रांची: "AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, सहयोगी है"; JSFDA के प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के दिग्गज शिक्षाविद्।

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने आज अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कुलपतियों और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की।

युवा शक्ति और शिक्षकों की भूमिका: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की असली ताकत यहाँ की युवा शक्ति है। उन्होंने शिक्षकों पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने वाले न बनें, बल्कि राष्ट्रनिर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

AI और आधुनिक शिक्षा पर मंथन: कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि यह उनके लिए एक सहायक उपकरण (Tool) के रूप में काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।

प्रतिभाओं का सम्मान: समापन सत्र में JSFDA लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 और मारवाड़ी कॉलेज की अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

रांची में अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा पाएंगे मनमानी फीस, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने गठित की जिला स्तरीय कमेटी।

रांची: राजधानी के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के शुल्क (Fees) निर्धारण हेतु एक उच्चस्तरीय 'जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय कमेटी' का गठन कर दिया गया है।

मनमानी फीस पर लगेगा ब्रेक:

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत बनी यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि न करे। अब स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले इस कमेटी के नियमों का पालन करना होगा।

नियम तोड़ा तो खैर नहीं:

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹50,000 से लेकर ₹2,50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रमुख निर्देश जो आपको जानने चाहिए:

सामग्री की बिक्री पर रोक: स्कूल परिसर के भीतर या किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, यूनिफॉर्म या जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जा सकता।

PTA का गठन अनिवार्य: हर स्कूल को 'अभिभावक-शिक्षक संघ' (PTA) बनाना होगा और इसकी जानकारी नोटिस बोर्ड पर देनी होगी।

कमेटी की शक्ति: जिला स्तरीय कमेटी को गवाहों को सम्मन जारी करने और स्कूल के दस्तावेजों की जांच करने का पूरा अधिकार होगा।

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

इस कमेटी में उपायुक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), एक चार्टर्ड एकाउंटेंट, गुरुनानक स्कूल और DAV कपिलदेव के प्राचार्य, DPS और JVM श्यामली के अभिभावक सदस्य और जिले के सभी सांसद व विधायक शामिल हैं।

रमजान के पर्व पर आखिरी अलविदा की नमाज सकुशल संपन्न हुई।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर के कोराव तहसील अन्तर्गत आज दिनांक 20मार्च सन 2026 को रमजान के पावन पर्व आखिरी अलविदा की अंतिम नमाज हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ जिसमें  उत्तर प्रदेश चेयरमैन कमलेश कुमार श्रीवास्तव प्रदेश सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव के कुशल मार्गदर्शन में तथा एसीपी संत प्रसाद उपाध्याय के आदेश के क्रम में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन करने के लिए पुलिस बल के साथ जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेन्द्रदेव मिश्र के नेतृत्व में यातायात सुगम बनाने हेतु मस्जिदों पर ड्यूटी के लिए उपस्थित रहे जिसमें सह थाना कमेटी प्रभारी मोहम्मद असलम संयुक्त सचिव संगम लाल जाय सवाल क्षेत्र प्रभारी  चिदानन्द चन्द्र प्रकाश सिंह संतोष कुमार जायसवाल रागनी मिश्रा रमाकांत सिंह राहुल बिन्द अवनीश नारायण  राकेश कुमार केसरी  विवेक कुमार कृष्ण लाल एस आई मोनीस आलम एस आई निहाल गुप्ता एस आई कृष्णा सोनी  इत्यादि उपस्थित रहे।
एक साल से परेशान बुजुर्ग महिला को मिली राहत,SRN में दूरबीन से हुआ सफल ऑपरेशन।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।झूंसी क्षेत्र की 67 वर्षीय महिला पिछले लगभग एक वर्ष से भोजन के बाद भारीपन बार-बार कच्ची डकार उल्टी गले में जलन और भोजन के मुंह में वापस आने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी।इन लक्षणों के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था और दवाइयों से केवल अस्थायी राहत मिल पा रही थी।लगातार परेशानी के बाद मरीज ने स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) में परामर्श लिया।यहां एंडोस्कोपी सहित विस्तृत जांच में उन्हें हायटल हर्निया नामक बीमारी का पता चला।इस स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा अपनी जगह से खिसककर छाती में चला जाता है,जिससे एसिड रिफ्लक्स और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।हायटल हर्निया का प्रारंभिक उपचार दवाइयो और जीवनशैली में बदलाव से किया जाता है, लेकिन जब इनसे आराम नहीं मिलता और मरीज की दिनचर्या प्रभावित होने लगती है, तब सर्जरी आवश्यक हो जाती है।इस केस को और जटिल बनाता था मरीज का पूर्व चिकित्सा इतिहास।उन्हें पहले थायरॉयडेक्टॉमी हिस्टेरेक्टॉमी और रेक्टल प्रोलैप्स की सर्जरी हो चुकी थी जिससे पेट के अंदर चिपकाव(एड्हीजन) होने की संभावना अधिक थी। ऐसे में ऑपरेशन तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।इन सभी परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.वैभव श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर मरीज का सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक फंडोप्लिकेशन ऑपरेशन किया।टीम में डॉ.तरुण कालरा डॉ.निशांत शुक्ला डॉ.हर्षित शर्मा डॉ. सृष्टि सिकदर और डॉ.सौरभ मिश्रा शामिल रहे।निश्चेतना विभाग से डॉ.शिवेन्दु ओझा और डॉ. साक्षी सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. पल्लवी सूद एवं डॉ.उत्कर्ष मजूमदार ने सहयोग किया। ऑपरेशन थिएटर में प्रमिला राय दिनेश फ़ैयाज़ एवं अन्य कर्मचारियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से पेट के ऊपरी हिस्से को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाता है कि एसिड रिफ्लक्स रुक जाए।ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और उल्टी रिगर्जिटेशन व गले की जलन जैसी समस्याओ में स्पष्ट सुधार के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गई।पहले इस प्रकार की सर्जरी के लिए मरीजों को लखनऊ वाराणसी या दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा प्रयागराज में ही उपलब्ध हो गई है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आम जनता से अपील की है कि लंबे समय तक सीने या गले में जलन खट्टी डकार या भोजन का बार-बार ऊपर आना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उचित उपचार से हायटल हर्निया जैसी बीमारी का सफल इलाज संभव है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आगे बताया कि हायटल हर्निया के जटिल मामलों में भी यदि सही समय पर पहचान और उचित योजना के साथ उपचार किया जाए, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा सुरक्षित और स्थायी समाधान संभव है।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मरीज को कम दर्द शीघ्र रिकवरी और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलती है।
औरंगाबाद में नीतीश ने समृद्धि यात्रा में महिलाओं पर की चर्चा, शराबबंदी पर नहीं कही एक भी बात

,औरंगाबाद 2016 में बिहार में लागू की गई पूर्ण शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्षों से सक्रिय रहे हैं। पिछली प्रगति यात्रा तक हर सभा में उन्होंने शराबबंदी के फायदे बताते हुए इसे महिलाओं की मांग और राज्यहित में लागू होने वाला निर्णय बताया।

हालांकि, समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दिन औरंगाबाद के बारूण स्थित मुंशीबिगहा में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने इस बार इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की।

सभा में मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के लिए पोशाक और साइकिल योजना, स्थानीय निकाय चुनावों में महिला आरक्षण, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण, महिला रोजगार योजनाओं सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया।

लेकिन शराबबंदी पर कोई टिप्पणी न करना, राज्य में इस पूरी व्यवस्था के भविष्य को लेकर चर्चाओं को तेज कर गया है। उनके इस परहेज़ को विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्गों ने भविष्य में दारूबंदी के संभावित खात्मे के संकेत के रूप में देखा। दरअसल, राज्य में जब से शराबबंदी लागू हुई है, इसके नफा-नुकसान पर लगातार बहस होती रही है। एनडीए गठबंधन के कुछ घटक दल और विपक्षी पार्टियां समय-समय पर इस बंदी को खत्म करने की मांग उठाते रहे हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज जैसे दल ने इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने साफ कहा था कि यदि उनका दल सत्ता में आता है तो राज्य में पूर्ण शराबबंदी समाप्त कर दी जाएगी। हालांकि, चुनाव में सत्ता पक्ष की वापसी के बाद भी शराबबंदी को लेकर विरोध खत्म नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मांग को लगातार मुखरता से उठाया।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूर्ण शराबबंदी खत्म हो सकती है। इसी माहौल में औरंगाबाद की सभा में मुख्यमंत्री की चुप्पी को दारूबंदी समाप्ति से जोड़ा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में पूर्ण शराबबंदी जारी है, लेकिन भविष्य में इसका क्या होगा, यह नए मुख्यमंत्री और उनके दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। फिलहाल राज्य में दारूबंदी खत्म होने की चर्चा जोरों पर है और जनता की निगाहें आगामी घटनाओं पर टिकी हैं।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

आबकारी की ई लॉटरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई
फर्रूखाबाद l जनपद में आबकारी विभाग की शराब दुकानों एवं मॉडल शॉप के लिए 62 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, इन सभी को 3 सीड अंक प्राप्त करने पर अंतिम रूप से ई लाटरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई l इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक महोदया आरती सिंह, जिला आबकारी अधिकारी जी.पी.गुप्ता आबकारी आयुक्त द्वारा नामित अधिकारी देवेन्द्र सिंह रावत, समस्त आबकारी निरीक्षक आवेदक एवं अधिकारियों की उपस्थिति में वर्ष 2026-27 हेतु ई-लाटरी प्रथम चरण की प्रक्रिया में  देशी शराब की 14 दुकानों पर 54, कंपोजिट शॉप की 04 दुकानों पर 07 तथा मॉडल शॉप की 01 दुकान पर 01 आवेदन इस प्रकार कुल 62 आवेदन प्राप्त किए गए। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, ज्योति चौधरी की उपस्थिति में तकनीकी सहयोग प्रदान कर सर्वप्रथम आवेदकों की उपस्थिति में सिमुलेशन की कार्यवाही की गयी जिसमें आवेदकों से 3 सीड अंक प्राप्त कर सबको समान चयनित होने के बारे में अवगत कराया गया। तत्पश्चात रेण्डमाईजेशन की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी जिसमें आवेदकों से 3 सीड अंक प्राप्त कर अन्तिम रूप से ई-लाटरी की प्रक्रिया शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करायी गयी।
केंद्र के 11 और प्रदेश की 9वर्ष की योजनाओं की प्रदर्शनी में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को किया जागरूक
फर्रूखाबाद  । केन्द्र सरकार के 11 वर्ष एवं प्रदेश सरकार के 09 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 09 दिवसीय प्रदर्शनी एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार से सम्बंधित कार्यक्रम का आयोजन ऑफीसर्स क्लब, फतेहगढ़ में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह द्वारा किया गया ।

सर्वप्रथम मंत्री द्वारा प्रदेश सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की नीति के 09 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ऑफीसर्स क्लब  सभागार में सूचना विभाग द्वारा स्थापित की गई ‘‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’’ शीर्षांकित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया । मंत्री द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों का निरीक्षण किया । इस दौरान मंत्री द्वारा सेवा पखवाडा 2025 के अन्तर्गत संस्कृति विभाग के माध्यम से आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग,  सीनियर वर्ग व सामान्य वर्ग के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को क्रमशः धनराशि 51000, 21000, 11000 चेक प्रदान किए गए । खेल विभाग द्वारा आयोजित ओपन स्टेट आमंत्रण पुरूष कबड्डी प्रतियोगिता के विजेता व उपविजेता को ट्राफी प्रदान की, मंत्री द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भारत कौशल प्रतियोगिता 2025-26 में रजत पदक प्राप्त करने वाले को सम्मानित किया ।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 10 लाभार्थियों को सहायता राशि और ग्राम रामपुर डफरपुर तहसील सदर के 10 लोगों को घरौनी प्रदान की गई। सब मिशन ऑन एग्री कल्चर मैकेनाइजेशन योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन्तर्गत 01 लाभार्थी को किसान ड्रोन व 01 लाभार्थी को कस्टम हायरिंग सेन्टर अन्तर्गत टैक्ट्रर प्रदान किया गया। मत्स्य विभाग के 02 लाभार्थी को मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना व निषाद राज सब्सिडी योजना प्रदान की गई । ग्राम्य विकास विभाग की बाबा साहब आम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत लाभान्वित होने वाल लाभार्थी भैंस पालन की सब्सिडी प्रदान की गयी।

मंत्री ने परिवहन विभाग द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न किये हेतु कराई विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित कर उनकी पुरूस्कार राशि उनके खाता में हस्तारिंत की गई ।
मंत्री द्वारा उपस्थित जन समूह को सम्बोधित करते हुये कहा कि  केन्द्र सरकार के गौरवपूर्ण 11 वर्ष एवं प्रदेश सरकार की सेवा, सुरक्षा व सुशासन नीति के 09 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, मीडिया एवं जनसामान्य को बधाई दी ,उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सफलतापूर्वक 09 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में गॉव-गॉव तक बिना किसी भेदभाव के गरीबों, पिछड़ों, असहायों, दिव्यांग जनों सहित समाज के हर वर्ग के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाओं के माध्यम से जो लाभ निरंन्तर दिया जा रहा है, उसका प्रभाव सभी को साफ दिख रहा है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री को जो दायित्व सौपा है उस पर प्रदेश सरकार द्वारा ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बाहरी उद्यमियों द्वारा निरन्तर भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा यह प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही व्यवस्थाओं/सुरक्षा पर भरोसा का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज का दिन प्रदेश सरकार द्वारा विगत 09 वर्षों में प्रदेश की तरक्की हेतु किये गये विकास कार्यों  से परिचित होने के साथ-साथ विकास के प्रति समर्पित केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जानने समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसान, नौजवान सहित समाज के हर वर्ग को सभी योजनाओं का जमीनी स्तर पर लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विगत 09 वर्षों में सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के बारे में लोगो धारणा बदली है, आज प्रदेश में हर व्यक्ति स्वंय को पूरी तरह से स्वतंत्र व सुरक्षित महसूस कर रहा है। युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के पूर्ण पारदर्शिता के साथ नौकरी एवं रोजगार का अवसर मिल रहा है। माफिया एवं गुण्डाराज का पूरी तरह से सफाया हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि आज समाज में बहू बेटिंया पूरे सम्मान एवं स्वालम्बन के साथ सुरक्षित वातावरण में निरंतर आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में सूचना विभाग दल के कलाकारों द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित लोकगायन की आकर्षक प्रस्तुति की गयी।
प्रभारी मंत्री जी द्वारा प्रेस वार्ता में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष एवं प्रदेश सरकार के 09 वर्ष होने पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं सहित प्रदेश के चौमुखी विकास हेतु सरकार द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों पर प्रेस-वार्ता कर मीडिया  को अवगत कराते हुए उनके प्रश्नों का जवाव दिया । साथ ही 09 वर्ष पर सूचना विभाग द्वारा जारी की गई पुस्तक का विमोचन किया।
इस मौके पर सांसद मुकेश राजपूत, अध्यक्ष जिला पंचायत मोनिका यादव, विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर,विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि,  जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी,  भाजपा जिला अध्यक्ष  व समस्त संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
देश को आजाद कराने में अवंतीबाई ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए
फर्रुखाबाद l रानी अवंतीबाई लोधी के 169 वें बलिदान दिवस पर नगर के एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा परसोत्तम बर्मा  ने की व संचालन अरविन्द राजपूत ने किया l कार्यक्रम में तमाम लोगों ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण की अहम भूमिका निभाने वाले बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने की एक स्वर में मांग की गई । भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष राजपूत ने रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम में देश के आजादी की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली प्रथम महिला शहीद रानी अवंतीबाई लोधी 20 मार्च 1858 में शहीद हुईं थीं उनके आज 169 वें बलिदान दिवस पर जगह जगह बलिदान दिवस समारोह आयोजित किए जा रहे हैं,उनकी शहादत को इतिहासकारों ने उजागर नहीं किया गया,महामंत्री ईश्वरदयाल वर्मा ने कहा कि लोधी समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, कृषि कर्म के साथ साथ फिजूलखर्ची न करके बच्चों की उच्च शिक्षा पर बल दिया, शराब नशा मुक्ति के लिए जागरूकता पैदा करें तभी विकास संभव हो सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी लज्जाराम वर्मा ने कहा हमारे समाज में शराब नशा ने बहुत से युवाओं की जिंदगी तबाह कर दी है इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जागरूक करने का काम  करना चाहिए, सुघर सिंह  राजपूत , जनार्दन दत्त राजपूत एडवोकेट ने रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा किसी चौराहे पर लगाने की सांसद मुकेश राजपूत से मांग की है बालकराम वर्मा ने बताया कि मैं अपने विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता हूं , बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए तमाम लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए प्रमुख रूप से महासभा के कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, महामंत्री रजनेश राजपूत , , सदस्य जिला पंचायत कुंवरजीत राजपूत,नामित सभासद अनुज राजपूत, सुधीर राजपूत, जौली राजपूत,अजय राजपूत, धनीराम राजपूत,अबधेश राजपूत विनोद राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष कौशलेंद्र राजपूत , महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन राजपूत, लक्ष्मी राजपूत , महिपाल सिंह, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
जानिए सपनों की हकीकत
–क्षमा सिंह, योग प्रशिक्षक

सपने हर कोइ देखता है कुछ सपने असली जैसे लगते हैं और कुछ भावुक होते हैं ज्यादातर सपने जागते ही गायब हो जाते हैं सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिमाग आखिर सपने बनाता ही क्यों है, और उनमें से ज्यादातर हमारी यादाश्त क्यों मिट जाते हैं । वैज्ञानिको का कहना है कि सपने देखना इस बात से गहराई से जुड़े होते हैं कि सोते समय हमारा दिमाग यादों,इमोशंस और जानकारियों को कैसे प्रोसेस करता है
सपने कब आते हैं?
सपने ज्यादातर नींद के उस फेज में आते हैं जिसे रैपिड आई मूवमेंट स्लीप कहते हैं। इस दौरान दिमाग लगभग उतना ही एक्टिव होता है जितना जागते समय होता है। ब्रेन स्कैन से पता चलता है कि यादाश्त,इमोशन और कल्पना से जुड़े दिमाग के कई हिस्से बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं।

दिमाग में सपने कैसे बनते हैं?
दिमाग के अन्दर कई हिस्से मिलकर सपने बनाते हैं। हिप्पोकैम्पस दिन भर की यादों को प्रोसेस करने में मदद करता है। उसी समय एमिग्डाला बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाता है,एमिग्डाला डर और यादों को प्रोसेस करने का भावनात्मक केन्द्र है । यही वजह है कि सपनों में अक्सर डर,उत्साह या घबराहट जैसी भावनाएं होती हैं।
सपने को सेव नहीं कर पाता दिमाग
'आरइएम' स्लीप के दौरान नारएपिनेफ्रीन का स्तर कम होता है। इसलिए दिमाग सपनों के अनुभवों को लम्बी अवधि की यादाश्त में भेजने में मुश्किल महसूस करता है। आसान शब्दों में कहें तो दिमाग सपने का अनुभव तो करता है, लेकिन उसे ठीक से सेव नहीं कर पाता,एक और कारण यह है कि यादें बनाने वाले हिप्पोकैम्पस, सपने देखते समय अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा होता है, अगर यादों को ठीक से एनकोड नहीं किया जाए, जो जागने के बाद सपनों की डिटेल्स जल्द ही धुंधली हो जाती है और हमारा दिमाग वापस अपनी सामान्य जागने वाली गतिविधियों में लग जाता है।
सपनों को लेकर क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
वैज्ञानिकों का मानना है कि सपने दिमाग की यादों को व्यवस्थित करने और भावनाओं को प्रोसेस करने में मदद कर सकते हैं। जब हम सो रहे होते हैं तो दिमाग दिन भर के अनुभवों के टुकड़ों को फिर से चलाता है और उन्हें पुरानी यादों और कल्पना के साथ मिला देता है। ये टुकड़े मिलकर उन कहानियों का रूप ले लेते हैं, जिन्हें हम सपनों के तौर पर अनुभव करते हैं।
अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित की ___________________________

*लखनऊ।* अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर नीरज सिंह भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और महापौर सुषमा खर्कवाल ने लोधी समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कैपिटल तिराहा, भाजपा मुख्यालय के सामने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित की।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने  उनका स्मरण करते हुए कहा कि 168वें बलिदान दिवस के अवसर पर प्रदेश के आम जनमानस और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंती बाई लोधी का सनातन संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे हम सभी आज याद कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी को महारानी अवंती बाई लोधी के जीवन और संघर्ष को पढ़ना चाहिए तथा उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।

डॉक्टर नीरज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जीवन त्याग, वीरता और देशप्रेम का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी हमको राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।

महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि वीरांगना के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और राष्ट्रहित में सदैव समर्पित रहने के लिए भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संकल्पित है।

मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी, संजय लोधी, किशन कुमार लोधी, राम शंकर राजपूत, विपिन सोनकर, घनश्याम अग्रवाल, मानवेंद्र सिंह सीता नेगी, विजय भुर्जी, विनायक पांडे सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
रांची: "AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, सहयोगी है"; JSFDA के प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के दिग्गज शिक्षाविद्।

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने आज अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कुलपतियों और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की।

युवा शक्ति और शिक्षकों की भूमिका: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की असली ताकत यहाँ की युवा शक्ति है। उन्होंने शिक्षकों पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने वाले न बनें, बल्कि राष्ट्रनिर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

AI और आधुनिक शिक्षा पर मंथन: कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि यह उनके लिए एक सहायक उपकरण (Tool) के रूप में काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।

प्रतिभाओं का सम्मान: समापन सत्र में JSFDA लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 और मारवाड़ी कॉलेज की अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

रांची में अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा पाएंगे मनमानी फीस, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने गठित की जिला स्तरीय कमेटी।

रांची: राजधानी के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के शुल्क (Fees) निर्धारण हेतु एक उच्चस्तरीय 'जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय कमेटी' का गठन कर दिया गया है।

मनमानी फीस पर लगेगा ब्रेक:

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत बनी यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि न करे। अब स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले इस कमेटी के नियमों का पालन करना होगा।

नियम तोड़ा तो खैर नहीं:

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹50,000 से लेकर ₹2,50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रमुख निर्देश जो आपको जानने चाहिए:

सामग्री की बिक्री पर रोक: स्कूल परिसर के भीतर या किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, यूनिफॉर्म या जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जा सकता।

PTA का गठन अनिवार्य: हर स्कूल को 'अभिभावक-शिक्षक संघ' (PTA) बनाना होगा और इसकी जानकारी नोटिस बोर्ड पर देनी होगी।

कमेटी की शक्ति: जिला स्तरीय कमेटी को गवाहों को सम्मन जारी करने और स्कूल के दस्तावेजों की जांच करने का पूरा अधिकार होगा।

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

इस कमेटी में उपायुक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), एक चार्टर्ड एकाउंटेंट, गुरुनानक स्कूल और DAV कपिलदेव के प्राचार्य, DPS और JVM श्यामली के अभिभावक सदस्य और जिले के सभी सांसद व विधायक शामिल हैं।

रमजान के पर्व पर आखिरी अलविदा की नमाज सकुशल संपन्न हुई।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर के कोराव तहसील अन्तर्गत आज दिनांक 20मार्च सन 2026 को रमजान के पावन पर्व आखिरी अलविदा की अंतिम नमाज हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ जिसमें  उत्तर प्रदेश चेयरमैन कमलेश कुमार श्रीवास्तव प्रदेश सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव के कुशल मार्गदर्शन में तथा एसीपी संत प्रसाद उपाध्याय के आदेश के क्रम में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन करने के लिए पुलिस बल के साथ जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेन्द्रदेव मिश्र के नेतृत्व में यातायात सुगम बनाने हेतु मस्जिदों पर ड्यूटी के लिए उपस्थित रहे जिसमें सह थाना कमेटी प्रभारी मोहम्मद असलम संयुक्त सचिव संगम लाल जाय सवाल क्षेत्र प्रभारी  चिदानन्द चन्द्र प्रकाश सिंह संतोष कुमार जायसवाल रागनी मिश्रा रमाकांत सिंह राहुल बिन्द अवनीश नारायण  राकेश कुमार केसरी  विवेक कुमार कृष्ण लाल एस आई मोनीस आलम एस आई निहाल गुप्ता एस आई कृष्णा सोनी  इत्यादि उपस्थित रहे।
एक साल से परेशान बुजुर्ग महिला को मिली राहत,SRN में दूरबीन से हुआ सफल ऑपरेशन।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।झूंसी क्षेत्र की 67 वर्षीय महिला पिछले लगभग एक वर्ष से भोजन के बाद भारीपन बार-बार कच्ची डकार उल्टी गले में जलन और भोजन के मुंह में वापस आने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी।इन लक्षणों के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था और दवाइयों से केवल अस्थायी राहत मिल पा रही थी।लगातार परेशानी के बाद मरीज ने स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) में परामर्श लिया।यहां एंडोस्कोपी सहित विस्तृत जांच में उन्हें हायटल हर्निया नामक बीमारी का पता चला।इस स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा अपनी जगह से खिसककर छाती में चला जाता है,जिससे एसिड रिफ्लक्स और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।हायटल हर्निया का प्रारंभिक उपचार दवाइयो और जीवनशैली में बदलाव से किया जाता है, लेकिन जब इनसे आराम नहीं मिलता और मरीज की दिनचर्या प्रभावित होने लगती है, तब सर्जरी आवश्यक हो जाती है।इस केस को और जटिल बनाता था मरीज का पूर्व चिकित्सा इतिहास।उन्हें पहले थायरॉयडेक्टॉमी हिस्टेरेक्टॉमी और रेक्टल प्रोलैप्स की सर्जरी हो चुकी थी जिससे पेट के अंदर चिपकाव(एड्हीजन) होने की संभावना अधिक थी। ऐसे में ऑपरेशन तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।इन सभी परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.वैभव श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर मरीज का सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक फंडोप्लिकेशन ऑपरेशन किया।टीम में डॉ.तरुण कालरा डॉ.निशांत शुक्ला डॉ.हर्षित शर्मा डॉ. सृष्टि सिकदर और डॉ.सौरभ मिश्रा शामिल रहे।निश्चेतना विभाग से डॉ.शिवेन्दु ओझा और डॉ. साक्षी सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. पल्लवी सूद एवं डॉ.उत्कर्ष मजूमदार ने सहयोग किया। ऑपरेशन थिएटर में प्रमिला राय दिनेश फ़ैयाज़ एवं अन्य कर्मचारियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से पेट के ऊपरी हिस्से को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाता है कि एसिड रिफ्लक्स रुक जाए।ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और उल्टी रिगर्जिटेशन व गले की जलन जैसी समस्याओ में स्पष्ट सुधार के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गई।पहले इस प्रकार की सर्जरी के लिए मरीजों को लखनऊ वाराणसी या दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा प्रयागराज में ही उपलब्ध हो गई है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आम जनता से अपील की है कि लंबे समय तक सीने या गले में जलन खट्टी डकार या भोजन का बार-बार ऊपर आना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उचित उपचार से हायटल हर्निया जैसी बीमारी का सफल इलाज संभव है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आगे बताया कि हायटल हर्निया के जटिल मामलों में भी यदि सही समय पर पहचान और उचित योजना के साथ उपचार किया जाए, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा सुरक्षित और स्थायी समाधान संभव है।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मरीज को कम दर्द शीघ्र रिकवरी और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलती है।
औरंगाबाद में नीतीश ने समृद्धि यात्रा में महिलाओं पर की चर्चा, शराबबंदी पर नहीं कही एक भी बात

,औरंगाबाद 2016 में बिहार में लागू की गई पूर्ण शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्षों से सक्रिय रहे हैं। पिछली प्रगति यात्रा तक हर सभा में उन्होंने शराबबंदी के फायदे बताते हुए इसे महिलाओं की मांग और राज्यहित में लागू होने वाला निर्णय बताया।

हालांकि, समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दिन औरंगाबाद के बारूण स्थित मुंशीबिगहा में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने इस बार इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की।

सभा में मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के लिए पोशाक और साइकिल योजना, स्थानीय निकाय चुनावों में महिला आरक्षण, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण, महिला रोजगार योजनाओं सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया।

लेकिन शराबबंदी पर कोई टिप्पणी न करना, राज्य में इस पूरी व्यवस्था के भविष्य को लेकर चर्चाओं को तेज कर गया है। उनके इस परहेज़ को विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्गों ने भविष्य में दारूबंदी के संभावित खात्मे के संकेत के रूप में देखा। दरअसल, राज्य में जब से शराबबंदी लागू हुई है, इसके नफा-नुकसान पर लगातार बहस होती रही है। एनडीए गठबंधन के कुछ घटक दल और विपक्षी पार्टियां समय-समय पर इस बंदी को खत्म करने की मांग उठाते रहे हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज जैसे दल ने इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने साफ कहा था कि यदि उनका दल सत्ता में आता है तो राज्य में पूर्ण शराबबंदी समाप्त कर दी जाएगी। हालांकि, चुनाव में सत्ता पक्ष की वापसी के बाद भी शराबबंदी को लेकर विरोध खत्म नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मांग को लगातार मुखरता से उठाया।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूर्ण शराबबंदी खत्म हो सकती है। इसी माहौल में औरंगाबाद की सभा में मुख्यमंत्री की चुप्पी को दारूबंदी समाप्ति से जोड़ा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में पूर्ण शराबबंदी जारी है, लेकिन भविष्य में इसका क्या होगा, यह नए मुख्यमंत्री और उनके दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। फिलहाल राज्य में दारूबंदी खत्म होने की चर्चा जोरों पर है और जनता की निगाहें आगामी घटनाओं पर टिकी हैं।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

आबकारी की ई लॉटरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई
फर्रूखाबाद l जनपद में आबकारी विभाग की शराब दुकानों एवं मॉडल शॉप के लिए 62 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, इन सभी को 3 सीड अंक प्राप्त करने पर अंतिम रूप से ई लाटरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई l इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक महोदया आरती सिंह, जिला आबकारी अधिकारी जी.पी.गुप्ता आबकारी आयुक्त द्वारा नामित अधिकारी देवेन्द्र सिंह रावत, समस्त आबकारी निरीक्षक आवेदक एवं अधिकारियों की उपस्थिति में वर्ष 2026-27 हेतु ई-लाटरी प्रथम चरण की प्रक्रिया में  देशी शराब की 14 दुकानों पर 54, कंपोजिट शॉप की 04 दुकानों पर 07 तथा मॉडल शॉप की 01 दुकान पर 01 आवेदन इस प्रकार कुल 62 आवेदन प्राप्त किए गए। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, ज्योति चौधरी की उपस्थिति में तकनीकी सहयोग प्रदान कर सर्वप्रथम आवेदकों की उपस्थिति में सिमुलेशन की कार्यवाही की गयी जिसमें आवेदकों से 3 सीड अंक प्राप्त कर सबको समान चयनित होने के बारे में अवगत कराया गया। तत्पश्चात रेण्डमाईजेशन की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी जिसमें आवेदकों से 3 सीड अंक प्राप्त कर अन्तिम रूप से ई-लाटरी की प्रक्रिया शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करायी गयी।
केंद्र के 11 और प्रदेश की 9वर्ष की योजनाओं की प्रदर्शनी में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को किया जागरूक
फर्रूखाबाद  । केन्द्र सरकार के 11 वर्ष एवं प्रदेश सरकार के 09 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 09 दिवसीय प्रदर्शनी एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार से सम्बंधित कार्यक्रम का आयोजन ऑफीसर्स क्लब, फतेहगढ़ में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह द्वारा किया गया ।

सर्वप्रथम मंत्री द्वारा प्रदेश सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की नीति के 09 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ऑफीसर्स क्लब  सभागार में सूचना विभाग द्वारा स्थापित की गई ‘‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’’ शीर्षांकित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया । मंत्री द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों का निरीक्षण किया । इस दौरान मंत्री द्वारा सेवा पखवाडा 2025 के अन्तर्गत संस्कृति विभाग के माध्यम से आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग,  सीनियर वर्ग व सामान्य वर्ग के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को क्रमशः धनराशि 51000, 21000, 11000 चेक प्रदान किए गए । खेल विभाग द्वारा आयोजित ओपन स्टेट आमंत्रण पुरूष कबड्डी प्रतियोगिता के विजेता व उपविजेता को ट्राफी प्रदान की, मंत्री द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भारत कौशल प्रतियोगिता 2025-26 में रजत पदक प्राप्त करने वाले को सम्मानित किया ।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 10 लाभार्थियों को सहायता राशि और ग्राम रामपुर डफरपुर तहसील सदर के 10 लोगों को घरौनी प्रदान की गई। सब मिशन ऑन एग्री कल्चर मैकेनाइजेशन योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन्तर्गत 01 लाभार्थी को किसान ड्रोन व 01 लाभार्थी को कस्टम हायरिंग सेन्टर अन्तर्गत टैक्ट्रर प्रदान किया गया। मत्स्य विभाग के 02 लाभार्थी को मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना व निषाद राज सब्सिडी योजना प्रदान की गई । ग्राम्य विकास विभाग की बाबा साहब आम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत लाभान्वित होने वाल लाभार्थी भैंस पालन की सब्सिडी प्रदान की गयी।

मंत्री ने परिवहन विभाग द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न किये हेतु कराई विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित कर उनकी पुरूस्कार राशि उनके खाता में हस्तारिंत की गई ।
मंत्री द्वारा उपस्थित जन समूह को सम्बोधित करते हुये कहा कि  केन्द्र सरकार के गौरवपूर्ण 11 वर्ष एवं प्रदेश सरकार की सेवा, सुरक्षा व सुशासन नीति के 09 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, मीडिया एवं जनसामान्य को बधाई दी ,उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सफलतापूर्वक 09 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में गॉव-गॉव तक बिना किसी भेदभाव के गरीबों, पिछड़ों, असहायों, दिव्यांग जनों सहित समाज के हर वर्ग के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाओं के माध्यम से जो लाभ निरंन्तर दिया जा रहा है, उसका प्रभाव सभी को साफ दिख रहा है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री को जो दायित्व सौपा है उस पर प्रदेश सरकार द्वारा ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बाहरी उद्यमियों द्वारा निरन्तर भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा यह प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही व्यवस्थाओं/सुरक्षा पर भरोसा का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज का दिन प्रदेश सरकार द्वारा विगत 09 वर्षों में प्रदेश की तरक्की हेतु किये गये विकास कार्यों  से परिचित होने के साथ-साथ विकास के प्रति समर्पित केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जानने समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसान, नौजवान सहित समाज के हर वर्ग को सभी योजनाओं का जमीनी स्तर पर लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विगत 09 वर्षों में सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के बारे में लोगो धारणा बदली है, आज प्रदेश में हर व्यक्ति स्वंय को पूरी तरह से स्वतंत्र व सुरक्षित महसूस कर रहा है। युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के पूर्ण पारदर्शिता के साथ नौकरी एवं रोजगार का अवसर मिल रहा है। माफिया एवं गुण्डाराज का पूरी तरह से सफाया हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि आज समाज में बहू बेटिंया पूरे सम्मान एवं स्वालम्बन के साथ सुरक्षित वातावरण में निरंतर आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में सूचना विभाग दल के कलाकारों द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित लोकगायन की आकर्षक प्रस्तुति की गयी।
प्रभारी मंत्री जी द्वारा प्रेस वार्ता में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष एवं प्रदेश सरकार के 09 वर्ष होने पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं सहित प्रदेश के चौमुखी विकास हेतु सरकार द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों पर प्रेस-वार्ता कर मीडिया  को अवगत कराते हुए उनके प्रश्नों का जवाव दिया । साथ ही 09 वर्ष पर सूचना विभाग द्वारा जारी की गई पुस्तक का विमोचन किया।
इस मौके पर सांसद मुकेश राजपूत, अध्यक्ष जिला पंचायत मोनिका यादव, विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर,विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि,  जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी,  भाजपा जिला अध्यक्ष  व समस्त संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
देश को आजाद कराने में अवंतीबाई ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए
फर्रुखाबाद l रानी अवंतीबाई लोधी के 169 वें बलिदान दिवस पर नगर के एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा परसोत्तम बर्मा  ने की व संचालन अरविन्द राजपूत ने किया l कार्यक्रम में तमाम लोगों ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण की अहम भूमिका निभाने वाले बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने की एक स्वर में मांग की गई । भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष राजपूत ने रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम में देश के आजादी की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली प्रथम महिला शहीद रानी अवंतीबाई लोधी 20 मार्च 1858 में शहीद हुईं थीं उनके आज 169 वें बलिदान दिवस पर जगह जगह बलिदान दिवस समारोह आयोजित किए जा रहे हैं,उनकी शहादत को इतिहासकारों ने उजागर नहीं किया गया,महामंत्री ईश्वरदयाल वर्मा ने कहा कि लोधी समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, कृषि कर्म के साथ साथ फिजूलखर्ची न करके बच्चों की उच्च शिक्षा पर बल दिया, शराब नशा मुक्ति के लिए जागरूकता पैदा करें तभी विकास संभव हो सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी लज्जाराम वर्मा ने कहा हमारे समाज में शराब नशा ने बहुत से युवाओं की जिंदगी तबाह कर दी है इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जागरूक करने का काम  करना चाहिए, सुघर सिंह  राजपूत , जनार्दन दत्त राजपूत एडवोकेट ने रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा किसी चौराहे पर लगाने की सांसद मुकेश राजपूत से मांग की है बालकराम वर्मा ने बताया कि मैं अपने विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता हूं , बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए तमाम लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए प्रमुख रूप से महासभा के कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, महामंत्री रजनेश राजपूत , , सदस्य जिला पंचायत कुंवरजीत राजपूत,नामित सभासद अनुज राजपूत, सुधीर राजपूत, जौली राजपूत,अजय राजपूत, धनीराम राजपूत,अबधेश राजपूत विनोद राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष कौशलेंद्र राजपूत , महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन राजपूत, लक्ष्मी राजपूत , महिपाल सिंह, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
जानिए सपनों की हकीकत
–क्षमा सिंह, योग प्रशिक्षक

सपने हर कोइ देखता है कुछ सपने असली जैसे लगते हैं और कुछ भावुक होते हैं ज्यादातर सपने जागते ही गायब हो जाते हैं सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिमाग आखिर सपने बनाता ही क्यों है, और उनमें से ज्यादातर हमारी यादाश्त क्यों मिट जाते हैं । वैज्ञानिको का कहना है कि सपने देखना इस बात से गहराई से जुड़े होते हैं कि सोते समय हमारा दिमाग यादों,इमोशंस और जानकारियों को कैसे प्रोसेस करता है
सपने कब आते हैं?
सपने ज्यादातर नींद के उस फेज में आते हैं जिसे रैपिड आई मूवमेंट स्लीप कहते हैं। इस दौरान दिमाग लगभग उतना ही एक्टिव होता है जितना जागते समय होता है। ब्रेन स्कैन से पता चलता है कि यादाश्त,इमोशन और कल्पना से जुड़े दिमाग के कई हिस्से बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं।

दिमाग में सपने कैसे बनते हैं?
दिमाग के अन्दर कई हिस्से मिलकर सपने बनाते हैं। हिप्पोकैम्पस दिन भर की यादों को प्रोसेस करने में मदद करता है। उसी समय एमिग्डाला बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाता है,एमिग्डाला डर और यादों को प्रोसेस करने का भावनात्मक केन्द्र है । यही वजह है कि सपनों में अक्सर डर,उत्साह या घबराहट जैसी भावनाएं होती हैं।
सपने को सेव नहीं कर पाता दिमाग
'आरइएम' स्लीप के दौरान नारएपिनेफ्रीन का स्तर कम होता है। इसलिए दिमाग सपनों के अनुभवों को लम्बी अवधि की यादाश्त में भेजने में मुश्किल महसूस करता है। आसान शब्दों में कहें तो दिमाग सपने का अनुभव तो करता है, लेकिन उसे ठीक से सेव नहीं कर पाता,एक और कारण यह है कि यादें बनाने वाले हिप्पोकैम्पस, सपने देखते समय अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा होता है, अगर यादों को ठीक से एनकोड नहीं किया जाए, जो जागने के बाद सपनों की डिटेल्स जल्द ही धुंधली हो जाती है और हमारा दिमाग वापस अपनी सामान्य जागने वाली गतिविधियों में लग जाता है।
सपनों को लेकर क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
वैज्ञानिकों का मानना है कि सपने दिमाग की यादों को व्यवस्थित करने और भावनाओं को प्रोसेस करने में मदद कर सकते हैं। जब हम सो रहे होते हैं तो दिमाग दिन भर के अनुभवों के टुकड़ों को फिर से चलाता है और उन्हें पुरानी यादों और कल्पना के साथ मिला देता है। ये टुकड़े मिलकर उन कहानियों का रूप ले लेते हैं, जिन्हें हम सपनों के तौर पर अनुभव करते हैं।
अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित की ___________________________

*लखनऊ।* अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर नीरज सिंह भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और महापौर सुषमा खर्कवाल ने लोधी समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कैपिटल तिराहा, भाजपा मुख्यालय के सामने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित की।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने  उनका स्मरण करते हुए कहा कि 168वें बलिदान दिवस के अवसर पर प्रदेश के आम जनमानस और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंती बाई लोधी का सनातन संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे हम सभी आज याद कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी को महारानी अवंती बाई लोधी के जीवन और संघर्ष को पढ़ना चाहिए तथा उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।

डॉक्टर नीरज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जीवन त्याग, वीरता और देशप्रेम का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी हमको राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।

महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि वीरांगना के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और राष्ट्रहित में सदैव समर्पित रहने के लिए भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संकल्पित है।

मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी, संजय लोधी, किशन कुमार लोधी, राम शंकर राजपूत, विपिन सोनकर, घनश्याम अग्रवाल, मानवेंद्र सिंह सीता नेगी, विजय भुर्जी, विनायक पांडे सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।