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जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम हुए सख्त, अब विलंबित मामलों में बढ़ेगी प्रशासनिक प्रक्रिया नई व्यवस्था आज से लागू, समय पर पंजीकरण कराने पर जोर
अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत विलंबित पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक सत्यापन और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। नियमों के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना चाहिए। निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण नि:शुल्क किया जाता है। 21 दिन से 1 वर्ष तक यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के बाद, लेकिन एक वर्ष के भीतर कराया जाता है, तो निर्धारित विलंब शुल्क के साथ रजिस्ट्रार की अनुमति से पंजीकरण किया जाएगा। 1 वर्ष से 2 वर्ष तक एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष तक पुराने मामलों में पंजीकरण के लिए जिलाधिकारी (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) अथवा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश एवं आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 2 वर्ष से अधिक पुराने मामले वहीं, दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) का आदेश अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था का मुख्य प्रभाव एक वर्ष से अधिक विलंब वाले पंजीकरण मामलों पर पड़ेगा। इसके माध्यम से जन्म एवं मृत्यु के रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक और व्यवस्थित बनाने तथा विलंबित पंजीकरण में सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग शिक्षा, पहचान, सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट सहित विभिन्न सेवाओं में किया जाता है, जबकि मृत्यु पंजीकरण कानूनी, उत्तराधिकार एवं विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण दस्तावेज है। नागरिकों से अपील है कि जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण निर्धारित समयसीमा के भीतर ही कराएं, ताकि भविष्य में विलंबित पंजीकरण की अतिरिक्त प्रक्रिया से बचा जा सके।
గణేశ్ నిమజ్జనానికి ఎస్సారెస్పీ నుంచి నీటి విడుదల

కరీంనగర్/కొత్తపల్లి: గణేశ్ విగ్రహాల నిమజ్జనం కోసం ఎస్సారెస్పీ మెయిన్ కెనాల్‌కు సోమవారం నీటిని విడుదల చేశారు. నవరాత్రి ఉత్సవాలు ముగియనున్న నేపథ్యంలో కరీంనగర్ జిల్లాలోని కాకతీయ కాల్వలు, డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనానికి ఇబ్బందులు లేకుండా నీటిని విడుదల చేయాలని చొప్పదండి ఎమ్మెల్యే మేడిపల్లి సత్యం ప్రాజెక్టు చీఫ్ ఇంజినీర్‌ను కోరారు.

కొన్నేళ్లుగా గణేశ్ విగ్రహాలను కాకతీయ కాల్వలతో పాటు పలు డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనం చేస్తున్నారని, ప్రస్తుతం కాల్వల్లో నీరు లేక భక్తులు ఇబ్బందులు ఎదుర్కొంటున్నారని ఎమ్మెల్యే అధికారుల దృష్టికి తీసుకెళ్లారు. దీంతో ఎమ్మెల్యే సూచన మేరకు నీటిని విడుదల చేస్తామని ప్రాజెక్టు సీఈ తెలిపారు.

సోమవారం ఉదయం 11 గంటలకు తొలుత 500 క్యూసెక్కుల నీటిని విడుదల చేశారు. అనంతరం సాయంత్రం మరో 3 వేల క్యూసెక్కుల నీటిని వదిలారు. కరీంనగర్ నగరంలో పెద్ద సంఖ్యలో గణేశ్ విగ్రహాలను నిమజ్జనం చేసే చింతకుంట కెనాల్‌కు మంగళవారం రాత్రి వరకు నీరు చేరే అవకాశం ఉందని అధికారులు తెలిపారు.

उत्तर प्रदेश को आपदा-रोधी राज्य के रूप में और सुदृढ़ करने के लिए राज्यव्यापी अभ्यास आयोजित
- *भूकंप, रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सिम्पोजियम सम्पन्न*

- *18 सितम्बर को प्रदेश की 157 तहसीलों में होगी राज्यव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज*

- *विभिन्न विभागों, विशेषज्ञ संस्थाओं एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों ने साझा किए अनुभव; समन्वित एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और सुदृढ़ करने पर जोर*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) एवं अग्नि जैसी बहु-जोखिम वाली आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमता एवं अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय Symposium-cum-Table Top Exercise (TTEx) – State Mock Exercise on Earthquake, Chemical and Fire Hazards आज यूपी एसडीएमए भवन, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र में UP SDMA  के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, PVSM, AVSM, VSM  (सेवानिवृत्त) ने कहा कि इस प्रकार की अभ्यासों का उद्देश्य राज्य, मण्डल एवं जनपद स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक समय में कार्यक्षमता को परखना, संभावित कमियों की पहचान करना तथा उन्हें समयबद्ध रूप से दूर करना है। उन्होंने कहा कि अभ्यास केवल तैयारियों के आकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एकीकृत, त्वरित एवं प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश की आपदा-रोधी क्षमता एवं Resilience को और मजबूत करना है।
प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, श्रीमती अपर्णा यू., IASus ने कहा कि प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था का लक्ष्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि आपदा से पूर्व जोखिम को कम करना, समय रहते तैयारी सुनिश्चित करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है।
अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, पद्मजा चौहान, IPSus ने कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य, परिवहन, सुरक्षा एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की क्षमताओं को एकीकृत करते हुए Whole of Government एवं Whole of Society  दृष्टिकोण को और मजबूत किए जाने पर बल दिया।
पुलिस महानिदेशक, पी.ए.सी. उत्तर प्रदेश, डॉ. आलोक सिंह, IPSus ने बताया कि आपदा के समय प्रत्येक सेकंड महत्वपूर्ण होती है। प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए संबंधित विभागों एवं एजेंसियों की भूमिका, कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था तथा संसाधनों की उपलब्धता पहले से स्पष्ट और समन्वित होना आवश्यक है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की सदस्या सुश्री रीता मिसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि आपदाएं केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया की चुनौती नहीं हैं, बल्कि वेपूर्व तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण, संस्थागत क्षमता तथा समन्वित नेतृत्व की भी कसौटी हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, PVSM, UYSM, AVSM, YSM, आर्मी कमांडर, सेंट्रल कमांड, भारतीय सेनाने आधुनिक तकनीक, अर्ली वार्निंग, त्वरित संचार, विशेषज्ञ संसाधनों एवं फील्ड स्तर की क्षमताओं को आपदा तैयारी की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए मिलिट्री - सिविल कोऑर्डिनेशन पर बल दिया और इस्के निरंतर सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
अभ्यास में उत्तर प्रदेश के भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील 34 जनपदोंको केंद्रित किया गया। इन जनपदों केअपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उप जिलाधिकारी एवं आपदा विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त 11 मण्डलों से पुलिस, स्वास्थ्य तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियोंने भी सहभागिता की। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थाओं, आपदा प्रतिक्रिया बलों एवं अन्य हितधारकों की भागीदारी के माध्यम से विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान तथा समन्वित प्रतिक्रियाकी व्यवस्थाओं को परखा गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन आयोजित सिम्पोजियम में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) एवं अग्नि आपदाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर NDMA, DRDE-DRDO, NCS, UP SDMA, उत्तर प्रदेश फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज, भारतीय रेल, NDRF, स्वास्थ्य विभाग तथा भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड सहित विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने अनुभव, तकनीकी जानकारी एवं सर्वाेत्तम कार्यप्रणालियां साझा कीं। सिम्पोजियम के दौरान अग्नि एवं औद्योगिक आपदाओं से संबंधित केस स्टडीज भी प्रस्तुत की गईं। प्रथम दिन एक्सरसाइज का संचालन प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी श्री मान्धाता प्रताप सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन आज टेबल टॉप एक्सरसाइज में आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था परखी गयी। TTEx के माध्यम से भूकंप, रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से संबंधित विभिन्न परिदृश्यों में जनपदों, विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की तैयारी, निर्णय लेने की क्षमता, कमांड एवं कंट्रोल तथा अंतर-विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान भूकंप के तत्काल बाद की कार्रवाई, विद्यालयों, अस्पतालों एवं प्रशासनिक कार्यालयों की स्थिति, रासायनिक गैस रिसाव एवं तरल रसायन के फैलाव तथा अस्पतालों, विद्यालयों एवं बहुमंजिला भवनों में अग्नि आपात स्थिति जैसे परिदृश्यों पर प्रतिभागियों द्वारा प्रतिक्रिया रणनीतियों पर चर्चा की गयी। टेबल टॉप एक्सरसाइज का संचालन प्राधिकरण के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर- प्रशिक्षण प्रवीन किशोर द्वारा किया गया।
अभ्यास के अगले चरण में 18 सितम्बर 2026 को राज्यव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। 34 जनपदों की 157 तहसीलों में विभिन्न चिन्हित स्थलों पर एक साथ भौतिक रूप से आयोजित होने वाला यह अभ्यास प्रदेश की भूकंप संबंधी तैयारियों एवं बहु-स्तरीय आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक परिस्थितियों में व्यापक परख करेगा। इस दौरान सभी संबंधित जनपदों में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) एवं Incident Response Teams (IRT) को सक्रिय किया जाएगा। इसके माध्यम से कमांड, नियंत्रण, सूचना संप्रेषण एवं अंतर-विभागीय समन्वय की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा। प्रत्येक जनपद मेंफील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर बड़े पैमाने पर घायलों के त्वरित उपचार, ट्रायेज, रेफरल एवं चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों को भी परखा जाएगा। मॉक एक्सरसाइज के दौरान भूकंप के पश्चात भवनों से सुरक्षित निकासी, ध्वस्त संरचनाओं में खोज एवं बचाव, अग्निकांड, गैस/रासायनिक रिसाव एवं अन्य संभावित द्वितीयक आपदा परिस्थितियों का सजीव अभ्यास किया जाएगा। इन परिदृश्यों को विद्यालयों, मॉल, कार्यालयों, बहुमंजिला भवनों तथा औद्योगिक इकाइयों-विशेषकर MAH एवं Non-MAH  इकाइयों में व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित एवं अभ्यासित किया जाएगा। अभ्यास को और अधिक व्यापक एवं यथार्थपरक बनाने के लिए भारतीय रेल द्वारा भूकंप के कारण ट्रेन के पटरी से उतरने (Derailment) की विशेष आपदा परिस्थिति का भी सिमुलेशन किया जाएगा। इसमें खोज एवं बचाव, घायलों की निकासी, चिकित्सा सहायता, राहत तथा विभिन्न संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। पूरे मेगा मॉक एक्सरसाइज की UP SDMA  द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तर से लाइव मॉनिटरिंग एवं कमांड-एंड-कंट्रोल किया जाएगा।
जनपद मऊ -: न्यू पीएचसी पर SDM की औचक एंट्री, मची खलबली!
गंदगी देख भड़के SDM दीपक सिंह, बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई की सख्त चेतावनी!

न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर SDM दीपक सिंह की अचानक दस्तक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे एसडीएम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया तो सफाई व्यवस्था में खामियां और गंदगी देखकर नाराजगी जताई।

उन्होंने जिम्मेदारों को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाओं और इलाज की व्यवस्था को लेकर भी एसडीएम ने जानकारी ली। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद मरीजों को बाहर से दवा लिखने की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

SDM की इस औचक कार्रवाई से स्वास्थ्य केंद्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। निरीक्षण के जरिए उन्होंने साफ कर दिया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा से खिलवाड़ और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।

अब सवाल यही है—औचक निरीक्षण के बाद क्या न्यू पीएचसी की व्यवस्थाएं वास्तव में सुधरेंगी?
बेलन नदी के ऊपर से पानी बहने लगा है 1994 जैसी बाढ़विभीषिका का की संभावना हो गईं है

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , सारी नदियों नालों पर बने पुल पुलिया डूब गये हैं, रास्ते सब बंद, दर्जनों गाँवों के बाढ़ से प्रभावित डूबने की संभावना दिख रही है,
एसडीम कोराँव ठाकुर प्रसाद टीम के साथ सभी नदियों गाँवो का जायेजा ले रहे,

उन्होंने आग्रह किया है कि बेलन नदी मेँ डैम से काफ़ी पानी छोड़ दिया गया है लोग बेलन सेवटी टुंडीयारी लपरी नदी के किनारे के गांव वाले किसी ऊँचाई स्थान पर जाने ठहरने की ब्यवस्था बना ले, क्योंकि बाढ़ कम होने का नाम नहीं ले रहा है,
Sdm तहसीलदार पूरी टीम के साथ प्रभावित स्थलों पर लोगों को सुरक्छित रहने की सलाह देते फिर रहे हैं,
यदि बेलन मेँ पानी इसी रफ़्तार से चालू रहा तो काफ़ी जान माल की हानि हो सकती है,।
‘कौशल संपर्क’ QR कोड से युवाओं की आवाज अब सीधे UPSDM तक

-  स्वतंत्रता दिवस पर कौशल विकास मिशन की नई पहल, AI और सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण के लिए दो MoU

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने युवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर रोजगार अवसरों से जोड़ने के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में नई पहल शुरू की। मिशन मुख्यालय में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की समस्याओं, सुझावों और फीडबैक को सीधे मिशन तक पहुंचाने के लिए ‘कौशल संपर्क’ QR कोड लॉन्च किया गया। साथ ही युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्ट स्किल्स में प्रशिक्षित करने के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत मिशन निदेशक पुलकित खरे ने ध्वजारोहण के साथ की। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के दौरान तिरंगे को नमन किया।
इस अवसर पर मिशन निदेशक ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का बोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को कौशल-संपन्न और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास मिशन लगातार नई तकनीक और नवाचार को प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ रहा है। वर्तमान समय में युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी दक्षता के साथ संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और कार्यस्थल की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

-  AI और सॉफ्ट स्किल्स के प्रशिक्षण पर जोर
समारोह में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए ITP तीव्र एजुकेशन टेक प्राइवेट लिमिटेड और फुल्गोर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ दो MoU किए गए। इनके माध्यम से युवाओं को Artificial Intelligence और Soft Skills का विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रशिक्षणार्थियों की तकनीकी समझ के साथ संचार क्षमता, व्यक्तित्व विकास और रोजगार के लिए उनकी तैयारी को मजबूत करने का लक्ष्य है।

-  QR कोड से सीधे मिशन तक पहुंचेगा फीडबैक
‘कौशल संपर्क’ पहल को प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्रों पर उपलब्ध QR कोड को स्कैन कर युवा अपने प्रशिक्षण से संबंधित अनुभव साझा कर सकेंगे। वे बता सकेंगे कि प्रशिक्षण की व्यवस्था कैसी है, उन्हें क्या उपयोगी लगा और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। शिकायत और सुझाव दर्ज कराने की सुविधा भी इसी माध्यम से उपलब्ध होगी।
इस डिजिटल व्यवस्था से प्राप्त फीडबैक सीधे मिशन तक पहुंचेगा। इससे प्रशिक्षण केंद्रों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने और कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।

-  'कौशल वाटिका’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान UPSDM मुख्यालय परिसर में ‘कौशल वाटिका’ का भी उद्घाटन किया गया। इसका उद्देश्य परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना है।

-  विश्व युवा कौशल दिवस के आयोजन में योगदान देने वालों का सम्मान
समारोह में 15 जुलाई को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के कार्यक्रमों को सफल बनाने में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह, सहायक निदेशक पवित्रा टंडन, सीओओ आशीष कुमार सहित मिशन के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
IBM के साथ योगी सरकार की बड़ी साझेदारी, युवाओं को मिलेगा AI आधारित प्रशिक्षण और रोजगार

-  मेगा जॉब मेला-2026 का शुभारंभ, UPSDM और IBM के बीच हुआ MoU; 20 से अधिक कंपनियों ने दिए रोजगार के अवसर


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित मेगा जॉब मेला-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और IBM के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने किया।
नई साझेदारी के तहत प्रदेश के प्रशिक्षण संस्थानों में AI, डिजिटल स्किल्स, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप तैयार कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

-  'नई तकनीक सीखना समय की जरूरत' : कपिल देव अग्रवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि AI, डिजिटल स्किल्स, प्रभावी संवाद क्षमता और आत्मविश्वास भी सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं से किसी भी नौकरी को छोटा न समझने, निरंतर सीखने की आदत विकसित करने और बदलती तकनीक के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराकर 'विकसित उत्तर प्रदेश' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करना है।

-  2 हजार से अधिक युवाओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कौशल विकास मिशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। वहीं IBM इंडिया/दक्षिण एशिया की CSR लीड शिप्रा शर्मा ने कहा कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश के युवाओं तक अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और AI आधारित शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमओयू के आदान-प्रदान के बाद सेरेमोनियल बेल रिंगिंग के साथ रोजगार मेले का औपचारिक शुभारंभ हुआ। मेले में प्रदेश के विभिन्न पॉलिटेक्निक, आईटीआई, इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेजों के 2,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। वहीं Airtel Payments Bank, Nykaa, Tata Motors, Suzuki सहित 20 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर सार्वजनिक कूप पाटने का आरोप

SDM संदीप तिवारी व SI मोनिश आलम की भूमिका की जांच की मांग

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, नगर पंचायत कोरांव के वार्ड संख्या-3, गोविंद नगर में गुरुद्वारे के निकट स्थित एक प्राचीन सार्वजनिक कूप को 07 जुलाई 2026 को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पाटे जाने का मामला सामने आया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार तत्कालीन SDM कोरांव संदीप तिवारी, राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में पहले नगर पंचायत की जेसीबी और बाद में दूसरी जेसीबी से कूप में मिट्टी, मलबा, टीन एवं अन्य सामग्री डाली गई। आरोप है कि कूप के ऊपर बने चार मोटे पावा, दो दासा एवं लोहे की जाली को तोड़कर उसी कूप में डाल दिया गया।

शिकायत में कार्रवाई के दौरान मौजूद बताए गए SI मोनिश आलम सहित संबंधित पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के वीडियो, जीपीएस युक्त फोटो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं। घटना के बाद लेखपाल द्वारा कूप से कुछ सामग्री हटाए जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी भी जांच की मांग की गई है।

शिकायत में यह पता लगाने की मांग की गई है कि सार्वजनिक कूप को क्षतिग्रस्त अथवा पाटने का आदेश किस अधिकारी ने दिया, दोनों जेसीबी किसके निर्देश पर लगाई गईं और उनके संचालन का भुगतान किस मद से हुआ। साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका निर्धारित करने की मांग की गई है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से संबंधित कानून एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत FIR दर्ज कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण तथा सार्वजनिक कूप को मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित कराने की मांग की गई है। इस प्रकरण की शिकायत कई उच्चाधिकारियों को पंजीकृत डाक के जरिए प्रार्थना पत्र भेजकर जांच कार्यवाही की मांग की गई है।
मऊ से SDM अवधेश कुमार चौहान का तबादला

मऊ से SDM अवधेश कुमार चौहान का तबादला, वाराणसी रवाना होते समय कही भावुक बात
मऊ सदर के उपजिलाधिकारी (SDM) अवधेश कुमार चौहान का स्थानांतरण वाराणसी कर दिया गया है। कार्यभार छोड़ने के बाद वाराणसी रवाना होते समय उन्होंने मऊ के लोगों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "मऊ में मिला स्नेह और सहयोग हमेशा याद रहेगा। यहां के लोगों का अपनापन मेरे लिए अविस्मरणीय है।" उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी जिम्मेदारी मिलेगी, पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करते रहेंगे।
तुलसीपुर के विकास में एक नया ऐतिहासिक अध्याय!
आज एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत हुई है!

बलरामपुर । अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि आज दिनांक 15 जुलाई 2026 को आदर्श नगर पंचायत तुलसीपुर के नए, भव्य और अत्याधुनिक भवन के निर्माण हेतु भूमि पूजन का कार्यक्रम पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनते हुए, क्षेत्र के लोकप्रिय एवं यशस्वी विधायक  कैलाश नाथ शुक्ला जी एवं सम्मानित SDM राकेश कुमार जयंत  के कर-कमलों द्वारा विधि-विधान से भूमि पूजन का कार्य संपन्न कराया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य उपस्थिति:
अदनान फिरोज  (नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि) – जिनके कुशल नेतृत्व में तुलसीपुर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
समस्त सम्मानित सभासद गण – जनता की आवाज़ और विकास के सच्चे सारथी।
नगर पंचायत के कर्मठ कर्मचारी बंधु – जिनकी मेहनत से हर संकल्प धरातल पर उतरता है।
"यह नया भवन सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि तुलसीपुर के उज्ज्वल भविष्य, सुदृढ़ व्यवस्था और जन-सेवा के नए संकल्प का प्रतीक बनेगा।"
तुलसीपुर की देवतुल्य जनता को इस ऐतिहासिक सौगात के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं! प्रगति का यह रथ अब रुकने वाला नहीं है।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम हुए सख्त, अब विलंबित मामलों में बढ़ेगी प्रशासनिक प्रक्रिया नई व्यवस्था आज से लागू, समय पर पंजीकरण कराने पर जोर
अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत विलंबित पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक सत्यापन और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। नियमों के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना चाहिए। निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण नि:शुल्क किया जाता है। 21 दिन से 1 वर्ष तक यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के बाद, लेकिन एक वर्ष के भीतर कराया जाता है, तो निर्धारित विलंब शुल्क के साथ रजिस्ट्रार की अनुमति से पंजीकरण किया जाएगा। 1 वर्ष से 2 वर्ष तक एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष तक पुराने मामलों में पंजीकरण के लिए जिलाधिकारी (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) अथवा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश एवं आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 2 वर्ष से अधिक पुराने मामले वहीं, दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) का आदेश अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था का मुख्य प्रभाव एक वर्ष से अधिक विलंब वाले पंजीकरण मामलों पर पड़ेगा। इसके माध्यम से जन्म एवं मृत्यु के रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक और व्यवस्थित बनाने तथा विलंबित पंजीकरण में सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग शिक्षा, पहचान, सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट सहित विभिन्न सेवाओं में किया जाता है, जबकि मृत्यु पंजीकरण कानूनी, उत्तराधिकार एवं विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण दस्तावेज है। नागरिकों से अपील है कि जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण निर्धारित समयसीमा के भीतर ही कराएं, ताकि भविष्य में विलंबित पंजीकरण की अतिरिक्त प्रक्रिया से बचा जा सके।
గణేశ్ నిమజ్జనానికి ఎస్సారెస్పీ నుంచి నీటి విడుదల

కరీంనగర్/కొత్తపల్లి: గణేశ్ విగ్రహాల నిమజ్జనం కోసం ఎస్సారెస్పీ మెయిన్ కెనాల్‌కు సోమవారం నీటిని విడుదల చేశారు. నవరాత్రి ఉత్సవాలు ముగియనున్న నేపథ్యంలో కరీంనగర్ జిల్లాలోని కాకతీయ కాల్వలు, డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనానికి ఇబ్బందులు లేకుండా నీటిని విడుదల చేయాలని చొప్పదండి ఎమ్మెల్యే మేడిపల్లి సత్యం ప్రాజెక్టు చీఫ్ ఇంజినీర్‌ను కోరారు.

కొన్నేళ్లుగా గణేశ్ విగ్రహాలను కాకతీయ కాల్వలతో పాటు పలు డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనం చేస్తున్నారని, ప్రస్తుతం కాల్వల్లో నీరు లేక భక్తులు ఇబ్బందులు ఎదుర్కొంటున్నారని ఎమ్మెల్యే అధికారుల దృష్టికి తీసుకెళ్లారు. దీంతో ఎమ్మెల్యే సూచన మేరకు నీటిని విడుదల చేస్తామని ప్రాజెక్టు సీఈ తెలిపారు.

సోమవారం ఉదయం 11 గంటలకు తొలుత 500 క్యూసెక్కుల నీటిని విడుదల చేశారు. అనంతరం సాయంత్రం మరో 3 వేల క్యూసెక్కుల నీటిని వదిలారు. కరీంనగర్ నగరంలో పెద్ద సంఖ్యలో గణేశ్ విగ్రహాలను నిమజ్జనం చేసే చింతకుంట కెనాల్‌కు మంగళవారం రాత్రి వరకు నీరు చేరే అవకాశం ఉందని అధికారులు తెలిపారు.

उत्तर प्रदेश को आपदा-रोधी राज्य के रूप में और सुदृढ़ करने के लिए राज्यव्यापी अभ्यास आयोजित
- *भूकंप, रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सिम्पोजियम सम्पन्न*

- *18 सितम्बर को प्रदेश की 157 तहसीलों में होगी राज्यव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज*

- *विभिन्न विभागों, विशेषज्ञ संस्थाओं एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों ने साझा किए अनुभव; समन्वित एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और सुदृढ़ करने पर जोर*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) एवं अग्नि जैसी बहु-जोखिम वाली आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमता एवं अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय Symposium-cum-Table Top Exercise (TTEx) – State Mock Exercise on Earthquake, Chemical and Fire Hazards आज यूपी एसडीएमए भवन, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र में UP SDMA  के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, PVSM, AVSM, VSM  (सेवानिवृत्त) ने कहा कि इस प्रकार की अभ्यासों का उद्देश्य राज्य, मण्डल एवं जनपद स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक समय में कार्यक्षमता को परखना, संभावित कमियों की पहचान करना तथा उन्हें समयबद्ध रूप से दूर करना है। उन्होंने कहा कि अभ्यास केवल तैयारियों के आकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एकीकृत, त्वरित एवं प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश की आपदा-रोधी क्षमता एवं Resilience को और मजबूत करना है।
प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, श्रीमती अपर्णा यू., IASus ने कहा कि प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था का लक्ष्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि आपदा से पूर्व जोखिम को कम करना, समय रहते तैयारी सुनिश्चित करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है।
अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, पद्मजा चौहान, IPSus ने कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य, परिवहन, सुरक्षा एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की क्षमताओं को एकीकृत करते हुए Whole of Government एवं Whole of Society  दृष्टिकोण को और मजबूत किए जाने पर बल दिया।
पुलिस महानिदेशक, पी.ए.सी. उत्तर प्रदेश, डॉ. आलोक सिंह, IPSus ने बताया कि आपदा के समय प्रत्येक सेकंड महत्वपूर्ण होती है। प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए संबंधित विभागों एवं एजेंसियों की भूमिका, कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था तथा संसाधनों की उपलब्धता पहले से स्पष्ट और समन्वित होना आवश्यक है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की सदस्या सुश्री रीता मिसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि आपदाएं केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया की चुनौती नहीं हैं, बल्कि वेपूर्व तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण, संस्थागत क्षमता तथा समन्वित नेतृत्व की भी कसौटी हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, PVSM, UYSM, AVSM, YSM, आर्मी कमांडर, सेंट्रल कमांड, भारतीय सेनाने आधुनिक तकनीक, अर्ली वार्निंग, त्वरित संचार, विशेषज्ञ संसाधनों एवं फील्ड स्तर की क्षमताओं को आपदा तैयारी की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए मिलिट्री - सिविल कोऑर्डिनेशन पर बल दिया और इस्के निरंतर सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
अभ्यास में उत्तर प्रदेश के भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील 34 जनपदोंको केंद्रित किया गया। इन जनपदों केअपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उप जिलाधिकारी एवं आपदा विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त 11 मण्डलों से पुलिस, स्वास्थ्य तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियोंने भी सहभागिता की। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थाओं, आपदा प्रतिक्रिया बलों एवं अन्य हितधारकों की भागीदारी के माध्यम से विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान तथा समन्वित प्रतिक्रियाकी व्यवस्थाओं को परखा गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन आयोजित सिम्पोजियम में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) एवं अग्नि आपदाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर NDMA, DRDE-DRDO, NCS, UP SDMA, उत्तर प्रदेश फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज, भारतीय रेल, NDRF, स्वास्थ्य विभाग तथा भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड सहित विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने अनुभव, तकनीकी जानकारी एवं सर्वाेत्तम कार्यप्रणालियां साझा कीं। सिम्पोजियम के दौरान अग्नि एवं औद्योगिक आपदाओं से संबंधित केस स्टडीज भी प्रस्तुत की गईं। प्रथम दिन एक्सरसाइज का संचालन प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी श्री मान्धाता प्रताप सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन आज टेबल टॉप एक्सरसाइज में आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था परखी गयी। TTEx के माध्यम से भूकंप, रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से संबंधित विभिन्न परिदृश्यों में जनपदों, विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की तैयारी, निर्णय लेने की क्षमता, कमांड एवं कंट्रोल तथा अंतर-विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान भूकंप के तत्काल बाद की कार्रवाई, विद्यालयों, अस्पतालों एवं प्रशासनिक कार्यालयों की स्थिति, रासायनिक गैस रिसाव एवं तरल रसायन के फैलाव तथा अस्पतालों, विद्यालयों एवं बहुमंजिला भवनों में अग्नि आपात स्थिति जैसे परिदृश्यों पर प्रतिभागियों द्वारा प्रतिक्रिया रणनीतियों पर चर्चा की गयी। टेबल टॉप एक्सरसाइज का संचालन प्राधिकरण के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर- प्रशिक्षण प्रवीन किशोर द्वारा किया गया।
अभ्यास के अगले चरण में 18 सितम्बर 2026 को राज्यव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। 34 जनपदों की 157 तहसीलों में विभिन्न चिन्हित स्थलों पर एक साथ भौतिक रूप से आयोजित होने वाला यह अभ्यास प्रदेश की भूकंप संबंधी तैयारियों एवं बहु-स्तरीय आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक परिस्थितियों में व्यापक परख करेगा। इस दौरान सभी संबंधित जनपदों में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) एवं Incident Response Teams (IRT) को सक्रिय किया जाएगा। इसके माध्यम से कमांड, नियंत्रण, सूचना संप्रेषण एवं अंतर-विभागीय समन्वय की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा। प्रत्येक जनपद मेंफील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर बड़े पैमाने पर घायलों के त्वरित उपचार, ट्रायेज, रेफरल एवं चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों को भी परखा जाएगा। मॉक एक्सरसाइज के दौरान भूकंप के पश्चात भवनों से सुरक्षित निकासी, ध्वस्त संरचनाओं में खोज एवं बचाव, अग्निकांड, गैस/रासायनिक रिसाव एवं अन्य संभावित द्वितीयक आपदा परिस्थितियों का सजीव अभ्यास किया जाएगा। इन परिदृश्यों को विद्यालयों, मॉल, कार्यालयों, बहुमंजिला भवनों तथा औद्योगिक इकाइयों-विशेषकर MAH एवं Non-MAH  इकाइयों में व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित एवं अभ्यासित किया जाएगा। अभ्यास को और अधिक व्यापक एवं यथार्थपरक बनाने के लिए भारतीय रेल द्वारा भूकंप के कारण ट्रेन के पटरी से उतरने (Derailment) की विशेष आपदा परिस्थिति का भी सिमुलेशन किया जाएगा। इसमें खोज एवं बचाव, घायलों की निकासी, चिकित्सा सहायता, राहत तथा विभिन्न संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। पूरे मेगा मॉक एक्सरसाइज की UP SDMA  द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तर से लाइव मॉनिटरिंग एवं कमांड-एंड-कंट्रोल किया जाएगा।
जनपद मऊ -: न्यू पीएचसी पर SDM की औचक एंट्री, मची खलबली!
गंदगी देख भड़के SDM दीपक सिंह, बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई की सख्त चेतावनी!

न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर SDM दीपक सिंह की अचानक दस्तक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे एसडीएम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया तो सफाई व्यवस्था में खामियां और गंदगी देखकर नाराजगी जताई।

उन्होंने जिम्मेदारों को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाओं और इलाज की व्यवस्था को लेकर भी एसडीएम ने जानकारी ली। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद मरीजों को बाहर से दवा लिखने की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

SDM की इस औचक कार्रवाई से स्वास्थ्य केंद्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। निरीक्षण के जरिए उन्होंने साफ कर दिया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा से खिलवाड़ और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।

अब सवाल यही है—औचक निरीक्षण के बाद क्या न्यू पीएचसी की व्यवस्थाएं वास्तव में सुधरेंगी?
बेलन नदी के ऊपर से पानी बहने लगा है 1994 जैसी बाढ़विभीषिका का की संभावना हो गईं है

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , सारी नदियों नालों पर बने पुल पुलिया डूब गये हैं, रास्ते सब बंद, दर्जनों गाँवों के बाढ़ से प्रभावित डूबने की संभावना दिख रही है,
एसडीम कोराँव ठाकुर प्रसाद टीम के साथ सभी नदियों गाँवो का जायेजा ले रहे,

उन्होंने आग्रह किया है कि बेलन नदी मेँ डैम से काफ़ी पानी छोड़ दिया गया है लोग बेलन सेवटी टुंडीयारी लपरी नदी के किनारे के गांव वाले किसी ऊँचाई स्थान पर जाने ठहरने की ब्यवस्था बना ले, क्योंकि बाढ़ कम होने का नाम नहीं ले रहा है,
Sdm तहसीलदार पूरी टीम के साथ प्रभावित स्थलों पर लोगों को सुरक्छित रहने की सलाह देते फिर रहे हैं,
यदि बेलन मेँ पानी इसी रफ़्तार से चालू रहा तो काफ़ी जान माल की हानि हो सकती है,।
‘कौशल संपर्क’ QR कोड से युवाओं की आवाज अब सीधे UPSDM तक

-  स्वतंत्रता दिवस पर कौशल विकास मिशन की नई पहल, AI और सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण के लिए दो MoU

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने युवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर रोजगार अवसरों से जोड़ने के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में नई पहल शुरू की। मिशन मुख्यालय में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की समस्याओं, सुझावों और फीडबैक को सीधे मिशन तक पहुंचाने के लिए ‘कौशल संपर्क’ QR कोड लॉन्च किया गया। साथ ही युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्ट स्किल्स में प्रशिक्षित करने के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत मिशन निदेशक पुलकित खरे ने ध्वजारोहण के साथ की। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के दौरान तिरंगे को नमन किया।
इस अवसर पर मिशन निदेशक ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का बोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को कौशल-संपन्न और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास मिशन लगातार नई तकनीक और नवाचार को प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ रहा है। वर्तमान समय में युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी दक्षता के साथ संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और कार्यस्थल की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

-  AI और सॉफ्ट स्किल्स के प्रशिक्षण पर जोर
समारोह में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए ITP तीव्र एजुकेशन टेक प्राइवेट लिमिटेड और फुल्गोर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ दो MoU किए गए। इनके माध्यम से युवाओं को Artificial Intelligence और Soft Skills का विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रशिक्षणार्थियों की तकनीकी समझ के साथ संचार क्षमता, व्यक्तित्व विकास और रोजगार के लिए उनकी तैयारी को मजबूत करने का लक्ष्य है।

-  QR कोड से सीधे मिशन तक पहुंचेगा फीडबैक
‘कौशल संपर्क’ पहल को प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्रों पर उपलब्ध QR कोड को स्कैन कर युवा अपने प्रशिक्षण से संबंधित अनुभव साझा कर सकेंगे। वे बता सकेंगे कि प्रशिक्षण की व्यवस्था कैसी है, उन्हें क्या उपयोगी लगा और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। शिकायत और सुझाव दर्ज कराने की सुविधा भी इसी माध्यम से उपलब्ध होगी।
इस डिजिटल व्यवस्था से प्राप्त फीडबैक सीधे मिशन तक पहुंचेगा। इससे प्रशिक्षण केंद्रों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने और कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।

-  'कौशल वाटिका’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान UPSDM मुख्यालय परिसर में ‘कौशल वाटिका’ का भी उद्घाटन किया गया। इसका उद्देश्य परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना है।

-  विश्व युवा कौशल दिवस के आयोजन में योगदान देने वालों का सम्मान
समारोह में 15 जुलाई को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के कार्यक्रमों को सफल बनाने में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह, सहायक निदेशक पवित्रा टंडन, सीओओ आशीष कुमार सहित मिशन के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
IBM के साथ योगी सरकार की बड़ी साझेदारी, युवाओं को मिलेगा AI आधारित प्रशिक्षण और रोजगार

-  मेगा जॉब मेला-2026 का शुभारंभ, UPSDM और IBM के बीच हुआ MoU; 20 से अधिक कंपनियों ने दिए रोजगार के अवसर


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित मेगा जॉब मेला-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और IBM के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने किया।
नई साझेदारी के तहत प्रदेश के प्रशिक्षण संस्थानों में AI, डिजिटल स्किल्स, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप तैयार कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

-  'नई तकनीक सीखना समय की जरूरत' : कपिल देव अग्रवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि AI, डिजिटल स्किल्स, प्रभावी संवाद क्षमता और आत्मविश्वास भी सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं से किसी भी नौकरी को छोटा न समझने, निरंतर सीखने की आदत विकसित करने और बदलती तकनीक के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराकर 'विकसित उत्तर प्रदेश' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करना है।

-  2 हजार से अधिक युवाओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कौशल विकास मिशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। वहीं IBM इंडिया/दक्षिण एशिया की CSR लीड शिप्रा शर्मा ने कहा कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश के युवाओं तक अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और AI आधारित शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमओयू के आदान-प्रदान के बाद सेरेमोनियल बेल रिंगिंग के साथ रोजगार मेले का औपचारिक शुभारंभ हुआ। मेले में प्रदेश के विभिन्न पॉलिटेक्निक, आईटीआई, इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेजों के 2,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। वहीं Airtel Payments Bank, Nykaa, Tata Motors, Suzuki सहित 20 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर सार्वजनिक कूप पाटने का आरोप

SDM संदीप तिवारी व SI मोनिश आलम की भूमिका की जांच की मांग

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, नगर पंचायत कोरांव के वार्ड संख्या-3, गोविंद नगर में गुरुद्वारे के निकट स्थित एक प्राचीन सार्वजनिक कूप को 07 जुलाई 2026 को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पाटे जाने का मामला सामने आया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार तत्कालीन SDM कोरांव संदीप तिवारी, राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में पहले नगर पंचायत की जेसीबी और बाद में दूसरी जेसीबी से कूप में मिट्टी, मलबा, टीन एवं अन्य सामग्री डाली गई। आरोप है कि कूप के ऊपर बने चार मोटे पावा, दो दासा एवं लोहे की जाली को तोड़कर उसी कूप में डाल दिया गया।

शिकायत में कार्रवाई के दौरान मौजूद बताए गए SI मोनिश आलम सहित संबंधित पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के वीडियो, जीपीएस युक्त फोटो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं। घटना के बाद लेखपाल द्वारा कूप से कुछ सामग्री हटाए जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी भी जांच की मांग की गई है।

शिकायत में यह पता लगाने की मांग की गई है कि सार्वजनिक कूप को क्षतिग्रस्त अथवा पाटने का आदेश किस अधिकारी ने दिया, दोनों जेसीबी किसके निर्देश पर लगाई गईं और उनके संचालन का भुगतान किस मद से हुआ। साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका निर्धारित करने की मांग की गई है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से संबंधित कानून एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत FIR दर्ज कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण तथा सार्वजनिक कूप को मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित कराने की मांग की गई है। इस प्रकरण की शिकायत कई उच्चाधिकारियों को पंजीकृत डाक के जरिए प्रार्थना पत्र भेजकर जांच कार्यवाही की मांग की गई है।
मऊ से SDM अवधेश कुमार चौहान का तबादला

मऊ से SDM अवधेश कुमार चौहान का तबादला, वाराणसी रवाना होते समय कही भावुक बात
मऊ सदर के उपजिलाधिकारी (SDM) अवधेश कुमार चौहान का स्थानांतरण वाराणसी कर दिया गया है। कार्यभार छोड़ने के बाद वाराणसी रवाना होते समय उन्होंने मऊ के लोगों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "मऊ में मिला स्नेह और सहयोग हमेशा याद रहेगा। यहां के लोगों का अपनापन मेरे लिए अविस्मरणीय है।" उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी जिम्मेदारी मिलेगी, पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करते रहेंगे।
तुलसीपुर के विकास में एक नया ऐतिहासिक अध्याय!
आज एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत हुई है!

बलरामपुर । अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि आज दिनांक 15 जुलाई 2026 को आदर्श नगर पंचायत तुलसीपुर के नए, भव्य और अत्याधुनिक भवन के निर्माण हेतु भूमि पूजन का कार्यक्रम पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनते हुए, क्षेत्र के लोकप्रिय एवं यशस्वी विधायक  कैलाश नाथ शुक्ला जी एवं सम्मानित SDM राकेश कुमार जयंत  के कर-कमलों द्वारा विधि-विधान से भूमि पूजन का कार्य संपन्न कराया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य उपस्थिति:
अदनान फिरोज  (नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि) – जिनके कुशल नेतृत्व में तुलसीपुर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
समस्त सम्मानित सभासद गण – जनता की आवाज़ और विकास के सच्चे सारथी।
नगर पंचायत के कर्मठ कर्मचारी बंधु – जिनकी मेहनत से हर संकल्प धरातल पर उतरता है।
"यह नया भवन सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि तुलसीपुर के उज्ज्वल भविष्य, सुदृढ़ व्यवस्था और जन-सेवा के नए संकल्प का प्रतीक बनेगा।"
तुलसीपुर की देवतुल्य जनता को इस ऐतिहासिक सौगात के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं! प्रगति का यह रथ अब रुकने वाला नहीं है।