वाराणसी मंडल के बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणन
वाराणसी  पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के नेतृत्व और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) अभिषेक राय के मार्गदर्शन में बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को एक साथ ISO 9001:2015, ISO 14001:2015 और ISO 45001:2018 के अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं।

यह प्रमाणन गुणवत्ता आधारित अनुरक्षण, सुरक्षित कार्य संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का परिणाम है। तीनों डिपो में रेल कोचों का रखरखाव भारतीय रेल और RDSO के मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और गुणवत्तापूर्ण यात्रा सुविधा मिल सके।

प्रमाणन प्रक्रिया के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को गुणवत्ता, पर्यावरण और सुरक्षा संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। स्वतंत्र ऑडिट में सभी मानकों पर सफल पाए जाने के बाद तीनों डिपो को यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्रदान की गई।

इस अवसर पर आशीष जैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत, कार्यकुशलता और उत्कृष्ट सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने इसे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने की नई जिम्मेदारी बताया।
Subcontract India 2026 Set to Drive Global Sourcing Partnerships in Pune This December

PUNE, INDIA — The premier B2B engineering and manufacturing trade fair, SUBCONTRACT INDIA 2026, will take place from 17–19 December 2026 at the Auto Cluster Exhibition Area, Pune. Operating daily from 10:00 AM to 6:00 PM, this three day industry exhibition covering automotive, electrical, machinery, oil & gas, and industrial sectors serves as a definitive bridge connecting Indian subcontracting companies with domestic and international purchasing companies.As India drives toward its Vision Plan 2030 to establish itself as a dominant global manufacturing and export hub, subcontracting has become a critical catalyst for industrial scale.

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•                 Anil Singh Rawat | | +91 98208 86788

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। NEET पेपर लीक के खिलाफ ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) व ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गनाइजेशन (AIDYO) ने आज संयुक्त रूप से जुलूस व विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। जुलूस की शुरुआत बदलापुर सब्जी मण्डी के पास स्थित संगठन के कार्यालय से की गई, जो इन्दिरा चौक होते हुए बदलापुर तहसील परिसर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। जहां पर, महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित 6 सूत्री मांग पत्रक तहसीलदार बदलापुर को सौंपा गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, राजस्थान में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 को रद्द किया जाना और CBI जांच के आदेश ने एक बार फिर देश में केंद्रीकृत उच्च-स्तरीय परीक्षाओं से जुड़े गहरे संकट को उजागर कर दिया है।  छात्र संगठन AIDSO निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में NTA की लगातार विफलताओं की कड़ी निंदा करता है। पिछले कई वर्षों से विभिन्न केंद्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितता, हेरफेर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप बार-बार सामने आते रहे हैं। इतने व्यापक प्रचारित “सुरक्षित” परीक्षा तंत्र को भेदने की क्षमता केवल सामान्य व्यक्तियों में नहीं हो सकती; इस प्रकार की संगठित धांधली प्रभावशाली और ऊँचे स्तर के नेटवर्क की संलिप्तता की ओर संकेत करती है। यदि हर बार असली दोषियों को बचा लिया जाए या जांच निष्कर्षहीन रह जाए, तो छात्र और अभिभावक NEET तथा अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कैसे भरोसा करेंगे। कार्यक्रम को एआईडीवाईओ के जौनपुर जिलाध्यक्ष इन्दुकुमार शुक्ल,  एआईडीएसओ के राज्य सचिव दिलीप कुमार के अलावा अभिभावक प्रमोद कुमार शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। संचालन संतोष प्रजापति ने किया। इस अवसर पर रामकुमार यादव,  राजबहादुर विश्वकर्मा, यशवंत राव, मिथिलेश मौर्य, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, साधना, रोशनी,  विनोद मौर्य, रवीन्द्र पटेल,  शिवप्रकाश विश्वकर्मा, राकेश मौर्य,  सहित अन्य कई छात्र नौजवान मौजूद रहे।
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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

ब्रिटेन किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयूज माउंटबेटन गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स मामले में बड़ी कार्रवाई

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अमेरिका के दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों के मामले में ब्रिटेन में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया है। उन्हें नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट में स्थित ‘वुड फार्म’ से हिरासत में लिया गया है।

यह गिरफ्तारी कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े हालिया खुलासों के बाद हुई है। एपस्टीन फाइल्‍स से संकेत मिले थे कि जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय यानी ट्रेड मामलों के राजदूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश पुलिस ने उनको अपने पद के दुरुपयोग करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। उनको तब गिरफ्तार किया गया, जब वह 66वां जन्मदिन मना रहे थे। बीते सप्ताह एंड्रयू के खिलाफ थेम्स वैली पुलिस को पद के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। राजशाही के विरोधी कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत तब की थी, जब उन पर कथित तौर पर एपस्टीन के साथ बिजनेस संबंधी डॉक्यूमेंट शेयर करने के आरोप लगे थे। नियमों के तहत ट्रेड राजदूतों को अपनी यात्रों की जानकारी गुप्त रखना होता है, चाहें वह उस पद पर न भी हो।

एंड्रयू लंबे समय से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले साल ही किंग चार्ल्स ने उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे और उन्हें विंडसर एस्टेट के शाही बंगले से भी बेदखल करने का फैसला किया था। एंड्रयू ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन नई फाइल्स में सामने आई तस्वीरों और ईमेल्स ने उन पर शिकंजा कस दिया है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

वाराणसी मंडल के बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणन
वाराणसी  पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के नेतृत्व और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) अभिषेक राय के मार्गदर्शन में बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को एक साथ ISO 9001:2015, ISO 14001:2015 और ISO 45001:2018 के अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं।

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इस अवसर पर आशीष जैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत, कार्यकुशलता और उत्कृष्ट सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने इसे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने की नई जिम्मेदारी बताया।
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हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
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लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
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इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। NEET पेपर लीक के खिलाफ ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) व ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गनाइजेशन (AIDYO) ने आज संयुक्त रूप से जुलूस व विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। जुलूस की शुरुआत बदलापुर सब्जी मण्डी के पास स्थित संगठन के कार्यालय से की गई, जो इन्दिरा चौक होते हुए बदलापुर तहसील परिसर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। जहां पर, महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित 6 सूत्री मांग पत्रक तहसीलदार बदलापुर को सौंपा गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, राजस्थान में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 को रद्द किया जाना और CBI जांच के आदेश ने एक बार फिर देश में केंद्रीकृत उच्च-स्तरीय परीक्षाओं से जुड़े गहरे संकट को उजागर कर दिया है।  छात्र संगठन AIDSO निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में NTA की लगातार विफलताओं की कड़ी निंदा करता है। पिछले कई वर्षों से विभिन्न केंद्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितता, हेरफेर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप बार-बार सामने आते रहे हैं। इतने व्यापक प्रचारित “सुरक्षित” परीक्षा तंत्र को भेदने की क्षमता केवल सामान्य व्यक्तियों में नहीं हो सकती; इस प्रकार की संगठित धांधली प्रभावशाली और ऊँचे स्तर के नेटवर्क की संलिप्तता की ओर संकेत करती है। यदि हर बार असली दोषियों को बचा लिया जाए या जांच निष्कर्षहीन रह जाए, तो छात्र और अभिभावक NEET तथा अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कैसे भरोसा करेंगे। कार्यक्रम को एआईडीवाईओ के जौनपुर जिलाध्यक्ष इन्दुकुमार शुक्ल,  एआईडीएसओ के राज्य सचिव दिलीप कुमार के अलावा अभिभावक प्रमोद कुमार शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। संचालन संतोष प्रजापति ने किया। इस अवसर पर रामकुमार यादव,  राजबहादुर विश्वकर्मा, यशवंत राव, मिथिलेश मौर्य, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, साधना, रोशनी,  विनोद मौर्य, रवीन्द्र पटेल,  शिवप्रकाश विश्वकर्मा, राकेश मौर्य,  सहित अन्य कई छात्र नौजवान मौजूद रहे।
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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

ब्रिटेन किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयूज माउंटबेटन गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स मामले में बड़ी कार्रवाई

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अमेरिका के दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों के मामले में ब्रिटेन में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया है। उन्हें नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट में स्थित ‘वुड फार्म’ से हिरासत में लिया गया है।

यह गिरफ्तारी कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े हालिया खुलासों के बाद हुई है। एपस्टीन फाइल्‍स से संकेत मिले थे कि जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय यानी ट्रेड मामलों के राजदूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश पुलिस ने उनको अपने पद के दुरुपयोग करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। उनको तब गिरफ्तार किया गया, जब वह 66वां जन्मदिन मना रहे थे। बीते सप्ताह एंड्रयू के खिलाफ थेम्स वैली पुलिस को पद के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। राजशाही के विरोधी कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत तब की थी, जब उन पर कथित तौर पर एपस्टीन के साथ बिजनेस संबंधी डॉक्यूमेंट शेयर करने के आरोप लगे थे। नियमों के तहत ट्रेड राजदूतों को अपनी यात्रों की जानकारी गुप्त रखना होता है, चाहें वह उस पद पर न भी हो।

एंड्रयू लंबे समय से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले साल ही किंग चार्ल्स ने उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे और उन्हें विंडसर एस्टेट के शाही बंगले से भी बेदखल करने का फैसला किया था। एंड्रयू ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन नई फाइल्स में सामने आई तस्वीरों और ईमेल्स ने उन पर शिकंजा कस दिया है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत