Club 50Plus Ahmedabad – Creating an Active and Joyful Life for Seniors

In today’s fast-paced world, maintaining a healthy and socially connected life after the age of 50 has become increasingly important. Club 50Plus Ahmedabad is a unique initiative designed to help senior citizens stay active, engaged, and happy during their golden years.

Club 50Plus is not just a recreational group; it is a supportive senior community where individuals aged 50 and above can come together to enjoy meaningful experiences, build friendships, and participate in fun-filled activities. The club focuses on promoting healthy aging, emotional well-being, and social connectivity among its members.

The club regularly organizes picnics, day trips, social gatherings, games, music, dance events, and festive celebrations. These activities provide members with opportunities to relax, explore new places, and stay physically and mentally active. Such events play a vital role in reducing loneliness and encouraging seniors to lead positive and energetic lifestyles.

One of the most appreciated aspects of Club 50Plus is its transparent and genuine approach. For picnics and outings, the club only charges the actual cost, ensuring complete affordability and trust. Social gatherings and celebrations are organized on a shared contribution basis, typically ranging between ₹500 and ₹1500 depending on the event.

The club also offers lifetime membership at a reasonable fee of ₹5000, which is used to manage common expenses such as celebration arrangements, gifts, and cakes for members.

Club 50Plus is led by Mr. Akshay Mohnot, a Chartered Accountant who started this initiative with a sincere intention to bring happiness and engagement to senior citizens. His goal is not profit but creating a platform where seniors can enjoy entertainment, companionship, and a fulfilling lifestyle.

Since its launch in June 2024, Club 50Plus has received excellent feedback from members and continues to grow as a trusted senior activity club in Ahmedabad.

Club 50Plus strongly believes that age is just a number and that life after 50 can be full of excitement, laughter, and new friendships.

Club 50Plus – Be Young Forever!

प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को दिलाई शपथ

हजारीबाग: नगर निगम, हजारीबाग के नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को आज प्रमंडलीय आयुक्त, श्री मनोज कुमार उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों ने विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं निष्ठा रखते हुए तथा भारत की सार्वभौमिकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करने की शपथ ली।इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि नगर के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी जनप्रतिनिधि पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेंगे।

इस अवसर पर हजारीबाग के उपायुक्त ने भी नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को बधाई देते हुए कहा कि नगर निगम क्षेत्र के समग्र विकास, स्वच्छता, आधारभूत संरचना तथा नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

शपथ समारोह में, निर्वाची पदाधिकारी उपमहापौर, सहायक निर्वाची पदाधिकारी, नगर निंगम, हजारीबाण, तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, दोनों सदनों में दिया नोटिस

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विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का नोटिस संसद के दोनों सदनों में सौंप दिया है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव से संबंधित नोटिस सौंप दिए गए हैं।

लोकसभा के 130, राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा के 130 सांसदों ने और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष के एक नेता ने बताया कि सांसदों ने नोटिस को लेकर काफी उत्साह दिखाया और आवश्यक संख्या पूरी हो जाने के बाद भी गुरुवार को कई सांसदों हस्ताक्षर किए। नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

नोटिस में विपक्ष ने क्या आरोप लगाया?

बताया जा रहा है कि करीब 10 पन्नों वाले नोटिस में 7 बिंदु गिनाए गए हैं, जिनके आधार पर ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्षी दलों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मदद करने का आरोप लगाया है। खासकर मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है।

क्या होती है सीईसी को पद से हटाने की प्रक्रिया ?

संविधान के अनुच्छेद 324 (5) में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है. इस अनुच्छेद के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए वैसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाने की होती है। सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को उसके पद से हटाने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 124 (4) में किया गया है। इसमें साफ किया गया है कि जज को केवल दो आधार पर ही हटाया जा सकता है - दुर्व्यवहार और कार्य निष्पादन में अक्षमता। 124 (5) के मुताबिक संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत के द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति को किसी जज को हटाने की सिफारिश की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया का कोई नाम तो नहीं दिया गया है लेकिन आम तौर पर इसे महाभियोग प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

आजमगढ़:-नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन युवक गिरफ्तार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को थाना फूलपुर में प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 मार्च को क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर कुछ युवक एक सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 90/2026 के तहत संबंधित धाराओं में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
थानाध्यक्ष सच्चिदानन्द यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में 12 मार्च की रात लगभग 1:05 बजे पुलिस ने टेऊगा पावर लोहिया मैदान के पास नोना बस्ती जाने वाले मार्ग के मोड़, ग्राम टेऊगा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फरार अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित की गई है। 
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लोकसभा स्पीकर के बाद अब सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, एकजुट हुआ विपक्ष

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लोक सभा अध्‍यक्ष के बाद विपक्षी दल देश के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट होते दिख रहे हैं। संभावना है कि तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में एकजुट विपक्ष गुरुवार को सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देगा। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांसदों ने हस्‍ताक्षर भी कर दिया है। उनकी तैयारी संसद के दोनों हाउस के सचिवालयों में नो‍टिस जमा करने की है।

हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाले नोटिस को गुरुवार यानी आज संसद से दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में सौंपा जा सकता है। प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर जरूरी हस्ताक्षर की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई। बुधवार रात तक लोकसभा के लिए करीब 120 और राज्यसभा के लिए लगभग 60 सांसदों के साइन हो चुके थे। नियम के अनुसार लोकसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के नोटिस के लिए कम से कम 100 सांसदों के साइन जरूरी हैं।

सीईसी के खिलाफ टीएमसी को मिला कांग्रेस-सपा का साथ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद नोटिस देने के लिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों के साथ-साथ गठबंधन से बाहर आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी हस्ताक्षर किये हैं।

क्या है मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया?

कानून के मुताबिक, सीईसी को हटाने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के लिए है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अनुशंसा के बिना अन्य निर्वाचन आयुक्तों को पद से नहीं हटाया जा सकता। न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अनुसार, किसी भी सदन में, जज को पद से हटाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने के बाद, (लोकसभा) अध्यक्ष या (राज्यसभा) सभापति, जैसा भी मामला हो, तीन सदस्यीय समिति का गठन करेंगे। जो उन आधारों की जांच करेगी, जिन पर पद से उन्हें हटाने की मांग की गई है। समिति में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) या शीर्ष न्यायालय के जज, 25 उच्च न्यायालयों में से किसी एक के मुख्य न्यायाधीश और एक प्रतिष्ठित न्यायविद होते हैं। नियम के अनुसार, समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद, इसे सदन में पेश किया जाएगा और पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो जाएगी। हालांकि, सीईसी को अपना बचाव करने का अधिकार होता है।

फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
रिश्वत आरोप में निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की होगी बहाली, 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल करने का निर्णय लिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इससे पहले निवेश प्रोत्साहन एजेंसी Invest UP के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात थे। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था।

इस मामले में फरवरी 2026 में Lucknow Bench of Allahabad High Court ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

शासन के सूत्रों के अनुसार निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस मामले में रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली को 14 मार्च के बाद प्रभावी माना जाएगा।

हालांकि, बहाली के बाद उन्हें किस विभाग या जिम्मेदारी पर तैनात किया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है।
31 वर्षीय मरीज को सुप्रीम कोर्ट से निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति, 13 साल से कोमा में है युवक

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सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को अपने एक फैसले के तहत 31 साल के आदमी को पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दे दी, जो करीब 13 साल से कोमा में है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 साल के हरीण राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु यानी पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दी है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा की जीवनरक्षक प्रणाली यानी आर्टिफिशियल लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति दी। यह व्यक्ति 13 वर्ष पहले एक इमारत से गिरने के बाद से स्थायी और अपरिवर्तनीय विजिटेटिव अवस्था में था। अदालत ने यह आदेश उसके पिता द्वारा दायर एक मिसलेनियस आवेदन पर दिया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे से सभी जीवनरक्षक उपचार हटाने की अनुमति मांगी थी।

‘ईश्वर नहीं पूछता कि कौन जीना चाहता है’

इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका पर जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा, “ईश्वर किसी मनुष्य से यह नहीं पूछता कि वह जीवन को स्वीकार करता है या नहीं, जीवन उसे लेना ही पड़ता है, ये Henry David Thoreau के शब्द हैं, जिनका विशेष महत्व तब उभरकर सामने आता है जब अदालतों के समक्ष यह सवाल आता है कि क्या किसी व्यक्ति को मरने का विकल्प चुनने का अधिकार है। इसी संदर्भ में विलियम शेक्सपीयर का प्रसिद्ध कथन ‘To be, or not to be ‘ यानी ‘जीना या न जीना’ भी इस दार्शनिक और विधिक विमर्श को गहराई प्रदान करता है।”

पिछले 13 वर्षों में स्थिति में कोई सुधार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “हरीश राणा, जो वर्तमान में 32 वर्ष के हैं, कभी एक उज्ज्वल और प्रतिभाशाली युवा थे। वे अपने पेइंग गेस्ट आवास की चौथी मंजिल से गिरने के बाद एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में उनके मस्तिष्क को गंभीर चोट लगी, जिससे वे स्थायी विजिटेटिव अवस्था (PVS) और 100% क्वाड्रिप्लेजिया (चारों अंगों का लकवा) की स्थिति में चले गए… पिछले 13 वर्षों में उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।”

‘मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा “वह केवल क्लिनिकली एडमिनिस्टरड न्यूट्रिशन (CAN) के सहारे जीवित थे, जो सर्जरी द्वारा लगाए गए PEG ट्यूब के माध्यम से दिया जा रहा था। अदालत ने कहा कि CAN भी एक चिकित्सीय उपचार है और इसे प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड के सर्वोत्तम निर्णय के आधार पर बंद किया जा सकता है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि “उपचार जारी रखने से केवल उनकी जैविक जीवन प्रक्रिया ही बढ़ रही थी, लेकिन किसी भी प्रकार का चिकित्सीय सुधार नहीं हो रहा था। अदालत ने पाया कि कि मरीज के माता-पिता, प्राथमिक मेडिकल बोर्ड और दूसरी मेडिकल बोर्ड सभी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह मरीज के सर्वोत्तम हित में नहीं है।”

Club 50Plus Ahmedabad – Creating an Active and Joyful Life for Seniors

In today’s fast-paced world, maintaining a healthy and socially connected life after the age of 50 has become increasingly important. Club 50Plus Ahmedabad is a unique initiative designed to help senior citizens stay active, engaged, and happy during their golden years.

Club 50Plus is not just a recreational group; it is a supportive senior community where individuals aged 50 and above can come together to enjoy meaningful experiences, build friendships, and participate in fun-filled activities. The club focuses on promoting healthy aging, emotional well-being, and social connectivity among its members.

The club regularly organizes picnics, day trips, social gatherings, games, music, dance events, and festive celebrations. These activities provide members with opportunities to relax, explore new places, and stay physically and mentally active. Such events play a vital role in reducing loneliness and encouraging seniors to lead positive and energetic lifestyles.

One of the most appreciated aspects of Club 50Plus is its transparent and genuine approach. For picnics and outings, the club only charges the actual cost, ensuring complete affordability and trust. Social gatherings and celebrations are organized on a shared contribution basis, typically ranging between ₹500 and ₹1500 depending on the event.

The club also offers lifetime membership at a reasonable fee of ₹5000, which is used to manage common expenses such as celebration arrangements, gifts, and cakes for members.

Club 50Plus is led by Mr. Akshay Mohnot, a Chartered Accountant who started this initiative with a sincere intention to bring happiness and engagement to senior citizens. His goal is not profit but creating a platform where seniors can enjoy entertainment, companionship, and a fulfilling lifestyle.

Since its launch in June 2024, Club 50Plus has received excellent feedback from members and continues to grow as a trusted senior activity club in Ahmedabad.

Club 50Plus strongly believes that age is just a number and that life after 50 can be full of excitement, laughter, and new friendships.

Club 50Plus – Be Young Forever!

प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को दिलाई शपथ

हजारीबाग: नगर निगम, हजारीबाग के नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को आज प्रमंडलीय आयुक्त, श्री मनोज कुमार उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों ने विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं निष्ठा रखते हुए तथा भारत की सार्वभौमिकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करने की शपथ ली।इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि नगर के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी जनप्रतिनिधि पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेंगे।

इस अवसर पर हजारीबाग के उपायुक्त ने भी नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को बधाई देते हुए कहा कि नगर निगम क्षेत्र के समग्र विकास, स्वच्छता, आधारभूत संरचना तथा नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

शपथ समारोह में, निर्वाची पदाधिकारी उपमहापौर, सहायक निर्वाची पदाधिकारी, नगर निंगम, हजारीबाण, तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, दोनों सदनों में दिया नोटिस

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विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का नोटिस संसद के दोनों सदनों में सौंप दिया है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव से संबंधित नोटिस सौंप दिए गए हैं।

लोकसभा के 130, राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा के 130 सांसदों ने और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष के एक नेता ने बताया कि सांसदों ने नोटिस को लेकर काफी उत्साह दिखाया और आवश्यक संख्या पूरी हो जाने के बाद भी गुरुवार को कई सांसदों हस्ताक्षर किए। नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

नोटिस में विपक्ष ने क्या आरोप लगाया?

बताया जा रहा है कि करीब 10 पन्नों वाले नोटिस में 7 बिंदु गिनाए गए हैं, जिनके आधार पर ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्षी दलों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मदद करने का आरोप लगाया है। खासकर मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है।

क्या होती है सीईसी को पद से हटाने की प्रक्रिया ?

संविधान के अनुच्छेद 324 (5) में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है. इस अनुच्छेद के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए वैसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाने की होती है। सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को उसके पद से हटाने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 124 (4) में किया गया है। इसमें साफ किया गया है कि जज को केवल दो आधार पर ही हटाया जा सकता है - दुर्व्यवहार और कार्य निष्पादन में अक्षमता। 124 (5) के मुताबिक संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत के द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति को किसी जज को हटाने की सिफारिश की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया का कोई नाम तो नहीं दिया गया है लेकिन आम तौर पर इसे महाभियोग प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

आजमगढ़:-नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन युवक गिरफ्तार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को थाना फूलपुर में प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 मार्च को क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर कुछ युवक एक सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 90/2026 के तहत संबंधित धाराओं में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
थानाध्यक्ष सच्चिदानन्द यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में 12 मार्च की रात लगभग 1:05 बजे पुलिस ने टेऊगा पावर लोहिया मैदान के पास नोना बस्ती जाने वाले मार्ग के मोड़, ग्राम टेऊगा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फरार अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित की गई है। 
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लोकसभा स्पीकर के बाद अब सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, एकजुट हुआ विपक्ष

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लोक सभा अध्‍यक्ष के बाद विपक्षी दल देश के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट होते दिख रहे हैं। संभावना है कि तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में एकजुट विपक्ष गुरुवार को सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देगा। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांसदों ने हस्‍ताक्षर भी कर दिया है। उनकी तैयारी संसद के दोनों हाउस के सचिवालयों में नो‍टिस जमा करने की है।

हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाले नोटिस को गुरुवार यानी आज संसद से दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में सौंपा जा सकता है। प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर जरूरी हस्ताक्षर की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई। बुधवार रात तक लोकसभा के लिए करीब 120 और राज्यसभा के लिए लगभग 60 सांसदों के साइन हो चुके थे। नियम के अनुसार लोकसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के नोटिस के लिए कम से कम 100 सांसदों के साइन जरूरी हैं।

सीईसी के खिलाफ टीएमसी को मिला कांग्रेस-सपा का साथ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद नोटिस देने के लिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों के साथ-साथ गठबंधन से बाहर आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी हस्ताक्षर किये हैं।

क्या है मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया?

कानून के मुताबिक, सीईसी को हटाने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के लिए है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अनुशंसा के बिना अन्य निर्वाचन आयुक्तों को पद से नहीं हटाया जा सकता। न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अनुसार, किसी भी सदन में, जज को पद से हटाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने के बाद, (लोकसभा) अध्यक्ष या (राज्यसभा) सभापति, जैसा भी मामला हो, तीन सदस्यीय समिति का गठन करेंगे। जो उन आधारों की जांच करेगी, जिन पर पद से उन्हें हटाने की मांग की गई है। समिति में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) या शीर्ष न्यायालय के जज, 25 उच्च न्यायालयों में से किसी एक के मुख्य न्यायाधीश और एक प्रतिष्ठित न्यायविद होते हैं। नियम के अनुसार, समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद, इसे सदन में पेश किया जाएगा और पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो जाएगी। हालांकि, सीईसी को अपना बचाव करने का अधिकार होता है।

फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
रिश्वत आरोप में निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की होगी बहाली, 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल करने का निर्णय लिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इससे पहले निवेश प्रोत्साहन एजेंसी Invest UP के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात थे। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था।

इस मामले में फरवरी 2026 में Lucknow Bench of Allahabad High Court ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

शासन के सूत्रों के अनुसार निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस मामले में रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली को 14 मार्च के बाद प्रभावी माना जाएगा।

हालांकि, बहाली के बाद उन्हें किस विभाग या जिम्मेदारी पर तैनात किया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है।
31 वर्षीय मरीज को सुप्रीम कोर्ट से निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति, 13 साल से कोमा में है युवक

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सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को अपने एक फैसले के तहत 31 साल के आदमी को पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दे दी, जो करीब 13 साल से कोमा में है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 साल के हरीण राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु यानी पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दी है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा की जीवनरक्षक प्रणाली यानी आर्टिफिशियल लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति दी। यह व्यक्ति 13 वर्ष पहले एक इमारत से गिरने के बाद से स्थायी और अपरिवर्तनीय विजिटेटिव अवस्था में था। अदालत ने यह आदेश उसके पिता द्वारा दायर एक मिसलेनियस आवेदन पर दिया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे से सभी जीवनरक्षक उपचार हटाने की अनुमति मांगी थी।

‘ईश्वर नहीं पूछता कि कौन जीना चाहता है’

इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका पर जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा, “ईश्वर किसी मनुष्य से यह नहीं पूछता कि वह जीवन को स्वीकार करता है या नहीं, जीवन उसे लेना ही पड़ता है, ये Henry David Thoreau के शब्द हैं, जिनका विशेष महत्व तब उभरकर सामने आता है जब अदालतों के समक्ष यह सवाल आता है कि क्या किसी व्यक्ति को मरने का विकल्प चुनने का अधिकार है। इसी संदर्भ में विलियम शेक्सपीयर का प्रसिद्ध कथन ‘To be, or not to be ‘ यानी ‘जीना या न जीना’ भी इस दार्शनिक और विधिक विमर्श को गहराई प्रदान करता है।”

पिछले 13 वर्षों में स्थिति में कोई सुधार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “हरीश राणा, जो वर्तमान में 32 वर्ष के हैं, कभी एक उज्ज्वल और प्रतिभाशाली युवा थे। वे अपने पेइंग गेस्ट आवास की चौथी मंजिल से गिरने के बाद एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में उनके मस्तिष्क को गंभीर चोट लगी, जिससे वे स्थायी विजिटेटिव अवस्था (PVS) और 100% क्वाड्रिप्लेजिया (चारों अंगों का लकवा) की स्थिति में चले गए… पिछले 13 वर्षों में उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।”

‘मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा “वह केवल क्लिनिकली एडमिनिस्टरड न्यूट्रिशन (CAN) के सहारे जीवित थे, जो सर्जरी द्वारा लगाए गए PEG ट्यूब के माध्यम से दिया जा रहा था। अदालत ने कहा कि CAN भी एक चिकित्सीय उपचार है और इसे प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड के सर्वोत्तम निर्णय के आधार पर बंद किया जा सकता है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि “उपचार जारी रखने से केवल उनकी जैविक जीवन प्रक्रिया ही बढ़ रही थी, लेकिन किसी भी प्रकार का चिकित्सीय सुधार नहीं हो रहा था। अदालत ने पाया कि कि मरीज के माता-पिता, प्राथमिक मेडिकल बोर्ड और दूसरी मेडिकल बोर्ड सभी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह मरीज के सर्वोत्तम हित में नहीं है।”