बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़ने वाली ‘कॉकरोच पार्टी’ क्या है, कौन हैं इसके संस्थापक अभिजीत दीपके?

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इंस्टाग्राम पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट तेजी से सुर्खियों में है। अब इसने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। पांच दिन से कम में इस अकाउंट को इंस्टाग्राम पर 1.7 करोड़ लोगों ने फॉलो किया है। इस अकाउंट ने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इंस्टाग्राम हैंडल को पीछे छोड़ने के बाद अब इस अकाउंट ने कांग्रेस के ऑफिशियल हैंडल को भी फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यह पूरा घटनाक्रम बेहद तेजी से हुआ है, जिसने सोशल मीडिया की दुनिया में हलचल मचा दी है।

ऐसे अस्तित्व में आया 'कॉकरोच जनता पार्टी'

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त की टिप्पणियों के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अचानक सुर्खियों में आ गया। एक सुनवाई के दौरान, सीजेआई ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं, जो पत्रकारिता और एक्टिविज़्म की ओर बढ़ रहे हैं, की तुलना तिलचट्टों और परजीवियों से की। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा विशेष रूप से 'फर्जी और बेहूदा डिग्री' वाले लोगों की ओर था, न कि व्यापक रूप से भारत के युवाओं की तरफ। लेकिन तब तक यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल चुकी थी, जिससे गुस्सा, चुटकुले और एक 'मज़ेदार राजनीतिक विचार' के तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) जन्म ले चुकी थी।

किसका है ये आइडिया?

सीजेपी कोई औपचारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित एक ऑनलाइन आंदोलन है। सुप्रीम कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी के बाद शुरू हुए इस पेज ने लोकप्रियता के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटा दी है। इसकी सदस्यता शर्तों में बेरोज़गार होना, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और 'पेशेवर तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता' होना शामिल है। पांच दिन में इंस्टाग्राम पर इसके 1.7 करोड़ से ज़्यादा फ़ॉलोअर हो चुके हैं। इसे अभिजीत दीपके ने बनाया, जो एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार और बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।

सीजेपी का X अकाउंट भारत से ब्लॉक

इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट भारत में ब्लॉक हो चुका है। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डाला है। इस वीडियो में वो स्क्रीनशॉट दिखा रहे हैं और बता रहे हैं कि उनकी पार्टी का X हैंडल भारत से सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि दूसरे देशों में ये हैंडल चालू है।

नए अकाउंट पर भी 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहली पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक इसके X पर 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। अभिजीत ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है।

बीजेपी ने निकाला 'सोरोस' कनेक्शन

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को लेकर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाए है। बीजेपी का आरोप है कि अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं। इसके साथ ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विदेश यात्रा के खर्च को लेकर भी सवाल किया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल ने कहा, 'यह सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपको आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं।' उन्होंने मनीष सिसोदिया के साथ तस्वीर भी शेयर की। निशिकांत दुबे ने सवाल किया कि 'अभिजीत दीपके यह बोस्टन किसके पैसे से गया? क्या इसके रहने और खाने का खर्चा सोरोस फाउंडेशन दे रहा है? यह विपक्ष के लिए एक चेतावनी है,क्या आप देश तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों की मदद लेंगे?'

सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क

इधर, 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का सोशल मीडिया मूवमेंट अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गया है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि यह डिजिटल गुस्सा कहीं जमीन पर उतरकर बड़ा आंदोलन न बन जाए। सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से बढ़ती पहुंच और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क को लेकर है। एजेंसियों का मानना है कि जिस रफ्तार से यह प्लेटफॉर्म बढ़ा, वह सामान्य सोशल मीडिया ट्रेंड जैसा नहीं दिखता। यही वजह है कि अब इसके विदेशी कनेक्शन, टेलीग्राम नेटवर्क और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

सड़क पर उतरे GenZ, नेपाल-बांग्लादेश की तरह करें आंदोलन’, केजरीवाल की युवाओं से सरकार हिलाने देनी की अपील

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नीट पेपर लीक मामले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘जेन Z’ यानी युवाओं सड़क पर उतरने की अपील की है। नीट पेपर लीक को लेकर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने खास तौर पर देश के ‘जेन Z’ यानी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर अब भी युवा आवाज नहीं उठाएंगे तो पेपर लीक का सिलसिला कभी नहीं रुकेगा।

केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारों पर गंभीर आरोप

अरविंद केजरीवाल ने देश में हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में जब से मोदी सरकार आई है टोटल हमारे देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि नेपाल और बांग्लादेश में जेन जेड ने सरकारें गिरा दीं, क्या हमारे युवा परीक्षा पत्र लीक में शामिल लोगों को जेल नहीं भेज सकते? अगर पेपर लीक रोकना है तो हमारी Gen Z को आंदोलन करना होगा।

पेपर लीक मामले में सीबीआई को भी घेरा

अरविंद केजरीवाल ने कहा, मैं देश के Gen Z से सीधे बात करने आया हूं। मेरी बात ध्यान से सुनना। 2017, 2021, 2024 में पेपर लीक हुए थे। उस समय सीबीआई को जांच सौंप दी गई। क्या सीबीआई ने कुछ किया? इस बार भी सीबीआई को जांच सौंपी गई है। क्या सीबीआई कुछ करेगी? 

सीबीआई पर लगाया गंभीर आरोप

दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा, 2024 के जो मास्टरमाइंड थे, उनको सीबीआई ने गिरफ्तार किया। कानून के मुताबिक गिरफ्तारी के 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल होनी होती है, नहीं तो आदमी को ऑटोमैटिक बेल मिल जाती है। सीबीआई ने सो-कॉल्ड मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया और 90 दिन में सीबीआई ने चार्जशीट फाइल नहीं की, और उसको ऑटोमैटिक बेल मिल गई। क्यों? आपको लगता है कि सीबीआई ने इसलिए चार्जशीट फाइल नहीं की क्योंकि सीबीआई इनएफिशिएंट है? ना, सीबीआई इनएफिशिएंट नहीं है। सीबीआई में बड़े अच्छे-अच्छे अफसर हैं। क्योंकि सीबीआई उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो इस देश में पेपर लीक करवा रहे हैं। सीबीआई किसी को सजा दिलवा ही नहीं सकती।

बीजेपी शासित राज्यों का किया जिक्र

केजरीवाल ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का नाम लेते हुए कहा कि इन राज्यों में बार-बार पेपर लीक होना महज संयोग नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, इस बार भी राजस्थान से मामला सामने आया और वहां बीजेपी की सरकार है। इससे शक होता है कि क्या इनके नेता भी इसमें शामिल हैं? अगर ऐसा है तो सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कैसे करेगी?

बंगाल में आज सीएम के नाम का ऐलान, अमित शाह जा रहे कोलकाता, विधायकों के साथ करेंगे मंथन

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पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाने जा रही है। बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। अब निगाहें सीएम फेस पर टिकी हैं। इस बीच आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। 

विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव

केंद्रीय मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन माझी शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जहां विधायक दल के नेता और बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे और बैठक से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा करेंगे। शाम 4 बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ औपचारिक बैठक होगी, जहां मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदार

पार्टी का नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और राजनीति में नए चेहरों का मिश्रण हो सकता है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। इसकी वजह उनकी राजनीतिक अहमियत, संगठन में पकड़, जमीन समझ और नेटवर्क है। बीते दो विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने न केवल बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी हासिल की। ममता सरकार को सीधे चुनौती देने की वजह से ही अधिकारी को बीजेपी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है।

बंगाल से ही होगा नया मुख्यमंत्री

चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया था, वहीं टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन शाह ने चुनावी रैली के दौरान यह जरूर कहा था कि नया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। ऐसे में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

पश्चिम बंगाल में नहीं थम रही हिंसा, शपथ ग्रहण से पहले सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पोस्ट-पोल हिंसा जारी है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य की सियासत में ऐसा खौफनाक अध्याय लिखा गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। ताजा घटना में बुधवार को बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका नाम चंद्रनाथ रथ बताया गया है।

कई दिनों से रची जा रही थी साजिश

शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले, भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और पूर्व वायुसेना जवान चंद्रनाथ रथ की सरेआम हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश पिछले तीन-चार दिनों से रची जा रही थी और हमलावर लगातार रथ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ताबड़तोड़ बरसायीं गोलियां

मध्यमग्राम में सड़क पर सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये वारदात उस वक्त अंजाम दी गई जब बुधवार रात करीब 11 बजे चंद्रनाथ रथ कोलकाता से मध्यमग्राम लौट रहे थे। आरोप है कि बुधवार रात मध्यमग्राम में एक गाड़ी को घेर लिया गया और उस पर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाई गईं। चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक के तौर पर काम कर रहे थे।

सीने और पेट में कई गोलियां लगीं

हमले में रथ को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं। गाड़ी चला रहा ड्राइवर भी घायल हो गया। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। बाद में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि गोलियां उनके दिल को चीरते हुए निकल गई थीं, जिसके कारण उनकी मौत हुई।

क्या सुवेंदु अधिकारी थे निशाने पर?

इस वारदात के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुवेंदु अधिकारी की जान लेने की साजिश थी। दरअसल, जिस सफेद स्कॉर्पियो को निशाना बनाया गया, वह अक्सर सुवेंदु के काफिले का हिस्सा रहती है। चंद्रनाथ रथ कोलकाता पर जब हमला हुआ, वे सफेद रंग की स्कॉर्पियो में सवार थे। इस गाड़ी पर ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा’ का बोर्ड लगा हुआ था। यह वही पहचान है जो आमतौर पर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की गाड़ियों की होती है। हमलावरों को शायद पक्की जानकारी थी कि सुवेंदु इसी रास्ते से गुजरने वाले हैं।

बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

9 मई को पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण, कौन होगा पहली बीजेपी सरकार का सीएम?

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पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब सभी की निगाहें राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे और शपथ ग्रहण की तारीख पर टिक गई हैं। बंगाल में 206 सीटों पर प्रचंड जीत के बाद नए सीएम चुनने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार, 9 मई को बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार शपथ लेगी। कोलकाता के परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण संभव है।

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज की। जिसके बाद बीजेपी ने नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए तारीख तय हो गई है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा।

राजनाथ सिंह जाएंगे कोलकाता

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी इतनी बड़ी जीत के साथ उभरी है कि अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। क्या पार्टी अनुभवी नेता सुवेंदु अधिकारी को चुनेगी या नए चेहरे पर दांव लगाएगी? ऐसे में बुधवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कोलकाता आएंगे। वह यहां बीजेपी के जीते हुए विधायकों से बातचीत करेंगे जिसके बाद विधायक दल का नेता और बंगाल के नये मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा।

सीएम की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का

मुख्यमंत्री की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का है। वह पिछले पांच सालों से राज्य में नेता विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने इन चुनावों में मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी सीट भवानीपुर में शिकस्त दी है। ऐसे में दौड़ में सुवेंदु अधिकारी आगे माने जा रहे हैं। लेकिन अन्य राज्यों के रिकॉर्ड को देखें तो बीजेपी अभी तक चौंकाती आई है। अगर ऐसा होता है तो फिर कौन सीएम बन सकता है।

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

बंगाल चुनाव में बीजेपी की सुनामी, रूझानों में 180 के पार, ममता बनर्जी का किला ढहा

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी की सुनामी आती दिख रही है। बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत हासिल करती दिख रही है। वोटों की शुरुआती गिनती में कड़े मुकाबले के बाद अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और बीजेपी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए सियासी समीकरण पूरी तरह उलट दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 183 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत से काफी आगे निकल चुकी है, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी महज 93 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

ममता बनर्जी और सुबेंदु अधिकारी कके बीच कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर सभी की नजरें हैं। भवानीपुर पर ममता बनर्जी और बीजेपी उम्मीदवार सुबेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, यहां दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। रुझानों में कभी सुबेंदु अधिकारी तो कभी ममता बनर्जी लीड करते नजर आ रहे हैं। पहले ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन अब सुबेंदु अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि नंदीग्राम में भी सुबेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं।

मोदी मैजिक के आगे ममता कका दांव फेल

पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार जिस तरह से चुनाव प्रचार किया और उनके साथ जिस तरह से लोग जुड़ते नजर आए, विपक्ष के दिमाग में तभी से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई। चाहे झारग्राम में पीएम मोदी ने एक दुकान में जालमुड़ी खरीद कर खाई हो या फिर कोलकाता के पास हावड़ा में हुगली नदी में बोटिंग की हो, विपक्ष के नेताओं ने उनपर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। लेकिन, पीएम मोदी बंगाल के लोगों का मूड भांप चुके थे। मॉर्निंग वॉक के दौरान भी लोगों ने उन्हें जिस तरह से अपने बीच देखकर प्रतिक्रिया दी, उससे साफ लगा कि अब बंगाल की जनता के मन से ममता बनर्जी का प्रभाव धूमिल हो चुका है और वह बदलाव के लिए वोट डालने का मन बना चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़ने वाली ‘कॉकरोच पार्टी’ क्या है, कौन हैं इसके संस्थापक अभिजीत दीपके?

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इंस्टाग्राम पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट तेजी से सुर्खियों में है। अब इसने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। पांच दिन से कम में इस अकाउंट को इंस्टाग्राम पर 1.7 करोड़ लोगों ने फॉलो किया है। इस अकाउंट ने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इंस्टाग्राम हैंडल को पीछे छोड़ने के बाद अब इस अकाउंट ने कांग्रेस के ऑफिशियल हैंडल को भी फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यह पूरा घटनाक्रम बेहद तेजी से हुआ है, जिसने सोशल मीडिया की दुनिया में हलचल मचा दी है।

ऐसे अस्तित्व में आया 'कॉकरोच जनता पार्टी'

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त की टिप्पणियों के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अचानक सुर्खियों में आ गया। एक सुनवाई के दौरान, सीजेआई ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं, जो पत्रकारिता और एक्टिविज़्म की ओर बढ़ रहे हैं, की तुलना तिलचट्टों और परजीवियों से की। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा विशेष रूप से 'फर्जी और बेहूदा डिग्री' वाले लोगों की ओर था, न कि व्यापक रूप से भारत के युवाओं की तरफ। लेकिन तब तक यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल चुकी थी, जिससे गुस्सा, चुटकुले और एक 'मज़ेदार राजनीतिक विचार' के तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) जन्म ले चुकी थी।

किसका है ये आइडिया?

सीजेपी कोई औपचारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित एक ऑनलाइन आंदोलन है। सुप्रीम कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी के बाद शुरू हुए इस पेज ने लोकप्रियता के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटा दी है। इसकी सदस्यता शर्तों में बेरोज़गार होना, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और 'पेशेवर तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता' होना शामिल है। पांच दिन में इंस्टाग्राम पर इसके 1.7 करोड़ से ज़्यादा फ़ॉलोअर हो चुके हैं। इसे अभिजीत दीपके ने बनाया, जो एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार और बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।

सीजेपी का X अकाउंट भारत से ब्लॉक

इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट भारत में ब्लॉक हो चुका है। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डाला है। इस वीडियो में वो स्क्रीनशॉट दिखा रहे हैं और बता रहे हैं कि उनकी पार्टी का X हैंडल भारत से सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि दूसरे देशों में ये हैंडल चालू है।

नए अकाउंट पर भी 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहली पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक इसके X पर 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। अभिजीत ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है।

बीजेपी ने निकाला 'सोरोस' कनेक्शन

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को लेकर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाए है। बीजेपी का आरोप है कि अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं। इसके साथ ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विदेश यात्रा के खर्च को लेकर भी सवाल किया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल ने कहा, 'यह सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपको आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं।' उन्होंने मनीष सिसोदिया के साथ तस्वीर भी शेयर की। निशिकांत दुबे ने सवाल किया कि 'अभिजीत दीपके यह बोस्टन किसके पैसे से गया? क्या इसके रहने और खाने का खर्चा सोरोस फाउंडेशन दे रहा है? यह विपक्ष के लिए एक चेतावनी है,क्या आप देश तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों की मदद लेंगे?'

सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क

इधर, 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का सोशल मीडिया मूवमेंट अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गया है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि यह डिजिटल गुस्सा कहीं जमीन पर उतरकर बड़ा आंदोलन न बन जाए। सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से बढ़ती पहुंच और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क को लेकर है। एजेंसियों का मानना है कि जिस रफ्तार से यह प्लेटफॉर्म बढ़ा, वह सामान्य सोशल मीडिया ट्रेंड जैसा नहीं दिखता। यही वजह है कि अब इसके विदेशी कनेक्शन, टेलीग्राम नेटवर्क और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

सड़क पर उतरे GenZ, नेपाल-बांग्लादेश की तरह करें आंदोलन’, केजरीवाल की युवाओं से सरकार हिलाने देनी की अपील

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नीट पेपर लीक मामले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘जेन Z’ यानी युवाओं सड़क पर उतरने की अपील की है। नीट पेपर लीक को लेकर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने खास तौर पर देश के ‘जेन Z’ यानी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर अब भी युवा आवाज नहीं उठाएंगे तो पेपर लीक का सिलसिला कभी नहीं रुकेगा।

केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारों पर गंभीर आरोप

अरविंद केजरीवाल ने देश में हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में जब से मोदी सरकार आई है टोटल हमारे देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि नेपाल और बांग्लादेश में जेन जेड ने सरकारें गिरा दीं, क्या हमारे युवा परीक्षा पत्र लीक में शामिल लोगों को जेल नहीं भेज सकते? अगर पेपर लीक रोकना है तो हमारी Gen Z को आंदोलन करना होगा।

पेपर लीक मामले में सीबीआई को भी घेरा

अरविंद केजरीवाल ने कहा, मैं देश के Gen Z से सीधे बात करने आया हूं। मेरी बात ध्यान से सुनना। 2017, 2021, 2024 में पेपर लीक हुए थे। उस समय सीबीआई को जांच सौंप दी गई। क्या सीबीआई ने कुछ किया? इस बार भी सीबीआई को जांच सौंपी गई है। क्या सीबीआई कुछ करेगी? 

सीबीआई पर लगाया गंभीर आरोप

दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा, 2024 के जो मास्टरमाइंड थे, उनको सीबीआई ने गिरफ्तार किया। कानून के मुताबिक गिरफ्तारी के 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल होनी होती है, नहीं तो आदमी को ऑटोमैटिक बेल मिल जाती है। सीबीआई ने सो-कॉल्ड मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया और 90 दिन में सीबीआई ने चार्जशीट फाइल नहीं की, और उसको ऑटोमैटिक बेल मिल गई। क्यों? आपको लगता है कि सीबीआई ने इसलिए चार्जशीट फाइल नहीं की क्योंकि सीबीआई इनएफिशिएंट है? ना, सीबीआई इनएफिशिएंट नहीं है। सीबीआई में बड़े अच्छे-अच्छे अफसर हैं। क्योंकि सीबीआई उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो इस देश में पेपर लीक करवा रहे हैं। सीबीआई किसी को सजा दिलवा ही नहीं सकती।

बीजेपी शासित राज्यों का किया जिक्र

केजरीवाल ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का नाम लेते हुए कहा कि इन राज्यों में बार-बार पेपर लीक होना महज संयोग नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, इस बार भी राजस्थान से मामला सामने आया और वहां बीजेपी की सरकार है। इससे शक होता है कि क्या इनके नेता भी इसमें शामिल हैं? अगर ऐसा है तो सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कैसे करेगी?

बंगाल में आज सीएम के नाम का ऐलान, अमित शाह जा रहे कोलकाता, विधायकों के साथ करेंगे मंथन

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पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाने जा रही है। बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। अब निगाहें सीएम फेस पर टिकी हैं। इस बीच आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। 

विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव

केंद्रीय मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन माझी शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जहां विधायक दल के नेता और बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे और बैठक से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा करेंगे। शाम 4 बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ औपचारिक बैठक होगी, जहां मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदार

पार्टी का नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और राजनीति में नए चेहरों का मिश्रण हो सकता है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। इसकी वजह उनकी राजनीतिक अहमियत, संगठन में पकड़, जमीन समझ और नेटवर्क है। बीते दो विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने न केवल बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी हासिल की। ममता सरकार को सीधे चुनौती देने की वजह से ही अधिकारी को बीजेपी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है।

बंगाल से ही होगा नया मुख्यमंत्री

चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया था, वहीं टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन शाह ने चुनावी रैली के दौरान यह जरूर कहा था कि नया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। ऐसे में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

पश्चिम बंगाल में नहीं थम रही हिंसा, शपथ ग्रहण से पहले सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पोस्ट-पोल हिंसा जारी है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य की सियासत में ऐसा खौफनाक अध्याय लिखा गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। ताजा घटना में बुधवार को बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका नाम चंद्रनाथ रथ बताया गया है।

कई दिनों से रची जा रही थी साजिश

शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले, भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और पूर्व वायुसेना जवान चंद्रनाथ रथ की सरेआम हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश पिछले तीन-चार दिनों से रची जा रही थी और हमलावर लगातार रथ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ताबड़तोड़ बरसायीं गोलियां

मध्यमग्राम में सड़क पर सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये वारदात उस वक्त अंजाम दी गई जब बुधवार रात करीब 11 बजे चंद्रनाथ रथ कोलकाता से मध्यमग्राम लौट रहे थे। आरोप है कि बुधवार रात मध्यमग्राम में एक गाड़ी को घेर लिया गया और उस पर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाई गईं। चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक के तौर पर काम कर रहे थे।

सीने और पेट में कई गोलियां लगीं

हमले में रथ को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं। गाड़ी चला रहा ड्राइवर भी घायल हो गया। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। बाद में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि गोलियां उनके दिल को चीरते हुए निकल गई थीं, जिसके कारण उनकी मौत हुई।

क्या सुवेंदु अधिकारी थे निशाने पर?

इस वारदात के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुवेंदु अधिकारी की जान लेने की साजिश थी। दरअसल, जिस सफेद स्कॉर्पियो को निशाना बनाया गया, वह अक्सर सुवेंदु के काफिले का हिस्सा रहती है। चंद्रनाथ रथ कोलकाता पर जब हमला हुआ, वे सफेद रंग की स्कॉर्पियो में सवार थे। इस गाड़ी पर ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा’ का बोर्ड लगा हुआ था। यह वही पहचान है जो आमतौर पर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की गाड़ियों की होती है। हमलावरों को शायद पक्की जानकारी थी कि सुवेंदु इसी रास्ते से गुजरने वाले हैं।

बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

9 मई को पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण, कौन होगा पहली बीजेपी सरकार का सीएम?

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पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब सभी की निगाहें राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे और शपथ ग्रहण की तारीख पर टिक गई हैं। बंगाल में 206 सीटों पर प्रचंड जीत के बाद नए सीएम चुनने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार, 9 मई को बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार शपथ लेगी। कोलकाता के परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण संभव है।

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज की। जिसके बाद बीजेपी ने नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए तारीख तय हो गई है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा।

राजनाथ सिंह जाएंगे कोलकाता

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी इतनी बड़ी जीत के साथ उभरी है कि अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। क्या पार्टी अनुभवी नेता सुवेंदु अधिकारी को चुनेगी या नए चेहरे पर दांव लगाएगी? ऐसे में बुधवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कोलकाता आएंगे। वह यहां बीजेपी के जीते हुए विधायकों से बातचीत करेंगे जिसके बाद विधायक दल का नेता और बंगाल के नये मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा।

सीएम की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का

मुख्यमंत्री की दौड़ में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का है। वह पिछले पांच सालों से राज्य में नेता विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने इन चुनावों में मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी सीट भवानीपुर में शिकस्त दी है। ऐसे में दौड़ में सुवेंदु अधिकारी आगे माने जा रहे हैं। लेकिन अन्य राज्यों के रिकॉर्ड को देखें तो बीजेपी अभी तक चौंकाती आई है। अगर ऐसा होता है तो फिर कौन सीएम बन सकता है।

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

बंगाल चुनाव में बीजेपी की सुनामी, रूझानों में 180 के पार, ममता बनर्जी का किला ढहा

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी की सुनामी आती दिख रही है। बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत हासिल करती दिख रही है। वोटों की शुरुआती गिनती में कड़े मुकाबले के बाद अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और बीजेपी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए सियासी समीकरण पूरी तरह उलट दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 183 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत से काफी आगे निकल चुकी है, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी महज 93 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

ममता बनर्जी और सुबेंदु अधिकारी कके बीच कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर सभी की नजरें हैं। भवानीपुर पर ममता बनर्जी और बीजेपी उम्मीदवार सुबेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, यहां दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। रुझानों में कभी सुबेंदु अधिकारी तो कभी ममता बनर्जी लीड करते नजर आ रहे हैं। पहले ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन अब सुबेंदु अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि नंदीग्राम में भी सुबेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं।

मोदी मैजिक के आगे ममता कका दांव फेल

पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार जिस तरह से चुनाव प्रचार किया और उनके साथ जिस तरह से लोग जुड़ते नजर आए, विपक्ष के दिमाग में तभी से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई। चाहे झारग्राम में पीएम मोदी ने एक दुकान में जालमुड़ी खरीद कर खाई हो या फिर कोलकाता के पास हावड़ा में हुगली नदी में बोटिंग की हो, विपक्ष के नेताओं ने उनपर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। लेकिन, पीएम मोदी बंगाल के लोगों का मूड भांप चुके थे। मॉर्निंग वॉक के दौरान भी लोगों ने उन्हें जिस तरह से अपने बीच देखकर प्रतिक्रिया दी, उससे साफ लगा कि अब बंगाल की जनता के मन से ममता बनर्जी का प्रभाव धूमिल हो चुका है और वह बदलाव के लिए वोट डालने का मन बना चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।