पीएम मोदी की ईयू अध्यक्ष के बीच अहम बातचीत, साझेदारी को बढ़ाने के लिए गए कई फैसले

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यूरोपियन यूनियन (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। यूरोपियन यूनियन के 27 देशों का प्रतिनिधित्व कर रही उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।इसमें भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को नयी गति प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।बता दें कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ‘ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स’ यानी समूह के 27 सदस्य देशों के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ भारत की यात्रा पर पहुंची हैं। ये सब तब हो रहा है जब अमेरिका की सत्ता में दोबारा डोलान्ड ट्रंप की वापसी हुई है और शपथ लेते ही ट्रंप ने दुनिया के कई देशों को धमकाना शुरू कर दिया है।

हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, हमने कल विभिन्न मुद्दों पर ईमानदार और सार्थक चर्चा की। हमने अपनी टीमों से पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए पर काम करने और इसे इस साल के अंत तक पूरा करने के लिए कहा है।पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ईयू के बीच साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा, यह न केवल यूरोपीय आयोग की पहली भारत यात्रा है, बल्कि यह किसी देश में यूरोपीय आयोग की पहली ऐसी व्यापक भागीदारी भी है। यह यूरोपीय आयोग के नए कार्यकाल की शुरुआती यात्राओं में से एक है। मैं उन सभी का भारत में स्वागत करता हूं। 

साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए-पीएम मोदी

पीएम मोदी कहा, भारत और ईयू के बीच दो दशकों से स्वाभाविक और प्राकृतिक रणनीतिक साझेदारी है और इनकी विश्वास व लोकतांत्रिक मूल्य, साझा प्रगति और समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता है। इसी भावना में आज और कल 20 मंत्री स्तरीय वार्ताएं हुईं। हमने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर ईमानदार और सार्थक चर्चाएं की हैं। हमारी साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, हरित विकास, सुरक्षा, कौशल पर सहयोग के लिए एक खाका तैयार किया गया है। 

निवेश संरक्षण और जीआई समझौते पर आगे बढ़ने पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत और ईयू ने अंतरिक्ष संवाद शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि दोनों ने ग्रीन हाइड्रोजन फोरम और ऑफशोर विंड एनर्जी बिजनेस समिट आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा, हमने निवेश संरक्षण और जीआई समझौते पर आगे बढ़ने पर चर्चा की है, ताकि निवेश ढांचे को मजबूत किया जा सके। तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में एक भरोसेमंद और सुरक्षित मूल्य श्रृंखला हमारी साझा प्राथमिकता है। हम सेमीकंडक्टर, एआई और 6जी में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। हमने अंतरिक्ष संवाद शुरू करने का भी निर्णय लिया है। पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था का संतुलन हमारी साझा प्रतिबद्धता रही है और इस दिशा में हमारा मजबूत सहयोग है। हमने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी बिजनेस समिट आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। 

लेयेन ने क्या कहा?

लेयेन ने कहा, यह दुनिया ख़तरों से भरी हुई है, लेकिन यूरोप और भारत के पास इस बदलते परिदृश्य में अपने संबंधों को फिर से परिभाषित करने का अवसर है। हम अलगाववाद के बजाय अधिक सहयोग से लाभ उठा सकते हैं। हमने प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस सौदे को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई है। समय और दृढ़ संकल्प बहुत जरूरी होगा, और आप इस सौदे को पूरा करने के लिए मेरी पूरी प्रतिबद्धता पर भरोसा कर सकते हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में संबंध बढ़ रहे हैं। ट्रेड और तकनीक काउंसिंल को नेस्ट लेवल पर ले जाना चाहिए।

ट्रंप की धमकियों के बाद बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच दिल्ली पहुंचीं यूरोपीय संघ की प्रमुख, भारत को बताया भरोसेमंद देश

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डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्‍ट्रपति बनने के बाद जिस तेजी से दुनिया बदली है, यूरोप खुद को अलग-थलग पा रहा है। ऐसे समय में वैश्विक व्यापार और कूटनीति में अस्थिरता देखी जा रही है। ऐसे में यूरोप अब भारत की ओर उम्मीदों की निगाह से देख रहा है। इसी उम्मीद के साथ यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन गुरुवार को भारत पहुंचीं। भारत आने के बाद यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला ने एक्स पर लिखा कि संघर्ष और कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में भरोसेमंद मित्रों की जरूरत होती है और यूरोप के लिए भारत एक ऐसा ही मित्र और रणनीतिक सहयोगी है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दो दिवसीय भारत दौरे पर गुरुवार को दिल्ली पहुंचीं। दिल्ली हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका स्वागत किया। दिल्ली पहुंचने के बाद लिएन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की।

नई दिल्ली पहुंचने के बाद उर्सुला लेयेन ने साफ किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच यूरोप को भारत में एक भरोसेमंद मित्र नजर आ रहा है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बात पर चर्चा करूंगी कि हमारी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर कैसे ले जाया जाए।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर होगी बात

लिएन कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापक बातचीत करेंगी। इस मुलाकात में दोनों नेता महत्वाकांक्षी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए जारी बातचीत का जायजा लेंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वॉन डेर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को होने वाली व्यापक वार्ता में लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मजबूत करने और रक्षा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों पक्ष रूस-यूक्रेन संघर्ष, भारत-प्रशांत की स्थिति और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। मोदी और ईयू प्रतिनिधियों की वार्ता के बाद एक संयुक्त वक्तव्य जारी होने की भी उम्मीद है।

ट्रंप ने ईयू को चेतावनी दी

बता दें कि ट्रंप ने हाल में यूरोपीय संघ से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देते हुए कहा था कि ईयू की गठन ही अमेरिका को परेशान करने के लिए किया गया था। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन-रूस युद्ध में यूरोपीय देशों की मदद करने की अमेरिकी नीति को पूरी तरह से बदलते हुए अब रूस के साथ खड़े होते दिख रहे हैं।

यूरोपीय संघ भारत के साथ संबंधों को महत्व दे रहा

यूरोपीय आयोग की प्रेसीडेंट उर्सला वोन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय आयोग के 22 देशों के आयुक्त भी भारत आ रहे हैं। यह पहला मौका है, जब 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के इतने सारे देशों के आयुक्त एक साथ किसी देश की यात्रा पर हैं। इससे यह पता चलता है कि यूरोपीय संघ भारत के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व दे रहा है।

11 साल बाद लापता MH370 विमान की नई खोज शुरू, रहस्यमय मंज़िल की तलाश

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Reuters

मलेशिया के परिवहन मंत्री एंथनी लोके ने मंगलवार को कहा कि समुद्री अन्वेषण फर्म ओशन इनफिनिटी ने लापता मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान MH370 की खोज फिर से शुरू कर दी है, जो दुनिया के सबसे बड़े विमानन रहस्यों में से एक के रूप में जानी जाने वाली घटना के 10 साल बाद लापता हो गई। 227 यात्रियों और 12 चालक दल के सदस्यों के साथ बोइंग 777, उड़ान MH370, 8 मार्च, 2014 को कुआलालंपुर से चीन के बीजिंग के रास्ते में लापता हो गई। लोक ने संवाददाताओं को बताया कि मलेशिया और फर्म के बीच अनुबंध विवरण अभी भी अंतिम रूप दिए जा रहे हैं। लेकिन, उन्होंने लापता विमान की खोज के लिए अपने जहाजों को तैनात करने के लिए ओशन इनफिनिटी की "सक्रियता" का स्वागत किया।

खोज अभियान कब तक चलेगा?

हालांकि, परिवहन मंत्री ने यह विवरण नहीं दिया कि ब्रिटिश समुद्री अन्वेषण फर्म ने अपनी खोज कब शुरू की। उन्होंने कहा कि यह खोज कितने समय तक चलेगी, इस पर भी अभी तक बातचीत नहीं हुई है। दिसंबर 2024 में, मलेशियाई सरकार ने लापता MH370 विमान के मलबे की खोज फिर से शुरू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की थी। विमानन इतिहास में सबसे बड़ी खोज के बावजूद, विमान आज तक नहीं मिला है। लोके ने कहा था, "उन्होंने (ओशन इनफिनिटी) हमें आश्वस्त किया है कि वे तैयार हैं। इसलिए मलेशियाई सरकार इस पर काम कर रही है।"

परिवहन मंत्री ने दिसंबर में कहा था कि अगर लापता मलेशियाई एयरलाइंस के विमान का मलबा मिला तो ब्रिटिश फर्म को 70 मिलियन डॉलर मिलेंगे। उन्होंने कहा, "हमारी जिम्मेदारी और दायित्व और प्रतिबद्धता निकटतम रिश्तेदारों के प्रति है।"

शुरू में, मलेशियाई जांचकर्ताओं ने विमान के जानबूझकर रास्ते से भटकने की संभावना से इनकार नहीं किया था। 2018 में भी, मलेशिया ने दक्षिणी हिंद महासागर में मलबे की खोज के लिए ओशन इनफिनिटी के साथ सौदा किया था, अगर विमान मिल जाता है तो 70 मिलियन डॉलर तक का भुगतान करने की पेशकश की थी। हालांकि, फर्म दो प्रयासों में विफल रही। कुछ पुष्टि की गई है और कुछ को लापता विमान का मलबा माना जा रहा है, जो अफ्रीका के तट और हिंद महासागर के द्वीपों पर बहकर आया है। उन्हें आज तक मलेशियाई सरकार के पास सुरक्षित रखा गया है। 

बाद में, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और चीन ने इनमारसैट उपग्रह और विमान के बीच स्वचालित कनेक्शन के डेटा के आधार पर दक्षिणी हिंद महासागर के 120,000 वर्ग किलोमीटर (46,332 वर्ग मील) क्षेत्र में पानी के नीचे खोज की थी। उल्लेखनीय है कि MH370 विमान में 150 से अधिक चीनी यात्री सवार थे, जिनके रिश्तेदारों ने मलेशियाई एयरलाइंस, बोइंग, विमान के इंजन निर्माता रोल्स-रॉयस और एलियांज बीमा समूह सहित अन्य से मुआवजे की मांग की थी।

देवघर- के भारतीय स्टेट बैंक साधना भवन के पास बैंक अधिकारी कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया।
देवघर: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) द्वारा आयोजित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के अंतर्गत आज, 21 फरवरी 2025 को भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन, देवघर के समक्ष विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध तथा अपनी न्यायसंगत मांगों की प्राप्ति हेतु एक एकीकृत प्रदर्शन किया। मुख्य मांगें: ✔ बैंकों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों एवं अधिकारियों की भर्ती। ✔ पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की घोषणा। ✔ कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिनिधियों को निदेशक मंडल में नियुक्ति। ✔ पुरानी लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण। ✔ आईडीबीआई बैंक के निजीकरण पर रोक। ✔ ग्रेच्युटी नियमों में संशोधन एवं केंद्रीय कर्मियों के समान ग्रेच्युटी भुगतान। ✔ बैंक कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा एवं दुर्व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई। ✔ PLI प्रणाली में सुधार और भेदभाव को समाप्त करना। ✔ अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति बंद कर स्थायी कर्मचारियों की भर्ती सुनिश्चित करना। ✔ सरकार एवं DFS का बैंकिंग क्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप बंद हो। ✔ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने की नीति अपनाई जाए। कार्यक्रम की प्रमुखता UFBU की देवघर इकाई के संयोजक श्री मुन्ना कुमार झा की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के उपमहासचिव श्री धीरज कुमार, अधिकारी संघ (SBIOA) के आंचलिक सचिव विभु प्रकाश, अध्यक्ष श्री मिथिलेश कुमार, मनीष कुमार रॉय – क्षेत्रीय सचिव बेफी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ब्रजेश कुमार – सहायक सचिव, केनरा बैंक झारखंड, CBEU (AIBEA),अनुप कुमार वत्स – प्रांतीय सचिव, केनरा बैंक ऑफिसर एसोसिएशन झारखंड, CBOA (AIBOC),Rohit Kumar Jha – अध्यक्ष, PNB झारखंड, (AIBEA),सुरेन्द्र कुमार – प्रेसिडेंट, बिहार-झारखंड, बेफी, इंडियन ओवरसीज़ बैंक,अरविंद बाजपेई, कनिष्क आनंद, राजेश कुमार, अंशुमन, सुमन, कैलाश निराला, प्रशांत, स्वधा, अमूल करकेटा, चंद्रशेखर, दीपक, निशि आनंद,मुकेश , रोहित , एवं अन्य कर्मचारी-अधिकारी जैसे अमर, रविकांत, प्रवीण, अवधेश झा, केशव, सनी, अंशुमन, राजेश, ब्रजेश, आयुषी, कंचन, अमित कुमार, सुमित कुमार, रंजन, अविनाश , अनूप पांडे, चंद्रशेखर, अरविंद बाजपेई, कनिष्क आनंद, कुमार शांतनु, काजल , प्रद्युम्न कुमार, मनीष , अजय जज़वारे समेत अन्य कई कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया और अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
यूपी का बजट अगले 25 साल का रोडमैप तैयार करेगा : सीएम योगी

डेस्क:– उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के तिलक हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट की खूबियां गिनाईं। उन्होंने इस बजट की थीम 'वंचित को वरीयता' को बताया जो 'सर्वे भवन्तु सुखिन:' की अवधारणा के अनुरूप गरीब, किसान, युवा और महिला उत्थान को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 5टी - ट्रेड, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी, ट्रेडिशन और टैलेंट - को मंत्र मानकर नया उत्तर प्रदेश आज श्रम शक्ति से अर्थ शक्ति के रूप में पहचाना जा रहा है। उत्तर प्रदेश आज 'बीमारू' राज्य से ऊपर उठकर रेवेन्यू सरप्लस राज्य बन चुका है।

उन्होंने कहा कि देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य ने देश के सभी राज्यों में अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का यह 9वां बजट है। पिछले 8 साल में सरकार ने जो भी राज्य के लिए किया है, उसके अच्छे परिणाम हमें देखने को मिले हैं। यह बजट हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह संविधान के लागू होने का अमृत महोत्सव वर्ष भी है। साथ ही साथ उत्तर प्रदेश की स्थापना का भी अमृत वर्ष है। ये दोनों कार्य जनवरी 1950 में हुए थे। 75 साल के शानदार इतिहास के साथ ही आगामी 25 साल की कार्ययोजना का रोडमैप तैयार करने के लिए यह बजट महत्वपूर्ण है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के नाम पर लखनऊ में स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना कर रही है। इसके अलावा प्रत्येक जनपद में 100 एकड़ में पीपीपी मॉडल पर सरदार पटेल जनपदीय आर्थिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। पीपीपी मोड पर 10 संत कबीर वस्त्रोद्योग पार्क तथा 2 संत रविदास चर्मोद्योग पार्क स्थापित किए जाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष में उनके सम्मान में नगरीय क्षेत्रों में पुस्तकालय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि यूपी में कृषि विभाग की स्थापना के 150 वर्ष को बीज वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। लखनऊ स्थित अटारी कृषि प्रक्षेत्र पर 251 करोड़ रुपये की लागत से पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के सम्मान में एक सीड पार्क की स्थापना की जाएगी।

प्रत्येक कृषि मंडी में माता शबरी के नाम पर कैंटीन और विश्रामालय स्थापित किए जाएंगे। यहां सब्सिडाइज्ड दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को प्रात्रता के आधार पर स्कूटी प्रदान करने की नई योजना 'रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना' के लिए 400 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसी प्रकार सात जनपदों वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर, झांसी, आगरा में माता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा। सीएम योगी ने बताया कि सरकार ने 2017-18 से अब तक हर वर्ष अलग-अलग वर्गों को समर्पित बजट प्रस्तुत किया है। वर्ष 2017-18 का बजट अन्नदाता किसानों को, 2018-19 का इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को, 2019-20 का महिला सशक्तीकरण को और 2020-21 का बजट युवाओं और रोजगार सृजन को समर्पित था।

वर्ष 2021-22 का बजट स्वावलंबन से सशक्तिकरण, 2022-23 का बजट अंत्योदय से आत्मनिर्भरता, 2023-24 का बजट त्वरित और समावेशी विकास और 2024-25 का बजट रामराज्य और पर्यटन को समर्पित किया गया था। इसी प्रकार 2025-26 का बजट ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की अवधारणा के तहत 'वंचित को वरीयता' की मूल भावना पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बजट राज्य के सामर्थ्य और 'डबल इंजन सरकार' की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है। इसमें 2,25,561.49 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव है। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर धनराशि व्यय होगी, जिससे अधिक से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। साल 2017-18 में प्रदेश की जीडीपी 12,89,000 करोड़ रुपये थी जो 2024-25 में बढ़कर 27,51,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। तीन साल वैश्विक महामारी कोरोना के बावजूद यह उपलब्धि है।

सीएम योगी ने कहा कि साल 2016-17 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठे स्थान पर थी, आज यह दूसरे स्थान पर है। इसके लिए हमने रेवेन्यू लीकेज को खत्म किया, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। प्रदेश के अंदर राजस्व प्राप्ति के नए साधन उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि बजट में कुल राजकोषीय घाटा जीडीपी के तीन फीसदी से कम 2.9 फीसदी है। यह राज्य सरकार के व्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। नीति आयोग द्वारा राज्यों के राजकोषीय घाटे के संबंध में यूपी को फ्रंट रनर की श्रेणी में रखा गया है। प्रदेश के फिसिकल हेल्थ इंडेक्स में बढ़ोत्तरी हुई है। पूंजीगत व्यय 1.8 प्रतिशत से 19.3 प्रतिशत के बीच रहा है। देश के राज्यों के औसत अनुपात से यूपी का अनुपात अधिक रहा है।
रूस-अमेरिका की बातचीत से यूरोप में क्यों बढ़ी टेंशन?

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अमेरिका और रूस में यूक्रेन युद्ध को लेकर हो रही बातचीत से यूरोप टेंशन में हैं। अधिकतर यूरोपीय देश के नेता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत को लेकर नाराज हैं। नाटो देशों ने आशंका जताई है कि इस वार्ता से रूस को फायदा होगा, जबकि बाकी सभी नुकसान उठाएंगे।

सऊदी अरब में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो के स्तर पर हो रही है। अगर यह वार्ता सफल रही, तो यूक्रेन संकट के हल की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि यूरोपीय देश इस पहल को लेकर उत्साहित नहीं दिख रहा। वो इसलिए भी कि वो इस बैठक का हिस्सा है। सभी युद्ध खत्म करना चाहते हैं, लेकिन इसका रास्ता क्या हो—यही असली मतभेद है। सवाल यह है कि जब ट्रंप खुद शांति वार्ता को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो यूरोप इस पर संशय में क्यों है?

यूरोपीय देशों के लिए रूस केवल एक आक्रामक शक्ति नहीं है, बल्कि एक भविष्य की चिंता का नाम भी है। पोलैंड, बाल्टिक देश और जर्मनी जैसे देशों को यह डर सता रहा है कि अगर युद्ध बिना किसी ठोस शर्तों के खत्म हो गया, तो रूस अपनी विस्तारवादी नीतियों के साथ फिर से सक्रिय हो सकता है। यही कारण है कि यूरोप चाहता है कि युद्ध का अंत रूस की हार के साथ हो, ताकि रूस की सैन्य ताकत कमजोर हो सके और भविष्य में उसे फिर से चुनौती देने की स्थिति न बने।

इधर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने ट्वीट किया, कई यूरोपीय नेताओं को एक साथ लाने के बाद, मैंने अभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फिर राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बात की है। हम यूक्रेन में एक मजबूत और स्थायी शांति चाहते हैं। इसे हासिल करने के लिए, रूस को अपनी आक्रामकता खत्म करनी होगी और इसके साथ यूक्रेनियन के लिए मजबूत और विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी होनी चाहिए। अन्यथा, जोखिम है कि यह युद्धविराम मिन्स्क समझौते की तरह खत्म हो जाएगा। हम सभी यूरोपीय, अमेरिकियों और यूक्रेनियन के साथ मिलकर इस पर काम करेंगे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि वह सऊदी अरब में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि रियाद में होने वाली वार्ता में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के भी भाग लेने की उम्मीद है. रुबियो की यह यात्रा पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद हो रही है. पुतिन के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि वे ‘अपनी-अपनी टीम द्वारा तुरंत बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं’.

कतर के अमीर की यात्रा के एजेंडे में व्यापार, ऊर्जा, रणनीतिक वार्ता शामिल

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File Photo (Reuters)

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी की मंगलवार को भारतीय नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों के एजेंडे में व्यापार और ऊर्जा सहयोग शीर्ष पर रहेगा, यह यात्रा दो साल पहले भारतीय नौसेना के आठ दिग्गजों की कैद के कारण उत्पन्न तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को फिर से स्थापित करने का प्रतीक है।

शेख तमीम, जिनके साथ कई मंत्री और व्यापारिक नेता शामिल हैं, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करने वाले हैं। यह लगभग एक दशक में उनकी पहली भारत यात्रा है और फरवरी 2024 में मोदी की दोहा यात्रा के बाद है।

शेख तमीम की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों द्वारा ऊर्जा सहित कुछ समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कतर भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो देश के वैश्विक आयात का 40% से अधिक हिस्सा है। दोतरफा व्यापार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जिसमें शेष कतर के पक्ष में है। लोगों ने कहा कि व्यापार और निवेश बढ़ाने के अलावा दोनों पक्ष अपनी रणनीतिक बातचीत को बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेंगे। कतर भारत के लिए अफगान तालिबान तक पहुंच बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समूह के राजनीतिक कार्यालय और कई वरिष्ठ तालिबान नेताओं की मेजबानी करता है। 

- इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि शेख तमीम की यात्रा को 2022 में जासूसी के आरोप में आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों की गिरफ्तारी और सजा के कारण उत्पन्न तनाव के मद्देनजर संबंधों को फिर से स्थापित करने की प्रक्रिया के पूरा होने के रूप में देखा जा रहा है। उच्च पदस्थ नौसेना अधिकारियों सहित आठ लोगों को 2023 में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में कतर की अदालत ने इसे कम कर दिया था। फरवरी 2024 में कतर के अमीर के आदेश पर आठ लोगों को रिहा कर दिया गया और इसके तुरंत बाद मोदी की दोहा यात्रा हुई। आठ में से सात नौसेना के दिग्गज भारत लौट आए हैं, जबकि कमांडर (सेवानिवृत्त) पूर्णेंदु तिवारी कतर में ही हैं। 

- कतर के अमीर की यात्रा से पहले, सात पूर्व नौसैनिकों ने तिवारी की “वापसी को सुगम बनाने के लिए रचनात्मक विचार-विमर्श” का आह्वान करते हुए एक बयान जारी किया। हालांकि, लोगों ने कहा कि तिवारी दाहरा ग्लोबल कंपनी के वित्तीय लेन-देन से जुड़े एक मामले में शामिल थे, जिसने नौसेना के दिग्गजों को रोजगार दिया था, और उनकी वापसी इस मामले में कार्यवाही के समापन से जुड़ी है। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मोदी के साथ उनकी बैठकों से पहले मंगलवार को शेख तमीम का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं, खासकर व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों में। “अमीर की यात्रा हमारी बढ़ती बहुआयामी साझेदारी को और गति प्रदान करेगी,” इसने कहा। एलएनजी के अलावा, भारत कतर से एलपीजी, रसायन, उर्वरक और प्लास्टिक का आयात करता है।

पिछले कुछ वर्षों में कतर को भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें अनाज, सब्जियाँ, फल, मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, लोहा और इस्पात की वस्तुएँ, विद्युत और अन्य मशीनरी तथा निर्माण सामग्री शामिल हैं। फरवरी 2024 में, पेट्रोनेट एलएनजी ने कतर एनर्जी के साथ 2028 से 2048 तक प्रति वर्ष 7.5 मिलियन टन एलएनजी की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। कतर में रहने वाले 830,000 भारतीय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय बनाते हैं और पश्चिम एशियाई देश के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें अच्छी तरह से जाना जाता है।

महाकुंभ में भारतीय संस्कृति और व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहे विदेशी सैलानी

डेस्क:–इस बार महाकुंभ में विदेशी सैलानियों की रुचि में बड़ा बदलाव देखा गया है। पहले जहां विदेशी पर्यटक नागा साधुओं और उनके रहस्यमय जीवन को जानने के लिए आते थे, वहीं इस बार वे महाकुंभ की स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और संपूर्ण आयोजन प्रबंधन का अध्ययन करने भी आ रहे हैं।

इस बार मेले में पहले से कहीं ज्यादा विदेशी सैलानी पहुंचे और उन्होंने भारतीय संस्कृति को नजदीक से देखा और अनुभव किया।

अग्नि अखाड़े के सचिव महामंडलेश्वर संपूर्णानंद जी ने बताया कि इस बार कई देशों से विदेशी पर्यटक प्रयागराज आए हैं। उन्होंने यहां ब्रह्मचारी जीवन और गृहस्थ जीवन के अंतर को करीब से जाना और समझा। अब विदेशी सैलानी सिर्फ नागा साधुओं के जीवन को देखने नहीं आ रहे, बल्कि वे महाकुंभ की व्यवस्थाओं और सनातन संस्कृति का गहराई से अध्ययन करने भी आ रहे हैं।

अफ्रीका के घाना देश से आए जितेंद्र सिंह नेगी (उच्चायोग अफेयर्स, घाना) ने बताया कि उनके पूर्वज भारत से घाना गए थे और पहली बार प्रयागराज आकर उन्हें सनातन धर्म की अद्भुत जानकारी मिली।

उन्होंने कहा, "हमने पहली बार गुरुजी (अग्नि अखाड़ा महामंडलेश्वर संपूर्णानंद जी) से मुलाकात की और सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों को समझा। हमारे साथ 16 अन्य प्रतिनिधि भी आए, जिन्होंने भारतीय संस्कृति को गहराई से जाना।"

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इसी क्रम में विदेशी सैलानी अंकिता उपाध्याय ने बताया, "हमने महाकुंभ के बारे में जो सुना था, उससे कहीं अधिक यहां आकर देखा और महसूस किया। व्यवस्थाओं की सुगमता और संगम की आध्यात्मिक ऊर्जा ने हमें नई अनुभूति दी है।"

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महाकुंभ नगर प्रशासन के अनुसार, महाकुंभ 2025 में अब तक 50 से अधिक देशों के सैलानी आ चुके हैं और आगे भी बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों के आने की संभावना है।

कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने भाजपा की जीत को बनाया आसान,पंजाबी, जाट और ओबीसी मतदाताओं के भरोसे भाजपा ने लिखी सफलता की कहानी

डेस्क:– दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 48 सीटों पर विजय हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) केवल 22 सीटों तक सीमित रही। कांग्रेस एक बार फिर खाता खोलने में नाकाम रही। भाजपा की इस सफलता के पीछे उसकी सटीक रणनीति, व्यापक जनसंपर्क और विभिन्न मतदाता समूहों को साधने की नीति प्रमुख कारण मानी जा रही है। आइए, इस प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण करते हैं : -

*1. अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) पर फोकस*

भाजपा ने 12 अनुसूचित जाति (एससी) और 22 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा। इनमें से 4 एससी और 16 ओबीसी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

ओबीसी प्रभाव वाले क्षेत्र: जहां ओबीसी समाज की आबादी 10% से अधिक थी, भाजपा ने 7 सीटों पर जीत हासिल की।

जातिगत समूहों में सफलता: सिख, पंजाबी, गुज्जर, जाट, वाल्मीकि और जाटव मतदाताओं वाले इलाकों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया:

सिख मतदाता: 4 सीटों में से 3 पर जीत।

पंजाबी मतदाता: 28 सीटों में से 23 पर कब्जा।

गुज्जर मतदाता: 5 सीटों में से 2 पर जीत।

जाट मतदाता: 13 सीटों में से 11 पर विजय।

वाल्मीकि मतदाता: 9 सीटों में से 4 पर जीत।

जाटव मतदाता: 12 सीटों में से 6 पर कब्जा।

*2. क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और मतदाता समूहों पर ध्यान*

भाजपा ने पूर्वांचली, हरियाणवी और उत्तराखंडी समुदायों को भी बड़ी तवज्जो दी।

पूर्वांचली मतदाता: 6 उम्मीदवारों में से 4 ने जीत दर्ज की। 35 सीटों पर जहां 15% से अधिक पूर्वांचली मतदाता थे, भाजपा ने 25 सीटों पर विजय पाई।

हरियाणवी मतदाता: 14 उम्मीदवारों में से 12 ने जीत दर्ज की। 13 सीटों पर जहां 5% से अधिक हरियाणवी मतदाता थे, भाजपा ने 12 पर जीत हासिल की।

उत्तराखंडी मतदाता: 3 उम्मीदवारों में से 2 ने जीत दर्ज की।

3. सीमावर्ती और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में प्रदर्शन

दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया

सीमावर्ती क्षेत्र: हरियाणा और यूपी से लगी 22 सीटों में से भाजपा ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की।

झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र: 7 में से 4 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की, जिनमें तिमारपुर, बादली, नई दिल्ली और आरके पुरम शामिल हैं।

4. कांग्रेस का प्रदर्शन और असर

कांग्रेस 3 सीटों (महरौली, ओखला, मुस्तफाबाद) में टॉप 3 में भी जगह नहीं बना सकी।

हालांकि, 14 सीटों पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के वोटबैंक में सेंध लगाई, जिससे भाजपा को लाभ हुआ। इनमें तिमारपुर, बादली, नांगलोई जाट, मादीपुर, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली, जंगपुरा, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, महरौली, छतरपुर, संगम विहार, ग्रेटर कैलाश और त्रिलोकपुरी जैसी सीटें शामिल हैं।

भाजपा ने जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को बखूबी साधते हुए दिल्ली में अपना प्रभावी प्रदर्शन किया। मतदाता समूहों के आधार पर उनकी रणनीति ने आम आदमी पार्टी के वोटबैंक में सेंध लगाई और कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने भाजपा की जीत को और आसान बना दिया।
जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अवैध खनन, ड्रग माफिया या किसी भी अन्य तरह के माफिया के खिलाफ़ की जाएगी कार्रवाई

डेस्क:–जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को भरोसा दिलाया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार समावेशी शासन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसे जनता द्वारा चुना जाता है और यह मनोनीत या नियुक्त नहीं है। उन्होंने अवैध खनन, ड्रग माफिया और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ़ कार्रवाई करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि "उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार सभी को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हम मनोनीत या नियुक्त नहीं हैं, हम जनता द्वारा चुने गए हैं, अवैध खनन, ड्रग माफिया या किसी भी अन्य तरह के माफिया के खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी, उद्योग सिर्फ़ प्रोत्साहन लेने के लिए नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर की जनता को रोज़गार देने के लिए स्थापित किए जाएँगे।"

अवैध खनन के बारे में चौधरी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया और कठुआ के एसएसपी और डिप्टी कमिश्नर से इस मुद्दे पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने खनिज संसाधनों के दोहन के लिए अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि "मैं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता हूं और यदि राज्य सरकार अवैध खनन को समाप्त करना चाहती है, तो कठुआ के एसएसपी और उपायुक्त को भी कार्रवाई करनी चाहिए..."

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। 10 जनवरी को पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा इलाके में एक कुख्यात ड्रग तस्कर की संपत्ति जब्त की। पुलिस के अनुसार, उक्त ड्रग तस्कर ने यह संपत्ति नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित की थी।

पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अवंतीपोरा पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 68-एफ के तहत कुख्यात ड्रग तस्कर जितेंद्र सिंह के लगभग 3.30 लाख रुपये मूल्य के चार पहिया वाहन को जब्त किया। उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) त्राल की देखरेख में स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पुलिस स्टेशन त्राल, इंस्पेक्टर तनवीर जहांगीर द्वारा की गई, जांच के दौरान वाहन की पहचान अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के रूप में की गई थी।

23 नवंबर को, बारामुल्ला पुलिस ने 1.72 करोड़ रुपये की कई संपत्तियों (चौधी जम्मू और त्रिकंजन बोनियार में दो मंजिला आवासीय घर, एक टिपर, एक ट्रेलर और एक चार पहिया वाहन) को जब्त किया। ये संपत्तियां कुख्यात ड्रग तस्कर रफीक अहमद खान उर्फ रफी राफा की हैं। 18 नवंबर को, जम्मू और कश्मीर में ड्रग तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अनंतनाग पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
पीएम मोदी की ईयू अध्यक्ष के बीच अहम बातचीत, साझेदारी को बढ़ाने के लिए गए कई फैसले

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यूरोपियन यूनियन (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। यूरोपियन यूनियन के 27 देशों का प्रतिनिधित्व कर रही उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।इसमें भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को नयी गति प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।बता दें कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ‘ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स’ यानी समूह के 27 सदस्य देशों के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ भारत की यात्रा पर पहुंची हैं। ये सब तब हो रहा है जब अमेरिका की सत्ता में दोबारा डोलान्ड ट्रंप की वापसी हुई है और शपथ लेते ही ट्रंप ने दुनिया के कई देशों को धमकाना शुरू कर दिया है।

हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, हमने कल विभिन्न मुद्दों पर ईमानदार और सार्थक चर्चा की। हमने अपनी टीमों से पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए पर काम करने और इसे इस साल के अंत तक पूरा करने के लिए कहा है।पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ईयू के बीच साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा, यह न केवल यूरोपीय आयोग की पहली भारत यात्रा है, बल्कि यह किसी देश में यूरोपीय आयोग की पहली ऐसी व्यापक भागीदारी भी है। यह यूरोपीय आयोग के नए कार्यकाल की शुरुआती यात्राओं में से एक है। मैं उन सभी का भारत में स्वागत करता हूं। 

साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए-पीएम मोदी

पीएम मोदी कहा, भारत और ईयू के बीच दो दशकों से स्वाभाविक और प्राकृतिक रणनीतिक साझेदारी है और इनकी विश्वास व लोकतांत्रिक मूल्य, साझा प्रगति और समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता है। इसी भावना में आज और कल 20 मंत्री स्तरीय वार्ताएं हुईं। हमने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर ईमानदार और सार्थक चर्चाएं की हैं। हमारी साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, हरित विकास, सुरक्षा, कौशल पर सहयोग के लिए एक खाका तैयार किया गया है। 

निवेश संरक्षण और जीआई समझौते पर आगे बढ़ने पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत और ईयू ने अंतरिक्ष संवाद शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि दोनों ने ग्रीन हाइड्रोजन फोरम और ऑफशोर विंड एनर्जी बिजनेस समिट आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा, हमने निवेश संरक्षण और जीआई समझौते पर आगे बढ़ने पर चर्चा की है, ताकि निवेश ढांचे को मजबूत किया जा सके। तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में एक भरोसेमंद और सुरक्षित मूल्य श्रृंखला हमारी साझा प्राथमिकता है। हम सेमीकंडक्टर, एआई और 6जी में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। हमने अंतरिक्ष संवाद शुरू करने का भी निर्णय लिया है। पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था का संतुलन हमारी साझा प्रतिबद्धता रही है और इस दिशा में हमारा मजबूत सहयोग है। हमने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी बिजनेस समिट आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। 

लेयेन ने क्या कहा?

लेयेन ने कहा, यह दुनिया ख़तरों से भरी हुई है, लेकिन यूरोप और भारत के पास इस बदलते परिदृश्य में अपने संबंधों को फिर से परिभाषित करने का अवसर है। हम अलगाववाद के बजाय अधिक सहयोग से लाभ उठा सकते हैं। हमने प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस सौदे को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई है। समय और दृढ़ संकल्प बहुत जरूरी होगा, और आप इस सौदे को पूरा करने के लिए मेरी पूरी प्रतिबद्धता पर भरोसा कर सकते हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में संबंध बढ़ रहे हैं। ट्रेड और तकनीक काउंसिंल को नेस्ट लेवल पर ले जाना चाहिए।

ट्रंप की धमकियों के बाद बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच दिल्ली पहुंचीं यूरोपीय संघ की प्रमुख, भारत को बताया भरोसेमंद देश

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डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्‍ट्रपति बनने के बाद जिस तेजी से दुनिया बदली है, यूरोप खुद को अलग-थलग पा रहा है। ऐसे समय में वैश्विक व्यापार और कूटनीति में अस्थिरता देखी जा रही है। ऐसे में यूरोप अब भारत की ओर उम्मीदों की निगाह से देख रहा है। इसी उम्मीद के साथ यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन गुरुवार को भारत पहुंचीं। भारत आने के बाद यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला ने एक्स पर लिखा कि संघर्ष और कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में भरोसेमंद मित्रों की जरूरत होती है और यूरोप के लिए भारत एक ऐसा ही मित्र और रणनीतिक सहयोगी है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दो दिवसीय भारत दौरे पर गुरुवार को दिल्ली पहुंचीं। दिल्ली हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका स्वागत किया। दिल्ली पहुंचने के बाद लिएन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की।

नई दिल्ली पहुंचने के बाद उर्सुला लेयेन ने साफ किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच यूरोप को भारत में एक भरोसेमंद मित्र नजर आ रहा है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बात पर चर्चा करूंगी कि हमारी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर कैसे ले जाया जाए।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर होगी बात

लिएन कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापक बातचीत करेंगी। इस मुलाकात में दोनों नेता महत्वाकांक्षी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए जारी बातचीत का जायजा लेंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वॉन डेर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को होने वाली व्यापक वार्ता में लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मजबूत करने और रक्षा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों पक्ष रूस-यूक्रेन संघर्ष, भारत-प्रशांत की स्थिति और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। मोदी और ईयू प्रतिनिधियों की वार्ता के बाद एक संयुक्त वक्तव्य जारी होने की भी उम्मीद है।

ट्रंप ने ईयू को चेतावनी दी

बता दें कि ट्रंप ने हाल में यूरोपीय संघ से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देते हुए कहा था कि ईयू की गठन ही अमेरिका को परेशान करने के लिए किया गया था। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन-रूस युद्ध में यूरोपीय देशों की मदद करने की अमेरिकी नीति को पूरी तरह से बदलते हुए अब रूस के साथ खड़े होते दिख रहे हैं।

यूरोपीय संघ भारत के साथ संबंधों को महत्व दे रहा

यूरोपीय आयोग की प्रेसीडेंट उर्सला वोन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय आयोग के 22 देशों के आयुक्त भी भारत आ रहे हैं। यह पहला मौका है, जब 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के इतने सारे देशों के आयुक्त एक साथ किसी देश की यात्रा पर हैं। इससे यह पता चलता है कि यूरोपीय संघ भारत के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व दे रहा है।

11 साल बाद लापता MH370 विमान की नई खोज शुरू, रहस्यमय मंज़िल की तलाश

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Reuters

मलेशिया के परिवहन मंत्री एंथनी लोके ने मंगलवार को कहा कि समुद्री अन्वेषण फर्म ओशन इनफिनिटी ने लापता मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान MH370 की खोज फिर से शुरू कर दी है, जो दुनिया के सबसे बड़े विमानन रहस्यों में से एक के रूप में जानी जाने वाली घटना के 10 साल बाद लापता हो गई। 227 यात्रियों और 12 चालक दल के सदस्यों के साथ बोइंग 777, उड़ान MH370, 8 मार्च, 2014 को कुआलालंपुर से चीन के बीजिंग के रास्ते में लापता हो गई। लोक ने संवाददाताओं को बताया कि मलेशिया और फर्म के बीच अनुबंध विवरण अभी भी अंतिम रूप दिए जा रहे हैं। लेकिन, उन्होंने लापता विमान की खोज के लिए अपने जहाजों को तैनात करने के लिए ओशन इनफिनिटी की "सक्रियता" का स्वागत किया।

खोज अभियान कब तक चलेगा?

हालांकि, परिवहन मंत्री ने यह विवरण नहीं दिया कि ब्रिटिश समुद्री अन्वेषण फर्म ने अपनी खोज कब शुरू की। उन्होंने कहा कि यह खोज कितने समय तक चलेगी, इस पर भी अभी तक बातचीत नहीं हुई है। दिसंबर 2024 में, मलेशियाई सरकार ने लापता MH370 विमान के मलबे की खोज फिर से शुरू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की थी। विमानन इतिहास में सबसे बड़ी खोज के बावजूद, विमान आज तक नहीं मिला है। लोके ने कहा था, "उन्होंने (ओशन इनफिनिटी) हमें आश्वस्त किया है कि वे तैयार हैं। इसलिए मलेशियाई सरकार इस पर काम कर रही है।"

परिवहन मंत्री ने दिसंबर में कहा था कि अगर लापता मलेशियाई एयरलाइंस के विमान का मलबा मिला तो ब्रिटिश फर्म को 70 मिलियन डॉलर मिलेंगे। उन्होंने कहा, "हमारी जिम्मेदारी और दायित्व और प्रतिबद्धता निकटतम रिश्तेदारों के प्रति है।"

शुरू में, मलेशियाई जांचकर्ताओं ने विमान के जानबूझकर रास्ते से भटकने की संभावना से इनकार नहीं किया था। 2018 में भी, मलेशिया ने दक्षिणी हिंद महासागर में मलबे की खोज के लिए ओशन इनफिनिटी के साथ सौदा किया था, अगर विमान मिल जाता है तो 70 मिलियन डॉलर तक का भुगतान करने की पेशकश की थी। हालांकि, फर्म दो प्रयासों में विफल रही। कुछ पुष्टि की गई है और कुछ को लापता विमान का मलबा माना जा रहा है, जो अफ्रीका के तट और हिंद महासागर के द्वीपों पर बहकर आया है। उन्हें आज तक मलेशियाई सरकार के पास सुरक्षित रखा गया है। 

बाद में, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और चीन ने इनमारसैट उपग्रह और विमान के बीच स्वचालित कनेक्शन के डेटा के आधार पर दक्षिणी हिंद महासागर के 120,000 वर्ग किलोमीटर (46,332 वर्ग मील) क्षेत्र में पानी के नीचे खोज की थी। उल्लेखनीय है कि MH370 विमान में 150 से अधिक चीनी यात्री सवार थे, जिनके रिश्तेदारों ने मलेशियाई एयरलाइंस, बोइंग, विमान के इंजन निर्माता रोल्स-रॉयस और एलियांज बीमा समूह सहित अन्य से मुआवजे की मांग की थी।

देवघर- के भारतीय स्टेट बैंक साधना भवन के पास बैंक अधिकारी कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया।
देवघर: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) द्वारा आयोजित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के अंतर्गत आज, 21 फरवरी 2025 को भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन, देवघर के समक्ष विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध तथा अपनी न्यायसंगत मांगों की प्राप्ति हेतु एक एकीकृत प्रदर्शन किया। मुख्य मांगें: ✔ बैंकों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों एवं अधिकारियों की भर्ती। ✔ पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की घोषणा। ✔ कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिनिधियों को निदेशक मंडल में नियुक्ति। ✔ पुरानी लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण। ✔ आईडीबीआई बैंक के निजीकरण पर रोक। ✔ ग्रेच्युटी नियमों में संशोधन एवं केंद्रीय कर्मियों के समान ग्रेच्युटी भुगतान। ✔ बैंक कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा एवं दुर्व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई। ✔ PLI प्रणाली में सुधार और भेदभाव को समाप्त करना। ✔ अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति बंद कर स्थायी कर्मचारियों की भर्ती सुनिश्चित करना। ✔ सरकार एवं DFS का बैंकिंग क्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप बंद हो। ✔ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने की नीति अपनाई जाए। कार्यक्रम की प्रमुखता UFBU की देवघर इकाई के संयोजक श्री मुन्ना कुमार झा की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के उपमहासचिव श्री धीरज कुमार, अधिकारी संघ (SBIOA) के आंचलिक सचिव विभु प्रकाश, अध्यक्ष श्री मिथिलेश कुमार, मनीष कुमार रॉय – क्षेत्रीय सचिव बेफी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ब्रजेश कुमार – सहायक सचिव, केनरा बैंक झारखंड, CBEU (AIBEA),अनुप कुमार वत्स – प्रांतीय सचिव, केनरा बैंक ऑफिसर एसोसिएशन झारखंड, CBOA (AIBOC),Rohit Kumar Jha – अध्यक्ष, PNB झारखंड, (AIBEA),सुरेन्द्र कुमार – प्रेसिडेंट, बिहार-झारखंड, बेफी, इंडियन ओवरसीज़ बैंक,अरविंद बाजपेई, कनिष्क आनंद, राजेश कुमार, अंशुमन, सुमन, कैलाश निराला, प्रशांत, स्वधा, अमूल करकेटा, चंद्रशेखर, दीपक, निशि आनंद,मुकेश , रोहित , एवं अन्य कर्मचारी-अधिकारी जैसे अमर, रविकांत, प्रवीण, अवधेश झा, केशव, सनी, अंशुमन, राजेश, ब्रजेश, आयुषी, कंचन, अमित कुमार, सुमित कुमार, रंजन, अविनाश , अनूप पांडे, चंद्रशेखर, अरविंद बाजपेई, कनिष्क आनंद, कुमार शांतनु, काजल , प्रद्युम्न कुमार, मनीष , अजय जज़वारे समेत अन्य कई कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया और अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
यूपी का बजट अगले 25 साल का रोडमैप तैयार करेगा : सीएम योगी

डेस्क:– उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के तिलक हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट की खूबियां गिनाईं। उन्होंने इस बजट की थीम 'वंचित को वरीयता' को बताया जो 'सर्वे भवन्तु सुखिन:' की अवधारणा के अनुरूप गरीब, किसान, युवा और महिला उत्थान को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 5टी - ट्रेड, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी, ट्रेडिशन और टैलेंट - को मंत्र मानकर नया उत्तर प्रदेश आज श्रम शक्ति से अर्थ शक्ति के रूप में पहचाना जा रहा है। उत्तर प्रदेश आज 'बीमारू' राज्य से ऊपर उठकर रेवेन्यू सरप्लस राज्य बन चुका है।

उन्होंने कहा कि देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य ने देश के सभी राज्यों में अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का यह 9वां बजट है। पिछले 8 साल में सरकार ने जो भी राज्य के लिए किया है, उसके अच्छे परिणाम हमें देखने को मिले हैं। यह बजट हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह संविधान के लागू होने का अमृत महोत्सव वर्ष भी है। साथ ही साथ उत्तर प्रदेश की स्थापना का भी अमृत वर्ष है। ये दोनों कार्य जनवरी 1950 में हुए थे। 75 साल के शानदार इतिहास के साथ ही आगामी 25 साल की कार्ययोजना का रोडमैप तैयार करने के लिए यह बजट महत्वपूर्ण है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के नाम पर लखनऊ में स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना कर रही है। इसके अलावा प्रत्येक जनपद में 100 एकड़ में पीपीपी मॉडल पर सरदार पटेल जनपदीय आर्थिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। पीपीपी मोड पर 10 संत कबीर वस्त्रोद्योग पार्क तथा 2 संत रविदास चर्मोद्योग पार्क स्थापित किए जाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष में उनके सम्मान में नगरीय क्षेत्रों में पुस्तकालय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि यूपी में कृषि विभाग की स्थापना के 150 वर्ष को बीज वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। लखनऊ स्थित अटारी कृषि प्रक्षेत्र पर 251 करोड़ रुपये की लागत से पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के सम्मान में एक सीड पार्क की स्थापना की जाएगी।

प्रत्येक कृषि मंडी में माता शबरी के नाम पर कैंटीन और विश्रामालय स्थापित किए जाएंगे। यहां सब्सिडाइज्ड दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को प्रात्रता के आधार पर स्कूटी प्रदान करने की नई योजना 'रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना' के लिए 400 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसी प्रकार सात जनपदों वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर, झांसी, आगरा में माता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा। सीएम योगी ने बताया कि सरकार ने 2017-18 से अब तक हर वर्ष अलग-अलग वर्गों को समर्पित बजट प्रस्तुत किया है। वर्ष 2017-18 का बजट अन्नदाता किसानों को, 2018-19 का इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को, 2019-20 का महिला सशक्तीकरण को और 2020-21 का बजट युवाओं और रोजगार सृजन को समर्पित था।

वर्ष 2021-22 का बजट स्वावलंबन से सशक्तिकरण, 2022-23 का बजट अंत्योदय से आत्मनिर्भरता, 2023-24 का बजट त्वरित और समावेशी विकास और 2024-25 का बजट रामराज्य और पर्यटन को समर्पित किया गया था। इसी प्रकार 2025-26 का बजट ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की अवधारणा के तहत 'वंचित को वरीयता' की मूल भावना पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बजट राज्य के सामर्थ्य और 'डबल इंजन सरकार' की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है। इसमें 2,25,561.49 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव है। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर धनराशि व्यय होगी, जिससे अधिक से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। साल 2017-18 में प्रदेश की जीडीपी 12,89,000 करोड़ रुपये थी जो 2024-25 में बढ़कर 27,51,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। तीन साल वैश्विक महामारी कोरोना के बावजूद यह उपलब्धि है।

सीएम योगी ने कहा कि साल 2016-17 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठे स्थान पर थी, आज यह दूसरे स्थान पर है। इसके लिए हमने रेवेन्यू लीकेज को खत्म किया, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। प्रदेश के अंदर राजस्व प्राप्ति के नए साधन उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि बजट में कुल राजकोषीय घाटा जीडीपी के तीन फीसदी से कम 2.9 फीसदी है। यह राज्य सरकार के व्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। नीति आयोग द्वारा राज्यों के राजकोषीय घाटे के संबंध में यूपी को फ्रंट रनर की श्रेणी में रखा गया है। प्रदेश के फिसिकल हेल्थ इंडेक्स में बढ़ोत्तरी हुई है। पूंजीगत व्यय 1.8 प्रतिशत से 19.3 प्रतिशत के बीच रहा है। देश के राज्यों के औसत अनुपात से यूपी का अनुपात अधिक रहा है।
रूस-अमेरिका की बातचीत से यूरोप में क्यों बढ़ी टेंशन?

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अमेरिका और रूस में यूक्रेन युद्ध को लेकर हो रही बातचीत से यूरोप टेंशन में हैं। अधिकतर यूरोपीय देश के नेता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत को लेकर नाराज हैं। नाटो देशों ने आशंका जताई है कि इस वार्ता से रूस को फायदा होगा, जबकि बाकी सभी नुकसान उठाएंगे।

सऊदी अरब में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो के स्तर पर हो रही है। अगर यह वार्ता सफल रही, तो यूक्रेन संकट के हल की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि यूरोपीय देश इस पहल को लेकर उत्साहित नहीं दिख रहा। वो इसलिए भी कि वो इस बैठक का हिस्सा है। सभी युद्ध खत्म करना चाहते हैं, लेकिन इसका रास्ता क्या हो—यही असली मतभेद है। सवाल यह है कि जब ट्रंप खुद शांति वार्ता को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो यूरोप इस पर संशय में क्यों है?

यूरोपीय देशों के लिए रूस केवल एक आक्रामक शक्ति नहीं है, बल्कि एक भविष्य की चिंता का नाम भी है। पोलैंड, बाल्टिक देश और जर्मनी जैसे देशों को यह डर सता रहा है कि अगर युद्ध बिना किसी ठोस शर्तों के खत्म हो गया, तो रूस अपनी विस्तारवादी नीतियों के साथ फिर से सक्रिय हो सकता है। यही कारण है कि यूरोप चाहता है कि युद्ध का अंत रूस की हार के साथ हो, ताकि रूस की सैन्य ताकत कमजोर हो सके और भविष्य में उसे फिर से चुनौती देने की स्थिति न बने।

इधर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने ट्वीट किया, कई यूरोपीय नेताओं को एक साथ लाने के बाद, मैंने अभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फिर राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बात की है। हम यूक्रेन में एक मजबूत और स्थायी शांति चाहते हैं। इसे हासिल करने के लिए, रूस को अपनी आक्रामकता खत्म करनी होगी और इसके साथ यूक्रेनियन के लिए मजबूत और विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी होनी चाहिए। अन्यथा, जोखिम है कि यह युद्धविराम मिन्स्क समझौते की तरह खत्म हो जाएगा। हम सभी यूरोपीय, अमेरिकियों और यूक्रेनियन के साथ मिलकर इस पर काम करेंगे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि वह सऊदी अरब में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि रियाद में होने वाली वार्ता में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के भी भाग लेने की उम्मीद है. रुबियो की यह यात्रा पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद हो रही है. पुतिन के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि वे ‘अपनी-अपनी टीम द्वारा तुरंत बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं’.

कतर के अमीर की यात्रा के एजेंडे में व्यापार, ऊर्जा, रणनीतिक वार्ता शामिल

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File Photo (Reuters)

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी की मंगलवार को भारतीय नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों के एजेंडे में व्यापार और ऊर्जा सहयोग शीर्ष पर रहेगा, यह यात्रा दो साल पहले भारतीय नौसेना के आठ दिग्गजों की कैद के कारण उत्पन्न तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को फिर से स्थापित करने का प्रतीक है।

शेख तमीम, जिनके साथ कई मंत्री और व्यापारिक नेता शामिल हैं, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करने वाले हैं। यह लगभग एक दशक में उनकी पहली भारत यात्रा है और फरवरी 2024 में मोदी की दोहा यात्रा के बाद है।

शेख तमीम की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों द्वारा ऊर्जा सहित कुछ समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कतर भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो देश के वैश्विक आयात का 40% से अधिक हिस्सा है। दोतरफा व्यापार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जिसमें शेष कतर के पक्ष में है। लोगों ने कहा कि व्यापार और निवेश बढ़ाने के अलावा दोनों पक्ष अपनी रणनीतिक बातचीत को बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेंगे। कतर भारत के लिए अफगान तालिबान तक पहुंच बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समूह के राजनीतिक कार्यालय और कई वरिष्ठ तालिबान नेताओं की मेजबानी करता है। 

- इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि शेख तमीम की यात्रा को 2022 में जासूसी के आरोप में आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों की गिरफ्तारी और सजा के कारण उत्पन्न तनाव के मद्देनजर संबंधों को फिर से स्थापित करने की प्रक्रिया के पूरा होने के रूप में देखा जा रहा है। उच्च पदस्थ नौसेना अधिकारियों सहित आठ लोगों को 2023 में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में कतर की अदालत ने इसे कम कर दिया था। फरवरी 2024 में कतर के अमीर के आदेश पर आठ लोगों को रिहा कर दिया गया और इसके तुरंत बाद मोदी की दोहा यात्रा हुई। आठ में से सात नौसेना के दिग्गज भारत लौट आए हैं, जबकि कमांडर (सेवानिवृत्त) पूर्णेंदु तिवारी कतर में ही हैं। 

- कतर के अमीर की यात्रा से पहले, सात पूर्व नौसैनिकों ने तिवारी की “वापसी को सुगम बनाने के लिए रचनात्मक विचार-विमर्श” का आह्वान करते हुए एक बयान जारी किया। हालांकि, लोगों ने कहा कि तिवारी दाहरा ग्लोबल कंपनी के वित्तीय लेन-देन से जुड़े एक मामले में शामिल थे, जिसने नौसेना के दिग्गजों को रोजगार दिया था, और उनकी वापसी इस मामले में कार्यवाही के समापन से जुड़ी है। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मोदी के साथ उनकी बैठकों से पहले मंगलवार को शेख तमीम का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं, खासकर व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों में। “अमीर की यात्रा हमारी बढ़ती बहुआयामी साझेदारी को और गति प्रदान करेगी,” इसने कहा। एलएनजी के अलावा, भारत कतर से एलपीजी, रसायन, उर्वरक और प्लास्टिक का आयात करता है।

पिछले कुछ वर्षों में कतर को भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें अनाज, सब्जियाँ, फल, मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, लोहा और इस्पात की वस्तुएँ, विद्युत और अन्य मशीनरी तथा निर्माण सामग्री शामिल हैं। फरवरी 2024 में, पेट्रोनेट एलएनजी ने कतर एनर्जी के साथ 2028 से 2048 तक प्रति वर्ष 7.5 मिलियन टन एलएनजी की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। कतर में रहने वाले 830,000 भारतीय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय बनाते हैं और पश्चिम एशियाई देश के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें अच्छी तरह से जाना जाता है।

महाकुंभ में भारतीय संस्कृति और व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहे विदेशी सैलानी

डेस्क:–इस बार महाकुंभ में विदेशी सैलानियों की रुचि में बड़ा बदलाव देखा गया है। पहले जहां विदेशी पर्यटक नागा साधुओं और उनके रहस्यमय जीवन को जानने के लिए आते थे, वहीं इस बार वे महाकुंभ की स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और संपूर्ण आयोजन प्रबंधन का अध्ययन करने भी आ रहे हैं।

इस बार मेले में पहले से कहीं ज्यादा विदेशी सैलानी पहुंचे और उन्होंने भारतीय संस्कृति को नजदीक से देखा और अनुभव किया।

अग्नि अखाड़े के सचिव महामंडलेश्वर संपूर्णानंद जी ने बताया कि इस बार कई देशों से विदेशी पर्यटक प्रयागराज आए हैं। उन्होंने यहां ब्रह्मचारी जीवन और गृहस्थ जीवन के अंतर को करीब से जाना और समझा। अब विदेशी सैलानी सिर्फ नागा साधुओं के जीवन को देखने नहीं आ रहे, बल्कि वे महाकुंभ की व्यवस्थाओं और सनातन संस्कृति का गहराई से अध्ययन करने भी आ रहे हैं।

अफ्रीका के घाना देश से आए जितेंद्र सिंह नेगी (उच्चायोग अफेयर्स, घाना) ने बताया कि उनके पूर्वज भारत से घाना गए थे और पहली बार प्रयागराज आकर उन्हें सनातन धर्म की अद्भुत जानकारी मिली।

उन्होंने कहा, "हमने पहली बार गुरुजी (अग्नि अखाड़ा महामंडलेश्वर संपूर्णानंद जी) से मुलाकात की और सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों को समझा। हमारे साथ 16 अन्य प्रतिनिधि भी आए, जिन्होंने भारतीय संस्कृति को गहराई से जाना।"

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इसी क्रम में विदेशी सैलानी अंकिता उपाध्याय ने बताया, "हमने महाकुंभ के बारे में जो सुना था, उससे कहीं अधिक यहां आकर देखा और महसूस किया। व्यवस्थाओं की सुगमता और संगम की आध्यात्मिक ऊर्जा ने हमें नई अनुभूति दी है।"

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महाकुंभ नगर प्रशासन के अनुसार, महाकुंभ 2025 में अब तक 50 से अधिक देशों के सैलानी आ चुके हैं और आगे भी बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों के आने की संभावना है।

कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने भाजपा की जीत को बनाया आसान,पंजाबी, जाट और ओबीसी मतदाताओं के भरोसे भाजपा ने लिखी सफलता की कहानी

डेस्क:– दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 48 सीटों पर विजय हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) केवल 22 सीटों तक सीमित रही। कांग्रेस एक बार फिर खाता खोलने में नाकाम रही। भाजपा की इस सफलता के पीछे उसकी सटीक रणनीति, व्यापक जनसंपर्क और विभिन्न मतदाता समूहों को साधने की नीति प्रमुख कारण मानी जा रही है। आइए, इस प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण करते हैं : -

*1. अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) पर फोकस*

भाजपा ने 12 अनुसूचित जाति (एससी) और 22 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा। इनमें से 4 एससी और 16 ओबीसी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

ओबीसी प्रभाव वाले क्षेत्र: जहां ओबीसी समाज की आबादी 10% से अधिक थी, भाजपा ने 7 सीटों पर जीत हासिल की।

जातिगत समूहों में सफलता: सिख, पंजाबी, गुज्जर, जाट, वाल्मीकि और जाटव मतदाताओं वाले इलाकों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया:

सिख मतदाता: 4 सीटों में से 3 पर जीत।

पंजाबी मतदाता: 28 सीटों में से 23 पर कब्जा।

गुज्जर मतदाता: 5 सीटों में से 2 पर जीत।

जाट मतदाता: 13 सीटों में से 11 पर विजय।

वाल्मीकि मतदाता: 9 सीटों में से 4 पर जीत।

जाटव मतदाता: 12 सीटों में से 6 पर कब्जा।

*2. क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और मतदाता समूहों पर ध्यान*

भाजपा ने पूर्वांचली, हरियाणवी और उत्तराखंडी समुदायों को भी बड़ी तवज्जो दी।

पूर्वांचली मतदाता: 6 उम्मीदवारों में से 4 ने जीत दर्ज की। 35 सीटों पर जहां 15% से अधिक पूर्वांचली मतदाता थे, भाजपा ने 25 सीटों पर विजय पाई।

हरियाणवी मतदाता: 14 उम्मीदवारों में से 12 ने जीत दर्ज की। 13 सीटों पर जहां 5% से अधिक हरियाणवी मतदाता थे, भाजपा ने 12 पर जीत हासिल की।

उत्तराखंडी मतदाता: 3 उम्मीदवारों में से 2 ने जीत दर्ज की।

3. सीमावर्ती और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में प्रदर्शन

दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया

सीमावर्ती क्षेत्र: हरियाणा और यूपी से लगी 22 सीटों में से भाजपा ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की।

झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र: 7 में से 4 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की, जिनमें तिमारपुर, बादली, नई दिल्ली और आरके पुरम शामिल हैं।

4. कांग्रेस का प्रदर्शन और असर

कांग्रेस 3 सीटों (महरौली, ओखला, मुस्तफाबाद) में टॉप 3 में भी जगह नहीं बना सकी।

हालांकि, 14 सीटों पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के वोटबैंक में सेंध लगाई, जिससे भाजपा को लाभ हुआ। इनमें तिमारपुर, बादली, नांगलोई जाट, मादीपुर, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली, जंगपुरा, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, महरौली, छतरपुर, संगम विहार, ग्रेटर कैलाश और त्रिलोकपुरी जैसी सीटें शामिल हैं।

भाजपा ने जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को बखूबी साधते हुए दिल्ली में अपना प्रभावी प्रदर्शन किया। मतदाता समूहों के आधार पर उनकी रणनीति ने आम आदमी पार्टी के वोटबैंक में सेंध लगाई और कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने भाजपा की जीत को और आसान बना दिया।
जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अवैध खनन, ड्रग माफिया या किसी भी अन्य तरह के माफिया के खिलाफ़ की जाएगी कार्रवाई

डेस्क:–जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को भरोसा दिलाया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार समावेशी शासन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसे जनता द्वारा चुना जाता है और यह मनोनीत या नियुक्त नहीं है। उन्होंने अवैध खनन, ड्रग माफिया और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ़ कार्रवाई करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि "उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार सभी को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हम मनोनीत या नियुक्त नहीं हैं, हम जनता द्वारा चुने गए हैं, अवैध खनन, ड्रग माफिया या किसी भी अन्य तरह के माफिया के खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी, उद्योग सिर्फ़ प्रोत्साहन लेने के लिए नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर की जनता को रोज़गार देने के लिए स्थापित किए जाएँगे।"

अवैध खनन के बारे में चौधरी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया और कठुआ के एसएसपी और डिप्टी कमिश्नर से इस मुद्दे पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने खनिज संसाधनों के दोहन के लिए अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि "मैं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता हूं और यदि राज्य सरकार अवैध खनन को समाप्त करना चाहती है, तो कठुआ के एसएसपी और उपायुक्त को भी कार्रवाई करनी चाहिए..."

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। 10 जनवरी को पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा इलाके में एक कुख्यात ड्रग तस्कर की संपत्ति जब्त की। पुलिस के अनुसार, उक्त ड्रग तस्कर ने यह संपत्ति नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित की थी।

पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अवंतीपोरा पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 68-एफ के तहत कुख्यात ड्रग तस्कर जितेंद्र सिंह के लगभग 3.30 लाख रुपये मूल्य के चार पहिया वाहन को जब्त किया। उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) त्राल की देखरेख में स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पुलिस स्टेशन त्राल, इंस्पेक्टर तनवीर जहांगीर द्वारा की गई, जांच के दौरान वाहन की पहचान अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के रूप में की गई थी।

23 नवंबर को, बारामुल्ला पुलिस ने 1.72 करोड़ रुपये की कई संपत्तियों (चौधी जम्मू और त्रिकंजन बोनियार में दो मंजिला आवासीय घर, एक टिपर, एक ट्रेलर और एक चार पहिया वाहन) को जब्त किया। ये संपत्तियां कुख्यात ड्रग तस्कर रफीक अहमद खान उर्फ रफी राफा की हैं। 18 नवंबर को, जम्मू और कश्मीर में ड्रग तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अनंतनाग पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।