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Nov 23 2021, 12:42

ইউপি ATS পশ্চিমবঙ্গ থেকে দুই রোহিঙ্গাকে গ্রেফতার করেছে, জাল পরিচয়পত্র তৈরি করে অবৈধভাবে অনুপ্রবেশ করেছিল

  


 কলকাতা :  ইউপি ATS টিম পশ্চিমবঙ্গ থেকে দুই রোহিঙ্গাকে গ্রেফতার করেছে।  কোলকাতা থেকে গ্রেপ্তার হওয়া মোহাম্মদ জামিল ওরফে হরিশউল্লাহ ও নূর আমিন হলেন রোহিঙ্গা মুসলিমরা মূলত মিয়ানমারের।গ্রেপ্তার করা রোহিঙ্গাদের বিরুদ্ধে বাংলাদেশি নাগরিকদের অবৈধভাবে ভারতে আনা রোহিঙ্গাদের নথি জাল করার অভিযোগ রয়েছে।  জাল নথি তৈরির অভিযোগে দু'জনকেই গ্রেফতার করেছে ইউপি এটিএস।

বলা হচ্ছে, হরিশুল্লাহ কিছুদিন আগে বাংলাদেশ সীমান্ত থেকে পশ্চিমবঙ্গে অবৈধভাবে প্রবেশ করেছিল।  সেখানে তিনি মোহাম্মদ জামিলের নামে একটি জাল পরিচয়পত্র বানিয়ে নেয় ।  বলা হচ্ছে, 24 পরগনা জেলায় জাল ভারতীয় পরিচয়পত্রটি বানায় ।  নিজের ভারতীয় পরিচয়পত্র তৈরির পর অন্য রোহিঙ্গাদেরও অবৈধভাবে পশ্চিমবঙ্গে এনে পরিচয়পত্র তৈরির কাজ শুরু করেন মোহাম্মদ জামিল।

মোহাম্মদ জামিল ওরফে হারিসুল্লাহ ভুয়া ভারতীয় নথি দিয়ে অবৈধ রোহিঙ্গা মুসলমানদের পাসপোর্ট ও ভিসা তৈরি করে বিদেশে পাঠানোর পাশাপাশি ভারতের অন্যান্য রাজ্যে অনুপ্রবেশ করাত ।  মহম্মদ জামিলের নির্দেশে অবৈধ রোহিঙ্গা মুসলিম নূর আমিনকে গ্রেফতার করেছে ইউপি ATS।  আশ্চর্যের বিষয়, জাল পরিচয়পত্রে তিনি নিজেকে হিন্দু বলে পরিচয় দিয়েছে।  যিনি পশ্চিমবঙ্গের নদীয়া জেলার তৈরি একটি জাল ভারতীয় পরিচয়পত্র বানিয়ে রেখে ছিল।

 UP ATS উভয় অভিযুক্তকে হেফাজতে নিয়ে জিজ্ঞাসাবাদ করবে।  এই সিন্ডিকেটের সাথে জড়িত অন্যদের সম্পর্কেও তথ্য নেওয়া হবে দুজনের কাছ থেকে, যাতে তাদের কাছেও পৌঁছানো যায়।  আমাদের জানিয়ে রাখি যে ইউপি ATS এখনও পর্যন্ত 20 টিরও বেশি অবৈধ রোহিঙ্গাকে গ্রেপ্তার করেছে।  জাল পরিচয়পত্র তৈরি করে ইউপির বিভিন্ন এলাকায় বসবাস করে আসছিল এসব লোকজন।  আমরা আপনাকে জানিয়ে রাখি যে গ্রেপ্তার হওয়া মোহাম্মদ জামিলও কয়েক দিন ধরে ইউপির আলীগড়ে ছিলেন । 

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Nov 22 2021, 18:06


কলকাতা: রাজ্যে স্কুলগুলোতে চতুর্থ শ্রেণীর কর্মী নিয়োগে দুর্নীতির অভিযোগে এবার সিবিআইকে অনুসন্ধান করতে নির্দেশ দিল কলকাতা হাইকোর্ট। আগামী ২১ ডিসেম্বরের মধ্যে তা সম্পন্ন করে হাইকোর্টকে অবগত করার নির্দেশ দিলেন কলকাতা হাইকোর্টের বিচারপতি অভিজ

  
 

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Nov 22 2021, 18:03

রাজ্যে স্কুলগুলোতে চতুর্থ শ্রেণীর কর্মী নিয়োগে দুর্নীতির অভিযোগে এবার সিবিআইকে অনুসন্ধান করতে নির্দেশ দিল কলকাতা হাইকোর্ট।

  



কলকাতা: রাজ্যে স্কুলগুলোতে চতুর্থ শ্রেণীর কর্মী নিয়োগে দুর্নীতির অভিযোগে এবার সিবিআইকে অনুসন্ধান করতে নির্দেশ দিল কলকাতা হাইকোর্ট। আগামী ২১ ডিসেম্বরের মধ্যে তা সম্পন্ন করে হাইকোর্টকে অবগত করার নির্দেশ দিলেন কলকাতা হাইকোর্টের বিচারপতি অভিজিৎ গঙ্গোপাধ্যায়।ওই প্রাথমিক রিপোর্ট খতিয়ে দেখেই তদন্তের পরবর্তী নির্দেশ বিবেচনা করা হবে বলে জানিয়েছেন তিনি।

এই নিয়োগগুলির দায়িত্বে ছিল স্কুল সার্ভিস কমিশন বা এসএসসি। বিচারপতি তার নির্দেশে উল্লেখ করেছেন, এসএসসি হলফনামা দিয়ে বলেছে, তারা প্যানেল বাতিলের পর নিয়োগ সুপারিশ করেনি। আর এদিন পর্ষদ হলফনামায় বলেছে,তারা যাবতীয় সুপারিশপত্র এসএসসি থেকে পেয়েছে। এটা বিস্ময়ের! তাহলে কোন অদৃশ্য হাত এই সব করল। এই মামলার পরবর্তী শুনানি হবে ২৪ ডিসেম্বর। 

সোমবার মামলার শুনানিতে রাজ্যের অ্যাডভোকেট জেনারেল সিবিআই অনুসন্ধানে আপত্তি তুলে বলেন, তদন্তের প্রয়েজন রয়েছে তা মানি। কিন্তু রাজ্য কোনও হলফনামা জমা দেয় নি। এই অবস্থায় সিবিআই তদন্ত দেওয়া যায় না। কারণ পুলিশের বিরুদ্ধে তদন্ত সংক্রান্ত অভিযোগ নেই। তাই হলফনামা জমা দেবার সুযোগ দেওয়ার প্রয়োজন। 

এর পরিপ্রেক্ষিতে বিচারপতি  বলেন, নো। এদিনের শুনানিতে বিচারপতি মধ্য শিক্ষা পর্ষদের হলফনামা দেখে বলেন মাধ্যমিক বোর্ডের কাছে অরিজিনাল নথি আছে। এটা কি করে সম্ভব? তিনি এরপরেই এসএসসির কাছে এদিনই এই দাবি নিয়ে জানতে চান। তিনি মন্তব্য করেন তাহলে সিবিআই তদন্তের নির্দেশ দিই? 

কমিসনের আইনজীবী কিশোর দত্ত বলেন, আপনি হাই পাওয়ার কমিটি বা অবসর প্রাপ্ত বিচারপতি দিয়ে তদন্ত করান। তারা আদালতে রিপোর্ট দেবেন। ৩ অবসর প্রাপ্ত বিচারপতি দিয়ে তদন্ত করান।

কিন্তু বিচারপতি মন্তব্য করেন আমি রাজ্যের কোনও তদন্তকারী সংস্থা দিয়ে তদন্তে ভরসা পারছি না। বিচারপতির মন্তব্য, আমাদের জনগণের স্বার্থ দেখতে হবে। মিস্ক্রেন্টের কোনও রং হয় না। তারা সুবিধাবাদি, সেই মত রং চেঞ্জ করে। আমি চাই সেই মিস্ক্রিন্ট দের বের করে চিহ্নিত করতে, রাজ্যের স্বার্থে। 

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Nov 18 2021, 18:03

केंद्र के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तृणमूल सांसद ने किया मामला

  


कोलकाता:  केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले ही सीबीआइ व ईडी के निदेशक का कार्यकाल बढ़ाने के फैसले के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सीबीआइ व ईडी के निदेशक का कार्यकाल बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. तृणमूल सांसद ने स्वयं ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि केंद्र का यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने गत 14 नवंबर को सीबीआइ व ईडी के निदेशक का कार्यकाल दो से बढ़ा कर पांच साल करने के लिए अध्यादेश जारी किया था. इसके अगले दिन यानी 15 नवंबर को केंद्र सरकार ने रॉ और आइबी के प्रमुखों का कार्यकाल भी बढ़ा दिया था. इसी तरह केंद्रीय गृह सचिव के कार्यकाल को भी बढ़ाया गया है.

गौरतलब है कि पिछले साल ईडी के निदेशक का दो साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद केंद्र ने उसे एक साल बढ़ाया था. इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला हुआ था. अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि इसे और नहीं बढ़ाया जा सकता. तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश के बावजूद इस तरह का अध्यादेश जारी किया गया. यह देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का असम्मान है.

सीबीआइ व ईडी के निदेशक का कार्यकाल बढ़ाने पर तृणमूल ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार अपनी सियासी ताकत बरकरार रखने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है. वहीं, भाजपा का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. 

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Nov 15 2021, 17:31

মালদহ - মুর্শিদাবাদ ত্রাণ দুর্নীতি নিয়ে ক্যাগ কে তদন্তের নির্দেশ হাইকোর্টের।

  


কলকাতা: মালদহের হরিশচন্দ্র পুর ও মুর্শিদাবাদের বন্যায় ক্ষতিগ্রস্থদের ক্ষতিপূরণে দেওয়া কেন্দ্রীয় প্রকল্পের টাকা নয়ছয়ের অভিযোগে আগেই পূর্ববর্তী প্রধান বিচারপতির ডিভিশন বেঞ্চ কঠোর ব্যবস্থা নেওয়ার উদ্যোগ গ্রহণ করেছিল।

আজ ওই মামলার শুনানির শেষে বর্তমান প্রধান বিচারপতি প্রকাশ শ্রীবাস্তব ও বিচারপতি রাজর্ষি ভরদ্বাজের ডিভিশন বেঞ্চ নির্দেশ দেয় CAG কে অডিট করতে হবে। রাজ্যের ক্যাগ অডিট করবে। তাতে নজরদারি করতে হবে কেন্দ্রকে।এই বিষয়ে রাজ্যকে সবরকম সহযোগিতা করতে হবে। আগে আমফানের ক্ষতিগ্রস্তদের ক্ষতিপূরণ বন্টন নিয়ে কম্পট্রোলার অ্যান্ড অডিটর জেনারেল অফ ইন্ডিয়া (ক্যাগ) কে তদন্তের নির্দেশ দিয়েছিল কলকাতা হাইকোর্ট। এবার মালদহ - মুর্শিদাবাদ বন্যায় কেন্দ্রীয় ত্রাণের টাকায় দুর্নীতির অভিযোগেও সেই ক্যাগ-এর ওপরেই আস্থা রাখছে কলকাতা হাইকোর্ট। 

আদালতের স্পষ্ট নির্দেশ, মালদহ - মুর্শিদাবাদ বন্যায় ত্রাণ দুর্নীতি নিয়ে আগামী তিন মাসের মধ্যে কম্পট্রোলার এন্ড অডিটর জেনারেল অফ ইন্ডিয়া (ক‌্যাগ) কে তদন্ত শেষ করতে হবে। আগামী ১৪ ফেব্রুয়ারি মামলার পরবর্তী শুনানিতে রিপোর্ট পেশ করতে হবে আদালতে।

প্রসঙ্গত,ঘটনার সূত্রপাত ২০১৭ সালে। সে বছর বন্যায় ভেসে গিয়েছিল মালদার বিস্তীর্ণ এলাকা। সরকারের তরফে দুর্গতদের জন্য ত্রাণের টাকা পাঠানো হয়। কিন্তু সেই টানা পান না বোরুই গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকার দুর্গতরা। তাঁদের টাকা আত্মসাৎ  হয়ে যায়। কাঠগড়ায় ওঠে বোরুই গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধানের নাম। এই নিয়ে মামলা গড়ায় আদালতে। মামালাকারীর আইনজীবী শ্রীজীব চক্রবর্তীর দাবি, ২০১৭ সালের বন্যার পর ক্ষতিগ্রস্তদের প্রতি পরিবারের জন্য ৭০ হাজার টাকা বরাদ্দ হয়। অভিযোগ, প্রকৃত ক্ষতিগ্রস্তরা অনেকেই টাকা পাননি। আবার একই ব্যক্তির অ্যাকাউন্টে বহুবার টাকা ঢুকেছে। এই অভিযোগ নিয়ে জনস্বার্থ মামলা দায়ের হয় কলকাতা হাইকোর্টে। এদিনও মামলার শুনানিতে কারণ দেখিয়ে আদালতের কাছে সময় চায় রাজ্যের কৌঁসুলি। এদিন কার্যত কিন্তু সেই যুক্তি খারিজ হয়ে যায় আদালতে। 

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Nov 12 2021, 19:26

कोयला तस्करी मामला : अभिषेक के सचिव सुमित राय को हाइकोर्ट से राहत

  


कोलकाता. कोयला तस्करी मामले में राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी के सचिव सुमित राय की फिलहाल गिरफ्तार नहीं हो पायेगी. कलकत्ता हाइकोर्ट की एकल पीठ ने शुक्रवार को आदेश दिया कि अगले छह हफ्ते तक सुमित राय की गिरफ्तारी नहीं हो सकती. हालांकि उन्हें केंद्रीय एजेंसियों की जांच में सहयोग करने का आदेश मिला है. पूछताछ के लिए उन्हें जब भी तलब किया जाये, प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के सामने पेश होना होगा. वह वर्चुअली या सशरीर जांच में एजेंसी का सहयोग करेंगे. 


सूत्रों का दावा है कि हाइकोर्ट के उक्त फैसले के खिलाफ इडी खंडपीठ में जा सकती है. ध्यान रहे कि कोयला तस्करी मामले में इडी, सुमित को दो बार दिल्ली तलब कर चुकी है. इसके खिलाफ सांसद के सचिव ने हाइकोर्ट को दस्तक दी. शुक्रवार को जस्टिस शिवकांत प्रसाद की सदस्यता वाली एकल पीठ ने सुमित राय को इडी के सामने होेने का आदेश दिया. इडी ने सुमित को पहले ही दिल्ली तलब किया था. लेकिन एकल पीठ ने कहा कि सुमित पूछताछ के लिए इडी के कोलकाता कार्यालय में भी उपस्थित हो सकते हैं. अदालत के फैसले से अभिषेक बनर्जी के सचिव को कुछ राहत मिली है. 

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Nov 11 2021, 17:04

16 नवंबर से खुलेंगे बंगाल के स्कूल-कॉलेज, स्कूल खोलने के खिलाफ दायर याचिका हुई खारिज

  


कोलकाता:  पश्चिम बंगाल की सरकार ने कोरोना के मामलों में कमी के बाद 16 नवंबर से राज्य के नौवीं से 12 कक्षा तक के स्कूल और कॉलेज- यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा की है, लेकिन राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी और राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन कलकत्ता हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील को पूरी तरह से खारिज कर दिया. हाई कोर्ट ने साफ कहा कि वह याचिकाकर्ता के तर्क से सहमत नहीं है. इस कारण अब 16 नवंबर से राज्य के स्कूल खुलने को लेकर बना संशय समाप्त हो गया है. कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने वादी से कहा कि अगर माता-पिता को कोई समस्या है तो वे कोर्ट में आएं और कोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया है. स्कूल को फिर से खोलने के संबंध में वादी के बयान से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं है.

कोरोना जागरूकता को लेकर होंगी कक्षाएं

वादी सुदीप घोष चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से स्कूल खोलने के लिए जारी अधिसूचना में कुछ भ्रम है. स्कूल सुबह 9.30 बजे से खुलने की बात कही गयी है. इससे पहले स्कूल सुबह 10.30 बजे शुरू होता था. यह 7-8 घंटे तक चलेगा. अधिसूचना में अन्य मुद्दों को नहीं शामिल नहीं किया गया है. कई माता-पिता भेजना नहीं चाहते हैं. छात्रों का टीकाकरण नहीं हुआ है. न्यायाधीश ने सवाल किया कि क्या आपका कोई निजी हित हैं ?क्या आपका बच्चा नौवीं-दसवीं कक्षा में है? माता-पिता को दिक्कत होगी तो अपील करेंगे. हम मामले को देखेंगे.

एडवोकेट जनरल ने अदालत को बताया कि अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कहा था कि ऑनलाइन पढ़ाई में मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है. पूरे देश में बंगाल से सबसे अंत में स्कूल खुल रहे हैं. अतिरिक्त समय इसलिए लिया गया है क्योंकि प्रतिदिन 10 मिनट की कोरोना जागरूकता कक्षा का आयोजन किया जाएगा.
स्कूल खोलने पर कोरोना प्रोटोकॉल का किया जाएगा पालन
कोविड के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है. छात्र स्कूल जाना चाहते हैं. सीबीएससी पहले ही कह चुका है कि 12वीं कक्षा की ऑफलाइन परीक्षा होगी. सरकारी स्कूलों में समस्या क्या है? ग्रामीण बंगाल में अधिकांश शिक्षक स्कूल के पास रहते हैं. 

शिक्षा का अधिकार न्याय से ज्यादा महत्वपूर्ण है. संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में सीखने के कौशल खो रहे हैं. स्कूलों में 10 मिनट कोरोना को लेकर जागरूकता के संबंध में जानगारी दी जाएगी. स्वास्थ्य और स्वच्छता कक्षाओं की निगरानी की जाएगी. साथ ही शरीर का तापमान परीक्षण, स्वच्छता आदि पर ध्यान दिया जाएगा. जब अभिभावक आएंगे तो हम उनकी शिकायतों पर गौर करेंगे. कोर्ट ने कहा कि अगर स्कूल में कोई कोरोना से प्रभावित होता है तो स्कूल उसकी समस्या को देखेगा. 

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Nov 11 2021, 17:00

बीजीबीएस की सफलता को लेकर धनखड़ और मित्रा के बीच जुबानी जंग तेज

  



कोलकाता:  पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पूर्व मंत्री अमित मित्रा से बृहस्पतिवार को यह स्पष्ट करने के लिये कहा कि उनके दावे के अनुसार राज्य के किस भाग में 12.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है.इससे, बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) के पांच संस्करणों से राज्य को प्राप्त निवेश को लेकर दोनों के बीच चल रहा वाकयुद्ध नए मोड़ पर पहुंच गया है.मित्रा ने पिछले सप्ताह राज्य के वित्त मंत्री का पद छोड़ दिया था, जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया.


उन्होंने बुधवार को धनखड़ के इन आरोपों का खंडन किया था कि उन्होंने बीजीबीएस के पांच संस्करणों में प्रस्तावित निवेश पर सवालों का जवाब नहीं दिया.मित्रा ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को एक पत्र लिखकर इनका विवरण दिया था.धनखड़ ने ट्वीट किया, ''मैं ममता बनर्जी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार से यह बताने का आग्रह करता हूं कि उनके चार पन्नों के पत्र में कहां लिखा है कि बीजीबीएस के पांच संस्करणों में बंगाल के किस हिस्से में 12.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जैसा कि दावा किया गया है.'' 

उन्होंने यह भी पूछा कि कौन सी कंपनियां निवेश कर रही हैं और ऐसी परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति क्या है.धनखड़ ने ट्वीट के साथ जुड़े एक वीडियो में कहा, “मैं उनसे यह स्पष्ट करने का भी आग्रह करता हूं कि इस तरह के निवेश से कितनी नौकरियां पैदा हुई हैं.” इस वीडियो में उन्होंने मित्रा से अगस्त, 2020 में उनके द्वारा उठाए गए सवालों का उत्तर देने के लिए कहा.धनखड़ ने दावा किया कि सितंबर, 2020 में मित्रा के चार पन्नों के पत्र में उनके द्वारा मांगी गई कोई जानकारी नहीं थी.


धनखड़ ने मंगलवार को ममता बनर्जी सरकार से राज्य में किए गए निवेश पर तथ्यों को दर्शाते हुए बीजीबीएस पर एक श्वेत पत्र लाने का आह्वान किया था.उन्होंने ट्वीट किया था कि जमीनी हकीकत इन संस्करणों की शानदार सफलता के दावों को झुठलाती है.धनखड़ के आरोप का जवाब देते हुए, मित्रा ने बुधवार को ट्वीट किया, “यह चौंकाने वाली बात है कि जब मैं आधिकारिक तौर पर सम्मेलनों के संबंध में चार पन्नों का पत्र लिखकर जवाब दे चुका हूं, फिर भी वह जवाब मांग रहे हैं.” तृणमूल कांग्रेस सरकार अगले साल की शुरुआत में बीजीबीएस के एक और संस्करण की तैयारी कर रही है. 

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Nov 11 2021, 16:58

ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ मेट्रो ने किया आधे घंटे का इजाफा सुबह 7.30 बजे के बदले सात बजे खुलेगी पहली ट्रेन

  



कोलकाता. मेट्रो प्रबंधन ने छह ट्रेनें बढ़ाकर और सुबह की पहली सेवा 7.30 बजे के बदले सात बजे कर यात्रियों को राहत दी है. मेट्रो से मिली जानकारी के अनुसार, 15 नवंबर यानी सोमवार से 266 के बदले 272 ट्रेनें चलेंगी. पीक आवर्स में पांच मिनट के अंतराल पर ट्रेनें मिलेंगी. वहीं, शनिवार को भी मेट्रो की संख्या बढ़ायी गयी है. 20 नवंबर से 214 के बजाय 220 ट्रेनें चलेंगी. पहली ट्रेन सुबह सात बजे और अंतिम ट्रेन रात 10.30 बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना होगी. शनिवार को दो ट्रेनों के बीच सात मिनट का अंतर होगा. रविवार मेट्रो के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस्ट-वेस्ट मेट्रो की सेवाएं अपरिवर्तित रहेंगी.

पहली सेवा-
. सुबह 7 बजे दमदम से दक्षिणेश्वर, कवि सुभाष से दक्षिणेश्वर, दमदम से कवि सुभाष और दक्षिणेश्वर से कवि सुभाष तक.

अंतिम सेवा-
. 9.18 बजे दक्षिणेश्वर से, 9.30 बजे दमदम से कवि सुभाष और 9.30 बजे कवि सुभाष से दक्षिणेश्वर तक 

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Nov 11 2021, 16:51

सीआइडी ने हाइकोर्ट में पेश की सीतलकुची गाेलीकांड की रिपोर्ट

  


कोलकाता:  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान कूचबिहार जिले के सीतलकुची में सीआइएसएफ जवानों की फायरिंग में चार लोगों की मृत्यु के मामले में सीआइडी ने अपनी जांच रिपोर्ट कलकत्ता हाइकोर्ट में पेश कर दी है. सीआईडी ​​ने गुरुवार को हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव व न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ को अपनी रिपोर्ट सौंपी. मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी 2022 को हाइकोर्ट में होगी.
सीतलकुची गोलीकांड में पहला मामला 12 अप्रैल को दर्ज किया गया था. वकील अमीनुद्दीन खान ने केस दर्ज कराया था. सूत्र के मुताबिक, सीआईडी ​​द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि सीआईडी ​​ने शीतलकुची घटना की जांच पूरी कर ली है. फायरिंग की जांच के लिए सीआईएसएफ जवानों से आमने-सामने पूछताछ करने की भी मांग की गयी है.

इससे पहले सीआईडी ​​ने सीआईएसएफ से आमने-सामने पूछताछ करने का अनुरोध किया था. हालांकि, उस मामले में, केंद्र सरकार ने कहा था कि पूछताछ ऑनलाइन वीडियो कॉल के माध्यम से हो सकता है. सीआईडी ​​ने सीआईएसएफ के आवेदन को खारिज कर दिया है. गुरुवार को कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में सीआईडी ​​ने सीआईएसएफ जवानों से आमने-सामने पूछताछ करने का अनुरोध किया है. सीतलकुची फायरिंग मामले में कलकत्ता हाइकोर्ट ने पहले केंद्र और राज्य सरकार से हलफनामा तलब किया था. कूचबिहार के सीतलकुची में विधानसभा चुनाव के दिन अशांति में चार लोगों की मौत हो गई थी.

दो जनहित मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि राज्य को सीतलकुची गोलीबारी मामले में सीआईडी ​​जांच की प्रगति पर एक रिपोर्ट के रूप में एक हलफनामा देना होगा. दूसरी ओर, अदालत केंद्र से एक हलफनामा देने के लिए कहा गया था, जिसमें विस्तार से बताया जायेगा कि सीआईएसएफ ने कैसे गोली चलाई, किन परिस्थितियों में, इसके कारण आदि. कलकत्ता उच्च न्यायालय के तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था.