Hemophilia Awareness and Support from a Homeopathy Clinic in Hyderabad

Understand hemophilia, its symptoms, causes, and supportive wellness care while exploring personalized guidance from a homeopathy clinic in Hyderabad.

What Is Hemophilia?

Hemophilia is a genetic bleeding disorder that affects the body's natural clotting process. Certain clotting factors are absent or insufficient, which can make it difficult for bleeding to stop normally. Depending on its severity, hemophilia may cause prolonged bleeding following injuries or procedures and may sometimes lead to bleeding within joints or muscles.

If you are looking for a homeopathy clinic in Hyderabad, it is important to understand that hemophilia needs professional diagnosis and ongoing care from a qualified hematologist. Homeopathy should only be considered complementary support and must not replace essential medical treatment or emergency care.

Common Symptoms

Hemophilia can present differently depending on the level of clotting-factor deficiency. Common signs may include:

  • Bleeding that lasts longer than expected
  • Easy or unexplained bruising
  • Frequent nosebleeds
  • Excessive bleeding after dental treatment or surgery
  • Pain and swelling in joints
  • Muscle bleeding and discomfort
  • Stiffness or difficulty moving affected joints

Any severe, sudden, or uncontrolled bleeding should receive immediate medical attention.

What Causes Hemophilia?

Most cases are caused by inherited changes in genes involved in blood clotting. Hemophilia A is associated with factor VIII deficiency, while hemophilia B is associated with factor IX deficiency. Since the condition can be inherited, a family history may be relevant when assessing an individual's risk.

Doctors can confirm hemophilia through suitable blood tests and clotting-factor evaluations.

Homeopathy for Supportive Wellness

A homeopathy clinic in Hyderabad may offer personalized consultations that consider an individual's overall health, lifestyle, daily habits, and wellbeing. Supportive wellness discussions may include healthy routines, nutrition, adequate sleep, stress management, and general lifestyle guidance.

It is important to emphasize that homeopathy does not replace clotting-factor therapy or treatment recommended by a hematologist. Individuals with hemophilia should follow their prescribed medical plan and seek urgent medical care whenever significant bleeding occurs.

Before adding complementary care, patients should discuss their plans with their treating healthcare professional.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy offers individualized consultations focused on holistic wellness. For people searching for a homeopathy clinic in Hyderabad, the goal is to provide responsible supportive guidance while recognizing the need for appropriate specialist care.

Living with hemophilia involves regular medical monitoring, injury prevention, healthy lifestyle practices, and awareness of symptoms that require urgent attention. Coordinated healthcare can help individuals manage their condition responsibly.

Schedule Your Consultation

For personalized supportive wellness guidance, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176 to schedule a consultation.

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11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त 2026 की भोर तक दिखाई देगा 6 ग्रहों का आकाशीय संरेखण/परेड

12 अगस्त 2026 क्यों है खास? 11 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक मिलेगा ख़ास खगोलीय नजारों का सिलसिला।

जानिए सही समय और तरीका।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बार यह अगस्त 2026 खगोल प्रेमियों को बहुत बड़ी एवं कुछ विशेष सौगात लेकर आई है।  खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैसे तो सम्पूर्ण अगस्त 2026 का महीना की विशेष होने वाला है लेकिन 12 अगस्त 2026 खगोल-विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन है। छह ग्रहों का दृश्य संरेखण 11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त की भोर में दिखाई देगा, जबकि 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक पर्सिड उल्का-वर्षा अपने अधिकतम सक्रिय चरण में होगी, और 12 अगस्त 2026 की इसी तारीख को वैश्विक स्तर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण भी होगा, हालांकि वह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।


*क्या है छह ग्रहों का पूर्व-सूर्योदय दृश्य संरेखण।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त 2026 की भोर में छह ग्रह, शनि, वरुण, अरुण, मंगल, बुध और बृहस्पति, क्रांतिवृत्त के आसपास आकाश में एक विस्तृत पट्टी में दिखाई देंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह कोई भौतिक सीधी रेखा नहीं, बल्कि पृथ्वी से दिखाई देने वाला आकाशीय परिप्रेक्ष्य है। इनमें बृहस्पति, शनि और मंगल नग्न आंखों से अपेक्षाकृत आसानी से दिख सकते हैं, जबकि बुध ग्रह को क्षितिज के निकट होने के कारण देखना थोड़ा सा कठिन होगा, लेकिन प्रयास करने पर दिखाई दे सकता है जबकि अरुण और वरुण को अति विशेष (binoculars) विनोकुलर  या अच्छी दूरबीन से ही देखना पड़ेगा, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय संरेखण का भारत में सर्वोत्तम अवलोकन स्थानीय सूर्योदय से लगभग 30 से 60 मिनट पहले, खुले और कम प्रकाश-प्रदूषित स्थान से अच्छा हो सकता है। *क्या होती है ग्रहों की परेड या संरेखण।*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ग्रहों की परेड या संरेखण (Planetary Alignment) वह खगोलीय स्थिति है जब सौरमंडल के कई ग्रह पृथ्वी से देखने पर आकाश के एक ही हिस्से में एक सीधी रेखा या चाप (Arc) में नजर आते हैं। अंतरिक्ष में ये ग्रह वास्तव में एक सीध में नहीं होते, बल्कि अपनी अलग कक्षाओं में घूमते हुए पृथ्वी के दृष्टिकोण से एक कतार में दिखते हैं। या कुछ यूं कहें कि प्लैनेट परेड खगोल विज्ञान का औपचारिक तकनीकी शब्द नहीं है बल्कि यह लोकप्रिय नाम उस स्थिति के लिए प्रयोग किया जाता है जब पृथ्वी से देखने पर कई ग्रह क्रांतिवृत्तीय पट्टी के आसपास एक साथ दिखाई देते हैं। ग्रह अंतरिक्ष में भौतिक रूप से एक सीधी रेखा नहीं बनाते, लेकिन कतार जैसा दृश्य पृथ्वी के दृष्टिकोण और सौरमंडल के लगभग समतलीय कक्षीय विन्यास के कारण दिखाई देता है।

*ग्रहों की परेड के कितने प्रकार होते हैं।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सामान्य बोलचाल की भाषा में ग्रहों की परेड या संरेखण चार प्रकार की होती हैं,जैसे कि-
1.मिनी संरेखण (Mini)- जब 3 ग्रह एक साथ दिखाई देते हैं तो इसे मिनी संरेखण कहा जाता है।
2.छोटा संरेखण (Small)- जब 4 ग्रह एक कतार में आते हैं तो इसको छोटा संरेखण कहा जाता है।
3.बड़ा संरेखण (Large)- जब 5 या 6 ग्रह एक साथ दिखते हैं तब इसे बड़ा संरेखण कहा जाता है।
और 12 अगस्त 2026 को यही बड़ा संरेखण घटित होने जा रहा है इसीलिए देखना न भूलें।
4.महान संरेखण (Great)- जब सौरमंडल के लगभग सभी मुख्य ग्रह (8 ग्रह) एक साथ एक ही दिशा में नजर आते हैं तब एक महान संरेखण घटित होता है जोकि एक बहुत ही बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक होती है एवं ऐसा संरेखण अत्यंत ही ज्यादा दुर्लभ संरेखण होता है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक आभासी दृश्य होता है जिसे प्लैनेटरी अलाइनमेंट भी कहा जाता है और यह अंतरिक्ष में कोई भौतिक रेखा नहीं बनाता, बल्कि यह पृथ्वी के दृष्टिकोण और परिप्रेक्ष्य का परिणाम होता है, इसके दौरान नग्न आंखों से दिखाई देने वाले ग्रहों की दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि हमारे सौर मण्डल के पांच ग्रहों को साधारण आँखों से देखा जा सकता है जैसे कि उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि बृहस्पति, शुक्र, बुध, मंगल और शनि ग्रह जैसे चमकीले ग्रह बिना किसी दूरबीन के केवल थोड़ा सा नियमित प्रयास करने भर से आसानी से देखे एवं पहचाने जा सकते हैं, जबकि यूरेनस और नेप्च्यून के लिए किसी विशेष अच्छी दूरबीन की जरूरत होती ही है। *कब और कितने बजे से दिखाई देना शुरू होगा इस परेड/संरेखण में कौन कौन सा ग्रह।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त की भोर में बुध ग्रह लगभग 04:28 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा और सूर्योदय तक दिखाई देगा, इस दौरान बुध ग्रह कर्क तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा एवं इसका मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 0.89 होगा जो थोड़ी मेहनत करने एवं खोजने पर इसको साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर में ही बृहस्पति ग्रह भी लगभग 4:50 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा एवं सूर्योदय तक दिखाई देगा इस दौरान बृहस्पति ग्रह भी कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही स्थिति होगा एवं इसका दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.63 होगा, जो इसे साधारण आंखों से आसानी से देखने योग्य बनायेगा। और अब बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि ग्रह 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 9:30 (PM) बजे पूर्वी क्षितिज पर मीन तारामंडल क्षेत्र के साथ ही ऊपर आना शुरू करेगा और  पूरी रात भर अपने दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 0.58 की चमक साथ लिए हुए 12 अगस्त 2026 की भोर/सूर्योदय तक दिखाई देगा, इसे भी साधारण आंखों से ही देखा जा सकता है, अब अगर हम बात करें हमारे सौर मण्डल के लाल ग्रह की तो हम पाते हैं कि मंगल ग्रह 11 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि के बाद लगभग 1:50 (AM) पर पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा इस दौरान मंगल ग्रह,वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 1.29 के क़रीब होगा जो इसे साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर सुबह तक दिखाई देगा,अगर अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सातवें ग्रह अरुण ग्रह की तो पाते हैं कि 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 12 बजकर 15 मिनट (AM) बजे यह पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और इस दौरान यह वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 5.74 के क़रीब होगा जो इसको किसी साधारण विनोकुलर एवं दूरबीन से भी देखना मुश्किल बनायेगा इसीलिए इसको देखने के लिए आपको किसी विशेष विनाकुलर एवं अच्छी दूरबीन/टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी ही क्योंकि यह साधारण आंखों से दिखाई नहीं देता है। और अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सबसे ज्यादा दूर के ग्रह वरुण ग्रह की तो पाते हैं कि वरुण ग्रह 11 अगस्त 2026 की रात्रि में लगभग 9:00 (PM) IST से पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और पूरी रात भर आकाश में रहते हुए 12 अगस्त 2026 की भोर तक बना रहेगा एवं इस दौरान यह मीन तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 7.83 होगा, इसीलिए वरुण ग्रह को इतने अधिक मैग्नीट्यूड के कारण,साधारण आंखों से देखना हमेशा ही नामुमकिन ही नहीं बल्कि असंभव ही है। इसीलिए इसको देखने के लिए साफ़ मौसम एवं पूर्णतः प्रकाश प्रदूषण से दूर होते हुए आपको किसी विशेष अच्छी दूरबीन की आवश्यकता होगी। तभी वरुण ग्रह को देखा जा सकता है अन्यथा नहीं। *आसानी से कैसे देखें यह ग्रहीय संरेखण।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर,उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष खगोलीय सलाह देते हुए बताया कि सबसे पहले पूर्वी क्षितिज को देखें, यहीं पर बृहस्पति और बुध सूर्योदय के समय से कुछ पहले दिखाई देंगे और मंगल ग्रह को देखने के लिए और ऊपर देखें एवं शनि ग्रह को खोजने के लिए आकाश में क्रांतिवृत्त का अनुसरण करें क्योंकि इस दौरान यह सभी ग्रह उत्तरी गोलार्ध में यह दक्षिण-पश्चिम की ओर जाते हुए दिखाई देंगे, खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए कहा है कि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए किसी सटीक स्काई चार्ट या उच्च आकाश मानचित्र के साथ ही किसी अच्छी एवं विशेष  टेलीस्कोप/ दूरबीन का उपयोग करें।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ये ग्रह आकाश के एक बड़े हिस्से में दिखाई देंगे, इसलिए ऐसी जगह चुनें जहाँ से खुला और विस्तृत दृश्य दिखाई दे। पूर्वी क्षितिज सबसे महत्वपूर्ण है और सूर्योदय से ठीक पहले बुध और बृहस्पति बहुत नीचे दिखाई देंगे, और उन्हें देखने का समय भी सीमित ही होगा इसलिए साथ ही यह भी विशेष ध्यान देने योग्य बात है कि दृश्य संयोजन के सामने,प्रकाश प्रदूषण, आंधी, पानी, बरसात, तूफ़ान, या अन्य आकस्मिक स्थितियों या इमारतें, पेड़, पहाड़ियाँ या धुंध आकाश के उस हिस्से को कहीं ढक न लें, अगर दृश्य संयोजन के दौरान ऐसा कुछ भी विघ्न उत्पन्न होता है तो इन ग्रहों को देखना मुश्किल हो सकता है,इसीलिए पूर्व दिशा की ओर स्पष्ट दृश्य वाले खुले मैदान, समुद्र तट, पहाड़ियों की चोटियाँ, छतें और बालकनियाँ जैसी जगहों पर पूर्ण सावधानीपूर्वक रहते हुए अवलोकन के लिए अच्छी जगहें हो सकती हैं, साथ ही सूर्योदय की दिशा के निकट पेड़ों, इमारतों, पहाड़ियों या धुंध एवं प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से पूर्णतः बचें।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दूरबीन/टेलीस्कोप या ज़ूम लेंस को बिना अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणित सोलर फ़िल्टर्स के कभी भी सूर्य के सीधे सामने न रखें, यह भी जानना आवश्यक है कि यदि 12 अगस्त 2026 की भोर में आसमान में बादल छाए हों, तो उससे पहले या बाद की भोर सुबह में भी इन ग्रहों को देखने की कोशिश कर सकते हैं क्योंकि यह ग्रहीय अलाइनमेंट थोड़ा दूर एवं इधर उधर होते हुए भी आप देख सकते हैं।

*12 अगस्त 2026 को और क्या ख़ास है*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसी तारीख के आसपास दो अन्य प्रमुख खगोलीय घटनाएँ भी घटित होंगी। जो इस प्रकार हैं।

1.बर्ष भर की सबसे ज्यादा मशहूर एवं बहुप्रतीक्षित  उल्का वर्षाओंं में से प्रमुख जिसे पर्सिड उल्का वृष्टि भी कहा जाता है,उसी पर्सिड उल्का वर्षा का चरम समय भी 12-13 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात में देखना सबसे अच्छा होगा।

2.12 अगस्त, 2026 को दिन में पूर्ण सूर्य ग्रहण भी घटित होने वाला है लेकिन अफ़सोस कि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, यह सूर्य ग्रहण केवल दुनियां के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों से ही पूर्ण सूर्य ग्रहण एवं आंशिक सूर्य ग्रहण आदि के रूप में दिखाई देगा।
राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के अर्न्तगत स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ कार्यक्रम का हुआ  शुभारंभ
      
सुल्तानपुर, 10 अगस्त/पेट के कीड़ों से बच्चों को मुक्त कर उन्हें सेहतमंद और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज GD Goenka School Sultanpur Campus में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल Albendazole की दवा खिलाकर कृमि मुक्त करना है।
      
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ थीम के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में  मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय एवं उप जिला विद्यालय निरीक्षक उपस्थित रहे।
       मुख्य अतिथियों ने बच्चों को कृमि संक्रमण के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों से छुटकारा, सेहतमंद, सशक्त एवं भविष्य हमारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल, अभिभावक और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर काम करना होगा।
      कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं को मंच पर एल्बेंडाजोल की गोली वितरित की गई। साथ ही हाथ धोने, साफ पानी पीने और स्वच्छता अपनाने पर जोर दिया गया। बड़ी संख्या में बच्चे, शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी (ACMO, Dy- CMO, DIO, DPM, DCPM, DMHC, DEIC, FPLMIS, MOIC, BPM, BCPM ) उपस्थित रहे।
      जनपद में कुल 3521 विद्यालयों एवं 2511 आंगनबाड़ी केन्द्रो के माध्यम से 1120828 बच्चों को एल्बेंडाजोल/ डिवर्मिंग की टेबलेट खिलाई जाएगी।
झारखंड में छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच पीएम मोदी ने सीएम हेमंत सोरेन को दी बधाई, जानें क्या लिखा

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झारखंड में इन दिनों छात्रों का प्रदर्शन जारी है। विरोध प्रदर्शन के बीच आज राज्यभर से हजारों की संख्या में आए छात्र विधानसभा का घेराव कर रहे हैं। छात्र प्रदर्शन के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोरेन को जन्मदिन की बधाई दी है।

हेमंत सोरेन को दी बधाई

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा- झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।

रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू

इधर, JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है। पुराने विधानसभा मैदान से बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। मार्च के दौरान छात्र पहले बैरियर तक पहुंचे और प्रदर्शनकारियों ने पहला बैरियर तोड़ दिया। छात्रों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।

25 जुलाई है जारी है धरना-प्रदर्शन

बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ 25 जुलाई को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। यहां प्रदर्शन कर रहे छात्र अब सरकार के साथ आर-पार के मूड में हैं। सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच एक बार बातचीत का दौर चल चुका है, हालांकि दोनों के बीच हुई चर्चा बेनतीजा निकली है। दरअसल, छात्र अनियमितताओं के खिलाफ CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर छात्र अड़ गए हैं।

गौतम आदिवासी शासकीय छात्रावास में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
मुंबई | विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर गौतम आदिवासी शासकीय छात्रावास, गोरेगांव (मुंबई) में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों तथा युवा नेतृत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ॲड. प्रेम कुमार राष्ट्रीय प्रवक्ता, प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत (भाजपा), ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आदिवासी संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक मूल्यों तथा जीवन में ईमानदारी के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन, आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि ॲड. सिद्धांत सरवदे (प्रैक्टिसिंग एडवोकेट, बॉम्बे हाई कोर्ट ) ने आदिवासी इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलनों में आदिवासी समाज के योगदान, शिक्षा के महत्व तथा आदिवासी समाज के उत्थान में विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भाषा, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज के नेतृत्व के लिए आगे आने का आह्वान किया।इस अवसर पर छात्रावास के छात्र पवन गायकवाड़, जिन्होंने हाल ही में सहायक अभियंता (Assistant Engineer), पाटबंधारे विभाग की परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनका मुख्य अतिथियों ॲड. प्रेमकुमार एवं ॲड. सिद्धांत सरवदे द्वारा शॉल, पुष्पगुच्छ एवं सम्मानचिह्न देकर विशेष सम्मान किया गया। अतिथियों ने उनकी उपलब्धि को आदिवासी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम में गोरेगांव बालक छात्रावास के वार्डन टाक सर तथा मीरा-भायंदर छात्रावास के वार्डन खांडेकर सर की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों वार्डनों ने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा आदिवासी समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं समन्वय श्री सतीश मडावी सर तथा ॲड. अक्षय पटले द्वारा किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य आदिवासी विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।कार्यक्रम के समापन पर छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक तारपा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, इतिहास और अधिकारों के प्रति जागरूकता, आत्मगौरव तथा सामाजिक नेतृत्व की भावना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
Homeo Doctor in Hyderabad for Anorexia: Understanding Signs, Causes and Care

Discover anorexia symptoms, causes, and supportive care options. Consult a homeo doctor in Hyderabad for personalized guidance and holistic support.

Introduction

Anorexia nervosa is a complex eating disorder that can affect a person's physical health, nutrition, emotional well-being, and quality of life. It is generally associated with restricting food intake, fear of gaining weight, and a persistent concern about body weight or shape. When restrictive eating continues over time, it may contribute to weakness, nutritional deficiencies, digestive concerns, hormonal changes, and other health problems.

Those searching for a homeo doctor in Hyderabad can benefit from understanding the condition, recognizing its warning signs, and seeking appropriate professional support.

Understanding Anorexia Nervosa

Anorexia nervosa is more than having a reduced appetite. It is a serious eating disorder involving restrictive eating patterns and concerns about weight or body image. A person may intentionally limit food, skip meals, avoid certain foods, or exercise excessively.

Because the condition can affect both physical and emotional health, a comprehensive approach to care is important.

Symptoms and Warning Signs

The symptoms of anorexia may differ from person to person. Common warning signs include:

  • Noticeable or continued weight loss
  • Frequent meal skipping
  • Eating very small quantities
  • Avoiding foods due to fear of weight gain
  • Persistent concern about body shape or size
  • Frequent checking of weight or appearance
  • Excessive physical activity
  • Fatigue and reduced energy
  • Dizziness or weakness
  • Feeling unusually cold
  • Constipation or digestive discomfort
  • Difficulty concentrating
  • Irritability or mood changes
  • Avoiding social situations involving food
  • Menstrual or hormonal changes

Not all symptoms need to occur together, and behavioral changes may sometimes be noticed before physical symptoms.

Causes and Risk Factors

Anorexia does not have one definite cause. It may develop through a combination of psychological, biological, social, and environmental influences. Low self-esteem, body-image dissatisfaction, perfectionism, anxiety, emotional stress, restrictive dieting, and social pressure related to appearance may contribute.

Genetic and biological factors can also influence susceptibility. Understanding the individual's personal and emotional circumstances is an important part of professional evaluation.

Homeopathy Support for Anorexia

A homeo doctor in Hyderabad may conduct an individualized consultation by considering appetite, digestion, sleep, emotional health, stress, lifestyle, and other symptoms.

Homeopathic care focuses on the individual rather than treating symptoms in isolation and may provide supportive guidance based on personal health needs. A homeo doctor in Hyderabad can also help recognize when further medical, nutritional, or psychological evaluation may be necessary.

Anorexia can become medically serious, particularly when there is substantial weight loss or prolonged nutritional deficiency. Homeopathy should not replace essential medical, nutritional, or psychological treatment. Severe weakness, fainting, dehydration, chest discomfort, or an irregular heartbeat require prompt medical attention.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy emphasizes personalized consultation by considering physical symptoms, emotional well-being, lifestyle, and individual health concerns. For those seeking a homeo doctor in Hyderabad, professional guidance can help them understand their concerns and appropriate care options.

Alongside professional care, healthy routines, suitable nutritional guidance, emotional support, and avoiding extreme dieting or excessive exercise can contribute to overall well-being.

Conclusion

Anorexia deserves early attention, compassion, and appropriate professional care. Recognizing restrictive eating habits, excessive weight concerns, and changes in physical or emotional health can encourage timely support.

If you are searching for a homeo doctor in Hyderabad for supportive guidance related to anorexia, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176.

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मोरहाबादी में सजेगा सिनेमा का दरबार!

रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 और 10 अगस्त को आयोजित 'आदिवासी महोत्सव' के दौरान 'अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप' में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान आदिवासी जीवन, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कई बेहतरीन शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन और फिल्म मेकिंग से जुड़ी मास्टर क्लास भी आयोजित होगी, जहाँ आपको सीधे फिल्म इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स से जुड़ने और उनसे सीखने का शानदार मौका मिलेगा।

फिल्म मेकिंग में अपना करियर बनाने वालों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी!

अगर आप फ्यूचर में फ़िल्म मेकिंग की दुनिया से जुड़ना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। हाल ही में 22 जुलाई 2026 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी की गरिमामयी उपस्थिति में JFDCL और SRFTI (Satyajit Ray Film and Television Institute) के बीच एक ऐतिहासिक MoU साइन किया गया है।

इसके तहत जल्द ही सूचना भवन, रांची में एक नया संस्थान— 'झारखंड फिल्म टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (Jharkhand Film Television Institute) खुलने जा रहा है। इस संस्थान में आने वाले समय में फिल्मों से जुड़ी शूटिंग, एडिटिंग और डायरेक्शन की प्रोफेशनल क्लासेज दी जाएंगी।

तो अगर आप सिनेमा, फिल्म मेकिंग और झारखंड की संस्कृति से जुड़ी कहानियों के शौकीन हैं, तो यह शानदार मौका हाथ से बिल्कुल न जाने दें!

स्थान: अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप, मोरहाबादी मैदान, रांची

दिनांक: 9 और 10 अगस्त

UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत, लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई चार्ज

-  P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, भविष्य में MDR लागू हुआ तो सीमित मर्चेंट पर ही होगा असर

नई दिल्ली। UPI से लेनदेन करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI के जरिए नागरिकों के लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांजैक्शन भी पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
सरकार के मुताबिक, भविष्य में यदि MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने की जरूरत पड़ती है तो इसे सीमित संख्या में मर्चेंट लेनदेन पर ही लागू किया जाएगा। तय सीमा से अधिक के ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाए जाने की व्यवस्था हो सकती है।

सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिकों के लिए UPI लेनदेन मुफ्त रहेगा, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़ने की उम्मीद है।
बिना आवाज़ किये ही बार बार चमकती हुई बिजली का वैज्ञानिक कारण

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यदि बादलों में लगभग 20 से 100 किमी या उससे भी अधिक दूरी पर बिज़ली गिर रही है, तो उसकी चमक और प्रकाश आपको दिखाई देता रहता है क्योंकि प्रकाश बहुत तेज़ गति (लगभग 3 लाख किमी/सेकंड) से चलता है,लेकिन गरज की आवाज़ ध्वनि है, जो केवल लगभग 343 मीटर/सेकंड (20°C पर) की गति से चलती है, इतनी दूरी तय करते-करते ध्वनि की ऊर्जा कम हो जाती है, इसलिए आवाज़ बहुत हल्की सुनाई देती है या बिल्कुल नहीं भी सुनाई दे सकती है साथ ही बादलों के अंदर होने वाली बिजली जिसको विज्ञान की भाषा में Intra-cloud Lightning कहा जाता है।
कई बार बिजली बादलों के अंदर ही चमकती है और जमीन तक नहीं पहुँचती। ऐसी बिजली बार-बार चमकती है लेकिन उसकी गरज अपेक्षाकृत कम सुनाई देती है, ख़ासकर के यदि बादल दूर हों एवं इसमें वातावरण का प्रभाव भी प्रभावी होता हैं जैसे कि यदि
तापमान, आर्द्रता (Humidity), हवा की दिशा और वायुमंडल की विभिन्न परतें ध्वनि को मोड़ (Refraction) सकती हैं या कमजोर कर सकती हैं। इसलिए कभी-कभी चमक तो स्पष्ट दिखती है लेकिन गरज बहुत कम सुनाई देती है और दूर की बिजली की चमक बार बार दिखाई देती है और
लोग अक्सर इसे Heat Lightning कहते हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से यह कोई अलग प्रकार की बिजली नहीं है। अधिकांश मामलों में यह केवल दूर स्थित आंधी-तूफान की बिजली होती है, जिसकी चमक तो दिखती है लेकिन गरज आपके पास तक नहीं पहुँच पाती है साथ ही इसका मतलब  यह भी है कि आपके यहां बारिश हो यह भी ज़रूरी नहीं होता है लेकिन यदि बिजली लगातार एक ही दिशा में है और तूफान उसी क्षेत्र में बना हुआ है, तो संभव है कि बारिश वहीं हो रही हो और आपके स्थान तक न पहुँचे, लेकिन यदि तूफान आपकी ओर बढ़ रहा है, तब कुछ समय बाद बारिश और तेज़ गरज भी हो सकती है या कुछ यूं कहें कि यदि आपको लगातार एक ही दिशा में बिजली दिखाई दे रही है और गरज बहुत कम सुनाई दे रही है, तो इसका सबसे संभावित वैज्ञानिक कारण यह है कि तूफान आपसे काफी दूर है और बिजली बादलों के भीतर या दूर के क्षेत्र में चमक रही है। प्रकाश आपके पास तुरंत पहुँच जाता है, जबकि ध्वनि दूरी के कारण कमजोर पड़ जाती है या सुनाई नहीं देती। *बिजली का चमकना कैसे होता है।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बादलों में जमा विद्युत आवेश अचानक प्रवाहित होने पर तेज प्रकाश निकलता है,इसी को सामान्य बोलचाल की भाषा बिजली चमकना भी कहते हैं।

*बिजली गिरना कैसे होता है?*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जब धनात्मक और ऋणात्मक क्षेत्रों के बीच वोल्टेज इतना अधिक हो जाता है कि हवा का इन्सुलेशन टूट जाता है (Air Breakdown), तब हवा आयनित (Ionized) होकर चालक बन जाती है। इसके बाद अचानक बहुत बड़ा विद्युत प्रवाह (Current) बहता है। यही Lightning Discharge (बिजली) है। *गरज (Thunder) क्यों होती है?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बिजली के प्लाज़्मा का तापमान लगभग 30,000 K (सूर्य की सतह से भी अधिक) तक पहुँच सकता है।
इतने अधिक तापमान से आसपास की हवा कुछ माइक्रोसेकंड में अत्यधिक फैलती है। यही तीव्र प्रसार आघात तरंग (Shock Wave) बनाता है, जिसे हम गरज (Thunder) के रूप में सुनते हैं।
EzeeHoney Taps India's Growing On-the-Go Wellness Trend with Convenient Premium Honey Solutions

The trend of healthy lifestyles among consumers and the time constraints has led to an increasing need for convenient, healthful and clean labeled products. In response to this change, EzeeHoney has created a new convenient and portable way to enjoy one of nature's oldest superfoods by introducing its high quality single serve honey twigs with purity, portability and convenience.

Today's consumers are looking for foods that seamlessly fit into their daily routines without compromising on quality or nutrition. From commuting to work, travelling, working out, or working in the office, they want products that are convenient to take, sanitary, and ready to eat. EzeeHoney meets this growing demand by revolutionising the traditional honey jar into a convenient and mess free single serve portion, which can be consumed anywhere, anytime.

EzeeHoney's individually sealed honey twigs are a convenient solution for the busy, modern lifestyle and unlike traditional honey packaging, they do not require spoons or special storage. The portion controlled format allows you to reduce the risk of sticky messes, product wastage and a guarantee of freshness with each portion. Consumers can just pop open a twig and eat the pure honey or pour a bit into their tea, coffee or smoothies, or add the honey to their breakfast bowls, yogurt, cereals or all their regular dishes.

The company's spokesperson said that the idea behind EzeeHoney was to make natural honey easily available and convenient for the people of today. Our honey twigs offer high quality and unbeatable convenience, while retaining the natural goodness of the honey.

The brand caters to the consumers who are looking for authentic taste and innovative wellness products with a well-curated portfolio of products such as Himalayan Multi-Flora Honey, Lemon-Infused Honey, Lychee Blossom Honey, Vanilla-Infused Honey and functional Lakadong Turmeric Honey. Each variety is carefully developed to maintain the natural characteristics of the honey and provide unique taste and functionality.

Consumer trends show that there is an increasing demand for clean-label foods – those that contain easy-to-understand ingredients. The more people get to know about mindful eating, the more we see products that provide natural nutrition in convenient formats become a daily part of people's wellness regimes. With its versatility and natural sweetness, honey is making a comeback in the world of health-conscious consumers seeking alternatives to refined sugar.

EzeeHoney's innovative solution also resonates with the increased demand for packaging where control of servings is important for responsible consumption and to avoid further waste. Its compact design makes it ideal for professionals, students, fitness enthusiasts, travellers and families who want to get good nutrition without sacrificing convenience.

EzeeHoney not only brings a new packaging format, but also a new range of experience to the consumer culture of honey, by making it a practical everyday companion as opposed to an occasional beaker of pantry honey. Incorporating high-quality ingredients, user-friendly functionality, and contemporary amenities, the brand is developing a new category experience in keeping with today's consumers' expectations.

In a country where the wellness lifestyle and functional foods are gaining momentum, EzeeHoney is at the nexus of health, innovation and convenience, making pure honey consumption more convenient for customers than ever before.

Hemophilia Awareness and Support from a Homeopathy Clinic in Hyderabad

Understand hemophilia, its symptoms, causes, and supportive wellness care while exploring personalized guidance from a homeopathy clinic in Hyderabad.

What Is Hemophilia?

Hemophilia is a genetic bleeding disorder that affects the body's natural clotting process. Certain clotting factors are absent or insufficient, which can make it difficult for bleeding to stop normally. Depending on its severity, hemophilia may cause prolonged bleeding following injuries or procedures and may sometimes lead to bleeding within joints or muscles.

If you are looking for a homeopathy clinic in Hyderabad, it is important to understand that hemophilia needs professional diagnosis and ongoing care from a qualified hematologist. Homeopathy should only be considered complementary support and must not replace essential medical treatment or emergency care.

Common Symptoms

Hemophilia can present differently depending on the level of clotting-factor deficiency. Common signs may include:

  • Bleeding that lasts longer than expected
  • Easy or unexplained bruising
  • Frequent nosebleeds
  • Excessive bleeding after dental treatment or surgery
  • Pain and swelling in joints
  • Muscle bleeding and discomfort
  • Stiffness or difficulty moving affected joints

Any severe, sudden, or uncontrolled bleeding should receive immediate medical attention.

What Causes Hemophilia?

Most cases are caused by inherited changes in genes involved in blood clotting. Hemophilia A is associated with factor VIII deficiency, while hemophilia B is associated with factor IX deficiency. Since the condition can be inherited, a family history may be relevant when assessing an individual's risk.

Doctors can confirm hemophilia through suitable blood tests and clotting-factor evaluations.

Homeopathy for Supportive Wellness

A homeopathy clinic in Hyderabad may offer personalized consultations that consider an individual's overall health, lifestyle, daily habits, and wellbeing. Supportive wellness discussions may include healthy routines, nutrition, adequate sleep, stress management, and general lifestyle guidance.

It is important to emphasize that homeopathy does not replace clotting-factor therapy or treatment recommended by a hematologist. Individuals with hemophilia should follow their prescribed medical plan and seek urgent medical care whenever significant bleeding occurs.

Before adding complementary care, patients should discuss their plans with their treating healthcare professional.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy offers individualized consultations focused on holistic wellness. For people searching for a homeopathy clinic in Hyderabad, the goal is to provide responsible supportive guidance while recognizing the need for appropriate specialist care.

Living with hemophilia involves regular medical monitoring, injury prevention, healthy lifestyle practices, and awareness of symptoms that require urgent attention. Coordinated healthcare can help individuals manage their condition responsibly.

Schedule Your Consultation

For personalized supportive wellness guidance, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176 to schedule a consultation.

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11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त 2026 की भोर तक दिखाई देगा 6 ग्रहों का आकाशीय संरेखण/परेड

12 अगस्त 2026 क्यों है खास? 11 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक मिलेगा ख़ास खगोलीय नजारों का सिलसिला।

जानिए सही समय और तरीका।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बार यह अगस्त 2026 खगोल प्रेमियों को बहुत बड़ी एवं कुछ विशेष सौगात लेकर आई है।  खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैसे तो सम्पूर्ण अगस्त 2026 का महीना की विशेष होने वाला है लेकिन 12 अगस्त 2026 खगोल-विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन है। छह ग्रहों का दृश्य संरेखण 11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त की भोर में दिखाई देगा, जबकि 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक पर्सिड उल्का-वर्षा अपने अधिकतम सक्रिय चरण में होगी, और 12 अगस्त 2026 की इसी तारीख को वैश्विक स्तर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण भी होगा, हालांकि वह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।


*क्या है छह ग्रहों का पूर्व-सूर्योदय दृश्य संरेखण।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त 2026 की भोर में छह ग्रह, शनि, वरुण, अरुण, मंगल, बुध और बृहस्पति, क्रांतिवृत्त के आसपास आकाश में एक विस्तृत पट्टी में दिखाई देंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह कोई भौतिक सीधी रेखा नहीं, बल्कि पृथ्वी से दिखाई देने वाला आकाशीय परिप्रेक्ष्य है। इनमें बृहस्पति, शनि और मंगल नग्न आंखों से अपेक्षाकृत आसानी से दिख सकते हैं, जबकि बुध ग्रह को क्षितिज के निकट होने के कारण देखना थोड़ा सा कठिन होगा, लेकिन प्रयास करने पर दिखाई दे सकता है जबकि अरुण और वरुण को अति विशेष (binoculars) विनोकुलर  या अच्छी दूरबीन से ही देखना पड़ेगा, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय संरेखण का भारत में सर्वोत्तम अवलोकन स्थानीय सूर्योदय से लगभग 30 से 60 मिनट पहले, खुले और कम प्रकाश-प्रदूषित स्थान से अच्छा हो सकता है। *क्या होती है ग्रहों की परेड या संरेखण।*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ग्रहों की परेड या संरेखण (Planetary Alignment) वह खगोलीय स्थिति है जब सौरमंडल के कई ग्रह पृथ्वी से देखने पर आकाश के एक ही हिस्से में एक सीधी रेखा या चाप (Arc) में नजर आते हैं। अंतरिक्ष में ये ग्रह वास्तव में एक सीध में नहीं होते, बल्कि अपनी अलग कक्षाओं में घूमते हुए पृथ्वी के दृष्टिकोण से एक कतार में दिखते हैं। या कुछ यूं कहें कि प्लैनेट परेड खगोल विज्ञान का औपचारिक तकनीकी शब्द नहीं है बल्कि यह लोकप्रिय नाम उस स्थिति के लिए प्रयोग किया जाता है जब पृथ्वी से देखने पर कई ग्रह क्रांतिवृत्तीय पट्टी के आसपास एक साथ दिखाई देते हैं। ग्रह अंतरिक्ष में भौतिक रूप से एक सीधी रेखा नहीं बनाते, लेकिन कतार जैसा दृश्य पृथ्वी के दृष्टिकोण और सौरमंडल के लगभग समतलीय कक्षीय विन्यास के कारण दिखाई देता है।

*ग्रहों की परेड के कितने प्रकार होते हैं।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सामान्य बोलचाल की भाषा में ग्रहों की परेड या संरेखण चार प्रकार की होती हैं,जैसे कि-
1.मिनी संरेखण (Mini)- जब 3 ग्रह एक साथ दिखाई देते हैं तो इसे मिनी संरेखण कहा जाता है।
2.छोटा संरेखण (Small)- जब 4 ग्रह एक कतार में आते हैं तो इसको छोटा संरेखण कहा जाता है।
3.बड़ा संरेखण (Large)- जब 5 या 6 ग्रह एक साथ दिखते हैं तब इसे बड़ा संरेखण कहा जाता है।
और 12 अगस्त 2026 को यही बड़ा संरेखण घटित होने जा रहा है इसीलिए देखना न भूलें।
4.महान संरेखण (Great)- जब सौरमंडल के लगभग सभी मुख्य ग्रह (8 ग्रह) एक साथ एक ही दिशा में नजर आते हैं तब एक महान संरेखण घटित होता है जोकि एक बहुत ही बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक होती है एवं ऐसा संरेखण अत्यंत ही ज्यादा दुर्लभ संरेखण होता है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक आभासी दृश्य होता है जिसे प्लैनेटरी अलाइनमेंट भी कहा जाता है और यह अंतरिक्ष में कोई भौतिक रेखा नहीं बनाता, बल्कि यह पृथ्वी के दृष्टिकोण और परिप्रेक्ष्य का परिणाम होता है, इसके दौरान नग्न आंखों से दिखाई देने वाले ग्रहों की दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि हमारे सौर मण्डल के पांच ग्रहों को साधारण आँखों से देखा जा सकता है जैसे कि उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि बृहस्पति, शुक्र, बुध, मंगल और शनि ग्रह जैसे चमकीले ग्रह बिना किसी दूरबीन के केवल थोड़ा सा नियमित प्रयास करने भर से आसानी से देखे एवं पहचाने जा सकते हैं, जबकि यूरेनस और नेप्च्यून के लिए किसी विशेष अच्छी दूरबीन की जरूरत होती ही है। *कब और कितने बजे से दिखाई देना शुरू होगा इस परेड/संरेखण में कौन कौन सा ग्रह।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त की भोर में बुध ग्रह लगभग 04:28 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा और सूर्योदय तक दिखाई देगा, इस दौरान बुध ग्रह कर्क तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा एवं इसका मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 0.89 होगा जो थोड़ी मेहनत करने एवं खोजने पर इसको साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर में ही बृहस्पति ग्रह भी लगभग 4:50 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा एवं सूर्योदय तक दिखाई देगा इस दौरान बृहस्पति ग्रह भी कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही स्थिति होगा एवं इसका दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.63 होगा, जो इसे साधारण आंखों से आसानी से देखने योग्य बनायेगा। और अब बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि ग्रह 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 9:30 (PM) बजे पूर्वी क्षितिज पर मीन तारामंडल क्षेत्र के साथ ही ऊपर आना शुरू करेगा और  पूरी रात भर अपने दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 0.58 की चमक साथ लिए हुए 12 अगस्त 2026 की भोर/सूर्योदय तक दिखाई देगा, इसे भी साधारण आंखों से ही देखा जा सकता है, अब अगर हम बात करें हमारे सौर मण्डल के लाल ग्रह की तो हम पाते हैं कि मंगल ग्रह 11 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि के बाद लगभग 1:50 (AM) पर पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा इस दौरान मंगल ग्रह,वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 1.29 के क़रीब होगा जो इसे साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर सुबह तक दिखाई देगा,अगर अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सातवें ग्रह अरुण ग्रह की तो पाते हैं कि 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 12 बजकर 15 मिनट (AM) बजे यह पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और इस दौरान यह वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 5.74 के क़रीब होगा जो इसको किसी साधारण विनोकुलर एवं दूरबीन से भी देखना मुश्किल बनायेगा इसीलिए इसको देखने के लिए आपको किसी विशेष विनाकुलर एवं अच्छी दूरबीन/टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी ही क्योंकि यह साधारण आंखों से दिखाई नहीं देता है। और अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सबसे ज्यादा दूर के ग्रह वरुण ग्रह की तो पाते हैं कि वरुण ग्रह 11 अगस्त 2026 की रात्रि में लगभग 9:00 (PM) IST से पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और पूरी रात भर आकाश में रहते हुए 12 अगस्त 2026 की भोर तक बना रहेगा एवं इस दौरान यह मीन तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 7.83 होगा, इसीलिए वरुण ग्रह को इतने अधिक मैग्नीट्यूड के कारण,साधारण आंखों से देखना हमेशा ही नामुमकिन ही नहीं बल्कि असंभव ही है। इसीलिए इसको देखने के लिए साफ़ मौसम एवं पूर्णतः प्रकाश प्रदूषण से दूर होते हुए आपको किसी विशेष अच्छी दूरबीन की आवश्यकता होगी। तभी वरुण ग्रह को देखा जा सकता है अन्यथा नहीं। *आसानी से कैसे देखें यह ग्रहीय संरेखण।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर,उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष खगोलीय सलाह देते हुए बताया कि सबसे पहले पूर्वी क्षितिज को देखें, यहीं पर बृहस्पति और बुध सूर्योदय के समय से कुछ पहले दिखाई देंगे और मंगल ग्रह को देखने के लिए और ऊपर देखें एवं शनि ग्रह को खोजने के लिए आकाश में क्रांतिवृत्त का अनुसरण करें क्योंकि इस दौरान यह सभी ग्रह उत्तरी गोलार्ध में यह दक्षिण-पश्चिम की ओर जाते हुए दिखाई देंगे, खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए कहा है कि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए किसी सटीक स्काई चार्ट या उच्च आकाश मानचित्र के साथ ही किसी अच्छी एवं विशेष  टेलीस्कोप/ दूरबीन का उपयोग करें।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ये ग्रह आकाश के एक बड़े हिस्से में दिखाई देंगे, इसलिए ऐसी जगह चुनें जहाँ से खुला और विस्तृत दृश्य दिखाई दे। पूर्वी क्षितिज सबसे महत्वपूर्ण है और सूर्योदय से ठीक पहले बुध और बृहस्पति बहुत नीचे दिखाई देंगे, और उन्हें देखने का समय भी सीमित ही होगा इसलिए साथ ही यह भी विशेष ध्यान देने योग्य बात है कि दृश्य संयोजन के सामने,प्रकाश प्रदूषण, आंधी, पानी, बरसात, तूफ़ान, या अन्य आकस्मिक स्थितियों या इमारतें, पेड़, पहाड़ियाँ या धुंध आकाश के उस हिस्से को कहीं ढक न लें, अगर दृश्य संयोजन के दौरान ऐसा कुछ भी विघ्न उत्पन्न होता है तो इन ग्रहों को देखना मुश्किल हो सकता है,इसीलिए पूर्व दिशा की ओर स्पष्ट दृश्य वाले खुले मैदान, समुद्र तट, पहाड़ियों की चोटियाँ, छतें और बालकनियाँ जैसी जगहों पर पूर्ण सावधानीपूर्वक रहते हुए अवलोकन के लिए अच्छी जगहें हो सकती हैं, साथ ही सूर्योदय की दिशा के निकट पेड़ों, इमारतों, पहाड़ियों या धुंध एवं प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से पूर्णतः बचें।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दूरबीन/टेलीस्कोप या ज़ूम लेंस को बिना अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणित सोलर फ़िल्टर्स के कभी भी सूर्य के सीधे सामने न रखें, यह भी जानना आवश्यक है कि यदि 12 अगस्त 2026 की भोर में आसमान में बादल छाए हों, तो उससे पहले या बाद की भोर सुबह में भी इन ग्रहों को देखने की कोशिश कर सकते हैं क्योंकि यह ग्रहीय अलाइनमेंट थोड़ा दूर एवं इधर उधर होते हुए भी आप देख सकते हैं।

*12 अगस्त 2026 को और क्या ख़ास है*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसी तारीख के आसपास दो अन्य प्रमुख खगोलीय घटनाएँ भी घटित होंगी। जो इस प्रकार हैं।

1.बर्ष भर की सबसे ज्यादा मशहूर एवं बहुप्रतीक्षित  उल्का वर्षाओंं में से प्रमुख जिसे पर्सिड उल्का वृष्टि भी कहा जाता है,उसी पर्सिड उल्का वर्षा का चरम समय भी 12-13 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात में देखना सबसे अच्छा होगा।

2.12 अगस्त, 2026 को दिन में पूर्ण सूर्य ग्रहण भी घटित होने वाला है लेकिन अफ़सोस कि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, यह सूर्य ग्रहण केवल दुनियां के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों से ही पूर्ण सूर्य ग्रहण एवं आंशिक सूर्य ग्रहण आदि के रूप में दिखाई देगा।
राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के अर्न्तगत स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ कार्यक्रम का हुआ  शुभारंभ
      
सुल्तानपुर, 10 अगस्त/पेट के कीड़ों से बच्चों को मुक्त कर उन्हें सेहतमंद और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज GD Goenka School Sultanpur Campus में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल Albendazole की दवा खिलाकर कृमि मुक्त करना है।
      
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ थीम के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में  मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय एवं उप जिला विद्यालय निरीक्षक उपस्थित रहे।
       मुख्य अतिथियों ने बच्चों को कृमि संक्रमण के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों से छुटकारा, सेहतमंद, सशक्त एवं भविष्य हमारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल, अभिभावक और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर काम करना होगा।
      कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं को मंच पर एल्बेंडाजोल की गोली वितरित की गई। साथ ही हाथ धोने, साफ पानी पीने और स्वच्छता अपनाने पर जोर दिया गया। बड़ी संख्या में बच्चे, शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी (ACMO, Dy- CMO, DIO, DPM, DCPM, DMHC, DEIC, FPLMIS, MOIC, BPM, BCPM ) उपस्थित रहे।
      जनपद में कुल 3521 विद्यालयों एवं 2511 आंगनबाड़ी केन्द्रो के माध्यम से 1120828 बच्चों को एल्बेंडाजोल/ डिवर्मिंग की टेबलेट खिलाई जाएगी।
झारखंड में छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच पीएम मोदी ने सीएम हेमंत सोरेन को दी बधाई, जानें क्या लिखा

#pm_modi_birthday_wishes_to_cm_hemant_soren_amidst_jpsc_protests

झारखंड में इन दिनों छात्रों का प्रदर्शन जारी है। विरोध प्रदर्शन के बीच आज राज्यभर से हजारों की संख्या में आए छात्र विधानसभा का घेराव कर रहे हैं। छात्र प्रदर्शन के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोरेन को जन्मदिन की बधाई दी है।

हेमंत सोरेन को दी बधाई

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा- झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।

रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू

इधर, JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है। पुराने विधानसभा मैदान से बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। मार्च के दौरान छात्र पहले बैरियर तक पहुंचे और प्रदर्शनकारियों ने पहला बैरियर तोड़ दिया। छात्रों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।

25 जुलाई है जारी है धरना-प्रदर्शन

बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ 25 जुलाई को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। यहां प्रदर्शन कर रहे छात्र अब सरकार के साथ आर-पार के मूड में हैं। सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच एक बार बातचीत का दौर चल चुका है, हालांकि दोनों के बीच हुई चर्चा बेनतीजा निकली है। दरअसल, छात्र अनियमितताओं के खिलाफ CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर छात्र अड़ गए हैं।

गौतम आदिवासी शासकीय छात्रावास में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
मुंबई | विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर गौतम आदिवासी शासकीय छात्रावास, गोरेगांव (मुंबई) में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों तथा युवा नेतृत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ॲड. प्रेम कुमार राष्ट्रीय प्रवक्ता, प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत (भाजपा), ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आदिवासी संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक मूल्यों तथा जीवन में ईमानदारी के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन, आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि ॲड. सिद्धांत सरवदे (प्रैक्टिसिंग एडवोकेट, बॉम्बे हाई कोर्ट ) ने आदिवासी इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलनों में आदिवासी समाज के योगदान, शिक्षा के महत्व तथा आदिवासी समाज के उत्थान में विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भाषा, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज के नेतृत्व के लिए आगे आने का आह्वान किया।इस अवसर पर छात्रावास के छात्र पवन गायकवाड़, जिन्होंने हाल ही में सहायक अभियंता (Assistant Engineer), पाटबंधारे विभाग की परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनका मुख्य अतिथियों ॲड. प्रेमकुमार एवं ॲड. सिद्धांत सरवदे द्वारा शॉल, पुष्पगुच्छ एवं सम्मानचिह्न देकर विशेष सम्मान किया गया। अतिथियों ने उनकी उपलब्धि को आदिवासी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम में गोरेगांव बालक छात्रावास के वार्डन टाक सर तथा मीरा-भायंदर छात्रावास के वार्डन खांडेकर सर की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों वार्डनों ने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा आदिवासी समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं समन्वय श्री सतीश मडावी सर तथा ॲड. अक्षय पटले द्वारा किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य आदिवासी विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।कार्यक्रम के समापन पर छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक तारपा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, इतिहास और अधिकारों के प्रति जागरूकता, आत्मगौरव तथा सामाजिक नेतृत्व की भावना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
Homeo Doctor in Hyderabad for Anorexia: Understanding Signs, Causes and Care

Discover anorexia symptoms, causes, and supportive care options. Consult a homeo doctor in Hyderabad for personalized guidance and holistic support.

Introduction

Anorexia nervosa is a complex eating disorder that can affect a person's physical health, nutrition, emotional well-being, and quality of life. It is generally associated with restricting food intake, fear of gaining weight, and a persistent concern about body weight or shape. When restrictive eating continues over time, it may contribute to weakness, nutritional deficiencies, digestive concerns, hormonal changes, and other health problems.

Those searching for a homeo doctor in Hyderabad can benefit from understanding the condition, recognizing its warning signs, and seeking appropriate professional support.

Understanding Anorexia Nervosa

Anorexia nervosa is more than having a reduced appetite. It is a serious eating disorder involving restrictive eating patterns and concerns about weight or body image. A person may intentionally limit food, skip meals, avoid certain foods, or exercise excessively.

Because the condition can affect both physical and emotional health, a comprehensive approach to care is important.

Symptoms and Warning Signs

The symptoms of anorexia may differ from person to person. Common warning signs include:

  • Noticeable or continued weight loss
  • Frequent meal skipping
  • Eating very small quantities
  • Avoiding foods due to fear of weight gain
  • Persistent concern about body shape or size
  • Frequent checking of weight or appearance
  • Excessive physical activity
  • Fatigue and reduced energy
  • Dizziness or weakness
  • Feeling unusually cold
  • Constipation or digestive discomfort
  • Difficulty concentrating
  • Irritability or mood changes
  • Avoiding social situations involving food
  • Menstrual or hormonal changes

Not all symptoms need to occur together, and behavioral changes may sometimes be noticed before physical symptoms.

Causes and Risk Factors

Anorexia does not have one definite cause. It may develop through a combination of psychological, biological, social, and environmental influences. Low self-esteem, body-image dissatisfaction, perfectionism, anxiety, emotional stress, restrictive dieting, and social pressure related to appearance may contribute.

Genetic and biological factors can also influence susceptibility. Understanding the individual's personal and emotional circumstances is an important part of professional evaluation.

Homeopathy Support for Anorexia

A homeo doctor in Hyderabad may conduct an individualized consultation by considering appetite, digestion, sleep, emotional health, stress, lifestyle, and other symptoms.

Homeopathic care focuses on the individual rather than treating symptoms in isolation and may provide supportive guidance based on personal health needs. A homeo doctor in Hyderabad can also help recognize when further medical, nutritional, or psychological evaluation may be necessary.

Anorexia can become medically serious, particularly when there is substantial weight loss or prolonged nutritional deficiency. Homeopathy should not replace essential medical, nutritional, or psychological treatment. Severe weakness, fainting, dehydration, chest discomfort, or an irregular heartbeat require prompt medical attention.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy emphasizes personalized consultation by considering physical symptoms, emotional well-being, lifestyle, and individual health concerns. For those seeking a homeo doctor in Hyderabad, professional guidance can help them understand their concerns and appropriate care options.

Alongside professional care, healthy routines, suitable nutritional guidance, emotional support, and avoiding extreme dieting or excessive exercise can contribute to overall well-being.

Conclusion

Anorexia deserves early attention, compassion, and appropriate professional care. Recognizing restrictive eating habits, excessive weight concerns, and changes in physical or emotional health can encourage timely support.

If you are searching for a homeo doctor in Hyderabad for supportive guidance related to anorexia, contact Spiritual Homeopathy at 9069176176.

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मोरहाबादी में सजेगा सिनेमा का दरबार!

रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 और 10 अगस्त को आयोजित 'आदिवासी महोत्सव' के दौरान 'अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप' में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान आदिवासी जीवन, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कई बेहतरीन शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन और फिल्म मेकिंग से जुड़ी मास्टर क्लास भी आयोजित होगी, जहाँ आपको सीधे फिल्म इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स से जुड़ने और उनसे सीखने का शानदार मौका मिलेगा।

फिल्म मेकिंग में अपना करियर बनाने वालों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी!

अगर आप फ्यूचर में फ़िल्म मेकिंग की दुनिया से जुड़ना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। हाल ही में 22 जुलाई 2026 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी की गरिमामयी उपस्थिति में JFDCL और SRFTI (Satyajit Ray Film and Television Institute) के बीच एक ऐतिहासिक MoU साइन किया गया है।

इसके तहत जल्द ही सूचना भवन, रांची में एक नया संस्थान— 'झारखंड फिल्म टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (Jharkhand Film Television Institute) खुलने जा रहा है। इस संस्थान में आने वाले समय में फिल्मों से जुड़ी शूटिंग, एडिटिंग और डायरेक्शन की प्रोफेशनल क्लासेज दी जाएंगी।

तो अगर आप सिनेमा, फिल्म मेकिंग और झारखंड की संस्कृति से जुड़ी कहानियों के शौकीन हैं, तो यह शानदार मौका हाथ से बिल्कुल न जाने दें!

स्थान: अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप, मोरहाबादी मैदान, रांची

दिनांक: 9 और 10 अगस्त

UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत, लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई चार्ज

-  P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, भविष्य में MDR लागू हुआ तो सीमित मर्चेंट पर ही होगा असर

नई दिल्ली। UPI से लेनदेन करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI के जरिए नागरिकों के लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांजैक्शन भी पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
सरकार के मुताबिक, भविष्य में यदि MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने की जरूरत पड़ती है तो इसे सीमित संख्या में मर्चेंट लेनदेन पर ही लागू किया जाएगा। तय सीमा से अधिक के ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाए जाने की व्यवस्था हो सकती है।

सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिकों के लिए UPI लेनदेन मुफ्त रहेगा, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़ने की उम्मीद है।
बिना आवाज़ किये ही बार बार चमकती हुई बिजली का वैज्ञानिक कारण

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यदि बादलों में लगभग 20 से 100 किमी या उससे भी अधिक दूरी पर बिज़ली गिर रही है, तो उसकी चमक और प्रकाश आपको दिखाई देता रहता है क्योंकि प्रकाश बहुत तेज़ गति (लगभग 3 लाख किमी/सेकंड) से चलता है,लेकिन गरज की आवाज़ ध्वनि है, जो केवल लगभग 343 मीटर/सेकंड (20°C पर) की गति से चलती है, इतनी दूरी तय करते-करते ध्वनि की ऊर्जा कम हो जाती है, इसलिए आवाज़ बहुत हल्की सुनाई देती है या बिल्कुल नहीं भी सुनाई दे सकती है साथ ही बादलों के अंदर होने वाली बिजली जिसको विज्ञान की भाषा में Intra-cloud Lightning कहा जाता है।
कई बार बिजली बादलों के अंदर ही चमकती है और जमीन तक नहीं पहुँचती। ऐसी बिजली बार-बार चमकती है लेकिन उसकी गरज अपेक्षाकृत कम सुनाई देती है, ख़ासकर के यदि बादल दूर हों एवं इसमें वातावरण का प्रभाव भी प्रभावी होता हैं जैसे कि यदि
तापमान, आर्द्रता (Humidity), हवा की दिशा और वायुमंडल की विभिन्न परतें ध्वनि को मोड़ (Refraction) सकती हैं या कमजोर कर सकती हैं। इसलिए कभी-कभी चमक तो स्पष्ट दिखती है लेकिन गरज बहुत कम सुनाई देती है और दूर की बिजली की चमक बार बार दिखाई देती है और
लोग अक्सर इसे Heat Lightning कहते हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से यह कोई अलग प्रकार की बिजली नहीं है। अधिकांश मामलों में यह केवल दूर स्थित आंधी-तूफान की बिजली होती है, जिसकी चमक तो दिखती है लेकिन गरज आपके पास तक नहीं पहुँच पाती है साथ ही इसका मतलब  यह भी है कि आपके यहां बारिश हो यह भी ज़रूरी नहीं होता है लेकिन यदि बिजली लगातार एक ही दिशा में है और तूफान उसी क्षेत्र में बना हुआ है, तो संभव है कि बारिश वहीं हो रही हो और आपके स्थान तक न पहुँचे, लेकिन यदि तूफान आपकी ओर बढ़ रहा है, तब कुछ समय बाद बारिश और तेज़ गरज भी हो सकती है या कुछ यूं कहें कि यदि आपको लगातार एक ही दिशा में बिजली दिखाई दे रही है और गरज बहुत कम सुनाई दे रही है, तो इसका सबसे संभावित वैज्ञानिक कारण यह है कि तूफान आपसे काफी दूर है और बिजली बादलों के भीतर या दूर के क्षेत्र में चमक रही है। प्रकाश आपके पास तुरंत पहुँच जाता है, जबकि ध्वनि दूरी के कारण कमजोर पड़ जाती है या सुनाई नहीं देती। *बिजली का चमकना कैसे होता है।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बादलों में जमा विद्युत आवेश अचानक प्रवाहित होने पर तेज प्रकाश निकलता है,इसी को सामान्य बोलचाल की भाषा बिजली चमकना भी कहते हैं।

*बिजली गिरना कैसे होता है?*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जब धनात्मक और ऋणात्मक क्षेत्रों के बीच वोल्टेज इतना अधिक हो जाता है कि हवा का इन्सुलेशन टूट जाता है (Air Breakdown), तब हवा आयनित (Ionized) होकर चालक बन जाती है। इसके बाद अचानक बहुत बड़ा विद्युत प्रवाह (Current) बहता है। यही Lightning Discharge (बिजली) है। *गरज (Thunder) क्यों होती है?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बिजली के प्लाज़्मा का तापमान लगभग 30,000 K (सूर्य की सतह से भी अधिक) तक पहुँच सकता है।
इतने अधिक तापमान से आसपास की हवा कुछ माइक्रोसेकंड में अत्यधिक फैलती है। यही तीव्र प्रसार आघात तरंग (Shock Wave) बनाता है, जिसे हम गरज (Thunder) के रूप में सुनते हैं।
EzeeHoney Taps India's Growing On-the-Go Wellness Trend with Convenient Premium Honey Solutions

The trend of healthy lifestyles among consumers and the time constraints has led to an increasing need for convenient, healthful and clean labeled products. In response to this change, EzeeHoney has created a new convenient and portable way to enjoy one of nature's oldest superfoods by introducing its high quality single serve honey twigs with purity, portability and convenience.

Today's consumers are looking for foods that seamlessly fit into their daily routines without compromising on quality or nutrition. From commuting to work, travelling, working out, or working in the office, they want products that are convenient to take, sanitary, and ready to eat. EzeeHoney meets this growing demand by revolutionising the traditional honey jar into a convenient and mess free single serve portion, which can be consumed anywhere, anytime.

EzeeHoney's individually sealed honey twigs are a convenient solution for the busy, modern lifestyle and unlike traditional honey packaging, they do not require spoons or special storage. The portion controlled format allows you to reduce the risk of sticky messes, product wastage and a guarantee of freshness with each portion. Consumers can just pop open a twig and eat the pure honey or pour a bit into their tea, coffee or smoothies, or add the honey to their breakfast bowls, yogurt, cereals or all their regular dishes.

The company's spokesperson said that the idea behind EzeeHoney was to make natural honey easily available and convenient for the people of today. Our honey twigs offer high quality and unbeatable convenience, while retaining the natural goodness of the honey.

The brand caters to the consumers who are looking for authentic taste and innovative wellness products with a well-curated portfolio of products such as Himalayan Multi-Flora Honey, Lemon-Infused Honey, Lychee Blossom Honey, Vanilla-Infused Honey and functional Lakadong Turmeric Honey. Each variety is carefully developed to maintain the natural characteristics of the honey and provide unique taste and functionality.

Consumer trends show that there is an increasing demand for clean-label foods – those that contain easy-to-understand ingredients. The more people get to know about mindful eating, the more we see products that provide natural nutrition in convenient formats become a daily part of people's wellness regimes. With its versatility and natural sweetness, honey is making a comeback in the world of health-conscious consumers seeking alternatives to refined sugar.

EzeeHoney's innovative solution also resonates with the increased demand for packaging where control of servings is important for responsible consumption and to avoid further waste. Its compact design makes it ideal for professionals, students, fitness enthusiasts, travellers and families who want to get good nutrition without sacrificing convenience.

EzeeHoney not only brings a new packaging format, but also a new range of experience to the consumer culture of honey, by making it a practical everyday companion as opposed to an occasional beaker of pantry honey. Incorporating high-quality ingredients, user-friendly functionality, and contemporary amenities, the brand is developing a new category experience in keeping with today's consumers' expectations.

In a country where the wellness lifestyle and functional foods are gaining momentum, EzeeHoney is at the nexus of health, innovation and convenience, making pure honey consumption more convenient for customers than ever before.