Streetbuzznews

Jun 23 2024, 11:22

Khomane Agro: Revolutionizing FMCG and Agro Industries with Tradition and Innovation

Pune, Maharashtra[DATE] – Khomane Agro, a rising star in the Indian FMCG and Agro industries, is making waves with its unique blend of tradition and innovation. Founded in 2022, the company is committed to delivering premium products while empowering farmers and bolstering India's agricultural economy.

Championing Sustainable Practices and Farmer Partnerships

Khomane Agro stands out for its dedication to quality, sustainability, and collaboration. They have forged partnerships with over 10,000 farmers across India, championing organic and fresh ingredient sourcing. The company actively works with visionary farmers who share their passion for innovation and experimentation in crop management practices. This approach ensures not only the highest quality ingredients but also supports sustainable farming methods.

A Fusion of Tradition and Modernity

Khomane Agro isn't just about revolutionizing agricultural practices; they're also redefining the way consumers experience traditional Indian flavors. Their product range offers a delightful fusion of time-tested recipes and modern convenience:

  • Chutneys
  • Masalas
  • Snacks
  • Jaggery
  • Pre-Mixes
  • Cold-Pressed Oils
  • Spices

Spreading the Taste of India

Khomane Agro's success story isn't limited to India. They have established a presence in Canada through their partner Flint Food, making their authentic Indian flavors accessible to a wider audience. With over 200 distributors across Maharashtra alone, Khomane Agro is a leading player in the regional market, and their reach continues to expand.

Contact Information:

Website (India): www.khomaneagro.com 

Website (Canada): http://flintfood.ca/ 

Mobile: 8767306068 

Email:

India

Jun 20 2024, 13:18

Canada's Parliament holds a moment of silence in the memory of Khalistani terrorist Hardeep Singh Nijjar on his death anniversary..
Even Pakistan hesitates from doing such activities openly but Canada... Is it officially a terr0rist country?

Even Pakistan hesitates from doing such activities openly but Canada... Is it officially a terr0rist country?

India

Jan 17 2024, 15:31

स्टडी के लिए कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में आई भारी गिरावट, जानें मोहभंग के पीछे की वजह

#indianstudentsskippingcanadaamidpoliticalrow

भारत और कनाडा के संबंध पहले जैसे नहीं है। निज्जर की हत्या के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयान के बाद से भारत-कनाडा के राजनयिक संबंध तल्ख हो गए हैं।कुछ महीनों पहले दोनों देशों के बीच बिगड़े संबंधों में अभी भी सुधार नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास का असर कई सेक्टर्स में दिख रहा है। दोनों देशों के बीच संबंधों में बढ़ती दूरी भारतीय स्टूडेंट्स का रुख भी बदल गया है।पहले हर साल बड़ी संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ने के लिए कनाडा जाते थे। पर जब से भारत और कनाडा के बीच विवाद हुआ है, तब से पढ़ने के लिए कनाडा जाने वाले भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या में कमी हो गई है।

कनाडा जा कर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 86% तक की कमी आई है।पिछले साल जुलाई से सितंबर के बीच 1 लाख 8 हजार से ज्यादा भारतीय बच्चों को स्टडी परमिट दिया गया। वहीं, अक्टूबर से दिसंबर के बीच सिर्फ 14, 910 भारतीय बच्चों ने स्टडी परमिट के लिए आवेदन किया। इस तरह छात्रों की संख्या में 86 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।

छात्रों की संख्या में 86 फीसदी तक गिरावट

कनाडा के इमिग्रेशन मिनिस्टर मार्क मिलर ने कहा- कनाडा की तरफ से भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले स्टडी परमिटों की संख्या में तेजी से गिरावट आई। 2023 की आखिरी तिमाही में ये गिरावट 86 फीसदी तक चली गई। कनाडा में सिख आतंकी की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच हुए राजनयिक विवाद के चलते कम भारतीय छात्रों ने आवेदन किया है। यह संख्या जल्द ही बढ़ने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

भारत-कनाडा के रिश्ते प्रभावित हुए

मंत्री मार्क मिलर ने कहा, भारत के साथ हमारे रिश्ते प्रभावित हुए हैं और उसके चलते नए आवेदनों को मंजूरी देने की क्षमता भी हमारी आधी ही रह गई है। अब कनाडा के 21 अधिकारी ही भारत में काम कर रहे हैं। भारत का स्टाफ कनाडा में पहले से ही कम था। डिप्लोमैट्स नहीं होने के कारण स्टूडेंट्स को कनाडा में पढ़ाई से जुड़ी कई जानकारियां नहीं मिल पाईं। बता दें कि 18 सितंबर 2023 को कनाडा ने भारत पर आतंकी निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था। भारत ने आरोप को खारिज करते हुए 41 कनाडाई डिप्लोमैट्स को वापस जाने के लिए कहा था। 20 अक्टूबर को कनाडा ने अपने 62 में से 41 डिप्लोमैट्स को भारत से हटा दिया था।

भारतीय छात्रों के जाने से भरता रहा है कनाडा का खजाना

बता दें कि 2022 में कनाडा जाने वाले कुल छात्रों में 41 फीसदी भारतीय (2,25,835 छात्र) थे। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के जाने से कनाडा की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। अनुमान के मुताबिक सालाना लगभग 22 बिलियन कनाडाई डॉलर यानी 16.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई होती है। भारतीय राशि में इतनी रकम 13.64 खरब रुपये होती है।

खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश की संसद में भारत पर आरोप लगाया था। वहीं भारत ने इस आरोप को बेबुनियाद और बेतुका बताया था। इसी के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास पड़ गई थी।

India

Dec 30 2023, 11:52

कौन हैं लखबीर सिंह लांडा ? भारत ने घोषित किया आतंकवादी

#canadabasedbabbarkhalsaslakhbirsinghlandadeclared_terrorist 

कनाडा में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाले खालिस्तानी लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित कर दिया है।बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के नेता और गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया है। बता दें, लांडा पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला है। वर्तमान में वह कनाडा के एडमोंटन, अल्बर्टा में रहता है।

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर फैसले की सूचना दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, लांडा अन्य आतंकवादी गतिविधियों के अलावा, 2021 में मोहाली में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट हमले में शामिल था। अधिसूचना के अनुसार, लांडा पाकिस्तान से भारत में तस्करी किए जाने वाले हथियारों और आईईडी डिवाइसों की निगरानी करता है। लांडा नौ मई 2022 को पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले का भी मास्टरमाइंड है। मामले में उसके खिलाफ पंजाब पुलिस और एनआईए ने केस दर्ज किया है। हालांकि वह फिलहाल फरार है और कनाडा में छिपकर बैठा है। 

हथियार और विस्फोटकों की तस्‍करी में भी शामिल

वह पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सीमा पार से विभिन्न मॉड्यूलों को इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), हथियार, परिष्कृत हथियार, विस्फोटकों की आपूर्ति में शामिल रहा है। इसमें कहा गया है कि लांडा आतंकी मॉड्यूल को खड़ा करने, जबरन वसूली, हत्याएं, आईईडी लगाने, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी और पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी कृत्यों के लिए धन या आय का उपयोग करने से संबंधित विभिन्न आपराधिक मामलों में भी शामिल था। इसके अलावा आतंकी लांडा भारत के विभिन्न हिस्सों में टारगेट किलिंग, जबरन वसूली और अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।

किस संगठन से जुड़ा था लांडा

गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, आतंकी लखबीर सिंह लांडा कनाडा स्थित खालिस्तान समर्थक संगठन (पीकेई) के साथ भी निकटता से जुड़ा हुआ था, जिसमें मृतक खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) का आतंकी हरदीप सिंह निज्जर और सिख्स फॉर जस्टिस का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नून भी जुड़ा था।

लखबीर सिंह लांडा मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह कनाडा में रह रहा है। तरनतारण जिले के रहने वाला लखबीर सिंह लांडा पिछले 11 साल से पुलिस के लिए गले की फांस बना हुआ है। वह 2017 में कनाडा भाग गया था और उसपर 18 मामले दर्ज हैं।

WestBengalBangla

Nov 19 2023, 22:06

*A positive result against Qatar not unfeasible, says Igor Stimac*

Sports News 

 

 Akhil Rawat 

 BHUBANESHWAR: Four years ago, on a warm September night, in a 2022 World Cup Qualifiers outing against Qatar, a gritty India survived a wave of attacks to hold the powerhouse of Asian football to a goalless draw in Doha. The man who guided India from the sidelines was Head Coach Igor Stimac.

The Croatian would once again sit on the bench when India will cross swords on Tuesday with Qatar again in another World Cup qualifying match, this time for the 2026 edition in the US, Canada and Mexico.

No doubt, Stimac and his wards would take the pitch at the Kalinga Stadium here a far more confident lot than they were at the start of the campaign. The win against Kuwait in the tie brought a magical change to the entire scenario. Now there are serious expectations surrounding Sunil Chhetri and his men; a positive result against Qatar would definitely not leave anyone bewildered. 

Stimac agreed that India are now perfectly capable of pulling off a surprise or two, but is not ready to lower his guard. 

 Pic Courtesy by : AIFF

India

Nov 15 2023, 18:50

भारत के बाद जस्टिन ट्रूडो की इजरायल से भिड़ने की कोशिश, हमास के साथ युद्ध पर दिया सलाह, नेतन्‍याहू ने फटकारा

#canadapmsaysisraelresponsibleforkillingwomenand_children

इजरायल और हमास के बीच पिछले एक महीने से अधिक समय से जंग जारी है। हमास के हमले के बाद इजरायली सेना की ओर से गाजा पट्टी पर कार्रवाई जारी है। इस युद्ध में कई मासूम लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है। जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। युद्ध के दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जो दिल दहला देने वाली है। इस बीच कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने गाजा में मची तबाही के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही इस बर्बरता को जल्द से जल्द रोकने की मांग की है। जिसपर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू ने कनाडा के समकक्ष जस्टिन ट्रूडो को करार जवाब दिया है। 

क्या बोले ट्रूडो?

इजराइल-हमास युद्ध में पश्चिमी देश इसराइल के साथ खड़े हैं। उसमें एक नाम कनाडा का भी है। कनाडा ने पिछले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वोट किया, जिसमें कब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्र में इजराइली बस्तियों की निंदा की गई थी। एक तरफ़ कनाडा यूएन में खुलकर इसराइल के साथ खड़ा है और दूसरी तरफ़ वहाँ के प्रधानमंत्री इजराइल को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। मंगलवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि गाजा में महिलाओं, बच्चों और नवजातों की हत्या बंद होनी चाहिए। जस्टिन ट्रूडो ने इजराइल सरकार से ज़्यादा से ज़्यादा संयम बरतने की अपील की है। ट्रूडो ने कहा कि पूरी दुनिया टीवी और सोशल मीडिया पर देख रही है। हम डॉक्टरों, परिवार के लोगों, जीवित बचे लोगों और उन बच्चों की वेदना सुन रहे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है।

नेतन्याहू ने दिया ये जवाब

ट्रूडो के बयान पर नेतन्याहू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कहा है कि नागरिकों को जानबूझकर निशाना इजरायल नहीं बल्कि हमास बना रहा है। नेतन्याहू ने ट्विटर पर लिखा, यह इजराइल नहीं है जो जानबूझकर नागरिकों को निशाना बना रहा है, बल्कि हमास ने यहूदियों पर किए गए सबसे भयानक हमले में नागरिकों के सिर काटे और जलाए।जहां इज़राइल नागरिकों को नुकसान से दूर रखने के लिए सब कुछ कर रहा है, वहीं हमास उन्हें नुकसान से बचाने के लिए सब कुछ कर रहा है।

उन्होंने आगे लिखा, इज़राइल गाजा में नागरिकों को मानवीय गलियारे और सुरक्षित क्षेत्र प्रदान करता है, हमास उन्हें बंदूक की नोक पर जाने से रोकता है। यह हमास है, इज़राइल नहीं जिसे दोहरे युद्ध अपराध करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए - नागरिकों के पीछे छिपकर नागरिकों को निशाना बनाना. सभ्यता की ताकतों को हमास की बर्बरता को हराने में इज़राइल का समर्थन करना चाहिए।

बता दें कि हमास और इजराइल के बीच चल रही इस जंग में गाजा में करीब 11 हजार लोगों की जान जा चुकी है, वहीं करीब 15 लाख लोग बेघर हो गए हैं। शहरों की बिजली काट दी गई है, पानी बंद कर दिया गया है, लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। वहीं बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। अस्पतालों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, जहां फ्यूल की कमी से लोगों की मौत हो रही है। वहीं इनक्यूबेटरों को बंद कर दिया गया है जिसके बाद नवजात बच्चों को गर्म रखने के लिए उन्हें एक साथ रखा जा रहा है। अस्पतालों की इन तस्वीरों ने दुनियाभर के देशों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।

India

Nov 14 2023, 11:42

*भारत ने यूएन में कनाडा का लताड़ा, कहा-अभिव्यक्ति की आजादी का गलत इस्तेमाल बंद करे*

#indiasaidtocanadastopfreedomofexpressionmisuse

भारत और कनाडा के बीच राजनीतिक तनाव जारी है।इस बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कनाडा को आइना दिखाया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कनाडा को पूजा स्थलों और घृणा अपराध को रोकने की सलाह दी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पर चर्चा में भारत ने अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड की समीक्षा में कनाडा से हिंसा भड़काने और चरमपंथी समूहों की गतिविधियों को रोकने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के 'दुरुपयोग' को रोकने कहा। भारत ने इसके लिए कनाडा को अपने कानूनी ढांचे को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। 

कनाडा के पीएम ट्रूडो द्वारा भारत को लेकर दिए गए बेमतलब के बयानों के बाद भारत ने कनाडा के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया था। वहीं, अब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की समीक्षा बैठक में भी भारत ने कनाडा को बड़ी नसीहत दी है।भारतीय राजनयिक मोहम्मद हुसैन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कनाडा में मानव तस्करी जैसे मुद्दों से निपटने की रिपोर्ट को स्वीकार किया। भारत ने यह भी सिफारिश की कि कनाडा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग, विशेषकर हिंसा भड़काने को रोकने के लिए अपने घरेलू ढांचे को मजबूत करे। इसके अलावा, भारत ने कनाडा से चरमपंथ को बढ़ावा देने वाले समूहों की गतिविधियों को अस्वीकार करने, धार्मिक और नस्लीय अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों पर हमलों को रोकने और घृणा अपराधों और घृणा भाषण को रोकने को भी कहा।

बांग्लादेश ने कनाडा को क्या कहा?

वहीं, बांग्लादेश के राजनयिक अबदुल्लाह अल फोरहाद ने भी कनाडा से गुजारिश की कि वह रंगभेद, हेट स्पीच, हेट क्राइम और प्रवासियों एवं मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अपराधों से निपटने में तेजी लाए। अल फोरहाद ने कहा, बांग्लादेश कनाडा को सिफारिश देता है कि वह रंगभेद, नस्लवाद, हेट स्पीच, हेट क्राइम और मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव और अपराधों से निपटने के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों में तेजी लेकर आए।उन्होंने कहा, कनाडा को कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए जरूरी उपाय करना चाहिए। उसे जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना चाहिए। सभी प्रवासियों, मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों के अधिकारों की सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन भी कनाडा को करना चाहिए। हालांकि, बांग्लादेश ने मानवाधिकार की सुरक्षा में कनाडा के जरिए उठाए गए कदमों को लेकर उसकी तारीफ भी की।

भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव

बता दें कि भारत और कनाडा के रिश्ते इन दिनों बुरे दौर से गुजर रहे हैं। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या में भारत का हाथ बताया था। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्ते तनावग्रस्त हो गए हैं। इन आरोपों के बाद भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं स्थगित कर दी थीं। हालांकि बीते दिनों वीजा सेवाएं फिर से चालू कर दी गई हैं। अब बीते शनिवार को कनाडा के पीएम ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाए और भारत द्वारा कनाडा के 40 राजनयिकों की राजनयिक इम्युनिटी खत्म करने के फैसले को वियना कन्वेंशन का उल्लंघन बता दिया था।

India

Oct 26 2023, 15:12

भारत ने कनाडा के लिए वीजा सेवा पर लगी रोक हटाई, 4 कैटेगरी में मिली मंजूरी, जानें सेवा बहाल होने पर ओटावा की प्रतिक्रिया

#indiaresumesvisaserviceforcanadayoucanapplyfromtoday

भारत और कनाडा के रिश्तों के बीच जमी बर्फ पिछलने लगी है। दरअसल दोनों देशों के बीच जारी तनाव के दौरान भारत ने कनाडा के लिए वीजा सेवा पर लगी रोक को हटा दिया है। हालांकि फिलहाल केवल चार कैटेगरी के लिए ही वीजा सेवाओं को फिर से शुरू किया गया है।इसे लेकर कनाडा ने भी भारत का स्वागत किया है। कनाडा के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि कनाडाई नागरिकों के लिए चिंताजनक समय के बाद एक अच्छा संकेत आया है।बता दें कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत-कनाडा के बीच तनाव जारी है।

भारत आज यानी बृहस्पतिवार से कनाडा में कुछ श्रेणी की वीजा सेवाएं फिर शुरू करेगा।ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, इस संबंध में कनाडा के कुछ हालिया कदमों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लिया गया है कि 26 अक्टूबर से प्रवेश वीजा, बिजनेस वीजा, मेडिकल वीजा, और कॉन्फ्रेंस वीजा श्रेणियों के लिए वीजा सेवाओं को फिर शुरू किया जाएगा।

कनाडा के आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने कहा, हमें लगता है कि सेवाओं को निलंबित किया ही नहीं जाना चाहिए था।उन्होंने कहा कि ‘भारत के साथ वास्तव में चिंताजनक राजनयिक स्थिति ने कई समुदायों में काफी भय पैदा कर दिया है। वहीं, आपात प्रबंधन मंत्री और सिख नेता हरजीत सज्जन ने कहा कि वीजा प्रक्रिया फिर से शुरू होना अच्छी खबर है, लेकिन वह इस पर अटकलें नहीं लगाएंगे कि नई दिल्ली क्या संदेश देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, यह जानकर अच्छा लगा कि उन्होंने इसे (सेवाएं) बहाल कर दिया है। यदि उन्होंने यह कदम उठाया ही नहीं होता, तो बेहतर होता।

विदेश मंत्री जयशंकर ने दिए थे संकेत

यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया है जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा था कि अगर भारत कनाडा में अपने राजनयिकों की सुरक्षा में प्रगति देखता है तो वह कनाडा के लोगों के लिए वीजा सेवाएं बहुत जल्द फिर शुरू करने पर विचार कर सकता है। जयशंकर ने कहा था कि कुछ हफ्ते पहले भारत द्वारा वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकने के पीछे मुख्य कारण कनाडा में अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता थी और भारतीय अधिकारियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में ओटावा की असमर्थता राजनयिक संबंधों पर वियना संधि के सबसे बुनियादी पहलू को चुनौती देती है।

इस वजह से भारत ने कर दिया था विजा सर्विस को सस्पेंड

भारत और कनाडा में तनाव की वजह खालिस्तानी दहशतगर्द हरदीप सिंह निज्जर की हत्या है। जिसका इल्जाम कनाडा ने भारत पर लगाया था। इसके साथ ही कनाडा ने एक भारतीय डिप्लोमेट को ओटावा छोड़कर जाने को कहा था। कनाडा के जरिए लगाए आरोपों को भारत ने इनकार किया था, इसके बाद भारत जवाबी कार्रवाई करते हुए, भारत में मौजूद कनाडा के डिप्लोमेट को भारत छोड़ने का हुक्म सुना दिया था। इसके बाद भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा सर्विस को सस्पेंड कर दिया।

India

Oct 03 2023, 11:30

कनाडा के खिलाफ भारत की बड़ा एक्शन, ट्रूडो सरकार से 40 राजनयिकों को वापस बुलाने को कहा

#indiatellscanadatowithdrawdozensofdiplomaticstaff

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर कनाडा के बेबुनियाद आरोपों के बाद भारत सरकार सख्त बनी हुई है।इसी बीच के खिलाफ अब भारत ने बड़ा पलटवार किया है। भारत ने कनाडा से कहा है कि वह अपने 40 राजनयिकों को 10 अक्‍टूबर तक वापस बुला ले।भारत ने यह भी कहा है कि अगर कनाडा ऐसा नहीं करता है तो इन राजनयिकों को भारत में राजनयिक छूट भी नहीं मिलेगी।

 ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार ने अभी तक इस ताजा घटना के बारे में एक बयान जारी नहीं किया है। अखबार के मुताबिक कनाडा के भारत में 62 राजनयिक हैं और भारत ने कहा था कि इसमें से कुल 41 लोगों को कम किया जाना चाहिए।बता दें कि भारत सरकार ने कनाडा पर इस एक्शन को लेकर पहले ही संकेत दिए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत में कनाडा के ज्यादा राजनयिक तैनात हैं और उनकी संख्या कम किए जाने की जरूरत है।

कनाडा के खिलाफ भारत का तीसरा एक्शन

कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के दावे के बाद कनाडा के खिलाफ भारत सरकार का यह तीसरा एक्शन है। भारत सरकार ने सबसे पहले कनाडा के एक खुफिया अधिकारी को देश छोड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद भारत सरकार ने कनाडा के नागरिकों की भारत में एंट्री पर रोक लगाते हुए वीजा सेवाओं को बंद कर दिया था। इसके साथ ही भारत सरकार ने कनाडा में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की थी।

क्या कहा था ट्रूडो ने

बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हाल ही में आरोप लगाए थे कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है। इसके बाद से नई दिल्ली और ओटावा के बीच राजनयिक संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। भारत में नामित आतंकवादी निज्जर की 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर पार्किंग की जगह पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बहरहाल भारत ने कनाडा के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे बेतुका और प्रेरित बताया है। भारत सरकार ने कहा है कि कनाडा ने निज्जर की हत्या के दावे के समर्थन में अभी तक कोई सार्वजनिक सबूत उपलब्ध नहीं कराया है।

India

Sep 29 2023, 11:43

भारत से सख्त तेवर के आगे झुके कनाडा के पीएम ट्रूडो, कहा-भारत आर्थिक ताकत, संबंध मजबूत करने को लेकर गंभीर

#canada_pm_justin_trudeau_says_wants_closer_ties_with_india 

“ऊंट पहाड़ के नीचे आना” ये कहावत तो सही ने सुनी होगी। जो कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर बड़ी ही सटीक बैठ रही है। दरअसल, भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने यू-टर्न ले लिया है। आरोप के बाद भारत की सख्ती के बाद कनाडा के सुर बदलते दिख रहे हैं। अब ट्रूडो ने भारत को उभरती ताकत बता कर उसके साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की है।

कनाडा के अखबार नेशनल पोस्‍ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीएम ट्रूडो ने कहा है कि वह अभी भी भारत के साथ मजबूत और घनिष्‍ठ संबंधों को कायम रखने पर प्रतिबद्ध हैं। ट्रूडो के मुताबिक वो भारत के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनकी मानें तो दुनिया भर में भारत का कद और उसका प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे में यह 'बेहद महत्वपूर्ण' है कि कनाडा और उसके सहयोगी भारत के साथ जुड़े रहें।कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा, भारत एक बढ़ती आर्थिक शक्ति और महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक खिलाड़ी है और जैसा कि हमने पिछले साल अपनी इंडो-पैसिफिक रणनीति प्रस्तुत की थी, हम भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने को लेकर बहुत गंभीर हैं। 

हालांकि ट्रूडो ने निज्‍जर मामले में फिर वही पुरानी बात भी दोहराई। ट्रूडो ने कहा, उसी समय हमें जाहिर तौर पर, कानून के शासन वाले देश के रूप में, हमें इस बात पर जोर देने की जरूरत है कि भारत को यह सुनिश्चित करने के लिए कनाडा के साथ काम करने की जरूरत है कि हमें इस मामले के पूरे तथ्य मिलें। ट्रूडो ने कहा, यह कुछ ऐसा है जिसे सभी लोकतांत्रिक देशों, कानून के शासन का सम्मान करने वाले सभी देशों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।हम भारत सरकार के प्रति अपने दृष्टिकोण सहित अपने सभी साझेदारों के साथ कानून के शासन में रहते हुए एक विचारशील, जिम्मेदार तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब भारत और कनाडा के रिश्ते बेहद नाजुक दौर में हैं। साथ ही दोनों देशों के बीच मचे कूटनीतिक घमासान के बीच भारत-अमेरिका के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई है। हालांकि, वॉशिंगटन में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन की मुलाकात के दौरान खालिस्तानी आतंकी निज्जर के मारे जाने का मुद्दा उठा या नहीं ये साफ नहीं हो पाया विदेश विभाग में इस भेंटवार्ता से पहले ब्लिंकन के साथ मीडिया के सामने जयशंकर ने कहा, यहां आकर अच्छा लगा, जी20 सम्मेलन के लिए सभी तरह की सहयोग के लिए अमेरिका को धन्यवाद।

लहीं, ब्लिंकन ने कहा कि जी20 और न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र समेत पिछले कुछ सप्ताह में विभिन्न मौकों पर उनकी अच्छी चर्चा रही है। उन्होंने कहा कि वह अपने भारतीय समकक्ष के साथ चर्चा को लेकर आशान्वित हैं। वैसे दोनों नेताओं ने मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।

Streetbuzznews

Jun 23 2024, 11:22

Khomane Agro: Revolutionizing FMCG and Agro Industries with Tradition and Innovation

Pune, Maharashtra[DATE] – Khomane Agro, a rising star in the Indian FMCG and Agro industries, is making waves with its unique blend of tradition and innovation. Founded in 2022, the company is committed to delivering premium products while empowering farmers and bolstering India's agricultural economy.

Championing Sustainable Practices and Farmer Partnerships

Khomane Agro stands out for its dedication to quality, sustainability, and collaboration. They have forged partnerships with over 10,000 farmers across India, championing organic and fresh ingredient sourcing. The company actively works with visionary farmers who share their passion for innovation and experimentation in crop management practices. This approach ensures not only the highest quality ingredients but also supports sustainable farming methods.

A Fusion of Tradition and Modernity

Khomane Agro isn't just about revolutionizing agricultural practices; they're also redefining the way consumers experience traditional Indian flavors. Their product range offers a delightful fusion of time-tested recipes and modern convenience:

  • Chutneys
  • Masalas
  • Snacks
  • Jaggery
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Jun 20 2024, 13:18

Canada's Parliament holds a moment of silence in the memory of Khalistani terrorist Hardeep Singh Nijjar on his death anniversary..
Even Pakistan hesitates from doing such activities openly but Canada... Is it officially a terr0rist country?

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Jan 17 2024, 15:31

स्टडी के लिए कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में आई भारी गिरावट, जानें मोहभंग के पीछे की वजह

#indianstudentsskippingcanadaamidpoliticalrow

भारत और कनाडा के संबंध पहले जैसे नहीं है। निज्जर की हत्या के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयान के बाद से भारत-कनाडा के राजनयिक संबंध तल्ख हो गए हैं।कुछ महीनों पहले दोनों देशों के बीच बिगड़े संबंधों में अभी भी सुधार नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास का असर कई सेक्टर्स में दिख रहा है। दोनों देशों के बीच संबंधों में बढ़ती दूरी भारतीय स्टूडेंट्स का रुख भी बदल गया है।पहले हर साल बड़ी संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ने के लिए कनाडा जाते थे। पर जब से भारत और कनाडा के बीच विवाद हुआ है, तब से पढ़ने के लिए कनाडा जाने वाले भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या में कमी हो गई है।

कनाडा जा कर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 86% तक की कमी आई है।पिछले साल जुलाई से सितंबर के बीच 1 लाख 8 हजार से ज्यादा भारतीय बच्चों को स्टडी परमिट दिया गया। वहीं, अक्टूबर से दिसंबर के बीच सिर्फ 14, 910 भारतीय बच्चों ने स्टडी परमिट के लिए आवेदन किया। इस तरह छात्रों की संख्या में 86 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।

छात्रों की संख्या में 86 फीसदी तक गिरावट

कनाडा के इमिग्रेशन मिनिस्टर मार्क मिलर ने कहा- कनाडा की तरफ से भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले स्टडी परमिटों की संख्या में तेजी से गिरावट आई। 2023 की आखिरी तिमाही में ये गिरावट 86 फीसदी तक चली गई। कनाडा में सिख आतंकी की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच हुए राजनयिक विवाद के चलते कम भारतीय छात्रों ने आवेदन किया है। यह संख्या जल्द ही बढ़ने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

भारत-कनाडा के रिश्ते प्रभावित हुए

मंत्री मार्क मिलर ने कहा, भारत के साथ हमारे रिश्ते प्रभावित हुए हैं और उसके चलते नए आवेदनों को मंजूरी देने की क्षमता भी हमारी आधी ही रह गई है। अब कनाडा के 21 अधिकारी ही भारत में काम कर रहे हैं। भारत का स्टाफ कनाडा में पहले से ही कम था। डिप्लोमैट्स नहीं होने के कारण स्टूडेंट्स को कनाडा में पढ़ाई से जुड़ी कई जानकारियां नहीं मिल पाईं। बता दें कि 18 सितंबर 2023 को कनाडा ने भारत पर आतंकी निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था। भारत ने आरोप को खारिज करते हुए 41 कनाडाई डिप्लोमैट्स को वापस जाने के लिए कहा था। 20 अक्टूबर को कनाडा ने अपने 62 में से 41 डिप्लोमैट्स को भारत से हटा दिया था।

भारतीय छात्रों के जाने से भरता रहा है कनाडा का खजाना

बता दें कि 2022 में कनाडा जाने वाले कुल छात्रों में 41 फीसदी भारतीय (2,25,835 छात्र) थे। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के जाने से कनाडा की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। अनुमान के मुताबिक सालाना लगभग 22 बिलियन कनाडाई डॉलर यानी 16.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई होती है। भारतीय राशि में इतनी रकम 13.64 खरब रुपये होती है।

खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश की संसद में भारत पर आरोप लगाया था। वहीं भारत ने इस आरोप को बेबुनियाद और बेतुका बताया था। इसी के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास पड़ गई थी।