अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की 'श्री राम यंत्र’ की स्थापना, वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा मंदिर प्रांगण
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अयोध्या में राम मंदिर में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना पूरे विधि विधान के साथ की। इस दौरान पुजारियों ने मंत्रोच्चारण किया और राष्ट्रपति पूजन ने सामग्री भगवान को अर्पण की। इस दौरान पूरा मंदिर प्रांगण शुभ मंत्रों से गूंज उठा।
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वैदिक मंत्रों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की पूजन के बाद स्थापना की। इस विशेष अनुष्ठान में राष्ट्रपति मूर्मू ने विधिवत पूजा-अर्चना कर सहभागिता की। वैदिक आचार्यों के निर्देशन में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई गई। श्रीराम यंत्र को राम मंदिर के द्वितीय तल पर स्थापित किया गया है, जिसे अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर पूरे अयोध्या में धार्मिक वातावरण में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है और इसे भक्तों के लिए ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
2 साल पहले शंकराचार्य ने भेजा था श्रीराम यंत्र
श्रीराम यंत्र दो साल पहले जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज ने अयोध्या भेजा था। वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित यह यंत्र देवताओं का निवास माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करने की क्षमता रखता है। दक्षिण भारत, काशी, अयोध्या के आचार्यों की तरफ से मंदिर में श्रीराम यंत्र के लिए नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही शुरू हो चुका था।
'श्री राम यंत्र' विजय और मर्यादा का प्रतीक
शास्त्रों के अनुसार, जिस प्रकार 'श्री यंत्र' को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, उसी प्रकार 'श्री राम यंत्र' को भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्री राम की विजय और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। इसे विशेष धातुओं के मिश्रण और वैदिक गणनाओं के आधार पर निर्मित किया गया है। राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या पहुंचाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है।
मंदिर निर्माण में योगदान देने वालों का सम्मान
राम जन्मभूमि परिसर में श्रीराम यंत्र स्थापना के अवसर पर राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में उन सभी लोगों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने गिलहरी योगदान के रूप में मंदिर निर्माण में अपनी भूमिका निभाई। राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रमिकों के साथ-साथ कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित हुए श्रमिकों ने ट्रस्ट के प्रति आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया।







मुंबई। उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुनील शिंदे को राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal for Meritorious Service) से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई, संपत्ति बरामदगी तथा जटिल आपराधिक मामलों की सफल जांच में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। अपने लंबे और अनुकरणीय सेवाकाल में सुनील शिंदे ने कई संवेदनशील व चुनौतीपूर्ण मामलों को कुशलतापूर्वक सुलझाया। संगठित अपराध, अंतरराज्यीय तस्करी और गंभीर आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ उनकी सख्त और रणनीतिक कार्रवाई से न केवल अपराध पर अंकुश लगा, बल्कि पुलिस विभाग की साख भी मजबूत हुई। उनकी कार्यशैली, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता ने भी की है।
Apr 16 2026, 12:59
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