lucknow

Nov 24 2021, 20:40

फीडिंग कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम कन्नौज। फार्मों में गलती
फीडिंग कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम कन्नौज। फार्मों में गलती या किसी अन्य बीहड़ों पर सूचना न भरे होने के आधार पर फार्म को निरस्त न किया जायें। एईआरओ0 को सूचना होने के उपरांत भी उपस्थित न होने की दशा में कड़ी चेतावनी। उक्त सख्त निर्देश व चेतावनी आज जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र एवं अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से तहसील तिर्वा छिबरामऊ एवं कन्नौज में मतदाता पंजीकरण के कार्यों का जायजा लेते हुए उपस्थित अधिकारियों को दिए। उन्होंने तहसील पर बीएलओ स्तर से आये कुल फार्मों का अवलोकन किया जिसमें महिला मतदाताओं के एवं 18 वर्ष पूर्ण करने वाले छात्र छात्राओं का प्रतिशत औसत से कम होने की दशा में शीघ्र कार्यवाही करते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाने हेतु विशेष अभियान में इस सप्ताह शत प्रतिशत रूप से सर्वे बीएलओ के माध्यम से कराकर फॉर्म 06, 07 व 08 को समय से फीडिंग कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाता पंजीकरण कक्ष में चल रहे फॉर्म फीडिंग कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया एवं फीडिंग में तेजी लाये जाने के साथ ही ईआरओ नेट के माध्यम से बूथों का सत्यापन शत प्रतिशत पूर्ण कराये जाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तहसील पर जमा हुए कुल फॉर्म 06, 07 व 08 में 18 वर्ष पूर्ण कर चुके छात्र एवं छात्राओं सहित महिला मतदाता को बढ़ाने हेतु प्राप्त फॉर्म का आंकड़ा संरक्षित करने के निर्देश संवंधित उपजिलाधिकारी को दिए। उन्होंने तहसील छिबरामऊ में पंजिका का अवलोकन किया जहां पर पंजिका पूर्ण न होने की दशा में कड़ी नाराजगी जताते हुए आज ही पंजिका पूर्ण कर कर पूर्ण ब्यौरे के साथ मुख्यालय उपस्थित होने के सख्त निर्देश तहसीलदार छिबरामऊ को दिए। उन्होंने फॉर्म निरस्तीकरण के संबंध में निर्देश दिये कि कोई भी फॉर्म यद्यपि ऑनलाइन अथवा ऑफ़लाइन माध्यम से प्राप्त फॉर्म में किसी भी सूचना के अभाव में, भाग संख्या आदि के न भरे होने की दशा में फॉर्म को निरस्त न करते हुए संवंधित फॉर्म को संबंधित बीएलओ के माध्यम से पूर्ण कराते हुए मतदाता पंजीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने गरुण एप पर भी नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील सदर में भी चल रहे मतदाता पंजिकरण कार्य का अवलोकन किया एवं पंजिका में अंकन की व्यवस्था सही पाई। उन्होंने इसी क्रम में मतदाता पंजीकरण के फर्मों के ऑनलाइन फीडिंग के साथ ही उसको प्रोसेस करते हुए वेबसाइट से निकली चेकलिस्ट पर संबंधित बीएलओ के साथ ही आवेदन कर्ता के भी हस्ताक्षर कर सुरक्षित किये जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर संबंधित उपजिलाधिकारी, संबंधित तहसीलदार सहित अन्य तहसील कर्मचारी उपस्थित थे।

lucknow

Nov 24 2021, 20:38

राजधानी में मिलें डेंगू 10 नए मरीज,5 घरों को नोटिस जारी लखनऊ। राजधानी में बुध
राजधानी में मिलें डेंगू 10 नए मरीज,5 घरों को नोटिस जारी लखनऊ। राजधानी में बुधवार को डेंगू 10 नए मरीज मिलें। यह मरीज इन्दिरानगर, अलीगंज, एनके रोड, टूडियागंज, चन्दरनगर, सिल्वर जुबली, रेडक्रास, बीकेटी,में पाये गये। सीएमओ के निर्देशानुसार नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीम ने बताया घर के आस-पास पानी जमा न होने, पानी से भरे हुए बर्तनों एवं टंिकयों को ढक कर रखने, कुछ समय अन्तराल पर कूलर को खाली करके साफ कपडे से पोछ कर सूखा एवं साफ करने के बाद ही पुनः प्रयोग में लाने, पूरी बाह के कपडे पहनने, बच्चों को घर से बाहर न निकलने एवं मच्छर रोधी क्रीम लगाने एवं मच्छरदानी में रहने तथा डेंगू एवं मच्छर जनित रोगो से बचाव के लिए ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ सम्बन्धी स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी। वहीं खरिका प्रथम, आलमनगर, बालागंज, त्रिवेणीनगर, फैजुल्लागंज, इन्दिरानगर वार्ड के आस-पास के क्षेत्रों का दौरा किया गया। बुधवार को कुल 4077 घरों तथा विभिन्न मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल पांच घर में मच्छरजनित स्थितियां पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया। वहीं दूसरी तरफ जीका वायरस रोगियों के क्षेत्रान्तर्गत नगर सामुदायिक स्वासथ्य केन्द्र रेडक्रास,की टीम द्वारा सफदलबाग/कुर्मी टोला क्षेत्र में कुल 18 टीमों द्वारा 415 घरों में 2368 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया। सीएचसी चन्दरनगर, आलमबाग,की टीम द्वारा एलडीए कालोनी क्षेत्र में कुल 12 टीमों के माध्यम से द्वारा 181 घरों में 905 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया तथा आजादनगर क्षेत्र में कुल 12 टीमों के माध्यम से द्वारा 210 घरों में 1043 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान क्षेत्र में सोर्स रिडक्शन के अन्तर्गत नगर मलेरिया इकाई की टीम द्वारा एण्टी लार्वा का छिडकाव तथा नगर निगम की टीम द्वारा फांगिग का कार्य कराया गया।

lucknow

Nov 24 2021, 20:36

अधिवक्ताओं ने भरी हुंकार आगरा में जल्द स्थापित हो हाईकोर्ट खंडपीठ आगरा। ताजनगरी
अधिवक्ताओं ने भरी हुंकार आगरा में जल्द स्थापित हो हाईकोर्ट खंडपीठ आगरा। ताजनगरी में हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग को लेकर दीवानी कचहरी में 26 सितंबर 2001 को अधिवक्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज के 20 वर्ष बाद भी मांग पूरी नहीं हो सकी है। अधिवक्ताओं का संघर्ष जारी है। अधिवक्ताओं का कहना है कि आगरा में हाईकोर्ट की स्थापनी की गई थी। आज खंडपीठ के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हमने इस मामले में अधिवक्ताओं की नब्ज टटोली तो उनका आक्रोश बाहर आ गया। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं यूनाइटेड बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष प्रमोद लवानियां का कहना है कि हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। खंडपीठ स्थापना के लिए कई बार प्रदर्शन भी हो चुके हैं। यदि जनप्रतिनिधि सच्चे मन से साथ दें तो खंडपीठ की स्थापना में बहुत देर नहीं लगेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने कहा कि सांसद और विधायक आगरा में तो आवाज उठाते हैं, लेकिन दिल्ली और लखनऊ में खामोश रहते हैं। यदि सांसद लोकसभा और विधायक विधानसभा में मुद्दा उठाएं तो आंदोलन को बल मिले। वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार कुशवाहा ने कहा कि जसवंत सिंह आयोग ने स्पष्ट कहा था कि खंडपीठ की स्थापना आगरा में होनी चाहिए। आयोग सरकार ने बनाया था। 35 साल पहले आई रिपोर्ट को आगरा के जनप्रतिनिधि लागू नहीं करा पाए। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अधिवक्ता सहयोग समिति के कोषाध्यक्ष कृपाल सिंह वर्मा ने कहा कि खंडपीठ आंदोलन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका नगण्य है। सभी सांसद और विधायक कहते हैं कि वे आगरा में खंडपीठ स्थापना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए जो काम उन्हें करना है, वह नहीं करते। सरकार पर दबाव नहीं बनाते, संसद और विधानसभा में आवाज नहीं उठाते। वरिष्ठ अधिवक्ता ललित नारायण सिंह कुशवाह का कहना था कि खंडपीठ पर जनप्रतिनिधि सिर्फ बातें कर रहे हैं। उन्हें सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। उन्हें लोगों की पीड़ा समझनी चाहिए जो मुकदमों की पैरवी के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं।

lucknow

Nov 24 2021, 20:34

गूंगी बहरी सरकार को जगाने 27 को निकालेंगे मशाल जुलूस: विनोद इलाहाबादी ●प्रदेश के
गूंगी बहरी सरकार को जगाने 27 को निकालेंगे मशाल जुलूस: विनोद इलाहाबादी ●प्रदेश के मुख्यमंत्री को बताएंगे अपनी न्यायोचित मांगों की पीड़ा]● आगरा। आज कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश जिलाध्यक्ष डॉ महेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में प्रस्तावित आंदोलन दिनांक 27 नवंबर को मशाल जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पूर्ण करने हेतु दिए जाने वाले ज्ञापन की तैयारी जोर शोर से चल रही है। ऐसा लगता है कि अबकी बार पदाधिकारी सरकार को जगा कर ही मानेंगे। जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य ओषधी प्रभारी अधिकारी कक्ष कर्मचारी साथियों साथ संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी विनोद इलाहाबादी, प्रांतीय सचिव राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, उप्र स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ जिलाध्यक्ष राजकुमार विद्यार्थी, संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद जिलामंत्री वीरेन्द्र कुमार वार्ष्णेय, महासंघ मण्डल संगठनमंत्री बोबी नरबार, अध्यक्ष चेयरमैन संघर्ष समिति राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अजय शर्मा, महासंघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रोहित लवानियां, महानगर महामंत्री सौनू चौहान, सचिव अनिल राजौरिया, उपाध्यक्ष सुमित चौहान, कान्हा ठाकुर आदि ने पुरजोर तरीके से सरकार के कर्मचारी विरोधी हठधर्मिता का खुलकर विरोध करते हुऐ कहा कि अब कर्मचारी आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हो गया है। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। अगर कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों जैसे पुरानी पेंशन बहाली सभी संवर्गों के आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित करते हुए शेष रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती कर आउटसोर्सिंग एवं संविदा जैसी कर्मचारियों के लिए कैंसर रूपी बिमारी को जड़ से समाप्त करे। वर्षों से लम्बित पदोन्नति की जाए वेतन विसंगतियां एक देश एक पद एक वेतन का कानून लागू कर आदि सभी मांगों की पूर्ति के लिए सभी विभागों के कर्मचारी 27 को मशाल जुलूस निकालकर गूंगी बहरी अंधी सरकार को जगाने का कार्य करेंगे तथा अपनी न्यायोचित मांगों की पीड़ा को रखेंगे। विनोद इलाहाबादी ने यह भी बताया की कल दिनांक 25 नवम्बर को विकास प्राधिकरण में वशीउल्लाह खान के नेतृत्व में दोपहर एक बजे एवं जलकल विभाग में सिकन्दर सिंह एवं चौधरी राकेश सिंह के नेतृत्व में दोपहर तीन बजे बैठक कर मशाल जुलूस को सफल बनाने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। बैठक में सभी साथियों द्वारा विचार विमर्श कर समीक्षा की गई और सभी पदाधिकारी अलग-अलग की जिम्मेदारी दी गयी।

lucknow

Nov 24 2021, 20:33

*त्याग और बलिदान के प्रतीक थे गुरु तेग बहादुर , आशीष शुक्ला -अवध रक्षा मंच के पदाधिकारियों ने गुर
*त्याग और बलिदान के प्रतीक थे गुरु तेग बहादुर , आशीष शुक्ला -अवध रक्षा मंच के पदाधिकारियों ने गुरु तेग बहादुर की शौर्य गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा लखनऊ। वालिदान दिवस पर गुरु तेग बहादुर की शौर्य गाथा को जन जन तक पहुंचाने के लिए इसे स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात रखी गईऔर कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी को बहुत कुछ जानकारी हासिल होगी। अवध रक्षा मंच के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को भी सौंपा और कहां कि सरकार इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएं तभी समाज को मजबूती मिलेगी। भारत रक्षा मंच अवध प्रांत उत्तर प्रदेश लखनऊ ने गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस राजस्व बार एसोसिएशन कमिश्नरी में माल्यार्पण कर मनाया। इस अवसर पर भारत रक्षा मंच के विद्वान वक्ता गणों ने गुरु तेग बहादुर जो सिख पंथ के नवम गुरु के गौरव गाथा शौर्य एवं पराक्रम तथा त्याग की पराकाष्ठा पर विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किए। संगठन के द्वारा गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस भारत रक्षा मंच के भावी कार्यक्रमों से एक गुरु तेग बहादुर का बलिदान दिवस की शौर्य गाथा जन जन तक पहुंचाना शामिल है। उक्त क्रम में भारत रक्षा मंच ने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इस ज्ञापन में भारत रक्षा मंच ने मांग रखी कि उत्तर प्रदेश में सिख पंथ के नवम गुरु तेग बहादुर जी की गौरव गाथा एवं पराक्रम तथा त्याग की पराकाष्ठा का पाठ्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा में शिक्षण हेतु शामिल किया जाए जिससे भावी पीढ़ी राष्ट्र व हिंदू हित की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभा सके। ज्ञापन देने में भारत रक्षा मंच के 21 लोगों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ जिसमें आरपी अवस्थी प्रांत संगठन मंत्री आशीष शुक्ल प्रांत महामंत्री उदय भान सिंह एडवोकेट महिला मंच की अध्यक्ष डॉ शशि मिश्रा लखनऊ विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर निधि वाला महिला मंच की कार्यालय मंत्री सुनीता यादव एडवोकेट संतोष कुमार पाल, एडवोकेट शरद कुमार मिश्रा एडवोकेट सर्वेश कुमार शुक्ला, एडवोकेट ज्ञान सागर अवस्थी, सह कार्यालय मंत्री एवं प्रांत मंत्री रामनिवास उपाध्याय, आशीष त्रिवेदी, अनिल कुमार बाजपेई उपाध्यक्ष विधि मंच धर्मेंद्र कुमार सिंह प्रांत मंत्री विधि मंच अशोक कुमार शर्मा एडवोकेट डॉ महेश दत्त शर्मा प्रांत उपाध्यक्ष राजीव अहूजा कार्यालय मंत्री एडवोकेट रूपम मिश्रा आदि कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। प्रांत अध्यक्ष आरपी अवस्थी ने गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर प्रकाश डाला तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में भारत रक्षा मंच की स्थापना एवं भावी कार्यक्रमों के बारे में संगठन मंत्री ने विषय वस्तु पर प्रकाश डाला कार्यक्रम का संचालन महामंत्री उदय भान सिंह एडवोकेट ने किया। राजीव अहूजा कार्यालय मंत्री ने मंच का संचालन किया। महिला मंच की अध्यक्ष डॉ शशि मिश्रा ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान पर प्रकाश डाला तथा डॉ निधि वाला ने भी बलिदान दिवस के अतिरिक्त हिंदू हित के लिए हिंदुओं को उदार दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया तथा इस विषय पर अनेकानेक उदाहरण भी रखें कार्यक्रम में अनिल बाजपेई उपाध्यक्ष विधि मंच ने भी गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस पर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। डॉ महेश दत्त शर्मा उपाध्यक्ष विधि मंच एवं सुश्री सुनीता यादव कार्यालय मंत्री ने भी बलिदान दिवस पर चर्चा चर्चा की बलिदान दिवस पर अनेकों वक्ताओं ने प्रकाश डाला अंत में कार्यक्रम का समापन प्रांत अध्यक्ष द्वारा किया गया। तत्पश्चात प्रांत पदाधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को जाकर ज्ञापन सौंपा गया तथा उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री से पाठ्यक्रम में त्याग और बलिदान की गुरु तेग बहादुर जी को प्राथमिक शिक्षा में शामिल करने का मांग पत्र सोफा सभी सम्मानित पदाधिकारियों सम्मानित सदस्यों को महामंत्री उदयभान सिंह एडवोकेट ने उपस्थित होने पर आभार व्यक्त किया एवं बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया उदय भान सिंह एडवोकेट महामंत्री भारत रक्षा मंच अवध प्रांत मौजूद रहे।

lucknow

Nov 24 2021, 19:53

यातायात माह नवम्बर 2021 जागरुकता कार्यक्रम कुशीनगर - पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल
यातायात माह नवम्बर 2021 जागरुकता कार्यक्रम कुशीनगर - पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में यातायात माह नवम्बर 2021 के अंतर्गत सम्पूर्ण जनपद में यातायात पुलिस द्वारा जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सन्त जोसेफ स्कूल में थाना क्षेत्र पटहेरवा में क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज फूलचन्द कन्नौजिया व प्रभारी निरीक्षक पटहेरवा अखिलेश सिंह द्वारा सड़क सुरक्षा शपथ दिला कर छात्र-छात्राओं को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। दुर्घटना से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करें। स्कूल जाते समय दौडिए मत, उतावलापन न कीजिए, घर से थोड़ा जल्दी चलिए, फुटपाथ पर चलिए और अगर फुटपाथ नहीं हो तो सड़क के किनारे चलिए। सड़क पर न खेलिए, आपके लिए खतरनाक हो सकता है। अपने बायें से चले, सड़क पार करते समय पहले बाएं देखें फिर दाएं उसके बाद कदम आगे बढ़ाएं। चौराहा पार करने से पहले हरी बत्ती का प्रतीक्षा अवश्य कीजिए उसके बाद ही सड़क पार कीजिए। “ट्रैफिक नियमों का मान या दे दें अपनी जान”, “सुरक्षा ही सर्वोपरि है, पहली प्राथमिकता सुरक्षा, सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” आदि स्लोगन के माध्यम से भी प्रेरित किया गया। वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से अवश्य करें, भीड़ वाले क्षेत्र में वाहन को सीमित गति में चलायें, नशे की हालत में व मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने से बचें, स्टण्ट बाइकिंग से बचें, काली फिल्म, हूटर, प्रेशर हार्न का प्रयोग न करें, गलत दिशा में न चलें इस तरह यातायात नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी।

lucknow

Nov 24 2021, 15:41

श्रीकाशी विश्‍वनाथ कॉरीडोर का 13 दिसंबर को पीएम करेंगे लोकार्पण वाराणसी- द्वादश
श्रीकाशी विश्‍वनाथ कॉरीडोर का 13 दिसंबर को पीएम करेंगे लोकार्पण वाराणसी- द्वादश ज्‍योतिर्लिंग में से एक श्री काशी विश्‍वनाथ कॉरीडोर की संकल्‍पना के बाद अब परियोजना आगामी 13 दिसंबर 2021 को बनारस के सांसद और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जनता को लो‍कार्पित करने जा रहे हैं। पीएम नरेन्‍द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्‍ट माना जा रहा कॉरीडोर परियोजना लोकार्पण के बाद देश के शीर्ष धार्मिक स्‍थलों में शुमार हो जाएगा। जो काफी दिव्‍य और भव्‍य भी हैं। इस मेगा परियोजना का लोकार्पण होते ही संकरी गलियों के शहर बनारस में बाबा दरबार सबसे भव्‍य और पर्याप्‍त स्‍पेस के साथ आस्‍थावानों को सुगम दर्शन भी मिलने लगेगा। अब तक लगभग 90 फीसद काम पूरा हो चुका है और बाबा दरबार में फ‍िनिशिंग का काम ही मात्र शेष है। इंफो और तस्‍वीरों में देखें और जानें श्री काशी विश्‍वनाथ कारीडोर की संकल्‍पना जो अब सपना ही नहीं बलिक धरातल पर आकार भी पा चुकी है। बाबा दरबार में कारीछोर पर पूर्वी द्वार मुख्‍य परिसर और मंदिर चौक के बीच है जहां एक मुख्‍य ऊंचा दरवाजा काशी विश्‍वनाथ दरबार की भव्‍यता का शिनाख्‍त करता नजर आता है। पूरी परियोजना में 400 करोड़ रुपये से जहां निर्माण किया गया है वहीं इतने के ही जमीन की भी खरीद की गई है, जबकि जबकि 14 करोड़ रुपये अन्‍य मद में खर्च किए गए हैं। 527730 वर्ग फीट में तैयार कॉरीडोर 527730 वर्ग फीट में तैयार कॉरीडोर की खासियत संकरी गलियों में घिरे बाबा दरबार में पर्याप्‍त स्‍पेस देना था। भीतर का वह नजारा जहां बाबा दरबार में पश्चिमी द्वार से मुख्‍य परिसर में आस्‍थावान कतारबद्ध होकर दाखिल हो रहे हैं और सुगम दर्शन कर पा रहे हैं। बाबा दरबार में मंदिर चौक वह क्षेत्र है जहां प्राचीन चौक की संकल्‍पना आकार पा चुकी है। यह क्षेत्र इंपोरियम, गैलरी और म्‍यूजियम से समृद्ध होगा और बाबा दरबार क्षेत्र का यह वर्तमान हिस्‍सा बाबा दरबार का अतीत और कारोबारी गतिविधियों का प्रमुख स्‍थल होगा। द्वारों पर लगा गए तराशे गए पत्‍थर बाबा दरबार का उत्‍तरी द्वार भी पूर्वी और पश्चिमी की ही भांति भव्‍य रूप पा चुका है। यहां तराशे गए पत्‍थर लग चुके हैं और बाबा दरबार में कंगूरों और बेलबूटों से तराशे गए पत्‍थर बाबा दरबार को प्राचीन वैभव देते प्रतीत होते हैं। अन्‍य द्वारों की ही तरह दक्षिणी द्वार भी भव्‍यता के साथ बाबा दरबार को अनोखा स्‍वरूप प्रदान करता नजर आता है। यहां पर भी तराशे गए पत्‍थर बाबा दरबार की भव्‍यता में चार चांद लगाते नजर आते हैं। बाबा दरबार का गर्भगृह कॉरीडोर परिसर के मध्‍य में स्‍वर्ण मं‍डित शिखरों के साथ नजर आता है। बाबा दरबार के इस हिस्‍से में भी कार्य लगातार जारी है। पत्‍थरों का संरक्षण और मुख्‍य गर्भगृह को पहुंची क्षति की भरपाई के साथ ही रंगरोगन और साफ सफाई के अलावा परिरक्षण का काम जारी है। भविष्‍य में भी भव्‍य शोभायात्राओं के लिए होगी सुविधा बाबा दरबार में भारी वाहन और बुलडोजर के साथ जेसीबी तक जाने के लिए पर्याप्‍त स्‍पेस है। ऐसे में बाबा दरबार के भीतर का पर्याप्‍त स्‍पेस भविष्‍य में भी भव्‍य शोभायात्राओं के लिए अधिक श्रद्धालु‍ओं के लिए सुविधाजनक साबित होने जा रहा है। बाबा का धाम अब सीधे मां गंगा की गोद में जाकर खुलता है। यहां से आस्‍थावान सीधे बाबा का दर्शन करने के बाद मां गंगा का आचमन भी कर सकेंगे। बाबा दरबार सीधा गंगा की धारा से जुड़ गया है। हालांकि, पानी अधिक होने से काम कुछ प्रभावित है मगर घाट पर भी निर्माण प्रस्‍तावित है। बाबा विश्‍वनाथ के आंगन में इतना स्‍थान है कि हजारों श्रद्धालु सीधे आंगन में कतारबद्ध होकर बाबा के गर्भगृह में प्रवेश के लिए अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं। ऐसे में बाबा दरबार की भव्‍यता को परिसर के ऊंचे स्‍थल से निहारेंगे तो हर ओर पर्याप्‍त स्‍पेस बाबा दरबार के आधुनिक कलेवर की व्‍याख्‍या करता नजर आएगा।

lucknow

Nov 24 2021, 15:40

यूपी पुलिस को 23 साल बाद मिलने वाले हैं खास जवान, मुरादाबाद में होगा इनका प्रशिक्षण
यूपी पुलिस को 23 साल बाद मिलने वाले हैं खास जवान, मुरादाबाद में होगा इनका प्रशिक्षण लखनऊ- दुनिया भर में घोड़ों का इतिहास रोमांचक रहा है। आधुनिकता के दौर में यही एक ऐसा शौक है, जो वक्त के साथ कम जरूर हुआ, लेकिन खत्म नहीं हुआ। यूपी पुलिस के अफसरों को भी इस बात का अहसास होने के बाद घुड़सवार पुलिस कर्मियों की भर्ती करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। सूबे में केवल मुरादाबाद में स्थित डा. भीमराव आम्बेडकर पुलिस अकादमी में घुड़सवारों के साथ ही घोड़ों को भी प्रशिक्षण दिया जाता है। बीते करीब 23 साल से यूपी पुलिस में किसी भी घुड़सवार की न भर्ती की गई और न ही प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 1998 में मुरादाबाद पुलिस प्रशिक्षण स्कूल से घुड़सवारों का अंतिम दल ने प्रशिक्षण पूरा किया था। इस दल में केवल दस घुड़सवार पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद से पुलिस घुड़सवारी दल का कोई प्रशिक्षण नहीं हुआ। लेकिन पुलिस अकादमी में एक बार फिर 105 घुड़सवार पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है। पुराने पाठ्यक्रम में बदलाव करने के साथ ही प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है। अकादमी के अफसरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने 105 घुड़सवार पुलिस कर्मियों की भर्ती निकाली थी। इन सभी रिक्त पदों पर पुलिस कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन्हें प्रशिक्षण के लिए अकादमी बुलाया जा रहा है। पुलिस अकादमी में छह माह के प्रशिक्षण के बाद इन घुड़सवार पुलिस कर्मियों को अलग-अलग जनपदों में तैनात किया जाएगा। 45 घुड़सवार पुलिस कर्मी प्रशिक्षण के लिए पहुंचे पुलिस अकादमी में भर्ती किए गए अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए बुलाना शुरू कर दिया गया है। 23 नवंबर तक पुलिस अकादमी में 45 घुड़सवार पुलिस के अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण के लिए आमद दर्ज कराने पहुंच गए। जबकि शेष का इंतजार किया जा रहा है। अकादमी के एसएसपी राजेश कुमार ने बताया कि जो भी अभ्यर्थी अकादमी में प्रशिक्षण के लिए आ रहे हैं,उन्हें कोविड गाइड लाइन के अनुसार पांच दिनों तक क्वारंटाइन किया जा रहा है। इसके बाद दिसंबर माह के पहले सप्ताह से सभी के प्रशिक्षण का शुभारंभ किया जाएगा। यूपी पुलिस में घुड़सवारों के 324 पद, 60 फीसद से ज्यादा रिक्त उत्तर प्रदेश पुलिस में घुड़सवार पुलिस कर्मियों के कुल 324 पद हैं। लेकिन बीते 23 सालों से इस पद के लिए भर्ती ही नहीं की गई। सेवानिवृत होने के बाद पुलिस विभाग के अफसरों को लग रहा था,कि उन्हें अब घुड़सवार पुलिस की जरूरत नहीं है। लेकिन बीते साल इसको लेकर पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने मंथन किया। अंत में सभी अफसरों की सहमति के बाद घुड़सवार पुलिस कर्मियों की भर्ती का निर्णय लिया गया था। मौजूदा समय में यूपी के अलग-अलग जनपदों में लगभग 48 घुड़सवार पुलिस कर्मी हैं। लेकिन उनमें से भी ज्यादातर घुड़सवार पुलिस कर्मी अगले दो से तीन साल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में पुलिस विभाग में इनकी उपयोगिता को देखते हुए घुड़सवार पुलिस कर्मियों के नए दल तैयार करने का निर्णय लिया गया है।डा.भीमराव आम्बेडकर पुलिस अकादमी के अपर पुलिस महानिदेशक जयनारायण सिंह ने बताया कि यूपी पुलिस में 23 साल बाद घुड़सवार पुलिस कर्मियों की भर्ती करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देने की तैयारी की गई है। भर्ती किए गए अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण सत्र का जल्द अकादमी में शुभारंभ होगा। पुलिस भर्ती बोर्ड के द्वारा 105 घुड़सवार पुलिस कर्मियों को भर्ती किया गया है। इन सभी अभ्यर्थियों का आगामी छह माह तक पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पूरा कराया जाएगा।

lucknow

Nov 24 2021, 15:18

पश्चिम यूपी को विकास के पंख देंगे पीएम मोदी, कल करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन
पश्चिम यूपी को विकास के पंख देंगे पीएम मोदी, कल करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन लखनऊ- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद मिशन 2022 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पक्ष में माहौल बनाने के लिए उतर चुके हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले पीएम मोदी उत्तर प्रदेश में कई मेगा परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं तो वहीं कई प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रख रहे हैं। पूर्वी यूपी में कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण और बुंदेलखंड को विभिन्न उपहार देने के बाद अब पीएम मोदी पश्चिम उत्तर प्रदेश को विकास के पंख देने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 नवंबर को गौतमबुद्ध नगर में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन करेंगे। इसे पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है और विकास के लिहाज से भी निर्णायक कहा जा रहा है। यूपी सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के भूमि पूजन को भव्य बनाने की तैयारी की है। बड़े स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी एक विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे। योगी सरकार ने दी कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी सहित कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात योगी सरकार ने दी हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि 30 से 35 वर्ष पूर्व से यहां के लोग एक एयरपोर्ट की मांग कर रहे थे। चीजों को वास्तविक धरातल पर उतारने के लिए जिस इच्छा शक्ति की आवश्यकता थी, उसके अभाव में कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में ही तत्काल यह निर्णय लिया कि जेवर क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़े एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक एवं ईमानदार सोच के साथ जब सरकार कार्य करती है तो दमदार परिणाम देखने को मिलते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ और एनसीआर में व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह एयरपोर्ट विकास के साथ-साथ रोजगार की विभिन्न सम्भावनाओं को लेकर आगे बढ़ रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण में 35 हजार करोड़ की लागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम फेज में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश सम्भावित है। एयरपोर्ट के निर्माण में लगभग 34 से 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और एक लाख से अधिक लोगों को नौकरी एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही, अन्य ढेर सारी संभावनाएं भी यहां पर विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट एक ज्वाइंट वेंचर है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना प्राधिकरण के साथ राज्य सरकार एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सीएम योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह एयरपोर्ट वर्ष 2024 तक शुरू हो जाएगा। यह एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। साथ ही, यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी होगा। इसके नजदीक ही प्रदेश सरकार ने फिल्म सिटी के निर्माण को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो अपने अंतिम चरणों में है। उन्होंने कहा कि यहां पर निवेश की बहुत संभावनाएं हैं। इससे सटे हुए क्षेत्र में ही यहां पर एक मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। एक इलेक्ट्रानिक सिटी स्थापित करने का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस क्षेत्र के निकट अलीगढ़ में डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर का महत्वपूर्ण नोड है। लखनऊ और वाराणसी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के काम पहले से जारी सीए योगी ने बताया कि यूपी में लखनऊ और वाराणसी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहले से ही क्रियाशील हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ किया है। अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण प्रगति पर है। प्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी के कार्यों को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है। अब तक उत्तर प्रदेश में नौ एयरपोर्ट क्रियाशील हो चुके हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश के एयरपोर्ट केवल 25 स्थलों से जुड़े हुए थे, जिनकी संख्या आज 80 स्थलों से अधिक हो चुकी है। प्रदेश सरकार 11 नए एयरपोर्ट को विकसित करने का कार्य कर रही है। सोनभद्र, चित्रकूट, ललितपुर, आजमगढ़, श्रावस्ती, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ एवं मुरादाबाद में नए एयरपोर्ट के निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है।

lucknow

Nov 23 2021, 19:03

ADR ने पेश किया यूपी के विधायकों का रिपोर्ट कार्ड, 35 प्रतिशत पर आपराधिक मामले
ADR ने पेश किया यूपी के विधायकों का रिपोर्ट कार्ड, 35 प्रतिशत पर आपराधिक मामले लखनऊ - उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट में कई राजफाश किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के 396 विधायकों में से 140 यानी 35 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और 106 यानी 27 प्रतिशत विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है। अगर पार्टीवार बात करे तो बीजेपी के 304 में से 106 विधायक, एसपी के 49 में से 18 विधायक, बीएसपी के 18 में दो विधायक और कांग्रेस के और विधायक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह विश्लेषण वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों और उसके बाद हुए उपचुनावों में उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत शपथपत्रों पर आधारित है। उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के 403 में से 396 वर्तमान विधायकों के वित्तीय, आपराधिक एवं अन्य विवरणों का विश्लेषण किया है। वर्तमान विधानसभा में सात सीटें रिक्त हैं। बीएसपी के विधायक लालजी वर्मा और राम अचल राजभर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 396 में से 313 यानि 79 प्रतिशत विधायक करोड़पति है। इनमें सबसे ज्यादा करोड़पति विधायक बीजेपी के 77 प्रतिशत हैं। भारतीय जनता पार्टी के 235 विधायक करोड़पति हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के 49 में से 42 विधायक करोड़पति हैं। तीसरे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के 16 में से 15 विधायक करोड़पति हैं। कांग्रेस के सात में से पांच विधायक करोड़पति हैं। विधायकों की औसतन सम्पत्ति 5.85 करोड़ है। मुख्य दलों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी की 304 विधायकों की 5.04 करोड़, समाजवादी पार्टी के 49 विधायकों की औसतन संपत्ति 6.07 करोड़, बहुजन समाज पार्टी के 16 विधायकों की औसतन संपत्ति 19.27 करोड़ और कांग्रेस के सात विधायकों की औसतन संपत्ति 10.06 करोड़ है। सबसे ज्यादा संपत्ति वाले विधायकों में पहले स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के शाह आलम उर्फ गुडडू जामाली मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र से हैं, जिनके पास कुल 118 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। दूसरे स्थान पर भी बहुजन समाज पार्टी के विनयशंकर चिलुपर विधानसभा सीट से 67 करोड़ से ज्यादा। तीसरे स्थान पर भाजपा की रानी पक्षालिका सिंह बाह विधानसभा से हैं, जिनके पास 58 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। अगर विधायकों की देनदारियों की बात की जाए तो 49 विधायकों ने अपनी देनदारी एक करोड़ या उससे अधिक घोषित की है। इनमें प्रथम स्थान पर नंदगोपाल गुप्ता, इलाहाबाद साउथ सीट से 26 करोड़, दूसरे स्थान पर ओम कुमार जो नेहतुर 11 करोड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। तीसरे स्थान पर सिद्धार्थनाथ सिंह इलाहाबाद वेस्ट विधानसभा से नौ करोड़ की देनदारी घोषित की है।