पुरातत्व के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: मदन कुमार
भोपाल। प्रदेश की हजारों–लाखों वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि भौतिक रूप में सुरक्षित रखना है और अब तक हुई क्षति को न्यूनतम संभव स्तर तक लाना है, तो इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित करना समय की माँग है।
यह बात आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मदन कुमार ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला में कही। मदन कुमार ने संस्थान में इंक्युवेशन सेंटर की स्थापना में उपस्थित लोगों से नवोन्मेषी विचारों को प्रेषित कर भागीदारी करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पाण्डे (मंदसौर), डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), डॉ. सुरेश कुमार दुबे (झांसी) आदि अतिथि के रूप में मौजूद थे। वक्ताओं ने पुरातत्व के क्षेत्र में डॉ. वाकणकर जी के योगदान को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि मंदसौर जिले में स्थित छिब्बर नाला, दरकी चट्टान, चतुर्भज नाला के शैलचित्रों को प्रकाश में लाने का श्रेय वाकणकर जी को है। इस दौरान वाकणकर जी के समक्ष आई चुनौतियों एवं समाधान प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। इस दौरान बताया गया कि वाकणकर जी द्वारा अपनी नागपुर यात्रा के दौरान 23 मार्च 1957 को अपनी यात्रा स्थगित कर भीमबैटका के शैलचित्रों की खोज की गई, जिसे कालंतर में विश्वधरोहर घोषित किया गया। इसी खोज के आधार पर उन्हें भारत सरकार से 1975 में पद्मश्री सम्मान मिला।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में आयुक्त पुरातत्व द्वारा प्रदेश की पुरासंपदा को रेखांकित करते हुए डिंडौरी एवं उमरिया जिलों की शैलगुहओं मटकें वाला पत्थर, डाईनासौर के जीवाष्म एवं घुघुआ फॉसिल पार्क का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि द मोनूमेंट मन फिल्म के ट्रैलर के माध्यम से फिल्म के नायकों जैसे पुरातत्व के प्रति जागरुकता लाने पर जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि यूनेस्को द्वारा एआरवीआर प्रोजेक्ट चालू किया गया। आधुनिक परिवेश में प्रदेश की पुरावशेषों एवं संस्कृतिक धरोहरों को प्रकाश में लाने एवं उनके प्रति जनजागृति लाने तथा अध्ययन के लिये विभिन्न योजना तैयार कर डॉ. वाकणकर शोध संस्थान को नोडल संस्थान के रुप में विकसित करने एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के मंतव्य से अवगत कराया।
सम्मान सत्र भी हुआ
इस अवसर पर आयुक्त पुरातत्व द्वारा डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री प्राप्त होने पर एवं कैलाशचंद्र पाण्डे को पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए योगदान हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही वाकणकर जी की शिष्य परम्परा में राजेन्द्र नागदेव, डॉ. रेखा भटनागर व अन्य विद्वानो का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कला समय पत्रिका विशेषांक का विमोचन भी किया गया।





मेरठ। बहसूमा। रामराज। क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि रामराज स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल, सैफपुर फिरोजपुर को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं तक की मान्यता प्राप्त हो गई है। इस उपलब्धि से अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही आसपास उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

मीरजापुर। मीरजापुर नगर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा का उद्घाटन किया गया प्लाटून पुल 15 दिन में क्षतिग्रस्त हो गया, इससे उनका पारा चढ़ गया उन्होंने जमकर संबंधित विभाग के जिम्मेदार को फटकारते हुए दो टूक चेतावनी दे डाली है। पीपा पुल टूटने से राहगीर जान जोखिम में डालकर गंगा नदी पार कर रहे है। वीडियो वायरल होने पर विधायक ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को फोन पर फटकार लगाई है, कहा कि आज सही हो जाना चाहिए वहीं सपा-बसपा पर भी उन्होंने निशाना साधा है।
বসিরহাট : বিধানসভা নির্বাচনের প্রাক্কালে মিনাখাঁয় শাসক শিবিরে ভাঙনের ইঙ্গিত স্পষ্ট। মালঞ্চ বাজারে ইন্ডিয়ান সেকুলার ফ্রন্ট (আইএসএফ)-এর ডাকা পথসভা ঘিরে রাজনৈতিক উত্তাপ চরমে ওঠে। ওই সভাকে কেন্দ্র করে তৃণমূল কংগ্রেস ছেড়ে শতাধিক কর্মী-সমর্থকের আইএসএফে যোগদান ঘিরে শুরু হয়েছে জোর রাজনৈতিক চর্চা। মিনাখাঁ বিধানসভার মালঞ্চ বাজারে আয়োজিত এই পথসভা মূলত আইএসএফ প্রার্থী তথা আন্তর্জাতিক ফুটবল রেফারি প্রতীক মন্ডলের সমর্থনে অনুষ্ঠিত হয়। সভায় উপস্থিত ছিলেন আইএসএফের অন্যতম শীর্ষ নেতা নওশাদ সিদ্দিকী, প্রার্থী প্রতীক মন্ডল এবং কয়েক হাজার কর্মী-সমর্থক। জনসমাগম ও উচ্ছ্বাস দেখে সভাস্থল কার্যত জনসমুদ্রে পরিণত হয়।
चंदौली। जिले के धानापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अज्ञात कारणों से लगी आग में 10 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। यह घटना पगही विझवल कुसुम्ही गांव के सिवान में हरदेव पीजी कॉलेज के पीछे हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
जौनपुर। एमसीसी स्कूल, बदलापुर के प्रांगण में आज एक भव्य एवं प्रेरणादायक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की एक नई किरण जगाई। इस विशेष अवसर पर नेत्र विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार यादव (एम्स, नई दिल्ली) तथा प्रख्यात डेंटल विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र यादव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने बच्चों का अत्यंत सूक्ष्मता एवं स्नेहपूर्ण ढंग से स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु उपयोगी सुझाव प्रदान किए। शिविर के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। डॉक्टरों द्वारा दी गई सलाह ने न केवल बच्चों बल्कि अभिभावकों को भी स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक शशि यादव, अनिल यादव, प्रिंसिपल (हेड ब्रांच बदलापुर) आस्था जायसवाल, प्रिंसिपल (सरोखनपुर) सच्चिदानंद यादव सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। उनके कुशल मार्गदर्शन एवं समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप यह आयोजन अत्यंत सफल एवं सराहनीय रहा। अंत में, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने उपस्थित सभी अभिभावकों, डॉक्टरों एवं सम्मानित जनों का हृदयपूर्वक अभिनंदन किया। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।
বসিরহাট : হাড়োয়া বিধানসভা কেন্দ্রের নির্বাচনী লড়াইয়ে নতুন মাত্রা যোগ করলেন ভারতীয় জনতা পার্টির প্রার্থী ভাস্কর মণ্ডল। কামদুনি আন্দোলনের অন্যতম মুখ হিসেবে পরিচিত এই প্রার্থী নিজের রাজনৈতিক প্রচারে সেই আন্দোলনের স্মৃতিকেই সামনে রেখে এগোচ্ছেন। ২০১৩ সালে উত্তর ২৪ পরগণার কামদুনিতে নৃশংস গণধর্ষণ ও খুনের ঘটনার পর যে তীব্র প্রতিবাদ আন্দোলন গড়ে উঠেছিল, তার নেতৃত্বে ছিলেন ভাস্কর মণ্ডল। ২০১৩ থেকে ২০১৮ সাল পর্যন্ত তিনি কামদুনি আন্দোলন মঞ্চের সভাপতির দায়িত্ব সামলান এবং দীর্ঘদিন ধরে ন্যায়বিচারের দাবিতে সোচ্চার থেকেছেন।
1 min ago
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