अमेरिका में नौकरी पाना होगा मुस्किल! ट्रंप के सांसदों ने संसद में पेश H-1B वीजा को रोकने का बिल

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बीते एक वर्षों में विदेशियों के प्रवास का मुद्दा गर्माया हुआ है। ट्रंप प्रशासन न सिर्फ अवैध प्रवासियों, बल्कि अब वैध तौर पर अमेरिका में काम के लिए जाने वाले लोगों को भी निशाना बना रहा है। इसी बीच ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।

बिल में आश्रितों को लाने की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव

एरिजोना से सांसद एली क्रेन ने ‘एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026’ पेश किया, जिसे सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने भी समर्थन दिया है। विधेयक में एच-1बी कार्यक्रम में सुधारों का प्रस्ताव है, जिसमें वार्षिक सीमा को 65,000 से घटाकर 25,000 करना, न्यूनतम वेतन 2,00,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष निर्धारित करना और एच-1बी वीजा धारकों को आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं देना शामिल है।

अमेरिकी कर्मचारी का ना मिलना करना होगा साबित

बिल में एच-1बी कार्यक्रम में लॉटरी प्रणाली को वेतन-आधारित चयन प्रणाली से बदलने के साथ ही नियोक्ताओं को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उन्हें कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल पा रहा है और उन्होंने छंटनी नहीं की है। एच-1बी कर्मचारियों को एक से ज्यादा नौकरियां करने से रोकना और तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों की ओर से उन्हें रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

विधेयक पारित हुआ तो भारत पर क्या होगा असर?

अगर अमेरिकी संसद में रखा गया एंड एच-1बी वीजा अब्यूज एक्ट पारित हो जाता है, तो भारत पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। क्योंकि एच-1बी वीजा हासिल करने वालों में भारत का पहला स्थान है। भारतीय पेशेवर एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, कुल मंजूर 3,99,395 एच-1बी याचिकाओं में से 71% (करीब 2.83 लाख वीजा) सिर्फ भारतीयों को मिले थे। वर्ष 2015 से 70 प्रतिशत से ज्यादा एच-1बी वीजा से जुड़ी मंजूरी भारतीयों को ही मिल रही है। अगर यह विधेयक पारित होता है तो अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एफ-1 (स्टूडेंट वीजा) से ओपीटी (छात्रों को काम करने की मंजूरी देने वाला कार्यक्रम) संकट में पड़ जाएगा। इसके अलावा एच-1बी और अंत में ग्रीन कार्ड तक पहुंचने का दशकों पुराना स्थापित मार्ग पूरी तरह से टूट जाएगा। इस विधेयक के चलते भारतीय पेशेवरों के अमेरिका में नौकरी के लिए प्रवेश पर या तो पूरी तरह रोक लग जाएगी या इसमें भारी देरी होगी।

Sambhal नगर पालिका की बजट बैठक में हंगामा: 185 करोड़ का ‘ऐतिहासिक बजट’ पास, GIS सर्वे पर बवाल
सम्भल नगर पालिका परिषद की बजट बैठक इस बार काफी गरमाई रही। अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी ने इसे “ऐतिहासिक बजट” बताते हुए बताया कि इस बार कुल प्रस्तावित बजट 185 करोड़ 52 लाख रुपये का रखा गया है, जबकि आय और व्यय करीब 167 करोड़ 88 लाख रुपये के आसपास है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह जनता केंद्रित है, जिसमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, तीर्थ पर्यटन और आउटसोर्स कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है।

GIS सर्वे से बढ़ेगी पालिका की आय

अधिशासी अधिकारी ने कहा कि GIS सर्वे के जरिए ऐसी संपत्तियां भी टैक्स के दायरे में आएंगी जो अब तक छूट गई थीं। इससे पालिका की आय बढ़ेगी और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

लेकिन यहीं से शुरू हुआ विवाद

सभासद शौकीन ने साफ कहा कि GIS सर्वे का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई लेकिन कई को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा थोपे जा रहे टैक्स से गरीब जनता पर भारी बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि 300 रुपये का टैक्स 1800 और 500 का 5000 तक कर दिया गया है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।

सभासदों का विरोध और बहिष्कार

सभासद गगन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उनकी बात सुनी ही नहीं जा रही तो बैठक में बैठने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर विभाग लगातार नए टैक्स जोड़ रहा है, जिससे व्यापार और आम जनता दोनों परेशान हैं।

निष्कर्ष

एक तरफ प्रशासन इस बजट को विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि इसे जनता पर आर्थिक बोझ मानते हुए विरोध कर रहे हैं। GIS सर्वे और बढ़ते टैक्स को लेकर खींचतान के बीच साफ है कि आने वाले दिनों में सम्भल नगर पालिका की राजनीति और गरमाने वाली है।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India Transforming Relationships

In the modern era of love and relationships, people are constantly seeking reliable guidance to overcome emotional challenges. Among the emerging names in this field, Astrologer Vishal Bhargav – Youngest Love Astrologer in India has quickly built a strong reputation for delivering effective and result-oriented solutions. His unique approach and deep understanding of love astrology have made him a preferred choice for individuals facing relationship and marriage problems.

Being recognized as the Youngest Love Astrologer in India, Astrologer Vishal Bhargav has redefined how astrology can be used to solve real-life issues. With a blend of traditional knowledge and modern thinking, he connects with today’s generation and understands their emotional struggles better than many conventional astrologers.

Youngest Love Astrologer in India with Proven Expertise

What makes Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India stand out is not just his age, but his accuracy and dedication. As a registered and certified astrologer, he has helped numerous individuals get clarity in their relationships and make informed decisions.

His specialization in love astrology focuses on identifying the root cause of problems through detailed horoscope analysis. Whether it’s a breakup, trust issues, or family pressure, his remedies are designed to bring positive changes and restore emotional balance.

Helping People Get Their Love Back

One of the most popular services offered by the Youngest Love Astrologer in India is helping individuals reunite with their lost partners. Breakups can be painful, and many people lose hope after separation. However, Astrologer Vishal Bhargav uses his expertise in love astrology to guide clients toward reconciliation.

Through personalized remedies and practical advice, he increases the chances of getting lost love back. His methods are simple yet powerful, making him highly trusted among those who are serious about rebuilding their relationships.

Solutions for Marriage and Relationship Problems

Apart from love back cases, Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India also specializes in solving marriage-related issues. Modern relationships often face challenges such as misunderstandings, lack of communication, and emotional distance.

With his strong foundation in love astrology, he helps couples:

 Resolve conflicts peacefully

 Strengthen mutual understanding

 Improve communication

 Maintain long-term harmony

His guidance is not limited to predictions but extends to practical solutions that can be applied in daily life.

Why He is Known as the Youngest Love Astrologer in India

The title Youngest Love Astrologer in India is not just a label—it reflects his growing influence and success in the field. Despite his young age, Astrologer Vishal has achieved what many take years to accomplish.

His ability to connect with clients, understand modern relationship dynamics, and provide fast, effective solutions has earned him this recognition. His expertise in love astrology continues to attract people from different parts of the country and even globally.

Trusted, Certified, and Result-Oriented Services

As a registered and certified astrologer, Astrologer Vishal Bhargav maintains professionalism and confidentiality in every consultation. His approach is honest and transparent, focusing on delivering real results rather than false promises.

Many clients have shared positive experiences, especially those who successfully reunited with their partners or resolved long-standing marriage issues. His consistent success rate in love astrology has made him one of the most talked-about young astrologers today.

Conclusion

In a world where relationship problems are becoming increasingly complex, finding the right guidance is essential. Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India has proven that age is not a barrier when it comes to expertise and results.

With his deep knowledge of love astrology, personalized solutions, and commitment to helping people, he continues to transform lives and relationships. If you are facing challenges in love or marriage, consulting the Youngest Love Astrologer in India could be the step that brings happiness and clarity back into your life.

To connect Astrologer Vishal Bhargav visit :- https://www.instagram.com/expertloveback?igsh=cnp6c291eW02OGJ0

ग्रामीण वित्तीय क्रांति: JSLPS और इंडियन बैंक मिलकर बनाएंगे देश का पहला CLF पेमेंट गेटवे


रांची: झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी एवं इंडियन बैंक के बीच आज क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLFs) के लिए अत्याधुनिक पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के विकास हेतु एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल ग्रामीण वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल, सुरक्षित एवं अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है और झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन पूरे देश में CLF स्तर पर इस प्रकार का पेमेंट गेटवे लागू करने वाला एकमात्र राज्य बन गया है, जो इसे एक अभिनव एवं मॉडल पहल के रूप में स्थापित करता है।

यह MoU जेएसएलपीएस के मुख्य परिचालन पदाधिकारी, बिष्णु चरण परिदा एवं इंडियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक, महेंद्र बाजपेयी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

इस साझेदारी के अंतर्गत इंडियन बैंक द्वारा विकसित पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के माध्यम से CLFs, VOs, SHGs, विक्रेताओं एवं कैडरों के बीच सुरक्षित एवं रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रणाली में मेकर–चेकर–अप्रूवर आधारित अनुमोदन प्रक्रिया, डिजिटल सिग्नेचर (DSC) एवं बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, रियल-टाइम ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग, MIS रिपोर्टिंग तथा PFMS, eFMS, LokOS एवं Swalekha जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, राज्य से लेकर CLF स्तर तक भूमिका-आधारित (Role-based) एक्सेस सुनिश्चित किया जाएगा।

इस प्रणाली को प्रारंभिक चरण में 6 CLFs में पायलट रूप में लागू किया जाएगा, जिसमें CLFs एवं VOs के बीच ऋण वितरण एवं भुगतान से संबंधित लेन-देन को शामिल किया जाएगा। पायलट के सफल क्रियान्वयन के पश्चात इसे विस्तारित करते हुए सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर JSLPS के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडियन बैंक, कॉर्पोरेट कार्यालय, चेन्नई के महाप्रबंधक श्री अन्बु कामराज पी, अंचल प्रबंधक श्री राजेश शरण, श्री अमित जैन, कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, श्रीमती पूर्णिमा मुखर्जी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पहल झारखंड में ग्रामीण वित्तीय तंत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करेगी।

नेपाल की बालेन शाह सरकार के गृहमंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, 26 दिन में ही दिया इस्तीफा

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नेपाल में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई बालेन शाह की सरकार पहले महीने में ही मुश्किल में फंस गई है। मार्च के आखिर में प्रधानमंत्री बनने वाले बालेन शाह की कैबिनेट के बेहद अहम सदस्य सुदन गुरुंग मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं। जिसके बाद सुधन गुरुंग ने पद संभालने के बाद 26 दिन के अंदर ही इस्तीफा दे दिया है।

विरोध के बाद पद छोड़ने का फैसला

सुधन गुरुंग ने गृहमंत्री बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था और अब उन्हें निजी निवेशों के चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने व्यापक विरोध के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है। फेसबुक पोस्ट में सुधन गुरुंग ने लिखा, 'मुझसे जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पदों पर रहते हुए हितों के टकराव से बचने और जांच प्रक्रिया पर किसी भी तरह के प्रभाव से बचने के लिए मैंने गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।'

श्रम मंत्री के बाद गृह मंत्री का इस्तीफा

पहले महीने में ही कैबिनेट के दो बड़े स्तंभ ढह गए हैं। अनुशासनहीनता के मामले में श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह की विदाई के ठीक बाद अब गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भी इस्तीफा दे दिया है। गुरुंग पर विवादित व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग और शेयरों में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं।

सरकार को शुरूआत में ही बड़ा झटका

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का वादा कर सत्ता में आई इस नई सरकार के लिए अपने ही मंत्रियों का विवादों में घिरना एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक चुनौती बन गया है। बालेन शाह सरकार अभी ठीक से काम शुरू भी नहीं कर पाई थी कि मंत्रियों के हटने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह को अनुशासनहीनता के चलते पद से हाथ धोना पड़ा। अब गृह मंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा सरकार के लिए दूसरा बड़ा झटका है।

MinersMe Cloud Mining Explained: How to Access Bitcoin Mining Without Hardware

In recent years, cryptocurrency adoption has grown rapidly across the world, with Bitcoin leading the conversation. Most individuals entering the crypto space are familiar with trading or long-term holding. However, there is another fundamental layer of this ecosystem that often goes unnoticed Bitcoin mining.Bitcoin mining is the process through which transactions are verified and added to the blockchain. It also plays a critical role in introducing new Bitcoin into circulation. This process is powered by complex computational systems that solve mathematical problems to secure the network.

Traditionally, mining required significant investment in high-performance hardware, access to continuous electricity, advanced cooling systems, and technical expertise. Setting up and maintaining such an environment made mining accessible primarily to large-scale operators and industrial players.

This is where cloud mining has transformed the landscape.

Cloud mining enables individuals to access mining infrastructure without owning or managing physical machines. Instead of building a setup from scratch, users can participate in mining operations through professionally managed systems hosted in large-scale data centers.

These data centers are powered by ASIC (Application-Specific Integrated Circuit) machines, which are specifically designed for efficient mining performance. Combined with optimized cooling systems and stable energy environments, these infrastructures ensure consistent and reliable operations.

Platforms like MinersMe are part of this evolving digital infrastructure ecosystem.

MinersMe focuses on providing access to real mining infrastructure through managed systems. Instead of dealing with hardware setup, maintenance, or operational complexity, users can explore participation through simplified models designed for accessibility and scalability.

Learn more about cloud mining infrastructure at: https://minersme.com

The approach is centered around:

• Access to real ASIC-powered systems

• Managed infrastructure environments

• Simplified participation models

• Scalable entry options

This reflects a broader shift in the industry from hardware ownership to infrastructure access.

Much like how cloud computing transformed traditional IT systems, cloud mining is changing how individuals engage with mining. It removes technical barriers and allows users to interact with complex systems through simplified access points.

However, it is important to understand that the cryptocurrency ecosystem is dynamic. Factors such as market conditions, network difficulty, and technological advancements continue to influence the mining landscape. This makes it essential for individuals to approach the space with awareness and proper research.

As digital infrastructure continues to evolve, platforms like MinersMe represent a growing trend toward making mining more structured, accessible, and scalable.

For detailed insights and platform information, visit: https://minersme.com

Cloud mining is not just about convenience it is about redefining how individuals connect with the underlying infrastructure of the crypto ecosystem.

सेसमी वर्कशॉप इंडिया और एबॉट ने मिलकर ‘सेहतमंद आदतें’ कार्यक्रम को किया डिजिटल लॉन्च, अब Chalo! Sesame Street ऐप पर उपलब्ध

नई दिल्ली:सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने वैश्विक हेल्थकेयर कंपनी एबॉट के सहयोग से आज Chalo! Sesame Street ऐप पर ‘सेहतमंद आदतें – Sehatmand Aadatein’ लॉन्च किया। यह कार्यक्रम बच्चों और परिवारों को खेल-खेल में सही खान-पान और अच्छी आदतें सिखाने के लिए बनाया गया है, ताकि वे छोटी-छोटी बातों से स्वस्थ जीवन की शुरुआत कर सकें।
इससे पहले, इसी साल सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने एबॉट के सहयोग से भारत में Healthy Habits कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य बच्चों और परिवारों को बचपन से ही सही खान-पान, शारीरिक गतिविधि और रोज़मर्रा की अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से और हिंदी में आसान सामग्री के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी बातें सरल और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपनाने लायक बन सकें।
अब ‘सेहतमंद आदतें’ को ऐप पर लाकर इसे और आसान और इंटरैक्टिव बना दिया गया है, ताकि बच्चे घर पर भी इसे सीख और अपनाकर अभ्यास कर सकें।
इस कार्यक्रम में 40 मिनट से ज़्यादा का मजेदार कंटेंट और 55 इंटरैक्टिव एक्टिविटी शामिल हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं। कहानियों, गानों और Sesame Street के पसंदीदा किरदारों के जरिए बच्चों को संतुलित आहार, सही खाने की आदतें और रोज़ की हेल्दी रूटीन के बारे में सिखाया जाता है।
Chalo! Sesame Street ऐप को अब तक लगभग 1.58 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है। यह ऐप 4 से 7 साल के बच्चों के लिए बनाया गया है, जिसमें पढ़ाई, गणित, भावनात्मक विकास और जीवन कौशल सिखाने वाली गतिविधियाँ शामिल हैं। यह भारत सरकार के NIPUN Bharat Mission के लक्ष्यों के अनुरूप है और बच्चों को खेल-खेल में सीखने का मौका देता है।
इस ऐप की खास बात यह है कि यह बच्चों को सिर्फ देखने नहीं, बल्कि भाग लेकर सीखने के लिए प्रेरित करता है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है। इसमें स्क्रीन टाइम को संतुलित रखने के लिए टाइमर जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
यह ऐप YouTube आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जो वीडियो और गेम्स के जरिए बच्चों को एक्टिव लर्निंग का अनुभव देता है। इसमें शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं और WhatsApp के जरिए कंटेंट शेयर कर सकते हैं।
इस पहल के जरिए सेसमी वर्कशॉप इंडिया और एबॉट का उद्देश्य है कि बच्चों और परिवारों तक सही और आसान स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे रोज़मर्रा की जिंदगी में अच्छी आदतें अपना सकें।
सोनाली खान, मैनेजिंग ट्रस्टी, सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट ने कहा:
“आजकल बच्चे ज्यादा पैकेज्ड और मीठा खाना खा रहे हैं और स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिता रहे हैं। ‘सेहतमंद आदतें’ के जरिए हम बच्चों और उनके परिवारों को मजेदार तरीके से सही खान-पान, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद जैसी आदतें सिखाना चाहते हैं, ताकि ये उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएं।”
सेसमी वर्कशॉप इंडिया बच्चों को स्मार्ट, मजबूत और संवेदनशील बनाने के लिए काम करता है। यह संस्था खेल-खेल में सीखने, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और परिवारों को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित करती है।
यूएस-ईरान शांति वार्ताःडील के लिए ट्रंप खुद पहुंच सकते हैं पाकिस्तान

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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के साथ इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में समझौता होने की स्थिति में खुद भी शामिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की युद्धविराम वार्ता होने की उम्मीद अब काफी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने चर्चा में शामिल एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाल से कहा है कि बातचीत के फिर से शुरू करने की दिशा में प्रगति हो रही है। उन्होंने ये भी संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है तो या तो खुद डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान आ सकते हैं या फिर ऑनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने दी बम बरसाने की धमकी

ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब ईरान-अमेरिका वार्ता में लगातार गतिरोध चल रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उन्होंने दावा किया है कि ईरान को समझौता करना ही होगा। उन्होंने अपनी ताजा धमकी में कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करेगा, तो बम बरसेंगे। हालांकि इसके बाद भी ईरान ने अड़ियल रवैया जारी रखा है।

पाकिस्तान के लिए अब तक नहीं रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरान की सरकारी टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में भाग लेने के लिए रवाना नहीं हुआ है। यह वार्ता अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे लेकर क्षेत्रीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से फिलहाल किसी भी डेलीगेशन के पाकिस्तान जाने की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे इस बैठक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

इन मामलों पर विवाद बरकरार

-ईरान का परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रतिबंध की समयसीमा सीमित होनी चाहिए।

-यूरेनियम भंडार: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, लेकिन ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपने प्रतिबंध नहीं हटाता, जबकि अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है।

-जमे हुए आर्थिक संपत्ति: ईरान करीब 20 अरब डॉलर की फ्रीज़्ड संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।

-युद्ध क्षतिपूर्ति: तेहरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों से हुए नुकसान के बदले लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग उठाई है।

अमेरिका में नौकरी पाना होगा मुस्किल! ट्रंप के सांसदों ने संसद में पेश H-1B वीजा को रोकने का बिल

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बीते एक वर्षों में विदेशियों के प्रवास का मुद्दा गर्माया हुआ है। ट्रंप प्रशासन न सिर्फ अवैध प्रवासियों, बल्कि अब वैध तौर पर अमेरिका में काम के लिए जाने वाले लोगों को भी निशाना बना रहा है। इसी बीच ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।

बिल में आश्रितों को लाने की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव

एरिजोना से सांसद एली क्रेन ने ‘एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026’ पेश किया, जिसे सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने भी समर्थन दिया है। विधेयक में एच-1बी कार्यक्रम में सुधारों का प्रस्ताव है, जिसमें वार्षिक सीमा को 65,000 से घटाकर 25,000 करना, न्यूनतम वेतन 2,00,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष निर्धारित करना और एच-1बी वीजा धारकों को आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं देना शामिल है।

अमेरिकी कर्मचारी का ना मिलना करना होगा साबित

बिल में एच-1बी कार्यक्रम में लॉटरी प्रणाली को वेतन-आधारित चयन प्रणाली से बदलने के साथ ही नियोक्ताओं को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उन्हें कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल पा रहा है और उन्होंने छंटनी नहीं की है। एच-1बी कर्मचारियों को एक से ज्यादा नौकरियां करने से रोकना और तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों की ओर से उन्हें रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

विधेयक पारित हुआ तो भारत पर क्या होगा असर?

अगर अमेरिकी संसद में रखा गया एंड एच-1बी वीजा अब्यूज एक्ट पारित हो जाता है, तो भारत पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। क्योंकि एच-1बी वीजा हासिल करने वालों में भारत का पहला स्थान है। भारतीय पेशेवर एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, कुल मंजूर 3,99,395 एच-1बी याचिकाओं में से 71% (करीब 2.83 लाख वीजा) सिर्फ भारतीयों को मिले थे। वर्ष 2015 से 70 प्रतिशत से ज्यादा एच-1बी वीजा से जुड़ी मंजूरी भारतीयों को ही मिल रही है। अगर यह विधेयक पारित होता है तो अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एफ-1 (स्टूडेंट वीजा) से ओपीटी (छात्रों को काम करने की मंजूरी देने वाला कार्यक्रम) संकट में पड़ जाएगा। इसके अलावा एच-1बी और अंत में ग्रीन कार्ड तक पहुंचने का दशकों पुराना स्थापित मार्ग पूरी तरह से टूट जाएगा। इस विधेयक के चलते भारतीय पेशेवरों के अमेरिका में नौकरी के लिए प्रवेश पर या तो पूरी तरह रोक लग जाएगी या इसमें भारी देरी होगी।

Sambhal नगर पालिका की बजट बैठक में हंगामा: 185 करोड़ का ‘ऐतिहासिक बजट’ पास, GIS सर्वे पर बवाल
सम्भल नगर पालिका परिषद की बजट बैठक इस बार काफी गरमाई रही। अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी ने इसे “ऐतिहासिक बजट” बताते हुए बताया कि इस बार कुल प्रस्तावित बजट 185 करोड़ 52 लाख रुपये का रखा गया है, जबकि आय और व्यय करीब 167 करोड़ 88 लाख रुपये के आसपास है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह जनता केंद्रित है, जिसमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, तीर्थ पर्यटन और आउटसोर्स कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है।

GIS सर्वे से बढ़ेगी पालिका की आय

अधिशासी अधिकारी ने कहा कि GIS सर्वे के जरिए ऐसी संपत्तियां भी टैक्स के दायरे में आएंगी जो अब तक छूट गई थीं। इससे पालिका की आय बढ़ेगी और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

लेकिन यहीं से शुरू हुआ विवाद

सभासद शौकीन ने साफ कहा कि GIS सर्वे का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई लेकिन कई को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा थोपे जा रहे टैक्स से गरीब जनता पर भारी बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि 300 रुपये का टैक्स 1800 और 500 का 5000 तक कर दिया गया है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।

सभासदों का विरोध और बहिष्कार

सभासद गगन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उनकी बात सुनी ही नहीं जा रही तो बैठक में बैठने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर विभाग लगातार नए टैक्स जोड़ रहा है, जिससे व्यापार और आम जनता दोनों परेशान हैं।

निष्कर्ष

एक तरफ प्रशासन इस बजट को विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि इसे जनता पर आर्थिक बोझ मानते हुए विरोध कर रहे हैं। GIS सर्वे और बढ़ते टैक्स को लेकर खींचतान के बीच साफ है कि आने वाले दिनों में सम्भल नगर पालिका की राजनीति और गरमाने वाली है।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India Transforming Relationships

In the modern era of love and relationships, people are constantly seeking reliable guidance to overcome emotional challenges. Among the emerging names in this field, Astrologer Vishal Bhargav – Youngest Love Astrologer in India has quickly built a strong reputation for delivering effective and result-oriented solutions. His unique approach and deep understanding of love astrology have made him a preferred choice for individuals facing relationship and marriage problems.

Being recognized as the Youngest Love Astrologer in India, Astrologer Vishal Bhargav has redefined how astrology can be used to solve real-life issues. With a blend of traditional knowledge and modern thinking, he connects with today’s generation and understands their emotional struggles better than many conventional astrologers.

Youngest Love Astrologer in India with Proven Expertise

What makes Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India stand out is not just his age, but his accuracy and dedication. As a registered and certified astrologer, he has helped numerous individuals get clarity in their relationships and make informed decisions.

His specialization in love astrology focuses on identifying the root cause of problems through detailed horoscope analysis. Whether it’s a breakup, trust issues, or family pressure, his remedies are designed to bring positive changes and restore emotional balance.

Helping People Get Their Love Back

One of the most popular services offered by the Youngest Love Astrologer in India is helping individuals reunite with their lost partners. Breakups can be painful, and many people lose hope after separation. However, Astrologer Vishal Bhargav uses his expertise in love astrology to guide clients toward reconciliation.

Through personalized remedies and practical advice, he increases the chances of getting lost love back. His methods are simple yet powerful, making him highly trusted among those who are serious about rebuilding their relationships.

Solutions for Marriage and Relationship Problems

Apart from love back cases, Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India also specializes in solving marriage-related issues. Modern relationships often face challenges such as misunderstandings, lack of communication, and emotional distance.

With his strong foundation in love astrology, he helps couples:

 Resolve conflicts peacefully

 Strengthen mutual understanding

 Improve communication

 Maintain long-term harmony

His guidance is not limited to predictions but extends to practical solutions that can be applied in daily life.

Why He is Known as the Youngest Love Astrologer in India

The title Youngest Love Astrologer in India is not just a label—it reflects his growing influence and success in the field. Despite his young age, Astrologer Vishal has achieved what many take years to accomplish.

His ability to connect with clients, understand modern relationship dynamics, and provide fast, effective solutions has earned him this recognition. His expertise in love astrology continues to attract people from different parts of the country and even globally.

Trusted, Certified, and Result-Oriented Services

As a registered and certified astrologer, Astrologer Vishal Bhargav maintains professionalism and confidentiality in every consultation. His approach is honest and transparent, focusing on delivering real results rather than false promises.

Many clients have shared positive experiences, especially those who successfully reunited with their partners or resolved long-standing marriage issues. His consistent success rate in love astrology has made him one of the most talked-about young astrologers today.

Conclusion

In a world where relationship problems are becoming increasingly complex, finding the right guidance is essential. Astrologer Vishal Bhargav– Youngest Love Astrologer in India has proven that age is not a barrier when it comes to expertise and results.

With his deep knowledge of love astrology, personalized solutions, and commitment to helping people, he continues to transform lives and relationships. If you are facing challenges in love or marriage, consulting the Youngest Love Astrologer in India could be the step that brings happiness and clarity back into your life.

To connect Astrologer Vishal Bhargav visit :- https://www.instagram.com/expertloveback?igsh=cnp6c291eW02OGJ0

ग्रामीण वित्तीय क्रांति: JSLPS और इंडियन बैंक मिलकर बनाएंगे देश का पहला CLF पेमेंट गेटवे


रांची: झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी एवं इंडियन बैंक के बीच आज क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLFs) के लिए अत्याधुनिक पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के विकास हेतु एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल ग्रामीण वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल, सुरक्षित एवं अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है और झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन पूरे देश में CLF स्तर पर इस प्रकार का पेमेंट गेटवे लागू करने वाला एकमात्र राज्य बन गया है, जो इसे एक अभिनव एवं मॉडल पहल के रूप में स्थापित करता है।

यह MoU जेएसएलपीएस के मुख्य परिचालन पदाधिकारी, बिष्णु चरण परिदा एवं इंडियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक, महेंद्र बाजपेयी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

इस साझेदारी के अंतर्गत इंडियन बैंक द्वारा विकसित पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के माध्यम से CLFs, VOs, SHGs, विक्रेताओं एवं कैडरों के बीच सुरक्षित एवं रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रणाली में मेकर–चेकर–अप्रूवर आधारित अनुमोदन प्रक्रिया, डिजिटल सिग्नेचर (DSC) एवं बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, रियल-टाइम ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग, MIS रिपोर्टिंग तथा PFMS, eFMS, LokOS एवं Swalekha जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, राज्य से लेकर CLF स्तर तक भूमिका-आधारित (Role-based) एक्सेस सुनिश्चित किया जाएगा।

इस प्रणाली को प्रारंभिक चरण में 6 CLFs में पायलट रूप में लागू किया जाएगा, जिसमें CLFs एवं VOs के बीच ऋण वितरण एवं भुगतान से संबंधित लेन-देन को शामिल किया जाएगा। पायलट के सफल क्रियान्वयन के पश्चात इसे विस्तारित करते हुए सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर JSLPS के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडियन बैंक, कॉर्पोरेट कार्यालय, चेन्नई के महाप्रबंधक श्री अन्बु कामराज पी, अंचल प्रबंधक श्री राजेश शरण, श्री अमित जैन, कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, श्रीमती पूर्णिमा मुखर्जी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पहल झारखंड में ग्रामीण वित्तीय तंत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करेगी।

नेपाल की बालेन शाह सरकार के गृहमंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, 26 दिन में ही दिया इस्तीफा

#nepalhomeministersudhangurung_resigns

नेपाल में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई बालेन शाह की सरकार पहले महीने में ही मुश्किल में फंस गई है। मार्च के आखिर में प्रधानमंत्री बनने वाले बालेन शाह की कैबिनेट के बेहद अहम सदस्य सुदन गुरुंग मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं। जिसके बाद सुधन गुरुंग ने पद संभालने के बाद 26 दिन के अंदर ही इस्तीफा दे दिया है।

विरोध के बाद पद छोड़ने का फैसला

सुधन गुरुंग ने गृहमंत्री बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था और अब उन्हें निजी निवेशों के चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने व्यापक विरोध के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है। फेसबुक पोस्ट में सुधन गुरुंग ने लिखा, 'मुझसे जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पदों पर रहते हुए हितों के टकराव से बचने और जांच प्रक्रिया पर किसी भी तरह के प्रभाव से बचने के लिए मैंने गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।'

श्रम मंत्री के बाद गृह मंत्री का इस्तीफा

पहले महीने में ही कैबिनेट के दो बड़े स्तंभ ढह गए हैं। अनुशासनहीनता के मामले में श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह की विदाई के ठीक बाद अब गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भी इस्तीफा दे दिया है। गुरुंग पर विवादित व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग और शेयरों में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं।

सरकार को शुरूआत में ही बड़ा झटका

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का वादा कर सत्ता में आई इस नई सरकार के लिए अपने ही मंत्रियों का विवादों में घिरना एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक चुनौती बन गया है। बालेन शाह सरकार अभी ठीक से काम शुरू भी नहीं कर पाई थी कि मंत्रियों के हटने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह को अनुशासनहीनता के चलते पद से हाथ धोना पड़ा। अब गृह मंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा सरकार के लिए दूसरा बड़ा झटका है।

MinersMe Cloud Mining Explained: How to Access Bitcoin Mining Without Hardware

In recent years, cryptocurrency adoption has grown rapidly across the world, with Bitcoin leading the conversation. Most individuals entering the crypto space are familiar with trading or long-term holding. However, there is another fundamental layer of this ecosystem that often goes unnoticed Bitcoin mining.Bitcoin mining is the process through which transactions are verified and added to the blockchain. It also plays a critical role in introducing new Bitcoin into circulation. This process is powered by complex computational systems that solve mathematical problems to secure the network.

Traditionally, mining required significant investment in high-performance hardware, access to continuous electricity, advanced cooling systems, and technical expertise. Setting up and maintaining such an environment made mining accessible primarily to large-scale operators and industrial players.

This is where cloud mining has transformed the landscape.

Cloud mining enables individuals to access mining infrastructure without owning or managing physical machines. Instead of building a setup from scratch, users can participate in mining operations through professionally managed systems hosted in large-scale data centers.

These data centers are powered by ASIC (Application-Specific Integrated Circuit) machines, which are specifically designed for efficient mining performance. Combined with optimized cooling systems and stable energy environments, these infrastructures ensure consistent and reliable operations.

Platforms like MinersMe are part of this evolving digital infrastructure ecosystem.

MinersMe focuses on providing access to real mining infrastructure through managed systems. Instead of dealing with hardware setup, maintenance, or operational complexity, users can explore participation through simplified models designed for accessibility and scalability.

Learn more about cloud mining infrastructure at: https://minersme.com

The approach is centered around:

• Access to real ASIC-powered systems

• Managed infrastructure environments

• Simplified participation models

• Scalable entry options

This reflects a broader shift in the industry from hardware ownership to infrastructure access.

Much like how cloud computing transformed traditional IT systems, cloud mining is changing how individuals engage with mining. It removes technical barriers and allows users to interact with complex systems through simplified access points.

However, it is important to understand that the cryptocurrency ecosystem is dynamic. Factors such as market conditions, network difficulty, and technological advancements continue to influence the mining landscape. This makes it essential for individuals to approach the space with awareness and proper research.

As digital infrastructure continues to evolve, platforms like MinersMe represent a growing trend toward making mining more structured, accessible, and scalable.

For detailed insights and platform information, visit: https://minersme.com

Cloud mining is not just about convenience it is about redefining how individuals connect with the underlying infrastructure of the crypto ecosystem.

सेसमी वर्कशॉप इंडिया और एबॉट ने मिलकर ‘सेहतमंद आदतें’ कार्यक्रम को किया डिजिटल लॉन्च, अब Chalo! Sesame Street ऐप पर उपलब्ध

नई दिल्ली:सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने वैश्विक हेल्थकेयर कंपनी एबॉट के सहयोग से आज Chalo! Sesame Street ऐप पर ‘सेहतमंद आदतें – Sehatmand Aadatein’ लॉन्च किया। यह कार्यक्रम बच्चों और परिवारों को खेल-खेल में सही खान-पान और अच्छी आदतें सिखाने के लिए बनाया गया है, ताकि वे छोटी-छोटी बातों से स्वस्थ जीवन की शुरुआत कर सकें।
इससे पहले, इसी साल सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने एबॉट के सहयोग से भारत में Healthy Habits कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य बच्चों और परिवारों को बचपन से ही सही खान-पान, शारीरिक गतिविधि और रोज़मर्रा की अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से और हिंदी में आसान सामग्री के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी बातें सरल और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपनाने लायक बन सकें।
अब ‘सेहतमंद आदतें’ को ऐप पर लाकर इसे और आसान और इंटरैक्टिव बना दिया गया है, ताकि बच्चे घर पर भी इसे सीख और अपनाकर अभ्यास कर सकें।
इस कार्यक्रम में 40 मिनट से ज़्यादा का मजेदार कंटेंट और 55 इंटरैक्टिव एक्टिविटी शामिल हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं। कहानियों, गानों और Sesame Street के पसंदीदा किरदारों के जरिए बच्चों को संतुलित आहार, सही खाने की आदतें और रोज़ की हेल्दी रूटीन के बारे में सिखाया जाता है।
Chalo! Sesame Street ऐप को अब तक लगभग 1.58 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है। यह ऐप 4 से 7 साल के बच्चों के लिए बनाया गया है, जिसमें पढ़ाई, गणित, भावनात्मक विकास और जीवन कौशल सिखाने वाली गतिविधियाँ शामिल हैं। यह भारत सरकार के NIPUN Bharat Mission के लक्ष्यों के अनुरूप है और बच्चों को खेल-खेल में सीखने का मौका देता है।
इस ऐप की खास बात यह है कि यह बच्चों को सिर्फ देखने नहीं, बल्कि भाग लेकर सीखने के लिए प्रेरित करता है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है। इसमें स्क्रीन टाइम को संतुलित रखने के लिए टाइमर जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
यह ऐप YouTube आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जो वीडियो और गेम्स के जरिए बच्चों को एक्टिव लर्निंग का अनुभव देता है। इसमें शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं और WhatsApp के जरिए कंटेंट शेयर कर सकते हैं।
इस पहल के जरिए सेसमी वर्कशॉप इंडिया और एबॉट का उद्देश्य है कि बच्चों और परिवारों तक सही और आसान स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे रोज़मर्रा की जिंदगी में अच्छी आदतें अपना सकें।
सोनाली खान, मैनेजिंग ट्रस्टी, सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट ने कहा:
“आजकल बच्चे ज्यादा पैकेज्ड और मीठा खाना खा रहे हैं और स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिता रहे हैं। ‘सेहतमंद आदतें’ के जरिए हम बच्चों और उनके परिवारों को मजेदार तरीके से सही खान-पान, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद जैसी आदतें सिखाना चाहते हैं, ताकि ये उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएं।”
सेसमी वर्कशॉप इंडिया बच्चों को स्मार्ट, मजबूत और संवेदनशील बनाने के लिए काम करता है। यह संस्था खेल-खेल में सीखने, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और परिवारों को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित करती है।
यूएस-ईरान शांति वार्ताःडील के लिए ट्रंप खुद पहुंच सकते हैं पाकिस्तान

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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के साथ इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में समझौता होने की स्थिति में खुद भी शामिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की युद्धविराम वार्ता होने की उम्मीद अब काफी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने चर्चा में शामिल एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाल से कहा है कि बातचीत के फिर से शुरू करने की दिशा में प्रगति हो रही है। उन्होंने ये भी संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है तो या तो खुद डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान आ सकते हैं या फिर ऑनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने दी बम बरसाने की धमकी

ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब ईरान-अमेरिका वार्ता में लगातार गतिरोध चल रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उन्होंने दावा किया है कि ईरान को समझौता करना ही होगा। उन्होंने अपनी ताजा धमकी में कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करेगा, तो बम बरसेंगे। हालांकि इसके बाद भी ईरान ने अड़ियल रवैया जारी रखा है।

पाकिस्तान के लिए अब तक नहीं रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरान की सरकारी टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में भाग लेने के लिए रवाना नहीं हुआ है। यह वार्ता अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे लेकर क्षेत्रीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से फिलहाल किसी भी डेलीगेशन के पाकिस्तान जाने की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे इस बैठक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

इन मामलों पर विवाद बरकरार

-ईरान का परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रतिबंध की समयसीमा सीमित होनी चाहिए।

-यूरेनियम भंडार: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, लेकिन ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपने प्रतिबंध नहीं हटाता, जबकि अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है।

-जमे हुए आर्थिक संपत्ति: ईरान करीब 20 अरब डॉलर की फ्रीज़्ड संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।

-युद्ध क्षतिपूर्ति: तेहरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों से हुए नुकसान के बदले लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग उठाई है।