राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर बढ़ी सख्ती, PMO ने मांगी रिपोर्ट; जांच का दायरा विस्तृत

* नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट पदाधिकारियों संग की बैठक, पूर्व लेखाधिकारी के आरोपों से मामला गरमाया

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से धनराशि चोरी किए जाने के कथित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मामले की रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
सूत्रों का दावा है कि ट्रस्ट के आंतरिक ऑडिट के दौरान कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस द्वारा कुछ कर्मचारियों से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, कथित नकदी बरामदगी की चर्चाएं भी चल रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। विवाद उस समय और गहरा गया जब मंदिर के पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि वर्ष 2022 के आसपास दानपात्र से नियमित रूप से बड़ी मात्रा में धनराशि की चोरी हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया तथा संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी हटाए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, दानपात्र से जुड़ी पूरी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले के सामने आने के बाद देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन समाज में चिंता बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
कन्नौज में पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 का डीएम-एसपी ने लिया जायजा

पंकज कुमार श्रीवास्यव


कन्नौज। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने परीक्षा के लिए स्थापित कंट्रोल रूम तथा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, संचार व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं की निगरानी प्रणाली तथा परीक्षा संचालन संबंधी तैयारियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा पूरी निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराई जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, नकल, संदिग्ध गतिविधि या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के प्रयास की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश, पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच, यातायात प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके। इसके अलावा परीक्षा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने का दावा किया है।
टीजीटी परीक्षा में 4.34 लाख अभ्यर्थी शामिल, दूसरे दिन भी नकलविहीन और पारदर्शी रहा आयोजन

* एआई निगरानी में सम्पन्न हुई परीक्षा, वाराणसी में फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन भी प्रदेशभर में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न हुआ। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए एआई आधारित निगरानी व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र का प्रभावी उपयोग किया गया।
विज्ञापन संख्या 01/2022 के अंतर्गत 15 विषयों की लिखित परीक्षा 36 जनपदों में आयोजित की गई। गुरुवार को प्रथम पाली में 504 परीक्षा केन्द्रों पर अंग्रेजी, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और संगीत वादन विषयों की परीक्षा हुई, जबकि द्वितीय पाली में 471 केन्द्रों पर संस्कृत, वाणिज्य और कला विषय की परीक्षा सम्पन्न कराई गई।
आयोग मुख्यालय में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी परीक्षा केन्द्रों की लगातार निगरानी की गई। सघन जांच एवं सत्यापन के दौरान वाराणसी में एक फर्जी परीक्षार्थी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया गया और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 03 जून को आयोजित परीक्षा में 2,21,489 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि 04 जून को 2,12,975 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस प्रकार दोनों दिनों में कुल 4,34,464 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जो पंजीकृत अभ्यर्थियों का 50.02 प्रतिशत है।
03 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 45.41 प्रतिशत तथा पुरुष अभ्यर्थियों की 52.42 प्रतिशत रही। वहीं 04 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति बढ़कर 49.16 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की 52.17 प्रतिशत दर्ज की गई।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, केन्द्र व्यवस्थापकों तथा आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं।
पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण और रोजगार से जोड़ें : मुख्यमंत्री योगी
* नैमिषारण्य, विंध्याचल, शिवाजी संग्रहालय और नौसेना शौर्य परियोजनाओं की समीक्षा, पर्यटन को नई पहचान देने पर जोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधि प्रदेश है। पर्यटन विकास को केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़ा जाना चाहिए।
गुरुवार को पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को गति देने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, खानपान और सेवा क्षेत्र को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े “ज्ञान भारतम् मिशन” की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राचीन पांडुलिपियों को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13.70 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जा चुका है।
पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेश, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया। बैठक में नीम करोली बाबा सर्किट, बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट, ‘परंपरा’ विरासत अनुभव केंद्र, कृषि पर्यटन और वाइनयार्ड पर्यटन जैसी नई अवधारणाओं पर भी विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में नव विकसित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ और निर्माणाधीन आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और भारत की समुद्री विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। संग्रहालय में भारतीय नौसेना के इतिहास, नौसैनिक अभियानों और समुद्री शक्ति को आधुनिक तकनीक एवं इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनायकों की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राष्ट्रीय दायित्व है। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य स्थापना, आगरा प्रवास, सैन्य नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मराठा साम्राज्य और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों, अहिल्याबाई होल्कर के योगदान तथा स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को भी प्रमुखता देने के निर्देश दिए।

नैमिषारण्य के समग्र विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे वैदिक ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक साधना का जीवंत केंद्र बताते हुए विकास कार्यों में आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन पर जोर दिया। मास्टर प्लान के तहत वेद विज्ञान केंद्र, वैदिक थीम पार्क, राजघाट रिवरफ्रंट, नैमिष हाट, तीर्थयात्री आवास और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित अनेक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
मिर्जापुर-विंध्याचल क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसकी विकास योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार तथा शक्तिपीठों से जुड़ी पौराणिक कथाओं के आकर्षक प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए।
बैठक में चित्रकूट स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। संरक्षण कार्यों में मूल स्वरूप और ऐतिहासिक प्रामाणिकता को अक्षुण्ण रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएं।
बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के हवाले


*सौ शय्या अस्पताल के कैंसर सेंटर में जनरल फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज, विशेषज्ञ का इंतजार*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही।सौ शय्या अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। अस्पताल के बर्न यूनिट, कैंसर सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। बर्न केस जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाते हैं। कैंसर के मरीज सीधे वाराणसी या महानगरों का रुख करते हैं। बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के भरोसे संचालित है।

सौ शय्या अस्पताल का संचालन भले ही पूरी क्षमता के साथ नहीं हो रहा है, लेकिन यहां धीरे-धीरे संसाधनों का विस्तार होने लगा है। यहां रोजाना 500 लोगों की ओपीडी होती है। परिसर में सबसे पहले साल 2022 में डायलिसिस यूनिट का संचालन हुआ था। इसके बाद साल 2024 में टीबी अस्पताल का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देशन पर बर्न यूनिट का संचालन शुरू किया गया। 2025 में सीटी स्कैन और करीब चार महीने पहले 2026 में डे कैैंसर केयर सेंटर (डीसीसीसी) का संचालन शुरू हुआ। इसमें से बर्न यूनिट, डीसीसीसी की व्यवस्था राम भरोसे है। बर्न यूनिट में जिसकी ड्यूटी लगती है, वह सिस्टर सप्ताह में कभी कभी ही ड्यूटी करती है। यहां डॉक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। जो आते तो हैं, लेकिन मरीज ही नहीं मिलते हैं। यहां बर्न के केस नाम मात्र के आते हैं। यही हाल कैंसर सेंटर का है। जहां दो महीने में एक भी मरीज नहीं आए है। सौ शय्या अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह का तबादला वाराणसी हो गया है। अब डे कैैंसर केयर सेंटर पर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ का सलाह नहीं मिलेगा। उन्हें जनरल फिजिशियन से उपचार लेना पड़ेगा। वह सिर्फ बीमारी के बारे में बताएंगे। फस्ट उपचार के तहत मरीज को दर्द निवारण दवा दे सकते हैं। बाकि मरीज को वाराणसी या अन्य शहर का रुख करना होगा। रामबली पांडेय (70) डंगहर ने कहा कि 100 बेड अस्पताल में बर्न यूनिट है अच्छी बात है। यहां स्टाफ रहते नहीं है, इसलिए लोग यहां आना पसंद नहीं करते हैं। वह सीधे जिला अस्पताल निकलत जाते हैं। छह महीने पहले एक परिचित बर्न का केस लेकर यहां गए थे, मौके पर कोई नहीं मिला। डॉ. एसके पासवान, 100 बेड सरपतहां, सीएमएस ने कहा कि डायलिसिस, सीटी, बर्न, डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई नए नहीं आए है। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।



डायलिसिस,सीटी,बर्न,डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई न‌ए नहीं आए हैं। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।

डॉ एसके पासवान सीएम‌एस 100 बेड
उत्तर प्रदेश को मिला स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्ण को सौंपी गई कमान
लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश को अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद वर्तमान में कार्यवाहक DGP के पद पर तैनात राजीव कृष्ण को प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य में चार साल बाद हुई स्थायी डीजीपी की पहली तैनाती है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजीव कृष्ण को ही स्थायी डीजीपी बनाने की मंजूरी दी। यूपीएससी ने 26 मई को हुई बैठक में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नामों की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी। इनमें से राजीव कृष्ण का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था।

राजीव कृष्ण जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 1991 बैच के आईपीएस राजीव कृष्ण को पुलिस विभाग में उनके प्रशासनिक और मैदानी अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और जोनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और यूपीएससी की व्यवस्था के अनुसार स्थायी डीजीपी का कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल के हटाए जाने के बाद से प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में राजीव कृष्ण ने पुलिस विभाग में कई अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। वे शासन के करीबी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं।

कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वे डीजीपी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के पद पर भी रहे। राजीव कृष्ण ने लखनऊ, मथुरा, इटावा, आगरा और नोएडा जैसे कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में सेवाएं दी हैं। इटावा में उनकी तैनाती के दौरान उन्होंने दस्युओं के गिरोह का सफाया किया। इसके अलावा वे लखनऊ के एडीजी जोन और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ में आईजी ऑपरेशन के पद पर भी रहे हैं।इस नियुक्ति के साथ उत्तर प्रदेश को अब स्थिर और अनुभवी पुलिस नेतृत्व मिलेगा, जो प्रदेश की लॉ एंड आॅडर व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘जी-रामजी अधिनियम’ बनेगा विकसित भारत का मजबूत आधार: केशव मौर्य

**ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और आय सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, गांव-गांव तक पहुंचेगा ‘विकसित भारत’ का संकल्प**

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 कार्य दिवस किए जाने से ग्रामीण परिवारों की आय, आर्थिक स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बल मिलेगा। इससे श्रमिकों को अधिक काम, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, कौशल विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की नई ऊर्जा पैदा होगी और हर ग्रामीण परिवार की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम, 2025’ विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा, आय सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
यूपी सचिवालय में बड़ा बदलाव: Vi की जगह BSNL के नए CUG नंबर, कर्मचारियों ने जताया विरोध
* 4200 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बदलने का फैसला, पुराने नंबर पोर्ट कराने की उठी मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन विभाग ने सचिवालय कर्मचारियों के सीयूजी (Closed User Group) मोबाइल नंबरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने मौजूदा वोडाफोन-आइडिया (Vi) सेवा को हटाकर बीएसएनएल को नया सेवा प्रदाता बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सचिवालय में कार्यरत लगभग 4200 कर्मचारियों और अधिकारियों को अब बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर आवंटित किए जाएंगे।
हालांकि, इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान से मुलाकात कर मांग की कि मौजूदा मोबाइल नंबरों को ही बीएसएनएल में पोर्ट कराया जाए, ताकि नंबर बदलने की आवश्यकता न पड़े।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान सीयूजी नंबर उनके निजी और पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये नंबर ई-ऑफिस पोर्टल, बैंक खातों, ई-मेल, आयकर रिटर्न, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली और गैस कनेक्शन, बच्चों के स्कूल-कॉलेज रिकॉर्ड तथा विभिन्न व्हाट्सएप समूहों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नंबर बदलने से उन्हें कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सचिवालय प्रशासन विभाग के निर्णय के अनुसार, कंप्यूटर सहायक से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के कर्मचारियों के लिए बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर जारी किए जाएंगे। वहीं, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान का कहना है कि कर्मचारी चाहें तो अपने पुराने मोबाइल नंबरों का उपयोग व्यक्तिगत नंबर के रूप में जारी रख सकते हैं, लेकिन आधिकारिक उपयोग के लिए सभी को बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर ही दिए जाएंगे।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर बढ़ी सख्ती, PMO ने मांगी रिपोर्ट; जांच का दायरा विस्तृत

* नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट पदाधिकारियों संग की बैठक, पूर्व लेखाधिकारी के आरोपों से मामला गरमाया

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से धनराशि चोरी किए जाने के कथित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मामले की रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
सूत्रों का दावा है कि ट्रस्ट के आंतरिक ऑडिट के दौरान कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस द्वारा कुछ कर्मचारियों से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, कथित नकदी बरामदगी की चर्चाएं भी चल रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। विवाद उस समय और गहरा गया जब मंदिर के पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि वर्ष 2022 के आसपास दानपात्र से नियमित रूप से बड़ी मात्रा में धनराशि की चोरी हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया तथा संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी हटाए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, दानपात्र से जुड़ी पूरी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले के सामने आने के बाद देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन समाज में चिंता बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
कन्नौज में पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 का डीएम-एसपी ने लिया जायजा

पंकज कुमार श्रीवास्यव


कन्नौज। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने परीक्षा के लिए स्थापित कंट्रोल रूम तथा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, संचार व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं की निगरानी प्रणाली तथा परीक्षा संचालन संबंधी तैयारियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा पूरी निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराई जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, नकल, संदिग्ध गतिविधि या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के प्रयास की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश, पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच, यातायात प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके। इसके अलावा परीक्षा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने का दावा किया है।
टीजीटी परीक्षा में 4.34 लाख अभ्यर्थी शामिल, दूसरे दिन भी नकलविहीन और पारदर्शी रहा आयोजन

* एआई निगरानी में सम्पन्न हुई परीक्षा, वाराणसी में फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन भी प्रदेशभर में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न हुआ। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए एआई आधारित निगरानी व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र का प्रभावी उपयोग किया गया।
विज्ञापन संख्या 01/2022 के अंतर्गत 15 विषयों की लिखित परीक्षा 36 जनपदों में आयोजित की गई। गुरुवार को प्रथम पाली में 504 परीक्षा केन्द्रों पर अंग्रेजी, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और संगीत वादन विषयों की परीक्षा हुई, जबकि द्वितीय पाली में 471 केन्द्रों पर संस्कृत, वाणिज्य और कला विषय की परीक्षा सम्पन्न कराई गई।
आयोग मुख्यालय में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी परीक्षा केन्द्रों की लगातार निगरानी की गई। सघन जांच एवं सत्यापन के दौरान वाराणसी में एक फर्जी परीक्षार्थी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया गया और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 03 जून को आयोजित परीक्षा में 2,21,489 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि 04 जून को 2,12,975 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस प्रकार दोनों दिनों में कुल 4,34,464 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जो पंजीकृत अभ्यर्थियों का 50.02 प्रतिशत है।
03 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 45.41 प्रतिशत तथा पुरुष अभ्यर्थियों की 52.42 प्रतिशत रही। वहीं 04 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति बढ़कर 49.16 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की 52.17 प्रतिशत दर्ज की गई।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, केन्द्र व्यवस्थापकों तथा आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं।
पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण और रोजगार से जोड़ें : मुख्यमंत्री योगी
* नैमिषारण्य, विंध्याचल, शिवाजी संग्रहालय और नौसेना शौर्य परियोजनाओं की समीक्षा, पर्यटन को नई पहचान देने पर जोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधि प्रदेश है। पर्यटन विकास को केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़ा जाना चाहिए।
गुरुवार को पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को गति देने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, खानपान और सेवा क्षेत्र को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े “ज्ञान भारतम् मिशन” की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राचीन पांडुलिपियों को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13.70 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जा चुका है।
पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेश, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया। बैठक में नीम करोली बाबा सर्किट, बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट, ‘परंपरा’ विरासत अनुभव केंद्र, कृषि पर्यटन और वाइनयार्ड पर्यटन जैसी नई अवधारणाओं पर भी विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में नव विकसित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ और निर्माणाधीन आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और भारत की समुद्री विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। संग्रहालय में भारतीय नौसेना के इतिहास, नौसैनिक अभियानों और समुद्री शक्ति को आधुनिक तकनीक एवं इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनायकों की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राष्ट्रीय दायित्व है। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य स्थापना, आगरा प्रवास, सैन्य नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मराठा साम्राज्य और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों, अहिल्याबाई होल्कर के योगदान तथा स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को भी प्रमुखता देने के निर्देश दिए।

नैमिषारण्य के समग्र विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे वैदिक ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक साधना का जीवंत केंद्र बताते हुए विकास कार्यों में आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन पर जोर दिया। मास्टर प्लान के तहत वेद विज्ञान केंद्र, वैदिक थीम पार्क, राजघाट रिवरफ्रंट, नैमिष हाट, तीर्थयात्री आवास और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित अनेक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
मिर्जापुर-विंध्याचल क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसकी विकास योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार तथा शक्तिपीठों से जुड़ी पौराणिक कथाओं के आकर्षक प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए।
बैठक में चित्रकूट स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। संरक्षण कार्यों में मूल स्वरूप और ऐतिहासिक प्रामाणिकता को अक्षुण्ण रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएं।
बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के हवाले


*सौ शय्या अस्पताल के कैंसर सेंटर में जनरल फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज, विशेषज्ञ का इंतजार*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही।सौ शय्या अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। अस्पताल के बर्न यूनिट, कैंसर सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। बर्न केस जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाते हैं। कैंसर के मरीज सीधे वाराणसी या महानगरों का रुख करते हैं। बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के भरोसे संचालित है।

सौ शय्या अस्पताल का संचालन भले ही पूरी क्षमता के साथ नहीं हो रहा है, लेकिन यहां धीरे-धीरे संसाधनों का विस्तार होने लगा है। यहां रोजाना 500 लोगों की ओपीडी होती है। परिसर में सबसे पहले साल 2022 में डायलिसिस यूनिट का संचालन हुआ था। इसके बाद साल 2024 में टीबी अस्पताल का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देशन पर बर्न यूनिट का संचालन शुरू किया गया। 2025 में सीटी स्कैन और करीब चार महीने पहले 2026 में डे कैैंसर केयर सेंटर (डीसीसीसी) का संचालन शुरू हुआ। इसमें से बर्न यूनिट, डीसीसीसी की व्यवस्था राम भरोसे है। बर्न यूनिट में जिसकी ड्यूटी लगती है, वह सिस्टर सप्ताह में कभी कभी ही ड्यूटी करती है। यहां डॉक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। जो आते तो हैं, लेकिन मरीज ही नहीं मिलते हैं। यहां बर्न के केस नाम मात्र के आते हैं। यही हाल कैंसर सेंटर का है। जहां दो महीने में एक भी मरीज नहीं आए है। सौ शय्या अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह का तबादला वाराणसी हो गया है। अब डे कैैंसर केयर सेंटर पर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ का सलाह नहीं मिलेगा। उन्हें जनरल फिजिशियन से उपचार लेना पड़ेगा। वह सिर्फ बीमारी के बारे में बताएंगे। फस्ट उपचार के तहत मरीज को दर्द निवारण दवा दे सकते हैं। बाकि मरीज को वाराणसी या अन्य शहर का रुख करना होगा। रामबली पांडेय (70) डंगहर ने कहा कि 100 बेड अस्पताल में बर्न यूनिट है अच्छी बात है। यहां स्टाफ रहते नहीं है, इसलिए लोग यहां आना पसंद नहीं करते हैं। वह सीधे जिला अस्पताल निकलत जाते हैं। छह महीने पहले एक परिचित बर्न का केस लेकर यहां गए थे, मौके पर कोई नहीं मिला। डॉ. एसके पासवान, 100 बेड सरपतहां, सीएमएस ने कहा कि डायलिसिस, सीटी, बर्न, डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई नए नहीं आए है। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।



डायलिसिस,सीटी,बर्न,डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई न‌ए नहीं आए हैं। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।

डॉ एसके पासवान सीएम‌एस 100 बेड
उत्तर प्रदेश को मिला स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्ण को सौंपी गई कमान
लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश को अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद वर्तमान में कार्यवाहक DGP के पद पर तैनात राजीव कृष्ण को प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य में चार साल बाद हुई स्थायी डीजीपी की पहली तैनाती है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजीव कृष्ण को ही स्थायी डीजीपी बनाने की मंजूरी दी। यूपीएससी ने 26 मई को हुई बैठक में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नामों की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी। इनमें से राजीव कृष्ण का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था।

राजीव कृष्ण जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 1991 बैच के आईपीएस राजीव कृष्ण को पुलिस विभाग में उनके प्रशासनिक और मैदानी अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और जोनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और यूपीएससी की व्यवस्था के अनुसार स्थायी डीजीपी का कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल के हटाए जाने के बाद से प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में राजीव कृष्ण ने पुलिस विभाग में कई अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। वे शासन के करीबी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं।

कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वे डीजीपी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के पद पर भी रहे। राजीव कृष्ण ने लखनऊ, मथुरा, इटावा, आगरा और नोएडा जैसे कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में सेवाएं दी हैं। इटावा में उनकी तैनाती के दौरान उन्होंने दस्युओं के गिरोह का सफाया किया। इसके अलावा वे लखनऊ के एडीजी जोन और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ में आईजी ऑपरेशन के पद पर भी रहे हैं।इस नियुक्ति के साथ उत्तर प्रदेश को अब स्थिर और अनुभवी पुलिस नेतृत्व मिलेगा, जो प्रदेश की लॉ एंड आॅडर व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘जी-रामजी अधिनियम’ बनेगा विकसित भारत का मजबूत आधार: केशव मौर्य

**ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और आय सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, गांव-गांव तक पहुंचेगा ‘विकसित भारत’ का संकल्प**

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 कार्य दिवस किए जाने से ग्रामीण परिवारों की आय, आर्थिक स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बल मिलेगा। इससे श्रमिकों को अधिक काम, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, कौशल विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की नई ऊर्जा पैदा होगी और हर ग्रामीण परिवार की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम, 2025’ विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा, आय सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
यूपी सचिवालय में बड़ा बदलाव: Vi की जगह BSNL के नए CUG नंबर, कर्मचारियों ने जताया विरोध
* 4200 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बदलने का फैसला, पुराने नंबर पोर्ट कराने की उठी मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन विभाग ने सचिवालय कर्मचारियों के सीयूजी (Closed User Group) मोबाइल नंबरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने मौजूदा वोडाफोन-आइडिया (Vi) सेवा को हटाकर बीएसएनएल को नया सेवा प्रदाता बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सचिवालय में कार्यरत लगभग 4200 कर्मचारियों और अधिकारियों को अब बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर आवंटित किए जाएंगे।
हालांकि, इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान से मुलाकात कर मांग की कि मौजूदा मोबाइल नंबरों को ही बीएसएनएल में पोर्ट कराया जाए, ताकि नंबर बदलने की आवश्यकता न पड़े।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान सीयूजी नंबर उनके निजी और पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये नंबर ई-ऑफिस पोर्टल, बैंक खातों, ई-मेल, आयकर रिटर्न, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली और गैस कनेक्शन, बच्चों के स्कूल-कॉलेज रिकॉर्ड तथा विभिन्न व्हाट्सएप समूहों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नंबर बदलने से उन्हें कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सचिवालय प्रशासन विभाग के निर्णय के अनुसार, कंप्यूटर सहायक से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के कर्मचारियों के लिए बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर जारी किए जाएंगे। वहीं, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान का कहना है कि कर्मचारी चाहें तो अपने पुराने मोबाइल नंबरों का उपयोग व्यक्तिगत नंबर के रूप में जारी रख सकते हैं, लेकिन आधिकारिक उपयोग के लिए सभी को बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर ही दिए जाएंगे।