दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बेहद गंभीर, 'अनगिनत पत्रकारों' को रोकने के लिए सिस्टम बनाने की मांग

Lucknow News: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने यूट्यूब (YouTube) के स्वतंत्र पत्रकारों पर हमला करने के आरोपितों को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है, लेकिन इसका उपयोग गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने की ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद रविवार को जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया गया और केंद्र सरकार से 'पत्रकारिता करने के लिए न्यूनतम मानदंड व शैक्षिक अर्हता तय करने' की मांग की गई।

'स्वयंभू' पत्रकारों की बाढ़: दिल्ली हाईकोर्ट

जेपीए की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से पत्रकारों को अवगत कराया गया। बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया के लिए एक नियामक ढांचे (regulatory framework) की आवश्यकता पर बल दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि 'आज मोबाइल फोन और माइक लेकर कोई भी खुद को 'रिपोर्टर' घोषित कर सकता है, भले ही उनके पास कोई पत्रकारिता प्रशिक्षण, नैतिक आधार या जवाबदेही न हो।' बिना औपचारिक प्रशिक्षण के लोग 'भ्रामक नैरेटिव' बनाने के लिए लोगों से आक्रामक तरीके से सवाल पूछते हैं।

कानून की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने विधायिका से एक ऐसा ढांचा तैयार करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए नैतिक मानकों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे। एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित पत्रकारों ने स्थानीय निवासियों को उकसाया, जिससे सामाजिक विभाजन और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर पीएम को भेजा जाएगा पत्र

जेपीए बैठक में निर्णय लिया गया कि  सामूहिक हस्ताक्षर का एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारिता के लिए 'न्यूनतम शैक्षिक अर्हता' और अधिमानी 'प्रशिक्षित अर्हता' निर्धारित की जाए। ताकि पत्रकारिता की नैतिकता व सम्मान बचा रह सके। शिवपुरी कालोनी कमता स्थित संगठन के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के 17 दिसंबर के वार्षिक अधिवेशन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेपीए चीफ विवेक प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडे, संगठन मंत्री राम लायक यादव, कार्यकारी संगठन मंत्री प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष सनी शाह, संरक्षक सदस्य संरक्षक सदस्य विवेक विश्व पांडे, उप प्रचार मंत्री सैयद फैजान उर्फ इकबाल, सह मीडिया प्रभारी सौरभ निगम, सदस्य रणजीत सिंह, संजय श्रीवास्तव, धनीष श्रीवास्तव, जिला सचिव फरहान इराकी समेत कई जर्नलिस्ट उपस्थित रहे।
कांवड़ यात्रा से पहले सड़कों की हालत खराब: तीन प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले मार्गों पर अनगिनत गड्ढे

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन माह की शुरुआत से पहले जिले के प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले कांवड़ मार्गों की हालत खस्ता है। सड़कों पर अनगिनत गड्ढे और बारिश के कारण जलभराव की स्थिति शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। Street Buzz News की टीम ने हाल ही में इन मार्गों का जायजा लिया, जिसमें प्रशासन के दावों के विपरीत सड़कों की खराब स्थिति सामने आई। सावन माह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसका पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। प्रयागराज के संगम से गंगाजल लेने के लिए कांवड़िया 1 और 2 अगस्त से ही रवाना होना शुरू कर देंगे। जिले के साथ-साथ जौनपुर से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त इन्हीं मार्गों का उपयोग करते हैं। प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों को सुरक्षित और गड्ढामुक्त बनाने के दावे किए गए हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है। जिले के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें और जलभराव की समस्या कांवड़ यात्रियों की यात्रा को कठिन बना सकती है। जिले के प्रमुख शिवालयों में ज्ञानपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज का बाबा बड़े शिव मंदिर, तिलंगा स्थित तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, चौरी का ओदारनाथ महादेव मंदिर और सेमराधनाथ धाम शामिल हैं।

इनमें से सेमराधनाथ धाम में सर्वाधिक संख्या में कांवड़िया पहुंचते हैं, लेकिन इस प्रमुख आस्था केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग की दशा में सुधार नहीं हो सका है। गोपीगंज नगर के पश्चिमी छोर से तिलंगा होते हुए तिलेश्वरनाथ मंदिर तक करीब छह किलोमीटर लंबा मार्ग है, जिसकी मरम्मत पिछले चार साल से नहीं हुई है। पैचिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है, जिससे इस मार्ग पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यदि अगले 10 से 12 दिनों के भीतर इन मार्गों की मरम्मत नहीं की गई, तो शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा के दौरान गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या बोले शिवभक्त

पिछले तीन साल से कांवड़ लेकर जाता हूं। 2025 में सेमराध मार्ग कुछ सही था, लेकिन इस बार कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। सावन में सेमराध में काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन को उक्त मार्ग को बनवाना चाहिए। - कमलेश यादव, पुरवा

शिवालय जाने वाले मार्गों को सही कराना चाहिए। सावन में प्रतिदिन कांवड़ियों के साथ स्थानीय भक्त भी दर्शन-पूजन के लिए मंदिर जाएंगे। सेमराध मार्ग को जल्द सही कराना चाहिए। - प्रिंस सिंह, सेमराध

अवैध कट होंगे बंद, दोनों लेन पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

जिले में आगामी कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि हाईवे की दक्षिणी लेन पर संपर्क मार्गों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके लिए स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा जहां-जहां शिविर लगते हैं, उनके संचालकों से भी बात कर ली गई है। इस दौरान एक लेन पर वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में उस लेन पर अतिरिक्त फोर्स लगाकर वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी और जगह-जगह बने कटों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। कांवड़ यात्रा के लिए अतिरिक्त फोर्स की मांग की है।

सेमराधनाथ मार्ग पीएमजीएसवाई का है। जलभराव वाले स्थानों पर पानी निकासी के निर्देश दिए गए हैं। सावन शुरू होने से पहले सड़क को सही करा लिया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन, लोक निर्माण

Why Investing in Land Builds Generational Wealth


Think about your parents or grandparents. How many families became financially stronger because they owned a good piece of land? Now think about how many families built generational wealth through day trading. The answer itself explains why real estate has remained one of India’s preferred long-term investments.

Land offers something unique.

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- You can build on it.

- You can lease it.

- You can pass it to your children.

- It doesn’t disappear because of a market panic.

- It doesn’t stop existing because of a global news event.

- Its usefulness remains.

This is one reason why residential plots continue to attract families, professionals, and long-term investors alike.

Thinking Beyond Today

Some investments are driven by excitement. Others are driven by planning.

Real estate has traditionally appealed to people who think in decades rather than days. Whether your goal is to build your dream home, create an asset for your children, or diversify your investment portfolio, owning land in a growing city can become part of a balanced long-term strategy.

Ballari continues to attract attention because of its development, connectivity, and expanding residential demand. For buyers who wish to Buy Plots in Ballari, choosing a professionally developed project with verified documentation and thoughtful planning can make a meaningful difference.

As a growing Real Estate Company Ballari, YCoordinate Enterprises remains committed to helping customers make informed decisions through transparency, legal diligence, and quality plotted developments. The most successful investments are often made before they become obvious to everyone else.

The question isn’t simply whether Ballari will continue to develop. The more important question is whether you will recognise the opportunity while it is still emerging.

Why Residential Plots Near Ballari City Are in Demand

Today’s homebuyers seek convenience. Nobody wants to travel long distances every day for schools, hospitals, offices, or shopping. This is why Residential Plots near Ballari City continue to appeal to families looking for a balance between peaceful living and urban accessibility. As cities expand outward, well-planned residential developments often become part of future urban growth. Buying early allows families to participate in that journey rather than entering after prices have already adjusted.

If you are really interested in buying plots in ballari you can choose Bluejay Anandavana or Amruth Atharva according to your requirement.

बारिश में बजबजाएंगे कचरे के ढेर संक्रामक बीमारियों को देंगे न्योता

निकायों में जगह-जगह है कचरे का ढेर,निकाय प्रशासन बना अनजान


नितेश श्रीवास्तव



भदोही। निकाय क्षेत्र के डंप हुए कचरे बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों को न्योता देंगे। सातों निकायों में 15 जगहों पर कचरों का ढेर लगा है। बारिश होने के बाद ये कचरे बजबजाने लगेंगे और आसपास के लोगों के बीच बीमारियों को बढ़ाएंगे। सातों निकायों में साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करके एक-एक कूड़ा निस्तारण केंद्र (एमआरएफ) बनाया गया, लेकिन वहां कितना कचरा पहुंचता है। यह एक बड़ा सवाल है।

जिले के निकायों में जगह-जगह फैली गंदगी स्वच्छता मुहिम को मुंह चिढ़ा रही है। गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया, बुखार, टाइफाइड होता है। नौनिहालों में इन्फेक्शन होने का ज्यादा खतरा बना रहा है। आसपास के रहवासी अपने रूम के खिड़की नहीं खोलते हैं। जिले में भदोही व गोपीगंज पालिका और ज्ञानपुर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया, नई बाजार नगर पंचायत है। यहां कुल 128 वार्ड है। इन वार्डों से हर दिन करीब 30 से 35 टन कचरा निकलता है। बृहस्पतिवार को Street Buzz News की टीम ने निकायों में फैले कचरे की हकीकत देखने निकली। जहां सुरियावां के वार्ड संख्या 9 नेहरू नगर में फोरलेन सड़क से अंदर जाने वाली सड़क के किनारे कूड़ा कचरा का ढेर लगा है। जहां मवेशी पॉलिथीन खा रही है।

गल्ला मंडी, पुरानी बाजार, घोसिया के वार्ड संख्या छह कच्चा तालाब, वार्ड के कल्लितारा पर कूड़े का अंबार लगा है। नई बाजार के वार्ड नंबर आठ गुलौर, ज्ञानपुर के जिला पंचायत के पीछे, बालीपुर, गोपीगंज के खडहट्टी मोहाल, लिंक रोड, गणेश मंदिर, सुरियावां के ईओ नई बाजार के प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि हर वार्ड में डस्टबिन है। जहां कूड़े का ढेर है। भदोही के ईओ घोसिया के प्रभारी दयाशंकर वर्मा ने बताया कि सभी का निस्तारण किया जाएगा।
नाले में 14 जगहों पर कचरे का कब्जा


*मानसून में बचे 20 दिन,अब तक शुरू नहीं हुई नाले की सफाई, बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां जाम*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मानसून सीजन में 20 दिन बचे हैं। हाईवे के 46 किलोमीटर के दायरे में दोनों पटरियों पर 14 जगहों पर नाले जाम हैं। गिराई और माधोसिंह बाजार में नाला ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सर्विसलेन पर बह रहा है। बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां चोक हैं। गिराई के पास तो नाले का पानी बिजली उपकेंद्र में घुस जाता है।

नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अनुसार, राजातालाब-हंडिया खंड के 72 किलोमीटर हाईवे के 46 किमी दायरा भदोही की सीमा से होकर गुजरता है। हाईवे पर जंगीगंज, कौलापुर, गोपीगंज, घोसिया, औराई, बाबूसराय और महराजगंज जैसे प्रमुख बाजार हैं। एनएचएआई की ओर से बारिश के पानी की निकासी के लिए हाईवे के दोनों तरफ नाले बनाए गए हैं। नालों को कई जगहों पर खुला छोड़ दिया गया है। हाईवे पर नाले कचरे से पट गए हैं। हर साल मानसून सीजन के पहले हाईवे प्राधिकरण को नालों की सफाई करानी होती है, लेकिन इस साल अब तक हाईवे के नालों की सफाई नहीं नहीं हो सकी है। सोमवार को street buzz News की  हाईवे के नालों की हकीकत की देखी। महराजगंज बाजार, बाबूसराय, औराई दक्षिणी लेन, माधोसिंह, अमवा, ओबीटी कंपनी के पास, गिराई उत्तरी व दक्षिणी लेन, जंगीगंज बाजार में हाईवे के नाले कचरे से पटे दिखे। दो दिन पहले हुई बारिश में गिराई और माधोसिंह के पास कचरे बाहर आ गए हैं और सर्विसलेन पर फैल गए हैं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। मौसम विभाग के अनुसार 20 जून के आसपास मानसून का आगमन हो जाता है।


शेषनाथ यादव, आरई, रखरखाव संस्था, एनएचएआई ने कहा कि बारिश के पहले हाईवे नालियों की सफाई के लिए टीम बना दी गई है। गोपीगंज के नाले को जोड़ दिया गया है। इससे काफी परेशानी होती है। गिराई और माधोसिंह के पास पंप लगाकर पानी निकाला जाता है। बारिश के पहले एनएचएआई की तैयारी लगभग पूरी है। जल्द ही नाले की सफाई करा दी जाएगी।
खबर का असर मंदिर प्रधान पुजारी बोले- थैंक्यू street buzz News


*नहर में छोड़ा गया पानी , सीतामढ़ी के प्राकृतिक जलाशय में भी पहुंचा*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मंदिर का निर्माण प्राकृतिक जलाशय के बीच में किया गया है। मंदिर प्रधान पुजारी राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि जलाशय सूखने की सूचना नहर विभाग को दी गई थी, जिसे street buzz News ने प्रमुखता से उठाया था। अब नहर में पानी छोड़े जाने से जलाशय फिर से भर गया है।
जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल श्री सीता समाहित स्थल मंदिर का प्राकृतिक जलाशय डीघ रजवाहा नहर के पानी से लबालब भर गया है। जलाशय में पानी भर जाने से मंदिर की सुंदरता और भव्यता बढ़ गई है, साथ ही जलीय जीव-जंतुओं को जीवनदान भी मिला है। गर्मी के कारण जलाशय पूरी तरह सूख गया था, जिससे मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों का जीवन संकट में था। पानी सूखने से मंदिर की दिव्यता और आकर्षण भी प्रभावित हो गया था।
Abhi Arora Strengthens Way Ahead Marketing’s Position in D2C and Finance Marketing Sectors

Digital Commerce News | 2026

The convergence of entrepreneurship and performance marketing has given rise to a new breed of agency founders. Among them is Abhi Arora, who started his eCommerce journey in 2017 at just 20 years old and now leads Way Ahead Marketing.

After eight years of experience navigating Shopify ecosystems and digital ad platforms, Arora established his agency to help other founders avoid the costly trial-and-error phase he once experienced.

A 360° Growth Model

Way Ahead Marketing offers a comprehensive service model including:

Shopify store setup and technical optimization

Meta Ads campaign management

Google Ads scaling strategies

Store management consultation

Data-driven performance tracking

The firm’s 360-degree framework is designed to align infrastructure, traffic acquisition, and conversion optimization under one strategy.

Supporting D2C, Forex, and Finance Brands

The agency has consulted numerous D2C brands and startups, helping them establish operational clarity and profitable advertising systems. Several clients have reportedly scaled to multi-million-dollar revenues through structured Meta campaign execution.

Beyond retail, Way Ahead Marketing has worked with forex trading prop firms and finance companies, assisting them in reaching targeted audiences through precision digital advertising.

As digital competition continues to intensify in 2026, Arora’s operator-to-agency journey underscores a growing industry trend: founders with real business experience are increasingly shaping the future of performance marketing.

दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
छत्तीसगढ़: बच्चों के सामने मां ने रची पिता की हत्या की साजिश, ले ली जान

कोरबा (छत्तीसगढ़): जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने पति की हत्या कर दी। आरोप है कि गैर व्यक्ति से मोबाइल पर बातचीत करने से मना करने पर पत्नी ने अपने ही पति को जहरीली दवा पिला दी। हैरानी की बात यह है कि महिला ने कीटनाशक दवा अपने बच्चों से ही मंगवाई थी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

पूरी खबर यहां पढ़ें https://news4u36.in/mobile-talk-dispute-wife-poisoned-husband-korba-crime-news/

दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बेहद गंभीर, 'अनगिनत पत्रकारों' को रोकने के लिए सिस्टम बनाने की मांग

Lucknow News: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने यूट्यूब (YouTube) के स्वतंत्र पत्रकारों पर हमला करने के आरोपितों को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है, लेकिन इसका उपयोग गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने की ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद रविवार को जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया गया और केंद्र सरकार से 'पत्रकारिता करने के लिए न्यूनतम मानदंड व शैक्षिक अर्हता तय करने' की मांग की गई।

'स्वयंभू' पत्रकारों की बाढ़: दिल्ली हाईकोर्ट

जेपीए की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से पत्रकारों को अवगत कराया गया। बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया के लिए एक नियामक ढांचे (regulatory framework) की आवश्यकता पर बल दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि 'आज मोबाइल फोन और माइक लेकर कोई भी खुद को 'रिपोर्टर' घोषित कर सकता है, भले ही उनके पास कोई पत्रकारिता प्रशिक्षण, नैतिक आधार या जवाबदेही न हो।' बिना औपचारिक प्रशिक्षण के लोग 'भ्रामक नैरेटिव' बनाने के लिए लोगों से आक्रामक तरीके से सवाल पूछते हैं।

कानून की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने विधायिका से एक ऐसा ढांचा तैयार करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए नैतिक मानकों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे। एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित पत्रकारों ने स्थानीय निवासियों को उकसाया, जिससे सामाजिक विभाजन और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर पीएम को भेजा जाएगा पत्र

जेपीए बैठक में निर्णय लिया गया कि  सामूहिक हस्ताक्षर का एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारिता के लिए 'न्यूनतम शैक्षिक अर्हता' और अधिमानी 'प्रशिक्षित अर्हता' निर्धारित की जाए। ताकि पत्रकारिता की नैतिकता व सम्मान बचा रह सके। शिवपुरी कालोनी कमता स्थित संगठन के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के 17 दिसंबर के वार्षिक अधिवेशन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेपीए चीफ विवेक प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडे, संगठन मंत्री राम लायक यादव, कार्यकारी संगठन मंत्री प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष सनी शाह, संरक्षक सदस्य संरक्षक सदस्य विवेक विश्व पांडे, उप प्रचार मंत्री सैयद फैजान उर्फ इकबाल, सह मीडिया प्रभारी सौरभ निगम, सदस्य रणजीत सिंह, संजय श्रीवास्तव, धनीष श्रीवास्तव, जिला सचिव फरहान इराकी समेत कई जर्नलिस्ट उपस्थित रहे।
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रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन माह की शुरुआत से पहले जिले के प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले कांवड़ मार्गों की हालत खस्ता है। सड़कों पर अनगिनत गड्ढे और बारिश के कारण जलभराव की स्थिति शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। Street Buzz News की टीम ने हाल ही में इन मार्गों का जायजा लिया, जिसमें प्रशासन के दावों के विपरीत सड़कों की खराब स्थिति सामने आई। सावन माह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसका पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। प्रयागराज के संगम से गंगाजल लेने के लिए कांवड़िया 1 और 2 अगस्त से ही रवाना होना शुरू कर देंगे। जिले के साथ-साथ जौनपुर से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त इन्हीं मार्गों का उपयोग करते हैं। प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों को सुरक्षित और गड्ढामुक्त बनाने के दावे किए गए हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है। जिले के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें और जलभराव की समस्या कांवड़ यात्रियों की यात्रा को कठिन बना सकती है। जिले के प्रमुख शिवालयों में ज्ञानपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज का बाबा बड़े शिव मंदिर, तिलंगा स्थित तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, चौरी का ओदारनाथ महादेव मंदिर और सेमराधनाथ धाम शामिल हैं।

इनमें से सेमराधनाथ धाम में सर्वाधिक संख्या में कांवड़िया पहुंचते हैं, लेकिन इस प्रमुख आस्था केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग की दशा में सुधार नहीं हो सका है। गोपीगंज नगर के पश्चिमी छोर से तिलंगा होते हुए तिलेश्वरनाथ मंदिर तक करीब छह किलोमीटर लंबा मार्ग है, जिसकी मरम्मत पिछले चार साल से नहीं हुई है। पैचिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है, जिससे इस मार्ग पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यदि अगले 10 से 12 दिनों के भीतर इन मार्गों की मरम्मत नहीं की गई, तो शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा के दौरान गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या बोले शिवभक्त

पिछले तीन साल से कांवड़ लेकर जाता हूं। 2025 में सेमराध मार्ग कुछ सही था, लेकिन इस बार कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। सावन में सेमराध में काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन को उक्त मार्ग को बनवाना चाहिए। - कमलेश यादव, पुरवा

शिवालय जाने वाले मार्गों को सही कराना चाहिए। सावन में प्रतिदिन कांवड़ियों के साथ स्थानीय भक्त भी दर्शन-पूजन के लिए मंदिर जाएंगे। सेमराध मार्ग को जल्द सही कराना चाहिए। - प्रिंस सिंह, सेमराध

अवैध कट होंगे बंद, दोनों लेन पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

जिले में आगामी कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि हाईवे की दक्षिणी लेन पर संपर्क मार्गों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके लिए स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा जहां-जहां शिविर लगते हैं, उनके संचालकों से भी बात कर ली गई है। इस दौरान एक लेन पर वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में उस लेन पर अतिरिक्त फोर्स लगाकर वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी और जगह-जगह बने कटों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। कांवड़ यात्रा के लिए अतिरिक्त फोर्स की मांग की है।

सेमराधनाथ मार्ग पीएमजीएसवाई का है। जलभराव वाले स्थानों पर पानी निकासी के निर्देश दिए गए हैं। सावन शुरू होने से पहले सड़क को सही करा लिया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन, लोक निर्माण

Why Investing in Land Builds Generational Wealth


Think about your parents or grandparents. How many families became financially stronger because they owned a good piece of land? Now think about how many families built generational wealth through day trading. The answer itself explains why real estate has remained one of India’s preferred long-term investments.

Land offers something unique.

- It is real.

- You can visit it.

- You can build on it.

- You can lease it.

- You can pass it to your children.

- It doesn’t disappear because of a market panic.

- It doesn’t stop existing because of a global news event.

- Its usefulness remains.

This is one reason why residential plots continue to attract families, professionals, and long-term investors alike.

Thinking Beyond Today

Some investments are driven by excitement. Others are driven by planning.

Real estate has traditionally appealed to people who think in decades rather than days. Whether your goal is to build your dream home, create an asset for your children, or diversify your investment portfolio, owning land in a growing city can become part of a balanced long-term strategy.

Ballari continues to attract attention because of its development, connectivity, and expanding residential demand. For buyers who wish to Buy Plots in Ballari, choosing a professionally developed project with verified documentation and thoughtful planning can make a meaningful difference.

As a growing Real Estate Company Ballari, YCoordinate Enterprises remains committed to helping customers make informed decisions through transparency, legal diligence, and quality plotted developments. The most successful investments are often made before they become obvious to everyone else.

The question isn’t simply whether Ballari will continue to develop. The more important question is whether you will recognise the opportunity while it is still emerging.

Why Residential Plots Near Ballari City Are in Demand

Today’s homebuyers seek convenience. Nobody wants to travel long distances every day for schools, hospitals, offices, or shopping. This is why Residential Plots near Ballari City continue to appeal to families looking for a balance between peaceful living and urban accessibility. As cities expand outward, well-planned residential developments often become part of future urban growth. Buying early allows families to participate in that journey rather than entering after prices have already adjusted.

If you are really interested in buying plots in ballari you can choose Bluejay Anandavana or Amruth Atharva according to your requirement.

बारिश में बजबजाएंगे कचरे के ढेर संक्रामक बीमारियों को देंगे न्योता

निकायों में जगह-जगह है कचरे का ढेर,निकाय प्रशासन बना अनजान


नितेश श्रीवास्तव



भदोही। निकाय क्षेत्र के डंप हुए कचरे बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों को न्योता देंगे। सातों निकायों में 15 जगहों पर कचरों का ढेर लगा है। बारिश होने के बाद ये कचरे बजबजाने लगेंगे और आसपास के लोगों के बीच बीमारियों को बढ़ाएंगे। सातों निकायों में साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करके एक-एक कूड़ा निस्तारण केंद्र (एमआरएफ) बनाया गया, लेकिन वहां कितना कचरा पहुंचता है। यह एक बड़ा सवाल है।

जिले के निकायों में जगह-जगह फैली गंदगी स्वच्छता मुहिम को मुंह चिढ़ा रही है। गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया, बुखार, टाइफाइड होता है। नौनिहालों में इन्फेक्शन होने का ज्यादा खतरा बना रहा है। आसपास के रहवासी अपने रूम के खिड़की नहीं खोलते हैं। जिले में भदोही व गोपीगंज पालिका और ज्ञानपुर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया, नई बाजार नगर पंचायत है। यहां कुल 128 वार्ड है। इन वार्डों से हर दिन करीब 30 से 35 टन कचरा निकलता है। बृहस्पतिवार को Street Buzz News की टीम ने निकायों में फैले कचरे की हकीकत देखने निकली। जहां सुरियावां के वार्ड संख्या 9 नेहरू नगर में फोरलेन सड़क से अंदर जाने वाली सड़क के किनारे कूड़ा कचरा का ढेर लगा है। जहां मवेशी पॉलिथीन खा रही है।

गल्ला मंडी, पुरानी बाजार, घोसिया के वार्ड संख्या छह कच्चा तालाब, वार्ड के कल्लितारा पर कूड़े का अंबार लगा है। नई बाजार के वार्ड नंबर आठ गुलौर, ज्ञानपुर के जिला पंचायत के पीछे, बालीपुर, गोपीगंज के खडहट्टी मोहाल, लिंक रोड, गणेश मंदिर, सुरियावां के ईओ नई बाजार के प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि हर वार्ड में डस्टबिन है। जहां कूड़े का ढेर है। भदोही के ईओ घोसिया के प्रभारी दयाशंकर वर्मा ने बताया कि सभी का निस्तारण किया जाएगा।
नाले में 14 जगहों पर कचरे का कब्जा


*मानसून में बचे 20 दिन,अब तक शुरू नहीं हुई नाले की सफाई, बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां जाम*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मानसून सीजन में 20 दिन बचे हैं। हाईवे के 46 किलोमीटर के दायरे में दोनों पटरियों पर 14 जगहों पर नाले जाम हैं। गिराई और माधोसिंह बाजार में नाला ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सर्विसलेन पर बह रहा है। बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां चोक हैं। गिराई के पास तो नाले का पानी बिजली उपकेंद्र में घुस जाता है।

नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अनुसार, राजातालाब-हंडिया खंड के 72 किलोमीटर हाईवे के 46 किमी दायरा भदोही की सीमा से होकर गुजरता है। हाईवे पर जंगीगंज, कौलापुर, गोपीगंज, घोसिया, औराई, बाबूसराय और महराजगंज जैसे प्रमुख बाजार हैं। एनएचएआई की ओर से बारिश के पानी की निकासी के लिए हाईवे के दोनों तरफ नाले बनाए गए हैं। नालों को कई जगहों पर खुला छोड़ दिया गया है। हाईवे पर नाले कचरे से पट गए हैं। हर साल मानसून सीजन के पहले हाईवे प्राधिकरण को नालों की सफाई करानी होती है, लेकिन इस साल अब तक हाईवे के नालों की सफाई नहीं नहीं हो सकी है। सोमवार को street buzz News की  हाईवे के नालों की हकीकत की देखी। महराजगंज बाजार, बाबूसराय, औराई दक्षिणी लेन, माधोसिंह, अमवा, ओबीटी कंपनी के पास, गिराई उत्तरी व दक्षिणी लेन, जंगीगंज बाजार में हाईवे के नाले कचरे से पटे दिखे। दो दिन पहले हुई बारिश में गिराई और माधोसिंह के पास कचरे बाहर आ गए हैं और सर्विसलेन पर फैल गए हैं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। मौसम विभाग के अनुसार 20 जून के आसपास मानसून का आगमन हो जाता है।


शेषनाथ यादव, आरई, रखरखाव संस्था, एनएचएआई ने कहा कि बारिश के पहले हाईवे नालियों की सफाई के लिए टीम बना दी गई है। गोपीगंज के नाले को जोड़ दिया गया है। इससे काफी परेशानी होती है। गिराई और माधोसिंह के पास पंप लगाकर पानी निकाला जाता है। बारिश के पहले एनएचएआई की तैयारी लगभग पूरी है। जल्द ही नाले की सफाई करा दी जाएगी।
खबर का असर मंदिर प्रधान पुजारी बोले- थैंक्यू street buzz News


*नहर में छोड़ा गया पानी , सीतामढ़ी के प्राकृतिक जलाशय में भी पहुंचा*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मंदिर का निर्माण प्राकृतिक जलाशय के बीच में किया गया है। मंदिर प्रधान पुजारी राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि जलाशय सूखने की सूचना नहर विभाग को दी गई थी, जिसे street buzz News ने प्रमुखता से उठाया था। अब नहर में पानी छोड़े जाने से जलाशय फिर से भर गया है।
जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल श्री सीता समाहित स्थल मंदिर का प्राकृतिक जलाशय डीघ रजवाहा नहर के पानी से लबालब भर गया है। जलाशय में पानी भर जाने से मंदिर की सुंदरता और भव्यता बढ़ गई है, साथ ही जलीय जीव-जंतुओं को जीवनदान भी मिला है। गर्मी के कारण जलाशय पूरी तरह सूख गया था, जिससे मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों का जीवन संकट में था। पानी सूखने से मंदिर की दिव्यता और आकर्षण भी प्रभावित हो गया था।
Abhi Arora Strengthens Way Ahead Marketing’s Position in D2C and Finance Marketing Sectors

Digital Commerce News | 2026

The convergence of entrepreneurship and performance marketing has given rise to a new breed of agency founders. Among them is Abhi Arora, who started his eCommerce journey in 2017 at just 20 years old and now leads Way Ahead Marketing.

After eight years of experience navigating Shopify ecosystems and digital ad platforms, Arora established his agency to help other founders avoid the costly trial-and-error phase he once experienced.

A 360° Growth Model

Way Ahead Marketing offers a comprehensive service model including:

Shopify store setup and technical optimization

Meta Ads campaign management

Google Ads scaling strategies

Store management consultation

Data-driven performance tracking

The firm’s 360-degree framework is designed to align infrastructure, traffic acquisition, and conversion optimization under one strategy.

Supporting D2C, Forex, and Finance Brands

The agency has consulted numerous D2C brands and startups, helping them establish operational clarity and profitable advertising systems. Several clients have reportedly scaled to multi-million-dollar revenues through structured Meta campaign execution.

Beyond retail, Way Ahead Marketing has worked with forex trading prop firms and finance companies, assisting them in reaching targeted audiences through precision digital advertising.

As digital competition continues to intensify in 2026, Arora’s operator-to-agency journey underscores a growing industry trend: founders with real business experience are increasingly shaping the future of performance marketing.

दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
छत्तीसगढ़: बच्चों के सामने मां ने रची पिता की हत्या की साजिश, ले ली जान

कोरबा (छत्तीसगढ़): जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने पति की हत्या कर दी। आरोप है कि गैर व्यक्ति से मोबाइल पर बातचीत करने से मना करने पर पत्नी ने अपने ही पति को जहरीली दवा पिला दी। हैरानी की बात यह है कि महिला ने कीटनाशक दवा अपने बच्चों से ही मंगवाई थी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

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