आजमगढ़: सरायमीर थाने में एंटी करप्शनटीम की बड़ी कार्रवाई: ₹20,000/- रिश्वत लेते उपनिरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
आजमगढ़ ।दिनांक 17 अप्रैल को एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ इकाई द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना सरायमीर में तैनात उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह को ₹20,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया । शिकायतकर्ता अवनीश कुमार राय निवासी ग्राम गंगापुर थाना बिलरियागंज जनपद आजमगढ़ द्वारा शिकायत की गई थी कि अभियुक्त उपनिरीक्षक द्वारा मुकदमे से नाम निकालने के एवज में ₹20,000/- की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के उपरांत एंटी करप्शन टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अभियुक्त को थाना सरायमीर के दक्षिणी गेट के सामने सड़क किनारे शिकायतकर्ता से रिश्वत की धनराशि लेते समय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी धनराशि बरामद हुई, जिससे अभियुक्त का अपराध प्रथम दृष्टया सिद्ध हुआ। गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित (ट्रैप टीम प्रभारी), एंटी करप्शन , निरीक्षक आनंद कुमार वर्मा, निरीक्षक कमलेश कुमार पासवान, उ0नि0 मुर्ताजिर हुसैन खान सहित एंटी करप्शन टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
नारी शक्ति वंदन से महिलाओं की सहभागिता के मिलेगा लाभ
फर्रुखाबाद l नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट महिला वक्ताओं ने सहभागिता करते हुए अधिनियम के प्रावधानों, महत्व एवं महिलाओं के सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस दौरान  एन0ए0के0पी0 डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद डॉक्टर शशी किरण ने अधिनियम को महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, डॉ सुनीता यादव ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज के समग्र स्वास्थ्य एवं विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही। अधिवक्ता उमा मिश्रा ने अधिनियम के विधिक पहलुओं की जानकारी देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। पर्यावरणविद गुंजा जैन ने महिलाओं की भागीदारी को सतत विकास से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
स्वयं सहायता समूह की गुंजन एवं नम्रता , एफ0पी0ओ0 पूनम पाल ने ग्रामीण एवं आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाएगा।
प्रेसवार्ता के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा l साथ ही देश के समग्र विकास में उनकी भागीदारी को और सुदृढ़ करेगा।
इस मौके पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी,जिला विकास अधिकारी व संवंधित मौजूद रहे।
शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा, अंबेडकर सम्मान समारोह के दौरान पूर्व मंत्री ने कहीं बात
फर्रुखाबाद l शुक्रवार को अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दहेलिया के अमृत सरोवर के पास स्थित भैरव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमृतपुर विधानसभा का डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता सलेमपुर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत ने की। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम जिला मंत्री पंकज पाल जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर एक सामान्य पुरुष नहीं बल्कि महामानव थे उन्होंने गरीब पिछड़े दलित वंचित और शोषित वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय संविधान की रचना की उन्होंने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा। शिक्षा व्यक्ति को कितने ऊंचे स्तर पर ले जा सकती है यह डॉ अंबेडकर ने साबित कर दिया उनका उद्देश्य था समाज के प्रत्येक गरीब वर्ग को अच्छी शिक्षा मिले। एक लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था वह कांग्रेस ने नहीं दिया बल्कि वह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। उनसे जुड़े हुए स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में स्थापित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा को आत्मसात करके भारत के गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। सपा और कांग्रेस संविधान की प्रक्रिया लेकर गली-गली घूम रहे थे लेकिन उनकी सरकारों में सबसे ज्यादा दलित समाज का उत्पीड़न किया गया डॉ साहब को भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस और सपा डॉक्टर अंबेडकर के नाम पर राजनीति करती है लेकिन उनके विचारों से कोई सीख नहीं लेती भाजपा सरकार अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर भारत को समृद्ध और शिक्षित कर रही है। भाजपा ने डॉक्टर अंबेडकर के सम्मान के लिए सम्मान अभियान कार्यक्रम चलाया है। सपा के लोग पीडीए के नाम पर दलित समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सपा जब-जब सत्ता में आती है तब-तब दलित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर हमले होते हैं। डॉ आंबेडकर एक वर्ग के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता थे उन्होंने संविधान देकर सभी को न्याय देने की व्यवस्था सुनिश्चित की। केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक महिलाओं को अधिकार दिलाने वाला है जो डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है कांग्रेस सपा जैसे राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं वह महिलाओं को 33% आरक्षण के पक्ष में नहीं है। 2027 के चुनाव में महिलाओं को शक्ति देने वाले बिल का विरोध करने वाले लोगों को जवाब मिलेगा। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर के विचार सामाजिक समानता शिक्षा न्याय और स्वतंत्रता पर आधारित है उन्होंने जाति व्यवस्था छुआछूत और महिलाओं के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया तथा संवैधानिक अधिकारों बंधुत्व और शिक्षा के माध्यम से दलित व वंचितों वर्ग के उत्थान पर जोर दिया था उनका मुख्य उद्देश्य था शिक्षित बनो संगठित बनो और संघर्ष करो भाजपा सरकार उनके विचारों को लेकर आगे बढ़ रही है। जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम ने कहा डॉ अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार मानते थे उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक वंचित वर्ग शिक्षित नहीं होंगे वह अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं सकते। महिलाओं को अधिकार देने के लिए उन्होंने अपने संविधान में न्याय की व्यवस्था की जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रबल समर्थक थे उन्होंने कानून के माध्यम से सभी को सामान अधिकार और आर्थिक न्याय सुनिश्चित किया।
जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने भी विचार व्यक्त किए
इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा विष्णु लाल जाटव मंडल मंत्री परमजीत कौर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत महेश गौतम विश्व प्रताप सिंह चीनू रमेश सोमवंशी संजीव अग्निहोत्री विनीत राठौर संदीप तिवारी रामतीर्थ कुशवाहा पूरन कुशवाहा धर्मेंद्र सोमवंशी पिंटू सोमवंशी जितेंद्र सिंह विकास सिंह गिरीश चंद्र त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।
शादी-तिलकोत्सव में गहराया गैस सिलेंडर संकट

*घंटों इंतजार के बाद ही उपभोक्ताओं को मिल रहा है गैस सिलेंडर,कोयला - लकड़ी के दामों में भी हुई बढ़ोतरी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शादी का सीजन शुरूआत होते ही गैस सिलेंडर का संकट गहराने लगा है। गैस सिलेंडर किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ता अब लकड़ी और कोयले की खरीद करने लगे हैं। जिन घरों में शादी पड़ी है या तिलकोत्सव है, उनके सामने ईंधन की विकट समस्या खड़ी हो गई है। लकड़ी और कोलया से भोजन बनाने की बुकिंग में हलवाई श्रमिक खर्च बढ़ा दे रहे हैं। अमेरिका-इजराइल युद्ध में बिराम तो लगा लेकिन तनाव और ईंधन का किल्लत बना हुआ है। लगन में मर्यादा कैसे संभले यह चिंता हर वर्ग को सताए जा रही है। गैस सिलेंडर बुकिंग कराने के लिए उपभोक्ता शादी का कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।सिंहपुर नहरा के पास स्थित एक स्थान पर बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को बुलाया गया। वाहन आने तक उपभोक्ता तीखी धूप के बीच घंटों इंतजार करने को विवश हुए। गैस सिलेंडर को लेकर दौड़ रहे उपभोक्ता गर्मी और तीखी धूप से हतास हो जा रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर मिल जा रहा है। कामर्शियल गैस तो अब भी अभाव बना हुआ है। जिन घरों में शादी हुई है उनका प्राथमिकता के आधार पर बुकिंग किया जा रहा है। तहसील स्तर कार्यालय पर भी आनलाइन बुकिंग की जा रही है। जबकि देखा जा रहा है कि हाथ में शादी का कार्ड और पैसा लिए उपभोक्ता दर-दर भटकने को विवश हो रहे हैं। प्रशासन स्तर से गैस सिलेंडर कालाबाजारी रोकने के लिए जांच सख्त कर दी है। लेकिन विभागीय स्तर से संज्ञान न लिया जाना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। विभागीय अधिकारी हैं कि प्राथमिकता से सिलेंडर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं। गुरुवार को सिंहपुर नहरा के पास घंटों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए खड़े रहे। शादियों के सीजन की शुरुआत से पहले ही शहर में रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू हो गया लेकिन गैस सिलेंडर की कमी शादी वाले परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। हालात यह हैं कि परिजन शादी के कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय और गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को विवश हैं। गैस सिलेंडर का अभाव हर तबके की चिंता बढ़ा दी है। लकड़ी और कोयला पर भोजन बनाने को लेकर हलवाई मजदूरी बढ़ा दिए हैं। जो बुकिंग दस से बीस हजार में हो जाता था वह सीधे 35 से 40 हजार तक पहुंच गया है। लकड़ी के ईंधन पर भोजनहोटल-ढाबा संचालकों की फिर बढ़ी दिक्कतज्ञानपुर। लगन शुरू होते ही होटल-ढाबा संचालकों की दिक्कत फिर बढ़ गई है। अब जिन घरों में शादी या तिलकोत्सव है उन्हें कार्ड के आधार पर प्राथमिकता से गैस सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है। ऐसे में होटल-ढाबा संचालकों के सामने फिर ईंधन की दिक्कत खड़ी हो गई। कोयला और लकड़ी पर इन दिनों नाय, नाश्ता और भोजन तैयार किया जा रहा है। व्यापारियों की माने तो बीच में सिलेंडर मिल जाता था। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर संकट गहराने लगा है। ऐसे में होटल और ढाबों पर व्यंजन की मात्रा घट गई है।बिन काम वापस लौट रहे हैं कारीगरज्ञानपुर। अमेरिका-इजराइल युद्ध ने हर वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। दुकानों और होटल-ढाबों पर व्यंजन कम होने से कारीगरों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिन दुकान पर युद्ध से पूर्व चार से छह कारीगर काम करते थे वहां मात्रा एक या दो रह गए हैं। बिन में सिलेंडर मिलना शुरू हुआ था तो आधे कारीगर आ गए थे। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर दुकानों पर ईंधन की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि यहीं कारीगर अब शादी औ तिलकोत्सव में काम कर अपने आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहे हैं।
ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, त


सुलतानपुर,प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्र, दुर्लभ अभिलेखों एवं ग्रन्थों आदि के संरक्षण हेतु ज्ञान भारतम् मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा आज विकास भवन में जिला स्तरीय समिति की बैठक की गई।
           
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने की भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अन्तर्गत देश भर में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परम्परा से जुडी पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ ताम्रपत्रों आदि का वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है, ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन ज्ञान दर्शन, साहित्य और संस्कृति की भूमि रहा है। इस दृष्टिकोण से अभियान में जनपद की अहम भूमिका है।
          
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया गया कि संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य के पास 02 वैदिक पाण्डुलिपियां संरक्षित पायी गयी हैं तथा संग्रहालय में भी 03 हस्तलिपि पाण्डुलिपियां राधाकृष्ण के संवाद से सम्बन्धित संरक्षित पायी गयी हैं। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित से अनुमति प्राप्त कर पाण्डुलिपियों को स्कैन कराकर उसको पोर्टल पर डाला जाए तथा उसका व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराकर उसे आम जनमानस के लिये उपलब्ध कराया जाये।
          
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि पुराने गजेटियर भी पाण्डुलिपि की खोज में सहायक हो सकते है, इस हेतु रेवेन्यु रिकार्ड रूम में पुराने गजेटियर की खोज भी की जाये। प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों को पुराने आयुर्वेदाचार्यों व यूनानी चिकित्सा पद्वति के रिकार्डों में खोजा जाये। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी सम्बन्धित विभाग ‘ज्ञान भारतम् मिशन‘ ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण हेतु जनपद में व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
          
राष्ट्रीय पांडुलिपि संरक्षण का कार्य ज्ञान भारतम मिशन के तहत किया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर 75 वर्ष से पुरानी पांडुलिपियों या अन्य ग्रंथों की सूची तैयार की जाएगी। जिला स्तर पर तैयार की गई सूची संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत कार्यरत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को प्रेषित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा जिला स्तर पर तैयार की गयी सूची में अंकित संस्थाओं व व्यक्तियों से सम्पर्क करते हुए पाण्डुलिपियाँ, ग्रन्थों आदि के सूचीकरण, कैटालोगिंग, संरक्षण, डिजिटलीकरण आदि का कार्य ज्ञान भारतम् मिशन के साथ समन्वय करते हुए कराया जाएगा। सर्वेक्षण का कार्य 03 माह के भीतर पूर्ण किया जायेगा। इस कार्य को सरकारी कर्मचारी, सरकारी शिक्षक, मठ, मंदिरों के मठाधीश, पुजारी सदस्य आदि द्वारा ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।
रसोई गैस सिलेंडर की और बढ़ी परेशानी, अब DAC नंबर बुकिंग के कई दिन बाद पर्ची कटने पर ही जारी हो रहा।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,एक माह से अधिक समय से घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उत्पन्न समस्या समाप्त नहीं हो रही है। नई दिक्कत डीएसी (डिलीवरी आथराइजेशन कोड) नंबर को लेकर है। पहले बुकिंग करने के 24 घंटे बाद डीएसी नंबर जारी कर दिया जाता था। अब बुकिंग करने के बाद जब तक पर्ची नहीं कटेगी, तब तक डीएसी नंबर जारी होने का मैसेज नहीं आएगा। इसे लेकर उपभोक्ता गैस एजेंसियों की दौड़ लगा रहे हैं।

लगातार बदलते नियम से उपभोक्ता परेशान

घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर मार्च में नया नियम लागू किया गया। इसके तहत एक से दूसरी बुकिंग के लिए 25 दिन के अंतराल की बात कही गई। डीएसी नंबर होने पर ही गैस सिलेंडर देने का निर्देश दिया गया। अब बुकिंग करने पर उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डीएसी नंबर 24 घंटे में जारी किया जाएगा, ऐसा कोई संदेश नहीं आ रहा है। बल्कि बुकिंग करने पर जो संदेश आ रहा है, उसमें कनेक्शन व रिफिल नंबर लिखा रहता है। बलुआघाट के सतीश केसरवानी, मनीष पांडेय, एजी आफिस की श्रेया, धूमनगंज के हिमांशु का कहना है कि लगातार बदलते नियम से माथा चकरा गया है। सप्ताहभर पहले बुकिंग की थी, लेकिन अभी तक डीएसी नंबर नहीं मिला है।

मार्च की बुकिंग का अभी तक नहीं मिला सिलेंडर

आजाद नगर मुहल्ले के रोशन यादव ने 25 मार्च को बुकिंग की थी। 27 मार्च को उनके मोबाइल पर डीएसी नंबर आ गया। चंद्रलोक चौराहे के समीप स्थित गैस एजेंसी पर पहुंचे तो पता चला कि कई दिनों से वहां सिलेंडर ही नहीं आ रहा है। इसके बाद एजेंसी में ताला लग गया। पांच दिन बाद पुन: एजेंसी खुली ताे वह फिर पहुंचे, लेकिन देखते-देखते 16 अप्रैल हो गया और उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। मयंक चटर्जी, दिनेश कुमार, एसएन यादव के साथ भी ऐसा ही है।

अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।
संवाददाता आशीष कसौधन उतरौला (बलरामपुर)अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।चुनाव अधिकारी शंभू लाल गुप्त ने बताया कि अध्यक्ष के पद पर विजय प्रकाश श्रीवास्तव,प्रह्लाद यादव व नरेंद्र प्रताप वर्मा ने नामांकन किया।महामंत्री पद पर रवि शंकर मिश्र, मोहिबुल्लाह खान,व राम देव मौर्य ने अपना अपना नामांकन दाखिल किया।वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कमल किशोर गुप्त,चंद्रभान मिश्र व प्रमोद सोनी,संयुक्त मंत्री के तीन पद के लिए बृजेश कुमार वर्मा,विनीश गुप्त,सर्वेश जायसवाल,सोनू गुप्त व सत्यदेव चौधरी,कनिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों पर वासुदेव वर्मा,रमाशंकर मौर्य उप कनिष्ठ उपाध्यक्ष के एक पद के लिए मारुतिनंदन व कोषाध्यक्ष पद के सतीश चंद्र वर्मा ने नामांकन दाखिल किया गया।वरिष्ठ कार्यकारणी के 6पदों के लिए इशरत अबरार,भुग्गुल प्रसाद,योगेंद्र प्रसाद,अब्दुल कय्यूम,सुरेश श्रीवास्तव व कुंवर जी कनिष्ठ कार्यकारणी के 6पदो पर सुनील तिवारी,दिवाकर विक्रम उदय,विनय श्रीवास्तव,राधेश्याम यादव,रवि कुमार गुप्त,गजनफर अली व शहनाज रिजवी ने नामांकन दाखिल किया गया।चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रपत्रों की जांच शनिवार को होगी।चुनाव प्रकिया में सहयोग,अधिवक्ता आरिफ सिद्दीकी ,अरनब सिंह पीयूष श्रीवास्तव आदि ने किया।
बीजेपी सरकार के इशारे पर मिर्जापुर जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्ती धरना प्रदर्शन को समाप्त कराया गया :डॉक्टर शिव कुमार सिंह पटेल

*कांग्रेस जिलाध्यक्ष की बयान आया सामने*

मीरजापुर। 17 अप्रैल को

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ शिव कुमार सिंह पटेल के नेतृत्व में 10 वें दिन भी जिलाधिकारी कार्यालय पर शांति पूर्वक अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था कि अचानक से रात के 10:30 भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सदर एसडीएम गुलाब चन्द्र एवं सीओ सिटी विवेक जावला ने धरना को समाप्त करने के लिए जबरजस्ती दबाव डाल रहे थे। अहरौरा और विंध्याचल अष्टभुजा में फर्जी टोल प्लाजा को समाप्त करने और मिर्जापुर की जनता को 20 किलो मीटर फ्री लोकल पास जारी करने की मांग किया जा रहा था तभी बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन के द्वारा गुंडों जैसा धक्का मुक्की करते हुए कांग्रेस नेताओं को हटाया गया और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं एवं समाजवादी पार्टी के नेता सतीश मिश्रा के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हटा दिया गया, जिसकी कड़ी निंदा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष डॉ शिवकुमार सिंह पटेल ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीब विरोधी किसान विरोधी एवं व्यापारी विरोधी सरकार है कहा कि अहरौरा और विंध्याचल में फर्जी टोल टैक्स लगाकर मिर्जापुर की भोली भाली जनता को लूटा जा रहा है यह हम लोग होने नहीं देंगे।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर मिर्जापुर की प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी नेताओ के साथ जो गलत व्यवहार किया गया है इसकी हम लोग घोर निंदा करते हैं। चौधरी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग यह सोच रहे हैं कि कांग्रेस के लोगों को जेल भेजने की बात कहेंगे तो डर जाएंगे तो यह भूल जाइए पिछले 10 दिनों से हम लोग मिर्जापुर की जनता के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में बैठे जरूर हैं मगर वह किसी जेल से काम नहीं है हम लोग कहीं बाहर नहीं गए यहीं बैठे रहे मगर पुलिस प्रशासन के द्वारा जबरजस्ती हम लोगों को हटाया गया है इसके विरोध में हम लोग आगे सभी पार्टियों मिलकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार से लड़ा जाएगा। चौधरी ने कहा कि मिर्जापुर की जनता को कांग्रेस पार्टी जनता के लिए लड़की रहेगी और फर्जी टोल प्लाजा के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक उर्फ राजन पाठक, समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका परिषद के सतीश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य एवं इंजीनियर कृष्ण गोपाल चौधरी, गुलाब चंद्र पांडे, रामनाथ दुबे, विक्की जैन, रमेश चंद प्रजापति पप्पू, रितेश मिश्रा, कपिल कुमार सोनकर, कन्हैया लाल पाठक, अंशु पांडे यूथ कैलाश प्रजापति, मिथिलेश मिश्रा, राम विष्णु शर्मा, कृष्णा जायसवाल, राकेश त्रिपाठी, विवेक पटेल, राजेंद्र विश्वकर्मा, रोशन अंसारी, विजय दुबे पहाड़ी, गुलाब मिश्रा, संतोष यादव, विनोद कुमार, कन्हैया लाल पाठक, सूरज सिंह, दिलीप मौर्य, रितेश मिश्रा, राम लखन मास्टर, बब्बू पाठक, कृष्णानंद जायसवाल, राजू भारती, संजय कुमार, अशोक पटेल, विनोद कुमार, डॉ दिनेश कुमार, लक्ष्मी प्रजापति, सुनील प्रजापति, आनंद मौर्य, राकेश त्रिपाठी, योगेश पांडे, सैफुद्दीन कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
आजमगढ़: सरायमीर थाने में एंटी करप्शनटीम की बड़ी कार्रवाई: ₹20,000/- रिश्वत लेते उपनिरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
आजमगढ़ ।दिनांक 17 अप्रैल को एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ इकाई द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना सरायमीर में तैनात उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह को ₹20,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया । शिकायतकर्ता अवनीश कुमार राय निवासी ग्राम गंगापुर थाना बिलरियागंज जनपद आजमगढ़ द्वारा शिकायत की गई थी कि अभियुक्त उपनिरीक्षक द्वारा मुकदमे से नाम निकालने के एवज में ₹20,000/- की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के उपरांत एंटी करप्शन टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अभियुक्त को थाना सरायमीर के दक्षिणी गेट के सामने सड़क किनारे शिकायतकर्ता से रिश्वत की धनराशि लेते समय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी धनराशि बरामद हुई, जिससे अभियुक्त का अपराध प्रथम दृष्टया सिद्ध हुआ। गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित (ट्रैप टीम प्रभारी), एंटी करप्शन , निरीक्षक आनंद कुमार वर्मा, निरीक्षक कमलेश कुमार पासवान, उ0नि0 मुर्ताजिर हुसैन खान सहित एंटी करप्शन टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
नारी शक्ति वंदन से महिलाओं की सहभागिता के मिलेगा लाभ
फर्रुखाबाद l नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट महिला वक्ताओं ने सहभागिता करते हुए अधिनियम के प्रावधानों, महत्व एवं महिलाओं के सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस दौरान  एन0ए0के0पी0 डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद डॉक्टर शशी किरण ने अधिनियम को महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, डॉ सुनीता यादव ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज के समग्र स्वास्थ्य एवं विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही। अधिवक्ता उमा मिश्रा ने अधिनियम के विधिक पहलुओं की जानकारी देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। पर्यावरणविद गुंजा जैन ने महिलाओं की भागीदारी को सतत विकास से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
स्वयं सहायता समूह की गुंजन एवं नम्रता , एफ0पी0ओ0 पूनम पाल ने ग्रामीण एवं आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाएगा।
प्रेसवार्ता के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा l साथ ही देश के समग्र विकास में उनकी भागीदारी को और सुदृढ़ करेगा।
इस मौके पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी,जिला विकास अधिकारी व संवंधित मौजूद रहे।
शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा, अंबेडकर सम्मान समारोह के दौरान पूर्व मंत्री ने कहीं बात
फर्रुखाबाद l शुक्रवार को अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दहेलिया के अमृत सरोवर के पास स्थित भैरव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमृतपुर विधानसभा का डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता सलेमपुर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत ने की। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम जिला मंत्री पंकज पाल जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर एक सामान्य पुरुष नहीं बल्कि महामानव थे उन्होंने गरीब पिछड़े दलित वंचित और शोषित वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय संविधान की रचना की उन्होंने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा। शिक्षा व्यक्ति को कितने ऊंचे स्तर पर ले जा सकती है यह डॉ अंबेडकर ने साबित कर दिया उनका उद्देश्य था समाज के प्रत्येक गरीब वर्ग को अच्छी शिक्षा मिले। एक लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था वह कांग्रेस ने नहीं दिया बल्कि वह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। उनसे जुड़े हुए स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में स्थापित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा को आत्मसात करके भारत के गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। सपा और कांग्रेस संविधान की प्रक्रिया लेकर गली-गली घूम रहे थे लेकिन उनकी सरकारों में सबसे ज्यादा दलित समाज का उत्पीड़न किया गया डॉ साहब को भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस और सपा डॉक्टर अंबेडकर के नाम पर राजनीति करती है लेकिन उनके विचारों से कोई सीख नहीं लेती भाजपा सरकार अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर भारत को समृद्ध और शिक्षित कर रही है। भाजपा ने डॉक्टर अंबेडकर के सम्मान के लिए सम्मान अभियान कार्यक्रम चलाया है। सपा के लोग पीडीए के नाम पर दलित समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सपा जब-जब सत्ता में आती है तब-तब दलित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर हमले होते हैं। डॉ आंबेडकर एक वर्ग के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता थे उन्होंने संविधान देकर सभी को न्याय देने की व्यवस्था सुनिश्चित की। केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक महिलाओं को अधिकार दिलाने वाला है जो डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है कांग्रेस सपा जैसे राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं वह महिलाओं को 33% आरक्षण के पक्ष में नहीं है। 2027 के चुनाव में महिलाओं को शक्ति देने वाले बिल का विरोध करने वाले लोगों को जवाब मिलेगा। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर के विचार सामाजिक समानता शिक्षा न्याय और स्वतंत्रता पर आधारित है उन्होंने जाति व्यवस्था छुआछूत और महिलाओं के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया तथा संवैधानिक अधिकारों बंधुत्व और शिक्षा के माध्यम से दलित व वंचितों वर्ग के उत्थान पर जोर दिया था उनका मुख्य उद्देश्य था शिक्षित बनो संगठित बनो और संघर्ष करो भाजपा सरकार उनके विचारों को लेकर आगे बढ़ रही है। जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम ने कहा डॉ अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार मानते थे उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक वंचित वर्ग शिक्षित नहीं होंगे वह अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं सकते। महिलाओं को अधिकार देने के लिए उन्होंने अपने संविधान में न्याय की व्यवस्था की जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रबल समर्थक थे उन्होंने कानून के माध्यम से सभी को सामान अधिकार और आर्थिक न्याय सुनिश्चित किया।
जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने भी विचार व्यक्त किए
इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा विष्णु लाल जाटव मंडल मंत्री परमजीत कौर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत महेश गौतम विश्व प्रताप सिंह चीनू रमेश सोमवंशी संजीव अग्निहोत्री विनीत राठौर संदीप तिवारी रामतीर्थ कुशवाहा पूरन कुशवाहा धर्मेंद्र सोमवंशी पिंटू सोमवंशी जितेंद्र सिंह विकास सिंह गिरीश चंद्र त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।
शादी-तिलकोत्सव में गहराया गैस सिलेंडर संकट

*घंटों इंतजार के बाद ही उपभोक्ताओं को मिल रहा है गैस सिलेंडर,कोयला - लकड़ी के दामों में भी हुई बढ़ोतरी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शादी का सीजन शुरूआत होते ही गैस सिलेंडर का संकट गहराने लगा है। गैस सिलेंडर किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ता अब लकड़ी और कोयले की खरीद करने लगे हैं। जिन घरों में शादी पड़ी है या तिलकोत्सव है, उनके सामने ईंधन की विकट समस्या खड़ी हो गई है। लकड़ी और कोलया से भोजन बनाने की बुकिंग में हलवाई श्रमिक खर्च बढ़ा दे रहे हैं। अमेरिका-इजराइल युद्ध में बिराम तो लगा लेकिन तनाव और ईंधन का किल्लत बना हुआ है। लगन में मर्यादा कैसे संभले यह चिंता हर वर्ग को सताए जा रही है। गैस सिलेंडर बुकिंग कराने के लिए उपभोक्ता शादी का कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।सिंहपुर नहरा के पास स्थित एक स्थान पर बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को बुलाया गया। वाहन आने तक उपभोक्ता तीखी धूप के बीच घंटों इंतजार करने को विवश हुए। गैस सिलेंडर को लेकर दौड़ रहे उपभोक्ता गर्मी और तीखी धूप से हतास हो जा रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर मिल जा रहा है। कामर्शियल गैस तो अब भी अभाव बना हुआ है। जिन घरों में शादी हुई है उनका प्राथमिकता के आधार पर बुकिंग किया जा रहा है। तहसील स्तर कार्यालय पर भी आनलाइन बुकिंग की जा रही है। जबकि देखा जा रहा है कि हाथ में शादी का कार्ड और पैसा लिए उपभोक्ता दर-दर भटकने को विवश हो रहे हैं। प्रशासन स्तर से गैस सिलेंडर कालाबाजारी रोकने के लिए जांच सख्त कर दी है। लेकिन विभागीय स्तर से संज्ञान न लिया जाना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। विभागीय अधिकारी हैं कि प्राथमिकता से सिलेंडर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं। गुरुवार को सिंहपुर नहरा के पास घंटों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए खड़े रहे। शादियों के सीजन की शुरुआत से पहले ही शहर में रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू हो गया लेकिन गैस सिलेंडर की कमी शादी वाले परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। हालात यह हैं कि परिजन शादी के कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय और गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को विवश हैं। गैस सिलेंडर का अभाव हर तबके की चिंता बढ़ा दी है। लकड़ी और कोयला पर भोजन बनाने को लेकर हलवाई मजदूरी बढ़ा दिए हैं। जो बुकिंग दस से बीस हजार में हो जाता था वह सीधे 35 से 40 हजार तक पहुंच गया है। लकड़ी के ईंधन पर भोजनहोटल-ढाबा संचालकों की फिर बढ़ी दिक्कतज्ञानपुर। लगन शुरू होते ही होटल-ढाबा संचालकों की दिक्कत फिर बढ़ गई है। अब जिन घरों में शादी या तिलकोत्सव है उन्हें कार्ड के आधार पर प्राथमिकता से गैस सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है। ऐसे में होटल-ढाबा संचालकों के सामने फिर ईंधन की दिक्कत खड़ी हो गई। कोयला और लकड़ी पर इन दिनों नाय, नाश्ता और भोजन तैयार किया जा रहा है। व्यापारियों की माने तो बीच में सिलेंडर मिल जाता था। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर संकट गहराने लगा है। ऐसे में होटल और ढाबों पर व्यंजन की मात्रा घट गई है।बिन काम वापस लौट रहे हैं कारीगरज्ञानपुर। अमेरिका-इजराइल युद्ध ने हर वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। दुकानों और होटल-ढाबों पर व्यंजन कम होने से कारीगरों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिन दुकान पर युद्ध से पूर्व चार से छह कारीगर काम करते थे वहां मात्रा एक या दो रह गए हैं। बिन में सिलेंडर मिलना शुरू हुआ था तो आधे कारीगर आ गए थे। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर दुकानों पर ईंधन की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि यहीं कारीगर अब शादी औ तिलकोत्सव में काम कर अपने आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहे हैं।
ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, त


सुलतानपुर,प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्र, दुर्लभ अभिलेखों एवं ग्रन्थों आदि के संरक्षण हेतु ज्ञान भारतम् मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा आज विकास भवन में जिला स्तरीय समिति की बैठक की गई।
           
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने की भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अन्तर्गत देश भर में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परम्परा से जुडी पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ ताम्रपत्रों आदि का वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है, ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन ज्ञान दर्शन, साहित्य और संस्कृति की भूमि रहा है। इस दृष्टिकोण से अभियान में जनपद की अहम भूमिका है।
          
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया गया कि संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य के पास 02 वैदिक पाण्डुलिपियां संरक्षित पायी गयी हैं तथा संग्रहालय में भी 03 हस्तलिपि पाण्डुलिपियां राधाकृष्ण के संवाद से सम्बन्धित संरक्षित पायी गयी हैं। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित से अनुमति प्राप्त कर पाण्डुलिपियों को स्कैन कराकर उसको पोर्टल पर डाला जाए तथा उसका व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराकर उसे आम जनमानस के लिये उपलब्ध कराया जाये।
          
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि पुराने गजेटियर भी पाण्डुलिपि की खोज में सहायक हो सकते है, इस हेतु रेवेन्यु रिकार्ड रूम में पुराने गजेटियर की खोज भी की जाये। प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों को पुराने आयुर्वेदाचार्यों व यूनानी चिकित्सा पद्वति के रिकार्डों में खोजा जाये। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी सम्बन्धित विभाग ‘ज्ञान भारतम् मिशन‘ ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण हेतु जनपद में व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
          
राष्ट्रीय पांडुलिपि संरक्षण का कार्य ज्ञान भारतम मिशन के तहत किया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर 75 वर्ष से पुरानी पांडुलिपियों या अन्य ग्रंथों की सूची तैयार की जाएगी। जिला स्तर पर तैयार की गई सूची संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत कार्यरत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को प्रेषित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा जिला स्तर पर तैयार की गयी सूची में अंकित संस्थाओं व व्यक्तियों से सम्पर्क करते हुए पाण्डुलिपियाँ, ग्रन्थों आदि के सूचीकरण, कैटालोगिंग, संरक्षण, डिजिटलीकरण आदि का कार्य ज्ञान भारतम् मिशन के साथ समन्वय करते हुए कराया जाएगा। सर्वेक्षण का कार्य 03 माह के भीतर पूर्ण किया जायेगा। इस कार्य को सरकारी कर्मचारी, सरकारी शिक्षक, मठ, मंदिरों के मठाधीश, पुजारी सदस्य आदि द्वारा ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।
रसोई गैस सिलेंडर की और बढ़ी परेशानी, अब DAC नंबर बुकिंग के कई दिन बाद पर्ची कटने पर ही जारी हो रहा।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,एक माह से अधिक समय से घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उत्पन्न समस्या समाप्त नहीं हो रही है। नई दिक्कत डीएसी (डिलीवरी आथराइजेशन कोड) नंबर को लेकर है। पहले बुकिंग करने के 24 घंटे बाद डीएसी नंबर जारी कर दिया जाता था। अब बुकिंग करने के बाद जब तक पर्ची नहीं कटेगी, तब तक डीएसी नंबर जारी होने का मैसेज नहीं आएगा। इसे लेकर उपभोक्ता गैस एजेंसियों की दौड़ लगा रहे हैं।

लगातार बदलते नियम से उपभोक्ता परेशान

घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर मार्च में नया नियम लागू किया गया। इसके तहत एक से दूसरी बुकिंग के लिए 25 दिन के अंतराल की बात कही गई। डीएसी नंबर होने पर ही गैस सिलेंडर देने का निर्देश दिया गया। अब बुकिंग करने पर उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डीएसी नंबर 24 घंटे में जारी किया जाएगा, ऐसा कोई संदेश नहीं आ रहा है। बल्कि बुकिंग करने पर जो संदेश आ रहा है, उसमें कनेक्शन व रिफिल नंबर लिखा रहता है। बलुआघाट के सतीश केसरवानी, मनीष पांडेय, एजी आफिस की श्रेया, धूमनगंज के हिमांशु का कहना है कि लगातार बदलते नियम से माथा चकरा गया है। सप्ताहभर पहले बुकिंग की थी, लेकिन अभी तक डीएसी नंबर नहीं मिला है।

मार्च की बुकिंग का अभी तक नहीं मिला सिलेंडर

आजाद नगर मुहल्ले के रोशन यादव ने 25 मार्च को बुकिंग की थी। 27 मार्च को उनके मोबाइल पर डीएसी नंबर आ गया। चंद्रलोक चौराहे के समीप स्थित गैस एजेंसी पर पहुंचे तो पता चला कि कई दिनों से वहां सिलेंडर ही नहीं आ रहा है। इसके बाद एजेंसी में ताला लग गया। पांच दिन बाद पुन: एजेंसी खुली ताे वह फिर पहुंचे, लेकिन देखते-देखते 16 अप्रैल हो गया और उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। मयंक चटर्जी, दिनेश कुमार, एसएन यादव के साथ भी ऐसा ही है।

अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।
संवाददाता आशीष कसौधन उतरौला (बलरामपुर)अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।चुनाव अधिकारी शंभू लाल गुप्त ने बताया कि अध्यक्ष के पद पर विजय प्रकाश श्रीवास्तव,प्रह्लाद यादव व नरेंद्र प्रताप वर्मा ने नामांकन किया।महामंत्री पद पर रवि शंकर मिश्र, मोहिबुल्लाह खान,व राम देव मौर्य ने अपना अपना नामांकन दाखिल किया।वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कमल किशोर गुप्त,चंद्रभान मिश्र व प्रमोद सोनी,संयुक्त मंत्री के तीन पद के लिए बृजेश कुमार वर्मा,विनीश गुप्त,सर्वेश जायसवाल,सोनू गुप्त व सत्यदेव चौधरी,कनिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों पर वासुदेव वर्मा,रमाशंकर मौर्य उप कनिष्ठ उपाध्यक्ष के एक पद के लिए मारुतिनंदन व कोषाध्यक्ष पद के सतीश चंद्र वर्मा ने नामांकन दाखिल किया गया।वरिष्ठ कार्यकारणी के 6पदों के लिए इशरत अबरार,भुग्गुल प्रसाद,योगेंद्र प्रसाद,अब्दुल कय्यूम,सुरेश श्रीवास्तव व कुंवर जी कनिष्ठ कार्यकारणी के 6पदो पर सुनील तिवारी,दिवाकर विक्रम उदय,विनय श्रीवास्तव,राधेश्याम यादव,रवि कुमार गुप्त,गजनफर अली व शहनाज रिजवी ने नामांकन दाखिल किया गया।चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रपत्रों की जांच शनिवार को होगी।चुनाव प्रकिया में सहयोग,अधिवक्ता आरिफ सिद्दीकी ,अरनब सिंह पीयूष श्रीवास्तव आदि ने किया।
बीजेपी सरकार के इशारे पर मिर्जापुर जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्ती धरना प्रदर्शन को समाप्त कराया गया :डॉक्टर शिव कुमार सिंह पटेल

*कांग्रेस जिलाध्यक्ष की बयान आया सामने*

मीरजापुर। 17 अप्रैल को

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ शिव कुमार सिंह पटेल के नेतृत्व में 10 वें दिन भी जिलाधिकारी कार्यालय पर शांति पूर्वक अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था कि अचानक से रात के 10:30 भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सदर एसडीएम गुलाब चन्द्र एवं सीओ सिटी विवेक जावला ने धरना को समाप्त करने के लिए जबरजस्ती दबाव डाल रहे थे। अहरौरा और विंध्याचल अष्टभुजा में फर्जी टोल प्लाजा को समाप्त करने और मिर्जापुर की जनता को 20 किलो मीटर फ्री लोकल पास जारी करने की मांग किया जा रहा था तभी बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन के द्वारा गुंडों जैसा धक्का मुक्की करते हुए कांग्रेस नेताओं को हटाया गया और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं एवं समाजवादी पार्टी के नेता सतीश मिश्रा के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हटा दिया गया, जिसकी कड़ी निंदा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष डॉ शिवकुमार सिंह पटेल ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीब विरोधी किसान विरोधी एवं व्यापारी विरोधी सरकार है कहा कि अहरौरा और विंध्याचल में फर्जी टोल टैक्स लगाकर मिर्जापुर की भोली भाली जनता को लूटा जा रहा है यह हम लोग होने नहीं देंगे।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर मिर्जापुर की प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी नेताओ के साथ जो गलत व्यवहार किया गया है इसकी हम लोग घोर निंदा करते हैं। चौधरी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग यह सोच रहे हैं कि कांग्रेस के लोगों को जेल भेजने की बात कहेंगे तो डर जाएंगे तो यह भूल जाइए पिछले 10 दिनों से हम लोग मिर्जापुर की जनता के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में बैठे जरूर हैं मगर वह किसी जेल से काम नहीं है हम लोग कहीं बाहर नहीं गए यहीं बैठे रहे मगर पुलिस प्रशासन के द्वारा जबरजस्ती हम लोगों को हटाया गया है इसके विरोध में हम लोग आगे सभी पार्टियों मिलकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार से लड़ा जाएगा। चौधरी ने कहा कि मिर्जापुर की जनता को कांग्रेस पार्टी जनता के लिए लड़की रहेगी और फर्जी टोल प्लाजा के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक उर्फ राजन पाठक, समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका परिषद के सतीश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य एवं इंजीनियर कृष्ण गोपाल चौधरी, गुलाब चंद्र पांडे, रामनाथ दुबे, विक्की जैन, रमेश चंद प्रजापति पप्पू, रितेश मिश्रा, कपिल कुमार सोनकर, कन्हैया लाल पाठक, अंशु पांडे यूथ कैलाश प्रजापति, मिथिलेश मिश्रा, राम विष्णु शर्मा, कृष्णा जायसवाल, राकेश त्रिपाठी, विवेक पटेल, राजेंद्र विश्वकर्मा, रोशन अंसारी, विजय दुबे पहाड़ी, गुलाब मिश्रा, संतोष यादव, विनोद कुमार, कन्हैया लाल पाठक, सूरज सिंह, दिलीप मौर्य, रितेश मिश्रा, राम लखन मास्टर, बब्बू पाठक, कृष्णानंद जायसवाल, राजू भारती, संजय कुमार, अशोक पटेल, विनोद कुमार, डॉ दिनेश कुमार, लक्ष्मी प्रजापति, सुनील प्रजापति, आनंद मौर्य, राकेश त्रिपाठी, योगेश पांडे, सैफुद्दीन कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश