From Slum Lanes to a National Vision: Mangan Thomas Rijoy Introduces Desiya Suraksha Party

Chennai, India | October 8, 2026

Desiya Suraksha Party emerges from five years of grassroots work through the Secure Our City campaign, with a focus on safety, housing, education and healthcare.

“Why should a woman feel unsafe in her own street?” This question became the starting point of Secure Our City, a community safety campaign initiated by Mangan Thomas Rijoy (MTR), President of Desiya Suraksha Party (DSP)

According to the campaign's account, the initiative began in Chennai five years ago with a commitment to provide 10,000 free CCTV cameras in selected Indian cities. Working without NGO backing, corporate funding or political support, the campaign reports that it has helped secure 5,000 houses in Chennai's slum communities.

However, years of working closely with residents led MTR to reconsider what safety means for families facing economic hardship.

Living and interacting with communities helped bring wider challenges into focus, including inadequate housing, access to food, healthcare, clothing and education. The experience shaped a broader vision that extends beyond surveillance and neighbourhood security

“A camera cannot secure a hungry stomach. A camera cannot secure a homeless family,” MTR said, describing the thinking behind the next phase of his work

This experience eventually led to the formation of Desiya Suraksha Party (DSP), a political initiative intended, according to its stated mission, to raise questions about public accountability, resource distribution and the living conditions of ordinary citizens.

 

Desiya Suraksha Party's Key Prioritie

DSP has outlined five principal commitments in its proposed social agenda

Housing for every family: A minimum 500-square-foot home for every Indian family.

Dignity and basic necessities: Access to good-quality clothing and essential living conditions.

Free education and healthcare: Education and medical services at international standards, provided free of charge.

A future for every child: A home, family environment and future for children without parental care, with the state acting as guardian where necessary.

Safety for women and children: Recognition of personal safety as a fundamental right rather than merely a government scheme.

These commitments represent the party's stated policy vision. Their implementation would require detailed plans covering funding, administration, eligibility and delivery.

 

A Campaign with a Wider Purpose

The Secure Our City initiative was originally intended to establish a community safety model that could later expand through SecureCam India and potential corporate social responsibility (CSR) funding.

DSP now says the campaign will continue alongside its broader social agenda. Following its first Maanadu, scheduled for December 10, 2026, in Chennai, the party plans to expand the initiative across India.

The campaign also proposes security audits for homes and buildings, with a minimum security guarantee. Further details on implementation and coverage are expected to clarify how this proposal would operate.

 

Beginning in Tamil Nadu and Kerala

 

DSP has identified Tamil Nadu and Kerala as the starting points for its next phase. MTR has invited people interested in community safety and social welfare to learn about the party and its stated objectives.

The party's central message is that public safety involves more than preventing crime. It also encompasses access to shelter, healthcare, education and dignified living conditions.

As DSP prepares for its December gathering, the transition from a neighbourhood CCTV campaign to a broader political platform marks a new stage in MTR's stated public-service journey.

 

About Desiya Suraksha Party

Desiya Suraksha Party (DSP) is led by President Mangan Thomas Rijoy (MTR). Its stated priorities include community safety, housing, education, healthcare, child welfare and public accountability.

 

Media Contact

Desiya Suraksha Party

President: Mangan Thomas Rijoy (MTR)

Tamil Nadu & Kerala Unit

Website: https://secureourcity.org/

Phone: +91 96054 35521

 

रांची में बनेगा अत्याधुनिक IT Park, 75 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार, CM हेमंत सोरेन ने RMZ ग्रुप के साथ की बैठक*

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से RMZ Infrastructure के President श्री दीपक छाबड़िया ने मुलाकात की। इस दौरान झारखंड में अत्याधुनिक IT Park विकसित करने, Global Capability Centre (GCC) की स्थापना तथा तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही रांची को IT, innovation और high-skilled employment के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के विषय पर भी चर्चा हुई।

2029 तक IT Park की शुरुआत, प्रथम चरण में 20 हजार और अगले तीन वर्षों में 75 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य

प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में IT Park की शुरुआत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में लगभग 20,000 रोजगार के अवसर सृजित करने तथा अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 75,000 रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य के स्थानीय एवं प्रतिभाशाली युवाओं को तकनीकी और उच्च-कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर प्राप्त होने की संभावनाएं हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए IIM Ranchi, नए विधानसभा परिसर एवं हाईकोर्ट परिसर के निकट उपलब्ध लगभग 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित IT Park में आधुनिक कार्यालय एवं डिजिटल अधोसंरचना के साथ वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियों और संस्थानों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है। यह पहल झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने तथा रांची को IT, innovation और high-skilled employment के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

झारखंड में IT, AI, GCC और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

बैठक के दौरान Global Capability Centre (GCC) की स्थापना की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। GCC के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए IT एवं AI सेवाओं, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी तथा अन्य उच्च-कौशल वाले कार्यों का संचालन झारखंड से किया जा सकता है। इससे राज्य में निजी निवेश, तकनीकी रोजगार और उच्च-कौशल वाली नौकरियों के अवसरों के विस्तार को गति मिलने की संभावना है। उक्त बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ते हुए एक मजबूत एवं आधुनिक IT तथा तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उच्च-कौशल आधारित अवसरों का सृजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि रांची को IT, innovation और emerging technologies का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। राज्य में उपलब्ध प्रतिभाशाली मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधनों और विकास की संभावनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर झारखंड को नई अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभावित रूप से अक्टूबर माह में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल वहां विकसित IT Park, तकनीकी इकोसिस्टम एवं Global Capability Centre मॉडल का अध्ययन करेगा तथा IT अधोसंरचना, निवेश व्यवस्था और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करेगा। इस अध्ययन के आधार पर झारखंड में IT Park और संबंधित तकनीकी इकोसिस्टम के विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

RMZ Infrastructure की ओर से झारखंड में अत्याधुनिक IT Park, डिजिटल अधोसंरचना तथा भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर रुचि व्यक्त की गई। बैठक में राज्य में तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों तथा संभावित सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में आधुनिक तकनीक, नवाचार और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से युवाओं के लिए राज्य में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा रांची को देश के प्रमुख IT केंद्रों में विकसित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (JSAC) की निदेशक सुश्री माधवी मिश्रा उपस्थित रहीं।

BRICS समिट के लिए भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, 11 सितंबर को पीएम मोदी के साथ बैठक

#russianpresidentputinvisitindiatoattendbricssummit

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत दौरे पर आएंगे। 11 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी तय हो गई है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला है।

पीएम मोदी और पुतिन के बीच करीबी व्यक्तिगत संबंध

मॉस्को से वर्चुअल ब्रीफिंग के जरिए पत्रकारों से बात करते हुए पेस्कोव ने कहा, "दोनों नेता भारतीय और रूसी नेता बहुत करीबी व्यक्तिगत संपर्क में हैं। उनके रिश्ते बहुत व्यावहारिक हैं, और वे इतने ईमानदार हैं कि हमारे एजेंडे और द्विपक्षीय संबंधों के सबसे संवेदनशील मुद्दों पर बहुत खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा कर सकते हैं। ज़ाहिर है, इससे हमारे सहयोग के लिए नए रास्ते खुलते हैं।"

इन मुद्दों पर होगी बात

मोदी-पुतिन की बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग और परिवहन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देश आपसी कारोबार बढ़ाने और अपनी कंपनियों के लिए नए मौके तलाशने पर भी बात कर सकते हैं। भारतीय कंपनियां रूस के बाजार में विस्तार करना चाहती हैं, जबकि रूस भारत में अपने कारोबार और उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में रुचि रखता है।

रूस यूक्रेन युद्ध पर चर्चा संभव

यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ने, पश्चिमी प्रतिबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई बड़े सवालों से जूझ रही है। ऐसे में बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध और फारस की खाड़ी में जारी तनाव भी चर्चा का हिस्सा हो सकता है। दोनों नेता युद्ध की मौजूदा स्थिति और उसके असर पर बात कर सकते हैं। रूस के मुताबिक, खाड़ी में जारी घटनाओं का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

भारत 12-13 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। यह तेजी से आगे बढ़ रहे प्रमुख उभरते बाजार वाले देशों और विकासशील देशों के अंतर-सरकारी मंच के लिए एक अहम पल होगा। भारत ने इस साल 1 जनवरी को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली, जो इस समूह की कमान संभालने का उसका चौथा मौका है। साल 2026 ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने का भी प्रतीक है।

Soummodeep Dey Appointed National Coordinator of Janata Congress Party, Set to Lead Youth Mobilisation Drive

Jamshedpur/New Delhi: In a move that signals a fresh push for youth-driven politics, the Janata Congress Party (JCP) has elevated Soummodeep Dey, a Jamshedpur-based social worker and youth activist, to the position of National Coordinator. The appointment, confirmed by the party's central leadership, marks a significant step up from his earlier role as the party's National Youth Coordinator and places him at the heart of JCP's organisational expansion across the country.Dey's rise within the party has been steady. Barely months after taking charge of the youth wing under the "People First, Nation First, India First" banner, he has now been handed a broader mandate that goes beyond youth mobilisation to include strengthening the party's central committee structure. Party insiders say the decision reflects growing confidence in his ability to build grassroots networks and translate organisational directives into on-ground action.

"This is not just a position, it is a responsibility to build the organisation across the country and give the voice of the youth a new direction," Dey said following the announcement. He added that his immediate priorities would be organisational expansion, deeper youth participation, and highlighting issues that directly affect ordinary citizens.

A Background Rooted in Service

Dey's political journey did not begin with the Janata Congress Party. Hailing from Jamshedpur, Jharkhand, he first built a public profile through the Netaji Subhash Chandra Bose Seva Samiti, a community welfare organisation he founded that has been active in blood donation drives, cleanliness campaigns, disaster relief, and support for the underprivileged. The organisation's consistent work in the region earned Dey the Subhash Chandra Bose Icon Award 2025, a recognition of his contribution to social welfare and community development.

Before joining JCP, Dey was also associated with the National Students' Union of India, where he served as State Vice-Chairman of the Social Media Committee for Odisha. During his tenure, he was part of the coordination team for the Bharat Jodo Nyay Yatra in Odisha and held responsibilities within the University President NSUI campus committee, giving him early exposure to large-scale organisational coordination and student politics.

On the academic front, Dey holds a degree in Mechanical Engineering and an MBA specialising in Human Resources and Marketing, a combination that party colleagues say has shaped his structured approach to organisational planning.

Party's Push for Youth Leadership

The Janata Congress Party, which has been steadily expanding its footprint, has framed the appointment as part of a larger strategy to bring younger voices into decision-making roles ahead of upcoming state elections, including in Manipur and Goa. The party has also been vocal on regional and cross-border issues, recently expressing solidarity with flood and landslide-affected communities in Nepal, an initiative in which Dey featured prominently as the face of the party's outreach.

Party leadership, in its formal note of congratulations, said it appreciated Dey's trust, passion, and dedication toward youth and the nation, adding that his leadership was expected to help empower young people and position them at the forefront of nation-building efforts.

What Comes Next

With the appointment now official, attention turns to how quickly Dey can translate his organisational experience into visible results for JCP. His task list includes expanding the party's presence in states where it currently has limited structure, strengthening the central committee, and ensuring that youth engagement extends beyond social media messaging into active ground mobilisation.

For a party still building its national identity, the choice of a coordinator with a background in both grassroots social work and structured student politics appears deliberate. Whether this translates into electoral traction remains to be seen, but for now, the appointment has generated visible enthusiasm among party supporters and workers who see it as evidence of the party's willingness to invest in younger leadership.

Soummodeep Dey's appointment as National Coordinator adds a new chapter to a career that has moved from community service in Jamshedpur to student politics in Odisha and now to a national role within the Janata Congress Party's organisational framework.

For more information You can Visit on Instagram:

https://www.instagram.com/soummo_deep_dey?igsi=Z2FwaWlhbWNsems0

 

 

सुल्तानपुर के सपूत और IPS अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी को मिलेगा 'राष्ट्रपति पदक'

सुलतानपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देश के जांबाज और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों के लिए राष्ट्रीय सेवा पदकों की घोषणा की गई है। इस गौरवशाली सूची में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के  इमली गांव, पोस्ट इमली गांव, मोतिगरपुर के मूल निवासी और पश्चिम बंगाल कैडर के 2005 बैच के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का नाम भी शामिल है। वर्तमान में हावड़ा के पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात श्री चतुर्वेदी को प्रतिष्ठित "President's Medal for Meritorious Service" (सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक) से नवाजा जाएगा।सिलीगुड़ी कमिश्नर और CID में रहा है शानदार कार्यकाल। आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का अब तक का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। हावड़ा के पुलिस कमिश्नर की कमान संभालने से पहले वह सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर (Siliguri Police Commissioner) के रूप  में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे चुके हैं। सिलीगुड़ी में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को काफी सराहा गया था। इसके अलावा, वह पश्चिम बंगाल पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) में आईजी (IGP) के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जहां उन्होंने कई जटिल और बड़े मामलों की गुत्थी सुलझाने में अनुकरणीय नेतृत्व दिखाया।अदम्य साहस और अनुकरणीय सेवा का सम्मानअखिलेश कुमार चतुर्वेदी को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उनके अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और उत्कृष्ट अनुकरणीय सेवा के लिए इस उच्च राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। कोलकाता पुलिस में संयुक्त आयुक्त (Joint CP) से लेकर सिलीगुड़ी, सीआईडी और अब हावड़ा पुलिस कमिश्नर के रूप में उनका पूरा सफर जन सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाना जाता है।सुल्तानपुर सहित पूरे महकमे में खुशी की लहर है,गृह राज्य उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ताल्लुक रखने वाले आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके गृह जनपद सुल्तानपुर और पश्चिम बंगाल पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है। उनके गृह क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें इस गौरवपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई दी है। यह पदक नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी वर्षों की निष्ठा और अमूल्य योगदान का सबसे बड़ा प्रमाण है।गृह मंत्रालय ने जारी की आधिकारिक सूचीकेंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, देश भर के उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों को इस पदक से सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने अपने सेवाकाल में उत्कृष्ट प्रशासनिक व सुरक्षा मानक स्थापित किए हैं।
मिशन 2027 के लिए बीजेपी ने चला दांव, तीन राज्यों के प्रभारियों का एलान, विनोद तावड़े को यूपी की कमान

#bjppresidentnitinnabinappointednewstateinchargesandcoincharges

भारतीय जनता पार्टी का चुनावी मिशन मोड में आ गई है। भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए तीन राज्यों में अपने प्रभारी नियुक्त किए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं।

विनोद तावड़े यूपी के प्रभारी नियुक्त

बीजेपी की तरफ से जारी सूची के मुताबिक विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी नियुक्त किया गया है जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी महासचिव और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कमान संभालेंगे। महाराष्ट्र राजनीति के दिग्गज नेता विनोद तावड़े माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं। ऐसे में बीजेपी के लिए सबसे अहम राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश की कमान तावड़े के हाथों में दी गई है।

2027 चुनाव के लिए तावड़े की नियुक्ति काफी अहम

लोकसभा में सबसे ज्यादा सीटें होने के कारण यहां पार्टी का प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति पर भी सीधा असर डालता है। विनोद तावड़े के सामने राज्य संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती होगी। उन्हें प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। हालांकि, उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। विनोद तावड़े बिहार में अपना लोहा मनवा चुके हैं। 2027 में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनकी यह नियुक्ति काफी अहम हो जाती है।

सतीश पूनिया को पंजाब की कमान

पंजाब में भी अगले साल विधानसभा चुनाव है। पंजाब में भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से ही सतीश पूनिया पर अपना भरोसा जताया है। बीजेपी ने राजस्थान के सीनियर नेता सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। सतीश पूनिया के सियासी अनुभव का इस्तेमाल पार्टी पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए कर सकती है। उनके सामने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठन का विस्तार करने और राज्य में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की चुनौती होगी।

तरुण चुघ को गुजरात का प्रभार

गुजरात में भी पंजाब और यूपी की तरह अगले साल चुनाव है। बीजेपी ने तरुण चुघ को गुजरात का नया प्रभारी बनाया है। गुजरात लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रहा है। बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले गुजरात राज्य का प्रभारी बनाकर पार्टी ने उन पर बड़ा संगठनात्मक भरोसा जताया है। ऐसे में पार्टी संगठन को और मजबूत बनाए रखना और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना प्रभारी के लिए अहम जिम्मेदारी होगी।

एक दिन पहले हुआ नितिन नवीन की नई टीम का एलान

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान किया था। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हुईं। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं, स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

सीएम हेमंत सोरेन ने खनिज संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, से हस्तक्षेप लगाई गुहार

#hemantsorenurgespresidentpmagainstmines_bill

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधेयक को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने विधेयक को केंद्र-राज्य संबंधों के संतुलन और झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी अगल से पत्र लिखकर इस विषय पर समर्थन की मांग की गई है।

राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह

सीएम हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड और झारखंडवासियों की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संशोधन केवल राजस्व का विषय नहीं, बल्कि राज्यों की विधायी एवं वित्तीय स्वायत्तता, संघीय ढांचे, आदिवासी समुदायों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।

पीएम को पत्र लिखकर पुनर्विचार का आग्रह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधान झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, राजस्व, विकास और संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विधेयक में प्रस्तावित एमएमडीआर अधिनियम की नई धारा 9डी पर आपत्ति जताई है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के बाद राज्य सरकारें खनिज अधिकारों या खनिज वाली जमीन पर कोई कर, सेस या दूसरी लेवी लगाती हैं तो उस पर केंद्र की तय शर्तें और सीमाएं लागू होंगी।सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र में कहा कि केंद्र का यह नया कानून लागू हुआ तो झारखंड को खान-खनिज से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।

राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर मांगी मदद

वहीं हेमंत सोरेन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राहुल गांधी से इस विधेयक का विरोध करने की अपील की है। हेमंत सोरेन ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिल के माध्यम से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को सीमित करने के जो प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे हैं उस पर साथ आवाज़ उठाने का आग्रह किया है।

विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र, चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के दावों के सबूत मांगे

#vhppresidentdemandsprobeagainstpriyankagandhikejriwalinrammandirdonationscam

अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्ष लगातार हमलावर है। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा पलटवार किया है। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई गई है और पुलिस से कार्रवाई से मांग की गई है।

आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, बड़े स्तर पर तथ्यपरक जांच के लिए सार्वजनिक रूप से बड़े आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान भी दर्ज किए जाएं। आलोक कुमार ने यह मांग भी की है कि यदि इन नेताओं के आरोप निराधार और झूठे पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के बयानों का जिक्र

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है। डीसीपी को लिखे गए लेटर में आलोक कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इन नेताओं से दिए गए बयान के स्रोत के बारे में पूछा जाना चाहिए।

नेताओं के बयान को लेकर मांगे सबूत

आलोक कुमार ने लेटर में लिखा कि यदि इन नेताओं के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ नेताओं ने ₹200 करोड़ से लेकर ₹20,000 करोड़ तक की कथित अनियमितताओं के दावे किए हैं।

झूठे आरोपों पर भी कार्रवाई की भी मांग

पत्र में कहा गया कि यदि इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास इस संबंध में कुछ तथ्य, दस्तावेज या जानकारी हो। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री देता है तो इससे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे, लापरवाह या बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए

From Slum Lanes to a National Vision: Mangan Thomas Rijoy Introduces Desiya Suraksha Party

Chennai, India | October 8, 2026

Desiya Suraksha Party emerges from five years of grassroots work through the Secure Our City campaign, with a focus on safety, housing, education and healthcare.

“Why should a woman feel unsafe in her own street?” This question became the starting point of Secure Our City, a community safety campaign initiated by Mangan Thomas Rijoy (MTR), President of Desiya Suraksha Party (DSP)

According to the campaign's account, the initiative began in Chennai five years ago with a commitment to provide 10,000 free CCTV cameras in selected Indian cities. Working without NGO backing, corporate funding or political support, the campaign reports that it has helped secure 5,000 houses in Chennai's slum communities.

However, years of working closely with residents led MTR to reconsider what safety means for families facing economic hardship.

Living and interacting with communities helped bring wider challenges into focus, including inadequate housing, access to food, healthcare, clothing and education. The experience shaped a broader vision that extends beyond surveillance and neighbourhood security

“A camera cannot secure a hungry stomach. A camera cannot secure a homeless family,” MTR said, describing the thinking behind the next phase of his work

This experience eventually led to the formation of Desiya Suraksha Party (DSP), a political initiative intended, according to its stated mission, to raise questions about public accountability, resource distribution and the living conditions of ordinary citizens.

 

Desiya Suraksha Party's Key Prioritie

DSP has outlined five principal commitments in its proposed social agenda

Housing for every family: A minimum 500-square-foot home for every Indian family.

Dignity and basic necessities: Access to good-quality clothing and essential living conditions.

Free education and healthcare: Education and medical services at international standards, provided free of charge.

A future for every child: A home, family environment and future for children without parental care, with the state acting as guardian where necessary.

Safety for women and children: Recognition of personal safety as a fundamental right rather than merely a government scheme.

These commitments represent the party's stated policy vision. Their implementation would require detailed plans covering funding, administration, eligibility and delivery.

 

A Campaign with a Wider Purpose

The Secure Our City initiative was originally intended to establish a community safety model that could later expand through SecureCam India and potential corporate social responsibility (CSR) funding.

DSP now says the campaign will continue alongside its broader social agenda. Following its first Maanadu, scheduled for December 10, 2026, in Chennai, the party plans to expand the initiative across India.

The campaign also proposes security audits for homes and buildings, with a minimum security guarantee. Further details on implementation and coverage are expected to clarify how this proposal would operate.

 

Beginning in Tamil Nadu and Kerala

 

DSP has identified Tamil Nadu and Kerala as the starting points for its next phase. MTR has invited people interested in community safety and social welfare to learn about the party and its stated objectives.

The party's central message is that public safety involves more than preventing crime. It also encompasses access to shelter, healthcare, education and dignified living conditions.

As DSP prepares for its December gathering, the transition from a neighbourhood CCTV campaign to a broader political platform marks a new stage in MTR's stated public-service journey.

 

About Desiya Suraksha Party

Desiya Suraksha Party (DSP) is led by President Mangan Thomas Rijoy (MTR). Its stated priorities include community safety, housing, education, healthcare, child welfare and public accountability.

 

Media Contact

Desiya Suraksha Party

President: Mangan Thomas Rijoy (MTR)

Tamil Nadu & Kerala Unit

Website: https://secureourcity.org/

Phone: +91 96054 35521

 

रांची में बनेगा अत्याधुनिक IT Park, 75 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार, CM हेमंत सोरेन ने RMZ ग्रुप के साथ की बैठक*

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से RMZ Infrastructure के President श्री दीपक छाबड़िया ने मुलाकात की। इस दौरान झारखंड में अत्याधुनिक IT Park विकसित करने, Global Capability Centre (GCC) की स्थापना तथा तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही रांची को IT, innovation और high-skilled employment के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के विषय पर भी चर्चा हुई।

2029 तक IT Park की शुरुआत, प्रथम चरण में 20 हजार और अगले तीन वर्षों में 75 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य

प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में IT Park की शुरुआत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में लगभग 20,000 रोजगार के अवसर सृजित करने तथा अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 75,000 रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य के स्थानीय एवं प्रतिभाशाली युवाओं को तकनीकी और उच्च-कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर प्राप्त होने की संभावनाएं हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए IIM Ranchi, नए विधानसभा परिसर एवं हाईकोर्ट परिसर के निकट उपलब्ध लगभग 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित IT Park में आधुनिक कार्यालय एवं डिजिटल अधोसंरचना के साथ वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियों और संस्थानों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है। यह पहल झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने तथा रांची को IT, innovation और high-skilled employment के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

झारखंड में IT, AI, GCC और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

बैठक के दौरान Global Capability Centre (GCC) की स्थापना की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। GCC के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए IT एवं AI सेवाओं, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी तथा अन्य उच्च-कौशल वाले कार्यों का संचालन झारखंड से किया जा सकता है। इससे राज्य में निजी निवेश, तकनीकी रोजगार और उच्च-कौशल वाली नौकरियों के अवसरों के विस्तार को गति मिलने की संभावना है। उक्त बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ते हुए एक मजबूत एवं आधुनिक IT तथा तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उच्च-कौशल आधारित अवसरों का सृजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि रांची को IT, innovation और emerging technologies का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। राज्य में उपलब्ध प्रतिभाशाली मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधनों और विकास की संभावनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर झारखंड को नई अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभावित रूप से अक्टूबर माह में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल वहां विकसित IT Park, तकनीकी इकोसिस्टम एवं Global Capability Centre मॉडल का अध्ययन करेगा तथा IT अधोसंरचना, निवेश व्यवस्था और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करेगा। इस अध्ययन के आधार पर झारखंड में IT Park और संबंधित तकनीकी इकोसिस्टम के विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

RMZ Infrastructure की ओर से झारखंड में अत्याधुनिक IT Park, डिजिटल अधोसंरचना तथा भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर रुचि व्यक्त की गई। बैठक में राज्य में तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों तथा संभावित सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में आधुनिक तकनीक, नवाचार और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से युवाओं के लिए राज्य में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा रांची को देश के प्रमुख IT केंद्रों में विकसित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (JSAC) की निदेशक सुश्री माधवी मिश्रा उपस्थित रहीं।

BRICS समिट के लिए भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, 11 सितंबर को पीएम मोदी के साथ बैठक

#russianpresidentputinvisitindiatoattendbricssummit

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत दौरे पर आएंगे। 11 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी तय हो गई है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला है।

पीएम मोदी और पुतिन के बीच करीबी व्यक्तिगत संबंध

मॉस्को से वर्चुअल ब्रीफिंग के जरिए पत्रकारों से बात करते हुए पेस्कोव ने कहा, "दोनों नेता भारतीय और रूसी नेता बहुत करीबी व्यक्तिगत संपर्क में हैं। उनके रिश्ते बहुत व्यावहारिक हैं, और वे इतने ईमानदार हैं कि हमारे एजेंडे और द्विपक्षीय संबंधों के सबसे संवेदनशील मुद्दों पर बहुत खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा कर सकते हैं। ज़ाहिर है, इससे हमारे सहयोग के लिए नए रास्ते खुलते हैं।"

इन मुद्दों पर होगी बात

मोदी-पुतिन की बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग और परिवहन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देश आपसी कारोबार बढ़ाने और अपनी कंपनियों के लिए नए मौके तलाशने पर भी बात कर सकते हैं। भारतीय कंपनियां रूस के बाजार में विस्तार करना चाहती हैं, जबकि रूस भारत में अपने कारोबार और उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में रुचि रखता है।

रूस यूक्रेन युद्ध पर चर्चा संभव

यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ने, पश्चिमी प्रतिबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई बड़े सवालों से जूझ रही है। ऐसे में बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध और फारस की खाड़ी में जारी तनाव भी चर्चा का हिस्सा हो सकता है। दोनों नेता युद्ध की मौजूदा स्थिति और उसके असर पर बात कर सकते हैं। रूस के मुताबिक, खाड़ी में जारी घटनाओं का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

भारत 12-13 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। यह तेजी से आगे बढ़ रहे प्रमुख उभरते बाजार वाले देशों और विकासशील देशों के अंतर-सरकारी मंच के लिए एक अहम पल होगा। भारत ने इस साल 1 जनवरी को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली, जो इस समूह की कमान संभालने का उसका चौथा मौका है। साल 2026 ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने का भी प्रतीक है।

Soummodeep Dey Appointed National Coordinator of Janata Congress Party, Set to Lead Youth Mobilisation Drive

Jamshedpur/New Delhi: In a move that signals a fresh push for youth-driven politics, the Janata Congress Party (JCP) has elevated Soummodeep Dey, a Jamshedpur-based social worker and youth activist, to the position of National Coordinator. The appointment, confirmed by the party's central leadership, marks a significant step up from his earlier role as the party's National Youth Coordinator and places him at the heart of JCP's organisational expansion across the country.Dey's rise within the party has been steady. Barely months after taking charge of the youth wing under the "People First, Nation First, India First" banner, he has now been handed a broader mandate that goes beyond youth mobilisation to include strengthening the party's central committee structure. Party insiders say the decision reflects growing confidence in his ability to build grassroots networks and translate organisational directives into on-ground action.

"This is not just a position, it is a responsibility to build the organisation across the country and give the voice of the youth a new direction," Dey said following the announcement. He added that his immediate priorities would be organisational expansion, deeper youth participation, and highlighting issues that directly affect ordinary citizens.

A Background Rooted in Service

Dey's political journey did not begin with the Janata Congress Party. Hailing from Jamshedpur, Jharkhand, he first built a public profile through the Netaji Subhash Chandra Bose Seva Samiti, a community welfare organisation he founded that has been active in blood donation drives, cleanliness campaigns, disaster relief, and support for the underprivileged. The organisation's consistent work in the region earned Dey the Subhash Chandra Bose Icon Award 2025, a recognition of his contribution to social welfare and community development.

Before joining JCP, Dey was also associated with the National Students' Union of India, where he served as State Vice-Chairman of the Social Media Committee for Odisha. During his tenure, he was part of the coordination team for the Bharat Jodo Nyay Yatra in Odisha and held responsibilities within the University President NSUI campus committee, giving him early exposure to large-scale organisational coordination and student politics.

On the academic front, Dey holds a degree in Mechanical Engineering and an MBA specialising in Human Resources and Marketing, a combination that party colleagues say has shaped his structured approach to organisational planning.

Party's Push for Youth Leadership

The Janata Congress Party, which has been steadily expanding its footprint, has framed the appointment as part of a larger strategy to bring younger voices into decision-making roles ahead of upcoming state elections, including in Manipur and Goa. The party has also been vocal on regional and cross-border issues, recently expressing solidarity with flood and landslide-affected communities in Nepal, an initiative in which Dey featured prominently as the face of the party's outreach.

Party leadership, in its formal note of congratulations, said it appreciated Dey's trust, passion, and dedication toward youth and the nation, adding that his leadership was expected to help empower young people and position them at the forefront of nation-building efforts.

What Comes Next

With the appointment now official, attention turns to how quickly Dey can translate his organisational experience into visible results for JCP. His task list includes expanding the party's presence in states where it currently has limited structure, strengthening the central committee, and ensuring that youth engagement extends beyond social media messaging into active ground mobilisation.

For a party still building its national identity, the choice of a coordinator with a background in both grassroots social work and structured student politics appears deliberate. Whether this translates into electoral traction remains to be seen, but for now, the appointment has generated visible enthusiasm among party supporters and workers who see it as evidence of the party's willingness to invest in younger leadership.

Soummodeep Dey's appointment as National Coordinator adds a new chapter to a career that has moved from community service in Jamshedpur to student politics in Odisha and now to a national role within the Janata Congress Party's organisational framework.

For more information You can Visit on Instagram:

https://www.instagram.com/soummo_deep_dey?igsi=Z2FwaWlhbWNsems0

 

 

सुल्तानपुर के सपूत और IPS अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी को मिलेगा 'राष्ट्रपति पदक'

सुलतानपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देश के जांबाज और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों के लिए राष्ट्रीय सेवा पदकों की घोषणा की गई है। इस गौरवशाली सूची में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के  इमली गांव, पोस्ट इमली गांव, मोतिगरपुर के मूल निवासी और पश्चिम बंगाल कैडर के 2005 बैच के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का नाम भी शामिल है। वर्तमान में हावड़ा के पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात श्री चतुर्वेदी को प्रतिष्ठित "President's Medal for Meritorious Service" (सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक) से नवाजा जाएगा।सिलीगुड़ी कमिश्नर और CID में रहा है शानदार कार्यकाल। आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी का अब तक का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। हावड़ा के पुलिस कमिश्नर की कमान संभालने से पहले वह सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर (Siliguri Police Commissioner) के रूप  में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे चुके हैं। सिलीगुड़ी में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को काफी सराहा गया था। इसके अलावा, वह पश्चिम बंगाल पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) में आईजी (IGP) के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जहां उन्होंने कई जटिल और बड़े मामलों की गुत्थी सुलझाने में अनुकरणीय नेतृत्व दिखाया।अदम्य साहस और अनुकरणीय सेवा का सम्मानअखिलेश कुमार चतुर्वेदी को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उनके अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और उत्कृष्ट अनुकरणीय सेवा के लिए इस उच्च राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। कोलकाता पुलिस में संयुक्त आयुक्त (Joint CP) से लेकर सिलीगुड़ी, सीआईडी और अब हावड़ा पुलिस कमिश्नर के रूप में उनका पूरा सफर जन सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाना जाता है।सुल्तानपुर सहित पूरे महकमे में खुशी की लहर है,गृह राज्य उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ताल्लुक रखने वाले आईपीएस अखिलेश कुमार चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके गृह जनपद सुल्तानपुर और पश्चिम बंगाल पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है। उनके गृह क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें इस गौरवपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई दी है। यह पदक नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी वर्षों की निष्ठा और अमूल्य योगदान का सबसे बड़ा प्रमाण है।गृह मंत्रालय ने जारी की आधिकारिक सूचीकेंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, देश भर के उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों को इस पदक से सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने अपने सेवाकाल में उत्कृष्ट प्रशासनिक व सुरक्षा मानक स्थापित किए हैं।
मिशन 2027 के लिए बीजेपी ने चला दांव, तीन राज्यों के प्रभारियों का एलान, विनोद तावड़े को यूपी की कमान

#bjppresidentnitinnabinappointednewstateinchargesandcoincharges

भारतीय जनता पार्टी का चुनावी मिशन मोड में आ गई है। भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए तीन राज्यों में अपने प्रभारी नियुक्त किए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं।

विनोद तावड़े यूपी के प्रभारी नियुक्त

बीजेपी की तरफ से जारी सूची के मुताबिक विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी नियुक्त किया गया है जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी महासचिव और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कमान संभालेंगे। महाराष्ट्र राजनीति के दिग्गज नेता विनोद तावड़े माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं। ऐसे में बीजेपी के लिए सबसे अहम राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश की कमान तावड़े के हाथों में दी गई है।

2027 चुनाव के लिए तावड़े की नियुक्ति काफी अहम

लोकसभा में सबसे ज्यादा सीटें होने के कारण यहां पार्टी का प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति पर भी सीधा असर डालता है। विनोद तावड़े के सामने राज्य संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती होगी। उन्हें प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। हालांकि, उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। विनोद तावड़े बिहार में अपना लोहा मनवा चुके हैं। 2027 में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनकी यह नियुक्ति काफी अहम हो जाती है।

सतीश पूनिया को पंजाब की कमान

पंजाब में भी अगले साल विधानसभा चुनाव है। पंजाब में भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से ही सतीश पूनिया पर अपना भरोसा जताया है। बीजेपी ने राजस्थान के सीनियर नेता सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। सतीश पूनिया के सियासी अनुभव का इस्तेमाल पार्टी पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए कर सकती है। उनके सामने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठन का विस्तार करने और राज्य में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की चुनौती होगी।

तरुण चुघ को गुजरात का प्रभार

गुजरात में भी पंजाब और यूपी की तरह अगले साल चुनाव है। बीजेपी ने तरुण चुघ को गुजरात का नया प्रभारी बनाया है। गुजरात लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रहा है। बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले गुजरात राज्य का प्रभारी बनाकर पार्टी ने उन पर बड़ा संगठनात्मक भरोसा जताया है। ऐसे में पार्टी संगठन को और मजबूत बनाए रखना और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना प्रभारी के लिए अहम जिम्मेदारी होगी।

एक दिन पहले हुआ नितिन नवीन की नई टीम का एलान

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान किया था। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हुईं। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं, स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

सीएम हेमंत सोरेन ने खनिज संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, से हस्तक्षेप लगाई गुहार

#hemantsorenurgespresidentpmagainstmines_bill

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधेयक को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने विधेयक को केंद्र-राज्य संबंधों के संतुलन और झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी अगल से पत्र लिखकर इस विषय पर समर्थन की मांग की गई है।

राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह

सीएम हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड और झारखंडवासियों की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संशोधन केवल राजस्व का विषय नहीं, बल्कि राज्यों की विधायी एवं वित्तीय स्वायत्तता, संघीय ढांचे, आदिवासी समुदायों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।

पीएम को पत्र लिखकर पुनर्विचार का आग्रह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधान झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, राजस्व, विकास और संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विधेयक में प्रस्तावित एमएमडीआर अधिनियम की नई धारा 9डी पर आपत्ति जताई है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के बाद राज्य सरकारें खनिज अधिकारों या खनिज वाली जमीन पर कोई कर, सेस या दूसरी लेवी लगाती हैं तो उस पर केंद्र की तय शर्तें और सीमाएं लागू होंगी।सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र में कहा कि केंद्र का यह नया कानून लागू हुआ तो झारखंड को खान-खनिज से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।

राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर मांगी मदद

वहीं हेमंत सोरेन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राहुल गांधी से इस विधेयक का विरोध करने की अपील की है। हेमंत सोरेन ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिल के माध्यम से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को सीमित करने के जो प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे हैं उस पर साथ आवाज़ उठाने का आग्रह किया है।

विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र, चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के दावों के सबूत मांगे

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अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्ष लगातार हमलावर है। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा पलटवार किया है। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई गई है और पुलिस से कार्रवाई से मांग की गई है।

आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, बड़े स्तर पर तथ्यपरक जांच के लिए सार्वजनिक रूप से बड़े आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान भी दर्ज किए जाएं। आलोक कुमार ने यह मांग भी की है कि यदि इन नेताओं के आरोप निराधार और झूठे पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के बयानों का जिक्र

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है। डीसीपी को लिखे गए लेटर में आलोक कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इन नेताओं से दिए गए बयान के स्रोत के बारे में पूछा जाना चाहिए।

नेताओं के बयान को लेकर मांगे सबूत

आलोक कुमार ने लेटर में लिखा कि यदि इन नेताओं के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ नेताओं ने ₹200 करोड़ से लेकर ₹20,000 करोड़ तक की कथित अनियमितताओं के दावे किए हैं।

झूठे आरोपों पर भी कार्रवाई की भी मांग

पत्र में कहा गया कि यदि इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास इस संबंध में कुछ तथ्य, दस्तावेज या जानकारी हो। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री देता है तो इससे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे, लापरवाह या बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए