बोले बृज भूषण शरण सिंह मैं कह रहा हूं राहुल गांधी नहीं बनेंगे इस देश के प्रधानमंत्री*
सुल्तानपुर में बोले बृज भूषण शरण सिंह मैं कह रहा हूं राहुल गांधी नहीं बनेंगे इस देश के प्रधानमंत्री, करते हैं दो नाव की सवारी पूर्व सांसद व भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह शुक्रवार को सुल्तानपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के तिवारीपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे। जहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा राहुल गांधी इस देश के प्रधानमंत्री नहीं हो सकते, मैं बृज भूषण सिंह कह रहा हूं। क्योंकि वो दो नाव की सवारी कर रहे हैं। चुनाव में वो हिंदू बन जाते हैं और चुनाव के बाद हिंदुओ को गाली देते हैं। दो नाव की सवारी करके इस देश में कोई प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है। बृज भूषण शरण सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर का समर्थन किया, कहा उन्होंने जो कहा सत्य कहा लेकिन भाषा थोड़ी अच्छी नहीं है। माघ मेले में शंकराचार्य पर लगाई गई पाबंदी पर हुए सवाल पर वो ये कहकर ख़ुद को बचा ले गए कि मैं वहां पर था नहीं। अयोध्या काशी के बाद क्या मथुरा की बारी है इस पर उन्होंने कहा ये हमारा सवाल नहीं है ये विश्व हिंदू परिषद बताएगा। मिलावट के एक सवाल पर बृज भूषण ने कहा मैं अपना काम कर रहा हूं सरकार अपना काम कर रही है। फिर तंज कसते हुए उन्होंने कहा हम इतना जरुर जानते हैं कि एक जगह मैंने सूचना दी की फला जगह नकली पनीर बन रही है। दो लाख लिए चले गए पनीर बन रही। वो अपना काम कर रहे हैं हम अपना काम कर रहा हूं। आप खरीदो नहीं उनका बिकना बंद हो जाएगा। 2029 में लोकसभा चुनाव लड़ने की उन्होंने बात कही। ये भी कहा हो सकता है सुल्तानपुर से ही लड़ जाऊ। इस पर लोगों ने तालियां बजाई। बृज भूषण ने कहा मैं सुल्तानपुर से लड़ जाऊ तो मुझको कुछ वोट मिलेगा या नहीं मिलेगा। मेरे लिए पूरा उत्तर प्रदेश पड़ा है।
एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान में दो दिवसीय सरस्वती पूजा का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिन का आयोजन

हजारीबाग - एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान परिसर में दो दिवसीय मां सरस्वती पूजा का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की आकर्षक स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। प्रथम दिन के पूजा कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, आरोग्यम अस्पताल के नर्सिंग कर्मी एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई, जिससे संपूर्ण संस्थान परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। धूप-दीप, पुष्प अर्पण एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती रही। इस पावन अवसर पर आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा एवं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की कामना की। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि विवेक और संस्कार की भी देवी हैं। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विद्या के साथ-साथ सेवा, करुणा और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना भी मजबूत होती है। हम सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

रायपुर: टी20 मैच से पहले टीम इंडिया ने किया बारनवापारा और जंगल सफारी का भ्रमण

न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम टी20 मैच से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य और जंगल सफारी का भ्रमण किया।

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https://news4u36.in/team-india-visited-baranawapara-jungle-safari/

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पराक्रम दिवस पर गूंजा 'जय हिंद': गोमती कन्या इंटर कॉलेज में बालिकाओं ने दिखाई प्रतिभा


ब्रह्म प्रकाश शर्मा


जानसठ मुजफ्फरनगर । देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के रूप में पूरे उत्साह के साथ मनाई गई। इसी कड़ी में 'मेरा युवा भारत'  कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में जानसठ स्थित गोमती कन्या इंटर कॉलेज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बालिकाओं के लिए आयोजित 'निबंध प्रतियोगिता' रही। छात्राओं ने अपनी कलम के माध्यम से नेताजी के जीवन संघर्ष, उनके बलिदान और "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" जैसे अमर नारों के महत्व को कागज पर उकेरा। प्रतियोगिता में कॉलेज की दर्जनों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी वैचारिक क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए श्रीमती सुधा, श्रीमती रीमा यादव और श्रीमती कृति पोरवाल श्रीमती सविता श्रीमती गीता सैनी श्रीमती कविता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने लेखन शैली, तथ्यों की शुद्धता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर विजेताओं का चयन किया। जिसमें  नैंसी (पुत्री त्रिलोकचन्द) – अपनी उत्कृष्ट लेखन शैली से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उपासना (पुत्री विकास आर्य) – प्रभावशाली विचारों के साथ द्वितीय स्थान पर रहीं। तों वहीं सुरभी (पुत्री योगेंद्र सिंह)ने कड़े मुकाबले में तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप देने में  विजय कुमार  और श्रीमती नवनीत  का विशेष योगदान रहा। उनके कुशल संचालन ने कार्यक्रम में जोश भर दिया। वक्ताओं ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज भी युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और 'मेरा युवा भारत' अभियान के स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने विजेताओं का उत्साहवर्धन किया।
*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

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वेदांता पब्लिक स्कूल में भक्ति और देशभक्ति का संगम ,धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती

जानसठ/सिखेड़ा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को जगाने के उद्देश्य से, सिखेड़ा स्थित वेदांता पब्लिक स्कूल में 'बसंत पंचमी' और 'पराक्रम दिवस' (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों में ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र नायकों के प्रति कृतज्ञता का संचार किया।

उत्सव का आरंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय प्रांगण में एक सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें आहुति देकर सभी के उज्जवल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय हिंद' के नारों से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य विवेक चौधरी ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-
"बसंत पंचमी केवल एक ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के प्रति जागृत होने का पर्व है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम बनाना है।"

विद्यालय की कोऑर्डिनेटर सुनीता सैनी ने पर्व की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि बसंत का आगमन प्रकृति में नव-जीवन का संचार करता है। यह हमारे भीतर रचनात्मक ऊर्जा भरने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देता है। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए विद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह आर्य ने उनके बलिदान और अदम्य साहस की चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दिन नेताजी के सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समस्त 'वेदांता परिवार' के सदस्यों और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। अनुशासन और उत्साह के बीच यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
हजारीबाग में नशे के सौदागरों पर पुलिस का करारा वार, 20.5 किलो अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20.5 किलोग्राम अफीम बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने सफेद रंग की अपाची मोटरसाइकिल से अफीम ले जा रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लोहसिंघना थाना क्षेत्र के कोलघटी इलाके में की गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कोलघटी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवक सफेद अपाची बाइक पर बोरे में कुछ सामान लेकर घूम रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर, हजारीबाग के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलघटी के मलती टॉड के पास चेकिंग अभियान शुरू किया।

चेकिंग के दौरान सफेद अपाची मोटरसाइकिल को रोका गया। बाइक पर सवार तीन युवकों के पास मौजूद बोरे की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अफीम पाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दीपक कुमार दांगी, बरुण कुमार और सुदेश यादव बताया। तीनों आरोपी चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या 07/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 17(सी), 18(सी), 21(सी) और 29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद सामग्री में 20.5 किलो अफीम और एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हजारीबाग पुलिस की यह कार्रवाई नशा कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।

“ओवरलोड ट्रकों से सड़क हुई बर्बाद, लालगंज में ग्रामीणों ने जताया विरोध”

लालगंज(मीरजापुर):क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर दौड़ रहे मालवाहक ट्रकों ने एव डंम्फर लालगंज–हाटा अंतर्जनपदीय मार्ग की हालत बिगाड़ दी है। बरडिहा गांव के सामने शुक्रवार को इसी नाराजगी ने उग्र रूप ले लिया। जब सड़क टूटने और लगातार हो रही परेशानी से तंग ग्रामीणों ने ओवरलोड ट्रकों को रोककर विरोध जताया। कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरातफरी और तनाव की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क की भार क्षमता दस टन निर्धारित है, जबकि प्रयागराज की ओर से कोरांव–हाटा मार्ग होते हुए साठ से सत्तर टन तक लदे ट्रक बेरोकटोक गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों के साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लंबे समय से समस्या बने रहने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। दिनेेश मिश्र,सुभाष मिश्रा, नारायण मिश्रा, अंबुज, इंद्रमणि पांडेय, शारदा यादव, लालजी कोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ओवरलोड वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सड़क की क्षमता के अनुरूप ही वाहनों का संचालन कराया जाए, अन्यथा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की बात सुनी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि अंतर्जनपदीय मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। मार्ग की नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अधिशासी अभियंता पूजा रानी ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण आवागमन को ध्यान में रखकर बनाई गई है और भारी वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है। ओवरलोड ट्रकों को लेकर पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
परीक्षा सिर्फ पाठ्य पुस्तक की ही नहीं बल्कि समय-प्रबंधन,धैर्य,मनोबल और आत्मअनुशासन की भी होती है-डॉ संतोष अंश*
एबीवीपी के “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

सुल्तानपुर/अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए।आज का यह आयोजन केवल मार्गदर्शन का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखने का प्रयास है। क्योंकि जब विद्यार्थी जागरूक होता है, तभी समाज सशक्त होता है और राष्ट्र प्रगति करता है। परीक्षा जीवन का पड़ाव है, पड़ाव को ही मंज़िल न मानें। असफलता भी सफलता की सीढ़ी होती है। आत्म मूल्यांकन कर आगे बढ़े।नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। सेवा भाव से किया गया अध्ययन ही वास्तविक शिक्षा है। विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित बनें। उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के सूत्र भी बताए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
शशि थरूर फिर कांग्रेस की अहम बैठक से रहे गायब, जानें क्‍या बताई वजह

#tharoorwasabsentfromcongresskeralameeting

केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एक बार फिर शशि थरूर की नाराजगी की खबर सामने आई है। चुनावी तैयारियों को लेकर आज होने वाली कांग्रेस की अहम बैठक में थरूर शामिल नहीं हुए। आज राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ दिल्ली में बैठक प्रस्तावित थी। लेकिन इसमें थरूर नहीं पहुंचे।

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शशि थरूर के ऑफिस की तरफ से इस बाबत बयान जारी किया गया है, जिसमें स्‍पष्‍ट तौर पर कहा गया है कि शशि थरूर आज यानी 23 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली केरल कांग्रेस की अहम चुनावी तैयारी बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनके कार्यालय ने कहा, ‘वे केरल लिटरेचर फेस्टिवल के लिए कालीकट में हैं, जो एशिया का सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव है। वह अपनी नवीनतम पुस्तक पर बोल रहे हैं, जो श्री नारायण गुरु पर आधारित है। उन्होंने पार्टी को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे।’

क्या है थरूर की नाराजगी की वजह?

शशि थरूर और कांग्रेस पार्टी के बीच के मतभेद की खबरें लंबे समय से आ रही है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के हालिया कोच्चि दौरे के दौरान उन्हें अपेक्षित सम्मान न मिलने से थरूर नाराज हैं।

राहुल गांधी ने थरूर का नाम भी नहीं लिया

कुछ दिन पहले कोच्चि में कांग्रेस ने महापंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद थे। कार्यक्रम से पहले यह तय किया गया कि वरिष्ठता को देखते हुए शशि थरूर के भाषण के बाद सिर्फ राहुल गांधी का भाषण होगा। महापंचायत में वक्ताओं का क्रम भी तय था, इसके बावजूद शशि थरूर के भाषण के बाद अन्य वक्ताओं की लाइन लगा दी। राहुल गांधी भी अंत में बोले, मगर उन्होंने मंच पर मौजूद शशि थरूर का नाम भी नहीं लिया। यह राहुल गांधी की चूक थी या संकेत, इस घटनाक्रम ने शशि थरूर की नाराजगी को और बढ़ा दिया।

बैठक से दूर लिटरेचल फेस्टिवल में शामिल

बताया जाता है कि महापंचायत में बैठने के क्रम में भी कांग्रेस सांसद की सीनियॉरिटी को दरकिनार किया गया था। शशि थरूर ने इसे अपमान बताते हुए केरल विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा के लिए पार्टी हाईकमान की बुलाई गई बैठक से दूर रहने फैसला किया है। वह इस दौरान कालीकट में हो रहे केरल लिटरेचल फेस्टिवल में शामिल होंगे।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में थरूर के कुछ बयान और सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी नेतृत्व को असहज करने वाले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के कुछ कदमों की सराहना करते हुए उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग माना गया। इसकी शुरुआत पहलगाम हमले से हुई, जब थरूर ने इंटेलिजेंस चूक के आरोपों पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश जाने वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडल में शशि थरूर के चयन पर कांग्रेस ने सवाल उठाए।

बोले बृज भूषण शरण सिंह मैं कह रहा हूं राहुल गांधी नहीं बनेंगे इस देश के प्रधानमंत्री*
सुल्तानपुर में बोले बृज भूषण शरण सिंह मैं कह रहा हूं राहुल गांधी नहीं बनेंगे इस देश के प्रधानमंत्री, करते हैं दो नाव की सवारी पूर्व सांसद व भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह शुक्रवार को सुल्तानपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के तिवारीपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे। जहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा राहुल गांधी इस देश के प्रधानमंत्री नहीं हो सकते, मैं बृज भूषण सिंह कह रहा हूं। क्योंकि वो दो नाव की सवारी कर रहे हैं। चुनाव में वो हिंदू बन जाते हैं और चुनाव के बाद हिंदुओ को गाली देते हैं। दो नाव की सवारी करके इस देश में कोई प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है। बृज भूषण शरण सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर का समर्थन किया, कहा उन्होंने जो कहा सत्य कहा लेकिन भाषा थोड़ी अच्छी नहीं है। माघ मेले में शंकराचार्य पर लगाई गई पाबंदी पर हुए सवाल पर वो ये कहकर ख़ुद को बचा ले गए कि मैं वहां पर था नहीं। अयोध्या काशी के बाद क्या मथुरा की बारी है इस पर उन्होंने कहा ये हमारा सवाल नहीं है ये विश्व हिंदू परिषद बताएगा। मिलावट के एक सवाल पर बृज भूषण ने कहा मैं अपना काम कर रहा हूं सरकार अपना काम कर रही है। फिर तंज कसते हुए उन्होंने कहा हम इतना जरुर जानते हैं कि एक जगह मैंने सूचना दी की फला जगह नकली पनीर बन रही है। दो लाख लिए चले गए पनीर बन रही। वो अपना काम कर रहे हैं हम अपना काम कर रहा हूं। आप खरीदो नहीं उनका बिकना बंद हो जाएगा। 2029 में लोकसभा चुनाव लड़ने की उन्होंने बात कही। ये भी कहा हो सकता है सुल्तानपुर से ही लड़ जाऊ। इस पर लोगों ने तालियां बजाई। बृज भूषण ने कहा मैं सुल्तानपुर से लड़ जाऊ तो मुझको कुछ वोट मिलेगा या नहीं मिलेगा। मेरे लिए पूरा उत्तर प्रदेश पड़ा है।
एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान में दो दिवसीय सरस्वती पूजा का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिन का आयोजन

हजारीबाग - एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान परिसर में दो दिवसीय मां सरस्वती पूजा का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की आकर्षक स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। प्रथम दिन के पूजा कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, आरोग्यम अस्पताल के नर्सिंग कर्मी एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई, जिससे संपूर्ण संस्थान परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। धूप-दीप, पुष्प अर्पण एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती रही। इस पावन अवसर पर आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा एवं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की कामना की। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि विवेक और संस्कार की भी देवी हैं। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विद्या के साथ-साथ सेवा, करुणा और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना भी मजबूत होती है। हम सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

रायपुर: टी20 मैच से पहले टीम इंडिया ने किया बारनवापारा और जंगल सफारी का भ्रमण

न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम टी20 मैच से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य और जंगल सफारी का भ्रमण किया।

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पराक्रम दिवस पर गूंजा 'जय हिंद': गोमती कन्या इंटर कॉलेज में बालिकाओं ने दिखाई प्रतिभा


ब्रह्म प्रकाश शर्मा


जानसठ मुजफ्फरनगर । देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के रूप में पूरे उत्साह के साथ मनाई गई। इसी कड़ी में 'मेरा युवा भारत'  कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में जानसठ स्थित गोमती कन्या इंटर कॉलेज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बालिकाओं के लिए आयोजित 'निबंध प्रतियोगिता' रही। छात्राओं ने अपनी कलम के माध्यम से नेताजी के जीवन संघर्ष, उनके बलिदान और "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" जैसे अमर नारों के महत्व को कागज पर उकेरा। प्रतियोगिता में कॉलेज की दर्जनों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी वैचारिक क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए श्रीमती सुधा, श्रीमती रीमा यादव और श्रीमती कृति पोरवाल श्रीमती सविता श्रीमती गीता सैनी श्रीमती कविता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने लेखन शैली, तथ्यों की शुद्धता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर विजेताओं का चयन किया। जिसमें  नैंसी (पुत्री त्रिलोकचन्द) – अपनी उत्कृष्ट लेखन शैली से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उपासना (पुत्री विकास आर्य) – प्रभावशाली विचारों के साथ द्वितीय स्थान पर रहीं। तों वहीं सुरभी (पुत्री योगेंद्र सिंह)ने कड़े मुकाबले में तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप देने में  विजय कुमार  और श्रीमती नवनीत  का विशेष योगदान रहा। उनके कुशल संचालन ने कार्यक्रम में जोश भर दिया। वक्ताओं ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज भी युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और 'मेरा युवा भारत' अभियान के स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने विजेताओं का उत्साहवर्धन किया।
*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

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वेदांता पब्लिक स्कूल में भक्ति और देशभक्ति का संगम ,धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती

जानसठ/सिखेड़ा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को जगाने के उद्देश्य से, सिखेड़ा स्थित वेदांता पब्लिक स्कूल में 'बसंत पंचमी' और 'पराक्रम दिवस' (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों में ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र नायकों के प्रति कृतज्ञता का संचार किया।

उत्सव का आरंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय प्रांगण में एक सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें आहुति देकर सभी के उज्जवल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय हिंद' के नारों से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य विवेक चौधरी ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-
"बसंत पंचमी केवल एक ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के प्रति जागृत होने का पर्व है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम बनाना है।"

विद्यालय की कोऑर्डिनेटर सुनीता सैनी ने पर्व की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि बसंत का आगमन प्रकृति में नव-जीवन का संचार करता है। यह हमारे भीतर रचनात्मक ऊर्जा भरने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देता है। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए विद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह आर्य ने उनके बलिदान और अदम्य साहस की चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दिन नेताजी के सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समस्त 'वेदांता परिवार' के सदस्यों और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। अनुशासन और उत्साह के बीच यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
हजारीबाग में नशे के सौदागरों पर पुलिस का करारा वार, 20.5 किलो अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20.5 किलोग्राम अफीम बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने सफेद रंग की अपाची मोटरसाइकिल से अफीम ले जा रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लोहसिंघना थाना क्षेत्र के कोलघटी इलाके में की गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कोलघटी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवक सफेद अपाची बाइक पर बोरे में कुछ सामान लेकर घूम रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर, हजारीबाग के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलघटी के मलती टॉड के पास चेकिंग अभियान शुरू किया।

चेकिंग के दौरान सफेद अपाची मोटरसाइकिल को रोका गया। बाइक पर सवार तीन युवकों के पास मौजूद बोरे की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अफीम पाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दीपक कुमार दांगी, बरुण कुमार और सुदेश यादव बताया। तीनों आरोपी चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या 07/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 17(सी), 18(सी), 21(सी) और 29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद सामग्री में 20.5 किलो अफीम और एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हजारीबाग पुलिस की यह कार्रवाई नशा कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।

“ओवरलोड ट्रकों से सड़क हुई बर्बाद, लालगंज में ग्रामीणों ने जताया विरोध”

लालगंज(मीरजापुर):क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर दौड़ रहे मालवाहक ट्रकों ने एव डंम्फर लालगंज–हाटा अंतर्जनपदीय मार्ग की हालत बिगाड़ दी है। बरडिहा गांव के सामने शुक्रवार को इसी नाराजगी ने उग्र रूप ले लिया। जब सड़क टूटने और लगातार हो रही परेशानी से तंग ग्रामीणों ने ओवरलोड ट्रकों को रोककर विरोध जताया। कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरातफरी और तनाव की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क की भार क्षमता दस टन निर्धारित है, जबकि प्रयागराज की ओर से कोरांव–हाटा मार्ग होते हुए साठ से सत्तर टन तक लदे ट्रक बेरोकटोक गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों के साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लंबे समय से समस्या बने रहने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। दिनेेश मिश्र,सुभाष मिश्रा, नारायण मिश्रा, अंबुज, इंद्रमणि पांडेय, शारदा यादव, लालजी कोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ओवरलोड वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सड़क की क्षमता के अनुरूप ही वाहनों का संचालन कराया जाए, अन्यथा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की बात सुनी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि अंतर्जनपदीय मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। मार्ग की नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अधिशासी अभियंता पूजा रानी ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण आवागमन को ध्यान में रखकर बनाई गई है और भारी वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है। ओवरलोड ट्रकों को लेकर पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
परीक्षा सिर्फ पाठ्य पुस्तक की ही नहीं बल्कि समय-प्रबंधन,धैर्य,मनोबल और आत्मअनुशासन की भी होती है-डॉ संतोष अंश*
एबीवीपी के “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

सुल्तानपुर/अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए।आज का यह आयोजन केवल मार्गदर्शन का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखने का प्रयास है। क्योंकि जब विद्यार्थी जागरूक होता है, तभी समाज सशक्त होता है और राष्ट्र प्रगति करता है। परीक्षा जीवन का पड़ाव है, पड़ाव को ही मंज़िल न मानें। असफलता भी सफलता की सीढ़ी होती है। आत्म मूल्यांकन कर आगे बढ़े।नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। सेवा भाव से किया गया अध्ययन ही वास्तविक शिक्षा है। विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित बनें। उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के सूत्र भी बताए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
शशि थरूर फिर कांग्रेस की अहम बैठक से रहे गायब, जानें क्‍या बताई वजह

#tharoorwasabsentfromcongresskeralameeting

केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एक बार फिर शशि थरूर की नाराजगी की खबर सामने आई है। चुनावी तैयारियों को लेकर आज होने वाली कांग्रेस की अहम बैठक में थरूर शामिल नहीं हुए। आज राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ दिल्ली में बैठक प्रस्तावित थी। लेकिन इसमें थरूर नहीं पहुंचे।

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शशि थरूर के ऑफिस की तरफ से इस बाबत बयान जारी किया गया है, जिसमें स्‍पष्‍ट तौर पर कहा गया है कि शशि थरूर आज यानी 23 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली केरल कांग्रेस की अहम चुनावी तैयारी बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनके कार्यालय ने कहा, ‘वे केरल लिटरेचर फेस्टिवल के लिए कालीकट में हैं, जो एशिया का सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव है। वह अपनी नवीनतम पुस्तक पर बोल रहे हैं, जो श्री नारायण गुरु पर आधारित है। उन्होंने पार्टी को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे।’

क्या है थरूर की नाराजगी की वजह?

शशि थरूर और कांग्रेस पार्टी के बीच के मतभेद की खबरें लंबे समय से आ रही है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के हालिया कोच्चि दौरे के दौरान उन्हें अपेक्षित सम्मान न मिलने से थरूर नाराज हैं।

राहुल गांधी ने थरूर का नाम भी नहीं लिया

कुछ दिन पहले कोच्चि में कांग्रेस ने महापंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद थे। कार्यक्रम से पहले यह तय किया गया कि वरिष्ठता को देखते हुए शशि थरूर के भाषण के बाद सिर्फ राहुल गांधी का भाषण होगा। महापंचायत में वक्ताओं का क्रम भी तय था, इसके बावजूद शशि थरूर के भाषण के बाद अन्य वक्ताओं की लाइन लगा दी। राहुल गांधी भी अंत में बोले, मगर उन्होंने मंच पर मौजूद शशि थरूर का नाम भी नहीं लिया। यह राहुल गांधी की चूक थी या संकेत, इस घटनाक्रम ने शशि थरूर की नाराजगी को और बढ़ा दिया।

बैठक से दूर लिटरेचल फेस्टिवल में शामिल

बताया जाता है कि महापंचायत में बैठने के क्रम में भी कांग्रेस सांसद की सीनियॉरिटी को दरकिनार किया गया था। शशि थरूर ने इसे अपमान बताते हुए केरल विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा के लिए पार्टी हाईकमान की बुलाई गई बैठक से दूर रहने फैसला किया है। वह इस दौरान कालीकट में हो रहे केरल लिटरेचल फेस्टिवल में शामिल होंगे।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में थरूर के कुछ बयान और सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी नेतृत्व को असहज करने वाले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के कुछ कदमों की सराहना करते हुए उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग माना गया। इसकी शुरुआत पहलगाम हमले से हुई, जब थरूर ने इंटेलिजेंस चूक के आरोपों पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश जाने वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडल में शशि थरूर के चयन पर कांग्रेस ने सवाल उठाए।