बेटियों की शिक्षा का 'झारखंड मॉडल': सावित्रीबाई फुले योजना से 21 लाख से अधिक छात्राओं को मिला सीधा लाभ; ₹40,000 की मिलेगी प्रोत्साहन राशि

रांची | 31 दिसम्बर 2025: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार की सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना राज्य की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होने वाली किशोरियों को अब सरकार ₹40,000 तक की चरणबद्ध सहायता राशि प्रदान कर रही है।

शिक्षा से सशक्तिकरण तक का सफर

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को कक्षा 8वीं से 12वीं तक स्कूल से जोड़े रखना है। सरकार का मानना है कि जब बेटी शिक्षित होगी, तभी बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं का अंत होगा। योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे छात्राओं के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है।

तीन वर्षों का रिपोर्ट कार्ड: करोड़ों की मदद

योजना की सफलता का अंदाजा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:

वित्तीय वर्ष लाभार्थियों की संख्या कुल आवंटित राशि

2022-23 7,28,332 बालिकाएं ₹344.80 करोड़

2023-24 7,18,272 बालिकाएं ₹365.98 करोड़

2024-25 7,38,687 बालिकाएं ₹368.71 करोड़

ऑनलाइन पोर्टल से आई पारदर्शिता

अबुआ सरकार ने भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करने के लिए डिजिटल पोर्टल की शुरुआत की है। अब आवेदन सीधे स्कूलों के माध्यम से ऑनलाइन भरे जा रहे हैं।

वर्तमान स्थिति: इस वर्ष अब तक 5.92 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।

भुगतान: 1.97 लाख बालिकाओं को ₹71.76 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

लक्ष्य: इस वित्तीय वर्ष में कुल ₹270 करोड़ व्यय करने का लक्ष्य है।

पात्र छात्राएं कैसे उठाएं लाभ?

आठवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली सभी पात्र बालिकाएं अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी से भी सहायता ली जा सकती है।

देवघर के मैत्रेय स्कूल का वार्षिक खेलकूद समारोह उत्सव और उल्लास के साथ हुआ संपन्न।
देवघर : मैत्रेय स्कूल में वार्षिक खेलकूद समारोह हर्षोल्लास और अनुशासन के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक एवं अनुशासित मार्च पास्ट से हुआ। इसके पश्चात ध्वज वंदन एवं मशाल प्रज्वलन समारोह संपन्न हुआ। जिसने पूरे वातावरण को खेल भावना से ओत-प्रोत कर दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रदीप भैया तथा विशिष्ट अतिथि आर्थोपेडिक डा. के शशि ने विभिन्न हाउस के कैप्टनों से हाउस ध्वज ग्रहण कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। समारोह का समापन विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।विद्यालय के निदेशक एसडी मिश्रा द्वारा खेल भावना की शपथ दिलाई गई। जिसमें ईमानदारी, अनुशासन एवं टीम वर्क की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। इस शपथ ने सभी प्रतिभागियों में एकजुटता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।प्राइमरी वर्ग के बच्चों द्वारा आकर्षक ड्रिल की प्रस्तुति के बाद विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिनमें रिले रेस, बाधा दौड़, चम्मच गेंद दौड़, थ्री-लेग्ड रेस, व्हील-बैरो रेस सहित अनेक रोचक एवं रोमांचक स्पर्धाएं शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खेल भावना, अनुशासन एवं आत्मविश्वास का सुंदर परिचय दिया। विद्यालय की प्राचार्या विनीता मिश्रा ने कहा कि, विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत है। खेलकूद न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम स्पिरिट का भी विकास करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में नियमित रूप से प्रशिक्षित खेल प्रशिक्षकों की देखरेख में खेल गतिविधियां कराई जाती हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।इस सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों गैर- शिक्षकीय कर्मचारियों तथा अभिभावकों का सहयोग सराहनीय रहा.
पुलिस मंथन–2025 का समापन, मुख्यमंत्री ने किया दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सम्मेलन का उल्लेख
लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन “पुलिस मंथन–2025” का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए गए, जिनमें आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, इंटेलिजेंस व उभरती चुनौतियाँ तथा आतंकवाद एवं संगठित अपराध शामिल रहे।

अंतिम दिन के सत्रों का सार

—सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी  प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।

सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।

सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में  प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों,  सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal),  अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, अंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं  अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित

वर्ष 2022

1. प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र
2. विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश
3. रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद
4. दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग
5. मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद

वर्ष 2023

6. शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र
7. विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ
8. विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर
9. मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर
10. शैलेष कुंतल- महिला आरक्षी

वर्ष 2024

11. अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली
12. विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ
13. अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ

वर्ष 2025

14. कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल
15. प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ
16. प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा

मुख्यमंत्री  द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन  प्रधानमंत्री  के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।

उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री  ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन जैसे विचार-मंच को प्रतिवर्ष दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि प्रस्तावों का नियमित फॉलोअप हो और नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जा सकें। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अलंकरण से सम्मानित पुलिस कार्मिकों को शुभकामनाएँ देते हुए पुनः आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सभी सत्रों में प्रस्तुतीकरण देने वाले समस्त अधिकारियों के विचारों एवं प्रस्तुतिकरणों को अत्यंत सारगर्भित, व्यावहारिक तथा परिणामोन्मुखी बताते हुए उनकी सराहना की और उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी को यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस मंथन के दौरान प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों एवं निष्कर्षों का शीघ्र, प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा । तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक कारागार, उत्तर प्रदेश प्रेम चंद मीणा के धन्यवाद उद्बोधन से इस दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन का समापन हुआ ।
साई कॉलेज में मनाया गया वीर बाल दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को वीर बाल दिवस मनाया गया। प्राध्यापक और विद्यार्थिर्यों को सम्बोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. शैलेष देवांगन ने कहा कि वीर बाल दिवस सिखों के दसवें गुरू गोविन्द सिंह के साहिबजादों के अविस्मरणीय बलिदान के लिए मनाया जाता है। साहिबजादा अजित सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह मुगलों से युद्ध करते हुए शहीद हुए थे। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह के साथ गुरू गोविन्द सिंह की मां गुजरी देवी छिप कर रही थीं। उन्हें मुगल सैनिकों ने खोज लिया। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह पर मुुगलों ने धर्मांतरण का दबाव डाला। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह ने अपने धर्म के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया। मुगलों ने उन्हें जिन्दा दीवार में चुनवा दिया। मुगलों के इस जघन्य कृत्य के बाद मां गुजरी देवी ने प्राण त्याग दिये।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने २०२२ में वीर बाल दिवस की शुभारंभ किया। इस दिन वीरता, त्याग और अद्भूत शौर्य के लिए राष्ट्रपति द्वारा बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है।कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र दास सोनवानी, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के प्रभारी एल.पी. गुप्ता, दीपक तिवारी तथा सभी अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

वीर बाल दिवस पर साहिबजादो को नमन कोरांव में निकली प्रभात फेरी
भाजपा यमुनापार ने वीरता त्याग और धर्म रक्षा का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से राष्ट्रीय दिवस बना वीर बाल दिवस

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत में भारतीय जनता पार्टी यमुनापार जिला द्वारा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल के निर्देशानुसार बुधवार को वीर बाल दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।इस अवसर पर कोरांव में विजय चौक से गुरुद्वारा परिसर तक साहिबजादों को नमन करते हुए प्रभात फेरी निकाली गई।प्रभात फेरी के दौरान बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह के बलिदान को स्मरण करते हुए प्रेरणादायी नारे लगाए गए।कार्यक्रम के संयोजक राकेश पांडेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रभात फेरी में सुरजीत सिंह खनूजा केसर सिंह जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी प्रसाद तिवारी अशोक पाण्डेय अजीत प्रताप सिंह चेयरमैन ओम प्रकाश केसरी पूर्व चेयरमैन नरसिंह केसरी दिलीप कुमार चतुर्वेदी सतीश विश्वकर्मा अनिल मिश्रा हरिकृष्ण द्विवेदी रामराज पटेल सूर्य प्रताप सिंह राजू द्विवेदी करुणेन्द्र श्रीवास्तव पंकज केसरी आरती कोल पिंटू चौबे राम अवध कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।इस अवसर पर वक्ताओ ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने 26 दिसम्बर को“वीर बाल दिवस”के रूप में राष्ट्रीय दिवस घोषित कर साहिबजादो के अद्वितीय बलिदान को अमर कर दिया है।यह घोषणा 9 जनवरी 2022 को गुरु गोविन्द सिंह के प्रकाश पर्व के अवसर पर की गई थी ताकि आने वाली पीढ़ियो को साहस त्याग और धर्म रक्षा की प्रेरणा मिल सके।इस दौरान यातायात सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल उपस्थित रहे।

भारतीय नोटों से गांधी की तस्वीर हटाने की तैयारी, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास का दावा

#centreplanningtoremovegandhiimagefromcurrencynotes 

संसद के शीत सत्र में केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी-जी राम जी बिल पास करवा लिया। इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है। यह बिल देश में रोजगार गारंटी स्कीम मनरेगा की जगह लेगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने मनरेगा स्कीम से महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए यह कानून बनाया है। इसको लेकर जारी विवाद के बीच केरल से माकपा के सांसद जॉन ब्रिटास ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा के बाद अब नोट से भी महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की योजना बना रही है।

नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने का प्लान

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार सीपीएम एमपी जॉन ब्रिटास ने दावा किया है कि करेंसी नोट से गांधी की फोटो हटाने के लिए एक 'उच्च-स्तरीय बैठक' पहले ही हो चुकी है। राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा है कि केंद्र सरकार भारतीय करेंसी नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि इसके लिए शुरुआती प्लान बन चुका है और भारत की विरासत को दर्शाने वाले प्रतीकों से इसे बदलने के लिए चर्चा चल रही है। 

प्रतीकों को फिर से लिखने की एक बड़ी कोशिश

सांसद का यह आरोप ऐसे किसी भी विचार पर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) के बार-बार इनकार करने के बावजूद आया है। ब्रिटास ने कहा कि आधिकारिक इनकारों के बावजूद इस मुद्दे पर पहली दौर की उच्च स्तरीय चर्चा हो चुकी है। यह अब मेरा अनुमान नहीं है। गांधी को हमारी मुद्रा से हटाना राष्ट्र के प्रतीकों को फिर से लिखने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

पहले भी आ चुकी हैं ऐसी खबरें

2022 में रिजर्व बैंक ने ऐसी रिपोर्ट का खंडन किया था, जिसमें भारतीय करेंसी से गांधी की फोटो हटाए जाने की बातें कही जा रही थी। तब कथित रूप से कुछ मीडिया रिपोर्ट में आरबीआई और वित्त मंत्रालय की ओर से कुछ करेंसी नोट पर रबिंद्रनाथ टैगोर और एपीजे अब्दुल कलाम जैसी शख्सियतों की तस्वीर लगाने की खबरें थीं।

प्रदेश पुलिस में 537 पदों पर सीधी भर्ती का मौका, 19 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन

लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में गोपनीय, लिपिक और लेखा संवर्ग से जुड़े उपनिरीक्षक स्तर के कुल 537 खाली पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इससे संबंधित विस्तृत विज्ञापन शनिवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। इच्छुक अभ्यर्थी 19 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पूर्व उम्मीदवारों के लिए बोर्ड की वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रणाली में पंजीकरण कराना अनिवार्य रखा गया है।

लेखपाल भर्ती में आरक्षण विवाद, प्रस्ताव में होगा संशोधन

राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों पर प्रस्तावित भर्ती में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर उठे सवालों के बाद राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट की है। परिषद ने आयोग को आश्वस्त किया है कि एक सप्ताह के भीतर संशोधित भर्ती प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।

आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की तरफ जारी किया गया पत्र

आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि लेखपाल पद मंडल स्तरीय संवर्ग के अंतर्गत आता है और इसकी नियुक्ति का अधिकार उप जिलाधिकारी के पास होता है। मंडलायुक्तों द्वारा जिलों से प्राप्त श्रेणीवार कार्यरत एवं रिक्त पदों के विवरण के आधार पर आरक्षण (लंबवत एवं क्षैतिज) सहित रिक्तियों का आकलन कर परिषद को प्रस्ताव भेजा गया था। इसी प्रस्ताव के आधार पर आयोग को भर्ती विवरण उपलब्ध कराया गया।

जारी विज्ञापन में श्रेणीवार रिक्तियों में बदलाव की संभावना

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2022 में लागू उप्र लेखपाल सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली से पहले लेखपालों की भर्ती जिला स्तर पर की जाती थी। हाल ही में परिषद को जिलास्तर पर श्रेणीवार पदों से जुड़ी कुछ नई जानकारियां प्राप्त हुई हैं। इन्हीं तथ्यों के चलते आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में श्रेणीवार रिक्तियों में बदलाव की संभावना जताई गई है।राजस्व परिषद ने कहा है कि संशोधित आंकड़ों के साथ नया प्रस्ताव आयोग को शीघ्र भेजा जाएगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी भी तरह की तकनीकी या कानूनी त्रुटि से बचा जा सके।
बारा की नवांगतुक एसीपी निकिता श्रीवास्तव ने सम्भाला चार्ज
जनता की समस्याओं का होगा समाधान

लूट-पाट व अपराध पर होगा पूर्ण नियंत्रण:एसीपी बारा निकिता श्रीवास्तव

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।नवांगतुक सहायक पुलिस आयुक्त(एसीपी)बारा निकिता श्रीवास्तव ने अपना कार्यभार सम्भाल लिया।एसीपी बारा कुजलता की जगह उन्होने चार्ज लेते ही सर्किल के अन्तर्गत पड़ने वाले थानो सहित क्षेत्रो की जानकारी ली। कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पुलिस आयुक्त द्वारा बीते दिनो एसीपी का स्थानांतरण किया गया।स्थानांतरण क्रम में बर्ष 2022 बैच की निकिता श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार शाम को एसीपी बारा का पदभार ग्रहण कर लिया।और देवरिया जनपद की मूल निवासिनी है.चार्ज ग्रहण करने के बाद एसीपी बारा निकिता श्रीवास्तव ने कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में निष्पक्ष त्वरित कार्यवाही शांति व्यवस्था स्थापित करना अपराध- अपराधियो व लूट-पाट का पूरी तरह से सफाया करना है भूमाफियाओ और महिला सम्बन्धी अपराध के खिलाफ विशेष अभियान चला कर कठोर कार्रवाई की जाएगी और जनसुनवाई कर निष्पक्ष कार्यवाही करने का प्रयास किया जाएगा।
अनामिका शुक्ला मामले में एसटीएफ की प्रारम्भिक रिपोर्ट दाखिल,हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच
अनामिका के नाम पर गंभीर अनियमितता हुई रिपोर्ट में खुलासा

गोंडा।जिले के बहुचर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण में यूपी एसटीएफ ने लखनऊ उच्च न्यायालय में अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट दाखिल कर दिया है।रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि करते हुए कहा गया है कि अनामिका शुक्ला के मामले में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।एसटीएफ ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के दौरान विधालय के प्रबंधक और संबंधित अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं।एसटीएफ ने हाईकोर्ट में स्पष्ट किया है कि नगर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के लिए आरोपियों की ओर से दाखिल याचिका पूरी तरह से बलहीन है और इसे न्यायहित में खारिज किया जाना चाहिए।जांच एजेंसी के मुताबिक पूरे प्रकरण की विवेचना और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई अभी जारी है।अनामिका शुक्ला की याचिका को छोड़कर बाकी आरोपियों की याचिकाओं को निरस्त करने की कोर्ट से मांग की गई है।यूपी एसटीएफ के जांच अधिकारी सौरभ मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2017 से जनवरी 2025 तक अनामिका शुक्ला को नियमित रूप से वेतन का भुगतान किया गया।वेतन संशोधन से जुड़े मांग पत्र पर विद्यालय से वित्त एवं लेखा विभाग को भेजे जाते थे।जिस पर विद्यालय प्रबंधक, प्रधानाचार्य और अन्य संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर पाये गये हैं।जांच के दौरान जुलाई 2022 से दिसंबर 2022,फरवरी 2023 से जुलाई 2023,जनवरी 2024 से जुलाई 2024,अगस्त 2024 से नवंबर 2024 और जनवरी 2025 तक के वेतन संशोधन प्रपत्र एसटीएफ को मिले हैं।इन सभी दस्तावेजों पर संबंधित लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।विद्यालय के प्रबंधक दिग्विजय नाथ पांडेय को 20 अगस्त 2025 से 8 दिसंबर 2025 के मध्य छह बार नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से जांच में शामिल होने के लिए कहा गया परन्तु उन्होंने न तो जांच में सहयोग किया और न ही अनामिका शुक्ला की नियुक्ति से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराए।हालांकि 14 अगस्त को दिग्विजय नाथ पांडेय यूपी एसटीएफ की अयोध्या इकाई के कार्यालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज करवा चुके हैं लेकिन अभी तक नियुक्ति से संबंधित कोई पत्रावली नहीं सौंपी गई है।जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि प्रबंधक से अनामिका शुक्ला के नियुक्ति से संबंधित विज्ञापन, प्रबंध समिति का प्रस्ताव,बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा गया अनुमोदन पत्र,प्रथम वेतन भुगतान से जुड़ा लेख पत्र,उपस्थिति पंजिका और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गये थे परन्तु इनमें से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया।एसटीएफ ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि विवेचना और साक्ष्य संकलन के लिए न्यायोचित समय प्रदान किया जाये तथा साथ ही आरोपियों द्वारा मुकदमा निरस्त कराने के लिए दाखिल याचिका को बलहीन बताते हुए न्यायहित में खारिज किये जाने की मांग की है।यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी,तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी सिद्धार्थ दीक्षित,बेसिक शिक्षा विभाग के पटल लिपिक सुधीर कुमार सिंह,वित्त एवं लेखा विभाग के पटल लिपिक अनुपम कुमार पाण्डेय,अनामिका शुक्ला,विद्यालय प्रबंधक दिग्विजय नाथ पांडेय और प्रधानाचार्य उमेश चंद्र तिवारी ने लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर नगर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को गलत बताते हुए निरस्त करने की मांग की थी।इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी एसटीएफ कर रही है।
काकोरी ट्रेन एक्शन नायकों की स्मृति में ‘शहादत से शहादत तक’ तीन दिवसीय आयोजन
गोरखपुर: महुआ डाबर संग्रहालय, बस्ती द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक राजेंद्रनाथ लाहिड़ी के बलिदान दिवस से लेकर ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस तक ‘शहादत से शहादत तक’ शीर्षक से तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ गोरखपुर स्थित रामप्रसाद बिस्मिल स्मारक स्थल से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जेलर अरुण कुमार कुशवाहा ने शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इसके पश्चात दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी का अवलोकन कराया गया। मुख्य अतिथि अरुण कुमार कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि क्रांतिकारियों का बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्ति है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडे ने काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की तथा चर्चा सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया। नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षद विजेंद्र अग्रही मंगल ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए आमजन से ऐसे आयोजनों से जुड़ने की अपील की। चर्चा सत्र में डॉ. पवन कुमार, ऋषि विश्वकर्मा, हरगोविंद प्रवाह, मारुतिनंदन चतुर्वेदी, सुरेंद्र कुमार, संजू चौधरी, सलमान, विकास निषाद, ध्वज चतुर्वेदी, आकाश विश्वकर्मा, दीपक शर्मा, इमरान खान, अरसद, असलम सहित अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने बताया कि 18 और 19 दिसंबर को यह आयोजन काकोरी के नायक ठाकुर रोशन सिंह एवं चंद्रशेखर आज़ाद की स्मृति में प्रयागराज (इलाहाबाद) में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज महान क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और उनके साथियों के विचारों, योजनाओं और बलिदान को सही संदर्भ में स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। काकोरी एक्शन और भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन का वास्तविक इतिहास जानना नई पीढ़ी का अधिकार है, ताकि वे समझ सकें कि आज़ादी की नींव कितने अनमोल बलिदानों पर टिकी है। चर्चा सत्र में भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के विद्वान एवं महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राणा ने रामप्रसाद बिस्मिल की वंशावली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ग्वालियर रियासत अंतर्गत तोमरधार के बरबाई गांव के निवासी रामप्रसाद बिस्मिल के परदादा ठाकुर अमान सिंह तोमर राजपूत थे। उनके दादा ठाकुर नारायण लाल सिंह एवं दादी विचित्रा देवी थीं। पिता ठाकुर मुरलीधर सिंह और चाचा ठाकुर कल्याणमल सिंह थे, जबकि माता का नाम मूलमति देवी था। रामप्रसाद बिस्मिल के पिता मुरलीधर सिंह का विवाह पिनाहट के समीप छदामीपुरा में हुआ था। बिस्मिल जी का ननिहाल पिनाहट के पास जोधपुरा गांव में परिहार ठाकुरों के यहां था। उनके बड़े भाई का जन्म 1896 में हुआ था, जिनका दुर्भाग्यवश निधन हो गया। बिस्मिल जी दो भाइयों और चार बहनों में से थे। मुरलीधर सिंह के दूसरे पुत्र के रूप में रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उनके ननिहाल में हुआ। कुछ वर्ष बाद वे शाहजहांपुर आ गए। बिस्मिल जी के भाई का नाम रमेश सिंह उर्फ सुशीलचंद्र था। बहनों में शास्त्री देवी, ब्रह्मा देवी और भगवती देवी थीं। शास्त्री देवी का विवाह मैनपुरी के कोसमा क्षेत्र में जादौन ठाकुर परिवार में हुआ था। उनके पति का निधन 1989 में हुआ। शास्त्री देवी के पुत्र हरिश्चंद्र सिंह जादौन का विवाह मैनपुरी के छिरोड़ गांव में हुआ। दूसरी बहन ब्रह्मा देवी का विवाह मैनपुरी जिले के कुचेला गांव में हुआ था। करीब ग्यारह वर्षों तक स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी जवानी समर्पित करने वाले क्रांतियोद्धा रामप्रसाद बिस्मिल की धमनियों में चंबल के बांकपन का ज्वार सदा प्रवाहित रहा। आनंद प्रकाश, रुद्रराम, परमहंस, मास्टर, महाशय और महंत उनके छद्म नाम थे। उनके व्यक्तित्व में क्रांतिकारी सेनानायक, लेखक, अनुवादक, शायर, वक्ता और रणनीतिकार जैसे अनेक आयाम समाहित थे। अमर योद्धा बिस्मिल क्रांति की वह ज्वाला थे, जिसने अनगिनत मशालों को प्रज्वलित किया। प्रदर्शनी में महुआ डाबर संग्रहालय में संरक्षित अनेक दुर्लभ दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें सप्लीमेंट्री काकोरी षड्यंत्र केस की जजमेंट फाइल, चीफ कोर्ट ऑफ अवध का निर्णय पत्र, प्रिवी काउंसिल लंदन की अपील फाइल, मिशन स्कूल शाहजहांपुर का छात्र रजिस्टर, फैजाबाद एवं गोंडा कारागार के बंदी विवरण, काकोरी ट्रेन एक्शन से प्राप्त धनराशि का रिकॉर्ड, गिरफ्तारी विवरण, क्रांतिकारियों की हस्तलिखित डायरियां, काकोरी केस की चार्जशीट, खुफिया अधीक्षक की डायरी, मैनपुरी षड्यंत्र केस में जब्त बिस्मिल की उत्तरपुस्तिका, वायसराय को भेजी गई अपीलें, ‘सरफरोशी की तमन्ना’ की मूल प्रति, अशफाक उल्ला खां, बिस्मिल, लाहिड़ी, रोशन सिंह एवं दामोदर स्वरूप के पत्र, विभिन्न अखबारों की ऐतिहासिक रिपोर्टिंग, निशानदेही की तस्वीरें, फांसी के बाद पिता के साथ बिस्मिल का दुर्लभ छायाचित्र, काकोरी क्रांतिकारियों का सामूहिक जेल फोटो, बैरक की तस्वीरें तथा मैनपुरी षड्यंत्र केस की फाइलें शामिल हैं। महुआ डाबर संग्रहालय, जनपद बस्ती में स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संग्रहालय है, जो 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महुआ डाबर गांव की भूमिका को समर्पित है। वर्ष 1999 में स्थापित इस संग्रहालय में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी 200 से अधिक छवियां, लगभग 100 अभिलेखीय कलाकृतियां, सिक्के, पांडुलिपियां एवं ऐतिहासिक दस्तावेज संरक्षित हैं। वर्ष 2010 में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अनिल कुमार के नेतृत्व में हुए उत्खनन में यहां से राख, जली हुई लकड़ियां, मिट्टी के बर्तन और औज़ार प्राप्त हुए, जिससे इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि होती है। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2022 के अंतर्गत महुआ डाबर को स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में शामिल किया गया है तथा यहां के क्रांतियोद्धाओं को प्रशासन द्वारा शस्त्र सलामी भी दी जाती है। हजारों बलिदानों की साक्षी यह क्रांति भूमि आज ‘आजादी के महातीर्थ’ के रूप में विख्यात है।
बेटियों की शिक्षा का 'झारखंड मॉडल': सावित्रीबाई फुले योजना से 21 लाख से अधिक छात्राओं को मिला सीधा लाभ; ₹40,000 की मिलेगी प्रोत्साहन राशि

रांची | 31 दिसम्बर 2025: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार की सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना राज्य की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होने वाली किशोरियों को अब सरकार ₹40,000 तक की चरणबद्ध सहायता राशि प्रदान कर रही है।

शिक्षा से सशक्तिकरण तक का सफर

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को कक्षा 8वीं से 12वीं तक स्कूल से जोड़े रखना है। सरकार का मानना है कि जब बेटी शिक्षित होगी, तभी बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं का अंत होगा। योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे छात्राओं के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है।

तीन वर्षों का रिपोर्ट कार्ड: करोड़ों की मदद

योजना की सफलता का अंदाजा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:

वित्तीय वर्ष लाभार्थियों की संख्या कुल आवंटित राशि

2022-23 7,28,332 बालिकाएं ₹344.80 करोड़

2023-24 7,18,272 बालिकाएं ₹365.98 करोड़

2024-25 7,38,687 बालिकाएं ₹368.71 करोड़

ऑनलाइन पोर्टल से आई पारदर्शिता

अबुआ सरकार ने भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करने के लिए डिजिटल पोर्टल की शुरुआत की है। अब आवेदन सीधे स्कूलों के माध्यम से ऑनलाइन भरे जा रहे हैं।

वर्तमान स्थिति: इस वर्ष अब तक 5.92 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।

भुगतान: 1.97 लाख बालिकाओं को ₹71.76 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

लक्ष्य: इस वित्तीय वर्ष में कुल ₹270 करोड़ व्यय करने का लक्ष्य है।

पात्र छात्राएं कैसे उठाएं लाभ?

आठवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली सभी पात्र बालिकाएं अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी से भी सहायता ली जा सकती है।

देवघर के मैत्रेय स्कूल का वार्षिक खेलकूद समारोह उत्सव और उल्लास के साथ हुआ संपन्न।
देवघर : मैत्रेय स्कूल में वार्षिक खेलकूद समारोह हर्षोल्लास और अनुशासन के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक एवं अनुशासित मार्च पास्ट से हुआ। इसके पश्चात ध्वज वंदन एवं मशाल प्रज्वलन समारोह संपन्न हुआ। जिसने पूरे वातावरण को खेल भावना से ओत-प्रोत कर दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रदीप भैया तथा विशिष्ट अतिथि आर्थोपेडिक डा. के शशि ने विभिन्न हाउस के कैप्टनों से हाउस ध्वज ग्रहण कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। समारोह का समापन विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।विद्यालय के निदेशक एसडी मिश्रा द्वारा खेल भावना की शपथ दिलाई गई। जिसमें ईमानदारी, अनुशासन एवं टीम वर्क की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। इस शपथ ने सभी प्रतिभागियों में एकजुटता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।प्राइमरी वर्ग के बच्चों द्वारा आकर्षक ड्रिल की प्रस्तुति के बाद विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिनमें रिले रेस, बाधा दौड़, चम्मच गेंद दौड़, थ्री-लेग्ड रेस, व्हील-बैरो रेस सहित अनेक रोचक एवं रोमांचक स्पर्धाएं शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खेल भावना, अनुशासन एवं आत्मविश्वास का सुंदर परिचय दिया। विद्यालय की प्राचार्या विनीता मिश्रा ने कहा कि, विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत है। खेलकूद न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम स्पिरिट का भी विकास करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में नियमित रूप से प्रशिक्षित खेल प्रशिक्षकों की देखरेख में खेल गतिविधियां कराई जाती हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।इस सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों गैर- शिक्षकीय कर्मचारियों तथा अभिभावकों का सहयोग सराहनीय रहा.
पुलिस मंथन–2025 का समापन, मुख्यमंत्री ने किया दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सम्मेलन का उल्लेख
लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन “पुलिस मंथन–2025” का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए गए, जिनमें आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, इंटेलिजेंस व उभरती चुनौतियाँ तथा आतंकवाद एवं संगठित अपराध शामिल रहे।

अंतिम दिन के सत्रों का सार

—सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी  प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।

सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।

सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में  प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों,  सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal),  अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, अंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं  अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित

वर्ष 2022

1. प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र
2. विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश
3. रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद
4. दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग
5. मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद

वर्ष 2023

6. शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र
7. विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ
8. विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर
9. मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर
10. शैलेष कुंतल- महिला आरक्षी

वर्ष 2024

11. अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली
12. विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ
13. अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ

वर्ष 2025

14. कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल
15. प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ
16. प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा

मुख्यमंत्री  द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन  प्रधानमंत्री  के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।

उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री  ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन जैसे विचार-मंच को प्रतिवर्ष दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि प्रस्तावों का नियमित फॉलोअप हो और नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जा सकें। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अलंकरण से सम्मानित पुलिस कार्मिकों को शुभकामनाएँ देते हुए पुनः आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सभी सत्रों में प्रस्तुतीकरण देने वाले समस्त अधिकारियों के विचारों एवं प्रस्तुतिकरणों को अत्यंत सारगर्भित, व्यावहारिक तथा परिणामोन्मुखी बताते हुए उनकी सराहना की और उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी को यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस मंथन के दौरान प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों एवं निष्कर्षों का शीघ्र, प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा । तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक कारागार, उत्तर प्रदेश प्रेम चंद मीणा के धन्यवाद उद्बोधन से इस दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन का समापन हुआ ।
साई कॉलेज में मनाया गया वीर बाल दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को वीर बाल दिवस मनाया गया। प्राध्यापक और विद्यार्थिर्यों को सम्बोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. शैलेष देवांगन ने कहा कि वीर बाल दिवस सिखों के दसवें गुरू गोविन्द सिंह के साहिबजादों के अविस्मरणीय बलिदान के लिए मनाया जाता है। साहिबजादा अजित सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह मुगलों से युद्ध करते हुए शहीद हुए थे। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह के साथ गुरू गोविन्द सिंह की मां गुजरी देवी छिप कर रही थीं। उन्हें मुगल सैनिकों ने खोज लिया। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह पर मुुगलों ने धर्मांतरण का दबाव डाला। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह ने अपने धर्म के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया। मुगलों ने उन्हें जिन्दा दीवार में चुनवा दिया। मुगलों के इस जघन्य कृत्य के बाद मां गुजरी देवी ने प्राण त्याग दिये।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने २०२२ में वीर बाल दिवस की शुभारंभ किया। इस दिन वीरता, त्याग और अद्भूत शौर्य के लिए राष्ट्रपति द्वारा बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है।कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र दास सोनवानी, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के प्रभारी एल.पी. गुप्ता, दीपक तिवारी तथा सभी अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

वीर बाल दिवस पर साहिबजादो को नमन कोरांव में निकली प्रभात फेरी
भाजपा यमुनापार ने वीरता त्याग और धर्म रक्षा का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से राष्ट्रीय दिवस बना वीर बाल दिवस

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत में भारतीय जनता पार्टी यमुनापार जिला द्वारा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल के निर्देशानुसार बुधवार को वीर बाल दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।इस अवसर पर कोरांव में विजय चौक से गुरुद्वारा परिसर तक साहिबजादों को नमन करते हुए प्रभात फेरी निकाली गई।प्रभात फेरी के दौरान बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह के बलिदान को स्मरण करते हुए प्रेरणादायी नारे लगाए गए।कार्यक्रम के संयोजक राकेश पांडेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रभात फेरी में सुरजीत सिंह खनूजा केसर सिंह जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी प्रसाद तिवारी अशोक पाण्डेय अजीत प्रताप सिंह चेयरमैन ओम प्रकाश केसरी पूर्व चेयरमैन नरसिंह केसरी दिलीप कुमार चतुर्वेदी सतीश विश्वकर्मा अनिल मिश्रा हरिकृष्ण द्विवेदी रामराज पटेल सूर्य प्रताप सिंह राजू द्विवेदी करुणेन्द्र श्रीवास्तव पंकज केसरी आरती कोल पिंटू चौबे राम अवध कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।इस अवसर पर वक्ताओ ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने 26 दिसम्बर को“वीर बाल दिवस”के रूप में राष्ट्रीय दिवस घोषित कर साहिबजादो के अद्वितीय बलिदान को अमर कर दिया है।यह घोषणा 9 जनवरी 2022 को गुरु गोविन्द सिंह के प्रकाश पर्व के अवसर पर की गई थी ताकि आने वाली पीढ़ियो को साहस त्याग और धर्म रक्षा की प्रेरणा मिल सके।इस दौरान यातायात सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल उपस्थित रहे।

भारतीय नोटों से गांधी की तस्वीर हटाने की तैयारी, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास का दावा

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संसद के शीत सत्र में केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी-जी राम जी बिल पास करवा लिया। इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है। यह बिल देश में रोजगार गारंटी स्कीम मनरेगा की जगह लेगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने मनरेगा स्कीम से महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए यह कानून बनाया है। इसको लेकर जारी विवाद के बीच केरल से माकपा के सांसद जॉन ब्रिटास ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा के बाद अब नोट से भी महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की योजना बना रही है।

नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने का प्लान

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार सीपीएम एमपी जॉन ब्रिटास ने दावा किया है कि करेंसी नोट से गांधी की फोटो हटाने के लिए एक 'उच्च-स्तरीय बैठक' पहले ही हो चुकी है। राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा है कि केंद्र सरकार भारतीय करेंसी नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि इसके लिए शुरुआती प्लान बन चुका है और भारत की विरासत को दर्शाने वाले प्रतीकों से इसे बदलने के लिए चर्चा चल रही है। 

प्रतीकों को फिर से लिखने की एक बड़ी कोशिश

सांसद का यह आरोप ऐसे किसी भी विचार पर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) के बार-बार इनकार करने के बावजूद आया है। ब्रिटास ने कहा कि आधिकारिक इनकारों के बावजूद इस मुद्दे पर पहली दौर की उच्च स्तरीय चर्चा हो चुकी है। यह अब मेरा अनुमान नहीं है। गांधी को हमारी मुद्रा से हटाना राष्ट्र के प्रतीकों को फिर से लिखने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

पहले भी आ चुकी हैं ऐसी खबरें

2022 में रिजर्व बैंक ने ऐसी रिपोर्ट का खंडन किया था, जिसमें भारतीय करेंसी से गांधी की फोटो हटाए जाने की बातें कही जा रही थी। तब कथित रूप से कुछ मीडिया रिपोर्ट में आरबीआई और वित्त मंत्रालय की ओर से कुछ करेंसी नोट पर रबिंद्रनाथ टैगोर और एपीजे अब्दुल कलाम जैसी शख्सियतों की तस्वीर लगाने की खबरें थीं।

प्रदेश पुलिस में 537 पदों पर सीधी भर्ती का मौका, 19 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन

लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में गोपनीय, लिपिक और लेखा संवर्ग से जुड़े उपनिरीक्षक स्तर के कुल 537 खाली पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इससे संबंधित विस्तृत विज्ञापन शनिवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। इच्छुक अभ्यर्थी 19 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पूर्व उम्मीदवारों के लिए बोर्ड की वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रणाली में पंजीकरण कराना अनिवार्य रखा गया है।

लेखपाल भर्ती में आरक्षण विवाद, प्रस्ताव में होगा संशोधन

राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों पर प्रस्तावित भर्ती में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर उठे सवालों के बाद राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट की है। परिषद ने आयोग को आश्वस्त किया है कि एक सप्ताह के भीतर संशोधित भर्ती प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।

आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की तरफ जारी किया गया पत्र

आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि लेखपाल पद मंडल स्तरीय संवर्ग के अंतर्गत आता है और इसकी नियुक्ति का अधिकार उप जिलाधिकारी के पास होता है। मंडलायुक्तों द्वारा जिलों से प्राप्त श्रेणीवार कार्यरत एवं रिक्त पदों के विवरण के आधार पर आरक्षण (लंबवत एवं क्षैतिज) सहित रिक्तियों का आकलन कर परिषद को प्रस्ताव भेजा गया था। इसी प्रस्ताव के आधार पर आयोग को भर्ती विवरण उपलब्ध कराया गया।

जारी विज्ञापन में श्रेणीवार रिक्तियों में बदलाव की संभावना

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2022 में लागू उप्र लेखपाल सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली से पहले लेखपालों की भर्ती जिला स्तर पर की जाती थी। हाल ही में परिषद को जिलास्तर पर श्रेणीवार पदों से जुड़ी कुछ नई जानकारियां प्राप्त हुई हैं। इन्हीं तथ्यों के चलते आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में श्रेणीवार रिक्तियों में बदलाव की संभावना जताई गई है।राजस्व परिषद ने कहा है कि संशोधित आंकड़ों के साथ नया प्रस्ताव आयोग को शीघ्र भेजा जाएगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी भी तरह की तकनीकी या कानूनी त्रुटि से बचा जा सके।
बारा की नवांगतुक एसीपी निकिता श्रीवास्तव ने सम्भाला चार्ज
जनता की समस्याओं का होगा समाधान

लूट-पाट व अपराध पर होगा पूर्ण नियंत्रण:एसीपी बारा निकिता श्रीवास्तव

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।नवांगतुक सहायक पुलिस आयुक्त(एसीपी)बारा निकिता श्रीवास्तव ने अपना कार्यभार सम्भाल लिया।एसीपी बारा कुजलता की जगह उन्होने चार्ज लेते ही सर्किल के अन्तर्गत पड़ने वाले थानो सहित क्षेत्रो की जानकारी ली। कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पुलिस आयुक्त द्वारा बीते दिनो एसीपी का स्थानांतरण किया गया।स्थानांतरण क्रम में बर्ष 2022 बैच की निकिता श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार शाम को एसीपी बारा का पदभार ग्रहण कर लिया।और देवरिया जनपद की मूल निवासिनी है.चार्ज ग्रहण करने के बाद एसीपी बारा निकिता श्रीवास्तव ने कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में निष्पक्ष त्वरित कार्यवाही शांति व्यवस्था स्थापित करना अपराध- अपराधियो व लूट-पाट का पूरी तरह से सफाया करना है भूमाफियाओ और महिला सम्बन्धी अपराध के खिलाफ विशेष अभियान चला कर कठोर कार्रवाई की जाएगी और जनसुनवाई कर निष्पक्ष कार्यवाही करने का प्रयास किया जाएगा।
अनामिका शुक्ला मामले में एसटीएफ की प्रारम्भिक रिपोर्ट दाखिल,हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच
अनामिका के नाम पर गंभीर अनियमितता हुई रिपोर्ट में खुलासा

गोंडा।जिले के बहुचर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण में यूपी एसटीएफ ने लखनऊ उच्च न्यायालय में अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट दाखिल कर दिया है।रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि करते हुए कहा गया है कि अनामिका शुक्ला के मामले में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।एसटीएफ ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के दौरान विधालय के प्रबंधक और संबंधित अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं।एसटीएफ ने हाईकोर्ट में स्पष्ट किया है कि नगर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के लिए आरोपियों की ओर से दाखिल याचिका पूरी तरह से बलहीन है और इसे न्यायहित में खारिज किया जाना चाहिए।जांच एजेंसी के मुताबिक पूरे प्रकरण की विवेचना और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई अभी जारी है।अनामिका शुक्ला की याचिका को छोड़कर बाकी आरोपियों की याचिकाओं को निरस्त करने की कोर्ट से मांग की गई है।यूपी एसटीएफ के जांच अधिकारी सौरभ मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2017 से जनवरी 2025 तक अनामिका शुक्ला को नियमित रूप से वेतन का भुगतान किया गया।वेतन संशोधन से जुड़े मांग पत्र पर विद्यालय से वित्त एवं लेखा विभाग को भेजे जाते थे।जिस पर विद्यालय प्रबंधक, प्रधानाचार्य और अन्य संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर पाये गये हैं।जांच के दौरान जुलाई 2022 से दिसंबर 2022,फरवरी 2023 से जुलाई 2023,जनवरी 2024 से जुलाई 2024,अगस्त 2024 से नवंबर 2024 और जनवरी 2025 तक के वेतन संशोधन प्रपत्र एसटीएफ को मिले हैं।इन सभी दस्तावेजों पर संबंधित लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।विद्यालय के प्रबंधक दिग्विजय नाथ पांडेय को 20 अगस्त 2025 से 8 दिसंबर 2025 के मध्य छह बार नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से जांच में शामिल होने के लिए कहा गया परन्तु उन्होंने न तो जांच में सहयोग किया और न ही अनामिका शुक्ला की नियुक्ति से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराए।हालांकि 14 अगस्त को दिग्विजय नाथ पांडेय यूपी एसटीएफ की अयोध्या इकाई के कार्यालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज करवा चुके हैं लेकिन अभी तक नियुक्ति से संबंधित कोई पत्रावली नहीं सौंपी गई है।जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि प्रबंधक से अनामिका शुक्ला के नियुक्ति से संबंधित विज्ञापन, प्रबंध समिति का प्रस्ताव,बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा गया अनुमोदन पत्र,प्रथम वेतन भुगतान से जुड़ा लेख पत्र,उपस्थिति पंजिका और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गये थे परन्तु इनमें से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया।एसटीएफ ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि विवेचना और साक्ष्य संकलन के लिए न्यायोचित समय प्रदान किया जाये तथा साथ ही आरोपियों द्वारा मुकदमा निरस्त कराने के लिए दाखिल याचिका को बलहीन बताते हुए न्यायहित में खारिज किये जाने की मांग की है।यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी,तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी सिद्धार्थ दीक्षित,बेसिक शिक्षा विभाग के पटल लिपिक सुधीर कुमार सिंह,वित्त एवं लेखा विभाग के पटल लिपिक अनुपम कुमार पाण्डेय,अनामिका शुक्ला,विद्यालय प्रबंधक दिग्विजय नाथ पांडेय और प्रधानाचार्य उमेश चंद्र तिवारी ने लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर नगर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को गलत बताते हुए निरस्त करने की मांग की थी।इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी एसटीएफ कर रही है।
काकोरी ट्रेन एक्शन नायकों की स्मृति में ‘शहादत से शहादत तक’ तीन दिवसीय आयोजन
गोरखपुर: महुआ डाबर संग्रहालय, बस्ती द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक राजेंद्रनाथ लाहिड़ी के बलिदान दिवस से लेकर ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस तक ‘शहादत से शहादत तक’ शीर्षक से तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ गोरखपुर स्थित रामप्रसाद बिस्मिल स्मारक स्थल से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जेलर अरुण कुमार कुशवाहा ने शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इसके पश्चात दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी का अवलोकन कराया गया। मुख्य अतिथि अरुण कुमार कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि क्रांतिकारियों का बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्ति है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडे ने काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की तथा चर्चा सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया। नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षद विजेंद्र अग्रही मंगल ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए आमजन से ऐसे आयोजनों से जुड़ने की अपील की। चर्चा सत्र में डॉ. पवन कुमार, ऋषि विश्वकर्मा, हरगोविंद प्रवाह, मारुतिनंदन चतुर्वेदी, सुरेंद्र कुमार, संजू चौधरी, सलमान, विकास निषाद, ध्वज चतुर्वेदी, आकाश विश्वकर्मा, दीपक शर्मा, इमरान खान, अरसद, असलम सहित अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने बताया कि 18 और 19 दिसंबर को यह आयोजन काकोरी के नायक ठाकुर रोशन सिंह एवं चंद्रशेखर आज़ाद की स्मृति में प्रयागराज (इलाहाबाद) में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज महान क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और उनके साथियों के विचारों, योजनाओं और बलिदान को सही संदर्भ में स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। काकोरी एक्शन और भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन का वास्तविक इतिहास जानना नई पीढ़ी का अधिकार है, ताकि वे समझ सकें कि आज़ादी की नींव कितने अनमोल बलिदानों पर टिकी है। चर्चा सत्र में भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के विद्वान एवं महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राणा ने रामप्रसाद बिस्मिल की वंशावली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ग्वालियर रियासत अंतर्गत तोमरधार के बरबाई गांव के निवासी रामप्रसाद बिस्मिल के परदादा ठाकुर अमान सिंह तोमर राजपूत थे। उनके दादा ठाकुर नारायण लाल सिंह एवं दादी विचित्रा देवी थीं। पिता ठाकुर मुरलीधर सिंह और चाचा ठाकुर कल्याणमल सिंह थे, जबकि माता का नाम मूलमति देवी था। रामप्रसाद बिस्मिल के पिता मुरलीधर सिंह का विवाह पिनाहट के समीप छदामीपुरा में हुआ था। बिस्मिल जी का ननिहाल पिनाहट के पास जोधपुरा गांव में परिहार ठाकुरों के यहां था। उनके बड़े भाई का जन्म 1896 में हुआ था, जिनका दुर्भाग्यवश निधन हो गया। बिस्मिल जी दो भाइयों और चार बहनों में से थे। मुरलीधर सिंह के दूसरे पुत्र के रूप में रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उनके ननिहाल में हुआ। कुछ वर्ष बाद वे शाहजहांपुर आ गए। बिस्मिल जी के भाई का नाम रमेश सिंह उर्फ सुशीलचंद्र था। बहनों में शास्त्री देवी, ब्रह्मा देवी और भगवती देवी थीं। शास्त्री देवी का विवाह मैनपुरी के कोसमा क्षेत्र में जादौन ठाकुर परिवार में हुआ था। उनके पति का निधन 1989 में हुआ। शास्त्री देवी के पुत्र हरिश्चंद्र सिंह जादौन का विवाह मैनपुरी के छिरोड़ गांव में हुआ। दूसरी बहन ब्रह्मा देवी का विवाह मैनपुरी जिले के कुचेला गांव में हुआ था। करीब ग्यारह वर्षों तक स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी जवानी समर्पित करने वाले क्रांतियोद्धा रामप्रसाद बिस्मिल की धमनियों में चंबल के बांकपन का ज्वार सदा प्रवाहित रहा। आनंद प्रकाश, रुद्रराम, परमहंस, मास्टर, महाशय और महंत उनके छद्म नाम थे। उनके व्यक्तित्व में क्रांतिकारी सेनानायक, लेखक, अनुवादक, शायर, वक्ता और रणनीतिकार जैसे अनेक आयाम समाहित थे। अमर योद्धा बिस्मिल क्रांति की वह ज्वाला थे, जिसने अनगिनत मशालों को प्रज्वलित किया। प्रदर्शनी में महुआ डाबर संग्रहालय में संरक्षित अनेक दुर्लभ दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें सप्लीमेंट्री काकोरी षड्यंत्र केस की जजमेंट फाइल, चीफ कोर्ट ऑफ अवध का निर्णय पत्र, प्रिवी काउंसिल लंदन की अपील फाइल, मिशन स्कूल शाहजहांपुर का छात्र रजिस्टर, फैजाबाद एवं गोंडा कारागार के बंदी विवरण, काकोरी ट्रेन एक्शन से प्राप्त धनराशि का रिकॉर्ड, गिरफ्तारी विवरण, क्रांतिकारियों की हस्तलिखित डायरियां, काकोरी केस की चार्जशीट, खुफिया अधीक्षक की डायरी, मैनपुरी षड्यंत्र केस में जब्त बिस्मिल की उत्तरपुस्तिका, वायसराय को भेजी गई अपीलें, ‘सरफरोशी की तमन्ना’ की मूल प्रति, अशफाक उल्ला खां, बिस्मिल, लाहिड़ी, रोशन सिंह एवं दामोदर स्वरूप के पत्र, विभिन्न अखबारों की ऐतिहासिक रिपोर्टिंग, निशानदेही की तस्वीरें, फांसी के बाद पिता के साथ बिस्मिल का दुर्लभ छायाचित्र, काकोरी क्रांतिकारियों का सामूहिक जेल फोटो, बैरक की तस्वीरें तथा मैनपुरी षड्यंत्र केस की फाइलें शामिल हैं। महुआ डाबर संग्रहालय, जनपद बस्ती में स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संग्रहालय है, जो 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महुआ डाबर गांव की भूमिका को समर्पित है। वर्ष 1999 में स्थापित इस संग्रहालय में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी 200 से अधिक छवियां, लगभग 100 अभिलेखीय कलाकृतियां, सिक्के, पांडुलिपियां एवं ऐतिहासिक दस्तावेज संरक्षित हैं। वर्ष 2010 में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अनिल कुमार के नेतृत्व में हुए उत्खनन में यहां से राख, जली हुई लकड़ियां, मिट्टी के बर्तन और औज़ार प्राप्त हुए, जिससे इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि होती है। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2022 के अंतर्गत महुआ डाबर को स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में शामिल किया गया है तथा यहां के क्रांतियोद्धाओं को प्रशासन द्वारा शस्त्र सलामी भी दी जाती है। हजारों बलिदानों की साक्षी यह क्रांति भूमि आज ‘आजादी के महातीर्थ’ के रूप में विख्यात है।