माघ मेला–2026:अंतिम मुख्य स्नान पर्व महाशिवरात्रि के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में पुलिस ब्रीफिंग
संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के अंतिम प्रमुख स्नान पर्व महाशिवरात्रि (दिनांक 15.02.2026) के अवसर पर मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओ की सुरक्षा भीड़ नियंत्रण एवं यातायात प्रबंधन के दृष्टिगत आज दिनांक 13.02.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज की अध्यक्षता में रिज़र्व पुलिस लाइन्स माघ मेला स्थित तीर्थराज सभागार में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की विस्तृत ब्रीफिंग आयोजित की गई।
पुष्कर वर्मा अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात)कमिश्नरेट प्रयागराज द्वारा अवगत कराया गया कि नो-व्हीकल जोन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। ई-रिक्शा एवं ऑटो हेतु पूर्व निर्धारित डायवर्जन योजना प्रभावी रहेगी। ट्रैफिक कंट्रोल रूम एवं आईसीसीसी के माध्यम से सतत समन्वय बनाए रखा जाएगा तथा पुराने पुल एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
नीरज कुमार पाण्डेय पुलिस अधीक्षक माघ मेला द्वारा निर्देशित किया गया कि स्नान व्यवस्था के साथ-साथ मेला क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाए।अवगत कराया गया कि मेला क्षेत्र के अधिकांश सेक्टर रिक्त हो चुके हैं,तथापि संगम क्षेत्र में पर्याप्त भीड़ की संभावना है। हेलिपैड पार्किंग गल्ला मंडी पार्किंग किसान पार्किंग एवं प्लॉट संख्या–17 की पार्किंग सक्रिय रखी जाएगी। महाशिवरात्रि के दिन किसी भी वाहन को घाटों तक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा सभी वाहनों को निर्धारित पार्किग स्थलोश पर ही रोका जाएगा।शघाटो की वर्तमान स्थिति जलस्तर में वृद्धि कटान वाले क्षेत्रो एवं स्नान-वर्जित स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जल पुलिस एवं फ्लड टीमों को सक्रिय रखते हुए असुरक्षित स्थानों पर स्नान न होने देने हेतु निर्देशित किया गया।
ऋषिराज मेलाधिकारी द्वारा उपस्थित मजिस्ट्रेट्स को निर्देशित किया गया कि वे अपने समकक्ष पुलिस अधिकारियो के साथ संयुक्त भ्रमण कर घाटों की स्थिति चेंजिंग रूम शौचालय साइनेज आदि व्यवस्थाओं की समीक्षा कर लें तथा आज ही अपनी समीक्षा आख्या ग्रुप के माध्यम से प्रेषित करे। जो भी कार्य अपेक्षित हो उसे अविलम्ब पूर्ण करा लिया जाए।किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न रहे यह सुनिश्चित किया जाए।
डॉ.अजयपाल शर्मा अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) कमिश्नरेट प्रयागराज द्वारा संगम क्षेत्र में पूर्ववत ग्रिड सिस्टम प्रभावी रखने के निर्देश दिए गए। बैरियर एवं डायवर्जन पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार लगाए जाएंगे। घाटों के समीप अनधिकृत दुकानें एवं भिक्षावृत्ति न होने देने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए ताकि आवागमन क्षेत्र बाधित न हो।
मेला क्षेत्र में स्थित मनकामेश्वर मंदिर नागवासुकी मंदिर सोमेश्वर महादेव एवं अन्य प्रमुख शिवालयों में संभावित भीड़ को देखते हुए ड्यूटी को श्रेणीवार विभाजित करने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं पुरुषों की अलग-अलग लाइन सुनिश्चित करने निकास व्यवस्था को सुचारु एवं त्वरित रखने तथा भीड़ के दवाब को कम करने हेतु एलईडी स्क्रीन एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यू.पी.-112 वाहन पीए सिस्टम ड्यूटी, महिला हेल्प डेस्क एवं अन्य विशेष ड्यूटियों की समीक्षा कर उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
जोगेन्द्र कुमार पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज द्वारा निर्देशित किया गया कि अटेंडेंस प्रणाली पुनः सक्रिय कर ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पीक डे ड्यूटी दिनांक 14 फरवरी प्रातः 08:00 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी प्रातः 08:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। स्पष्ट किया गया कि अंतिम स्नान होने के कारण किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।सम्भावित सुरक्षा चुनौतियो को दृष्टिगत रखते हुए बीडीडीएस एलआईयू एवं अन्य इकाइयों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए संवेदनशील स्थलों पर सघन चेकिंग सुनिश्चित की जाए।बैठक के अंत में अब तक के सभी स्नान पर्वों के सफल आयोजन हेतु पुलिस बल के प्रयासों की सराहना की गई तथा महाशिवरात्रि पर्व को भी पूर्ववर्ती मुख्य स्नानों की भांति सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने का आह्वान किया गया।इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था)अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय)पुलिस अधीक्षक माघ मेला मेलाधिकारी पुलिस उपायुक्त नगर पुलिस उपायुक्त यमुनानगर अपर पुलिस उपायुक्त नगर/नोडल अधिकारी माघ मेला सहित पुलिस प्रशासन एवं अन्य इकाइयों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।












लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित बजट सत्र के दौरान लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज की कक्षा 11 की छात्राओं ने 11, 12 एवं 13 फरवरी को दर्शक दीर्घा में उपस्थित होकर सदन की कार्यवाही का अवलोकन किया।












सुल्तानपुर,भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रविंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में व्यापारियों एवं पुलिस प्रशासन की परिचयात्मक बैठक सम्पन्न आज पुलिस लाइन सभागार में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री श्री रविंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में लगभग 50 बाजारों के पदाधिकारियों के साथ नवागंतुक पुलिस अधीक्षक श्रीमती चारू निगम के साथ एक परिचयात्मक बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक की शुरुआत में विभिन्न बाजारों के पदाधिकारियों द्वारा पुलिस अधीक्षक का स्वागत किया गया। इसके पश्चात प्रदेश महामंत्री श्री रविंद्र त्रिपाठी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि व्यापारियों एवं उद्यमियों की व्यापक सुरक्षा और सम्मान प्रदेश सरकार तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन सदैव व्यापारियों एवं उद्यमियों की सुरक्षा हेतु तत्पर रहता है तथा व्यापारी समाज भी पुलिस द्वारा दिए गए सुझावों को अपनाकर अपने व्यापार को सुचारु रूप से संचालित करता है।
श्री त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया कि जनपद के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया जाए कि व्यापारियों की शिकायतों को सम्मानपूर्वक सुना जाए और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक द्वारा समय देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद में व्यापारी समाज की बड़ी भूमिका है और सभी व्यापारी बेहतर पुलिसिंग में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने तथा भयमुक्त समाज की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तत्पर रहेंगे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती चारू निगम ने उपस्थित व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने अपने व्यस्त समय से समय निकालकर यहां उपस्थिति दर्ज कराई, इसके लिए धन्यवाद।
गया जी: यूनाइटेड वे बेंगलुरू द्वारा जनपद गया जी, टिकारी परियोजना, से चयनित ५० आंगनवाड़ी सेविकाओं को आई.सी.डी.एस. विभाग के मार्गदर्शन में यूनाइटेड वे बेंगलुरू द्वारा, गर्व होटल एंड रिसोर्ट में प्रथम 1000 दिवस पर विस्तार से प्रशिक्षित किया गया। साथ ही गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं 2 वर्ष तक के शिशु के खान-पान एवं देखरेख पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, डॉ.रश्मि वर्मा, रही। साथ ही सबा सुल्ताना, जिला समन्वयक NNM, श्रीमती कंचन माला,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, टिकारी, फरहा नाज़, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और लेडी सुपरवाइजर रूबी कुमारी,की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को विभाग की रीढ़ बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

आजमगढ़, । प्रख्यात मार्क्सवादी दलित चिंतक और साहित्यकार डा.तुलसीराम की पुण्यतिथि पर आज हरिऔध कला केंद्र में 'डा.तुलसीराम का साहित्य और समाज-दर्शन' विषयक राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन किया गया। इस परिसंवाद में मुख्य अतिथि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं विचारक प्रो.दीपक मलिक ने कहा कि अपने लेखन के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक यथार्थ को तुलसीराम जी ने अभिव्यक्ति दी है। एक नये हिन्दुस्तान की परिकल्पना करते हुए उसमें बुद्ध, मार्क्स और अंबेडकर की आकांक्षाओं का समाज बनाने की रूपरेखा उन्होंने प्रस्तुत की है। वे चाहते थे कि हाशिए का समाज मुख्य धारा में आए उसकी विडम्बनाएँ खत्म हों। प्रो.मलिक ने कहा कि अपने आरम्भिक जीवन में डा.तुलसीराम ने अपार कष्ट,अपमान और वंचनाएँ झेलीं। लेकिन वे संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटे। उनका अथाह ज्ञान न सिर्फ दलित समाज के लिए हितकर था बल्कि वे सभी वर्गों को सही दिशा देने में कामयाब रहे। उन्होंने आत्मकथा लेखन के द्वारा सामाजिक चेतना और परिवर्तन की दिशा सुनिश्चित की। 'मुर्दहिया' जैसी आत्मकथा दलित विमर्श का व्यापक सन्दर्भ ग्रहण करता है। विशिष्ट अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय से आए वरिष्ठ आलोचक प्रो.सूरज बहादुर थापा ने कहा कि हिन्दी लेखन में आत्मकथा का विशेष महत्व नहीं था। लेकिन अस्सी के दशक में विमर्श की शुरुआत जब सहानुभूति बनाम स्वानुभूति से होती है तब सर्वाधिक महत्वपूर्ण लेखन आत्मकथा को ही माना गया। इसमें भी अन्य दलित आत्मकथाओं की तुलना में 'मुर्दहिया' का सबसे बड़ा पाठकीय दायरा है। बाद में जब इसका जब दूसरा संस्करण 'मणिकर्णिका' आया तो उसने इस दायरे को और सघन बनाया। वे बौद्ध दर्शन के साथ वेदांत दर्शन के भी विद्वान थे। भारतीय ज्ञान समाज की सभी धाराओं में उनका दखल था। हमारे समय के व्याख्याकार और सामाजिक यथार्थ के सच्चे निरूपक थे डा.तुलसीराम। अध्यक्षता करते हुए शिक्षक नेता हरिमंदिर पाण्डेय ने कहा कि डा.तुलसीराम ने नया समाज बनाने के लिए पहल की थी। वे बौद्धिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक नायक भी थे। कबीर की विरासत के साथ हाशिए के समाज को शक्ति देने के लिए उन्होंने साहित्य का रास्ता चुना। यह परिसंवाद 'स्मरण डा.तुलसीराम' का आयोजन प्रगतिशील लेखक संघ, इप्टा, इस्कफ, एटक, अ.भा.नौजवान सभा,भारतीय महिला सभा, प्रारंभिक शिक्षक समिति, लोकायन संस्कृति न्यास आदि के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम के आरम्भ में स्वागत वक्तव्य डा.राम नारायण राम ने किया। विषय प्रवर्तन एवं संचालन डा.संजय श्रीवास्तव ने किया। अतिथियों का परिचय जितेंद्र हरि पाण्डेय ने और आभार बी.राम पूर्व जिला जज ने किया। आयोजन में विशेष रूप से पी.आर.गौतम, सरिता महेंद्र, जय प्रकाश नारायण, डा.उदयभान यादव, डा.राजेश यादव, बालेदीन यादव, डा.इंदु श्रीवास्तव, डा.जितेंद्र नूर, अशोक यादव, हरिगेन राम, रामाज्ञा यादव, राजनाथ राज, राम अवध यादव सहित बड़ी तादाद में लोग उपस्थित थे।


10 hours ago
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