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Jul 28 2022, 17:16

यहां डिटेल में जानिए, क्या है बंगाल का शिक्षक भर्ती घोटाला और क्या हैं इसमें ममता बनर्जी के मंत्री पार्थ चटर्जी के कनेक्शन, कैसे हो रही अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से पैसों की बारिश

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। दरअसल, पार्थ चटर्जी को ईडी ने हाल ही में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से ईडी ने अब तक 50 करोड़ रुपए और कई किलो सोना बरामद किया है। पार्थ चटर्जी को बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता हाईकोर्ट ने पिछले दिनों शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। ईडी इस मामले में मनी ट्रेल की जांच कर रही है।

 

यह घोटाला 2014 का है। तब पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमिशन (SSC) ने पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती निकाली थी. यह भर्ती प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई थी। उस वक्त पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे। इस मामले में गड़बड़ी की कई शिकायतें कोलकाता हाईकोर्ट में दाखिल हुई थीं।

टीईटी परीक्षा में फेल उम्मीदवारों को भी मिल गई नौकरी

याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि जिन उम्मीदवारों के नंबर कम थे उन्हें मेरिट लिस्ट में ऊपर स्थान मिला है। कुछ शिकायतें ऐसी भी थीं, जिनमें कहा गया था कि कुछ उम्मीदवारों का मेरिट लिस्ट में नाम न होने पर भी उन्हें नौकरी दे दी गई। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि कुछ ऐसे भी उम्मीदवारों को नौकरी दी गई, जिन्होंने टीईटी परीक्षा भी पास नहीं की थी। जबकि राज्य में शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी की परीक्षा पास होना अनिवार्य है। इसी तरह से राज्य में 2016 में एसएससी द्वारा ग्रुप डी की 13000 भर्ती के मामले में शिकायतें मिली थीं।

हाईकोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद ईडी ने शिक्षक भर्ती और कर्मचारियों की भर्ती के मालमे में मनी ट्रेल की जांच शुरू की थी। सीबीआई ने इस मामले में 18 मई को पार्थ चटर्जी से पूछताछ भी की थी 

कैसे ईडी के निशाने पर आई अर्पिता? 

ईडी ने इस मामले में इस साल मई में जांच शुरू की थी। ईडी ने 22 जुलाई को पार्थ चटर्जी के ठिकानों समेत 14 जगहों पर छापेमारी की थी। पार्थ चटर्जी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी को अर्पिता मुखर्जी की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे। जब पार्थ चटर्जी से अर्पिता की पहचान पूछी गई, तो उन्होंने इस बारे में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इसके बाद ईडी के रडार पर अर्पिता मुखर्जी आ गईं। जब ईडी ने अर्पिता के फ्लैट पर छापा मारा तो करीब 21 करोड़ रुपए कैश, 60 लाख की विदेशी करेंसी, 20 फोन और अन्य दस्तावेज मिले। अर्पिता एक मॉडल हैं वे बंगला और ओडिशा फिल्मों में छोटे मोटे रोल करती रही हैं। इतना ही नहीं अर्पिता पार्थ चटर्जी की दुर्गा पूजा में ब्रांड एंबेसडर रही हैं। 

इसके बाद ईडी ने बुधवार को अर्पिता के दूसरे ठिकानों पर छापा मारा। ईडी को अर्पिता के घर से 27.9 करोड़ रुपए कैश मिला है. इसमें 2000 रुपए और 5000 रुपए के नोटों के बंडल थे। इसके अलावा ईडी को 4.31 करोड़ रुपए का गोल्ड मिला है। इसमें 1-1 किलो की 3 सोने की ईंटें, आधा आधा किलो के 6 सोने के कंगन और अन्य ज्वेलरी शामिल है। इतना ही नहीं इस ठिकाने से एक सोने का पैन भी मिला है 

 रडार पर कौन कौन?

ईडी ने इस मामले में अब तक पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी, टीएमसी विधायक मणिक भट्टाचार्य से पूछताछ की है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के शिक्षा सचिव मनीष जैन से भी सीबीआई ने हाल ही में पूछताछ की थी। इस मामले में राज्य के एक और मंत्री परेश अधिकारी से भी ही में पूछताछ की थी। इस मामले में राज्य के एक और मंत्री परेश अधिकारी से भी पूछताछ हुई थी। इतना ही नहीं उनकी बेटी की टीचर की नौकरी भी चली गई। आरोप है कि अंकिता अधिकारी को नियमों को तांक पर रखकर नौकरी दी गई।

एक हफ्ते में क्या क्या हुआ

22 जुलाई- शिक्षक भर्ती घोटाले में मनी ट्रेल की जांच कर रही ईडी ने पार्थ चटर्जी के आवास समेत 14 ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान ईडी को पार्थ की करीबी अर्पिता मुखर्जी के बारे में जानकारी मिली।

इसके बाद 23 जुलाई को ईडी ने अर्पिता के कोलकाता के टोलीगंज में डायमंड सिटी कॉम्प्लेक्स स्थित फ्लैट में छापा मारा। इसके बाद इस घोटाले से जुड़ा फंड मिला। ईडी ने करीब 21 करोड़ रुपए बरामद किए।

24 जुलाई को ईडी ने अर्पिता और पार्थ को गिरफ्तार कर लिया। दोनों अभी ईडी की कस्टडी में हैं और पूछताछ चल रही है। ईडी की पूछताछ में अर्पिता ने अपनी कुछ संपत्तियों के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद ईडी ने बुधवार को फिर छापेमारी की।

27 अप्रैल को ईडी ने अर्पिता के एक और फ्लैट पर छापा मारा। इस दौरान ईडी को करीब 28 करोड़ कैश और 4.3 करोड़ का गोल्ड बरामद हुआ।


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Jul 28 2022, 17:11

अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा, भारत को नाटो प्लस में जोड़ना चाहता है अमेरिका, चीन का प्रभाव कम करने के लिए यह अमेरिका के हित में ही होगा

अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा है कि अमेरिका, भारत को नाटो प्लस में जोड़ना चाहता है। अगर भारत को नाटो प्लस में शामिल किया जाता है तो देश को अमेरिका के साथ रक्षा-सुरक्षा से आसानी से जोड़ा जा सकेगा। कहा कि ऐसा करने से भारत और अमेरिका के रिश्तों में गहराई आएगी। सांसद रो खन्ना ने कहा कि नाटो प्लस के सदस्यों को रक्षा समझौतों पर त्वरित स्वीकृति मिलती है। गौरतलब है कि आस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, इजरायल व दक्षिण अफ्रीका के साथ अमेरिका पहले ही इस तरह के समझौते कर चुका है।

नाटो प्लस में शामिल हैं पांच देश

नाटो प्लस में शामिल हैं पांच देश

सांसद रो खन्ना ने कहा कि उन्होंने भारत को नाटो प्लास के छठे सदस्य के रूप में जोड़ने की दिशा में कोशिश की है। इस मामले में उनकी पेंटागन के अधिकारियों संग बैठक हुई जिसमें उन्होंने भारत अमेरिकी रक्षा रिश्तों समेत अन्य विषयों पर चर्चा की। सांसद खन्ना ने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने दो साल पहले एक प्रस्ताव पेश किया था और इस पर अभी भी कार्य किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्दी ही इसे पारित करवा दिया जाएगा।

भारत-अमेरिका के बीच गठजोड़ जरूरी

गौरतलब है कि इसी माह 14 जुलाई को अमेरिकी निचले सदन में राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) को भारी बहुमत से मंजूरी मिली थी। इसमें भारत-अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने का प्रस्ताव है। इसे अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने पेश किया था। उन्होंने कहा कि काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट (काटसा) से भारत को राहत देना अमेरिका के हित में है और इससे दोनों देशों की रक्षा साझेदारी और गहरी होगी।

चीन का प्रभाव कम करना दोनों देशों के लिए जरूरी

भारतवंशी सांसद रो खन्ना ने कहा कि अमेरिका और भारत संग मजबूत रक्षा व रणनीति साझेदारी चाहता है। भारत औऱ अमेरिका दोनों ही लोकतांत्रिक देश हैं। चीन औऱ रूस के ऊभार के बीच दोनों देशों के बीच साझेदारी काफी अहम हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन का प्रभाव कम करने के लिए अगर किसी भी तरह से भारत की मदद की जाएगी तो वह अमेरिका के हित में ही होगा। अमेरिका चीन के इस क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए भारत के साथ रक्षा साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। ऐसे में अगर भारत को मजबूत बनाया जाएगा तो चीन पर दवाब बनेगा।

सुरक्षा का बड़ा गारंटर अमेरिका

उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि सुरक्षा का सबसे बड़ा गारंटर अमेरिका रहा है। कुछ साल पहले अमेरिका ने उन सीमा पर हुई झड़पों में भारत की मदद की थी। इसलिए मेरे ख्याल से अमेरिका-भारत का गठजोड़ दोनों देशों के हित में है। खन्ना ने यह भी कहा कि अमेरिका भारत को रूसी सैन्य निर्यात पर अपनी निर्भरता कम करने का विकल्प भी प्रदान करेगा। कहा कि सीएएटीएसए या काटसा के जरिए भारत को काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज एक्ट से छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। बताया कि वे देशी संबंध समिति के अध्यक्ष इलियट एंगल के साथ मिलकर भारत को नाटो के बराबर का दर्जा देने के लिए काम कर रहे हैं।


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Jul 28 2022, 17:11

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के सरकार से 10 सवाल, कहा- जो सवाल संसद में नहीं पूछने दिए जा रहे, उन्हें यहां पूछ रहा हूं

महंगाई जैसे मुद्दों पर संसद में पक्ष विपक्ष के बीच सवाल जवाब और हंगामा लगातार जारी है। कांग्रेस सरकार पर संसद में चर्चा न करने का आरोप लगा रही है। ऐसे में राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार को चर्चा करने की मांग करते हुए कुछ सवाल पूछे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा है कि, संसद में जो सवाल पूछने नहीं दिए जा रहे हैं, उन्हें यहां पूछ रहा हूं। सवालों की लिस्ट बहुत लम्बी है, कांग्रेस पार्टी को डराने-धमकाने से आपकी जवाबदेही खत्म नहीं हो जाएगी। हम जनता की आवाज हैं और उनके मुद्दे उठाते रहेंगे। गौरतलब है कि इस सत्र में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल जीएसटी में वृद्धि, महंगाई व अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दबाब बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के तहत सांसदों ने संसद में प्रदर्शन किया, जिसके बाद कुल 23 सासंद निलंबित भी हुए हैं।

इसी सिलसिले में आज राहुल गांधी ने कहा, ‘मानसून सत्र में हम प्रधानमंत्री जी से जनता के मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। जनता के कई सवाल थे जिनके जवाब प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को देने थे लेकिन उनकी तानाशाही देखिए, सवाल पूछने पर प्रधानमंत्री इतने नाराज़ हो गए कि 57 सांसदों को गिरफ़्तार करवा दिया और 23 को निलंबित भी। ख़ैर, जो सवाल पूछने नहीं दिए जा रहे, वो यहां पूछ रहा हूं ‘राजा’ से।

इन सवालों के बाद राहुल गांधी ने आगे लिखा, सवालों की लिस्ट बहुत लम्बी है लेकिन पहले प्रधानमंत्री जी मेरे इन 10 सवालों का जवाब दे दें। कांग्रेस पार्टी को डराने-धमकाने से आपकी जवाबदेही ख़त्म नहीं हो जाएगी, हम जनता की आवाज़ हैं और उनके मुद्दे उठाते रहेंगे।

राहुल के दस सवाल

1. 45 सालों में आज सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी क्यों है? हर साल 2 करोड़ रोज़गार देने के वादे का क्या हुआ?

2. जनता के रोज़मर्रा के खाने-पीने की चीज़ों जैसे दही-अनाज पर GST लगा कर, उनसे दो वक़्त की रोटी क्यों छीन रहे हैं?

3. खाने का तेल, पेट्रोल-डीज़ल और सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं, जनता को राहत कब मिलेगी?

4. डॉलर के मुकाबले रूपए की कीमत 80 पार क्यों हो गई?

5. आर्मी में 2 सालों से एक भी भर्ती नहीं करके, सरकार अब ‘अग्निपथ’ योजना लायी है, युवाओं को 4 साल के ठेके पर ‘अग्निवीर’ बनने पर मजबूर क्यों किया जा रहा है?

6. लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना, हमारी सीमा में घुस चुकी है, आप चुप क्यों हैं और आप क्या कर रहे हैं?

7. फसल बीमा से इंश्योरेंस कंपनियों को ₹40,000 करोड़ का फायदा करवा दिया, मगर 2022 तक किसानों की ‘आय दोगुनी’ करने के अपने वादे पर चुप, क्यों?

8. किसान को सही MSP के वादे का क्या हुआ? और किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवज़ा मिलने का क्या हुआ?

9. वरिष्ठ नागरिकों के रेल टिकट में मिलने वाली 50% छूट को बंद क्यों किया? जब अपने प्रचार पर इतना पैसा खर्च कर सकते हैं तो, बुज़ुर्गों को छूट देने के लिए पैसे क्यों नहीं हैं?

10. केंद्र सरकार पर 2014 में 56 लाख करोड़ कर्ज़ था, वो अब बढ़ कर 139 लाख करोड़ हो गया है, और मार्च 2023 तक 156 लाख करोड़ हो जाएगा, आप देश को कर्ज़ में क्यों डुबा रहे हैं?


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Jul 28 2022, 17:10

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के सरकार से 10 सवाल, कहा- जो सवाल संसद में नहीं पूछने दिए जा रहे, उन्हें यहां पूछ रहा हूं

महंगाई जैसे मुद्दों पर संसद में पक्ष विपक्ष के बीच सवाल जवाब और हंगामा लगातार जारी है। कांग्रेस सरकार पर संसद में चर्चा न करने का आरोप लगा रही है। ऐसे में राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार को चर्चा करने की मांग करते हुए कुछ सवाल पूछे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा है कि, संसद में जो सवाल पूछने नहीं दिए जा रहे हैं, उन्हें यहां पूछ रहा हूं। सवालों की लिस्ट बहुत लम्बी है, कांग्रेस पार्टी को डराने-धमकाने से आपकी जवाबदेही खत्म नहीं हो जाएगी। हम जनता की आवाज हैं और उनके मुद्दे उठाते रहेंगे। गौरतलब है कि इस सत्र में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल जीएसटी में वृद्धि, महंगाई व अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दबाब बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के तहत सांसदों ने संसद में प्रदर्शन किया, जिसके बाद कुल 23 सासंद निलंबित भी हुए हैं।

इसी सिलसिले में आज राहुल गांधी ने कहा, ‘मानसून सत्र में हम प्रधानमंत्री जी से जनता के मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। जनता के कई सवाल थे जिनके जवाब प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को देने थे लेकिन उनकी तानाशाही देखिए, सवाल पूछने पर प्रधानमंत्री इतने नाराज़ हो गए कि 57 सांसदों को गिरफ़्तार करवा दिया और 23 को निलंबित भी। ख़ैर, जो सवाल पूछने नहीं दिए जा रहे, वो यहां पूछ रहा हूं ‘राजा’ से।

इन सवालों के बाद राहुल गांधी ने आगे लिखा, सवालों की लिस्ट बहुत लम्बी है लेकिन पहले प्रधानमंत्री जी मेरे इन 10 सवालों का जवाब दे दें। कांग्रेस पार्टी को डराने-धमकाने से आपकी जवाबदेही ख़त्म नहीं हो जाएगी, हम जनता की आवाज़ हैं और उनके मुद्दे उठाते रहेंगे।

राहुल के दस सवाल

1. 45 सालों में आज सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी क्यों है? हर साल 2 करोड़ रोज़गार देने के वादे का क्या हुआ?

2. जनता के रोज़मर्रा के खाने-पीने की चीज़ों जैसे दही-अनाज पर GST लगा कर, उनसे दो वक़्त की रोटी क्यों छीन रहे हैं?

3. खाने का तेल, पेट्रोल-डीज़ल और सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं, जनता को राहत कब मिलेगी?

4. डॉलर के मुकाबले रूपए की कीमत 80 पार क्यों हो गई?

5. आर्मी में 2 सालों से एक भी भर्ती नहीं करके, सरकार अब ‘अग्निपथ’ योजना लायी है, युवाओं को 4 साल के ठेके पर ‘अग्निवीर’ बनने पर मजबूर क्यों किया जा रहा है?

6. लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना, हमारी सीमा में घुस चुकी है, आप चुप क्यों हैं और आप क्या कर रहे हैं?

7. फसल बीमा से इंश्योरेंस कंपनियों को ₹40,000 करोड़ का फायदा करवा दिया, मगर 2022 तक किसानों की ‘आय दोगुनी’ करने के अपने वादे पर चुप, क्यों?

8. किसान को सही MSP के वादे का क्या हुआ? और किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवज़ा मिलने का क्या हुआ?

9. वरिष्ठ नागरिकों के रेल टिकट में मिलने वाली 50% छूट को बंद क्यों किया? जब अपने प्रचार पर इतना पैसा खर्च कर सकते हैं तो, बुज़ुर्गों को छूट देने के लिए पैसे क्यों नहीं हैं?

10. केंद्र सरकार पर 2014 में 56 लाख करोड़ कर्ज़ था, वो अब बढ़ कर 139 लाख करोड़ हो गया है, और मार्च 2023 तक 156 लाख करोड़ हो जाएगा, आप देश को कर्ज़ में क्यों डुबा रहे हैं?


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Jul 28 2022, 17:02

भारत-चीन बॉर्डर पर चीन की नापाक हरकतों को देखते हुए भारत ने बढ़ाई लद्दाख क्षेत्र के पूर्वी हिस्से के पास अपनी सैन्य उपस्थिति

भारत S-400 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों को भी तैनात करने की तैयारी में

 भारत-चीन बॉर्डर पर चीन की नापाक हरकतों को देखते हुए भारत लद्दाख क्षेत्र के पूर्वी हिस्से के पास अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। भारत ने पिछले हफ्तों में अपनी अतिरिक्त विमानन इकाइयों को चीन से सटे लद्दाख बॉर्डर पर भेजा है। भारत S-400 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों को भी तैनात करने की तैयारी में है। 

दोनों देशों के मध्य हाल ही में हुई कोर कमांडर स्तर की बैठकों के बाद भी चीनी लड़ाकू जेट भारतीय सैनिकों को परेशान करने में लगे हुए हैं। चीनी जेट्स को कई बार वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के काफी करीब उड़ान भरते देखा गया है। पिछले तीन से चार हफ्तों में, चीनी लड़ाकू विमान नियमित रूप से LAC के पास उड़ान भर रहे हैं। अपने इस कदम के माध्यम से चीन लद्दाख क्षेत्र की भारतीय रक्षा प्रणाली का परीक्षण करने की कोशिश कर रहा है। 

एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि जब भी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के लड़ाकू विमान लद्दाख सीमा के करीबी इलाकों में देखे जाते हैं, तो भारतीय सेना तुरंत मुंहतोड़ जवाब देती है। भारतीय वायु सेना ने हाल ही में फ्रांस से खरीदे नवीनतम मल्टी-पर्पस कॉम्बैट एयरक्राफ्ट राफेल को लद्दाख की पूर्वी बॉर्डर के पास तैनात किया है।  

इसी बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में सूचित किया कि भारत ने चीन, पाकिस्तान, म्यांमार और बांग्लादेश तक हर मौसम में मदद पहुंचाने के उद्देश्य से 5 वर्षों में सड़क निर्माण पर करीब 20,700 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। रक्षा राज्य मंत्री ने सड़क की लंबाई का विवरण देते हुए राज्यसभा में कहा कि सरकार ने 15,477.06 करोड़ रुपए की लागत से चीन के साथ सीमा पर 2,088.57 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया। 

इसके अलावा पिछले 5 वर्षों में भारत ने पाकिस्तान के साथ सीमा पर 1,336.09 किलोमीटर सड़क बनाने के लिए 4,242.38 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि म्यांमार के साथ सीमा पर 151.15 किलोमीटर सड़क बनाने के लिए 882.52 करोड़ रुपये खर्च किए।


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Jul 28 2022, 16:37

#mamatabanerjeeremovesparthachatterjee 

बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी पर गिरी गाज, ममता बनर्जी ने मंत्री पद छिना

बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी पर गाज गिरी है। बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्री पद से हटा दिया है। ईडी की गिरफ्तारी के बाद से पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटाए जाने की मांग उठ रही थी। इस बीच आज ममता बनर्जी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई। इस बैठक के कुछ ही देर बाद मंत्री पद से हटाए जाने संबंधी आदेश जारी किया गया।

पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के छह दिन बाद उन पर ममता बनर्जी ने कार्रवाई की है। तीनों मंत्रालयों से हटाया गया है।इससे पहले पार्थ के इस्तीफे को लेकर जिस तरह से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में अंदर ही सुर उठने लगे थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही पार्थ चटर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने अहम बैठक की। 

केद्रीय एजेंसी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने 23 जुलाई को पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी से ठीक पहले एजेंसी ने अर्पिता मुखर्जी के आवास से करीब 21 करोड़ रुपये बरामद किए थे। सरकारी स्कूलों और सहायता प्राप्त स्कूलों में हुए कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के वक्त पार्थ चटर्जी के पास शिक्षा विभाग का प्रभार था। बाद में उनसे यह विभाग ले लिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता के आरोपों की जांच कर रहा है।

ईडी ने पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर अर्पिता मुखर्जी के चार ठिकानों को खंगाला है। कमरों के अलावा वॉश रूम में भी नकदी छिपाकर रखी गई थी। अब तक 53 करोड़ से ज्यादा की नकदी और सोना व डॉलर आदि मिले हैं।


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Jul 28 2022, 16:35

भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर गिरा मलबा और बोल्डर, बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बाधित, चमोली के ग्रामीण क्षेत्रों की 40 सड़कें बंद 

बदरीनाथ हाईवे पर गुरुवार सुबह मलबा और बोल्डर गिरने से आवागमन बंद हो गया है। जिसके चलते बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा रुकी हुई है। बदरीनाथ हाईवे के खुलने पर यात्रा शुरु होगी। हाईवे खोलने का काम अभी जारी है।

वहीं, भारी बारिश से चमोली जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों की 40 सड़कें बंद हैं। ग्रामीणों को गांव तक जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं, सड़कें बंद होने से बीमार और स्कूली छात्र-छात्राओं को आवाजाही में परेशानी हो रही है। ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से बदरीनाथ हाईवे कई जगहों पर सुगम तो हो गया है लेकिन पागल नाला में हाईवे आज भी बदहाल है। यहां हल्की बारिश होने पर ही मलबा हाईवे पर आ रहा है जिससे यातायात बाधित हो रहा है।

यहां नाले में अभी भी बोल्डर अटके हैं जो कभी भी हाईवे को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत एनएचआईडीसीएल ने पागल नाला में पुल निर्माण का प्रस्ताव रखा है लेकिन इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पीपलकोटी से करीब नौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित पागल नाला टंगणी गांव के समीप स्थित है। वर्ष 2016 से यहां भूस्खलन हो रहा है। तब हाईवे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के पास था।

बीआरओ ने हाईवे सुचारु करने के लिए नाले के मलबे को टंगणी गांव के खेतों में डाल दिया। अब ये खेत भी भूस्खलन की चपेट में हैं। यहां हल्की बारिश होने पर भी पागल नाला में मलबा और बोल्डर आ रहे हैं। हाईवे बंद होने से सेना, तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को हो रही आवाजाही में दिक्कतें होती हैं।

इधर, एनएचआईडीसीएल के प्रबंधक संदीप कार्की का कहना है कि पागल नाला में करीब 300 मीटर लंबा पुल स्थापित किया जाएगा। इसकी डीपीआर बन रही है। इसमें छह माह का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष जनवरी माह से पुल निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

उधर, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। बीआरओ की मशीनें पहुंच गई हैं, लेकिन पत्थर लगातार गिर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब पत्थर गिरने रुकेंगे तो हाइवे को खोलने का काम शुरु किया जाएगा।


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Jul 28 2022, 16:34

#mamatabanerjeeremovesparthachatterjee 

बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी पर गिरी गाज, ममता बनर्जी ने मंत्री पद छिना

बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी पर गाज गिरी है। बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्री पद से हटा दिया है। ईडी की गिरफ्तारी के बाद से पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटाए जाने की मांग उठ रही थी। इस बीच आज ममता बनर्जी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई। इस बैठक के कुछ ही देर बाद मंत्री पद से हटाए जाने संबंधी आदेश जारी किया गया।

पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के छह दिन बाद उन पर ममता बनर्जी ने कार्रवाई की है। तीनों मंत्रालयों से हटाया गया है।इससे पहले पार्थ के इस्तीफे को लेकर जिस तरह से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में अंदर ही सुर उठने लगे थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही पार्थ चटर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने अहम बैठक की। 

केद्रीय एजेंसी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने 23 जुलाई को पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी से ठीक पहले एजेंसी ने अर्पिता मुखर्जी के आवास से करीब 21 करोड़ रुपये बरामद किए थे। सरकारी स्कूलों और सहायता प्राप्त स्कूलों में हुए कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के वक्त पार्थ चटर्जी के पास शिक्षा विभाग का प्रभार था। बाद में उनसे यह विभाग ले लिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता के आरोपों की जांच कर रहा है।

ईडी ने पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर अर्पिता मुखर्जी के चार ठिकानों को खंगाला है। कमरों के अलावा वॉश रूम में भी नकदी छिपाकर रखी गई थी। अब तक 53 करोड़ से ज्यादा की नकदी और सोना व डॉलर आदि मिले हैं।


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Jul 28 2022, 16:01

#adhirranjanchowdhurysayswillapologiesto_president

अधीर रंजन चौधरी बोले-राष्ट्रपति से मिलकर मांगूंगा माफी, इन पाखंडियों से नहीं

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के एक बयान पर बवाल मचा हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर कांग्रेस नेता के बयान पर आज संसद में पूरे समय बवाल मचा रहा। इसी बीच अधीर रंजन ने अब बयान दिया है कि वे राष्ट्रपति मुर्मू से माफी मांगेंगे। लेकिन इन पाखंडियों से माफी नहीं मांगेंगे।

अधीर रंजन चौधरी ने संसद में अपने बयान पर गलती मांगी और कहा कि वो सपने में भी राष्ट्रपति के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। हालांकि उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति से निजी तौर पर मुलाकात करके माफी मांगेंगे। भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि वो पाखंडियों से माफी नहीं मांगेंगे।

हिन्दी कम जानने के कारण हुई गलती-अधीर

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि, जब रिपोर्टर ने टोका तो मैं भीड़ में सुन नहीं पाया, चूक हुई है। तीन बार मैंने राष्ट्रपति कहा और एक बार राष्ट्रपत्नी निकल गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर माफी मांगूंगा। मैंने परसों का समय मांगा है, लेकिन इन पाखंडियों से माफी नहीं मांगूंगा। मुझसे चूक हुई है। मैं बंगाली हूं, हिंदी में आदि नहीं हूं। उस शोर में मैं रिपोर्टर का टोकना समझ नहीं सका

अधीर ने क्या कहा है

दरअसल, विजय चौक पर बुधवार को कांग्रेस सांसदों के साथ धरने पर बैठे अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 'धरना देंगे। मार्च करेंगे। अभी बहुत कुछ करना बाकी है। राष्ट्रपति भवन आज भी जाने की कोशिश करेंगे। हिंदुस्तान की राष्ट्रपत्नी जी सबके लिए हैं। हमारे लिए क्यों नहीं?' इस बयान के बाद अधीर रंजन घिर गए और भाजपा उन पर हमलावर हो गई है।


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Jul 28 2022, 14:36

#soniagandhismritiiranicamefaceto_face 

अधीर रंजन के बयान पर सोनिया-स्मृति आमने-सामने, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- Don't Talk to Me, निर्मला सीतारमण ने सुनाया पूरा किस्‍सा

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा आपत्तिजनक बयान पर राजनीति तेज हो गई है। इसको लेलकर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने है। गुरुवार को इस मामले में लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। वहीं सोनिया गांधी को लेकर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाया है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जहां सोनिया गांधी से माफी की मांग की तो वहीं कांग्रेस के सांसद भी जमकर हंगामा करने लगे। इन सब के बीच विवाद उस समय और बढ़ गया जब सोनिया गांधी और स्मृति ईरानी के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा सोनिया गांधी ने भाजपा सांसदों से धमकी भरे लहजे में बात की। उन्होंने कहा सदन में जब बीजेपी सांसद रमा देवा से सोनिया गांधी की बात हो रही थी तो उस समय हमारी एक और सांसद वहां पहुंच गईं और पूछा कि क्या हो गया? तो उस वक्त कांग्रेस अध्यक्ष ने धमकी भरे लहजे में उन्हें कहा- Don't talk to me।

सोनिया गांधी का धमकी भरा लहजा!

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा की कार्यवाही के स्थगित होने के बाद बीजेपी के सांसद 'सोनिया गांधी माफी मांगो' का नारा लगा रहे थे। ये नारा 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही लग रही थी। जब सदन स्थगित हो गया तो सोनिया गांधी सदन से बाहर जा रही थीं। लेकिन नारेबाजी के बीच सोनिया गांधी वापस लौट कर बीजेपी सांसद रमा देवी के पास गईं और कहा किमेरा नाम क्यों लिया जा रहा है, अधीर रंजन चौधरी ने तो माफी मांग ली है। इसी बीच रमा देवी के पास खड़ी स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी से कहा कि मैम मैंने आपका नाम लिया था। इसपर सोनिया भड़क गईं और स्मृति को डांट लगाते हुए कहा कि Don't talk to me, इसके बाद स्मृति और सोनिया गांधी के बीच तीखी बहस हुई। ये बहस 2 से 3 मिनट चली।

इसमें सोनिया गांधी को क्यों घसीटा जा रहा है- अधीर

इस बीच अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “मैं राष्ट्रपति का अपमान करने के बारे में सोच भी नहीं सकता। यह सिर्फ एक गलती थी। अगर राष्ट्रपति को बुरा लगा तो मैं व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलूंगा और माफी मांगूंगा। वे चाहें तो मुझे फांसी दे सकते हैं। मैं सजा भुगतने को तैयार हूं लेकिन उन्हें (सोनिया गांधी) इसमें क्यों घसीटा जा रहा है?

सोनिया जी की अध्यक्षता में मूल्यविहीन एवं संविधान को चोट पहुंचाने वाला काम-स्मृति ईरानी

इससे पहले स्मृति ईरानी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला था। स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस ने सोनिया जी की अध्यक्षता में ये संस्कार और मूल्यविहीन एवं संविधान को चोट पहुंचाने वाला काम किया है। संसद में और सड़क पर कांग्रेस और उनके नेताओं को देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी और देश से माफी मांगनी चाहिए। स्मृति ईरानी ने कहा कि जब से द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में घोषित हुआ तब से ही द्रौपदी मुर्मू कांग्रेस पार्टी की घृणा और उपहास का शिकार बनीं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें कठपुतली कहा। कांग्रेस आज भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही कि एक आदिवासी महिला इस देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित कर रही हैं।