Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

गंगा दशहरा पर्व को सकुशल,शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु ड्यूटी में लगे पुलिस बल को किया गया ब्रीफ
सुल्तानपुर,आगामी पवित्र गंगा दशहरा पर्व को सकुशल,शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से आज दिनांक 24 मई 2026 को जिलाधिकारी सुलतानपुर इन्द्रजीत सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर चारू निगम  द्वारा ड्यूटी में लगने वाले अधिकारीगण एवं पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देशों के साथ ब्रीफ किया गया।

ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों द्वारा ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेला, धोपाप घाट थाना क्षेत्र लम्भुआ के सुचारू संचालन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करने हेतु निर्देशित किया गया।

इसके अतिरिक्त यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, पार्किंग व्यवस्था, घाट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनपद पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी,अपर पुलिस अधीक्षक,सुलतानपुर,    एसडीएम लम्भुआ, क्षेत्राधिकारी लम्भुआ,  क्षेत्राधिकारी लाइन्स, थाना प्रभारी लम्भुाआ,थाना प्रभारी कादीपुर,महिला थाना प्रभारी  व अन्य अधि/कर्म0गण मौजूद रहे।
जनपद में 3 दिन हीट वेव की संभावना जिला प्रशासन ने किया येलो अलर्ट
फर्रुखाबाद l
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
आगामी तीन दिनों तक लू चलने की संभावना, जिला प्रशासन ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी
जनपद में येलो अलर्ट घोषित, आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है l
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान 24 मई 2026 के अनुसार जनपद फर्रुखाबाद में आगामी तीन दिनों तक भीषण गर्मी एवं लू हीट वेव चलने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है। विभाग द्वारा जनपद के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक सतर्कता एवं बचाव संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी एवं लू को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सावधानियां अपनाएं तथा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
संभावित प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार भीषण गर्मी एवं लू के कारण समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं
अत्यधिक तापमान के कारण लू लगने एवं डिहाइड्रेशन की संभावना
बच्चों, बुजुर्गों एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव
खेतों एवं खुले स्थानों पर कार्य करने वाले किसानों, श्रमिकों एवं मजदूरों को परेशानी
अत्यधिक पसीना आने से शरीर में पानी एवं लवण की कमी
चक्कर आना, उल्टी, सिर दर्द, थकान एवं बेहोशी जैसी समस्याएं
पशुओं एवं पक्षियों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना
जिला प्रशासन द्वारा जारी महत्वपूर्ण सलाह
जन सामान्य को लू से बचाव हेतु निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है—
दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलें।
बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगी हो।
ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
हल्के रंग एवं ढीले सूती कपड़े पहनें।
धूप में निकलते समय छाता या कपड़े का उपयोग करें।
बच्चों एवं बुजुर्गों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें।
खेतों एवं निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक समय-समय पर छायादार स्थान पर विश्राम करें।
घरों एवं कार्यस्थलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन एवं पेयजल की व्यवस्था रखें।
पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी एवं छायादार स्थान की व्यवस्था करें।
क्या न करें
तेज धूप में खाली पेट बाहर न जाएं।
अधिक तले-भुने, मसालेदार एवं बासी भोजन का सेवन न करें।
शराब, अत्यधिक चाय, कॉफी एवं कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
लंबे समय तक धूप में लगातार कार्य न करें।
छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों को अधिक देर तक खुले में न रहने दें।
लू लगने के लक्षण
यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सावधानी बरतें—
तेज बुखार
चक्कर आना
सिर दर्द
उल्टी या जी मिचलाना
अत्यधिक कमजोरी
बेहोशी अथवा भ्रम की स्थिति
प्राथमिक उपचार
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो तुरंत—
उसे छायादार एवं ठंडे स्थान पर लिटाएं।
शरीर एवं सिर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
पंखा, कूलर अथवा हवा की व्यवस्था करें।
यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे ORS या ठंडा पानी पिलाएं।
स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल पहुंचाएं।
विभागों को जारी निर्देश
जिलाधिकारी द्वारा सभी उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि—
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनता को जागरूक किया जाए।
सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य केंद्रों पर ORS, आवश्यक दवाएं एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
आशा, आंगनबाड़ी एवं ग्राम स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से संवेदनशील वर्गों को जागरूक किया जाए।
विद्यालयों एवं सार्वजनिक संस्थानों में भी गर्मी से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए।
आपातकालीन संपर्क सूत्र
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र – 1077
एम्बुलेंस सेवा – 108
कंट्रोल रूम – 05692-235077
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा अत्यधिक गर्मी के दौरान सावधानी बरतते हुए स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
बकरीद पर्व को लेकर हजारीबाग जिले में शांति समिति की बैठक आयोजित

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रविवार 24 मई 2026 को हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में संबंधित पुलिस उपाधीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, अंचलाधिकारी एवं थाना क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बकरीद पर्व को भाईचारे, आपसी सद्भाव और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

हजारीबाग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

हजारीबाग में नो पार्किंग के खिलाफ चला जागरूकता अभियान, दो दिन बाद कटेगा चालान

हजारीबाग। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेशानुसार रविवार 24 मई 2026 को शहर में नो पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान माइक से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को सड़क पर वाहन खड़ा नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।

यह अभियान इंद्रपुरी चौक से शुरू होकर मेन रोड, झंडा चौक, पानी टंकी, पैगोडा चौक, सुंदरी मार्केट, पंच मंदिर चौक, छोटी ग्वालटोली चौक, खाजा चौक, सांसद महोदय मोड़, कल्लू चौक और जिला मोड़ तक चलाया गया। इस दौरान टोटो और ऑटो चालकों को भी नो पार्किंग जोन में वाहन नहीं लगाने की सख्त हिदायत दी गई।

पुलिस की ओर से प्रचारित किया गया कि अगले दो दिनों तक लोगों को जागरूक किया जाएगा, इसके बाद नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान काटने की कार्रवाई की जाएगी।

अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर के नेतृत्व में किया गया। वहीं यातायात थाना प्रभारी सहित 3 पुलिस पदाधिकारी और 10 गृहरक्षकों की टीम गठित कर शहर के विभिन्न इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया गया।

अयोध्या में बनेगा भव्य लव-कुश पार्क, 17.72 करोड़ की लागत से 'कचरे से कला' थीम पर होगा विकास
-रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों के माध्यम से मिलेगा नया स्वरूप

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को मिलेगा नया आयाम

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 'कचरे से कला' थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को इस परियोजना से नया आयाम मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा। रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले से ही अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस विकास की कड़ी को और मजबूत करेगा।

कचरे को कलाकृति में बदलने का अनूठा मॉडल

'कचरे से कला' थीम इस परियोजना की जान है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे। इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए पर्यटक स्वयं इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के लिए, लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा।

छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन

यह पार्क न केवल दर्शनीय होगा बल्कि शैक्षिक भी होगा। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, यह साबित करेगा कि कचरा बोझ नहीं, बल्कि संसाधन हो सकता है।

पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं

अयोध्या में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा। रामायण की कथाओं से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकास का भी साक्षात्कार करेंगे। पार्क में वॉकवे, गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सिक्योरिटी की आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राम भक्तों व पर्यटकों के लिए यह नया केंद्र बनेगा

यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम साबित होगी। आज के समय में जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, अयोध्या जैसे पवित्र शहर से 'कचरे से कला' का संदेश पूरे देश को प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ाते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाएगा। डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है। लव-कुश पार्क अयोध्या को न केवल धार्मिक नगरी के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक भी बनाएगा। राम भक्तों, पर्यटकों, कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह नया केंद्र बनेगा, जो 'कचरे से कला' का जादू दिखाते हुए भगवान राम की नगरी की गरिमा को और बढ़ाएगा।
Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

गंगा दशहरा पर्व को सकुशल,शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु ड्यूटी में लगे पुलिस बल को किया गया ब्रीफ
सुल्तानपुर,आगामी पवित्र गंगा दशहरा पर्व को सकुशल,शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से आज दिनांक 24 मई 2026 को जिलाधिकारी सुलतानपुर इन्द्रजीत सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर चारू निगम  द्वारा ड्यूटी में लगने वाले अधिकारीगण एवं पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देशों के साथ ब्रीफ किया गया।

ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों द्वारा ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेला, धोपाप घाट थाना क्षेत्र लम्भुआ के सुचारू संचालन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करने हेतु निर्देशित किया गया।

इसके अतिरिक्त यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, पार्किंग व्यवस्था, घाट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनपद पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी,अपर पुलिस अधीक्षक,सुलतानपुर,    एसडीएम लम्भुआ, क्षेत्राधिकारी लम्भुआ,  क्षेत्राधिकारी लाइन्स, थाना प्रभारी लम्भुाआ,थाना प्रभारी कादीपुर,महिला थाना प्रभारी  व अन्य अधि/कर्म0गण मौजूद रहे।
जनपद में 3 दिन हीट वेव की संभावना जिला प्रशासन ने किया येलो अलर्ट
फर्रुखाबाद l
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
आगामी तीन दिनों तक लू चलने की संभावना, जिला प्रशासन ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी
जनपद में येलो अलर्ट घोषित, आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है l
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान 24 मई 2026 के अनुसार जनपद फर्रुखाबाद में आगामी तीन दिनों तक भीषण गर्मी एवं लू हीट वेव चलने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है। विभाग द्वारा जनपद के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक सतर्कता एवं बचाव संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी एवं लू को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सावधानियां अपनाएं तथा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
संभावित प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार भीषण गर्मी एवं लू के कारण समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं
अत्यधिक तापमान के कारण लू लगने एवं डिहाइड्रेशन की संभावना
बच्चों, बुजुर्गों एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव
खेतों एवं खुले स्थानों पर कार्य करने वाले किसानों, श्रमिकों एवं मजदूरों को परेशानी
अत्यधिक पसीना आने से शरीर में पानी एवं लवण की कमी
चक्कर आना, उल्टी, सिर दर्द, थकान एवं बेहोशी जैसी समस्याएं
पशुओं एवं पक्षियों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना
जिला प्रशासन द्वारा जारी महत्वपूर्ण सलाह
जन सामान्य को लू से बचाव हेतु निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है—
दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलें।
बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगी हो।
ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
हल्के रंग एवं ढीले सूती कपड़े पहनें।
धूप में निकलते समय छाता या कपड़े का उपयोग करें।
बच्चों एवं बुजुर्गों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें।
खेतों एवं निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक समय-समय पर छायादार स्थान पर विश्राम करें।
घरों एवं कार्यस्थलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन एवं पेयजल की व्यवस्था रखें।
पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी एवं छायादार स्थान की व्यवस्था करें।
क्या न करें
तेज धूप में खाली पेट बाहर न जाएं।
अधिक तले-भुने, मसालेदार एवं बासी भोजन का सेवन न करें।
शराब, अत्यधिक चाय, कॉफी एवं कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
लंबे समय तक धूप में लगातार कार्य न करें।
छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों को अधिक देर तक खुले में न रहने दें।
लू लगने के लक्षण
यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सावधानी बरतें—
तेज बुखार
चक्कर आना
सिर दर्द
उल्टी या जी मिचलाना
अत्यधिक कमजोरी
बेहोशी अथवा भ्रम की स्थिति
प्राथमिक उपचार
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो तुरंत—
उसे छायादार एवं ठंडे स्थान पर लिटाएं।
शरीर एवं सिर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
पंखा, कूलर अथवा हवा की व्यवस्था करें।
यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे ORS या ठंडा पानी पिलाएं।
स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल पहुंचाएं।
विभागों को जारी निर्देश
जिलाधिकारी द्वारा सभी उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि—
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनता को जागरूक किया जाए।
सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य केंद्रों पर ORS, आवश्यक दवाएं एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
आशा, आंगनबाड़ी एवं ग्राम स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से संवेदनशील वर्गों को जागरूक किया जाए।
विद्यालयों एवं सार्वजनिक संस्थानों में भी गर्मी से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए।
आपातकालीन संपर्क सूत्र
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र – 1077
एम्बुलेंस सेवा – 108
कंट्रोल रूम – 05692-235077
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा अत्यधिक गर्मी के दौरान सावधानी बरतते हुए स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
बकरीद पर्व को लेकर हजारीबाग जिले में शांति समिति की बैठक आयोजित

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रविवार 24 मई 2026 को हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में संबंधित पुलिस उपाधीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, अंचलाधिकारी एवं थाना क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बकरीद पर्व को भाईचारे, आपसी सद्भाव और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

हजारीबाग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

हजारीबाग में नो पार्किंग के खिलाफ चला जागरूकता अभियान, दो दिन बाद कटेगा चालान

हजारीबाग। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेशानुसार रविवार 24 मई 2026 को शहर में नो पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान माइक से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को सड़क पर वाहन खड़ा नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।

यह अभियान इंद्रपुरी चौक से शुरू होकर मेन रोड, झंडा चौक, पानी टंकी, पैगोडा चौक, सुंदरी मार्केट, पंच मंदिर चौक, छोटी ग्वालटोली चौक, खाजा चौक, सांसद महोदय मोड़, कल्लू चौक और जिला मोड़ तक चलाया गया। इस दौरान टोटो और ऑटो चालकों को भी नो पार्किंग जोन में वाहन नहीं लगाने की सख्त हिदायत दी गई।

पुलिस की ओर से प्रचारित किया गया कि अगले दो दिनों तक लोगों को जागरूक किया जाएगा, इसके बाद नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान काटने की कार्रवाई की जाएगी।

अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर के नेतृत्व में किया गया। वहीं यातायात थाना प्रभारी सहित 3 पुलिस पदाधिकारी और 10 गृहरक्षकों की टीम गठित कर शहर के विभिन्न इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया गया।

अयोध्या में बनेगा भव्य लव-कुश पार्क, 17.72 करोड़ की लागत से 'कचरे से कला' थीम पर होगा विकास
-रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों के माध्यम से मिलेगा नया स्वरूप

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को मिलेगा नया आयाम

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 'कचरे से कला' थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को इस परियोजना से नया आयाम मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा। रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले से ही अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस विकास की कड़ी को और मजबूत करेगा।

कचरे को कलाकृति में बदलने का अनूठा मॉडल

'कचरे से कला' थीम इस परियोजना की जान है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे। इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए पर्यटक स्वयं इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के लिए, लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा।

छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन

यह पार्क न केवल दर्शनीय होगा बल्कि शैक्षिक भी होगा। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, यह साबित करेगा कि कचरा बोझ नहीं, बल्कि संसाधन हो सकता है।

पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं

अयोध्या में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा। रामायण की कथाओं से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकास का भी साक्षात्कार करेंगे। पार्क में वॉकवे, गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सिक्योरिटी की आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राम भक्तों व पर्यटकों के लिए यह नया केंद्र बनेगा

यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम साबित होगी। आज के समय में जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, अयोध्या जैसे पवित्र शहर से 'कचरे से कला' का संदेश पूरे देश को प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ाते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाएगा। डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है। लव-कुश पार्क अयोध्या को न केवल धार्मिक नगरी के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक भी बनाएगा। राम भक्तों, पर्यटकों, कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह नया केंद्र बनेगा, जो 'कचरे से कला' का जादू दिखाते हुए भगवान राम की नगरी की गरिमा को और बढ़ाएगा।