फेरी कर कपड़े बेचने वाला 25 हजार का इनामी दौलत खान जेल रवाना
*दिन में ज्वैलर्स की दुकानों को टारगेट कर रात में करता था चोरी

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए 25 हजार के इनामी दौलत खान को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।जेल में दौलत खान को कोरंटाइन बैरक में रखा गया है और उसकी हर गतिविधि पर जेल प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है।पुलिस के अनुसार, दौलत खान अपने कुछ साथियों के साथ बरेली से गोंडा आया था और किराए पर कमरा लिया था।वह दिन में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था और इसी दौरान वह ज्वैलर्स की दुकानों को चोरी के लिए निशाना बनाता था।रात में कपड़ा बेचने के बाद लौटकर वह अपने साथियों के साथ मिलकर उन ज्वैलर्स की दुकानों में चोरी की वारदात को अंजाम देता था।नगर कोतवाली पुलिस ने 22 दिसंबर को ठाकुरद्वारा में आशीष गुप्ता के यहां हुई चोरी,24 दिसंबर को तिवारी बाजार में हुई चोरी और 6 जनवरी को मकार्थीगंज मुहल्ले में आशीष कौशल के ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है।पुलिस दौलत खान के साथियों की तलाश कर रही है।पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं,जिनकी जांच की जा रही है।दौलत खान पर चोरी के अतिरिक्त बलात्कर के भी मुकदमे दर्ज हैं और उसने उत्तराखंड में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है।उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत उसके खिलाफ कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं।नगर कोतवाल विन्दैश्वरि मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।मुठभेड़ के दौरान घायल होने पर उसका गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया गया था।पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है और उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ठंड बनी लोगों की परेशानी का कारण
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण जहां दृश्यता बेहद कम हो गई है, वहीं ठंड के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को दैनिक कार्यों के निपटारे में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मोहम्मदपुर सकिश्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अधिक कोहरा पड़ने और ठंड बढ़ने से खेतों व अन्य कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं। सुबह के समय तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कोहरा इतना घना होता है कि सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वाहन चालकों को भी बेहद सतर्क होकर चलना पड़ रहा है।

ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। ठंड के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड और कोहरे में नमी के कारण सांस संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे विशेषकर वृद्ध और बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि ठंड की वजह से सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूर वर्ग के लोगों को काम पर जाने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कोहरे और ठंड को देखते हुए आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव और अन्य राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही जनजीवन सामान्य हो पाएगा।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

21.47 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित 16 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


कोआपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ऋण वितरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और घोटाला सामने आया है।205 खाताधारकों के ऋण खातों और पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई है।इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक,प्रबंधक,तत्कालीन कैशियर और 12 खाताधारकों सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानी गंज शाखा के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल से शिकायत किया था।आंतरिक जांच टीम की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा होने के बाद यह शिकायत की गई थी।शिकायत के आधार पर जांच में आरोप सही पाये जाने पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस पूरे मामले की जांच नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दिया है।भुवन चंद्र सती ने आरोप लगाया है कि ऋण वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी किया गया है।आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया  तथा अनियमित रूप से ऋण वितरित कर धनराशि का दुरुपयोग किया।तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को इस सिंडिकेट में शामिल कर बिना पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत कर दिये।

ऋण देने से पहले न तो आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए और न तो खाताधारकों का सत्यापन किया गया।फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे ऋण वितरण किया गया।आरोप है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं,जिन्होंने खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया।आरोपियों ने विभिन्न खाताधारकों के खातों से अपने और अपने करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किये।खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग करते हुए इसके अतिरिक्त लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया गया है ताकि खाता एनपीए में न वर्गीकरण हो जाए और बैंक मुख्यालय की जानकारी में न आ सके।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार,तत्कालीन सहायक कैशियर सुशील कुमार गौतम,पवन कुमार और खाताधारक सुमित्रा पाल,संजना सिंह,राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह,फूल मोहम्मद, राघव राम,शिवाकांत वर्मा, रितैंद्र पाल,गिता देवी वर्मा,दुष्यंत प्रताप सिंह,मोहम्मद असलम,प्रतीक कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
झामुमो नगर कमेटी ने दही-चूड़ा कार्यक्रम के साथ चुनावी तैयारी का किया आगाज़

16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे

हजारीबाग: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नगर कमेटी की ओर से मंगलवार को पार्टी कार्यालय, हजारीबाग में पारंपरिक दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने की, जबकि संचालन जिला सचिव निसार अहमद ने किया। मौके पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दही-चूड़ा और तिलकुट का आनंद लिया।

कार्यक्रम के दौरान आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। झामुमो जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से आम जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने कहा कि झामुमो नगर निगम चुनाव मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने हेमंत सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की कई योजनाओं से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को “मइयां सम्मान योजना” का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जो कहती है, उसे करके भी दिखाती है।

विकास राणा ने कहा कि इस बार झामुमो हजारीबाग नगर निगम चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगी और पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को सभी नेता व कार्यकर्ता एकजुट होकर समर्थन देंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सचिव मो. इजहार अंसारी, नगर उपाध्यक्ष राजदेव यादव, राजीव वर्मा, हसीब खान, राजा मोहम्मद, राजकिशोर प्रसाद, मो. अख्तर, सतीश दास, कौशर जमाल, मो. आजाद अंसारी, सुधीर पांडेय, धर्मेंद्र ठाकुर, मो. खलील सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

टीबी रोग से डरें नहीं डटकर नियमित दवा का करें सेवन

भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के तहत श्रमिकों को किया गया जागरूक

मीरजापुर,13 जनवरी 2026। भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान अन्तर्गत मंगलवार को जिला क्षय रोग विभाग की टीम द्वारा जनपद के नरायनपुर विकास खंड अंतर्गत स्थित भरेठा गांव के उषा मार्का ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग की संपूर्ण जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए टीबी रोग के लक्षणों एवं बचाव के उपाय बताए गए।

इस दौरान क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने ईंट भट्टा श्रमिकों को टीबी रोग के संपूर्ण लक्षणों से परिचित कराते हुए विभाग द्वारा दी जा रही नि:शुल्क सुविधाओं को भी विस्तार पूर्वक बताते हुए सभी को जागरूक किया। कहा आप अपने आस-पास के किसी भी परिचित-अपरचित को यदि टीबी रोग से जुड़े हुए लक्षणों से प्रभावित पाते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर जांच इलाज कराने का सुझाव देकर देश को टीबी मुक्त बनाने में अपना सराहनीय योगदान देने का प्रयास अवश्य करें, जिससे कि जल्द से जल्द टीबी रोग से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम जनमानस सुरक्षित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस रोग से घबराकर बैठने की जरुरत नहीं है, बल्कि डटकर नियमित दवा का सेवन कर इस रोग को दूर भगाने की जरूरत है। इस मौके पर भट्टा श्रमिकों के साथ आस-पास के ग्रामीण एवं क्षय रोग विभाग से अखिलेश कुमार, इफ्तिखार अहमद, भट्ठा मालिक महेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
दावोस में गूंजेगी 'धरती आबा' की बेटियों की दहाड़: विश्व आर्थिक मंच में महिला सशक्तिकरण का झारखंड मॉडल पेश करेंगी कल्पना सोरेन

रांची: विश्व आर्थिक सम्मेलन (WEF) 2026 में झारखंड की उपस्थिति इस बार बेहद खास होने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल न केवल औद्योगिक निवेश, बल्कि महिला नेतृत्व और समावेशी विकास का नया अध्याय लिखने दावोस (स्विट्जरलैंड) जा रहा है। झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना सोरेन अंतरराष्ट्रीय मंचों से झारखंड की महिलाओं के आत्मविश्वास और उद्यमशीलता की गाथा सुनाएंगी।

वैश्विक मंचों पर झारखंड की भागीदारी कल्पना सोरेन दावोस में महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित ब्रिक्स पैनल, ईटी महिला सशक्तिकरण संवाद और 'वी लीड' (We Lead) जैसे उच्च स्तरीय मंचों को संबोधित करेंगी। वे दुनिया को बताएंगी कि कैसे आदिवासी और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाएं आज झारखंड के आर्थिक परिवर्तन की वाहक बन रही हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं का 'पलाश' ब्रांड प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य की 35 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं। लखपति दीदी, पलाश, जोहार और मंईयां सम्मान योजना जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं की आय में क्रांतिकारी वृद्धि की है। 'पलाश' ब्रांड का कारोबार साल 2026 तक 45 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है, जिसकी सफलता का डंका अब वैश्विक बाजारों में बजेगा।

यूके में शिक्षा और संस्कृति पर चर्चा दावोस के बाद यात्रा के अगले चरण में कल्पना सोरेन यूनाइटेड किंगडम (UK) जाएंगी। वहां वे जलवायु परिवर्तन, कौशल विकास और सांस्कृतिक विरासत पर आयोजित राउंड टेबल चर्चाओं में भाग लेंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ वे मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत यूके में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे झारखंड के छात्र-छात्राओं से भी मुलाकात करेंगी।

विकास का 'झारखंड विजन' राज्य सरकार का संदेश स्पष्ट है कि विकास केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि संस्थागत शक्ति और आर्थिक सशक्तिकरण पर आधारित होना चाहिए। कल्पना सोरेन का यह दौरा समावेशी विकास के प्रति झारखंड की प्रतिबद्धता को वैश्विक पहचान दिलाएगा।

फेरी कर कपड़े बेचने वाला 25 हजार का इनामी दौलत खान जेल रवाना
*दिन में ज्वैलर्स की दुकानों को टारगेट कर रात में करता था चोरी

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए 25 हजार के इनामी दौलत खान को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।जेल में दौलत खान को कोरंटाइन बैरक में रखा गया है और उसकी हर गतिविधि पर जेल प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है।पुलिस के अनुसार, दौलत खान अपने कुछ साथियों के साथ बरेली से गोंडा आया था और किराए पर कमरा लिया था।वह दिन में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था और इसी दौरान वह ज्वैलर्स की दुकानों को चोरी के लिए निशाना बनाता था।रात में कपड़ा बेचने के बाद लौटकर वह अपने साथियों के साथ मिलकर उन ज्वैलर्स की दुकानों में चोरी की वारदात को अंजाम देता था।नगर कोतवाली पुलिस ने 22 दिसंबर को ठाकुरद्वारा में आशीष गुप्ता के यहां हुई चोरी,24 दिसंबर को तिवारी बाजार में हुई चोरी और 6 जनवरी को मकार्थीगंज मुहल्ले में आशीष कौशल के ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है।पुलिस दौलत खान के साथियों की तलाश कर रही है।पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं,जिनकी जांच की जा रही है।दौलत खान पर चोरी के अतिरिक्त बलात्कर के भी मुकदमे दर्ज हैं और उसने उत्तराखंड में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है।उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत उसके खिलाफ कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं।नगर कोतवाल विन्दैश्वरि मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।मुठभेड़ के दौरान घायल होने पर उसका गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया गया था।पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है और उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ठंड बनी लोगों की परेशानी का कारण
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण जहां दृश्यता बेहद कम हो गई है, वहीं ठंड के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को दैनिक कार्यों के निपटारे में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मोहम्मदपुर सकिश्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अधिक कोहरा पड़ने और ठंड बढ़ने से खेतों व अन्य कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं। सुबह के समय तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कोहरा इतना घना होता है कि सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वाहन चालकों को भी बेहद सतर्क होकर चलना पड़ रहा है।

ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। ठंड के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड और कोहरे में नमी के कारण सांस संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे विशेषकर वृद्ध और बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि ठंड की वजह से सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूर वर्ग के लोगों को काम पर जाने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कोहरे और ठंड को देखते हुए आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव और अन्य राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही जनजीवन सामान्य हो पाएगा।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

21.47 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित 16 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


कोआपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ऋण वितरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और घोटाला सामने आया है।205 खाताधारकों के ऋण खातों और पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई है।इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक,प्रबंधक,तत्कालीन कैशियर और 12 खाताधारकों सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानी गंज शाखा के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल से शिकायत किया था।आंतरिक जांच टीम की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा होने के बाद यह शिकायत की गई थी।शिकायत के आधार पर जांच में आरोप सही पाये जाने पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस पूरे मामले की जांच नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दिया है।भुवन चंद्र सती ने आरोप लगाया है कि ऋण वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी किया गया है।आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया  तथा अनियमित रूप से ऋण वितरित कर धनराशि का दुरुपयोग किया।तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को इस सिंडिकेट में शामिल कर बिना पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत कर दिये।

ऋण देने से पहले न तो आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए और न तो खाताधारकों का सत्यापन किया गया।फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे ऋण वितरण किया गया।आरोप है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं,जिन्होंने खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया।आरोपियों ने विभिन्न खाताधारकों के खातों से अपने और अपने करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किये।खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग करते हुए इसके अतिरिक्त लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया गया है ताकि खाता एनपीए में न वर्गीकरण हो जाए और बैंक मुख्यालय की जानकारी में न आ सके।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार,तत्कालीन सहायक कैशियर सुशील कुमार गौतम,पवन कुमार और खाताधारक सुमित्रा पाल,संजना सिंह,राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह,फूल मोहम्मद, राघव राम,शिवाकांत वर्मा, रितैंद्र पाल,गिता देवी वर्मा,दुष्यंत प्रताप सिंह,मोहम्मद असलम,प्रतीक कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
झामुमो नगर कमेटी ने दही-चूड़ा कार्यक्रम के साथ चुनावी तैयारी का किया आगाज़

16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे

हजारीबाग: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नगर कमेटी की ओर से मंगलवार को पार्टी कार्यालय, हजारीबाग में पारंपरिक दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने की, जबकि संचालन जिला सचिव निसार अहमद ने किया। मौके पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दही-चूड़ा और तिलकुट का आनंद लिया।

कार्यक्रम के दौरान आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। झामुमो जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से आम जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने कहा कि झामुमो नगर निगम चुनाव मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने हेमंत सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की कई योजनाओं से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को “मइयां सम्मान योजना” का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जो कहती है, उसे करके भी दिखाती है।

विकास राणा ने कहा कि इस बार झामुमो हजारीबाग नगर निगम चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगी और पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को सभी नेता व कार्यकर्ता एकजुट होकर समर्थन देंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सचिव मो. इजहार अंसारी, नगर उपाध्यक्ष राजदेव यादव, राजीव वर्मा, हसीब खान, राजा मोहम्मद, राजकिशोर प्रसाद, मो. अख्तर, सतीश दास, कौशर जमाल, मो. आजाद अंसारी, सुधीर पांडेय, धर्मेंद्र ठाकुर, मो. खलील सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

टीबी रोग से डरें नहीं डटकर नियमित दवा का करें सेवन

भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के तहत श्रमिकों को किया गया जागरूक

मीरजापुर,13 जनवरी 2026। भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान अन्तर्गत मंगलवार को जिला क्षय रोग विभाग की टीम द्वारा जनपद के नरायनपुर विकास खंड अंतर्गत स्थित भरेठा गांव के उषा मार्का ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग की संपूर्ण जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए टीबी रोग के लक्षणों एवं बचाव के उपाय बताए गए।

इस दौरान क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने ईंट भट्टा श्रमिकों को टीबी रोग के संपूर्ण लक्षणों से परिचित कराते हुए विभाग द्वारा दी जा रही नि:शुल्क सुविधाओं को भी विस्तार पूर्वक बताते हुए सभी को जागरूक किया। कहा आप अपने आस-पास के किसी भी परिचित-अपरचित को यदि टीबी रोग से जुड़े हुए लक्षणों से प्रभावित पाते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर जांच इलाज कराने का सुझाव देकर देश को टीबी मुक्त बनाने में अपना सराहनीय योगदान देने का प्रयास अवश्य करें, जिससे कि जल्द से जल्द टीबी रोग से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम जनमानस सुरक्षित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस रोग से घबराकर बैठने की जरुरत नहीं है, बल्कि डटकर नियमित दवा का सेवन कर इस रोग को दूर भगाने की जरूरत है। इस मौके पर भट्टा श्रमिकों के साथ आस-पास के ग्रामीण एवं क्षय रोग विभाग से अखिलेश कुमार, इफ्तिखार अहमद, भट्ठा मालिक महेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
दावोस में गूंजेगी 'धरती आबा' की बेटियों की दहाड़: विश्व आर्थिक मंच में महिला सशक्तिकरण का झारखंड मॉडल पेश करेंगी कल्पना सोरेन

रांची: विश्व आर्थिक सम्मेलन (WEF) 2026 में झारखंड की उपस्थिति इस बार बेहद खास होने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल न केवल औद्योगिक निवेश, बल्कि महिला नेतृत्व और समावेशी विकास का नया अध्याय लिखने दावोस (स्विट्जरलैंड) जा रहा है। झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना सोरेन अंतरराष्ट्रीय मंचों से झारखंड की महिलाओं के आत्मविश्वास और उद्यमशीलता की गाथा सुनाएंगी।

वैश्विक मंचों पर झारखंड की भागीदारी कल्पना सोरेन दावोस में महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित ब्रिक्स पैनल, ईटी महिला सशक्तिकरण संवाद और 'वी लीड' (We Lead) जैसे उच्च स्तरीय मंचों को संबोधित करेंगी। वे दुनिया को बताएंगी कि कैसे आदिवासी और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाएं आज झारखंड के आर्थिक परिवर्तन की वाहक बन रही हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं का 'पलाश' ब्रांड प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य की 35 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं। लखपति दीदी, पलाश, जोहार और मंईयां सम्मान योजना जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं की आय में क्रांतिकारी वृद्धि की है। 'पलाश' ब्रांड का कारोबार साल 2026 तक 45 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है, जिसकी सफलता का डंका अब वैश्विक बाजारों में बजेगा।

यूके में शिक्षा और संस्कृति पर चर्चा दावोस के बाद यात्रा के अगले चरण में कल्पना सोरेन यूनाइटेड किंगडम (UK) जाएंगी। वहां वे जलवायु परिवर्तन, कौशल विकास और सांस्कृतिक विरासत पर आयोजित राउंड टेबल चर्चाओं में भाग लेंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ वे मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत यूके में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे झारखंड के छात्र-छात्राओं से भी मुलाकात करेंगी।

विकास का 'झारखंड विजन' राज्य सरकार का संदेश स्पष्ट है कि विकास केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि संस्थागत शक्ति और आर्थिक सशक्तिकरण पर आधारित होना चाहिए। कल्पना सोरेन का यह दौरा समावेशी विकास के प्रति झारखंड की प्रतिबद्धता को वैश्विक पहचान दिलाएगा।