देवघर-विश्व रेड क्रॉस सोसाइटी दिवस के अवसर पर रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में भव्य कार्यक्रम।
देवघर: विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर द्वारा रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर के प्लस-२ भवन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं एवं समाजसेवियों को सम्मानित करना तथा समाज में मानव सेवा, करुणा और रक्तदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था। विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रत्येक वर्ष ८ मई को रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस मानवता, निस्वार्थ सेवा, सहायता और भाईचारे का संदेश देता है। रेड क्रॉस संस्था सदैव जरूरतमंदों की सहायता, रक्तदान, आपदा राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करती रही है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्मचारी अनादिचैतन्य महाराज, शैक्षणिक समन्वयक (वरिष्ठ माध्यमिक विभाग), रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर, डॉ. नृपेन्द्र सिंह लिंगवाल, निदेशक, खाद्य शिल्प संस्थान,श्री जॉय बनर्जी, हवाई अड्डा निदेशक,डॉ. इंद्रनील दास, रक्त आधान विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के chairman जितेश राजपाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में समाज को सेवा और सहयोग की भावना की सबसे अधिक आवश्यकता है। रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा के कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित रक्तदान शिविर के सभी १२४ रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं के इस निस्वार्थ योगदान की सभी अतिथियों ने सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया। एच.डी.एफ.सी. बैंक को रक्तदान शिविर में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। वहीं भारतीय स्टेट बैंक को ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर के प्रायोजन एवं सामाजिक सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा समय-समय पर सामाजिक कार्यों, जनकल्याण गतिविधियों एवं सेवा कार्यों में दिए जा रहे योगदान की भी सराहना की गई। नितेश सिंह राजपूत को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग देने हेतु सम्मान प्रदान किया गया। वहीं रेड क्रॉस की आजीवन सदस्य श्वेता शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त राष्ट्रपति उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उन सामाजिक एवं सेवा संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के साथ मिलकर रक्तदान शिविर एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मारवाड़ी युवा मंच, रोटरी क्लब ऑफ देवघर, इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर, सनातन फाउंडेशन, भारतीय जनता युवा मोर्चा, खाद्य शिल्प संस्थान देवघर, विरोय फाउंडेशन, रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देवघर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर, ब्रह्माकुमारी संस्था, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कल्पतरु प्रोजेक्ट इंटरनेशनल लिमिटेड, दत्ता डेप्युटी हेल्थ ट्रस्ट सत्संग, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी उप-मंडलीय शाखा मधुपुर तथा अडानी पावर प्लांट गोड्डा शामिल रहे। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर की ओर से vice chairman पियुष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, सह-कोषाध्यक्ष सुधांशु शेखर बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य  विजय प्रताप सनातन, अभिषेक नेवर, देवनंदन झा, संजय मिश्रा, आजीवन सदस्य बैद्यनाथ वर्मा, ज्योति झा, श्वेता शर्मा, कृष्णा केशरी एवं युवा सदस्य पल्लवी कुमारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन पियुष जायसवाल एवं श्वेता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष जितेश राजपाल ने किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य सफल हो पाते हैं। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान एवं सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ने की अपील की तथा कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। कार्यक्रम का समापन मानव सेवा, रक्तदान और सामाजिक सहयोग के संदेश के साथ किया गया। यह आयोजन समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम सिद्ध हुआ।
प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
* अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद अभियान में तेजी लाने के निर्देश
लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

* अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश
अपर आयुक्त (आपूर्ति) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्माणाधीन मॉडल एफपीएस/अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तत्काल खाद्यायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

* राशन वितरण और ई-पॉस मशीनों की ऑनलाइन निगरानी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-वेटिंग स्केल से लिंक्ड ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागीय कर्मचारी मोबाइल इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से फील्ड स्तर पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। प्रदेश में इस कार्य की औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में सुधार लाने और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीनों की नेटवर्क कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी रखी जाए और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

* 13.52 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 13.52 करोड़ लाभार्थियों यानी लगभग 93.34 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। मंत्री ने शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

* गेहूं खरीद में तेजी लाने पर जोर
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में अब तक 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। 25 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,90,704 किसानों से 9.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार मीट्रिक टन अधिक है।
मंत्री ने क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लाने, राइस मिलर्स के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3
मुंबई। आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन शनिवार, 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh  Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
भाजपा कार्यकर्ताओं के 'लहू' से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के 'लहू' से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का 'गिफ्ट' है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है!" पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने" वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के 'खूनी खेल' की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक "चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी" में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक "15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर" में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।

2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी 'तेरहवीं' पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे "चुनाव आयोग की सेटिंग" कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे 'मेहरबानी' कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के 'बलिदान' की जीत है!

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

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भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

मजबूत बूथ ही दिलाएगा मिशन- 2027 में प्रचंड जीत : विजय रघुवंशी
*धम्मौर समेत 26 मण्डलों में बूथ लेवल तक संगठन मजबूती व की-वोटर्स संपर्क पर जोर*

*संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन*

सुलतानपुर।भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों को तेज करते हुए 26 मण्डलों में बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को धार देने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इसौली विधानसभा के धम्मौर मण्डल की मासिक एवं कामकाजी बैठक ग्राम पिकौरा स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में मण्डल अध्यक्ष राम जतन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में मुख्य अतिथि भाजपा जिला मीडिया प्रमुख एवं मण्डल प्रभारी विजय रघुवंशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की ताकत उसका बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कहा कि मिशन- 2027 में प्रचंड विजय का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है।इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथों पर जनसंपर्क,संवाद और संगठन विस्तार के अभियान में पूरी ताकत से जुटना होगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं,विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।बैठक में प्रत्येक बूथ पर की-वोटर्स एवं प्रभावशाली लोगों की सूची तैयार करने, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सतत संपर्क बनाए रखने,नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सरल एप पर कार्यवाही अपलोड करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया।बैठक का संचालन मण्डल महामंत्री गणेश शंकर पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर पूर्व जिला मंत्री महेश सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नन्दलाल पाल, राम प्रकाश वर्मा, हेमंत तिवारी, राहुल सिंह, कृष्ण कुमार उपाध्याय, राम कुमार मौर्य, संजीव तिवारी, मण्डल मीडिया प्रभारी जेपी मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इसी क्रम में लोहरामऊ मण्डल में जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी, मोतिगरपुर मनोज मौर्य, कुड़वार में जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन, अयोध्या प्रसाद वर्मा नगर मण्डल, रामेन्द्र प्रताप सिंह करौंदीकला,राजेश सिंह गोसैसिंहपुर, आशीष सिंह रानू पीपरगांव, मनोज श्रीवास्तव लंभुआ  मण्डल बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है - राजन जी महराज
*जिस मनुष्य को मौन होने का ढंग आ गया, उसके शत्रु स्वत: समाप्त हो जाएंगे

गोंडा।जिले के कौड़िया बाजार स्थित जय सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी संगीतमय वर्णन किया।कथा के दौरान उन्होंने राजा जी खजनवा दे दा,रानी जी गहनवा दे दा...जैसे सोहर प्रस्तुत किए जिससे श्रद्धालु झूम उठे।राजन जी महराज ने लोगों से आत्मचिंतन का आहवान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि उसके जाने के बाद किसी घर अथवा समाज का वातावरण कैसा होता है।महराज जी ने कहा कि बड़ा आदमी वह नहीं जिसके पास अपार धन संपत्ति हो,बल्कि बड़ा वह है जिसके आने से घर में दीपावली जैसा आनंद छा जाये।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है‌।व्यक्ति नश्वर है परन्तु उसका व्यक्तित्व सदैव जीवित रहता है।उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के बाद अयोध्या में उत्सव का वातावरण बन गया था और पूरी नगरी आनंद और पवित्रता से भर उठी थी।नामकरण संस्कार का प्रसंग सुनाते हुए महराज जी ने कहा कि गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को आनंदस्वरुप, भरत को प्रेम की मूर्ति, लक्ष्मण को सेवा का प्रतीक और शत्रुध्न को मौन का स्वरूप बताया था।उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद वह है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता,उसे केवल अनुभव किया जा सकता है।राजन जी महराज ने कहा कि भगवान का भजन करना कठिन नहीं है।यदि मनुष्य अपनी बुरी आदतों को सुधार ले,मन की चंचलता पर नियंत्रण कर ले और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाए,वही सच्चा भक्त है।उन्होंने कहा कि जब यन,कर्म और वचन से चतुराई समाप्त हो जाती है तो जीवन सरल हो जाता है और भगवान की प्राप्ती का मार्ग प्रशस्त होता है।महराज जी ने विद्यालयों में केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कार और विवेक की भी शिक्षा देने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं है और सत्संग का अवसर भी उसी को मिलता है,जिस पर भगवान की विशेष कृपा होती है।कथा के दौरान महराज जी ने ऋषि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन,राजा दशरथ द्वारा उनके आतिथ्य सत्कार,श्रीराम के चूड़ाकर्म,नामकरण और यज्ञोपवीत संस्कार का भावपूर्ण वर्णन किया,जिसे सुनकर भक्त भाव विभोर हो गये।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रावस्ती दद्दन मिश्रा,अकबाल बहादुर तिवारी,भवानी भीख शुक्ला,राकेश पांडेय, राजेश तिवारी,मसूद आलम खां,रामभजन चौबे,महेश नारायण तिवारी, अंकित शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।आयोजन समिति के अनुसार कथा में प्रतिदिन लगभग 10 हजार श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
देवघर-विश्व रेड क्रॉस सोसाइटी दिवस के अवसर पर रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में भव्य कार्यक्रम।
देवघर: विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर द्वारा रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर के प्लस-२ भवन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं एवं समाजसेवियों को सम्मानित करना तथा समाज में मानव सेवा, करुणा और रक्तदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था। विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रत्येक वर्ष ८ मई को रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस मानवता, निस्वार्थ सेवा, सहायता और भाईचारे का संदेश देता है। रेड क्रॉस संस्था सदैव जरूरतमंदों की सहायता, रक्तदान, आपदा राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करती रही है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्मचारी अनादिचैतन्य महाराज, शैक्षणिक समन्वयक (वरिष्ठ माध्यमिक विभाग), रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर, डॉ. नृपेन्द्र सिंह लिंगवाल, निदेशक, खाद्य शिल्प संस्थान,श्री जॉय बनर्जी, हवाई अड्डा निदेशक,डॉ. इंद्रनील दास, रक्त आधान विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के chairman जितेश राजपाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में समाज को सेवा और सहयोग की भावना की सबसे अधिक आवश्यकता है। रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा के कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित रक्तदान शिविर के सभी १२४ रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं के इस निस्वार्थ योगदान की सभी अतिथियों ने सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया। एच.डी.एफ.सी. बैंक को रक्तदान शिविर में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। वहीं भारतीय स्टेट बैंक को ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर के प्रायोजन एवं सामाजिक सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा समय-समय पर सामाजिक कार्यों, जनकल्याण गतिविधियों एवं सेवा कार्यों में दिए जा रहे योगदान की भी सराहना की गई। नितेश सिंह राजपूत को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग देने हेतु सम्मान प्रदान किया गया। वहीं रेड क्रॉस की आजीवन सदस्य श्वेता शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त राष्ट्रपति उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उन सामाजिक एवं सेवा संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के साथ मिलकर रक्तदान शिविर एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मारवाड़ी युवा मंच, रोटरी क्लब ऑफ देवघर, इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर, सनातन फाउंडेशन, भारतीय जनता युवा मोर्चा, खाद्य शिल्प संस्थान देवघर, विरोय फाउंडेशन, रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देवघर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर, ब्रह्माकुमारी संस्था, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कल्पतरु प्रोजेक्ट इंटरनेशनल लिमिटेड, दत्ता डेप्युटी हेल्थ ट्रस्ट सत्संग, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी उप-मंडलीय शाखा मधुपुर तथा अडानी पावर प्लांट गोड्डा शामिल रहे। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर की ओर से vice chairman पियुष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, सह-कोषाध्यक्ष सुधांशु शेखर बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य  विजय प्रताप सनातन, अभिषेक नेवर, देवनंदन झा, संजय मिश्रा, आजीवन सदस्य बैद्यनाथ वर्मा, ज्योति झा, श्वेता शर्मा, कृष्णा केशरी एवं युवा सदस्य पल्लवी कुमारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन पियुष जायसवाल एवं श्वेता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष जितेश राजपाल ने किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य सफल हो पाते हैं। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान एवं सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ने की अपील की तथा कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। कार्यक्रम का समापन मानव सेवा, रक्तदान और सामाजिक सहयोग के संदेश के साथ किया गया। यह आयोजन समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम सिद्ध हुआ।
प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
* अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद अभियान में तेजी लाने के निर्देश
लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

* अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश
अपर आयुक्त (आपूर्ति) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्माणाधीन मॉडल एफपीएस/अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तत्काल खाद्यायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

* राशन वितरण और ई-पॉस मशीनों की ऑनलाइन निगरानी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-वेटिंग स्केल से लिंक्ड ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागीय कर्मचारी मोबाइल इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से फील्ड स्तर पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। प्रदेश में इस कार्य की औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में सुधार लाने और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीनों की नेटवर्क कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी रखी जाए और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

* 13.52 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 13.52 करोड़ लाभार्थियों यानी लगभग 93.34 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। मंत्री ने शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

* गेहूं खरीद में तेजी लाने पर जोर
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में अब तक 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। 25 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,90,704 किसानों से 9.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार मीट्रिक टन अधिक है।
मंत्री ने क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लाने, राइस मिलर्स के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3
मुंबई। आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन शनिवार, 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh  Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
भाजपा कार्यकर्ताओं के 'लहू' से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के 'लहू' से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का 'गिफ्ट' है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है!" पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने" वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के 'खूनी खेल' की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक "चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी" में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक "15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर" में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।

2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी 'तेरहवीं' पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे "चुनाव आयोग की सेटिंग" कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे 'मेहरबानी' कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के 'बलिदान' की जीत है!

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

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तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

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भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

मजबूत बूथ ही दिलाएगा मिशन- 2027 में प्रचंड जीत : विजय रघुवंशी
*धम्मौर समेत 26 मण्डलों में बूथ लेवल तक संगठन मजबूती व की-वोटर्स संपर्क पर जोर*

*संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन*

सुलतानपुर।भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों को तेज करते हुए 26 मण्डलों में बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को धार देने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इसौली विधानसभा के धम्मौर मण्डल की मासिक एवं कामकाजी बैठक ग्राम पिकौरा स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में मण्डल अध्यक्ष राम जतन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में मुख्य अतिथि भाजपा जिला मीडिया प्रमुख एवं मण्डल प्रभारी विजय रघुवंशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की ताकत उसका बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कहा कि मिशन- 2027 में प्रचंड विजय का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है।इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथों पर जनसंपर्क,संवाद और संगठन विस्तार के अभियान में पूरी ताकत से जुटना होगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं,विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।बैठक में प्रत्येक बूथ पर की-वोटर्स एवं प्रभावशाली लोगों की सूची तैयार करने, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सतत संपर्क बनाए रखने,नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सरल एप पर कार्यवाही अपलोड करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया।बैठक का संचालन मण्डल महामंत्री गणेश शंकर पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर पूर्व जिला मंत्री महेश सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नन्दलाल पाल, राम प्रकाश वर्मा, हेमंत तिवारी, राहुल सिंह, कृष्ण कुमार उपाध्याय, राम कुमार मौर्य, संजीव तिवारी, मण्डल मीडिया प्रभारी जेपी मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इसी क्रम में लोहरामऊ मण्डल में जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी, मोतिगरपुर मनोज मौर्य, कुड़वार में जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन, अयोध्या प्रसाद वर्मा नगर मण्डल, रामेन्द्र प्रताप सिंह करौंदीकला,राजेश सिंह गोसैसिंहपुर, आशीष सिंह रानू पीपरगांव, मनोज श्रीवास्तव लंभुआ  मण्डल बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है - राजन जी महराज
*जिस मनुष्य को मौन होने का ढंग आ गया, उसके शत्रु स्वत: समाप्त हो जाएंगे

गोंडा।जिले के कौड़िया बाजार स्थित जय सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी संगीतमय वर्णन किया।कथा के दौरान उन्होंने राजा जी खजनवा दे दा,रानी जी गहनवा दे दा...जैसे सोहर प्रस्तुत किए जिससे श्रद्धालु झूम उठे।राजन जी महराज ने लोगों से आत्मचिंतन का आहवान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि उसके जाने के बाद किसी घर अथवा समाज का वातावरण कैसा होता है।महराज जी ने कहा कि बड़ा आदमी वह नहीं जिसके पास अपार धन संपत्ति हो,बल्कि बड़ा वह है जिसके आने से घर में दीपावली जैसा आनंद छा जाये।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है‌।व्यक्ति नश्वर है परन्तु उसका व्यक्तित्व सदैव जीवित रहता है।उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के बाद अयोध्या में उत्सव का वातावरण बन गया था और पूरी नगरी आनंद और पवित्रता से भर उठी थी।नामकरण संस्कार का प्रसंग सुनाते हुए महराज जी ने कहा कि गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को आनंदस्वरुप, भरत को प्रेम की मूर्ति, लक्ष्मण को सेवा का प्रतीक और शत्रुध्न को मौन का स्वरूप बताया था।उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद वह है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता,उसे केवल अनुभव किया जा सकता है।राजन जी महराज ने कहा कि भगवान का भजन करना कठिन नहीं है।यदि मनुष्य अपनी बुरी आदतों को सुधार ले,मन की चंचलता पर नियंत्रण कर ले और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाए,वही सच्चा भक्त है।उन्होंने कहा कि जब यन,कर्म और वचन से चतुराई समाप्त हो जाती है तो जीवन सरल हो जाता है और भगवान की प्राप्ती का मार्ग प्रशस्त होता है।महराज जी ने विद्यालयों में केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कार और विवेक की भी शिक्षा देने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं है और सत्संग का अवसर भी उसी को मिलता है,जिस पर भगवान की विशेष कृपा होती है।कथा के दौरान महराज जी ने ऋषि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन,राजा दशरथ द्वारा उनके आतिथ्य सत्कार,श्रीराम के चूड़ाकर्म,नामकरण और यज्ञोपवीत संस्कार का भावपूर्ण वर्णन किया,जिसे सुनकर भक्त भाव विभोर हो गये।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रावस्ती दद्दन मिश्रा,अकबाल बहादुर तिवारी,भवानी भीख शुक्ला,राकेश पांडेय, राजेश तिवारी,मसूद आलम खां,रामभजन चौबे,महेश नारायण तिवारी, अंकित शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।आयोजन समिति के अनुसार कथा में प्रतिदिन लगभग 10 हजार श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।