लोक अदालत में सुलह समझौते की आधार पर निपटाए गई वाद


फर्रुखाबाद l  जनपद में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण संतोष कुमार तिवारी सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, वादकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंक, विद्युत विभाग एवं प्रशासनिक विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया। बैंक वसूली से जुड़े 409 मामलों का निस्तारण करते हुए बैंकों ने 6 करोड़ 4 लाख 71 हजार 500 रुपये की धनराशि वसूल की, जबकि विद्युत बिल से संबंधित 18,793 मामलों का भी सफल निस्तारण किया गया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली द्वारा 41 पारिवारिक एवं वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। इनमें से 5 दंपत्तियों को आपसी सुलह के बाद पुनः साथ रहने के लिए विदा किया गया। वहीं मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार तिवारी ने 17 मामलों का निस्तारण किया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नरेश कुमार द्वारा भी 3 मामलों का समाधान कराया गया।
लोक अदालत के दौरान जनपद के विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों द्वारा कुल 82,604 मामलों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 78,736 मामलों का सफल निस्तारण हुआ। इस दौरान कुल 7 करोड़ 59 लाख 24 हजार 765 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जजों, न्यायिक मजिस्ट्रेटों, ग्राम न्यायालय अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों एवं परा विधिक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
14 नामदर्ज व 30 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज*

ग्राम जटपुरा में बवाल को लेकर पुलिस की सख्त कार्यवाही

अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में 9 मई को हुए हिंसक बवाल के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है, जबकि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें दबिश दे रही हैं।पहला मुकदमा जनपद लखीमपुर खीरी के थाना धौरहरा क्षेत्र के ग्राम गुलरिया निवासी ठेका प्रबंधक कुलदीप की तहरीर पर दर्ज किया गया है। कुलदीप ने पुलिस को बताया कि चाचूपुर जटपुरा गांव में उन्नाव निवासी मुजीब उल्ला के नाम से संचालित देशी शराब की दुकान की देखरेख वह करता है। आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 10:40 बजे गांव के कामेश, सुधीर, शिवरतन, ब्रजेश उर्फ भोला समेत अन्य लोग आए।आरोप है कि उपद्रवियों ने दुकान के गोलक में रखे करीब 10 हजार रुपये और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर लूट ली। साथ ही सेल्समैन को जान से मारने की नीयत से हमला किया गया और दुकान में आग लगाने का भी प्रयास किया गया।वहीं दूसरा मुकदमा थाना राजेपुर के उपनिरीक्षक महेश कुमार की ओर से दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे में कामेश, सुधीर, शिवरतन, कश्मीर, ब्रजेश उर्फ भोला, राजा, रजनीश, देशराज, विकास, ननकू, सत्यपाल, शिवम, गुड्डी देवी और सरोजनी समेत 14 नामजद तथा 25 से 30 अज्ञात महिला-पुरुषों को आरोपी बनाया गया है।पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में बलवा, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा, राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
दो प्रतिष्ठानों पर टीम ने मारा छापा, घरेलू सिलेंडरों को किया जप्त, कारोबारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

फर्रुखाबाद l  घरेलू सिलेंडरों का दो प्रतिष्ठानों पर कारोबारियो द्वारा उपयोग किए जाने की शिकायतों पर प्रशासन अधिकारियों की टीम ने जप्त कर लिए गए हैं l प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने शिकायत मिलने पर शहर में छापेमारी की। जिला पूर्ति विभाग, पूर्ति निरीक्षक और नगर पालिका परिषद की संयुक्त टीम ने दो प्रतिष्ठानों पर जांच की, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक कार्यों में होता मिला। दोनों मामलों में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
टीम ने सबसे पहले गोहाई स्ट्रीट के पास संचालित एक समोसा दुकान पर छापा मारा। जांच के दौरान दुकान के भीतर घरेलू सिलेंडरों को पाइप के माध्यम से जोड़कर खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी। साथ ही परिसर से कई घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर भी बरामद हुए। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस कनेक्शन के जरिए सिलेंडर मंगा कर उनका उपयोग व्यापारिक गतिविधियों में किया जा रहा था। इस मामले में दुकान संचालक कृष्ण मुरारी गुप्ता के खिलाफ सदर  कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रशासनिक टीम ने अनोखे लाल मिठाई भंडार में निरीक्षण किया। जहां दुकानदार रविंद्र के द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों से मिठाइयां बनाई जा रही थीं। मौके से पांच घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर अधिकृत गैस एजेंसी की निगरानी में सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाली गैस का व्यावसायिक प्रयोग नियमों के विरुद्ध है। इस मामले में भी दुकान संचालक के खिलाफ थाना कादरीगेट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।
धनबाद समाहरणालय का भाजपा ने किया घेराव, पेयजल संकट को लेकर डीसी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

धनबाद जिले में व्याप्त भीषण पेयजल संकट को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी धनबाद जिला महानगर एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय के बाहर मटका फोड़ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं आमजन शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मौजूद थे।

साथ ही सांसद ढुल्लू महतो , पूर्व सांसद पीएन सिंह, विधायक राज सिन्हा , झरिया विधायक रागिनी सिंह , बाघमारा विधायक शत्रुघन महतो , भाजपा नेत्री तारा देवी तथा महानगर अध्यक्ष श्रवण राय और ग्रामीण अध्यक्ष मोहन कुंभकार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि धनबाद जिले की जनता आज भीषण पेयजल संकट से जूझ रही है। जिले के कई क्षेत्रों में लोग डोभा, चुआं, नदी एवं नालों का पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि बराकर और दामोदर जैसी नदियों से घिरा धनबाद भी आज पानी के लिए तरस रहा है।

उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के बाद भाजपा सरकार ने मैथन डैम से धनबाद तक पेयजल पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार की उदासीनता एवं कुंभकर्णी नींद के कारण आज स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से नल-जल योजना के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है, मगर राज्य सरकार इस योजना में भी भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रही है।

उन्होंने कहा कि आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने धनबाद जिला समाहरणालय का घेराव कर जनता की आवाज को बुलंद करने का कार्य किया है। भाजपा जनता के अधिकारों एवं हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

पत्रकारिता जगत में बड़ी जिम्मेदारी, अभय नाथ दूबे बने पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष

रमेश दूबे

पत्रकारों की आवाज को मिलेगी नई मजबूती, संगठन में खुशी की लहर

जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों व पत्रकारों ने दी शुभकामनाएं

निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता को मिलेगा नया आयाम

संतकबीरनगर। पत्रकारिता जगत के लिए गर्व और हर्ष का विषय है कि वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभय नाथ दूबे को पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन द्वारा यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके लंबे पत्रकारिता अनुभव, सक्रिय कार्यशैली तथा पत्रकार हितों के प्रति समर्पण को देखते हुए सौंपी गई है। उनके मनोनयन की खबर मिलते ही पत्रकारों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई और बधाई देने वालों का तांता लग गया।
इस अवसर पर पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा कृष्ण देव, चेयरमैन ऋषभ मिश्रा आजाद एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने अभय नाथ दूबे को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा पत्रकारों की आवाज को नई बुलंदी मिलेगी।
अभय नाथ दूबे को बधाई देने वालों में प्रमुख उद्योगपति श्रीनरायन सिंह कौशिक, यूथ आईकॉन प्रदीप सिसोदिया, भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुनीता अग्रहरि, संस्कार भारती जिला अध्यक्ष डॉ• सोनी सिंह, समाजसेवी पंडित उदय राज तिवारी, मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, पूर्व छात्र संघ महामंत्री कौशल चौधरी, भाजपा नेता सचिन सिंह श्रीनेत्र, श्रवण अग्रहरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र, अशोक कुमार चौधरी, सत्य प्रकाश राय, जिला पंचायत सदस्य अजय शर्मा, एमडी राजेश्वर सिंह, ओंकार राय, विकास गुप्ता, विधायक अंकुर राज तिवारी, डॉ अमरेंद्र पांडे, डायरेक्टर शोऐब अहमद नदवी, समाजसेवी विजय कुमार सिंह, दिवाकर गौतम, विजय यादव, पत्रकार रमेश दुबे, अब्दुल अजीज, वीरेंद्र यादव, प्रमोद यादव, गोरखनाथ मिश्र, श्याम सिंह, दुर्गेश उपाध्याय एवं शैलेंद्र यादव, अरविंद सिंह, अर्जुन राय, भारद्वाज त्रिपाठी, पीएन पाण्डेय, सुशील सोनी, दीपक पांडे, राम जोखन पांडे, इंस्पेक्टर शालिनी सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, आरपी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार रीवा, इंस्पेक्टर बलराम शुक्ला, अनिल त्रिपाठी, विजय कुमार गुप्ता, अमरजीत यादव, अमित जैन, विनय कुमार चतुर्वेदी, देवी प्रसाद त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह, बाबूल श्रीवास्तव, देवीलाल गुप्ता, अजय श्रीवास्तव, अमित पांडे, राहुल राय, पुनीत ओझा, सत्य प्रकाश वर्मा, शिवानंद चंचल,बागेश त्रिपाठी, विवेक सिंह, सुनील छापड़िया, वसीम अकरम, जगत जायसवाल  सहित अनेक गणमान्य लोगों ने शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभय नाथ दूबे ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व एवं सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता को मजबूती प्रदान करना उनकी प्राथमिकता होगी।
पत्रकार साथियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने विश्वास व्यक्त किया कि अभय नाथ दूबे के नेतृत्व में पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा तथा पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
यूपी में उच्च शिक्षा को नई पहचान: अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
* योगी सरकार का बड़ा कदम, विश्वविद्यालयों के बाद अब डिग्री कॉलेजों को उत्कृष्टता की दौड़ में शामिल करने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कभी नैक (NAAC) रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए++, ए+ और ए ग्रेड हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब सरकार ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार का फोकस अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। योगी सरकार से पहले प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक सीमित थे और कोई भी विश्वविद्यालय ए श्रेणी में नहीं था। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए+ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड हासिल कर चुके हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हुए हैं और छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। इसके अलावा तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।
सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों की तरह यदि डिग्री कॉलेजों में भी गुणवत्ता, शोध और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश में उच्च शिक्षा के सबसे मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकता है।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
“संपदा” कार्यक्रम में सहेजी गई विलुप्त होती अलगोजा वादन परंपरा, ब्रज लोक संगीत की बिखरी छटा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपराओं और विलुप्तप्राय लोक वाद्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में “संपदा” कार्यक्रम के अंतर्गत विलुप्त हो रहे अलगोजा वादन का अभिलेखीकरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी स्टूडियो में किया गया।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम में मथुरा के प्रसिद्ध लोक कलाकार सुखवीर एवं हरप्रसाद ने अलगोजा और चंग वादन की पारंपरिक शैली का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की लोक संवेदनाओं, सांगीतिक विरासत और पारंपरिक धुनों को जीवंत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अलगोजा वादन और लोक संगीत परंपरा पर केंद्रित एक विशेष साक्षात्कार भी आयोजित किया गया। कलाकारों का साक्षात्कार डॉ. शोभित नाहर ने लिया। इस दौरान अलगोजा वादन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, तकनीकी विशेषताओं, वर्तमान चुनौतियों और नई पीढ़ी तक इस लोक परंपरा को पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश एवं देश की विलुप्त होती लोक कलाओं और वाद्य परंपराओं का दस्तावेजीकरण कर उन्हें संरक्षित करना तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। उपस्थित कला प्रेमियों, शोधार्थियों और संगीत अनुरागियों ने इस पहल को लोक संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी और सार्थक कदम बताया।
लोक अदालत में सुलह समझौते की आधार पर निपटाए गई वाद


फर्रुखाबाद l  जनपद में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण संतोष कुमार तिवारी सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, वादकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंक, विद्युत विभाग एवं प्रशासनिक विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया। बैंक वसूली से जुड़े 409 मामलों का निस्तारण करते हुए बैंकों ने 6 करोड़ 4 लाख 71 हजार 500 रुपये की धनराशि वसूल की, जबकि विद्युत बिल से संबंधित 18,793 मामलों का भी सफल निस्तारण किया गया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली द्वारा 41 पारिवारिक एवं वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। इनमें से 5 दंपत्तियों को आपसी सुलह के बाद पुनः साथ रहने के लिए विदा किया गया। वहीं मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार तिवारी ने 17 मामलों का निस्तारण किया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नरेश कुमार द्वारा भी 3 मामलों का समाधान कराया गया।
लोक अदालत के दौरान जनपद के विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों द्वारा कुल 82,604 मामलों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 78,736 मामलों का सफल निस्तारण हुआ। इस दौरान कुल 7 करोड़ 59 लाख 24 हजार 765 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जजों, न्यायिक मजिस्ट्रेटों, ग्राम न्यायालय अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों एवं परा विधिक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
14 नामदर्ज व 30 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज*

ग्राम जटपुरा में बवाल को लेकर पुलिस की सख्त कार्यवाही

अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में 9 मई को हुए हिंसक बवाल के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है, जबकि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें दबिश दे रही हैं।पहला मुकदमा जनपद लखीमपुर खीरी के थाना धौरहरा क्षेत्र के ग्राम गुलरिया निवासी ठेका प्रबंधक कुलदीप की तहरीर पर दर्ज किया गया है। कुलदीप ने पुलिस को बताया कि चाचूपुर जटपुरा गांव में उन्नाव निवासी मुजीब उल्ला के नाम से संचालित देशी शराब की दुकान की देखरेख वह करता है। आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 10:40 बजे गांव के कामेश, सुधीर, शिवरतन, ब्रजेश उर्फ भोला समेत अन्य लोग आए।आरोप है कि उपद्रवियों ने दुकान के गोलक में रखे करीब 10 हजार रुपये और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर लूट ली। साथ ही सेल्समैन को जान से मारने की नीयत से हमला किया गया और दुकान में आग लगाने का भी प्रयास किया गया।वहीं दूसरा मुकदमा थाना राजेपुर के उपनिरीक्षक महेश कुमार की ओर से दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे में कामेश, सुधीर, शिवरतन, कश्मीर, ब्रजेश उर्फ भोला, राजा, रजनीश, देशराज, विकास, ननकू, सत्यपाल, शिवम, गुड्डी देवी और सरोजनी समेत 14 नामजद तथा 25 से 30 अज्ञात महिला-पुरुषों को आरोपी बनाया गया है।पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में बलवा, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा, राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
दो प्रतिष्ठानों पर टीम ने मारा छापा, घरेलू सिलेंडरों को किया जप्त, कारोबारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

फर्रुखाबाद l  घरेलू सिलेंडरों का दो प्रतिष्ठानों पर कारोबारियो द्वारा उपयोग किए जाने की शिकायतों पर प्रशासन अधिकारियों की टीम ने जप्त कर लिए गए हैं l प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने शिकायत मिलने पर शहर में छापेमारी की। जिला पूर्ति विभाग, पूर्ति निरीक्षक और नगर पालिका परिषद की संयुक्त टीम ने दो प्रतिष्ठानों पर जांच की, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक कार्यों में होता मिला। दोनों मामलों में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
टीम ने सबसे पहले गोहाई स्ट्रीट के पास संचालित एक समोसा दुकान पर छापा मारा। जांच के दौरान दुकान के भीतर घरेलू सिलेंडरों को पाइप के माध्यम से जोड़कर खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी। साथ ही परिसर से कई घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर भी बरामद हुए। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस कनेक्शन के जरिए सिलेंडर मंगा कर उनका उपयोग व्यापारिक गतिविधियों में किया जा रहा था। इस मामले में दुकान संचालक कृष्ण मुरारी गुप्ता के खिलाफ सदर  कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रशासनिक टीम ने अनोखे लाल मिठाई भंडार में निरीक्षण किया। जहां दुकानदार रविंद्र के द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों से मिठाइयां बनाई जा रही थीं। मौके से पांच घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर अधिकृत गैस एजेंसी की निगरानी में सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाली गैस का व्यावसायिक प्रयोग नियमों के विरुद्ध है। इस मामले में भी दुकान संचालक के खिलाफ थाना कादरीगेट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।
धनबाद समाहरणालय का भाजपा ने किया घेराव, पेयजल संकट को लेकर डीसी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

धनबाद जिले में व्याप्त भीषण पेयजल संकट को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी धनबाद जिला महानगर एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय के बाहर मटका फोड़ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं आमजन शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मौजूद थे।

साथ ही सांसद ढुल्लू महतो , पूर्व सांसद पीएन सिंह, विधायक राज सिन्हा , झरिया विधायक रागिनी सिंह , बाघमारा विधायक शत्रुघन महतो , भाजपा नेत्री तारा देवी तथा महानगर अध्यक्ष श्रवण राय और ग्रामीण अध्यक्ष मोहन कुंभकार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि धनबाद जिले की जनता आज भीषण पेयजल संकट से जूझ रही है। जिले के कई क्षेत्रों में लोग डोभा, चुआं, नदी एवं नालों का पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि बराकर और दामोदर जैसी नदियों से घिरा धनबाद भी आज पानी के लिए तरस रहा है।

उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के बाद भाजपा सरकार ने मैथन डैम से धनबाद तक पेयजल पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार की उदासीनता एवं कुंभकर्णी नींद के कारण आज स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से नल-जल योजना के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है, मगर राज्य सरकार इस योजना में भी भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रही है।

उन्होंने कहा कि आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने धनबाद जिला समाहरणालय का घेराव कर जनता की आवाज को बुलंद करने का कार्य किया है। भाजपा जनता के अधिकारों एवं हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

पत्रकारिता जगत में बड़ी जिम्मेदारी, अभय नाथ दूबे बने पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष

रमेश दूबे

पत्रकारों की आवाज को मिलेगी नई मजबूती, संगठन में खुशी की लहर

जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों व पत्रकारों ने दी शुभकामनाएं

निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता को मिलेगा नया आयाम

संतकबीरनगर। पत्रकारिता जगत के लिए गर्व और हर्ष का विषय है कि वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभय नाथ दूबे को पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन द्वारा यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके लंबे पत्रकारिता अनुभव, सक्रिय कार्यशैली तथा पत्रकार हितों के प्रति समर्पण को देखते हुए सौंपी गई है। उनके मनोनयन की खबर मिलते ही पत्रकारों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई और बधाई देने वालों का तांता लग गया।
इस अवसर पर पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा कृष्ण देव, चेयरमैन ऋषभ मिश्रा आजाद एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने अभय नाथ दूबे को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा पत्रकारों की आवाज को नई बुलंदी मिलेगी।
अभय नाथ दूबे को बधाई देने वालों में प्रमुख उद्योगपति श्रीनरायन सिंह कौशिक, यूथ आईकॉन प्रदीप सिसोदिया, भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुनीता अग्रहरि, संस्कार भारती जिला अध्यक्ष डॉ• सोनी सिंह, समाजसेवी पंडित उदय राज तिवारी, मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, पूर्व छात्र संघ महामंत्री कौशल चौधरी, भाजपा नेता सचिन सिंह श्रीनेत्र, श्रवण अग्रहरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र, अशोक कुमार चौधरी, सत्य प्रकाश राय, जिला पंचायत सदस्य अजय शर्मा, एमडी राजेश्वर सिंह, ओंकार राय, विकास गुप्ता, विधायक अंकुर राज तिवारी, डॉ अमरेंद्र पांडे, डायरेक्टर शोऐब अहमद नदवी, समाजसेवी विजय कुमार सिंह, दिवाकर गौतम, विजय यादव, पत्रकार रमेश दुबे, अब्दुल अजीज, वीरेंद्र यादव, प्रमोद यादव, गोरखनाथ मिश्र, श्याम सिंह, दुर्गेश उपाध्याय एवं शैलेंद्र यादव, अरविंद सिंह, अर्जुन राय, भारद्वाज त्रिपाठी, पीएन पाण्डेय, सुशील सोनी, दीपक पांडे, राम जोखन पांडे, इंस्पेक्टर शालिनी सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, आरपी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार रीवा, इंस्पेक्टर बलराम शुक्ला, अनिल त्रिपाठी, विजय कुमार गुप्ता, अमरजीत यादव, अमित जैन, विनय कुमार चतुर्वेदी, देवी प्रसाद त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह, बाबूल श्रीवास्तव, देवीलाल गुप्ता, अजय श्रीवास्तव, अमित पांडे, राहुल राय, पुनीत ओझा, सत्य प्रकाश वर्मा, शिवानंद चंचल,बागेश त्रिपाठी, विवेक सिंह, सुनील छापड़िया, वसीम अकरम, जगत जायसवाल  सहित अनेक गणमान्य लोगों ने शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभय नाथ दूबे ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व एवं सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता को मजबूती प्रदान करना उनकी प्राथमिकता होगी।
पत्रकार साथियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने विश्वास व्यक्त किया कि अभय नाथ दूबे के नेतृत्व में पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा तथा पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
यूपी में उच्च शिक्षा को नई पहचान: अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
* योगी सरकार का बड़ा कदम, विश्वविद्यालयों के बाद अब डिग्री कॉलेजों को उत्कृष्टता की दौड़ में शामिल करने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कभी नैक (NAAC) रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए++, ए+ और ए ग्रेड हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब सरकार ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार का फोकस अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। योगी सरकार से पहले प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक सीमित थे और कोई भी विश्वविद्यालय ए श्रेणी में नहीं था। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए+ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड हासिल कर चुके हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हुए हैं और छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। इसके अलावा तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।
सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों की तरह यदि डिग्री कॉलेजों में भी गुणवत्ता, शोध और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश में उच्च शिक्षा के सबसे मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकता है।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
“संपदा” कार्यक्रम में सहेजी गई विलुप्त होती अलगोजा वादन परंपरा, ब्रज लोक संगीत की बिखरी छटा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपराओं और विलुप्तप्राय लोक वाद्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में “संपदा” कार्यक्रम के अंतर्गत विलुप्त हो रहे अलगोजा वादन का अभिलेखीकरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी स्टूडियो में किया गया।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम में मथुरा के प्रसिद्ध लोक कलाकार सुखवीर एवं हरप्रसाद ने अलगोजा और चंग वादन की पारंपरिक शैली का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की लोक संवेदनाओं, सांगीतिक विरासत और पारंपरिक धुनों को जीवंत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अलगोजा वादन और लोक संगीत परंपरा पर केंद्रित एक विशेष साक्षात्कार भी आयोजित किया गया। कलाकारों का साक्षात्कार डॉ. शोभित नाहर ने लिया। इस दौरान अलगोजा वादन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, तकनीकी विशेषताओं, वर्तमान चुनौतियों और नई पीढ़ी तक इस लोक परंपरा को पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश एवं देश की विलुप्त होती लोक कलाओं और वाद्य परंपराओं का दस्तावेजीकरण कर उन्हें संरक्षित करना तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। उपस्थित कला प्रेमियों, शोधार्थियों और संगीत अनुरागियों ने इस पहल को लोक संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी और सार्थक कदम बताया।