मोहब्बत हमारे साथ, शादी मोदी साहब के साथ...देवगौड़ा के रिटायरमेंट पर ऐसा क्यों बोले खरगे?

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संसद के उच्च सदन राज्यसभा से बुधवार को कई सांसद रिटायर हो गए। उनकी विदाई के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विदाई का जिक्र आते ही मन भारी हो जाता है और समझ नहीं आता कि बात कहां से शुरू करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाला व्यक्ति कभी रिटायर नहीं होता, न ही टायर्ड होता है।

राज्यसभा में सांसदों की विदाई के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मजाकिया अंदाज से सबको लोटपोट कर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले पर ऐसी बातें कही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

पीएम मोदी के चेहरे पर भी दिखी मुस्कान

सदन को संबोधित करते हुए खरगे ने देवेगौड़ा का जिक्र किया। खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, 'मैं देवेगौड़ा को 54 वर्षों से जानता हूं। उनके साथ ही मैंने काम किया, लेकिन क्या हुआ मुझें मालूम नहीं। उन्होंने प्रेम हमारे साथ किया, मोहब्बत हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ कर ली। ये जल्दी ही हुआ कैसे हुआ मुझे मालूम नहीं।' उनके इस भाषण पर सदन में हल्की मुस्कान देखने को मिली। पीएम मोदी भी इस दौरान हंसते नजर आए।

कई सहयोगियों को किया याद

खड़गे ने कहा कि रामदास अट्ठावले अपनी खास शैली के लिए जाने जाते हैं और उनकी कविताएं अक्सर प्रधानमंत्री मोदी पर ही केंद्रित होती हैं। उन्होंने अपने सहयोगी शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की भी भावुक होकर प्रशंसा की। खड़गे ने कहा, 'ज्वलंत मुद्दों पर उन्होंने पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखी। उनके जाने से सदन में एक खालीपन महसूस होगा।'

सदन चलाने को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन ज्यादा से ज्यादा चलना चाहिए। सभी सांसदों की बातों को सुना जाना चाहिए। मिलकर काम करना चाहिए, ये बड़ी ताकत है। जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। रिटायर होने वाले कुछ साथी फिर वापस आएंगे कुछ नहीं आएंगे। पब्लिक लाइफ में रहने वाले सदस्य कभी रिटायर और टायर्ड नहीं होते।

कम हो गई कड़वाहट! राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिले शशि थरूर

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शशि थरूर की पार्टी नेतृत्व से नाराजगी की खबरें आ रही हैं।

संसद में गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर राहुल गांधी के ऑफिस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। यह आधे घंटे से अधिक समय तक चली। इस बैठक के बाद थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा, "सब ठीक है।" उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और असंतोष की खबरों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।

हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे- थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'मेरी पार्टी के 2 नेताओं, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हमारी बातचीत हुई। हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई। सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं और क्या कह सकता हूं?... मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?

उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं-थरूर

जब उनसे पूछा गया कि क्या केरल के मुख्यमंत्री के बारे में बात हुई, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, इस बारे में कभी बात नहीं हुई। मुझे किसी भी चीज़ के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अभी, मैं पहले से ही सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे वोटर्स का मुझ पर भरोसा है। मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है।'

शशि थरूर लगातार सुर्खियों में

बता दें कि हाल के महीनों में शशि थरूर लगातार सुर्खियों में रहे हैं। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को लेकर। कभी पार्टी बैठकों से दूरी को लेकर। कभी केरल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर। बीते कुछ समय में शशि थरूर ने कई अहम बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। केरल चुनाव की रणनीति पर होने वाली बैठक में वे नहीं पहुंचे। सोनिया गांधी के आवास पर हुई मीटिंग भी मिस की। वजह यात्रा बताई गई। लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक अंदरूनी नाराजगी की बात भी सामने आई।

थरूर ने माना-कुछ मुद्दे हैं

वहीं, थरूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें वे पार्टी के मंच पर उठाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि उन्होंने कभी भी संसद में पार्टी के तय रुख का उल्लंघन नहीं किया है। थरूर ने कहा था, 'मैं बस इतना कह सकता हूं कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें मुझे अपने पार्टी नेतृत्व के साथ उठाना है, न कि किसी सार्वजनिक मंच पर। मैं संसद के लिए दिल्ली जाऊंगा, और मुझे मौका मिलेगा, मेरा मानना है, कि मैं अपनी चिंताओं को पार्टी नेतृत्व के सामने बहुत स्पष्ट रूप से रख सकूं और उनका दृष्टिकोण जान सकूं, एक उचित बातचीत कर सकूं।'

मोगैंबो खुश हुआ...', रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप के बयान पर भड़के खरगे, पीएम मोदी पर कसा तंज*

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रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। खरगे ने सोमवार को हिंदी फिल्म के एक चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए कटाक्ष करते हुए कहा 'ट्रंप मोदी को लेकर यह कहना चाह रहे हैं कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'।

देश ने आपको पीएम सिर हिलाने के लिए नहीं चुना-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर सोमवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। खरगे ने कहा, 'मिस्टर इंडिया फिल्म का एक डायलॉग है कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'। इसी तरह ट्रंप ने कहने की कोशिश की है कि मोगैम्बो खुश हुआ। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, तो भारत झुकने वाला नहीं है।

क्या था ट्रंप का बयान

दरअसल खड़गे का बयान ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात पर अमेरिकी नाराजगी के बाद भारत ने तेल खरीद घटाई, क्योंकि मोदी मुझे (ट्रम्प) खुश करना चाहते थे। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।

दुनिया ट्रंप के सामने नहीं झुकेगी- खरगे

खड़गे ने ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कहते हैं। खड़गे बोले, ट्रंप कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।

आरएसएस पर पाबंदी लगनी चाहिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान, दिया सरदार पटेल की चिट्ठी का हवाला

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बड़ा बयान दिया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं।

सरदार पटेल की चिठ्ठी का दिया हवाला

खरगे ने सरदार पटेल के 1948 में जारी लेटर का जिक्र करते हुए संघ पर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक कहा, ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूं कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो ऐसा किया जाना चाहिए।

आरएसएस और बीजेपी जमकर साधा निशाना

मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

सरदार पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने जिस पत्र का जिक्र, वो सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था। इन पत्र में उस समय के गृह मंत्री पटेल ने कहा था कि आरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हो सकी।

पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने कहा कि सरदार पटेल ने 4 फरवरी 1948 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र किया। जिस पत्र में उन्होंने ये कहा कि महात्मा गांधी मृत्यु पर आरएसएस वालों ने हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे यह विरोध और बढ़ गया। इन हालत में सरकार के पास संघ के खिलाफ कदम उठाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।

सांप के विष से की संघ के विचारधारा की तुलना

संघ के विचारधारा की तुलना सांप के विष से करते हुए खरगे ने कहा कि अगर आप सांप को मारते है और विष निकलता है और कोई कहता है कि विष चाटेंगे, अगर विष चाटेंगे तो मरेंगे। खरगे ने कहा, सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा।

आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप

मल्लिकार्जुन खरगे ने आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

नेहरू और पटेल को लेकर कही ये बात

खरगे ने कहा कि सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री और बीजेपी हमेशा स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच झगड़ा दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि नेहरू और पटेल के बहुत अच्छे रिश्ते थे और पटेल ने नेहरू को जनता का नेता बताया था।

बिहार से खरगे ने मोदी सरकार को घेरा, GST से लेकर चीन के लिए रेड कॉर्पेट तक...जानें क्या-क्या कहा

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पटना में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महत्वपूर्ण बताया। खरगे ने कहा, मैं चाहता हूं आज यहां से बिहार के पुनर्निर्माण का बिगुल फूंका जाए। कांग्रेस पार्टी अपने गठबंधन दलों के साथ मिलकर बिहार के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और सुशासन मुहैया कराएगी। बिहार की जनता लंबे समय से 'स्वर्णिम बिहार' का सपना देख रही है और हम सब मिलकर इसे साकार करेंगे।

बिहार में चुनाव के साथ मोदी सरकार अंत की शुरुआत-खरगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित 'वोट चोरी', अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, आरक्षण और बिहार से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से मोदी सरकार के 'भ्रष्ट शासन' की उलटी गिनती और अंत की शुरुआत होगी।

चुनाव आयोग को कहा भाजपा का एजेंट

खरगे ने आगे कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। बिहार की जनता के साथ सरकार अन्याय कर रही है। डबल इंजन सरकार का रिंग पिस्टन फेल हो चुका है। एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ बिहार की जनता ने दिया, जिस कारण चुनाव आयोग को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने चुनाव आयोग पर हमला बोले हुए कहा कि प्रजातंत्र को मजबूत करने वाले निर्वाचन आयोग अब भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा। वोटरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। लेकिन, जनता इनका सच जान चुकी है। आगामी चुनाव में इन्हें माकूल जवाब देगी।

विदेश नीति पर मोदी सरकार की आलोचना

खरगे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी मुसीबतें नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की नाकामी और कूटनीतिक विफलता का नतीजा है। प्रधानमंत्री जिनको 'मेरे दोस्त' बताकर ढिंढोरा पीटते हैं, वही दोस्त आज भारत को अनेकों संकट में डाल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ पीएम स्वदेशी की वकालत कर रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ चीन के लिए रेड कार्पेट सरेआम बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में चीन से हमारे आयात दो गुना बढ़ गया है।

राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर सीआरपीएफ चिंतित, खरगे को लिखी चिट्ठी

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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है। 10 सितंबर को लिखी गई इस चिट्ठी में कहा गया है कि सीनियर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बिना पूर्व सूचना के विदेश चले जाते हैं, जो उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। सीआरपीएफ ने राहुल गांधी को भी एक अलग लेटर लिखकर इस मुद्दे के बारे में बताया है। बता दें कि राहुल गांधी को जेड प्लस सुरक्षा कवर सीआरपीएफ द्वारा प्रदान किया जाता है।

सिक्योरिटी प्रोटोकॉल तोड़ने पर चिंता

सीआरपीएफ ने विदेश यात्राओं के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से अपना सिक्योरिटी प्रोटोकॉल बार-बार तोड़े जाने पर गंभीर चिंता जताई है। सीआरपीएफ की ओर से कहा गया है कि इस तरह सुरक्षा से खिलवाड़ उन्हें गंभीर खतरे में डाल सकता है। सीआरपीएफ की ओर से इसके लिए उनकी इटली, वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों की यात्राओं का हवाला भी दिया गया है।

अनिवार्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी का आरोप

सीआरपीएफ ने राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लिखी चिट्ठी में उनकी ओर से लगातार इसके उल्लंघन की बात कही गई है। सीआरपीएफ का कहना है कि एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL)टीम के साथ जेड+ कवर (Z+) होने के बावजूद राहुल ने कई मौकों पर अनिवार्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी की।

अपनी गतिविधियों के बारे में देनी होती है सूचना

राहुल गांधी को एडवांस सिक्योरिटी लाइजन कवर के साथ हाइएस्ट लेवल की जेड+ सिक्योरिटी मिली हुई है। Z प्लस सिक्योरिटी में कुल 55 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। इनमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो होते हैं। बाकी सुरक्षाकर्मी सीएपीएफ और लोकल पुलिस के होते हैं। येलो बुक प्रोटोकॉल के तहत हाई कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त लोगों को अपनी गतिविधियों के बारे में सुरक्षा विंग को पहले से सूचना देनी होती है ताकि पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसमें विदेश यात्रा भी शामिल है।

खरगे ने पीएम मोदी पर कसा तंज, बोले- खुद की तारीफ करना बंद करें, चुनाव प्रचार से दूर रहने की भी सलाह

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'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कांग्रेस लगातार इस मिशन को लेकर सरकार पर हमलावर है। एक बार फिर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से संसद का तत्काल विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने कहा कि देश को गुमराह किया जा रहा है, इसलिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। खरगे ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के सिंगापुर में दिए इंटरव्यू के बाद यह मांग की गई है।

पीएम मोदी को चुनाव प्रचार से बचने की सलाह

बेंगलुरु में खरगे ने कहा, मैं उनके (मोदी के) सभी बयानों पर प्रतिक्रिया देना पसंद नहीं करता। लेकिन मेरा उनसे बस इतना अनुरोध है कि सत्ता में बैठे लोगों को कभी-कभी अपना मुंह बंद रखना चाहिए। खरगे ने प्रधानमंत्री के हालिया सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि पीएम मोदी को अस्थायी तौर पर चुनाव प्रचार से दूर हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, पीएम मोदी को खुद को चुनावों से अलग कर लेना चाहिए और देश पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्हें देश में जो कुछ भी हुआ है, उसे समझकर बोलना चाहिए।

पीएम मोदी से आत्म-प्रशंसा छोड़ने का आग्रह

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सेना को पूरी छूट दे दी गई है। उन्होंने कहा, जब पीएम मोदी ने कहा है कि उन्होंने सशस्त्र बलों को पूरा अधिकार दे दिया है, तो फिर वे यह दावा क्यों कर रहे हैं कि वह उन्होंने किया? खुद की बड़ाई करना अच्छी बात नहीं है। संवेदनशील समय में राजनीतिक संयम की आवश्यकता पर बल देते हुए खरगे ने कहा, हम कुछ नहीं कहेंगे, क्योंकि स्थिति सामान्य नहीं है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर देश के सभी नेताओं को चुप रहना चाहिए-खरगे

खड़गे ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर सभी नेताओं को बोलने से पहले सोच समझकर बोलना चाहिए। खरगे ने कहा, हमें कब क्या बोलना है, यह पता होना चाहिए। राष्ट्रीय मामलों में एकता होनी चाहिए और हमारा ध्यान विरोधियों को हराने पर होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर देश के सभी नेताओं को चुप रहना चाहिए। इसके बारे में बोलने से पहले यह समझना बेहतर है कि क्या हुआ है।

दरअसल, सीडीएस चौहान ने 31 मई को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग कार्यक्रम में ब्लूमबर्ग को इंटरव्यू में दिया। पाकिस्तान के भारतीय जेट को मार गिराने के दावों के सवाल पर उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि कितने विमान गिरे, बल्कि यह है कि वे क्यों गिरे?

पीएम मोदी को थी पहलगाम हमले की जानकारी, इसीलिए जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द किया? खरगे का बड़ा दावा


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पहलगाम हमले को लेकर बड़ा दावा किया है। झारखंड की राजधानी रांची में खरगे ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट मिली थी, जिसके बाद ही उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश का अपना दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी गई थी। इसलिए उन्होंने कश्मीर जाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। मैंने यह बात एक अखबार में भी पढ़ी।

खरगे की सवालों की बौछार

झारखंड की राजधानी रांची में 'संविधान बचाओ' रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि खुफिया जानकारी में खामी थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि जब सरकार ने खुफिया विफलता स्वीकार कर ली है? देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही। खरगे ने कहा कि जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की?

उसकी जिम्मेदारी आपको ही लेनी चाहिए-खरगे

खरगे ने कहा कि जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका जाना मुनासिब नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई? खरगे ने कहा मैं सवाल पूछता हूं कि आपने अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया लेकिन जो पर्यटक वहां ज्यादा मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोग जो इस घटना में मर गए हैं उसकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।

पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस साथ-खरगे

खरगे आगे ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं है आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये देश का मामला है।

जातिगत जनगणना के ऐलान के बाद खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तेलंगाना मॉडल अपनाने की दी सलाह


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम के आतंकी हमले के आक्रोश के बीच जातिगत जनगणना के फैसले पर पीएम मोदी को तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पीएम मोदी को यह पत्र लिखा है।

सभी राजनीतिक दलों से बातचीत का अनुरोध

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर जाति जनगणना के मुद्दे पर जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 16 अप्रैल, 2023 को ही आपको जाति जनगणना के मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन अफ़सोस की बात है कि मुझे इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के नेताओं और आपने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर जाति जनगणना की मांग को उठाने का विरोध भी किया था, जिसे आप आज स्वीकार करते हैं कि यह गहरे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के हित में है। 

खरगे के पास सरकार के लिए सुझाव

खरगे ने कहा कि आपने बिना किसी तरह की डिटेल्ज की घोषणा दी कि अगली जनगणना में जाति जनगणना को एक अलग श्रेणी के रूप में भी शामिल किया जाएगा। ये जनगणना वास्तव में 2021 में होनी थी। उन्होंने कहा कि मेरे पास आपके विचार के लिए तीन सुझाव हैं। जनगणना प्रश्नावली का डिज़ाइन काफी अहम है। जाति की जानकारी को गिनती के उद्देश्य से नहीं बल्कि बड़े सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इकट्ठा किया जाना चाहिए।

तेलंगाना मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव

पीएम मोदी को उन्होंने इस काम के लिए कांग्रेस शासित तेलंगाना में अपनाए गए मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया है। खरगे ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यों की ओर से पारित आरक्षण को तमिलनाडु की तर्ज पर संविधान की नौंवी अनुसूची में डाला जाए, आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े इकट्ठा करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के बड़े मकसदों को हासिल करने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के सवालों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए, जिससे हर जाति के सामाजिक और आर्थिक हालात का सही आकलन हो सके और उनके संवैधानिक अधिकारों को मजबूत किया जा सके।

मल्लिकार्जुन खरगे के 3 महत्वपूर्ण सुझाव

• जनगणना से जुड़े प्रश्नावली का डिजाइन खास होना चाहिए। इसमें पूछे जाने वाले सवालों के लिए तेलंगाना मॉडल का उपयोग करना चाहिए।

• सभी राज्यों द्वारा पारित आरक्षण संबंधी अधिनियमों को संविधान की नई सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इससे जनगणना के नतीजे साफ और स्पष्ट होंगे।

• कांग्रेस का मानना है कि जाति जनगणना जैसी किसी प्रक्रिया को विभाजनकारी नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि पिछड़ों, वंचितों और हाशिये पर खड़े लोगों को उनके अधिकार दिलाने का जरिया बनता है।

जातिगत जनगणना के ऐलान के बाद खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तेलंगाना मॉडल अपनाने की दी सलाह


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम के आतंकी हमले के आक्रोश के बीच जातिगत जनगणना के फैसले पर पीएम मोदी को तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पीएम मोदी को यह पत्र लिखा है।

सभी राजनीतिक दलों से बातचीत का अनुरोध

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर जाति जनगणना के मुद्दे पर जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 16 अप्रैल, 2023 को ही आपको जाति जनगणना के मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन अफ़सोस की बात है कि मुझे इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के नेताओं और आपने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर जाति जनगणना की मांग को उठाने का विरोध भी किया था, जिसे आप आज स्वीकार करते हैं कि यह गहरे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के हित में है। 

खरगे के पास सरकार के लिए सुझाव

खरगे ने कहा कि आपने बिना किसी तरह की डिटेल्ज की घोषणा दी कि अगली जनगणना में जाति जनगणना को एक अलग श्रेणी के रूप में भी शामिल किया जाएगा। ये जनगणना वास्तव में 2021 में होनी थी। उन्होंने कहा कि मेरे पास आपके विचार के लिए तीन सुझाव हैं। जनगणना प्रश्नावली का डिज़ाइन काफी अहम है। जाति की जानकारी को गिनती के उद्देश्य से नहीं बल्कि बड़े सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इकट्ठा किया जाना चाहिए।

तेलंगाना मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव

पीएम मोदी को उन्होंने इस काम के लिए कांग्रेस शासित तेलंगाना में अपनाए गए मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया है। खरगे ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यों की ओर से पारित आरक्षण को तमिलनाडु की तर्ज पर संविधान की नौंवी अनुसूची में डाला जाए, आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े इकट्ठा करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के बड़े मकसदों को हासिल करने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के सवालों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए, जिससे हर जाति के सामाजिक और आर्थिक हालात का सही आकलन हो सके और उनके संवैधानिक अधिकारों को मजबूत किया जा सके।

मल्लिकार्जुन खरगे के 3 महत्वपूर्ण सुझाव

• जनगणना से जुड़े प्रश्नावली का डिजाइन खास होना चाहिए। इसमें पूछे जाने वाले सवालों के लिए तेलंगाना मॉडल का उपयोग करना चाहिए।

• सभी राज्यों द्वारा पारित आरक्षण संबंधी अधिनियमों को संविधान की नई सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इससे जनगणना के नतीजे साफ और स्पष्ट होंगे।

• कांग्रेस का मानना है कि जाति जनगणना जैसी किसी प्रक्रिया को विभाजनकारी नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि पिछड़ों, वंचितों और हाशिये पर खड़े लोगों को उनके अधिकार दिलाने का जरिया बनता है।

मोहब्बत हमारे साथ, शादी मोदी साहब के साथ...देवगौड़ा के रिटायरमेंट पर ऐसा क्यों बोले खरगे?

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संसद के उच्च सदन राज्यसभा से बुधवार को कई सांसद रिटायर हो गए। उनकी विदाई के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विदाई का जिक्र आते ही मन भारी हो जाता है और समझ नहीं आता कि बात कहां से शुरू करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाला व्यक्ति कभी रिटायर नहीं होता, न ही टायर्ड होता है।

राज्यसभा में सांसदों की विदाई के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मजाकिया अंदाज से सबको लोटपोट कर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले पर ऐसी बातें कही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

पीएम मोदी के चेहरे पर भी दिखी मुस्कान

सदन को संबोधित करते हुए खरगे ने देवेगौड़ा का जिक्र किया। खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, 'मैं देवेगौड़ा को 54 वर्षों से जानता हूं। उनके साथ ही मैंने काम किया, लेकिन क्या हुआ मुझें मालूम नहीं। उन्होंने प्रेम हमारे साथ किया, मोहब्बत हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ कर ली। ये जल्दी ही हुआ कैसे हुआ मुझे मालूम नहीं।' उनके इस भाषण पर सदन में हल्की मुस्कान देखने को मिली। पीएम मोदी भी इस दौरान हंसते नजर आए।

कई सहयोगियों को किया याद

खड़गे ने कहा कि रामदास अट्ठावले अपनी खास शैली के लिए जाने जाते हैं और उनकी कविताएं अक्सर प्रधानमंत्री मोदी पर ही केंद्रित होती हैं। उन्होंने अपने सहयोगी शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की भी भावुक होकर प्रशंसा की। खड़गे ने कहा, 'ज्वलंत मुद्दों पर उन्होंने पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखी। उनके जाने से सदन में एक खालीपन महसूस होगा।'

सदन चलाने को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन ज्यादा से ज्यादा चलना चाहिए। सभी सांसदों की बातों को सुना जाना चाहिए। मिलकर काम करना चाहिए, ये बड़ी ताकत है। जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। रिटायर होने वाले कुछ साथी फिर वापस आएंगे कुछ नहीं आएंगे। पब्लिक लाइफ में रहने वाले सदस्य कभी रिटायर और टायर्ड नहीं होते।

कम हो गई कड़वाहट! राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिले शशि थरूर

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शशि थरूर की पार्टी नेतृत्व से नाराजगी की खबरें आ रही हैं।

संसद में गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर राहुल गांधी के ऑफिस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। यह आधे घंटे से अधिक समय तक चली। इस बैठक के बाद थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा, "सब ठीक है।" उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और असंतोष की खबरों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।

हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे- थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'मेरी पार्टी के 2 नेताओं, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हमारी बातचीत हुई। हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई। सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं और क्या कह सकता हूं?... मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?

उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं-थरूर

जब उनसे पूछा गया कि क्या केरल के मुख्यमंत्री के बारे में बात हुई, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, इस बारे में कभी बात नहीं हुई। मुझे किसी भी चीज़ के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अभी, मैं पहले से ही सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे वोटर्स का मुझ पर भरोसा है। मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है।'

शशि थरूर लगातार सुर्खियों में

बता दें कि हाल के महीनों में शशि थरूर लगातार सुर्खियों में रहे हैं। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को लेकर। कभी पार्टी बैठकों से दूरी को लेकर। कभी केरल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर। बीते कुछ समय में शशि थरूर ने कई अहम बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। केरल चुनाव की रणनीति पर होने वाली बैठक में वे नहीं पहुंचे। सोनिया गांधी के आवास पर हुई मीटिंग भी मिस की। वजह यात्रा बताई गई। लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक अंदरूनी नाराजगी की बात भी सामने आई।

थरूर ने माना-कुछ मुद्दे हैं

वहीं, थरूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें वे पार्टी के मंच पर उठाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि उन्होंने कभी भी संसद में पार्टी के तय रुख का उल्लंघन नहीं किया है। थरूर ने कहा था, 'मैं बस इतना कह सकता हूं कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें मुझे अपने पार्टी नेतृत्व के साथ उठाना है, न कि किसी सार्वजनिक मंच पर। मैं संसद के लिए दिल्ली जाऊंगा, और मुझे मौका मिलेगा, मेरा मानना है, कि मैं अपनी चिंताओं को पार्टी नेतृत्व के सामने बहुत स्पष्ट रूप से रख सकूं और उनका दृष्टिकोण जान सकूं, एक उचित बातचीत कर सकूं।'

मोगैंबो खुश हुआ...', रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप के बयान पर भड़के खरगे, पीएम मोदी पर कसा तंज*

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रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। खरगे ने सोमवार को हिंदी फिल्म के एक चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए कटाक्ष करते हुए कहा 'ट्रंप मोदी को लेकर यह कहना चाह रहे हैं कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'।

देश ने आपको पीएम सिर हिलाने के लिए नहीं चुना-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर सोमवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। खरगे ने कहा, 'मिस्टर इंडिया फिल्म का एक डायलॉग है कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'। इसी तरह ट्रंप ने कहने की कोशिश की है कि मोगैम्बो खुश हुआ। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, तो भारत झुकने वाला नहीं है।

क्या था ट्रंप का बयान

दरअसल खड़गे का बयान ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात पर अमेरिकी नाराजगी के बाद भारत ने तेल खरीद घटाई, क्योंकि मोदी मुझे (ट्रम्प) खुश करना चाहते थे। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।

दुनिया ट्रंप के सामने नहीं झुकेगी- खरगे

खड़गे ने ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कहते हैं। खड़गे बोले, ट्रंप कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।

आरएसएस पर पाबंदी लगनी चाहिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान, दिया सरदार पटेल की चिट्ठी का हवाला

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बड़ा बयान दिया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं।

सरदार पटेल की चिठ्ठी का दिया हवाला

खरगे ने सरदार पटेल के 1948 में जारी लेटर का जिक्र करते हुए संघ पर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक कहा, ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूं कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो ऐसा किया जाना चाहिए।

आरएसएस और बीजेपी जमकर साधा निशाना

मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

सरदार पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने जिस पत्र का जिक्र, वो सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था। इन पत्र में उस समय के गृह मंत्री पटेल ने कहा था कि आरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हो सकी।

पटेल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र

खरगे ने कहा कि सरदार पटेल ने 4 फरवरी 1948 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का जिक्र किया। जिस पत्र में उन्होंने ये कहा कि महात्मा गांधी मृत्यु पर आरएसएस वालों ने हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे यह विरोध और बढ़ गया। इन हालत में सरकार के पास संघ के खिलाफ कदम उठाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।

सांप के विष से की संघ के विचारधारा की तुलना

संघ के विचारधारा की तुलना सांप के विष से करते हुए खरगे ने कहा कि अगर आप सांप को मारते है और विष निकलता है और कोई कहता है कि विष चाटेंगे, अगर विष चाटेंगे तो मरेंगे। खरगे ने कहा, सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा।

आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप

मल्लिकार्जुन खरगे ने आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था। बीजेपी हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए।

नेहरू और पटेल को लेकर कही ये बात

खरगे ने कहा कि सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री और बीजेपी हमेशा स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच झगड़ा दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि नेहरू और पटेल के बहुत अच्छे रिश्ते थे और पटेल ने नेहरू को जनता का नेता बताया था।

बिहार से खरगे ने मोदी सरकार को घेरा, GST से लेकर चीन के लिए रेड कॉर्पेट तक...जानें क्या-क्या कहा

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पटना में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महत्वपूर्ण बताया। खरगे ने कहा, मैं चाहता हूं आज यहां से बिहार के पुनर्निर्माण का बिगुल फूंका जाए। कांग्रेस पार्टी अपने गठबंधन दलों के साथ मिलकर बिहार के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और सुशासन मुहैया कराएगी। बिहार की जनता लंबे समय से 'स्वर्णिम बिहार' का सपना देख रही है और हम सब मिलकर इसे साकार करेंगे।

बिहार में चुनाव के साथ मोदी सरकार अंत की शुरुआत-खरगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित 'वोट चोरी', अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, आरक्षण और बिहार से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से मोदी सरकार के 'भ्रष्ट शासन' की उलटी गिनती और अंत की शुरुआत होगी।

चुनाव आयोग को कहा भाजपा का एजेंट

खरगे ने आगे कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। बिहार की जनता के साथ सरकार अन्याय कर रही है। डबल इंजन सरकार का रिंग पिस्टन फेल हो चुका है। एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ बिहार की जनता ने दिया, जिस कारण चुनाव आयोग को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने चुनाव आयोग पर हमला बोले हुए कहा कि प्रजातंत्र को मजबूत करने वाले निर्वाचन आयोग अब भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा। वोटरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। लेकिन, जनता इनका सच जान चुकी है। आगामी चुनाव में इन्हें माकूल जवाब देगी।

विदेश नीति पर मोदी सरकार की आलोचना

खरगे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी मुसीबतें नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की नाकामी और कूटनीतिक विफलता का नतीजा है। प्रधानमंत्री जिनको 'मेरे दोस्त' बताकर ढिंढोरा पीटते हैं, वही दोस्त आज भारत को अनेकों संकट में डाल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ पीएम स्वदेशी की वकालत कर रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ चीन के लिए रेड कार्पेट सरेआम बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में चीन से हमारे आयात दो गुना बढ़ गया है।

राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर सीआरपीएफ चिंतित, खरगे को लिखी चिट्ठी

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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है। 10 सितंबर को लिखी गई इस चिट्ठी में कहा गया है कि सीनियर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बिना पूर्व सूचना के विदेश चले जाते हैं, जो उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। सीआरपीएफ ने राहुल गांधी को भी एक अलग लेटर लिखकर इस मुद्दे के बारे में बताया है। बता दें कि राहुल गांधी को जेड प्लस सुरक्षा कवर सीआरपीएफ द्वारा प्रदान किया जाता है।

सिक्योरिटी प्रोटोकॉल तोड़ने पर चिंता

सीआरपीएफ ने विदेश यात्राओं के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से अपना सिक्योरिटी प्रोटोकॉल बार-बार तोड़े जाने पर गंभीर चिंता जताई है। सीआरपीएफ की ओर से कहा गया है कि इस तरह सुरक्षा से खिलवाड़ उन्हें गंभीर खतरे में डाल सकता है। सीआरपीएफ की ओर से इसके लिए उनकी इटली, वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों की यात्राओं का हवाला भी दिया गया है।

अनिवार्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी का आरोप

सीआरपीएफ ने राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लिखी चिट्ठी में उनकी ओर से लगातार इसके उल्लंघन की बात कही गई है। सीआरपीएफ का कहना है कि एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL)टीम के साथ जेड+ कवर (Z+) होने के बावजूद राहुल ने कई मौकों पर अनिवार्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी की।

अपनी गतिविधियों के बारे में देनी होती है सूचना

राहुल गांधी को एडवांस सिक्योरिटी लाइजन कवर के साथ हाइएस्ट लेवल की जेड+ सिक्योरिटी मिली हुई है। Z प्लस सिक्योरिटी में कुल 55 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। इनमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो होते हैं। बाकी सुरक्षाकर्मी सीएपीएफ और लोकल पुलिस के होते हैं। येलो बुक प्रोटोकॉल के तहत हाई कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त लोगों को अपनी गतिविधियों के बारे में सुरक्षा विंग को पहले से सूचना देनी होती है ताकि पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसमें विदेश यात्रा भी शामिल है।

खरगे ने पीएम मोदी पर कसा तंज, बोले- खुद की तारीफ करना बंद करें, चुनाव प्रचार से दूर रहने की भी सलाह

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'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कांग्रेस लगातार इस मिशन को लेकर सरकार पर हमलावर है। एक बार फिर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से संसद का तत्काल विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने कहा कि देश को गुमराह किया जा रहा है, इसलिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। खरगे ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के सिंगापुर में दिए इंटरव्यू के बाद यह मांग की गई है।

पीएम मोदी को चुनाव प्रचार से बचने की सलाह

बेंगलुरु में खरगे ने कहा, मैं उनके (मोदी के) सभी बयानों पर प्रतिक्रिया देना पसंद नहीं करता। लेकिन मेरा उनसे बस इतना अनुरोध है कि सत्ता में बैठे लोगों को कभी-कभी अपना मुंह बंद रखना चाहिए। खरगे ने प्रधानमंत्री के हालिया सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि पीएम मोदी को अस्थायी तौर पर चुनाव प्रचार से दूर हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, पीएम मोदी को खुद को चुनावों से अलग कर लेना चाहिए और देश पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्हें देश में जो कुछ भी हुआ है, उसे समझकर बोलना चाहिए।

पीएम मोदी से आत्म-प्रशंसा छोड़ने का आग्रह

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सेना को पूरी छूट दे दी गई है। उन्होंने कहा, जब पीएम मोदी ने कहा है कि उन्होंने सशस्त्र बलों को पूरा अधिकार दे दिया है, तो फिर वे यह दावा क्यों कर रहे हैं कि वह उन्होंने किया? खुद की बड़ाई करना अच्छी बात नहीं है। संवेदनशील समय में राजनीतिक संयम की आवश्यकता पर बल देते हुए खरगे ने कहा, हम कुछ नहीं कहेंगे, क्योंकि स्थिति सामान्य नहीं है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर देश के सभी नेताओं को चुप रहना चाहिए-खरगे

खड़गे ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर सभी नेताओं को बोलने से पहले सोच समझकर बोलना चाहिए। खरगे ने कहा, हमें कब क्या बोलना है, यह पता होना चाहिए। राष्ट्रीय मामलों में एकता होनी चाहिए और हमारा ध्यान विरोधियों को हराने पर होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर देश के सभी नेताओं को चुप रहना चाहिए। इसके बारे में बोलने से पहले यह समझना बेहतर है कि क्या हुआ है।

दरअसल, सीडीएस चौहान ने 31 मई को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग कार्यक्रम में ब्लूमबर्ग को इंटरव्यू में दिया। पाकिस्तान के भारतीय जेट को मार गिराने के दावों के सवाल पर उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि कितने विमान गिरे, बल्कि यह है कि वे क्यों गिरे?

पीएम मोदी को थी पहलगाम हमले की जानकारी, इसीलिए जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द किया? खरगे का बड़ा दावा


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पहलगाम हमले को लेकर बड़ा दावा किया है। झारखंड की राजधानी रांची में खरगे ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट मिली थी, जिसके बाद ही उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश का अपना दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी गई थी। इसलिए उन्होंने कश्मीर जाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। मैंने यह बात एक अखबार में भी पढ़ी।

खरगे की सवालों की बौछार

झारखंड की राजधानी रांची में 'संविधान बचाओ' रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि खुफिया जानकारी में खामी थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि जब सरकार ने खुफिया विफलता स्वीकार कर ली है? देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही। खरगे ने कहा कि जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की?

उसकी जिम्मेदारी आपको ही लेनी चाहिए-खरगे

खरगे ने कहा कि जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका जाना मुनासिब नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई? खरगे ने कहा मैं सवाल पूछता हूं कि आपने अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया लेकिन जो पर्यटक वहां ज्यादा मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोग जो इस घटना में मर गए हैं उसकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।

पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस साथ-खरगे

खरगे आगे ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं है आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये देश का मामला है।

जातिगत जनगणना के ऐलान के बाद खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तेलंगाना मॉडल अपनाने की दी सलाह


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम के आतंकी हमले के आक्रोश के बीच जातिगत जनगणना के फैसले पर पीएम मोदी को तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पीएम मोदी को यह पत्र लिखा है।

सभी राजनीतिक दलों से बातचीत का अनुरोध

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर जाति जनगणना के मुद्दे पर जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 16 अप्रैल, 2023 को ही आपको जाति जनगणना के मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन अफ़सोस की बात है कि मुझे इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के नेताओं और आपने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर जाति जनगणना की मांग को उठाने का विरोध भी किया था, जिसे आप आज स्वीकार करते हैं कि यह गहरे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के हित में है। 

खरगे के पास सरकार के लिए सुझाव

खरगे ने कहा कि आपने बिना किसी तरह की डिटेल्ज की घोषणा दी कि अगली जनगणना में जाति जनगणना को एक अलग श्रेणी के रूप में भी शामिल किया जाएगा। ये जनगणना वास्तव में 2021 में होनी थी। उन्होंने कहा कि मेरे पास आपके विचार के लिए तीन सुझाव हैं। जनगणना प्रश्नावली का डिज़ाइन काफी अहम है। जाति की जानकारी को गिनती के उद्देश्य से नहीं बल्कि बड़े सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इकट्ठा किया जाना चाहिए।

तेलंगाना मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव

पीएम मोदी को उन्होंने इस काम के लिए कांग्रेस शासित तेलंगाना में अपनाए गए मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया है। खरगे ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यों की ओर से पारित आरक्षण को तमिलनाडु की तर्ज पर संविधान की नौंवी अनुसूची में डाला जाए, आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े इकट्ठा करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के बड़े मकसदों को हासिल करने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के सवालों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए, जिससे हर जाति के सामाजिक और आर्थिक हालात का सही आकलन हो सके और उनके संवैधानिक अधिकारों को मजबूत किया जा सके।

मल्लिकार्जुन खरगे के 3 महत्वपूर्ण सुझाव

• जनगणना से जुड़े प्रश्नावली का डिजाइन खास होना चाहिए। इसमें पूछे जाने वाले सवालों के लिए तेलंगाना मॉडल का उपयोग करना चाहिए।

• सभी राज्यों द्वारा पारित आरक्षण संबंधी अधिनियमों को संविधान की नई सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इससे जनगणना के नतीजे साफ और स्पष्ट होंगे।

• कांग्रेस का मानना है कि जाति जनगणना जैसी किसी प्रक्रिया को विभाजनकारी नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि पिछड़ों, वंचितों और हाशिये पर खड़े लोगों को उनके अधिकार दिलाने का जरिया बनता है।

जातिगत जनगणना के ऐलान के बाद खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तेलंगाना मॉडल अपनाने की दी सलाह


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम के आतंकी हमले के आक्रोश के बीच जातिगत जनगणना के फैसले पर पीएम मोदी को तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पीएम मोदी को यह पत्र लिखा है।

सभी राजनीतिक दलों से बातचीत का अनुरोध

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर जाति जनगणना के मुद्दे पर जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 16 अप्रैल, 2023 को ही आपको जाति जनगणना के मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन अफ़सोस की बात है कि मुझे इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के नेताओं और आपने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर जाति जनगणना की मांग को उठाने का विरोध भी किया था, जिसे आप आज स्वीकार करते हैं कि यह गहरे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के हित में है। 

खरगे के पास सरकार के लिए सुझाव

खरगे ने कहा कि आपने बिना किसी तरह की डिटेल्ज की घोषणा दी कि अगली जनगणना में जाति जनगणना को एक अलग श्रेणी के रूप में भी शामिल किया जाएगा। ये जनगणना वास्तव में 2021 में होनी थी। उन्होंने कहा कि मेरे पास आपके विचार के लिए तीन सुझाव हैं। जनगणना प्रश्नावली का डिज़ाइन काफी अहम है। जाति की जानकारी को गिनती के उद्देश्य से नहीं बल्कि बड़े सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इकट्ठा किया जाना चाहिए।

तेलंगाना मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव

पीएम मोदी को उन्होंने इस काम के लिए कांग्रेस शासित तेलंगाना में अपनाए गए मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया है। खरगे ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यों की ओर से पारित आरक्षण को तमिलनाडु की तर्ज पर संविधान की नौंवी अनुसूची में डाला जाए, आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े इकट्ठा करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के बड़े मकसदों को हासिल करने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के सवालों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए, जिससे हर जाति के सामाजिक और आर्थिक हालात का सही आकलन हो सके और उनके संवैधानिक अधिकारों को मजबूत किया जा सके।

मल्लिकार्जुन खरगे के 3 महत्वपूर्ण सुझाव

• जनगणना से जुड़े प्रश्नावली का डिजाइन खास होना चाहिए। इसमें पूछे जाने वाले सवालों के लिए तेलंगाना मॉडल का उपयोग करना चाहिए।

• सभी राज्यों द्वारा पारित आरक्षण संबंधी अधिनियमों को संविधान की नई सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इससे जनगणना के नतीजे साफ और स्पष्ट होंगे।

• कांग्रेस का मानना है कि जाति जनगणना जैसी किसी प्रक्रिया को विभाजनकारी नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि पिछड़ों, वंचितों और हाशिये पर खड़े लोगों को उनके अधिकार दिलाने का जरिया बनता है।