13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में लगेगा भव्य रक्तदान शिविर, रक्तदाताओं को भेंट किया जाएगा हेलमेट

हजारीबाग - सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग की एक विशेष बैठक संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन के निवास स्थान पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया ने की, जबकि संचालन सचिव रितेश खंडेलवाल के द्वारा किया गया। बैठक में संस्था के आगामी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में संस्था के प्रमुख कार्यक्रम एकदिवसीय रक्तदान शिविर को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि आगामी 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को संस्था की ओर से हेलमेट भेंट किया जाएगा। इस पहल के पीछे एक सकारात्मक और जागरूकता से जुड़ा संदेश है। जिस प्रकार एक रक्तदाता रक्तदान कर किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का कार्य करता है, उसी प्रकार संस्था रक्तदाताओं को हेलमेट भेंट कर उनके स्वयं के जीवन की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करना चाहती है। सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें सबसे अधिक घातक साबित होती हैं, ऐसे में हेलमेट पहनना जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के साथ संस्था ने यह पहल की है कि जो लोग रक्तदान कर किसी की जान बचाने का पुण्य कार्य कर रहे हैं, उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट प्रदान किया जाए। संस्था को उम्मीद है कि इस सकारात्मक संदेश से अधिक से अधिक लोग रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे और समाज में सुरक्षा एवं सेवा दोनों का संदेश जाएगा।गौरतलब है कि संस्था द्वारा पूर्व में आयोजित रक्तदान शिविरों को भी लोगों का व्यापक सहयोग मिला है। वर्ष 2025 में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 221 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में 130 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया था। लगातार बढ़ते रक्तदान के आंकड़ों को देखते हुए इस वर्ष के आयोजन को और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। रक्तदान शिविर में संग्रहित रक्त को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज ऑफ अस्पताल के ब्लड बैंक को उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं रेड क्रॉस सोसाइटी हजारीबाग का भी विशेष सहयोग प्राप्त होगा। रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सह-संयोजक के रूप में गुंजन मद्धेशिया, प्रवेक जैन, जयप्रकाश खंडेलवाल एवं कुश पांडे को जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्था द्वारा लगातार पांचवें वर्ष आयोजित किया जाने वाला लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम इस वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। रामनवमी के पावन अवसर पर 26 मार्च को महावीर स्थान मंदिर के समीप 151 किलो लड्डू राम भक्तों के बीच वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में प्रणीत जैन एवं रितेश खंडेलवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और जागरूकता की भावना को बढ़ावा देना है। रक्तदान शिविर के माध्यम से जहां जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलेगा, वहीं हेलमेट भेंट कर सड़क सुरक्षा का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जाएगा। वहीं संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि संस्था निरंतर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस वर्ष भी रक्तदान शिविर और रामनवमी के अवसर पर आयोजित लड्डू महाभोग कार्यक्रम को भव्य रूप से संपन्न किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इन आयोजनों से जुड़ें और समाज में सेवा एवं जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित हो सके। बैठक में संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया, संस्था मार्दर्शक जय प्रकाश खण्डेलवाल, कार्यकारिणी सदस्य रोहित बजाज, सत्यनारायण सिंह,प्रवेक जैन,प्रणीत जैन एवं कैलाश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहें।

भाजपा ने की नीतीश कुमार की 'राजनीतिक हत्या'": झामुमो महासचिव विनोद पांडेय का बड़ा हमला।

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बिहार के बदलते राजनीतिक घटनाक्रम और नए समीकरणों को लेकर झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने एक प्रेस बयान जारी कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘राजनीतिक हत्या’ कर दी है।

जनादेश का अपमान और सोची-समझी साजिश

विनोद पांडेय ने अपने बयान में कहा कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर देश की जनता के सामने बेनकाब हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस चेहरे पर बिहार की जनता ने भरोसा जताकर जनादेश दिया था, भाजपा ने सोची-समझी रणनीति के तहत उसी चेहरे को राजनीति की मुख्यधारा से किनारे कर दिया। यह सीधे तौर पर बिहार की जनता के जनादेश का अपमान है।

जदयू के विलय की आशंका

झामुमो नेता ने दावा किया कि बिहार में भाजपा की यह साजिश काफी समय से पर्दे के पीछे चल रही थी। उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले समय में जनता दल (यूनाइटेड) का भाजपा में विलय भी हो सकता है।

झारखंड में भाजपा की दाल नहीं गलेगी

झारखंड की राजनीति का जिक्र करते हुए महासचिव पांडेय ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा:

"झारखंड की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रही है। भाजपा के खिलाफ हमारी लड़ाई पहले भी जारी थी और आगे भी मजबूती से जारी रहेगी।"

पार्टी ने साफ कर दिया है कि भाजपा की राजनीतिक चालों का मुकाबला करने के लिए झामुमो पूरी तरह तैयार है और झारखंड में लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मुंबई से घर आए युवक की हत्या, खेत में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, 100 मीटर तक बिखरा था खून


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही कोतवाली क्षेत्र के सियरहां गांव में बुधवार की रात में युवक विशाल सरोज (25) सुरेंद्र सरोज निवासी बरमोहनी की डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार को खेत में उसका शव मिलने से सनसनी फैल गई। करीब 100 मीटर तक युवक को घसीटा गया था। कई स्थानों पर खून फैला मिला।घटना की खबर मिलते ही दो थानों की पुलिस, फोरेंसिक, डाग स्क्वायड टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेज दिया। पुलिस ने गांव के ही पांच युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुट गईबरमोहनी गांव निवासी विशाल सरोज मुंबई में रहता था। एक सप्ताह पूर्व होली की छुट्टी लेकर घर आया था। बुधवार को दोपहर में वह होली खेलने के लिए, लेकिन शाम तक नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद पता नहीं चला। बृहस्पतिवार की सुबह उसका शव सियरहां के जल निगम पानी टंकी के पास एक खेत में मिला।

परिजनों में मचा कोहराम
उसके सिर में गंभीर चोट के निशान मिला। खेत में ही उसे करीब 100 मीटर तक घसीटने का निशान मिला। घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल गांव में पहुंच गई। फोरेसिंक टीम ने भी कई बिदुओं पर जांच किया। घटना से गांव में कोहराम मच गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

मृतक विशाल तीन भाइयों में छोटा था। मृतक के पिता सुरेंद्र सरोज ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया। पुलिस ने मामले में पांच युवकों को हिरासत में लिया है।

सीओ भदोही अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि बुधवार को युवक का एक दुकानदार से विवाद हुआ था। जिसमें दोनो तरफ से मारपीट हुई। दुकानदार के भाई ने डंडे से सिर पर हमला कर दिया। जिससे खून अधिक बहने से उसकी मौत हो गई। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आयुक्त ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली, बांटी खुशियां
*आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली*

*वृद्धजनों को गुझिया, बच्चों को अल्पाहार वितरित कर आयुक्त ने बांटी होली की खुशियां*

*महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के साथ रंग-गुलाल खेलकर आयुक्त ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश*

*गोण्डा 05 मार्च 2026*। - होली के पावन पर्व पर देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने अपनी धर्मपत्नी गरिमा भूषण एवं सुपुत्र के साथ वन स्टॉप सेंटर, वृद्धाश्रम तथा बाल देखरेख संस्थान पहुंचकर वहां रह रहे वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों के साथ होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर आयुक्त ने सभी के साथ रंग-गुलाल खेलकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं और आत्मीयता के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

आयुक्त सबसे पहले वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने वहां रह रहे वृद्धजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से वृद्धजनों को गुझिया खिलाई और रंग लगाकर होली की बधाई दी। आयुक्त के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से वृद्धजन भावुक हो उठे और उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
इसके बाद आयुक्त बाल देखरेख संस्थान पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ भी होली का त्योहार मनाया। बच्चों ने आयुक्त और उनके परिवार का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर आयुक्त ने बच्चों को अल्पाहार वितरित किया तथा रंग-गुलाल लगाकर उनके साथ होली की खुशियां बांटी। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ त्योहार का आनंद लिया और परिसर में उल्लास का माहौल बना रहा।

आयुक्त ने वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर वहां रह रही महिलाओं से भी मुलाकात की और उनके साथ होली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने महिलाओं को होली की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। आयुक्त ने कहा कि होली का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें सभी भेदभाव भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने का संदेश देता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ होली का पर्व मनाया।
वरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद सिंह के निधन से क्षेत्र में फैली शोक की लहर

जौनपुर। जनपद के खुटहन थानांतर्गत स्थित गजेन्द्रपुर गांव निवासी वरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद सिंह का बुधवार की रात उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। वह लगभग छह माह से अस्वस्थ चल रहे थे। तीन दिनों पूर्व दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल से चिकित्सकों की सलाह पर  घर लाया गया था। उनका अंतिम संस्कार पिलकिछा श्मशान घाट पर कर दिया गया। मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र पूर्व प्रधान सत्येन्द्र सिंह टिबलू ने दिया। निधन की खबर से क्षेत्र में शोक छा गया। स्व श्री सिंह अपने पीछे दो पुत्र बृजेश सिंह बब्लू व सत्येन्द्र सिंह सहित पुत्र वधुएं और पौत्र पौत्री से भरापुरा परिवार छोड़ गए। अरुण कुमार सिंह प्रबंधक,आनंद जी महराज छोटी काशी, देवेंद्र सिंह प्रधानाचार्य, प्रताप सिंह, विनोद सिंह, शिवप्रसाद सिंह,संजय सिंह, परमात्मा सिंह,जग्गू सिंह, पूर्व प्रधान संजय यादव, शंकर सिंह, सुभाष सिंह आदि सहित तमाम शुभचिंतक उनके घर पहुंच स्वजनों को ढांढस बंधाया।
*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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आजमगढ़:- जहरीला पदार्थ के सेवन से छात्रा की मौत, प्रेमी हिरासत में, अहरौला के पारा गांव का मामला

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  अहरौला थाना के फुलवरिया पारा गांव में बुधवार की रात एक प्रेमी युगल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में प्रेमिका की मौत हो गई, जबकि प्रेमी पुलिस हिरासत में है। वही परिजन हत्या का आरोप लगा रहे है। बताया जा रहा है कि, फुलवरिया पारा गांव निवासी सरिता पुत्री सुरेश गोंड, बीए की छात्रा थी। सरिता का गांव के ही युवक दिलीप से प्रेम प्रपंच चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों घर से फरार हो गए थे, लेकिन बाद में घर लौट आए। बताया जा रहा है कि होली की रात बुधवार को दिलीप ने सरिता को फोन कर बुलाया। दोनों गांव के सिवान क्षेत्र में मिलकर जहरीला पदार्थ खा गए। इसके बाद दिलीप ने अपने मित्र को बुलाया, जिसने सरिता को उसके घर के पास रास्ते पर छोड़ दिया। गुरुवार की भोर में गांव के लोग रास्ते पर अचेत पड़ी सरिता को देखकर अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। प्रेमी दिलीप की हालत ठीक है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सरिता के पिता की तहरीर पर पहले ही रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और दोनों के घर से फरार होने के कारणों को भी खंगाल रही है। परिजनों का आरोप है कि पूर्व में दर्ज मुकदमे की रंजिश के चलते लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। थानाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि युवती के पिता ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, फोरेंसिक टीम साक्ष्य संकलित कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़:-आजमगढ़ पुलिस लाइन में हर्षोल्लास से खेली गई होली, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दूसरे को लगाया अबीर और गुलाल

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के बाद पुलिस लाइन आजमगढ़ में गुरुवार को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर्षोल्लास के साथ होली उत्सव मनाया। इस दौरान अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर और गुलाल में सराबोर होकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते नजर आए।
कार्यक्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने भी सहभागिता करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ होली का उत्सव मनाया। इस अवसर पर सभी ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द्र का संदेश दिया।
उत्सव के दौरान संगीत, लोकगीत और नृत्य का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने होली पर्व के दौरान जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करने का संदेश देता है।
इस अवसर पर सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

राज्यसभा जा रहे नीतीश कुमार, खुद ट्वीट कर किया कन्फर्म, बोले- नई सरकार को मेरा सहयोग रहेगा

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बिहार की सियासत आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। पिछले दो दशक तक बिहार की सत्ता का केन्द्र रहे नीतीश कुमार ने दिल्ली रूख करने का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ बिहार में अब बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है।

नीतीश कुमार ने का राज्यसभा जाने का ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से राज्यसभा जाने की पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा कि “पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।”

राज्यसभा जाने की जताई इच्छा

अपने संसदीय जीवन की शुरुआत को याद करते हुए नीतीश ने कहा, “राजनीति में आने के समय से ही उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी क्रम में इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।”

बिहार के विकास और प्रगति का संकल्प जारी रहेगा-नीतीश

नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में यह भी भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि “बिहार के विकास और प्रगति के लिए उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और राज्य की जनता के साथ मिलकर विकसित बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।”

नई सरकार में सहयोग का दिया भरोसा

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि “बिहार में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।” उनके इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा जाने के फैसले से राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।”

13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में लगेगा भव्य रक्तदान शिविर, रक्तदाताओं को भेंट किया जाएगा हेलमेट

हजारीबाग - सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग की एक विशेष बैठक संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन के निवास स्थान पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया ने की, जबकि संचालन सचिव रितेश खंडेलवाल के द्वारा किया गया। बैठक में संस्था के आगामी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में संस्था के प्रमुख कार्यक्रम एकदिवसीय रक्तदान शिविर को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि आगामी 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को संस्था की ओर से हेलमेट भेंट किया जाएगा। इस पहल के पीछे एक सकारात्मक और जागरूकता से जुड़ा संदेश है। जिस प्रकार एक रक्तदाता रक्तदान कर किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का कार्य करता है, उसी प्रकार संस्था रक्तदाताओं को हेलमेट भेंट कर उनके स्वयं के जीवन की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करना चाहती है। सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें सबसे अधिक घातक साबित होती हैं, ऐसे में हेलमेट पहनना जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के साथ संस्था ने यह पहल की है कि जो लोग रक्तदान कर किसी की जान बचाने का पुण्य कार्य कर रहे हैं, उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट प्रदान किया जाए। संस्था को उम्मीद है कि इस सकारात्मक संदेश से अधिक से अधिक लोग रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे और समाज में सुरक्षा एवं सेवा दोनों का संदेश जाएगा।गौरतलब है कि संस्था द्वारा पूर्व में आयोजित रक्तदान शिविरों को भी लोगों का व्यापक सहयोग मिला है। वर्ष 2025 में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 221 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में 130 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया था। लगातार बढ़ते रक्तदान के आंकड़ों को देखते हुए इस वर्ष के आयोजन को और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। रक्तदान शिविर में संग्रहित रक्त को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज ऑफ अस्पताल के ब्लड बैंक को उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं रेड क्रॉस सोसाइटी हजारीबाग का भी विशेष सहयोग प्राप्त होगा। रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सह-संयोजक के रूप में गुंजन मद्धेशिया, प्रवेक जैन, जयप्रकाश खंडेलवाल एवं कुश पांडे को जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्था द्वारा लगातार पांचवें वर्ष आयोजित किया जाने वाला लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम इस वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। रामनवमी के पावन अवसर पर 26 मार्च को महावीर स्थान मंदिर के समीप 151 किलो लड्डू राम भक्तों के बीच वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में प्रणीत जैन एवं रितेश खंडेलवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और जागरूकता की भावना को बढ़ावा देना है। रक्तदान शिविर के माध्यम से जहां जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलेगा, वहीं हेलमेट भेंट कर सड़क सुरक्षा का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जाएगा। वहीं संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि संस्था निरंतर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस वर्ष भी रक्तदान शिविर और रामनवमी के अवसर पर आयोजित लड्डू महाभोग कार्यक्रम को भव्य रूप से संपन्न किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इन आयोजनों से जुड़ें और समाज में सेवा एवं जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित हो सके। बैठक में संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया, संस्था मार्दर्शक जय प्रकाश खण्डेलवाल, कार्यकारिणी सदस्य रोहित बजाज, सत्यनारायण सिंह,प्रवेक जैन,प्रणीत जैन एवं कैलाश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहें।

भाजपा ने की नीतीश कुमार की 'राजनीतिक हत्या'": झामुमो महासचिव विनोद पांडेय का बड़ा हमला।

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बिहार के बदलते राजनीतिक घटनाक्रम और नए समीकरणों को लेकर झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने एक प्रेस बयान जारी कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘राजनीतिक हत्या’ कर दी है।

जनादेश का अपमान और सोची-समझी साजिश

विनोद पांडेय ने अपने बयान में कहा कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर देश की जनता के सामने बेनकाब हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस चेहरे पर बिहार की जनता ने भरोसा जताकर जनादेश दिया था, भाजपा ने सोची-समझी रणनीति के तहत उसी चेहरे को राजनीति की मुख्यधारा से किनारे कर दिया। यह सीधे तौर पर बिहार की जनता के जनादेश का अपमान है।

जदयू के विलय की आशंका

झामुमो नेता ने दावा किया कि बिहार में भाजपा की यह साजिश काफी समय से पर्दे के पीछे चल रही थी। उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले समय में जनता दल (यूनाइटेड) का भाजपा में विलय भी हो सकता है।

झारखंड में भाजपा की दाल नहीं गलेगी

झारखंड की राजनीति का जिक्र करते हुए महासचिव पांडेय ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा:

"झारखंड की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रही है। भाजपा के खिलाफ हमारी लड़ाई पहले भी जारी थी और आगे भी मजबूती से जारी रहेगी।"

पार्टी ने साफ कर दिया है कि भाजपा की राजनीतिक चालों का मुकाबला करने के लिए झामुमो पूरी तरह तैयार है और झारखंड में लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मुंबई से घर आए युवक की हत्या, खेत में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, 100 मीटर तक बिखरा था खून


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही कोतवाली क्षेत्र के सियरहां गांव में बुधवार की रात में युवक विशाल सरोज (25) सुरेंद्र सरोज निवासी बरमोहनी की डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार को खेत में उसका शव मिलने से सनसनी फैल गई। करीब 100 मीटर तक युवक को घसीटा गया था। कई स्थानों पर खून फैला मिला।घटना की खबर मिलते ही दो थानों की पुलिस, फोरेंसिक, डाग स्क्वायड टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेज दिया। पुलिस ने गांव के ही पांच युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुट गईबरमोहनी गांव निवासी विशाल सरोज मुंबई में रहता था। एक सप्ताह पूर्व होली की छुट्टी लेकर घर आया था। बुधवार को दोपहर में वह होली खेलने के लिए, लेकिन शाम तक नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद पता नहीं चला। बृहस्पतिवार की सुबह उसका शव सियरहां के जल निगम पानी टंकी के पास एक खेत में मिला।

परिजनों में मचा कोहराम
उसके सिर में गंभीर चोट के निशान मिला। खेत में ही उसे करीब 100 मीटर तक घसीटने का निशान मिला। घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल गांव में पहुंच गई। फोरेसिंक टीम ने भी कई बिदुओं पर जांच किया। घटना से गांव में कोहराम मच गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

मृतक विशाल तीन भाइयों में छोटा था। मृतक के पिता सुरेंद्र सरोज ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया। पुलिस ने मामले में पांच युवकों को हिरासत में लिया है।

सीओ भदोही अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि बुधवार को युवक का एक दुकानदार से विवाद हुआ था। जिसमें दोनो तरफ से मारपीट हुई। दुकानदार के भाई ने डंडे से सिर पर हमला कर दिया। जिससे खून अधिक बहने से उसकी मौत हो गई। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आयुक्त ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली, बांटी खुशियां
*आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली*

*वृद्धजनों को गुझिया, बच्चों को अल्पाहार वितरित कर आयुक्त ने बांटी होली की खुशियां*

*महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के साथ रंग-गुलाल खेलकर आयुक्त ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश*

*गोण्डा 05 मार्च 2026*। - होली के पावन पर्व पर देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने अपनी धर्मपत्नी गरिमा भूषण एवं सुपुत्र के साथ वन स्टॉप सेंटर, वृद्धाश्रम तथा बाल देखरेख संस्थान पहुंचकर वहां रह रहे वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों के साथ होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर आयुक्त ने सभी के साथ रंग-गुलाल खेलकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं और आत्मीयता के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

आयुक्त सबसे पहले वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने वहां रह रहे वृद्धजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से वृद्धजनों को गुझिया खिलाई और रंग लगाकर होली की बधाई दी। आयुक्त के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से वृद्धजन भावुक हो उठे और उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
इसके बाद आयुक्त बाल देखरेख संस्थान पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ भी होली का त्योहार मनाया। बच्चों ने आयुक्त और उनके परिवार का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर आयुक्त ने बच्चों को अल्पाहार वितरित किया तथा रंग-गुलाल लगाकर उनके साथ होली की खुशियां बांटी। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ त्योहार का आनंद लिया और परिसर में उल्लास का माहौल बना रहा।

आयुक्त ने वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर वहां रह रही महिलाओं से भी मुलाकात की और उनके साथ होली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने महिलाओं को होली की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। आयुक्त ने कहा कि होली का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें सभी भेदभाव भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने का संदेश देता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ होली का पर्व मनाया।
वरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद सिंह के निधन से क्षेत्र में फैली शोक की लहर

जौनपुर। जनपद के खुटहन थानांतर्गत स्थित गजेन्द्रपुर गांव निवासी वरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद सिंह का बुधवार की रात उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। वह लगभग छह माह से अस्वस्थ चल रहे थे। तीन दिनों पूर्व दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल से चिकित्सकों की सलाह पर  घर लाया गया था। उनका अंतिम संस्कार पिलकिछा श्मशान घाट पर कर दिया गया। मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र पूर्व प्रधान सत्येन्द्र सिंह टिबलू ने दिया। निधन की खबर से क्षेत्र में शोक छा गया। स्व श्री सिंह अपने पीछे दो पुत्र बृजेश सिंह बब्लू व सत्येन्द्र सिंह सहित पुत्र वधुएं और पौत्र पौत्री से भरापुरा परिवार छोड़ गए। अरुण कुमार सिंह प्रबंधक,आनंद जी महराज छोटी काशी, देवेंद्र सिंह प्रधानाचार्य, प्रताप सिंह, विनोद सिंह, शिवप्रसाद सिंह,संजय सिंह, परमात्मा सिंह,जग्गू सिंह, पूर्व प्रधान संजय यादव, शंकर सिंह, सुभाष सिंह आदि सहित तमाम शुभचिंतक उनके घर पहुंच स्वजनों को ढांढस बंधाया।
*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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आजमगढ़:- जहरीला पदार्थ के सेवन से छात्रा की मौत, प्रेमी हिरासत में, अहरौला के पारा गांव का मामला

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  अहरौला थाना के फुलवरिया पारा गांव में बुधवार की रात एक प्रेमी युगल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में प्रेमिका की मौत हो गई, जबकि प्रेमी पुलिस हिरासत में है। वही परिजन हत्या का आरोप लगा रहे है। बताया जा रहा है कि, फुलवरिया पारा गांव निवासी सरिता पुत्री सुरेश गोंड, बीए की छात्रा थी। सरिता का गांव के ही युवक दिलीप से प्रेम प्रपंच चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों घर से फरार हो गए थे, लेकिन बाद में घर लौट आए। बताया जा रहा है कि होली की रात बुधवार को दिलीप ने सरिता को फोन कर बुलाया। दोनों गांव के सिवान क्षेत्र में मिलकर जहरीला पदार्थ खा गए। इसके बाद दिलीप ने अपने मित्र को बुलाया, जिसने सरिता को उसके घर के पास रास्ते पर छोड़ दिया। गुरुवार की भोर में गांव के लोग रास्ते पर अचेत पड़ी सरिता को देखकर अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। प्रेमी दिलीप की हालत ठीक है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सरिता के पिता की तहरीर पर पहले ही रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और दोनों के घर से फरार होने के कारणों को भी खंगाल रही है। परिजनों का आरोप है कि पूर्व में दर्ज मुकदमे की रंजिश के चलते लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। थानाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि युवती के पिता ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, फोरेंसिक टीम साक्ष्य संकलित कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़:-आजमगढ़ पुलिस लाइन में हर्षोल्लास से खेली गई होली, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दूसरे को लगाया अबीर और गुलाल

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के बाद पुलिस लाइन आजमगढ़ में गुरुवार को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर्षोल्लास के साथ होली उत्सव मनाया। इस दौरान अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर और गुलाल में सराबोर होकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते नजर आए।
कार्यक्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने भी सहभागिता करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ होली का उत्सव मनाया। इस अवसर पर सभी ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द्र का संदेश दिया।
उत्सव के दौरान संगीत, लोकगीत और नृत्य का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने होली पर्व के दौरान जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करने का संदेश देता है।
इस अवसर पर सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

राज्यसभा जा रहे नीतीश कुमार, खुद ट्वीट कर किया कन्फर्म, बोले- नई सरकार को मेरा सहयोग रहेगा

#nitishkumarhimselfconfirmedhisrajyasabha_candidacy

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बिहार की सियासत आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। पिछले दो दशक तक बिहार की सत्ता का केन्द्र रहे नीतीश कुमार ने दिल्ली रूख करने का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ बिहार में अब बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है।

नीतीश कुमार ने का राज्यसभा जाने का ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से राज्यसभा जाने की पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा कि “पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।”

राज्यसभा जाने की जताई इच्छा

अपने संसदीय जीवन की शुरुआत को याद करते हुए नीतीश ने कहा, “राजनीति में आने के समय से ही उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी क्रम में इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।”

बिहार के विकास और प्रगति का संकल्प जारी रहेगा-नीतीश

नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में यह भी भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि “बिहार के विकास और प्रगति के लिए उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और राज्य की जनता के साथ मिलकर विकसित बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।”

नई सरकार में सहयोग का दिया भरोसा

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि “बिहार में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।” उनके इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा जाने के फैसले से राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।”