सदर अस्पताल के सिस्टम पर सहिया रूपी ग्रहण का प्रकोप, प्रसव कक्ष में आने वाले मरीजों व परिजनों से की जाती है मोटी रकम की वसूली


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देवघर -सहिया को अस्पताल प्रबंधन का तनिक भी भय नहीं है।साथ ही अपने क्रियाकलापों से सदर अस्पताल के सारे सिस्टम पर सहिया रूपी ग्रहण का प्रकोप है और सारे सिस्टम को पंगु बना रखा है।स्वास्थ्य महकमा के आला अधिकारी भी इन पर कार्रवाई करने से कतराते है।जिससे इनका मनोबल काफी बढ़ा हुआ है।

सूत्र बताते हैं कि प्रसव कक्ष में कुछ सहियाओं द्वारा महिलाओं व परिजनों को डराकर सदर अस्पताल में पूर्ण व्यवस्था ना होने की बात बताते हुए उन्हें पैसे (कमीशन) के लालच में उन्हें निजी क्लीनिक में ले जाया जाता है।स्वास्थ्य महकमा जल्द प्रसव कक्ष में जो विचौलिया है उसे हटाने के बजाए लूट की खुली छूट दे रखी है।जबकि नियम है कि प्रसव कक्ष में पेशेंट के साथ संबंधित सहिया को ही प्रवेश करने की अनुमति दिए जाने की है।

इसको लेकर सदर अस्पताल के डीएस डॉ प्रभात रंजन ने पत्र जारी कर दिया है।इसके बावजूद प्रसव कक्ष में बिचौलिया किस्म के सहिया का जमावड़ा लगा रहता है और आसपास भी इन लोगों ने पूरे सिस्टम को बाधित कर रखा है। जिससे भोले-भाले मरीज व उनके परिजन बहकावे में आकर उनके चंगुल में फंस जाते हैं। 

परिजनों ने बताया कि अविलंब वहां से बिचौलिया किस्म के सहिया को हटाने के बाद ही प्रसव कक्ष की व्यवस्था में सुधार हो सकती है। इसके अलावा बिचौलिया किस्म के सहिया द्वारा ब्लड जांच और ब्लड की कमी होने की बात बता कर मरीजों से मोटी रकम को एठने का काम किया जा रहा है।सदर अस्पताल में पेयजल व्यवस्था मजबूत कराने का निर्देश भी दिया गया है।गर्मी का मौसम आते ही सदर अस्पताल में पेयजल की समस्या गहराने लगी है अस्पताल में कार्यरत कर्मियों से लेकर मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसकी जानकारी डीएस डॉ प्रभात रंजन को मिलते ही उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल के चयनित स्थलों में पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जाए।उनके निर्देश देने के बाद विभाग के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था को उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जा रहा है ताकि गर्मी आने से पहले पेयजल की समुचित व्यवस्था सदर अस्पताल में की जा सके। साथ ही आने वाले मरीजों एवं कर्मियों को पेयजल की समस्या का सामना करना ना पड़े।

उपायुक्त के निर्देशानुसार लखराज एवं अन्य लगान मुक्त भूमि के समुचित राजस्व संपादन हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन


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उच्च स्तरीय समिति में अध्यक्ष होंगे अपर समाहर्त्ता

देवघर-उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में देवघर जिला में लखराज एवं अन्य लगान मुक्त भूमि का राजस्व कार्यों का संपादन समुचित तरीके से नहीं हो पा रहा है, जैसे कि बिक्री निबंधन, दाखिल-खरिज, लगान रसीद इत्यादि। 

ऐसे में उपरोक्त कार्यो के संपादन में आ रही समस्याओं को चिनि्हत करने एवं उन समस्याओं का एक विधिक समाधान कैसे किया जा सकता है के निमित्त एक सम्यक प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।

इसके अलावे उच्च स्तरीय समिति में अध्यक्ष के रूप में अपर समाहर्त्ता एवं सदस्य सचिव के रूप में भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता के अलावा सदस्य के रूप में अंचल अधिकारी, देवघर, अंचल अधिकारी, मोहनपुर, सरकारी अधिवक्ता, देवघर को चिन्हित करते हुए प्रतिनियुक्त किया गया है। साथ ही उपायुक्त द्वारा समिति को निर्देश दिया गया है कि लखराज एवं अन्य लगान मुक्त भूमि के संबंध में अविलम्ब प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करना सुनिश्चित करेंगे।

देवघर देवीपुर थाना क्षेत्र के लालोडीह गांव में वज्रपात से 55 वर्षीय सुरेंद्र मंडल की मौत


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(झारखंड डेस्क)

देवीपुर : देवघर जिला अंतर्गत देवीपुर थाना क्षेत्र के लालोडीह गांव में वज्रपात से 55 वर्षीय सुरेंद्र मंडल की मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र शनिवार की शाम शौच के लिए घर से करीब 300 मीटर दूर शौच के लिए गये थे. 

इसी बीच अचानक हवा के साथ बारिश शुरू हो गयी. इस बीच अचानक वज्रपात से उसकी मौत हो गयी. सुरेंद्र अपने घर से आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. रातभर घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला.

 सुबह में एक पेड़ के नीचे उसका शव पड़ा था. इसकी सूचना देवीपुर सीओ को देकर ग्रामीणाें ने आपदा प्रबंधन से मुआवजा देने की मांग की.

देवघर: नमनकाठी जंगल में बज्रपात से एक वनकर्मी की हुई मौत


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देवघर के के नमनकाठी जंगल में ड्यूटी करने गए एक वन कर्मी की मौत वज्रपात गिरने से हो गई घटना की सूचना मिलते ही परिजन और अन्य वन कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे वन कर्मी ने बताया कि मृतक वन कर्मी का नाम होपन मरांडी है और वह संयुक्त वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं ।

होपन मरांडी सुबह 3:00 से 4:00 के बीच ड्यूटी करने जंगल में गए जिस दौरान बारिश के साथ वज्रपात होने से उनकी मौत जंगल में ही हो गई जब होपन मरांडी जंगल से वापस नहीं लौटे तो अन्य कर्मी उक्त स्थान पर पहुंचे तो पता चला कि वज्रपात की चपेट में आने से होपन मरांडी की मौत हो गई है।

 वही पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर देवघर सदर अस्पताल लाया गया जहां शव का पोस्टमार्टम कर शव को परिजन को सौंप दिया गया है

देवघर में लौटा कोरोना,स्वास्थ्य विभाग अलर्ट,सिविल सर्जन ने कहा,लोग करें कोरोना प्रोटोकॉल का पालन


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देवघर में एक बार फिर से कोरोना ने दस्तक दे दी है, लगातार कोरोना के 2 मरीज देवघर में पाए गए हैं, जिसके बाद देवघर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।

 देवघर में कोरोना के साथ-साथ अन्य वायरल इंफेक्शन की भी जांच में तेजी लाई गई है, इस बाबत देवघर सिविल सर्जन युगल किशोर चौधरी ने बताया कि देवघर में बीते दिनों एक मैट्रिक के छात्र और एक महिला का कोरोना जांच पॉजिटिव आया था।

जिसके बाद देवघर सदर अस्पताल में कोरोना जांच और इसके साथ-साथ इन्फ्लूएंजा H3N2 की भी जांच को बढ़ा दिया गया है, ताकि वायरल इनफेक्शन को फैलने से रोका जा सके, साथ ही साथ कोरोना के गाइडलाइंस को भी पालन करने के लिए सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की है।

 मास्क पहनना सोशल डिस्टेंसिंग का मेंटेन करना अनिवार्य है, सदर अस्पताल में ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को भी पहले कोरोना जांच कराना अनिवार्य है।

देवघर: प्रथम सूर्य का अभिनंदन कार्यक्रम शिवगंगा के दक्षिण तट पर किया जाएगा आयोजित


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देवघर-सूर्य नमस्कार महायज्ञ समिति देवघर द्वारा विगत 14 वर्षों से भारतीय नव वर्ष के प्रथम सूर्य का अभिनंदन कार्यक्रम शिवगंगा के दक्षिण तट पर आयोजित किया जा रहा है।

इस वर्ष भी हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2080 अंग्रेजी तिथि 22 मार्च प्रातः 5:30 बजे भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान कर आरती कर एक दूसरे को मिठाई बांटकर नववर्ष का स्वागत शिव गंगा तट पर किया जाएगा।

इसी को लेकर आज के के एन स्टेडियम देवघर में सभी सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें यह निर्णय लिया गया कि अधिक से अधिक घरों में से संपर्क कर शिव गंगा तट पर आने का आग्रह करना तथा सभी सदस्य अपने मोहल्ले एवं वार्ड में ध्वज का वितरण,खासकर युवाओं एवं बच्चों के बीच भारतीय नववर्ष के बारे में बतलाना,उनको इससे जोड़ना उद्देश्य है।

इस बैठक में मुख्य रूप से मधुकर चौधरी,विशाल,बिंदल,अमरेश सिंह,उदय जी,विजय पांडे,कुलदीप महतो,नारायण जी, संतोष शर्मा, विपेंद्र जी,राहुल,निक्कू पांडे,संदीप जयसवाल,रीता राज,राजेश तिवारी आदि उपस्थित थे।इस आशय की जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी विजय कुमार पांडे ने दी।

दुमका : महिलाएं हमेशा सक्षम रही बस दायरे को सीमित रखा गया - अनुकृति


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दुमका : जिला प्रशासन द्वारा कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्टेट लाइब्रेरी लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन रविवार को पहले सत्र में अविस्मरणीय महिलाओं की कहानियां विषय पर लेखक अनुकृति उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि मुझे प्रकृति के गोद में बसे इस वीरों की भूमि में आने का सौभाग्य मिला। 

उन्होंने कहा कि आज हम सभी को अपनी परंपरा और संस्कृति को बचाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मध्यम वर्ग में पैदा होने के बाद शिक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही।शिक्षा प्राप्त करने के बाद दुनिया मे अलग अलग जगह पर काम करने निकल पड़ी।

दुनिया घूम कर देखा तो पाया कि लोगों में अंतर नहीं है परिस्थितियों में अंतर है।

उन्होंने बताया कि घर छोड़ा अपने परिवेश को छोड़ा।पिछले तीन वर्षों से पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली से संस्था से जुड़ी हूँ। जितना पर्यावरण मैंने नष्ट किया है उसका कुछ अंश भरण करने का प्रयास कर रही हूं।

बताया कि मैंने अंग्रेजी में 4 किताबें प्रकाशित हुए हैं। 2 छोटे उपन्यास लिखे हैं। दौरा और भौंरी। राजस्थान की ग्रामीण और बंजारा संस्कृति से जुड़े 2 उपन्यास लिखे हैं।इन उपन्यास में उनके जीवन, सौंदर्य उनके संघर्ष पर लिखा है। कहानियां की संकलन से संबंधित पुस्तक द ब्लू वीमेन हाल में प्रकाशित हुई है।उन्होंने कहा कि हम सभी का जीवन एक दूसरे से जुड़ा हैं।हर पीढ़ी अपने पुराने पीढ़ी से कुछ अंश लेकर आगे बढ़ती है। 

स्त्रियों को किसी ने सक्षम नहीं बनाया वो हमेशा सक्षम थी। उनके दायरे को सीमित रखा गया था। उन्होंने अपने क्षेत्र का विस्तार किया। समाज मे स्त्रियों का अपना एक अलग महत्व है। किसी उत्सव की कल्पना स्त्रियों के बिना संभव नहीं है। स्त्रियों का दो परिवार होता है। एक जहां उनकी भावना जुड़े होते है और दूसरा जहां उन्हें जोड़ना होता है। कोई भी विधा उतनी ही सीमित है, जितना उसे लिखने वाला होता है। किसी भी विधा की कोई सीमा नहीं होती है। अपने सीमा को पहचानने की जरूरत है।लिखना भी एक तरह का योग है। जितना करेंगे उतना आसान होता जाएगा।

मोडरेटर के रूप में अच्युत चेतन ने कहा कि अनुकृति उपाध्याय के उपन्यास के बारे में कहा जाता है कि महिलाओं के जीवन के उन कोनों में चली जाती है जहां साधारण रूप से इंसान का मन नहीं जा पाता है। इनकी कहानियों में राजस्थान की झलक देखने को मिलती है। राजस्थान का मरुस्थल भी इनके उपन्यास में पात्र है।

(दुमका से राहुल कुमार गुप्ता की रिपोर्ट)

देवघर: पुरोहितों का पांचवा दिन भी आमरण अनशन जारी

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देवघर: पंडा धर्म रक्षणि सभा के महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर के नेतृत्व में पांचवा दिन भी अनशन पर पुरोहित डटे हुए है. वहीं आज पांचवे दिन के अनशन को लेकर कार्तिक नाथ ठाकुर के द्वारा आवाहन किया गया था कि आज देवघर को बंद रखा जाए जिसको लेकर आज देवघर बाजार लोग स्वत: अपनी दुकानें बंद करके इस अनशन आंदोलन का समर्थन किया है. बताते चलें कि बीते दिन देवघर अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी अनशन स्थल पर पहुंचे और अनशन समाप्त करने का निवेदन भी किया था, लेकिन महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर ने बताया कि यह इनकी पुश्तैनी जमीन है और इस जमीन पर अपना अधिकार मांग रहे हैं.

इस जमीन पर ना सिर्फ पुरोहित बल्कि बनिया, मारवाड़ी, मुसलमान और अन्य समुदाय के लोग भी रहते हैं, और पुरोहित समाज इन सब की लड़ाई लड़ रहा है, महामंत्री ने कहा कि इस बार आर पार की लड़ाई लड़ रहे हैं और किसी भी हालत में यह झुकने को तैयार नहीं है.

 महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर ने कहा की मंदिर और आसपास की जमीन लखराज प्रवृत्ति की है, और इसका निबंधन नहीं कराया जा रहा है. जबकि इसके पहले लखराज जमीन की रजिस्ट्री और हस्तांतरण हुआ करता था, यहां के अधिकारियों की मनमानी और भूमि माफियाओं की सांठगांठ से इस जमीन की रजिस्ट्री बंद कर दी गई. 

विधानसभा चुनाव के समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुरोहितों को आश्वस्त दिया था कि चुनाव जीतने के बाद लखराज जमीन की रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी, लेकिन अब तक सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है.

पटना जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक उठा धुआं, धुएं का गुब्बार देख रेल यात्रियों के बीच मचा हड़कंप

मधुपुर : खबर है मधुपुर से जहां उस वक़्त हड़कंप मच गया जब धनबाद से पटना जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक धुआं उठने लगा। चलती ट्रेन में धुएं का गुब्बार देख रेल यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया।

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सभी अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। इस दौरान कुछ यात्रियों ने पूरे मामले की जानकारी रेल अधिकारियों को दी। 

मामला आसनसोल रेल मंडल के मधुपुर का बताया जा रहा है जहां मधुपुर-जसीडीह स्टेशन के बीच शंकरपुर हॉल्ट के समीप पटना- धनबाद डाउन इंटरसिटी ट्रेन एक डब्बे के नीचे से अचानक धुआं निकलने लगा। तेज धुआं देख रेल यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। जिसके बाद रेल डिब्बे में सवार यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका। और फिर ट्रेन के रुकते ही सभी यात्री डब्बे से बाहर हो गए।

रेल के डिब्बे से धुआं निकलने के कारणों का पता नहीं चल पाया। इसकी जानकारी नजदीकी रेलवे स्टेशन को दी गई है। फिलहाल रेलवे के अधिकारी व अभियंता इसकी जांच पड़ताल कर रहे हैं। वहीं इस घटना में किसी भी प्रकार की कोई हताहत होने की सूचना नहीं है।

देवघर सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम कराने के डर से मृत अवस्था मे आये मरीज को परिजन उसे ठेले पर लादकर ले गए घर


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देवघर सदर अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजन उसे ठेले पर लादकर घर ले गए जब उस व्यक्ति से पूछा गया कि यह परिस्थिति कैसे पैदा हुई तो इसका कहना था कि मृतक का नाम विशाल धपरा है जो कि बस स्टैंड के समीप रहता था इसे बीमारी थी और देवघर सदर अस्पताल लाने पर इसे मृत घोषित कर दिया गया ।

जब अस्पताल से शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगा तो नहीं दिया गया इसलिए मजबूरी में ठेले पर शव को ले जा रहे हैं इस मामले की पड़ताल शुरू जब मीडिया कर्मियों ने शुरू की तो देवघर सदर अस्पताल के अस्पताल उपाधीक्षक प्रभात रंजन ने कहा कि इस मामले की तहकीकात की गई तो बात सामने आई है कि यह व्यक्ति मृत अवस्था में ही देवघर सदर अस्पताल आया था और जब डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया और इसे पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो यह सभी वहां से ठेले पर शव को लादकर वहां से बिना किसी अनुमति लिए चले गए ।

अस्पताल उपाधीक्षक प्रभात रंजन ने कहा कि देवघर सदर अस्पताल के पास एंबुलेंस और मोक्ष वाहन दोनों है अगर किसी मरीज के द्वारा जरूरत पड़ने पर इसकी मांग की जाती है तो यह मरीजों को दिया जाता है लेकिन कोई मांग नहीं की गई थी और पोस्टमार्टम नहीं कराने को लेकर यह सभी शव को बिना अनुमति लिए यहां से लेकर चले गए।