मेडिकल कॉलेज में चूहों के वीडियो पर चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
*48 घंटे में प्रधानाचार्य ने मांगी जांच रिपोर्ट

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के आतंक का वीडियो वायरल होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर डीएन सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।जांच कमेटी को 48 घंटे के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रधानाचार्य, जिलाधिकारी व शासन को भेजने का निर्देश दिया गया है।वीडियो वायरल होने के बाद देश के कई राजनीतिक पार्टियों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था,स्वास्थ्य मंत्री और गोंडा स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए थे।इस पर जिलाधिकारी और शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज को फटकार लगाने के बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं।वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि सभी वार्डों में दवा का छिड़काव कराया गया है और चूहे अब गायब हो गये हैं।उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उनके स्तर से विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी व शासन को भेजी जाएगी।रिपोर्ट में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।प्रधानाचार्य ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।ठंड के मौसम में मरीजों के साथ तीमारदार अधिक खाने पीने की चीजें लेकर आते हैं और पुरानी बिल्डिंग होने के कारण चूहे अंदर प्रवेश कर जाते हैं।उन्होंने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए बिल्डिंग को एक महीने में दूसरे भवन में शिफ्ट किया जाएगा,जिससे पूरी समस्या खत्म हो जाएगी।
महिला समूह में 1.15 करोड़ का घोटाला,तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर सहित 12 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज
गोंडा।जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के संचालन में 1.15 करोड़ रुपए के सामुदायिक निवेश निधि घोटाले का मामला सामने आया है।पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर कुलदीप कुमार सहित समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की 12 महिला पदाधिकारियों के खिलाफ चार अलग अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।सभी मुकदमे खरगूपुर थाने में दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2022 से ही चल रहा था।रुपईडीह ब्लॉक नीति आयोग की निगरानी में एक आकांक्षी ब्लॉक के रूप में कार्य कर रहा था।दिसंबर 2024 में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन के निर्देश पर पहला मुकदमा दर्ज किया गया था।इसके बाद ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर पूरे ब्लॉक की विस्तृत जांच कराई गई जो लगभग एक वर्ष तक चली।आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब चार मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति के अनुसार,महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह,ग्राम संगठन और संकुल संघ का गठन किया गया था।नियमानुसार प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में 1.50 लाख रुपए सामुदायिक निवेश निधि के रूप में दिए जाने थे।हालांकि तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिली भगत से नियमों को ताक पर रखकर कहीं 13 लाख तो कहीं 42 लाख तक की रकम जारी करवा लिया गया।दर्ज किए गए चार अलग अलग मामलों में अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह,फरेंदा शुक्ल में 21,21,531रुपए के गबन का आरोप है।इसमें अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव रंजना तिवारी,कोषाध्यक्ष जोखना देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार नामजद हैं।वहीं भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ में 13,20,000 रुपए की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अर्चना, सचिव राजरानी और कोषाध्यक्ष अंक कुमारी पर मुकदमा दर्ज हुआ है।इसके अतिरिक्त महिला शक्ति ग्राम संगठन पचरन में 38,85,960 रुपए के गबन के मामले में अध्यक्ष अर्चना, सचिव नन्की,कोषाध्यक्ष कामू और बीएमएम कुलदीप कुमार को आरोपी बनाया गया है।राधा महिला ग्राम संगठन खरगूपुर डिंगुर में 42,61,900 रुपए की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अंक कुमारी,सचिव काजल तिवारी,कोषाध्यक्ष कांति देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
कीचड़ से परेशान ग्रामीण, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
बहसूमा/ मेरठ।क्षेत्र के एक गांव में मकान के सामने से गुजरने वाले रास्ते पर लगातार कीचड़ रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मनोज पुत्र विजयपाल ने बताया कि उनके मकान के सामने से जाने वाला रास्ता लंबे समय से कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे आवागमन करना दूभर हो गया है। बरसात या पानी गिरते ही रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

मनोज ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित सचिव सचिन को अवगत कराया गया। उनसे बार-बार आग्रह किया गया कि रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा लगवा दिया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। लेकिन हर बार सचिव द्वारा केवल “कल करवा देंगे” या “प्रस्ताव भेज दिया है” जैसे आश्वासन ही दिए जाते रहे। महीनों बीत जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सचिव आए दिन इसी तरह टालमटोल करते रहते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण  कपड़े खराब हो जाते हैं, दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा या पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे। ग्राम सचिव सुरजीत सिंह ने बताया कि इसका एस्टीमेट हो गया है और एक-दो दिन से काम चालू हो जाएगा किसनो की परेशानी समाप्त की जाएगी
उत्तर भारत में हाड़ कंपाती सर्दी, 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, अभी राहत के आसार नहीं

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पहाड़ों से लेकर मैदान तक, इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। शरीर पर कपड़ों की मोटी लेयर के बाद भी कंपकंपी रुकने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार तक, हर जगह ठंड का सितम देखने को मिल रहा है। फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों तक पहाड़ों पर बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जगह बर्फबारी भी होने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में भी बारिश-बूंदाबांदी होने से कई राज्यों में शीतलहर की स्थिति रहेगी। वहीं, एक सप्ताह तक उत्तर और पूर्व के कई राज्यों में घने से बेहद घना कोहरा मुश्किल बढ़ाएगा।

शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 2–3 दिनों तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में ठंड का प्रकोप बना रहेगा, जबकि उसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

5-6 दिनों तक घने कोहरे की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5-6 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शीतदिवस की अगले दो दिनों तक स्थिति बनी रह सकती है।

बारिश और बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक 16 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही 18–20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

इधर, दिल्ली में सर्दी ने पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुवार को 2.3 डिग्री के टेंपरेचर के साथ कोहरे ने खूब परेशान किया। 16 जनवरी को भी शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्का से मध्यम स्तर का घना कोहरा रहेगा। वहीं 17 से 21 जनवरी तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह के वक्त थोड़ा कोहरा भी देखने को मिलेगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5 से बढ़कर 9 डिग्री पहुंच सकता है। जबकि अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

आखिर ट्रंप को मिला नोबेल पुरस्कार! वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने अपना अवार्ड किया भेंट

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वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया है। मचाडो ने अपने देश के भविष्य पर चर्चा के लिए गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वॉइट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतीकात्मक तौर पर अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणी अमेरिकी देश में उथल पुथल है। ऐसे में वेनेजुएलाई नेता मारिया माचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात किया। उन्होंने दावा किया कि मीटिंग में उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा, मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार मेडल पुरस्कार दिया। उन्होंने इसे वेनेजुएला की आजादी के प्रति उनकी (ट्रंप) अनोखी प्रतिबद्धता के पहचान के तौर पर उठाया गया कदम बताया।

मचाडो ने क्या कहा?

मेडल देने के बारे में जानकारी देते हुए मचाडो ने लैटिन अमेरिका के महान क्रांतिकारी सिमोन बोलिवर का एक किस्सा सुनाया। मचाडो ने कहा कि दो साल पहले जनरल (मार्क्विस डी) लायाफेट ने सिमोन बोलिवर को एक मेडल दिया था, जिस पर जॉर्ज वॉशिंगटन का चेहरा बना हुआ था। बोलिवर ने वह मेडल अपनी बाकी जिंदगी अपने पास रखा। उन्होंने आगे कहा, 'इतिहास में दो साल बाद, बोलिवर के लोग वॉशिंगटन के वारिस को एक मेडल वापस दे रहे हैं। इस बार नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल, हमारी आजादी के प्रति उनकी अनोखी प्रतिबद्धता की पहचान के तौर पर।

ट्रंप ने नोबेल स्वीकार किया या नहीं?

हालांकि, मचाडो ने यह नहीं बताया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ने उनका नोबेल स्वीकार किया या नहीं। वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार पुरस्कार को हस्तांतरित या साझा नहीं किया जा सकता है।

ट्रंप को नोबेल पुरस्कार की ख्वाहिश

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाहत है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिले। वह साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर कई बार बयान भी दे चुके थे। उन्होंने उस दौरान कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प सहित कई जंग रोके, इसलिए वह शांति पुरस्कार के हकदार हैं। लेकिन, उनके दावों को खारिज करते हुए नोबेल पीस प्राइज समिति ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को चुना। अब मारिया ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार भेंट किया है।

कस्बे में लाइट हुई गुल ग्रामीणो मे रोष
बहसुमा। मेरठ।बहसुमा कस्बे के मंगल बाजार क्षेत्र में नगर पंचायत द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी होने के कारण ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। बाजार क्षेत्र में अंधेरा छाए रहने से आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शाम ढलते ही बाजार में रोशनी का अभाव होने से दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगल बाजार क्षेत्र बहसुमा का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण खरीदारी के लिए आते हैं। लाइटें बंद होने के कारण बाजार में अंधेरा पसरा रहता है, जिससे चोरी, छिनैती और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इस अंधेरे में निकलने में भय महसूस होता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों को लाइट खराब होने की सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत की उदासीनता के चलते समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। बरसात और सर्दी के मौसम में अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

इस संबंध में स्थानीय निवासी रविंद्र कुमार, रोहित सिंह, कृपाल सिंह, बिजेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र लाइटें चालू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे नगर पंचायत कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंगल बाजार क्षेत्र में बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें चालू कराया जाए, ताकि बाजार में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके और लोगों को राहत मिल सके। नगर पंचायत से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। नगर अध्यक्ष सचिन सुकड़ी  ने बताया की लाइट का लिफ्टलेक्टर खराब हो जाने के कारण अंधेरा है कल सुबह ठीक करा दी जाएगी
मुंबई के विकास और उज्जवल भविष्य के लिए किया मतदान : कृपाशंकर सिंह
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका का चुनाव परिणाम अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार मुंबई के लोगों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विकास कार्यों और महायुति सरकार की लोकहित विचारधारा को देखते हुए मतदान किया है। बांद्रा पश्चिम के इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा लोकप्रिय उत्तर भारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुंबई के विकास और उज्जवल भविष्य के लिए मतदान किया है। इस बार का चुनाव परिणाम पूरी तरह से महायुति के पक्ष में होने जा रहा है और भारतीय जनता पार्टी का अगला महापौर बनने जा रहा है। उन्होंने उत्तर भारतीय मतदाताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि पहली बार उत्तर भारतीय मतदाताओं ने जाति पाति से ऊपर उठकर मुंबई के विकास के लिए  संगठित रूप से मतदान किया।
खिचड़ी महापर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का महासंगम
* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई पवित्र खिचड़ी



गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पवित्र खिचड़ी अर्पित कर लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम योगी के खिचड़ी अर्पण के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

नाथ योगियों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की अंजुरी में खिचड़ी लेकर बाबा गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाया। लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग से चली आ रही बाबा का खप्पर भरने की परंपरा का इस अवसर पर विधिवत पालन किया गया। नेपाल राजपरिवार की ओर से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में जमीन पर बैठकर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ से आदेश लिया और विधिविधान से श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं, योगिराज बाबा गंभीरनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ एवं अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं के समक्ष भी खिचड़ी भोग अर्पित किया।

खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला पूरे दिन अनवरत चलता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक लग गई थीं। अलग-अलग गेटों और बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में खिचड़ी सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अमीर-गरीब, जाति-वर्ग का भेदभाव भुलाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। सहभोज में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। दिनभर मंदिर परिसर ‘गुरु गोरखनाथ की जय’ के उद्घोष से गूंजता रहा।

नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव के अनुसार, महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं और मकर संक्रांति पर नेपाल राजपरिवार की ओर से खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनी हुई है।
मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

मेडिकल कॉलेज में चूहों के वीडियो पर चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
*48 घंटे में प्रधानाचार्य ने मांगी जांच रिपोर्ट

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के आतंक का वीडियो वायरल होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर डीएन सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।जांच कमेटी को 48 घंटे के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रधानाचार्य, जिलाधिकारी व शासन को भेजने का निर्देश दिया गया है।वीडियो वायरल होने के बाद देश के कई राजनीतिक पार्टियों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था,स्वास्थ्य मंत्री और गोंडा स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए थे।इस पर जिलाधिकारी और शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज को फटकार लगाने के बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं।वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि सभी वार्डों में दवा का छिड़काव कराया गया है और चूहे अब गायब हो गये हैं।उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उनके स्तर से विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी व शासन को भेजी जाएगी।रिपोर्ट में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।प्रधानाचार्य ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।ठंड के मौसम में मरीजों के साथ तीमारदार अधिक खाने पीने की चीजें लेकर आते हैं और पुरानी बिल्डिंग होने के कारण चूहे अंदर प्रवेश कर जाते हैं।उन्होंने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए बिल्डिंग को एक महीने में दूसरे भवन में शिफ्ट किया जाएगा,जिससे पूरी समस्या खत्म हो जाएगी।
महिला समूह में 1.15 करोड़ का घोटाला,तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर सहित 12 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज
गोंडा।जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के संचालन में 1.15 करोड़ रुपए के सामुदायिक निवेश निधि घोटाले का मामला सामने आया है।पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर कुलदीप कुमार सहित समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की 12 महिला पदाधिकारियों के खिलाफ चार अलग अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।सभी मुकदमे खरगूपुर थाने में दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2022 से ही चल रहा था।रुपईडीह ब्लॉक नीति आयोग की निगरानी में एक आकांक्षी ब्लॉक के रूप में कार्य कर रहा था।दिसंबर 2024 में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन के निर्देश पर पहला मुकदमा दर्ज किया गया था।इसके बाद ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर पूरे ब्लॉक की विस्तृत जांच कराई गई जो लगभग एक वर्ष तक चली।आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब चार मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति के अनुसार,महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह,ग्राम संगठन और संकुल संघ का गठन किया गया था।नियमानुसार प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में 1.50 लाख रुपए सामुदायिक निवेश निधि के रूप में दिए जाने थे।हालांकि तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिली भगत से नियमों को ताक पर रखकर कहीं 13 लाख तो कहीं 42 लाख तक की रकम जारी करवा लिया गया।दर्ज किए गए चार अलग अलग मामलों में अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह,फरेंदा शुक्ल में 21,21,531रुपए के गबन का आरोप है।इसमें अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव रंजना तिवारी,कोषाध्यक्ष जोखना देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार नामजद हैं।वहीं भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ में 13,20,000 रुपए की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अर्चना, सचिव राजरानी और कोषाध्यक्ष अंक कुमारी पर मुकदमा दर्ज हुआ है।इसके अतिरिक्त महिला शक्ति ग्राम संगठन पचरन में 38,85,960 रुपए के गबन के मामले में अध्यक्ष अर्चना, सचिव नन्की,कोषाध्यक्ष कामू और बीएमएम कुलदीप कुमार को आरोपी बनाया गया है।राधा महिला ग्राम संगठन खरगूपुर डिंगुर में 42,61,900 रुपए की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अंक कुमारी,सचिव काजल तिवारी,कोषाध्यक्ष कांति देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
कीचड़ से परेशान ग्रामीण, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
बहसूमा/ मेरठ।क्षेत्र के एक गांव में मकान के सामने से गुजरने वाले रास्ते पर लगातार कीचड़ रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मनोज पुत्र विजयपाल ने बताया कि उनके मकान के सामने से जाने वाला रास्ता लंबे समय से कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे आवागमन करना दूभर हो गया है। बरसात या पानी गिरते ही रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

मनोज ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित सचिव सचिन को अवगत कराया गया। उनसे बार-बार आग्रह किया गया कि रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा लगवा दिया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। लेकिन हर बार सचिव द्वारा केवल “कल करवा देंगे” या “प्रस्ताव भेज दिया है” जैसे आश्वासन ही दिए जाते रहे। महीनों बीत जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सचिव आए दिन इसी तरह टालमटोल करते रहते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण  कपड़े खराब हो जाते हैं, दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा या पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे। ग्राम सचिव सुरजीत सिंह ने बताया कि इसका एस्टीमेट हो गया है और एक-दो दिन से काम चालू हो जाएगा किसनो की परेशानी समाप्त की जाएगी
उत्तर भारत में हाड़ कंपाती सर्दी, 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, अभी राहत के आसार नहीं

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पहाड़ों से लेकर मैदान तक, इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। शरीर पर कपड़ों की मोटी लेयर के बाद भी कंपकंपी रुकने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार तक, हर जगह ठंड का सितम देखने को मिल रहा है। फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों तक पहाड़ों पर बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जगह बर्फबारी भी होने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में भी बारिश-बूंदाबांदी होने से कई राज्यों में शीतलहर की स्थिति रहेगी। वहीं, एक सप्ताह तक उत्तर और पूर्व के कई राज्यों में घने से बेहद घना कोहरा मुश्किल बढ़ाएगा।

शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 2–3 दिनों तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में ठंड का प्रकोप बना रहेगा, जबकि उसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

5-6 दिनों तक घने कोहरे की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5-6 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शीतदिवस की अगले दो दिनों तक स्थिति बनी रह सकती है।

बारिश और बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक 16 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही 18–20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

इधर, दिल्ली में सर्दी ने पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुवार को 2.3 डिग्री के टेंपरेचर के साथ कोहरे ने खूब परेशान किया। 16 जनवरी को भी शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्का से मध्यम स्तर का घना कोहरा रहेगा। वहीं 17 से 21 जनवरी तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह के वक्त थोड़ा कोहरा भी देखने को मिलेगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5 से बढ़कर 9 डिग्री पहुंच सकता है। जबकि अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

आखिर ट्रंप को मिला नोबेल पुरस्कार! वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने अपना अवार्ड किया भेंट

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वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया है। मचाडो ने अपने देश के भविष्य पर चर्चा के लिए गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वॉइट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतीकात्मक तौर पर अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणी अमेरिकी देश में उथल पुथल है। ऐसे में वेनेजुएलाई नेता मारिया माचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात किया। उन्होंने दावा किया कि मीटिंग में उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा, मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार मेडल पुरस्कार दिया। उन्होंने इसे वेनेजुएला की आजादी के प्रति उनकी (ट्रंप) अनोखी प्रतिबद्धता के पहचान के तौर पर उठाया गया कदम बताया।

मचाडो ने क्या कहा?

मेडल देने के बारे में जानकारी देते हुए मचाडो ने लैटिन अमेरिका के महान क्रांतिकारी सिमोन बोलिवर का एक किस्सा सुनाया। मचाडो ने कहा कि दो साल पहले जनरल (मार्क्विस डी) लायाफेट ने सिमोन बोलिवर को एक मेडल दिया था, जिस पर जॉर्ज वॉशिंगटन का चेहरा बना हुआ था। बोलिवर ने वह मेडल अपनी बाकी जिंदगी अपने पास रखा। उन्होंने आगे कहा, 'इतिहास में दो साल बाद, बोलिवर के लोग वॉशिंगटन के वारिस को एक मेडल वापस दे रहे हैं। इस बार नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल, हमारी आजादी के प्रति उनकी अनोखी प्रतिबद्धता की पहचान के तौर पर।

ट्रंप ने नोबेल स्वीकार किया या नहीं?

हालांकि, मचाडो ने यह नहीं बताया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ने उनका नोबेल स्वीकार किया या नहीं। वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार पुरस्कार को हस्तांतरित या साझा नहीं किया जा सकता है।

ट्रंप को नोबेल पुरस्कार की ख्वाहिश

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाहत है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिले। वह साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर कई बार बयान भी दे चुके थे। उन्होंने उस दौरान कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प सहित कई जंग रोके, इसलिए वह शांति पुरस्कार के हकदार हैं। लेकिन, उनके दावों को खारिज करते हुए नोबेल पीस प्राइज समिति ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को चुना। अब मारिया ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार भेंट किया है।

कस्बे में लाइट हुई गुल ग्रामीणो मे रोष
बहसुमा। मेरठ।बहसुमा कस्बे के मंगल बाजार क्षेत्र में नगर पंचायत द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी होने के कारण ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। बाजार क्षेत्र में अंधेरा छाए रहने से आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शाम ढलते ही बाजार में रोशनी का अभाव होने से दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगल बाजार क्षेत्र बहसुमा का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण खरीदारी के लिए आते हैं। लाइटें बंद होने के कारण बाजार में अंधेरा पसरा रहता है, जिससे चोरी, छिनैती और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इस अंधेरे में निकलने में भय महसूस होता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों को लाइट खराब होने की सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत की उदासीनता के चलते समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। बरसात और सर्दी के मौसम में अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

इस संबंध में स्थानीय निवासी रविंद्र कुमार, रोहित सिंह, कृपाल सिंह, बिजेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र लाइटें चालू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे नगर पंचायत कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंगल बाजार क्षेत्र में बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें चालू कराया जाए, ताकि बाजार में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके और लोगों को राहत मिल सके। नगर पंचायत से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। नगर अध्यक्ष सचिन सुकड़ी  ने बताया की लाइट का लिफ्टलेक्टर खराब हो जाने के कारण अंधेरा है कल सुबह ठीक करा दी जाएगी
मुंबई के विकास और उज्जवल भविष्य के लिए किया मतदान : कृपाशंकर सिंह
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका का चुनाव परिणाम अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार मुंबई के लोगों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विकास कार्यों और महायुति सरकार की लोकहित विचारधारा को देखते हुए मतदान किया है। बांद्रा पश्चिम के इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा लोकप्रिय उत्तर भारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुंबई के विकास और उज्जवल भविष्य के लिए मतदान किया है। इस बार का चुनाव परिणाम पूरी तरह से महायुति के पक्ष में होने जा रहा है और भारतीय जनता पार्टी का अगला महापौर बनने जा रहा है। उन्होंने उत्तर भारतीय मतदाताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि पहली बार उत्तर भारतीय मतदाताओं ने जाति पाति से ऊपर उठकर मुंबई के विकास के लिए  संगठित रूप से मतदान किया।
खिचड़ी महापर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का महासंगम
* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई पवित्र खिचड़ी



गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पवित्र खिचड़ी अर्पित कर लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम योगी के खिचड़ी अर्पण के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

नाथ योगियों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की अंजुरी में खिचड़ी लेकर बाबा गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाया। लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग से चली आ रही बाबा का खप्पर भरने की परंपरा का इस अवसर पर विधिवत पालन किया गया। नेपाल राजपरिवार की ओर से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में जमीन पर बैठकर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ से आदेश लिया और विधिविधान से श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं, योगिराज बाबा गंभीरनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ एवं अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं के समक्ष भी खिचड़ी भोग अर्पित किया।

खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला पूरे दिन अनवरत चलता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक लग गई थीं। अलग-अलग गेटों और बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में खिचड़ी सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अमीर-गरीब, जाति-वर्ग का भेदभाव भुलाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। सहभोज में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। दिनभर मंदिर परिसर ‘गुरु गोरखनाथ की जय’ के उद्घोष से गूंजता रहा।

नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव के अनुसार, महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं और मकर संक्रांति पर नेपाल राजपरिवार की ओर से खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनी हुई है।
मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।