सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।

सुनीता विलियम्स की घर वापसी, जानें साथी बुच विल्मोर के साथ कैसा रहा अंतरिक्ष से पृथ्वी तक का सफर

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अंतरिक्ष में फंसे नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर ‘स्पेसएक्स’ का यान बुधवार तड़के (भारतीय समय) धरती पर पहुंचा। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की नौ महीने बाद धरती पर वापसी हुई है। उनका स्पेसएक्स कैप्सूल फ्लोरिडा की खाड़ी में पैराशूट के जरिए सुरक्षित उतरा। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में सुनीत विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्री 9 महीने तक फंसे थे। कई बार उन्हें धरती पर लाने की कोशिश हुई। मगर अब जाकर सफलता मिली है। नासा ने सुबह-सुबह यह बड़ी खुशखबरी दी है।

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नासा क्रू-9 अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, निक हेग, बुच विल्मोर और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव ने स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के सफल स्पलैशडाउन के बाद आज सुबह नौ महीने से अधिक समय में पहली बार धरती की हवा में सांस ली। अंतरिक्ष यात्रियों को स्ट्रेचर पर कैप्सूल से उतरा गया। स्पेसएक्स कैप्सूल फ्लोरिडा के पनहैंडल में स्प्लैशडाउन हुआ। स्प्लैशडाउन के लगभग एक घंटे के बाद अंतरिक्ष यात्री अपने कैप्सूल से बाहर आए, कैमरों की ओर हाथ हिलाते हुए मुस्कुरा रहे थे। उन्हें चिकित्सा परीक्षण के लिए स्ट्रेचर पर ले जाया गया, जो लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशन के बाद एक सामान्य प्रक्रिया है।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने पहले अंतरिक्ष गए थे। बोइंग की एक टेस्ट फ्लाइट में खराबी की वजह से ये एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में फंस गए। 5 जून को बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल से लॉन्च करने के बाद दोनों के एक या दो हफ्ते में वापस आने की उम्मीद थी। लेकिन अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते में इतनी सारी दिक्कतें आईं कि आखिरकार नासा को स्टारलाइनर को खाली वापस भेजना पड़ा और टेस्ट पायलटों को स्पेसएक्स में ट्रांसफर करना पड़ा। इसके बाद स्पेसएक्स कैप्सूल की दिक्कतों के कारण एक महीने की और देरी हुई।

जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा के व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था।

पीएम मोदी ने सुनीता विलियम्स को लिखा पत्र, बोले- आप हमारे दिलों के करीब


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नौ महीने से अंतरिक्षण में फंसी नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती वापसी का मिशन शुरू हो गया है। सुनीता अपने साथी बुच विलमोर के साथ वापसी के लिए अंतरिक्ष यान में सवार हो चुकी हैं। सुनीता विलियम्स 19 मार्च यानी बुधवार तड़के लैंड करेंगी। केवल अमेरिका को ही नहीं भारत समेत पूरी दुनिया को सुनिया विलियम्स की लैंडिग का इंतजार है।इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स को चिट्ठी लिखी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षित वापसी और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो के माध्यम से सुनीता विलियम्स को भेजे गए अपने पत्र में कहा, भले ही आप हजारों मील दूर हों, लेकिन आप हमारे दिल के करीब हैं। पीएम के इस पत्र को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने साझा किया है। जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, जबकि पूरी दुनिया सुनीता विलियम्स की सुरक्षित वापसी के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इस बेटी के लिए अपनी चिंता अलग तरह से व्यक्त की।

पीएम मोदी ने अपने पत्र में सुनीता विलियम्स की खूब तारीफ की। पीएम ने कहा, मैं आपको भारत के लोगों की ओर से शुभकामनाएं देता हूं। आज एक कार्यक्रम में मैं प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो से मिला। हमारी बातचीत के दौरान, आपका नाम आया और हमने चर्चा की कि हमें आप और आपके काम पर कितना गर्व है। इस बातचीत के बाद, मैं खुद को आपको पत्र लिखने से नहीं रोक पाया। जब मैं अमेरिका की अपनी यात्राओं के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप या पूर्व राष्ट्रपति बाइडन से मिला, तो मैंने आपके बारे में पूछा। 140 करोड़ भारतीयों ने हमेशा आपकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व किया है। हाल के घटनाक्रमों ने एक बार फिर आपके प्रेरणादायक धैर्य और दृढ़ता को प्रदर्शित किया है।

बता दें कि अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं। उनका धरती की तरफ सफर शुरू हो गया है। उनके साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी स्पेस स्टेशन से धरती के लिए रवाना हो गए हैं।सुनीता विलियम्स और उनके साथियों की वापसी स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन क्राफ्ट से हो रही है। सुनीता विलियम्स और सुनीता विलियम्स को लेकर ड्रैगन क्राफ्ट भारतीय समय के हिसाब से बुधवार तड़के 3:27 बजे लैंड करेगा।

सुनीता विलियम्स को स्पेस से लेकर रवाना हुआ ड्रैगन क्राफ्ट, जानें कब और कहां होगा लैंड


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अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं। उनका धरती की तरफ सफर शुरू हो गया है। उनके साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी स्पेस स्टेशन से धरती के लिए रवाना हो गए हैं।सुनीता विलियम्स और उनके साथियों की वापसी स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन क्राफ्ट से हो रही है। सुनीता विलियम्स और सुनीता विलियम्स को लेकर ड्रैगन क्राफ्ट भारतीय समय के हिसाब से बुधवार तड़के 3:27 बजे लैंड करेगा।

चारों एस्ट्रोनॉट के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होने के बाद सुबह 08:35 बजे इस स्पेसक्राफ्ट का हैच यानी, दरवाजा बंद हुआ और 10:35 बजे स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अलग हुआ।नासा ने बताया है कि स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट आईएसएस से सफलतापूर्वक अनडॉक हो गया है, यानी उसकी धरती की तरफ यात्रा शुरू हो गई है। 18 मार्च को सुबह 10:35 बजे क्राफ्ट की अनडॉकिंग हुई। ड्रैगन हार्मोनी मॉड्यूल पर स्टेशन के आगे की ओर वाले पोर्ट से अलग हो गया और नियंत्रित थ्रस्टर फायरिंग के तहत धीरे-धीरे दूर चला गया। कैप्सूलअपने महत्वपूर्ण सिस्टम जांच करेगा और बुधवार की सुबह के लिए निर्धारित डीऑर्बिट बर्न के लिए तैयार होगा।

स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने में कितना समय लगेगा?

इस सफर में करीब 17 घंटे लगेंगे। नासा की ओर से इस इवेंट का एक अनुमानित शेड्यूल जारी किया गया है। इसमें मौसम के कारण बदलाव भी हो सकता है।

नासा के अनुसार 19 मार्च को सुबह 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू होगा। यानी, कक्षा से उल्टी दिशा में स्पेसक्राफ्ट का इंजन फायर किया जाएगा। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट की पृथ्वी के वातावरण में एंट्री होगी और सुबह फ्लोरिडा के तट पर पानी में लैडिंग होगी।

लैंडिग के बाद रिकवरी प्रोटोकॉल का होगा पालन

फ्लोरिडा तट पर उतरने इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को एक-एक करके अंतरिक्ष यान से बाहर निकाला जाएगा। सफल लैंडिंग के बाद चालक दल को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में कुछ दिनों के लिए नियमित पोस्ट-मिशन मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा। अंतरिक्ष यात्रियों को अकेलेपन की मनोवैज्ञानिक चुनौतियों के अलावा जीवित रहने के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण हड्डियों और मांसपेशियों की गिरावट, विकिरण जोखिम और दृष्टि हानि का सामना करना पड़ता है।

विलियम्स और बुच का क्या था मिशन ?

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग और नासा के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर गए थे। इस मिशन का उद्देश्य बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस लाने की क्षमता को टेस्ट करना था। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर 8 दिन में रिसर्च और कई एक्सपेरिमेंट भी करने थे। मिशन के दौरान उन्हें स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली भी उड़ाना था।

खत्म हुआ इंतजारःनौ महीने अंतरिक्ष से धरती पर लौट रहीं सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष यान में हुईं सवार


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स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान ड्रैगन से भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की पृथ्वी पर वापसी तय हो गई है। सुनीता अपने साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर के साथ स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्षयान में सवार हो गई हैं। यह यान कुछ ही समय में धरती के लिए रवाना होने वाला है। 18 मार्च यानी आज भारेतीय समयानुसार 10 बजकर 35 मिनट पर यान को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से अलग यानी अनडॉक किया जाएगा। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन यानी आईएसएस पर 9 महीने से फंसी इन दोनों अंतरिक्षयात्रियों का पूरी दुनिया में इंतजार हो रहा है।

सुनीता और बुच स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर लौटेंगे। दोनों बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल से पिछले साल पांच जून को केप कैनवेरल से रवाना हुए थे। वे दोनों आठ दिन के मिशन के लिए ही गए थे, लेकिन अंतरिक्ष यान से हीलियम के रिसाव और वेग में कमी के कारण ये लगभग नौ महीने से अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे हुए हैं।

नौ माह से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फंसे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के 3:27 बजे धरती पर पहुंचेंगे। इससे पहले दोनों यात्री यान पर सवार हो गए। सुबह 08.15 बजे यान का ढक्क्न बंद किया गया। इसके बाद सुबह 10.35 बजे अनडॉकिंग होगा, जिसमें आईएसएस से यान को अलग किया जाता है।

19 मार्च को सुबह 02.41 बजे डीऑर्बिट बर्न (वायुमंडल में यान का प्रवेश) होगा। सुबह 03.27 बजे समुद्र में यान की लैंडिंग होगी। सुबह 05.00 बजे पृथ्वी पर वापसी के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। सुनीता और बुल को धरती पर लौटने में कुल 17 घंटे लगेंगे।

फ्लोरिडा तट के पास पानी में उतरेगा यान

पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलने के बाद यान अमेरिका में फ्लोरिडा तट के पास पानी में उतरेगा। इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को एक-एक करके अंतरिक्ष यान से बाहर निकाला जाएगा। नासा पूरी वापसी प्रक्रिया का लाइव कवरेज कर रहा है, जिसमें हैच क्लोजर, अनडॉकिंग और स्प्लैशडाउन शामिल है। सफल लैंडिंग के बाद चालक दल को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में कुछ दिनों के लिए नियमित पोस्ट-मिशन मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा।

286 दिन बीता स्पेस मे बिताया

सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में कुल 286 दिन बीता चुकी होंगी। इसके साथ ही वह एक यात्रा में तीसरी सबसे ज्यादा दिन तक आईएसएस पर बिताने वाली महिला वैज्ञानिक हो बन जाएंगी। इस मामले में सबसे पहले पायदान पर 328 दिनों के साथ क्रिस्टीना कोच हैं। वहीं पिग्गी वीटस्न 289 दिनों के साथ दूसरी पायदान पर हैं। आईएसएस में एक बार में सबसे ज्यादा 371 दिन अंतरिक्ष यात्री फ्रैंक रूबियो ने बिताए हैं।कुल मिलाकर सबसे ज्यादा दिन बिताने का रिकॉर्ड 675 दिनों के साथ पिग्गी वीटस्न के पास है। अंतरिक्ष में स्पेश वॉक का रिकॉर्ड सुशान हेलम्स और जेम्स वोस के पास है। इन दोनों ने एक बार 8 घंटे 56 मिनट तक स्पेसवॉक किया था। सुनीता विलियम्स ने अब तक नौ बार स्पेसवॉक किया है।इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट स्पेसवॉक में बिताए हैं। इस मामले में वे पहले स्थान पर हैं।

सुनीता विलियम्स की वापसी में फिर रोड़ा, तकनीकी खामी के कारण स्पेस एक्स के मिशन में देरी

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नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी विल्मोर की पृथ्वी पर वापसी फिर टल गया है। दोनों को धरती पर वापस लाने के लिए क्रू-10 का मिशन लॉन्च किया जाना था, जिसके जरिए 4 अंतरिक्षयात्री इन दोनों की जगह स्पेस में भेजे जाते, लेकिन अब क्रू-10 के मिशन को तकनीकी खराबी के चलते रद्द कर दिया गया है।एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने अपने क्रू-10 लॉन्च को हाइड्रॉलिक समस्या के कारण स्थगित कर दिया है।जिससे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को वापस लाने की योजना एक बार फिर अटक गई है।

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नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने वाले क्रू-10 मिशन को फाल्कन 9 रॉकेट में ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रोलिक सिस्टम समस्या के कारण लॉन्चिंग को रद्द कर दिया गया है। फाल्कन रॉकेट की नियोजित शाम की उड़ान से चार घंटे से भी कम समय पहले एक महत्वपूर्ण हाइड्रॉलिक सिस्टम को लेकर चिंताएं उठीं। जैसे ही काउंटडाउन क्लॉक टिक रही थी, इंजीनियरों ने हाइड्रॉलिक्स की जांच की। इसका उपयोग रॉकेट को उसके समर्थन संरचना से जोड़ने वाले दो में से एक हाथ को छोड़ने के लिए किया जाता है। यह संरचना लिफ्टऑफ से ठीक पहले पीछे की ओर झुकनी चाहिए थी। पहले से ही अपने कैप्सूल में बंधे हुए चार अंतरिक्ष यात्री अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे, जो काउंटडाउन में एक घंटे से भी कम समय शेष रहते आया।

नासा के बयान के मुताबिक स्पेस एक्स के ड्रैगन क्रू कैप्सूल से अंतरिक्ष यात्री एनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापानी स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव से बाहर आ चुके हैं। अगला लॉन्च 13 मार्च को शाम 7:26 बजे के बाद होगा। नासा के कैनेडी लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से इसकी समीक्षा की जा रही है। लॉन्च कवरेज नासा+ पर दोपहर 3:25 बजे (स्थानीय समय) शुरू होगा। माना जा रहा है कि डॉकिंग 14 मार्च को रात 11:30 बजे (स्थानीय समय) होगी।

नासा ने कहा कि 13 मार्च के क्रू-10 लॉन्च के साथ अंतरिक्ष यात्री निक हेग, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव क्रू-9 मिशन सोमवार 17 मार्च को सुबह 9:05 बजे से पहले अंतरिक्ष स्टेशन से प्रस्थान करेगा। बशर्ते कि फ्लोरिडा के तट से दूर स्पलैशडाउन स्थानों पर मौसम खराब हो। नासा ने कहा कि क्रू-10 स्पेसएक्स के मानव अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली का 10वां क्रू रोटेशन मिशन है। नासा के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष स्टेशन के लिए डेमो-2 परीक्षण उड़ान सहित चालक दल के साथ इसकी 11वीं उड़ान है।

बता दें कि 5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता और बुच विल्मोर यात्रा पर भेजा था। यह दोनों सिर्फ 8 दिनों के लिए आईएसएस पर गए थे, लेकिन उनका मिशन काफी हद तक आगे बढ़ गया था। बोइंग का स्टारलाइनर कैप्सूल, जो उन्हें अंतरिक्ष तक ले गया था, उस में खराबी आई, इसी के बाद कैप्सूल उनके बिना धरती पर लौट आया था।

धरती पर जल्द लौटेंगी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, जानें पृथ्वी पर वापसी का क्या है नासा का मिशन

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सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर लंबे समय से अंतरिक्ष में रह रहे हैं। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर बीते नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। विलियम्स और बुच विल्मोर आखिरकार पृथ्वी पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है वो अगले हफ्ते तक धरती पर वापसी कर सकते हैं। वे स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर वापस यात्रा करेंगे।

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नासा के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह जोड़ी 16 मार्च को पृथ्वी पर लौटेगी। विलियम्स और विलमोर को 5 जून, 2024 को एक क्रू फ्लाइट टेस्ट पर लॉन्च किया गया था। हालांकि, उनके कैप्सूल में लगातार गड़बड़ियां आने के बाद, वे आईएसएस पर रह रहे हैं। अंतरिक्ष यात्रियों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर लगभग 10 दिनों के लिए रहना था, लेकिन उनके कैप्सूल में समस्याएं आने के कारण एजेंसी को उनकी वापसी को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।

नासा का क्रू-10 मिशन 12 मार्च को लॉन्च होगा। इस मिशन के लिए इस्तेमाल होने वाला स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल लॉन्च साइट पर पहुंच चुका है। सोमवार को क्रू-10 मिशन के सदस्यों के साथ नासा और स्पेसएक्स ने 12 मार्च के लॉन्च का पूर्वाअभ्यास भी कर लिया। इस मिशन के साथ ही भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी विल्मोर जल्द ही अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

विलियम्स समेत चार अंतरिक्ष यात्री लौटेंगे

नासा का स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पिछले साल सितंबर में बिना क्रू के वापस आया था। बाद में, नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोरबुनोव को स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन पर आईएसएस पर भेजा गया, जिसमें फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों के लिए दो सीटें आरक्षित थीं। लेकिन वो मिशन भी विफल रहा। वे मूल रूप से फरवरी में लौटने वाले थे। अब सभी चारों अंतरिक्ष यात्री 16 मार्च को एक साथ लौटेंगे।

किस मिशन पर सुनीता?

5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर को आठ दिन की यात्रा पर भेजा। दोनों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए मिशन में भेजा गया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी। जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा का व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था।

अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स चलना-फिरना भूलीं, मस्क पर टिकी ट्रंप की उम्मीद

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भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर पिछले 8 महीनों से अंतरिक्ष में फंसे हैं। उनके बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्याएं आने के बाद दोनों स्पेस में ही अटक गए। हालांकि, उन्हें लाने की कई बार कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। इस बीच सुनीता विलियम्स के एक बयान ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। अंतरिक्ष में 237 दिनों से फंसी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि वह याद करने की कोशिश कर रही हैं कि चलना कैसा होता है।

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एक मैगजीन को दिए गये इंटरव्यू में सुनीता विलियम्स ने कहा है, कि वो काफी बेसब्री से धरती पर लौटने का इंतजार कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, कि वो अब चलना तक भूल गईं हैं। उन्होंने कहा, कि वो याद कर रही हैं, कैसे चलती थीं। उन्होंने कहा, मैं स्पेस स्टेशन में काफी समय से हूं और मैं यह याद करने की कोशिश कर रही हूं, कि चलना कैसा होता है। मैं नहीं चली हूं। मैं नहीं बैठी हूं। मैं नहीं लेटी हूं। आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आप बस अपनी आंखें बंद कर सकते हैं और जहां आप हैं, वहीं तैर सकते हैं।

मस्क ने कहा वापसी का काम शुरू

इस हालात में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मशहूर कारोबारी और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क से दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने में मदद मांगी है। एलन मस्क ने कहा है कि उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के लिए काम शुरू कर दिया है। एलन मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, @ ने से पर फंसे 2 अंतरिक्ष यात्रियों को जल्द से जल्द घर लाने के लिए कहा है। हम ऐसा करेंगे।"

ट्रंप ने क्या कहा?

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा, कि स्पेसएक्स "जल्द ही" दोनों अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए एक मिशन शुरू करेगा, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर महीनों से फंसे हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर कहा कि "एलन जल्द ही कोशिश शुरू करेंगे और उम्मीद हैं, कि सभी सुरक्षित होंगे। शुभकामनाएं एलन!!!"

अंतरिक्ष में कैसे फंसी सुनीता विलियम्स?

बता दें, कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले साल 5 जून को बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गये थे, लेकिन बोइंग स्पेसक्राफ्ट में टेक्निकल दिक्कतें आ गईं और दोनों अंतरिक्षयात्री वहीं फंस गये। सुनीता विलियम्स को सिर्फ 10 दिनों तक ही स्पेस स्टेशन में रहना था, लेकिन पिछले 8 महीनों से वो वहीं फंसी हुई हैं। नासा और बोइंग ने स्पेसक्राफ्ट को ठीक करने की काफी कोशिश की, लेकिन आखिरकार फैसला लिया गया, कि स्पेसक्राफ्ट को वैज्ञानिकों के साथ धरती पर लाना काफी जोखिम भरा कदम होगा।

स्पेस में फंसी सुनीता विलियम्स ने सेलिब्रेट किया सेलिब्रेशन, सोशल मीडिया शुरू हुआ नया विवाद, नासा को देनी पड़ी सफाई

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नासा की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स अपने साथी क्रू मेंबर्स के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर क्रिसमस का जश्न मनाया। नासा ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया है। जिसमें सुनीता विलियम्स को अपने साथियों के साथ जश्न मनाते हुए देखा जा रहा है। विलियम्स और उनके साथी आईएसएस के कोलंबस प्रयोगशाला मॉड्यूल के अंदर सांता टोपी पहने पूरी धरती को क्रिसमस और न्यू ईयर की बधाई देते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खुशी के साथ-साथ विवाद भी पैदा कर दिया। यूजर्स कहने लगे कि क्या सुनीता विलियम्स अपने साथ क्रिसमस की टोपी और सेलिब्रेशन के बाकी सामान लेकर गई थीं। इसका मतलब तो यह हुआ कि उन्हें लंबे मिशन पर ही भेजा गया था और यह बात छिपाई गई। अब नासा को इस विवाद पर जवाब देना पड़ा है।

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सुनीता और बुच, जिन्हें सिर्फ आठ दिनों के मिशन के लिए भेजा गया था, तकनीकी बाधाओं के चलते लगभग एक साल से अंतरिक्ष में हैं। उनकी उत्सव मनाते हुए तस्वीरें जैसे ही सामने आईं, सोशल मीडिया पर लोगों ने कई सवाल खड़े किए। कुछ ने पूछा, "क्या ये सैंटा हैट और सजावट अपने साथ लेकर गए थे? एक अन्य यूजर ने कहा, ये वही लोग हैं जो जून में 8-दिवसीय मिशन के लिए गए थे? वहीं, अन्य ने इसे 'षड्यंत्र' करार देते हुए दावा किया कि ये तस्वीरें स्टूडियो में बनाई गई हैं।

नासा ने क्या कहा

नासा ने कथित तौर पर इस बयानबाजी पर प्रतिक्रिया दी है। नासा ने एक पोस्ट में कहा कि स्पेस में मौजूद आईएसएस चालक दल के सदस्यों के लिए सभी उत्सव की सजावट, विशेष उपहार और क्रिसमस का खाना नवंबर के अंत में भेजे गए तीन टन स्पेसएक्स डिलीवरी में शामिल थे। यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि ये लगातार होने वाली डिलीवरी आईएसएस को साल भर में बार-बार ताजा आपूर्ति से भर देती है। वर्तमान में सात अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर हैं।

सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के लिए बुरी खबर: अंतरिक्ष बचाव मिशन में फिर देरी

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फंसे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता "सुनी" विलियम्स और बैरी "बुच" विल्मोर के बचाव अभियान में एक और बाधा आ गई है। स्पेसएक्स की बदौलत पहले से तय अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से उतरने वाले दोनों के धैर्य की कड़ी परीक्षा हो रही है। बचाव प्रक्षेपण पर नवीनतम अपडेट के अनुसार, विलियम्स और विल्मोर का अंतरिक्ष में प्रवास लगभग 10 महीने के निशान को छू लेगा क्योंकि अब उनके वसंत 2025 में वापस आने की उम्मीद है।

नासा की यह जोड़ी 5 जून को बोइंग स्टारलाइनर में उड़ान भरने के बाद से अंतरिक्ष में फंसी हुई है। हालाँकि उनके मूल अंतरतारकीय अभियान ने ISS के लिए एक सप्ताह के नियोजित मिशन की मांग की थी, लेकिन उनका संकटग्रस्त जहाज, जो तब से अंतरिक्ष यात्रियों के बिना पृथ्वी पर उतरा है, ने उनकी घर वापसी की यात्रा में कई देरी की है। सुनीता विलियम्स-बुच विल्मोर की फरवरी में वापसी को वसंत 2025 तक टाल दिया गया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी और बोइंग के बीच झगड़े के बाद, नासा ने अंततः स्टारलाइनर पर दोनों की वापसी को असुरक्षित करार दिया। लीक और थ्रस्टर की खराबी सहित कई समस्याओं से जूझने के बाद, सुनी और बुच को एलन मस्क की स्पेसएक्स द्वारा जीवनदान दिया गया। अरबपति टेक दिग्गज की कंपनी ने अपने क्रू-9 मिशन को पुनर्व्यवस्थित किया, फरवरी में अंतरिक्ष नायकों के लिए क्रू ड्रैगन कैप्सूल पर दो सीटें खाली कर दीं। हालाँकि, नवीनतम देरी के खुलासे से पता चलता है कि दोनों मार्च के अंत तक पृथ्वी पर वापस नहीं आएंगे। प्रतीक्षा अप्रैल की शुरुआत तक भी बढ़ सकती है।

देरी क्यों?

नासा के अधिकारियों ने घोषणा की कि स्पेसएक्स को लिफ्टऑफ के लिए नए कैप्सूल को तैयार करने के लिए और समय चाहिए। यह शेड्यूल मार्च के अंत तक पूरा हो जाएगा। अमेरिकी सरकारी एजेंसी ने चीजों को शेड्यूल पर रखने के लिए प्रतिस्थापन चालक दल को लॉन्च करने के लिए एलन मस्क की कंपनी से एक अलग कैप्सूल का उपयोग करने का विचार भी पेश किया। उन्होंने अंततः विलियम्स और विल्मोर के अंतरिक्ष प्रवास को बढ़ाने का विकल्प चुना, और नए कैप्सूल का इंतज़ार करने का फ़ैसला किया।

फ़िलहाल, अनुभवी अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में सांता की भूमिका निभा रहे हैं। ISS पर थैंक्सगिविंग मनाने के बाद, दोनों और उनके साथी भारहीन क्रिसमस उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। अंतरिक्ष में छुट्टियों के रीति-रिवाज़ों का पालन करते हुए, विलियम्स और अन्य लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे इस मज़ेदार उत्सव से पहले वीडियो कॉल के ज़रिए परिवार और दोस्तों से जुड़ेंगे।

सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।

सुनीता विलियम्स की घर वापसी, जानें साथी बुच विल्मोर के साथ कैसा रहा अंतरिक्ष से पृथ्वी तक का सफर

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अंतरिक्ष में फंसे नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर ‘स्पेसएक्स’ का यान बुधवार तड़के (भारतीय समय) धरती पर पहुंचा। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की नौ महीने बाद धरती पर वापसी हुई है। उनका स्पेसएक्स कैप्सूल फ्लोरिडा की खाड़ी में पैराशूट के जरिए सुरक्षित उतरा। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में सुनीत विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्री 9 महीने तक फंसे थे। कई बार उन्हें धरती पर लाने की कोशिश हुई। मगर अब जाकर सफलता मिली है। नासा ने सुबह-सुबह यह बड़ी खुशखबरी दी है।

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नासा क्रू-9 अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, निक हेग, बुच विल्मोर और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव ने स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के सफल स्पलैशडाउन के बाद आज सुबह नौ महीने से अधिक समय में पहली बार धरती की हवा में सांस ली। अंतरिक्ष यात्रियों को स्ट्रेचर पर कैप्सूल से उतरा गया। स्पेसएक्स कैप्सूल फ्लोरिडा के पनहैंडल में स्प्लैशडाउन हुआ। स्प्लैशडाउन के लगभग एक घंटे के बाद अंतरिक्ष यात्री अपने कैप्सूल से बाहर आए, कैमरों की ओर हाथ हिलाते हुए मुस्कुरा रहे थे। उन्हें चिकित्सा परीक्षण के लिए स्ट्रेचर पर ले जाया गया, जो लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशन के बाद एक सामान्य प्रक्रिया है।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने पहले अंतरिक्ष गए थे। बोइंग की एक टेस्ट फ्लाइट में खराबी की वजह से ये एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में फंस गए। 5 जून को बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल से लॉन्च करने के बाद दोनों के एक या दो हफ्ते में वापस आने की उम्मीद थी। लेकिन अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते में इतनी सारी दिक्कतें आईं कि आखिरकार नासा को स्टारलाइनर को खाली वापस भेजना पड़ा और टेस्ट पायलटों को स्पेसएक्स में ट्रांसफर करना पड़ा। इसके बाद स्पेसएक्स कैप्सूल की दिक्कतों के कारण एक महीने की और देरी हुई।

जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा के व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था।

पीएम मोदी ने सुनीता विलियम्स को लिखा पत्र, बोले- आप हमारे दिलों के करीब


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नौ महीने से अंतरिक्षण में फंसी नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती वापसी का मिशन शुरू हो गया है। सुनीता अपने साथी बुच विलमोर के साथ वापसी के लिए अंतरिक्ष यान में सवार हो चुकी हैं। सुनीता विलियम्स 19 मार्च यानी बुधवार तड़के लैंड करेंगी। केवल अमेरिका को ही नहीं भारत समेत पूरी दुनिया को सुनिया विलियम्स की लैंडिग का इंतजार है।इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स को चिट्ठी लिखी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षित वापसी और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो के माध्यम से सुनीता विलियम्स को भेजे गए अपने पत्र में कहा, भले ही आप हजारों मील दूर हों, लेकिन आप हमारे दिल के करीब हैं। पीएम के इस पत्र को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने साझा किया है। जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, जबकि पूरी दुनिया सुनीता विलियम्स की सुरक्षित वापसी के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इस बेटी के लिए अपनी चिंता अलग तरह से व्यक्त की।

पीएम मोदी ने अपने पत्र में सुनीता विलियम्स की खूब तारीफ की। पीएम ने कहा, मैं आपको भारत के लोगों की ओर से शुभकामनाएं देता हूं। आज एक कार्यक्रम में मैं प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो से मिला। हमारी बातचीत के दौरान, आपका नाम आया और हमने चर्चा की कि हमें आप और आपके काम पर कितना गर्व है। इस बातचीत के बाद, मैं खुद को आपको पत्र लिखने से नहीं रोक पाया। जब मैं अमेरिका की अपनी यात्राओं के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप या पूर्व राष्ट्रपति बाइडन से मिला, तो मैंने आपके बारे में पूछा। 140 करोड़ भारतीयों ने हमेशा आपकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व किया है। हाल के घटनाक्रमों ने एक बार फिर आपके प्रेरणादायक धैर्य और दृढ़ता को प्रदर्शित किया है।

बता दें कि अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं। उनका धरती की तरफ सफर शुरू हो गया है। उनके साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी स्पेस स्टेशन से धरती के लिए रवाना हो गए हैं।सुनीता विलियम्स और उनके साथियों की वापसी स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन क्राफ्ट से हो रही है। सुनीता विलियम्स और सुनीता विलियम्स को लेकर ड्रैगन क्राफ्ट भारतीय समय के हिसाब से बुधवार तड़के 3:27 बजे लैंड करेगा।

सुनीता विलियम्स को स्पेस से लेकर रवाना हुआ ड्रैगन क्राफ्ट, जानें कब और कहां होगा लैंड


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अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं। उनका धरती की तरफ सफर शुरू हो गया है। उनके साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी स्पेस स्टेशन से धरती के लिए रवाना हो गए हैं।सुनीता विलियम्स और उनके साथियों की वापसी स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन क्राफ्ट से हो रही है। सुनीता विलियम्स और सुनीता विलियम्स को लेकर ड्रैगन क्राफ्ट भारतीय समय के हिसाब से बुधवार तड़के 3:27 बजे लैंड करेगा।

चारों एस्ट्रोनॉट के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होने के बाद सुबह 08:35 बजे इस स्पेसक्राफ्ट का हैच यानी, दरवाजा बंद हुआ और 10:35 बजे स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अलग हुआ।नासा ने बताया है कि स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट आईएसएस से सफलतापूर्वक अनडॉक हो गया है, यानी उसकी धरती की तरफ यात्रा शुरू हो गई है। 18 मार्च को सुबह 10:35 बजे क्राफ्ट की अनडॉकिंग हुई। ड्रैगन हार्मोनी मॉड्यूल पर स्टेशन के आगे की ओर वाले पोर्ट से अलग हो गया और नियंत्रित थ्रस्टर फायरिंग के तहत धीरे-धीरे दूर चला गया। कैप्सूलअपने महत्वपूर्ण सिस्टम जांच करेगा और बुधवार की सुबह के लिए निर्धारित डीऑर्बिट बर्न के लिए तैयार होगा।

स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने में कितना समय लगेगा?

इस सफर में करीब 17 घंटे लगेंगे। नासा की ओर से इस इवेंट का एक अनुमानित शेड्यूल जारी किया गया है। इसमें मौसम के कारण बदलाव भी हो सकता है।

नासा के अनुसार 19 मार्च को सुबह 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू होगा। यानी, कक्षा से उल्टी दिशा में स्पेसक्राफ्ट का इंजन फायर किया जाएगा। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट की पृथ्वी के वातावरण में एंट्री होगी और सुबह फ्लोरिडा के तट पर पानी में लैडिंग होगी।

लैंडिग के बाद रिकवरी प्रोटोकॉल का होगा पालन

फ्लोरिडा तट पर उतरने इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को एक-एक करके अंतरिक्ष यान से बाहर निकाला जाएगा। सफल लैंडिंग के बाद चालक दल को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में कुछ दिनों के लिए नियमित पोस्ट-मिशन मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा। अंतरिक्ष यात्रियों को अकेलेपन की मनोवैज्ञानिक चुनौतियों के अलावा जीवित रहने के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण हड्डियों और मांसपेशियों की गिरावट, विकिरण जोखिम और दृष्टि हानि का सामना करना पड़ता है।

विलियम्स और बुच का क्या था मिशन ?

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग और नासा के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर गए थे। इस मिशन का उद्देश्य बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस लाने की क्षमता को टेस्ट करना था। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर 8 दिन में रिसर्च और कई एक्सपेरिमेंट भी करने थे। मिशन के दौरान उन्हें स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली भी उड़ाना था।

खत्म हुआ इंतजारःनौ महीने अंतरिक्ष से धरती पर लौट रहीं सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष यान में हुईं सवार


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स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान ड्रैगन से भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की पृथ्वी पर वापसी तय हो गई है। सुनीता अपने साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर के साथ स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्षयान में सवार हो गई हैं। यह यान कुछ ही समय में धरती के लिए रवाना होने वाला है। 18 मार्च यानी आज भारेतीय समयानुसार 10 बजकर 35 मिनट पर यान को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से अलग यानी अनडॉक किया जाएगा। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन यानी आईएसएस पर 9 महीने से फंसी इन दोनों अंतरिक्षयात्रियों का पूरी दुनिया में इंतजार हो रहा है।

सुनीता और बुच स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर लौटेंगे। दोनों बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल से पिछले साल पांच जून को केप कैनवेरल से रवाना हुए थे। वे दोनों आठ दिन के मिशन के लिए ही गए थे, लेकिन अंतरिक्ष यान से हीलियम के रिसाव और वेग में कमी के कारण ये लगभग नौ महीने से अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे हुए हैं।

नौ माह से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फंसे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के 3:27 बजे धरती पर पहुंचेंगे। इससे पहले दोनों यात्री यान पर सवार हो गए। सुबह 08.15 बजे यान का ढक्क्न बंद किया गया। इसके बाद सुबह 10.35 बजे अनडॉकिंग होगा, जिसमें आईएसएस से यान को अलग किया जाता है।

19 मार्च को सुबह 02.41 बजे डीऑर्बिट बर्न (वायुमंडल में यान का प्रवेश) होगा। सुबह 03.27 बजे समुद्र में यान की लैंडिंग होगी। सुबह 05.00 बजे पृथ्वी पर वापसी के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। सुनीता और बुल को धरती पर लौटने में कुल 17 घंटे लगेंगे।

फ्लोरिडा तट के पास पानी में उतरेगा यान

पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलने के बाद यान अमेरिका में फ्लोरिडा तट के पास पानी में उतरेगा। इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को एक-एक करके अंतरिक्ष यान से बाहर निकाला जाएगा। नासा पूरी वापसी प्रक्रिया का लाइव कवरेज कर रहा है, जिसमें हैच क्लोजर, अनडॉकिंग और स्प्लैशडाउन शामिल है। सफल लैंडिंग के बाद चालक दल को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में कुछ दिनों के लिए नियमित पोस्ट-मिशन मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा।

286 दिन बीता स्पेस मे बिताया

सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में कुल 286 दिन बीता चुकी होंगी। इसके साथ ही वह एक यात्रा में तीसरी सबसे ज्यादा दिन तक आईएसएस पर बिताने वाली महिला वैज्ञानिक हो बन जाएंगी। इस मामले में सबसे पहले पायदान पर 328 दिनों के साथ क्रिस्टीना कोच हैं। वहीं पिग्गी वीटस्न 289 दिनों के साथ दूसरी पायदान पर हैं। आईएसएस में एक बार में सबसे ज्यादा 371 दिन अंतरिक्ष यात्री फ्रैंक रूबियो ने बिताए हैं।कुल मिलाकर सबसे ज्यादा दिन बिताने का रिकॉर्ड 675 दिनों के साथ पिग्गी वीटस्न के पास है। अंतरिक्ष में स्पेश वॉक का रिकॉर्ड सुशान हेलम्स और जेम्स वोस के पास है। इन दोनों ने एक बार 8 घंटे 56 मिनट तक स्पेसवॉक किया था। सुनीता विलियम्स ने अब तक नौ बार स्पेसवॉक किया है।इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट स्पेसवॉक में बिताए हैं। इस मामले में वे पहले स्थान पर हैं।

सुनीता विलियम्स की वापसी में फिर रोड़ा, तकनीकी खामी के कारण स्पेस एक्स के मिशन में देरी

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नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी विल्मोर की पृथ्वी पर वापसी फिर टल गया है। दोनों को धरती पर वापस लाने के लिए क्रू-10 का मिशन लॉन्च किया जाना था, जिसके जरिए 4 अंतरिक्षयात्री इन दोनों की जगह स्पेस में भेजे जाते, लेकिन अब क्रू-10 के मिशन को तकनीकी खराबी के चलते रद्द कर दिया गया है।एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने अपने क्रू-10 लॉन्च को हाइड्रॉलिक समस्या के कारण स्थगित कर दिया है।जिससे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को वापस लाने की योजना एक बार फिर अटक गई है।

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नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने वाले क्रू-10 मिशन को फाल्कन 9 रॉकेट में ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रोलिक सिस्टम समस्या के कारण लॉन्चिंग को रद्द कर दिया गया है। फाल्कन रॉकेट की नियोजित शाम की उड़ान से चार घंटे से भी कम समय पहले एक महत्वपूर्ण हाइड्रॉलिक सिस्टम को लेकर चिंताएं उठीं। जैसे ही काउंटडाउन क्लॉक टिक रही थी, इंजीनियरों ने हाइड्रॉलिक्स की जांच की। इसका उपयोग रॉकेट को उसके समर्थन संरचना से जोड़ने वाले दो में से एक हाथ को छोड़ने के लिए किया जाता है। यह संरचना लिफ्टऑफ से ठीक पहले पीछे की ओर झुकनी चाहिए थी। पहले से ही अपने कैप्सूल में बंधे हुए चार अंतरिक्ष यात्री अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे, जो काउंटडाउन में एक घंटे से भी कम समय शेष रहते आया।

नासा के बयान के मुताबिक स्पेस एक्स के ड्रैगन क्रू कैप्सूल से अंतरिक्ष यात्री एनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापानी स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव से बाहर आ चुके हैं। अगला लॉन्च 13 मार्च को शाम 7:26 बजे के बाद होगा। नासा के कैनेडी लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से इसकी समीक्षा की जा रही है। लॉन्च कवरेज नासा+ पर दोपहर 3:25 बजे (स्थानीय समय) शुरू होगा। माना जा रहा है कि डॉकिंग 14 मार्च को रात 11:30 बजे (स्थानीय समय) होगी।

नासा ने कहा कि 13 मार्च के क्रू-10 लॉन्च के साथ अंतरिक्ष यात्री निक हेग, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव क्रू-9 मिशन सोमवार 17 मार्च को सुबह 9:05 बजे से पहले अंतरिक्ष स्टेशन से प्रस्थान करेगा। बशर्ते कि फ्लोरिडा के तट से दूर स्पलैशडाउन स्थानों पर मौसम खराब हो। नासा ने कहा कि क्रू-10 स्पेसएक्स के मानव अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली का 10वां क्रू रोटेशन मिशन है। नासा के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष स्टेशन के लिए डेमो-2 परीक्षण उड़ान सहित चालक दल के साथ इसकी 11वीं उड़ान है।

बता दें कि 5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता और बुच विल्मोर यात्रा पर भेजा था। यह दोनों सिर्फ 8 दिनों के लिए आईएसएस पर गए थे, लेकिन उनका मिशन काफी हद तक आगे बढ़ गया था। बोइंग का स्टारलाइनर कैप्सूल, जो उन्हें अंतरिक्ष तक ले गया था, उस में खराबी आई, इसी के बाद कैप्सूल उनके बिना धरती पर लौट आया था।

धरती पर जल्द लौटेंगी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, जानें पृथ्वी पर वापसी का क्या है नासा का मिशन

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सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर लंबे समय से अंतरिक्ष में रह रहे हैं। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर बीते नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। विलियम्स और बुच विल्मोर आखिरकार पृथ्वी पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है वो अगले हफ्ते तक धरती पर वापसी कर सकते हैं। वे स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर वापस यात्रा करेंगे।

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नासा के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह जोड़ी 16 मार्च को पृथ्वी पर लौटेगी। विलियम्स और विलमोर को 5 जून, 2024 को एक क्रू फ्लाइट टेस्ट पर लॉन्च किया गया था। हालांकि, उनके कैप्सूल में लगातार गड़बड़ियां आने के बाद, वे आईएसएस पर रह रहे हैं। अंतरिक्ष यात्रियों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर लगभग 10 दिनों के लिए रहना था, लेकिन उनके कैप्सूल में समस्याएं आने के कारण एजेंसी को उनकी वापसी को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।

नासा का क्रू-10 मिशन 12 मार्च को लॉन्च होगा। इस मिशन के लिए इस्तेमाल होने वाला स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल लॉन्च साइट पर पहुंच चुका है। सोमवार को क्रू-10 मिशन के सदस्यों के साथ नासा और स्पेसएक्स ने 12 मार्च के लॉन्च का पूर्वाअभ्यास भी कर लिया। इस मिशन के साथ ही भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी विल्मोर जल्द ही अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

विलियम्स समेत चार अंतरिक्ष यात्री लौटेंगे

नासा का स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पिछले साल सितंबर में बिना क्रू के वापस आया था। बाद में, नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोरबुनोव को स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन पर आईएसएस पर भेजा गया, जिसमें फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों के लिए दो सीटें आरक्षित थीं। लेकिन वो मिशन भी विफल रहा। वे मूल रूप से फरवरी में लौटने वाले थे। अब सभी चारों अंतरिक्ष यात्री 16 मार्च को एक साथ लौटेंगे।

किस मिशन पर सुनीता?

5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर को आठ दिन की यात्रा पर भेजा। दोनों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए मिशन में भेजा गया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी। जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा का व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था।

अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स चलना-फिरना भूलीं, मस्क पर टिकी ट्रंप की उम्मीद

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भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर पिछले 8 महीनों से अंतरिक्ष में फंसे हैं। उनके बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्याएं आने के बाद दोनों स्पेस में ही अटक गए। हालांकि, उन्हें लाने की कई बार कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। इस बीच सुनीता विलियम्स के एक बयान ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। अंतरिक्ष में 237 दिनों से फंसी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि वह याद करने की कोशिश कर रही हैं कि चलना कैसा होता है।

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एक मैगजीन को दिए गये इंटरव्यू में सुनीता विलियम्स ने कहा है, कि वो काफी बेसब्री से धरती पर लौटने का इंतजार कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, कि वो अब चलना तक भूल गईं हैं। उन्होंने कहा, कि वो याद कर रही हैं, कैसे चलती थीं। उन्होंने कहा, मैं स्पेस स्टेशन में काफी समय से हूं और मैं यह याद करने की कोशिश कर रही हूं, कि चलना कैसा होता है। मैं नहीं चली हूं। मैं नहीं बैठी हूं। मैं नहीं लेटी हूं। आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आप बस अपनी आंखें बंद कर सकते हैं और जहां आप हैं, वहीं तैर सकते हैं।

मस्क ने कहा वापसी का काम शुरू

इस हालात में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मशहूर कारोबारी और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क से दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने में मदद मांगी है। एलन मस्क ने कहा है कि उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के लिए काम शुरू कर दिया है। एलन मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, @ ने से पर फंसे 2 अंतरिक्ष यात्रियों को जल्द से जल्द घर लाने के लिए कहा है। हम ऐसा करेंगे।"

ट्रंप ने क्या कहा?

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा, कि स्पेसएक्स "जल्द ही" दोनों अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए एक मिशन शुरू करेगा, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर महीनों से फंसे हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर कहा कि "एलन जल्द ही कोशिश शुरू करेंगे और उम्मीद हैं, कि सभी सुरक्षित होंगे। शुभकामनाएं एलन!!!"

अंतरिक्ष में कैसे फंसी सुनीता विलियम्स?

बता दें, कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले साल 5 जून को बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गये थे, लेकिन बोइंग स्पेसक्राफ्ट में टेक्निकल दिक्कतें आ गईं और दोनों अंतरिक्षयात्री वहीं फंस गये। सुनीता विलियम्स को सिर्फ 10 दिनों तक ही स्पेस स्टेशन में रहना था, लेकिन पिछले 8 महीनों से वो वहीं फंसी हुई हैं। नासा और बोइंग ने स्पेसक्राफ्ट को ठीक करने की काफी कोशिश की, लेकिन आखिरकार फैसला लिया गया, कि स्पेसक्राफ्ट को वैज्ञानिकों के साथ धरती पर लाना काफी जोखिम भरा कदम होगा।

स्पेस में फंसी सुनीता विलियम्स ने सेलिब्रेट किया सेलिब्रेशन, सोशल मीडिया शुरू हुआ नया विवाद, नासा को देनी पड़ी सफाई

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नासा की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स अपने साथी क्रू मेंबर्स के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर क्रिसमस का जश्न मनाया। नासा ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया है। जिसमें सुनीता विलियम्स को अपने साथियों के साथ जश्न मनाते हुए देखा जा रहा है। विलियम्स और उनके साथी आईएसएस के कोलंबस प्रयोगशाला मॉड्यूल के अंदर सांता टोपी पहने पूरी धरती को क्रिसमस और न्यू ईयर की बधाई देते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खुशी के साथ-साथ विवाद भी पैदा कर दिया। यूजर्स कहने लगे कि क्या सुनीता विलियम्स अपने साथ क्रिसमस की टोपी और सेलिब्रेशन के बाकी सामान लेकर गई थीं। इसका मतलब तो यह हुआ कि उन्हें लंबे मिशन पर ही भेजा गया था और यह बात छिपाई गई। अब नासा को इस विवाद पर जवाब देना पड़ा है।

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सुनीता और बुच, जिन्हें सिर्फ आठ दिनों के मिशन के लिए भेजा गया था, तकनीकी बाधाओं के चलते लगभग एक साल से अंतरिक्ष में हैं। उनकी उत्सव मनाते हुए तस्वीरें जैसे ही सामने आईं, सोशल मीडिया पर लोगों ने कई सवाल खड़े किए। कुछ ने पूछा, "क्या ये सैंटा हैट और सजावट अपने साथ लेकर गए थे? एक अन्य यूजर ने कहा, ये वही लोग हैं जो जून में 8-दिवसीय मिशन के लिए गए थे? वहीं, अन्य ने इसे 'षड्यंत्र' करार देते हुए दावा किया कि ये तस्वीरें स्टूडियो में बनाई गई हैं।

नासा ने क्या कहा

नासा ने कथित तौर पर इस बयानबाजी पर प्रतिक्रिया दी है। नासा ने एक पोस्ट में कहा कि स्पेस में मौजूद आईएसएस चालक दल के सदस्यों के लिए सभी उत्सव की सजावट, विशेष उपहार और क्रिसमस का खाना नवंबर के अंत में भेजे गए तीन टन स्पेसएक्स डिलीवरी में शामिल थे। यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि ये लगातार होने वाली डिलीवरी आईएसएस को साल भर में बार-बार ताजा आपूर्ति से भर देती है। वर्तमान में सात अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर हैं।

सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के लिए बुरी खबर: अंतरिक्ष बचाव मिशन में फिर देरी

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फंसे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता "सुनी" विलियम्स और बैरी "बुच" विल्मोर के बचाव अभियान में एक और बाधा आ गई है। स्पेसएक्स की बदौलत पहले से तय अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से उतरने वाले दोनों के धैर्य की कड़ी परीक्षा हो रही है। बचाव प्रक्षेपण पर नवीनतम अपडेट के अनुसार, विलियम्स और विल्मोर का अंतरिक्ष में प्रवास लगभग 10 महीने के निशान को छू लेगा क्योंकि अब उनके वसंत 2025 में वापस आने की उम्मीद है।

नासा की यह जोड़ी 5 जून को बोइंग स्टारलाइनर में उड़ान भरने के बाद से अंतरिक्ष में फंसी हुई है। हालाँकि उनके मूल अंतरतारकीय अभियान ने ISS के लिए एक सप्ताह के नियोजित मिशन की मांग की थी, लेकिन उनका संकटग्रस्त जहाज, जो तब से अंतरिक्ष यात्रियों के बिना पृथ्वी पर उतरा है, ने उनकी घर वापसी की यात्रा में कई देरी की है। सुनीता विलियम्स-बुच विल्मोर की फरवरी में वापसी को वसंत 2025 तक टाल दिया गया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी और बोइंग के बीच झगड़े के बाद, नासा ने अंततः स्टारलाइनर पर दोनों की वापसी को असुरक्षित करार दिया। लीक और थ्रस्टर की खराबी सहित कई समस्याओं से जूझने के बाद, सुनी और बुच को एलन मस्क की स्पेसएक्स द्वारा जीवनदान दिया गया। अरबपति टेक दिग्गज की कंपनी ने अपने क्रू-9 मिशन को पुनर्व्यवस्थित किया, फरवरी में अंतरिक्ष नायकों के लिए क्रू ड्रैगन कैप्सूल पर दो सीटें खाली कर दीं। हालाँकि, नवीनतम देरी के खुलासे से पता चलता है कि दोनों मार्च के अंत तक पृथ्वी पर वापस नहीं आएंगे। प्रतीक्षा अप्रैल की शुरुआत तक भी बढ़ सकती है।

देरी क्यों?

नासा के अधिकारियों ने घोषणा की कि स्पेसएक्स को लिफ्टऑफ के लिए नए कैप्सूल को तैयार करने के लिए और समय चाहिए। यह शेड्यूल मार्च के अंत तक पूरा हो जाएगा। अमेरिकी सरकारी एजेंसी ने चीजों को शेड्यूल पर रखने के लिए प्रतिस्थापन चालक दल को लॉन्च करने के लिए एलन मस्क की कंपनी से एक अलग कैप्सूल का उपयोग करने का विचार भी पेश किया। उन्होंने अंततः विलियम्स और विल्मोर के अंतरिक्ष प्रवास को बढ़ाने का विकल्प चुना, और नए कैप्सूल का इंतज़ार करने का फ़ैसला किया।

फ़िलहाल, अनुभवी अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में सांता की भूमिका निभा रहे हैं। ISS पर थैंक्सगिविंग मनाने के बाद, दोनों और उनके साथी भारहीन क्रिसमस उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। अंतरिक्ष में छुट्टियों के रीति-रिवाज़ों का पालन करते हुए, विलियम्स और अन्य लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे इस मज़ेदार उत्सव से पहले वीडियो कॉल के ज़रिए परिवार और दोस्तों से जुड़ेंगे।