रसड़ा विधायक उमा शंकर सिंह ने हत्या पीड़ित परिवार को 5 लाख की सहायता दी, न्याय का दिया भरोसा
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया। कुछ दिनों पूर्व रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा गुरगुजपुर निवासी स्वर्गीय श्री सत्यप्रकाश राम जी की नृशंस हत्या कर दी गई थी, जो अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक घटना है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।आज लोकप्रिय रसड़ा बसपा विधायक उमा शंकर सिंह ने अपने छोटे भाई रमेश सिंह जी को पीड़ित परिवार के बीच भेजकर परिवार को 5,00,000 रुपये (पांच लाख रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की। विधायक जी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि इस दुख की घड़ी में हम सभी उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर परिवार को पूर्ण न्याय दिलाया जाएगा।पीड़ित परिवार ने सहायता राशि प्राप्त कर विधायक जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा न्याय की उम्मीद जताई। क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल की सराहना की है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है।
कंचन जायसवाल ही बहाएंगी गढ़वा में विकास की गंगा, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मांगा समर्थन"

गढ़वा। नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को उन्होंने शहर के सोनपुरवा और नगवां मुहल्ला में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से 'बेंच छाप' (क्रमांक-5) पर वोट देने की अपील की।

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झामुमो सरकार पर साधा निशाना:

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "झामुमो के शासन में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और विकास पूरी तरह ठप है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं के सम्मान में एक स्वच्छ और बेदाग छवि की प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।" उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए नगर परिषद में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का जीतना अनिवार्य है।

प्रत्याशी का संकल्प:

अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य किए जाएंगे और हर नागरिक की समस्या का त्वरित समाधान होगा।

प्रमुख उपस्थिति:

मंडल अध्यक्ष धनंजय गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद घुरण राम, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी और बिनोद चंद्रवंशी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मसूरी में NH-707A को नुकसान पहुंचाने पर प्रशासन सख्त, भूस्वामियों पर 91 लाख की वसूली
* अनधिकृत खुदाई से धंसा राजमार्ग, 11 लाख जुर्माना और 80 लाख आरसी तय

मसूरी, उत्तराखंड। पर्यटन नगरी मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 फरवरी को NH-707A (त्यूनी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट) के किमी 162 पर होटल देवलोक के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि निजी भूमि पर निर्माण कार्य और अनधिकृत खुदाई के कारण राजमार्ग के नीचे की सतह कमजोर हो गई थी। बिना अनुमति ढलान की कटिंग और कथित अवैध खनन के चलते सड़क का हिस्सा धंस गया। इस घटना से मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा मार्ग की आवाजाही प्रभावित रही, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित भूस्वामियों पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त 80 लाख रुपये की वसूली आरसी (रिकवरी चार्ज) के रूप में निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह राशि सड़क की मरम्मत, ढलान स्थिरीकरण और सुरक्षा कार्यों पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए वसूल की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध खनन के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, खनन विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क धंसने के बाद ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया। विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण कर ढलान की स्थिति का आकलन किया है। फिलहाल अस्थायी सुरक्षा के तहत बैरिकेडिंग और मलबा हटाने का कार्य किया गया है, जबकि स्थायी मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में राजमार्ग या किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
मिर्जापुर : रिटायर्ड सचिव से सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी करा रहा समिति में काम,वीडियो वायरल

सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में AR नही कर रहा कोई कार्रवाई

मिर्जापुर जनपद के बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति लालगंज में सहकारिता विभाग रिटायर्ड सचिव से काम करा रहा है.कार्यवाही रजिस्टर लेकर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह लिखते नजर आ रहे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.यही नही जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के आदेश पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने वर्तमान सचिव रणजीत कुमार सिंह को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज से हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया ट्रांसफर किया है.इनके स्थान पर हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया के सचिव रमाकांत मौर्य को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज का सचिव बनाया है. 10 फरवरी को ट्रांसफर किया गया है इसके बावजूद भी भ्रष्ट सचिव समिति नही छोड़ रहा है साथ ही नये सचिव रमाकांत मौर्य को पदभार ग्रहण नही करने दे रहा है.ट्रांसफर के 6 दिन बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने सचिव को रिलीफ नही कर रहे हैं.बल्कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी के कहने पर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह समिति का कार्यवाही रजिस्टर अपनर हाथ मे लेकर लिखापढ़ी करते नजर आ रहे हैं.दरअसल सचिव रणजीत कुमार सिंह का गांव में नियम के विरुद्ध पोस्टिंग होने के कारण किसान दिनों से विरोध कर रहे थे.इस सचिव का खाद को सरकारी दाम से अधिक दाम में बेचने और रात में बिचौलियों से धान खरीदने का विडियो वायरल हुआ था इसके बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी कार्रवाई करने के जगह सत्ता के नेताओं के दबाव में बचाने में जुटा हैं. जिलाधिकारी के आदेश का भी AR नहीं करता पालन.

उत्तराखंड के नैनीताल, रामनगर और उत्तरकाशी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
* ई-मेल के जरिए मिली धमकी के बाद कोर्ट परिसर खाली, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड ने की सघन जांच

नैनीताल/रामनगर/हल्द्वानी/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ई-मेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस-प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और सभी न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली कराकर सघन जांच अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ के नाम से एक ई-मेल भेजा गया, जिसमें नैनीताल जिला न्यायालय को निशाना बनाते हुए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई। मेल में जजों के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम और आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था। साथ ही तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को रोकने की मांग का भी उल्लेख किया गया।
धमकी मिलते ही नैनीताल, रामनगर और हल्द्वानी की अदालतों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट रूम, जजों के चैंबर और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि अब तक किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि ई-मेल के माध्यम से बम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद एसओपी के तहत कार्रवाई की गई। जिला न्यायालय परिसर के अधिकांश हिस्सों की जांच की जा चुकी है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
जिला बार एसोसिएशन, नैनीताल के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अवगत करा दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
नैनीताल जिले के रामनगर न्यायालय और हल्द्वानी कोर्ट को भी धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इसके बाद कोर्ट परिसर में चल रही सभी गतिविधियां रोक दी गईं और आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में उत्तरकाशी जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिला जज की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कोर्ट परिसर खाली कराया और सुरक्षा बढ़ा दी। नगर कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि मेल में आरडीएक्स होने का दावा किया गया था, जिसके बाद एहतियातन जांच शुरू की गई।
फिलहाल पुलिस और साइबर टीमें धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच कर रही हैं।
देहरादून में लोक भवन कूच के दौरान 500 से अधिक कांग्रेसी हिरासत में, हरीश रावत बोले– बीजेपी सत्ता से होगी बेदखल
* हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस लाइन भेजे गए नेता बाद में रिहा

देहरादून। देहरादून में विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन (राजभवन) का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली निकालकर लोक भवन की ओर कूच किया गया। हजारों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार कर मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल रहीं। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “आज परिवर्तन का जनसैलाब सड़कों पर उतरा है। गांव-गांव से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून पहुंचे हैं। सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि इस बार बीजेपी सत्ता से बेदखल होगी।” प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ.संतोष सिंह ने जनजातीय क्षेत्र में किया निःशुल्क चिकित्सा सेवा का कार्य।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नर सेवा ही नारायण सेवा है की भावना को साकार करते हुए गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 के तहत मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ सर्जन डॉ.संतोष सिंह ने लखीमपुर खीरी जिले के नेपाल सीमा से सटे थारू जनजातीय क्षेत्र के मसान खम्भ एवं सौनहा गांव में निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की।मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज के असिस्टेंट प्रोफेसर (सर्जरी) एवं मीडिया प्रभारी डॉ.संतोष सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में 6 एवं 7 फरवरी को कुल लगभग 350 रोगियों की जांच व उपचार किया गया।मरीजो को नि: शुल्क परामर्श दवाइयां एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।यह सेवा अभियान गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास सेवा भारती एवं नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन(एनएमओ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि सीमावर्ती एवं जनजातीय क्षेत्रो में स्वास्थ्य सुविधाओ की कमी को देखते हुए ऐसे शिविर अत्यंत आवश्यक है। जरूरतमन्दो के चेहरे पर आई मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।शिविर में सामान्य रोग पेट रोग त्वचा रोग महिला व बाल रोग सर्जिकल परामर्श तथा प्राथमिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।गम्भीर मरीजो को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज रेफर भी किया गया।इस सेवा कार्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोला जिले के जिला प्रचारक शिव प्रकाश शिवनाथ डॉ.शिवम डॉ.अंकित डॉ.ओम डॉ.सत्यम नर्सिंग स्टाफ प्रतिभा राणा एवं रामदेवी सहित स्थानीय ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।डॉ.भूपेन्द्र सिंह डॉ.जय राम डॉ.आदर्श डॉ रवि शंकर सिंह डॉ सुधांशु सिंह एवं अन्य व्यवस्थापक साथियो ने व्यवस्थाओ को सफल बनाया।ग्रामीणों ने चिकित्सक दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्र में इस तरह की सेवा उनके लिए वरदान साबित हुई है।डॉ.संतोष सिंह ने सभी सहयोगियों एवं आयोजक संस्थाओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा अभियानों में सक्रिय भागीदारी जारी रहेगी।
ददरी गांव निवासी व्यक्ति ने दिया थाने पर तहरीर विपक्षी पर मारपीट कर घायल करने का लगायाआरोप

रमेश दूबे

संत कबीर नगर। जनपद के महुली थाना क्षेत्र के ददरी गांव निवासी दिनेश कुमार पांडे पुत्र रामवृक्ष पांडे ने आरोप लगाया है कि वह रवीश पांडे के साथ अपने खेत की ट्रैक्टर से जुताई कइरने गए थे ।

तभी गांव के राम शब्द यादव पुत्र राम लौट अंगद पुत्र रामस्वरूप यादव दयनाथ पुत्र राम शब्द यादव और राममिलन पुत्र राम आदी लोग मिलकर लाठी डंडा फावड़ा लेकर उनके खेत में पहुंच गए और बिना कुछ पूछे ही उनको मारपीट कर घायल कर दिए।

जिससे उन लोगों को काफी चोट आई है।

आरोप लगाया है कि गले में सोने की चैन एवं ₹500जबरदस्ती अपने साथ लेते गए।

112 नंबर पर पुलिस को सूचना दिया तो पुलिस द्वारा थाने पर जाकर प्रार्थना पत्र देने के बबात कही गई।

जानकारी के मुताबिक देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
दूर भाष पर  प्रभारी निरीक्षक द्वारा बताया गया कि अभी मैं कोर्ट में था थाने पर पहुंच रहा हूं उचित कार्रवाई की जाएगी।
सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ प्रदेश में सशक्त हो रहा स्वास्थ्य ढांचा : केशव प्रसाद मौर्य
* विधान परिषद बजट सत्र 2026-27 में स्वास्थ्य सेवाओं पर उप मुख्यमंत्री ने रखे विचार


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को विधान परिषद के बजट सत्र 2026-27 के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधार और सरकार की नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिन जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेजों में विलय किया गया है, वहां सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इसके साथ ही पीएचसी, सीएचसी और अन्य जिला अस्पतालों में भी पूर्व की अपेक्षा बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जहां एमआरआई या सीटी स्कैन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहां निजी क्षेत्र की सहभागिता से सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सहायता न देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक है और सहायता पात्रता के आधार पर पारदर्शिता के साथ दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैर-पैनल निजी अस्पतालों के मामलों में सरकारी सहायता संभव नहीं होती।
आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री आरोग्य योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को निःशुल्क या सस्ती चिकित्सा सुविधा मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को नियमानुसार 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
वर्ष 2017 के बाद चिकित्सा शिक्षा और संस्थानों की क्षमता में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों—पहले पीएचसी/सीएचसी स्तर पर उपचार, फिर जिला अस्पताल और गंभीर मामलों में मेडिकल कॉलेजों में समुचित इलाज। स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आवश्यकता के तहत स्थानांतरण किए जाते हैं, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में भी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया गया।
उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों के लिए लागू हैं। चाहे कोरोनाकाल में टीकाकरण हो या अन्य स्वास्थ्य सेवाएं, सभी को समान रूप से सुविधा प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका अच्छा स्वास्थ्य” की भावना से समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
विधानसभा में दो राजकीय विश्वविद्यालय स्थापना हेतु संशोधन विधेयक पारित: योगेन्द्र उपाध्याय
* भदोही और शाहजहांपुर में नए विश्वविद्यालयों का मार्ग प्रशस्त, ग्रामीण युवाओं को मिलेंगे स्थानीय अवसर


लखनऊ। विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को बहुमत से पारित करा लिया। सदन में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत दोनों विधेयक पारित हुए।
सदन में प्रस्ताव रखते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। सरकार ग्रामीण, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों तक विश्वविद्यालय पहुंचाने के लिए ठोस निर्णय ले रही है, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
संशोधन विधेयक के तहत ज्ञानपुर, जनपद भदोही स्थित काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे आसपास के 23 महाविद्यालयों का संबद्धीकरण संभव होगा और क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह निर्णय पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
द्वितीय संशोधन विधेयक के माध्यम से शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। मंत्री ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा एमओयू के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्ति एवं भूमि सरकार को हस्तांतरित कर विश्वविद्यालय स्थापना में सहयोग दिया गया है। इससे 60 क्षेत्रीय महाविद्यालयों का संबद्धीकरण होगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा व रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। जहां पहले कई मंडलों में सरकारी विश्वविद्यालयों का अभाव था, वहीं अब निरंतर नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार की उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति के तहत हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे शिक्षा का संतुलित और विकेंद्रीकृत विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध और कौशल आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में विदेशी विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और नए शैक्षणिक अवसर इस परिवर्तन का प्रमाण हैं। सरकार उच्च शिक्षा को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर सशक्त स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रसड़ा विधायक उमा शंकर सिंह ने हत्या पीड़ित परिवार को 5 लाख की सहायता दी, न्याय का दिया भरोसा
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया। कुछ दिनों पूर्व रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा गुरगुजपुर निवासी स्वर्गीय श्री सत्यप्रकाश राम जी की नृशंस हत्या कर दी गई थी, जो अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक घटना है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।आज लोकप्रिय रसड़ा बसपा विधायक उमा शंकर सिंह ने अपने छोटे भाई रमेश सिंह जी को पीड़ित परिवार के बीच भेजकर परिवार को 5,00,000 रुपये (पांच लाख रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की। विधायक जी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि इस दुख की घड़ी में हम सभी उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर परिवार को पूर्ण न्याय दिलाया जाएगा।पीड़ित परिवार ने सहायता राशि प्राप्त कर विधायक जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा न्याय की उम्मीद जताई। क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल की सराहना की है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है।
कंचन जायसवाल ही बहाएंगी गढ़वा में विकास की गंगा, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मांगा समर्थन"

गढ़वा। नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को उन्होंने शहर के सोनपुरवा और नगवां मुहल्ला में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से 'बेंच छाप' (क्रमांक-5) पर वोट देने की अपील की।

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झामुमो सरकार पर साधा निशाना:

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "झामुमो के शासन में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और विकास पूरी तरह ठप है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं के सम्मान में एक स्वच्छ और बेदाग छवि की प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।" उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए नगर परिषद में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का जीतना अनिवार्य है।

प्रत्याशी का संकल्प:

अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य किए जाएंगे और हर नागरिक की समस्या का त्वरित समाधान होगा।

प्रमुख उपस्थिति:

मंडल अध्यक्ष धनंजय गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद घुरण राम, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी और बिनोद चंद्रवंशी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मसूरी में NH-707A को नुकसान पहुंचाने पर प्रशासन सख्त, भूस्वामियों पर 91 लाख की वसूली
* अनधिकृत खुदाई से धंसा राजमार्ग, 11 लाख जुर्माना और 80 लाख आरसी तय

मसूरी, उत्तराखंड। पर्यटन नगरी मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 फरवरी को NH-707A (त्यूनी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट) के किमी 162 पर होटल देवलोक के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि निजी भूमि पर निर्माण कार्य और अनधिकृत खुदाई के कारण राजमार्ग के नीचे की सतह कमजोर हो गई थी। बिना अनुमति ढलान की कटिंग और कथित अवैध खनन के चलते सड़क का हिस्सा धंस गया। इस घटना से मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा मार्ग की आवाजाही प्रभावित रही, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित भूस्वामियों पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त 80 लाख रुपये की वसूली आरसी (रिकवरी चार्ज) के रूप में निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह राशि सड़क की मरम्मत, ढलान स्थिरीकरण और सुरक्षा कार्यों पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए वसूल की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध खनन के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, खनन विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क धंसने के बाद ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया। विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण कर ढलान की स्थिति का आकलन किया है। फिलहाल अस्थायी सुरक्षा के तहत बैरिकेडिंग और मलबा हटाने का कार्य किया गया है, जबकि स्थायी मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में राजमार्ग या किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
मिर्जापुर : रिटायर्ड सचिव से सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी करा रहा समिति में काम,वीडियो वायरल

सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में AR नही कर रहा कोई कार्रवाई

मिर्जापुर जनपद के बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति लालगंज में सहकारिता विभाग रिटायर्ड सचिव से काम करा रहा है.कार्यवाही रजिस्टर लेकर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह लिखते नजर आ रहे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.यही नही जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के आदेश पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने वर्तमान सचिव रणजीत कुमार सिंह को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज से हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया ट्रांसफर किया है.इनके स्थान पर हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया के सचिव रमाकांत मौर्य को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज का सचिव बनाया है. 10 फरवरी को ट्रांसफर किया गया है इसके बावजूद भी भ्रष्ट सचिव समिति नही छोड़ रहा है साथ ही नये सचिव रमाकांत मौर्य को पदभार ग्रहण नही करने दे रहा है.ट्रांसफर के 6 दिन बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने सचिव को रिलीफ नही कर रहे हैं.बल्कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी के कहने पर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह समिति का कार्यवाही रजिस्टर अपनर हाथ मे लेकर लिखापढ़ी करते नजर आ रहे हैं.दरअसल सचिव रणजीत कुमार सिंह का गांव में नियम के विरुद्ध पोस्टिंग होने के कारण किसान दिनों से विरोध कर रहे थे.इस सचिव का खाद को सरकारी दाम से अधिक दाम में बेचने और रात में बिचौलियों से धान खरीदने का विडियो वायरल हुआ था इसके बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी कार्रवाई करने के जगह सत्ता के नेताओं के दबाव में बचाने में जुटा हैं. जिलाधिकारी के आदेश का भी AR नहीं करता पालन.

उत्तराखंड के नैनीताल, रामनगर और उत्तरकाशी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
* ई-मेल के जरिए मिली धमकी के बाद कोर्ट परिसर खाली, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड ने की सघन जांच

नैनीताल/रामनगर/हल्द्वानी/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ई-मेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस-प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और सभी न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली कराकर सघन जांच अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ के नाम से एक ई-मेल भेजा गया, जिसमें नैनीताल जिला न्यायालय को निशाना बनाते हुए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई। मेल में जजों के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम और आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था। साथ ही तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को रोकने की मांग का भी उल्लेख किया गया।
धमकी मिलते ही नैनीताल, रामनगर और हल्द्वानी की अदालतों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट रूम, जजों के चैंबर और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि अब तक किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि ई-मेल के माध्यम से बम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद एसओपी के तहत कार्रवाई की गई। जिला न्यायालय परिसर के अधिकांश हिस्सों की जांच की जा चुकी है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
जिला बार एसोसिएशन, नैनीताल के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अवगत करा दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
नैनीताल जिले के रामनगर न्यायालय और हल्द्वानी कोर्ट को भी धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इसके बाद कोर्ट परिसर में चल रही सभी गतिविधियां रोक दी गईं और आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में उत्तरकाशी जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिला जज की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कोर्ट परिसर खाली कराया और सुरक्षा बढ़ा दी। नगर कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि मेल में आरडीएक्स होने का दावा किया गया था, जिसके बाद एहतियातन जांच शुरू की गई।
फिलहाल पुलिस और साइबर टीमें धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच कर रही हैं।
देहरादून में लोक भवन कूच के दौरान 500 से अधिक कांग्रेसी हिरासत में, हरीश रावत बोले– बीजेपी सत्ता से होगी बेदखल
* हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस लाइन भेजे गए नेता बाद में रिहा

देहरादून। देहरादून में विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन (राजभवन) का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली निकालकर लोक भवन की ओर कूच किया गया। हजारों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार कर मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल रहीं। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “आज परिवर्तन का जनसैलाब सड़कों पर उतरा है। गांव-गांव से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून पहुंचे हैं। सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि इस बार बीजेपी सत्ता से बेदखल होगी।” प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ.संतोष सिंह ने जनजातीय क्षेत्र में किया निःशुल्क चिकित्सा सेवा का कार्य।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नर सेवा ही नारायण सेवा है की भावना को साकार करते हुए गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 के तहत मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ सर्जन डॉ.संतोष सिंह ने लखीमपुर खीरी जिले के नेपाल सीमा से सटे थारू जनजातीय क्षेत्र के मसान खम्भ एवं सौनहा गांव में निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की।मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज के असिस्टेंट प्रोफेसर (सर्जरी) एवं मीडिया प्रभारी डॉ.संतोष सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में 6 एवं 7 फरवरी को कुल लगभग 350 रोगियों की जांच व उपचार किया गया।मरीजो को नि: शुल्क परामर्श दवाइयां एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।यह सेवा अभियान गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास सेवा भारती एवं नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन(एनएमओ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि सीमावर्ती एवं जनजातीय क्षेत्रो में स्वास्थ्य सुविधाओ की कमी को देखते हुए ऐसे शिविर अत्यंत आवश्यक है। जरूरतमन्दो के चेहरे पर आई मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।शिविर में सामान्य रोग पेट रोग त्वचा रोग महिला व बाल रोग सर्जिकल परामर्श तथा प्राथमिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।गम्भीर मरीजो को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज रेफर भी किया गया।इस सेवा कार्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोला जिले के जिला प्रचारक शिव प्रकाश शिवनाथ डॉ.शिवम डॉ.अंकित डॉ.ओम डॉ.सत्यम नर्सिंग स्टाफ प्रतिभा राणा एवं रामदेवी सहित स्थानीय ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।डॉ.भूपेन्द्र सिंह डॉ.जय राम डॉ.आदर्श डॉ रवि शंकर सिंह डॉ सुधांशु सिंह एवं अन्य व्यवस्थापक साथियो ने व्यवस्थाओ को सफल बनाया।ग्रामीणों ने चिकित्सक दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्र में इस तरह की सेवा उनके लिए वरदान साबित हुई है।डॉ.संतोष सिंह ने सभी सहयोगियों एवं आयोजक संस्थाओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा अभियानों में सक्रिय भागीदारी जारी रहेगी।
ददरी गांव निवासी व्यक्ति ने दिया थाने पर तहरीर विपक्षी पर मारपीट कर घायल करने का लगायाआरोप

रमेश दूबे

संत कबीर नगर। जनपद के महुली थाना क्षेत्र के ददरी गांव निवासी दिनेश कुमार पांडे पुत्र रामवृक्ष पांडे ने आरोप लगाया है कि वह रवीश पांडे के साथ अपने खेत की ट्रैक्टर से जुताई कइरने गए थे ।

तभी गांव के राम शब्द यादव पुत्र राम लौट अंगद पुत्र रामस्वरूप यादव दयनाथ पुत्र राम शब्द यादव और राममिलन पुत्र राम आदी लोग मिलकर लाठी डंडा फावड़ा लेकर उनके खेत में पहुंच गए और बिना कुछ पूछे ही उनको मारपीट कर घायल कर दिए।

जिससे उन लोगों को काफी चोट आई है।

आरोप लगाया है कि गले में सोने की चैन एवं ₹500जबरदस्ती अपने साथ लेते गए।

112 नंबर पर पुलिस को सूचना दिया तो पुलिस द्वारा थाने पर जाकर प्रार्थना पत्र देने के बबात कही गई।

जानकारी के मुताबिक देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
दूर भाष पर  प्रभारी निरीक्षक द्वारा बताया गया कि अभी मैं कोर्ट में था थाने पर पहुंच रहा हूं उचित कार्रवाई की जाएगी।
सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ प्रदेश में सशक्त हो रहा स्वास्थ्य ढांचा : केशव प्रसाद मौर्य
* विधान परिषद बजट सत्र 2026-27 में स्वास्थ्य सेवाओं पर उप मुख्यमंत्री ने रखे विचार


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को विधान परिषद के बजट सत्र 2026-27 के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधार और सरकार की नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिन जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेजों में विलय किया गया है, वहां सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इसके साथ ही पीएचसी, सीएचसी और अन्य जिला अस्पतालों में भी पूर्व की अपेक्षा बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जहां एमआरआई या सीटी स्कैन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहां निजी क्षेत्र की सहभागिता से सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सहायता न देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक है और सहायता पात्रता के आधार पर पारदर्शिता के साथ दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैर-पैनल निजी अस्पतालों के मामलों में सरकारी सहायता संभव नहीं होती।
आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री आरोग्य योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को निःशुल्क या सस्ती चिकित्सा सुविधा मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को नियमानुसार 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
वर्ष 2017 के बाद चिकित्सा शिक्षा और संस्थानों की क्षमता में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों—पहले पीएचसी/सीएचसी स्तर पर उपचार, फिर जिला अस्पताल और गंभीर मामलों में मेडिकल कॉलेजों में समुचित इलाज। स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आवश्यकता के तहत स्थानांतरण किए जाते हैं, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में भी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया गया।
उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों के लिए लागू हैं। चाहे कोरोनाकाल में टीकाकरण हो या अन्य स्वास्थ्य सेवाएं, सभी को समान रूप से सुविधा प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका अच्छा स्वास्थ्य” की भावना से समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
विधानसभा में दो राजकीय विश्वविद्यालय स्थापना हेतु संशोधन विधेयक पारित: योगेन्द्र उपाध्याय
* भदोही और शाहजहांपुर में नए विश्वविद्यालयों का मार्ग प्रशस्त, ग्रामीण युवाओं को मिलेंगे स्थानीय अवसर


लखनऊ। विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को बहुमत से पारित करा लिया। सदन में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत दोनों विधेयक पारित हुए।
सदन में प्रस्ताव रखते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। सरकार ग्रामीण, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों तक विश्वविद्यालय पहुंचाने के लिए ठोस निर्णय ले रही है, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
संशोधन विधेयक के तहत ज्ञानपुर, जनपद भदोही स्थित काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे आसपास के 23 महाविद्यालयों का संबद्धीकरण संभव होगा और क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह निर्णय पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
द्वितीय संशोधन विधेयक के माध्यम से शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। मंत्री ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा एमओयू के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्ति एवं भूमि सरकार को हस्तांतरित कर विश्वविद्यालय स्थापना में सहयोग दिया गया है। इससे 60 क्षेत्रीय महाविद्यालयों का संबद्धीकरण होगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा व रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। जहां पहले कई मंडलों में सरकारी विश्वविद्यालयों का अभाव था, वहीं अब निरंतर नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार की उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति के तहत हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे शिक्षा का संतुलित और विकेंद्रीकृत विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध और कौशल आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में विदेशी विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और नए शैक्षणिक अवसर इस परिवर्तन का प्रमाण हैं। सरकार उच्च शिक्षा को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर सशक्त स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।