आजमगढ़: नोएडा के संघर्षरत मजदूरों के दमन के खिलाफ भाकपा कार्यकर्ताओं ने निकाला मार्च, दिया ज्ञापन
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आजमगढ़।जायज मांगों को लेकर नोएडा के संघर्षरत मजदूरों पर हो रहे राज्य दमन के खिलाफ आज भाकपा, माकपा, भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने शहीद कुंवर सिंह उद्यान से जिला मुख्यालय तक मार्च निकालकर राज्यपाल को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन अतरिक्त मजिस्ट्रेट आजमगढ़ को सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से नोएडा में हिंसा की घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग का गठन जाए।सभी गिरफ्तार मजदूरों और उनके नेताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए, बर्बर दमन के लिए सरकार मजदूरों से माफी मांगे, गौतम बुद्ध नगर के जिला अधिकारी, पुलिस कमिश्नर, उपश्रमायुक्त,को वहां से तत्काल हटाया जाए, 8 घंटे काम का न्यूनतम मासिक मजदूरी 27000 लागू किया जाए,श्रम संहिता वापस लिए जाएं और पुराने श्रम कानून बहाल किए जाएं,आदि मांगे उठाई गई। मार्च कलेक्ट्रेट में पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भाकपा-माले नेता एवं किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड जयप्रकाश नारायण ने कहा अमेरिका इजरायल के सामने समर्पण करने वाली योगी मोदी की सरकार जो भारत में अडानी के दलाली में इतना मशगूल हैं कि एक तरफ कानून बदल कर अबतक के मजदूरों के सारे अधिकारों को छीन ली।वहीं न्यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी पर मजदूरों से काम कराया जा रहा है।दूसरी तरफ मंहगाई के मार से कराह रहे मजदूर ,मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं गोदी मीडिया और सरकार उन्हें बदनाम कर दहन कर रही है हम लोग जिला मुख्यालय पर यह चेतावनी देने आए हैं सरकार मजदूरों के दमन पर तत्काल रोक लगाए, उनसे माफी मांगे उनके जायज़ मजदूरी के सवाल सहित तमाम मांगों को हल करें उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ मजदूर सड़कों पर संघर्ष तेज करेंगे। सभा को भाकपा के जिला सचिव कामरेड जितेंद्र हरि पाण्डेय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि योगी मोदी सरकार मजदूर किसान विरोधी है।इनके सबका विकास का नारा खोखला साबित हो रहा है।अब तो साफ हो गया है कि योगी मोदी सरकार अमीरों के पक्ष में खड़ा हो कर मजदूरों पर दमन ढारही है।उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों पर दमन ढाना बंद नहीं किया तो 1मई को वाम दलों सहित हजारों की तादात में मजदूर , किसान उनके पक्ष में सड़कों पर उतरेगें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माकपा जिला मंत्री कामरेड रामबृक्ष मास्टर ने कहा कि सरकार के साथ इस घटना के लिए जिला के आला अधिकारी जिम्मेदार हैं। इनको तत्काल वहां से हटा कर निष्पक्ष जांच हो और मजदूरों के मांगों को हल किया जाए। कार्यक्रम को भाकपा-माले जिला प्रभारी कामरेड विनोद सिंह, का0सुदर्शन राम, का0हरिगेन राम,का0गंगादीन ,का0 रामजन्म यादव आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम में का0बशीर मास्टर, श्यामा प्रसाद, हीरा लाल, हरिकेश, अशोक कुमार, खरपत्तू राजभर,रामनेत, बसन्त,रामनिहोर , फूलचंद रमेश,फैजान, लालबहादुर, रामकृष्ण यादव, राममूर्ति चौहान सहित तमाम लोग मौजूद रहे।


आजमगढ़।जायज मांगों को लेकर नोएडा के संघर्षरत मजदूरों पर हो रहे राज्य दमन के खिलाफ आज भाकपा, माकपा, भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने शहीद कुंवर सिंह उद्यान से जिला मुख्यालय तक मार्च निकालकर राज्यपाल को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन अतरिक्त मजिस्ट्रेट आजमगढ़ को सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से नोएडा में हिंसा की घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग का गठन जाए।सभी गिरफ्तार मजदूरों और उनके नेताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए, बर्बर दमन के लिए सरकार मजदूरों से माफी मांगे, गौतम बुद्ध नगर के जिला अधिकारी, पुलिस कमिश्नर, उपश्रमायुक्त,को वहां से तत्काल हटाया जाए, 8 घंटे काम का न्यूनतम मासिक मजदूरी 27000 लागू किया जाए,श्रम संहिता वापस लिए जाएं और पुराने श्रम कानून बहाल किए जाएं,आदि मांगे उठाई गई। मार्च कलेक्ट्रेट में पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भाकपा-माले नेता एवं किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड जयप्रकाश नारायण ने कहा अमेरिका इजरायल के सामने समर्पण करने वाली योगी मोदी की सरकार जो भारत में अडानी के दलाली में इतना मशगूल हैं कि एक तरफ कानून बदल कर अबतक के मजदूरों के सारे अधिकारों को छीन ली।वहीं न्यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी पर मजदूरों से काम कराया जा रहा है।दूसरी तरफ मंहगाई के मार से कराह रहे मजदूर ,मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं गोदी मीडिया और सरकार उन्हें बदनाम कर दहन कर रही है हम लोग जिला मुख्यालय पर यह चेतावनी देने आए हैं सरकार मजदूरों के दमन पर तत्काल रोक लगाए, उनसे माफी मांगे उनके जायज़ मजदूरी के सवाल सहित तमाम मांगों को हल करें उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ मजदूर सड़कों पर संघर्ष तेज करेंगे। सभा को भाकपा के जिला सचिव कामरेड जितेंद्र हरि पाण्डेय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि योगी मोदी सरकार मजदूर किसान विरोधी है।इनके सबका विकास का नारा खोखला साबित हो रहा है।अब तो साफ हो गया है कि योगी मोदी सरकार अमीरों के पक्ष में खड़ा हो कर मजदूरों पर दमन ढारही है।उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों पर दमन ढाना बंद नहीं किया तो 1मई को वाम दलों सहित हजारों की तादात में मजदूर , किसान उनके पक्ष में सड़कों पर उतरेगें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माकपा जिला मंत्री कामरेड रामबृक्ष मास्टर ने कहा कि सरकार के साथ इस घटना के लिए जिला के आला अधिकारी जिम्मेदार हैं। इनको तत्काल वहां से हटा कर निष्पक्ष जांच हो और मजदूरों के मांगों को हल किया जाए। कार्यक्रम को भाकपा-माले जिला प्रभारी कामरेड विनोद सिंह, का0सुदर्शन राम, का0हरिगेन राम,का0गंगादीन ,का0 रामजन्म यादव आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम में का0बशीर मास्टर, श्यामा प्रसाद, हीरा लाल, हरिकेश, अशोक कुमार, खरपत्तू राजभर,रामनेत, बसन्त,रामनिहोर , फूलचंद रमेश,फैजान, लालबहादुर, रामकृष्ण यादव, राममूर्ति चौहान सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

आजमगढ़। हाईस्कूल इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा में शिक्षा मित्र की बिटिया ज़िले में 7 वी रैंक लाकर नाम रोशन किया है। बिटिया की इस उपलब्धि से लोगों में प्रसन्नता है।
हाई स्कूल टॉप 10 में अंशिका यादव और इंटर नैंसी राठौर ने बाजी मारी
जौनपुर। सदियों से पलायन का दंश झेल रहे पूर्वांचल को इस कलंक से मुक्ति दिलाने के लिए मुंबई के प्रवासियों ने एक अभियान शुरू किया है, जिसका सूत्रपात आगामी 6 मई को मुंगरा बादशाहपुर में प्रवासी सम्मेलन के ज़रिए किया जायेगा। कुछ हालिया घटनाओं पर गौर किया जाये, तो पूर्वांचल एक बड़ी समस्या से घिरता जा रहा है। आपको सैकड़ों ऐसे लोग मिल जायेंगे, अपनी पैतृक जमीन बेंच कर मुंबई जैसे महानगरों में या तो फ्लैट ख़रीद रहे हैं, या तो कुछ कारोबार शुरू कर रहे हैं। यह सिलसिला पिछले कुछ सालों से शुरू हुआ है और लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्वांचल से मुंबई जाने वाली गाड़ियां ठसाठस भरी जा रही हैं, जबकि वहाँ के भूमिपुत्रों द्वारा हमारे लोगों को किस तरह से अपमानित व प्रताड़ित किया जा रहा है, यह जग जाहिर है। मुंबई और महाराष्ट्र में पूर्वांचल के लोग इतनी तादात में हो गए हैं कि वहाँ की सरकार को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन जातियों और गुटों में बिखरे प्रवासी अपनी कोई ख़ास पहचान नहीं बना पाए। मुंबई ही नहीं, देश के जिस भी महानगर में पूर्वांचल के लोग गए, वहाँ अपनी कड़ी मेहनत से ख़ुद का भी विकास किया और उस राज्य को भी चमकाया। मगर अब हालात बदल गए हैं, उस राज्य के स्थानीय भूमिपुत्रों को लगता है कि ये बाहर से आए हुए लोग उनका हक मार रहे हैं। इसी वजह से भाषा और प्रांत के विवाद की खबरें आए दिन आती रहती हैं।
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नितेश श्रीवास्तव



1 hour and 14 min ago
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