सुल्तानपुर के सपूत और IPS अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी को मिलेगा 'राष्ट्रपति पदक'

सुलतानपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देश के जांबाज और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों के लिए राष्ट्रीय सेवा पदकों की घोषणा की गई है। इस गौरवशाली सूची में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के  इमली गांव, पोस्ट इमली गांव, मोतिगरपुर के मूल निवासी और पश्चिम बंगाल कैडर के 2005 बैच के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का नाम भी शामिल है। वर्तमान में हावड़ा के पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात श्री चतुर्वेदी को प्रतिष्ठित "President's Medal for Meritorious Service" (सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक) से नवाजा जाएगा।सिलीगुड़ी कमिश्नर और CID में रहा है शानदार कार्यकाल। आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का अब तक का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। हावड़ा के पुलिस कमिश्नर की कमान संभालने से पहले वह सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर (Siliguri Police Commissioner) के रूप  में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे चुके हैं। सिलीगुड़ी में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को काफी सराहा गया था। इसके अलावा, वह पश्चिम बंगाल पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) में आईजी (IGP) के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जहां उन्होंने कई जटिल और बड़े मामलों की गुत्थी सुलझाने में अनुकरणीय नेतृत्व दिखाया।अदम्य साहस और अनुकरणीय सेवा का सम्मानअखिलेश कुमार चतुर्वेदी को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उनके अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और उत्कृष्ट अनुकरणीय सेवा के लिए इस उच्च राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। कोलकाता पुलिस में संयुक्त आयुक्त (Joint CP) से लेकर सिलीगुड़ी, सीआईडी और अब हावड़ा पुलिस कमिश्नर के रूप में उनका पूरा सफर जन सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाना जाता है।सुल्तानपुर सहित पूरे महकमे में खुशी की लहर है,गृह राज्य उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ताल्लुक रखने वाले आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके गृह जनपद सुल्तानपुर और पश्चिम बंगाल पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है। उनके गृह क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें इस गौरवपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई दी है। यह पदक नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी वर्षों की निष्ठा और अमूल्य योगदान का सबसे बड़ा प्रमाण है।गृह मंत्रालय ने जारी की आधिकारिक सूचीकेंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, देश भर के उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों को इस पदक से सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने अपने सेवाकाल में उत्कृष्ट प्रशासनिक व सुरक्षा मानक स्थापित किए हैं।
मिशन 2027 के लिए बीजेपी ने चला दांव, तीन राज्यों के प्रभारियों का एलान, विनोद तावड़े को यूपी की कमान

#bjppresidentnitinnabinappointednewstateinchargesandcoincharges

भारतीय जनता पार्टी का चुनावी मिशन मोड में आ गई है। भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए तीन राज्यों में अपने प्रभारी नियुक्त किए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं।

विनोद तावड़े यूपी के प्रभारी नियुक्त

बीजेपी की तरफ से जारी सूची के मुताबिक विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी नियुक्त किया गया है जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी महासचिव और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कमान संभालेंगे। महाराष्ट्र राजनीति के दिग्गज नेता विनोद तावड़े माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं। ऐसे में बीजेपी के लिए सबसे अहम राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश की कमान तावड़े के हाथों में दी गई है।

2027 चुनाव के लिए तावड़े की नियुक्ति काफी अहम

लोकसभा में सबसे ज्यादा सीटें होने के कारण यहां पार्टी का प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति पर भी सीधा असर डालता है। विनोद तावड़े के सामने राज्य संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती होगी। उन्हें प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। हालांकि, उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। विनोद तावड़े बिहार में अपना लोहा मनवा चुके हैं। 2027 में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनकी यह नियुक्ति काफी अहम हो जाती है।

सतीश पूनिया को पंजाब की कमान

पंजाब में भी अगले साल विधानसभा चुनाव है। पंजाब में भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से ही सतीश पूनिया पर अपना भरोसा जताया है। बीजेपी ने राजस्थान के सीनियर नेता सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। सतीश पूनिया के सियासी अनुभव का इस्तेमाल पार्टी पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए कर सकती है। उनके सामने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठन का विस्तार करने और राज्य में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की चुनौती होगी।

तरुण चुघ को गुजरात का प्रभार

गुजरात में भी पंजाब और यूपी की तरह अगले साल चुनाव है। बीजेपी ने तरुण चुघ को गुजरात का नया प्रभारी बनाया है। गुजरात लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रहा है। बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले गुजरात राज्य का प्रभारी बनाकर पार्टी ने उन पर बड़ा संगठनात्मक भरोसा जताया है। ऐसे में पार्टी संगठन को और मजबूत बनाए रखना और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना प्रभारी के लिए अहम जिम्मेदारी होगी।

एक दिन पहले हुआ नितिन नवीन की नई टीम का एलान

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान किया था। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हुईं। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं, स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

सीएम हेमंत सोरेन ने खनिज संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, से हस्तक्षेप लगाई गुहार

#hemantsorenurgespresidentpmagainstmines_bill

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधेयक को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने विधेयक को केंद्र-राज्य संबंधों के संतुलन और झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी अगल से पत्र लिखकर इस विषय पर समर्थन की मांग की गई है।

राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह

सीएम हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड और झारखंडवासियों की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संशोधन केवल राजस्व का विषय नहीं, बल्कि राज्यों की विधायी एवं वित्तीय स्वायत्तता, संघीय ढांचे, आदिवासी समुदायों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।

पीएम को पत्र लिखकर पुनर्विचार का आग्रह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधान झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, राजस्व, विकास और संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विधेयक में प्रस्तावित एमएमडीआर अधिनियम की नई धारा 9डी पर आपत्ति जताई है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के बाद राज्य सरकारें खनिज अधिकारों या खनिज वाली जमीन पर कोई कर, सेस या दूसरी लेवी लगाती हैं तो उस पर केंद्र की तय शर्तें और सीमाएं लागू होंगी।सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र में कहा कि केंद्र का यह नया कानून लागू हुआ तो झारखंड को खान-खनिज से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।

राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर मांगी मदद

वहीं हेमंत सोरेन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राहुल गांधी से इस विधेयक का विरोध करने की अपील की है। हेमंत सोरेन ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिल के माध्यम से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को सीमित करने के जो प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे हैं उस पर साथ आवाज़ उठाने का आग्रह किया है।

विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र, चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के दावों के सबूत मांगे

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अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्ष लगातार हमलावर है। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा पलटवार किया है। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई गई है और पुलिस से कार्रवाई से मांग की गई है।

आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, बड़े स्तर पर तथ्यपरक जांच के लिए सार्वजनिक रूप से बड़े आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान भी दर्ज किए जाएं। आलोक कुमार ने यह मांग भी की है कि यदि इन नेताओं के आरोप निराधार और झूठे पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के बयानों का जिक्र

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है। डीसीपी को लिखे गए लेटर में आलोक कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इन नेताओं से दिए गए बयान के स्रोत के बारे में पूछा जाना चाहिए।

नेताओं के बयान को लेकर मांगे सबूत

आलोक कुमार ने लेटर में लिखा कि यदि इन नेताओं के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ नेताओं ने ₹200 करोड़ से लेकर ₹20,000 करोड़ तक की कथित अनियमितताओं के दावे किए हैं।

झूठे आरोपों पर भी कार्रवाई की भी मांग

पत्र में कहा गया कि यदि इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास इस संबंध में कुछ तथ्य, दस्तावेज या जानकारी हो। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री देता है तो इससे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे, लापरवाह या बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए

सुल्तानपुर के सपूत और IPS अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी को मिलेगा 'राष्ट्रपति पदक'

सुलतानपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देश के जांबाज और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों के लिए राष्ट्रीय सेवा पदकों की घोषणा की गई है। इस गौरवशाली सूची में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के  इमली गांव, पोस्ट इमली गांव, मोतिगरपुर के मूल निवासी और पश्चिम बंगाल कैडर के 2005 बैच के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का नाम भी शामिल है। वर्तमान में हावड़ा के पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात श्री चतुर्वेदी को प्रतिष्ठित "President's Medal for Meritorious Service" (सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक) से नवाजा जाएगा।सिलीगुड़ी कमिश्नर और CID में रहा है शानदार कार्यकाल। आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का अब तक का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। हावड़ा के पुलिस कमिश्नर की कमान संभालने से पहले वह सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर (Siliguri Police Commissioner) के रूप  में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे चुके हैं। सिलीगुड़ी में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को काफी सराहा गया था। इसके अलावा, वह पश्चिम बंगाल पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) में आईजी (IGP) के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जहां उन्होंने कई जटिल और बड़े मामलों की गुत्थी सुलझाने में अनुकरणीय नेतृत्व दिखाया।अदम्य साहस और अनुकरणीय सेवा का सम्मानअखिलेश कुमार चतुर्वेदी को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उनके अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और उत्कृष्ट अनुकरणीय सेवा के लिए इस उच्च राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। कोलकाता पुलिस में संयुक्त आयुक्त (Joint CP) से लेकर सिलीगुड़ी, सीआईडी और अब हावड़ा पुलिस कमिश्नर के रूप में उनका पूरा सफर जन सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाना जाता है।सुल्तानपुर सहित पूरे महकमे में खुशी की लहर है,गृह राज्य उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ताल्लुक रखने वाले आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके गृह जनपद सुल्तानपुर और पश्चिम बंगाल पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है। उनके गृह क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें इस गौरवपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई दी है। यह पदक नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी वर्षों की निष्ठा और अमूल्य योगदान का सबसे बड़ा प्रमाण है।गृह मंत्रालय ने जारी की आधिकारिक सूचीकेंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, देश भर के उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों को इस पदक से सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने अपने सेवाकाल में उत्कृष्ट प्रशासनिक व सुरक्षा मानक स्थापित किए हैं।
मिशन 2027 के लिए बीजेपी ने चला दांव, तीन राज्यों के प्रभारियों का एलान, विनोद तावड़े को यूपी की कमान

#bjppresidentnitinnabinappointednewstateinchargesandcoincharges

भारतीय जनता पार्टी का चुनावी मिशन मोड में आ गई है। भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए तीन राज्यों में अपने प्रभारी नियुक्त किए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं।

विनोद तावड़े यूपी के प्रभारी नियुक्त

बीजेपी की तरफ से जारी सूची के मुताबिक विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी नियुक्त किया गया है जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी महासचिव और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कमान संभालेंगे। महाराष्ट्र राजनीति के दिग्गज नेता विनोद तावड़े माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं। ऐसे में बीजेपी के लिए सबसे अहम राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश की कमान तावड़े के हाथों में दी गई है।

2027 चुनाव के लिए तावड़े की नियुक्ति काफी अहम

लोकसभा में सबसे ज्यादा सीटें होने के कारण यहां पार्टी का प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति पर भी सीधा असर डालता है। विनोद तावड़े के सामने राज्य संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती होगी। उन्हें प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। हालांकि, उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। विनोद तावड़े बिहार में अपना लोहा मनवा चुके हैं। 2027 में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनकी यह नियुक्ति काफी अहम हो जाती है।

सतीश पूनिया को पंजाब की कमान

पंजाब में भी अगले साल विधानसभा चुनाव है। पंजाब में भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से ही सतीश पूनिया पर अपना भरोसा जताया है। बीजेपी ने राजस्थान के सीनियर नेता सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। सतीश पूनिया के सियासी अनुभव का इस्तेमाल पार्टी पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए कर सकती है। उनके सामने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठन का विस्तार करने और राज्य में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की चुनौती होगी।

तरुण चुघ को गुजरात का प्रभार

गुजरात में भी पंजाब और यूपी की तरह अगले साल चुनाव है। बीजेपी ने तरुण चुघ को गुजरात का नया प्रभारी बनाया है। गुजरात लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रहा है। बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले गुजरात राज्य का प्रभारी बनाकर पार्टी ने उन पर बड़ा संगठनात्मक भरोसा जताया है। ऐसे में पार्टी संगठन को और मजबूत बनाए रखना और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना प्रभारी के लिए अहम जिम्मेदारी होगी।

एक दिन पहले हुआ नितिन नवीन की नई टीम का एलान

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान किया था। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हुईं। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं, स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

सीएम हेमंत सोरेन ने खनिज संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, से हस्तक्षेप लगाई गुहार

#hemantsorenurgespresidentpmagainstmines_bill

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधेयक को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने विधेयक को केंद्र-राज्य संबंधों के संतुलन और झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी अगल से पत्र लिखकर इस विषय पर समर्थन की मांग की गई है।

राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह

सीएम हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड और झारखंडवासियों की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संशोधन केवल राजस्व का विषय नहीं, बल्कि राज्यों की विधायी एवं वित्तीय स्वायत्तता, संघीय ढांचे, आदिवासी समुदायों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।

पीएम को पत्र लिखकर पुनर्विचार का आग्रह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधान झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, राजस्व, विकास और संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विधेयक में प्रस्तावित एमएमडीआर अधिनियम की नई धारा 9डी पर आपत्ति जताई है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के बाद राज्य सरकारें खनिज अधिकारों या खनिज वाली जमीन पर कोई कर, सेस या दूसरी लेवी लगाती हैं तो उस पर केंद्र की तय शर्तें और सीमाएं लागू होंगी।सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र में कहा कि केंद्र का यह नया कानून लागू हुआ तो झारखंड को खान-खनिज से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।

राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर मांगी मदद

वहीं हेमंत सोरेन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राहुल गांधी से इस विधेयक का विरोध करने की अपील की है। हेमंत सोरेन ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिल के माध्यम से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को सीमित करने के जो प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे हैं उस पर साथ आवाज़ उठाने का आग्रह किया है।

विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र, चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के दावों के सबूत मांगे

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अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्ष लगातार हमलावर है। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा पलटवार किया है। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई गई है और पुलिस से कार्रवाई से मांग की गई है।

आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, बड़े स्तर पर तथ्यपरक जांच के लिए सार्वजनिक रूप से बड़े आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान भी दर्ज किए जाएं। आलोक कुमार ने यह मांग भी की है कि यदि इन नेताओं के आरोप निराधार और झूठे पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के बयानों का जिक्र

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है। डीसीपी को लिखे गए लेटर में आलोक कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इन नेताओं से दिए गए बयान के स्रोत के बारे में पूछा जाना चाहिए।

नेताओं के बयान को लेकर मांगे सबूत

आलोक कुमार ने लेटर में लिखा कि यदि इन नेताओं के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ नेताओं ने ₹200 करोड़ से लेकर ₹20,000 करोड़ तक की कथित अनियमितताओं के दावे किए हैं।

झूठे आरोपों पर भी कार्रवाई की भी मांग

पत्र में कहा गया कि यदि इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास इस संबंध में कुछ तथ्य, दस्तावेज या जानकारी हो। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री देता है तो इससे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे, लापरवाह या बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए