राँची प्रशासन सख्त: बोर्ड परीक्षाओं के बीच 'शोर' मचाया तो होगी जेल, डीजे और लाउडस्पीकर पर कड़ा पहरा

राँची: सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए राँची जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों की एकाग्रता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रत्याशियों और बार संचालकों को चेतावनी:
वर्तमान में नगर निगम चुनाव के प्रचार और रेस्टोरेंट/बार में बजने वाले तेज संगीत से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि यदि चुनावी वाहन, प्रत्याशी, रेस्टोरेंट संचालक या कोई भी आयोजक तय डेसिबल सीमा से अधिक शोर करते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें उपकरण की जब्ती और भारी जुर्माना शामिल है।
मानकों का करना होगा पालन:
ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के तहत प्रशासन ने मानक स्पष्ट किए हैं:
आवासीय क्षेत्र: दिन में 55 dB(A) और रात में 45 dB(A) की सीमा।
लाउडस्पीकर: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।
निजी स्थान: यहां भी शोर की सीमा 5 dB(A) से अधिक नहीं बढ़नी चाहिए।
परीक्षा का संवेदनशील समय:
उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री कुमार रजत को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में पुलिस गश्त बढ़ाएं। शोर से न केवल छात्र, बल्कि वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिलाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
6 min ago
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