देहरादून में जर्जर स्कूल बने ‘यमराज’: 100 स्कूलों की रिपोर्ट में 79 भवन निष्प्रोज्य, ध्वस्तीकरण के आदेश

* मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला

देहरादून। देहरादून जिले में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी जर्जर स्कूल इमारतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक साथ 79 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन इमारतों में लंबे समय से शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था, जिससे नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

डीएम की सख्ती के चलते महज 10 दिनों के भीतर जिले के 100 स्कूलों से संबंधित जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया था, जिसके बाद तकनीकी आकलन और विद्यालयवार सूची के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 79 विद्यालय भवन पूरी तरह निष्प्रोज्य पाए गए हैं। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 63 विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि 16 विद्यालयों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, जहां भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित है। वहीं 8 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिन भवनों को फिलहाल सुरक्षित मानते हुए ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य और आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और मरम्मत के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार करने को कहा गया है। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था अभी नहीं है, वहां पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद भवन गिराए जाएंगे। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में मरम्मत, प्रतिबंध और आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन इस अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी जवाबदेही के साथ पूरा करेगा।
उत्तराखंड : मौनी अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ी आस्था की लहर, गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी

* हर की पैड़ी से नारायणी शिला मंदिर तक भक्तों का सैलाब, गूंजे हर-हर गंगे के जयकारे



हरिद्वार। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का सागर उमड़ पड़ा। सुबह तड़के चार बजे से ही हर की पैड़ी और आसपास के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा की पवित्र धारा में स्नान शुरू कर दिया। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर मौन धारण कर गंगा स्नान करने, अन्न, वस्त्र, तिल और गुड़ का दान करने का विशेष महत्व है। नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि माघ माह की यह अमावस्या अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान करने से कुंभ स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता और ऋषि-मुनि भी पृथ्वी पर स्नान करने आते हैं तथा दान-पुण्य करने से सहस्त्र वर्षों तक पुण्य फल मिलता है।

कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार पहुंचे। सुबह ठंड अधिक होने के कारण शुरुआती घंटों में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन जैसे-जैसे धूप तेज हुई, घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।

अमावस्या के कारण नारायणी शिला मंदिर में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली। यहां श्रद्धालु अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और पूजन करते नजर आए। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में पितरों के निमित्त किए गए कर्म से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। मौनी अमावस्या पर हरिद्वार की यह दिव्य और अलौकिक छटा एक बार फिर भक्तों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आई।
भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह*
भाजपा नेत्री के संयोजन में झारखंड शिव मंदिर में आयोजित हुआ समरसता खिचड़ी भोज*

आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का जताया संकल्प* 

सुल्तानपुर,इसौली विधानसभा क्षेत्र के रवनिया स्थित झारखंड प्राचीन शिव मंदिर परिसर में भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय के संयोजन में समरसता खिचड़ी भोज आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव नगर के नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी ने की। इस दौरान भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी जो भी विधानसभा प्रत्याशी घोषित करेगी,उसे भारी मतों से जीत दिलाने में सभी जुटें।उन्होंने इसौली विधानसभा के ठप पड़े विकास को गति देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान कार्यक्रम में धर्मेंद्र तिवारी,राकेश मिश्रा,अनुज द्विवेदी, भोलानाथ तिवारी,बजरंग नारायण द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी और कई बूथ अध्यक्ष मौजूद रहे।
उत्तराखंड: मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग विवाद तूल पकड़ा, पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया निरीक्षण


* सार्वजनिक रास्ता बंद करने और अवैध शुल्क वसूली पर सख्त रुख, कंपनी को 10 दिन का अल्टीमेटम



मसूरी। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जॉर्ज एवरेस्ट पीक जाने वाले मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर होता जा रहा है। आम रास्ते पर प्रवेश रोकने और कथित अवैध शुल्क वसूली को लेकर स्थानीय लोगों, पर्यटकों और जॉर्ज एवरेस्ट प्रबंधन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका अधिकारियों और जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

पालिका अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और निरीक्षण टीम को अंदर जाने की अनुमति दी गई। मौके पर जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जॉर्ज एवरेस्ट पीक तक जाने वाला मार्ग ऐतिहासिक रूप से सार्वजनिक रहा है, जिस पर आम नागरिकों और पर्यटकों का निर्बाध आवागमन का अधिकार है।

पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह रास्ता सार्वजनिक है और इसे निजी बताकर रोकना या किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में आम रास्ता नहीं खोला गया या अवैध वसूली बंद नहीं हुई, तो नगर पालिका सख्त कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक स्तर पर मार्ग को पूर्णतः बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन विभाग की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि भूमि हस्तांतरण के दौरान कोई भी सार्वजनिक मार्ग कंपनी को नहीं सौंपा गया था। सार्वजनिक मार्गों की संरक्षक नगर पालिका है और उनके संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पालिका अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि मसूरी में न तो स्थानीय लोगों का शोषण बर्दाश्त किया जाएगा और न ही पर्यटकों से जबरन उगाही होने दी जाएगी।

जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्य भगत सिंह कठैत ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कंपनी तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और अवमानना याचिका भी दायर की जाएगी। पालिका सभासद जसवीर कौर ने अध्यक्ष के फैसले का समर्थन करते हुए इसे जनहित में उठाया गया साहसिक कदम बताया।

वहीं कांग्रेस नेता डॉ. सोनिया आनंद ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नियमों की अनदेखी कर कंपनी को करोड़ों रुपये की जमीन औने-पौने दामों पर लीज पर दी। उन्होंने भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

फिलहाल जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग को लेकर विवाद प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और स्थानीय संगठनों के बीच टकराव का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यदि समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तराखंड : धामी सरकार की बड़ी सौगात: वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा 18 हजार रुपए न्यूनतम वेतन

* मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, कैबिनेट से स्वीकृति के बाद लगभग 700 श्रमिकों को होगा लाभ

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

उप-समिति की सिफारिश के बाद यह प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के पश्चात इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही राज्य के वन विभाग में कार्यरत लगभग 700 दैनिक श्रमिकों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

वन विभाग के दैनिक श्रमिक जंगलों में गश्त, वन्यजीव संरक्षण, जंगल की आग बुझाने और अवैध कटान रोकने जैसे अत्यंत जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण कार्य करते हैं। लंबे समय से कम वेतन और सीमित सुविधाओं में कार्य कर रहे इन श्रमिकों की मेहनत और समर्पण को देखते हुए सरकार ने उनके वेतनमान में सुधार का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में करीब 300 दैनिक श्रमिकों को महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन कई श्रमिक इससे वंचित रह गए थे। अब सरकार का यह कदम शेष श्रमिकों को भी समान लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राणा ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मांग की है कि न्यूनतम वेतन के साथ महंगाई भत्ता और एरियर का भी प्रावधान किया जाए तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सभी वैधानिक लाभ दैनिक श्रमिकों को मिलें।

धामी सरकार के इस निर्णय से न केवल वन विभाग के दैनिक श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी। उपनल कर्मचारियों के बाद वन श्रमिकों के लिए उठाया गया यह कदम राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस फैसले के शीघ्र लागू होने की उम्मीद है।
सावनी फुहार पुस्तक पर परिचर्चा‌ एवं काव्य संध्या संपन्न

मुंबई । साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था काव्य सृजन के तत्वावधान एवं डॉ सागर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में शनिवार 17 जनवरी 2026 को पुस्तक परिचर्चा एवं काव्य संध्या का आयोजन डॉ सागर त्रिपाठी लाइब्रेरी पुष्प विहार कुलाबा‌ नेवी नगर मुंबई में आयोजित किया गया।जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कृपाशंकर मिश्र ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार, समालोचक,मार्गदर्शक हौसला प्रसाद सिंह अन्वेषी उपस्थित थे।उक्त समारोह का नियोजन एवं संयोजन शिव प्रकाश जमदग्निपुरी एवं डा.सागर त्रिपाठी ने किया तथा खूबसूरत संचालन डॉ त्रिपाठी ने स्वयं किया।विशिष्ट अतिथि साहित्यकारों में ओमप्रकाश तिवारी, आत्मिक श्रीधर मिश्र, माता प्रसाद शर्मा,विनय शर्मा दीप,पं.जमदग्निपुरी, अरुण दूबे अविकल,समाज सेवी संगठन केसीएनए क्लब के अध्यक्ष,पत्रकार नंदन मिश्र त्यागी के पावन उपस्थिति में भव्य काव्यपाठ हुआ।विलुप्त होती कजरी विधा को जागृत करने एवं पाठकों के बीच लाने का प्रयास संपादक जमदग्निपुरी एवं उप संपादक विनय शर्मा दीप ने किया।परिचर्चा की कड़ी में डॉ सागर त्रिपाठी ने सावनी फुहार संकलन को सराहनीय कदम बताया तो वहीं हौसला प्रसाद अन्वेषी ने सनातनी गीत विधा परंपरा को बचाने का उत्कृष्ट कदम बताया। ओमप्रकाश तिवारी ने भूरी भूरी प्रशंसा की तो डॉ कृपाशंकर मिश्र ने वातावरण, समय,परिधान व पौराणिक त्योहारों के प्रसंगों से गीत, कजरी,फाग,चैता,बिरहा की उत्पत्ति बताया और संकलन की सराहना किया।उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अपने-अपने काव्य की प्रस्तुति देते हुए काव्य संध्या का आनंद उठाया।अंत में रुद्र प्रताप सागर ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का स्नेहिल आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्यमंत्री से भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता को मंत्री बनाने की मांग
भायंदर। भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश प्रवक्ता शैलेश पांडे नें कहा कि महाराष्ट्र के लोकप्रिय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मेरी विनती हैं कि जनता की माँग है कि मीरा भाईदर में भाजपा के ऐतिहासिक जीत के शिल्पकार आमदार नरेंद्र मेहता को शीघ्र  महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनाया जाय l ताकि वो संपूर्ण महाराष्ट्र में भाजपा के संगठन को मजबूत करेंl।शैलेश पांडे  का कहना है कि नरेंद्र मेहता  नें भाजपा मीरा भाईदर जिला चुनाव प्रमुख के रूप में अद्वितीय चाणाक्ष रणनीति से शिवसेना के सारे गढ ढहा दिए , अत्यंत  सूक्ष्म योजना  बना अपने कर्मठ पदाधिकारीयौ को जवाबदारी देकर सतत उनसे संवाद व मार्गदर्शन देकर  उनका मनोबल बढ़ाकर अपने रणनीति  व योजना को क्रियान्वयन किया l जनता में  बैठक, कार्यक्रम, सेवाकार्य  , विकासकार्य कर    प्रत्येक झोन  व बूथ पर  जनसंवाद  कार्यक्रम  कर, अनेक  सभी समाज की सभा  लेकर,  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवा भाऊ देवेंद्र फडणवीस की विराट सभा लेकर, व उनके  अपनापन  व चमत्कारिक नेतृत्व  के  कारण  सभी कार्यकर्ताओं  ने  कठिन परिश्रम किया l उन्होनें परिश्रम की पराकाष्ठा कर सुबह 6 बजे से अगली सुबह भोर के 3, 4 बजे तक कठिन मेहनत कर अविस्मरणीय, ऐतिहासिक चमत्कारिक, न भूतो न भविष्येत प्रचंड विजय दिलाई  l
डॉ. विजय नारायण पंडित की कहानी संग्रह बड़े भाग मानुष तन पावा का लोकार्पण
कल्याण। कल्याण (पश्चिम) स्थित के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के तत्वावधान में 16–17 जनवरी 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी अत्यंत गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से पधारे प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों ने सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता की।संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र महाविद्यालय के अध्यक्ष एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. विजय नारायण पंडित के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो.शीतला प्रसाद दुबे ने की। बीज वक्तव्य प्रो.मनोज सिंह (प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय) द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें हिन्दी साहित्य के समकालीन विमर्श, सामाजिक सरोकारों और वैचारिक प्रवृत्तियों पर गहन एवं विचारोत्तेजक दृष्टि डाली गई। मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रेनू पृथियानी (अंचल निदेशक, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, मुंबई) की गरिमामयी उपस्थिति रही।  स्वागताध्यक्ष ओम प्रकाश (मुन्ना) पाण्डेय (सचिव, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। प्रस्ताविकी डॉ. अनिता मन्ना (प्राचार्या, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें संगोष्ठी के उद्देश्यों, वैचारिक पृष्ठभूमि एवं इसके अकादमिक महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन समिति के कांतिलाल जैन,डॉ. सुजीत सिंह एवं विजय तिवारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। उद्घाटन सत्र का एक विशेष आकर्षण चार महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण रहा। इनमें अमरकांत पर केन्द्रित आलेखों का संग्रह, मध्य एशिया में हिन्दी से जुड़े लेखों का संकलन, पंडित विद्यानिवास मिश्र पर केन्द्रित समीचीन पत्रिका का विशेष अंक तथा डॉ. विजय नारायण पंडित का नवीनतम कहानी संग्रह "बड़े भाग मानुष तन पावा" प्रमुख रूप से शामिल रहा। डॉ. विजय नारायण पंडित के इस कथा-संग्रह पर उपस्थित विद्वानों एवं अतिथियों ने अपने मंतव्य व्यक्त करते हुए इसे मानवीय संवेदना, जीवन-दृष्टि और सामाजिक यथार्थ से सम्पन्न एक सशक्त रचना बताया तथा इसकी मुक्त कंठ से सराहना की।
संगोष्ठी के अंतर्गत दो दिनों में कुल पाँच अकादमिक सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में हिन्दी साहित्य, आलोचना, संस्कृति, समकालीन विमर्श तथा शोध की नवीन प्रवृत्तियों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा हुई। देशभर से आए विद्वत् संदर्भ-वक्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए तथा प्रख्यात शिक्षाविदों की अध्यक्षता एवं सत्र-संचालन ने संगोष्ठी के अकादमिक स्तर को अत्यंत समृद्ध बनाया।
द्वितीय दिवस के समापन सत्र में प्रतिभागियों ने संगोष्ठी को अत्यंत उपयोगी, शोधोन्मुखी एवं संवादपरक बताते हुए अपने सकारात्मक मंतव्य व्यक्त किए। समापन सत्र की अध्यक्षता डॉ. अनिता मन्ना ने की। इस अवसर पर प्रो. ईश्वर पवार तथा प्रो. पुरुषोत्तम कुंदे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। पूरे आयोजन का कुशल संचालन एवं प्रभावी आभार प्रदर्शन डॉ. मनीष कुमार मिश्रा (हिन्दी विभाग, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) द्वारा किया गया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी की सफलता ने के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय को राष्ट्रीय अकादमिक मानचित्र पर एक सशक्त एवं प्रतिष्ठित पहचान प्रदान की।
स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण 20 फरवरी मंगलवार को-युवाओं के प्रेरणा स्रोत युग पुरुष है स्वामी विवेकानंद :आलोक कुमार आर्य*
सुलतानपुर,बढ़ते पाश्चात्य संस्कृति के परिवेश में युवाओं के प्रेरणा स्रोत युग पुरुष स्वामी विवेकानंद की उपस्थिति आम जनमानस में अति आवश्यक है। इसी संदर्भ में 20 जनवरी मंगलवार को तिकोनिया पार्क में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण समारोह आयोजित है। भारत विकास परिषद की ओर से रविवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए अधिवक्ता व व्यापारी नेता आलोक कुमार आर्य ने कहा कि समाज का नेतृत्व हमेशा हमारे महापुरूषों ने किया है । हमारे युवा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों की अति आवश्यकता है, जिनके विचारों से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी समाज और राष्ट्र के मुख्य धारा से जुड़कर विश्व का मार्गदर्शन कर सके। इसी पवित्र उद्देश्य को लेकर भारत विकास परिषद के निवर्तमान (PST ) अध्यक्ष कमल सेठ,सचिव अभय शर्मा एवं कोषाध्यक्ष अरुण आर्य ने शहर के बीच विकास भवन के ठीक सामने स्थित तिकोनिया पार्क के नाम से जाने जाने वाले पार्क में स्वामी विवेकानंद की आकर्षक प्रतिमा की स्थापना की योजना बनाई और वर्तमान पीएसटी के सहयोग से स्वामी जी की प्रतिमा के अनावरण का कार्य पूरा किया गया है। जिसका मंगलवार को अनावरण का कार्यक्रम आयोजित है। यह प्रतिमा मात्र प्रतिमा नहीं है नहीं। यह हमारे युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत है जो भटकते युवाओं को का मार्गदर्शन करेगी। श्री आर्य ने बताया कि मूर्ति अनावरण समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ,विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी के द्वारा किया जायेगा ।
डीजीएमई की अगुआई वाली उच्चस्तरीय जांच कमेटी पहुंचेगी मेडिकल कॉलेज

*महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी करेगी जांच

गोंडा।मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के वायरल वीडियो की जांच के लिए आज एक उच्चस्तरीय समिति गोंडा पहुंचेगी।यह समिति महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण,उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में गठित की गई है।समिति के आगमन की सूचना से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है।जांच समिति मेडिकल कॉलेज के प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करेगी, विशेष रूप से उस आर्थो वार्ड का जहाँ चूहों का वीडियो वायरल हुआ था।समिति यह भी पता लगाएगी कि चूहे किस रास्ते से वार्डों में प्रवेश कर रहे हैं तथा इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से ड्रेस कोड,आई डी कार्ड और एप्रेन पहनकर समय से पहले ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण स्वयं इस जांच का नेतृत्व कर रही हैं।गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले आर्थो वार्ड में चूहों का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे जिसके बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले की जांच का आदेश दिया था।अब शासन स्तर पर महानिदेशक की अध्यक्षता में यह उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है।माना जा रहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर अनिल तिवारी ने बताया कि आज एक जांच कमेटी शासन स्तर से आ रही है।जिनके द्वारा पहुंचकर के आज यहां पर पूरे घटनाक्रम को लेकर के जांच की जाएगी।जिसमें हमलोगों द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा और एक एक जानकारी दी जाएगी।हमने अपने सभी कर्मचारियों को भी पत्र जारी करके उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं तथा हमलोग टीम के दौरै को लेकर पूरी तरह अलर्ट हैं।जिला स्तर पर भी हमलोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच करवा रहे हैं और शासन स्तर से भी जांच चल रही है।
देहरादून में जर्जर स्कूल बने ‘यमराज’: 100 स्कूलों की रिपोर्ट में 79 भवन निष्प्रोज्य, ध्वस्तीकरण के आदेश

* मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला

देहरादून। देहरादून जिले में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी जर्जर स्कूल इमारतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक साथ 79 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन इमारतों में लंबे समय से शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था, जिससे नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

डीएम की सख्ती के चलते महज 10 दिनों के भीतर जिले के 100 स्कूलों से संबंधित जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया था, जिसके बाद तकनीकी आकलन और विद्यालयवार सूची के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 79 विद्यालय भवन पूरी तरह निष्प्रोज्य पाए गए हैं। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 63 विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि 16 विद्यालयों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, जहां भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित है। वहीं 8 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिन भवनों को फिलहाल सुरक्षित मानते हुए ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य और आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और मरम्मत के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार करने को कहा गया है। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था अभी नहीं है, वहां पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद भवन गिराए जाएंगे। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में मरम्मत, प्रतिबंध और आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन इस अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी जवाबदेही के साथ पूरा करेगा।
उत्तराखंड : मौनी अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ी आस्था की लहर, गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी

* हर की पैड़ी से नारायणी शिला मंदिर तक भक्तों का सैलाब, गूंजे हर-हर गंगे के जयकारे



हरिद्वार। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का सागर उमड़ पड़ा। सुबह तड़के चार बजे से ही हर की पैड़ी और आसपास के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा की पवित्र धारा में स्नान शुरू कर दिया। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर मौन धारण कर गंगा स्नान करने, अन्न, वस्त्र, तिल और गुड़ का दान करने का विशेष महत्व है। नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि माघ माह की यह अमावस्या अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान करने से कुंभ स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता और ऋषि-मुनि भी पृथ्वी पर स्नान करने आते हैं तथा दान-पुण्य करने से सहस्त्र वर्षों तक पुण्य फल मिलता है।

कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार पहुंचे। सुबह ठंड अधिक होने के कारण शुरुआती घंटों में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन जैसे-जैसे धूप तेज हुई, घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।

अमावस्या के कारण नारायणी शिला मंदिर में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली। यहां श्रद्धालु अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और पूजन करते नजर आए। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में पितरों के निमित्त किए गए कर्म से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। मौनी अमावस्या पर हरिद्वार की यह दिव्य और अलौकिक छटा एक बार फिर भक्तों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आई।
भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह*
भाजपा नेत्री के संयोजन में झारखंड शिव मंदिर में आयोजित हुआ समरसता खिचड़ी भोज*

आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का जताया संकल्प* 

सुल्तानपुर,इसौली विधानसभा क्षेत्र के रवनिया स्थित झारखंड प्राचीन शिव मंदिर परिसर में भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय के संयोजन में समरसता खिचड़ी भोज आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव नगर के नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी ने की। इस दौरान भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी जो भी विधानसभा प्रत्याशी घोषित करेगी,उसे भारी मतों से जीत दिलाने में सभी जुटें।उन्होंने इसौली विधानसभा के ठप पड़े विकास को गति देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान कार्यक्रम में धर्मेंद्र तिवारी,राकेश मिश्रा,अनुज द्विवेदी, भोलानाथ तिवारी,बजरंग नारायण द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी और कई बूथ अध्यक्ष मौजूद रहे।
उत्तराखंड: मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग विवाद तूल पकड़ा, पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया निरीक्षण


* सार्वजनिक रास्ता बंद करने और अवैध शुल्क वसूली पर सख्त रुख, कंपनी को 10 दिन का अल्टीमेटम



मसूरी। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जॉर्ज एवरेस्ट पीक जाने वाले मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर होता जा रहा है। आम रास्ते पर प्रवेश रोकने और कथित अवैध शुल्क वसूली को लेकर स्थानीय लोगों, पर्यटकों और जॉर्ज एवरेस्ट प्रबंधन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका अधिकारियों और जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

पालिका अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और निरीक्षण टीम को अंदर जाने की अनुमति दी गई। मौके पर जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जॉर्ज एवरेस्ट पीक तक जाने वाला मार्ग ऐतिहासिक रूप से सार्वजनिक रहा है, जिस पर आम नागरिकों और पर्यटकों का निर्बाध आवागमन का अधिकार है।

पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह रास्ता सार्वजनिक है और इसे निजी बताकर रोकना या किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में आम रास्ता नहीं खोला गया या अवैध वसूली बंद नहीं हुई, तो नगर पालिका सख्त कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक स्तर पर मार्ग को पूर्णतः बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन विभाग की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि भूमि हस्तांतरण के दौरान कोई भी सार्वजनिक मार्ग कंपनी को नहीं सौंपा गया था। सार्वजनिक मार्गों की संरक्षक नगर पालिका है और उनके संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पालिका अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि मसूरी में न तो स्थानीय लोगों का शोषण बर्दाश्त किया जाएगा और न ही पर्यटकों से जबरन उगाही होने दी जाएगी।

जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्य भगत सिंह कठैत ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कंपनी तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और अवमानना याचिका भी दायर की जाएगी। पालिका सभासद जसवीर कौर ने अध्यक्ष के फैसले का समर्थन करते हुए इसे जनहित में उठाया गया साहसिक कदम बताया।

वहीं कांग्रेस नेता डॉ. सोनिया आनंद ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नियमों की अनदेखी कर कंपनी को करोड़ों रुपये की जमीन औने-पौने दामों पर लीज पर दी। उन्होंने भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

फिलहाल जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग को लेकर विवाद प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और स्थानीय संगठनों के बीच टकराव का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यदि समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तराखंड : धामी सरकार की बड़ी सौगात: वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा 18 हजार रुपए न्यूनतम वेतन

* मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, कैबिनेट से स्वीकृति के बाद लगभग 700 श्रमिकों को होगा लाभ

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

उप-समिति की सिफारिश के बाद यह प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के पश्चात इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही राज्य के वन विभाग में कार्यरत लगभग 700 दैनिक श्रमिकों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

वन विभाग के दैनिक श्रमिक जंगलों में गश्त, वन्यजीव संरक्षण, जंगल की आग बुझाने और अवैध कटान रोकने जैसे अत्यंत जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण कार्य करते हैं। लंबे समय से कम वेतन और सीमित सुविधाओं में कार्य कर रहे इन श्रमिकों की मेहनत और समर्पण को देखते हुए सरकार ने उनके वेतनमान में सुधार का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में करीब 300 दैनिक श्रमिकों को महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन कई श्रमिक इससे वंचित रह गए थे। अब सरकार का यह कदम शेष श्रमिकों को भी समान लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राणा ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मांग की है कि न्यूनतम वेतन के साथ महंगाई भत्ता और एरियर का भी प्रावधान किया जाए तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सभी वैधानिक लाभ दैनिक श्रमिकों को मिलें।

धामी सरकार के इस निर्णय से न केवल वन विभाग के दैनिक श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी। उपनल कर्मचारियों के बाद वन श्रमिकों के लिए उठाया गया यह कदम राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस फैसले के शीघ्र लागू होने की उम्मीद है।
सावनी फुहार पुस्तक पर परिचर्चा‌ एवं काव्य संध्या संपन्न

मुंबई । साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था काव्य सृजन के तत्वावधान एवं डॉ सागर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में शनिवार 17 जनवरी 2026 को पुस्तक परिचर्चा एवं काव्य संध्या का आयोजन डॉ सागर त्रिपाठी लाइब्रेरी पुष्प विहार कुलाबा‌ नेवी नगर मुंबई में आयोजित किया गया।जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कृपाशंकर मिश्र ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार, समालोचक,मार्गदर्शक हौसला प्रसाद सिंह अन्वेषी उपस्थित थे।उक्त समारोह का नियोजन एवं संयोजन शिव प्रकाश जमदग्निपुरी एवं डा.सागर त्रिपाठी ने किया तथा खूबसूरत संचालन डॉ त्रिपाठी ने स्वयं किया।विशिष्ट अतिथि साहित्यकारों में ओमप्रकाश तिवारी, आत्मिक श्रीधर मिश्र, माता प्रसाद शर्मा,विनय शर्मा दीप,पं.जमदग्निपुरी, अरुण दूबे अविकल,समाज सेवी संगठन केसीएनए क्लब के अध्यक्ष,पत्रकार नंदन मिश्र त्यागी के पावन उपस्थिति में भव्य काव्यपाठ हुआ।विलुप्त होती कजरी विधा को जागृत करने एवं पाठकों के बीच लाने का प्रयास संपादक जमदग्निपुरी एवं उप संपादक विनय शर्मा दीप ने किया।परिचर्चा की कड़ी में डॉ सागर त्रिपाठी ने सावनी फुहार संकलन को सराहनीय कदम बताया तो वहीं हौसला प्रसाद अन्वेषी ने सनातनी गीत विधा परंपरा को बचाने का उत्कृष्ट कदम बताया। ओमप्रकाश तिवारी ने भूरी भूरी प्रशंसा की तो डॉ कृपाशंकर मिश्र ने वातावरण, समय,परिधान व पौराणिक त्योहारों के प्रसंगों से गीत, कजरी,फाग,चैता,बिरहा की उत्पत्ति बताया और संकलन की सराहना किया।उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अपने-अपने काव्य की प्रस्तुति देते हुए काव्य संध्या का आनंद उठाया।अंत में रुद्र प्रताप सागर ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का स्नेहिल आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्यमंत्री से भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता को मंत्री बनाने की मांग
भायंदर। भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश प्रवक्ता शैलेश पांडे नें कहा कि महाराष्ट्र के लोकप्रिय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मेरी विनती हैं कि जनता की माँग है कि मीरा भाईदर में भाजपा के ऐतिहासिक जीत के शिल्पकार आमदार नरेंद्र मेहता को शीघ्र  महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनाया जाय l ताकि वो संपूर्ण महाराष्ट्र में भाजपा के संगठन को मजबूत करेंl।शैलेश पांडे  का कहना है कि नरेंद्र मेहता  नें भाजपा मीरा भाईदर जिला चुनाव प्रमुख के रूप में अद्वितीय चाणाक्ष रणनीति से शिवसेना के सारे गढ ढहा दिए , अत्यंत  सूक्ष्म योजना  बना अपने कर्मठ पदाधिकारीयौ को जवाबदारी देकर सतत उनसे संवाद व मार्गदर्शन देकर  उनका मनोबल बढ़ाकर अपने रणनीति  व योजना को क्रियान्वयन किया l जनता में  बैठक, कार्यक्रम, सेवाकार्य  , विकासकार्य कर    प्रत्येक झोन  व बूथ पर  जनसंवाद  कार्यक्रम  कर, अनेक  सभी समाज की सभा  लेकर,  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवा भाऊ देवेंद्र फडणवीस की विराट सभा लेकर, व उनके  अपनापन  व चमत्कारिक नेतृत्व  के  कारण  सभी कार्यकर्ताओं  ने  कठिन परिश्रम किया l उन्होनें परिश्रम की पराकाष्ठा कर सुबह 6 बजे से अगली सुबह भोर के 3, 4 बजे तक कठिन मेहनत कर अविस्मरणीय, ऐतिहासिक चमत्कारिक, न भूतो न भविष्येत प्रचंड विजय दिलाई  l
डॉ. विजय नारायण पंडित की कहानी संग्रह बड़े भाग मानुष तन पावा का लोकार्पण
कल्याण। कल्याण (पश्चिम) स्थित के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के तत्वावधान में 16–17 जनवरी 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी अत्यंत गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से पधारे प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों ने सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता की।संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र महाविद्यालय के अध्यक्ष एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. विजय नारायण पंडित के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो.शीतला प्रसाद दुबे ने की। बीज वक्तव्य प्रो.मनोज सिंह (प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय) द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें हिन्दी साहित्य के समकालीन विमर्श, सामाजिक सरोकारों और वैचारिक प्रवृत्तियों पर गहन एवं विचारोत्तेजक दृष्टि डाली गई। मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रेनू पृथियानी (अंचल निदेशक, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, मुंबई) की गरिमामयी उपस्थिति रही।  स्वागताध्यक्ष ओम प्रकाश (मुन्ना) पाण्डेय (सचिव, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। प्रस्ताविकी डॉ. अनिता मन्ना (प्राचार्या, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें संगोष्ठी के उद्देश्यों, वैचारिक पृष्ठभूमि एवं इसके अकादमिक महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन समिति के कांतिलाल जैन,डॉ. सुजीत सिंह एवं विजय तिवारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। उद्घाटन सत्र का एक विशेष आकर्षण चार महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण रहा। इनमें अमरकांत पर केन्द्रित आलेखों का संग्रह, मध्य एशिया में हिन्दी से जुड़े लेखों का संकलन, पंडित विद्यानिवास मिश्र पर केन्द्रित समीचीन पत्रिका का विशेष अंक तथा डॉ. विजय नारायण पंडित का नवीनतम कहानी संग्रह "बड़े भाग मानुष तन पावा" प्रमुख रूप से शामिल रहा। डॉ. विजय नारायण पंडित के इस कथा-संग्रह पर उपस्थित विद्वानों एवं अतिथियों ने अपने मंतव्य व्यक्त करते हुए इसे मानवीय संवेदना, जीवन-दृष्टि और सामाजिक यथार्थ से सम्पन्न एक सशक्त रचना बताया तथा इसकी मुक्त कंठ से सराहना की।
संगोष्ठी के अंतर्गत दो दिनों में कुल पाँच अकादमिक सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में हिन्दी साहित्य, आलोचना, संस्कृति, समकालीन विमर्श तथा शोध की नवीन प्रवृत्तियों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा हुई। देशभर से आए विद्वत् संदर्भ-वक्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए तथा प्रख्यात शिक्षाविदों की अध्यक्षता एवं सत्र-संचालन ने संगोष्ठी के अकादमिक स्तर को अत्यंत समृद्ध बनाया।
द्वितीय दिवस के समापन सत्र में प्रतिभागियों ने संगोष्ठी को अत्यंत उपयोगी, शोधोन्मुखी एवं संवादपरक बताते हुए अपने सकारात्मक मंतव्य व्यक्त किए। समापन सत्र की अध्यक्षता डॉ. अनिता मन्ना ने की। इस अवसर पर प्रो. ईश्वर पवार तथा प्रो. पुरुषोत्तम कुंदे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। पूरे आयोजन का कुशल संचालन एवं प्रभावी आभार प्रदर्शन डॉ. मनीष कुमार मिश्रा (हिन्दी विभाग, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) द्वारा किया गया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी की सफलता ने के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय को राष्ट्रीय अकादमिक मानचित्र पर एक सशक्त एवं प्रतिष्ठित पहचान प्रदान की।
स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण 20 फरवरी मंगलवार को-युवाओं के प्रेरणा स्रोत युग पुरुष है स्वामी विवेकानंद :आलोक कुमार आर्य*
सुलतानपुर,बढ़ते पाश्चात्य संस्कृति के परिवेश में युवाओं के प्रेरणा स्रोत युग पुरुष स्वामी विवेकानंद की उपस्थिति आम जनमानस में अति आवश्यक है। इसी संदर्भ में 20 जनवरी मंगलवार को तिकोनिया पार्क में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण समारोह आयोजित है। भारत विकास परिषद की ओर से रविवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए अधिवक्ता व व्यापारी नेता आलोक कुमार आर्य ने कहा कि समाज का नेतृत्व हमेशा हमारे महापुरूषों ने किया है । हमारे युवा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों की अति आवश्यकता है, जिनके विचारों से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी समाज और राष्ट्र के मुख्य धारा से जुड़कर विश्व का मार्गदर्शन कर सके। इसी पवित्र उद्देश्य को लेकर भारत विकास परिषद के निवर्तमान (PST ) अध्यक्ष कमल सेठ,सचिव अभय शर्मा एवं कोषाध्यक्ष अरुण आर्य ने शहर के बीच विकास भवन के ठीक सामने स्थित तिकोनिया पार्क के नाम से जाने जाने वाले पार्क में स्वामी विवेकानंद की आकर्षक प्रतिमा की स्थापना की योजना बनाई और वर्तमान पीएसटी के सहयोग से स्वामी जी की प्रतिमा के अनावरण का कार्य पूरा किया गया है। जिसका मंगलवार को अनावरण का कार्यक्रम आयोजित है। यह प्रतिमा मात्र प्रतिमा नहीं है नहीं। यह हमारे युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत है जो भटकते युवाओं को का मार्गदर्शन करेगी। श्री आर्य ने बताया कि मूर्ति अनावरण समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ,विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी के द्वारा किया जायेगा ।
डीजीएमई की अगुआई वाली उच्चस्तरीय जांच कमेटी पहुंचेगी मेडिकल कॉलेज

*महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी करेगी जांच

गोंडा।मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के वायरल वीडियो की जांच के लिए आज एक उच्चस्तरीय समिति गोंडा पहुंचेगी।यह समिति महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण,उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में गठित की गई है।समिति के आगमन की सूचना से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है।जांच समिति मेडिकल कॉलेज के प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करेगी, विशेष रूप से उस आर्थो वार्ड का जहाँ चूहों का वीडियो वायरल हुआ था।समिति यह भी पता लगाएगी कि चूहे किस रास्ते से वार्डों में प्रवेश कर रहे हैं तथा इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से ड्रेस कोड,आई डी कार्ड और एप्रेन पहनकर समय से पहले ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण स्वयं इस जांच का नेतृत्व कर रही हैं।गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले आर्थो वार्ड में चूहों का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे जिसके बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले की जांच का आदेश दिया था।अब शासन स्तर पर महानिदेशक की अध्यक्षता में यह उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है।माना जा रहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर अनिल तिवारी ने बताया कि आज एक जांच कमेटी शासन स्तर से आ रही है।जिनके द्वारा पहुंचकर के आज यहां पर पूरे घटनाक्रम को लेकर के जांच की जाएगी।जिसमें हमलोगों द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा और एक एक जानकारी दी जाएगी।हमने अपने सभी कर्मचारियों को भी पत्र जारी करके उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं तथा हमलोग टीम के दौरै को लेकर पूरी तरह अलर्ट हैं।जिला स्तर पर भी हमलोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच करवा रहे हैं और शासन स्तर से भी जांच चल रही है।