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Jun 10 2021, 17:57

अपोलो हॉस्पिटल व आईनॉक्स स्वभूमि ने एमएसएमई के कर्मचारियों के लिए शुरू किया टीकाकरण अभियान
  


कोलकाता : ऐसी कंपनियां जो अपने कर्मचारियों का टीकाकरण करवाना चाहती हैं, लेकिन उनके कार्यस्थल पर कोविड -19 टीकाकरण अभियान आयोजित करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. उनके लिए अपोलो मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स, कोलकाता और आईनॉक्स स्वभूमि ने 10 दिवसीय कोविड टीकाकरण शिविर की शुरुआत की है, जहां छोटी और मध्यम कम्पनियों (एमएसएमई) के कर्मचारी टीकाकरण का लाभ ले सकेंगे।इस दौरान प्रतिदिन लगभग 1,000 व्यक्तियों को कोविशील्ड का टीका लगने की उम्मीद है।

अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के सीईओ राणा दासगुप्ता ने कहा कि सरकारी प्रोटोकॉल के मुताबिक टीकाकरण के लिए प्रतीक्षा कक्ष, टीकाकरण कक्ष व अवलोकन कक्ष का होना जरूरी होता है, लेकिन इस प्रोटोकॉल का पालन करना छोटी व मध्यम कम्पनियों के लिए संभव नहीं है।

अपोलो हॉस्पिटल्स और आईनॉक्स स्वभूमि की ओर से शुरू किये गये इस टीकाकरण अभियान के माध्यम से ऐसी कम्पनियों को अपने कर्मचारियों को टीका लगवाने में मदद मिलेगी।

आईनॉक्स लीश़र लिमिटेड (पूर्व) के क्षेत्रीय निदेशक अमिताभ गुहा ठाकुरता ने कहा, “कोविड को हराने में टीकाकरण सबसे निर्णायक तरीका है. हमें यह भी विश्वास है कि आईनॉक्स की आरामदायक आंतरिक सज्जा टीकाकरण के अनुभव को शांत व आरामदायक बनायेगी. हम आशा करते हैं कि महानगर की अधिक से अधिक कंपनियां इस अभियान का सर्वोत्तम उपयोग करेगी.” 

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Jun 10 2021, 17:53

कलकत्ता हाइकोर्ट ने आपराधिक मामलों की जांच में देरी पर संज्ञान लिया
  


कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आपराधिक मामलों की जांच में देरी पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गंभीर संज्ञान लेते हुए ऐसे सभी मामलों की जानकारी मांगी है, जिनमें कानून के तहत तय समयसीमा में आरोप पत्र दाखिल नहीं किये गये।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायाधीश अरिजीत बनर्जी की पीठ ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुये निर्देश दिया कि आरोप पत्र दाखिल करने में देरी की वजहों के साथ उन अधिकारियों की विस्तृत जानकारी दी जाये, जो ‘‘ इन मामलों से संबंधित फाइलों को दबाकर बैठे हैं'' और अदालत में अभियोग दाखिल करने के लिए अनुमति नहीं दे रहे हैं. 

पीठ ने बुधवार को अपने आदेश में कहा, ‘‘इस अदालत के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया जाता है कि पश्चिम बंगाल के सभी अदालतों से ऐसे मामलों की सूचना एकत्र करें जिसमें कानून के तहत तय समयसीमा में आरोप पत्र दाखिल नहीं किये गये हैं.'' अदालत ने इस मामले को 28 जून के लिये सूचीबद्ध करते हुए कहा, ‘‘ अदालत के समक्ष इससे संबंधित सूचना अगली सुनवाई में जिलेवार पेश की जाये.'' 

कार्यवाहक न्यायाधीश ने जलपाईगुड़ी सर्किट पीठ के आदेश के संदर्भ में राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा दी गई जानकारी का अवलोकर करने के बाद कहा कि इस मामले के न्यायिक पक्ष को जनहित याचिका के तौर पर लिया जायेगा. अदालत ने रेखांकित किया कि सीआईडी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 999 ऐसे मामले हैं, जिनमें आरोप पत्र कानून के तहत समय सीमा में दाखिल नहीं किये गये और इनमें कुछ मामले दशक पुराने हैं। 

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Jun 10 2021, 17:49

चुनाव के बाद भी 'खेला' जारी, पश्चिम बंगाल सरकार ने शुरू की 'खेला होबे' योजना
  


कोलकाता :  इस बार के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का ‘खेला होबे’ का नारा काफी लोकप्रिय हुआ था. सभी लोगों की जुबान पर 'खेला होबे' का नारा था और हर जगह खेला होबे के गीत पर थिरक रहे थे।

अब सत्ता में आने के बाद तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 'खेला होबे' के नारे को योजना का रूप दे दिया है. राज्य में खेला होबे योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत राज्य के खेल विभाग द्वारा क्लबों को फुटबॉल वितरित की जायेगी।

युवाओं में खेल के प्रति आकर्षित करने और फुटबॉल में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा खेला होबे योजना के तहत क्लब को फुटबॉल बांटी जायेगी. पश्चिम बंगाल सरकार के खेल विभाग के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह से फुटबॉल बांटने की प्रक्रिया आरंभ की जायेगी।

 किस क्लब को कैसे और कितनी फुटबॉल दी जायेंगी, इसकी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक कर दी जायेगी. खेल विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक जिले के युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले में मौजूद फुटबॉल खेलने वाले क्लबों की तालिका तैयार कर खेल विभाग को भेजें।

युवा कल्याण विभाग ने 28 जून तालिका जमा करने का निर्देश दिया है. इसके बाद क्लबों को फुटबॉल प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. गौरतलब है कि बंगाल में फुटबॉल का खेल पहले से ही काफी लोकप्रिय है। 

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Jun 09 2021, 19:24

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत व युद्धवीर सिंह ने नबान्न भवन में मुख्यमंत्री से की मुलाकात
  


–आप ऐसा मॉडल तैयार करें, जिसे सभी फॉलो करें 

–किसान नेता राकेश टिकैट ने मुख्यमंत्री से की अपील

कोलकाता: भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में किसान नेता कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और नये कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के लिए समर्थन मांगने के लिए बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले. इस मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वे ऐसा मॉडल तैयार करें जिसे सब फॉलो करें, आपने बड़े दुश्मन को हराया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पश्चिम बंगाल में फलों, सब्जियों और दुग्ध उत्पादों के लिए एमएसपी तय करने की मांग करने की मांग की, जो बाकी जगहों पर ‘‘एक मॉडल की तरह काम करेगा. इस पर मुख्यमंत्री ने भी केंद्र सरकार से एमएसपी को लेकर नया कानून बनाने की मांग की. श्री टिकैत ने किसान आंदोलन के प्रति समर्थन के लिए ममता बनर्जी का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि दीदी ने बड़े दुश्मन को हराकर बंगाल को बचा लिया है. अब सभी को एकजुट होकर भाजपा से देश को बचाना होगा. मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए श्री टिकैत ने यहां तक कहा कि उनमें प्रधानमंत्री बनने की क्षमता हैं. इस मौके पर बीकेयू के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि हम चुनावी जीत के लिए ममता बनर्जी को धन्यवाद देते हैं, इसके साथ ही किसानों को उनकी फसलों के लिए उचित एमएसपी दिलाने के कदम के लिए उनका समर्थन चाहते हैं।

श्री सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत और अन्य किसान नेता पिछले एक साल से संसद द्वारा पारित तीन कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन कानूनों से खेतीबाड़ी का बाजारीकरण हो जाएगा और छोटे किसानों को बड़ी खुदरा कंपनियों के शोषण से पर्याप्त सुरक्षा भी नहीं मिलेगी।

गौरतलब है कि हाल में संपन्न बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी राकेश टिकैत ने ममता बनर्जी के समर्थन में नंदीग्राम में सभा की थी और लोगों से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील की थी. राकेश टिकैत और अन्य किसान नेता पिछले एक साल से संसद द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। 

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Jun 09 2021, 19:10

ममता ने किसान नेताओं के आंदोलन का समर्थन करने का आश्वासन दिया
  


कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में आए किसान नेताओं को नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया. तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने यहां किसान नेताओं के साथ बैठक में कहा कि एक ऐसा मंच होना चाहिए जहां राज्य नीतिगत विषयों पर बातचीत कर सकें।

उन्होंने कहा कि राज्यों को निशाना बनाना (बुलडोजिंग) संघीय ढांचे के लिए अच्छी बात नहीं है. उत्तर भारत के किसान संगठनों के नेताओं से इस मुलाकात से कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने घोषणा की थी कि पार्टी पश्चिम बंगाल की भौगोलिक सीमाओं के बाहर अपना प्रभाव बढ़ाएगी।

टिकैत और सिंह की अगुवाई वाले भारतीय किसान यूनियन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ‘भाजपा को कोई वोट नहीं' अभियान चलाया था. उनकी आने वाले समय में अन्य राज्यों के चुनावों में भी इसी तरह की योजना है।

ममता बनर्जी ने किसान नेताओं से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘किसानों के आंदोलन को समर्थन रहेगा. भारत पूरी उत्सुकता से ऐसी नीतियों का इंतजार कर रहा है जिनसे कोविड-19 से लड़ने में, किसानों और उद्योगों की सहायता करने में मदद मिल सकती है.'' 

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘किसानों से बात करना इतना मुश्किल क्यों है?'' वह दरअसल केंद्र सरकार और किसानों के बीच वार्ता रुकने की ओर इशारा कर रही थीं जो संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ कई महीने से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हैं. ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य क्षेत्र से लेकर किसानों और उद्योगों, सभी क्षेत्रों के लिए भाजपा का शासन अनर्थकारी रहा है. हम प्राकृतिक और राजनीतिक दोनों तरह की आपदाओं का सामना कर रहे हैं.'' 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान नेताओं ने उनसे अनुरोध किया है कि वह किसानों के विषयों पर अन्य राज्यों के नेताओं से बात करें और किसान संगठनों के साथ संवाद आयोजित करें.  उन्होंने कहा, ‘‘किसान आंदोलन केवल पंजाब, हरियाणा या उत्तर प्रदेश के लिए नहीं है. यह पूरे देश के लिए है.'' ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राज्यों के लिए जरूरी है कि मिलकर नीतिगत विषयों पर चर्चा करें तथा अन्याय के खिलाफ खड़े रहें। 

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Jun 09 2021, 18:06

नारद मामला : सीबीआइ को गिरफ्तारी के दिन का सीसीटीवी फुटेज जमा करने का निर्देश
  


कोलकाता:  कलकत्ता हाइकोर्ट ने सीबीआइ को गिरफ्तारी के दिन का सीसीटीवी फुटेज हाइकोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि सीबीआइ की ओर से हाइकोर्ट में कहा गया है कि नारद मामले में जिस दिन सीबीआइ ने चारों हेवीवेट नेताओं को गिरफ्तार किया था. उस दिन काफी हंगामा हुआ था. सीबीआइ चारों नेताओं को लेकर निजाम पैलेस पहुंची थी, उसकी थोड़ी देर बाद मुख्यमंत्री वहां पहुंच गयीं और फिर थोड़ी देर में ही निजाम पैलेस के बाहर हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गयी. 

मुख्यमंत्री की उपस्थिति व लोगों की भीड़ के कारण सीबीआइ अपनी कार्रवाई नहीं कर पायी. इसके साथ ही सीबीआइ ने दावा किया है कि विरोध प्रदर्शन की वजह से निचली अदालत में न्याय व्यवस्था प्रभावित हुई थी. हालांकि, राज्य सरकार व बचाव पक्ष ने निचली अदालत में न्याय व्यवस्था के प्रभावित होने की बात को सिरे से नकार दिया है. 

बचाव पक्ष का कहना है कि चारों नेताओं की गिरफ्तारी के दिन निजाम पैलेस के बाहर भले ही विरोध प्रदर्शन हो रहा था, लेकिन कार्यालय के अंदर सभी कार्य स्वाभाविक रूप से हो रहे थे. साथ ही उन्होंने कहा कि बैंकशॉल कोर्ट में भी किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ था. राज्य सरकार व फिरहाद हकीम ने अपने हलफनामे में सीसीटीवी फुटेज देखने का आवेदन किया था. इस पर बुधवार को सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल, न्यायाधीश इंद्र प्रसन्न मुखर्जी, न्यायाधीश हरीश टंडन, न्यायाधीश सौमेन सेन व न्यायाधीश अरिजीत बंद्योपाध्याय की वृहत्तर बेंच ने सीबीआइ को अब गिरफ्तारी के दिन का सीसीटीवी फुटेज जमा करने का निर्देश दिया है.

मुख्यमंत्री व कानून मंत्री का हलफनामा स्वीकार करने से किया इंकार

कलकत्ता उच्च न्यायालय के वृहत्तर बेंच ने बुधवार को नारद मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री और कानून मंत्री का हलफनामा स्वीकार करने से इंकार कर दिया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय वृहत्तर पीठ में सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कानून मंत्री मलय घटक की ओर से राकेश द्विवेदी नाम के अधिवक्ता ने हलफनामा दाखिल करने का आवेदन किया. 

हालांकि केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया और कहा कि इसकी जमा करने की अवधि खत्म हो चुकी है. इसके बाद मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश राजेश बिंदल ने कहा कि हलफनामा दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जायेगी. फिलहाल एक पक्ष का तर्क पूरा हो चुका है. इसलिए नये सिरे से हलफनामा दाखिल करने का कोई औचित्य नहीं है. राकेश द्विवेदी ने कहा कि गत दो जून को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया गया था. आखिर हम लोग क्यों दाखिल नहीं कर सकते हैं. इसके बाद तुषार मेहता ने कहा कि जब मैं न्यायालय में अपना पक्ष रख रहा था, तब मैंने इन नेताओं के पक्ष में हलफनामा  

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Jun 09 2021, 18:02

न्यूटाउन में शूटआउट, दो बदमाशों की मौत, एक पुलिस कर्मी जख्मी
  


-एसटीएफ की तलाशी के दौरान बदमाशों ने की फायरिंग

-जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने चलायी गोली, दो की मौत

कोलकाता । विधाननगर कमिश्नरेट अंतर्गत न्यूटाउन के सापुर्जी इलाके में शूटआउट की घटना हुई. गुप्त सूचना के आधार पर राज्य पुलिस की एसटीएफ की टीम सापुर्जी इलाके में छापेमारी के लिए पहुंची थी, उसी दौरान एक आवासन में तलाशी के दौरान ही दो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोलियां चलायी, जिसमें दो बदमाशों की मौत हुई है. वहीं, एक पुलिस कर्मी भी गोली लगने से जख्मी हुआ है. उसे सॉल्टलेक के गैर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

जानकारी के मुताबिक, सवा तीन बजे की घटना है. मृतकों के नाम जयपाल गुल्लर और जसबीर जर्सी बताये गये हैं. दोनों ही पंजाब के मोस्ट वांटेड थे. दोनों काफी दिनों से छिपे थे. गुप्त सूचना के आधार पर राज्य एसटीएफ ने न्यूटाउन के सापुर्जी इलाके में एक आवासन में छापेमारी की. बदमाशों ने पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. दोनों तरफ से गोलियां चली. .दो बदमाशों की मौत हुई है. एक पुलिस कर्मी जख्मी हुए है. 

एसटीएफ के मुताबिक, बीरभूम के सिउड़ी से कुछ दिनों पहले ही बड़े पैमाने पर विस्फोटक जब्त की गयी थी, तो उसी दौरान जांच पड़ताल में पता चला था कि पंजाब के दो मोस्ट वांटेड न्यूटाउन के सापुर्जी इलाके में छिपे है, जिनसे ही इनका तार जुड़ा हुआ है. इसके बाद ही एसटीएफ तलाशी करने गयी थी. फिलहाल राज्य एसटीएफ की टीम, विधाननगर की पुलिस घटनास्थल पर तलाशी अभियान चला रहे है.  मौके पर टेकनोसिटी थाने की पुलिस भी पहुंची है. इधर, अधिकारियों का अनुमान है कि उक्त आवासन में और भी बदमाश छिपे हो सकते है. तलाशी कर पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है. 

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Jun 09 2021, 17:59

पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य व उनकी पत्नी को नर्सिंग होम से मिली छुट्टी
  



कोलकाता. पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को कोलकाता के एक नर्सिंग होम से बुधवार को छुट्टी दे दी गई.इस नर्सिंग होम में उनका कोविड-19 के बाद हुई समस्याओं के लिए इलाज चल रहा था.डॉक्टरों ने बताया कि उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य को भी छुट्टी दे दी गई है.उन्हें भी इसी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।

नर्सिंग होम के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है.डॉक्टर ने कहा, ‘‘उनकी एंटीबॉडी रिपोर्ट और अन्य मानक ठीक हैं लेकिन उन्हें घर में भी दवाएं लेते रहने की जरूरत है. '' उन्होंने बताया कि भट्टाचार्य (77) सीओपीडी के मरीज हैं और उनके लिए अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे डॉक्टर परिवार के संपर्क में रहेंगे और भट्टाचार्य और उनकी पत्नी दोनों की सेहत पर ध्यान रखेंगे.'' पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी पिछले महीने कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और उन्हें संक्रमण मुक्त होने के बाद दो जून को अस्पताल से छुट्टी दी गयी थी.इसके बाद उन्हें कोविड-19 के बाद की समस्याओं के इलाज के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. 

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Jun 09 2021, 17:55

राज्य की अनुमति के बिना मामला शुरू नहीं कर सकती सीबीआइ, कोयला व गौ तस्करी के आरोपी विनय मिश्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा पक्ष
  



कोलकाता । पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्ष 2018 में एक निर्देशिका जारी की थी, जिसके अनुसार सीबीआइ को यहां किसी के खिलाफ मामला शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी. सीबीआइ स्वयं किसी के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं कर सकती. ऐसी ही दलील कोयला व गौ तस्करी के आरोपी विनय मिश्रा की ओर से मामले की पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने हाइकोर्ट में दी।

 बुधवार को हाइकोर्ट के न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की एकल पीठ पर मामले की सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान अपने मुवक्किल विनय मिश्रा का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सीबीआइ को उनके मुवक्किल के खिलाफ मामला शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी चाहिए थी, लेकिन सीबीआइ ने ऐसा नहीं किया।

हालांकि, मामले में अभिषेक मनु सिंघवी अभी अपना पक्ष रख रहे हैं. बुधवार को हाइकोर्ट ने इस बारे में कोई फैसला नहीं सुनाया. गुरूवार को भी मामले की सुनवाई हाइकोर्ट में जारी रहेगी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कोयला और पशु तस्करी मामले में आरोपी विनय मिश्रा ने कोरोना का हवाला देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए करने की अपील की थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई।

आरोपी विनय मिश्रा ने अपनी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की भी मांग की है. विनय मिश्रा के वकील की दलील है कि वह फिलहाल इस देश का निवासी नहीं हैं. कहा जा रहा है कि उसने भारत सरकार से अपनी नागरिकता रद्द करने की अपील की है. विनय मिश्रा ने 2018 से प्रशांत महासागर के एक द्वीप वानुअतु की नागरिकता हासिल कर ली है. यह जानकारी सीबीआई के हाथ भी लगी है और इस मामले में जांच एजेंसी ने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क साधा है।

गौरतलब है कि विनय मिश्रा फिलहाल कोयला मामले में अंतरिम जमानत पर हैं. चूंकि उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. उल्लेखनीय है कि सीबीआई लंबे समय से व्यवसायी विनय मिश्रा पर मवेशी तस्करी और कोयले की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाते रही है. अधिकारियों के अनुसार, मवेशियों और कोयले की तस्करी का बड़ा पैसा विनय मिश्रा के माध्यम से प्रभावशाली लोगों के पास जाता था. सीबीआई ने दावा किया है कि वह इस तस्करी के गिरोह में से एक है. इंटरपोल को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद भी वे विनय को नहीं पकड़ सके। 

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Jun 04 2021, 21:14

এক ছাত্রীকে  খারাপভাবে করে মারধর, বাড়ির শিক্ষক গ্রেপ্তার,শনিবার আদালতে হাজির করা হবে
  



হাওড়া।  এক ছাত্রীকে খারাপভাবে মারধর করার জন্য পুলিশ বাড়ির শিক্ষককে গ্রেপ্তার করেছে।  অভিযুক্ত শিক্ষকের নাম পঙ্কজ আইচ।  ঘটনাটি বালির নিশ্চন্দ থানার অন্তর্গত রাজাপুরের প্রফুল্ল নগর এলাকা থেকে ভুক্তভোগীর নাম সায়ন্তিকা জানা।  

তিনি তৃতীয় শ্রেণির ছাত্রী।  তথ্য মতে, সায়ন্তিকা বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় পড়াশোনা করতে গিয়েছিলেন।  সেখান থেকে বাড়ি ফিরে তিনি কাঁদতে শুরু করলেন।  তিনি বাবা সঞ্জীব জানাকে বলেছিলেন যে ওই শিক্ষক তাকে মারধর করেছেন।  মেয়ের মুখে ক্ষতের চিহ্ন দেখে পুরো পরিবার হতবাক হয়ে গেল।  বাবা অভিযুক্ত শিক্ষকের বিরুদ্ধে থানায় অভিযোগ দায়ের করেছেন।  

অভিযোগটি নিবন্ধ হওয়ার সাথে সাথে পুলিশ বিষয়টি তদন্ত শুরু করে এবং অভিযুক্ত শিক্ষককে গ্রেপ্তার করেছে।  অভিযুক্তকে শনিবার হাওড়া আদালতে হাজির করা হবে।