सिंधु जल संधि के लिए फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, दुनिया के सामने लगाई गुहार

#induswatertreatyindiasuspensionpakistanappealstoglobal_community

पाकिस्तान बार-बार सिंधु जल संधि बहाल करने की गुहार लगा रहा है। भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। भारत के सख्त रवैये से पाकिस्तान खून के आंसू रो रहा है। अब पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के अप्रैल 2025 के फैसले पर चिंता जताते हुए, सिंधु का पानी देने की गुहार लगाई है।

सिंधु जल संधि स्थगित किए जाने पर चिंता जताई

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए जीवनरेखा है। पाकिस्तान की 25 करोड़ से ज्यादा आबादी की जिंदगी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने भारत से सिंधु जल संधि को बहाल करने की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। इशाक डार ने यह बयान अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास की ओर से आयोजित एक वर्चुअल सेमिनार में दिया।

बातचीत और सहयोग की बताई जरूरत

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए तीन-सूत्रीय तरीका बताया जिसमें 1960 की संधि को पूरी तरह से लागू करने और परमाणु हथियार रखने वाले इन पड़ोसी देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए संधि में तय तरीकों का इस्तेमाल करने की बात कही। सेमिनार को वर्चुअली संबोधित करते हुए डार ने कहा 'पाकिस्तान और भारत को संधि के अनुसार तकनीकी बातचीत, पारदर्शिता और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू और मजबूत करना चाहिए।'

जल संकट का दिया हवाला

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने देश के बढ़ते जल संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे ज्यादा जल-संकट वाले देशों में शामिल है। पिछले कई दशकों में देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को भी बड़ी चुनौती बताया। डार ने कहा कि बारिश के बदलते पैटर्न, ग्लेशियरों के पिघलने, विनाशकारी बाढ़, लंबे समय तक चलने वाले सूखे और पानी के प्रवाह में बढ़ती अनिश्चितता ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे पर ज्यादा सहयोग होना चाहिए।

अपील के साथ भारत को चेतावनी भी

इशाक डार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगने के साथ भारत को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी से वंचित किया गया तो इसका असर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी को टकराव की वजह नहीं बनना चाहिए. यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन और आजीविका का आधार है। डार ने साझा जल संसाधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल न करने की अपील की।

पहलगाम हमले के बाद संधि स्थगित

बता दें कि भारत ने अप्रैल 2025 में विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली इस संधि को अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित कर दिया था। इसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी थी। भारत ने साफ कर रखा है कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं।'

पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, पूर्व मंत्री शेख राशिद अहमद ने हाफिज सईद को बताया अपना ‘आका’

#pakistanformerministersheikhrasheedseensittingwithlet_terrorists

पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है। एक बार फिर ये बात जगजाहिर हो गई है कि पाकिस्तान आतंकियों का सरपरस्त है। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कथित तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के साथ अपने रिश्ते की बात करते नजर आ रहे हैं।

आतंकियों के साथ मंच साझा

पाक के पूर्व मंत्री शेख रशीद अहमद प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए और आतंकियों के साथ एक मंच पर देखे गए हैं। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें रशीद खालिद मसूद संधू और कारी मोहम्मद याकूब शेख के साथ पर दिख रहे हैं। संधू लश्कर-ए-तैयबा का एक वरिष्ठ कमांडर और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) का अध्यक्ष है और याकूब शेख आतंकी समूह की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है।

खुद को बताया हाफिज सईद का गुलाम

कार्यक्रम में बोलते हुए राशिद ने हाफिज सईद की तारीफ की और खुद को उसका ‘गुलाम’ तक कह डाला। सभा को संबोधित करते हुए रशीद ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद की प्रशंसा कर कहा, "मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं।"

भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान

पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहे शेख राशिद अहमद ने सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को लेकर न सिर्फ आदर भरी बातें कीं बल्कि भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए। उन्होंने भारत को धमकी देते हुए कहा, "अगर भारत पाकिस्तान की ओर देखता है तो अल्लाह उसे नष्ट कर देगा। भारत में न पक्षी चहचहाएंगे, न मंदिरों में घंटियां बजेंगी। हम हाफिज सईद के साथ हैं।"

कौन है शेख रशीद?

शेख रशीद पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में 2020 से 2022 तक गृह मंत्री रहा। वह अवामी मुस्लिम लीग पार्टी का संस्थापक नेता भी है। शेख रशीद इससे पहले भी अपने भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहा है। 2019 में भी शेख रशीद ने भारत के खिलाफ बेहद उग्र बयान दिए थे और युद्ध और परमाणु हथियारों की बात की थी।

हाफिज सईद है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी

बता दें कि शेख रशीद खुद को जिस हाफिज सईद का गुलाम बता कर भारत को धमका रहा है, उसको संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। हाफिज सईद आंतकी संगठन लश्कर एक तैयबा का प्रमुख है और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। वह भारत में हुए कई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। इनमें 2008 का मुंबई आतंकी हमला भी शामिल है, जिसमें 26/11 के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। साथ ही पुलवामा में हुए हमले का मास्टरमाइंड भी उसे ही माना जाता है। हाफिज सईद जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए आतंकी समूहों को फंडिंग करता है।

भारत ने पाकिस्तान में छिपे 23 दुश्मनों को घोषित किया आतंकी, सूची में शामिल हैं ये प्रमुख नाम

#pakistanbased23terroristsdeclaredindividualterroristsunderuapa

आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार ने एक बड़ा एक्शन लिया है। गृह मंत्रालय ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 दहशतगर्तों को आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने एक गजट नोटिफिकेशन के जरिए इन 23 नामों की लिस्ट जारी की है।

जैश और लश्कर के 23 दहशतगर्द आतंकवादी घोषित

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी करते हुए पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े 23 दहशतगर्तों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। इन सभी 23 नामों को UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है और वर्तमान में ये सभी पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहे हैं।

सूची में शामिल हैं ये प्रमुख आतंकी

सूची में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर जैसे नाम शामिल हैं, जो 2016 और 2022 में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जुड़े बताए हैं। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद को हाफिज सईद के करीबी सहयोगी के रूप में बताया गया है। चौंकाने वाला नाम मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर का है। उसका स्थायी पता बेंगलुरु का है, जबकि वह रावलपिंडी में रह रहा है।

भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप

गृह मंत्रालय के अनुसार सूची में शामिल सभी 23 लोग जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), अल-कायदा और ISIS से जुड़े नेटवर्क के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। इन पर आतंकियों को ट्रेनिंग देने, लॉन्चिंग पैड चलाने, फंडिंग जुटाने, हथियार उपलब्ध कराने, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने और जम्मू-कश्मीर सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकी साजिशों को अंजाम देने का आरोप है। सरकार का कहना है कि इन गतिविधियों के पर्याप्त इनपुट और जांच के आधार पर इन्हें UAPA के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किया गया है।

UN में भारत ने फिर पाकिस्‍तान को लताड़ा, कश्मीर के जिक्र पर सीखा दिया सबक

#indiaslamspakistanatunscarriaformula_meeting

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एरिया फॉर्मूला बैठक में भारत ने पाकिस्तान को फिर कड़ा जवाब दिया है। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर की गई पाकिस्तान की टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह भारत का आंतरिक मामला है।

जम्मू-कश्मीर पर पाक की टिप्पणी को बताया गैर जरूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित एरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया। भारतीय राजदूत ने हरीश पर्वतनेनी कहा, "यह हैरानी की बात है कि सह अध्यक्ष होने के बावजूद पाकिस्तान ने एरिया फॉर्मूला बैठक का राजनीतिक करण किया और भारत के जम्मू-कश्मीर इलाके पर गैर जरूरी टिप्पणियां कीं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का मामला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है, अभी भी है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।"

यूएन को भी दिखाया आईना

भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए। पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है।

संयुक्त राष्ट्र की चौखट पर पहुंचा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते के निलंबन UNSC के सामने लगाई गुहार

#pakistanwritesunscagainstindiaoninduswatertreaty

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है। पाकिस्तान ने भारत पर संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पाकिस्तान चाहता है कि UNSC इस मामले में दखल दे और भारत को रोके।

इशार डार ने सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार डार ने सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है। इसमें भारत से आने वाली नदियों के बहाव को बदलने की भारत की कोशिशों पर ध्यान देने की अपील की गई है। डार ने चिनाब नदी पर बन रही भारत की दो परियोजनाओं को जिक्र किया है और इसे पाकिस्तान की जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

भारत पर जल प्रवाह बदलने की कोशिश का आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी दो परियोजनाओं के जरिए पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह और उपयोग के स्थापित ढांचे को बदलने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद का कहना है कि ऐसी गतिविधियां सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं और इनसे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

भारत को जवाबदेह ठहराने की अपील

पाकिस्तानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुरक्षा परिषद से इस मामले का संज्ञान लेने और भारत को कथित उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है। साथ ही उन्होंने दक्षिण एशिया की स्थिति और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।

बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ 65 साल से चली आ रही सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

सत्यांजल पांडे होंगे इस्लामाबाद में भारत के अगले कार्यवाहक उच्चायुक्त, जानें क्यों अहम है ये नियुक्ति?

#satyanjalpandeybecomesnewindianembassyinchargeinpakistan

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद तल्ख बने हुए हैं। इस बीच सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक डॉ. सत्यांजल पांडेय को पाकिस्तान में भारत के दूतावास का प्रभारी नियुक्त किया है. डिप्‍लोमेटिक सूत्रों के अनुसर पाकिस्तान ने उनकी नियुक्ति को स्वीकार कर लिया है और वे अगले कुछ सप्ताह में इस्लामाबाद पहुंचकर नई जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

दक्षिण एशिया के मामलों की अच्छी समझ वाले अधिकारी

सत्याजंल फिलहाल श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त हैं। विदेश सेवा में लंबे अनुभव वाले डॉ. पांडेय को दक्षिण एशिया के मामलों की अच्छी समझ रखने वाले अधिकारियों में गिना जाता है। उन्होंने अपने राजनयिक करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।

पाकिस्तान में उनकी नई भूमिका क्यों अहम?

जानकारों का मानना है कि श्रीलंका में उनकी तैनाती के दौरान उन्हें दक्षिण एशियाई राजनीतिक और रणनीतिक परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिला। यही अनुभव पाकिस्तान में उनकी नई भूमिका में भी उपयोगी साबित हो सकता है

गीतिका श्रीवास्तव की जगह लेंगे पांडे

सत्याजंल पांडे इस्लामाबाद में गीतिका श्रीवास्तव की जगह लेंगे, जिन्हें अगस्त 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। गीतिका ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है।

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

#pakistanlaunchesfreshdeadlyattacksinafghanistan13killed

पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।

सिंधु जल संधि के लिए फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, दुनिया के सामने लगाई गुहार

#induswatertreatyindiasuspensionpakistanappealstoglobal_community

पाकिस्तान बार-बार सिंधु जल संधि बहाल करने की गुहार लगा रहा है। भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। भारत के सख्त रवैये से पाकिस्तान खून के आंसू रो रहा है। अब पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के अप्रैल 2025 के फैसले पर चिंता जताते हुए, सिंधु का पानी देने की गुहार लगाई है।

सिंधु जल संधि स्थगित किए जाने पर चिंता जताई

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए जीवनरेखा है। पाकिस्तान की 25 करोड़ से ज्यादा आबादी की जिंदगी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने भारत से सिंधु जल संधि को बहाल करने की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। इशाक डार ने यह बयान अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास की ओर से आयोजित एक वर्चुअल सेमिनार में दिया।

बातचीत और सहयोग की बताई जरूरत

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए तीन-सूत्रीय तरीका बताया जिसमें 1960 की संधि को पूरी तरह से लागू करने और परमाणु हथियार रखने वाले इन पड़ोसी देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए संधि में तय तरीकों का इस्तेमाल करने की बात कही। सेमिनार को वर्चुअली संबोधित करते हुए डार ने कहा 'पाकिस्तान और भारत को संधि के अनुसार तकनीकी बातचीत, पारदर्शिता और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू और मजबूत करना चाहिए।'

जल संकट का दिया हवाला

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने देश के बढ़ते जल संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे ज्यादा जल-संकट वाले देशों में शामिल है। पिछले कई दशकों में देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को भी बड़ी चुनौती बताया। डार ने कहा कि बारिश के बदलते पैटर्न, ग्लेशियरों के पिघलने, विनाशकारी बाढ़, लंबे समय तक चलने वाले सूखे और पानी के प्रवाह में बढ़ती अनिश्चितता ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे पर ज्यादा सहयोग होना चाहिए।

अपील के साथ भारत को चेतावनी भी

इशाक डार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगने के साथ भारत को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी से वंचित किया गया तो इसका असर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी को टकराव की वजह नहीं बनना चाहिए. यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन और आजीविका का आधार है। डार ने साझा जल संसाधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल न करने की अपील की।

पहलगाम हमले के बाद संधि स्थगित

बता दें कि भारत ने अप्रैल 2025 में विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली इस संधि को अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित कर दिया था। इसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी थी। भारत ने साफ कर रखा है कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं।'

पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, पूर्व मंत्री शेख राशिद अहमद ने हाफिज सईद को बताया अपना ‘आका’

#pakistanformerministersheikhrasheedseensittingwithlet_terrorists

पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है। एक बार फिर ये बात जगजाहिर हो गई है कि पाकिस्तान आतंकियों का सरपरस्त है। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कथित तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के साथ अपने रिश्ते की बात करते नजर आ रहे हैं।

आतंकियों के साथ मंच साझा

पाक के पूर्व मंत्री शेख रशीद अहमद प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए और आतंकियों के साथ एक मंच पर देखे गए हैं। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें रशीद खालिद मसूद संधू और कारी मोहम्मद याकूब शेख के साथ पर दिख रहे हैं। संधू लश्कर-ए-तैयबा का एक वरिष्ठ कमांडर और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) का अध्यक्ष है और याकूब शेख आतंकी समूह की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है।

खुद को बताया हाफिज सईद का गुलाम

कार्यक्रम में बोलते हुए राशिद ने हाफिज सईद की तारीफ की और खुद को उसका ‘गुलाम’ तक कह डाला। सभा को संबोधित करते हुए रशीद ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद की प्रशंसा कर कहा, "मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं।"

भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान

पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहे शेख राशिद अहमद ने सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को लेकर न सिर्फ आदर भरी बातें कीं बल्कि भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए। उन्होंने भारत को धमकी देते हुए कहा, "अगर भारत पाकिस्तान की ओर देखता है तो अल्लाह उसे नष्ट कर देगा। भारत में न पक्षी चहचहाएंगे, न मंदिरों में घंटियां बजेंगी। हम हाफिज सईद के साथ हैं।"

कौन है शेख रशीद?

शेख रशीद पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में 2020 से 2022 तक गृह मंत्री रहा। वह अवामी मुस्लिम लीग पार्टी का संस्थापक नेता भी है। शेख रशीद इससे पहले भी अपने भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहा है। 2019 में भी शेख रशीद ने भारत के खिलाफ बेहद उग्र बयान दिए थे और युद्ध और परमाणु हथियारों की बात की थी।

हाफिज सईद है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी

बता दें कि शेख रशीद खुद को जिस हाफिज सईद का गुलाम बता कर भारत को धमका रहा है, उसको संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। हाफिज सईद आंतकी संगठन लश्कर एक तैयबा का प्रमुख है और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। वह भारत में हुए कई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। इनमें 2008 का मुंबई आतंकी हमला भी शामिल है, जिसमें 26/11 के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। साथ ही पुलवामा में हुए हमले का मास्टरमाइंड भी उसे ही माना जाता है। हाफिज सईद जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए आतंकी समूहों को फंडिंग करता है।

भारत ने पाकिस्तान में छिपे 23 दुश्मनों को घोषित किया आतंकी, सूची में शामिल हैं ये प्रमुख नाम

#pakistanbased23terroristsdeclaredindividualterroristsunderuapa

आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार ने एक बड़ा एक्शन लिया है। गृह मंत्रालय ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 दहशतगर्तों को आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने एक गजट नोटिफिकेशन के जरिए इन 23 नामों की लिस्ट जारी की है।

जैश और लश्कर के 23 दहशतगर्द आतंकवादी घोषित

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी करते हुए पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े 23 दहशतगर्तों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। इन सभी 23 नामों को UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है और वर्तमान में ये सभी पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहे हैं।

सूची में शामिल हैं ये प्रमुख आतंकी

सूची में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर जैसे नाम शामिल हैं, जो 2016 और 2022 में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जुड़े बताए हैं। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद को हाफिज सईद के करीबी सहयोगी के रूप में बताया गया है। चौंकाने वाला नाम मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर का है। उसका स्थायी पता बेंगलुरु का है, जबकि वह रावलपिंडी में रह रहा है।

भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप

गृह मंत्रालय के अनुसार सूची में शामिल सभी 23 लोग जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), अल-कायदा और ISIS से जुड़े नेटवर्क के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। इन पर आतंकियों को ट्रेनिंग देने, लॉन्चिंग पैड चलाने, फंडिंग जुटाने, हथियार उपलब्ध कराने, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने और जम्मू-कश्मीर सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकी साजिशों को अंजाम देने का आरोप है। सरकार का कहना है कि इन गतिविधियों के पर्याप्त इनपुट और जांच के आधार पर इन्हें UAPA के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किया गया है।

UN में भारत ने फिर पाकिस्‍तान को लताड़ा, कश्मीर के जिक्र पर सीखा दिया सबक

#indiaslamspakistanatunscarriaformula_meeting

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एरिया फॉर्मूला बैठक में भारत ने पाकिस्तान को फिर कड़ा जवाब दिया है। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर की गई पाकिस्तान की टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह भारत का आंतरिक मामला है।

जम्मू-कश्मीर पर पाक की टिप्पणी को बताया गैर जरूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित एरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया। भारतीय राजदूत ने हरीश पर्वतनेनी कहा, "यह हैरानी की बात है कि सह अध्यक्ष होने के बावजूद पाकिस्तान ने एरिया फॉर्मूला बैठक का राजनीतिक करण किया और भारत के जम्मू-कश्मीर इलाके पर गैर जरूरी टिप्पणियां कीं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का मामला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है, अभी भी है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।"

यूएन को भी दिखाया आईना

भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए। पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है।

संयुक्त राष्ट्र की चौखट पर पहुंचा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते के निलंबन UNSC के सामने लगाई गुहार

#pakistanwritesunscagainstindiaoninduswatertreaty

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है। पाकिस्तान ने भारत पर संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पाकिस्तान चाहता है कि UNSC इस मामले में दखल दे और भारत को रोके।

इशार डार ने सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार डार ने सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है। इसमें भारत से आने वाली नदियों के बहाव को बदलने की भारत की कोशिशों पर ध्यान देने की अपील की गई है। डार ने चिनाब नदी पर बन रही भारत की दो परियोजनाओं को जिक्र किया है और इसे पाकिस्तान की जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

भारत पर जल प्रवाह बदलने की कोशिश का आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी दो परियोजनाओं के जरिए पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह और उपयोग के स्थापित ढांचे को बदलने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद का कहना है कि ऐसी गतिविधियां सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं और इनसे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

भारत को जवाबदेह ठहराने की अपील

पाकिस्तानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुरक्षा परिषद से इस मामले का संज्ञान लेने और भारत को कथित उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है। साथ ही उन्होंने दक्षिण एशिया की स्थिति और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।

बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ 65 साल से चली आ रही सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

सत्यांजल पांडे होंगे इस्लामाबाद में भारत के अगले कार्यवाहक उच्चायुक्त, जानें क्यों अहम है ये नियुक्ति?

#satyanjalpandeybecomesnewindianembassyinchargeinpakistan

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद तल्ख बने हुए हैं। इस बीच सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक डॉ. सत्यांजल पांडेय को पाकिस्तान में भारत के दूतावास का प्रभारी नियुक्त किया है. डिप्‍लोमेटिक सूत्रों के अनुसर पाकिस्तान ने उनकी नियुक्ति को स्वीकार कर लिया है और वे अगले कुछ सप्ताह में इस्लामाबाद पहुंचकर नई जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

दक्षिण एशिया के मामलों की अच्छी समझ वाले अधिकारी

सत्याजंल फिलहाल श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त हैं। विदेश सेवा में लंबे अनुभव वाले डॉ. पांडेय को दक्षिण एशिया के मामलों की अच्छी समझ रखने वाले अधिकारियों में गिना जाता है। उन्होंने अपने राजनयिक करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।

पाकिस्तान में उनकी नई भूमिका क्यों अहम?

जानकारों का मानना है कि श्रीलंका में उनकी तैनाती के दौरान उन्हें दक्षिण एशियाई राजनीतिक और रणनीतिक परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिला। यही अनुभव पाकिस्तान में उनकी नई भूमिका में भी उपयोगी साबित हो सकता है

गीतिका श्रीवास्तव की जगह लेंगे पांडे

सत्याजंल पांडे इस्लामाबाद में गीतिका श्रीवास्तव की जगह लेंगे, जिन्हें अगस्त 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। गीतिका ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है।

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

#pakistanlaunchesfreshdeadlyattacksinafghanistan13killed

पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।