मंडल डैम विस्थापन विवाद: बाबूलाल मरांडी से मिले ग्रामीण, बोले- "शहीद नीलांबर-पीतांबर की विरासत मिटाने की साजिश"

रांची गढ़वा :- गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के बिश्रामपुर और रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत के दर्जनों लागों के साथ साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी जी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया एवं न्याय दिलाने की माँग की है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मंडल डैम के विस्थापित परिवारों को रंका और रमकंडा प्रखंड के जिस स्थान पर बसाया जा रहा है उस जंगल से अगल बगल बीस गाँव के लोगों का जीवन यापन होता है ।

स्थानीय लोग उस जंगल से महुआ चुनकर, जड़ी बूटी लाकर, पत्तल दोना बनाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लेकिन सरकार के निर्देश पर गढ़वा जिला प्रशासन बलपूर्वक उस जंगल में बिस्थापितों को बसा रही है, जिससे हजारों आदिवासी परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है । बिश्रामपुर-बालीगढ़ के लोगों ने बिस्थापितों को अन्यत्र बसाने की मांग बाबूलाल मरांडी जी से की ।

साथ ही साथ मंडल डैम के विस्थापितों ने बाबूलाल मरांडी जी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि हम सभी शहीद नीलांबर पीतांबर के वंसज हैं । जिस भूमि पर मंडल डैम का निर्माण किया जा रहा है, ओ भूमि नीलांबर पीताम्बर की भूमि है । शहीद नीलांबर पीताम्बर के नाम को मिटाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने उस भूमि पर डैम बनाने का निर्णय लिया था ताकि अमर शहीद का नामोनिशान मिट जाए।

आज हमलोगों को जबरदस्ती विस्थापित कर के गढ़वा के बिश्रामपुर बालीगढ़ में जिस जमीन पर बसाया जा रहा है, वहाँ हम लोग जाना नहीं चाहते हैं । चुकी वर्तमान में हम जिस जगह पर रहते हैं, वो जगह पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, अभी हमलोग पेसा कानून के तहत आते हैं लेकिन हमलोगों को जहाँ विस्थापित किया जा रहा है, वह सामान्य पंचायत है ।

वहाँ बसाए जाने से हमारा हक और अधिकार का हनन होगा । विस्थापित परिवार के लोगों ने भी विस्थापन का विरोध करते हुए बाबूलाल जी से न्याय की मांग की है।

‘एल्युमिनियम भारत’ पहल लॉन्च: उद्योग को सस्ती ऊर्जा व कच्चे माल पर तुरंत नीति समर्थन की मांग
नई दिल्ली। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने मंगलवार को ‘एल्युमिनियम भारत’ पहल की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार से सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए त्वरित नीति समर्थन की मांग की।
इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली में किया। ‘एल्युमिनियम भारत’ का उद्देश्य देश के एल्युमिनियम सेक्टर को सशक्त बनाना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उद्योग, नीति-निर्माताओं तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक मंच पर लाना है।
ALEMAI के अनुसार, इस पहल के तहत उद्योग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर विचार-विमर्श कर एक ठोस और सतत विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत ‘एल्युमिनियम भारत-2026’ नाम से देश की पहली और सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रदर्शनी 26 से 29 सितंबर 2025 तक गांधीनगर के हेलिपैड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन ‘एल्युमेक्स इंडिया-2026’ के साथ होगा, जिसका उद्देश्य भारतीय एल्युमिनियम उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
इस अवसर पर मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत को उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं ALEMAI के अध्यक्ष जीतेन्द्र चोपड़ा ने उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि देश की 4.2 मिलियन टन की कुल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते नीतिगत सहयोग मिलने पर यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है : शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ


लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में मंगलवार को कथा के दौरान काशी धर्मपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है। भक्ति से ही ऊर्जा, विश्वास और कर्तव्यबोध उत्पन्न होता है जो व्यक्ति को सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है। सच्ची भक्ति मनुष्य के अंतर्मन के विकारों को दूर कर उसे शांति और संतुलन प्रदान करती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का स्मरण करता है।उसका जीवन स्वयं ही सरल होने लगता है।कथा में उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव और भक्त मार्कंडेय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह मृत्यु जैसे संकट को भी टाल सकती है। जब भक्त पूर्ण विश्वास के साथ ईश्वर की शरण में जाता है तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।जगतगुरु ने कहा यह संसार नश्वर है और ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में ईश्वर की आराधना संभव है लेकिन भाव की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अहंकार त्यागकर भक्ति के मार्ग पर चलें तभी जीवन में सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होगी।उन्होंने कहा सद्गुरु का सान्निध्य जीवन को दिशा देता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य इस भवसागर से पार हो सकता है। प्रवचन के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा और श्रद्धालु एकाग्र होकर कथा श्रवण करते रहे।इस दौरान समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे, जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे, डॉ गोविंद दुबे, अमरेश द्विवेदी, अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल, सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जी एस टी आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में जीएसटी सुधारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए शोध पत्र आमंत्रित

प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी बने संयोजक, वेबसाइट पर पंजीकरण प्रारम्भ

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए आगामी 8 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों, नीति निर्माण और शैक्षणिक विमर्श को बढ़ावा देना है। यह पहल देश के जीएसटी सुधारों को समझने, क्रियान्वित करने और उनके प्रभावों का विश्लेषण कर आवश्यक सुझावों को एकत्रित कर नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए है।

दूरस्थ शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि भारत का एकीकृत कर प्रणाली की ओर बढ़ना स्वतंत्रता के बाद से हुए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय परिवर्तनों में से एक है। भारत "विकसित की आकांक्षा रखता है, ऐसे में जीएसटी समावेशी विकास, राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।इस सुधार ने औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार, डिजिटलीकरण के माध्यम से कर अनुपालन में सुधार और अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं जैसे कि कर दर युक्तिकरण, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अनुपालन की जटिलता और राज्य राजस्व प्रदर्शन में असमानताएं, जिनका समाधान भारत के विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि यह संगोष्ठी चार्टर्ड लेखाकारों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों को भारत के दीर्घकालिक विकासात्मक रोडमैप के संदर्भ में जीएसटी सुधारों के बहुआयामी प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि संगोष्ठी में डिजिटल परिवर्तन, राजकोषीय संघवाद और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में कर पेशेवरों की भूमिका पर गहन चर्चा की जाएगी। उभरते मुद्दों को संबोधित करके और व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें प्रस्तावित करके, यह आयोजन ज्ञान के निर्माण, हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य को एक समावेशी, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आकार देने में प्रमुख योगदान देगा।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का समर्थन करने वाली व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें विकसित करना इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इसी के दृष्टिगत शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्था भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से इस सेमिनार के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के प्रबंधन विद्या शाखा के आचार्य, प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी को संयोजक नामित किया गया है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा से जुड़े सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा छात्रों को आईसीएसएसआर के सहयोग से हो रहे इस राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया है। सेमिनार का संपूर्ण विवरण एवं पंजीकरण प्रारूप मुक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा चुका है। विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महा विद्यालयों को आयोजन संबंधी आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा रही हैं। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

गेहूं खरीद तेज करने के निर्देश, 2585 रु. प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर जोर

* राज्य क्रय एजेंसियों संग समीक्षा बैठक सम्पन्न, किसानों को बेहतर सुविधाएं और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
लखनऊ। खाद्य तथा रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में गेहूं खरीद की प्रगति एवं इसे बढ़ाने के उपायों को लेकर राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में अवगत कराया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में प्रस्तावित 6500 क्रय केंद्रों के सापेक्ष अब तक 5439 केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है। वर्तमान में 51 जनपदों के 464 क्रय केंद्रों पर 2085 किसानों से 13,388 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
भारत सरकार द्वारा 10 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि प्रदेश में इस वर्ष 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक की संभावना जताई गई है। गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त मात्रा में बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें नए पीपी और जूट के बोरे शामिल हैं। साथ ही उचित दर विक्रेताओं से भी उपयोगी बोरे खरीदने की अनुमति प्रदान की गई है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जिसके सापेक्ष 37.70 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्रीय पूल में भेजा जा चुका है। हालांकि, भंडारण की कमी के चलते शेष चावल के परिवहन में देरी हो रही है।

* मंत्री के निर्देश:
मंत्री श्री शर्मा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों को शीघ्र चालू कर हर जनपद में गेहूं खरीद शुरू की जाए। केंद्रों पर बैनर, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में वृद्धि की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए। साथ ही गेहूं के सुरक्षित भंडारण और शेष सीएमआर के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए गए।
थाना महराजगंज तराई में लूट व सड़क हादसे पर पुलिस की लापरवाही मनमानी का आरोप
                  
                 
बलरामपुर।महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के निवासी नान बाबू पाण्डेय के साथ हुई लूट की घटना और बाद में सड़क दुर्घटना के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न्याय दिलाने के बजाय उन्हें ही मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,नान बाबू पाण्डेय गाय खरीदने के लिए बाजार गए थे। इसी दौरान तुलसीपुर थाना क्षेत्र के कथित अपराधी गिरोह के सरगना कन्धई पथरकट से उनकी मुलाकात हुई,जिसने अपने समधी के यहां अच्छी नस्ल की गाय दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि सुनसान स्थान पर पहुंचते ही तीन अन्य लोग आ गए,जिनमें से एक मोटरसाइकिल पर ही बैठा रहा। तीनों ने मिलकर पाण्डेय को पकड़ लिया,कट्टा दिखाकर उनसे 21 हजार रुपये लूट लिए।
घटना के बाद पीड़ित ने थाना महराजगंज,देहात और तुलसीपुर के बीच न्याय के लिए गुहार लगाई,लेकिन प्रार्थना पत्र इधर-उधर घुमता रहा। आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के बजाय बहाने बनाए और कथित रूप से अपराधियों से संपर्क साधती रही। बाद में दबाव पड़ने पर केवल एक आरोपी कन्धई पथरकट को हिरासत में लिया गया,जबकि अन्य आरोपियों की तलाश नहीं की गई।
पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि पुलिस ने समझौते के नाम पर उनसे उनके बेटों की कसम खिलवाकर 21 हजार के बदले 14 हजार रुपये दिलाने की बात कही,लेकिन अंततः केवल 13 हजार रुपये ही दिलाए गए। शेष एक हजार रुपये अगले दिन मागने पर थानाध्यक्ष आग बबूला होकर दिया।
इसी बीच हाल ही में नान बाबू पाण्डेय के बेटे को एक वाहन ने टक्कर मार दी,जिससे उसकी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई और हाथ टूट गया। प्रारंभिक स्तर पर वाहन मालिक नाबालिग चालक इलाज व मरम्मत का खर्च देने को तैयार था,लेकिन मामला थाने पहुंचने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि थाना प्रभारी ने पीड़ित को ही डांट-फटकार कर भगा दिया और किसी प्रकार की मदद नहीं की।
पीड़ित के परिचितों का कहना है कि नान बाबू पाण्डेय एक सज्जन और ईमानदार व्यक्ति हैं,जिन्हें न्याय के बजाय अपमान का सामना करना पड़ रहा है। सिफारिश करने वालों के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई यूथ कांग्रेस के न्याय सत्याग्रह में सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
                              

मुंबई। मुंबई यूथ कांग्रेस द्वारा न्याय सत्याग्रह एप्सटीन फाइल के खिलाफ किए जा रहे पांच दिवसीय न्याय सत्याग्रह कार्यक्रम में आज मुंबई कांग्रेस कार्यालय पर मुंबई सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार तथा महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार विश्व के तानाशाह ट्रंप के सामने बिक चुकी है । आज भारतीय जनता पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं की कालागुजारी एप्सटीन फाइल में बंद है, उस फाइल को दबाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रंप के घुटनों पर अपने को समर्पित कर दिए हैं। ईरान हमारा हमेशा से साथी रहा है। आज भी उसी की मेहरबानी से तेल और गैस हमारे देश तक पहुंच रही है। परंतु प्रधानमंत्री इसराइल को फादरलैंड बता रहे हैं।  उन्होंने कहा कि आज देश में चारों तरफ गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई का बोलबाला है। देश में बलात्कार हत्याएं चरम पर है, लेकिन यह सरकार केवल धन बटोरने में लगी है। क्योंकि हर साल किसी न किसी राज्य के चुनाव में इन्हें बागी नेताओं को खरीदना रहता है। यह सरकार देश को गुलामी की तरफ लेकर जा रही है। अगर अभी भी देश की जनता नहीं जागी तो देश बर्बाद हो जाएगा । साथ ही आज उन्होंने मुंबई कांग्रेस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बाद मुंबई कांग्रेस की तरफ से मुंबई में कोई आंदोलन नहीं किया गया जबकि केवल आंदोलन यूथ कांग्रेस कर रही है। मुंबई कांग्रेस के कमान संभालने वाले नेता आखिर किसके इशारे पर कांग्रेस को खत्म करने पर लगे हैं । उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कमान इस पर जल्द से जल्द निर्णय ले वरना मुंबई मे कांग्रेस की स्थिति और खराब हो जाएगी उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता और पदाधिकारी थे, आज उन्हें साइड लाइन कर दिया गया है। यही कारण है कि मुंबई कांग्रेस में आज लोग आना नहीं चाहते हैं मुंबई सेवादल को 2 महीना हो गया डिसोल्व करके अभी तक नहीं कोई नियुक्ति नही की गई नहीं कोई कमेटी सेवादल की बनाई गई सेवादल को मुंबई से खत्म करने की बहुत बड़ी साजिश रची गई है मुंबई से सेवादल को समाप्त करने की प्लानिंग चल रही है ऐसा आरोप आज सतीश मनचंदा ने अपने संबोधन में लगाया। मुंबई कांग्रेस कार्यालय वीरान पड़ी है। इस मौके पर मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत सबरीन, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष निखिल रूपारेल, गणेश बाबू राव सेगर, बालासाहेब जाधव, जुबेर फारुखी ,अमनदीप सैनी, आसिफ खान, कमलेश यादव, शीतल म्हात्रे के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हुआ सरस्वती विद्या मन्दिर का ज्ञान कुंज परिसर,दस नये इंटरैक्टिव पैनल का उद्घाटन कार्यक्रम सम्पन्न*
सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में मंत्रोच्चार के साथ आज दस नये इंटरैक्टिव पैनल का विधिवत् उद्घाटन किया गया। ए आई तकनीक वाले युग में नवाचार आधारित नई ऊर्जा,नये संकल्प एवं उन्नत तकनीक के साथ नये शिक्षण सत्र 2026-27 का शुभारंभ किया गया। सम्पूर्ण वाई-फाई कनेक्टीविटी वाले परिसर में पहले से ही कई शिक्षण कक्ष इंटरैक्टिवपैनल समेत कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। विद्यालय को इसी सत्र में अत्याधुनिक तकनीक से शत- प्रतिशत सुसज्जित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि इसी सत्र में हमारे सभी कक्षा कक्ष इंटरैक्टिवपैनल की सुविधा से लैस होंगे। जिस पर हम पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे हैं। मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि होती रहे, इसके लिए जो भी आवश्यक होगा वे सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विशिष्ट अतिथि प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ वी के झा ने गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग को सर्वथा प्रासंगिक बताया। और कहा कि हमें अपने विद्यालय का वर्तमान शैक्षिक परिवेश इतना उन्नत बनाना है , कि हम राष्ट्र की आवश्यकता के अनुरूप नागरिकों का निर्माण कर सकें । इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य रमेश मिश्र, अखिलेश प्रताप सिंह, अनिल पाण्डेय, शरद श्रीवास्तव, कौशलेंद्र त्रिपाठी, सुनील श्रीवास्तव,दीनदयाल विश्वकर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी,प्रतिभा मिश्रा,यशी अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
भाजपा में समर्पित कार्यकर्ता हाशिए पर, आयातित चेहरे हावी : विनोद कुमार पांडेय

भाजपा के स्थापना दिवस पर दिए गए बयानों को लेकर सत्ताधारी दल झामुमो की ओर से महासचिव विनोद पांडेय ने तीखा राजनीतिक पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा अपना स्थापना दिवस मना रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि भाजपा विश्व की सबसे धनी, संसाधनों से परिपूर्ण पार्टी - स्वाभाविक है कि जश्न भी भव्य होगा।

आज उनके एक बुद्धिजीवी वृद्ध नेता ने कहा: “यह देखकर सच में दुख होता है कि जिस पार्टी की ताकत कभी उसके समर्पित कार्यकर्ता और जमीन से जुड़े नेता हुआ करते थे, आज वही लोग हाशिए पर धकेल दिए गए हैं। आज भाजपा में विचारधारा से ज्यादा “आयातित चेहरे” हावी होते जा रहे हैं। बाहर से आए लोग शीर्ष पर बैठाए जा रहे हैं, और जिन्होंने सालों तक पार्टी को खड़ा किया - उनकी आवाज़ दबाई जा रही है।

अपने ही दल के पूर्व मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर देना - यह सिर्फ भूल नहीं, बल्कि सोच में आए बदलाव का संकेत है”। तो - सवाल यह है कि क्या एक राजनीतिक दल सिर्फ संसाधनों और प्रचार से मजबूत होता है? या फिर उसकी असली ताकत उसके कार्यकर्ताओं, उसके मूल सिद्धांतों और उसकी आंतरिक लोकतांत्रिक संस्कृति में होती है?

दुर्भाग्य से, आज जो तस्वीर दिख रही है, उसमें समर्पण की जगह अवसरवाद और संगठन की जगह केंद्रीकरण ने ले ली है।बाहरी प्रभावों ने पार्टी की जड़ों को कमजोर कर दिया है लोकतंत्र में दल सिर्फ चुनाव जीतने का माध्यम नहीं होते, बल्कि विचार और विश्वास का मंच होते हैं। जब वही मंच अपने ही लोगों के लिए संकुचित हो जाए, तो जश्न भले भव्य हो — पर आत्मा कहीं खो जाती है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं के भाषण पूरी तरह से आत्मप्रशंसा से भरा है। जमीनी सच्चाई इससे अलग है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश और राज्य में विकास की बात तो करती है, लेकिन हकीकत में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दूसरों पर हंसने से पहले भाजपा को अपने वादों का हिसाब देना चाहिए। जनता अब भावनात्मक भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस काम से जवाब चाहती है।

विनोद पांडेय ने कहा अन्य दलों पर टिप्पणी करना भाजपा की पुरानी रणनीति रही है, लेकिन इससे जनता के असली मुद्दे नहीं छिपाए जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा, देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है और युवाओं के लिए रोज के अवसर सीमित हुए हैं।

झामुमो महासचिव ने कहा कि झारखंड में हमारी सरकार जनहित और स्थानीय मुद्दों पर काम कर रही है। हम जनता के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी कर रही है।

राम रंग हत्याकांड में राहुल यादव समेत पूरा परिवार गिरफ्तार,लंगड़ाते नजर आए बाप बेटे
*घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर बरामद


गोंडा।जिले में राम रंग हत्याकांड के मुख्य आरोपी राहुल यादव समेत परिवार के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।नवाबगंज पुलिस ने यह कार्यवाही करते हुए 60 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को पटपड़गंज पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए लोगों में राहुल यादव के पिता भरत यादव, माता शोभा देवी,भाई अंकित यादव और बहनें नेहा यादव व अंजली यादव शामिल हैं।गिरफ्तारी के बाद सभी छह आरोपियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में मेडिकल परीक्षण कराया गया।इसके बाद उन्हें जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।नवाबगंज थाने में पेशी के दौरान पिता पुत्र लंगड़ाते हुए नजर आए।मृतक राम रंग के भाई उमेश यादव ने राहुल समेत उनके परिवार के सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था।हालांकि एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है।नाबालिग के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि घटना में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर और बांका भी बरामद किया है।उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस प्रशासन मृतक राम रंग यादव के परिवार के साथ खड़ा है।
मंडल डैम विस्थापन विवाद: बाबूलाल मरांडी से मिले ग्रामीण, बोले- "शहीद नीलांबर-पीतांबर की विरासत मिटाने की साजिश"

रांची गढ़वा :- गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के बिश्रामपुर और रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत के दर्जनों लागों के साथ साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी जी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया एवं न्याय दिलाने की माँग की है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मंडल डैम के विस्थापित परिवारों को रंका और रमकंडा प्रखंड के जिस स्थान पर बसाया जा रहा है उस जंगल से अगल बगल बीस गाँव के लोगों का जीवन यापन होता है ।

स्थानीय लोग उस जंगल से महुआ चुनकर, जड़ी बूटी लाकर, पत्तल दोना बनाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लेकिन सरकार के निर्देश पर गढ़वा जिला प्रशासन बलपूर्वक उस जंगल में बिस्थापितों को बसा रही है, जिससे हजारों आदिवासी परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है । बिश्रामपुर-बालीगढ़ के लोगों ने बिस्थापितों को अन्यत्र बसाने की मांग बाबूलाल मरांडी जी से की ।

साथ ही साथ मंडल डैम के विस्थापितों ने बाबूलाल मरांडी जी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि हम सभी शहीद नीलांबर पीतांबर के वंसज हैं । जिस भूमि पर मंडल डैम का निर्माण किया जा रहा है, ओ भूमि नीलांबर पीताम्बर की भूमि है । शहीद नीलांबर पीताम्बर के नाम को मिटाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने उस भूमि पर डैम बनाने का निर्णय लिया था ताकि अमर शहीद का नामोनिशान मिट जाए।

आज हमलोगों को जबरदस्ती विस्थापित कर के गढ़वा के बिश्रामपुर बालीगढ़ में जिस जमीन पर बसाया जा रहा है, वहाँ हम लोग जाना नहीं चाहते हैं । चुकी वर्तमान में हम जिस जगह पर रहते हैं, वो जगह पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, अभी हमलोग पेसा कानून के तहत आते हैं लेकिन हमलोगों को जहाँ विस्थापित किया जा रहा है, वह सामान्य पंचायत है ।

वहाँ बसाए जाने से हमारा हक और अधिकार का हनन होगा । विस्थापित परिवार के लोगों ने भी विस्थापन का विरोध करते हुए बाबूलाल जी से न्याय की मांग की है।

‘एल्युमिनियम भारत’ पहल लॉन्च: उद्योग को सस्ती ऊर्जा व कच्चे माल पर तुरंत नीति समर्थन की मांग
नई दिल्ली। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने मंगलवार को ‘एल्युमिनियम भारत’ पहल की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार से सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए त्वरित नीति समर्थन की मांग की।
इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली में किया। ‘एल्युमिनियम भारत’ का उद्देश्य देश के एल्युमिनियम सेक्टर को सशक्त बनाना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उद्योग, नीति-निर्माताओं तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक मंच पर लाना है।
ALEMAI के अनुसार, इस पहल के तहत उद्योग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर विचार-विमर्श कर एक ठोस और सतत विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत ‘एल्युमिनियम भारत-2026’ नाम से देश की पहली और सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रदर्शनी 26 से 29 सितंबर 2025 तक गांधीनगर के हेलिपैड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन ‘एल्युमेक्स इंडिया-2026’ के साथ होगा, जिसका उद्देश्य भारतीय एल्युमिनियम उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
इस अवसर पर मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत को उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं ALEMAI के अध्यक्ष जीतेन्द्र चोपड़ा ने उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि देश की 4.2 मिलियन टन की कुल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते नीतिगत सहयोग मिलने पर यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है : शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ


लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में मंगलवार को कथा के दौरान काशी धर्मपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है। भक्ति से ही ऊर्जा, विश्वास और कर्तव्यबोध उत्पन्न होता है जो व्यक्ति को सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है। सच्ची भक्ति मनुष्य के अंतर्मन के विकारों को दूर कर उसे शांति और संतुलन प्रदान करती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का स्मरण करता है।उसका जीवन स्वयं ही सरल होने लगता है।कथा में उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव और भक्त मार्कंडेय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह मृत्यु जैसे संकट को भी टाल सकती है। जब भक्त पूर्ण विश्वास के साथ ईश्वर की शरण में जाता है तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।जगतगुरु ने कहा यह संसार नश्वर है और ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में ईश्वर की आराधना संभव है लेकिन भाव की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अहंकार त्यागकर भक्ति के मार्ग पर चलें तभी जीवन में सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होगी।उन्होंने कहा सद्गुरु का सान्निध्य जीवन को दिशा देता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य इस भवसागर से पार हो सकता है। प्रवचन के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा और श्रद्धालु एकाग्र होकर कथा श्रवण करते रहे।इस दौरान समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे, जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे, डॉ गोविंद दुबे, अमरेश द्विवेदी, अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल, सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जी एस टी आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में जीएसटी सुधारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए शोध पत्र आमंत्रित

प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी बने संयोजक, वेबसाइट पर पंजीकरण प्रारम्भ

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए आगामी 8 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों, नीति निर्माण और शैक्षणिक विमर्श को बढ़ावा देना है। यह पहल देश के जीएसटी सुधारों को समझने, क्रियान्वित करने और उनके प्रभावों का विश्लेषण कर आवश्यक सुझावों को एकत्रित कर नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए है।

दूरस्थ शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि भारत का एकीकृत कर प्रणाली की ओर बढ़ना स्वतंत्रता के बाद से हुए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय परिवर्तनों में से एक है। भारत "विकसित की आकांक्षा रखता है, ऐसे में जीएसटी समावेशी विकास, राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।इस सुधार ने औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार, डिजिटलीकरण के माध्यम से कर अनुपालन में सुधार और अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं जैसे कि कर दर युक्तिकरण, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अनुपालन की जटिलता और राज्य राजस्व प्रदर्शन में असमानताएं, जिनका समाधान भारत के विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि यह संगोष्ठी चार्टर्ड लेखाकारों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों को भारत के दीर्घकालिक विकासात्मक रोडमैप के संदर्भ में जीएसटी सुधारों के बहुआयामी प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि संगोष्ठी में डिजिटल परिवर्तन, राजकोषीय संघवाद और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में कर पेशेवरों की भूमिका पर गहन चर्चा की जाएगी। उभरते मुद्दों को संबोधित करके और व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें प्रस्तावित करके, यह आयोजन ज्ञान के निर्माण, हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य को एक समावेशी, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आकार देने में प्रमुख योगदान देगा।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का समर्थन करने वाली व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें विकसित करना इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इसी के दृष्टिगत शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्था भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से इस सेमिनार के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के प्रबंधन विद्या शाखा के आचार्य, प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी को संयोजक नामित किया गया है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा से जुड़े सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा छात्रों को आईसीएसएसआर के सहयोग से हो रहे इस राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया है। सेमिनार का संपूर्ण विवरण एवं पंजीकरण प्रारूप मुक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा चुका है। विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महा विद्यालयों को आयोजन संबंधी आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा रही हैं। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

गेहूं खरीद तेज करने के निर्देश, 2585 रु. प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर जोर

* राज्य क्रय एजेंसियों संग समीक्षा बैठक सम्पन्न, किसानों को बेहतर सुविधाएं और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
लखनऊ। खाद्य तथा रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में गेहूं खरीद की प्रगति एवं इसे बढ़ाने के उपायों को लेकर राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में अवगत कराया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में प्रस्तावित 6500 क्रय केंद्रों के सापेक्ष अब तक 5439 केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है। वर्तमान में 51 जनपदों के 464 क्रय केंद्रों पर 2085 किसानों से 13,388 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
भारत सरकार द्वारा 10 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि प्रदेश में इस वर्ष 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक की संभावना जताई गई है। गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त मात्रा में बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें नए पीपी और जूट के बोरे शामिल हैं। साथ ही उचित दर विक्रेताओं से भी उपयोगी बोरे खरीदने की अनुमति प्रदान की गई है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जिसके सापेक्ष 37.70 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्रीय पूल में भेजा जा चुका है। हालांकि, भंडारण की कमी के चलते शेष चावल के परिवहन में देरी हो रही है।

* मंत्री के निर्देश:
मंत्री श्री शर्मा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों को शीघ्र चालू कर हर जनपद में गेहूं खरीद शुरू की जाए। केंद्रों पर बैनर, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में वृद्धि की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए। साथ ही गेहूं के सुरक्षित भंडारण और शेष सीएमआर के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए गए।
थाना महराजगंज तराई में लूट व सड़क हादसे पर पुलिस की लापरवाही मनमानी का आरोप
                  
                 
बलरामपुर।महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के निवासी नान बाबू पाण्डेय के साथ हुई लूट की घटना और बाद में सड़क दुर्घटना के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न्याय दिलाने के बजाय उन्हें ही मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,नान बाबू पाण्डेय गाय खरीदने के लिए बाजार गए थे। इसी दौरान तुलसीपुर थाना क्षेत्र के कथित अपराधी गिरोह के सरगना कन्धई पथरकट से उनकी मुलाकात हुई,जिसने अपने समधी के यहां अच्छी नस्ल की गाय दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि सुनसान स्थान पर पहुंचते ही तीन अन्य लोग आ गए,जिनमें से एक मोटरसाइकिल पर ही बैठा रहा। तीनों ने मिलकर पाण्डेय को पकड़ लिया,कट्टा दिखाकर उनसे 21 हजार रुपये लूट लिए।
घटना के बाद पीड़ित ने थाना महराजगंज,देहात और तुलसीपुर के बीच न्याय के लिए गुहार लगाई,लेकिन प्रार्थना पत्र इधर-उधर घुमता रहा। आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के बजाय बहाने बनाए और कथित रूप से अपराधियों से संपर्क साधती रही। बाद में दबाव पड़ने पर केवल एक आरोपी कन्धई पथरकट को हिरासत में लिया गया,जबकि अन्य आरोपियों की तलाश नहीं की गई।
पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि पुलिस ने समझौते के नाम पर उनसे उनके बेटों की कसम खिलवाकर 21 हजार के बदले 14 हजार रुपये दिलाने की बात कही,लेकिन अंततः केवल 13 हजार रुपये ही दिलाए गए। शेष एक हजार रुपये अगले दिन मागने पर थानाध्यक्ष आग बबूला होकर दिया।
इसी बीच हाल ही में नान बाबू पाण्डेय के बेटे को एक वाहन ने टक्कर मार दी,जिससे उसकी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई और हाथ टूट गया। प्रारंभिक स्तर पर वाहन मालिक नाबालिग चालक इलाज व मरम्मत का खर्च देने को तैयार था,लेकिन मामला थाने पहुंचने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि थाना प्रभारी ने पीड़ित को ही डांट-फटकार कर भगा दिया और किसी प्रकार की मदद नहीं की।
पीड़ित के परिचितों का कहना है कि नान बाबू पाण्डेय एक सज्जन और ईमानदार व्यक्ति हैं,जिन्हें न्याय के बजाय अपमान का सामना करना पड़ रहा है। सिफारिश करने वालों के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई यूथ कांग्रेस के न्याय सत्याग्रह में सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
                              

मुंबई। मुंबई यूथ कांग्रेस द्वारा न्याय सत्याग्रह एप्सटीन फाइल के खिलाफ किए जा रहे पांच दिवसीय न्याय सत्याग्रह कार्यक्रम में आज मुंबई कांग्रेस कार्यालय पर मुंबई सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार तथा महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार विश्व के तानाशाह ट्रंप के सामने बिक चुकी है । आज भारतीय जनता पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं की कालागुजारी एप्सटीन फाइल में बंद है, उस फाइल को दबाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रंप के घुटनों पर अपने को समर्पित कर दिए हैं। ईरान हमारा हमेशा से साथी रहा है। आज भी उसी की मेहरबानी से तेल और गैस हमारे देश तक पहुंच रही है। परंतु प्रधानमंत्री इसराइल को फादरलैंड बता रहे हैं।  उन्होंने कहा कि आज देश में चारों तरफ गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई का बोलबाला है। देश में बलात्कार हत्याएं चरम पर है, लेकिन यह सरकार केवल धन बटोरने में लगी है। क्योंकि हर साल किसी न किसी राज्य के चुनाव में इन्हें बागी नेताओं को खरीदना रहता है। यह सरकार देश को गुलामी की तरफ लेकर जा रही है। अगर अभी भी देश की जनता नहीं जागी तो देश बर्बाद हो जाएगा । साथ ही आज उन्होंने मुंबई कांग्रेस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बाद मुंबई कांग्रेस की तरफ से मुंबई में कोई आंदोलन नहीं किया गया जबकि केवल आंदोलन यूथ कांग्रेस कर रही है। मुंबई कांग्रेस के कमान संभालने वाले नेता आखिर किसके इशारे पर कांग्रेस को खत्म करने पर लगे हैं । उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कमान इस पर जल्द से जल्द निर्णय ले वरना मुंबई मे कांग्रेस की स्थिति और खराब हो जाएगी उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता और पदाधिकारी थे, आज उन्हें साइड लाइन कर दिया गया है। यही कारण है कि मुंबई कांग्रेस में आज लोग आना नहीं चाहते हैं मुंबई सेवादल को 2 महीना हो गया डिसोल्व करके अभी तक नहीं कोई नियुक्ति नही की गई नहीं कोई कमेटी सेवादल की बनाई गई सेवादल को मुंबई से खत्म करने की बहुत बड़ी साजिश रची गई है मुंबई से सेवादल को समाप्त करने की प्लानिंग चल रही है ऐसा आरोप आज सतीश मनचंदा ने अपने संबोधन में लगाया। मुंबई कांग्रेस कार्यालय वीरान पड़ी है। इस मौके पर मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत सबरीन, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष निखिल रूपारेल, गणेश बाबू राव सेगर, बालासाहेब जाधव, जुबेर फारुखी ,अमनदीप सैनी, आसिफ खान, कमलेश यादव, शीतल म्हात्रे के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हुआ सरस्वती विद्या मन्दिर का ज्ञान कुंज परिसर,दस नये इंटरैक्टिव पैनल का उद्घाटन कार्यक्रम सम्पन्न*
सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में मंत्रोच्चार के साथ आज दस नये इंटरैक्टिव पैनल का विधिवत् उद्घाटन किया गया। ए आई तकनीक वाले युग में नवाचार आधारित नई ऊर्जा,नये संकल्प एवं उन्नत तकनीक के साथ नये शिक्षण सत्र 2026-27 का शुभारंभ किया गया। सम्पूर्ण वाई-फाई कनेक्टीविटी वाले परिसर में पहले से ही कई शिक्षण कक्ष इंटरैक्टिवपैनल समेत कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। विद्यालय को इसी सत्र में अत्याधुनिक तकनीक से शत- प्रतिशत सुसज्जित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि इसी सत्र में हमारे सभी कक्षा कक्ष इंटरैक्टिवपैनल की सुविधा से लैस होंगे। जिस पर हम पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे हैं। मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि होती रहे, इसके लिए जो भी आवश्यक होगा वे सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विशिष्ट अतिथि प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ वी के झा ने गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग को सर्वथा प्रासंगिक बताया। और कहा कि हमें अपने विद्यालय का वर्तमान शैक्षिक परिवेश इतना उन्नत बनाना है , कि हम राष्ट्र की आवश्यकता के अनुरूप नागरिकों का निर्माण कर सकें । इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य रमेश मिश्र, अखिलेश प्रताप सिंह, अनिल पाण्डेय, शरद श्रीवास्तव, कौशलेंद्र त्रिपाठी, सुनील श्रीवास्तव,दीनदयाल विश्वकर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी,प्रतिभा मिश्रा,यशी अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
भाजपा में समर्पित कार्यकर्ता हाशिए पर, आयातित चेहरे हावी : विनोद कुमार पांडेय

भाजपा के स्थापना दिवस पर दिए गए बयानों को लेकर सत्ताधारी दल झामुमो की ओर से महासचिव विनोद पांडेय ने तीखा राजनीतिक पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा अपना स्थापना दिवस मना रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि भाजपा विश्व की सबसे धनी, संसाधनों से परिपूर्ण पार्टी - स्वाभाविक है कि जश्न भी भव्य होगा।

आज उनके एक बुद्धिजीवी वृद्ध नेता ने कहा: “यह देखकर सच में दुख होता है कि जिस पार्टी की ताकत कभी उसके समर्पित कार्यकर्ता और जमीन से जुड़े नेता हुआ करते थे, आज वही लोग हाशिए पर धकेल दिए गए हैं। आज भाजपा में विचारधारा से ज्यादा “आयातित चेहरे” हावी होते जा रहे हैं। बाहर से आए लोग शीर्ष पर बैठाए जा रहे हैं, और जिन्होंने सालों तक पार्टी को खड़ा किया - उनकी आवाज़ दबाई जा रही है।

अपने ही दल के पूर्व मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर देना - यह सिर्फ भूल नहीं, बल्कि सोच में आए बदलाव का संकेत है”। तो - सवाल यह है कि क्या एक राजनीतिक दल सिर्फ संसाधनों और प्रचार से मजबूत होता है? या फिर उसकी असली ताकत उसके कार्यकर्ताओं, उसके मूल सिद्धांतों और उसकी आंतरिक लोकतांत्रिक संस्कृति में होती है?

दुर्भाग्य से, आज जो तस्वीर दिख रही है, उसमें समर्पण की जगह अवसरवाद और संगठन की जगह केंद्रीकरण ने ले ली है।बाहरी प्रभावों ने पार्टी की जड़ों को कमजोर कर दिया है लोकतंत्र में दल सिर्फ चुनाव जीतने का माध्यम नहीं होते, बल्कि विचार और विश्वास का मंच होते हैं। जब वही मंच अपने ही लोगों के लिए संकुचित हो जाए, तो जश्न भले भव्य हो — पर आत्मा कहीं खो जाती है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं के भाषण पूरी तरह से आत्मप्रशंसा से भरा है। जमीनी सच्चाई इससे अलग है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश और राज्य में विकास की बात तो करती है, लेकिन हकीकत में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दूसरों पर हंसने से पहले भाजपा को अपने वादों का हिसाब देना चाहिए। जनता अब भावनात्मक भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस काम से जवाब चाहती है।

विनोद पांडेय ने कहा अन्य दलों पर टिप्पणी करना भाजपा की पुरानी रणनीति रही है, लेकिन इससे जनता के असली मुद्दे नहीं छिपाए जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा, देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है और युवाओं के लिए रोज के अवसर सीमित हुए हैं।

झामुमो महासचिव ने कहा कि झारखंड में हमारी सरकार जनहित और स्थानीय मुद्दों पर काम कर रही है। हम जनता के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी कर रही है।

राम रंग हत्याकांड में राहुल यादव समेत पूरा परिवार गिरफ्तार,लंगड़ाते नजर आए बाप बेटे
*घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर बरामद


गोंडा।जिले में राम रंग हत्याकांड के मुख्य आरोपी राहुल यादव समेत परिवार के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।नवाबगंज पुलिस ने यह कार्यवाही करते हुए 60 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को पटपड़गंज पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए लोगों में राहुल यादव के पिता भरत यादव, माता शोभा देवी,भाई अंकित यादव और बहनें नेहा यादव व अंजली यादव शामिल हैं।गिरफ्तारी के बाद सभी छह आरोपियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में मेडिकल परीक्षण कराया गया।इसके बाद उन्हें जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।नवाबगंज थाने में पेशी के दौरान पिता पुत्र लंगड़ाते हुए नजर आए।मृतक राम रंग के भाई उमेश यादव ने राहुल समेत उनके परिवार के सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था।हालांकि एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है।नाबालिग के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि घटना में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर और बांका भी बरामद किया है।उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस प्रशासन मृतक राम रंग यादव के परिवार के साथ खड़ा है।