भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को मशाल जुलूस,9 अप्रैल को झारखंड बंद को लिया वापस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू आज देर शाम नई दिल्ली से रांची पहुंचते ही प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के मीडिया को संबोधित किया।

श्री साहू ने विष्णुगढ़ कुसुंबा में बेटी की निर्मम हत्या को लेकर पार्टी द्वारा घोषित 3 अप्रैल के मशाल जुलूस और 9 अप्रैल की झारखंड बंदी को वायस लेने की घोषणा की।

उन्होंने राज्य सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के प्रचंड दबाव के बाद कुसुंबा की बेटी की निर्मम हत्या का उद्भेदन हुआ है,लेकिन आगे इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बलि देने संबंधी बातों की सच्चाई सामने आए। बलि पत्थर से मारकर नहीं दी जाती है। पुलिस ने जो बातें बताई है उसकी और छानबीन की जरूरत है, पोक्सो एक्ट आदि के उल्लंघन संबंधी बातें भी उजागर हो।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार भीम राम कभी भी किसी स्तर का भाजपा कार्यकर्ता नहीं रहा।मीडिया में सत्ता पक्ष के दबाव में भ्रामक खबरें चलाई जा रही है।

कहा कि भाजपा ही जिसके स्वयं प्रदेश अध्यक्ष सहित सांसद विधायकगण,,जिलाध्यक्ष रामनवमी जुलूस त्यौहार के बीच घटना स्थल गए, हजारीबाग बंद और आंदोलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर दबाव का परिणाम है हत्या के षडयंत्र का उद्भेदन ,गिरफ्तारी।

कहा कि आज जो सड़कों पर झंडा लेकर कांग्रेस झामुमो के लोग नाच रहे,अनर्गल बयानबाजी कर रहे वे 8 दिन तक किस बिल में छुपे थे।क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,विधायक कल्पना सोरेन ने कोई ट्वीट तक नहीं किया। क्यों नहीं घटना स्थल गए।

कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार लूट,हत्या दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। अब तो हिंदू पर्व त्योहारों में पत्थरबाजी ,अड़ंगा आम बात हो गई है।ये सब सरकार के तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कहा कि राज्य सरकार चेते,विधि व्यवस्था को ठीक करे, पुलिस प्रशासन को बालू कोयला पत्थर चोरों से वसूली कराना बंद करे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चेतावनी देती है कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में फिर कोई बेटी की इज्जत नहीं लूटी जाए, हत्या नहीं हो, खनिज बालू पत्थर की लूट बंद हो नहीं तो भाजपा कार्यकर्ता झारखंड को ठप करेंगे, सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

विष्णुगढ़ कांड ने खोला भाजपा का राज: झामुमो का आरोप—साजिश और नफरत की राजनीति कर रही भाजपा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाली हजारीबाग के विष्णुगढ़ की मासूम 13 वर्षीय बच्ची की नरबलि की घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना न केवल अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को भी उजागर करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है।

परंतु इस संवेदनशील और दुखद घटना को लेकर जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति करने की कोशिश की, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। भाजपा ने इस मामले को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग देने की साजिश रची, ताकि राज्य में अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। अब जब जांच में सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस जघन्य अपराध का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति भीम राम है, जो पार्टी का बूथ अध्यक्ष और एससी-एसटी प्रकोष्ठ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यह वही लोग हैं जो जनता को गुमराह कर राज्य में मशाल जुलूस और बंद का आह्वान कर रहे थे। आज जब सच्चाई सामने आ गई है, भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे झारखंड की जनता से माफी कब मांगेंगे।

झामुमो यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। यह पार्टी हर बार समाज में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोलकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश करती है। इनके पास न विकास का विजन है, न समाज को जोड़ने की सोच। इनका एकमात्र एजेंडा है – नफरत फैलाओ और सत्ता पाओ।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा की इन साजिशों को भलीभांति समझ चुकी है। आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा – हर वर्ग भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से वाकिफ है। राज्य की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ की यह घटना अत्यंत दुखद है, लेकिन उससे भी अधिक खतरनाक है उसका राजनीतिक दुरुपयोग। भाजपा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैलाने, भ्रम पैदा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। यह उनकी निम्न मानसिकता और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का प्रमाण है। राज्य सरकार ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों, जिनमें बच्ची की मां और कथित तांत्रिक शामिल हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

झामुमो भाजपा से पूछता है – क्या अब वे अपने द्वारा घोषित झारखंड बंद को वापस लेंगे? क्या वे अपनी गलती स्वीकार करेंगे? या फिर हमेशा की तरह सच्चाई सामने आने के बाद भी चुप्पी साध लेंगे?

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीति बंद करे और आत्ममंथन करे। हर बार अपराधियों के साथ खड़े होकर और बाद में उसे संयोग बताकर पल्ला झाड़ लेना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। लेकिन जनता सब देख रही है, ये देख रही है कि मुख्य आरोपी भीम राम की तस्वीर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ वायरल है। भीम राम ने अपराध के साथ पुलिस की जांच को भटकाने का भी काम किया है। वह भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में था तो क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि उसने अपने आकाओं के इशारे पर यह काम नहीं किया ?

झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि वह इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सौहार्द और विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित


“मानस इंटरनेशनल से फैल रहा है ज्ञान का प्रकाश” – डॉ. अरुण

“अभिभावक-विद्यालय समन्वय से ही बच्चों का समग्र विकास” – निशांत रंजन

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के तत्वावधान में संचालित सभी शाखाओं—मानस इंटरनेशनल दक्षिणी, कोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप (अनुमंडल कार्यालय के सामने), मखदुमपुर एवं हुलासगंज—में शैक्षणिक सत्र 2025–26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम गरिमामय एवं प्रेरणादायक माहौल में घोषित किया गया। इस अवसर पर पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) का भी सफल आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, कला एवं खेल के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में विद्यालय के छात्रों ने जिले में शीर्ष दो स्थान प्राप्त किए, जो संस्थान की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को जिम्मेदारी के रूप में लेकर आगे और बेहतर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डॉ. सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 को नई शुरुआत बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, गतिविधि आधारित अध्ययन, संवादात्मक कक्षाएं, व्यक्तित्व विकास एवं करियर मार्गदर्शन को और सशक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए सत्र में नियमित फीडबैक, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पलक सिन्हा, रोशनी कुमारी, पुष्कर कुमार, सिया कुमारी, तनु कुमारी, रोहित कुमार, कुमरूस आलम, आकांक्षा प्रिया, तान्या कुमारी, आयुष रंजन, आराध्या कुमारी, आस्था कुमारी, अनुराग शर्मा, काजल कुमारी, केशव राज, कार्तिक राज एवं निधि कुमारी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं अनुशासन की सराहना की। साथ ही शिक्षकगण—रणधीर कुमार, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, मनीष कुमार, विनीत कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार, रवि रंजन कुमार, सुधा कुमारी एवं सुजीत कुमार—की भूमिका की भी सराहना की गई। कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि नया शैक्षणिक सत्र 2026–27, 4 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा तथा नामांकन प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ें, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ग्राम प्रधान से पीड़ित परिवार की नहीं हो रही सुनवाई


गोंडा(करनैलगंज)। मामला थाना करनैलगंज अन्तर्गत पुलिस चौकी भंभुआ अंतर्गत ग्राम बुढ़वलिया के मजरा महिपत गंज से जुड़ा है। जहाँ के निवासी छन्नू पुत्र नसीम ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को एक शिकायती पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान बुढ़वलिया मैनुद्दीन ने अपने चार पहिया वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मेरे घर के सामने बँधी बकरी और उसके बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। जबकि इससे पहले भी इस तरह की घटना प्रधान द्वारा की जा चुकी है। जिससे पीड़ित का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया प्रन्तु विपक्षी प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले को दबवा दिया। अब प्रधान द्वारा आये दिन गाली गलौज व धमकी दी जा रही है जिससे पीड़ित को अनहोनी की आशंका सता रही है। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट जौनपुर इकाई द्वारा मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न
जौनपुर। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक राष्ट्रीय संस्था बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में रविवार 29 मार्च 2026 को जौनपुर इकाई द्वारा मासिक विशेष काव्यगोष्ठी संपन्न हुआ।उत्तर प्रदेश सचिव डॉ संजय सिंह "सागर" के निजी आवास पर गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता कवयित्री विभा तिवारी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में  संस्था की राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह उपस्थित थीं।गोष्ठी का शानदार संचालन जौनपुर जिला अध्यक्ष डॉक्टर सीमा सिंह ने किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्य की अनेक विधाओं में पारंगत डॉक्टर रामजीत मिश्र की उपस्थित रहे।मिश्र जी की दो पुस्तकें विविधा और लघुकथा का लोकार्पण भी हुआ।उपस्थित साहित्यकार में कवयित्री सारिका श्रीवास्तव,सुमति श्रीवास्तव, रूपेश अकेला,राजेश पांडे,डॉ सीमा सिंह,डॉक्टर संजय सिंह "सागर" कार्यक्रम अध्यक्ष विभा तिवारी,रामजीत मिश्र ने काव्यपाठ किया।मुंबई की अध्यक्ष सत्यभामा सिंह का भव्य स्वागत उपस्थित साहित्यकारों द्वारा माल्यार्पण,शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करके किया गया।उपस्थित श्रोताओं ने सभी की रचनाओं की प्रशंसा की। संजय सिंह की धर्मपत्नी रीना सिंह और माताजी के आतिथ्य की तारीफ के साथ राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी के बीच आत्मीयता का अनुभव किया। एक पारिवारिक वातावरण में धन्यवाद ज्ञापन और आभार प्रदर्शन के बाद गोष्ठी का समापन हुआ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को मशाल जुलूस,9 अप्रैल को झारखंड बंद को लिया वापस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू आज देर शाम नई दिल्ली से रांची पहुंचते ही प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के मीडिया को संबोधित किया।

श्री साहू ने विष्णुगढ़ कुसुंबा में बेटी की निर्मम हत्या को लेकर पार्टी द्वारा घोषित 3 अप्रैल के मशाल जुलूस और 9 अप्रैल की झारखंड बंदी को वायस लेने की घोषणा की।

उन्होंने राज्य सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के प्रचंड दबाव के बाद कुसुंबा की बेटी की निर्मम हत्या का उद्भेदन हुआ है,लेकिन आगे इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बलि देने संबंधी बातों की सच्चाई सामने आए। बलि पत्थर से मारकर नहीं दी जाती है। पुलिस ने जो बातें बताई है उसकी और छानबीन की जरूरत है, पोक्सो एक्ट आदि के उल्लंघन संबंधी बातें भी उजागर हो।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार भीम राम कभी भी किसी स्तर का भाजपा कार्यकर्ता नहीं रहा।मीडिया में सत्ता पक्ष के दबाव में भ्रामक खबरें चलाई जा रही है।

कहा कि भाजपा ही जिसके स्वयं प्रदेश अध्यक्ष सहित सांसद विधायकगण,,जिलाध्यक्ष रामनवमी जुलूस त्यौहार के बीच घटना स्थल गए, हजारीबाग बंद और आंदोलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर दबाव का परिणाम है हत्या के षडयंत्र का उद्भेदन ,गिरफ्तारी।

कहा कि आज जो सड़कों पर झंडा लेकर कांग्रेस झामुमो के लोग नाच रहे,अनर्गल बयानबाजी कर रहे वे 8 दिन तक किस बिल में छुपे थे।क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,विधायक कल्पना सोरेन ने कोई ट्वीट तक नहीं किया। क्यों नहीं घटना स्थल गए।

कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार लूट,हत्या दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। अब तो हिंदू पर्व त्योहारों में पत्थरबाजी ,अड़ंगा आम बात हो गई है।ये सब सरकार के तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कहा कि राज्य सरकार चेते,विधि व्यवस्था को ठीक करे, पुलिस प्रशासन को बालू कोयला पत्थर चोरों से वसूली कराना बंद करे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चेतावनी देती है कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में फिर कोई बेटी की इज्जत नहीं लूटी जाए, हत्या नहीं हो, खनिज बालू पत्थर की लूट बंद हो नहीं तो भाजपा कार्यकर्ता झारखंड को ठप करेंगे, सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

विष्णुगढ़ कांड ने खोला भाजपा का राज: झामुमो का आरोप—साजिश और नफरत की राजनीति कर रही भाजपा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाली हजारीबाग के विष्णुगढ़ की मासूम 13 वर्षीय बच्ची की नरबलि की घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना न केवल अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को भी उजागर करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है।

परंतु इस संवेदनशील और दुखद घटना को लेकर जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति करने की कोशिश की, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। भाजपा ने इस मामले को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग देने की साजिश रची, ताकि राज्य में अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। अब जब जांच में सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस जघन्य अपराध का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति भीम राम है, जो पार्टी का बूथ अध्यक्ष और एससी-एसटी प्रकोष्ठ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यह वही लोग हैं जो जनता को गुमराह कर राज्य में मशाल जुलूस और बंद का आह्वान कर रहे थे। आज जब सच्चाई सामने आ गई है, भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे झारखंड की जनता से माफी कब मांगेंगे।

झामुमो यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। यह पार्टी हर बार समाज में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोलकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश करती है। इनके पास न विकास का विजन है, न समाज को जोड़ने की सोच। इनका एकमात्र एजेंडा है – नफरत फैलाओ और सत्ता पाओ।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा की इन साजिशों को भलीभांति समझ चुकी है। आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा – हर वर्ग भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से वाकिफ है। राज्य की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ की यह घटना अत्यंत दुखद है, लेकिन उससे भी अधिक खतरनाक है उसका राजनीतिक दुरुपयोग। भाजपा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैलाने, भ्रम पैदा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। यह उनकी निम्न मानसिकता और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का प्रमाण है। राज्य सरकार ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों, जिनमें बच्ची की मां और कथित तांत्रिक शामिल हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

झामुमो भाजपा से पूछता है – क्या अब वे अपने द्वारा घोषित झारखंड बंद को वापस लेंगे? क्या वे अपनी गलती स्वीकार करेंगे? या फिर हमेशा की तरह सच्चाई सामने आने के बाद भी चुप्पी साध लेंगे?

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीति बंद करे और आत्ममंथन करे। हर बार अपराधियों के साथ खड़े होकर और बाद में उसे संयोग बताकर पल्ला झाड़ लेना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। लेकिन जनता सब देख रही है, ये देख रही है कि मुख्य आरोपी भीम राम की तस्वीर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ वायरल है। भीम राम ने अपराध के साथ पुलिस की जांच को भटकाने का भी काम किया है। वह भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में था तो क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि उसने अपने आकाओं के इशारे पर यह काम नहीं किया ?

झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि वह इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सौहार्द और विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित


“मानस इंटरनेशनल से फैल रहा है ज्ञान का प्रकाश” – डॉ. अरुण

“अभिभावक-विद्यालय समन्वय से ही बच्चों का समग्र विकास” – निशांत रंजन

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के तत्वावधान में संचालित सभी शाखाओं—मानस इंटरनेशनल दक्षिणी, कोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप (अनुमंडल कार्यालय के सामने), मखदुमपुर एवं हुलासगंज—में शैक्षणिक सत्र 2025–26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम गरिमामय एवं प्रेरणादायक माहौल में घोषित किया गया। इस अवसर पर पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) का भी सफल आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, कला एवं खेल के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में विद्यालय के छात्रों ने जिले में शीर्ष दो स्थान प्राप्त किए, जो संस्थान की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को जिम्मेदारी के रूप में लेकर आगे और बेहतर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डॉ. सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 को नई शुरुआत बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, गतिविधि आधारित अध्ययन, संवादात्मक कक्षाएं, व्यक्तित्व विकास एवं करियर मार्गदर्शन को और सशक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए सत्र में नियमित फीडबैक, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पलक सिन्हा, रोशनी कुमारी, पुष्कर कुमार, सिया कुमारी, तनु कुमारी, रोहित कुमार, कुमरूस आलम, आकांक्षा प्रिया, तान्या कुमारी, आयुष रंजन, आराध्या कुमारी, आस्था कुमारी, अनुराग शर्मा, काजल कुमारी, केशव राज, कार्तिक राज एवं निधि कुमारी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं अनुशासन की सराहना की। साथ ही शिक्षकगण—रणधीर कुमार, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, मनीष कुमार, विनीत कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार, रवि रंजन कुमार, सुधा कुमारी एवं सुजीत कुमार—की भूमिका की भी सराहना की गई। कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि नया शैक्षणिक सत्र 2026–27, 4 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा तथा नामांकन प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ें, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ग्राम प्रधान से पीड़ित परिवार की नहीं हो रही सुनवाई


गोंडा(करनैलगंज)। मामला थाना करनैलगंज अन्तर्गत पुलिस चौकी भंभुआ अंतर्गत ग्राम बुढ़वलिया के मजरा महिपत गंज से जुड़ा है। जहाँ के निवासी छन्नू पुत्र नसीम ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को एक शिकायती पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान बुढ़वलिया मैनुद्दीन ने अपने चार पहिया वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मेरे घर के सामने बँधी बकरी और उसके बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। जबकि इससे पहले भी इस तरह की घटना प्रधान द्वारा की जा चुकी है। जिससे पीड़ित का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया प्रन्तु विपक्षी प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले को दबवा दिया। अब प्रधान द्वारा आये दिन गाली गलौज व धमकी दी जा रही है जिससे पीड़ित को अनहोनी की आशंका सता रही है। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट जौनपुर इकाई द्वारा मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न
जौनपुर। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक राष्ट्रीय संस्था बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में रविवार 29 मार्च 2026 को जौनपुर इकाई द्वारा मासिक विशेष काव्यगोष्ठी संपन्न हुआ।उत्तर प्रदेश सचिव डॉ संजय सिंह "सागर" के निजी आवास पर गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता कवयित्री विभा तिवारी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में  संस्था की राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह उपस्थित थीं।गोष्ठी का शानदार संचालन जौनपुर जिला अध्यक्ष डॉक्टर सीमा सिंह ने किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्य की अनेक विधाओं में पारंगत डॉक्टर रामजीत मिश्र की उपस्थित रहे।मिश्र जी की दो पुस्तकें विविधा और लघुकथा का लोकार्पण भी हुआ।उपस्थित साहित्यकार में कवयित्री सारिका श्रीवास्तव,सुमति श्रीवास्तव, रूपेश अकेला,राजेश पांडे,डॉ सीमा सिंह,डॉक्टर संजय सिंह "सागर" कार्यक्रम अध्यक्ष विभा तिवारी,रामजीत मिश्र ने काव्यपाठ किया।मुंबई की अध्यक्ष सत्यभामा सिंह का भव्य स्वागत उपस्थित साहित्यकारों द्वारा माल्यार्पण,शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करके किया गया।उपस्थित श्रोताओं ने सभी की रचनाओं की प्रशंसा की। संजय सिंह की धर्मपत्नी रीना सिंह और माताजी के आतिथ्य की तारीफ के साथ राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी के बीच आत्मीयता का अनुभव किया। एक पारिवारिक वातावरण में धन्यवाद ज्ञापन और आभार प्रदर्शन के बाद गोष्ठी का समापन हुआ।