अतरौलिया में तीन पुलिस सहायता केंद्रों का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बल। दूरदराज क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच, साइबर अपराध औ
जनपद के सीमावर्ती अतरौलिया थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को तीन नए पुलिस सहायता केंद्रों (पुलिस बूथ) का उद्घाटन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन के नेतृत्व में अतरैठ, लोहरा और बढ़या में इन केंद्रों का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन सहायता केंद्रों के शुरू होने से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी और ग्रामीणों को अपनी शिकायतों के लिए थाने तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की ओर से अतरैठ में उपनिरीक्षक पवन शुक्ला, लोहरा में देवी शरण पांडे तथा बढ़या में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह को मौजूदा जिम्मेदारी सौंपी गई है। बढ़या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। इस मौके पर पांच सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों—रामचेत (सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी), रामसूरत यादव, फिरतु राम, रामजीत, रामनवल और फतेह बहादुर सिंह—को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही एसडी ग्लोबल स्कूल मदियापार के मेधावी छात्रों विद्यार्थियों को भी उनकी उपलब्धियों के लिए पुलिस अधीक्षक के द्वारा सम्मानित किया गया। थाना क्षेत्र के लगभग 51 चौकीदारों को बेहतर गश्त और सतर्कता के लिए सीटी और टॉर्च वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ये सहायता केंद्र अस्थायी रूप से संचालित होंगे। यदि ग्राम प्रधान और एसडीएम के माध्यम से उपयुक्त भूमि उपलब्ध होती है, तो भविष्य में इन्हें स्थायी पुलिस चौकियों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पुलिसकर्मियों के लिए बैरक और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने साइबर अपराध और गोकशी जैसे गंभीर मामलों पर कड़ी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पेशेवर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ के तहत प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी, समाजसेवी अखंड सिंह, मोहब्बत वसीम सत्येंद्र सिंह सोनू, राधेश्याम यादव, गणेश दत्त दुबे समेत थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे, सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
देवघर- के रमलडीह में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती धूमधाम से मनाई गई।
देवघर: 28 मार्च 2026 को झारखंड कुशवाहा महासभा, देवघर प्रखंड के तत्वावधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती सार्वजनिक पुस्तकालय, रमलडीह में बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के अनेक सम्मानित एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण सामाजिक एकता और उत्साह से भर गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सचिव लालमोहन मांझी ने की। अपने संबोधन में वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके महान आदर्शों, शांति, मानवता, करुणा और सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सम्राट अशोक का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने समाज के लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलकर शिक्षा, एकता और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष चंदन कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष तेज नारायण वर्मा, दुखन कापरी, महासचिव शंकर कुषवाहा, कोषाध्यक्ष राजेश मंडल, जिला सदस्य विकास वर्मा एवं नीरज वर्मा, राकेश रंजन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही सहदेव मांझी, महेंद्र मरिक, लखन मरिक, गोपाल मरिक, कृष्णकांत मांझी, सुरेश मांझी, सुचित चौधरी, सुमन चौधरी, बमकिम चौधरी, दिलीप मांझी, शक्ति मरिक, कमल चौधरी, नकुल चौधरी, मनोहर चौधरी, विनोद चौधरी, शशि शेखर, शंकर चौधरी, लोकनाथ मरीक, विकास वर्मा, नीरज वर्मा, उषा देवी, सुनीता देवी, दुलारी देवी, तारा देविया, दारुण देविया एवं वार्ड सदस्य शांति देवी सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग, महिलाएं और युवा साथी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी ने बारी-बारी से सम्राट अशोक की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। सभी की सक्रिय भागीदारी और उत्साह से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक रहा। अंत में समाज की एकता, संगठन की मजबूती और समाज के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
नाम के दुरुपयोग पर मसीह समाज सख्त, प्रशासन से कार्रवाई की अपील

बिलासपुर- संयुक्त मसीह समाज बिलासपुर संभाग धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के विरोध में किए गए तथाकथित प्रदर्शनों की कड़े शब्दों में निंदा करता है। हम स्पष्ट रूप से यह घोषणा करते हैं कि इस विरोध का मसीह समुदाय से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। यह विरोध कुछ व्यक्तियों द्वारा मसीह समाज के नाम का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास मात्र है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संयुक्त मसीह समाज नाम से संगठन विधिवत रूप से केवल बिलासपुर संभाग में पंजीकृत है। ऐसे में अन्य स्थानों पर इसी नाम का उपयोग करना न केवल भ्रामक है। बल्कि कानूनी रूप से भी आपत्तिजनक और दंडनीय कृत्य है।

हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सच्चा मसीही मार्ग विरोध और अशांति का नहीं बल्कि शांति और आज्ञाकारिता का मार्ग है।

पवित्र बाइबिल में लिखा है हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के अधीन रहे क्योंकि कोई भी अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्वर की ओर से न रोमियों 13ः1 साथ ही यह भी लिखा है मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं कि विनती प्रार्थना बिनती और धन्यवाद सब मनुष्यों के लिये किए जाएं राजाओं और सब अधिकारियों के लिये भी।1तीमुथियुस 2ः1-2 इन वचनों के अनुसार मसीही समुदाय का कर्तव्य है कि वह सरकार और अधिकारियों के प्रति सम्मान बनाए रखे उनके लिए प्रार्थना करे न कि विरोध और अशांति का मार्ग अपनाए। हम संबंधित व्यक्तियों से यह सीधा प्रश्न पूछते हैं। क्या उनके पास संयुक्त मसीह समाज नाम से कोई वैध पंजीयन है। यदि नहीं तो वे किस अधिकार से इस नाम का उपयोग कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से भ्रामक प्रतिनिधित्व का मामला बनता है जो समाज को गुमराह करने और प्रशासन को भ्रमित करने का प्रयास है। इसके अलावा इन प्रदर्शनों में कहीं भी मसीह समुदाय के मान्यता प्राप्त। मुख्यधारा या आधिकारिक प्रतिनिधि उपस्थित नहीं थे। इससे यह सिद्ध होता है कि यह विरोध धार्मिक नहीं बल्कि सुनियोजित राजनीतिक गतिविधि है।

हम यह भी कहना चाहते हैं कि इस पूरे प्रकरण के पीछे से जुड़े लाभ सामाजिक पहचान और राजनीतिक स्वार्थ की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। मसीह समुदाय के नाम पर इस प्रकार की गतिविधियां न केवल अनुचित हैं बल्कि पूरे समाज की छवि को धूमिल करने का कार्य कर रही हैं। अतः संयुक्त मसीह समाज बिलासपुर संभाग प्रशासन से मांग करता है कि इस मामले की गंभीर जांच की जाए संयुक्त मसीह समाज नाम के दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई की जाए ऐसे भ्रामक और फर्जी संगठनों पर तत्काल रोक लगाई जाए हम सभी विश्वासियों एवं आम जनता से अपील करते हैं कि ऐसे स्वयंभू नेताओं और भ्रामक तत्वों से सतर्क रहें जो समाज के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का कार्य कर रहे हैं।

जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा को लेकर अलर्ट, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल से बच्चों को सिखाए गए बचाव के तरीके

जहानाबाद जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को देखते हुए अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के मध्य विद्यालयों, उच्च विद्यालयों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों और कर्मियों को आग से बचाव के तरीकों की प्रशिक्षण दी जा रही है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी स्नेही सोनल के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा विभिन्न स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल, निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बच्चों, शिक्षकों और आंगनवाड़ी सेविकाओं को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने, प्राथमिक सुरक्षा उपाय अपनाने और समय पर फायर ब्रिगेड को सूचना देने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। मॉक ड्रिल के दौरान आपात स्थिति का वास्तविक अभ्यास कराया गया, जिसमें बच्चों को सिखाया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय शांत रहकर निर्धारित सुरक्षित मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) का उपयोग करें। साथ ही, आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों और अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की भी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और आम लोगों को आग से बचाव के प्रति सजग करना और आपात स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए तैयार करना है। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि जिले में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निर्भया से भी ज्यादा जघन्य अपराध झारखंड की बेटी के साथ....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री साहू कल हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा गांव से लौटने के बाद आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री साहू के साथ कुसुंबा जाने वालों में सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ,विधायक नागेंद्र महतो,अमित यादव,रोशन लाल चौधरी,जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह शामिल थे।

श्री साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ कुसुंबा गांव गए और जो जानकारी मिली वह पूरी तरह रोंगटे खड़ा करने वाली,हृदय बिदारक है।

कहा कि जब पूरे देश में रामनवमी की तैयारियां चल रही हो, चैत्र नवरात्र में देवी की आराधना चल रही हो इसी बीच मंगलवारी जुलूस देखने गई एक गरीब मजदूर की 12 वर्षीय बेटी को अपराधी ,दरिंदे पकड़ते हैं,अपहरण कर उसका दुष्कर्म करते हैं और फिर हत्या भी कर देते हैं।

कहा कि ग्रामीण जनता ने बताया कि एक बेटी के साथ कैसा जघन्य कु कृत्य हुआ है। अपराधियों ने दुष्कर्म और हत्या के बात दरिंदगी की पराकाष्ठा की है। बेटी की आँखें निकाली गई, दांत तोड़े गए, जीभ काट दिए गए।

कहा कि ऐसे हालात में पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता ने राज्य की विधि व्यवस्था को उजागर किया है। चार दिनों तक गरीब के घर जिला प्रशासन नहीं पहुंचा। और हद तो तब हो गई जब मृत बेटी के मजदूर पिता को जल्द गांव आने में प्रशासन ने कोई मदद नहीं की।भाजपा के सांसद विधायकों ने फ्लाइट टिकट की व्यवस्था की।

कहा कि बात बात पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड की बेटी, गरीब की पीड़ा ने आहत नहीं किया।मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर भी संवेदना प्रकट नहीं की।

कहा कि आखिर राज्य कहां जा रहा है।राज्य की जनता कैसे सुरक्षित रहे।कैसे बहन बेटियां सुरक्षित रहें ये मुख्यमंत्री जी बताएं। वे असम में जाकर वोट मांगेंगे।उन्हें असम की जनता के बीच अपनी नाकामियों,विफलताओं को बताना चाहिए।

कहा कि राज्य की पुलिस केवल वसूली में लगी है,कोयला ,पत्थर चोरों को संरक्षण देकर अपराधियों का संरक्षण कर रही है। अपनी तिजोरी भरने में जुटी है।

कहा कि भाजपा झारखंड की जन्मदात्री है।हम राज्य को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी और कहा कि 24 घंटे में अपराधी नहीं पकड़े गए तो 29 मार्च को हजारीबाग के सभी प्रखंडों में भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज करेंगे।30 को पूरा हजारीबाग को ठप करेंगे,बंद करेंगे। साथ ही पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर पार्टी की महिला मोर्चा की बहने धरना प्रदर्शन करेंगी।

श्री साहू ने राज्य सरकार से मृतका के अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने हेतु कार्रवाई की मांग की।साथ ही मजदूर पिता को सरकारी नौकरी ,परिवार को सुरक्षा और 50 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

श्री साहू ने कहा कि सत्ताधारी झामुमो कांग्रेस,राजद को अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अच्छा होगा ये नेता कुसुंबा जाकर स्थिति को देखें।

झारखंड के 82 मॉडल स्कूलों में प्रवेश परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न; 19 जिलों के 60 केंद्रों पर दिखा छात्र-छात्राओं का भारी उत्साह

रांची: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) द्वारा संचालित राज्य के 82 प्रतिष्ठित मॉडल विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 में नामांकन हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा शनिवार, 28 मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए राज्य भर के 19 जिलों में कुल 60 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहाँ सुव्यवस्थित और कदाचार मुक्त वातावरण में परीक्षा ली गई।

100 अंकों की बहुविकल्पीय परीक्षा, मेरिट से होगा चयन

पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक आयोजित इस परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। परीक्षा केंद्र पर छात्र समय से काफी पहले ही पहुंच गए थे। यह परीक्षा पूर्णतः बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों पर आधारित थी, जिसमें कुल 100 अंक निर्धारित थे। प्रश्न पत्र में अंग्रेजी (30 अंक), गणित (30 अंक) और सामाजिक विज्ञान (40 अंक) से सवाल पूछे गए थे। परीक्षा के बाद अब प्राप्त अंकों के आधार पर एक राज्य स्तरीय मेरिट सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर ही इन मॉडल स्कूलों में बच्चों का अंतिम चयन होगा।

गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा पर जोर

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा संचालित ये मॉडल विद्यालय ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। यहाँ जैक (JAC) बोर्ड के माध्यम से कक्षा 6 से 12वीं तक पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य गरीब और प्रतिभावान बच्चों को आधुनिक शिक्षा और बेहतरीन बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खुद को तैयार कर सकें।

प्रशासन की रही पैनी नजर

परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश थे कि परीक्षा की शुचिता बनी रहे। परिषद ने इस सफल आयोजन के बाद राज्य के अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इन सरकारी मॉडल विद्यालयों का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक नामांकन कराएं।

उप्र: 24 घंटे में फसल क्षति का आकलन कर किसानों को राहत दें: प्रमुख सचिव राजस्व
लखनऊ। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत राशि के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और 15 मार्च 2026 से अब तक लगभग 20 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में बजट की आवश्यकता हो, तो तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय से मांग की जाए। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि राहत राशि प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर टोल-फ्री नंबर 1070 पर शिकायत दर्ज कराएं।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम संबंधी सूचनाएं विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित करें।
उल्लेखनीय है कि 15 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच प्रदेश में बेमौसम बारिश से 17 लोगों की मृत्यु, 11 पशुहानि तथा सहारनपुर और ललितपुर में 1661.75 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है।प्रमुख सचिव ने कहा कि राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कर प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
महिला सशक्तिकरण व बालिका शिक्षा पर स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर लैंगिक विभेद न करने एवं बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से बालिकाओं का विद्यालय में अधिकाधिक नामांकन कराने, बालिकाओं को सुविधा उपलब्ध कराने एवं महिला सशक्तिकरण हेतु अपील की।सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बनकटाचार्यगंज स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने राजकीय बाल संरक्षण गृह में निवास कर रहे बालकों से मिलकर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को समझा और उन्हें अच्छा मनुष्य बनकर समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने बालकों को  विस्कुट वितरित किए।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राज बहादुर सिंह बघेल जी, पूर्व विभागाध्यक्ष सैन्य विज्ञान विभाग,ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर बघेल जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयंसेवकों को समाजिक सद्भाव बनाने के लिए धार्मिक सहिष्णुता आवश्यक है। धार्मिक सद्भाव विकसित भारत के निर्माण का आधार है। धार्मिक सद्भाव से राष्ट्रीय सुरक्षा कायम रह सकती है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।डा दिलीप शुक्ल  नेआये हुए मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन किया।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक


गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
सारस की उड़ान से सजी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई पहचान


नोएडा/ लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को वैश्विक स्तर पर अलग और प्रभावशाली बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक चिन्ह (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व दिया जा रहा है।
सारस, जो प्रदेश की समृद्ध परंपरा और प्राकृतिक संतुलन का प्रतीक है, अब एयरपोर्ट की वैश्विक पहचान का हिस्सा बन गया है। इस लोगो के माध्यम से राज्य अपनी सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा रहा है।

* तकनीक और पर्यावरण का संतुलित डिजाइन
एयरपोर्ट का लोगो पतली और एकीकृत रेखाओं से डिजाइन किया गया है, जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, गति और बेहतर कनेक्टिविटी का संकेत देता है। इसमें इस्तेमाल किया गया नीला-हरा ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और इको-फ्रेंडली सोच के संतुलन को दर्शाता है, जो राज्य की ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट नीति के अनुरूप है।

* प्रगति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी उड़ान
लोगो में उड़ता हुआ सारस उत्तर प्रदेश के विकास, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है। यह राज्य को एक उभरते वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने के विजन को भी मजबूती देता है।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह नया प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को सशक्त बना रहा है, बल्कि इसे एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां आधुनिकता, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
अतरौलिया में तीन पुलिस सहायता केंद्रों का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बल। दूरदराज क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच, साइबर अपराध औ
जनपद के सीमावर्ती अतरौलिया थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को तीन नए पुलिस सहायता केंद्रों (पुलिस बूथ) का उद्घाटन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन के नेतृत्व में अतरैठ, लोहरा और बढ़या में इन केंद्रों का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन सहायता केंद्रों के शुरू होने से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी और ग्रामीणों को अपनी शिकायतों के लिए थाने तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की ओर से अतरैठ में उपनिरीक्षक पवन शुक्ला, लोहरा में देवी शरण पांडे तथा बढ़या में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह को मौजूदा जिम्मेदारी सौंपी गई है। बढ़या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। इस मौके पर पांच सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों—रामचेत (सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी), रामसूरत यादव, फिरतु राम, रामजीत, रामनवल और फतेह बहादुर सिंह—को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही एसडी ग्लोबल स्कूल मदियापार के मेधावी छात्रों विद्यार्थियों को भी उनकी उपलब्धियों के लिए पुलिस अधीक्षक के द्वारा सम्मानित किया गया। थाना क्षेत्र के लगभग 51 चौकीदारों को बेहतर गश्त और सतर्कता के लिए सीटी और टॉर्च वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ये सहायता केंद्र अस्थायी रूप से संचालित होंगे। यदि ग्राम प्रधान और एसडीएम के माध्यम से उपयुक्त भूमि उपलब्ध होती है, तो भविष्य में इन्हें स्थायी पुलिस चौकियों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पुलिसकर्मियों के लिए बैरक और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने साइबर अपराध और गोकशी जैसे गंभीर मामलों पर कड़ी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पेशेवर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ के तहत प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी, समाजसेवी अखंड सिंह, मोहब्बत वसीम सत्येंद्र सिंह सोनू, राधेश्याम यादव, गणेश दत्त दुबे समेत थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे, सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
देवघर- के रमलडीह में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती धूमधाम से मनाई गई।
देवघर: 28 मार्च 2026 को झारखंड कुशवाहा महासभा, देवघर प्रखंड के तत्वावधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती सार्वजनिक पुस्तकालय, रमलडीह में बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के अनेक सम्मानित एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण सामाजिक एकता और उत्साह से भर गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सचिव लालमोहन मांझी ने की। अपने संबोधन में वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके महान आदर्शों, शांति, मानवता, करुणा और सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सम्राट अशोक का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने समाज के लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलकर शिक्षा, एकता और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष चंदन कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष तेज नारायण वर्मा, दुखन कापरी, महासचिव शंकर कुषवाहा, कोषाध्यक्ष राजेश मंडल, जिला सदस्य विकास वर्मा एवं नीरज वर्मा, राकेश रंजन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही सहदेव मांझी, महेंद्र मरिक, लखन मरिक, गोपाल मरिक, कृष्णकांत मांझी, सुरेश मांझी, सुचित चौधरी, सुमन चौधरी, बमकिम चौधरी, दिलीप मांझी, शक्ति मरिक, कमल चौधरी, नकुल चौधरी, मनोहर चौधरी, विनोद चौधरी, शशि शेखर, शंकर चौधरी, लोकनाथ मरीक, विकास वर्मा, नीरज वर्मा, उषा देवी, सुनीता देवी, दुलारी देवी, तारा देविया, दारुण देविया एवं वार्ड सदस्य शांति देवी सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग, महिलाएं और युवा साथी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी ने बारी-बारी से सम्राट अशोक की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। सभी की सक्रिय भागीदारी और उत्साह से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक रहा। अंत में समाज की एकता, संगठन की मजबूती और समाज के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
नाम के दुरुपयोग पर मसीह समाज सख्त, प्रशासन से कार्रवाई की अपील

बिलासपुर- संयुक्त मसीह समाज बिलासपुर संभाग धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के विरोध में किए गए तथाकथित प्रदर्शनों की कड़े शब्दों में निंदा करता है। हम स्पष्ट रूप से यह घोषणा करते हैं कि इस विरोध का मसीह समुदाय से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। यह विरोध कुछ व्यक्तियों द्वारा मसीह समाज के नाम का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास मात्र है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संयुक्त मसीह समाज नाम से संगठन विधिवत रूप से केवल बिलासपुर संभाग में पंजीकृत है। ऐसे में अन्य स्थानों पर इसी नाम का उपयोग करना न केवल भ्रामक है। बल्कि कानूनी रूप से भी आपत्तिजनक और दंडनीय कृत्य है।

हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सच्चा मसीही मार्ग विरोध और अशांति का नहीं बल्कि शांति और आज्ञाकारिता का मार्ग है।

पवित्र बाइबिल में लिखा है हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के अधीन रहे क्योंकि कोई भी अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्वर की ओर से न रोमियों 13ः1 साथ ही यह भी लिखा है मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं कि विनती प्रार्थना बिनती और धन्यवाद सब मनुष्यों के लिये किए जाएं राजाओं और सब अधिकारियों के लिये भी।1तीमुथियुस 2ः1-2 इन वचनों के अनुसार मसीही समुदाय का कर्तव्य है कि वह सरकार और अधिकारियों के प्रति सम्मान बनाए रखे उनके लिए प्रार्थना करे न कि विरोध और अशांति का मार्ग अपनाए। हम संबंधित व्यक्तियों से यह सीधा प्रश्न पूछते हैं। क्या उनके पास संयुक्त मसीह समाज नाम से कोई वैध पंजीयन है। यदि नहीं तो वे किस अधिकार से इस नाम का उपयोग कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से भ्रामक प्रतिनिधित्व का मामला बनता है जो समाज को गुमराह करने और प्रशासन को भ्रमित करने का प्रयास है। इसके अलावा इन प्रदर्शनों में कहीं भी मसीह समुदाय के मान्यता प्राप्त। मुख्यधारा या आधिकारिक प्रतिनिधि उपस्थित नहीं थे। इससे यह सिद्ध होता है कि यह विरोध धार्मिक नहीं बल्कि सुनियोजित राजनीतिक गतिविधि है।

हम यह भी कहना चाहते हैं कि इस पूरे प्रकरण के पीछे से जुड़े लाभ सामाजिक पहचान और राजनीतिक स्वार्थ की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। मसीह समुदाय के नाम पर इस प्रकार की गतिविधियां न केवल अनुचित हैं बल्कि पूरे समाज की छवि को धूमिल करने का कार्य कर रही हैं। अतः संयुक्त मसीह समाज बिलासपुर संभाग प्रशासन से मांग करता है कि इस मामले की गंभीर जांच की जाए संयुक्त मसीह समाज नाम के दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई की जाए ऐसे भ्रामक और फर्जी संगठनों पर तत्काल रोक लगाई जाए हम सभी विश्वासियों एवं आम जनता से अपील करते हैं कि ऐसे स्वयंभू नेताओं और भ्रामक तत्वों से सतर्क रहें जो समाज के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का कार्य कर रहे हैं।

जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा को लेकर अलर्ट, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल से बच्चों को सिखाए गए बचाव के तरीके

जहानाबाद जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को देखते हुए अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के मध्य विद्यालयों, उच्च विद्यालयों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों और कर्मियों को आग से बचाव के तरीकों की प्रशिक्षण दी जा रही है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी स्नेही सोनल के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा विभिन्न स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल, निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बच्चों, शिक्षकों और आंगनवाड़ी सेविकाओं को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने, प्राथमिक सुरक्षा उपाय अपनाने और समय पर फायर ब्रिगेड को सूचना देने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। मॉक ड्रिल के दौरान आपात स्थिति का वास्तविक अभ्यास कराया गया, जिसमें बच्चों को सिखाया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय शांत रहकर निर्धारित सुरक्षित मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) का उपयोग करें। साथ ही, आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों और अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की भी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और आम लोगों को आग से बचाव के प्रति सजग करना और आपात स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए तैयार करना है। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि जिले में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निर्भया से भी ज्यादा जघन्य अपराध झारखंड की बेटी के साथ....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री साहू कल हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा गांव से लौटने के बाद आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री साहू के साथ कुसुंबा जाने वालों में सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ,विधायक नागेंद्र महतो,अमित यादव,रोशन लाल चौधरी,जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह शामिल थे।

श्री साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ कुसुंबा गांव गए और जो जानकारी मिली वह पूरी तरह रोंगटे खड़ा करने वाली,हृदय बिदारक है।

कहा कि जब पूरे देश में रामनवमी की तैयारियां चल रही हो, चैत्र नवरात्र में देवी की आराधना चल रही हो इसी बीच मंगलवारी जुलूस देखने गई एक गरीब मजदूर की 12 वर्षीय बेटी को अपराधी ,दरिंदे पकड़ते हैं,अपहरण कर उसका दुष्कर्म करते हैं और फिर हत्या भी कर देते हैं।

कहा कि ग्रामीण जनता ने बताया कि एक बेटी के साथ कैसा जघन्य कु कृत्य हुआ है। अपराधियों ने दुष्कर्म और हत्या के बात दरिंदगी की पराकाष्ठा की है। बेटी की आँखें निकाली गई, दांत तोड़े गए, जीभ काट दिए गए।

कहा कि ऐसे हालात में पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता ने राज्य की विधि व्यवस्था को उजागर किया है। चार दिनों तक गरीब के घर जिला प्रशासन नहीं पहुंचा। और हद तो तब हो गई जब मृत बेटी के मजदूर पिता को जल्द गांव आने में प्रशासन ने कोई मदद नहीं की।भाजपा के सांसद विधायकों ने फ्लाइट टिकट की व्यवस्था की।

कहा कि बात बात पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड की बेटी, गरीब की पीड़ा ने आहत नहीं किया।मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर भी संवेदना प्रकट नहीं की।

कहा कि आखिर राज्य कहां जा रहा है।राज्य की जनता कैसे सुरक्षित रहे।कैसे बहन बेटियां सुरक्षित रहें ये मुख्यमंत्री जी बताएं। वे असम में जाकर वोट मांगेंगे।उन्हें असम की जनता के बीच अपनी नाकामियों,विफलताओं को बताना चाहिए।

कहा कि राज्य की पुलिस केवल वसूली में लगी है,कोयला ,पत्थर चोरों को संरक्षण देकर अपराधियों का संरक्षण कर रही है। अपनी तिजोरी भरने में जुटी है।

कहा कि भाजपा झारखंड की जन्मदात्री है।हम राज्य को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी और कहा कि 24 घंटे में अपराधी नहीं पकड़े गए तो 29 मार्च को हजारीबाग के सभी प्रखंडों में भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज करेंगे।30 को पूरा हजारीबाग को ठप करेंगे,बंद करेंगे। साथ ही पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर पार्टी की महिला मोर्चा की बहने धरना प्रदर्शन करेंगी।

श्री साहू ने राज्य सरकार से मृतका के अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने हेतु कार्रवाई की मांग की।साथ ही मजदूर पिता को सरकारी नौकरी ,परिवार को सुरक्षा और 50 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

श्री साहू ने कहा कि सत्ताधारी झामुमो कांग्रेस,राजद को अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अच्छा होगा ये नेता कुसुंबा जाकर स्थिति को देखें।

झारखंड के 82 मॉडल स्कूलों में प्रवेश परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न; 19 जिलों के 60 केंद्रों पर दिखा छात्र-छात्राओं का भारी उत्साह

रांची: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) द्वारा संचालित राज्य के 82 प्रतिष्ठित मॉडल विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 में नामांकन हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा शनिवार, 28 मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए राज्य भर के 19 जिलों में कुल 60 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहाँ सुव्यवस्थित और कदाचार मुक्त वातावरण में परीक्षा ली गई।

100 अंकों की बहुविकल्पीय परीक्षा, मेरिट से होगा चयन

पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक आयोजित इस परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। परीक्षा केंद्र पर छात्र समय से काफी पहले ही पहुंच गए थे। यह परीक्षा पूर्णतः बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों पर आधारित थी, जिसमें कुल 100 अंक निर्धारित थे। प्रश्न पत्र में अंग्रेजी (30 अंक), गणित (30 अंक) और सामाजिक विज्ञान (40 अंक) से सवाल पूछे गए थे। परीक्षा के बाद अब प्राप्त अंकों के आधार पर एक राज्य स्तरीय मेरिट सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर ही इन मॉडल स्कूलों में बच्चों का अंतिम चयन होगा।

गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा पर जोर

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा संचालित ये मॉडल विद्यालय ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। यहाँ जैक (JAC) बोर्ड के माध्यम से कक्षा 6 से 12वीं तक पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य गरीब और प्रतिभावान बच्चों को आधुनिक शिक्षा और बेहतरीन बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खुद को तैयार कर सकें।

प्रशासन की रही पैनी नजर

परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश थे कि परीक्षा की शुचिता बनी रहे। परिषद ने इस सफल आयोजन के बाद राज्य के अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इन सरकारी मॉडल विद्यालयों का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक नामांकन कराएं।

उप्र: 24 घंटे में फसल क्षति का आकलन कर किसानों को राहत दें: प्रमुख सचिव राजस्व
लखनऊ। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत राशि के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और 15 मार्च 2026 से अब तक लगभग 20 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में बजट की आवश्यकता हो, तो तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय से मांग की जाए। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि राहत राशि प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर टोल-फ्री नंबर 1070 पर शिकायत दर्ज कराएं।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम संबंधी सूचनाएं विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित करें।
उल्लेखनीय है कि 15 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच प्रदेश में बेमौसम बारिश से 17 लोगों की मृत्यु, 11 पशुहानि तथा सहारनपुर और ललितपुर में 1661.75 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है।प्रमुख सचिव ने कहा कि राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कर प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
महिला सशक्तिकरण व बालिका शिक्षा पर स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर लैंगिक विभेद न करने एवं बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से बालिकाओं का विद्यालय में अधिकाधिक नामांकन कराने, बालिकाओं को सुविधा उपलब्ध कराने एवं महिला सशक्तिकरण हेतु अपील की।सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बनकटाचार्यगंज स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने राजकीय बाल संरक्षण गृह में निवास कर रहे बालकों से मिलकर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को समझा और उन्हें अच्छा मनुष्य बनकर समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने बालकों को  विस्कुट वितरित किए।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राज बहादुर सिंह बघेल जी, पूर्व विभागाध्यक्ष सैन्य विज्ञान विभाग,ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर बघेल जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयंसेवकों को समाजिक सद्भाव बनाने के लिए धार्मिक सहिष्णुता आवश्यक है। धार्मिक सद्भाव विकसित भारत के निर्माण का आधार है। धार्मिक सद्भाव से राष्ट्रीय सुरक्षा कायम रह सकती है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।डा दिलीप शुक्ल  नेआये हुए मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन किया।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक


गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
सारस की उड़ान से सजी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई पहचान


नोएडा/ लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को वैश्विक स्तर पर अलग और प्रभावशाली बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक चिन्ह (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व दिया जा रहा है।
सारस, जो प्रदेश की समृद्ध परंपरा और प्राकृतिक संतुलन का प्रतीक है, अब एयरपोर्ट की वैश्विक पहचान का हिस्सा बन गया है। इस लोगो के माध्यम से राज्य अपनी सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा रहा है।

* तकनीक और पर्यावरण का संतुलित डिजाइन
एयरपोर्ट का लोगो पतली और एकीकृत रेखाओं से डिजाइन किया गया है, जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, गति और बेहतर कनेक्टिविटी का संकेत देता है। इसमें इस्तेमाल किया गया नीला-हरा ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और इको-फ्रेंडली सोच के संतुलन को दर्शाता है, जो राज्य की ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट नीति के अनुरूप है।

* प्रगति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी उड़ान
लोगो में उड़ता हुआ सारस उत्तर प्रदेश के विकास, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है। यह राज्य को एक उभरते वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने के विजन को भी मजबूती देता है।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह नया प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को सशक्त बना रहा है, बल्कि इसे एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां आधुनिकता, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम देखने को मिलता है।