09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Sukhchain Singh Sidhu’s Musical Evolution Continues as Anticipation Builds Around His Explosive 2026 Releases

The Punjabi independent music industry is witnessing the rise of several fresh creative voices, and among them, Sukhchain Singh Sidhu is steadily emerging as a name associated with emotional storytelling, meaningful lyrics, and contemporary musical expression. Through a growing lineup of impactful songs and evolving artistic vision, Sidhu has continued to strengthen his identity as a promising lyricist and composer in the modern Punjabi music landscape.

From the beginning of his musical journey, Sidhu has displayed a strong ability to connect emotions with melody. His 2022 release “Ace” marked an important breakthrough, introducing listeners to a style rooted in heartfelt writing and modern Punjabi sound production. The track received appreciation within independent music circles, while its alternate collaborative version further reflected his creative flexibility and willingness to experiment with varied musical dynamics.

Soon after, “Move On” became another notable addition to his discography. Built around themes of heartbreak, emotional healing, and personal growth, the song resonated particularly well with young audiences. Its relatable narrative and emotional depth helped strengthen Sidhu’s growing reputation as a lyricist capable of transforming everyday emotions into engaging musical experiences.

The momentum surrounding his career expanded significantly during 2024, a year that saw multiple emotionally charged and artistically distinct releases. “Kurbaan” showcased intense lyrical depth combined with soulful composition, while “Kitab” highlighted Sidhu’s poetic storytelling abilities through introspective and reflective writing. Another track, “Duniya Toh Door,” carried a melancholic yet melodious atmosphere that appealed strongly to listeners seeking emotional authenticity in Punjabi music.

Building upon this creative consistency, Sidhu entered 2025 with tracks like “Ishq” and “Miss Kardi,” both of which reinforced his command over romantic and emotional expressive themes. “Ishq” leaned heavily into raw emotion and lyrical sensitivity, whereas “Miss Kardi” blended nostalgia-inspired storytelling with modern musical arrangements—demonstrating his growing ability to merge traditional Punjabi sentiments with contemporary sound trends.

While his previous work has already established a solid foundation, industry attention is now increasingly centered around his upcoming 2026 projects. His recent release “One Sided Love” has already hinted at a more mature and evolved artistic phase, featuring deeper emotional layers, polished songwriting, and refined production quality.

According to reports from sources close to his creative network, Sidhu is currently preparing several high-scale musical projects expected to release throughout 2026. These upcoming tracks are believed to feature stronger production standards, innovative sound experiments, and wider digital outreach strategies aimed at capturing both domestic and international Punjabi music audiences.

There is also speculation that some of these future projects may involve collaborations with emerging and established artists, potentially introducing fresh genre-blending sounds into his music catalogue. Such developments are being viewed as a significant step toward positioning Sidhu not only as a lyricist, but as a complete musical creator with long-term industry potential.

With consistent artistic growth, increasing audience recognition, and a rapidly evolving musical identity, Sukhchain Singh Sidhu appears ready to make 2026 a defining chapter in his career. As Punjabi music continues gaining global momentum, Sidhu’s upcoming releases could become the breakthrough wave that elevates him into the league of influential and widely recognized new-age Punjabi music creators.

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

श्रीराम कथा को लेकर पैड़ीबरा से सरयू घाट तक निकली भव्य कलश यात्रा
*सैकड़ों गाड़ियों के साथ निकली कलश यात्रा

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पैड़ीबरा स्थित सम्मय माता मंदिर में आज रविवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन प्रारंभ हो रहा है।पूज्य राजन जी महाराज के श्री मुख से वाचन होने वाली इस कथा से पहले सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा से सरयू घाट करनैलगंज तक कलश यात्रा निकाली गई है।जिसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला शामिल हुआ।श्रद्धालु करनैलगंज स्थित सरयू घाट से सरयू नदी का जल लेकर सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा पहुंचेंगे जहाँ कलश स्थापना की जाएगी।जिले में रह पहली बार है जब इतनी दूर कलश यात्रा पैदल ना चलकर सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ निकाली गई है।श्रीराम कथा का शुभारंभ रविवार शाम 5 बजे से होगा,जिसमें पूज्य राजन जी महराज श्रीराम कथा महिमा का गुणगान करेंगे।कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पुलिसकर्मी तैनात थे तथा पुलिस वाहन काफिले के आगे पीछे और बीच में चल रहे थे ताकि यात्रा सकुशल संपन्न हो सके।इस कलश यात्रा और नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन श्रीराम कथा आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है।इस कथा में कई वीवीआईपी लोगों के शामिल होने की संभावना है।इस कथा में देवी पाटन मंडल के चारों जिलों के साथ ही आसपास के चार अन्य मंडलों के लोगों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया गया है।यह श्रीराम वर्ष 2022 में कटरा बाजार भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक की गई थी।चार साल के लंबे अंतराल के बाद अब इस कथा का आयोजन हो रहा है।श्रीराम कथा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।खराब मौसम को देखते हुए भी उससे बचाव को लेकर भी इंतजाम किया गया है।इस श्रीराम कथा में योगी आदित्यनाथ सरकार के सभी मंत्रियों सहित सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
राजन महराज 9 दिन करेंगे रामकथा का वाचन,2 लाख से अधिक आमंत्रण पत्र वितरित
*3 मई से 11 मई तक होगी रामकथा, योगी मंत्रिमंडल आमंत्रित

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित सम्मय माता मंदिर,पैड़ीबरा में 9 दिवसीय श्री रामकथा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।श्री रामकथा आयोजन समिति ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कथा के बारे में विस्तृत जानकारी दिया।आयोजन समिति के अनुसार,गोंडा और अयोध्या सहित चार मंडलों से लगभग दो लाख से अधिक भक्त पूज्य राजन जी महाराज की श्रीराम कथा में शामिल होंगे।यह कथा वर्ष 2022 में भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक कराई गई थी।चार साल के इंतजार के बाद यह श्री राम कथा 3 मई से 11 मई तक आयोजित की जाएगी।कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आयोजन समिति के सदस्यों से मिलकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त किया है।श्री राम कथा आयोजन समिति ने पूरे योगी मंत्रिमंडल,प्रदेश के कई विधायकों,कई उपमुख्यमंत्री व कई केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रण भेजा है,इसके अतिरिक्त कई बड़े अभिनेता, गायक और राजनेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।आयोजन समिति के मुख्य सदस्य व भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला ने बताया कि चार मंडलों में लगभग दो लाख लोगों को आमंत्रण पत्र वितरित किये गए हैं।समिति ने आम जनमानस से 3 मई से 11 मई तक आयोजित होने वाली इस श्री राम कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील किया है।गांव गांव जाकर के लोगों को कार्ड के माध्यम से इस कथा में शामिल होने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।9 दिवसीय इस श्री राम कथा के दौरान अलग अलग तरीके से कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।श्री राम कथा महिमा से श्री राम कथा की शुरुआत होगी,सुंदरकांड व श्री राम राज्याभिषेक के साथ इस कथा का समापन होगा तथा 12 मई को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त,दस्तावेजों में कमी के कारण हुई कार्रवाई

*5 जून तक पुनः पंजीकरण कराने के निर्देश

गोंडा।जिले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और आवश्यक जानकारी के अभाव में की गयी है।प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए उम्मीद (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू किया था।इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल,स्थापना का समय व मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गये थे।निर्धारित सूचनाएं एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त करने का निर्णय लिया है।हालांकि यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है।बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया गया है। जिन संपत्तियों का रद्दीकरण हुआ है,उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उम्मीद पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।दोबारा पंजीकरण के लिए आवश्यक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो,पते का प्रमाण,मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र,मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी,धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा।विभागीय सूत्रों व वक्फ निरीक्षक के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली वक्फ संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों व मस्जिदों की है।सूची में छोटे मुहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान,मदरसे, ईदगाह,इमामबाड़ा,दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यवसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं।बताते चलें कि जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं,जिनमें एक तिहाई से अधिक पर कार्रवाई हुई है।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है।अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हुई हैं,ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके।जिले के वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने पुष्टि किया है कि 371 संपत्तियों का पंजीकरण खामियों के कारण निरस्त किया गया है।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

* परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी आयोजित, 06 मई से प्रवेश पत्र होंगे डाउनलोड 

प्रयागराज / लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।

 परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी।

विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Sukhchain Singh Sidhu’s Musical Evolution Continues as Anticipation Builds Around His Explosive 2026 Releases

The Punjabi independent music industry is witnessing the rise of several fresh creative voices, and among them, Sukhchain Singh Sidhu is steadily emerging as a name associated with emotional storytelling, meaningful lyrics, and contemporary musical expression. Through a growing lineup of impactful songs and evolving artistic vision, Sidhu has continued to strengthen his identity as a promising lyricist and composer in the modern Punjabi music landscape.

From the beginning of his musical journey, Sidhu has displayed a strong ability to connect emotions with melody. His 2022 release “Ace” marked an important breakthrough, introducing listeners to a style rooted in heartfelt writing and modern Punjabi sound production. The track received appreciation within independent music circles, while its alternate collaborative version further reflected his creative flexibility and willingness to experiment with varied musical dynamics.

Soon after, “Move On” became another notable addition to his discography. Built around themes of heartbreak, emotional healing, and personal growth, the song resonated particularly well with young audiences. Its relatable narrative and emotional depth helped strengthen Sidhu’s growing reputation as a lyricist capable of transforming everyday emotions into engaging musical experiences.

The momentum surrounding his career expanded significantly during 2024, a year that saw multiple emotionally charged and artistically distinct releases. “Kurbaan” showcased intense lyrical depth combined with soulful composition, while “Kitab” highlighted Sidhu’s poetic storytelling abilities through introspective and reflective writing. Another track, “Duniya Toh Door,” carried a melancholic yet melodious atmosphere that appealed strongly to listeners seeking emotional authenticity in Punjabi music.

Building upon this creative consistency, Sidhu entered 2025 with tracks like “Ishq” and “Miss Kardi,” both of which reinforced his command over romantic and emotional expressive themes. “Ishq” leaned heavily into raw emotion and lyrical sensitivity, whereas “Miss Kardi” blended nostalgia-inspired storytelling with modern musical arrangements—demonstrating his growing ability to merge traditional Punjabi sentiments with contemporary sound trends.

While his previous work has already established a solid foundation, industry attention is now increasingly centered around his upcoming 2026 projects. His recent release “One Sided Love” has already hinted at a more mature and evolved artistic phase, featuring deeper emotional layers, polished songwriting, and refined production quality.

According to reports from sources close to his creative network, Sidhu is currently preparing several high-scale musical projects expected to release throughout 2026. These upcoming tracks are believed to feature stronger production standards, innovative sound experiments, and wider digital outreach strategies aimed at capturing both domestic and international Punjabi music audiences.

There is also speculation that some of these future projects may involve collaborations with emerging and established artists, potentially introducing fresh genre-blending sounds into his music catalogue. Such developments are being viewed as a significant step toward positioning Sidhu not only as a lyricist, but as a complete musical creator with long-term industry potential.

With consistent artistic growth, increasing audience recognition, and a rapidly evolving musical identity, Sukhchain Singh Sidhu appears ready to make 2026 a defining chapter in his career. As Punjabi music continues gaining global momentum, Sidhu’s upcoming releases could become the breakthrough wave that elevates him into the league of influential and widely recognized new-age Punjabi music creators.

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

श्रीराम कथा को लेकर पैड़ीबरा से सरयू घाट तक निकली भव्य कलश यात्रा
*सैकड़ों गाड़ियों के साथ निकली कलश यात्रा

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पैड़ीबरा स्थित सम्मय माता मंदिर में आज रविवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन प्रारंभ हो रहा है।पूज्य राजन जी महाराज के श्री मुख से वाचन होने वाली इस कथा से पहले सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा से सरयू घाट करनैलगंज तक कलश यात्रा निकाली गई है।जिसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला शामिल हुआ।श्रद्धालु करनैलगंज स्थित सरयू घाट से सरयू नदी का जल लेकर सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा पहुंचेंगे जहाँ कलश स्थापना की जाएगी।जिले में रह पहली बार है जब इतनी दूर कलश यात्रा पैदल ना चलकर सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ निकाली गई है।श्रीराम कथा का शुभारंभ रविवार शाम 5 बजे से होगा,जिसमें पूज्य राजन जी महराज श्रीराम कथा महिमा का गुणगान करेंगे।कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पुलिसकर्मी तैनात थे तथा पुलिस वाहन काफिले के आगे पीछे और बीच में चल रहे थे ताकि यात्रा सकुशल संपन्न हो सके।इस कलश यात्रा और नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन श्रीराम कथा आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है।इस कथा में कई वीवीआईपी लोगों के शामिल होने की संभावना है।इस कथा में देवी पाटन मंडल के चारों जिलों के साथ ही आसपास के चार अन्य मंडलों के लोगों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया गया है।यह श्रीराम वर्ष 2022 में कटरा बाजार भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक की गई थी।चार साल के लंबे अंतराल के बाद अब इस कथा का आयोजन हो रहा है।श्रीराम कथा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।खराब मौसम को देखते हुए भी उससे बचाव को लेकर भी इंतजाम किया गया है।इस श्रीराम कथा में योगी आदित्यनाथ सरकार के सभी मंत्रियों सहित सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
राजन महराज 9 दिन करेंगे रामकथा का वाचन,2 लाख से अधिक आमंत्रण पत्र वितरित
*3 मई से 11 मई तक होगी रामकथा, योगी मंत्रिमंडल आमंत्रित

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित सम्मय माता मंदिर,पैड़ीबरा में 9 दिवसीय श्री रामकथा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।श्री रामकथा आयोजन समिति ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कथा के बारे में विस्तृत जानकारी दिया।आयोजन समिति के अनुसार,गोंडा और अयोध्या सहित चार मंडलों से लगभग दो लाख से अधिक भक्त पूज्य राजन जी महाराज की श्रीराम कथा में शामिल होंगे।यह कथा वर्ष 2022 में भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक कराई गई थी।चार साल के इंतजार के बाद यह श्री राम कथा 3 मई से 11 मई तक आयोजित की जाएगी।कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आयोजन समिति के सदस्यों से मिलकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त किया है।श्री राम कथा आयोजन समिति ने पूरे योगी मंत्रिमंडल,प्रदेश के कई विधायकों,कई उपमुख्यमंत्री व कई केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रण भेजा है,इसके अतिरिक्त कई बड़े अभिनेता, गायक और राजनेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।आयोजन समिति के मुख्य सदस्य व भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला ने बताया कि चार मंडलों में लगभग दो लाख लोगों को आमंत्रण पत्र वितरित किये गए हैं।समिति ने आम जनमानस से 3 मई से 11 मई तक आयोजित होने वाली इस श्री राम कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील किया है।गांव गांव जाकर के लोगों को कार्ड के माध्यम से इस कथा में शामिल होने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।9 दिवसीय इस श्री राम कथा के दौरान अलग अलग तरीके से कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।श्री राम कथा महिमा से श्री राम कथा की शुरुआत होगी,सुंदरकांड व श्री राम राज्याभिषेक के साथ इस कथा का समापन होगा तथा 12 मई को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त,दस्तावेजों में कमी के कारण हुई कार्रवाई

*5 जून तक पुनः पंजीकरण कराने के निर्देश

गोंडा।जिले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और आवश्यक जानकारी के अभाव में की गयी है।प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए उम्मीद (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू किया था।इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल,स्थापना का समय व मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गये थे।निर्धारित सूचनाएं एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त करने का निर्णय लिया है।हालांकि यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है।बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया गया है। जिन संपत्तियों का रद्दीकरण हुआ है,उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उम्मीद पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।दोबारा पंजीकरण के लिए आवश्यक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो,पते का प्रमाण,मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र,मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी,धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा।विभागीय सूत्रों व वक्फ निरीक्षक के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली वक्फ संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों व मस्जिदों की है।सूची में छोटे मुहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान,मदरसे, ईदगाह,इमामबाड़ा,दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यवसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं।बताते चलें कि जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं,जिनमें एक तिहाई से अधिक पर कार्रवाई हुई है।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है।अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हुई हैं,ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके।जिले के वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने पुष्टि किया है कि 371 संपत्तियों का पंजीकरण खामियों के कारण निरस्त किया गया है।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

* परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी आयोजित, 06 मई से प्रवेश पत्र होंगे डाउनलोड 

प्रयागराज / लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।

 परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी।

विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।