वक्फ विधेयक को चुनौती देने की तैयारी में कांग्रेस, खटखटाएगी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

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लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक पास हो गया। हालांकि, वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध जारी है। कांग्रेस वक्फ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। कांग्रेस पार्टी वक्फ संशोधन बिल की 'संवैधानिकता' को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। कांग्रेस सांसद और पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने इसका ऐलान किया है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बहुत जल्द ही वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। कांग्रेस पहले से ही कई कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है। इनमें सीएए 2019, आरटीआई एक्ट 2005 में संशोधन और चुनाव नियमों में संशोधन शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी पूजा स्थल अधिनियम-1991 को बरकरार रखने के लिए अदालत में हस्तक्षेप कर रही है। कांग्रेस के सीएए-2019 को चुनौती देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। साथ ही आरटीआई अधिनियम, 2005 में 2019 के संशोधनों को चुनौती देने के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध जारी रखेंगे-जयराम रमेश

जयराम रमेश ने कहा, हमें पूरा भरोसा है और हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और प्रथाओं पर मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध करना जारी रखेंगे। राज्यसभा में वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों की ओर से कड़ी आपत्तियां देखी गईं, जिन्होंने विधेयक को "मुस्लिम विरोधी" और "मुस्लिम विरोधी" करार दिया।

स्टालिन ने भी कोर्ट जाने का किया एलान

इससे पहले वक्फ विधेयक को लेकर स्टालिन ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का एलान कर दिया था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने गुरुवार को कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगी। लोकसभा से विधेयक पारित होने के विरोध में स्टालिन विधानसभा में काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत में बड़ी संख्या में दलों के विरोध के बावजूद कुछ सहयोगियों के इशारे पर रात दो बजे संशोधन को अपनाना संविधान की संरचना पर हमला है।

राज्यसभा में अनुराग ठाकुर पर बरसे खरगे, बोले- आरोप साबित करें तो इस्तीफा दे दूंगा

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वक्फ बिल पर संसद में “संग्राम” जारी है। लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में वक्फ बिल पेश होने जा रहा है। उससे पहले सदन मे जोरदार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर लगाए गए गंभीर आरोपों को निराधार बताया और सदन के नेता से स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे अनुराग ठाकुर के वक्फ की जमीन हड़पने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, ये बीजेपी वाले जो आरोप लगा रहे हैं, साबित कर दें, मैं झुकूंगा नहीं। अगर आरोप साबित होते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।

राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर को निचले सदन में वक्फ विधेयक पर बहस के दौरान की गई अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। खरगे ने कहा, लेकिन नुकसान हो चुका है। उन्होंने इस मुद्दे पर अनुराग ठाकुर के साथ-साथ राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा से भी माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर के आरोपों को बताया झूठा और निराधार

मल्लिकार्जुन खरगे ने कल अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में मुझ पर पूरी तरह से झूठे और निराधार आरोप लगाए। जब मेरे साथियों ने उन्हें चुनौती दी तो वह अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर हो गए। लेकिन नुकसान हो चुका है। टिप्पणी वापस लेने के बावजूद, यह मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छाया रहा। बीजेपी के लोग मुझे डराना चाहते हैं, मैं बिल्कुल झुकूंगा नहीं, मैनें 1 इंच जमीन आज तक किसी की नहीं ली।

खरगे ने आरोपों को साबित करने को कहा

खरगे ने कहा कि अनुराग ठाकुर की ओर से मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। खरगे ने अनुराग ठाकुर से उनके खिलाफ लगाए गए 'बेबुनियाद' आरोपों को साबित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप अपने दावों को साबित नहीं कर सकते तो आपको संसद में आने का कोई अधिकार नहीं है। आप इस्तीफा दे दीजिए। इसके साथ ही अगर भाजपा सांसद आरोप साबित कर देते हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे।

मेरी जिंदगी संघर्षों और लड़ाइयों से भरी-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं एक मजदूर का बेटा हूं। मेरी जिंदगी हमेशा एक खुली किताब रही है। यह संघर्षों और लड़ाइयों से भरी रही है, लेकिन मैंने जिंदगी में हमेशा उच्चतम मूल्यों को बरकरार रखा है। खरगे ने अनुराग ठाकुर के आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर ने क्या कहा था?

इससे पहले भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि विधेयक कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए बनी वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दलों पर अपना राजनीतिक साम्राज्य बनाने के लिए इनके दोहन का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन जमीनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के बजाय कांग्रेस ने अपने चुनावी फायदे के लिए इन्हें वोट बैंक एटीएम में बदल दिया।

अपने बयानों पर शर्मिंदगी महसूस कर रहा…”रूस-यूक्रेन जंग पर 3 साल बाद शशि थरूर को हुआ गलती का एहसास

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर बीते कुछ समय से बदले-बदले नजर आ रहे हैं। बीते कुछ महीनों में शशि थरूर ने ऐसे कई बयान दिए हैं जो पार्टी लाइन से हटकर हैं। एक बार फिर शशि थरूर ने अपने बयान से चौंकाया है। दरअसल, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 2022 में जो रुख उन्होंने अपनाया था, वह सही नहीं था। अब उन्हें उस बयान पर अफसोस हो रहा है।

पीएम मोदी को लेकर क्या बोले थरूर?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि भारत आज ऐसी स्थिति में है जो रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित कर सकता है। भारत के पास ऐसा प्रधानमंत्री है, जो वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन दोनों को गले लगा सकता है। हम दोनों जगहों (रूस और यूक्रेन) पर स्वीकार किए जाते हैं। थरूर ने कहा- आज की स्थिति को देखते हुए वे तीन साल पहले अपने दिए बयानों पर शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूं। 2022 में संसदीय बहस में मैं इकलौता सांसद था, जिसने यूक्रेन को लेकर भारत के रुख की आलोचना की थी।

शर्मिंदगी जैसा अहसास हो रहा है-थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को रायसीना डायलॉग 2025 में स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 2022 में जो रुख उन्होंने अपनाया था वो सही नहीं था। रायसीना डायलॉग 2025 में शशि थरूर से पूछा गया कि क्या रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति को देखते हुए उन्हें खुशी है कि भारत ने जो रुख अपनाया, वह सही था? इस पर शशि थरूर ने माना कि तीन साल बाद उन्हें अपनी उस स्थिति पर अफसोस है। उन्हें शर्मिंदगी जैसा अहसास हो रहा है।

शांति स्थापित करने में निभा सकते हैं भूमिका

थरूर ने आगे कहा,भारत दुनिया में अपनी खास स्थिति को देखते हुए शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। अगर रूस और यूक्रेन के बीच कोई समझौता होता है, तो भारत शांति सैनिकों को भेजने के लिए तैयार हो सकता है। खासकर तब, जब रूस ने नाटो देशों के यूरोपीय शांति सैनिकों को अस्वीकार कर दिया है।

रूस और यूक्रेन के बीच 2022 में युद्ध शुरू हुआ था। जंग अब भी जारी है। जब पूरी दुनिया में रूस-यूक्रेन जंग से खलबली मची तब कांग्रेस नेता शशि थरूर उस समय भारत के रुख के सबसे मुखर विरोधियों में से एक थे। तब उन्होंने भारत के स्टैंड को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। शशि थरूर ने सरकार पर मौन रहने का आरोप लगाते हुए कहा था कि रूस हमारा दोस्त है और उसकी कुछ वैध सुरक्षा चिंताएं हो सकती हैं लेकिन भारत का अचानक इस मुद्दे पर चुप हो जाना यूक्रेन और उसके समर्थकों को निराश करेगा।

जीएसटी पर गरमाई राजनीति, पॉपकॉर्न के बाद डोनट्स को लेकर कांग्रेस के निशाने पर सरकार

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केंद्र सरकार की जीएसटी को लेकर कांग्रेस के निशाने पर है। कांग्रेस ने शनिवार को जीएसटी की अलग-अलग दरें लागू करने को लेकर केन्द्र पर एक बार फिर से तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार (15 मार्च) को कहा कि पॉपकॉर्न के बाद अब ‘डोनट’ पर भी जीएसटी का असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश को अब ‘जीएसटी 2.0’ की जरूरत है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि सिंगापुर स्थित चेन मैड ओवर डोनट्स को अपने व्यवसाय को कथित रूप से गलत तरीके से वर्गीकृत करने और 5 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करने के लिए 100 करोड़ रुपये का कर नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने दावा किया कि यह एक रेस्टोरेंट सेवा है, जबकि बेकरी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत कर का भुगतान किया जा रहा है। इस वजह से कंपनी पर भारी टैक्स बकाया हो गया। अब ये मामला मुंबई हाई कोर्ट में पहुंच चुका है जहां इस पर कानूनी लड़ाई जारी है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की हकीकत यही- जयराम रमेश

जयराम रमेश ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये पूरा मामला बताता है कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की असलियत क्या है। सरकार इस नारे का इस्तेमाल तो करती है, लेकिन हकीकत में व्यापारियों को बेवजह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रमेश ने कहा कि टैक्स प्रणाली में कई विसंगतियां हैं और इसलिए अब जीएसटी 2.0 की जरूरत महसूस हो रही है ताकि सभी व्यापारियों को समान अवसर और राहत मिल सके।

जीएसटी को लेकर पहले भी सवाल उठा चुकी कांग्रेस

पिछले साल दिसंबर में, कांग्रेस ने कहा था कि जीएसटी के तहत पॉपकॉर्न के लिए तीन अलग-अलग टैक्स स्लैब की "बेतुकी" व्यवस्था केवल सिस्टम की बढ़ती जटिलता को उजागर करती है और पूछा कि क्या मोदी सरकार जीएसटी 2.0 को लागू करने के लिए पूरी तरह से बदलाव करने का साहस दिखाएगी।

हरियाणा में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, और मजबूत हुआ भाजपा का गढ़, क्यों छूट रहा “हाथ” का साथ

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हरियाणा के निकाय चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली है। 10 नगर निगमों में से कांग्रेस एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई। बीजेपी ने 10 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की है। एक सीट पर निर्दलीय ने कब्जा जमाया है. कांग्रेस खाता खोलने में भी नाकामयाब रही।

हरियान में मिली इस बड़ी शिकस्त के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी पहले भी जीत चुकी है। इसमें नया क्या है? हमने कभी नहीं कहा कि हमने ये चुनाव गंभीरता से लड़ा। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब भी मैंने कभी पंचायत चुनावों में हिस्सा नहीं लिया। इन चुनावों में सिर्फ भाईचारा काम करता है। अगर हमारे पास (स्थानीय निकायों में) एक सीट होती और हम हार जाते तो नतीजा हमारे लिए नुकसानदेह होता। इन चुनावों में ज्यादातर निर्दलीय उम्मीदवार खड़े होते हैं।साथ ही हुड्डा ने कहा कि इन चुनाव नतीजों से कांग्रेस विधायक दल नेता के चुनाव पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस को भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ रोहतक में भी हार मिली है।

सूबे के विधानसभा चुनाव में करारी मात खाने के साढ़े पांच महीने बाद निकाय चुनाव में भी कांग्रेस जीरो पर सिमट गई है जबकि बीजेपी ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने में सफल रही। सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शहरी निकाय चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को शिकस्त देकर नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका में ‘कमल’ खिलाने में कामयाब रही। वहीं, कांग्रेस के हाथ खाली रहे।

हरियाणा निकाय चुनाव में शहरी मतदाताओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भाजपा उनकी सबसे पसंदीदा पार्टी है। इस चुनाव में कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रोहतक और सोनीपत नगर निगम के मेयर पद पर भी हुड्डा गुट जीत हासिल नहीं कर सका। बिना संगठन के चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस का निगम चुनाव में इस बार सूपड़ा ही साफ हो गया। लचर प्रबंधन के साथ मैदान में उतरी कांग्रेस कहीं भी एकजुट नजर नहीं आई। कांग्रेस का प्रचार भी बेहद कमजोर रहा।

कांग्रेस की हार के ये हैं बड़े कारणः-

• इस हार की सबसे बड़ी वजह राज्य में कांग्रेस का संगठन न होना माना जा रहा है। हाईकमान भी अभी तक संगठन बनाने में कामयाब नहीं हो पाया है।

• हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी पूरी तरह से हावी है। एक ही पार्टी के नेता एक-दूसरे के उम्मीदवारों को हराने में जुटे थे। इस निकाय चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।

• पिछले एक साल से हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व इसी में उलझा हुआ है।

• हरियाणा निकाय चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार तो किया, लेकिन चुनाव प्रचार में वो धार नहीं दिखी, जो कांग्रेस को अपने कार्यकताओं का उत्साह बढ़ाने में दिखाना चाहिए था।

• हरियाणा निकाय चुनाव में टिकटों के गलत वितरण का भी आरोप लगा है, जिससे कांग्रेसियों में नाराजगी नजर आई और हार का कारण भी बना।

अपने ही लोगों पर भड़के राहुल गांधी, बोले- कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं, बब्बर शेर लेकिन चेन से बंधे

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देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इन दिनों गर्त में गिरती जा रही है। लगातार चुनावों में हार का सामना कर रही कांग्रेस ने अपना जनाधार खो दिया है। पार्टी के गिरते परफॉर्मेंस के बीच राहुल गांधी गुजरात में हैं। गुजरात में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इससे पहले राहुल गांधी ने राज्य पर अपना फोकस लगाया है। राहुल दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। आज दूसरा दिन है। राहुल गांधी ने आज अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों लगे पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित किया। राहुल ने कई चौंकाने वाली टिप्पणियां कीं और अपनी ही पार्टी को आईना दिखाया।

कांग्रेस के आधे नेता बीजेपी से मिले-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अहमदाबाद के जेड हॉल में प्रदेश के करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान तेवर दिखाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की लीडरशीप में दो तरह के लोग हैं। उनमें बंटवारा है। एक हैं जो जनता के साथ खड़े हैं उनके लिए लड़ते हैं, उनकी इज्जत करते हैं जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे हैं, जो जनता से कटा हुआ है दूर बैठता है और उसमें से आधे बीजेपी से मिले हैं।राहुल ने आगे कहा, मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है।

कांग्रेस पार्टी बारात के घोड़े को रेस में डाल देती है-राहुल गांधी

कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे चेन से बंधे हैं। राहुर लांधी ने आगे कहा कि एक मेरी बैठक हो रही थी, जिसमें एक कार्यकर्ता ने कहा कि दो तरीके के घोड़े होते हैं, एक होता है रेस का और दूसरा होता है बारात का। कांग्रेस पार्टी बारात के घोड़े को रेस में डाल देती है और रेस के घोड़े को बारात में डाल देती है। अब गुजरात की जनता भी ये देख रही है कि रेस में बारात के घोड़े डाले हुए हैं।

लोगों को निकालना पड़े तो निकाल देना चाहिए-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि पहला काम हमें ये करना है कि हमें पार्टी के भीतर जो गुटबाजी है, उसे अलग करना है और इसके लिए 20-30 लोगों को निकालना पड़े तो निकाल देना चाहिए। राहुल गांधी ने आगे कहा कि दिल में कांग्रेस होनी चाहिए। हाथ कटे तो खून कांग्रेस का निकलना चाहिए। मुझे गुजरात के चुनाव के बारे में बात नहीं करनी है। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा गुजरात की विचार धारा हैं, जो गांधी ने सिखाया पटेल ने सिखाया है। नेताओं को जनता से जुड़ने की जरूरत है। हमने भारत जोड़ो यात्रा में ये कर दिखाया है। हमारे नेताओं को जनता के पास जाने की जरूरत है।

महाकुंभ से संबंधित भ्रामक पोस्ट करने वाले 53 विभिन्न अकाउंट के विरुद्ध मुकदमा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महाकुम्भ मेला से सम्बंधित भ्रामक एवं फेक न्यूज पोस्ट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। उक्त के क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश प्रशान्त कुमार द्वारा इसके लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की गई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस एवं एक्सपर्ट एजेन्सी द्वारा मिलकर सोशल मीडिया पर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक पोस्ट करने, अफवाह फैलाने वालों एवं साइबर अपराध के प्रति निरन्तर साइबर पेट्रोलिंग की जा रही थी। इसी क्रम में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान 13-02-2025 को यह संज्ञान में आया कि कतिपय सोशल मीडिया अकाउंट से 02 भ्रामक वीडियो को महाकुम्भ से सम्बन्धित बताकर अफवाह फैलाई जा रही है । महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख प्रथम वीडियो में मिस्र देश के अग्नि काण्ड से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि "महाकुंभ में लगी तीसरी बार आग, महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख" इस वीडियो की जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि पोस्ट में उल्लिखित वीडियो 14 जुलाई 2020 को मिस्र के काहिरा उपनगर में शुकैर-मोस्टोरोड पाइपलाइन से तेल के रिसाव के बाद लगी आग्नि काण्ड से सम्बन्धित है, जिसका खण्डन भी कुम्भ मेला एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया एकाउंट से भी किया गया है। 7 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित उक्त वीडियो को अपलोड करके महाकुम्भ में की गई व्यवस्था को बदनाम करने और आम जनमानस के मन में सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने वाले निम्नलिखित 07 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कोतवाली कुम्भ मेला में अभियोग पंजीकृत कराते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है। 1- India With Congress एक्स (ट्विटर) 2- Harindra Kumar Rao इंस्टाग्राम 3- Anil Patel इंस्टाग्राम 4- Vishal Babu इंस्टाग्राम 5- Nemi Chand इंस्टाग्राम 6- Sifa Bhadoriya इंस्टाग्राम 7- Hello prayagraj यू-ट्यूब पुलिस के सोशल मीडिया अकाउन्ट से खण्डन भी किया गया दूसरे वीडियो में पटना, बिहार से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर य ह अफवाह फैलाई जा रही है कि "कुंभ में राष्ट्रवादी और सनातनी लोगों ने आर्मी वालों पर चप्पलें फेंकी! ये मुसलमान होते तो आज सभी सरकारी मीडिया चैनलों पर यही खबर होती, लेकिन इस धर्म के लोगों को ये सब अलाउड है शायद ।" इस वीडियो की जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि पोस्ट में उल्लिखित वीडियो नवम्बर 2024 को पटना के गांधी मैदान में पुष्पा-2 फिल्म के प्रमोशन से सम्बन्धित कार्यक्रम में भीड़ के बेकाबू होने एवं अभद्र व्यवहार किये जाने से सम्बन्धित है, जिसका कुम्भ मेला एवं उ0प्र0 पुलिस के सोशल मीडिया अकाउन्ट से खण्डन भी किया गया है । नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने की खैर नहीं उक्त वीडियो को अपलोड करके महाकुम्भ में आने वाले लोगों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने एवं आमजन मानस के मन में उ0प्र0 सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने वाले निम्नलिखित 15 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कोतवाली कुम्भ मेला में अभियोग पंजीकृत कराते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है। 1- Inderjeet Barak एक्स (ट्विटर) 2- SUNIL एक्स (ट्विटर) 3- Nihal Shaikh एक्स (ट्विटर) 4- Dimpi एक्स (ट्विटर) 5- Sat Sewa एक्स (ट्विटर) 6- Sandesh Vatak News एक्स (ट्विटर) 7- lokesh meena एक्स (ट्विटर) 8- राज सिंह चौधरी एक्स (ट्विटर) 9- Yunus Alam (Facebook account) 10- Aminuddin Siddiqui (Facebook account) 11- अरविंद सिंह यादव अहीरवाल (Facebook account) 12- Shivam Kumar Kushwaha (Facebook account) 13- Jain Renu (Facebook account) 14- Amit Kumar II (Facebook account) 15- मेहत्तर एक योद्धा बलिया (Facebook account) भियोग पंजीकृत करके आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही उल्लेखनीय है कि महाकुम्भ मेला के प्रारम्भ से विगत लगभग 01 माह के अन्दर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक वीडियो/फ़ोटो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट करके अफवाह फैलाने वाले कुल 53 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध कुम्भ मेला पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत करके आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है । जिनका विवरण निम्नवत है :- सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत दिनांक 13-01-2025 को 01 एक्स (ट्विटर) अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके द्वारा कुम्भ मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश फायर सर्विस द्वारा किये गए मॉक ड्रिल को वास्तविक बताकर कुम्भ मेला क्षेत्र में आग लगने की अफवाह फैलाई जा रही थी । दिनांक 02-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके माध्यम से नेपाल के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि "भगदड कांड में मारे गए लोगों के शव को परिजन पोस्टमार्टम हाऊस से कंधे पर शवों को लेकर जा रहे हैं, उनको कोई वाहन भी प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है ।" महाकुम्भ में मृतको के शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा दिनांक 02-02-2025 को ही 01 इंस्टाग्राम अकाउंट के विरुद्ध FIR पंजीकृत कराई गई, जिसके माध्यम से एक नाट्य रूपांतरण करके बनाए गए वीडियो में यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि, "महाकुम्भ में मृतको के शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा है और जिनकी सांस चल रही है उनकी किडनी को निकाल कर उनके शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा है ।दिनांक 07-02-2025 को 01 फेसबुक अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके द्वारा संगम क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं की सुगमता हेतु अखाड़ा मार्ग खोले जाने के समय के वीडियो को भ्रामक रूप से भगदड़ का वीडियो बताकर अफवाह फैलाई जा रही थी । भगदड़ में मरने वालों का शव बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी दिनांक 09-02-2025 को 14 एक्स (ट्विटर) अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा धनबाद, झारखण्ड के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि "महाकुंभ, प्रयागराज में अपने गुमशुदा परिजन की तलाश करने वाले श्रद्धालुओं की योगी जी की पुलिस द्वारा खूब पिटाई की जा रही है।दिनांक 12-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा वर्ष 2021 में जनपद गाजीपुर में नदी के किनारे मिले शव से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज के भगदड़ में मरने वालों का शव बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि "एक तरफ महाकुंभ प्रयागराज का डंका बजाया जा रहा है दूसरी तरफ उसी गंगा मे लाशे तैर रही है, झूठों मक्कारो बेशर्मो की सरकार चल रही है देश में ।" प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी दिनांक 13-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा मिस्र देश में वर्ष 2020 में हुए अग्नि काण्ड से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि "महाकुंभ में लगी तीसरी बार आग, महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख"। दिनांक 13-02-2025 को 15 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा बिहार में वर्ष 2024 में पुष्पा-2 फिल्म के प्रमोशन से सम्बन्धित कार्यक्रम के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि, "कुंभ में राष्ट्रवादी और सनातनी लोगों ने आर्मी वालों पर चप्पलें फेंकी!" साइबर पेट्रोलिंग की एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई: डीजीपी महाकुंभ की साइबर सुरक्षा हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर पेट्रोलिंग की एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक पोस्ट करने, अफवाह फैलाने वालों एवं साइबर अपराध के प्रति निरन्तर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म की 24X7 मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी का परिणाम है कि विगत 01माह के अन्दर लगभग 53 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया है। सम्बंधित सोशल मीडिया कम्पनी से पत्राचार करके इन एकाउंट के संचालकों की जानकारी करके उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। मेरी सभी से अपील है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों के सत्यापन किए बिना कोई भी भ्रामक पोस्ट न करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।
मैं RAW का एजेंट..', पत्नी पर ISI एजेंट होने के आरोप पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का तीखा पलटवार


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भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई की पत्नी पर पाकिस्तान और इसकी खुफिया एजेंसी ISI से संबंध होने का आरोप लगाया। अब कांग्रेस सांसद ने बीजेपी पर जोरदार पलटवार किया है। गौरव गोगोई ने कहा, अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान के ISI की एजेंट हैं तो मैं RAW का एजेंट हूं। दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान और आईएसआई सं संबंध होने के दावे किए थे। विस्वा के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख और ISI से संबंध के आरोप लगाए थे।

भाजपा के आरोपों पर गौरव गोगोई का जवाब

बीजेपी के आरोपो को लोकसभा में विपक्ष के उपनेता ने 'हास्यास्पद और मनोरंजक' बताकर खारिज कर दिया। गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे 'निराधार' आरोप इसलिए लगाए हैं, क्योंकि उसके पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। गोगोई ने कहा, 'अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट हैं तो मैं भारत के RAW का एजेंट हूं। मुझे इन आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता। जिस परिवार पर खुद कई आरोप लगे हैं, वह मुझ पर भी आरोप लगा रहा है।' उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री यह सब इसलिए कर रहे हैं ताकि खुद पर लगे आरोपों से ध्यान भटकाया जा सके।

सीएम हिमंत ने क्या आरोप लगाए

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न को लेकर कहा था कि देर-सवेर, यह पता चल जाएगा कि जॉर्ज सोरोस के इकोसिस्टम के नेतृत्व में विदेशी शक्तियों ने 2014 में असम कांग्रेस के एक बड़े फैसले को कैसे प्रभावित किया। समय आने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि कपल को आईएसआई के साथ अपने करीबी संबंध होने और युवा प्रभावशाली दिमागों को ब्रेनवॉश और कट्टरपंथ के लिए पाकिस्तान हाईकमीशन में ले जाने के संबंध में उठाए गए गंभीर सवालों के जवाब देने चाहिए।

भारतीय नागरिकता नहीं लेने पर भी उठाए सवाल

सरमा ने आगे कहा था कि इन चीजों पर जवाबदेही जरूरी है। देश पारदर्शिता और सच्चाई जानने का हकदार है। इस से पहले असम के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि ISI से संबंध जुड़ने पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब दिया जाना जरूरी है। उन्होंने गौरव गोगोई की पत्नी की तरफ इशारा करते हुए कहा, ब्रेनवॉशिंग और कट्टरपंथ के लिए युवाओं को पाकिस्तान दूतावास में ले जाना और पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करना कई सवाल खड़े करता है।

बीजेपी प्रवक्ता का भी हमला

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी एलिजाबेथ कोलबर्न के आईएसआई से कथित संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोलबर्न इस्लामाबाद में Climate and Development Knowledge Network (CDKN) के लिए काम कर चुकी हैं, जहां वे पाकिस्तान योजना आयोग के पूर्व सलाहकार अली तौकीर शेख के अधीन थीं। भाटिया ने यह भी आरोप लगाया कि कोलबर्न अभी तक ब्रिटिश नागरिक बनी हुई हैं और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों में शामिल होने की आशंका है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा,'उम्मीद है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे जी और गौरव गोगोई पाकिस्तान और ISI के साथ अपने संबंधों के बारे में सफाई देंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की राजनीतिक विफलता: एक विश्लेषण

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक जमीन खो दी, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी स्थिति मजबूत की। कांग्रेस, जो दिल्ली में एक समय प्रमुख राजनीतिक पार्टी थी, अब अपनी पहचान बनाने में नाकाम रही। इस लेख में हम कांग्रेस की विफलता के मुख्य कारणों पर चर्चा करेंगे और इसे भारतीय राजनीति के संदर्भ में समझेंगे।

1. नेतृत्व संकट और रणनीति की कमी

कांग्रेस के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के नेतृत्व का संकट था। अरविंद सिंह लवली जैसे नेताओं के बावजूद, कांग्रेस के पास कोई स्पष्ट और प्रभावशाली नेतृत्व नहीं था। AAP के अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मतदाताओं से गहरे स्तर पर जुड़कर प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण पेश किया, जबकि कांग्रेस इससे पूरी तरह से चूक गई। पार्टी के भीतर कई आंतरिक मतभेद थे, जिससे न केवल एकजुटता की कमी महसूस हुई, बल्कि सही रणनीति भी लागू नहीं हो पाई।

2. स्थानीय मुद्दों पर ध्यान न देना

दिल्ली में मुद्दे स्थानीय स्तर पर अधिक महत्वपूर्ण होते हैं, जैसे एयर पॉल्यूशन, जल संकट, ट्रांसपोर्ट व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाएं। AAP ने इन मुद्दों को प्रमुखता दी और उन्हें चुनावी प्रचार का केंद्र बनाया। वहीं, कांग्रेस का अभियान राष्ट्रीय मुद्दों पर अधिक केंद्रित था, जैसे बीजेपी की नीतियों की आलोचना, जो दिल्ली के स्थानीय समस्याओं से मेल नहीं खाती थी। परिणामस्वरूप, कांग्रेस दिल्ली के मतदाताओं के साथ सही तरीके से जुड़ने में नाकाम रही।

3. आंतरिक मतभेद और संगठनात्मक कमजोरी

कांग्रेस पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रहे आंतरिक मतभेद और संगठनात्मक कमजोरी ने पार्टी की चुनावी ताकत को कमजोर कर दिया। पार्टी में कई बार नेतृत्व परिवर्तन हुआ, और विभिन्न गुटों के बीच की लड़ाई ने कांग्रेस के प्रचार अभियान को प्रभावित किया। कांग्रेस का संगठन कमजोर था, जिससे पार्टी को अपने पुराने वोट बैंक को मजबूत करने में कठिनाई हुई। यह कमजोरी पार्टी के दिल्ली चुनाव परिणामों पर स्पष्ट रूप से प्रभाव डालने वाली थी।

4. AAP और BJP का मजबूत प्रभाव

AAP और BJP दोनों ने 2025 के दिल्ली चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूती से स्थापित किया। AAP ने शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं को लेकर अपने वादों को महत्व दिया, जो दिल्ली के मतदाताओं के लिए आकर्षक थे। वहीं, बीजेपी ने अपनी राष्ट्रीय राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों को दिल्ली के चुनावी मैदान में प्रभावी ढंग से रखा। कांग्रेस इन दोनों पार्टी के मुकाबले कहीं पीछे रह गई, क्योंकि पार्टी न तो स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दे पाई, और न ही प्रभावी प्रचार अभियान चला पाई।

5. कांग्रेस को पुनः समीक्षा और सुधार की आवश्यकता

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की विफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी को अपनी रणनीतियों और नेतृत्व में बदलाव की आवश्यकता है। कांग्रेस को एक स्पष्ट और प्रभावी नेतृत्व तैयार करना होगा, जो दिल्ली के स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे। इसके साथ ही, पार्टी को आंतरिक मतभेदों को समाप्त करके एकजुट होना होगा। यदि कांग्रेस इन बदलावों को स्वीकार कर सकती है, तो वह भविष्य में दिल्ली में अपनी खोई हुई राजनीतिक ताकत को फिर से पा सकती है। 

इस चुनाव ने यह भी दिखाया कि कांग्रेस को अपनी छवि और कार्यशैली को नए तरीके से प्रस्तुत करना होगा, ताकि वह दिल्ली के मतदाताओं के बीच फिर से विश्वास पैदा कर सके।

लता मंगेशकर-देवानंद-बलराज साहनी तक का जिक्र, पीएम मोदी ने इमर्जेंसी के “काले” दिन को किया याद

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बजट सत्र के दौरान कांग्रेस ने कई मुद्दों को लेकर मोदी सरकार को घेरा। बृहस्पतिवार को पीएम मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने आए तो जमकर कांग्रेस को सुनाया। लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी पीएम मोदी ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर तीखे हमले किए। पीएम मोदी ने ओबीसी से लेकर आरक्षण तक कांग्रेस को जमकर घेरा। बलराज साहनी, देवानंद से लेकर किशोर कुमार के साथ हुई ज्यादतियों को याद दिलाया। इसके साथ ही कांग्रेस की रीति-नीति को लेकर भी पीएम मोदी ने करारे वार किए।

अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश की पहली सरकार थी। नेहरू प्रधानमंत्री थे। मुंबई में मजदूरों की एक हड़ताल हुई, उसमें मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने एक गीत गाया था- कॉमनवेल्थ का दास है। ये कविता उन्होंने गाई थी। कविता गाने पर नेहरू ने देश के एक महान कवि को जेल में ठूंस दिया। मशहूर अभिनेता बलराज साहनी आंदोलन करने वालों के सिर्फ एक जुलूस में शामिल हुए थे, इसलिए उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने वीर सावरकर पर एक कविता स्वरबद्ध करके आकाशवाणी पर प्रस्तुत करने की योजना बनाई, इतने मात्र से हृदयनाथ मंगेशकर को आकाशवाणी से हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया। इसके बाद देश ने आपातकाल का भी दौर देखा है। संविधान को किस प्रकार से कुचला गया। संविधान की भावना को किस प्रकार से रौंदा गया, वह भी सत्ता सुख के लिए किया गया।

इमर्जेंसी को लेकर किया गुस्से का इजहार

प्रधानमंत्री ने कहा, मैं इमर्जेंसी के उन दिनों को भूल नहीं सकता और शायद आज भी वो तस्वीरें मौजूद हैं। ये जो लोग लोकतंत्र की बातें करते हैं, मानव गरिमा की बातें करते हैं और बड़े-बड़े भाषण देने के शौकीन हैं।' इतना कहते ही प्रधानमंत्री का चेहरा गुस्से से तमतमा उठा। उन्होंने बेहद गुस्से में कहा, 'आपातकाल में जॉर्ज फर्नांडिस समेत देश के महानुभावों को हथकड़ियां पहनाई गई थीं, जंजीरों से बांधा गया था। संसद के सदस्य, देश के गणमान्य नेता, उनको हथकड़ियां और जंजीरों से बांधा गया था। इनके मुंह में संविधान शब्द शोभा नहीं देता है।'

जो अपने जेब में संविधान को रखते हैं-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इमरजेंसी के दौर को याद दिलाते हुए कहा, संविधान को किस प्रकार से कुचला गया, वो भी सत्ता सुख के लिए किया गया। ये भी देश जानता है। उस दौरान प्रसिद्ध सिने कलाकार देवानंद जी से आग्रह किया गया कि वे इमरजेंसी का सार्वजनिक रूप से समर्थन करें। देवानंद ने इससे इनकार कर दिया और इसलिए दूरदर्शन पर देवानंद की सभी फिल्मों को प्रतिबंधित कर दिया गया। ये लोग संविधान की बातें करते हैं, जो अपने जेब में संविधान को रखते हैं। ये सब उसी का तो परिणाम था। मशहूर गायक किशोर कुमार ने कांग्रेस के लिए गाना गाने से मना किया तो आकाशवाणी पर उनके सभी गानों को प्रतिबंधित कर दिया गया।

वक्फ विधेयक को चुनौती देने की तैयारी में कांग्रेस, खटखटाएगी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

#congress_to_challenge_waqf_bill_in_supreme_court

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक पास हो गया। हालांकि, वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध जारी है। कांग्रेस वक्फ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। कांग्रेस पार्टी वक्फ संशोधन बिल की 'संवैधानिकता' को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। कांग्रेस सांसद और पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने इसका ऐलान किया है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बहुत जल्द ही वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। कांग्रेस पहले से ही कई कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है। इनमें सीएए 2019, आरटीआई एक्ट 2005 में संशोधन और चुनाव नियमों में संशोधन शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी पूजा स्थल अधिनियम-1991 को बरकरार रखने के लिए अदालत में हस्तक्षेप कर रही है। कांग्रेस के सीएए-2019 को चुनौती देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। साथ ही आरटीआई अधिनियम, 2005 में 2019 के संशोधनों को चुनौती देने के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध जारी रखेंगे-जयराम रमेश

जयराम रमेश ने कहा, हमें पूरा भरोसा है और हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और प्रथाओं पर मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध करना जारी रखेंगे। राज्यसभा में वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों की ओर से कड़ी आपत्तियां देखी गईं, जिन्होंने विधेयक को "मुस्लिम विरोधी" और "मुस्लिम विरोधी" करार दिया।

स्टालिन ने भी कोर्ट जाने का किया एलान

इससे पहले वक्फ विधेयक को लेकर स्टालिन ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का एलान कर दिया था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने गुरुवार को कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगी। लोकसभा से विधेयक पारित होने के विरोध में स्टालिन विधानसभा में काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत में बड़ी संख्या में दलों के विरोध के बावजूद कुछ सहयोगियों के इशारे पर रात दो बजे संशोधन को अपनाना संविधान की संरचना पर हमला है।

राज्यसभा में अनुराग ठाकुर पर बरसे खरगे, बोले- आरोप साबित करें तो इस्तीफा दे दूंगा

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वक्फ बिल पर संसद में “संग्राम” जारी है। लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में वक्फ बिल पेश होने जा रहा है। उससे पहले सदन मे जोरदार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर लगाए गए गंभीर आरोपों को निराधार बताया और सदन के नेता से स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे अनुराग ठाकुर के वक्फ की जमीन हड़पने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, ये बीजेपी वाले जो आरोप लगा रहे हैं, साबित कर दें, मैं झुकूंगा नहीं। अगर आरोप साबित होते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।

राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर को निचले सदन में वक्फ विधेयक पर बहस के दौरान की गई अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। खरगे ने कहा, लेकिन नुकसान हो चुका है। उन्होंने इस मुद्दे पर अनुराग ठाकुर के साथ-साथ राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा से भी माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर के आरोपों को बताया झूठा और निराधार

मल्लिकार्जुन खरगे ने कल अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में मुझ पर पूरी तरह से झूठे और निराधार आरोप लगाए। जब मेरे साथियों ने उन्हें चुनौती दी तो वह अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर हो गए। लेकिन नुकसान हो चुका है। टिप्पणी वापस लेने के बावजूद, यह मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छाया रहा। बीजेपी के लोग मुझे डराना चाहते हैं, मैं बिल्कुल झुकूंगा नहीं, मैनें 1 इंच जमीन आज तक किसी की नहीं ली।

खरगे ने आरोपों को साबित करने को कहा

खरगे ने कहा कि अनुराग ठाकुर की ओर से मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। खरगे ने अनुराग ठाकुर से उनके खिलाफ लगाए गए 'बेबुनियाद' आरोपों को साबित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप अपने दावों को साबित नहीं कर सकते तो आपको संसद में आने का कोई अधिकार नहीं है। आप इस्तीफा दे दीजिए। इसके साथ ही अगर भाजपा सांसद आरोप साबित कर देते हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे।

मेरी जिंदगी संघर्षों और लड़ाइयों से भरी-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं एक मजदूर का बेटा हूं। मेरी जिंदगी हमेशा एक खुली किताब रही है। यह संघर्षों और लड़ाइयों से भरी रही है, लेकिन मैंने जिंदगी में हमेशा उच्चतम मूल्यों को बरकरार रखा है। खरगे ने अनुराग ठाकुर के आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए माफी की मांग की।

अनुराग ठाकुर ने क्या कहा था?

इससे पहले भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि विधेयक कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए बनी वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दलों पर अपना राजनीतिक साम्राज्य बनाने के लिए इनके दोहन का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन जमीनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के बजाय कांग्रेस ने अपने चुनावी फायदे के लिए इन्हें वोट बैंक एटीएम में बदल दिया।

अपने बयानों पर शर्मिंदगी महसूस कर रहा…”रूस-यूक्रेन जंग पर 3 साल बाद शशि थरूर को हुआ गलती का एहसास

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर बीते कुछ समय से बदले-बदले नजर आ रहे हैं। बीते कुछ महीनों में शशि थरूर ने ऐसे कई बयान दिए हैं जो पार्टी लाइन से हटकर हैं। एक बार फिर शशि थरूर ने अपने बयान से चौंकाया है। दरअसल, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 2022 में जो रुख उन्होंने अपनाया था, वह सही नहीं था। अब उन्हें उस बयान पर अफसोस हो रहा है।

पीएम मोदी को लेकर क्या बोले थरूर?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि भारत आज ऐसी स्थिति में है जो रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित कर सकता है। भारत के पास ऐसा प्रधानमंत्री है, जो वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन दोनों को गले लगा सकता है। हम दोनों जगहों (रूस और यूक्रेन) पर स्वीकार किए जाते हैं। थरूर ने कहा- आज की स्थिति को देखते हुए वे तीन साल पहले अपने दिए बयानों पर शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूं। 2022 में संसदीय बहस में मैं इकलौता सांसद था, जिसने यूक्रेन को लेकर भारत के रुख की आलोचना की थी।

शर्मिंदगी जैसा अहसास हो रहा है-थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को रायसीना डायलॉग 2025 में स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 2022 में जो रुख उन्होंने अपनाया था वो सही नहीं था। रायसीना डायलॉग 2025 में शशि थरूर से पूछा गया कि क्या रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति को देखते हुए उन्हें खुशी है कि भारत ने जो रुख अपनाया, वह सही था? इस पर शशि थरूर ने माना कि तीन साल बाद उन्हें अपनी उस स्थिति पर अफसोस है। उन्हें शर्मिंदगी जैसा अहसास हो रहा है।

शांति स्थापित करने में निभा सकते हैं भूमिका

थरूर ने आगे कहा,भारत दुनिया में अपनी खास स्थिति को देखते हुए शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। अगर रूस और यूक्रेन के बीच कोई समझौता होता है, तो भारत शांति सैनिकों को भेजने के लिए तैयार हो सकता है। खासकर तब, जब रूस ने नाटो देशों के यूरोपीय शांति सैनिकों को अस्वीकार कर दिया है।

रूस और यूक्रेन के बीच 2022 में युद्ध शुरू हुआ था। जंग अब भी जारी है। जब पूरी दुनिया में रूस-यूक्रेन जंग से खलबली मची तब कांग्रेस नेता शशि थरूर उस समय भारत के रुख के सबसे मुखर विरोधियों में से एक थे। तब उन्होंने भारत के स्टैंड को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। शशि थरूर ने सरकार पर मौन रहने का आरोप लगाते हुए कहा था कि रूस हमारा दोस्त है और उसकी कुछ वैध सुरक्षा चिंताएं हो सकती हैं लेकिन भारत का अचानक इस मुद्दे पर चुप हो जाना यूक्रेन और उसके समर्थकों को निराश करेगा।

जीएसटी पर गरमाई राजनीति, पॉपकॉर्न के बाद डोनट्स को लेकर कांग्रेस के निशाने पर सरकार

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केंद्र सरकार की जीएसटी को लेकर कांग्रेस के निशाने पर है। कांग्रेस ने शनिवार को जीएसटी की अलग-अलग दरें लागू करने को लेकर केन्द्र पर एक बार फिर से तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार (15 मार्च) को कहा कि पॉपकॉर्न के बाद अब ‘डोनट’ पर भी जीएसटी का असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश को अब ‘जीएसटी 2.0’ की जरूरत है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि सिंगापुर स्थित चेन मैड ओवर डोनट्स को अपने व्यवसाय को कथित रूप से गलत तरीके से वर्गीकृत करने और 5 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करने के लिए 100 करोड़ रुपये का कर नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने दावा किया कि यह एक रेस्टोरेंट सेवा है, जबकि बेकरी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत कर का भुगतान किया जा रहा है। इस वजह से कंपनी पर भारी टैक्स बकाया हो गया। अब ये मामला मुंबई हाई कोर्ट में पहुंच चुका है जहां इस पर कानूनी लड़ाई जारी है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की हकीकत यही- जयराम रमेश

जयराम रमेश ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये पूरा मामला बताता है कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की असलियत क्या है। सरकार इस नारे का इस्तेमाल तो करती है, लेकिन हकीकत में व्यापारियों को बेवजह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रमेश ने कहा कि टैक्स प्रणाली में कई विसंगतियां हैं और इसलिए अब जीएसटी 2.0 की जरूरत महसूस हो रही है ताकि सभी व्यापारियों को समान अवसर और राहत मिल सके।

जीएसटी को लेकर पहले भी सवाल उठा चुकी कांग्रेस

पिछले साल दिसंबर में, कांग्रेस ने कहा था कि जीएसटी के तहत पॉपकॉर्न के लिए तीन अलग-अलग टैक्स स्लैब की "बेतुकी" व्यवस्था केवल सिस्टम की बढ़ती जटिलता को उजागर करती है और पूछा कि क्या मोदी सरकार जीएसटी 2.0 को लागू करने के लिए पूरी तरह से बदलाव करने का साहस दिखाएगी।

हरियाणा में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, और मजबूत हुआ भाजपा का गढ़, क्यों छूट रहा “हाथ” का साथ

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हरियाणा के निकाय चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली है। 10 नगर निगमों में से कांग्रेस एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई। बीजेपी ने 10 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की है। एक सीट पर निर्दलीय ने कब्जा जमाया है. कांग्रेस खाता खोलने में भी नाकामयाब रही।

हरियान में मिली इस बड़ी शिकस्त के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी पहले भी जीत चुकी है। इसमें नया क्या है? हमने कभी नहीं कहा कि हमने ये चुनाव गंभीरता से लड़ा। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब भी मैंने कभी पंचायत चुनावों में हिस्सा नहीं लिया। इन चुनावों में सिर्फ भाईचारा काम करता है। अगर हमारे पास (स्थानीय निकायों में) एक सीट होती और हम हार जाते तो नतीजा हमारे लिए नुकसानदेह होता। इन चुनावों में ज्यादातर निर्दलीय उम्मीदवार खड़े होते हैं।साथ ही हुड्डा ने कहा कि इन चुनाव नतीजों से कांग्रेस विधायक दल नेता के चुनाव पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस को भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ रोहतक में भी हार मिली है।

सूबे के विधानसभा चुनाव में करारी मात खाने के साढ़े पांच महीने बाद निकाय चुनाव में भी कांग्रेस जीरो पर सिमट गई है जबकि बीजेपी ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने में सफल रही। सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शहरी निकाय चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को शिकस्त देकर नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका में ‘कमल’ खिलाने में कामयाब रही। वहीं, कांग्रेस के हाथ खाली रहे।

हरियाणा निकाय चुनाव में शहरी मतदाताओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भाजपा उनकी सबसे पसंदीदा पार्टी है। इस चुनाव में कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रोहतक और सोनीपत नगर निगम के मेयर पद पर भी हुड्डा गुट जीत हासिल नहीं कर सका। बिना संगठन के चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस का निगम चुनाव में इस बार सूपड़ा ही साफ हो गया। लचर प्रबंधन के साथ मैदान में उतरी कांग्रेस कहीं भी एकजुट नजर नहीं आई। कांग्रेस का प्रचार भी बेहद कमजोर रहा।

कांग्रेस की हार के ये हैं बड़े कारणः-

• इस हार की सबसे बड़ी वजह राज्य में कांग्रेस का संगठन न होना माना जा रहा है। हाईकमान भी अभी तक संगठन बनाने में कामयाब नहीं हो पाया है।

• हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी पूरी तरह से हावी है। एक ही पार्टी के नेता एक-दूसरे के उम्मीदवारों को हराने में जुटे थे। इस निकाय चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।

• पिछले एक साल से हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व इसी में उलझा हुआ है।

• हरियाणा निकाय चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार तो किया, लेकिन चुनाव प्रचार में वो धार नहीं दिखी, जो कांग्रेस को अपने कार्यकताओं का उत्साह बढ़ाने में दिखाना चाहिए था।

• हरियाणा निकाय चुनाव में टिकटों के गलत वितरण का भी आरोप लगा है, जिससे कांग्रेसियों में नाराजगी नजर आई और हार का कारण भी बना।

अपने ही लोगों पर भड़के राहुल गांधी, बोले- कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं, बब्बर शेर लेकिन चेन से बंधे

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देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इन दिनों गर्त में गिरती जा रही है। लगातार चुनावों में हार का सामना कर रही कांग्रेस ने अपना जनाधार खो दिया है। पार्टी के गिरते परफॉर्मेंस के बीच राहुल गांधी गुजरात में हैं। गुजरात में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इससे पहले राहुल गांधी ने राज्य पर अपना फोकस लगाया है। राहुल दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। आज दूसरा दिन है। राहुल गांधी ने आज अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों लगे पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित किया। राहुल ने कई चौंकाने वाली टिप्पणियां कीं और अपनी ही पार्टी को आईना दिखाया।

कांग्रेस के आधे नेता बीजेपी से मिले-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अहमदाबाद के जेड हॉल में प्रदेश के करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान तेवर दिखाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की लीडरशीप में दो तरह के लोग हैं। उनमें बंटवारा है। एक हैं जो जनता के साथ खड़े हैं उनके लिए लड़ते हैं, उनकी इज्जत करते हैं जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे हैं, जो जनता से कटा हुआ है दूर बैठता है और उसमें से आधे बीजेपी से मिले हैं।राहुल ने आगे कहा, मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है।

कांग्रेस पार्टी बारात के घोड़े को रेस में डाल देती है-राहुल गांधी

कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे चेन से बंधे हैं। राहुर लांधी ने आगे कहा कि एक मेरी बैठक हो रही थी, जिसमें एक कार्यकर्ता ने कहा कि दो तरीके के घोड़े होते हैं, एक होता है रेस का और दूसरा होता है बारात का। कांग्रेस पार्टी बारात के घोड़े को रेस में डाल देती है और रेस के घोड़े को बारात में डाल देती है। अब गुजरात की जनता भी ये देख रही है कि रेस में बारात के घोड़े डाले हुए हैं।

लोगों को निकालना पड़े तो निकाल देना चाहिए-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि पहला काम हमें ये करना है कि हमें पार्टी के भीतर जो गुटबाजी है, उसे अलग करना है और इसके लिए 20-30 लोगों को निकालना पड़े तो निकाल देना चाहिए। राहुल गांधी ने आगे कहा कि दिल में कांग्रेस होनी चाहिए। हाथ कटे तो खून कांग्रेस का निकलना चाहिए। मुझे गुजरात के चुनाव के बारे में बात नहीं करनी है। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा गुजरात की विचार धारा हैं, जो गांधी ने सिखाया पटेल ने सिखाया है। नेताओं को जनता से जुड़ने की जरूरत है। हमने भारत जोड़ो यात्रा में ये कर दिखाया है। हमारे नेताओं को जनता के पास जाने की जरूरत है।

महाकुंभ से संबंधित भ्रामक पोस्ट करने वाले 53 विभिन्न अकाउंट के विरुद्ध मुकदमा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महाकुम्भ मेला से सम्बंधित भ्रामक एवं फेक न्यूज पोस्ट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। उक्त के क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश प्रशान्त कुमार द्वारा इसके लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की गई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस एवं एक्सपर्ट एजेन्सी द्वारा मिलकर सोशल मीडिया पर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक पोस्ट करने, अफवाह फैलाने वालों एवं साइबर अपराध के प्रति निरन्तर साइबर पेट्रोलिंग की जा रही थी। इसी क्रम में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान 13-02-2025 को यह संज्ञान में आया कि कतिपय सोशल मीडिया अकाउंट से 02 भ्रामक वीडियो को महाकुम्भ से सम्बन्धित बताकर अफवाह फैलाई जा रही है । महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख प्रथम वीडियो में मिस्र देश के अग्नि काण्ड से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि "महाकुंभ में लगी तीसरी बार आग, महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख" इस वीडियो की जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि पोस्ट में उल्लिखित वीडियो 14 जुलाई 2020 को मिस्र के काहिरा उपनगर में शुकैर-मोस्टोरोड पाइपलाइन से तेल के रिसाव के बाद लगी आग्नि काण्ड से सम्बन्धित है, जिसका खण्डन भी कुम्भ मेला एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया एकाउंट से भी किया गया है। 7 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित उक्त वीडियो को अपलोड करके महाकुम्भ में की गई व्यवस्था को बदनाम करने और आम जनमानस के मन में सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने वाले निम्नलिखित 07 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कोतवाली कुम्भ मेला में अभियोग पंजीकृत कराते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है। 1- India With Congress एक्स (ट्विटर) 2- Harindra Kumar Rao इंस्टाग्राम 3- Anil Patel इंस्टाग्राम 4- Vishal Babu इंस्टाग्राम 5- Nemi Chand इंस्टाग्राम 6- Sifa Bhadoriya इंस्टाग्राम 7- Hello prayagraj यू-ट्यूब पुलिस के सोशल मीडिया अकाउन्ट से खण्डन भी किया गया दूसरे वीडियो में पटना, बिहार से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर य ह अफवाह फैलाई जा रही है कि "कुंभ में राष्ट्रवादी और सनातनी लोगों ने आर्मी वालों पर चप्पलें फेंकी! ये मुसलमान होते तो आज सभी सरकारी मीडिया चैनलों पर यही खबर होती, लेकिन इस धर्म के लोगों को ये सब अलाउड है शायद ।" इस वीडियो की जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि पोस्ट में उल्लिखित वीडियो नवम्बर 2024 को पटना के गांधी मैदान में पुष्पा-2 फिल्म के प्रमोशन से सम्बन्धित कार्यक्रम में भीड़ के बेकाबू होने एवं अभद्र व्यवहार किये जाने से सम्बन्धित है, जिसका कुम्भ मेला एवं उ0प्र0 पुलिस के सोशल मीडिया अकाउन्ट से खण्डन भी किया गया है । नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने की खैर नहीं उक्त वीडियो को अपलोड करके महाकुम्भ में आने वाले लोगों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने एवं आमजन मानस के मन में उ0प्र0 सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने वाले निम्नलिखित 15 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कोतवाली कुम्भ मेला में अभियोग पंजीकृत कराते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है। 1- Inderjeet Barak एक्स (ट्विटर) 2- SUNIL एक्स (ट्विटर) 3- Nihal Shaikh एक्स (ट्विटर) 4- Dimpi एक्स (ट्विटर) 5- Sat Sewa एक्स (ट्विटर) 6- Sandesh Vatak News एक्स (ट्विटर) 7- lokesh meena एक्स (ट्विटर) 8- राज सिंह चौधरी एक्स (ट्विटर) 9- Yunus Alam (Facebook account) 10- Aminuddin Siddiqui (Facebook account) 11- अरविंद सिंह यादव अहीरवाल (Facebook account) 12- Shivam Kumar Kushwaha (Facebook account) 13- Jain Renu (Facebook account) 14- Amit Kumar II (Facebook account) 15- मेहत्तर एक योद्धा बलिया (Facebook account) भियोग पंजीकृत करके आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही उल्लेखनीय है कि महाकुम्भ मेला के प्रारम्भ से विगत लगभग 01 माह के अन्दर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक वीडियो/फ़ोटो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट करके अफवाह फैलाने वाले कुल 53 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध कुम्भ मेला पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत करके आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है । जिनका विवरण निम्नवत है :- सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत दिनांक 13-01-2025 को 01 एक्स (ट्विटर) अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके द्वारा कुम्भ मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश फायर सर्विस द्वारा किये गए मॉक ड्रिल को वास्तविक बताकर कुम्भ मेला क्षेत्र में आग लगने की अफवाह फैलाई जा रही थी । दिनांक 02-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके माध्यम से नेपाल के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि "भगदड कांड में मारे गए लोगों के शव को परिजन पोस्टमार्टम हाऊस से कंधे पर शवों को लेकर जा रहे हैं, उनको कोई वाहन भी प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है ।" महाकुम्भ में मृतको के शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा दिनांक 02-02-2025 को ही 01 इंस्टाग्राम अकाउंट के विरुद्ध FIR पंजीकृत कराई गई, जिसके माध्यम से एक नाट्य रूपांतरण करके बनाए गए वीडियो में यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि, "महाकुम्भ में मृतको के शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा है और जिनकी सांस चल रही है उनकी किडनी को निकाल कर उनके शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा है ।दिनांक 07-02-2025 को 01 फेसबुक अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके द्वारा संगम क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं की सुगमता हेतु अखाड़ा मार्ग खोले जाने के समय के वीडियो को भ्रामक रूप से भगदड़ का वीडियो बताकर अफवाह फैलाई जा रही थी । भगदड़ में मरने वालों का शव बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी दिनांक 09-02-2025 को 14 एक्स (ट्विटर) अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा धनबाद, झारखण्ड के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि "महाकुंभ, प्रयागराज में अपने गुमशुदा परिजन की तलाश करने वाले श्रद्धालुओं की योगी जी की पुलिस द्वारा खूब पिटाई की जा रही है।दिनांक 12-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा वर्ष 2021 में जनपद गाजीपुर में नदी के किनारे मिले शव से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज के भगदड़ में मरने वालों का शव बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि "एक तरफ महाकुंभ प्रयागराज का डंका बजाया जा रहा है दूसरी तरफ उसी गंगा मे लाशे तैर रही है, झूठों मक्कारो बेशर्मो की सरकार चल रही है देश में ।" प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी दिनांक 13-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा मिस्र देश में वर्ष 2020 में हुए अग्नि काण्ड से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि "महाकुंभ में लगी तीसरी बार आग, महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख"। दिनांक 13-02-2025 को 15 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा बिहार में वर्ष 2024 में पुष्पा-2 फिल्म के प्रमोशन से सम्बन्धित कार्यक्रम के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि, "कुंभ में राष्ट्रवादी और सनातनी लोगों ने आर्मी वालों पर चप्पलें फेंकी!" साइबर पेट्रोलिंग की एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई: डीजीपी महाकुंभ की साइबर सुरक्षा हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर पेट्रोलिंग की एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक पोस्ट करने, अफवाह फैलाने वालों एवं साइबर अपराध के प्रति निरन्तर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म की 24X7 मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी का परिणाम है कि विगत 01माह के अन्दर लगभग 53 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया है। सम्बंधित सोशल मीडिया कम्पनी से पत्राचार करके इन एकाउंट के संचालकों की जानकारी करके उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। मेरी सभी से अपील है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों के सत्यापन किए बिना कोई भी भ्रामक पोस्ट न करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।
मैं RAW का एजेंट..', पत्नी पर ISI एजेंट होने के आरोप पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का तीखा पलटवार


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भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई की पत्नी पर पाकिस्तान और इसकी खुफिया एजेंसी ISI से संबंध होने का आरोप लगाया। अब कांग्रेस सांसद ने बीजेपी पर जोरदार पलटवार किया है। गौरव गोगोई ने कहा, अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान के ISI की एजेंट हैं तो मैं RAW का एजेंट हूं। दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान और आईएसआई सं संबंध होने के दावे किए थे। विस्वा के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख और ISI से संबंध के आरोप लगाए थे।

भाजपा के आरोपों पर गौरव गोगोई का जवाब

बीजेपी के आरोपो को लोकसभा में विपक्ष के उपनेता ने 'हास्यास्पद और मनोरंजक' बताकर खारिज कर दिया। गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे 'निराधार' आरोप इसलिए लगाए हैं, क्योंकि उसके पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। गोगोई ने कहा, 'अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट हैं तो मैं भारत के RAW का एजेंट हूं। मुझे इन आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता। जिस परिवार पर खुद कई आरोप लगे हैं, वह मुझ पर भी आरोप लगा रहा है।' उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री यह सब इसलिए कर रहे हैं ताकि खुद पर लगे आरोपों से ध्यान भटकाया जा सके।

सीएम हिमंत ने क्या आरोप लगाए

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न को लेकर कहा था कि देर-सवेर, यह पता चल जाएगा कि जॉर्ज सोरोस के इकोसिस्टम के नेतृत्व में विदेशी शक्तियों ने 2014 में असम कांग्रेस के एक बड़े फैसले को कैसे प्रभावित किया। समय आने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि कपल को आईएसआई के साथ अपने करीबी संबंध होने और युवा प्रभावशाली दिमागों को ब्रेनवॉश और कट्टरपंथ के लिए पाकिस्तान हाईकमीशन में ले जाने के संबंध में उठाए गए गंभीर सवालों के जवाब देने चाहिए।

भारतीय नागरिकता नहीं लेने पर भी उठाए सवाल

सरमा ने आगे कहा था कि इन चीजों पर जवाबदेही जरूरी है। देश पारदर्शिता और सच्चाई जानने का हकदार है। इस से पहले असम के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि ISI से संबंध जुड़ने पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब दिया जाना जरूरी है। उन्होंने गौरव गोगोई की पत्नी की तरफ इशारा करते हुए कहा, ब्रेनवॉशिंग और कट्टरपंथ के लिए युवाओं को पाकिस्तान दूतावास में ले जाना और पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करना कई सवाल खड़े करता है।

बीजेपी प्रवक्ता का भी हमला

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी एलिजाबेथ कोलबर्न के आईएसआई से कथित संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोलबर्न इस्लामाबाद में Climate and Development Knowledge Network (CDKN) के लिए काम कर चुकी हैं, जहां वे पाकिस्तान योजना आयोग के पूर्व सलाहकार अली तौकीर शेख के अधीन थीं। भाटिया ने यह भी आरोप लगाया कि कोलबर्न अभी तक ब्रिटिश नागरिक बनी हुई हैं और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों में शामिल होने की आशंका है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा,'उम्मीद है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे जी और गौरव गोगोई पाकिस्तान और ISI के साथ अपने संबंधों के बारे में सफाई देंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की राजनीतिक विफलता: एक विश्लेषण

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक जमीन खो दी, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी स्थिति मजबूत की। कांग्रेस, जो दिल्ली में एक समय प्रमुख राजनीतिक पार्टी थी, अब अपनी पहचान बनाने में नाकाम रही। इस लेख में हम कांग्रेस की विफलता के मुख्य कारणों पर चर्चा करेंगे और इसे भारतीय राजनीति के संदर्भ में समझेंगे।

1. नेतृत्व संकट और रणनीति की कमी

कांग्रेस के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के नेतृत्व का संकट था। अरविंद सिंह लवली जैसे नेताओं के बावजूद, कांग्रेस के पास कोई स्पष्ट और प्रभावशाली नेतृत्व नहीं था। AAP के अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मतदाताओं से गहरे स्तर पर जुड़कर प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण पेश किया, जबकि कांग्रेस इससे पूरी तरह से चूक गई। पार्टी के भीतर कई आंतरिक मतभेद थे, जिससे न केवल एकजुटता की कमी महसूस हुई, बल्कि सही रणनीति भी लागू नहीं हो पाई।

2. स्थानीय मुद्दों पर ध्यान न देना

दिल्ली में मुद्दे स्थानीय स्तर पर अधिक महत्वपूर्ण होते हैं, जैसे एयर पॉल्यूशन, जल संकट, ट्रांसपोर्ट व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाएं। AAP ने इन मुद्दों को प्रमुखता दी और उन्हें चुनावी प्रचार का केंद्र बनाया। वहीं, कांग्रेस का अभियान राष्ट्रीय मुद्दों पर अधिक केंद्रित था, जैसे बीजेपी की नीतियों की आलोचना, जो दिल्ली के स्थानीय समस्याओं से मेल नहीं खाती थी। परिणामस्वरूप, कांग्रेस दिल्ली के मतदाताओं के साथ सही तरीके से जुड़ने में नाकाम रही।

3. आंतरिक मतभेद और संगठनात्मक कमजोरी

कांग्रेस पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रहे आंतरिक मतभेद और संगठनात्मक कमजोरी ने पार्टी की चुनावी ताकत को कमजोर कर दिया। पार्टी में कई बार नेतृत्व परिवर्तन हुआ, और विभिन्न गुटों के बीच की लड़ाई ने कांग्रेस के प्रचार अभियान को प्रभावित किया। कांग्रेस का संगठन कमजोर था, जिससे पार्टी को अपने पुराने वोट बैंक को मजबूत करने में कठिनाई हुई। यह कमजोरी पार्टी के दिल्ली चुनाव परिणामों पर स्पष्ट रूप से प्रभाव डालने वाली थी।

4. AAP और BJP का मजबूत प्रभाव

AAP और BJP दोनों ने 2025 के दिल्ली चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूती से स्थापित किया। AAP ने शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं को लेकर अपने वादों को महत्व दिया, जो दिल्ली के मतदाताओं के लिए आकर्षक थे। वहीं, बीजेपी ने अपनी राष्ट्रीय राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों को दिल्ली के चुनावी मैदान में प्रभावी ढंग से रखा। कांग्रेस इन दोनों पार्टी के मुकाबले कहीं पीछे रह गई, क्योंकि पार्टी न तो स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दे पाई, और न ही प्रभावी प्रचार अभियान चला पाई।

5. कांग्रेस को पुनः समीक्षा और सुधार की आवश्यकता

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की विफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी को अपनी रणनीतियों और नेतृत्व में बदलाव की आवश्यकता है। कांग्रेस को एक स्पष्ट और प्रभावी नेतृत्व तैयार करना होगा, जो दिल्ली के स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे। इसके साथ ही, पार्टी को आंतरिक मतभेदों को समाप्त करके एकजुट होना होगा। यदि कांग्रेस इन बदलावों को स्वीकार कर सकती है, तो वह भविष्य में दिल्ली में अपनी खोई हुई राजनीतिक ताकत को फिर से पा सकती है। 

इस चुनाव ने यह भी दिखाया कि कांग्रेस को अपनी छवि और कार्यशैली को नए तरीके से प्रस्तुत करना होगा, ताकि वह दिल्ली के मतदाताओं के बीच फिर से विश्वास पैदा कर सके।

लता मंगेशकर-देवानंद-बलराज साहनी तक का जिक्र, पीएम मोदी ने इमर्जेंसी के “काले” दिन को किया याद

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बजट सत्र के दौरान कांग्रेस ने कई मुद्दों को लेकर मोदी सरकार को घेरा। बृहस्पतिवार को पीएम मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने आए तो जमकर कांग्रेस को सुनाया। लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी पीएम मोदी ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर तीखे हमले किए। पीएम मोदी ने ओबीसी से लेकर आरक्षण तक कांग्रेस को जमकर घेरा। बलराज साहनी, देवानंद से लेकर किशोर कुमार के साथ हुई ज्यादतियों को याद दिलाया। इसके साथ ही कांग्रेस की रीति-नीति को लेकर भी पीएम मोदी ने करारे वार किए।

अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश की पहली सरकार थी। नेहरू प्रधानमंत्री थे। मुंबई में मजदूरों की एक हड़ताल हुई, उसमें मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने एक गीत गाया था- कॉमनवेल्थ का दास है। ये कविता उन्होंने गाई थी। कविता गाने पर नेहरू ने देश के एक महान कवि को जेल में ठूंस दिया। मशहूर अभिनेता बलराज साहनी आंदोलन करने वालों के सिर्फ एक जुलूस में शामिल हुए थे, इसलिए उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने वीर सावरकर पर एक कविता स्वरबद्ध करके आकाशवाणी पर प्रस्तुत करने की योजना बनाई, इतने मात्र से हृदयनाथ मंगेशकर को आकाशवाणी से हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया। इसके बाद देश ने आपातकाल का भी दौर देखा है। संविधान को किस प्रकार से कुचला गया। संविधान की भावना को किस प्रकार से रौंदा गया, वह भी सत्ता सुख के लिए किया गया।

इमर्जेंसी को लेकर किया गुस्से का इजहार

प्रधानमंत्री ने कहा, मैं इमर्जेंसी के उन दिनों को भूल नहीं सकता और शायद आज भी वो तस्वीरें मौजूद हैं। ये जो लोग लोकतंत्र की बातें करते हैं, मानव गरिमा की बातें करते हैं और बड़े-बड़े भाषण देने के शौकीन हैं।' इतना कहते ही प्रधानमंत्री का चेहरा गुस्से से तमतमा उठा। उन्होंने बेहद गुस्से में कहा, 'आपातकाल में जॉर्ज फर्नांडिस समेत देश के महानुभावों को हथकड़ियां पहनाई गई थीं, जंजीरों से बांधा गया था। संसद के सदस्य, देश के गणमान्य नेता, उनको हथकड़ियां और जंजीरों से बांधा गया था। इनके मुंह में संविधान शब्द शोभा नहीं देता है।'

जो अपने जेब में संविधान को रखते हैं-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इमरजेंसी के दौर को याद दिलाते हुए कहा, संविधान को किस प्रकार से कुचला गया, वो भी सत्ता सुख के लिए किया गया। ये भी देश जानता है। उस दौरान प्रसिद्ध सिने कलाकार देवानंद जी से आग्रह किया गया कि वे इमरजेंसी का सार्वजनिक रूप से समर्थन करें। देवानंद ने इससे इनकार कर दिया और इसलिए दूरदर्शन पर देवानंद की सभी फिल्मों को प्रतिबंधित कर दिया गया। ये लोग संविधान की बातें करते हैं, जो अपने जेब में संविधान को रखते हैं। ये सब उसी का तो परिणाम था। मशहूर गायक किशोर कुमार ने कांग्रेस के लिए गाना गाने से मना किया तो आकाशवाणी पर उनके सभी गानों को प्रतिबंधित कर दिया गया।