Learning Routes Launches Online Degree Scholarship Programme to Make Higher Education Affordable

Gurugram (Haryana) [India]: Learning Routes, India's leading online education consulting platform, has launched the scholarship programme designed to make quality higher education accessible to all students. The initiative is taken to address one of the most significant barriers to educational advancement, the cost of tuition.​With over 104,800 students successfully enrolled and a legacy spanning nine years, Learning Routes has established itself as a trusted partner in online education. The online degree scholarship programme aims to provide financial support for undergraduate, postgraduate, and executive programs at India's top-ranked universities.

Comprehensive Online Degree Scholarship by LR

​As online degrees have become a necessity, competition has become fierce. Enrolling in online courses has become a practical choice for working professionals and freshers. However, tuition costs remain a significant challenge for many students. Learning Routes has the objective of removing financial constraints in education.

  • ​✅ Scholarships are available for a wide range of undergraduate (BBA, BCA, BA, BSc, and BCom, etc.) and postgraduate (Online MBA, MCA, MA, MSc, MCom) and executive education programs.
  • ​✅ Learning Routes has partnered with India's top NAAC-accredited, UGC-recognized, and NIRF-ranked universities, including Amity University, Manipal University, UPES, and NMIMS, among others.
  • ​✅ With 550+ experienced counsellors, Learning Routes provides personalized scholarship advice that is tailored to each student's educational goals and financial situation.

Word from the Learning Routes Founders

​"Education must not be limited by financial constraints," said Mr. Karan Semta, Co-founder at Learning Routes. "We've witnessed countless talented students postpone or abandon their educational dreams due to financial pressures. This scholarship program is our commitment to ensuring that every motivated learner has the opportunity to upskill and advance their career through quality online education."

​"We believe talent is everywhere, but opportunity isn't," said Mr. Suraj Mishra, Founder at Learning Routes. "This initiative empowers motivated students to chase their dreams without financial barriers holding them back."

​Education shouldn't be a privilege; it's a right. "That's why we have launched this scholarship to fuel India's digital workforce through flexible online programs," said Learning Routes Co-Founder Mr. Dheeraj Chhabra.

​In today's fast-paced world, online degrees are the great equaliser. "Our scholarship removes financial barriers so talent from every corner of India can thrive," said Varun Talwar, Co-founder at Learning Routes.

Who Can Apply?

​Candidates seeking an online degree programme or planning to opt for one through Learning Routes is eligible to apply for this scholarship programme if they meet the following criteria:

  • ​✅ Should have completed 10+2 for a UG course and a bachelor's degree for a PG course.
  • ​✅ Working professionals looking to upskill through online or executive programs.

Scholarship Application Process: How to Apply?

​Follow these simple steps to avail the scholarships:

  1. ​Log in to the Learning Routes official website.
  2. ​Register as a new user to generate your login credentials.
  3. ​Verify with OTP.
  4. ​Submit the enquiry form.
  5. ​Receive a scholarship guidance call from LR counsellors.
  6. ​Complete the application with the counsellor's guidance.

About Learning Routes

​Learning Routes is India's premier online education consulting platform with a nine-year legacy of helping students make informed career decisions. With over 104,800 successful enrollments and guidance provided to 2.3 million individuals, Learning Routes partners with top NAAC-accredited, UGC-recognized universities to offer quality online undergraduate, postgraduate, and executive programs. The company's mission is to make quality education accessible, affordable, and aligned with career aspirations.

For more information about the scholarship program or to apply, visit www.learningroutes.in/online-degree-scholarships or call +91-9228165349.

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*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया*
सुल्तानपुर,सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें सामाजिक कार्य और हिंदी भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा,समाज सेवा और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में निरंतर योगदान के लिए दिया गया। वाराणसी के राम कटोरा महामना मालवीय सभागार में काशी विद्यापीठ के द्वारा आयोजित समारोह में देश भर से विद्वानों,शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य मुख्यातिथि डॉ. हरेंद्र हर्ष प्रख्यात कवि कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत तिवारी ने जनपद सुलतानपुर के इन महान विभूतियों के योगदानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब अंग्रेजी भाषा का प्रभाव बढ़ रहा है, मुनीश चंद्र शर्मा जैसे शिक्षकों के प्रयास हिंदी को उसकी वास्तविक गरिमा दिलाने का काम कर रहे हैं। वहीं कटका क्लब के अध्यक्ष सौरभ मिश्र विनम्र को लेकर कहा कि इनके द्वारा समाज की प्रति चिंतन और समाज के लिए निरंतर सेवा भाव,सौरभ को डॉक्टर कि उपाधि के काबिल बनता है। सौरभ के द्वारा निरंतर समाज में पर्यावरण के क्षेत्र में यातायात के क्षेत्र में और हिंदी खान के लिए समय-समय पर कवि गोष्ठी आयोजित करना समाज के प्रेरणा कार्य करते हैं। सौरभ ने समाज में एंबुलेंस को रास्ता दें, बेसहारा पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाकर, प्रदेश में अनोखा अभियान चलाया गया था, ग़ौरतलब है कि बीते दिनों 1100 नीम के पौधे रोप कर एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुके हैं, सौरभ को दया शंकर सिंह राज्य परिवहन मंत्री के द्वारा सजग नागरिक सम्मान से सम्मानित भी कर चुके हैं। बताते चलें सौरभ मिश्र विनम्र मूल रूप से गाना मिश्र के पुरवा निवासी कटका के है और कटका क्लब के अध्यक्ष के पद पर है ऋषभदेव शुक्ल पलिया इंटर कॉलेज में कार्यरत है और कटका क्लब के प्रदेश प्रभारी मूल निवासी उमरी के है और शिखा शुक्ला सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर में कार्यरत है। शनि पेशे से कथावाचक है पुरुषोत्तमपुर के मूल निवासी हैं । डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र कटका क्लब के अध्यक्ष ने आयोजक मंडल को दिल से आभार व्यक्त किया। डॉक्टर की उपाधि मिलने पर राजकुमार मिश्र, अमरजीत मिश्र, सर्वेश कांत वर्मा,कांति सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, शीतला प्रसाद पांडेय, नफीसा खातून, के साथ सैकड़ो लोगों ने बधाई दी।
तहसील कादीपुर सुलतानपुर में यूजीसी काला कानून का विरोध कर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया इसमें मोदी अमित शाह मुर्दाबाद के नारे लगे यूजीसी काला
तहसील कादीपुर सुलतानपुर में यूजीसी काला कानून का विरोध कर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया इसमें मोदी अमित शाह मुर्दाबाद के नारे लगे यूजीसी काला कानून जल्द से जल्द वापस हो
झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री से मिले कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी, 'बचपन बचाओ आंदोलन' की गतिविधियों पर हुई चर्चा


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी के करीबी सहयोगी श्री राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में बाल मजदूरी के खात्मे और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में चल रहे अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी के बीच फोन पर संवाद

मुलाकात के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से सीधे श्री कैलाश सत्यार्थी जी से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए सत्यार्थी जी द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार बाल श्रम के खिलाफ और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

साहित्य और प्रतिवेदन भेंट

श्री राकेश सेंगर ने मुख्यमंत्री को श्री कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और उनकी नई प्रेरणादायी पुस्तक "करुणा: द पावर ऑफ कंप्लशन" (Karuna: The Power of Compassion) सप्रेम भेंट की। इसके साथ ही 'बाल ग्राम' का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन भी साझा किया गया।

झारखंड में 'बचपन बचाओ आंदोलन' की भूमिका

मुलाकात में 'बचपन बचाओ आंदोलन' द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन और तस्करी (Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।

अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

आजमगढ़:आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
आजमगढ़:आंगनवाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आवाह्न पर जनपद आज़मगढ़ की इकाई ने अपनी लंबित जायज मांगों तथा वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु आज जिला मुख्यालय पर पदाधिकारियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौपा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्रीमती हेमा गुप्ता ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रिया एवं सहायिकायें विगत कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य करते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेकों योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करती चली आ रही हैं।इसके बावजूद आज भी आंगनवाड़ी कर्मचारियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को अनगिनत बार पूर्व में दिया जा चुका है, किंतु सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं की गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानसिक और आर्थिक शोषण बढ़ता जा रहा है। इसलिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई भी काम कराने से पहले संसाधन मुहैया कराया जाए साथ ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक उनका मानदेय में बढ़ोत्तरी करते हुए सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। जिससे इस महंगाई में वह अपना व परिवार का भरण पोषण कर सकें और प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा लिखित या मौखिक आदेश के माध्यम से सेवा समाप्ति का भय दिखाकर राजनीतिक कार्यक्रमों/समारोहों में भीड़ के रूप में उपयोग किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए जिलाध्यक्ष नीतू पांडेय ने कहा विभागीय कार्यों को आफलाइन से आनलाइन कार्य करने की बदलती प्रक्रिया में हम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अथक मेहनतकर ई केवाईसी तथा एफ आर एस की योजना को सफल बनाने का पुरजोर प्रयास किया है किन्तु विभाग द्वारा प्राप्त घटिया खराब मोबाइल तथा कमजोर नेटवर्क के कारण टी एच आर वितरण के समय एफ आर एस जैसी प्रक्रिया को कर पाना नामुमकिन हो रहा है।इसलिए पोषण ट्रैकर पर आनलाइन कार्य हेतु उच्च गुणवत्ता के 5G मोबाइल फोन की खरीद के लिए कम से कम 20,000 रू तथा प्रतिमाह 2,500 रू रीचार्ज एवं डाटा भत्ता अविलंब प्रदान किया जाए। जिलाध्यक्ष कंचन यादव ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 20 से 40 वर्ष हो गये विभाग के कार्य करते हुए ऐसे में न तो प्रमोशन मिला, न पेंशन है, न ग्रेच्युटी है, न ही उचित मानदेय है, न कोई भविष्य निधि है, न कोई सामाजिक सुरक्षा फण्ड है, कमरतोड़ महंगाई में इतना अल्प मानदेय है कि भविष्य के लिए कुछ किया भी नहीं जा सकता है।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, शादी तथा मकान का सपना लिए दूसरे का बोझ बनकर असमय मृत्यु का शिकार हो रहीं हैं। इसलिए आंगनवाड़ी संघों के साथ उनकी समस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी संचालन हेतु नियमित सरकारी बैठकें सुनिश्चित की जाएं। यदि समय रहते हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विवश होकर दिनाँक 08 मार्च 2026 को लखनऊ की ओर कूच करेंगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने में श्रीमती गूंजा बरनवाल, प्रेमशीला यादव,सुशीला देवी, रेखा बिंद,शशिकला यादव, पूनम सिंह, सुनीला देवी, वंदना मौर्या, अमिता सिंह, किरन, सुनीता, गीता, नीलम, शोभावती, संध्या, पूनम,अनीता, सीता, रिंकू, मधुबाला, मीरा, मनीता,संगीता सुषमा, आशा,सरिता, विमला,सीमा, प्रमिला, प्रतिभा ऊषा इत्यादि सभी लोग उपस्थित रहीं।
सचिव के खिलाफ जिला अधिकारी से कार्रवाई की मांग


मिर्जापुर। जिले के रामपुर खोमर मैना केबी पैक्स साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सचिव रणजीत कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया है कि जिस गांव के सचिव हैं उसी गांव के साधन सहकारी समिति में काम कर रहे हैं. आने वाले किसानों को ओवरराइटिंग में खाद की बिक्री करते हैं और धान की भी खरीदारी ब्लैक करते हैं. किसान जब इसको लेकर विरोध करते हैं तो धमकाते हैं बोलते हैं कि हम इसी गांव के हैं बाहर के नहीं है लेना हो तो लीजिए नहीं तो जाइए. किसानों के शिकायत पर उप जिलाधिकारी लालगंज ने भी ट्रांसफर करने के लिए सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता को आदेशित किया है इसके बावजूद भी ट्रांसफर नहीं की जा रही है, जिस समिति से आए हैं वहां पर भी इनके खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप था सचिव के खिलाफ जिला अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है.
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*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया*
सुल्तानपुर,सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें सामाजिक कार्य और हिंदी भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा,समाज सेवा और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में निरंतर योगदान के लिए दिया गया। वाराणसी के राम कटोरा महामना मालवीय सभागार में काशी विद्यापीठ के द्वारा आयोजित समारोह में देश भर से विद्वानों,शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य मुख्यातिथि डॉ. हरेंद्र हर्ष प्रख्यात कवि कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत तिवारी ने जनपद सुलतानपुर के इन महान विभूतियों के योगदानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब अंग्रेजी भाषा का प्रभाव बढ़ रहा है, मुनीश चंद्र शर्मा जैसे शिक्षकों के प्रयास हिंदी को उसकी वास्तविक गरिमा दिलाने का काम कर रहे हैं। वहीं कटका क्लब के अध्यक्ष सौरभ मिश्र विनम्र को लेकर कहा कि इनके द्वारा समाज की प्रति चिंतन और समाज के लिए निरंतर सेवा भाव,सौरभ को डॉक्टर कि उपाधि के काबिल बनता है। सौरभ के द्वारा निरंतर समाज में पर्यावरण के क्षेत्र में यातायात के क्षेत्र में और हिंदी खान के लिए समय-समय पर कवि गोष्ठी आयोजित करना समाज के प्रेरणा कार्य करते हैं। सौरभ ने समाज में एंबुलेंस को रास्ता दें, बेसहारा पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाकर, प्रदेश में अनोखा अभियान चलाया गया था, ग़ौरतलब है कि बीते दिनों 1100 नीम के पौधे रोप कर एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुके हैं, सौरभ को दया शंकर सिंह राज्य परिवहन मंत्री के द्वारा सजग नागरिक सम्मान से सम्मानित भी कर चुके हैं। बताते चलें सौरभ मिश्र विनम्र मूल रूप से गाना मिश्र के पुरवा निवासी कटका के है और कटका क्लब के अध्यक्ष के पद पर है ऋषभदेव शुक्ल पलिया इंटर कॉलेज में कार्यरत है और कटका क्लब के प्रदेश प्रभारी मूल निवासी उमरी के है और शिखा शुक्ला सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर में कार्यरत है। शनि पेशे से कथावाचक है पुरुषोत्तमपुर के मूल निवासी हैं । डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र कटका क्लब के अध्यक्ष ने आयोजक मंडल को दिल से आभार व्यक्त किया। डॉक्टर की उपाधि मिलने पर राजकुमार मिश्र, अमरजीत मिश्र, सर्वेश कांत वर्मा,कांति सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, शीतला प्रसाद पांडेय, नफीसा खातून, के साथ सैकड़ो लोगों ने बधाई दी।
तहसील कादीपुर सुलतानपुर में यूजीसी काला कानून का विरोध कर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया इसमें मोदी अमित शाह मुर्दाबाद के नारे लगे यूजीसी काला
तहसील कादीपुर सुलतानपुर में यूजीसी काला कानून का विरोध कर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया इसमें मोदी अमित शाह मुर्दाबाद के नारे लगे यूजीसी काला कानून जल्द से जल्द वापस हो
झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री से मिले कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी, 'बचपन बचाओ आंदोलन' की गतिविधियों पर हुई चर्चा


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी के करीबी सहयोगी श्री राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में बाल मजदूरी के खात्मे और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में चल रहे अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी के बीच फोन पर संवाद

मुलाकात के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से सीधे श्री कैलाश सत्यार्थी जी से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए सत्यार्थी जी द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार बाल श्रम के खिलाफ और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

साहित्य और प्रतिवेदन भेंट

श्री राकेश सेंगर ने मुख्यमंत्री को श्री कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और उनकी नई प्रेरणादायी पुस्तक "करुणा: द पावर ऑफ कंप्लशन" (Karuna: The Power of Compassion) सप्रेम भेंट की। इसके साथ ही 'बाल ग्राम' का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन भी साझा किया गया।

झारखंड में 'बचपन बचाओ आंदोलन' की भूमिका

मुलाकात में 'बचपन बचाओ आंदोलन' द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन और तस्करी (Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।

अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

आजमगढ़:आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
आजमगढ़:आंगनवाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आवाह्न पर जनपद आज़मगढ़ की इकाई ने अपनी लंबित जायज मांगों तथा वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु आज जिला मुख्यालय पर पदाधिकारियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौपा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्रीमती हेमा गुप्ता ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रिया एवं सहायिकायें विगत कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य करते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेकों योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करती चली आ रही हैं।इसके बावजूद आज भी आंगनवाड़ी कर्मचारियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को अनगिनत बार पूर्व में दिया जा चुका है, किंतु सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं की गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानसिक और आर्थिक शोषण बढ़ता जा रहा है। इसलिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई भी काम कराने से पहले संसाधन मुहैया कराया जाए साथ ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक उनका मानदेय में बढ़ोत्तरी करते हुए सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। जिससे इस महंगाई में वह अपना व परिवार का भरण पोषण कर सकें और प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा लिखित या मौखिक आदेश के माध्यम से सेवा समाप्ति का भय दिखाकर राजनीतिक कार्यक्रमों/समारोहों में भीड़ के रूप में उपयोग किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए जिलाध्यक्ष नीतू पांडेय ने कहा विभागीय कार्यों को आफलाइन से आनलाइन कार्य करने की बदलती प्रक्रिया में हम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अथक मेहनतकर ई केवाईसी तथा एफ आर एस की योजना को सफल बनाने का पुरजोर प्रयास किया है किन्तु विभाग द्वारा प्राप्त घटिया खराब मोबाइल तथा कमजोर नेटवर्क के कारण टी एच आर वितरण के समय एफ आर एस जैसी प्रक्रिया को कर पाना नामुमकिन हो रहा है।इसलिए पोषण ट्रैकर पर आनलाइन कार्य हेतु उच्च गुणवत्ता के 5G मोबाइल फोन की खरीद के लिए कम से कम 20,000 रू तथा प्रतिमाह 2,500 रू रीचार्ज एवं डाटा भत्ता अविलंब प्रदान किया जाए। जिलाध्यक्ष कंचन यादव ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 20 से 40 वर्ष हो गये विभाग के कार्य करते हुए ऐसे में न तो प्रमोशन मिला, न पेंशन है, न ग्रेच्युटी है, न ही उचित मानदेय है, न कोई भविष्य निधि है, न कोई सामाजिक सुरक्षा फण्ड है, कमरतोड़ महंगाई में इतना अल्प मानदेय है कि भविष्य के लिए कुछ किया भी नहीं जा सकता है।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, शादी तथा मकान का सपना लिए दूसरे का बोझ बनकर असमय मृत्यु का शिकार हो रहीं हैं। इसलिए आंगनवाड़ी संघों के साथ उनकी समस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी संचालन हेतु नियमित सरकारी बैठकें सुनिश्चित की जाएं। यदि समय रहते हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विवश होकर दिनाँक 08 मार्च 2026 को लखनऊ की ओर कूच करेंगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने में श्रीमती गूंजा बरनवाल, प्रेमशीला यादव,सुशीला देवी, रेखा बिंद,शशिकला यादव, पूनम सिंह, सुनीला देवी, वंदना मौर्या, अमिता सिंह, किरन, सुनीता, गीता, नीलम, शोभावती, संध्या, पूनम,अनीता, सीता, रिंकू, मधुबाला, मीरा, मनीता,संगीता सुषमा, आशा,सरिता, विमला,सीमा, प्रमिला, प्रतिभा ऊषा इत्यादि सभी लोग उपस्थित रहीं।
सचिव के खिलाफ जिला अधिकारी से कार्रवाई की मांग


मिर्जापुर। जिले के रामपुर खोमर मैना केबी पैक्स साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सचिव रणजीत कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया है कि जिस गांव के सचिव हैं उसी गांव के साधन सहकारी समिति में काम कर रहे हैं. आने वाले किसानों को ओवरराइटिंग में खाद की बिक्री करते हैं और धान की भी खरीदारी ब्लैक करते हैं. किसान जब इसको लेकर विरोध करते हैं तो धमकाते हैं बोलते हैं कि हम इसी गांव के हैं बाहर के नहीं है लेना हो तो लीजिए नहीं तो जाइए. किसानों के शिकायत पर उप जिलाधिकारी लालगंज ने भी ट्रांसफर करने के लिए सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता को आदेशित किया है इसके बावजूद भी ट्रांसफर नहीं की जा रही है, जिस समिति से आए हैं वहां पर भी इनके खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप था सचिव के खिलाफ जिला अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है.