राजीव रंजन मिश्रा के परिजनों से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा के बड़ा तालाब स्थित आवास पर पहुँचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा की बिना निष्पक्ष जांच की हुई गिरफ्तारी यह साबित करती है कि झारखंड में कानून नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची में जब भी कोई सामाजिक या जनसरोकार से जुड़ा आयोजन या घटना होता है, तब राजीव रंजन मिश्रा सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले व्यक्तियों में शामिल रहते हैं। जिस व्यक्ति का पूरा सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक संघर्ष और बेदाग छवि के लिए जाना जाता रहा हो, उसे राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है। झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। आज झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता प्रायोजित प्रतिशोध की राजनीति चल रही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सरकार के दबाव में काम करता दिखाई दे रहा है। यदि किसी पर आरोप है तो निष्पक्ष जांच हो, लेकिन बिना ठोस तथ्यों के इस प्रकार की कार्रवाई केवल राजनीतिक साजिश को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के बुलावे पर किसी स्थान पर जाता है और वहां कोई आपराधिक तत्व मौजूद हो, तो मात्र संदेह के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से कुछ सामान बरामद हुए, लेकिन जिस व्यक्ति की तलाश थी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बावजूद राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा को बदनाम करने की मंशा से एक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

श्री साहू ने साफ कहा अन्याय, दमन और राजनीतिक प्रताड़ना के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार तुरंत इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को वापस ले, निष्पक्ष जांच कराए और राजीव रंजन मिश्रा जी को अविलंब रिहा करे।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अशोक बड़ाईक, राकेश भास्कर, प्रेम मित्तल, अरुण झा, सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।

टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
देवीपाटन मंडल के विकास का नया खाका तैयार
*कृषि, पर्यटन और रोजगार पर फोकस, देवीपाटन मंडल में जनपदवार विकास योजना होगी तैयार*

*स्थानीय जरूरतों के अनुसार होगा विकास, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मांगे जिलों से सुझाव*


*देवीपाटन मण्डल गोण्डा 19 मई 2026* - देवीपाटन मंडल के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवागत आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों से उनके जनपदों की प्रमुख चुनौतियों, संभावनाओं तथा उनके प्रभावी निराकरण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट एवं सुझाव मांगे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जनपद आधारित विकास मॉडल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जनपद की भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियाँ अलग हैं, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिवर्तन आमजन को देखने को मिलेंगे।

श्रावस्ती जनपद ने अपनी रिपोर्ट में बौद्ध पर्यटन, खेल एवं जैविक खेती की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया है। जेतवन विहार सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास, खेल अवसंरचना निर्माण एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं। वहीं बाढ़, परिवहन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौतियों के समाधान हेतु रेलवे, एयरपोर्ट विस्तार, तटबंध सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।

गोंडा जनपद ने कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण एवं धार्मिक पर्यटन को भविष्य की प्रमुख संभावनाओं के रूप में चिन्हित किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, कौशल विकास कार्यक्रम तथा सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है। घाघरा एवं सरयू नदी से होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान हेतु भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

बहराइच जनपद ने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार एवं आधारभूत संरचना को प्रमुख आवश्यकता बताया है। स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग, कृषि आधारित उद्योग, सड़क संपर्क एवं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसी योजनाओं को विकास का आधार माना गया है। तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास प्रस्तावित हैं।

बलरामपुर जनपद ने बाढ़ नियंत्रण, जनजातीय विकास, स्वास्थ्य एवं डिजिटल सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती एवं फूड प्रोसेसिंग को जनपद की प्रमुख संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही फ्लड अलर्ट सिस्टम, मोबाइल न्यूट्रिशन वैन, डिजिटल शिक्षा एवं ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि देवीपाटन मंडल के सभी जनपदों में स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास कर रोजगार, निवेश एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, जिससे मंडल को प्रदेश के अग्रणी विकास क्षेत्रों में स्थापित किया जा सके।
थाना छपिया पुलिस द्वारा 01 नफर अभियुक्त मु०अ०सं० 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी०एन०एस० व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर श्री उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी0एन0एस0 व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट से सम्बन्धित मुख्य नामित अभियुक्त अजीत यादव पुत्र रामतौल यादव निवासी ग्राम सुकरौली (सिसहनी) थाना छपिया जनपद गोण्डा को गिरफ्तार किया गया है।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा ग्राम ढढ़ौवा मेहनिया निवासी एक छात्रा के स्कूल से घर वापस जाते समय रास्ते में अकेला पाकर उसके साथ छेड़खानी की घटना कारित की गयी थी । घटना के उपरान्त अभियुक्त फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु थाना छपिया पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे। इसी क्रम में दिनांक 18.05.2026 को उ0नि0 श्रीराम प्रसाद मय हमराह पुलिस बल के साथ अभियुक्त की तलाश एवं पतारसी/सुरागरसी में रवाना थे। दौरान तलाश अभियुक्त अजीत यादव को जनपद गोण्डा-बस्ती सीमा पर स्थित सागरगंज चौराहे के पास से नियमानुसार पुलिस हिरासत में लिया गया। अभियुक्त को आवश्यक पूछताछ एवं विधिक कार्यवाही हेतु सरकारी वाहन से थाना लाया जा रहा था कि रास्ते में परसा तिवारी रेलवे स्टेशन के पास अभियुक्त अचानक वाहन का पिछला दरवाजा खोलकर कूद गया तथा रेलवे ट्रैक की तरफ भागने लगा। भागने के दौरान अभियुक्त रेलवे ट्रैक किनारे लगी लोहे की बाड़ को फांदने का प्रयास करने लगा, जिसमें फंस जाने के कारण उसके दाहिने पैर में चोट लग गयी। पुलिस टीम द्वारा तत्काल अभियुक्त को पुनः हिरासत में लेकर उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छपिया भेजा गया। अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

बेजुबान मिट्ठू’ की मौत के सदमे में युवक ने खाया जहर,
रितेश मिश्रा
हरदोई में इंसान और पक्षी के प्रेम की झकझोर देने वाली दास्तां
क्या कोई किसी बेजुबान के जाने के गम में अपनी जान दांव पर लगा सकता है? सोशल मीडिया की दुनिया में इंसानी बेरुखी के बीच हरदोई से एक ऐसी मर्मस्पर्शी और हैरान कर देने वाली खबर आई है, जिसे सुनकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी। यहां सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम सौतेरा में रहने वाले 23 वर्षीय रजनीश यादव ने अपने चहेते पालतू तोते ‘मिट्ठू’ की मौत से आहत होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। तोते की जुदाई का सदमा यह युवक बर्दाश्त नहीं कर सका और देखते ही देखते घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उसे बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
यह अनोखी प्रेम कहानी महज चार महीने पहले शुरू हुई थी, जब रजनीश नैमिषारण्य के हत्याहरण तीर्थ से इस तोते को महज 150 रुपये में खरीदकर लाया था। परिवार ने प्यार से उसका नाम 'मिट्ठू' रखा था
लेकिन रविवार को इस हंसते-खेलते रिश्ते को किसी की नजर लग गई। रजनीश किसी काम से अपनी एक रिश्तेदारी में गया हुआ था, तभी पीछे से घर में मिट्ठू की सांसें थम गईं। जब रजनीश वापस लौटा और उसे पता चला कि उसका जिगर का टुकड़ा अब इस दुनिया में नहीं रहा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह चीख-चीख कर रोने लगा और इसी गहरे सदमे व डिप्रेशन में आकर उसने कोई नशीला पदार्थ निगल लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग आने लगा। अस्पताल के डॉक्टर रूपेंद्र सिंह के मुताबिक,युवक की हालत गंभीर है और जहरीले पदार्थ के असर को देखते हुए उसका सघन इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल के बेड पर जब रजनीश को थोड़ा होश आया, तो उसका दर्द आंसुओं के रूप में बह निकला।उसने रोते हुए आरोप लगाया कि "जब मैं रिश्तेदारी गया, तो घर वालों ने मेरे मिट्ठू का ठीक से ख्याल नहीं रखा, उसे समय पर पानी तक नहीं दिया और वह तड़पकर मर गया, रजनीश ने बताया कि उसने कुछ कबूतर भी पाल रखे हैं जो शाम को घर लौट आते हैं लेकिन मिट्ठू तो उसकी जान था।
आज के इस मतलबी दौर में, जहां इंसान इंसानों के खून का प्यासा है, वहीं एक बेजुबान पक्षी के प्यार में खुद को मौत के मुंह में धकेलने की यह भावुक दास्तां पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करें ब्राह्मण: सत्यव्रत ब्रह्मचारी
ज्ञान, तप के प्रतीक ब्राह्मणों ने सदैव राष्ट्र को किया मजबूत: विजय बहादुर पाठक

गहजी में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वान ब्राह्मणों का हुआ भव्य सम्मान


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। गहजी स्थित माँ शारदा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वत्ब्राह्मणों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुमुक्षु आश्रम अम्बेडकर नगर के महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी, मौनी बाबा आश्रम के महंत शुभम दास महाराज और मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह, निदेशक संजय सिंह, सौरभ सिंह, प्राचार्य डा. दिवाकर सिंह और राममिलन सिंह ने मंचासीन अतिथियों सहित सैकड़ों ब्राह्मणों को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं. सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन और राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कुमार पांडेय सरस ने फौजदार सिंह को उनके प्रशंसनीय धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान पत्र भेंट किया। इसी क्रम में ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद आजमगढ़ के अध्यक्ष ब्रजेश नंदन पांडेय ने भी पुनीत कार्य की सराहना करते हुए आयोजक को पत्र सौंपा।
मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि ज्ञान और तप का प्रतीक ब्राह्मण कभी अपने मूल से नहीं हटा, यही कारण है कि अपने विरुद्ध अनेक आरोपों को सहते हुए भी वह आज समाज में सर्वाेच्च सम्मान पा रहा है। ब्राह्मणों ने सदैव समाज का सही मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्र को मजबूत बनाने का कार्य किया है। उन्होंने इस अनूठे आयोजन के लिए प्रबंधक फौजदार सिंह की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
वही अध्यक्षीय संबोधन में महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी ने कहा कि संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करना ब्राह्मणों का परम कर्तव्य है। शास्त्रों में ब्राह्मणों को केवल मनुष्य नहीं, बल्कि पृथ्वी का देवता कहा गया है, इसलिए ब्राह्मणों को अपने इस ब्राह्मणत्व को पहचानना चाहिए। उन्होंने आयोजक फौजदार सिंह के इस कार्य को राजर्षि जैसा महान कार्य बताया।
इस अवसर पर भाजपा नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू, कवि प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी, साहित्यकार सुभाष चंद्र तिवारी कुन्दन, ब्रजेश नंदन पांडेय, कवि संजय कुमार पांडेय सरस, मुन्ना बाबा, डा.दीपक पांडेय, डा. ए.के. मिश्र, डा.शरद कुमार मिश्र और अशोक कुमार पांडेय ने वक्तव्य के माध्यम से सनातन संस्कृति, संस्कार एवं समाज के सशक्तिकरण पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। 
इस मौके पर भाजपा नेता मनीष मिश्र, बसपा नेता अरूण पाठक, तारकेश्वर मिश्र, अरविंद पाठक, अशोक पाठक, रामबली पांडेय, सत्यम गुरु, हरिनाथ तिवारी शास्त्री, सुभाष शास्त्री, शिवम तिवारी, हरीश तिवारी, जयराम उपाध्याय, मनोज त्रिपाठी, हरीश पाठक, दीनानाथ मिश्र, वेदप्रकाश पाठक, आनंद मणि चतुर्वेदी, पंचदेव पांडेय सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन दिवाकर सिंह एड. ने किया।
भीषण गर्मी एवं लू को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
*जनपद में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना, सावधानी बरतने की अपील*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन पूर्णतः सतर्क एवं सक्रिय है। आमजन को लू (हीट स्ट्रोक) से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश एवं एडवाइजरी जारी की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि विगत दिनों से जनपद का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है तथा आगामी दिनों में इसके 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसी स्थिति में लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि लू लगने की स्थिति में शरीर का अत्यधिक गर्म एवं लाल हो जाना, त्वचा का शुष्क होना, तेज नाड़ी चलना, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, थकान तथा पसीना कम या बंद हो जाना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हीट वेव एवं लू प्रकोप से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए अपने-अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों से अपील की कि भीषण गर्मी एवं लू के प्रभाव को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
भीषण गर्मी एवं लू को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट

*जनपद में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना, सावधानी बरतने की अपील*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन पूर्णतः सतर्क एवं सक्रिय है। आमजन को लू (हीट स्ट्रोक) से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश एवं एडवाइजरी जारी की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि विगत दिनों से जनपद का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है तथा आगामी दिनों में इसके 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसी स्थिति में लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि लू लगने की स्थिति में शरीर का अत्यधिक गर्म एवं लाल हो जाना, त्वचा का शुष्क होना, तेज नाड़ी चलना, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, थकान तथा पसीना कम या बंद हो जाना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हीट वेव एवं लू प्रकोप से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए अपने-अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों से अपील की कि भीषण गर्मी एवं लू के प्रभाव को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
राजीव रंजन मिश्रा के परिजनों से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा के बड़ा तालाब स्थित आवास पर पहुँचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा की बिना निष्पक्ष जांच की हुई गिरफ्तारी यह साबित करती है कि झारखंड में कानून नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची में जब भी कोई सामाजिक या जनसरोकार से जुड़ा आयोजन या घटना होता है, तब राजीव रंजन मिश्रा सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले व्यक्तियों में शामिल रहते हैं। जिस व्यक्ति का पूरा सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक संघर्ष और बेदाग छवि के लिए जाना जाता रहा हो, उसे राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है। झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। आज झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता प्रायोजित प्रतिशोध की राजनीति चल रही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सरकार के दबाव में काम करता दिखाई दे रहा है। यदि किसी पर आरोप है तो निष्पक्ष जांच हो, लेकिन बिना ठोस तथ्यों के इस प्रकार की कार्रवाई केवल राजनीतिक साजिश को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के बुलावे पर किसी स्थान पर जाता है और वहां कोई आपराधिक तत्व मौजूद हो, तो मात्र संदेह के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से कुछ सामान बरामद हुए, लेकिन जिस व्यक्ति की तलाश थी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बावजूद राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा को बदनाम करने की मंशा से एक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

श्री साहू ने साफ कहा अन्याय, दमन और राजनीतिक प्रताड़ना के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार तुरंत इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को वापस ले, निष्पक्ष जांच कराए और राजीव रंजन मिश्रा जी को अविलंब रिहा करे।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अशोक बड़ाईक, राकेश भास्कर, प्रेम मित्तल, अरुण झा, सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।

टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
देवीपाटन मंडल के विकास का नया खाका तैयार
*कृषि, पर्यटन और रोजगार पर फोकस, देवीपाटन मंडल में जनपदवार विकास योजना होगी तैयार*

*स्थानीय जरूरतों के अनुसार होगा विकास, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मांगे जिलों से सुझाव*


*देवीपाटन मण्डल गोण्डा 19 मई 2026* - देवीपाटन मंडल के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवागत आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों से उनके जनपदों की प्रमुख चुनौतियों, संभावनाओं तथा उनके प्रभावी निराकरण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट एवं सुझाव मांगे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जनपद आधारित विकास मॉडल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जनपद की भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियाँ अलग हैं, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिवर्तन आमजन को देखने को मिलेंगे।

श्रावस्ती जनपद ने अपनी रिपोर्ट में बौद्ध पर्यटन, खेल एवं जैविक खेती की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया है। जेतवन विहार सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास, खेल अवसंरचना निर्माण एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं। वहीं बाढ़, परिवहन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौतियों के समाधान हेतु रेलवे, एयरपोर्ट विस्तार, तटबंध सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।

गोंडा जनपद ने कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण एवं धार्मिक पर्यटन को भविष्य की प्रमुख संभावनाओं के रूप में चिन्हित किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, कौशल विकास कार्यक्रम तथा सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है। घाघरा एवं सरयू नदी से होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान हेतु भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

बहराइच जनपद ने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार एवं आधारभूत संरचना को प्रमुख आवश्यकता बताया है। स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग, कृषि आधारित उद्योग, सड़क संपर्क एवं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसी योजनाओं को विकास का आधार माना गया है। तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास प्रस्तावित हैं।

बलरामपुर जनपद ने बाढ़ नियंत्रण, जनजातीय विकास, स्वास्थ्य एवं डिजिटल सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती एवं फूड प्रोसेसिंग को जनपद की प्रमुख संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही फ्लड अलर्ट सिस्टम, मोबाइल न्यूट्रिशन वैन, डिजिटल शिक्षा एवं ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि देवीपाटन मंडल के सभी जनपदों में स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास कर रोजगार, निवेश एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, जिससे मंडल को प्रदेश के अग्रणी विकास क्षेत्रों में स्थापित किया जा सके।
थाना छपिया पुलिस द्वारा 01 नफर अभियुक्त मु०अ०सं० 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी०एन०एस० व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर श्री उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी0एन0एस0 व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट से सम्बन्धित मुख्य नामित अभियुक्त अजीत यादव पुत्र रामतौल यादव निवासी ग्राम सुकरौली (सिसहनी) थाना छपिया जनपद गोण्डा को गिरफ्तार किया गया है।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा ग्राम ढढ़ौवा मेहनिया निवासी एक छात्रा के स्कूल से घर वापस जाते समय रास्ते में अकेला पाकर उसके साथ छेड़खानी की घटना कारित की गयी थी । घटना के उपरान्त अभियुक्त फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु थाना छपिया पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे। इसी क्रम में दिनांक 18.05.2026 को उ0नि0 श्रीराम प्रसाद मय हमराह पुलिस बल के साथ अभियुक्त की तलाश एवं पतारसी/सुरागरसी में रवाना थे। दौरान तलाश अभियुक्त अजीत यादव को जनपद गोण्डा-बस्ती सीमा पर स्थित सागरगंज चौराहे के पास से नियमानुसार पुलिस हिरासत में लिया गया। अभियुक्त को आवश्यक पूछताछ एवं विधिक कार्यवाही हेतु सरकारी वाहन से थाना लाया जा रहा था कि रास्ते में परसा तिवारी रेलवे स्टेशन के पास अभियुक्त अचानक वाहन का पिछला दरवाजा खोलकर कूद गया तथा रेलवे ट्रैक की तरफ भागने लगा। भागने के दौरान अभियुक्त रेलवे ट्रैक किनारे लगी लोहे की बाड़ को फांदने का प्रयास करने लगा, जिसमें फंस जाने के कारण उसके दाहिने पैर में चोट लग गयी। पुलिस टीम द्वारा तत्काल अभियुक्त को पुनः हिरासत में लेकर उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छपिया भेजा गया। अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

बेजुबान मिट्ठू’ की मौत के सदमे में युवक ने खाया जहर,
रितेश मिश्रा
हरदोई में इंसान और पक्षी के प्रेम की झकझोर देने वाली दास्तां
क्या कोई किसी बेजुबान के जाने के गम में अपनी जान दांव पर लगा सकता है? सोशल मीडिया की दुनिया में इंसानी बेरुखी के बीच हरदोई से एक ऐसी मर्मस्पर्शी और हैरान कर देने वाली खबर आई है, जिसे सुनकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी। यहां सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम सौतेरा में रहने वाले 23 वर्षीय रजनीश यादव ने अपने चहेते पालतू तोते ‘मिट्ठू’ की मौत से आहत होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। तोते की जुदाई का सदमा यह युवक बर्दाश्त नहीं कर सका और देखते ही देखते घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उसे बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
यह अनोखी प्रेम कहानी महज चार महीने पहले शुरू हुई थी, जब रजनीश नैमिषारण्य के हत्याहरण तीर्थ से इस तोते को महज 150 रुपये में खरीदकर लाया था। परिवार ने प्यार से उसका नाम 'मिट्ठू' रखा था
लेकिन रविवार को इस हंसते-खेलते रिश्ते को किसी की नजर लग गई। रजनीश किसी काम से अपनी एक रिश्तेदारी में गया हुआ था, तभी पीछे से घर में मिट्ठू की सांसें थम गईं। जब रजनीश वापस लौटा और उसे पता चला कि उसका जिगर का टुकड़ा अब इस दुनिया में नहीं रहा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह चीख-चीख कर रोने लगा और इसी गहरे सदमे व डिप्रेशन में आकर उसने कोई नशीला पदार्थ निगल लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग आने लगा। अस्पताल के डॉक्टर रूपेंद्र सिंह के मुताबिक,युवक की हालत गंभीर है और जहरीले पदार्थ के असर को देखते हुए उसका सघन इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल के बेड पर जब रजनीश को थोड़ा होश आया, तो उसका दर्द आंसुओं के रूप में बह निकला।उसने रोते हुए आरोप लगाया कि "जब मैं रिश्तेदारी गया, तो घर वालों ने मेरे मिट्ठू का ठीक से ख्याल नहीं रखा, उसे समय पर पानी तक नहीं दिया और वह तड़पकर मर गया, रजनीश ने बताया कि उसने कुछ कबूतर भी पाल रखे हैं जो शाम को घर लौट आते हैं लेकिन मिट्ठू तो उसकी जान था।
आज के इस मतलबी दौर में, जहां इंसान इंसानों के खून का प्यासा है, वहीं एक बेजुबान पक्षी के प्यार में खुद को मौत के मुंह में धकेलने की यह भावुक दास्तां पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करें ब्राह्मण: सत्यव्रत ब्रह्मचारी
ज्ञान, तप के प्रतीक ब्राह्मणों ने सदैव राष्ट्र को किया मजबूत: विजय बहादुर पाठक

गहजी में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वान ब्राह्मणों का हुआ भव्य सम्मान


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। गहजी स्थित माँ शारदा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वत्ब्राह्मणों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुमुक्षु आश्रम अम्बेडकर नगर के महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी, मौनी बाबा आश्रम के महंत शुभम दास महाराज और मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह, निदेशक संजय सिंह, सौरभ सिंह, प्राचार्य डा. दिवाकर सिंह और राममिलन सिंह ने मंचासीन अतिथियों सहित सैकड़ों ब्राह्मणों को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं. सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन और राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कुमार पांडेय सरस ने फौजदार सिंह को उनके प्रशंसनीय धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान पत्र भेंट किया। इसी क्रम में ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद आजमगढ़ के अध्यक्ष ब्रजेश नंदन पांडेय ने भी पुनीत कार्य की सराहना करते हुए आयोजक को पत्र सौंपा।
मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि ज्ञान और तप का प्रतीक ब्राह्मण कभी अपने मूल से नहीं हटा, यही कारण है कि अपने विरुद्ध अनेक आरोपों को सहते हुए भी वह आज समाज में सर्वाेच्च सम्मान पा रहा है। ब्राह्मणों ने सदैव समाज का सही मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्र को मजबूत बनाने का कार्य किया है। उन्होंने इस अनूठे आयोजन के लिए प्रबंधक फौजदार सिंह की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
वही अध्यक्षीय संबोधन में महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी ने कहा कि संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करना ब्राह्मणों का परम कर्तव्य है। शास्त्रों में ब्राह्मणों को केवल मनुष्य नहीं, बल्कि पृथ्वी का देवता कहा गया है, इसलिए ब्राह्मणों को अपने इस ब्राह्मणत्व को पहचानना चाहिए। उन्होंने आयोजक फौजदार सिंह के इस कार्य को राजर्षि जैसा महान कार्य बताया।
इस अवसर पर भाजपा नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू, कवि प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी, साहित्यकार सुभाष चंद्र तिवारी कुन्दन, ब्रजेश नंदन पांडेय, कवि संजय कुमार पांडेय सरस, मुन्ना बाबा, डा.दीपक पांडेय, डा. ए.के. मिश्र, डा.शरद कुमार मिश्र और अशोक कुमार पांडेय ने वक्तव्य के माध्यम से सनातन संस्कृति, संस्कार एवं समाज के सशक्तिकरण पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। 
इस मौके पर भाजपा नेता मनीष मिश्र, बसपा नेता अरूण पाठक, तारकेश्वर मिश्र, अरविंद पाठक, अशोक पाठक, रामबली पांडेय, सत्यम गुरु, हरिनाथ तिवारी शास्त्री, सुभाष शास्त्री, शिवम तिवारी, हरीश तिवारी, जयराम उपाध्याय, मनोज त्रिपाठी, हरीश पाठक, दीनानाथ मिश्र, वेदप्रकाश पाठक, आनंद मणि चतुर्वेदी, पंचदेव पांडेय सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन दिवाकर सिंह एड. ने किया।
भीषण गर्मी एवं लू को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
*जनपद में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना, सावधानी बरतने की अपील*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन पूर्णतः सतर्क एवं सक्रिय है। आमजन को लू (हीट स्ट्रोक) से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश एवं एडवाइजरी जारी की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि विगत दिनों से जनपद का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है तथा आगामी दिनों में इसके 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसी स्थिति में लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि लू लगने की स्थिति में शरीर का अत्यधिक गर्म एवं लाल हो जाना, त्वचा का शुष्क होना, तेज नाड़ी चलना, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, थकान तथा पसीना कम या बंद हो जाना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हीट वेव एवं लू प्रकोप से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए अपने-अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों से अपील की कि भीषण गर्मी एवं लू के प्रभाव को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
भीषण गर्मी एवं लू को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट

*जनपद में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना, सावधानी बरतने की अपील*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन पूर्णतः सतर्क एवं सक्रिय है। आमजन को लू (हीट स्ट्रोक) से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश एवं एडवाइजरी जारी की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि विगत दिनों से जनपद का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है तथा आगामी दिनों में इसके 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसी स्थिति में लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि लू लगने की स्थिति में शरीर का अत्यधिक गर्म एवं लाल हो जाना, त्वचा का शुष्क होना, तेज नाड़ी चलना, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, थकान तथा पसीना कम या बंद हो जाना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हीट वेव एवं लू प्रकोप से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए अपने-अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों से अपील की कि भीषण गर्मी एवं लू के प्रभाव को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।