विकसित भारत @2047 राज्य-स्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीक शिक्षा स्वच्छता और विकास का मॉडल-महापौर।
प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी-महापौर।
स्थान:डायरेक्टरेट ऑफ अर्बन लोकल बॉडीज सेक्टर-7 गोमती नगर एक्सटेशन लखनऊ
संजय द्विवेदी प्रयागराज।विकसित UP for विकसित भारत के अन्तर्गत एक राज्य-स्तरीय परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।सुबह 9:30 बजे पंजीकरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियो नगर निकायो के जनप्रतिनिधियो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानो के विशेषज्ञो तथा विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तो ने प्रतिभाग किया।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता नगर विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने किया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य:-उत्तर प्रदेश की शहरी व्यवस्था को विकसित भारत 2047 के अनुरूप ढालना था—स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
ई-गवर्नेंस शहरी गतिशीलता एवं ट्रांजिट सिस्टम शहरी सततता इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग इन बिन्दुओ पर विस्तृत चर्चा करते हुए सतत समावेशी और तकनीक आधारित नगर विकास का रोडमैप तैयार किया गया।
विशेष सत्र:महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी प्रयागराज का सम्बोधन।
महापौर ने विशेष अतिथि वक्ता के रुप में उपस्थित रहे अपने सम्बोधन में कहा—प्रयागराज आज परम्परा तकनीक शिक्षा स्वच्छता और नवाचार का ऐसा आदर्श संगम बन चुका है जो विकसित भारत 2047 की मजबूत नीव रखता है।
प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी
महापौर ने शहर में हुए तीव्र बदलावो का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज ने सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर यह सिद्ध किया है कि संकल्प और योजना के साथ कोई भी शहर राष्ट्रीय आदर्श बन सकता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया—
शिक्षा में क्रांति:ऑपरेशन कायाकल्प
महापौर ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प योजना के माध्यम से प्रयागराज के प्राथमिक विद्यालयों का अभूतपूर्व कायाकल्प किया गया है—
प्राथमिक विद्यालयो में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए।
आधुनिक तकनीक आधारित डिजिटल लर्निंग सिस्टम शुरू किया गया।
बच्चो के लिए स्वच्छ शौचालय RO पेयजल फर्नीचर खेल सामग्री व पूर्णत:विकसित परिसर तैयार किए गए।
सभी विद्यालयों को सुरक्षित आकर्षक और तकनीकी रूप से सक्षम मॉडल स्कूल के रूप में बदला गया।
उन्होने कहा कि प्रयागराज का हर विद्यालय अब आधुनिक भारत के बच्चो के सपनो को पंख देने वाला ज्ञान मंदिर बन चुका है।
महा माघ मेला 2026 : विश्व स्तरीय आयोजन की तैयारी
उन्होंने कहा कि प्रयागराज आगामी महा माघमेला 2026 हेतु—
अत्याधुनिक यातायात व्यवस्था
नवाचार आधारित सुविधाएं
पर्यावरण-मित्र तकनीक
को अपनाते हुए वैश्विक स्तर की तैयारियाँ कर रहा है।
स्वच्छता एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में प्रयागराज ने देश में 12वाँ स्थान प्राप्त किया।
वॉटर गंगा टाउन सहित कई राष्ट्रीय अवार्ड।मियावाकी तकनीक से सिर्फ 1 वर्ष में संपूर्ण शहर में घने वन।
SBM कंट्रोल रूम से 24×7 स्वच्छता निगरानी।पुराने कूड़े के पहाड़ो का वैज्ञानिक निस्तारण।धरोहर व सौन्दर्य संवर्धन.हेरिटेज मोहल्ला. साहित्य तीर्थ पार्क.रामसेतु एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था.विश्व की सबसे बड़ी रंगोली के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम् का सन्देश
तकनीक आधारित नगर प्रबन्धन.IIT की सोच पर आधारित नवाचार.स्मार्ट सिटी के अंतर्गत डिजिटल शासन.ई-गवर्नेंस से त्वरित नागरिक सेवाएं.कार्यशाला के तकनीकी सत्र.कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी और विषयगत सत्रो का आयोजन हुआ—1-स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ई-गवर्नेस 2-अर्बन मोबिलिटी एवं ट्रांज़िट सिस्टम 3-अर्बन सस्टेनेबिलिटी4-इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग.इन सत्रों में NIUA. UNEP.WRI India.NITI Aayog.Smart City Mission.नगर विकास विभाग विभिन्न नगर निगमो के आयुक्त व विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियां दी।
महापौर का समापन सन्देश-
अपने सम्बोधन का समापन करते हुए महापौर ने कहा- विकसित भारत 2047 का सपना केवल योजनाओ से नही बल्कि हर शहर में वास्तविक परिवर्तन से पूरा होगा।प्रयागराज साबित कर रहा है कि यदि नीयत नीति और तकनीक साथ चले तो विकास अपने आप रास्ता बना लेता है।



6 hours ago
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