9 मई को पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण, कौन होगा पहली बीजेपी सरकार का सीएम?

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पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब सभी की निगाहें राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे और शपथ ग्रहण की तारीख पर टिक गई हैं। बंगाल में 206 सीटों पर प्रचंड जीत के बाद नए सीएम चुनने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार, 9 मई को बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार शपथ लेगी। कोलकाता के परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण संभव है।

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज की। जिसके बाद बीजेपी ने नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए तारीख तय हो गई है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा।

राजनाथ सिंह जाएंगे कोलकाता

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी इतनी बड़ी जीत के साथ उभरी है कि अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। क्या पार्टी अनुभवी नेता सुवेंदु अधिकारी को चुनेगी या नए चेहरे पर दांव लगाएगी? ऐसे में बुधवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कोलकाता आएंगे। वह यहां बीजेपी के जीते हुए विधायकों से बातचीत करेंगे जिसके बाद विधायक दल का नेता और बंगाल के नये मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा।

सीएम की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का

मुख्यमंत्री की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का है। वह पिछले पांच सालों से राज्य में नेता विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने इन चुनावों में मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी सीट भवानीपुर में शिकस्त दी है। ऐसे में दौड़ में सुवेंदु अधिकारी आगे माने जा रहे हैं। लेकिन अन्य राज्यों के रिकॉर्ड को देखें तो बीजेपी अभी तक चौंकाती आई है। अगर ऐसा होता है तो फिर कौन सीएम बन सकता है।

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

बंगाल चुनाव में बीजेपी की सुनामी, रूझानों में 180 के पार, ममता बनर्जी का किला ढहा

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी की सुनामी आती दिख रही है। बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत हासिल करती दिख रही है। वोटों की शुरुआती गिनती में कड़े मुकाबले के बाद अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और बीजेपी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए सियासी समीकरण पूरी तरह उलट दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 183 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत से काफी आगे निकल चुकी है, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी महज 93 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

ममता बनर्जी और सुबेंदु अधिकारी कके बीच कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर सभी की नजरें हैं। भवानीपुर पर ममता बनर्जी और बीजेपी उम्मीदवार सुबेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, यहां दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। रुझानों में कभी सुबेंदु अधिकारी तो कभी ममता बनर्जी लीड करते नजर आ रहे हैं। पहले ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन अब सुबेंदु अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि नंदीग्राम में भी सुबेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं।

मोदी मैजिक के आगे ममता कका दांव फेल

पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार जिस तरह से चुनाव प्रचार किया और उनके साथ जिस तरह से लोग जुड़ते नजर आए, विपक्ष के दिमाग में तभी से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई। चाहे झारग्राम में पीएम मोदी ने एक दुकान में जालमुड़ी खरीद कर खाई हो या फिर कोलकाता के पास हावड़ा में हुगली नदी में बोटिंग की हो, विपक्ष के नेताओं ने उनपर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। लेकिन, पीएम मोदी बंगाल के लोगों का मूड भांप चुके थे। मॉर्निंग वॉक के दौरान भी लोगों ने उन्हें जिस तरह से अपने बीच देखकर प्रतिक्रिया दी, उससे साफ लगा कि अब बंगाल की जनता के मन से ममता बनर्जी का प्रभाव धूमिल हो चुका है और वह बदलाव के लिए वोट डालने का मन बना चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

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आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

स्वाति मालीवाल बीजेपी में शामिल, पीएम मोदी के नेतृत्व पर जताया भरोसा, केजरीवाल पर साधा निशाना

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'आम आदमी पार्टी' में बड़ी टूट हो गई है। राघव चड्ढा समेत सात सांसद आप का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।इनमें राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल भी है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने शनिवार को ऐलान करते हुए कहा कि वो भाजपा में शामिल हो गई हैं। आप के साथ करीब दो दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया और अरविंद केजरीवाल पर चुन-चुनकर हमले किए।

केजरीवाल को महिला-विरोधी बताया

मालीवाल ने बताया कि वह 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने हर आंदोलन में उनका साथ दिया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके घर में एक गुंडे से पिटाई करवाई। आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया। उन पर एफआईआर वापस लेने का बहुत दबाव डाला गया। पार्टी ने उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया। इसे उन्होंने बहुत शर्मनाक बताया। उन्होंने केजरीवाल को महिला-विरोधी भी कहा।

बीजेपी ज्वाइन करने की वजह बताया

स्वाति मालीवाल ने बीजेपी क्यों ज्वाइन की इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि मैं मानती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी न सिर्फ देश में बल्कि विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर हो, देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करना हो, या महिला आरक्षण बिल संसद में लाना हो। मैं किसी मजबूरी में बीजेपी में शामिल नहीं हो रही, मैं इसलिए बीजेपी में शामिल हो रही हूं क्योंकि मैं दिल से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास करती हूं।

पार्टी अंदर से टूट रही है-मालीवाल

राज्यसभा सांसद मालीवाल ने कहा, 'प्रशांत भूषण हों, शांति भूषण हों, कुमार विश्वास हों, और अनगिनत लाखों-करोड़ों स्वयंसेवक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी छोड़ चुके हैं। मेरा मानना है कि कोई भी अच्छा व्यक्ति अरविंद केजरीवाल के साथ लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। पार्टी अंदर से टूट रही है। मैं सभी के संपर्क में हूं। कोई भी अरविंद केजरीवाल से खुश नहीं है।'

केजरीवाल को सुनाई खरी-खरी

अरविंद केजरीवाल के बारे में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि अगर कोई गद्दार है, तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। जब उन्होंने अपना आंदोलन शुरू किया था, तो वह फटी हुई पैंट पहनते थे, दो रुपये का पेन इस्तेमाल करते थे, और एक बिल्कुल खस्ताहाल कार में घूमते थे। हम सब उनसे प्रेरित थे, यह सोचकर कि यह आदमी देश में बदलाव लाएगा। आंदोलन के दौरान, उन्होंने पूरे देश को इतने बड़े-बड़े, मीठे सपने दिखाए, और देश उनसे प्रभावित हुआ। लेकिन उन्होंने किया क्या? सत्ता में आते ही, उन्होंने सौ करोड़ का घर बनवा लिया।

मालीवाल बोलीं- केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं

स्वाती मालीवाल ने उसमें एक बार बनवाया, करोड़ों के कालीन लगवाए, और लाखों-करोड़ों का फ्रिज खरीदा। उनका सोफा इतना आलीशान है। और अब, जब दिल्ली की जनता ने उन्हें हरा दिया, तो वह पंजाब चले गए हैं। वे पंजाब को एक एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस आदमी से उन्होंने मुझे पिटवाया था, उसे जेड-प्लस सुरक्षा दी गई। आज, उसे भगवंत मान का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह आदमी जो वीआईपी प्रोटोकॉल के खिलाफ बोला करता था, जब उसका काफिला निकलता है, तो हम पचास गाड़ियां गिनते हैं, लेकिन गाड़ियां पचास से भी ज़्यादा होती हैं। तो, देशद्रोह किसे कहते हैं? मैं अपने मूल सिद्धांतों के खिलाफ काम करने को देशद्रोह मानती हूँ। और अरविंद केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं है।

7 राज्यसभा सांसदों ने छोड़ा केजरीवाल का साथ

इससे पहले शुक्रवार को ही सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हुए थे और दावा किया था कि आप के 4 और सांसद- स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी बीजेपी में शामिल होंगे। अब राघव चड्ढा के दावे पर मुहर लगाते हुए स्वाति मालीवाल ने बीजेपी जॉइन करने की पुष्टि कर दी है।

पीएम मोदी पर बयान देकर बुरे फंसे मल्लिकार्जुन खरगे, बीजेपी ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रदानमंत्री पर विवादित बयान देकर मुश्किल में पड़ते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित रूप से दिए गए बयान को लेकर आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन-किरण रिजिजू

इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, 'हमने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ उनके चौंकाने वाले और शर्मनाक बयान के लिए कड़ी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहा था। यह सिर्फ अपमानजनक ही नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक और पहले कभी नहीं हुआ हमला है। यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। तुरंत कार्रवाई से कोई समझौता नहीं होगा।'

खरगे ने दी सफाई

वहीं, पीएम मोदी पर अपनी टिप्पणी के बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री राजनेताओं और उम्मीदवारों को डरा रहे हैं और इस संबंध में मैंने कहा था कि कर आतंकवाद हो रहा है, ईडी छापेमारी कर रही है, आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है, सीबीआई छापेमारी कर रही है। इस आतंकवाद को प्रधानमंत्री बढ़ावा दे रहे हैं। मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा; वे लोगों को डराने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वे छापेमारी के जरिए लोगों को चुप कराने और चुनावों में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं। चेन्नई में मैंने यही कहा था।'

बलिया में BJP जिला महामंत्री हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' के स्वागत में अनोखा जलवा: दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा, वीडियो वायरल

संजीव  सिंह, नगरा (बलिया): बलिया जनपद के नगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त जिला महामंत्री  हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में किया गया। नगर पंचायत नगरा में BJP जिला कार्य समिति सदस्य व समाजसेवी प्रो. समरजीत बहादुर सिंह द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पारंपरिक माल्यार्पण के साथ दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने सबका ध्यान खींच लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यसमिति सदस्य प्रो. समरजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मंडल अध्यक्ष मालीपुर पंचम गुप्ता और नगर पंचायत नगरा के पूर्व प्रत्याशी दीपक राम ने किया। स्वागत में माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट के बाद बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने उत्साह दोगुना कर दिया।प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मालीपुर मंडल अध्यक्ष पंचम गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मन्नू सिंह, अतुल आनंद सिंह, संजय पांडे, अमन पांडे, कृष्णा कुशवाहा,  पृथ्वी पाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, परमहंस वर्मा, धर्मराज सिंह, मो. इरफान अहमद, मो. मंसूर अली, संजीव गिरी, चंद्रभूषण ‘टिंकू’ और मंडल महामंत्री अमरेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पार्टी को मजबूत बनाते हैं। नए जिला महामंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास मेरी प्रेरणा है। मैं संगठन की जिम्मेदारियों को निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध रहूंगा।”यह अनोखा स्वागत बलिया के राजनीतिक पटल पर चर्चा का विषय बन गया है, जो BJP कार्यकर्ताओं के जोश को साफ दर्शाता है।
बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी, नीतीश के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे

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नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। इससे यह साफ हो गया कि अब सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने कहा कि मैं पार्टी के विधानमंडल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखता हूं। इसके बाद रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत विधायकों ने उनके नाम पर स्वीकृति प्रदान की।

शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों ने विजय कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तावित सम्राट चौधरी के नाम पर स्वीकृति दी। इसके बाद सर्वसम्मति सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल के नेता के रूप में चुन लिया गया। सम्राट सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि बीजेपी विधायक दल की इस बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के तौर पर पटना आए थे। इनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष, विनोद तावड़े जैसे नेता भी मौजूद रहे। अब बिहार की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में होगी।

कौन हैं सम्राट चौधरी?

बिहार विधान परिषद में सम्राट चौधरी प्रतिपक्ष के नेता रह चुके हैं। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत आरजेडी से हुई है। सम्राट साल 1990 में सक्रिय राजनीति में आए। 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। साल 2005 में आरजेडी के सत्ता से बेदखल होने के बाद भी वे काफी समय तक पार्टी के साथ बने रहे। वर्ष 2000 और 2010 में वो परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2018 में वे आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में रहते हुए पिछले साल (2025) तारापुर सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी। आरजेडी में रहने के बाद, 2014 में वे जेडीयू में आए और जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री (शहरी विकास एवं आवास विभाग) बने। एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. अब वे बिहार के नए सीएम बनेंगे।

श‍िवराज सिंह चौहान को बीजेपी ने सौंपी अहम ज‍िम्‍मेदारी, बिहार में सीएम के चुनाव के लिए बनाए गए पर्यवेक्षक

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बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है। बिहार का नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए बीजेपी ने बड़ा कदम उठा लिया है। बीजेपी ने बिहार में विधायक दल का नेता चुनने के लिए सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया है। इसके लिए शिवराज सिंह चौहान को जिम्मेदारी दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान को मिली बड़ी जिम्मेदारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसके साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पार्टी ने बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विधायक दल का नेता चुनने के लिए बनाए गए ऑब्जर्वर

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक अधिसूचना में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा?

हालांक‍ि, अभी डेट तय नहीं है क‍ि कब व‍िधायक दल की बैठक होगी और कब नए सीएम का अनाउंसमेंट क‍िया जाएगा। लेकिन जानकारी के मुताबिक 14 अप्रैल को नीतीश कैबिनेट बैठक की बैठक है। 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जाएंगे। इस कार्यक्रम के बाद कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह उनके कार्यकाल की अंतिम बैठक हो सकती है। इस बैठक के बाद नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं।

9 मई को पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण, कौन होगा पहली बीजेपी सरकार का सीएम?

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पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब सभी की निगाहें राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे और शपथ ग्रहण की तारीख पर टिक गई हैं। बंगाल में 206 सीटों पर प्रचंड जीत के बाद नए सीएम चुनने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार, 9 मई को बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार शपथ लेगी। कोलकाता के परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण संभव है।

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज की। जिसके बाद बीजेपी ने नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए तारीख तय हो गई है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा।

राजनाथ सिंह जाएंगे कोलकाता

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी इतनी बड़ी जीत के साथ उभरी है कि अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। क्या पार्टी अनुभवी नेता सुवेंदु अधिकारी को चुनेगी या नए चेहरे पर दांव लगाएगी? ऐसे में बुधवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कोलकाता आएंगे। वह यहां बीजेपी के जीते हुए विधायकों से बातचीत करेंगे जिसके बाद विधायक दल का नेता और बंगाल के नये मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा।

सीएम की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का

मुख्यमंत्री की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का है। वह पिछले पांच सालों से राज्य में नेता विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने इन चुनावों में मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी सीट भवानीपुर में शिकस्त दी है। ऐसे में दौड़ में सुवेंदु अधिकारी आगे माने जा रहे हैं। लेकिन अन्य राज्यों के रिकॉर्ड को देखें तो बीजेपी अभी तक चौंकाती आई है। अगर ऐसा होता है तो फिर कौन सीएम बन सकता है।

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

बंगाल चुनाव में बीजेपी की सुनामी, रूझानों में 180 के पार, ममता बनर्जी का किला ढहा

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी की सुनामी आती दिख रही है। बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत हासिल करती दिख रही है। वोटों की शुरुआती गिनती में कड़े मुकाबले के बाद अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और बीजेपी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए सियासी समीकरण पूरी तरह उलट दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 183 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत से काफी आगे निकल चुकी है, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी महज 93 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

ममता बनर्जी और सुबेंदु अधिकारी कके बीच कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर सभी की नजरें हैं। भवानीपुर पर ममता बनर्जी और बीजेपी उम्मीदवार सुबेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, यहां दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। रुझानों में कभी सुबेंदु अधिकारी तो कभी ममता बनर्जी लीड करते नजर आ रहे हैं। पहले ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन अब सुबेंदु अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि नंदीग्राम में भी सुबेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं।

मोदी मैजिक के आगे ममता कका दांव फेल

पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार जिस तरह से चुनाव प्रचार किया और उनके साथ जिस तरह से लोग जुड़ते नजर आए, विपक्ष के दिमाग में तभी से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई। चाहे झारग्राम में पीएम मोदी ने एक दुकान में जालमुड़ी खरीद कर खाई हो या फिर कोलकाता के पास हावड़ा में हुगली नदी में बोटिंग की हो, विपक्ष के नेताओं ने उनपर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। लेकिन, पीएम मोदी बंगाल के लोगों का मूड भांप चुके थे। मॉर्निंग वॉक के दौरान भी लोगों ने उन्हें जिस तरह से अपने बीच देखकर प्रतिक्रिया दी, उससे साफ लगा कि अब बंगाल की जनता के मन से ममता बनर्जी का प्रभाव धूमिल हो चुका है और वह बदलाव के लिए वोट डालने का मन बना चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

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आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

स्वाति मालीवाल बीजेपी में शामिल, पीएम मोदी के नेतृत्व पर जताया भरोसा, केजरीवाल पर साधा निशाना

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'आम आदमी पार्टी' में बड़ी टूट हो गई है। राघव चड्ढा समेत सात सांसद आप का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।इनमें राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल भी है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने शनिवार को ऐलान करते हुए कहा कि वो भाजपा में शामिल हो गई हैं। आप के साथ करीब दो दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया और अरविंद केजरीवाल पर चुन-चुनकर हमले किए।

केजरीवाल को महिला-विरोधी बताया

मालीवाल ने बताया कि वह 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने हर आंदोलन में उनका साथ दिया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके घर में एक गुंडे से पिटाई करवाई। आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया। उन पर एफआईआर वापस लेने का बहुत दबाव डाला गया। पार्टी ने उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया। इसे उन्होंने बहुत शर्मनाक बताया। उन्होंने केजरीवाल को महिला-विरोधी भी कहा।

बीजेपी ज्वाइन करने की वजह बताया

स्वाति मालीवाल ने बीजेपी क्यों ज्वाइन की इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि मैं मानती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी न सिर्फ देश में बल्कि विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर हो, देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करना हो, या महिला आरक्षण बिल संसद में लाना हो। मैं किसी मजबूरी में बीजेपी में शामिल नहीं हो रही, मैं इसलिए बीजेपी में शामिल हो रही हूं क्योंकि मैं दिल से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास करती हूं।

पार्टी अंदर से टूट रही है-मालीवाल

राज्यसभा सांसद मालीवाल ने कहा, 'प्रशांत भूषण हों, शांति भूषण हों, कुमार विश्वास हों, और अनगिनत लाखों-करोड़ों स्वयंसेवक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी छोड़ चुके हैं। मेरा मानना है कि कोई भी अच्छा व्यक्ति अरविंद केजरीवाल के साथ लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। पार्टी अंदर से टूट रही है। मैं सभी के संपर्क में हूं। कोई भी अरविंद केजरीवाल से खुश नहीं है।'

केजरीवाल को सुनाई खरी-खरी

अरविंद केजरीवाल के बारे में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि अगर कोई गद्दार है, तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। जब उन्होंने अपना आंदोलन शुरू किया था, तो वह फटी हुई पैंट पहनते थे, दो रुपये का पेन इस्तेमाल करते थे, और एक बिल्कुल खस्ताहाल कार में घूमते थे। हम सब उनसे प्रेरित थे, यह सोचकर कि यह आदमी देश में बदलाव लाएगा। आंदोलन के दौरान, उन्होंने पूरे देश को इतने बड़े-बड़े, मीठे सपने दिखाए, और देश उनसे प्रभावित हुआ। लेकिन उन्होंने किया क्या? सत्ता में आते ही, उन्होंने सौ करोड़ का घर बनवा लिया।

मालीवाल बोलीं- केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं

स्वाती मालीवाल ने उसमें एक बार बनवाया, करोड़ों के कालीन लगवाए, और लाखों-करोड़ों का फ्रिज खरीदा। उनका सोफा इतना आलीशान है। और अब, जब दिल्ली की जनता ने उन्हें हरा दिया, तो वह पंजाब चले गए हैं। वे पंजाब को एक एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस आदमी से उन्होंने मुझे पिटवाया था, उसे जेड-प्लस सुरक्षा दी गई। आज, उसे भगवंत मान का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह आदमी जो वीआईपी प्रोटोकॉल के खिलाफ बोला करता था, जब उसका काफिला निकलता है, तो हम पचास गाड़ियां गिनते हैं, लेकिन गाड़ियां पचास से भी ज़्यादा होती हैं। तो, देशद्रोह किसे कहते हैं? मैं अपने मूल सिद्धांतों के खिलाफ काम करने को देशद्रोह मानती हूँ। और अरविंद केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं है।

7 राज्यसभा सांसदों ने छोड़ा केजरीवाल का साथ

इससे पहले शुक्रवार को ही सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हुए थे और दावा किया था कि आप के 4 और सांसद- स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी बीजेपी में शामिल होंगे। अब राघव चड्ढा के दावे पर मुहर लगाते हुए स्वाति मालीवाल ने बीजेपी जॉइन करने की पुष्टि कर दी है।

पीएम मोदी पर बयान देकर बुरे फंसे मल्लिकार्जुन खरगे, बीजेपी ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रदानमंत्री पर विवादित बयान देकर मुश्किल में पड़ते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित रूप से दिए गए बयान को लेकर आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन-किरण रिजिजू

इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, 'हमने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ उनके चौंकाने वाले और शर्मनाक बयान के लिए कड़ी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहा था। यह सिर्फ अपमानजनक ही नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक और पहले कभी नहीं हुआ हमला है। यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। तुरंत कार्रवाई से कोई समझौता नहीं होगा।'

खरगे ने दी सफाई

वहीं, पीएम मोदी पर अपनी टिप्पणी के बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री राजनेताओं और उम्मीदवारों को डरा रहे हैं और इस संबंध में मैंने कहा था कि कर आतंकवाद हो रहा है, ईडी छापेमारी कर रही है, आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है, सीबीआई छापेमारी कर रही है। इस आतंकवाद को प्रधानमंत्री बढ़ावा दे रहे हैं। मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा; वे लोगों को डराने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वे छापेमारी के जरिए लोगों को चुप कराने और चुनावों में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं। चेन्नई में मैंने यही कहा था।'

बलिया में BJP जिला महामंत्री हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' के स्वागत में अनोखा जलवा: दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा, वीडियो वायरल

संजीव  सिंह, नगरा (बलिया): बलिया जनपद के नगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त जिला महामंत्री  हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में किया गया। नगर पंचायत नगरा में BJP जिला कार्य समिति सदस्य व समाजसेवी प्रो. समरजीत बहादुर सिंह द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पारंपरिक माल्यार्पण के साथ दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने सबका ध्यान खींच लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यसमिति सदस्य प्रो. समरजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मंडल अध्यक्ष मालीपुर पंचम गुप्ता और नगर पंचायत नगरा के पूर्व प्रत्याशी दीपक राम ने किया। स्वागत में माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट के बाद बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने उत्साह दोगुना कर दिया।प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मालीपुर मंडल अध्यक्ष पंचम गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मन्नू सिंह, अतुल आनंद सिंह, संजय पांडे, अमन पांडे, कृष्णा कुशवाहा,  पृथ्वी पाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, परमहंस वर्मा, धर्मराज सिंह, मो. इरफान अहमद, मो. मंसूर अली, संजीव गिरी, चंद्रभूषण ‘टिंकू’ और मंडल महामंत्री अमरेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पार्टी को मजबूत बनाते हैं। नए जिला महामंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास मेरी प्रेरणा है। मैं संगठन की जिम्मेदारियों को निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध रहूंगा।”यह अनोखा स्वागत बलिया के राजनीतिक पटल पर चर्चा का विषय बन गया है, जो BJP कार्यकर्ताओं के जोश को साफ दर्शाता है।
बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी, नीतीश के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे

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नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। इससे यह साफ हो गया कि अब सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने कहा कि मैं पार्टी के विधानमंडल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखता हूं। इसके बाद रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत विधायकों ने उनके नाम पर स्वीकृति प्रदान की।

शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों ने विजय कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तावित सम्राट चौधरी के नाम पर स्वीकृति दी। इसके बाद सर्वसम्मति सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल के नेता के रूप में चुन लिया गया। सम्राट सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि बीजेपी विधायक दल की इस बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के तौर पर पटना आए थे। इनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष, विनोद तावड़े जैसे नेता भी मौजूद रहे। अब बिहार की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में होगी।

कौन हैं सम्राट चौधरी?

बिहार विधान परिषद में सम्राट चौधरी प्रतिपक्ष के नेता रह चुके हैं। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत आरजेडी से हुई है। सम्राट साल 1990 में सक्रिय राजनीति में आए। 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। साल 2005 में आरजेडी के सत्ता से बेदखल होने के बाद भी वे काफी समय तक पार्टी के साथ बने रहे। वर्ष 2000 और 2010 में वो परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2018 में वे आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में रहते हुए पिछले साल (2025) तारापुर सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी। आरजेडी में रहने के बाद, 2014 में वे जेडीयू में आए और जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री (शहरी विकास एवं आवास विभाग) बने। एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. अब वे बिहार के नए सीएम बनेंगे।

श‍िवराज सिंह चौहान को बीजेपी ने सौंपी अहम ज‍िम्‍मेदारी, बिहार में सीएम के चुनाव के लिए बनाए गए पर्यवेक्षक

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बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है। बिहार का नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए बीजेपी ने बड़ा कदम उठा लिया है। बीजेपी ने बिहार में विधायक दल का नेता चुनने के लिए सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया है। इसके लिए शिवराज सिंह चौहान को जिम्मेदारी दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान को मिली बड़ी जिम्मेदारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसके साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पार्टी ने बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विधायक दल का नेता चुनने के लिए बनाए गए ऑब्जर्वर

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक अधिसूचना में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा?

हालांक‍ि, अभी डेट तय नहीं है क‍ि कब व‍िधायक दल की बैठक होगी और कब नए सीएम का अनाउंसमेंट क‍िया जाएगा। लेकिन जानकारी के मुताबिक 14 अप्रैल को नीतीश कैबिनेट बैठक की बैठक है। 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जाएंगे। इस कार्यक्रम के बाद कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह उनके कार्यकाल की अंतिम बैठक हो सकती है। इस बैठक के बाद नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं।