मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर निजामुद्दीन दरगाह में विशेष दुआ

मुस्लिम भाजपाइयों ने प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की तरक्की के लिए मांगी दुआएं

भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में विशेष दुआ और चादरपोशी का आयोजन किया गया। पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा भारत की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक दुआ की गई।

कार्यक्रम के दौरान देश में शांति, सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भी प्रार्थना की गई। समिति के मुख्य संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता इरफ़ान अहमद तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एहसान अब्बासी के नेतृत्व में दरगाह पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं को बताया विकास की आधारशिला

इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास, सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। मुख्य संरक्षक इरफ़ान अहमद ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी पहल ने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, रोजगार, पेयजल और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है। साथ ही पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

अनेक गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य मुन्नव्वरी बेगम, अकरम हाशमी, बिलाल जै़दी, गुलाम निज़ाम निज़ामी, इकबाल खान, फुरकान सलमानी, बाबर निज़ामी, मजाहिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:-

- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन।

- प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना।

- पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति द्वारा चादरपोशी।

- केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा।

- शांति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश।

सेवाढ़ाब में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, माइका लदा वाहन जब्त चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, जांच में दो नाम आए सामने;

  गिरिडीह: जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के सेवाढाब में वन विभाग ने अवैध माइका कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माइका से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। हालांकि कार्रवाई के दौरान चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दो लोगों के नाम सामने आने के बाद अवैध माइका कारोबार से जुड़े नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि तिसरी क्षेत्र के जंगलों से अवैध रूप से निकाला गया माइका पिकअप वाहन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने देर रात सेवादाब के समीप घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। वनकर्मियों को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में माइका लदा मिला। इसके बाद वाहन को जब्त कर गावां बीट कार्यालय ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, पचरुखी, गड़कुरा समेत आसपास के जंगलों से माइका निकालकर विभिन्न रास्तों से उसकी ढुलाई किए जाने की सूचना वन विभाग को लगातार मिल रही थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त माइका किस स्थान से लाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस संबंध में गावां के वनपाल राजेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। प्रारंभिक जांच में मुकेश बरनवाल एवं पिंटू यादव का नाम सामने आया है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बावजूद थम नहीं रहा अवैध कारोबार स्थानीय सूत्रों की माने तो तिसरी, गावां और आसपास के क्षेत्रों में अवैध माइका कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है। वन विभाग और प्रशासन की समय-समय पर होने वाली कार्रवाइयों के बावजूद कई माइका कारोबारी अब भी सक्रिय हैं और धड़ल्ले से अवैध कारोबार संचालित कर रहे हैं। जंगलों और बंद खदानों से माइका निकालकर विभिन्न माध्यमों से उसकी ढुलाई की जाती है। हालिया कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अवैध माइका कारोबार का नेटवर्क किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है और इस पर प्रभावी रोक कब लगेगी। छापेमारी दल में प्रभारी वनपाल राजेंद्र प्रसाद, वन उप परिसर पदाधिकारी, होमगार्ड जवान सुरेश महतो समेत अन्य वनकर्मी शामिल थे। वन विभाग का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना है कि आगे और वन विभाग को कितनी सफलता मिलती है और कितना जल्द इस अवैध कारोबार पर पूर्णतः रोक लगाया जा सकेगा।
मुजफ्फरनगर: 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी में बड़ी कार्रवाई, ईओडब्ल्यू ने वांछित आरोपी जुनैद सैफी को किया गिरफ्तार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 'आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन' (EOW) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईओडब्ल्यू की मेरठ सेक्टर टीम ने मुजफ्फरनगर जिले से करीब 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) और सेल टैक्स चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त जुनैद सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने का आरोप है।

सोची-समझी साजिश के तहत बनाई फर्जी फर्म

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त जुनैद सैफी, पुत्र नासिर सैफी, मुजफ्फरनगर के सुजडू चुंगी (जहांगीर पट्टी) का रहने वाला है। वह मुजफ्फरनगर के जी.टी. रोड पर स्थित 'सर्वश्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का स्वामी था।आरोप है कि जुनैद सैफी ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर एक योजनाबद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इन लोगों ने टैक्स चोरी (करापवंचन) करने के उद्देश्य से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया और कपटपूर्ण तरीके से 'श्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया।

ऐसे दिया अरबों के वित्तीय घोटाले को अंजाम

ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आरोपी जुनैद ने न सिर्फ कागजों पर फर्जी फर्म खड़ी की, बल्कि बड़े पैमाने पर सेल टैक्स की चोरी भी की। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने अपनी फर्म से जुड़ी अन्य अनुवर्ती (आगे की) फर्मों को अवैध रूप से करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ पहुंचाया। इस पूरी हेराफेरी के माध्यम से आरोपियों ने सरकार को सीधे तौर पर 10,68,00,000 रुपये (दस करोड़ अड़सठ लाख रुपये) की जीएसटी की चपत लगाई और खुद अवैध रूप से मोटा मुनाफा कमाया।

दर्ज मामले और पुलिस की कार्रवाई

इस धोखाधड़ी को लेकर मुजफ्फरनगर के थाना मन्सूरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 77/21 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच (विवेचना संख्या-22/23) ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंपी गई थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66सी और जीएसटी एक्ट की धारा 35(i) के तहत केस दर्ज है।

आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था

मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। ईओडब्ल्यू लखनऊ के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक (EOW मेरठ सेक्टर) के पर्यवेक्षण में टीम का गठन किया गया। ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर 12 जून 2026 को आरोपी जुनैद सैफी को मुजफ्फरनगर से धर दबोचा। पुलिस अब इस सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम मिला: प्राचार्य पद पर रहते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले व्यक्ति

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम प्रदान किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें यह पदनाम उनके विषय वनस्पति विज्ञान में उनकी शैक्षणिक और शोध विशेषज्ञता के आधार पर दिया है।
डॉ. डोंगरे ने इस पद के लिए पहली बार वर्ष 2022 में आवेदन किया था। हालांकि, वांछित आदेश जारी नहीं हुए। इसके बाद, उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अनुमति प्राप्त करने के बाद वर्ष 2025 में पुनः आवेदन किया। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आदेश प्राप्त न होने पर डॉ. डोंगरे ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वे प्राचार्य पद पर चयन के उपरांत संबंधित विषय में प्रोफेसर पदनाम प्राप्त करने वाले प्रदेश के पहले और एकमात्र प्राचार्य हैं।
भीषण सड़क हादसे में कैसे बचा शर्मा परिवार,साहस, संघर्ष और पारिवारिक समर्पण की प्रेरणादायक कहानी
मुंबई। मुंबई निवासी अंकुर शर्मा और उनके परिवार की यह सच्ची कहानी केवल एक सड़क दुर्घटना की नहीं, बल्कि अदम्य साहस, पारिवारिक प्रेम, धैर्य और ईश्वर की कृपा की मिसाल है। यह घटना सिद्ध करती है कि जब इंसान का हौसला अडिग हो और परिवार एकजुट हो, तो जीवन की सबसे कठिन परीक्षाएं भी पार की जा सकती हैं।
24 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 6:30 बजे राजस्थान के एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंकुर शर्मा अपनी पत्नी पूनम शर्मा, 12 वर्षीय पुत्री वंशिका शर्मा, 4 वर्षीय पुत्र देवांश शर्मा और चालक संजय के साथ यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी कि अचानक सामने चल रहे ट्रक ने तेज ब्रेक लगा दिए। इससे उनकी कार ट्रक के पीछे जा टकराई और देखते ही देखते एक भयावह दुर्घटना घट गई।हादसे में पूनम शर्मा, वंशिका शर्मा और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्वयं अंकुर शर्मा को भी अंदरूनी चोटें आईं। सौभाग्यवश छोटे देवांश को गंभीर चोट नहीं लगी। दुर्घटना के दौरान मात्र 12 वर्ष की वंशिका ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह किसी बड़े व्यक्ति से कम नहीं था। उसने अपने छोटे भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घायल होने के बावजूद अंकुर शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को बचाने का संकल्प लिया। इसी बीच अश्विन नामक एक सज्जन व्यक्ति देवदूत बनकर सामने आए। उनकी मदद से सभी घायलों को तत्काल निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। संकट की उस घड़ी में अश्विनी का सहयोग शर्मा परिवार कभी नहीं भूल सकता। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अंकुर शर्मा ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था की और लगभग 70 किलोमीटर दूर जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर अस्पताल में परिवार को भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने गहन चिकित्सा शुरू की, लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति पूनम शर्मा की थी। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। पूरा परिवार अनिश्चितता और चिंता के दौर से गुजर रहा था।
कई दिनों तक चले इलाज के बाद अंकुर शर्मा ने अपनी पत्नी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कठिन निर्णय लिया। 29 दिसंबर 2025 को विशेष व्यवस्था के तहत पूनम शर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया और उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अतुल गोयल के मार्गदर्शन में उनका उपचार प्रारंभ हुआ।
अंकुर शर्मा बताते हैं कि उनके जीवन का यह सबसे कठिन समय था। एक ओर पत्नी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं, दूसरी ओर चार वर्षीय पुत्र की देखभाल की जिम्मेदारी थी। अस्पताल और घर के बीच उनका जीवन सीमित हो गया था। प्रतिदिन लगभग 17 घंटे अस्पताल में बिताना उनकी दिनचर्या बन गई थी। जब वे घर जाते, तब उनके पिता अस्पताल में रहकर परिवार का संबल बनते। इस कठिन दौर में अंकुर शर्मा के माता-पिता और पुत्री वंशिका ने असाधारण धैर्य और साहस का परिचय दिया। अंकुर शर्मा स्वीकार करते हैं कि यदि परिवार का साथ न होता तो इस संघर्ष को पार कर पाना संभव नहीं था। पहले 108 दिनों तक उन्हें पर्याप्त नींद और आराम भी नसीब नहीं हुआ।
लगभग 35 दिनों बाद जब पूनम शर्मा को आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, तब परिवार को पहली बार राहत की किरण दिखाई दी। इसके बाद धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार होता गया।आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को 108 दिनों तक चले लंबे उपचार, चिकित्सकों के अथक प्रयास और परिवार की अटूट सेवा के बाद पूनम शर्मा को लीलावती अस्पताल से छुट्टी मिल गई। आज वे पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
यह कहानी केवल एक दुर्घटना से बच निकलने की नहीं है। यह कहानी है एक पति के समर्पण की, एक पिता के उत्तरदायित्व की, एक बेटी के साहस की, माता-पिता के त्याग की और उस विश्वास की, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को टूटने नहीं देता।
अंकुर शर्मा ने जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार का साथ निभाया, वह आज के समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनका संघर्ष हमें सिखाता है कि सच्चा पारिवारिक प्रेम केवल सुख के दिनों में नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देता है।
सच ही कहा गया है—
"जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय।"
धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार के अध्यक्ष बने विनोद कनौजिया
विरार। धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन,विरार के चुनाव समिति की बैठक में चुनाव समिति के अध्यक्ष शेष बहादुर अक्षैवर कनौजिया ने सर्व सम्मति से विनोद लालमणि कनौजिया को धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार का नया अध्यक्ष घोषित किया। इसके उपरांत मौजूद सभी लोगों ने पुष्पगुच्छ तथा भारतीय संविधान की किताब देकर उनका अभिनन्दन किया। इसके बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे चुनाव समिति के अध्यक्ष महोदय ने सर्वसम्मति से अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष घोषित किया। सभी लोगों ने उनके नेतृत्व में एकजुट होकर समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का आश्वासन दिया, सभी को उम्मीद है कि पूर्व अध्यक्ष की तरह उनके नेतृत्व में भी समाज मजबूत होगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार (दीनूकाका),छविनाथ रजक,शेष बहादुर कनौजिया, गामा प्रसाद रजक, जिया लाल कनौजिया, अरविंद कनौजिया (एल आई सी एजेंट), प्रेम शंकर कनौजिया, अरविंद (shonu)कनौजिया पूर्व कप्तान क्रिकेट टीम,राम आसरे, सतीश, सियाराम, मेवालाल, राजेश, फूलचंद, रवि, ओमप्रकाश, छोटे लाल, जयप्रकाश (पप्पू) समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
असम में वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, जोरहाट में लैंडिंग के दौरान लगी आग

असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के An-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिलिट्री बेस में लैंडिंग के बाद विमान में आग लग गई और देखते ही देखते विमान 2 टुकड़ों में बंट गया।

लैंडिंग के वक्त हुआ हादसा

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब आपूर्ति सामग्री ले जा रहा यह मालवाहक विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था। दुर्घटना के बाद पायलट के निधन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वायुसेना ने दी जानकारी

भारतीय वायु सेना ने कहा, ‘असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह AN-32 कार्गो विमान था, जिसका इस्तेमाल सामान ले जाने के लिए किया जाता है। हादसा उस वक्त हुआ जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था।

दुर्घटना के कारणों की होगी जांच

भारतीय वायुसेना ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव और जांच कार्य जारी है तथा अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। वायुसेना की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

#policeandcentralforcesconductedsearchatresidenceabhishek_banerjee

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

रुपये दोगुना करने का लालच देकर लूटपाट करने वाला गिरोह गिरफ्तार, एक आरक्षी समेत चार गिरफ्तार

लखनऊ। कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाने और फिर फर्जी पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का लखनऊ पुलिस ने खुलासा किया है। सर्विलांस टीम पूर्वी जोन और चिनहट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक आरक्षी सहित चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.25 लाख रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त दो कारें बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार थाना चिनहट में दर्ज मुकदमा संख्या 314/2026 की जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। शिकायतकर्ता प्रभाकर सिंह ने पुलिस को बताया था कि उनके भाई और उसके मित्र को एक कंपनी में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया। इसके बाद उन्हें बुलाकर फर्जी तरीके से डराया-धमकाया गया और उनके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया।घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने हरदाशी खेड़ा नहर पुलिया के पास से जावेद हुसैन, आसिफ, प्रवेश त्रिपाठी और पूरन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। गिरोह लोगों को निवेश पर मोटा मुनाफा और रकम दोगुनी होने का लालच देकर बुलाता था। इसके बाद खुद को पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों से जुड़ा बताकर पीड़ितों को डराता-धमकाता और उनसे नकदी वसूलता था। कई मामलों में लूटपाट भी की जाती थी।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल पूरन सिंह एक आरक्षी है। मामले में उसकी संलिप्तता पाए जाने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद हुई

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1,25,000 रुपये नकद तथा घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद हुई हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है और अन्य जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है।
नाले की बदहाली बनी व्यापारियों के लिये मुसीबत, कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच ने उठायी आवाज*
व्यापारियों का होता है लाखो का नुकसान-कुलदीप गुप्ता* सुलतानपुर।कॉउन्सिल ऑफ उद्योग व्यापार मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता के नेतृत्व में नगर के दरियापुर क्षेत्र के व्यापारियों ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लालचंद सरोज को ज्ञापन दिया। जिसमें दरियापुर चौराहे के पास स्थित नाले का पानी और मलबा व्यापारियों की दुकानों एवं घरों में भर रहा है इस प्रकरण को मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को अवगत कराते हुए कहा की दरियापुर स्थित नाले का कुछ भाग बहुत ही सकरा और क्षतिग्रस्त है जिससे थोड़ी भी बरसात होने पर आसपास की दुकानों एवं घरों में पानी घुस जाता है और लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है इसको अति शीघ्र स्थाई रूप से दुरुस्त करते हुए पानी की निकासी सुनिश्चित की जाय। क्षेत्र के व्यापारी और जनमानस में कहा कि कई बार सूचित करने पर भी कोई स्थाई निराकरण पालिका द्वारा नहीं किया गया। अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज ने इस प्रकरण को तुरंत संज्ञान में लेते हुए अधिशासी अभियंता को निरीक्षण करने हेतु आदेशित किया। ज्ञापन देने में संतोष जायसवाल, अश्विनी वर्मा, सुधीर गुप्ता, देवा,सुनील श्रीवास्तव आदि क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर निजामुद्दीन दरगाह में विशेष दुआ

मुस्लिम भाजपाइयों ने प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की तरक्की के लिए मांगी दुआएं

भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में विशेष दुआ और चादरपोशी का आयोजन किया गया। पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा भारत की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक दुआ की गई।

कार्यक्रम के दौरान देश में शांति, सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भी प्रार्थना की गई। समिति के मुख्य संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता इरफ़ान अहमद तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एहसान अब्बासी के नेतृत्व में दरगाह पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं को बताया विकास की आधारशिला

इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास, सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। मुख्य संरक्षक इरफ़ान अहमद ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी पहल ने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, रोजगार, पेयजल और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है। साथ ही पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

अनेक गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य मुन्नव्वरी बेगम, अकरम हाशमी, बिलाल जै़दी, गुलाम निज़ाम निज़ामी, इकबाल खान, फुरकान सलमानी, बाबर निज़ामी, मजाहिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:-

- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन।

- प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना।

- पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति द्वारा चादरपोशी।

- केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा।

- शांति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश।

सेवाढ़ाब में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, माइका लदा वाहन जब्त चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, जांच में दो नाम आए सामने;

  गिरिडीह: जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के सेवाढाब में वन विभाग ने अवैध माइका कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माइका से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। हालांकि कार्रवाई के दौरान चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दो लोगों के नाम सामने आने के बाद अवैध माइका कारोबार से जुड़े नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि तिसरी क्षेत्र के जंगलों से अवैध रूप से निकाला गया माइका पिकअप वाहन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने देर रात सेवादाब के समीप घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। वनकर्मियों को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में माइका लदा मिला। इसके बाद वाहन को जब्त कर गावां बीट कार्यालय ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, पचरुखी, गड़कुरा समेत आसपास के जंगलों से माइका निकालकर विभिन्न रास्तों से उसकी ढुलाई किए जाने की सूचना वन विभाग को लगातार मिल रही थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त माइका किस स्थान से लाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस संबंध में गावां के वनपाल राजेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। प्रारंभिक जांच में मुकेश बरनवाल एवं पिंटू यादव का नाम सामने आया है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बावजूद थम नहीं रहा अवैध कारोबार स्थानीय सूत्रों की माने तो तिसरी, गावां और आसपास के क्षेत्रों में अवैध माइका कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है। वन विभाग और प्रशासन की समय-समय पर होने वाली कार्रवाइयों के बावजूद कई माइका कारोबारी अब भी सक्रिय हैं और धड़ल्ले से अवैध कारोबार संचालित कर रहे हैं। जंगलों और बंद खदानों से माइका निकालकर विभिन्न माध्यमों से उसकी ढुलाई की जाती है। हालिया कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अवैध माइका कारोबार का नेटवर्क किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है और इस पर प्रभावी रोक कब लगेगी। छापेमारी दल में प्रभारी वनपाल राजेंद्र प्रसाद, वन उप परिसर पदाधिकारी, होमगार्ड जवान सुरेश महतो समेत अन्य वनकर्मी शामिल थे। वन विभाग का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना है कि आगे और वन विभाग को कितनी सफलता मिलती है और कितना जल्द इस अवैध कारोबार पर पूर्णतः रोक लगाया जा सकेगा।
मुजफ्फरनगर: 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी में बड़ी कार्रवाई, ईओडब्ल्यू ने वांछित आरोपी जुनैद सैफी को किया गिरफ्तार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 'आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन' (EOW) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईओडब्ल्यू की मेरठ सेक्टर टीम ने मुजफ्फरनगर जिले से करीब 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) और सेल टैक्स चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त जुनैद सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने का आरोप है।

सोची-समझी साजिश के तहत बनाई फर्जी फर्म

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त जुनैद सैफी, पुत्र नासिर सैफी, मुजफ्फरनगर के सुजडू चुंगी (जहांगीर पट्टी) का रहने वाला है। वह मुजफ्फरनगर के जी.टी. रोड पर स्थित 'सर्वश्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का स्वामी था।आरोप है कि जुनैद सैफी ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर एक योजनाबद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इन लोगों ने टैक्स चोरी (करापवंचन) करने के उद्देश्य से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया और कपटपूर्ण तरीके से 'श्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया।

ऐसे दिया अरबों के वित्तीय घोटाले को अंजाम

ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आरोपी जुनैद ने न सिर्फ कागजों पर फर्जी फर्म खड़ी की, बल्कि बड़े पैमाने पर सेल टैक्स की चोरी भी की। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने अपनी फर्म से जुड़ी अन्य अनुवर्ती (आगे की) फर्मों को अवैध रूप से करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ पहुंचाया। इस पूरी हेराफेरी के माध्यम से आरोपियों ने सरकार को सीधे तौर पर 10,68,00,000 रुपये (दस करोड़ अड़सठ लाख रुपये) की जीएसटी की चपत लगाई और खुद अवैध रूप से मोटा मुनाफा कमाया।

दर्ज मामले और पुलिस की कार्रवाई

इस धोखाधड़ी को लेकर मुजफ्फरनगर के थाना मन्सूरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 77/21 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच (विवेचना संख्या-22/23) ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंपी गई थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66सी और जीएसटी एक्ट की धारा 35(i) के तहत केस दर्ज है।

आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था

मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। ईओडब्ल्यू लखनऊ के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक (EOW मेरठ सेक्टर) के पर्यवेक्षण में टीम का गठन किया गया। ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर 12 जून 2026 को आरोपी जुनैद सैफी को मुजफ्फरनगर से धर दबोचा। पुलिस अब इस सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम मिला: प्राचार्य पद पर रहते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले व्यक्ति

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम प्रदान किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें यह पदनाम उनके विषय वनस्पति विज्ञान में उनकी शैक्षणिक और शोध विशेषज्ञता के आधार पर दिया है।
डॉ. डोंगरे ने इस पद के लिए पहली बार वर्ष 2022 में आवेदन किया था। हालांकि, वांछित आदेश जारी नहीं हुए। इसके बाद, उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अनुमति प्राप्त करने के बाद वर्ष 2025 में पुनः आवेदन किया। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आदेश प्राप्त न होने पर डॉ. डोंगरे ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वे प्राचार्य पद पर चयन के उपरांत संबंधित विषय में प्रोफेसर पदनाम प्राप्त करने वाले प्रदेश के पहले और एकमात्र प्राचार्य हैं।
भीषण सड़क हादसे में कैसे बचा शर्मा परिवार,साहस, संघर्ष और पारिवारिक समर्पण की प्रेरणादायक कहानी
मुंबई। मुंबई निवासी अंकुर शर्मा और उनके परिवार की यह सच्ची कहानी केवल एक सड़क दुर्घटना की नहीं, बल्कि अदम्य साहस, पारिवारिक प्रेम, धैर्य और ईश्वर की कृपा की मिसाल है। यह घटना सिद्ध करती है कि जब इंसान का हौसला अडिग हो और परिवार एकजुट हो, तो जीवन की सबसे कठिन परीक्षाएं भी पार की जा सकती हैं।
24 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 6:30 बजे राजस्थान के एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंकुर शर्मा अपनी पत्नी पूनम शर्मा, 12 वर्षीय पुत्री वंशिका शर्मा, 4 वर्षीय पुत्र देवांश शर्मा और चालक संजय के साथ यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी कि अचानक सामने चल रहे ट्रक ने तेज ब्रेक लगा दिए। इससे उनकी कार ट्रक के पीछे जा टकराई और देखते ही देखते एक भयावह दुर्घटना घट गई।हादसे में पूनम शर्मा, वंशिका शर्मा और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्वयं अंकुर शर्मा को भी अंदरूनी चोटें आईं। सौभाग्यवश छोटे देवांश को गंभीर चोट नहीं लगी। दुर्घटना के दौरान मात्र 12 वर्ष की वंशिका ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह किसी बड़े व्यक्ति से कम नहीं था। उसने अपने छोटे भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घायल होने के बावजूद अंकुर शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को बचाने का संकल्प लिया। इसी बीच अश्विन नामक एक सज्जन व्यक्ति देवदूत बनकर सामने आए। उनकी मदद से सभी घायलों को तत्काल निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। संकट की उस घड़ी में अश्विनी का सहयोग शर्मा परिवार कभी नहीं भूल सकता। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अंकुर शर्मा ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था की और लगभग 70 किलोमीटर दूर जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर अस्पताल में परिवार को भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने गहन चिकित्सा शुरू की, लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति पूनम शर्मा की थी। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। पूरा परिवार अनिश्चितता और चिंता के दौर से गुजर रहा था।
कई दिनों तक चले इलाज के बाद अंकुर शर्मा ने अपनी पत्नी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कठिन निर्णय लिया। 29 दिसंबर 2025 को विशेष व्यवस्था के तहत पूनम शर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया और उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अतुल गोयल के मार्गदर्शन में उनका उपचार प्रारंभ हुआ।
अंकुर शर्मा बताते हैं कि उनके जीवन का यह सबसे कठिन समय था। एक ओर पत्नी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं, दूसरी ओर चार वर्षीय पुत्र की देखभाल की जिम्मेदारी थी। अस्पताल और घर के बीच उनका जीवन सीमित हो गया था। प्रतिदिन लगभग 17 घंटे अस्पताल में बिताना उनकी दिनचर्या बन गई थी। जब वे घर जाते, तब उनके पिता अस्पताल में रहकर परिवार का संबल बनते। इस कठिन दौर में अंकुर शर्मा के माता-पिता और पुत्री वंशिका ने असाधारण धैर्य और साहस का परिचय दिया। अंकुर शर्मा स्वीकार करते हैं कि यदि परिवार का साथ न होता तो इस संघर्ष को पार कर पाना संभव नहीं था। पहले 108 दिनों तक उन्हें पर्याप्त नींद और आराम भी नसीब नहीं हुआ।
लगभग 35 दिनों बाद जब पूनम शर्मा को आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, तब परिवार को पहली बार राहत की किरण दिखाई दी। इसके बाद धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार होता गया।आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को 108 दिनों तक चले लंबे उपचार, चिकित्सकों के अथक प्रयास और परिवार की अटूट सेवा के बाद पूनम शर्मा को लीलावती अस्पताल से छुट्टी मिल गई। आज वे पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
यह कहानी केवल एक दुर्घटना से बच निकलने की नहीं है। यह कहानी है एक पति के समर्पण की, एक पिता के उत्तरदायित्व की, एक बेटी के साहस की, माता-पिता के त्याग की और उस विश्वास की, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को टूटने नहीं देता।
अंकुर शर्मा ने जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार का साथ निभाया, वह आज के समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनका संघर्ष हमें सिखाता है कि सच्चा पारिवारिक प्रेम केवल सुख के दिनों में नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देता है।
सच ही कहा गया है—
"जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय।"
धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार के अध्यक्ष बने विनोद कनौजिया
विरार। धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन,विरार के चुनाव समिति की बैठक में चुनाव समिति के अध्यक्ष शेष बहादुर अक्षैवर कनौजिया ने सर्व सम्मति से विनोद लालमणि कनौजिया को धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार का नया अध्यक्ष घोषित किया। इसके उपरांत मौजूद सभी लोगों ने पुष्पगुच्छ तथा भारतीय संविधान की किताब देकर उनका अभिनन्दन किया। इसके बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे चुनाव समिति के अध्यक्ष महोदय ने सर्वसम्मति से अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष घोषित किया। सभी लोगों ने उनके नेतृत्व में एकजुट होकर समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का आश्वासन दिया, सभी को उम्मीद है कि पूर्व अध्यक्ष की तरह उनके नेतृत्व में भी समाज मजबूत होगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार (दीनूकाका),छविनाथ रजक,शेष बहादुर कनौजिया, गामा प्रसाद रजक, जिया लाल कनौजिया, अरविंद कनौजिया (एल आई सी एजेंट), प्रेम शंकर कनौजिया, अरविंद (shonu)कनौजिया पूर्व कप्तान क्रिकेट टीम,राम आसरे, सतीश, सियाराम, मेवालाल, राजेश, फूलचंद, रवि, ओमप्रकाश, छोटे लाल, जयप्रकाश (पप्पू) समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
असम में वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, जोरहाट में लैंडिंग के दौरान लगी आग

असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के An-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिलिट्री बेस में लैंडिंग के बाद विमान में आग लग गई और देखते ही देखते विमान 2 टुकड़ों में बंट गया।

लैंडिंग के वक्त हुआ हादसा

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब आपूर्ति सामग्री ले जा रहा यह मालवाहक विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था। दुर्घटना के बाद पायलट के निधन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वायुसेना ने दी जानकारी

भारतीय वायु सेना ने कहा, ‘असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह AN-32 कार्गो विमान था, जिसका इस्तेमाल सामान ले जाने के लिए किया जाता है। हादसा उस वक्त हुआ जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था।

दुर्घटना के कारणों की होगी जांच

भारतीय वायुसेना ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव और जांच कार्य जारी है तथा अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। वायुसेना की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

रुपये दोगुना करने का लालच देकर लूटपाट करने वाला गिरोह गिरफ्तार, एक आरक्षी समेत चार गिरफ्तार

लखनऊ। कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाने और फिर फर्जी पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का लखनऊ पुलिस ने खुलासा किया है। सर्विलांस टीम पूर्वी जोन और चिनहट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक आरक्षी सहित चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.25 लाख रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त दो कारें बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार थाना चिनहट में दर्ज मुकदमा संख्या 314/2026 की जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। शिकायतकर्ता प्रभाकर सिंह ने पुलिस को बताया था कि उनके भाई और उसके मित्र को एक कंपनी में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया। इसके बाद उन्हें बुलाकर फर्जी तरीके से डराया-धमकाया गया और उनके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया।घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने हरदाशी खेड़ा नहर पुलिया के पास से जावेद हुसैन, आसिफ, प्रवेश त्रिपाठी और पूरन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। गिरोह लोगों को निवेश पर मोटा मुनाफा और रकम दोगुनी होने का लालच देकर बुलाता था। इसके बाद खुद को पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों से जुड़ा बताकर पीड़ितों को डराता-धमकाता और उनसे नकदी वसूलता था। कई मामलों में लूटपाट भी की जाती थी।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल पूरन सिंह एक आरक्षी है। मामले में उसकी संलिप्तता पाए जाने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद हुई

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1,25,000 रुपये नकद तथा घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद हुई हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है और अन्य जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है।
नाले की बदहाली बनी व्यापारियों के लिये मुसीबत, कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच ने उठायी आवाज*
व्यापारियों का होता है लाखो का नुकसान-कुलदीप गुप्ता* सुलतानपुर।कॉउन्सिल ऑफ उद्योग व्यापार मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता के नेतृत्व में नगर के दरियापुर क्षेत्र के व्यापारियों ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लालचंद सरोज को ज्ञापन दिया। जिसमें दरियापुर चौराहे के पास स्थित नाले का पानी और मलबा व्यापारियों की दुकानों एवं घरों में भर रहा है इस प्रकरण को मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को अवगत कराते हुए कहा की दरियापुर स्थित नाले का कुछ भाग बहुत ही सकरा और क्षतिग्रस्त है जिससे थोड़ी भी बरसात होने पर आसपास की दुकानों एवं घरों में पानी घुस जाता है और लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है इसको अति शीघ्र स्थाई रूप से दुरुस्त करते हुए पानी की निकासी सुनिश्चित की जाय। क्षेत्र के व्यापारी और जनमानस में कहा कि कई बार सूचित करने पर भी कोई स्थाई निराकरण पालिका द्वारा नहीं किया गया। अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज ने इस प्रकरण को तुरंत संज्ञान में लेते हुए अधिशासी अभियंता को निरीक्षण करने हेतु आदेशित किया। ज्ञापन देने में संतोष जायसवाल, अश्विनी वर्मा, सुधीर गुप्ता, देवा,सुनील श्रीवास्तव आदि क्षेत्रवासी उपस्थित थे।