।। কামদুনি আন্দোলনের মুখ ভাস্কর মণ্ডল এবার হাড়োয়ার ভোটযুদ্ধে, ন্যায়বিচারের ইস্যুতেই ভরসা বিজেপি প্রার্থীর ।।
বসিরহাট : হাড়োয়া বিধানসভা কেন্দ্রের নির্বাচনী লড়াইয়ে নতুন মাত্রা যোগ করলেন ভারতীয় জনতা পার্টির প্রার্থী ভাস্কর মণ্ডল। কামদুনি আন্দোলনের অন্যতম মুখ হিসেবে পরিচিত এই প্রার্থী নিজের রাজনৈতিক প্রচারে সেই আন্দোলনের স্মৃতিকেই সামনে রেখে এগোচ্ছেন। ২০১৩ সালে উত্তর ২৪ পরগণার কামদুনিতে নৃশংস গণধর্ষণ ও খুনের ঘটনার পর যে তীব্র প্রতিবাদ আন্দোলন গড়ে উঠেছিল, তার নেতৃত্বে ছিলেন ভাস্কর মণ্ডল। ২০১৩ থেকে ২০১৮ সাল পর্যন্ত তিনি কামদুনি আন্দোলন মঞ্চের সভাপতির দায়িত্ব সামলান এবং দীর্ঘদিন ধরে ন্যায়বিচারের দাবিতে সোচ্চার থেকেছেন।
এই আন্দোলন শুধু একটি অপরাধের প্রতিবাদ ছিল না, বরং নারী নিরাপত্তা, প্রশাসনিক নিষ্ক্রিয়তা এবং বিচার ব্যবস্থার গতি নিয়ে রাজ্যজুড়ে প্রশ্ন তুলে দিয়েছিল। সেই আন্দোলনের ধারাবাহিকতায় ভাস্কর মণ্ডল নিজেকে সাধারণ মানুষের অধিকারের কণ্ঠস্বর হিসেবে প্রতিষ্ঠা করার চেষ্টা করেছেন। এবার সেই সামাজিক আন্দোলনের অভিজ্ঞতাকেই রাজনৈতিক মঞ্চে কাজে লাগাতে চাইছেন তিনি। হাড়োয়া বিধানসভায় প্রায় ৬৫ শতাংশ সংখ্যালঘু ভোটার থাকলেও, সেই সমীকরণ নিয়ে বিশেষ উদ্বিগ্ন নন বিজেপি প্রার্থী। তার বক্তব্য, ধর্ম বা সম্প্রদায় নয়, মানুষের মূল সমস্যা এবং নিরাপত্তার প্রশ্নই তার প্রচারের কেন্দ্রবিন্দু। তিনি মনে করেন, কামদুনি আন্দোলনের সময় যেভাবে সর্বস্তরের মানুষ একত্রিত হয়েছিলেন, ঠিক তেমনভাবেই এবারও সাধারণ মানুষ উন্নয়ন ও ন্যায়বিচারের দাবিতে তাকে সমর্থন করবেন। প্রচারের ময়দানেও নিজেকে আলাদা ভাবে তুলে ধরার চেষ্টা করছেন ভাস্কর মণ্ডল। দেগঙ্গা বাজার এলাকায় প্রচারে গিয়ে তিনি একেবারে সাধারণ মানুষের মতোই চায়ের দোকানে ঢুকে পড়েন। নিজ হাতে চা তৈরি করে দলীয় কর্মী-সমর্থক এবং স্থানীয় বাসিন্দাদের মধ্যে তা বিতরণ করেন। এই ঘটনাকে ঘিরে এলাকায় কৌতূহল ও আলোচনা তৈরি হয়েছে। অনেকেই এটিকে সাধারণ মানুষের সঙ্গে সরাসরি সংযোগ স্থাপনের প্রচেষ্টা হিসেবে দেখছেন।
রাজনৈতিক বিশ্লেষকদের মতে, হাড়োয়া কেন্দ্রটি বরাবরই সংখ্যালঘু প্রাধান্যপূর্ণ হওয়ায় এখানে বিজেপির পক্ষে লড়াই সহজ নয়। তবে কামদুনি আন্দোলনের মতো একটি সংবেদনশীল ও জনমুখী ইস্যুকে সামনে রেখে ভাস্কর মণ্ডল যে প্রচার কৌশল নিচ্ছেন, তা ভোটের ময়দানে কিছুটা হলেও প্রভাব ফেলতে পারে। এখন দেখার বিষয়, সামাজিক আন্দোলনের পরিচিতি কতটা ভোটবাক্সে রূপান্তরিত হয় এবং হাড়োয়ার ভোটাররা কোন দিকে তাদের সমর্থন জানায়।
पुरातत्व के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: मदन कुमार

भोपाल। प्रदेश की हजारों–लाखों वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि भौतिक रूप में सुरक्षित रखना है और अब तक हुई क्षति को न्यूनतम संभव स्तर तक लाना है, तो इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित करना समय की माँग है।

यह बात आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मदन कुमार ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला में कही। मदन कुमार ने संस्थान में इंक्युवेशन सेंटर की स्थापना में उपस्थित लोगों से नवोन्मेषी विचारों को प्रेषित कर भागीदारी करने का आह्वान किया। 

कार्यक्रम में नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पाण्डे (मंदसौर), डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), डॉ. सुरेश कुमार दुबे (झांसी) आदि अतिथि के रूप में मौजूद थे। वक्ताओं ने पुरातत्व के क्षेत्र में डॉ. वाकणकर जी के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि मंदसौर जिले में स्थित छिब्बर नाला, दरकी चट्टान, चतुर्भज नाला के शैलचित्रों को प्रकाश में लाने का श्रेय वाकणकर जी को है। इस दौरान वाकणकर जी के समक्ष आई चुनौतियों एवं समाधान प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। इस दौरान बताया गया कि वाकणकर जी द्वारा अपनी नागपुर यात्रा के दौरान 23 मार्च 1957 को अपनी यात्रा स्थगित कर भीमबैटका के शैलचित्रों की खोज की गई, जिसे कालंतर में विश्वधरोहर घोषित किया गया। इसी खोज के आधार पर उन्हें भारत सरकार से 1975 में पद्मश्री सम्मान मिला।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आयुक्त पुरातत्व द्वारा प्रदेश की पुरासंपदा को रेखांकित करते हुए डिंडौरी एवं उमरिया जिलों की शैलगुहओं मटकें वाला पत्थर, डाईनासौर के जीवाष्म एवं घुघुआ फॉसिल पार्क का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि द मोनूमेंट मन फिल्म के ट्रैलर के माध्यम से फिल्म के नायकों जैसे पुरातत्व के प्रति जागरुकता लाने पर जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि यूनेस्को द्वारा एआरवीआर प्रोजेक्ट चालू किया गया। आधुनिक परिवेश में प्रदेश की पुरावशेषों एवं संस्कृतिक धरोहरों को प्रकाश में लाने एवं उनके प्रति जनजागृति लाने तथा अध्ययन के लिये विभिन्न योजना तैयार कर डॉ. वाकणकर शोध संस्थान को नोडल संस्थान के रुप में विकसित करने एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के मंतव्य से अवगत कराया। 

सम्मान सत्र भी हुआ

इस अवसर पर आयुक्त पुरातत्व द्वारा डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री प्राप्त होने पर एवं कैलाशचंद्र पाण्डे को पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए योगदान हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही वाकणकर जी की शिष्य परम्परा में राजेन्द्र नागदेव, डॉ. रेखा भटनागर व अन्य विद्वानो का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कला समय पत्रिका विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

दशमेश पब्लिक स्कूल को CBSE से 12वीं तक की मान्यता, क्षेत्र में खुशी की लहर
मेरठ। बहसूमा। रामराज। क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि रामराज स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल, सैफपुर फिरोजपुर को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं तक की मान्यता प्राप्त हो गई है। इस उपलब्धि से अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही आसपास उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

विद्यालय की निदेशक डॉ. सिम्मी सहोता ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता पूरे विद्यालय परिवार के निरंतर प्रयास, समर्पण और अभिभावकों के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री आमिर खान ने बताया कि स्कूल में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकें।

वहीं, विद्यालय के चेयरमैन श्री जसवंत सिंह सहोता ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे बच्चे उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।

विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे विद्यालय का भ्रमण करें और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दशमेश पब्लिक स्कूल को एक श्रेष्ठ विकल्प के रूप में चुनें। साथ ही उन्होंने सभी के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। भारतीय गौ सेवा संघ मेरठ के जिला उपाध्यक्ष परविंदर कुमार, मनीष पाल, अजय कुमार, जितेंद्र कुमार सहित कई लोगों ने विद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि अब बच्चों को बेहतर शिक्षा अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी।
Mirzapur : गंगा नदी में बने पीपा पुल के क्षतिग्रस्त होने से नाराज हुए बीजेपी विधायक ने PWD के अधिकारियों को लगाई फटकार
मीरजापुर। मीरजापुर नगर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा का उद्घाटन किया गया प्लाटून पुल 15 दिन में क्षतिग्रस्त हो गया, इससे उनका पारा चढ़ गया उन्होंने जमकर संबंधित विभाग के जिम्मेदार को फटकारते हुए दो टूक चेतावनी दे डाली है। पीपा पुल टूटने से राहगीर जान जोखिम में डालकर गंगा नदी पार कर रहे है। वीडियो वायरल होने पर विधायक ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को फोन पर फटकार लगाई है, कहा कि आज सही हो जाना चाहिए वहीं सपा-बसपा पर भी उन्होंने निशाना साधा है।
बता दें कि जनपद में गंगा नदी में बना एक प्लाटून पुल क्षतिग्रस्त होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा इस प्लाटून पुल को 15 दिन पहले सदर बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा ने उद्घाटन किया था। क्षतिग्रस्त पुल एक बड़ा हादसा होने का दावत दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद विधायक रत्नाकर मिश्रा ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईन को फोन पर फटकार लगाई है। कहा है कि आज पुल हर हाल में सही हो जाना चाहिए। पीपा पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से हमारा छिछालेदर हो रहा है। पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने फोन पर जवाब दिया कि पानी कम होने के कारण नहीं हो पा रहा है। विधायक ने कहा क्रेन से उसे दुरुस्त करवाया जाए। पूरा मामला हरसिंहपुर और विंध्याचल धाम को जोड़ने वाला प्लाटून पुल का है। बता दें कि 18 मार्च को नवरात्र के पहले सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने इस का उद्घाटन किया था। जो अब भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया है। इस प्लाटून पुल से विंध्याचल आने वाले और जाने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत के लिए निर्माण कराया गया था। वहीं दूसरी ओर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जानकारी होने पर अधिकारियों से कहा गया है जल्दी सही कर लिया जाएगा, आंधी पानी के कारण सही हो जाता है जो धंस गया है। वहीं उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ ही बसपा पर निशाना साधा है सपा के सोशल मीडिया पर पीपा पुल की खबर पोस्ट किए जाने को लेकर नगर विधायक ने कहा सपा सरकार में 3 बार मुख्यमंत्री रहने के बाद भी एक पुल नहीं बनवाया जा सका, विधायक ने सपा के साथ बसपा पर भी साधा निशाना कहा बाप के बाद बुआ भी आई लेकिन पुल नहीं बनवा पाई।
मऊ : हनुमान सेतु (पीपा पुल) का लोकार्पण, 30 हजार लोगों को मिली बड़ी राहत

* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा बोले—यह शुरुआत, जल्द बनेगा स्थायी पक्का पुल

लखनऊ/मऊ । नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के दौरे के दौरान तमसा नदी स्थित हनुमान घाट पर निर्मित हनुमान सेतु (पीपा पुल) का विधिवत लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह पुल केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही यहां एक स्थायी एवं मजबूत पक्का पुल भी बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को दीर्घकालिक सुविधा मिल सके।
मंत्री ने बताया कि इस पुल के निर्माण से लगभग 30 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए आवागमन अब पहले से अधिक सुगम हो जाएगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नगर विकास विभाग द्वारा लगाई गई आधुनिक स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता की सराहना मुख्यमंत्री द्वारा भी की गई है।
मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र अब तक विकास से अछूते थे, वहां भी तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों ने मंत्री का स्वागत करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
05 अप्रैल को सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे भारतेन्दु नाट्य अकादमी के नवीन भवन का लोकार्पण

* पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले—अकादमी के छात्र देश-विदेश में बढ़ाएंगे उत्तर प्रदेश का मान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गोमती नगर स्थित भारतेन्दु नाट्य अकादमी के नव-निर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए आगामी 05 अप्रैल को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवीन भवन का लोकार्पण करेंगे।
संस्कृति विभाग द्वारा अकादमी के पुराने भवन का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण कराया गया है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में स्थापित यह संस्थान प्रदेश का एक प्रतिष्ठित नाट्य प्रशिक्षण केंद्र है, जहां अभिनय, रंगमंच और अन्य कलाओं में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित होता है। यहां से प्रशिक्षित छात्र देश-विदेश में भारतीय संस्कृति और नाट्य कला का प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जयवीर सिंह ने निर्देश दिए कि भवन का उपयोग नवोदित प्रतिभाओं को निखारने में किया जाए और सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई, उपकरणों के रखरखाव और बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कला, संस्कृति, संगीत और नाट्य विधाओं को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में देश के 9 राज्यों के छात्र-छात्राएं इस संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
हिन्दी रंगमंच दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण उनके भविष्य की महत्वपूर्ण पूंजी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अकादमी के विकास से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
इस मौके पर अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रिति शंकर त्रिपाठी, निदेशक विपिन कुमार, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
।। মিনাখাঁয় শাসক-শিবিরে ভাঙ্গন, শাসক দল ছেড়ে কয়েকশো নেতা, কর্মী ও সমর্থকের আইএসএফে যোগদান ।।
বসিরহাট : বিধানসভা নির্বাচনের প্রাক্কালে মিনাখাঁয় শাসক শিবিরে ভাঙনের ইঙ্গিত স্পষ্ট। মালঞ্চ বাজারে ইন্ডিয়ান সেকুলার ফ্রন্ট (আইএসএফ)-এর ডাকা পথসভা ঘিরে রাজনৈতিক উত্তাপ চরমে ওঠে। ওই সভাকে কেন্দ্র করে তৃণমূল কংগ্রেস ছেড়ে শতাধিক কর্মী-সমর্থকের আইএসএফে যোগদান ঘিরে শুরু হয়েছে জোর রাজনৈতিক চর্চা। মিনাখাঁ বিধানসভার মালঞ্চ বাজারে আয়োজিত এই পথসভা মূলত আইএসএফ প্রার্থী তথা আন্তর্জাতিক ফুটবল রেফারি প্রতীক মন্ডলের সমর্থনে অনুষ্ঠিত হয়। সভায় উপস্থিত ছিলেন আইএসএফের অন্যতম শীর্ষ নেতা নওশাদ সিদ্দিকী, প্রার্থী প্রতীক মন্ডল এবং কয়েক হাজার কর্মী-সমর্থক। জনসমাগম ও উচ্ছ্বাস দেখে সভাস্থল কার্যত জনসমুদ্রে পরিণত হয়।
সভা চলাকালীনই চৈতল, চাঁপালি, কুমারজোল ও ধুতুরদহ সহ মিনাখাঁর বিভিন্ন এলাকা থেকে তৃণমূলের বহু কর্মী-সমর্থক প্রকাশ্যে দলত্যাগ করে আইএসএফে যোগ দেন। তাদের হাতে আইএসএফের পতাকা তুলে দেন দলের নেতৃত্ব। নতুন যোগদানকারীদের স্বাগত জানিয়ে আইএসএফ নেতৃত্ব দাবি করে, এই প্রবণতা আগামী দিনে আরও বাড়বে এবং মিনাখাঁর বিভিন্ন প্রান্ত থেকে তৃণমূলের বহু কর্মী তাদের দলে যোগ দেবেন।
আইএসএফের বক্তব্য, সাধারণ মানুষের মধ্যে পরিবর্তনের আকাঙ্ক্ষা ক্রমশ বাড়ছে এবং সেই কারণেই শাসক দল থেকে কর্মীদের এই সরে আসা। তাদের দাবি, এই যোগদানের ফলে মিনাখাঁয় আইএসএফের সংগঠন অনেক বেশি শক্তিশালী হবে এবং নির্বাচনে তার ইতিবাচক প্রভাব পড়বে।
সব মিলিয়ে, ভোটের আগে মিনাখাঁয় রাজনৈতিক সমীকরণ দ্রুত বদলাচ্ছে। একদিকে শাসক শিবিরে ভাঙনের ইঙ্গিত, অন্যদিকে বিরোধী শক্তির জমি শক্ত করার চেষ্টা। এই দুইয়ের টানাপোড়েনে আগামী নির্বাচনে এই কেন্দ্রটি যে অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ হয়ে উঠতে চলেছে, তা বলাই বাহুল্য।
হালিশহর পৌরসভার প্রাক্তন চেয়ারম্যান রাজু সাহানি তৃনমুল ছাড়ার ইঙ্গিত

নিজস্ব প্রতিনিধি: উত্তর ২৪ পরগনার নোয়াপাড়ার প্রাক্তন বিধায়ক সুনীল সিং তৃনমুল ছাড়া পর, এবার দলের প্রতি ক্ষোভ প্রকাশ করলেন বীজপুর বিধানসভায় হালিশহর পৌরসভার প্রাক্তন চেয়ারম্যান রাজু সাহানি। তিনি এদিন এক সাংবাদিক সম্মেলনে জানান, তিনি তৃনমুল ছাড়ছেন। বিজেপি তে যোগ দিয়েচ্ছেন।আজ স্পষ্ট জানিয়ে দিলেন সাংবাদিক স সন্মেলনে।
বৃহস্পতিবার শুভেন্দু অধিকারীর সাথে দেখাও করে এসেছেন বলে জানিয়েও দিলেন রাজু।দীর্ঘ দিন ধরে তৃণমূল নেতৃত্ব গুরুত্ব দিচ্ছেন না তাকে।অবিশ্বাসও করছে। তাই আর দলে থাকতে ইচ্ছে করছে না।এরমধ্যে তিলোত্তমার অবিচার,দলে দুর্নীতি এই সব আর সহ্য করতে না পারায় দল ছাড়তে বাধ্য হলেন বলে জানালেন তৃনমুলের এক সময়ের হালি শহরের ডাক সাইটে নেতা ও পৌরপ্রধান রাজু সাহানি।রাজুর বাবা লক্ষণ সাহানিও হালিশহর পৌরসভার চেয়ারম্যান ছিলেন।তবে রাজু সাহানি তৃনমুল ছেড়ে বিজেপি তে যাওয়ায়  তৃনমুলে বড়ো ফাটল তা আর বলার অপেক্ষা রাখে না।

ছবি: প্রবীর রায়।
अज्ञात कारणों से लगी आग में 10 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख
चंदौली। जिले के धानापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अज्ञात कारणों से लगी आग में 10 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। यह घटना पगही विझवल कुसुम्ही गांव के सिवान में हरदेव पीजी कॉलेज के पीछे हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
आग सुबह करीब 9 बजे लगी और देखते ही देखते इसने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय ग्रामीण और किसान तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास करने लगे। हालांकि, आग की भयावहता के कारण उनकी कड़ी मशक्कत के बावजूद 10 बीघा से अधिक फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
आग लगने की सूचना मिलते ही धानापुर थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दमकल विभाग को भी सूचित किया गया था, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों और किसानों ने अथक प्रयासों से आग पर काबू पा लिया।
इस अग्निकांड में विझवल और पगही गांव के किसान रामलाल यादव, लालमन यादव, प्यारेलाल यादव, मुकेश सिंह यादव, नंदलाल राम और डॉ. कुमार राम सहित कई अन्य किसानों की लगभग दस बीघा से अधिक फसल जलकर खाक हो गई। इस घटना से प्रभावित किसानों के सामने भोजन का संकट गहरा गया है। समाजसेवी केवट बाबूलाल बिंद ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।
एमसीसी स्कूल में स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से दिया गया जागरुकता का संदेश
जौनपुर। एमसीसी स्कूल, बदलापुर के प्रांगण में आज एक भव्य एवं प्रेरणादायक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की एक नई किरण जगाई। इस विशेष अवसर पर नेत्र विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार यादव (एम्स, नई दिल्ली) तथा प्रख्यात डेंटल विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र यादव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने बच्चों का अत्यंत सूक्ष्मता एवं स्नेहपूर्ण ढंग से स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु उपयोगी सुझाव प्रदान किए। शिविर के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। डॉक्टरों द्वारा दी गई सलाह ने न केवल बच्चों बल्कि अभिभावकों को भी स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक शशि यादव, अनिल यादव, प्रिंसिपल (हेड ब्रांच बदलापुर) आस्था जायसवाल, प्रिंसिपल (सरोखनपुर) सच्चिदानंद यादव सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। उनके कुशल मार्गदर्शन एवं समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप यह आयोजन अत्यंत सफल एवं सराहनीय रहा। अंत में, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने उपस्थित सभी अभिभावकों, डॉक्टरों एवं सम्मानित जनों का हृदयपूर्वक अभिनंदन किया। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।
।। কামদুনি আন্দোলনের মুখ ভাস্কর মণ্ডল এবার হাড়োয়ার ভোটযুদ্ধে, ন্যায়বিচারের ইস্যুতেই ভরসা বিজেপি প্রার্থীর ।।
বসিরহাট : হাড়োয়া বিধানসভা কেন্দ্রের নির্বাচনী লড়াইয়ে নতুন মাত্রা যোগ করলেন ভারতীয় জনতা পার্টির প্রার্থী ভাস্কর মণ্ডল। কামদুনি আন্দোলনের অন্যতম মুখ হিসেবে পরিচিত এই প্রার্থী নিজের রাজনৈতিক প্রচারে সেই আন্দোলনের স্মৃতিকেই সামনে রেখে এগোচ্ছেন। ২০১৩ সালে উত্তর ২৪ পরগণার কামদুনিতে নৃশংস গণধর্ষণ ও খুনের ঘটনার পর যে তীব্র প্রতিবাদ আন্দোলন গড়ে উঠেছিল, তার নেতৃত্বে ছিলেন ভাস্কর মণ্ডল। ২০১৩ থেকে ২০১৮ সাল পর্যন্ত তিনি কামদুনি আন্দোলন মঞ্চের সভাপতির দায়িত্ব সামলান এবং দীর্ঘদিন ধরে ন্যায়বিচারের দাবিতে সোচ্চার থেকেছেন।
এই আন্দোলন শুধু একটি অপরাধের প্রতিবাদ ছিল না, বরং নারী নিরাপত্তা, প্রশাসনিক নিষ্ক্রিয়তা এবং বিচার ব্যবস্থার গতি নিয়ে রাজ্যজুড়ে প্রশ্ন তুলে দিয়েছিল। সেই আন্দোলনের ধারাবাহিকতায় ভাস্কর মণ্ডল নিজেকে সাধারণ মানুষের অধিকারের কণ্ঠস্বর হিসেবে প্রতিষ্ঠা করার চেষ্টা করেছেন। এবার সেই সামাজিক আন্দোলনের অভিজ্ঞতাকেই রাজনৈতিক মঞ্চে কাজে লাগাতে চাইছেন তিনি। হাড়োয়া বিধানসভায় প্রায় ৬৫ শতাংশ সংখ্যালঘু ভোটার থাকলেও, সেই সমীকরণ নিয়ে বিশেষ উদ্বিগ্ন নন বিজেপি প্রার্থী। তার বক্তব্য, ধর্ম বা সম্প্রদায় নয়, মানুষের মূল সমস্যা এবং নিরাপত্তার প্রশ্নই তার প্রচারের কেন্দ্রবিন্দু। তিনি মনে করেন, কামদুনি আন্দোলনের সময় যেভাবে সর্বস্তরের মানুষ একত্রিত হয়েছিলেন, ঠিক তেমনভাবেই এবারও সাধারণ মানুষ উন্নয়ন ও ন্যায়বিচারের দাবিতে তাকে সমর্থন করবেন। প্রচারের ময়দানেও নিজেকে আলাদা ভাবে তুলে ধরার চেষ্টা করছেন ভাস্কর মণ্ডল। দেগঙ্গা বাজার এলাকায় প্রচারে গিয়ে তিনি একেবারে সাধারণ মানুষের মতোই চায়ের দোকানে ঢুকে পড়েন। নিজ হাতে চা তৈরি করে দলীয় কর্মী-সমর্থক এবং স্থানীয় বাসিন্দাদের মধ্যে তা বিতরণ করেন। এই ঘটনাকে ঘিরে এলাকায় কৌতূহল ও আলোচনা তৈরি হয়েছে। অনেকেই এটিকে সাধারণ মানুষের সঙ্গে সরাসরি সংযোগ স্থাপনের প্রচেষ্টা হিসেবে দেখছেন।
রাজনৈতিক বিশ্লেষকদের মতে, হাড়োয়া কেন্দ্রটি বরাবরই সংখ্যালঘু প্রাধান্যপূর্ণ হওয়ায় এখানে বিজেপির পক্ষে লড়াই সহজ নয়। তবে কামদুনি আন্দোলনের মতো একটি সংবেদনশীল ও জনমুখী ইস্যুকে সামনে রেখে ভাস্কর মণ্ডল যে প্রচার কৌশল নিচ্ছেন, তা ভোটের ময়দানে কিছুটা হলেও প্রভাব ফেলতে পারে। এখন দেখার বিষয়, সামাজিক আন্দোলনের পরিচিতি কতটা ভোটবাক্সে রূপান্তরিত হয় এবং হাড়োয়ার ভোটাররা কোন দিকে তাদের সমর্থন জানায়।
पुरातत्व के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: मदन कुमार

भोपाल। प्रदेश की हजारों–लाखों वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि भौतिक रूप में सुरक्षित रखना है और अब तक हुई क्षति को न्यूनतम संभव स्तर तक लाना है, तो इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित करना समय की माँग है।

यह बात आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मदन कुमार ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला में कही। मदन कुमार ने संस्थान में इंक्युवेशन सेंटर की स्थापना में उपस्थित लोगों से नवोन्मेषी विचारों को प्रेषित कर भागीदारी करने का आह्वान किया। 

कार्यक्रम में नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पाण्डे (मंदसौर), डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), डॉ. सुरेश कुमार दुबे (झांसी) आदि अतिथि के रूप में मौजूद थे। वक्ताओं ने पुरातत्व के क्षेत्र में डॉ. वाकणकर जी के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि मंदसौर जिले में स्थित छिब्बर नाला, दरकी चट्टान, चतुर्भज नाला के शैलचित्रों को प्रकाश में लाने का श्रेय वाकणकर जी को है। इस दौरान वाकणकर जी के समक्ष आई चुनौतियों एवं समाधान प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। इस दौरान बताया गया कि वाकणकर जी द्वारा अपनी नागपुर यात्रा के दौरान 23 मार्च 1957 को अपनी यात्रा स्थगित कर भीमबैटका के शैलचित्रों की खोज की गई, जिसे कालंतर में विश्वधरोहर घोषित किया गया। इसी खोज के आधार पर उन्हें भारत सरकार से 1975 में पद्मश्री सम्मान मिला।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आयुक्त पुरातत्व द्वारा प्रदेश की पुरासंपदा को रेखांकित करते हुए डिंडौरी एवं उमरिया जिलों की शैलगुहओं मटकें वाला पत्थर, डाईनासौर के जीवाष्म एवं घुघुआ फॉसिल पार्क का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि द मोनूमेंट मन फिल्म के ट्रैलर के माध्यम से फिल्म के नायकों जैसे पुरातत्व के प्रति जागरुकता लाने पर जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि यूनेस्को द्वारा एआरवीआर प्रोजेक्ट चालू किया गया। आधुनिक परिवेश में प्रदेश की पुरावशेषों एवं संस्कृतिक धरोहरों को प्रकाश में लाने एवं उनके प्रति जनजागृति लाने तथा अध्ययन के लिये विभिन्न योजना तैयार कर डॉ. वाकणकर शोध संस्थान को नोडल संस्थान के रुप में विकसित करने एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के मंतव्य से अवगत कराया। 

सम्मान सत्र भी हुआ

इस अवसर पर आयुक्त पुरातत्व द्वारा डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री प्राप्त होने पर एवं कैलाशचंद्र पाण्डे को पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए योगदान हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही वाकणकर जी की शिष्य परम्परा में राजेन्द्र नागदेव, डॉ. रेखा भटनागर व अन्य विद्वानो का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कला समय पत्रिका विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

दशमेश पब्लिक स्कूल को CBSE से 12वीं तक की मान्यता, क्षेत्र में खुशी की लहर
मेरठ। बहसूमा। रामराज। क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि रामराज स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल, सैफपुर फिरोजपुर को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं तक की मान्यता प्राप्त हो गई है। इस उपलब्धि से अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही आसपास उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

विद्यालय की निदेशक डॉ. सिम्मी सहोता ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता पूरे विद्यालय परिवार के निरंतर प्रयास, समर्पण और अभिभावकों के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री आमिर खान ने बताया कि स्कूल में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकें।

वहीं, विद्यालय के चेयरमैन श्री जसवंत सिंह सहोता ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे बच्चे उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।

विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे विद्यालय का भ्रमण करें और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दशमेश पब्लिक स्कूल को एक श्रेष्ठ विकल्प के रूप में चुनें। साथ ही उन्होंने सभी के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। भारतीय गौ सेवा संघ मेरठ के जिला उपाध्यक्ष परविंदर कुमार, मनीष पाल, अजय कुमार, जितेंद्र कुमार सहित कई लोगों ने विद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि अब बच्चों को बेहतर शिक्षा अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी।
Mirzapur : गंगा नदी में बने पीपा पुल के क्षतिग्रस्त होने से नाराज हुए बीजेपी विधायक ने PWD के अधिकारियों को लगाई फटकार
मीरजापुर। मीरजापुर नगर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा का उद्घाटन किया गया प्लाटून पुल 15 दिन में क्षतिग्रस्त हो गया, इससे उनका पारा चढ़ गया उन्होंने जमकर संबंधित विभाग के जिम्मेदार को फटकारते हुए दो टूक चेतावनी दे डाली है। पीपा पुल टूटने से राहगीर जान जोखिम में डालकर गंगा नदी पार कर रहे है। वीडियो वायरल होने पर विधायक ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को फोन पर फटकार लगाई है, कहा कि आज सही हो जाना चाहिए वहीं सपा-बसपा पर भी उन्होंने निशाना साधा है।
बता दें कि जनपद में गंगा नदी में बना एक प्लाटून पुल क्षतिग्रस्त होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा इस प्लाटून पुल को 15 दिन पहले सदर बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा ने उद्घाटन किया था। क्षतिग्रस्त पुल एक बड़ा हादसा होने का दावत दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद विधायक रत्नाकर मिश्रा ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईन को फोन पर फटकार लगाई है। कहा है कि आज पुल हर हाल में सही हो जाना चाहिए। पीपा पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से हमारा छिछालेदर हो रहा है। पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने फोन पर जवाब दिया कि पानी कम होने के कारण नहीं हो पा रहा है। विधायक ने कहा क्रेन से उसे दुरुस्त करवाया जाए। पूरा मामला हरसिंहपुर और विंध्याचल धाम को जोड़ने वाला प्लाटून पुल का है। बता दें कि 18 मार्च को नवरात्र के पहले सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने इस का उद्घाटन किया था। जो अब भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया है। इस प्लाटून पुल से विंध्याचल आने वाले और जाने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत के लिए निर्माण कराया गया था। वहीं दूसरी ओर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जानकारी होने पर अधिकारियों से कहा गया है जल्दी सही कर लिया जाएगा, आंधी पानी के कारण सही हो जाता है जो धंस गया है। वहीं उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ ही बसपा पर निशाना साधा है सपा के सोशल मीडिया पर पीपा पुल की खबर पोस्ट किए जाने को लेकर नगर विधायक ने कहा सपा सरकार में 3 बार मुख्यमंत्री रहने के बाद भी एक पुल नहीं बनवाया जा सका, विधायक ने सपा के साथ बसपा पर भी साधा निशाना कहा बाप के बाद बुआ भी आई लेकिन पुल नहीं बनवा पाई।
मऊ : हनुमान सेतु (पीपा पुल) का लोकार्पण, 30 हजार लोगों को मिली बड़ी राहत

* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा बोले—यह शुरुआत, जल्द बनेगा स्थायी पक्का पुल

लखनऊ/मऊ । नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के दौरे के दौरान तमसा नदी स्थित हनुमान घाट पर निर्मित हनुमान सेतु (पीपा पुल) का विधिवत लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह पुल केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही यहां एक स्थायी एवं मजबूत पक्का पुल भी बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को दीर्घकालिक सुविधा मिल सके।
मंत्री ने बताया कि इस पुल के निर्माण से लगभग 30 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए आवागमन अब पहले से अधिक सुगम हो जाएगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नगर विकास विभाग द्वारा लगाई गई आधुनिक स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता की सराहना मुख्यमंत्री द्वारा भी की गई है।
मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र अब तक विकास से अछूते थे, वहां भी तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों ने मंत्री का स्वागत करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
05 अप्रैल को सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे भारतेन्दु नाट्य अकादमी के नवीन भवन का लोकार्पण

* पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले—अकादमी के छात्र देश-विदेश में बढ़ाएंगे उत्तर प्रदेश का मान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गोमती नगर स्थित भारतेन्दु नाट्य अकादमी के नव-निर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए आगामी 05 अप्रैल को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवीन भवन का लोकार्पण करेंगे।
संस्कृति विभाग द्वारा अकादमी के पुराने भवन का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण कराया गया है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में स्थापित यह संस्थान प्रदेश का एक प्रतिष्ठित नाट्य प्रशिक्षण केंद्र है, जहां अभिनय, रंगमंच और अन्य कलाओं में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित होता है। यहां से प्रशिक्षित छात्र देश-विदेश में भारतीय संस्कृति और नाट्य कला का प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जयवीर सिंह ने निर्देश दिए कि भवन का उपयोग नवोदित प्रतिभाओं को निखारने में किया जाए और सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई, उपकरणों के रखरखाव और बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कला, संस्कृति, संगीत और नाट्य विधाओं को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में देश के 9 राज्यों के छात्र-छात्राएं इस संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
हिन्दी रंगमंच दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण उनके भविष्य की महत्वपूर्ण पूंजी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अकादमी के विकास से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
इस मौके पर अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रिति शंकर त्रिपाठी, निदेशक विपिन कुमार, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
।। মিনাখাঁয় শাসক-শিবিরে ভাঙ্গন, শাসক দল ছেড়ে কয়েকশো নেতা, কর্মী ও সমর্থকের আইএসএফে যোগদান ।।
বসিরহাট : বিধানসভা নির্বাচনের প্রাক্কালে মিনাখাঁয় শাসক শিবিরে ভাঙনের ইঙ্গিত স্পষ্ট। মালঞ্চ বাজারে ইন্ডিয়ান সেকুলার ফ্রন্ট (আইএসএফ)-এর ডাকা পথসভা ঘিরে রাজনৈতিক উত্তাপ চরমে ওঠে। ওই সভাকে কেন্দ্র করে তৃণমূল কংগ্রেস ছেড়ে শতাধিক কর্মী-সমর্থকের আইএসএফে যোগদান ঘিরে শুরু হয়েছে জোর রাজনৈতিক চর্চা। মিনাখাঁ বিধানসভার মালঞ্চ বাজারে আয়োজিত এই পথসভা মূলত আইএসএফ প্রার্থী তথা আন্তর্জাতিক ফুটবল রেফারি প্রতীক মন্ডলের সমর্থনে অনুষ্ঠিত হয়। সভায় উপস্থিত ছিলেন আইএসএফের অন্যতম শীর্ষ নেতা নওশাদ সিদ্দিকী, প্রার্থী প্রতীক মন্ডল এবং কয়েক হাজার কর্মী-সমর্থক। জনসমাগম ও উচ্ছ্বাস দেখে সভাস্থল কার্যত জনসমুদ্রে পরিণত হয়।
সভা চলাকালীনই চৈতল, চাঁপালি, কুমারজোল ও ধুতুরদহ সহ মিনাখাঁর বিভিন্ন এলাকা থেকে তৃণমূলের বহু কর্মী-সমর্থক প্রকাশ্যে দলত্যাগ করে আইএসএফে যোগ দেন। তাদের হাতে আইএসএফের পতাকা তুলে দেন দলের নেতৃত্ব। নতুন যোগদানকারীদের স্বাগত জানিয়ে আইএসএফ নেতৃত্ব দাবি করে, এই প্রবণতা আগামী দিনে আরও বাড়বে এবং মিনাখাঁর বিভিন্ন প্রান্ত থেকে তৃণমূলের বহু কর্মী তাদের দলে যোগ দেবেন।
আইএসএফের বক্তব্য, সাধারণ মানুষের মধ্যে পরিবর্তনের আকাঙ্ক্ষা ক্রমশ বাড়ছে এবং সেই কারণেই শাসক দল থেকে কর্মীদের এই সরে আসা। তাদের দাবি, এই যোগদানের ফলে মিনাখাঁয় আইএসএফের সংগঠন অনেক বেশি শক্তিশালী হবে এবং নির্বাচনে তার ইতিবাচক প্রভাব পড়বে।
সব মিলিয়ে, ভোটের আগে মিনাখাঁয় রাজনৈতিক সমীকরণ দ্রুত বদলাচ্ছে। একদিকে শাসক শিবিরে ভাঙনের ইঙ্গিত, অন্যদিকে বিরোধী শক্তির জমি শক্ত করার চেষ্টা। এই দুইয়ের টানাপোড়েনে আগামী নির্বাচনে এই কেন্দ্রটি যে অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ হয়ে উঠতে চলেছে, তা বলাই বাহুল্য।
হালিশহর পৌরসভার প্রাক্তন চেয়ারম্যান রাজু সাহানি তৃনমুল ছাড়ার ইঙ্গিত

নিজস্ব প্রতিনিধি: উত্তর ২৪ পরগনার নোয়াপাড়ার প্রাক্তন বিধায়ক সুনীল সিং তৃনমুল ছাড়া পর, এবার দলের প্রতি ক্ষোভ প্রকাশ করলেন বীজপুর বিধানসভায় হালিশহর পৌরসভার প্রাক্তন চেয়ারম্যান রাজু সাহানি। তিনি এদিন এক সাংবাদিক সম্মেলনে জানান, তিনি তৃনমুল ছাড়ছেন। বিজেপি তে যোগ দিয়েচ্ছেন।আজ স্পষ্ট জানিয়ে দিলেন সাংবাদিক স সন্মেলনে।
বৃহস্পতিবার শুভেন্দু অধিকারীর সাথে দেখাও করে এসেছেন বলে জানিয়েও দিলেন রাজু।দীর্ঘ দিন ধরে তৃণমূল নেতৃত্ব গুরুত্ব দিচ্ছেন না তাকে।অবিশ্বাসও করছে। তাই আর দলে থাকতে ইচ্ছে করছে না।এরমধ্যে তিলোত্তমার অবিচার,দলে দুর্নীতি এই সব আর সহ্য করতে না পারায় দল ছাড়তে বাধ্য হলেন বলে জানালেন তৃনমুলের এক সময়ের হালি শহরের ডাক সাইটে নেতা ও পৌরপ্রধান রাজু সাহানি।রাজুর বাবা লক্ষণ সাহানিও হালিশহর পৌরসভার চেয়ারম্যান ছিলেন।তবে রাজু সাহানি তৃনমুল ছেড়ে বিজেপি তে যাওয়ায়  তৃনমুলে বড়ো ফাটল তা আর বলার অপেক্ষা রাখে না।

ছবি: প্রবীর রায়।
अज्ञात कारणों से लगी आग में 10 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख
चंदौली। जिले के धानापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अज्ञात कारणों से लगी आग में 10 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। यह घटना पगही विझवल कुसुम्ही गांव के सिवान में हरदेव पीजी कॉलेज के पीछे हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
आग सुबह करीब 9 बजे लगी और देखते ही देखते इसने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय ग्रामीण और किसान तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास करने लगे। हालांकि, आग की भयावहता के कारण उनकी कड़ी मशक्कत के बावजूद 10 बीघा से अधिक फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
आग लगने की सूचना मिलते ही धानापुर थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दमकल विभाग को भी सूचित किया गया था, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों और किसानों ने अथक प्रयासों से आग पर काबू पा लिया।
इस अग्निकांड में विझवल और पगही गांव के किसान रामलाल यादव, लालमन यादव, प्यारेलाल यादव, मुकेश सिंह यादव, नंदलाल राम और डॉ. कुमार राम सहित कई अन्य किसानों की लगभग दस बीघा से अधिक फसल जलकर खाक हो गई। इस घटना से प्रभावित किसानों के सामने भोजन का संकट गहरा गया है। समाजसेवी केवट बाबूलाल बिंद ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।
एमसीसी स्कूल में स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से दिया गया जागरुकता का संदेश
जौनपुर। एमसीसी स्कूल, बदलापुर के प्रांगण में आज एक भव्य एवं प्रेरणादायक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की एक नई किरण जगाई। इस विशेष अवसर पर नेत्र विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार यादव (एम्स, नई दिल्ली) तथा प्रख्यात डेंटल विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र यादव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने बच्चों का अत्यंत सूक्ष्मता एवं स्नेहपूर्ण ढंग से स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु उपयोगी सुझाव प्रदान किए। शिविर के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। डॉक्टरों द्वारा दी गई सलाह ने न केवल बच्चों बल्कि अभिभावकों को भी स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक शशि यादव, अनिल यादव, प्रिंसिपल (हेड ब्रांच बदलापुर) आस्था जायसवाल, प्रिंसिपल (सरोखनपुर) सच्चिदानंद यादव सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। उनके कुशल मार्गदर्शन एवं समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप यह आयोजन अत्यंत सफल एवं सराहनीय रहा। अंत में, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने उपस्थित सभी अभिभावकों, डॉक्टरों एवं सम्मानित जनों का हृदयपूर्वक अभिनंदन किया। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।