पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस सेनानी वंशजो को नमन कवियो ने बांधा समां।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम आर्य की स्मृति में ऐतिहासिक आयोजन सौ से अधिक वंशज सम्मानित कवि सम्मेलन बना आकर्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विधान सभा बारा क्षेत्र में विजय दिवस के पावन अवसर पर गौहनिया स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल परिसर देशभक्ति, सम्मान और उत्साह के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति शेष राजाराम आर्य की पावन स्मृति को समर्पित भव्य होली मिलन समारोह कवि सम्मेलन तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों का सम्मान समारोह बड़े ही गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि साहित्यकार समाजसेवी और बुद्धिजीवी एक ही मंच पर एकत्रित हुए जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत हो उठा। समारोह में मुख्य रूप से बारा विधायक डॉ.वाचस्पति तथा कौशाम्बी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु वाचस्पति की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियो ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनो को सम्मानित कर उनके त्याग बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया।कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज विचार समिति के संयोजक सूर्य प्रकाश समदरिया के नेतृत्व में किया गया जिसमें सेनानी वंशजों का सम्मान पूरे सम्मान और गौरव के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर सौ से अधिक स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।सम्मान के दौरान मंच से बार- बार देशभक्ति के नारे गूंजते रहे और उपस्थित लोगों ने खड़े होकर सेनानियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।समारोह का विशेष आकर्षण कवि सम्मेलन रहा जिसमें देश और समाज की भावनाओं को शब्द देने वाले चर्चित कवियो ने अपनी ओजपूर्ण हास्य और देशभक्ति से भरी रचनाओ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कवि अशोक सिंह बेशरम, लालजी सिंह देहाती संतोष शुक्ल समर्थ धनंजय शाश्वत नीलम तिवारी मोहिनी श्रीवास्तव सत्यभामा मिश्रा सुरेश केसरवानी ओम शांति प्रमोद बाबू झा मुराद अहमद मुराद निखिलेश मालवीय और ठाकुर इलाहाबादी सहित कई कवियों ने मंच से ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लगभग एक दर्जन से अधिक कवियों ने हास्य और व्यंग्य से भरी कविताओं से लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया, वहीं ओजपूर्ण रचनाओ ने युवाओं में देशभक्ति का जोश भर दिया।कार्यक्रम के अंत तक श्रोताओं की भीड़ मंच के सामने डटी रही और हर प्रस्तुति पर उत्साह के साथ तालियां बजती रही।पूरे आयोजन के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि बलिदान सम्मान और राष्ट्रगौरव की जीवंत कहानी बनकर लोगों के सामने उतर आया हो।कार्यक्रम के अंत में विधायक डॉ वाचस्पति ने आए हुए सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओ को धन्यवाद दिया।

पुस्तक पढ़ने से विकसित होता है मस्तिष्क-प्रो.सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उ.प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के केन्द्रीय पुस्तकालय में एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का भव्य शुभारम्भ मंगलवार को किया गया।पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में पुस्तक पढ़ने की आदत जरूर डालनी चाहिए।जिससे मानस पटल विकसित होता है तथा व्यक्तित्व में गम्भीरता आती है। डिजिटल युग में लोगों में पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है जो कि चिंता जनक है।लोगों में पुस्तक पढ़ने की रुचि जगाने के लिए जगह-जगह पुस्तक मेले लगाए जा रहे हैं।उन्होंने कई महान साहित्यकारों की पुस्तको का वर्णन करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में इन ग्रन्थों का अध्ययन कर युवा पीढ़ी ज्ञानार्जन कर सकती है।पुस्तक प्रदर्शनी में आये हुए अतिथियों का स्वागत उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ आर0 जे0 मौर्य ने पुष्प-गुच्छ से किया। इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार, वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा एवं विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्वालय के अधिकारियो शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओ का आवागमन लगा रहा।पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशको/आपूर्तिकर्ताओं ने अपनी स्टाल लगाई।विश्वविद्यालय के पुस्तक प्रेमियो विद्यार्थियो ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया जिसमें सभी प्रकार की पुस्तकें प्रकाशकों आपूर्तिकर्ताओं द्वारा मेले में प्रदर्शित की गई।पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए निदेशको प्राध्यापको परामर्शदाताओ विषय विशेषज्ञों द्वारा पुस्तकों का चयन किया गया।जिनका क्रय पुस्तकालय में किया जायेगा।शिक्षको एवं छात्रो के अकादमिक दृष्टिकोण से यह पुुस्तक मेला अत्यन्त ही लाभप्रद साबित हुआ जिसमें विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तके एक स्थान पर उपलब्ध हो सकी। इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का समापन सायं 05ः00 बजे हुआ।

भदोही में तैनात सिपाही का जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा,धोखे से कराया जमीन का बैनामा
* न्यायालय के आदेश पर सिपाही समेत 4 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

गोंडा।जिले में न्यायालय के आदेश पर भदोही जनपद में तैनात एक सिपाही समेत चार लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया गया है।बताते चलें कि खरगूपुर थाना क्षेत्र के अचलापुर गांव निवासी निबई(77) ने नगर कोतवाली में यह मुकदमा दर्ज कराया है।निबई ने आरोप लगाया है कि सिपाही दिनेश कुमार और उनके भाई हजारी प्रसाद ने श्याम कुमार यादव और अखिलेश कुमार यादव के साथ मिलकर उनकी जमीन को हड़प लिया।शिकायतकर्ता के अनुसार 20 नवंबर 2025 को जब वह घर पर अकेले थे,तब हजारी प्रसाद उन्हें दवा दिलाने और विकलांगता पेंशन बनवाने के लिए कचहरी ले गये थे जहाँ कुछ दस्तावेजों पर निबई के अंगूठे लगवाए गये और एक फर्जी दानपत्र तैयार कर उनकी जमीन हजारी प्रसाद के नाम बैनामा करवा दिया गया।श्याम कुमार यादव और अखिलेश कुमार यादव को इस बैनामे में गवाह बनाया गया है।निबई ने बताया कि उनकी आंखों से कम दिखाई देता है और वह अनपढ़ हैं।आरोपियों ने उनकी इसी स्थिति का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी किया।यह रजिस्ट्री नगर कोतवाली क्षेत्र में तैयार की गई।उनके प्रार्थना पत्र पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नम्रता अग्रवाल ने नगर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया था।नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के पश्चात भदोही में तैनात सिपाही दिनेश कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।वहीं मामले के विवेचक उपनिरीक्षक वैभव सिंह ने पूरे मामले की जांच तेज कर दिया है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने पुष्टि करते हुए बताया कि न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।उन्होंने बताया कि उपनिरीक्षक वैभव सिंह द्वारा मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।नगर कोतवाली पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
बकाया मानदेय न मिलने से नाराज रोजगार सेवकों ने डिप्टी सीएम का पुतला फूंका
*विरोध प्रदर्शन भी किया

गोंडा।जिले में आज ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जिले के अलग अलग ब्लॉकों में अलग अलग तरीके से प्रदर्शन करके अपनी कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।रुपईडीह ब्लॉक परिसर में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी किया।यह प्रदर्शन लंबे समय से बकाया मानदेय न मिलने के कारण किया गया है।प्रदर्शनकारी ग्राम रोजगार सेवकों का आरोप है कि उनका मानदेय लंबे समय से लंबित है।उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है,जिससे उनमें रोष है।रोजगार सेवकों ने मांग किया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 का मानदेय भी जल्द जारी करने की मांग की गई है।उन्होंने मानदेय से काटी गई ईपीएफ की धनराशि का एफटीओ बनाकर यूएन खातों में जमा कराने की मांग की है।इस संबंध में जब रुपईडीह के खंड विकास अधिकारी से बात किया गया तो उन्होंने घटना के संबंध में अनभिज्ञयता व्यक्त किया।प्रदर्शनकारी रोजगार सेवकों ने चेतावनी दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस दौरान शुकदेव, दुर्गेश, पप्पू भारती,अनिल कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार राय,तुलसीराम,चंद्रप्रकाश शुक्ला, रामानंद,सत्य प्रकाश शुक्ला,रेनू यादव,आलोक कुमार शुक्ला,अजय कुमार वर्मा, रामशंकर तिवारी और मनोज कुमार वर्मा सहित कई ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

*पैनासोनिक ने पेश की नई स्मार्ट और बिजली बचाने वाली एसी रेंज; 2028 तक 20 लाख यूनिट बिक्री का लक्ष्य*

*दिल्ली, 06 फरवरी 2026:* विविध क्षेत्रों में काम करने वाली प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी, पैनासोनिक लाइफ सॉल्‍यूशन्‍स इंडिया ने आज देश की भीषण गर्मी और बदलते मौसम से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई अपनी वर्ष 2026 की 'रेजिडेंशियल एयर कंडीशनर्स' की श्रृंखला पेश की है। भरोसेमंद प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन की गई यह नई रेंज, भारतीय घरों की जरूरतों के अनुसार टिकाऊ, ऊर्जा-कुशल और हर तरह की जलवायु में कूलिंग देने के पैनासोनिक के फोकस को दर्शाती है।

भारतीय घरों में एसी की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाली धूल की सबसे बड़ी समस्या को हल करते हुए, इस नई रेंज में पैनासोनिक की 'डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी' शामिल की गई है। इसमें एक "ऑटो रिवर्स-फ्लो" फैन मैकेनिज्म है, जो आउटडोर यूनिट से धूल को अपने आप बाहर निकाल देता है। इससे लगातार बेहतर कूलिंग, अधिक दक्षता और लंबे समय तक टिकाऊ प्रदर्शन सुनिश्चित होता है। इस तकनीक के साथ, पैनासोनिक ने भारत की कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाले एयर कंडीशनर देने के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।

वर्ष 2026 के इस पोर्टफोलियो में कुल 57 नए मॉडल शामिल हैं, जो अलग-अलग सेगमेंट और कीमतों में उपलब्ध होंगे। इन मॉडल्स में प्रदर्शन, बिजली की बचत और स्मार्ट फीचर्स का बेहतरीन संतुलन रखा गया है, ताकि देशभर के उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए श्री हीरोकाजु कामोडा, प्रबंध निदेशक, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “भारत का एयर कंडीशनिंग बाजार एक निर्णायक मोड़ पर है, जो तेजी से शहरीकरण, बढ़ती आकांक्षाओं और अत्यधिक मौसम की स्थितियों से आकार ले रहा है। हमारी 2026 की आरएसी रेंज के साथ, हम अधिक स्मार्ट, मजबूत और ऊर्जा-कुशल एयर कंडीशनर पेश कर रहे हैं, जो केवल कूलिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारतीय परिवारों के लिए स्वस्थ और अधिक आरामदायक वातावरण तैयार करते हैं। इस लॉन्च के साथ, हम वित्त वर्ष 2028 तक अपनी बिक्री को लगभग 20 लाख यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। इसे हमारे विस्तारित पोर्टफोलियो, तकनीक व मैन्युफैक्चरिंग में निरंतर निवेश और उभरते बाजारों में मजबूत उपस्थिति के जरिए हासिल किया जाएगा।”

श्री अभिषेक वर्मा, हेड- प्रोडक्ट मार्केटिंग एवं प्लानिंग, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “इस लॉन्च के साथ, हम भारत भर में एसी के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाली गर्मी, धूल और कठिन मौसम की चुनौतियों का सीधा समाधान करके कूलिंग के मानकों को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। वर्ष 2026 में 57 नए मॉडल्स के साथ हम उद्योग में सबसे व्यापक पोर्टफोलियो में से एक पेश कर रहे हैं, जिसमें इन्वर्टर, फिक्स्ड-स्पीड, स्मार्ट, हॉट एंड कोल्ड और हाई-कैपेसिटी समाधान शामिल हैं। यह रेंज 'मेक इन इंडिया', फोकस्ड आरएंडडी, और मेट्रो के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 बाजारों में हमारी गहरी पहुंच के संकल्प को और मजबूत करती है।”

नई रेंज में पैनासोनिक के 5-स्टार, 4-स्टार और 3-स्टार इन्वर्टर एसी शामिल हैं। इसमें 5-स्टार सीरीज को प्रीमियम ‘अमेज फेसिया’ डिजाइन दिया गया है, जो डार्क ग्रे और क्रोम डेको के साथ आता है। यह शानदार डिजाइन हाई-परफॉर्मेंस कूलिंग के साथ-साथ आपके घर की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। इस नई रेंज की शुरुआती कीमत 32,490 रुपए है और यह सभी प्रमुख रिटेल स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और पैनासोनिक ब्रांड शॉप पर उपलब्ध है।

कंपनी इस लॉन्च को अपने टीवीसी कैम्‍पेन के जरिए प्रमोट करेगी, जिसमें ब्रांड एंबेसडर और भारत के ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी नजर आएँगे। यह अभियान भारतीय घरों में हर मौसम में भरोसेमंद और टिकाऊ कूलिंग देने के ब्रांड वादे को और मजबूत करता है।

पैनासोनिक एसी की प्रमुख विशेषताएँ:
टेक्नोलॉजी: स्मार्ट और कनेक्टेड अनुभव
पैनासोनिक एसी में उन्नत और भविष्य के लिए तैयार तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आपको स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड कूलिंग का अनुभव देती है।
मिराई™ स्मार्ट इकोसिस्टम: पैनासोनिक का यह आईओटी प्लेटफॉर्म आपको रिमोट ऑपरेशन की सुविधा देता है। यह एआई की मदद से कमरे के तापमान को खुद एडजस्ट करता है, आपकी पसंद के अनुसार 'स्लीप प्रोफाइल' सेट करता है और आपके पास आते ही एसी कंट्रोल को आसान बनाता है। इसके जरिए आप बिजली की खपत को ट्रैक कर सकते हैं, फिल्टर-क्लीनिंग अलर्ट पा सकते हैं और स्मार्ट डायग्नोसिस, वारंटी मैनेजमेंट व वन-टच सर्विस सपोर्ट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
मैटर-इनेबल्ड कनेक्टिविटी: सभी वाई-फाई कनेक्टेड मॉडल 'मैटर' तकनीक को सपोर्ट करते हैं। इससे अलग-अलग स्मार्ट-होम प्लेटफॉर्म्स और डिवाइसेज के साथ आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्शन मिलता है।
नैनो™ एक्टिव एयर प्यूरिफिकेशन: पैनासोनिक की यह पेटेंट तकनीक हवा में मौजूद प्रदूषकों और दुर्गंध को कम करने में मदद करती है, जिससे आपके घर के अंदर की हवा अधिक साफ और स्वस्थ रहती है।

विश्वसनीयता: कठिन मौसम के लिए तैयार

इन्हें भारत की भीषण गर्मी, धूल और कठिन मौसम की स्थितियों को झेलने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।
शील्ड ब्लू+: यह एंटी-करोजन कोटिंग हीट एक्सचेंजर को जंग से बचाकर उसकी उम्र और मजबूती बढ़ाती है।
100% कॉपर कॉइल्स: तेज हीट ट्रांसफर और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करती हैं।
425+ क्वालिटी टेस्ट: हर एसी को 425 से अधिक सख्त गुणवत्ता और प्रदर्शन परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
इको टफ डिज़ाइन: यह नमी, तेज गर्मी और धूल भरी बाहरी परिस्थितियों में भी टिकाऊ कूलिंग देने के लिए बनाया गया है।
स्टेबलाइज़र-फ्री ऑपरेशन: वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव में भी सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अल्ट्रा-एफिशिएंट: स्मार्ट कूलिंग और बिजली बचत

इन एसी को समझदारी से बिजली बचाते हुए आरामदायक ठंडक देने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है।
कनवर्टि8™ टेक्नोलॉजी: केवल एक बटन दबाकर आप कूलिंग क्षमता को 40% से लेकर 100% से भी ऊपर तक एडजस्ट कर सकते हैं। यह जरूरत के हिसाब से आराम और बिजली बचत के बीच सही संतुलन बनाता है।
एआई-पॉवर एडैप्टिव थर्मल कम्फर्ट: यह कमरे के अंदर और बाहर के तापमान के अनुसार एसी का मोड, तापमान और फैन स्पीड खुद सेट कर देता है।
डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी: पैनासोनिक का यह खास फीचर इस्तेमाल के बाद फैन की दिशा बदलकर आउटडोर यूनिट में धूल जमने को अपने आप कम करता है।
क्रिस्टल क्लीन: यह सेल्फ-क्लीनिंग इंडोर कॉइल तकनीक कॉइल को साफ रखकर कूलिंग क्षमता बनाए रखती है और एसी की उम्र बढ़ाती है।

शानदार कूलिंग: रहने की जगहों में तेज़, गहरी और एक समान ठंडक पहुँचाने के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया।
55°C तक के भारी बाहरी तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया।
48°C जैसे अत्यधिक तापमान पर भी 100% कूलिंग क्षमता देने में सक्षम (परीक्षण परिस्थितियों के तहत)।
बड़ा एयर इंटेक, हाई-परफॉर्मेंस फैन और 4-वे स्विंग फीचर, जो कमरे के हर कोने तक समान ठंडक पहुँचाना सुनिश्चित करते हैं।

भरोसेमंद गुणवत्ता: पैनासोनिक की वैश्विक विरासत और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का अटूट भरोसा।
100 से अधिक वर्षों की ब्रांड विरासत और एयर कंडीशनिंग के क्षेत्र में 67 से अधिक वर्षों का विशेषज्ञ अनुभव।
बेहतरीन गुणवत्ता, टिकाऊपन और शानदार प्रदर्शन के लिए दुनिया भर के लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा।
पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस सेनानी वंशजो को नमन कवियो ने बांधा समां।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम आर्य की स्मृति में ऐतिहासिक आयोजन सौ से अधिक वंशज सम्मानित कवि सम्मेलन बना आकर्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विधान सभा बारा क्षेत्र में विजय दिवस के पावन अवसर पर गौहनिया स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल परिसर देशभक्ति, सम्मान और उत्साह के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति शेष राजाराम आर्य की पावन स्मृति को समर्पित भव्य होली मिलन समारोह कवि सम्मेलन तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों का सम्मान समारोह बड़े ही गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि साहित्यकार समाजसेवी और बुद्धिजीवी एक ही मंच पर एकत्रित हुए जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत हो उठा। समारोह में मुख्य रूप से बारा विधायक डॉ.वाचस्पति तथा कौशाम्बी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु वाचस्पति की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियो ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनो को सम्मानित कर उनके त्याग बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया।कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज विचार समिति के संयोजक सूर्य प्रकाश समदरिया के नेतृत्व में किया गया जिसमें सेनानी वंशजों का सम्मान पूरे सम्मान और गौरव के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर सौ से अधिक स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।सम्मान के दौरान मंच से बार- बार देशभक्ति के नारे गूंजते रहे और उपस्थित लोगों ने खड़े होकर सेनानियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।समारोह का विशेष आकर्षण कवि सम्मेलन रहा जिसमें देश और समाज की भावनाओं को शब्द देने वाले चर्चित कवियो ने अपनी ओजपूर्ण हास्य और देशभक्ति से भरी रचनाओ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कवि अशोक सिंह बेशरम, लालजी सिंह देहाती संतोष शुक्ल समर्थ धनंजय शाश्वत नीलम तिवारी मोहिनी श्रीवास्तव सत्यभामा मिश्रा सुरेश केसरवानी ओम शांति प्रमोद बाबू झा मुराद अहमद मुराद निखिलेश मालवीय और ठाकुर इलाहाबादी सहित कई कवियों ने मंच से ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लगभग एक दर्जन से अधिक कवियों ने हास्य और व्यंग्य से भरी कविताओं से लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया, वहीं ओजपूर्ण रचनाओ ने युवाओं में देशभक्ति का जोश भर दिया।कार्यक्रम के अंत तक श्रोताओं की भीड़ मंच के सामने डटी रही और हर प्रस्तुति पर उत्साह के साथ तालियां बजती रही।पूरे आयोजन के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि बलिदान सम्मान और राष्ट्रगौरव की जीवंत कहानी बनकर लोगों के सामने उतर आया हो।कार्यक्रम के अंत में विधायक डॉ वाचस्पति ने आए हुए सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओ को धन्यवाद दिया।

पुस्तक पढ़ने से विकसित होता है मस्तिष्क-प्रो.सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उ.प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के केन्द्रीय पुस्तकालय में एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का भव्य शुभारम्भ मंगलवार को किया गया।पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में पुस्तक पढ़ने की आदत जरूर डालनी चाहिए।जिससे मानस पटल विकसित होता है तथा व्यक्तित्व में गम्भीरता आती है। डिजिटल युग में लोगों में पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है जो कि चिंता जनक है।लोगों में पुस्तक पढ़ने की रुचि जगाने के लिए जगह-जगह पुस्तक मेले लगाए जा रहे हैं।उन्होंने कई महान साहित्यकारों की पुस्तको का वर्णन करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में इन ग्रन्थों का अध्ययन कर युवा पीढ़ी ज्ञानार्जन कर सकती है।पुस्तक प्रदर्शनी में आये हुए अतिथियों का स्वागत उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ आर0 जे0 मौर्य ने पुष्प-गुच्छ से किया। इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार, वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा एवं विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्वालय के अधिकारियो शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओ का आवागमन लगा रहा।पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशको/आपूर्तिकर्ताओं ने अपनी स्टाल लगाई।विश्वविद्यालय के पुस्तक प्रेमियो विद्यार्थियो ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया जिसमें सभी प्रकार की पुस्तकें प्रकाशकों आपूर्तिकर्ताओं द्वारा मेले में प्रदर्शित की गई।पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए निदेशको प्राध्यापको परामर्शदाताओ विषय विशेषज्ञों द्वारा पुस्तकों का चयन किया गया।जिनका क्रय पुस्तकालय में किया जायेगा।शिक्षको एवं छात्रो के अकादमिक दृष्टिकोण से यह पुुस्तक मेला अत्यन्त ही लाभप्रद साबित हुआ जिसमें विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तके एक स्थान पर उपलब्ध हो सकी। इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का समापन सायं 05ः00 बजे हुआ।

भदोही में तैनात सिपाही का जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा,धोखे से कराया जमीन का बैनामा
* न्यायालय के आदेश पर सिपाही समेत 4 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

गोंडा।जिले में न्यायालय के आदेश पर भदोही जनपद में तैनात एक सिपाही समेत चार लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया गया है।बताते चलें कि खरगूपुर थाना क्षेत्र के अचलापुर गांव निवासी निबई(77) ने नगर कोतवाली में यह मुकदमा दर्ज कराया है।निबई ने आरोप लगाया है कि सिपाही दिनेश कुमार और उनके भाई हजारी प्रसाद ने श्याम कुमार यादव और अखिलेश कुमार यादव के साथ मिलकर उनकी जमीन को हड़प लिया।शिकायतकर्ता के अनुसार 20 नवंबर 2025 को जब वह घर पर अकेले थे,तब हजारी प्रसाद उन्हें दवा दिलाने और विकलांगता पेंशन बनवाने के लिए कचहरी ले गये थे जहाँ कुछ दस्तावेजों पर निबई के अंगूठे लगवाए गये और एक फर्जी दानपत्र तैयार कर उनकी जमीन हजारी प्रसाद के नाम बैनामा करवा दिया गया।श्याम कुमार यादव और अखिलेश कुमार यादव को इस बैनामे में गवाह बनाया गया है।निबई ने बताया कि उनकी आंखों से कम दिखाई देता है और वह अनपढ़ हैं।आरोपियों ने उनकी इसी स्थिति का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी किया।यह रजिस्ट्री नगर कोतवाली क्षेत्र में तैयार की गई।उनके प्रार्थना पत्र पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नम्रता अग्रवाल ने नगर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया था।नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के पश्चात भदोही में तैनात सिपाही दिनेश कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।वहीं मामले के विवेचक उपनिरीक्षक वैभव सिंह ने पूरे मामले की जांच तेज कर दिया है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने पुष्टि करते हुए बताया कि न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।उन्होंने बताया कि उपनिरीक्षक वैभव सिंह द्वारा मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।नगर कोतवाली पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
बकाया मानदेय न मिलने से नाराज रोजगार सेवकों ने डिप्टी सीएम का पुतला फूंका
*विरोध प्रदर्शन भी किया

गोंडा।जिले में आज ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जिले के अलग अलग ब्लॉकों में अलग अलग तरीके से प्रदर्शन करके अपनी कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।रुपईडीह ब्लॉक परिसर में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी किया।यह प्रदर्शन लंबे समय से बकाया मानदेय न मिलने के कारण किया गया है।प्रदर्शनकारी ग्राम रोजगार सेवकों का आरोप है कि उनका मानदेय लंबे समय से लंबित है।उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है,जिससे उनमें रोष है।रोजगार सेवकों ने मांग किया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 का मानदेय भी जल्द जारी करने की मांग की गई है।उन्होंने मानदेय से काटी गई ईपीएफ की धनराशि का एफटीओ बनाकर यूएन खातों में जमा कराने की मांग की है।इस संबंध में जब रुपईडीह के खंड विकास अधिकारी से बात किया गया तो उन्होंने घटना के संबंध में अनभिज्ञयता व्यक्त किया।प्रदर्शनकारी रोजगार सेवकों ने चेतावनी दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस दौरान शुकदेव, दुर्गेश, पप्पू भारती,अनिल कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार राय,तुलसीराम,चंद्रप्रकाश शुक्ला, रामानंद,सत्य प्रकाश शुक्ला,रेनू यादव,आलोक कुमार शुक्ला,अजय कुमार वर्मा, रामशंकर तिवारी और मनोज कुमार वर्मा सहित कई ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

*पैनासोनिक ने पेश की नई स्मार्ट और बिजली बचाने वाली एसी रेंज; 2028 तक 20 लाख यूनिट बिक्री का लक्ष्य*

*दिल्ली, 06 फरवरी 2026:* विविध क्षेत्रों में काम करने वाली प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी, पैनासोनिक लाइफ सॉल्‍यूशन्‍स इंडिया ने आज देश की भीषण गर्मी और बदलते मौसम से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई अपनी वर्ष 2026 की 'रेजिडेंशियल एयर कंडीशनर्स' की श्रृंखला पेश की है। भरोसेमंद प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन की गई यह नई रेंज, भारतीय घरों की जरूरतों के अनुसार टिकाऊ, ऊर्जा-कुशल और हर तरह की जलवायु में कूलिंग देने के पैनासोनिक के फोकस को दर्शाती है।

भारतीय घरों में एसी की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाली धूल की सबसे बड़ी समस्या को हल करते हुए, इस नई रेंज में पैनासोनिक की 'डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी' शामिल की गई है। इसमें एक "ऑटो रिवर्स-फ्लो" फैन मैकेनिज्म है, जो आउटडोर यूनिट से धूल को अपने आप बाहर निकाल देता है। इससे लगातार बेहतर कूलिंग, अधिक दक्षता और लंबे समय तक टिकाऊ प्रदर्शन सुनिश्चित होता है। इस तकनीक के साथ, पैनासोनिक ने भारत की कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाले एयर कंडीशनर देने के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।

वर्ष 2026 के इस पोर्टफोलियो में कुल 57 नए मॉडल शामिल हैं, जो अलग-अलग सेगमेंट और कीमतों में उपलब्ध होंगे। इन मॉडल्स में प्रदर्शन, बिजली की बचत और स्मार्ट फीचर्स का बेहतरीन संतुलन रखा गया है, ताकि देशभर के उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए श्री हीरोकाजु कामोडा, प्रबंध निदेशक, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “भारत का एयर कंडीशनिंग बाजार एक निर्णायक मोड़ पर है, जो तेजी से शहरीकरण, बढ़ती आकांक्षाओं और अत्यधिक मौसम की स्थितियों से आकार ले रहा है। हमारी 2026 की आरएसी रेंज के साथ, हम अधिक स्मार्ट, मजबूत और ऊर्जा-कुशल एयर कंडीशनर पेश कर रहे हैं, जो केवल कूलिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारतीय परिवारों के लिए स्वस्थ और अधिक आरामदायक वातावरण तैयार करते हैं। इस लॉन्च के साथ, हम वित्त वर्ष 2028 तक अपनी बिक्री को लगभग 20 लाख यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। इसे हमारे विस्तारित पोर्टफोलियो, तकनीक व मैन्युफैक्चरिंग में निरंतर निवेश और उभरते बाजारों में मजबूत उपस्थिति के जरिए हासिल किया जाएगा।”

श्री अभिषेक वर्मा, हेड- प्रोडक्ट मार्केटिंग एवं प्लानिंग, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “इस लॉन्च के साथ, हम भारत भर में एसी के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाली गर्मी, धूल और कठिन मौसम की चुनौतियों का सीधा समाधान करके कूलिंग के मानकों को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। वर्ष 2026 में 57 नए मॉडल्स के साथ हम उद्योग में सबसे व्यापक पोर्टफोलियो में से एक पेश कर रहे हैं, जिसमें इन्वर्टर, फिक्स्ड-स्पीड, स्मार्ट, हॉट एंड कोल्ड और हाई-कैपेसिटी समाधान शामिल हैं। यह रेंज 'मेक इन इंडिया', फोकस्ड आरएंडडी, और मेट्रो के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 बाजारों में हमारी गहरी पहुंच के संकल्प को और मजबूत करती है।”

नई रेंज में पैनासोनिक के 5-स्टार, 4-स्टार और 3-स्टार इन्वर्टर एसी शामिल हैं। इसमें 5-स्टार सीरीज को प्रीमियम ‘अमेज फेसिया’ डिजाइन दिया गया है, जो डार्क ग्रे और क्रोम डेको के साथ आता है। यह शानदार डिजाइन हाई-परफॉर्मेंस कूलिंग के साथ-साथ आपके घर की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। इस नई रेंज की शुरुआती कीमत 32,490 रुपए है और यह सभी प्रमुख रिटेल स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और पैनासोनिक ब्रांड शॉप पर उपलब्ध है।

कंपनी इस लॉन्च को अपने टीवीसी कैम्‍पेन के जरिए प्रमोट करेगी, जिसमें ब्रांड एंबेसडर और भारत के ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी नजर आएँगे। यह अभियान भारतीय घरों में हर मौसम में भरोसेमंद और टिकाऊ कूलिंग देने के ब्रांड वादे को और मजबूत करता है।

पैनासोनिक एसी की प्रमुख विशेषताएँ:
टेक्नोलॉजी: स्मार्ट और कनेक्टेड अनुभव
पैनासोनिक एसी में उन्नत और भविष्य के लिए तैयार तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आपको स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड कूलिंग का अनुभव देती है।
मिराई™ स्मार्ट इकोसिस्टम: पैनासोनिक का यह आईओटी प्लेटफॉर्म आपको रिमोट ऑपरेशन की सुविधा देता है। यह एआई की मदद से कमरे के तापमान को खुद एडजस्ट करता है, आपकी पसंद के अनुसार 'स्लीप प्रोफाइल' सेट करता है और आपके पास आते ही एसी कंट्रोल को आसान बनाता है। इसके जरिए आप बिजली की खपत को ट्रैक कर सकते हैं, फिल्टर-क्लीनिंग अलर्ट पा सकते हैं और स्मार्ट डायग्नोसिस, वारंटी मैनेजमेंट व वन-टच सर्विस सपोर्ट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
मैटर-इनेबल्ड कनेक्टिविटी: सभी वाई-फाई कनेक्टेड मॉडल 'मैटर' तकनीक को सपोर्ट करते हैं। इससे अलग-अलग स्मार्ट-होम प्लेटफॉर्म्स और डिवाइसेज के साथ आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्शन मिलता है।
नैनो™ एक्टिव एयर प्यूरिफिकेशन: पैनासोनिक की यह पेटेंट तकनीक हवा में मौजूद प्रदूषकों और दुर्गंध को कम करने में मदद करती है, जिससे आपके घर के अंदर की हवा अधिक साफ और स्वस्थ रहती है।

विश्वसनीयता: कठिन मौसम के लिए तैयार

इन्हें भारत की भीषण गर्मी, धूल और कठिन मौसम की स्थितियों को झेलने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।
शील्ड ब्लू+: यह एंटी-करोजन कोटिंग हीट एक्सचेंजर को जंग से बचाकर उसकी उम्र और मजबूती बढ़ाती है।
100% कॉपर कॉइल्स: तेज हीट ट्रांसफर और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करती हैं।
425+ क्वालिटी टेस्ट: हर एसी को 425 से अधिक सख्त गुणवत्ता और प्रदर्शन परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
इको टफ डिज़ाइन: यह नमी, तेज गर्मी और धूल भरी बाहरी परिस्थितियों में भी टिकाऊ कूलिंग देने के लिए बनाया गया है।
स्टेबलाइज़र-फ्री ऑपरेशन: वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव में भी सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अल्ट्रा-एफिशिएंट: स्मार्ट कूलिंग और बिजली बचत

इन एसी को समझदारी से बिजली बचाते हुए आरामदायक ठंडक देने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है।
कनवर्टि8™ टेक्नोलॉजी: केवल एक बटन दबाकर आप कूलिंग क्षमता को 40% से लेकर 100% से भी ऊपर तक एडजस्ट कर सकते हैं। यह जरूरत के हिसाब से आराम और बिजली बचत के बीच सही संतुलन बनाता है।
एआई-पॉवर एडैप्टिव थर्मल कम्फर्ट: यह कमरे के अंदर और बाहर के तापमान के अनुसार एसी का मोड, तापमान और फैन स्पीड खुद सेट कर देता है।
डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी: पैनासोनिक का यह खास फीचर इस्तेमाल के बाद फैन की दिशा बदलकर आउटडोर यूनिट में धूल जमने को अपने आप कम करता है।
क्रिस्टल क्लीन: यह सेल्फ-क्लीनिंग इंडोर कॉइल तकनीक कॉइल को साफ रखकर कूलिंग क्षमता बनाए रखती है और एसी की उम्र बढ़ाती है।

शानदार कूलिंग: रहने की जगहों में तेज़, गहरी और एक समान ठंडक पहुँचाने के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया।
55°C तक के भारी बाहरी तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया।
48°C जैसे अत्यधिक तापमान पर भी 100% कूलिंग क्षमता देने में सक्षम (परीक्षण परिस्थितियों के तहत)।
बड़ा एयर इंटेक, हाई-परफॉर्मेंस फैन और 4-वे स्विंग फीचर, जो कमरे के हर कोने तक समान ठंडक पहुँचाना सुनिश्चित करते हैं।

भरोसेमंद गुणवत्ता: पैनासोनिक की वैश्विक विरासत और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का अटूट भरोसा।
100 से अधिक वर्षों की ब्रांड विरासत और एयर कंडीशनिंग के क्षेत्र में 67 से अधिक वर्षों का विशेषज्ञ अनुभव।
बेहतरीन गुणवत्ता, टिकाऊपन और शानदार प्रदर्शन के लिए दुनिया भर के लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा।