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Feb 10 2024, 10:02

संसद में आज राम मंदिर पर पेश होगा धन्यवाद प्रस्ताव, भाजपा ने सांसदों को जारी किया व्हिप

#motion_of_thanks_on_ram_mandir_in_both_houses_of_parliament

संसद के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन आज यानी शनिवार को लोकसभा में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर चर्चा होगी। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यपाल सिंह ऐतिहासिक श्री राम मंदिर के निर्माण और श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर चर्चा की शुरुआत करेंगे।राज्यसभा में भी राम मंदिर और रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर ही चर्चा की जाएगी. इस बाबत भाजपा ने शुक्रवार को तीन लाइन का व्हिप जारी किया, जिसमें अपने सांसदों को शनिवार को दोनों सदनों में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

राम मंदिर पर धन्यवाद का थीम एक भारत, श्रेष्ठ भारत रखी गई है। राम मंदिर पर जो प्रस्ताव लाया जाएगा उसमें मंदिर निर्माण के लिए पीएम का अभिनंदन होगा। इसके साथ ही प्रस्ताव में राम मंदिर को भारत, भारतीयता, श्रेष्ठ भारत और प्राचीन संस्कृति का प्रतीक बताया जाएगा।

भाजपा ने सांसदों को व्हिप जारी किया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा में अपने सांसदों को व्हिप जारी किया। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले संसद के इस सत्र का अंतिम दिन होने के कारण सरकार के एजेंडे को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया।

चर्चा में पीएम मोदी भी होंगे शामिल

22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। बीजेपी ने अपने एजेंडे में किये गये इस बड़े वादे को पूरा किया है। ये बजट सत्र का ही आखिरी दिन नहीं है, बल्कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसद सत्र का भी आखिरी दिन है। इसलिए पीएम मोदी की स्पीच के साथ इसे यादगार बनाने की योजना बनाई गई है। आज अपने दूसरे कार्यकाल में संसद के आखिरी सत्र में पीएम मोदी आखिरी भाषण में भगवान राम के नाम का उदघोष करेंगे।

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Feb 05 2024, 18:51

पीएम मोदी का बड़ा दावा, बोले- तीसरा कार्यकाल दूर नहीं, अगले हजार साल के विकसित भारत की नींव रखूंगा

#parliamentsessionpmnarendramodionmotionofthanksonpresident_address 

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने एक तरफ तो आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कई बड़े दावे किए, वहीं, उन्होनें विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, संसद के इस नए भवन में जब राष्ट्रपति हमें संबोधित करने आई और जिस गौरव और सम्मान के साथ सेंगोल और पूरे जुलूस का नेतृत्व किया, हम सब उनके पीछे-पीछे चल रहे थे। नए सदन में ये नई परंपरा भारत के आजादी के उस पवित्र पल का प्रतिबिंब जब साक्षी बनता है तो लोकतंत्र की गरिमा कई गुना ऊपर चली जाती है।

कांग्रेस पर कहावत सुनाकर कसा तंज

प्रधानमंत्री ने आगे विपक्ष पर करारा हमला बोला।पीएम मोदी ने कहावत सुनाकर किया कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कहा, 'नौ दिन चले, ढाई कोस...ये कहावत पूरी तरह कांग्रेस को परिभाषित करती है। कांग्रेस की सुस्त रफ्तार का कोई मुकाबला नहीं है। आज देश में जिस रफ्तार के साथ काम हो रहा है, कांग्रेस सरकार इस रफ्तार की कल्पना भी नहीं कर सकती। हमने गरीबों के लिए चार करोड़ घर बनाए इसमें से 80 लाख पक्के मकान शहरी गरीबों के लिए बने। अगर कांग्रेस की रफ्तार से काम हुआ होता तो इतना काम होने में 100 साल लगते, 100 पीढ़ियां बीत जातीं। उन्होंने कहा, '10 वर्ष में 40 हजार किलोमीटर रेलने ट्रैक का विद्युतीकरण हुआ है। अगर कांग्रेस की रफ्तार से देश चलता तो इस काम को करने में 80 साल लग जाते। उन्होंने कहा, हमने 17 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन दिए हैं, अगर कांग्रेस की रफ्तार से चलते तो इस काम को करने में और 60 साल लग जाते हैं। तीन पीढ़ियां धुएं में खाना बनाने-बनाते गुजर जाती। कांग्रेस की जो मानसिकता है, जिसका देश को बहुत नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने देश के सामर्थ्य पर कभी भरोसा नहीं किया, वो अपने आप को शासक मानते रहे और जनता-जनार्दन को कमतर आंकते गए। 

विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा - पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे। मैंने हमेशा कहा है कि देश को एक अच्छे विपक्ष की जरूरत है। मैं देख रहा हूं कि से बहुत लोग चुनाव लड़ने का हौसला भी खो चुके हैं। मैंने सुना है बहुत लोग सीट बदलने की फिराक में हैं। बहुत लोग लोकसभा के बदले अब राज्य सभा में जाना चाहते हैं। वे विपक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे। मैंने हमेशा कहा है कि देश को एक अच्छे विपक्ष की जरूरत है।

गठबंधन पर किया करार प्रहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कांग्रेस ने देश के सामर्थ्य पर कभी विश्वास नहीं किया। वे अपने आप को शासक मानते रहे और जनता को कमतर आंकते रहे। उन्होंने कहा, कांग्रेस का विश्वास सिर्फ एक परिवार पर ही रहा है, एक परिवार के आगे वे न कुछ सोच सकते हैं और न देख सकते हैं। कुछ दिन पहले भानुमति का कुनबा जोड़ा लेकिन फिर एकला चलो रे करने लग गए। अलायंस का ही अलाइनमेंट बिगड़ गया। 

विपक्ष के संकल्प की सराहना करता हूं- पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि मैं विशेष रूप से विपक्ष ने जो संकल्प लिया है, उसकी सराहना करता हूं। उनके भाषण के एक-एक बात से मेरा और देश का विश्वास पक्का हो गया है कि इन्होंने लंबे अरसे तक वहां रहने का संकल्प ले लिया है। आप कई दशक तक जैसे यहां (सत्ता में) बैठे थे, वैसे ही कई दशक वहां (विपक्ष) बैठने का आपका संकल्प ले लिया है। जनता-जनार्दन तो ईश्वर का रूप होती है।जनता-जनार्दन आपको जरूर आशीर्वाद देगी।पीएम मोदी ने आगे कहा, "मैं देख रहा हूं कि आपमें से बहुत से लोग चुनाव लड़ने का हौंसला भी खो चुके हैं। मैंने सुना है कि बहुत सारे लोगों ने पिछली बार भी सीट बदली थी, इस बार भी सीट बदलने की फिराक में हैं। मैंने सुना बहुत सारे लोग लोकसभा से राज्यसभा में जाने वाले हैं। स्थितियों का आकलन करके वे अपना रास्ता ढूंढ रहे हैं।

बताया तीसरे टर्म का बताया प्लान

पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन में कहा कि तीसरे टर्म में हम भारत को समृद्ध और सिद्धि के शिखर पर देखना चाहते हैं, पहले टर्म में हमने कांग्रेस के गड्ढे भरे, दूसरे में विकसित भारत की नींव रखी। हमारा तीसरा कार्यकालअगले 1000 वर्षों के लिए देश को मजबूत करने का काम करेगा। मुझे भारत के 140 करोड़ लोगों के सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है।

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Aug 10 2023, 18:14

लोकसभा में बोले पीएम मोदी-2024 के चुनावों में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे, अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ

#noconfidencemotionpmmodislamscongress

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज (गुरुवार) आखिरी दिन है।विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री ने दिया।इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्ष दलों पर जमकर हमला किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए और भाजपा 2024 के चुनाव में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जनता के आशीर्वाद से वापस आएगी।

2024 के चुनावों में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे-पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘एक तरह से, विपक्ष का अविश्वास हमारे लिए हमेशा भाग्यशाली रहा है। आज, मैं देख सकता हूं कि आपने (विपक्ष) ने फैसला किया है कि एनडीए और भाजपा 2024 के चुनावों में शानदार जीत के साथ वापस आएंगे, लोगों के आशीर्वाद के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे।पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भगवान बहुत दयालु हैं और किसी माध्यम से बोलते हैं… मेरा मानना है कि यह भगवान का आशीर्वाद है कि विपक्ष ने यह प्रस्ताव लाया है। 

अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ-पीएम मोदी

मैंने 2018 में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कहा था कि यह हमारे लिए कोई शक्ति परीक्षण नहीं है, बल्कि उनके लिए है और परिणामस्वरूप वे चुनाव हार गए। उन्होंने आगे कहा कि जब मतदान हुआ, तो विपक्ष के पास जितने वोट थे, उतने वोट भी वो जमा नहीं कर पाए थे। इतना ही नहीं, जब हम सब जनता के पास गए तो जनता ने भी पूरी ताकत के साथ इनके लिए नो-कॉन्फिडेंस घोषित कर दिया और चुनाव में एनडीए को भी ज्यादा सीटें मिलीं और भाजपा को भी ज्यादा सीटें मिलीं। यानी एक तरह से लोकसभा में कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ है।

विपक्ष के लिए देश से बड़ा दल है-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने संबोधन में कहा कि कई ऐसे बिल थे जो गांव, गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी के लिए थे, उनके कल्याण, भविष्य के साथ जुड़े हुए थे। पीएम मोदी ने संसद में हो रहे हंगामें को लेकर कहा, डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन बिल अपने आप में य़ुवाओं के जज्बे से जुड़ा हुआ था। ऐसे में इस पर गंभीर चर्चा की जरूरत थी, लेकिन राजनीति आपके लिए प्राथमिकता थी। उनको (विपक्ष) इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के आचरण, व्यवहार से सिद्ध हुआ है कि उनके लिए देश से अधिक दल है, देश से बड़ा दल है, देश से पहले प्राथमिकता दल की है। मैं समझता हूं कि गरीब की भूख की चिंता नहीं है, आपको सत्ता की भूख सवार है।

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Aug 09 2023, 13:35

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा प्रहार, कहा- आपने मणिपुर में भारत माता की हत्या की

#noconfidencemotiondebaterahulgandhispeech 

केन्द्र की मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। सरकार के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा में भाग लिया। राहुल गांधी ने कहा, स्पीकर महोदय मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं। मैंने पिछली बार अडानी के मुद्दे पर जोर से बोला था। उससे सीनियर नेता को कष्ट हुआ। लेकिन आपको अब डरने की जरूरत नहीं है। कोई घबराने की जरूरत नहीं है। आज मैं अडानी पर नहीं बोलने जा रहा है। बीजेपी की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 'आप लोग डरें नहीं, रिलेक्स रहें।

कांग्रेस सांसद ने बोलना जारी रखते हुए कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान बहुत सारे लोगों ने बोला तुम क्यों चल रहे हो? शुरुआत में मेरे मुंह से जवाब नहीं निकलता था। शायद मुझे ही नहीं मालूम था कि मैंने ये यात्रा क्यों शुरू की थी। जब मैंने कन्याकुमारी से यात्रा शुरू की मैं सोच रहा था मैं लोगों के बीच जाना चाहता हूं, लोगों को समझना चाहता हूं, पर मुझे स्पष्ट मालूम नहीं था मैं क्या चाहता हूं। पर कुछ दिनों में मुझे समझ में आने लगा कि जिस चीज से मुझे प्यार था, जिस चीज के लिए मैं करने के लिए तैयार हूं, जिस चीज के लिए मैं मोदी जी के जेल जाने के लिए तैयार हूं, उस चीज को मैं समझना चाहता हूं। राहुल ने कहा, "जब मैंने यात्रा शुरू की थी दो तीन दिन में मेरे घुटने में दर्द शुरू हो गया। हर कदम में दर्द। पहले दो तीन दिनों में जो अहंकार था, भेड़िया जो निकला था वो चींटी बन गया।"

हमें अहंकार, नफरत को मिटाना पड़ेगा-राहुल गांधी

राहुल ने कहा कि कोई कहता है यह देश अलग जमीन है, अलग मिट्टी, धर्म है, सोना है, चांदी है, मगर सच्चाई यह है कि यह देश सिर्फ एक आवाज है। अगर हमें इस आवाज को सुनना है तो हमारे दिल में जो अहंकार है, जो सपने हैं, उन्हें हमें परे करना होगा। तब हमें हिंदुस्तान की आवाज सुनाई देगी। अब आप कहेंगे कि यह बात मैंने अविश्वास प्रस्ताव में क्यों रखी? भारत इस देश के सब लोगों की आवाज है। हमें अहंकार, नफरत को मिटाना पड़ेगा। 

आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की-राहुल गांधी

राहुल ने कहा, जैसे मैंने भाषण की शुरुआत में बोला भारत एक आवाज है। भारत हमारी जनता की आवाज है। दिल की आवाज है। उस आवाज की हत्या आपने मणिपुर में की। इसका मतलब आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की। राहुल ने कहा, कुछ दिन पहले मणिपुर गया। लेकिन हमारे पीएम नहीं गए। क्योंकि उनके लिए मणिपुर भारत नहीं है। मणिपुर की सच्चाई है कि मणिपुर नहीं बचा है। मैं राहत शिविरों में गया हूं, मैंने वहां महिलाओं से बात की। मणिपुर को आपने तोड़ दिया है।

बीजेपी की राजनीति ने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या-राहुल गांधी

इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोका और कहा कि उन्हें आदर से बात करनी चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपनी मां की हत्या की बात कर रहा हूं। मैं आदर से बोल रहा हूं। मेरी एक मां यहां बैठी है। दूसरी मां को मणिपुर में मारा है।हिंदुस्तान की सेना चाहे तो मणिपुर में एक दिन में शांति बहाल कर सकती है। सरकार मणिपुर में शांति नहीं चाहती है। मोदी देश की आवाज नहीं सुनते। बीजेपी की राजनीति ने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है। तुम देशद्रोही हो, राष्ट्रद्रोही हो, आपने भारत माता की हत्या की है। आप भारत माता के रखवाले नहीं हो, भारत माता के हत्यारे हो।

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Aug 09 2023, 12:26

राहुल गांधी ने आखिरी समय में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की रणनीति क्यों बदली

#WhyRahulGandhichangethestrategyspeakingonnoconfidencemotion

2024 के लोकसभा चुनाव में अभी वक्त बचा है। हालांकि इससे पहले मंच तैयार किए जाने लगे हैं। इस मानसून सत्र को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक बड़ा मंच मान लिया है। अभी एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि विपक्ष का सेमीफाइनल का मन था और दिल्ली सेवा बिल पर राज्यसभा में हुई वोटिंग एक तरह से सेमीफाइनल था। जिसके नतीजा सबके सामने है। इसी क्रम में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर लोकसभा चुनाव 2024 की लड़ाई को और आक्रामक रूप दे दिया है। जिसके एक खास रणनीति के तरह खेला जा रहा है। मंगलवार को राहुल गांधी का मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की ओर से चर्चा शुरू नहीं करना कांग्रेस की इसी रणनीति का हिस्सा है।

नॉर्थ ईस्ट के लिए बड़ा संदेश दे गई कांग्रेस

दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा की सदस्यता बहाली के बाद मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की ओर से चर्चा शुरू करने वाले थे। हालांकि आखिरी समय में इसे बदल दिया गया। लोकसभा की कार्रवाई शुरू होने से ऐन पहले कांग्रेस में इसके लिए तैयारी भी पूरी थी। लोकसभा स्पीकर को नोटिस भी जारी कर दिया गया था। ट्विटर हैंडल से बाकायदा बताया गया था कि राहुल गांधी आज सदन में बोलेंगे। यू-ट्यूब पर भाषण का लिंक शेयर किया गया, लेकिन राहुल गांधी नहीं बोले। जैसे ही चर्चा शुरू होने वाली थी तभी कांग्रेस ने गौरव गोगोई को आगे कर दिया। कांग्रेस ने इसे अपनी रणनीति पर बताया। राहुल गांधी के एक फैसले ने सरकार की पूरी रणनीति फेल कर दी और नॉर्थ ईस्ट के लिए भी एक बड़ा संदेश दे दिया।

कांग्रेस की ओर से गोगोई ने यूं संभाला मोर्चा

मणिपुर के मसले पर होने वाली चर्चा की शुरुआत कांग्रेस की ओर से नॉर्थ ईस्ट से आने वाले एक सांसद ने की। कांग्रेस के युवा सांसद गौरव गोगोई असम से आते हैं। कांग्रेस यह संदेश देने में सफल होती दिखी कि उन्होंने पूर्वोत्तर की आवाज़ को उठाया है। गौरव गोगोई ने भी अपने भाषण में गृह मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक पर निशाना साधा, यहां तक कि उनके निशाने पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी आए। गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन पर सवाल उठाए और तीन मुख्य बिंदुओं के जरिए मणिपुर मसले पर सरकार की विफलता गिनाई।

राहुल बनाम मोदी की सीधी लड़ाई दिखाने की कोशिश

राहुल गांधी अगर शुरुआत में बोलते तब उसके बाद विपक्ष और सरकार के अन्य सांसदों का भाषण होता, लेकिन सरकार के बड़े मंत्रियों और खुद प्रधानमंत्री का भाषण आखिर में ही होता. ऐसे में इस बड़े गैप को भरने के लिए और राहुल बनाम मोदी की सीधी लड़ाई दिखाने के लिए कांग्रेस ने इसी रणनीति को आगे बढ़ाया।

राहुल गांधी के भाषण ना देने पर बीजेपी की आपत्ति

मोदी सरकार के खिलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जब राहुल गांधी ने मंगलवार को भाषण नहीं दिया तो उस पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर एक पत्र दिया, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी बोलेंगे, बहस दोपहर में शुरू हुई, मुझे आश्चर्य है कि पाँच मिनट में ऐसी क्या समस्या आ गई कि उन्होंने भाषण ना देने का फ़ैसला ले लिया।इसके जवाब में कांग्रेस सांसद रंजन गोगोई ने कहा कि “सत्ता पार्टी के मंत्रियों को लोकसभा स्पीकर के चेंबर में हुई बातों को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाना चाहिए।” चेतावनी वाले लहजे में उन्होंने कहा कि “अगर इस तरह स्पीकर से हुई हमारी बात को सामने लाया जा रहा है तो फिर चेंबर में प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई है ये भी आपको बताना होगा।”

गोगोई के इस बयान पर गृहमंत्री अमित शाह ग़ुस्से मे अपनी सीट से उठ गए और कहा, “ ये गंभीर आरोप है, आपको बताना चाहिए कि पीएम ने क्या कहा है।” प्रह्लाद जोशी ने स्पीकर से कहा, “आप स्पीकर और प्रधानमंत्री को लेकर ऐसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगा सकते। यह एक गंभीर मामला है।”इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने गौरव गोगोई से कहा मेरा चेंबर भी लोकसभा का हिस्सा है इसलिए ऐसे कोई बयान मत दीजिए जिसके पीछे सच्चाई ना हो।”

నిజంనిప్పులాంటిది

Aug 09 2023, 10:25

Rahul Gandhi: అవిశ్వాస తీర్మానంపై నేడు రాహుల్‌ ప్రసంగం..!

కేంద్ర ప్రభుత్వానికి వ్యతిరేకంగా లోక్‌సభలో విపక్షాల కూటమి(I.N.D.I.A.) ప్రవేశపెట్టిన అవిశ్వాస తీర్మానం(No-Confidence motion)పై బుధవారం కాంగ్రెస్‌ పార్టీలోని కీలక నేతలు ప్రసంగించనున్నారు.

నేడు పార్టీ తరఫున గళం విప్పేందుకు రాహుల్‌ గాంధీ(Rahul Gandhi), రేవంత్‌ రెడ్డి, హిబి ఇడన్‌ పేర్లను పంపినట్లు పార్టీకి చెందిన మాణికం ఠాగూర్ పేర్కొన్నారు.

పరిస్థితులను బట్టి ప్రసంగాల క్రమంలో మార్పులు ఉండొచ్చని వెల్లడించారు.

రాహుల్‌ లోక్‌సభ సభ్యత్వాన్ని పునరుద్ధరించిన తర్వాత ఆయన పార్లమెంట్‌లో తొలిసారి ప్రసంగించనున్నారు.

దీంతో ప్రభుత్వాన్ని ఆయన ఏవిధంగా ఇరుకున పెడతారనేది సర్వత్రా ఆసక్తిగా మారింది. వాస్తవానికి రాహుల్‌ నిన్ననే ప్రసంగిస్తారని ప్రచారం జరిగినా.. అది వాయిదాపడింది..

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Aug 08 2023, 13:43

मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पीएम मोदी से पूछे तीन सवाल

#parliamentmonsoonsessionnoconfidencemotiondiscussion

केंद्र सरकार के खिलाफ लोकसभा में आए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई है।कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई और भारतीय जनता पार्टी की ओर से निशिकांत दुबे ने बहस की शुरुआत की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा की शुरुआत की। कांग्रेस की ओर से इस चर्चा की शुरुआत पहले राहुल गांधी करने वाले थे लेकिन बाद में गौरव गोगोई ने शुरुआत की। बीजेपी ने संसद में सवाल उठाया कि राहुल गांधी की बजाय गोगोई को पहले बोलने का मौका क्यों दिया है। हम तो राहुल गांधी को सुनने आए थे। बीजेपी ने कहा कि पहले राहुल गांधी के बोलने का लेटर क्यों दिया गया, जबकि गोगोई असम सांसद गोगोई पहले बोल रहे हैं।

गोगोई ने पीएम मोदी से पूछे तीन सवाल

बहस की शुरुआत करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर संख्या की बात नहीं थी, बल्कि मणिपुर के इंसाफ की बात थी। हमने ये प्रस्ताव इसलिए पेश किया कि हमारा सरकार में विश्वास नहीं है।कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मौन व्रत रखा हुआ है और वह संसद में नहीं बोल रहे हैं। इसलिए पीएम का मौनव्रत तोड़ने के लिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा। हमारे पीएम मोदी से तीन सवाल हैं, पहला वह अभी तक मणिपुर क्यों नहीं गए? उन्होंने मणिपुर मुद्दे पर बोलने के लिए 80 दिन का समय लिया और जब बोले तो सिर्फ 30 सेकेंड? अभी तक मणिपुर के सीएम को क्यों नहीं हटाया गया है?

पीएम मोदी को वाजपेयी के राजधर्म की बात याद करनी चाहिए-गोगोई

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि मणिपुर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अटल बिहारी वाजपेयी के राजधर्म की बात याद करनी चाहिए, जहां किसी में भी भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मणिपुर के सीएम ने इस हिंसा के पीछे ड्रग्स का बिजनेस बताया, लेकिन जब पुलिस ने एक बड़े ड्रग माफिया को पकड़ा तो मणिपुर सीएम ऑफिस से उन्हें रिहा करने का आदेश गया।

मणिपुर में फेल हुई है डबल इंजन की सरकार-गोगोई

कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्वीकार करना होगा कि डबल इंजन की सरकार मणिपुर में असफल हुई है। यही वजह है कि 150 लोग मणिपुर में मारे गए हैं और करीब 5000 घर जला दिए गए हैं। 60 हजार लोग राहत कैंपों में रह रहे हैं और 6500 एफआईआर दर्ज हुई हैं। मुख्यमंत्री को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए लेकिन उनके द्वारा उठाए गए कदमों से समाज में तनाव बढ़ा है।

मुझे लगा राहुल गांधी पहले बोलेंगे- निशिकांत दुबे

निशिकांत दुबे ने बीजेपी की ओर से सबसे पहले अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में बोलने की कमान संभाली। उन्होंने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि 'मुझे लगा कि राहुल गांधी पहले बोलेंगे।' निशिकांत दुबे के बोलने के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की और जमकर हंगामा किया। प्रह्लाद जोशी ने हंगामे के बीच कहा कि गोगोई का भाषण पूरा हो गया है, अब निशिकांत दुबे की स्पीच से विपक्ष को डर क्यों है। इसके बाद निशिकांत ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'शायद राहुल गांधी देर से उठे होंगे इसलिए बहस में पहले नहीं बोले।'इस दौरान मणिपुर पर दुबे ने कहा कि मैं खुद मणिपुर के इतिहास का भुक्तभोगी हूं। मेरे रिश्तेदार जो सुरक्षाबल में उच्च पद पर थे, वह उग्रवादी हमले में अपना पैर गंवा दिया था।

राहुल गांधी आप कभी सावरकर नहीं हो सकते-निशिकांत दुबे

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से 'मोदी' सरनेम टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद उनकी सदस्यता बहाल की गई। उन्होंने कहा, ''सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है, स्थगन आदेश दिया है। वे कह रहे हैं कि वे माफी नहीं मांगेंगे। दूसरी बात, वे कहते हैं मैं सावरकर नहीं हूं। आप कभी सावरकर नहीं हो सकते क्योंकि सावरकर ने 28 साल जेल में गुजारे थे।

सोनिया गांधी पर भी बोला हमला

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सोनिया गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'सोनिया गांधी का बहुत सम्मान करता हूं। सोनिया गांधी एक भारतीय नारी की तरह काम कर रही हैं। उनके दो काम हैं- बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट करना है। मैं अपनी इस बात पर कायम हूं।

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Aug 08 2023, 11:05

राघव चड्ढा पर सदन में फर्जी हस्ताक्षर कराने का आरोप, आप सांसद के खिलाफ लाया जा सकता है विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

#privilegemotioncanbebroughtagainstraghav_chadha

लोकसभा के बाद अब दिल्ली सेवा बिल सोमवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। सोमवार देर शाम तक इस पर चर्चा हुई और यह बिल पास हो गया। इस दौरान दिल्ली सेवा बिल के पक्ष में कुछ 131 वोट डाले गए, जबकि इसके विरोध में विपक्षी सांसदों की तरफ से महज 102 वोट पड़े। अब इस बिल पर राष्ट्रपति की मुहर लगना बाकी है। इसके बाद यह बिल कानून का रूप ले लेगा।आम आदमी पार्टी इस बिल का कड़ा विरोध कर रही थी, इसके बावजूद बिल पास हो गया। इस दौरान आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा विवाद में घिर गए। उन पर पाँच राज्यसभा सांसदों ने फ़र्ज़ी हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाकर विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है। 

दरअसल, राघव चड्ढा इस विधेयक को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने का प्रस्ताव लेकर आए थे। 7 अगस्त को आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा पर आरोप लगा कि उन्होंने गलत तरीके से पांच सांसदों के नाम का प्रस्ताव दिल्ली ट्रांसफर-पोस्टिंग बिल को सेलेक्ट कमेटी में शामिल किया। राघव चड्ढा ने सदन में एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें दिल्ली से जुड़े बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की सिफारिश की और इस प्रस्ताव में उनके अलावा 4 अन्य सांसदों के हस्ताक्षर थे। लेकिन जब चेयर की तरफ से हरिवंश ने सांसदों के नाम पढ़े तो सांसदों ने अपना नाम सलेक्ट कमेटी में देने इनकार कर दिया। 

बिना जानकारी के डाला गया नाम?

सलेक्ट कमेटी के लिए आप सांसद राघव चड्ढा ने सुधांशु त्रिवेदी, नरहरि अमीन, थम्बी दुरई, सस्मित पात्रा और नागालैंड की सांसद पी कोन्याक के नाम का प्रस्ताव रखा था।बीजेपी सांसद नरहरी अमीन ने कहा कि राघव चड्ढा ने मेरा नाम इस लिस्ट में लिया, उन्होंने इस बारे में मुझसे बात नहीं की और ना ही मैंने किसी तरह की सहमति दी है। राघव चड्ढा ने जो किया है वह पूरी तरह से गलत है। उनके अलावा अन्य सांसदों ने भी इस मसले की जांच की बात कही है। 

संसद के अंदर फर्जीवाड़ा-अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण में इसका जिक्र किया। अमित शाह ने कहा कि इन सदस्यों ने खुद कहा है कि उन्होंने कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं। ये जांच का विषय है कि इनके साइन कहां से आए, ये मामला अब सिर्फ दिल्ली में फर्जीवाड़े का नहीं है बल्कि संसद के अंदर फर्जीवाड़े का हो गया है। अमित शाह ने मांग करते हुए कहा कि सदस्यों का बयान रिकॉर्ड किया जाए और इसकी जांच भी की जाए।

राघव चड्ढा ने कोर्ट में लड़ाई लड़ने की कही बात

अब भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी व नरहरि अमीन द्वारा यह विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जा सकता है।हालांकि आप सांसद राघव चड्ढा का कहना है, ''नोटिस आने दीजिए मैं जवाब दे दूंगा।'' राघव ने कहा कि इस बिल पर हम संसद में हार गए, लेकिन कोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ फिर से अरविंद केजरीवाल के पक्ष में फैसला सुनाएगी।

क्या है पूरा मामला?

इस साल 11 मई को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफ़र और पोस्टिंग के अधिकार को लेकर केजरीवाल सरकार के समर्थन में फ़ैसला सुनाया था। कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा था कि ज़मीन, पुलिस और सार्वजनिक आदेश को छोड़कर अधिकारियों के ट्रांसफ़र और पोस्टिंग का अधिकार समेत सभी मामलों पर दिल्ली सरकार का पूरा अधिकार होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एम आर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल थे। हफ़्ते भर बाद, केंद्र सरकार ने 19 मई को राष्ट्रीय राजधानी से संबंधित संविधान के विशेष प्रावधान अनुच्छेद- 239एए के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली में अधिकारियों की ट्रांसफ़र और पोस्टिंग को लेकर एक अध्यादेश जारी किया था। अध्यादेश के ज़रिए सेवाओं के नियंत्रण को लेकर आख़िरी फैसला लेने का अधिकार उपराज्यपाल को वापस दे दिया गया था।

నిజంనిప్పులాంటిది

Jul 26 2023, 13:30

No Confidence Motion: ప్రభుత్వంపై అవిశ్వాస తీర్మానం.. నోటీసులిచ్చిన కాంగ్రెస్‌, భారాస..

దిల్లీ: మణిపుర్‌ అంశం (Manipur)పై పార్లమెంటులో ప్రధాని మోదీ (PM Modi) ప్రకటన చేయాల్సిందేనని పట్టుబట్టిన విపక్ష కూటమి 'ఇండియా (India)'..

కేంద్ర ప్రభుత్వంపై 'అవిశ్వాస తీర్మాన (No Confidence Motion)' అస్త్రం ప్రయోగించేందుకు సిద్ధమైంది. లోక్‌సభ (Lok sabha)లో కాంగ్రెస్‌ (Congress) డిప్యూటీ నేత గౌరవ్‌ గొగొయ్‌.. ప్రభుత్వంపై అవిశ్వాస తీర్మానం ప్రవేశపెట్టేందుకు స్పీకర్‌కు నోటీసులిచ్చినట్లు కాంగ్రెస్‌ నేత మాణికం ఠాగూర్‌ వెల్లడించారు. అటు భారాస ఎంపీ నామా నాగేశ్వర రావు కూడా నోటీసు ఇచ్చారు.

కేంద్ర ప్రభుత్వంపై అవిశ్వాస తీర్మానం (No Confidence Motion) ప్రవేశపెడితే.. ప్రధాని మోదీ మాట్లాడటంతో పాటు తమకూ పలు అంశాలను లేవనెత్తడానికి అవకాశం లభిస్తుందని విపక్ష కూటమి యోచిస్తోంది. ఇప్పటికే తీర్మాన ముసాయిదాను కూడా సిద్ధం చేసినట్లు తెలుస్తోంది. ఈ నేపథ్యంలో బుధవారం ఉదయం స్పీకర్‌ కార్యాలయానికి కాంగ్రెస్‌, భారాస నోటీసులిచ్చింది..

ప్రస్తుతం లోక్‌సభలో ఎన్డీయే (NDA) కూటమికి 330 మంది సభ్యుల మద్దతుంది. 'ఇండియా'కు 140 మంది సభ్యులున్నారు. మరో 60 మందికిపైగా ఏ కూటమిలోనూ లేరు.

దీంతో అవిశ్వాస తీర్మానం వీగిపోవడం దాదాపు ఖాయమే అయినప్పటికీ.. కేవలం మణిపుర్‌ అంశంలో చర్చల కోసం ప్రతిపక్షాలు ఈ వ్యూహాన్ని ఎంచుకున్నట్లు తెలుస్తోంది. కాగా.. గతంలో 2018లో మోదీ ప్రభుత్వంపై అప్పటి యూపీఏ కూటమి అవిశ్వాస తీర్మానం ప్రవేశపెట్టింది. ఎన్డీయేకు 325 మంది, విపక్షాలకు 126 మంది మద్దతు ఇవ్వడంతో అది వీగిపోయింది..

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Jul 26 2023, 12:01

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी संयुक्त विपक्ष, जानें क्या है पूरी प्रकिया

#whatisnoconfidencemotionwhichjointoppositionpresentagainstnda_govt 

मणिपुर में जारी हिंसा और राज्य में बिगड़ते हालात को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है। पार्टियों द्वारा संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग की जा रही है। इस बीच संसद के मॉनसून सत्र में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार के खिलाफ इस मसले पर अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुटी हैं।26 विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' ने मोदी सरकार के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। कांग्रेस नेता अधीररंजन चौधरी ने कहा कि नोटिस का मसौदा तैयार है और बुधवार सुबह इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा।

मंगलवार को विपक्षी गठबंधन दलों की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला हुआ था। मंगलवार 25 जुलाई को जब विपक्षी नेताओं की बैठक खरगे के कार्यालय में शुरू हुई तो उन्होंने इस प्रस्ताव की घोषणा की और सभी नेताओं से इस मुद्दे पर उनकी राय मांगी।इस प्रस्ताव पर सभी दलों ने सहमति जताई और आगे बढ़ने का फैसला किया गया।

किस तरह लाया जाता है अविश्वास प्रस्ताव

हमारे देश में सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अक्सर लाए जाते रहे हैं। इससे सरकार और विपक्ष दोनों अपनी मजबूती की परख करते हैं। हालांकि ये प्रस्ताव एक प्रक्रिया के तहत ही लाया जा सकता है। बगैर इसके अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। क्या है ये प्रक्रिया। कैसे संसद में ये प्रस्ताव पेश होता है।सबसे पहले विपक्षी दल को लोकसभा अध्यक्ष या स्पीकर को इसकी लिखित सूचना देनी होती है। इसके बाद स्पीकर उस दल के किसी सांसद से इसे पेश करने के लिए कहती हैं।

संविधान में नहीं है अविश्वास प्रस्ताव

हालांकि, संविधान में अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र नहीं हैं। भारत के संविधान में संसदीय प्रक्रिया के रूप में अविश्वास प्रस्ताव का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। यह संसदीय लोकतंत्र के वेस्टमिंस्टर मॉडल की संसदीय प्रणालियों से लिया गया है। अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है, जो भारतीय संसद का निचला सदन है। राज्यसभा, यानि कि उच्च सदन के पास अविश्वास प्रस्ताव लाने की शक्ति नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव पर स्पीकर वोटिंग के बजाय कोई और फैसला भी ले सकते हैं। 

इसे किन स्थितियों में लाया जाता है

जब किसी दल को लगता है कि सरकार सदन का विश्वास या बहुमत खो चुकी है. तब वो अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सकती है।

मोदी सरकार के लिए कितना खतरा?*

इस वक्त लोकसभा में एनडीए के पास 333 सांसद हैं, जिनमें बीजेपी के पास ही अकेले 301 सांसद है। इसके अलावा दूसरे 12 दलों के 32 सांसद सरकार के साथ हैं। वहीं विपक्षी दलों के पास 142 सांसद हैं, जिनमें कांग्रेस के पास 50 तो टीएमसी के पास 23 सांसद हैं। इसके अलावा डीएमके के पास 24 और जेडीयू के पास 16 सासंद हैं। इस तरह से 12 पार्टियों के कुल 142 सांसद हैं जो एनडीए से नंबर गेम में बहुत पीछे हैं। यानी बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है।

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Feb 10 2024, 10:02

संसद में आज राम मंदिर पर पेश होगा धन्यवाद प्रस्ताव, भाजपा ने सांसदों को जारी किया व्हिप

#motion_of_thanks_on_ram_mandir_in_both_houses_of_parliament

संसद के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन आज यानी शनिवार को लोकसभा में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर चर्चा होगी। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यपाल सिंह ऐतिहासिक श्री राम मंदिर के निर्माण और श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर चर्चा की शुरुआत करेंगे।राज्यसभा में भी राम मंदिर और रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर ही चर्चा की जाएगी. इस बाबत भाजपा ने शुक्रवार को तीन लाइन का व्हिप जारी किया, जिसमें अपने सांसदों को शनिवार को दोनों सदनों में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

राम मंदिर पर धन्यवाद का थीम एक भारत, श्रेष्ठ भारत रखी गई है। राम मंदिर पर जो प्रस्ताव लाया जाएगा उसमें मंदिर निर्माण के लिए पीएम का अभिनंदन होगा। इसके साथ ही प्रस्ताव में राम मंदिर को भारत, भारतीयता, श्रेष्ठ भारत और प्राचीन संस्कृति का प्रतीक बताया जाएगा।

भाजपा ने सांसदों को व्हिप जारी किया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा में अपने सांसदों को व्हिप जारी किया। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले संसद के इस सत्र का अंतिम दिन होने के कारण सरकार के एजेंडे को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया।

चर्चा में पीएम मोदी भी होंगे शामिल

22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। बीजेपी ने अपने एजेंडे में किये गये इस बड़े वादे को पूरा किया है। ये बजट सत्र का ही आखिरी दिन नहीं है, बल्कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसद सत्र का भी आखिरी दिन है। इसलिए पीएम मोदी की स्पीच के साथ इसे यादगार बनाने की योजना बनाई गई है। आज अपने दूसरे कार्यकाल में संसद के आखिरी सत्र में पीएम मोदी आखिरी भाषण में भगवान राम के नाम का उदघोष करेंगे।

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Feb 05 2024, 18:51

पीएम मोदी का बड़ा दावा, बोले- तीसरा कार्यकाल दूर नहीं, अगले हजार साल के विकसित भारत की नींव रखूंगा

#parliamentsessionpmnarendramodionmotionofthanksonpresident_address 

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने एक तरफ तो आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कई बड़े दावे किए, वहीं, उन्होनें विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, संसद के इस नए भवन में जब राष्ट्रपति हमें संबोधित करने आई और जिस गौरव और सम्मान के साथ सेंगोल और पूरे जुलूस का नेतृत्व किया, हम सब उनके पीछे-पीछे चल रहे थे। नए सदन में ये नई परंपरा भारत के आजादी के उस पवित्र पल का प्रतिबिंब जब साक्षी बनता है तो लोकतंत्र की गरिमा कई गुना ऊपर चली जाती है।

कांग्रेस पर कहावत सुनाकर कसा तंज

प्रधानमंत्री ने आगे विपक्ष पर करारा हमला बोला।पीएम मोदी ने कहावत सुनाकर किया कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कहा, 'नौ दिन चले, ढाई कोस...ये कहावत पूरी तरह कांग्रेस को परिभाषित करती है। कांग्रेस की सुस्त रफ्तार का कोई मुकाबला नहीं है। आज देश में जिस रफ्तार के साथ काम हो रहा है, कांग्रेस सरकार इस रफ्तार की कल्पना भी नहीं कर सकती। हमने गरीबों के लिए चार करोड़ घर बनाए इसमें से 80 लाख पक्के मकान शहरी गरीबों के लिए बने। अगर कांग्रेस की रफ्तार से काम हुआ होता तो इतना काम होने में 100 साल लगते, 100 पीढ़ियां बीत जातीं। उन्होंने कहा, '10 वर्ष में 40 हजार किलोमीटर रेलने ट्रैक का विद्युतीकरण हुआ है। अगर कांग्रेस की रफ्तार से देश चलता तो इस काम को करने में 80 साल लग जाते। उन्होंने कहा, हमने 17 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन दिए हैं, अगर कांग्रेस की रफ्तार से चलते तो इस काम को करने में और 60 साल लग जाते हैं। तीन पीढ़ियां धुएं में खाना बनाने-बनाते गुजर जाती। कांग्रेस की जो मानसिकता है, जिसका देश को बहुत नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने देश के सामर्थ्य पर कभी भरोसा नहीं किया, वो अपने आप को शासक मानते रहे और जनता-जनार्दन को कमतर आंकते गए। 

विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा - पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे। मैंने हमेशा कहा है कि देश को एक अच्छे विपक्ष की जरूरत है। मैं देख रहा हूं कि से बहुत लोग चुनाव लड़ने का हौसला भी खो चुके हैं। मैंने सुना है बहुत लोग सीट बदलने की फिराक में हैं। बहुत लोग लोकसभा के बदले अब राज्य सभा में जाना चाहते हैं। वे विपक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे। मैंने हमेशा कहा है कि देश को एक अच्छे विपक्ष की जरूरत है।

गठबंधन पर किया करार प्रहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कांग्रेस ने देश के सामर्थ्य पर कभी विश्वास नहीं किया। वे अपने आप को शासक मानते रहे और जनता को कमतर आंकते रहे। उन्होंने कहा, कांग्रेस का विश्वास सिर्फ एक परिवार पर ही रहा है, एक परिवार के आगे वे न कुछ सोच सकते हैं और न देख सकते हैं। कुछ दिन पहले भानुमति का कुनबा जोड़ा लेकिन फिर एकला चलो रे करने लग गए। अलायंस का ही अलाइनमेंट बिगड़ गया। 

विपक्ष के संकल्प की सराहना करता हूं- पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि मैं विशेष रूप से विपक्ष ने जो संकल्प लिया है, उसकी सराहना करता हूं। उनके भाषण के एक-एक बात से मेरा और देश का विश्वास पक्का हो गया है कि इन्होंने लंबे अरसे तक वहां रहने का संकल्प ले लिया है। आप कई दशक तक जैसे यहां (सत्ता में) बैठे थे, वैसे ही कई दशक वहां (विपक्ष) बैठने का आपका संकल्प ले लिया है। जनता-जनार्दन तो ईश्वर का रूप होती है।जनता-जनार्दन आपको जरूर आशीर्वाद देगी।पीएम मोदी ने आगे कहा, "मैं देख रहा हूं कि आपमें से बहुत से लोग चुनाव लड़ने का हौंसला भी खो चुके हैं। मैंने सुना है कि बहुत सारे लोगों ने पिछली बार भी सीट बदली थी, इस बार भी सीट बदलने की फिराक में हैं। मैंने सुना बहुत सारे लोग लोकसभा से राज्यसभा में जाने वाले हैं। स्थितियों का आकलन करके वे अपना रास्ता ढूंढ रहे हैं।

बताया तीसरे टर्म का बताया प्लान

पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन में कहा कि तीसरे टर्म में हम भारत को समृद्ध और सिद्धि के शिखर पर देखना चाहते हैं, पहले टर्म में हमने कांग्रेस के गड्ढे भरे, दूसरे में विकसित भारत की नींव रखी। हमारा तीसरा कार्यकालअगले 1000 वर्षों के लिए देश को मजबूत करने का काम करेगा। मुझे भारत के 140 करोड़ लोगों के सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है।

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Aug 10 2023, 18:14

लोकसभा में बोले पीएम मोदी-2024 के चुनावों में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे, अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ

#noconfidencemotionpmmodislamscongress

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज (गुरुवार) आखिरी दिन है।विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री ने दिया।इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्ष दलों पर जमकर हमला किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए और भाजपा 2024 के चुनाव में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जनता के आशीर्वाद से वापस आएगी।

2024 के चुनावों में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे-पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘एक तरह से, विपक्ष का अविश्वास हमारे लिए हमेशा भाग्यशाली रहा है। आज, मैं देख सकता हूं कि आपने (विपक्ष) ने फैसला किया है कि एनडीए और भाजपा 2024 के चुनावों में शानदार जीत के साथ वापस आएंगे, लोगों के आशीर्वाद के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे।पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भगवान बहुत दयालु हैं और किसी माध्यम से बोलते हैं… मेरा मानना है कि यह भगवान का आशीर्वाद है कि विपक्ष ने यह प्रस्ताव लाया है। 

अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ-पीएम मोदी

मैंने 2018 में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कहा था कि यह हमारे लिए कोई शक्ति परीक्षण नहीं है, बल्कि उनके लिए है और परिणामस्वरूप वे चुनाव हार गए। उन्होंने आगे कहा कि जब मतदान हुआ, तो विपक्ष के पास जितने वोट थे, उतने वोट भी वो जमा नहीं कर पाए थे। इतना ही नहीं, जब हम सब जनता के पास गए तो जनता ने भी पूरी ताकत के साथ इनके लिए नो-कॉन्फिडेंस घोषित कर दिया और चुनाव में एनडीए को भी ज्यादा सीटें मिलीं और भाजपा को भी ज्यादा सीटें मिलीं। यानी एक तरह से लोकसभा में कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ है।

विपक्ष के लिए देश से बड़ा दल है-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने संबोधन में कहा कि कई ऐसे बिल थे जो गांव, गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी के लिए थे, उनके कल्याण, भविष्य के साथ जुड़े हुए थे। पीएम मोदी ने संसद में हो रहे हंगामें को लेकर कहा, डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन बिल अपने आप में य़ुवाओं के जज्बे से जुड़ा हुआ था। ऐसे में इस पर गंभीर चर्चा की जरूरत थी, लेकिन राजनीति आपके लिए प्राथमिकता थी। उनको (विपक्ष) इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के आचरण, व्यवहार से सिद्ध हुआ है कि उनके लिए देश से अधिक दल है, देश से बड़ा दल है, देश से पहले प्राथमिकता दल की है। मैं समझता हूं कि गरीब की भूख की चिंता नहीं है, आपको सत्ता की भूख सवार है।

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Aug 09 2023, 13:35

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा प्रहार, कहा- आपने मणिपुर में भारत माता की हत्या की

#noconfidencemotiondebaterahulgandhispeech 

केन्द्र की मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। सरकार के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा में भाग लिया। राहुल गांधी ने कहा, स्पीकर महोदय मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं। मैंने पिछली बार अडानी के मुद्दे पर जोर से बोला था। उससे सीनियर नेता को कष्ट हुआ। लेकिन आपको अब डरने की जरूरत नहीं है। कोई घबराने की जरूरत नहीं है। आज मैं अडानी पर नहीं बोलने जा रहा है। बीजेपी की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 'आप लोग डरें नहीं, रिलेक्स रहें।

कांग्रेस सांसद ने बोलना जारी रखते हुए कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान बहुत सारे लोगों ने बोला तुम क्यों चल रहे हो? शुरुआत में मेरे मुंह से जवाब नहीं निकलता था। शायद मुझे ही नहीं मालूम था कि मैंने ये यात्रा क्यों शुरू की थी। जब मैंने कन्याकुमारी से यात्रा शुरू की मैं सोच रहा था मैं लोगों के बीच जाना चाहता हूं, लोगों को समझना चाहता हूं, पर मुझे स्पष्ट मालूम नहीं था मैं क्या चाहता हूं। पर कुछ दिनों में मुझे समझ में आने लगा कि जिस चीज से मुझे प्यार था, जिस चीज के लिए मैं करने के लिए तैयार हूं, जिस चीज के लिए मैं मोदी जी के जेल जाने के लिए तैयार हूं, उस चीज को मैं समझना चाहता हूं। राहुल ने कहा, "जब मैंने यात्रा शुरू की थी दो तीन दिन में मेरे घुटने में दर्द शुरू हो गया। हर कदम में दर्द। पहले दो तीन दिनों में जो अहंकार था, भेड़िया जो निकला था वो चींटी बन गया।"

हमें अहंकार, नफरत को मिटाना पड़ेगा-राहुल गांधी

राहुल ने कहा कि कोई कहता है यह देश अलग जमीन है, अलग मिट्टी, धर्म है, सोना है, चांदी है, मगर सच्चाई यह है कि यह देश सिर्फ एक आवाज है। अगर हमें इस आवाज को सुनना है तो हमारे दिल में जो अहंकार है, जो सपने हैं, उन्हें हमें परे करना होगा। तब हमें हिंदुस्तान की आवाज सुनाई देगी। अब आप कहेंगे कि यह बात मैंने अविश्वास प्रस्ताव में क्यों रखी? भारत इस देश के सब लोगों की आवाज है। हमें अहंकार, नफरत को मिटाना पड़ेगा। 

आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की-राहुल गांधी

राहुल ने कहा, जैसे मैंने भाषण की शुरुआत में बोला भारत एक आवाज है। भारत हमारी जनता की आवाज है। दिल की आवाज है। उस आवाज की हत्या आपने मणिपुर में की। इसका मतलब आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की। राहुल ने कहा, कुछ दिन पहले मणिपुर गया। लेकिन हमारे पीएम नहीं गए। क्योंकि उनके लिए मणिपुर भारत नहीं है। मणिपुर की सच्चाई है कि मणिपुर नहीं बचा है। मैं राहत शिविरों में गया हूं, मैंने वहां महिलाओं से बात की। मणिपुर को आपने तोड़ दिया है।

बीजेपी की राजनीति ने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या-राहुल गांधी

इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोका और कहा कि उन्हें आदर से बात करनी चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपनी मां की हत्या की बात कर रहा हूं। मैं आदर से बोल रहा हूं। मेरी एक मां यहां बैठी है। दूसरी मां को मणिपुर में मारा है।हिंदुस्तान की सेना चाहे तो मणिपुर में एक दिन में शांति बहाल कर सकती है। सरकार मणिपुर में शांति नहीं चाहती है। मोदी देश की आवाज नहीं सुनते। बीजेपी की राजनीति ने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है। तुम देशद्रोही हो, राष्ट्रद्रोही हो, आपने भारत माता की हत्या की है। आप भारत माता के रखवाले नहीं हो, भारत माता के हत्यारे हो।