नागरिकों को होने वाली असुविधा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं  : मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई। गिरगांव क्षेत्र में हाल ही में बार-बार हो रही बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाओं के मद्देनज़र, कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नगरसेविका श्रीमती स्नेहल तेंडुलकर एवं BEST के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया। चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने तत्काल मरम्मत के स्पष्ट निर्देश दिए। कार्य में हो रही देरी, समन्वय की कमी और लापरवाही को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कड़े शब्दों में जवाब मांगा और स्पष्ट किया कि नागरिकों को होने वाली असुविधा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, तो वे स्वयं धरना आंदोलन करेंगे। प्रभाग 218 की नगरसेविका श्रीमती स्नेहल तेंडुलकर ने भी नागरिकों के मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने की भूमिका स्पष्ट की। मरीन लाइन्स पुल के पास स्थित BEST स्टेशन के निकट 33,000 वोल्ट की वायरिंग में खराबी पाई गई है। यह लाइन रेलवे पटरियों के नीचे से गुजरती है, जिसके कारण मरम्मत प्रक्रिया में कुछ समय लगने की संभावना अधिकारियों ने व्यक्त की है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में फिलहाल विभिन्न स्थानों से 11,000 वोल्ट की बिजली आपूर्ति डायवर्ट की गई है। श्री लोढ़ा के निर्देशानुसार, नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए गिरगांव गायवाड़ी में BEST की एक विशेष बस तैनात की जाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने और उन पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने में सुविधा होगी। साथ ही, मरम्मत कार्य के लिए किए गए खुदाई के कारण सड़कों पर बने गड्ढों को तत्काल भरने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। श्रीमती स्नेहल तेंडुलकर ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आने वाले कुछ महीनों में पूरे गिरगांव क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग का आकलन करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सबस्टेशनों की स्थापना पर भी चर्चा की गई है। भविष्य में ऐसी समस्याएं उत्पन्न न हों, इसके लिए दीर्घकालिक योजना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस बीच, BEST प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान बिजली कटौती पूर्व-नियोजित नहीं है, बल्कि बढ़े हुए लोड के कारण उत्पन्न परिस्थितिजन्य समस्या है। इसके बावजूद, आधुनिक तकनीक के माध्यम से नागरिकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। वर्तमान में फाटकवाड़ी से फॉल्ट मरम्मत वाहन कार्यरत हैं, लेकिन उनके व्यापक कार्यक्षेत्र के कारण सभी स्थानों पर समय पर पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, लगभग एक सप्ताह के भीतर D और C विभागों के लिए ताड़देव BEST डिवीजन से समर्पित मरम्मत वाहन तैनात किए जाएंगे। संबंधित संपर्क नंबर भी शीघ्र ही नागरिकों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
श्री लोढ़ा और श्रीमती तेंडुलकर ने विश्वास व्यक्त किया कि गिरगांववासियों को पूर्ण राहत मिलने तक इस मुद्दे पर लगातार फॉलो-अप जारी रहेगा।
मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता की लड़ाई में हिंदी का बड़ा योगदान

मुंबई। भाषा विवाद का माध्यम नहीं हो सकती हिंदी इस देश की संपर्क सूत्र है। भाषाओं के नाम पर विवाद पैदा कर वोट और सत्ता तो हासिल की जा सकती है लेकिन इससे देश का ज्ञान समाप्त हो जाएगा और इसे हम आने वाली पीढ़ियों तक नहीं पहुंचा पाएंगे। इसलिए विशेष रूप से हिंदी जैसी भाषा का सम्मान होना चाहिए जिसने हमारी स्वतंत्रता की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह बात कही। हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस सामारोह में उन्होंने कहा कि  बहुभाषी होना एक योग्यता है हमें अपनी भाषा तो सीखनी ही चाहिए क्योंकि मातृभाषा छोड़ने पर हम एक बहुत ही नैसर्गिक ज्ञान प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। लेकिन अगर मातृभाषा के अलावा अगर हम देश की कोई और भाषा सीखेंगे तो देश का ज्ञान बटोर पाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया के जिन देशों ने विकास किया है उन्होंने अपनी मातृभाषाओं में ही पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के सामने आज बड़ी चुनौतियां हैं क्योंकि खबरों की विश्वसनीयता को लेकर संकट है। खासकर डिजिटल मीडिया आने के बाद हालात चुनौती पूर्ण हुए हैं मैं मानता हूं कि यह अस्थायी है और इसे पीछे थोड़कर पत्रकारिता पुराने मूल्यों पर स्थापित होगी।  कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि मौजूद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हिंदी और देश की दूसरी भाषाओ में कोई टकराव नहीं है और हिंदी तभी आगे बढ़ेगी जब क्षेत्रीय भाषाएं आगे बढ़ेगी। उन्होंने भी मातृभाषा में पढ़ाई की वकालत की। मुंबई भाजपा अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने कहा कि हिंदी एक धागा है जो पूरे देश को को बांधता है लेकिन इसका विरोध कुछ लोगों के लिए फैशन बन गया है जबकि उनके बच्चे फ्रेंच, जर्मन जैसी भाषाएं पढ़ते हैं। मंत्री और विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि अब मुंबई के किसी भी कोने में खड़े होकर हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान का नारा लगाया का सकता है। हिंदी जोड़ने वाली भाषा है तोड़ना हमारे संस्कारों में नहीं है। कार्यक्रम में सम्मानित किए गए अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने कहा कि जब माला बनती है तो उसमें एक सूत्र लगता है मुझे लगता है कि भारत के लिए यह सूत्र हिंदी भाषा ही हो सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का रिश्ता बहुत पुराना है। फिल्म छावा में मैंने जिस कवि कलश की भूमिका निभाई थी वे भी उत्तर प्रदेश के थे। उन्होंने कवि कलश की कविता भी लोगों के सामने प्रस्तुत की। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रोफेसर राम मोहन पाठक ने कहा कि एआई भले ही चुनौतीपूर्ण लगती है लेकिन यह संपादक जैसा दिमाग नहीं चला सकती। मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के महासचिव विजय सिंह कौशिक ने कहा कि हिंदी की पहला समाचार पत्र एक गैर हिंदी भाषा प्रदेश कोलकाता से शुरू हुआ और हम इस उपलब्धि के 200 साल पूरे होने का समारोह एक मराठी भाषी राज्य में मना रहे हैं यह विविधता में एकता की हमारी परंपरा बयान करता है। उन्होंने पत्रकारिता के शुरुआती दौर में मराठी भाषा पत्रकारों के योगदान को भी याद किया।
प्रभादेवी स्थित रविंद्र नाट्यमंदिर में आयोजित समारोह में हिंदी भाषा, पत्रकारिता और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त समिति, लखनऊ के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, सुप्रसिद्ध अभिनेता विनीत कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अवधेश व्यास, गंगाधर ढोबले और कुमुद संघवी चावरे को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पत्रकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गई गणमान्यों ने हाजिरी लगाई। कार्यक्रम में मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, विधायक राजहंस सिंह, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, सिद्धविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आर्चाय पवन त्रिपाठी, योगायतन ग्रुप ऑफ कंपनी के अध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र प्रताप सिंह, उद्योगपति ज्ञान प्रकाश सिंह, प्रदेश भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडेय, उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आर एन सिंह, समरस फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह, मीरा भायंदर परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मिश्र, कार्यकारणी सदस्य हरीगोविन्द विश्वकर्मा, अखिलेश मिश्र, अखिलेश तिवारी, अशोक शुक्ला, सैयद सलमान आदि मौजूद थे।
श्रुतज्ञान की रक्षा हेतु आरंभ हुआ भगीरथ महायज्ञ
मुंबई। जैन शासन का अविचल प्राण और चौबीसों तीर्थंकर परमात्माओं का साक्षात अक्षरदेह अर्थात ‘श्रुतज्ञान’ (आगम भगवंत) है। समय के प्रभाव से क्षीण हो रहे इस अमूल्य ज्ञानभंडार को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने के परम पुण्य और भगीरथ कार्य में 'श्री वर्धमान श्रुतगंगा' संस्था आज संपूर्ण जैन समाज में अग्रणी एवं प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है। श्रुतरक्षा के क्षेत्र में यह संस्था एक सशक्त स्तंभ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी है। जैन इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब श्रुतज्ञान पर संकट आया, तब-तब महान आचार्यों और महापुरुषों ने आगे बढ़कर इसे सुरक्षित एवं अमर बनाने का कार्य किया। लगभग 1500 वर्ष पूर्व वल्लभीपुर में पड़े भीषण अकाल के समय जब श्रुतज्ञान के लुप्त होने का भय उत्पन्न हुआ था, तब पूज्य देवर्धिगणि क्षमाश्रमणजी ने जिनागमों को ताड़पत्रों पर लिपिबद्ध करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उसी महान परंपरा को आधुनिक युग में पुनर्जीवित करते हुए 'श्री वर्धमान श्रुतगंगा' दुर्लभ हस्तलिपियों एवं आगम ग्रंथों के संरक्षण का महाअभियान चला रही है। शास्त्रकारों के अनुसार पंचम आरे के अंत तक जैन शासन का आधार केवल श्रुतज्ञान ही रहेगा। इसी शाश्वत सत्य को आत्मसात करते हुए संस्था आज के अंधकारमय समय में आत्माओं को सही मार्ग दिखाने वाला प्रकाशस्तंभ बनकर कार्य कर रही है।संस्था के अध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, उपाध्यक्ष सुरेश देवचंद संघवी तथा मंत्री अशोक नरसी चरला के कुशल मार्गदर्शन में संस्था अनेक ऐतिहासिक एवं अनूठे कार्य कर रही है। परमात्मा की ज्ञानवाणी को शास्त्रोक्त एवं पारंपरिक पद्धति से पुनः हस्तलिखित किया जा रहा है। सांगानेरी कागज तथा विशेष पारंपरिक स्याही द्वारा तैयार किए जा रहे ये ग्रंथ प्राचीन परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं। संस्था का उद्देश्य केवल ग्रंथों का संरक्षण करना नहीं, बल्कि घर-घर तक जिनागम के प्रति श्रद्धा, ज्ञानभक्ति और संस्कार पहुंचाना भी है। पाठशालाओं एवं संस्कार केंद्रों के माध्यम से नई पीढ़ी में धर्म, संस्कृति और जिनवाणी के प्रति गहरा अनुराग जागृत किया जा रहा है।
इसी क्रम में जैन समाज के लिए एक और गौरवपूर्ण समाचार सामने आया है। ब्रिटेन के प्रसिद्ध 'वेलकम कलेक्शन' द्वारा संरक्षित लगभग 2,000 दुर्लभ जैन पांडुलिपियों को पुनः जैन समाज को लौटाने की ऐतिहासिक प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। वर्ष 1919 में अविभाजित भारत के एक जैन मंदिर से प्राप्त ये पांडुलिपियां लंबे समय तक लंदन स्थित संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई थीं। अब एक सदी बाद इनकी वापसी को सांस्कृतिक न्याय और विरासत संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इन दुर्लभ पांडुलिपियों में प्राकृत, संस्कृत और गुजराती भाषाओं में लिखित धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का विशाल संग्रह मौजूद है। कई ग्रंथों में प्राकृतिक रंगों और स्वर्ण अलंकरण का अद्भुत प्रयोग भारतीय कला, संस्कृति और जैन परंपरा की समृद्धि को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल पांडुलिपियों की वापसी नहीं, बल्कि जैन समाज की आस्था, इतिहास और पहचान की पुनर्प्रतिष्ठा है। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अमूल्य अवसर प्राप्त होगा। जैन समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने इस ऐतिहासिक निर्णय का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया है। समाज के अग्रणियों के अनुसार यह पहल विश्वभर में भारतीय संस्कृति, जैन दर्शन और श्रुतज्ञान के प्रति बढ़ते सम्मान का प्रतीक है
बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में पूजन अर्चन व विशाल भण्डारा हुआ आयोजित*
रितेश मिश्रा
हरदोई। आदर्श नगर पंचायत कुरसठ के बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर में विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन कर कन्या भोज व विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।‌ प्रसाद वितरण श्रंखला में विभिन्न देवी देवताओं के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।  भोज कराने के बाद विशाल भण्डारे का आयोजन देर शाम तक चलता रहा। भंडारे में मोहल्ला आजाद नगर निवासी लालबहादुर के द्वारा ठंडा शरबत, किर्ति प्रकाश पेशकार के द्वारा बूंदी व नगर अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी योगेन्द्र नाथ फनकू के द्वारा छोला चावल का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन में सोमेन्द्र(लिटिल), जितेन्द्र सिंह,शिवप्रकाश, कमलेश तिवारी,अनिल,अरविंद,रजत,अतिन,जतिन, रत्नेश मोहन,मोनू द्विवेदी ,अनुज पटेल,लवकुश आदि लोगों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर नगर पंचायत कुरसठ के लोग, दूर दराज क्षेत्रो से आये तमाम सम्मानित लोगों व राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया।।
হাকিমপুর চেকপোস্টে বাড়ছে ভিড়, দেশে ফিরতে অপেক্ষায় ১৫০ বাংলাদেশি, সপ্তাহে শনাক্ত প্রায় ৯০০
সৌমাভ মণ্ডল,বসিরহাট : হাকিমপুর সীমান্তে দিন দিন বাড়ছে বাংলাদেশি নাগরিকদের ভিড়। ভারতে অবৈধভাবে প্রবেশের অভিযোগে আটক হওয়া বহু বাংলাদেশি এখন নিজ দেশে ফেরার অপেক্ষায় সীমান্তের বিভিন্ন হোল্ডিং সেন্টারে রয়েছেন। প্রশাসন ও সীমান্তরক্ষী বাহিনীর তৎপরতায় গত এক সপ্তাহে প্রায় ৯০০ জন বাংলাদেশি নাগরিককে শনাক্ত করা হয়েছে বলে প্রশাসনিক সূত্রে জানা গিয়েছে। এর মধ্যে বর্তমানে স্বরূপনগর এলাকার তিনটি হোল্ডিং সেন্টারে প্রায় ৩৫০ জনকে রাখা হয়েছে।
বিথারী-হাকিমপুর গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকার হাকিমপুর চেকপোস্টে মঙ্গলবার সকালেও প্রায় ১৫০ জন বাংলাদেশি নাগরিক জমায়েত হন। প্রশাসনের দাবি, এদের অধিকাংশই বিভিন্ন সময়ে সীমান্ত পেরিয়ে অবৈধভাবে ভারতে প্রবেশ করেছিলেন এবং পরবর্তীতে রাজ্যের পাশাপাশি দেশের বিভিন্ন প্রান্তে গিয়ে কাজ করতেন। আটক হওয়া কয়েকজনের বক্তব্য অনুযায়ী, তারা দালাল চক্রের মাধ্যমে মোটা অঙ্কের অর্থের বিনিময়ে সীমান্ত পেরিয়ে ভারতে এসেছিলেন।
সীমান্তরক্ষী বাহিনী সূত্রে খবর, প্রত্যেকের পরিচয় ও নাগরিকত্ব সংক্রান্ত নথি খতিয়ে দেখা হচ্ছে। ফিঙ্গারপ্রিন্ট সংগ্রহ থেকে শুরু করে বায়োমেট্রিক যাচাইসমস্ত প্রক্রিয়া অত্যন্ত সতর্কতার সঙ্গে সম্পন্ন করা হচ্ছে। সংশ্লিষ্ট ব্যক্তিদের প্রকৃত পরিচয় নিশ্চিত না হওয়া পর্যন্ত কাউকেই বাংলাদেশে ফেরত পাঠানো হবে না বলে জানা গিয়েছে।
বর্তমানে হোল্ডিং সেন্টারগুলিতে থাকা শিশু, মহিলা ও পুরুষদের জন্য প্রয়োজনীয় খাদ্য, পানীয় জল, স্বাস্থ্য পরিষেবা এবং নিরাপত্তার ব্যবস্থা করা হয়েছে। প্রশাসনের বিভিন্ন দফতর ও কেন্দ্রীয় সংস্থাগুলি সমন্বয় রেখে কাজ করছে, যাতে দেশে ফেরার আগে তাঁদের কোনও ধরনের অসুবিধার সম্মুখীন হতে না হয়।
স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে, গত কয়েকদিনের তুলনায় হাকিমপুর চেকপোস্টে বাংলাদেশি নাগরিকদের উপস্থিতি আরও বেড়েছে। প্রতিদিনই নতুন করে অনেকে সেখানে পৌঁছচ্ছেন। ফলে সীমান্তবর্তী এলাকায় নিরাপত্তা ব্যবস্থা আরও জোরদার করা হয়েছে। সীমান্তরক্ষী বাহিনী ও প্রশাসনের আধিকারিকরা সার্বক্ষণিক নজরদারি চালাচ্ছেন। হাকিমপুর সীমান্তে এই বাড়তে থাকা ভিড়কে কেন্দ্র করে এলাকায় চর্চাও শুরু হয়েছে। প্রশাসনের একাংশের মতে, অবৈধ অনুপ্রবেশ রুখতে এবং শনাক্ত ব্যক্তিদের আইনসম্মতভাবে নিজ দেশে ফেরানোর প্রক্রিয়া দ্রুত এগিয়ে নিয়ে যাওয়া হচ্ছে। তবে পরিচয় যাচাইয়ের কাজ শেষ না হওয়া পর্যন্ত প্রত্যেককেই নির্ধারিত হোল্ডিং সেন্টারে রাখা হবে। সীমান্তবর্তী এই অঞ্চলে প্রতিদিন বদলে যাওয়া পরিস্থিতি এখন প্রশাসনের কাছে বড় চ্যালেঞ্জ হয়ে দাঁড়িয়েছে। একদিকে নিরাপত্তা, অন্যদিকে মানবিক দায়িত্ব দুইয়ের মধ্যে ভারসাম্য বজায় রেখে পুরো প্রক্রিয়া পরিচালনার চেষ্টা চলছে। ফলে আগামী কয়েকদিনে হাকিমপুর ও সংলগ্ন এলাকায় এই সংখ্যা আরও বাড়তে পারে বলে প্রশাসনিক মহলের একাংশ মনে করছে।
কাটমানি ফেরৎ ও গ্রেপ্তারির দাবিতে মিনাখাঁয় বিক্ষোভ, তৃণমূল নেতাদের বিরুদ্ধে দুর্নীতির অভিযোগে সরব গ্রামবাসীরা
বসিরহাট : বসিরহাটের মিনাখাঁর চাপালি গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকায় দুর্নীতির অভিযোগকে কেন্দ্র করে উত্তেজনা ছড়াল। আবাস যোজনার ঘর পাইয়ে দেওয়ার নামে কাটমানি আদায়, জলকরের জমির লিজ বাবদ অর্থ আত্মসাৎ এবং উন্নয়নের টাকা তছরুপের অভিযোগ তুলে রাস্তায় নামলেন স্থানীয় বাসিন্দারা। মঙ্গলবার নুরপুর হাটখোলা এলাকায় হাতে ফেস্টুন ও প্ল্যাকার্ড নিয়ে বিক্ষোভে সামিল হন বহু মানুষ। বিক্ষোভকারীদের অভিযোগ, চাপালি গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধানের প্রতিনিধি বাকিবুল্লা মণ্ডল এবং তৃণমূলের অঞ্চল সভাপতি আজিজুল গাজী দীর্ঘদিন ধরে এলাকার সাধারণ মানুষের সঙ্গে প্রতারণা করে আসছেন। তাদের দাবি, প্রধানমন্ত্রী আবাস যোজনার ঘর পাইয়ে দেওয়ার আশ্বাস দিয়ে বহু মানুষের কাছ থেকে মোটা অঙ্কের টাকা নেওয়া হয়েছে। শুধু তাই নয়, জলকরের জমির লিজ সংক্রান্ত বিভিন্ন ক্ষেত্রেও লক্ষ লক্ষ টাকা হাতিয়ে নেওয়ার অভিযোগ তোলা হয়েছে ওই দুই নেতার বিরুদ্ধে। স্থানীয় বাসিন্দাদের বক্তব্য, সরকারি প্রকল্পের সুবিধা পাওয়ার জন্য অনেকেই বাধ্য হয়ে টাকা দিয়েছিলেন। কিন্তু প্রতিশ্রুতি অনুযায়ী সুবিধা না পেয়ে এখন তারা নিজেদের প্রতারিত মনে করছেন। তাদের অভিযোগ, এলাকার উন্নয়নের জন্য বরাদ্দ অর্থের যথাযথ ব্যবহার না করে তা ব্যক্তিগত স্বার্থে কাজে লাগানো হয়েছে। ফলে বহু উন্নয়নমূলক কাজ এখনও অসম্পূর্ণ অবস্থায় পড়ে রয়েছে। এদিনের বিক্ষোভে অংশগ্রহণকারীরা স্লোগান তুলে অভিযুক্তদের বিরুদ্ধে কঠোর ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানান। তাদের বক্তব্য, শুধু তদন্ত নয়, যারা সাধারণ মানুষের কাছ থেকে কাটমানি নিয়েছেন বলে অভিযোগ উঠেছে, তাঁদের কাছ থেকে সেই অর্থ উদ্ধার করে ক্ষতিগ্রস্তদের ফেরত দিতে হবে। পাশাপাশি অবিলম্বে গ্রেপ্তার করে আইনের আওতায় আনারও দাবি তোলেন বিক্ষোভকারীরা।
বিক্ষোভের জেরে কিছু সময়ের জন্য এলাকায় উত্তেজনাপূর্ণ পরিস্থিতির সৃষ্টি হয়। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে পৌঁছায় মিনাখাঁ থানার পুলিশ। পুলিশ আধিকারিকরা বিক্ষোভকারীদের সঙ্গে কথা বলেন এবং তাদের দাবিদাওয়া শোনেন। পরে পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনতে পুলিশ হস্তক্ষেপ করলে বিক্ষোভকারীরা কর্মসূচি প্রত্যাহার করেন। তবে বিক্ষোভ মিটে গেলেও ক্ষোভ যে এখনও প্রশমিত হয়নি, তা স্পষ্ট স্থানীয়দের বক্তব্যে। তাদের দাবি, প্রশাসন দ্রুত নিরপেক্ষ তদন্ত করে অভিযোগের সত্যতা যাচাই করুক এবং দোষীদের বিরুদ্ধে কঠোর ব্যবস্থা গ্রহণ করুক। অন্যথায় আগামী দিনে আরও বৃহত্তর আন্দোলনের পথে হাঁটার হুঁশিয়ারি দিয়েছেন তারা। এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে মিনাখাঁর রাজনৈতিক মহলেও শুরু হয়েছে জোর চর্চা। সাধারণ মানুষের অভিযোগ কতটা সত্য এবং তদন্তে কী উঠে আসে, এখন সেদিকেই নজর রয়েছে সকলের।
पीआरडी जवान फांसी पर झूला,पुलिस ने भरा पंचनामा

अमृतपुर राजेपुर फर्रुखाबाद 2 जून।थाना क्षेत्र के ग्राम राजेपुर राठौरी में मंगलवार को एक पीआरडी जवान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यवाही शुरू कर दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम राजेपुर राठौरी निवासी धीरेंद्र सिंह पुत्र जोगराज सिंह  पीआरडी में तैनात थे।बीती रात उन्होंने घर के बाहर स्थित आम के पेड़ पर सफेद गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने धीरेंद्र सिंह को पेड़ से लटका देखा तो तत्काल उन्हें नीचे उतारकर जमीन पर लिटाया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।घटना की सूचना पीआरबी 5604 के माध्यम से थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।अपने प्रियजन की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।पुलिस के अनुसार परिजनों से तहरीर प्राप्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शव का पंचायतनामा भर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के पीछे के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
गांव में हुई इस दुखद घटना के बाद शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
सोता नाल में डूबकर वृद्ध की मौत,दूसरे दिन पानी में मिला शव
पुलिस ने पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

अमृतपुर फर्रुखाबाद 2 जून।थाना क्षेत्र के ग्राम परतापुर कला निवासी एक वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण व परिजन मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना पर पहुंचे थाना अध्यक्ष ने ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। वृद्ध की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।जानकारी के अनुसार ग्राम परतापुर कला निवासी शिशुपाल 70 पुत्र भूमिराज सोमवार शाम लगभग 4 बजे अपने पशुओं को चराने व पानी पिलाने के लिए सोता नाला की ओर गए थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी कारणवश उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरे। आसपास कोई मौजूद न होने के कारण उन्हें तत्काल बचाया नहीं जा सका। घर के लोग उनकी तलाश करते रहे लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों ने नाले में एक शव को पानी के ऊपर तैरता देखा। शव दिखाई देने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की सहायता से शव को बाहर निकलवाया गया।थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पानी में डूबने से मृत्यु का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।वृद्ध की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर पर मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
मैजिक  व बाइक की आमने सामने भिड़ंत से बाइक चालक सहित सवार दो युवकों की घटना स्थल पर हुई मौत
मीरजापुर। हलिया थाना क्षेत्र के हलिया देवरी मार्ग पर मुड़पेली गांव में मंगलवार की शाम मैजिक वाहन व बाइक की आमने सामने भिड़ंत से बाइक चालक सहित सवार दोनों युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे   लोगो ने घटना की सूचना पुलिस को दिया मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस दोनों के शव को कब्जे में लेकर पीएम की कार्रवाई में जुट गयी है। थाना क्षेत्र के सोनगढ़ा गांव निवासी बाइक चालक मोनू कोल (25)बाइक से अपने रिश्तेदार कवलझर गांव निवासी सुनील(27) के साथ बाइक पर पीछे बैठा कर बड़ौहा रिश्तेदार के यहां जा रहे थे।जैसे ही हलिया देवरी मार्ग के मुड़पेली गांव के पेट्रोल पंप के पास पहुंचे की सामने से आ रहे मैजिक वाहन से आमने सामने भिड़ंत होने से बाइक सवार दोनों युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दिया थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव मामले की जांच पड़ताल करते हुए दोनों के शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेज दिया । हादसा इतना भीषण था की बाइक मैजिक वाहन में जाकर फंस गई। दोनों लोग हेल्मेट नहीं लगाए थे। मृतक मोनू की पत्नी सुनीता का रो-रो कर बेहाल है।मोनू के पास एक बेटी है। मृतक सुनील की पत्नी का  ऋषु है दो बेटे हैं एक लडक दश दिन पुर्व पैदा हुआ है। मौके पर सीओ अमर बहादुर सिंह ने जांच पड़ताल किया।इस संबंध में थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया की मैजिक वाहन व बाइक की आमने सामने भिड़ंत होने से बाइक सवार दो युवकों की मौत होने की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
05 जून से 21 जून तक श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यापक अभियान चलाएगा श्रम विभाग
* मंत्री अनिल राजभर ने विभागीय अधिकारियों को जनकल्याण अभियान के सफल आयोजन के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मंगलवार को "12 साल विश्वास के, विकास के" जनकल्याण अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी गतिविधियों का प्रभावी एवं जनसहभागिता आधारित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री राजभर ने कहा कि अभियान के माध्यम से श्रमिकों, असंगठित कर्मकारों एवं युवाओं तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और योग को बढ़ावा दिया जाए।

मंत्री राजभर ने निर्देश दिए कि विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून को विभाग के सभी कार्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा ईएसआई अस्पतालों एवं डिस्पेंसरियों में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया जाए तथा परिसरों को स्वच्छ, हरित एवं प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि 08 से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण योजनाओं तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना की सुविधाओं के संबंध में संवाद, संगोष्ठियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। पात्र व्यक्तियों को अधिक से अधिक संख्या में ईएसआई योजना से जोड़ने तथा लाभार्थियों और नियोजकों के बीच विभागीय उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में 08 से 14 जून तक जनकल्याण मेला एवं शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, पंपलेट एवं अन्य संचार माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बाल एवं बंधुआ श्रम उन्मूलन, बाल श्रम मुक्त मिशन-2027, रोजगार संगम पोर्टल, सेवामित्र योजना, विदेशों में रोजगार के अवसर तथा श्रमिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
मंत्री राजभर ने निर्देश दिए कि 17 से 20 जून तक जिला प्रशासन द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों में श्रम विभाग की योजनाओं एवं उपलब्धियों का आकर्षक प्रदर्शन किया जाए ताकि आमजन को विभागीय कार्यों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर विभाग के सभी कार्यालयों, ईएसआई अस्पतालों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा औद्योगिक इकाइयों में कार्य प्रारंभ होने से पूर्व 45 मिनट से एक घंटे तक योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि योग को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में मंत्री राजभर ने सभी अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा अभियान को जनहित में सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं विशेष सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, अपर श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश, निदेशक सेवायोजन, निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना, सचिव उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा उप श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
नागरिकों को होने वाली असुविधा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं  : मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई। गिरगांव क्षेत्र में हाल ही में बार-बार हो रही बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाओं के मद्देनज़र, कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नगरसेविका श्रीमती स्नेहल तेंडुलकर एवं BEST के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया। चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने तत्काल मरम्मत के स्पष्ट निर्देश दिए। कार्य में हो रही देरी, समन्वय की कमी और लापरवाही को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कड़े शब्दों में जवाब मांगा और स्पष्ट किया कि नागरिकों को होने वाली असुविधा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, तो वे स्वयं धरना आंदोलन करेंगे। प्रभाग 218 की नगरसेविका श्रीमती स्नेहल तेंडुलकर ने भी नागरिकों के मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने की भूमिका स्पष्ट की। मरीन लाइन्स पुल के पास स्थित BEST स्टेशन के निकट 33,000 वोल्ट की वायरिंग में खराबी पाई गई है। यह लाइन रेलवे पटरियों के नीचे से गुजरती है, जिसके कारण मरम्मत प्रक्रिया में कुछ समय लगने की संभावना अधिकारियों ने व्यक्त की है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में फिलहाल विभिन्न स्थानों से 11,000 वोल्ट की बिजली आपूर्ति डायवर्ट की गई है। श्री लोढ़ा के निर्देशानुसार, नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए गिरगांव गायवाड़ी में BEST की एक विशेष बस तैनात की जाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने और उन पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने में सुविधा होगी। साथ ही, मरम्मत कार्य के लिए किए गए खुदाई के कारण सड़कों पर बने गड्ढों को तत्काल भरने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। श्रीमती स्नेहल तेंडुलकर ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आने वाले कुछ महीनों में पूरे गिरगांव क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग का आकलन करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सबस्टेशनों की स्थापना पर भी चर्चा की गई है। भविष्य में ऐसी समस्याएं उत्पन्न न हों, इसके लिए दीर्घकालिक योजना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस बीच, BEST प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान बिजली कटौती पूर्व-नियोजित नहीं है, बल्कि बढ़े हुए लोड के कारण उत्पन्न परिस्थितिजन्य समस्या है। इसके बावजूद, आधुनिक तकनीक के माध्यम से नागरिकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। वर्तमान में फाटकवाड़ी से फॉल्ट मरम्मत वाहन कार्यरत हैं, लेकिन उनके व्यापक कार्यक्षेत्र के कारण सभी स्थानों पर समय पर पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, लगभग एक सप्ताह के भीतर D और C विभागों के लिए ताड़देव BEST डिवीजन से समर्पित मरम्मत वाहन तैनात किए जाएंगे। संबंधित संपर्क नंबर भी शीघ्र ही नागरिकों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
श्री लोढ़ा और श्रीमती तेंडुलकर ने विश्वास व्यक्त किया कि गिरगांववासियों को पूर्ण राहत मिलने तक इस मुद्दे पर लगातार फॉलो-अप जारी रहेगा।
मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता की लड़ाई में हिंदी का बड़ा योगदान

मुंबई। भाषा विवाद का माध्यम नहीं हो सकती हिंदी इस देश की संपर्क सूत्र है। भाषाओं के नाम पर विवाद पैदा कर वोट और सत्ता तो हासिल की जा सकती है लेकिन इससे देश का ज्ञान समाप्त हो जाएगा और इसे हम आने वाली पीढ़ियों तक नहीं पहुंचा पाएंगे। इसलिए विशेष रूप से हिंदी जैसी भाषा का सम्मान होना चाहिए जिसने हमारी स्वतंत्रता की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह बात कही। हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस सामारोह में उन्होंने कहा कि  बहुभाषी होना एक योग्यता है हमें अपनी भाषा तो सीखनी ही चाहिए क्योंकि मातृभाषा छोड़ने पर हम एक बहुत ही नैसर्गिक ज्ञान प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। लेकिन अगर मातृभाषा के अलावा अगर हम देश की कोई और भाषा सीखेंगे तो देश का ज्ञान बटोर पाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया के जिन देशों ने विकास किया है उन्होंने अपनी मातृभाषाओं में ही पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के सामने आज बड़ी चुनौतियां हैं क्योंकि खबरों की विश्वसनीयता को लेकर संकट है। खासकर डिजिटल मीडिया आने के बाद हालात चुनौती पूर्ण हुए हैं मैं मानता हूं कि यह अस्थायी है और इसे पीछे थोड़कर पत्रकारिता पुराने मूल्यों पर स्थापित होगी।  कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि मौजूद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हिंदी और देश की दूसरी भाषाओ में कोई टकराव नहीं है और हिंदी तभी आगे बढ़ेगी जब क्षेत्रीय भाषाएं आगे बढ़ेगी। उन्होंने भी मातृभाषा में पढ़ाई की वकालत की। मुंबई भाजपा अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने कहा कि हिंदी एक धागा है जो पूरे देश को को बांधता है लेकिन इसका विरोध कुछ लोगों के लिए फैशन बन गया है जबकि उनके बच्चे फ्रेंच, जर्मन जैसी भाषाएं पढ़ते हैं। मंत्री और विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि अब मुंबई के किसी भी कोने में खड़े होकर हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान का नारा लगाया का सकता है। हिंदी जोड़ने वाली भाषा है तोड़ना हमारे संस्कारों में नहीं है। कार्यक्रम में सम्मानित किए गए अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने कहा कि जब माला बनती है तो उसमें एक सूत्र लगता है मुझे लगता है कि भारत के लिए यह सूत्र हिंदी भाषा ही हो सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का रिश्ता बहुत पुराना है। फिल्म छावा में मैंने जिस कवि कलश की भूमिका निभाई थी वे भी उत्तर प्रदेश के थे। उन्होंने कवि कलश की कविता भी लोगों के सामने प्रस्तुत की। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रोफेसर राम मोहन पाठक ने कहा कि एआई भले ही चुनौतीपूर्ण लगती है लेकिन यह संपादक जैसा दिमाग नहीं चला सकती। मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के महासचिव विजय सिंह कौशिक ने कहा कि हिंदी की पहला समाचार पत्र एक गैर हिंदी भाषा प्रदेश कोलकाता से शुरू हुआ और हम इस उपलब्धि के 200 साल पूरे होने का समारोह एक मराठी भाषी राज्य में मना रहे हैं यह विविधता में एकता की हमारी परंपरा बयान करता है। उन्होंने पत्रकारिता के शुरुआती दौर में मराठी भाषा पत्रकारों के योगदान को भी याद किया।
प्रभादेवी स्थित रविंद्र नाट्यमंदिर में आयोजित समारोह में हिंदी भाषा, पत्रकारिता और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त समिति, लखनऊ के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, सुप्रसिद्ध अभिनेता विनीत कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अवधेश व्यास, गंगाधर ढोबले और कुमुद संघवी चावरे को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पत्रकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गई गणमान्यों ने हाजिरी लगाई। कार्यक्रम में मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, विधायक राजहंस सिंह, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, सिद्धविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आर्चाय पवन त्रिपाठी, योगायतन ग्रुप ऑफ कंपनी के अध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र प्रताप सिंह, उद्योगपति ज्ञान प्रकाश सिंह, प्रदेश भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडेय, उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आर एन सिंह, समरस फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह, मीरा भायंदर परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मिश्र, कार्यकारणी सदस्य हरीगोविन्द विश्वकर्मा, अखिलेश मिश्र, अखिलेश तिवारी, अशोक शुक्ला, सैयद सलमान आदि मौजूद थे।
श्रुतज्ञान की रक्षा हेतु आरंभ हुआ भगीरथ महायज्ञ
मुंबई। जैन शासन का अविचल प्राण और चौबीसों तीर्थंकर परमात्माओं का साक्षात अक्षरदेह अर्थात ‘श्रुतज्ञान’ (आगम भगवंत) है। समय के प्रभाव से क्षीण हो रहे इस अमूल्य ज्ञानभंडार को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने के परम पुण्य और भगीरथ कार्य में 'श्री वर्धमान श्रुतगंगा' संस्था आज संपूर्ण जैन समाज में अग्रणी एवं प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है। श्रुतरक्षा के क्षेत्र में यह संस्था एक सशक्त स्तंभ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी है। जैन इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब श्रुतज्ञान पर संकट आया, तब-तब महान आचार्यों और महापुरुषों ने आगे बढ़कर इसे सुरक्षित एवं अमर बनाने का कार्य किया। लगभग 1500 वर्ष पूर्व वल्लभीपुर में पड़े भीषण अकाल के समय जब श्रुतज्ञान के लुप्त होने का भय उत्पन्न हुआ था, तब पूज्य देवर्धिगणि क्षमाश्रमणजी ने जिनागमों को ताड़पत्रों पर लिपिबद्ध करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उसी महान परंपरा को आधुनिक युग में पुनर्जीवित करते हुए 'श्री वर्धमान श्रुतगंगा' दुर्लभ हस्तलिपियों एवं आगम ग्रंथों के संरक्षण का महाअभियान चला रही है। शास्त्रकारों के अनुसार पंचम आरे के अंत तक जैन शासन का आधार केवल श्रुतज्ञान ही रहेगा। इसी शाश्वत सत्य को आत्मसात करते हुए संस्था आज के अंधकारमय समय में आत्माओं को सही मार्ग दिखाने वाला प्रकाशस्तंभ बनकर कार्य कर रही है।संस्था के अध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, उपाध्यक्ष सुरेश देवचंद संघवी तथा मंत्री अशोक नरसी चरला के कुशल मार्गदर्शन में संस्था अनेक ऐतिहासिक एवं अनूठे कार्य कर रही है। परमात्मा की ज्ञानवाणी को शास्त्रोक्त एवं पारंपरिक पद्धति से पुनः हस्तलिखित किया जा रहा है। सांगानेरी कागज तथा विशेष पारंपरिक स्याही द्वारा तैयार किए जा रहे ये ग्रंथ प्राचीन परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं। संस्था का उद्देश्य केवल ग्रंथों का संरक्षण करना नहीं, बल्कि घर-घर तक जिनागम के प्रति श्रद्धा, ज्ञानभक्ति और संस्कार पहुंचाना भी है। पाठशालाओं एवं संस्कार केंद्रों के माध्यम से नई पीढ़ी में धर्म, संस्कृति और जिनवाणी के प्रति गहरा अनुराग जागृत किया जा रहा है।
इसी क्रम में जैन समाज के लिए एक और गौरवपूर्ण समाचार सामने आया है। ब्रिटेन के प्रसिद्ध 'वेलकम कलेक्शन' द्वारा संरक्षित लगभग 2,000 दुर्लभ जैन पांडुलिपियों को पुनः जैन समाज को लौटाने की ऐतिहासिक प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। वर्ष 1919 में अविभाजित भारत के एक जैन मंदिर से प्राप्त ये पांडुलिपियां लंबे समय तक लंदन स्थित संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई थीं। अब एक सदी बाद इनकी वापसी को सांस्कृतिक न्याय और विरासत संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इन दुर्लभ पांडुलिपियों में प्राकृत, संस्कृत और गुजराती भाषाओं में लिखित धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का विशाल संग्रह मौजूद है। कई ग्रंथों में प्राकृतिक रंगों और स्वर्ण अलंकरण का अद्भुत प्रयोग भारतीय कला, संस्कृति और जैन परंपरा की समृद्धि को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल पांडुलिपियों की वापसी नहीं, बल्कि जैन समाज की आस्था, इतिहास और पहचान की पुनर्प्रतिष्ठा है। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अमूल्य अवसर प्राप्त होगा। जैन समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने इस ऐतिहासिक निर्णय का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया है। समाज के अग्रणियों के अनुसार यह पहल विश्वभर में भारतीय संस्कृति, जैन दर्शन और श्रुतज्ञान के प्रति बढ़ते सम्मान का प्रतीक है
बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में पूजन अर्चन व विशाल भण्डारा हुआ आयोजित*
रितेश मिश्रा
हरदोई। आदर्श नगर पंचायत कुरसठ के बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर में विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन कर कन्या भोज व विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।‌ प्रसाद वितरण श्रंखला में विभिन्न देवी देवताओं के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।  भोज कराने के बाद विशाल भण्डारे का आयोजन देर शाम तक चलता रहा। भंडारे में मोहल्ला आजाद नगर निवासी लालबहादुर के द्वारा ठंडा शरबत, किर्ति प्रकाश पेशकार के द्वारा बूंदी व नगर अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी योगेन्द्र नाथ फनकू के द्वारा छोला चावल का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन में सोमेन्द्र(लिटिल), जितेन्द्र सिंह,शिवप्रकाश, कमलेश तिवारी,अनिल,अरविंद,रजत,अतिन,जतिन, रत्नेश मोहन,मोनू द्विवेदी ,अनुज पटेल,लवकुश आदि लोगों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर नगर पंचायत कुरसठ के लोग, दूर दराज क्षेत्रो से आये तमाम सम्मानित लोगों व राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया।।
হাকিমপুর চেকপোস্টে বাড়ছে ভিড়, দেশে ফিরতে অপেক্ষায় ১৫০ বাংলাদেশি, সপ্তাহে শনাক্ত প্রায় ৯০০
সৌমাভ মণ্ডল,বসিরহাট : হাকিমপুর সীমান্তে দিন দিন বাড়ছে বাংলাদেশি নাগরিকদের ভিড়। ভারতে অবৈধভাবে প্রবেশের অভিযোগে আটক হওয়া বহু বাংলাদেশি এখন নিজ দেশে ফেরার অপেক্ষায় সীমান্তের বিভিন্ন হোল্ডিং সেন্টারে রয়েছেন। প্রশাসন ও সীমান্তরক্ষী বাহিনীর তৎপরতায় গত এক সপ্তাহে প্রায় ৯০০ জন বাংলাদেশি নাগরিককে শনাক্ত করা হয়েছে বলে প্রশাসনিক সূত্রে জানা গিয়েছে। এর মধ্যে বর্তমানে স্বরূপনগর এলাকার তিনটি হোল্ডিং সেন্টারে প্রায় ৩৫০ জনকে রাখা হয়েছে।
বিথারী-হাকিমপুর গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকার হাকিমপুর চেকপোস্টে মঙ্গলবার সকালেও প্রায় ১৫০ জন বাংলাদেশি নাগরিক জমায়েত হন। প্রশাসনের দাবি, এদের অধিকাংশই বিভিন্ন সময়ে সীমান্ত পেরিয়ে অবৈধভাবে ভারতে প্রবেশ করেছিলেন এবং পরবর্তীতে রাজ্যের পাশাপাশি দেশের বিভিন্ন প্রান্তে গিয়ে কাজ করতেন। আটক হওয়া কয়েকজনের বক্তব্য অনুযায়ী, তারা দালাল চক্রের মাধ্যমে মোটা অঙ্কের অর্থের বিনিময়ে সীমান্ত পেরিয়ে ভারতে এসেছিলেন।
সীমান্তরক্ষী বাহিনী সূত্রে খবর, প্রত্যেকের পরিচয় ও নাগরিকত্ব সংক্রান্ত নথি খতিয়ে দেখা হচ্ছে। ফিঙ্গারপ্রিন্ট সংগ্রহ থেকে শুরু করে বায়োমেট্রিক যাচাইসমস্ত প্রক্রিয়া অত্যন্ত সতর্কতার সঙ্গে সম্পন্ন করা হচ্ছে। সংশ্লিষ্ট ব্যক্তিদের প্রকৃত পরিচয় নিশ্চিত না হওয়া পর্যন্ত কাউকেই বাংলাদেশে ফেরত পাঠানো হবে না বলে জানা গিয়েছে।
বর্তমানে হোল্ডিং সেন্টারগুলিতে থাকা শিশু, মহিলা ও পুরুষদের জন্য প্রয়োজনীয় খাদ্য, পানীয় জল, স্বাস্থ্য পরিষেবা এবং নিরাপত্তার ব্যবস্থা করা হয়েছে। প্রশাসনের বিভিন্ন দফতর ও কেন্দ্রীয় সংস্থাগুলি সমন্বয় রেখে কাজ করছে, যাতে দেশে ফেরার আগে তাঁদের কোনও ধরনের অসুবিধার সম্মুখীন হতে না হয়।
স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে, গত কয়েকদিনের তুলনায় হাকিমপুর চেকপোস্টে বাংলাদেশি নাগরিকদের উপস্থিতি আরও বেড়েছে। প্রতিদিনই নতুন করে অনেকে সেখানে পৌঁছচ্ছেন। ফলে সীমান্তবর্তী এলাকায় নিরাপত্তা ব্যবস্থা আরও জোরদার করা হয়েছে। সীমান্তরক্ষী বাহিনী ও প্রশাসনের আধিকারিকরা সার্বক্ষণিক নজরদারি চালাচ্ছেন। হাকিমপুর সীমান্তে এই বাড়তে থাকা ভিড়কে কেন্দ্র করে এলাকায় চর্চাও শুরু হয়েছে। প্রশাসনের একাংশের মতে, অবৈধ অনুপ্রবেশ রুখতে এবং শনাক্ত ব্যক্তিদের আইনসম্মতভাবে নিজ দেশে ফেরানোর প্রক্রিয়া দ্রুত এগিয়ে নিয়ে যাওয়া হচ্ছে। তবে পরিচয় যাচাইয়ের কাজ শেষ না হওয়া পর্যন্ত প্রত্যেককেই নির্ধারিত হোল্ডিং সেন্টারে রাখা হবে। সীমান্তবর্তী এই অঞ্চলে প্রতিদিন বদলে যাওয়া পরিস্থিতি এখন প্রশাসনের কাছে বড় চ্যালেঞ্জ হয়ে দাঁড়িয়েছে। একদিকে নিরাপত্তা, অন্যদিকে মানবিক দায়িত্ব দুইয়ের মধ্যে ভারসাম্য বজায় রেখে পুরো প্রক্রিয়া পরিচালনার চেষ্টা চলছে। ফলে আগামী কয়েকদিনে হাকিমপুর ও সংলগ্ন এলাকায় এই সংখ্যা আরও বাড়তে পারে বলে প্রশাসনিক মহলের একাংশ মনে করছে।
কাটমানি ফেরৎ ও গ্রেপ্তারির দাবিতে মিনাখাঁয় বিক্ষোভ, তৃণমূল নেতাদের বিরুদ্ধে দুর্নীতির অভিযোগে সরব গ্রামবাসীরা
বসিরহাট : বসিরহাটের মিনাখাঁর চাপালি গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকায় দুর্নীতির অভিযোগকে কেন্দ্র করে উত্তেজনা ছড়াল। আবাস যোজনার ঘর পাইয়ে দেওয়ার নামে কাটমানি আদায়, জলকরের জমির লিজ বাবদ অর্থ আত্মসাৎ এবং উন্নয়নের টাকা তছরুপের অভিযোগ তুলে রাস্তায় নামলেন স্থানীয় বাসিন্দারা। মঙ্গলবার নুরপুর হাটখোলা এলাকায় হাতে ফেস্টুন ও প্ল্যাকার্ড নিয়ে বিক্ষোভে সামিল হন বহু মানুষ। বিক্ষোভকারীদের অভিযোগ, চাপালি গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধানের প্রতিনিধি বাকিবুল্লা মণ্ডল এবং তৃণমূলের অঞ্চল সভাপতি আজিজুল গাজী দীর্ঘদিন ধরে এলাকার সাধারণ মানুষের সঙ্গে প্রতারণা করে আসছেন। তাদের দাবি, প্রধানমন্ত্রী আবাস যোজনার ঘর পাইয়ে দেওয়ার আশ্বাস দিয়ে বহু মানুষের কাছ থেকে মোটা অঙ্কের টাকা নেওয়া হয়েছে। শুধু তাই নয়, জলকরের জমির লিজ সংক্রান্ত বিভিন্ন ক্ষেত্রেও লক্ষ লক্ষ টাকা হাতিয়ে নেওয়ার অভিযোগ তোলা হয়েছে ওই দুই নেতার বিরুদ্ধে। স্থানীয় বাসিন্দাদের বক্তব্য, সরকারি প্রকল্পের সুবিধা পাওয়ার জন্য অনেকেই বাধ্য হয়ে টাকা দিয়েছিলেন। কিন্তু প্রতিশ্রুতি অনুযায়ী সুবিধা না পেয়ে এখন তারা নিজেদের প্রতারিত মনে করছেন। তাদের অভিযোগ, এলাকার উন্নয়নের জন্য বরাদ্দ অর্থের যথাযথ ব্যবহার না করে তা ব্যক্তিগত স্বার্থে কাজে লাগানো হয়েছে। ফলে বহু উন্নয়নমূলক কাজ এখনও অসম্পূর্ণ অবস্থায় পড়ে রয়েছে। এদিনের বিক্ষোভে অংশগ্রহণকারীরা স্লোগান তুলে অভিযুক্তদের বিরুদ্ধে কঠোর ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানান। তাদের বক্তব্য, শুধু তদন্ত নয়, যারা সাধারণ মানুষের কাছ থেকে কাটমানি নিয়েছেন বলে অভিযোগ উঠেছে, তাঁদের কাছ থেকে সেই অর্থ উদ্ধার করে ক্ষতিগ্রস্তদের ফেরত দিতে হবে। পাশাপাশি অবিলম্বে গ্রেপ্তার করে আইনের আওতায় আনারও দাবি তোলেন বিক্ষোভকারীরা।
বিক্ষোভের জেরে কিছু সময়ের জন্য এলাকায় উত্তেজনাপূর্ণ পরিস্থিতির সৃষ্টি হয়। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে পৌঁছায় মিনাখাঁ থানার পুলিশ। পুলিশ আধিকারিকরা বিক্ষোভকারীদের সঙ্গে কথা বলেন এবং তাদের দাবিদাওয়া শোনেন। পরে পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনতে পুলিশ হস্তক্ষেপ করলে বিক্ষোভকারীরা কর্মসূচি প্রত্যাহার করেন। তবে বিক্ষোভ মিটে গেলেও ক্ষোভ যে এখনও প্রশমিত হয়নি, তা স্পষ্ট স্থানীয়দের বক্তব্যে। তাদের দাবি, প্রশাসন দ্রুত নিরপেক্ষ তদন্ত করে অভিযোগের সত্যতা যাচাই করুক এবং দোষীদের বিরুদ্ধে কঠোর ব্যবস্থা গ্রহণ করুক। অন্যথায় আগামী দিনে আরও বৃহত্তর আন্দোলনের পথে হাঁটার হুঁশিয়ারি দিয়েছেন তারা। এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে মিনাখাঁর রাজনৈতিক মহলেও শুরু হয়েছে জোর চর্চা। সাধারণ মানুষের অভিযোগ কতটা সত্য এবং তদন্তে কী উঠে আসে, এখন সেদিকেই নজর রয়েছে সকলের।
पीआरडी जवान फांसी पर झूला,पुलिस ने भरा पंचनामा

अमृतपुर राजेपुर फर्रुखाबाद 2 जून।थाना क्षेत्र के ग्राम राजेपुर राठौरी में मंगलवार को एक पीआरडी जवान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यवाही शुरू कर दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम राजेपुर राठौरी निवासी धीरेंद्र सिंह पुत्र जोगराज सिंह  पीआरडी में तैनात थे।बीती रात उन्होंने घर के बाहर स्थित आम के पेड़ पर सफेद गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने धीरेंद्र सिंह को पेड़ से लटका देखा तो तत्काल उन्हें नीचे उतारकर जमीन पर लिटाया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।घटना की सूचना पीआरबी 5604 के माध्यम से थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।अपने प्रियजन की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।पुलिस के अनुसार परिजनों से तहरीर प्राप्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शव का पंचायतनामा भर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के पीछे के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
गांव में हुई इस दुखद घटना के बाद शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
सोता नाल में डूबकर वृद्ध की मौत,दूसरे दिन पानी में मिला शव
पुलिस ने पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

अमृतपुर फर्रुखाबाद 2 जून।थाना क्षेत्र के ग्राम परतापुर कला निवासी एक वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण व परिजन मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना पर पहुंचे थाना अध्यक्ष ने ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। वृद्ध की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।जानकारी के अनुसार ग्राम परतापुर कला निवासी शिशुपाल 70 पुत्र भूमिराज सोमवार शाम लगभग 4 बजे अपने पशुओं को चराने व पानी पिलाने के लिए सोता नाला की ओर गए थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी कारणवश उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरे। आसपास कोई मौजूद न होने के कारण उन्हें तत्काल बचाया नहीं जा सका। घर के लोग उनकी तलाश करते रहे लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों ने नाले में एक शव को पानी के ऊपर तैरता देखा। शव दिखाई देने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की सहायता से शव को बाहर निकलवाया गया।थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पानी में डूबने से मृत्यु का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।वृद्ध की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर पर मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
मैजिक  व बाइक की आमने सामने भिड़ंत से बाइक चालक सहित सवार दो युवकों की घटना स्थल पर हुई मौत
मीरजापुर। हलिया थाना क्षेत्र के हलिया देवरी मार्ग पर मुड़पेली गांव में मंगलवार की शाम मैजिक वाहन व बाइक की आमने सामने भिड़ंत से बाइक चालक सहित सवार दोनों युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे   लोगो ने घटना की सूचना पुलिस को दिया मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस दोनों के शव को कब्जे में लेकर पीएम की कार्रवाई में जुट गयी है। थाना क्षेत्र के सोनगढ़ा गांव निवासी बाइक चालक मोनू कोल (25)बाइक से अपने रिश्तेदार कवलझर गांव निवासी सुनील(27) के साथ बाइक पर पीछे बैठा कर बड़ौहा रिश्तेदार के यहां जा रहे थे।जैसे ही हलिया देवरी मार्ग के मुड़पेली गांव के पेट्रोल पंप के पास पहुंचे की सामने से आ रहे मैजिक वाहन से आमने सामने भिड़ंत होने से बाइक सवार दोनों युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दिया थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव मामले की जांच पड़ताल करते हुए दोनों के शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेज दिया । हादसा इतना भीषण था की बाइक मैजिक वाहन में जाकर फंस गई। दोनों लोग हेल्मेट नहीं लगाए थे। मृतक मोनू की पत्नी सुनीता का रो-रो कर बेहाल है।मोनू के पास एक बेटी है। मृतक सुनील की पत्नी का  ऋषु है दो बेटे हैं एक लडक दश दिन पुर्व पैदा हुआ है। मौके पर सीओ अमर बहादुर सिंह ने जांच पड़ताल किया।इस संबंध में थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया की मैजिक वाहन व बाइक की आमने सामने भिड़ंत होने से बाइक सवार दो युवकों की मौत होने की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
05 जून से 21 जून तक श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यापक अभियान चलाएगा श्रम विभाग
* मंत्री अनिल राजभर ने विभागीय अधिकारियों को जनकल्याण अभियान के सफल आयोजन के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मंगलवार को "12 साल विश्वास के, विकास के" जनकल्याण अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी गतिविधियों का प्रभावी एवं जनसहभागिता आधारित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री राजभर ने कहा कि अभियान के माध्यम से श्रमिकों, असंगठित कर्मकारों एवं युवाओं तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और योग को बढ़ावा दिया जाए।

मंत्री राजभर ने निर्देश दिए कि विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून को विभाग के सभी कार्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा ईएसआई अस्पतालों एवं डिस्पेंसरियों में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया जाए तथा परिसरों को स्वच्छ, हरित एवं प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि 08 से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण योजनाओं तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना की सुविधाओं के संबंध में संवाद, संगोष्ठियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। पात्र व्यक्तियों को अधिक से अधिक संख्या में ईएसआई योजना से जोड़ने तथा लाभार्थियों और नियोजकों के बीच विभागीय उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में 08 से 14 जून तक जनकल्याण मेला एवं शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, पंपलेट एवं अन्य संचार माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बाल एवं बंधुआ श्रम उन्मूलन, बाल श्रम मुक्त मिशन-2027, रोजगार संगम पोर्टल, सेवामित्र योजना, विदेशों में रोजगार के अवसर तथा श्रमिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
मंत्री राजभर ने निर्देश दिए कि 17 से 20 जून तक जिला प्रशासन द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों में श्रम विभाग की योजनाओं एवं उपलब्धियों का आकर्षक प्रदर्शन किया जाए ताकि आमजन को विभागीय कार्यों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर विभाग के सभी कार्यालयों, ईएसआई अस्पतालों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा औद्योगिक इकाइयों में कार्य प्रारंभ होने से पूर्व 45 मिनट से एक घंटे तक योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि योग को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में मंत्री राजभर ने सभी अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा अभियान को जनहित में सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं विशेष सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, अपर श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश, निदेशक सेवायोजन, निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना, सचिव उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा उप श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।