आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
ক্যামাক স্ট্রিট কাণ্ডে তৃণমূলকে স্বস্তি দিল না হাই কোর্ট, খারিজ অন্তর্বর্তী নির্দেশের আর্জি*

*শিরোনাম:* ক্যামাক স্ট্রিটে বিলবোর্ড বিতর্ক: হাইকোর্টের দ্বারস্থ তৃণমূল, মিলল না অন্তর্বর্তী স্বস্তি, গ্রেফতার ১৩

*কলকাতা, ২৮ আগস্ট:* কলকাতার ক্যামাক স্ট্রিটে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়ের সাইনবোর্ড খোলাকে কেন্দ্র করে তোলপাড় রাজ্য রাজনীতি। কলকাতা পুরসভার উচ্ছেদ অভিযানকে চ্যালেঞ্জ করে কলকাতা হাইকোর্টের দ্বারস্থ হয় তৃণমূল কংগ্রেস। কিন্তু আপাতত কোনও অন্তর্বর্তী নির্দেশ দিল না আদালত।

শুক্রবার সকালে বিচারপতি রাজা বসুচৌধুরীর এজলাসে মামলাটির উল্লেখ করেন তৃণমূলের আইনজীবী কিশোর দত্ত। আদালত মামলা দায়ের করার অনুমতি দিয়েছে এবং আজই নম্বর নিয়ে আসলে শুনানির আশ্বাস দিয়েছে।

আইনজীবী জানান, বৃহস্পতিবার বিকেল ৪:৪৫ নাগাদ কলকাতা পুরসভার কর্মীরা তৃণমূল ভবনে ঢুকে বিলবোর্ড ভাঙচুর করেন।

এর প্রেক্ষিতে বিচারপতি বসুচৌধুরী বলেন, "মামলার নম্বর না পড়লে শুনানি সম্ভব নয়। নম্বর নিয়ে আসুন, আজকেই শুনব।" তবে তিনি স্পষ্ট জানিয়ে দেন, "ইতিমধ্যেই হোর্ডিং খুলে দেওয়া হয়েছে, ফলে এখনই আদালতের হস্তক্ষেপের প্রয়োজন নেই।" তৃণমূলের হোর্ডিং পুনরায় লাগানোর আর্জিও খারিজ করে আদালত জানায়, মামলাটি এখনও অপরিণত পর্যায়ে রয়েছে। সব পক্ষকে হলফনামা জমা দিতে হবে, তারপরই পরবর্তী শুনানি।

জানা গেছে, ক্যামাক স্ট্রিটে প্রায় ৩০০০ বর্গফুট জায়গা জুড়ে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়। বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় সেখানে 'অল ইন্ডিয়া তৃণমূল কংগ্রেস' লেখা সাইনবোর্ড খুলে দেয় পুরসভা।

তৃণমূলের অভিযোগ, তালা ভেঙে ছাদে উঠে সাইনবোর্ড উপড়ে ফেলা হয়। বাধা দিতে গিয়ে সিঁড়িতে শুয়ে পড়েন সাংসদ ডেরেক ও'ব্রায়েন সহ নেতা-কর্মীরা। পুলিশের সঙ্গে ব্যাপক ধস্তাধস্তি হয়।

এই ঘটনায় শেক্সপিয়র সরণি থানায় ৩টি এফআইআর দায়ের হয়েছে এবং ১৩ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। এফ আই আর-এ নাম রয়েছে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়, ডেরেক ও'ব্রায়েন, বৈশ্বানর চট্টোপাধ্যায় ও হুমায়ুন কবীরের।

পুরসভা বোর্ড খুলে দিলেও, বৃহস্পতিবার রাতেই ওই স্থানে ফের তৃণমূলের ব্যানার ঝুলিয়ে দেওয়া হয়। অভিষেকের দাবি, এটি বিজেপির প্রতিহিংসাপরায়ণ রাজনীতির ফল এবং ব্যক্তিগত সম্পত্তিতে বেআইনি হস্তক্ষেপ।

*#Tags:* #CamacStreet #TMC #AbhishekBanerjee #KolkataHighCourt #KMC
सुल्तानपुर जिला जेल में राखी पर भावुक पल, बोलीं बहनें - नहीं चाहते थे जेल में राखी बांधें,पर भगवान ने ऐसा दिन दिखाया*
जेल की सलाखों में भी नहीं टूटा राखी का बंधन: सुल्तानपुर जिला कारागार में उमड़ा बहनों का सैलाब। सुल्तानपुर में आज 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सुल्तानपुर जिला कारागार के बाहर सुबह से ही अलग ही नजारा देखने को मिला। दूर-दराज के जनपदों से सैकड़ों बहनें हाथों में राखी और मिठाई लेकर अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने सुल्तानपुर पहुंची। जिला कारागार सुल्तानपुर के गेट पर ISO सर्टिफाइड बोर्ड के नीचे बहनों की लंबी लाइन लगी रही। कोई सुल्तानपुर से आई थी तो कोई जोधपुर से टो कोई वाराणसी जनपद जैसे दूर जिले से। जेल प्रशासन ने त्योहार को देखते हुए विशेष मुलाकात की व्यवस्था कर रखी थी। अंदर राखी बंधवाने के बाद बाहर निकली बहनें काफी भावुक दिखीं। सुल्तानपुर से आई ललिता ने कहा कि "हम नहीं चाहते थे कि जेल में अपने भाई को राखी बांधने आएं,लेकिन भगवान ऐसा दिन दिखा रहे हैं। प्रार्थना है कि हमारा भाई जल्द से जल्द यहां से निकल जाए। वहीं जोधपुर से आई एक बहन ने कहा कि वो आशीर्वाद और मिठाई लेकर भाई से मिलने आई है। राखी बांधने के बाद कई बहनें जेल गेट के बाहर फूट-फूट कर रोती भी दिखीं,जो इस बात की गवाही है कि सलाखें भाई-बहन के प्यार को कम नहीं कर सकतीं। सुरक्षा के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। तस्वीरें यह सुल्तानपुर जिला जेल की हैं, जहां आज रक्षा बंधन पर सैकड़ों बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंची। कोई सुल्तानपुर से तो कोई जोधपुर से... हाथों में राखी, मिठाई और आंखों में भाई की जल्द रिहाई की प्रार्थना। जेल प्रशासन ने भी विशेष इंतजाम किए थे। एक बहन ने भावुक होते हुए कहा कि नहीं चाहती थी जेल में राखी बांधना,पर किस्मत ने ये दिन दिखाया। राखी का ये बंधन जेल की सलाखों को भी पार कर गया।
नेपाल में आई बाढ़ में 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

#measaid288indianmissinginnepal_flood

नेपाल ने बुधवार को एक बार फिर से विनाश का मंजर देखा। यहां बड़ी संख्या में लोग तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में बह गए। बाढ़ में कम से कम 270 लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों लोग लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं।

नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं। साथ ही केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है। इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुल पांच समूह लापता हैं।

भारत ने भेजी 47 टन राहत सामग्री

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल को इस मुश्किल समय में मदद के लिए भारत ने दो विमान भेजे हैं। जिनमें से एक सी-130 जे विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर बुधवार को नेपाल हुआ था। इनमें अस्थायी शेल्टर, दवाईयां आदि लेकर गया है। आज भी एक सी-17 विमान 37 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ है। इनमें से आठ टन दवाईयां हैं और एक टन खाद्य पदार्थ हैं। इस तरह दो दिनों में नेपाल को 47 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जो भी राहत सामग्री भेजी गई है, वह नेपाल की मांग के आधार पर ही भेजी गई है।

नेपाल के हालात को लेकर जयशंकर ने की समीक्षा बैठक*

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल बाढ़ के हालात पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भारत, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इस बैठक में काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूत भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए। विदेश मंत्री ने बताया कि उनका मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटर्स और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। जयशंकर ने कहा कि हम इस मामले के साथ-साथ राहत कार्यों को लेकर भी नेपाल के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय में काम कर रहे हैं।

Homeopathy in Hyderabad for Fatty Liver: Understanding Liver Health and Personalized Care

Looking for homeopathy in Hyderabad for fatty liver? Learn about symptoms, causes, lifestyle factors, and personalized holistic guidance for liver wellness.

Fatty liver is a condition where excess fat accumulates in the liver. The liver performs essential functions related to metabolism, digestion, nutrient processing, and overall body health. When excessive fat collects in liver cells, it may become a health concern and should be evaluated appropriately.

Fatty liver can be associated with several lifestyle and metabolic factors. Being overweight, consuming an unbalanced diet, having limited physical activity, diabetes, insulin resistance, and high cholesterol or triglyceride levels may increase the risk. Excessive alcohol consumption can also affect liver health.

One of the challenges of fatty liver is that it may not cause obvious symptoms in the early stages. Some people discover the condition during a routine check-up, blood test, or abdominal scan. Understanding risk factors and receiving appropriate evaluation can help individuals make informed health decisions.

Symptoms of Fatty Liver

Many people may not experience noticeable symptoms initially. When symptoms occur, they can include:

  • Persistent fatigue or low energy
  • General weakness
  • Mild discomfort or heaviness in the upper abdomen
  • Bloating and digestive discomfort
  • Reduced appetite
  • A general feeling of unwellness

These symptoms may have several possible causes, so they should not be considered proof of fatty liver. Proper assessment by a qualified healthcare professional is important.

Causes and Risk Factors of Fatty Liver

Fatty liver may develop due to a combination of metabolic and lifestyle factors.

Excess body weight, particularly abdominal fat, is commonly associated with fat accumulation in the liver. Regularly eating foods high in added sugar, refined carbohydrates, unhealthy fats, and excess calories may also contribute to metabolic imbalance.

A sedentary lifestyle can increase the risk by making weight management more difficult. Diabetes and insulin resistance may influence the way the body processes fats and glucose. High cholesterol and triglyceride levels may also occur alongside fatty liver.

Alcohol is another important factor. Excessive alcohol consumption can affect liver cells and contribute to alcohol-related liver disease.

Homeopathy in Hyderabad for Fatty Liver

Individuals searching for homeopathy in Hyderabad may prefer a personalized approach that takes their complete health profile into consideration. During a consultation, factors such as symptoms, health history, dietary habits, digestion, sleep, stress, physical activity, and daily routine may be discussed.

A personalized homeopathy in Hyderabad consultation can help individuals discuss their broader health concerns and lifestyle patterns. The focus is on understanding the individual rather than considering a single symptom in isolation.

However, fatty liver requires appropriate diagnosis and monitoring. Depending on individual circumstances, healthcare professionals may recommend blood tests, liver function tests, ultrasound or other imaging, and periodic follow-up. Homeopathic consultation should not replace necessary medical evaluation or delay appropriate treatment.

Lifestyle Measures for Liver Health

Healthy lifestyle habits can help address several factors associated with fatty liver. Depending on individual needs, useful measures may include:

  • Eating a balanced, nutritious diet
  • Reducing excess sugar and processed foods
  • Maintaining a healthy body weight
  • Engaging in regular physical activity
  • Avoiding excessive alcohol consumption
  • Monitoring blood sugar and cholesterol
  • Maintaining a consistent sleep schedule
  • Attending recommended health check-ups

Sustainable lifestyle changes are generally more practical than extreme diets or sudden changes. Individual recommendations should be based on personal health requirements and professional guidance.

Spiritual Homeopathy: Individualized Health Guidance

Spiritual Homeopathy provides personalized consultations that consider individual symptoms, health history, lifestyle patterns, and overall wellness. The clinic follows a patient-centered approach and provides an opportunity to discuss health concerns in detail.

For individuals seeking homeopathy in Hyderabad, Spiritual Homeopathy focuses on understanding each person's health concerns and providing individualized guidance. Those exploring homeopathy in Hyderabad for fatty liver can discuss their concerns while maintaining appropriate medical evaluation and follow-up.

Importance of Regular Monitoring

Since fatty liver can be present without clear symptoms, regular health assessments can be valuable. People with diabetes, excess weight, high cholesterol, or other metabolic risk factors may benefit from discussing liver health with a qualified healthcare professional.

Seek prompt medical attention for symptoms such as yellowing of the skin or eyes, severe abdominal pain, marked abdominal swelling, persistent vomiting, or confusion.

Conclusion

Fatty liver is often associated with lifestyle and metabolic factors and may remain unnoticed in its early stages. Awareness, healthy daily habits, professional evaluation, and appropriate monitoring can help individuals take informed steps toward better liver wellness.

If you are looking for homeopathy in Hyderabad, a personalized consultation can help you discuss your health history, lifestyle, and overall wellness concerns.

For appointments and personalized consultation, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176.

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नेपाल में जल प्रलय से हाहाकार, 150 से ज़्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लापता

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। के बाद बचाव और तलाश का काम जारी है। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बुधवार सुबह आई बाढ़ और भूस्खलन से पानी का स्तर 30 फीट तक बढ़ गया और यह रास्ते के आस-पास पड़ने वाली बस्तियों, पनबिजली इकाइयों और रास्तों को बहा ले गया। अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें भारत से आए कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

579 लोगों का अब तक लापता

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 157 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस बाढ़ में सुरक्षाकर्मियों व विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में तीन लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। नेपाल पुलिस ने बताया कि 579 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 28 देशों के 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं। लापता लोगों में कम से कम 133 भारतीय हैं। 33 लोगों के शव घटना स्थल से 150 किमी दूर चितवन में मिले, जिससे मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है।

1993 से भी बड़ी तबाही के अनुमान

यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है। बुधवार की बाढ़ ने कई पनबिजली परियोजनाओं और वाणिज्यिक बैंकों को तबाह कर दिया है। नेपाली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, बाढ़ में कई पुल और क़रीब 40 किलोमीटर हाइवे बह गए हैं। निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए कुल नुक़सान का अभी तक कोई आकलन नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि यह 1993 में सरलाही, रौतहट और मकवानपुर में आई बाढ़ से भी ज़्यादा विनाशकारी हो सकती है, जिसमें 1,400 लोगों की मौत हुई थी और जिसे लंबे समय से देश की सबसे बड़ी आपदा माना जाता रहा है।

भारत ने नेपाल भेजी राहत सामग्री की पहली खेप

भारत ने नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। बुधवार रात सैन्य परिवहन विमान के जरिये नेपाल को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बातचीत करने के कुछ घंटे बाद राहत सामग्री भेजी गई। मोदी ने शाह को स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मोदी ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर कहा, “इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने बहन-भाइयों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने संवेदना जताई

वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। कई लोग लापता हैं। बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। गुटेरेस ने 'एक्स' पर लिखा कि वह बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। गुटेरेस ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में मदद कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी सामान और कर्मचारियों को जुटा रहे हैं।

WallX by Avinya Bharat Launches Premium LED Video Wall Brand on India's 80th Independence Day

Pune, Maharashtra, August 2026, Avinya Bharat Pvt Ltd has launched WallX, its new premium LED video wall brand, choosing August 15, 2026, India's 80th Independence Day, as the date to introduce it. The launch reflects the company's intent to build a trusted Indian name in high-performance, professionally engineered LED display technology.With WallX, Avinya Bharat is stepping into the premium tier of India's fast-growing LED video wall and professional display market. The brand's focus sits squarely on engineering quality, long-term reliability, and the kind of after-sale support that keeps a display running for years, not just months.

A Different Starting Point for LED Displays

Most LED video wall purchases in India are still decided on price alone. WallX was built around a different question: what does a display actually cost once you account for the years it has to keep working?

That question shapes how the brand evaluates every product it puts to market. Component quality, thermal management, electrical protection, power efficiency, and spare-part availability all factor into WallX's approach, alongside how easily a unit can be serviced once it's installed. Avinya Bharat wants customers to weigh an LED video wall as a complete engineered system, not a line item on a quotation.

That distinction matters most in settings where a screen going dark has real consequences, control rooms, retail storefronts, hospitality venues, and corporate environments where downtime affects operations or brand visibility.

Backing the Brand With a 3-Year Warranty

WallX is launching with a premium 3-year warranty across its product range, one of the more significant commitments the brand is making out of the gate. It's a direct statement of confidence in the engineering behind the displays, and it gives customers planning larger installations, the kind expected to run continuously for years, a clearer sense of what they're buying into.

For a new brand entering a crowded market, a warranty like this does double duty: it protects the customer and it sets a bar Avinya Bharat is committing to meet.

Engineering Comes First

WallX's product development is built around solutions for varied indoor and outdoor environments rather than a one-size-fits-all screen. The company draws on Avinya Bharat's existing experience in LED display manufacturing, project execution, and technical support to inform how each configuration is built.

Before recommending a setup, the WallX team looks at viewing distance, pixel pitch, screen dimensions, the installation environment, power requirements, thermal conditions, and how accessible the unit will be for future servicing. It's a more deliberate process than treating every deal as a standard screen sale, and one aimed at avoiding the kind of mismatched installations that create problems down the line.

Thinking in Lifecycle Terms, Not Purchase Price

For premium buyers, the sticker price is just the entry point. Electricity use, maintenance needs, spare parts, and potential downtime all add up over the life of an installation, and WallX is positioning its products around that fuller picture rather than the number on day one.

It's a straightforward philosophy, even if it runs against how most buyers are used to shopping for displays: what will this wall cost to run and maintain, not just what will it cost to buy. That framing is likely to resonate with businesses and institutions that need consistent performance and real service support behind their LED video wall investment.

Building From Pune, Aiming Nationwide

Launching WallX on Independence Day wasn't incidental, it reflects Avinya Bharat's ambition to build a genuinely Indian premium display brand from its base in Pune, Maharashtra. From there, the company plans to expand WallX's reach across India, serving corporate, commercial, institutional, retail, and mission-critical customers who need professional LED display solutions they can rely on.

Avinya Bharat views the WallX launch as more than a product introduction, it's the start of a brand built around raising the standard for quality, reliability, and customer confidence in India's LED display industry. The company's position is that the market's future won't be won on the lowest quote, but on the combination of performance, reliability, service, and total lifecycle value.

For more information visit wallxdisplay.com

 

हिंदी फिल्म ‘राघव शास्त्री’ का फर्स्ट लुक कोलकाता के ग्रैंड इवेंट में हुआ लॉन्च अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, सपना चौधरी व कपिल शर्मा शो के कलाका


 

कोलकाता। हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे अभिनेता जीत रस्तोगी की आगामी हिंदी फिल्म ‘राघव शास्त्री’ का फर्स्ट लुक कोलकाता में भारत के बड़े b2b ब्रांड सरोगी सुपर सेल्स SSS द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में श्री राजेश सरावगी ;(फाउंडर एंड सीईओ) द्वारा लॉन्च किया गया। इस खास मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, लोकप्रिय अभिनेत्री एवं डांसर सपना चौधरी तथा ‘द कपिल शर्मा शो’ से जुड़े कलाकार डॉ संकेत भोसले, सुगंधा मिश्रा, व ‘बिग बॉस’ फेम नेहल चुदासमा सहित मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। 

फिल्म के फर्स्ट लुक लॉन्च के दौरान ‘राघव शास्त्री’ को लेकर दर्शकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में खास उत्सुकता देखने को मिली। फिल्म की पहली झलक ने इसके विषय और किरदारों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है।

 

थिएटर से शुरू हुआ सफर, सिनेमा तक पहुंचा

 

जीत रस्तोगी का फिल्मी सफर अचानक शुरू नहीं हुआ। कॉलेज के दिनों से ही उनका जुड़ाव थिएटर से रहा, जहां उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और अपने अभिनय के लिए कई पुरस्कार भी हासिल किए।

 

थिएटर के कुछ वर्षों के बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान बिजनेस की ओर कर लिया। हालांकि अभिनय का जुनून उनके भीतर बना रहा। लगभग पांच-छह वर्ष पहले उन्होंने दोबारा अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कदम रखा और इसके बाद फिल्मों, टेलीविजन तथा शॉर्ट फिल्मों में लगातार काम करते हुए अपनी पहचान बनानी शुरू की।

 

उनका यह सफर इस मायने में भी खास है कि उन्होंने मनोरंजन की दुनिया में लौटने के बाद सिर्फ एक माध्यम तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि फिल्मों, टीवी सीरियल्स और शॉर्ट फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।

 

रवि किशन के साथ ‘सन की डारोगा’ से लेकर कई फिल्मों तक

 

जीत रस्तोगी ने अभिनेता रवि किशन के साथ फिल्म ‘सन की डारोगा’ में काम किया। यह उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक रही। फिल्म की खास उपलब्धि यह रही कि इसे भारत के अलावा पांच अन्य देशों में भी रिलीज किया गया।

 

इसके अलावा उन्होंने मुख्य भूमिका में भोजपुरी फिल्म ‘आज की बेटी’ ‘सांवरिया मोहे रंगदे’ वह सुपरस्टार रवि किशन के साथ सनकी दरोगा में अभिनय किया, और हिंदी में उनकी मुख्य भूमिका की फिल्मों जैसे ‘अफवाह’ प्रतिबिंब, आफ्टर ब्रेकअप,लीपापोती, कैलाशी जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया, फिल्मों के साथ-साथ जीत रस्तोगी ने न्यूज़ TV18 के लिए कई सीरियल्स में भी काम किया।

 

‘राघव शास्त्री’ के साथ हिंदी सिनेमा में नई पारी

 

‘राघव शास्त्री’ जीत रस्तोगी के मौजूदा फिल्मी सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लंबे समय से अभिनय और अलग-अलग माध्यमों में काम करने के बाद अब वह इस हिंदी फिल्म के जरिए दर्शकों के सामने एक नए सिनेमाई अनुभव के साथ आने की तैयारी में हैं।

महामाया मूवी के बैनर तले बनी हिंदी फिल्म राघव शास्त्री के बारे में अभिनेता जीत रस्तोगी ने बताते हुए आगे कहा की फिल्म  कॉमेडी और एक्शन से भरपूर एक मनोरंजक फ़िल्म होगी,  जिसमें उनके साथ अभिनेत्री विजयलक्ष्मी सिंह के साथ-साथ बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों जैसे अजय देवगन की रेड 2, कार्तिक आर्यन अभिनीत पति-पत्नी और वो, आयुष्मान खुराना अभिनीत पति पत्नी और वो दोनों,  में काम कर चुके कलाकार दुर्गेश चौहान, नीरज शुक्ला, राखी जयसवाल, महाकाल सिंह, संतोष कुमार यमराज, अरुण वर्मा वह वंदना बाजपेई अपने अभिनय का जलवा बिखेरेंगे। फिल्म का एक्शन बड़ा ही लाजवाब और कमल का है जिसे प्रसिद्ध एक्शन डायरेक्टर अशोक लाल यादव ने निर्देशित किया है, यही नहीं फिल्म में तीन हिंदी गाने हैं जो दर्शकों को खास पसंद आने वाले हैं इसमें से एक गाना सारेगामापा के रनर अप रह चुके शरद शर्मा ने गया है। व एक विशेष गाना गणेश चतुर्थी पर पिछले दिनों उनके गृह जनपद सीतापुर में ही बड़े भव्य रूप सेफिल्माया गया था ।

 

 

अभिनय के लिए मिले कई सम्मान

 

जीत रस्तोगी के अभिनय सफर में पुरस्कारों का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। थिएटर के दौर से ही उन्हें कई पुरस्कार मिलते रहे हैं। बाद में फिल्म और मनोरंजन जगत में उनके अभिनय को भी सम्मान मिला।

 

उनके प्रमुख सम्मानों में ‘भोजपुरी नायक अवॉर्ड’ भी शामिल है। इसके अलावा शॉर्ट फिल्म ‘प्रतिबिंब’  में उनके अभिनय के लिए मिले बेस्ट एक्टर अवॉर्ड ने उनके अभिनय सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी।

 

इन सम्मानों को वह अपने लिए मंजिल नहीं, बल्कि आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा मानते हैं। थिएटर से शुरू हुई यह यात्रा, फिर बिजनेस की दुनिया में एक लंबा पड़ाव और उसके बाद अभिनय में वापसी—जीत रस्तोगी का सफर बताता है कि सपने कभी खत्म नहीं होते, वे सिर्फ सही समय का इंतजार करते हैं।

 

 

 

फिल्म के फर्स्ट लुक लॉन्च के मौके पर इंडस्ट्री की चर्चित हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। चित्रांगदा सिंह, सपना चौधरी और ‘द कपिल शर्मा शो’ के कलाकारों की मौजूदगी ने इस लॉन्च इवेंट को आकर्षण का केंद्र बना दिया।

 

कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं कतार में

 

‘राघव शास्त्री’ के अलावा जीत रस्तोगी के आने वाले प्रोजेक्ट्स में ‘रसूख’, ‘लीपापोती’, ‘अर्जुनम’ और ‘वज्रास्त्रम’ ‘सपना हमार माई के’ ‘ये बंधन है प्यार के’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

 

 

तृणमूल के डेढ़ दशक के शासन में स्कूल शिक्षा की बदहाल तस्वीर, केंद्र की रिपोर्ट में खुलासा

*न्यूज़ डेस्क :* तृणमूल के डेढ़ दशक के शासन में राज्य की स्कूली शिक्षा का बुनियादी ढांचा कितना कमजोर और असमान हो गया है, इसकी झलक केंद्रीय संस्था ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस’ (UDISE+) की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है।

*छात्र-विहीन स्कूलों में हजारों शिक्षक तैनात*

रिपोर्ट में आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 4,133 स्कूलों में इस समय एक भी छात्र नहीं पढ़ता। हैरानी की बात यह है कि इन्हीं शून्य-छात्र वाले स्कूलों में 19,502 शिक्षक कार्यरत के रूप में दर्ज हैं! सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों को मिलाकर सामने आया यह विरोधाभास बड़ा सवाल खड़ा करता है- जहां छात्र ही नहीं हैं, वहां ये हजारों शिक्षक क्या काम कर रहे हैं?

हालांकि इस गड़बड़ी का ठीकरा राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने तकनीकी खामी पर फोड़ा है। उनका कहना है, “कई निजी स्कूलों ने पोर्टल पर सही तरीके से जानकारी अपलोड नहीं की है। उन्होंने शिक्षकों के नाम की सूची तो दी, लेकिन छात्रों का हिसाब नहीं दिया। इसलिए पोर्टल पर उन स्कूलों में छात्रों की संख्या शून्य दिख रही है। हम इस समस्या को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।”

*एक शिक्षक के भरोसे दो लाख से ज्यादा छात्र*

जहां एक तरफ छात्र-विहीन स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है, वहीं राज्य के 6,769 स्कूलों में शिक्षकों का भारी टोटा है। इन स्कूलों में से हर एक में मात्र एक ही शिक्षक है! जबकि इन एकल-शिक्षक वाले स्कूलों में 2 लाख 29 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं। जाहिर है, एक शिक्षक के लिए इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाना और प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालना असंभव है।

पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने कहा, “15 साल तक भ्रष्टाचार के कारण लगभग कोई शिक्षक भर्ती ही नहीं हुई। हम अब पूरी व्यवस्था को ठीक कर रहे हैं। उम्मीद है इस साल के अंत तक इस समस्या का समाधान हो जाएगा।”

*स्कूलों में भारी असमानता*

राज्य के कुल 93,147 स्कूलों की संरचना देखने पर बुनियादी ढांचे की भारी असमानता स्पष्ट होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल स्कूलों में से 8 प्रतिशत स्कूलों में छात्रों की संख्या 10 से भी कम है। वहीं, 8.5 प्रतिशत स्कूलों में छात्रों की संख्या 500 से अधिक है। इस असमानता को दूर करने के लिए कदम उठाने का आश्वासन मंत्री ने दिया है। दीपक बर्मन ने बताया कि जिन स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, वहां से शिक्षकों को उन स्कूलों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है जहां शिक्षकों की कमी है।


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MMDR संशोधन राज्य और राष्ट्र हित में, JMM-कांग्रेस भ्रम फैला रही है: रघुवर दास

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए MMDR (खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन बिल, 2026) अधिनियम राज्य हित और राष्ट्र हित में है, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस इसकी गलत व्याख्या कर राज्य की भोली-भाली जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे डंके की चोट पर कह रहे हैं

कि यह संशोधन झारखंड के हितों के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह हमारे झारखंड को उसकी खनिज संपदा का अधिकतम लाभ दिलाने और लीगल माइनिंग को पारदर्शी बनाने के पक्ष में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। श्री दास पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री दास ने कहा कि झारखंड का बच्चा-बच्चा जानता है कि झामुमो-कांग्रेस के संरक्षण में धनबाद, बोकारो, चतरा, हजारीबाग, साहेबगंज, दुमका, शिकारीपाड़ा में कोयला, बालू, पत्थर सिंडिकेट लूट मचा रहा है।

जो लोग चुनाव में 'जल, जंगल, जमीन' का नारा देकर सत्ता के सिंहासन पर बैठे हैं, उन्होंने सत्ता में आते ही हमारे जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों को सिंडिकेट के हवाले कर दिया और झारखंड को लूटखंड बना दिया है। आप मीडिया के बंधुओं ने भी समय-समय पर सरकार के संज्ञान में इसे लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि झामुमो के महासचिव पत्थर के अवैध खनन मामले में डेढ़ साल होटवार जेल काटकर आए हैं। संथाल के एक मंत्री इसी पत्थर-बालू की दलाली और कमीशनखोरी के चक्कर में जेल जा चुके हैं। झारखंड को लुटखंड में तब्दील करने वाले JMM, कांग्रेस जैस दलों से इस अधिनियम पर कोई सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

श्री दास ने कहा कि आज सवाल केवल 11,000 करोड़ रुपये के उपकर (CESS) का नहीं है। असल सवाल यह है कि क्या हम 'वित्तीय अनिश्चितता' (Fiscal Uncertainty) का माहौल बनाकर राज्य में आने वाले बड़े निवेश, अधिक उत्पादन, रोजगार और औद्योगिक क्रांति का रास्ता रोक दें? माइनिंग सेक्टर के कुल टैक्स और वैधानिक भुगतान (Statutory Payment) का लगभग 90% हिस्सा सीधे राज्यों को ही मिलता है, और यह व्यवस्था आगे भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ही रॉयल्टी के अलावा खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए 'डीएमएफटी' (DMFT) के माध्यम से 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देने की व्यवस्था लागू की थी। साथ ही हम यह भी मानते रहे हैं कि जनजाति समाज, डीएमएफटी और राज्य की वैध आय (Legitimate Revenue) की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए। खनिज संपदा का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए।

श्री दास ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के राजस्व के लिए कितनी चिंतित है यह इससे साबित होता है कि भारत सरकार द्वारा राज्य में 34 कोल ब्लॉक को चालू करने की मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक केवल चार कोल ब्लॉक चालू हो पाये हैं। 30 कोल ब्लॉक को राज्य सरकार ने चालू नहीं कराया है। इसी तरह लौह अयस्क की 15 में से छह माइंस, बॉक्साइड की 37 में से 17 माइंस ही चालू है। ये ब्लॉक और माइंस चालू होते तो राज्य को बहुत बड़ा राजस्व मिलता।

श्री दास ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार 11,000 करोड़ रुपये के सेस (CESS) का रोना रोती है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस सरकार की नीयत में कितना खोट है। अन्य राज्यों से तुलना एवं DMFT की स्थिति समान खनिज भंडार होने के बावजूद, ओडिशा वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹60,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य हासिल कर रहा है, जबकि झारखंड का लक्ष्य केवल ₹18,844 करोड़ है। ओडिशा की त्वरित नीलामी और खदान संचालन प्रक्रिया के कारण उसकी राजस्व दक्षता झारखंड से 3 गुना अधिक है। इसके अलावा, DMFT के कुल संग्रह (₹18,250 करोड़) में से ₹7,915 करोड़ से अधिक की राशि बिना खर्च पड़ी है और 2,487 प्रोजेक्ट्स ठप्प हो चुके हैं।

श्री दास ने कहा कि खनन से प्रभावित हमारे जिलों का हाल देखिए, धनबाद में 2,393.58 करोड़ रुपये, चाईबासा में 1,802.82 करोड़, चतरा में 1,055.40 करोड़, पाकुड़ में 527.88 करोड़ और रामगढ़ में 518.82 करोड़ रुपये का डीएमएफटी फंड खर्च ही नहीं किया गया। 2,487 योजनाएं रद्द, अस्पतालों में दवा नहीं, पीने का साफ पानी नहीं, चाईबासा में लोग लाल पानी और धनबाद में काला पानी पीने को मजबूर हैं। डीएमएफटी में राज्य सरकार द्वारा कुछ राशि खर्च भी की गई है, तो वह घोटाले की भेंट चढ़ गई है। डीएमएफटी घोटाले से संबंधित खबरें लगातार आती रही हैं।

श्री दास ने कहा कि हमारा हमेशा से मानना रहा है कि जनजातीय समाज, डीएमएफटी फंड और राज्य के वैध राजस्व की पूरी सुरक्षा होनी चाहिए। डीएमएफटी की राशि खनन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की आधारभूत संरचना पर खर्च की जानी चाहिए, लेकिन इस सरकार ने क्या किया? अस्पतालों में उपकरण नहीं हैं, एंबुलेंस नहीं हैं और जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। इतना ही नहीं, इस सरकार की सरपरस्ती में चल रहे अवैध धंधों के कारण वैध खनन (Legal Mining) का भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही (अप्रैल-जुलाई) में जहाँ कोयले का उत्पादन 44.78 मिलियन टन था, वहीं 2025-26 की इसी अवधि में यह घटकर 37.25 मिलियन टन पर आ गया। जब लीगल माइनिंग घटेगी, तो राज्य का वैध राजस्व अपने आप घटेगा।

श्री दास ने कहा कि सेस लगाये जाने के कारण झारखंड का कोयला व लोहा पहले ही महंगा हो चुका है। सेस के कारण लागत दर बढ़ गयी है। इससे झारखंड के कोयला-लोहा की मांग घट गयी है। उदाहरण के लिए, ग्रेड 8 से ग्रेड 12 कोयले की दर झारखंड में 2045-3212 रुपये प्रति टन ओड़िशा और छत्तीसगढ़ में 1514-2681 रुपये प्रति टन की दर से उपलब्ध है। इसी तरह, लोहा (एक ही क्वालिटी की तुलना करें तो) झारखंड में 8284 रुपये प्रति टन, ओड़िशा में 7493 रुपये प्रति टन, छत्तीसगढ़ में 7422 रुपये प्रति टन की दर पर उपलब्ध है।

श्री दास ने कहा कि यदि लीगल माइनिंग आर्थिक रूप से सुदृढ़ होगी और सप्लाई चेन पारदर्शी (Formal) होगी, तो अवैध माइनिंग का 'प्राइस एडवांटेज' खत्म हो जाएगा। लीगल माइनिंग से रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, डीएमएफटी, रोजगार और डाउनस्ट्रीम उद्योगों में जो आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, वह इस 11,000 करोड़ से कहीं बड़ा 'इकोनॉमिक मल्टीप्लायर' (Economic Multiplier) झारखंड को लाकर देगा। विगत 6 वर्षों में राज्य में 26 खदानों के पट्टे समाप्त हो गए। यदि सरकार समय पर पारदर्शी नीलामी करती, तो आज राज्य को अरबों रुपये की नीलामी राशि, रॉयल्टी और प्रीमियम मिलता। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता और अवैध खनन पर अंकुश लगता। टाटा कंपनी की एक माइंस की लीज समाप्त हो गयी है, वह भी तीन माह से मंजूरी के इंतजार में है।

श्री दास ने सवालिया लहजे में पूछा कि सरकार बताएं कि 6 साल में किस आदिवासी मूलवासी की दशा सुधरी है। कांग्रेस और झामुमो का यह विरोध राज्य के हित में नहीं, बल्कि अपने अवैध सिंडिकेट और जेब में आ रहे काले धन को बचाने की आखिरी छटपटाहट है। छात्रों और युवाओं के साथ सात साल से छल कर रही यह सरकार मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए झूठा आंदोलन खड़ा करने की धमकी दे रही है। लेकिन झारखंड की जनता अब इनके इस लूट तंत्र को पूरी तरह समझ चुकी है और इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता केके गुप्ता भी उपस्थित रहे।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
ক্যামাক স্ট্রিট কাণ্ডে তৃণমূলকে স্বস্তি দিল না হাই কোর্ট, খারিজ অন্তর্বর্তী নির্দেশের আর্জি*

*শিরোনাম:* ক্যামাক স্ট্রিটে বিলবোর্ড বিতর্ক: হাইকোর্টের দ্বারস্থ তৃণমূল, মিলল না অন্তর্বর্তী স্বস্তি, গ্রেফতার ১৩

*কলকাতা, ২৮ আগস্ট:* কলকাতার ক্যামাক স্ট্রিটে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়ের সাইনবোর্ড খোলাকে কেন্দ্র করে তোলপাড় রাজ্য রাজনীতি। কলকাতা পুরসভার উচ্ছেদ অভিযানকে চ্যালেঞ্জ করে কলকাতা হাইকোর্টের দ্বারস্থ হয় তৃণমূল কংগ্রেস। কিন্তু আপাতত কোনও অন্তর্বর্তী নির্দেশ দিল না আদালত।

শুক্রবার সকালে বিচারপতি রাজা বসুচৌধুরীর এজলাসে মামলাটির উল্লেখ করেন তৃণমূলের আইনজীবী কিশোর দত্ত। আদালত মামলা দায়ের করার অনুমতি দিয়েছে এবং আজই নম্বর নিয়ে আসলে শুনানির আশ্বাস দিয়েছে।

আইনজীবী জানান, বৃহস্পতিবার বিকেল ৪:৪৫ নাগাদ কলকাতা পুরসভার কর্মীরা তৃণমূল ভবনে ঢুকে বিলবোর্ড ভাঙচুর করেন।

এর প্রেক্ষিতে বিচারপতি বসুচৌধুরী বলেন, "মামলার নম্বর না পড়লে শুনানি সম্ভব নয়। নম্বর নিয়ে আসুন, আজকেই শুনব।" তবে তিনি স্পষ্ট জানিয়ে দেন, "ইতিমধ্যেই হোর্ডিং খুলে দেওয়া হয়েছে, ফলে এখনই আদালতের হস্তক্ষেপের প্রয়োজন নেই।" তৃণমূলের হোর্ডিং পুনরায় লাগানোর আর্জিও খারিজ করে আদালত জানায়, মামলাটি এখনও অপরিণত পর্যায়ে রয়েছে। সব পক্ষকে হলফনামা জমা দিতে হবে, তারপরই পরবর্তী শুনানি।

জানা গেছে, ক্যামাক স্ট্রিটে প্রায় ৩০০০ বর্গফুট জায়গা জুড়ে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়। বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় সেখানে 'অল ইন্ডিয়া তৃণমূল কংগ্রেস' লেখা সাইনবোর্ড খুলে দেয় পুরসভা।

তৃণমূলের অভিযোগ, তালা ভেঙে ছাদে উঠে সাইনবোর্ড উপড়ে ফেলা হয়। বাধা দিতে গিয়ে সিঁড়িতে শুয়ে পড়েন সাংসদ ডেরেক ও'ব্রায়েন সহ নেতা-কর্মীরা। পুলিশের সঙ্গে ব্যাপক ধস্তাধস্তি হয়।

এই ঘটনায় শেক্সপিয়র সরণি থানায় ৩টি এফআইআর দায়ের হয়েছে এবং ১৩ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। এফ আই আর-এ নাম রয়েছে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়, ডেরেক ও'ব্রায়েন, বৈশ্বানর চট্টোপাধ্যায় ও হুমায়ুন কবীরের।

পুরসভা বোর্ড খুলে দিলেও, বৃহস্পতিবার রাতেই ওই স্থানে ফের তৃণমূলের ব্যানার ঝুলিয়ে দেওয়া হয়। অভিষেকের দাবি, এটি বিজেপির প্রতিহিংসাপরায়ণ রাজনীতির ফল এবং ব্যক্তিগত সম্পত্তিতে বেআইনি হস্তক্ষেপ।

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सुल्तानपुर जिला जेल में राखी पर भावुक पल, बोलीं बहनें - नहीं चाहते थे जेल में राखी बांधें,पर भगवान ने ऐसा दिन दिखाया*
जेल की सलाखों में भी नहीं टूटा राखी का बंधन: सुल्तानपुर जिला कारागार में उमड़ा बहनों का सैलाब। सुल्तानपुर में आज 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सुल्तानपुर जिला कारागार के बाहर सुबह से ही अलग ही नजारा देखने को मिला। दूर-दराज के जनपदों से सैकड़ों बहनें हाथों में राखी और मिठाई लेकर अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने सुल्तानपुर पहुंची। जिला कारागार सुल्तानपुर के गेट पर ISO सर्टिफाइड बोर्ड के नीचे बहनों की लंबी लाइन लगी रही। कोई सुल्तानपुर से आई थी तो कोई जोधपुर से टो कोई वाराणसी जनपद जैसे दूर जिले से। जेल प्रशासन ने त्योहार को देखते हुए विशेष मुलाकात की व्यवस्था कर रखी थी। अंदर राखी बंधवाने के बाद बाहर निकली बहनें काफी भावुक दिखीं। सुल्तानपुर से आई ललिता ने कहा कि "हम नहीं चाहते थे कि जेल में अपने भाई को राखी बांधने आएं,लेकिन भगवान ऐसा दिन दिखा रहे हैं। प्रार्थना है कि हमारा भाई जल्द से जल्द यहां से निकल जाए। वहीं जोधपुर से आई एक बहन ने कहा कि वो आशीर्वाद और मिठाई लेकर भाई से मिलने आई है। राखी बांधने के बाद कई बहनें जेल गेट के बाहर फूट-फूट कर रोती भी दिखीं,जो इस बात की गवाही है कि सलाखें भाई-बहन के प्यार को कम नहीं कर सकतीं। सुरक्षा के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। तस्वीरें यह सुल्तानपुर जिला जेल की हैं, जहां आज रक्षा बंधन पर सैकड़ों बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंची। कोई सुल्तानपुर से तो कोई जोधपुर से... हाथों में राखी, मिठाई और आंखों में भाई की जल्द रिहाई की प्रार्थना। जेल प्रशासन ने भी विशेष इंतजाम किए थे। एक बहन ने भावुक होते हुए कहा कि नहीं चाहती थी जेल में राखी बांधना,पर किस्मत ने ये दिन दिखाया। राखी का ये बंधन जेल की सलाखों को भी पार कर गया।
नेपाल में आई बाढ़ में 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

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नेपाल ने बुधवार को एक बार फिर से विनाश का मंजर देखा। यहां बड़ी संख्या में लोग तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में बह गए। बाढ़ में कम से कम 270 लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों लोग लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं।

नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं। साथ ही केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है। इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुल पांच समूह लापता हैं।

भारत ने भेजी 47 टन राहत सामग्री

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल को इस मुश्किल समय में मदद के लिए भारत ने दो विमान भेजे हैं। जिनमें से एक सी-130 जे विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर बुधवार को नेपाल हुआ था। इनमें अस्थायी शेल्टर, दवाईयां आदि लेकर गया है। आज भी एक सी-17 विमान 37 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ है। इनमें से आठ टन दवाईयां हैं और एक टन खाद्य पदार्थ हैं। इस तरह दो दिनों में नेपाल को 47 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जो भी राहत सामग्री भेजी गई है, वह नेपाल की मांग के आधार पर ही भेजी गई है।

नेपाल के हालात को लेकर जयशंकर ने की समीक्षा बैठक*

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल बाढ़ के हालात पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भारत, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इस बैठक में काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूत भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए। विदेश मंत्री ने बताया कि उनका मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटर्स और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। जयशंकर ने कहा कि हम इस मामले के साथ-साथ राहत कार्यों को लेकर भी नेपाल के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय में काम कर रहे हैं।

Homeopathy in Hyderabad for Fatty Liver: Understanding Liver Health and Personalized Care

Looking for homeopathy in Hyderabad for fatty liver? Learn about symptoms, causes, lifestyle factors, and personalized holistic guidance for liver wellness.

Fatty liver is a condition where excess fat accumulates in the liver. The liver performs essential functions related to metabolism, digestion, nutrient processing, and overall body health. When excessive fat collects in liver cells, it may become a health concern and should be evaluated appropriately.

Fatty liver can be associated with several lifestyle and metabolic factors. Being overweight, consuming an unbalanced diet, having limited physical activity, diabetes, insulin resistance, and high cholesterol or triglyceride levels may increase the risk. Excessive alcohol consumption can also affect liver health.

One of the challenges of fatty liver is that it may not cause obvious symptoms in the early stages. Some people discover the condition during a routine check-up, blood test, or abdominal scan. Understanding risk factors and receiving appropriate evaluation can help individuals make informed health decisions.

Symptoms of Fatty Liver

Many people may not experience noticeable symptoms initially. When symptoms occur, they can include:

  • Persistent fatigue or low energy
  • General weakness
  • Mild discomfort or heaviness in the upper abdomen
  • Bloating and digestive discomfort
  • Reduced appetite
  • A general feeling of unwellness

These symptoms may have several possible causes, so they should not be considered proof of fatty liver. Proper assessment by a qualified healthcare professional is important.

Causes and Risk Factors of Fatty Liver

Fatty liver may develop due to a combination of metabolic and lifestyle factors.

Excess body weight, particularly abdominal fat, is commonly associated with fat accumulation in the liver. Regularly eating foods high in added sugar, refined carbohydrates, unhealthy fats, and excess calories may also contribute to metabolic imbalance.

A sedentary lifestyle can increase the risk by making weight management more difficult. Diabetes and insulin resistance may influence the way the body processes fats and glucose. High cholesterol and triglyceride levels may also occur alongside fatty liver.

Alcohol is another important factor. Excessive alcohol consumption can affect liver cells and contribute to alcohol-related liver disease.

Homeopathy in Hyderabad for Fatty Liver

Individuals searching for homeopathy in Hyderabad may prefer a personalized approach that takes their complete health profile into consideration. During a consultation, factors such as symptoms, health history, dietary habits, digestion, sleep, stress, physical activity, and daily routine may be discussed.

A personalized homeopathy in Hyderabad consultation can help individuals discuss their broader health concerns and lifestyle patterns. The focus is on understanding the individual rather than considering a single symptom in isolation.

However, fatty liver requires appropriate diagnosis and monitoring. Depending on individual circumstances, healthcare professionals may recommend blood tests, liver function tests, ultrasound or other imaging, and periodic follow-up. Homeopathic consultation should not replace necessary medical evaluation or delay appropriate treatment.

Lifestyle Measures for Liver Health

Healthy lifestyle habits can help address several factors associated with fatty liver. Depending on individual needs, useful measures may include:

  • Eating a balanced, nutritious diet
  • Reducing excess sugar and processed foods
  • Maintaining a healthy body weight
  • Engaging in regular physical activity
  • Avoiding excessive alcohol consumption
  • Monitoring blood sugar and cholesterol
  • Maintaining a consistent sleep schedule
  • Attending recommended health check-ups

Sustainable lifestyle changes are generally more practical than extreme diets or sudden changes. Individual recommendations should be based on personal health requirements and professional guidance.

Spiritual Homeopathy: Individualized Health Guidance

Spiritual Homeopathy provides personalized consultations that consider individual symptoms, health history, lifestyle patterns, and overall wellness. The clinic follows a patient-centered approach and provides an opportunity to discuss health concerns in detail.

For individuals seeking homeopathy in Hyderabad, Spiritual Homeopathy focuses on understanding each person's health concerns and providing individualized guidance. Those exploring homeopathy in Hyderabad for fatty liver can discuss their concerns while maintaining appropriate medical evaluation and follow-up.

Importance of Regular Monitoring

Since fatty liver can be present without clear symptoms, regular health assessments can be valuable. People with diabetes, excess weight, high cholesterol, or other metabolic risk factors may benefit from discussing liver health with a qualified healthcare professional.

Seek prompt medical attention for symptoms such as yellowing of the skin or eyes, severe abdominal pain, marked abdominal swelling, persistent vomiting, or confusion.

Conclusion

Fatty liver is often associated with lifestyle and metabolic factors and may remain unnoticed in its early stages. Awareness, healthy daily habits, professional evaluation, and appropriate monitoring can help individuals take informed steps toward better liver wellness.

If you are looking for homeopathy in Hyderabad, a personalized consultation can help you discuss your health history, lifestyle, and overall wellness concerns.

For appointments and personalized consultation, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176.

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नेपाल में जल प्रलय से हाहाकार, 150 से ज़्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लापता

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। के बाद बचाव और तलाश का काम जारी है। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बुधवार सुबह आई बाढ़ और भूस्खलन से पानी का स्तर 30 फीट तक बढ़ गया और यह रास्ते के आस-पास पड़ने वाली बस्तियों, पनबिजली इकाइयों और रास्तों को बहा ले गया। अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें भारत से आए कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

579 लोगों का अब तक लापता

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 157 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस बाढ़ में सुरक्षाकर्मियों व विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में तीन लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। नेपाल पुलिस ने बताया कि 579 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 28 देशों के 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं। लापता लोगों में कम से कम 133 भारतीय हैं। 33 लोगों के शव घटना स्थल से 150 किमी दूर चितवन में मिले, जिससे मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है।

1993 से भी बड़ी तबाही के अनुमान

यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है। बुधवार की बाढ़ ने कई पनबिजली परियोजनाओं और वाणिज्यिक बैंकों को तबाह कर दिया है। नेपाली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, बाढ़ में कई पुल और क़रीब 40 किलोमीटर हाइवे बह गए हैं। निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए कुल नुक़सान का अभी तक कोई आकलन नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि यह 1993 में सरलाही, रौतहट और मकवानपुर में आई बाढ़ से भी ज़्यादा विनाशकारी हो सकती है, जिसमें 1,400 लोगों की मौत हुई थी और जिसे लंबे समय से देश की सबसे बड़ी आपदा माना जाता रहा है।

भारत ने नेपाल भेजी राहत सामग्री की पहली खेप

भारत ने नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। बुधवार रात सैन्य परिवहन विमान के जरिये नेपाल को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बातचीत करने के कुछ घंटे बाद राहत सामग्री भेजी गई। मोदी ने शाह को स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मोदी ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर कहा, “इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने बहन-भाइयों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने संवेदना जताई

वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। कई लोग लापता हैं। बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। गुटेरेस ने 'एक्स' पर लिखा कि वह बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। गुटेरेस ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में मदद कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी सामान और कर्मचारियों को जुटा रहे हैं।

WallX by Avinya Bharat Launches Premium LED Video Wall Brand on India's 80th Independence Day

Pune, Maharashtra, August 2026, Avinya Bharat Pvt Ltd has launched WallX, its new premium LED video wall brand, choosing August 15, 2026, India's 80th Independence Day, as the date to introduce it. The launch reflects the company's intent to build a trusted Indian name in high-performance, professionally engineered LED display technology.With WallX, Avinya Bharat is stepping into the premium tier of India's fast-growing LED video wall and professional display market. The brand's focus sits squarely on engineering quality, long-term reliability, and the kind of after-sale support that keeps a display running for years, not just months.

A Different Starting Point for LED Displays

Most LED video wall purchases in India are still decided on price alone. WallX was built around a different question: what does a display actually cost once you account for the years it has to keep working?

That question shapes how the brand evaluates every product it puts to market. Component quality, thermal management, electrical protection, power efficiency, and spare-part availability all factor into WallX's approach, alongside how easily a unit can be serviced once it's installed. Avinya Bharat wants customers to weigh an LED video wall as a complete engineered system, not a line item on a quotation.

That distinction matters most in settings where a screen going dark has real consequences, control rooms, retail storefronts, hospitality venues, and corporate environments where downtime affects operations or brand visibility.

Backing the Brand With a 3-Year Warranty

WallX is launching with a premium 3-year warranty across its product range, one of the more significant commitments the brand is making out of the gate. It's a direct statement of confidence in the engineering behind the displays, and it gives customers planning larger installations, the kind expected to run continuously for years, a clearer sense of what they're buying into.

For a new brand entering a crowded market, a warranty like this does double duty: it protects the customer and it sets a bar Avinya Bharat is committing to meet.

Engineering Comes First

WallX's product development is built around solutions for varied indoor and outdoor environments rather than a one-size-fits-all screen. The company draws on Avinya Bharat's existing experience in LED display manufacturing, project execution, and technical support to inform how each configuration is built.

Before recommending a setup, the WallX team looks at viewing distance, pixel pitch, screen dimensions, the installation environment, power requirements, thermal conditions, and how accessible the unit will be for future servicing. It's a more deliberate process than treating every deal as a standard screen sale, and one aimed at avoiding the kind of mismatched installations that create problems down the line.

Thinking in Lifecycle Terms, Not Purchase Price

For premium buyers, the sticker price is just the entry point. Electricity use, maintenance needs, spare parts, and potential downtime all add up over the life of an installation, and WallX is positioning its products around that fuller picture rather than the number on day one.

It's a straightforward philosophy, even if it runs against how most buyers are used to shopping for displays: what will this wall cost to run and maintain, not just what will it cost to buy. That framing is likely to resonate with businesses and institutions that need consistent performance and real service support behind their LED video wall investment.

Building From Pune, Aiming Nationwide

Launching WallX on Independence Day wasn't incidental, it reflects Avinya Bharat's ambition to build a genuinely Indian premium display brand from its base in Pune, Maharashtra. From there, the company plans to expand WallX's reach across India, serving corporate, commercial, institutional, retail, and mission-critical customers who need professional LED display solutions they can rely on.

Avinya Bharat views the WallX launch as more than a product introduction, it's the start of a brand built around raising the standard for quality, reliability, and customer confidence in India's LED display industry. The company's position is that the market's future won't be won on the lowest quote, but on the combination of performance, reliability, service, and total lifecycle value.

For more information visit wallxdisplay.com

 

हिंदी फिल्म ‘राघव शास्त्री’ का फर्स्ट लुक कोलकाता के ग्रैंड इवेंट में हुआ लॉन्च अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, सपना चौधरी व कपिल शर्मा शो के कलाका


 

कोलकाता। हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे अभिनेता जीत रस्तोगी की आगामी हिंदी फिल्म ‘राघव शास्त्री’ का फर्स्ट लुक कोलकाता में भारत के बड़े b2b ब्रांड सरोगी सुपर सेल्स SSS द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में श्री राजेश सरावगी ;(फाउंडर एंड सीईओ) द्वारा लॉन्च किया गया। इस खास मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, लोकप्रिय अभिनेत्री एवं डांसर सपना चौधरी तथा ‘द कपिल शर्मा शो’ से जुड़े कलाकार डॉ संकेत भोसले, सुगंधा मिश्रा, व ‘बिग बॉस’ फेम नेहल चुदासमा सहित मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। 

फिल्म के फर्स्ट लुक लॉन्च के दौरान ‘राघव शास्त्री’ को लेकर दर्शकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में खास उत्सुकता देखने को मिली। फिल्म की पहली झलक ने इसके विषय और किरदारों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है।

 

थिएटर से शुरू हुआ सफर, सिनेमा तक पहुंचा

 

जीत रस्तोगी का फिल्मी सफर अचानक शुरू नहीं हुआ। कॉलेज के दिनों से ही उनका जुड़ाव थिएटर से रहा, जहां उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और अपने अभिनय के लिए कई पुरस्कार भी हासिल किए।

 

थिएटर के कुछ वर्षों के बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान बिजनेस की ओर कर लिया। हालांकि अभिनय का जुनून उनके भीतर बना रहा। लगभग पांच-छह वर्ष पहले उन्होंने दोबारा अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कदम रखा और इसके बाद फिल्मों, टेलीविजन तथा शॉर्ट फिल्मों में लगातार काम करते हुए अपनी पहचान बनानी शुरू की।

 

उनका यह सफर इस मायने में भी खास है कि उन्होंने मनोरंजन की दुनिया में लौटने के बाद सिर्फ एक माध्यम तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि फिल्मों, टीवी सीरियल्स और शॉर्ट फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।

 

रवि किशन के साथ ‘सन की डारोगा’ से लेकर कई फिल्मों तक

 

जीत रस्तोगी ने अभिनेता रवि किशन के साथ फिल्म ‘सन की डारोगा’ में काम किया। यह उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक रही। फिल्म की खास उपलब्धि यह रही कि इसे भारत के अलावा पांच अन्य देशों में भी रिलीज किया गया।

 

इसके अलावा उन्होंने मुख्य भूमिका में भोजपुरी फिल्म ‘आज की बेटी’ ‘सांवरिया मोहे रंगदे’ वह सुपरस्टार रवि किशन के साथ सनकी दरोगा में अभिनय किया, और हिंदी में उनकी मुख्य भूमिका की फिल्मों जैसे ‘अफवाह’ प्रतिबिंब, आफ्टर ब्रेकअप,लीपापोती, कैलाशी जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया, फिल्मों के साथ-साथ जीत रस्तोगी ने न्यूज़ TV18 के लिए कई सीरियल्स में भी काम किया।

 

‘राघव शास्त्री’ के साथ हिंदी सिनेमा में नई पारी

 

‘राघव शास्त्री’ जीत रस्तोगी के मौजूदा फिल्मी सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लंबे समय से अभिनय और अलग-अलग माध्यमों में काम करने के बाद अब वह इस हिंदी फिल्म के जरिए दर्शकों के सामने एक नए सिनेमाई अनुभव के साथ आने की तैयारी में हैं।

महामाया मूवी के बैनर तले बनी हिंदी फिल्म राघव शास्त्री के बारे में अभिनेता जीत रस्तोगी ने बताते हुए आगे कहा की फिल्म  कॉमेडी और एक्शन से भरपूर एक मनोरंजक फ़िल्म होगी,  जिसमें उनके साथ अभिनेत्री विजयलक्ष्मी सिंह के साथ-साथ बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों जैसे अजय देवगन की रेड 2, कार्तिक आर्यन अभिनीत पति-पत्नी और वो, आयुष्मान खुराना अभिनीत पति पत्नी और वो दोनों,  में काम कर चुके कलाकार दुर्गेश चौहान, नीरज शुक्ला, राखी जयसवाल, महाकाल सिंह, संतोष कुमार यमराज, अरुण वर्मा वह वंदना बाजपेई अपने अभिनय का जलवा बिखेरेंगे। फिल्म का एक्शन बड़ा ही लाजवाब और कमल का है जिसे प्रसिद्ध एक्शन डायरेक्टर अशोक लाल यादव ने निर्देशित किया है, यही नहीं फिल्म में तीन हिंदी गाने हैं जो दर्शकों को खास पसंद आने वाले हैं इसमें से एक गाना सारेगामापा के रनर अप रह चुके शरद शर्मा ने गया है। व एक विशेष गाना गणेश चतुर्थी पर पिछले दिनों उनके गृह जनपद सीतापुर में ही बड़े भव्य रूप सेफिल्माया गया था ।

 

 

अभिनय के लिए मिले कई सम्मान

 

जीत रस्तोगी के अभिनय सफर में पुरस्कारों का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। थिएटर के दौर से ही उन्हें कई पुरस्कार मिलते रहे हैं। बाद में फिल्म और मनोरंजन जगत में उनके अभिनय को भी सम्मान मिला।

 

उनके प्रमुख सम्मानों में ‘भोजपुरी नायक अवॉर्ड’ भी शामिल है। इसके अलावा शॉर्ट फिल्म ‘प्रतिबिंब’  में उनके अभिनय के लिए मिले बेस्ट एक्टर अवॉर्ड ने उनके अभिनय सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी।

 

इन सम्मानों को वह अपने लिए मंजिल नहीं, बल्कि आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा मानते हैं। थिएटर से शुरू हुई यह यात्रा, फिर बिजनेस की दुनिया में एक लंबा पड़ाव और उसके बाद अभिनय में वापसी—जीत रस्तोगी का सफर बताता है कि सपने कभी खत्म नहीं होते, वे सिर्फ सही समय का इंतजार करते हैं।

 

 

 

फिल्म के फर्स्ट लुक लॉन्च के मौके पर इंडस्ट्री की चर्चित हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। चित्रांगदा सिंह, सपना चौधरी और ‘द कपिल शर्मा शो’ के कलाकारों की मौजूदगी ने इस लॉन्च इवेंट को आकर्षण का केंद्र बना दिया।

 

कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं कतार में

 

‘राघव शास्त्री’ के अलावा जीत रस्तोगी के आने वाले प्रोजेक्ट्स में ‘रसूख’, ‘लीपापोती’, ‘अर्जुनम’ और ‘वज्रास्त्रम’ ‘सपना हमार माई के’ ‘ये बंधन है प्यार के’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

 

 

तृणमूल के डेढ़ दशक के शासन में स्कूल शिक्षा की बदहाल तस्वीर, केंद्र की रिपोर्ट में खुलासा

*न्यूज़ डेस्क :* तृणमूल के डेढ़ दशक के शासन में राज्य की स्कूली शिक्षा का बुनियादी ढांचा कितना कमजोर और असमान हो गया है, इसकी झलक केंद्रीय संस्था ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस’ (UDISE+) की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है।

*छात्र-विहीन स्कूलों में हजारों शिक्षक तैनात*

रिपोर्ट में आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 4,133 स्कूलों में इस समय एक भी छात्र नहीं पढ़ता। हैरानी की बात यह है कि इन्हीं शून्य-छात्र वाले स्कूलों में 19,502 शिक्षक कार्यरत के रूप में दर्ज हैं! सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों को मिलाकर सामने आया यह विरोधाभास बड़ा सवाल खड़ा करता है- जहां छात्र ही नहीं हैं, वहां ये हजारों शिक्षक क्या काम कर रहे हैं?

हालांकि इस गड़बड़ी का ठीकरा राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने तकनीकी खामी पर फोड़ा है। उनका कहना है, “कई निजी स्कूलों ने पोर्टल पर सही तरीके से जानकारी अपलोड नहीं की है। उन्होंने शिक्षकों के नाम की सूची तो दी, लेकिन छात्रों का हिसाब नहीं दिया। इसलिए पोर्टल पर उन स्कूलों में छात्रों की संख्या शून्य दिख रही है। हम इस समस्या को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।”

*एक शिक्षक के भरोसे दो लाख से ज्यादा छात्र*

जहां एक तरफ छात्र-विहीन स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है, वहीं राज्य के 6,769 स्कूलों में शिक्षकों का भारी टोटा है। इन स्कूलों में से हर एक में मात्र एक ही शिक्षक है! जबकि इन एकल-शिक्षक वाले स्कूलों में 2 लाख 29 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं। जाहिर है, एक शिक्षक के लिए इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाना और प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालना असंभव है।

पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने कहा, “15 साल तक भ्रष्टाचार के कारण लगभग कोई शिक्षक भर्ती ही नहीं हुई। हम अब पूरी व्यवस्था को ठीक कर रहे हैं। उम्मीद है इस साल के अंत तक इस समस्या का समाधान हो जाएगा।”

*स्कूलों में भारी असमानता*

राज्य के कुल 93,147 स्कूलों की संरचना देखने पर बुनियादी ढांचे की भारी असमानता स्पष्ट होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल स्कूलों में से 8 प्रतिशत स्कूलों में छात्रों की संख्या 10 से भी कम है। वहीं, 8.5 प्रतिशत स्कूलों में छात्रों की संख्या 500 से अधिक है। इस असमानता को दूर करने के लिए कदम उठाने का आश्वासन मंत्री ने दिया है। दीपक बर्मन ने बताया कि जिन स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, वहां से शिक्षकों को उन स्कूलों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है जहां शिक्षकों की कमी है।


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MMDR संशोधन राज्य और राष्ट्र हित में, JMM-कांग्रेस भ्रम फैला रही है: रघुवर दास

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए MMDR (खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन बिल, 2026) अधिनियम राज्य हित और राष्ट्र हित में है, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस इसकी गलत व्याख्या कर राज्य की भोली-भाली जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे डंके की चोट पर कह रहे हैं

कि यह संशोधन झारखंड के हितों के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह हमारे झारखंड को उसकी खनिज संपदा का अधिकतम लाभ दिलाने और लीगल माइनिंग को पारदर्शी बनाने के पक्ष में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। श्री दास पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री दास ने कहा कि झारखंड का बच्चा-बच्चा जानता है कि झामुमो-कांग्रेस के संरक्षण में धनबाद, बोकारो, चतरा, हजारीबाग, साहेबगंज, दुमका, शिकारीपाड़ा में कोयला, बालू, पत्थर सिंडिकेट लूट मचा रहा है।

जो लोग चुनाव में 'जल, जंगल, जमीन' का नारा देकर सत्ता के सिंहासन पर बैठे हैं, उन्होंने सत्ता में आते ही हमारे जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों को सिंडिकेट के हवाले कर दिया और झारखंड को लूटखंड बना दिया है। आप मीडिया के बंधुओं ने भी समय-समय पर सरकार के संज्ञान में इसे लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि झामुमो के महासचिव पत्थर के अवैध खनन मामले में डेढ़ साल होटवार जेल काटकर आए हैं। संथाल के एक मंत्री इसी पत्थर-बालू की दलाली और कमीशनखोरी के चक्कर में जेल जा चुके हैं। झारखंड को लुटखंड में तब्दील करने वाले JMM, कांग्रेस जैस दलों से इस अधिनियम पर कोई सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

श्री दास ने कहा कि आज सवाल केवल 11,000 करोड़ रुपये के उपकर (CESS) का नहीं है। असल सवाल यह है कि क्या हम 'वित्तीय अनिश्चितता' (Fiscal Uncertainty) का माहौल बनाकर राज्य में आने वाले बड़े निवेश, अधिक उत्पादन, रोजगार और औद्योगिक क्रांति का रास्ता रोक दें? माइनिंग सेक्टर के कुल टैक्स और वैधानिक भुगतान (Statutory Payment) का लगभग 90% हिस्सा सीधे राज्यों को ही मिलता है, और यह व्यवस्था आगे भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ही रॉयल्टी के अलावा खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए 'डीएमएफटी' (DMFT) के माध्यम से 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देने की व्यवस्था लागू की थी। साथ ही हम यह भी मानते रहे हैं कि जनजाति समाज, डीएमएफटी और राज्य की वैध आय (Legitimate Revenue) की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए। खनिज संपदा का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए।

श्री दास ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के राजस्व के लिए कितनी चिंतित है यह इससे साबित होता है कि भारत सरकार द्वारा राज्य में 34 कोल ब्लॉक को चालू करने की मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक केवल चार कोल ब्लॉक चालू हो पाये हैं। 30 कोल ब्लॉक को राज्य सरकार ने चालू नहीं कराया है। इसी तरह लौह अयस्क की 15 में से छह माइंस, बॉक्साइड की 37 में से 17 माइंस ही चालू है। ये ब्लॉक और माइंस चालू होते तो राज्य को बहुत बड़ा राजस्व मिलता।

श्री दास ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार 11,000 करोड़ रुपये के सेस (CESS) का रोना रोती है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस सरकार की नीयत में कितना खोट है। अन्य राज्यों से तुलना एवं DMFT की स्थिति समान खनिज भंडार होने के बावजूद, ओडिशा वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹60,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य हासिल कर रहा है, जबकि झारखंड का लक्ष्य केवल ₹18,844 करोड़ है। ओडिशा की त्वरित नीलामी और खदान संचालन प्रक्रिया के कारण उसकी राजस्व दक्षता झारखंड से 3 गुना अधिक है। इसके अलावा, DMFT के कुल संग्रह (₹18,250 करोड़) में से ₹7,915 करोड़ से अधिक की राशि बिना खर्च पड़ी है और 2,487 प्रोजेक्ट्स ठप्प हो चुके हैं।

श्री दास ने कहा कि खनन से प्रभावित हमारे जिलों का हाल देखिए, धनबाद में 2,393.58 करोड़ रुपये, चाईबासा में 1,802.82 करोड़, चतरा में 1,055.40 करोड़, पाकुड़ में 527.88 करोड़ और रामगढ़ में 518.82 करोड़ रुपये का डीएमएफटी फंड खर्च ही नहीं किया गया। 2,487 योजनाएं रद्द, अस्पतालों में दवा नहीं, पीने का साफ पानी नहीं, चाईबासा में लोग लाल पानी और धनबाद में काला पानी पीने को मजबूर हैं। डीएमएफटी में राज्य सरकार द्वारा कुछ राशि खर्च भी की गई है, तो वह घोटाले की भेंट चढ़ गई है। डीएमएफटी घोटाले से संबंधित खबरें लगातार आती रही हैं।

श्री दास ने कहा कि हमारा हमेशा से मानना रहा है कि जनजातीय समाज, डीएमएफटी फंड और राज्य के वैध राजस्व की पूरी सुरक्षा होनी चाहिए। डीएमएफटी की राशि खनन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की आधारभूत संरचना पर खर्च की जानी चाहिए, लेकिन इस सरकार ने क्या किया? अस्पतालों में उपकरण नहीं हैं, एंबुलेंस नहीं हैं और जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। इतना ही नहीं, इस सरकार की सरपरस्ती में चल रहे अवैध धंधों के कारण वैध खनन (Legal Mining) का भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही (अप्रैल-जुलाई) में जहाँ कोयले का उत्पादन 44.78 मिलियन टन था, वहीं 2025-26 की इसी अवधि में यह घटकर 37.25 मिलियन टन पर आ गया। जब लीगल माइनिंग घटेगी, तो राज्य का वैध राजस्व अपने आप घटेगा।

श्री दास ने कहा कि सेस लगाये जाने के कारण झारखंड का कोयला व लोहा पहले ही महंगा हो चुका है। सेस के कारण लागत दर बढ़ गयी है। इससे झारखंड के कोयला-लोहा की मांग घट गयी है। उदाहरण के लिए, ग्रेड 8 से ग्रेड 12 कोयले की दर झारखंड में 2045-3212 रुपये प्रति टन ओड़िशा और छत्तीसगढ़ में 1514-2681 रुपये प्रति टन की दर से उपलब्ध है। इसी तरह, लोहा (एक ही क्वालिटी की तुलना करें तो) झारखंड में 8284 रुपये प्रति टन, ओड़िशा में 7493 रुपये प्रति टन, छत्तीसगढ़ में 7422 रुपये प्रति टन की दर पर उपलब्ध है।

श्री दास ने कहा कि यदि लीगल माइनिंग आर्थिक रूप से सुदृढ़ होगी और सप्लाई चेन पारदर्शी (Formal) होगी, तो अवैध माइनिंग का 'प्राइस एडवांटेज' खत्म हो जाएगा। लीगल माइनिंग से रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, डीएमएफटी, रोजगार और डाउनस्ट्रीम उद्योगों में जो आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, वह इस 11,000 करोड़ से कहीं बड़ा 'इकोनॉमिक मल्टीप्लायर' (Economic Multiplier) झारखंड को लाकर देगा। विगत 6 वर्षों में राज्य में 26 खदानों के पट्टे समाप्त हो गए। यदि सरकार समय पर पारदर्शी नीलामी करती, तो आज राज्य को अरबों रुपये की नीलामी राशि, रॉयल्टी और प्रीमियम मिलता। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता और अवैध खनन पर अंकुश लगता। टाटा कंपनी की एक माइंस की लीज समाप्त हो गयी है, वह भी तीन माह से मंजूरी के इंतजार में है।

श्री दास ने सवालिया लहजे में पूछा कि सरकार बताएं कि 6 साल में किस आदिवासी मूलवासी की दशा सुधरी है। कांग्रेस और झामुमो का यह विरोध राज्य के हित में नहीं, बल्कि अपने अवैध सिंडिकेट और जेब में आ रहे काले धन को बचाने की आखिरी छटपटाहट है। छात्रों और युवाओं के साथ सात साल से छल कर रही यह सरकार मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए झूठा आंदोलन खड़ा करने की धमकी दे रही है। लेकिन झारखंड की जनता अब इनके इस लूट तंत्र को पूरी तरह समझ चुकी है और इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता केके गुप्ता भी उपस्थित रहे।