उत्तर प्रदेश को मिला स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्ण को सौंपी गई कमान
लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश को अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद वर्तमान में कार्यवाहक DGP के पद पर तैनात राजीव कृष्ण को प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य में चार साल बाद हुई स्थायी डीजीपी की पहली तैनाती है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजीव कृष्ण को ही स्थायी डीजीपी बनाने की मंजूरी दी। यूपीएससी ने 26 मई को हुई बैठक में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नामों की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी। इनमें से राजीव कृष्ण का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था।

राजीव कृष्ण जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 1991 बैच के आईपीएस राजीव कृष्ण को पुलिस विभाग में उनके प्रशासनिक और मैदानी अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और जोनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और यूपीएससी की व्यवस्था के अनुसार स्थायी डीजीपी का कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल के हटाए जाने के बाद से प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में राजीव कृष्ण ने पुलिस विभाग में कई अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। वे शासन के करीबी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं।

कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वे डीजीपी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के पद पर भी रहे। राजीव कृष्ण ने लखनऊ, मथुरा, इटावा, आगरा और नोएडा जैसे कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में सेवाएं दी हैं। इटावा में उनकी तैनाती के दौरान उन्होंने दस्युओं के गिरोह का सफाया किया। इसके अलावा वे लखनऊ के एडीजी जोन और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ में आईजी ऑपरेशन के पद पर भी रहे हैं।इस नियुक्ति के साथ उत्तर प्रदेश को अब स्थिर और अनुभवी पुलिस नेतृत्व मिलेगा, जो प्रदेश की लॉ एंड आॅडर व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘जी-रामजी अधिनियम’ बनेगा विकसित भारत का मजबूत आधार: केशव मौर्य

**ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और आय सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, गांव-गांव तक पहुंचेगा ‘विकसित भारत’ का संकल्प**

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 कार्य दिवस किए जाने से ग्रामीण परिवारों की आय, आर्थिक स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बल मिलेगा। इससे श्रमिकों को अधिक काम, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, कौशल विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की नई ऊर्जा पैदा होगी और हर ग्रामीण परिवार की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम, 2025’ विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा, आय सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
यूपी सचिवालय में बड़ा बदलाव: Vi की जगह BSNL के नए CUG नंबर, कर्मचारियों ने जताया विरोध
* 4200 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बदलने का फैसला, पुराने नंबर पोर्ट कराने की उठी मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन विभाग ने सचिवालय कर्मचारियों के सीयूजी (Closed User Group) मोबाइल नंबरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने मौजूदा वोडाफोन-आइडिया (Vi) सेवा को हटाकर बीएसएनएल को नया सेवा प्रदाता बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सचिवालय में कार्यरत लगभग 4200 कर्मचारियों और अधिकारियों को अब बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर आवंटित किए जाएंगे।
हालांकि, इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान से मुलाकात कर मांग की कि मौजूदा मोबाइल नंबरों को ही बीएसएनएल में पोर्ट कराया जाए, ताकि नंबर बदलने की आवश्यकता न पड़े।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान सीयूजी नंबर उनके निजी और पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये नंबर ई-ऑफिस पोर्टल, बैंक खातों, ई-मेल, आयकर रिटर्न, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली और गैस कनेक्शन, बच्चों के स्कूल-कॉलेज रिकॉर्ड तथा विभिन्न व्हाट्सएप समूहों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नंबर बदलने से उन्हें कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सचिवालय प्रशासन विभाग के निर्णय के अनुसार, कंप्यूटर सहायक से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के कर्मचारियों के लिए बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर जारी किए जाएंगे। वहीं, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान का कहना है कि कर्मचारी चाहें तो अपने पुराने मोबाइल नंबरों का उपयोग व्यक्तिगत नंबर के रूप में जारी रख सकते हैं, लेकिन आधिकारिक उपयोग के लिए सभी को बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर ही दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट के बड़े फैसले: जैविक खेती को 370 करोड़, अबुआ दवाखाना और DA में बढ़ोतरी को मंजूरी

★ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत यथावश्यक Development, Maintenance, Hosting and Implementation of various Web Portals कार्य हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए, नियम-245 के अधीन मनोनयन के आधार पर भारत सरकार के उपक्रम M/s CSC e-Governance Services India Limited के चयन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अमिताभ कुमार गुप्ता, सेवानिवृत न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची को लोकायुक्त, झारखण्ड के पद पर नियुक्त किये जाने के उपरान्त घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

★ जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजनान्तर्गत तीन चरणों यथा प्रथम चरण वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29, द्वितीय चरण 2027-28 से 2029-30 तथा तृतीय चरण वित्तीय वर्ष 2028-29 से 2030-31 तक क्रमशः 35000 हे०, 35000 हे० तथा 35000 हे०, अर्थात 1.05 लाख हे० हेतु कुल रू० 37012.50 लाख (तीन अरब सत्तर करोड़ बारह लाख पचास हजार) मात्र की लागत पर योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रथम चरण प्रथम वर्ष) के लिए कुल राशि रु० 4287.50 लाख (बयालीस करोड़ सतासी लाख पचास हजार) मात्र की विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत निषिद्ध मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, अवैध व्यापार, तस्करी, पेडलिंग आदि की सूचना देने तथा प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार नीति का गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कामदा नंदन कुसम कुंवर सिंकू तकनीकी सलाहकार, रूपांकण अंचल आदित्यपुर, जमशेदपुर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका हवाई अड्डा, दुमका से Regional Connectivity Scheme (RCS-UDAN) के तहत नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ करने के निमित हवाई अड्डा पर Cost Recovery Basis पर Aviation Meterological Services उपलब्ध कराने हेतु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department-IMD), भारत सरकार के साथ एकरारनामा के प्रस्ताव तथा प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के वृद्ध / गंभीर रूप से अस्वस्थ अथवा स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक निवृत्तिका योजना की स्वीकृति दी गई।

★ खूंटी जिला अंतर्गत अंचल-कर्रा, मौजा-काटमकुकू एवं कुलहुटू, विभिन्न मौजा संख्या, विभिन्न खाता संख्या, विभिन्न प्लॉट संख्या, कुल रकबा 11.635 एकड़, विभिन्न किस्म की गैरमजरूआ खास एवं आम खाते की भूमि कुल देय राशि रुपये 17,81,58,938/- (सत्रह करोड़ इक्यासी लाख अंठावन हजार नौ सौ अड़तीस) रुपये मात्र की अदायगी पर South Eastern Railway (SER) को लोधमा पिस्का लिंक रेल लाईन निर्माण परियोजना हेतु सःशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए अवधि के लिए प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-1 (अनुपालन लेखापरीक्षा-राजस्व) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ Authentication User Agency (AUA) एवं e-KYC User Agency (KUA) अर्थात सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग, झारखण्ड सरकार तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), भारत सरकार के मध्य किये गए AUA/KUA एकरारनामा के क्रम मे Aadhar (Authentication and Offline Verification) Regulation, 2021 के विनियम 9 के उप-विनियम (3A) के तहत पूरक (Supplementary) एकरारनामा की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के लिए बहु-चिकित्सा प्रणाली (एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्धा) आधारित एकीकृत औषधि केन्द्रों "अबुआ दवाखाना" की स्थापना एवं संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक-01.01.2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01. 01.2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में दिनांक-01.01. 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को दिनांक 01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान (सातवें केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के दिनांक 01.01.2016 से पुनरीक्षित / प्रभावी राज्य सरकार के पेंशन / पारिवारिक पेंशनभोगियों को 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ श्री सुशील कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लोहरदगा सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा वाद सं०-W.P.(S) No.-1608/2022 एवं Cont (C)No.-1128/2024 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में सेवा में पुनर्बहाल करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड भवन, वसंत विहार, नई दिल्ली एवं न्यू झारखण्ड भवन, बंगला साहिब रोड, नई दिल्ली के कमरों के आवासन शुल्क में पुनरीक्षिण की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3378/2019- शिव रामजी मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य सरकार एवं अन्य मामले में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.10.2023 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में UGC के पत्र संख्या सं० F-3-2/99 (ps), दिनांक-21.07.1999 की कंडिका 05 में निहित प्रावधान /अनुशंसा के आलोक में वेतनमान 5500-9000 में 8300 रू0 प्रक्रम पर पहुँच चुके या प्रदर्शक के वेतनमान में 16 वर्ष की सेवा पूरी कर लेने पर, जो भी बाद में हो, के शर्त को पूरा करते हैं, को व्याख्याता के वेतनमान रू0 8000-13500 के व्यक्तिगत वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश को प्रदान की जा रही अनुसेवक भत्ता एवं अनुसचिवीय सहायता की राशि में अभिवृद्धि तथा अन्य सुविधाओं की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, गुमला-सिमडेगा केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति-सेवानिवृत्त संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, संथाल परगना प्रमण्डल, दुमका के विरुद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1620 दिनांक-19.06.2012 को निरस्त करने तथा श्री सिन्हा को दिये गये दण्ड "सेवा से बर्खास्तगी" को परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत सम्परिवर्तित करते हुए "उनके पेंशन से पचास प्रतिशत (50%) की राशि की स्थाई रुप से कटौती" का दण्ड अधिरोपित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक एवं नॉन एकेडमिक), ईन्टर्नस की वृत्तिका पुनरीक्षण एवं झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशत्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ लोक भवन/राज्यपाल सचिवालय झारखंड, रांची के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती विद्या कुमारी, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, देवघर एवं श्रीमती मालती दास, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी.आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध/अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति के निर्णय की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य योजनान्तर्गत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत उद्यमी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यवसायिक बकरा बकरी पालन योजना के लिए कुल अनुमानित अनुदान की राशि रू० 30,00,00,000/- (तीस करोड़ रूपये) के नई योजना के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 29 (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 9(3) के साथ पठित अनुसूची || Part E के अन्तर्गत सूचीबद्ध माल यथा पेट्रोल, डीजल एवं मदिरा (Liquor) के खुदरा बिक्रेताओं, जिनके द्वारा राज्य के अंदर ही क्रय-बिक्रय किया जाता है एवं राज्य के अंदर से क्रय के क्रम में 'कर' (VAT) का भुगतान पूर्व में ही प्राप्त हो जाता है, को झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर नियमावली, 2006 के नियम 14 (1) एवं नियम 14 (3) के प्रावधानुसार कमशः त्रैमासिक विवरणी (Quarterly Return) FORM JVAT 200 एवं मासिक विवरण (Monthly Abstract) FORM JVAT 213 दाखिल करने से मुक्त किए जाने पर स्वीकृति दी गई।

★ M.A.No.-890/2025 एवं Contempt Petition(C) No.-666/2025 in Civil Appeal No.-299/2025, धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन में जिला न्यायाधीश स्तर के 05 छाया पदों (Supernumerary post) के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन में कृत अनुशंसाओं को लागू करने से संबंधित वित्त विभागीय संकल्प संख्या-2519 दिनांक 16.10.2025 की कंडिका-2 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के प्रतिनिधायण के कुल राशि 1167.35 करोड़ के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ रूपये में से कुल पारित 197.218 करोड़ रूपये के विपत्रों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त प्राप्त कुल निधि 216.00 करोड़ में जोड़ते हुए तृतीय तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ में शेष अंतर राशि कुल 2,44,80,20,000 रूपये झारखण्ड आकस्मिकता निधि से अग्रिम की निकासी की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अन्तर्गत राज्य यक्ष्मा कार्यालय द्वारा Laboratory Materials Cartridge (CBNAAT Cartridge) को वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधान को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत् मनोनयन के आधार पर M/s Cepheid India (P)Ltd, Gurgaon] Haryana से क्रय करने की योजना पर घटनोतर स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand Integrated Mines and Mineral Management System (JIMMS) Version 2.0 योजना की घटनोत्तर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-3 के परन्तुक-(1) में वर्णित प्रावधान के आलोक में लोकहित में झारखण्ड सरकार द्वारा पुनर्वास/पुर्नस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भू-भाग अथवा नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु दान की गई भूमि के लिखत (दस्तावेज) पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना "PM SETU- PRADHAN MANTRI SKILLING & EMPLOYABILITY TRANSFORMATION THROUGH UPGRADED ITIS" के Component I- Upgradation of Industrial Training Institutes (ITIs) के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ गिरिडीह जिलान्तर्गत बगोदर-सरिया अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों / पदाधिकारियों के 20 (बीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पश्चिमी सिंहभूम जिलान्तर्गत चक्रधरपुर अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों /पदाधिकारियों के 41 (इकतालीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

★ Cont. Case No-1076/2023 में दिनांक-05.12.2025 को पारित न्यायादेश एवं W.P.(S) No-2857/2021 में दिनांक-22.12.2022 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री मंगरा उराँव, दैनिक वेतनभोगी की सशर्त सेवा नियमितीकरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के अन्तर्गत अधिसूचित Jharkhand Sand Mininig (Amendment) Rules, 2026 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना एवं केन्द्रीय सेक्टर योजना के अन्तर्गत PM Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission Scheme (PM-ABHIM) योजना को झारखण्ड राज्य में संचालित किये जाने के निमित्त अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यकाल का विस्तार एवं MoU जारी रखने की स्वीकृति दी गई।

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उ.प्र.उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के आक्रोशित पदाधिकारियों ने मण्डल रेल प्रबंधक को सम्बोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र स्टेशन अधीक्षक को सौंपा
तुलसीपुर - स्थानीय स्टेशन पर पार्किंग ठेकेदार द्वारा मनमानी वसूली,यात्रियों व परिजनों से नियमित विवाद को लेकर उ.प्र.उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के आक्रोशित पदाधिकारियों ने मण्डल रेल प्रबंधक को सम्बोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र स्टेशन अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार राव को देकर अविलम्ब अनियमितता   रोके जाने की मांग की है।



ज़िला महामन्त्री दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि अमृत भारत योजना में तुलसीपुर स्टेशन विकसित किया गया परन्तु पार्किंग स्थल पर यात्रियों व उनके परिजनों जो उन्हें लेने और छोड़ने आते है उनसे भी लगातार शुल्क को लेकर विवाद होता रहता है कभी कभार उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है।आरक्षण काउंटर पर बाइक से टिकट लेने वालों से भी जबरिया वसूली की जाती है जो इस महत्वपूर्ण स्टेशन की गरिमा को ही ठेस पहुंचाने का कार्य हो रहा है।इस समस्या पर मण्डल रेल प्रबंधक से दूरभाष पर वार्ता कर अवगत भी कराया गया है जिस पर कहा गया जल्द ही इस प्रकरण की जांच कराकर उचित कार्यवाही की जाएगी। महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता ने कहा पत्र में पार्किंग स्थल की जांच कराने,अधिकृत ठेकेदार व वैध आई डी के साथ नियमानुसार शुल्क लिए जाने,पार्किंग क्षमता का उचित प्रबंधन किए जाने,दोषी व्यक्तियों व ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही व यात्रियों के को रही बदसुलूकी को अविलम्ब रोके जाने की मांग की गई है।अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि ने कहा कि इसके बारे में कई बार स्टेशन मास्टर को बताया गया लेकिन उनके द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई जबकि 2022 से ही पार्किंग को लेकर विवाद लगातार होता रहा है जिस पर जी आर पी ने गाड़ियों का चालान करना शुरू किया बाद में आधिकारिक रूप से 900 वर्गमीटर भूमि की मंजूरी मिली लेकिन समस्याए अभी भी बनी हुई हैं।उपाध्यक्ष संतोष जायसवाल,जय सिंह,प्रदीप गुप्ता,ओम प्रकाश अग्रहरि,विक्की कसौधन मौजूद रहे।
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

इसे इतनी भावुकता से न लें..' कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर बोले सीजेआई

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कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इसमें पार्टी की गतिविधियों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में आरोप है कि संगठन सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों का गलत इस्तेमाल कर उनका व्यावसायिक फायदा उठा रहा है। PIL में फेक वकीलों की सीबीआई जांच की भी अपील की गई। इस जनहित याचिका पर भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा है कि इस मामले पर इतनी ज्यादा भावुक होने की जरूरत नहीं है।

सोमवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने सीजेआई की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश की ओर से स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद न्यापालिका को बदनाम करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से पेश किया जा रहा है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुद्दे को इतना भावनात्मक तरीके से न लें।

उचित समय पर नियमानुसार होगी सुनवाई-सीजेआई

मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका की जल्द सुनवाई की मांग पर कहा कि ऐसी कोई गंभीर तात्कालिकता नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय उचित समय पर इसकी नियमानुसार सुनवाई करेगा। जनहित याचिका में निर्देश देने की मांग की गई है कि अदालत में होने वाली बातचीत का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए न किया जाए और फर्जी वकीलों की डिग्रियों के मामले में सीबीआई जांच की जाए। इसी मामले पर एक अन्य जनहित याचिका में मुख्य न्यायाधीश की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी के बाद उभरे व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी गतिविधियों की सीबीआई जांच की मांग की गई है। 

सीजेआई की टिप्पणी पर लॉन्च हुई सीजेपी

बता दें कि 15 मई, 2026 को सीजेआई सूर्यकांत की अदालत में वकीलों की फर्जी डिग्री के एक मामले की सुनवाई हो रही थी। एक वकील ने सीनियर वकील का दर्जा पाने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने देश के उन कुछ चुनिंदा बेरोजगारों की बात की, जो बिना जिम्मेदारी के बात-बात पर सिस्टम को निशाना बनाते हैं। ऐसे कुछ बेरोजगारों के लिए सीजेआई ने ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल का। सीजेआई की इसी टिप्पणी को अमेरिका के बोस्टन में बैठे पुणे के रहने वाले एक भारतीय अभिजीत दीपके ने हथियार बनाया और अपने इंस्टाग्राम पोर्टल के जरिए व्यंग के इरादे से कॉकरोच जनता पार्टी नाम का मूवमेंट लॉन्च कर दिया। देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर यह मूवमेंट फॉलोअर्स के मामले में बहुत ही सफल अभियान साबित हुआ और आज इसके फॉलोअरों की संख्या 23 मिलियन के करीब पहुंच चुकी है।

कौन से ‘सीजेपी’ बनाने वाले अभिजीत दीपके

30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत आप के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए आप छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर एक्स अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।

भीषण गर्मी में गांव से नगर तक निर्बाध बिजली दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी


ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम के निर्देश — बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर

लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन, खेती, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

30,339 मेगावाट पहुंची पीक बिजली मांग

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत दैनिक बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो चुकी है। इसमें तापीय परियोजनाओं की 9,120 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं की 526.4 मेगावाट तथा संयुक्त उपक्रमों के जरिए 3,742 मेगावाट क्षमता शामिल है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत और पारेषण हानि घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।

आंधी-तूफान में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम रहे सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंधी, तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए तूफानों से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन तेजी से मरम्मत और बहाली का कार्य किया गया।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर मिले सही बिल

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

हेल्पलाइन व्यवस्था का होगा निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी भी दी जाए कि समस्या का समाधान कब तक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी डिस्कॉम को मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना होगा।

उत्तर प्रदेश को मिला स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्ण को सौंपी गई कमान
लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश को अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद वर्तमान में कार्यवाहक DGP के पद पर तैनात राजीव कृष्ण को प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य में चार साल बाद हुई स्थायी डीजीपी की पहली तैनाती है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजीव कृष्ण को ही स्थायी डीजीपी बनाने की मंजूरी दी। यूपीएससी ने 26 मई को हुई बैठक में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नामों की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी। इनमें से राजीव कृष्ण का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था।

राजीव कृष्ण जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 1991 बैच के आईपीएस राजीव कृष्ण को पुलिस विभाग में उनके प्रशासनिक और मैदानी अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और जोनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और यूपीएससी की व्यवस्था के अनुसार स्थायी डीजीपी का कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल के हटाए जाने के बाद से प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में राजीव कृष्ण ने पुलिस विभाग में कई अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। वे शासन के करीबी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं।

कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वे डीजीपी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के पद पर भी रहे। राजीव कृष्ण ने लखनऊ, मथुरा, इटावा, आगरा और नोएडा जैसे कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में सेवाएं दी हैं। इटावा में उनकी तैनाती के दौरान उन्होंने दस्युओं के गिरोह का सफाया किया। इसके अलावा वे लखनऊ के एडीजी जोन और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ में आईजी ऑपरेशन के पद पर भी रहे हैं।इस नियुक्ति के साथ उत्तर प्रदेश को अब स्थिर और अनुभवी पुलिस नेतृत्व मिलेगा, जो प्रदेश की लॉ एंड आॅडर व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘जी-रामजी अधिनियम’ बनेगा विकसित भारत का मजबूत आधार: केशव मौर्य

**ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और आय सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, गांव-गांव तक पहुंचेगा ‘विकसित भारत’ का संकल्प**

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 कार्य दिवस किए जाने से ग्रामीण परिवारों की आय, आर्थिक स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बल मिलेगा। इससे श्रमिकों को अधिक काम, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, कौशल विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की नई ऊर्जा पैदा होगी और हर ग्रामीण परिवार की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम, 2025’ विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा, आय सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
यूपी सचिवालय में बड़ा बदलाव: Vi की जगह BSNL के नए CUG नंबर, कर्मचारियों ने जताया विरोध
* 4200 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बदलने का फैसला, पुराने नंबर पोर्ट कराने की उठी मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन विभाग ने सचिवालय कर्मचारियों के सीयूजी (Closed User Group) मोबाइल नंबरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने मौजूदा वोडाफोन-आइडिया (Vi) सेवा को हटाकर बीएसएनएल को नया सेवा प्रदाता बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सचिवालय में कार्यरत लगभग 4200 कर्मचारियों और अधिकारियों को अब बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर आवंटित किए जाएंगे।
हालांकि, इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान से मुलाकात कर मांग की कि मौजूदा मोबाइल नंबरों को ही बीएसएनएल में पोर्ट कराया जाए, ताकि नंबर बदलने की आवश्यकता न पड़े।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान सीयूजी नंबर उनके निजी और पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये नंबर ई-ऑफिस पोर्टल, बैंक खातों, ई-मेल, आयकर रिटर्न, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली और गैस कनेक्शन, बच्चों के स्कूल-कॉलेज रिकॉर्ड तथा विभिन्न व्हाट्सएप समूहों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नंबर बदलने से उन्हें कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सचिवालय प्रशासन विभाग के निर्णय के अनुसार, कंप्यूटर सहायक से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के कर्मचारियों के लिए बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर जारी किए जाएंगे। वहीं, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान का कहना है कि कर्मचारी चाहें तो अपने पुराने मोबाइल नंबरों का उपयोग व्यक्तिगत नंबर के रूप में जारी रख सकते हैं, लेकिन आधिकारिक उपयोग के लिए सभी को बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर ही दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट के बड़े फैसले: जैविक खेती को 370 करोड़, अबुआ दवाखाना और DA में बढ़ोतरी को मंजूरी

★ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत यथावश्यक Development, Maintenance, Hosting and Implementation of various Web Portals कार्य हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए, नियम-245 के अधीन मनोनयन के आधार पर भारत सरकार के उपक्रम M/s CSC e-Governance Services India Limited के चयन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अमिताभ कुमार गुप्ता, सेवानिवृत न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची को लोकायुक्त, झारखण्ड के पद पर नियुक्त किये जाने के उपरान्त घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

★ जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजनान्तर्गत तीन चरणों यथा प्रथम चरण वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29, द्वितीय चरण 2027-28 से 2029-30 तथा तृतीय चरण वित्तीय वर्ष 2028-29 से 2030-31 तक क्रमशः 35000 हे०, 35000 हे० तथा 35000 हे०, अर्थात 1.05 लाख हे० हेतु कुल रू० 37012.50 लाख (तीन अरब सत्तर करोड़ बारह लाख पचास हजार) मात्र की लागत पर योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रथम चरण प्रथम वर्ष) के लिए कुल राशि रु० 4287.50 लाख (बयालीस करोड़ सतासी लाख पचास हजार) मात्र की विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत निषिद्ध मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, अवैध व्यापार, तस्करी, पेडलिंग आदि की सूचना देने तथा प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार नीति का गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कामदा नंदन कुसम कुंवर सिंकू तकनीकी सलाहकार, रूपांकण अंचल आदित्यपुर, जमशेदपुर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका हवाई अड्डा, दुमका से Regional Connectivity Scheme (RCS-UDAN) के तहत नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ करने के निमित हवाई अड्डा पर Cost Recovery Basis पर Aviation Meterological Services उपलब्ध कराने हेतु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department-IMD), भारत सरकार के साथ एकरारनामा के प्रस्ताव तथा प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के वृद्ध / गंभीर रूप से अस्वस्थ अथवा स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक निवृत्तिका योजना की स्वीकृति दी गई।

★ खूंटी जिला अंतर्गत अंचल-कर्रा, मौजा-काटमकुकू एवं कुलहुटू, विभिन्न मौजा संख्या, विभिन्न खाता संख्या, विभिन्न प्लॉट संख्या, कुल रकबा 11.635 एकड़, विभिन्न किस्म की गैरमजरूआ खास एवं आम खाते की भूमि कुल देय राशि रुपये 17,81,58,938/- (सत्रह करोड़ इक्यासी लाख अंठावन हजार नौ सौ अड़तीस) रुपये मात्र की अदायगी पर South Eastern Railway (SER) को लोधमा पिस्का लिंक रेल लाईन निर्माण परियोजना हेतु सःशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए अवधि के लिए प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-1 (अनुपालन लेखापरीक्षा-राजस्व) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ Authentication User Agency (AUA) एवं e-KYC User Agency (KUA) अर्थात सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग, झारखण्ड सरकार तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), भारत सरकार के मध्य किये गए AUA/KUA एकरारनामा के क्रम मे Aadhar (Authentication and Offline Verification) Regulation, 2021 के विनियम 9 के उप-विनियम (3A) के तहत पूरक (Supplementary) एकरारनामा की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के लिए बहु-चिकित्सा प्रणाली (एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्धा) आधारित एकीकृत औषधि केन्द्रों "अबुआ दवाखाना" की स्थापना एवं संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक-01.01.2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01. 01.2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में दिनांक-01.01. 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को दिनांक 01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान (सातवें केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के दिनांक 01.01.2016 से पुनरीक्षित / प्रभावी राज्य सरकार के पेंशन / पारिवारिक पेंशनभोगियों को 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ श्री सुशील कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लोहरदगा सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा वाद सं०-W.P.(S) No.-1608/2022 एवं Cont (C)No.-1128/2024 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में सेवा में पुनर्बहाल करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड भवन, वसंत विहार, नई दिल्ली एवं न्यू झारखण्ड भवन, बंगला साहिब रोड, नई दिल्ली के कमरों के आवासन शुल्क में पुनरीक्षिण की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3378/2019- शिव रामजी मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य सरकार एवं अन्य मामले में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.10.2023 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में UGC के पत्र संख्या सं० F-3-2/99 (ps), दिनांक-21.07.1999 की कंडिका 05 में निहित प्रावधान /अनुशंसा के आलोक में वेतनमान 5500-9000 में 8300 रू0 प्रक्रम पर पहुँच चुके या प्रदर्शक के वेतनमान में 16 वर्ष की सेवा पूरी कर लेने पर, जो भी बाद में हो, के शर्त को पूरा करते हैं, को व्याख्याता के वेतनमान रू0 8000-13500 के व्यक्तिगत वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश को प्रदान की जा रही अनुसेवक भत्ता एवं अनुसचिवीय सहायता की राशि में अभिवृद्धि तथा अन्य सुविधाओं की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, गुमला-सिमडेगा केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति-सेवानिवृत्त संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, संथाल परगना प्रमण्डल, दुमका के विरुद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1620 दिनांक-19.06.2012 को निरस्त करने तथा श्री सिन्हा को दिये गये दण्ड "सेवा से बर्खास्तगी" को परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत सम्परिवर्तित करते हुए "उनके पेंशन से पचास प्रतिशत (50%) की राशि की स्थाई रुप से कटौती" का दण्ड अधिरोपित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक एवं नॉन एकेडमिक), ईन्टर्नस की वृत्तिका पुनरीक्षण एवं झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशत्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ लोक भवन/राज्यपाल सचिवालय झारखंड, रांची के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती विद्या कुमारी, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, देवघर एवं श्रीमती मालती दास, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी.आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध/अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति के निर्णय की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य योजनान्तर्गत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत उद्यमी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यवसायिक बकरा बकरी पालन योजना के लिए कुल अनुमानित अनुदान की राशि रू० 30,00,00,000/- (तीस करोड़ रूपये) के नई योजना के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 29 (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 9(3) के साथ पठित अनुसूची || Part E के अन्तर्गत सूचीबद्ध माल यथा पेट्रोल, डीजल एवं मदिरा (Liquor) के खुदरा बिक्रेताओं, जिनके द्वारा राज्य के अंदर ही क्रय-बिक्रय किया जाता है एवं राज्य के अंदर से क्रय के क्रम में 'कर' (VAT) का भुगतान पूर्व में ही प्राप्त हो जाता है, को झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर नियमावली, 2006 के नियम 14 (1) एवं नियम 14 (3) के प्रावधानुसार कमशः त्रैमासिक विवरणी (Quarterly Return) FORM JVAT 200 एवं मासिक विवरण (Monthly Abstract) FORM JVAT 213 दाखिल करने से मुक्त किए जाने पर स्वीकृति दी गई।

★ M.A.No.-890/2025 एवं Contempt Petition(C) No.-666/2025 in Civil Appeal No.-299/2025, धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन में जिला न्यायाधीश स्तर के 05 छाया पदों (Supernumerary post) के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन में कृत अनुशंसाओं को लागू करने से संबंधित वित्त विभागीय संकल्प संख्या-2519 दिनांक 16.10.2025 की कंडिका-2 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के प्रतिनिधायण के कुल राशि 1167.35 करोड़ के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ रूपये में से कुल पारित 197.218 करोड़ रूपये के विपत्रों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त प्राप्त कुल निधि 216.00 करोड़ में जोड़ते हुए तृतीय तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ में शेष अंतर राशि कुल 2,44,80,20,000 रूपये झारखण्ड आकस्मिकता निधि से अग्रिम की निकासी की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अन्तर्गत राज्य यक्ष्मा कार्यालय द्वारा Laboratory Materials Cartridge (CBNAAT Cartridge) को वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधान को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत् मनोनयन के आधार पर M/s Cepheid India (P)Ltd, Gurgaon] Haryana से क्रय करने की योजना पर घटनोतर स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand Integrated Mines and Mineral Management System (JIMMS) Version 2.0 योजना की घटनोत्तर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-3 के परन्तुक-(1) में वर्णित प्रावधान के आलोक में लोकहित में झारखण्ड सरकार द्वारा पुनर्वास/पुर्नस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भू-भाग अथवा नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु दान की गई भूमि के लिखत (दस्तावेज) पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना "PM SETU- PRADHAN MANTRI SKILLING & EMPLOYABILITY TRANSFORMATION THROUGH UPGRADED ITIS" के Component I- Upgradation of Industrial Training Institutes (ITIs) के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ गिरिडीह जिलान्तर्गत बगोदर-सरिया अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों / पदाधिकारियों के 20 (बीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पश्चिमी सिंहभूम जिलान्तर्गत चक्रधरपुर अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों /पदाधिकारियों के 41 (इकतालीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

★ Cont. Case No-1076/2023 में दिनांक-05.12.2025 को पारित न्यायादेश एवं W.P.(S) No-2857/2021 में दिनांक-22.12.2022 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री मंगरा उराँव, दैनिक वेतनभोगी की सशर्त सेवा नियमितीकरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के अन्तर्गत अधिसूचित Jharkhand Sand Mininig (Amendment) Rules, 2026 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना एवं केन्द्रीय सेक्टर योजना के अन्तर्गत PM Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission Scheme (PM-ABHIM) योजना को झारखण्ड राज्य में संचालित किये जाने के निमित्त अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यकाल का विस्तार एवं MoU जारी रखने की स्वीकृति दी गई।

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उ.प्र.उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के आक्रोशित पदाधिकारियों ने मण्डल रेल प्रबंधक को सम्बोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र स्टेशन अधीक्षक को सौंपा
तुलसीपुर - स्थानीय स्टेशन पर पार्किंग ठेकेदार द्वारा मनमानी वसूली,यात्रियों व परिजनों से नियमित विवाद को लेकर उ.प्र.उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के आक्रोशित पदाधिकारियों ने मण्डल रेल प्रबंधक को सम्बोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र स्टेशन अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार राव को देकर अविलम्ब अनियमितता   रोके जाने की मांग की है।



ज़िला महामन्त्री दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि अमृत भारत योजना में तुलसीपुर स्टेशन विकसित किया गया परन्तु पार्किंग स्थल पर यात्रियों व उनके परिजनों जो उन्हें लेने और छोड़ने आते है उनसे भी लगातार शुल्क को लेकर विवाद होता रहता है कभी कभार उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है।आरक्षण काउंटर पर बाइक से टिकट लेने वालों से भी जबरिया वसूली की जाती है जो इस महत्वपूर्ण स्टेशन की गरिमा को ही ठेस पहुंचाने का कार्य हो रहा है।इस समस्या पर मण्डल रेल प्रबंधक से दूरभाष पर वार्ता कर अवगत भी कराया गया है जिस पर कहा गया जल्द ही इस प्रकरण की जांच कराकर उचित कार्यवाही की जाएगी। महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता ने कहा पत्र में पार्किंग स्थल की जांच कराने,अधिकृत ठेकेदार व वैध आई डी के साथ नियमानुसार शुल्क लिए जाने,पार्किंग क्षमता का उचित प्रबंधन किए जाने,दोषी व्यक्तियों व ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही व यात्रियों के को रही बदसुलूकी को अविलम्ब रोके जाने की मांग की गई है।अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि ने कहा कि इसके बारे में कई बार स्टेशन मास्टर को बताया गया लेकिन उनके द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई जबकि 2022 से ही पार्किंग को लेकर विवाद लगातार होता रहा है जिस पर जी आर पी ने गाड़ियों का चालान करना शुरू किया बाद में आधिकारिक रूप से 900 वर्गमीटर भूमि की मंजूरी मिली लेकिन समस्याए अभी भी बनी हुई हैं।उपाध्यक्ष संतोष जायसवाल,जय सिंह,प्रदीप गुप्ता,ओम प्रकाश अग्रहरि,विक्की कसौधन मौजूद रहे।
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

#gurmeetramrahimgets30daysparolereleasesunaria_jail

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

इसे इतनी भावुकता से न लें..' कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर बोले सीजेआई

#cjisuryakantonpilfiledagainstcockroachjanatapartydonttakeitsosentimentally 

कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इसमें पार्टी की गतिविधियों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में आरोप है कि संगठन सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों का गलत इस्तेमाल कर उनका व्यावसायिक फायदा उठा रहा है। PIL में फेक वकीलों की सीबीआई जांच की भी अपील की गई। इस जनहित याचिका पर भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा है कि इस मामले पर इतनी ज्यादा भावुक होने की जरूरत नहीं है।

सोमवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने सीजेआई की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश की ओर से स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद न्यापालिका को बदनाम करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से पेश किया जा रहा है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुद्दे को इतना भावनात्मक तरीके से न लें।

उचित समय पर नियमानुसार होगी सुनवाई-सीजेआई

मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका की जल्द सुनवाई की मांग पर कहा कि ऐसी कोई गंभीर तात्कालिकता नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय उचित समय पर इसकी नियमानुसार सुनवाई करेगा। जनहित याचिका में निर्देश देने की मांग की गई है कि अदालत में होने वाली बातचीत का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए न किया जाए और फर्जी वकीलों की डिग्रियों के मामले में सीबीआई जांच की जाए। इसी मामले पर एक अन्य जनहित याचिका में मुख्य न्यायाधीश की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी के बाद उभरे व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी गतिविधियों की सीबीआई जांच की मांग की गई है। 

सीजेआई की टिप्पणी पर लॉन्च हुई सीजेपी

बता दें कि 15 मई, 2026 को सीजेआई सूर्यकांत की अदालत में वकीलों की फर्जी डिग्री के एक मामले की सुनवाई हो रही थी। एक वकील ने सीनियर वकील का दर्जा पाने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने देश के उन कुछ चुनिंदा बेरोजगारों की बात की, जो बिना जिम्मेदारी के बात-बात पर सिस्टम को निशाना बनाते हैं। ऐसे कुछ बेरोजगारों के लिए सीजेआई ने ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल का। सीजेआई की इसी टिप्पणी को अमेरिका के बोस्टन में बैठे पुणे के रहने वाले एक भारतीय अभिजीत दीपके ने हथियार बनाया और अपने इंस्टाग्राम पोर्टल के जरिए व्यंग के इरादे से कॉकरोच जनता पार्टी नाम का मूवमेंट लॉन्च कर दिया। देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर यह मूवमेंट फॉलोअर्स के मामले में बहुत ही सफल अभियान साबित हुआ और आज इसके फॉलोअरों की संख्या 23 मिलियन के करीब पहुंच चुकी है।

कौन से ‘सीजेपी’ बनाने वाले अभिजीत दीपके

30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत आप के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए आप छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर एक्स अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।

भीषण गर्मी में गांव से नगर तक निर्बाध बिजली दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी


ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम के निर्देश — बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर

लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन, खेती, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

30,339 मेगावाट पहुंची पीक बिजली मांग

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत दैनिक बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो चुकी है। इसमें तापीय परियोजनाओं की 9,120 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं की 526.4 मेगावाट तथा संयुक्त उपक्रमों के जरिए 3,742 मेगावाट क्षमता शामिल है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत और पारेषण हानि घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।

आंधी-तूफान में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम रहे सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंधी, तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए तूफानों से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन तेजी से मरम्मत और बहाली का कार्य किया गया।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर मिले सही बिल

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

हेल्पलाइन व्यवस्था का होगा निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी भी दी जाए कि समस्या का समाधान कब तक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी डिस्कॉम को मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना होगा।