সরকারি প্রকল্পে কোনো ব্যক্তিকে উচ্ছেদের আগে ক্ষতিপূরণ দিতে বাধ্য সরকার, হাইকোর্ট

নিজস্ব প্রতিনিধি, কলকাতা: সরকারের যে কোনো প্রকল্পের জমি দখল করে বসে থাকা যে কোনো ব্যক্তিকে উচ্ছেদের আগে ক্ষতিপূরণ দিতে বাধ্য সরকার, রায় কলকাতা হাইকোর্টের।
ডানকুনি থেকে লুধিয়ানা ১৮৫৬ কিলোমিটার ফ্রেট করিডরের জন্য সিঙ্গুরে কয়েক বছর আগে জন্য অধিগ্রহণ করে রেল। সেই সময় জমির মালিকদের জমির দাম ও অন্যান্য আর্থিক প্রাপ্য সহ রেলের শর্ত অনুযায়ী আরও পাঁচ লক্ষ টাকা করে দেয়। কিন্তু তারপরেও সেই জমি হস্তগত করতে না পেরে সম্প্রতি ফের উচ্ছেদের নোটিস দেয়।
সেই নোটিস চ্যালেঞ্জ করে হাইকোর্টে মামলা করেন অধিগৃহীত জমির বাড়িতে থাকা ৮ ভাড়াটিয়া পরিবার। তাঁদের অভিযোগ, রেল জমির মালিককে টাকা দিলেও তারা কোনো ক্ষতিপূরণ পাননি। যদিও আইনে সেটা বাধ্যতামূলক। বুধবার বিচারপতি হিরণ্ময় ভট্টাচার্যের আদালতে ওই মামলাকারীদের আইনজীবী অরিন্দম দাস রেলের জমি অধিগ্রহণ আইনের নথি দেখিয়ে দাবি করেন, জমির মালিক ক্ষতিপূরণ পেলেও সেখানে বসে থাকা ভাড়াটিয়ারাও তার অধিকারী। এই ব্যাপারে ২০২২ সালে হাইকোর্টের দেওয়া নির্দেশ পরের বছর কার্যকরের আশ্বাস দিলেও বাস্তবে টাকা মেটানো হয়নি বলে তিনি অভিযোগ করে প্রামাণ্য নথি দেখান।
রেলের আইনজীবীও মেনে নেন, প্রকল্পের জমিতে থাকা যে কোনো ব্যক্তি ওই এককালীন ক্ষতিপূরণের টাকা পাওয়ার অধিকারী। তারপরেই বিচারপতি রেলের দেওয়া উচ্ছেদ নোটিস আগামী ১৮ জুলাই পর্যন্ত স্থগিত রাখার নির্দেশ দেন। একইসঙ্গে ওই সময়ের মধ্যে রেলকে জানাতে হবে কেনো ২০২৩ সালে ওই ক্ষতিপূরণ দেওয়া হয়নি। পাশাপাশি,রেলকে মামলাকারী ভাড়াটিয়াদের টাকা মেটানোর প্রক্রিয়া শুরু করার নির্দেশ দেয় হাইকোর্ট। রেলের আইনজীবীর বক্তব্য, রেল জমি নেওয়ার জন্য ২০১৩ সালের নতুন আইন মেনে টাকা মেটাতে অঙ্গীকার করলেও কত টাকা দিতে হবে সেটা ঠিক করে দেওয়ার কথা রাজ্যের। কিন্তু তখন রাজ্য নতুন আইনে সেই ক্ষতিপূরণ নির্ধারণ করে দেয়নি। ফলে রেল সেই টাকা দিতে পারেনি।
এদিনের মামলার ফলে আইনজীবীদের বক্তব্য, কেন্দ্রীয় সরকার ২০১৩ সালে দেশে নতুন জমি অধিগ্রহণ আইনের আনলেও এই রাজ্যের তৃণমূল সরকার সেই আইন এখানে এতদিন কার্যকর করেনি। তবে বর্তমান বিজেপি সরকার এবার কেন্দ্রের সেই নতুন আইন কার্যকর করবে বলে এই মামলার পর আশা আইনজীবীদের।
देश की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा संकट- कांग्रेस कोऑर्डिनेटर:भदोही में दयाशंकर बोले- बार-बार हो रहे पेपर लीक और अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य अस

रिपोर्टर -‌ नितेश

भदोही।जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, ज्ञानपुर में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कॉर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय, जिला कांग्रेस कमेटी भदोही के अध्यक्ष वसीम अंसारी तथा पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे (राजन) ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट और अव्यवस्था का सामना कर रही है। विशेष रूप से नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को असुरक्षित बना दिया है।

वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2018, 2021, 2022, 2024 और 2026 में नीट परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा में लगभग 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे, लेकिन परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया। कांग्रेस पार्टी लगातार मांग कर रही है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे नीट घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) लगातार विवादों और विफलताओं के कारण अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है, इसलिए कांग्रेस पार्टी एनटीए को भंग करने (बैन करने) तथा उसकी जगह एक स्वतंत्र, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्राधिकरण के गठन की मांग करती है, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि पिछले एक दशक में देशभर में 90 से अधिक भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि केवल पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इन घटनाओं का छात्रों पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा है और कई छात्रों ने निराशा में आत्महत्या तक कर ली।

वक्ताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी द्वारा शुरू किए गए “छात्रों की गूंज” अभियान का उद्देश्य देशभर के छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। राहुल गांधी जी ने हाल ही में कोटा में छात्रों से संवाद करते हुए बताया कि देश के लाखों परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने को मजबूर हैं, जबकि शिक्षा और रोजगार की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का बजट घटने, सरकारी विद्यालयों की संख्या कम होने और निजीकरण बढ़ने से आम एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। कांग्रेस पार्टी छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की समस्याओं को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी तथा निष्पक्ष, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाती रहेगी। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से
युवा कांग्रेस एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शक्ति मिश्रा, सुरेश गौतम, अवधेश पाठक,  विनोद सरोज, अजय प्रजापति विशाल गौतम
उपस्थित रहे।
देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश बना देश का नंबर-1 राज्य

* 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड विद्युत मांग पूरी, ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में रचाई इतिहास
लखनऊ । उत्तर प्रदेश ने विद्युत क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में सर्वाधिक विद्युत मांग पूरी करने वाला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। प्रदेश में बढ़ती विद्युत आवश्यकता के बीच 21 जून 2026 को रात्रि 10:47 बजे उत्तर प्रदेश ने सफलतापूर्वक 32,348 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को पूरा किया।
इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र द्वारा 13 मई 2026 को स्थापित 32,317 मेगावाट की उच्चतम विद्युत मांग के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं, 21 जून को प्रदेश में 67.7 करोड़ यूनिट विद्युत ऊर्जा की खपत दर्ज की गई, जो उस दिन देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक रही।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इसका श्रेय मा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री जी के सक्षम नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश न केवल देश की सबसे बड़ी आबादी की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि रिकॉर्ड स्तर की मांग को भी सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम हुआ है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली की मांग के बावजूद प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, राज्य लोड डिस्पैच केंद्र, उत्पादन निगम तथा विद्युत क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों के समर्पण, दक्षता और अथक परिश्रम का परिणाम है।
ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था से जुड़े हजारों कार्मिक 24×7 सतत निगरानी एवं समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।श्री शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश भविष्य में भी ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा तथा प्रदेशवासियों को बेहतर, विश्वसनीय और आधुनिक विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी।
सहारनपुर में यूपी एसटीएफ की मुठभेड़ में सवा लाख का इनामी कुख्यात अपराधी ललन सिंह ढेर, एक साथी फरार
लखनऊ । बिहार के समस्तीपुर निवासी और कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से हत्या, डकैती, लूट और पुलिस पर हमले जैसे कई संगीन मामलों में फरार चल रहा था और उस पर इनाम भी घोषित था।

गैंग के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल था

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार ललन सिंह अपने भाइयों और गैंग के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल था, जिनमें वाराणसी में 08 नवंबर 2022 को एक उपनिरीक्षक को गोली मारकर उसकी सर्विस पिस्टल लूटने का मामला, चंदौली में 01 नवंबर 2022 को फायरिंग और लूट की घटना, बैंक डकैती, कैश वैन लूट तथा सरकारी हथियार लूट जैसे कई अपराध शामिल हैं। इन मामलों में वह कई जिलों की पुलिस के लिए वांछित था।उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ₹1 लाख और चंदौली पुलिस द्वारा ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

मुठभेड़ में घायल, अस्पताल में मौत

यह मुठभेड़ 21/22 जून 2026 की रात सहारनपुर जनपद के सरसावा–नकुर मार्ग पर उस समय हुई जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ललित प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी।मुठभेड़ के दौरान ललन सिंह को गोली लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में सीएचसी सरसावा ले जाया गया। वहां से उसे जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

एक साथी फरार, तलाश जारी

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

#sixrebelmpsfrompreparingtoregisteraseparateparliamentarygroup

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

জমি দখল ও রাজনৈতিক সন্ত্রাসের অভিযোগে গ্রেফতার তৃণমূল নেতা শাহানুর মণ্ডল
সৌমাভ মণ্ডল,বসিরহাট : বসিরহাটের রাজনৈতিক মহলে ফের চাঞ্চল্য। জমি দখল, হুমকি, রাজনৈতিক প্রভাব খাটানো এবং নির্বাচন-পরবর্তী হিংসা ছড়ানোর একাধিক অভিযোগে গ্রেফতার হলেন বসিরহাট ১নং ব্লকের প্রভাবশালী তৃণমূল নেতা তথা উত্তর ২৪ পরগণা জেলা পরিষদের খাদ্য কর্মাধ্যক্ষ শাহানুর মণ্ডল। বুধবার ভোররাতে বিশেষ অভিযানে তাকে গ্রেফতার করে রাজ্য পুলিশের স্পেশাল অপারেশন গ্রুপ (এসওজি)। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, দীর্ঘদিন ধরেই শাহানুর মণ্ডলের বিরুদ্ধে একাধিক অভিযোগ জমা পড়ছিল। বিশেষ করে টাকি ও সংলগ্ন এলাকার কয়েকটি ঐতিহ্যবাহী জমিদার পরিবারের পক্ষ থেকে তার বিরুদ্ধে জোরপূর্বক জমি দখলের অভিযোগ দায়ের করা হয়। অভিযোগ, বিঘার পর বিঘা জমি বেআইনিভাবে দখল করার পাশাপাশি প্রতিবাদী স্থানীয় বাসিন্দাদের ভয়ভীতি দেখানো হত।
এছাড়াও ২০২১ সালের বিধানসভা নির্বাচন এবং ২০২২ সালের পুরসভা নির্বাচনের পর বসিরহাট ও টাকি এলাকার বিভিন্ন প্রান্তে সন্ত্রাস ও আতঙ্কের পরিবেশ তৈরির অভিযোগও ওঠে তার বিরুদ্ধে। পুলিশ সূত্রে দাবি, এই সংক্রান্ত একাধিক লিখিত অভিযোগ জমা পড়েছিল তদন্তকারী সংস্থার কাছে।
অভিযোগ রয়েছে, ২০২৬ সালের বিধানসভা নির্বাচনের আগে বিরোধী রাজনৈতিক দলের কর্মী-সমর্থকদের ভোট প্রচারে বাধা দেওয়া, হুমকি দেওয়া এবং এলাকায় রাজনৈতিক আধিপত্য বজায় রাখার ক্ষেত্রেও তার সক্রিয় ভূমিকা ছিল। এই সমস্ত অভিযোগের ভিত্তিতে দীর্ঘদিন ধরে তার ওপর নজরদারি চালাচ্ছিল পুলিশ।
বুধবার ভোরে গোপন সূত্রে খবর পেয়ে এসওজির একটি বিশেষ দল টাকি রোড (রাজ‍্য সড়ক ২) এর শাঁকচূড়া বাজার এলাকায় অভিযান চালায়। সেখানেই তার বাড়ির অদূরে রাস্তার ধারে থেকে শাহানুর মণ্ডলকে আটক করা হয়। পরে তাকে হাসনাবাদ থানায় নিয়ে যাওয়া হয় এবং আইনি প্রক্রিয়া শুরু করা হয়।
এই গ্রেফতারির খবর ছড়িয়ে পড়তেই বসিরহাট জুড়ে রাজনৈতিক প্রতিক্রিয়া শুরু হয়। বিজেপি নেতা শৌর্য্য বন্দ্যোপাধ্যায় দাবি করেন, দীর্ঘদিন ধরে এলাকার সাধারণ মানুষ শাহানুর মণ্ডলের বিরুদ্ধে ক্ষোভ পোষণ করছিলেন। তার অভিযোগ, জমি দখল থেকে শুরু করে রাজনৈতিক সন্ত্রাস বিভিন্ন ঘটনার সঙ্গে শাহানুরের নাম জড়িয়ে ছিল। অন্যদিকে, তৃণমূল নেতার গ্রেফতারিকে ঘিরে এলাকায় রাজনৈতিক উত্তেজনাও তৈরি হয়েছে। পুলিশ জানিয়েছে, অভিযোগগুলির সমস্ত দিক খতিয়ে দেখা হচ্ছে এবং ঘটনার পূর্ণাঙ্গ তদন্ত চলছে। শাহানুর মণ্ডলের বিরুদ্ধে ওঠা অভিযোগের ভিত্তিতে আরও তথ্য সংগ্রহের কাজও শুরু করেছে তদন্তকারী দল।
सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, मचा कोहराम
लखनऊ, सहारनपुर । सहारनपुर में एक परिवार के 4 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार एक बाइक पर सवार था तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार चारों लोग सड़क से 10 फीट दूर नीचे गड्ढे में जा गिरे। कार भी पलटी खाते हुए नीचे जा गिरी।

आसपास के लोग चारों घायलों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसा शनिवार दोपहर 12:00 बजे बेहट थानाक्षेत्र के गांव धौलाकुआं के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार नाबालिग चला रहा था। पुलिस गाड़ी नंबर से इस दावे की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, हादसे में मलकपुर निवासी लविश उर्फ फग्गू (26), उसकी मां राजदुलारी (55), बहन अंजना उर्फ तन्नु (20) और तीन साल की बेटी रूही की मौत हो गई।

मृतक लविश के चाचा अंकित ने बताया कि लविश, उसकी मां, बहन और बेटी रूही के साथ कोठड़ी स्थित ससुराल गया था। वहां से बाइक पर अपने गांव मलकपुर लौट रहा था जब यह हादसा हुआ। लविश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।

लविश की शादी 2022 में हुई थी। घर पर उसकी गर्भवती पत्नी और एक 2 साल का छोटा बेटा है। हादसे में जान गंवाने वाली रूही बड़ी बेटी थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार कोठड़ी बहलोलपुर में रहने वाले ताहिर का नाबालिग बेटा चला रहा था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। वाहन ताहिर के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई और जांच में जुटी है।
डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम मिला: प्राचार्य पद पर रहते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले व्यक्ति

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम प्रदान किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें यह पदनाम उनके विषय वनस्पति विज्ञान में उनकी शैक्षणिक और शोध विशेषज्ञता के आधार पर दिया है।
डॉ. डोंगरे ने इस पद के लिए पहली बार वर्ष 2022 में आवेदन किया था। हालांकि, वांछित आदेश जारी नहीं हुए। इसके बाद, उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अनुमति प्राप्त करने के बाद वर्ष 2025 में पुनः आवेदन किया। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आदेश प्राप्त न होने पर डॉ. डोंगरे ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वे प्राचार्य पद पर चयन के उपरांत संबंधित विषय में प्रोफेसर पदनाम प्राप्त करने वाले प्रदेश के पहले और एकमात्र प्राचार्य हैं।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी से 03 हत्याभियुक्त को हुई सश्रम आजीवन
कारावास व रूपये 15,000-15,000/- रू0 के अर्थदण्ड की सजा

गोण्डा। वादिनी कविता पत्नी श्याम सिंह निवासी पूरे कोचा कासिमपुर, थाना कोतवाली कर्नलगंज, जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0 करनैलगंज में लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 02.07.2022 को उसके पति श्याम सिंह शौच हेतु गए थे, जिनका शव गांव के बाहर एक गड्ढे में पड़ा मिला है। वादिनी की लिखित तहरीर के आधार पर नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ था। जिसमे थाना को0 करनैलगंज पुलिस टीम द्वारा आरोपी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। थाना स्थानीय पर तत्कालीन विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन व विवेचनात्मक कार्यवाही के उपरान्त अभियुक्तगण के विरूद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया।

दोषसिद्धि का विवरण-

पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके क्रम मे थाना को0 करनैलगंज में हत्या सम्बन्धी पंजीकृत अभियोग में अभियोजक  अवनीश धर द्विवेदी, थाना को0 करनैलगंज के पैरोकार का0 अनूप शुक्ला व कोर्ट मोहर्रिर म0का0 सुषमा यादव के द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्री सूर्य प्रकाश सिंह द्वारा अभियुक्तगण ममता, अन्नपूर्णा उर्फ चन्नी देवी, सोन बहादुर उर्फ गदरे को दोषसिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास व 15,000-15,000/- रू0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
थाना को0 नगर पुलिस द्वाराके जालसाजी करने के 02 वांछित अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-

गोण्डा।  पुलिस अधीक्षक महोदय श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनन्द कुमार राय के नेतृत्व में थाना को0 नगर पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 0346/2022 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120-बी भादवि से सम्बन्धित 02 वांछित अभियुक्तगण - 01. सुनील कुमार, 02. जय सिंह वर्मा को अम्बेडकर चौराहा लखनऊ रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी अब्दुल गफ्फार पुत्र अब्दुल जब्बार निवासी ग्राम उज्जैनीकला (दर्जीपुरवा) थाना धानेपुर जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0 नगर में लिखित तहरीर दी गई कि उसका भाई युनुस पुत्र अब्दुल सत्तार लगभग 37 वर्षों से लापता है। विपक्षीगणों ने आपस में षड्यंत्र कर अतीकुर्रहमान को युनुस बनाकर फर्जी आधार कार्ड एवं कूटरचित अभिलेख तैयार किए तथा दिनांक 04.11.2019 एवं 26.08.2020 को उप निबंधक कार्यालय गोण्डा में प्रार्थी के लापता भाई के हिस्से की भूमि के फर्जी बैनामे कमला देवी व मेराज अली के पक्ष में करा लिए। बाद में उक्त भूमि का हस्तांतरण अन्य व्यक्तियों के पक्ष में भी कर दिया गया। प्रार्थी के अनुसार आरोपियों ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना एवं आपराधिक षड्यंत्र कर भूमि हड़पने का कार्य किया। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें आज दिनांक 11.06.2026 को थाना को0 नगर पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान दोषी पाए गए 02 वांछित अभियुक्तगण - 01. सुनील कुमार, 02. जय सिंह वर्मा को अम्बेडकर चौराहा लखनऊ रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरूद्ध थाना को0नगर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
সরকারি প্রকল্পে কোনো ব্যক্তিকে উচ্ছেদের আগে ক্ষতিপূরণ দিতে বাধ্য সরকার, হাইকোর্ট

নিজস্ব প্রতিনিধি, কলকাতা: সরকারের যে কোনো প্রকল্পের জমি দখল করে বসে থাকা যে কোনো ব্যক্তিকে উচ্ছেদের আগে ক্ষতিপূরণ দিতে বাধ্য সরকার, রায় কলকাতা হাইকোর্টের।
ডানকুনি থেকে লুধিয়ানা ১৮৫৬ কিলোমিটার ফ্রেট করিডরের জন্য সিঙ্গুরে কয়েক বছর আগে জন্য অধিগ্রহণ করে রেল। সেই সময় জমির মালিকদের জমির দাম ও অন্যান্য আর্থিক প্রাপ্য সহ রেলের শর্ত অনুযায়ী আরও পাঁচ লক্ষ টাকা করে দেয়। কিন্তু তারপরেও সেই জমি হস্তগত করতে না পেরে সম্প্রতি ফের উচ্ছেদের নোটিস দেয়।
সেই নোটিস চ্যালেঞ্জ করে হাইকোর্টে মামলা করেন অধিগৃহীত জমির বাড়িতে থাকা ৮ ভাড়াটিয়া পরিবার। তাঁদের অভিযোগ, রেল জমির মালিককে টাকা দিলেও তারা কোনো ক্ষতিপূরণ পাননি। যদিও আইনে সেটা বাধ্যতামূলক। বুধবার বিচারপতি হিরণ্ময় ভট্টাচার্যের আদালতে ওই মামলাকারীদের আইনজীবী অরিন্দম দাস রেলের জমি অধিগ্রহণ আইনের নথি দেখিয়ে দাবি করেন, জমির মালিক ক্ষতিপূরণ পেলেও সেখানে বসে থাকা ভাড়াটিয়ারাও তার অধিকারী। এই ব্যাপারে ২০২২ সালে হাইকোর্টের দেওয়া নির্দেশ পরের বছর কার্যকরের আশ্বাস দিলেও বাস্তবে টাকা মেটানো হয়নি বলে তিনি অভিযোগ করে প্রামাণ্য নথি দেখান।
রেলের আইনজীবীও মেনে নেন, প্রকল্পের জমিতে থাকা যে কোনো ব্যক্তি ওই এককালীন ক্ষতিপূরণের টাকা পাওয়ার অধিকারী। তারপরেই বিচারপতি রেলের দেওয়া উচ্ছেদ নোটিস আগামী ১৮ জুলাই পর্যন্ত স্থগিত রাখার নির্দেশ দেন। একইসঙ্গে ওই সময়ের মধ্যে রেলকে জানাতে হবে কেনো ২০২৩ সালে ওই ক্ষতিপূরণ দেওয়া হয়নি। পাশাপাশি,রেলকে মামলাকারী ভাড়াটিয়াদের টাকা মেটানোর প্রক্রিয়া শুরু করার নির্দেশ দেয় হাইকোর্ট। রেলের আইনজীবীর বক্তব্য, রেল জমি নেওয়ার জন্য ২০১৩ সালের নতুন আইন মেনে টাকা মেটাতে অঙ্গীকার করলেও কত টাকা দিতে হবে সেটা ঠিক করে দেওয়ার কথা রাজ্যের। কিন্তু তখন রাজ্য নতুন আইনে সেই ক্ষতিপূরণ নির্ধারণ করে দেয়নি। ফলে রেল সেই টাকা দিতে পারেনি।
এদিনের মামলার ফলে আইনজীবীদের বক্তব্য, কেন্দ্রীয় সরকার ২০১৩ সালে দেশে নতুন জমি অধিগ্রহণ আইনের আনলেও এই রাজ্যের তৃণমূল সরকার সেই আইন এখানে এতদিন কার্যকর করেনি। তবে বর্তমান বিজেপি সরকার এবার কেন্দ্রের সেই নতুন আইন কার্যকর করবে বলে এই মামলার পর আশা আইনজীবীদের।
देश की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा संकट- कांग्रेस कोऑर्डिनेटर:भदोही में दयाशंकर बोले- बार-बार हो रहे पेपर लीक और अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य अस

रिपोर्टर -‌ नितेश

भदोही।जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, ज्ञानपुर में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कॉर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय, जिला कांग्रेस कमेटी भदोही के अध्यक्ष वसीम अंसारी तथा पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे (राजन) ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट और अव्यवस्था का सामना कर रही है। विशेष रूप से नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को असुरक्षित बना दिया है।

वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2018, 2021, 2022, 2024 और 2026 में नीट परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा में लगभग 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे, लेकिन परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया। कांग्रेस पार्टी लगातार मांग कर रही है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे नीट घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) लगातार विवादों और विफलताओं के कारण अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है, इसलिए कांग्रेस पार्टी एनटीए को भंग करने (बैन करने) तथा उसकी जगह एक स्वतंत्र, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्राधिकरण के गठन की मांग करती है, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि पिछले एक दशक में देशभर में 90 से अधिक भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि केवल पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इन घटनाओं का छात्रों पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा है और कई छात्रों ने निराशा में आत्महत्या तक कर ली।

वक्ताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी द्वारा शुरू किए गए “छात्रों की गूंज” अभियान का उद्देश्य देशभर के छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। राहुल गांधी जी ने हाल ही में कोटा में छात्रों से संवाद करते हुए बताया कि देश के लाखों परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने को मजबूर हैं, जबकि शिक्षा और रोजगार की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का बजट घटने, सरकारी विद्यालयों की संख्या कम होने और निजीकरण बढ़ने से आम एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। कांग्रेस पार्टी छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की समस्याओं को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी तथा निष्पक्ष, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाती रहेगी। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से
युवा कांग्रेस एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शक्ति मिश्रा, सुरेश गौतम, अवधेश पाठक,  विनोद सरोज, अजय प्रजापति विशाल गौतम
उपस्थित रहे।
देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश बना देश का नंबर-1 राज्य

* 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड विद्युत मांग पूरी, ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में रचाई इतिहास
लखनऊ । उत्तर प्रदेश ने विद्युत क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में सर्वाधिक विद्युत मांग पूरी करने वाला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। प्रदेश में बढ़ती विद्युत आवश्यकता के बीच 21 जून 2026 को रात्रि 10:47 बजे उत्तर प्रदेश ने सफलतापूर्वक 32,348 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को पूरा किया।
इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र द्वारा 13 मई 2026 को स्थापित 32,317 मेगावाट की उच्चतम विद्युत मांग के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं, 21 जून को प्रदेश में 67.7 करोड़ यूनिट विद्युत ऊर्जा की खपत दर्ज की गई, जो उस दिन देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक रही।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इसका श्रेय मा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री जी के सक्षम नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश न केवल देश की सबसे बड़ी आबादी की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि रिकॉर्ड स्तर की मांग को भी सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम हुआ है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली की मांग के बावजूद प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, राज्य लोड डिस्पैच केंद्र, उत्पादन निगम तथा विद्युत क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों के समर्पण, दक्षता और अथक परिश्रम का परिणाम है।
ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था से जुड़े हजारों कार्मिक 24×7 सतत निगरानी एवं समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।श्री शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश भविष्य में भी ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा तथा प्रदेशवासियों को बेहतर, विश्वसनीय और आधुनिक विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी।
सहारनपुर में यूपी एसटीएफ की मुठभेड़ में सवा लाख का इनामी कुख्यात अपराधी ललन सिंह ढेर, एक साथी फरार
लखनऊ । बिहार के समस्तीपुर निवासी और कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से हत्या, डकैती, लूट और पुलिस पर हमले जैसे कई संगीन मामलों में फरार चल रहा था और उस पर इनाम भी घोषित था।

गैंग के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल था

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार ललन सिंह अपने भाइयों और गैंग के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल था, जिनमें वाराणसी में 08 नवंबर 2022 को एक उपनिरीक्षक को गोली मारकर उसकी सर्विस पिस्टल लूटने का मामला, चंदौली में 01 नवंबर 2022 को फायरिंग और लूट की घटना, बैंक डकैती, कैश वैन लूट तथा सरकारी हथियार लूट जैसे कई अपराध शामिल हैं। इन मामलों में वह कई जिलों की पुलिस के लिए वांछित था।उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ₹1 लाख और चंदौली पुलिस द्वारा ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

मुठभेड़ में घायल, अस्पताल में मौत

यह मुठभेड़ 21/22 जून 2026 की रात सहारनपुर जनपद के सरसावा–नकुर मार्ग पर उस समय हुई जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ललित प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी।मुठभेड़ के दौरान ललन सिंह को गोली लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में सीएचसी सरसावा ले जाया गया। वहां से उसे जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

एक साथी फरार, तलाश जारी

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

#sixrebelmpsfrompreparingtoregisteraseparateparliamentarygroup

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

জমি দখল ও রাজনৈতিক সন্ত্রাসের অভিযোগে গ্রেফতার তৃণমূল নেতা শাহানুর মণ্ডল
সৌমাভ মণ্ডল,বসিরহাট : বসিরহাটের রাজনৈতিক মহলে ফের চাঞ্চল্য। জমি দখল, হুমকি, রাজনৈতিক প্রভাব খাটানো এবং নির্বাচন-পরবর্তী হিংসা ছড়ানোর একাধিক অভিযোগে গ্রেফতার হলেন বসিরহাট ১নং ব্লকের প্রভাবশালী তৃণমূল নেতা তথা উত্তর ২৪ পরগণা জেলা পরিষদের খাদ্য কর্মাধ্যক্ষ শাহানুর মণ্ডল। বুধবার ভোররাতে বিশেষ অভিযানে তাকে গ্রেফতার করে রাজ্য পুলিশের স্পেশাল অপারেশন গ্রুপ (এসওজি)। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, দীর্ঘদিন ধরেই শাহানুর মণ্ডলের বিরুদ্ধে একাধিক অভিযোগ জমা পড়ছিল। বিশেষ করে টাকি ও সংলগ্ন এলাকার কয়েকটি ঐতিহ্যবাহী জমিদার পরিবারের পক্ষ থেকে তার বিরুদ্ধে জোরপূর্বক জমি দখলের অভিযোগ দায়ের করা হয়। অভিযোগ, বিঘার পর বিঘা জমি বেআইনিভাবে দখল করার পাশাপাশি প্রতিবাদী স্থানীয় বাসিন্দাদের ভয়ভীতি দেখানো হত।
এছাড়াও ২০২১ সালের বিধানসভা নির্বাচন এবং ২০২২ সালের পুরসভা নির্বাচনের পর বসিরহাট ও টাকি এলাকার বিভিন্ন প্রান্তে সন্ত্রাস ও আতঙ্কের পরিবেশ তৈরির অভিযোগও ওঠে তার বিরুদ্ধে। পুলিশ সূত্রে দাবি, এই সংক্রান্ত একাধিক লিখিত অভিযোগ জমা পড়েছিল তদন্তকারী সংস্থার কাছে।
অভিযোগ রয়েছে, ২০২৬ সালের বিধানসভা নির্বাচনের আগে বিরোধী রাজনৈতিক দলের কর্মী-সমর্থকদের ভোট প্রচারে বাধা দেওয়া, হুমকি দেওয়া এবং এলাকায় রাজনৈতিক আধিপত্য বজায় রাখার ক্ষেত্রেও তার সক্রিয় ভূমিকা ছিল। এই সমস্ত অভিযোগের ভিত্তিতে দীর্ঘদিন ধরে তার ওপর নজরদারি চালাচ্ছিল পুলিশ।
বুধবার ভোরে গোপন সূত্রে খবর পেয়ে এসওজির একটি বিশেষ দল টাকি রোড (রাজ‍্য সড়ক ২) এর শাঁকচূড়া বাজার এলাকায় অভিযান চালায়। সেখানেই তার বাড়ির অদূরে রাস্তার ধারে থেকে শাহানুর মণ্ডলকে আটক করা হয়। পরে তাকে হাসনাবাদ থানায় নিয়ে যাওয়া হয় এবং আইনি প্রক্রিয়া শুরু করা হয়।
এই গ্রেফতারির খবর ছড়িয়ে পড়তেই বসিরহাট জুড়ে রাজনৈতিক প্রতিক্রিয়া শুরু হয়। বিজেপি নেতা শৌর্য্য বন্দ্যোপাধ্যায় দাবি করেন, দীর্ঘদিন ধরে এলাকার সাধারণ মানুষ শাহানুর মণ্ডলের বিরুদ্ধে ক্ষোভ পোষণ করছিলেন। তার অভিযোগ, জমি দখল থেকে শুরু করে রাজনৈতিক সন্ত্রাস বিভিন্ন ঘটনার সঙ্গে শাহানুরের নাম জড়িয়ে ছিল। অন্যদিকে, তৃণমূল নেতার গ্রেফতারিকে ঘিরে এলাকায় রাজনৈতিক উত্তেজনাও তৈরি হয়েছে। পুলিশ জানিয়েছে, অভিযোগগুলির সমস্ত দিক খতিয়ে দেখা হচ্ছে এবং ঘটনার পূর্ণাঙ্গ তদন্ত চলছে। শাহানুর মণ্ডলের বিরুদ্ধে ওঠা অভিযোগের ভিত্তিতে আরও তথ্য সংগ্রহের কাজও শুরু করেছে তদন্তকারী দল।
सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, मचा कोहराम
लखनऊ, सहारनपुर । सहारनपुर में एक परिवार के 4 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार एक बाइक पर सवार था तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार चारों लोग सड़क से 10 फीट दूर नीचे गड्ढे में जा गिरे। कार भी पलटी खाते हुए नीचे जा गिरी।

आसपास के लोग चारों घायलों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसा शनिवार दोपहर 12:00 बजे बेहट थानाक्षेत्र के गांव धौलाकुआं के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार नाबालिग चला रहा था। पुलिस गाड़ी नंबर से इस दावे की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, हादसे में मलकपुर निवासी लविश उर्फ फग्गू (26), उसकी मां राजदुलारी (55), बहन अंजना उर्फ तन्नु (20) और तीन साल की बेटी रूही की मौत हो गई।

मृतक लविश के चाचा अंकित ने बताया कि लविश, उसकी मां, बहन और बेटी रूही के साथ कोठड़ी स्थित ससुराल गया था। वहां से बाइक पर अपने गांव मलकपुर लौट रहा था जब यह हादसा हुआ। लविश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।

लविश की शादी 2022 में हुई थी। घर पर उसकी गर्भवती पत्नी और एक 2 साल का छोटा बेटा है। हादसे में जान गंवाने वाली रूही बड़ी बेटी थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार कोठड़ी बहलोलपुर में रहने वाले ताहिर का नाबालिग बेटा चला रहा था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। वाहन ताहिर के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई और जांच में जुटी है।
डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम मिला: प्राचार्य पद पर रहते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले व्यक्ति

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम प्रदान किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें यह पदनाम उनके विषय वनस्पति विज्ञान में उनकी शैक्षणिक और शोध विशेषज्ञता के आधार पर दिया है।
डॉ. डोंगरे ने इस पद के लिए पहली बार वर्ष 2022 में आवेदन किया था। हालांकि, वांछित आदेश जारी नहीं हुए। इसके बाद, उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अनुमति प्राप्त करने के बाद वर्ष 2025 में पुनः आवेदन किया। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आदेश प्राप्त न होने पर डॉ. डोंगरे ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वे प्राचार्य पद पर चयन के उपरांत संबंधित विषय में प्रोफेसर पदनाम प्राप्त करने वाले प्रदेश के पहले और एकमात्र प्राचार्य हैं।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी से 03 हत्याभियुक्त को हुई सश्रम आजीवन
कारावास व रूपये 15,000-15,000/- रू0 के अर्थदण्ड की सजा

गोण्डा। वादिनी कविता पत्नी श्याम सिंह निवासी पूरे कोचा कासिमपुर, थाना कोतवाली कर्नलगंज, जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0 करनैलगंज में लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 02.07.2022 को उसके पति श्याम सिंह शौच हेतु गए थे, जिनका शव गांव के बाहर एक गड्ढे में पड़ा मिला है। वादिनी की लिखित तहरीर के आधार पर नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ था। जिसमे थाना को0 करनैलगंज पुलिस टीम द्वारा आरोपी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। थाना स्थानीय पर तत्कालीन विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन व विवेचनात्मक कार्यवाही के उपरान्त अभियुक्तगण के विरूद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया।

दोषसिद्धि का विवरण-

पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके क्रम मे थाना को0 करनैलगंज में हत्या सम्बन्धी पंजीकृत अभियोग में अभियोजक  अवनीश धर द्विवेदी, थाना को0 करनैलगंज के पैरोकार का0 अनूप शुक्ला व कोर्ट मोहर्रिर म0का0 सुषमा यादव के द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्री सूर्य प्रकाश सिंह द्वारा अभियुक्तगण ममता, अन्नपूर्णा उर्फ चन्नी देवी, सोन बहादुर उर्फ गदरे को दोषसिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास व 15,000-15,000/- रू0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
थाना को0 नगर पुलिस द्वाराके जालसाजी करने के 02 वांछित अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-

गोण्डा।  पुलिस अधीक्षक महोदय श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनन्द कुमार राय के नेतृत्व में थाना को0 नगर पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 0346/2022 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120-बी भादवि से सम्बन्धित 02 वांछित अभियुक्तगण - 01. सुनील कुमार, 02. जय सिंह वर्मा को अम्बेडकर चौराहा लखनऊ रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी अब्दुल गफ्फार पुत्र अब्दुल जब्बार निवासी ग्राम उज्जैनीकला (दर्जीपुरवा) थाना धानेपुर जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0 नगर में लिखित तहरीर दी गई कि उसका भाई युनुस पुत्र अब्दुल सत्तार लगभग 37 वर्षों से लापता है। विपक्षीगणों ने आपस में षड्यंत्र कर अतीकुर्रहमान को युनुस बनाकर फर्जी आधार कार्ड एवं कूटरचित अभिलेख तैयार किए तथा दिनांक 04.11.2019 एवं 26.08.2020 को उप निबंधक कार्यालय गोण्डा में प्रार्थी के लापता भाई के हिस्से की भूमि के फर्जी बैनामे कमला देवी व मेराज अली के पक्ष में करा लिए। बाद में उक्त भूमि का हस्तांतरण अन्य व्यक्तियों के पक्ष में भी कर दिया गया। प्रार्थी के अनुसार आरोपियों ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना एवं आपराधिक षड्यंत्र कर भूमि हड़पने का कार्य किया। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें आज दिनांक 11.06.2026 को थाना को0 नगर पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान दोषी पाए गए 02 वांछित अभियुक्तगण - 01. सुनील कुमार, 02. जय सिंह वर्मा को अम्बेडकर चौराहा लखनऊ रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरूद्ध थाना को0नगर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।