भाजपा की तैयारी देख सपा प्रमुख के हौसले अभी से पस्त : कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय

- कान्वेंट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे यूपी के मॉडल स्कूल, मनोज पांडेय ने अखिलेश को दिखाया आईना

- 2017 और 2022 की तरह इस बार भी टूटेगा अखिलेश का अहंकार, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा का सपा पर तीखा वार

- सपने देखने में टिकट नहीं लगता, अखिलेश के सत्ता में वापसी के दावों पर मंत्री जेपीएस राठौर का तंज

- अंगद की तरह पैर जमाकर खड़े हैं BJP कार्यकर्ता, 2027 में सपा का सफाया तय: जेपीएस राठौर

लखनऊ, 30 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर यूपी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले ही सपा प्रमुख के हौसले पस्त हो गए हैं। इसलिए वो अभी से ऊल जलूल के बयान दे रहे हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने भी अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि 2027 में यूपी की जनता सपा के अहंकार को तोड़ेगी। मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि अब अखिलेश यादव को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए तीसरी बार बंपर बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाएगा।

मनोज पांडेय ने कहा कि MLC चुनाव में बीजेपी ने छह सीटें जीती हैं। लेकिन अखिलेश यादव ऐसे बयान दे रहे हैं, जैसे उनकी नींद उड़ गई हो। मनोज पांडेय ने कहा कि यूपी में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। प्रदेश में ऐसे मॉडल स्कूल बने हैं, जो कान्वेंट स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। लेकिन सपा को ये विकास दिखाई नहीं देता है। उन्हें अपने शासनकाल की याद करनी चाहिए जब स्कूलों का बुरा हाल था। उन्होंने परोक्ष रूप से अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कुछ लोगों को मानसिक विकार है, तो उसे डॉक्टर ही दूर कर सकता है।

- एके शर्मा बोले- 2027 में भी टूटेगा अखिलेश का अहंकार

एके शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव अहंकार से भरे हुए हैं। उनका अहंकार यूपी की जनता 2017 और 2022 की तरह ही 2027 में भी तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में जितने रोजगार के अवसर पैदा हुए और जितनी शिक्षण संस्थाओं का विकास हुआ, उतना किसी अन्य पार्टी के शासनकाल में नहीं हुआ। उन्होंने आईआईटी, एम्स, विश्वविद्यालयों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के शासनकाल में सबसे ज्यादा काम हुआ है।

- जेपीएस राठौर बोले- सपा का सफाया तय

जेपीएस राठौर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपने देखने में कोई टिकट नहीं लगता, इसलिए वे सपने देखते रहें। उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता अंगद की तरह पैर जमाकर खड़ा है। इस बार यूपी में सपा का सफाया तय है।

विपक्षी नेताओं को रोने की बीमारी, जनादेश स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी कर रहे: विजय लक्ष्मी गौतम

- मंत्री ने कहा- भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं, नींद हमारी नहीं बल्कि विपक्ष की उड़ी है

- एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुईं, योगी जी तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री: राज्यसभा सांसद बृज लाल

लखनऊ, 30 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों पर विधान परिषद चुनावों का कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुई है, समाजवादी पार्टी बेमतलब हो-हल्ला कर रही है।

- महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम सबसे अधिक भाजपा ने किया

मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि भाजपा में महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट देने और आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी आ चुका है। संगठन में भी महिलाओं और बहनों को 50 प्रतिशत तक स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य दल भी इसका अनुसरण करें। अखिलेश यादव द्वारा एमएलसी चुनाव पर दिए गए बयान पर विजय लक्ष्मी ने कहा कि जनता और शिक्षकों का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी हार और जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वह रोने की बीमारी से ग्रसित हैं।

- MLC चुनाव नतीजों से BJP की नींद उड़ने के दावों पर पलटवार

अखिलेश यादव द्वारा भाजपा की नींद उड़ने वाले बयान पर विजय लक्ष्मी ने पलटवार करते हुए कहा कि नींद उड़ाने का दावा करने वाले खुद सोना बंद कर चुके हैं। भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार बनाएगी।

- योगी आदित्यनाथ तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री : बृज लाल

वहीं राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा है कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की कोई सीट कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बनी रणनीति के आधार पर 2027 के विधानसभा चुनाव में हम जीत हासिल करेंगे। योगी आदित्यनाथ तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

पटना में खरगे की टिप्पणी पर भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, डाक बंगला चौराहे पर पुतला दहन* *




*पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी से भड़का आक्रोश,संजय सरावगी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे, कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी*


*संजय सरावगी का कांग्रेस पर हमला: हताशा में मर्यादा भूल रही कांग्रेस जनता देगी करारा जवाब* *प्रधानमंत्री के परिवार पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, कांग्रेस को राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा: संजय सरावगी* *



कांग्रेस और महागठबंधन की हार की खीझ बयानों में दिख रही है : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष* पटना, 26 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में आज बिहार भाजपा ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए खरगे का पुतला दहन किया। इस दौरान पुतले को थप्पड़ मारकर विरोध जताने के बाद उसमें आग लगा दी गई। भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथों में कांग्रेस और राहुल गांधी के विरोध से संबंधित नारे लिखी तख्तियां और पोस्टर भी थे। प्रदेश भाजपा कार्यालय के पास बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने आयकर गोलंबर होते हुए डाक बंगला चौराहे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद वहां कांग्रेस नेताओं का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, विधायक एवं मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री की राजनीति से असहमति हो सकती है, लेकिन उनके दिवंगत माता-पिता के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता जी के बारे में पहले भी बिहार की धरती पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया था। उन्हें याद है कि उनके गृह जिले दरभंगा में भी प्रधानमंत्री की माता जी के खिलाफ अपशब्द कहे गए थे। संजय सरावगी ने कहा कि अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के पवित्र मंच का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। दशकों पहले दिवंगत हो चुके व्यक्ति के प्रति इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध है। बिहार की जनता ऐसी भाषा को बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन को जनता ने जिस तरह नकारा है, उससे इन दलों की हताशा उनके बयानों में दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक मंचों से जनता के मुद्दों पर बात करने के बजाय कांग्रेस नेता अमर्यादित टिप्पणियों के जरिए अपनी खीझ निकाल रहे हैं। सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश का नेतृत्व करते हैं और उनके पद की गरिमा के साथ-साथ उनके परिवार के प्रति भी सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ पहले भी 'मौत का सौदागर' और 'नीच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया तथा उनकी गरीब पृष्ठभूमि को लेकर भी टिप्पणियां की गईं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता ऐसे बयानों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और कांग्रेस को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा। संजय सरावगी ने कहा कि बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की जयंती जैसे गरिमामय अवसर पर प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादा का उल्लंघन उचित नहीं है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी। प्रदर्शन में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव,मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया,विधायक रत्नेश कुशवाहा, संजय गुप्ता, निशा सिंह, गायत्री देवी, निवेदिता सिंह, जनक राम, कविता पासवान, राम नारायण मंडल, कृष्ण कुमार ऋषि, विजय खेमका, राजू सिंह, प्रदेश महामंत्री धनराज शर्मा, प्रीति शेखर, नितिन अभिषेक, सरोज रंजन पटेल और पटना महानगर अध्यक्ष रूपनारायण मेहता सहित अनेक प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष और सैंकड़ों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए। [27/10, 3:01 pm] Bjp Danish J: *'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत बिहार में भाजपा निकालेगी पदयात्रा : संजय सरावगी* *28 अक्टूबर को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे पदयात्रा की शुरुआत, भाजपा के दिग्गज नेता भी होंगे शामिल* *प्रथम चरण में 10 कमिश्नरी मुख्यालयों और दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों में होंगे कार्यक्रम: संजय सरावगी* *कांग्रेस और घमंडिया गठबंधन गढ़ रही झूठा नैरेटिव, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की राजनीति का होगा विरोध: संजय सरावगी* पटना, 27 अक्टूबर। बिहार भाजपा विपक्ष पर झूठा नैरेटिव सेट करने के विरोध में अब 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चलाएगी। इसके तहत प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक लोगो को हकीकत से रूबरू कराया जाएगा। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस और घमंडिया गठबंधन पूरे देश में झूठा नैरेटिव स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में यह कार्यक्रम पांच नवंबर तक पूरे देश में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में भी इस अभियान को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और विपक्ष की राजनीति का जवाब देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस हमेशा ऐसे मुद्दों को उठाती रही है, जिन्हें देश की आम जनता पहले ही नकार चुकी है। वह संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया के खिलाफ भी कांग्रेस लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान आवश्यक है, लेकिन कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए संस्थाओं पर सवाल खड़े करने की राजनीति कर रही है। भाजपा इस तरह की राजनीति के खिलाफ जनता के बीच जाएगी और तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी। संजय सरावगी ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 28 अक्टूबर से बिहार के 10 कमिश्नरी मुख्यालयों में बड़े पैमाने पर पदयात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसकी शुरुआत पटना से होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 28 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा से कारगिल चौक तक पदयात्रा करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह लगभग 11 से 11:30 बजे के बीच शुरू होगा। इस पदयात्रा के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और विपक्ष की कथित भ्रामक राजनीति के खिलाफ अपनी बात जनता तक पहुंचाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरे बिहार में विस्तार दिया जाएगा। पहले चरण में सभी 10 कमिश्नरी मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक जिला मुख्यालय में भी पदयात्रा और अन्य गतिविधियों के माध्यम से जनता के बीच पहुंचा जाएगा। भाजपा का उद्देश्य लोकतंत्र के प्रति जनविश्वास मजबूत करना और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की राजनीति के संबंध में जनता को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता पूरे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
ব্যারাকপুরে বিজেপির অন্তর্দ্বন্দ্ব প্রকাশ্যে, অর্জুন সিং-কে নিশানা করে বিস্ফোরক কৌস্তভ বাগচী


*ব্যারাকপুর* : উত্তর ২৪ পরগনার ব্যারাকপুর শিল্পাঞ্চলে বিজেপির গোষ্ঠীকোন্দল এবার প্রকাশ্যে। মন্ত্রী অর্জুন সিং-এর মঞ্চে টিটাগড়ের বিজেপি নেতা মণীশ শুক্লা হত্যা মামলায় অভিযুক্তদের উপস্থিতি নিয়ে সরব হলেন ব্যারাকপুরের বিজেপি বিধায়ক কৌস্তভ বাগচী।

সোমবার একটি সাংবাদিক বৈঠক করে কৌস্তভ অভিযোগ করেন, মণীশ শুক্লা হত্যায় যাদের নাম জড়িয়েছে তারাই এখন দলের একাংশের সঙ্গে মঞ্চ শেয়ার করছেন। বেশ কয়েকটি ছবিও তিনি সাংবাদিকদের সামনে তুলে ধরেন।

যদিও সরাসরি কারও নাম নেননি, তবে তাঁর ইঙ্গিত স্পষ্ট। কৌস্তভ বলেন, "আমাদের কিছু লোকের সঙ্গে মণীশের হত্যাকারীদের দেখা যাচ্ছে, এটা দেখতে ভালো লাগছে না।"

এদিন আরও আক্রমণাত্মক মেজাজে দেখা যায় ব্যারাকপুরের বিধায়ককে। তিনি হুঁশিয়ারি দিয়ে বলেন, "উত্তম দাস এবং প্রশান্ত চৌধুরীকে বিজেপিতে ঢুকতে দেব না।"

নিজের রাজনৈতিক অবস্থানের কথা বলতে গিয়ে তিনি পুরনো প্রসঙ্গ টানেন। বলেন, "সাড়ে তিন বছর মাথা কামিয়ে রেখেছিলাম, বলেছিলাম মমতা সরকার না গেলে চুল রাখব না। আমার দৃঢ়তা সবাই জানে। প্রয়োজনে রাজ্য বিজেপি অফিসের সামনে গায়ে কেরোসিন ঢেলে আগুন লাগিয়ে দেব।"

অন্যদিকে, এই বিষয়ে প্রতিক্রিয়া জানতে চাওয়া হলে অর্জুন সিং সংক্ষেপে বলেন, "আমি জানি কীভাবে রাজনীতি করতে হয়।"

উল্লেখ্য, ২০২০ সালে টিটাগড়ে দলীয় কার্যালয়ের সামনে গুলি করে খুন করা হয় বিজেপি নেতা মণীশ শুক্লাকে। সেই ঘটনায় বাইরে থেকে সুপারি কিলার আনার অভিযোগ উঠেছিল।

কৌস্তভ জানিয়েছেন, মামলাটি নতুন করে কীভাবে এগিয়ে নিয়ে যাওয়া যায়, তা নিয়ে তিনি বিরোধী দলনেতা শুভেন্দু অধিকারী, মুখ্যসচিব, রাজ্য পুলিশের ডিজি, সিআইডি এবং ব্যারাকপুর পুলিশ কমিশনারকে চিঠি দেবেন।

এই ঘটনার পর প্রশ্ন উঠছে, বিজেপির এই অন্তর্কলহ কি আরও বাড়বে, নাকি দলীয় হস্তক্ষেপে তা থামবে?

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Mirzapur: भाकियू ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में एसआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
मीरजापुर। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में एसआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन के क्रम में भारतीय किसान यूनियन जनपद मिर्जापुर द्वारा जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय चुनार में राष्ट्रपति को नामित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि
भारत में लोकतंत्र और सभी नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए किसान एकजुट हो रहे हैं। हमारी मांग है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को तुरंत रद्द किया जाए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उन पर मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, बिना किसी पारदर्शिता के सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल किया जाए। इसके  अलावा, 2023 के अधिनियम में संशोधन किया जाए और चयन पैनल में कैबिनेट मंत्री की जगह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाए।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने कहा, "किसान व्यापक चुनावी सुधारों की भी मांग करते हैं, ताकि 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' (proportional representation) लागू हो सके, धनबल और बाहुबल पर रोक लगे, और चुनावों के लिए 'राज्य द्वारा फंडिंग' (state funding) को कानूनी रूप दिया जा सके।"
कहा ज्ञानेश कुमार ने अपनी संवैधानिक शपथ का उल्लंघन किया है, इसलिए उन पर मुकदमा चलना चाहिए। आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को बचा रहे हैं। इस CEC ने सत्ताधारी पार्टी (BJP) को सत्ता में बनाए रखने में मदद करने के लिए, असली नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने जैसा गंभीर अपराध किया है। नियमों की किताब (rulebook) को औपचारिक रूप से बदलने का अधिकार केवल संसद के पास है। जब तक संसद CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग (impeachment) नहीं चलाती, तब तक प्रधानमंत्री अपनी कैबिनेट के सामने खड़े इस गंभीर संवैधानिक संकट से बाहर नहीं निकल सकते।

किसान, SIR के मुद्दे पर विरोध कर रहे लोगों (विशेषकर छात्रों और युवाओं) का समर्थन करते हैं। आज, 23 अक्टूबर 2026 को, पूरे भारत में जिला, तहसील मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस और RSS-BJP से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों (जिनमें युवा महिला छात्राएं भी शामिल हैं) के साथ किए गए क्रूर दमन और अत्याचार के खिलाफ है। इसके जरिए हम कड़ी चेतावनी भी देना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस और RSS-BJP से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा महिला छात्रों और पत्रकारों का यौन उत्पीड़न पूरे देश के लिए चौंकाने वाला और शर्मनाक है। अगर मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों पर हमले जारी रखती है, तो किसानों को उनकी सुरक्षा के लिए आगे आना पड़ेगा। हम आपसे मांग करते हैं कि आप तुरंत जांच शुरू करें, दोषियों को गिरफ्तार करें और वर्दीधारी तथा असामाजिक तत्वों, दोनों तरह के ऐसे जघन्य अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
अन्य वक्ताओं ने कहा, विरोध प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है, और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला करना संविधान और कानून के शासन के खिलाफ है। हम न्यायपालिका (जिसमें सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है) की कड़ी आलोचना करते हैं कि उसने राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रहे व्यापक अपराधों पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) नहीं लिया। भारत में कोई भी कानून या नियम पुलिस को नागरिकों को "हाउस अरेस्ट" (नज़रबंद) में रखने की अनुमति नहीं देता है। लेकिन गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर आपकी सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर रही है, खासकर उन राज्यों में जहां "डबल इंजन सरकारें" हैं। जहां पुलिस निजी घरों में घुसकर राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से "हाउस अरेस्ट" कर रही है, ताकि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार से वंचित किया जा सके। यह भारत के संविधान द्वारा दिए गए लोगों के मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। आपकी सरकार ने भारत को एक 'पुलिस स्टेट' (पुलिस राज्य) बना दिया है। हम इस 'राज्य प्रायोजित आतंक' (state terror) का कड़ा विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि नागरिकों की निजता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन को रोकने के लिए आप तुरंत कदम उठाएं।

सभा के दौरान इसके अतिरिक्त जनपद स्तरीय मुख्य समस्याओं को भी उठाते हुए कहा की प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे जो जनहित में नहीं है उसे निरस्त किया जाए, और अहरौरा में अस्थाई टोल प्लाजा जो डीपीआर में भी नहीं है और उसका लीकेज भी बंद हो चुका है उसको तत्काल हटाया जाए और चुनार अंतर्गत ढाब क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों शिवपुर,चित्रहा, जलालपुर माफी, बगही व अन्य गांव में बाढ़ से कटान रोकने का उचित प्रबंध किया जाए।
किसान नेताओं ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उम्मीद जताई है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और बिना किसी देरी के उचित कदम उठाए जाएंगे। धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह, मंडल अध्यक्ष अनिल सिंह, जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह, मंडल उपाध्यक्ष परशुराम मौर्य, स्वामी दयाल सिंह जिला कोषाध्यक्ष, प्रदीप कुमार सिंह, राम महाल सिंह, सावित्री देवी जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा, मुन्नू प्रसाद गुप्ता, जमुना प्रसाद सिंह, बबलू , संतोष कुमार सिंह, रामशरण सिंह, श्याम केर पाल, चूल्हन बिंद, राम राज, नंदलाल भारती, मुलायम यादव, हृदय शर्मा व अन्य लोग उपस्थित रहे।
আগরপাড়ায় ইয়ং ম্যানস অ্যাসোসিয়েশনের দুর্গাপুজোর উদ্বোধনে মিঠুন চক্রবর্তী*

*নিজস্ব সংবাদদাতা, ব্যারাকপুর:* শুভ চতুর্থীর পূর্ণ লগ্নে আগরপাড়া 'আমরা সবাই ইয়ং ম্যানস অ্যাসোসিয়েশন'-এর ৫১তম বর্ষের দুর্গাপুজোর শুভ উদ্বোধন হল। ফিতে কেটে ও প্রদীপ প্রজ্জ্বলন করে পুজোর সূচনা করেন বিজেপি নেতা ও বলিউড অভিনেতা মিঠুন চক্রবর্তী।এদিন উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন রাজ্য বিধানসভার অধ্যক্ষ রথীন্দ্রনাথ বসু, পুজো কমিটির প্রধান উদ্যোক্তা চণ্ডীচরণ রায় সহ অন্যান্য বিশিষ্টজনেরা।

অভিনেতাকে এক ঝলক দেখতে ও তাঁর মুখে জনপ্রিয় সিনেমার সংলাপ শুনতে ভিড় জমান বহু অনুরাগী। অনুরাগীদের অনুরোধে মঞ্চ থেকেই তাঁর অভিনীত বাংলা ছবির একাধিক জনপ্রিয় ডায়লগ শোনান মিঠুন। যা ঘিরে উপস্থিত দর্শকদের মধ্যে উচ্ছ্বাস ছড়িয়ে পড়ে।
অনুষ্ঠান শেষে সাংবাদিকদের প্রশ্নের উত্তরে শিলিগুড়িতে হিন্দু জাগরণ মঞ্চের 'হিন্দুদের দোকান থেকে পুজোর সামগ্রী বা বিরিয়ানি কিনুন' - এই পোস্টার বিতর্ক নিয়ে প্রতিক্রিয়া জানতে চাওয়া হয় মিঠুন চক্রবর্তীর কাছে।জবাবে তিনি বলেন, 'যে যেরকম ভাবে ভাববে, সেভাবে দেশ চলবে। ওরা যদি ভেবে থাকে হবে।'

*ছবি: উৎপল দাস।*

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राहुल गांधी ने गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का मारा', बीजेपी का बड़ा आरोप

#bjpclaimsrahulgandhipushedpregnantfemale_journalist

बीजेपी ने दिल्ली में कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान राहुल गांधी पर एक प्रेग्नेंट महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया है। बीजेपी के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि मार्च के दौरान राहुल ने गर्भवती महिला पत्रकार संग बदसलूकी की। बीजेपी ने महिला पत्रकार संग बदसलूकी वाले वीडियो भी शेयर किया है।

बीजेपी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी की। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीजेपी ने अस्पताल में भर्ती महिला पत्रकार का एक वीडियो भी एक्स अकाउंट पर शेयर किया है, जिसमें उसने रोते हुए कांग्रेस सांसद पर बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया।

महिला पत्रकार के दुर्व्यवहार का आरोप

बीजेपी विधायक उमंग बजाज ने मीडिया से कहा कि रात 10 बजे उन्हें जानकारी मिली कि महिला पत्रकार रिचा पराशर के साथ दुर्व्यवहार हुआ है। उनसे मिलने के लिए बजाज अस्पताल पहुंचे। उनके साथ बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी, राजेश भाटिया और स्थानीय मंडल अध्यक्ष भी थे। उन्होंने पत्रकार की हालत का जायजा लेने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। बजाज ने इस कथित घटना की निंदा करते हुए पोस्ट किया, “जो व्यक्ति ‘पितृसत्ता को तोड़ने’ की बात करता है, वह एक महिला पत्रकार के साथ, जो सिर्फ अपना काम कर रही थी, ऐसा व्यवहार कैसे कर सकता है? मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।”

महिला पत्रकार ने सुनाई आपबीती

वहीं, महिला पत्रकार ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने खुद उनके कंधे से पकड़ा, फिर उन्हें जोर से खींचा जिससे वह जमीन पर गिड़ गईं और उनके ऊपर भी 4 से 5 लोग गिर गए। वह उनसे कोई सवाल भी नहीं पूछ रही थीं; वह बस विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पत्रकार की मदद के लिए कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता आगे नहीं आया और इसके बजाय उन पर आरोप लगाने की कोशिश की।

दिल्ली में विपक्ष का आंदोलन

बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में कई दिनों से सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। सोमवार को विपक्षी नेता और समर्थक दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ निकाल रहे थे। मार्च का नेतृत्व राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर रहे थे। इसमें प्रियंका गांधी वाड्रा, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई नेता डी. राजा सहित इंडिया गठबंधन के कई नेता शामिल थे।

विपक्षी नेताओं से मिलने से सीजेआई सूर्यकांत का इनकार, अब होगा राहुल गांधी का अगला कदम?

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक बड़ा झटका लगा है। खबर है कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया है। बता दें कि राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मसले पर चर्चा के लिए सोमवार को मुलाकात का समय मांगा था।

सीजेआ ने बताई मुलाकात से इनकार की वजह

जानकारी के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने ईमेल के जरिए विपक्षी नेताओं को अपना जवाब भेजा है। इसमें उन्होंने मुलाकात से इनकार करने की वजहें भी बताई हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कांग्रेस को भेजे अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट अपने प्रशासनिक पक्ष से सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप करने के लिए निर्देश जारी नहीं कर सकता। बता दें कि कांग्रेस नेता जिन मुद्दों को उठाना चाहते थे, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट मार्च का ऐलान

इससे पहले रविवार को राहुल गांधी ने कहा था कि विपक्षी दल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। वे सीजेआई को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। राहुल गांधी ने कहा था, "कल दिल्ली में देश का युवा शांतिपूर्ण विरोध के लिए सड़कों पर उतरा। उनके दिलों में नफरत या गुस्सा नहीं, मोहब्बत थी। लेकिन उन्हें पुलिस और BJP के गुंडों, दोनों ने पीटा। ऐसा भारत हम नहीं चाहते। कल, सोमवार 12 अक्टूबर को, हम भारतीय होने के नाते सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय और राज्य की हर दीवार से ऊपर उठकर, हम सब एक साथ चलेंगे।"

উৎসবের আগে মানবিক মুখ বিজেপির, পানিহাটিতে ১০ টাকার বস্ত্র বাজার — প্রশংসায় সুকান্ত মজুমদার

*নিজস্ব সংবাদদাতা,পানিহাটি:* উৎসবের মরসুমের আগে মানবিক উদ্যোগ বিজেপির। উত্তর কলকাতা শহরতলি জেলার উদ্যোগে পানিহাটিতে শুরু হল ১০ টাকার বস্ত্র বাজার। যেখানে মাত্র ১০ টাকার কুপনের বিনিময়ে পছন্দের পোশাক কিনতে পারছেন গরিব ও অর্থনৈতিকভাবে পিছিয়ে পড়া মানুষরা।এই অভিনব উদ্যোগকে সাধুবাদ জানালেন বিজেপি সাংসদ তথা কেন্দ্রীয় প্রতিমন্ত্রী সুকান্ত মজুমদার।

সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে তিনি বলেন,"আমাদের কর্মী ও নেতৃত্ব প্রায় ৭০০০ পোশাক সংগ্রহ করেছে। এখানে বাচ্চাদের জামা, মহিলাদের শাড়ি এবং পুরুষদের পোশাক রয়েছে। মানুষ ১০ টাকার কুপন নিয়ে নিজের পছন্দমতো যে কোনো পোশাক বেছে নিতে পারবেন। এটি একটি অভিনব উদ্যোগ।"

তিনি আরও বলেন, "বিজেপির আদর্শ হল 'সেবাই সংগঠন' এবং অন্ত্যোদয় - সমাজের শেষ সারির মানুষের পাশে দাঁড়ানো। অন্য দলগুলিকে শুধু ভোটের আগে দেখা যায়, কিন্তু বিজেপি ভোট না থাকলেও মানুষের পাশে থাকে। গরিব মানুষের মুখে হাসি ফোটানোই আমাদের লক্ষ্য। তারা বিনামূল্যে নিচ্ছেন না, ১০ টাকা দিয়ে সম্মানের সঙ্গে নিচ্ছেন।"

রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর সেবা কার্যে অনুপ্রাণিত হয়ে পানিহাটির বিক্রম, অমিত, সুমন এবং শুভঙ্কর যৌথভাবে প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদীর জন্ম মাসে সেবা কার্যের অঙ্গ হিসেবেই ১০ টাকায় পুজোর কেনাকাটার ব্যবস্থা করেছেন। এখানে আর্থিকভাবে পিছিয়ে পড়া মানুষেরা কেনা কাটা করতে পারবেন। ৮ ই অক্টোবর থেকে শুরু হওয়া এই শপিংমল চলবে ১২ অক্টোবর পর্যন্ত। বৃহস্পতিবার বিশেষ এই উদ্যোগের সূচনা করেন কেন্দ্রীয় শিক্ষা প্রতিমন্ত্রী সুকান্ত মজুমদার। এছাড়াও  উপস্থিত ছিলেন  বিজেপি কলকাতা উত্তর শহরতলী সাংগঠনিক জেলা সভাপতি চন্ডীচরণ রায়,বিজেপির যুব মোর্চার নেতা জয় সাহা অন্যান্য নেতৃবৃন্দ।স্থানীয় বাসিন্দারা এই উদ্যোগকে স্বাগত জানিয়েছেন।
*ছবি: উৎপল দাস*।

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পানিহাটিতে বিজেপির প্রেস ব্রিফ, তৃণমূলকে নিশানা নিতীন নবীনের

*উৎপল দাস,পানিহাটি, উত্তর ২৪ পরগনা:* উত্তর ২৪ পরগনার পানিহাটিতে লোকসংস্কৃতি ভবনে এক অনুষ্ঠানে এসেছিলেন বিজেপির সর্বভারতীয় কার্যকরী সভাপতি নিতীন নবীন। এদিন সাংবাদিক সম্মেলনে নিতীন নবীন বলেন, "পশ্চিমবঙ্গে যে পরিস্থিতি তৈরি হয়েছে, তা সবার সামনে এসেছে। প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় এবং তাঁর ভাইপো প্রতিবার হারলেই EVM নিয়ে প্রশ্ন তোলেন, আর জিতলেই EVM ঠিক হয়ে যায়। এটা দ্বিচারিতা। নির্বাচন কমিশন নিরপেক্ষভাবে তার কাজ করছে। বাংলার মানুষ সব দেখছে, আসন্ন নির্বাচনেও তার জবাব দেবে।"
এদিনের এই সাংবাদিক সম্মেলনে তাঁর পাশেই উপস্থিত ছিলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। উপস্থিত ছিলেন রাজ্যের মন্ত্রী অগ্নি মিত্রা পাল ,বিজেপি মহিলা মোর্চার নেত্রী লকেট চট্টোপাধ্যায়।প্রশ্নোত্তর পর্ব ছাড়াই ব্রিফিং শেষ করে নেতারা রওনা দেন। # NitinNabin #Panihati #North24Parganas #BJP #WestBengal #EVM
भाजपा की तैयारी देख सपा प्रमुख के हौसले अभी से पस्त : कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय

- कान्वेंट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे यूपी के मॉडल स्कूल, मनोज पांडेय ने अखिलेश को दिखाया आईना

- 2017 और 2022 की तरह इस बार भी टूटेगा अखिलेश का अहंकार, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा का सपा पर तीखा वार

- सपने देखने में टिकट नहीं लगता, अखिलेश के सत्ता में वापसी के दावों पर मंत्री जेपीएस राठौर का तंज

- अंगद की तरह पैर जमाकर खड़े हैं BJP कार्यकर्ता, 2027 में सपा का सफाया तय: जेपीएस राठौर

लखनऊ, 30 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर यूपी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले ही सपा प्रमुख के हौसले पस्त हो गए हैं। इसलिए वो अभी से ऊल जलूल के बयान दे रहे हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने भी अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि 2027 में यूपी की जनता सपा के अहंकार को तोड़ेगी। मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि अब अखिलेश यादव को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए तीसरी बार बंपर बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाएगा।

मनोज पांडेय ने कहा कि MLC चुनाव में बीजेपी ने छह सीटें जीती हैं। लेकिन अखिलेश यादव ऐसे बयान दे रहे हैं, जैसे उनकी नींद उड़ गई हो। मनोज पांडेय ने कहा कि यूपी में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। प्रदेश में ऐसे मॉडल स्कूल बने हैं, जो कान्वेंट स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। लेकिन सपा को ये विकास दिखाई नहीं देता है। उन्हें अपने शासनकाल की याद करनी चाहिए जब स्कूलों का बुरा हाल था। उन्होंने परोक्ष रूप से अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कुछ लोगों को मानसिक विकार है, तो उसे डॉक्टर ही दूर कर सकता है।

- एके शर्मा बोले- 2027 में भी टूटेगा अखिलेश का अहंकार

एके शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव अहंकार से भरे हुए हैं। उनका अहंकार यूपी की जनता 2017 और 2022 की तरह ही 2027 में भी तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में जितने रोजगार के अवसर पैदा हुए और जितनी शिक्षण संस्थाओं का विकास हुआ, उतना किसी अन्य पार्टी के शासनकाल में नहीं हुआ। उन्होंने आईआईटी, एम्स, विश्वविद्यालयों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के शासनकाल में सबसे ज्यादा काम हुआ है।

- जेपीएस राठौर बोले- सपा का सफाया तय

जेपीएस राठौर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपने देखने में कोई टिकट नहीं लगता, इसलिए वे सपने देखते रहें। उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता अंगद की तरह पैर जमाकर खड़ा है। इस बार यूपी में सपा का सफाया तय है।

विपक्षी नेताओं को रोने की बीमारी, जनादेश स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी कर रहे: विजय लक्ष्मी गौतम

- मंत्री ने कहा- भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं, नींद हमारी नहीं बल्कि विपक्ष की उड़ी है

- एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुईं, योगी जी तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री: राज्यसभा सांसद बृज लाल

लखनऊ, 30 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों पर विधान परिषद चुनावों का कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुई है, समाजवादी पार्टी बेमतलब हो-हल्ला कर रही है।

- महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम सबसे अधिक भाजपा ने किया

मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि भाजपा में महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट देने और आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी आ चुका है। संगठन में भी महिलाओं और बहनों को 50 प्रतिशत तक स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य दल भी इसका अनुसरण करें। अखिलेश यादव द्वारा एमएलसी चुनाव पर दिए गए बयान पर विजय लक्ष्मी ने कहा कि जनता और शिक्षकों का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी हार और जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वह रोने की बीमारी से ग्रसित हैं।

- MLC चुनाव नतीजों से BJP की नींद उड़ने के दावों पर पलटवार

अखिलेश यादव द्वारा भाजपा की नींद उड़ने वाले बयान पर विजय लक्ष्मी ने पलटवार करते हुए कहा कि नींद उड़ाने का दावा करने वाले खुद सोना बंद कर चुके हैं। भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार बनाएगी।

- योगी आदित्यनाथ तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री : बृज लाल

वहीं राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा है कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की कोई सीट कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बनी रणनीति के आधार पर 2027 के विधानसभा चुनाव में हम जीत हासिल करेंगे। योगी आदित्यनाथ तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

पटना में खरगे की टिप्पणी पर भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, डाक बंगला चौराहे पर पुतला दहन* *




*पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी से भड़का आक्रोश,संजय सरावगी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे, कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी*


*संजय सरावगी का कांग्रेस पर हमला: हताशा में मर्यादा भूल रही कांग्रेस जनता देगी करारा जवाब* *प्रधानमंत्री के परिवार पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, कांग्रेस को राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा: संजय सरावगी* *



कांग्रेस और महागठबंधन की हार की खीझ बयानों में दिख रही है : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष* पटना, 26 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में आज बिहार भाजपा ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए खरगे का पुतला दहन किया। इस दौरान पुतले को थप्पड़ मारकर विरोध जताने के बाद उसमें आग लगा दी गई। भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथों में कांग्रेस और राहुल गांधी के विरोध से संबंधित नारे लिखी तख्तियां और पोस्टर भी थे। प्रदेश भाजपा कार्यालय के पास बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने आयकर गोलंबर होते हुए डाक बंगला चौराहे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद वहां कांग्रेस नेताओं का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, विधायक एवं मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री की राजनीति से असहमति हो सकती है, लेकिन उनके दिवंगत माता-पिता के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता जी के बारे में पहले भी बिहार की धरती पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया था। उन्हें याद है कि उनके गृह जिले दरभंगा में भी प्रधानमंत्री की माता जी के खिलाफ अपशब्द कहे गए थे। संजय सरावगी ने कहा कि अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के पवित्र मंच का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। दशकों पहले दिवंगत हो चुके व्यक्ति के प्रति इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध है। बिहार की जनता ऐसी भाषा को बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन को जनता ने जिस तरह नकारा है, उससे इन दलों की हताशा उनके बयानों में दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक मंचों से जनता के मुद्दों पर बात करने के बजाय कांग्रेस नेता अमर्यादित टिप्पणियों के जरिए अपनी खीझ निकाल रहे हैं। सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश का नेतृत्व करते हैं और उनके पद की गरिमा के साथ-साथ उनके परिवार के प्रति भी सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ पहले भी 'मौत का सौदागर' और 'नीच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया तथा उनकी गरीब पृष्ठभूमि को लेकर भी टिप्पणियां की गईं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता ऐसे बयानों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और कांग्रेस को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा। संजय सरावगी ने कहा कि बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की जयंती जैसे गरिमामय अवसर पर प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादा का उल्लंघन उचित नहीं है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी। प्रदर्शन में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव,मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया,विधायक रत्नेश कुशवाहा, संजय गुप्ता, निशा सिंह, गायत्री देवी, निवेदिता सिंह, जनक राम, कविता पासवान, राम नारायण मंडल, कृष्ण कुमार ऋषि, विजय खेमका, राजू सिंह, प्रदेश महामंत्री धनराज शर्मा, प्रीति शेखर, नितिन अभिषेक, सरोज रंजन पटेल और पटना महानगर अध्यक्ष रूपनारायण मेहता सहित अनेक प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष और सैंकड़ों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए। [27/10, 3:01 pm] Bjp Danish J: *'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत बिहार में भाजपा निकालेगी पदयात्रा : संजय सरावगी* *28 अक्टूबर को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे पदयात्रा की शुरुआत, भाजपा के दिग्गज नेता भी होंगे शामिल* *प्रथम चरण में 10 कमिश्नरी मुख्यालयों और दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों में होंगे कार्यक्रम: संजय सरावगी* *कांग्रेस और घमंडिया गठबंधन गढ़ रही झूठा नैरेटिव, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की राजनीति का होगा विरोध: संजय सरावगी* पटना, 27 अक्टूबर। बिहार भाजपा विपक्ष पर झूठा नैरेटिव सेट करने के विरोध में अब 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चलाएगी। इसके तहत प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक लोगो को हकीकत से रूबरू कराया जाएगा। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस और घमंडिया गठबंधन पूरे देश में झूठा नैरेटिव स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में यह कार्यक्रम पांच नवंबर तक पूरे देश में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में भी इस अभियान को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और विपक्ष की राजनीति का जवाब देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस हमेशा ऐसे मुद्दों को उठाती रही है, जिन्हें देश की आम जनता पहले ही नकार चुकी है। वह संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया के खिलाफ भी कांग्रेस लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान आवश्यक है, लेकिन कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए संस्थाओं पर सवाल खड़े करने की राजनीति कर रही है। भाजपा इस तरह की राजनीति के खिलाफ जनता के बीच जाएगी और तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी। संजय सरावगी ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 28 अक्टूबर से बिहार के 10 कमिश्नरी मुख्यालयों में बड़े पैमाने पर पदयात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसकी शुरुआत पटना से होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 28 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा से कारगिल चौक तक पदयात्रा करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह लगभग 11 से 11:30 बजे के बीच शुरू होगा। इस पदयात्रा के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और विपक्ष की कथित भ्रामक राजनीति के खिलाफ अपनी बात जनता तक पहुंचाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरे बिहार में विस्तार दिया जाएगा। पहले चरण में सभी 10 कमिश्नरी मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक जिला मुख्यालय में भी पदयात्रा और अन्य गतिविधियों के माध्यम से जनता के बीच पहुंचा जाएगा। भाजपा का उद्देश्य लोकतंत्र के प्रति जनविश्वास मजबूत करना और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की राजनीति के संबंध में जनता को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता पूरे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
ব্যারাকপুরে বিজেপির অন্তর্দ্বন্দ্ব প্রকাশ্যে, অর্জুন সিং-কে নিশানা করে বিস্ফোরক কৌস্তভ বাগচী


*ব্যারাকপুর* : উত্তর ২৪ পরগনার ব্যারাকপুর শিল্পাঞ্চলে বিজেপির গোষ্ঠীকোন্দল এবার প্রকাশ্যে। মন্ত্রী অর্জুন সিং-এর মঞ্চে টিটাগড়ের বিজেপি নেতা মণীশ শুক্লা হত্যা মামলায় অভিযুক্তদের উপস্থিতি নিয়ে সরব হলেন ব্যারাকপুরের বিজেপি বিধায়ক কৌস্তভ বাগচী।

সোমবার একটি সাংবাদিক বৈঠক করে কৌস্তভ অভিযোগ করেন, মণীশ শুক্লা হত্যায় যাদের নাম জড়িয়েছে তারাই এখন দলের একাংশের সঙ্গে মঞ্চ শেয়ার করছেন। বেশ কয়েকটি ছবিও তিনি সাংবাদিকদের সামনে তুলে ধরেন।

যদিও সরাসরি কারও নাম নেননি, তবে তাঁর ইঙ্গিত স্পষ্ট। কৌস্তভ বলেন, "আমাদের কিছু লোকের সঙ্গে মণীশের হত্যাকারীদের দেখা যাচ্ছে, এটা দেখতে ভালো লাগছে না।"

এদিন আরও আক্রমণাত্মক মেজাজে দেখা যায় ব্যারাকপুরের বিধায়ককে। তিনি হুঁশিয়ারি দিয়ে বলেন, "উত্তম দাস এবং প্রশান্ত চৌধুরীকে বিজেপিতে ঢুকতে দেব না।"

নিজের রাজনৈতিক অবস্থানের কথা বলতে গিয়ে তিনি পুরনো প্রসঙ্গ টানেন। বলেন, "সাড়ে তিন বছর মাথা কামিয়ে রেখেছিলাম, বলেছিলাম মমতা সরকার না গেলে চুল রাখব না। আমার দৃঢ়তা সবাই জানে। প্রয়োজনে রাজ্য বিজেপি অফিসের সামনে গায়ে কেরোসিন ঢেলে আগুন লাগিয়ে দেব।"

অন্যদিকে, এই বিষয়ে প্রতিক্রিয়া জানতে চাওয়া হলে অর্জুন সিং সংক্ষেপে বলেন, "আমি জানি কীভাবে রাজনীতি করতে হয়।"

উল্লেখ্য, ২০২০ সালে টিটাগড়ে দলীয় কার্যালয়ের সামনে গুলি করে খুন করা হয় বিজেপি নেতা মণীশ শুক্লাকে। সেই ঘটনায় বাইরে থেকে সুপারি কিলার আনার অভিযোগ উঠেছিল।

কৌস্তভ জানিয়েছেন, মামলাটি নতুন করে কীভাবে এগিয়ে নিয়ে যাওয়া যায়, তা নিয়ে তিনি বিরোধী দলনেতা শুভেন্দু অধিকারী, মুখ্যসচিব, রাজ্য পুলিশের ডিজি, সিআইডি এবং ব্যারাকপুর পুলিশ কমিশনারকে চিঠি দেবেন।

এই ঘটনার পর প্রশ্ন উঠছে, বিজেপির এই অন্তর্কলহ কি আরও বাড়বে, নাকি দলীয় হস্তক্ষেপে তা থামবে?

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Mirzapur: भाकियू ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में एसआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
मीरजापुर। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में एसआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन के क्रम में भारतीय किसान यूनियन जनपद मिर्जापुर द्वारा जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय चुनार में राष्ट्रपति को नामित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि
भारत में लोकतंत्र और सभी नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए किसान एकजुट हो रहे हैं। हमारी मांग है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को तुरंत रद्द किया जाए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उन पर मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, बिना किसी पारदर्शिता के सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल किया जाए। इसके  अलावा, 2023 के अधिनियम में संशोधन किया जाए और चयन पैनल में कैबिनेट मंत्री की जगह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाए।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने कहा, "किसान व्यापक चुनावी सुधारों की भी मांग करते हैं, ताकि 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' (proportional representation) लागू हो सके, धनबल और बाहुबल पर रोक लगे, और चुनावों के लिए 'राज्य द्वारा फंडिंग' (state funding) को कानूनी रूप दिया जा सके।"
कहा ज्ञानेश कुमार ने अपनी संवैधानिक शपथ का उल्लंघन किया है, इसलिए उन पर मुकदमा चलना चाहिए। आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को बचा रहे हैं। इस CEC ने सत्ताधारी पार्टी (BJP) को सत्ता में बनाए रखने में मदद करने के लिए, असली नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने जैसा गंभीर अपराध किया है। नियमों की किताब (rulebook) को औपचारिक रूप से बदलने का अधिकार केवल संसद के पास है। जब तक संसद CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग (impeachment) नहीं चलाती, तब तक प्रधानमंत्री अपनी कैबिनेट के सामने खड़े इस गंभीर संवैधानिक संकट से बाहर नहीं निकल सकते।

किसान, SIR के मुद्दे पर विरोध कर रहे लोगों (विशेषकर छात्रों और युवाओं) का समर्थन करते हैं। आज, 23 अक्टूबर 2026 को, पूरे भारत में जिला, तहसील मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस और RSS-BJP से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों (जिनमें युवा महिला छात्राएं भी शामिल हैं) के साथ किए गए क्रूर दमन और अत्याचार के खिलाफ है। इसके जरिए हम कड़ी चेतावनी भी देना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस और RSS-BJP से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा महिला छात्रों और पत्रकारों का यौन उत्पीड़न पूरे देश के लिए चौंकाने वाला और शर्मनाक है। अगर मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों पर हमले जारी रखती है, तो किसानों को उनकी सुरक्षा के लिए आगे आना पड़ेगा। हम आपसे मांग करते हैं कि आप तुरंत जांच शुरू करें, दोषियों को गिरफ्तार करें और वर्दीधारी तथा असामाजिक तत्वों, दोनों तरह के ऐसे जघन्य अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
अन्य वक्ताओं ने कहा, विरोध प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है, और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला करना संविधान और कानून के शासन के खिलाफ है। हम न्यायपालिका (जिसमें सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है) की कड़ी आलोचना करते हैं कि उसने राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रहे व्यापक अपराधों पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) नहीं लिया। भारत में कोई भी कानून या नियम पुलिस को नागरिकों को "हाउस अरेस्ट" (नज़रबंद) में रखने की अनुमति नहीं देता है। लेकिन गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर आपकी सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर रही है, खासकर उन राज्यों में जहां "डबल इंजन सरकारें" हैं। जहां पुलिस निजी घरों में घुसकर राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से "हाउस अरेस्ट" कर रही है, ताकि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार से वंचित किया जा सके। यह भारत के संविधान द्वारा दिए गए लोगों के मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। आपकी सरकार ने भारत को एक 'पुलिस स्टेट' (पुलिस राज्य) बना दिया है। हम इस 'राज्य प्रायोजित आतंक' (state terror) का कड़ा विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि नागरिकों की निजता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन को रोकने के लिए आप तुरंत कदम उठाएं।

सभा के दौरान इसके अतिरिक्त जनपद स्तरीय मुख्य समस्याओं को भी उठाते हुए कहा की प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे जो जनहित में नहीं है उसे निरस्त किया जाए, और अहरौरा में अस्थाई टोल प्लाजा जो डीपीआर में भी नहीं है और उसका लीकेज भी बंद हो चुका है उसको तत्काल हटाया जाए और चुनार अंतर्गत ढाब क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों शिवपुर,चित्रहा, जलालपुर माफी, बगही व अन्य गांव में बाढ़ से कटान रोकने का उचित प्रबंध किया जाए।
किसान नेताओं ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उम्मीद जताई है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और बिना किसी देरी के उचित कदम उठाए जाएंगे। धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह, मंडल अध्यक्ष अनिल सिंह, जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह, मंडल उपाध्यक्ष परशुराम मौर्य, स्वामी दयाल सिंह जिला कोषाध्यक्ष, प्रदीप कुमार सिंह, राम महाल सिंह, सावित्री देवी जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा, मुन्नू प्रसाद गुप्ता, जमुना प्रसाद सिंह, बबलू , संतोष कुमार सिंह, रामशरण सिंह, श्याम केर पाल, चूल्हन बिंद, राम राज, नंदलाल भारती, मुलायम यादव, हृदय शर्मा व अन्य लोग उपस्थित रहे।
আগরপাড়ায় ইয়ং ম্যানস অ্যাসোসিয়েশনের দুর্গাপুজোর উদ্বোধনে মিঠুন চক্রবর্তী*

*নিজস্ব সংবাদদাতা, ব্যারাকপুর:* শুভ চতুর্থীর পূর্ণ লগ্নে আগরপাড়া 'আমরা সবাই ইয়ং ম্যানস অ্যাসোসিয়েশন'-এর ৫১তম বর্ষের দুর্গাপুজোর শুভ উদ্বোধন হল। ফিতে কেটে ও প্রদীপ প্রজ্জ্বলন করে পুজোর সূচনা করেন বিজেপি নেতা ও বলিউড অভিনেতা মিঠুন চক্রবর্তী।এদিন উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন রাজ্য বিধানসভার অধ্যক্ষ রথীন্দ্রনাথ বসু, পুজো কমিটির প্রধান উদ্যোক্তা চণ্ডীচরণ রায় সহ অন্যান্য বিশিষ্টজনেরা।

অভিনেতাকে এক ঝলক দেখতে ও তাঁর মুখে জনপ্রিয় সিনেমার সংলাপ শুনতে ভিড় জমান বহু অনুরাগী। অনুরাগীদের অনুরোধে মঞ্চ থেকেই তাঁর অভিনীত বাংলা ছবির একাধিক জনপ্রিয় ডায়লগ শোনান মিঠুন। যা ঘিরে উপস্থিত দর্শকদের মধ্যে উচ্ছ্বাস ছড়িয়ে পড়ে।
অনুষ্ঠান শেষে সাংবাদিকদের প্রশ্নের উত্তরে শিলিগুড়িতে হিন্দু জাগরণ মঞ্চের 'হিন্দুদের দোকান থেকে পুজোর সামগ্রী বা বিরিয়ানি কিনুন' - এই পোস্টার বিতর্ক নিয়ে প্রতিক্রিয়া জানতে চাওয়া হয় মিঠুন চক্রবর্তীর কাছে।জবাবে তিনি বলেন, 'যে যেরকম ভাবে ভাববে, সেভাবে দেশ চলবে। ওরা যদি ভেবে থাকে হবে।'

*ছবি: উৎপল দাস।*

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राहुल गांधी ने गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का मारा', बीजेपी का बड़ा आरोप

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बीजेपी ने दिल्ली में कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान राहुल गांधी पर एक प्रेग्नेंट महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया है। बीजेपी के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि मार्च के दौरान राहुल ने गर्भवती महिला पत्रकार संग बदसलूकी की। बीजेपी ने महिला पत्रकार संग बदसलूकी वाले वीडियो भी शेयर किया है।

बीजेपी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी की। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीजेपी ने अस्पताल में भर्ती महिला पत्रकार का एक वीडियो भी एक्स अकाउंट पर शेयर किया है, जिसमें उसने रोते हुए कांग्रेस सांसद पर बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया।

महिला पत्रकार के दुर्व्यवहार का आरोप

बीजेपी विधायक उमंग बजाज ने मीडिया से कहा कि रात 10 बजे उन्हें जानकारी मिली कि महिला पत्रकार रिचा पराशर के साथ दुर्व्यवहार हुआ है। उनसे मिलने के लिए बजाज अस्पताल पहुंचे। उनके साथ बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी, राजेश भाटिया और स्थानीय मंडल अध्यक्ष भी थे। उन्होंने पत्रकार की हालत का जायजा लेने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। बजाज ने इस कथित घटना की निंदा करते हुए पोस्ट किया, “जो व्यक्ति ‘पितृसत्ता को तोड़ने’ की बात करता है, वह एक महिला पत्रकार के साथ, जो सिर्फ अपना काम कर रही थी, ऐसा व्यवहार कैसे कर सकता है? मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।”

महिला पत्रकार ने सुनाई आपबीती

वहीं, महिला पत्रकार ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने खुद उनके कंधे से पकड़ा, फिर उन्हें जोर से खींचा जिससे वह जमीन पर गिड़ गईं और उनके ऊपर भी 4 से 5 लोग गिर गए। वह उनसे कोई सवाल भी नहीं पूछ रही थीं; वह बस विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पत्रकार की मदद के लिए कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता आगे नहीं आया और इसके बजाय उन पर आरोप लगाने की कोशिश की।

दिल्ली में विपक्ष का आंदोलन

बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में कई दिनों से सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। सोमवार को विपक्षी नेता और समर्थक दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ निकाल रहे थे। मार्च का नेतृत्व राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर रहे थे। इसमें प्रियंका गांधी वाड्रा, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई नेता डी. राजा सहित इंडिया गठबंधन के कई नेता शामिल थे।

विपक्षी नेताओं से मिलने से सीजेआई सूर्यकांत का इनकार, अब होगा राहुल गांधी का अगला कदम?

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक बड़ा झटका लगा है। खबर है कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया है। बता दें कि राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मसले पर चर्चा के लिए सोमवार को मुलाकात का समय मांगा था।

सीजेआ ने बताई मुलाकात से इनकार की वजह

जानकारी के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने ईमेल के जरिए विपक्षी नेताओं को अपना जवाब भेजा है। इसमें उन्होंने मुलाकात से इनकार करने की वजहें भी बताई हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कांग्रेस को भेजे अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट अपने प्रशासनिक पक्ष से सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप करने के लिए निर्देश जारी नहीं कर सकता। बता दें कि कांग्रेस नेता जिन मुद्दों को उठाना चाहते थे, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट मार्च का ऐलान

इससे पहले रविवार को राहुल गांधी ने कहा था कि विपक्षी दल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। वे सीजेआई को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। राहुल गांधी ने कहा था, "कल दिल्ली में देश का युवा शांतिपूर्ण विरोध के लिए सड़कों पर उतरा। उनके दिलों में नफरत या गुस्सा नहीं, मोहब्बत थी। लेकिन उन्हें पुलिस और BJP के गुंडों, दोनों ने पीटा। ऐसा भारत हम नहीं चाहते। कल, सोमवार 12 अक्टूबर को, हम भारतीय होने के नाते सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय और राज्य की हर दीवार से ऊपर उठकर, हम सब एक साथ चलेंगे।"

উৎসবের আগে মানবিক মুখ বিজেপির, পানিহাটিতে ১০ টাকার বস্ত্র বাজার — প্রশংসায় সুকান্ত মজুমদার

*নিজস্ব সংবাদদাতা,পানিহাটি:* উৎসবের মরসুমের আগে মানবিক উদ্যোগ বিজেপির। উত্তর কলকাতা শহরতলি জেলার উদ্যোগে পানিহাটিতে শুরু হল ১০ টাকার বস্ত্র বাজার। যেখানে মাত্র ১০ টাকার কুপনের বিনিময়ে পছন্দের পোশাক কিনতে পারছেন গরিব ও অর্থনৈতিকভাবে পিছিয়ে পড়া মানুষরা।এই অভিনব উদ্যোগকে সাধুবাদ জানালেন বিজেপি সাংসদ তথা কেন্দ্রীয় প্রতিমন্ত্রী সুকান্ত মজুমদার।

সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে তিনি বলেন,"আমাদের কর্মী ও নেতৃত্ব প্রায় ৭০০০ পোশাক সংগ্রহ করেছে। এখানে বাচ্চাদের জামা, মহিলাদের শাড়ি এবং পুরুষদের পোশাক রয়েছে। মানুষ ১০ টাকার কুপন নিয়ে নিজের পছন্দমতো যে কোনো পোশাক বেছে নিতে পারবেন। এটি একটি অভিনব উদ্যোগ।"

তিনি আরও বলেন, "বিজেপির আদর্শ হল 'সেবাই সংগঠন' এবং অন্ত্যোদয় - সমাজের শেষ সারির মানুষের পাশে দাঁড়ানো। অন্য দলগুলিকে শুধু ভোটের আগে দেখা যায়, কিন্তু বিজেপি ভোট না থাকলেও মানুষের পাশে থাকে। গরিব মানুষের মুখে হাসি ফোটানোই আমাদের লক্ষ্য। তারা বিনামূল্যে নিচ্ছেন না, ১০ টাকা দিয়ে সম্মানের সঙ্গে নিচ্ছেন।"

রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর সেবা কার্যে অনুপ্রাণিত হয়ে পানিহাটির বিক্রম, অমিত, সুমন এবং শুভঙ্কর যৌথভাবে প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদীর জন্ম মাসে সেবা কার্যের অঙ্গ হিসেবেই ১০ টাকায় পুজোর কেনাকাটার ব্যবস্থা করেছেন। এখানে আর্থিকভাবে পিছিয়ে পড়া মানুষেরা কেনা কাটা করতে পারবেন। ৮ ই অক্টোবর থেকে শুরু হওয়া এই শপিংমল চলবে ১২ অক্টোবর পর্যন্ত। বৃহস্পতিবার বিশেষ এই উদ্যোগের সূচনা করেন কেন্দ্রীয় শিক্ষা প্রতিমন্ত্রী সুকান্ত মজুমদার। এছাড়াও  উপস্থিত ছিলেন  বিজেপি কলকাতা উত্তর শহরতলী সাংগঠনিক জেলা সভাপতি চন্ডীচরণ রায়,বিজেপির যুব মোর্চার নেতা জয় সাহা অন্যান্য নেতৃবৃন্দ।স্থানীয় বাসিন্দারা এই উদ্যোগকে স্বাগত জানিয়েছেন।
*ছবি: উৎপল দাস*।

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পানিহাটিতে বিজেপির প্রেস ব্রিফ, তৃণমূলকে নিশানা নিতীন নবীনের

*উৎপল দাস,পানিহাটি, উত্তর ২৪ পরগনা:* উত্তর ২৪ পরগনার পানিহাটিতে লোকসংস্কৃতি ভবনে এক অনুষ্ঠানে এসেছিলেন বিজেপির সর্বভারতীয় কার্যকরী সভাপতি নিতীন নবীন। এদিন সাংবাদিক সম্মেলনে নিতীন নবীন বলেন, "পশ্চিমবঙ্গে যে পরিস্থিতি তৈরি হয়েছে, তা সবার সামনে এসেছে। প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় এবং তাঁর ভাইপো প্রতিবার হারলেই EVM নিয়ে প্রশ্ন তোলেন, আর জিতলেই EVM ঠিক হয়ে যায়। এটা দ্বিচারিতা। নির্বাচন কমিশন নিরপেক্ষভাবে তার কাজ করছে। বাংলার মানুষ সব দেখছে, আসন্ন নির্বাচনেও তার জবাব দেবে।"
এদিনের এই সাংবাদিক সম্মেলনে তাঁর পাশেই উপস্থিত ছিলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। উপস্থিত ছিলেন রাজ্যের মন্ত্রী অগ্নি মিত্রা পাল ,বিজেপি মহিলা মোর্চার নেত্রী লকেট চট্টোপাধ্যায়।প্রশ্নোত্তর পর্ব ছাড়াই ব্রিফিং শেষ করে নেতারা রওনা দেন। # NitinNabin #Panihati #North24Parganas #BJP #WestBengal #EVM