दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बेहद गंभीर, 'अनगिनत पत्रकारों' को रोकने के लिए सिस्टम बनाने की मांग

Lucknow News: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने यूट्यूब (YouTube) के स्वतंत्र पत्रकारों पर हमला करने के आरोपितों को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है, लेकिन इसका उपयोग गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने की ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद रविवार को जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया गया और केंद्र सरकार से 'पत्रकारिता करने के लिए न्यूनतम मानदंड व शैक्षिक अर्हता तय करने' की मांग की गई।

'स्वयंभू' पत्रकारों की बाढ़: दिल्ली हाईकोर्ट

जेपीए की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से पत्रकारों को अवगत कराया गया। बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया के लिए एक नियामक ढांचे (regulatory framework) की आवश्यकता पर बल दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि 'आज मोबाइल फोन और माइक लेकर कोई भी खुद को 'रिपोर्टर' घोषित कर सकता है, भले ही उनके पास कोई पत्रकारिता प्रशिक्षण, नैतिक आधार या जवाबदेही न हो।' बिना औपचारिक प्रशिक्षण के लोग 'भ्रामक नैरेटिव' बनाने के लिए लोगों से आक्रामक तरीके से सवाल पूछते हैं।

कानून की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने विधायिका से एक ऐसा ढांचा तैयार करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए नैतिक मानकों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे। एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित पत्रकारों ने स्थानीय निवासियों को उकसाया, जिससे सामाजिक विभाजन और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर पीएम को भेजा जाएगा पत्र

जेपीए बैठक में निर्णय लिया गया कि  सामूहिक हस्ताक्षर का एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारिता के लिए 'न्यूनतम शैक्षिक अर्हता' और अधिमानी 'प्रशिक्षित अर्हता' निर्धारित की जाए। ताकि पत्रकारिता की नैतिकता व सम्मान बचा रह सके। शिवपुरी कालोनी कमता स्थित संगठन के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के 17 दिसंबर के वार्षिक अधिवेशन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेपीए चीफ विवेक प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडे, संगठन मंत्री राम लायक यादव, कार्यकारी संगठन मंत्री प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष सनी शाह, संरक्षक सदस्य संरक्षक सदस्य विवेक विश्व पांडे, उप प्रचार मंत्री सैयद फैजान उर्फ इकबाल, सह मीडिया प्रभारी सौरभ निगम, सदस्य रणजीत सिंह, संजय श्रीवास्तव, धनीष श्रीवास्तव, जिला सचिव फरहान इराकी समेत कई जर्नलिस्ट उपस्थित रहे।
कांवड़ यात्रा से पहले सड़कों की हालत खराब: तीन प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले मार्गों पर अनगिनत गड्ढे

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन माह की शुरुआत से पहले जिले के प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले कांवड़ मार्गों की हालत खस्ता है। सड़कों पर अनगिनत गड्ढे और बारिश के कारण जलभराव की स्थिति शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। Street Buzz News की टीम ने हाल ही में इन मार्गों का जायजा लिया, जिसमें प्रशासन के दावों के विपरीत सड़कों की खराब स्थिति सामने आई। सावन माह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसका पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। प्रयागराज के संगम से गंगाजल लेने के लिए कांवड़िया 1 और 2 अगस्त से ही रवाना होना शुरू कर देंगे। जिले के साथ-साथ जौनपुर से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त इन्हीं मार्गों का उपयोग करते हैं। प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों को सुरक्षित और गड्ढामुक्त बनाने के दावे किए गए हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है। जिले के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें और जलभराव की समस्या कांवड़ यात्रियों की यात्रा को कठिन बना सकती है। जिले के प्रमुख शिवालयों में ज्ञानपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज का बाबा बड़े शिव मंदिर, तिलंगा स्थित तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, चौरी का ओदारनाथ महादेव मंदिर और सेमराधनाथ धाम शामिल हैं।

इनमें से सेमराधनाथ धाम में सर्वाधिक संख्या में कांवड़िया पहुंचते हैं, लेकिन इस प्रमुख आस्था केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग की दशा में सुधार नहीं हो सका है। गोपीगंज नगर के पश्चिमी छोर से तिलंगा होते हुए तिलेश्वरनाथ मंदिर तक करीब छह किलोमीटर लंबा मार्ग है, जिसकी मरम्मत पिछले चार साल से नहीं हुई है। पैचिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है, जिससे इस मार्ग पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यदि अगले 10 से 12 दिनों के भीतर इन मार्गों की मरम्मत नहीं की गई, तो शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा के दौरान गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या बोले शिवभक्त

पिछले तीन साल से कांवड़ लेकर जाता हूं। 2025 में सेमराध मार्ग कुछ सही था, लेकिन इस बार कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। सावन में सेमराध में काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन को उक्त मार्ग को बनवाना चाहिए। - कमलेश यादव, पुरवा

शिवालय जाने वाले मार्गों को सही कराना चाहिए। सावन में प्रतिदिन कांवड़ियों के साथ स्थानीय भक्त भी दर्शन-पूजन के लिए मंदिर जाएंगे। सेमराध मार्ग को जल्द सही कराना चाहिए। - प्रिंस सिंह, सेमराध

अवैध कट होंगे बंद, दोनों लेन पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

जिले में आगामी कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि हाईवे की दक्षिणी लेन पर संपर्क मार्गों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके लिए स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा जहां-जहां शिविर लगते हैं, उनके संचालकों से भी बात कर ली गई है। इस दौरान एक लेन पर वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में उस लेन पर अतिरिक्त फोर्स लगाकर वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी और जगह-जगह बने कटों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। कांवड़ यात्रा के लिए अतिरिक्त फोर्स की मांग की है।

सेमराधनाथ मार्ग पीएमजीएसवाई का है। जलभराव वाले स्थानों पर पानी निकासी के निर्देश दिए गए हैं। सावन शुरू होने से पहले सड़क को सही करा लिया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन, लोक निर्माण

Why Investing in Land Builds Generational Wealth


Think about your parents or grandparents. How many families became financially stronger because they owned a good piece of land? Now think about how many families built generational wealth through day trading. The answer itself explains why real estate has remained one of India’s preferred long-term investments.

Land offers something unique.

- It is real.

- You can visit it.

- You can build on it.

- You can lease it.

- You can pass it to your children.

- It doesn’t disappear because of a market panic.

- It doesn’t stop existing because of a global news event.

- Its usefulness remains.

This is one reason why residential plots continue to attract families, professionals, and long-term investors alike.

Thinking Beyond Today

Some investments are driven by excitement. Others are driven by planning.

Real estate has traditionally appealed to people who think in decades rather than days. Whether your goal is to build your dream home, create an asset for your children, or diversify your investment portfolio, owning land in a growing city can become part of a balanced long-term strategy.

Ballari continues to attract attention because of its development, connectivity, and expanding residential demand. For buyers who wish to Buy Plots in Ballari, choosing a professionally developed project with verified documentation and thoughtful planning can make a meaningful difference.

As a growing Real Estate Company Ballari, YCoordinate Enterprises remains committed to helping customers make informed decisions through transparency, legal diligence, and quality plotted developments. The most successful investments are often made before they become obvious to everyone else.

The question isn’t simply whether Ballari will continue to develop. The more important question is whether you will recognise the opportunity while it is still emerging.

Why Residential Plots Near Ballari City Are in Demand

Today’s homebuyers seek convenience. Nobody wants to travel long distances every day for schools, hospitals, offices, or shopping. This is why Residential Plots near Ballari City continue to appeal to families looking for a balance between peaceful living and urban accessibility. As cities expand outward, well-planned residential developments often become part of future urban growth. Buying early allows families to participate in that journey rather than entering after prices have already adjusted.

If you are really interested in buying plots in ballari you can choose Bluejay Anandavana or Amruth Atharva according to your requirement.

बारिश में बजबजाएंगे कचरे के ढेर संक्रामक बीमारियों को देंगे न्योता

निकायों में जगह-जगह है कचरे का ढेर,निकाय प्रशासन बना अनजान


नितेश श्रीवास्तव



भदोही। निकाय क्षेत्र के डंप हुए कचरे बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों को न्योता देंगे। सातों निकायों में 15 जगहों पर कचरों का ढेर लगा है। बारिश होने के बाद ये कचरे बजबजाने लगेंगे और आसपास के लोगों के बीच बीमारियों को बढ़ाएंगे। सातों निकायों में साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करके एक-एक कूड़ा निस्तारण केंद्र (एमआरएफ) बनाया गया, लेकिन वहां कितना कचरा पहुंचता है। यह एक बड़ा सवाल है।

जिले के निकायों में जगह-जगह फैली गंदगी स्वच्छता मुहिम को मुंह चिढ़ा रही है। गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया, बुखार, टाइफाइड होता है। नौनिहालों में इन्फेक्शन होने का ज्यादा खतरा बना रहा है। आसपास के रहवासी अपने रूम के खिड़की नहीं खोलते हैं। जिले में भदोही व गोपीगंज पालिका और ज्ञानपुर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया, नई बाजार नगर पंचायत है। यहां कुल 128 वार्ड है। इन वार्डों से हर दिन करीब 30 से 35 टन कचरा निकलता है। बृहस्पतिवार को Street Buzz News की टीम ने निकायों में फैले कचरे की हकीकत देखने निकली। जहां सुरियावां के वार्ड संख्या 9 नेहरू नगर में फोरलेन सड़क से अंदर जाने वाली सड़क के किनारे कूड़ा कचरा का ढेर लगा है। जहां मवेशी पॉलिथीन खा रही है।

गल्ला मंडी, पुरानी बाजार, घोसिया के वार्ड संख्या छह कच्चा तालाब, वार्ड के कल्लितारा पर कूड़े का अंबार लगा है। नई बाजार के वार्ड नंबर आठ गुलौर, ज्ञानपुर के जिला पंचायत के पीछे, बालीपुर, गोपीगंज के खडहट्टी मोहाल, लिंक रोड, गणेश मंदिर, सुरियावां के ईओ नई बाजार के प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि हर वार्ड में डस्टबिन है। जहां कूड़े का ढेर है। भदोही के ईओ घोसिया के प्रभारी दयाशंकर वर्मा ने बताया कि सभी का निस्तारण किया जाएगा।
नाले में 14 जगहों पर कचरे का कब्जा


*मानसून में बचे 20 दिन,अब तक शुरू नहीं हुई नाले की सफाई, बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां जाम*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मानसून सीजन में 20 दिन बचे हैं। हाईवे के 46 किलोमीटर के दायरे में दोनों पटरियों पर 14 जगहों पर नाले जाम हैं। गिराई और माधोसिंह बाजार में नाला ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सर्विसलेन पर बह रहा है। बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां चोक हैं। गिराई के पास तो नाले का पानी बिजली उपकेंद्र में घुस जाता है।

नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अनुसार, राजातालाब-हंडिया खंड के 72 किलोमीटर हाईवे के 46 किमी दायरा भदोही की सीमा से होकर गुजरता है। हाईवे पर जंगीगंज, कौलापुर, गोपीगंज, घोसिया, औराई, बाबूसराय और महराजगंज जैसे प्रमुख बाजार हैं। एनएचएआई की ओर से बारिश के पानी की निकासी के लिए हाईवे के दोनों तरफ नाले बनाए गए हैं। नालों को कई जगहों पर खुला छोड़ दिया गया है। हाईवे पर नाले कचरे से पट गए हैं। हर साल मानसून सीजन के पहले हाईवे प्राधिकरण को नालों की सफाई करानी होती है, लेकिन इस साल अब तक हाईवे के नालों की सफाई नहीं नहीं हो सकी है। सोमवार को street buzz News की  हाईवे के नालों की हकीकत की देखी। महराजगंज बाजार, बाबूसराय, औराई दक्षिणी लेन, माधोसिंह, अमवा, ओबीटी कंपनी के पास, गिराई उत्तरी व दक्षिणी लेन, जंगीगंज बाजार में हाईवे के नाले कचरे से पटे दिखे। दो दिन पहले हुई बारिश में गिराई और माधोसिंह के पास कचरे बाहर आ गए हैं और सर्विसलेन पर फैल गए हैं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। मौसम विभाग के अनुसार 20 जून के आसपास मानसून का आगमन हो जाता है।


शेषनाथ यादव, आरई, रखरखाव संस्था, एनएचएआई ने कहा कि बारिश के पहले हाईवे नालियों की सफाई के लिए टीम बना दी गई है। गोपीगंज के नाले को जोड़ दिया गया है। इससे काफी परेशानी होती है। गिराई और माधोसिंह के पास पंप लगाकर पानी निकाला जाता है। बारिश के पहले एनएचएआई की तैयारी लगभग पूरी है। जल्द ही नाले की सफाई करा दी जाएगी।
दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बेहद गंभीर, 'अनगिनत पत्रकारों' को रोकने के लिए सिस्टम बनाने की मांग

Lucknow News: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने यूट्यूब (YouTube) के स्वतंत्र पत्रकारों पर हमला करने के आरोपितों को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है, लेकिन इसका उपयोग गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने की ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद रविवार को जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया गया और केंद्र सरकार से 'पत्रकारिता करने के लिए न्यूनतम मानदंड व शैक्षिक अर्हता तय करने' की मांग की गई।

'स्वयंभू' पत्रकारों की बाढ़: दिल्ली हाईकोर्ट

जेपीए की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से पत्रकारों को अवगत कराया गया। बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया के लिए एक नियामक ढांचे (regulatory framework) की आवश्यकता पर बल दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि 'आज मोबाइल फोन और माइक लेकर कोई भी खुद को 'रिपोर्टर' घोषित कर सकता है, भले ही उनके पास कोई पत्रकारिता प्रशिक्षण, नैतिक आधार या जवाबदेही न हो।' बिना औपचारिक प्रशिक्षण के लोग 'भ्रामक नैरेटिव' बनाने के लिए लोगों से आक्रामक तरीके से सवाल पूछते हैं।

कानून की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने विधायिका से एक ऐसा ढांचा तैयार करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए नैतिक मानकों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे। एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित पत्रकारों ने स्थानीय निवासियों को उकसाया, जिससे सामाजिक विभाजन और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर पीएम को भेजा जाएगा पत्र

जेपीए बैठक में निर्णय लिया गया कि  सामूहिक हस्ताक्षर का एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारिता के लिए 'न्यूनतम शैक्षिक अर्हता' और अधिमानी 'प्रशिक्षित अर्हता' निर्धारित की जाए। ताकि पत्रकारिता की नैतिकता व सम्मान बचा रह सके। शिवपुरी कालोनी कमता स्थित संगठन के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के 17 दिसंबर के वार्षिक अधिवेशन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेपीए चीफ विवेक प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडे, संगठन मंत्री राम लायक यादव, कार्यकारी संगठन मंत्री प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष सनी शाह, संरक्षक सदस्य संरक्षक सदस्य विवेक विश्व पांडे, उप प्रचार मंत्री सैयद फैजान उर्फ इकबाल, सह मीडिया प्रभारी सौरभ निगम, सदस्य रणजीत सिंह, संजय श्रीवास्तव, धनीष श्रीवास्तव, जिला सचिव फरहान इराकी समेत कई जर्नलिस्ट उपस्थित रहे।
कांवड़ यात्रा से पहले सड़कों की हालत खराब: तीन प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले मार्गों पर अनगिनत गड्ढे

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन माह की शुरुआत से पहले जिले के प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले कांवड़ मार्गों की हालत खस्ता है। सड़कों पर अनगिनत गड्ढे और बारिश के कारण जलभराव की स्थिति शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। Street Buzz News की टीम ने हाल ही में इन मार्गों का जायजा लिया, जिसमें प्रशासन के दावों के विपरीत सड़कों की खराब स्थिति सामने आई। सावन माह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसका पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। प्रयागराज के संगम से गंगाजल लेने के लिए कांवड़िया 1 और 2 अगस्त से ही रवाना होना शुरू कर देंगे। जिले के साथ-साथ जौनपुर से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त इन्हीं मार्गों का उपयोग करते हैं। प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों को सुरक्षित और गड्ढामुक्त बनाने के दावे किए गए हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है। जिले के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें और जलभराव की समस्या कांवड़ यात्रियों की यात्रा को कठिन बना सकती है। जिले के प्रमुख शिवालयों में ज्ञानपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज का बाबा बड़े शिव मंदिर, तिलंगा स्थित तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, चौरी का ओदारनाथ महादेव मंदिर और सेमराधनाथ धाम शामिल हैं।

इनमें से सेमराधनाथ धाम में सर्वाधिक संख्या में कांवड़िया पहुंचते हैं, लेकिन इस प्रमुख आस्था केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग की दशा में सुधार नहीं हो सका है। गोपीगंज नगर के पश्चिमी छोर से तिलंगा होते हुए तिलेश्वरनाथ मंदिर तक करीब छह किलोमीटर लंबा मार्ग है, जिसकी मरम्मत पिछले चार साल से नहीं हुई है। पैचिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है, जिससे इस मार्ग पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यदि अगले 10 से 12 दिनों के भीतर इन मार्गों की मरम्मत नहीं की गई, तो शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा के दौरान गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या बोले शिवभक्त

पिछले तीन साल से कांवड़ लेकर जाता हूं। 2025 में सेमराध मार्ग कुछ सही था, लेकिन इस बार कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। सावन में सेमराध में काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन को उक्त मार्ग को बनवाना चाहिए। - कमलेश यादव, पुरवा

शिवालय जाने वाले मार्गों को सही कराना चाहिए। सावन में प्रतिदिन कांवड़ियों के साथ स्थानीय भक्त भी दर्शन-पूजन के लिए मंदिर जाएंगे। सेमराध मार्ग को जल्द सही कराना चाहिए। - प्रिंस सिंह, सेमराध

अवैध कट होंगे बंद, दोनों लेन पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

जिले में आगामी कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि हाईवे की दक्षिणी लेन पर संपर्क मार्गों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके लिए स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा जहां-जहां शिविर लगते हैं, उनके संचालकों से भी बात कर ली गई है। इस दौरान एक लेन पर वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में उस लेन पर अतिरिक्त फोर्स लगाकर वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी और जगह-जगह बने कटों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। कांवड़ यात्रा के लिए अतिरिक्त फोर्स की मांग की है।

सेमराधनाथ मार्ग पीएमजीएसवाई का है। जलभराव वाले स्थानों पर पानी निकासी के निर्देश दिए गए हैं। सावन शुरू होने से पहले सड़क को सही करा लिया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन, लोक निर्माण

Why Investing in Land Builds Generational Wealth


Think about your parents or grandparents. How many families became financially stronger because they owned a good piece of land? Now think about how many families built generational wealth through day trading. The answer itself explains why real estate has remained one of India’s preferred long-term investments.

Land offers something unique.

- It is real.

- You can visit it.

- You can build on it.

- You can lease it.

- You can pass it to your children.

- It doesn’t disappear because of a market panic.

- It doesn’t stop existing because of a global news event.

- Its usefulness remains.

This is one reason why residential plots continue to attract families, professionals, and long-term investors alike.

Thinking Beyond Today

Some investments are driven by excitement. Others are driven by planning.

Real estate has traditionally appealed to people who think in decades rather than days. Whether your goal is to build your dream home, create an asset for your children, or diversify your investment portfolio, owning land in a growing city can become part of a balanced long-term strategy.

Ballari continues to attract attention because of its development, connectivity, and expanding residential demand. For buyers who wish to Buy Plots in Ballari, choosing a professionally developed project with verified documentation and thoughtful planning can make a meaningful difference.

As a growing Real Estate Company Ballari, YCoordinate Enterprises remains committed to helping customers make informed decisions through transparency, legal diligence, and quality plotted developments. The most successful investments are often made before they become obvious to everyone else.

The question isn’t simply whether Ballari will continue to develop. The more important question is whether you will recognise the opportunity while it is still emerging.

Why Residential Plots Near Ballari City Are in Demand

Today’s homebuyers seek convenience. Nobody wants to travel long distances every day for schools, hospitals, offices, or shopping. This is why Residential Plots near Ballari City continue to appeal to families looking for a balance between peaceful living and urban accessibility. As cities expand outward, well-planned residential developments often become part of future urban growth. Buying early allows families to participate in that journey rather than entering after prices have already adjusted.

If you are really interested in buying plots in ballari you can choose Bluejay Anandavana or Amruth Atharva according to your requirement.

बारिश में बजबजाएंगे कचरे के ढेर संक्रामक बीमारियों को देंगे न्योता

निकायों में जगह-जगह है कचरे का ढेर,निकाय प्रशासन बना अनजान


नितेश श्रीवास्तव



भदोही। निकाय क्षेत्र के डंप हुए कचरे बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों को न्योता देंगे। सातों निकायों में 15 जगहों पर कचरों का ढेर लगा है। बारिश होने के बाद ये कचरे बजबजाने लगेंगे और आसपास के लोगों के बीच बीमारियों को बढ़ाएंगे। सातों निकायों में साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करके एक-एक कूड़ा निस्तारण केंद्र (एमआरएफ) बनाया गया, लेकिन वहां कितना कचरा पहुंचता है। यह एक बड़ा सवाल है।

जिले के निकायों में जगह-जगह फैली गंदगी स्वच्छता मुहिम को मुंह चिढ़ा रही है। गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया, बुखार, टाइफाइड होता है। नौनिहालों में इन्फेक्शन होने का ज्यादा खतरा बना रहा है। आसपास के रहवासी अपने रूम के खिड़की नहीं खोलते हैं। जिले में भदोही व गोपीगंज पालिका और ज्ञानपुर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया, नई बाजार नगर पंचायत है। यहां कुल 128 वार्ड है। इन वार्डों से हर दिन करीब 30 से 35 टन कचरा निकलता है। बृहस्पतिवार को Street Buzz News की टीम ने निकायों में फैले कचरे की हकीकत देखने निकली। जहां सुरियावां के वार्ड संख्या 9 नेहरू नगर में फोरलेन सड़क से अंदर जाने वाली सड़क के किनारे कूड़ा कचरा का ढेर लगा है। जहां मवेशी पॉलिथीन खा रही है।

गल्ला मंडी, पुरानी बाजार, घोसिया के वार्ड संख्या छह कच्चा तालाब, वार्ड के कल्लितारा पर कूड़े का अंबार लगा है। नई बाजार के वार्ड नंबर आठ गुलौर, ज्ञानपुर के जिला पंचायत के पीछे, बालीपुर, गोपीगंज के खडहट्टी मोहाल, लिंक रोड, गणेश मंदिर, सुरियावां के ईओ नई बाजार के प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि हर वार्ड में डस्टबिन है। जहां कूड़े का ढेर है। भदोही के ईओ घोसिया के प्रभारी दयाशंकर वर्मा ने बताया कि सभी का निस्तारण किया जाएगा।
नाले में 14 जगहों पर कचरे का कब्जा


*मानसून में बचे 20 दिन,अब तक शुरू नहीं हुई नाले की सफाई, बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां जाम*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मानसून सीजन में 20 दिन बचे हैं। हाईवे के 46 किलोमीटर के दायरे में दोनों पटरियों पर 14 जगहों पर नाले जाम हैं। गिराई और माधोसिंह बाजार में नाला ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सर्विसलेन पर बह रहा है। बाजार और आबादी वाले इलाकों में नालियां चोक हैं। गिराई के पास तो नाले का पानी बिजली उपकेंद्र में घुस जाता है।

नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अनुसार, राजातालाब-हंडिया खंड के 72 किलोमीटर हाईवे के 46 किमी दायरा भदोही की सीमा से होकर गुजरता है। हाईवे पर जंगीगंज, कौलापुर, गोपीगंज, घोसिया, औराई, बाबूसराय और महराजगंज जैसे प्रमुख बाजार हैं। एनएचएआई की ओर से बारिश के पानी की निकासी के लिए हाईवे के दोनों तरफ नाले बनाए गए हैं। नालों को कई जगहों पर खुला छोड़ दिया गया है। हाईवे पर नाले कचरे से पट गए हैं। हर साल मानसून सीजन के पहले हाईवे प्राधिकरण को नालों की सफाई करानी होती है, लेकिन इस साल अब तक हाईवे के नालों की सफाई नहीं नहीं हो सकी है। सोमवार को street buzz News की  हाईवे के नालों की हकीकत की देखी। महराजगंज बाजार, बाबूसराय, औराई दक्षिणी लेन, माधोसिंह, अमवा, ओबीटी कंपनी के पास, गिराई उत्तरी व दक्षिणी लेन, जंगीगंज बाजार में हाईवे के नाले कचरे से पटे दिखे। दो दिन पहले हुई बारिश में गिराई और माधोसिंह के पास कचरे बाहर आ गए हैं और सर्विसलेन पर फैल गए हैं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। मौसम विभाग के अनुसार 20 जून के आसपास मानसून का आगमन हो जाता है।


शेषनाथ यादव, आरई, रखरखाव संस्था, एनएचएआई ने कहा कि बारिश के पहले हाईवे नालियों की सफाई के लिए टीम बना दी गई है। गोपीगंज के नाले को जोड़ दिया गया है। इससे काफी परेशानी होती है। गिराई और माधोसिंह के पास पंप लगाकर पानी निकाला जाता है। बारिश के पहले एनएचएआई की तैयारी लगभग पूरी है। जल्द ही नाले की सफाई करा दी जाएगी।