मोगैंबो खुश हुआ...', रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप के बयान पर भड़के खरगे, पीएम मोदी पर कसा तंज*

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रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। खरगे ने सोमवार को हिंदी फिल्म के एक चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए कटाक्ष करते हुए कहा 'ट्रंप मोदी को लेकर यह कहना चाह रहे हैं कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'।

देश ने आपको पीएम सिर हिलाने के लिए नहीं चुना-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर सोमवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। खरगे ने कहा, 'मिस्टर इंडिया फिल्म का एक डायलॉग है कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'। इसी तरह ट्रंप ने कहने की कोशिश की है कि मोगैम्बो खुश हुआ। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, तो भारत झुकने वाला नहीं है।

क्या था ट्रंप का बयान

दरअसल खड़गे का बयान ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात पर अमेरिकी नाराजगी के बाद भारत ने तेल खरीद घटाई, क्योंकि मोदी मुझे (ट्रम्प) खुश करना चाहते थे। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।

दुनिया ट्रंप के सामने नहीं झुकेगी- खरगे

खड़गे ने ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कहते हैं। खड़गे बोले, ट्रंप कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।

आरएसएस पर पाबंदी लगनी चाहिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान, दिया सरदार पटेल की चिट्ठी का हवाला

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बड़ा बयान दिया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं।

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सरदार पटेल की चिठ्ठी का दिया हवाला

खरगे ने सरदार पटेल के 1948 में जारी लेटर का जिक्र करते हुए संघ पर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक कहा, ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूं कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो ऐसा किया जाना चाहिए।

आरएसएस और बीजेपी जमकर साधा निशाना

मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

सरदार पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने जिस पत्र का जिक्र, वो सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था। इन पत्र में उस समय के गृह मंत्री पटेल ने कहा था कि आरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हो सकी।

पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने कहा कि सरदार पटेल ने 4 फरवरी 1948 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र किया। जिस पत्र में उन्होंने ये कहा कि महात्मा गांधी मृत्यु पर आरएसएस वालों ने हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे यह विरोध और बढ़ गया। इन हालत में सरकार के पास संघ के खिलाफ कदम उठाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।

सांप के विष से की संघ के विचारधारा की तुलना

संघ के विचारधारा की तुलना सांप के विष से करते हुए खरगे ने कहा कि अगर आप सांप को मारते है और विष निकलता है और कोई कहता है कि विष चाटेंगे, अगर विष चाटेंगे तो मरेंगे। खरगे ने कहा, सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा।

आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप

मल्लिकार्जुन खरगे ने आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

नेहरू और पटेल को लेकर कही ये बात

खरगे ने कहा कि सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री और बीजेपी हमेशा स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच झगड़ा दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि नेहरू और पटेल के बहुत अच्छे रिश्ते थे और पटेल ने नेहरू को जनता का नेता बताया था।

बिहार से खरगे ने मोदी सरकार को घेरा, GST से लेकर चीन के लिए रेड कॉर्पेट तक...जानें क्या-क्या कहा

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पटना में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महत्वपूर्ण बताया। खरगे ने कहा, मैं चाहता हूं आज यहां से बिहार के पुनर्निर्माण का बिगुल फूंका जाए। कांग्रेस पार्टी अपने गठबंधन दलों के साथ मिलकर बिहार के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और सुशासन मुहैया कराएगी। बिहार की जनता लंबे समय से 'स्वर्णिम बिहार' का सपना देख रही है और हम सब मिलकर इसे साकार करेंगे।

बिहार में चुनाव के साथ मोदी सरकार अंत की शुरुआत-खरगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित 'वोट चोरी', अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, आरक्षण और बिहार से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से मोदी सरकार के 'भ्रष्ट शासन' की उलटी गिनती और अंत की शुरुआत होगी।

चुनाव आयोग को कहा भाजपा का एजेंट

खरगे ने आगे कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। बिहार की जनता के साथ सरकार अन्याय कर रही है। डबल इंजन सरकार का रिंग पिस्टन फेल हो चुका है। एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ बिहार की जनता ने दिया, जिस कारण चुनाव आयोग को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने चुनाव आयोग पर हमला बोले हुए कहा कि प्रजातंत्र को मजबूत करने वाले निर्वाचन आयोग अब भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा। वोटरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। लेकिन, जनता इनका सच जान चुकी है। आगामी चुनाव में इन्हें माकूल जवाब देगी।

विदेश नीति पर मोदी सरकार की आलोचना

खरगे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी मुसीबतें नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की नाकामी और कूटनीतिक विफलता का नतीजा है। प्रधानमंत्री जिनको 'मेरे दोस्त' बताकर ढिंढोरा पीटते हैं, वही दोस्त आज भारत को अनेकों संकट में डाल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ पीएम स्वदेशी की वकालत कर रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ चीन के लिए रेड कार्पेट सरेआम बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में चीन से हमारे आयात दो गुना बढ़ गया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने किया राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान? बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष से की माफी की मांगे

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भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा। भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा हमला किया है। गौरव भाटिया ने कहा, मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत की राष्ट्रपति के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है।

कांग्रेस लगातार देश की आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान करते रहे

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार देश की आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान करते रहे हैं। कभी अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति को राष्टपत्नी कहा, तो कभी उदित राज ने कहा कि किसी भी देश को मुर्मू जैसा राष्ट्रपति नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार देश के सर्वोच्च पद पर बैठी महिला का अपमान करती रही है। पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग करती है।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी अपमान किया गया

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी अपमान किया। गौरव भाटिया ने कहा कि 'मल्लिकार्जुन खरगे पूर्व राष्ट्रपति जी राम नाथ कोविंद जी को 'कोविड' बुलाते हैं। आप राष्ट्रपति को बिना किसी सम्मान के 'मुर्मा जी' कहकर संबोधित करते हैं और फिर अंत में उन्हें भूमाफिया बताते हैं। पूरा देश जानता है कि अगर देश में कोई भूमाफिया है तो वह फर्जी गांधी परिवार है।

खरगे से माफी की मांग

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि 'उदित राज कहते हैं कि किसी देश को द्रौपदी मुर्मू जैसी राष्ट्रपति नहीं मिलनी चाहिए। अधीर रंजन चौधरी राष्ट्रपति को राष्ट्रपत्नि कहकर संबोधित करते हैं। यह एक आदिवासी महिला के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी है। कांग्रेस नेताओं को लगता है कि सिर्फ फर्जी गांधी परिवार के सदस्य ही देश में संवैधानिक पदों पर बैठ सकते हैं। अजय कुमार कहते हैं कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुरी मानसिकता को दर्शाती हैं। आज मल्लिकार्जुन खरगे का आपत्तिजनक बयान सबूत है कि उनकी कोई जुबान नहीं फिसली है। यह जानबूझकर किया गया। हम मल्लिकार्जुन खरगे से मांग करते हैं कि वे अपने बयान पर माफी मांगें।

सिर्फ नकली गांधी परिवार…

गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का मानना है कि केवल नकली गांधी परिवार के सदस्य ही संवैधानिक पदों पर आसीन हो सकते हैं। अजॉय कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक दुष्ट मानसिकता को दर्शाती हैं। मल्लिकार्जुन खरगे की आपत्तिजनक टिप्पणी साबित करती है कि यह जुबान की फिसलन नहीं है। यह पूरी तरह से जानबूझकर किया गया है।

ऑपरेशन सिंदूर तो बहुत छोटा युद्ध है...' कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले पर पीएम को घेरा

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक विपक्ष पाकिस्तान को उसकी हरकत के लिए मुहंतोड़ जवाब देने के लिए केंद्र सरकार का साथ दे रहा था। अब दोनों देशों के बीच सीजफायर हो चुका है। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। जिस ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादियों को तबाह कर दिया, सेना के उसी मिशन पर सवाल उठ रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को छोटा सा युद्ध बताया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘बस एक छोटी-सी जंग’ बताते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले ही खतरे की आशंका थी। उन्होंने कहा, 17 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पीएम मोदी इसलिए नहीं गए क्योंकि खबर थी कि वहां गड़बड़ हो सकती है। आपने (मोदी) पर्यटकों को जाने से मना क्यों नहीं किया? पहलगाम में मोदी सरकार ने पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई।

खरगे ने पीएम मोदी को घेरा

कर्नाटक में समर्पण संकल्प रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया, मुझे जानकारी मिली है कि हमले से तीन दिन पहले मोदी जी को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी गई थी और इसीलिए मोदी जी ने कश्मीर का अपना दौरा रद्द कर दिया। जब एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि आपकी सुरक्षा के लिए वहां जाना उचित नहीं है, तो आपने लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी सुरक्षा, खुफिया, स्थानीय पुलिस और सीमा बल को सूचित क्यों नहीं किया?

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं।

राज्यसभा में अनुराग ठाकुर पर बरसे खरगे, बोले- आरोप साबित करें तो इस्तीफा दे दूंगा

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वक्फ बिल पर संसद में “संग्राम” जारी है। लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में वक्फ बिल पेश होने जा रहा है। उससे पहले सदन मे जोरदार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर लगाए गए गंभीर आरोपों को निराधार बताया और सदन के नेता से स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे अनुराग ठाकुर के वक्फ की जमीन हड़पने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, ये बीजेपी वाले जो आरोप लगा रहे हैं, साबित कर दें, मैं झुकूंगा नहीं। अगर आरोप साबित होते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।

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राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर को निचले सदन में वक्फ विधेयक पर बहस के दौरान की गई अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। खरगे ने कहा, लेकिन नुकसान हो चुका है। उन्होंने इस मुद्दे पर अनुराग ठाकुर के साथ-साथ राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा से भी माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर के आरोपों को बताया झूठा और निराधार

मल्लिकार्जुन खरगे ने कल अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में मुझ पर पूरी तरह से झूठे और निराधार आरोप लगाए। जब मेरे साथियों ने उन्हें चुनौती दी तो वह अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर हो गए। लेकिन नुकसान हो चुका है। टिप्पणी वापस लेने के बावजूद, यह मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छाया रहा। बीजेपी के लोग मुझे डराना चाहते हैं, मैं बिल्कुल झुकूंगा नहीं, मैनें 1 इंच जमीन आज तक किसी की नहीं ली।

खरगे ने आरोपों को साबित करने को कहा

खरगे ने कहा कि अनुराग ठाकुर की ओर से मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। खरगे ने अनुराग ठाकुर से उनके खिलाफ लगाए गए 'बेबुनियाद' आरोपों को साबित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप अपने दावों को साबित नहीं कर सकते तो आपको संसद में आने का कोई अधिकार नहीं है। आप इस्तीफा दे दीजिए। इसके साथ ही अगर भाजपा सांसद आरोप साबित कर देते हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे।

मेरी जिंदगी संघर्षों और लड़ाइयों से भरी-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं एक मजदूर का बेटा हूं। मेरी जिंदगी हमेशा एक खुली किताब रही है। यह संघर्षों और लड़ाइयों से भरी रही है, लेकिन मैंने जिंदगी में हमेशा उच्चतम मूल्यों को बरकरार रखा है। खरगे ने अनुराग ठाकुर के आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर ने क्या कहा था?

इससे पहले भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि विधेयक कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए बनी वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दलों पर अपना राजनीतिक साम्राज्य बनाने के लिए इनके दोहन का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन जमीनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के बजाय कांग्रेस ने अपने चुनावी फायदे के लिए इन्हें वोट बैंक एटीएम में बदल दिया।

खड़गे ने एससी-एसटी-ओबीसी और अल्पसंख्यकों की छात्रवृत्ति में 'गिरावट' का लगाया आरोप, क्या कहते हैं आंकड़े

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं की छात्रवृत्तियां छीन ली हैं। साथ ही खड़गे ने दावा किया कि बीजेपी का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ कमजोर वर्गों की आकांक्षाओं का मजाक उड़ाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में ये दावा का।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए पोस्ट में लिखा कि 'देश के एससी, एसटी और ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं की छात्रवृत्तियों को आपकी सरकार ने हथियाने का काम किया है। सरकारी आंकड़े बातते हैं कि सभी वजीफों में मोदी सरकार ने लाभार्थियों की भारी कटौती तो की है, साथ ही साल-दर-साल फंड में औसतन 25 फीसदी कम खर्च किया है।'

लाभार्थियों की संख्या में चार साल में 94% की गिरावट

खरगे के मुताबिक, अल्पसंख्यक छात्रों को मिलने वाले प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों की संख्या में पिछले चार बरस के दौरान 94 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों की संख्या पिछले चार बरस ही में 83 फीसदी तक घटी है। इसके अलावा, मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना, जो अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाती है, उसके लाभार्थियों की संख्या में चार बरस के भीतर 51 फीसदी तक की कमी आई है।

अब अगर सरकार के हवाले ही से सामने आए कुछ आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि जरूर स्कॉलरशिप के कई स्कीम्स में लाभार्थियों और बजट का आवंटन घटा हैः-

प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप एक साल में 40 फीसदी घटा

संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 में प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवंटित बजट 1,378 करोड़ रुपये थी। जो 2024-25 में घटकर 326 करोड़ रुपये के करीब रह गई। वहीं, इस वित्त वर्ष के लिए सरकार ने महज 198 करोड़ रुपये के करीब का आवंटन प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए किया है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस बार का आवंटन 40 फीसदी तक घट गया है। अगर लाभार्थियों की बात की जाए तो 2021-22 में सरकार ने जहां 28 लाख 90 हजार छात्रों को ये स्कॉलरशिप दिया। तो 2023-24 में सरकार महज 4 लाख 91 हजार छात्रों को ही वजीफा दे सकी। लाभार्थियों और फंड में इतनी बड़ी गिरावट की वजह सरकार का क्लास 1 से लेकर 8 तक के छात्रों के लिए इस स्कीम को बंद करना रहा। अब ये स्कीम केवल नौवीं और दसवीं के छात्रों को दी जाती है। सरकार का कहना है कि 1 से लेकर 8 तक के छात्रों को पहले ही सरकार शिक्षा के अधिकार कानून के जरिये मदद कर रही है।

पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप का आवंटन 64 फीसदी घटा

वहीं, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में सरकार ने 2023-24 में इस मद में 1145 करोड़ रुपये का आवंटन किया था मगर सरकार 1065 करोड़ ही खर्च कर पाई। वर्ष 2024-25 में सरकार ने ज्यादा खर्च किया, और यह बढ़कर 1,145 करोड़ रुपये तक पहुंचा। मगर इस 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए बजट का आवंटन पिछले साल के मुकाबले 64 फीसदी तक घट चुका है। सरकार ने इस साल के बजट में महज 414 करोड़ रुपये के करीब का आवंटन किया है। ये पिछले साल के मुकाबले कम से कम सात सौ करोड़ रुपये कम है। इस तरह ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि फंड का आवंटन कम होने से लाभार्थियों की संख्या पर भी इसका असर पड़ेगा।

मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप 78 फीसदी तक घटा

ये वजीफा अल्पसंख्यक समुदाय के उन छात्रों को दिया जाता है जो ग्रैजुएशन या फिर पोस्ट ग्रैजुएशन प्रोफेशनल औऱ टेक्निकल कोर्स में करना चाहते हैं। 2020-21 में इस मद में जहां सरकार का बजट आवंटन 400 करोड़ था, वह अगले अकादमिक वर्ष में 325 करोड़ रुपये रह गया। वहीं ये आवंटन 2023-24 में 44 करोड़ जबकि 2024-25 में आवंटन घटकर महज 34 करोड़ रुपये के करीब रह गया। अगर इस बरस के आवंटन की बात की जाए तो यह पिछले बरस के मुकाबले 78 फीसदी तक घट चुका है। इस साल सरकार ने बजट में इस वजीफे के लिए महज 7 करोड़ रुपये के करीब का आवंटन किया है। पोस्ट-मैट्रिक वजीफे ही की तरह मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप के फंड में आवंटन घटने से इसके लाभार्थियों की संख्या पर भी असर पड़ेगा।

मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी को क्या नसीहत दी, भागवत की किस सलाह का दिया हवाला?

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बड़ी नसीहत दी है। मल्लिकार्जुन खरगे ने इसके लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की सलाह का हवाला भी दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी पर देश की हर मस्जिद में सर्वेक्षण कराकर समाज को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि ऐसा कर सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की सलाह की अवहेलना कर रहा है। खरगे की टिप्पणी उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मद्देनजर आई है। संभल में एक मस्जिद में यह पता लगाने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है कि क्या वहां कोई मंदिर था।

सर्वे के नाम पर खोद-खोदकर झगड़ा क्यों लगाया जा रहा-खरगे

मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के एक महासंघ की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी से मोहन भागवत के 2022 के बयान पर ध्यान देने को कहा। खरगे ने आरएसएस प्रमुख का हवाला दिया जिन्होंने कहा था कि हमारा उद्देश्य राम मंदिर का निर्माण करना था और हमें हर मस्जिद के नीचे शिवालय नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, आज देश में हर जगह सर्वे वाले ये पता लगा रहे हैं कि कहां पहले मंदिर थे और कहां मस्जिद थी, लेकिन 2023 में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हमारा लक्ष्य राम मंदिर बनाने का था, हर मस्जिद के नीचे शिवालय ढूंढना गलत है। जब बीजेपी-आरएसएस वाले ही ये बातें कह रहे हैं, तो फिर सर्वे के नाम पर खोद-खोदकर झगड़ा क्यों लगाया जा रहा है। हम सभी तो एक हैं।

क्या लाल किला, ताजमहल, कुतुब मीनार भी ध्वस्त होगा-खरगे

खरगे ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं 'एक हैं तो सेफ हैं', लेकिन वे किसी को भी सेफ नहीं रहने दे रहे हैं। आप एकता की बात करते हैं, लेकिन आपके कार्य इसे धोखा देते हैं। आपके नेता मोहन भागवत ने कहा है कि अब जब राम मंदिर बन गया है, तो और अधिक पूजा स्थलों की तलाश करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप उनके शब्दों का सम्मान करते हैं, तो और कलह क्यों पैदा करते हैं?' खरगे ने बीजेपी से पूछा कि क्या वह लाल किला, ताजमहल, कुतुब मीनार और चार मीनार जैसी संरचनाओं को भी ध्वस्त कर देगी, जो मुसलमानों की तरफ से बनवाई गई थीं।

आखिर भागवत ने क्या कहा था

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जून 2022 में ज्ञानवापी विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। भागवत ने कहा था कि इतिहास वो है जिसे हम बदल नहीं सकते। उनका कहना था कि इसे न आज के हिंदुओं ने बनाया और न ही आज के मुसलमानों ने, ये उस समय घटा.... हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना? उनका कहना था कि अब हमको कोई आंदोलन नहीं करना है। संघ प्रमुख नागपुर में संघ शिक्षा वर्ग, तृतीय वर्ष 2022 के समापन समारोह के दौरान बोल रहे थे।

खरगे की खरी-खीरः हरियाणा-महाराष्ट्र की हार पर सीडब्ल्यूसी की बैठक में लगाई क्लास, राहुल गांधी भी लपेटे में

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को इसी तरह हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा और महाराष्ट्र में पार्टी और गठबंधन की हुई करारी हार के बाद हुई पहली कांग्रेस वर्किंग कमिटि की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी नेताओं की क्लास लगाई।मल्लिकार्जुन खरगे ने खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने कहा कि दो करारी हार के लिए जवाबदेही तय करने का वक्त आ गया है। गुटबाजी को लेकर भी उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।शुक्रवार को हुई कांग्रेस के सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई की बैठक में खरगे के अलावा तमाम सीनियर नेता, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। हालांकि बैठक खत्म होने से पहले ही राहुल और प्रियंका निकल गए।

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पार्टी में अनुशासन की जरूरत पर दिया जोर

मीटिंग में खरगे ने पार्टी के जहां एक ओर इस निराशाजनक प्रदर्शन के लिए तमाम वजहों को गिनाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा चुनाव में मिली हार पर कहा कि अब जवाबदेही तय करने का वक्त आ गया है। राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से सख्त एक्शन लेने की भी बात कही है।

आपसी लड़ाई पर लगाई लताड़

खरगे ने पार्टी में गुटबाजी की ओर इशारा करते हुए कहा कि अनुशासन की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। खरगे का कहना है कि पार्टी में अनुशासन की कमी और पुराने ढर्रे की राजनीति के जरिए जीत नहीं मिल सकती। कांग्रेस के भीतर आपसी गुटबाजी एक स्थायी भाव बन चुकी है। खरगे ने इस ओर इशारा करते हुए कहा कि आपसी एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी हमें काफी नुकसान पहुंचाती है।

राहुल गांधी को यूं लपेटा

बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे पूरे फॉर्म में दिखे। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देने के साथ-साथ कई बड़े नेताओं की क्लास लगाई। दरअसल, बैठक में राहुल गांधी ने चुनावी हारों का जिक्र करते हुए कहा कि हार से घबराना नहीं है। कांग्रेस हमेशा पुनर्जन्म लेने वाली पार्टी है और आगे भी रहेगी। इस पर तपाक से खरगे ने मुस्कुराते हुए कहा कि नहीं कांग्रेस अजर अमर है, जो अजर अमर होता है, उसे पुनर्जन्म की जरूरत नहीं होती। इस पर तुरंत राहुल ने कहा कांग्रेस अजर अमर है, ये बात सही है। मैं तो मुद्दे सामने आने पर, हार मिलने पर कांग्रेस नए सिरे से फिर लौटेगी उसकी बात कर रहा था।

सियासी रणनीतिकार सुनील कोनूगोलु को भी धोया

खरगे ने कांग्रेस के सियासी रणनीतिकार और सर्वे करने वाले सर्वे सर्वा पार्टी के पदाधिकारी सुनील कोनूगोलु को धो दिया। राहुल-प्रियंका के सामने खरगे ने कांग्रेस के पदाधिकारी बने सियासी रणनीतिकार सुनील कोनूगोलु को निशाने पर लिया। खरगे ने कहा कि बताते कुछ हो होता कुछ है। कई चुनावों से देख रहा हूं। अब तुम्हारे रिकॉर्ड के साथ बोलूं तो जहां बोलते हो जीत वहां मिलती है हार। ऐसे तो अंदाज लगाकर एक आध सही निकल जाता है, लेकिन सिस्टम तो तुम्हारा कतई ठीक नहीं है।

खरगे की खरी-खरीः 'उतनी ही गारंटी का वादा करें, जितना दे सकें...' कांग्रेस अध्यक्ष को क्यों कहना पड़ा ऐसा?

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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है। हाल ही में कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का एक बयान आया था कि राज्य सरकार ‘शक्ति’ गारंटी योजना की समीक्षा करेगी। इस स्कीम के तहत राज्य में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलती है। ऐसे में खुद कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी ही कांग्रेस सरकार की खिंचाई की है। कर्नाटक में मुफ्त बस योजना पर समीक्षा की बातों पर खरगे ने नाराजगी जताई और कहा कि उतना ही वादा कीजिए, जितनी पूरी हो जाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शिवकुमार के इस बयान पर निराशा जाहिर करते हुए कहा था, आपने राज्य के लोगों को कुछ गारंटी दी हैं। उन्हें देखने के बाद मैंने भी महाराष्ट्र में कहा था कि कर्नाटक में 5 गारंटी हैं। अब आपने (शिवकुमार) कह दिया कि आप एक गारंटी छोड़ देंगे। समीक्षा की बात कहकर आपने संदेह पैदा कर दिया है। मैंने उनसे (महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं) कहा कि पांच, छह, सात या आठ गारंटी के वादे मत करते रहो। इसके बजाय ऐसे वादे करो जो आपके बजट के अनुरूप हों। जो लोग आलोचना करना चाहते हैं, उनके लिए इतना ही काफी है। उन्होंने सिद्धारमैया सरकार को अपने वादों पर कायम रहने की हिदायत दी।

खड़ने ने पार्टी नेताओं को चेताया और कहा, यदि आप बजट पर विचार किए बिना वादे करते हैं तो यह दिवालियापन की ओर ले जाएगा।सड़कों पर रेत डालने के भी पैसे नहीं होंगे। अगर यह सरकार असफल हुई तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।इससे बदनामी होगी और सरकार को अगले दस वर्षों तक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए बजट पर सावधानी से विचार करने की जरूरत है।

खरगे के बयान पर बीजेपी ने घेरा

अब खरगे के इसी बयान को भाजपा ने हाथों-हाथ लपका है। नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने खरगे की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार कांग्रेस ने यह स्वीकार किया है कि उसकी चुनावी घोषणाएं, जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए होती हैं।

राहुल गांधी के खटाखट योजनाओं का क्या होगा-रविशंकर

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि खरगे साहब को बहुत ज्ञान आ गया है। बहुत कुछ स्वीकार किया है। मन में सवाल आया। पहला पाठ अपने नेता राहुल गांधी को पढ़ाया कि नहीं, गभीर सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी के खटाखट योजनाओं का क्या होगा। राहुल गांधी ने हिमाचल में क्या क्या बोला था, अब देखिये क्या हाल हुआ है। टॉयलेट टैक्स लगा दिया और अब वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं।

एक बार फिर कांग्रेस की कलई खुल गई-रविशंकर

कर्नाटक की तरह हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में कांग्रेस के घोषित चुनावी गारंटियों का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा, पहले घोषणा करके फिर शुद्ध भाषा में जनता को बेवकूफ बनाकर वोट लेना। बाद में उस योजना को जमीन पर नहीं उतारना। बस, कागज पर ही रहने देना। कांग्रेस का यह आज का इतिहास नहीं है। गरीबी हटाओ की घोषणा कांग्रेस राज में 1971 में की गई थी। गरीबी हटी क्या? घोषणा करो, कोई पूछने वाला नहीं है। एक बार फिर कांग्रेस की कलई खुल गई है और उसकी सच्चाई सामने आ गई है।

मोगैंबो खुश हुआ...', रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप के बयान पर भड़के खरगे, पीएम मोदी पर कसा तंज*

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रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। खरगे ने सोमवार को हिंदी फिल्म के एक चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए कटाक्ष करते हुए कहा 'ट्रंप मोदी को लेकर यह कहना चाह रहे हैं कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'।

देश ने आपको पीएम सिर हिलाने के लिए नहीं चुना-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर सोमवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। खरगे ने कहा, 'मिस्टर इंडिया फिल्म का एक डायलॉग है कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'। इसी तरह ट्रंप ने कहने की कोशिश की है कि मोगैम्बो खुश हुआ। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, तो भारत झुकने वाला नहीं है।

क्या था ट्रंप का बयान

दरअसल खड़गे का बयान ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात पर अमेरिकी नाराजगी के बाद भारत ने तेल खरीद घटाई, क्योंकि मोदी मुझे (ट्रम्प) खुश करना चाहते थे। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।

दुनिया ट्रंप के सामने नहीं झुकेगी- खरगे

खड़गे ने ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कहते हैं। खड़गे बोले, ट्रंप कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।

आरएसएस पर पाबंदी लगनी चाहिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान, दिया सरदार पटेल की चिट्ठी का हवाला

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बड़ा बयान दिया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं।

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सरदार पटेल की चिठ्ठी का दिया हवाला

खरगे ने सरदार पटेल के 1948 में जारी लेटर का जिक्र करते हुए संघ पर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक कहा, ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूं कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो ऐसा किया जाना चाहिए।

आरएसएस और बीजेपी जमकर साधा निशाना

मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

सरदार पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने जिस पत्र का जिक्र, वो सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था। इन पत्र में उस समय के गृह मंत्री पटेल ने कहा था कि आरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हो सकी।

पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने कहा कि सरदार पटेल ने 4 फरवरी 1948 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र किया। जिस पत्र में उन्होंने ये कहा कि महात्मा गांधी मृत्यु पर आरएसएस वालों ने हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे यह विरोध और बढ़ गया। इन हालत में सरकार के पास संघ के खिलाफ कदम उठाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।

सांप के विष से की संघ के विचारधारा की तुलना

संघ के विचारधारा की तुलना सांप के विष से करते हुए खरगे ने कहा कि अगर आप सांप को मारते है और विष निकलता है और कोई कहता है कि विष चाटेंगे, अगर विष चाटेंगे तो मरेंगे। खरगे ने कहा, सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा।

आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप

मल्लिकार्जुन खरगे ने आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

नेहरू और पटेल को लेकर कही ये बात

खरगे ने कहा कि सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री और बीजेपी हमेशा स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच झगड़ा दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि नेहरू और पटेल के बहुत अच्छे रिश्ते थे और पटेल ने नेहरू को जनता का नेता बताया था।

बिहार से खरगे ने मोदी सरकार को घेरा, GST से लेकर चीन के लिए रेड कॉर्पेट तक...जानें क्या-क्या कहा

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पटना में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महत्वपूर्ण बताया। खरगे ने कहा, मैं चाहता हूं आज यहां से बिहार के पुनर्निर्माण का बिगुल फूंका जाए। कांग्रेस पार्टी अपने गठबंधन दलों के साथ मिलकर बिहार के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और सुशासन मुहैया कराएगी। बिहार की जनता लंबे समय से 'स्वर्णिम बिहार' का सपना देख रही है और हम सब मिलकर इसे साकार करेंगे।

बिहार में चुनाव के साथ मोदी सरकार अंत की शुरुआत-खरगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित 'वोट चोरी', अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, आरक्षण और बिहार से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से मोदी सरकार के 'भ्रष्ट शासन' की उलटी गिनती और अंत की शुरुआत होगी।

चुनाव आयोग को कहा भाजपा का एजेंट

खरगे ने आगे कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। बिहार की जनता के साथ सरकार अन्याय कर रही है। डबल इंजन सरकार का रिंग पिस्टन फेल हो चुका है। एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ बिहार की जनता ने दिया, जिस कारण चुनाव आयोग को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने चुनाव आयोग पर हमला बोले हुए कहा कि प्रजातंत्र को मजबूत करने वाले निर्वाचन आयोग अब भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा। वोटरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। लेकिन, जनता इनका सच जान चुकी है। आगामी चुनाव में इन्हें माकूल जवाब देगी।

विदेश नीति पर मोदी सरकार की आलोचना

खरगे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी मुसीबतें नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की नाकामी और कूटनीतिक विफलता का नतीजा है। प्रधानमंत्री जिनको 'मेरे दोस्त' बताकर ढिंढोरा पीटते हैं, वही दोस्त आज भारत को अनेकों संकट में डाल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ पीएम स्वदेशी की वकालत कर रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ चीन के लिए रेड कार्पेट सरेआम बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में चीन से हमारे आयात दो गुना बढ़ गया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने किया राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान? बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष से की माफी की मांगे

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भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा। भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा हमला किया है। गौरव भाटिया ने कहा, मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत की राष्ट्रपति के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है।

कांग्रेस लगातार देश की आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान करते रहे

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार देश की आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान करते रहे हैं। कभी अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति को राष्टपत्नी कहा, तो कभी उदित राज ने कहा कि किसी भी देश को मुर्मू जैसा राष्ट्रपति नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार देश के सर्वोच्च पद पर बैठी महिला का अपमान करती रही है। पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग करती है।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी अपमान किया गया

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी अपमान किया। गौरव भाटिया ने कहा कि 'मल्लिकार्जुन खरगे पूर्व राष्ट्रपति जी राम नाथ कोविंद जी को 'कोविड' बुलाते हैं। आप राष्ट्रपति को बिना किसी सम्मान के 'मुर्मा जी' कहकर संबोधित करते हैं और फिर अंत में उन्हें भूमाफिया बताते हैं। पूरा देश जानता है कि अगर देश में कोई भूमाफिया है तो वह फर्जी गांधी परिवार है।

खरगे से माफी की मांग

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि 'उदित राज कहते हैं कि किसी देश को द्रौपदी मुर्मू जैसी राष्ट्रपति नहीं मिलनी चाहिए। अधीर रंजन चौधरी राष्ट्रपति को राष्ट्रपत्नि कहकर संबोधित करते हैं। यह एक आदिवासी महिला के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी है। कांग्रेस नेताओं को लगता है कि सिर्फ फर्जी गांधी परिवार के सदस्य ही देश में संवैधानिक पदों पर बैठ सकते हैं। अजय कुमार कहते हैं कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुरी मानसिकता को दर्शाती हैं। आज मल्लिकार्जुन खरगे का आपत्तिजनक बयान सबूत है कि उनकी कोई जुबान नहीं फिसली है। यह जानबूझकर किया गया। हम मल्लिकार्जुन खरगे से मांग करते हैं कि वे अपने बयान पर माफी मांगें।

सिर्फ नकली गांधी परिवार…

गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का मानना है कि केवल नकली गांधी परिवार के सदस्य ही संवैधानिक पदों पर आसीन हो सकते हैं। अजॉय कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक दुष्ट मानसिकता को दर्शाती हैं। मल्लिकार्जुन खरगे की आपत्तिजनक टिप्पणी साबित करती है कि यह जुबान की फिसलन नहीं है। यह पूरी तरह से जानबूझकर किया गया है।

ऑपरेशन सिंदूर तो बहुत छोटा युद्ध है...' कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले पर पीएम को घेरा

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक विपक्ष पाकिस्तान को उसकी हरकत के लिए मुहंतोड़ जवाब देने के लिए केंद्र सरकार का साथ दे रहा था। अब दोनों देशों के बीच सीजफायर हो चुका है। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। जिस ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादियों को तबाह कर दिया, सेना के उसी मिशन पर सवाल उठ रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को छोटा सा युद्ध बताया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘बस एक छोटी-सी जंग’ बताते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले ही खतरे की आशंका थी। उन्होंने कहा, 17 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पीएम मोदी इसलिए नहीं गए क्योंकि खबर थी कि वहां गड़बड़ हो सकती है। आपने (मोदी) पर्यटकों को जाने से मना क्यों नहीं किया? पहलगाम में मोदी सरकार ने पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई।

खरगे ने पीएम मोदी को घेरा

कर्नाटक में समर्पण संकल्प रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया, मुझे जानकारी मिली है कि हमले से तीन दिन पहले मोदी जी को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी गई थी और इसीलिए मोदी जी ने कश्मीर का अपना दौरा रद्द कर दिया। जब एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि आपकी सुरक्षा के लिए वहां जाना उचित नहीं है, तो आपने लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी सुरक्षा, खुफिया, स्थानीय पुलिस और सीमा बल को सूचित क्यों नहीं किया?

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं।

राज्यसभा में अनुराग ठाकुर पर बरसे खरगे, बोले- आरोप साबित करें तो इस्तीफा दे दूंगा

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वक्फ बिल पर संसद में “संग्राम” जारी है। लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में वक्फ बिल पेश होने जा रहा है। उससे पहले सदन मे जोरदार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर लगाए गए गंभीर आरोपों को निराधार बताया और सदन के नेता से स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे अनुराग ठाकुर के वक्फ की जमीन हड़पने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, ये बीजेपी वाले जो आरोप लगा रहे हैं, साबित कर दें, मैं झुकूंगा नहीं। अगर आरोप साबित होते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।

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राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर को निचले सदन में वक्फ विधेयक पर बहस के दौरान की गई अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। खरगे ने कहा, लेकिन नुकसान हो चुका है। उन्होंने इस मुद्दे पर अनुराग ठाकुर के साथ-साथ राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा से भी माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर के आरोपों को बताया झूठा और निराधार

मल्लिकार्जुन खरगे ने कल अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में मुझ पर पूरी तरह से झूठे और निराधार आरोप लगाए। जब मेरे साथियों ने उन्हें चुनौती दी तो वह अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर हो गए। लेकिन नुकसान हो चुका है। टिप्पणी वापस लेने के बावजूद, यह मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छाया रहा। बीजेपी के लोग मुझे डराना चाहते हैं, मैं बिल्कुल झुकूंगा नहीं, मैनें 1 इंच जमीन आज तक किसी की नहीं ली।

खरगे ने आरोपों को साबित करने को कहा

खरगे ने कहा कि अनुराग ठाकुर की ओर से मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। खरगे ने अनुराग ठाकुर से उनके खिलाफ लगाए गए 'बेबुनियाद' आरोपों को साबित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप अपने दावों को साबित नहीं कर सकते तो आपको संसद में आने का कोई अधिकार नहीं है। आप इस्तीफा दे दीजिए। इसके साथ ही अगर भाजपा सांसद आरोप साबित कर देते हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे।

मेरी जिंदगी संघर्षों और लड़ाइयों से भरी-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं एक मजदूर का बेटा हूं। मेरी जिंदगी हमेशा एक खुली किताब रही है। यह संघर्षों और लड़ाइयों से भरी रही है, लेकिन मैंने जिंदगी में हमेशा उच्चतम मूल्यों को बरकरार रखा है। खरगे ने अनुराग ठाकुर के आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर ने क्या कहा था?

इससे पहले भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि विधेयक कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए बनी वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दलों पर अपना राजनीतिक साम्राज्य बनाने के लिए इनके दोहन का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन जमीनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के बजाय कांग्रेस ने अपने चुनावी फायदे के लिए इन्हें वोट बैंक एटीएम में बदल दिया।

खड़गे ने एससी-एसटी-ओबीसी और अल्पसंख्यकों की छात्रवृत्ति में 'गिरावट' का लगाया आरोप, क्या कहते हैं आंकड़े

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं की छात्रवृत्तियां छीन ली हैं। साथ ही खड़गे ने दावा किया कि बीजेपी का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ कमजोर वर्गों की आकांक्षाओं का मजाक उड़ाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में ये दावा का।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए पोस्ट में लिखा कि 'देश के एससी, एसटी और ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं की छात्रवृत्तियों को आपकी सरकार ने हथियाने का काम किया है। सरकारी आंकड़े बातते हैं कि सभी वजीफों में मोदी सरकार ने लाभार्थियों की भारी कटौती तो की है, साथ ही साल-दर-साल फंड में औसतन 25 फीसदी कम खर्च किया है।'

लाभार्थियों की संख्या में चार साल में 94% की गिरावट

खरगे के मुताबिक, अल्पसंख्यक छात्रों को मिलने वाले प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों की संख्या में पिछले चार बरस के दौरान 94 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों की संख्या पिछले चार बरस ही में 83 फीसदी तक घटी है। इसके अलावा, मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना, जो अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाती है, उसके लाभार्थियों की संख्या में चार बरस के भीतर 51 फीसदी तक की कमी आई है।

अब अगर सरकार के हवाले ही से सामने आए कुछ आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि जरूर स्कॉलरशिप के कई स्कीम्स में लाभार्थियों और बजट का आवंटन घटा हैः-

प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप एक साल में 40 फीसदी घटा

संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 में प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवंटित बजट 1,378 करोड़ रुपये थी। जो 2024-25 में घटकर 326 करोड़ रुपये के करीब रह गई। वहीं, इस वित्त वर्ष के लिए सरकार ने महज 198 करोड़ रुपये के करीब का आवंटन प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए किया है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस बार का आवंटन 40 फीसदी तक घट गया है। अगर लाभार्थियों की बात की जाए तो 2021-22 में सरकार ने जहां 28 लाख 90 हजार छात्रों को ये स्कॉलरशिप दिया। तो 2023-24 में सरकार महज 4 लाख 91 हजार छात्रों को ही वजीफा दे सकी। लाभार्थियों और फंड में इतनी बड़ी गिरावट की वजह सरकार का क्लास 1 से लेकर 8 तक के छात्रों के लिए इस स्कीम को बंद करना रहा। अब ये स्कीम केवल नौवीं और दसवीं के छात्रों को दी जाती है। सरकार का कहना है कि 1 से लेकर 8 तक के छात्रों को पहले ही सरकार शिक्षा के अधिकार कानून के जरिये मदद कर रही है।

पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप का आवंटन 64 फीसदी घटा

वहीं, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में सरकार ने 2023-24 में इस मद में 1145 करोड़ रुपये का आवंटन किया था मगर सरकार 1065 करोड़ ही खर्च कर पाई। वर्ष 2024-25 में सरकार ने ज्यादा खर्च किया, और यह बढ़कर 1,145 करोड़ रुपये तक पहुंचा। मगर इस 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए बजट का आवंटन पिछले साल के मुकाबले 64 फीसदी तक घट चुका है। सरकार ने इस साल के बजट में महज 414 करोड़ रुपये के करीब का आवंटन किया है। ये पिछले साल के मुकाबले कम से कम सात सौ करोड़ रुपये कम है। इस तरह ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि फंड का आवंटन कम होने से लाभार्थियों की संख्या पर भी इसका असर पड़ेगा।

मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप 78 फीसदी तक घटा

ये वजीफा अल्पसंख्यक समुदाय के उन छात्रों को दिया जाता है जो ग्रैजुएशन या फिर पोस्ट ग्रैजुएशन प्रोफेशनल औऱ टेक्निकल कोर्स में करना चाहते हैं। 2020-21 में इस मद में जहां सरकार का बजट आवंटन 400 करोड़ था, वह अगले अकादमिक वर्ष में 325 करोड़ रुपये रह गया। वहीं ये आवंटन 2023-24 में 44 करोड़ जबकि 2024-25 में आवंटन घटकर महज 34 करोड़ रुपये के करीब रह गया। अगर इस बरस के आवंटन की बात की जाए तो यह पिछले बरस के मुकाबले 78 फीसदी तक घट चुका है। इस साल सरकार ने बजट में इस वजीफे के लिए महज 7 करोड़ रुपये के करीब का आवंटन किया है। पोस्ट-मैट्रिक वजीफे ही की तरह मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप के फंड में आवंटन घटने से इसके लाभार्थियों की संख्या पर भी असर पड़ेगा।

मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी को क्या नसीहत दी, भागवत की किस सलाह का दिया हवाला?

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बड़ी नसीहत दी है। मल्लिकार्जुन खरगे ने इसके लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की सलाह का हवाला भी दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी पर देश की हर मस्जिद में सर्वेक्षण कराकर समाज को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि ऐसा कर सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की सलाह की अवहेलना कर रहा है। खरगे की टिप्पणी उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मद्देनजर आई है। संभल में एक मस्जिद में यह पता लगाने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है कि क्या वहां कोई मंदिर था।

सर्वे के नाम पर खोद-खोदकर झगड़ा क्यों लगाया जा रहा-खरगे

मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के एक महासंघ की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी से मोहन भागवत के 2022 के बयान पर ध्यान देने को कहा। खरगे ने आरएसएस प्रमुख का हवाला दिया जिन्होंने कहा था कि हमारा उद्देश्य राम मंदिर का निर्माण करना था और हमें हर मस्जिद के नीचे शिवालय नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, आज देश में हर जगह सर्वे वाले ये पता लगा रहे हैं कि कहां पहले मंदिर थे और कहां मस्जिद थी, लेकिन 2023 में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हमारा लक्ष्य राम मंदिर बनाने का था, हर मस्जिद के नीचे शिवालय ढूंढना गलत है। जब बीजेपी-आरएसएस वाले ही ये बातें कह रहे हैं, तो फिर सर्वे के नाम पर खोद-खोदकर झगड़ा क्यों लगाया जा रहा है। हम सभी तो एक हैं।

क्या लाल किला, ताजमहल, कुतुब मीनार भी ध्वस्त होगा-खरगे

खरगे ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं 'एक हैं तो सेफ हैं', लेकिन वे किसी को भी सेफ नहीं रहने दे रहे हैं। आप एकता की बात करते हैं, लेकिन आपके कार्य इसे धोखा देते हैं। आपके नेता मोहन भागवत ने कहा है कि अब जब राम मंदिर बन गया है, तो और अधिक पूजा स्थलों की तलाश करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप उनके शब्दों का सम्मान करते हैं, तो और कलह क्यों पैदा करते हैं?' खरगे ने बीजेपी से पूछा कि क्या वह लाल किला, ताजमहल, कुतुब मीनार और चार मीनार जैसी संरचनाओं को भी ध्वस्त कर देगी, जो मुसलमानों की तरफ से बनवाई गई थीं।

आखिर भागवत ने क्या कहा था

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जून 2022 में ज्ञानवापी विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। भागवत ने कहा था कि इतिहास वो है जिसे हम बदल नहीं सकते। उनका कहना था कि इसे न आज के हिंदुओं ने बनाया और न ही आज के मुसलमानों ने, ये उस समय घटा.... हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना? उनका कहना था कि अब हमको कोई आंदोलन नहीं करना है। संघ प्रमुख नागपुर में संघ शिक्षा वर्ग, तृतीय वर्ष 2022 के समापन समारोह के दौरान बोल रहे थे।

खरगे की खरी-खीरः हरियाणा-महाराष्ट्र की हार पर सीडब्ल्यूसी की बैठक में लगाई क्लास, राहुल गांधी भी लपेटे में

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को इसी तरह हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा और महाराष्ट्र में पार्टी और गठबंधन की हुई करारी हार के बाद हुई पहली कांग्रेस वर्किंग कमिटि की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी नेताओं की क्लास लगाई।मल्लिकार्जुन खरगे ने खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने कहा कि दो करारी हार के लिए जवाबदेही तय करने का वक्त आ गया है। गुटबाजी को लेकर भी उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।शुक्रवार को हुई कांग्रेस के सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई की बैठक में खरगे के अलावा तमाम सीनियर नेता, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। हालांकि बैठक खत्म होने से पहले ही राहुल और प्रियंका निकल गए।

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पार्टी में अनुशासन की जरूरत पर दिया जोर

मीटिंग में खरगे ने पार्टी के जहां एक ओर इस निराशाजनक प्रदर्शन के लिए तमाम वजहों को गिनाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा चुनाव में मिली हार पर कहा कि अब जवाबदेही तय करने का वक्त आ गया है। राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से सख्त एक्शन लेने की भी बात कही है।

आपसी लड़ाई पर लगाई लताड़

खरगे ने पार्टी में गुटबाजी की ओर इशारा करते हुए कहा कि अनुशासन की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। खरगे का कहना है कि पार्टी में अनुशासन की कमी और पुराने ढर्रे की राजनीति के जरिए जीत नहीं मिल सकती। कांग्रेस के भीतर आपसी गुटबाजी एक स्थायी भाव बन चुकी है। खरगे ने इस ओर इशारा करते हुए कहा कि आपसी एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी हमें काफी नुकसान पहुंचाती है।

राहुल गांधी को यूं लपेटा

बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे पूरे फॉर्म में दिखे। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देने के साथ-साथ कई बड़े नेताओं की क्लास लगाई। दरअसल, बैठक में राहुल गांधी ने चुनावी हारों का जिक्र करते हुए कहा कि हार से घबराना नहीं है। कांग्रेस हमेशा पुनर्जन्म लेने वाली पार्टी है और आगे भी रहेगी। इस पर तपाक से खरगे ने मुस्कुराते हुए कहा कि नहीं कांग्रेस अजर अमर है, जो अजर अमर होता है, उसे पुनर्जन्म की जरूरत नहीं होती। इस पर तुरंत राहुल ने कहा कांग्रेस अजर अमर है, ये बात सही है। मैं तो मुद्दे सामने आने पर, हार मिलने पर कांग्रेस नए सिरे से फिर लौटेगी उसकी बात कर रहा था।

सियासी रणनीतिकार सुनील कोनूगोलु को भी धोया

खरगे ने कांग्रेस के सियासी रणनीतिकार और सर्वे करने वाले सर्वे सर्वा पार्टी के पदाधिकारी सुनील कोनूगोलु को धो दिया। राहुल-प्रियंका के सामने खरगे ने कांग्रेस के पदाधिकारी बने सियासी रणनीतिकार सुनील कोनूगोलु को निशाने पर लिया। खरगे ने कहा कि बताते कुछ हो होता कुछ है। कई चुनावों से देख रहा हूं। अब तुम्हारे रिकॉर्ड के साथ बोलूं तो जहां बोलते हो जीत वहां मिलती है हार। ऐसे तो अंदाज लगाकर एक आध सही निकल जाता है, लेकिन सिस्टम तो तुम्हारा कतई ठीक नहीं है।

खरगे की खरी-खरीः 'उतनी ही गारंटी का वादा करें, जितना दे सकें...' कांग्रेस अध्यक्ष को क्यों कहना पड़ा ऐसा?

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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है। हाल ही में कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का एक बयान आया था कि राज्य सरकार ‘शक्ति’ गारंटी योजना की समीक्षा करेगी। इस स्कीम के तहत राज्य में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलती है। ऐसे में खुद कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी ही कांग्रेस सरकार की खिंचाई की है। कर्नाटक में मुफ्त बस योजना पर समीक्षा की बातों पर खरगे ने नाराजगी जताई और कहा कि उतना ही वादा कीजिए, जितनी पूरी हो जाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शिवकुमार के इस बयान पर निराशा जाहिर करते हुए कहा था, आपने राज्य के लोगों को कुछ गारंटी दी हैं। उन्हें देखने के बाद मैंने भी महाराष्ट्र में कहा था कि कर्नाटक में 5 गारंटी हैं। अब आपने (शिवकुमार) कह दिया कि आप एक गारंटी छोड़ देंगे। समीक्षा की बात कहकर आपने संदेह पैदा कर दिया है। मैंने उनसे (महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं) कहा कि पांच, छह, सात या आठ गारंटी के वादे मत करते रहो। इसके बजाय ऐसे वादे करो जो आपके बजट के अनुरूप हों। जो लोग आलोचना करना चाहते हैं, उनके लिए इतना ही काफी है। उन्होंने सिद्धारमैया सरकार को अपने वादों पर कायम रहने की हिदायत दी।

खड़ने ने पार्टी नेताओं को चेताया और कहा, यदि आप बजट पर विचार किए बिना वादे करते हैं तो यह दिवालियापन की ओर ले जाएगा।सड़कों पर रेत डालने के भी पैसे नहीं होंगे। अगर यह सरकार असफल हुई तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।इससे बदनामी होगी और सरकार को अगले दस वर्षों तक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए बजट पर सावधानी से विचार करने की जरूरत है।

खरगे के बयान पर बीजेपी ने घेरा

अब खरगे के इसी बयान को भाजपा ने हाथों-हाथ लपका है। नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने खरगे की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार कांग्रेस ने यह स्वीकार किया है कि उसकी चुनावी घोषणाएं, जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए होती हैं।

राहुल गांधी के खटाखट योजनाओं का क्या होगा-रविशंकर

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि खरगे साहब को बहुत ज्ञान आ गया है। बहुत कुछ स्वीकार किया है। मन में सवाल आया। पहला पाठ अपने नेता राहुल गांधी को पढ़ाया कि नहीं, गभीर सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी के खटाखट योजनाओं का क्या होगा। राहुल गांधी ने हिमाचल में क्या क्या बोला था, अब देखिये क्या हाल हुआ है। टॉयलेट टैक्स लगा दिया और अब वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं।

एक बार फिर कांग्रेस की कलई खुल गई-रविशंकर

कर्नाटक की तरह हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में कांग्रेस के घोषित चुनावी गारंटियों का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा, पहले घोषणा करके फिर शुद्ध भाषा में जनता को बेवकूफ बनाकर वोट लेना। बाद में उस योजना को जमीन पर नहीं उतारना। बस, कागज पर ही रहने देना। कांग्रेस का यह आज का इतिहास नहीं है। गरीबी हटाओ की घोषणा कांग्रेस राज में 1971 में की गई थी। गरीबी हटी क्या? घोषणा करो, कोई पूछने वाला नहीं है। एक बार फिर कांग्रेस की कलई खुल गई है और उसकी सच्चाई सामने आ गई है।