माघ मेला 2025 की तैयारियों को लेकर प्रयागराज में संगोष्ठी व टेबल-टॉप एक्सरसाइज, डीजीपी राजीव कृष्ण ने भीड़ प्रबंधन और आपदा तैयारी पर दिया जोर
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा आगामी माघ मेला 2025 की तैयारियों के दृष्टिगत प्रयागराज में एक संगोष्ठी एवं टेबल-टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माघ मेले के दौरान भीड़ के प्रभावी प्रबंधन, डूबने की घटनाओं की रोकथाम, शीत लहर तथा अग्नि दुर्घटनाओं जैसी संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों की समीक्षा और सुदृढ़ीकरण करना रहा।इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता करते हुए प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधन दिया।

संगोष्ठी की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (UPSDMA) के वाइस चेयरमैन श्री योगेन्द्र डिमरी, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने माघ मेला जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों में आपदा प्रबंधन की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

कुंभ और माघ मेला विश्व के सबसे बड़े जनसमूह आयोजन

अपने संबोधन में डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कुंभ मेला और माघ मेला विश्व के सबसे बड़े सार्वजनिक जनसमूह आयोजनों (Public Gathering Events) में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन आयोजनों में कुछ ऐसे विशेष स्नान पर्व होते हैं, जब एक ही समय और एक ही स्थान पर श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनौती केवल भीड़ की संख्या तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसकी निरंतर बदलती और गतिशील प्रकृति भी प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती पैदा करती है।

एक साथ कई जोखिमों से निपटने की जरूरत

डीजीपी ने कहा कि माघ मेला जैसे आयोजनों में—
उच्च घनत्व वाली भीड़
नदी और संगम क्षेत्र से जुड़े डूबने के जोखिम
शीत लहर का प्रभाव
अग्नि दुर्घटनाओं की संभावना
यातायात, ट्रैफिक और पार्किंग की जटिलताएं
ये सभी समस्याएं एक साथ उत्पन्न होती हैं, जिनसे निपटने के लिए समग्र, समन्वित और बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता होती है।

प्रतिक्रिया नहीं, अब पूर्वानुमान आधारित व्यवस्था जरूरी

पुलिस महानिदेशक ने इस बात पर विशेष बल दिया कि अब आपदा प्रबंधन का दृष्टिकोण केवल घटना के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि पूर्वानुमान आधारित, योजनाबद्ध और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि भले ही अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी तैयारियां करते हों, लेकिन किसी भी आपात स्थिति में इन सभी तैयारियों को एकीकृत, समन्वित और समयबद्ध प्रतिक्रिया में बदलना अत्यंत आवश्यक है।

प्रवेश-निकास और स्नान घाटों पर विशेष फोकस

डीजीपी राजीव कृष्ण ने माघ मेले की सफलता के लिए—प्रवेश और निकास मार्गों की वैज्ञानिक योजना,स्नान घाटों पर भीड़ की आवाजाही का संतुलित प्रबंधन,माइक्रो-क्राउड की निरंतर निगरानी को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी भीड़ इकाइयों पर नजर रखकर बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

SDRF अब सिर्फ बैकअप नहीं

अपने संबोधन में डीजीपी ने कहा कि एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) अब केवल एक बैकअप बल नहीं रह गया है, बल्कि भीड़ सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की ऑपरेशनल व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ ने पूर्व आयोजनों में अपनी उच्च दक्षता और पेशेवर क्षमता का सफल प्रदर्शन किया है।

अग्नि, शीत लहर और डूबने की घटनाओं पर सख्त सतर्कता

अग्नि दुर्घटना, शीत लहर और डूबने से संबंधित खतरों पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन सभी संभावित जोखिमों से निपटने के लिए—

विभागों के बीच सतत समन्वय,

प्रभावी संचार व्यवस्था,

त्वरित और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया तंत्र

अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि पूर्व अनुभवों के बावजूद किसी भी स्तर पर आत्मसंतोष या शिथिलता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हर दिन नई परिस्थितियां और नई चुनौतियां सामने आती हैं।

प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी

संगोष्ठी के दौरान कई वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। इनमें प्रमुख रूप से—

लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत, जीओसी मध्य भारत, जबलपुर

अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन श्री संजीव गुप्ता

मंडलायुक्त प्रयागराज श्रीमती सौम्या अग्रवाल

श्री प्रवीण किशोर, परियोजना समन्वयक (प्रशिक्षण), यूपी एसडीएमए

श्री अनिमेष सिंह, सीएफओ माघ मेला प्रयागराज

श्री संतोष कुमार, 2IC, 11वीं बटालियन एनडीआरएफ, वाराणसी

डीडीएमए प्रयागराज, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, गोरखपुर, वाराणसी

श्री संदीप मेहरोत्रा, कर्नल (सेवानिवृत्त), वरिष्ठ सलाहकार यूपी एसडीएमए

शामिल रहे।

तैयारियों को और मजबूत बनाएगी संगोष्ठी

अंत में डीजीपी राजीव कृष्ण ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की संगोष्ठियां और टेबल-टॉप एक्सरसाइज प्रशासन और पुलिस की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाएंगी तथा माघ मेला 2025 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि माघ मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से सफल हो, बल्कि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के मानकों पर भी एक आदर्श आयोजन बने।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण‑2026: गणना प्रपत्र भरने में बचे सिर्फ 6 दिन, 11 दिसम्बर तक करें अपना नाम सुनिश्चित:SDM रसड़ा रवि कुमार
संजीव सिंह बलिया! रसड़ा:उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण‑2026 के अंतर्गत मतदाताओं के गणना प्रपत्र भरने की समय सीमा नजदीक आ गई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संशोधित कार्यक्रम के अनुसार गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसम्बर 2025 निर्धारित है और अब मात्र छह दिन शेष हैं।  उप जिला निर्वाचन अधिकारी/SDM रसड़ा रवि कुमार जी की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि सभी पात्र नागरिक समय पर अपना गणना प्रपत्र भरकर मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित कर लें, ताकि उनका नाम किसी भी दशा में छूटने या गलत प्रविष्टि होने से बच सके।विशेष रूप से नवयुवाओं, नवविवाहितों, स्थानांतरित एवं नये मतदाताओं से समय रहते कागज़ात पूर्ण करने की अपेक्षा की गई है।फार्म भरने के विकल्प मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र भरने के दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।ऑफलाइन: मतदाता अपने क्षेत्र के बूथ स्तर अधिकारी (BLO) से संपर्क कर प्रपत्र भर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं।ऑनलाइन: इच्छुक नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना गणना प्रपत्र भर सकते हैं, जिसके लिए संबंधित वेबसाइट वोटर्स सर्विस पोर्टल पर आवश्यक सुविधा उपलब्ध है।अपील और हेल्पलाइन निर्वाचन विभाग ने संदेश दिया है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए सभी योग्य मतदाता जल्द से जल्द गणना प्रपत्र भरें और जागरूक मतदाता बनने में सहयोग दें। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं, जहां चुनाव संबंधी पूछताछ और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।
इण्टरफेस मीटिंग का आयोजन आयोजक-विज्ञान फाउंडेशन गिविंग विंग्स टू ड्रीमर्स।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विज्ञान फाउंडेशन के गिविंग विंग्स टू ड्रीमर्स कार्यक्रम के तहत विकास भवन प्रयागराज में किशोरियो और महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हे सरकारी योजनाओ का लाभ प्रदान करने हेतु एक इण्टरफेस मीटिंग आयोजित की गई।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओ और किशोरियो को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना और उन्हे इन योजनाओ का सीधा लाभ दिलाने का मार्गदर्शन देना था।कार्यक्रम की शुरुआत विज्ञान फाउंडेशन की कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर अराधना जी ने सभी प्रतिभागियो का स्वागत करते हुए की।उन्होंने विज्ञान फाउंडेशन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इंटरफेस मीटिंग के महत्व और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।इसके बाद मुख्य अतिथि G.P कुशवाहा जिला विकास अधिकारी ने जेन्डर पर प्रकाश डालते हुए लड़का -लड़की दोनो के लिए समान परवरिश और अवसरो की बात की जिससे लड़कियां भी आत्मनिर्भर बन सके।विभिन्न विभागो के प्रतिनिधियो ने क्रमवार अपनी योजनाओ की जानकारी साझा की जिसमें UPSDM उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड प्रोजेक्ट प्रवीण योजना के बारे मे बताया।समाज कल्याण विभाग से दुर्गेश मिश्रा ने वृद्धा पेंशन विधवा पेंशन सामूहिक विवाह छात्रावास आयोजन के बारे में बताया।युवा कल्याण विभाग से अर्चना यादव ने मंगल दल और सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में बताया।कार्यक्रम में G.P कुशवाहा जिला विकास अधिकारी UPSDM डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक समाज कल्याण विभाग से दुर्गेश मिश्रा युवा कल्याण विभाग से अर्चना यादव विज्ञान फाउंडेशन से थीमेटिक लीड उपासना कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर आराधना MIS विपिन मंजू सुजाता अलका और विजय लक्ष्मी ने प्रतिभाग किया।

झारखंड का रजत पर्व: मोरहाबादी में भव्य समारोह, ₹8,799 करोड़ की 1087 योजनाओं की सौगात

रांची: देश के मानचित्र पर 15 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया झारखंड राज्य आज अपने स्थापना के रजत जयंती वर्ष (25वीं वर्षगांठ) का भव्य समारोह मना रहा है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में दो दिवसीय राज्यस्तरीय महोत्सव का पहला दिन उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया।

₹8,799 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

समारोह के मुख्य आकर्षण में राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में राज्य की जनता को ₹8,799 करोड़ की कुल 1087 योजनाओं की सौगात दी गई।

शिलान्यास: ₹4,475 करोड़ की 209 नई योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

उद्घाटन: ₹4,324 करोड़ की 878 योजनाओं का उद्घाटन किया गया।

उद्घाटित प्रमुख योजनाओं में विधानसभा सदस्यों के लिए कोर कैपिटल एरिया में आवासीय परिसर, देवघर और लोहरदगा में नए समाहरणालय भवन, गिरिडीह नगर पालिका भवन और सिमडेगा में नए अंतरराष्ट्रीय स्ट्रैटर्फ हॉकी स्टेडियम शामिल हैं।

बेमौसम बारिश से रसड़ा के खेतों में तबाही! किसानों की धान की फसलें चौपट, राहत और ऋण माफी की गुहार
संजीव सिंह बलिया! रसड़ा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में हुई बेमौसम भारी वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खड़ी और तैयार धान की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाने से क्षेत्र के किसानों के सामने आर्थिक संकट और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। खेतों में खड़ी उपज डूबने से किसानों का महीनों का परिश्रम व्यर्थ हो गया है।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए किसान रामकृष्ण सिंह सेंगर (पत्रकार), अरविंद कुमार तिवारी (पत्रकार) और भानु प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी (SDM) रसड़ा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर राहत और ऋण माफी की मांग की है।ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि बेमौसम बारिश के चलते उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और अब उनके लिए जीवन-यापन तक कठिन हो गया है। किसानों ने चिंता जताई कि इस परिस्थिति में वे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या अन्य कृषि ऋण कैसे चुका पाएंगे।ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:फसल नुकसान की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए।प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफ किए जाएं।किसानों को तत्काल राहत राशि और मुआवजा प्रदान किया जाए।किसानों ने कहा कि यह बारिश उनके लिए ‘काल’ बनकर आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार तत्काल राहत की घोषणा कर किसानों के दर्द को कम करे और उनके जीवन को संबल प्रदान करे।
बेमौसम बारिश से रसड़ा के खेतों में तबाही! किसानों की धान की फसलें चौपट, राहत और ऋण माफी की गुहार
संजीव सिंह बलिया! रसड़ा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में हुई बेमौसम भारी वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खड़ी और तैयार धान की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाने से क्षेत्र के किसानों के सामने आर्थिक संकट और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। खेतों में खड़ी उपज डूबने से किसानों का महीनों का परिश्रम व्यर्थ हो गया है।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए किसान रामकृष्ण सिंह सेंगर (पत्रकार), अरविंद कुमार तिवारी (पत्रकार) और भानु प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी (SDM) रसड़ा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर राहत और ऋण माफी की मांग की है।ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि बेमौसम बारिश के चलते उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और अब उनके लिए जीवन-यापन तक कठिन हो गया है। किसानों ने चिंता जताई कि इस परिस्थिति में वे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या अन्य कृषि ऋण कैसे चुका पाएंगे।ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:फसल नुकसान की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए।प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफ किए जाएं।किसानों को तत्काल राहत राशि और मुआवजा प्रदान किया जाए।किसानों ने कहा कि यह बारिश उनके लिए ‘काल’ बनकर आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार तत्काल राहत की घोषणा कर किसानों के दर्द को कम करे और उनके जीवन को संबल प्रदान करे।
सर्प संरक्षणकर्मी शिव खनाल सम्मानित

स्वच्छता ही सेवा 2025 : 156 घन्टे महासफाई अभियान का भव्य शुभारम्भ।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।स्वच्छता ही सेवा 2025 के तहत आज“एक दिन एक घन्टा एक साथ”विशेष कार्यक्रम के साथ 156 घन्टे महासफाई अभियान का भव्य शुभारम्भ हुआ।महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने हरी झण्डी दिखाकर नगर निगम प्रयागराज की सुसज्जित सफाई वाहनो को रवाना किया और लगातार 156 घन्टे तक चलने वाले इस ऐतिहासिक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की।

अभियान की प्रमुख विशेषताएं।

नगर निगम की सभी गाड़ियो को विशेष सजावट के साथ रोस्टर के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया।156 घन्टे तक निरंतर सफाई कार्य चलाने हेतु नाला-नाली पार्क, सार्वजनिक स्थल GVP, CTU घाट शौचालय स्कूल- कॉलेज सड़क जलाशय सहित डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण एवं पृथक्करण की व्यापक व्यवस्था की गई।इस अवसर पर 3000 से अधिक नागरिकों ने स्वच्छता की शपथ लेकर अभियान में भागीदारी सुनिश्चित की।

नागवासुकी मंदिर परिसर में सामूहिक श्रमदान “एक दिन एक घंटा एक साथ” कार्यक्रम के तहत महापौर, पार्षदगण और नगर निगम की पूरी टीम ने नागवासुकी मंदिर पर भव्य श्रमदान किया।मंदिर परिसर को पूर्णतः कचरा-मुक्त किया गया।नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सफाई मित्रों की महत्ता और शहर को स्वच्छ रखने में जनभागीदारी का संदेश दिया गया।

महापौर का उद्बोधन

श्रमदान के पश्चात अपने सम्बोधन में उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा-

> प्रयागराज की धरती हमेशा से जनसहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण रही है।आज हमने 156 घंटे के इस निरंतर सफाई अभियान की शुरुआत की है।यह केवल सफाई का नही बल्कि मानसिकता बदलने का संकल्प है। बापू के स्वच्छ भारत के सपने और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के आदर्शों को साकार करने में हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। मैं हर नागरिक से आह्वान करता हूँ कि न केवल इन 156 घंटों के दौरान बल्कि हर दिन अपने आस-पास की स्वच्छता बनाए रखने की आदत को जीवन का हिस्सा बनाएं।

महापौर ने अपने हाथों से रंगोली बनाकर स्वच्छता का संदेश भी दिया।विशेष उपस्थिति इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार यादव कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगाई सभी जोनल अधिकारी स्वच्छता एवं खाद्य निरीक्षक नगर निगम प्रयागराज के अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक मौजूद रहे।नगर निगम प्रयागराज सभी नागरिकों से अपील करता है कि 2 अक्टूबर तक चलने वाले 156 घन्टे महासफाई अभियान में सक्रिय सहयोग दे और “स्वच्छ प्रयागराज स्वस्थ प्रयागराज”के संकल्प को साकार करे।

प्रदेश में भूकंप आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

* आगामी 16 सितम्बर को पश्चिम यूपी एवं 19 सितम्बर को सभी 34 संवेदनशील जनपदों में होगा मॉक एक्सरसाइज़ का प्रशिक्षण

लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा प्रदेश के 34 भूकंप-संवेदनशील जनपदों में आगामी टेबलटॉप और मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों को लेकर मंगलवार को प्राधिकरण सभागार में एक ओरियंटेशन एवं कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.), पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम. ने की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों व हितधारकों को भूकंप, केमिकल हैज़र्ड और अग्नि दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के प्रति जागरूक कराना और उनके समन्वित प्रबंधन की रणनीति तैयार करना रहा। उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बड़ा भू-भाग भूकंप के जोन 3 और 4 में आता है, जो इसे अधिक संवेदनशील बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि भूकंप की कोई पूर्व चेतावनी नहीं होती, लेकिन पूर्व तैयारी और विभागीय समन्वय के माध्यम से इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

सम्मेलन में HVRCA (जोखिम, संवेदनशीलता और क्षमता आकलन) से संबंधित प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इसमें बताया गया कि राज्य के 34 जनपदों को भूकंप के प्रति अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। आपदा की स्थिति में अग्निकांड, केमिकल रिसाव जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जिनके लिए पूर्व तैयारी आवश्यक है।

बैठक में टेबलटॉप और मॉक एक्सरसाइज की रूपरेखा, संचालन प्रक्रिया, जिलों की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया। आगामी 16 सितम्बर को मेरठ कैंट स्थित पश्चिम उप्र सब एरिया में टेबलटॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी, जबकि 19 सितम्बर को सभी 34 जनपदों में स्कूलों, अस्पतालों, फैक्ट्रियों, रेलवे स्टेशनों, शासकीय भवनों और मॉल जैसे स्थानों पर मॉक ड्रिल की जाएगी।

इस बैठक में NDRF, SDRF, अग्निशमन, स्वास्थ्य, श्रम, कारखाना निदेशालय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही, भारतीय सेना के अधिकारी और 34 जनपदों के अपर जिलाधिकारी एवं अन्य स्टेकहोल्डर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक का समन्वय वरिष्ठ सलाहकार कर्नल संदीप मेहरोत्रा ने किया।
*सुल्तानपुर में शांतिपूर्ण माहौल में चल रही है PET परीक्षा*
सुल्तानपुर,जिले में आयोजित PET (प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा) शांतिपूर्ण माहौल में चल रही है। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई,जहां प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों एवं सीसीटीवी कैमरे की मौजूदगी में परीक्षार्थियों ने सुव्यवस्थित ढंग से परीक्षा दी। परीक्षा में 60 हजार अभ्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा व्यवस्था का जायज़ा लेने पहुंचे SDM सदर बिपिन कुमार द्विवेदी और CO सिटी प्रशान्त सिंह ने केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था,सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा और केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के परिजनों को निर्धारित सीमा से बाहर रखा गया।
माघ मेला 2025 की तैयारियों को लेकर प्रयागराज में संगोष्ठी व टेबल-टॉप एक्सरसाइज, डीजीपी राजीव कृष्ण ने भीड़ प्रबंधन और आपदा तैयारी पर दिया जोर
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा आगामी माघ मेला 2025 की तैयारियों के दृष्टिगत प्रयागराज में एक संगोष्ठी एवं टेबल-टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माघ मेले के दौरान भीड़ के प्रभावी प्रबंधन, डूबने की घटनाओं की रोकथाम, शीत लहर तथा अग्नि दुर्घटनाओं जैसी संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों की समीक्षा और सुदृढ़ीकरण करना रहा।इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता करते हुए प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधन दिया।

संगोष्ठी की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (UPSDMA) के वाइस चेयरमैन श्री योगेन्द्र डिमरी, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने माघ मेला जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों में आपदा प्रबंधन की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनौती केवल भीड़ की संख्या तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसकी निरंतर बदलती और गतिशील प्रकृति भी प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती पैदा करती है।

एक साथ कई जोखिमों से निपटने की जरूरत

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उच्च घनत्व वाली भीड़
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अग्नि दुर्घटनाओं की संभावना
यातायात, ट्रैफिक और पार्किंग की जटिलताएं
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डीजीपी राजीव कृष्ण ने माघ मेले की सफलता के लिए—प्रवेश और निकास मार्गों की वैज्ञानिक योजना,स्नान घाटों पर भीड़ की आवाजाही का संतुलित प्रबंधन,माइक्रो-क्राउड की निरंतर निगरानी को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी भीड़ इकाइयों पर नजर रखकर बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

SDRF अब सिर्फ बैकअप नहीं

अपने संबोधन में डीजीपी ने कहा कि एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) अब केवल एक बैकअप बल नहीं रह गया है, बल्कि भीड़ सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की ऑपरेशनल व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ ने पूर्व आयोजनों में अपनी उच्च दक्षता और पेशेवर क्षमता का सफल प्रदर्शन किया है।

अग्नि, शीत लहर और डूबने की घटनाओं पर सख्त सतर्कता

अग्नि दुर्घटना, शीत लहर और डूबने से संबंधित खतरों पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन सभी संभावित जोखिमों से निपटने के लिए—

विभागों के बीच सतत समन्वय,

प्रभावी संचार व्यवस्था,

त्वरित और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया तंत्र

अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि पूर्व अनुभवों के बावजूद किसी भी स्तर पर आत्मसंतोष या शिथिलता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हर दिन नई परिस्थितियां और नई चुनौतियां सामने आती हैं।

प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी

संगोष्ठी के दौरान कई वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। इनमें प्रमुख रूप से—

लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत, जीओसी मध्य भारत, जबलपुर

अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन श्री संजीव गुप्ता

मंडलायुक्त प्रयागराज श्रीमती सौम्या अग्रवाल

श्री प्रवीण किशोर, परियोजना समन्वयक (प्रशिक्षण), यूपी एसडीएमए

श्री अनिमेष सिंह, सीएफओ माघ मेला प्रयागराज

श्री संतोष कुमार, 2IC, 11वीं बटालियन एनडीआरएफ, वाराणसी

डीडीएमए प्रयागराज, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, गोरखपुर, वाराणसी

श्री संदीप मेहरोत्रा, कर्नल (सेवानिवृत्त), वरिष्ठ सलाहकार यूपी एसडीएमए

शामिल रहे।

तैयारियों को और मजबूत बनाएगी संगोष्ठी

अंत में डीजीपी राजीव कृष्ण ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की संगोष्ठियां और टेबल-टॉप एक्सरसाइज प्रशासन और पुलिस की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाएंगी तथा माघ मेला 2025 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि माघ मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से सफल हो, बल्कि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के मानकों पर भी एक आदर्श आयोजन बने।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण‑2026: गणना प्रपत्र भरने में बचे सिर्फ 6 दिन, 11 दिसम्बर तक करें अपना नाम सुनिश्चित:SDM रसड़ा रवि कुमार
संजीव सिंह बलिया! रसड़ा:उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण‑2026 के अंतर्गत मतदाताओं के गणना प्रपत्र भरने की समय सीमा नजदीक आ गई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संशोधित कार्यक्रम के अनुसार गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसम्बर 2025 निर्धारित है और अब मात्र छह दिन शेष हैं।  उप जिला निर्वाचन अधिकारी/SDM रसड़ा रवि कुमार जी की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि सभी पात्र नागरिक समय पर अपना गणना प्रपत्र भरकर मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित कर लें, ताकि उनका नाम किसी भी दशा में छूटने या गलत प्रविष्टि होने से बच सके।विशेष रूप से नवयुवाओं, नवविवाहितों, स्थानांतरित एवं नये मतदाताओं से समय रहते कागज़ात पूर्ण करने की अपेक्षा की गई है।फार्म भरने के विकल्प मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र भरने के दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।ऑफलाइन: मतदाता अपने क्षेत्र के बूथ स्तर अधिकारी (BLO) से संपर्क कर प्रपत्र भर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं।ऑनलाइन: इच्छुक नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना गणना प्रपत्र भर सकते हैं, जिसके लिए संबंधित वेबसाइट वोटर्स सर्विस पोर्टल पर आवश्यक सुविधा उपलब्ध है।अपील और हेल्पलाइन निर्वाचन विभाग ने संदेश दिया है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए सभी योग्य मतदाता जल्द से जल्द गणना प्रपत्र भरें और जागरूक मतदाता बनने में सहयोग दें। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं, जहां चुनाव संबंधी पूछताछ और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।
इण्टरफेस मीटिंग का आयोजन आयोजक-विज्ञान फाउंडेशन गिविंग विंग्स टू ड्रीमर्स।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विज्ञान फाउंडेशन के गिविंग विंग्स टू ड्रीमर्स कार्यक्रम के तहत विकास भवन प्रयागराज में किशोरियो और महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हे सरकारी योजनाओ का लाभ प्रदान करने हेतु एक इण्टरफेस मीटिंग आयोजित की गई।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओ और किशोरियो को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना और उन्हे इन योजनाओ का सीधा लाभ दिलाने का मार्गदर्शन देना था।कार्यक्रम की शुरुआत विज्ञान फाउंडेशन की कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर अराधना जी ने सभी प्रतिभागियो का स्वागत करते हुए की।उन्होंने विज्ञान फाउंडेशन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इंटरफेस मीटिंग के महत्व और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।इसके बाद मुख्य अतिथि G.P कुशवाहा जिला विकास अधिकारी ने जेन्डर पर प्रकाश डालते हुए लड़का -लड़की दोनो के लिए समान परवरिश और अवसरो की बात की जिससे लड़कियां भी आत्मनिर्भर बन सके।विभिन्न विभागो के प्रतिनिधियो ने क्रमवार अपनी योजनाओ की जानकारी साझा की जिसमें UPSDM उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड प्रोजेक्ट प्रवीण योजना के बारे मे बताया।समाज कल्याण विभाग से दुर्गेश मिश्रा ने वृद्धा पेंशन विधवा पेंशन सामूहिक विवाह छात्रावास आयोजन के बारे में बताया।युवा कल्याण विभाग से अर्चना यादव ने मंगल दल और सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में बताया।कार्यक्रम में G.P कुशवाहा जिला विकास अधिकारी UPSDM डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक समाज कल्याण विभाग से दुर्गेश मिश्रा युवा कल्याण विभाग से अर्चना यादव विज्ञान फाउंडेशन से थीमेटिक लीड उपासना कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर आराधना MIS विपिन मंजू सुजाता अलका और विजय लक्ष्मी ने प्रतिभाग किया।

झारखंड का रजत पर्व: मोरहाबादी में भव्य समारोह, ₹8,799 करोड़ की 1087 योजनाओं की सौगात

रांची: देश के मानचित्र पर 15 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया झारखंड राज्य आज अपने स्थापना के रजत जयंती वर्ष (25वीं वर्षगांठ) का भव्य समारोह मना रहा है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में दो दिवसीय राज्यस्तरीय महोत्सव का पहला दिन उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया।

₹8,799 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

समारोह के मुख्य आकर्षण में राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में राज्य की जनता को ₹8,799 करोड़ की कुल 1087 योजनाओं की सौगात दी गई।

शिलान्यास: ₹4,475 करोड़ की 209 नई योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

उद्घाटन: ₹4,324 करोड़ की 878 योजनाओं का उद्घाटन किया गया।

उद्घाटित प्रमुख योजनाओं में विधानसभा सदस्यों के लिए कोर कैपिटल एरिया में आवासीय परिसर, देवघर और लोहरदगा में नए समाहरणालय भवन, गिरिडीह नगर पालिका भवन और सिमडेगा में नए अंतरराष्ट्रीय स्ट्रैटर्फ हॉकी स्टेडियम शामिल हैं।

बेमौसम बारिश से रसड़ा के खेतों में तबाही! किसानों की धान की फसलें चौपट, राहत और ऋण माफी की गुहार
संजीव सिंह बलिया! रसड़ा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में हुई बेमौसम भारी वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खड़ी और तैयार धान की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाने से क्षेत्र के किसानों के सामने आर्थिक संकट और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। खेतों में खड़ी उपज डूबने से किसानों का महीनों का परिश्रम व्यर्थ हो गया है।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए किसान रामकृष्ण सिंह सेंगर (पत्रकार), अरविंद कुमार तिवारी (पत्रकार) और भानु प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी (SDM) रसड़ा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर राहत और ऋण माफी की मांग की है।ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि बेमौसम बारिश के चलते उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और अब उनके लिए जीवन-यापन तक कठिन हो गया है। किसानों ने चिंता जताई कि इस परिस्थिति में वे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या अन्य कृषि ऋण कैसे चुका पाएंगे।ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:फसल नुकसान की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए।प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफ किए जाएं।किसानों को तत्काल राहत राशि और मुआवजा प्रदान किया जाए।किसानों ने कहा कि यह बारिश उनके लिए ‘काल’ बनकर आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार तत्काल राहत की घोषणा कर किसानों के दर्द को कम करे और उनके जीवन को संबल प्रदान करे।
बेमौसम बारिश से रसड़ा के खेतों में तबाही! किसानों की धान की फसलें चौपट, राहत और ऋण माफी की गुहार
संजीव सिंह बलिया! रसड़ा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में हुई बेमौसम भारी वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खड़ी और तैयार धान की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाने से क्षेत्र के किसानों के सामने आर्थिक संकट और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। खेतों में खड़ी उपज डूबने से किसानों का महीनों का परिश्रम व्यर्थ हो गया है।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए किसान रामकृष्ण सिंह सेंगर (पत्रकार), अरविंद कुमार तिवारी (पत्रकार) और भानु प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी (SDM) रसड़ा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर राहत और ऋण माफी की मांग की है।ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि बेमौसम बारिश के चलते उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और अब उनके लिए जीवन-यापन तक कठिन हो गया है। किसानों ने चिंता जताई कि इस परिस्थिति में वे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या अन्य कृषि ऋण कैसे चुका पाएंगे।ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:फसल नुकसान की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए।प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफ किए जाएं।किसानों को तत्काल राहत राशि और मुआवजा प्रदान किया जाए।किसानों ने कहा कि यह बारिश उनके लिए ‘काल’ बनकर आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार तत्काल राहत की घोषणा कर किसानों के दर्द को कम करे और उनके जीवन को संबल प्रदान करे।
सर्प संरक्षणकर्मी शिव खनाल सम्मानित

स्वच्छता ही सेवा 2025 : 156 घन्टे महासफाई अभियान का भव्य शुभारम्भ।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।स्वच्छता ही सेवा 2025 के तहत आज“एक दिन एक घन्टा एक साथ”विशेष कार्यक्रम के साथ 156 घन्टे महासफाई अभियान का भव्य शुभारम्भ हुआ।महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने हरी झण्डी दिखाकर नगर निगम प्रयागराज की सुसज्जित सफाई वाहनो को रवाना किया और लगातार 156 घन्टे तक चलने वाले इस ऐतिहासिक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की।

अभियान की प्रमुख विशेषताएं।

नगर निगम की सभी गाड़ियो को विशेष सजावट के साथ रोस्टर के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया।156 घन्टे तक निरंतर सफाई कार्य चलाने हेतु नाला-नाली पार्क, सार्वजनिक स्थल GVP, CTU घाट शौचालय स्कूल- कॉलेज सड़क जलाशय सहित डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण एवं पृथक्करण की व्यापक व्यवस्था की गई।इस अवसर पर 3000 से अधिक नागरिकों ने स्वच्छता की शपथ लेकर अभियान में भागीदारी सुनिश्चित की।

नागवासुकी मंदिर परिसर में सामूहिक श्रमदान “एक दिन एक घंटा एक साथ” कार्यक्रम के तहत महापौर, पार्षदगण और नगर निगम की पूरी टीम ने नागवासुकी मंदिर पर भव्य श्रमदान किया।मंदिर परिसर को पूर्णतः कचरा-मुक्त किया गया।नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सफाई मित्रों की महत्ता और शहर को स्वच्छ रखने में जनभागीदारी का संदेश दिया गया।

महापौर का उद्बोधन

श्रमदान के पश्चात अपने सम्बोधन में उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा-

> प्रयागराज की धरती हमेशा से जनसहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण रही है।आज हमने 156 घंटे के इस निरंतर सफाई अभियान की शुरुआत की है।यह केवल सफाई का नही बल्कि मानसिकता बदलने का संकल्प है। बापू के स्वच्छ भारत के सपने और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के आदर्शों को साकार करने में हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। मैं हर नागरिक से आह्वान करता हूँ कि न केवल इन 156 घंटों के दौरान बल्कि हर दिन अपने आस-पास की स्वच्छता बनाए रखने की आदत को जीवन का हिस्सा बनाएं।

महापौर ने अपने हाथों से रंगोली बनाकर स्वच्छता का संदेश भी दिया।विशेष उपस्थिति इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार यादव कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगाई सभी जोनल अधिकारी स्वच्छता एवं खाद्य निरीक्षक नगर निगम प्रयागराज के अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक मौजूद रहे।नगर निगम प्रयागराज सभी नागरिकों से अपील करता है कि 2 अक्टूबर तक चलने वाले 156 घन्टे महासफाई अभियान में सक्रिय सहयोग दे और “स्वच्छ प्रयागराज स्वस्थ प्रयागराज”के संकल्प को साकार करे।

प्रदेश में भूकंप आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

* आगामी 16 सितम्बर को पश्चिम यूपी एवं 19 सितम्बर को सभी 34 संवेदनशील जनपदों में होगा मॉक एक्सरसाइज़ का प्रशिक्षण

लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा प्रदेश के 34 भूकंप-संवेदनशील जनपदों में आगामी टेबलटॉप और मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों को लेकर मंगलवार को प्राधिकरण सभागार में एक ओरियंटेशन एवं कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.), पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम. ने की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों व हितधारकों को भूकंप, केमिकल हैज़र्ड और अग्नि दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के प्रति जागरूक कराना और उनके समन्वित प्रबंधन की रणनीति तैयार करना रहा। उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बड़ा भू-भाग भूकंप के जोन 3 और 4 में आता है, जो इसे अधिक संवेदनशील बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि भूकंप की कोई पूर्व चेतावनी नहीं होती, लेकिन पूर्व तैयारी और विभागीय समन्वय के माध्यम से इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

सम्मेलन में HVRCA (जोखिम, संवेदनशीलता और क्षमता आकलन) से संबंधित प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इसमें बताया गया कि राज्य के 34 जनपदों को भूकंप के प्रति अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। आपदा की स्थिति में अग्निकांड, केमिकल रिसाव जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जिनके लिए पूर्व तैयारी आवश्यक है।

बैठक में टेबलटॉप और मॉक एक्सरसाइज की रूपरेखा, संचालन प्रक्रिया, जिलों की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया। आगामी 16 सितम्बर को मेरठ कैंट स्थित पश्चिम उप्र सब एरिया में टेबलटॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी, जबकि 19 सितम्बर को सभी 34 जनपदों में स्कूलों, अस्पतालों, फैक्ट्रियों, रेलवे स्टेशनों, शासकीय भवनों और मॉल जैसे स्थानों पर मॉक ड्रिल की जाएगी।

इस बैठक में NDRF, SDRF, अग्निशमन, स्वास्थ्य, श्रम, कारखाना निदेशालय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही, भारतीय सेना के अधिकारी और 34 जनपदों के अपर जिलाधिकारी एवं अन्य स्टेकहोल्डर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक का समन्वय वरिष्ठ सलाहकार कर्नल संदीप मेहरोत्रा ने किया।
*सुल्तानपुर में शांतिपूर्ण माहौल में चल रही है PET परीक्षा*
सुल्तानपुर,जिले में आयोजित PET (प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा) शांतिपूर्ण माहौल में चल रही है। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई,जहां प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों एवं सीसीटीवी कैमरे की मौजूदगी में परीक्षार्थियों ने सुव्यवस्थित ढंग से परीक्षा दी। परीक्षा में 60 हजार अभ्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा व्यवस्था का जायज़ा लेने पहुंचे SDM सदर बिपिन कुमार द्विवेदी और CO सिटी प्रशान्त सिंह ने केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था,सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा और केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के परिजनों को निर्धारित सीमा से बाहर रखा गया।