ठंड व बारिश से फसल नुकसान पर किसानों की चिंता, मोहम्मदपुर सकिश्त बहसूमा में हुई अहम बैठक

बहसूमा। मेरठ क्षेत्र में लगातार पड़ रही ठंड और हो रही बारिश के चलते किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर पूर्व डायरेक्टर चौधरी राजपाल सिंह के पुत्र अमित चौधरी के आवास पर एक महत्वपूर्ण चर्चा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने मौसम की मार से बर्बाद हो रही फसलों को लेकर गहरी चिंता जताई और शासन-प्रशासन से राहत की मांग की।

बैठक में बसपा सरकार में रहे चर्चित चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि असमय ठंड और बारिश से सरसों, आलू सहित अन्य रबी फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की।

चर्चा के दौरान पत्रकार परविंदर चौधरी ने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पीड़ित किसानों को समय रहते राहत मिल सके। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपनी बात मजबूती से रखने का आह्वान किया।

बैठक में प्रवेश कुमार, परविंदर खंगवाल, जोगिंदर चौधरी, शौकिंदर चौधरी, बहसूमा पप्पू चौधरी, कपिल कुमार सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि मौसम की मार से खेतों में खड़ी फसलें बिछ गई हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

अंत में सभी ने एक स्वर में मांग की कि शासन द्वारा जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कराकर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद मिल सके।
विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा उत्तर प्रदेश – कृपाशंकर सिंह
मुंबई। विकास, विरासत और विश्वास का संगम, देवी देवताओं की अवतरण भूमि, संस्कृति, परंपरा और सामर्थ्य की भूमि उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। डबल इंजन सरकार के साथ यह राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने उपरोक्त बातें कही।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की जन्म भूमि है, जहां से पूरे विश्व को अध्यात्म और शांति का संदेश गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विकास की तरफ अग्रसित है। अपराध और अपराधियों का सफाया हो रहा है। प्रदेश में कानून का राज है। रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। लोग अमन चैन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश पूरी तरह से आत्मनिर्भर प्रदेश बन जाएगा।
फायरिंग केस में एक्टर कमाल राशिद खान गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला

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एक्टर कमाल राशिद खान, जिन्हें केआरके के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें मुंबई में दो राउंड फायरिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें शुक्रवार देर रात ओशिवारा पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह इस मामले में मुख्य संदिग्ध हैं।

आज कोर्ट में होगी पेशी

कमाल आर खान उर्फ केआरके को बीते 18 जनवरी को मुंबई के ओशिवारा के अंधेरी स्थित एक रिहायशी बिल्डिंग पर चार राउंड फायरिंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और आज शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

कमाल आर खान की बिल्डिंग से चलीं गोलियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 18 जनवरी को हुई थी, इस दौरान अंधेरी के ओशिवारा में एक बिल्डिंग पर दो राउंड गोलियां चलाई गईं। नालंदा सोसाइटी से दो गोलियां बरामद की गईं। एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से। एक फ्लैट राइटर-डायरेक्टर का है और दूसरा मॉडल का। संजय चव्हाण के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन के 18 पुलिसकर्मियों की एक टीम, कई क्राइम ब्रांच टीमों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही थी।

दो राउंड फायरिंग की बात कबूली

पुलिस के अनुसार, अपने बयान में केआरके ने लाइसेंसी बंदूक से दो राउंड फायर करने की बात कबूल की है। यह घटना 18 जनवरी को ओशिवारा स्थित नालंदा सोसाइटी में हुई थी। जांच के दौरान सोसाइटी परिसर से दो गोलियां बरामद हुईं, जिनमें एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से मिली। पुलिस ने बताया कि एक फ्लैट एक लेखक-निर्देशक का है, जबकि दूसरा एक मॉडल का है।

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माल ढुलाई और नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी

कोच्चि, केरल, 23 जनवरी, 2026: अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) की तीसरी बैठक भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन नेटवर्क के विस्तार, प्रमुख अवसंरचना निवेशों को मंजूरी देने और देश की नदियों की पूरी आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस पूर्ण दिवसीय बैठक में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री; बिहार सरकार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार; नागालैंड सरकार के विद्युत और संसदीय कार्य मंत्री के. जी. केन्ये; अरुणाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग; और पंजाब सरकार के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल; उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी उपस्थित थे। यह बैठक सतत और कुशल लॉजिस्टिक के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में अंतर्देशीय जल परिवहन को मजबूत करने की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। आईडब्ल्यूडीसी 3.0 ने हरित परिवहन को गति देने, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और नदी आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की पहचान की। केरल, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना में नदी क्रूज जेटियों सहित 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जो देश भर में क्रूज पर्यटन सर्किट के विस्तार में सहायक होंगी। परिषद ने आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी (रा.ज.-4) पर स्थित मुक्त्याला और हरिश्चंद्रपुरम में रो-रो और कार्गो टर्मिनलों के विकास की घोषणा की जिससे 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ कम दूरी के कार्गो परिवहन को मजबूती मिलेगी। जम्मू और कश्मीर में झेलम नदी (रा.ज.49) पर तटवर्ती सुविधाओं को भी यात्री परिवहन और पर्यटन अवसंरचना को समर्थन देने के लिए मंजूरी दी गई। नौगम्यता, सुरक्षा और साल भर परिचालन को बेहतर बनाने के लिए ₹465 करोड़सेअधिककीपरिसंपत्तिखरीदकोमंजूरीदीगई।इनमेंकेरलमेंसर्वेक्षणजलयान; बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रो-पैक्स बर्थिंग जेट्टी; उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में फ्लोटिंग पोंटून और क्विक पोटून ओपनिंग सिस्टम; हाइब्रिड सर्वेक्षण जलयान; उभयचर और कटर सक्शन ड्रेजर; और टग-बार्ज इकाइयां शामिल हैं। परिषद ने 900 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी नई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी, जिनमें कोच्चि में स्लिपवे सुविधा का विकास, ओडिशा (25) और पूर्वोत्तर (85) में 110 जेट्टी का निर्माण, जम्मू-कश्मीर में 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक जलयानों की तैनाती और महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नदी यातायात और नौवहन प्रणाली (एनआरटीएनएस) का कार्यान्वयन शामिल है। असम के लिए, आईडब्ल्यूडीसी ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल के विकास और बोगीबील तक 144 करोड़ रुपये की एप्रोच रोड संपर्क परियोजना  ब्रह्मपुत्र नदी (रा.ज.-2) पर डिब्रूगढ़ में नदी बंदरगाह का निर्माण असम के अंतर्देशीय जलमार्ग अवरंचना ढांचे और पर्यटन क्षमता को और मजबूत करेगा। परिषद को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्देशीय जलमार्ग भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक परिवर्तन के एक कार्यनीतिक स्तंभ के रूप में उभरे हैं। हमारे ऊर्जावान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंतर्देशीय जलमार्गों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे सड़कों पर भीड़ कम हुई है, लॉजिस्टिक लागत में कमी आई है और व्यापार करने में सुगमता बढ़ी है। इस दूरदृष्टि से प्रेरित होकर, नदियों को अब केवल प्राकृतिक संसाधन के रूप में नहीं बल्कि विकास, स्थिरता और संपर्क को गति देने वाली आर्थिक जीवनरेखा के रूप में देखा जाता है। बैठक में पिछले दशक में इस क्षेत्र के तीव्र विस्तार की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय जलमार्गों पर माल ढुलाई 2013-14 में 18 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 145.84 मिलियन टन हो गई है, जबकि परिचालन में मौजूद राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या तीन से बढ़कर 32 हो गई है, यानी दस गुना वृद्धि हुई है। लक्जरी नदी क्रूज जलयानों की संख्या पांच से बढ़कर 25 हो गई है, जो उद्योग, निवेशकों और राज्य सरकारों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। केरल के विशाल बैकवाटर और नहर नेटवर्क को अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक प्रमुख अवसर के रूप में उजागर किया गया। परिषद ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर, डिब्रूगढ़ सहित 18 शहरों मेंशहरी जल परिवहन के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में इस बात पर फिर से जोर दिया गया कि अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन का सबसे अधिक ईंधन-कुशल, लागत-प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल साधन बने हुए हैं, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने, सड़कों और रेलवे पर भीड़भाड़ कम करने और समग्र लॉजिस्टिक लागत को घटाने में सहायक हैं। नदी क्रूज पर्यटन को समुद्री अर्थव्यवस्था के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक के रूप में पहचाना गया, जिसके लिए सरकार आधुनिक क्रूज टर्मिनल, उन्नत नौवहन प्रणाली और समर्पित क्रूज सर्किट विकसित कर रही है। "हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के गतिशील नेतृत्व में, भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग हरित विकास, डिजिटल परिवर्तन और पर्यटन आधारित विकास के शक्तिशाली कारक के रूप में उभर रहे हैं। माल ढुलाई, यात्री सेवाओं और क्रूज पर्यटन में तीव्र विस्तार के साथ, हमारी नदियाँ सतत गतिशीलता और आर्थिक अवसरों का इंजन बन रही हैं। स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले जलयानों, स्मार्ट नेविगेशन प्रणालियों और विश्व स्तरीय यात्री अवसंरचना को एकीकृत करके, हम लॉजिस्टिक लागत को कम करने, उत्सर्जन में कटौती करने और नई आजीविका सृजित करने के लिए जलमार्गों की पूरी क्षमता का उपयोग कर रहे हैं। कोच्चि वाटर मेट्रो जैसी पहलों की सफलता दर्शाती है कि नदियाँ शहरी गतिशीलता को कैसे बदल सकती हैं, और हम गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर और डिब्रूगढ़ सहित अन्य शहरों में इस मॉडल को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि भारत के जलमार्ग विकसित भारत के पथ पर समावेशी विकास को गति प्रदान करें," सोनोवाल ने कहा। पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया, जहां जलमार्ग परियोजनाओं से संपर्क, व्यापार, पर्यटन और नदी किनारे बसे समुदायों की आजीविका में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकार ने पूर्वोत्तर में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 घाटों का विकास करने की योजना बनाई है, जिससे क्षेत्रीय लॉजिस्टिक एकीकरण को मजबूती मिलेगी।  “भारतकीअंतर्देशीयजलमार्गयोजनामेंपूर्वोत्तरकाकेंद्रीयस्थानहै।अपनेविशालनदीनेटवर्ककेसाथ, यह क्षेत्र सतत परिवहन, व्यापार और पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 जेटियों का विकास संपर्क को काफी मजबूत करेगा, क्षेत्रीय लॉजिस्टिक को एकीकृत करेगा और नदी किनारे बसे समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करेगा। अंतर्देशीय जलमार्ग न केवल पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय बाजारों के करीब लाएगा बल्कि विकास, समृद्धि और क्षेत्रीय एकीकरण के प्रवेश द्वार के रूप में इसकी भूमिका को भी उजागर करेगा,” सर्वानंदा सोनोवाल। असम के लिए, परिषद ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल और डिब्रूगढ़ के बोगीबील नदी बंदरगाह तक 144 करोड़ रुपये की पहुंच मार्ग संपर्क परियोजना को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं राज्य के अंतर्देशीय जलमार्ग अवसंरचना को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेंगी, नदी क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देंगी और अंतिम-मील संपर्क (कनेक्टिविटी) में सुधार करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर को विकास के अष्ट लक्ष्मी इंजन के रूप में देखने के दृष्टिकोण से प्रेरित ये पहल ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे व्यापार, रोजगार और सतत विकास के नए अवसर पैदा करेंगी। (असम के लिए) परिषद ने सरकार की दूरदर्शी प्राथमिकताओं की पुष्टि की, जिनमें हरित और संकर जहाजों की तैनाती, डिजिटल नेविगेशन और यातायात प्रबंधन प्रणालियों का विस्तार, आधुनिक अंतर्देशीय टर्मिनलों का विकास, जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत सुविधाओं को सुदृढ़ करना और समुद्री कौशल विकास को बढ़ावा देना शामिल है। बैठक में सरल शहरी जल परिवहन प्रणालियों के निर्माण, माल परिवहन दक्षता में सुधार, यात्री आवागमन के लिए हरित और संकर जहाजों को बढ़ावा देने, नदी क्रूज पर्यटन का विस्तार करने और डिजिटल और टिकाऊ प्रथाओं को सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श भी हुआ। राज्यों द्वारा चल रही और प्रस्तावित अंतर्देशीय जल परिवहन परियोजनाओं के संबंध में उठाई गई चिंताओं की समीक्षा की गई, जिसमें समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया। आइडब्ल्यूडीसी3.0, 2024 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी1.0 और 2025 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी2.0 के दौरान रखी गई नींव पर आधारित है, जिसमें स्थिरता, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान और परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बैठक में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार, अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्ल्यूएआइ) के अध्यक्ष सुनील पालीवाल, उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और विशेषज्ञ उपस्थित थे। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आइडब्ल्यूडीसी) 1.0 और 2.0 के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई और अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की गई। दिन भर चली इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई, प्रमुख निवेशों और परियोजनाओं की घोषणा की गई और देश भर में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया गया। अंतर्राष्ट्रीय जल परिवहन परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) का समापन केंद्र और राज्यों द्वारा अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने, स्वच्छ परिवहन समाधानों को प्रोत्साहित करने और नदियों को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में स्थापित करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्गों को माल और यात्रियों दोनों के लिए परिवहन के एक रुचिकर, भविष्य के लिए तैयार साधन के रूप में पुनः स्थापित किया गया, जो स्वच्छ परिवहन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और एक मजबूत भारत में योगदान देगा। भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग ईंधन-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन उपलब्ध कराकर सड़क और रेल नेटवर्क पर भीड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 23 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 111 राष्ट्रीय जलमार्गों के साथ, अंतर्देशीय जलमार्ग रो-रो वाहन तथा, क्रूज पर्यटन जैसी पहलों को तेजी से समर्थन दे रहे हैं।पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन आइडब्ल्यूएआइ, राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास, रखरखाव और विनियमन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी बनी हुई है।
*कैसे करोड़ों भारतीयों के सुरक्षा कवच बन गए मोदी!*

- डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

भारतीय राजनीति के वर्तमान युग को यदि किसी एक शब्द में समझा जाए, तो वह शब्द है – मोदी मैजिक। यह शब्द केवल किसी नेता की लोकप्रियता को नहीं दर्शाता, बल्कि उस गहरे भावनात्मक, सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन को भी बयान करता है जो पिछले एक दशक में भारत के मतदाता के भीतर घटित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह राजनीति, नेतृत्व और जनता के रिश्ते को पुनर्परिभाषित किया है, उसने भारत के लोकतांत्रिक व्यवहार को एक नई दिशा दी है।

मोदी की लोकप्रियता किसी एक चुनाव या किसी एक योजना का परिणाम नहीं है। यह वर्षों की सुनियोजित छवि- निर्माण, निरंतर संवाद, मजबूत संगठनात्मक शक्ति और सबसे बढ़कर जनता की भावनाओं को समझने की कला का संयुक्त परिणाम है। मोदी आज सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं हैं, वे करोड़ों भारतीयों के लिए एक उम्मीद, एक पहचान और एक सुरक्षा कवच बन चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए हमें पहले यह समझना होगा कि भारतीय राजनीति केवल नीतियों से नहीं चलती, वह भावनाओं से चलती है। भारत का मतदाता जब वोट डालता है, तो वह केवल सरकार नहीं चुनता, वह अपने भविष्य, अपनी पहचान और अपने सम्मान पर निर्णय करता है। मोदी इस मनोविज्ञान को गहराई से समझते हैं।

नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा साधारण नहीं है। एक चाय बेचने वाले से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर एक ऐसी कहानी है जिसमें संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता का संदेश छिपा है। यह कहानी करोड़ों गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों के दिल को छूती है। उन्हें लगता है कि मोदी उनमें से एक हैं। यही भावनात्मक रिश्ता मोदी को बाकी नेताओं से अलग बनाता है। मोदी ने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया है जो सत्ता से नहीं, बल्कि सेवा से जुड़ा है। उनका सादा जीवन या लगातार काम करना, यह सब मिलकर उन्हें एक त्यागी और समर्पित नेता के रूप में दर्शाता है। यह छवि उस आम नागरिक के लिए बहुत आकर्षक है जो लंबे समय से नेताओं को सुविधा और भ्रष्टाचार में डूबा देखता आया है।

इस भावनात्मक जुड़ाव को मोदी ने निरंतर संवाद के माध्यम से और मजबूत किया। *"मन की बात"* जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री पद को एक दूर की कुर्सी से निकालकर घर की बैठक तक पहुंचा दिया। लोग रेडियो पर उनकी आवाज सुनते हैं, अपने जैसे लोगों की कहानियां सुनते हैं और महसूस करते हैं कि देश का नेता उनकी दुनिया को समझता है। सोशल मीडिया ने इस जुड़ाव को और गहरा किया है। मोदी आज भारत के सबसे बड़े डिजिटल रूप से सक्रीय राजनेता हैं। वे ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अपने मोबाइल ऐप के जरिए हर दिन करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं। इस निरंतर उपस्थिति ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है जो हमेशा जनता के साथ और उनसे घिरा हुआ नजर आता है।

यह केवल प्रचार नहीं है, यह एक मनोवैज्ञानिक जुड़ाव है। जब कोई व्यक्ति रोज आपके सामने आता है, आप उसकी बातें सुनते हैं, तो वह आपके जीवन का हिस्सा बन जाता है। मोदी इस मनोविज्ञान को बहुत अच्छे से समझते हैं। मोदी मैजिक के एक और बड़े आधार के रूप में तकनीक व डेटा के उपयोग को समझा जा सकता है। 2014 के बाद से भारतीय राजनीति में एक नई शैली आई है जिसे डिजिटल राजनीति कहा जा सकता है। भाजपा ने लोगों की पसंद, उनकी जरूरतों और उनकी सोच को समझने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग संदेश तैयार किए गए। किसी युवा से नौकरी और स्टार्टअप की बात की गई, तो किसी किसान से सम्मान निधि और फसल बीमा की। महिलाओं के लिए उज्ज्वला और शौचालय जैसी योजनाओं को सामने रखा गया। इससे हर वर्ग को लगा कि सरकार सीधे उससे बात कर रही है।

व्हाट्सएप जैसे माध्यमों ने इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाया। पारंपरिक मीडिया पर निर्भर रहने के बजाय भाजपा ने अपने समर्थकों के नेटवर्क को ही एक बड़ा संचार तंत्र बना दिया। इससे मोदी का संदेश बिना रुके, बिना बदले, सीधे लोगों तक पहुंचा। मोदी मैजिक का एक बहुत बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय गर्व और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। मोदी ने भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा और इतिहास को गर्व का विषय बनाया। राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इसे राष्ट्रीय सम्मान और ऐतिहासिक न्याय के रूप में प्रस्तुत किया गया। सेना के साहसिक कदमों और सीमा पर की गई कार्रवाइयों को *"मजबूत भारत"*  की पहचान के रूप में दिखाया गया। इससे लोगों को लगा कि अब देश कमजोर नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास से भरा हुआ है। मोदी ने भारत को एक ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत किया है जो दुनिया में सम्मान चाहता है और सम्मान पाता भी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी सक्रियता ने इस छवि को और मजबूत किया है।

हालाँकि इन सबके पीछे एक मजबूत संगठन भी काम करता है। भाजपा और उससे जुड़े संगठन गांव से लेकर महानगर तक फैले हुए हैं। हर कार्यकर्ता मोदी के संदेश को आगे बढ़ाने का काम करता है। पार्टी में अनुशासन और नेतृत्व की स्पष्टता है, जिससे भ्रम की स्थिति नहीं बनती है। मोदी की राजनीति ने विपक्ष को भी एक तरह से परिभाषित कर दिया है।
उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो देश को खतरों से बचा सकता है। ऐसे में जो भी उनकी आलोचना करता है, वह कई बार जनता की नजर में देश के खिलाफ खड़ा दिखने लगता है। सही मायने में देखें तो इस पूरी प्रक्रिया में मोदी एक ऐसे केंद्र बन गए हैं जिसके चारों ओर राजनीति घूमती है। चुनाव अब केवल पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि मोदी बनाम बाकी सब के रूप में देखे जाने लगे हैं। मोदी ने राजनीति को एक भावनात्मक अनुभव में बदल दिया है, जहां नेता केवल सरकार नहीं चलाता, बल्कि लोगों की उम्मीदों और सपनों का प्रतिनिधि बन जाता है। जब तक मोदी इस भावनात्मक जुड़ाव, राष्ट्रीय गर्व और निरंतर संवाद को बनाए रखेंगे, तब तक मोदी मैजिक भारतीय राजनीति की सबसे शक्तिशाली ताकत बना रहेगा।
*केविनकेयर का चिक क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में प्रवेश; पटना में  लॉन्च किया चिक क्विक क्रेम हेयर कलर*
* गुणवत्ता  के प्रति जागरूक और किफायती विकल्प चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया गया यह उत्पाद सिर्फ 10 मिनट में आसान और बेहतर हेयर कलरिंग अनुभव देता है, वह भी मात्र 10 रुपए में।
* यह तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध है। यह सिंगल-यूज़ सैशे में आता है और राज्य भर के जनरल ट्रेड दुकान पर आसानी से मिलेगा।
* टीवी की मशहूर हस्ती श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर लेकर, चिक ने एक व्यापक 360° मार्केटिंग कैंपेन भी शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
*पटना, जनवरी 2026:* केविनकेयर का चिक ब्रांड, पटना के बाजार में हेयर कलर कैटेगरी में एक क्राँतिकारी उत्पाद- चिक क्विक क्रेम हेयर कलर लेकर आया है। इस घोषणा के साथ चिक ने क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में अपनी एंट्री दर्ज की है। यह उत्पाद एक अनोखे 10-मिनट के फास्ट एक्शन फॉर्मूले से लैस है, जो क्रेम हेयर कलरिंग को और आसान और समय-बचाने वाला बनाता है। इसमें आंवला और भृंगराज जैसे प्राकृतिक तत्वों की अच्छाई शामिल है, जिससे यह गहरे, नैचुरल दिखने वाले रंग का अनुभव देता है। यह लॉन्च चिक के उस मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर घर तक इनोवेटिव और आसान हेयर कलरिंग सॉल्यूशंस पहुँचाना शामिल है। ब्रांड ने लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर बनाया है और राज्य में एक व्यापक मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम शामिल हैं।
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर एक सिंगल-यूज़ सैशे में उपलब्ध है, जो अन्य क्रेम हेयर कलर्स से अलग एक सुविधाजनक पैक है। यह उपभोक्ताओं की मुख्य समस्याओं- लंबे समय तक लगने वाली एप्लीकेशन, रूखापन और पाउडर फॉर्मेट में होने वाली गंदगी को दूर करता है। यह प्रोडक्ट कम तैयारी के साथ एक स्मूद कलरिंग अनुभव सुनिश्चित करता है। तीन आकर्षक शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध यह रेंज उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मात्र 10 रुपए की कीमत में यह क्रेम फॉर्मेट पटना के किफायती उपभोक्ताओं के लिए हेयर कलरिंग को और सुलभ और समावेशी बनाता है। 10 मिनट की फास्ट एक्शन टेक्नोलॉजी के साथ, चिक क्विक क्रेम हेयर कलर गहरे रंग और चमकदार फिनिश के साथ हेयर कलरिंग अनुभव को नया रूप देता है, बिना इंतजार, बिना झंझट।
लॉन्च पर बोलते हुए, केविनकेयर के बिजनेस हेड- पर्सनल केयर, श्री रजत नंदा ने कहा, “पटना में हेयर कलर बाजार तेजी से बदल रहा है। उपभोक्ता अब ऐसे समाधान चाहते हैं, जो गुणवत्ता, सुविधा और किफायत को एक साथ लाएं। अब तक कई उपभोक्ता पारंपरिक हेयर कलर फॉर्मेट पर निर्भर रहे हैं, जिनमें उपयोग की आसानी और अनुभव की कमी रहती है। चिक क्विक क्रेम हेयर कलर के साथ, हम गर्व से कह सकते हैं कि हम इस अंतर को दूर कर रहे हैं। यह सच में एक ऐसा क्रेम फॉर्मेट है, जो केवल 10 मिनट में गहरे और शानदार परिणाम देता है। पटना के सबसे भरोसेमंद हेयर केयर ब्रांड्स में से एक होने के नाते, चिक हमेशा ब्यूटी को सबके लिए सुलभ बनाने के लिए खड़ा रहा है, और यह लॉन्च हमारे इनोवेशन और वैल्यू-ड्रिवन समाधानों की दिशा में एक और कदम है।”
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर पटना के सभी रिटेल आउटलेट्स और किराना स्टोर्स पर सिंगल-यूज़ सैशे पैक में उपलब्ध होगा। उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में से चुन सकते हैं। इस लॉन्च के साथ केविनकेयर पर्सनल केयर श्रेणी में चिक की उपस्थिति को और मजबूत करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि गुणवत्तापूर्ण हेयर कलरिंग अब हर घर तक पहुँचे।

चिक के विषय में: चिक शैम्पू केविनकेयर की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। इस ब्रांड ने एफएमसीजी उद्योग में सैशे रिवॉल्यूशन लाया और आज यह केविनकेयर का प्रमुख ब्रांड है। इनोवेटिव सैशे पैकेजिंग, रणनीतिक मूल्य निर्धारण, व्यापक वितरण नेटवर्क और तेजी से बदलती उपभोक्ता जरूरतों को समझने की क्षमता ने चिक को आज देश के सफलतम ब्रांड्स में शामिल किया है।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक तिमाही एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए

* वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में वितरण रिकॉर्ड स्तर 8,293 करोड़ रुपए
* जमा 7.7% तिमाही दर तिमाही बढ़ी, ऋण पुस्तिका वृद्धि 7.1% तिमाही दर तिमाही से आगे
* सकल ऋण पुस्तिका (दिसंबर’25) 37,057 करोड़ रुपए, 21.6% सालाना वृद्धि; जमा 42,223 करोड़ रुपए, 22.4% सालाना वृद्धि
* सुरक्षित ऋण पुस्तिका 17,825 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 48.7% सालाना वृद्धि; कुल ऋण में सुरक्षित ऋण का हिस्सा 48.1%
* माइक्रो बैंकिंग सकल ऋण पुस्तिका 19,372 करोड़ रुपए (दिसंबर’25); 4.1% सालाना वृद्धि
*मुंबई, , जनवरी, 2026* :उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड [BSE: 542904; NSE: UJJIVANSFB] ने आज 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक- व्यवसाय प्रदर्शन सारांश
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही एवं वित्त वर्ष 26 के 9 महीने
❖ परिसंपत्तियाँ
सकल ऋण पुस्तिका 37,057* करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 21.6% सालाना / 7.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
सुरक्षित ऋण पुस्तिका का हिस्सा 48.1% (दिसंबर’25) बनाम 39.3% (दिसंबर’24) और 46.8% (सितंबर’25)
अब तक का सर्वाधिक तिमाही वितरण 8,293 करोड़ रुपए; 54.7% सालाना / 4.5% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
माइक्रो बैंकिंग वितरण 4,688 करोड़ रुपए; 62.4% सालाना / 10.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
❖ संग्रह एवं परिसंपत्ति गुणवत्ता
समूह एवं व्यक्तिगत ऋण बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता में सुधार; दिसंबर’25 में 99.7%
जोखिमग्रस्त पोर्टफोलियो*/जीएनपीए*/एनएनपीए* क्रमशः 3.98% / 2.39% / 0.58% (दिसंबर’25); जबकि दिसंबर’24 में 5.36% / 2.68% / 0.66%
प्रोविजन कवरेज रेशियो दिसंबर’25 में बढ़कर 76%
❖ जमा
जमा 42,223 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 22.4% सालाना / 7.7% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
कासा 11,535 करोड़ रुपए; 33.2% सालाना वृद्धि, कासा अनुपात 27.3% (दिसंबर’25)
रिटेल टर्म डिपॉजिट^ + कासा 29,395 करोड़ रुपए; 16.3% सालाना वृद्धि
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में फंड की लागत (सीओएफ) 7.09%, वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही की तुलना में 25 बीपीएस कम

❖ वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए; 12.8% सालाना वृद्धि
एनआईएम 33 बीपीएस बढ़कर वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 8.23%
कॉस्ट-टू-इनकम अनुपात तिमाही के लिए 66% पर स्थिर; हालाँकि नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च समायोजन के बाद 65% से नीचे
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में पीएटी 186 करोड़ रुपए; 70.8% सालाना वृद्धि
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में आरओए 1.5% (सालाना 45 बीपीएस वृद्धि); आरओई 11.5% (सालाना 423 बीपीएस वृद्धि)
❖ पूँजी एवं तरलता
पूँजी पर्याप्तता अनुपात 21.6%
मजबूत तरलता; दिसंबर’25 के लिए औसत दैनिक एलसीआर 165.6%
* जहाँ लागू हो, शर्तें/परिभाषाएँ बैंक की रिपोर्टिंग के अनुसार।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री संजीव नौटियाल ने कहा, “भारत का व्यापक आर्थिक परिदृश्य अनुकूल बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत जीडीपी वृद्धि ने ऋण वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के लिए सहायक माहौल तैयार किया है।
उज्जीवन एसएफबी में जमा वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 7.7% तिमाही दर तिमाही और 22.4% सालाना बढ़कर 42,223 करोड़ रुपए हो गई, जबकि दिसंबर’25 के अंत में क्रेडिट–डिपॉजिट अनुपात 88% रहा। गुणवत्ता वाले ‘न्यू-टू-बैंक’ ग्राहकों को जोड़ने तथा ‘एग्ज़िस्टिंग-टू-बैंक’ ग्राहकों से बेहतर जुड़ाव के लिए समर्पित चैनलों पर स्पष्ट फोकस के चलते कासा अनुपात लगातार दो तिमाहियों से 27% से ऊपर बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में किए गए जमा दरों में कटौती और बेहतर तरलता प्रबंधन के कारण फंड की लागत में गिरावट का रुझान जारी रहा। तिमाही के लिए सीआईएफ 7.08% रहा, जो सालाना आधार पर 49 बीपीएस कम है।
तिमाही के दौरान सकल ऋण पुस्तिका 7.1% तिमाही दर तिमाही और 21.6% सालाना बढ़कर 37,057 करोड़ रुपए हो गई, जिसे 8,293 करोड़ रुपए के अब तक के सर्वाधिक तिमाही वितरण का सहारा मिला। यह असुरक्षित और सुरक्षित, दोनों श्रेणियों के उत्पादों में सर्वांगीण प्रदर्शन का परिणाम रहा। आवास, एमएसएमई, गोल्ड, वाहन और कृषि ऋण जैसे सुरक्षित पोर्टफोलियो हमारी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के अनुरूप विस्तार करते रहे, जिससे दिसंबर’25 तक सुरक्षित ऋण का हिस्सा बढ़कर 48% हो गया।
बैंक का पीएआर 4% से नीचे रहा। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में स्लिपेज घटकर 221 करोड़ रुपए रहा, जबकि दिसंबर’25 के अंत में जीएनपीए 2.39% और एनएनपीए 0.58% रहा। तिमाही के लिए क्रेडिट लागत ₹195 करोड़ रही और हमें मौजूदा परिचालन तिमाही में इसमें और कमी की उम्मीद है। दिसंबर’25 तक पीसीआर बढ़कर 76% हो गया। माइक्रोफाइनेंस बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता दिसंबर’25 में 99.7% तक पहुँचने के साथ प्रावधान आवश्यकताएं घटने लगी हैं।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में हमारी नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एमआईएम) 33 bps तिमाही दर तिमाही बढ़कर 8.23% हो गई, जिसे कम CoF, अनुकूल उत्पाद मिश्रण, कम ब्याज रिवर्सल और सीआरआर में ढील का समर्थन मिला। हमने तिमाही में ₹1,000 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक एनआईआई दर्ज किया। इसके परिणामस्वरूप लाभप्रदता मजबूत हुई और वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ (पीएटी) ₹186 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 70.8% की स्वस्थ वृद्धि दर्शाता है। नवंबर’25 से लागू नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च को समायोजित करने पर हमारा पीएटी लगभग ₹200 करोड़ होता। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 1.5% का आरओए और 11.5% का आरओई हमारे रिटर्न मेट्रिक्स में निरंतर सुधार को रेखांकित करता है।
21.6% की स्वस्थ पूंजी पर्याप्तता, मजबूत तरलता बफर और वृद्धि के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण के साथ बैंक आने वाली तिमाहियों में टिकाऊ और लाभकारी वृद्धि देने के लिए सुदृढ़ स्थिति में है।”
छत्तीसगढ़: शिक्षा के मंदिर में टीचर की शर्मनाक हरकत

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से सरकारी स्कूल में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा के दौरान एक सरकारी शिक्षक शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच गया। नशे में बहकी-बहकी बातें करते शिक्षक का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना लखनपुर विकासखंड के गुमगरा स्थित जूनापारा प्राइमरी स्कूल की बताई जा रही है।

पूरी खबर यहां पढ़ें - https://news4u36.in/surguja-drunk-teacher-reached-school-on-basant-panchami-video-viral/


रायपुर साहित्य महोत्सव में जुटे देशभर के साहित्यकार, आज आयोजन का दूसरा दिन

रायपुर। नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य महोत्सव का आज दूसरा दिन है। महोत्सव में देशभर से आए साहित्य प्रेमियों और लेखकों की भारी मौजूदगी देखने को मिल रही है। आज का प्रमुख आकर्षण देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित विशेष काव्य-पाठ है।

पूरी खबर यहां पढ़ें - https://news4u36.in/raipur-sahitya-mahotsav-second-day-atal-bihari-vajpayee-poetry-event/

ठंड व बारिश से फसल नुकसान पर किसानों की चिंता, मोहम्मदपुर सकिश्त बहसूमा में हुई अहम बैठक

बहसूमा। मेरठ क्षेत्र में लगातार पड़ रही ठंड और हो रही बारिश के चलते किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर पूर्व डायरेक्टर चौधरी राजपाल सिंह के पुत्र अमित चौधरी के आवास पर एक महत्वपूर्ण चर्चा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने मौसम की मार से बर्बाद हो रही फसलों को लेकर गहरी चिंता जताई और शासन-प्रशासन से राहत की मांग की।

बैठक में बसपा सरकार में रहे चर्चित चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि असमय ठंड और बारिश से सरसों, आलू सहित अन्य रबी फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की।

चर्चा के दौरान पत्रकार परविंदर चौधरी ने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पीड़ित किसानों को समय रहते राहत मिल सके। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपनी बात मजबूती से रखने का आह्वान किया।

बैठक में प्रवेश कुमार, परविंदर खंगवाल, जोगिंदर चौधरी, शौकिंदर चौधरी, बहसूमा पप्पू चौधरी, कपिल कुमार सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि मौसम की मार से खेतों में खड़ी फसलें बिछ गई हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

अंत में सभी ने एक स्वर में मांग की कि शासन द्वारा जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कराकर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद मिल सके।
विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा उत्तर प्रदेश – कृपाशंकर सिंह
मुंबई। विकास, विरासत और विश्वास का संगम, देवी देवताओं की अवतरण भूमि, संस्कृति, परंपरा और सामर्थ्य की भूमि उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। डबल इंजन सरकार के साथ यह राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने उपरोक्त बातें कही।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की जन्म भूमि है, जहां से पूरे विश्व को अध्यात्म और शांति का संदेश गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विकास की तरफ अग्रसित है। अपराध और अपराधियों का सफाया हो रहा है। प्रदेश में कानून का राज है। रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। लोग अमन चैन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश पूरी तरह से आत्मनिर्भर प्रदेश बन जाएगा।
फायरिंग केस में एक्टर कमाल राशिद खान गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला

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एक्टर कमाल राशिद खान, जिन्हें केआरके के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें मुंबई में दो राउंड फायरिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें शुक्रवार देर रात ओशिवारा पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह इस मामले में मुख्य संदिग्ध हैं।

आज कोर्ट में होगी पेशी

कमाल आर खान उर्फ केआरके को बीते 18 जनवरी को मुंबई के ओशिवारा के अंधेरी स्थित एक रिहायशी बिल्डिंग पर चार राउंड फायरिंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और आज शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

कमाल आर खान की बिल्डिंग से चलीं गोलियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 18 जनवरी को हुई थी, इस दौरान अंधेरी के ओशिवारा में एक बिल्डिंग पर दो राउंड गोलियां चलाई गईं। नालंदा सोसाइटी से दो गोलियां बरामद की गईं। एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से। एक फ्लैट राइटर-डायरेक्टर का है और दूसरा मॉडल का। संजय चव्हाण के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन के 18 पुलिसकर्मियों की एक टीम, कई क्राइम ब्रांच टीमों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही थी।

दो राउंड फायरिंग की बात कबूली

पुलिस के अनुसार, अपने बयान में केआरके ने लाइसेंसी बंदूक से दो राउंड फायर करने की बात कबूल की है। यह घटना 18 जनवरी को ओशिवारा स्थित नालंदा सोसाइटी में हुई थी। जांच के दौरान सोसाइटी परिसर से दो गोलियां बरामद हुईं, जिनमें एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से मिली। पुलिस ने बताया कि एक फ्लैट एक लेखक-निर्देशक का है, जबकि दूसरा एक मॉडल का है।

Homeo Doctor in Hyderabad for Gut Health – Holistic Digestive Solutions

Consult a homeo doctor in Hyderabad for gut health. Discover causes, symptoms, and holistic homeopathy care for better digestion and overall wellness.

Gut health is a vital part of overall well-being, yet many people neglect digestive issues until they become severe. Poor gut health can cause bloating, constipation, acidity, abdominal discomfort, fatigue, low immunity, and even affect mental health. Consulting a skilled homeo doctor in Hyderabad is the most effective way to restore digestive balance naturally and safely.

Gut health problems arise due to multiple factors. An unhealthy diet, processed foods, irregular meal timings, stress, sedentary lifestyle, and lack of proper sleep can disrupt digestion and affect gut flora. These imbalances often lead to symptoms such as bloating, gas, abdominal pain, irregular bowel movements, food intolerance, low energy, and skin problems. Visiting a qualified homeo doctor in Hyderabad ensures that these issues are treated at the root, promoting long-term digestive wellness.

Homeopathy treats the person as a whole rather than focusing only on symptoms. A professional homeo doctor in Hyderabad evaluates physical health, lifestyle, and emotional well-being to design a personalized treatment plan. Homeopathic care helps improve digestion, strengthens immunity, balances gut function, and enhances overall vitality. This gentle and natural approach offers lasting relief, making homeopathy an ideal choice for gut health management.

Spiritual Homeopathy provides expert care for individuals seeking holistic solutions for digestive disorders. The homeo doctor in Hyderabad at Spiritual Homeopathy combines homeopathic treatment with lifestyle guidance and dietary recommendations to restore gut balance and overall wellness. Patients benefit from natural, safe, and effective care tailored to their specific needs.

Early attention to gut health is essential for long-term well-being. Consulting an experienced homeo doctor in Hyderabad can prevent minor digestive problems from becoming chronic. Homeopathy provides a natural and holistic path to maintaining good gut health, boosting immunity, and improving quality of life.

Call to Action:

Take the first step toward healthier digestion today. Contact Spiritual Homeopathy at 9069176176 and consult a trusted homeo doctor in Hyderabad for personalized gut health care.

माल ढुलाई और नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी

कोच्चि, केरल, 23 जनवरी, 2026: अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) की तीसरी बैठक भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन नेटवर्क के विस्तार, प्रमुख अवसंरचना निवेशों को मंजूरी देने और देश की नदियों की पूरी आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस पूर्ण दिवसीय बैठक में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री; बिहार सरकार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार; नागालैंड सरकार के विद्युत और संसदीय कार्य मंत्री के. जी. केन्ये; अरुणाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग; और पंजाब सरकार के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल; उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी उपस्थित थे। यह बैठक सतत और कुशल लॉजिस्टिक के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में अंतर्देशीय जल परिवहन को मजबूत करने की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। आईडब्ल्यूडीसी 3.0 ने हरित परिवहन को गति देने, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और नदी आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की पहचान की। केरल, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना में नदी क्रूज जेटियों सहित 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जो देश भर में क्रूज पर्यटन सर्किट के विस्तार में सहायक होंगी। परिषद ने आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी (रा.ज.-4) पर स्थित मुक्त्याला और हरिश्चंद्रपुरम में रो-रो और कार्गो टर्मिनलों के विकास की घोषणा की जिससे 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ कम दूरी के कार्गो परिवहन को मजबूती मिलेगी। जम्मू और कश्मीर में झेलम नदी (रा.ज.49) पर तटवर्ती सुविधाओं को भी यात्री परिवहन और पर्यटन अवसंरचना को समर्थन देने के लिए मंजूरी दी गई। नौगम्यता, सुरक्षा और साल भर परिचालन को बेहतर बनाने के लिए ₹465 करोड़सेअधिककीपरिसंपत्तिखरीदकोमंजूरीदीगई।इनमेंकेरलमेंसर्वेक्षणजलयान; बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रो-पैक्स बर्थिंग जेट्टी; उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में फ्लोटिंग पोंटून और क्विक पोटून ओपनिंग सिस्टम; हाइब्रिड सर्वेक्षण जलयान; उभयचर और कटर सक्शन ड्रेजर; और टग-बार्ज इकाइयां शामिल हैं। परिषद ने 900 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी नई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी, जिनमें कोच्चि में स्लिपवे सुविधा का विकास, ओडिशा (25) और पूर्वोत्तर (85) में 110 जेट्टी का निर्माण, जम्मू-कश्मीर में 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक जलयानों की तैनाती और महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नदी यातायात और नौवहन प्रणाली (एनआरटीएनएस) का कार्यान्वयन शामिल है। असम के लिए, आईडब्ल्यूडीसी ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल के विकास और बोगीबील तक 144 करोड़ रुपये की एप्रोच रोड संपर्क परियोजना  ब्रह्मपुत्र नदी (रा.ज.-2) पर डिब्रूगढ़ में नदी बंदरगाह का निर्माण असम के अंतर्देशीय जलमार्ग अवरंचना ढांचे और पर्यटन क्षमता को और मजबूत करेगा। परिषद को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्देशीय जलमार्ग भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक परिवर्तन के एक कार्यनीतिक स्तंभ के रूप में उभरे हैं। हमारे ऊर्जावान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंतर्देशीय जलमार्गों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे सड़कों पर भीड़ कम हुई है, लॉजिस्टिक लागत में कमी आई है और व्यापार करने में सुगमता बढ़ी है। इस दूरदृष्टि से प्रेरित होकर, नदियों को अब केवल प्राकृतिक संसाधन के रूप में नहीं बल्कि विकास, स्थिरता और संपर्क को गति देने वाली आर्थिक जीवनरेखा के रूप में देखा जाता है। बैठक में पिछले दशक में इस क्षेत्र के तीव्र विस्तार की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय जलमार्गों पर माल ढुलाई 2013-14 में 18 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 145.84 मिलियन टन हो गई है, जबकि परिचालन में मौजूद राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या तीन से बढ़कर 32 हो गई है, यानी दस गुना वृद्धि हुई है। लक्जरी नदी क्रूज जलयानों की संख्या पांच से बढ़कर 25 हो गई है, जो उद्योग, निवेशकों और राज्य सरकारों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। केरल के विशाल बैकवाटर और नहर नेटवर्क को अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक प्रमुख अवसर के रूप में उजागर किया गया। परिषद ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर, डिब्रूगढ़ सहित 18 शहरों मेंशहरी जल परिवहन के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में इस बात पर फिर से जोर दिया गया कि अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन का सबसे अधिक ईंधन-कुशल, लागत-प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल साधन बने हुए हैं, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने, सड़कों और रेलवे पर भीड़भाड़ कम करने और समग्र लॉजिस्टिक लागत को घटाने में सहायक हैं। नदी क्रूज पर्यटन को समुद्री अर्थव्यवस्था के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक के रूप में पहचाना गया, जिसके लिए सरकार आधुनिक क्रूज टर्मिनल, उन्नत नौवहन प्रणाली और समर्पित क्रूज सर्किट विकसित कर रही है। "हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के गतिशील नेतृत्व में, भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग हरित विकास, डिजिटल परिवर्तन और पर्यटन आधारित विकास के शक्तिशाली कारक के रूप में उभर रहे हैं। माल ढुलाई, यात्री सेवाओं और क्रूज पर्यटन में तीव्र विस्तार के साथ, हमारी नदियाँ सतत गतिशीलता और आर्थिक अवसरों का इंजन बन रही हैं। स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले जलयानों, स्मार्ट नेविगेशन प्रणालियों और विश्व स्तरीय यात्री अवसंरचना को एकीकृत करके, हम लॉजिस्टिक लागत को कम करने, उत्सर्जन में कटौती करने और नई आजीविका सृजित करने के लिए जलमार्गों की पूरी क्षमता का उपयोग कर रहे हैं। कोच्चि वाटर मेट्रो जैसी पहलों की सफलता दर्शाती है कि नदियाँ शहरी गतिशीलता को कैसे बदल सकती हैं, और हम गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर और डिब्रूगढ़ सहित अन्य शहरों में इस मॉडल को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि भारत के जलमार्ग विकसित भारत के पथ पर समावेशी विकास को गति प्रदान करें," सोनोवाल ने कहा। पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया, जहां जलमार्ग परियोजनाओं से संपर्क, व्यापार, पर्यटन और नदी किनारे बसे समुदायों की आजीविका में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकार ने पूर्वोत्तर में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 घाटों का विकास करने की योजना बनाई है, जिससे क्षेत्रीय लॉजिस्टिक एकीकरण को मजबूती मिलेगी।  “भारतकीअंतर्देशीयजलमार्गयोजनामेंपूर्वोत्तरकाकेंद्रीयस्थानहै।अपनेविशालनदीनेटवर्ककेसाथ, यह क्षेत्र सतत परिवहन, व्यापार और पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 जेटियों का विकास संपर्क को काफी मजबूत करेगा, क्षेत्रीय लॉजिस्टिक को एकीकृत करेगा और नदी किनारे बसे समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करेगा। अंतर्देशीय जलमार्ग न केवल पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय बाजारों के करीब लाएगा बल्कि विकास, समृद्धि और क्षेत्रीय एकीकरण के प्रवेश द्वार के रूप में इसकी भूमिका को भी उजागर करेगा,” सर्वानंदा सोनोवाल। असम के लिए, परिषद ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल और डिब्रूगढ़ के बोगीबील नदी बंदरगाह तक 144 करोड़ रुपये की पहुंच मार्ग संपर्क परियोजना को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं राज्य के अंतर्देशीय जलमार्ग अवसंरचना को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेंगी, नदी क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देंगी और अंतिम-मील संपर्क (कनेक्टिविटी) में सुधार करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर को विकास के अष्ट लक्ष्मी इंजन के रूप में देखने के दृष्टिकोण से प्रेरित ये पहल ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे व्यापार, रोजगार और सतत विकास के नए अवसर पैदा करेंगी। (असम के लिए) परिषद ने सरकार की दूरदर्शी प्राथमिकताओं की पुष्टि की, जिनमें हरित और संकर जहाजों की तैनाती, डिजिटल नेविगेशन और यातायात प्रबंधन प्रणालियों का विस्तार, आधुनिक अंतर्देशीय टर्मिनलों का विकास, जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत सुविधाओं को सुदृढ़ करना और समुद्री कौशल विकास को बढ़ावा देना शामिल है। बैठक में सरल शहरी जल परिवहन प्रणालियों के निर्माण, माल परिवहन दक्षता में सुधार, यात्री आवागमन के लिए हरित और संकर जहाजों को बढ़ावा देने, नदी क्रूज पर्यटन का विस्तार करने और डिजिटल और टिकाऊ प्रथाओं को सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श भी हुआ। राज्यों द्वारा चल रही और प्रस्तावित अंतर्देशीय जल परिवहन परियोजनाओं के संबंध में उठाई गई चिंताओं की समीक्षा की गई, जिसमें समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया। आइडब्ल्यूडीसी3.0, 2024 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी1.0 और 2025 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी2.0 के दौरान रखी गई नींव पर आधारित है, जिसमें स्थिरता, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान और परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बैठक में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार, अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्ल्यूएआइ) के अध्यक्ष सुनील पालीवाल, उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और विशेषज्ञ उपस्थित थे। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आइडब्ल्यूडीसी) 1.0 और 2.0 के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई और अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की गई। दिन भर चली इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई, प्रमुख निवेशों और परियोजनाओं की घोषणा की गई और देश भर में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया गया। अंतर्राष्ट्रीय जल परिवहन परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) का समापन केंद्र और राज्यों द्वारा अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने, स्वच्छ परिवहन समाधानों को प्रोत्साहित करने और नदियों को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में स्थापित करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्गों को माल और यात्रियों दोनों के लिए परिवहन के एक रुचिकर, भविष्य के लिए तैयार साधन के रूप में पुनः स्थापित किया गया, जो स्वच्छ परिवहन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और एक मजबूत भारत में योगदान देगा। भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग ईंधन-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन उपलब्ध कराकर सड़क और रेल नेटवर्क पर भीड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 23 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 111 राष्ट्रीय जलमार्गों के साथ, अंतर्देशीय जलमार्ग रो-रो वाहन तथा, क्रूज पर्यटन जैसी पहलों को तेजी से समर्थन दे रहे हैं।पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन आइडब्ल्यूएआइ, राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास, रखरखाव और विनियमन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी बनी हुई है।
*कैसे करोड़ों भारतीयों के सुरक्षा कवच बन गए मोदी!*

- डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

भारतीय राजनीति के वर्तमान युग को यदि किसी एक शब्द में समझा जाए, तो वह शब्द है – मोदी मैजिक। यह शब्द केवल किसी नेता की लोकप्रियता को नहीं दर्शाता, बल्कि उस गहरे भावनात्मक, सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन को भी बयान करता है जो पिछले एक दशक में भारत के मतदाता के भीतर घटित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह राजनीति, नेतृत्व और जनता के रिश्ते को पुनर्परिभाषित किया है, उसने भारत के लोकतांत्रिक व्यवहार को एक नई दिशा दी है।

मोदी की लोकप्रियता किसी एक चुनाव या किसी एक योजना का परिणाम नहीं है। यह वर्षों की सुनियोजित छवि- निर्माण, निरंतर संवाद, मजबूत संगठनात्मक शक्ति और सबसे बढ़कर जनता की भावनाओं को समझने की कला का संयुक्त परिणाम है। मोदी आज सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं हैं, वे करोड़ों भारतीयों के लिए एक उम्मीद, एक पहचान और एक सुरक्षा कवच बन चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए हमें पहले यह समझना होगा कि भारतीय राजनीति केवल नीतियों से नहीं चलती, वह भावनाओं से चलती है। भारत का मतदाता जब वोट डालता है, तो वह केवल सरकार नहीं चुनता, वह अपने भविष्य, अपनी पहचान और अपने सम्मान पर निर्णय करता है। मोदी इस मनोविज्ञान को गहराई से समझते हैं।

नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा साधारण नहीं है। एक चाय बेचने वाले से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर एक ऐसी कहानी है जिसमें संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता का संदेश छिपा है। यह कहानी करोड़ों गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों के दिल को छूती है। उन्हें लगता है कि मोदी उनमें से एक हैं। यही भावनात्मक रिश्ता मोदी को बाकी नेताओं से अलग बनाता है। मोदी ने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया है जो सत्ता से नहीं, बल्कि सेवा से जुड़ा है। उनका सादा जीवन या लगातार काम करना, यह सब मिलकर उन्हें एक त्यागी और समर्पित नेता के रूप में दर्शाता है। यह छवि उस आम नागरिक के लिए बहुत आकर्षक है जो लंबे समय से नेताओं को सुविधा और भ्रष्टाचार में डूबा देखता आया है।

इस भावनात्मक जुड़ाव को मोदी ने निरंतर संवाद के माध्यम से और मजबूत किया। *"मन की बात"* जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री पद को एक दूर की कुर्सी से निकालकर घर की बैठक तक पहुंचा दिया। लोग रेडियो पर उनकी आवाज सुनते हैं, अपने जैसे लोगों की कहानियां सुनते हैं और महसूस करते हैं कि देश का नेता उनकी दुनिया को समझता है। सोशल मीडिया ने इस जुड़ाव को और गहरा किया है। मोदी आज भारत के सबसे बड़े डिजिटल रूप से सक्रीय राजनेता हैं। वे ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अपने मोबाइल ऐप के जरिए हर दिन करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं। इस निरंतर उपस्थिति ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है जो हमेशा जनता के साथ और उनसे घिरा हुआ नजर आता है।

यह केवल प्रचार नहीं है, यह एक मनोवैज्ञानिक जुड़ाव है। जब कोई व्यक्ति रोज आपके सामने आता है, आप उसकी बातें सुनते हैं, तो वह आपके जीवन का हिस्सा बन जाता है। मोदी इस मनोविज्ञान को बहुत अच्छे से समझते हैं। मोदी मैजिक के एक और बड़े आधार के रूप में तकनीक व डेटा के उपयोग को समझा जा सकता है। 2014 के बाद से भारतीय राजनीति में एक नई शैली आई है जिसे डिजिटल राजनीति कहा जा सकता है। भाजपा ने लोगों की पसंद, उनकी जरूरतों और उनकी सोच को समझने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग संदेश तैयार किए गए। किसी युवा से नौकरी और स्टार्टअप की बात की गई, तो किसी किसान से सम्मान निधि और फसल बीमा की। महिलाओं के लिए उज्ज्वला और शौचालय जैसी योजनाओं को सामने रखा गया। इससे हर वर्ग को लगा कि सरकार सीधे उससे बात कर रही है।

व्हाट्सएप जैसे माध्यमों ने इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाया। पारंपरिक मीडिया पर निर्भर रहने के बजाय भाजपा ने अपने समर्थकों के नेटवर्क को ही एक बड़ा संचार तंत्र बना दिया। इससे मोदी का संदेश बिना रुके, बिना बदले, सीधे लोगों तक पहुंचा। मोदी मैजिक का एक बहुत बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय गर्व और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। मोदी ने भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा और इतिहास को गर्व का विषय बनाया। राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इसे राष्ट्रीय सम्मान और ऐतिहासिक न्याय के रूप में प्रस्तुत किया गया। सेना के साहसिक कदमों और सीमा पर की गई कार्रवाइयों को *"मजबूत भारत"*  की पहचान के रूप में दिखाया गया। इससे लोगों को लगा कि अब देश कमजोर नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास से भरा हुआ है। मोदी ने भारत को एक ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत किया है जो दुनिया में सम्मान चाहता है और सम्मान पाता भी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी सक्रियता ने इस छवि को और मजबूत किया है।

हालाँकि इन सबके पीछे एक मजबूत संगठन भी काम करता है। भाजपा और उससे जुड़े संगठन गांव से लेकर महानगर तक फैले हुए हैं। हर कार्यकर्ता मोदी के संदेश को आगे बढ़ाने का काम करता है। पार्टी में अनुशासन और नेतृत्व की स्पष्टता है, जिससे भ्रम की स्थिति नहीं बनती है। मोदी की राजनीति ने विपक्ष को भी एक तरह से परिभाषित कर दिया है।
उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो देश को खतरों से बचा सकता है। ऐसे में जो भी उनकी आलोचना करता है, वह कई बार जनता की नजर में देश के खिलाफ खड़ा दिखने लगता है। सही मायने में देखें तो इस पूरी प्रक्रिया में मोदी एक ऐसे केंद्र बन गए हैं जिसके चारों ओर राजनीति घूमती है। चुनाव अब केवल पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि मोदी बनाम बाकी सब के रूप में देखे जाने लगे हैं। मोदी ने राजनीति को एक भावनात्मक अनुभव में बदल दिया है, जहां नेता केवल सरकार नहीं चलाता, बल्कि लोगों की उम्मीदों और सपनों का प्रतिनिधि बन जाता है। जब तक मोदी इस भावनात्मक जुड़ाव, राष्ट्रीय गर्व और निरंतर संवाद को बनाए रखेंगे, तब तक मोदी मैजिक भारतीय राजनीति की सबसे शक्तिशाली ताकत बना रहेगा।
*केविनकेयर का चिक क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में प्रवेश; पटना में  लॉन्च किया चिक क्विक क्रेम हेयर कलर*
* गुणवत्ता  के प्रति जागरूक और किफायती विकल्प चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया गया यह उत्पाद सिर्फ 10 मिनट में आसान और बेहतर हेयर कलरिंग अनुभव देता है, वह भी मात्र 10 रुपए में।
* यह तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध है। यह सिंगल-यूज़ सैशे में आता है और राज्य भर के जनरल ट्रेड दुकान पर आसानी से मिलेगा।
* टीवी की मशहूर हस्ती श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर लेकर, चिक ने एक व्यापक 360° मार्केटिंग कैंपेन भी शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
*पटना, जनवरी 2026:* केविनकेयर का चिक ब्रांड, पटना के बाजार में हेयर कलर कैटेगरी में एक क्राँतिकारी उत्पाद- चिक क्विक क्रेम हेयर कलर लेकर आया है। इस घोषणा के साथ चिक ने क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में अपनी एंट्री दर्ज की है। यह उत्पाद एक अनोखे 10-मिनट के फास्ट एक्शन फॉर्मूले से लैस है, जो क्रेम हेयर कलरिंग को और आसान और समय-बचाने वाला बनाता है। इसमें आंवला और भृंगराज जैसे प्राकृतिक तत्वों की अच्छाई शामिल है, जिससे यह गहरे, नैचुरल दिखने वाले रंग का अनुभव देता है। यह लॉन्च चिक के उस मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर घर तक इनोवेटिव और आसान हेयर कलरिंग सॉल्यूशंस पहुँचाना शामिल है। ब्रांड ने लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर बनाया है और राज्य में एक व्यापक मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम शामिल हैं।
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर एक सिंगल-यूज़ सैशे में उपलब्ध है, जो अन्य क्रेम हेयर कलर्स से अलग एक सुविधाजनक पैक है। यह उपभोक्ताओं की मुख्य समस्याओं- लंबे समय तक लगने वाली एप्लीकेशन, रूखापन और पाउडर फॉर्मेट में होने वाली गंदगी को दूर करता है। यह प्रोडक्ट कम तैयारी के साथ एक स्मूद कलरिंग अनुभव सुनिश्चित करता है। तीन आकर्षक शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध यह रेंज उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मात्र 10 रुपए की कीमत में यह क्रेम फॉर्मेट पटना के किफायती उपभोक्ताओं के लिए हेयर कलरिंग को और सुलभ और समावेशी बनाता है। 10 मिनट की फास्ट एक्शन टेक्नोलॉजी के साथ, चिक क्विक क्रेम हेयर कलर गहरे रंग और चमकदार फिनिश के साथ हेयर कलरिंग अनुभव को नया रूप देता है, बिना इंतजार, बिना झंझट।
लॉन्च पर बोलते हुए, केविनकेयर के बिजनेस हेड- पर्सनल केयर, श्री रजत नंदा ने कहा, “पटना में हेयर कलर बाजार तेजी से बदल रहा है। उपभोक्ता अब ऐसे समाधान चाहते हैं, जो गुणवत्ता, सुविधा और किफायत को एक साथ लाएं। अब तक कई उपभोक्ता पारंपरिक हेयर कलर फॉर्मेट पर निर्भर रहे हैं, जिनमें उपयोग की आसानी और अनुभव की कमी रहती है। चिक क्विक क्रेम हेयर कलर के साथ, हम गर्व से कह सकते हैं कि हम इस अंतर को दूर कर रहे हैं। यह सच में एक ऐसा क्रेम फॉर्मेट है, जो केवल 10 मिनट में गहरे और शानदार परिणाम देता है। पटना के सबसे भरोसेमंद हेयर केयर ब्रांड्स में से एक होने के नाते, चिक हमेशा ब्यूटी को सबके लिए सुलभ बनाने के लिए खड़ा रहा है, और यह लॉन्च हमारे इनोवेशन और वैल्यू-ड्रिवन समाधानों की दिशा में एक और कदम है।”
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर पटना के सभी रिटेल आउटलेट्स और किराना स्टोर्स पर सिंगल-यूज़ सैशे पैक में उपलब्ध होगा। उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में से चुन सकते हैं। इस लॉन्च के साथ केविनकेयर पर्सनल केयर श्रेणी में चिक की उपस्थिति को और मजबूत करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि गुणवत्तापूर्ण हेयर कलरिंग अब हर घर तक पहुँचे।

चिक के विषय में: चिक शैम्पू केविनकेयर की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। इस ब्रांड ने एफएमसीजी उद्योग में सैशे रिवॉल्यूशन लाया और आज यह केविनकेयर का प्रमुख ब्रांड है। इनोवेटिव सैशे पैकेजिंग, रणनीतिक मूल्य निर्धारण, व्यापक वितरण नेटवर्क और तेजी से बदलती उपभोक्ता जरूरतों को समझने की क्षमता ने चिक को आज देश के सफलतम ब्रांड्स में शामिल किया है।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक तिमाही एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए

* वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में वितरण रिकॉर्ड स्तर 8,293 करोड़ रुपए
* जमा 7.7% तिमाही दर तिमाही बढ़ी, ऋण पुस्तिका वृद्धि 7.1% तिमाही दर तिमाही से आगे
* सकल ऋण पुस्तिका (दिसंबर’25) 37,057 करोड़ रुपए, 21.6% सालाना वृद्धि; जमा 42,223 करोड़ रुपए, 22.4% सालाना वृद्धि
* सुरक्षित ऋण पुस्तिका 17,825 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 48.7% सालाना वृद्धि; कुल ऋण में सुरक्षित ऋण का हिस्सा 48.1%
* माइक्रो बैंकिंग सकल ऋण पुस्तिका 19,372 करोड़ रुपए (दिसंबर’25); 4.1% सालाना वृद्धि
*मुंबई, , जनवरी, 2026* :उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड [BSE: 542904; NSE: UJJIVANSFB] ने आज 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक- व्यवसाय प्रदर्शन सारांश
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही एवं वित्त वर्ष 26 के 9 महीने
❖ परिसंपत्तियाँ
सकल ऋण पुस्तिका 37,057* करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 21.6% सालाना / 7.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
सुरक्षित ऋण पुस्तिका का हिस्सा 48.1% (दिसंबर’25) बनाम 39.3% (दिसंबर’24) और 46.8% (सितंबर’25)
अब तक का सर्वाधिक तिमाही वितरण 8,293 करोड़ रुपए; 54.7% सालाना / 4.5% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
माइक्रो बैंकिंग वितरण 4,688 करोड़ रुपए; 62.4% सालाना / 10.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
❖ संग्रह एवं परिसंपत्ति गुणवत्ता
समूह एवं व्यक्तिगत ऋण बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता में सुधार; दिसंबर’25 में 99.7%
जोखिमग्रस्त पोर्टफोलियो*/जीएनपीए*/एनएनपीए* क्रमशः 3.98% / 2.39% / 0.58% (दिसंबर’25); जबकि दिसंबर’24 में 5.36% / 2.68% / 0.66%
प्रोविजन कवरेज रेशियो दिसंबर’25 में बढ़कर 76%
❖ जमा
जमा 42,223 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 22.4% सालाना / 7.7% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
कासा 11,535 करोड़ रुपए; 33.2% सालाना वृद्धि, कासा अनुपात 27.3% (दिसंबर’25)
रिटेल टर्म डिपॉजिट^ + कासा 29,395 करोड़ रुपए; 16.3% सालाना वृद्धि
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में फंड की लागत (सीओएफ) 7.09%, वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही की तुलना में 25 बीपीएस कम

❖ वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए; 12.8% सालाना वृद्धि
एनआईएम 33 बीपीएस बढ़कर वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 8.23%
कॉस्ट-टू-इनकम अनुपात तिमाही के लिए 66% पर स्थिर; हालाँकि नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च समायोजन के बाद 65% से नीचे
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में पीएटी 186 करोड़ रुपए; 70.8% सालाना वृद्धि
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में आरओए 1.5% (सालाना 45 बीपीएस वृद्धि); आरओई 11.5% (सालाना 423 बीपीएस वृद्धि)
❖ पूँजी एवं तरलता
पूँजी पर्याप्तता अनुपात 21.6%
मजबूत तरलता; दिसंबर’25 के लिए औसत दैनिक एलसीआर 165.6%
* जहाँ लागू हो, शर्तें/परिभाषाएँ बैंक की रिपोर्टिंग के अनुसार।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री संजीव नौटियाल ने कहा, “भारत का व्यापक आर्थिक परिदृश्य अनुकूल बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत जीडीपी वृद्धि ने ऋण वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के लिए सहायक माहौल तैयार किया है।
उज्जीवन एसएफबी में जमा वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 7.7% तिमाही दर तिमाही और 22.4% सालाना बढ़कर 42,223 करोड़ रुपए हो गई, जबकि दिसंबर’25 के अंत में क्रेडिट–डिपॉजिट अनुपात 88% रहा। गुणवत्ता वाले ‘न्यू-टू-बैंक’ ग्राहकों को जोड़ने तथा ‘एग्ज़िस्टिंग-टू-बैंक’ ग्राहकों से बेहतर जुड़ाव के लिए समर्पित चैनलों पर स्पष्ट फोकस के चलते कासा अनुपात लगातार दो तिमाहियों से 27% से ऊपर बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में किए गए जमा दरों में कटौती और बेहतर तरलता प्रबंधन के कारण फंड की लागत में गिरावट का रुझान जारी रहा। तिमाही के लिए सीआईएफ 7.08% रहा, जो सालाना आधार पर 49 बीपीएस कम है।
तिमाही के दौरान सकल ऋण पुस्तिका 7.1% तिमाही दर तिमाही और 21.6% सालाना बढ़कर 37,057 करोड़ रुपए हो गई, जिसे 8,293 करोड़ रुपए के अब तक के सर्वाधिक तिमाही वितरण का सहारा मिला। यह असुरक्षित और सुरक्षित, दोनों श्रेणियों के उत्पादों में सर्वांगीण प्रदर्शन का परिणाम रहा। आवास, एमएसएमई, गोल्ड, वाहन और कृषि ऋण जैसे सुरक्षित पोर्टफोलियो हमारी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के अनुरूप विस्तार करते रहे, जिससे दिसंबर’25 तक सुरक्षित ऋण का हिस्सा बढ़कर 48% हो गया।
बैंक का पीएआर 4% से नीचे रहा। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में स्लिपेज घटकर 221 करोड़ रुपए रहा, जबकि दिसंबर’25 के अंत में जीएनपीए 2.39% और एनएनपीए 0.58% रहा। तिमाही के लिए क्रेडिट लागत ₹195 करोड़ रही और हमें मौजूदा परिचालन तिमाही में इसमें और कमी की उम्मीद है। दिसंबर’25 तक पीसीआर बढ़कर 76% हो गया। माइक्रोफाइनेंस बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता दिसंबर’25 में 99.7% तक पहुँचने के साथ प्रावधान आवश्यकताएं घटने लगी हैं।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में हमारी नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एमआईएम) 33 bps तिमाही दर तिमाही बढ़कर 8.23% हो गई, जिसे कम CoF, अनुकूल उत्पाद मिश्रण, कम ब्याज रिवर्सल और सीआरआर में ढील का समर्थन मिला। हमने तिमाही में ₹1,000 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक एनआईआई दर्ज किया। इसके परिणामस्वरूप लाभप्रदता मजबूत हुई और वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ (पीएटी) ₹186 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 70.8% की स्वस्थ वृद्धि दर्शाता है। नवंबर’25 से लागू नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च को समायोजित करने पर हमारा पीएटी लगभग ₹200 करोड़ होता। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 1.5% का आरओए और 11.5% का आरओई हमारे रिटर्न मेट्रिक्स में निरंतर सुधार को रेखांकित करता है।
21.6% की स्वस्थ पूंजी पर्याप्तता, मजबूत तरलता बफर और वृद्धि के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण के साथ बैंक आने वाली तिमाहियों में टिकाऊ और लाभकारी वृद्धि देने के लिए सुदृढ़ स्थिति में है।”
छत्तीसगढ़: शिक्षा के मंदिर में टीचर की शर्मनाक हरकत

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से सरकारी स्कूल में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा के दौरान एक सरकारी शिक्षक शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच गया। नशे में बहकी-बहकी बातें करते शिक्षक का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना लखनपुर विकासखंड के गुमगरा स्थित जूनापारा प्राइमरी स्कूल की बताई जा रही है।

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रायपुर साहित्य महोत्सव में जुटे देशभर के साहित्यकार, आज आयोजन का दूसरा दिन

रायपुर। नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य महोत्सव का आज दूसरा दिन है। महोत्सव में देशभर से आए साहित्य प्रेमियों और लेखकों की भारी मौजूदगी देखने को मिल रही है। आज का प्रमुख आकर्षण देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित विशेष काव्य-पाठ है।

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