी ने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने राजनीति अलग तरीके से करने का वादा किया था, लेकिन दिल्ली को सबसे बड़ा शराब घोटाला दे दिया।" पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आज गांधी ने संदीप दीक्षित के लिए प्रचार किया, जो 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।


पानी की गुणवत्ता पर भाजपा बनाम आप पानी की गुणवत्ता को लेकर भाजपा और सत्तारूढ़ आप के बीच टकराव चल रहा है। अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर दिल्ली में बहने वाले यमुना के पानी को अमोनिया से जहरीला करने का आरोप लगाया। दिल्ली कांग्रेस ने आज कहा कि अगर केजरीवाल का आरोप झूठा है तो यह देशद्रोह के बराबर है।


70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को वोटों की गिनती होगी। 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी, जबकि AAP ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी।