आजमगढ़: महाशिवरात्रि मेले को सकुशल संपन्न कराने हेतु पीस कमेटी बैठक सम्पन्न, थाना दीदारगंज का औचक निरीक्षण
आजमगढ़।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में शुक्रवार को थाना दीदारगंज क्षेत्रांतर्गत ग्राम चितारा महमूदपुर स्थित मंदिर परिसर में आगामी महाशिवरात्रि मेले के दृष्टिगत सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा की गई। बैठक में ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य, संभ्रांत नागरिकगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उपस्थित नागरिकों से मेले के दौरान संभावित समस्याओं, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा संबंधी सुझाव प्राप्त किए गए। अधिकारियों द्वारा सभी को आपसी समन्वय एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने एवं संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का अनुरोध किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा बताया गया कि मेले के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु आवश्यक डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। बैठक उपरांत अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा थाना दीदारगंज का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों, शस्त्रागार, मालखाना, हवालात, सीसीटीएनएस कक्ष एवं परिसर की स्वच्छता आदि का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण एवं कानून-व्यवस्था के प्रति सतर्क रहने हेतु निर्देशित किया गया।जनपद पुलिस महाशिवरात्रि पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
आजमगढ़: अनियंत्रित बाइक नहर में कूदने से युवक की मौत, एक घायल
आजमगढ़। बारात में आए युवक के अनियंत्रित बाइक नहर में कूदने से मयंक सिंह पुत्र जसवंत सिंह उम्र लगभग 20 वर्ष की मौत हो गयी और रोहित सिंह पुत्र अशोक सिंह उम्र लगभग 32 वर्ष घायल है बुरहानपुर से बारात में अपनी मोटर साईकिल काली स्प्लेंडर नम्बर (UP61BR0160)से ढाका रामधनी यादव के यहां आए थे वहां से वापसी में जब वह रामपुर जमील फलन देवनाथपुर माइनर के सामने पहुँचे बाइक नियंत्रित होकर शारदा सहायक खंड 23 में तेज स्पीड होने के कारण गिर गई जिसमें मयंक सिंह पुत्र जसवंत सिंह की मृत्यु हो गई तथा रोहित सिंह पुत्र अशोक सिंह को काफी चोट आई सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मेहनाजपुर मनीष पाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे जिसमें सब इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद सब इंस्पेक्टर दीपक राय आनंद मौर्य के साथ मौके पर पहुंच कर बाड़ी को कब्जे में लेकर मोर्चरी हाउस भेज पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया तथा घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य मेहनाजपुर में भर्ती कराया गया है।खबर लिखे जाने तक की वक्त का इलाज हो रहा था।
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत, भारत के लिए तारिक रहमान के सत्ता में आने क्या हैं मायने?

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बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। बांग्लादेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक सत्ता में रही अवामी लीग के बगैर हुए चुनावों में शेख हसीना की पार्टी के दोनों कट्टर विरोधी दलों (बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन)ने जातीय संसद पर करीब-करीब पूरा कब्जा कर लिया है।

बीएनपी गठबंधन ने तो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा का आंकड़ा पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार जब भी रही है, तब भारत के साथ संबंधों में गर्मजोशी नहीं रही है। ऐसे में यह सवाल बहुत ही स्वाभाविक हो जाता है कि बीएनपी सरकार का रुख़ पड़ोसी देश भारत को लेकर क्या होगा?

हसीने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे निचले स्तर पर

शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद 18 महीनों तक बांग्लादेश ग़ैर-निर्वाचित अंतरिम सरकार के अधीन रहा। इस अंतरिम सरकार के साथ भारत के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए थे। हसीना का भारत आना और वहीं से उनके सार्वजनिक वक्तव्यों ने तनाव को और बढ़ाया।वहीं, हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाज़ी और हिंसा ने भी चिंता बढ़ाई है। अब सवाल ये है कि क्या पड़ोसी देश में नई सरकार गठन के बाद भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर जोर देगी?

भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं

पिछली बार जब बांग्लादेश में तारिक रहमान की मां खालिदा जिया की सरकार थी तो खासकर 2001 से 2006 के बीच उन्होंने भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं की। इस दौरान बीएनपी पर उल्फा को संरक्षण देने के भी आरोप लगे। उल्फा को बीएनपी सरकार ने हथियारों की तस्करी की खुली छूट दी। 2004 में चटगांव से हथियारों की जब्ती इसका कुख्यात उदाहरण है। परंतु जब 2009 में शेख हसीना की अवामी लीग सत्ता में पूरे दम के साथ बैठी तो उसने भारत-विरोधी अलगाववादी संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर उग्रवादी या तो वहां से भाग खड़े हुए या उन्हें पकड़ कर भारत के हवाले कर दिया गया।

मुहम्मद यूनुस ने बनाया भारत विरोधी माहौल

इस वक्त बांग्लादेश एक नाजुक मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। देश में कट्टरपंथी ताकतें खुलकर सक्रिय हो गई हैं और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारत के खिलाफ माहौल बनाया गया। शेख हसीना के दौर में बांग्लादेश ने पाकिस्तान से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन उनके सत्ता से हटने के बाद यूनुस के नेतृत्व में नीति में अचानक बदलाव देखने को मिला। जिस भारत की मदद से बांग्लादेश आजाद हुआ था, उससे दूरी बढ़ाते हुए अब पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

भारत के साथ कैसे संबंध चाहेंगे तारीक?

तारिक रहमान पिछले साल दिसंबर में ही अपने खुद के निर्वासन वाला जीवन छोड़कर लंदन से ढाका लौटे। आने के बाद से जितने भी भाषण दिए हैं, उससे यह लग रहा है कि वे खुद को बांग्लादेशकी जमीन के साथ फिर से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपने पहले भाषणों से ही आंतरिक सौहार्द का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। तारिक रहमान के लिए यह भी माना जाने लगा था कि वह भारत के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करते थे। क्योंकि उन्हें लगता था कि दोनों देशों में दोस्ती ही उनके मुल्क की अर्थव्यस्था मजूबत कर सकती है।

Bhadohi के ज्ञान सरोवर का है पौराणिक इतिहास, सरोवर में स्नान करने से कोढ़ रोग हो जाता था खत्म

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के ज्ञान सरोवर का इतिहास काफी पुराना और पौराणिक है. प्राचीन काशी राज्य का एक हिस्सा आज का भदोही जनपद भी था, जो बनारस स्टेट के जमाने में भी जिला था. कोढ़ जिसे आजकल लोग ज्ञानपुर कहते हैं, यह भदोही का मुख्यालय था. कालांतर में जब राज्यों का विलीनीकरण हुआ और भदोही को क्रमश मिर्जापुर और बाद में वाराणसी में मिला दिया गया, तब भी ज्ञानपुर तहसील मुख्यालय था. जो बाद में 2 तहसीलों में विभाजित हुआ और भदोही को एक अलग तहसील बना दिया गया. इसी ज्ञानपुर कोढ़ के मध्य में एक शंकर जी का प्राचीन मंदिर स्थित है, जिसका इतिहास लगभग 300  वर्ष पुराना है. यह मंदिर ज्ञानपुर नगर के मध्य में स्थित ज्ञान सरोवर के पश्चिमी किनारे पर पूर्वा विमुख स्थित है। इतिहास के पन्नों में यहां विशाल जंगल था. आज भी उन जंगलों का अवशेष देखा जा सकता है. जिसे सुंदरवन कहा जाता है. इन्हीं जंगलों के बीच बावड़ी के रूप में आज का ज्ञान सरोवर स्थित था. इसमें स्नान करने से उस समय कोढ़ जो एक बीमारी है वो दूर हो जाती थी. उस समय गांव गिराव में जिसे कोड़ हो जाता था, उसे कोढ़ी कहा जाता था और गांव से बाहर कर दिया जाता था. कोढ़ रोग के कारण गांव से बाहर किए गए लोग इस जंगल में आकर रहने लगे. भोजन के रूप में जंगली वनस्पति खाते थे और इसी बावड़ी में स्नान करते थे. इस बात का स्पष्ट प्रमाण तत्कालीन अभिलेखों में मिलता है. कि इस बावड़ी में स्नान करने वाले कोढ़ रोग से मुक्त हो जाते थे।इस बात का प्रचार धीरे-धीरे समूचे उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्यप्रदेश तक हो गया. जो लोग कोढ़ से पीड़ित थे, वो इस रोग से मुक्ति के लिए इस स्थान पर आते थे. इसी कारण इसका नाम कोढ़ रखा गया. इसके बाद में गोपीगंज रेलवे स्टेशन का नाम भी कोढ़ रखा गया. कोढ़ अब ज्ञानपुर के नाम से विख्यात है. गोपीगंज स्टेशन का नाम भी बदलकर ज्ञानपुर रोड कर दिया गया. भयानक कोढ़ रोग से मुक्ति का प्रचार-प्रसार इतना बढ़ा कि तमाम राजे रजवाड़ों और जमींदारों का भी ध्यान उधर गया. गंगापुर वाराणसी के जमींदार ठाकुर हरिहर सिंह ने इस बावड़ी का सुंदरीकरण कराया और एक कुएं का निर्माण कराया. उसी बावड़ी के किनारे एक विशाल शंकर जी के मंदिर का भी निर्माण कराया गया. कालांतर में वही बावड़ी ज्ञान सरोवर के नाम से विख्यात हुई और ठाकुर हरिहर सिंह के परिवार वालों ने उनकी स्मृति में मंदिर का नाम भी हरिहरनाथ मंदिर रख दिया. हरिहर शंकर जी को भी कहा जाता है. अतः यह नाम काफी प्रचलित हुआ. धीरे-धीरे यहां स्थापित शिवलिंग की महिमा सिद्धपीठ के रूप में जानी जाने लगी. आज भी दावे के साथ यह कहा जाता है कि जिसने यहां आकर भगवान भोलेनाथ के मंदिर में निरीक्षल भाव से मनोकामना कि वह अवश्य पूरी होती
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भदोही दौरे पर:सीएचसी का निरीक्षण किया, UGC सवाल पर SIR का जिक्र

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शुक्रवार को भदोही दौरे पर रहे। डिप्टी सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से सुविधाओं एवं अस्पताल स्टॉफ के व्यवहार को लेकर जानकारी ली। उन्होंने  दवा के लिए आई एक बुजुर्ग महिला से समस्या एवं इलाज को लेकर जानकारी ली। और उनके परिजनों से फोन पर बातचीत कर यह भी पूंछा, कि डॉक्टर बाहर के लिए दवा तो नहीं लिख रहे। उन्होंने इमरजेंसी, जनरल वार्ड, शिशु वार्ड सहित डॉक्टर चेम्बर्स एवं अन्य वार्डों का जायजा लिया। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम चौगुना में नवनिर्मित भारत माता मंदिर का अनावरण किया। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मीडिया कर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि हमने सीएचसी सुरियावा का जायजा लिया है। चिकित्सकों का मरीज के प्रति व्यवहार अच्छा है हमने भवन एवं अन्य मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा अस्पताल के परिसर एवं बिल्डिंग में तत्काल मरम्मत कराए जाने का निर्देश दिए हैं। पर्याप्त संख्या में इस सीएचसी पर मरीज आ रहे हैं, ओपीडी, आईपीडी, दवाएं सहित सारी सुविधाएं यहां मौजूद हैं। हम हर स्थिति में प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं।
अखिलेश यादव द्वारा कानपुर के लेंबोर्गिनी मामले में कार्रवाई में भेदभाव के हमले पर भी उन्होंने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया को सच्चाई से वाकिफ होना चाहिए। कोई भी अपराधी किसी भी परिस्थिति में बचने नहीं पाएगा। उनके समय में संगठित अपराध का जाल बिछा था, आज कोई भी संगठित माफिया और अपराधियों का गिरोह यूपी में नहीं है। आपसी वैमनस्यता में जो घटनाएं हो रही हैं, उन मामलों में छोटा-बड़ा न देखकर हमारी सरकार कड़ी कार्यवाही कर रही है। कानपुर मामला अभी निस्तारित नहीं हुआ है, अदालत में विचाराधीन है। हम पुलिस प्रशासन से कहेंगे कि वह अपना पक्ष निष्पक्षता से रखें, अदालत जो फैसला देगी उसका पालन होगा।

यूजीसी कानून को लेकर रुख के सवाल पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक कन्नी काट गए। यूजीसी के सवाल पर वह SIR की बात करने लगे। और कहा कि, इस समय प्रदेश में SIR चल रहा है। इसको लेकर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हम सभी कार्यकर्ता पालन कर रहे हैं। हर स्थिति में पारदर्शिता एवं निष्पक्ष पूर्ण सूची बने, इसको लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव बाराबंकी से गिरफ्तार, STF ने हिरासत में लेकर लखनऊ पहुंचाया

लखनऊ/बाराबंकी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने बाराबंकी जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के बाद टीम ने बड़ागांव सीएचसी में उनका मेडिकल चेकअप कराया।
बताया जा रहा है कि सपा नेता मनोज यादव पिछले तीन दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थे। उनकी पत्नी ने गोमती नगर विस्तार थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी बीच एसटीएफ ने उन्हें बाराबंकी से हिरासत में लिया।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के समय मनोज यादव के साथ कुछ अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि, गिरफ्तारी के कारणों को लेकर एसटीएफ की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मेडिकल परीक्षण के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच एसटीएफ टीम मनोज यादव को लखनऊ लेकर रवाना हो गई। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद जिले से लेकर राजधानी तक राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
यूपी कांग्रेस विधि विभाग के प्रादेशिक पदाधिकारियों की सूची जारी
*  राहुल गांधी के ‘न्याय योद्धा’ बनकर करेंगे काम: रिजवी

लखनऊ। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुमोदन के उपरांत उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रादेशिक पदाधिकारियों, मंडल, जिला एवं शहर चेयरमैन की सूची आज जारी कर दी गई। यह सूची एआईसीसी के महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की संस्तुति के बाद सार्वजनिक की गई।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रादेशिक चेयरमैन अली आसिफ जमा रिजवी ने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधि विभाग के पदाधिकारियों की सूची को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करना संगठन की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस विधि विभाग पार्टी की एक सशक्त आवाज बनकर हर जिले में जननायक राहुल गांधी के ‘न्याय योद्धा’ के रूप में कार्य करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विधि विभाग न केवल कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं, बल्कि प्रदेश में सरकार से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहेगा।

श्री रिजवी ने बताया कि फतेहपुर के हरिओम बाल्मीकि के परिवार को भी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग की ओर से विधिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि पूरे प्रदेश में विधि विभाग न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
यूपी पंचायत चुनाव से पहले बनेगा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग, सरकार ने हाईकोर्ट में दिया हलफनामा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा फैसला किया है। सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को सूचित किया है कि चुनाव से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाएगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की खंडपीठ कर रही थी।
हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका में मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे में स्पष्ट किया गया कि नए समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा।
सरकार ने यह भी बताया कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण तय करने हेतु समर्पित आयोग के गठन को अनिवार्य बताया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
झारखंड के 13,699 स्कूलों में बनेंगे दिव्यांग अनुकूल शौचालय, शिक्षा विभाग ने जारी की 726 करोड़ की कार्ययोजना

रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। विभाग ने राज्य भर के ऐसे 13,699 विद्यालयों की पहचान की है, जहां अब तक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग और उनकी जरूरतों के अनुकूल शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।

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तकनीकी मानकों का रखा जाएगा ध्यान:

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के अनुसार, प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर लगभग 5.30 लाख रुपये का खर्च आएगा। ये शौचालय सामान्य शौचालयों से अलग होंगे, जिनमें रैंप, सपोर्ट हैंडल, चौड़े दरवाजे और पर्याप्त जगह जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले छात्र भी आसानी से इनका उपयोग कर सकें।

जिलों की स्थिति: गिरिडीह अव्वल:

सर्वेक्षण के अनुसार, सबसे अधिक कमी गिरिडीह जिले में पाई गई है, जहां 1,453 स्कूलों में निर्माण की आवश्यकता है। अन्य प्रमुख जिलों की सूची इस प्रकार है:

रांची: 862 विद्यालय

पलामू: 826 विद्यालय

देवघर: 803 विद्यालय

दुमका: 765 विद्यालय

सरायकेला-खरसावां: 633 विद्यालय

धनबाद: 506 विद्यालय

फंडिंग की रणनीति: DMFT और CSR का सहारा:

संसाधन जुटाने के लिए विभाग ने बहुआयामी रणनीति बनाई है। लगभग 6,292 विद्यालयों में निर्माण कार्य जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से कराया जाएगा। चतरा, धनबाद, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में इस फंड का उपयोग प्रस्तावित है। शेष जिलों के लिए समग्र शिक्षा अभियान, राज्य योजना, CSR (कॉर्पोरेट फंड) और अनटाइड फंड से राशि जुटाई जाएगी।

समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती:

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से दिव्यांग बच्चों के बीच 'ड्रॉप-आउट' दर में कमी आएगी और उनकी स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी। एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण मिलने से इन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जो समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।

जिला चिन्हित विद्यालयों की संख्या

गिरिडीह 1,453

रांची 862

पलामू 826

देवघर 803

दुमका 765

सरायकेला-खरसावां 633

मोहित चौधरी बने भारतीय गौ सेवा संघ हापुड़ के जिला अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर
मेरठ।भारतीय गौ सेवा संघ में संगठनात्मक विस्तार के तहत मोहित चौधरी को हापुड़ जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति की घोषणा प्रदेश उपाध्यक्ष (उत्तर प्रदेश) राहुल कुमार द्वारा की गई। जैसे ही नियुक्ति की सूचना क्षेत्र में पहुंची, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

नव-नियुक्त जिला अध्यक्ष मोहित चौधरी को बधाई देने वालों का तांता लग गया। फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। भारतीय गौ सेवा संघ मेरठ के जिला उपाध्यक्ष परविंदर चौधरी ने भी फोन पर मोहित चौधरी को बधाई देते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।

इस अवसर पर रोहित कुमार, विनोद कुमार, मोनू कुमार, मनोज कुमार सहित कई कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि मोहित चौधरी के नेतृत्व में हापुड़ जिले में गौ सेवा के कार्यों को नई गति मिलेगी और संगठन का विस्तार होगा।

मोहित चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन की नीतियों के अनुरूप गौ संरक्षण और सेवा के कार्यों को प्राथमिकता देंगे तथा कार्यकर्ताओं के सहयोग से जिले में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
आजमगढ़: महाशिवरात्रि मेले को सकुशल संपन्न कराने हेतु पीस कमेटी बैठक सम्पन्न, थाना दीदारगंज का औचक निरीक्षण
आजमगढ़।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में शुक्रवार को थाना दीदारगंज क्षेत्रांतर्गत ग्राम चितारा महमूदपुर स्थित मंदिर परिसर में आगामी महाशिवरात्रि मेले के दृष्टिगत सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा की गई। बैठक में ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य, संभ्रांत नागरिकगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उपस्थित नागरिकों से मेले के दौरान संभावित समस्याओं, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा संबंधी सुझाव प्राप्त किए गए। अधिकारियों द्वारा सभी को आपसी समन्वय एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने एवं संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का अनुरोध किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा बताया गया कि मेले के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु आवश्यक डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। बैठक उपरांत अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा थाना दीदारगंज का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों, शस्त्रागार, मालखाना, हवालात, सीसीटीएनएस कक्ष एवं परिसर की स्वच्छता आदि का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण एवं कानून-व्यवस्था के प्रति सतर्क रहने हेतु निर्देशित किया गया।जनपद पुलिस महाशिवरात्रि पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
आजमगढ़: अनियंत्रित बाइक नहर में कूदने से युवक की मौत, एक घायल
आजमगढ़। बारात में आए युवक के अनियंत्रित बाइक नहर में कूदने से मयंक सिंह पुत्र जसवंत सिंह उम्र लगभग 20 वर्ष की मौत हो गयी और रोहित सिंह पुत्र अशोक सिंह उम्र लगभग 32 वर्ष घायल है बुरहानपुर से बारात में अपनी मोटर साईकिल काली स्प्लेंडर नम्बर (UP61BR0160)से ढाका रामधनी यादव के यहां आए थे वहां से वापसी में जब वह रामपुर जमील फलन देवनाथपुर माइनर के सामने पहुँचे बाइक नियंत्रित होकर शारदा सहायक खंड 23 में तेज स्पीड होने के कारण गिर गई जिसमें मयंक सिंह पुत्र जसवंत सिंह की मृत्यु हो गई तथा रोहित सिंह पुत्र अशोक सिंह को काफी चोट आई सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मेहनाजपुर मनीष पाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे जिसमें सब इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद सब इंस्पेक्टर दीपक राय आनंद मौर्य के साथ मौके पर पहुंच कर बाड़ी को कब्जे में लेकर मोर्चरी हाउस भेज पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया तथा घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य मेहनाजपुर में भर्ती कराया गया है।खबर लिखे जाने तक की वक्त का इलाज हो रहा था।
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत, भारत के लिए तारिक रहमान के सत्ता में आने क्या हैं मायने?

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बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। बांग्लादेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक सत्ता में रही अवामी लीग के बगैर हुए चुनावों में शेख हसीना की पार्टी के दोनों कट्टर विरोधी दलों (बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन)ने जातीय संसद पर करीब-करीब पूरा कब्जा कर लिया है।

बीएनपी गठबंधन ने तो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा का आंकड़ा पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार जब भी रही है, तब भारत के साथ संबंधों में गर्मजोशी नहीं रही है। ऐसे में यह सवाल बहुत ही स्वाभाविक हो जाता है कि बीएनपी सरकार का रुख़ पड़ोसी देश भारत को लेकर क्या होगा?

हसीने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे निचले स्तर पर

शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद 18 महीनों तक बांग्लादेश ग़ैर-निर्वाचित अंतरिम सरकार के अधीन रहा। इस अंतरिम सरकार के साथ भारत के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए थे। हसीना का भारत आना और वहीं से उनके सार्वजनिक वक्तव्यों ने तनाव को और बढ़ाया।वहीं, हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाज़ी और हिंसा ने भी चिंता बढ़ाई है। अब सवाल ये है कि क्या पड़ोसी देश में नई सरकार गठन के बाद भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर जोर देगी?

भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं

पिछली बार जब बांग्लादेश में तारिक रहमान की मां खालिदा जिया की सरकार थी तो खासकर 2001 से 2006 के बीच उन्होंने भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं की। इस दौरान बीएनपी पर उल्फा को संरक्षण देने के भी आरोप लगे। उल्फा को बीएनपी सरकार ने हथियारों की तस्करी की खुली छूट दी। 2004 में चटगांव से हथियारों की जब्ती इसका कुख्यात उदाहरण है। परंतु जब 2009 में शेख हसीना की अवामी लीग सत्ता में पूरे दम के साथ बैठी तो उसने भारत-विरोधी अलगाववादी संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर उग्रवादी या तो वहां से भाग खड़े हुए या उन्हें पकड़ कर भारत के हवाले कर दिया गया।

मुहम्मद यूनुस ने बनाया भारत विरोधी माहौल

इस वक्त बांग्लादेश एक नाजुक मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। देश में कट्टरपंथी ताकतें खुलकर सक्रिय हो गई हैं और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारत के खिलाफ माहौल बनाया गया। शेख हसीना के दौर में बांग्लादेश ने पाकिस्तान से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन उनके सत्ता से हटने के बाद यूनुस के नेतृत्व में नीति में अचानक बदलाव देखने को मिला। जिस भारत की मदद से बांग्लादेश आजाद हुआ था, उससे दूरी बढ़ाते हुए अब पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

भारत के साथ कैसे संबंध चाहेंगे तारीक?

तारिक रहमान पिछले साल दिसंबर में ही अपने खुद के निर्वासन वाला जीवन छोड़कर लंदन से ढाका लौटे। आने के बाद से जितने भी भाषण दिए हैं, उससे यह लग रहा है कि वे खुद को बांग्लादेशकी जमीन के साथ फिर से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपने पहले भाषणों से ही आंतरिक सौहार्द का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। तारिक रहमान के लिए यह भी माना जाने लगा था कि वह भारत के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करते थे। क्योंकि उन्हें लगता था कि दोनों देशों में दोस्ती ही उनके मुल्क की अर्थव्यस्था मजूबत कर सकती है।

Bhadohi के ज्ञान सरोवर का है पौराणिक इतिहास, सरोवर में स्नान करने से कोढ़ रोग हो जाता था खत्म

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के ज्ञान सरोवर का इतिहास काफी पुराना और पौराणिक है. प्राचीन काशी राज्य का एक हिस्सा आज का भदोही जनपद भी था, जो बनारस स्टेट के जमाने में भी जिला था. कोढ़ जिसे आजकल लोग ज्ञानपुर कहते हैं, यह भदोही का मुख्यालय था. कालांतर में जब राज्यों का विलीनीकरण हुआ और भदोही को क्रमश मिर्जापुर और बाद में वाराणसी में मिला दिया गया, तब भी ज्ञानपुर तहसील मुख्यालय था. जो बाद में 2 तहसीलों में विभाजित हुआ और भदोही को एक अलग तहसील बना दिया गया. इसी ज्ञानपुर कोढ़ के मध्य में एक शंकर जी का प्राचीन मंदिर स्थित है, जिसका इतिहास लगभग 300  वर्ष पुराना है. यह मंदिर ज्ञानपुर नगर के मध्य में स्थित ज्ञान सरोवर के पश्चिमी किनारे पर पूर्वा विमुख स्थित है। इतिहास के पन्नों में यहां विशाल जंगल था. आज भी उन जंगलों का अवशेष देखा जा सकता है. जिसे सुंदरवन कहा जाता है. इन्हीं जंगलों के बीच बावड़ी के रूप में आज का ज्ञान सरोवर स्थित था. इसमें स्नान करने से उस समय कोढ़ जो एक बीमारी है वो दूर हो जाती थी. उस समय गांव गिराव में जिसे कोड़ हो जाता था, उसे कोढ़ी कहा जाता था और गांव से बाहर कर दिया जाता था. कोढ़ रोग के कारण गांव से बाहर किए गए लोग इस जंगल में आकर रहने लगे. भोजन के रूप में जंगली वनस्पति खाते थे और इसी बावड़ी में स्नान करते थे. इस बात का स्पष्ट प्रमाण तत्कालीन अभिलेखों में मिलता है. कि इस बावड़ी में स्नान करने वाले कोढ़ रोग से मुक्त हो जाते थे।इस बात का प्रचार धीरे-धीरे समूचे उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्यप्रदेश तक हो गया. जो लोग कोढ़ से पीड़ित थे, वो इस रोग से मुक्ति के लिए इस स्थान पर आते थे. इसी कारण इसका नाम कोढ़ रखा गया. इसके बाद में गोपीगंज रेलवे स्टेशन का नाम भी कोढ़ रखा गया. कोढ़ अब ज्ञानपुर के नाम से विख्यात है. गोपीगंज स्टेशन का नाम भी बदलकर ज्ञानपुर रोड कर दिया गया. भयानक कोढ़ रोग से मुक्ति का प्रचार-प्रसार इतना बढ़ा कि तमाम राजे रजवाड़ों और जमींदारों का भी ध्यान उधर गया. गंगापुर वाराणसी के जमींदार ठाकुर हरिहर सिंह ने इस बावड़ी का सुंदरीकरण कराया और एक कुएं का निर्माण कराया. उसी बावड़ी के किनारे एक विशाल शंकर जी के मंदिर का भी निर्माण कराया गया. कालांतर में वही बावड़ी ज्ञान सरोवर के नाम से विख्यात हुई और ठाकुर हरिहर सिंह के परिवार वालों ने उनकी स्मृति में मंदिर का नाम भी हरिहरनाथ मंदिर रख दिया. हरिहर शंकर जी को भी कहा जाता है. अतः यह नाम काफी प्रचलित हुआ. धीरे-धीरे यहां स्थापित शिवलिंग की महिमा सिद्धपीठ के रूप में जानी जाने लगी. आज भी दावे के साथ यह कहा जाता है कि जिसने यहां आकर भगवान भोलेनाथ के मंदिर में निरीक्षल भाव से मनोकामना कि वह अवश्य पूरी होती
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भदोही दौरे पर:सीएचसी का निरीक्षण किया, UGC सवाल पर SIR का जिक्र

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शुक्रवार को भदोही दौरे पर रहे। डिप्टी सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से सुविधाओं एवं अस्पताल स्टॉफ के व्यवहार को लेकर जानकारी ली। उन्होंने  दवा के लिए आई एक बुजुर्ग महिला से समस्या एवं इलाज को लेकर जानकारी ली। और उनके परिजनों से फोन पर बातचीत कर यह भी पूंछा, कि डॉक्टर बाहर के लिए दवा तो नहीं लिख रहे। उन्होंने इमरजेंसी, जनरल वार्ड, शिशु वार्ड सहित डॉक्टर चेम्बर्स एवं अन्य वार्डों का जायजा लिया। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम चौगुना में नवनिर्मित भारत माता मंदिर का अनावरण किया। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मीडिया कर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि हमने सीएचसी सुरियावा का जायजा लिया है। चिकित्सकों का मरीज के प्रति व्यवहार अच्छा है हमने भवन एवं अन्य मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा अस्पताल के परिसर एवं बिल्डिंग में तत्काल मरम्मत कराए जाने का निर्देश दिए हैं। पर्याप्त संख्या में इस सीएचसी पर मरीज आ रहे हैं, ओपीडी, आईपीडी, दवाएं सहित सारी सुविधाएं यहां मौजूद हैं। हम हर स्थिति में प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं।
अखिलेश यादव द्वारा कानपुर के लेंबोर्गिनी मामले में कार्रवाई में भेदभाव के हमले पर भी उन्होंने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया को सच्चाई से वाकिफ होना चाहिए। कोई भी अपराधी किसी भी परिस्थिति में बचने नहीं पाएगा। उनके समय में संगठित अपराध का जाल बिछा था, आज कोई भी संगठित माफिया और अपराधियों का गिरोह यूपी में नहीं है। आपसी वैमनस्यता में जो घटनाएं हो रही हैं, उन मामलों में छोटा-बड़ा न देखकर हमारी सरकार कड़ी कार्यवाही कर रही है। कानपुर मामला अभी निस्तारित नहीं हुआ है, अदालत में विचाराधीन है। हम पुलिस प्रशासन से कहेंगे कि वह अपना पक्ष निष्पक्षता से रखें, अदालत जो फैसला देगी उसका पालन होगा।

यूजीसी कानून को लेकर रुख के सवाल पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक कन्नी काट गए। यूजीसी के सवाल पर वह SIR की बात करने लगे। और कहा कि, इस समय प्रदेश में SIR चल रहा है। इसको लेकर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हम सभी कार्यकर्ता पालन कर रहे हैं। हर स्थिति में पारदर्शिता एवं निष्पक्ष पूर्ण सूची बने, इसको लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव बाराबंकी से गिरफ्तार, STF ने हिरासत में लेकर लखनऊ पहुंचाया

लखनऊ/बाराबंकी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने बाराबंकी जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के बाद टीम ने बड़ागांव सीएचसी में उनका मेडिकल चेकअप कराया।
बताया जा रहा है कि सपा नेता मनोज यादव पिछले तीन दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थे। उनकी पत्नी ने गोमती नगर विस्तार थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी बीच एसटीएफ ने उन्हें बाराबंकी से हिरासत में लिया।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के समय मनोज यादव के साथ कुछ अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि, गिरफ्तारी के कारणों को लेकर एसटीएफ की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मेडिकल परीक्षण के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच एसटीएफ टीम मनोज यादव को लखनऊ लेकर रवाना हो गई। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद जिले से लेकर राजधानी तक राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
यूपी कांग्रेस विधि विभाग के प्रादेशिक पदाधिकारियों की सूची जारी
*  राहुल गांधी के ‘न्याय योद्धा’ बनकर करेंगे काम: रिजवी

लखनऊ। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुमोदन के उपरांत उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रादेशिक पदाधिकारियों, मंडल, जिला एवं शहर चेयरमैन की सूची आज जारी कर दी गई। यह सूची एआईसीसी के महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की संस्तुति के बाद सार्वजनिक की गई।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रादेशिक चेयरमैन अली आसिफ जमा रिजवी ने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधि विभाग के पदाधिकारियों की सूची को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करना संगठन की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस विधि विभाग पार्टी की एक सशक्त आवाज बनकर हर जिले में जननायक राहुल गांधी के ‘न्याय योद्धा’ के रूप में कार्य करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विधि विभाग न केवल कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं, बल्कि प्रदेश में सरकार से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहेगा।

श्री रिजवी ने बताया कि फतेहपुर के हरिओम बाल्मीकि के परिवार को भी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग की ओर से विधिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि पूरे प्रदेश में विधि विभाग न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
यूपी पंचायत चुनाव से पहले बनेगा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग, सरकार ने हाईकोर्ट में दिया हलफनामा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा फैसला किया है। सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को सूचित किया है कि चुनाव से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाएगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की खंडपीठ कर रही थी।
हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका में मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे में स्पष्ट किया गया कि नए समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा।
सरकार ने यह भी बताया कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण तय करने हेतु समर्पित आयोग के गठन को अनिवार्य बताया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
झारखंड के 13,699 स्कूलों में बनेंगे दिव्यांग अनुकूल शौचालय, शिक्षा विभाग ने जारी की 726 करोड़ की कार्ययोजना

रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। विभाग ने राज्य भर के ऐसे 13,699 विद्यालयों की पहचान की है, जहां अब तक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग और उनकी जरूरतों के अनुकूल शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।

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तकनीकी मानकों का रखा जाएगा ध्यान:

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के अनुसार, प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर लगभग 5.30 लाख रुपये का खर्च आएगा। ये शौचालय सामान्य शौचालयों से अलग होंगे, जिनमें रैंप, सपोर्ट हैंडल, चौड़े दरवाजे और पर्याप्त जगह जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले छात्र भी आसानी से इनका उपयोग कर सकें।

जिलों की स्थिति: गिरिडीह अव्वल:

सर्वेक्षण के अनुसार, सबसे अधिक कमी गिरिडीह जिले में पाई गई है, जहां 1,453 स्कूलों में निर्माण की आवश्यकता है। अन्य प्रमुख जिलों की सूची इस प्रकार है:

रांची: 862 विद्यालय

पलामू: 826 विद्यालय

देवघर: 803 विद्यालय

दुमका: 765 विद्यालय

सरायकेला-खरसावां: 633 विद्यालय

धनबाद: 506 विद्यालय

फंडिंग की रणनीति: DMFT और CSR का सहारा:

संसाधन जुटाने के लिए विभाग ने बहुआयामी रणनीति बनाई है। लगभग 6,292 विद्यालयों में निर्माण कार्य जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से कराया जाएगा। चतरा, धनबाद, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में इस फंड का उपयोग प्रस्तावित है। शेष जिलों के लिए समग्र शिक्षा अभियान, राज्य योजना, CSR (कॉर्पोरेट फंड) और अनटाइड फंड से राशि जुटाई जाएगी।

समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती:

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से दिव्यांग बच्चों के बीच 'ड्रॉप-आउट' दर में कमी आएगी और उनकी स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी। एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण मिलने से इन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जो समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।

जिला चिन्हित विद्यालयों की संख्या

गिरिडीह 1,453

रांची 862

पलामू 826

देवघर 803

दुमका 765

सरायकेला-खरसावां 633

मोहित चौधरी बने भारतीय गौ सेवा संघ हापुड़ के जिला अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर
मेरठ।भारतीय गौ सेवा संघ में संगठनात्मक विस्तार के तहत मोहित चौधरी को हापुड़ जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति की घोषणा प्रदेश उपाध्यक्ष (उत्तर प्रदेश) राहुल कुमार द्वारा की गई। जैसे ही नियुक्ति की सूचना क्षेत्र में पहुंची, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

नव-नियुक्त जिला अध्यक्ष मोहित चौधरी को बधाई देने वालों का तांता लग गया। फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। भारतीय गौ सेवा संघ मेरठ के जिला उपाध्यक्ष परविंदर चौधरी ने भी फोन पर मोहित चौधरी को बधाई देते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।

इस अवसर पर रोहित कुमार, विनोद कुमार, मोनू कुमार, मनोज कुमार सहित कई कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि मोहित चौधरी के नेतृत्व में हापुड़ जिले में गौ सेवा के कार्यों को नई गति मिलेगी और संगठन का विस्तार होगा।

मोहित चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन की नीतियों के अनुरूप गौ संरक्षण और सेवा के कार्यों को प्राथमिकता देंगे तथा कार्यकर्ताओं के सहयोग से जिले में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।