AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट केस में कांग्रेस यूथ प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी जमानत
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एआई इम्पैक्ट समिट में के दौरान भारत मंडपम में हुए 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन मामले में इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उदय को आज सुबह जमानत दे दी है।
रिमांड बढ़ाने की अर्जी खारिज
देर रात सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस की 7 दिन की रिमांड बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी, क्योंकि उदय के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले। उदय को पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट से जमानत तो मिल गई है, लेकिन इसके लिए उदय को कुछ शर्तें माननी पड़ेंगी। जमानत शर्तों में 50 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड का भुगतान ज़रूरी है। इसके साथ ही उदय को कोर्ट में अपने पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक डिवासेज़ भी सरेंडर करने होंगे।
रिमांड बढ़ाने की मांग
इससे पहले चिब के वकील एडवोकेट सुलेमान मोहम्मद खान ने बताया कि 'दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने उदय भानु की पुलिस कस्टडी बढ़ाने के लिए एक एप्लीकेशन दी है। उन्होंने रिमांड को 7 दिन बढ़ाने की मांग की है, और एक आरोपी की पांच दिन और दूसरे की दो दिन की रिमांड के लिए दो एप्लीकेशन भी दी हैं।
क्या है मामला?
दिल्ली पुलिस ने एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों के एक गुट की ओर से कमीज उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन के संबंध में संगठन के अध्यक्ष उदय भानु चिब को ‘मुख्य साजिशकर्ता’ करार देते हुए गिरफ्तार किया था। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान 20 फरवरी को यूथ कांग्रेस ने 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने उदय के साथ कृष्ण हरि, कुन्दन यादव, नरसिम्हा यादव, अजय कुमार यादव और कुछ अन्य यूथ कांग्रेस सदस्यों को गिरफ्तार किया था और उदय को मुख्य साजिशकर्ता बताया था।




मुंबई। उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुनील शिंदे को राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal for Meritorious Service) से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई, संपत्ति बरामदगी तथा जटिल आपराधिक मामलों की सफल जांच में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। अपने लंबे और अनुकरणीय सेवाकाल में सुनील शिंदे ने कई संवेदनशील व चुनौतीपूर्ण मामलों को कुशलतापूर्वक सुलझाया। संगठित अपराध, अंतरराज्यीय तस्करी और गंभीर आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ उनकी सख्त और रणनीतिक कार्रवाई से न केवल अपराध पर अंकुश लगा, बल्कि पुलिस विभाग की साख भी मजबूत हुई। उनकी कार्यशैली, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता ने भी की है।
Mar 02 2026, 12:14
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