बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी, नीतीश के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे

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नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। इससे यह साफ हो गया कि अब सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने कहा कि मैं पार्टी के विधानमंडल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखता हूं। इसके बाद रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत विधायकों ने उनके नाम पर स्वीकृति प्रदान की।

शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों ने विजय कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तावित सम्राट चौधरी के नाम पर स्वीकृति दी। इसके बाद सर्वसम्मति सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल के नेता के रूप में चुन लिया गया। सम्राट सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि बीजेपी विधायक दल की इस बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के तौर पर पटना आए थे। इनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष, विनोद तावड़े जैसे नेता भी मौजूद रहे। अब बिहार की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में होगी।

कौन हैं सम्राट चौधरी?

बिहार विधान परिषद में सम्राट चौधरी प्रतिपक्ष के नेता रह चुके हैं। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत आरजेडी से हुई है। सम्राट साल 1990 में सक्रिय राजनीति में आए। 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। साल 2005 में आरजेडी के सत्ता से बेदखल होने के बाद भी वे काफी समय तक पार्टी के साथ बने रहे। वर्ष 2000 और 2010 में वो परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2018 में वे आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में रहते हुए पिछले साल (2025) तारापुर सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी। आरजेडी में रहने के बाद, 2014 में वे जेडीयू में आए और जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री (शहरी विकास एवं आवास विभाग) बने। एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. अब वे बिहार के नए सीएम बनेंगे।

संत शिरोमणि सैनजी महाराज की मनाई गई 726 वीं जयंती

मुंबई । चंदन बाग हाई स्कूल सभागृह मुलुंड पश्चिम मुंबई में संत शिरोमणि सैनजी महाराज की 726 वीं जयंती वैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को मनाई गई।सभी की उपस्थिति में संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की भी जयंती मनाई गई।उक्त कार्यक्रम का आयोजन मुलुंड सैलुन एसोसिएशन कमिटी ने किया।मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेवक विलास सिंह राजपूत,राष्ट्रीय कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप एवं किशन राव कोन्हाले चेंबूर उपस्थित थे।कार्यक्रम में सैलून एसोसिएशन अध्यक्ष महानंद झेंडे,महिला अध्यक्ष सुषमा चव्हाण, उपाध्यक्ष निजामुद्दीन सलमानी, उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सुनील यादव,राजू रावत,सेक्रेटरी संतोष ठाकुर,उप सेक्रेटरी संतोष शर्मा, महिला सेक्रेटरी गीता मौर्य, उप सेक्रेटरी अश्विनी राऊत, सेक्रेटरी राजन शर्मा,तानाजी राऊत, खजिंदार विजय शर्मा, कार्याध्यक्ष कैलाश कचरे,उप कार्याध्यक्ष विशाल कदम, सलाहकार संदीप चव्हाण, विभाग प्रमुख मोईन सलमानी, जफर सलमानी,रुपेश परिहार, श्रवण शर्मा,विजय शर्मा, संदीप सोनावणे उपस्थित थे।किशन राव कोन्हाले एवं विलास सिंह राजपूत ने समाज की एकता बनाए रखने की अपिल किया तो वहीं कवि विनय शर्मा दीप ने संत शिरोमणि सैनजी महाराज की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए एकता पर कविताएं सुनाईं तथा कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों को नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट के विषय में जानकारी दी। नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट की सदस्यता क्यों लेनी चाहिए और भविष्य में क्या फायदा है विधिवत बताया और ट्रस्ट की सदस्यता ग्रहण करने हेतु निवेदन किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सैलून एसोसिएशन मुलुंड ने किया।अंत में सैलून एसोसिएशन अध्यक्ष महानंद झेंडे ने सभी का आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़:महा पंडित राहुल सांकृत्यायन की मनाई गयी 63 वीं पुण्यतिथि
आजमगढ़।महापंडित राहुल सांकृत्यायन की की 63 वीं पुण्यतिथि पर उनकी जन्म स्थली पंदहा,रानी की सराय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और नारे लगाते हुए उनकी स्मृतियों को लोगों ने नमन किया। इस अवसर पर भाकपा उप्र कंट्रोल कमीशन के सदस्य हरिगेन राम ने कहा कि आज महान यायावर और दुनिया को अपनी विद्वता का लोहा मनवाने वाले साम्यवादी,दार्शनिक राहुल सांकृत्यायन की पुण्यतिथि है तो दूसरी तरफ भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती है।हमें यह सौभाग्य है कि राहुल जी आजमगढ़ में पैदा होकर इस जिले,प्रदेश और देश का नाम दुनियाभर में किए। भाकपा जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर और राहुल सांकृत्यायन जी समकक्ष थे।राहुल जी ने बौद्ध साहित्य की खोज करके साम्यवादी सोच और शांति के मार्ग को मजबूत किया।वहीं डॉ भीमराव अंबेडकर जी सामाजिक असमानता,छुवाछूत,गरीबी,समानता के मार्ग को मजबूत करते हुए भारत के संविधान निर्माता कहलाए।दोनों महापुरुषों के पदचिन्हों पर चलकर ही बेहतर समाज और खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सकता है। राहुल जन पुस्तकालय के प्रबंधक राधेश्याम पाठक ने कार्यक्रम में आए हुए लोगों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान अशोक कन्नौजिया,बेचू पाठक,सतीश पाठक,विजय नारायण, बंशू यादव,विनोद,डॉ राहुल तिवारी, शिवा नंद राय, अमरनाथ पाठक ,दयाशंकर पाठक आदि लोग उपस्थित थे। भवदीय - जितेंद्र हरि पाण्डेय
नोएडा में मंगलवार को भी श्रमिकों का बवाल जारी, कई जगह उग्र प्रदर्शन

नाेएडा व ग्रेटर नाेएडा के 80 प्रतिशत कंपनियां आज बंद रही
सेक्टर 70 में पथराव करने वाले 15 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया
सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी गई
लखनऊ । जिला गाैतमबुद्ध नगर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कई दिनाें से चल रहा श्रमिकाें का आंदाेलन उग्र हाेता जा रहा है।मंगलवार 6वें दिन श्रमिकों ने नोएडा के कई इलाकों में पथराव और तोड़फोड़ कर बवाल किया। इसके साथ ही कई औद्योगिक इलाकों में फैक्टरियों के बाहर मजदूर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। तनाव के बीच तमाम औद्योगिक इकाइयों में कामकाज ठप है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दी गई राहत के बाद भी श्रमिकाें का उग्र प्रदर्शन खत्म नहीं हाे रहा है। इसके चलते नाेएडा व ग्रेटर नाेएडा के 80 प्रतिशत कंपनियां आज बंद रही हैं। श्रमिकों के आंदोलन के चलते उद्योगपति फैक्टरी या कंपनी खोलने से घबरा रहे हैं। आज भी कई जगहों पर श्रमिक हिंसक हो उठे। सेक्टर 70 में क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास श्रमिकाें ने पथराव कर तोड़फोड़ भी की है। श्रमिकाें ने पुलिसकर्मियाें काे भी निशाना बनाया है। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू किया। नगर के सेक्टर 70 के अलावा सेक्टर 80 में भी सुबह श्रमिक बेहद उग्र दिखे। सेक्टर 80 में कई फैक्टरियों के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने कानून को हाथ में लेने की कोशिश की। हालांकि, पहले से सतर्क पुलिस ने स्थिति को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया। सेक्टर 70 में पथराव करने वाले 15 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि आज सुबह से ही विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि छुटपुट घटनाओं को छोड़कर शांति बनी हुई है। उन्होंने श्रमिकों से अपील किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वेतन बढ़ोतरी और उनकी अन्य मांगों काे मान लिया है। अब सभी शांतिपूर्वक काम पर लौट आएं। अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार और आज हो रहे प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वालों की पहचान वीडियाे क्लिप के आधार पर पहचान कर गिरफ्तार किया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक 300 से ज्यादा उपद्रवियाें काे गिरफ्तार किया है। अभी तक कुल 7 एफआईआर दर्ज हुई है। 2 एक्स हैंडल पर भी भ्रामक खबर फैलाने पर मुकदमा हुआ है। पुलिस ने माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला प्रशासन के अनुसार सोमवार के हिंसक प्रदर्शन के बाद 24 घंटे के भीतर सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है और संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी की हैं। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि मजदूरी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने वृद्धि की है। इस फैसले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कल देर रात मंजूरी दे दी।' उन्हाेंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपये प्रति माह के बजाय 13,690 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
तालाब पर ताज, कानून पर लाज!’—अमिलिया में जिंदा दफ्न हुआ जलस्रोत, बेनकाब हुआ पूरा सिस्टम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

बारा तहसील बना मूक दर्शक’—तहसीलदार से SDM तक खामोशी, कब्जेदारों की बल्ले-बल्ले!

प्रयागराज। अमिलिया,प्रयागराज। यह सिर्फ खबर नहीं—यह जमीनी हकीकत का वह आईना है जिसमें पूरा सिस्टम बेनकाब खड़ा है। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत अमिलिया तरहार गांव में सरकारी तालाब अब इतिहास बन चुका है। जहां कभी पानी की लहरें थीं, वहां आज मिट्टी, मलबा और पक्के निर्माण खड़े हैं—और यह सब प्रशासन की खुली आंखों के सामने हुआ।

तालाब जिंदा था… उसे मार दिया गया!’—कागजों में जल, जमीन पर जंगलराज

राजस्व रिकॉर्ड चीख-चीखकर बता रहे हैं कि आराजी संख्या 299 और 307 आज भी पोखरी तालाब हैं। लेकिन मौके पर हकीकत ऐसी है कि तालाब को पूरी तरह पाटकर उस पर कब्जा कर लिया गया है। यह कोई साधारण अतिक्रमण नहीं—यह जलस्रोत की सुनियोजित हत्या है।

मीडिया ने मचाया शोर, सिस्टम रहा ठंडा’—हफ्तों से उठ रही आवाज, असर शून्य

सोशल मीडिया, अखबार, स्थानीय पत्रकार—हर प्लेटफॉर्म से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। अधिकारियों को बार-बार चेताया गया, खबरें छपीं, तस्वीरें सामने आईं लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। अब गांव में एक ही बात गूंज रही है—“दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही जल चुकी है!

धारा 67 दम तोड़ चुकी?’—आदेश जारी, कब्जा बरकरार

2020-21 में धारा 67 के तहत बेदखली और क्षतिपूर्ति के आदेश पास हुए। यानी कानून ने अपनी भूमिका निभाई—लेकिन उसे लागू करने वालों ने हथियार डाल दिए।

आदेश फाइलों में कैद हैं, और जमीन पर कब्जेदार आज भी राज कर रहे हैं।

कोर्ट भी बेबस न्यायिक निर्देशों की खुली अवहेलना न्यायालय ने साफ कहा—कार्रवाई करो। लेकिन बारा तहसील का सिस्टम मानो सुनने को तैयार ही नहीं। यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है—क्या कुछ अधिकारी खुद को कोर्ट से भी ऊपर मान बैठे हैं?

‘पूरा महकमा कटघरे में’—तहसीलदार, नायब, कानूनगो, लेखपाल सब पर सवाल

इस पूरे प्रकरण में: तहसीलदार,

नायब तहसीलदार,कानूनगो

संबंधित लेखपाल, और उपजिलाधिकारी (SDM) सभी की भूमिका सवालों के घेरे में है। आखिर किसकी जिम्मेदारी थी? किसने आंखें मूंदी? और किसके इशारे पर यह सब होने दिया गया?

तालाब नहीं, पूरा तंत्र पाटा गया!’—जिंदा हकीकत से इनकार नहीं

यह कहना गलत नहीं होगा कि अमिलिया में सिर्फ तालाब नहीं पाटा गया—बल्कि कानून, पर्यावरण और प्रशासनिक जवाबदेही—तीनों को एक साथ दफ्न कर दिया गया है। पूरा तालाब “बक्सा” कर बंद कर दिया गया, और जिम्मेदार अफसर मूकदर्शक बने रहे।

इतना नमक कि निगलना मुश्किल’—गांव में उबल रहा गुस्सा

ग्रामीणों का कहना है—अगर दाल में नमक ज्यादा हो जाए तो वह निगली नहीं जाती, और यहां तो हालात ऐसे हैं कि पूरी व्यवस्था ही बेस्वाद हो चुकी है। भरोसा टूट चुका है।

अब जिलाधिकारी ही आखिरी उम्मीद’—जिलाधिकारी से सीधे हस्तक्षेप की मांग

सूत्र साफ संकेत दे रहे हैं कि बारा तहसील स्तर पर यह मामला सुलझाने की क्षमता या इच्छाशक्ति दोनों खत्म हो चुकी हैं। अब ग्रामीणों की नजरें सीधे जिलाधिकारी प्रयागराज पर टिक गई हैं। मांग है कि: पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया जाए और तत्काल प्रभाव से कब्जा हटाया जाए

सीएम का फरमान बनाम जमीनी सच्चाई बड़ा विरोधाभास

उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ का साफ संदेश है—भू-माफिया किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। लेकिन अमिलिया में पूरा तालाब ही बक्सा कर कब्जा लिया गया, और प्रशासन चुप है। यह जमीनी हकीकत सरकार के दावों पर भी सवाल खड़ा कर रही है।

आज तालाब गया, कल पानी जाएगा’—भविष्य खतरे में

यह सिर्फ जमीन नहीं यह आने वाली पीढ़ियों का पानी है। अगर आज भी नहीं चेते तो कल प्यास ही विरासत बनेगी।

आखिरी सवाल, सबसे बड़ा सवाल—कानून जिंदा है या मर चुका है।

अमिलिया अब सिर्फ एक गांव नहीं यह सिस्टम की साख का रणक्षेत्र बन चुका है। अब देखना है—कानून की जीत होती है या दबंगई फिर एक बार ताज पहन लेती है।

गर्मी की छुट्टियों में लगेंगे कॅरिअर काउंसिलिंग शिविर
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। वार्षिक परीक्षाओं के बाद नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। 20 मई से गर्मी की छुट्टी होगी। इस बार गर्मी की छुट्टियों में छात्रों को सही दिशा देने के लिए कॅरिअर काउंसलिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस शिविर के माध्यम से युवाओं को उनके भविष्य के विकल्पों की जानकारी दी जाएगी। इससे वे बेहतर निर्णय लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। 10वीं और 12वीं की परीक्षा के बाद अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं। इसको ध्यान में रखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कॅरिअर काउंसलिंग शिविर आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। इन शिविरों के लिए जिले के राजकीय विद्यालयों का चयन किया जाएगा। आसपास के स्कूलों के छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शिविरों में विशेषज्ञ छात्र-छात्राओं से संवाद करके उन्हें आगे की पढ़ाई, कॅरिअर विकल्पों और भविष्य की चुनौतियों के बारे में जानकारी देंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में कॅरिअर काउंसलिंग शिविर के लिए सूची तैयार की जा रही है। बताया कि इन शिविरों में विशेषज्ञों के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
पीएम मोदी की देश की महिलाओं के नाम चिट्‌ठी, नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान इस अधिनियम और लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रावधान को लेकर संविधान संशोधन पर चर्चा होगी। संविधान संशोधन होने के बाद 2029 से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित हो जाएंगी। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है। ऐसे में इसकी पूरे देश में खूब चर्चा हो रही है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने देश की नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील की है।

मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं

पीएम नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम लिखे पत्र में कहा कि 14 अप्रैल, भारत के इतिहास का बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती है। समस्त देशवासी राष्ट्र निर्माण में उनके अमिट योगदान के लिए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहे हैं। मैं भी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक है। संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उस सर्वोच्च भावना पर चलते हुए 18 सितंबर से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है। संसद के आने वाले सत्र में यह संवैधानिक संशोधन पारित हो, इसके लिए मैं आप सभी, विशेषकर देशभर की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद चाहता हूं।

देश में जोश और उत्साह का माहौल-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को पारित करेगाऔर विधायी संस्थाओं में देश की नारी शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। मैं देख रहा हूं कि इसे लेकर हर तरफ जोश और उत्साह का माहौल है। देशभर की माताएं और बहनें इस बात पर खुशी जाहिर कर रही हैं कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में, देश की नीतियों के निर्धारण में और अधिक मजबूती से अपना योगदान देने का अवसर मिलने वाला है।

नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा हमारी नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि वे हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रही हैं। 21वीं सदी में दुनिया साइंस और इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में भी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप्स वर्ल्ड में ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनमें महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं. एकेडमिक्स, लिटरेचर, आर्ट, म्यूजिक, सिनेमा, डांस और हेरिटेज के क्षेत्र में भी उनकी उपलब्धियां बहुत प्रेरक हैं।

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर एक नजर

सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास किया गया था, जिसे आम तौर पर 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है। यह विधायी संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा हुआ था। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में बदलाव की जरूरत थी; इसलिए, सरकार कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उपायुक्त ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए

14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर आज उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक, हजारीबाग स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया, जो आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजबूत आधार है। उन्होंने सभी नागरिकों से बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता,अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी बाबा साहब को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से 104 वर्षीय बुजुर्ग संत परिजनों से मिले, सोशल मीडिया बना सहारा
गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन परिसर में भटके मिले 104 वर्षीय बुजुर्ग संत को कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से आखिरकार उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचा दिया गया। बुजुर्ग का नाम सूर्यबली बताया गया है, जो कमलापुर जनपद सीतापुर के निवासी हैं। उनके पौत्र कमलेश कुमार रविवार को करनैलगंज पहुंचकर उन्हें अपने साथ घर ले गए। बताया गया कि सूर्यबली बाबा करीब पांच दिन पहले लखनऊ के चौक स्थित मंदिर से घर जाने के लिए ट्रेन पर बैठे थे, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण करनैलगंज पहुंच गए। तीन दिन पहले वह करनैलगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के ट्रैक किनारे असहाय अवस्था में पड़े मिले। सुबह टहलने निकले थाना कोतवाली करनैलगंज में तैनात कांस्टेबल अमित कुमार की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उनसे पूछताछ की और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए उनकी मदद शुरू की। इसके बाद बाबा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके माध्यम से उनके परिजनों तक सूचना पहुंची।
कांस्टेबल अमित कुमार ने बताया कि परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया और बुजुर्ग को सुरक्षित रखा गया। उन्हें वस्त्र पहनाकर उचित सेवा-संभाल भी दी गई। अंततः रविवार को उनके पौत्र कमलेश कुमार करनैलगंज पहुंचे और आवश्यक पुष्टि के बाद बाबा को अपने साथ घर ले गए। स्थानीय लोगों ने कांस्टेबल अमित कुमार की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान न दिया जाता तो ट्रैक किनारे पड़े बुजुर्ग के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इस अवसर पर अमित कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी को अपने परिवार के वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी बुजुर्ग इस प्रकार भटकने को मजबूर न हो।
बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी, नीतीश के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे

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नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। इससे यह साफ हो गया कि अब सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने कहा कि मैं पार्टी के विधानमंडल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखता हूं। इसके बाद रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत विधायकों ने उनके नाम पर स्वीकृति प्रदान की।

शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों ने विजय कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तावित सम्राट चौधरी के नाम पर स्वीकृति दी। इसके बाद सर्वसम्मति सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल के नेता के रूप में चुन लिया गया। सम्राट सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि बीजेपी विधायक दल की इस बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के तौर पर पटना आए थे। इनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष, विनोद तावड़े जैसे नेता भी मौजूद रहे। अब बिहार की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में होगी।

कौन हैं सम्राट चौधरी?

बिहार विधान परिषद में सम्राट चौधरी प्रतिपक्ष के नेता रह चुके हैं। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत आरजेडी से हुई है। सम्राट साल 1990 में सक्रिय राजनीति में आए। 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। साल 2005 में आरजेडी के सत्ता से बेदखल होने के बाद भी वे काफी समय तक पार्टी के साथ बने रहे। वर्ष 2000 और 2010 में वो परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2018 में वे आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में रहते हुए पिछले साल (2025) तारापुर सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी। आरजेडी में रहने के बाद, 2014 में वे जेडीयू में आए और जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री (शहरी विकास एवं आवास विभाग) बने। एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. अब वे बिहार के नए सीएम बनेंगे।

संत शिरोमणि सैनजी महाराज की मनाई गई 726 वीं जयंती

मुंबई । चंदन बाग हाई स्कूल सभागृह मुलुंड पश्चिम मुंबई में संत शिरोमणि सैनजी महाराज की 726 वीं जयंती वैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को मनाई गई।सभी की उपस्थिति में संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की भी जयंती मनाई गई।उक्त कार्यक्रम का आयोजन मुलुंड सैलुन एसोसिएशन कमिटी ने किया।मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेवक विलास सिंह राजपूत,राष्ट्रीय कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप एवं किशन राव कोन्हाले चेंबूर उपस्थित थे।कार्यक्रम में सैलून एसोसिएशन अध्यक्ष महानंद झेंडे,महिला अध्यक्ष सुषमा चव्हाण, उपाध्यक्ष निजामुद्दीन सलमानी, उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सुनील यादव,राजू रावत,सेक्रेटरी संतोष ठाकुर,उप सेक्रेटरी संतोष शर्मा, महिला सेक्रेटरी गीता मौर्य, उप सेक्रेटरी अश्विनी राऊत, सेक्रेटरी राजन शर्मा,तानाजी राऊत, खजिंदार विजय शर्मा, कार्याध्यक्ष कैलाश कचरे,उप कार्याध्यक्ष विशाल कदम, सलाहकार संदीप चव्हाण, विभाग प्रमुख मोईन सलमानी, जफर सलमानी,रुपेश परिहार, श्रवण शर्मा,विजय शर्मा, संदीप सोनावणे उपस्थित थे।किशन राव कोन्हाले एवं विलास सिंह राजपूत ने समाज की एकता बनाए रखने की अपिल किया तो वहीं कवि विनय शर्मा दीप ने संत शिरोमणि सैनजी महाराज की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए एकता पर कविताएं सुनाईं तथा कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों को नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट के विषय में जानकारी दी। नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट की सदस्यता क्यों लेनी चाहिए और भविष्य में क्या फायदा है विधिवत बताया और ट्रस्ट की सदस्यता ग्रहण करने हेतु निवेदन किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सैलून एसोसिएशन मुलुंड ने किया।अंत में सैलून एसोसिएशन अध्यक्ष महानंद झेंडे ने सभी का आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़:महा पंडित राहुल सांकृत्यायन की मनाई गयी 63 वीं पुण्यतिथि
आजमगढ़।महापंडित राहुल सांकृत्यायन की की 63 वीं पुण्यतिथि पर उनकी जन्म स्थली पंदहा,रानी की सराय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और नारे लगाते हुए उनकी स्मृतियों को लोगों ने नमन किया। इस अवसर पर भाकपा उप्र कंट्रोल कमीशन के सदस्य हरिगेन राम ने कहा कि आज महान यायावर और दुनिया को अपनी विद्वता का लोहा मनवाने वाले साम्यवादी,दार्शनिक राहुल सांकृत्यायन की पुण्यतिथि है तो दूसरी तरफ भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती है।हमें यह सौभाग्य है कि राहुल जी आजमगढ़ में पैदा होकर इस जिले,प्रदेश और देश का नाम दुनियाभर में किए। भाकपा जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर और राहुल सांकृत्यायन जी समकक्ष थे।राहुल जी ने बौद्ध साहित्य की खोज करके साम्यवादी सोच और शांति के मार्ग को मजबूत किया।वहीं डॉ भीमराव अंबेडकर जी सामाजिक असमानता,छुवाछूत,गरीबी,समानता के मार्ग को मजबूत करते हुए भारत के संविधान निर्माता कहलाए।दोनों महापुरुषों के पदचिन्हों पर चलकर ही बेहतर समाज और खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सकता है। राहुल जन पुस्तकालय के प्रबंधक राधेश्याम पाठक ने कार्यक्रम में आए हुए लोगों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान अशोक कन्नौजिया,बेचू पाठक,सतीश पाठक,विजय नारायण, बंशू यादव,विनोद,डॉ राहुल तिवारी, शिवा नंद राय, अमरनाथ पाठक ,दयाशंकर पाठक आदि लोग उपस्थित थे। भवदीय - जितेंद्र हरि पाण्डेय
नोएडा में मंगलवार को भी श्रमिकों का बवाल जारी, कई जगह उग्र प्रदर्शन

नाेएडा व ग्रेटर नाेएडा के 80 प्रतिशत कंपनियां आज बंद रही
सेक्टर 70 में पथराव करने वाले 15 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया
सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी गई
लखनऊ । जिला गाैतमबुद्ध नगर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कई दिनाें से चल रहा श्रमिकाें का आंदाेलन उग्र हाेता जा रहा है।मंगलवार 6वें दिन श्रमिकों ने नोएडा के कई इलाकों में पथराव और तोड़फोड़ कर बवाल किया। इसके साथ ही कई औद्योगिक इलाकों में फैक्टरियों के बाहर मजदूर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। तनाव के बीच तमाम औद्योगिक इकाइयों में कामकाज ठप है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दी गई राहत के बाद भी श्रमिकाें का उग्र प्रदर्शन खत्म नहीं हाे रहा है। इसके चलते नाेएडा व ग्रेटर नाेएडा के 80 प्रतिशत कंपनियां आज बंद रही हैं। श्रमिकों के आंदोलन के चलते उद्योगपति फैक्टरी या कंपनी खोलने से घबरा रहे हैं। आज भी कई जगहों पर श्रमिक हिंसक हो उठे। सेक्टर 70 में क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास श्रमिकाें ने पथराव कर तोड़फोड़ भी की है। श्रमिकाें ने पुलिसकर्मियाें काे भी निशाना बनाया है। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू किया। नगर के सेक्टर 70 के अलावा सेक्टर 80 में भी सुबह श्रमिक बेहद उग्र दिखे। सेक्टर 80 में कई फैक्टरियों के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने कानून को हाथ में लेने की कोशिश की। हालांकि, पहले से सतर्क पुलिस ने स्थिति को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया। सेक्टर 70 में पथराव करने वाले 15 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि आज सुबह से ही विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि छुटपुट घटनाओं को छोड़कर शांति बनी हुई है। उन्होंने श्रमिकों से अपील किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वेतन बढ़ोतरी और उनकी अन्य मांगों काे मान लिया है। अब सभी शांतिपूर्वक काम पर लौट आएं। अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार और आज हो रहे प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वालों की पहचान वीडियाे क्लिप के आधार पर पहचान कर गिरफ्तार किया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक 300 से ज्यादा उपद्रवियाें काे गिरफ्तार किया है। अभी तक कुल 7 एफआईआर दर्ज हुई है। 2 एक्स हैंडल पर भी भ्रामक खबर फैलाने पर मुकदमा हुआ है। पुलिस ने माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला प्रशासन के अनुसार सोमवार के हिंसक प्रदर्शन के बाद 24 घंटे के भीतर सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है और संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी की हैं। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि मजदूरी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने वृद्धि की है। इस फैसले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कल देर रात मंजूरी दे दी।' उन्हाेंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपये प्रति माह के बजाय 13,690 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
तालाब पर ताज, कानून पर लाज!’—अमिलिया में जिंदा दफ्न हुआ जलस्रोत, बेनकाब हुआ पूरा सिस्टम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

बारा तहसील बना मूक दर्शक’—तहसीलदार से SDM तक खामोशी, कब्जेदारों की बल्ले-बल्ले!

प्रयागराज। अमिलिया,प्रयागराज। यह सिर्फ खबर नहीं—यह जमीनी हकीकत का वह आईना है जिसमें पूरा सिस्टम बेनकाब खड़ा है। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत अमिलिया तरहार गांव में सरकारी तालाब अब इतिहास बन चुका है। जहां कभी पानी की लहरें थीं, वहां आज मिट्टी, मलबा और पक्के निर्माण खड़े हैं—और यह सब प्रशासन की खुली आंखों के सामने हुआ।

तालाब जिंदा था… उसे मार दिया गया!’—कागजों में जल, जमीन पर जंगलराज

राजस्व रिकॉर्ड चीख-चीखकर बता रहे हैं कि आराजी संख्या 299 और 307 आज भी पोखरी तालाब हैं। लेकिन मौके पर हकीकत ऐसी है कि तालाब को पूरी तरह पाटकर उस पर कब्जा कर लिया गया है। यह कोई साधारण अतिक्रमण नहीं—यह जलस्रोत की सुनियोजित हत्या है।

मीडिया ने मचाया शोर, सिस्टम रहा ठंडा’—हफ्तों से उठ रही आवाज, असर शून्य

सोशल मीडिया, अखबार, स्थानीय पत्रकार—हर प्लेटफॉर्म से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। अधिकारियों को बार-बार चेताया गया, खबरें छपीं, तस्वीरें सामने आईं लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। अब गांव में एक ही बात गूंज रही है—“दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही जल चुकी है!

धारा 67 दम तोड़ चुकी?’—आदेश जारी, कब्जा बरकरार

2020-21 में धारा 67 के तहत बेदखली और क्षतिपूर्ति के आदेश पास हुए। यानी कानून ने अपनी भूमिका निभाई—लेकिन उसे लागू करने वालों ने हथियार डाल दिए।

आदेश फाइलों में कैद हैं, और जमीन पर कब्जेदार आज भी राज कर रहे हैं।

कोर्ट भी बेबस न्यायिक निर्देशों की खुली अवहेलना न्यायालय ने साफ कहा—कार्रवाई करो। लेकिन बारा तहसील का सिस्टम मानो सुनने को तैयार ही नहीं। यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है—क्या कुछ अधिकारी खुद को कोर्ट से भी ऊपर मान बैठे हैं?

‘पूरा महकमा कटघरे में’—तहसीलदार, नायब, कानूनगो, लेखपाल सब पर सवाल

इस पूरे प्रकरण में: तहसीलदार,

नायब तहसीलदार,कानूनगो

संबंधित लेखपाल, और उपजिलाधिकारी (SDM) सभी की भूमिका सवालों के घेरे में है। आखिर किसकी जिम्मेदारी थी? किसने आंखें मूंदी? और किसके इशारे पर यह सब होने दिया गया?

तालाब नहीं, पूरा तंत्र पाटा गया!’—जिंदा हकीकत से इनकार नहीं

यह कहना गलत नहीं होगा कि अमिलिया में सिर्फ तालाब नहीं पाटा गया—बल्कि कानून, पर्यावरण और प्रशासनिक जवाबदेही—तीनों को एक साथ दफ्न कर दिया गया है। पूरा तालाब “बक्सा” कर बंद कर दिया गया, और जिम्मेदार अफसर मूकदर्शक बने रहे।

इतना नमक कि निगलना मुश्किल’—गांव में उबल रहा गुस्सा

ग्रामीणों का कहना है—अगर दाल में नमक ज्यादा हो जाए तो वह निगली नहीं जाती, और यहां तो हालात ऐसे हैं कि पूरी व्यवस्था ही बेस्वाद हो चुकी है। भरोसा टूट चुका है।

अब जिलाधिकारी ही आखिरी उम्मीद’—जिलाधिकारी से सीधे हस्तक्षेप की मांग

सूत्र साफ संकेत दे रहे हैं कि बारा तहसील स्तर पर यह मामला सुलझाने की क्षमता या इच्छाशक्ति दोनों खत्म हो चुकी हैं। अब ग्रामीणों की नजरें सीधे जिलाधिकारी प्रयागराज पर टिक गई हैं। मांग है कि: पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया जाए और तत्काल प्रभाव से कब्जा हटाया जाए

सीएम का फरमान बनाम जमीनी सच्चाई बड़ा विरोधाभास

उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ का साफ संदेश है—भू-माफिया किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। लेकिन अमिलिया में पूरा तालाब ही बक्सा कर कब्जा लिया गया, और प्रशासन चुप है। यह जमीनी हकीकत सरकार के दावों पर भी सवाल खड़ा कर रही है।

आज तालाब गया, कल पानी जाएगा’—भविष्य खतरे में

यह सिर्फ जमीन नहीं यह आने वाली पीढ़ियों का पानी है। अगर आज भी नहीं चेते तो कल प्यास ही विरासत बनेगी।

आखिरी सवाल, सबसे बड़ा सवाल—कानून जिंदा है या मर चुका है।

अमिलिया अब सिर्फ एक गांव नहीं यह सिस्टम की साख का रणक्षेत्र बन चुका है। अब देखना है—कानून की जीत होती है या दबंगई फिर एक बार ताज पहन लेती है।

गर्मी की छुट्टियों में लगेंगे कॅरिअर काउंसिलिंग शिविर
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। वार्षिक परीक्षाओं के बाद नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। 20 मई से गर्मी की छुट्टी होगी। इस बार गर्मी की छुट्टियों में छात्रों को सही दिशा देने के लिए कॅरिअर काउंसलिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस शिविर के माध्यम से युवाओं को उनके भविष्य के विकल्पों की जानकारी दी जाएगी। इससे वे बेहतर निर्णय लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। 10वीं और 12वीं की परीक्षा के बाद अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं। इसको ध्यान में रखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कॅरिअर काउंसलिंग शिविर आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। इन शिविरों के लिए जिले के राजकीय विद्यालयों का चयन किया जाएगा। आसपास के स्कूलों के छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शिविरों में विशेषज्ञ छात्र-छात्राओं से संवाद करके उन्हें आगे की पढ़ाई, कॅरिअर विकल्पों और भविष्य की चुनौतियों के बारे में जानकारी देंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में कॅरिअर काउंसलिंग शिविर के लिए सूची तैयार की जा रही है। बताया कि इन शिविरों में विशेषज्ञों के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
पीएम मोदी की देश की महिलाओं के नाम चिट्‌ठी, नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील

#pmmodiwritesletterregardingwomensreservation_bill

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान इस अधिनियम और लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रावधान को लेकर संविधान संशोधन पर चर्चा होगी। संविधान संशोधन होने के बाद 2029 से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित हो जाएंगी। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है। ऐसे में इसकी पूरे देश में खूब चर्चा हो रही है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने देश की नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील की है।

मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं

पीएम नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम लिखे पत्र में कहा कि 14 अप्रैल, भारत के इतिहास का बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती है। समस्त देशवासी राष्ट्र निर्माण में उनके अमिट योगदान के लिए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहे हैं। मैं भी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक है। संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उस सर्वोच्च भावना पर चलते हुए 18 सितंबर से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है। संसद के आने वाले सत्र में यह संवैधानिक संशोधन पारित हो, इसके लिए मैं आप सभी, विशेषकर देशभर की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद चाहता हूं।

देश में जोश और उत्साह का माहौल-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को पारित करेगाऔर विधायी संस्थाओं में देश की नारी शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। मैं देख रहा हूं कि इसे लेकर हर तरफ जोश और उत्साह का माहौल है। देशभर की माताएं और बहनें इस बात पर खुशी जाहिर कर रही हैं कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में, देश की नीतियों के निर्धारण में और अधिक मजबूती से अपना योगदान देने का अवसर मिलने वाला है।

नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा हमारी नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि वे हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रही हैं। 21वीं सदी में दुनिया साइंस और इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में भी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप्स वर्ल्ड में ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनमें महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं. एकेडमिक्स, लिटरेचर, आर्ट, म्यूजिक, सिनेमा, डांस और हेरिटेज के क्षेत्र में भी उनकी उपलब्धियां बहुत प्रेरक हैं।

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर एक नजर

सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास किया गया था, जिसे आम तौर पर 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है। यह विधायी संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा हुआ था। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में बदलाव की जरूरत थी; इसलिए, सरकार कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उपायुक्त ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए

14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर आज उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक, हजारीबाग स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया, जो आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजबूत आधार है। उन्होंने सभी नागरिकों से बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता,अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी बाबा साहब को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से 104 वर्षीय बुजुर्ग संत परिजनों से मिले, सोशल मीडिया बना सहारा
गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन परिसर में भटके मिले 104 वर्षीय बुजुर्ग संत को कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से आखिरकार उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचा दिया गया। बुजुर्ग का नाम सूर्यबली बताया गया है, जो कमलापुर जनपद सीतापुर के निवासी हैं। उनके पौत्र कमलेश कुमार रविवार को करनैलगंज पहुंचकर उन्हें अपने साथ घर ले गए। बताया गया कि सूर्यबली बाबा करीब पांच दिन पहले लखनऊ के चौक स्थित मंदिर से घर जाने के लिए ट्रेन पर बैठे थे, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण करनैलगंज पहुंच गए। तीन दिन पहले वह करनैलगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के ट्रैक किनारे असहाय अवस्था में पड़े मिले। सुबह टहलने निकले थाना कोतवाली करनैलगंज में तैनात कांस्टेबल अमित कुमार की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उनसे पूछताछ की और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए उनकी मदद शुरू की। इसके बाद बाबा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके माध्यम से उनके परिजनों तक सूचना पहुंची।
कांस्टेबल अमित कुमार ने बताया कि परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया और बुजुर्ग को सुरक्षित रखा गया। उन्हें वस्त्र पहनाकर उचित सेवा-संभाल भी दी गई। अंततः रविवार को उनके पौत्र कमलेश कुमार करनैलगंज पहुंचे और आवश्यक पुष्टि के बाद बाबा को अपने साथ घर ले गए। स्थानीय लोगों ने कांस्टेबल अमित कुमार की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान न दिया जाता तो ट्रैक किनारे पड़े बुजुर्ग के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इस अवसर पर अमित कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी को अपने परिवार के वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी बुजुर्ग इस प्रकार भटकने को मजबूर न हो।