छत्तीसगढ़ बजट पर कांग्रेस का हमला: “जुमलेबाजी और आंकड़ों की बाजीगरी, आम जनता पूरी तरह निराश”
रायपुर- प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अजय गंगवानी ने राज्य सरकार के तीसरे बजट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट छत्तीसगढ़ की आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट जुमलेबाजी और आंकड़ों की बाजीगरी से भरा हुआ है, जिसमें जनकल्याण और समृद्धि के ठोस उपाय नजर नहीं आते।
अजय गंगवानी ने कहा कि किसान, युवा, महिलाएं, आदिवासी, कर्मचारी, व्यापारी और गरीब वर्ग इस बजट से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सरकार ने किसी भी वर्ग को राहत देने वाला कोई ठोस कदम नहीं उठाया। महंगाई कम करने, 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने, 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसी मोदी गारंटी पूरी करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध चरम पर हैं, लेकिन सरकार ने ढाई साल बाद कुछ नए पुलिस थाने और साइबर थाने खोलने की घोषणा कर केवल औपचारिकता निभाई है। एक्साइज और बिजली ड्यूटी कलेक्शन में भारी बढ़ोतरी को उन्होंने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ करार दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है, बावजूद इसके बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत पैकेज नहीं है। कर्ज माफी की जगह केवल कर्ज देने की बात कर किसानों को कर्ज और ब्याज के दुष्चक्र में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने पिछले बजट में घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और मेट्रो ट्रेन परियोजना की घोषणाओं को दोहराकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही एमएसएमई सेक्टर के लिए किसी भी प्रकार की सब्सिडी या राहत न देने को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया।
अजय गंगवानी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कटौती नहीं की गई, जिससे आम जनता को महंगाई से राहत नहीं मिल पाई। उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट जनहित के बजाय चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला “संकल्प का बजट” है।




* विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद की प्रगति की समीक्षा
* न्यूरेम्बर्ग में उच्चस्तरीय औद्योगिक संवाद, एयरोस्पेस व ड्रोन तकनीक में सहयोग की संभावनाएं मजबूत



मुंबई। महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल चुनाव की तारीख का ऐलान होने के साथ नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, पूरे महाराष्ट्र और गोवा से अधिवक्ता अपना नामांकन करने के लिए अपने समर्थकों के साथ बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र और गोवा के मुंबई कार्यालय में पहुंच रहे हैं। नामांकन करने की अंतिम तारीख 26 फरवरी तथा चुनाव की तारीख 24 फरवरी है । मतगणना 7 अप्रैल को होगा।

बलिया। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील कुमार पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने जनपद देवरिया के जूनियर हाई स्कूल, मदरसन, गौरी बाजार में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत कृष्णमोहन सिंह द्वारा कथित विभागीय उत्पीड़न एवं अव्यवस्थाओं से आहत होकर आत्महत्या किए जाने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि “रामराज्य” और “जीरो टॉलरेंस” की बातें केवल मंच और माइक तक सीमित होकर रह गई हैं, जबकि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। देवरिया की इस घटना ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी एवं पटल सहायक शिक्षकों का शोषण करते हैं, पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित रखते हैं और शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर करते हैं।प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि सरकारें विद्यालयों को प्रयोगशाला और अध्यापकों को मशीन समझ रही हैं। प्रतिदिन नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिनका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि देवरिया की इस घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को समस्त देयकों का शीघ्र भुगतान, परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी तथा पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
1 min ago
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