राहुल गांधी ने लगाया विपक्षी दलों को खत्म करने का आरोप, बीजेपी ने किया पलटवार
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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का सिंबल फ्रीज कर दिया है। जिसपर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ-साथ चुनाव आयोग पर निशाना साधा। अब केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी ने कांग्रेस नेता पर पलटवार किया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को भस्मासुर कहा
सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने आज एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा- पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस। बीजेपी नेता ने कहा कि इन तीन दलों का नाम लेकर राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाने का प्रयास किया। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी पढ़ाई-लिखाई नहीं करते हैं, उन्हें इतिहास पता करना चाहिए।
राहुल गांधी को अपनी पार्टी के बारे में भी नहीं पता- सुधांशु त्रिवेदी
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'भारत की राजनीति के सदा सर्वदा व्याकुल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जिनको देश और यहां की संस्कृति और धर्म के बारे में कुछ पता है। लेकिन आज ये पता लगा उनको अपनी पार्टी के बारे में भी नहीं पता है। आज उन्होंने टीएमसी, एनसीपी का नाम लिया और कहा बीजेपी इनको खत्म कर रही है। मैं उनको बताना चाहता हूं कि ये पार्टियां स्वयं कांग्रेस से टूटकर बनी थीं। कांग्रेस ने न जाने की कितनी पार्टियों को तोड़ा।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस से परेशान होकर अलग पार्टी बनाई- सुधांशु त्रिवेदी
बीजेपी नेता ने कहा, 'ममता बनर्जी ने कांग्रेस से परेशान होकर तृणमूल कांग्रेस बनाई थी। राहुल गांधी परिवार का ही इतिहास पता कर लीजिए। इंदिरा गांधी ने 1969 में राष्ट्रपति चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ वोट करवा दिया था। अभी अशोक गहलोत कुछ समय पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे थे उन्होंने ही कहा है उनको निपटा दिया गया।'
पूर्व पीएम चंद्रशेखर और चरण सिंह का लिया नाम
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, 'जनता पार्टी की सरकार ने चौधरी चरण सिंह जी के साथ धोखा किसने दिया। अभी राजस्थान में आधा दर्जन हाथी निगल गए थे। बसपा ने समर्थन दिया फिर भी उनके विधायकों को अपने में शामिल कर लिया। एनटी रामाराव की पार्टी के साथ भी यही किया। चंद्रशेखर जी के साथ भी यही किया। तीन महीने में ही उनकी सरकार को गिरा दिया था। देवगौड़ा और गुजराल जी की सरकार भी कांग्रेस ने गिराई। 1980 में जब सत्ता में आए तो 9 राज्यों की सरकारों को इसलिए डिसमिस कर दिया कि उनकी केंद्र से सरकार चली गई थी। अपने दौर का ही देख लो कितने मुख्यमंत्रियों को खा गए। गुलाम नबी आजाद, अमरिंदर सिंह, विजय बहुगुणा इनको खा गए।'
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
दरअसल टीएमसी के नाम और निशान छिन लिए जाने के बाद कांग्रेस नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न - भाजपा और निर्वाचन आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है। जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। उन्होंने कहा, वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं। निर्वाचन आयोग की सांविधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं। राहुल गांधी ने कहा, यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
Sep 28 2026, 15:30
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