शांति, समता और भाईचारे का संदेश लेकर लखनऊ में निकला बौद्ध भिक्षुओं का भव्य शांति मार्च
* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत, कहा— “बुद्धम् शरणम् गच्छामि ही शांति का मार्ग”

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विश्व शांति के संदेश के साथ बौद्ध भिक्षुओं एवं पूज्य भन्तेगणों द्वारा भव्य शांति मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च डॉ. अम्बेडकर महासभा कार्यालय, विधानसभा मार्ग से प्रारंभ होकर हजरतगंज चौराहा होते हुए उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग तक निकाला गया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय पर पहुंचे भिक्षुओं का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने अंगवस्त्र भेंट कर भिक्षुओं को सम्मानित किया और विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” ही शांति का सच्चा मार्ग है। भारत की परंपरा सदैव शांति, समता और मानवता की रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया कि “भारत ने दुनिया को बुद्ध दिया है, युद्ध नहीं”, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के कई देश युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, ऐसे में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मानवता के लिए आशा और मार्गदर्शन का आधार बन रही हैं। “विश्व एक परिवार है और शांति हमारा सबसे बड़ा अस्त्र है,” उन्होंने कहा।
उप मुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक महान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान बुद्ध के उपदेशों को विश्वभर में फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर उन्हें भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को रूस के काल्मिकिया ले जाने का अवसर मिला, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार “विरासत और विकास” को साथ लेकर कार्य कर रही है। काशी, मथुरा और अयोध्या के साथ-साथ सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक समता और न्याय के विचारों को स्मरण किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि प्रदेश सरकार बुद्ध विहारों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सदस्य भन्ते शीलरतन ने विश्व शांति और करुणा के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुगण, छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भाजपा कार्यालय पर प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का हुआ सजीव प्रसारण
भारी संख्या में महिलाओं की दर्ज हुई उपस्थिति*

रितेश मिश्रा
हरदोई भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का सजीव प्रसारण संपन्न हुआ। जिला कार्यालय पर  भारी संख्या में पहुंची महिलाओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती एवं जिला उपाध्यक्ष अलका गुप्ता के साथ सजीव देखा। कार्यक्रम के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष  प्रेमवती ने महिला आरक्षण पर भविष्य के फैसले काे लेकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री का यह निर्णय विकसित भारत की एक मजबूत कड़ी साबित होगा।
कार्यक्रम के उपरांत जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि वर्ष 2023 में नई संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में पहला कदम उठाया गया था और अब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उसे प्रभावी रूप से देश में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान का समापन आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास होने से महिलाओं को नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा तथा महिलाएं भी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का मजबूती से निर्वहन कर सकेंगी। कहा की यह ऐतिहासिक निर्णय भारतीय लोकतंत्र में नारी शक्ति के बढ़ते वर्चस्व का प्रतीक है। 'संकल्प से सिद्धि' का यह मंत्र महिलाओं को निर्णायक नीति-निर्माता के रूप में स्थापित करता है। लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित करना राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे शासन में लैंगिक समानता और ज़मीनी मुद्दों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। यह कानून नारी के सामर्थ्य पर भरोसे का प्रमाण है।
जिलाध्यक्ष ने नारी शक्ति को समर्पित आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को साझा किया। कहा कि सभी कार्यक्रम १५ से २० अप्रैल तक आयोजित होंगे।
* जनपद की प्रत्येक विधानसभाओं में नारी शक्ति सम्मेलन
* जिला मुख्यालय पर नारी शक्ति पदयात्रा
* जिला मुख्यालय पर नारी शक्ति श्रृंखला
* मिस्ड कॉल अभियान ( मोबाइल नंबर - 9667173333)
* बाइक रैली
* सांस्कृतिक कार्यक्रम
* प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं पॉडकास्ट
* नारी शक्ति मार्च
* नारी शक्ति विजय दौड़
कार्यक्रम मे जिला मंत्री नीतू चंद्रा, अदिति कुशवाहा, दीपा विश्वास, रामनंदिनी, नगर मंत्री प्रियंका सिंह, निधि सिंह, बाबी ओमर, शोभना सिंह, सुहाना जैन, परिषा तिवारी, चेतना शुक्ला, पुष्पा देवी, रीना गुप्ता,  अनुपमा सिंह सहित जिला महामंत्री सतेंद्र राजपूत, उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित, सौरभ गौर, जिला मंत्री निर्देश राजपूत मीडिया प्रभारी अतुल सिंह, सह मीडिया प्रभारी परेश लोहिया  सह कोषाध्यक्ष गांगेश पाठक, मुकुल सिंह, सोशल मीडिया प्रभारी प्रदुमन आनंद मिश्रा एवं बड़ी संख्या मे सामजिक महिला कार्यक्रत्री व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा कविगोष्ठी संपन्न
मुंबई । बाबू सोमनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट पालघर इकाई द्वारा शनिवार 11 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन कविगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता अमरनाथ द्विवेदी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में भारती शर्मा उपस्थित थीं।मंच का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार रामकृष्ण वि.सहस्त्रबुद्धे ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ अर्चना झा के सरस्वती वंदना से हुई। उपस्थित साहित्यकारों में लक्ष्मी यादव,प्रोफेसर अशोक मिश्र,किरन मिश्रा, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,अर्चना झा,इंदिरा पाण्डेय सांकृत्यायन उपस्थित थे।उक्त गोष्ठी का आयोजन पालघर इकाई अध्यक्ष किरन तिवारी ने किया।प्रयागराज इकाई द्वारा गोष्ठी 8 अप्रैल को संस्था की महासचिव सत्यभामा के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद द्विवेदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि के रूप में डॉ आनंद श्रीवास्तव एवं अध्यक्ष के रुप में डॉ राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल रहे।संचालन बांदा के गोपाल दास गुप्ता ने किया।शशी की मधुर वाणी वंदना से शुभारंभ हुआ।ज्ञानती ने संस्कृत में वीणा पाणी के लिए अपने मधुर उद्गार, सुंदरम तिवारी ने सुन्दर स्वर में गीत,रेनू की मां के लिए प्रस्तुत की गई कविता से सभी का मन भावुक हो गया।वहीं सबरेज भाई,शशि दीदी,गोपाल दास गुप्ता,डॉ आनंद श्रीवास्तव ने खूबसूरत प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।9 अप्रैल को लखनऊ इकाई द्वारा तृतीय मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसका शुभारंभ सुनील कुमार खुराना के सरस्वती वंदना से हुआ।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रामबहाल सिंह बहाल ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में संस्थापिका सत्यभामा सिंह तथा उपाध्यक्ष ए.पी. द्विवेदी उपस्थित रहे। कवियों में अलका आर्य केसरी, रामराज भारती,मोनिका वर्मा, नय्यर बिस्वानी, सुनील कुमार खुराना, अयोध्या प्रसाद द्विवेदी, डॉ.खुशबू शांतिलेख, डॉ.प्रतिभा, राम बहाल  सिंह बहाल तथा मधुलिका स्वरूप आदि ने काव्य पाठ किया।संचालन लखनऊ इकाई अध्यक्षा मधुलिका स्वरूप ने किया।उपाध्यक्षा डॉ.खुशबू शांतिलेख ने आभार व्यक्त किया।सभी इकाइयों की गोष्ठी के सफल आयोजन हेतु संस्थापक अध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला लेने जा रहा भारत, नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी का बड़ा बयान

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16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने के लिए सरकार एक बार फिर संविधान संशोधन विधेयक ला रही है। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने सहमति बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंचें, जहां उन्होंने महिला सश्क्तिकरण पर अपने विचार रखे।

संसद एक नया इतिहास रचने के करीब-पीएम मोदी

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के विकास के सफर में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है। यह फैसला नारी शक्ति को समर्पित है। यह नारी शक्ति के सम्मान को समर्पित है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की अवधारणाओं को साकार करेगा। एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य-संस्कृति और हमारी फैसला लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो।

दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है। राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक; यह तारीख है 16, 17 और 18 अप्रैल। प्रधानमंत्री ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम, इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।

कानून लागू करने पर विपक्ष ने खास तौर से दिया जोर -पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था। चर्चा भी होती थी इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए। इसमें सभी पार्टियों और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था और तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि हर हाल में 2029 तक ये लागू हो जाना चाहिए। हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने जोर लगाया था कि 2029 में ये लागू होना चाहिए।

इस कानून से सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं रहेगा-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सम्मेलनों को संबोधित करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का पारित होना भारत के लिए एक ऐसे समतावादी राष्ट्र के निर्माण का संकल्प है, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का एक स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने जोर दिया कि यह अधिनियम भारत की 'नारी शक्ति' के अमूल्य योगदानों को स्वीकार करता है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया सोलर एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन

रायपुर- सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी वारी एनर्जी ने हाल ही में करेंसी टॉवर, रायपुर में आर.आर. यूनिट्रेड के सहयोग से अपने नए फ्रैंचाइज़ी स्टोर एवं सोलर एक्सपीरियंस सेंटर का भव्य उद्घाटन किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया। यह पहल स्वच्छ, सुलभ और सतत ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नए सोलर एक्सपीरियंस सेंटर के माध्यम से आम नागरिक अब सोलर ऊर्जा से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकेंगे। यहां सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, लागत, लाभ और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सोलर अपनाने के इच्छुक लोगों को निर्णय लेने में सुविधा मिलेगी।

सरकार द्वारा भी पीएम- सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग ₹1 लाख 8 हजार तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे आम जनता को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूत करती है।

चैनल पार्टनर राकेश गोयल ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थान करेंसी टॉवर पर स्थित इस सेंटर के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से यहां आकर सोलर से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है और एक ही जगह पर सभी सेवाओं का लाभ उठा सकता है।

इस अवसर पर चैनल पार्टनर प्रवीण अग्रवाल, रीति गोयल, वैभव अग्रवाल एवं कंपनी के छत्तीसगढ़ सेल्स मैनेजर प्रसन्ना चंद्राकर सहित प्रबंधन टीम के सदस्य और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

यह नया एक्सपीरियंस सेंटर रायपुर में सौर ऊर्जा के विस्तार और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

भांजे का झगड़ा सुलझाने गए मामा की चाकू घोंप कर हत्या,अस्पताल के बाहर हुई वारदात
*वार्ड ब्वाय ने चाकू से किया गले पर वार

गोंडा।भांजे का झगड़ा सुलझाने गए खाद विक्रेता की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई।इस झगड़े में भांजे के साथ काम करने वाले एक वार्ड ब्वाय ने उसके गले पर हमला कर दिया और चाकू लगते ही वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा तो वहीं आरोपी वार्ड ब्वाय मौका पाकर वहाँ से भाग गया।घटनास्थल पर मौजूद लोग घायल को लेकर अस्पताल गए,जहाँ उसकी मौत हो गई।मृतक के भांजे ने घटना की सूचना पुलिस को दिया।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दिया।भांजे की तहरीर पर पांच नामजद सहित चार अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।मामला धानेपुर थाना क्षेत्र के बग्गी रोड पर बने न्यू मेडिलाइफ अस्पताल के पास रात 11 बजे का है।बताते चलें कि धानेपुर थाना क्षेत्र के बेलहरी गांव निवासी आनंद पाण्डेय (40) खाद की दुकान चलाते थे और इनका भांजा सत्य प्रकाश शुक्ला (25) न्यू मेडिलाइफ अस्पताल में वार्ड ब्वाय का काम करता है।सत्य प्रकाश के साथ ही एक और लड़का अनुपम शुक्ला (26) भी उसी अस्पताल में वार्ड ब्वाय का काम करता है।रविवार रात जब सत्य प्रकाश शुक्ला ड्यूटी पर अस्पताल गया और रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि अनुपम ने अपना स्टोर लाइजेशन का काम नहीं किया था।इसी बात को लेकर सत्य प्रकाश ने अस्पताल के व्हाट्सअप ग्रुप में मैसेज किया,इसके बाद अनुपम और सत्य प्रकाश के बीच पहले तो ग्रुप में ही गाली गलौज और झगड़ा हुआ।दोनों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ने अपने अपने परिजनों और रिश्तेदारों को अस्पताल बुला लिया,आनंद पांडेय भी अपने भांजे सत्य प्रकाश के साथ अस्पताल पहुंचे थे।उन्होंने पहले तो दोनों पक्षों के झगड़े को शांत कराने का प्रयास किया परन्तु झगड़ा बढ़ता ही गया और मारपीट शुरू हो गई।इसी मारपीट में सत्य प्रकाश की मां के माथे पर चोट लग गई।यह देख आनंद और सत्य प्रकाश भी गुस्से में मारपीट करने लगे।इसी बीच अनुपम अस्पताल से एक चाकू ले आया और आनंद की गर्दन पर हमला कर दिया।अस्पताल संचालक अनिल ओझा ने बताया कि सत्य प्रकाश शुक्ला और अनुपम शुक्ला के बीच स्टैरलाइजेशन को लेकर रविवार को विवाद हो गया था और बहुत समझाने के बाद दोनों अपने अपने घर चले गये थे परन्तु देर रात फिर दोनों अस्पताल के बाहर आकर विवाद करने लगे।घटना के समय मैं खाना खाने गया था और जब वापस आया तो यहां झगड़ा हो रहा था।मैने लाठी डंडे छीनकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया परन्तु वे नहीं माने।इसके बाद मैं अपने ओपीडी चैंबर में चला गया और जब कुछ देर बाद देखा तो अस्पताल के बाहर एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा है।मैने तुरंत एक स्टाफ को उसका पल्स चेक करने के लिए कहा परन्तु उन्होंने बताया कि पल्स नहीं मिल रही है।इसके बाद मैने उसे रिफर कर दिया और पुलिस को भी सूचना दिया।इस घटना में मेरा कोई रोल नहीं है और मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।सत्य प्रकाश शुक्ला की मां पिंकी शुक्ला ने बताया कि मेरे बेटे सत्य प्रकाश व अनुपम की कहासुनी हो गई थी।मेरे भाई आनंद पाण्डेय उसे बचाने गए थे,लेकिन उसी में उन्हें चाकू मार दिया गया और जब मैं बचाने गई तो मुझे भी लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया।मेरे भाई को चाकू लगने के बाद वह सीढ़ी चढ़कर अस्पताल पहुंचे और इलाज व पट्टी की मांग किया लेकिन डाक्टर अनिल ओझा ने इलाज करने से मना कर दिया था।धानेपुर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मामले में धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर अनुपम शुक्ला, अस्पताल संचालक डाक्टर अनिल ओझा समेत पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है तथा मामले को लेकर जांच की जा रही है।
हरदोई डीएम ने लिया संज्ञान: जर्जर सई नदी भैंसटा पुल पर कार्रवाई शुरू, बरसात से पहले प्रशासन सतर्क


पानी के प्रवाह में बाधा दूर करने के लिए टूटान कार्य प्रारंभ, बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी तेज

विनोद गुप्ता
हरदोई पिहानी कस्बे  में लंबे समय से जर्जर स्थिति में खड़े सई नदी के भैंसटा पुल को लेकर आखिरकार प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी द्वारा मामले का संज्ञान लेते ही पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने का कार्य तेज़ी से प्रारंभ करा दिया गया है। इस पहल से अब नदी के जल प्रवाह में आ रही बाधा दूर होगी और बरसात के मौसम में संभावित जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि पुल की जर्जर हालत के कारण नदी का पानी रुक-रुक कर बह रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा बना हुआ था। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
बरसात के मद्देनज़र प्रशासन ने पहले ही सतर्कता बरतते हुए इस कार्य को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते उठाए गए इस कदम से न केवल जल निकासी सुचारु होगी, बल्कि आसपास के गांवों और खेतों को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा

"जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जर्जर पुल को हटाने का कार्य शुरू कराया गया है। बरसात में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
महिला आरक्षण नहीं, असली मुद्दा परिसीमन”, सोनिया गांधी ने केन्द्र की मंशा पर उठाए सवाल

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कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर एक आर्टिकल लिखा है। जिसमें आरोप लगाया कि सरकार इस अहम मुद्दे पर 'असामान्य जल्दबाज़ी' दिखा रही है, जिसका मकसद आने वाले 5 राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ उठाना हो सकता है।

चुनावी माहौल के बीच विशेष सत्र बुलाने पर उठाया सवाल

अंग्रेजी अखबार द हिन्दू में लिखे अपने लेख में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त चर्चा और सहमति के बड़े संवैधानिक बदलावों को जल्दबाजी में लागू करना चाहती है, जिसका मकसद राजनीतिक लाभ लेना हो सकता है। सोनिया गांधी ने कहा कि जब देश के कुछ राज्यों, खासतौर पर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी माहौल चरम पर है, उसी समय संसद का विशेष सत्र बुलाना कई सवाल खड़े करता है।

सोनिया गांधी ने बताई जल्दीबाजी की वजह

उनके मुताबिक, इतनी जल्दीबाजी का एकमात्र कारण विपक्ष को घेरना और राजनीतिक बढ़त हासिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों से समर्थन मांग रहे हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकार इस सत्र में कौन-कौन से प्रस्ताव लाने जा रही है।

संविधान के लिए खतरनाक-सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बड़ी चर्चा और सहमति जरूरी है, लेकिन सरकार बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के इसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विशेष रूप से परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए चेतावनी दी कि इस संबंध में सामने आ रही अनाधिकारिक जानकारी खतरनाक है और यह संविधान की भावना के खिलाफ जा सकती है।

पहले ही पास हो चुका है महिला आरक्षण कानून-सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने साफ कहा कि महिला आरक्षण कानून पहले ही पास हो चुका है, इसलिए यह मुद्दा अब विवाद का विषय नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया था, जिसमें महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण देने का प्रावधान है। लेकिन इस कानून को लागू करने के लिए जनगणना और उसके बाद परिसीमन जरूरी बताया गया था।

सोनिया ने पूछा- 30 महीने का इंतजार क्यों किया गया

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर सरकार अब 2029 से महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो यह फैसला पहले क्यों नहीं लिया गया। इसके लिए 30 महीने का इंतजार क्यों किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने कई बार सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

पूछा-5 राज्यों के चुनाव खत्म होने तक इंतजार क्यों नहीं किया?

सोनिया ने आगे लिखा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि इसे 2024 के चुनाव से ही लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने इसे नहीं माना। अब अनुच्छेद 334-A में बदलाव कर महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने की तैयारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री को यू-टर्न लेने में 30 महीने क्यों लगे? उन्होंने सवाल किया कि 5 राज्यों के चुनाव खत्म होने तक इंतजार क्यों नहीं किया गया। इतनी हड़बड़ी की क्या जरूरत है?

ग्राम चलो अभियान के तहत घर-घर संपर्क, विकास कार्यों की दी जानकारी
मेरठ। भारतीय जनता पार्टी हस्तिनापुर मंडल, जिला मेरठ के अंतर्गत ग्राम पंचायत अलीपुर मोरना, निडावली, किशोरपुर और मकदूमपुर में ‘ग्राम चलो अभियान’ के तहत व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया और केंद्र व राज्य सरकार के विकास कार्यों से संबंधित पत्रकों का वितरण कर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य हरिओम शर्मा, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष हस्तिनापुर मंडल, उपस्थित रहे। उन्होंने देवतुल्य कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्रों के संयोजकों और बूथ अध्यक्षों के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

अभियान में प्रमोद कुमार, रविंद्र कुमार, मनोज कुमार, सतपाल सिंह, हरेंद्र कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पार्टी की नीतियों और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
यशवी लोढ़ा लिखित दूसरी पुस्तक द टीनेज क्रोनिकल्स-बुक 2 पर हुई सार्थक चर्चा
मुंबई।  मायानगरी मुंबई के कैम्प्स कॉर्नर स्थित क्रॉसवर्ड बुक सेंटर में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह एन ईवनिंग ऑफ यंग वर्ड्स  में किशोरी कवयित्री सुश्री यशवी लोढ़ा के दूसरे पोएट्री कलैक्शन द टीनेज क्रोनिकल्स- बुक 2 के विभिन्न पहलुओं पर  बॉलीवुड की विभिन्न हस्तियों और प्रबुद्ध साहित्यकारों द्वारा सार्थक चर्चा की गई।
     इस गर्मजोशी भरी शाम में बॉलीवुड के कई सेलिब्रिटी और मशहूर साहित्यकार मौजूद थे, जिनमें फिल्म अभिनेत्री ईशा देओल, रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी के अलावा वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मंजू लोढ़ा मुख्य रूप से शामिल रहीं। इस स्टार-स्टडेड गैदरिंग में जाने- माने सोशलाइट्स, करीबी फैमिली फ्रेंड्स और शुभचिंतक बड़ी संख्या में अपना प्यार और सपोर्ट दिखाने के लिए मौजूद रहे। द टीनएज क्रॉनिकल्स – बुक 2 कुल 45 कविताओं का एक कलेक्शन है, जो किशोरों के बड़े होने की अंदरूनी दुनिया को बखूबी दर्शाता है। किशोरों में अपनी पहचान, प्रेशर, अकेलापन, फेयरनेस, उम्मीद और खुद को खोजने जैसी थीम के ज़रिये यह किताब उन सारे सवालों और इमोशंस को दिखाती है, जो अक्सर टीन एज के मनोभावों को प्रभावित करते हैं। कई कविताएँ आज की युवा पीढ़ी से रखी जाने वाली उम्मीदों, लगातार तुलना करने के कल्चर और उन शांत संघर्षों को दिखाती हैं, जो शायद सतही तौर पर हमेशा दिखाई नहीं देते। यह कलेक्शन मेंटल हेल्थ, भविष्य को लेकर अनिश्चितता और बचपन की मासूमियत से बड़े होने की मुश्किलों में होने वाले अहम बदलाव को भी छूता है। साथ ही, इसमें सोच-विचार और उम्मीद का माहौल है, जो पढ़ने वालों को रुकने, खुद को बेहतर समझने और रोज़मर्रा के पलों में मतलब खोजने के लिए बढ़ावा देता है। इस संग्रह की कविताएँ इस बात पर ज़ोर देती हैं कि कन्फ्यूजन और खुद पर शक, बड़े होने का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं। मुंबई की  प्रमुख युवा कवयित्री और लेखिका यशवी लोढ़ा, इस अपनी दूसरी किताब में एक ऐसी आवाज़ पेश करती हैं, जो देखने वाली और खुद को समझने वाली दोनों है। उनकी लिखाई उन भावनाओं के बारे में ईमानदार बातचीत शुरू करने की कोशिश करती है, जो कई युवा महसूस करते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें बताने में मुश्किल होती है। इस अवसर पर यशवी लोढ़ा ने लाइव कविता पाठ किया, जिसके बाद एक इंटरैक्टिव सेशन और बुक साइनिंग हुई, जहाँ मौजूद लोगों ने उनके काम को करीब से देखा। भारी भीड़ और उत्साहपूर्ण रिस्पॉन्स ने आज के साहित्य में युवा आवाज़ों की बढ़ती पहचान को बखूबी दिखाया। उल्लेखनीय है कि हाल ही में, एक प्राइवेट फंक्शन में द टीनएज क्रॉनिकल्स – बुक 2 के लोकार्पण के बाद इसकी एडवांस कॉपी को रिव्यू करते हुए, सदी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन द्वारा भी कवयित्री यशवी लोढ़ा की कविताओं की मुक्त कंठ से सराहना की गई।
शांति, समता और भाईचारे का संदेश लेकर लखनऊ में निकला बौद्ध भिक्षुओं का भव्य शांति मार्च
* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत, कहा— “बुद्धम् शरणम् गच्छामि ही शांति का मार्ग”

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विश्व शांति के संदेश के साथ बौद्ध भिक्षुओं एवं पूज्य भन्तेगणों द्वारा भव्य शांति मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च डॉ. अम्बेडकर महासभा कार्यालय, विधानसभा मार्ग से प्रारंभ होकर हजरतगंज चौराहा होते हुए उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग तक निकाला गया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय पर पहुंचे भिक्षुओं का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने अंगवस्त्र भेंट कर भिक्षुओं को सम्मानित किया और विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” ही शांति का सच्चा मार्ग है। भारत की परंपरा सदैव शांति, समता और मानवता की रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया कि “भारत ने दुनिया को बुद्ध दिया है, युद्ध नहीं”, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के कई देश युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, ऐसे में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मानवता के लिए आशा और मार्गदर्शन का आधार बन रही हैं। “विश्व एक परिवार है और शांति हमारा सबसे बड़ा अस्त्र है,” उन्होंने कहा।
उप मुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक महान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान बुद्ध के उपदेशों को विश्वभर में फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर उन्हें भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को रूस के काल्मिकिया ले जाने का अवसर मिला, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार “विरासत और विकास” को साथ लेकर कार्य कर रही है। काशी, मथुरा और अयोध्या के साथ-साथ सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक समता और न्याय के विचारों को स्मरण किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि प्रदेश सरकार बुद्ध विहारों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सदस्य भन्ते शीलरतन ने विश्व शांति और करुणा के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुगण, छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भाजपा कार्यालय पर प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का हुआ सजीव प्रसारण
भारी संख्या में महिलाओं की दर्ज हुई उपस्थिति*

रितेश मिश्रा
हरदोई भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का सजीव प्रसारण संपन्न हुआ। जिला कार्यालय पर  भारी संख्या में पहुंची महिलाओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती एवं जिला उपाध्यक्ष अलका गुप्ता के साथ सजीव देखा। कार्यक्रम के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष  प्रेमवती ने महिला आरक्षण पर भविष्य के फैसले काे लेकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री का यह निर्णय विकसित भारत की एक मजबूत कड़ी साबित होगा।
कार्यक्रम के उपरांत जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि वर्ष 2023 में नई संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में पहला कदम उठाया गया था और अब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उसे प्रभावी रूप से देश में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान का समापन आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास होने से महिलाओं को नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा तथा महिलाएं भी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का मजबूती से निर्वहन कर सकेंगी। कहा की यह ऐतिहासिक निर्णय भारतीय लोकतंत्र में नारी शक्ति के बढ़ते वर्चस्व का प्रतीक है। 'संकल्प से सिद्धि' का यह मंत्र महिलाओं को निर्णायक नीति-निर्माता के रूप में स्थापित करता है। लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित करना राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे शासन में लैंगिक समानता और ज़मीनी मुद्दों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। यह कानून नारी के सामर्थ्य पर भरोसे का प्रमाण है।
जिलाध्यक्ष ने नारी शक्ति को समर्पित आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को साझा किया। कहा कि सभी कार्यक्रम १५ से २० अप्रैल तक आयोजित होंगे।
* जनपद की प्रत्येक विधानसभाओं में नारी शक्ति सम्मेलन
* जिला मुख्यालय पर नारी शक्ति पदयात्रा
* जिला मुख्यालय पर नारी शक्ति श्रृंखला
* मिस्ड कॉल अभियान ( मोबाइल नंबर - 9667173333)
* बाइक रैली
* सांस्कृतिक कार्यक्रम
* प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं पॉडकास्ट
* नारी शक्ति मार्च
* नारी शक्ति विजय दौड़
कार्यक्रम मे जिला मंत्री नीतू चंद्रा, अदिति कुशवाहा, दीपा विश्वास, रामनंदिनी, नगर मंत्री प्रियंका सिंह, निधि सिंह, बाबी ओमर, शोभना सिंह, सुहाना जैन, परिषा तिवारी, चेतना शुक्ला, पुष्पा देवी, रीना गुप्ता,  अनुपमा सिंह सहित जिला महामंत्री सतेंद्र राजपूत, उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित, सौरभ गौर, जिला मंत्री निर्देश राजपूत मीडिया प्रभारी अतुल सिंह, सह मीडिया प्रभारी परेश लोहिया  सह कोषाध्यक्ष गांगेश पाठक, मुकुल सिंह, सोशल मीडिया प्रभारी प्रदुमन आनंद मिश्रा एवं बड़ी संख्या मे सामजिक महिला कार्यक्रत्री व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा कविगोष्ठी संपन्न
मुंबई । बाबू सोमनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट पालघर इकाई द्वारा शनिवार 11 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन कविगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता अमरनाथ द्विवेदी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में भारती शर्मा उपस्थित थीं।मंच का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार रामकृष्ण वि.सहस्त्रबुद्धे ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ अर्चना झा के सरस्वती वंदना से हुई। उपस्थित साहित्यकारों में लक्ष्मी यादव,प्रोफेसर अशोक मिश्र,किरन मिश्रा, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,अर्चना झा,इंदिरा पाण्डेय सांकृत्यायन उपस्थित थे।उक्त गोष्ठी का आयोजन पालघर इकाई अध्यक्ष किरन तिवारी ने किया।प्रयागराज इकाई द्वारा गोष्ठी 8 अप्रैल को संस्था की महासचिव सत्यभामा के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद द्विवेदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि के रूप में डॉ आनंद श्रीवास्तव एवं अध्यक्ष के रुप में डॉ राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल रहे।संचालन बांदा के गोपाल दास गुप्ता ने किया।शशी की मधुर वाणी वंदना से शुभारंभ हुआ।ज्ञानती ने संस्कृत में वीणा पाणी के लिए अपने मधुर उद्गार, सुंदरम तिवारी ने सुन्दर स्वर में गीत,रेनू की मां के लिए प्रस्तुत की गई कविता से सभी का मन भावुक हो गया।वहीं सबरेज भाई,शशि दीदी,गोपाल दास गुप्ता,डॉ आनंद श्रीवास्तव ने खूबसूरत प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।9 अप्रैल को लखनऊ इकाई द्वारा तृतीय मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसका शुभारंभ सुनील कुमार खुराना के सरस्वती वंदना से हुआ।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रामबहाल सिंह बहाल ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में संस्थापिका सत्यभामा सिंह तथा उपाध्यक्ष ए.पी. द्विवेदी उपस्थित रहे। कवियों में अलका आर्य केसरी, रामराज भारती,मोनिका वर्मा, नय्यर बिस्वानी, सुनील कुमार खुराना, अयोध्या प्रसाद द्विवेदी, डॉ.खुशबू शांतिलेख, डॉ.प्रतिभा, राम बहाल  सिंह बहाल तथा मधुलिका स्वरूप आदि ने काव्य पाठ किया।संचालन लखनऊ इकाई अध्यक्षा मधुलिका स्वरूप ने किया।उपाध्यक्षा डॉ.खुशबू शांतिलेख ने आभार व्यक्त किया।सभी इकाइयों की गोष्ठी के सफल आयोजन हेतु संस्थापक अध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला लेने जा रहा भारत, नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी का बड़ा बयान

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16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने के लिए सरकार एक बार फिर संविधान संशोधन विधेयक ला रही है। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने सहमति बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंचें, जहां उन्होंने महिला सश्क्तिकरण पर अपने विचार रखे।

संसद एक नया इतिहास रचने के करीब-पीएम मोदी

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के विकास के सफर में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है। यह फैसला नारी शक्ति को समर्पित है। यह नारी शक्ति के सम्मान को समर्पित है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की अवधारणाओं को साकार करेगा। एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य-संस्कृति और हमारी फैसला लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो।

दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है। राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक; यह तारीख है 16, 17 और 18 अप्रैल। प्रधानमंत्री ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम, इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।

कानून लागू करने पर विपक्ष ने खास तौर से दिया जोर -पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था। चर्चा भी होती थी इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए। इसमें सभी पार्टियों और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था और तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि हर हाल में 2029 तक ये लागू हो जाना चाहिए। हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने जोर लगाया था कि 2029 में ये लागू होना चाहिए।

इस कानून से सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं रहेगा-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सम्मेलनों को संबोधित करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का पारित होना भारत के लिए एक ऐसे समतावादी राष्ट्र के निर्माण का संकल्प है, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का एक स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने जोर दिया कि यह अधिनियम भारत की 'नारी शक्ति' के अमूल्य योगदानों को स्वीकार करता है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया सोलर एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन

रायपुर- सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी वारी एनर्जी ने हाल ही में करेंसी टॉवर, रायपुर में आर.आर. यूनिट्रेड के सहयोग से अपने नए फ्रैंचाइज़ी स्टोर एवं सोलर एक्सपीरियंस सेंटर का भव्य उद्घाटन किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया। यह पहल स्वच्छ, सुलभ और सतत ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नए सोलर एक्सपीरियंस सेंटर के माध्यम से आम नागरिक अब सोलर ऊर्जा से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकेंगे। यहां सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, लागत, लाभ और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सोलर अपनाने के इच्छुक लोगों को निर्णय लेने में सुविधा मिलेगी।

सरकार द्वारा भी पीएम- सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग ₹1 लाख 8 हजार तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे आम जनता को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूत करती है।

चैनल पार्टनर राकेश गोयल ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थान करेंसी टॉवर पर स्थित इस सेंटर के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से यहां आकर सोलर से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है और एक ही जगह पर सभी सेवाओं का लाभ उठा सकता है।

इस अवसर पर चैनल पार्टनर प्रवीण अग्रवाल, रीति गोयल, वैभव अग्रवाल एवं कंपनी के छत्तीसगढ़ सेल्स मैनेजर प्रसन्ना चंद्राकर सहित प्रबंधन टीम के सदस्य और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

यह नया एक्सपीरियंस सेंटर रायपुर में सौर ऊर्जा के विस्तार और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

भांजे का झगड़ा सुलझाने गए मामा की चाकू घोंप कर हत्या,अस्पताल के बाहर हुई वारदात
*वार्ड ब्वाय ने चाकू से किया गले पर वार

गोंडा।भांजे का झगड़ा सुलझाने गए खाद विक्रेता की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई।इस झगड़े में भांजे के साथ काम करने वाले एक वार्ड ब्वाय ने उसके गले पर हमला कर दिया और चाकू लगते ही वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा तो वहीं आरोपी वार्ड ब्वाय मौका पाकर वहाँ से भाग गया।घटनास्थल पर मौजूद लोग घायल को लेकर अस्पताल गए,जहाँ उसकी मौत हो गई।मृतक के भांजे ने घटना की सूचना पुलिस को दिया।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दिया।भांजे की तहरीर पर पांच नामजद सहित चार अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।मामला धानेपुर थाना क्षेत्र के बग्गी रोड पर बने न्यू मेडिलाइफ अस्पताल के पास रात 11 बजे का है।बताते चलें कि धानेपुर थाना क्षेत्र के बेलहरी गांव निवासी आनंद पाण्डेय (40) खाद की दुकान चलाते थे और इनका भांजा सत्य प्रकाश शुक्ला (25) न्यू मेडिलाइफ अस्पताल में वार्ड ब्वाय का काम करता है।सत्य प्रकाश के साथ ही एक और लड़का अनुपम शुक्ला (26) भी उसी अस्पताल में वार्ड ब्वाय का काम करता है।रविवार रात जब सत्य प्रकाश शुक्ला ड्यूटी पर अस्पताल गया और रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि अनुपम ने अपना स्टोर लाइजेशन का काम नहीं किया था।इसी बात को लेकर सत्य प्रकाश ने अस्पताल के व्हाट्सअप ग्रुप में मैसेज किया,इसके बाद अनुपम और सत्य प्रकाश के बीच पहले तो ग्रुप में ही गाली गलौज और झगड़ा हुआ।दोनों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ने अपने अपने परिजनों और रिश्तेदारों को अस्पताल बुला लिया,आनंद पांडेय भी अपने भांजे सत्य प्रकाश के साथ अस्पताल पहुंचे थे।उन्होंने पहले तो दोनों पक्षों के झगड़े को शांत कराने का प्रयास किया परन्तु झगड़ा बढ़ता ही गया और मारपीट शुरू हो गई।इसी मारपीट में सत्य प्रकाश की मां के माथे पर चोट लग गई।यह देख आनंद और सत्य प्रकाश भी गुस्से में मारपीट करने लगे।इसी बीच अनुपम अस्पताल से एक चाकू ले आया और आनंद की गर्दन पर हमला कर दिया।अस्पताल संचालक अनिल ओझा ने बताया कि सत्य प्रकाश शुक्ला और अनुपम शुक्ला के बीच स्टैरलाइजेशन को लेकर रविवार को विवाद हो गया था और बहुत समझाने के बाद दोनों अपने अपने घर चले गये थे परन्तु देर रात फिर दोनों अस्पताल के बाहर आकर विवाद करने लगे।घटना के समय मैं खाना खाने गया था और जब वापस आया तो यहां झगड़ा हो रहा था।मैने लाठी डंडे छीनकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया परन्तु वे नहीं माने।इसके बाद मैं अपने ओपीडी चैंबर में चला गया और जब कुछ देर बाद देखा तो अस्पताल के बाहर एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा है।मैने तुरंत एक स्टाफ को उसका पल्स चेक करने के लिए कहा परन्तु उन्होंने बताया कि पल्स नहीं मिल रही है।इसके बाद मैने उसे रिफर कर दिया और पुलिस को भी सूचना दिया।इस घटना में मेरा कोई रोल नहीं है और मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।सत्य प्रकाश शुक्ला की मां पिंकी शुक्ला ने बताया कि मेरे बेटे सत्य प्रकाश व अनुपम की कहासुनी हो गई थी।मेरे भाई आनंद पाण्डेय उसे बचाने गए थे,लेकिन उसी में उन्हें चाकू मार दिया गया और जब मैं बचाने गई तो मुझे भी लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया।मेरे भाई को चाकू लगने के बाद वह सीढ़ी चढ़कर अस्पताल पहुंचे और इलाज व पट्टी की मांग किया लेकिन डाक्टर अनिल ओझा ने इलाज करने से मना कर दिया था।धानेपुर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मामले में धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर अनुपम शुक्ला, अस्पताल संचालक डाक्टर अनिल ओझा समेत पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है तथा मामले को लेकर जांच की जा रही है।
हरदोई डीएम ने लिया संज्ञान: जर्जर सई नदी भैंसटा पुल पर कार्रवाई शुरू, बरसात से पहले प्रशासन सतर्क


पानी के प्रवाह में बाधा दूर करने के लिए टूटान कार्य प्रारंभ, बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी तेज

विनोद गुप्ता
हरदोई पिहानी कस्बे  में लंबे समय से जर्जर स्थिति में खड़े सई नदी के भैंसटा पुल को लेकर आखिरकार प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी द्वारा मामले का संज्ञान लेते ही पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने का कार्य तेज़ी से प्रारंभ करा दिया गया है। इस पहल से अब नदी के जल प्रवाह में आ रही बाधा दूर होगी और बरसात के मौसम में संभावित जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि पुल की जर्जर हालत के कारण नदी का पानी रुक-रुक कर बह रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा बना हुआ था। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
बरसात के मद्देनज़र प्रशासन ने पहले ही सतर्कता बरतते हुए इस कार्य को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते उठाए गए इस कदम से न केवल जल निकासी सुचारु होगी, बल्कि आसपास के गांवों और खेतों को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा

"जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जर्जर पुल को हटाने का कार्य शुरू कराया गया है। बरसात में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
महिला आरक्षण नहीं, असली मुद्दा परिसीमन”, सोनिया गांधी ने केन्द्र की मंशा पर उठाए सवाल

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कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर एक आर्टिकल लिखा है। जिसमें आरोप लगाया कि सरकार इस अहम मुद्दे पर 'असामान्य जल्दबाज़ी' दिखा रही है, जिसका मकसद आने वाले 5 राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ उठाना हो सकता है।

चुनावी माहौल के बीच विशेष सत्र बुलाने पर उठाया सवाल

अंग्रेजी अखबार द हिन्दू में लिखे अपने लेख में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त चर्चा और सहमति के बड़े संवैधानिक बदलावों को जल्दबाजी में लागू करना चाहती है, जिसका मकसद राजनीतिक लाभ लेना हो सकता है। सोनिया गांधी ने कहा कि जब देश के कुछ राज्यों, खासतौर पर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी माहौल चरम पर है, उसी समय संसद का विशेष सत्र बुलाना कई सवाल खड़े करता है।

सोनिया गांधी ने बताई जल्दीबाजी की वजह

उनके मुताबिक, इतनी जल्दीबाजी का एकमात्र कारण विपक्ष को घेरना और राजनीतिक बढ़त हासिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों से समर्थन मांग रहे हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकार इस सत्र में कौन-कौन से प्रस्ताव लाने जा रही है।

संविधान के लिए खतरनाक-सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बड़ी चर्चा और सहमति जरूरी है, लेकिन सरकार बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के इसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विशेष रूप से परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए चेतावनी दी कि इस संबंध में सामने आ रही अनाधिकारिक जानकारी खतरनाक है और यह संविधान की भावना के खिलाफ जा सकती है।

पहले ही पास हो चुका है महिला आरक्षण कानून-सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने साफ कहा कि महिला आरक्षण कानून पहले ही पास हो चुका है, इसलिए यह मुद्दा अब विवाद का विषय नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया था, जिसमें महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण देने का प्रावधान है। लेकिन इस कानून को लागू करने के लिए जनगणना और उसके बाद परिसीमन जरूरी बताया गया था।

सोनिया ने पूछा- 30 महीने का इंतजार क्यों किया गया

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर सरकार अब 2029 से महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो यह फैसला पहले क्यों नहीं लिया गया। इसके लिए 30 महीने का इंतजार क्यों किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने कई बार सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

पूछा-5 राज्यों के चुनाव खत्म होने तक इंतजार क्यों नहीं किया?

सोनिया ने आगे लिखा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि इसे 2024 के चुनाव से ही लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने इसे नहीं माना। अब अनुच्छेद 334-A में बदलाव कर महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने की तैयारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री को यू-टर्न लेने में 30 महीने क्यों लगे? उन्होंने सवाल किया कि 5 राज्यों के चुनाव खत्म होने तक इंतजार क्यों नहीं किया गया। इतनी हड़बड़ी की क्या जरूरत है?

ग्राम चलो अभियान के तहत घर-घर संपर्क, विकास कार्यों की दी जानकारी
मेरठ। भारतीय जनता पार्टी हस्तिनापुर मंडल, जिला मेरठ के अंतर्गत ग्राम पंचायत अलीपुर मोरना, निडावली, किशोरपुर और मकदूमपुर में ‘ग्राम चलो अभियान’ के तहत व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया और केंद्र व राज्य सरकार के विकास कार्यों से संबंधित पत्रकों का वितरण कर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य हरिओम शर्मा, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष हस्तिनापुर मंडल, उपस्थित रहे। उन्होंने देवतुल्य कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्रों के संयोजकों और बूथ अध्यक्षों के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

अभियान में प्रमोद कुमार, रविंद्र कुमार, मनोज कुमार, सतपाल सिंह, हरेंद्र कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पार्टी की नीतियों और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
यशवी लोढ़ा लिखित दूसरी पुस्तक द टीनेज क्रोनिकल्स-बुक 2 पर हुई सार्थक चर्चा
मुंबई।  मायानगरी मुंबई के कैम्प्स कॉर्नर स्थित क्रॉसवर्ड बुक सेंटर में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह एन ईवनिंग ऑफ यंग वर्ड्स  में किशोरी कवयित्री सुश्री यशवी लोढ़ा के दूसरे पोएट्री कलैक्शन द टीनेज क्रोनिकल्स- बुक 2 के विभिन्न पहलुओं पर  बॉलीवुड की विभिन्न हस्तियों और प्रबुद्ध साहित्यकारों द्वारा सार्थक चर्चा की गई।
     इस गर्मजोशी भरी शाम में बॉलीवुड के कई सेलिब्रिटी और मशहूर साहित्यकार मौजूद थे, जिनमें फिल्म अभिनेत्री ईशा देओल, रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी के अलावा वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मंजू लोढ़ा मुख्य रूप से शामिल रहीं। इस स्टार-स्टडेड गैदरिंग में जाने- माने सोशलाइट्स, करीबी फैमिली फ्रेंड्स और शुभचिंतक बड़ी संख्या में अपना प्यार और सपोर्ट दिखाने के लिए मौजूद रहे। द टीनएज क्रॉनिकल्स – बुक 2 कुल 45 कविताओं का एक कलेक्शन है, जो किशोरों के बड़े होने की अंदरूनी दुनिया को बखूबी दर्शाता है। किशोरों में अपनी पहचान, प्रेशर, अकेलापन, फेयरनेस, उम्मीद और खुद को खोजने जैसी थीम के ज़रिये यह किताब उन सारे सवालों और इमोशंस को दिखाती है, जो अक्सर टीन एज के मनोभावों को प्रभावित करते हैं। कई कविताएँ आज की युवा पीढ़ी से रखी जाने वाली उम्मीदों, लगातार तुलना करने के कल्चर और उन शांत संघर्षों को दिखाती हैं, जो शायद सतही तौर पर हमेशा दिखाई नहीं देते। यह कलेक्शन मेंटल हेल्थ, भविष्य को लेकर अनिश्चितता और बचपन की मासूमियत से बड़े होने की मुश्किलों में होने वाले अहम बदलाव को भी छूता है। साथ ही, इसमें सोच-विचार और उम्मीद का माहौल है, जो पढ़ने वालों को रुकने, खुद को बेहतर समझने और रोज़मर्रा के पलों में मतलब खोजने के लिए बढ़ावा देता है। इस संग्रह की कविताएँ इस बात पर ज़ोर देती हैं कि कन्फ्यूजन और खुद पर शक, बड़े होने का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं। मुंबई की  प्रमुख युवा कवयित्री और लेखिका यशवी लोढ़ा, इस अपनी दूसरी किताब में एक ऐसी आवाज़ पेश करती हैं, जो देखने वाली और खुद को समझने वाली दोनों है। उनकी लिखाई उन भावनाओं के बारे में ईमानदार बातचीत शुरू करने की कोशिश करती है, जो कई युवा महसूस करते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें बताने में मुश्किल होती है। इस अवसर पर यशवी लोढ़ा ने लाइव कविता पाठ किया, जिसके बाद एक इंटरैक्टिव सेशन और बुक साइनिंग हुई, जहाँ मौजूद लोगों ने उनके काम को करीब से देखा। भारी भीड़ और उत्साहपूर्ण रिस्पॉन्स ने आज के साहित्य में युवा आवाज़ों की बढ़ती पहचान को बखूबी दिखाया। उल्लेखनीय है कि हाल ही में, एक प्राइवेट फंक्शन में द टीनएज क्रॉनिकल्स – बुक 2 के लोकार्पण के बाद इसकी एडवांस कॉपी को रिव्यू करते हुए, सदी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन द्वारा भी कवयित्री यशवी लोढ़ा की कविताओं की मुक्त कंठ से सराहना की गई।