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गया में सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का भव्य समापन, 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया
गया: गया की पावन धरती पर आयोजित सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का शनिवार को उत्साह और गरिमा के साथ भव्य समापन हुआ। 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक चले इस महोत्सव में खेल, संस्कृति और उद्यमिता का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें भाग लेने के लिए किसी प्रकार का कोई सहभागिता शुल्क नहीं रखा गया। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिला और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के दौरान लगभग 3,000 खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें 13 विभिन्न खेलों में भाग लेने का अवसर दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि सांसद जीतन राम मांझी ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार है और ऐसे आयोजन उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने घोषणा की कि इस पहल के तहत 20,000 खेल किट्स का वितरण प्रखंड, पंचायत और विधानसभा स्तर पर किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा। महोत्सव के दौरान आयोजित MSME मीट एवं प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर दिया। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुले और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिली। कार्यक्रम की सफलता में आयोजकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही घोषणा की गई कि दिसंबर-जनवरी में और बड़े स्तर पर खेल टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक युवाओं को अवसर मिल सकेगा।
झारखंड में मलेरिया के खिलाफ जंग तेज: 10 मुखिया और JSLPS बहनें सम्मानित
रांची:- शनिवार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आईपीएच सभागार में वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को श्री शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने सम्मानित किया । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ,झारखंड के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है । लोग, किसी भी रोग से ग्रसित ना रहें, ये स्वास्थ विभाग का दृढ़संकल्प हैं । एनएचएम झारखंड वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं । हमने पोलियो से निजात पाई । लोगों में जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग के साझा प्रयास से निजात पाने में सफल रहे हैं । इसी तरह हम मलेरिया से भी निजात पा सकेंगे । उन्होंने कहा कि लगातार छिड़काव और मच्छरदानी के प्रयोग से मच्छर के प्रकोप से बच सकते हैं । नालियों को साफ़ रखें ।
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स्वास्थ्य विभाग लगातार वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के क्षेत्र में कर रहा है कार्य
श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में लगातार कोई ना कोई दिवस का आयोजन होता है जो स्वास्थ्य से संबंधित होता है। सालभर हमलोग स्वास्थ्य से संबंधित कुल 46 एक्टिविटी करते हैं । इसमें बीमारी से बचाव ,रोकथाम और उन्मूलन पर परिचर्चा करते हैं ।
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जागरूकता एवं साझा प्रयास से ही रोगों पर पाया जा सकता है काबू
श्री झा ने कहा कि कम्यूनिकेबल डिजीस और नॉन कम्यूनिकेबल डिजीस के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है । बीमारियों को कम करना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करनी होगी । लोगों में प्रशिक्षण और जागरूकता से बीमारी से बचाव और बीमारी हो जाने पर बीमारी से कैसे लड़ा जाए इस पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकते है। जागरूकता के लिए बीमारी से संबंधित वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दे सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर पंचायत स्तर पर भी मुखिया के माध्यम से मलेरिया से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए । टीकाकरण और संस्थागत प्रसव भी शत प्रतिशत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से हो रहा है। राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से निशुल्क दवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं ।
डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है , मलेरिया को कम करना और
कालाजार से राज्य को मुक्त करना। हम सब मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।
डॉ दिनेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य ने कहा कि मलेरिया को खत्म करने के लिए प्रचार प्रसार की जरूरत है और लोगो को इसके बारे में जागरुक करना होगा।
विकाश सिंहा,कोर टीम मेंबर, पीरामल ने पीपीटी के माध्यम से मलेरिया के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।
वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मान
इस अवसर पर वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया । जिसमें विभिन्न जिलों के मुखिया , साहेबगंज से किरण सोरेन, काकुली मुखर्जी, धनबाद, अनुज कुमार सिंह ,गढ़वा , शिशिर टोप्पो , सिमडेगा ,बुलबुल कुमारी , रामगढ़ , रवि कुमार दास , हजारीबाग ,सुनीता देवी , लातेहार, जीने लकड़ा ,गुमला ,नैका सोरेन, पाकुड़ ,कृष्णा पाहन,रांची एवं मधु देवी , गिरिडीह को सम्मानित किया गया । साथ ही जेएसएलपीएस की बहनों को भी सम्मानित किया गया जिसमें ब्यूटी भट्टाचार्य , धनबाद ,शकीला खातून , सिमडेगा ,शिखा कुमारी , गुमला , मलोरी देवी ,पाकुड़ एवं संजय कुमार यादव ,लातेहार शामिल हैं।
झारखंड राज्य में वर्ष 2025 में कुल 42,236 मलेरिया के केस मिले। मलेरिया कीट(RDT) से कुल 14,69,564 जांच किया गया। स्लाइड से कुल 55,08,928 मलेरिया जांच किया गया।
राज्य में आठ जिले ऐसे हैं जा है 100 से कम मलेरिया के केस मिले वर्ष 2025 में( बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़, जामताड़ा)
इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी वेक्टर जनित रोग,डॉ लाल माँझी एनसीडी के नोडल पदाधिकारी डॉ विजय रजक , डॉ मुकेश कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे
होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण, सख्त सुरक्षा और नकल रोकने के निर्देश
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सुल्तानपुर । आज जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को पूर्णतः शुचितापूर्ण, नकल विहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के दृष्टिगत जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह एवं पुलिस अधीक्षक चारू निगम द्वारा जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा:
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटियों को चेक किया तथा उन्हें मुस्तैदी से कार्य करने हेतु निर्देशित किया।
प्रथम पाली का निरीक्षण:
भ्रमणशील रहकर अधिकारियों ने प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान केंद्रों के भीतर एवं बाहर की व्यवस्थाओं को देखा। सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता और प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग (तलाशी) प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
अधिकारियों को निर्देश:
केंद्र व्यवस्थापकों एवं संबंधित पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की शिथिलता या संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल कठोर विधिक कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को भी लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार
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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार
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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
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रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
तमिलनाडु-बंगाल में पहले चरण के मतदान बाद जांच पूरी, किसी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के बाद फॉर्म 17ए (मतदाता रजिस्टर) और अन्य चुनावी दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है। आयोग ने बताया कि दोनों राज्यों में किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई है।
आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया 24 अप्रैल को निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में पूरी की गई। पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद 1,478 उम्मीदवारों को जांच की तारीख, समय और स्थान की जानकारी दी गई थी। इस प्रक्रिया में 600 से अधिक उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 44,376 मतदान केंद्रों की जांच के बाद किसी भी केंद्र पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पाई गई। वहीं, तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद 4,023 उम्मीदवारों को जांच में शामिल होने के लिए सूचित किया गया था। इसमें 1,825 उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 75,064 मतदान केंद्रों की जांच के बाद यहां भी किसी केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं हुई।
चुनाव आयोग ने बताया कि पूरी जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और जांच के बाद फॉर्म 17ए सहित संबंधित सामग्री को दोबारा सील कर दिया गया। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है, जहां दोहरे ताले, सीसीटीवी निगरानी और 24 घंटे दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम का दिन में दो बार निरीक्षण किया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी मुख्यालय स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का रोजाना तथा बाहरी क्षेत्रों में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का हर तीन-चार दिन में निरीक्षण करेंगे। उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी परिसर में निगरानी के लिए कैंप लगाने की अनुमति दी गई है।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
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नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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गया में सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का भव्य समापन, 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया
गया: गया की पावन धरती पर आयोजित सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का शनिवार को उत्साह और गरिमा के साथ भव्य समापन हुआ। 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक चले इस महोत्सव में खेल, संस्कृति और उद्यमिता का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें भाग लेने के लिए किसी प्रकार का कोई सहभागिता शुल्क नहीं रखा गया। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिला और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के दौरान लगभग 3,000 खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें 13 विभिन्न खेलों में भाग लेने का अवसर दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि सांसद जीतन राम मांझी ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार है और ऐसे आयोजन उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने घोषणा की कि इस पहल के तहत 20,000 खेल किट्स का वितरण प्रखंड, पंचायत और विधानसभा स्तर पर किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा। महोत्सव के दौरान आयोजित MSME मीट एवं प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर दिया। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुले और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिली। कार्यक्रम की सफलता में आयोजकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही घोषणा की गई कि दिसंबर-जनवरी में और बड़े स्तर पर खेल टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक युवाओं को अवसर मिल सकेगा।
झारखंड में मलेरिया के खिलाफ जंग तेज: 10 मुखिया और JSLPS बहनें सम्मानित
रांची:- शनिवार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आईपीएच सभागार में वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को श्री शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने सम्मानित किया । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ,झारखंड के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है । लोग, किसी भी रोग से ग्रसित ना रहें, ये स्वास्थ विभाग का दृढ़संकल्प हैं । एनएचएम झारखंड वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं । हमने पोलियो से निजात पाई । लोगों में जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग के साझा प्रयास से निजात पाने में सफल रहे हैं । इसी तरह हम मलेरिया से भी निजात पा सकेंगे । उन्होंने कहा कि लगातार छिड़काव और मच्छरदानी के प्रयोग से मच्छर के प्रकोप से बच सकते हैं । नालियों को साफ़ रखें ।
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स्वास्थ्य विभाग लगातार वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के क्षेत्र में कर रहा है कार्य
श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में लगातार कोई ना कोई दिवस का आयोजन होता है जो स्वास्थ्य से संबंधित होता है। सालभर हमलोग स्वास्थ्य से संबंधित कुल 46 एक्टिविटी करते हैं । इसमें बीमारी से बचाव ,रोकथाम और उन्मूलन पर परिचर्चा करते हैं ।
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जागरूकता एवं साझा प्रयास से ही रोगों पर पाया जा सकता है काबू
श्री झा ने कहा कि कम्यूनिकेबल डिजीस और नॉन कम्यूनिकेबल डिजीस के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है । बीमारियों को कम करना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करनी होगी । लोगों में प्रशिक्षण और जागरूकता से बीमारी से बचाव और बीमारी हो जाने पर बीमारी से कैसे लड़ा जाए इस पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकते है। जागरूकता के लिए बीमारी से संबंधित वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दे सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर पंचायत स्तर पर भी मुखिया के माध्यम से मलेरिया से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए । टीकाकरण और संस्थागत प्रसव भी शत प्रतिशत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से हो रहा है। राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से निशुल्क दवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं ।
डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है , मलेरिया को कम करना और
कालाजार से राज्य को मुक्त करना। हम सब मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।
डॉ दिनेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य ने कहा कि मलेरिया को खत्म करने के लिए प्रचार प्रसार की जरूरत है और लोगो को इसके बारे में जागरुक करना होगा।
विकाश सिंहा,कोर टीम मेंबर, पीरामल ने पीपीटी के माध्यम से मलेरिया के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।
वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मान
इस अवसर पर वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया । जिसमें विभिन्न जिलों के मुखिया , साहेबगंज से किरण सोरेन, काकुली मुखर्जी, धनबाद, अनुज कुमार सिंह ,गढ़वा , शिशिर टोप्पो , सिमडेगा ,बुलबुल कुमारी , रामगढ़ , रवि कुमार दास , हजारीबाग ,सुनीता देवी , लातेहार, जीने लकड़ा ,गुमला ,नैका सोरेन, पाकुड़ ,कृष्णा पाहन,रांची एवं मधु देवी , गिरिडीह को सम्मानित किया गया । साथ ही जेएसएलपीएस की बहनों को भी सम्मानित किया गया जिसमें ब्यूटी भट्टाचार्य , धनबाद ,शकीला खातून , सिमडेगा ,शिखा कुमारी , गुमला , मलोरी देवी ,पाकुड़ एवं संजय कुमार यादव ,लातेहार शामिल हैं।
झारखंड राज्य में वर्ष 2025 में कुल 42,236 मलेरिया के केस मिले। मलेरिया कीट(RDT) से कुल 14,69,564 जांच किया गया। स्लाइड से कुल 55,08,928 मलेरिया जांच किया गया।
राज्य में आठ जिले ऐसे हैं जा है 100 से कम मलेरिया के केस मिले वर्ष 2025 में( बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़, जामताड़ा)
इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी वेक्टर जनित रोग,डॉ लाल माँझी एनसीडी के नोडल पदाधिकारी डॉ विजय रजक , डॉ मुकेश कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे
होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण, सख्त सुरक्षा और नकल रोकने के निर्देश
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सुल्तानपुर । आज जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को पूर्णतः शुचितापूर्ण, नकल विहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के दृष्टिगत जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह एवं पुलिस अधीक्षक चारू निगम द्वारा जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा:
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटियों को चेक किया तथा उन्हें मुस्तैदी से कार्य करने हेतु निर्देशित किया।
प्रथम पाली का निरीक्षण:
भ्रमणशील रहकर अधिकारियों ने प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान केंद्रों के भीतर एवं बाहर की व्यवस्थाओं को देखा। सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता और प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग (तलाशी) प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
अधिकारियों को निर्देश:
केंद्र व्यवस्थापकों एवं संबंधित पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की शिथिलता या संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल कठोर विधिक कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को भी लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार
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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार
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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
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रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
तमिलनाडु-बंगाल में पहले चरण के मतदान बाद जांच पूरी, किसी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के बाद फॉर्म 17ए (मतदाता रजिस्टर) और अन्य चुनावी दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है। आयोग ने बताया कि दोनों राज्यों में किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई है।
आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया 24 अप्रैल को निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में पूरी की गई। पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद 1,478 उम्मीदवारों को जांच की तारीख, समय और स्थान की जानकारी दी गई थी। इस प्रक्रिया में 600 से अधिक उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 44,376 मतदान केंद्रों की जांच के बाद किसी भी केंद्र पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पाई गई। वहीं, तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद 4,023 उम्मीदवारों को जांच में शामिल होने के लिए सूचित किया गया था। इसमें 1,825 उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 75,064 मतदान केंद्रों की जांच के बाद यहां भी किसी केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं हुई।
चुनाव आयोग ने बताया कि पूरी जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और जांच के बाद फॉर्म 17ए सहित संबंधित सामग्री को दोबारा सील कर दिया गया। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है, जहां दोहरे ताले, सीसीटीवी निगरानी और 24 घंटे दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम का दिन में दो बार निरीक्षण किया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी मुख्यालय स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का रोजाना तथा बाहरी क्षेत्रों में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का हर तीन-चार दिन में निरीक्षण करेंगे। उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी परिसर में निगरानी के लिए कैंप लगाने की अनुमति दी गई है।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
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नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
6 hours ago
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