शादी के घरों में भोजन बनाना बड़ी चुनौती
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर अब आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। महंगाई बढ़ने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी असर पड़ा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी और लगन सीजन शुरू होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से भीषण गर्मी में चाय-नाश्ते की दुकानों पर कर्मचारी कोयले की भट्टियां जलाकर काम करने को मजबूर हैं। तपती गर्मी में भट्ठियों के पास खड़े लोग परेशान नजर आ रहे हैं। एजेंसियों पर लोग घंटों लाइन में लगने को विवश हैं।
ज्ञानपुर नगर पंचायत में करीब 40 प्रतिशत दुकानदार इन दिनों कोयले की भट्ठी पर चाय-नाश्ता बना रहे हैं। लकड़ी की कीमत 6 से 8 रुपये प्रति किलो और कोयला 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
लगन के मौसम में शादी वाले घरों में भोजन बनाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। लोग लकड़ी, कोयला और अन्य ईंधन के सहारे रिश्तेदारों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं। हलवाई भी लकड़ी पर खाना बनाने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांग रहे हैं।
जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार, दुकानदारों को कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए कनेक्शन लेना होगा, जिसके बाद उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। जिन घरों में शादी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिया जा रहा है। बुकिंग के बाद उपभोक्ता कार्यालय में कार्ड दिखाकर संबंधित एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दुकानों पर घरेलू रसोई गैस का उपयोग करने वालों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है और कालाबाजारी करने वालों पर जल्द कार्रवाई होगी।
* गरम मसाले भी हुए महंगे
मध्य पूर्व में तनाव का असर अब मसालों पर भी दिखने लगा है। खड़ा धनिया, इलायची, लौंग, तेजपत्ता, जीरा, काली मिर्च, दालचीनी और हल्दी समेत कई मसाले करीब 5 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। इससे शादी समारोहों का खर्च 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
* ग्रामीण क्षेत्रों में उपली की मांग बढ़ी
ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लोग गोबर की उपली खरीद रहे हैं। गर्मी में उपली जल्दी सूखने से ग्रामीण महिलाएं इसे बेचकर अच्छा लाभ कमा रही हैं। दुकानदार 100 से 150 रुपये प्रति सैकड़ा उपली खरीद रहे हैं।
11 min ago
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