যুবভারতীর পর হালিশহরে খেলার মাঠ থেকে সরবে বিকৃত মূর্তি
নিজস্ব প্রতিবেদক:ফুটবল মাঠে এক অদ্ভুত প্রতীকের মূর্তি। পেশিবহুল দুটি পা। কোমরে গিয়ে পেটের অংশে গোলাকৃতি ফুটবল। আর এই অর্ধাকৃতি মডেল মানুষের কাছে দৃষ্টিকটু। যা বিজেপি সরকার আগেই সরানোর সিদ্ধান্ত নিয়েছে। এরকম উত্তর ২৪ পরগনার হালিশহর পুরসভার রামপ্রসাদ খেলার মাঠ থেকে এই মডেল সরানোর কথা বললেন বীজপুরের বিধায়ক সুদীপ্ত দাস। তিনি বলেন, "মাঠ বিশেষজ্ঞদের নিয়ে নতুন করে রামপ্রসাদ খেলার মাঠ গড়ে তোলা হবে। তৃণমূল এই মাঠটাকে ধ্বংস করেছে।" ছবি:প্রবীর রায়।
ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রামে নতুন বাস পরিষেবা চালু
নিজস্ব প্রতিনিধি: সবুজ পতাকা নাড়িয়ে  নোয়াপাড়ার বিধায়ক অর্জুন সিং উদ্বোধন করলেন
ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রামে নতুন বাস পরিষেবার।দীর্ঘদিনের দাবির পর অবশেষে ইছাপুর স্টোরবাজার এলাকা থেকে মৌরিগ্রাম পর্যন্ত নতুন বাস পরিষেবা চালু হল।
স্থানীয় বাসিন্দাদের দাবি ছিল, ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রাম পর্যন্ত সরাসরি যোগাযোগ ব্যবস্থার অভাবে নিত্যযাত্রীদের দীর্ঘদিন ধরে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছিল। বিশেষ করে কর্মসূত্রে যাতায়াতকারী মানুষদের ভোগান্তি ছিল চরমে। সেই সমস্যার সমাধানেই এই নতুন বাস পরিষেবা চালু করা হয়েছে বলে জানা গিয়েছে।
সংবাদ মাধ্যমের মুখোমুখি হয়ে বিধায়ক অর্জুন সিং বলেন, “ভোটের প্রচারে এলাকায় গেলে সাধারণ মানুষ আমার কাছে ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রাম পর্যন্ত একটি বাস পরিষেবা চালুর দাবি জানাতেন। মানুষের সেই দাবি পূরণ করতে পেরে আমি খুশি। অবশেষে সেই কাজ সম্পন্ন হলো।”নতুন এই বাস পরিষেবা চালু হওয়ায় এলাকাবাসীর মধ্যে খুশির আবহ তৈরি হয়েছে। সাধারণ মানুষের দাবি, এর ফলে প্রতিদিনের যাতায়াত অনেকটাই সহজ হবে।

ছবি: প্রবীর রায়।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत असंक, सुल्तानपुर में पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
उत्तर प्रदेश के ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज (ASMC), सुल्तानपुर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी सम्पन्न की गई। यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमोल रेबेलो द्वारा सफलतापूर्वक की गई।
मरीज श्रीमती श्यामपाठी, जो कि कुरेभार की निवासी हैं, पिछले दो वर्षों से गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थीं। लगातार दर्द के कारण वे लंबे समय से दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर रही थीं, जिससे भविष्य में किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी।
विस्तृत जांच एवं एक्स-रे के बाद मरीज में ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसमें घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अमोल रेबेलो ने टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीज को दर्द से मुक्ति दिलाकर बेहतर और सक्रिय जीवन प्रदान करना था।
सर्जरी को डॉ. अमोल रेबेलो के साथ उनके सहायक डॉ. वसीम, सीनियर रेजिडेंट, ऑर्थोपेडिक्स ने सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। डॉ. ऐश्वर्य दिनेश ( एनेस्थीसिया )निश्चेतना विभाग में वरिष्ठ सीनियर रेजिडेंट, एनेस्थीसियोलॉजी द्वारा स्पाइनल + एपिड्यूरल एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज को उत्कृष्ट दर्द नियंत्रण प्राप्त हुआ। यह ASMC सुल्तानपुर में पहली बार था जब टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी स्पाइनल-एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत की गई।
इस सफल सर्जरी में ऑपरेशन थिएटर स्टाफ एवं नर्सिंग टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. अमोल रेबेलो ने इस उपलब्धि के लिए आदरणीय प्राचार्य डॉ. प्रियंक सर एवं आदरणीय डॉ. सलील सर का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं निरंतर सहयोग से संस्थान में जटिल सर्जरी करना संभव हो सका।
इस अवसर पर डॉ. अमोल रेबेलो ने कहा:
“अब सुल्तानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को टोटल नी रिप्लेसमेंट और टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए लखनऊ, वाराणसी, मुंबई या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत ये सभी सुविधाएँ अब ASMC सुल्तानपुर में निःशुल्क उपलब्ध हैं।”
यह सफल सर्जरी न केवल ASMC सुल्तानपुर के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के मरीजों के लिए उन्नत ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कुशभवनपुर रत्न 2026 से सम्मानित हुईं युवा इन्फ्लुएंसर स्तुति दुबे
बल्दीराय क्षेत्र के पूरे चौपाई उपाध्याय का पुरवा निवासी एवं कक्षा 9 की छात्रा स्तुति दुबे को शिक्षा, तकनीक और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कटका क्लब सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित भव्य समारोह में "कुशभवनपुर रत्न 2026" सम्मान से सम्मानित किया गया।
कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पहचान बनाने वाली स्तुति दुबे ने वर्ष 2025 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। अंग्रेजी बोलने की कला को विकसित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय होता गया। उनके शैक्षिक, प्रेरणादायक और जागरूकता से जुड़े वीडियो को व्यापक सराहना मिली। इसके बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जहां शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक सोच से जुड़े उनके वीडियो हजारों लोगों तक पहुंचे।
विद्यालयी जीवन में भी स्तुति लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं। अंग्रेजी भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन तथा अन्य बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार कई वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी वक्ता के रूप में भी पहचान मिली है। इसके अतिरिक्त स्काउटिंग और कोडिंग के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं तथा विभिन्न पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं।
कटका क्लब द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि एवं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, मां कामाख्या धाम के पीठाधीश्वर इंद्रेश कौशिक महाराज ने स्तुति दुबे को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां आज शिक्षा, तकनीक और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं तथा स्तुति दुबे जैसी प्रतिभाएं समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी
मोनू भाटी, मवाना। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के छोटे भाई स्वर्गीय प्रतीक यादव की शोकसभा एवं श्रद्धांजलि सभा उनके आवास विक्रमादित्य मार्ग, Lucknow में अत्यंत भावुक वातावरण में आयोजित की गई। स्वर्गीय प्रतीक यादव की धर्मपत्नी एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav भी इस दौरान उपस्थित रहीं।
शोकसभा में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हस्तिनापुर माननीय प्रभु दयाल वाल्मीकि तथा माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने पहुंचकर स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की तथा ईश्वर से कामना की कि वे स्वर्गीय प्रतीक यादव की पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण अत्यंत गमगीन बना रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
इसके उपरांत पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने स्वर्गीय प्रतीक यादव की पत्नी श्रीमती अर्पणा यादव एवं अन्य परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज एवं समाजवादी परिवार उनके साथ खड़ा है।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, पारिवारिक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के व्यक्तित्व एवं उनके सरल स्वभाव को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोकसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए पुनः प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
किसान चक रोड मुक्ति अभियान शुरू, अतिक्रमण हटाकर खेतों तक आसान पहुंच बनाने पर जोर


*चक रोडों से अतिक्रमण हटाने को आयुक्त सख्त, एफआईआर के निर्देश*

*बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर : आयुक्त*


*देवीपाटन मंडल में चक रोड मुक्ति अभियान को आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने दी रफ्तार*


*गोंडा, 26 मई 2026* - ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेतों तक सुगम आवागमन उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक चक रोडों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में *“किसान चक रोड मुक्ति अभियान”* शुरू किया गया है। अभियान की शुरुआत *मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* के निर्देशन में की गई। सोमवार को आयुक्त ने वर्चुअल माध्यम से मंडल के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में आयुक्त ने कहा कि चक रोड गांवों में खेतों तक पहुंचने वाले सार्वजनिक मार्ग होते हैं, जिनका उपयोग किसान खेती-बाड़ी, फसल परिवहन, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी एवं अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन के लिए करते हैं। ऐसे रास्ते ग्रामीण कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इन्हें अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार चकमार्गों का सीमांकन कराते हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही ग्रामीणों को सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा एवं चक रोडों के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि चक रोडों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बार-बार अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध लेखपालों के माध्यम से एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, जिसमें अतिक्रमण मुक्त कराए गए चकमार्गों की संख्या, कार्रवाई किए गए अतिक्रमणकारियों का विवरण तथा निर्माण कार्य की प्रगति शामिल हो। आयुक्त ने यह भी कहा कि चक रोडों की मिट्टी पटाई अथवा निर्माण कार्य से पहले और बाद की फोटो एक ही स्थान से ली जाए, ताकि कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का सत्यापन किया जा सके।



*मंडल में चकमार्ग निर्माण कार्य में तेजी*

देवीपाटन मंडल में चकमार्गों की पैमाइश एवं निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। जनपद गोंडा में 613 चकमार्गों की पैमाइश की गई है, जिनमें से 514 चकमार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर उन पर मिट्टी पटाई का कार्य शीघ्र कराया जाएगा। वहीं, बलरामपुर जनपद में 243 चकमार्गों की पैमाइश के बाद मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। श्रावस्ती में 616 चकमार्गों की पैमाइश पूरी हो चुकी है, जिनमें से 427 चकमार्गों पर मिट्टी पटाई का कार्य कराया जाएगा। इसी प्रकार जनपद बहराइच में 1659 चकमार्गों की पैमाइश की जा चुकी है तथा उन्हें अतिक्रमण मुक्त कर मिट्टी पटाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। अंत में आयुक्त ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमणयुक्त चकमार्गों की पैमाइश कर उन्हें तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा जल्द से जल्द मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली फसल की बुवाई से पूर्व यह कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

#gurmeetramrahimgets30daysparolereleasesunaria_jail

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।

যুবভারতীর পর হালিশহরে খেলার মাঠ থেকে সরবে বিকৃত মূর্তি
নিজস্ব প্রতিবেদক:ফুটবল মাঠে এক অদ্ভুত প্রতীকের মূর্তি। পেশিবহুল দুটি পা। কোমরে গিয়ে পেটের অংশে গোলাকৃতি ফুটবল। আর এই অর্ধাকৃতি মডেল মানুষের কাছে দৃষ্টিকটু। যা বিজেপি সরকার আগেই সরানোর সিদ্ধান্ত নিয়েছে। এরকম উত্তর ২৪ পরগনার হালিশহর পুরসভার রামপ্রসাদ খেলার মাঠ থেকে এই মডেল সরানোর কথা বললেন বীজপুরের বিধায়ক সুদীপ্ত দাস। তিনি বলেন, "মাঠ বিশেষজ্ঞদের নিয়ে নতুন করে রামপ্রসাদ খেলার মাঠ গড়ে তোলা হবে। তৃণমূল এই মাঠটাকে ধ্বংস করেছে।" ছবি:প্রবীর রায়।
ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রামে নতুন বাস পরিষেবা চালু
নিজস্ব প্রতিনিধি: সবুজ পতাকা নাড়িয়ে  নোয়াপাড়ার বিধায়ক অর্জুন সিং উদ্বোধন করলেন
ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রামে নতুন বাস পরিষেবার।দীর্ঘদিনের দাবির পর অবশেষে ইছাপুর স্টোরবাজার এলাকা থেকে মৌরিগ্রাম পর্যন্ত নতুন বাস পরিষেবা চালু হল।
স্থানীয় বাসিন্দাদের দাবি ছিল, ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রাম পর্যন্ত সরাসরি যোগাযোগ ব্যবস্থার অভাবে নিত্যযাত্রীদের দীর্ঘদিন ধরে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছিল। বিশেষ করে কর্মসূত্রে যাতায়াতকারী মানুষদের ভোগান্তি ছিল চরমে। সেই সমস্যার সমাধানেই এই নতুন বাস পরিষেবা চালু করা হয়েছে বলে জানা গিয়েছে।
সংবাদ মাধ্যমের মুখোমুখি হয়ে বিধায়ক অর্জুন সিং বলেন, “ভোটের প্রচারে এলাকায় গেলে সাধারণ মানুষ আমার কাছে ইছাপুর থেকে মৌরিগ্রাম পর্যন্ত একটি বাস পরিষেবা চালুর দাবি জানাতেন। মানুষের সেই দাবি পূরণ করতে পেরে আমি খুশি। অবশেষে সেই কাজ সম্পন্ন হলো।”নতুন এই বাস পরিষেবা চালু হওয়ায় এলাকাবাসীর মধ্যে খুশির আবহ তৈরি হয়েছে। সাধারণ মানুষের দাবি, এর ফলে প্রতিদিনের যাতায়াত অনেকটাই সহজ হবে।

ছবি: প্রবীর রায়।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत असंक, सुल्तानपुर में पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
उत्तर प्रदेश के ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज (ASMC), सुल्तानपुर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी सम्पन्न की गई। यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमोल रेबेलो द्वारा सफलतापूर्वक की गई।
मरीज श्रीमती श्यामपाठी, जो कि कुरेभार की निवासी हैं, पिछले दो वर्षों से गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थीं। लगातार दर्द के कारण वे लंबे समय से दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर रही थीं, जिससे भविष्य में किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी।
विस्तृत जांच एवं एक्स-रे के बाद मरीज में ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसमें घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अमोल रेबेलो ने टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीज को दर्द से मुक्ति दिलाकर बेहतर और सक्रिय जीवन प्रदान करना था।
सर्जरी को डॉ. अमोल रेबेलो के साथ उनके सहायक डॉ. वसीम, सीनियर रेजिडेंट, ऑर्थोपेडिक्स ने सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। डॉ. ऐश्वर्य दिनेश ( एनेस्थीसिया )निश्चेतना विभाग में वरिष्ठ सीनियर रेजिडेंट, एनेस्थीसियोलॉजी द्वारा स्पाइनल + एपिड्यूरल एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज को उत्कृष्ट दर्द नियंत्रण प्राप्त हुआ। यह ASMC सुल्तानपुर में पहली बार था जब टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी स्पाइनल-एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत की गई।
इस सफल सर्जरी में ऑपरेशन थिएटर स्टाफ एवं नर्सिंग टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. अमोल रेबेलो ने इस उपलब्धि के लिए आदरणीय प्राचार्य डॉ. प्रियंक सर एवं आदरणीय डॉ. सलील सर का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं निरंतर सहयोग से संस्थान में जटिल सर्जरी करना संभव हो सका।
इस अवसर पर डॉ. अमोल रेबेलो ने कहा:
“अब सुल्तानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को टोटल नी रिप्लेसमेंट और टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए लखनऊ, वाराणसी, मुंबई या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत ये सभी सुविधाएँ अब ASMC सुल्तानपुर में निःशुल्क उपलब्ध हैं।”
यह सफल सर्जरी न केवल ASMC सुल्तानपुर के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के मरीजों के लिए उन्नत ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कुशभवनपुर रत्न 2026 से सम्मानित हुईं युवा इन्फ्लुएंसर स्तुति दुबे
बल्दीराय क्षेत्र के पूरे चौपाई उपाध्याय का पुरवा निवासी एवं कक्षा 9 की छात्रा स्तुति दुबे को शिक्षा, तकनीक और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कटका क्लब सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित भव्य समारोह में "कुशभवनपुर रत्न 2026" सम्मान से सम्मानित किया गया।
कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पहचान बनाने वाली स्तुति दुबे ने वर्ष 2025 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। अंग्रेजी बोलने की कला को विकसित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय होता गया। उनके शैक्षिक, प्रेरणादायक और जागरूकता से जुड़े वीडियो को व्यापक सराहना मिली। इसके बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जहां शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक सोच से जुड़े उनके वीडियो हजारों लोगों तक पहुंचे।
विद्यालयी जीवन में भी स्तुति लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं। अंग्रेजी भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन तथा अन्य बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार कई वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी वक्ता के रूप में भी पहचान मिली है। इसके अतिरिक्त स्काउटिंग और कोडिंग के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं तथा विभिन्न पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं।
कटका क्लब द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि एवं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, मां कामाख्या धाम के पीठाधीश्वर इंद्रेश कौशिक महाराज ने स्तुति दुबे को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां आज शिक्षा, तकनीक और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं तथा स्तुति दुबे जैसी प्रतिभाएं समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी
मोनू भाटी, मवाना। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के छोटे भाई स्वर्गीय प्रतीक यादव की शोकसभा एवं श्रद्धांजलि सभा उनके आवास विक्रमादित्य मार्ग, Lucknow में अत्यंत भावुक वातावरण में आयोजित की गई। स्वर्गीय प्रतीक यादव की धर्मपत्नी एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav भी इस दौरान उपस्थित रहीं।
शोकसभा में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हस्तिनापुर माननीय प्रभु दयाल वाल्मीकि तथा माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने पहुंचकर स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की तथा ईश्वर से कामना की कि वे स्वर्गीय प्रतीक यादव की पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण अत्यंत गमगीन बना रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
इसके उपरांत पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने स्वर्गीय प्रतीक यादव की पत्नी श्रीमती अर्पणा यादव एवं अन्य परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज एवं समाजवादी परिवार उनके साथ खड़ा है।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, पारिवारिक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के व्यक्तित्व एवं उनके सरल स्वभाव को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोकसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए पुनः प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
किसान चक रोड मुक्ति अभियान शुरू, अतिक्रमण हटाकर खेतों तक आसान पहुंच बनाने पर जोर


*चक रोडों से अतिक्रमण हटाने को आयुक्त सख्त, एफआईआर के निर्देश*

*बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर : आयुक्त*


*देवीपाटन मंडल में चक रोड मुक्ति अभियान को आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने दी रफ्तार*


*गोंडा, 26 मई 2026* - ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेतों तक सुगम आवागमन उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक चक रोडों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में *“किसान चक रोड मुक्ति अभियान”* शुरू किया गया है। अभियान की शुरुआत *मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* के निर्देशन में की गई। सोमवार को आयुक्त ने वर्चुअल माध्यम से मंडल के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में आयुक्त ने कहा कि चक रोड गांवों में खेतों तक पहुंचने वाले सार्वजनिक मार्ग होते हैं, जिनका उपयोग किसान खेती-बाड़ी, फसल परिवहन, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी एवं अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन के लिए करते हैं। ऐसे रास्ते ग्रामीण कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इन्हें अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार चकमार्गों का सीमांकन कराते हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही ग्रामीणों को सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा एवं चक रोडों के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि चक रोडों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बार-बार अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध लेखपालों के माध्यम से एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, जिसमें अतिक्रमण मुक्त कराए गए चकमार्गों की संख्या, कार्रवाई किए गए अतिक्रमणकारियों का विवरण तथा निर्माण कार्य की प्रगति शामिल हो। आयुक्त ने यह भी कहा कि चक रोडों की मिट्टी पटाई अथवा निर्माण कार्य से पहले और बाद की फोटो एक ही स्थान से ली जाए, ताकि कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का सत्यापन किया जा सके।



*मंडल में चकमार्ग निर्माण कार्य में तेजी*

देवीपाटन मंडल में चकमार्गों की पैमाइश एवं निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। जनपद गोंडा में 613 चकमार्गों की पैमाइश की गई है, जिनमें से 514 चकमार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर उन पर मिट्टी पटाई का कार्य शीघ्र कराया जाएगा। वहीं, बलरामपुर जनपद में 243 चकमार्गों की पैमाइश के बाद मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। श्रावस्ती में 616 चकमार्गों की पैमाइश पूरी हो चुकी है, जिनमें से 427 चकमार्गों पर मिट्टी पटाई का कार्य कराया जाएगा। इसी प्रकार जनपद बहराइच में 1659 चकमार्गों की पैमाइश की जा चुकी है तथा उन्हें अतिक्रमण मुक्त कर मिट्टी पटाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। अंत में आयुक्त ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमणयुक्त चकमार्गों की पैमाइश कर उन्हें तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा जल्द से जल्द मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली फसल की बुवाई से पूर्व यह कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

#gurmeetramrahimgets30daysparolereleasesunaria_jail

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।