एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
कार की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत

*बंधुआ कला थाना क्षेत्र के हकवा मोड के पास वह हादसा*

सुल्तानपुर के बंधुआ कला थाना क्षेत्र के अलीगंज चौकी अंतर्गत हकुआ मोड के पास सोमवार की सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार डिजायर कार ने भाई सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान कुड़वार थाना इलाके के बहमरपुर निवासी राजाराम प्रजापति(50) व उनके पुत्र सिकंदर प्रजापति(25) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार राजाराम के साले का घर गौरी का पुरवा में है। उनके साले की आंख का ऑपरेशन हुआ है।रविवार की शाम राजाराम अपने बेटे के साथ साले के घर उन्हें देखने गए थे। सोमवार की सुबह दोनों घर लौट रहे थे। हकुआ मोड़ के पास पहुंचे थे की सामने से आ रही तेज रफ़्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मुसाफिरखाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत में सुधार न होने पर उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद कार्स वालों गाड़ी छोड़कर भाग निकले।राजाराम प्रजापति राजगीर का काम करते हैं। लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से इन दिनों वह घर पर ही रहते थे। वही सिकंदर सूरत में प्राइवेट नौकरी करता था। एक माह पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। सिकंदर की शादी हो चुकी है लेकिन किसी कारण उसकी पत्नी मायके में ही रहती है। दुर्घटनाग्रस्त कार को थाने लाया जा रहा है। थाना प्रभारी प्रमोद ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

राजाराम के परिवार के गुड्डू ने बताया कि हादसे के बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो उनसे मिन्नत की गई की सभी को मेडिकल कालेज ले जाया जाय। लेकिन जबरन एंबुलेंस कर्मी घायलों को लेकर मुसाफिरखाना सीएचसी ही ले गए। उसके बाद उन्हें मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मुसाफिरखाना ले जाने की बजाय अगर घायलों को मेडिकल कालेज ले जाया जाता तो समय पर इलाज मिल सकता थ। एंबुलेंस कर्मियों से परिवार जनों की झड़प भी हुई।
मुजफ्फरनगर सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने सुनी जनसमस्याएं, अधिकारियों से फोन पर कराए समाधान के प्रयास
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने आज अपने प्रेमपुरी स्थित आवास पर क्षेत्र से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विस्तृत वार्ता की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न जनसमस्याएं उनके समक्ष रखीं।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और कई मामलों में तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। वहीं कुछ मामलों में मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई।

इस दौरान सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है और आगे भी यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।

वहीं विधायक पंकज मलिक ने भी लोगों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और आमजन की आवाज को प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

छात्रों को फर्श से अर्श पर पहुंचाने का निःशुल्क नीट कोचिंग देते हैं डॉ मिथिलेश कुमार बिंद
भदोही। ग्राम सभा हरिचंद पुर भीटी हंडिया प्रयागराज के रहने वाले डॉ मिथिलेश कुमार बिंद चर्म रोग विशेषज्ञ स्वरूप रानी हॉस्पिटल प्रयागराज में कार्यरत है।इस समय पूरे भदोही में चर्चा का विषय बने हुए हैं इनकी सोच हर वर्ष लगभग 100 बच्चों को ममता चैरिटेबल ट्रस्ट एंड स्किन केयर हॉस्पिटल सुभाष नगर भदोही के प्रांगण में एक सुपर 25 क्लासेस खोलकर निशुल्क नीट की तैयारी स्वयं और प्रशिक्षित प्रोफेसर डॉक्टर्स से नीट  विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देते हैं।बी एस वी एस न्यूज़ के साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य है कि जौनपुर, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर ,जैसे शहरों में सुपर 25 प्रशिक्षण केंद्र खोलकर बच्चों के भविष्य का निर्माण करें।बच्चों के भविष्य और देश के निर्माण में सहायक महान समाजसेवी डॉ मिथिलेश कुमार बिंद को बहुचर्चित संगठन बिंद समाज विकास संघ ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर बच्चों को मेडल और डॉ मिथिलेश कुमार बिंद  को, संघ का स्मृति चिन्ह दीवाल घड़ी से सम्मानित किया।शुभकामना देते हुए संघ ने कहा कि जिस तरह से घड़ी निरंतर चलती रहती है समय के महत्व को समझती है इस तरह आप हमेशा रुके  ना ,थके ना ,हिम्मत ना हारे और बच्चों के भविष्य को निरंतर निर्माण करते रहे।मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शेषधर बिंद सहित,सूरत गुजरात प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद बिंद, सूरत महासचिव दीनानाथ बिंद, सूरत प्रवक्ता गुलाब चंद्र बिंद, सूरत युवसेना अध्यक्ष सुरेश कुमार बिंद, बी एस वी एस न्यूज रिपोर्टर अरविंद बिंद,भदोही जिला अध्यक्ष डॉ रमाशंकर बिंद,जिला भदोही सलाहकार डॉ हरिश्चंद्र बिंद,जिला भदोही संगठन मंत्री मोहनलाल बिंद, युवासेना संगठन मंत्री राज बिहारी बिंद,उदल कुमार बिंद, बसंत लाल मौर्य,सुभाष बिंद, गोरेलाल बिंद मौजूद रहे।
मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
धर्म सिंह
हरदोई-मल्लावां थाना पुलिस ने मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 23 मई 2026 को वादी आलोक मिश्रा पुत्र अमित मिश्रा निवासी ग्राम गंगारामपुर थाना मल्लावां ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाया था कि हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां समेत अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
तहरीर के आधार पर थाना मल्लावां में मुकदमा अपराध संख्या 265/2026 धारा 115(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 308(5) बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नामजद आरोपी हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राधेश्याम और कांस्टेबल अंकुर राणा शामिल रहे।
बारात में दूल्हे की हत्या का बदला, एक लाख का इनामी रवि यादव पुलिस एनकाउंटर में ढेर
जौनपुर में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, गोलीबारी में इंस्पेक्टर घायल; फरार बदमाशों की तलाश तेज

जौनपुर । जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में वांछित मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। देर रात खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास सूचना मिली थी कि आरोपी रवि यादव इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रवि यादव घायल हो गया।मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी, जिससे दोनों बाल-बाल बच गए। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

गौरतलब है कि एक मई को 25 वर्षीय आजाद बिंद की शादी के लिए बारात जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले में सात लोगों को नामजद किया था। इनमें रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थीं। दिल्ली, Varanasi, Prayagraj, Sultanpur समेत कई जगहों पर छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।
भोपाल में 26 से 31 मई तक लगेगा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग

सैकड़ों बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें लेंगी प्रशिक्षण

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मध्यभारत प्रांत द्वारा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 26 मई से 31 मई 2026 तक भोपाल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग JSR मेडिकल कॉलेज परिसर, सूखी बायपास रोड, इमलिया, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता, बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें सम्मिलित होंगी।

प्रशिक्षण वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी संगठन के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे। वर्ग में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ऐसे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियों, सामाजिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का संगठित एवं संस्कारित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सभी प्रतिभागी सायं 4 बजे तक वर्गस्थल पर पहुंचेंगे तथा 31 मई को सायं 4 बजे समापन के पश्चात अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

वर्ग के अंतर्गत युवाओं को शौर्य, अनुशासन, संगठन, आत्मरक्षा एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े विविध विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 30 एवं 31 मई को राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी की बहनों एवं युवतियों के लिए विशेष आत्म-सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत के महामंत्री संजीव पटेरिया ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौर, हिन्दू हेल्पलाइन केंद्रीय मंत्री राजेश्वर चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर काका, क्षेत्रीय महामंत्री मूलचंद साध, हिन्दू हेल्पलाइन प्रदेश अध्यक्ष कमलेश रायचंदानी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
कार की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत

*बंधुआ कला थाना क्षेत्र के हकवा मोड के पास वह हादसा*

सुल्तानपुर के बंधुआ कला थाना क्षेत्र के अलीगंज चौकी अंतर्गत हकुआ मोड के पास सोमवार की सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार डिजायर कार ने भाई सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान कुड़वार थाना इलाके के बहमरपुर निवासी राजाराम प्रजापति(50) व उनके पुत्र सिकंदर प्रजापति(25) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार राजाराम के साले का घर गौरी का पुरवा में है। उनके साले की आंख का ऑपरेशन हुआ है।रविवार की शाम राजाराम अपने बेटे के साथ साले के घर उन्हें देखने गए थे। सोमवार की सुबह दोनों घर लौट रहे थे। हकुआ मोड़ के पास पहुंचे थे की सामने से आ रही तेज रफ़्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मुसाफिरखाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत में सुधार न होने पर उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद कार्स वालों गाड़ी छोड़कर भाग निकले।राजाराम प्रजापति राजगीर का काम करते हैं। लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से इन दिनों वह घर पर ही रहते थे। वही सिकंदर सूरत में प्राइवेट नौकरी करता था। एक माह पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। सिकंदर की शादी हो चुकी है लेकिन किसी कारण उसकी पत्नी मायके में ही रहती है। दुर्घटनाग्रस्त कार को थाने लाया जा रहा है। थाना प्रभारी प्रमोद ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

राजाराम के परिवार के गुड्डू ने बताया कि हादसे के बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो उनसे मिन्नत की गई की सभी को मेडिकल कालेज ले जाया जाय। लेकिन जबरन एंबुलेंस कर्मी घायलों को लेकर मुसाफिरखाना सीएचसी ही ले गए। उसके बाद उन्हें मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मुसाफिरखाना ले जाने की बजाय अगर घायलों को मेडिकल कालेज ले जाया जाता तो समय पर इलाज मिल सकता थ। एंबुलेंस कर्मियों से परिवार जनों की झड़प भी हुई।
मुजफ्फरनगर सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने सुनी जनसमस्याएं, अधिकारियों से फोन पर कराए समाधान के प्रयास
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने आज अपने प्रेमपुरी स्थित आवास पर क्षेत्र से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विस्तृत वार्ता की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न जनसमस्याएं उनके समक्ष रखीं।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और कई मामलों में तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। वहीं कुछ मामलों में मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई।

इस दौरान सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है और आगे भी यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।

वहीं विधायक पंकज मलिक ने भी लोगों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और आमजन की आवाज को प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

छात्रों को फर्श से अर्श पर पहुंचाने का निःशुल्क नीट कोचिंग देते हैं डॉ मिथिलेश कुमार बिंद
भदोही। ग्राम सभा हरिचंद पुर भीटी हंडिया प्रयागराज के रहने वाले डॉ मिथिलेश कुमार बिंद चर्म रोग विशेषज्ञ स्वरूप रानी हॉस्पिटल प्रयागराज में कार्यरत है।इस समय पूरे भदोही में चर्चा का विषय बने हुए हैं इनकी सोच हर वर्ष लगभग 100 बच्चों को ममता चैरिटेबल ट्रस्ट एंड स्किन केयर हॉस्पिटल सुभाष नगर भदोही के प्रांगण में एक सुपर 25 क्लासेस खोलकर निशुल्क नीट की तैयारी स्वयं और प्रशिक्षित प्रोफेसर डॉक्टर्स से नीट  विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देते हैं।बी एस वी एस न्यूज़ के साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य है कि जौनपुर, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर ,जैसे शहरों में सुपर 25 प्रशिक्षण केंद्र खोलकर बच्चों के भविष्य का निर्माण करें।बच्चों के भविष्य और देश के निर्माण में सहायक महान समाजसेवी डॉ मिथिलेश कुमार बिंद को बहुचर्चित संगठन बिंद समाज विकास संघ ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर बच्चों को मेडल और डॉ मिथिलेश कुमार बिंद  को, संघ का स्मृति चिन्ह दीवाल घड़ी से सम्मानित किया।शुभकामना देते हुए संघ ने कहा कि जिस तरह से घड़ी निरंतर चलती रहती है समय के महत्व को समझती है इस तरह आप हमेशा रुके  ना ,थके ना ,हिम्मत ना हारे और बच्चों के भविष्य को निरंतर निर्माण करते रहे।मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शेषधर बिंद सहित,सूरत गुजरात प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद बिंद, सूरत महासचिव दीनानाथ बिंद, सूरत प्रवक्ता गुलाब चंद्र बिंद, सूरत युवसेना अध्यक्ष सुरेश कुमार बिंद, बी एस वी एस न्यूज रिपोर्टर अरविंद बिंद,भदोही जिला अध्यक्ष डॉ रमाशंकर बिंद,जिला भदोही सलाहकार डॉ हरिश्चंद्र बिंद,जिला भदोही संगठन मंत्री मोहनलाल बिंद, युवासेना संगठन मंत्री राज बिहारी बिंद,उदल कुमार बिंद, बसंत लाल मौर्य,सुभाष बिंद, गोरेलाल बिंद मौजूद रहे।
मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
धर्म सिंह
हरदोई-मल्लावां थाना पुलिस ने मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 23 मई 2026 को वादी आलोक मिश्रा पुत्र अमित मिश्रा निवासी ग्राम गंगारामपुर थाना मल्लावां ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाया था कि हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां समेत अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
तहरीर के आधार पर थाना मल्लावां में मुकदमा अपराध संख्या 265/2026 धारा 115(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 308(5) बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नामजद आरोपी हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राधेश्याम और कांस्टेबल अंकुर राणा शामिल रहे।
बारात में दूल्हे की हत्या का बदला, एक लाख का इनामी रवि यादव पुलिस एनकाउंटर में ढेर
जौनपुर में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, गोलीबारी में इंस्पेक्टर घायल; फरार बदमाशों की तलाश तेज

जौनपुर । जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में वांछित मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। देर रात खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास सूचना मिली थी कि आरोपी रवि यादव इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रवि यादव घायल हो गया।मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी, जिससे दोनों बाल-बाल बच गए। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

गौरतलब है कि एक मई को 25 वर्षीय आजाद बिंद की शादी के लिए बारात जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले में सात लोगों को नामजद किया था। इनमें रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थीं। दिल्ली, Varanasi, Prayagraj, Sultanpur समेत कई जगहों पर छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।
भोपाल में 26 से 31 मई तक लगेगा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग

सैकड़ों बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें लेंगी प्रशिक्षण

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मध्यभारत प्रांत द्वारा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 26 मई से 31 मई 2026 तक भोपाल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग JSR मेडिकल कॉलेज परिसर, सूखी बायपास रोड, इमलिया, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता, बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें सम्मिलित होंगी।

प्रशिक्षण वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी संगठन के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे। वर्ग में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ऐसे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियों, सामाजिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का संगठित एवं संस्कारित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सभी प्रतिभागी सायं 4 बजे तक वर्गस्थल पर पहुंचेंगे तथा 31 मई को सायं 4 बजे समापन के पश्चात अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

वर्ग के अंतर्गत युवाओं को शौर्य, अनुशासन, संगठन, आत्मरक्षा एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े विविध विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 30 एवं 31 मई को राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी की बहनों एवं युवतियों के लिए विशेष आत्म-सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत के महामंत्री संजीव पटेरिया ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौर, हिन्दू हेल्पलाइन केंद्रीय मंत्री राजेश्वर चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर काका, क्षेत्रीय महामंत्री मूलचंद साध, हिन्दू हेल्पलाइन प्रदेश अध्यक्ष कमलेश रायचंदानी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।