कोलकाता रेप-मर्डरःदोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा, सियालदह कोर्ट ने सुनाया फैसला

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कोलकाता रेप मर्डर केस में दोषी संजय रॉय को सियालदह कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया। वहीं, कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया है कि वह मृतक के परिवार को 17 लाख रुपये का मुआवजा दे। फैसला सुनाते वक्त अदालत ने कहा कि ये कोई मामूली अपराध नहीं है लेकिन उसन इसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर नहीं कहा। बता दें कि कि महिला ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या मामले में संजय रॉय को 18 जनवरी को सियालदह कोर्ट ने दोषी करार दिया था। संजय रॉय को बीएनएस के सेक्शन 64, 66 और 103(1) के तहत दोषी करार दिया गया था।

फैसला सुनाने से पहले दोषी को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान संजय रॉय ने अदालत से कहा कि मुझे फंसाया जा रहा है, मैने कोई अपराध नहीं किया है। इस पर सीबीआई ने कहा कि यह जघन्य अपराध है। इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। सीबीआई के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि हम समाज में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए कड़ी से कड़ी सजा का अनुरोध करते हैं। मामले में पीड़िता के माता-पिता ने दोषी के लिए मौत की सजा की मांग की है।

कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद क्या बोला था संजय?

कोर्ट ने जब संजय रॉय को 18 जनवरी को दोषी करार दिया तो संजय रॉय ने कहा कि वह निर्दोष है। संजय रॉय ने कहा कि अगर उसने अपराध किया होता तो क्राइम सीन पर उसकी रुद्राक्ष की माला जरूर मिलती। पश्चिम बंगाल पुलिस में वॉलंटियर के रूप में काम करने वाले संजय रॉय ने कहा कि डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। जिस अस्पताल के सेमिनार हॉल में डॉक्टर की हत्या हुई थी, उसके पास घूमते हुए संजय रॉय सीसीटीवी कैमरे में नजर आया था। उसने शनिवार को दावा किया कि अपराध के असली दोषियों पर मुकदमा नहीं चलाया गया।

क्या है आरजी कर रेप और हत्या मामला?

31 साल की एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का 9 अगस्त, 2024 को अस्पताल के कॉन्फ़्रेंस रूम में शव मिला था। बाद में पता लगा कि पहले डॉक्टर का रेप हुआ था और फिर उसकी हत्या की गई थी। इस घटना के खिलाफ डॉक्टरों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था।

12 नवंबर को बंद कमरे में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। कुल 50 गवाहों से पूछताछ की गई और 9 जनवरी को सुनवाई पूरी हुई। इस मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय था। पुलिस ने 9 अगस्त को हुई घटना के फौरन बाद 10 अगस्त को संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़ित के शरीर के पास पाए गए एक ब्लूटूथ ईयरफोन के कारण पुलिस ने संजय रॉय को गिरफ्तार किया था क्योंकि संजय रॉय को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में गले में डिवाइस के साथ सेमिनार हॉल में प्रवेश करते देखा गया था।

3 महिलाओं के बदले इजराइल ने छोड़े 90 फिलिस्तीनी, जानिए क्या है डील का गणित

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इजराइल और हमास के बीच जंग के 15 महीने बाद रविवार, 19 जनवरी को सीजफायर लागू हो गया है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक हमास ने 471 दिन बाद 3 इजराइली महिला बंधकों रिहा कर दिया। ये तीनों रेड क्रॉस संगठन की मदद से इजराइल पहुंच गई हैं। दूसरी तरफ इजराइल ने इनके बदले 90 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है। इजराइल के रामल्लाह स्थित ओफर जेल से फिलिस्तीनी कैदी रिहा किए गए। इसमें फिलिस्तीन के प्रमुख संगठन की कार्यकर्ता, महिलाएं और बच्चे शामिल रहे।

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फिलिस्तीनी की रिहाई के वक्त जेल के बाहर बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी जमा हुए। उन्होंने जेल से रिहा होने वाले फिलिस्तीनी का स्वागत किया। साथ ही उनको सफेद बसों से ले जाते वक्त आतिशबाजी की। इजराइल ने इन सभी को पत्थरबाजी और हत्या के प्रयास समेत सुरक्षा संबंधी अपराधों के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि फिलिस्तीनी कैदियों ने रिहाई में देरी के लिए इजराइल की आलोचना की।

हमास की तरफ से जिन बंधकों को रिहा किया गया उनके नाम रोमी गोनेन, एमिली दामारी और डोरोन स्टीनब्रेचर हैं। वहीं, इजराइल ने जिन फिलिस्तीनी को रिहा किया है, उसमें कई फिलिस्तीनी हस्तियां शामिल हैं। इसमें प्रमुख फिलिस्तीनी वामपंथी समूह पॉपुलर फ्रंट फॉर लिबरेशन ऑफ फिलिस्तीन की प्रमुख 62 वर्षीय खालिदा जर्रारा शामिल हैं। उनको दिसंबर 2023 में हिरासत में लिया गया था। इसके अलाव हमास अधिकारी सालेह अरोरी की बहन दलाल खासीब, नेता अहमद सआदत की पत्नी अबला अब्देल रसूल शामिल हैं।

सीजफायर डील 3 फेज में पूरी होगी। पहले फेज में हमास इजराइल से किडनैप किए गए 33 बंधकों को रिहा करेगा। साथ ही इजराइली सेना गाजा की सीमा से 700 मीटर पीछे लौटेगी। इजराइल में न्याय मंत्रालय ने भी 95 फिलिस्तीनी कैदियों की लिस्ट जारी की है, जिन्हें पहले फेज में रिहा किया जाएगा। इनमें 69 महिलाएं, 16 पुरुष और 10 नाबालिग शामिल हैं। इजराइल 700 से ज्यादा फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इनके नाम की लिस्ट भी जारी की गई है। इस लिस्ट में शामिल कई लोग हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, जिनमें हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के सदस्य भी शामिल हैं।

हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल में घुसकर 1200 लोगों को मार डाला था और 251 को बंधक बना लिया था। इसके कुछ घंटे बाद इजराइली सेना ने गाजा पर हमला बोल दिया था। जिसके बाद शुरू हुई जंग में हजारों जान चली गई। वहीं लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। इस संघर्ष के दौरान मिस्र, कतर, अमेरिका जैसे कई देशों ने दोनों देशों के बीच स्थिति समान्य करने का प्रयास किया। आखिरकार इस्राइल ने 15 जनवरी को युद्ध विराम समझौता और बंधको की रिहाई पर सहमति जताई। इससे पहले, नवंबर 2023 में एक सप्ताह के युद्ध विराम के दौरान भी 100 से ज्यादा बंधकों को रिहा किया गया था।

मानहानि मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, निचली अदालत की कार्यवाही पर लगाई गई रोक

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे मानहानि केस पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। मुकदमा खत्म करने की मांग पर शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि 2018 में बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह को हत्यारा कहने वाले बयान को लेकर बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने यह केस दर्ज करवाया था।

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न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने राहुल की अपील पर जवाब मांगते हुए झारखंड सरकार और भाजपा नेता को नोटिस जारी किया। पीठ ने कहा कि नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अगले आदेश तक मुकदमे की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी। राहुल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि कई फैसले हैं, जो कहते हैं कि केवल पीड़ित व्यक्ति ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कर सकता है। मानहानि की शिकायत किसी प्रॉक्सी थर्ड पार्टी की ओर से दायर नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी पेश हुए।

2018 में कांग्रेस अधिवेशन में भाषण देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी इस तरह की पार्टी है कि उसके कार्यकर्ता हत्यारे को भी अध्यक्ष स्वीकार कर लेते हैं। इससे आहत हो कर रांची के बीजेपी कार्यकर्ता नवीन झा ने शहर की कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज करवाया था। राहुल ने मुकदमा खत्म करने के लिए झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। लेकिन पिछले साल फरवरी में दिए आदेश में हाई कोर्ट ने केस को निरस्त करने से मना कर दिया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी की पैरवी वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने की।

वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने ने जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच से कहा कि शिकायतकर्ता मामले में सीधे प्रभावित नहीं है। ऐसे में यह केस नहीं चल सकता। जजों ने इस पर शिकायकर्ता नवीन झा से जवाब मांगते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी। तब तक निचली अदालत की कार्रवाई स्थगित रहेगी।

शपथ ग्रहण के बाद डोनाल्‍ड ट्रंप की सबसे पहले भारत और चीन के दौरे की चर्चा, जानें क्यों है अहम*

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कुछ घंटों बाद डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र की कमान अपने हाथों में लेंगे। ये दूसरा मौका है जब वो सुपरपावर कहे जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति बनेंगे। मगर उनकी शपथ से पहले ही दुनिया के कई देशों में हलचल मची हुई है। ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि उनके कार्यकाल के दौरान विदेश नीति किस दिशा में जाएगा। कुछ देशों की हालत तो कभी खुशी, कभी गम वाली है। चुनाव जीतने के बाद से ही ट्रंप की जीत और अमेरिका से अलग-अलग देशों के रिश्तों पर दुनिया भर में विश्लेषण चल रहा है। इस बीच खबर आ रही है पदभार संभालने के बाद ट्रंप भारत और चीन का दौरा करेंगे।

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नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बीजिंग के साथ संबंधों को सुधारने के लिए पदभार संभालने के बाद चीन की यात्रा पर जाना चाहते हैं, इसके अलावा उन्होंने भारत की संभावित यात्रा को लेकर भी सलाहकारों से बातचीत की है। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान चीन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी। लेकिन ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने अपनी खबर में बताया, 'ट्रंप ने सलाहकारों से कहा है कि वह पदभार संभालने के बाद चीन की यात्रा पर जाना चाहते हैं, ताकि प्रचार के दौरान चीन को दी गई अधिक शुल्क लगाने संबंधी चेतावनी के कारण शी जिनपिंग के साथ तनावपूर्ण हुए संबंधों को सुधारा जा सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों से कहा है कि वे राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद चीन दौरे पर जाना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने अपने सलाहकारों से भारत के संभावित दौरे को लेकर भी चर्चा की है। बीते महीने क्रिसमस के मौके पर जब भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका गए थे, तब उनके दौरे पर भी ट्रंप के भारत के संभावित दौरे पर लेकर शुरुआती बातचीत हुई थी।

वहीं एक दिन पहले ही ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बात की। इस बातचीत को ट्रंप ने शानदार बताया और कहा कि दोनों के बीच व्यापार, फेंटानिल, टिकटॉक और अन्य मुद्दों पर अच्छी बातचीत हुई। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अब खबर है कि जिनपिंग की जगह उनके डिप्टी उपराष्ट्रपति हान झेंग, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं।

यूरोप, नाटो और पड़ोसियों कनाडा और मैक्सिको को छोड़कर भारत और चीन को तवज्‍जो देना एक बड़ा वैश्विक संदेश भी है। साफ है कि चीन और भारत से संबंधों के जरिए अमेरिकी व्‍यापार को गति मिल सकती है। ट्रंप बड़े बिजनेसमैन भी हैं लिहाजा वो बेहतर तरीके से जानते हैं कि व्‍यापार के बिना अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत नहीं किया जा सकता है। यही वजह है कि ट्रंप की नज भारत चीन पर है।

सैफ अली खान पर हमले का बांग्लादेश कनेक्शन! जानें पूरा मामला

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बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हमला करने वाले आरोपी पकड़ा जा चुका है। सैफ अली खान पर हमले का बांग्लादेश कनेक्शन सामने आया है। मुंबई पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इसको लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी दीक्षित गेडाम ने बताया कि आरोपी के बांग्लादेशी होने का शक है। आरोपी का नाम मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद है। शहजाद के अवैध घुसपैठिए होने का शक है। पहचान छिपाने के लिए उसने कई नाम बदले।

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सैफ अली खान पर हमला करने वाले आरोपी शरीफुल का बर्थ सर्टिफिकेट सामने आया है, इसके मुताबिक वह बांग्लादेश के झालोकाठी का रहने वाला है। इसके साथ ये भी पता चला है कि आरोपी जल्द से जल्द बांग्लादेश भागने का प्लान बना चुका था। लेकिन, इससे पहले कि वह अपने प्लान को अंजाम दे पाता, वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया और बांग्लादेश भागने के उसके प्लान पर पानी फिर गया

पुलिस का दावा है कि आरोपी शरीफुल इस्लाम शहजाद ने बयान में बताया कि वो बांग्लादेश में कुश्ती का खिलाड़ी था और कम वेट कैटेगरी में मुकाबला करता था। वो जिला स्तर और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी भाग ले चुका था। कुश्ती में अनुभव होने के कारण ही सैफ अली खान के भारी शरीर के बावजूद उसने एक्टर पर हमला किया।

मुंबई पुलिस के मुताबिक आरोपी पांच छह महीने पहले मुंबई आया है। वो मुंबई में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। वह पहचान छिपाने के लिए विजय दास के नाम से रह रहा था। आरोपी के पास कोई भारतीय दस्तावेज नहीं है। वह अवैध तरीके से भारत में घुसा। वह पब में हाउसकीपिंग का काम करता था। फिलहाल उसके नाम का खुलासा हो गया है और जांच में पाया गया है कि आरोपी बांग्लादेश का रहने वाला है।

सैफ अली खान पर 16 जनवरी को सुबह 2:00 बजे उनके मुंबई के बांद्रा स्थित आवास पर हमला हुआ था, जिसमें अभिनेता बुरी तरह जख्मी हो गए थे। हमले के बाद अभिनेता सुबह 3:00 बजे खून से लथपथ हालत में लीलावती अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती किया गया। अभिनेता की हालत फिलहाल स्थिर है और 3 दिन की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिससे संबंधित अब अन्य जानकारियां सामने आई हैं।

इस बीच आरोपी के वकील ने दावा किया है कि बांग्लादेश से घुसपैठ की बात निराधार है। पीड़ित सेलिब्रिटी है, इस वजह से इस मामले को इतना तूल दिया जा रहा है। आरोपी के वकील संदीप शेरखाने ने आईएएनएस को बताया कि शहजाद को बांग्लादेश के नाम पर फंसाया गया। संदीप शेरखाने ने बताया, दलील पेश की गई है कि जो जांच की गई वह अधूरी है। शहजाद को नोटिस नहीं दी गई थी। हत्या के प्रयास का सैफ अली के बयान में जिक्र नहीं है और धमकी से संबंधित भी कुछ नहीं है। आरोपी की बांग्लादेशी नागरिकता को लेकर वकील ने कहा, यह गलत है। उसके पास कई साल से भारत में रहने के दस्तावेज हैं। पुलिस ने कहा कि शहजाद मात्र छह महीने से देश में रह रहा है जो गलत है। उसे फंसाया जा रहा है।

नहीं होने दूंगा तीसरा विश्व युद्ध”, शपथ से पहले डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

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अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने मेक अमेरिका ग्रेट अगेन विक्ट्री रैली को संबोधित किया। लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि मैं तीसरा विश्व विश्न युद्ध नहीं होने दूंगा। साथ ही अमेरिका को एक बार फिर से महान बनाऊंगा।

मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (एमएजीए) रैली में, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, देश का कार्यभार संभालने से पहले, आप ऐसी चीजें देख रहे हैं जिनकी किसी को उम्मीद नहीं थी। हर कोई इसे ‘ट्रंप इफेक्ट’ कह रहा है। यह आप हैं। यह आपका इफेक्ट हैं।

हम कल दोपहर को अपने देश को वापस ले लेंगे। अमेरिकी पतन के 4 वर्षों के लंबे समय पर पर्दा बंद हो जाएगा और हम अमेरिका के एक नए दिन की शुरुआत करेंगे। शक्ति और समृद्धि, गरिमा और गौरव। हम एक विफल, भ्रष्ट राजनीतिक प्रतिष्ठान के शासन को हमेशा के लिए समाप्त करने जा रहे हैं। हम अपने स्कूलों में देशभक्ति बहाल करने जा रहे हैं, अपनी सेना और सरकार से कट्टरपंथी वामपंथी और जागृत विचारधाराओं को बाहर निकालेंगे। हम अमेरिका को फिर से महान बनाने जा रहे हैं। यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक आंदोलन है और 75 दिन पहले, हमने अपने देश की अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की है।

ट्रंप ने कहा कि हम जल्दी से अपने संप्रभु क्षेत्र और सीमाओं पर नियंत्रण फिर से स्थापित करेंगे। हम हर अवैध विदेशी गिरोह के सदस्य और प्रवासी अपराधी को अमेरिकी धरती से बाहर निकाल देंगे। इससे पहले, कोई भी खुली सीमाओं, जेलों, मानसिक संस्थानों, महिलाओं के खेल में पुरुषों के खेलने और ट्रांसजेंडर्स समेत सभी के बारे में सोच भी नहीं सकता था। बहुत जल्द हम अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा निर्वासन अभ्यास शुरू करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने मध्य पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में पहले कदम के रूप में एक ऐतिहासिक युद्धविराम समझौता हासिल किया है। यह समझौता नवंबर में हमारी ऐतिहासिक जीत के परिणामस्वरूप ही हो सकता था। बंधकों को रिहा किया गया है। यह (इजरायल-हमास संघर्ष) कभी नहीं होता अगर मैं राष्ट्रपति होता।

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह, कई देशों के नेता हो रहे शामिल

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डोनाल्ड ट्रंप आज संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इस मौके पर कैपिटल परिसर में एक भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। ट्रंप का उद्घाटन उसी यूएस कैपिटल में होगा, जहां नवंबर में उन्होंने जबर्दस्त राजनीतिक वापसी की थी। यह वही जगह है, जहां चार साल पहले उनके समर्थकों ने 2020 के चुनावी हार के बाद हमला किया था।

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इंडोर में होगा शपथ ग्रहण समारोह

इस वक्त पूरी दुनिया में उनके शपथ समारोह की चर्चा हो रही है, क्योंकि अमेरिका के इतिहास में 40 साल के बाद पहली बार डोनाल्ड ट्रंप खुले आसमान में नहीं, बल्कि संसद हॉल के अंदर शपथ लेंगे। डोनाल्ड ट्रंप भीषण ठंड पड़ने की वजह से खुले मैदान में शपथ न लेकर इंडोर में शपथ लेंगे। इस साल अमेरिका में सर्दी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं और तापमान -10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। जिसके वजह से कार्यक्रम को इंडोर शिफ्ट कर दिया गया है।

शपथ लेने के बाद समर्थकों से मिलेंगे ट्रंप

इसे लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ऐसा करने के पीछे वजह ये है कि वे लोगों को ठंड से बीमार पड़ते नहीं देखना चाहते हैं। उनके समर्थकों के लिए 20 हजार की क्षमता वाले कैपिटल एरिया में बड़े स्क्रीन लगाकर शपथ ग्रहण के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था की गई है। शपथ के बाद वे यहां खुद समर्थकों के बीच आएंगे।

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो रहे कई देशों के नेता

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में दुनिया के कई देशों के नेता आने वाले हैं। नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी समेत कई देशों के नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है। शी अपने प्रतिनिधि के रूप में अपने उपराष्ट्रपति को भेज रहे हैं।

एस जयशंकर करेंगे भारत सरकार का प्रतिनिधित्व

सोमवार को होने वाले डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। समारोह के लिए क्वाड देशों के सभी विदेश मंत्रियों को भी न्योता भेजा गया है। इस मौके पर क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें जयशंकर भी हिस्सा लेंगे।

फांसी या फिर उम्र कैदःकोलकाता रेप-मर्डर केस में दोषी संजय रॉय को आज सुनाई जाएगी सजा

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पश्चिम बंगाल के कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज कैंपस में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर मामले में संजय रॉय को दोषी ठहराया गया। संजय रॉय को उम्रकैद की सजा मिलेगी या फांसी? इसे लेकर सियालदह कोर्ट का आज फैसला आएगा। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अदालत से दोषी के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

31 साल की एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का 9 अगस्त, 2024 को अस्पताल के कॉन्फ़्रेंस रूम में शव मिला था। बाद में पता लगा कि पहले डॉक्टर का रेप हुआ था और फिर उसकी हत्या की गई थी। इस घटना के खिलाफ डॉक्टरों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था। 12 नवंबर को बंद कमरे में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। कुल 50 गवाहों से पूछताछ की गई और 9 जनवरी को सुनवाई पूरी हुई। इस मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय था। पुलिस ने 9 अगस्त को हुई घटना के फौरन बाद 10 अगस्त को संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़ित के शरीर के पास पाए गए एक ब्लूटूथ ईयरफोन के कारण पुलिस ने संजय रॉय को गिरफ्तार किया था क्योंकि संजय रॉय को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में गले में डिवाइस के साथ सेमिनार हॉल में प्रवेश करते देखा गया था।

कोर्ट रूम में संजय रॉय ने खुद को बताया निर्दोष

शनिवार को जब सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को दोषी करार दिया। कोर्ट से दोषी सिद्ध होमने के बाद संजय ने जज से कहा कि मैं दोषी नहीं हूं। मुझे झूठे मामले में फंसाया गया है. मैंने ऐसा नहीं किया है। जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें छोड़ा जा रहा है। आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64,66, 103/1 के तहत मामला दर्ज किया गया है। संजय पर आरोप है कि उसी ने सेमिनार रूम में जाकर डॉक्टर पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी।

संजय रॉय कौन है?

साल 2019 में संजय रॉय ने कोलकाता पुलिस के तहत डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप के लिए वॉलंटियर के रूप में कार्य शुरू किया था और फिर वह वेलफेयर सेल में काम करने लगा। इस बीच कोलकाला पुलिस की चौथी बटालियन में उसे आवास मिल गया, जिससे आरजी कर मेडिकल कॉलेज में नौकरी मिली। अक्सर वह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की पुलिस चौकी पर तैनात रहता था और उसके पास सभी विभागों की एक्सेस थी।

डोनाल्ड ट्रंप ने मुकेश अंबानी और नीता अंबानी से की मुलाकात, दुनिया के चुनिंदा 100 लोगों में दोनों को मिली जगह

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डेस्क: डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को दूसरी बार अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इससे पहले उन्होंने कल दुनिया के चुनिंदा 100 लोगों को रात्रिभोज पर बुलाया था। इसमें उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी भी शामिल हुए। शपथ लेने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने मुकेश और नीता अंबानी से मुलाकात की। आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के आमंत्रण पर दोनों अमेरिका गए हैं। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका के कुछ सबसे प्रभावशाली अरबपतियों और राजनेताओं के साथ-साथ विदेशी नेताओं और मशहूर हस्तियों के भी शामिल होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि 18 जनवरी को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन पहुंचे अंबानी शायद ट्रंप के रात्रिभोज में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय थे।

भारत और अमेरिका के संबंध और मजबूत होंगे

ट्रंप को बधाई देते हुए मुकेश और नीता अंबानी ने कहा "आपके दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंध और मजबूत होंगे। दोनों देशों के बीच कारोबार नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगा। यह अमेरिका भारत समेत पूरी दुनिया के लिए एक बेहतर समय का निर्माण करेगा।"

अंबानी दंपति 20 जनवरी को ट्रंप परिवार के निजी आमंत्रित सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। अंबानी परिवार के ट्रंप परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। सबसे अमीर भारतीय उस समय मौजूद थे जब डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप 2017 में वैश्विक उद्यमिता सम्मेलन के लिए हैदराबाद आई थीं। इवांका उस समय राष्ट्रपति ट्रंप की सलाहकार थीं। फरवरी, 2020 में जब ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पिछली बार भारत आए थे, तब भी वह मौजूद थे। इवांका, उनके पति जेरेड कुशनर और उनकी सबसे बड़ी बेटी अरबेला रोज उन मशहूर हस्तियों में शामिल थीं, जो मार्च, 2024 में गुजरात के जामनगर में अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत और मंगेतर राधिका मर्चेंट के तीन दिवसीय विवाह-पूर्व समारोह में शामिल हुए थे।

सूत्रों ने बताया कि कई धनी दानदाताओं ने ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंच और ‘वीआईपी’ सुविधा पाने के लिए ट्रंप की उद्घाटन समिति को अधिकतम 10 लाख अमेरिकी डॉलर का योगदान देने का संकल्प लिया है, लेकिन अंबानी परिवार को ट्रंप परिवार द्वारा व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया है। ट्रंप का दूसरा शपथ ग्रहण समारोह सितारों से भरा रहने का अनुमान है। राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ-साथ उनके पति, प्रथम महिला जिल बाइडन और ‘सेकेंड जेंटलमैन’ डग एमहॉफ, तथा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

विश्व के तीन सबसे धनी व्यक्ति- प्रौद्योगिकी उद्यमी और ट्रंप के सबसे मुखर समर्थक एलन मस्क, अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस, एप्पल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टिम कुक और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को समारोह में प्रमुख स्थान मिलेगा। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहने वाले संभावित लोगों में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही हैं।

हेज फंड’ के साथ रिपोर्ट साझा करने पर हिंडनबर्ग की मुश्किलें बढ़ीं, अडानी पर आरोप लगाकर सुर्खियां बटोरी थीं

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डेस्क: लगभग आठ साल पुरानी अपनी रिसर्च-इन्वेस्टमेंट कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने की घोषणा करने वाले नेट एंडरसन कंपनियों को लक्षित करके रिपोर्ट तैयार करने में ‘हेज फंड्स’ के साथ कथित संबंधों के लिए सवालों के घेरे में हैं। कनाडा के एक पोर्टल ने ओन्टारियो की एक अदालत में दायर दस्तावेजों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। हेज फंड ऐसी इकाई है, जो बड़े निवेशकों से राशि प्राप्त कर लाभ कमाने के लिए प्रतिभूतियों समेत विभिन्न मदों में निवेश करती है। एक जटिल मानहानि मुकदमे में ओन्टारियो सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस में दायर दस्तावेजों के एक संग्रह में कनाडा के एन्सन ‘हेज फंड’ के प्रमुख मोएज कासम ने कहा कि उनकी कंपनी ने हिंडनबर्ग के नैट एंडरसन सहित ‘विभिन्न स्रोतों के साथ’ शोध साझा किया है। आपको बता दें कि अदाणी ग्रुप पर आरोप लगाकर हिंडनबर्ग ने पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थीं।

पोर्टल ‘मार्केट फ्रॉड’ ने कहा कि अदालती दस्तावेजों से कथित तौर पर पता चला है कि हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट तैयार करते समय एन्सन के साथ मिलीभगत की थी। भागीदारी के खुलासे के बिना मंदी की रिपोर्ट तैयार करने पर अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) द्वारा प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया जा सकता है। जहां निवेश कंपनी प्रतिभूति उधार लेकर उसे खुले बाजार में बेचते हैं, तथा कंपनी के खिलाफ उनकी नकारात्मक रिपोर्ट के कारण शेयरों में गिरावट आने के बाद कम पैसे में उसे पुनः खरीदने की उम्मीद करते हैं, वहीं ‘हेज फंड’ की संलिप्तता से संदेह पैदा होता है, क्योंकि वे भी समानांतर दांव लगा सकते हैं, जिससे शेयरों की कीमतों पर और अधिक दबाव पड़ सकता है।

हालांकि, एन्सन और कासम से तत्काल संपर्क नहीं हो सका, तथा एंडरसन को भेजी गई ईमेल का भी कोई उत्तर नहीं मिला। वेबसाइट ने दावा किया, “एंडरसन और एन्सन फंड्स के बीच ईमेल वार्तालापों से हम इस तथ्य को जानते हैं कि वह वास्तव में एन्सन के लिए काम कर रहा था और उन्होंने जो कुछ भी उससे कहा, उसे प्रकाशित कर दिया, लक्ष्य मूल्य से लेकर रिपोर्ट में क्या होना चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए तक। उसने उनसे कई बार पूछा कि क्या उन्हें ‘और’ चाहिए। दर्जनों शेयर बाजारों में हम जो देख सकते हैं, उससे पता चलता है कि कभी भी उसके पास संपादकीय नियंत्रण नहीं था। उसे बताया जा रहा था कि क्या प्रकाशित करना है।”

मार्केट फ्रॉड्स ने अपने आरोप के समर्थन में हिंडनबर्ग और एन्सन के बीच कुछ ईमेल संवादों के स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं, जिनके बारे में उसका दावा है कि उसे ये संवाद ओन्टारियो न्यायालय में उपलब्ध दस्तावेजों के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इसमें कहा गया है, “एन्सन फंड्स और नैट एंडरसन दोनों के खिलाफ प्रतिभूति धोखाधड़ी के कई मामले हैं, तथा खबर लिखने के समय तक हमने केवल पांच प्रतिशत मामले की ही जांच की है। अब तक हमने जो पढ़ा है, उसके अनुसार यह लगभग निश्चित है कि जब हिंडनबर्ग और एन्सन के बीच का पूरा लेन-देन एसईसी तक पहुंचेगा, तो 2025 में नेट एंडरसन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया जाएगा।”