लल्ला दूबे हत्याकांड में भाई पुलिस हिरासत में,6 दिन पहले हुई थी हत्या
*गांव के 5 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र 4 फरवरी को हुए लल्ला दूबे हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है।मृतक शिव शंकर दूबे उर्फ लल्ला दूबे के भाई अमरनाथ दूबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।पुलिस को संदेह है कि लल्ला दूबे की हत्या में अमरनाथ दूबे का हाथ है,जिसके संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।शिव शंकर दूबे (32) की हत्या दुल्हिन पुरवा गांव में खेत में सिंचाई के दौरान चाकू से गोदकर किया गया था।इस मामले में पहले गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।हालांकि, जांच में सामने आया है कि उन लोगों ने हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया था।पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए अमरनाथ दूबे पूछताछ के दौरान सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने हत्याकांड के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया है,जो पिछले छ:दिनों से लगातार जांच कर रही है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी पुष्टि किया कि जिन लोगों पर पहले आरोप लगाया गया था,वे इस हत्याकांड में शामिल नहीं थे।पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है और मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं उसी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
*आगामी आईपीओ को लेकर एनएसई बोर्ड का फैसला*

*मुंबई*, *फरवरी 2026:* एनएसई ने अपने आईपीओ से जुड़े नियम और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके लिए एक विशेष आईपीओ समिति को दोबारा गठित किया गया है, जो लिस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और उसकी निगरानी करेगी।

पुनर्गठित आईपीओ समिति की संरचना इस प्रकार है:

- श्री तबलेश पांडेय – चेयरपर्सन (नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
- श्री श्रीनिवास इंजेती – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. (डॉ.) ममता बिस्वाल – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती अभिलाषा कुमारी – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. जी. शिवकुमार – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- श्री आशीष कुमार चौहान – मेंबर (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ)

एनएसई के बोर्ड ने नियामकीय मंजूरी के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से एक कोयला एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित सहायक कंपनी का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज / भारत कोल एक्सचेंज / इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इस कंपनी का गठन कोयला मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्तावित कोल रेगुलेशंस, 2025 के अनुरूप किया जाएगा। एनएसई ने प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज की सहायक कंपनी में ₹100 करोड़ तक की पूंजी निवेश को मंजूरी दी है।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
पूर्व विधायक परिवार का विवाद पहुंचा ग्राम न्यायालय, बहन ने याचिका दायर किया कार्रवाई की मांग
*परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर झगड़ा

गोंडा।जिले के करनैलगंज विधानसभा के पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ़ लल्ला भैया के परिवार का विवाद अब परिवार तक सीमित नहीं रहा।विवाद अब सोशल मीडिया से हटकर ग्राम न्यायालय तक पहुंच गया है।पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में याचिका दायर कर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।ग्राम न्यायालय में इस मामले में सुनवाई 17 फरवरी को होगी।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कूरी ग्राम पंचायत में कुंवर कमलेश मोहन सिंह और कुंवर अजयेन मोहन सिंह के शिकायत पत्र पर उनके नाम परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर खुली बैठक हुई थी।हालांकि,दोनों पक्ष खुली बैठक में नहीं पहुंचे।बैठक के बाद इसे स्थगित कर कटरा शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध बैठक आयोजित की गई।याचिका में दावा किया गया है कि बैठक में स्थानीय नेताओं और एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जनता के सामने कोई फैसला नहीं लिया गया।कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह व अजयेन मोहन सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कूरी ग्राम सभा की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कर पूर्व विधायक के बेटे होने का दावा किया,जबकि मकान संख्या पर 35 अन्य बाहरी लोगों के नाम दर्ज हैं।याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।पूर्व विधायक की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन व कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह चाहते हैँ कि नाम परिवार रजिस्टर में न दर्ज हो तो वहीं, दूसरी पत्नी के दोनों बेटे नाम दर्ज कराने के पक्ष में हैं।बीते 5 फरवरी को कटरा शाहबाजपुर के कंपोजिट विद्यालय में दोनों परिवारों के बीच खुली बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप भी हुए थे।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बलिया में सांख्य दर्शन का आधुनिक अवतार: डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की 'नव-भाष्य' का भव्य विमोचन
संजीव सिंह बलिया, 10 फरवरी 2026: प्राचीन सांख्य दर्शन को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने वाला अनोखा ग्रंथ 'नव-भाष्य' आज यहां विधिवत् विमोचित हुआ। शिक्षा जगत के प्रसिद्ध विद्वान डॉ. विद्यासागर उपाध्याय द्वारा रचित यह पुस्तक पारंपरिक भाष्य शैली को पीछे छोड़कर वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करती है। संस्कृत की गहराई, हिंदी की सहजता और अंग्रेजी की वैज्ञानिक शब्दावली का संगम इसे इंजीनियरों, डॉक्टरों और डेटा साइंटिस्टों के लिए उपयोगी बनाता है।ग्रंथ का आशीर्वाद अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य मधुसूदनाचार्य जी महाराज ने दिया, वहीं यूक्रेन के तारास शेव्चेंको कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यूरी बोत्वींकिन ने शुभाशीष पत्र भेजा। यह वैश्विक समर्थन पुस्तक की अंतरराष्ट्रीय अपील को रेखांकित करता है।'नव-भाष्य' में सांख्य के सिद्धांतों को आधुनिक उदाहरणों से जोड़ा गया है—'प्रतिप्रसव' को रिवर्स इंजीनियरिंग, 'पुरुष-प्रकृति' को यूजर-सॉफ्टवेयर, और सत्त्व-रज-तम को इंफॉर्मेशन-एनर्जी-मास के रूप में समझाया गया। कैवल्य को 'सिस्टम रिकवरी' और मुक्ति को 'आइडेंटिटी करेक्शन' बताते हुए इसे इसी जीवन में संभव ठहराया गया है।डॉ. उपाध्याय ने विमोचन अवसर पर कहा, "यह ग्रंथ ऋषियों की प्रज्ञा और वैज्ञानिकों के तर्क का पुल है। सांख्य को इतिहास की धूल से निकालकर भविष्य की प्रयोगशाला में लाता है।" महर्षि कपिल के दर्शन पर आधारित यह कृति शोधार्थियों और जिज्ञासुओं के लिए समर्पित है, जो विज्ञान में चेतना और दर्शन में तर्क तलाशते हैं।
T20 वर्ल्ड कप: आखिर भारत से खेलने को तैयार हुआ पाकिस्तान, 15 फरवरी को होगी भिड़ंत

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भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट को लेकर बना सियासी और कूटनीतिक गतिरोध आखिरकार टूट गया है। पाकिस्तान ने अपने फैसले से यू-टर्न ले लिया है। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी 2026 को आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप का ग्रुप मुकाबला खेला जाएगा।

आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा

1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने एलान किया था कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी। कुछ दिनों तक चले ड्रामे के बाद पाकिस्तान ने कहा कि वो खेलेगा लेकिन उनकी 3 शर्ते हैं। आईसीसी ने उन्हें भी नहीं माना। आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा। अब भारत बनाम पाकिस्तान मैच होगा।

कहां पर होगा भारत-पाक मैच?

भारत बनाम पाकिस्तान मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 27 वां मैच होगा. ये मुकाबला रविवार, 15 फरवरी को है। भारत बनाम पाकिस्तान मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होगा। भारत बनाम पाकिस्तान मैच शाम को 7 बजे से शुरू होगा. 6:30 बजे टॉस होगा। मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनल पर होगा।

क्या है विवाद की जड़ में?

इस पूरे विवाद की जड़ तब सामने आई, जब आईसीसी ने भारत में खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया और उसकी जगह ग्रुप सी में स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर बेवजह हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेश का खुला समर्थन किया था। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने यहां तक कह दिया था कि पाकिस्तान का टी20 विश्व कप में खेलना प्रधानमंत्री के फैसले पर निर्भर करेगा।

पाक सरकार ने किया था भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार

इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का एलान किया, जिससे आईसीसी काफी नाराज हो गया और संभावित कार्रवाई के संकेत दिए। पीसीबी ने फोर्स मेज्योर लागू करने की मांग की, लेकिन आईसीसी ने इस पर स्पष्टीकरण मांगा। कई दौर की बैठकों के बाद आखिरकार पाकिस्तान ने यू-टर्न लेते हुए मुकाबला खेलने का फैसला किया।

बहसूमा में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद, सघन गश्त से अपराधियों में खौफ

मेरठ। बहसूमा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के उद्देश्य से बहसूमा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन गश्त अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतरा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

अपराध निरीक्षक योगिंदर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्णकांत, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक, उपनिरीक्षक सोनू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल व वाहन गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की गहन जांच की। जगह-जगह रुककर हालात का जायजा लिया गया और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक भी लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नियमित गश्त अभियानों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना, अपराध की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि नियमित गश्त से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराधियों में भय बना है। लोगों का मानना है कि पुलिस की निरंतर मौजूदगी से बहसूमा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में ठोस मदद मिल रही है।
संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा सम्पन्न
मुंबई। उत्तर मुंबई के लोकप्रिय जन सेवक गोपाल शेट्टी जी के मार्गदर्शन में आयोजित 9 दिवसीय शिवमहापुराण कथा का समापन 08 फरवरी 2026 को देवीपाडा ग्राउंड बोरीवली में हुआ। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और 09 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का लाभ लिया। कथा व्यास पंडित श्याम सुन्दर दास  महाराज के मुखारविंद से शिव महापुराण कथा का श्रवणपान सभी कथा प्रेमियों ने किया। संस्था अध्यक्ष शिवदयाल मिश्रा के नेतृत्व में कथा का सफल आयोजन किया गया।

इस अवसर पर नागेन्द्र मिश्रा, रवि पाठक, सुभाष तिवारी, शर्मिला पाठक, राजेश मिश्रा, डॉ संजय उपाध्याय, धीरूभाई चौहान, नरेन्द्र पांडे, सत्यनारायण तिवारी, रमेश गौड़, हरीश तिवारी, घनश्याम शुक्ला, राजेश मौर्या, अक्षय उपाध्याय, मंगल रावत, अरुण पाठक, हर्षित पाठक, विकास तिवारी, हरीश तिवारी, संजय प्रसाद, घनश्याम शुक्ला, हर्षवर्धन मिश्रा सहित अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लल्ला दूबे हत्याकांड में भाई पुलिस हिरासत में,6 दिन पहले हुई थी हत्या
*गांव के 5 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र 4 फरवरी को हुए लल्ला दूबे हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है।मृतक शिव शंकर दूबे उर्फ लल्ला दूबे के भाई अमरनाथ दूबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।पुलिस को संदेह है कि लल्ला दूबे की हत्या में अमरनाथ दूबे का हाथ है,जिसके संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।शिव शंकर दूबे (32) की हत्या दुल्हिन पुरवा गांव में खेत में सिंचाई के दौरान चाकू से गोदकर किया गया था।इस मामले में पहले गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।हालांकि, जांच में सामने आया है कि उन लोगों ने हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया था।पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए अमरनाथ दूबे पूछताछ के दौरान सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने हत्याकांड के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया है,जो पिछले छ:दिनों से लगातार जांच कर रही है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी पुष्टि किया कि जिन लोगों पर पहले आरोप लगाया गया था,वे इस हत्याकांड में शामिल नहीं थे।पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है और मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं उसी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
*आगामी आईपीओ को लेकर एनएसई बोर्ड का फैसला*

*मुंबई*, *फरवरी 2026:* एनएसई ने अपने आईपीओ से जुड़े नियम और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके लिए एक विशेष आईपीओ समिति को दोबारा गठित किया गया है, जो लिस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और उसकी निगरानी करेगी।

पुनर्गठित आईपीओ समिति की संरचना इस प्रकार है:

- श्री तबलेश पांडेय – चेयरपर्सन (नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
- श्री श्रीनिवास इंजेती – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. (डॉ.) ममता बिस्वाल – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती अभिलाषा कुमारी – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. जी. शिवकुमार – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- श्री आशीष कुमार चौहान – मेंबर (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ)

एनएसई के बोर्ड ने नियामकीय मंजूरी के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से एक कोयला एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित सहायक कंपनी का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज / भारत कोल एक्सचेंज / इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इस कंपनी का गठन कोयला मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्तावित कोल रेगुलेशंस, 2025 के अनुरूप किया जाएगा। एनएसई ने प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज की सहायक कंपनी में ₹100 करोड़ तक की पूंजी निवेश को मंजूरी दी है।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
पूर्व विधायक परिवार का विवाद पहुंचा ग्राम न्यायालय, बहन ने याचिका दायर किया कार्रवाई की मांग
*परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर झगड़ा

गोंडा।जिले के करनैलगंज विधानसभा के पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ़ लल्ला भैया के परिवार का विवाद अब परिवार तक सीमित नहीं रहा।विवाद अब सोशल मीडिया से हटकर ग्राम न्यायालय तक पहुंच गया है।पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में याचिका दायर कर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।ग्राम न्यायालय में इस मामले में सुनवाई 17 फरवरी को होगी।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कूरी ग्राम पंचायत में कुंवर कमलेश मोहन सिंह और कुंवर अजयेन मोहन सिंह के शिकायत पत्र पर उनके नाम परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर खुली बैठक हुई थी।हालांकि,दोनों पक्ष खुली बैठक में नहीं पहुंचे।बैठक के बाद इसे स्थगित कर कटरा शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध बैठक आयोजित की गई।याचिका में दावा किया गया है कि बैठक में स्थानीय नेताओं और एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जनता के सामने कोई फैसला नहीं लिया गया।कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह व अजयेन मोहन सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कूरी ग्राम सभा की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कर पूर्व विधायक के बेटे होने का दावा किया,जबकि मकान संख्या पर 35 अन्य बाहरी लोगों के नाम दर्ज हैं।याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।पूर्व विधायक की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन व कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह चाहते हैँ कि नाम परिवार रजिस्टर में न दर्ज हो तो वहीं, दूसरी पत्नी के दोनों बेटे नाम दर्ज कराने के पक्ष में हैं।बीते 5 फरवरी को कटरा शाहबाजपुर के कंपोजिट विद्यालय में दोनों परिवारों के बीच खुली बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप भी हुए थे।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बलिया में सांख्य दर्शन का आधुनिक अवतार: डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की 'नव-भाष्य' का भव्य विमोचन
संजीव सिंह बलिया, 10 फरवरी 2026: प्राचीन सांख्य दर्शन को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने वाला अनोखा ग्रंथ 'नव-भाष्य' आज यहां विधिवत् विमोचित हुआ। शिक्षा जगत के प्रसिद्ध विद्वान डॉ. विद्यासागर उपाध्याय द्वारा रचित यह पुस्तक पारंपरिक भाष्य शैली को पीछे छोड़कर वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करती है। संस्कृत की गहराई, हिंदी की सहजता और अंग्रेजी की वैज्ञानिक शब्दावली का संगम इसे इंजीनियरों, डॉक्टरों और डेटा साइंटिस्टों के लिए उपयोगी बनाता है।ग्रंथ का आशीर्वाद अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य मधुसूदनाचार्य जी महाराज ने दिया, वहीं यूक्रेन के तारास शेव्चेंको कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यूरी बोत्वींकिन ने शुभाशीष पत्र भेजा। यह वैश्विक समर्थन पुस्तक की अंतरराष्ट्रीय अपील को रेखांकित करता है।'नव-भाष्य' में सांख्य के सिद्धांतों को आधुनिक उदाहरणों से जोड़ा गया है—'प्रतिप्रसव' को रिवर्स इंजीनियरिंग, 'पुरुष-प्रकृति' को यूजर-सॉफ्टवेयर, और सत्त्व-रज-तम को इंफॉर्मेशन-एनर्जी-मास के रूप में समझाया गया। कैवल्य को 'सिस्टम रिकवरी' और मुक्ति को 'आइडेंटिटी करेक्शन' बताते हुए इसे इसी जीवन में संभव ठहराया गया है।डॉ. उपाध्याय ने विमोचन अवसर पर कहा, "यह ग्रंथ ऋषियों की प्रज्ञा और वैज्ञानिकों के तर्क का पुल है। सांख्य को इतिहास की धूल से निकालकर भविष्य की प्रयोगशाला में लाता है।" महर्षि कपिल के दर्शन पर आधारित यह कृति शोधार्थियों और जिज्ञासुओं के लिए समर्पित है, जो विज्ञान में चेतना और दर्शन में तर्क तलाशते हैं।
T20 वर्ल्ड कप: आखिर भारत से खेलने को तैयार हुआ पाकिस्तान, 15 फरवरी को होगी भिड़ंत

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भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट को लेकर बना सियासी और कूटनीतिक गतिरोध आखिरकार टूट गया है। पाकिस्तान ने अपने फैसले से यू-टर्न ले लिया है। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी 2026 को आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप का ग्रुप मुकाबला खेला जाएगा।

आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा

1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने एलान किया था कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी। कुछ दिनों तक चले ड्रामे के बाद पाकिस्तान ने कहा कि वो खेलेगा लेकिन उनकी 3 शर्ते हैं। आईसीसी ने उन्हें भी नहीं माना। आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा। अब भारत बनाम पाकिस्तान मैच होगा।

कहां पर होगा भारत-पाक मैच?

भारत बनाम पाकिस्तान मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 27 वां मैच होगा. ये मुकाबला रविवार, 15 फरवरी को है। भारत बनाम पाकिस्तान मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होगा। भारत बनाम पाकिस्तान मैच शाम को 7 बजे से शुरू होगा. 6:30 बजे टॉस होगा। मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनल पर होगा।

क्या है विवाद की जड़ में?

इस पूरे विवाद की जड़ तब सामने आई, जब आईसीसी ने भारत में खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया और उसकी जगह ग्रुप सी में स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर बेवजह हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेश का खुला समर्थन किया था। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने यहां तक कह दिया था कि पाकिस्तान का टी20 विश्व कप में खेलना प्रधानमंत्री के फैसले पर निर्भर करेगा।

पाक सरकार ने किया था भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार

इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का एलान किया, जिससे आईसीसी काफी नाराज हो गया और संभावित कार्रवाई के संकेत दिए। पीसीबी ने फोर्स मेज्योर लागू करने की मांग की, लेकिन आईसीसी ने इस पर स्पष्टीकरण मांगा। कई दौर की बैठकों के बाद आखिरकार पाकिस्तान ने यू-टर्न लेते हुए मुकाबला खेलने का फैसला किया।

बहसूमा में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद, सघन गश्त से अपराधियों में खौफ

मेरठ। बहसूमा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के उद्देश्य से बहसूमा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन गश्त अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतरा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

अपराध निरीक्षक योगिंदर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्णकांत, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक, उपनिरीक्षक सोनू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल व वाहन गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की गहन जांच की। जगह-जगह रुककर हालात का जायजा लिया गया और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक भी लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नियमित गश्त अभियानों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना, अपराध की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि नियमित गश्त से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराधियों में भय बना है। लोगों का मानना है कि पुलिस की निरंतर मौजूदगी से बहसूमा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में ठोस मदद मिल रही है।
संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा सम्पन्न
मुंबई। उत्तर मुंबई के लोकप्रिय जन सेवक गोपाल शेट्टी जी के मार्गदर्शन में आयोजित 9 दिवसीय शिवमहापुराण कथा का समापन 08 फरवरी 2026 को देवीपाडा ग्राउंड बोरीवली में हुआ। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और 09 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का लाभ लिया। कथा व्यास पंडित श्याम सुन्दर दास  महाराज के मुखारविंद से शिव महापुराण कथा का श्रवणपान सभी कथा प्रेमियों ने किया। संस्था अध्यक्ष शिवदयाल मिश्रा के नेतृत्व में कथा का सफल आयोजन किया गया।

इस अवसर पर नागेन्द्र मिश्रा, रवि पाठक, सुभाष तिवारी, शर्मिला पाठक, राजेश मिश्रा, डॉ संजय उपाध्याय, धीरूभाई चौहान, नरेन्द्र पांडे, सत्यनारायण तिवारी, रमेश गौड़, हरीश तिवारी, घनश्याम शुक्ला, राजेश मौर्या, अक्षय उपाध्याय, मंगल रावत, अरुण पाठक, हर्षित पाठक, विकास तिवारी, हरीश तिवारी, संजय प्रसाद, घनश्याम शुक्ला, हर्षवर्धन मिश्रा सहित अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।