आजमगढ़: शिक्षा मित्रों का प्रतिनिधित्व मण्डल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला, कैसलेस चिकित्सा में मैपिंग ठीक करायें जाने की किया मांग
जमगढ़। शिक्षा मित्रों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक अधिकारी से मिला। शिक्षा मित्रों ने कैसलेस चिकित्सा योजना में आ रही दिक्कतों को ठीक करायें जाने की मांग किया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों, अनुदेशको , रसोइयों, शिक्षको को कैसलेस चिकित्सा सुविधा देने का आदेश दिया है। शासनादेश भी निर्गत हो चुका है।आन लाइन आवेदन भी शुरू हो गया है। किन्तु जिले के लालगंज पवई तरवां छठियांव ठेकमा आदि ब्लाकों का मैप शो नहीं कर रहा है। जिससे आन लाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है।
कैशलेस  चिकित्सा  योजना  में मैप में आ रही दिक्कतों को लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश संगठन मंत्री कृष्ण मोहन उपाध्याय के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला। शिक्षा मित्रों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से महानिदेशक स्कूल को ज्ञापन दिया। जिला बेसिक अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित बाबू को महानिदेशक को पत्र लिखने के लिए मार्क किया।
  प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मण्ल अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, अशोक यादव , राजेश सिंह , अमर शेखर ,  दीनदयाल  उपाध्याय , महिला प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रीता  सिंह  जिलाध्यक्ष एवं राधे श्याम मौर्य  आदि शामिल रहे।
हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला: नामकुम-डोरंडा पथ 4 लेन, पलामू अमानत बराज को ₹947 करोड़, JharNet 2.0 को विस्तार"

★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।

★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ में ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया

भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) ने PHIA फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में ‘MedTech Innovation Day’ का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और PHIA फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएँ; तकनीक से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, PHIA फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं,

जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।”

एआई और नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, स्टार्टअप्स को सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने कहा, “डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।” डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

जनपद में सर्वाधिक रक्तदान कराने वाली विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट विश्व रक्तदाता दिवस पर सम्मानित
8 वर्षों से रक्तदान सेवा में अग्रणी संस्था, वर्ष 2026 के मात्र 5 महीनों में 300 से अधिक रक्तदान एवं एसडीपी दान।

संतोष देव गिरि
मीरजापुर। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर सर सुंदरलाल चिकित्सालय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के रक्त केंद्र द्वारा आयोजित रक्तदाता सम्मान समारोह में जनपद मिर्जापुर की अग्रणी सामाजिक संस्था विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट को रक्तदान एवं रक्तदान जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष कृष्णानंद हैहयवंशी एवं सचिव अभिषेक साहू उपस्थित रहे तथा संस्था की ओर से सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में संस्था द्वारा वर्षों से किए जा रहे मानव सेवा के कार्यों, आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने तथा रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयासों की विशेष सराहना की गई।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष  कृष्णानंद हैहयवंशी ने कहा कि यह सम्मान विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रत्येक रक्तदाता, स्वयंसेवक एवं सहयोगी के समर्पण का सम्मान है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। संस्था का प्रयास है कि कोई भी मरीज केवल रक्त की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहे।

वहीं संस्था के सचिव अभिषेक साहू ने कहा कि विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट पिछले 8 वर्षों से जनपद मिर्जापुर में रक्तदान सेवा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। संस्था ने कोरोना महामारी, डेंगू जैसी आपात परिस्थितियों और अन्य विपरीत समय में भी जरूरतमंद मरीजों तक रक्त एवं एसडीपी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल रक्तदान कराना नहीं, बल्कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की मजबूत संस्कृति विकसित करना है।

विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट आज जनपद मिर्जापुर में सर्वाधिक रक्तदान कराने वाली संस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। संस्था के माध्यम से हजारों जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त एवं प्लेटलेट्स उपलब्ध कराए गए हैं। संस्था के सैकड़ों नियमित रक्तदाता मानव सेवा के इस अभियान से जुड़े हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्परता के साथ रक्तदान करते हैं।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 के अभी मात्र पांच महीने ही पूर्ण हुए हैं और इस अवधि में विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के रक्तदाताओं द्वारा 300 से अधिक रक्तदान एवं एसडीपी (Single Donor Platelet) दान किया जा चुका है। यह उपलब्धि संस्था की सक्रियता, रक्तदाताओं की प्रतिबद्धता और मानव सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त एवं एसडीपी दान की व्यवस्था कराई जाती है। संस्था के सहयोग से मिर्जापुर जिला रक्त केंद्र, सर सुंदरलाल चिकित्सालय (बीएचयू), वाराणसी, होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, वाराणसी, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र, वाराणसी तथा कृष्णा ब्लड सेंटर, मिर्जापुर में नियमित रूप से रक्तदान एवं एसडीपी दान कराया जाता है।

समारोह में उपस्थित चिकित्सकों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था रक्तदान सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयास समाज में मानवता, सेवा और समर्पण की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।

विश्व रक्तदाता दिवस पर प्राप्त यह सम्मान विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के लिए गौरव का विषय है तथा आने वाले समय में संस्था को और अधिक उत्साह एवं ऊर्जा के साथ मानव सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा प्रदान करेगा।
बोरीवली स्टेशन के पुनर्निर्माण को लेकर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले संजय उपाध्याय
मुंबई । बोरीवली विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय उपाध्याय ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर बोरीवली रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बोरीवली स्टेशन मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां प्रतिदिन लगभग 4.5 लाख यात्री आवागमन करते हैं। प्रधानमंत्री अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन के आधुनिकीकरण और पुनर्निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए इसकी प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए। इसके अलावा विधायक उपाध्याय ने रेल मंत्री को अलग-अलग पत्रों के माध्यम से पश्चिम रेलवे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें भी उठाईं। इनमें बोरीवली से चर्चगेट के बीच एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग प्रमुख है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसी लोकल सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने दहाणू रोड तथा विरार और बोरीवली के बीच मेमू सेवाओं की जगह नई लोकल ट्रेन शुरू करने का भी आग्रह किया है,क्योंकि मेमू ट्रेन में काफी गंदगी होती है, उनमें पुराने रैक लगे हुए हैं। इससे उनमें प्रकाश कम होता है, हवा नहीं आती है, अगर नए लोकल की तर्ज़ पर ट्रेन चलाई गई तो  उपनगरीय यात्रियों को सुविधाजनक रहेगा। उन्होंने इसके लिए Ac-non Ac डिब्बे वाली लोकल ट्रेन चलाने की मांग की है। विधायक ने बोरीवली से चर्चगेट के बीच अतिरिक्त लोकल सेवाएं शुरू करने तथा यात्रियों की सुविधा के लिए रेल संचालन में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में APMC एवं एजुकेशन हब होने के कारण पश्चिमी उपनगर से बड़ी संख्या में व्यापारी और विद्यार्थी नवी मुंबई रोजाना सफर करते हैं। इस सफर के दौरान उन्हें कई जगहों पर लोकल ट्रेन बदलनी पड़ती है। इस असुविधा को दूर करने के लिए अंधेरी से बेलापुर(Ac/non Ac) लोकल सुबह 6 बजे से शुरू किए जाने के साथ ही बोरीवली से बेलापुर(Ac/non Ac) लोकल भी जल्द शुरू करने की मांग विधायक संजय उपाध्याय ने की। उन्होंने पश्चिम रेलवे के उपनगरीय नेटवर्क पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए यात्री सुविधाओं के विस्तार करने की मांग है।
संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री को अवगत कराया कि पश्चिमी उपनगर वासियों को कल्याण जाने के लिए भी दादर जाकर लोकल बदलना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने बोरीवली से वसई- दिवा होते हुए कल्याण के लिए लोकल ट्रेन शुरू करने की मांग केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की।
संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री से इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेकर जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, ताकि लाखों दैनिक यात्रियों को बेहतर और सुगम रेल सेवाओं का लाभ मिल सके। संजय उपाध्याय ने विलेपार्ले रेल्वे स्टेशन पर रेल मंत्री से पिछली मुलाकात के दौरान स्वयं चालित सीढ़ियां लगाने की (ESCALATOR) मांग की थी, जो कि लगाया जा रहा है। इस मांग को पूरा करने के लिए संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री अश्विनी का आभार व्यक्त किया ।
NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

नगर पंचायत पुरकाजी ने कस्बे की जनता को दी 50 लाख की पुरकाजी- हाइवे बाईपास सर्विस लेन सड़क की सौगात चेयरमैन पुरकाजी ने फीता काटकर किया उदघाटन
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। पिछले कई सालों से पुरकाजी कस्बे की जनता मौहल्ला खेड़ा दरवाजा से हाइवे बाईपास पर सर्विस लेन की मांग कर रही थी इसी मार्ग पर पुरकाजी की दो मंजिला सरकारी गौशाला भी मौजूद है गौशाला में चारा भूसा व अन्य सामान लाने तथा कस्बे के लोगों को इस कच्चे बाईपास मार्ग से जाने में बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी चेयरमैन पुरकाजी जहीर फारुकी अपनी पिछली योजना से ही इस मार्ग को बनवाने के लिए स्वयं भी तथा जिले के अधिकारियों के माध्यम से NHAI के अधिकारियों से पत्राचार कर रहे थे NH अधिकारियों द्वारा NOC दिए जाने के उपरांत ये सर्विस लेन सड़क केंद्र सरकार द्वारा दिए गए धन से बनाई गई है  चेयरमैन पुरकाजी द्वारा 15 वे वित्त आयोग की जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर की अध्यक्षता वाली जिला कमेटी में इस सड़क प्रस्ताव को रखा गया प्रस्ताव पारित होने के बाद केंद्रीय सरकार द्वारा जारी धन से करीब 50 लाख रुपए कीमत की सर्विस लेन सड़क बनाई गई चेयरमैन पुरकाजी ने फीता काटकर आज सड़क का उद्घाटन किया पुरकाजी के सम्मानित सभासदगण और भाजपा व्यापारी नेता इसके उद्घाटन में मौजूद रहे पुरकाजी कस्बे के लिए ये सड़क बड़ी सौगात है इस मौके पर निर्दोष जैन, शाहलम गौड सभासद, संदीप गोयल, निसार मेंबर, विकसित मेंबर, इस्तखार उर्फ लाल्ला मेंबर, नदीम मेंबर, हाजी रईस, अफजाल गौड भूरे खान, गुलजार खान आदि सम्भ्रांत लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की समीक्षा की, नवाचारी योजनाओं पर फोकस का निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में योजना एवं विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना एवं विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, बजटीय प्रावधानों, परियोजनाओं के कार्यान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्यों को गति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा जमीनी स्तर पर उनकी सतत प्रगति पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना एवं विकास विभाग राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर चालू वित्तीय वर्ष तथा आगामी वित्तीय वर्ष के सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने राज्य के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में योजना एवं विकास विभाग के मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा अधिकारियों से कहा कि इन्नोवेटिव स्कीमों (Innovative Schemes)को गति प्रदान करें। इस बिंदु पर मुख्यमंत्री को विभागीय सचिव ने अवगत कराया कि इन्नोवेटिव स्कीम के तहत 2 करोड़ रुपए की राशि को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए किए जाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट के तहत योजना का चयन किया जाए, इस निमित्त कार्य योजना बनाई गई है।

बैठक में पिछले 5 वर्ष से चली आ रही योजनाओं की समीक्षा कर उसके क्रियान्वयन में सुधार एवं योजना समाप्ति पर विचार करने का सुझाव प्राप्त हुआ। वहीं सीएसएस स्कीम की मॉनिटरिंग एवं सपोर्ट के लिए एक पीएमयू का गठन करने पर चर्चा हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 75% खर्च होने पर विचार की आवश्यकता पर बल दिया गया। वहीं 60% से कम खर्च करने वाले विभाग की समीक्षा कर सुधार की आवश्यकता बताई गई। साथ ही अगले 10 वर्षों के लिए एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव प्राप्त हुआ।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, अपर सचिव योजना एवं विकास विभाग विजया जाधव, अपर निदेशक-सह-अपर सचिव श्री कृष्ण नंदन प्रसाद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

How Karma, Kundali and Living Spaces Are Connected – Insights by Vastu Vid Rahul Parse

Ancient Indian knowledge systems never viewed human life as isolated from nature, space, or cosmic energies. Astrology and Vastu Shastra were developed as interconnected sciences based upon Karma, Prarabdh (destined karmic results), planetary influences, and environmental energies. While modern science may use different terminology, the underlying principle remains similar — every action creates an energetic impact, and every environment influences human life.According to ancient philosophy, birth itself is not accidental. A soul takes birth under specific planetary alignments based upon accumulated karmas from previous lives. This planetary arrangement becomes the individual’s birth chart or Kundali, which acts like an energetic blueprint of life tendencies, strengths, challenges, health patterns, relationships, and psychological behavior.

Vastu Shastra, on the other hand, governs the external energy field in which a person lives or works. If Astrology represents the “inner cosmic design,” then Vastu represents the “outer environmental reflection” of that design.

One of the most fascinating observations made by experienced Vastu and Astrology practitioners is that defects repeatedly appear in those directions of a property that are connected with afflicted planetary energies in the Kundali. This creates a strong philosophical and practical connection between human consciousness and living space.

For example, in many cases where severe Pitru Dosha, afflicted Rahu, or karmic ancestral disturbances are observed in the horoscope, the South-West zone of the house or commercial property is often found imbalanced. This may appear as cuts, missing corners, heavy defects, underground water tanks, toilets, clutter, depression in level, cracks, or structural instability in that particular direction.

From a Vastu perspective, the South-West direction represents stability, ancestral energy, control, maturity, and karmic grounding. Scientifically, this can also be interpreted psychologically and environmentally. Disturbed spaces create disturbed emotional patterns. Continuous exposure to imbalance in important zones of a property can subconsciously influence decision-making, stress levels, emotional security, and family harmony.

Similarly, repeated defects in the North-East zone are frequently observed in individuals facing confusion, spiritual blockage, emotional instability, or poor clarity in life direction. Afflictions related to Jupiter, Moon, or Ketu often symbolically reflect through this zone. The East relates to growth and social opportunities, while the North governs financial movement and mental flow.

This does not necessarily mean that planets physically damage buildings. Rather, ancient sciences suggest resonance between human karmic energies and surrounding environments. Just as modern science acknowledges magnetic fields, frequencies, vibrations, and environmental psychology, ancient Vastu observed that spaces absorb and radiate subtle energetic influences over time.

Interestingly, today’s scientific disciplines are slowly moving toward similar understandings. Environmental psychology studies how spaces influence human emotions and behavior. Geopathic stress research studies the effect of underground disturbances on health and mental peace. Electromagnetic field studies analyze invisible energetic interactions within living environments. Quantum theories also suggest that observation, consciousness, and energy are deeply interconnected.

The digital era has further strengthened this research potential. Satellite mapping, digital compass systems, energy analysis applications, and astronomical software now allow precise correlation between property layouts and astrological patterns. Consultants can scientifically study directional imbalance, land energy, surrounding structures, and planetary influences with greater accuracy than ever before.

However, the true purpose of Astrology and Vastu should not be fear creation. These sciences were originally intended for awareness, balance, and corrective living. Every defect does not destroy life, and every good direction does not guarantee success. Human effort, discipline, ethics, and conscious action remain equally important.

Astrology reveals karmic tendencies. Vastu reflects environmental resonance. Science studies measurable patterns. Together, they form a deeper understanding of how human life interacts with both visible and invisible energies.

The future of these ancient sciences lies not in blind belief, but in responsible research, practical observation, and scientific interpretation. When understood correctly, Astrology and Vastu are not against science — they are complementary systems attempting to understand the same universal intelligence through different dimensions. For more information you can visit Instagram

 

 

श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा में आईआईसी की बैठक: नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप गतिविधियों पर चर्चा
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में संस्थागत नवाचार परिषद (Institution’s Innovation Council-IIC) की एक महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 02 जून 2026 को महाविद्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने की।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. जितेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता, शोध एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और परिषद की गतिविधियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप संचालित करने का आह्वान किया।

बैठक में नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप गतिविधियों, शोध और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। परिषद की वार्षिक कार्ययोजना को चार क्वार्टर में विभाजित करने और प्रत्येक क्वार्टर में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

अगामी क्वार्टर (05 जून 2026 से 15 अगस्त 2026) के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस अवधि में विश्व पर्यावरण दिवस, NEP-2020 वर्षगांठ, स्वतंत्रता दिवस, नवाचार जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमिता विकास व्याख्यान, शोध एवं IPR कार्यशालाएँ, छात्र नवाचार प्रतियोगिताएँ और अन्य शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि महाविद्यालय की संस्थागत नवाचार परिषद में शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों और छात्र प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया गया है, जो महाविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करने हेतु सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। परिषद का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान, स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसर से जोड़ना है।

बैठक में प्रो. अमन चंद्रा (मुख्य नियंता), प्रो. संदीप श्रीवास्तव, डॉ. लोहांस कल्याणी, डॉ. अच्युत शुक्ला, डॉ. रवि प्रकाश ओझा, डॉ. पूजा यादव, डॉ. वंदना भारतीय और डॉ. स्मिता सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए और आगामी गतिविधियों के सफल संचालन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व साक्षी तिवारी, चंचल मिश्रा, डब्ल्यू सिंह, आनंद बाबू और अभय तिवारी ने किया। छात्र प्रतिनिधियों ने नवाचार और उद्यमिता से संबंधित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
आजमगढ़: शिक्षा मित्रों का प्रतिनिधित्व मण्डल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला, कैसलेस चिकित्सा में मैपिंग ठीक करायें जाने की किया मांग
जमगढ़। शिक्षा मित्रों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक अधिकारी से मिला। शिक्षा मित्रों ने कैसलेस चिकित्सा योजना में आ रही दिक्कतों को ठीक करायें जाने की मांग किया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों, अनुदेशको , रसोइयों, शिक्षको को कैसलेस चिकित्सा सुविधा देने का आदेश दिया है। शासनादेश भी निर्गत हो चुका है।आन लाइन आवेदन भी शुरू हो गया है। किन्तु जिले के लालगंज पवई तरवां छठियांव ठेकमा आदि ब्लाकों का मैप शो नहीं कर रहा है। जिससे आन लाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है।
कैशलेस  चिकित्सा  योजना  में मैप में आ रही दिक्कतों को लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश संगठन मंत्री कृष्ण मोहन उपाध्याय के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला। शिक्षा मित्रों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से महानिदेशक स्कूल को ज्ञापन दिया। जिला बेसिक अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित बाबू को महानिदेशक को पत्र लिखने के लिए मार्क किया।
  प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मण्ल अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, अशोक यादव , राजेश सिंह , अमर शेखर ,  दीनदयाल  उपाध्याय , महिला प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रीता  सिंह  जिलाध्यक्ष एवं राधे श्याम मौर्य  आदि शामिल रहे।
हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला: नामकुम-डोरंडा पथ 4 लेन, पलामू अमानत बराज को ₹947 करोड़, JharNet 2.0 को विस्तार"

★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।

★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ में ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया

भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) ने PHIA फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में ‘MedTech Innovation Day’ का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और PHIA फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएँ; तकनीक से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, PHIA फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं,

जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।”

एआई और नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, स्टार्टअप्स को सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने कहा, “डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।” डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

जनपद में सर्वाधिक रक्तदान कराने वाली विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट विश्व रक्तदाता दिवस पर सम्मानित
8 वर्षों से रक्तदान सेवा में अग्रणी संस्था, वर्ष 2026 के मात्र 5 महीनों में 300 से अधिक रक्तदान एवं एसडीपी दान।

संतोष देव गिरि
मीरजापुर। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर सर सुंदरलाल चिकित्सालय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के रक्त केंद्र द्वारा आयोजित रक्तदाता सम्मान समारोह में जनपद मिर्जापुर की अग्रणी सामाजिक संस्था विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट को रक्तदान एवं रक्तदान जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष कृष्णानंद हैहयवंशी एवं सचिव अभिषेक साहू उपस्थित रहे तथा संस्था की ओर से सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में संस्था द्वारा वर्षों से किए जा रहे मानव सेवा के कार्यों, आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने तथा रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयासों की विशेष सराहना की गई।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष  कृष्णानंद हैहयवंशी ने कहा कि यह सम्मान विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रत्येक रक्तदाता, स्वयंसेवक एवं सहयोगी के समर्पण का सम्मान है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। संस्था का प्रयास है कि कोई भी मरीज केवल रक्त की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहे।

वहीं संस्था के सचिव अभिषेक साहू ने कहा कि विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट पिछले 8 वर्षों से जनपद मिर्जापुर में रक्तदान सेवा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। संस्था ने कोरोना महामारी, डेंगू जैसी आपात परिस्थितियों और अन्य विपरीत समय में भी जरूरतमंद मरीजों तक रक्त एवं एसडीपी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल रक्तदान कराना नहीं, बल्कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की मजबूत संस्कृति विकसित करना है।

विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट आज जनपद मिर्जापुर में सर्वाधिक रक्तदान कराने वाली संस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। संस्था के माध्यम से हजारों जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त एवं प्लेटलेट्स उपलब्ध कराए गए हैं। संस्था के सैकड़ों नियमित रक्तदाता मानव सेवा के इस अभियान से जुड़े हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्परता के साथ रक्तदान करते हैं।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 के अभी मात्र पांच महीने ही पूर्ण हुए हैं और इस अवधि में विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के रक्तदाताओं द्वारा 300 से अधिक रक्तदान एवं एसडीपी (Single Donor Platelet) दान किया जा चुका है। यह उपलब्धि संस्था की सक्रियता, रक्तदाताओं की प्रतिबद्धता और मानव सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त एवं एसडीपी दान की व्यवस्था कराई जाती है। संस्था के सहयोग से मिर्जापुर जिला रक्त केंद्र, सर सुंदरलाल चिकित्सालय (बीएचयू), वाराणसी, होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, वाराणसी, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र, वाराणसी तथा कृष्णा ब्लड सेंटर, मिर्जापुर में नियमित रूप से रक्तदान एवं एसडीपी दान कराया जाता है।

समारोह में उपस्थित चिकित्सकों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था रक्तदान सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयास समाज में मानवता, सेवा और समर्पण की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।

विश्व रक्तदाता दिवस पर प्राप्त यह सम्मान विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के लिए गौरव का विषय है तथा आने वाले समय में संस्था को और अधिक उत्साह एवं ऊर्जा के साथ मानव सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा प्रदान करेगा।
बोरीवली स्टेशन के पुनर्निर्माण को लेकर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले संजय उपाध्याय
मुंबई । बोरीवली विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय उपाध्याय ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर बोरीवली रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बोरीवली स्टेशन मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां प्रतिदिन लगभग 4.5 लाख यात्री आवागमन करते हैं। प्रधानमंत्री अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन के आधुनिकीकरण और पुनर्निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए इसकी प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए। इसके अलावा विधायक उपाध्याय ने रेल मंत्री को अलग-अलग पत्रों के माध्यम से पश्चिम रेलवे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें भी उठाईं। इनमें बोरीवली से चर्चगेट के बीच एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग प्रमुख है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसी लोकल सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने दहाणू रोड तथा विरार और बोरीवली के बीच मेमू सेवाओं की जगह नई लोकल ट्रेन शुरू करने का भी आग्रह किया है,क्योंकि मेमू ट्रेन में काफी गंदगी होती है, उनमें पुराने रैक लगे हुए हैं। इससे उनमें प्रकाश कम होता है, हवा नहीं आती है, अगर नए लोकल की तर्ज़ पर ट्रेन चलाई गई तो  उपनगरीय यात्रियों को सुविधाजनक रहेगा। उन्होंने इसके लिए Ac-non Ac डिब्बे वाली लोकल ट्रेन चलाने की मांग की है। विधायक ने बोरीवली से चर्चगेट के बीच अतिरिक्त लोकल सेवाएं शुरू करने तथा यात्रियों की सुविधा के लिए रेल संचालन में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में APMC एवं एजुकेशन हब होने के कारण पश्चिमी उपनगर से बड़ी संख्या में व्यापारी और विद्यार्थी नवी मुंबई रोजाना सफर करते हैं। इस सफर के दौरान उन्हें कई जगहों पर लोकल ट्रेन बदलनी पड़ती है। इस असुविधा को दूर करने के लिए अंधेरी से बेलापुर(Ac/non Ac) लोकल सुबह 6 बजे से शुरू किए जाने के साथ ही बोरीवली से बेलापुर(Ac/non Ac) लोकल भी जल्द शुरू करने की मांग विधायक संजय उपाध्याय ने की। उन्होंने पश्चिम रेलवे के उपनगरीय नेटवर्क पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए यात्री सुविधाओं के विस्तार करने की मांग है।
संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री को अवगत कराया कि पश्चिमी उपनगर वासियों को कल्याण जाने के लिए भी दादर जाकर लोकल बदलना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने बोरीवली से वसई- दिवा होते हुए कल्याण के लिए लोकल ट्रेन शुरू करने की मांग केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की।
संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री से इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेकर जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, ताकि लाखों दैनिक यात्रियों को बेहतर और सुगम रेल सेवाओं का लाभ मिल सके। संजय उपाध्याय ने विलेपार्ले रेल्वे स्टेशन पर रेल मंत्री से पिछली मुलाकात के दौरान स्वयं चालित सीढ़ियां लगाने की (ESCALATOR) मांग की थी, जो कि लगाया जा रहा है। इस मांग को पूरा करने के लिए संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री अश्विनी का आभार व्यक्त किया ।
NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

नगर पंचायत पुरकाजी ने कस्बे की जनता को दी 50 लाख की पुरकाजी- हाइवे बाईपास सर्विस लेन सड़क की सौगात चेयरमैन पुरकाजी ने फीता काटकर किया उदघाटन
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। पिछले कई सालों से पुरकाजी कस्बे की जनता मौहल्ला खेड़ा दरवाजा से हाइवे बाईपास पर सर्विस लेन की मांग कर रही थी इसी मार्ग पर पुरकाजी की दो मंजिला सरकारी गौशाला भी मौजूद है गौशाला में चारा भूसा व अन्य सामान लाने तथा कस्बे के लोगों को इस कच्चे बाईपास मार्ग से जाने में बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी चेयरमैन पुरकाजी जहीर फारुकी अपनी पिछली योजना से ही इस मार्ग को बनवाने के लिए स्वयं भी तथा जिले के अधिकारियों के माध्यम से NHAI के अधिकारियों से पत्राचार कर रहे थे NH अधिकारियों द्वारा NOC दिए जाने के उपरांत ये सर्विस लेन सड़क केंद्र सरकार द्वारा दिए गए धन से बनाई गई है  चेयरमैन पुरकाजी द्वारा 15 वे वित्त आयोग की जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर की अध्यक्षता वाली जिला कमेटी में इस सड़क प्रस्ताव को रखा गया प्रस्ताव पारित होने के बाद केंद्रीय सरकार द्वारा जारी धन से करीब 50 लाख रुपए कीमत की सर्विस लेन सड़क बनाई गई चेयरमैन पुरकाजी ने फीता काटकर आज सड़क का उद्घाटन किया पुरकाजी के सम्मानित सभासदगण और भाजपा व्यापारी नेता इसके उद्घाटन में मौजूद रहे पुरकाजी कस्बे के लिए ये सड़क बड़ी सौगात है इस मौके पर निर्दोष जैन, शाहलम गौड सभासद, संदीप गोयल, निसार मेंबर, विकसित मेंबर, इस्तखार उर्फ लाल्ला मेंबर, नदीम मेंबर, हाजी रईस, अफजाल गौड भूरे खान, गुलजार खान आदि सम्भ्रांत लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की समीक्षा की, नवाचारी योजनाओं पर फोकस का निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में योजना एवं विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना एवं विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, बजटीय प्रावधानों, परियोजनाओं के कार्यान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्यों को गति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा जमीनी स्तर पर उनकी सतत प्रगति पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना एवं विकास विभाग राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर चालू वित्तीय वर्ष तथा आगामी वित्तीय वर्ष के सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने राज्य के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में योजना एवं विकास विभाग के मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा अधिकारियों से कहा कि इन्नोवेटिव स्कीमों (Innovative Schemes)को गति प्रदान करें। इस बिंदु पर मुख्यमंत्री को विभागीय सचिव ने अवगत कराया कि इन्नोवेटिव स्कीम के तहत 2 करोड़ रुपए की राशि को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए किए जाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट के तहत योजना का चयन किया जाए, इस निमित्त कार्य योजना बनाई गई है।

बैठक में पिछले 5 वर्ष से चली आ रही योजनाओं की समीक्षा कर उसके क्रियान्वयन में सुधार एवं योजना समाप्ति पर विचार करने का सुझाव प्राप्त हुआ। वहीं सीएसएस स्कीम की मॉनिटरिंग एवं सपोर्ट के लिए एक पीएमयू का गठन करने पर चर्चा हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 75% खर्च होने पर विचार की आवश्यकता पर बल दिया गया। वहीं 60% से कम खर्च करने वाले विभाग की समीक्षा कर सुधार की आवश्यकता बताई गई। साथ ही अगले 10 वर्षों के लिए एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव प्राप्त हुआ।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, अपर सचिव योजना एवं विकास विभाग विजया जाधव, अपर निदेशक-सह-अपर सचिव श्री कृष्ण नंदन प्रसाद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

How Karma, Kundali and Living Spaces Are Connected – Insights by Vastu Vid Rahul Parse

Ancient Indian knowledge systems never viewed human life as isolated from nature, space, or cosmic energies. Astrology and Vastu Shastra were developed as interconnected sciences based upon Karma, Prarabdh (destined karmic results), planetary influences, and environmental energies. While modern science may use different terminology, the underlying principle remains similar — every action creates an energetic impact, and every environment influences human life.According to ancient philosophy, birth itself is not accidental. A soul takes birth under specific planetary alignments based upon accumulated karmas from previous lives. This planetary arrangement becomes the individual’s birth chart or Kundali, which acts like an energetic blueprint of life tendencies, strengths, challenges, health patterns, relationships, and psychological behavior.

Vastu Shastra, on the other hand, governs the external energy field in which a person lives or works. If Astrology represents the “inner cosmic design,” then Vastu represents the “outer environmental reflection” of that design.

One of the most fascinating observations made by experienced Vastu and Astrology practitioners is that defects repeatedly appear in those directions of a property that are connected with afflicted planetary energies in the Kundali. This creates a strong philosophical and practical connection between human consciousness and living space.

For example, in many cases where severe Pitru Dosha, afflicted Rahu, or karmic ancestral disturbances are observed in the horoscope, the South-West zone of the house or commercial property is often found imbalanced. This may appear as cuts, missing corners, heavy defects, underground water tanks, toilets, clutter, depression in level, cracks, or structural instability in that particular direction.

From a Vastu perspective, the South-West direction represents stability, ancestral energy, control, maturity, and karmic grounding. Scientifically, this can also be interpreted psychologically and environmentally. Disturbed spaces create disturbed emotional patterns. Continuous exposure to imbalance in important zones of a property can subconsciously influence decision-making, stress levels, emotional security, and family harmony.

Similarly, repeated defects in the North-East zone are frequently observed in individuals facing confusion, spiritual blockage, emotional instability, or poor clarity in life direction. Afflictions related to Jupiter, Moon, or Ketu often symbolically reflect through this zone. The East relates to growth and social opportunities, while the North governs financial movement and mental flow.

This does not necessarily mean that planets physically damage buildings. Rather, ancient sciences suggest resonance between human karmic energies and surrounding environments. Just as modern science acknowledges magnetic fields, frequencies, vibrations, and environmental psychology, ancient Vastu observed that spaces absorb and radiate subtle energetic influences over time.

Interestingly, today’s scientific disciplines are slowly moving toward similar understandings. Environmental psychology studies how spaces influence human emotions and behavior. Geopathic stress research studies the effect of underground disturbances on health and mental peace. Electromagnetic field studies analyze invisible energetic interactions within living environments. Quantum theories also suggest that observation, consciousness, and energy are deeply interconnected.

The digital era has further strengthened this research potential. Satellite mapping, digital compass systems, energy analysis applications, and astronomical software now allow precise correlation between property layouts and astrological patterns. Consultants can scientifically study directional imbalance, land energy, surrounding structures, and planetary influences with greater accuracy than ever before.

However, the true purpose of Astrology and Vastu should not be fear creation. These sciences were originally intended for awareness, balance, and corrective living. Every defect does not destroy life, and every good direction does not guarantee success. Human effort, discipline, ethics, and conscious action remain equally important.

Astrology reveals karmic tendencies. Vastu reflects environmental resonance. Science studies measurable patterns. Together, they form a deeper understanding of how human life interacts with both visible and invisible energies.

The future of these ancient sciences lies not in blind belief, but in responsible research, practical observation, and scientific interpretation. When understood correctly, Astrology and Vastu are not against science — they are complementary systems attempting to understand the same universal intelligence through different dimensions. For more information you can visit Instagram

 

 

श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा में आईआईसी की बैठक: नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप गतिविधियों पर चर्चा
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में संस्थागत नवाचार परिषद (Institution’s Innovation Council-IIC) की एक महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 02 जून 2026 को महाविद्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने की।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. जितेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता, शोध एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और परिषद की गतिविधियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप संचालित करने का आह्वान किया।

बैठक में नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप गतिविधियों, शोध और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। परिषद की वार्षिक कार्ययोजना को चार क्वार्टर में विभाजित करने और प्रत्येक क्वार्टर में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

अगामी क्वार्टर (05 जून 2026 से 15 अगस्त 2026) के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस अवधि में विश्व पर्यावरण दिवस, NEP-2020 वर्षगांठ, स्वतंत्रता दिवस, नवाचार जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमिता विकास व्याख्यान, शोध एवं IPR कार्यशालाएँ, छात्र नवाचार प्रतियोगिताएँ और अन्य शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि महाविद्यालय की संस्थागत नवाचार परिषद में शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों और छात्र प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया गया है, जो महाविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करने हेतु सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। परिषद का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान, स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसर से जोड़ना है।

बैठक में प्रो. अमन चंद्रा (मुख्य नियंता), प्रो. संदीप श्रीवास्तव, डॉ. लोहांस कल्याणी, डॉ. अच्युत शुक्ला, डॉ. रवि प्रकाश ओझा, डॉ. पूजा यादव, डॉ. वंदना भारतीय और डॉ. स्मिता सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए और आगामी गतिविधियों के सफल संचालन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व साक्षी तिवारी, चंचल मिश्रा, डब्ल्यू सिंह, आनंद बाबू और अभय तिवारी ने किया। छात्र प्रतिनिधियों ने नवाचार और उद्यमिता से संबंधित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।