डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर का जाना हालचाल

* केजीएमयू पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ पहुंचकर भर्ती पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
दोनों उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री गौर के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री श्री गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग और सहायता के लिए तत्पर है।
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया अध्याय, यूपी बना 60% एक्सप्रेसवे वाला राज्य: नन्दी

* समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है गंगा एक्सप्रेसवे, उद्घाटन समारोह में बोले औद्योगिक विकास मंत्री

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के समग्र विकास, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का दर्पण है। उन्होंने कहा कि इसके लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश का 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र हैं। जिस प्रकार गंगा का जल धरती को उर्वर बनाता है, उसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को नया स्वरूप देने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के अवस्थापना विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगी।
नन्दी ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक जीवनरेखा है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक जीवनरेखा के रूप में स्थापित होगा। इससे निवेश, परिवहन, रोजगार और व्यापार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में नई पहचान मिली है। पिछले नौ वर्षों में बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को दोगुनी रफ्तार मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रयागराज से देश की राजधानी तक जुड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की यात्रा में मील का पत्थर है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करता है।
विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न, 30 अप्रैल के सदन कार्यक्रम पर मंथन
* ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर अनवरत चर्चा का प्रस्ताव पारित, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन विधान परिषद भवन के कक्ष संख्या-77 में किया गया।
बैठक में 30 अप्रैल को संचालित होने वाले सदन के कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली, 1956 के नियम 59(9) के अंतर्गत लोकहित के विषय पर अनवरत चर्चा हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसे समिति ने पारित कर दिया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। इसके अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में एमएलसी सलिल विश्नोई, जासमीर अंसारी, अश्वनी त्यागी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, बिछ्छे लाल राम, जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, आकाश अग्रवाल,  अक्षय प्रताप सिंह,  महेन्द्र सिंह तथा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

आदिवासी अस्मिता बचाने दुमका कूच करेगी सीपीआईएम, मई में विशाल प्रदर्शन


आदिवासी अस्मिता और जल-जंगल-ज़मीन पर षड्यंत्र एवं प्रहार बर्दाश्त नहीं: सीपीआईएम ने फूंका आंदोलन का बिगुल

मई में दुमका आयुक्त कार्यालय पर होगा आदिवासियों का विशाल महाजुटाान

दुमका: संताल परगना के जनजातीय क्षेत्रों में कॉरपोरेट-राज्य गठजोड़ द्वारा किए जा रहे सुनियोजित भूमि अधिग्रहण और संवैधानिक अधिकारों के दमन के खिलाफ सीपीआईएम (भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी) ने आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर दिया है। कल ही में पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित गाँवों का दौरा किया, जिसमें राज्य सचिव कॉम प्रकाश विप्लव, राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा, राज्य कमेटी सदस्य सुभाष हेम्ब्रम, अमल आज़ाद और जिला सचिव देवी सिंह पहाड़िया शामिल थे।

इस दौरान द्वारा उजागर हुए मुख्य तथ्य:

संवैधानिक ढाँचे का उल्लंघन: टीम ने पाया कि जिला प्रशासन और एमडीओ (MDO) स्थानीय दलाल तत्वों के साथ मिलकर वनाधिकार अधिनियम (FRA), पेसा (PESA) और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहे हैं। बिना ग्राम सभा की अनुमति के किए जा रहे सर्वेक्षण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएँ पूरी तरह असंवैधानिक और अवैध हैं।

प्रशासनिक अवरोध और पट्टा दावे: क्षेत्र में वनाधिकार के दर्जनों आवेदन वर्षों से लंबित हैं। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, लंबित दावों (विशेषकर PVTG समूहों के) का निपटारा किए बिना जबरन विस्थापन की तैयारी की जा रही है, जो कानूनी रूप से अनुचित है।

राम सभाओं की अनदेखी: प्रशासन ने पेसा (PESA) के तहत ग्राम सभाओं की सर्वोच्चता को दरकिनार कर दिया है। ग्रामीणों में व्याप्त अज्ञानता का लाभ उठाकर डराने-धमकाने और दबाव की राजनीति की जा रही है।

गाँवों का सामूहिक संकल्प और आगामी रणनीति:

1. ग्राम सभा का गठन: प्रभावित गाँवों के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्थानीय प्रधानो को 10 दिनों के भीतर औपचारिक ग्राम सभा बुलाने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि 'वन अधिकार समिति' का गठन और नए दावों का पंजीकरण हो सके।

2. दस्तावेजी प्रमाण: ग्राम सभा की कार्यवाही और प्रस्तावों को राज्यपाल, भारत के राष्ट्रपति और उच्च न्यायालय को साक्ष्य के रूप में भेजा जाएगा।

3. संगठनात्मक लामबंदी: एक विशेष उपसमिति का गठन किया गया है जो ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण और कानूनी लड़ाई की निगरानी करेगी।

4. विशाल प्रदर्शन: इस लूट और दमन के विरोध में मई 2026 के तीसरे सप्ताह में दुमका आयुक्त कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी के साथ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी अंतिम रूपरेखा 10 मई को होने वाली जिला कमेटी की बैठक में तय होगी।

नेतृत्व का वक्तव्य:

पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि "आदिवासियों को उनकी पैतृक ज़मीन से बेदखल करने की किसी भी साजिश का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह केवल कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा का जन-आंदोलन है। जब तक अंतिम व्यक्ति का वनाधिकार दावा सुरक्षित नहीं होता, एमडीओ का एक भी पहिया आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।"

टीबी मरीजों को सहयोग, सहानुभूति और मानसिक समर्थन दें- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय ने क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की

मुक्त विश्वविद्यालय में हुआ गुजरात राज्य स्थापना दिवस का आगाज़

डॉक्युमेंट्री में दिखाई गई गुजरात के शानदार विकास की झलक


प्रयागराज । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में गुजरात राज्य स्थापना दिवस (1 मई) समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 29 अप्रैल से 2 मई तक प्रस्तावित समारोह के प्रथम दिन बुधवार को विश्वविद्यालय में क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण किया गया तथा गुजरात राज्य के चहुंमुखी विकास से संबंधित डॉक्युमेंट्री का  प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि टी बी एक गंभीर बीमारी अवश्य है लेकिन यह पूर्णतः इलाज योग्य है। इसके लिए समय पर पहचान, नियमित दवा और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। आज चिकित्सा विज्ञान ने इतनी प्रगति कर ली है कि यदि मरीज निर्धारित अवधि तक सही तरीके से उपचार ले तो वह पूर्णतः स्वस्थ जीवन जी सकता है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने सभी रोगियों से आग्रह किया कि वह अपने इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। दवाओं को बीच में छोड़ना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि यह बीमारी को और अधिक जटिल बना सकता है। प्रोफेसर सत्यकाम ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे टीबी के मरीजों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। उन्हें सहयोग, सहानुभूति और मानसिक समर्थन देना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। कुलपति ने कहा कि इस तरह की बीमारी से लड़ाई दवाओं से ही नहीं बल्कि हौसले और समर्थन से भी जीती जाती है।

कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि कुलाधिपति श्रीमती पटेल की प्रेरणा से विश्वविद्यालय निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। सामाजिक सरोकारों से जुड़कर विश्वविद्यालय जन जन तक अपनी पहुंच बना रहा है। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव जन स्वास्थ्य, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। मुक्त विश्वविद्यालय गुजरात राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सेवा कार्य के इस उत्तरदायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेगा। उन्होंने गुजरात राज्य के विकास पर आधारित वृत्तचित्र प्रदर्शित करने पर स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा की सराहना की।
प्रारंभ में कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर मीरा पाल ने कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम का स्वागत किया । धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने किया। जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि गुजरात राज्य स्थापना दिवस के आगामी कार्यक्रमों में 30 अप्रैल 2026 को विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव गोहरी में स्वच्छता कार्यक्रम एवं कस्तूरबा विद्यालय का भ्रमण किया जाएगा। इसी प्रकार 1 मई 2026 को  गंगा परिसर से पदयात्रा, साइकिल यात्रा एवं मंदिर भ्रमण का कार्यक्रम रखा गया है तथा 2 मई 2026 को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में  गुजरात के  पारंपरिक लोकनृत्य  तथा शिल्पमेला का आयोजन अटल प्रेक्षागृह में किया जायेगा। ॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
गैस सिलेण्डर लिकेज होने से होटल में आग लगी,लाखों का सामान जलकर राख हुआ
मौके पर अफरा तफरी मची


(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )

मीरापुर।-कस्बें के भीड़भाड़ वाले इलाके बस स्टेंड चौराहे पर स्थित एक होटल में सिलेंडर लिकेज होने से भयंकर आग लग गई।आग लगने से मौके पर अफरा तफरी मच गई।होटल में खाना खा रहे लोगों ने बामुश्किल बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।आग से होटल का लाखों का फर्नीचर व अन्य सामान जलकर राख हो गया।

मीरापुर में बस स्टैंड चौराहे पर कस्बें के मौहल्ला कमलियाँन निवासी हारून पुत्र फारुख का लजीज होटल है।बुधवार की दोपहर होटल पर कई लोग खाना खा रहे थे। होटल के अंदर लगा गैस सिलेंडर लिकेज हो रहा था।इस दौरान अचानक लिकेज गैस सिलेण्डर में आग लग गई।आग ने कुछ ही पलों में भयंकर रूप धारण कर लिया।होटल के अंदर खाना खा रहें लोगों में अफरा तफरी मच गई।लोगों ने खाना छोड़कर बाहर भागकर अपनी जान बचाई। मोके पर आये पुलिसकर्मियों ने आसपास की दुकानों व पास में खड़े लोगों को वहाँ से हटाया।होटल के अंदर लगी आग से वहाँ रखा लाखों की कीमत सारा फर्नीचर बर्तन ,खाद्य सामग्री व अन्य सामान जलकर राख हो गया।पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों की मदद से आग पर काबू पाया।
भदोही में आकाशीय बिजली गिरी:एक महिला घायल, दो मकान क्षतिग्रस्त, इलाके में दहशत
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही में आकाशीय बिजली का कहर, एक घायल, मकानों को नुकसान
बुधवार, 29 अप्रैल 2026, भदोही।
जनपद भदोही के ब्लॉक अभोली अंतर्गत ग्राम शेरपुर गोपलहा में आंधी-तूफान के बीच आकाशीय बिजली गिरने से इलाके में दहशत फैल गई। तेज बारिश के दौरान अचानक गिरी बिजली से हृदय नारायण शुक्ला के मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होकर गिर गई, जिससे घर को भारी नुकसान पहुंचा।
दीवार गिरने का मलबा पास में स्थित हसन अली के मकान की छत पर जा गिरा, जिससे उनकी छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं छत के नीचे मौजूद एक महिला मलबे की चपेट में आ गई, जिससे उसे हल्की चोटें आईं। ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफान के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और राहत की मांग की है।
রাজ্যের ভোটে আজকের হটস্পট:  কলকাতার ভবানীপুর

রাজ্যের দ্বিতীয় দফা ভোটের হটস্পট কলকাতার ভবানীপুর। লড়াই মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের সঙ্গে বিরোধী দলনেতা শুভেন্দু অধিকারীর।আজ সারাদিনে তাঁরই কিছু মুহূর্ত আমাদের ফটোগ্রাফার *সঞ্জয় হাজরা* ক্যামেরায় ফ্রেমবন্দি হয়েছে।

Mirzapur: लू  (हीट वेव) के प्रकोप से बचाव को श्रमिक रहें सतर्क, सहायक श्रमायुक्त की अपील
मीरजापुर। जनपद में बढ़ते तापमान और लू (हीट वेव) के प्रकोप को देखते हुये सहायक श्रमायुक्त सतीश कुमार ने श्रमिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंनें कहा कि तेज धूप में काम करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, ऐसे में बचाव जरूरी है। उन्होंनें कारखानों, ईट भट्ठों, दिहाड़ी मजदूरों, डिलीवरी कर्मियों सहित खुले में कार्य करने वाले सभी श्रमिकों सलाह दी कि वे अपने शरीर को पूरी तरह ढंककर रखें। काम पर जाते समय गमछा, टोपी, हल्के सूती कपड़े, चश्मा और जूते का उपयोग अवश्य करें। कार्य के दौरान सिर पर गमछा बांधकर रखें और खुद को धूप से बचायें। श्रमिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हुये उन्होंनें कहा कि अपने पास पानी की बोतल और नींबू रखें तथा समय समय पर शीतल जल, नींबू पानी, शिकंजी और नारियल पानी का सेवन करते रहें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और लू से बचाव संभव होगा।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर का जाना हालचाल

* केजीएमयू पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ पहुंचकर भर्ती पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
दोनों उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री गौर के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री श्री गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग और सहायता के लिए तत्पर है।
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया अध्याय, यूपी बना 60% एक्सप्रेसवे वाला राज्य: नन्दी

* समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है गंगा एक्सप्रेसवे, उद्घाटन समारोह में बोले औद्योगिक विकास मंत्री

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के समग्र विकास, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का दर्पण है। उन्होंने कहा कि इसके लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश का 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र हैं। जिस प्रकार गंगा का जल धरती को उर्वर बनाता है, उसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को नया स्वरूप देने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के अवस्थापना विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगी।
नन्दी ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक जीवनरेखा है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक जीवनरेखा के रूप में स्थापित होगा। इससे निवेश, परिवहन, रोजगार और व्यापार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में नई पहचान मिली है। पिछले नौ वर्षों में बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को दोगुनी रफ्तार मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रयागराज से देश की राजधानी तक जुड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की यात्रा में मील का पत्थर है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करता है।
विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न, 30 अप्रैल के सदन कार्यक्रम पर मंथन
* ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर अनवरत चर्चा का प्रस्ताव पारित, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन विधान परिषद भवन के कक्ष संख्या-77 में किया गया।
बैठक में 30 अप्रैल को संचालित होने वाले सदन के कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली, 1956 के नियम 59(9) के अंतर्गत लोकहित के विषय पर अनवरत चर्चा हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसे समिति ने पारित कर दिया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। इसके अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में एमएलसी सलिल विश्नोई, जासमीर अंसारी, अश्वनी त्यागी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, बिछ्छे लाल राम, जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, आकाश अग्रवाल,  अक्षय प्रताप सिंह,  महेन्द्र सिंह तथा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

आदिवासी अस्मिता बचाने दुमका कूच करेगी सीपीआईएम, मई में विशाल प्रदर्शन


आदिवासी अस्मिता और जल-जंगल-ज़मीन पर षड्यंत्र एवं प्रहार बर्दाश्त नहीं: सीपीआईएम ने फूंका आंदोलन का बिगुल

मई में दुमका आयुक्त कार्यालय पर होगा आदिवासियों का विशाल महाजुटाान

दुमका: संताल परगना के जनजातीय क्षेत्रों में कॉरपोरेट-राज्य गठजोड़ द्वारा किए जा रहे सुनियोजित भूमि अधिग्रहण और संवैधानिक अधिकारों के दमन के खिलाफ सीपीआईएम (भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी) ने आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर दिया है। कल ही में पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित गाँवों का दौरा किया, जिसमें राज्य सचिव कॉम प्रकाश विप्लव, राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा, राज्य कमेटी सदस्य सुभाष हेम्ब्रम, अमल आज़ाद और जिला सचिव देवी सिंह पहाड़िया शामिल थे।

इस दौरान द्वारा उजागर हुए मुख्य तथ्य:

संवैधानिक ढाँचे का उल्लंघन: टीम ने पाया कि जिला प्रशासन और एमडीओ (MDO) स्थानीय दलाल तत्वों के साथ मिलकर वनाधिकार अधिनियम (FRA), पेसा (PESA) और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहे हैं। बिना ग्राम सभा की अनुमति के किए जा रहे सर्वेक्षण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएँ पूरी तरह असंवैधानिक और अवैध हैं।

प्रशासनिक अवरोध और पट्टा दावे: क्षेत्र में वनाधिकार के दर्जनों आवेदन वर्षों से लंबित हैं। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, लंबित दावों (विशेषकर PVTG समूहों के) का निपटारा किए बिना जबरन विस्थापन की तैयारी की जा रही है, जो कानूनी रूप से अनुचित है।

राम सभाओं की अनदेखी: प्रशासन ने पेसा (PESA) के तहत ग्राम सभाओं की सर्वोच्चता को दरकिनार कर दिया है। ग्रामीणों में व्याप्त अज्ञानता का लाभ उठाकर डराने-धमकाने और दबाव की राजनीति की जा रही है।

गाँवों का सामूहिक संकल्प और आगामी रणनीति:

1. ग्राम सभा का गठन: प्रभावित गाँवों के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्थानीय प्रधानो को 10 दिनों के भीतर औपचारिक ग्राम सभा बुलाने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि 'वन अधिकार समिति' का गठन और नए दावों का पंजीकरण हो सके।

2. दस्तावेजी प्रमाण: ग्राम सभा की कार्यवाही और प्रस्तावों को राज्यपाल, भारत के राष्ट्रपति और उच्च न्यायालय को साक्ष्य के रूप में भेजा जाएगा।

3. संगठनात्मक लामबंदी: एक विशेष उपसमिति का गठन किया गया है जो ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण और कानूनी लड़ाई की निगरानी करेगी।

4. विशाल प्रदर्शन: इस लूट और दमन के विरोध में मई 2026 के तीसरे सप्ताह में दुमका आयुक्त कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी के साथ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी अंतिम रूपरेखा 10 मई को होने वाली जिला कमेटी की बैठक में तय होगी।

नेतृत्व का वक्तव्य:

पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि "आदिवासियों को उनकी पैतृक ज़मीन से बेदखल करने की किसी भी साजिश का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह केवल कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा का जन-आंदोलन है। जब तक अंतिम व्यक्ति का वनाधिकार दावा सुरक्षित नहीं होता, एमडीओ का एक भी पहिया आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।"

टीबी मरीजों को सहयोग, सहानुभूति और मानसिक समर्थन दें- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय ने क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की

मुक्त विश्वविद्यालय में हुआ गुजरात राज्य स्थापना दिवस का आगाज़

डॉक्युमेंट्री में दिखाई गई गुजरात के शानदार विकास की झलक


प्रयागराज । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में गुजरात राज्य स्थापना दिवस (1 मई) समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 29 अप्रैल से 2 मई तक प्रस्तावित समारोह के प्रथम दिन बुधवार को विश्वविद्यालय में क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण किया गया तथा गुजरात राज्य के चहुंमुखी विकास से संबंधित डॉक्युमेंट्री का  प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि टी बी एक गंभीर बीमारी अवश्य है लेकिन यह पूर्णतः इलाज योग्य है। इसके लिए समय पर पहचान, नियमित दवा और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। आज चिकित्सा विज्ञान ने इतनी प्रगति कर ली है कि यदि मरीज निर्धारित अवधि तक सही तरीके से उपचार ले तो वह पूर्णतः स्वस्थ जीवन जी सकता है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने सभी रोगियों से आग्रह किया कि वह अपने इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। दवाओं को बीच में छोड़ना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि यह बीमारी को और अधिक जटिल बना सकता है। प्रोफेसर सत्यकाम ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे टीबी के मरीजों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। उन्हें सहयोग, सहानुभूति और मानसिक समर्थन देना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। कुलपति ने कहा कि इस तरह की बीमारी से लड़ाई दवाओं से ही नहीं बल्कि हौसले और समर्थन से भी जीती जाती है।

कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि कुलाधिपति श्रीमती पटेल की प्रेरणा से विश्वविद्यालय निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। सामाजिक सरोकारों से जुड़कर विश्वविद्यालय जन जन तक अपनी पहुंच बना रहा है। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव जन स्वास्थ्य, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। मुक्त विश्वविद्यालय गुजरात राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सेवा कार्य के इस उत्तरदायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेगा। उन्होंने गुजरात राज्य के विकास पर आधारित वृत्तचित्र प्रदर्शित करने पर स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा की सराहना की।
प्रारंभ में कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर मीरा पाल ने कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम का स्वागत किया । धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने किया। जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि गुजरात राज्य स्थापना दिवस के आगामी कार्यक्रमों में 30 अप्रैल 2026 को विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव गोहरी में स्वच्छता कार्यक्रम एवं कस्तूरबा विद्यालय का भ्रमण किया जाएगा। इसी प्रकार 1 मई 2026 को  गंगा परिसर से पदयात्रा, साइकिल यात्रा एवं मंदिर भ्रमण का कार्यक्रम रखा गया है तथा 2 मई 2026 को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में  गुजरात के  पारंपरिक लोकनृत्य  तथा शिल्पमेला का आयोजन अटल प्रेक्षागृह में किया जायेगा। ॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
गैस सिलेण्डर लिकेज होने से होटल में आग लगी,लाखों का सामान जलकर राख हुआ
मौके पर अफरा तफरी मची


(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )

मीरापुर।-कस्बें के भीड़भाड़ वाले इलाके बस स्टेंड चौराहे पर स्थित एक होटल में सिलेंडर लिकेज होने से भयंकर आग लग गई।आग लगने से मौके पर अफरा तफरी मच गई।होटल में खाना खा रहे लोगों ने बामुश्किल बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।आग से होटल का लाखों का फर्नीचर व अन्य सामान जलकर राख हो गया।

मीरापुर में बस स्टैंड चौराहे पर कस्बें के मौहल्ला कमलियाँन निवासी हारून पुत्र फारुख का लजीज होटल है।बुधवार की दोपहर होटल पर कई लोग खाना खा रहे थे। होटल के अंदर लगा गैस सिलेंडर लिकेज हो रहा था।इस दौरान अचानक लिकेज गैस सिलेण्डर में आग लग गई।आग ने कुछ ही पलों में भयंकर रूप धारण कर लिया।होटल के अंदर खाना खा रहें लोगों में अफरा तफरी मच गई।लोगों ने खाना छोड़कर बाहर भागकर अपनी जान बचाई। मोके पर आये पुलिसकर्मियों ने आसपास की दुकानों व पास में खड़े लोगों को वहाँ से हटाया।होटल के अंदर लगी आग से वहाँ रखा लाखों की कीमत सारा फर्नीचर बर्तन ,खाद्य सामग्री व अन्य सामान जलकर राख हो गया।पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों की मदद से आग पर काबू पाया।
भदोही में आकाशीय बिजली गिरी:एक महिला घायल, दो मकान क्षतिग्रस्त, इलाके में दहशत
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही में आकाशीय बिजली का कहर, एक घायल, मकानों को नुकसान
बुधवार, 29 अप्रैल 2026, भदोही।
जनपद भदोही के ब्लॉक अभोली अंतर्गत ग्राम शेरपुर गोपलहा में आंधी-तूफान के बीच आकाशीय बिजली गिरने से इलाके में दहशत फैल गई। तेज बारिश के दौरान अचानक गिरी बिजली से हृदय नारायण शुक्ला के मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होकर गिर गई, जिससे घर को भारी नुकसान पहुंचा।
दीवार गिरने का मलबा पास में स्थित हसन अली के मकान की छत पर जा गिरा, जिससे उनकी छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं छत के नीचे मौजूद एक महिला मलबे की चपेट में आ गई, जिससे उसे हल्की चोटें आईं। ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफान के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और राहत की मांग की है।
রাজ্যের ভোটে আজকের হটস্পট:  কলকাতার ভবানীপুর

রাজ্যের দ্বিতীয় দফা ভোটের হটস্পট কলকাতার ভবানীপুর। লড়াই মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের সঙ্গে বিরোধী দলনেতা শুভেন্দু অধিকারীর।আজ সারাদিনে তাঁরই কিছু মুহূর্ত আমাদের ফটোগ্রাফার *সঞ্জয় হাজরা* ক্যামেরায় ফ্রেমবন্দি হয়েছে।

Mirzapur: लू  (हीट वेव) के प्रकोप से बचाव को श्रमिक रहें सतर्क, सहायक श्रमायुक्त की अपील
मीरजापुर। जनपद में बढ़ते तापमान और लू (हीट वेव) के प्रकोप को देखते हुये सहायक श्रमायुक्त सतीश कुमार ने श्रमिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंनें कहा कि तेज धूप में काम करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, ऐसे में बचाव जरूरी है। उन्होंनें कारखानों, ईट भट्ठों, दिहाड़ी मजदूरों, डिलीवरी कर्मियों सहित खुले में कार्य करने वाले सभी श्रमिकों सलाह दी कि वे अपने शरीर को पूरी तरह ढंककर रखें। काम पर जाते समय गमछा, टोपी, हल्के सूती कपड़े, चश्मा और जूते का उपयोग अवश्य करें। कार्य के दौरान सिर पर गमछा बांधकर रखें और खुद को धूप से बचायें। श्रमिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हुये उन्होंनें कहा कि अपने पास पानी की बोतल और नींबू रखें तथा समय समय पर शीतल जल, नींबू पानी, शिकंजी और नारियल पानी का सेवन करते रहें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और लू से बचाव संभव होगा।