सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।
सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।
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साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा
जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।
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मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"
स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा
हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।
मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।
विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।
"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"
— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन
जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।





कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, कला एवं खेल के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है।
डॉ. सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 को नई शुरुआत बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, गतिविधि आधारित अध्ययन, संवादात्मक कक्षाएं, व्यक्तित्व विकास एवं करियर मार्गदर्शन को और सशक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए सत्र में नियमित फीडबैक, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पलक सिन्हा, रोशनी कुमारी, पुष्कर कुमार, सिया कुमारी, तनु कुमारी, रोहित कुमार, कुमरूस आलम, आकांक्षा प्रिया, तान्या कुमारी, आयुष रंजन, आराध्या कुमारी, आस्था कुमारी, अनुराग शर्मा, काजल कुमारी, केशव राज, कार्तिक राज एवं निधि कुमारी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं अनुशासन की सराहना की। साथ ही शिक्षकगण—रणधीर कुमार, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, मनीष कुमार, विनीत कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार, रवि रंजन कुमार, सुधा कुमारी एवं सुजीत कुमार—की भूमिका की भी सराहना की गई।
कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि नया शैक्षणिक सत्र 2026–27, 4 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा तथा नामांकन प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ें, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
जौनपुर। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक राष्ट्रीय संस्था बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में रविवार 29 मार्च 2026 को जौनपुर इकाई द्वारा मासिक विशेष काव्यगोष्ठी संपन्न हुआ।उत्तर प्रदेश सचिव डॉ संजय सिंह "सागर" के निजी आवास पर गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता कवयित्री विभा तिवारी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में संस्था की राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह उपस्थित थीं।गोष्ठी का शानदार संचालन जौनपुर जिला अध्यक्ष डॉक्टर सीमा सिंह ने किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्य की अनेक विधाओं में पारंगत डॉक्टर रामजीत मिश्र की उपस्थित रहे।मिश्र जी की दो पुस्तकें विविधा और लघुकथा का लोकार्पण भी हुआ।उपस्थित साहित्यकार में कवयित्री सारिका श्रीवास्तव,सुमति श्रीवास्तव, रूपेश अकेला,राजेश पांडे,डॉ सीमा सिंह,डॉक्टर संजय सिंह "सागर" कार्यक्रम अध्यक्ष विभा तिवारी,रामजीत मिश्र ने काव्यपाठ किया।मुंबई की अध्यक्ष सत्यभामा सिंह का भव्य स्वागत उपस्थित साहित्यकारों द्वारा माल्यार्पण,शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करके किया गया।उपस्थित श्रोताओं ने सभी की रचनाओं की प्रशंसा की। संजय सिंह की धर्मपत्नी रीना सिंह और माताजी के आतिथ्य की तारीफ के साथ राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी के बीच आत्मीयता का अनुभव किया। एक पारिवारिक वातावरण में धन्यवाद ज्ञापन और आभार प्रदर्शन के बाद गोष्ठी का समापन हुआ।

1 hour and 12 min ago
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