Deoghar

Mar 25 2020, 20:25

निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद्य सामग्रियों के बचने पर होगी सख्त कार्रवाई, शिकायत हेतु   या 100 डायल कर सकते है- उपायुक्त
  


देवघर - उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नैन्सी सहाय द्वारा जानकारी दी गयी कि कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर पूरे देवघर जिला अंतर्गत धारा 144 लागू की गयी है, ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। ऐसे में लाॅक डाउन के मद्देनजर देवघर व मधुपुर अनुमण्डल क्षेत्र में आम जनता को खाद्यान्न या अन्य आवययक सामानों की आपूर्ति में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसको लेकर वर्तमान में सभी खाद्यान्न सामग्रियों की बिक्री निर्धारित की गयी है। उक्त आदेश का उल्लंघन करते हुए पाये जाने पर बिक्रेताओं पर कड़ी से कड़ी कानूनी, दण्डात्मक कार्रवाई किया जायेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से देवघर जिला अंतर्गत लागू रहेगा।
इसके अलावे उपायुक्त नैंसी सहाय द्वारा जानकारी दी गई कि वैसे विक्रेता जो कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य पर खाद्य पदार्थों की बिक्री कर रहे है, उनकी शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी, देवघर 8986783170, अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर 9430140930, जिला आपूर्ति पदाधिकारी 9470978072 या 100 डायल कर दे सकते है। साथ ही विक्रेता से जुड़े तस्वीर या वीडियो को इन व्हाट्सएप नंबरो पर साझा करें

■ उक्त आदेश के आलोक में कृषि पदार्थों के खुदरा मूल्य बिक्री हेतु निर्धारित दर निम्नवत है....

1.	धान मध्यम खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 23:00 से 25:00 रुपये

2.	धान मोटा खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 19:00 से 21:00 रुपये

3.	चावल फाईन खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 57:00 से 60:00 रुपये

4.	चावल मध्यम खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 26:50 से 30:00 रुपये

5.	चावल मोटा खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०)23:50 से 25:00 रुपये

6.	गेहूँ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 24:00 से 26:00 रुपये

7.	जौ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 20:00 से 25:00 रुपये

8.	दाल अरहर खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 78:00 से 83:00 रुपये

9.	दाल मसूर छांटी खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 78:00 से 83:00 रुपये

10.	दाल मूँग खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 95:00 से 100:00 रुपये

11.	चना दाल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 54:00 से 57:00 रुपये

12.	दाल उरद खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 130:00 से 140:00 रुपये

13.	दाल मटर खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 70:00 से 75:00 रुपये

14.	मसूर दाल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 55:00 से 60:00 रुपये

15.	मकई सफेद खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 19:00 से 21:00 रुपये

16.	चना खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 49:00 से 55:00 रुपये

17.	मटर खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा० 65:00 से 70:00 रुपये

18.	उरद खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा० 120:00 से 125:00 रुपये

19.	मूँग खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा० 85:00 से 90:00 रुपये

20.	सरसों खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 80:00 से 85:00 रुपये

21.	सरसों तेल खुदरा मूल्य

  • Deoghar
     @Deoghar  21.	सरसों तेल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 116:00 से 118:00 रुपये

    22. बादाम तेल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 112:00 से 125:00 रुपये

    23. नारियल तेल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 395:00 से 400:00 रुपये

    24. गूड़ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 38:00 से 45:00 रुपये

    25. चीनी खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 37:00 से 42:00 रुपये

    26. लाल मिर्च खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 240:00 से 260:00 रुपये

    27. रूई खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 60:00 से 62:00 रुपये

    28. तिल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 140:00 से 160:00 रुपये

    29. महुआ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 28:00 से 30:00 रुपये

    30. नमक खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 18:00 से 20:00 रुपये
SanatanDharm

Feb 10 2020, 10:18

Om Namah Shivaya
  


As mentioned in Hindu scriptures, there have been several sages, lords of heaven, and men and women, who were blessed with immortality. They have never been seen by mortals of present time, but their existence continues to linger.

There have been several archeological evidences found in India that hint towards ancient religious events, like Mahabharata and Ramayana, while some findings even point towards the existence of Gods on Earth.

Among those who were blessed with immortality back in ancient times, was Ashwathama, son of Guru Drona, from Mahabharata.

He was a warrior and true friend of Duryodhana, and even fought on the side of Kauravas against Pandavas, in the iniquitous war of Kurukshetra.

He was the grandson of Great Sage Bharadwaja, one of the Saptrishis. Ashwatthama was third in the line of warriors, after Karna and Arjuna, who killed most number of army men in the Kurukshetra war.

Of the 11 avatars of Rudra, was Ashwatthama, who was also the one of the seven Chiranjivis, who could live until the time ends; thus turning them into immortals.

But, did you know that immortality was a curse bestowed on Ashwatthama by Lord Krishna? It is said, ever since the war of Kurukshetra, Ashwatthama had been wandering on Earth, unseen by any mortal.

According to the ancient Hindu legends, after being informed of his father, Guru Dronacharya’s death, Ashwatthama with revenge on his mind, went to fight of Pandavas.

And, it was during that time that he un-instigated killed Draupadi’s brother and all five sons of Pandavas, in their sleep.

Determined to destroy the Pandava clan, he aimed a Brahmastra at Pandavas. On Sage Vyasa’s intervention, he stopped.

Ashwatthama, however, didn’t know how to withdraw the astra. So, he changed the direction of the Brahmastra and in his revenge, aimed it at Arjuna’s daughter-in-law, Uttara, who was carrying his grandchild, Abhimanyu’s child.

  • SanatanDharm
     @SanatanDharm The astra hit her womb, killing the last surviving sons of Pandavas. This action of Ashwatthama, choosing to destroy the unborn life, compelling the powerful curse from Krishna; taking away the release of death from Ashwaththama as he lived a long and painful life.
    
    It is said that even today Ashwatthama still resides within the deep caves of Aseergarh fort, near Burhanpur, Madhya Pradesh. In order to reduce the effect of Krishna’s curse, Ashwatthama religiously worships Lord Shiva inside the Gupteshwar Mahadev temple.
    
    Locals believe that every night Ashwatthama visits this temple and performs strict penance to seek Lord Shiva’s mercy. They claim to have been finding a rose flower and some kumkum on Shivling.
    
    It is said that Ashwatthama first takes bath in the nearby pond, and after cleansing ritual, he worships Lord Shiva.
    
    The journey to Gupteshwar Mahadev temple is not an easy task. The temple premise is surrounded by endless ravines on all four sides; with only option left- to climb up through steep stairs along the walls.
    
    It is said that only Ashwatthama knows the secret passage to come through the temple and leave, without seen.
    
    Locals say that anyone who stays behind late in this temple, to see Ashwatthama, never came back with sane mind. Anyone who sees him loses all his senses.
    
    Every year, thousands of devotees gather the courage to climb the steep journey to Gupteshwar Mahadev temple, to seek blessings from the holy Shivlinga to which Ashwatthama worships, every night.! 
Bhagalpur

Nov 14 2019, 17:34

भागलपुर टाउन हॉल में जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की हुई बैठक।
  



भागलपुर से चंदन की रिपोर्ट,

भागलपुर,टाउन हॉल में sdm, dso एवम अन्य पदाधिकारी सहित अनाज के डीलरों की बैठक हुई । इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अनाज वितरण मशीन को लेकर की गई । जिसमें की जनता के सुविधा हेतु सरकार के द्वारा सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को मशीन  मुहैया करवाई जाएगी। यह बढ़ते  भ्रष्टाचार को रोकने एवं जनता को उनका हक उचित अनाज उपलब्ध कराया जा सके। 
इन सभी बाबत की जानकारी प्रभारी dso 
के द्वारा दी गयी।

Darbhanga

May 27 2019, 22:59

*20 हजार परिवार को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला,समीक्षा बैठक में बाकी परिवार तक भी इस योजना का लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया गया*
  



दरभंगा : उज्ज्वला योजना के तहत जिला के 20 हज़ार घरों मेँ एलपीजी गैस कनेक्शन पहुंचाया गया है.बचे हुए योग्य लाभार्थियों को गैस कनेक्शन देने का कार्य जारी है.जिलाधिकारी ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेज़ी से दिलवाने का निर्देश दिया है.समीक्षा बैठक मे पाया गया की 561ऐसे व्यक्ति का आवेदन प्राप्त हुआ जो अर्हता को पूरा नहीं करते थे.जिसको अस्वीकृत कर दिया गया.डीएम ने सभी sdo एवं mo को राशन कार्ड का डाटा एंट्री तेज़ी से कराने को कहा है.वहीं अंत्योदय कार्ड का सत्यापन कर इसका डाटा बेस तैयार कर लेने का निर्देश दिया गया है.समीक्षा मेँ पाया गया की छूटे हुए व्यक्तियों द्वारा रासन कार्ड बनबाने हेतु RTPS के माध्यम से आवेदन किया जा रहा हैं जिसका प्रोसेसींग  संतोसप्रद है.खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण ठिक thak  बताया गया लेकिन किरासन तेल का उठाव एवं वीतरन 50% ही पाया गया जिसे जिलाधिकारी द्वारा गंभीरता से लिया गया है.उन्होंने कहा है कि अगले महीने का ड्राफ्ट इसी महीने लगा दिया जाये और SIO  निर्गत कर दिया जाये lसमीक्षा मेँ 3 MO  की कार्य प्रगति असंतोसजनक पाए जाने पर उन्हें कारण पृच्छा किया गया है और उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया गया है.इसमें सदर , केवटी एवं किरतपुर के MO शामिल हैं.इस बैठक मेँ डीएम, dso, dmsfc, सभी sdo सभी mo सभी agm , डिस्ट्रीब्यूटर आदि उपश्थित थे.FCI के कोई agm नहीं उपश्थित  हुए .उन्हें शो कॉज़ किया गया हैं .

Darbhanga

May 27 2019, 22:43

20 हजार परिवार को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला,समीक्षा बैठक में बाकी परिवार तक भी इस योजना का लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया गया
  



दरभंगा : उज्ज्वला योजना के तहत जिला के 20 हज़ार घरों मेँ एलपीजी गैस कनेक्शन पहुंचाया गया है.बचे हुए योग्य लाभार्थियों को गैस कनेक्शन देने का कार्य जारी है.जिलाधिकारी ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेज़ी से दिलवाने का निर्देश दिया है.समीक्षा बैठक मे पाया गया की 561ऐसे व्यक्ति का आवेदन प्राप्त हुआ जो अर्हता को पूरा नहीं करते थे.जिसको अस्वीकृत कर दिया गया.डीएम ने सभी sdo एवं mo को राशन कार्ड का डाटा एंट्री तेज़ी से कराने को कहा है.वहीं अंत्योदय कार्ड का सत्यापन कर इसका डाटा बेस तैयार कर लेने का निर्देश दिया गया है.समीक्षा मेँ पाया गया की छूटे हुए व्यक्तियों द्वारा रासन कार्ड बनबाने हेतु RTPS के माध्यम से आवेदन किया जा रहा हैं जिसका प्रोसेसींग  संतोसप्रद है.खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण ठिक thak  बताया गया लेकिन किरासन तेल का उठाव एवं वीतरन 50% ही पाया गया जिसे जिलाधिकारी द्वारा गंभीरता से लिया गया है.उन्होंने कहा है कि अगले महीने का ड्राफ्ट इसी महीने लगा दिया जाये और SIO  निर्गत कर दिया जाये lसमीक्षा मेँ 3 MO  की कार्य प्रगति असंतोसजनक पाए जाने पर उन्हें कारण पृच्छा किया गया है और उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया गया है.इसमें सदर , केवटी एवं किरतपुर के MO शामिल हैं.इस बैठक मेँ डीएम, dso, dmsfc, सभी sdo सभी mo सभी agm , डिस्ट्रीब्यूटर आदि उपश्थित थे.FCI के कोई agm नहीं उपश्थित  हुए .उन्हें शो कॉज़ किया गया हैं .

SanatanDharm

Nov 07 2018, 09:33

THE DEEPAVALI AND FIREWORKS CONNECT (part6) D.K.Hari & D.K.Hema Hari, Bharath Gyan
  


HISTORY OF FIREWORKS IN INDIA

Bogar’s Fireworks – 3000 BCE, 5000 Years Ago It is worth noting that in literary and history circles, especially in Tamil Nadu, there is mention of how firecrackers can be traced back all the way to the Tamil Siddhars and Bogar. 
Experience The Knowledge of India 
 
Deepavali Fireworks 
 
Bridging Worlds Thru Knowledge Page 20 of 42 www.bharathgyan.com  
 
 
The Siddha Saint Bogar 
A goldsmith by birth and alchemist by practice, Bogar had put the knowledge of chemistry, botany and physiology to a combined, good use. He is credited with having discovered many medicinal cures as well as many chemical and mechanical applications such as steam boats, flying aircrafts etc. 
His work “Bogar 7000”, as we have seen describes the various works and experiments he had carried out including formulae for some of them.  
The Tamil records speak of Bogar having travelled to China and Arabia to spread knowledge. 
Others Siddhars too, many before him, have described preparation and usage of Sarakku Vaippu, chemical compounds made using Salts such as Saltpetre. 
Parikshit, the grandson of Arjuna of Mahabharata times, had called for a conference of all Siddhars. Mahabharata, whose events are dated to around 5000 years ago, fixes the times of the line of Siddhars also, to 5000 years.  
Kautilya’s Arthasastra – 300 BCE, 2300 Years Ago We have seen references to explosives and fireworks in Kautiya’s Arthasastra, where they were known as Agniyoga, Agnisamyoga, YogaAgni, YogaAgniDhooma etc. 
The Samskrt dictionary too contains age old, native words such as Agnichurana, Sphotak, Visphotak for explosives and words such as agnikreeda meaning sporty display of fires, pointing to ancient Indians’ knowhow and usage  
Experience The Knowledge of India

  • SanatanDharm
     @SanatanDharm Deepavali Fireworks 
     
    Bridging Worlds Thru Knowledge Page 21 of 42 www.bharathgyan.com  
     
    Bhoja Fireworks – 1000 CE, 1000 Years Ago Around 1000 CE, the vast region of Malwa in Central India was ruled by Raja Bhoja, who was an accomplished scientist, engineer as well as able administrator. The present day city of Bhopal and the 1000 year old dam there, in good working condition even today, owe their name and fame to his technological and administrative skills. 
     
    Raja Bhoja     Malwa kingdom 
    Bhoja had devised new engineering devices based on mechanics and thermodynamics for protection, defence, comfort as well as for fun. 
    His work Samarangana Sutradhara describes how fire and certain chemicals could be used in a controlled manner to create objects that could lift off into the sky, create a blast, display lights and sound. 
    Spectators used to gather to watch him set off such displays  
    Fireworks at Temple Festivals – 1000s CE, 1000 Years Ago Pooram is one of the prominent festivals of Kerala and procession of the deity forms an important part of this festival. Fireworks, called Vedikettu, at the time of the procession of the deity is the hallmark of the festivities of this temple. 
    The Pooram as a festival is traced to over 1000 years ago.  
    There are many Pooram festivals across Kerala, of which Trissur Pooram is the highlight in recent times since 1700s. Prior to that, Arattapuzha Pooram was the largest Pooram. Many other Poorams continue to be held in many villages of Kerala even today.  
Ranchi

Sep 25 2018, 19:41

वर्तमान समय में शिक्षा व्य्वस्था के ऊपर एक आम सभा का आयोजन 
  



रांची: रांची विश्वविद्यालय में  Aisf और Aidso के द्वारा वर्तमान समय में शिक्षा व्य्वस्था के ऊपर एक आम सभा का आयोजन 
  
 किया गया। इस सभा को संबोधित करते हुए Aisf झारखंड के प्रदेश अध्य्क्ष मेहुल मृगेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में रांची विश्वविद्यालय में शिक्षा सुनियोजित तरीके से नहीं चल रही है। स्नातकोत्तर विभाग का सेंशन लेट चल रहा है। इसके कारन छात्रो को कई परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय में प्रॉफ़ेसोर की कमी है। अस्थायी प्रॉफ़ेसोरो की नियुक्ति कर के इसकी खाना पूर्ति की जा रही है। 
Aidso की रीमा बंसरिया ने कहा कि भौतिकी विभाग में शिक्षको की कमी के कारन पढ़ाई ढंग से नहीं हो रही है। शयमल मांझी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की UGC  को खत्म करने की नीति छात्र विरोधी है। 
Aidso के प्रवीण महतो ने कहा कि एक सरकार की नीतियों के कारन आज बीएड के छात्रो में बेरोजगारी बढ़ रही है। झारखण्ड सरकार के सरकारी स्कूलों के विलय से  बहुत से छात्र को शिक्षा से वंचित कर दिया जा रहा है। इसका हम विरोध करते है।  
Aisf और Aidso ने सयुक्त रूप से रांची विश्वविद्यालय के कुलपति से मांग किया कि सेंशन को नियमित किया जाये और विश्विद्यालय में शिक्षको की नियुक्ति की जाये। साथ ही झारखण्ड सरकार से मांग किया कि सरकारी स्कूलों के विलय पर अविलम्भ रोक लगाई जाए और शिक्षकों की नियुक्ति की जाये।

Jamshedpur

Sep 19 2018, 18:53

साकची थाना क्षेत्र स्थित ग्रैजुएट कॉलेज बुधवार को फिर से रणभूमि क्षेत्र बन गया. जहां कॉलेज मे दो छात्र संगठन आपस मे भीड़ गए.  दोनो संगठन मे जमकर मारपीट हुई. वही कॉलेज मे पढ़ने आए छात्राओं मे अफरातफरी का माहौल देखा गया.
  

 
जमशेदपुर|  ग्रैजुएट कॉलेज मे ABVP और AIDSO पार्टी के छात्र-छात्राएं आपस मे घंटो मारपीट करते रहें और वहां मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही. इस मारपीट मे कइ छात्र-छात्राएं घायल हुए. सूचना मिलते ही साकची थाना प्रभारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे. और हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया. जिसके बाद मामले को शांत करवाया गया. आप को बता दे कि साकची ग्रैजुएट कॉलेज मे 10 दिनो के भीतर ये दूसरी घटना है. जहां कॉलेज रणक्षेत्र मे तबदील हो गया. वही कॉलेज मे पढ़ाई करने आई छात्राओं को खामीयाजा भुगतना पड़ रहा है. आए दिन कॉलेज मे मारपीट कि घटना होती है. जिससे पढ़ाई करने आये छात्राएं घायल हो जाती है. कइ बार कॉलेज प्रबंधन इस मामले को लेकर गम्भीर होता है. मगर फिर कुछ दिनो के बाद जस का तस हो जाता है. इस घटना में कई घायल भी हुए जिनका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है, जहाँ एक तरफ पिछले दिनों जेएनयु में हुए मुद्दे को लेकर एआईडीएसओ अपना विरोध प्रदर्शन कर रही थी, वहीँ विद्यार्थी परिषद् ने एआईडीएसओ के द्वारा प्रदर्शन कर कालेज में शिक्षा के माहौल को ख़राब करने का आरोप लगाया है और इस मामले को लेकर दोनों की भिडंत हो गई .
 
 
घटना के बाद पुलिस ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए कइ छात्र-छात्राओं को हिरासत मे लिया है. और दोनो तरह से लिखित शिकायत मिलने पर दोनो पर कड़ी कारवाई करने कि भी बात कही है. फिलहाल अब देखना यह है कि कब तक शिक्षा का मंदिर रणभूमी मे तबदील होता रहेगा. और पढ़ाई करने आए छात्र-छात्राएं एक दूसरे के शिकार होते रहेगें ।

Ranchi

Oct 30 2017, 17:09

 @Ranchi 
  

इस किसान मेला  में SP श्री धनञ्जय कुमार सिंह  उपविकास आयुक्त श्री अनिल कुमार सिंह DAO श्री मार्शल खालको  विषसूत्री के उपाध्यक्ष श्री  राजधानी यादव  श्री श्री  रघुपाल सिंह महेश सिंह रामधनी सिंह  संतोष पासवान अमित लाल  एवं DSO, ITDA, कल्याण ,सहित जिले के तमाम अधिकारी उपस्थित थे! 

Finance_guy

Apr 25 2017, 09:08

3) Short Term Debt Mutual Funds

Top and Best Short Term Investment Options in 2017-debt fundsOne of the best ways to invest money for short term is to invest in short term debt mutual funds. Short Term Funds invests in short term government securities, corporate securities and money market instruments. These can provide 5% to 8% returns though not guaranteed. Birla SL Treasury Optimizer Fund, HDFC Midterm opportunities, Birla SL Short Term Fund etc. are some of the best funds. These debt funds are good for investors who can take some risk (as such funds invests in bonds, there could be some downside) and willing to invest in 3 months to 1 year period.

Deoghar

Mar 25 2020, 20:25

निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद्य सामग्रियों के बचने पर होगी सख्त कार्रवाई, शिकायत हेतु   या 100 डायल कर सकते है- उपायुक्त
  


देवघर - उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नैन्सी सहाय द्वारा जानकारी दी गयी कि कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर पूरे देवघर जिला अंतर्गत धारा 144 लागू की गयी है, ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। ऐसे में लाॅक डाउन के मद्देनजर देवघर व मधुपुर अनुमण्डल क्षेत्र में आम जनता को खाद्यान्न या अन्य आवययक सामानों की आपूर्ति में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसको लेकर वर्तमान में सभी खाद्यान्न सामग्रियों की बिक्री निर्धारित की गयी है। उक्त आदेश का उल्लंघन करते हुए पाये जाने पर बिक्रेताओं पर कड़ी से कड़ी कानूनी, दण्डात्मक कार्रवाई किया जायेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से देवघर जिला अंतर्गत लागू रहेगा।
इसके अलावे उपायुक्त नैंसी सहाय द्वारा जानकारी दी गई कि वैसे विक्रेता जो कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य पर खाद्य पदार्थों की बिक्री कर रहे है, उनकी शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी, देवघर 8986783170, अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर 9430140930, जिला आपूर्ति पदाधिकारी 9470978072 या 100 डायल कर दे सकते है। साथ ही विक्रेता से जुड़े तस्वीर या वीडियो को इन व्हाट्सएप नंबरो पर साझा करें

■ उक्त आदेश के आलोक में कृषि पदार्थों के खुदरा मूल्य बिक्री हेतु निर्धारित दर निम्नवत है....

1.	धान मध्यम खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 23:00 से 25:00 रुपये

2.	धान मोटा खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 19:00 से 21:00 रुपये

3.	चावल फाईन खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 57:00 से 60:00 रुपये

4.	चावल मध्यम खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 26:50 से 30:00 रुपये

5.	चावल मोटा खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०)23:50 से 25:00 रुपये

6.	गेहूँ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 24:00 से 26:00 रुपये

7.	जौ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 20:00 से 25:00 रुपये

8.	दाल अरहर खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 78:00 से 83:00 रुपये

9.	दाल मसूर छांटी खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 78:00 से 83:00 रुपये

10.	दाल मूँग खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 95:00 से 100:00 रुपये

11.	चना दाल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 54:00 से 57:00 रुपये

12.	दाल उरद खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 130:00 से 140:00 रुपये

13.	दाल मटर खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 70:00 से 75:00 रुपये

14.	मसूर दाल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 55:00 से 60:00 रुपये

15.	मकई सफेद खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 19:00 से 21:00 रुपये

16.	चना खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 49:00 से 55:00 रुपये

17.	मटर खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा० 65:00 से 70:00 रुपये

18.	उरद खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा० 120:00 से 125:00 रुपये

19.	मूँग खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा० 85:00 से 90:00 रुपये

20.	सरसों खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 80:00 से 85:00 रुपये

21.	सरसों तेल खुदरा मूल्य

  • Deoghar
     @Deoghar  21.	सरसों तेल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 116:00 से 118:00 रुपये

    22. बादाम तेल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 112:00 से 125:00 रुपये

    23. नारियल तेल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 395:00 से 400:00 रुपये

    24. गूड़ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 38:00 से 45:00 रुपये

    25. चीनी खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 37:00 से 42:00 रुपये

    26. लाल मिर्च खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 240:00 से 260:00 रुपये

    27. रूई खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 60:00 से 62:00 रुपये

    28. तिल खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 140:00 से 160:00 रुपये

    29. महुआ खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 28:00 से 30:00 रुपये

    30. नमक खुदरा मूल्य (प्रति कि०ग्रा०) 18:00 से 20:00 रुपये
SanatanDharm

Feb 10 2020, 10:18

Om Namah Shivaya
  


As mentioned in Hindu scriptures, there have been several sages, lords of heaven, and men and women, who were blessed with immortality. They have never been seen by mortals of present time, but their existence continues to linger.

There have been several archeological evidences found in India that hint towards ancient religious events, like Mahabharata and Ramayana, while some findings even point towards the existence of Gods on Earth.

Among those who were blessed with immortality back in ancient times, was Ashwathama, son of Guru Drona, from Mahabharata.

He was a warrior and true friend of Duryodhana, and even fought on the side of Kauravas against Pandavas, in the iniquitous war of Kurukshetra.

He was the grandson of Great Sage Bharadwaja, one of the Saptrishis. Ashwatthama was third in the line of warriors, after Karna and Arjuna, who killed most number of army men in the Kurukshetra war.

Of the 11 avatars of Rudra, was Ashwatthama, who was also the one of the seven Chiranjivis, who could live until the time ends; thus turning them into immortals.

But, did you know that immortality was a curse bestowed on Ashwatthama by Lord Krishna? It is said, ever since the war of Kurukshetra, Ashwatthama had been wandering on Earth, unseen by any mortal.

According to the ancient Hindu legends, after being informed of his father, Guru Dronacharya’s death, Ashwatthama with revenge on his mind, went to fight of Pandavas.

And, it was during that time that he un-instigated killed Draupadi’s brother and all five sons of Pandavas, in their sleep.

Determined to destroy the Pandava clan, he aimed a Brahmastra at Pandavas. On Sage Vyasa’s intervention, he stopped.

Ashwatthama, however, didn’t know how to withdraw the astra. So, he changed the direction of the Brahmastra and in his revenge, aimed it at Arjuna’s daughter-in-law, Uttara, who was carrying his grandchild, Abhimanyu’s child.

  • SanatanDharm
     @SanatanDharm The astra hit her womb, killing the last surviving sons of Pandavas. This action of Ashwatthama, choosing to destroy the unborn life, compelling the powerful curse from Krishna; taking away the release of death from Ashwaththama as he lived a long and painful life.
    
    It is said that even today Ashwatthama still resides within the deep caves of Aseergarh fort, near Burhanpur, Madhya Pradesh. In order to reduce the effect of Krishna’s curse, Ashwatthama religiously worships Lord Shiva inside the Gupteshwar Mahadev temple.
    
    Locals believe that every night Ashwatthama visits this temple and performs strict penance to seek Lord Shiva’s mercy. They claim to have been finding a rose flower and some kumkum on Shivling.
    
    It is said that Ashwatthama first takes bath in the nearby pond, and after cleansing ritual, he worships Lord Shiva.
    
    The journey to Gupteshwar Mahadev temple is not an easy task. The temple premise is surrounded by endless ravines on all four sides; with only option left- to climb up through steep stairs along the walls.
    
    It is said that only Ashwatthama knows the secret passage to come through the temple and leave, without seen.
    
    Locals say that anyone who stays behind late in this temple, to see Ashwatthama, never came back with sane mind. Anyone who sees him loses all his senses.
    
    Every year, thousands of devotees gather the courage to climb the steep journey to Gupteshwar Mahadev temple, to seek blessings from the holy Shivlinga to which Ashwatthama worships, every night.! 
Bhagalpur

Nov 14 2019, 17:34

भागलपुर टाउन हॉल में जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की हुई बैठक।
  



भागलपुर से चंदन की रिपोर्ट,

भागलपुर,टाउन हॉल में sdm, dso एवम अन्य पदाधिकारी सहित अनाज के डीलरों की बैठक हुई । इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अनाज वितरण मशीन को लेकर की गई । जिसमें की जनता के सुविधा हेतु सरकार के द्वारा सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को मशीन  मुहैया करवाई जाएगी। यह बढ़ते  भ्रष्टाचार को रोकने एवं जनता को उनका हक उचित अनाज उपलब्ध कराया जा सके। 
इन सभी बाबत की जानकारी प्रभारी dso 
के द्वारा दी गयी।

Darbhanga

May 27 2019, 22:59

*20 हजार परिवार को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला,समीक्षा बैठक में बाकी परिवार तक भी इस योजना का लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया गया*
  



दरभंगा : उज्ज्वला योजना के तहत जिला के 20 हज़ार घरों मेँ एलपीजी गैस कनेक्शन पहुंचाया गया है.बचे हुए योग्य लाभार्थियों को गैस कनेक्शन देने का कार्य जारी है.जिलाधिकारी ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेज़ी से दिलवाने का निर्देश दिया है.समीक्षा बैठक मे पाया गया की 561ऐसे व्यक्ति का आवेदन प्राप्त हुआ जो अर्हता को पूरा नहीं करते थे.जिसको अस्वीकृत कर दिया गया.डीएम ने सभी sdo एवं mo को राशन कार्ड का डाटा एंट्री तेज़ी से कराने को कहा है.वहीं अंत्योदय कार्ड का सत्यापन कर इसका डाटा बेस तैयार कर लेने का निर्देश दिया गया है.समीक्षा मेँ पाया गया की छूटे हुए व्यक्तियों द्वारा रासन कार्ड बनबाने हेतु RTPS के माध्यम से आवेदन किया जा रहा हैं जिसका प्रोसेसींग  संतोसप्रद है.खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण ठिक thak  बताया गया लेकिन किरासन तेल का उठाव एवं वीतरन 50% ही पाया गया जिसे जिलाधिकारी द्वारा गंभीरता से लिया गया है.उन्होंने कहा है कि अगले महीने का ड्राफ्ट इसी महीने लगा दिया जाये और SIO  निर्गत कर दिया जाये lसमीक्षा मेँ 3 MO  की कार्य प्रगति असंतोसजनक पाए जाने पर उन्हें कारण पृच्छा किया गया है और उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया गया है.इसमें सदर , केवटी एवं किरतपुर के MO शामिल हैं.इस बैठक मेँ डीएम, dso, dmsfc, सभी sdo सभी mo सभी agm , डिस्ट्रीब्यूटर आदि उपश्थित थे.FCI के कोई agm नहीं उपश्थित  हुए .उन्हें शो कॉज़ किया गया हैं .

Darbhanga

May 27 2019, 22:43

20 हजार परिवार को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला,समीक्षा बैठक में बाकी परिवार तक भी इस योजना का लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया गया
  



दरभंगा : उज्ज्वला योजना के तहत जिला के 20 हज़ार घरों मेँ एलपीजी गैस कनेक्शन पहुंचाया गया है.बचे हुए योग्य लाभार्थियों को गैस कनेक्शन देने का कार्य जारी है.जिलाधिकारी ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेज़ी से दिलवाने का निर्देश दिया है.समीक्षा बैठक मे पाया गया की 561ऐसे व्यक्ति का आवेदन प्राप्त हुआ जो अर्हता को पूरा नहीं करते थे.जिसको अस्वीकृत कर दिया गया.डीएम ने सभी sdo एवं mo को राशन कार्ड का डाटा एंट्री तेज़ी से कराने को कहा है.वहीं अंत्योदय कार्ड का सत्यापन कर इसका डाटा बेस तैयार कर लेने का निर्देश दिया गया है.समीक्षा मेँ पाया गया की छूटे हुए व्यक्तियों द्वारा रासन कार्ड बनबाने हेतु RTPS के माध्यम से आवेदन किया जा रहा हैं जिसका प्रोसेसींग  संतोसप्रद है.खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण ठिक thak  बताया गया लेकिन किरासन तेल का उठाव एवं वीतरन 50% ही पाया गया जिसे जिलाधिकारी द्वारा गंभीरता से लिया गया है.उन्होंने कहा है कि अगले महीने का ड्राफ्ट इसी महीने लगा दिया जाये और SIO  निर्गत कर दिया जाये lसमीक्षा मेँ 3 MO  की कार्य प्रगति असंतोसजनक पाए जाने पर उन्हें कारण पृच्छा किया गया है और उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया गया है.इसमें सदर , केवटी एवं किरतपुर के MO शामिल हैं.इस बैठक मेँ डीएम, dso, dmsfc, सभी sdo सभी mo सभी agm , डिस्ट्रीब्यूटर आदि उपश्थित थे.FCI के कोई agm नहीं उपश्थित  हुए .उन्हें शो कॉज़ किया गया हैं .

SanatanDharm

Nov 07 2018, 09:33

THE DEEPAVALI AND FIREWORKS CONNECT (part6) D.K.Hari & D.K.Hema Hari, Bharath Gyan
  


HISTORY OF FIREWORKS IN INDIA

Bogar’s Fireworks – 3000 BCE, 5000 Years Ago It is worth noting that in literary and history circles, especially in Tamil Nadu, there is mention of how firecrackers can be traced back all the way to the Tamil Siddhars and Bogar. 
Experience The Knowledge of India 
 
Deepavali Fireworks 
 
Bridging Worlds Thru Knowledge Page 20 of 42 www.bharathgyan.com  
 
 
The Siddha Saint Bogar 
A goldsmith by birth and alchemist by practice, Bogar had put the knowledge of chemistry, botany and physiology to a combined, good use. He is credited with having discovered many medicinal cures as well as many chemical and mechanical applications such as steam boats, flying aircrafts etc. 
His work “Bogar 7000”, as we have seen describes the various works and experiments he had carried out including formulae for some of them.  
The Tamil records speak of Bogar having travelled to China and Arabia to spread knowledge. 
Others Siddhars too, many before him, have described preparation and usage of Sarakku Vaippu, chemical compounds made using Salts such as Saltpetre. 
Parikshit, the grandson of Arjuna of Mahabharata times, had called for a conference of all Siddhars. Mahabharata, whose events are dated to around 5000 years ago, fixes the times of the line of Siddhars also, to 5000 years.  
Kautilya’s Arthasastra – 300 BCE, 2300 Years Ago We have seen references to explosives and fireworks in Kautiya’s Arthasastra, where they were known as Agniyoga, Agnisamyoga, YogaAgni, YogaAgniDhooma etc. 
The Samskrt dictionary too contains age old, native words such as Agnichurana, Sphotak, Visphotak for explosives and words such as agnikreeda meaning sporty display of fires, pointing to ancient Indians’ knowhow and usage  
Experience The Knowledge of India

  • SanatanDharm
     @SanatanDharm Deepavali Fireworks 
     
    Bridging Worlds Thru Knowledge Page 21 of 42 www.bharathgyan.com  
     
    Bhoja Fireworks – 1000 CE, 1000 Years Ago Around 1000 CE, the vast region of Malwa in Central India was ruled by Raja Bhoja, who was an accomplished scientist, engineer as well as able administrator. The present day city of Bhopal and the 1000 year old dam there, in good working condition even today, owe their name and fame to his technological and administrative skills. 
     
    Raja Bhoja     Malwa kingdom 
    Bhoja had devised new engineering devices based on mechanics and thermodynamics for protection, defence, comfort as well as for fun. 
    His work Samarangana Sutradhara describes how fire and certain chemicals could be used in a controlled manner to create objects that could lift off into the sky, create a blast, display lights and sound. 
    Spectators used to gather to watch him set off such displays  
    Fireworks at Temple Festivals – 1000s CE, 1000 Years Ago Pooram is one of the prominent festivals of Kerala and procession of the deity forms an important part of this festival. Fireworks, called Vedikettu, at the time of the procession of the deity is the hallmark of the festivities of this temple. 
    The Pooram as a festival is traced to over 1000 years ago.  
    There are many Pooram festivals across Kerala, of which Trissur Pooram is the highlight in recent times since 1700s. Prior to that, Arattapuzha Pooram was the largest Pooram. Many other Poorams continue to be held in many villages of Kerala even today.  
Ranchi

Sep 25 2018, 19:41

वर्तमान समय में शिक्षा व्य्वस्था के ऊपर एक आम सभा का आयोजन 
  



रांची: रांची विश्वविद्यालय में  Aisf और Aidso के द्वारा वर्तमान समय में शिक्षा व्य्वस्था के ऊपर एक आम सभा का आयोजन 
  
 किया गया। इस सभा को संबोधित करते हुए Aisf झारखंड के प्रदेश अध्य्क्ष मेहुल मृगेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में रांची विश्वविद्यालय में शिक्षा सुनियोजित तरीके से नहीं चल रही है। स्नातकोत्तर विभाग का सेंशन लेट चल रहा है। इसके कारन छात्रो को कई परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय में प्रॉफ़ेसोर की कमी है। अस्थायी प्रॉफ़ेसोरो की नियुक्ति कर के इसकी खाना पूर्ति की जा रही है। 
Aidso की रीमा बंसरिया ने कहा कि भौतिकी विभाग में शिक्षको की कमी के कारन पढ़ाई ढंग से नहीं हो रही है। शयमल मांझी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की UGC  को खत्म करने की नीति छात्र विरोधी है। 
Aidso के प्रवीण महतो ने कहा कि एक सरकार की नीतियों के कारन आज बीएड के छात्रो में बेरोजगारी बढ़ रही है। झारखण्ड सरकार के सरकारी स्कूलों के विलय से  बहुत से छात्र को शिक्षा से वंचित कर दिया जा रहा है। इसका हम विरोध करते है।  
Aisf और Aidso ने सयुक्त रूप से रांची विश्वविद्यालय के कुलपति से मांग किया कि सेंशन को नियमित किया जाये और विश्विद्यालय में शिक्षको की नियुक्ति की जाये। साथ ही झारखण्ड सरकार से मांग किया कि सरकारी स्कूलों के विलय पर अविलम्भ रोक लगाई जाए और शिक्षकों की नियुक्ति की जाये।