गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। NEET पेपर लीक के खिलाफ ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) व ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गनाइजेशन (AIDYO) ने आज संयुक्त रूप से जुलूस व विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। जुलूस की शुरुआत बदलापुर सब्जी मण्डी के पास स्थित संगठन के कार्यालय से की गई, जो इन्दिरा चौक होते हुए बदलापुर तहसील परिसर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। जहां पर, महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित 6 सूत्री मांग पत्रक तहसीलदार बदलापुर को सौंपा गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, राजस्थान में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 को रद्द किया जाना और CBI जांच के आदेश ने एक बार फिर देश में केंद्रीकृत उच्च-स्तरीय परीक्षाओं से जुड़े गहरे संकट को उजागर कर दिया है।  छात्र संगठन AIDSO निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में NTA की लगातार विफलताओं की कड़ी निंदा करता है। पिछले कई वर्षों से विभिन्न केंद्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितता, हेरफेर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप बार-बार सामने आते रहे हैं। इतने व्यापक प्रचारित “सुरक्षित” परीक्षा तंत्र को भेदने की क्षमता केवल सामान्य व्यक्तियों में नहीं हो सकती; इस प्रकार की संगठित धांधली प्रभावशाली और ऊँचे स्तर के नेटवर्क की संलिप्तता की ओर संकेत करती है। यदि हर बार असली दोषियों को बचा लिया जाए या जांच निष्कर्षहीन रह जाए, तो छात्र और अभिभावक NEET तथा अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कैसे भरोसा करेंगे। कार्यक्रम को एआईडीवाईओ के जौनपुर जिलाध्यक्ष इन्दुकुमार शुक्ल,  एआईडीएसओ के राज्य सचिव दिलीप कुमार के अलावा अभिभावक प्रमोद कुमार शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। संचालन संतोष प्रजापति ने किया। इस अवसर पर रामकुमार यादव,  राजबहादुर विश्वकर्मा, यशवंत राव, मिथिलेश मौर्य, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, साधना, रोशनी,  विनोद मौर्य, रवीन्द्र पटेल,  शिवप्रकाश विश्वकर्मा, राकेश मौर्य,  सहित अन्य कई छात्र नौजवान मौजूद रहे।
Google Ads Services In Patna | Best PPC Company In Patna | PPC Service Patna – Digital Care

Drive instant leads with our Google Ads services in Patna. Digital Care helps businesses get more traffic, sales and ROI with PPC campaigns.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

#jharkhandformerchiefministerchampaisorengrandsondiesin_kullu

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

ब्रिटेन किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयूज माउंटबेटन गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स मामले में बड़ी कार्रवाई

#king_charles_brother_andrew_mountbatten_windsor_arrested

अमेरिका के दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों के मामले में ब्रिटेन में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया है। उन्हें नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट में स्थित ‘वुड फार्म’ से हिरासत में लिया गया है।

यह गिरफ्तारी कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े हालिया खुलासों के बाद हुई है। एपस्टीन फाइल्‍स से संकेत मिले थे कि जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय यानी ट्रेड मामलों के राजदूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश पुलिस ने उनको अपने पद के दुरुपयोग करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। उनको तब गिरफ्तार किया गया, जब वह 66वां जन्मदिन मना रहे थे। बीते सप्ताह एंड्रयू के खिलाफ थेम्स वैली पुलिस को पद के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। राजशाही के विरोधी कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत तब की थी, जब उन पर कथित तौर पर एपस्टीन के साथ बिजनेस संबंधी डॉक्यूमेंट शेयर करने के आरोप लगे थे। नियमों के तहत ट्रेड राजदूतों को अपनी यात्रों की जानकारी गुप्त रखना होता है, चाहें वह उस पद पर न भी हो।

एंड्रयू लंबे समय से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले साल ही किंग चार्ल्स ने उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे और उन्हें विंडसर एस्टेट के शाही बंगले से भी बेदखल करने का फैसला किया था। एंड्रयू ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन नई फाइल्स में सामने आई तस्वीरों और ईमेल्स ने उन पर शिकंजा कस दिया है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/

*छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग: 85 उप निरीक्षकों की नियुक्ति 24 घंटे में रद्द*

गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। NEET पेपर लीक के खिलाफ ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) व ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गनाइजेशन (AIDYO) ने आज संयुक्त रूप से जुलूस व विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। जुलूस की शुरुआत बदलापुर सब्जी मण्डी के पास स्थित संगठन के कार्यालय से की गई, जो इन्दिरा चौक होते हुए बदलापुर तहसील परिसर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। जहां पर, महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित 6 सूत्री मांग पत्रक तहसीलदार बदलापुर को सौंपा गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, राजस्थान में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 को रद्द किया जाना और CBI जांच के आदेश ने एक बार फिर देश में केंद्रीकृत उच्च-स्तरीय परीक्षाओं से जुड़े गहरे संकट को उजागर कर दिया है।  छात्र संगठन AIDSO निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में NTA की लगातार विफलताओं की कड़ी निंदा करता है। पिछले कई वर्षों से विभिन्न केंद्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितता, हेरफेर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप बार-बार सामने आते रहे हैं। इतने व्यापक प्रचारित “सुरक्षित” परीक्षा तंत्र को भेदने की क्षमता केवल सामान्य व्यक्तियों में नहीं हो सकती; इस प्रकार की संगठित धांधली प्रभावशाली और ऊँचे स्तर के नेटवर्क की संलिप्तता की ओर संकेत करती है। यदि हर बार असली दोषियों को बचा लिया जाए या जांच निष्कर्षहीन रह जाए, तो छात्र और अभिभावक NEET तथा अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कैसे भरोसा करेंगे। कार्यक्रम को एआईडीवाईओ के जौनपुर जिलाध्यक्ष इन्दुकुमार शुक्ल,  एआईडीएसओ के राज्य सचिव दिलीप कुमार के अलावा अभिभावक प्रमोद कुमार शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। संचालन संतोष प्रजापति ने किया। इस अवसर पर रामकुमार यादव,  राजबहादुर विश्वकर्मा, यशवंत राव, मिथिलेश मौर्य, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, साधना, रोशनी,  विनोद मौर्य, रवीन्द्र पटेल,  शिवप्रकाश विश्वकर्मा, राकेश मौर्य,  सहित अन्य कई छात्र नौजवान मौजूद रहे।
Google Ads Services In Patna | Best PPC Company In Patna | PPC Service Patna – Digital Care

Drive instant leads with our Google Ads services in Patna. Digital Care helps businesses get more traffic, sales and ROI with PPC campaigns.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

#jharkhandformerchiefministerchampaisorengrandsondiesin_kullu

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

ब्रिटेन किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयूज माउंटबेटन गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स मामले में बड़ी कार्रवाई

#king_charles_brother_andrew_mountbatten_windsor_arrested

अमेरिका के दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों के मामले में ब्रिटेन में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया है। उन्हें नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट में स्थित ‘वुड फार्म’ से हिरासत में लिया गया है।

यह गिरफ्तारी कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े हालिया खुलासों के बाद हुई है। एपस्टीन फाइल्‍स से संकेत मिले थे कि जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय यानी ट्रेड मामलों के राजदूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश पुलिस ने उनको अपने पद के दुरुपयोग करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। उनको तब गिरफ्तार किया गया, जब वह 66वां जन्मदिन मना रहे थे। बीते सप्ताह एंड्रयू के खिलाफ थेम्स वैली पुलिस को पद के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। राजशाही के विरोधी कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत तब की थी, जब उन पर कथित तौर पर एपस्टीन के साथ बिजनेस संबंधी डॉक्यूमेंट शेयर करने के आरोप लगे थे। नियमों के तहत ट्रेड राजदूतों को अपनी यात्रों की जानकारी गुप्त रखना होता है, चाहें वह उस पद पर न भी हो।

एंड्रयू लंबे समय से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले साल ही किंग चार्ल्स ने उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे और उन्हें विंडसर एस्टेट के शाही बंगले से भी बेदखल करने का फैसला किया था। एंड्रयू ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन नई फाइल्स में सामने आई तस्वीरों और ईमेल्स ने उन पर शिकंजा कस दिया है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/

*छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग: 85 उप निरीक्षकों की नियुक्ति 24 घंटे में रद्द*