Homeopathy in Hyderabad for Postpartum Care – Natural Recovery for New Mothers

Homeopathy in Hyderabad provides gentle and holistic postpartum care to support physical recovery, emotional balance, and overall maternal health.

Postpartum Health and Its Impact

The postpartum period is the phase after childbirth when a woman’s body and mind undergo significant changes. Hormonal shifts, physical exhaustion, and emotional adjustments are all part of this journey. While motherhood is a joyful experience, many women face health concerns during this stage that require proper care. Today, a growing number of mothers prefer homeopathy in Hyderabad for safe and natural postpartum recovery.

Postpartum challenges, if not addressed on time, can affect daily routines, emotional stability, and long-term health. Holistic care helps mothers regain strength and confidence during this important phase.

Postpartum Symptoms and Causes

Common postpartum symptoms include constant fatigue, weakness, mood swings, anxiety, disturbed sleep, hair fall, body aches, and emotional sensitivity. Some women may feel overwhelmed or stressed while adjusting to newborn care.

The main causes of postpartum issues include sudden hormonal imbalance after delivery, physical strain during pregnancy and childbirth, emotional pressure, lack of rest, and nutritional deficiencies. Addressing these root causes is essential, and homeopathy in Hyderabad focuses on overall balance rather than temporary relief.

Homeopathy Treatment for Postpartum Recovery

Homeopathy follows a holistic approach that supports the body’s natural healing ability. In postpartum care, treatment is personalized based on the mother’s physical condition, emotional state, and lifestyle.

Homeopathy treatment helps improve energy levels, support hormonal balance, enhance sleep quality, reduce emotional stress, and strengthen immunity. The gentle and individualized nature of homeopathy in Hyderabad makes it suitable for long-term postpartum care without burdening the body.

Spiritual Homeopathy – Trusted Care for Mothers

Spiritual Homeopathy is known for its ethical, patient-focused approach. The clinic understands the sensitive physical and emotional needs of new mothers and provides personalized postpartum care. With its holistic philosophy and experienced guidance, Spiritual Homeopathy has become a trusted choice for families seeking homeopathy in Hyderabad.

Call to Action

Postpartum recovery deserves compassionate and natural care. If you are experiencing postpartum concerns and want holistic support, consult experienced professionals today.

बलोच नेता ने भारत को लिखा खुला पत्र, चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर जताई चिंता

#pakistan_balochistan_leader_mir_yar_baloch_open_letter_to_india_s_jaishankar

बलूचिस्तान को आजाद देश बनाने की लड़ाई लड़ रहे बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को खुला पत्र लिखा है। मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया एक्स पर इस लेटर को जारी करते हुए पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद कराने में भारत की मदद और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते पाक से आतंकियों के खात्मे की बात कही है। साथ ही चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।

मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। मीर यार बलोच ने पत्र में कहा कि वह रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं।

भारत-बलूचिस्तान संबंधों का जिक्र

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का उल्लेख किया गया। मीर यार ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताया है। नए साल की बधाई देते हुए मीर यार ने लिखा, यह शुभ अवसर हमें उन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, राजनयिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर जश्न मनाने का मौका देता है।भारत और बलूचिस्तान के स्थायी संबंधों का उदाहरण हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के शाश्वत प्रतीक हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ

बलोच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और मोदी सरकार की साहसिक और दृढ़ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, बलूचिस्तान के लोग बीते 69 वर्षों से पाकिस्तान का दमन झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और हमारे देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए।

चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता

चिट्ठी में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि अगर बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को जल्द ही मजबूत नहीं किया गया तो हो सकता है कि चीन यहां अपने सैनिक तैनात कर दे। बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भविष्य में भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए खतरा और चुनौती होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अपने अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है।

Reliable Homeo Doctor in Hyderabad for Fistula Treatment

Find a reliable homeo doctor in Hyderabad for natural and effective fistula treatment. Spiritual Homeopathy offers safe, holistic care for lasting relief.

Fistula is a challenging medical condition that occurs when an abnormal connection forms between two internal organs or tissues, most commonly near the anal region. This condition often leads to pain, swelling, irritation, and recurrent infections, affecting a person’s daily life and overall health. Seeking guidance from a skilled homeo doctor in Hyderabad can provide safe, natural, and effective treatment for fistula, helping patients regain comfort and improve quality of life.

Symptoms of Fistula

The common symptoms of fistula include:

  • Persistent pain or discomfort around the affected area
  • Swelling and redness of surrounding tissue
  • Pus or blood discharge
  • Fever in cases of infection
  • Difficulty in bowel movements in severe cases

Early recognition of these symptoms and timely consultation with a homeo doctor in Hyderabad is essential to prevent complications and promote proper healing.

Causes of Fistula

Fistula can develop due to several underlying causes, including:

  • Chronic infections or untreated abscesses
  • Injuries during surgical procedures
  • Inflammatory conditions such as Crohn’s disease
  • Poor hygiene or repeated infections

Understanding the root cause is important, and a professional homeo doctor in Hyderabad can provide a holistic approach tailored to each patient’s needs.

Homeopathy Approach for Fistula

Homeopathy offers a gentle, natural, and effective approach for managing fistula. A homeo doctor in Hyderabad focuses on stimulating the body’s self-healing mechanisms, reducing inflammation, preventing recurrent infections, and supporting tissue repair. Each treatment plan is individualized, considering the patient’s overall health and specific symptoms. Continuous follow-ups ensure the healing process is on track and long-term relief is achieved.

Why Choose Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy in Hyderabad is a trusted clinic for chronic conditions like fistula. With experienced homeo doctors in Hyderabad, the clinic provides patient-centered care that combines holistic homeopathic treatment with lifestyle guidance. Patients receive professional support, natural treatment options, and a safe environment to promote complete recovery.

If you are searching for an experienced homeo doctor in Hyderabad for fistula treatment, Spiritual Homeopathy ensures effective, natural, and long-lasting results.

Call Now: 9069176176

झारखंड बनेगा खेल का 'पावरहाउस': उत्कृष्टता केंद्रों के लिए 53 विशेषज्ञ पदों पर निकली भर्ती; कोच से लेकर न्यूट्रिशनिस्ट तक की होगी बहाली

रांची | 31 दिसम्बर 2025: झारखंड के खिलाड़ियों को अब वैश्विक स्तर की कोचिंग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण अपने ही राज्य में मिलेगा। राज्य सरकार के कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के तहत झारखंड खेल प्राधिकरण (SAJH) ने विभिन्न जिलों में संचालित उत्कृष्टता केंद्रों (COE) के लिए 53 महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है।

इन पदों पर होगी बहाली: एक नजर में

खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए सरकार ने न केवल कोच, बल्कि सहायक तकनीकी स्टाफ की भर्ती पर भी जोर दिया है:

पद का नाम पदों की संख्या विषय/क्षेत्र

हेड कोच 08 एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती

कोच 09 खेल कौशल प्रशिक्षण

सहायक कोच 05 खेल कौशल प्रशिक्षण

फिजियोथेरेपिस्ट 07 चोट निवारण एवं रिकवरी

मसाजर 09 रिकवरी और फिटनेस

वार्डन 11 आवासीय देखभाल और अनुशासन

न्यूट्रिशनिस्ट 04 पोषण प्रबंधन

वैज्ञानिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान

झारखंड सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को वैज्ञानिक पद्धतियों (Scientific Training) से तैयार करना है। यही कारण है कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपिस्ट और न्यूट्रिशनिस्ट जैसे विशेषज्ञों को इन केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। इससे खिलाड़ियों की डाइट, उनकी चोटों से रिकवरी और उनके प्रदर्शन के आंकड़ों का पेशेवर तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा।

रोजगार और खेल विकास का संगम

यह पहल न केवल राज्य की खेल अवसंरचना को मजबूत करेगी, बल्कि खेल क्षेत्र से जुड़े कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। सरकार का संकल्प है कि एक पारदर्शी और मेरिट-आधारित चयन प्रक्रिया के जरिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को इन केंद्रों से जोड़ा जाए।

दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड पर सरकार का बड़ा फैसला, उत्पादन और बिक्री पर रोक

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सरकार ने दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने 100 एमजी से अधिक निमेसुलाइड वाली बुखार और दर्द निवारक सभी ओरल दवाओं के बनाने, बेचने और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत इस दवा पर रोक लगाई गई है।

बिक्री और वितरण तत्काल रोकने का आदेश

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अब देश में 100 मिलीग्राम (100mg) से अधिक मात्रा वाली निमेसुलाइड की ओरल (मुंह से ली जाने वाली) दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने दवा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत प्रभाव से इन दवाओं का निर्माण बंद करें। इसके साथ ही, मेडिकल स्टोर्स और वितरकों को भी इनकी बिक्री और वितरण रोकने का आदेश दिया गया है।

स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क

निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर तेज दर्द, बुखार और सूजन को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, लंबे समय से स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस दवा के हाई डोज़ से होने वाले दुष्प्रभावों, विशेषकर लिवर पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर चिंता जताते रहे हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा और दवा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।

बाजार में सुरक्षित विकल्प पहले से मौजूद

स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि 100 मिलीग्राम से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड दवाओं के इस्तेमाल से मानव स्वास्थ्य को जोखिम हो सकता है और इनके सुरक्षित विकल्प पहले से मौजूद हैं। इसी वजह से जनहित में यह कदम उठाया गया है।

उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ 10 सितंबर से फिर शुरू, पलामू के चियांकी केंद्र में परीक्षा नहीं |

Ranchi | 10-09-2024 : एडीजी मुख्यालय आरके मल्लिक ने कहा कि जेएसएससी द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही (JSSC Excise Constable) की बहाली के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा छह केंद्रों पर 10 सितंबर से शुरू होगी. वहीं, पलामू के चियांकी हवाई अड्डा स्थित केंद्र पर अब शेष शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं होगी. इस केंद्र के शेष अभ्यर्थियों, जिनकी परीक्षा तीन से नौ सितंबर 2024 तक होनी थी, वह अब बाकी के छह चयन पर्षद के केंद्रों पर ली जायेगी. यह परीक्षा 19-20 सितंबर तक होगी. क्योंकि 14 से 17 सितंबर तक अवकाश है.



भारत-पाकिस्तान युद्ध पर अमेरिका के बाद चीन का बड़ा दावा, कहा-हमने संघर्ष रुकवाया

#chinaclaimstoendindiapakistantension

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने दावा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में उसने अहम भूमिका निभाई है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर एक संगोष्ठी में कहा कि इस साल चीन ने कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में मध्यस्थता की है। हालांकि, भारत ने चीन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को दावा किया कि इस साल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन गरमागरम मुद्दों में शामिल था, जिनमें चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। विदेश मंत्रालय ने 13 मई को प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि समझौते की तारीख, समय और शब्दावली दोनों देशों के डीजीएमओ ने 10 मई 2025 को फोन पर हुई बातचीत के दौरान तय की, जो 15:35 बजे शुरू हुई थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे अस्थिर दौर- वांग

बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर संगोष्ठी में वांग ने कहा, इस साल, द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से किसी भी समय की तुलना में स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष अधिक बार भड़के। भू-राजनीतिक उथल-पुथल लगातार फैलती जा रही है। उन्होंने कहा, स्थायी शांति स्थापित करने के लिए, हमने एक वस्तुनिष्ठ और तर्कसंगत रुख अपनाया है, और लक्षणों और मूल कारणों दोनों को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

इन तनावों की मध्यस्थता का दावा

चीनी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'टकराव वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए इसी चीनी नजरिए को अपनाते हुए हमने उत्तरी म्यांमार, ईरान के परमाणु मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इजरायल के बीच मुद्दों और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया संघर्ष में मध्यस्थता की।

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है और कहा है कि 88 घंटे तक चला सैन्य टकराव किसी तीसरे पक्ष के दखल के बिना सीधे दोनों देशों के मिलिट्री कम्युनिकेशन के जरिए सुलझाया गया था। 13 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने बाहरी मध्यस्थता के दावों को खारिज कर दिया था। नई दिल्ली ने बार-बार कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मामलों में किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है।

खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने ढाका पहुंचे जयशंकर, बेटे तारिक रहमान से की मुलाकात

#sjaishankartoattendkhaledaziafuneralindhaka

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के जनाजे में भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल होंगे। जयशंकर आज भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बांग्लादेश पहुंचे हैं। खालिदा जिया का अंतिम संस्कार बुधवार को जोहर की नमाज के बाद मानिक मियां एवेन्यू में होगा।

खालिदा जिया को संसद परिसर स्थित जिया उद्यान में उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफनाया जाएगा। इसमें देश के कई बड़े राजनीतिक नेता, पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके जनाजे में शामिल होने के लिए ढाका पहुंच चुके हैं।

विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि विदेश मंत्री एस.जयशंकर भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। इसके लिए वे 31 दिसंबर यानी आज ढाका का दौरा करेंगे।

बांग्लादेश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक

खालिदा जिया का निधन मंगलवार सुबह 80 साल की उम्र में हुआ था। वह पिछले करीब 20 दिनों से वेंटिलेटर पर थीं और अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके निधन पर बांग्लादेश सरकार ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। इस दौरान पूरे देश में सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।

कौन थीं खालिदा जिया

खालिदा जिया बांग्लादेश की एक प्रभावशाली और लंबे समय तक राजनीति को दिशा देने वाली नेता थीं। वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख रहीं और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का इतिहास रचा। उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया- पहली बार 1991 से 1996 तक, दूसरा कार्यकाल फरवरी 1996 के बाद कुछ सप्ताह तक चला और फिर 2001 से 2006 तक। वह पूर्व राष्ट्रपति जनरल जियाउर रहमान की पत्नी थीं और उनके निधन के बाद सक्रिय राजनीति में आईं। उनके राजनीतिक जीवन में सत्ता संघर्ष, विरोध प्रदर्शनों और कई विवादों ने अहम भूमिका निभाई। बाद के वर्षों में उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे और उन्हें सजा भी हुई। जीवन के अंतिम दौर में वह कई गंभीर बीमारियों से जूझती रहीं। कुल मिलाकर, वह बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली, मजबूत और साथ ही विवादों में घिरी रहने वाली नेताओं में से एक थीं।

आज स्विगी, जोमैटो पर नहीं होगी डिलिवरी, गिग वर्कर्स की हड़ताल से 10 मिनट डिलीवरी पर असर

#foodandgrocerydeliveriesmaybedisruptedonnewyearseve

आज साल के आखिरी दिन है। आज यानी 31 दिसंबर को लोग पुराने साल को विदा देने और नए साल के स्वागत में जोरदार जश्न मनाते हैं। हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन खाना मंगाने या ग्रोसरी ऑर्डर करने वालों को परेशानी हो सकती है। देशभर के गिग वर्कर्स यानी, डिलीवरी पर्सन्स ने हड़ताल का ऐलान किया है। इसमें करीब 1 लाख वर्कर शामिल हो सकते हैं।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे गिग वर्कर्स

इंडियन फेडरेशन ऑफ एप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर (IFAT) के राष्ट्रीय महासचिव शेख सलाउद्दीन ने कहा कि आज देशभर में गिग वर्कर्स सभी एप आधारित प्लेटफार्म को ऑफ रखेंगे और प्रमुख जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।

सरकार को हस्ताक्षेप की मांग

शेख सलाउद्दीन ने बताया कि 25 दिसंबर को ऑनलाइन प्लेटफार्म कंपनियों को हड़ताल करके चेतावनी दी गई थी, लेकिन गिग वर्कर्स से कोई बातचीत नहीं की गई और न ही कोई सुरक्षा और काम करने के घंटे निर्धारित किए गए हैं। इसीलिए आज 31 दिसंबर को फिर से हड़ताल जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफार्म कंपनियां इन सब मांगों पर ख़ामोश हैं। गिग वर्कर्स की मांग को लेकर सरकार को तुरंत हस्ताक्षेप करना चाहिए।

देश की इकोनॉमी ग्रोथ पर पड़ सकता है असर

यूनियन का आरोप है कि जोमैटो-स्विगी जैसी कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं और उन्हें बेसिक कानूनी अधिकार नहीं मिल रहे। गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विसेज वर्कर्स यूनियन ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर देश की इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी पड़ेगा।

अधिक सजग और अधिक करुणामय इंसान बनने का संकल्प, 2026
–डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

हर साल की तरह 2025 भी आया और चला गया, पर यह साल केवल कैलेंडर का बदलना नहीं था।
यह अनुभवों का ऐसा अध्याय रहा,
जिसे पलटते समय
मन अपने-आप ठहर जाता है।
यह वर्ष हमें यह सिखा गया कि
जीवन केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं,
बल्कि विपरीत परिस्थितियों में
इंसान बने रहने की परीक्षा भी है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में
पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया
आतंकी हमला
केवल निर्दोष जानें ही नहीं ले गया,
बल्कि पूरे देश को
गहरे शोक और आक्रोश में डुबो गया। लंदन जाने वाली
अंतरराष्ट्रीय उड़ान का
तकनीकी खराबी के कारण
दुर्घटनाग्रस्त होना
वैश्विक स्तर पर
विमान सुरक्षा पर
गंभीर प्रश्न छोड़ गया। दिल्ली और उत्तर भारत में
आतंकी घटनाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षा की भावना को
और गहरा किया।
प्रकृति भी इस वर्ष
कुछ कम कठोर नहीं रही।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड , महाराष्ट्र और असम में
भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन ने
कई परिवारों से
उनके घर, आजीविका
और सहारे छीन लिए। मुंबई और नवी मुंबई में
भीषण आग की घटनाएँ
और भांडुप की
BEST बस दुर्घटना ने महानगर की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी को
अचानक थाम लिया।
दूर मध्य-पूर्व और यूक्रेन में
जारी युद्धों की तपिश
महँगाई, अस्थिरता
और मानव संकट बनकर
पूरी दुनिया ने महसूस की।
सच यही है—
2025 ने हमें
कड़वे घूँट पिलाए।
पर इसी कठिन समय में
हमने अपनी सामूहिक शक्ति भी देखी।
आतंकी घटनाओं के बाद
देश की निर्णायक प्रतिक्रिया
और ऑपरेशन सिंदूर जैसे
सख़्त कदमों ने
यह स्पष्ट कर दिया कि
भारत अब केवल सहने वाला देश नहीं—
वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर
पूरी तरह सजग और सक्षम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का नेतृत्व
इस वर्ष
एक दृढ़, जुझारू और आत्मविश्वासी
वैश्विक व्यक्तित्व के रूप में
और उभरकर सामने आया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर
भारत की आवाज़
सिर्फ़ सुनी ही नहीं गई,
उसका सम्मान भी किया गया।
देशवासियों के मन में यह भरोसा गहरा हुआ कि
सशक्त नेतृत्व के कारण
हम अपेक्षाकृत
निश्चिंत होकर
अपना जीवन जी पा रहे हैं।
दुख और संकट के बीच
देश–विदेश से
संवेदना, सहायता
और प्रार्थनाओं की
एकजुटता भी हमने देखी।
NDRF, SDRF,
फायर ब्रिगेड,
मेडिकल टीमें और स्वयंसेवक—
थके हुए शरीर,
पर अडिग संकल्प के साथ
कई जानें बचाने में सफल रहे।
आपदा प्रबंधन की क्षमता
पहले से अधिक
मजबूत दिखाई दी।
खेलों के क्षेत्र में
भारत ने
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।
विशेषकर महिला खिलाड़ियों की
सफलताओं ने
देश को
नया गर्व दिया।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर
मेट्रो परियोजनाएँ,
एक्सप्रेसवे,
रेलवे आधुनिकीकरण
और वंदे भारत ट्रेनों ने
यात्रा को
अधिक सुरक्षित
और सुविधाजनक बनाया। ISRO के सफल अंतरिक्ष मिशनों ने
यह भरोसा दिया कि भारत की उड़ान
अब केवल धरती तक सीमित नहीं—
वह अंतरिक्ष तक पहुँच चुकी है।
डिजिटल इंडिया के अंतर्गत
UPI, AI, फिनटेक
और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम ने
भारत को
तकनीक का उपभोक्ता नहीं,
बल्कि नवाचार का केंद्र बनाया।
महिला सशक्तिकरण,
शिक्षा,
डिजिटल कृषि,
स्वास्थ्य शिविर,
योग और मानसिक स्वास्थ्य पर
बढ़ता ज़ोर—
ये सभी संकेत थे कि विकास की समझ
अब अधिक मानवीय हो रही है।
युवाओं की सामाजिक भागीदारी
और स्वयंसेवी कार्यों में
उनकी सक्रियता ने
भविष्य के प्रति
आशा को
और मजबूत किया।
2025 ने हमें
रुलाया भी,
और संभलना भी सिखाया।
इस साल ने यह भी समझाया कि
जीवन को
सिर्फ़ जीया नहीं जाता—
कभी-कभी
उसे सीपीआर भी देनी पड़ती है।
जब साँसें थमती हैं,
तो यादों को बटोरना पड़ता है।
जब हौसला टूटता है,
तो अनुभव
धड़कन बनते हैं।
हर साल
कितनी सीपियाँ छोड़ जाता है—
कुछ से हम मोती निकाल लेते हैं,
कुछ बस
रेत में चमकती रह जाती हैं।
पर वे व्यर्थ नहीं जातीं—
वे हमें याद दिलाती हैं कि हमने
पूरी शिद्दत से
जिया था।
जीवन अनमोल है।
कठिनाइयों के बीच
मिला हुआ यह अवसर
हर पल खर्च करने के लिए नहीं—
हर पल महसूस करने के लिए है।
जो बीत गया,
वह अनुभव बन गया। जो मिला,
वह कृतज्ञता बन गया। हमने यह खोया,
और हमने यह पाया। शायद
यही 2025 की
सबसे बड़ी सीख है। अलविदा 2025।
स्वागत 2026—
और अधिक सजग,
और अधिक करुणामय
इंसान बनने के संकल्प के साथ।                          ईश्वर से यही प्रार्थना है। प्रधानमंत्री मोदी जी दीर्घायु हो और उनके नेतृत्व में देश सुरक्षित सशक्त और शांतिपूर्ण मार्ग पर आगे बढ़ता रहे, ताकि नागरिक निश्चिंत होकर सुख की नींद सो सके।
Homeopathy in Hyderabad for Postpartum Care – Natural Recovery for New Mothers

Homeopathy in Hyderabad provides gentle and holistic postpartum care to support physical recovery, emotional balance, and overall maternal health.

Postpartum Health and Its Impact

The postpartum period is the phase after childbirth when a woman’s body and mind undergo significant changes. Hormonal shifts, physical exhaustion, and emotional adjustments are all part of this journey. While motherhood is a joyful experience, many women face health concerns during this stage that require proper care. Today, a growing number of mothers prefer homeopathy in Hyderabad for safe and natural postpartum recovery.

Postpartum challenges, if not addressed on time, can affect daily routines, emotional stability, and long-term health. Holistic care helps mothers regain strength and confidence during this important phase.

Postpartum Symptoms and Causes

Common postpartum symptoms include constant fatigue, weakness, mood swings, anxiety, disturbed sleep, hair fall, body aches, and emotional sensitivity. Some women may feel overwhelmed or stressed while adjusting to newborn care.

The main causes of postpartum issues include sudden hormonal imbalance after delivery, physical strain during pregnancy and childbirth, emotional pressure, lack of rest, and nutritional deficiencies. Addressing these root causes is essential, and homeopathy in Hyderabad focuses on overall balance rather than temporary relief.

Homeopathy Treatment for Postpartum Recovery

Homeopathy follows a holistic approach that supports the body’s natural healing ability. In postpartum care, treatment is personalized based on the mother’s physical condition, emotional state, and lifestyle.

Homeopathy treatment helps improve energy levels, support hormonal balance, enhance sleep quality, reduce emotional stress, and strengthen immunity. The gentle and individualized nature of homeopathy in Hyderabad makes it suitable for long-term postpartum care without burdening the body.

Spiritual Homeopathy – Trusted Care for Mothers

Spiritual Homeopathy is known for its ethical, patient-focused approach. The clinic understands the sensitive physical and emotional needs of new mothers and provides personalized postpartum care. With its holistic philosophy and experienced guidance, Spiritual Homeopathy has become a trusted choice for families seeking homeopathy in Hyderabad.

Call to Action

Postpartum recovery deserves compassionate and natural care. If you are experiencing postpartum concerns and want holistic support, consult experienced professionals today.

बलोच नेता ने भारत को लिखा खुला पत्र, चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर जताई चिंता

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बलूचिस्तान को आजाद देश बनाने की लड़ाई लड़ रहे बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को खुला पत्र लिखा है। मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया एक्स पर इस लेटर को जारी करते हुए पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद कराने में भारत की मदद और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते पाक से आतंकियों के खात्मे की बात कही है। साथ ही चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।

मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। मीर यार बलोच ने पत्र में कहा कि वह रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं।

भारत-बलूचिस्तान संबंधों का जिक्र

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का उल्लेख किया गया। मीर यार ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताया है। नए साल की बधाई देते हुए मीर यार ने लिखा, यह शुभ अवसर हमें उन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, राजनयिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर जश्न मनाने का मौका देता है।भारत और बलूचिस्तान के स्थायी संबंधों का उदाहरण हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के शाश्वत प्रतीक हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ

बलोच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और मोदी सरकार की साहसिक और दृढ़ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, बलूचिस्तान के लोग बीते 69 वर्षों से पाकिस्तान का दमन झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और हमारे देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए।

चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता

चिट्ठी में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि अगर बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को जल्द ही मजबूत नहीं किया गया तो हो सकता है कि चीन यहां अपने सैनिक तैनात कर दे। बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भविष्य में भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए खतरा और चुनौती होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अपने अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है।

Reliable Homeo Doctor in Hyderabad for Fistula Treatment

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Fistula is a challenging medical condition that occurs when an abnormal connection forms between two internal organs or tissues, most commonly near the anal region. This condition often leads to pain, swelling, irritation, and recurrent infections, affecting a person’s daily life and overall health. Seeking guidance from a skilled homeo doctor in Hyderabad can provide safe, natural, and effective treatment for fistula, helping patients regain comfort and improve quality of life.

Symptoms of Fistula

The common symptoms of fistula include:

  • Persistent pain or discomfort around the affected area
  • Swelling and redness of surrounding tissue
  • Pus or blood discharge
  • Fever in cases of infection
  • Difficulty in bowel movements in severe cases

Early recognition of these symptoms and timely consultation with a homeo doctor in Hyderabad is essential to prevent complications and promote proper healing.

Causes of Fistula

Fistula can develop due to several underlying causes, including:

  • Chronic infections or untreated abscesses
  • Injuries during surgical procedures
  • Inflammatory conditions such as Crohn’s disease
  • Poor hygiene or repeated infections

Understanding the root cause is important, and a professional homeo doctor in Hyderabad can provide a holistic approach tailored to each patient’s needs.

Homeopathy Approach for Fistula

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झारखंड बनेगा खेल का 'पावरहाउस': उत्कृष्टता केंद्रों के लिए 53 विशेषज्ञ पदों पर निकली भर्ती; कोच से लेकर न्यूट्रिशनिस्ट तक की होगी बहाली

रांची | 31 दिसम्बर 2025: झारखंड के खिलाड़ियों को अब वैश्विक स्तर की कोचिंग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण अपने ही राज्य में मिलेगा। राज्य सरकार के कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के तहत झारखंड खेल प्राधिकरण (SAJH) ने विभिन्न जिलों में संचालित उत्कृष्टता केंद्रों (COE) के लिए 53 महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है।

इन पदों पर होगी बहाली: एक नजर में

खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए सरकार ने न केवल कोच, बल्कि सहायक तकनीकी स्टाफ की भर्ती पर भी जोर दिया है:

पद का नाम पदों की संख्या विषय/क्षेत्र

हेड कोच 08 एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती

कोच 09 खेल कौशल प्रशिक्षण

सहायक कोच 05 खेल कौशल प्रशिक्षण

फिजियोथेरेपिस्ट 07 चोट निवारण एवं रिकवरी

मसाजर 09 रिकवरी और फिटनेस

वार्डन 11 आवासीय देखभाल और अनुशासन

न्यूट्रिशनिस्ट 04 पोषण प्रबंधन

वैज्ञानिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान

झारखंड सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को वैज्ञानिक पद्धतियों (Scientific Training) से तैयार करना है। यही कारण है कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपिस्ट और न्यूट्रिशनिस्ट जैसे विशेषज्ञों को इन केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। इससे खिलाड़ियों की डाइट, उनकी चोटों से रिकवरी और उनके प्रदर्शन के आंकड़ों का पेशेवर तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा।

रोजगार और खेल विकास का संगम

यह पहल न केवल राज्य की खेल अवसंरचना को मजबूत करेगी, बल्कि खेल क्षेत्र से जुड़े कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। सरकार का संकल्प है कि एक पारदर्शी और मेरिट-आधारित चयन प्रक्रिया के जरिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को इन केंद्रों से जोड़ा जाए।

दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड पर सरकार का बड़ा फैसला, उत्पादन और बिक्री पर रोक

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सरकार ने दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने 100 एमजी से अधिक निमेसुलाइड वाली बुखार और दर्द निवारक सभी ओरल दवाओं के बनाने, बेचने और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत इस दवा पर रोक लगाई गई है।

बिक्री और वितरण तत्काल रोकने का आदेश

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अब देश में 100 मिलीग्राम (100mg) से अधिक मात्रा वाली निमेसुलाइड की ओरल (मुंह से ली जाने वाली) दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने दवा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत प्रभाव से इन दवाओं का निर्माण बंद करें। इसके साथ ही, मेडिकल स्टोर्स और वितरकों को भी इनकी बिक्री और वितरण रोकने का आदेश दिया गया है।

स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क

निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर तेज दर्द, बुखार और सूजन को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, लंबे समय से स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस दवा के हाई डोज़ से होने वाले दुष्प्रभावों, विशेषकर लिवर पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर चिंता जताते रहे हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा और दवा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।

बाजार में सुरक्षित विकल्प पहले से मौजूद

स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि 100 मिलीग्राम से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड दवाओं के इस्तेमाल से मानव स्वास्थ्य को जोखिम हो सकता है और इनके सुरक्षित विकल्प पहले से मौजूद हैं। इसी वजह से जनहित में यह कदम उठाया गया है।

उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ 10 सितंबर से फिर शुरू, पलामू के चियांकी केंद्र में परीक्षा नहीं |

Ranchi | 10-09-2024 : एडीजी मुख्यालय आरके मल्लिक ने कहा कि जेएसएससी द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही (JSSC Excise Constable) की बहाली के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा छह केंद्रों पर 10 सितंबर से शुरू होगी. वहीं, पलामू के चियांकी हवाई अड्डा स्थित केंद्र पर अब शेष शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं होगी. इस केंद्र के शेष अभ्यर्थियों, जिनकी परीक्षा तीन से नौ सितंबर 2024 तक होनी थी, वह अब बाकी के छह चयन पर्षद के केंद्रों पर ली जायेगी. यह परीक्षा 19-20 सितंबर तक होगी. क्योंकि 14 से 17 सितंबर तक अवकाश है.



भारत-पाकिस्तान युद्ध पर अमेरिका के बाद चीन का बड़ा दावा, कहा-हमने संघर्ष रुकवाया

#chinaclaimstoendindiapakistantension

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने दावा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में उसने अहम भूमिका निभाई है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर एक संगोष्ठी में कहा कि इस साल चीन ने कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में मध्यस्थता की है। हालांकि, भारत ने चीन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को दावा किया कि इस साल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन गरमागरम मुद्दों में शामिल था, जिनमें चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। विदेश मंत्रालय ने 13 मई को प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि समझौते की तारीख, समय और शब्दावली दोनों देशों के डीजीएमओ ने 10 मई 2025 को फोन पर हुई बातचीत के दौरान तय की, जो 15:35 बजे शुरू हुई थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे अस्थिर दौर- वांग

बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर संगोष्ठी में वांग ने कहा, इस साल, द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से किसी भी समय की तुलना में स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष अधिक बार भड़के। भू-राजनीतिक उथल-पुथल लगातार फैलती जा रही है। उन्होंने कहा, स्थायी शांति स्थापित करने के लिए, हमने एक वस्तुनिष्ठ और तर्कसंगत रुख अपनाया है, और लक्षणों और मूल कारणों दोनों को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

इन तनावों की मध्यस्थता का दावा

चीनी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'टकराव वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए इसी चीनी नजरिए को अपनाते हुए हमने उत्तरी म्यांमार, ईरान के परमाणु मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इजरायल के बीच मुद्दों और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया संघर्ष में मध्यस्थता की।

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है और कहा है कि 88 घंटे तक चला सैन्य टकराव किसी तीसरे पक्ष के दखल के बिना सीधे दोनों देशों के मिलिट्री कम्युनिकेशन के जरिए सुलझाया गया था। 13 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने बाहरी मध्यस्थता के दावों को खारिज कर दिया था। नई दिल्ली ने बार-बार कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मामलों में किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है।

खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने ढाका पहुंचे जयशंकर, बेटे तारिक रहमान से की मुलाकात

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के जनाजे में भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल होंगे। जयशंकर आज भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बांग्लादेश पहुंचे हैं। खालिदा जिया का अंतिम संस्कार बुधवार को जोहर की नमाज के बाद मानिक मियां एवेन्यू में होगा।

खालिदा जिया को संसद परिसर स्थित जिया उद्यान में उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफनाया जाएगा। इसमें देश के कई बड़े राजनीतिक नेता, पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके जनाजे में शामिल होने के लिए ढाका पहुंच चुके हैं।

विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि विदेश मंत्री एस.जयशंकर भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। इसके लिए वे 31 दिसंबर यानी आज ढाका का दौरा करेंगे।

बांग्लादेश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक

खालिदा जिया का निधन मंगलवार सुबह 80 साल की उम्र में हुआ था। वह पिछले करीब 20 दिनों से वेंटिलेटर पर थीं और अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके निधन पर बांग्लादेश सरकार ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। इस दौरान पूरे देश में सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।

कौन थीं खालिदा जिया

खालिदा जिया बांग्लादेश की एक प्रभावशाली और लंबे समय तक राजनीति को दिशा देने वाली नेता थीं। वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख रहीं और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का इतिहास रचा। उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया- पहली बार 1991 से 1996 तक, दूसरा कार्यकाल फरवरी 1996 के बाद कुछ सप्ताह तक चला और फिर 2001 से 2006 तक। वह पूर्व राष्ट्रपति जनरल जियाउर रहमान की पत्नी थीं और उनके निधन के बाद सक्रिय राजनीति में आईं। उनके राजनीतिक जीवन में सत्ता संघर्ष, विरोध प्रदर्शनों और कई विवादों ने अहम भूमिका निभाई। बाद के वर्षों में उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे और उन्हें सजा भी हुई। जीवन के अंतिम दौर में वह कई गंभीर बीमारियों से जूझती रहीं। कुल मिलाकर, वह बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली, मजबूत और साथ ही विवादों में घिरी रहने वाली नेताओं में से एक थीं।

आज स्विगी, जोमैटो पर नहीं होगी डिलिवरी, गिग वर्कर्स की हड़ताल से 10 मिनट डिलीवरी पर असर

#foodandgrocerydeliveriesmaybedisruptedonnewyearseve

आज साल के आखिरी दिन है। आज यानी 31 दिसंबर को लोग पुराने साल को विदा देने और नए साल के स्वागत में जोरदार जश्न मनाते हैं। हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन खाना मंगाने या ग्रोसरी ऑर्डर करने वालों को परेशानी हो सकती है। देशभर के गिग वर्कर्स यानी, डिलीवरी पर्सन्स ने हड़ताल का ऐलान किया है। इसमें करीब 1 लाख वर्कर शामिल हो सकते हैं।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे गिग वर्कर्स

इंडियन फेडरेशन ऑफ एप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर (IFAT) के राष्ट्रीय महासचिव शेख सलाउद्दीन ने कहा कि आज देशभर में गिग वर्कर्स सभी एप आधारित प्लेटफार्म को ऑफ रखेंगे और प्रमुख जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।

सरकार को हस्ताक्षेप की मांग

शेख सलाउद्दीन ने बताया कि 25 दिसंबर को ऑनलाइन प्लेटफार्म कंपनियों को हड़ताल करके चेतावनी दी गई थी, लेकिन गिग वर्कर्स से कोई बातचीत नहीं की गई और न ही कोई सुरक्षा और काम करने के घंटे निर्धारित किए गए हैं। इसीलिए आज 31 दिसंबर को फिर से हड़ताल जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफार्म कंपनियां इन सब मांगों पर ख़ामोश हैं। गिग वर्कर्स की मांग को लेकर सरकार को तुरंत हस्ताक्षेप करना चाहिए।

देश की इकोनॉमी ग्रोथ पर पड़ सकता है असर

यूनियन का आरोप है कि जोमैटो-स्विगी जैसी कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं और उन्हें बेसिक कानूनी अधिकार नहीं मिल रहे। गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विसेज वर्कर्स यूनियन ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर देश की इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी पड़ेगा।

अधिक सजग और अधिक करुणामय इंसान बनने का संकल्प, 2026
–डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

हर साल की तरह 2025 भी आया और चला गया, पर यह साल केवल कैलेंडर का बदलना नहीं था।
यह अनुभवों का ऐसा अध्याय रहा,
जिसे पलटते समय
मन अपने-आप ठहर जाता है।
यह वर्ष हमें यह सिखा गया कि
जीवन केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं,
बल्कि विपरीत परिस्थितियों में
इंसान बने रहने की परीक्षा भी है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में
पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया
आतंकी हमला
केवल निर्दोष जानें ही नहीं ले गया,
बल्कि पूरे देश को
गहरे शोक और आक्रोश में डुबो गया। लंदन जाने वाली
अंतरराष्ट्रीय उड़ान का
तकनीकी खराबी के कारण
दुर्घटनाग्रस्त होना
वैश्विक स्तर पर
विमान सुरक्षा पर
गंभीर प्रश्न छोड़ गया। दिल्ली और उत्तर भारत में
आतंकी घटनाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षा की भावना को
और गहरा किया।
प्रकृति भी इस वर्ष
कुछ कम कठोर नहीं रही।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड , महाराष्ट्र और असम में
भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन ने
कई परिवारों से
उनके घर, आजीविका
और सहारे छीन लिए। मुंबई और नवी मुंबई में
भीषण आग की घटनाएँ
और भांडुप की
BEST बस दुर्घटना ने महानगर की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी को
अचानक थाम लिया।
दूर मध्य-पूर्व और यूक्रेन में
जारी युद्धों की तपिश
महँगाई, अस्थिरता
और मानव संकट बनकर
पूरी दुनिया ने महसूस की।
सच यही है—
2025 ने हमें
कड़वे घूँट पिलाए।
पर इसी कठिन समय में
हमने अपनी सामूहिक शक्ति भी देखी।
आतंकी घटनाओं के बाद
देश की निर्णायक प्रतिक्रिया
और ऑपरेशन सिंदूर जैसे
सख़्त कदमों ने
यह स्पष्ट कर दिया कि
भारत अब केवल सहने वाला देश नहीं—
वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर
पूरी तरह सजग और सक्षम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का नेतृत्व
इस वर्ष
एक दृढ़, जुझारू और आत्मविश्वासी
वैश्विक व्यक्तित्व के रूप में
और उभरकर सामने आया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर
भारत की आवाज़
सिर्फ़ सुनी ही नहीं गई,
उसका सम्मान भी किया गया।
देशवासियों के मन में यह भरोसा गहरा हुआ कि
सशक्त नेतृत्व के कारण
हम अपेक्षाकृत
निश्चिंत होकर
अपना जीवन जी पा रहे हैं।
दुख और संकट के बीच
देश–विदेश से
संवेदना, सहायता
और प्रार्थनाओं की
एकजुटता भी हमने देखी।
NDRF, SDRF,
फायर ब्रिगेड,
मेडिकल टीमें और स्वयंसेवक—
थके हुए शरीर,
पर अडिग संकल्प के साथ
कई जानें बचाने में सफल रहे।
आपदा प्रबंधन की क्षमता
पहले से अधिक
मजबूत दिखाई दी।
खेलों के क्षेत्र में
भारत ने
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।
विशेषकर महिला खिलाड़ियों की
सफलताओं ने
देश को
नया गर्व दिया।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर
मेट्रो परियोजनाएँ,
एक्सप्रेसवे,
रेलवे आधुनिकीकरण
और वंदे भारत ट्रेनों ने
यात्रा को
अधिक सुरक्षित
और सुविधाजनक बनाया। ISRO के सफल अंतरिक्ष मिशनों ने
यह भरोसा दिया कि भारत की उड़ान
अब केवल धरती तक सीमित नहीं—
वह अंतरिक्ष तक पहुँच चुकी है।
डिजिटल इंडिया के अंतर्गत
UPI, AI, फिनटेक
और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम ने
भारत को
तकनीक का उपभोक्ता नहीं,
बल्कि नवाचार का केंद्र बनाया।
महिला सशक्तिकरण,
शिक्षा,
डिजिटल कृषि,
स्वास्थ्य शिविर,
योग और मानसिक स्वास्थ्य पर
बढ़ता ज़ोर—
ये सभी संकेत थे कि विकास की समझ
अब अधिक मानवीय हो रही है।
युवाओं की सामाजिक भागीदारी
और स्वयंसेवी कार्यों में
उनकी सक्रियता ने
भविष्य के प्रति
आशा को
और मजबूत किया।
2025 ने हमें
रुलाया भी,
और संभलना भी सिखाया।
इस साल ने यह भी समझाया कि
जीवन को
सिर्फ़ जीया नहीं जाता—
कभी-कभी
उसे सीपीआर भी देनी पड़ती है।
जब साँसें थमती हैं,
तो यादों को बटोरना पड़ता है।
जब हौसला टूटता है,
तो अनुभव
धड़कन बनते हैं।
हर साल
कितनी सीपियाँ छोड़ जाता है—
कुछ से हम मोती निकाल लेते हैं,
कुछ बस
रेत में चमकती रह जाती हैं।
पर वे व्यर्थ नहीं जातीं—
वे हमें याद दिलाती हैं कि हमने
पूरी शिद्दत से
जिया था।
जीवन अनमोल है।
कठिनाइयों के बीच
मिला हुआ यह अवसर
हर पल खर्च करने के लिए नहीं—
हर पल महसूस करने के लिए है।
जो बीत गया,
वह अनुभव बन गया। जो मिला,
वह कृतज्ञता बन गया। हमने यह खोया,
और हमने यह पाया। शायद
यही 2025 की
सबसे बड़ी सीख है। अलविदा 2025।
स्वागत 2026—
और अधिक सजग,
और अधिक करुणामय
इंसान बनने के संकल्प के साथ।                          ईश्वर से यही प्रार्थना है। प्रधानमंत्री मोदी जी दीर्घायु हो और उनके नेतृत्व में देश सुरक्षित सशक्त और शांतिपूर्ण मार्ग पर आगे बढ़ता रहे, ताकि नागरिक निश्चिंत होकर सुख की नींद सो सके।