आजमगढ़: यूजीसी के विरोध में रणबीर सेना ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। यू जी सी लागूं होने से सवर्ण समाज आक्रोषित है। उसका गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रणबीर सेना यू जी सी के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस बिल को वापस किए जाने की मांग किया। बुधवार को रणबीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर पाठक के नेतृत्व में सामान्य वर्ग के लोगों ने यू जी सी के विरोध में प्रदर्शन किया और अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाए। लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और यू जी सी को काला कानून बताया। और इसे वापस लेने की मांग किया। रणबीर सेना के राष्ट्रीय महासचिव दुर्गा प्रसाद चौवे ने कहा कि यू जी सी सामान्य वर्ग के हित में नहीं है।इसे काला कानून बताया कहा की इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का कैरियर खराब होगा। चेतावनी दिया की अगर काला कानून वापस नहीं होता है तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस अवसर पर कृष्ण माधव, अभिषेक अमन, सत्यम, सौरभ संतोष ,विशाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
JAC बोर्ड परीक्षा-2026 की तैयारी को लेकर रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल

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रांची जिला में वर्ग अष्टम में नामांकित तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित की जानेवाली बोर्ड परीक्षा 2026 की सुदृढ़ तैयारी के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर प्री-बोर्ड परीक्षा का आज शुभारंभ किया गया। परीक्षा की शुरुआत उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र संबंधित ग्रुप में भेजकर की गई। जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट टीम द्वारा विकसित JAC प्रारूप के अनुसार MCQ आधारित प्रश्नपत्र एवं OMR SHEET का ऑनलाइन प्रेषण किया गया। सभी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुद्रित प्रश्नपत्र एवं OMR शीट विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सत्र 2025-26 में नामांकित एवं JAC पोर्टल पर पंजीकृत जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 26,000 छात्र-छात्राओं के लिए आज से प्री-बोर्ड परीक्षा का संचालन प्रारंभ हुआ।

परीक्षा के पहले दिन आज प्रथम पाली में हिन्दी तथा द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 97 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी को अंग्रेज़ी एवं विज्ञान तथा 31 जनवरी को गणित एवं संस्कृत अथवा क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

फरवरी के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाफल की समीक्षा करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि जिले में शत-प्रतिशत परीक्षाफल के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। विदित हो कि JAC द्वारा बोर्ड परीक्षा की तिथि 24 फरवरी निर्धारित की गई है। तब तक विहित प्रारूप के प्रश्नपत्रों की श्रृंखला के माध्यम से ओएमआर शीट पर अभ्यास कराते हुए बेहतर एवं विशिष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राँची जिला पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से राँची जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इस वर्ष और बेहतर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राँची नगरपालिका चुनाव: 'अशांति फैलाई तो खैर नहीं', उपायुक्त ने दिए अपराधियों पर पैनी नजर और अवैध हथियारों की धरपकड़ के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कानून-व्यवस्था और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।

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अपराधियों पर 'रेड अलर्ट', सोशल मीडिया पर भी नजर

बैठक में उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमानत पर छूटे अपराधियों और संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

हथियार जमा करने और सघन जांच के आदेश

शस्त्र समर्पण: सभी शस्त्र अनुज्ञप्ति धारकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने हथियार थानों में जमा करने का निर्देश दिया गया है।

अवैध शराब और नकदी: अवैध शराब की तस्करी और वोटरों को लुभाने के लिए नकदी के अवैध लेन-देन को रोकने के लिए 'स्टैटिक सर्विलांस टीम' (SST) को सघन वाहन जांच करने को कहा गया है।

भ्रामक खबरें: सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए चुनावी माहौल बिगाड़ने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

समन्वय और सतर्कता ही सफलता का मंत्र

बैठक में सिटी एसपी श्री पारस राणा और ग्रामीण एसपी श्री प्रवीण पुष्कर सहित कई वरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच आपसी समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है।

योगी सरकार के प्रयास से मीरजापुर में वज्रपात मौतों में आई 50 प्रतिशत की कमी
*- सीएम योगी ने प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम*

*- भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है मीरजापुर*

*-आई०एम०डी लखनऊ के प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और आई०आई०टी रुड़की से पढ़े हुए लोगों के शोध के फलस्वरूप जनहानियों को किया गया कम*
                                                                                                                                             *- लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगे ई०एस०ई लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए*

*लखनऊ, 28 जनवरी:* योगी सरकार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में लगातार ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। इसी के तहत मीरजापुर में “लाइटनिंग रेज़िलिएंसी” यानी आकाशीय बिजली से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। योगी सरकार के इस कदम से मीरजापुर में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे न्यूनतम और शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। योगी सरकार का लाइटनिंग रेज़िलिएंसी माॅडल देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। बता दें कि मीरजापुर देश के सबसे अधिक बिजली प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

*यू०पी०एस०डी०एम०ए एवं राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपद मीरजापुर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान से किया गया मजबूत*
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर (डीoडीoएमoए) के अध्यक्ष/जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को हर हाल में रोकने और न्यूनतम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के साथ मजबूत किया गया। मीरजापुर में लाइटनिंग मिटिगेशन प्रोजेक्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या घटकर 14 रह गई, जबकि वर्ष 2019 में 30, वर्ष 2020 में 28, वर्ष 2021 में 23 और वर्ष 2022 में 30 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।

*वैज्ञानिक अध्ययन के बाद चिन्हित हुए ‘लाइटनिंग हॉटस्पॉट’*
मीरजापुर भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गयी। योगी सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इस पर डीoडीoएमoए मीरजापुर द्वारा पिछले चार से पांच वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के परियोजना आंकलन, आईआईटीएम पुणे के वज्रपात गिरने के स्थलीय डाटा, आईoआईoटी रुड़की के पढ़े लोगों द्वारा किए गए शोध और सीoआरoओoपीoसी के द्वारा वज्रपात के परिप्रेक्ष में जनपद का किया गया संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में आंकलन के अनुसार  पता लगाया गया कि अधिकांश मौतें खुले मैदान, पेड़ के नीचे, जल स्रोतों के पास और कच्चे मकानों में होती हैं। अध्ययन के बाद मीरजापुर में लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप तैयार किया गया, जिसके आधार पर सुरक्षा उपाय तय किए गए।

*लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगाए गए अर्ली स्ट्रीमर एमिशन के लाइटनिंग अरेस्टर*
लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर पहले चरण में मीरजापुर के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में 80 स्थानों पर अर्ली स्ट्रीमर एमिशन (ईoएसoई) आधारित लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए। बता दें कि ये उपकरण बिजली को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में जान-माल की हानि नहीं होती। कई अरेस्टर में लगे इंडिकेटर यह दर्शाते हैं कि उन्होंने कई बार बिजली को सफलतापूर्वक अवशोषित किया है।

*पूरे जिले में चलाया गया वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम*
योगी सरकार की रणनीति केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही बल्कि ब्लॉक, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम’ के तहत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों को बिजली गिरने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से समय से चेतावनी प्राप्त करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इतना ही नहीं मीरजापुर की सभी 809 ग्राम पंचायतों में माइकिंग, जागरूकता रथ, पोस्टर, वीडियो और पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं के जरिए संदेश पहुंचाया गया। सिनेमा हॉलों में भी बिजली से बचाव पर आधारित वीडियो दिखाए गए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी चेतावनियों को तेजी से आमजन तक पहुंचाया गया। योगी सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि मीरजापुर में वर्तमान में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ट्रैक्टर बाइक की आमने सामने भिड़ंत में दो युवक की मौत

फर्रुखाबाद l अमृतपुर कस्बे के मुख्य बस अड्डे पर बाइक और ट्रैक्टर की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवक घायल हो गए।  बस अड्डे पर ट्रैक्टर  बांसी अड्डे की तरफ जा रहा था जिस पर मोरम लदी हुई थी। उधर सामने से कस्बा निवासी सत्यम पुत्र दिलीप शोभित पुत्र तिलकराम उर्फ पहाड़ी मोटरसाइकिल से आ रहे थे। तभी अचानक ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। जिससे बाइक ट्रैक्टर के पहियों में उलझ गई और दोनों बाइक सवार युवक ट्रैक्टर के नीचे आ गए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई और रोड पूरी तरीके से जाम हो गया। ट्रैक्टर चालक वहां से भाग गया।

जानकारी मिलने पर थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया। व ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया। घायल युवकों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भेजा दिया। जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई। इस अचानक घटी घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
गया में परफेक्शन आईएएस का शुभारंभ, अब यहीं होगी यूपीएससी व बीपीएससी की तैयारी

गया: गया शहर के गया कॉलेज मोड़ स्थित सीआरपीएफ कैंप के समीप बुधवार को परफेक्शन आईएएस कोचिंग संस्थान का विधिवत शुभारंभ फीता काटकर किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संस्थान के संचालक सरवन कुमार, सत्या कुमार एवं मुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया।

संचालकों ने बताया कि परफेक्शन आईएएस में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) एवं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षाओं की तैयारी अनुभवी शिक्षकों द्वारा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि गया एवं आसपास के जिलों के छात्रों को अब सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए पटना जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अध्ययन सामग्री और नियमित मार्गदर्शन की व्यवस्था अब गया में ही उपलब्ध होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में आधुनिक शिक्षण पद्धति, नियमित टेस्ट सीरीज, डाउट क्लियरिंग सेशन एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन की सुविधा दी जाएगी, जिससे छात्र बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। परफेक्शन आईएएस का उद्देश्य ग्रामीण एवं छोटे शहरों के प्रतिभाशाली छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। संस्थान के उद्घाटन से क्षेत्र के छात्रों में खासा उत्साह देखा गया और लोगों ने इस पहल की सराहना की।

साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति में सीएटल में तिरंगा फहरा, गणतंत्र दिवस का भव्य उत्सव”

वाणिज्य दूतावास में नए कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर का उद्घाटन

कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से फहराया तिंरगा

अत्यधिक सर्दी का मौसम होने के बाद भी अद्भुत उत्साह से मनाया गणतंत्र दिवस

भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना: साध्वी भगवती सरस्वती


ऋषिकेश। अमेरिका के सीएटल शहर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक नेता साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई दी। उनका संदेश भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और वैश्विक मानवता के मूल्यों का प्रतीक बना। समारोह की शुरुआत फेडरल रिज़र्व भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। अत्यधिक ठंड के बावजूद, 300 से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से भारतीय तिरंगा फहराया गया, जो पैसिफिक ओशन से भी दिखाई देता है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, “भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना है।

भारतीय संविधान केवल कागज़ का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उन ऋषियों की दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है जिन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व के सामने रखा।” उन्होंने तिरंगे को त्याग, शांति और साहस का प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति और मूल्यों का वैश्विक महत्व रेखांकित किया। सीएटल की मेयर  केटी विल्सन, भारतीय काउंसल जनरल  प्रकाश गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मेयर विल्सन ने भारत और सीएटल के बीच दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को रेखांकित किया। इस अवसर पर इंडिया कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। यह सेंटर अब वाणिज्य दूतावास के साथ सह-स्थित है और क्षेत्र में बढ़ते भारतीय समुदाय को सुलभ, बेहतर और सशक्त कांसुलर सेवाएँ प्रदान करेगा। गणतंत्र दिवस के सम्मान में वॉशिंगटन स्टेट सीनेट ने विशेष सत्र आयोजित किया और प्रस्ताव संख्या 8674 पारित कर भारत की लोकतांत्रिक विरासत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को औपचारिक रूप से सम्मानित किया।

यह प्रस्ताव भारतीय-अमेरिकी स्टेट सीनेटर मंका ढींगरा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि भारतीय मूल की स्टेट सीनेटर वंदना स्लेटर ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव में भारतीय समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका को विशेष रूप से स्वीकार किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, विविधता, आपसी सम्मान और साझी मानवता के मूल्यों का उत्सव मनाया। साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक चेतना से युक्त वैश्विक संवाद में बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आत्मा उसके संविधान, लोकतंत्र और आध्यात्मिक मूल्यों में निहित है, जो आज संपूर्ण विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन केवल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और मूल्यों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण भी साबित हुआ।
वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का समरस फाउंडेशन ने किया सम्मान


मुंबई। मुंबई की यात्रा पर आए वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का आज महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में संस्था के चेयरमैन डॉक्टर किशोर सिंह ने शॉल और पुष्प गुच्छ से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष सतीश मिश्रा, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, संगठन सचिव पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र  कुमार पांडे, दीपेश मिश्रा, पूरव गांधी, स्वामी रामलिंगम समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आचार्य दीक्षित ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टर किशोर सिंह के नेतृत्व में संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों से समाज को प्रेरणा मिल रही है।
बोर्ड परीक्षा : 60 केंद्रों पर एसटीएफ रखेगी नजर
सर्विलांस पर रहेंगे वित्तविहीन स्कूल के प्रबंधकों के नंबर


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण बोर्ड परीक्षा कराने के लिए शासन गंभीर है। नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए पहले की तरह इस बार भी एसटीएफ की नजर रहेगी। वित्तविहीन केंद्रों के प्रबंधकों के नंबर सर्विलांस पर रहेंगे। सभी परीक्षा केंद्र पर क्षेत्रीय पुलिस बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए मौजूद रहेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी। इसके पहले प्रायोगिक परीक्षाएं करानी है।

बोर्ड परीक्षा में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए सारी व्यवस्थाएं ठीक कराई जा रही हैं। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती से लेकर मजिस्ट्रेट भी तैनात होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकॉर्डर को सही कराया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कुछ केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियां की जाती हैं।
डीघ, सुरियावां के अभियां, चौरी, औराई आदि क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में पूर्व की परीक्षाओं में गड़बड़ी हो चुकी है। पहले के वर्षों की तरह इस बार भी परीक्षा पर एसटीएफ की नजर रहेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा के लिए शासन गंभीर है। 60 परीक्षा केंद्र एसटीएफ की नजर में रहेंगे। उन्होंने बताया कि विशेषकर वित्तविहीन विद्यालय बने केंद्रों पर विशेष सतर्कता रहेगी। बताते चलें कि बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 54 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे।
उत्तर पुस्तिकाओं के साथ जाएंगे पुलिसकर्मी
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर लगाई जाएगी। वह परीक्षा के समय केंद्र पर ही रहेंगे, जो पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्र पर तैनात होंगे। उनमें से ही एक पुलिसकर्मी उत्तर पुस्तिकाओं को संकलन केंद्र तक पहुंचाने के लिए विद्यालय के
चौपारण के अंजन में 50 एकड़ अवैध अफीम की खेती नष्ट, ड्रोन सर्वे से 200 एकड़ की पहचान

हजारीबाग। दिनांक 28.01.2026 को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अंजन में वन विभाग एवं चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान अंजन के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को चिन्हित किया गया। संयुक्त कार्रवाई में लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में लगी अवैध अफीम की खेती को मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया।

अभियान के दौरान घटनास्थल से 8 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। ड्रोन सर्वे के माध्यम से यह अनुमान लगाया गया है कि अंजन क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ में अवैध अफीम की खेती की गई है। आज की कार्रवाई में 50 एकड़ फसल को नष्ट किया गया है, जबकि शेष 200 एकड़ क्षेत्र में लगी अफीम की खेती को 3 दिन के भीतर पूर्ण रूप से नष्ट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पूर्व में इस क्षेत्र में प्रभावी विनष्टिकरण नहीं होने के कारण तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ था, जिसे तोड़ने के लिए अब लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अवैध रूप से अफीम की खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम एवं पते का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान के उपरांत उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई जारी है।

इस संयुक्त अभियान में श्री अजित कुमार बिमल (SDPO बरही), श्री चंद्रशेखर (पु0नि0 बरही अंचल), सरोज सिंह चौधरी (थाना प्रभारी चौपरण), SI सुबिन्दर राम, SI रवि रंजन, SI दिव्य प्रकाश, ASI बदल महतो, ASI कमरुद्दीन, बनपाल कुलदीप कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि दुर्गम इलाकों में ड्रोन के माध्यम से अवैध खेती को चिन्हित कर विनष्ट किया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आजमगढ़: यूजीसी के विरोध में रणबीर सेना ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। यू जी सी लागूं होने से सवर्ण समाज आक्रोषित है। उसका गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रणबीर सेना यू जी सी के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस बिल को वापस किए जाने की मांग किया। बुधवार को रणबीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर पाठक के नेतृत्व में सामान्य वर्ग के लोगों ने यू जी सी के विरोध में प्रदर्शन किया और अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाए। लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और यू जी सी को काला कानून बताया। और इसे वापस लेने की मांग किया। रणबीर सेना के राष्ट्रीय महासचिव दुर्गा प्रसाद चौवे ने कहा कि यू जी सी सामान्य वर्ग के हित में नहीं है।इसे काला कानून बताया कहा की इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का कैरियर खराब होगा। चेतावनी दिया की अगर काला कानून वापस नहीं होता है तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस अवसर पर कृष्ण माधव, अभिषेक अमन, सत्यम, सौरभ संतोष ,विशाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
JAC बोर्ड परीक्षा-2026 की तैयारी को लेकर रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल

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रांची जिला में वर्ग अष्टम में नामांकित तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित की जानेवाली बोर्ड परीक्षा 2026 की सुदृढ़ तैयारी के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर प्री-बोर्ड परीक्षा का आज शुभारंभ किया गया। परीक्षा की शुरुआत उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र संबंधित ग्रुप में भेजकर की गई। जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट टीम द्वारा विकसित JAC प्रारूप के अनुसार MCQ आधारित प्रश्नपत्र एवं OMR SHEET का ऑनलाइन प्रेषण किया गया। सभी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुद्रित प्रश्नपत्र एवं OMR शीट विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सत्र 2025-26 में नामांकित एवं JAC पोर्टल पर पंजीकृत जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 26,000 छात्र-छात्राओं के लिए आज से प्री-बोर्ड परीक्षा का संचालन प्रारंभ हुआ।

परीक्षा के पहले दिन आज प्रथम पाली में हिन्दी तथा द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 97 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी को अंग्रेज़ी एवं विज्ञान तथा 31 जनवरी को गणित एवं संस्कृत अथवा क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

फरवरी के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाफल की समीक्षा करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि जिले में शत-प्रतिशत परीक्षाफल के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। विदित हो कि JAC द्वारा बोर्ड परीक्षा की तिथि 24 फरवरी निर्धारित की गई है। तब तक विहित प्रारूप के प्रश्नपत्रों की श्रृंखला के माध्यम से ओएमआर शीट पर अभ्यास कराते हुए बेहतर एवं विशिष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राँची जिला पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से राँची जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इस वर्ष और बेहतर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राँची नगरपालिका चुनाव: 'अशांति फैलाई तो खैर नहीं', उपायुक्त ने दिए अपराधियों पर पैनी नजर और अवैध हथियारों की धरपकड़ के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कानून-व्यवस्था और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।

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अपराधियों पर 'रेड अलर्ट', सोशल मीडिया पर भी नजर

बैठक में उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमानत पर छूटे अपराधियों और संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

हथियार जमा करने और सघन जांच के आदेश

शस्त्र समर्पण: सभी शस्त्र अनुज्ञप्ति धारकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने हथियार थानों में जमा करने का निर्देश दिया गया है।

अवैध शराब और नकदी: अवैध शराब की तस्करी और वोटरों को लुभाने के लिए नकदी के अवैध लेन-देन को रोकने के लिए 'स्टैटिक सर्विलांस टीम' (SST) को सघन वाहन जांच करने को कहा गया है।

भ्रामक खबरें: सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए चुनावी माहौल बिगाड़ने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

समन्वय और सतर्कता ही सफलता का मंत्र

बैठक में सिटी एसपी श्री पारस राणा और ग्रामीण एसपी श्री प्रवीण पुष्कर सहित कई वरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच आपसी समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है।

योगी सरकार के प्रयास से मीरजापुर में वज्रपात मौतों में आई 50 प्रतिशत की कमी
*- सीएम योगी ने प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम*

*- भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है मीरजापुर*

*-आई०एम०डी लखनऊ के प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और आई०आई०टी रुड़की से पढ़े हुए लोगों के शोध के फलस्वरूप जनहानियों को किया गया कम*
                                                                                                                                             *- लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगे ई०एस०ई लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए*

*लखनऊ, 28 जनवरी:* योगी सरकार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में लगातार ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। इसी के तहत मीरजापुर में “लाइटनिंग रेज़िलिएंसी” यानी आकाशीय बिजली से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। योगी सरकार के इस कदम से मीरजापुर में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे न्यूनतम और शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। योगी सरकार का लाइटनिंग रेज़िलिएंसी माॅडल देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। बता दें कि मीरजापुर देश के सबसे अधिक बिजली प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

*यू०पी०एस०डी०एम०ए एवं राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपद मीरजापुर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान से किया गया मजबूत*
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर (डीoडीoएमoए) के अध्यक्ष/जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को हर हाल में रोकने और न्यूनतम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के साथ मजबूत किया गया। मीरजापुर में लाइटनिंग मिटिगेशन प्रोजेक्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या घटकर 14 रह गई, जबकि वर्ष 2019 में 30, वर्ष 2020 में 28, वर्ष 2021 में 23 और वर्ष 2022 में 30 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।

*वैज्ञानिक अध्ययन के बाद चिन्हित हुए ‘लाइटनिंग हॉटस्पॉट’*
मीरजापुर भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गयी। योगी सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इस पर डीoडीoएमoए मीरजापुर द्वारा पिछले चार से पांच वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के परियोजना आंकलन, आईआईटीएम पुणे के वज्रपात गिरने के स्थलीय डाटा, आईoआईoटी रुड़की के पढ़े लोगों द्वारा किए गए शोध और सीoआरoओoपीoसी के द्वारा वज्रपात के परिप्रेक्ष में जनपद का किया गया संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में आंकलन के अनुसार  पता लगाया गया कि अधिकांश मौतें खुले मैदान, पेड़ के नीचे, जल स्रोतों के पास और कच्चे मकानों में होती हैं। अध्ययन के बाद मीरजापुर में लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप तैयार किया गया, जिसके आधार पर सुरक्षा उपाय तय किए गए।

*लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगाए गए अर्ली स्ट्रीमर एमिशन के लाइटनिंग अरेस्टर*
लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर पहले चरण में मीरजापुर के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में 80 स्थानों पर अर्ली स्ट्रीमर एमिशन (ईoएसoई) आधारित लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए। बता दें कि ये उपकरण बिजली को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में जान-माल की हानि नहीं होती। कई अरेस्टर में लगे इंडिकेटर यह दर्शाते हैं कि उन्होंने कई बार बिजली को सफलतापूर्वक अवशोषित किया है।

*पूरे जिले में चलाया गया वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम*
योगी सरकार की रणनीति केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही बल्कि ब्लॉक, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम’ के तहत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों को बिजली गिरने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से समय से चेतावनी प्राप्त करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इतना ही नहीं मीरजापुर की सभी 809 ग्राम पंचायतों में माइकिंग, जागरूकता रथ, पोस्टर, वीडियो और पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं के जरिए संदेश पहुंचाया गया। सिनेमा हॉलों में भी बिजली से बचाव पर आधारित वीडियो दिखाए गए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी चेतावनियों को तेजी से आमजन तक पहुंचाया गया। योगी सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि मीरजापुर में वर्तमान में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ट्रैक्टर बाइक की आमने सामने भिड़ंत में दो युवक की मौत

फर्रुखाबाद l अमृतपुर कस्बे के मुख्य बस अड्डे पर बाइक और ट्रैक्टर की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवक घायल हो गए।  बस अड्डे पर ट्रैक्टर  बांसी अड्डे की तरफ जा रहा था जिस पर मोरम लदी हुई थी। उधर सामने से कस्बा निवासी सत्यम पुत्र दिलीप शोभित पुत्र तिलकराम उर्फ पहाड़ी मोटरसाइकिल से आ रहे थे। तभी अचानक ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। जिससे बाइक ट्रैक्टर के पहियों में उलझ गई और दोनों बाइक सवार युवक ट्रैक्टर के नीचे आ गए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई और रोड पूरी तरीके से जाम हो गया। ट्रैक्टर चालक वहां से भाग गया।

जानकारी मिलने पर थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया। व ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया। घायल युवकों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भेजा दिया। जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई। इस अचानक घटी घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
गया में परफेक्शन आईएएस का शुभारंभ, अब यहीं होगी यूपीएससी व बीपीएससी की तैयारी

गया: गया शहर के गया कॉलेज मोड़ स्थित सीआरपीएफ कैंप के समीप बुधवार को परफेक्शन आईएएस कोचिंग संस्थान का विधिवत शुभारंभ फीता काटकर किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संस्थान के संचालक सरवन कुमार, सत्या कुमार एवं मुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया।

संचालकों ने बताया कि परफेक्शन आईएएस में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) एवं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षाओं की तैयारी अनुभवी शिक्षकों द्वारा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि गया एवं आसपास के जिलों के छात्रों को अब सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए पटना जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अध्ययन सामग्री और नियमित मार्गदर्शन की व्यवस्था अब गया में ही उपलब्ध होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में आधुनिक शिक्षण पद्धति, नियमित टेस्ट सीरीज, डाउट क्लियरिंग सेशन एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन की सुविधा दी जाएगी, जिससे छात्र बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। परफेक्शन आईएएस का उद्देश्य ग्रामीण एवं छोटे शहरों के प्रतिभाशाली छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। संस्थान के उद्घाटन से क्षेत्र के छात्रों में खासा उत्साह देखा गया और लोगों ने इस पहल की सराहना की।

साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति में सीएटल में तिरंगा फहरा, गणतंत्र दिवस का भव्य उत्सव”

वाणिज्य दूतावास में नए कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर का उद्घाटन

कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से फहराया तिंरगा

अत्यधिक सर्दी का मौसम होने के बाद भी अद्भुत उत्साह से मनाया गणतंत्र दिवस

भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना: साध्वी भगवती सरस्वती


ऋषिकेश। अमेरिका के सीएटल शहर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक नेता साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई दी। उनका संदेश भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और वैश्विक मानवता के मूल्यों का प्रतीक बना। समारोह की शुरुआत फेडरल रिज़र्व भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। अत्यधिक ठंड के बावजूद, 300 से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से भारतीय तिरंगा फहराया गया, जो पैसिफिक ओशन से भी दिखाई देता है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, “भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना है।

भारतीय संविधान केवल कागज़ का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उन ऋषियों की दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है जिन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व के सामने रखा।” उन्होंने तिरंगे को त्याग, शांति और साहस का प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति और मूल्यों का वैश्विक महत्व रेखांकित किया। सीएटल की मेयर  केटी विल्सन, भारतीय काउंसल जनरल  प्रकाश गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मेयर विल्सन ने भारत और सीएटल के बीच दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को रेखांकित किया। इस अवसर पर इंडिया कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। यह सेंटर अब वाणिज्य दूतावास के साथ सह-स्थित है और क्षेत्र में बढ़ते भारतीय समुदाय को सुलभ, बेहतर और सशक्त कांसुलर सेवाएँ प्रदान करेगा। गणतंत्र दिवस के सम्मान में वॉशिंगटन स्टेट सीनेट ने विशेष सत्र आयोजित किया और प्रस्ताव संख्या 8674 पारित कर भारत की लोकतांत्रिक विरासत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को औपचारिक रूप से सम्मानित किया।

यह प्रस्ताव भारतीय-अमेरिकी स्टेट सीनेटर मंका ढींगरा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि भारतीय मूल की स्टेट सीनेटर वंदना स्लेटर ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव में भारतीय समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका को विशेष रूप से स्वीकार किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, विविधता, आपसी सम्मान और साझी मानवता के मूल्यों का उत्सव मनाया। साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक चेतना से युक्त वैश्विक संवाद में बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आत्मा उसके संविधान, लोकतंत्र और आध्यात्मिक मूल्यों में निहित है, जो आज संपूर्ण विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन केवल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और मूल्यों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण भी साबित हुआ।
वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का समरस फाउंडेशन ने किया सम्मान


मुंबई। मुंबई की यात्रा पर आए वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का आज महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में संस्था के चेयरमैन डॉक्टर किशोर सिंह ने शॉल और पुष्प गुच्छ से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष सतीश मिश्रा, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, संगठन सचिव पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र  कुमार पांडे, दीपेश मिश्रा, पूरव गांधी, स्वामी रामलिंगम समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आचार्य दीक्षित ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टर किशोर सिंह के नेतृत्व में संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों से समाज को प्रेरणा मिल रही है।
बोर्ड परीक्षा : 60 केंद्रों पर एसटीएफ रखेगी नजर
सर्विलांस पर रहेंगे वित्तविहीन स्कूल के प्रबंधकों के नंबर


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण बोर्ड परीक्षा कराने के लिए शासन गंभीर है। नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए पहले की तरह इस बार भी एसटीएफ की नजर रहेगी। वित्तविहीन केंद्रों के प्रबंधकों के नंबर सर्विलांस पर रहेंगे। सभी परीक्षा केंद्र पर क्षेत्रीय पुलिस बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए मौजूद रहेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी। इसके पहले प्रायोगिक परीक्षाएं करानी है।

बोर्ड परीक्षा में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए सारी व्यवस्थाएं ठीक कराई जा रही हैं। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती से लेकर मजिस्ट्रेट भी तैनात होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकॉर्डर को सही कराया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कुछ केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियां की जाती हैं।
डीघ, सुरियावां के अभियां, चौरी, औराई आदि क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में पूर्व की परीक्षाओं में गड़बड़ी हो चुकी है। पहले के वर्षों की तरह इस बार भी परीक्षा पर एसटीएफ की नजर रहेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा के लिए शासन गंभीर है। 60 परीक्षा केंद्र एसटीएफ की नजर में रहेंगे। उन्होंने बताया कि विशेषकर वित्तविहीन विद्यालय बने केंद्रों पर विशेष सतर्कता रहेगी। बताते चलें कि बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 54 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे।
उत्तर पुस्तिकाओं के साथ जाएंगे पुलिसकर्मी
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर लगाई जाएगी। वह परीक्षा के समय केंद्र पर ही रहेंगे, जो पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्र पर तैनात होंगे। उनमें से ही एक पुलिसकर्मी उत्तर पुस्तिकाओं को संकलन केंद्र तक पहुंचाने के लिए विद्यालय के
चौपारण के अंजन में 50 एकड़ अवैध अफीम की खेती नष्ट, ड्रोन सर्वे से 200 एकड़ की पहचान

हजारीबाग। दिनांक 28.01.2026 को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अंजन में वन विभाग एवं चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान अंजन के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को चिन्हित किया गया। संयुक्त कार्रवाई में लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में लगी अवैध अफीम की खेती को मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया।

अभियान के दौरान घटनास्थल से 8 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। ड्रोन सर्वे के माध्यम से यह अनुमान लगाया गया है कि अंजन क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ में अवैध अफीम की खेती की गई है। आज की कार्रवाई में 50 एकड़ फसल को नष्ट किया गया है, जबकि शेष 200 एकड़ क्षेत्र में लगी अफीम की खेती को 3 दिन के भीतर पूर्ण रूप से नष्ट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पूर्व में इस क्षेत्र में प्रभावी विनष्टिकरण नहीं होने के कारण तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ था, जिसे तोड़ने के लिए अब लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अवैध रूप से अफीम की खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम एवं पते का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान के उपरांत उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई जारी है।

इस संयुक्त अभियान में श्री अजित कुमार बिमल (SDPO बरही), श्री चंद्रशेखर (पु0नि0 बरही अंचल), सरोज सिंह चौधरी (थाना प्रभारी चौपरण), SI सुबिन्दर राम, SI रवि रंजन, SI दिव्य प्रकाश, ASI बदल महतो, ASI कमरुद्दीन, बनपाल कुलदीप कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि दुर्गम इलाकों में ड्रोन के माध्यम से अवैध खेती को चिन्हित कर विनष्ट किया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।