झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

आदित्यपुर में स्वास्थ्य क्रांति: सीएम हेमन्त सोरेन ने किया NSMCH के पहले MBBS बैच का शुभारंभ, कहा— "5 साल में होंगे 30 मेडिकल कॉलेज।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NSMCH) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम (प्रथम बैच) का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

अगले 5 वर्षों का 'हेल्थ रोडमैप' मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपना विजन साझा करते हुए कहा कि सरकार एक मजबूत 'हेल्थ इको सिस्टम' तैयार कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों की संख्या को अगले 5 वर्षों में बढ़ाकर 25 से 30 करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, "जब चुनौतियां सामने होती हैं, तभी काम करने का असली आनंद भी मिलता है।"

छात्रों से अपील: बेहतर चिकित्सक बनें एमबीबीएस के पहले बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 वर्षों बाद जब आप यहाँ से अपनी पढ़ाई पूरी कर निकलेंगे, तो समाज को आपसे बहुत उम्मीदें होंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि ये विद्यार्थी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक संवेदनशील और बेहतर चिकित्सक के रूप में सेवा देंगे।

बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड में अधिक से अधिक बेहतर अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और विशेषज्ञ चिकित्सक आएं, ताकि यहाँ के लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

समारोह में गरिमामय उपस्थिति इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो, समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और संस्थान के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

ईडी की रेड पर बिफरीं ममता, बीजेपी ने पूछा-इतनी घबराहट क्यों?

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कोलकाता में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 जनवरी यानी शुक्रवार को राज्य की राजधानी कोलकाता में विरोध मार्च निकाला। इस बीच बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार किया

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि गुरुवार को बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। सीएम ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।

रविशंकर ने पूछा- ममता क्यों घबरा गई हैं

बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, रेड निजी कंपनी के दफ्तर पर थी। हमें नहीं समझ आता कि इसमें ममता क्यों घबरा गई हैं। उन्हें डर है कि उनके घोटालों के राज खुल जाएंगे। जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है। ममता का हिसाब जनता करेगी।'

ED के अधिकारियों को धमकाने का आरोप

रविशंकर ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती हैं। उन्होंने ED के अधिकारियों को भी धमकाया है। रविशंकर ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि ये रेड न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। ये रेड एक निजी कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी। ऐसे में ममता बनर्जी अपने पुलिस अधिकारियों के साथ जाती हैं और ईडी के लोगों को धमकाया जाता है। ममता बनर्जी उनसे बहस करती हैं और पेपर छीन कर चली जाती हैं। उनका आचरण न केवल अमर्यादित और शर्मनाक है, बल्कि उन्होंने इससे संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।

बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट

बीजेपी सांसद ने आगे कहा, ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल का हाल बेहाल हो गया है। आपको मालूम है कि बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं।

बुद्ध थीम पार्क से कौशांबी की ऐतिहासिक पहचान को मिलेगा वैश्विक विस्तार : जयवीर सिंह

* 22.93 करोड़ रुपए की लागत से 11 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहा थीम पार्क

लखनऊ। कौशांबी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप दे रहा है। कोसम इनाम गांव में निर्माणाधीन बुद्ध थीम पार्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन और करुणा संदेश को कलात्मक मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। यह थीम पार्क करीब 11 हेक्टेयर क्षेत्र में 22.93 करोड़ रुपए की लागत से आकार ले रहा है, जिसे मौजूदा वर्ष के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। मंत्री ने बताया कि सरकार की परिकल्पना के अनुसार यह पार्क देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायियों और पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल कौशांबी को वैश्विक बौद्ध पर्यटन सर्किट में सशक्त स्थान दिलाएगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। कौशांबी में निर्माणाधीन बुद्ध थीम पार्क को तेलंगाना के नागार्जुन सागर स्थित बुद्धवनम की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इस थीम पार्क में ध्यान एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी अनेक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। पार्क में विभिन्न मुद्राओं जैसे- धर्मचक्र मुद्रा, अभय मुद्रा, भूमिस्पर्श मुद्रा आदि पर आधारित एक ध्यान केंद्र स्थापित किया जाएगा। परियोजना का प्रमुख आकर्षण बुद्धचरित वनम होगा, जिसमें भगवान बुद्ध की जीवन यात्रा (जन्म से महापरिनिर्वाण तक) को मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसके अलावा, विकसित की जा रही जातक म्यूरल गैलरी, ध्यान वनम और स्तूप गैलरी जैसे विशिष्ट जोन आगंतुकों को भगवान बुद्ध के जीवन-दर्शन से आत्मिक रूप से जोड़ेंगे। विशेष रूप से स्तूप गैलरी में श्रीलंका, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, नेपाल, तिब्बत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों के 13 प्रतिष्ठित स्तूपों की प्रतिकृतियों के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बौद्ध स्थलों को समावेश किया जाएगा, जिससे यह परिसर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक समग्र सांस्कृतिक - आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि कौशांबी का बुद्ध थीम पार्क विरासत संरक्षण और उच्च गुणवत्ता वाले पर्यटन अधोसंरचना के समन्वय का एक सशक्त माध्यम है। भगवान बुद्ध से कौशांबी का गहरा संबंध रहा है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व का स्थल बनाता है। हमारा प्रयास है कि दुनियाभर के आगंतुकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर पर्यटन अनुभव प्राप्त हो।
डीएम ने किया चीनी मिल के केमिकल डिवीजन का निरीक्षण

बलरामपुर । जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा चीनी मिल के केमिकल डिवीजन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केमिकल डिवीजन में संचालित प्रक्रियाओं, सुरक्षा मानकों, रसायनों के भंडारण तथा उनके उपयोग की व्यवस्था का गहन अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने केमिकल डिवीजन में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रसायनों के सुरक्षित भंडारण, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने केमिकल डिवीजन की कार्यप्रणाली को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्पादन गुणवत्ता के साथ-साथ सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर चीनी मिल के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
अति प्राचीन रानी तालाब पर बनेगा सस्पेंशन ब्रिज
                                                               
                                                         
हिमाचल प्रदेश की टेक्निकल टीम ने किया स्थल परीक्षण                                                   
                                                                 
पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के आमंत्रण पर पहुंची विशेषज्ञ टीम,शिवजी मंदिर से हनुमानगढ़ी मंदिर तक प्रस्तावित है ब्रिज                                
                                                     
बलरामपुर। नगर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले अति प्राचीन रानी तालाब पर सस्पेंशन ब्रिज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू के आमंत्रण पर हिमाचल प्रदेश से आई विशेषज्ञ टेक्निकल टीम ने तालाब के मध्य प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज के लिए स्थल परीक्षण (साइट इंस्पेक्शन) किया।
जानकारी के अनुसार,रानी तालाब स्थित शिवाजी मंदिर से हनुमानगढ़ी मंदिर तक तालाब के बीच सस्पेंशन ब्रिज स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश से सुशांत सिंह,सौरभ सिंह एवं जसबीर सिंह की अनुभवी टीम बलरामपुर पहुंची। टीम द्वारा तालाब के जलस्तर,मिट्टी की संरचना,फाउंडेशन की संभावनाओं,सुरक्षा मानकों सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन परीक्षण किया गया।
इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने बताया कि सस्पेंशन ब्रिज के निर्माण से नगर की ऐतिहासिक धरोहर को नया स्वरूप मिलेगा। यह ब्रिज श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा,साथ ही शिवाजी मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर के बीच आवागमन भी सुगम होगा,जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
टेक्निकल टीम द्वारा किए गए परीक्षण के उपरांत एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी,जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही,डिज़ाइन एवं लागत का निर्धारण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगरवासियों में उत्साह का माहौल है।
नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के सौंदर्यीकरण,धार्मिक स्थलों के विकास एवं पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित यह सस्पेंशन ब्रिज एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
उक्त अवसर पर अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी.सिंह बैस,अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य,जेई सिविल अवनीश यादव,जेई जल धर्मेंद्र कुमार गौड़,गौरव मिश्र एवं शिवम मिश्र उपस्थित रहे।
कॉर्बेट में बुजुर्ग महिला की मौत के बाद संदिग्ध बाघ ट्रेंकुलाइज


रामनगर, उत्तराखंड। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 2 जनवरी को 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान लेने वाले संदिग्ध बाघ को पार्क प्रशासन ने तड़के करीब 2:30 बजे सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया। बेहोश किए जाने के बाद बाघ को कॉर्बेट की ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है, जहां वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा और उनकी टीम द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि 2 जनवरी को रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत सांवल्दे गांव के जंगल में लकड़ी काटने गई एक बुजुर्ग महिला पर बाघ ने हमला कर दिया था। बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतका की पहचान 60 वर्षीय सखियां देवी पत्नी चंदू सिंह, निवासी सांवल्दे गांव के रूप में हुई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था।

घटना के बाद पार्क प्रशासन ने इलाके में लगातार निगरानी शुरू की। घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगाए गए और बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया। कैमरा ट्रैप में जिस बाघ की गतिविधियां बार-बार रिकॉर्ड हो रही थीं, उसी के आधार पर उसे ट्रेंकुलाइज किया गया। उपनिदेशक ने बताया कि पकड़ा गया बाघ नर (मेल टाइगर) है, जिसकी उम्र करीब 5 से 7 वर्ष के बीच आंकी गई है और फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ है।

उन्होंने बताया कि ट्रेंकुलाइज किए गए बाघ और मृतक महिला के सैंपल डीएनए जांच के लिए सीसीएमबी हैदराबाद भेजे जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला पर हमला करने वाला बाघ यही था या नहीं।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि घटना वाले क्षेत्र में कई अन्य बाघों की भी मौजूदगी थी, लेकिन कैमरा ट्रैप में बार-बार उसी इलाके में दिखाई देने के कारण इसी बाघ को पकड़ने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि बीते एक सप्ताह से ग्रामीण लगातार बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। बाघ के ट्रेंकुलाइज होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर जाते समय सतर्क रहें और वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अंकिता भंडारी केस में पीएम-सीएम की डीपफेक वीडियो वायरल, देहरादून साइबर थाने में दो मुकदमे दर्ज
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक संवेदनशील मामले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। एआई के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फर्जी (डीपफेक) वीडियो बनाए जाने के आरोप में देहरादून साइबर क्राइम थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पहले मामले में सहस्त्रधारा रोड निवासी रोहित ने शिकायत दर्ज कराई है। रोहित ने बताया कि वह पेशे से व्यापारी हैं और उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने एक सजग नागरिक के रूप में शिकायत दर्ज कराई है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील विषय पर तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करना घृणित कृत्य है।

शिकायत के अनुसार, ‘सुमित्रा भुल्लर’ नाम की फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से सुनियोजित साजिश के तहत एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चेहरे व आवाज की हूबहू नकल तैयार की गई। इस फर्जी वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तथ्यहीन और आपत्तिजनक बयान दिखाए गए, जो वास्तविकता से परे हैं।

वहीं दूसरे मामले में ऋषिकेश के गुमानीवाला निवासी संजय राणा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्स (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ग्रोक एआई के जरिए गंभीर, आपत्तिजनक और कानून-विरोधी गतिविधियां की जा रही हैं। संजय राणा ने बताया कि उन्होंने इसकी सत्यता जांचने के लिए अपनी सामान्य फोटो ग्रोक एआई पर अपलोड की, जिसके बाद एआई द्वारा उनकी अश्लील तस्वीर बना दी गई। इस संबंध में उन्होंने स्क्रीनशॉट को साक्ष्य के रूप में साइबर क्राइम पुलिस को सौंपा है।

पीड़ित ने इस कृत्य को डिजिटल यौन उत्पीड़न, निजता का उल्लंघन, महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला और अपराध को बढ़ावा देने वाला बताया है।
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित की गई है। जांच के बाद एआई तकनीक के दुरुपयोग में शामिल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड कांग्रेस का ऐलान: मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन

देहरादून, उत्तराखंड। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर VB–G RAM-G किए जाने के फैसले के खिलाफ उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा की आत्मा और ग्रामीणों के रोजगार के अधिकार को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारों को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने बताया कि एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। कुमारी शैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई मनरेगा योजना दुनिया की एक ऐतिहासिक और पाथ ब्रेकिंग योजना रही है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी दी। इस योजना ने करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान लाखों लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार इस जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। * आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम 10 जनवरी: प्रत्येक जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मनरेगा का नाम बदले जाने की सच्चाई जनता के सामने रखी जाएगी। 11 जनवरी: महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर जिला स्तर पर एक दिवसीय अनशन। इसमें पार्टी नेता और मनरेगा से जुड़े ग्रामीण शामिल होंगे। 12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को योजना की स्थिति और बदलावों की जानकारी दी जाएगी। 30 जनवरी (शहीदी दिवस): शांतिपूर्ण धरना देकर अमन, चैन, शांति और काम करने के अधिकार का संदेश। 31 जनवरी से 6 फरवरी: सभी जिला मुख्यालयों पर “मनरेगा बचाओ” धरना। 7 से 15 फरवरी: तिथि तय कर विधानसभा घेराव। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों, रोजगार सेवकों और आम जनता तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह बड़े पैमाने पर जन-जन तक पहुंचकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाएगी और ग्रामीणों के रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
देहरादून में अवैध मजार पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन कराई गई मुक्त
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में देहरादून शहर के घंटाघर स्थित एचएनबी कॉम्प्लेक्स में सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

बीती रात नगर प्रशासन, एमडीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। मजार के साथ वहां मौजूद टीन शेड और मलबे को भी हटाया गया। अभियान के दौरान नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरि, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पहले संरचना का सर्वे कराया गया था। इसके बाद एमडीडीए की ओर से भूमि और निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन वैध कागजात नहीं दिखाए जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून जिला प्रशासन के साथ बैठक में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन के अनुसार, देहरादून शहर और आसपास दो दर्जन से अधिक अवैध मजारें सरकारी जमीन पर बनी हुई हैं, जिन पर चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत अब तक करीब 11 हजार एकड़ सरकारी भूमि को मुक्त कराया जा चुका है। साथ ही, पूरे प्रदेश में 573 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है। सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर मस्जिद और मजारें बनाई गईं, जिनमें से कुछ को वक्फ बोर्ड में भी दर्ज करा दिया गया था। अब ऐसे सभी अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

आदित्यपुर में स्वास्थ्य क्रांति: सीएम हेमन्त सोरेन ने किया NSMCH के पहले MBBS बैच का शुभारंभ, कहा— "5 साल में होंगे 30 मेडिकल कॉलेज।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NSMCH) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम (प्रथम बैच) का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

अगले 5 वर्षों का 'हेल्थ रोडमैप' मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपना विजन साझा करते हुए कहा कि सरकार एक मजबूत 'हेल्थ इको सिस्टम' तैयार कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों की संख्या को अगले 5 वर्षों में बढ़ाकर 25 से 30 करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, "जब चुनौतियां सामने होती हैं, तभी काम करने का असली आनंद भी मिलता है।"

छात्रों से अपील: बेहतर चिकित्सक बनें एमबीबीएस के पहले बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 वर्षों बाद जब आप यहाँ से अपनी पढ़ाई पूरी कर निकलेंगे, तो समाज को आपसे बहुत उम्मीदें होंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि ये विद्यार्थी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक संवेदनशील और बेहतर चिकित्सक के रूप में सेवा देंगे।

बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड में अधिक से अधिक बेहतर अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और विशेषज्ञ चिकित्सक आएं, ताकि यहाँ के लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

समारोह में गरिमामय उपस्थिति इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो, समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और संस्थान के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

ईडी की रेड पर बिफरीं ममता, बीजेपी ने पूछा-इतनी घबराहट क्यों?

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कोलकाता में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 जनवरी यानी शुक्रवार को राज्य की राजधानी कोलकाता में विरोध मार्च निकाला। इस बीच बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार किया

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि गुरुवार को बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। सीएम ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।

रविशंकर ने पूछा- ममता क्यों घबरा गई हैं

बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, रेड निजी कंपनी के दफ्तर पर थी। हमें नहीं समझ आता कि इसमें ममता क्यों घबरा गई हैं। उन्हें डर है कि उनके घोटालों के राज खुल जाएंगे। जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है। ममता का हिसाब जनता करेगी।'

ED के अधिकारियों को धमकाने का आरोप

रविशंकर ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती हैं। उन्होंने ED के अधिकारियों को भी धमकाया है। रविशंकर ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि ये रेड न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। ये रेड एक निजी कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी। ऐसे में ममता बनर्जी अपने पुलिस अधिकारियों के साथ जाती हैं और ईडी के लोगों को धमकाया जाता है। ममता बनर्जी उनसे बहस करती हैं और पेपर छीन कर चली जाती हैं। उनका आचरण न केवल अमर्यादित और शर्मनाक है, बल्कि उन्होंने इससे संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।

बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट

बीजेपी सांसद ने आगे कहा, ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल का हाल बेहाल हो गया है। आपको मालूम है कि बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं।

बुद्ध थीम पार्क से कौशांबी की ऐतिहासिक पहचान को मिलेगा वैश्विक विस्तार : जयवीर सिंह

* 22.93 करोड़ रुपए की लागत से 11 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहा थीम पार्क

लखनऊ। कौशांबी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप दे रहा है। कोसम इनाम गांव में निर्माणाधीन बुद्ध थीम पार्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन और करुणा संदेश को कलात्मक मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। यह थीम पार्क करीब 11 हेक्टेयर क्षेत्र में 22.93 करोड़ रुपए की लागत से आकार ले रहा है, जिसे मौजूदा वर्ष के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। मंत्री ने बताया कि सरकार की परिकल्पना के अनुसार यह पार्क देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायियों और पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल कौशांबी को वैश्विक बौद्ध पर्यटन सर्किट में सशक्त स्थान दिलाएगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। कौशांबी में निर्माणाधीन बुद्ध थीम पार्क को तेलंगाना के नागार्जुन सागर स्थित बुद्धवनम की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इस थीम पार्क में ध्यान एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी अनेक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। पार्क में विभिन्न मुद्राओं जैसे- धर्मचक्र मुद्रा, अभय मुद्रा, भूमिस्पर्श मुद्रा आदि पर आधारित एक ध्यान केंद्र स्थापित किया जाएगा। परियोजना का प्रमुख आकर्षण बुद्धचरित वनम होगा, जिसमें भगवान बुद्ध की जीवन यात्रा (जन्म से महापरिनिर्वाण तक) को मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसके अलावा, विकसित की जा रही जातक म्यूरल गैलरी, ध्यान वनम और स्तूप गैलरी जैसे विशिष्ट जोन आगंतुकों को भगवान बुद्ध के जीवन-दर्शन से आत्मिक रूप से जोड़ेंगे। विशेष रूप से स्तूप गैलरी में श्रीलंका, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, नेपाल, तिब्बत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों के 13 प्रतिष्ठित स्तूपों की प्रतिकृतियों के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बौद्ध स्थलों को समावेश किया जाएगा, जिससे यह परिसर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक समग्र सांस्कृतिक - आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि कौशांबी का बुद्ध थीम पार्क विरासत संरक्षण और उच्च गुणवत्ता वाले पर्यटन अधोसंरचना के समन्वय का एक सशक्त माध्यम है। भगवान बुद्ध से कौशांबी का गहरा संबंध रहा है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व का स्थल बनाता है। हमारा प्रयास है कि दुनियाभर के आगंतुकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर पर्यटन अनुभव प्राप्त हो।
डीएम ने किया चीनी मिल के केमिकल डिवीजन का निरीक्षण

बलरामपुर । जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा चीनी मिल के केमिकल डिवीजन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केमिकल डिवीजन में संचालित प्रक्रियाओं, सुरक्षा मानकों, रसायनों के भंडारण तथा उनके उपयोग की व्यवस्था का गहन अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने केमिकल डिवीजन में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रसायनों के सुरक्षित भंडारण, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने केमिकल डिवीजन की कार्यप्रणाली को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्पादन गुणवत्ता के साथ-साथ सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर चीनी मिल के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
अति प्राचीन रानी तालाब पर बनेगा सस्पेंशन ब्रिज
                                                               
                                                         
हिमाचल प्रदेश की टेक्निकल टीम ने किया स्थल परीक्षण                                                   
                                                                 
पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के आमंत्रण पर पहुंची विशेषज्ञ टीम,शिवजी मंदिर से हनुमानगढ़ी मंदिर तक प्रस्तावित है ब्रिज                                
                                                     
बलरामपुर। नगर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले अति प्राचीन रानी तालाब पर सस्पेंशन ब्रिज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू के आमंत्रण पर हिमाचल प्रदेश से आई विशेषज्ञ टेक्निकल टीम ने तालाब के मध्य प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज के लिए स्थल परीक्षण (साइट इंस्पेक्शन) किया।
जानकारी के अनुसार,रानी तालाब स्थित शिवाजी मंदिर से हनुमानगढ़ी मंदिर तक तालाब के बीच सस्पेंशन ब्रिज स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश से सुशांत सिंह,सौरभ सिंह एवं जसबीर सिंह की अनुभवी टीम बलरामपुर पहुंची। टीम द्वारा तालाब के जलस्तर,मिट्टी की संरचना,फाउंडेशन की संभावनाओं,सुरक्षा मानकों सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन परीक्षण किया गया।
इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने बताया कि सस्पेंशन ब्रिज के निर्माण से नगर की ऐतिहासिक धरोहर को नया स्वरूप मिलेगा। यह ब्रिज श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा,साथ ही शिवाजी मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर के बीच आवागमन भी सुगम होगा,जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
टेक्निकल टीम द्वारा किए गए परीक्षण के उपरांत एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी,जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही,डिज़ाइन एवं लागत का निर्धारण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगरवासियों में उत्साह का माहौल है।
नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के सौंदर्यीकरण,धार्मिक स्थलों के विकास एवं पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित यह सस्पेंशन ब्रिज एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
उक्त अवसर पर अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी.सिंह बैस,अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य,जेई सिविल अवनीश यादव,जेई जल धर्मेंद्र कुमार गौड़,गौरव मिश्र एवं शिवम मिश्र उपस्थित रहे।
कॉर्बेट में बुजुर्ग महिला की मौत के बाद संदिग्ध बाघ ट्रेंकुलाइज


रामनगर, उत्तराखंड। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 2 जनवरी को 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान लेने वाले संदिग्ध बाघ को पार्क प्रशासन ने तड़के करीब 2:30 बजे सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया। बेहोश किए जाने के बाद बाघ को कॉर्बेट की ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है, जहां वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा और उनकी टीम द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि 2 जनवरी को रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत सांवल्दे गांव के जंगल में लकड़ी काटने गई एक बुजुर्ग महिला पर बाघ ने हमला कर दिया था। बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतका की पहचान 60 वर्षीय सखियां देवी पत्नी चंदू सिंह, निवासी सांवल्दे गांव के रूप में हुई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था।

घटना के बाद पार्क प्रशासन ने इलाके में लगातार निगरानी शुरू की। घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगाए गए और बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया। कैमरा ट्रैप में जिस बाघ की गतिविधियां बार-बार रिकॉर्ड हो रही थीं, उसी के आधार पर उसे ट्रेंकुलाइज किया गया। उपनिदेशक ने बताया कि पकड़ा गया बाघ नर (मेल टाइगर) है, जिसकी उम्र करीब 5 से 7 वर्ष के बीच आंकी गई है और फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ है।

उन्होंने बताया कि ट्रेंकुलाइज किए गए बाघ और मृतक महिला के सैंपल डीएनए जांच के लिए सीसीएमबी हैदराबाद भेजे जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला पर हमला करने वाला बाघ यही था या नहीं।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि घटना वाले क्षेत्र में कई अन्य बाघों की भी मौजूदगी थी, लेकिन कैमरा ट्रैप में बार-बार उसी इलाके में दिखाई देने के कारण इसी बाघ को पकड़ने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि बीते एक सप्ताह से ग्रामीण लगातार बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। बाघ के ट्रेंकुलाइज होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर जाते समय सतर्क रहें और वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अंकिता भंडारी केस में पीएम-सीएम की डीपफेक वीडियो वायरल, देहरादून साइबर थाने में दो मुकदमे दर्ज
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक संवेदनशील मामले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। एआई के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फर्जी (डीपफेक) वीडियो बनाए जाने के आरोप में देहरादून साइबर क्राइम थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पहले मामले में सहस्त्रधारा रोड निवासी रोहित ने शिकायत दर्ज कराई है। रोहित ने बताया कि वह पेशे से व्यापारी हैं और उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने एक सजग नागरिक के रूप में शिकायत दर्ज कराई है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील विषय पर तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करना घृणित कृत्य है।

शिकायत के अनुसार, ‘सुमित्रा भुल्लर’ नाम की फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से सुनियोजित साजिश के तहत एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चेहरे व आवाज की हूबहू नकल तैयार की गई। इस फर्जी वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तथ्यहीन और आपत्तिजनक बयान दिखाए गए, जो वास्तविकता से परे हैं।

वहीं दूसरे मामले में ऋषिकेश के गुमानीवाला निवासी संजय राणा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्स (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ग्रोक एआई के जरिए गंभीर, आपत्तिजनक और कानून-विरोधी गतिविधियां की जा रही हैं। संजय राणा ने बताया कि उन्होंने इसकी सत्यता जांचने के लिए अपनी सामान्य फोटो ग्रोक एआई पर अपलोड की, जिसके बाद एआई द्वारा उनकी अश्लील तस्वीर बना दी गई। इस संबंध में उन्होंने स्क्रीनशॉट को साक्ष्य के रूप में साइबर क्राइम पुलिस को सौंपा है।

पीड़ित ने इस कृत्य को डिजिटल यौन उत्पीड़न, निजता का उल्लंघन, महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला और अपराध को बढ़ावा देने वाला बताया है।
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित की गई है। जांच के बाद एआई तकनीक के दुरुपयोग में शामिल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड कांग्रेस का ऐलान: मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन

देहरादून, उत्तराखंड। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर VB–G RAM-G किए जाने के फैसले के खिलाफ उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा की आत्मा और ग्रामीणों के रोजगार के अधिकार को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारों को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने बताया कि एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। कुमारी शैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई मनरेगा योजना दुनिया की एक ऐतिहासिक और पाथ ब्रेकिंग योजना रही है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी दी। इस योजना ने करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान लाखों लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार इस जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। * आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम 10 जनवरी: प्रत्येक जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मनरेगा का नाम बदले जाने की सच्चाई जनता के सामने रखी जाएगी। 11 जनवरी: महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर जिला स्तर पर एक दिवसीय अनशन। इसमें पार्टी नेता और मनरेगा से जुड़े ग्रामीण शामिल होंगे। 12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को योजना की स्थिति और बदलावों की जानकारी दी जाएगी। 30 जनवरी (शहीदी दिवस): शांतिपूर्ण धरना देकर अमन, चैन, शांति और काम करने के अधिकार का संदेश। 31 जनवरी से 6 फरवरी: सभी जिला मुख्यालयों पर “मनरेगा बचाओ” धरना। 7 से 15 फरवरी: तिथि तय कर विधानसभा घेराव। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों, रोजगार सेवकों और आम जनता तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह बड़े पैमाने पर जन-जन तक पहुंचकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाएगी और ग्रामीणों के रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
देहरादून में अवैध मजार पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन कराई गई मुक्त
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में देहरादून शहर के घंटाघर स्थित एचएनबी कॉम्प्लेक्स में सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

बीती रात नगर प्रशासन, एमडीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। मजार के साथ वहां मौजूद टीन शेड और मलबे को भी हटाया गया। अभियान के दौरान नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरि, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पहले संरचना का सर्वे कराया गया था। इसके बाद एमडीडीए की ओर से भूमि और निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन वैध कागजात नहीं दिखाए जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून जिला प्रशासन के साथ बैठक में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन के अनुसार, देहरादून शहर और आसपास दो दर्जन से अधिक अवैध मजारें सरकारी जमीन पर बनी हुई हैं, जिन पर चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत अब तक करीब 11 हजार एकड़ सरकारी भूमि को मुक्त कराया जा चुका है। साथ ही, पूरे प्रदेश में 573 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है। सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर मस्जिद और मजारें बनाई गईं, जिनमें से कुछ को वक्फ बोर्ड में भी दर्ज करा दिया गया था। अब ऐसे सभी अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।