Healthcare

Sep 20 2020, 07:18

 @Healthcare तभी से उन्होंने जड़ी-बूटियों द्वारा बीमारियों के उपचार को अपना शौक बना लिया। 50 वर्ष की उम्र में डॉ एन. विग्मोर को आंत में कैंसर हो गया था। जिसके लिए उन्होंने गेहूँ के ज्वारों का रस और अपक्व आहार लिया और एक वर्ष में वे कैंसर मुक्त हो गई। उन्होंने बोस्टन में एन विगमोर इन्स्टिट्यूट खोला जो आज भी काम कर रहा है। तब से लेकर अपनी मृत्यु तक वह गेहूँ के ज्वारे और अपक्व आहार द्वारा रोगियों का उपचार करती रही। उन्होंने इस विषय पर 35 पुस्तकें भी लिखी हैं।

सेवन का तरीका

ज्वारे का रस सामान्यतः 60-120 एमएल प्रति दिन या प्रति दूसरे दिन खाली पेट लेना चाहिये। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो 30-60 एमएल रस दिन मे तीन चार बार तक ले सकते हैं। इसे आप सप्ताह में 5 दिन सेवन करें। कुछ लोगों को शुरू में रस पीने से उबकाई सी आती है, तो कम मात्रा से शुरू करें और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ायें। 

ज्वारे के रस में फलों और सब्जियों के रस जैसे सेब फल, अन्नानास आदि के रस को मिलाया जा सकता है। इसे कभी भी खट्टे रसों जैसे नीबू, संतरा आदि के साथ नहीं लेना चाहिए।  इसमें नमक, चीनी या कोई अन्य मसाला नहीं मिलाये।  ज्वारे के रस की 120 एम एल मात्रा बड़ी उपयुक्त मात्रा है और एक सप्ताह में इसके परिणाम दिखने लगते हैं।

सन् 1938 में अनुसंधानकर्ता डॉ पॉल गेरहार्ड सीजर ने बताया था कि जब कोशिका में ऑक्सीजन उपलब्ध न हो या सामान्य श्वसन क्रिया बाधित हो जाये तभी कैंसर जन्म लेता है। ज्वारों में एक हार्मोन एब्सीसिक एसिड (ए बी ए) होता है जो हमें अन्यत्र कहीं नहीं मिलता है।जो इस तरह की समस्याओ से लड़ता है।  

डॉ लिविंग्स्टन व्हीलर के अनुसार कैंसर के मरीजों को ज्वारे के रस को थोड़ा सा तुरंत और बचा हुआ 4 घंटे बाद पीना चाहिये।

गेहूं के ज्वारे के गुण 

डॉ  बरनार्ड जेन्सन के अनुसार गेहूँ के ज्वारे का रस कुछ ही मिनटों में पच जाता है। यह शरीर से हानिकारक पदार्थों , भारी धातुओं और शरीर में जमा दवाओं को शरीर से बहार निकलता है।इसके सेवन से मुहाँसों और उनसे बने दाग, धब्बे और झाइयां सब साफ हो जाते हैं।यह शरीर को दुर्गंध रहित रखता है। गेहूँ के ज्वारे का रस नियमित पीने से एग्जीमा और सोरायसिस भी ठीक हो जाते हैं। 

nardiganj346

Sep 14 2020, 13:14

अगर सितम्बर में खुलते है स्कूल कॉलेज या कोचिंग संस्थान तो फ़ॉलो करना होगा ये नियम नही तो होगी कार्यवाही




केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई को लेकर गाइडलाइंस (Guidelines) की घोषणा कर दी है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे (Ashwini Kumar Choubey) ने रविवार को अपने ट्विटर हैंडल पर गाइडलाइंस की एक तस्वीर शेयर की. स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूड, उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोजीसर (SOP) जारी कर दिया है. टेक्निकल प्रोग्राम्स में कोर्स कराने वाले इन संस्थानों को 21 सितंबर से लैब खोलने की भी इजाजत मिल गई है.

गाइडलाइंस के मुताबिक, कक्षा में छात्रों के बैठने की व्यवस्था इस तरह से होनी चाहिए कि कुर्सी, मेज की दूरी 6 फीट होनी चाहिए.कक्षा में अन्य जरूरी गतिविधियों के दौरान शारीरिक दूरी का ध्यान रखना होगा. टीचिंग फैकल्टी को इस बात का ध्यान रखना होगा कि पढ़ाई-लिखाई के दौरान छात्र और अध्यापक मास्क पहने हुए हों. छात्रों को आपस में लैपटॉप, नोटबुक, स्टेशनरी शेयर करने की इजाजत नहीं होगी.

दोबारा खोले जाएगें कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंशिक तौर पर दोबारा खोले जा रहे विद्यालयों के लिए 8 सितंबर को एसओपी जारी किया था. दरअसल, कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को उनके अध्यापकों से सलाह लेने की इजाजत दी गई है. मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 1 सितंबर को अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी की थी, जिसका इस एसओपी में पालन किया गया है.

स्कूल जाने के लिए पेरेंट्स की मंजूरी जरूरी

गाइडलाइन में कहा गया है कि अधिकतम 50 फीसद शिक्षक और गैर शिक्षक स्टाफ ऑनलाइन टीचिंग/टेलीकाउंसलिंग और इससे जुड़े दूसरे कामों के लिए आ सकते हैं. 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं चाहें तो अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन, सलाह-मशविरा लेने के लिए स्कूल जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावकों से लिखित में मंजूरी लेनी होगी.

कक्षा में हो तापमान और हवा की उचित व्यवस्था

इसके अलावा निजी स्कूलों को छूट मिली है, जिसके तहत वे 50 फीसद शिक्षकों के साथ अन्य स्टाफ स्कूल बुला सकेंगे. स्कूल खोलने पर भी स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे. स्कूल में बने कमरों में एसी का तापमान को 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहना चाहिए. छात्र-छात्राओं के लिए बैठने के कमरों में हवा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए.

Healthcare

Sep 13 2020, 06:28

 @Healthcare एक अध्ययन के अनुसार इसमें दूध की तुलना में 4 गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। 


क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र लखनऊ द्वारा सहजन की फली एवं पत्तियों पर किए गए नए शोध से पता चला है कि प्राकृतिक गुणों से भरपूर सहजन इतने औषधीय गुणों से भरपूर है कि उसकी फली के अचार और चटनी भी कई बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार इसे दुनिया का सबसे उपयोगी पौधा कहा जा सकता है। यह न सिर्फ कम पानी अवशोषित करता है बल्कि इसके तनों, फूलों और पत्तियों में खाद्य तेल, जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने वाली खाद और पोषक आहार पाए जाते हैं।सहजन की फली के अचार में भारी मात्रा मे फाइबर, विटामिन-सी और कैल्शियम पाया जाता है। 

सहजन की पत्ती को सुखाकर उसकी चटनी बनाने से उसमें आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। गर्भवती महिलाएँ और बुजुर्ग भी इस चटनी, अचार का प्रयोग कर सकते हैं और कई बीमारियों जैसे रक्त अल्पता तथा आँख की बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं


सहजन के गुण

सहजन में दही से दोगुना प्रोटीन, गाजर से चार गुना अधिक विटामिन ए, दूध से चार गुना अधिक कैल्शियम, और संतरे से भी सात दूना अधिक विटामिन सी होता है इसमें ज़ीरो प्रतिशत कोलेस्ट्रोल पाया जाता है
 

Anand35

Sep 07 2020, 17:27

Kerala Official Allegedly Rapes Woman Who Needed COVID-19 Papers, Arrested
A health official in Kerala's Thiruvananthapuram has been arrested for allegedly raping a 44-year-old woman, who was seeking a coronavirus negative certificate from him.
The complainant has alleged that the official, who is a junior health inspector, had allegedly asked her to come to his house to get the certificate, police said. On reaching his house, the woman said she was allegedly wrongfully confined, tied-up, physically assaulted and raped.
"The official allegedly physically assaulted her, tied her hands and mouth for some time in between, and raped her. The medical examination has been done. Further investigation is underway. A case has been registered under section 376 of the IPC
The woman had returned to her home recently and was asked to undergo quarantine by an official.
She underwent an antigen test which was negative and was told by the man to collect the test certificate from his house where she was allegedly raped, police said.
Kerala Health Minister KK Shailaja has ordered for the suspension of the official, identified as Pradeep, from service, pending enquiry.
The Women's commission has also registered a case against the official.

Healthcare

Aug 28 2020, 13:13

कब्ज को रखें दूर, अपनाए यह 10 घरेलु उपाय


जैसे ही किसी व्यक्ति को कब्ज से पीड़ित होने का पता चलता है, वैसे ही उसे अपना इलाज शुरू कर लेना चाहिए।
ऐसा करने से वह कब्ज से होने वाले संभावित खतरों से बच सकता है। इस प्रकार, कब्ज का इलाज निम्नलिखित तरीके से किया जा सकता है-

1. सुबह उठने के बाद पानी में नींबू का रस और काला नमक मिलाकर पिएं। इससे पेट अच्छी तरह साफ होगा, और कब्ज की समस्या नहीं होगी।

2. कब्ज के लिए शहद बहुत फायदेमंद है। रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर पिएं। इसके नियमित सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। 

3.  सुबह उठकर प्रतिदिन खाली पेट, 4 से 5 काजू, उतने ही मुनक्का के साथ मिलाकर खाने से भी, कब्ज की शिकायत समाप्त हो जाती है। इसके अलावा रात को सोने से पहले 6 से 7 मुनक्का खाने से भी कब्ज ठीक हो जाता है।

4.  प्रतिदिन रात में हरड़ के चूर्ण या त्रिफला को कुनकुने पानी के साथ पिएं। इससे कब्ज दूर हेगा, साथ ही पेट में गैस बनने की समस्या से भी निजात मिलेगी।

5. कब्ज के लिए आप सोते समय अरंडी के तेल को हल्के गर्म दूध में मिलाकर पी सकते हैं। इससे पेट साफ होता है, और कब्ज की समस्या नहीं होती।

6. र्इसबगोल की भूसी कब्ज के लिए रामबाण इलाज है। आप इसका प्रयोग दूध या पानी के साथ, रात को सोते वक्त कर सकते हैं। इससे कब्ज की समस्या बिल्कुल समाप्त हो जाएगी।

7. फलों में अमरूद और पपीता, कब्ज के लि बेहद फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन किसी भी समय किया जा सकता है। इन्हें खाने से पेट की समस्याएं तो समाप्त होती ही हैं, त्वचा भी खूबसूरत बनती है।

8. किशमिश को कुछ देर तक पानी में गलाने के बाद, इसका सेवन करने से कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है। इसके अलावा अंजीर को भी रातभर पानी में गलाने के बाद उसका सेवन करने से कब्ज की समस्या खत्म होती है। 
 
9. पालक भी कब्ज के मरीजों के लिए एक अच्छा विकल्प है। प्रतिदिन पालक के रस को दिनचर्या में शामिल कर, आप कब्ज से आजाादी पा सकते हैं, साथ ही इसकी सब्जी भी सेहत के लिए अच्छी होती है। लेकिन अगर आप पथरी के मरीज हैं, तो इसका इस्तेमाल न करें।

10. कब्ज से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम और योगा करना बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा हमेशा गरिष्ठ भोजन करने से बचना चाहिए।

Shashikant66

Aug 23 2020, 19:18

#  कब जाएगा कोरोना ?  #

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया मे तांडव मचा रखा है। ग्लव्स लगाना/मास्क लगाना/sanitize करना और बार-बार हाथ धोकर लोग थक चुके है। लोग कोरोना काल की जीवनशैली से त्रस्त है। लोगो के जेहन में बार-बार यही सवाल उठता है- कब जाएगा कोरोना धरती से? इंसानो को कोरोना से मुक्ति कब मिलेगी?
इस दिशा में WHO (World Health Organisation) ने लोगो के सवालों और डर को थोड़ा कम करने की कोशिश की है। WHO ने उम्मीद जताया है कि, कोरोना वायरस महामारी ज्यादा दिनों तक नही टिकेगा। कोरोना वायरस का वेव्स (लहर) स्पेनिश फ्लू जैसा नही है। " स्पेनिश फ्लू 1918 में H1N1 वायरस के कारण पूरी दुनिया मे फैला था। इसने तीन साल तक दुनिया को अपने बस में कर रखा था। स्पेनिश फ्लू से केवल अमेरिका में  करीब पौने तीन लाख लोगों की मौत हुई थी, जबकि भारत मे एक करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे। वहीं पूरी दुनिया में करीब 2-5 करोड़ लोगों की मौत स्पेनिश फ्लू से हुई थी।"
WHO ने कहा है कि, कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया मे रोकथाम के उपाय किये जा रहे है। वैक्सीन से हमे ज्यादा मदद की उम्मीद है। अगर सब कुछ समय पर हुआ तो हम, दो साल के अंदर इस महामारी पर कामयाबी पा सकते है।
माइकल रेयान ने कहा कि, स्पेनिश फ्लू तीन वेव्स (लहर) में आया था। दूसरा वेव्स (लहर) ज्यादा खतरनाक था। वायरस के मामले में अमूमन ऐसा देखा गया है कि, खतरनाक वेव्स (लहर) के बाद, ये खतरनाक वायरस सीजनल वायरस बन कर रह जाते है। कोरोना वायरस और स्पेनिश फ्लू के पैटर्न एक जैसे नही है। इसलिए हम उम्मीद करते है कि कोरोना वायरस की वेव्स (लहर) उतनी नही रहेगी जितनी स्पेनिश फ्लू की थी।

Healthcare

Aug 22 2020, 13:21

 @Healthcare ये वक़्त जब हम बेरोज़गारी की मार से जूझ रहे है। उनके लिए अच्छा मौका है कि वे इस तरफ ध्यान दें और अपने लिए रोजगार के नए रास्ते खोजें।जिससे उनके प्राकृतिक संसाधन और परम्परा भी बची रही। 

Healthcare

Aug 22 2020, 13:21

 @Healthcare ये वक़्त जब हम बेरोज़गारी की मार से जूझ रहे है। उनके लिए अच्छा मौका है कि वे इस तरफ ध्यान दें और अपने लिए रोजगार के नए रास्ते खोजें।जिससे उनके प्राकृतिक संसाधन और परम्परा भी बची रही। 

AaranyaCertification84

Aug 14 2020, 12:14

The Food and Drug Administration (USFDA) is a federal agency of the United States Department of Health and Human Services. FDA registration is the basic requirement for domestic and foreign organization who wants to manufacture or Sale Medical device, PPE`s ,Food and Drugs in the USA. Visit our website and get complete assistance on USFDA registration.

Healthcare

Aug 28 2020, 17:00

जानिए एक एलोवेरा के पौधे में छिपे कितने गुण
 

खून की कमी को करता है दूर, शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता

एलोवेरा एक ऐसा औषधीय पौधा है जिसके अनगिनत फायदे हैं। आयुर्वेद के कई चिकित्सक इसे संजीवनी पौधा भी कहते हैं। पुरे विश्व में इसकी 400 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है। एलोवेरा के फायदों के बारे में आपने बहुत लोगों से सुना होगा, लेकिन इसके 4 ऐसे जबरदस्त घरेलू इस्तेमाल है जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आइए, आपको उन्हीं के बारे में बताते हैं -

1. एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमीनो एसिड और 12 विटामिन मौजूद होते हैं। इसकी तासीर गर्म होती हैं। यह खाने में बहुत पौष्टिक होता है। इसका सेवन उतना ही लाभप्रद होता है जितना की इसे बहारी त्वचा पर लगाना। इसकी कांटेदार पत्तियों को छीलकर एवं काटकर रस निकाला जाता है। अगर 3-4 चम्मच रस सुबह खाली पेट ले लिया जाए तो दिन-भर शरीर में शक्ति व चुस्ती-स्फूर्ति बनी रहती है।

2. एलोवेरा में एंटी बैक्टेरिया और एंटी फंगल गुण होते है। इस वजह से छोटी-मोटी चोट, जलने-कटने पर व किसी कीड़े के काटने पर इसके जेल को प्रभावित जगह पर लगाया जा सकता है।

3. एलोवेरा खून में शर्करा के स्तर को बनाए रखता है। बवासीर, डायबिटीज, गर्भाशय के रोग, पेट की खराबी, जोड़ों का दर्द व फटी एडियों के लिए यह लाभप्रद है।

4. एलोवेरा का सेवन खून की कमी को भी दूर करता है और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

Healthcare

Sep 20 2020, 07:18

 @Healthcare तभी से उन्होंने जड़ी-बूटियों द्वारा बीमारियों के उपचार को अपना शौक बना लिया। 50 वर्ष की उम्र में डॉ एन. विग्मोर को आंत में कैंसर हो गया था। जिसके लिए उन्होंने गेहूँ के ज्वारों का रस और अपक्व आहार लिया और एक वर्ष में वे कैंसर मुक्त हो गई। उन्होंने बोस्टन में एन विगमोर इन्स्टिट्यूट खोला जो आज भी काम कर रहा है। तब से लेकर अपनी मृत्यु तक वह गेहूँ के ज्वारे और अपक्व आहार द्वारा रोगियों का उपचार करती रही। उन्होंने इस विषय पर 35 पुस्तकें भी लिखी हैं।

सेवन का तरीका

ज्वारे का रस सामान्यतः 60-120 एमएल प्रति दिन या प्रति दूसरे दिन खाली पेट लेना चाहिये। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो 30-60 एमएल रस दिन मे तीन चार बार तक ले सकते हैं। इसे आप सप्ताह में 5 दिन सेवन करें। कुछ लोगों को शुरू में रस पीने से उबकाई सी आती है, तो कम मात्रा से शुरू करें और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ायें। 

ज्वारे के रस में फलों और सब्जियों के रस जैसे सेब फल, अन्नानास आदि के रस को मिलाया जा सकता है। इसे कभी भी खट्टे रसों जैसे नीबू, संतरा आदि के साथ नहीं लेना चाहिए।  इसमें नमक, चीनी या कोई अन्य मसाला नहीं मिलाये।  ज्वारे के रस की 120 एम एल मात्रा बड़ी उपयुक्त मात्रा है और एक सप्ताह में इसके परिणाम दिखने लगते हैं।

सन् 1938 में अनुसंधानकर्ता डॉ पॉल गेरहार्ड सीजर ने बताया था कि जब कोशिका में ऑक्सीजन उपलब्ध न हो या सामान्य श्वसन क्रिया बाधित हो जाये तभी कैंसर जन्म लेता है। ज्वारों में एक हार्मोन एब्सीसिक एसिड (ए बी ए) होता है जो हमें अन्यत्र कहीं नहीं मिलता है।जो इस तरह की समस्याओ से लड़ता है।  

डॉ लिविंग्स्टन व्हीलर के अनुसार कैंसर के मरीजों को ज्वारे के रस को थोड़ा सा तुरंत और बचा हुआ 4 घंटे बाद पीना चाहिये।

गेहूं के ज्वारे के गुण 

डॉ  बरनार्ड जेन्सन के अनुसार गेहूँ के ज्वारे का रस कुछ ही मिनटों में पच जाता है। यह शरीर से हानिकारक पदार्थों , भारी धातुओं और शरीर में जमा दवाओं को शरीर से बहार निकलता है।इसके सेवन से मुहाँसों और उनसे बने दाग, धब्बे और झाइयां सब साफ हो जाते हैं।यह शरीर को दुर्गंध रहित रखता है। गेहूँ के ज्वारे का रस नियमित पीने से एग्जीमा और सोरायसिस भी ठीक हो जाते हैं। 

nardiganj346

Sep 14 2020, 13:14

अगर सितम्बर में खुलते है स्कूल कॉलेज या कोचिंग संस्थान तो फ़ॉलो करना होगा ये नियम नही तो होगी कार्यवाही




केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई को लेकर गाइडलाइंस (Guidelines) की घोषणा कर दी है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे (Ashwini Kumar Choubey) ने रविवार को अपने ट्विटर हैंडल पर गाइडलाइंस की एक तस्वीर शेयर की. स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूड, उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोजीसर (SOP) जारी कर दिया है. टेक्निकल प्रोग्राम्स में कोर्स कराने वाले इन संस्थानों को 21 सितंबर से लैब खोलने की भी इजाजत मिल गई है.

गाइडलाइंस के मुताबिक, कक्षा में छात्रों के बैठने की व्यवस्था इस तरह से होनी चाहिए कि कुर्सी, मेज की दूरी 6 फीट होनी चाहिए.कक्षा में अन्य जरूरी गतिविधियों के दौरान शारीरिक दूरी का ध्यान रखना होगा. टीचिंग फैकल्टी को इस बात का ध्यान रखना होगा कि पढ़ाई-लिखाई के दौरान छात्र और अध्यापक मास्क पहने हुए हों. छात्रों को आपस में लैपटॉप, नोटबुक, स्टेशनरी शेयर करने की इजाजत नहीं होगी.

दोबारा खोले जाएगें कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंशिक तौर पर दोबारा खोले जा रहे विद्यालयों के लिए 8 सितंबर को एसओपी जारी किया था. दरअसल, कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को उनके अध्यापकों से सलाह लेने की इजाजत दी गई है. मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 1 सितंबर को अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी की थी, जिसका इस एसओपी में पालन किया गया है.

स्कूल जाने के लिए पेरेंट्स की मंजूरी जरूरी

गाइडलाइन में कहा गया है कि अधिकतम 50 फीसद शिक्षक और गैर शिक्षक स्टाफ ऑनलाइन टीचिंग/टेलीकाउंसलिंग और इससे जुड़े दूसरे कामों के लिए आ सकते हैं. 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं चाहें तो अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन, सलाह-मशविरा लेने के लिए स्कूल जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावकों से लिखित में मंजूरी लेनी होगी.

कक्षा में हो तापमान और हवा की उचित व्यवस्था

इसके अलावा निजी स्कूलों को छूट मिली है, जिसके तहत वे 50 फीसद शिक्षकों के साथ अन्य स्टाफ स्कूल बुला सकेंगे. स्कूल खोलने पर भी स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे. स्कूल में बने कमरों में एसी का तापमान को 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहना चाहिए. छात्र-छात्राओं के लिए बैठने के कमरों में हवा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए.

Healthcare

Sep 13 2020, 06:28

 @Healthcare एक अध्ययन के अनुसार इसमें दूध की तुलना में 4 गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। 


क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र लखनऊ द्वारा सहजन की फली एवं पत्तियों पर किए गए नए शोध से पता चला है कि प्राकृतिक गुणों से भरपूर सहजन इतने औषधीय गुणों से भरपूर है कि उसकी फली के अचार और चटनी भी कई बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार इसे दुनिया का सबसे उपयोगी पौधा कहा जा सकता है। यह न सिर्फ कम पानी अवशोषित करता है बल्कि इसके तनों, फूलों और पत्तियों में खाद्य तेल, जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने वाली खाद और पोषक आहार पाए जाते हैं।सहजन की फली के अचार में भारी मात्रा मे फाइबर, विटामिन-सी और कैल्शियम पाया जाता है। 

सहजन की पत्ती को सुखाकर उसकी चटनी बनाने से उसमें आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। गर्भवती महिलाएँ और बुजुर्ग भी इस चटनी, अचार का प्रयोग कर सकते हैं और कई बीमारियों जैसे रक्त अल्पता तथा आँख की बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं


सहजन के गुण

सहजन में दही से दोगुना प्रोटीन, गाजर से चार गुना अधिक विटामिन ए, दूध से चार गुना अधिक कैल्शियम, और संतरे से भी सात दूना अधिक विटामिन सी होता है इसमें ज़ीरो प्रतिशत कोलेस्ट्रोल पाया जाता है
 

Anand35

Sep 07 2020, 17:27

Kerala Official Allegedly Rapes Woman Who Needed COVID-19 Papers, Arrested
A health official in Kerala's Thiruvananthapuram has been arrested for allegedly raping a 44-year-old woman, who was seeking a coronavirus negative certificate from him.
The complainant has alleged that the official, who is a junior health inspector, had allegedly asked her to come to his house to get the certificate, police said. On reaching his house, the woman said she was allegedly wrongfully confined, tied-up, physically assaulted and raped.
"The official allegedly physically assaulted her, tied her hands and mouth for some time in between, and raped her. The medical examination has been done. Further investigation is underway. A case has been registered under section 376 of the IPC
The woman had returned to her home recently and was asked to undergo quarantine by an official.
She underwent an antigen test which was negative and was told by the man to collect the test certificate from his house where she was allegedly raped, police said.
Kerala Health Minister KK Shailaja has ordered for the suspension of the official, identified as Pradeep, from service, pending enquiry.
The Women's commission has also registered a case against the official.

Healthcare

Aug 28 2020, 13:13

कब्ज को रखें दूर, अपनाए यह 10 घरेलु उपाय


जैसे ही किसी व्यक्ति को कब्ज से पीड़ित होने का पता चलता है, वैसे ही उसे अपना इलाज शुरू कर लेना चाहिए।
ऐसा करने से वह कब्ज से होने वाले संभावित खतरों से बच सकता है। इस प्रकार, कब्ज का इलाज निम्नलिखित तरीके से किया जा सकता है-

1. सुबह उठने के बाद पानी में नींबू का रस और काला नमक मिलाकर पिएं। इससे पेट अच्छी तरह साफ होगा, और कब्ज की समस्या नहीं होगी।

2. कब्ज के लिए शहद बहुत फायदेमंद है। रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर पिएं। इसके नियमित सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। 

3.  सुबह उठकर प्रतिदिन खाली पेट, 4 से 5 काजू, उतने ही मुनक्का के साथ मिलाकर खाने से भी, कब्ज की शिकायत समाप्त हो जाती है। इसके अलावा रात को सोने से पहले 6 से 7 मुनक्का खाने से भी कब्ज ठीक हो जाता है।

4.  प्रतिदिन रात में हरड़ के चूर्ण या त्रिफला को कुनकुने पानी के साथ पिएं। इससे कब्ज दूर हेगा, साथ ही पेट में गैस बनने की समस्या से भी निजात मिलेगी।

5. कब्ज के लिए आप सोते समय अरंडी के तेल को हल्के गर्म दूध में मिलाकर पी सकते हैं। इससे पेट साफ होता है, और कब्ज की समस्या नहीं होती।

6. र्इसबगोल की भूसी कब्ज के लिए रामबाण इलाज है। आप इसका प्रयोग दूध या पानी के साथ, रात को सोते वक्त कर सकते हैं। इससे कब्ज की समस्या बिल्कुल समाप्त हो जाएगी।

7. फलों में अमरूद और पपीता, कब्ज के लि बेहद फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन किसी भी समय किया जा सकता है। इन्हें खाने से पेट की समस्याएं तो समाप्त होती ही हैं, त्वचा भी खूबसूरत बनती है।

8. किशमिश को कुछ देर तक पानी में गलाने के बाद, इसका सेवन करने से कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है। इसके अलावा अंजीर को भी रातभर पानी में गलाने के बाद उसका सेवन करने से कब्ज की समस्या खत्म होती है। 
 
9. पालक भी कब्ज के मरीजों के लिए एक अच्छा विकल्प है। प्रतिदिन पालक के रस को दिनचर्या में शामिल कर, आप कब्ज से आजाादी पा सकते हैं, साथ ही इसकी सब्जी भी सेहत के लिए अच्छी होती है। लेकिन अगर आप पथरी के मरीज हैं, तो इसका इस्तेमाल न करें।

10. कब्ज से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम और योगा करना बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा हमेशा गरिष्ठ भोजन करने से बचना चाहिए।

Shashikant66

Aug 23 2020, 19:18

#  कब जाएगा कोरोना ?  #

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया मे तांडव मचा रखा है। ग्लव्स लगाना/मास्क लगाना/sanitize करना और बार-बार हाथ धोकर लोग थक चुके है। लोग कोरोना काल की जीवनशैली से त्रस्त है। लोगो के जेहन में बार-बार यही सवाल उठता है- कब जाएगा कोरोना धरती से? इंसानो को कोरोना से मुक्ति कब मिलेगी?
इस दिशा में WHO (World Health Organisation) ने लोगो के सवालों और डर को थोड़ा कम करने की कोशिश की है। WHO ने उम्मीद जताया है कि, कोरोना वायरस महामारी ज्यादा दिनों तक नही टिकेगा। कोरोना वायरस का वेव्स (लहर) स्पेनिश फ्लू जैसा नही है। " स्पेनिश फ्लू 1918 में H1N1 वायरस के कारण पूरी दुनिया मे फैला था। इसने तीन साल तक दुनिया को अपने बस में कर रखा था। स्पेनिश फ्लू से केवल अमेरिका में  करीब पौने तीन लाख लोगों की मौत हुई थी, जबकि भारत मे एक करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे। वहीं पूरी दुनिया में करीब 2-5 करोड़ लोगों की मौत स्पेनिश फ्लू से हुई थी।"
WHO ने कहा है कि, कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया मे रोकथाम के उपाय किये जा रहे है। वैक्सीन से हमे ज्यादा मदद की उम्मीद है। अगर सब कुछ समय पर हुआ तो हम, दो साल के अंदर इस महामारी पर कामयाबी पा सकते है।
माइकल रेयान ने कहा कि, स्पेनिश फ्लू तीन वेव्स (लहर) में आया था। दूसरा वेव्स (लहर) ज्यादा खतरनाक था। वायरस के मामले में अमूमन ऐसा देखा गया है कि, खतरनाक वेव्स (लहर) के बाद, ये खतरनाक वायरस सीजनल वायरस बन कर रह जाते है। कोरोना वायरस और स्पेनिश फ्लू के पैटर्न एक जैसे नही है। इसलिए हम उम्मीद करते है कि कोरोना वायरस की वेव्स (लहर) उतनी नही रहेगी जितनी स्पेनिश फ्लू की थी।