पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चार वाहन टकराए,गलत दिशा में मुड़ने से हादसा, यात्री सुरक्षित

सुलतानपुर,जिले के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आज दोपहर चार वाहन आपस में टकरा गए। एक कार चालक द्वारा गलत दिशा में मुड़ने के प्रयास के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना में एक कार, एक रोडवेज बस और दो ट्रक शामिल थे, हालांकि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।

यह घटना रविवार दोपहर किमी संख्या 123.8 LHS पर हुई। बनारस से लखनऊ की ओर जा रही अर्टिगा कार (MP 65 BJ 7777) गलत रास्ते पर आ गई थी। चालक राजीव कुमार (निवासी हिमाचल प्रदेश) ने जब गाड़ी को बीच रास्ते से मोड़ने का प्रयास किया, तो पीछे से आ रही आजमगढ़ डिपो की रोडवेज बस (UP 70 JN 7565) उससे टकरा गई।

इसी दौरान, पीछे से आ रहे दो अन्य ट्रक भी इस दुर्घटना की चपेट में आ गए। आगरा से बंगाल जा रही ट्रक (UP 84 BT 2245) और कानपुर से गुवाहाटी जा रही ट्रक (HR 38 AE 4803) के बीच भी टक्कर हुई।

घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंच गईं। बस में सवार सभी 17 यात्री सुरक्षित पाए गए, जिन्हें तत्काल दूसरी बस के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
हादसे की सूचना दोपहर 1:35 बजे डायल 112 पर मिली। इसके दस मिनट बाद, दोपहर 1:45 बजे सहायक सुरक्षा अधिकारी राम जगत तिवारी के नेतृत्व में पैकेज 04 की सुरक्षा टीम घटनास्थल पर पहुंची। क्रेन और हाइड्रा से के बीच पहुंचे।

सुरक्षा अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाइड्रा और क्रेन की मदद से सड़क के किनारे (पीली पट्टी के अंदर) करवाया और सुरक्षा कोन लगवाए। वर्तमान में एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सुचारू रूप से चल रहा है।
उड़ीसा से मीरजापुर तक फैला गांजा तस्करों का रैकेट, पुलिस-एससोजी टीम ने 50 लाख का गांजा किया बरामद

राघवेन्द्र कुमार सिंह
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर सहित पूर्वांचल के जिलों में उड़ीसा से लाकर गांजा की तस्करी की जा रही है। गांजा तस्करों का पूरा नेटवर्क सधे अंदाज में एक जिले से दूसरे जिलों में अपना मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ‌रविवार को मीरजापुर पुलिस ने एसओजी एवं सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा ₹ 50 लाख के अवैध गांजा व तस्करी में प्रयुक्त चार पहिया वाहन के साथ 5 शातिर अंतर्जनपदीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है।

रविवार को दोपहर बाद पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया के समक्ष खुलासा करते हुए गांजा तस्करों को प्रस्तुत किया गया।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक द्वारा जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने की दिशा में अपराध के रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़, अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की निर्माण, तस्करी व बिक्री पर अंकुश लगाते हुए संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी, बरामदगी एवं प्रभावी कार्यवाही करने के सख्त निर्देश जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्षगण को निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में
अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना पड़री व एसओजी, सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम को सफलता हाथ लगी है।
जब एक गुप्त सूचना के आधार थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा सघन वाहन चेकिंग करते समय 1 चार पहिया वाहन संख्याः UP 32 FV 0200 (होन्डासिटी) में सवार 5 व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गये लोगों द्वारा पूछताछ में अपना क्रमशः सत्यम सिंह उर्फ राहुल सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी अघवार थाना पड़री, मीरजापुर,  सौरभ मिश्रा उर्फ पुष्कर मिश्रा पुत्र घनश्याम मिश्रा निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, विकास तिवारी उर्फ विक्कू पुत्र भोला तिवारी निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, राजन तिवारी उर्फ विश्वजीत तिवारी पुत्र विजय शंकर तिवारी निवासी नबैया थाना मेजा, जनपद प्रयागराज व पवन पाण्डेय पुत्र कैलाश पाण्डेय निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर बताया गया है। पुलिस टीम द्वारा वाहन की तलाशी ली गयी तो वाहन में छिपाकर रखा हुआ कुल 100.60 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जिसे बरामद कर तथा वाहन को सीज कर आवश्यक कार्यवाही के पश्चात सभी को न्यायालय में पेश किया गया है। भारी मात्रा में गांजा के साथ
पकड़े गये गांजा तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे सम्भलपुर, उड़ीसा से होन्डा सिटी कार में छिपाकर गांजा लादकर मीरजापुर, प्रयागराज व आसपास के जनपदों में सप्लाई के लिये ले जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया। बताया कि गांजा बेच कर प्राप्त पैसे को आपस में बांटकर सुख-सुविधाओं का लाभ लेते है। पुलिस के मुताबिक सत्यम पवन व विकास इत्यादि पर कई मुकदमे दर्ज हैं जो काफी शातिर किस्म के अपराधी हैं। पवन पड़री थाना का हिस्ट्रीसीटर बताया गया है।
संदिग्ध हालात में पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप

– हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी

मिर्जापुर।जनपद के लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत महुलार में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब घोरी डैम और अस्थाई गौ आश्रय स्थल के पास एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटकता हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना को देखकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया।
सुबह-सुबह स्थानीय ग्रामीणों और गौ आश्रय स्थल के कर्मियों की नजर जैसे ही पेड़ से लटकते शव पर पड़ी, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या कर शव को लटकाने का हो सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही लालगंज कोतवाली प्रभारी अभय कुमार सिंह व पुलिस चौकी दुबार कला की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए शव को पेड़ से उतरवाया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
शव की पहचान पचोखर ग्राम पंचायत के बैरहर निवासी 30 वर्षीय मनोराम पटेल पुत्र रामसागर पटेल के रूप में हुई। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
थाना प्रभारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक 8 वर्षीय बेटी और 5 वर्षीय बेटा है, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है।
साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” में जुटे देशभर के नेत्र-विशेषज्ञ


ग्रामीण भारत में नेत्र-चिकित्सा की पहुँच बढ़ाने पर मंथन गरीबों के लिए निःशुल्क रीडिंग चश्मा वितरण हेतु Restoring Vision, USA के साथ एमओयू अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में रविवार को “साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) द्वारा किया गया। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए नेत्र-विशेषज्ञ, नेत्र-अस्पतालों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें 30 से अधिक नेत्र संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कॉन्क्लेव का विषय था- “कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम”। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैसे बढ़ाई जाए, लोगों में समय पर इलाज कराने की प्रवृत्ति कैसे विकसित की जाए और उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती नेत्र-चिकित्सा सेवाओं से बेहतर ढंग से कैसे जोड़ा जाए। कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली, शंकर नेत्रालय, अरविंद आई केयर सिस्टम, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया, सीतापुर आई हॉस्पिटल तथा अन्य अनेक अग्रणी नेत्र-संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें कॉन्क्लेव में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. राजवर्धन आज़ाद- चेयरमैन, क्लिनिकल एंड रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति- प्रेसिडेंट, PRASHO Foundation; श्री थुल्सीराज रविल्ला- डायरेक्टर-ऑपरेशंस, अरविंद आई केयर सिस्टम एवं एडवाइज़र-LAICO; डॉ. पार्थ बिस्वास- इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, AIOS; कर्नल डॉ. मधु भदौरिया- डायरेक्टर एवं चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीतापुर आई हॉस्पिटल; डॉ. कौशिक मुरली- प्रेसिडेंट मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, क्वालिटी एवं एजुकेशन, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया; डॉ. प्रवीण वशिष्ठ- प्रोफेसर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. आर.पी. सेंटर, एम्स; डॉ. आर.आर. सुधीर- हेड, प्रिवेंटिव ऑप्थैल्मोलॉजी, शंकर नेत्रालय समेत कई शामिल रहे। Restoring Vision, USA के साथ हुआ एमओयू इस अवसर पर Restoring Vision, USA और और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये। अखंड ज्योति की ओर से मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत पोद्दार और Restoring Vision, USA की ओर से सीईओ इयान राॅजर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत बिहार के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मों का वितरण करने में सहयोग दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी जो उम्र बढ़ने के साथ निकट दृष्टि संबंधी समस्या से जूझते हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं प्राप्त कर पाते। यह समझौता बिहार में रिफ्रैक्टिव एरर और निकट दृष्टि समस्या से पीड़ित गरीब जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समुदाय में जाकर जागरूकता और काम करने की जरूरत कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नेत्र-सेवा प्रणाली को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यदि लोगों को समय पर उपचार दिलाना है तो अस्पतालों और संस्थानों को समुदाय के बीच जाकर काम करना होगा, जागरूकता फैलानी होगी, लोगों की झिझक और डर कम करना होगा और उन्हें यह समझाना होगा कि समय पर जाँच और उपचार से अंधत्व एवं दृष्टिबाधा की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोगी जागरूकता और हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर ग्रामीण बिहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग केवल जानकारी के अभाव, दूरी, डर, या आर्थिक आशंका के कारण समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते।
आजमगढ़ : पुस्तकालय कक्ष का नाम बदलने पर आपत्ति, पूर्व सांसद ने बार एसोसिएशन को लिखा पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पुस्तकालय कक्ष के नाम परिवर्तन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। पूर्व राज्यसभा सदस्य नन्द किशोर यादव ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, आजमगढ़ को पत्र लिखकर इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और पूर्व में दिए गए नाम को यथावत रखने की मांग की है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके पिता स्वर्गीय ईश्वरदत्त यादव एडवोकेट संघ के वरिष्ठ सदस्य रहे थे और उन्होंने भी संघ में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके सांसद कार्यकाल के दौरान तत्कालीन कार्य समिति के अनुरोध पर सांसद निधि से स्व. ईश्वरदत्त यादव स्मृति पुस्तकालय कक्ष के निर्माण हेतु धन आवंटित किया गया था। इसके बाद पुस्तकालय कक्ष का शिलान्यास और निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत उसका लोकार्पण भी कराया गया। उन्होंने कहा कि हाल ही में जानकारी मिली है कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन द्वारा 30 मार्च 2026 को पारित प्रस्ताव के माध्यम से पुस्तकालय कक्ष का नाम परिवर्तित कर दिया गया है, जो अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि इस प्रकार के निर्णय भविष्य में जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के सहयोग की भावना को प्रभावित कर सकते हैं। पूर्व सांसद ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से अनुरोध किया है कि 30 मार्च को पारित प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए पुस्तकालय कक्ष का नाम पुनः “पूर्ववर्ती स्व. ईश्वरदत्त यादव स्मृति पुस्तकालय कक्ष” ही रखा जाए, ताकि पूर्व में किए गए योगदान और सम्मान की भावना बनी रहे। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता समुदाय में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर बार एसोसिएशन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई है, जिससे इस विवाद का समाधान निकल
झारखंड में 'असम' की आंच: सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया 'बिना शर्त' समर्थन का ऑफर, क्या कांग्रेस से नाता तोड़ेगी झामुमो?

रांचीः असम चुनाव ने झारखंड में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. खासकर, झामुमो के असम चुनाव में ताल ठोकने के बाद. आलम यह है कि सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है.

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से कर चुके हैं. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने अपनी ही सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कई सवाल खड़े कर चुके हैं.

इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक बयान देकर झारखंड की राजनीति को नई हवा दे दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग सरकार बना लेनी चाहिए. ऐसा होता है तो वे सरकार को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं. लिहाजा, हेमंत सोरेन को हिम्मत दिखानी चाहिए.

क्या है सरयू राय का फॉर्मूला और सुझाव

जदयू विधायक सरयू राय ने 3 अप्रैल को धनबाद में कहा है कि झामुमो के पास 34 विधायक हैं. अगर कांग्रेस को हटा दें तो झामुमो को राजद के 04 विधायकों और भाकपा माले के 02 विधायकों का समर्थन हासिल है. यह आंकड़ा 40 हो जाता है. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. अगर झामुमो ऐसा करता है तो वे खुद बिना शर्त सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं.

जदयू विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी. बिहार चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था. ऐसे में झामुमो को नये विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हवा का रुख कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि असम चुनाव के बाद सीएम फिर कांग्रेस नेताओं से मिलें और कह दें कि अब हमारी सारी गलतफहमी दूर हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस प्रभारी के. राजू यह कह रहे हैं कि झारखंड के अफसर माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हेमंत सोरेन पर हमला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट का नुकसान होगा.

सरयू राय के सुझाव पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का तर्क

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का मानना है कि भाजपा किसी न किसी रुप में झामुमो को कांग्रेस से अलग करना चाहती है. अगर कांग्रेस से हटकर झामुमो सरकार बनाती है तो चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. क्योंकि ज्यादा लोगों को संतुष्ट करना होगा. लिहाजा, ऐसी सरकार को चलाना मुश्किल हो जाएगा.

इसलिए कांग्रेस के बगैर झामुमो को सरकार चलाना मुश्किल होगा. यह भी समझना चाहिए कि झामुमो और भाजपा का वोट बैंक अलग है. वहीं झामुमो और कांग्रेस का वोट बैंक एक है. इससे दोनों को फायदा होगा. आगे चलकर फिर सीबीआई और ईडी की इंट्री हो तो अलग बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर के मुताबिक भाजपा हर हाल में सरकार के करीब जाना चाहती है. क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हेमंत सोरेन बहुत मजबूत हुए हैं. हेमंत सोरेन को इस बात की अच्छी समझ होगी कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ क्या हुआ. रही बात सुप्रियो और के. राजू के बयान की तो ऐसी बयानबाजी चलती रहती है.

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच भी बयानबाजी होती थी लेकिन सरकार चलती रही. क्योंकि वहां विकल्प ही नहीं था. ऐसे में सरयू राय के ऑफर के बावजूद झामुमो इस लोभ में आएगा, ऐसा नहीं लगता. रही बात असम कि तो खाता खुलना या ना खुलना अलग मैटर है लेकिन वहां झामुमो की पैठ बनेगी. मधुकर के मुताबिक हालिया बयानबाजी के प्रेशर पॉलिटिक्स के रुप में देखना चाहिए और कुछ नहीं.

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का आकलन

सरयू राय के सुझाव पर ईटीवी भारत की टीम ने वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का पक्ष लिया. उन्होंने दो टूक कहा कि क्या सरयू राय पार्टी लाइन से अलग होकर झामुमो सरकार को समर्थन दे सकते हैं. वे कौन होते हैं ऐसा कहने वाले. वे तो जदयू के विधायक हैं. वे फैसला नहीं ले सकते. क्या झारखंड जदयू अध्यक्ष खीरू महतो ऐसा कह रहे है. खास बात है कि कांग्रेस और झामुमो में संबंध विच्छेद तो हुआ नहीं है. फिर कहां से नई सरकार की बात आ रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस और झामुमो के बीच जुबानी जंग हुई है. यह भी देखना चाहिए कि इस मैटर पर टॉप लीडर कुछ नहीं बोल रहा है.

चंदन मिश्रा का कहना है कि राजद ने बिहार में झामुमो को सहयोग नहीं दिया था. फिर भी राजद यहां की सरकार में शामिल है. उस वक्त कहा गया था राजद के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन हुआ कुछ नहीं. क्योंकि झामुमो का सामने मजबूरी थी. चंदन मिश्रा ने कहा कि क्या हेमंत बोल सकते हैं कि उनको कांग्रेस का समर्थन नहीं चाहिए. मुझे लगता है कि सिर्फ असम चुनाव तक दोनों पार्टियां एक दूसरे पर थोड़ी छिंटाकशी करेंगी. फिर सबकुछ शांत हो जाएगा. यह भी समझना होगा कि हेमंत सोरेन को हिमंता विस्वा से चिढ़ थी. क्योंकि झारखंड चुनाव में हिमंता सक्रिय थे. इसलिए हेमंत सोरेन अब असम में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अगर झामुमो को जीतने की चाहत होती तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ते.

कांग्रेस प्रभारी ने क्या आरोप लगाए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा था कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सोनुआ में आदिवासी समाज के बच्चे सरकारी स्कूलों के बजाए प्राइवेट स्कूलों का रुख कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई है. माइनिंग लॉ की आड़ में लोगों पर अन्याय हो रहा है. अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. कांग्रेस नेता का घर तोड़ दिया गया. कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल रहा है. हर जिला में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करा रहे हैं. इस काम को कांग्रेस गंभीरता से आगे लेकर जाएगी.

झामुमो ने कांग्रेस को दिया था ये सुझाव

कांग्रेस प्रभारी द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहकर इस तरह के बयान से जनता के बीच गलत संदेश जाता है. इस गठबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए. तब कांग्रेस ने कहा था कि कांग्रेस तो सिर्फ जमीन अधिग्रहण कानून, 2013 का सही तरीके से डीसी के स्तर पर पालन नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि आंदोलन कर इन बातों से सरकार को अवगत कराएं.

मुगल,अंग्रेज और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति से बंटा हिंदू समाज : मंत्री लोढ़ा
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने जैन समाज को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि जैन धर्म मूलतः हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा है और अब जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर विचार करना चाहिए। वे मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारत में विभिन्न जाति और धर्म मौजूद हैं, लेकिन उनकी जड़ें एक ही सांस्कृतिक विचारधारा से जुड़ी हैं। “जैन धर्मियों की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, परंतु वे सांस्कृतिक रूप से हिंदू ही हैं। अब समय आ गया है कि वे अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने का निर्णय लें। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बळीराम हेडगेवार की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी कांग्रेस ने इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए हिंदू समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का काम किया। उन्होंने कहा कि जैन और हिंदू समाज, जो विश्व को मानवता और अहिंसा का संदेश देते हैं, उनके बीच भी राजनीतिक कारणों से दूरी बनाई गई। “मुस्लिम समाज में भी अनेक जातियां हैं, लेकिन वहां कांग्रेस ने इस प्रकार का विभाजन नहीं किया बल्कि उन्हें जोड़ा। दक्षिण भारत का उदाहरण देते हुए लोढ़ा ने कहा कि एक समय वहां जैन समाज की जनसंख्या 22-23 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। इसे उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम बताया। राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान विभिन्न समुदायों में “हम हिंदू हैं” की भावना मजबूत हुई। आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक समरसता को बरक़रार रखते हुए, सभी भेद मिटाते हुए हिन्दुओं को एक साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई जैन मुनियों और समाज के प्रमुख लोगों से चर्चा की गई है और अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है। यदि इस पर व्यापक सहमति बनती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया।
डीसी जैम पोर्टल की जमानत याचिका खारिज,छ: दिन से मंडलीय कारागार में बंद
गोंडा।जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर आपूर्ति के नाम पर रिश्वत और भ्रष्टाचार के मामले में जिला समन्वयक प्रेम शंकर मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायमूर्ति नित्या पांडेय ने देवरिया निवासी प्रेम शंकर मिश्रा के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जमानत के लिए कोई ठोस आधार न मिलने के कारण खारिज कर दिया।प्रेम शंकर मिश्रा 30 मार्च से मंडलीय कारागार में निरुद्ध हैं।बताते चलें कि 4 नवंबर को मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज कुमार पाण्डेय ने एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर प्रेम शंकर मिश्रा के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप है कि 15 करोड़ रुपए के फर्नीचर आपूर्ति टेंडर के लिए प्रेम शंकर मिश्रा,तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (वर्तमान में निलंबित) अतुल कुमार तिवारी और जमानत पर बाहर आए जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा ने 15 प्रतिशत कमीशन की मांग किया।तीनों पर 50 लाख रुपए एडवांस और 26 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर लिए जाने का भी आरोप है।प्रेम शंकर मिश्रा पर दो लाख रुपये अतिरिक्त रिश्वत लेने और एक लाख रूपए वापस करने का भी आरोप है।न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया था।मामले में फरार चल रहे प्रेम शंकर मिश्रा को पुलिस ने 30 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था जहाँ से उनको जेल भेज दिया गया था।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने जमानत याचिका खारिज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं मिला है।इस पूरे मामले में जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा को भी नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।हालांकि वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
'যা হবে না বলছেন, সেটাই হচ্ছে’ : ওয়াকাফ ও এসআইআর ইস্যুতে মুখ্যমন্ত্রীকে বিঁধলেন কংগ্রেস প্রার্থী দিলু
সৌমাভ মন্ডল, বসিরহাট: রাজ্যে শাসকদলের বিশ্বাসযোগ্যতা এবং ধর্মীয় মেরুকরণ নিয়ে বিতর্কিত মন্তব্য করলেন বাদুড়িয়া বিধানসভার কংগ্রেস প্রার্থী কাজী আব্দুর রহিম দিলু। এদিন বাদুড়িয়ার একটি কমিউনিটি হলের প্রাঙ্গণে কংগ্রেসের একটি দলীয় বৈঠক শেষে সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে তিনি মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের কড়া সমালোচনা করেন। ওয়াকাফ এবং এসআইআর প্রসঙ্গে মুখ্যমন্ত্রীর অবস্থানের বিরোধিতা করে দিলু বলেন, "মুখ্যমন্ত্রী যে বিষয়টি রাজ্যে লাগু হবে না বলে নিশ্চিত করছেন, সাধারণত সেই বিষয়টিই পরবর্তী সময়ে কার্যকর হয়।" তার দাবি অনুযায়ী, যে বিষয়ে রাজ্যে অনুমতি মিলবে না বলে আশ্বাস দেওয়া হচ্ছে, আগামী দিনে তা কার্যকর হওয়া প্রায় নিশ্চিত। একইসঙ্গে তিনি বিজেপি এবং তৃণমূল কংগ্রেস উভয় দলকেই তীক্ষ্ণ আক্রমণ করেন। দিলুর মতে, "এই দুই দলই ধর্মের সুড়সুড়ি দিয়ে বাঙালিকে বিভক্ত করার রাজনীতি করছে।" তবে বাংলার মানুষ সচেতন এবং আগামী দিনে তারা এই বিভাজনের রাজনীতি রুখে দেবে বলে তিনি আশা প্রকাশ করেন।
উল্লেখ্য, ২০২১ সালের বিধানসভা নির্বাচনে তৃণমূল কংগ্রেসের টিকিটে জয়লাভ করেছিলেন কাজী আব্দুর রহিম দিলু। কিন্তু সম্প্রতি তিনি শাসকদল ত্যাগ করে পুনরায় নিজের পুরনো দল কংগ্রেসে ফিরে এসেছেন। ঘরের ছেলের পুরনো দলে ফেরার পর বাদুড়িয়ার রাজনৈতিক সমীকরণ কোন দিকে মোড় নেয়, এখন সেটাই দেখার। দল বদল ও বর্তমান রাজনৈতিক পরিস্থিতির প্রেক্ষিতে দিলুর এই মন্তব্য জেলা রাজনীতিতে যথেষ্ট চাঞ্চল্যের সৃষ্টি করেছে।
नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव।,मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री में नैतिक साहस और योग्यता है तो इन आंकड़ों व तथ्यों पर मुझसे सार्वजनिक बहस कर





पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चार वाहन टकराए,गलत दिशा में मुड़ने से हादसा, यात्री सुरक्षित

सुलतानपुर,जिले के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आज दोपहर चार वाहन आपस में टकरा गए। एक कार चालक द्वारा गलत दिशा में मुड़ने के प्रयास के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना में एक कार, एक रोडवेज बस और दो ट्रक शामिल थे, हालांकि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।

यह घटना रविवार दोपहर किमी संख्या 123.8 LHS पर हुई। बनारस से लखनऊ की ओर जा रही अर्टिगा कार (MP 65 BJ 7777) गलत रास्ते पर आ गई थी। चालक राजीव कुमार (निवासी हिमाचल प्रदेश) ने जब गाड़ी को बीच रास्ते से मोड़ने का प्रयास किया, तो पीछे से आ रही आजमगढ़ डिपो की रोडवेज बस (UP 70 JN 7565) उससे टकरा गई।

इसी दौरान, पीछे से आ रहे दो अन्य ट्रक भी इस दुर्घटना की चपेट में आ गए। आगरा से बंगाल जा रही ट्रक (UP 84 BT 2245) और कानपुर से गुवाहाटी जा रही ट्रक (HR 38 AE 4803) के बीच भी टक्कर हुई।

घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंच गईं। बस में सवार सभी 17 यात्री सुरक्षित पाए गए, जिन्हें तत्काल दूसरी बस के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
हादसे की सूचना दोपहर 1:35 बजे डायल 112 पर मिली। इसके दस मिनट बाद, दोपहर 1:45 बजे सहायक सुरक्षा अधिकारी राम जगत तिवारी के नेतृत्व में पैकेज 04 की सुरक्षा टीम घटनास्थल पर पहुंची। क्रेन और हाइड्रा से के बीच पहुंचे।

सुरक्षा अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाइड्रा और क्रेन की मदद से सड़क के किनारे (पीली पट्टी के अंदर) करवाया और सुरक्षा कोन लगवाए। वर्तमान में एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सुचारू रूप से चल रहा है।
उड़ीसा से मीरजापुर तक फैला गांजा तस्करों का रैकेट, पुलिस-एससोजी टीम ने 50 लाख का गांजा किया बरामद

राघवेन्द्र कुमार सिंह
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर सहित पूर्वांचल के जिलों में उड़ीसा से लाकर गांजा की तस्करी की जा रही है। गांजा तस्करों का पूरा नेटवर्क सधे अंदाज में एक जिले से दूसरे जिलों में अपना मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ‌रविवार को मीरजापुर पुलिस ने एसओजी एवं सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा ₹ 50 लाख के अवैध गांजा व तस्करी में प्रयुक्त चार पहिया वाहन के साथ 5 शातिर अंतर्जनपदीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है।

रविवार को दोपहर बाद पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया के समक्ष खुलासा करते हुए गांजा तस्करों को प्रस्तुत किया गया।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक द्वारा जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने की दिशा में अपराध के रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़, अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की निर्माण, तस्करी व बिक्री पर अंकुश लगाते हुए संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी, बरामदगी एवं प्रभावी कार्यवाही करने के सख्त निर्देश जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्षगण को निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में
अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना पड़री व एसओजी, सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम को सफलता हाथ लगी है।
जब एक गुप्त सूचना के आधार थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा सघन वाहन चेकिंग करते समय 1 चार पहिया वाहन संख्याः UP 32 FV 0200 (होन्डासिटी) में सवार 5 व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गये लोगों द्वारा पूछताछ में अपना क्रमशः सत्यम सिंह उर्फ राहुल सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी अघवार थाना पड़री, मीरजापुर,  सौरभ मिश्रा उर्फ पुष्कर मिश्रा पुत्र घनश्याम मिश्रा निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, विकास तिवारी उर्फ विक्कू पुत्र भोला तिवारी निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, राजन तिवारी उर्फ विश्वजीत तिवारी पुत्र विजय शंकर तिवारी निवासी नबैया थाना मेजा, जनपद प्रयागराज व पवन पाण्डेय पुत्र कैलाश पाण्डेय निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर बताया गया है। पुलिस टीम द्वारा वाहन की तलाशी ली गयी तो वाहन में छिपाकर रखा हुआ कुल 100.60 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जिसे बरामद कर तथा वाहन को सीज कर आवश्यक कार्यवाही के पश्चात सभी को न्यायालय में पेश किया गया है। भारी मात्रा में गांजा के साथ
पकड़े गये गांजा तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे सम्भलपुर, उड़ीसा से होन्डा सिटी कार में छिपाकर गांजा लादकर मीरजापुर, प्रयागराज व आसपास के जनपदों में सप्लाई के लिये ले जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया। बताया कि गांजा बेच कर प्राप्त पैसे को आपस में बांटकर सुख-सुविधाओं का लाभ लेते है। पुलिस के मुताबिक सत्यम पवन व विकास इत्यादि पर कई मुकदमे दर्ज हैं जो काफी शातिर किस्म के अपराधी हैं। पवन पड़री थाना का हिस्ट्रीसीटर बताया गया है।
संदिग्ध हालात में पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप

– हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी

मिर्जापुर।जनपद के लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत महुलार में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब घोरी डैम और अस्थाई गौ आश्रय स्थल के पास एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटकता हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना को देखकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया।
सुबह-सुबह स्थानीय ग्रामीणों और गौ आश्रय स्थल के कर्मियों की नजर जैसे ही पेड़ से लटकते शव पर पड़ी, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या कर शव को लटकाने का हो सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही लालगंज कोतवाली प्रभारी अभय कुमार सिंह व पुलिस चौकी दुबार कला की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए शव को पेड़ से उतरवाया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
शव की पहचान पचोखर ग्राम पंचायत के बैरहर निवासी 30 वर्षीय मनोराम पटेल पुत्र रामसागर पटेल के रूप में हुई। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
थाना प्रभारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक 8 वर्षीय बेटी और 5 वर्षीय बेटा है, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है।
साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” में जुटे देशभर के नेत्र-विशेषज्ञ


ग्रामीण भारत में नेत्र-चिकित्सा की पहुँच बढ़ाने पर मंथन गरीबों के लिए निःशुल्क रीडिंग चश्मा वितरण हेतु Restoring Vision, USA के साथ एमओयू अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में रविवार को “साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) द्वारा किया गया। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए नेत्र-विशेषज्ञ, नेत्र-अस्पतालों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें 30 से अधिक नेत्र संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कॉन्क्लेव का विषय था- “कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम”। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैसे बढ़ाई जाए, लोगों में समय पर इलाज कराने की प्रवृत्ति कैसे विकसित की जाए और उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती नेत्र-चिकित्सा सेवाओं से बेहतर ढंग से कैसे जोड़ा जाए। कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली, शंकर नेत्रालय, अरविंद आई केयर सिस्टम, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया, सीतापुर आई हॉस्पिटल तथा अन्य अनेक अग्रणी नेत्र-संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें कॉन्क्लेव में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. राजवर्धन आज़ाद- चेयरमैन, क्लिनिकल एंड रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति- प्रेसिडेंट, PRASHO Foundation; श्री थुल्सीराज रविल्ला- डायरेक्टर-ऑपरेशंस, अरविंद आई केयर सिस्टम एवं एडवाइज़र-LAICO; डॉ. पार्थ बिस्वास- इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, AIOS; कर्नल डॉ. मधु भदौरिया- डायरेक्टर एवं चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीतापुर आई हॉस्पिटल; डॉ. कौशिक मुरली- प्रेसिडेंट मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, क्वालिटी एवं एजुकेशन, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया; डॉ. प्रवीण वशिष्ठ- प्रोफेसर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. आर.पी. सेंटर, एम्स; डॉ. आर.आर. सुधीर- हेड, प्रिवेंटिव ऑप्थैल्मोलॉजी, शंकर नेत्रालय समेत कई शामिल रहे। Restoring Vision, USA के साथ हुआ एमओयू इस अवसर पर Restoring Vision, USA और और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये। अखंड ज्योति की ओर से मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत पोद्दार और Restoring Vision, USA की ओर से सीईओ इयान राॅजर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत बिहार के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मों का वितरण करने में सहयोग दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी जो उम्र बढ़ने के साथ निकट दृष्टि संबंधी समस्या से जूझते हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं प्राप्त कर पाते। यह समझौता बिहार में रिफ्रैक्टिव एरर और निकट दृष्टि समस्या से पीड़ित गरीब जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समुदाय में जाकर जागरूकता और काम करने की जरूरत कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नेत्र-सेवा प्रणाली को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यदि लोगों को समय पर उपचार दिलाना है तो अस्पतालों और संस्थानों को समुदाय के बीच जाकर काम करना होगा, जागरूकता फैलानी होगी, लोगों की झिझक और डर कम करना होगा और उन्हें यह समझाना होगा कि समय पर जाँच और उपचार से अंधत्व एवं दृष्टिबाधा की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोगी जागरूकता और हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर ग्रामीण बिहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग केवल जानकारी के अभाव, दूरी, डर, या आर्थिक आशंका के कारण समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते।
आजमगढ़ : पुस्तकालय कक्ष का नाम बदलने पर आपत्ति, पूर्व सांसद ने बार एसोसिएशन को लिखा पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पुस्तकालय कक्ष के नाम परिवर्तन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। पूर्व राज्यसभा सदस्य नन्द किशोर यादव ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, आजमगढ़ को पत्र लिखकर इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और पूर्व में दिए गए नाम को यथावत रखने की मांग की है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके पिता स्वर्गीय ईश्वरदत्त यादव एडवोकेट संघ के वरिष्ठ सदस्य रहे थे और उन्होंने भी संघ में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके सांसद कार्यकाल के दौरान तत्कालीन कार्य समिति के अनुरोध पर सांसद निधि से स्व. ईश्वरदत्त यादव स्मृति पुस्तकालय कक्ष के निर्माण हेतु धन आवंटित किया गया था। इसके बाद पुस्तकालय कक्ष का शिलान्यास और निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत उसका लोकार्पण भी कराया गया। उन्होंने कहा कि हाल ही में जानकारी मिली है कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन द्वारा 30 मार्च 2026 को पारित प्रस्ताव के माध्यम से पुस्तकालय कक्ष का नाम परिवर्तित कर दिया गया है, जो अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि इस प्रकार के निर्णय भविष्य में जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के सहयोग की भावना को प्रभावित कर सकते हैं। पूर्व सांसद ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से अनुरोध किया है कि 30 मार्च को पारित प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए पुस्तकालय कक्ष का नाम पुनः “पूर्ववर्ती स्व. ईश्वरदत्त यादव स्मृति पुस्तकालय कक्ष” ही रखा जाए, ताकि पूर्व में किए गए योगदान और सम्मान की भावना बनी रहे। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता समुदाय में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर बार एसोसिएशन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई है, जिससे इस विवाद का समाधान निकल
झारखंड में 'असम' की आंच: सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया 'बिना शर्त' समर्थन का ऑफर, क्या कांग्रेस से नाता तोड़ेगी झामुमो?

रांचीः असम चुनाव ने झारखंड में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. खासकर, झामुमो के असम चुनाव में ताल ठोकने के बाद. आलम यह है कि सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है.

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से कर चुके हैं. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने अपनी ही सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कई सवाल खड़े कर चुके हैं.

इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक बयान देकर झारखंड की राजनीति को नई हवा दे दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग सरकार बना लेनी चाहिए. ऐसा होता है तो वे सरकार को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं. लिहाजा, हेमंत सोरेन को हिम्मत दिखानी चाहिए.

क्या है सरयू राय का फॉर्मूला और सुझाव

जदयू विधायक सरयू राय ने 3 अप्रैल को धनबाद में कहा है कि झामुमो के पास 34 विधायक हैं. अगर कांग्रेस को हटा दें तो झामुमो को राजद के 04 विधायकों और भाकपा माले के 02 विधायकों का समर्थन हासिल है. यह आंकड़ा 40 हो जाता है. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. अगर झामुमो ऐसा करता है तो वे खुद बिना शर्त सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं.

जदयू विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी. बिहार चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था. ऐसे में झामुमो को नये विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हवा का रुख कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि असम चुनाव के बाद सीएम फिर कांग्रेस नेताओं से मिलें और कह दें कि अब हमारी सारी गलतफहमी दूर हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस प्रभारी के. राजू यह कह रहे हैं कि झारखंड के अफसर माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हेमंत सोरेन पर हमला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट का नुकसान होगा.

सरयू राय के सुझाव पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का तर्क

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का मानना है कि भाजपा किसी न किसी रुप में झामुमो को कांग्रेस से अलग करना चाहती है. अगर कांग्रेस से हटकर झामुमो सरकार बनाती है तो चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. क्योंकि ज्यादा लोगों को संतुष्ट करना होगा. लिहाजा, ऐसी सरकार को चलाना मुश्किल हो जाएगा.

इसलिए कांग्रेस के बगैर झामुमो को सरकार चलाना मुश्किल होगा. यह भी समझना चाहिए कि झामुमो और भाजपा का वोट बैंक अलग है. वहीं झामुमो और कांग्रेस का वोट बैंक एक है. इससे दोनों को फायदा होगा. आगे चलकर फिर सीबीआई और ईडी की इंट्री हो तो अलग बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर के मुताबिक भाजपा हर हाल में सरकार के करीब जाना चाहती है. क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हेमंत सोरेन बहुत मजबूत हुए हैं. हेमंत सोरेन को इस बात की अच्छी समझ होगी कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ क्या हुआ. रही बात सुप्रियो और के. राजू के बयान की तो ऐसी बयानबाजी चलती रहती है.

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच भी बयानबाजी होती थी लेकिन सरकार चलती रही. क्योंकि वहां विकल्प ही नहीं था. ऐसे में सरयू राय के ऑफर के बावजूद झामुमो इस लोभ में आएगा, ऐसा नहीं लगता. रही बात असम कि तो खाता खुलना या ना खुलना अलग मैटर है लेकिन वहां झामुमो की पैठ बनेगी. मधुकर के मुताबिक हालिया बयानबाजी के प्रेशर पॉलिटिक्स के रुप में देखना चाहिए और कुछ नहीं.

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का आकलन

सरयू राय के सुझाव पर ईटीवी भारत की टीम ने वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का पक्ष लिया. उन्होंने दो टूक कहा कि क्या सरयू राय पार्टी लाइन से अलग होकर झामुमो सरकार को समर्थन दे सकते हैं. वे कौन होते हैं ऐसा कहने वाले. वे तो जदयू के विधायक हैं. वे फैसला नहीं ले सकते. क्या झारखंड जदयू अध्यक्ष खीरू महतो ऐसा कह रहे है. खास बात है कि कांग्रेस और झामुमो में संबंध विच्छेद तो हुआ नहीं है. फिर कहां से नई सरकार की बात आ रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस और झामुमो के बीच जुबानी जंग हुई है. यह भी देखना चाहिए कि इस मैटर पर टॉप लीडर कुछ नहीं बोल रहा है.

चंदन मिश्रा का कहना है कि राजद ने बिहार में झामुमो को सहयोग नहीं दिया था. फिर भी राजद यहां की सरकार में शामिल है. उस वक्त कहा गया था राजद के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन हुआ कुछ नहीं. क्योंकि झामुमो का सामने मजबूरी थी. चंदन मिश्रा ने कहा कि क्या हेमंत बोल सकते हैं कि उनको कांग्रेस का समर्थन नहीं चाहिए. मुझे लगता है कि सिर्फ असम चुनाव तक दोनों पार्टियां एक दूसरे पर थोड़ी छिंटाकशी करेंगी. फिर सबकुछ शांत हो जाएगा. यह भी समझना होगा कि हेमंत सोरेन को हिमंता विस्वा से चिढ़ थी. क्योंकि झारखंड चुनाव में हिमंता सक्रिय थे. इसलिए हेमंत सोरेन अब असम में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अगर झामुमो को जीतने की चाहत होती तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ते.

कांग्रेस प्रभारी ने क्या आरोप लगाए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा था कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सोनुआ में आदिवासी समाज के बच्चे सरकारी स्कूलों के बजाए प्राइवेट स्कूलों का रुख कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई है. माइनिंग लॉ की आड़ में लोगों पर अन्याय हो रहा है. अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. कांग्रेस नेता का घर तोड़ दिया गया. कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल रहा है. हर जिला में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करा रहे हैं. इस काम को कांग्रेस गंभीरता से आगे लेकर जाएगी.

झामुमो ने कांग्रेस को दिया था ये सुझाव

कांग्रेस प्रभारी द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहकर इस तरह के बयान से जनता के बीच गलत संदेश जाता है. इस गठबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए. तब कांग्रेस ने कहा था कि कांग्रेस तो सिर्फ जमीन अधिग्रहण कानून, 2013 का सही तरीके से डीसी के स्तर पर पालन नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि आंदोलन कर इन बातों से सरकार को अवगत कराएं.

मुगल,अंग्रेज और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति से बंटा हिंदू समाज : मंत्री लोढ़ा
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने जैन समाज को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि जैन धर्म मूलतः हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा है और अब जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर विचार करना चाहिए। वे मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारत में विभिन्न जाति और धर्म मौजूद हैं, लेकिन उनकी जड़ें एक ही सांस्कृतिक विचारधारा से जुड़ी हैं। “जैन धर्मियों की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, परंतु वे सांस्कृतिक रूप से हिंदू ही हैं। अब समय आ गया है कि वे अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने का निर्णय लें। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बळीराम हेडगेवार की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी कांग्रेस ने इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए हिंदू समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का काम किया। उन्होंने कहा कि जैन और हिंदू समाज, जो विश्व को मानवता और अहिंसा का संदेश देते हैं, उनके बीच भी राजनीतिक कारणों से दूरी बनाई गई। “मुस्लिम समाज में भी अनेक जातियां हैं, लेकिन वहां कांग्रेस ने इस प्रकार का विभाजन नहीं किया बल्कि उन्हें जोड़ा। दक्षिण भारत का उदाहरण देते हुए लोढ़ा ने कहा कि एक समय वहां जैन समाज की जनसंख्या 22-23 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। इसे उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम बताया। राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान विभिन्न समुदायों में “हम हिंदू हैं” की भावना मजबूत हुई। आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक समरसता को बरक़रार रखते हुए, सभी भेद मिटाते हुए हिन्दुओं को एक साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई जैन मुनियों और समाज के प्रमुख लोगों से चर्चा की गई है और अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है। यदि इस पर व्यापक सहमति बनती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया।
डीसी जैम पोर्टल की जमानत याचिका खारिज,छ: दिन से मंडलीय कारागार में बंद
गोंडा।जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर आपूर्ति के नाम पर रिश्वत और भ्रष्टाचार के मामले में जिला समन्वयक प्रेम शंकर मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायमूर्ति नित्या पांडेय ने देवरिया निवासी प्रेम शंकर मिश्रा के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जमानत के लिए कोई ठोस आधार न मिलने के कारण खारिज कर दिया।प्रेम शंकर मिश्रा 30 मार्च से मंडलीय कारागार में निरुद्ध हैं।बताते चलें कि 4 नवंबर को मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज कुमार पाण्डेय ने एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर प्रेम शंकर मिश्रा के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप है कि 15 करोड़ रुपए के फर्नीचर आपूर्ति टेंडर के लिए प्रेम शंकर मिश्रा,तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (वर्तमान में निलंबित) अतुल कुमार तिवारी और जमानत पर बाहर आए जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा ने 15 प्रतिशत कमीशन की मांग किया।तीनों पर 50 लाख रुपए एडवांस और 26 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर लिए जाने का भी आरोप है।प्रेम शंकर मिश्रा पर दो लाख रुपये अतिरिक्त रिश्वत लेने और एक लाख रूपए वापस करने का भी आरोप है।न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया था।मामले में फरार चल रहे प्रेम शंकर मिश्रा को पुलिस ने 30 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था जहाँ से उनको जेल भेज दिया गया था।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने जमानत याचिका खारिज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं मिला है।इस पूरे मामले में जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा को भी नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।हालांकि वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
'যা হবে না বলছেন, সেটাই হচ্ছে’ : ওয়াকাফ ও এসআইআর ইস্যুতে মুখ্যমন্ত্রীকে বিঁধলেন কংগ্রেস প্রার্থী দিলু
সৌমাভ মন্ডল, বসিরহাট: রাজ্যে শাসকদলের বিশ্বাসযোগ্যতা এবং ধর্মীয় মেরুকরণ নিয়ে বিতর্কিত মন্তব্য করলেন বাদুড়িয়া বিধানসভার কংগ্রেস প্রার্থী কাজী আব্দুর রহিম দিলু। এদিন বাদুড়িয়ার একটি কমিউনিটি হলের প্রাঙ্গণে কংগ্রেসের একটি দলীয় বৈঠক শেষে সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে তিনি মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের কড়া সমালোচনা করেন। ওয়াকাফ এবং এসআইআর প্রসঙ্গে মুখ্যমন্ত্রীর অবস্থানের বিরোধিতা করে দিলু বলেন, "মুখ্যমন্ত্রী যে বিষয়টি রাজ্যে লাগু হবে না বলে নিশ্চিত করছেন, সাধারণত সেই বিষয়টিই পরবর্তী সময়ে কার্যকর হয়।" তার দাবি অনুযায়ী, যে বিষয়ে রাজ্যে অনুমতি মিলবে না বলে আশ্বাস দেওয়া হচ্ছে, আগামী দিনে তা কার্যকর হওয়া প্রায় নিশ্চিত। একইসঙ্গে তিনি বিজেপি এবং তৃণমূল কংগ্রেস উভয় দলকেই তীক্ষ্ণ আক্রমণ করেন। দিলুর মতে, "এই দুই দলই ধর্মের সুড়সুড়ি দিয়ে বাঙালিকে বিভক্ত করার রাজনীতি করছে।" তবে বাংলার মানুষ সচেতন এবং আগামী দিনে তারা এই বিভাজনের রাজনীতি রুখে দেবে বলে তিনি আশা প্রকাশ করেন।
উল্লেখ্য, ২০২১ সালের বিধানসভা নির্বাচনে তৃণমূল কংগ্রেসের টিকিটে জয়লাভ করেছিলেন কাজী আব্দুর রহিম দিলু। কিন্তু সম্প্রতি তিনি শাসকদল ত্যাগ করে পুনরায় নিজের পুরনো দল কংগ্রেসে ফিরে এসেছেন। ঘরের ছেলের পুরনো দলে ফেরার পর বাদুড়িয়ার রাজনৈতিক সমীকরণ কোন দিকে মোড় নেয়, এখন সেটাই দেখার। দল বদল ও বর্তমান রাজনৈতিক পরিস্থিতির প্রেক্ষিতে দিলুর এই মন্তব্য জেলা রাজনীতিতে যথেষ্ট চাঞ্চল্যের সৃষ্টি করেছে।
नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव।,मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री में नैतिक साहस और योग्यता है तो इन आंकड़ों व तथ्यों पर मुझसे सार्वजनिक बहस कर