बीबीएमकेयू धनबाद को नहीं मालूम है कि झारखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री किस पार्टी के नेता है: ऑब्जेक्टिव प्रश्न में ऑप्शन दिया बीजेपी या कांग्रेस


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धनबाद : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) धनबाद को यह नहीं मालूम है कि झारखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री किस दल से संबंधित हैं। सोमवार को पहली पाली में डिग्री (यूजी) सेमेस्टर वन की अंडरस्टैंडिंग इंडिया विषय की परीक्षा में 70वें नंबर प्रश्न में (पेज नंबर 38) पूछा गया कि झारखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री किस दल से संबंधित है, विकल्प ए में कांग्रेस तथा विकल्प बी में भारतीय जनता पार्टी दिया हुआ है।

प्रश्न से परेशान हुए हजारों परीक्षार्थी

धनबाद व बोकारो के हजारों परीक्षार्थी परेशान रहे। महत्वपूर्ण यह है कि अन्य सभी प्रश्नों के उत्तर के रूप में चार विकल्प दिया गया। मुख्यमंत्री वाले प्रश्न में दो ही विकल्प दिया गया। इस कारण परीक्षार्थी असमंजस में रहे। धनबाद व बोकारो के छात्रों ने विवि को इस लापरवाही में जमकर कोसा। बताते चलें कि सोमवार की परीक्षा ओएमआर शीट पर ली गई। सौ नंबर के आब्जेक्टिव प्रश्न पूछे गए। सेमेस्टर वन की परीक्षा मंगलवार को खत्म हो गई। छात्रों ने बताया कि मामले की सूचना परीक्षा हॉल में मौजूद वीक्षकों को दी गई। वीक्षकों ने केंद्राधीक्षकों को बताया। छात्रों ने कहा कि अधिकतर छात्रों पता है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झामुमो के हैं। झामुमो का विकल्प नहीं रहने के कारण काफी संख्या में छात्रों ने कांग्रेस विकल्प पर टिक लगा दिया। वहीं पेज नंबर 41 में प्रश्न संख्या 74 में भी दो विकल्प दिया गया है। अन्य सभी 98 प्रश्न में चार-चार विकल्प था।

कुलपति को व्हाट्सएप से की शिकायत

झारखंड अभिभावक महासंघ के उपाध्यक्ष कुमार मधुरेन्द्र सिंह ने कहा कि मैंने कुलपति को व्हाट्सएप के माध्यम से इस मामले की शिकायत की है। यह बीबीएमकेयू की घोर लापरवाही है। दोनों प्रश्नों में छात्रों को पूरा नंबर मिलना चाहिए। उच्च शिक्षा विभाग का मंत्रालय भी मुख्यमंत्री के पास ही है। उसके बाद भी बीबीएमकेयू धनबाद ने लापरवाही बरती। इसके लिए दोषी व्यक्ति व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो‌

धनबाद रेल मंडल के डीआरएम बदले,आशीष बंसल के जगह अब कमल किशोर सिन्हा होंगे नये डीआरएम

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(डेस्क खबर)

धनबाद: धनबाद रेल मंडल के नए डीआरएम अब कमल किशोर सिन्हा होंगे।मंगलवार की रात पश्चिम मध्य रेलवे के कमल किशोर सिन्हा को धनबाद के डीआरएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को देशभर के कई रेल मंडलों के नए डीआरएम की लिस्ट जारी की। इनमें धनबाद के डीआरएम भी शामिल हैं।

वर्तमान में आशीष बंसल धनबाद रेल मंडल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके दो वर्षों का कार्यकाल पिछले वर्ष अक्टूबर में ही पूरा हो चुका है। अक्टूबर के बाद से ही डीआरएम के स्थानांतरण और नए डीआरएम की घोषणा का इंतजार हो रहा था।

बीच में रेलवे बोर्ड ने डीआरएम पैनल जारी भी किया था, पर उसमें धनबाद शामिल नहीं था। इस बार के पैनल में धनबाद के साथ-साथ पूर्व मध्य रेल के पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व रेलवे के सियालदह डीआरएम भी शामिल हैं। धनबाद डीआरएम अगले सप्ताह पदभार लेंगे।

धनबाद पुलिस हुई हाईटेक,7 थानों में क्यूआर कोड सिस्टम से पुलिस पेट्रोलिंग की हुई शुरुआत

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धनबाद : धनबाद की पुलिसिंग व्यवस्था हाई टेक हुई.क्यूआर कोड के माध्यम से गली मोहल्ले एवं संवेदनशील जगहों पर पुलिस पेट्रोलिंग की जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी।

शनिवार को एसएसपी संजीव कुमार ने क्यूआर कोड लॉन्च करते हुए बताया कि क्यूआर कोड सिस्टम से अब पुलिस की पेट्रोलिंग होगी. शुरुआत में अभी 7 थानों में इस व्यवस्था को लागु किया गया है. उन सात शहरी थानों में धनबाद, धनसार, सरायढेला, बर्वाअड्डा, गोविंदपुर, राजगंज और जोगता थाना शामिल है।

उन्होंने बताया ये क्यआर कोड उन सभी 7 थाना क्षेत्र के डिफरेंट एरिया में लगाया गया है. क्यू आर कोड का यह सिस्टम कंट्रोल रूम से भी जुड़ा रहेगा. इससे पुलिस पेट्रोलिंग पर भी नजर बनी रहेगी.

क्यू आर कोड वाले जगह पर पुलिस टीम के पेट्रोलिंग के लिए पहुंचने पर अपने मोबाइल से क्यू आर कोड को स्कैन करेगी. स्कैन करने पर पुलिस कंट्रोल रुम को स्वत: जानकारी मिल जाएगी कि उक्त स्थान पर पेट्रोलिंग जारी है।

 उन्होंने बताया इस व्यवस्था को आने वाले दिनों में जिला के सभी थाना में भी शुरू किया जाएगा.

एसएसपी ने बताया जिला में ट्रेफिक थाना की संख्या बढ़ाने का भी प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. वर्तमान में एक ही ट्रेफिक थाना है. झरिया, निरसा , कतरास में ट्रेफिक थाना का प्रस्ताव भेजा गया है।

एसएसपी ने बताया की ट्रेफिक नियम के अनुपालन कराने को लेकर जिला में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने के साथ - साथ चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है. ट्रेफिक नियमों का उलंघन करते पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

धनबाद में एक बार फिर जगी हवाई अड्डा की उम्मीद ,आरटीआई के जबाब में केंद्रीय विमानन मंत्रालय ने दी जानकारी धनबाद हवाई सेवा के लिए सूचीबद्ध है

 

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धनबाद : हवाईअड्डा को लेकर धनबाद के लोगों की उम्मीद एक बार फिर परवान चढ़ने लगी है. आरटीआई के जबाब में केंद्रीय विमानन मंत्रालय से जुड़ी क्षेत्रीय सम्पर्क योजना (आरसीएस) के महाप्रबंधक अतुल्य अग्रवाल ने कहा है कि हवाई सेवा के लिये धनबाद को हमलोगों ने पहले से सूची बद्ध कर रखा है, लेकिन अभी तक किसी चयनित एयरलाइन ऑपरेटर ने वैध बोली नहीं लगाई है.

जब भी कोई ऑपरेटर सामने आएगा, हवाईअड्डा के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

उन्होंने बताया देश के आम नागरिकों के लिये सस्ती उड़ान योजना 21 अक्टूबर 2016 में शुरू की गई थी, जिसका सुखद परिणाम आज कई छोटे शहरों में भी देखने को मिल रहा है. धनबाद भी उनमें से एक है. यहां भी हवाई सेवा की बेहतर संभावना है.

आरटीआई फाइल करने वाले वार्ड 26 के पूर्व पार्षद निर्मल कुमार मुखर्जी ने बताया कि आरसीएस से जबाब पिछले माह ही आया था. उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र और दर्जनों केंद्रीय संस्थान होने के कारण धनबाद में हवाई सेवा शुरू करने की मांग लगातार हो रही है. मैं उसी कड़ी का हिस्सा हूं. उन्होंने जिले के सांसद और विधायक से भी अपील की है कि राजनीतिक मन मुटाव त्याग कर सूबे के मुख्यमंत्री से बात कर समाधान का रास्ता निकालें. 

ज्ञात हो कि देवघर में हवाई सेवा शुरू होने के बाद से धनबाद में यह मांग जोर पकड़ने लगी है. इसे लेकर सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर जमकर आवाज उठी थी.

झारखंड:तमिलनाडु में मजदूरों पर हो रहे है हमले के बीच मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान,झारखंड के मजदूरों को लाने के लिए टीम रवाना।


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झारखंड: चेन्नई के कुछ स्थानों से इंटरनेट पर वीभत्स वीडियो वायरल होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के प्रवासी मजदूरों के तमिलनाडु में फंसे होने पर संज्ञान लिया है। इसके लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गयी है जो इस पूरे मामले पर नजर रखेगी और उन्हें वापस लाने की कोशिश करेगी। इसके लिए एक टीम तमिलनाडु भी भेजी जा रही है। चेन्नई से वापस लौटे कई मजदूरों ने बताया है कि तमिलनाडु में कई जगहों पर हिंदी भाषी लोगों पर हमले बढ़े हैं।

सदन में भी गूंजी मजदूरों की आवाज

तमिलनाडु में फंसे झारखंड के मजदूरों की आवाज सदन में भी गूंजी। गोमिया विधायक लंबोदर महतो ने विधानसभा में यह जानकारी दी कि झारखंड के मजदूर तमिलनाडु में फंसे हैं। हिंदी भाषी क्षेत्र के लोगों के साथ तमिलनाडु में दुर्व्यवहार हो रहा है। उनके साथ मारपीट की जा रही है। तमिलनाडु के कांचीपुरम के किल्लूर गांव में झारखंड के प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की जानकारी मिली।

मजदूरों को भुगतान कराने के बाद सकुशल वापसी का लक्ष्य

सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं हालांकि तमिलनाडु पुलिस इन वीडियो को फेक बता रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित मामले की जांच कर एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से संपर्क स्थापित कर प्रवासी मजदूरों का भुगतान कराते हुए उनको सकुशल वापस अपने राज्य लाया जाए।

कौन - कौन है टीम में शामिल

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के आदेश के बाद झारखंड पुलिस ने राज्य पुलिस के वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी एवं श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने पदाधिकारी, राज्य प्रवासी कंट्रोल रूम की सम्मिलित टीम को मौके पर जाने के लिए रवाना कर दिया है।

धनबाद:बाघमारा में मिठाई दुकानदार पर मारपीट के बाद चलाई गोली,अन्य दुकानदारों ने पकड़ कर किया उसे पुलिज़ के हवाले


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कोयलांचल में अपराधियों के हौसले इतना बुलंद है कि बात बात में गोली चलाकर लोगों की  हत्या करने में नही चूकते।घटना बाघमारा की है। बाघमारा बाजार में शुक्रवार को नारायणी स्वीट्स में घुसकर संचालक ललित चौहान के साथ रेल लाइन पार काली मंदिर के पास रहने वाले सागर कुमार विश्वकर्मा ने मारपीट की। उसके बाद उन पर गोली चला दी। वे बाल-बाल बचे।

फायरिंग की आवाज सुन अन्य दुकानदार दौड़े और आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसके पास से पिस्टल, खोखा, दो कारतूस, मैगजीन, मोबाइल और लोहे का पंजा बरामद किया है।

आरोपी सागर का दुकान मालिक के पुत्र से विवाद है, क्योंकि वह हमले के दौरान बार-बार कह रहा था कि अपने पुत्र को समझा लो। ललित ने पुलिस को बताया कि सागर पहले दुकान आया और धमका कर गया था। फिर 11 बजे स्कूटी से आ गया। उसके हाथ में लोहे का पंजा था, उससे उन पर वार कर दिया। मारपीट करते हुए गोली चला दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले वह बजरंग दल के कार्यक्रमों में भी देखा जाता रहा है। पुलिस ने प्राथमिकी कर ली है। इसमें दुकान में हंगामा और जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का आरोप है। ललित का कहना है कि स्थानीय लोगों की सक्रियता से वह पकड़ा गया। थानेदार सूबेदार कुमार यादव ने कहा कि पिस्टल के साथ आरोपित को गिरफ्तार किया है।

पग्गी हत्याकांड के आरोपी के घर भी फायरिंग

वहीं, जामाडोबा के अयोध्या नगरी मोहल्ले में भी फायरिंग की घटना हुई। मोहल्ले में रहने वाले अजय प्रसाद के पुत्र जिशू रवानी के घर पर पुरानी रंजिश को लेकर गुरुवार की देर रात तीन युवकों ने गोली चलाई। गोली लोहे के दरवाजे में छेद करते हुए अंदर गई।

जोड़ापोखर क्षेत्र के पग्गी हत्याकांड में जिशू भी आरोपी है। जिशू की मां मंजू देवी ने तुरंत जोड़ापोखर थाना को जानकारी दी। पुलिस देर रात घटनास्थल पर पहुंची। वहां से एक खोखा बरामद किया।

मंजू ने बताया कि घटना से आधे घंटे पहले जामाडोबा शास्त्री नगर के रहने वाले मनीष से हमारे बेटे जिशू की फोन पर बकझक हुई थी। कुछ देर बाद ही मनीष शर्मा, कृष्णा साव और आकाश रजक जिशू को जान से मारने की नीयत से घर के दरवाजे पर आए। आवाज लगाकर जिशू को दरवाजा खोलने को कहा। बावजूद हम लोगों ने दरवाजा नहीं खोला तो गोली चला दी। इसके बाद सभी भाग निकले।

इधर, स्थानीय लोगों का कहना है जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के फूसबंगला में रहने वाले पग्गी सिंह की छह अपराधियों ने 2021 में गोली मारकर हत्या की थी। उस हत्याकांड में जिशू पर पर भी आरोप लगा था। दो गुटों की रंजिश में पग्गी की हत्या हुई थी।

*बीसीसीएल कर्मियों को आग प्रभावित क्षेत्र से डेढ़ माह में हटाया जाएगा

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धनबाद : भूमिगत आग प्रभावित क्षेत्र में रह रहे बीसीसीएलकर्मियों को डेढ़ माह के अंदर हटा सुरक्षित इलाकों में क्वार्टर आवंटित करने का निर्देश सीएमडी सीएमडी समीरन दत्ता ने दिया।

गुरुवार को बीसीसीएल जीएम कॉर्डिनेशन बैठक में सीएमडी महाप्रबंधक को इसके लिए डेढ़ माह का अल्टीमेटम दिया।

सूत्रों ने बताया कि झरिया पुनर्वास पर हर महीने कोयला सचिव दो बार समीक्षा कर रहे हैं। 

बीसीसीएल को मंत्रालय की ओर से टास्क दिया गया है कि कंपनी पहले अपने कर्मियों को अग्नि प्रभावित क्षेत्र से हटाए। पहले चरण के सिर्फ 81 क्षेत्रों से ही लगभग 600 बीसीसीएलकर्मियों के परिवार को शिफ्ट करना है। पूरे कोयला क्षेत्र से 9000 से अधिक कर्मी हैं। हालांकि बीसीसीएल के पास जरूरत भर क्वार्टर सुरक्षित क्षेत्र में उपलब्ध है।

फरवरी माह में ही बीसीसीएल ने चालू वित्तीय वर्ष का लक्ष्य हासिल कर लिया है। लक्ष्य हासिल होने के बाद भी कंपनी पर कोयला उत्पादन में वृद्धि का दबाव है। बीसीसीएल को अब चालू वित्तीय वर्ष में कोल इंडिया से 36 मिलियन टन का इंटरनल टार्गेट दिया गया है। इस आधार पर बीसीसीएल को शेष एक माह में प्रतिदिन 1.40 लाख टन कोयला उत्पादन करना होगा।

बता दें पहले बीसीसीएल को 32 मिलियन टन का उत्पादन एवं इतना ही डिस्पैच का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य अब भी वही है लेकिन कोल इंडिया ने इंटरनल टार्गेट देकर बीसीसीएल को 36 मिलियन टन का टास्क दिया है। 36 मिलियन टन के लिए बीसीसीएल को एक माह में तीन मिलियन टन से अधिक कोयला उत्पादन करना होगा। सीएमडी समीरन दत्ता ने उत्पादन के साथ-साथ कोयले की गुणवत्ता पर खास जोर दिया। कहा कि बिना क्रसिंग के एक छटांक कोयला भी डिसपैच नहीं करना है।

धनबाद में राजा और रेंचो की जुगलबंदी ने खूब बटोरीं तालियां, लाफ्टर शो में हंस-हंसकर लोट-पोट हुए श्रोता


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पहले भी आ चुका हूं धनबाद, यहां कला की होती है कद्र : राजा रेंचो

धनबाद : जाना-पहचाना शहर है धनबाद. 2008 में भी यहां शो करने आया था. शांत व खूबसूरत शहर है. कोयलांचल में कला के कद्रदान रहते हैं. लाइफ के हर पल को एंजॉय करते हैं. यहां आकर ऐसा ही लगता है.

 कोयलांचल को काले हीरे की धरती के नाम से जाना जाता है. ऐसा कहते हैं कॉमेडी किंग राजा रेंचो. वह गुरुवार को लॉफ्टर शो से पहले बातचीत कर रहे थे. उन्होंने बताया कि 10 साल की उम्र में पहला कार्यक्रम मुंबई स्थित अपने चॉल में किया था. मेरी मिमिक्री देख चॉल वालों ने एक रुपये दिये थे, जिसे पाकर बहुत खुशी हुई. पांच दशक से इस क्षेत्र से जुड़ा हूं. चॉल में मेरा बचपन बीता. स्कूल में शिक्षक व दोस्तों की नकल किया करता था. सभी मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे. छोटे- छोटे कार्यक्रम करता रहा. चार दशक पहले ऑर्केस्ट्रा की धूम थी. ऐसे कार्यक्रम में मिमिक्री करने के लिए एक मिनट का समय एक आयोजक से मांगा था, लेकिन नहीं मिला. 

इस बात से बहुत आहत हुआ. मौका नहीं मिलने से दुखी था, लेकिन उस दिन प्रण लिया कि एक दिन ऐसा आयेगा कि लोग मेरे शो में आकर ठहाके लगायेंगे. जब लोग लॉफ्टर शो में ठहाके लगाते हैं, असीम सुकून मिलता है.

अभिनेता राजकुमार हैं आइडल

राजा रेंचो बताते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता राजकुमार आइडल हैं. उन्हें देख कर मिमिक्री करना सीखा. पहले मिमिक्री करता था, बाद में लॉफ्टर शो करने लगा. 2006 में लॉफ्टर शो में आया. लोग हंसते हैं, तालियां बजती है. यह मेरे लिए सबसे बड़ा रिवार्ड होता है.

मुंबई में बीता बचपन 

राजा रेंचो के बचपन का नाम राजकुमार जावकर है. मुंबई में ही बचपन बीता. कहते हैं हमारे महाराष्ट्र का गणपति उत्सव बहुत धमाकेदार होता है. हमारे घर में छह दिवसीय गौरी गणेश उत्सव होता है. इसमें हमारे चॉल के लोग आते हैं. सभी मिलकर खूब मस्ती करते हैं. आज भी कभी समय मिलता है, तो चॉल चला जाता हूं.

2002 में मिला मेरा रेंचो

वर्ष 2002 में मुंबई के मैजिशियन से रेंचो मिला. इसके बाद हमारी राजा रेंचो की जोड़ी बनी. बचपन में रेंचो को लेकर बहुत क्रेज था, कि यह गुड्डा बोलता कैसे है. अब तो मेरा बेस्ट फ्रेंड है. रिसोर्ट में काम किया है. वहां से काफी कुछ सीखने को मिला. मेरी नजर में कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है.

2006 जीवन का टर्निंग प्वाइंट था

2006 मेरे जीवन का टर्निंग प्वाइंट था. उसके बाद मुड़कर पीछे नही देखा. अब तक लगभग तीन हजार शो कर चुका हूं. आज भी शो से पहले रिहर्सल करता हूं.

कोयलांचलवासियों को शुक्रिया

 हमें आमंत्रित करने के लिए. काले हीरे की नगरी कोयलांचल की पहचान विश्व स्तर पर है. यहां शो करना हमें भी गौरवान्वित करता है.

बहुत खूबसूरत है धनबाद, यहां के लोग दिल से है अमीर',:-सुनील पाल

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धनबाद : कोयलांचल का धनबाद बहुत ही खूबसूरत शहर है. मैं यहां छह साल पहले भी आया था. आता रहता हूं. इस शहर से मुझे प्यार और लगाव है. मेरे पिता रेलवे में कार्यरत थे.बचपन में मां को सिगड़ी में कोयले से खाना पकाते देखा करता था. यही वजह है कोयले की राजधानी से बचपन से प्यार है. 

धनबाद नाम से धन भी जुड़ा है, यह अमीरों की नगरी है. यहां के वाशिंदे कर्मवीर होने के साथ दिल से भी अमीर हैं. यह कहना है कॉमेडी किंग सुनील पाल का. वह गुरुवार को प्रभात खबर के लाफ्टर शो में भाग लेने आये थे. 

उन्होंने कहा कि इस कोयला नगरी में मुझे बुलाया गया जिसके लिए आयोजक को धन्यबाद. उन्होंने बताया : बचपन में मां मुझे ब्लैक डायमंड कहती थी, और देखिए आज मैं कार्यक्रम के लिए ब्लैक डायमंड सिटी में आ गया. ऐसा लग रहा है जैसे अपनी जन्म भूमि पर आया हूं. 

फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के बारे में पूछने पर कहा कि मैंने यह फिल्म देखी है. इसमें धनबाद को बदनाम करने की कोशिश की गयी है. इसके कैरेक्टर को उग्र और लापरवाह दिखाया गया है. लेकिन प्रेक्टिकल में धनबाद ऐसा नहीं है. मैं यहां जब भी आया हूं सुकून ही मिला. यहां के लोग सतरंगी हैं, तभी तो होली में होली का रंग बिखरने के लिए बुलाया है. 

एक सवाल के जवाब में कहा : आजकल लोग छोटी बातों से भी अवसाद में आ जाते हैं. हमारे शो के जरिये जब लोग ठहाके लगाते हैं, हंसते हैं तो लगता है जीवन सार्थक है. दर्शकों से हमारी हस्ती है, वो हंसते हैं, तो हमारे घर बसते हैं, नहीं तो हम कलाकार बहुत सस्ते हैं.

जॉनी लीवर को मानते हैं महागुरु 

अभी तक देश व विदेश में लगभग तीन हजार शो कर चुके सुनील पाल बताते हैं कि वह फिल्म इंडस्ट्री के कॉमेडियन जॉनी लीवर को अपना आदर्श व महागुरु मानते हैं. कपिल शर्मा, लालू प्रसाद यादव व राहुल गांधी से भी प्रेरित हैं. चंद्रपुर (महाराष्ट्र) में इनका बचपन बीता. जब छठी कक्षा में थे, तब जीवन का पहला कार्यक्रम दिया. इनाम में स्टील का कटोरा मिला था. 1995 में मुंबई आ गये. शाहरुख खान, सोनू निगम, सलमान खान के साथ काम किया.

 आमिर खान के साथ लगान फिल्म को लेकर वल्ड टूर किया. 2005 में लॉफ्टर चैनल में आना जीवन का टर्निंग प्वाइंट मानते हैं. मार्च में सुनील की अगली फिल्म ''गाली-ग्लौज'' आने वाली है. यह कॉमेडी फिल्म है. इसमें डबल मिमिक्री कटाक्ष हैं.

ताजिकिस्तान में फंसे झारखंड के 36 मजदूरो में से 18 की हुई सकुशल वतन वापसी


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धनबाद। ताजिकिस्तान में फंसे झारखंड के 36 मजदूरो में 18 मजदूर ताजिकिस्तान की सकुशल वतन वापसी हुई।सभी 18 मजदूर ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सोमन एयर से पिछले को मंगलवार को दिल्ली पहुंचा।

अपने वतन पहुंचने पर सभी 18 मजदूरों ने दिल्ली पहुंचने पर सबसे पहले ईश्वर का नाम लेते हुए अपने वतन की मिट्टी को चुमा खुलकर सांस लिया।दिल्ली से कुछ मजदूर बस और कुछ मजदूर ट्रेन से अपने-अपने घर पहुंचे। मजदूरों ने वतन वापसी होने पर केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकन्दर अली समेत सारे मिडिया का आभार प्रकट किया।

बताते चले कि झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग, बोकारो,धनबाद जिले के 36 मजदूर जो बिष्णुगढ प्रखंड के खरना निवासी पंचम महतो के माध्यम से टीजीएम कंपनी में काम करने ताजिकिस्तान गये थे।जहां सभी मजदूर बुरी तरह से फंस गये थे।न ही उन्हें ठीक ढंग से खाना दिये जा रहा था न ही उन्हें वेतन दिया जा रहा था।इसी बीच मजदूरों ने पिछले 13 फरवरी को प्रवासी हित में कार्य करने वाले समाज सेवी सिकन्दर अली सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो शेयर कर अपनी पीड़ा को साझा करते हुए वतन वापसी में सहयोग की अपील की थी।इसके बाद केंद्र एवं राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।

 इसके बाद मजदूरों का बकाया मजदूरी का भी भुगतान कराया गया।इसके बाद 18 मजदूर की वतन वापसी करायी गयी। लौटने वाले मजदूरों में गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत तुकतुको के खिरोधर महतो,नागेश्वर चौधरी,रामदेव महतो,औरा के सुखदेव महतो,संतोष कुमार महुरी के गोवर्धन महतो,ढिबरा के जगरनाथ महतो, सरिया प्रखंड के अंतर्गत पिपराडीह के डुमरचंद महतो,डुमरी प्रखंड के अंतर्गत कुलगो के शंकर कुमार महतो.हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर के बालेश्वर महतो,नागी के महेन्द्र महतो,सारूकुदर के टुकामन महतो,नागेश्वर महतो खरना के डेगलाल महतो,महेश महतो बोकारो जिले के गोमियां प्रखंड अंतर्गत हुरलुंग के नारायण महतो,बालेश्वर महतो अशोक कुमार,करतवारी के प्रकाश महतो शामिल हैं।वही दो मजदूर प्रकाश महतो एवं दिनेश महतो की वापसी पूर्व में हो चुकी हैं और अभी 16 मजदूरो का ताजिकिस्तान से वापसी होना बाकी हैं।