विपक्षी गठबंधन का नाम आखिर “INDIA” ही क्यों रखा गया, क्या इसमें छुपा है कोई संदेश?

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2024 लोकसभा चुनाव में एनडीए का मुकाबला विपक्षी दलों के गठबंधन “INDIA” (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) से होगा। बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक हुई, जिसमें गठबंधन को ये नाम दिया गया। अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर इस गठबंधन का नाम “INDIA” ही क्यों रखा गया।सवाल ये उठ रहा है कि इस नाम का सुझाव किस नेता ने दिया।

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के गठबंधन को इंडिया नाम रखने का सुझाव दिया। खुद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ये नाम रखने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी और विपक्ष के बीच लड़ाई नहीं है, देश की आवाज के लिए लड़ाई है। इसलिए हमने गठबंधन का नाम INDIA चुना है। देश में आज लड़ाई NDA और INDIA के बीच में है। पीएम मोदी और INDIA के बीच है। उनकी विचारधारा और INDIA के बीच है। हमने निर्णय लिया है कि हम एक एक्शन प्लान तैयार करेंगे और एक साथ मिलकर देश में हमारी विचारधारा और हम जो करने जा रहे हैं उसके बारे में बोलेंगे।

क्या संदेश देने की कोशिश कर रहा विपक्ष

विपक्षी दलों ने गठबंधन का नाम इंडिया काफी मंथन के बाद रखा और इससे उनकी रणनीति की झलक भी मिलती है।दरअसल विपक्ष को बीजेपी राष्ट्रवाद और तुष्टिकरण की राजनीति पर लगातार घेरती रही है। मंगलवार को ही मीटिंग से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी गठबंधन को परिवारवाद और करप्शन का गठबंधन बताया था। ऐसे में विपक्षी दलों का मानना है कि नए नाम इंडिया बीजेपी के नैरेटिव को काउंटर करने और लोगों को बेहतर संदेश देने में मदद मिलेगी।

अगली मीटिंग मुंबई में होगी

बता दें कि, बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाने में जुटे विपक्षी दलों की दो दिनों तक बेंगलुरु में बैठक हुई।इसमें कई अहम मुद्दों पर आम सहमति बनी। मीटिंग में 26 दलों के नेताओं ने तय किया कि एक कोआर्डिनेशन कमिटी बनायी जाएगी, जो आगे की रणनीति तय करेगी। दिल्ली में एक सचिवालय भी बनेगा। साथ ही, अगली मीटिंग मुंबई में करने का फैसला लिया गया।

अब INDIA के नाम से जाना जाएगा विपक्षी दलों का गठबंधन, जानें क्या है इसका मतलब

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2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अगुआई में नया विपक्षी मोर्चा बना है। आज बेंगलुरु में 26 विपक्षी दलों की बैठक के दौरान गठबंधन के नाम पर मुहर लग गई। विपक्षी गठबंधन एनडीए के सामने अगला चुनाव में 'INDIA' लड़ेगा।विपक्ष के इस नए गठबंधन का नाम इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इनक्लूसिव अलायंस यानी “INDIA” होगा।इसमें I-इंडिया, N- नेशनल, D- डेमोक्रेटिक, I- इंक्ल्यूसिव और A- अलायंस है।

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विपक्षी नेताओं के 'चक दे इंडिया' वाले ट्वीट से ही साफ हो गया कि विपक्षी गठबंधन का नया नाम इंडिया हो सकता है।कांग्रेस नेता माणिक टैगोर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि जीतेगा इंडिया। वहीं टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट में लिखा है 'चक दे इंडिया'।तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि अब लड़ाई INDIA vs भारत जलाओ पार्टी (BJP) के बीच होगी। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ट्वीट कर कहा, 'तो इस बार 2024 होगा टीम INDIA Vs टीम NDA चक दे इंडिया!'

गठबंधन का यह नाम टीएमसी की प्रमुख ममता बेनर्जी ने सुझाया था, जिसके प्रति अधिकांश दलों ने अपनी सहमति जताई। न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अभी यह तय नहीं हुआ है लेकिन अधिकांश पार्टी इस नाम के समर्थन में नजर आ रही हैं।

यौन शोषण मामले में बृजभूषण को मिली अंतरिम जमानत, 25 हजार के निजी मुचलके पर दो दिनों की राहत

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यौन शोषण के आरोपों में घिरे भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह को अंतरिम जमानत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा समन जारी करने के बाद मंगलवार को बृजभूषण की पेशी हुई थी। सुनवाई शुरू होने के कुछ देर बाद ही अंतरिम जमानत पर फैसला आ गया। दिल्ली पुलिस ने बेल का विरोध किया है। 25 हजार के बॉन्ड पर जमानत दी गई। अब अदालत 20 जुलाई को दोपहर 12.30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी, जहां नियमित जमानत पर सुनवाई हो सकती है।

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बृजभूषण शरण सिंह के अलावा उनके करीबी और कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अंतरिम जमानत मिल गई है। उन्हें बृजभूषण शरण सिंह के साथ इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। महिला पहलवानों ने उनपर आरोप लगाए हैं कि वो ऐसे वक्त में बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात कराते थे जब वो अकेले रहते थे।

1599 पन्नों की चार्जशीट

बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस की तरफ से 1599 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। दिल्‍ली पुलिस ने गत 15 जून को राउस एवेन्‍यू कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। बृजभूषण के खिलाफ महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस चार्टशीट में आरोपी बृजभूषण और भारतीय कुश्ती संघ के सेक्रेटरी विनोद तोमर के खिलाफ केस का जिक्र है। चार्जशीट में कुल 44 विटनेस हैं और कुल 108 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। जिनमें 15 लोगों ने पीड़ित रेसलर्स के सपोर्ट में बयान दिए हैं।

पुलिस के पास डिजिटल सबूत मौजूद

छह बालिग महिला पहलवानों ने दोनों के खिलाफ यौन उत्‍पीड़न का केस दर्ज करवाया है। इस केस में बृजभूषण के खिलाफ सात गवाह मिले हैं। यौन शोषण की कथित जगह पर उनकी मौजूदगी के सबूत भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता पहलववानों ने दिल्‍ली पुलिस को जांच के दौरान सबूत के तौर पर पांच तस्‍वीरें सौंपी हैं। डिजिटल सबूत भी दिए गए हैं जिन्‍हें पेन ड्राइव में कोर्ट को सौंपा गया है। कोर्ट ने दिल्‍ली पुलिस को चार्जशीट की एक कॉपी शिकायतकर्ता महिला पहलवानों को देने के निर्देश दिए थे।

कांग्रेस को सत्ता या पीएम पद में कोई दिलचस्पी नहीं है, विपक्षी बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा बयान

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लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री के पद की रेस में नहीं है। ये बयान विपक्षी दलों की बेंगलुरु में मंगलवार को हो रही बैठक के दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया है।बता दें कि कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मंगलवार को विपक्षी दलों की महाबैठक चल रही है। आज बैठक का दूसरा और अंतिम दिन है। इस मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए 26 दलों के नेता पहुंचे हुए हैं।

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हमारा इरादा अपने लिए सत्ता हासिल करना नहीं-खड़गे

न्यूज एजेंसी एएनाई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बेंगलुरु में संयुक्त विपक्ष की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैं एमके स्टालिन के जन्मदिन पर चेन्नई में पहले ही कह चुका हूं कि कांग्रेस को सत्ता या प्रधानमंत्री पद में कोई दिलचस्पी नहीं है। इस बैठक में हमारा इरादा अपने लिए सत्ता हासिल करना नहीं है। यह हमारे संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए है।

बीजेपी को अकेले नहीं मिली 303 सीटें- खड़गे

बेंगलुरु में संयुक्त विपक्ष की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा,हम यहां 26 पार्टियां हैं। हम सब मिलकर आज 11 राज्यों में सरकार में हैं। बीजेपी को अकेले 303 सीटें नहीं मिलीं हैं। उसने अपने सहयोगियों के वोटों का इस्तेमाल किया और सत्ता में आई और फिर उन्हें त्याग दिया। आज बीजेपी अध्यक्ष और उनके नेता अपने पुराने सहयोगियों से समझौता करने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य भाग-दौड़ कर रहे हैं।

हमारे बीच कई तरह के मतभेद हैं, लेकिन...-खड़गे

मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वीकार किया कि विपक्षी दलों के बीच राज्य स्तर पर मतभेद हैं, लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि ये मतभेद विचारधारा से संबंधित नहीं हैं। खरगे ने कहा कि हम जानते हैं कि राज्य के लेवल पर हमारे बीच कई तरह के मतभेद हैं, लेकिन ये विचारधारा की लड़ाई नहीं है। ये मतभेद इतने भी बड़े नहीं हैं जिन्हें दूर ना किया जा सके। बेरोजगार, महंगाई, युवाओं पर हो रहे अत्याचार के लिए इन मतभेदों को दूर किया जा सकता है।

विपक्ष की बैठक पर पीएम मोदी का बड़ा हमला, कहा-लेबल कुछ है माल कुछ है

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बेंगलुरु में विपक्ष एकजुट होकर लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मंथन कर रहा है। इस बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी विपक्षी एकता पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्षी एकता को लेकर तंज कसा और कहा कि एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग। उन्होंने कहा ये सब लोग अपने कुनबे को बचाने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।

परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर कसा तंज

पीएम मोदी ने विपक्ष की बैठक पर निशाना साधते हुआ कहा कि परिवारवाद के कट्टर समर्थक एकत्रित हो रहे हैं। यह कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन हो रहा है। ये लोग परिवार के लिए भ्रष्टाचार बढ़ा रहे हैं। लंबे समय तक भारत में विकास का दायरा कुछ दलों की स्वार्थ भरी राजनीति के कारण देश के दूर दराज वाले इलाकों तक पहुंचा ही नहीं। ये दल उन्हीं कामों को प्राथमिकता देते थे जिसमें इनका खुद का भला हो इनके परिवार का भला हो, नतीजा ये हुआ कि जो आदिवासी क्षेत्र और द्वीप हैं वहां की जनता विकास से वंचित रही, विकास के लिए तरसती रही।

चुनाव के लिए दुकान खोली है-पीएम मोदी

कुछ लोगों ने अपनी दुकान खोली, चुनाव के लिए दुकान खोली है। इन्हें देखकर मुझे एक कविता याद आती है, गाइत कुछ है हाल कुछ है, लेबल कुछ है माल कुछ है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे से पहले की सरकार के 9 साल में अंडमान निकोबार को करीब 23,000 करोड़ रुपये का बजट अलॉट किया गया था। जबकि हमारी सरकार के दौरान अंडमान निकोबार के विकास के लिए 9 वर्षों में करीब 48 हजार करोड़ रुपये का बजट दिया गया है।

अपराध पर इनकी जुबान बंद हो जाती है- पीएम मोदी

पीएम ने आगे कहा, ये जो जमात इकट्ठी हुई है, उनके कुनबे में बड़े से बड़े घोटालों पर, अपराधों पर इनकी जुबान बंद हो जाती है। जब किसी एक राज्य में इनके कुशासन की पोल खुलती है, तो दूसरे राज्यों के ये लोग फौरन उसके बचाव में तर्क देने लगते हैं।

लोजपा रामविलास के मुखिया चिराग पासवान के एनडीए में शामिल होने के बाद भी चाचा भतीजे में तल्खी बरकरार, जानिए बिहार के किन सीटों पर फंस सकता है अब

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लोजपा रामविलास के मुखिया चिराग पासवान की एनडीए में वापसी हो गई है। मगर उनकी अपने चाचा एवं केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस से तल्खी बरकरार है। एनडीए की मंगलवार को दिल्ली में हो रही बैठक में ये दोनों नेता शामिल होंगे। बीजेपी के सामने इन दोनों के बीच सामंजस्य बनाने की चुनौती होगी। चिराग पासवान जहां पशुपति पारस की सीट हाजीपुर पर नजर गढ़ाए बैठे हैं। चाचा-भतीजा, दोनों ने इस पर दावा ठोक दिया है। वहीं, समस्तीपुर लोकसभा सीट पर भी पेंच फंस सकता है।

बिहार में दो सुरक्षित लोकसभा क्षेत्रों हाजीपुर और समस्तीपुर को लेकर एनडीए में चाचा पशुपति पारस व भतीजा चिराग पासवान के बीच जंग रोचक दौर में पहुंच गई है। यक्षप्रश्न है कि ये दोनों सीटें 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए में किसकी होगी? रोचक तथ्य यह भी है कि दोनों ही आज एनडीए की बैठक में शामिल हो रहे हैं। 

2019 के लोकसभा चुनाव में जब लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान के नेतृत्व में पार्टी ने सात सीटें पाईं थीं तो समस्तीपुर से उन्होंने अपने सबसे छोटे भाई रामचन्द्र पासवान को जबकि अपनी कर्मभूमि हाजीपुर सीट से मंझले भाई पशुपति कुमार पारस को मैदान में उतारा था। वहीं, बेटे चिराग पासवान को लगातार दूसरी बार जमुई की जनता की सेवा करने के लिए भेजा। तब इन तीन सीटों समेत लोजपा को कुल छह सीटों पर जीत मिली थी।

हालांकि, इसके बाद रामचन्द्र पासवान दिवंगत हो गए तो समस्तीपुर सीट पर हुए उप चुनाव में उनके पुत्र प्रिंस राज ने जीत दर्ज की। रामविलास पासवान के दिवंगत होने के बाद लोजपा में दो फाड़ हो गई, चिराग अकेले रहे और शेष पांच सांसदों के साथ पशुपति पारस ने एनडीए का दामन थामे रखा। अब जबकि तकरीबन दो साल बाद चिराग पासवान की एनडीए में एंट्री हो रही है तो उनकी कई शर्तों में यह सबसे ऊपर है कि इस गठबंधन में हाजीपुर और समस्तीपुर सीट उन्हें चाहिए ही चाहिए। खासतौर से हाजीपुर सीट तो वे किसी कीमत पर चाचा को जाने नहीं देंगे। उधर चाचा पशुपति पारस भी अड़े हैं। दोनों के बीच रामविलास पासवान की विरासत को लेकर जारी जंग अब इस सीट की दावेदारी तक पहुंच गई है।

इस बाबत पशुपति पारस कहते हैं कि बड़े भाई ने उन्हें हाजीपुर सीट सौंपी है। वे सीटिंग सांसद हैं। इसलिए प्रश्न ही नहीं उठता है इस सीट को छोड़ने का। उन्होंने ही चिराग को जमुई भेजा। जमुई की जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर 9 साल बाद चिराग क्यों उन्हें छोड़ने पर उतारू हैं। उनके मुताबिक प्रिंस राज उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और समस्तीपुर के वे सांसद हैं। यह सीट भी किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। उधर, एलजेपी रामविलास के बिहार अध्यक्ष राजू तिवारी ने सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह से चिराग पासवान की मुलाकात के बाद दिल्ली में पत्रकारों से कहा, चिराग पासवान पहले ही बोल चुके हैं कि हाजीपुर सीट से वे ही लड़ेंगे।

अपनी ही कहानी में फंसी पाकिस्तान से चार बच्चों के साथ भारत आई सीमा हैदर, यूपी एटीएस ने सचिन के साथ लिया हिरासत में, पहले अलग अलग फिर साथ बैठकर ह

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पाकिस्तान से चार बच्चों के साथ भारत आई सीमा हैदर पर सवाल अभी खत्म नहीं हुए हैं। यूपी एटीएस एक बार फिर सीमा हैदर और सचिन को पूछताछ के लिए ले गई है। इससे पहले सोमवार को भी दोनों से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई थी। कई सवालों के जवाब पूछने के बाद एटीएस ने उन्हें देर रात घर जाने दिया था। सचिन के पिता नेत्रपाल को भी थाने बुलाया गया था और कुछ सवाल करने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया था।

नोएडा सेक्टर 94 के कमांड सेक्टर में सोमवार को तीनों को पहले अलग-अलग और फिर आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि एटीएस ने उससे तोड़े गए सीम और वीसीआर कैसेट के बारे में पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, एटीएस ने सीमा से यह भी पूछा कि क्या उसका भाई पाकिस्तान सेना में है? क्या उसके चाचा या अन्य रिश्तेदार भी पाकिस्तानी सेना का हिस्सा हैं। सीमा के पास चार फोन क्यों थे, उसने पाकिस्तानी सिम को क्यों तोड़ा, वह भारत में कैसे दाखिल हुई, कराची से नोएडा तक आने में उसकी किस-किसने मदद की। ऐसे कई सवाल सीमा से किए गए हैं।

खुद को बहुत कम पढ़ी-लिखी बताने वाली सीमा हैदर आखिर अंग्रेजी से कंप्यूटर और गेमिंग तक की अच्छी जानकारी कैसे रखती है? वह एकदम शुद्ध हिंदी में कैसे बात करती है? तीन देशों की सरहद पार करके कैसे भारत आने की हिम्मत जुटा पाई? इन बातों को लेकर पहले से कई एक्सपर्ट आशंका जाहिर कर रहे थे। कई एक्सपर्ट आशंका जाहिर कर चुके हैं कि सीमा हैदर आईएसआई की जासूस हो सकती है।

सीमा हैदर इस साल मार्च में नेपाल आई थी जहां सचिन भी पहुंचा था। नेपाल में दोनों एक सप्ताह तक साथ रहे थे। इसके बाद दोनों अपने-अपने मुल्क लौट गए। मई में सीमा अपने चारों बच्चों के साथ दुबई और नेपाल होते हुए भारत आई। इसके बाद वह नोएडा के रबूपुरा गांव में अपने प्रेमी के साथ छिपकर रह रही थी। पिछले दिनों पुलिस को इसकी भनक लगी तो दोनों फरार हो गए। उन्हें हरियाणा के बल्लभगढ़ से गिरफ्तार कर लिया था। पांच दिन बाद ही उन्हें जमानत मिल गई थी। सीमा तब से ही मीडिया चैनल्स पर अपनी प्रेम कहानी सुनाते हुए दावा कर रही है कि वह सचिन का प्यार पाने के लिए हिन्दुस्तान आई है और अब हिंदू बन चुकी है।

उत्तराखंड : श्रीनगर डैम से अलकनंदा में छोड़ा अतिरिक्त पानी, हरिद्वार-ऋषिकेश में खतरे के निशान तक पहुंची गंगा, मैदानी इलाकों में बढ़ेगा बाढ़ का ख


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 उत्तराखंड में आज भी पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश का सिलसिला जारी है। जिसके चलते नदियां भी उफान पर हैं। श्रीनगर गढ़वाल के सीनियर मैनेजर शाहिद शेख ने बताया कि भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण श्रीनगर डैम में करीब तीन हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी आने की आशंका है। जिसके चलते आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से श्रीनगर डैम से पानी छोड़ने की सूचना जारी की गई थी। इसके बाद सुबह साढ़े नौ बजे डैम से पानी छोड़ा गया है। यह पानी साढ़े 10 बजे देवप्रयाग, साढ़े 12 बजे ऋषिकेश और करीब एक बजे हरिद्वार पहुंचेगा। जिसके चलते देवप्रयाग, ऋषिकेश और हरिद्वार में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने से मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ेगा।

खतरे के निशान पर बह रही नदियां

पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण देवप्रयाग, हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। गंगा इस समय खतरे के निशान पर बह रही हैं।

बेंगलुरु में नीतीश कुमार के खिलाफ लगे पोस्टर, जानें क्या है वजह

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष का महाजुटान हुआ है। 2024 लोकसभा चुनाव की रणनीति को लेकर आज यानी मंगलवार को विपक्षी नेताओं की बैठक होगी। इसी बीच बेंगलुरु की सड़कों पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार को टारगेट करने के लिए पोस्टर लगाए गए हैं।

नीतीश कुमार को अस्थिर पीएम उम्मीदवार बताने के अलावा एक और पोस्टर लगा देखा गया, जिसमें सुल्तानगंज के पुल की तस्वीर लगी थी। ये पुल कुछ ही दिन पहले टूटकर नदी में गिर गया था।पोस्टर में पहले नीतीश कुमार का स्वागत किया गया है और उसके बाद लिखा गया है कि बिहार को नीतीश कुमार ने उजड़ने का गिफ्ट दिया है। पोस्टर में घटना की तारीख का भी जिक्र किया गया है। पोस्टर में उनके इस्तीफे की भी बात कही गई है।

कर्नाटक हिंदीभाषी राज्य नहीं है, इसलिए वहां अंग्रेजी में पोस्टर लगा है। यह पोस्टर संदेश दे रहा है कि बेंगलुरु में बिहार के लिए रेड कारपेट बिछाया जा रहा है।बताया जा रहा है कि ये पोस्टर एयरपोर्ट रोड पर विंडसर मैनर ब्रिज पर लगाए गए हैं।इनमें लिखा है कि बेंगलुरु नीतीश कुमार के लिए रेड कार्पेट बिछाता है।

इससे पहले बिहार की राजधानी पटना में 23 जून को जब विपक्षी एकता की पहली बैठक हुई थी तो आम आदमी पार्टी के नाम के साथ एक नेता ने नीतीश को लेकर इसी तरह का अविश्वास जताया था। वह पोस्टर भी चर्चा में रहा था, हालांकि बाद में आप ने इस पोस्टर और उस नेता को अपना मानने से इनकार कर दिया था। 

बता दें कि नीतीश कुमार पिछले साल बीजेपी से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल हो गए थे। इसके बाद से वे बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में जुटे हैं। उन्होंने पिछले दिनों राज्यों में जा जाकर क्षेत्रीय दलों के नेताओं से मुलाकात भी की थी। इसके बाद इसी साल जून में पटना में नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी। इसमें 15 दल शामिल हुए थे। ऐसे में अब नीतीश कुमार को टारगेट करते हुए बेंगलुरु में पोस्टर लगाए गए हैं।

विपक्ष की बैठक के खिलाफ दिल्ली में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन, 38 राजनीतिक दलों के हिस्सा लेने का दावा, तैयार होगा 2024 का रोडमैप

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लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों की बेंगलुरु में सियासी बैठक का आज दूसरा दिन है। वहीं, दिल्ली में मंगलवार को बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन होना है। बीजेपी का दावा है कि एनडीए की इस बैठक में 38 राजनीतिक दल शामिल होने वाले हैं।लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर विपक्षी दलों की बैठक में सियासी माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, एनडीए की बैठक में पुराने गठबंधन सहयोगियों को फिर से साथ लाने के प्रयास हो रहे हैं।

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9 साल में हमारा ग्राफ बढ़ा-नड्डा

आज होने वाली बैठक से पहले बीजेपी के प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा कि पिछले 9 साल में एनडीए का गठबंधन और भी ज्यादा मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि 9 साल में हमारा ग्राफ बढ़ा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मंगलवार को होने वाली एनडीए की बैठक में 38 दल हिस्सा लेंगे।

पीएम मोदी के मजबूत नेतृत्व की लोगों ने सराहना की-नड्डा

बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में हमने पीएम मोदी का मजबूत नेतृत्व देखा है जिसकी कई लोगों ने सराहना की है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस भी बढ़ा है। पीएम ने कोविड-19 प्रबंधन में भी एक मिसाल कायम की है। इसके साथ ही पिछले 9 वर्षों में एनडीए सरकार द्वारा सुशासन का काम है और हम इस पर लगातार काम कर रहे हैं। अब तक 28 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थी (डीबीटी) को हस्तांतरित किए गए हैं।

यूपीए को बताया नेतृत्वहीन और नीतिहीन

वहीं, विपक्षी एकता पर हमला बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष बिना दूल्हे की बारात है। उनके पास कोई नेता नहीं है। वह केवल भानुमती का कुनबा जोड़ रहे हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि एनडीए का गठबंधन भारत को मजबूत करने के लिए है, जबकि यूपीए नेतृत्वहीन और नीतिहीन है। यह फोटो खिंचवाने के अवसर के लिए अच्छा है।