सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
36 गांव में बनेंगे अन्नपूर्णा भवन, डेढ़ करोड़ जारी


*तीन करोड़ होंगे खर्च,50 फीसदी काम पूरा के बाद जारी होगी धनराशि*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की 36 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन बनेंगे। इन भवनों से उपभोक्ताओं को अनाज तो मिलेगा साथ ही उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। तीन करोड़ की लागत से बनने वाले भवन के लिए डेढ़ करोड़ की पहली किस्त जारी हो गई। पूर्ति विभाग ने एक-एक ग्राम पंचायतों को पैसा जारी कर दिया है। प्रदेश में डोर स्टेप डिलेवरी के तहत सिंगल स्टेज व्यवस्था लागू की गई है। इसमें राशन ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से सीधे कोटेदारों तक पहुंचता है। गांव में सकरे रास्ते और दुकान होने के कारण राशन वहां तक नहीं पहुंच पाता था। इस कारण समय से लोगों को राशन नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। सरकारी राशन वितरण में अनियमितता की भी शिकायत मिलती थी। इसके समाधान के लिए शासन स्तर से प्रदेश के सभी जिलों में साल 2022 में 75-75 मॉडल दुकानों के निर्माण का निर्देश दिया गया था। शुरुआत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना जो अब वीबी जी रामजी हो गई है। साल 2023-24 में करीब 72 और 2024-25 में 30 भवन की स्वीकृति मिली थी। अब तक 50 से अधिक भवन पूर्ण हो गए हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन है। शासन ने 2025-26 के लिए 36 अन्नपूर्णा भवन निर्माण की मंजूरी दी है। यह सभी भवन पूर्ति विभाग के माध्यम से बनाए जाएंगे। तीन करोड़ होने वाले खर्च में आधी रकम जारी कर दी गई है। पूर्ति विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों को पैसा भेज दिया गया। अब ग्राम पंचायतें जमीन चिह्नित करके निर्माण कराएंगी।



36 अन्नपूर्णा भवन बनाने की स्वीकृति मिली है। एक-एक भवन पर आठ लाख 47 हजार रुपये खर्च होंगे। पहले किस्त के रूप में डेढ़ करोड़ जारी हुए। उक्त धनराशि को ग्राम पंचायतों को जारी कर दिया गया है। - सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी।
दो दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026' का भव्य एवं सफल आयोजन संपन्न

लखनऊ। दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय **दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026** का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत योगी आदित्यनाथ द्वारा विभाग के नाम भेजे गए शुभकामना संदेश के वाचन से हुई।
कार्यक्रम में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि डेयरी क्षेत्र रोजगार सृजन का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीक और नवाचार के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में दुग्ध विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखने का संकल्प विभाग का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
विभाग द्वारा **नन्द बाबा दुग्ध मिशन** और उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। “गौ से ग्राहक तक” समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार डेयरी क्षेत्र का राज्य के सकल मूल्यवर्धन (GSVA) में लगभग **1.72 लाख करोड़ रुपये** का योगदान है। अब तक दुग्ध विकास क्षेत्र में **25,000 करोड़ रुपये** से अधिक के **796 एमओयू** किए गए हैं, जिनसे **60,000 से अधिक रोजगार** सृजित होंगे।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के अंतर्गत डेयरी सेक्टर में **2,000 करोड़ रुपये** की 72 परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिनसे 4,000 रोजगार सृजित हुए। इसके अतिरिक्त **3,000 करोड़ रुपये** से अधिक के 59 नए एमओयू भी विभिन्न कंपनियों से किए जा रहे हैं।
महोत्सव में प्रदेश के लगभग **10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों** ने भाग लिया। वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों सहित देश-विदेश के लाखों लोगों को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग में योगदान देने वाले कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

#nashiktcsconversionpleasupreme_court

इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।

हेमन्त कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क विकास पर केंद्रित रहा आज का पिटारा।

राज्य के विद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) एवं पोलिटेकनिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए Emerging Technology पर आधारित राज्य स्तरीय Science & Technology Quiz के आयोजन हेतु योजना की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य में संचालित उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों (विश्वविद्यालय को छोड़कर) में वैज्ञानिक एवं तकनीकी महत्व के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी तथा गणित (STEM) से संबंधित महत्वपूर्ण दिवस आयोजित करने हेतु Sir Jnanendra Chandra Ghosh Scheme for Celebration of Days of Scientific and Technological Importance की स्वीकृति दी गई।

राज्य में संचालित उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानें में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के लिए झारखण्ड रोबोटिक्स फेस्टिवल (Jharkhand Robotics Festival) के आयोजन हेतु योजना की स्वीकृति दी गई।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की संशोधित धारा 14 (1) के प्रावधानों के अंतर्गत रांची, धनबाद एवं डालटेनगंज (पलामू) न्यायमंडलों में गठित 03 विशेष न्यायालय हेतु जिला न्यायाधीश स्तर के 03 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

श्री गणेश राम, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता, बाँध एवं गेट रूपांकण प्रमण्डल संख्या-03, रांची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-02) (कुल लंबाई-6.70 कि०मी०) के चार लेन मे चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- एक सौ बासठ करोड़ बेरासी लाख बाईस हजार एक सौ रूपये) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड मोटर वाहन करारोपन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप पर स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य वित्त आयोग, झारखण्ड, रांची के कार्यालय हेतु पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

पंचम राज्य वित्त आयोग के कार्यरत अध्यक्ष एवं सदस्य का कार्यकाल दिनांक-30. 09.2027 तक विस्तारित करने एवं पंचम राज्य वित्त आयोग के अंतिम रिपोर्ट हेतु दिनांक-30.09.2027 तक की समय-सीमा निर्धारित करने की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड सरकार के विभिन्न विभागों अन्तर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सहकारी संस्थाओं, शहरी निकायों और राज्य के स्वामित्ववाली कंपनियों को दिये जाने वाले ऋण का ब्याज दर निर्धारण किये जाने की स्वीकृति दी गई।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राक्कलन पर मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ विदेशी आयुर्विज्ञान स्नातकों (Foreign Medical Graduates) को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के आलोक में राज्य चिकित्सा परिषद (State Medical Council) में निबंधन के क्रम में इन्टर्नशिप हेतु राज्य के चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में इन्टर्नशिप एवं वृत्तिका की सुविधा देने की स्वीकृति दी गई।

★ नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S)-No.-4433/2024 अशोक कुमार गोराई एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 296/2025, अशोक कुमार गोराई एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री अशोक कुमार गोराई, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, सरायकेला एवं 10 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ आर्थिक मामलों के विभाग (Department of Economic Affairs) की Viability Gap Funding (VGF) के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के माध्यम से चार (4) मौजूदा जिला अस्पतालों धनबाद, खूँटी, गिरिडीह और जामताड़ा को मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड करने तथा इसके संचालन हेतु वित्तीय सहायता/अनुदान, विभिन्न समितियों का गठन एवं Bid Document की स्वीकृति दी गई।

★ कोषागार / उप कोषागार में स्वीकृत राजपत्रित पदों की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand Economic Survey 2025-26 का विधान सभा के पटल पर प्रस्तुत करने के संबंध में मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ अन्तर्राज्यीय बस पड़ाव, जमशेदपुर, जल संसाधन विभाग हेतु कार्यालय भवन एवं Commercial complex का PPP (DBFOT), पर निर्माण के लिए कुल रू० 153.37 करोड़ (एक सौ तिरेपन करोड़ सैंतिस लाख) मात्र की योजना पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के अन्तर्गत झारखण्ड लघु खनिज समनुदान नियमावली, 2004 एवं यथा संशोधित में आवश्यक संशोधन करते हुए झारखण्ड लघु खनिज समनुदान (संशोधन) नियमावली, 2026 को अधिसूचित करने की स्वीकृति दी गई।

★ सर जे० सी० बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह के संचालन हेतु शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन एवं इसके अन्तर्गत महाविद्यालयों में पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की स्वीकृति दी गई।

★ "Jharkhand Regularization of Unauthorizedly Constructed Building Rules, 2025" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड पशुपालन सेवा संवर्ग के विभिन्न श्रेणियों के नए पदों के सृजन / प्रत्यर्पण / पुनर्गठन / चिन्हितीकरण एवं तद्नुरूप झारखण्ड पशुपालन सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) संशोधित नियमावली, 2024 में यथा अपेक्षित संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ प्रो० (डॉ०) अरूण कुमार, सेवानिवृत निदेशक, तकनीकी शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को निदेशक, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग का वेतनमान रूपये 18400-22400/- स्वीकृति करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य अन्तर्गत State Institution for Transformation of Jharkhand (SITJ) एवं उसकी इकाईयों के गठन हेतु स्वीकृति दी गई।

★ सदस्य, राजस्व पर्षद, झारखण्ड की अध्यक्षता में गठित जाँच समिति की अनुशंसाओं तथा विशेष अंकेक्षण प्रतिवेदन के आलोक में झारखण्ड स्टेट इम्प्लीमेन्टिंग एजेन्सी, राँची (JSIA) के द्वारा वर्ष 2011-12 से 2019-20 की अवधि में विभागीय 430 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों के संचालन के क्रम में देयता राशि का भुगतान हेतु कुल रु० 27,93,23,025 (सत्ताईस करोड़ तिरानवे लाख तेईस हजार पच्चीस) के व्यय की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पथ प्रमंडल, पाकुड़ अन्तर्गत "शहरकोल से प्यादापुर पथ (पाकुड़ बाईपास) (कुल लम्बाई-6.340 कि०मी०) के निर्माण कार्य (भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टींग, वृक्षारोपण एवं R&R सहित) हेतु रू० 45,47,31,000/- (पैंतालीस करोड़ सैंतालीस लाख एकतीस हजार) मात्र की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन पर राज्य सरकार द्वारा कृत कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को षष्ठम् विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र के पटल पर पुरःस्थापन कराने के प्रस्ताव पर कार्योपरान्त मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित द्वितीय प्रतिवेदन एवं एतद संबंधी राज्य सरकार द्वारा कृत अंतरिम कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को षष्ठम् विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र के पटल पर पुरःस्थापन कराने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की कार्योपरान्त स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक-01.07.2025 के प्रभाव से महँगाई राहत दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01.07.2025 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में दिनांक-01.07.2025 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती फरहाना खातून, सम्प्रति सेवा से बर्खास्त, तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक, लोहरदगा को सेवा में पुनर्स्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 (अमृत 2.0) अंतर्गत 8721.32 लाख (सत्तासी करोड़ इक्कीस लाख बत्तीस हजार) रु. की लागत पर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त बरहरवा शहरी जलापूर्ति परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-23C(1) एवं धारा-23C (2) के अन्तर्गत अधिसूचित The Jharkhand Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Rules, 2017 में आवश्यक संशोधन करते हुए The Jharkhand Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Amendment Rules, 2026 को अधिसूचित करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड दिव्यांगजन अधिकार नियमावली, 2018 (यथा संशोधित) में आंशिक संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० प्रियाश्री सुनीता, व्याख्याता, राजकीय फार्मेसी संस्थान, बरियातु, राँची को अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ Compliance Reduction and Deregulation अन्तर्गत नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित Priority Areas एवं Sub-Priority Areas के विषय से संबंधित झारखण्ड भवन उपविधि-2016 (यथा संशोधित) में संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड पर्यटन विकास और निबंधन अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2025 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ Deposit Basis पर राज्य सरकार द्वारा कतारी बगान में नामकुम राँची स्टेशन के बीच कि०मी० 416.770 में manned L.C. No.-MH-27 के स्थान पर पथ उपरी पुल (आर०ओ०बी०) के निर्माण कार्य हेतु रू0 62,98,56,200/- (रुपये बासठ करोड़ अंठानबे लाख छप्पन हजार दो सौं) मात्र की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 4450/2024 गुणाधर महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 339/2025 गुणाधर महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री गुणाधर महतो, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, सरायकेला एवं 17 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ "झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली, 2025" के नियम 18 (i), 22(iii), 41(i) एवं 41 (iii) में संशोधन हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 718 दिनांक 26.03.2026 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 को वापस लेते हुए झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 पर मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) के Setu Bandhan Sub Scheme अन्तर्गत स्वीकृत Construction of ROB in lieu of existing L.C. No.-14/A/T km 268.520 from HWH at Jamtara-Karmatand-Laharjori road (MDR) at Jamtara District in the State of Jharkhand (Job No. CRF-JHR-2022-23/69) कार्य हेतु रू0 93,44,51,600/- (तिरानवे करोड़ चौवालीस लाख इक्यावन हजार छः सौ रूपये) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा इसमें सन्निहित राशि रू0 41,99,81,600/-(इकतालीस करोड़ निन्यानवे लाख इक्यासी हजार छः सौ रूपये) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत "Widening, Strengthening & Reconstruction work of Kothiya (NH-133)-Dighi-Gadi-Jhopa Parariya-Champagarh पथ (कुल लं0-16.850 कि०मी०) (under CRIF scheme) (भू-अर्जन एवं सेतु सहित) कार्य" हेतु कुल रू0 101,03,80,700/- (एक सौ एक करोड़ तीन लाख अस्सी हजार सात सौ रूपये) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू0 37,63,40,000/- (सैंतीस करोड़ तिरेसठ लाख चालीस हजार रूपये) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची अन्तर्गत "आशीर्वाद बैंक्वेट (करमटोली-ओरमांझी पथ, MDR-016 पर) से फायरिंग रेन्ज (बरियातु) (बूटी पथ पर) पथ (कुल लम्बाई-4.070 कि0मी0) के निर्माण कार्य (पुल निर्माण, भू-अर्जन, Utility Shifting, Afforestation एवं Rehabilitation & Resettlement सहित)" हेतु रू० 141,24,28,100/- (एक सौ एकतालीस करोड़ चौबीस लाख अठाईस हजार एक सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत "Widening & Strengthening/Reconstruction of Dalpatdih PWD Road to Khatponk Khoro Baraipat Nayanpur Road (under CRIF - Job No. CRF-JHR-2025-26-75) (कुल लं0-19.412 कि०मी०) कार्य" हेतु कुल रू0 114,15,02,400/- (एक सौ चौदह करोड़ पंद्रह लाख दो हजार चार सौ रूपये) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू0 20,28,54,564/- (बीस करोड़ अठाईस लाख चौवन हजार पांच सौ चौंसठ रूपये) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत Reconstruction of Bhajania of Mohamadganj to Haidernagar via Kolhua, Bardiha, Pansa, Adhori and Ranideva Road (कुल लंबाई-17.372 कि०मी०) (Job No. CRF-JHR-2022-23/63) हेतु रू0 117,91,53,200/- (एक सौ सत्तरह करोड़ एकानबे लाख तिरपन हजार दो सौ रूपये) मात्र की राशि पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति तथा इसमें सन्निहित राशि रू० 50,75,49,927/- (रूपये पचास करोड़ पचहत्तर लाख उनचास हजार नौ सौ सताईस) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन की स्वीकृति दी गई।

★ षष्ठम झारखण्ड विधान सभा का पंचम (बजट) सत्र (दिनांक 18.02.2026 से 18.03.2026 तक) के सत्रावसान हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना अन्तर्गत योग्य लाभुक पीड़ित बच्ची वामिका पटेल, पिता श्री अभिजीत कुमार (पु०अ०नि०) निमियांघाट थाना, गिरिडीह, झारखण्ड के SMA Type-1 रोग से ग्रसित होने की स्थिति में AIIMS, New-Delhi से प्राप्त प्रस्तावित ईलाज के लिए राशि उपलब्ध कराने हेतु स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-2899/2021-शिव कुमार सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-11.06.2024 को पारित आदेश के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं० 10505, दिनांक 31.12.2019 को निरस्त करते हुए श्री शिव कुमार सिंह, सेवानिवृत्त प्रधान आप्त सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग, झारखण्ड, राँची एवं श्री महेश प्रसाद शर्मा, सेवानिवृत्त आप्त सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग, झारखण्ड, राँची को द्वितीय ए०सी०पी० का लाभ वेतनमान 10000-15200 में तथा तृत्तीय एम०ए०सी०पी० का लाभ वेतनमान पी०बी०-3, ग्रेड पे-7600 में प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

Operation ‘WILEP’ के तहत  RPF व GRP ने संयुक्त कार्रवाई में दुर्लभ प्रजाति के सांपों के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट प्रयागराज द्वारा ऑपरेशन ‘WILEP’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव (सांप) के साथ गिरफ्तार किया गया है।
दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उप निरीक्षक विवेक कुमार, RPF पोस्ट प्रयागराज, हमराह स्टाफ एवं उप निरीक्षक राजेश कुमार वर्मा, GRP प्रयागराज द्वारा प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 01 पर गश्त के दौरान तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में पाए गए।
पूछताछ एवं तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 04 अदद दुर्लभ प्रजाति के सांप बरामद हुए, जिनमें 02 ब्लैक कोबरा एवं 02 दोमुंहा सांप शामिल हैं।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मोहित नाथ (जनपद रायबरेली), करन नाथ एवं आकेश नाथ (दोनों निवासी जनपद प्रयागराज) के रूप में हुई है।
घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को तीनों अभियुक्तों सहित बरामद सांपों को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु सुपुर्द कर दिया गया।
वन विभाग द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9, 39 एवं 51 के अंतर्गत आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव तस्करी में इन दुर्लभ प्रजाति के सांपों की कीमत करोड़ों रुपये तक आंकी जाती है।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सतर्कता एवं कार्रवाई जारी है।
सुल्तानपुर में शराब की दुकान को लेकर व्यापारियों ने उठाई आवाज, डीएम से की कार्रवाई की मांग
सुल्तानपुर में गोराबारिक मोहल्ले में एक शराब की दुकान को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश के बैनर तले जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें दुकान के संचालन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के अनुसार, गोराबारिक क्षेत्र में स्थित कंपोजिट मदिरा की दुकान पर शराब खरीदने आने वाले लोग अक्सर वहीं खड़े होकर शराब पीते हैं। इससे आसपास का माहौल बिगड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे में धुत लोग गाली-गलौज करते हैं और कई बार अशोभनीय हरकतें भी करते हैं, जिससे खासकर महिलाओं को काफी असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने यह भी बताया कि दुकान के पास ही अस्पताल, मंदिर और मस्जिद जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं। इसके बावजूद दुकान के बाहर ही शराब पिलाने की सुविधा दी जा रही है, जिससे धार्मिक और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही, ग्राहक अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप है कि दुकान के सेल्समैन द्वारा ग्राहकों को पानी, गिलास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे वहीं बैठकर शराब पीते हैं। विरोध करने पर दुकानदार और उसके कर्मचारी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देते हैं।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान के लाइसेंस की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकान के बाहर शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बहाल होगी।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
Alan Vikranth on behalf of his movie ‘Gloora’ is the first person in the world to direct and cinematograph a film while sitting in a wheelchair.

By directing and shooting the film Gloora, Alan Vikranth has achieved a unique record of becoming the first person in the world to direct and cinematograph a film while moving on a wheelchair. Alan completed the script and story of the film GLOORA after a long four-month effort and hard work in 2022. Later, the filming of GLOORA was completed in three schedules of 100 days of tireless shooting in the years 2022-23. Alan was very often taken, carried in the hands by friends to the various forest and mountain locations where even a vehicle finds hard to reach.Despite many times, the weather and physical condition being so bad and challenging, Alan completed the direction and cinematography of his dream project GLOORA while sitting in a wheelchair in 2023. The reason for the prolonged post-production was the introduction of graphics scenes and a making style that have never been seen in Indian cinema until now.

Although Alan had to encounter many challenges and adverse situations during post-production, Alan is overcoming them all with extra commitment and dedication and nearing the completion of GLOORA. Alan says that even when he feels down in any bad situation, the support of his parents, producer, co-producer, legal advisor, and close friends keeps him going.

Alan was in a wheelchair after suffering a spinal cord injury in a car accident in 2018. Alan completed his cinematography studies from the Ernakulam Film Institute between 2015-2016. He then worked in films and short films. Then, while he was planning to make his own films, the unexpected accident happened. He lost all his hopes and spent most of the next 3 years in the hospital. Even when the doctors had predicted that he would have to spend the rest of his life in a wheelchair, Alan held on to his dreams and wrote the script for his first film, Gloora, while lying down. Along with the completion of the film Gloora, Alan continues to fight his fate and get up from his wheelchair and walk. The life of Gloora film director Alan Vikrant is a role model and inspiration for today's society, which is overwhelmed by even the smallest difficulties.

Director, Script Writer, DOP : Alan vikranth. Producer : Clint Sebastian. Co-producer : Sreejith Sasidharan. Legel Advisor : Adv. Omar Salim. Camera : Bibin Joy, Richmon Joseph, Harikrishnan B. Editor : Daniel Pakalomattam. VFX Supervisor : Ferdinant Joy. Creative Director : Ashwath R Nath. Sound Design : Sanoj Joy. Art : Ragesh Vs Keezhillam, Vishnu M Mani. Make-up : Manoj M St Parappanangadi. Helicam : Tony Jhon. Actors : Sandy Zero, Albi Agustin, Jithin T George, Sreenath T K, George T V, Alan Vikranth. Production Controllers : Jibin T George, Jestin T J.

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শিলাবৃষ্টিতে কার্যত বরফে ঢেকে গেল বসিরহাটের সন্দেশখালির সেহেরা-রাধানগর এলাকা
সৌমাভ মন্ডল, বসিরহাট: মঙ্গলবার সন্ধ্যায় হঠাৎ করে শিলাবৃষ্টিতে কার্যত বরফে ঢেকে গেল বসিরহাটের সন্দেশখালির সেহেরা-রাধানগর এলাকা। প্রকৃতির এই আচমকা রূপে স্তম্ভিত হয়ে পড়েন স্থানীয় বাসিন্দারা। কয়েক মিনিটের মধ্যেই চারপাশের দৃশ্য বদলে যায় একেবারে শীতপ্রধান অঞ্চলের মতো। সন্দেশখালি ১নং ব্লকের সেহারা এলাকায় এদিন সকাল পর্যন্ত আবহাওয়া ছিল একেবারেই স্বাভাবিক। রোদের ঝলকানি থাকলেও বেলা বাড়ার সঙ্গে সঙ্গে আচমকাই আকাশে জমতে শুরু করে কালো মেঘ। ধীরে ধীরে সেই মেঘে ঢেকে যায় গোটা আকাশ। দুপুর গড়িয়ে যাওয়ার কিছুক্ষণের মধ্যেই পরিস্থিতি আরও বদলে যায়। শুরু হয় হালকা ঝোড়ো হাওয়া, আর তার সঙ্গে হঠাৎই নেমে আসে শিলাবৃষ্টি। প্রথমে অল্প হলেও কিছুক্ষণের মধ্যেই তা তীব্র আকার ধারণ করে।শিলার দাপটে মুহূর্তের মধ্যে বাড়ির ছাদ, রাস্তা এবং বাড়ির উঠান সাদা চাদরে ঢেকে যায়। দেখে মনে হচ্ছিল যেন বরফ পড়েছে এলাকাজুড়ে। এমন দৃশ্য আগে খুব কমই দেখেছেন বলে জানান স্থানীয়রা। এই শিলাবৃষ্টির জেরে সবচেয়ে বেশি ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছেন এলাকার কৃষকরা। ধানসহ বিভিন্ন সবজি চাষে ব্যাপক ক্ষয়ক্ষতির আশঙ্কা তৈরি হয়েছে। অনেক ক্ষেতেই ফসল নষ্ট হয়ে গেছে বলে দাবি স্থানীয়দের। হঠাৎ এই প্রাকৃতিক দুর্যোগে দুশ্চিন্তায় পড়েছেন চাষিরা। প্রশাসনের কাছে ক্ষতিপূরণের দাবিও তুলেছেন তারা।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
36 गांव में बनेंगे अन्नपूर्णा भवन, डेढ़ करोड़ जारी


*तीन करोड़ होंगे खर्च,50 फीसदी काम पूरा के बाद जारी होगी धनराशि*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की 36 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन बनेंगे। इन भवनों से उपभोक्ताओं को अनाज तो मिलेगा साथ ही उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। तीन करोड़ की लागत से बनने वाले भवन के लिए डेढ़ करोड़ की पहली किस्त जारी हो गई। पूर्ति विभाग ने एक-एक ग्राम पंचायतों को पैसा जारी कर दिया है। प्रदेश में डोर स्टेप डिलेवरी के तहत सिंगल स्टेज व्यवस्था लागू की गई है। इसमें राशन ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से सीधे कोटेदारों तक पहुंचता है। गांव में सकरे रास्ते और दुकान होने के कारण राशन वहां तक नहीं पहुंच पाता था। इस कारण समय से लोगों को राशन नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। सरकारी राशन वितरण में अनियमितता की भी शिकायत मिलती थी। इसके समाधान के लिए शासन स्तर से प्रदेश के सभी जिलों में साल 2022 में 75-75 मॉडल दुकानों के निर्माण का निर्देश दिया गया था। शुरुआत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना जो अब वीबी जी रामजी हो गई है। साल 2023-24 में करीब 72 और 2024-25 में 30 भवन की स्वीकृति मिली थी। अब तक 50 से अधिक भवन पूर्ण हो गए हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन है। शासन ने 2025-26 के लिए 36 अन्नपूर्णा भवन निर्माण की मंजूरी दी है। यह सभी भवन पूर्ति विभाग के माध्यम से बनाए जाएंगे। तीन करोड़ होने वाले खर्च में आधी रकम जारी कर दी गई है। पूर्ति विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों को पैसा भेज दिया गया। अब ग्राम पंचायतें जमीन चिह्नित करके निर्माण कराएंगी।



36 अन्नपूर्णा भवन बनाने की स्वीकृति मिली है। एक-एक भवन पर आठ लाख 47 हजार रुपये खर्च होंगे। पहले किस्त के रूप में डेढ़ करोड़ जारी हुए। उक्त धनराशि को ग्राम पंचायतों को जारी कर दिया गया है। - सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी।
दो दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026' का भव्य एवं सफल आयोजन संपन्न

लखनऊ। दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय **दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026** का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत योगी आदित्यनाथ द्वारा विभाग के नाम भेजे गए शुभकामना संदेश के वाचन से हुई।
कार्यक्रम में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि डेयरी क्षेत्र रोजगार सृजन का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीक और नवाचार के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में दुग्ध विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखने का संकल्प विभाग का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
विभाग द्वारा **नन्द बाबा दुग्ध मिशन** और उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। “गौ से ग्राहक तक” समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार डेयरी क्षेत्र का राज्य के सकल मूल्यवर्धन (GSVA) में लगभग **1.72 लाख करोड़ रुपये** का योगदान है। अब तक दुग्ध विकास क्षेत्र में **25,000 करोड़ रुपये** से अधिक के **796 एमओयू** किए गए हैं, जिनसे **60,000 से अधिक रोजगार** सृजित होंगे।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के अंतर्गत डेयरी सेक्टर में **2,000 करोड़ रुपये** की 72 परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिनसे 4,000 रोजगार सृजित हुए। इसके अतिरिक्त **3,000 करोड़ रुपये** से अधिक के 59 नए एमओयू भी विभिन्न कंपनियों से किए जा रहे हैं।
महोत्सव में प्रदेश के लगभग **10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों** ने भाग लिया। वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों सहित देश-विदेश के लाखों लोगों को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग में योगदान देने वाले कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

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इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।

हेमन्त कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क विकास पर केंद्रित रहा आज का पिटारा।

राज्य के विद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) एवं पोलिटेकनिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए Emerging Technology पर आधारित राज्य स्तरीय Science & Technology Quiz के आयोजन हेतु योजना की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य में संचालित उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों (विश्वविद्यालय को छोड़कर) में वैज्ञानिक एवं तकनीकी महत्व के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी तथा गणित (STEM) से संबंधित महत्वपूर्ण दिवस आयोजित करने हेतु Sir Jnanendra Chandra Ghosh Scheme for Celebration of Days of Scientific and Technological Importance की स्वीकृति दी गई।

राज्य में संचालित उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानें में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के लिए झारखण्ड रोबोटिक्स फेस्टिवल (Jharkhand Robotics Festival) के आयोजन हेतु योजना की स्वीकृति दी गई।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की संशोधित धारा 14 (1) के प्रावधानों के अंतर्गत रांची, धनबाद एवं डालटेनगंज (पलामू) न्यायमंडलों में गठित 03 विशेष न्यायालय हेतु जिला न्यायाधीश स्तर के 03 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

श्री गणेश राम, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता, बाँध एवं गेट रूपांकण प्रमण्डल संख्या-03, रांची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-02) (कुल लंबाई-6.70 कि०मी०) के चार लेन मे चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- एक सौ बासठ करोड़ बेरासी लाख बाईस हजार एक सौ रूपये) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड मोटर वाहन करारोपन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप पर स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य वित्त आयोग, झारखण्ड, रांची के कार्यालय हेतु पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

पंचम राज्य वित्त आयोग के कार्यरत अध्यक्ष एवं सदस्य का कार्यकाल दिनांक-30. 09.2027 तक विस्तारित करने एवं पंचम राज्य वित्त आयोग के अंतिम रिपोर्ट हेतु दिनांक-30.09.2027 तक की समय-सीमा निर्धारित करने की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड सरकार के विभिन्न विभागों अन्तर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सहकारी संस्थाओं, शहरी निकायों और राज्य के स्वामित्ववाली कंपनियों को दिये जाने वाले ऋण का ब्याज दर निर्धारण किये जाने की स्वीकृति दी गई।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राक्कलन पर मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ विदेशी आयुर्विज्ञान स्नातकों (Foreign Medical Graduates) को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के आलोक में राज्य चिकित्सा परिषद (State Medical Council) में निबंधन के क्रम में इन्टर्नशिप हेतु राज्य के चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में इन्टर्नशिप एवं वृत्तिका की सुविधा देने की स्वीकृति दी गई।

★ नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S)-No.-4433/2024 अशोक कुमार गोराई एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 296/2025, अशोक कुमार गोराई एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री अशोक कुमार गोराई, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, सरायकेला एवं 10 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ आर्थिक मामलों के विभाग (Department of Economic Affairs) की Viability Gap Funding (VGF) के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के माध्यम से चार (4) मौजूदा जिला अस्पतालों धनबाद, खूँटी, गिरिडीह और जामताड़ा को मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड करने तथा इसके संचालन हेतु वित्तीय सहायता/अनुदान, विभिन्न समितियों का गठन एवं Bid Document की स्वीकृति दी गई।

★ कोषागार / उप कोषागार में स्वीकृत राजपत्रित पदों की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand Economic Survey 2025-26 का विधान सभा के पटल पर प्रस्तुत करने के संबंध में मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ अन्तर्राज्यीय बस पड़ाव, जमशेदपुर, जल संसाधन विभाग हेतु कार्यालय भवन एवं Commercial complex का PPP (DBFOT), पर निर्माण के लिए कुल रू० 153.37 करोड़ (एक सौ तिरेपन करोड़ सैंतिस लाख) मात्र की योजना पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के अन्तर्गत झारखण्ड लघु खनिज समनुदान नियमावली, 2004 एवं यथा संशोधित में आवश्यक संशोधन करते हुए झारखण्ड लघु खनिज समनुदान (संशोधन) नियमावली, 2026 को अधिसूचित करने की स्वीकृति दी गई।

★ सर जे० सी० बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह के संचालन हेतु शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन एवं इसके अन्तर्गत महाविद्यालयों में पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की स्वीकृति दी गई।

★ "Jharkhand Regularization of Unauthorizedly Constructed Building Rules, 2025" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड पशुपालन सेवा संवर्ग के विभिन्न श्रेणियों के नए पदों के सृजन / प्रत्यर्पण / पुनर्गठन / चिन्हितीकरण एवं तद्नुरूप झारखण्ड पशुपालन सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) संशोधित नियमावली, 2024 में यथा अपेक्षित संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ प्रो० (डॉ०) अरूण कुमार, सेवानिवृत निदेशक, तकनीकी शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को निदेशक, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग का वेतनमान रूपये 18400-22400/- स्वीकृति करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य अन्तर्गत State Institution for Transformation of Jharkhand (SITJ) एवं उसकी इकाईयों के गठन हेतु स्वीकृति दी गई।

★ सदस्य, राजस्व पर्षद, झारखण्ड की अध्यक्षता में गठित जाँच समिति की अनुशंसाओं तथा विशेष अंकेक्षण प्रतिवेदन के आलोक में झारखण्ड स्टेट इम्प्लीमेन्टिंग एजेन्सी, राँची (JSIA) के द्वारा वर्ष 2011-12 से 2019-20 की अवधि में विभागीय 430 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों के संचालन के क्रम में देयता राशि का भुगतान हेतु कुल रु० 27,93,23,025 (सत्ताईस करोड़ तिरानवे लाख तेईस हजार पच्चीस) के व्यय की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पथ प्रमंडल, पाकुड़ अन्तर्गत "शहरकोल से प्यादापुर पथ (पाकुड़ बाईपास) (कुल लम्बाई-6.340 कि०मी०) के निर्माण कार्य (भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टींग, वृक्षारोपण एवं R&R सहित) हेतु रू० 45,47,31,000/- (पैंतालीस करोड़ सैंतालीस लाख एकतीस हजार) मात्र की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन पर राज्य सरकार द्वारा कृत कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को षष्ठम् विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र के पटल पर पुरःस्थापन कराने के प्रस्ताव पर कार्योपरान्त मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित द्वितीय प्रतिवेदन एवं एतद संबंधी राज्य सरकार द्वारा कृत अंतरिम कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को षष्ठम् विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र के पटल पर पुरःस्थापन कराने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की कार्योपरान्त स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक-01.07.2025 के प्रभाव से महँगाई राहत दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01.07.2025 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में दिनांक-01.07.2025 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती फरहाना खातून, सम्प्रति सेवा से बर्खास्त, तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक, लोहरदगा को सेवा में पुनर्स्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 (अमृत 2.0) अंतर्गत 8721.32 लाख (सत्तासी करोड़ इक्कीस लाख बत्तीस हजार) रु. की लागत पर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त बरहरवा शहरी जलापूर्ति परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-23C(1) एवं धारा-23C (2) के अन्तर्गत अधिसूचित The Jharkhand Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Rules, 2017 में आवश्यक संशोधन करते हुए The Jharkhand Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Amendment Rules, 2026 को अधिसूचित करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड दिव्यांगजन अधिकार नियमावली, 2018 (यथा संशोधित) में आंशिक संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० प्रियाश्री सुनीता, व्याख्याता, राजकीय फार्मेसी संस्थान, बरियातु, राँची को अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ Compliance Reduction and Deregulation अन्तर्गत नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित Priority Areas एवं Sub-Priority Areas के विषय से संबंधित झारखण्ड भवन उपविधि-2016 (यथा संशोधित) में संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड पर्यटन विकास और निबंधन अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2025 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ Deposit Basis पर राज्य सरकार द्वारा कतारी बगान में नामकुम राँची स्टेशन के बीच कि०मी० 416.770 में manned L.C. No.-MH-27 के स्थान पर पथ उपरी पुल (आर०ओ०बी०) के निर्माण कार्य हेतु रू0 62,98,56,200/- (रुपये बासठ करोड़ अंठानबे लाख छप्पन हजार दो सौं) मात्र की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 4450/2024 गुणाधर महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 339/2025 गुणाधर महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री गुणाधर महतो, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, सरायकेला एवं 17 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ "झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली, 2025" के नियम 18 (i), 22(iii), 41(i) एवं 41 (iii) में संशोधन हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 718 दिनांक 26.03.2026 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 को वापस लेते हुए झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 पर मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) के Setu Bandhan Sub Scheme अन्तर्गत स्वीकृत Construction of ROB in lieu of existing L.C. No.-14/A/T km 268.520 from HWH at Jamtara-Karmatand-Laharjori road (MDR) at Jamtara District in the State of Jharkhand (Job No. CRF-JHR-2022-23/69) कार्य हेतु रू0 93,44,51,600/- (तिरानवे करोड़ चौवालीस लाख इक्यावन हजार छः सौ रूपये) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा इसमें सन्निहित राशि रू0 41,99,81,600/-(इकतालीस करोड़ निन्यानवे लाख इक्यासी हजार छः सौ रूपये) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत "Widening, Strengthening & Reconstruction work of Kothiya (NH-133)-Dighi-Gadi-Jhopa Parariya-Champagarh पथ (कुल लं0-16.850 कि०मी०) (under CRIF scheme) (भू-अर्जन एवं सेतु सहित) कार्य" हेतु कुल रू0 101,03,80,700/- (एक सौ एक करोड़ तीन लाख अस्सी हजार सात सौ रूपये) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू0 37,63,40,000/- (सैंतीस करोड़ तिरेसठ लाख चालीस हजार रूपये) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची अन्तर्गत "आशीर्वाद बैंक्वेट (करमटोली-ओरमांझी पथ, MDR-016 पर) से फायरिंग रेन्ज (बरियातु) (बूटी पथ पर) पथ (कुल लम्बाई-4.070 कि0मी0) के निर्माण कार्य (पुल निर्माण, भू-अर्जन, Utility Shifting, Afforestation एवं Rehabilitation & Resettlement सहित)" हेतु रू० 141,24,28,100/- (एक सौ एकतालीस करोड़ चौबीस लाख अठाईस हजार एक सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत "Widening & Strengthening/Reconstruction of Dalpatdih PWD Road to Khatponk Khoro Baraipat Nayanpur Road (under CRIF - Job No. CRF-JHR-2025-26-75) (कुल लं0-19.412 कि०मी०) कार्य" हेतु कुल रू0 114,15,02,400/- (एक सौ चौदह करोड़ पंद्रह लाख दो हजार चार सौ रूपये) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू0 20,28,54,564/- (बीस करोड़ अठाईस लाख चौवन हजार पांच सौ चौंसठ रूपये) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत Reconstruction of Bhajania of Mohamadganj to Haidernagar via Kolhua, Bardiha, Pansa, Adhori and Ranideva Road (कुल लंबाई-17.372 कि०मी०) (Job No. CRF-JHR-2022-23/63) हेतु रू0 117,91,53,200/- (एक सौ सत्तरह करोड़ एकानबे लाख तिरपन हजार दो सौ रूपये) मात्र की राशि पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति तथा इसमें सन्निहित राशि रू० 50,75,49,927/- (रूपये पचास करोड़ पचहत्तर लाख उनचास हजार नौ सौ सताईस) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन की स्वीकृति दी गई।

★ षष्ठम झारखण्ड विधान सभा का पंचम (बजट) सत्र (दिनांक 18.02.2026 से 18.03.2026 तक) के सत्रावसान हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना अन्तर्गत योग्य लाभुक पीड़ित बच्ची वामिका पटेल, पिता श्री अभिजीत कुमार (पु०अ०नि०) निमियांघाट थाना, गिरिडीह, झारखण्ड के SMA Type-1 रोग से ग्रसित होने की स्थिति में AIIMS, New-Delhi से प्राप्त प्रस्तावित ईलाज के लिए राशि उपलब्ध कराने हेतु स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-2899/2021-शिव कुमार सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-11.06.2024 को पारित आदेश के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं० 10505, दिनांक 31.12.2019 को निरस्त करते हुए श्री शिव कुमार सिंह, सेवानिवृत्त प्रधान आप्त सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग, झारखण्ड, राँची एवं श्री महेश प्रसाद शर्मा, सेवानिवृत्त आप्त सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग, झारखण्ड, राँची को द्वितीय ए०सी०पी० का लाभ वेतनमान 10000-15200 में तथा तृत्तीय एम०ए०सी०पी० का लाभ वेतनमान पी०बी०-3, ग्रेड पे-7600 में प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

Operation ‘WILEP’ के तहत  RPF व GRP ने संयुक्त कार्रवाई में दुर्लभ प्रजाति के सांपों के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट प्रयागराज द्वारा ऑपरेशन ‘WILEP’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव (सांप) के साथ गिरफ्तार किया गया है।
दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उप निरीक्षक विवेक कुमार, RPF पोस्ट प्रयागराज, हमराह स्टाफ एवं उप निरीक्षक राजेश कुमार वर्मा, GRP प्रयागराज द्वारा प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 01 पर गश्त के दौरान तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में पाए गए।
पूछताछ एवं तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 04 अदद दुर्लभ प्रजाति के सांप बरामद हुए, जिनमें 02 ब्लैक कोबरा एवं 02 दोमुंहा सांप शामिल हैं।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मोहित नाथ (जनपद रायबरेली), करन नाथ एवं आकेश नाथ (दोनों निवासी जनपद प्रयागराज) के रूप में हुई है।
घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को तीनों अभियुक्तों सहित बरामद सांपों को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु सुपुर्द कर दिया गया।
वन विभाग द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9, 39 एवं 51 के अंतर्गत आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव तस्करी में इन दुर्लभ प्रजाति के सांपों की कीमत करोड़ों रुपये तक आंकी जाती है।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सतर्कता एवं कार्रवाई जारी है।
सुल्तानपुर में शराब की दुकान को लेकर व्यापारियों ने उठाई आवाज, डीएम से की कार्रवाई की मांग
सुल्तानपुर में गोराबारिक मोहल्ले में एक शराब की दुकान को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश के बैनर तले जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें दुकान के संचालन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के अनुसार, गोराबारिक क्षेत्र में स्थित कंपोजिट मदिरा की दुकान पर शराब खरीदने आने वाले लोग अक्सर वहीं खड़े होकर शराब पीते हैं। इससे आसपास का माहौल बिगड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे में धुत लोग गाली-गलौज करते हैं और कई बार अशोभनीय हरकतें भी करते हैं, जिससे खासकर महिलाओं को काफी असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने यह भी बताया कि दुकान के पास ही अस्पताल, मंदिर और मस्जिद जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं। इसके बावजूद दुकान के बाहर ही शराब पिलाने की सुविधा दी जा रही है, जिससे धार्मिक और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही, ग्राहक अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप है कि दुकान के सेल्समैन द्वारा ग्राहकों को पानी, गिलास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे वहीं बैठकर शराब पीते हैं। विरोध करने पर दुकानदार और उसके कर्मचारी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देते हैं।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान के लाइसेंस की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकान के बाहर शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बहाल होगी।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
Alan Vikranth on behalf of his movie ‘Gloora’ is the first person in the world to direct and cinematograph a film while sitting in a wheelchair.

By directing and shooting the film Gloora, Alan Vikranth has achieved a unique record of becoming the first person in the world to direct and cinematograph a film while moving on a wheelchair. Alan completed the script and story of the film GLOORA after a long four-month effort and hard work in 2022. Later, the filming of GLOORA was completed in three schedules of 100 days of tireless shooting in the years 2022-23. Alan was very often taken, carried in the hands by friends to the various forest and mountain locations where even a vehicle finds hard to reach.Despite many times, the weather and physical condition being so bad and challenging, Alan completed the direction and cinematography of his dream project GLOORA while sitting in a wheelchair in 2023. The reason for the prolonged post-production was the introduction of graphics scenes and a making style that have never been seen in Indian cinema until now.

Although Alan had to encounter many challenges and adverse situations during post-production, Alan is overcoming them all with extra commitment and dedication and nearing the completion of GLOORA. Alan says that even when he feels down in any bad situation, the support of his parents, producer, co-producer, legal advisor, and close friends keeps him going.

Alan was in a wheelchair after suffering a spinal cord injury in a car accident in 2018. Alan completed his cinematography studies from the Ernakulam Film Institute between 2015-2016. He then worked in films and short films. Then, while he was planning to make his own films, the unexpected accident happened. He lost all his hopes and spent most of the next 3 years in the hospital. Even when the doctors had predicted that he would have to spend the rest of his life in a wheelchair, Alan held on to his dreams and wrote the script for his first film, Gloora, while lying down. Along with the completion of the film Gloora, Alan continues to fight his fate and get up from his wheelchair and walk. The life of Gloora film director Alan Vikrant is a role model and inspiration for today's society, which is overwhelmed by even the smallest difficulties.

Director, Script Writer, DOP : Alan vikranth. Producer : Clint Sebastian. Co-producer : Sreejith Sasidharan. Legel Advisor : Adv. Omar Salim. Camera : Bibin Joy, Richmon Joseph, Harikrishnan B. Editor : Daniel Pakalomattam. VFX Supervisor : Ferdinant Joy. Creative Director : Ashwath R Nath. Sound Design : Sanoj Joy. Art : Ragesh Vs Keezhillam, Vishnu M Mani. Make-up : Manoj M St Parappanangadi. Helicam : Tony Jhon. Actors : Sandy Zero, Albi Agustin, Jithin T George, Sreenath T K, George T V, Alan Vikranth. Production Controllers : Jibin T George, Jestin T J.

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শিলাবৃষ্টিতে কার্যত বরফে ঢেকে গেল বসিরহাটের সন্দেশখালির সেহেরা-রাধানগর এলাকা
সৌমাভ মন্ডল, বসিরহাট: মঙ্গলবার সন্ধ্যায় হঠাৎ করে শিলাবৃষ্টিতে কার্যত বরফে ঢেকে গেল বসিরহাটের সন্দেশখালির সেহেরা-রাধানগর এলাকা। প্রকৃতির এই আচমকা রূপে স্তম্ভিত হয়ে পড়েন স্থানীয় বাসিন্দারা। কয়েক মিনিটের মধ্যেই চারপাশের দৃশ্য বদলে যায় একেবারে শীতপ্রধান অঞ্চলের মতো। সন্দেশখালি ১নং ব্লকের সেহারা এলাকায় এদিন সকাল পর্যন্ত আবহাওয়া ছিল একেবারেই স্বাভাবিক। রোদের ঝলকানি থাকলেও বেলা বাড়ার সঙ্গে সঙ্গে আচমকাই আকাশে জমতে শুরু করে কালো মেঘ। ধীরে ধীরে সেই মেঘে ঢেকে যায় গোটা আকাশ। দুপুর গড়িয়ে যাওয়ার কিছুক্ষণের মধ্যেই পরিস্থিতি আরও বদলে যায়। শুরু হয় হালকা ঝোড়ো হাওয়া, আর তার সঙ্গে হঠাৎই নেমে আসে শিলাবৃষ্টি। প্রথমে অল্প হলেও কিছুক্ষণের মধ্যেই তা তীব্র আকার ধারণ করে।শিলার দাপটে মুহূর্তের মধ্যে বাড়ির ছাদ, রাস্তা এবং বাড়ির উঠান সাদা চাদরে ঢেকে যায়। দেখে মনে হচ্ছিল যেন বরফ পড়েছে এলাকাজুড়ে। এমন দৃশ্য আগে খুব কমই দেখেছেন বলে জানান স্থানীয়রা। এই শিলাবৃষ্টির জেরে সবচেয়ে বেশি ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছেন এলাকার কৃষকরা। ধানসহ বিভিন্ন সবজি চাষে ব্যাপক ক্ষয়ক্ষতির আশঙ্কা তৈরি হয়েছে। অনেক ক্ষেতেই ফসল নষ্ট হয়ে গেছে বলে দাবি স্থানীয়দের। হঠাৎ এই প্রাকৃতিক দুর্যোগে দুশ্চিন্তায় পড়েছেন চাষিরা। প্রশাসনের কাছে ক্ষতিপূরণের দাবিও তুলেছেন তারা।