संयुक्त राष्ट्र की चौखट पर पहुंचा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते के निलंबन UNSC के सामने लगाई गुहार

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सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है। पाकिस्तान ने भारत पर संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पाकिस्तान चाहता है कि UNSC इस मामले में दखल दे और भारत को रोके।

इशार डार ने सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार डार ने सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है। इसमें भारत से आने वाली नदियों के बहाव को बदलने की भारत की कोशिशों पर ध्यान देने की अपील की गई है। डार ने चिनाब नदी पर बन रही भारत की दो परियोजनाओं को जिक्र किया है और इसे पाकिस्तान की जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

भारत पर जल प्रवाह बदलने की कोशिश का आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी दो परियोजनाओं के जरिए पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह और उपयोग के स्थापित ढांचे को बदलने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद का कहना है कि ऐसी गतिविधियां सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं और इनसे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

भारत को जवाबदेह ठहराने की अपील

पाकिस्तानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुरक्षा परिषद से इस मामले का संज्ञान लेने और भारत को कथित उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है। साथ ही उन्होंने दक्षिण एशिया की स्थिति और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।

बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ 65 साल से चली आ रही सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

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महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

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MEDIN EXPO Chennai 2026 में LABOLIT को मिला सम्मान, उमा साइंटिफ़िक ने बढ़ाया भारतीय लैब उपकरण उद्योग का गौरव
चेन्नई । देश की अग्रणी पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण निर्माता कंपनी LABOLIT, जो UMA SCIENTIFIC द्वारा संचालित है, को MEDIN EXPO Chennai 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचारपूर्ण प्रयोगशाला समाधानों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक एवं पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के लिए भी गर्व का विषय है।
प्रदर्शनी के दौरान LABOLIT के स्टॉल पर बड़ी संख्या में देश ही नहीं अपितु विदेश के   पैथालॉजी प्रयोगशाला विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक आगंतुकों ने पहुंचकर कंपनी के उत्पादों और तकनीकी नवाचारों की सराहना की। कंपनी ने अपने उन्नत Micropipettes, Multichannel Micropipettes, Bottle Top Dispensers सहित विभिन्न प्रयोगशाला उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। कंपनी प्रबंधन ने इस सम्मान को अपने ग्राहकों, व्यापारिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि LABOLIT का उद्देश्य भारतीय पैथालॉजी प्रयोगशालाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध कराना है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और परीक्षण कार्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
LABOLIT – Pulse of World Sciences के संकल्प के साथ कंपनी लगातार नवाचार, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है। MEDIN EXPO Chennai 2026 में प्राप्त यह सम्मान कंपनी की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक शुभम पांडेय ने इस अवसर पर कहा,
“यह सम्मान केवल LABOLIT का नहीं, बल्कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता के प्रति हमारे संकल्प का सम्मान है। हमारा लक्ष्य ‘Made in India’ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है। हम ऐसे वैज्ञानिक उपकरण विकसित कर रहे हैं जो गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। आने वाले वर्षों में LABOLIT को वैश्विक प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के अग्रणी ब्रांडों में शामिल करना हमारा संकल्प है।”
इस अवसर पर LABOLIT एवं UMA SCIENTIFIC की पूरी टीम को उद्योग जगत एवं शुभचिंतकों द्वारा बधाइयाँ दी गईं ।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन: अंगदान से कई लोगों को मिल सकती है जीवन की नई शुरूआत

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि Organ & Tissue Donation का विषय महत्वपूर्ण है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। इसके कानूनी पहलुओं को भी जानने होंगे। Organ & Tissue Donation के लिए राज्य सरकार भी पहल कर रही है।

अंगदान कई अन्य व्यक्तियों के जीवन की नई शुरूआत बन सकती है। लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ ला सकता है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आम लोगों को मिलकर कार्य करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री आज बारियातू रोड स्थित एक होटल में मोहन फाउंडेशन की ओर से आयोजित 'Best Practices in Organ & Tissue Donation कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन कर संस्थान ने एक अच्छी पहल की है। स्वस्थ समाज के निर्माण को लेकर राज्य सरकार भी गंभीरता से कार्य कर रही है। अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु उपरांत उनके परिवारवालों से बातचीत की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता, संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उतरदायित्व का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित चिकित्सा प्रणाली है। चिकित्सा जगत में बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। रोबोटिक ऑपरेशन हो रहे हैं। लिवर, किडनी का प्रत्यारोपण हो रहा है। झारखंड सरकार भी स्वस्थ झारखंड निर्माण के दिशा में सकारात्मक कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, मणिपाल ऑर्गन शेयरिंग के कंट्री हेड कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन के कंट्री हेड श्रीमती ललिता रघुराम, क्रिटिकल केयर मणिपाल के अध्यक्ष डॉ० विजय कुमार मिश्रा, कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक डॉ० बी० कश्यप सहित गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।

शूटर जसपाल राणा की मां का निधन, इकलौते बेटे की मौत के 4 दिन बाद तोड़ा दम

#jaspalranamotherpassesaway

मशहूर शूटर और कोच जसपाल राणा की मां का दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में मंगलवार को निधन हो गया। बेटे जसपाल राणा की मौत से उनकी मां को गहरा सदमा लगा था और वह अस्पताल में भर्ती थीं। उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। बता दें कि जसपाल राणा की मौत बीते शुक्रवार यानी 12 जून को हो गई थी। वह सिर्फ 49 साल के थे।

12 जून हुई थी जसपाल राणा की मौत

जसपाल राणा की मां स्वास्थ्य संबधी दिक्कत के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन पहले ही अपना बेटा खोने से वह सदमे में थी। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जसपाल म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौट रहे थे और इस दौरान उनकी अचानक से तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह मौजूदा समय में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम कर रहे थे। उनकी अगुवाई में भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में 2 गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही थी। जसपाल एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट थे और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर की सफलता में भी उनका अहम योगदान रहा।

हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला: नामकुम-डोरंडा पथ 4 लेन, पलामू अमानत बराज को ₹947 करोड़, JharNet 2.0 को विस्तार"

★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।

★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ में ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया

भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) ने PHIA फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में ‘MedTech Innovation Day’ का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और PHIA फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएँ; तकनीक से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, PHIA फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं,

जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।”

एआई और नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, स्टार्टअप्स को सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने कहा, “डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।” डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की चौखट पर पहुंचा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते के निलंबन UNSC के सामने लगाई गुहार

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सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है। पाकिस्तान ने भारत पर संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पाकिस्तान चाहता है कि UNSC इस मामले में दखल दे और भारत को रोके।

इशार डार ने सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार डार ने सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है। इसमें भारत से आने वाली नदियों के बहाव को बदलने की भारत की कोशिशों पर ध्यान देने की अपील की गई है। डार ने चिनाब नदी पर बन रही भारत की दो परियोजनाओं को जिक्र किया है और इसे पाकिस्तान की जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

भारत पर जल प्रवाह बदलने की कोशिश का आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी दो परियोजनाओं के जरिए पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह और उपयोग के स्थापित ढांचे को बदलने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद का कहना है कि ऐसी गतिविधियां सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं और इनसे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

भारत को जवाबदेह ठहराने की अपील

पाकिस्तानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुरक्षा परिषद से इस मामले का संज्ञान लेने और भारत को कथित उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है। साथ ही उन्होंने दक्षिण एशिया की स्थिति और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।

बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ 65 साल से चली आ रही सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

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महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

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MEDIN EXPO Chennai 2026 में LABOLIT को मिला सम्मान, उमा साइंटिफ़िक ने बढ़ाया भारतीय लैब उपकरण उद्योग का गौरव
चेन्नई । देश की अग्रणी पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण निर्माता कंपनी LABOLIT, जो UMA SCIENTIFIC द्वारा संचालित है, को MEDIN EXPO Chennai 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचारपूर्ण प्रयोगशाला समाधानों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक एवं पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के लिए भी गर्व का विषय है।
प्रदर्शनी के दौरान LABOLIT के स्टॉल पर बड़ी संख्या में देश ही नहीं अपितु विदेश के   पैथालॉजी प्रयोगशाला विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक आगंतुकों ने पहुंचकर कंपनी के उत्पादों और तकनीकी नवाचारों की सराहना की। कंपनी ने अपने उन्नत Micropipettes, Multichannel Micropipettes, Bottle Top Dispensers सहित विभिन्न प्रयोगशाला उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। कंपनी प्रबंधन ने इस सम्मान को अपने ग्राहकों, व्यापारिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि LABOLIT का उद्देश्य भारतीय पैथालॉजी प्रयोगशालाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध कराना है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और परीक्षण कार्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
LABOLIT – Pulse of World Sciences के संकल्प के साथ कंपनी लगातार नवाचार, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है। MEDIN EXPO Chennai 2026 में प्राप्त यह सम्मान कंपनी की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक शुभम पांडेय ने इस अवसर पर कहा,
“यह सम्मान केवल LABOLIT का नहीं, बल्कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता के प्रति हमारे संकल्प का सम्मान है। हमारा लक्ष्य ‘Made in India’ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है। हम ऐसे वैज्ञानिक उपकरण विकसित कर रहे हैं जो गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। आने वाले वर्षों में LABOLIT को वैश्विक प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के अग्रणी ब्रांडों में शामिल करना हमारा संकल्प है।”
इस अवसर पर LABOLIT एवं UMA SCIENTIFIC की पूरी टीम को उद्योग जगत एवं शुभचिंतकों द्वारा बधाइयाँ दी गईं ।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन: अंगदान से कई लोगों को मिल सकती है जीवन की नई शुरूआत

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि Organ & Tissue Donation का विषय महत्वपूर्ण है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। इसके कानूनी पहलुओं को भी जानने होंगे। Organ & Tissue Donation के लिए राज्य सरकार भी पहल कर रही है।

अंगदान कई अन्य व्यक्तियों के जीवन की नई शुरूआत बन सकती है। लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ ला सकता है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आम लोगों को मिलकर कार्य करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री आज बारियातू रोड स्थित एक होटल में मोहन फाउंडेशन की ओर से आयोजित 'Best Practices in Organ & Tissue Donation कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन कर संस्थान ने एक अच्छी पहल की है। स्वस्थ समाज के निर्माण को लेकर राज्य सरकार भी गंभीरता से कार्य कर रही है। अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु उपरांत उनके परिवारवालों से बातचीत की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता, संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उतरदायित्व का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित चिकित्सा प्रणाली है। चिकित्सा जगत में बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। रोबोटिक ऑपरेशन हो रहे हैं। लिवर, किडनी का प्रत्यारोपण हो रहा है। झारखंड सरकार भी स्वस्थ झारखंड निर्माण के दिशा में सकारात्मक कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, मणिपाल ऑर्गन शेयरिंग के कंट्री हेड कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन के कंट्री हेड श्रीमती ललिता रघुराम, क्रिटिकल केयर मणिपाल के अध्यक्ष डॉ० विजय कुमार मिश्रा, कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक डॉ० बी० कश्यप सहित गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।

शूटर जसपाल राणा की मां का निधन, इकलौते बेटे की मौत के 4 दिन बाद तोड़ा दम

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मशहूर शूटर और कोच जसपाल राणा की मां का दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में मंगलवार को निधन हो गया। बेटे जसपाल राणा की मौत से उनकी मां को गहरा सदमा लगा था और वह अस्पताल में भर्ती थीं। उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। बता दें कि जसपाल राणा की मौत बीते शुक्रवार यानी 12 जून को हो गई थी। वह सिर्फ 49 साल के थे।

12 जून हुई थी जसपाल राणा की मौत

जसपाल राणा की मां स्वास्थ्य संबधी दिक्कत के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन पहले ही अपना बेटा खोने से वह सदमे में थी। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जसपाल म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौट रहे थे और इस दौरान उनकी अचानक से तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह मौजूदा समय में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम कर रहे थे। उनकी अगुवाई में भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में 2 गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही थी। जसपाल एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट थे और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर की सफलता में भी उनका अहम योगदान रहा।

हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला: नामकुम-डोरंडा पथ 4 लेन, पलामू अमानत बराज को ₹947 करोड़, JharNet 2.0 को विस्तार"

★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।

★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ में ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया

भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) ने PHIA फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में ‘MedTech Innovation Day’ का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और PHIA फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएँ; तकनीक से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, PHIA फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं,

जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।”

एआई और नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, स्टार्टअप्स को सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने कहा, “डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।” डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।