लखनऊ में PM-SETU सम्मेलन में सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की प्रभावी सहभागिता
रमेश दूबे
कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और रोजगार सृजन को लेकर साझा की समूह की पहल

लखनऊ, 30 अगस्त 2026। राजधानी लखनऊ में आयोजित PM-SETU सम्मेलन में कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्य मंत्री जयंत चौधरी सहित केंद्र सरकार, रक्षा क्षेत्र, उद्योग जगत और कौशल विकास से जुड़े अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर Superior Group of Industries की ओर से समूह के प्रमोटर्स के प्रतिनिधि के रूप में CHRO, Corporate Affairs & Legal, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने सम्मेलन में सहभागिता की और कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं भविष्य की योजनाओं को साझा किया।

सम्मेलन के दौरान देशभर में PM-SETU योजना के विस्तार तथा ₹1,237 करोड़ से अधिक के नए निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। PM-SETU योजना का उद्देश्य देश के Industrial Training Institutes (ITIs) को आधुनिक सुविधाओं, नई तकनीकों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित करना है, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान किया जा सके।

400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण

सम्मेलन में Superior Group of Industries ने बताया कि समूह ने अपने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कौशल विकास और प्रशिक्षण को निरंतर बढ़ावा दिया है। समूह की विभिन्न इकाइयों में अब तक 400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं को न केवल रोजगार के लिए तैयार किया जा सकता है, बल्कि उन्हें भविष्य की औद्योगिक एवं तकनीकी चुनौतियों के लिए भी सक्षम बनाया जा सकता है।

प्रमोटर्स के नेतृत्व में औद्योगिक विस्तार और निवेश

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने Superior Group of Industries के प्रमोटर्स के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किए जा रहे विभिन्न निवेश, औद्योगिक विस्तार तथा भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

उन्होंने बताया कि समूह लगातार अपनी औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। समूह का प्रयास है कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी जाए, जिससे उद्योग और समाज दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

Hub-Spoke मॉडल से मजबूत होगा औद्योगिक प्रशिक्षण

PM-SETU के अंतर्गत एक Hub ITI और चार Spoke ITIs वाले क्लस्टर मॉडल के माध्यम से आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। यह मॉडल उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं और युवाओं के कौशल के बीच मौजूद अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों, आधुनिक मशीनरी और उद्योग-उपयोगी कौशल का प्रशिक्षण मिलने के साथ बेहतर रोजगार अवसरों के द्वार खुलेंगे। इससे देश के औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

Skill India और Atmanirbhar Bharat को मिलेगी मजबूती

सम्मेलन में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि सरकार, उद्योग और कौशल विकास संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी ही भारत के युवा कार्यबल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आधारशिला है।

Superior Group of Industries ने PM-SETU जैसी पहल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से “Skill India” और “Atmanirbhar Bharat” के विजन को और अधिक मजबूती दी जा सकती है।

लखनऊ में आयोजित यह सम्मेलन कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, निवेश और रोजगार सृजन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। साथ ही, यह पहल भारत के युवाओं को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और राष्ट्र निर्माण में उद्योगों की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
Homeopathy in Hyderabad for Vertigo and Dizziness: Symptoms, Causes & Support

Explore vertigo and dizziness, their symptoms, causes, and personalized wellness support through homeopathy in Hyderabad with professional guidance.

Vertigo and dizziness can be uncomfortable experiences that affect balance, movement, focus, and everyday activities. Dizziness may feel like light-headedness, weakness, or instability, whereas vertigo often involves a sensation of spinning or movement. These symptoms may occur occasionally or repeatedly, and recurring episodes should be evaluated to understand their possible cause.

Symptoms of Vertigo and Dizziness

The symptoms can differ depending on the individual and the underlying cause. Common signs include a spinning sensation, unsteadiness, loss of balance, nausea, vomiting, sweating, headache, light-headedness, blurred vision, and difficulty concentrating. Some people may notice symptoms while turning their head, getting out of bed, bending down, or changing position quickly.

Causes of Vertigo and Dizziness

Several factors can contribute to dizziness and vertigo. Inner-ear disturbances, positional vertigo, migraine, dehydration, blood pressure changes, fatigue, stress, poor sleep, anemia, and fluctuations in blood sugar are possible contributors. Other medical conditions can also produce similar symptoms, so repeated or unexplained dizziness should be assessed by a qualified healthcare professional.

Homeopathy in Hyderabad for Personalized Care

Individuals searching for homeopathy in Hyderabad may consider a personalized consultation for vertigo and dizziness. Homeopathy in Hyderabad takes into account the individual's specific symptoms, frequency and duration of episodes, possible triggers, lifestyle habits, sleep quality, stress levels, and health history.

A consultation for homeopathy in Hyderabad aims to understand the complete pattern of symptoms instead of viewing dizziness as the same condition in every person. Along with professional guidance, maintaining adequate hydration, eating regular balanced meals, getting sufficient sleep, standing up gradually, and avoiding sudden movements may support general well-being and safety.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy focuses on individualized consultations that consider personal symptoms and overall wellness. For people exploring homeopathy in Hyderabad, a detailed consultation can help them discuss vertigo, dizziness, lifestyle factors, and recurring symptom patterns. Appropriate medical assessment remains important for sudden, severe, persistent, or unexplained symptoms.

Conclusion

Vertigo and dizziness can affect daily comfort, mobility, concentration, and confidence. Understanding the symptoms and possible contributing factors is an important step toward responsible healthcare. If you are looking for homeopathy in Hyderabad, a personalized consultation can help you discuss your concerns and understand supportive care options.

For consultation and guidance, call 9069176176.

#spiritualhomeo  #bestdoctors  #Vertigo

मुंबई महानगरपालिका में तबादलों के लिए राजनीतिक सिफारिशों का इस्तेमाल
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारियों के तबादलों के लिए राजनीतिक नेताओं द्वारा सिफारिशें किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। उपलब्ध सूची में कुल 225 अधिकारी एवं कर्मचारियों के नाम हैं और उनके नामों के सामने मंत्री, विधायक, सांसद, उपमहापौर तथा नगरसेवकों के नाम दर्ज हैं। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली को नगर अभियंता कार्यालय द्वारा यह विस्तृत सूची उपलब्ध कराई गई है। सूचना के अधिकार के माध्यम से उपलब्ध 225 अधिकारी-कर्मचारियों के नामों के सामने दर्ज राजनीतिक सिफारिशों के प्रारंभिक विश्लेषण में कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के नाम बार-बार सामने आए हैं। इसमें एकनाथ शिंदे के नाम का सर्वाधिक 10 बार उल्लेख है। इसके बाद रामदास आठवले के नाम का 9 बार, जबकि गिरीश महाजन और कालिदास कोळंबकर के नाम का 7-7 बार उल्लेख है।
इसी प्रकार मंगेश कुडाळकर, अण्णा बनसोडे और तुकाराम काते के नाम का 6-6 बार उल्लेख किया गया है। मुरजी पटेल और दिलीप लांडे के नाम का 5-5 बार उल्लेख है। वहीं नरहरी झिरवळ, सुमीत वानखेडे, राहुल शेवाळे, प्रकाश सुर्वे, इंद्रनील नाईक, संतोष बांगर, राम कदम, किशन कथोरे और बच्चू कडू के नाम का 4-4 बार उल्लेख किया गया है। इसके अलावा चंद्रशेखर बावनकुळे, हसन मुश्रीफ, भरतशेठ गोगावले, उदय सामंत, परिणय फुके, रविंद्र वायकर, प्रसाद लाड, सुनील प्रभू, महेश सावंत और प्रवीण दरेकर के नाम का 3-3 बार उल्लेख है। वहीं प्रतापराव जाधव, पंकजा मुंडे, मंगलप्रभात लोढा, रावसाहेब दानवे, संजय घाडी, राहुल नार्वेकर, जयकुमार गोरे और सना मलिक के नाम का 2-2 बार उल्लेख किया गया है। जबकि रविंद्र चव्हाण, चंद्रकांत पाटील और संजय बनसोडे के नाम का 1-1 बार उल्लेख सामने आया है। इस सूची की पृष्ठभूमि में सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि महानगरपालिका में तबादले प्रशासनिक आवश्यकता, वरिष्ठता और पारदर्शी मानकों के आधार पर होना अपेक्षित है। लेकिन 225 अधिकारी, कर्मचारियों के नामों के सामने मंत्री, विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधियों के नामों वाली सूची सामने आई है। अनिल गलगली ने कहा कि इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त द्वारा मौजूदा नियमों के अनुसार राजनीतिक दबाव डालने वाले अधिकारी वर्ग के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाना अपेक्षित है। इस सूची में Assistant Engineer (AE), Sub Engineer (SE), Executive Engineer (EE) और Junior Engineer (JE) पदों पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों का समावेश है। सूची में दर्ज नाम एवं राजनीतिक सिफारिशें इस प्रकार हैं– रविंद्र घाटगे (संतोष बांगर); सुनील शेठे (प्रकाश सुर्वे, परिणय फुके); दीपक नागासोगे (मुरजी पटेल); गजेंद्र काकड (महेंद्र दळवी); रविंद्र दरेकर (अण्णा बनसोडे, प्रकाश सुर्वे); अंजली धोरे (किशोर आप्पा पाटील); सचिन मेंढे (वर्षा गायकवाड); प्रशांत जगताप (इंद्रनील नाईक, हसन मुश्रीफ); निलेश परब (मनिषा चौधरी, गिरीश महाजन); हेमंत पंत (प्रवीण दरेकर); पद्माकर चव्हाण (मकरंद पाटील); विशाल पाटील (अण्णा बनसोडे); प्रकाश शिंगारे (मेघना बोर्डीकर); संदीप घोगरे (डॉ. पंकज भोयर); नारायण मेंघारे (संतोष बांगर); सागर गायकवाड (संजय दिना पाटील); राजेंद्र राठोड (शिवेंद्रराजे भोसले); हरीश चव्हाण (अण्णा बनसोडे); चेतन पाटील (राम कदम); व्यंकटेश आवळे (बच्चू कडू); शुभम चव्हाण (मुरजी पटेल); नेहा नितीन सांखे (उदय सामंत); प्रसाद धुमाळे (रविंद्र वायकर); सुनील यमगर (मुरजी पटेल); प्रसाद पटवर्धन (धनंजय गाडगीळ); हर्षल पिंपळे (किशन कथोरे); पूर्णिमा भोईर (कालिदास कोळंबकर); संतोष भडवेकर (प्रवीण दरेकर); विद्यसागर भामावले (प्रसाद लाड); नितीन चौधरी (राहुल शेवाळे); जयंत बोरशे (प्रकाश सोलंके); समीर सणप (संजय घाडी); सचिन हणमधर (मुरजी पटेल); सिद्धिविनायक खडपकर (दिलीप लांडे); योगेश पारटे (तुकाराम काते); रुपेश भांडगे (संजय केळकर); रमेश सोनवणे (राम कदम); किशोर क्षेत्री (बाबासाहेब पाटील); मयूर पाटील (भरतशेठ गोगावले); रेणुका पाटील (इंद्रनील नाईक); विजय श्यामोथे (दिलीप लांडे); दिनेश नांचे (रामदास आठवले); चेतन पाटील (संजय दिना पाटील); अनुप ठाकूर (सुमित वानखेडे); महेश नांदेकऱ (राधाकृष्ण विखे पाटील); संदीप देसाई (संजय शिरसाट); अभय सांख्ये (चंद्रशेखर बावनकुळे); सचिन दुधभाते (भरतशेठ गोगावले); रविंद्र गवाडे (कालिदास कोळंबकर); उस्मान सादिक (सना मलिक); दीपक चौगुले (दिलीप लांडे); सिद्धार्थ अग्रवाल (हारून शेख, रंजना पाटील); सचिन दाऊर (सुरेश कोपारकर); संदीप साळुंखे (कालिदास कोळंबकर); केशव ओवे (रामदास आठवले); राहुल निगोले (कैप्टन तमिल सेल्वन); विकास सोनुने (उदय सामंत); विकी साळुंखे (संजय राठोड); साईनाथ गलवाड (डॉ. भागवत कराड, गिरीश महाजन, अबू आजमी); जमीर पठाण (सुनील प्रभू); रोशन झेमसे (एकनाथ शिंदे); अक्षय दुधाण (एकनाथ शिंदे); प्रशांत पाथारे (एकनाथ शिंदे); अंगराज गणपत (एकनाथ शिंदे); आनंद जाधव (एकनाथ शिंदे); अमित गहाणे (एकनाथ शिंदे); प्रविण तिरकेकर (एकनाथ शिंदे); विवेक पाटील (माधुरीताई मिसाळ); रवी गुप्ता (चंद्रशेखर बावनकुळे); योगेश कोकणी (प्रकाश सुर्वे); प्रविण मुळूक (प्रकाश सुर्वे); माधव बाचेवाड (अशोक चव्हाण); शीतल काळे (सना मलिक); ओंकार माने (डॉ. भागवत कराड); शालका खाडे (संजय बनसोडे); भूषण गवळी (रामदास आठवले); शाहबाज पिरजादे (हसन मुश्रीफ); संदेश वानखेडे (कालिदास कोळंबकर); संतोष घवारे (एकनाथ शिंदे); शरिता ठाकूर (किशन कथोरे); सागर थिटे (रविंद्र वायकर); स्वप्निल देवरुखकर (रामदास आठवले); कार्तिक गांधी (राम पांडगळे, इंद्रनील नाईक, मेघना बोर्डीकर); सचिन सोनवणे (मनोज जामसुतकर, मनिषा चौधरी); रामदास कवडेकर (प्रसाद लाड, रामराव वडकुते); वलसंगीकर अब्दुल मतीन (शिवेंद्रराजे भोसले, महेंद्र थोरवे); निलेश नरकर (गुलाबराव पाटील); गिरीश सिंह (महेंद्र दळवी); जयंत तामखेडे (हारून शेख); संतोष पुजारे (मोनिका राजळे); राहुल निकम (संजय घाडी); अंगराज पुरी (आकाश राजपुरोहित); राजू डामसे (रविंद्र चव्हाण); गोविंद देवकाते (राम कदम); मिलिंद शाव्ही (एकनाथ शिंदे, अतुल थोपटे, प्रविण तायडे); निलेश काळंबे (चंद्रशेखर बावनकुळे); अकबर खान (छगन भुजबळ); सतीश करांडे (राहुल नार्वेकर); सुदीप शिंदे (अण्णा बनसोडे); निखिल नालवडे (शंभूराज देसाई); जयेश राऊत (बच्चू कडू); राजू डामसे (रामदास आठवले); गोपाल माळी (परिणय फुके); संदीप सावंत (गोपीचंद्र पडळकर); अमित पाटील (चंद्रकांत पाटील); किरण कांबळे (सुरेश भोळे); प्रदीप चंदनशिवे (जयकुमार गोरे); अमृता पाटील (जयंत पाटील); धीरज करांडे (मंगलप्रभात लोढा); सुधाकर चव्हाण (गिरीश महाजन); सुशांत पाटील (हसन मुश्रीफ); आनंद साळवे (इंद्रनील नाईक); देवेंद्र उघडे (सुमित वानखेडे); निखिल शेटे (अंबादास दानवे); अमोल चव्हाण (राम शिंदे); अमित जाधव (संजय राठोड); स्वप्निल देवरुखकर (अमय घोले); विकास पुरळीक (सुनील राणे); शरदचंद्र खाडे (किशन कथोरे); मनीष टाके (तुकाराम काते); संदीप खरात (दिलीप लांडे); रविकांत देवकर (रामदास आठवले); प्रदीप पवार (मुरजी पटेल); शिवरंजन शिगेटे (दीपक केसरकर); वैभव निंबाळकर (गणेश नाईक); सचिन भुरके (मनिषा चौधरी); पल्लवी ताटेकर (मकरंद पाटील); विकास धोंड (श्रीकांत शिंदे); स्वप्निल गुंड (राहुल कुल); अमोल पाटील (दत्तात्रय भरणे); खिरीश लिमजे (सुनील प्रभू); विजय साळे (अमोल खाटाळ); अभिलाषा सोनवणे (महेश सावंत); कल्पना कोतवाल (अतुल सावे); सचिन कुलकर्णी (नरहरी झिरवळ); मनोज दुबे (नरहरी झिरवळ); निरवकुमार जशूर (हारून खान); संतोष भिलारे (नरहरी झिरवळ); राजेश तावडे (मिहीर कोटेचा); ऋतुराज गोहिलोट (तुकाराम काते); सागर चारुडे (मंगेश कुडाळकर); सुनील चाळवाड (मंगेश कुडाळकर); अरविंद सोनार (डॉ. हेमंत सावरा, राजेंद्र गावित); पवन कुलकर्णी (दिलीप लांडे); रोहित कथोरे (किशन कथोरे); निशा दळवी (मंगेश कुडाळकर); राहुल जाधव (कालिदास कोळंबकर); महेश पाटील (मंगलप्रभात लोढा); श्रीरंग धर्माधिकारी (मनिषा चौधरी); प्रमोद ब्रामणकर (शहाजी पाटील); सुनील पाटकर (प्रवीण दरेकर); सचिन पाटील (रावसाहेब दानवे); सागर पाटील (रामदास आठवले); प्रदीप काजरोलकर (मकरंद पाटील); क्षितिजा यावली (राधाकृष्ण विखे पाटील); रुपेश कोठारे (हिरामण खोसकर); युवराज पांढरे (कालिदास कोळंबकर); रोहित शेलकांडे (परिणय फुके, गिरीश महाजन, शिवराज पाटील, पृथ्वीराज देशमुख); रिमिका भुतकर (रामदास आठवले); भरत उरिशकर (संतोष बांगर); जगदीश तुपे (संजय शिरसाट); अरविंद कदम (राधाकृष्ण विखे पाटील); धनश्री हुसेकर (नरहरी झिरवळ); दीपक मुंढे (गिरीश महाजन); ज्ञानदीप महाजन (अजय चौधरी); राहुल निगोले (प्रतापराव जाधव); अभिजीत रशाळ (प्रतापराव जाधव); अमोल भेळेकर (मोनिका राजळे); प्रथमेश जाधव (चंद्रकांत हंडोरे); सुधांशु दवारे (संतोष बांगर); शोभांगी गोसावी (तुकाराम काते); अर्जुन सुळाणे (आकाश फुंडकर); अभिषेक पाटील (प्रसाद लाड); प्रियंका खरात (विक्रम बाबनराव पाचपुते, सुमित वानखेडे); राजेंद्र पुजारी (शिवाजी पाटील); चंद्रभागा माने (मुरजी पटेल); राकेश कुमार झा (एकनाथ शिंदे); कृष्णकुमार पुरोहित (सुमित वानखेडे); भरत मोमले (राहुल शेवाळे); राहुल लांडगे (राहुल नार्वेकर); रोशन जिभकाटे (राहुल शेवाळे); योगेश चौधरी (अमीन पटेल); राजेंद्र बर्वे (सुनील राऊत); वैभव गोडसे (संजय केळकर); कुणाल भंडारी (मनिषा चौधरी); प्रसाद धुमाळे (रविंद्र वायकर, पंकज भोयर, रवी राणा); राणा जयस्वाल (बच्चू कडू); दीपक जाधव (अण्णा बनसोडे); दीपक कोरगावकर (उदय सामंत); अशेष भोईर (उदयनराजे भोसले); कल्पना दळवी (बच्चू कडू); मिथुन भिसे (जयकुमार गोरे); विश्वनाथ माने (भरतशेठ गोगावले); राकेश शिंदे (अण्णा बनसोडे); नितीन बाविस्कर (राम कदम); हेमंत पंत (अतुल भातखळकर); दिगंबर मोरे (सुरेश धस); सुभाष कांबळे (तुकाराम काते); सचिन सांगळे (पंकजा मुंडे); मोहसीन खान (मंगेश कुडाळकर); सुनील साळुंखे (पंकजा मुंडे); सावेंद्र जाधव (मंगेश कुडाळकर); अनिल विजापूरे (रामदास आठवले); महेंद्र जागीर (महेश सावंत); सागर मोरे (गिरीश महाजन); सागर अडसुळ (राहुल शेवाळे); सुहास माळी (महेश सावंत); शुभम होळकुंडे (अभिमन्यू पवार); मयुरी पवार (पराग शाह); किशोर आहिरे (मंगेश कुडाळकर); संजोग ठाकूर (समीर मेघे); अमोल मेहर (किशोर आप्पा पाटील); युवराज बेळेकर (प्रकाश आबिटकर); गणेश सातपुते (मनिषा चौधरी); महेश चौगले (सुनील प्रभू); सोनल आव्हाड (अजय चौधरी); शैलेश जाधव (अतुल भातखळकर); आदिनाथ वानवे (रावसाहेब दानवे); प्रविण खरात (तुकाराम काते); अशोक पवार (माणिकराव कोकाटे); किशोर धागर (गिरीश महाजन)।
Dyslexia at a Glance: Homeopathy Clinic in Hyderabad

Learn about dyslexia, its common signs, causes, and supportive care while exploring personalized guidance from a homeopathy clinic in Hyderabad.

Dyslexia Explained

Dyslexia is a neurodevelopmental learning difference that can affect reading, spelling, writing, and language-based processing. It often becomes noticeable when children begin formal schooling, but symptoms may remain present through adolescence and adulthood.

People with dyslexia can have average or above-average intelligence. Their difficulty is generally related to processing written language rather than their ability to think or understand concepts. With suitable teaching methods, encouragement, and appropriate support, many individuals learn to manage their challenges successfully.

Parents searching for a homeopathy clinic in Hyderabad can begin by understanding the condition, recognizing persistent signs, and seeking suitable professional assessment and support.

Signs and Symptoms

Dyslexia may present differently in each person. Common signs include difficulty connecting letters and sounds, slow reading, inconsistent spelling, difficulty recognizing familiar words, trouble following written instructions, and problems organizing written information.

Children may also avoid reading, take longer to complete school assignments, or feel frustrated when asked to perform reading-heavy tasks. Persistent difficulties should be discussed with qualified professionals rather than being assumed to be dyslexia.

Why Does Dyslexia Occur?

Dyslexia is associated with differences in the way the brain processes language and written information. Genetic factors can contribute, and children with a family history of dyslexia may have an increased likelihood of experiencing similar difficulties.

It is important to remember that dyslexia is not caused by laziness, poor parenting, lack of discipline, or low intelligence.

Homeopathy Treatment and Support

A homeopathy clinic in Hyderabad may offer individualized consultations focused on overall wellbeing. The consultation may consider concentration, sleep, stress, emotional responses, behavior, learning patterns, and general health.

Homeopathy should be used as complementary support and should not substitute for professional dyslexia assessment or specialized educational intervention. Structured literacy education, learning accommodations, teacher support, and guidance from qualified specialists are important for addressing dyslexia-related learning needs.

Families can also promote healthy learning by maintaining consistent routines, allowing sufficient rest, encouraging reading without pressure, and appreciating individual strengths.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy focuses on personalized consultations and holistic wellbeing. Those looking for a homeopathy clinic in Hyderabad, homeopathy doctor in Hyderabad, homeopathy treatment in Hyderabad, or best homeopathy clinic in Hyderabad can discuss their individual concerns and explore supportive care options.

Conclusion

Dyslexia can affect reading and written communication, but it does not determine a person's intelligence or future success. Early identification, appropriate educational support, patience, and encouragement can help individuals build confidence and develop effective learning strategies.

For personalized consultation, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176.

सिंधु जल संधि के लिए फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, दुनिया के सामने लगाई गुहार

#induswatertreatyindiasuspensionpakistanappealstoglobal_community

पाकिस्तान बार-बार सिंधु जल संधि बहाल करने की गुहार लगा रहा है। भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। भारत के सख्त रवैये से पाकिस्तान खून के आंसू रो रहा है। अब पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के अप्रैल 2025 के फैसले पर चिंता जताते हुए, सिंधु का पानी देने की गुहार लगाई है।

सिंधु जल संधि स्थगित किए जाने पर चिंता जताई

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए जीवनरेखा है। पाकिस्तान की 25 करोड़ से ज्यादा आबादी की जिंदगी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने भारत से सिंधु जल संधि को बहाल करने की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। इशाक डार ने यह बयान अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास की ओर से आयोजित एक वर्चुअल सेमिनार में दिया।

बातचीत और सहयोग की बताई जरूरत

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए तीन-सूत्रीय तरीका बताया जिसमें 1960 की संधि को पूरी तरह से लागू करने और परमाणु हथियार रखने वाले इन पड़ोसी देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए संधि में तय तरीकों का इस्तेमाल करने की बात कही। सेमिनार को वर्चुअली संबोधित करते हुए डार ने कहा 'पाकिस्तान और भारत को संधि के अनुसार तकनीकी बातचीत, पारदर्शिता और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू और मजबूत करना चाहिए।'

जल संकट का दिया हवाला

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने देश के बढ़ते जल संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे ज्यादा जल-संकट वाले देशों में शामिल है। पिछले कई दशकों में देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को भी बड़ी चुनौती बताया। डार ने कहा कि बारिश के बदलते पैटर्न, ग्लेशियरों के पिघलने, विनाशकारी बाढ़, लंबे समय तक चलने वाले सूखे और पानी के प्रवाह में बढ़ती अनिश्चितता ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे पर ज्यादा सहयोग होना चाहिए।

अपील के साथ भारत को चेतावनी भी

इशाक डार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगने के साथ भारत को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी से वंचित किया गया तो इसका असर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी को टकराव की वजह नहीं बनना चाहिए. यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन और आजीविका का आधार है। डार ने साझा जल संसाधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल न करने की अपील की।

पहलगाम हमले के बाद संधि स्थगित

बता दें कि भारत ने अप्रैल 2025 में विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली इस संधि को अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित कर दिया था। इसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी थी। भारत ने साफ कर रखा है कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं।'

नेपाल की बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत, 2400 से ज्यादा लोग लापता, चीन ने फिर जारी किया अलर्ट

#deathtollfromnepalfloodsrisesmorethan626

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने अब तक 600 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। हिमालयी इलाकों में रेस्क्यू टीमें मलबे में जिंदगी तलाश रही हैं, लेकिन उनके सामने एक और खतरा खड़ा है। पहाड़ों के बीच मलबे से बनी अस्थिर झीलों में पानी बढ़ रहा है, जिससे किसी भी वक्त दोबारा सैलाब आने का डर बना हुआ है।

626 लोगों की मौत की पुष्टि

नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक लापता लोगों की संख्या 2426 है। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की । रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 540 विदेशी अब भी लापता हैं। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले हिंदू तीर्थयात्री हैं।

करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

भारत के लिए भी यह आपदा बड़ी चिंता बन गई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें तमिलनाडु के 21 लोग और त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 कर्मचारी शामिल हैं। 149 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 400 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास उनकी वापसी में मदद कर रहा है। इसके बावजूद करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

चीन ने दी चेतावनी

इधर, चीन ने एक बार फिर नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेन्डे नदी सिस्टम के ऊपरी इलाकों में बनी झील कभी भी अपने किनारों को तोड़ सकती है। हालांकि, बीजिंग ने कहा है कि अगर झील टूटती भी है, तो नदी में पानी का बहाव ज़्यादा से ज़्यादा 500 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड ही होगा। नेपाल को भेजे गए संदेश में चीन ने कहा कि उस झील का रंग लगातार गहरा होता जा रहा है, जो इस हफ़्ते की शुरुआत में नेपाल और तिब्बत के कुछ हिस्सों में आए भयानक अचानक बाढ़ के बाद बनी थी, इससे संकेत मिलता है कि झील कभी भी फट सकती है।

राहत कार्य के लिए नेपाल पहुंचा 11 सदस्यीय भारतीय बचाव दल

अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए 11 सदस्यीय भारतीय दल शनिवार को नेपाल पहुंचा। भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, चिकित्सा कर्मियों और सुरंग बचाव विशेषज्ञों सहित इस टीम को नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजा गया था। टीम को हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान चलाए जा रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ ने 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नेपाल में आई बाढ़ को लेकर अपनी मदद का दायरा बढ़ा रहा है, जिसके तहत तत्काल 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की गई है। आवश्यकता आकलन जारी रहने के साथ-साथ अतिरिक्त संसाधन जारी किए जाने की उम्मीद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि आपदा शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर, डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन आपूर्ति भेजी, जिसमें अंतर-एजेंसी आपातकालीन स्वास्थ्य आपूर्ति भी शामिल थी, जो लगभग 10,000 लोगों को 3 महीने तक आवश्यक सामग्री प्रदान कर सकती है। इसके अलावा, इसमें टेंट, 10,000 मास्क, दस्ताने और हैंड सैनिटाइजर भी शामिल थे।

Homeo Doctor in Hyderabad for Dyspareunia: Understanding Pain During Intimacy

Consult a homeo doctor in Hyderabad for dyspareunia and learn about painful intercourse, common symptoms, possible causes, and personalized holistic care.

Introduction

Dyspareunia is characterized by pain or discomfort connected with sexual intercourse. The discomfort can develop before, during, or after intimacy and may be experienced near the vaginal opening or deeper within the pelvis. Repeated painful experiences can affect emotional wellbeing, intimacy, self-confidence, and relationships.

Although discussing this concern may feel uncomfortable, recurring pain should not be ignored. Consulting a qualified homeo doctor in Hyderabad can help individuals discuss their symptoms openly and understand factors that may be contributing to their discomfort.

Recognizing the Symptoms

Dyspareunia does not feel the same for everyone. Depending on the underlying factors, an individual may experience:

  • Pain during penetration
  • Burning, stinging, or soreness
  • Vaginal dryness or irritation
  • Tenderness around the genital area
  • Aching or sharp pain in the pelvis
  • Discomfort that remains after intercourse
  • Difficulty relaxing during intimacy
  • Worry or anxiety about experiencing pain

A homeo doctor in Hyderabad may ask about the timing, intensity, location, and nature of the discomfort to understand the individual's symptom pattern.

Factors That May Contribute

Painful intercourse can have physical, hormonal, pelvic, and emotional contributors. Vaginal dryness, hormonal changes, infections, pelvic floor muscle tightness, endometriosis, pelvic inflammatory conditions, previous childbirth, surgery, and local irritation may be associated with dyspareunia.

Psychological factors can also influence the experience. Stress, anxiety, and fear of recurring pain may increase tension and discomfort. A detailed discussion with a homeo doctor in Hyderabad can help identify relevant aspects of the individual's health history and lifestyle.

Homeopathy Treatment for Dyspareunia

Homeopathic care focuses on understanding the individual rather than applying the same approach to everyone. A homeo doctor in Hyderabad may consider physical symptoms, associated concerns, menstrual health, lifestyle, emotional wellbeing, and previous medical history during consultation.

Personalized guidance can help individuals understand their health concerns and determine appropriate next steps. However, persistent, severe, or unexplained pain during intercourse should be evaluated by a qualified medical professional to identify or rule out underlying gynecological conditions.

Symptoms such as severe pelvic pain, fever, unusual vaginal discharge, or abnormal bleeding require timely medical attention. Homeopathy should not replace necessary medical diagnosis or treatment.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy provides personalized consultations for individuals seeking guidance for dyspareunia and other health concerns. A homeo doctor in Hyderabad can offer a professional and respectful environment where sensitive symptoms can be discussed without hesitation. Individual health patterns, lifestyle habits, stress, and overall wellbeing may be considered when providing supportive guidance.

Painful intercourse can affect both physical comfort and emotional wellbeing. Seeking timely professional advice can help individuals better understand recurring symptoms and make informed healthcare choices.

If you are looking for a homeo doctor in Hyderabad for professional guidance regarding dyspareunia, contact Spiritual Homeopathy.

For appointments, call 9069176176.

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान की यात्रा पर, बताया क्यों अहम है ये दौरा?

#pmmodisvisittouzbekistanand_kyrgyzstan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय विदेश यात्रा के लिए शनिवार को रवाना हो गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर होंगे। इस दौरान वह प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर दो दिन की द्विपक्षीय यात्रा के लिए आज ताशकंद पहुंचेंगे। वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे। वे 'विकसित भारत 2047' और ' उज्बेकिस्तान-2030' के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी अपने चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि यह पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा होगा। इससे पहले उन्होंने 2015 में उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों का दौरा किया था और उसके बाद 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने के लिए वहां गए थे। उनका यह दौरा दो दिन का है। इसके बाद 31 अगस्त को वह किर्गिस्तान दौरे पर रहेंगे।

किर्गिस्तान दौरे का कार्यक्रम

उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे। इस साल एससीओ की 25वीं वर्षगांठ है और इस साल का विषय है 'एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर'। बिश्केक में होने वाले आगामी एससीओ लीडरशिप समिट के कार्यक्रमों में 31 अगस्त को स्वागत भोज और अगले दिन समिट की मुख्य बैठक शामिल है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी अपना संबोधन देंगे। बिश्केक में समिट के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित करने की योजना है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
ক্যামাক স্ট্রিট কাণ্ডে তৃণমূলকে স্বস্তি দিল না হাই কোর্ট, খারিজ অন্তর্বর্তী নির্দেশের আর্জি*

*শিরোনাম:* ক্যামাক স্ট্রিটে বিলবোর্ড বিতর্ক: হাইকোর্টের দ্বারস্থ তৃণমূল, মিলল না অন্তর্বর্তী স্বস্তি, গ্রেফতার ১৩

*কলকাতা, ২৮ আগস্ট:* কলকাতার ক্যামাক স্ট্রিটে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়ের সাইনবোর্ড খোলাকে কেন্দ্র করে তোলপাড় রাজ্য রাজনীতি। কলকাতা পুরসভার উচ্ছেদ অভিযানকে চ্যালেঞ্জ করে কলকাতা হাইকোর্টের দ্বারস্থ হয় তৃণমূল কংগ্রেস। কিন্তু আপাতত কোনও অন্তর্বর্তী নির্দেশ দিল না আদালত।

শুক্রবার সকালে বিচারপতি রাজা বসুচৌধুরীর এজলাসে মামলাটির উল্লেখ করেন তৃণমূলের আইনজীবী কিশোর দত্ত। আদালত মামলা দায়ের করার অনুমতি দিয়েছে এবং আজই নম্বর নিয়ে আসলে শুনানির আশ্বাস দিয়েছে।

আইনজীবী জানান, বৃহস্পতিবার বিকেল ৪:৪৫ নাগাদ কলকাতা পুরসভার কর্মীরা তৃণমূল ভবনে ঢুকে বিলবোর্ড ভাঙচুর করেন।

এর প্রেক্ষিতে বিচারপতি বসুচৌধুরী বলেন, "মামলার নম্বর না পড়লে শুনানি সম্ভব নয়। নম্বর নিয়ে আসুন, আজকেই শুনব।" তবে তিনি স্পষ্ট জানিয়ে দেন, "ইতিমধ্যেই হোর্ডিং খুলে দেওয়া হয়েছে, ফলে এখনই আদালতের হস্তক্ষেপের প্রয়োজন নেই।" তৃণমূলের হোর্ডিং পুনরায় লাগানোর আর্জিও খারিজ করে আদালত জানায়, মামলাটি এখনও অপরিণত পর্যায়ে রয়েছে। সব পক্ষকে হলফনামা জমা দিতে হবে, তারপরই পরবর্তী শুনানি।

জানা গেছে, ক্যামাক স্ট্রিটে প্রায় ৩০০০ বর্গফুট জায়গা জুড়ে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়। বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় সেখানে 'অল ইন্ডিয়া তৃণমূল কংগ্রেস' লেখা সাইনবোর্ড খুলে দেয় পুরসভা।

তৃণমূলের অভিযোগ, তালা ভেঙে ছাদে উঠে সাইনবোর্ড উপড়ে ফেলা হয়। বাধা দিতে গিয়ে সিঁড়িতে শুয়ে পড়েন সাংসদ ডেরেক ও'ব্রায়েন সহ নেতা-কর্মীরা। পুলিশের সঙ্গে ব্যাপক ধস্তাধস্তি হয়।

এই ঘটনায় শেক্সপিয়র সরণি থানায় ৩টি এফআইআর দায়ের হয়েছে এবং ১৩ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। এফ আই আর-এ নাম রয়েছে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়, ডেরেক ও'ব্রায়েন, বৈশ্বানর চট্টোপাধ্যায় ও হুমায়ুন কবীরের।

পুরসভা বোর্ড খুলে দিলেও, বৃহস্পতিবার রাতেই ওই স্থানে ফের তৃণমূলের ব্যানার ঝুলিয়ে দেওয়া হয়। অভিষেকের দাবি, এটি বিজেপির প্রতিহিংসাপরায়ণ রাজনীতির ফল এবং ব্যক্তিগত সম্পত্তিতে বেআইনি হস্তক্ষেপ।

*#Tags:* #CamacStreet #TMC #AbhishekBanerjee #KolkataHighCourt #KMC
लखनऊ में PM-SETU सम्मेलन में सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की प्रभावी सहभागिता
रमेश दूबे
कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और रोजगार सृजन को लेकर साझा की समूह की पहल

लखनऊ, 30 अगस्त 2026। राजधानी लखनऊ में आयोजित PM-SETU सम्मेलन में कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्य मंत्री जयंत चौधरी सहित केंद्र सरकार, रक्षा क्षेत्र, उद्योग जगत और कौशल विकास से जुड़े अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर Superior Group of Industries की ओर से समूह के प्रमोटर्स के प्रतिनिधि के रूप में CHRO, Corporate Affairs & Legal, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने सम्मेलन में सहभागिता की और कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं भविष्य की योजनाओं को साझा किया।

सम्मेलन के दौरान देशभर में PM-SETU योजना के विस्तार तथा ₹1,237 करोड़ से अधिक के नए निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। PM-SETU योजना का उद्देश्य देश के Industrial Training Institutes (ITIs) को आधुनिक सुविधाओं, नई तकनीकों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित करना है, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान किया जा सके।

400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण

सम्मेलन में Superior Group of Industries ने बताया कि समूह ने अपने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कौशल विकास और प्रशिक्षण को निरंतर बढ़ावा दिया है। समूह की विभिन्न इकाइयों में अब तक 400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं को न केवल रोजगार के लिए तैयार किया जा सकता है, बल्कि उन्हें भविष्य की औद्योगिक एवं तकनीकी चुनौतियों के लिए भी सक्षम बनाया जा सकता है।

प्रमोटर्स के नेतृत्व में औद्योगिक विस्तार और निवेश

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने Superior Group of Industries के प्रमोटर्स के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किए जा रहे विभिन्न निवेश, औद्योगिक विस्तार तथा भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

उन्होंने बताया कि समूह लगातार अपनी औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। समूह का प्रयास है कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी जाए, जिससे उद्योग और समाज दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

Hub-Spoke मॉडल से मजबूत होगा औद्योगिक प्रशिक्षण

PM-SETU के अंतर्गत एक Hub ITI और चार Spoke ITIs वाले क्लस्टर मॉडल के माध्यम से आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। यह मॉडल उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं और युवाओं के कौशल के बीच मौजूद अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों, आधुनिक मशीनरी और उद्योग-उपयोगी कौशल का प्रशिक्षण मिलने के साथ बेहतर रोजगार अवसरों के द्वार खुलेंगे। इससे देश के औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

Skill India और Atmanirbhar Bharat को मिलेगी मजबूती

सम्मेलन में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि सरकार, उद्योग और कौशल विकास संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी ही भारत के युवा कार्यबल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आधारशिला है।

Superior Group of Industries ने PM-SETU जैसी पहल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से “Skill India” और “Atmanirbhar Bharat” के विजन को और अधिक मजबूती दी जा सकती है।

लखनऊ में आयोजित यह सम्मेलन कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, निवेश और रोजगार सृजन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। साथ ही, यह पहल भारत के युवाओं को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और राष्ट्र निर्माण में उद्योगों की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
Homeopathy in Hyderabad for Vertigo and Dizziness: Symptoms, Causes & Support

Explore vertigo and dizziness, their symptoms, causes, and personalized wellness support through homeopathy in Hyderabad with professional guidance.

Vertigo and dizziness can be uncomfortable experiences that affect balance, movement, focus, and everyday activities. Dizziness may feel like light-headedness, weakness, or instability, whereas vertigo often involves a sensation of spinning or movement. These symptoms may occur occasionally or repeatedly, and recurring episodes should be evaluated to understand their possible cause.

Symptoms of Vertigo and Dizziness

The symptoms can differ depending on the individual and the underlying cause. Common signs include a spinning sensation, unsteadiness, loss of balance, nausea, vomiting, sweating, headache, light-headedness, blurred vision, and difficulty concentrating. Some people may notice symptoms while turning their head, getting out of bed, bending down, or changing position quickly.

Causes of Vertigo and Dizziness

Several factors can contribute to dizziness and vertigo. Inner-ear disturbances, positional vertigo, migraine, dehydration, blood pressure changes, fatigue, stress, poor sleep, anemia, and fluctuations in blood sugar are possible contributors. Other medical conditions can also produce similar symptoms, so repeated or unexplained dizziness should be assessed by a qualified healthcare professional.

Homeopathy in Hyderabad for Personalized Care

Individuals searching for homeopathy in Hyderabad may consider a personalized consultation for vertigo and dizziness. Homeopathy in Hyderabad takes into account the individual's specific symptoms, frequency and duration of episodes, possible triggers, lifestyle habits, sleep quality, stress levels, and health history.

A consultation for homeopathy in Hyderabad aims to understand the complete pattern of symptoms instead of viewing dizziness as the same condition in every person. Along with professional guidance, maintaining adequate hydration, eating regular balanced meals, getting sufficient sleep, standing up gradually, and avoiding sudden movements may support general well-being and safety.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy focuses on individualized consultations that consider personal symptoms and overall wellness. For people exploring homeopathy in Hyderabad, a detailed consultation can help them discuss vertigo, dizziness, lifestyle factors, and recurring symptom patterns. Appropriate medical assessment remains important for sudden, severe, persistent, or unexplained symptoms.

Conclusion

Vertigo and dizziness can affect daily comfort, mobility, concentration, and confidence. Understanding the symptoms and possible contributing factors is an important step toward responsible healthcare. If you are looking for homeopathy in Hyderabad, a personalized consultation can help you discuss your concerns and understand supportive care options.

For consultation and guidance, call 9069176176.

#spiritualhomeo  #bestdoctors  #Vertigo

मुंबई महानगरपालिका में तबादलों के लिए राजनीतिक सिफारिशों का इस्तेमाल
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारियों के तबादलों के लिए राजनीतिक नेताओं द्वारा सिफारिशें किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। उपलब्ध सूची में कुल 225 अधिकारी एवं कर्मचारियों के नाम हैं और उनके नामों के सामने मंत्री, विधायक, सांसद, उपमहापौर तथा नगरसेवकों के नाम दर्ज हैं। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली को नगर अभियंता कार्यालय द्वारा यह विस्तृत सूची उपलब्ध कराई गई है। सूचना के अधिकार के माध्यम से उपलब्ध 225 अधिकारी-कर्मचारियों के नामों के सामने दर्ज राजनीतिक सिफारिशों के प्रारंभिक विश्लेषण में कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के नाम बार-बार सामने आए हैं। इसमें एकनाथ शिंदे के नाम का सर्वाधिक 10 बार उल्लेख है। इसके बाद रामदास आठवले के नाम का 9 बार, जबकि गिरीश महाजन और कालिदास कोळंबकर के नाम का 7-7 बार उल्लेख है।
इसी प्रकार मंगेश कुडाळकर, अण्णा बनसोडे और तुकाराम काते के नाम का 6-6 बार उल्लेख किया गया है। मुरजी पटेल और दिलीप लांडे के नाम का 5-5 बार उल्लेख है। वहीं नरहरी झिरवळ, सुमीत वानखेडे, राहुल शेवाळे, प्रकाश सुर्वे, इंद्रनील नाईक, संतोष बांगर, राम कदम, किशन कथोरे और बच्चू कडू के नाम का 4-4 बार उल्लेख किया गया है। इसके अलावा चंद्रशेखर बावनकुळे, हसन मुश्रीफ, भरतशेठ गोगावले, उदय सामंत, परिणय फुके, रविंद्र वायकर, प्रसाद लाड, सुनील प्रभू, महेश सावंत और प्रवीण दरेकर के नाम का 3-3 बार उल्लेख है। वहीं प्रतापराव जाधव, पंकजा मुंडे, मंगलप्रभात लोढा, रावसाहेब दानवे, संजय घाडी, राहुल नार्वेकर, जयकुमार गोरे और सना मलिक के नाम का 2-2 बार उल्लेख किया गया है। जबकि रविंद्र चव्हाण, चंद्रकांत पाटील और संजय बनसोडे के नाम का 1-1 बार उल्लेख सामने आया है। इस सूची की पृष्ठभूमि में सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि महानगरपालिका में तबादले प्रशासनिक आवश्यकता, वरिष्ठता और पारदर्शी मानकों के आधार पर होना अपेक्षित है। लेकिन 225 अधिकारी, कर्मचारियों के नामों के सामने मंत्री, विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधियों के नामों वाली सूची सामने आई है। अनिल गलगली ने कहा कि इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त द्वारा मौजूदा नियमों के अनुसार राजनीतिक दबाव डालने वाले अधिकारी वर्ग के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाना अपेक्षित है। इस सूची में Assistant Engineer (AE), Sub Engineer (SE), Executive Engineer (EE) और Junior Engineer (JE) पदों पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों का समावेश है। सूची में दर्ज नाम एवं राजनीतिक सिफारिशें इस प्रकार हैं– रविंद्र घाटगे (संतोष बांगर); सुनील शेठे (प्रकाश सुर्वे, परिणय फुके); दीपक नागासोगे (मुरजी पटेल); गजेंद्र काकड (महेंद्र दळवी); रविंद्र दरेकर (अण्णा बनसोडे, प्रकाश सुर्वे); अंजली धोरे (किशोर आप्पा पाटील); सचिन मेंढे (वर्षा गायकवाड); प्रशांत जगताप (इंद्रनील नाईक, हसन मुश्रीफ); निलेश परब (मनिषा चौधरी, गिरीश महाजन); हेमंत पंत (प्रवीण दरेकर); पद्माकर चव्हाण (मकरंद पाटील); विशाल पाटील (अण्णा बनसोडे); प्रकाश शिंगारे (मेघना बोर्डीकर); संदीप घोगरे (डॉ. पंकज भोयर); नारायण मेंघारे (संतोष बांगर); सागर गायकवाड (संजय दिना पाटील); राजेंद्र राठोड (शिवेंद्रराजे भोसले); हरीश चव्हाण (अण्णा बनसोडे); चेतन पाटील (राम कदम); व्यंकटेश आवळे (बच्चू कडू); शुभम चव्हाण (मुरजी पटेल); नेहा नितीन सांखे (उदय सामंत); प्रसाद धुमाळे (रविंद्र वायकर); सुनील यमगर (मुरजी पटेल); प्रसाद पटवर्धन (धनंजय गाडगीळ); हर्षल पिंपळे (किशन कथोरे); पूर्णिमा भोईर (कालिदास कोळंबकर); संतोष भडवेकर (प्रवीण दरेकर); विद्यसागर भामावले (प्रसाद लाड); नितीन चौधरी (राहुल शेवाळे); जयंत बोरशे (प्रकाश सोलंके); समीर सणप (संजय घाडी); सचिन हणमधर (मुरजी पटेल); सिद्धिविनायक खडपकर (दिलीप लांडे); योगेश पारटे (तुकाराम काते); रुपेश भांडगे (संजय केळकर); रमेश सोनवणे (राम कदम); किशोर क्षेत्री (बाबासाहेब पाटील); मयूर पाटील (भरतशेठ गोगावले); रेणुका पाटील (इंद्रनील नाईक); विजय श्यामोथे (दिलीप लांडे); दिनेश नांचे (रामदास आठवले); चेतन पाटील (संजय दिना पाटील); अनुप ठाकूर (सुमित वानखेडे); महेश नांदेकऱ (राधाकृष्ण विखे पाटील); संदीप देसाई (संजय शिरसाट); अभय सांख्ये (चंद्रशेखर बावनकुळे); सचिन दुधभाते (भरतशेठ गोगावले); रविंद्र गवाडे (कालिदास कोळंबकर); उस्मान सादिक (सना मलिक); दीपक चौगुले (दिलीप लांडे); सिद्धार्थ अग्रवाल (हारून शेख, रंजना पाटील); सचिन दाऊर (सुरेश कोपारकर); संदीप साळुंखे (कालिदास कोळंबकर); केशव ओवे (रामदास आठवले); राहुल निगोले (कैप्टन तमिल सेल्वन); विकास सोनुने (उदय सामंत); विकी साळुंखे (संजय राठोड); साईनाथ गलवाड (डॉ. भागवत कराड, गिरीश महाजन, अबू आजमी); जमीर पठाण (सुनील प्रभू); रोशन झेमसे (एकनाथ शिंदे); अक्षय दुधाण (एकनाथ शिंदे); प्रशांत पाथारे (एकनाथ शिंदे); अंगराज गणपत (एकनाथ शिंदे); आनंद जाधव (एकनाथ शिंदे); अमित गहाणे (एकनाथ शिंदे); प्रविण तिरकेकर (एकनाथ शिंदे); विवेक पाटील (माधुरीताई मिसाळ); रवी गुप्ता (चंद्रशेखर बावनकुळे); योगेश कोकणी (प्रकाश सुर्वे); प्रविण मुळूक (प्रकाश सुर्वे); माधव बाचेवाड (अशोक चव्हाण); शीतल काळे (सना मलिक); ओंकार माने (डॉ. भागवत कराड); शालका खाडे (संजय बनसोडे); भूषण गवळी (रामदास आठवले); शाहबाज पिरजादे (हसन मुश्रीफ); संदेश वानखेडे (कालिदास कोळंबकर); संतोष घवारे (एकनाथ शिंदे); शरिता ठाकूर (किशन कथोरे); सागर थिटे (रविंद्र वायकर); स्वप्निल देवरुखकर (रामदास आठवले); कार्तिक गांधी (राम पांडगळे, इंद्रनील नाईक, मेघना बोर्डीकर); सचिन सोनवणे (मनोज जामसुतकर, मनिषा चौधरी); रामदास कवडेकर (प्रसाद लाड, रामराव वडकुते); वलसंगीकर अब्दुल मतीन (शिवेंद्रराजे भोसले, महेंद्र थोरवे); निलेश नरकर (गुलाबराव पाटील); गिरीश सिंह (महेंद्र दळवी); जयंत तामखेडे (हारून शेख); संतोष पुजारे (मोनिका राजळे); राहुल निकम (संजय घाडी); अंगराज पुरी (आकाश राजपुरोहित); राजू डामसे (रविंद्र चव्हाण); गोविंद देवकाते (राम कदम); मिलिंद शाव्ही (एकनाथ शिंदे, अतुल थोपटे, प्रविण तायडे); निलेश काळंबे (चंद्रशेखर बावनकुळे); अकबर खान (छगन भुजबळ); सतीश करांडे (राहुल नार्वेकर); सुदीप शिंदे (अण्णा बनसोडे); निखिल नालवडे (शंभूराज देसाई); जयेश राऊत (बच्चू कडू); राजू डामसे (रामदास आठवले); गोपाल माळी (परिणय फुके); संदीप सावंत (गोपीचंद्र पडळकर); अमित पाटील (चंद्रकांत पाटील); किरण कांबळे (सुरेश भोळे); प्रदीप चंदनशिवे (जयकुमार गोरे); अमृता पाटील (जयंत पाटील); धीरज करांडे (मंगलप्रभात लोढा); सुधाकर चव्हाण (गिरीश महाजन); सुशांत पाटील (हसन मुश्रीफ); आनंद साळवे (इंद्रनील नाईक); देवेंद्र उघडे (सुमित वानखेडे); निखिल शेटे (अंबादास दानवे); अमोल चव्हाण (राम शिंदे); अमित जाधव (संजय राठोड); स्वप्निल देवरुखकर (अमय घोले); विकास पुरळीक (सुनील राणे); शरदचंद्र खाडे (किशन कथोरे); मनीष टाके (तुकाराम काते); संदीप खरात (दिलीप लांडे); रविकांत देवकर (रामदास आठवले); प्रदीप पवार (मुरजी पटेल); शिवरंजन शिगेटे (दीपक केसरकर); वैभव निंबाळकर (गणेश नाईक); सचिन भुरके (मनिषा चौधरी); पल्लवी ताटेकर (मकरंद पाटील); विकास धोंड (श्रीकांत शिंदे); स्वप्निल गुंड (राहुल कुल); अमोल पाटील (दत्तात्रय भरणे); खिरीश लिमजे (सुनील प्रभू); विजय साळे (अमोल खाटाळ); अभिलाषा सोनवणे (महेश सावंत); कल्पना कोतवाल (अतुल सावे); सचिन कुलकर्णी (नरहरी झिरवळ); मनोज दुबे (नरहरी झिरवळ); निरवकुमार जशूर (हारून खान); संतोष भिलारे (नरहरी झिरवळ); राजेश तावडे (मिहीर कोटेचा); ऋतुराज गोहिलोट (तुकाराम काते); सागर चारुडे (मंगेश कुडाळकर); सुनील चाळवाड (मंगेश कुडाळकर); अरविंद सोनार (डॉ. हेमंत सावरा, राजेंद्र गावित); पवन कुलकर्णी (दिलीप लांडे); रोहित कथोरे (किशन कथोरे); निशा दळवी (मंगेश कुडाळकर); राहुल जाधव (कालिदास कोळंबकर); महेश पाटील (मंगलप्रभात लोढा); श्रीरंग धर्माधिकारी (मनिषा चौधरी); प्रमोद ब्रामणकर (शहाजी पाटील); सुनील पाटकर (प्रवीण दरेकर); सचिन पाटील (रावसाहेब दानवे); सागर पाटील (रामदास आठवले); प्रदीप काजरोलकर (मकरंद पाटील); क्षितिजा यावली (राधाकृष्ण विखे पाटील); रुपेश कोठारे (हिरामण खोसकर); युवराज पांढरे (कालिदास कोळंबकर); रोहित शेलकांडे (परिणय फुके, गिरीश महाजन, शिवराज पाटील, पृथ्वीराज देशमुख); रिमिका भुतकर (रामदास आठवले); भरत उरिशकर (संतोष बांगर); जगदीश तुपे (संजय शिरसाट); अरविंद कदम (राधाकृष्ण विखे पाटील); धनश्री हुसेकर (नरहरी झिरवळ); दीपक मुंढे (गिरीश महाजन); ज्ञानदीप महाजन (अजय चौधरी); राहुल निगोले (प्रतापराव जाधव); अभिजीत रशाळ (प्रतापराव जाधव); अमोल भेळेकर (मोनिका राजळे); प्रथमेश जाधव (चंद्रकांत हंडोरे); सुधांशु दवारे (संतोष बांगर); शोभांगी गोसावी (तुकाराम काते); अर्जुन सुळाणे (आकाश फुंडकर); अभिषेक पाटील (प्रसाद लाड); प्रियंका खरात (विक्रम बाबनराव पाचपुते, सुमित वानखेडे); राजेंद्र पुजारी (शिवाजी पाटील); चंद्रभागा माने (मुरजी पटेल); राकेश कुमार झा (एकनाथ शिंदे); कृष्णकुमार पुरोहित (सुमित वानखेडे); भरत मोमले (राहुल शेवाळे); राहुल लांडगे (राहुल नार्वेकर); रोशन जिभकाटे (राहुल शेवाळे); योगेश चौधरी (अमीन पटेल); राजेंद्र बर्वे (सुनील राऊत); वैभव गोडसे (संजय केळकर); कुणाल भंडारी (मनिषा चौधरी); प्रसाद धुमाळे (रविंद्र वायकर, पंकज भोयर, रवी राणा); राणा जयस्वाल (बच्चू कडू); दीपक जाधव (अण्णा बनसोडे); दीपक कोरगावकर (उदय सामंत); अशेष भोईर (उदयनराजे भोसले); कल्पना दळवी (बच्चू कडू); मिथुन भिसे (जयकुमार गोरे); विश्वनाथ माने (भरतशेठ गोगावले); राकेश शिंदे (अण्णा बनसोडे); नितीन बाविस्कर (राम कदम); हेमंत पंत (अतुल भातखळकर); दिगंबर मोरे (सुरेश धस); सुभाष कांबळे (तुकाराम काते); सचिन सांगळे (पंकजा मुंडे); मोहसीन खान (मंगेश कुडाळकर); सुनील साळुंखे (पंकजा मुंडे); सावेंद्र जाधव (मंगेश कुडाळकर); अनिल विजापूरे (रामदास आठवले); महेंद्र जागीर (महेश सावंत); सागर मोरे (गिरीश महाजन); सागर अडसुळ (राहुल शेवाळे); सुहास माळी (महेश सावंत); शुभम होळकुंडे (अभिमन्यू पवार); मयुरी पवार (पराग शाह); किशोर आहिरे (मंगेश कुडाळकर); संजोग ठाकूर (समीर मेघे); अमोल मेहर (किशोर आप्पा पाटील); युवराज बेळेकर (प्रकाश आबिटकर); गणेश सातपुते (मनिषा चौधरी); महेश चौगले (सुनील प्रभू); सोनल आव्हाड (अजय चौधरी); शैलेश जाधव (अतुल भातखळकर); आदिनाथ वानवे (रावसाहेब दानवे); प्रविण खरात (तुकाराम काते); अशोक पवार (माणिकराव कोकाटे); किशोर धागर (गिरीश महाजन)।
Dyslexia at a Glance: Homeopathy Clinic in Hyderabad

Learn about dyslexia, its common signs, causes, and supportive care while exploring personalized guidance from a homeopathy clinic in Hyderabad.

Dyslexia Explained

Dyslexia is a neurodevelopmental learning difference that can affect reading, spelling, writing, and language-based processing. It often becomes noticeable when children begin formal schooling, but symptoms may remain present through adolescence and adulthood.

People with dyslexia can have average or above-average intelligence. Their difficulty is generally related to processing written language rather than their ability to think or understand concepts. With suitable teaching methods, encouragement, and appropriate support, many individuals learn to manage their challenges successfully.

Parents searching for a homeopathy clinic in Hyderabad can begin by understanding the condition, recognizing persistent signs, and seeking suitable professional assessment and support.

Signs and Symptoms

Dyslexia may present differently in each person. Common signs include difficulty connecting letters and sounds, slow reading, inconsistent spelling, difficulty recognizing familiar words, trouble following written instructions, and problems organizing written information.

Children may also avoid reading, take longer to complete school assignments, or feel frustrated when asked to perform reading-heavy tasks. Persistent difficulties should be discussed with qualified professionals rather than being assumed to be dyslexia.

Why Does Dyslexia Occur?

Dyslexia is associated with differences in the way the brain processes language and written information. Genetic factors can contribute, and children with a family history of dyslexia may have an increased likelihood of experiencing similar difficulties.

It is important to remember that dyslexia is not caused by laziness, poor parenting, lack of discipline, or low intelligence.

Homeopathy Treatment and Support

A homeopathy clinic in Hyderabad may offer individualized consultations focused on overall wellbeing. The consultation may consider concentration, sleep, stress, emotional responses, behavior, learning patterns, and general health.

Homeopathy should be used as complementary support and should not substitute for professional dyslexia assessment or specialized educational intervention. Structured literacy education, learning accommodations, teacher support, and guidance from qualified specialists are important for addressing dyslexia-related learning needs.

Families can also promote healthy learning by maintaining consistent routines, allowing sufficient rest, encouraging reading without pressure, and appreciating individual strengths.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy focuses on personalized consultations and holistic wellbeing. Those looking for a homeopathy clinic in Hyderabad, homeopathy doctor in Hyderabad, homeopathy treatment in Hyderabad, or best homeopathy clinic in Hyderabad can discuss their individual concerns and explore supportive care options.

Conclusion

Dyslexia can affect reading and written communication, but it does not determine a person's intelligence or future success. Early identification, appropriate educational support, patience, and encouragement can help individuals build confidence and develop effective learning strategies.

For personalized consultation, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176.

सिंधु जल संधि के लिए फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, दुनिया के सामने लगाई गुहार

#induswatertreatyindiasuspensionpakistanappealstoglobal_community

पाकिस्तान बार-बार सिंधु जल संधि बहाल करने की गुहार लगा रहा है। भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। भारत के सख्त रवैये से पाकिस्तान खून के आंसू रो रहा है। अब पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के अप्रैल 2025 के फैसले पर चिंता जताते हुए, सिंधु का पानी देने की गुहार लगाई है।

सिंधु जल संधि स्थगित किए जाने पर चिंता जताई

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए जीवनरेखा है। पाकिस्तान की 25 करोड़ से ज्यादा आबादी की जिंदगी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने भारत से सिंधु जल संधि को बहाल करने की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। इशाक डार ने यह बयान अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास की ओर से आयोजित एक वर्चुअल सेमिनार में दिया।

बातचीत और सहयोग की बताई जरूरत

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए तीन-सूत्रीय तरीका बताया जिसमें 1960 की संधि को पूरी तरह से लागू करने और परमाणु हथियार रखने वाले इन पड़ोसी देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए संधि में तय तरीकों का इस्तेमाल करने की बात कही। सेमिनार को वर्चुअली संबोधित करते हुए डार ने कहा 'पाकिस्तान और भारत को संधि के अनुसार तकनीकी बातचीत, पारदर्शिता और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू और मजबूत करना चाहिए।'

जल संकट का दिया हवाला

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने देश के बढ़ते जल संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे ज्यादा जल-संकट वाले देशों में शामिल है। पिछले कई दशकों में देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को भी बड़ी चुनौती बताया। डार ने कहा कि बारिश के बदलते पैटर्न, ग्लेशियरों के पिघलने, विनाशकारी बाढ़, लंबे समय तक चलने वाले सूखे और पानी के प्रवाह में बढ़ती अनिश्चितता ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे पर ज्यादा सहयोग होना चाहिए।

अपील के साथ भारत को चेतावनी भी

इशाक डार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगने के साथ भारत को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी से वंचित किया गया तो इसका असर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी को टकराव की वजह नहीं बनना चाहिए. यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन और आजीविका का आधार है। डार ने साझा जल संसाधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल न करने की अपील की।

पहलगाम हमले के बाद संधि स्थगित

बता दें कि भारत ने अप्रैल 2025 में विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली इस संधि को अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित कर दिया था। इसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी थी। भारत ने साफ कर रखा है कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं।'

नेपाल की बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत, 2400 से ज्यादा लोग लापता, चीन ने फिर जारी किया अलर्ट

#deathtollfromnepalfloodsrisesmorethan626

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने अब तक 600 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। हिमालयी इलाकों में रेस्क्यू टीमें मलबे में जिंदगी तलाश रही हैं, लेकिन उनके सामने एक और खतरा खड़ा है। पहाड़ों के बीच मलबे से बनी अस्थिर झीलों में पानी बढ़ रहा है, जिससे किसी भी वक्त दोबारा सैलाब आने का डर बना हुआ है।

626 लोगों की मौत की पुष्टि

नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक लापता लोगों की संख्या 2426 है। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की । रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 540 विदेशी अब भी लापता हैं। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले हिंदू तीर्थयात्री हैं।

करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

भारत के लिए भी यह आपदा बड़ी चिंता बन गई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें तमिलनाडु के 21 लोग और त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 कर्मचारी शामिल हैं। 149 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 400 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास उनकी वापसी में मदद कर रहा है। इसके बावजूद करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

चीन ने दी चेतावनी

इधर, चीन ने एक बार फिर नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेन्डे नदी सिस्टम के ऊपरी इलाकों में बनी झील कभी भी अपने किनारों को तोड़ सकती है। हालांकि, बीजिंग ने कहा है कि अगर झील टूटती भी है, तो नदी में पानी का बहाव ज़्यादा से ज़्यादा 500 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड ही होगा। नेपाल को भेजे गए संदेश में चीन ने कहा कि उस झील का रंग लगातार गहरा होता जा रहा है, जो इस हफ़्ते की शुरुआत में नेपाल और तिब्बत के कुछ हिस्सों में आए भयानक अचानक बाढ़ के बाद बनी थी, इससे संकेत मिलता है कि झील कभी भी फट सकती है।

राहत कार्य के लिए नेपाल पहुंचा 11 सदस्यीय भारतीय बचाव दल

अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए 11 सदस्यीय भारतीय दल शनिवार को नेपाल पहुंचा। भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, चिकित्सा कर्मियों और सुरंग बचाव विशेषज्ञों सहित इस टीम को नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजा गया था। टीम को हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान चलाए जा रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ ने 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नेपाल में आई बाढ़ को लेकर अपनी मदद का दायरा बढ़ा रहा है, जिसके तहत तत्काल 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की गई है। आवश्यकता आकलन जारी रहने के साथ-साथ अतिरिक्त संसाधन जारी किए जाने की उम्मीद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि आपदा शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर, डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन आपूर्ति भेजी, जिसमें अंतर-एजेंसी आपातकालीन स्वास्थ्य आपूर्ति भी शामिल थी, जो लगभग 10,000 लोगों को 3 महीने तक आवश्यक सामग्री प्रदान कर सकती है। इसके अलावा, इसमें टेंट, 10,000 मास्क, दस्ताने और हैंड सैनिटाइजर भी शामिल थे।

Homeo Doctor in Hyderabad for Dyspareunia: Understanding Pain During Intimacy

Consult a homeo doctor in Hyderabad for dyspareunia and learn about painful intercourse, common symptoms, possible causes, and personalized holistic care.

Introduction

Dyspareunia is characterized by pain or discomfort connected with sexual intercourse. The discomfort can develop before, during, or after intimacy and may be experienced near the vaginal opening or deeper within the pelvis. Repeated painful experiences can affect emotional wellbeing, intimacy, self-confidence, and relationships.

Although discussing this concern may feel uncomfortable, recurring pain should not be ignored. Consulting a qualified homeo doctor in Hyderabad can help individuals discuss their symptoms openly and understand factors that may be contributing to their discomfort.

Recognizing the Symptoms

Dyspareunia does not feel the same for everyone. Depending on the underlying factors, an individual may experience:

  • Pain during penetration
  • Burning, stinging, or soreness
  • Vaginal dryness or irritation
  • Tenderness around the genital area
  • Aching or sharp pain in the pelvis
  • Discomfort that remains after intercourse
  • Difficulty relaxing during intimacy
  • Worry or anxiety about experiencing pain

A homeo doctor in Hyderabad may ask about the timing, intensity, location, and nature of the discomfort to understand the individual's symptom pattern.

Factors That May Contribute

Painful intercourse can have physical, hormonal, pelvic, and emotional contributors. Vaginal dryness, hormonal changes, infections, pelvic floor muscle tightness, endometriosis, pelvic inflammatory conditions, previous childbirth, surgery, and local irritation may be associated with dyspareunia.

Psychological factors can also influence the experience. Stress, anxiety, and fear of recurring pain may increase tension and discomfort. A detailed discussion with a homeo doctor in Hyderabad can help identify relevant aspects of the individual's health history and lifestyle.

Homeopathy Treatment for Dyspareunia

Homeopathic care focuses on understanding the individual rather than applying the same approach to everyone. A homeo doctor in Hyderabad may consider physical symptoms, associated concerns, menstrual health, lifestyle, emotional wellbeing, and previous medical history during consultation.

Personalized guidance can help individuals understand their health concerns and determine appropriate next steps. However, persistent, severe, or unexplained pain during intercourse should be evaluated by a qualified medical professional to identify or rule out underlying gynecological conditions.

Symptoms such as severe pelvic pain, fever, unusual vaginal discharge, or abnormal bleeding require timely medical attention. Homeopathy should not replace necessary medical diagnosis or treatment.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy provides personalized consultations for individuals seeking guidance for dyspareunia and other health concerns. A homeo doctor in Hyderabad can offer a professional and respectful environment where sensitive symptoms can be discussed without hesitation. Individual health patterns, lifestyle habits, stress, and overall wellbeing may be considered when providing supportive guidance.

Painful intercourse can affect both physical comfort and emotional wellbeing. Seeking timely professional advice can help individuals better understand recurring symptoms and make informed healthcare choices.

If you are looking for a homeo doctor in Hyderabad for professional guidance regarding dyspareunia, contact Spiritual Homeopathy.

For appointments, call 9069176176.

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान की यात्रा पर, बताया क्यों अहम है ये दौरा?

#pmmodisvisittouzbekistanand_kyrgyzstan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय विदेश यात्रा के लिए शनिवार को रवाना हो गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर होंगे। इस दौरान वह प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर दो दिन की द्विपक्षीय यात्रा के लिए आज ताशकंद पहुंचेंगे। वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे। वे 'विकसित भारत 2047' और ' उज्बेकिस्तान-2030' के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी अपने चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि यह पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा होगा। इससे पहले उन्होंने 2015 में उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों का दौरा किया था और उसके बाद 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने के लिए वहां गए थे। उनका यह दौरा दो दिन का है। इसके बाद 31 अगस्त को वह किर्गिस्तान दौरे पर रहेंगे।

किर्गिस्तान दौरे का कार्यक्रम

उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे। इस साल एससीओ की 25वीं वर्षगांठ है और इस साल का विषय है 'एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर'। बिश्केक में होने वाले आगामी एससीओ लीडरशिप समिट के कार्यक्रमों में 31 अगस्त को स्वागत भोज और अगले दिन समिट की मुख्य बैठक शामिल है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी अपना संबोधन देंगे। बिश्केक में समिट के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित करने की योजना है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
ক্যামাক স্ট্রিট কাণ্ডে তৃণমূলকে স্বস্তি দিল না হাই কোর্ট, খারিজ অন্তর্বর্তী নির্দেশের আর্জি*

*শিরোনাম:* ক্যামাক স্ট্রিটে বিলবোর্ড বিতর্ক: হাইকোর্টের দ্বারস্থ তৃণমূল, মিলল না অন্তর্বর্তী স্বস্তি, গ্রেফতার ১৩

*কলকাতা, ২৮ আগস্ট:* কলকাতার ক্যামাক স্ট্রিটে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়ের সাইনবোর্ড খোলাকে কেন্দ্র করে তোলপাড় রাজ্য রাজনীতি। কলকাতা পুরসভার উচ্ছেদ অভিযানকে চ্যালেঞ্জ করে কলকাতা হাইকোর্টের দ্বারস্থ হয় তৃণমূল কংগ্রেস। কিন্তু আপাতত কোনও অন্তর্বর্তী নির্দেশ দিল না আদালত।

শুক্রবার সকালে বিচারপতি রাজা বসুচৌধুরীর এজলাসে মামলাটির উল্লেখ করেন তৃণমূলের আইনজীবী কিশোর দত্ত। আদালত মামলা দায়ের করার অনুমতি দিয়েছে এবং আজই নম্বর নিয়ে আসলে শুনানির আশ্বাস দিয়েছে।

আইনজীবী জানান, বৃহস্পতিবার বিকেল ৪:৪৫ নাগাদ কলকাতা পুরসভার কর্মীরা তৃণমূল ভবনে ঢুকে বিলবোর্ড ভাঙচুর করেন।

এর প্রেক্ষিতে বিচারপতি বসুচৌধুরী বলেন, "মামলার নম্বর না পড়লে শুনানি সম্ভব নয়। নম্বর নিয়ে আসুন, আজকেই শুনব।" তবে তিনি স্পষ্ট জানিয়ে দেন, "ইতিমধ্যেই হোর্ডিং খুলে দেওয়া হয়েছে, ফলে এখনই আদালতের হস্তক্ষেপের প্রয়োজন নেই।" তৃণমূলের হোর্ডিং পুনরায় লাগানোর আর্জিও খারিজ করে আদালত জানায়, মামলাটি এখনও অপরিণত পর্যায়ে রয়েছে। সব পক্ষকে হলফনামা জমা দিতে হবে, তারপরই পরবর্তী শুনানি।

জানা গেছে, ক্যামাক স্ট্রিটে প্রায় ৩০০০ বর্গফুট জায়গা জুড়ে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়। বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় সেখানে 'অল ইন্ডিয়া তৃণমূল কংগ্রেস' লেখা সাইনবোর্ড খুলে দেয় পুরসভা।

তৃণমূলের অভিযোগ, তালা ভেঙে ছাদে উঠে সাইনবোর্ড উপড়ে ফেলা হয়। বাধা দিতে গিয়ে সিঁড়িতে শুয়ে পড়েন সাংসদ ডেরেক ও'ব্রায়েন সহ নেতা-কর্মীরা। পুলিশের সঙ্গে ব্যাপক ধস্তাধস্তি হয়।

এই ঘটনায় শেক্সপিয়র সরণি থানায় ৩টি এফআইআর দায়ের হয়েছে এবং ১৩ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। এফ আই আর-এ নাম রয়েছে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়, ডেরেক ও'ব্রায়েন, বৈশ্বানর চট্টোপাধ্যায় ও হুমায়ুন কবীরের।

পুরসভা বোর্ড খুলে দিলেও, বৃহস্পতিবার রাতেই ওই স্থানে ফের তৃণমূলের ব্যানার ঝুলিয়ে দেওয়া হয়। অভিষেকের দাবি, এটি বিজেপির প্রতিহিংসাপরায়ণ রাজনীতির ফল এবং ব্যক্তিগত সম্পত্তিতে বেআইনি হস্তক্ষেপ।

*#Tags:* #CamacStreet #TMC #AbhishekBanerjee #KolkataHighCourt #KMC