uttarpradesh

Jun 10 2021, 18:19

womenscommission_says
यूपी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का गैरजिम्मेदाराना बयान, बोलीं-लड़कियां मोबाइल से बातें करते-करते भाग जाती है

लड़कियों के साथ हो रहे अपराध की वजह मोबाइल है, और इसकी जिम्मेदारी माओं की है। ये कहना है उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मीना कुमारी का।  महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये विवादित बयान दे डाला। मीना कुमारी ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों में कहीं ना कही मोबाइल का भी योगदान है। अब सोशल मीडिया का जमाना है, तो मीना कुमारी का यह बयान वायरल हो रहा है और हो रही है छीछालेदर। 

दरअसल रेप के लगातार बढ़ते मामलों को लेकर जब उनसे सवाल किया तो मीना कुमारी ने कहा, 'समाज में लड़कियों के खिलाफ अपराध रूक नहीं रहे हैं।  हम लोगों के साथ-साथ इसमें समाज को भी पैरवी करनी होगी। अपनी बेटियों को भी देखना पड़ेगा कि कहां जा रही हैं और क्या है और किस लड़के के साथ बैठ रही हैं। मोबाइल को भी देखना पड़ेगा। सबसे पहले में लोगों को ये कहते रहती हूं कि लड़कियां मोबाइल से बातें करते रहती हैं और यहां तक मैटर पहुंच जाता है कि वो शादी के लिए भाग जाती है।' 

मीना कुमारी यहीं नहीं रूकी, उन्होंने अपील करते हुए कहा, 'लड़कियों को मोबाइल न दें और अगर मोबाइल दें तो उनकी पूरी मॉनिटरिंग करें। इसमें मां की बड़ी जिम्मेदारी है और आज अगर बेटियां बिगड़ गई हैं तो उसके लिए उनकी माताएं ही जिम्मेदार हैं।'

अब बयान पर हंगामा हुआ तो मीना कुमारी ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा, मैंने असल में ये कहा था कि माता-पिता को ये चेक करना चाहिए कि उनके बच्चे पढ़ाई या दूसरे कामों के लिए मोबाइल फोन का उपयोग तो नहीं कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि अगर लड़कियां फोन का इस्तेमाल करती हैं तो वे लड़कों के साथ भाग जाती हैं।

uttarpradesh

Jun 10 2021, 18:19

womenscommission_says
यूपी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का गैरजिम्मेदाराना बयान, बोलीं-लड़कियां मोबाइल से बातें करते-करते भाग जाती है

लड़कियों के साथ हो रहे अपराध की वजह मोबाइल है, और इसकी जिम्मेदारी माओं की है। ये कहना है उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मीना कुमारी का।  महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये विवादित बयान दे डाला। मीना कुमारी ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों में कहीं ना कही मोबाइल का भी योगदान है। अब सोशल मीडिया का जमाना है, तो मीना कुमारी का यह बयान वायरल हो रहा है और हो रही है छीछालेदर। 

दरअसल रेप के लगातार बढ़ते मामलों को लेकर जब उनसे सवाल किया तो मीना कुमारी ने कहा, 'समाज में लड़कियों के खिलाफ अपराध रूक नहीं रहे हैं।  हम लोगों के साथ-साथ इसमें समाज को भी पैरवी करनी होगी। अपनी बेटियों को भी देखना पड़ेगा कि कहां जा रही हैं और क्या है और किस लड़के के साथ बैठ रही हैं। मोबाइल को भी देखना पड़ेगा। सबसे पहले में लोगों को ये कहते रहती हूं कि लड़कियां मोबाइल से बातें करते रहती हैं और यहां तक मैटर पहुंच जाता है कि वो शादी के लिए भाग जाती है।' 

मीना कुमारी यहीं नहीं रूकी, उन्होंने अपील करते हुए कहा, 'लड़कियों को मोबाइल न दें और अगर मोबाइल दें तो उनकी पूरी मॉनिटरिंग करें। इसमें मां की बड़ी जिम्मेदारी है और आज अगर बेटियां बिगड़ गई हैं तो उसके लिए उनकी माताएं ही जिम्मेदार हैं।'

अब बयान पर हंगामा हुआ तो मीना कुमारी ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा, मैंने असल में ये कहा था कि माता-पिता को ये चेक करना चाहिए कि उनके बच्चे पढ़ाई या दूसरे कामों के लिए मोबाइल फोन का उपयोग तो नहीं कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि अगर लड़कियां फोन का इस्तेमाल करती हैं तो वे लड़कों के साथ भाग जाती हैं।

uttarpradesh

Jun 10 2021, 18:19

womenscommission_says
यूपी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का गैरजिम्मेदाराना बयान, बोलीं-लड़कियां मोबाइल से बातें करते-करते भाग जाती है

लड़कियों के साथ हो रहे अपराध की वजह मोबाइल है, और इसकी जिम्मेदारी माओं की है। ये कहना है उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मीना कुमारी का।  महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये विवादित बयान दे डाला। मीना कुमारी ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों में कहीं ना कही मोबाइल का भी योगदान है। अब सोशल मीडिया का जमाना है, तो मीना कुमारी का यह बयान वायरल हो रहा है और हो रही है छीछालेदर। 

दरअसल रेप के लगातार बढ़ते मामलों को लेकर जब उनसे सवाल किया तो मीना कुमारी ने कहा, 'समाज में लड़कियों के खिलाफ अपराध रूक नहीं रहे हैं।  हम लोगों के साथ-साथ इसमें समाज को भी पैरवी करनी होगी। अपनी बेटियों को भी देखना पड़ेगा कि कहां जा रही हैं और क्या है और किस लड़के के साथ बैठ रही हैं। मोबाइल को भी देखना पड़ेगा। सबसे पहले में लोगों को ये कहते रहती हूं कि लड़कियां मोबाइल से बातें करते रहती हैं और यहां तक मैटर पहुंच जाता है कि वो शादी के लिए भाग जाती है।' 

मीना कुमारी यहीं नहीं रूकी, उन्होंने अपील करते हुए कहा, 'लड़कियों को मोबाइल न दें और अगर मोबाइल दें तो उनकी पूरी मॉनिटरिंग करें। इसमें मां की बड़ी जिम्मेदारी है और आज अगर बेटियां बिगड़ गई हैं तो उसके लिए उनकी माताएं ही जिम्मेदार हैं।'

अब बयान पर हंगामा हुआ तो मीना कुमारी ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा, मैंने असल में ये कहा था कि माता-पिता को ये चेक करना चाहिए कि उनके बच्चे पढ़ाई या दूसरे कामों के लिए मोबाइल फोन का उपयोग तो नहीं कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि अगर लड़कियां फोन का इस्तेमाल करती हैं तो वे लड़कों के साथ भाग जाती हैं।

uttarpradesh

Jun 10 2021, 18:13

उत्तर प्रदेश में 10 वीं एवं 12 वीं  के परिणाम को इन 7 सुझावों पर घोषित करने का है प्रस्ताव

देश में कोरोना संक्रमण की दर और तीसरी लहर की आशंकाओं की वजह से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। 

जिसके बाद यूपी सरकार ने कक्षा दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों का परिणाम तैयार करने के लिए मूल्यांकन नीति बनाने हेतु जिलों के स्कूल निरीक्षकों से सुझाव मांगे थे। मंगलवार को विधान परिषद सदस्यों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में बिना परीक्षा प्रोन्नत होने वाले परीक्षार्थियों के अंक निर्धारण के लिए अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने विधायकों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की थी।

 इस बैठक में 7 तरह के सुझावों पर चर्चा की गई। पढ़िए...

1. एमएसली डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने हाई स्कूल में प्राप्त अंकों, कक्षा 
11 की वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक और 12वीं की प्री-बोर्ड के अंकों को शामिल करते हुए इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम जारी करने का सुझाव दिया। 

2. एमएलसी डॉ. यज्ञ दत्त शर्मा ने बिना परीक्षा के प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों को भविष्य में सुधार का अवसर प्रदान देने का प्रस्ताव रखा है।  

3. उमेश द्विवेदी ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यो की ओर से दिए गए अंकों को आधार बनानकर परीक्षा परिणाम घोषित करने का सुझाव पेश किया है। 

4. सुरेश चंद्र त्रिपाठी ने विद्यालय की अर्द्धवार्षिक, वार्षिक तथा प्री-बोर्ड के अंकों के आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार करने का प्रस्ताव पेश किया है। 

5. आकाश अग्रवाल ने हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के अंकों के साथ 12वीं की प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के आधार पर परिणाम घोषित करने का सुझाव दिया। 

6. राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार भडाना ने मासिक, अर्द्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर परिणाम जारी करने का सुझाव दिया। 

7. एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने विद्यार्थियों को उदारता से अंक देने और भविष्य में अंक सुधार का अवसर देने और एमएलसी लाल विहारी यादव ने सुझाव दिया कि अंको का निर्धारण इस प्रकार किया जाए जिससे विभिन्न प्रतियोगी 
 परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों का नुकसान न हो।

uttarpradesh

Jun 08 2021, 13:16

willget_vaccine
अखिलेश यादव लगवाएंगे 'बीजेपी का वैक्सीन', बोले- भाजपा के टीके के खिलाफ, केंद्र के नहीं

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के कोरोना का टीका लगवाने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी टीका लगवाएंगे। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। येवही अखिलेश यादव हैं, जिन्होंने देश में वैक्सीनेशन शुरू होते ही भ्रम फैलाने की कोशिश की थी। उन्होंने कोरोना वैक्सीन को बीजेपी का टीका बताया था और इसे लगवाने से इनकार किया था। मगर अब वैक्सीन को लेकर अखिलेश यादव के सुर बदल गए हैं और उन्होंने भी वैक्सीन लगवाने का ऐलान कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद वैक्सीन लेने की बात करते हुए लोगों से भी टीका लगवाने की अपील की है। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, 'जनाक्रोश को देखते हुए आखिरकार सरकार ने कोरोना के टीके के राजनीतिकरण की जगह ये घोषणा की कि वो टीके लगवाएगी। हम बीजेपी के टीके के खिलाफ थे, पर ‘भारत सरकार’ के टीके का स्वागत करते हुए हम भी टीका लगवाएंगे और टीके की कमी से जो लोग लगवा नहीं सके थे, उनसे भी लगवाने की अपील करते हैं।'

अखिलेश यादव द्वारा टीका लगवाने की बात करने पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश को वैक्सीन के बारे में पहले दिए गए अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए।

मालूम हो कि अखिलेश यादव के पिता और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को ही कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने लखनऊ के मेदांता अस्पताल में वैक्सीन लगवाई। मुलायम सिंह से पहले उनकी बहू अपर्णा यादव ने भी पिछले महीने लखनऊ के लोकबंधु हॉस्पिटल में वैक्सीन लगवाई थी। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तंज कसा था। अब अखिलेश यादव के ऐलान के बाद बीजेपी को हमला करने का एक और मौका मिल गया है।

बता दें कि पूर्व में दिए गए अपने एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा था कि मैं कोरोना का टीका नहीं लगवाऊंगा। ये टीका तो भाजपा वालों का है। मैं इस पर कैसे विश्वास कर सकता हूं।‘

uttarpradesh

Jun 07 2021, 10:20

UP के नए DGP को लेकर मंथन, केंद्र को भेजे गए 31 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम।

उत्तर प्रदेश के मौजूदा डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी इसी जून महीने में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस की बागडोर थामने के किए नए डीजीपी के चयन को लेकर विचार विमर्श शुरू हो चुका है। डीजीपी पद के लिए सभी आर्हताएं पूरी करने वाले आईपीएस अधिकारियों का ब्योरा प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को भेज दिया है।

30 साल की कार्यसेवा पूरी कर चुके IPS अफसरों के भेजे नाम-

केंद्र सरकार को भेजे गए ब्यौरे में 1986 से 1990 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का चयन किया गया है। बता दें कि इस लिस्ट में 31 आईपीएस शामिल हैं। इस लिस्ट में 6 माह के अंदर रिटायर होने वाले अधिकारियों का नाम शामिल नहीं किया गया है। डीजीपी पद के लिए उन आईपीएस अधिकारियों को चुना जाता है, जिन्होंने 30 साल की कार्यसेवा पूरी कर ली हो।

भेजी गई लिस्ट में ये 3 अधिकारी हैं सबसे ऊपर-

मिली जानकारी के मुताबिक सीनियर अफसरों की इस लिस्ट में 3 नाम सबसे आगे हैं, जिनमें नासिर कमाल, मुकुल गोयल और आरपी सिंह का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। इन तीनों अधिकारियों के नाम उत्तर प्रदेश के डीजीपी पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। बता दें कि आईपीएस नासिर कमाल और मुकुल गोयल वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वहीं आरपी सिंह एसआईटी और ईओडब्ल्यू के डीजी हैं।

केंद्र सरकार भेजेगी 3 नाम-

अनुमान है कि इस महीने के अंत तक यूपीएससी की बैठक होगी। इस बैठक में यूपीएससी के चेयरमैन के अलावा केंद्रीय गृह विभाग के अधिकारी और यूपी के मुख्य सचिव सदस्य होते हैं। यूपीएससी और केंद्रीय गृह विभाग संयुक्त रूप से एक अन्य अधिकारी को नामित करते हैं। ये अधिकारी मिलकर राज्य सरकार द्वारा भेजे गए आईपीएस अधिकारियों के नामों से 3 लोगों का चयन करते हैं, जिसे राज्य सरकार के मुख्यमंत्री को भेजा जाता है। मुख्यमंत्री इन तीनों नामों में से किसी एक को डीजीपी बनाने का चयन करता है।

uttarpradesh

Jun 06 2021, 10:00

यूपी:भ्रष्टाचार पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, तीन एसडीएम को डिमोट कर फिर से बनाया गया तहसीलदार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति के तहत जमीन घोटाले में धांधली के आरोपी तीन उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को तहसीलदार के पद पर पदावनत कर दिया गया है। सरकार ने तीनों अधिकारियों को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया है। शनिवार को नियुक्ति विभाग की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए।

एसडीएम प्रयागराज रामजीत मौर्य ने मीरजापुर में तहसीलदार के पद पर तैनाती के दौरान जमीन संबंधी एक मामले में नियमों को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से फैसला दिया था। यह जमीन कई एकड़ में है और इसकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। धांधली की शिकायत होने पर इस मामले की जांच कराई गई, तो इसमें रामजीत मौर्य दोषी पाए गए। 

दूसरा मामला एसडीएम श्रावस्ती जेपी चौहान का है। उन्होंने पीलीभीत में तहसीलदार के पद पर रहते हुए एक जमीन के मामले में मनमाने तरीके से फैसला दे दिया। इस जमीन की कीमत काफी अधिक बताई जा रही है।

इसी प्रकार तीसरा मामला एसडीएम मुरादाबाद अजय कुमार का है। इन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनाती के दौरान एक जमीन के मामले में मनमाने तरीके से नियमों को ताक पर रखकर कार्यवाही की। आरोप है कि अधिग्रहण के बावजूद इस जमीन को छोडऩे का काम किया गया। इस जमीन को एक प्रभावशाली व्यक्ति को देने के लिए यह सारा खेल किया गया। इन तीनों मामले की जांच कराई गई और जांच के बाद इन्हें दोषी पाया गया। दोषी पाए गए अधिकारियों को लोक सेवा आयोग से अनुमति लेने के बाद तहसीलदार के पद पर पदावनत करते हुए राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है।

uttarpradesh

Jun 03 2021, 14:48

-will-hold-meeting
यूपी के सीएम योगी पर चल रही अटकलों के बीच जेपी नड्डा करेंगे बैठक, पार्टी के सभी राष्ट्रीय महासचिवों के साथ करेंगे मंथन

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष ने दो दिन लखनऊ में मंथन कर सत्ता और संगठन की थाह ली है। इस दौरे में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर संगठन और सरकार के कई प्रमुख लोगों से एक साथ तथा अलग-अलग बातचीत की। सरकार व संगठन की नब्ज टटोलने के बाद बीएल संतोष वापस दिल्ली लौट आए। इसके बाद अब दिल्ली में ऑपरेशन यूपी 2022 का ब्लू प्रिंट तैयार होगा।

बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार और रविवार को दिल्ली में बैठक करेंगे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अभी काफी उथल-पुथल चल रही है और यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों वहां आरएसएस के टॉप नेता और संगठन के महामंत्री ने लखनऊ में बैठकें कीं। इसी क्रम में अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मंथन करेंगे।

इस मीटिंग में पार्टी के सभी राष्ट्रीय महासचिव मौजूद रहेंगे। इस मीटिंग में यूपी समेत 2022 में कई राज्यों में विधानसभा चुनावों को लेकर मीटिंग होगी। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कोरोना काल में चलाए जा रहे अभियानों पर भी बातचीत होगी। बता दें कि पार्टी ने कोरोना काल के दौरान गरीबों और वंचितों की मदद के लिए सेवा ही संगठन नाम से अभियान की शुरुआत की है। इसके अलावा बताया जा रहा है कि बैठक में पश्चिम बंगाल, असम समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा की जा सकती है। 
कहा जा रहा है कि महासचिवों और संगठन महामंत्रियों से कहा गया है कि वे अपने राज्यों की रिपोर्ट तैयार करके आएं। खासतौर पर उन राज्यों के प्रभारियों को कहा गया है, जहां अगले साल चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में यूपी, हिमाचल, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और गुजरात शामिल हैं। इसके अलावा कोरोना काल में पार्टी की छवि और उसकी ओर से किए जा रहे कामों की समीक्षा भी की जाएगी।

इस बैठक के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन में फेरबदल किया जा सकता है। हालांकि इस पर प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से किसी तरह का कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।

uttarpradesh

Jun 01 2021, 18:26

-feedback-of-yogi-sarkar
यूपी में पार्टी और सरकार में कैसा है सामंजस्य, विधानसभा चुनाव की तैयारियों से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने एक-एक कर लिया फीडबैक

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर मंथन करना शुरू कर दिया है। इसी को लेकर राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश के प्रभारी राधा मोहन सिंह लखनऊ के दो दिवसीय दौरे हैं। दोनों ने चुनाव से पहले पार्टी और सरकार में सामंजस्य को लेकर मंगलवार को उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या के साथ बंद कमरे में करीब आधा घंटा बातचीत की। बीएल संतोष ने डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा के अलावा योगी कैबिनेट के अन्य सदस्यों से अलग-अलग मुलाकात कर सरकार के कामकाज की जानकारी हासिल की। 

पार्टी के एक मंत्री ने कहा भाजपा नेताओं ने पार्टी के कामकाज के बारे में विस्तार से जानकारी ली और सरकार की लोकप्रियता के बारे में जाना। एक अन्य मंत्री ने कहा कि भाजपा की पूरी कवायद अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर है। पार्टी के प्रदेश महासचिव गोविंद नारायण शुक्ला ने कहा कि श्री संतोष और श्री सिंह ने चुनाव प्रचार की रणनीति की समीक्षा की। उन्होंने अभियान सेवा ही संगठन की समीक्षा की और कहा कि कोविड के कठिन समय के दौरान लोगों की मदद कैसे की जा सकती है। इसके अलावा कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर इस प्रचार अभियान को आगे भी जारी रखा जा सकता है जिससे लोग वैक्सीन के प्रति और अधिक जागरूक हो सके और कोविड प्रोटोकाल का पालन कर सकें।

वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी आलाकमान से मुलाकात के दौरान संगठन और सरकार के बीच अंर्तविरोध सामने आया है। कुछ भाजपा विधायक भी बीएल संतोष से मिलना चाहते हैं मगर विधायकों से मिलने का कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। 

बता दें कि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचे की मजबूती के लिये पार्टी और सरकार में जरूरी सामंजस्य को लेकर बीएल संतोष और उपाध्यक्ष एवं प्रदेश के प्रभारी राधा मोहन सिंह सोमवार को लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर आये थे। उन्होनें सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास में जाकर मुलाकात की थी।

uttarpradesh

May 30 2021, 16:12

अलीगढ में जहरीली शराब से 51 लोगों की मौत, क्षेत्र में दहशत,इस मामले में अब तक छह लोग गिरफ्तार,मुख्य अभियुक्त है फरार,सरकार ने किया घोषणा, पकड़वाने वाले को दिया जाएगा 50 हज़ार रुपये इनाम

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली शराब का कहर  से पूरा क्षेत्र सन्न रह गया। पहले 19 लोगों ने अस्पतालों और गांवों में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि प्रशासन ने केवल 25 मौत की पुष्टि की है। 

इस कांड के जिम्मेबार शराब  माफिया फरार चल रहा है,सरकार ने इन पर  50-50 हजार का इनाम रखा है।इन इनामी शराब ठेकेदारों का अभी कोई सुराग नहीं लगा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली  शराब से हो रही लगातार मौत से पूरा क्षेत्र में दहशत है।

वहीं,इस घटना के बाद  एसएसपी ने एसओ लोधा अभय कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया। मुख्य आरोपी की पत्नी समेत छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

शुक्रवार को सुबह से लेकर रात तक गांव-देहात और अस्पतालों के चक्कर लगाने वाले अफसरों को शनिवार को भी दिन निकलते ही बुरी खबरों ने चौंकाना और घेरना प्रांरभ कर दिया। सुबह पिसावा थानाक्षेत्र के गांव शादीपुर में पांच मौत से अफसरों में हड़कंप मच गया। तहसीलदार संतोष कुमार ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। 

ग्रामीणों का आरोप था कि सभी मौत जहरीली शराब से हुई हैं। इसके बाद जट्टारी का गांव मादक और लोधा के करसुआ में मौतों की सूचना मिली। गांव करसुआ में गैस बॉटलिंग प्लांट के बाहर कैप्सूल ट्रक में भी शव मिला। अलग-अलग गांवों में मौत का क्रम जारी रहा। मेडिकल कॉलेज में दो दिन में शराब से 25 लोगों की मौत दर्ज की गई है।

शनिवार देर रात तक 51 लोगों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। शवों के आने का सिलसिला जारी है। प्रशासन का कहना है कि शराब से केवल 25 ही मौतें हुई है। शेष जिन लोगों का पोस्टमार्टम हुआ है, उनकी रिपोर्ट से मौत का कारण सामने आ जाएगा।उधर, ग्रामीणों का कहना है कि मरने वालों की संख्या 51 से भी ज्यादा है, क्योंकि कई लोगों ने अपने परिजनों का बगैर पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया। मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में एक दर्जन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

मजिस्ट्रियल जांच: एसडीएम, सीओ सहित नौ को नोटिस
शराब कांड की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो चुकी है। जांच कर रहे एडीएम प्रशासन ने डीपी पाल ने बताया कि शराब कांड के मामले में निलंबित हुए जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, एसडीएम अंजनि कुमार, एसडीएम कोल रंजीत सिंह, सीओ खैर शिवप्रताप सिंह, सीओ गभाना कर्मवारी सिंह, सीओ सिविल लाइन विशाल चौधरी, इंस्पेक्टर खैर प्रवेश कुमार, इंस्पेक्टर लोधा अभय शर्मा, इंस्पेक्टर जवां चंचल सिरोही को नोटिस जारी किया गया है।

नलकूप पर चल रहा था देशी शराब का ठेका

शराब कांड के बाद आबकारी विभाग की पोल भी खुलती जा रही है। खैर के गांव अंडला में शुक्रवार को जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों