Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

नाम लिए बिना नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले-कांग्रेस को अबोध बालक का बंधन न बनाएं

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संसद के बजट सत्र में अमेरिका से डील और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर सातवें दिन भी हंगामा जारी है। विपक्षी सांसद राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर हंगामा करते रहे। लोकसभा शुरू होने के साथ ही सांसदों ने नारेबाजी की। इसके बाद 65 सेकंड के अंदर ही कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई, 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचने की सलाह

वहीं राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा की बात राज्यसभा मत करिए। कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए। पार्टी को अबोध बालक का बंधक न बनाएं।

नड्डा ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति की अनुमति से जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर समय और सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पीएम मोदी जवाब देने के लिए तैयार बैठे रहे, लेकिन विपक्ष ने लोकसभा को चलने नहीं दिया। जहां तक राज्यसभा का सवाल है, विपक्ष ने कहा कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दे

आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, राष्ट्रपति का अभिभाषण, 1 फरवरी को पेश होगा बजट

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संसद का बजट सत्र आज बुधवार से शुरू होने जा रहा है। आज बजट सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा और दो चरणों में विभाजित होगा। एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।

संसद के बजट सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में बृहस्पतिवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जो इस बार आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है।

दो चरणों में चलेगा बजट सत्र

बजट सत्र को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस अंतराल में संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी।

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

सत्र के शुरू होने से पहले सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक कर विपक्ष से सहयोग की अपील की है। संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर कल मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में 39 राजनीतिक दलों के मंत्रियों सहित 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में विपक्षी सांसद वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR), MGNREGA योजना की जगह लेने वाले नई रोजगार गारंटी पर VB-G RAM G कानून सहित अन्य मुद्दों पर फिर से चर्चा कराने की मांग रखी। हालांकि सरकार की ओर से मनरेगा के नाम बदलने और एसआईआर से जुड़े मसलों पर बहस की मांग को ठुकरा दिया गया।

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हुआ जी राम जी बिल, विरोध में देर रात विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी ‘द विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) 2025' यानी वीबी-जी राम जी बिल को पारित हो गया है। ये बिल 20 साल पुरानी मनरेगा योजना की जगह लेगा। ये बिल हर साल 125 दिन के ग्रामीण रोजगार की गारंटी देगा। वहीं, विपक्ष ने बिल को लेकर जमकर हंगामा किया।

विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से किया वॉकआउट

बिल पास होने के दौरान विपक्ष के कई सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया, बिल वापस लेने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने बिल के पन्ने भी फाड़ दिए, जिस पर चेयरमैन सी पी राधाकृष्णन ने उन्हें ट्रेजरी बेंच की तरफ न जाने की चेतावनी दी।

संसद परिसर में धरना

सदन के भीतर विरोध के बाद विपक्षी दलों ने संसद परिसर स्थित संविधान सदन के बाहर धरना दिया। विपक्ष ने मांग की कि इस बिल को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति को भेजा जाए, ताकि इसकी गहराई से जांच हो सके। विपक्ष का कहना है कि बिना पर्याप्त चर्चा और सहमति के इस तरह का बड़ा बदलाव ग्रामीण गरीबों के हित में नहीं है।

राज्यसभा में विधेयक पर छह घंटे से अधिक चर्चा

राज्यसभा में विधेयक पर छह घंटे से अधिक चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जवाब के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सदन ने इस विधेयक पर विपक्ष के कई सदस्यों की ओर से लाये गये संशोधन प्रस्तावों को नामंजूर कर दिया। चर्चा का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि देश में 1960-61 में ग्रामीण जनशक्ति कार्यक्रम बनने से लेकर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) तक समय-समय पर विभिन्न योजनाएं बनती रही हैं। उन्होंने कहा कि इनसे उद्देश्य पूरा नहीं होता या थोड़ा ही लक्ष्य पूरा होता है तो नयी योजनाएं लाई जाती हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर साधा निशाना

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने बापू के आदर्शों की हत्या की, जबकि मोदी सरकार ने उन्हें जिंदा रखा है। मनरेगा योजना की जगह नया विधेयक लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार महात्मा गांधी के आदर्शों को लागू करने और विकसित गांव की बुनियाद पर विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।

मोदी सरकार मनरेगा की जगह ला रही नया कानून, सांसदों को बांटी गई बिल की कॉपियां*

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यूपीए सरकार मनरेगा कानून लेकर आई थी, जिसमें ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिन के रोगार की गारंटी देता है। केंद्र सरकार अब मनरेगा की जगह नया कानून 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' बिल 2025 यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना (VB-G RAM G) लाने की तैयारी में है। इसको लेकर सरकार ने लोकसभा सदस्यों को एक बिल का ड्राफ्ट भेजा है।

नए विधेयक में 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान

नए विधेयक के तहत ग्रामीण भारत को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रत्येक ग्रामीण परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए तैयार हों, हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी देने का प्रावधान होगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण, विकास, विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय और संतृप्ति के जरिए समृद्ध और मजबूत ग्रामीण भारत के निर्माण पर जोर दिया जाएगा।

योजनाओं में मजबूती लाना जरूरी- शिवराज सिंह चौहान

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल के बारे में बताते हुए कहा कि मनरेगा ने पिछले 20 सालों में ग्रामीण परिवारों को गारंटी वाली मजदूरी वाला रोजगार दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा, सामाजिक सुरक्षा उपायों की व्यापक कवरेज और प्रमुख सरकारी योजनाओं के सैचुरेशन ओरिएंटेड इम्प्लीमेंटेशन से ग्रामीण इलाकों में हुए महत्वपूर्ण सामाजिक आर्थिक बदलावों को देखते हुए इसमें और मजबूती लाना जरूरी हो गया है। मंत्री ने कहा कि जहां मनरेगा का फोकस आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के लक्ष्य पर था, वहीं नया बिल कहता है कि इसका मकसद समृद्ध और मज़बूत ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास, तालमेल और सैचुरेशन को बढ़ावा देना है और यह सार्वजनिक कार्यों के ज़रिए सशक्तिकरण, विकास, तालमेल और सैचुरेशन पर जोर देता है, जो मिलकर विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक बनाते हैं।

यूपीए सरकार लाई थी मनरेगा कानून

बता दें, मनरेगा का पूरा नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) है। यह अधिनियम यूपीए सरकार की ओर से 2005 में भारतीय संसद में पेश हुआ था। इसका तब मूल नाम NREGA था, जिसे 2009 में महात्मा गांधी के नाम पर MGNREGA कर दिया गया। 1 अप्रैल 2008 तक इसे पूरे देश के सभी जिलों में विस्तारित कर दिया गया, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को 100 दिना का गारंटी रोजगार मिला।

कांग्रेस की रैली में लगा ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ का नारा, बीजेपी ने सोनिया गांधी से की माफी की मांग

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रविवार को दिल्ली में कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए। 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'वोट चोर, गद्दी छोड़' रैली आयोजित हुई। इस रैली में कांग्रेस की एक महिला नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी' नारा लगाया। नारेबाजी की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ गया, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया।

किसी भी प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा लोकतंत्र में अस्वीकार्य-नड्डा

पीएम मोदी के कथित अपमान को लेकर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि रैली में मोदी के खिलाफ नारे लगाना पार्टी की सोच और राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है। नड्डा ने कहा कि किसी प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा लोकतंत्र में अस्वीकार्य है और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

पार्टी नेतृत्व से माफी की मांग

लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित अपमान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि साल 2014 में एक भाजपा सांसद ने विरोधियों के लिए गलत शब्द का इस्तेमाल किया था। इस पर सख्त एतराज जताते हुए प्रधानमंत्री ने भाजपा नेता को माफी मांगने के लिए कहा और भाजपा नेता ने माफी मांगी। रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी की रैली में पीएम मोदी के कथित अपमान का जिक्र करते हुए कहा, 'कल कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री मोदी के लिए कब्र खोदे जाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि पूरा पार्टी नेतृत्व कार्यक्रम में मौजूद था। उसी दौरान पीएम मोदी की कब्र खोदे जाने जैसे नारे लगाए गए। इससे अधिक शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना इस देश के लिए नहीं हो सकती। कांग्रेस पार्टी ने राजनीति का स्तर गिरा दिया है। पार्टी नेतृत्व को इस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए।

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी आज, पीएम मोदी-राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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संसद भवन पर हमले की आज 24वीं बरसी है। 2001 में आज ही के दिन आतंकवादियों ने देश की संसद को निशाना बनाया था, जिसमें कई वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों को मंसूबों को नाकामयाब कर दिया।

संसद हमले की 24वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य सांसदों और इस हमले में शहीद सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दीं और उनके बलिदान को याद किया।

13 दिसंबर 2001 को हुए संसद हमले की याद में आज संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। इस दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने 'सम्मान गार्ड' दिया, जिसके बाद कुछ मिनट का मौन भी रखा गया। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित समारोह में सभी नेताओं ने फूल चढ़ाकर और श्रद्धांजलि देकर शहीद सुरक्षा कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सबसे पहले श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद पीएम मोदी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने भी जवानों की तस्वीरों के पास पुष्प अर्पित किए।

पीएम मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के दिन हमारा देश 2001 में संसद पर हुए भयानक हमले में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को याद करता है। इस संकटपूर्ण समय में उनके साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा सराहनीय थी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए आभारी रहेगा।

अमित शाह ने वीरों के साहस को किया स्मरण

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षाबलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूं। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।

राहुल गांधी ने शहीद के बलिदान को किया याद

वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, संसद भवन पर 2001 में हुए दुस्साहसी आतंकवादी हमले के दौरान देश के सम्मान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। भारत आपका यह बलिदान हमेशा याद रखेगा और इससे देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा।

लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा, पीएम मोदी ने आपातकाल को किया याद

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संसद में शीतकालीन सत्र का आज छठा दिन है। आज संसद में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर चर्चा हो रही है। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने चर्चा की शुरूआत की। संसद में वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिस मंत्र ने, जिस जयघोष ने देश के आज़ादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी थी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था, उस वंदे मातरम् का पुण्य स्मरण करना इस सदन में हम सबका बहुत बड़ा सौभाग्य है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं।

सरदार पटेल से लेकर बिरसा मुंडा तक को किया याद

प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम पर चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि जिस जयघोष ने देश की आजादी के आंदोलन को ऊर्जा, प्रेरणा दी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया, उस पर हम चर्चा करेंगे। हम सभी का यह सौभाग्य है। हमारे लिए गर्व की बात है कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर के हम साक्षी बन रहे हैं। यह एक ऐसा कालखंड था, जो हमारे सामने इतिहास की अनगिनत घटनाओं को सामने लेकर आता है। यह एक ऐसा कालखंड है, जब इतिहास के कई प्रेरक अध्याय हम सभी के सामने उजागर हुए हैं। अभी हमने संविधान के 75 वर्ष गौरवपूर्वक पूरे किए हैं। देश ने सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई है। अभी-अभी गुरु तेगबहादुर के बलिदान के 350 वर्ष भी पूरे हुए हैं।

पीएम मोदी ने आपातकाल का किया जिक्र

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वंदे मातरम की 150 वर्ष की यह यात्रा अनेक पड़ावों से गुजरी है, लेकिन वंदे मातरम के जब 50 वर्ष हुए, तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था। वंदे मातरम के 100 साल हुए तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। जब 100 का अत्यंत उत्तम पर्व था, तब भारत के संविधान का गला घोट दिया गया था।

एक काला कालखंड हमारे देश में उजागर हुआ-पीएम मोदी

प्रदानमंत्री ने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि जब वंदे मातरम 100 साल का हुआ, तब देशभक्ति के लिए जीने-मरने वालों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। जिस वंदे मातरम ने देश की आजादी को ऊर्जा दी थी, उसके जब 100 साल पूरे हुए तो दुर्भाग्य से एक काला कालखंड हमारे देश में उजागर हो गया।

वंदे मातरम् का ऋण स्वीकार करने का अवसर है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि 150 वर्ष उस महान अध्याय और उस गौरव को पुनः स्थापित करने का अवसर हैं। मेरा मानना है कि देश और सदन, दोनों को इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए। यही वंदे मातरम् है, जिसने 1947 में देश को आजादी दिलाई। आज जब मैं वंदे मातरम् 150 निमित्त चर्चा आरंभ करने के लिए खड़ा हुआ हूं, यहां कोई पक्ष–प्रतिपक्ष नहीं है। क्योंकि हम सब जो यहां बैठे हैं, हमारे लिए यह ऋण स्वीकार करने का अवसर है, वह ऋण, जिसे निभाते हुए लाखों लोगों ने वंदे मातरम् के मंत्र के साथ आजादी का आंदोलन चलाया, और उसी का परिणाम है कि आज हम सब यहां बैठे हैं। इसलिए हम सभी सांसदों के लिए वंदे मातरम् का यह ऋण स्वीकार करने का अवसर है।

आज संसद में वंदे मातरम पर विशेष चर्चा, लोकसभा में पीएम मोदी, राज्यसभा में अमित शाह करेंगे शुरुआत

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वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर सोमवार को संसद में 10 घंटे की चर्चा होगी। लोकसभा में इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे तो वहीं राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा में कांग्रेस से प्रियंका गांधी बोलेंगी। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे भाग लेंगे।

सोमवार को सुबह 11 बजे लोकसभा में चर्चा शुरू होगी। लोकसभा में चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी करेंगे जबकि इसका समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। लोकसभा में प्रियंका गांधी वाड्रा, गौरव गोगोई (उपनेता), दीपेंद्र सिंह हुड्डा, डॉ. बिमोल अकोइजम, प्रणिति शिंदे, प्रशांत पडोलकर, चमाला रेड्डी, ज्योत्सना महंत जैसे सांसद अपनी बात रखेंगे। वहीं, राज्यसभा में वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

राज्यसभा में अमित शाह शुरू करेंगे चर्चा

गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत करेंगे और स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्यसभा के नेता जे पी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे।

गीत के अज्ञात पहलुओं के सामने आने की संभावना

लोकसभा में 'राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा' सोमवार के लिए सूचीबद्ध है और इस पर बहस के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इसमें राष्ट्रीय गीत के बारे में कई महत्वपूर्ण और अज्ञात पहलुओं के सामने आने की संभावना है।

वंदे मातरम के 150 साल पूरे

‘वंदे मातरम’ भारत का राष्ट्रीय गीत है। बंकिम चंद्र चटर्जी को इस गीत को लिखे 150 साल हो गए। ‘वंदे मातरम’ आजादी की लड़ाई का प्रतीक रहा है। चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को बंगाली पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में पहली बार प्रकाशित किया था। हाल ही में मोदी सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया था।

संसद के दूसरे दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष का टकराव जारी, SIR पर फिर बवाल

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संसद में एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी है। संसद के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। संसद परिसर में विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आज भी एसआईआर के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा। विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग के साथ-साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में मकर द्वार पर एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन संसद परिसर में एसआईआर के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता प्रदर्शन में मौजूद दिखे।

संसद में व्यवधान पैदा करने की आवश्यकता नहीं- रिजिजू

वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, विपक्ष को ढूंढ-ढूंढकर कर मुद्दे लाने की आवश्यकता नहीं है। शीतकालीन सत्र में बहुत सारे मुद्दे हैं और कई मुद्दे विपक्ष ने भी उठाए हैं, हम उसपर आगे क्या करना है बातचीत करके विचार करेंगे। नए-नए मुद्दे ढूंढकर संसद में व्यवधान पैदा करने की आवश्यकता नहीं है। हर मुद्दा अपनी जगह पर महत्वपूर्ण है लेकिन मुद्दे को हथियार बनाकर संसद में गतिरोध करना ठीक नहीं है। आज हम विपक्ष के प्रमुख नेताओं से बात करेंगे।

संचार साथी एप को लेकर भड़का विपक्ष

इधर, मोबाइल हैंडसेट पर संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल करने के संचार विभाग के निर्देशों पर भी विपक्ष ने आपत्ती जताई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, यह एक जासूसी ऐप है। नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है। हर किसी को परिवार, दोस्तों को मैसेज भेजने की प्राइवेसी का अधिकार होना चाहिए। वे इस देश को हर तरह से तानाशाही में बदल रहे हैं। संसद इसलिए काम नहीं कर रही है क्योंकि सरकार किसी भी चीज पर बात करने से मना कर रही है। विपक्ष पर इल्जाम लगाना बहुत आसान है। वे किसी भी चीज पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। एक स्वस्थ लोकतंत्र चर्चा की मांग करता है।

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

नाम लिए बिना नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले-कांग्रेस को अबोध बालक का बंधन न बनाएं

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संसद के बजट सत्र में अमेरिका से डील और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर सातवें दिन भी हंगामा जारी है। विपक्षी सांसद राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर हंगामा करते रहे। लोकसभा शुरू होने के साथ ही सांसदों ने नारेबाजी की। इसके बाद 65 सेकंड के अंदर ही कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई, 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचने की सलाह

वहीं राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा की बात राज्यसभा मत करिए। कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए। पार्टी को अबोध बालक का बंधक न बनाएं।

नड्डा ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति की अनुमति से जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर समय और सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पीएम मोदी जवाब देने के लिए तैयार बैठे रहे, लेकिन विपक्ष ने लोकसभा को चलने नहीं दिया। जहां तक राज्यसभा का सवाल है, विपक्ष ने कहा कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दे

आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, राष्ट्रपति का अभिभाषण, 1 फरवरी को पेश होगा बजट

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संसद का बजट सत्र आज बुधवार से शुरू होने जा रहा है। आज बजट सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा और दो चरणों में विभाजित होगा। एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।

संसद के बजट सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में बृहस्पतिवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जो इस बार आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है।

दो चरणों में चलेगा बजट सत्र

बजट सत्र को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस अंतराल में संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी।

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

सत्र के शुरू होने से पहले सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक कर विपक्ष से सहयोग की अपील की है। संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर कल मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में 39 राजनीतिक दलों के मंत्रियों सहित 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में विपक्षी सांसद वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR), MGNREGA योजना की जगह लेने वाले नई रोजगार गारंटी पर VB-G RAM G कानून सहित अन्य मुद्दों पर फिर से चर्चा कराने की मांग रखी। हालांकि सरकार की ओर से मनरेगा के नाम बदलने और एसआईआर से जुड़े मसलों पर बहस की मांग को ठुकरा दिया गया।

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हुआ जी राम जी बिल, विरोध में देर रात विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी ‘द विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) 2025' यानी वीबी-जी राम जी बिल को पारित हो गया है। ये बिल 20 साल पुरानी मनरेगा योजना की जगह लेगा। ये बिल हर साल 125 दिन के ग्रामीण रोजगार की गारंटी देगा। वहीं, विपक्ष ने बिल को लेकर जमकर हंगामा किया।

विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से किया वॉकआउट

बिल पास होने के दौरान विपक्ष के कई सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया, बिल वापस लेने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने बिल के पन्ने भी फाड़ दिए, जिस पर चेयरमैन सी पी राधाकृष्णन ने उन्हें ट्रेजरी बेंच की तरफ न जाने की चेतावनी दी।

संसद परिसर में धरना

सदन के भीतर विरोध के बाद विपक्षी दलों ने संसद परिसर स्थित संविधान सदन के बाहर धरना दिया। विपक्ष ने मांग की कि इस बिल को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति को भेजा जाए, ताकि इसकी गहराई से जांच हो सके। विपक्ष का कहना है कि बिना पर्याप्त चर्चा और सहमति के इस तरह का बड़ा बदलाव ग्रामीण गरीबों के हित में नहीं है।

राज्यसभा में विधेयक पर छह घंटे से अधिक चर्चा

राज्यसभा में विधेयक पर छह घंटे से अधिक चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जवाब के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सदन ने इस विधेयक पर विपक्ष के कई सदस्यों की ओर से लाये गये संशोधन प्रस्तावों को नामंजूर कर दिया। चर्चा का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि देश में 1960-61 में ग्रामीण जनशक्ति कार्यक्रम बनने से लेकर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) तक समय-समय पर विभिन्न योजनाएं बनती रही हैं। उन्होंने कहा कि इनसे उद्देश्य पूरा नहीं होता या थोड़ा ही लक्ष्य पूरा होता है तो नयी योजनाएं लाई जाती हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर साधा निशाना

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने बापू के आदर्शों की हत्या की, जबकि मोदी सरकार ने उन्हें जिंदा रखा है। मनरेगा योजना की जगह नया विधेयक लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार महात्मा गांधी के आदर्शों को लागू करने और विकसित गांव की बुनियाद पर विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।

मोदी सरकार मनरेगा की जगह ला रही नया कानून, सांसदों को बांटी गई बिल की कॉपियां*

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यूपीए सरकार मनरेगा कानून लेकर आई थी, जिसमें ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिन के रोगार की गारंटी देता है। केंद्र सरकार अब मनरेगा की जगह नया कानून 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' बिल 2025 यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना (VB-G RAM G) लाने की तैयारी में है। इसको लेकर सरकार ने लोकसभा सदस्यों को एक बिल का ड्राफ्ट भेजा है।

नए विधेयक में 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान

नए विधेयक के तहत ग्रामीण भारत को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रत्येक ग्रामीण परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए तैयार हों, हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी देने का प्रावधान होगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण, विकास, विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय और संतृप्ति के जरिए समृद्ध और मजबूत ग्रामीण भारत के निर्माण पर जोर दिया जाएगा।

योजनाओं में मजबूती लाना जरूरी- शिवराज सिंह चौहान

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल के बारे में बताते हुए कहा कि मनरेगा ने पिछले 20 सालों में ग्रामीण परिवारों को गारंटी वाली मजदूरी वाला रोजगार दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा, सामाजिक सुरक्षा उपायों की व्यापक कवरेज और प्रमुख सरकारी योजनाओं के सैचुरेशन ओरिएंटेड इम्प्लीमेंटेशन से ग्रामीण इलाकों में हुए महत्वपूर्ण सामाजिक आर्थिक बदलावों को देखते हुए इसमें और मजबूती लाना जरूरी हो गया है। मंत्री ने कहा कि जहां मनरेगा का फोकस आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के लक्ष्य पर था, वहीं नया बिल कहता है कि इसका मकसद समृद्ध और मज़बूत ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास, तालमेल और सैचुरेशन को बढ़ावा देना है और यह सार्वजनिक कार्यों के ज़रिए सशक्तिकरण, विकास, तालमेल और सैचुरेशन पर जोर देता है, जो मिलकर विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक बनाते हैं।

यूपीए सरकार लाई थी मनरेगा कानून

बता दें, मनरेगा का पूरा नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) है। यह अधिनियम यूपीए सरकार की ओर से 2005 में भारतीय संसद में पेश हुआ था। इसका तब मूल नाम NREGA था, जिसे 2009 में महात्मा गांधी के नाम पर MGNREGA कर दिया गया। 1 अप्रैल 2008 तक इसे पूरे देश के सभी जिलों में विस्तारित कर दिया गया, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को 100 दिना का गारंटी रोजगार मिला।

कांग्रेस की रैली में लगा ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ का नारा, बीजेपी ने सोनिया गांधी से की माफी की मांग

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रविवार को दिल्ली में कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए। 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'वोट चोर, गद्दी छोड़' रैली आयोजित हुई। इस रैली में कांग्रेस की एक महिला नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी' नारा लगाया। नारेबाजी की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ गया, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया।

किसी भी प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा लोकतंत्र में अस्वीकार्य-नड्डा

पीएम मोदी के कथित अपमान को लेकर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि रैली में मोदी के खिलाफ नारे लगाना पार्टी की सोच और राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है। नड्डा ने कहा कि किसी प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा लोकतंत्र में अस्वीकार्य है और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

पार्टी नेतृत्व से माफी की मांग

लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित अपमान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि साल 2014 में एक भाजपा सांसद ने विरोधियों के लिए गलत शब्द का इस्तेमाल किया था। इस पर सख्त एतराज जताते हुए प्रधानमंत्री ने भाजपा नेता को माफी मांगने के लिए कहा और भाजपा नेता ने माफी मांगी। रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी की रैली में पीएम मोदी के कथित अपमान का जिक्र करते हुए कहा, 'कल कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री मोदी के लिए कब्र खोदे जाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि पूरा पार्टी नेतृत्व कार्यक्रम में मौजूद था। उसी दौरान पीएम मोदी की कब्र खोदे जाने जैसे नारे लगाए गए। इससे अधिक शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना इस देश के लिए नहीं हो सकती। कांग्रेस पार्टी ने राजनीति का स्तर गिरा दिया है। पार्टी नेतृत्व को इस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए।

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी आज, पीएम मोदी-राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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संसद भवन पर हमले की आज 24वीं बरसी है। 2001 में आज ही के दिन आतंकवादियों ने देश की संसद को निशाना बनाया था, जिसमें कई वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों को मंसूबों को नाकामयाब कर दिया।

संसद हमले की 24वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य सांसदों और इस हमले में शहीद सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दीं और उनके बलिदान को याद किया।

13 दिसंबर 2001 को हुए संसद हमले की याद में आज संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। इस दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने 'सम्मान गार्ड' दिया, जिसके बाद कुछ मिनट का मौन भी रखा गया। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित समारोह में सभी नेताओं ने फूल चढ़ाकर और श्रद्धांजलि देकर शहीद सुरक्षा कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सबसे पहले श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद पीएम मोदी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने भी जवानों की तस्वीरों के पास पुष्प अर्पित किए।

पीएम मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के दिन हमारा देश 2001 में संसद पर हुए भयानक हमले में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को याद करता है। इस संकटपूर्ण समय में उनके साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा सराहनीय थी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए आभारी रहेगा।

अमित शाह ने वीरों के साहस को किया स्मरण

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षाबलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूं। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।

राहुल गांधी ने शहीद के बलिदान को किया याद

वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, संसद भवन पर 2001 में हुए दुस्साहसी आतंकवादी हमले के दौरान देश के सम्मान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। भारत आपका यह बलिदान हमेशा याद रखेगा और इससे देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा।

लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा, पीएम मोदी ने आपातकाल को किया याद

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संसद में शीतकालीन सत्र का आज छठा दिन है। आज संसद में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर चर्चा हो रही है। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने चर्चा की शुरूआत की। संसद में वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिस मंत्र ने, जिस जयघोष ने देश के आज़ादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी थी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था, उस वंदे मातरम् का पुण्य स्मरण करना इस सदन में हम सबका बहुत बड़ा सौभाग्य है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं।

सरदार पटेल से लेकर बिरसा मुंडा तक को किया याद

प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम पर चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि जिस जयघोष ने देश की आजादी के आंदोलन को ऊर्जा, प्रेरणा दी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया, उस पर हम चर्चा करेंगे। हम सभी का यह सौभाग्य है। हमारे लिए गर्व की बात है कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर के हम साक्षी बन रहे हैं। यह एक ऐसा कालखंड था, जो हमारे सामने इतिहास की अनगिनत घटनाओं को सामने लेकर आता है। यह एक ऐसा कालखंड है, जब इतिहास के कई प्रेरक अध्याय हम सभी के सामने उजागर हुए हैं। अभी हमने संविधान के 75 वर्ष गौरवपूर्वक पूरे किए हैं। देश ने सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई है। अभी-अभी गुरु तेगबहादुर के बलिदान के 350 वर्ष भी पूरे हुए हैं।

पीएम मोदी ने आपातकाल का किया जिक्र

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वंदे मातरम की 150 वर्ष की यह यात्रा अनेक पड़ावों से गुजरी है, लेकिन वंदे मातरम के जब 50 वर्ष हुए, तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था। वंदे मातरम के 100 साल हुए तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। जब 100 का अत्यंत उत्तम पर्व था, तब भारत के संविधान का गला घोट दिया गया था।

एक काला कालखंड हमारे देश में उजागर हुआ-पीएम मोदी

प्रदानमंत्री ने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि जब वंदे मातरम 100 साल का हुआ, तब देशभक्ति के लिए जीने-मरने वालों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। जिस वंदे मातरम ने देश की आजादी को ऊर्जा दी थी, उसके जब 100 साल पूरे हुए तो दुर्भाग्य से एक काला कालखंड हमारे देश में उजागर हो गया।

वंदे मातरम् का ऋण स्वीकार करने का अवसर है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि 150 वर्ष उस महान अध्याय और उस गौरव को पुनः स्थापित करने का अवसर हैं। मेरा मानना है कि देश और सदन, दोनों को इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए। यही वंदे मातरम् है, जिसने 1947 में देश को आजादी दिलाई। आज जब मैं वंदे मातरम् 150 निमित्त चर्चा आरंभ करने के लिए खड़ा हुआ हूं, यहां कोई पक्ष–प्रतिपक्ष नहीं है। क्योंकि हम सब जो यहां बैठे हैं, हमारे लिए यह ऋण स्वीकार करने का अवसर है, वह ऋण, जिसे निभाते हुए लाखों लोगों ने वंदे मातरम् के मंत्र के साथ आजादी का आंदोलन चलाया, और उसी का परिणाम है कि आज हम सब यहां बैठे हैं। इसलिए हम सभी सांसदों के लिए वंदे मातरम् का यह ऋण स्वीकार करने का अवसर है।

आज संसद में वंदे मातरम पर विशेष चर्चा, लोकसभा में पीएम मोदी, राज्यसभा में अमित शाह करेंगे शुरुआत

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वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर सोमवार को संसद में 10 घंटे की चर्चा होगी। लोकसभा में इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे तो वहीं राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा में कांग्रेस से प्रियंका गांधी बोलेंगी। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे भाग लेंगे।

सोमवार को सुबह 11 बजे लोकसभा में चर्चा शुरू होगी। लोकसभा में चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी करेंगे जबकि इसका समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। लोकसभा में प्रियंका गांधी वाड्रा, गौरव गोगोई (उपनेता), दीपेंद्र सिंह हुड्डा, डॉ. बिमोल अकोइजम, प्रणिति शिंदे, प्रशांत पडोलकर, चमाला रेड्डी, ज्योत्सना महंत जैसे सांसद अपनी बात रखेंगे। वहीं, राज्यसभा में वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

राज्यसभा में अमित शाह शुरू करेंगे चर्चा

गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत करेंगे और स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्यसभा के नेता जे पी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे।

गीत के अज्ञात पहलुओं के सामने आने की संभावना

लोकसभा में 'राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा' सोमवार के लिए सूचीबद्ध है और इस पर बहस के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इसमें राष्ट्रीय गीत के बारे में कई महत्वपूर्ण और अज्ञात पहलुओं के सामने आने की संभावना है।

वंदे मातरम के 150 साल पूरे

‘वंदे मातरम’ भारत का राष्ट्रीय गीत है। बंकिम चंद्र चटर्जी को इस गीत को लिखे 150 साल हो गए। ‘वंदे मातरम’ आजादी की लड़ाई का प्रतीक रहा है। चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को बंगाली पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में पहली बार प्रकाशित किया था। हाल ही में मोदी सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया था।

संसद के दूसरे दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष का टकराव जारी, SIR पर फिर बवाल

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संसद में एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी है। संसद के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। संसद परिसर में विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आज भी एसआईआर के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा। विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग के साथ-साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में मकर द्वार पर एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन संसद परिसर में एसआईआर के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता प्रदर्शन में मौजूद दिखे।

संसद में व्यवधान पैदा करने की आवश्यकता नहीं- रिजिजू

वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, विपक्ष को ढूंढ-ढूंढकर कर मुद्दे लाने की आवश्यकता नहीं है। शीतकालीन सत्र में बहुत सारे मुद्दे हैं और कई मुद्दे विपक्ष ने भी उठाए हैं, हम उसपर आगे क्या करना है बातचीत करके विचार करेंगे। नए-नए मुद्दे ढूंढकर संसद में व्यवधान पैदा करने की आवश्यकता नहीं है। हर मुद्दा अपनी जगह पर महत्वपूर्ण है लेकिन मुद्दे को हथियार बनाकर संसद में गतिरोध करना ठीक नहीं है। आज हम विपक्ष के प्रमुख नेताओं से बात करेंगे।

संचार साथी एप को लेकर भड़का विपक्ष

इधर, मोबाइल हैंडसेट पर संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल करने के संचार विभाग के निर्देशों पर भी विपक्ष ने आपत्ती जताई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, यह एक जासूसी ऐप है। नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है। हर किसी को परिवार, दोस्तों को मैसेज भेजने की प्राइवेसी का अधिकार होना चाहिए। वे इस देश को हर तरह से तानाशाही में बदल रहे हैं। संसद इसलिए काम नहीं कर रही है क्योंकि सरकार किसी भी चीज पर बात करने से मना कर रही है। विपक्ष पर इल्जाम लगाना बहुत आसान है। वे किसी भी चीज पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। एक स्वस्थ लोकतंत्र चर्चा की मांग करता है।