प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
* अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद अभियान में तेजी लाने के निर्देश
लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

* अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश
अपर आयुक्त (आपूर्ति) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्माणाधीन मॉडल एफपीएस/अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तत्काल खाद्यायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

* राशन वितरण और ई-पॉस मशीनों की ऑनलाइन निगरानी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-वेटिंग स्केल से लिंक्ड ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागीय कर्मचारी मोबाइल इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से फील्ड स्तर पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। प्रदेश में इस कार्य की औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में सुधार लाने और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीनों की नेटवर्क कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी रखी जाए और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

* 13.52 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 13.52 करोड़ लाभार्थियों यानी लगभग 93.34 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। मंत्री ने शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

* गेहूं खरीद में तेजी लाने पर जोर
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में अब तक 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। 25 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,90,704 किसानों से 9.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार मीट्रिक टन अधिक है।
मंत्री ने क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लाने, राइस मिलर्स के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पश्चिम बंगाल की कमान शुभेंदु अधिकारी के हाथ
* भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नेता, कल ब्रिगेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण
कोलकाता। शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में समिक भट्टाचार्य ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। बैठक में उनके नाम के समर्थन में कुल आठ प्रस्ताव आए।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। अमित शाह ने औपचारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। घोषणा के बाद बैठक स्थल पर उत्साह का माहौल दिखाई दिया और शुभेंदु अधिकारी को फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया।
बैठक में भाजपा नेतृत्व ने आगामी राजनीतिक रणनीति और राज्य में सरकार गठन को लेकर भी चर्चा की। पार्टी नेताओं ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद जताई।
सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी कल सुबह 11 बजे ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन बिक्री के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन  सांसद को दिया
फर्रुखाबाद। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद मुकेश राजपूत के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जिस में दवा की  ऑनलाइन बिक्री बंद करने की मांग उठाई गई l साथ ही आगामी 20 मई को होने वाले देशव्यापी बंद की अग्रिम सूचना दी।
स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित कर दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि दवाओं कीऑनलाइन बिक्री के चलते दुकानदारों को खाते का सामना करना पड़ रहा है इसके अलावा अन्य और भी समस्याएं हैं विभिन्न तरीके से दवा विक्रेताओं को परेशान किया जाता है कभी किसी धारा को लेकर तो कभी किसी जीआरएस को लेकर दवा विक्रेताओं का मानसिक उत्पीड़न  किया जाता है  जो बंद होना चाहिए।
ज्ञापन में अवगत कराया है कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आगामी 20 मई को संगठन के बैनर तले दवा व्यवसाय पूरी तरह से देश स्तर पर बंद रहेगा। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रवि शंकर चौहान मंत्री मनोज मिश्रा रजनीश कटियार, मोहित चौहान,कुनाल मोहित चौहान, प्रशांत शाक्य,सूरज यादव प्रदीप सिंह,अनिल सक्सेना, अनुपम पांडेय,आदि शामिल रहे।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
योगी सरकार का डिजिटल दुग्ध मॉडल: मोबाइल एप से जुड़ेंगी गांव की महिलाएं
* 10 जिलों में ‘सामर्थ्य साथी’ एप के जरिए रोजाना 4 लाख लीटर दूध कारोबार होगा हाईटेक
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार मॉडल लागू कर रही है। अवध क्षेत्र और आसपास के 10 जिलों में कार्यरत ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के माध्यम से महिलाएं अब मोबाइल एप के जरिए दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और भुगतान व्यवस्था का संचालन करेंगी। इस पहल से प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध के कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
सरकार के अनुसार इस नेटवर्क से अब तक सवा लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। महिलाएं न केवल दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, बल्कि अब तकनीकी प्रबंधन, भुगतान निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड संचालन की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

* गांव-गांव बने दुग्ध संग्रह केंद्र
सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा गांव स्तर पर दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन स्वयं महिलाएं कर रही हैं। इन केंद्रों पर किसानों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है और पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिली है।
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर 10 दिन के अंतराल पर महीने में तीन बार सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।

* इन जिलों में तैयार हुआ नेटवर्क
लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर में महिलाओं का बड़ा दुग्ध नेटवर्क तैयार किया गया है।

* 'सामर्थ्य साथी’ एप से मिलेगा हर जानकारी का अपडेट
दुग्ध कारोबार को डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता जांच, भुगतान और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी दी जा रही है, ताकि वे तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है। अब वे केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल डेटा, भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के साथ ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को भी नई दिशा दे रही है।
निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था
* मंत्री संदीप सिंह बोले— हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निपुण भारत मिशन’ के माध्यम से बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए प्रभावी एवं परिणाममुखी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव होती है और सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित देवी संस्थान (डिग्निटी एजुकेशन विजन इंटरनेशनल) द्वारा आयोजित ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN)’ विषयक लीडरशिप कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत बच्चों की भाषा, गणित एवं समझ विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष बन सके।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी नवाचारों को शामिल कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
হিঙ্গলগঞ্জে শান্তির বার্তা বিজেপির, বন্ধ বাজার খুলে স্বাভাবিকতা ফেরালো নেতৃত্ব
বসিরহাট : ২০২৬ বিধানসভা নির্বাচনে ঐতিহাসিক জয়ের পর রাজ্যজুড়ে নতুন রাজনৈতিক সমীকরণ তৈরি হয়েছে। দীর্ঘদিন পর পশ্চিমবঙ্গের ক্ষমতার কেন্দ্রে বিজেপির আগমনকে ঘিরে যেমন উচ্ছ্বাস তৈরি হয়েছে দলীয় কর্মী-সমর্থকদের মধ্যে, তেমনই কিছু এলাকায় রাজনৈতিক উত্তেজনার ছবিও সামনে এসেছে। এই পরিস্থিতির মধ্যেই বসিরহাটের সুন্দরবনের হিঙ্গলগঞ্জ ব্লকের লেবুখালী বাজারে শান্তি ও স্বাভাবিকতা ফেরানোর উদ্যোগ নিয়ে নজর কাড়ল বিজেপি নেতৃত্ব।
ভোট পরবর্তী সময়ে লেবুখালী বাজারের একাধিক দোকানপাট হঠাৎ বন্ধ হয়ে যাওয়ায় চরম সমস্যায় পড়েন স্থানীয় ব্যবসায়ী এবং সাধারণ মানুষ। বাজার বন্ধ থাকায় নিত্যপ্রয়োজনীয় জিনিসপত্র কেনাবেচা কার্যত থমকে যায়। বহু ছোট ব্যবসায়ীর রুজি-রোজগার বন্ধ হয়ে পড়ে। রাজনৈতিক পরিস্থিতির কারণে তৈরি হওয়া এই অস্বস্তিকর পরিবেশ কাটিয়ে তুলতেই মাঠে নামে স্থানীয় বিজেপি নেতৃত্ব।
এদিন বিজেপি নেতারা সরাসরি বাজারে পৌঁছে ব্যবসায়ীদের সঙ্গে কথা বলেন এবং তাদের আশ্বস্ত করেন যে নতুন সরকার সাধারণ মানুষের পাশে রয়েছে। রাজনৈতিক পালাবদল মানেই আতঙ্ক বা অস্থিরতা নয়, বরং উন্নয়ন, নিরাপত্তা এবং স্বাভাবিক জীবনযাত্রা নিশ্চিত করাই বিজেপির মূল লক্ষ্য এমন বার্তাই তুলে ধরেন তারা। নেতৃত্বদের উপস্থিতিতে বন্ধ থাকা একাধিক দোকানের শাটার খুলে দেওয়া হয়। দোকান মালিকদের ব্যবসা পুনরায় শুরু করতে উৎসাহ দেওয়া হয়। বিজেপির তরফে স্পষ্ট জানানো হয়, “ভারতীয় জনতা পার্টি কারও ব্যবসা বা জীবিকা বন্ধ করতে আসেনি। আমরা চাই সকলেই শান্তিপূর্ণভাবে নিজের কাজ করুন এবং উন্নয়নের স্রোতে শামিল হোন।” স্থানীয় বিজেপি কর্মীদের দাবি, দীর্ঘদিন ধরে রাজনৈতিক সন্ত্রাস, হুমকি এবং বাধার মুখে থাকতে হয়েছে তাদের। সেই আবহে রাজ্যের পরিবর্তন সাধারণ মানুষের মধ্যে নতুন আশার সঞ্চার করেছে। তবে ক্ষমতায় এসে প্রতিশোধ নয়, বরং শান্তি ও গণতান্ত্রিক পরিবেশ ফিরিয়ে আনাই দলের অগ্রাধিকার বলে দাবি বিজেপি নেতৃত্বের। এই উদ্যোগে বাজারে ফের স্বাভাবিকতা ফিরে এসেছে বলে জানিয়েছেন স্থানীয় ব্যবসায়ীরাও। বহু দোকানদার বলেন, নেতৃত্বদের আশ্বাসে তারা আবার ব্যবসা শুরু করার সাহস পেয়েছেন। বাজারে সাধারণ মানুষের আনাগোনা বাড়তে শুরু করেছে এবং এলাকায় স্বস্তির পরিবেশ তৈরি হয়েছে। রাজনৈতিক পালাবদলের আবহে হিঙ্গলগঞ্জের এই ছবি রাজ্যের জন্য এক ইতিবাচক বার্তা বহন করছে। সংঘাত ও প্রতিহিংসার বদলে শান্তি, স্থিতিশীলতা এবং সাধারণ মানুষের স্বার্থকে অগ্রাধিকার দিয়ে নতুন রাজনৈতিক সংস্কৃতির ইঙ্গিত দিল বিজেপি। এমনটাই মনে করছেন এলাকার একাংশের বাসিন্দারা।
प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
* अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद अभियान में तेजी लाने के निर्देश
लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

* अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश
अपर आयुक्त (आपूर्ति) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्माणाधीन मॉडल एफपीएस/अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तत्काल खाद्यायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

* राशन वितरण और ई-पॉस मशीनों की ऑनलाइन निगरानी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-वेटिंग स्केल से लिंक्ड ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागीय कर्मचारी मोबाइल इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से फील्ड स्तर पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। प्रदेश में इस कार्य की औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में सुधार लाने और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीनों की नेटवर्क कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी रखी जाए और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

* 13.52 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 13.52 करोड़ लाभार्थियों यानी लगभग 93.34 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। मंत्री ने शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

* गेहूं खरीद में तेजी लाने पर जोर
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में अब तक 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। 25 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,90,704 किसानों से 9.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार मीट्रिक टन अधिक है।
मंत्री ने क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लाने, राइस मिलर्स के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पश्चिम बंगाल की कमान शुभेंदु अधिकारी के हाथ
* भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नेता, कल ब्रिगेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण
कोलकाता। शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में समिक भट्टाचार्य ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। बैठक में उनके नाम के समर्थन में कुल आठ प्रस्ताव आए।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। अमित शाह ने औपचारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। घोषणा के बाद बैठक स्थल पर उत्साह का माहौल दिखाई दिया और शुभेंदु अधिकारी को फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया।
बैठक में भाजपा नेतृत्व ने आगामी राजनीतिक रणनीति और राज्य में सरकार गठन को लेकर भी चर्चा की। पार्टी नेताओं ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद जताई।
सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी कल सुबह 11 बजे ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन बिक्री के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन  सांसद को दिया
फर्रुखाबाद। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद मुकेश राजपूत के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जिस में दवा की  ऑनलाइन बिक्री बंद करने की मांग उठाई गई l साथ ही आगामी 20 मई को होने वाले देशव्यापी बंद की अग्रिम सूचना दी।
स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित कर दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि दवाओं कीऑनलाइन बिक्री के चलते दुकानदारों को खाते का सामना करना पड़ रहा है इसके अलावा अन्य और भी समस्याएं हैं विभिन्न तरीके से दवा विक्रेताओं को परेशान किया जाता है कभी किसी धारा को लेकर तो कभी किसी जीआरएस को लेकर दवा विक्रेताओं का मानसिक उत्पीड़न  किया जाता है  जो बंद होना चाहिए।
ज्ञापन में अवगत कराया है कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आगामी 20 मई को संगठन के बैनर तले दवा व्यवसाय पूरी तरह से देश स्तर पर बंद रहेगा। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रवि शंकर चौहान मंत्री मनोज मिश्रा रजनीश कटियार, मोहित चौहान,कुनाल मोहित चौहान, प्रशांत शाक्य,सूरज यादव प्रदीप सिंह,अनिल सक्सेना, अनुपम पांडेय,आदि शामिल रहे।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
योगी सरकार का डिजिटल दुग्ध मॉडल: मोबाइल एप से जुड़ेंगी गांव की महिलाएं
* 10 जिलों में ‘सामर्थ्य साथी’ एप के जरिए रोजाना 4 लाख लीटर दूध कारोबार होगा हाईटेक
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार मॉडल लागू कर रही है। अवध क्षेत्र और आसपास के 10 जिलों में कार्यरत ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के माध्यम से महिलाएं अब मोबाइल एप के जरिए दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और भुगतान व्यवस्था का संचालन करेंगी। इस पहल से प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध के कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
सरकार के अनुसार इस नेटवर्क से अब तक सवा लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। महिलाएं न केवल दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, बल्कि अब तकनीकी प्रबंधन, भुगतान निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड संचालन की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

* गांव-गांव बने दुग्ध संग्रह केंद्र
सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा गांव स्तर पर दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन स्वयं महिलाएं कर रही हैं। इन केंद्रों पर किसानों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है और पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिली है।
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर 10 दिन के अंतराल पर महीने में तीन बार सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।

* इन जिलों में तैयार हुआ नेटवर्क
लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर में महिलाओं का बड़ा दुग्ध नेटवर्क तैयार किया गया है।

* 'सामर्थ्य साथी’ एप से मिलेगा हर जानकारी का अपडेट
दुग्ध कारोबार को डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता जांच, भुगतान और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी दी जा रही है, ताकि वे तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है। अब वे केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल डेटा, भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के साथ ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को भी नई दिशा दे रही है।
निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था
* मंत्री संदीप सिंह बोले— हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निपुण भारत मिशन’ के माध्यम से बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए प्रभावी एवं परिणाममुखी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव होती है और सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित देवी संस्थान (डिग्निटी एजुकेशन विजन इंटरनेशनल) द्वारा आयोजित ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN)’ विषयक लीडरशिप कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत बच्चों की भाषा, गणित एवं समझ विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष बन सके।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी नवाचारों को शामिल कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
হিঙ্গলগঞ্জে শান্তির বার্তা বিজেপির, বন্ধ বাজার খুলে স্বাভাবিকতা ফেরালো নেতৃত্ব
বসিরহাট : ২০২৬ বিধানসভা নির্বাচনে ঐতিহাসিক জয়ের পর রাজ্যজুড়ে নতুন রাজনৈতিক সমীকরণ তৈরি হয়েছে। দীর্ঘদিন পর পশ্চিমবঙ্গের ক্ষমতার কেন্দ্রে বিজেপির আগমনকে ঘিরে যেমন উচ্ছ্বাস তৈরি হয়েছে দলীয় কর্মী-সমর্থকদের মধ্যে, তেমনই কিছু এলাকায় রাজনৈতিক উত্তেজনার ছবিও সামনে এসেছে। এই পরিস্থিতির মধ্যেই বসিরহাটের সুন্দরবনের হিঙ্গলগঞ্জ ব্লকের লেবুখালী বাজারে শান্তি ও স্বাভাবিকতা ফেরানোর উদ্যোগ নিয়ে নজর কাড়ল বিজেপি নেতৃত্ব।
ভোট পরবর্তী সময়ে লেবুখালী বাজারের একাধিক দোকানপাট হঠাৎ বন্ধ হয়ে যাওয়ায় চরম সমস্যায় পড়েন স্থানীয় ব্যবসায়ী এবং সাধারণ মানুষ। বাজার বন্ধ থাকায় নিত্যপ্রয়োজনীয় জিনিসপত্র কেনাবেচা কার্যত থমকে যায়। বহু ছোট ব্যবসায়ীর রুজি-রোজগার বন্ধ হয়ে পড়ে। রাজনৈতিক পরিস্থিতির কারণে তৈরি হওয়া এই অস্বস্তিকর পরিবেশ কাটিয়ে তুলতেই মাঠে নামে স্থানীয় বিজেপি নেতৃত্ব।
এদিন বিজেপি নেতারা সরাসরি বাজারে পৌঁছে ব্যবসায়ীদের সঙ্গে কথা বলেন এবং তাদের আশ্বস্ত করেন যে নতুন সরকার সাধারণ মানুষের পাশে রয়েছে। রাজনৈতিক পালাবদল মানেই আতঙ্ক বা অস্থিরতা নয়, বরং উন্নয়ন, নিরাপত্তা এবং স্বাভাবিক জীবনযাত্রা নিশ্চিত করাই বিজেপির মূল লক্ষ্য এমন বার্তাই তুলে ধরেন তারা। নেতৃত্বদের উপস্থিতিতে বন্ধ থাকা একাধিক দোকানের শাটার খুলে দেওয়া হয়। দোকান মালিকদের ব্যবসা পুনরায় শুরু করতে উৎসাহ দেওয়া হয়। বিজেপির তরফে স্পষ্ট জানানো হয়, “ভারতীয় জনতা পার্টি কারও ব্যবসা বা জীবিকা বন্ধ করতে আসেনি। আমরা চাই সকলেই শান্তিপূর্ণভাবে নিজের কাজ করুন এবং উন্নয়নের স্রোতে শামিল হোন।” স্থানীয় বিজেপি কর্মীদের দাবি, দীর্ঘদিন ধরে রাজনৈতিক সন্ত্রাস, হুমকি এবং বাধার মুখে থাকতে হয়েছে তাদের। সেই আবহে রাজ্যের পরিবর্তন সাধারণ মানুষের মধ্যে নতুন আশার সঞ্চার করেছে। তবে ক্ষমতায় এসে প্রতিশোধ নয়, বরং শান্তি ও গণতান্ত্রিক পরিবেশ ফিরিয়ে আনাই দলের অগ্রাধিকার বলে দাবি বিজেপি নেতৃত্বের। এই উদ্যোগে বাজারে ফের স্বাভাবিকতা ফিরে এসেছে বলে জানিয়েছেন স্থানীয় ব্যবসায়ীরাও। বহু দোকানদার বলেন, নেতৃত্বদের আশ্বাসে তারা আবার ব্যবসা শুরু করার সাহস পেয়েছেন। বাজারে সাধারণ মানুষের আনাগোনা বাড়তে শুরু করেছে এবং এলাকায় স্বস্তির পরিবেশ তৈরি হয়েছে। রাজনৈতিক পালাবদলের আবহে হিঙ্গলগঞ্জের এই ছবি রাজ্যের জন্য এক ইতিবাচক বার্তা বহন করছে। সংঘাত ও প্রতিহিংসার বদলে শান্তি, স্থিতিশীলতা এবং সাধারণ মানুষের স্বার্থকে অগ্রাধিকার দিয়ে নতুন রাজনৈতিক সংস্কৃতির ইঙ্গিত দিল বিজেপি। এমনটাই মনে করছেন এলাকার একাংশের বাসিন্দারা।