BOKARO

Jan 27 2022, 19:29

टाटा के हाथों में सौंपी गई Air India की कमान, हस्तांतरण से पहले पीएम मोदी से मिले टाटा सन्स के चेयरमैन

  


आज से एयर इंडिया आधिकारिक तौर पर टाटा ग्रुप की हो गई है। इसके संचालन के लिए SBI कंसोर्टियम लोन देगा

  

नईदिल्ली। आज एयर इंडिया को सरकार ने टाटा ग्रुप को सौंप दिया। टाटा ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने 8 अक्टूबर 2021 को 18000 करोड़ में एयर इंडिया को खरीदा था। इस डील के तहत टाटा ग्रुप 2700 करोड़ रुपए नकद चुकाएगा और एयरलाइन का 15300 करोड़ रुपए का कर्ज भी खुद चुकाएगा। सौदे में एयर इंडिया एक्सप्रेस और उसकी इकाई एआईएसएटीएस (AISATS) की बिक्री भी शामिल है। एयर इंडिया को खरीदने के बाद टाटा ग्रुप को उसके 141 वाइड-बॉडी एंड नैरो-बॉडी एयरक्रॉफ्ट मिल जाएंगे। साथ ही उन्हें 4400 डोमेस्टिक और 1800 इंटरनेशनल डेस्टिनेशन से साथ एयर इंडिया के पार्किंग स्लॉट भी मिल जाएंगे। आधिकारिक तौर पर एयर इंडिया के हस्तांतरण से पहले टाटा सन्स के चेयरमैन एन चन्द्रशेखरन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

  

कैसे होगा एयर इंडिया की परिसंपत्ति का हस्तांतरण?

  

हस्तांतरण प्रक्रिया से पहले, 24 जनवरी को निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने एयर इंडिया लिमिटेड और एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) द्वारा और उनके बीच एयरलाइन की संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए किए गए समझौते की रूपरेखा को अधिसूचित किया। एयर इंडिया की चार अनुषंगी -एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, एयरलाइन अलाइड सर्विसेस लिमिटेड, एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेस लिमिटेड और होटल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ-साथ गैर प्रमुख संपत्तियों आदि को विशेष प्रयोजन इकाई (AIAHL) में स्थानांतरित किया गया था।

  

कर्ज में डूबे एयर इंडिया का संचालन

एयर इंडिया के कर्ज की बात करें तो 31 अगस्त 2021 तक एयरलाइन पर कुल कर्ज 61 हजार 562 करोड़ का था। इस कर्ज का 75 फीसदी (46262 करोड़) स्पेशल पर्पस व्हीकल AIAHL को ट्रांसफर कर दिया गया है। बता दें कि एयर इंडिया का 2007-08 में इंडियन एयरलाइन के साथ मर्जर किया गया था। उसके बाद से यह कंपनी लगातार घाटे में है। पिछले एक दशक में सरकार ने एयर इंडिया को बचाये रखने के लिए 1 लाख करोड़ से ज्यादा राशि खर्च की है। अब SBI के नेतृत्व में बैंकों का कंसोर्टियम टाटा ग्रुप को एयर इंडिया के संचालन के लिए लोन उपलब्ध करवाएगा। इस कंसोर्टियम में SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। 

Delhincr

Jan 27 2022, 19:18

टाटा के हाथों में सौंपी गई Air India की कमान, हस्तांतरण से पहले पीएम मोदी से मिले टाटा सन्स के चेयरमैन

  


आज से एयर इंडिया आधिकारिक तौर पर टाटा ग्रुप की हो गई है। इसके संचालन के लिए SBI कंसोर्टियम लोन देगा

  

नईदिल्ली। आज एयर इंडिया को सरकार ने टाटा ग्रुप को सौंप दिया। टाटा ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने 8 अक्टूबर 2021 को 18000 करोड़ में एयर इंडिया को खरीदा था। इस डील के तहत टाटा ग्रुप 2700 करोड़ रुपए नकद चुकाएगा और एयरलाइन का 15300 करोड़ रुपए का कर्ज भी खुद चुकाएगा। सौदे में एयर इंडिया एक्सप्रेस और उसकी इकाई एआईएसएटीएस (AISATS) की बिक्री भी शामिल है। एयर इंडिया को खरीदने के बाद टाटा ग्रुप को उसके 141 वाइड-बॉडी एंड नैरो-बॉडी एयरक्रॉफ्ट मिल जाएंगे। साथ ही उन्हें 4400 डोमेस्टिक और 1800 इंटरनेशनल डेस्टिनेशन से साथ एयर इंडिया के पार्किंग स्लॉट भी मिल जाएंगे। आधिकारिक तौर पर एयर इंडिया के हस्तांतरण से पहले टाटा सन्स के चेयरमैन एन चन्द्रशेखरन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

कैसे होगा एयर इंडिया की परिसंपत्ति का हस्तांतरण?

हस्तांतरण प्रक्रिया से पहले, 24 जनवरी को निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने एयर इंडिया लिमिटेड और एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) द्वारा और उनके बीच एयरलाइन की संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए किए गए समझौते की रूपरेखा को अधिसूचित किया। एयर इंडिया की चार अनुषंगी -एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, एयरलाइन अलाइड सर्विसेस लिमिटेड, एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेस लिमिटेड और होटल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ-साथ गैर प्रमुख संपत्तियों आदि को विशेष प्रयोजन इकाई (AIAHL) में स्थानांतरित किया गया था।

कर्ज में डूबे एयर इंडिया का संचालन

एयर इंडिया के कर्ज की बात करें तो 31 अगस्त 2021 तक एयरलाइन पर कुल कर्ज 61 हजार 562 करोड़ का था। इस कर्ज का 75 फीसदी (46262 करोड़) स्पेशल पर्पस व्हीकल AIAHL को ट्रांसफर कर दिया गया है। बता दें कि एयर इंडिया का 2007-08 में इंडियन एयरलाइन के साथ मर्जर किया गया था। उसके बाद से यह कंपनी लगातार घाटे में है। पिछले एक दशक में सरकार ने एयर इंडिया को बचाये रखने के लिए 1 लाख करोड़ से ज्यादा राशि खर्च की है। अब SBI के नेतृत्व में बैंकों का कंसोर्टियम टाटा ग्रुप को एयर इंडिया के संचालन के लिए लोन उपलब्ध करवाएगा। इस कंसोर्टियम में SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। 

Saharsa

Jan 26 2022, 09:50

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

  

आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

  

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है। 

Gaya

Jan 26 2022, 09:48

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है। 

Motihari

Jan 26 2022, 09:47

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

  

आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है। 

Katihar

Jan 26 2022, 09:46

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

  

आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

  

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है। 

Purnea

Jan 26 2022, 09:45

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

  

     आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

      आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है। 

Aurangabad

Jan 26 2022, 09:44

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

  

आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है। 

Bhojpur

Jan 26 2022, 09:43

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

  

आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है। 

Bihar

Jan 26 2022, 09:42

आज भारत का 73 वां गणतंत्र दिवस,आज के दिन हीं भारत बना पूर्ण सम्प्रभु गणराज्य , लागू हुआ था अपना संविधान,जाने गणतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास को..!

  



(विनोद आनंद)
आज भारतीय गणतंत्र का 73 वां वर्ष है।आज के ही दिन 1950 को भारत में आजादी के बाद पहले से चले आ रहे अंग्रेजों का कानून Government of India Act (1935) को भारतीय संविधान के जरिये भारतीय शासन दस्तावेज के रूप में बदल दिया गया।और भारत के लिए बने हमारे अपने संविधान को लागू किया गया।

  

     आज के दिन 1950 में भारत पूर्ण सम्प्रभु,गणराज्य बना और सरकार तथा पूर्ण शासन तंत्र भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगा।

  

      आज हमारा देश जिस संविधान के जरिये विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है उस संविधान का मसौदा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था जिन्हें भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। 

  

कई सुधारों और बदलावों के बाद कमेटी के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को हाथ से लिखे कानून की दो कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, जिसके दो दिनों बाद 26 जनवरी 1950 को यह सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश में लागू कर दिया गया। इस दिन से भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।उसके ठीक 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले थे, जहां उन्होंने पहली बार सेना की सलामी ली थी और पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। 

इस दिन हम भारतवासी तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों का या तो आयोजन करते हैं या फिर उसका हिस्सा बनते हैं।

इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड  होती है। इस परेड में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना आदि की विभिन्न रेजिमेंट हिस्सा लेती हैं। 

भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करने के लिए क्यों चुना गया 26 जनवरी को

शायद आपके मन में ये सवाल आता होगा कि आखिर गणतंत्र दिवस हम 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं, किसी दूसरे दिन क्‍यों नहीं। इसके पीछे बहुत ही रोचक इतिहास है। 

आजादी के पहले देश का स्वतंत्रता दिवस किसी और दिन मनाया जाता था। 

26 जनवरी 1950  के दिन संविधान लागू  के कई कारण थे। देश स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अपनाया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 

 26 जनवरी को संविधान लागू करने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सन् 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की पूरी तरह से आजादी की घोषणा की थी।

सन् 1929 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जरिये एक सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आम सहमति से इस बात का ऐलान किया गया कि अंग्रेजी सरकार, भारत को 26 जनवरी 1930 तक डोमिनियन स्टेटस का दर्जा दे। इस दिन पहली बार भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था।

 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज घोषित करने की तारीख को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया।

गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे सप्ताह होता है आयोजित

उस समय से अब तक मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आम तौर पर 24 जनवरी से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम का ऐलान करने के साथ शुरू होता रहा है। लेकिन इस बार यह 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से शुरू हो गया है। वहीं 25 जनवरी की शाम राष्ट्रपति देश के नाम संबोधन देते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस दौरान राजपथ पर परेड निकाली जाती है। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री परेड में शामिल होते हैं एनसीसी कैडेट के साथ मुलाकात करते हैं। वहीं 29 जनवरी को रायसीना हिल्स पर बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीनों सेनाओं के बैंड शानदार धुन के साथ मार्च पास्ट करते हैं। इसी के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम खत्म होता है। यह परंपरा 1950 से चला आ रहा है।