वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।
* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”
* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”
* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।
* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”
* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।
* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
25 min ago
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