यूएन में भारत ने उड़ाई पाकिस्‍तान के दावों की धज्जियां, ओसामा बिन लादेन का नाम लेकर घेरा

#indiaslamspakistanaungapmshehbaz_shari

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है। भारत की फर्स्‍ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने ‘राइट टू रिप्लाई’ के तहत पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और दोहरे रवैये का आरोप लगाया 'फॉर्म 47 सरकार' और लादेन का जिक्र कर पाकिस्तान को उसी की भाषा में करारा जवाब दिया।

ओसामा बिन लादेन का नम लेकर घेरा

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं। यह घटना न्यूयॉर्क शहर और दुनिया के भयानक 9/11 आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है। इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि इसका मास्टरमाइंड, ओसामा बिन लादेन, पाकिस्तानी सेना की प्रमुख एकेडमी के ठीक पास रह रहा था। यही वह संस्था थी जिसके सामने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इतना गहरा सम्मान दिखाया। हालांकि, पाकिस्तान के लोग जिसे खुद 'फॉर्म 47 सरकार' कहते हैं, उससे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है।

भारत ने पाकिस्तान की बखिया उधेड़ी

संयुक्त राष्ट्र में बारतीय प्रतिनिधि पेटल ने आगे कहा, हमने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानव मूल्यों पर ऐसे उपदेश सुने जो उस सरकार की तरफ से आए हैं, जिसकी राजधानी इस समय अपने ही लोगों से बचाने के लिए सुरक्षा घेरे में है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह ‘सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए चलने वाली सरकार’ है। सरकार में चेहरे बदल सकते हैं, लेकिन असली फैसले कौन लेता है, इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। पाकिस्तान की हकीकत उसके 27वें संविधान संशोधन और उसके असली शासक को दी गई आजीवन कानूनी छूट से भी सामने आती है।

‘दिन में सुरक्षा और रात में आतंकवाद’

यूएनजीए में पेटल गहलोत ने पाकिस्तानी पीएम को सुनाते हुए कहा कि हमने जो बातें सुनीं, वे ऐसे लोगों की तरफ से आईं जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा इतिहास रहा है। वे दिन में सुरक्षा की बात करते हैं, लेकिन असल में रात में आतंकवाद फैलाते हैं। इस सभा में धार्मिक असहिष्णुता के बारे में ऐसी सरकार ने टिप्पणी की, जो खुद ईशनिंदा कानूनों पर टिकी है।

‘खोखली बातें दुनिया को गुमराह नहीं कर सकतीं’

भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आगे कहा दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है। कोई भी खोखली और दिखावटी बात दुनिया को गुमराह नहीं कर सकती। इस पूरे मुद्दे की जड़ में पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही सीमा पार आतंकवाद की नीति है। हमने पिछले साल दिखा दिया था कि आतंकवादियों के लिए न कोई सुरक्षित जगह होगी और न ही छिपने की जगह। आतंकवाद से अपनी रक्षा करना हमारा अधिकार है और हम इसका इस्तेमाल करेंगे। अगर पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद जारी रहा, तो इसके नतीजे होंगे। इससे उन रिश्तों पर भी असर पड़ेगा, जो अब तक दोस्ती और सद्भावना के आधार पर बनाए गए थे। हमें भरोसा है कि यह महासभा पाकिस्तान और उसकी नीतियों को उसी रूप में देखेगी, जैसी वे वास्तव में हैं, न कि जैसा पाकिस्तान का प्रतिनिधि उन्हें दिखाने की कोशिश करता है।

यूएन में भारत ने उड़ाई पाकिस्‍तान के दावों की धज्जियां, ओसामा बिन लादेन का नाम लेकर घेरा

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है। भारत की फर्स्‍ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने ‘राइट टू रिप्लाई’ के तहत पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और दोहरे रवैये का आरोप लगाया 'फॉर्म 47 सरकार' और लादेन का जिक्र कर पाकिस्तान को उसी की भाषा में करारा जवाब दिया।

ओसामा बिन लादेन का नम लेकर घेरा

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं। यह घटना न्यूयॉर्क शहर और दुनिया के भयानक 9/11 आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है। इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि इसका मास्टरमाइंड, ओसामा बिन लादेन, पाकिस्तानी सेना की प्रमुख एकेडमी के ठीक पास रह रहा था। यही वह संस्था थी जिसके सामने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इतना गहरा सम्मान दिखाया। हालांकि, पाकिस्तान के लोग जिसे खुद 'फॉर्म 47 सरकार' कहते हैं, उससे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है।

भारत ने पाकिस्तान की बखिया उधेड़ी

संयुक्त राष्ट्र में बारतीय प्रतिनिधि पेटल ने आगे कहा, हमने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानव मूल्यों पर ऐसे उपदेश सुने जो उस सरकार की तरफ से आए हैं, जिसकी राजधानी इस समय अपने ही लोगों से बचाने के लिए सुरक्षा घेरे में है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह ‘सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए चलने वाली सरकार’ है। सरकार में चेहरे बदल सकते हैं, लेकिन असली फैसले कौन लेता है, इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। पाकिस्तान की हकीकत उसके 27वें संविधान संशोधन और उसके असली शासक को दी गई आजीवन कानूनी छूट से भी सामने आती है।

‘दिन में सुरक्षा और रात में आतंकवाद’

यूएनजीए में पेटल गहलोत ने पाकिस्तानी पीएम को सुनाते हुए कहा कि हमने जो बातें सुनीं, वे ऐसे लोगों की तरफ से आईं जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा इतिहास रहा है। वे दिन में सुरक्षा की बात करते हैं, लेकिन असल में रात में आतंकवाद फैलाते हैं। इस सभा में धार्मिक असहिष्णुता के बारे में ऐसी सरकार ने टिप्पणी की, जो खुद ईशनिंदा कानूनों पर टिकी है।

‘खोखली बातें दुनिया को गुमराह नहीं कर सकतीं’

भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आगे कहा दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है। कोई भी खोखली और दिखावटी बात दुनिया को गुमराह नहीं कर सकती। इस पूरे मुद्दे की जड़ में पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही सीमा पार आतंकवाद की नीति है। हमने पिछले साल दिखा दिया था कि आतंकवादियों के लिए न कोई सुरक्षित जगह होगी और न ही छिपने की जगह। आतंकवाद से अपनी रक्षा करना हमारा अधिकार है और हम इसका इस्तेमाल करेंगे। अगर पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद जारी रहा, तो इसके नतीजे होंगे। इससे उन रिश्तों पर भी असर पड़ेगा, जो अब तक दोस्ती और सद्भावना के आधार पर बनाए गए थे। हमें भरोसा है कि यह महासभा पाकिस्तान और उसकी नीतियों को उसी रूप में देखेगी, जैसी वे वास्तव में हैं, न कि जैसा पाकिस्तान का प्रतिनिधि उन्हें दिखाने की कोशिश करता है।