पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

अदनान खान: दो डायलॉग से शुरू कहानी पहुंची रुपहले पर्दे तक

थिएटर, फिल्म और वेब सीरीज के सफल निर्देशक की प्रेरणादायक कहानी

सैयद रिजवान अली 

बाकानेर/भोपाल। हर कलाकार की कहानी तालियों से शुरू नहीं होती। कुछ कहानियाँ रिहर्सल हॉल की धूल, बैकस्टेज की भागदौड़ और अनगिनत संघर्षों से जन्म लेती हैं। अदनान खान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक ऐसा कलाकार, जिसने मंच पर आने से पहले झाड़ू उठाई, चाय लाने की ड्यूटी निभाई, दो संवादों वाले सिपाही का किरदार निभाया और फिर धीरे-धीरे अभिनय, निर्देशन तथा कास्टिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

अदनान खान का सफर भोपाल के रंगमंच से शुरू होकर मुंबई की फिल्म और वेब सीरीज इंडस्ट्री तक पहुँचा है। उन्होंने अभिनेता, लेखक, कास्टिंग डायरेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर, Supervising Director और क्रिएटिव सुपरवाइज़र जैसी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। वे न केवल एक कुशल निर्देशक हैं, बल्कि एक संवेदनशील लेखक भी हैं, जो भाषा और साहित्य की गहरी समझ रखते हैं।

उर्दू भाषा के प्रति उनका विशेष लगाव उनके काम में स्पष्ट झलकता है। वे उर्दू को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का माध्यम मानते हैं। यही संवेदनशीलता उनके लेखन और निर्देशन को अन्य कलाकारों से अलग बनाती है। आज जब डिजिटल प्लेटफार्मों ने कहानी कहने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है, अदनान खान ने इस बदलाव को अपनाया और वर्टिकल ड्रामा तथा डिजिटल फिक्शन में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनका मानना है कि माध्यम चाहे कोई भी हो, एक अच्छी और ईमानदार कहानी हमेशा अपने दर्शकों तक पहुँचती है। आइए, अदनान खान के इस प्रेरणादायक सफर को विस्तार से जानते हैं।

इंदौर से भोपाल तक: जड़ों की यात्रा

अदनान खान का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुआ। वर्ष 2005 में उनका परिवार भोपाल आकर बस गया। भोपाल की गलियों, बोली और संस्कृति ने उन्हें इस कदर अपनाया कि वे खुद मज़ाक में कहते हैं कि वे “पूरी तरह भोपाली” हो गए थे। पढ़ाई में वे स्वयं को कभी होनहार छात्र नहीं मानते। मन में एम.बी.ए. करने का सपना ज़रूर था, लेकिन भीतर कहीं यह एहसास भी था कि उनका रास्ता शायद किसी दफ़्तर की नौकरी तक सीमित नहीं है, बचपन से अभिनेता सलमान खान उनके पसंदीदा रहे। उनकी फ़िल्में और व्यक्तित्व देखकर वे अक्सर कल्पना करते कि एक दिन वे भी अभिनय की दुनिया का हिस्सा बनेंगे। मगर यह सपना उन्होंने लंबे समय तक अपने दिल में ही छिपाकर रखा।

पिता ने बिना पूछे पढ़ लिया बेटे का सपना

उनके बड़े कज़िन इद्राक हाशमत एक ईद स्पेशल “घड़ी डिटर्जेंट पाउडर” विज्ञापन में दिखाई दिए। अदनान ने वह विज्ञापन न जाने कितनी बार देखा, सोशल मीडिया पर साझा किया और अपने दोस्तों को भेजा। यहीं से उनके पिता ने समझ लिया कि बेटे का झुकाव किस ओर है। मीडिया से जुड़े होने के कारण वे मनोरंजन जगत की चुनौतियों से परिचित थे। उन्होंने बेटे को डाँटा नहीं, बल्कि एक अलग रास्ता चुना। वे अदनान को वरिष्ठ रंगकर्मी स्वर्गीय इरफ़ान सौरभ के थिएटर समूह “पल्लव भोपाल” लेकर गए। उनके मन में एक विचार था, अगर अभिनय का सपना केवल आकर्षण है, तो थिएटर की कठिन साधना उसे कुछ ही दिनों में समाप्त कर देगी। लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा।

अभिनय नहीं… पहले झाड़ू

थिएटर में पहले दिन अदनान को कोई भूमिका नहीं मिली। गुरु का आदेश था, “पहले बैठकर देखो, सीखो और समझो। मंच पर आने की जल्दी मत करो।” उनके हाथ में स्क्रिप्ट नहीं, झाड़ू आई। रिहर्सल हॉल की सफाई उनकी पहली जिम्मेदारी बनी। कुछ समय बाद उन्हें कलाकारों के लिए चाय लाने का काम मिला। आज वे मुस्कुराते हुए कहते हैं कि थिएटर ने उन्हें अभिनय से पहले विनम्रता सिखाई। कई महीनों बाद उन्हें एक सिपाही का छोटा-सा किरदार मिला, जिसमें केवल दो संवाद थे। वे उन दो पंक्तियों का दिनभर अभ्यास करते, ताकि प्रस्तुति के दौरान गुरु की डाँट न सुननी पड़े। उन्हें उस समय यह अंदाज़ा नहीं था कि यही दो संवाद आगे चलकर उनके पूरे जीवन की दिशा बदल देंगे।

रंगमंच ने उन्हें केवल अभिनय नहीं सिखाया। बोलने का तरीका, चलने का आत्मविश्वास, लोगों का सम्मान करना, अनुशासन और टीम के साथ काम करना, ये सब उन्होंने थिएटर से सीखा। धीरे-धीरे अभिनय उनका शौक नहीं, जीवन बन गया।

तकिए के नीचे रखे 100 रुपये

उस दौर में थिएटर से कोई आमदनी नहीं होती थी। हर सुबह उठने पर अदनान को अपने तकिए के नीचे ₹100 रखे मिलते। उनके पिता बिना कुछ कहे यह पैसा रख दफ्तर जाते थे, ताकि बेटे के आने-जाने का खर्च निकल सके। अदनान रोज़ लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर बस स्टॉप तक जाते, फिर बस से रिहर्सल स्थल पहुँचते। कई बार देर रात तक अभ्यास चलता और आख़िरी बस छूट जाती, तो वे पैदल ही घर लौटते। जब पिता ने बेटे का यह संघर्ष देखा, तो उन्होंने उसके लिए सेकंड हैंड एक मोटरसाइकिल खरीद दी। अब तकिए के नीचे ₹100 की जगह ₹200 मिलने लगे। अदनान मानते हैं कि उस समय उनके पिता ने केवल आर्थिक मदद नहीं की, बल्कि उनके सपनों का भार भी अपने कंधों पर उठाया।

नौकरी से ज़्यादा मंच की पुकार

घर में नौकरी करने का दबाव बढ़ता जा रहा था। वे इंटरव्यू देने जाते, लेकिन लौटकर किसी न किसी वजह से नौकरी ठुकरा देते। इसी दौरान उन्होंने कई टेलीविज़न धारावाहिकों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। मेहनताना इतना नहीं होता था कि जीवन बदल जाए, लेकिन इतना ज़रूर होता था कि कुछ दिनों का पेट्रोल और छोटे-मोटे खर्च निकल सकें।

भोपाल: रंगमंच की नींव और पहली बड़ी क्षति

भोपाल के रंगमंच ने अदनान को जो सीख दी, वह जीवन भर उनके साथ रही। यहाँ उन्होंने कई नाटकों में काम किया और एक कुशल अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनका सबसे चर्चित नाटक “दारा शिकोह” रहा, जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस ऐतिहासिक नाटक ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का दिल जीता।

लेकिन 10 जनवरी 2019 को उनके प्रथम गुरु स्वर्गीय इरफ़ान सौरभ का निधन हो गया। यह घटना उनके जीवन का सबसे कठिन दौर लेकर आई। कई महीनों तक वे स्वयं को संभाल नहीं पाए। भविष्य धुंधला दिखाई देने लगा। कुछ समय उन्होंने एक समाचार चैनल में विशेष कार्यक्रमों के एंकर के रूप में भी काम किया, लेकिन कैमरे के सामने होने के बावजूद उन्हें मंच की कमी महसूस होती रही।

दूसरी शुरुआत और एक और अपूरणीय क्षति

कुछ समय बाद उनकी मुलाकात स्वर्गीय प्रदीप अहिरवार से हुई। यहीं से उनके जीवन का दूसरा अध्याय शुरू हुआ। उन्होंने दोबारा थिएटर में सक्रिय वापसी की। अभिनय के साथ-साथ कास्टिंग डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी काम शुरू किया। धीरे-धीरे आमदनी भी होने लगी और जिम्मेदारियाँ भी बढ़ने लगीं। इसी दौरान “भगवान बिरसा मुंडा” और “दारा शिकोह” जैसे नाटकों ने उन्हें रंगमंच पर नई पहचान दिलाई।

लेकिन 28 जून 2023 को स्वर्गीय प्रदीप अहिरवार का अचानक कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। यह केवल एक निर्देशक का जाना नहीं था, बल्कि एक मित्र, मार्गदर्शक का बिछड़ना था। इस कठिन समय में अदनान और उनके साथियों ने निर्णय लिया कि उनके मित्र का सपना अधूरा नहीं रहेगा। लगभग छह महीनों के अथक प्रयासों के बाद उन्होंने रंग मोहल्ला की गतिविधियों को फिर से संगठित किया और नए उत्साह के साथ नाट्य प्रस्तुतियाँ प्रारंभ कीं।

मुंबई: नई संभावनाओं का शहर

मुंबई में आने के बाद अदनान को यहाँ की फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। उन्होंने बड़े प्रोडक्शन हाउस में काम करना शुरू किया और कैमरे के पीछे की उन जिम्मेदारियों को समझा जो किसी भी सफल परियोजना की रीढ़ होती हैं। यहाँ उन्होंने महसूस किया कि रंगमंच और फिल्म में काम करने का तरीका कितना अलग है। उन्होंने इस नए माध्यम को अपनाया और खुद को ढाला। इस दौरान उन्होंने अभिनेता, असिस्टेंट डायरेक्टर, Supervising Director और क्रिएटिव सुपरवाइज़र जैसी भूमिकाएँ निभाईं। उन्होंने कई बड़े वेब शोज में Supervising Director के रूप में काम किया, जहाँ उनकी जिम्मेदारी पटकथा की निरंतरता, निर्देशन समन्वय, कलाकारों के प्रदर्शन और पूरे क्रिएटिव विजन को बनाए रखने की थी।

आमिर खान से मुलाकात: एक यादगार पल

हर कलाकार के जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं जो उनके करियर की दिशा बदल देते हैं। अदनान खान के जीवन में ऐसा ही एक पल तब आया जब उनकी मुलाकात हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार आमिर खान से हुई। अदनान ने आमिर खान को अपने चर्चित नाटक “दारा शिकोह” के बारे में बताया। इस नाटक की ऐतिहासिक विषयवस्तु और पृष्ठभूमि ने आमिर खान का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने इस नाटक को लाइव देखने की इच्छा व्यक्त की। इस मुलाकात ने अदनान को अपनी कला पर और अधिक भरोसा दिया और उन्हें लगा कि वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उर्दू साहित्य और संवाद लेखन की कला

अदनान खान को उर्दू भाषा और साहित्य में विशेष रुचि है। उन्होंने कई परियोजनाओं में उर्दू अनुवाद और संवाद रूपांतरण का कार्य किया। उनके लिए उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। जब वे संवाद लिखते हैं, तो वे भाषा के प्रवाह, लय और भावनात्मक गहराई का विशेष ख्याल रखते हैं। उनके लिखे संवादों में एक अलग सी मिठास और गहराई होती है, जो दर्शकों को पात्रों से जोड़ती है।

उनकी प्रमुख रचनाएं

प्रमुख रचनाएँ: कहानियाँ जो जुड़ीं दर्शकों से अदनान खान ने अपने करियर में कई ऐसी परियोजनाओं पर काम किया है जो दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुई हैं। उनकी प्रमुख रचनाओं में “Farooq Aur Maryam”, मनोवैज्ञानिक थ्रिलर “The Dark Child” और थिएटर की दुनिया पर आधारित “Natak Jaari Hai” जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं। “Farooq Aur Maryam” एक ऐसी कहानी है जो मानवीय रिश्तों और भावनाओं की गहराई को दिखाती है। “The Dark Child” एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जो मानव मन के अंधेरे पहलुओं को दिखाती है। “Natak Jaari Hai” थिएटर की दुनिया पर आधारित एक परियोजना है, जो अदनान के लिए कुछ खास है क्योंकि वे खुद रंगमंच से आते हैं।

पंद्रह वर्षों की रंगयात्रा

लगभग पंद्रह वर्षों के थिएटर अनुभव में अदनान खान ने अभिनेता, निर्देशक, लेखक, सहायक निर्देशक और कास्टिंग प्रोफेशनल के रूप में अनेक जिम्मेदारियाँ निभाईं। उन्होंने कई नाटकों का निर्देशन किया, नए कलाकारों के साथ काम किया और मंच से मिले अनुभव को कैमरे की दुनिया तक पहुँचाया, आज वे फिल्मों, वेब सीरीज़ और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में बतौर लेखक, निर्देशक और कास्टिंग प्रोफेशनल सक्रिय हैं। उनका मानना है कि रंगमंच ही वह विद्यालय है जिसने उन्हें कहानी कहने की असली कला सिखाई।

भविष्य की राह

आने वाले वर्षों में उनका लक्ष्य ओटीटी और सिनेमा के लिए ऐसी कहानियाँ रचना है जो मनोरंजन के साथ संवेदनाओं और समाज की सच्चाइयों को भी सामने लाएँ। वे लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहे हैं और निर्देशन के क्षेत्र में अपनी पहचान को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

तीन लोग, जिनके बिना यह सफर अधूरा था

अदनान खान आज भी अपनी यात्रा का सबसे बड़ा श्रेय तीन व्यक्तियों को देते हैं:

1. अपने पिता को, जो हर परिस्थिति में उन पर विश्वास बनाए रखते हैं।

2. अपने प्रथम गुरु स्वर्गीय इरफ़ान सौरभ को, जिन्होंने उन्हें रंगमंच की पहली शिक्षा दी।

3. और स्वर्गीय प्रदीप अहिरवार को, जिन्होंने उन्हें कलाकार से नेतृत्वकर्ता बनने की राह दिखाई।

आज जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं, तो उन्हें मंच पर बोले गए दो संवाद नहीं, बल्कि झाड़ू, चाय की केतली, तकिए के नीचे रखे वे 100 रुपये और अपने गुरुओं की सीख सबसे पहले याद आती है। शायद यही वजह है कि उनके लिए सफलता कोई मंज़िल नहीं, बल्कि उन लोगों के विश्वास का सम्मान है जिन्होंने एक साधारण लड़के के भीतर छिपे कलाकार को सबसे पहले पहचाना।

अदनान खान की कहानी उन सभी युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। यह सिखाती है कि सफलता के लिए केवल अवसरों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि खुद को लगातार विकसित करते रहना चाहिए और हर मौके को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर बनाना चाहिए।

विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अंतर्गत Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-2026) के अंतर्गत Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा हेतु जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सभी EROs, AEROs, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी CDPO एवं सुपरवाइजर उपस्थित थे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य में गति लाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण कराएं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा BLO को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से घर-घर जाकर Enumeration Form का वितरण एवं संग्रहण करें, ताकि अधिकतम मतदाता घर पर मिल सकें और दिन के उत्तरार्ध में संग्रहित प्रपत्रों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए, जिससे कार्य में तेजी आए।

बैठक में समीक्षा के दौरान धीमी कार्य प्रगति पर कई ERO, AERO एवं BLO के कार्य पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन कार्य की समीक्षा कर प्रगति की सतत निगरानी करने तथा वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन के कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

Homeopathy Clinic in Hyderabad for Acid Reflux: Holistic Support for Digestive Wellness

Searching for a trusted homeopathy clinic in Hyderabad for acid reflux? Learn about the condition, its causes, symptoms, and holistic homeopathic care.

Acid reflux is a common digestive problem that develops when stomach acid repeatedly flows into the esophagus, causing irritation and discomfort. While occasional acidity is experienced by many people, frequent acid reflux can become a long-term concern that affects eating habits, sleep, productivity, and overall quality of life. If the condition persists, seeking care from a homeopathy clinic in Hyderabad can provide a personalized and holistic approach to digestive health.

People with acid reflux may notice symptoms such as heartburn, a burning sensation in the chest, sour or bitter taste in the mouth, regurgitation of food or liquid, bloating, excessive burping, nausea, sore throat, hoarseness, persistent cough, and difficulty swallowing. These symptoms often worsen after eating spicy or oily foods, consuming large meals, lying down immediately after eating, or eating late at night. Persistent symptoms should be evaluated to prevent ongoing discomfort and support better digestive health.

Acid reflux may result from several contributing factors, including unhealthy eating habits, obesity, emotional stress, smoking, alcohol consumption, pregnancy, irregular meal schedules, and a sedentary lifestyle. Since every individual has different triggers, a detailed assessment is essential. A homeopathy clinic in Hyderabad evaluates the patient's overall health, digestive concerns, lifestyle, and medical history before developing an individualized treatment plan.

The approach followed at a homeopathy clinic in Hyderabad is centered on treating the individual rather than the condition alone. Homeopathic treatment aims to support the body's natural healing mechanisms, improve digestive function, and reduce the recurrence of acid reflux episodes. Along with individualized care, patients are encouraged to maintain balanced eating habits, manage stress, stay physically active, avoid overeating, and follow regular meal timings to promote long-term digestive wellness.

Spiritual Homeopathy is a trusted homeopathy clinic in Hyderabad that provides personalized care for acid reflux and a wide range of acute and chronic health conditions. Every consultation is designed to understand the patient's unique health concerns before creating a customized treatment plan. With experienced homeopathic doctors, comprehensive evaluations, and a patient-focused approach, the clinic is committed to delivering quality care that supports overall health naturally. Patients across Hyderabad choose Spiritual Homeopathy for its holistic philosophy, compassionate service, and commitment to individualized treatment.

If you are searching for a dependable homeopathy clinic in Hyderabad, Spiritual Homeopathy offers professional consultations and personalized homeopathic care to help manage acid reflux and improve digestive health. Early evaluation, healthy lifestyle choices, and individualized treatment can contribute to better long-term digestive comfort.

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Subcontract India 2026 Set to Drive Global Sourcing Partnerships in Pune This December

PUNE, INDIA — The premier B2B engineering and manufacturing trade fair, SUBCONTRACT INDIA 2026, will take place from 17–19 December 2026 at the Auto Cluster Exhibition Area, Pune. Operating daily from 10:00 AM to 6:00 PM, this three day industry exhibition covering automotive, electrical, machinery, oil & gas, and industrial sectors serves as a definitive bridge connecting Indian subcontracting companies with domestic and international purchasing companies.As India drives toward its Vision Plan 2030 to establish itself as a dominant global manufacturing and export hub, subcontracting has become a critical catalyst for industrial scale.

KEY FEATURES

•                 Focused Engineering Platform

•                 B2B Buyer–Seller Meet

•                 Overseas Buyer Participation

•                 Vendor Development

•                 Industry Sourcing

•                 Live Product & Technology Display

•                 Knowledge & Networking Sessions

 

WHY EXHIBIT

Exhibiting at Subcontract India Exhibition offers a powerful platform to grow your business, build global partnerships, and showcase your capabilities in India’s fast-growing engineering and manufacturing sector.

Direct Access to Quality Buyers

Meet OEMs, Tier-1 & Tier-2 suppliers, procurement heads, and decision-makers from automotive, electrical, oil & gas, construction, machinery, and medical sectors.

International Exposure

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•                 Industrial Supplies & Services

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मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह नियंत्रित : मंगल प्रभात लोढा
मुंबई। पिछले दो-तीन दिनों से मुंबई में हो रही भारी बारिश के बीच मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। संकट के इस समय में मुंबईकरों द्वारा प्रशासन को दिया गया सहयोग अत्यंत बहुमूल्य है, यह प्रतिपादन मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने आज किया। वे मुंबई महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष (Disaster Management Center) का प्रत्यक्ष दौरा कर स्थिति की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। इस अवसर पर सदन के नेता गणेश खणकर, महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) श्रीमती प्राजक्ता वर्मा - लवंगारे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) अविनाश ढाकणे (IAS), उपायुक्त (स्वास्थ्य) श्री शरद उघडे और महानगरपालिका के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसा कि माननीय मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उल्लेख किया था, यह प्रकृति का एक बड़ा प्रकोप है और यह एक अभूतपूर्व स्थिति है। शहर में एक ही दिन में ३५० से अधिक पेड़ों के उखड़ने की घटना हुई। हालांकि, ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी महानगरपालिका का आपदा प्रबंधन विभाग और सरकारी तंत्र अत्यंत तीव्र गति से और युद्ध स्तर पर सड़कों से पेड़ हटाने और जलभराव को दूर करने के काम में जुटा हुआ है। नागरिकों, विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने अत्यंत सतर्कता के साथ कदम उठाए हैं। एक आवश्यक एहतियाती उपाय के रूप में सुबह के सत्र में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई और उसके बाद दोपहर के सत्र में सरकारी कार्यालयों को भी छुट्टी दे दी गई, ताकि यात्री सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें। मंत्री लोढा ने अत्यंत सकारात्मकता व्यक्त करते हुए कहा कि इतने बड़े संकट के बाद भी मुंबई कहीं भी थमी नहीं है। एहतियाती उपायों के कारण लोकल ट्रेनों की गति थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन रेल यातायात पूरी तरह से चालू है। सड़कों पर जमा पानी और गिरे हुए पेड़ों को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
पिछले तीन दिनों से महानगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात एक कर ऑन-फील्ड काम कर रहे हैं। संकट के समय में राजनीति न करते हुए हम सभी को प्रशासन के साथ खड़ा होना चाहिए और उनके इस निरंतर परिश्रम की सराहना (Appreciation) करनी चाहिए," ऐसा आह्वान मंत्री लोढा ने इस अवसर पर किया। उन्होंने आगे कहा कि ९० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी को व्हाट्सएप के माध्यम से सतर्कता के संदेश भेज दिए गए हैं, और आगामी किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार है।
मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह नियंत्रित : मंगल प्रभात लोढा
मुंबई। पिछले दो-तीन दिनों से मुंबई में हो रही भारी बारिश के बीच मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। संकट के इस समय में मुंबईकरों द्वारा प्रशासन को दिया गया सहयोग अत्यंत बहुमूल्य है, यह प्रतिपादन मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने आज किया। वे मुंबई महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष (Disaster Management Center) का प्रत्यक्ष दौरा कर स्थिति की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। इस अवसर पर सदन के नेता गणेश खणकर, महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) श्रीमती प्राजक्ता वर्मा - लवंगारे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) अविनाश ढाकणे (IAS), उपायुक्त (स्वास्थ्य) श्री शरद उघडे और महानगरपालिका के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसा कि माननीय मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उल्लेख किया था, यह प्रकृति का एक बड़ा प्रकोप है और यह एक अभूतपूर्व स्थिति है। शहर में एक ही दिन में ३५० से अधिक पेड़ों के उखड़ने की घटना हुई। हालांकि, ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी महानगरपालिका का आपदा प्रबंधन विभाग और सरकारी तंत्र अत्यंत तीव्र गति से और युद्ध स्तर पर सड़कों से पेड़ हटाने और जलभराव को दूर करने के काम में जुटा हुआ है। नागरिकों, विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने अत्यंत सतर्कता के साथ कदम उठाए हैं। एक आवश्यक एहतियाती उपाय के रूप में सुबह के सत्र में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई और उसके बाद दोपहर के सत्र में सरकारी कार्यालयों को भी छुट्टी दे दी गई, ताकि यात्री सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें। मंत्री लोढा ने अत्यंत सकारात्मकता व्यक्त करते हुए कहा कि इतने बड़े संकट के बाद भी मुंबई कहीं भी थमी नहीं है। एहतियाती उपायों के कारण लोकल ट्रेनों की गति थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन रेल यातायात पूरी तरह से चालू है। सड़कों पर जमा पानी और गिरे हुए पेड़ों को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
पिछले तीन दिनों से महानगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात एक कर ऑन-फील्ड काम कर रहे हैं। संकट के समय में राजनीति न करते हुए हम सभी को प्रशासन के साथ खड़ा होना चाहिए और उनके इस निरंतर परिश्रम की सराहना (Appreciation) करनी चाहिए," ऐसा आह्वान मंत्री लोढा ने इस अवसर पर किया। उन्होंने आगे कहा कि ९० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी को व्हाट्सएप के माध्यम से सतर्कता के संदेश भेज दिए गए हैं, और आगामी किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार है।
Homeopathy in Hyderabad for Anxiety – A Holistic Approach to Emotional Well-Being

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Homeopathy in Hyderabad for Anxiety

Anxiety is more than feeling stressed before an important event. It is a condition that can affect emotional health, physical well-being, and everyday life. Persistent worry, nervousness, fear, or uneasiness can make it difficult to focus, complete routine tasks, enjoy social interactions, or maintain a healthy sleep pattern. As more people seek natural healthcare solutions, homeopathy in Hyderabad is becoming a preferred choice for individuals looking for personalized and holistic care.

Anxiety can present itself in different ways. Some people experience constant worrying, restlessness, irritability, difficulty concentrating, racing thoughts, rapid heartbeat, excessive sweating, fatigue, muscle tension, or disturbed sleep. Others may experience panic episodes or physical discomfort during stressful situations. These symptoms can gradually affect confidence, productivity, and overall quality of life if they are not addressed at the right time.

Several factors can contribute to anxiety, including demanding work schedules, academic pressure, family responsibilities, financial concerns, hormonal fluctuations, traumatic experiences, unhealthy lifestyle habits, or hereditary influences. Since every individual has unique triggers and experiences, homeopathy in Hyderabad emphasizes a personalized approach instead of offering the same treatment for everyone.

The philosophy behind homeopathy in Hyderabad is to understand the individual as a whole. A detailed consultation considers emotional health, physical condition, lifestyle, stress levels, medical history, and the nature of the symptoms before developing a customized treatment plan. This comprehensive evaluation helps practitioners provide care that supports the body's natural healing process while promoting emotional balance and overall wellness. The goal is not only to help individuals manage anxiety but also to improve their quality of life and support long-term health.

Healthy daily habits can further enhance the benefits of holistic care. Regular physical activity, balanced nutrition, sufficient sleep, mindfulness, breathing exercises, yoga, meditation, and maintaining a healthy work-life balance can complement homeopathy in Hyderabad and contribute to improved emotional resilience.

Spiritual Homeopathy is dedicated to providing compassionate and patient-focused homeopathic care for individuals seeking natural healthcare solutions. Every consultation is designed to understand the patient's unique health concerns and create a personalized treatment approach. With branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy has become a trusted destination for quality homeopathy in Hyderabad. The clinic is committed to helping patients achieve better emotional health through individualized care and a holistic approach.

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इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

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पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

अदनान खान: दो डायलॉग से शुरू कहानी पहुंची रुपहले पर्दे तक

थिएटर, फिल्म और वेब सीरीज के सफल निर्देशक की प्रेरणादायक कहानी

सैयद रिजवान अली 

बाकानेर/भोपाल। हर कलाकार की कहानी तालियों से शुरू नहीं होती। कुछ कहानियाँ रिहर्सल हॉल की धूल, बैकस्टेज की भागदौड़ और अनगिनत संघर्षों से जन्म लेती हैं। अदनान खान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक ऐसा कलाकार, जिसने मंच पर आने से पहले झाड़ू उठाई, चाय लाने की ड्यूटी निभाई, दो संवादों वाले सिपाही का किरदार निभाया और फिर धीरे-धीरे अभिनय, निर्देशन तथा कास्टिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

अदनान खान का सफर भोपाल के रंगमंच से शुरू होकर मुंबई की फिल्म और वेब सीरीज इंडस्ट्री तक पहुँचा है। उन्होंने अभिनेता, लेखक, कास्टिंग डायरेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर, Supervising Director और क्रिएटिव सुपरवाइज़र जैसी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। वे न केवल एक कुशल निर्देशक हैं, बल्कि एक संवेदनशील लेखक भी हैं, जो भाषा और साहित्य की गहरी समझ रखते हैं।

उर्दू भाषा के प्रति उनका विशेष लगाव उनके काम में स्पष्ट झलकता है। वे उर्दू को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का माध्यम मानते हैं। यही संवेदनशीलता उनके लेखन और निर्देशन को अन्य कलाकारों से अलग बनाती है। आज जब डिजिटल प्लेटफार्मों ने कहानी कहने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है, अदनान खान ने इस बदलाव को अपनाया और वर्टिकल ड्रामा तथा डिजिटल फिक्शन में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनका मानना है कि माध्यम चाहे कोई भी हो, एक अच्छी और ईमानदार कहानी हमेशा अपने दर्शकों तक पहुँचती है। आइए, अदनान खान के इस प्रेरणादायक सफर को विस्तार से जानते हैं।

इंदौर से भोपाल तक: जड़ों की यात्रा

अदनान खान का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुआ। वर्ष 2005 में उनका परिवार भोपाल आकर बस गया। भोपाल की गलियों, बोली और संस्कृति ने उन्हें इस कदर अपनाया कि वे खुद मज़ाक में कहते हैं कि वे “पूरी तरह भोपाली” हो गए थे। पढ़ाई में वे स्वयं को कभी होनहार छात्र नहीं मानते। मन में एम.बी.ए. करने का सपना ज़रूर था, लेकिन भीतर कहीं यह एहसास भी था कि उनका रास्ता शायद किसी दफ़्तर की नौकरी तक सीमित नहीं है, बचपन से अभिनेता सलमान खान उनके पसंदीदा रहे। उनकी फ़िल्में और व्यक्तित्व देखकर वे अक्सर कल्पना करते कि एक दिन वे भी अभिनय की दुनिया का हिस्सा बनेंगे। मगर यह सपना उन्होंने लंबे समय तक अपने दिल में ही छिपाकर रखा।

पिता ने बिना पूछे पढ़ लिया बेटे का सपना

उनके बड़े कज़िन इद्राक हाशमत एक ईद स्पेशल “घड़ी डिटर्जेंट पाउडर” विज्ञापन में दिखाई दिए। अदनान ने वह विज्ञापन न जाने कितनी बार देखा, सोशल मीडिया पर साझा किया और अपने दोस्तों को भेजा। यहीं से उनके पिता ने समझ लिया कि बेटे का झुकाव किस ओर है। मीडिया से जुड़े होने के कारण वे मनोरंजन जगत की चुनौतियों से परिचित थे। उन्होंने बेटे को डाँटा नहीं, बल्कि एक अलग रास्ता चुना। वे अदनान को वरिष्ठ रंगकर्मी स्वर्गीय इरफ़ान सौरभ के थिएटर समूह “पल्लव भोपाल” लेकर गए। उनके मन में एक विचार था, अगर अभिनय का सपना केवल आकर्षण है, तो थिएटर की कठिन साधना उसे कुछ ही दिनों में समाप्त कर देगी। लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा।

अभिनय नहीं… पहले झाड़ू

थिएटर में पहले दिन अदनान को कोई भूमिका नहीं मिली। गुरु का आदेश था, “पहले बैठकर देखो, सीखो और समझो। मंच पर आने की जल्दी मत करो।” उनके हाथ में स्क्रिप्ट नहीं, झाड़ू आई। रिहर्सल हॉल की सफाई उनकी पहली जिम्मेदारी बनी। कुछ समय बाद उन्हें कलाकारों के लिए चाय लाने का काम मिला। आज वे मुस्कुराते हुए कहते हैं कि थिएटर ने उन्हें अभिनय से पहले विनम्रता सिखाई। कई महीनों बाद उन्हें एक सिपाही का छोटा-सा किरदार मिला, जिसमें केवल दो संवाद थे। वे उन दो पंक्तियों का दिनभर अभ्यास करते, ताकि प्रस्तुति के दौरान गुरु की डाँट न सुननी पड़े। उन्हें उस समय यह अंदाज़ा नहीं था कि यही दो संवाद आगे चलकर उनके पूरे जीवन की दिशा बदल देंगे।

रंगमंच ने उन्हें केवल अभिनय नहीं सिखाया। बोलने का तरीका, चलने का आत्मविश्वास, लोगों का सम्मान करना, अनुशासन और टीम के साथ काम करना, ये सब उन्होंने थिएटर से सीखा। धीरे-धीरे अभिनय उनका शौक नहीं, जीवन बन गया।

तकिए के नीचे रखे 100 रुपये

उस दौर में थिएटर से कोई आमदनी नहीं होती थी। हर सुबह उठने पर अदनान को अपने तकिए के नीचे ₹100 रखे मिलते। उनके पिता बिना कुछ कहे यह पैसा रख दफ्तर जाते थे, ताकि बेटे के आने-जाने का खर्च निकल सके। अदनान रोज़ लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर बस स्टॉप तक जाते, फिर बस से रिहर्सल स्थल पहुँचते। कई बार देर रात तक अभ्यास चलता और आख़िरी बस छूट जाती, तो वे पैदल ही घर लौटते। जब पिता ने बेटे का यह संघर्ष देखा, तो उन्होंने उसके लिए सेकंड हैंड एक मोटरसाइकिल खरीद दी। अब तकिए के नीचे ₹100 की जगह ₹200 मिलने लगे। अदनान मानते हैं कि उस समय उनके पिता ने केवल आर्थिक मदद नहीं की, बल्कि उनके सपनों का भार भी अपने कंधों पर उठाया।

नौकरी से ज़्यादा मंच की पुकार

घर में नौकरी करने का दबाव बढ़ता जा रहा था। वे इंटरव्यू देने जाते, लेकिन लौटकर किसी न किसी वजह से नौकरी ठुकरा देते। इसी दौरान उन्होंने कई टेलीविज़न धारावाहिकों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। मेहनताना इतना नहीं होता था कि जीवन बदल जाए, लेकिन इतना ज़रूर होता था कि कुछ दिनों का पेट्रोल और छोटे-मोटे खर्च निकल सकें।

भोपाल: रंगमंच की नींव और पहली बड़ी क्षति

भोपाल के रंगमंच ने अदनान को जो सीख दी, वह जीवन भर उनके साथ रही। यहाँ उन्होंने कई नाटकों में काम किया और एक कुशल अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनका सबसे चर्चित नाटक “दारा शिकोह” रहा, जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस ऐतिहासिक नाटक ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का दिल जीता।

लेकिन 10 जनवरी 2019 को उनके प्रथम गुरु स्वर्गीय इरफ़ान सौरभ का निधन हो गया। यह घटना उनके जीवन का सबसे कठिन दौर लेकर आई। कई महीनों तक वे स्वयं को संभाल नहीं पाए। भविष्य धुंधला दिखाई देने लगा। कुछ समय उन्होंने एक समाचार चैनल में विशेष कार्यक्रमों के एंकर के रूप में भी काम किया, लेकिन कैमरे के सामने होने के बावजूद उन्हें मंच की कमी महसूस होती रही।

दूसरी शुरुआत और एक और अपूरणीय क्षति

कुछ समय बाद उनकी मुलाकात स्वर्गीय प्रदीप अहिरवार से हुई। यहीं से उनके जीवन का दूसरा अध्याय शुरू हुआ। उन्होंने दोबारा थिएटर में सक्रिय वापसी की। अभिनय के साथ-साथ कास्टिंग डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी काम शुरू किया। धीरे-धीरे आमदनी भी होने लगी और जिम्मेदारियाँ भी बढ़ने लगीं। इसी दौरान “भगवान बिरसा मुंडा” और “दारा शिकोह” जैसे नाटकों ने उन्हें रंगमंच पर नई पहचान दिलाई।

लेकिन 28 जून 2023 को स्वर्गीय प्रदीप अहिरवार का अचानक कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। यह केवल एक निर्देशक का जाना नहीं था, बल्कि एक मित्र, मार्गदर्शक का बिछड़ना था। इस कठिन समय में अदनान और उनके साथियों ने निर्णय लिया कि उनके मित्र का सपना अधूरा नहीं रहेगा। लगभग छह महीनों के अथक प्रयासों के बाद उन्होंने रंग मोहल्ला की गतिविधियों को फिर से संगठित किया और नए उत्साह के साथ नाट्य प्रस्तुतियाँ प्रारंभ कीं।

मुंबई: नई संभावनाओं का शहर

मुंबई में आने के बाद अदनान को यहाँ की फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। उन्होंने बड़े प्रोडक्शन हाउस में काम करना शुरू किया और कैमरे के पीछे की उन जिम्मेदारियों को समझा जो किसी भी सफल परियोजना की रीढ़ होती हैं। यहाँ उन्होंने महसूस किया कि रंगमंच और फिल्म में काम करने का तरीका कितना अलग है। उन्होंने इस नए माध्यम को अपनाया और खुद को ढाला। इस दौरान उन्होंने अभिनेता, असिस्टेंट डायरेक्टर, Supervising Director और क्रिएटिव सुपरवाइज़र जैसी भूमिकाएँ निभाईं। उन्होंने कई बड़े वेब शोज में Supervising Director के रूप में काम किया, जहाँ उनकी जिम्मेदारी पटकथा की निरंतरता, निर्देशन समन्वय, कलाकारों के प्रदर्शन और पूरे क्रिएटिव विजन को बनाए रखने की थी।

आमिर खान से मुलाकात: एक यादगार पल

हर कलाकार के जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं जो उनके करियर की दिशा बदल देते हैं। अदनान खान के जीवन में ऐसा ही एक पल तब आया जब उनकी मुलाकात हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार आमिर खान से हुई। अदनान ने आमिर खान को अपने चर्चित नाटक “दारा शिकोह” के बारे में बताया। इस नाटक की ऐतिहासिक विषयवस्तु और पृष्ठभूमि ने आमिर खान का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने इस नाटक को लाइव देखने की इच्छा व्यक्त की। इस मुलाकात ने अदनान को अपनी कला पर और अधिक भरोसा दिया और उन्हें लगा कि वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उर्दू साहित्य और संवाद लेखन की कला

अदनान खान को उर्दू भाषा और साहित्य में विशेष रुचि है। उन्होंने कई परियोजनाओं में उर्दू अनुवाद और संवाद रूपांतरण का कार्य किया। उनके लिए उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। जब वे संवाद लिखते हैं, तो वे भाषा के प्रवाह, लय और भावनात्मक गहराई का विशेष ख्याल रखते हैं। उनके लिखे संवादों में एक अलग सी मिठास और गहराई होती है, जो दर्शकों को पात्रों से जोड़ती है।

उनकी प्रमुख रचनाएं

प्रमुख रचनाएँ: कहानियाँ जो जुड़ीं दर्शकों से अदनान खान ने अपने करियर में कई ऐसी परियोजनाओं पर काम किया है जो दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुई हैं। उनकी प्रमुख रचनाओं में “Farooq Aur Maryam”, मनोवैज्ञानिक थ्रिलर “The Dark Child” और थिएटर की दुनिया पर आधारित “Natak Jaari Hai” जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं। “Farooq Aur Maryam” एक ऐसी कहानी है जो मानवीय रिश्तों और भावनाओं की गहराई को दिखाती है। “The Dark Child” एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जो मानव मन के अंधेरे पहलुओं को दिखाती है। “Natak Jaari Hai” थिएटर की दुनिया पर आधारित एक परियोजना है, जो अदनान के लिए कुछ खास है क्योंकि वे खुद रंगमंच से आते हैं।

पंद्रह वर्षों की रंगयात्रा

लगभग पंद्रह वर्षों के थिएटर अनुभव में अदनान खान ने अभिनेता, निर्देशक, लेखक, सहायक निर्देशक और कास्टिंग प्रोफेशनल के रूप में अनेक जिम्मेदारियाँ निभाईं। उन्होंने कई नाटकों का निर्देशन किया, नए कलाकारों के साथ काम किया और मंच से मिले अनुभव को कैमरे की दुनिया तक पहुँचाया, आज वे फिल्मों, वेब सीरीज़ और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में बतौर लेखक, निर्देशक और कास्टिंग प्रोफेशनल सक्रिय हैं। उनका मानना है कि रंगमंच ही वह विद्यालय है जिसने उन्हें कहानी कहने की असली कला सिखाई।

भविष्य की राह

आने वाले वर्षों में उनका लक्ष्य ओटीटी और सिनेमा के लिए ऐसी कहानियाँ रचना है जो मनोरंजन के साथ संवेदनाओं और समाज की सच्चाइयों को भी सामने लाएँ। वे लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहे हैं और निर्देशन के क्षेत्र में अपनी पहचान को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

तीन लोग, जिनके बिना यह सफर अधूरा था

अदनान खान आज भी अपनी यात्रा का सबसे बड़ा श्रेय तीन व्यक्तियों को देते हैं:

1. अपने पिता को, जो हर परिस्थिति में उन पर विश्वास बनाए रखते हैं।

2. अपने प्रथम गुरु स्वर्गीय इरफ़ान सौरभ को, जिन्होंने उन्हें रंगमंच की पहली शिक्षा दी।

3. और स्वर्गीय प्रदीप अहिरवार को, जिन्होंने उन्हें कलाकार से नेतृत्वकर्ता बनने की राह दिखाई।

आज जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं, तो उन्हें मंच पर बोले गए दो संवाद नहीं, बल्कि झाड़ू, चाय की केतली, तकिए के नीचे रखे वे 100 रुपये और अपने गुरुओं की सीख सबसे पहले याद आती है। शायद यही वजह है कि उनके लिए सफलता कोई मंज़िल नहीं, बल्कि उन लोगों के विश्वास का सम्मान है जिन्होंने एक साधारण लड़के के भीतर छिपे कलाकार को सबसे पहले पहचाना।

अदनान खान की कहानी उन सभी युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। यह सिखाती है कि सफलता के लिए केवल अवसरों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि खुद को लगातार विकसित करते रहना चाहिए और हर मौके को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर बनाना चाहिए।

विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अंतर्गत Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-2026) के अंतर्गत Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा हेतु जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सभी EROs, AEROs, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी CDPO एवं सुपरवाइजर उपस्थित थे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य में गति लाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण कराएं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा BLO को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से घर-घर जाकर Enumeration Form का वितरण एवं संग्रहण करें, ताकि अधिकतम मतदाता घर पर मिल सकें और दिन के उत्तरार्ध में संग्रहित प्रपत्रों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए, जिससे कार्य में तेजी आए।

बैठक में समीक्षा के दौरान धीमी कार्य प्रगति पर कई ERO, AERO एवं BLO के कार्य पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन कार्य की समीक्षा कर प्रगति की सतत निगरानी करने तथा वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन के कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

Homeopathy Clinic in Hyderabad for Acid Reflux: Holistic Support for Digestive Wellness

Searching for a trusted homeopathy clinic in Hyderabad for acid reflux? Learn about the condition, its causes, symptoms, and holistic homeopathic care.

Acid reflux is a common digestive problem that develops when stomach acid repeatedly flows into the esophagus, causing irritation and discomfort. While occasional acidity is experienced by many people, frequent acid reflux can become a long-term concern that affects eating habits, sleep, productivity, and overall quality of life. If the condition persists, seeking care from a homeopathy clinic in Hyderabad can provide a personalized and holistic approach to digestive health.

People with acid reflux may notice symptoms such as heartburn, a burning sensation in the chest, sour or bitter taste in the mouth, regurgitation of food or liquid, bloating, excessive burping, nausea, sore throat, hoarseness, persistent cough, and difficulty swallowing. These symptoms often worsen after eating spicy or oily foods, consuming large meals, lying down immediately after eating, or eating late at night. Persistent symptoms should be evaluated to prevent ongoing discomfort and support better digestive health.

Acid reflux may result from several contributing factors, including unhealthy eating habits, obesity, emotional stress, smoking, alcohol consumption, pregnancy, irregular meal schedules, and a sedentary lifestyle. Since every individual has different triggers, a detailed assessment is essential. A homeopathy clinic in Hyderabad evaluates the patient's overall health, digestive concerns, lifestyle, and medical history before developing an individualized treatment plan.

The approach followed at a homeopathy clinic in Hyderabad is centered on treating the individual rather than the condition alone. Homeopathic treatment aims to support the body's natural healing mechanisms, improve digestive function, and reduce the recurrence of acid reflux episodes. Along with individualized care, patients are encouraged to maintain balanced eating habits, manage stress, stay physically active, avoid overeating, and follow regular meal timings to promote long-term digestive wellness.

Spiritual Homeopathy is a trusted homeopathy clinic in Hyderabad that provides personalized care for acid reflux and a wide range of acute and chronic health conditions. Every consultation is designed to understand the patient's unique health concerns before creating a customized treatment plan. With experienced homeopathic doctors, comprehensive evaluations, and a patient-focused approach, the clinic is committed to delivering quality care that supports overall health naturally. Patients across Hyderabad choose Spiritual Homeopathy for its holistic philosophy, compassionate service, and commitment to individualized treatment.

If you are searching for a dependable homeopathy clinic in Hyderabad, Spiritual Homeopathy offers professional consultations and personalized homeopathic care to help manage acid reflux and improve digestive health. Early evaluation, healthy lifestyle choices, and individualized treatment can contribute to better long-term digestive comfort.

Call 9069176176 today to schedule your consultation at Spiritual Homeopathy, your trusted homeopathy clinic in Hyderabad, and begin your journey toward healthier digestion.

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Subcontract India 2026 Set to Drive Global Sourcing Partnerships in Pune This December

PUNE, INDIA — The premier B2B engineering and manufacturing trade fair, SUBCONTRACT INDIA 2026, will take place from 17–19 December 2026 at the Auto Cluster Exhibition Area, Pune. Operating daily from 10:00 AM to 6:00 PM, this three day industry exhibition covering automotive, electrical, machinery, oil & gas, and industrial sectors serves as a definitive bridge connecting Indian subcontracting companies with domestic and international purchasing companies.As India drives toward its Vision Plan 2030 to establish itself as a dominant global manufacturing and export hub, subcontracting has become a critical catalyst for industrial scale.

KEY FEATURES

•                 Focused Engineering Platform

•                 B2B Buyer–Seller Meet

•                 Overseas Buyer Participation

•                 Vendor Development

•                 Industry Sourcing

•                 Live Product & Technology Display

•                 Knowledge & Networking Sessions

 

WHY EXHIBIT

Exhibiting at Subcontract India Exhibition offers a powerful platform to grow your business, build global partnerships, and showcase your capabilities in India’s fast-growing engineering and manufacturing sector.

Direct Access to Quality Buyers

Meet OEMs, Tier-1 & Tier-2 suppliers, procurement heads, and decision-makers from automotive, electrical, oil & gas, construction, machinery, and medical sectors.

International Exposure

Connectwithoverseasbuyersandsourcingdelegations,helping you expand into export markets and global supply chains.

Strong B2B Networking

Pre-scheduled buyer–seller meetings with overseas buyers ensure focused, result-oriented business discussions.

Brand Visibility

Positionyourcompanyas a trusted manufacturing partnerin frontof thousands of industry professionals.

Showcase Innovation

Demonstrate your precision machining, casting, forging, fabrication, automation, and engineering solutions live.

Government & Industry Support

Backed by leading trade bodies and state support, ensuring credibility and high-quality participation.

Market Intelligence

Understand new trends, competitor strategies, and emerging technologies in subcontract manufacturing.

INDUSTRY SECTORS

•                 Industrial Supplies & Services

•                 Auto Components

•                 Electricals

•                 Oil & Gas

•                 Construction & Mining

•                 Industrial Machinery

 

SUBCONTRACT INDIA 2025 +5000 Trade Visitors +15 Vendor Development Programmes

100+ Sector Specific Exhibitors

Top Visiting Companies include 2025:

FORBES MARSHALL, TATA MOTORS, INDUCTOTHERM GROUP PUNE, PRECISION ENGINEERING WORKS,INOXPA INDIA PVT LTD, ADANA SOLUTIONS PRIVATE LIMITED, JD CUTTING TOOLS, TCU STUDIOS, ETC.

CONTACT US

•                 Mukesh Gulab Samtani | | +91 98207 52827

•                 Anil Singh Rawat | | +91 98208 86788

मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह नियंत्रित : मंगल प्रभात लोढा
मुंबई। पिछले दो-तीन दिनों से मुंबई में हो रही भारी बारिश के बीच मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। संकट के इस समय में मुंबईकरों द्वारा प्रशासन को दिया गया सहयोग अत्यंत बहुमूल्य है, यह प्रतिपादन मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने आज किया। वे मुंबई महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष (Disaster Management Center) का प्रत्यक्ष दौरा कर स्थिति की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। इस अवसर पर सदन के नेता गणेश खणकर, महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) श्रीमती प्राजक्ता वर्मा - लवंगारे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) अविनाश ढाकणे (IAS), उपायुक्त (स्वास्थ्य) श्री शरद उघडे और महानगरपालिका के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसा कि माननीय मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उल्लेख किया था, यह प्रकृति का एक बड़ा प्रकोप है और यह एक अभूतपूर्व स्थिति है। शहर में एक ही दिन में ३५० से अधिक पेड़ों के उखड़ने की घटना हुई। हालांकि, ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी महानगरपालिका का आपदा प्रबंधन विभाग और सरकारी तंत्र अत्यंत तीव्र गति से और युद्ध स्तर पर सड़कों से पेड़ हटाने और जलभराव को दूर करने के काम में जुटा हुआ है। नागरिकों, विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने अत्यंत सतर्कता के साथ कदम उठाए हैं। एक आवश्यक एहतियाती उपाय के रूप में सुबह के सत्र में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई और उसके बाद दोपहर के सत्र में सरकारी कार्यालयों को भी छुट्टी दे दी गई, ताकि यात्री सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें। मंत्री लोढा ने अत्यंत सकारात्मकता व्यक्त करते हुए कहा कि इतने बड़े संकट के बाद भी मुंबई कहीं भी थमी नहीं है। एहतियाती उपायों के कारण लोकल ट्रेनों की गति थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन रेल यातायात पूरी तरह से चालू है। सड़कों पर जमा पानी और गिरे हुए पेड़ों को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
पिछले तीन दिनों से महानगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात एक कर ऑन-फील्ड काम कर रहे हैं। संकट के समय में राजनीति न करते हुए हम सभी को प्रशासन के साथ खड़ा होना चाहिए और उनके इस निरंतर परिश्रम की सराहना (Appreciation) करनी चाहिए," ऐसा आह्वान मंत्री लोढा ने इस अवसर पर किया। उन्होंने आगे कहा कि ९० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी को व्हाट्सएप के माध्यम से सतर्कता के संदेश भेज दिए गए हैं, और आगामी किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार है।
मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह नियंत्रित : मंगल प्रभात लोढा
मुंबई। पिछले दो-तीन दिनों से मुंबई में हो रही भारी बारिश के बीच मुंबई में जनजीवन और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। संकट के इस समय में मुंबईकरों द्वारा प्रशासन को दिया गया सहयोग अत्यंत बहुमूल्य है, यह प्रतिपादन मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने आज किया। वे मुंबई महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष (Disaster Management Center) का प्रत्यक्ष दौरा कर स्थिति की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। इस अवसर पर सदन के नेता गणेश खणकर, महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) श्रीमती प्राजक्ता वर्मा - लवंगारे (IAS), अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) अविनाश ढाकणे (IAS), उपायुक्त (स्वास्थ्य) श्री शरद उघडे और महानगरपालिका के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसा कि माननीय मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उल्लेख किया था, यह प्रकृति का एक बड़ा प्रकोप है और यह एक अभूतपूर्व स्थिति है। शहर में एक ही दिन में ३५० से अधिक पेड़ों के उखड़ने की घटना हुई। हालांकि, ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी महानगरपालिका का आपदा प्रबंधन विभाग और सरकारी तंत्र अत्यंत तीव्र गति से और युद्ध स्तर पर सड़कों से पेड़ हटाने और जलभराव को दूर करने के काम में जुटा हुआ है। नागरिकों, विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने अत्यंत सतर्कता के साथ कदम उठाए हैं। एक आवश्यक एहतियाती उपाय के रूप में सुबह के सत्र में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई और उसके बाद दोपहर के सत्र में सरकारी कार्यालयों को भी छुट्टी दे दी गई, ताकि यात्री सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें। मंत्री लोढा ने अत्यंत सकारात्मकता व्यक्त करते हुए कहा कि इतने बड़े संकट के बाद भी मुंबई कहीं भी थमी नहीं है। एहतियाती उपायों के कारण लोकल ट्रेनों की गति थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन रेल यातायात पूरी तरह से चालू है। सड़कों पर जमा पानी और गिरे हुए पेड़ों को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
पिछले तीन दिनों से महानगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात एक कर ऑन-फील्ड काम कर रहे हैं। संकट के समय में राजनीति न करते हुए हम सभी को प्रशासन के साथ खड़ा होना चाहिए और उनके इस निरंतर परिश्रम की सराहना (Appreciation) करनी चाहिए," ऐसा आह्वान मंत्री लोढा ने इस अवसर पर किया। उन्होंने आगे कहा कि ९० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी को व्हाट्सएप के माध्यम से सतर्कता के संदेश भेज दिए गए हैं, और आगामी किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार है।
Homeopathy in Hyderabad for Anxiety – A Holistic Approach to Emotional Well-Being

Find trusted homeopathy in Hyderabad for anxiety at Spiritual Homeopathy. Personalized holistic care focused on emotional wellness and long-term health.

Homeopathy in Hyderabad for Anxiety

Anxiety is more than feeling stressed before an important event. It is a condition that can affect emotional health, physical well-being, and everyday life. Persistent worry, nervousness, fear, or uneasiness can make it difficult to focus, complete routine tasks, enjoy social interactions, or maintain a healthy sleep pattern. As more people seek natural healthcare solutions, homeopathy in Hyderabad is becoming a preferred choice for individuals looking for personalized and holistic care.

Anxiety can present itself in different ways. Some people experience constant worrying, restlessness, irritability, difficulty concentrating, racing thoughts, rapid heartbeat, excessive sweating, fatigue, muscle tension, or disturbed sleep. Others may experience panic episodes or physical discomfort during stressful situations. These symptoms can gradually affect confidence, productivity, and overall quality of life if they are not addressed at the right time.

Several factors can contribute to anxiety, including demanding work schedules, academic pressure, family responsibilities, financial concerns, hormonal fluctuations, traumatic experiences, unhealthy lifestyle habits, or hereditary influences. Since every individual has unique triggers and experiences, homeopathy in Hyderabad emphasizes a personalized approach instead of offering the same treatment for everyone.

The philosophy behind homeopathy in Hyderabad is to understand the individual as a whole. A detailed consultation considers emotional health, physical condition, lifestyle, stress levels, medical history, and the nature of the symptoms before developing a customized treatment plan. This comprehensive evaluation helps practitioners provide care that supports the body's natural healing process while promoting emotional balance and overall wellness. The goal is not only to help individuals manage anxiety but also to improve their quality of life and support long-term health.

Healthy daily habits can further enhance the benefits of holistic care. Regular physical activity, balanced nutrition, sufficient sleep, mindfulness, breathing exercises, yoga, meditation, and maintaining a healthy work-life balance can complement homeopathy in Hyderabad and contribute to improved emotional resilience.

Spiritual Homeopathy is dedicated to providing compassionate and patient-focused homeopathic care for individuals seeking natural healthcare solutions. Every consultation is designed to understand the patient's unique health concerns and create a personalized treatment approach. With branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy has become a trusted destination for quality homeopathy in Hyderabad. The clinic is committed to helping patients achieve better emotional health through individualized care and a holistic approach.

If you are looking for dependable homeopathy in Hyderabad for anxiety, Spiritual Homeopathy offers professional guidance and personalized treatment to help you move toward a healthier, calmer, and more balanced life.

Call Spiritual Homeopathy today at 9069176176 to schedule your consultation and discover the benefits of trusted homeopathy in Hyderabad for anxiety care.

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

#pmmodi6dayindopacificmissionvisittoindonesiaaustralianewzealand

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

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