लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें देश के अगले सीडीएस के बारे में

#ltgennsrajasubramaniappointednewcdsindian_army

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है।

देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के हाथ में तीनों सेनाओं की कमान होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अभी तक देश के सीएडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान हैं। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि अब उन्हें ही रिप्लेस करेंगे। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे।

भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का करियर

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 सितंबर 2025 से संभाली हुई है। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पद भी संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था और भारतीय सेना में उनका करियर 37 वर्षों से अधिक का है।

जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली

अपने सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल फील्ड में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सेना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे।

देश के लिए सेवाओं के लिए हो चुके हैं सम्मानित

ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

#indianarmystrongmessageaheadofpahalgamattackanniversary

22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

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Why Smart Indian Homeowners Are Choosing Modular Furniture? And Why Speed Is Now the Biggest Factor?

If you have ever renovated a home in India, you know the feeling. The excitement of choosing designs quickly turns into weeks of waiting, followed by delays you didn’t see coming, contractor no-shows, quality compromises, and a final result that makes you wonder why you didn’t just live with your old furniture.For years, this has been the reality of home interiors.

But that is now changing — and fast.

According to Sufiyan Khan, Founder of Classic K3 Design Interiors, the biggest shift in the industry isn’t just design trends or materials — it’s speed. More specifically, the rise of in-house modular manufacturing that is making it possible to furnish an entire home in a fraction of the time it once took.

So what exactly is modular furniture, and why does it matter?

At its core, modular furniture is factory-made, precision-engineered furniture built in standardized components that can be customised to fit any space. Unlike traditional carpenter-made furniture — which is built on-site and often suffers from inconsistent quality and unpredictable timelines — modular furniture is manufactured under controlled conditions, quality-checked before delivery, and installed efficiently by trained professionals.

And the difference is significant.

A complete 2 BHK home furnishing project — including living room, bedrooms, kitchen, and storage — which traditionally takes 3 to 6 months, can now be delivered in just 20 days by companies like Classic K3 Design Interiors, backed by their in-house modular factory. A modular kitchen alone can be completed in as little as 7 days.

For modern homeowners juggling EMI payments, rental costs, and the disruption of living in an unfinished home, this kind of speed is not just convenient — it is transformative.

But speed without quality is meaningless.

This is where the real distinction lies.

Brands that rely on third-party contractors often lose control over both quality and timelines. Every subcontractor introduces variability — in schedules, materials, and execution standards. In contrast, companies like Classic K3 Design Interiors, which operate with a fully in-house manufacturing and execution model, eliminate these variables entirely.

As Sufiyan Khan explains, “When the same team is responsible for design, manufacturing, and installation, accountability becomes absolute. That’s when timelines become commitments, not estimates.”

For those wondering whether in-house modular brands can truly deliver at scale, the answer lies in who trusts them.

The Indian Army — an institution known for its discipline, precision, and zero tolerance for delays — has placed its trust in this model. And beyond that, leading interior platforms like Livspace, Homelane, and DesignCafe rely on manufacturing partners like Classic K3 Design Interiors to deliver projects for their customers across India.

When the biggest players in the industry depend on a system, it signals reliability.

So what should a homeowner look for when choosing a modular interior partner?

First, ask whether the manufacturing is in-house or outsourced.

Second, look for guaranteed timelines — not vague estimates.

Third, ensure the same company handles design, production, and installation.

According to Sufiyan Khan, if any of these elements are missing, delays and inconsistencies are almost inevitable.

The future of home interiors in India is not just about better design — it is about better systems.

And as more homeowners prioritize speed, reliability, and transparency, companies like Classic K3 Design Interiors are setting the benchmark for what modern interior execution should look like.

अग्निवीर भर्ती रैली: झारखंड के शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, 18 मार्च को बोधगया में होगी रैली।


रांची: आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस, रांची ने झारखंड के सभी जिलों के उन अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सूचना जारी की है, जिन्हें अग्निवीर भर्ती के द्वितीय चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन अभ्यर्थियों के लिए भर्ती रैली का आयोजन बिहार के बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय मैदान में किया जाएगा।

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए कार्यक्रम:

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भर्ती रैली की तिथि 18 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। सभी शॉर्टलिस्टेड पुरुष अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे 17 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक रैली स्थल पर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करें। प्रवेश द्वार (गेट) रात्रि 12:30 बजे खोल दिया जाएगा।

महिला सैन्य पुलिस (WMP) के लिए निर्देश:

शॉर्टलिस्टेड बालिका अभ्यर्थियों को 16 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उनकी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और PMT का आयोजन 17 मार्च 2026 को किया जाएगा।

महत्वपूर्ण निर्देश:

अभ्यर्थी अपने साथ सभी आवश्यक मूल प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड और संबंधित दस्तावेज जरूर लाएं।

निर्धारित समय के बाद आने वाले किसी भी अभ्यर्थी को रैली स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जा सकते हैं।

जम्मू कश्मीर के डोडा में 200 फीट खाई में गिरी सेना की गाड़ी, 10 जवान शहीद

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जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया. सेना की गाड़ी खाई में गिरने से 10 जवान शहीद हो गए, जबकि 7 जवान घायल हो गए। यह हादसा डोडा जिले के भद्रवाह में हुआ। गंभीर रूप से घायल जवानों को एयर लिफ्ट किया गया है।

घटना गुरुवार को भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुई। अधिकारियों ने बताया कि सेना के बुलेटप्रूफ वाहन में कुल 17 जवान सवार थे और वे एक ऊंचाई पर स्थित चौकी की ओर जा रहे थे। चालक के नियंत्रण खो देने के कारण वाहन करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

जानकारी पर सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू शुरू किया। मौके से दस जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सात जवानों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया। इसमें से तीन की हालत गंभीर है। उन्हें विशेष उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल भेजा गया है। अन्य घायलों का इलाज नजदीकी सैन्य चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

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बंकरों में छिपने को हुए थे मजबूर' ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान राष्ट्रपति जरदारी का बड़ा कबूलनामा

#pakarmyhidinbunkersduringoperationsindoorasifalizardari_confession

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में इस साल 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया थाय़ इसमें पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों पर स्ट्राइक की गई थी। अब महीनों बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुद कबूल किया है कि उस रात भारतीय प्रहार के खौफ से उन्हें और पाकिस्तानी सेना के शीर्ष नेतृत्व को बंकरों में छिपना पड़ा था।

अपनी हरकतों के कारण पाकिस्तान आए दिन वैश्विक मंच पर शर्मसार होता है। एक बार फिर 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बयान से दुनियाभर में पाकिस्तान की भद पिटी है। पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना बंकर में छिपी हुई थी।

पाकिस्तानी सेना बंकरों में छिपी थी- जरदारी

एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान जरदारी ने यह स्वीकार किया कि तनाव के हालात में पाकिस्तान की सेना बंकरों में छिपी हुई थी और उन्हें खुद भी बंकर में रहने की सलाह दी गई थी। राष्ट्रपति जरदारी के ताजा बयान ने पाकिस्तान के उस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है जिसमें वे भारतीय स्ट्राइक से इनकार करते थे।

पहलगाम आतंकी हमले का दिया था जवाब

बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने वहां उपस्थित सभी पर्यटकों पर अंधाधुंध गोली चलानी शुरू कर दी। इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की जान गई। पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस दौरान 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर शामिल थे।

सेना भर्ती के द्वितीय चरण हेतु चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल रिपोर्ट करने का निर्देश; समय-सीमा सीमित

रांची आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस (ARO) रांची द्वारा अगस्त-सितंबर 2025 में आयोजित भर्ती रैली में सफल हुए अग्निवीर अभ्यर्थियों का रेजिमेंटल सेंटरों के लिए चरणबद्ध डिस्पैच (भेजना) किया जा रहा है।

द्वितीय चरण डिस्पैच हेतु महत्वपूर्ण सूचना

सेना भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत द्वितीय चरण (2nd Phase) डिस्पैच हेतु चयनित कुछ अग्निवीर अभ्यर्थियों ने अभी तक रिपोर्ट नहीं किया है। इस संबंध में ARO रांची द्वारा निम्नलिखित अनिवार्य निर्देश दिए गए हैं:

  • तत्काल रिपोर्ट: डिस्पैच की समय-सीमा अत्यंत सीमित है। अतः चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल Army Recruitment Office Ranchi में आवश्यक दस्तावेजों सहित रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
  • प्रतीक्षा सूची को अवसर: जो अभ्यर्थी बिना सूचना के रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची (Waiting List) के अभ्यर्थियों को अवसर दिया जा सकता है।
  • अनुरोध: सभी चयनित अग्निवीरों से अनुरोध है कि वे विलंब न करें और यथाशीघ्र कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी डिस्पैच प्रक्रिया पूर्ण कराएं।

इच्छुक न होने पर आवेदन

यदि कोई अभ्यर्थी किसी वैध व्यक्तिगत/पारिवारिक कारणवश डिस्पैच के लिए इच्छुक नहीं है, तो उनसे अनुरोध है कि वे लिखित रूप में आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी असहमति समय रहते दर्ज की जा सके और प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब न हो।

अग्निवीर भर्ती: नर्सिंग असिस्टेंट (NA) और क्लर्क/SKT लिखित परीक्षा परिणाम घोषित; ARO रांची ने चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत दस्तावेज सत्यापन के लिए

रांची: आर्मी भर्ती कार्यालय, रांची द्वारा अग्निपथ योजना के तहत आयोजित अग्निवीर नर्सिंग असिस्टेंट (NA) और अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) पदों की भर्ती के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) के परिणाम आज आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित कर दिए गए हैं।

दस्तावेज सत्यापन के लिए तत्काल रिपोर्ट करें

चयनित सभी अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि वे बिना देरी किए निर्धारित तिथि एवं समय पर आर्मी भर्ती कार्यालय, रांची में अपने सभी मूल दस्तावेजों (Original Documents) और उनकी दो सेट स्व-अभिप्रमाणित फोटोकॉपी के साथ उपस्थित हों। यह उपस्थिति दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षण एवं अन्य औपचारिकताएँ समय पर पूरी करने के लिए अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

ऑनलाइन परीक्षा का एडमिट कार्ड

आधार कार्ड

10वीं एवं 12वीं की अंकतालिका एवं प्रमाण-पत्र

डोमिसाइल (झारखंड राज्य का स्थायी निवास प्रमाण-पत्र)

जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)

चरित्र प्रमाण-पत्र (6 माह से पुराना न हो)

NCC प्रमाण-पत्र और खेल प्रमाण-पत्र (यदि हो तो)

20 पासपोर्ट साइज हालिया रंगीन फोटो (सफेद बैकग्राउंड)

भर्ती रैली के समय जारी सभी दस्तावेज एवं स्लिप

महत्वपूर्ण सूचना

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थित रहने पर अभ्यर्थिता स्वतः रद्द मान ली जाएगी। इसके साथ ही यह भी सूचित किया गया है कि अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD) एवं ट्रेड्समैन का लिखित परीक्षा परिणाम बहुत शीघ्र घोषित किया जाएगा।

सभी अभ्यर्थियों को नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर अपडेट देखने की सलाह दी गई है।

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें देश के अगले सीडीएस के बारे में

#ltgennsrajasubramaniappointednewcdsindian_army

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है।

देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के हाथ में तीनों सेनाओं की कमान होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अभी तक देश के सीएडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान हैं। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि अब उन्हें ही रिप्लेस करेंगे। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे।

भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का करियर

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 सितंबर 2025 से संभाली हुई है। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पद भी संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था और भारतीय सेना में उनका करियर 37 वर्षों से अधिक का है।

जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली

अपने सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल फील्ड में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सेना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे।

देश के लिए सेवाओं के लिए हो चुके हैं सम्मानित

ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

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22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

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So what exactly is modular furniture, and why does it matter?

At its core, modular furniture is factory-made, precision-engineered furniture built in standardized components that can be customised to fit any space. Unlike traditional carpenter-made furniture — which is built on-site and often suffers from inconsistent quality and unpredictable timelines — modular furniture is manufactured under controlled conditions, quality-checked before delivery, and installed efficiently by trained professionals.

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When the biggest players in the industry depend on a system, it signals reliability.

So what should a homeowner look for when choosing a modular interior partner?

First, ask whether the manufacturing is in-house or outsourced.

Second, look for guaranteed timelines — not vague estimates.

Third, ensure the same company handles design, production, and installation.

According to Sufiyan Khan, if any of these elements are missing, delays and inconsistencies are almost inevitable.

The future of home interiors in India is not just about better design — it is about better systems.

And as more homeowners prioritize speed, reliability, and transparency, companies like Classic K3 Design Interiors are setting the benchmark for what modern interior execution should look like.

अग्निवीर भर्ती रैली: झारखंड के शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, 18 मार्च को बोधगया में होगी रैली।


रांची: आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस, रांची ने झारखंड के सभी जिलों के उन अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सूचना जारी की है, जिन्हें अग्निवीर भर्ती के द्वितीय चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन अभ्यर्थियों के लिए भर्ती रैली का आयोजन बिहार के बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय मैदान में किया जाएगा।

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए कार्यक्रम:

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भर्ती रैली की तिथि 18 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। सभी शॉर्टलिस्टेड पुरुष अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे 17 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक रैली स्थल पर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करें। प्रवेश द्वार (गेट) रात्रि 12:30 बजे खोल दिया जाएगा।

महिला सैन्य पुलिस (WMP) के लिए निर्देश:

शॉर्टलिस्टेड बालिका अभ्यर्थियों को 16 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उनकी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और PMT का आयोजन 17 मार्च 2026 को किया जाएगा।

महत्वपूर्ण निर्देश:

अभ्यर्थी अपने साथ सभी आवश्यक मूल प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड और संबंधित दस्तावेज जरूर लाएं।

निर्धारित समय के बाद आने वाले किसी भी अभ्यर्थी को रैली स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जा सकते हैं।

जम्मू कश्मीर के डोडा में 200 फीट खाई में गिरी सेना की गाड़ी, 10 जवान शहीद

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जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया. सेना की गाड़ी खाई में गिरने से 10 जवान शहीद हो गए, जबकि 7 जवान घायल हो गए। यह हादसा डोडा जिले के भद्रवाह में हुआ। गंभीर रूप से घायल जवानों को एयर लिफ्ट किया गया है।

घटना गुरुवार को भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुई। अधिकारियों ने बताया कि सेना के बुलेटप्रूफ वाहन में कुल 17 जवान सवार थे और वे एक ऊंचाई पर स्थित चौकी की ओर जा रहे थे। चालक के नियंत्रण खो देने के कारण वाहन करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

जानकारी पर सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू शुरू किया। मौके से दस जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सात जवानों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया। इसमें से तीन की हालत गंभीर है। उन्हें विशेष उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल भेजा गया है। अन्य घायलों का इलाज नजदीकी सैन्य चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

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बंकरों में छिपने को हुए थे मजबूर' ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान राष्ट्रपति जरदारी का बड़ा कबूलनामा

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जम्मू कश्मीर के पहलगाम में इस साल 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया थाय़ इसमें पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों पर स्ट्राइक की गई थी। अब महीनों बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुद कबूल किया है कि उस रात भारतीय प्रहार के खौफ से उन्हें और पाकिस्तानी सेना के शीर्ष नेतृत्व को बंकरों में छिपना पड़ा था।

अपनी हरकतों के कारण पाकिस्तान आए दिन वैश्विक मंच पर शर्मसार होता है। एक बार फिर 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बयान से दुनियाभर में पाकिस्तान की भद पिटी है। पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना बंकर में छिपी हुई थी।

पाकिस्तानी सेना बंकरों में छिपी थी- जरदारी

एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान जरदारी ने यह स्वीकार किया कि तनाव के हालात में पाकिस्तान की सेना बंकरों में छिपी हुई थी और उन्हें खुद भी बंकर में रहने की सलाह दी गई थी। राष्ट्रपति जरदारी के ताजा बयान ने पाकिस्तान के उस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है जिसमें वे भारतीय स्ट्राइक से इनकार करते थे।

पहलगाम आतंकी हमले का दिया था जवाब

बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने वहां उपस्थित सभी पर्यटकों पर अंधाधुंध गोली चलानी शुरू कर दी। इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की जान गई। पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस दौरान 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर शामिल थे।

सेना भर्ती के द्वितीय चरण हेतु चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल रिपोर्ट करने का निर्देश; समय-सीमा सीमित

रांची आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस (ARO) रांची द्वारा अगस्त-सितंबर 2025 में आयोजित भर्ती रैली में सफल हुए अग्निवीर अभ्यर्थियों का रेजिमेंटल सेंटरों के लिए चरणबद्ध डिस्पैच (भेजना) किया जा रहा है।

द्वितीय चरण डिस्पैच हेतु महत्वपूर्ण सूचना

सेना भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत द्वितीय चरण (2nd Phase) डिस्पैच हेतु चयनित कुछ अग्निवीर अभ्यर्थियों ने अभी तक रिपोर्ट नहीं किया है। इस संबंध में ARO रांची द्वारा निम्नलिखित अनिवार्य निर्देश दिए गए हैं:

  • तत्काल रिपोर्ट: डिस्पैच की समय-सीमा अत्यंत सीमित है। अतः चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल Army Recruitment Office Ranchi में आवश्यक दस्तावेजों सहित रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
  • प्रतीक्षा सूची को अवसर: जो अभ्यर्थी बिना सूचना के रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची (Waiting List) के अभ्यर्थियों को अवसर दिया जा सकता है।
  • अनुरोध: सभी चयनित अग्निवीरों से अनुरोध है कि वे विलंब न करें और यथाशीघ्र कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी डिस्पैच प्रक्रिया पूर्ण कराएं।

इच्छुक न होने पर आवेदन

यदि कोई अभ्यर्थी किसी वैध व्यक्तिगत/पारिवारिक कारणवश डिस्पैच के लिए इच्छुक नहीं है, तो उनसे अनुरोध है कि वे लिखित रूप में आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी असहमति समय रहते दर्ज की जा सके और प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब न हो।

अग्निवीर भर्ती: नर्सिंग असिस्टेंट (NA) और क्लर्क/SKT लिखित परीक्षा परिणाम घोषित; ARO रांची ने चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत दस्तावेज सत्यापन के लिए

रांची: आर्मी भर्ती कार्यालय, रांची द्वारा अग्निपथ योजना के तहत आयोजित अग्निवीर नर्सिंग असिस्टेंट (NA) और अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) पदों की भर्ती के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) के परिणाम आज आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित कर दिए गए हैं।

दस्तावेज सत्यापन के लिए तत्काल रिपोर्ट करें

चयनित सभी अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि वे बिना देरी किए निर्धारित तिथि एवं समय पर आर्मी भर्ती कार्यालय, रांची में अपने सभी मूल दस्तावेजों (Original Documents) और उनकी दो सेट स्व-अभिप्रमाणित फोटोकॉपी के साथ उपस्थित हों। यह उपस्थिति दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षण एवं अन्य औपचारिकताएँ समय पर पूरी करने के लिए अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

ऑनलाइन परीक्षा का एडमिट कार्ड

आधार कार्ड

10वीं एवं 12वीं की अंकतालिका एवं प्रमाण-पत्र

डोमिसाइल (झारखंड राज्य का स्थायी निवास प्रमाण-पत्र)

जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)

चरित्र प्रमाण-पत्र (6 माह से पुराना न हो)

NCC प्रमाण-पत्र और खेल प्रमाण-पत्र (यदि हो तो)

20 पासपोर्ट साइज हालिया रंगीन फोटो (सफेद बैकग्राउंड)

भर्ती रैली के समय जारी सभी दस्तावेज एवं स्लिप

महत्वपूर्ण सूचना

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थित रहने पर अभ्यर्थिता स्वतः रद्द मान ली जाएगी। इसके साथ ही यह भी सूचित किया गया है कि अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD) एवं ट्रेड्समैन का लिखित परीक्षा परिणाम बहुत शीघ्र घोषित किया जाएगा।

सभी अभ्यर्थियों को नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर अपडेट देखने की सलाह दी गई है।