पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को सत्ता से हटाने में अमेरिका का हाथ? सामने आ गई सीक्रेट फाइल
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इमरान खान को सत्ता से हटाने को लेकर विदेशी साजिश वाले आरोप फिर से चर्चा में हैं। पाकिस्तान की राजनीति में सालों से चर्चा में रहा एक खुफिया मैसेज यानी “साइफर” अब फिर सुर्खियों में है। अब इस कथित सीक्रेट दस्तावेज की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे पता चला है कि इमरान खान के वो दावे सौ फीसदी सही थे जिसमें उन्होंने साइफर का हवाला देते हुए अमेरिका पर अपनी सरकार को गिराने का आरोप लगाया था।
इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी बैठक
'ड्रॉप साइट' नाम की वेबसाइट ने 'साइफर' नाम का सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक किया है। यह वही सीक्रेट राजनयिक दस्तावेज है, जिसे लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार विदेशी साजिश का आरोप लगाते रहे थे। इस दस्तावेज को 'केबल I-0678' के रूप में पहचाना गया है। इसमें पाकिस्तान के तत्कालीन वाशिंगटन स्थित राजदूत और अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डोनाल्ड लू के बीच हुई एक बैठक का ब्योरा दर्ज है। यह बैठक अप्रैल 2022 में इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी।
इमरान खान के जाने के बाद शहबाज बने पाक पीएम
दस्तावेज में कहा गया कि सत्ता परिवर्तन होने पर अमेरिका और यूरोप के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार संभव होगा। इसमें संकेत दिया गया कि इमरान खान के पद पर बने रहने की स्थिति में पाकिस्तान को कूटनीतिक अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। जो बाइडेन उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति हुआ करते थे। इमरान खान के जाने के बाद शहबाज शरीफ देश के प्रधानमंत्री बने थे।
पाकिस्तान और अमेरिका से संबंध सुधारे
ड्रॉप साइट ने दस्तावेजों के हवाले से बताया है कि इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पिछले पांच सालों में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को एक नया रूप दिया गया और वॉशिंगटन और इस्लामाबाद को आपसी शक-शुबहे के माहौल से निकालकर एक-दूसरे के करीब ला दिया।
इमरान खान बार-बार किया था ये दावा
इमरान खान ने अपनी सत्ता जाने से पहले और संसद में सरकार गिरने के बाद बार-बार यह दावा किया था कि अमेरिका ने उनकी स्वतंत्र विदेश नीति और रूस और चीन के खिलाफ उसके साथ पूरी तरह से न जुड़ने के कारण उन्हें सत्ता से हटाने के लिए पर्दे के पीछे से काम किया। इमरान खान ने पाकिस्तान की वंशवादी राजनीतिक पार्टियों जैसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-N और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी पर भी आरोप लगाया कि वे उनकी सरकार को गिराने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रही थीं।
इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव के कारण
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव कई मुद्दों पर बढ़ाः-
1. अफगानिस्तान मुद्दा: अमेरिका चाहता था कि पाकिस्तान अपनी जमीन ड्रोन ऑपरेशन के लिए दे, लेकिन इमरान खान ने साफ इनकार कर दिया था।
2. रूस यात्रा: फरवरी 2022 में इमरान खान रूस पहुंचे और उसी दिन यूक्रेन पर हमला शुरू हुआ। इस मुलाकात ने अमेरिका को नाराज कर दिया। दस्तावेज में यह भी कहा गया कि रूस यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों में ‘दरार’ डाल दी थी।
3. यूएन वोटिंग: पाकिस्तान ने रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी बनाई, जिससे पश्चिमी देशों की नाराजगी और बढ़ गई।
51 min ago
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