श्रीराम कथा को लेकर पैड़ीबरा से सरयू घाट तक निकली भव्य कलश यात्रा
*सैकड़ों गाड़ियों के साथ निकली कलश यात्रा

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पैड़ीबरा स्थित सम्मय माता मंदिर में आज रविवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन प्रारंभ हो रहा है।पूज्य राजन जी महाराज के श्री मुख से वाचन होने वाली इस कथा से पहले सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा से सरयू घाट करनैलगंज तक कलश यात्रा निकाली गई है।जिसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला शामिल हुआ।श्रद्धालु करनैलगंज स्थित सरयू घाट से सरयू नदी का जल लेकर सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा पहुंचेंगे जहाँ कलश स्थापना की जाएगी।जिले में रह पहली बार है जब इतनी दूर कलश यात्रा पैदल ना चलकर सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ निकाली गई है।श्रीराम कथा का शुभारंभ रविवार शाम 5 बजे से होगा,जिसमें पूज्य राजन जी महराज श्रीराम कथा महिमा का गुणगान करेंगे।कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पुलिसकर्मी तैनात थे तथा पुलिस वाहन काफिले के आगे पीछे और बीच में चल रहे थे ताकि यात्रा सकुशल संपन्न हो सके।इस कलश यात्रा और नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन श्रीराम कथा आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है।इस कथा में कई वीवीआईपी लोगों के शामिल होने की संभावना है।इस कथा में देवी पाटन मंडल के चारों जिलों के साथ ही आसपास के चार अन्य मंडलों के लोगों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया गया है।यह श्रीराम वर्ष 2022 में कटरा बाजार भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक की गई थी।चार साल के लंबे अंतराल के बाद अब इस कथा का आयोजन हो रहा है।श्रीराम कथा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।खराब मौसम को देखते हुए भी उससे बचाव को लेकर भी इंतजाम किया गया है।इस श्रीराम कथा में योगी आदित्यनाथ सरकार के सभी मंत्रियों सहित सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
राजन महराज 9 दिन करेंगे रामकथा का वाचन,2 लाख से अधिक आमंत्रण पत्र वितरित
*3 मई से 11 मई तक होगी रामकथा, योगी मंत्रिमंडल आमंत्रित

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित सम्मय माता मंदिर,पैड़ीबरा में 9 दिवसीय श्री रामकथा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।श्री रामकथा आयोजन समिति ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कथा के बारे में विस्तृत जानकारी दिया।आयोजन समिति के अनुसार,गोंडा और अयोध्या सहित चार मंडलों से लगभग दो लाख से अधिक भक्त पूज्य राजन जी महाराज की श्रीराम कथा में शामिल होंगे।यह कथा वर्ष 2022 में भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक कराई गई थी।चार साल के इंतजार के बाद यह श्री राम कथा 3 मई से 11 मई तक आयोजित की जाएगी।कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आयोजन समिति के सदस्यों से मिलकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त किया है।श्री राम कथा आयोजन समिति ने पूरे योगी मंत्रिमंडल,प्रदेश के कई विधायकों,कई उपमुख्यमंत्री व कई केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रण भेजा है,इसके अतिरिक्त कई बड़े अभिनेता, गायक और राजनेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।आयोजन समिति के मुख्य सदस्य व भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला ने बताया कि चार मंडलों में लगभग दो लाख लोगों को आमंत्रण पत्र वितरित किये गए हैं।समिति ने आम जनमानस से 3 मई से 11 मई तक आयोजित होने वाली इस श्री राम कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील किया है।गांव गांव जाकर के लोगों को कार्ड के माध्यम से इस कथा में शामिल होने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।9 दिवसीय इस श्री राम कथा के दौरान अलग अलग तरीके से कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।श्री राम कथा महिमा से श्री राम कथा की शुरुआत होगी,सुंदरकांड व श्री राम राज्याभिषेक के साथ इस कथा का समापन होगा तथा 12 मई को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त,दस्तावेजों में कमी के कारण हुई कार्रवाई

*5 जून तक पुनः पंजीकरण कराने के निर्देश

गोंडा।जिले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और आवश्यक जानकारी के अभाव में की गयी है।प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए उम्मीद (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू किया था।इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल,स्थापना का समय व मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गये थे।निर्धारित सूचनाएं एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त करने का निर्णय लिया है।हालांकि यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है।बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया गया है। जिन संपत्तियों का रद्दीकरण हुआ है,उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उम्मीद पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।दोबारा पंजीकरण के लिए आवश्यक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो,पते का प्रमाण,मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र,मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी,धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा।विभागीय सूत्रों व वक्फ निरीक्षक के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली वक्फ संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों व मस्जिदों की है।सूची में छोटे मुहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान,मदरसे, ईदगाह,इमामबाड़ा,दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यवसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं।बताते चलें कि जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं,जिनमें एक तिहाई से अधिक पर कार्रवाई हुई है।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है।अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हुई हैं,ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके।जिले के वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने पुष्टि किया है कि 371 संपत्तियों का पंजीकरण खामियों के कारण निरस्त किया गया है।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

* परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी आयोजित, 06 मई से प्रवेश पत्र होंगे डाउनलोड 

प्रयागराज / लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।

 परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी।

विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
36 गांव में बनेंगे अन्नपूर्णा भवन, डेढ़ करोड़ जारी


*तीन करोड़ होंगे खर्च,50 फीसदी काम पूरा के बाद जारी होगी धनराशि*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की 36 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन बनेंगे। इन भवनों से उपभोक्ताओं को अनाज तो मिलेगा साथ ही उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। तीन करोड़ की लागत से बनने वाले भवन के लिए डेढ़ करोड़ की पहली किस्त जारी हो गई। पूर्ति विभाग ने एक-एक ग्राम पंचायतों को पैसा जारी कर दिया है। प्रदेश में डोर स्टेप डिलेवरी के तहत सिंगल स्टेज व्यवस्था लागू की गई है। इसमें राशन ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से सीधे कोटेदारों तक पहुंचता है। गांव में सकरे रास्ते और दुकान होने के कारण राशन वहां तक नहीं पहुंच पाता था। इस कारण समय से लोगों को राशन नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। सरकारी राशन वितरण में अनियमितता की भी शिकायत मिलती थी। इसके समाधान के लिए शासन स्तर से प्रदेश के सभी जिलों में साल 2022 में 75-75 मॉडल दुकानों के निर्माण का निर्देश दिया गया था। शुरुआत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना जो अब वीबी जी रामजी हो गई है। साल 2023-24 में करीब 72 और 2024-25 में 30 भवन की स्वीकृति मिली थी। अब तक 50 से अधिक भवन पूर्ण हो गए हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन है। शासन ने 2025-26 के लिए 36 अन्नपूर्णा भवन निर्माण की मंजूरी दी है। यह सभी भवन पूर्ति विभाग के माध्यम से बनाए जाएंगे। तीन करोड़ होने वाले खर्च में आधी रकम जारी कर दी गई है। पूर्ति विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों को पैसा भेज दिया गया। अब ग्राम पंचायतें जमीन चिह्नित करके निर्माण कराएंगी।



36 अन्नपूर्णा भवन बनाने की स्वीकृति मिली है। एक-एक भवन पर आठ लाख 47 हजार रुपये खर्च होंगे। पहले किस्त के रूप में डेढ़ करोड़ जारी हुए। उक्त धनराशि को ग्राम पंचायतों को जारी कर दिया गया है। - सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी।
दो दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026' का भव्य एवं सफल आयोजन संपन्न

लखनऊ। दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय **दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026** का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत योगी आदित्यनाथ द्वारा विभाग के नाम भेजे गए शुभकामना संदेश के वाचन से हुई।
कार्यक्रम में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि डेयरी क्षेत्र रोजगार सृजन का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीक और नवाचार के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में दुग्ध विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखने का संकल्प विभाग का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
विभाग द्वारा **नन्द बाबा दुग्ध मिशन** और उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। “गौ से ग्राहक तक” समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार डेयरी क्षेत्र का राज्य के सकल मूल्यवर्धन (GSVA) में लगभग **1.72 लाख करोड़ रुपये** का योगदान है। अब तक दुग्ध विकास क्षेत्र में **25,000 करोड़ रुपये** से अधिक के **796 एमओयू** किए गए हैं, जिनसे **60,000 से अधिक रोजगार** सृजित होंगे।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के अंतर्गत डेयरी सेक्टर में **2,000 करोड़ रुपये** की 72 परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिनसे 4,000 रोजगार सृजित हुए। इसके अतिरिक्त **3,000 करोड़ रुपये** से अधिक के 59 नए एमओयू भी विभिन्न कंपनियों से किए जा रहे हैं।
महोत्सव में प्रदेश के लगभग **10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों** ने भाग लिया। वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों सहित देश-विदेश के लाखों लोगों को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग में योगदान देने वाले कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

#nashiktcsconversionpleasupreme_court

इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।

श्रीराम कथा को लेकर पैड़ीबरा से सरयू घाट तक निकली भव्य कलश यात्रा
*सैकड़ों गाड़ियों के साथ निकली कलश यात्रा

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पैड़ीबरा स्थित सम्मय माता मंदिर में आज रविवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन प्रारंभ हो रहा है।पूज्य राजन जी महाराज के श्री मुख से वाचन होने वाली इस कथा से पहले सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा से सरयू घाट करनैलगंज तक कलश यात्रा निकाली गई है।जिसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला शामिल हुआ।श्रद्धालु करनैलगंज स्थित सरयू घाट से सरयू नदी का जल लेकर सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा पहुंचेंगे जहाँ कलश स्थापना की जाएगी।जिले में रह पहली बार है जब इतनी दूर कलश यात्रा पैदल ना चलकर सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ निकाली गई है।श्रीराम कथा का शुभारंभ रविवार शाम 5 बजे से होगा,जिसमें पूज्य राजन जी महराज श्रीराम कथा महिमा का गुणगान करेंगे।कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पुलिसकर्मी तैनात थे तथा पुलिस वाहन काफिले के आगे पीछे और बीच में चल रहे थे ताकि यात्रा सकुशल संपन्न हो सके।इस कलश यात्रा और नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन श्रीराम कथा आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है।इस कथा में कई वीवीआईपी लोगों के शामिल होने की संभावना है।इस कथा में देवी पाटन मंडल के चारों जिलों के साथ ही आसपास के चार अन्य मंडलों के लोगों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया गया है।यह श्रीराम वर्ष 2022 में कटरा बाजार भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक की गई थी।चार साल के लंबे अंतराल के बाद अब इस कथा का आयोजन हो रहा है।श्रीराम कथा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।खराब मौसम को देखते हुए भी उससे बचाव को लेकर भी इंतजाम किया गया है।इस श्रीराम कथा में योगी आदित्यनाथ सरकार के सभी मंत्रियों सहित सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
राजन महराज 9 दिन करेंगे रामकथा का वाचन,2 लाख से अधिक आमंत्रण पत्र वितरित
*3 मई से 11 मई तक होगी रामकथा, योगी मंत्रिमंडल आमंत्रित

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित सम्मय माता मंदिर,पैड़ीबरा में 9 दिवसीय श्री रामकथा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।श्री रामकथा आयोजन समिति ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कथा के बारे में विस्तृत जानकारी दिया।आयोजन समिति के अनुसार,गोंडा और अयोध्या सहित चार मंडलों से लगभग दो लाख से अधिक भक्त पूज्य राजन जी महाराज की श्रीराम कथा में शामिल होंगे।यह कथा वर्ष 2022 में भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक कराई गई थी।चार साल के इंतजार के बाद यह श्री राम कथा 3 मई से 11 मई तक आयोजित की जाएगी।कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आयोजन समिति के सदस्यों से मिलकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त किया है।श्री राम कथा आयोजन समिति ने पूरे योगी मंत्रिमंडल,प्रदेश के कई विधायकों,कई उपमुख्यमंत्री व कई केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रण भेजा है,इसके अतिरिक्त कई बड़े अभिनेता, गायक और राजनेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।आयोजन समिति के मुख्य सदस्य व भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला ने बताया कि चार मंडलों में लगभग दो लाख लोगों को आमंत्रण पत्र वितरित किये गए हैं।समिति ने आम जनमानस से 3 मई से 11 मई तक आयोजित होने वाली इस श्री राम कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील किया है।गांव गांव जाकर के लोगों को कार्ड के माध्यम से इस कथा में शामिल होने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।9 दिवसीय इस श्री राम कथा के दौरान अलग अलग तरीके से कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।श्री राम कथा महिमा से श्री राम कथा की शुरुआत होगी,सुंदरकांड व श्री राम राज्याभिषेक के साथ इस कथा का समापन होगा तथा 12 मई को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त,दस्तावेजों में कमी के कारण हुई कार्रवाई

*5 जून तक पुनः पंजीकरण कराने के निर्देश

गोंडा।जिले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और आवश्यक जानकारी के अभाव में की गयी है।प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए उम्मीद (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू किया था।इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल,स्थापना का समय व मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गये थे।निर्धारित सूचनाएं एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त करने का निर्णय लिया है।हालांकि यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है।बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया गया है। जिन संपत्तियों का रद्दीकरण हुआ है,उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उम्मीद पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।दोबारा पंजीकरण के लिए आवश्यक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो,पते का प्रमाण,मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र,मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी,धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा।विभागीय सूत्रों व वक्फ निरीक्षक के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली वक्फ संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों व मस्जिदों की है।सूची में छोटे मुहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान,मदरसे, ईदगाह,इमामबाड़ा,दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यवसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं।बताते चलें कि जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं,जिनमें एक तिहाई से अधिक पर कार्रवाई हुई है।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है।अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हुई हैं,ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके।जिले के वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने पुष्टि किया है कि 371 संपत्तियों का पंजीकरण खामियों के कारण निरस्त किया गया है।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

* परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी आयोजित, 06 मई से प्रवेश पत्र होंगे डाउनलोड 

प्रयागराज / लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।

 परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी।

विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
36 गांव में बनेंगे अन्नपूर्णा भवन, डेढ़ करोड़ जारी


*तीन करोड़ होंगे खर्च,50 फीसदी काम पूरा के बाद जारी होगी धनराशि*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की 36 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन बनेंगे। इन भवनों से उपभोक्ताओं को अनाज तो मिलेगा साथ ही उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। तीन करोड़ की लागत से बनने वाले भवन के लिए डेढ़ करोड़ की पहली किस्त जारी हो गई। पूर्ति विभाग ने एक-एक ग्राम पंचायतों को पैसा जारी कर दिया है। प्रदेश में डोर स्टेप डिलेवरी के तहत सिंगल स्टेज व्यवस्था लागू की गई है। इसमें राशन ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से सीधे कोटेदारों तक पहुंचता है। गांव में सकरे रास्ते और दुकान होने के कारण राशन वहां तक नहीं पहुंच पाता था। इस कारण समय से लोगों को राशन नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। सरकारी राशन वितरण में अनियमितता की भी शिकायत मिलती थी। इसके समाधान के लिए शासन स्तर से प्रदेश के सभी जिलों में साल 2022 में 75-75 मॉडल दुकानों के निर्माण का निर्देश दिया गया था। शुरुआत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना जो अब वीबी जी रामजी हो गई है। साल 2023-24 में करीब 72 और 2024-25 में 30 भवन की स्वीकृति मिली थी। अब तक 50 से अधिक भवन पूर्ण हो गए हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन है। शासन ने 2025-26 के लिए 36 अन्नपूर्णा भवन निर्माण की मंजूरी दी है। यह सभी भवन पूर्ति विभाग के माध्यम से बनाए जाएंगे। तीन करोड़ होने वाले खर्च में आधी रकम जारी कर दी गई है। पूर्ति विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों को पैसा भेज दिया गया। अब ग्राम पंचायतें जमीन चिह्नित करके निर्माण कराएंगी।



36 अन्नपूर्णा भवन बनाने की स्वीकृति मिली है। एक-एक भवन पर आठ लाख 47 हजार रुपये खर्च होंगे। पहले किस्त के रूप में डेढ़ करोड़ जारी हुए। उक्त धनराशि को ग्राम पंचायतों को जारी कर दिया गया है। - सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी।
दो दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026' का भव्य एवं सफल आयोजन संपन्न

लखनऊ। दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय **दुग्ध स्वर्ण महोत्सव - 2026** का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत योगी आदित्यनाथ द्वारा विभाग के नाम भेजे गए शुभकामना संदेश के वाचन से हुई।
कार्यक्रम में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि डेयरी क्षेत्र रोजगार सृजन का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीक और नवाचार के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में दुग्ध विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखने का संकल्प विभाग का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
विभाग द्वारा **नन्द बाबा दुग्ध मिशन** और उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। “गौ से ग्राहक तक” समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार डेयरी क्षेत्र का राज्य के सकल मूल्यवर्धन (GSVA) में लगभग **1.72 लाख करोड़ रुपये** का योगदान है। अब तक दुग्ध विकास क्षेत्र में **25,000 करोड़ रुपये** से अधिक के **796 एमओयू** किए गए हैं, जिनसे **60,000 से अधिक रोजगार** सृजित होंगे।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के अंतर्गत डेयरी सेक्टर में **2,000 करोड़ रुपये** की 72 परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिनसे 4,000 रोजगार सृजित हुए। इसके अतिरिक्त **3,000 करोड़ रुपये** से अधिक के 59 नए एमओयू भी विभिन्न कंपनियों से किए जा रहे हैं।
महोत्सव में प्रदेश के लगभग **10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों** ने भाग लिया। वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों सहित देश-विदेश के लाखों लोगों को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग में योगदान देने वाले कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

#nashiktcsconversionpleasupreme_court

इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।