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Mar 26 2020, 08:56

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हुआ फिदायीन हमला, 27  श्रद्धालुओं की  हुई मौत, इस्लामिक स्टेट ने ली हमले की जिम्मेबारी
  


अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आईएस आतंकियों ने बुधवार को एक गुरुद्वारे को निशाना बनाते हुए फिदायीन हमला किया।

यह हमला सुबह 7.30 बजे तब हुआ, जब  यहां सिख समुदाय के सैकड़ों लोग प्रार्थना के लिए जुटे थे। प्राप्त सूचनानुसार धमाके में 27 सिक्ख श्रद्धालुओं की मौत हो गई,जबकि 8 लोग घायल हुए जिन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया। इस हमला के बाद   सुरक्षाबलों ने गुरुद्वारे की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की जिसमें  चार आतंकियोंं को मार गिराया गया। इस हमले के बाद बच्चों को सुरक्षित  बाहर निकाला गया।   हमले की जिम्मेबारी  इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने  ली है।

उल्लेखनीय है  कि अफगानिस्तान में करीब 300 सिक्ख परिवार रहते हैं। इनकी संख्या काबुल और जलालाबाद में अधिक है। इन्हीं दो शहरों में गुरुद्वारे भी हैं।

भारत ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि  आज पूरी दुनियां ‘‘कोरोनावायरस महामारी से जूझ रहा है ऐसे समय में अफगानिस्तान में अल्पसंख्यको  समुदाय के धार्मिक स्थानों पर इस तरह के कायरतापूर्ण हमले ने साबित कर दिया कि अपराधियों और उनके आकाओं कितना नीचे गिर चुका है ।



जिस समय वहां हमला हुआ  गुरुद्वारे में 150 से ज्यादा लोग मौजूद थे। 

आतंकी गुट तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट किया- इस हमले से संगठन का कोई लेनादेना नहीं है। हमने कोई हमला नहीं किया।
हमले के बाद गुरुद्वारा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

पिछले साल भी आईएसआईएस ने किया था हमला

अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिक्खों और हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर आए दिन हमले होते रहते हैं। इसके पहले 2018 में राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात करने जा रहे हिंदुओं और सिक्खों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें 19 सिख और हिंदु मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने ली थी। इन हमलों से सिख और हिंदु समुदाय डरा हुआ है। बड़ी संख्या में सिखों और हिंदुओं ने देश छोड़ने का फैसला कर लिया है। तीन सालों में काफी पीड़ितों ने भारत से शरण मांगी है।

गुरुद्वारे को चारों तरफ से सुरक्षाबलों ने घेर लिया। सड़कों पर आवाजाही रोक दी गई।

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Mar 25 2020, 20:40

केरल में फंसे प.चंपारण के 50 मजदूरों की व्यवस्था को लेकर माले ने गृह सचिव से  की बात
  

 
कहा- जगह-जगह फंसे मजदूरों की सुरक्षा व उनके ठहरने की व्यवस्था करे सरकार.

कल प्रधानमंत्री द्वारा अचानक घोषित लाॅॅकडाउन के कारण बिहार के मजदूर जगह-जगह फंसे हुए हैं. केरल के त्रिसूर में पश्चिम चंपारण के 50 मजदूर फंसे हुए हैं. गाड़ियो के बंद हो जाने के कारण वे बिहार नहीं लौट सकते. और उनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है.

इसको लेकर भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बिहार के गृह सचिव से बात की और उनसे तमाम मजदूरों के ठहराव व भोजन की उचित व्यवस्था करने की माग की.

उन्होंने कहा कि भाकपा-मालेे बिहार सरकार से लाॅकडाउन के कारण जगह-जगह फंसे मजदूरों की सुरक्षा, ठहराव व भोजन की उचित व्यवस्था की मांग करती है. कई जगह से इस प्रकार की रिपोर्टं आरही हैं.

माले राज्य सचिव ने यह भी बताया कि त्रिसूर में मौजूद सुभाष कुशवाहा का नंबर केरल के भाकपा-माले नेता काॅमरेड वेणुगोपाल को दे दिया गया है, और हमारी पार्टी भी अपने स्तर से मजदूरों के ठहराने की व्यवस्था करेगी.

ये सभी मजदूर पश्चिम चंपारण के चनपटिया अंचल के घोघा पंचायत के रहने वाले हैं. इनके नाम हैं – 1. सुभाष कुशवाहा 2. संदीप कशवाहा 3. सुरजेश कुमार 4. कुंदन कुमार 5. मंटू कुमार 6. सोना कुशवाहा 7. अविनाश दूबे 8. विजय कुमार 9. साबिन हुसैन 10. आजाद हुसैन 11. नितेश कुशवाहा 12. सदन शर्मा 13. अनिल तिवारी 14. आकाश दास 15. विकास दास 16. दीपनारायण शर्मा 17. मनीष दास 18. मनतोस साह 19. हरि दास 20. रामू कुशवाहा 21. लालबाबू दास 22. संदीप दास 23. अमित साह 24. गुलाम हैदर 25. बितन आलम 26. गुलफाम आलम 27. इरफान आलम 28. आजाद आलम 29. मुन्ना कुशवाहा 30. लालचन साह 31. हवलदार आलम 32. इदृश आलम 33. साजन दास 34. मुन्ना आलम 35. शिवरतन दास 36. राजा दास 37. शंभू दास 38. फिरोज आलम 39. विनोद कुशवाहा 40. अशोक राम 41. वीरेन्द्र ठाकुर 42. श्याम ठाकुर 43. रवि साह 44. हरि दास 45. मंतोष कुमार 46. पंकज साह 47. अजय कुमार 48. संतोष कुमार 49. ठाकुर जी 50. कंुवर

उसी प्रकार, पटना जिले के पालीगंज थाना के ग्राम जरखा के 12 मजदूर खगड़िया जिले में फंसे हुए हैं. इनके नाम हैं – 1. नीतीश बिंद 2. शनिचर बिंद 3. रामएकबाल बिंद 4. सत्येन्द्र बिंद 5. बसंत बिन्द 6. रामलखन बिंद 7. संतोष बिन्द 8. फुलेन्द्र बिंद 9. उमेश बिंद 10. राकेश पासवान 11. जितन पासवान 12. रामाकांत कुमार

भाकपा-माले के पूर्व विधायक व केद्रीय कमिटी के सदस्य काॅ. अरूण सिंह ने परबत्ता के एसडीओ से इस सिलसिले में बात की. जिसके बाद सभी मजदूरों को झंझड़ा, पंचायत महदीपुर, प्रखंड परबत्ता के आंगनबाड़ी केंद में रखवा गया.

इसी प्रकार, कटिहार, सीमांचल व बिहार के अन्य इलाकों के मजदूर राज्य और राज्य के बाहर जगह-जगह फंस गए हैं. सभी लोगो को उचित स्थान पर पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता में होनी चाहिए.

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Mar 25 2020, 17:40

कोरोना वायरस की चपेट में आए ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स, टेस्ट में पाए गए पॉजिटिव, क्लैरेंस हाउस ने की पुष्टि, चल रहा है इलाज
  




ब्रिटेन में कोरोना वायरस के कारण 422 लोगों की मौत और कुल 8077 लोग संक्रमित हैं। इस बीच प्रिंस चार्ल्स भी कोरोना वायरस से संक्रमित  हो गए हैं। इसकी पुष्टि क्लैरेंस हाउस ने की है। बयान में कहा कि 71 वर्षीय चार्ल्स का कइलाज किया जा रहा है। शाही पैलेस के प्रवक्ता ने बताया कि प्रिंस चार्ल्स में कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण पाए गए हैं। यथोचित चिकित्सा के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जाती है।

लगातार बढ़ रहा खतरा, सावधानी ही बचाव

दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल चुका है। दुनिया भर में इस वायरस से अब तक 414884 लोग संक्रमित हो चुके हैं , वहीं 18583 लोगों की मौत हो गई है। इस बीमारी से 66907 लोग ठीक हो चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व स्तर पर कोरोना से अब तक 372000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं वहीं मरने वालों की संख्या 16000 से ज्यादा है।

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Mar 25 2020, 17:27

लाॅकडाउन में लापरवाही नहीं समझदारी दिखाने की है जरूरत
  


पूरे देश में तालाबंदी हो गई है। हालांकि केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार जरूरत की हर चीज मुहैया करने में प्रयासरत है।इस मुश्किल घड़ी में हमें खुद भी समझदारी दिखाने की जरूरत है। हम पूरी कोशिश करें की घर से बाहर ना जाना पड़े,जबतक कोई विषम परिस्थिति सामने ना हो। इसके लिए हमें हमारे रहन सहन में भी बदलाव करने की जरूरत है 

इसकी शुरूआत हम कर चुके हैं, हमने घर से बेवजह बाहर निकलना बंद कर दिया है। अब घर के भीरत रहकर भी हमें खुद को संयमित रखना पड़ेगा। कुछ एक बातें जिनका हमें ख्याल रखना चाहिए -   

-	हर किसी से अपील है कि हर दिन खाने में विशेष इंतजाम ना करें।

-	कम सामग्री के साथ कम आइटम पकाएं।

-	कम तेल, कम मसालें, कम चीनी और कम गैस की ज़रूरत वाली चीज़ें पकाएँ।
 
-	कम खर्चीलें बनें, जिससे आपका स्टॉक लंबे समय तक चल सकता है।


-	जब तक लाकडाउन के हालात हैं, बिग बॉस के घर में होने का दिखावा करो और सिंपल कुकिंग करने का चैलेंज लो।
-	शाम का नाश्ता हो या डिनर एक ही बार शाम 7 बजे के करीब लें या फिर जब सभी को भूख लगी हो। तो रात का खाना हल्का हो सकता है या फिर केवल दूध पीकर भी अच्छी नींद ली जा सकती है।

हममें से बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका कामवाली के बिना काम नहीं चलता है। पर हालात ही कुछ ऐसे हैं की कामवाली आपके घर तक नहीं पहुंच सकती, तो क्यों ना घर के कामों को आसाम बनाए- 

-	ऐसा खाना बनाएं जिसमें कम से कम बर्तन का इस्तामाल हो, जैसे खिचड़ी, पुलाव, बिरयानी।
-	छोटे-छोटे प्लेटों में खाएं, और हर कोई अपने अपने प्लेट, चम्मच और प्याली को धोएं।

-	हल्के कपड़े जैसे शॉर्ट्स, टी शर्ट, ट्रैक पहनें, आप वैकल्पिक दिनों में वॉशिंग मशीन लगा सकते हैं।


सभी परिवार के सदस्य लिविंग रूम में अपना सामान दूर-दूर रखकर रह सकते हैं।ताकि बिजली की बचत हो।हम पहले से ही गर्मी का सामना कर रहे,
इस तरह की दिनचर्चा इस मुश्किल वक्त में अपनाकर हम सब कुछ दिनों के लिए हमारी मदद कर सकते हैं।

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Mar 25 2020, 15:34

जानिए, हमारे कोरोना फाइटर्स को कैसे ड्रेस चाहिए और कितनी है इनकी उपलब्धता
  


कोरोना से लड़ने के लिए डॉक्टरों को चाहिए रोज़ 5 लाख बॉडी कवर PPE


कोरोना वायरस से लड़ने और राहत कार्य के लिए अलग तरह के ड्रेस की जरूरत है। कवरेज़ की तस्वीरों को देखें तो यह एक अंतरिक्ष यात्रियों की ड्रेस जैसी लगती है। शुरुआती समय में चीन के डाक्टर सफेद रंग के बॉडी कवर में दिखते थे। उनका चेहरा ढंका होता था। हेल्मेट जैसा पहने थे। सामने शीशा था। सर से लकर पांव तक सब कुछ ढंका था। इस बाडी कवर के कई पार्ट होते हैं। इन्हें कुल मिलाकर पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट PPE कहते हैं। कई तस्वीरों में बॉडी कवर पर भी छिड़काव किया जाता था कि उतारने के वक्त ग़लती से कोई वायरस शरीर के संपर्क में न आ जाए। इसी को हज़मत सूट भी कहते हैं। इसे एक बार ही पहना जाता है। इसके पहनने और उतारने की एक प्रक्रिया होती है। पहनने को Donning कहते हैं। उतारने को Doffing कहते हैं। Doffing के लिए अलग कमरे में जाना होता है। इस तरह से उतारा जाता है जैसे पीछे से कोई कोट खींचता हो। फिर स्नान करना होता है जो उसी कमरे के साथ होता है तब जाकर डॉक्टर अपने कपड़ों में बाहर निकलता है। 
हालांकि अभी भारत के डॉक्टर अपनी सुरक्षा के लिए ज़रूरी इन बुनियादी चीज़ों को लेकर  चिन्तित हैं। वे सवाल उठा रहे हैं कि जब वही संक्रमित हो जाएंगे तो इलाज कैसे करेंगे? वैसे ही देश में डॉक्टर कम हैं, नर्स कम हैं, अगर यही बीमार हो गए, तो क्या होगा? अगर डॉक्टर पूरी तरह से सुरक्षा के उपकरणों से लैस नहीं होंगे तो मरीज़ के करीब ही नहीं जाएंगे। तो अंत में इसकी कीमत मरीज़ भी चुकाएंगा। 

भारत में ये उठ रहे हैं सवाल

भारत में इस वक्त कितने PPE उपलब्ध हैं? हर उस अस्पताल में जहां कोरोना के संभावित मरीज़ों की स्क्रीनिंग हो रही है या इलाज चल रहा है वहां पर चांदी की तरह चमकने वाले बॉडी कवर PPE कितने हैं? भारत को हर दिन पांच लाख PPE की ज़रूरत है?  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने इसके लिए सरकारी कंपनी HLL को आर्डर किया है। कि वह मई 2020 तक साढ़े सात PPE तैयार कर दे और 60 लाख N-95 मास्क तैयार कर दे और एक करोड़ तीन प्लाई मास्क। 

कई मेडिकल कॉलेज से उठ चुकी है मांग

 बिहार के दरभंगा मेडिकल कालेज के डॉक्टरों ने काम करने से मना कर दिया है। उनके पास ज़रूरी दास्ताने और मास्क नही है। भागलपुर मेडिकल कालेज और पटना मेडिकल कालेज के डाक्टर और मेडिकल छात्रों के होश उड़े हैं कि बग़ैर सुरक्षा उपकरणों के कैसे मरीज़ के करीब जाएंगे। 
एम्स के रेज़िडेंट एसोसिएशन ने डायरेक्टर को पत्र लिखा है। जब RDA ने एम्स के अलग अलग वार्ड में चेक किया कि आपात स्थिति में कितने पर्सनल प्रोटेक्टिव गियर हैं तो पता चला कि ज़्यादातर वार्ड में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी सामान पूरे नहीं हैं। RDA ने एम्स प्रशासन से अनुरोध किया है कि डॉक्टरों और नर्स के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव ग

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Mar 25 2020, 14:59

कोरोना वायरस से जंग में मदद करेगा भारत सरकार का CoWin-20 स्मार्टफोन एप्लीकेशन, जल्द होगी लॉन्चिंग। 
  




राहुल सिन्हा 

नई दिल्ली : कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए भारत सरकार अपनी हर संभव कोशिश कर रही है। मंगलवार की देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लिए पूरे देश में लॉक डाउन का ऐलान किया है। इसके साथ ही कोरोना से जंग के लिए कई अन्य निर्णय भी लिए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में भारत सरकार अब कोरोनवायरस के प्रसार को रोकने  के लिए एक स्मार्टफोन ऐप पर काम कर रही है। “CoWin-20” नामक यह ऐप अभी बीटा परीक्षण में है और यह एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफार्मों के लिए लॉन्च होगा।
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए CoWin-20 स्मार्टफोन के लोकेशन के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को ट्रैक करेगा। एप्लिकेशन उपयोगकर्ता के ट्रैवल हिस्ट्री को भी रिकॉर्ड करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उपयोगकर्ता और वैसे लोग जो उसके संपर्क में है, Covid 19 के चपेट में आ सकते हैं..
इसके अलावा, इस ऐप के माध्यम से यूजर्स भारत में कोरोनावायरस परीक्षण केंद्रों और क्वॉरेंटाइन साइटों के स्थान का भी पता लगा पाएंगे। CoWin-20 ऐप सरकारी सलाहकारों और कोरोनावायरस की जानकारी की भी मेजबानी करेगा। इस ऐप के माध्यम से भारत सरकार द्वारा जारी किए गए कोरोनावायरस के सभी नवीनतम अपडेट पर यूजर्स को सतर्क किया जाएगा।
  वर्तमान में, CoWin -20 का Apk version कुछ चुनिंदा लोगों के लिए उपलब्ध है। कुछ दिनों में यह ऐप सभी के लिए लॉन्च होने वाला है।
भारत में कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने में मदद करने वाला यह पहला स्मार्टफोन ऐप होगा। गौरतलब है कि भारत सरकार ने हाल ही में COVID -19 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सभी तक पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप का सहारा लिया है। इसके लिए व्हाट्सएप पर G MyGov कोरोना ’हेल्प डेस्क चाटबोर्ड को रोलआउट किया है। WHO भी व्हाट्सएप पर नियमित रूप से कोरोनवायरस पर अपडेट के साथ उपलब्ध है।
    ऐसे में देखना होगा कि लांचिंग के बाद भारत सरकार का यह CoWin -20 एप्लीकेशन कोरोना वायरस से जंग में किस हद तक मदद करता है।

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Mar 25 2020, 14:58

पीएम नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की मीटिंग में सोशल डिस्टेंसिंग

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Mar 25 2020, 14:35

इटली में हालात चिंताजनक,  9.8 फीसदी पहुंचा मृत्यु दर, अंतिम संस्कार कर भी लगी रोक
  



कोरोना वायरस ने इटली के तबाह कर दिया है।इटली में 5,249 नए मामले आए हैं और COVID19 की चपेट में आने वालों की संख्या कुल 69,176 पहुंच गई है। वहीं, इससे मरने वालों की संख्या 6,820 पहुंच गई है। इसके साथ ही यहां की मृत्यु दर भी चिंताजनक 9.8% पर है। यहां सिर्फ 8,326 लोग ही अब तक ठीक हो सके हैं।

हालांकि इस मामत के बीच इटली में लगातार तीसरे दिन इस महामारी के संक्रमण में गिरावट आई। इटली में रविवार को 3,957, सोमवार को 3,780 और  मंगलवार को 3,612 मामले सामने आए थे। हालांकि मंगलवार को इटली में 743 लोगों की कोरोना के संक्रमण से मौत हो गई। इससे पहले शनिवार को इटली में 793 लोगों की मौत हो गई थी।
इटली में नए संक्रमण के मामलों में गिरावट से मेडिकल ऑफिसर खुश होने लगे थ,  हालांकि, एक दिन बाद ही यह खुशी फीकी पड़ गई है। मंगलवार को इटली में 743 लोगों की मौत हो गई।
कोरोना के खौफ की वजह से इटली में अंतिम संस्‍कार पर रोक लगी है जिससे कई परिवार वाले अपने करीबियों को अंतिम गुड बॉय भी नहीं कर पा रहे हैं। मरने वालों की संख्‍या इतनी ज्‍यादा है कि लाशों को दूसरे शहरों में दफनाया जा रहा है। इटली की आबादी ज्यादातर बुजुर्ग होने के कारण इन लोगों को बचा पाना एक बड़ी चुनौती बन चुका है। आलम यह है कि शहर की दीवारों से लेकर अखबार के पन्ने तक हर दिन हो रहीं मौतों के शोक-संदेशों से पटे पड़े हैं।
इटली में मौत के आंकड़े किस कदर बढ़े इसे ग्राफ के जरिए आसानी से समझा जा सकता है, और हमारे देश में हालात ऐसे ना हो जाए, इसलिए घरों में ही बने रहें, नहीं तो........

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Mar 25 2020, 12:17

कोरोना से मचे कोहराम के बीच अच्छी खबर, 24 मार्च को संक्रमण के मामलों में आई 55 फीसदी की कमी

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है। देश में कोरोना के मामलों में मंगलवार 24 मार्च को 55 फीसदी की कमी देखी गई।माना जा रहा है कि सोशल डिस्टेंट और लाकडाउन के कारण वायरस के फैलाव में कमी आई है। हालांकि अब भी वायरस का खतरा उतना ही बना हुआ है। हमे इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखनी है। देश के प्रधानमंत्री ने आने वाले 21 दिनों के लिए पूरे देश को लाकडाउन कर दिया है। अब लोगों का ये कर्तव्य होना चाहिए की प्रधानमंत्री के निर्देश का पालन करें और खुद के साथ साथ अपने परिवार, समाज और देश के भले के लिए घरों मे रहें।

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Mar 25 2020, 12:13

कोरोना से मचे कोहराम के बीच अच्छी खबर, 24 मार्च को संक्रमण के मामलों में आई 54 फीसदी की कमी
  


कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है। देश में कोरोना के मामलों में मंगलवार 24 मार्च को 55 फीसदी की कमी देखी गई।माना जा रहा है कि सोशल डिस्टेंट और लाकडाउन के कारण वायरस के फैलाव में कमी आई है। हालांकि अब भी वायरस का खतरा उतना ही बना हुआ है। हमे इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखनी है। देश के प्रधानमंत्री ने आने वाले 21 दिनों के लिए पूरे देश को लाकडाउन कर दिया है। अब लोगों का ये कर्तव्य होना चाहिए की प्रधानमंत्री के निर्देश का पालन करें और खुद के साथ साथ अपने परिवार, समाज और देश के भले के लिए घरों मे रहें।