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Apr 02 2020, 10:31

इंदौर में कोरोना संदिग्ध की पहचान करने पहुंची टीम पर पथराव (देखें वीडियो)

कोरोना वायरस का संकट देश में बढ़ता ही जा रहा है। हर रोज कोरोना वायरस के नए मरीजों की पुष्टि हो रही है। इस बीच मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए शख्स की पहचान के लिए गई स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर पथराव की घटना सामने आई है।
घटना इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके की है। जहां स्वास्थ्यकर्मियों पर पथराव किया गया। दरअसल, इंदौर के छतरीपुरा थाना क्षेत्र में जब 2 डॉक्टरों, आशा कार्यकर्ता, तहसीलदार के साथ पुलिसकर्मियों की टीम कोरोना वायरस के मरीजों को जांच के लिए पहुंची तो उसी समय वहां के लोगों ने डॉक्टरों की टीम पर हमला कर दिया और पथराव किया। तनाव को देखते हुए बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया. हंगामा और पथराव करने वालों की पुलिस पहचान कर रही है।

टाट पट्टी बाखल इलाके में बीते दिनों एक शख्स की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। उस मरीज़ के संपर्क में जो लोग भी आए स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी स्क्रीनिंग के लिए गयी थी, लेकिन सहयोग करने के बजाए इलाके के लोग स्वास्थ्य विभाग की टीम का विरोध करने पर आमादा हो गए। धीरे धीरे शुरू हुआ विरोध तेज होता गया और बात पथराव तक आ पहुंची। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए इस इलाके को कैंटोमेंट घोषित किया गया था। सुरक्षा के लिहाज से बेरिकेडिंग की गई थी, लेकिन गुस्साई भीड़ ने बेरिकेड भी तोड़ दिए।

भारी पथराव होने लगा तो और फोर्स बुलाया गया और तत्काल अफसर भी वहां पहुंच गए. पुलिस बल ने सख्ती दिखाते हुए हंगामा करने वालों को खदेड़ दिया। मौके पर बढ़ता हंगामा देखते हुए कमान संभालने पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने पथराव किया था। सुरक्षा के लिए लगाए गए बेरियर तोड़ दिए गए. जल्द उनकी पहचान कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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Apr 02 2020, 10:19

पीएम मोदी ने चीनी प्रधानमंत्री को पत्र, लिखकर कोविड-19 से निपटने के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया को स्वीकार करने की सलाह दी

मोदी ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को और अधिक गहरा और मजबूत बनाने के लिए चीनी प्रधानमंत्री के साथ काम करने को लेकर भारत आशान्वित हैं


भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने  चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग को पत्र लिखकर कोविड 19 के कारण उत्पन्न वैश्विक समस्या से निपटने के लिए विश्व के प्रतिकिर्या को अपनाने का सलाह दिया है ।  

विदेश मंत्रालय के  के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग को भेजे संदेश में यह बात कही। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखकर दोनों देशों के मजबूत संबंधों को रेखांकित किया ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'कोविड-19 महामारी हमें इस बात की याद दिलाती है कि दुनिया एक दूसरे से परस्पर किस प्रकार से जुड़ी हुई है और इसलिए इससे (कोरोना वायरस) मुकाबला करने के लिए सही अर्थो में वैश्विक प्रतिक्रिया को अपनाने की आवश्यकता है।' 

मोदी ने कहा कि भारत और चीन दो प्राचीन सभ्यताएं हैं, जिनके बीच सदियों से परस्पर लाभकारी आदान-प्रदान का लंबा इतिहास रहा है।

उन्होंने कहा कि हम दो बड़े विकासशील देश और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएँ हैं और आज तेजी से वैश्विक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध न केवल दोनों देशों के लिए उपयुक्त हैं बल्कि हमारे क्षेत्र और विश्व की शांति, स्थिरता और समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दोनों देशों के संबंधों को और अधिक गहरा और मजबूत बनाने के लिए चीनी प्रधानमंत्री के साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को लिखे पत्र में चीन की सरकार और वहां के लोगों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की।

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Apr 02 2020, 10:18

खुशखबरी - पेट्रोलिम कंपनी ने किया  LPG रसोई गैस सिलेंडर,सस्ता,प्रति सिलेंडर 61.5 रुपये कम


कोरोना इफेक्ट के बीच देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs HPCL, BPCL, IOC) ने बिना-सब्सिडी वाले एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर  की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है।

 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडाइज्‍ड एलपीजी सिलेंडर के दाम दिल्‍ली में 61.5 रुपये प्रति सिलेंडर सस्‍ते हुए हैं. अब नई कीमतें घटकर 744 रुपये पर आ गई है। 

सरकार ने 31 मार्च को देश में उत्पादित नेचुुरल गैस  के दाम घटाने का ऐलान किया है। कीमतों में 26 प्रतिशत की बड़ी कटौती की गई है ।नेचुरल गैस के दाम घटने से सीएनजी (CNG), पाइप के जरिये घरों तक पहुंचाई जाने वाली गैस (PNG) के दाम भी कम होंगे, लेकिन इससे ओएनजीसी (ONGC ) जैसी गैस उत्पादक कंपनियों के राजस्व में भारी कमी आने की आशंका है।


IOC की वेबसाइट पर दिए दाम के मुताबिक, अब दिल्‍ली में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडाइज्‍ड रसोई गैस सिलेंडर की कीमत घटकर 744 रुपये रह गई है जो 805.50 रुपये थ

विभिन्न महानगरों का  का रेट

कोलकाता में 744.50 रुपये, 

मुंबई में 714.50 रुपये 

 चेन्‍नई में 761.50 रुपये 

दिल्ली में 744 रुपये

19 किलोग्राम LPG रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की गई है जो पहली अप्रैल से लागूू हो गए हैं. दिल्‍ली में 19 किग्रा का रसोई गैस सिलेंडर 96 रुपये सस्‍ता हुआ है. इससे पहले गैस सिलेंडर की कीमत 
1,381.50 रुपये थी जो पहली अप्रैल से घटकर 1,285.50 रुपये पर आ गई है.

इसी प्रकार, कोलकाता में इसकी कीमतें घटकर 1,348.50 रुपये, मुंबई में 1,234.50 रुपये और चेन्‍नई में 1,402 रुपये पर आ गई है.

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Apr 01 2020, 22:37

दुनियां की सबसे प्रतिष्ठित विंबलडन टेनिस ग्रैंड स्लैम द्वितीय विश्वब युद्ध के बाद पहली बार कोरोना वायरस के कारण हुआ रद्द

 इस वैश्विक महामारी के कारण इसके  पहले फ्रेंच ओपन को भी आगे खिसका दिया गया था जबकि सात जून तक सभी प्रतियोगिताएं भी रद्द कर दी गई हैं। कोविड-19 के कारण विश्व भर की सभी खेल प्रतियोगिताएं प्रभावित हुई हैं और अब ऑल इंग्लैंड क्लब में होने वाला एकमात्र ग्रासकोर्ट ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट भी रद्द हो गया है।

  विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता 29 जून से शुरू होना था जहां नोवाक जोकोविच और सिमोना हालेप को अपने एकल खिताब का बचाव करने के लिये उतरना था। लेकिन अब इस टूर्नामेंट को रद्द किया गया है । चुकी  विश्व भर  में  कोविड-19 महामारी को फैलने से नही रोका जा सका  कोरोना के कारण ही दुनिया भर में  आठ लाख 40 हज़ार लोग संक्रमित  हैं और 40,000 से अधिक की मौत हो चुकी है।

विंबलडन के रद्द होने का मतलब है कि कई बार के चैंपियन रोजर फेडरर, सेरेना विलियम्स और वीनस विलियम्स आल इंग्लैंड क्लब में अपना आखिरी मैच खेल चुके हैं। फेडरर और सेरेना 2021 की चैंपियनशिप तक लगभग 40 साल के हो जाएंगे जबकि वीनस 41 वर्ष की हो जाएगी। पिछले साल फाइनल में हालेप से हारने वाली सेरेना के नाम पर अभी 23 ग्रैंडस्लैम खिताब हैं और उन्हें मारग्रेट कोर्ट के रिकार्ड की बराबरी के लिए एक खिताब की जरूरत है। 
  यह प्रतियोगित पहली बार 1877 से शुरू हुआ था पहली बार 1915-18 प्रथम विश्व युद्ध एवम द्वितीय विश्व युद्ध 1940-45 में रद्द हुआ था। आयोजन समिति ने मौजूदा हालात को लेकर एक आपात बैठक में इस प्रतिष्ठित खेल को इस वर्ष बी  रद्द किया है

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Apr 01 2020, 22:29

यूपी सरकार ने 'द वायर' के संस्थापक-संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ किया FIR दर्ज,

उन पर आरोप है कि सीएम योगी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक वातें छापी,खंडन के बाद भी नही हटाया गया यह खबर

लखनऊ( यू पी ) इन दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच कई फेंक समाचारों का दौर चल पड़ा है। इस बीच देश के चर्चित न्यूज पोर्टल द वायर पर आरोप है कि एक गलत न्यूज़  द वायर पर छापा जिसमे यूपी के मुख्यमंत्री के संबंध  कुछ आपत्ति जनक बातें छपी। जिसे यूपी सरकार ने हटाने के लिए कहा नही हटाये जाने पर यूपी सरकार ने द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ एक एफ आई आर दर्ज करा दी 
है ।यूपी की योगी सरकार  ने द वायर के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए यह कारवाई किया है।

द वायर पर मुख्य मंत्री आदित्यनाथ के खिलाफ फर्जी खबरें फैलाने का आरोप है । जिसके कारण यह एफआईआर दर्ज की गई है। इसके मुताबिक वरदराजन ने तब्लीगी जमात के कामों को सफेद करने की बोली में यूपी के सीएम को गलत उद्धरण दिया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की चेतावनी के बावजूद वरदराजन ने न तो गलत लेख को हटाया और न ही इसके लिए माफी मांगी।  प्राथमिकी दर्ज की गई है और पहले की तरह कार्रवाई की गई है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।'

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Apr 01 2020, 19:22

मरकज से निकले 2100 से ज्यादा ‘वायरस बम’

कहां है मकरज देखें वीडियो


कोरोना का हॉट स्पॉट बना दिल्ली के निजामुद्दिन मकरज को खाली करा दिया गया है। दिल्ली की वो इमारत जहां दुनियाभर से मुस्लिम समुदाय के लोग जमात के लिए पहुंचे थे। वो इमारत जहां से करीब 2100 लोगों को निकाला गया है, जिनके कोरोना संक्रमित होने की पूरी आशंका जतायी जा रही है। साथ ही यहां से निकल कर देशभर में पहुंचे लोगों की वजह से वायरस के ‘फट’ कर बिखरने की भी पूरी आशंका जतायी जा रही है। क्या आप देखना चाहेंगे भारत में कोरोना के गढ़ को (देखिए वीडियो)

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Apr 01 2020, 18:55

तेलंगाना में घर लौटने वालों मजदूरों को रोकने के लिए केसीआर सरकार की पहल

कोरोना के इस हालात में जहां प्रवासियों का पलायन रोकना राज्य सरकारों के लिए टेढ़ी खीर बनता जा रहा है।दिल्ली की केजरीवाल सरकार तो इस दिशा में पूरी तरह से फेल साबित हो चुकी है। उस हालात में तेलंगाना की केसीआर सरकार ने संक्रमण को फैलने से रोकने और लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करने के लिए प्रवासियों का पलायन पूरी तरह से रोकने का फैसला किया है। 
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा है कि उनके राज्य में करीब 3 लाख प्रवासी लोग हैं। लॉकडाउन में इनका पूरा खर्चा सरकार उठाएगी, किसी को भी इस हालात में अपने अपने घर लौटने की जरूरत नहीं है। सीएम केसीआर ने प्रवासी मजदूरों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपने राज्य के विकास का प्रतिनिधि बताया और कहा कि हर व्यक्ति के राशन, पानी, मेडिकल और रहने का पूरा दायित्व राज्य सरकार पर होगा। इसके लिए राज्य सरकार करोड़ो रूपये खर्च करने को तैयार हैं। सीएम ने बताया कि राज्य में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को अगर वो अकेला है तो 500 रूपये और 12 किलो चावल और परिवार के साथ है तो 2 हजार रूपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर अपने नजदीकि पुलिस समेत किसी अधिकारी, विधायक या सांसद से भी इस बाबत संपर्क कर अपनी परेशानी बतायी जा सकती है।
आपको बता दें कि कोरोना और राज्य के खजाने पर आर्थिक संकट के मद्देनजर तेलंगाना की के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर की सरकार ने बहुत कड़ा और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों की सैलरी में 75 परसेंट तक की कटौती का फैसला किया है। तेलंगाना सरकार ने नौकरी वालों के साथ-साथ पेंशन पाने वाले पूर्व कर्मचारियों और अधिकारियों के पेंशन में भी 50 परसेंट तक की कटौती कर दी गई है। सिर्फ क्लास 4 कर्मचारियों की सैलरी या रिटायर्ड ग्रुप 4 कर्मचारियों के पेंशन में 10 परसेंट की कटौती का फैसला हुआ है।

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Apr 01 2020, 18:50

कोरोना सकंट के दौरान देश के विभिन्न मस्जिदों से मिले विदेशी नागरिक, क्या जमात के नाम पर हो रही साजिश
Part 2


देश के अलग अलग राज्यों में भारी संख्या में विदेशी मौलवियों के मिलने के बाद से ही केंद्रीय जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।  बिहार की राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र स्थित कुर्जी दीघा स्थित कुर्जी गेट नंबर 74 स्थित मस्जिद में रह रहे तजाकिस्तान के 10 नागरिकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। दरअसल, स्थानीय लोगों ने पुलिस को इस मस्जिद में विदेशियों के होने की खबर दी थी। जानकारी मिली की धर्म प्रचार के लिये ये सभी चार मार्च को ही पटना में आये थे। अलग-अलग जगहों पर रहने के बाद ये कुर्जी स्थित मस्जिद में पहुंचे.पुलिस ने इन सभी का पासपोर्ट व वीजा चेक किया। अब तक की तफ्तीश में यह बात सामने आयी है कि चार महीने पहले ये सभी भारत आये थे। तबलीगी जमायत नाम की संस्था के द्वारा सभी भारत आये थे।


इधर लखनऊ के अमीनाबाद की एक मस्जिद में ठहरे  विदेशी नागरिक विदेशी नागरिकों को जांच के लिए भेजा गया है. फिलहाल जो खबरे आ रही है उसके मुताबिक उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले से विदेशी नागरिक के बरामद होने की खबरे आ रही है जो तबलीगी मरकज में शामिल होने आये थे. बिजनौर में नगीना की जामुन वाली मस्जिद में  8 विदेशी नागिरक मिले इनमें से पांच पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है.  खूफिया एजेंसियों व एलआईयू के अनुसार, लखनऊ में 24 धर्म प्रचारकों के होने की खबर है. मंड़ियांव में 17 बांग्लादेशियों के होने की संभावना जताई जा रही है.  दिल्ली में कोरोना के 200 संदिग्ध मिले, इनमें 100 विदेशी नागरिक, मस्जिद में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.  ये सभी कुछ दिनों पहले एक मस्जिद में एक कार्यक्रम में इकट्ठा हुए थे. जनता कर्फ्यू के दिन हुए इस कार्यक्रम में करीब 1200 लोग पहुंचे थे.साउथ दिल्ली में बनी इस 6 मंजिला इमारत में 2 हजार लोग हैं, जिनमें से 280 विदेशी हैं.इनमें से करीब 300 में कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं.पुलिस ने इस मामले की पूरी जानकारी गृह मंत्रालय को भेज दी है. 

कोरोना सकंट के दौरान देश के विभिन्न मस्जिदों से मिले विदेशी नागरिक, क्या जमात के नाम पर हो रही साजिश      ( part1 )
 http://bit.ly/3bHtewL

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     @India  देश-विदेश के लोगों को मिलाकर कुल 1830 लोग मरकज में पहुंचे थे. इस अवधि के बाद भी 1,400 लोग यहां रुके हुए थे. कोरोनावायरस के चलते मरकज से अब तक कुल 860 लोगों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया जा चुका है. वहीं अभी 300 और लोगों को निकाल कर अस्पताल ले जाया जा रहा है. इन्हीं में से मरकज में शामिल होने वाले छह लोगों की तेलंगाना में कोरोनावायरस से मौत हो गई. उधर, अंडमान में 10 लोगों की रिपोर्ट में कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है.
    दरअसल गृह मंत्रालाय के अनुसार जो विदेश तबलीग जमात से जुड़कर भारत में आते हैं, वो टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आते हैं. उन्हें धार्मिक कार्यों में शामिल होने की अनुमति नहीं होती है. पर जिस तरीके से मामले देश में सामने आ रहे हैं, सभी विदेशी नागरिकों को मस्जिद से बरामद किया गया है जो यहां धर्म के प्रचार के लिए आये थे. जो वीजा के नियमों का उल्लंघन है. तो क्या अब इनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
    एक अंग्रेजी न्यूज पोर्टल के मुताबिक तवलीगी जमात के संपर्क अल कायदा और कश्मीरी आतंकवादियों से भी है. वेबसाइट के मुताबिक 2011 में वीकीलीकिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि अल कायदा के कार्यकर्ता जमात का इस्तेमाल पाकिस्तान जाने का वीजा पाने के लिए किया जाता था. वो दिल्ली और उसके आस-पास भी रहते थे. फिर जिस तरह से भारत के अलग-अलग राज्यों से तबलीगी जमात से जुड़े विदेशी नागरिकों को बरामद किया गया है . मलेशिया और इंडोनेशया में तबलीगी जमात के नाम गरीब तबके के लोगों को बरगलाने का काम किया जाता है. उससे यह भी कहा जा सकता है कि क्या तबीलीगी जमात को कोरोना वायरस फैलाने के लिए आर्थिक मदद दी गयी थी. दिल्ली के तबलीगी मरकज में शामिल एक इटली के नागरिक को बरामद किया गया है. जिसे पुलिस अपने साथ जांच के लिए ले गयी है. भारत में जो पहला कोरोना का संक्रमण पाया गया था वो इटली के नागरिक के जरिये ही हुआ था. इससे मामला और गंभीर हो जाता है. तो क्या यह एक जैविक आतंकवाद का हिस्सा है.
    एक नजर विदेश से मरकज में आने वाले लोगों की संख्या पर ( संख्या और भी बढ़ सकती है)
    इंडोनेशिया- 72
    थाईलैंड- 71
    श्रीलंका- 34
    म्यांमार- 33
    कीर्गिस्तान- 28
    मलेशिया- 20
    नेपाल- 19
    बांग्लादेश- 19
    फिजी- 4
    इंग्लैंड- 3
    कुवैत- 2
    फ्रांस- 1
    सिंगापुर- 1
    अल्जीरिया- 1
    जीबौती- 1
    अफगानिस्तान- 1
     
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Apr 01 2020, 18:48

कोरोना सकंट के दौरान देश के विभिन्न मस्जिदों से मिले विदेशी नागरिक, क्या जमात के नाम पर हो रही साजिश

Part 1
दिल्ली में तबलीगी जमात में शामिल लोगों के देश के अलग अलग राज्यों की मस्जिदों में छुपे मिलने और उनमें से अधिकांश में कोरोना की पुष्टि होने के बाद सरकार और प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। झारखंड की राजधानी रांची हो, महाराष्ट्र का अहमदाबाद हो या फिर यूपी के कई शहर इन लोगों की मौजूदगी की वजह से कोरोना का खतरा बढ़ गया है। जिसके बाद मरकज में शामिल लोगों की तलाश और निगरानी जारी है। सबसे पहले एक नजर विदेश से मरकज में आने वाले लोगों की संख्या पर ( संख्या और भी बढ़ सकती है)
इंडोनेशिया- 72
थाईलैंड- 71
श्रीलंका- 34
म्यांमार- 33
कीर्गिस्तान- 28
मलेशिया- 20
नेपाल- 19
बांग्लादेश- 19
फिजी- 4
इंग्लैंड- 3
कुवैत- 2
फ्रांस- 1
सिंगापुर- 1
अल्जीरिया- 1
जीबौती- 1
अफगानिस्तान- 1

बात करें झारखंड की तो राजधानी रांची में एक सप्ताह के अंदर 29 विदेशी मौलवी मिले हैं। रांची के हिंदपीड़ी मस्जिद से 22 और रड़गाव स्थित मस्जिद से 11 विदेशी मुस्लिम नागरिक मिले। रांची के बारे में खबर यह भी है कि रांची में कुल 46 विदेशी नागरिक तबलीगी मरकज में शामिल होने आये थे। जिनमें से 24 को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी 22 का कोई पता नहीं चल पाया है। इनमें से ही एक मलेशियाई युवती झारखंड में पहली कोरोना पॉजिटिव पायी गयी है। जिले के विदेशी शाखा को उनके आने व रहने की सूचना नहीं होने के कारण इस गतिविधि को संदिग्ध देखा जा रहा है। अगर कोरोना से बचाव के लिए पूरे देश में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाउन नहीं किया गया होता तो इसका पता भी नहीं चलता। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या जमात के नाम पर कोई बड़ा खेल तो नहीं हो रहा है।

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Apr 01 2020, 16:58

तबलीगी जमात के लोगों के घूमने से मामले बढ़े- स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के 1637 केस सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में 386 नए केस आए हैं. 38 लोगों की मौत हुई है. 132 मरीज ठीक हुए हैं. कल से कोरोना के पॉजिटिव केस बढ़े हैं. तबलीगी जमात के लोगों के घूमने से मामले बढ़े हैं.लव अग्रवाल ने कहा कि तबलीगी जमात से जुड़े 1800 लोगों को अस्पताल और क्वारनटीन सेंटर भेजा गया है.उन्होंने आगे कहा कि रेलवे 3.2 लाख आइसोलेशन और क्वारनटीन बेड बना रहा है. ये 5000 रेल कोच में बनेगा. इसका काम शुरू हो गया है.