आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन
गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।
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कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।
मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।
प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।
आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के
कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।


राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा विद्यार्थियों में मूल्य के संवर्धन हेतु शिक्षकों के लिए मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण *प्रज्ञा प्रवाह* के प्रथम बैच के समापन के अवसर पर उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य/बी एस ए मनीष कुमार सिंह द्वारा प्रेषित अपने संदेश में बताया गया कि यह प्रशिक्षण मानवीय मूल्यों के परिचय के साथ-साथ परिषदीय विद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों के अंदर संवैधानिक मूल्य एवं मौलिक कर्तव्य की बात तो बताता ही है साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति भी जागरूक बनता है। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि मूल्य के विकास में प्रभावी संप्रेषण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है जिसमें विद्यालयी संदर्भ में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विकसित करने हेतु प्रमुख रणनीतियां बनाई जानी आवश्यक होती हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल डॉक्टर मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण के समापन अवसर पर अपने उद्बोधन में बताया गया की मूल्य के विकास में शिक्षकों को विद्यार्थियों में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने हेतु संवेदीकृत करता है। मानवीय मूल्य के संबंध में अपने विचार को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि मूल्य की अवधारणा विकसित करने हेतु मानवीय मूल्य के आदर्श , सिद्धांत और संस्कार जो कि मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और उसके आचरण को नैतिक और सामाजिक रूप से स्वीकार करने योग्य बनाते हैं को विकसित करने की आवश्यकता है। *प्रज्ञा प्रवाह* प्रशिक्षण के नोडल डायट प्रवक्ता रविरंजन खरे द्वारा सभी प्रशिक्षणर्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन करते हुए बताया गया कि प्रशिक्षण में जिन बिंदुओं पर बृहद चर्चा की गई है इसका उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब ईमानदारी पूर्वक नैतिकता की बातें सहयोगियों के साथ-साथ बच्चों के बीच भी ले जाई जाएं। प्रवक्ता जानू राम द्वारा व्यक्तिगत मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि मूल्य व्यक्ति के स्वयं के आचरण और जीवन शैली से जुड़े होते हैं और उनके चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं ।यह व्यक्ति को उचित एवं अनुचित के बीच सही निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ।उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत मूल्य कई प्रकार के होते हैं जैसे आत्म सम्मान, ईमानदारी, अनुशासन ,करुणा ,सहयोग ,भाईचारा , आत्मनिर्भरता आदि। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा सामाजिक मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि सामाजिक मूल्य समाज की नींव होते हैं। यह वे आदर्श और मान्यताएं हैं जो यह निर्धारित करता है कि समाज ने क्या स्वीकार है अथवा क्या नहीं ।यह लोगों के बीच आपसी सहयोग ,सद्भावना और संतुलन बनाए रखते हैं ।मूल्य व्यक्ति को समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं और सामूहिक जीवन को सार्थक बनाते हैं ।सामाजिक मूल्य समाज में सद्भावऔर सहयोग को बढ़ाते हुए सामंजस्य और एकता स्थापित करते हैं। प्रवक्ता डॉक्टर अशफाक द्वारा सीपीआर के प्रयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे शिक्षकों द्वारा विभिन्न शिक्षण योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए नैतिक मूल्य तथा ईमानदारी के प्रति विस्तृत विचार विमर्श किया गया। प्रतिभागी शिक्षक डॉ शशि भूषण मिश्र पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा आध्यात्मिक मूल्यों की चर्चा करते हुए बताया गया कि आध्यात्मिक मूल्य वे मूल्य हैं जो मनुष्य को आंतरिक शांति ,सत्य ,प्रेम, दया, करुणा ,आत्मज्ञान और सार्वभौमिक सत्ता से जोड़ते हैं। यह सभी मूल्य भौतिक सुख सुविधाओं से परे जाकर व्यक्ति को आत्मिक विकास ,संतोष और जीवन के गहरे उद्देश्य की ओर प्रेरित करते हैं। सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
15 को सम्मानित करेगा बीसीसीआई

फर्रुखाबाद l अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल की संयुक्त बैठक शहर के रेलवे रोड स्थित एक होटल में हुई जिसमें जिले भर से सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने आकर दल के लिए कार्य करने की घोषणा की,इस बैठक में प्रमुख रूप से मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात से आए राजू भारद्वाज जिनके पास उत्तर प्रदेश का प्रभार है और राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश महामंत्री अरविंद सेंगर विशिष्ट अतिथि के रूप में बैठक में सम्मिलित हुए l इस दौरान जिला कमेटी की घोषणा की गई जिला अध्यक्ष दिनेश राजपूत और जिले का प्रमुख महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल पांडे को नियुक्त किया गया बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजू भारद्वाज ने कहा की वर्तमान जो देश की परिस्थितियों चल रही हैं उन परिस्थितियों में सनातन धर्म को एकजुट करने की बहुत आवश्यकता है क्योंकि चारों तरफ से सनातन के ऊपर ही आक्रमण किया जा रहा है वर्तमान परिस्थितियों में हिंदू समाज को भी बांटने के लिए तरह-तरह के षडयंत्र किया जा रहे हैं इन संयंत्र से हम सबको सतर्क रहने की आवश्यकता है और डटकर इसकी विरोध करने की आवश्यकता है तरह-तरह के संगठन बनाकर सनातन रंजीत को कमजोर करने का जो प्रयास चल रहा है उसे पर हम लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा लोगों को जागरूक करना पड़ेगा तब जाकर हम लोग हिंदुत्व को मजबूत कर पाएंगे विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश के महामंत्री अरविंद सेग़र ने कहा राष्ट्रीय बजरंग दल पूरे प्रदेश में हिंदुत्व के लिए कार्य कर रहा है गौ रक्षा के लिए कार्य कर रहा है प्रदेश में वर्तमान में राष्ट्रीय बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ हिंदुत्व और सनातन के लिए अपना घर परिवार सब छोड़कर जाने लगे हैं और उसका परिणाम यह है की पूर्व में जो गौ हत्याएं होती थी वह बंद हो गई है l गौ हत्यारे के अंदर इतना भय पैदा हो गया है राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे उर्फ अंगद ने कहा की जनपद में बहुत दिनों से संगठन को कमजोर करने के लिए कुछ लोगों के द्वारा जो प्रयास किया जा रहा था वह आज खत्म हो गया है नई कार्यकारिणी पूरी दमदारी के साथ में जनपद में कार्य करेगी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है या उत्साह कम नहीं होना चाहिए और हिंदुत्व सनातन के लिए संगठन सबसे आगे खड़ा दिखाई पड़ेगा जिस किसी भी भाई को जरूरत पड़ेगी संगठन का एक-एक कार्यकर्ता उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा प्रसिद्ध राम कथा के प्रवक्ता आचार्य अमरीश महाराज ने कहा कि आप सबका उत्साह देखकर महसूस होता है कि जनपद में राष्ट्रीय बजरंग दल एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद हिंदुत्व के लिए बहुत शानदार काम करेगी मेरी जहां कहीं भी आवश्यकता होगी मैं आप लोगों के साथ हर प्रकार से कार्य करने के लिए तैयार रहूंगा कार्यक्रम की अध्यक्षता राजू भाई भारद्वाज ने की, मुख्य अतिथि राष्ट्रीय बजरंग दल प्रांतीय महामंत्री अरविंद सिंह सिंगर, विशेष अतिथि अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के विभाग अध्यक्ष उमेशा आनंद महाराज, कार्यक्रम के आयोजन राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे,अंगद मौजूद रहे।
अमृतपुर-फर्रुखाबाद l मुस्लिम समुदाय के रोजे चल रहे हैं इस दौरान जुम्मे की आखिरी नमाज थाना राजेपुर व अमृतपुर क्षेत्र में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज शांतिपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हुई। ग्राम अलीगढ़ तथा ग्राम दौलतपुर चकई की मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।प्रभारी निरीक्षक राजेपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों गांवों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। नमाज के दौरान पुलिस कर्मी मस्जिदों के आसपास तैनात रहे और क्षेत्र में लगातार गश्त करते रहे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो सके।
*चचेरे भाई के पेट में लगी गोली, लखनऊ रिफर
38 min ago
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