आजमगढ़: शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से से मिला, दिया ज्ञापन, जाने क्या मामला
आजमगढ़ ।उत्तर प्रदेशीय प्रारंभिक शिक्षक समिति का एक प्रतिनिधिमंडल के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से उनके कार्यालय में मुलाकात किया और जनगणना के संबंध में अपने मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेशीय प्रारम्भिक शिक्षक समिति के जिला अध्यक्ष डाक्टर राम उजागिर शुक्ल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला। संगठन ने मांग किया कि जनगणना में गर्भवती महिलाओं को ड्यूटी से मुक्त किया जाए।जिन कार्मिकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष या उससे कम का समय बचा है, उन्हें भी इससे मुक्त रखा जाय।जो भी शिक्षक या कर्मचारी शारीरिक रूप से अशक्त हों उन्हें ड्यूटी से ढील दी जाए। जनगणना कार्य में लोगों की ड्यूटी विद्यालय सेवित गांव या आस -पास के मज़रों में लगाई जाए। प्रतिनिधि मंडल में राम अवध यादव, रविशंकर यादव, जमुना प्रसाद दूबे, सूबेदार यादव, दरोगा प्रसाद यादव,उदय प्रताप राय,विनय प्रकाश दूबे, कमलेश यादव आदि शामिल रहे।
রাজ্যের নির্বাচনের কারণে ডার্বি পিছিয়ে গেল, এগিয়ে আনা হল মুম্বই ম্যাচ
*খেলা*

*আই এস এল*



Sports Desk: আগামী ৩ মে ইস্টবেঙ্গল বনাম মোহনবাগান সুপার জায়ান্টের মধ্যে ডার্বি হওয়ার কথা ছিল। কিন্তু ৪ মে রাজ্যে ভোটের ফল ঘোষণার দিন, তাই নিরাপত্তার কারণে এই ম্যাচ পিছিয়ে করা হয়েছে ১৭ মে। সময় এবং ভেন্যুঅপরিবর্তিত,যুবভারতীতে সন্ধ্যা ৭.৩০ এ শুরু হবে এই ম্যাচ।
ডার্বি পিছিয়ে যাওয়ার প্রভাব পড়েছে অন্য ম্যাচের সূচিতেও। ৮ মে মুম্বই সিটি এফসি-র বিরুদ্ধে ইস্টবেঙ্গলের অ্যাওয়ে ম্যাচ ছিল। সেটি এগিয়ে আনা হয়েছে। নতুন সূচি অনুযায়ী ম্যাচটি হবে ৫ মে। ম্যাচটি হবে মুম্বইয়েই।
এছাড়াও ইস্টবেঙ্গল-ওডিশা ম্যাচ
ইস্টবেঙ্গল বনাম ওডিশা এফসি ম্যাচটি নির্ধারিত ২৮ এপ্রিলই হবে, তবে বদলে গিয়েছে ভেন্যু। আগে ঠিক ছিল যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে খেলা হবে।কিন্তু ২৯ এপ্রিল বাংলায় দ্বিতীয় দফার নির্বাচন থাকায়, তার আগের দিন এত বড় ম্যাচে নিরাপত্তা দেওয়া সম্ভব নয়। ফলে ম্যাচটি সরিয়ে নিয়ে যাওয়া হয়েছে গোয়ার ফতোরদা স্টেডিয়ামে।
পাঞ্জাব ম্যাচও পিছিয়ে গেল নির্বাচনের কারণে।পাঞ্জাব এফসি-র বিরুদ্ধে ইস্টবেঙ্গলের ম্যাচটি আগে নির্ধারিত ছিল ২৪ এপ্রিল, যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে হওয়ার কথা ছিল। কিন্তু ২৩ এপ্রিল বাংলায় প্রথম দফার নির্বাচন থাকায়, পরের দিনই আই এস এল-এর ম্যাচ আয়োজন করা সম্ভব নয়। তাই এই ম্যাচটি পিছিয়ে ১১ মে করা হয়েছে। ভেন্যু অপরিবর্তিত, আর ম্যাচটি শুরু হবে সন্ধ্যা ৭.৩০ টায়।

ছবি সৌজন্যে :আই এস এল
7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ग्राम प्रधान से पीड़ित परिवार की नहीं हो रही सुनवाई


गोंडा(करनैलगंज)। मामला थाना करनैलगंज अन्तर्गत पुलिस चौकी भंभुआ अंतर्गत ग्राम बुढ़वलिया के मजरा महिपत गंज से जुड़ा है। जहाँ के निवासी छन्नू पुत्र नसीम ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को एक शिकायती पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान बुढ़वलिया मैनुद्दीन ने अपने चार पहिया वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मेरे घर के सामने बँधी बकरी और उसके बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। जबकि इससे पहले भी इस तरह की घटना प्रधान द्वारा की जा चुकी है। जिससे पीड़ित का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया प्रन्तु विपक्षी प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले को दबवा दिया। अब प्रधान द्वारा आये दिन गाली गलौज व धमकी दी जा रही है जिससे पीड़ित को अनहोनी की आशंका सता रही है। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने ली बैठक
फर्रुखाबाद l विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के अन्तर्गत जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत की गयी।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान 270370 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे जिनकी सुनवाई भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नियमविहित प्रक्रिया अपनाते हुए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा पूर्ण कर ली गयी है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त राजनैतिक दलों को अवगत कराया गया कि दिनांक 27.10.2025 से दिनांक 06.03.2026 तक फार्म-6- 70512, फार्म-7-2764 तथा फार्म-8 18427 प्राप्त हुए थे । जिनका निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा नियमविहित प्रकिया के अनुसार निस्तारण कर लिया गया है। निर्वाचक नामावलियों का अन्तिम प्रकाशन 10 अप्रैल, 2026 को किया जायेगा।
बैठक में अरूण कुमार सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रवीन्द्र कुमार, अपर उप जिलाधिकारी, फर्रूखाबाद, मुकेश कुमार गुप्ता, जिला संयोजक, चुनाव प्रबन्धन, भारतीय जनता पार्टी, सुभाष चन्द्र शाक्य, जिला उपाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी, अचल प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, आम आदमी पार्टी, सुनील कुमार कटियार, मन्त्री, सा0पी0आई0 (एम), चित्रांशु शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष, अपना दल (एस), त्रिलोचन सिंह, कॉग्रेस विधि प्रकोष्ठ उपस्थित रहें।
हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर डीएम ने ली बैठक
फर्रूखाबाद l जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा संबंधी बैठक सम्पन्न
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लू (हीट वेव) से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित लू-प्रकोप को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला चिकित्सालय में एक वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 4-4 बेड हीट वेव के मरीजों हेतु आरक्षित किए जाएं। कूल रूम की व्यवस्था, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही सन स्ट्रोक से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए एवं मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव संबंधी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा हेतु हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पशुपालकों को जागरूक करने, पानी की व्यवस्था एवं टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सूचना विभाग को सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन कर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कार्य रोकने, कार्यस्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव तथा वन्य जीवों हेतु जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन विभाग को सभी इकाइयों को 24×7 सक्रिय रखने, फायर ऑडिट पूर्ण करने, संसाधनों का विवरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने, पेयजल एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर कूलिंग सेंटर, प्याऊ एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब विद्युत पोलों को दुरुस्त करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि हीट वेव से बचाव हेतु “क्या करें और क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की अध्यक्षता में महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक, नैक मूल्यांकन व गुणवत्ता सुधार पर जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन प्रतिशत, प्लेसमेंट, रोजगार मेले, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भ्रमण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, शोध कार्यों, खेल गतिविधियों एवं पौधारोपण अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का जियो-टैगिंग के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विद्यार्थियों की कम संख्या में सुधार तथा लैब एवं कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने, पुस्तकालयों को मजबूत बनाने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग हेतु स्थानीय उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा करीब 40,000 छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
निलंबन के बाद भी अध्यापक पर मेहरबान बना हुआ है महकमा
*अधिवक्ता ऋषभ द्वारा पुनः जिलाधिकारी को दिया गया शिकायती पत्र
मीरजापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नारायणपुर ब्लॉक का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जांच अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे है, कि आख़िरकार कैसे निलंबित अध्यापक धीरज सिंह जो पिछले १० माह से निलंबित चल रहे होने के बावजूद ब्लॉक संसाधन केंद्र शिवशंकरी धाम पर सम्बद्ध होकर पूर्व की भांति विभागीय कार्यो को पूर्ण कर रहे है। उनके खिलाफ लगाये गए आरोप की जांच हेतु नियुक्त विभागीय जांच अधिकारी विगत १० माह के बीत जाने के बाद भी जांच आख्या नहीं दे पा रहे है या जांच आख्या प्राप्त होने के बाद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्यवाही जानबूझ के नहीं की जा रही है। चर्चा है कि इस मामले की लीपापोती करने के बाद उन्हें नारायणपुर ब्लॉक में ही उनके घर के पास किसी स्कूल में तैनाती देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में इन सब मामलों को लेकर एक बार पुनः अधिवक्ता ऋषभ सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने निलंबित अध्यापक द्वारा विद्यालय भवन निर्माण में सरकारी धन के गबन व दुरुपयोग के साथ-साथ उनके द्वारा बनवाये गए भवन की गुणवत्ता ख़राब होने, भवन की नींव बैठ जाने तथा दीवारों में बड़ी बड़ी दरारों के पड़ने के साथ छोटे बच्चों के जिन्दगियों के साथ खिलवाड़ करने जैसे गंभीर आरोप लगाये है। अधिवक्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया है कि जब त्रिस्तरीय जांच समिति के सामने आरोपी के ऊपर दोष सिद्ध हो चुका है और उसे निलंबित कर दिया गया है उसके बाद भी उसपर ना ही प्राथमिकी दर्ज करके मुक़दमा किया गया ना ही सरकारी धन की वसूली हेतु कोई कार्यवाही की गई, बल्कि इससे उलट उससे विभागीय कार्य लिया जा रहा है। आरोप लगाया है कि आधार बनाने में भी धीरज सिंह द्वारा काफ़ी वित्तीय अनियमितता किया गया है। उनके द्वारा लगभग ५ लाख रुपए की हेराफेरी की गई है। आधार बनाने के सरकारी शुल्क को विभागीय खाते में आंशिक रूप से जमा किया गया है। इस मामले की जांच का भी अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा है कि विभाग के उच्चाधिकारी उनके ऊपर लगातार मेहरबान बने हुए है। आरोपी आज भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगिरी का कार्य कर रहा है। उसके द्वारा विभागीय ह्वाट्सऐप ग्रुप में आधिकारिक मैसेज भी लगातार भेजा जाता है। दूसरी ओर शिकायत पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर संबधित अधिकारियों को तलब किया गया है। देखना अब यह है कि क्या कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
आजमगढ़: शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से से मिला, दिया ज्ञापन, जाने क्या मामला
आजमगढ़ ।उत्तर प्रदेशीय प्रारंभिक शिक्षक समिति का एक प्रतिनिधिमंडल के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से उनके कार्यालय में मुलाकात किया और जनगणना के संबंध में अपने मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेशीय प्रारम्भिक शिक्षक समिति के जिला अध्यक्ष डाक्टर राम उजागिर शुक्ल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला। संगठन ने मांग किया कि जनगणना में गर्भवती महिलाओं को ड्यूटी से मुक्त किया जाए।जिन कार्मिकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष या उससे कम का समय बचा है, उन्हें भी इससे मुक्त रखा जाय।जो भी शिक्षक या कर्मचारी शारीरिक रूप से अशक्त हों उन्हें ड्यूटी से ढील दी जाए। जनगणना कार्य में लोगों की ड्यूटी विद्यालय सेवित गांव या आस -पास के मज़रों में लगाई जाए। प्रतिनिधि मंडल में राम अवध यादव, रविशंकर यादव, जमुना प्रसाद दूबे, सूबेदार यादव, दरोगा प्रसाद यादव,उदय प्रताप राय,विनय प्रकाश दूबे, कमलेश यादव आदि शामिल रहे।
রাজ্যের নির্বাচনের কারণে ডার্বি পিছিয়ে গেল, এগিয়ে আনা হল মুম্বই ম্যাচ
*খেলা*

*আই এস এল*



Sports Desk: আগামী ৩ মে ইস্টবেঙ্গল বনাম মোহনবাগান সুপার জায়ান্টের মধ্যে ডার্বি হওয়ার কথা ছিল। কিন্তু ৪ মে রাজ্যে ভোটের ফল ঘোষণার দিন, তাই নিরাপত্তার কারণে এই ম্যাচ পিছিয়ে করা হয়েছে ১৭ মে। সময় এবং ভেন্যুঅপরিবর্তিত,যুবভারতীতে সন্ধ্যা ৭.৩০ এ শুরু হবে এই ম্যাচ।
ডার্বি পিছিয়ে যাওয়ার প্রভাব পড়েছে অন্য ম্যাচের সূচিতেও। ৮ মে মুম্বই সিটি এফসি-র বিরুদ্ধে ইস্টবেঙ্গলের অ্যাওয়ে ম্যাচ ছিল। সেটি এগিয়ে আনা হয়েছে। নতুন সূচি অনুযায়ী ম্যাচটি হবে ৫ মে। ম্যাচটি হবে মুম্বইয়েই।
এছাড়াও ইস্টবেঙ্গল-ওডিশা ম্যাচ
ইস্টবেঙ্গল বনাম ওডিশা এফসি ম্যাচটি নির্ধারিত ২৮ এপ্রিলই হবে, তবে বদলে গিয়েছে ভেন্যু। আগে ঠিক ছিল যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে খেলা হবে।কিন্তু ২৯ এপ্রিল বাংলায় দ্বিতীয় দফার নির্বাচন থাকায়, তার আগের দিন এত বড় ম্যাচে নিরাপত্তা দেওয়া সম্ভব নয়। ফলে ম্যাচটি সরিয়ে নিয়ে যাওয়া হয়েছে গোয়ার ফতোরদা স্টেডিয়ামে।
পাঞ্জাব ম্যাচও পিছিয়ে গেল নির্বাচনের কারণে।পাঞ্জাব এফসি-র বিরুদ্ধে ইস্টবেঙ্গলের ম্যাচটি আগে নির্ধারিত ছিল ২৪ এপ্রিল, যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে হওয়ার কথা ছিল। কিন্তু ২৩ এপ্রিল বাংলায় প্রথম দফার নির্বাচন থাকায়, পরের দিনই আই এস এল-এর ম্যাচ আয়োজন করা সম্ভব নয়। তাই এই ম্যাচটি পিছিয়ে ১১ মে করা হয়েছে। ভেন্যু অপরিবর্তিত, আর ম্যাচটি শুরু হবে সন্ধ্যা ৭.৩০ টায়।

ছবি সৌজন্যে :আই এস এল
7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ग्राम प्रधान से पीड़ित परिवार की नहीं हो रही सुनवाई


गोंडा(करनैलगंज)। मामला थाना करनैलगंज अन्तर्गत पुलिस चौकी भंभुआ अंतर्गत ग्राम बुढ़वलिया के मजरा महिपत गंज से जुड़ा है। जहाँ के निवासी छन्नू पुत्र नसीम ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को एक शिकायती पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान बुढ़वलिया मैनुद्दीन ने अपने चार पहिया वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मेरे घर के सामने बँधी बकरी और उसके बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। जबकि इससे पहले भी इस तरह की घटना प्रधान द्वारा की जा चुकी है। जिससे पीड़ित का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया प्रन्तु विपक्षी प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले को दबवा दिया। अब प्रधान द्वारा आये दिन गाली गलौज व धमकी दी जा रही है जिससे पीड़ित को अनहोनी की आशंका सता रही है। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने ली बैठक
फर्रुखाबाद l विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के अन्तर्गत जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत की गयी।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान 270370 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे जिनकी सुनवाई भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नियमविहित प्रक्रिया अपनाते हुए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा पूर्ण कर ली गयी है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त राजनैतिक दलों को अवगत कराया गया कि दिनांक 27.10.2025 से दिनांक 06.03.2026 तक फार्म-6- 70512, फार्म-7-2764 तथा फार्म-8 18427 प्राप्त हुए थे । जिनका निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा नियमविहित प्रकिया के अनुसार निस्तारण कर लिया गया है। निर्वाचक नामावलियों का अन्तिम प्रकाशन 10 अप्रैल, 2026 को किया जायेगा।
बैठक में अरूण कुमार सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रवीन्द्र कुमार, अपर उप जिलाधिकारी, फर्रूखाबाद, मुकेश कुमार गुप्ता, जिला संयोजक, चुनाव प्रबन्धन, भारतीय जनता पार्टी, सुभाष चन्द्र शाक्य, जिला उपाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी, अचल प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, आम आदमी पार्टी, सुनील कुमार कटियार, मन्त्री, सा0पी0आई0 (एम), चित्रांशु शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष, अपना दल (एस), त्रिलोचन सिंह, कॉग्रेस विधि प्रकोष्ठ उपस्थित रहें।
हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर डीएम ने ली बैठक
फर्रूखाबाद l जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा संबंधी बैठक सम्पन्न
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लू (हीट वेव) से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित लू-प्रकोप को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला चिकित्सालय में एक वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 4-4 बेड हीट वेव के मरीजों हेतु आरक्षित किए जाएं। कूल रूम की व्यवस्था, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही सन स्ट्रोक से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए एवं मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव संबंधी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा हेतु हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पशुपालकों को जागरूक करने, पानी की व्यवस्था एवं टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सूचना विभाग को सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन कर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कार्य रोकने, कार्यस्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव तथा वन्य जीवों हेतु जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन विभाग को सभी इकाइयों को 24×7 सक्रिय रखने, फायर ऑडिट पूर्ण करने, संसाधनों का विवरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने, पेयजल एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर कूलिंग सेंटर, प्याऊ एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब विद्युत पोलों को दुरुस्त करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि हीट वेव से बचाव हेतु “क्या करें और क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की अध्यक्षता में महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक, नैक मूल्यांकन व गुणवत्ता सुधार पर जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन प्रतिशत, प्लेसमेंट, रोजगार मेले, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भ्रमण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, शोध कार्यों, खेल गतिविधियों एवं पौधारोपण अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का जियो-टैगिंग के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विद्यार्थियों की कम संख्या में सुधार तथा लैब एवं कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने, पुस्तकालयों को मजबूत बनाने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग हेतु स्थानीय उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा करीब 40,000 छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
निलंबन के बाद भी अध्यापक पर मेहरबान बना हुआ है महकमा
*अधिवक्ता ऋषभ द्वारा पुनः जिलाधिकारी को दिया गया शिकायती पत्र
मीरजापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नारायणपुर ब्लॉक का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जांच अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे है, कि आख़िरकार कैसे निलंबित अध्यापक धीरज सिंह जो पिछले १० माह से निलंबित चल रहे होने के बावजूद ब्लॉक संसाधन केंद्र शिवशंकरी धाम पर सम्बद्ध होकर पूर्व की भांति विभागीय कार्यो को पूर्ण कर रहे है। उनके खिलाफ लगाये गए आरोप की जांच हेतु नियुक्त विभागीय जांच अधिकारी विगत १० माह के बीत जाने के बाद भी जांच आख्या नहीं दे पा रहे है या जांच आख्या प्राप्त होने के बाद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्यवाही जानबूझ के नहीं की जा रही है। चर्चा है कि इस मामले की लीपापोती करने के बाद उन्हें नारायणपुर ब्लॉक में ही उनके घर के पास किसी स्कूल में तैनाती देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में इन सब मामलों को लेकर एक बार पुनः अधिवक्ता ऋषभ सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने निलंबित अध्यापक द्वारा विद्यालय भवन निर्माण में सरकारी धन के गबन व दुरुपयोग के साथ-साथ उनके द्वारा बनवाये गए भवन की गुणवत्ता ख़राब होने, भवन की नींव बैठ जाने तथा दीवारों में बड़ी बड़ी दरारों के पड़ने के साथ छोटे बच्चों के जिन्दगियों के साथ खिलवाड़ करने जैसे गंभीर आरोप लगाये है। अधिवक्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया है कि जब त्रिस्तरीय जांच समिति के सामने आरोपी के ऊपर दोष सिद्ध हो चुका है और उसे निलंबित कर दिया गया है उसके बाद भी उसपर ना ही प्राथमिकी दर्ज करके मुक़दमा किया गया ना ही सरकारी धन की वसूली हेतु कोई कार्यवाही की गई, बल्कि इससे उलट उससे विभागीय कार्य लिया जा रहा है। आरोप लगाया है कि आधार बनाने में भी धीरज सिंह द्वारा काफ़ी वित्तीय अनियमितता किया गया है। उनके द्वारा लगभग ५ लाख रुपए की हेराफेरी की गई है। आधार बनाने के सरकारी शुल्क को विभागीय खाते में आंशिक रूप से जमा किया गया है। इस मामले की जांच का भी अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा है कि विभाग के उच्चाधिकारी उनके ऊपर लगातार मेहरबान बने हुए है। आरोपी आज भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगिरी का कार्य कर रहा है। उसके द्वारा विभागीय ह्वाट्सऐप ग्रुप में आधिकारिक मैसेज भी लगातार भेजा जाता है। दूसरी ओर शिकायत पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर संबधित अधिकारियों को तलब किया गया है। देखना अब यह है कि क्या कार्रवाई सुनिश्चित होती है।