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बलिया बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त की
संजीव सिंह बलिया। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक सुनील कुमार की सेवा समाप्त कर दी है। सुनील कुमार की तैनाती शिक्षा क्षेत्र नगरा के कंपोजिट विद्यालय बाराडीह लवाईपट्टी में थी। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और वेतन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करें।सीयर ब्लाक के क्रिडिहरापुर निवासी सुनील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र जमा कर वर्ष 2004 की बीटीसी चयन प्रक्रिया में शिक्षक पद प्राप्त किया। वास्तव में वे अनुसूचित जाति (एससी) से हैं। इसकी शिकायत हरींद्र प्रसाद ने वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को पत्र लिखकर की थी। सुनील ने फर्जी प्रमाण पत्र से 21 वर्षों तक वेतन लिया। जांच में सच्चाई सामने आने पर बीएसए ने त्वरित कार्रवाई की।
गयाजी के मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस गरिमामय अवसर पर कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी एवं प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए खुशी जताई। कॉलेज सचिव शब्बी आर्फीन शमसी ने बताया कि प्रस्तावित भवन में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षण प्रणाली भी और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1969 में स्थापित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने अपने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निरंतर प्रगति के साथ आज यह मगध विश्वविद्यालय के प्रमुख एवं अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्तमान में अध्यक्ष प्रो. हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी और प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के कुशल नेतृत्व में कॉलेज लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है।

संस्थान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल कैंपस की अवधारणा को साकार करते हुए कॉलेज के वोकेशनल भवन में बीसीए, बीबीए, बीएलआईएस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हैं. वर्तमान में कॉलेज में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगभग 60 कक्षाएं, 7 स्मार्ट क्लासरूम तथा 25 हजार से अधिक पुस्तकों से युक्त एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल गया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

साई कॉलेज के विद्यार्थियों ने राज्य वन अनुसंधान संस्थान का किया शैक्षिक भ्रमण

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बायोटेक्रालॉजी, एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर जुलॉजी और एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बॉटनी के विद्यार्थियों ने जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान में शैक्षिक भ्रमण किया। स्किल डेवलपमेंट एंड आउटरिच प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण का प्रारम्भ संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप वासुदेवा ने पॉवर प्वाईंट प्रजेंटेशन से संस्थान की गतिविधियां और अनुसंधान कार्य से अवगत कराया। डॉ. उदय होमकार, डॉ. शैलेंद्र सिंह यादव ने संग्राहलय और फॉरेस्ट कंजर्वेशन और नर्सरी तकनीक से विद्यार्थियों को रू-ब-रू कराया। बॉटेनिकल गार्डन के दुर्लभ पौधे विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। प्रयोगशाला में प्लांट टिस्यू कल्चर करना बेहद शानदार रहा। इस दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का निवारण हुआ।

डॉ. प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने वन प्रबंधन और उत्पादकता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने वन प्रबंधन की अवधारणा, संसाधनों के उपयोग, मृदा की भूमिका के बारे में बताया। विद्यार्थियों ने मृदा परीक्षण कर पौधों की अंकुरण प्रक्रिया और नर्सरी प्रबंधन को देखा। हार्वेरियम का भ्रमण बहुत ही रोमांचक रहा। विद्यार्थियों को संग्रह कला से अवगत कराया गया।

डॉ. अनरूद्ध मजूमदार ने वन्यजीव संख्या, निगरानी की तकनीक, लाइन ट्रांसेक्ट, कैमरा टै्रपिंग, जीन बैंक के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और संवधन में आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। डॉ. मयंक मकरंद वर्मा ने वन्यजीव प्रबंधन एवं जीनोमिक्स से अवगत कराया। वन्यजीव प्रबंधन, एनीमन बिहेवियर में आधुनिक तकनीक निर्णायक है जिससे विद्यार्थी अवगत हुए। बीज प्रौद्योगिकी, नर्सरी प्रबंधन, बीज संग्रहण, अंकुरण एवं पौधों के उत्पादन की विधियां विद्यार्थियों को बेहद आकर्षक लगीं। पौधों की गुणवत्ता और वानिकी विकास विद्यार्थियों के लिए प्रेरक रहा।

मॉलीक्यूलर बायोलॉजी लैब में डीएनए एक्सटै्रक्शन, पीसीआर पर करके दिखाया गया। रासायनिक उपयोग और उसकी प्रतिक्रिया से विद्यार्थी अवगत हुए। सभी को ग्रुप डिस्कशन और पीपीटी, रिपोर्ट तैयार करने की स्थितियों से रू-ब-रू कराया गया।

सहायक प्राध्यापक डॉ. एलपी गुप्ता, डॉ. दीप बराईक और कमलेश कुमार के नेतृत्व72 विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण किया।

देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 रिजल्ट घोषित: हाईस्कूल में सृष्टि, इंटर में रजनीश यादव टॉपर

* योगी सरकार ने संस्कृत शिक्षा को दी नई पहचान, सीसीटीवी निगरानी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के बीच हुई नकलविहीन परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है, जिससे संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिली है।

प्रमुख परिणाम
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91% रहा।

-उत्तर मध्यमा प्रथम का परिणाम 94.40% रहा।
-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86% दर्ज किया गया।

-टॉपर सूची
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10)

* सृष्टि (कन्नौज) – 661/700 अंक (94.43%)

* खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) – 660 अंक

* मुलायम सिंह यादव और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) – 653 अंक

-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12):

* रजनीश यादव (प्रतापगढ़) – 1251/1400 अंक (89.36%)
* वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) – 1199 अंक
* काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) – 1196 अंक

परीक्षा में रही सख्ती
इस वर्ष 19 फरवरी से 28 फरवरी तक 241 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, मंडल एवं जिला स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा डिजिटल उपस्थिति ट्रैकिंग की व्यवस्था रही।

-पिछले साल से बेहतर परिणाम:
* कक्षा-10 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 2.79% की वृद्धि हुई।
* कक्षा-12 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 6.82% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

* ऐसे देखें रिजल्ट
छात्र अपना परिणाम संस्कृत परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर ऑनलाइन देख सकते हैं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

ব্যারাকপুরের জগদ্দলে অমিত শাহ রোড শো
নিজস্ব প্রতিনিধি: রাজ্যে প্রথম দফা ভোটের পর শুক্রবারও রাজ্যে ছিল হেভিওয়েট জনসভা। এদিন অমিত শাহের শেষ কর্মসূচি ছিল উত্তর ২৪ পরগনার ব্যারাকপুরে জগদ্দলে৷ এক সুবিশাল রোড-শোতে অংশগ্রহণ করেছিলেন তিনি।কখনও তিনি হাত নেড়ে, আবার কখনও হাতজোড় করে রাস্তার দু'ধারে সাধারণ মানুষের সঙ্গে জনসংযোগ করলেন। বি: প্রবীর রায়।
श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर संत कबीर नगर का शानदार परीक्षा परिणाम
रमेश दूबे
आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद  द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल देखा गया।
विद्यालय के छात्रों की सफलता उनके परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अनुशासित वातावरण का परिणाम है।
हाईस्कूल के मेधावी छात्र-छात्राएं
सुकन्या – 553/600 अंक
रिया विश्वकर्मा – 539/600 अंक
मुशाहिद खान – 532/600 अंक
बिट्टू यादव – 530 अंक
सत्यम यादव – 524 अंक
महक मिश्रा – 518 अंक
कल्पना मिश्रा – 517 अंक
शिवम यादव – 512 अंक
रागिनी चौहान – 510 अंक
अंजली – 509 अंक
आंशी चौधरी – 504 अंक
शिवानी – 504 अंक
इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राएं
श्रुति यादव – 439 अंक
पूर्विता चौधरी – 425 अंक
शालिनी (पुत्री: शिवनाथ) – 419 अंक
अंशिका – 418 अंक
खुशी कन्नौजिया – 415 अंक
नीतू यादव – 408 अंक
नितिल कुमार – 408 अंक
मुनिकेश – 407 अंक
कंचन – 403 अंक
रितिका – 403 अंक
विद्यालय के प्रबंधक श्री भोला नाथ पाण्डेय एवं प्रधानाचार्य श्री त्रियुगी नाथ पाण्डेय ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय आगे भी इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम देने के लिए प्रयासरत रहेगा।
श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर संत कबीर नगर का शानदार परीक्षा परिणाम
आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद  द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल देखा गया।
विद्यालय के छात्रों की सफलता उनके परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अनुशासित वातावरण का परिणाम है।
हाईस्कूल के मेधावी छात्र-छात्राएं
सुकन्या – 553/600 अंक
रिया विश्वकर्मा – 539/600 अंक
मुशाहिद खान – 532/600 अंक
बिट्टू यादव – 530 अंक
सत्यम यादव – 524 अंक
महक मिश्रा – 518 अंक
कल्पना मिश्रा – 517 अंक
शिवम यादव – 512 अंक
रागिनी चौहान – 510 अंक
अंजली – 509 अंक
आंशी चौधरी – 504 अंक
शिवानी – 504 अंक
इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राएं
श्रुति यादव – 439 अंक
पूर्विता चौधरी – 425 अंक
शालिनी (पुत्री: शिवनाथ) – 419 अंक
अंशिका – 418 अंक
खुशी कन्नौजिया – 415 अंक
नीतू यादव – 408 अंक
नितिल कुमार – 408 अंक
मुनिकेश – 407 अंक
कंचन – 403 अंक
रितिका – 403 अंक
विद्यालय के प्रबंधक श्री भोला नाथ पाण्डेय एवं प्रधानाचार्य श्री त्रियुगी नाथ पाण्डेय ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही विद्यालय के समस्त अध्यापकगण को उनके समर्पण, मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया, जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने यह उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की।उन्होंने कहा कि विद्यालय आगे भी इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम देने के लिए प्रयासरत रहेगा।
Sambhal बिजली संकट पर भड़के किसान: फसलें सूख रहीं, स्मार्ट मीटर के खिलाफ बड़ा आंदोलन चेतावनी
सम्भल जनपद में बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (असली) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश प्रवक्ता जयवीर सिंह यादव ने बताया कि सम्भल डिवीजन के हसनपुर मुंजबता क्षेत्र सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और फसलें बर्बादी के कगार पर हैं।

किसानों का कहना है कि उन्हें तीन-तीन दिन बाद बिजली मिल रही है, जिससे मक्का की तैयार फसल झुलस रही है। पहले ही आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसान अब पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं। उनका सवाल है कि अगर फसल ही नहीं बचेगी तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा। वहीं, पल्था गांव में बिजली लाइन की समस्या को लेकर भी किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद लाइन ठीक नहीं कराई गई, जिससे गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों से 15-15 दिन में 5 से 7 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग की कमर टूट रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिशासी अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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बलिया बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त की
संजीव सिंह बलिया। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक सुनील कुमार की सेवा समाप्त कर दी है। सुनील कुमार की तैनाती शिक्षा क्षेत्र नगरा के कंपोजिट विद्यालय बाराडीह लवाईपट्टी में थी। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और वेतन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करें।सीयर ब्लाक के क्रिडिहरापुर निवासी सुनील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र जमा कर वर्ष 2004 की बीटीसी चयन प्रक्रिया में शिक्षक पद प्राप्त किया। वास्तव में वे अनुसूचित जाति (एससी) से हैं। इसकी शिकायत हरींद्र प्रसाद ने वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को पत्र लिखकर की थी। सुनील ने फर्जी प्रमाण पत्र से 21 वर्षों तक वेतन लिया। जांच में सच्चाई सामने आने पर बीएसए ने त्वरित कार्रवाई की।
गयाजी के मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस गरिमामय अवसर पर कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी एवं प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए खुशी जताई। कॉलेज सचिव शब्बी आर्फीन शमसी ने बताया कि प्रस्तावित भवन में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षण प्रणाली भी और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1969 में स्थापित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने अपने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निरंतर प्रगति के साथ आज यह मगध विश्वविद्यालय के प्रमुख एवं अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्तमान में अध्यक्ष प्रो. हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी और प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के कुशल नेतृत्व में कॉलेज लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है।

संस्थान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल कैंपस की अवधारणा को साकार करते हुए कॉलेज के वोकेशनल भवन में बीसीए, बीबीए, बीएलआईएस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हैं. वर्तमान में कॉलेज में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगभग 60 कक्षाएं, 7 स्मार्ट क्लासरूम तथा 25 हजार से अधिक पुस्तकों से युक्त एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल गया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

साई कॉलेज के विद्यार्थियों ने राज्य वन अनुसंधान संस्थान का किया शैक्षिक भ्रमण

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बायोटेक्रालॉजी, एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर जुलॉजी और एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बॉटनी के विद्यार्थियों ने जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान में शैक्षिक भ्रमण किया। स्किल डेवलपमेंट एंड आउटरिच प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण का प्रारम्भ संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप वासुदेवा ने पॉवर प्वाईंट प्रजेंटेशन से संस्थान की गतिविधियां और अनुसंधान कार्य से अवगत कराया। डॉ. उदय होमकार, डॉ. शैलेंद्र सिंह यादव ने संग्राहलय और फॉरेस्ट कंजर्वेशन और नर्सरी तकनीक से विद्यार्थियों को रू-ब-रू कराया। बॉटेनिकल गार्डन के दुर्लभ पौधे विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। प्रयोगशाला में प्लांट टिस्यू कल्चर करना बेहद शानदार रहा। इस दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का निवारण हुआ।

डॉ. प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने वन प्रबंधन और उत्पादकता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने वन प्रबंधन की अवधारणा, संसाधनों के उपयोग, मृदा की भूमिका के बारे में बताया। विद्यार्थियों ने मृदा परीक्षण कर पौधों की अंकुरण प्रक्रिया और नर्सरी प्रबंधन को देखा। हार्वेरियम का भ्रमण बहुत ही रोमांचक रहा। विद्यार्थियों को संग्रह कला से अवगत कराया गया।

डॉ. अनरूद्ध मजूमदार ने वन्यजीव संख्या, निगरानी की तकनीक, लाइन ट्रांसेक्ट, कैमरा टै्रपिंग, जीन बैंक के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और संवधन में आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। डॉ. मयंक मकरंद वर्मा ने वन्यजीव प्रबंधन एवं जीनोमिक्स से अवगत कराया। वन्यजीव प्रबंधन, एनीमन बिहेवियर में आधुनिक तकनीक निर्णायक है जिससे विद्यार्थी अवगत हुए। बीज प्रौद्योगिकी, नर्सरी प्रबंधन, बीज संग्रहण, अंकुरण एवं पौधों के उत्पादन की विधियां विद्यार्थियों को बेहद आकर्षक लगीं। पौधों की गुणवत्ता और वानिकी विकास विद्यार्थियों के लिए प्रेरक रहा।

मॉलीक्यूलर बायोलॉजी लैब में डीएनए एक्सटै्रक्शन, पीसीआर पर करके दिखाया गया। रासायनिक उपयोग और उसकी प्रतिक्रिया से विद्यार्थी अवगत हुए। सभी को ग्रुप डिस्कशन और पीपीटी, रिपोर्ट तैयार करने की स्थितियों से रू-ब-रू कराया गया।

सहायक प्राध्यापक डॉ. एलपी गुप्ता, डॉ. दीप बराईक और कमलेश कुमार के नेतृत्व72 विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण किया।

देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 रिजल्ट घोषित: हाईस्कूल में सृष्टि, इंटर में रजनीश यादव टॉपर

* योगी सरकार ने संस्कृत शिक्षा को दी नई पहचान, सीसीटीवी निगरानी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के बीच हुई नकलविहीन परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है, जिससे संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिली है।

प्रमुख परिणाम
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91% रहा।

-उत्तर मध्यमा प्रथम का परिणाम 94.40% रहा।
-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86% दर्ज किया गया।

-टॉपर सूची
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10)

* सृष्टि (कन्नौज) – 661/700 अंक (94.43%)

* खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) – 660 अंक

* मुलायम सिंह यादव और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) – 653 अंक

-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12):

* रजनीश यादव (प्रतापगढ़) – 1251/1400 अंक (89.36%)
* वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) – 1199 अंक
* काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) – 1196 अंक

परीक्षा में रही सख्ती
इस वर्ष 19 फरवरी से 28 फरवरी तक 241 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, मंडल एवं जिला स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा डिजिटल उपस्थिति ट्रैकिंग की व्यवस्था रही।

-पिछले साल से बेहतर परिणाम:
* कक्षा-10 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 2.79% की वृद्धि हुई।
* कक्षा-12 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 6.82% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

* ऐसे देखें रिजल्ट
छात्र अपना परिणाम संस्कृत परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर ऑनलाइन देख सकते हैं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

ব্যারাকপুরের জগদ্দলে অমিত শাহ রোড শো
নিজস্ব প্রতিনিধি: রাজ্যে প্রথম দফা ভোটের পর শুক্রবারও রাজ্যে ছিল হেভিওয়েট জনসভা। এদিন অমিত শাহের শেষ কর্মসূচি ছিল উত্তর ২৪ পরগনার ব্যারাকপুরে জগদ্দলে৷ এক সুবিশাল রোড-শোতে অংশগ্রহণ করেছিলেন তিনি।কখনও তিনি হাত নেড়ে, আবার কখনও হাতজোড় করে রাস্তার দু'ধারে সাধারণ মানুষের সঙ্গে জনসংযোগ করলেন। বি: প্রবীর রায়।
श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर संत कबीर नगर का शानदार परीक्षा परिणाम
रमेश दूबे
आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद  द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल देखा गया।
विद्यालय के छात्रों की सफलता उनके परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अनुशासित वातावरण का परिणाम है।
हाईस्कूल के मेधावी छात्र-छात्राएं
सुकन्या – 553/600 अंक
रिया विश्वकर्मा – 539/600 अंक
मुशाहिद खान – 532/600 अंक
बिट्टू यादव – 530 अंक
सत्यम यादव – 524 अंक
महक मिश्रा – 518 अंक
कल्पना मिश्रा – 517 अंक
शिवम यादव – 512 अंक
रागिनी चौहान – 510 अंक
अंजली – 509 अंक
आंशी चौधरी – 504 अंक
शिवानी – 504 अंक
इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राएं
श्रुति यादव – 439 अंक
पूर्विता चौधरी – 425 अंक
शालिनी (पुत्री: शिवनाथ) – 419 अंक
अंशिका – 418 अंक
खुशी कन्नौजिया – 415 अंक
नीतू यादव – 408 अंक
नितिल कुमार – 408 अंक
मुनिकेश – 407 अंक
कंचन – 403 अंक
रितिका – 403 अंक
विद्यालय के प्रबंधक श्री भोला नाथ पाण्डेय एवं प्रधानाचार्य श्री त्रियुगी नाथ पाण्डेय ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय आगे भी इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम देने के लिए प्रयासरत रहेगा।
श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर संत कबीर नगर का शानदार परीक्षा परिणाम
आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद  द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में श्री राम नारायण पाण्डेय इण्टर कॉलेज, पुतसर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल देखा गया।
विद्यालय के छात्रों की सफलता उनके परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अनुशासित वातावरण का परिणाम है।
हाईस्कूल के मेधावी छात्र-छात्राएं
सुकन्या – 553/600 अंक
रिया विश्वकर्मा – 539/600 अंक
मुशाहिद खान – 532/600 अंक
बिट्टू यादव – 530 अंक
सत्यम यादव – 524 अंक
महक मिश्रा – 518 अंक
कल्पना मिश्रा – 517 अंक
शिवम यादव – 512 अंक
रागिनी चौहान – 510 अंक
अंजली – 509 अंक
आंशी चौधरी – 504 अंक
शिवानी – 504 अंक
इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राएं
श्रुति यादव – 439 अंक
पूर्विता चौधरी – 425 अंक
शालिनी (पुत्री: शिवनाथ) – 419 अंक
अंशिका – 418 अंक
खुशी कन्नौजिया – 415 अंक
नीतू यादव – 408 अंक
नितिल कुमार – 408 अंक
मुनिकेश – 407 अंक
कंचन – 403 अंक
रितिका – 403 अंक
विद्यालय के प्रबंधक श्री भोला नाथ पाण्डेय एवं प्रधानाचार्य श्री त्रियुगी नाथ पाण्डेय ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही विद्यालय के समस्त अध्यापकगण को उनके समर्पण, मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया, जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने यह उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की।उन्होंने कहा कि विद्यालय आगे भी इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम देने के लिए प्रयासरत रहेगा।
Sambhal बिजली संकट पर भड़के किसान: फसलें सूख रहीं, स्मार्ट मीटर के खिलाफ बड़ा आंदोलन चेतावनी
सम्भल जनपद में बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (असली) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश प्रवक्ता जयवीर सिंह यादव ने बताया कि सम्भल डिवीजन के हसनपुर मुंजबता क्षेत्र सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और फसलें बर्बादी के कगार पर हैं।

किसानों का कहना है कि उन्हें तीन-तीन दिन बाद बिजली मिल रही है, जिससे मक्का की तैयार फसल झुलस रही है। पहले ही आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसान अब पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं। उनका सवाल है कि अगर फसल ही नहीं बचेगी तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा। वहीं, पल्था गांव में बिजली लाइन की समस्या को लेकर भी किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद लाइन ठीक नहीं कराई गई, जिससे गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों से 15-15 दिन में 5 से 7 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग की कमर टूट रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिशासी अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।