पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर दुकानदारों पंडित पुजारी नाविकों का किया गया रजिस्ट्रेशन
फर्रुखाबाद l
जिला गंगा समिति के तत्वावधान मे घाटों पर नाविको, गोताखोर, पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई गई। जिलाधिकारी द्वारा सभी नविकों,गोताखोर,पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण हेतु घाट संचालन समिति का गठन किया गया। समिति के माध्यम से घाट पर उपस्थित सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित दिशा निर्देश बताए गए एवं सभी को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने हेतु जानकारी दी गई। जिनमें से कुछ नविकों, दुकानदारों,गोताखोर, पंडित एवं पुजारी ने अपना पंजीकरण कराया।जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार घाटों पर अनिवार्य रूप से सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। सभी पंजीकरण सत्यापन के बाद ही मान्य होंगे।नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।पंजीकरण के उपरांत सभी को पंजीकरण नंबर एवं पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गोताखोरों का नाम व फोन नंबर घाट पर अंकित किया जाएगा जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके। इसके अतिरिक्त नाविकों के सभी नावों पर नाम,फोन नंबर एवं क्रमांक संख्या अंकित की जाएगी।यह पंजीकरण एक वर्ष के लिए मान्य होगा।एक वर्ष के बाद पुनः सभी का नवीनीकरण किया जाएगा। निहारिका पटेल ने बताया कि अब तक 24 नविकों ने अपना पंजीकरण कराया है।पंजीकरण के बाद सभी नाव पर लाइफ जैकेट रखवाई गई एवं अन्य को भी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई जिलों में नाव पलटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।ऐसे में प्रत्येक नाविक को पूरी सुरक्षा के साथ नाव चलाने एवं सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पंजीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी एवं शेष पंजीकरण जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।  इस अवसर पर एडीओ पंचायत श्री ओम पांडे‌,पंचायत सचिव श्री अशोक कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

हजारीबाग में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बताया ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका

हजारीबाग। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल में शनिवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Unmasked Cyber Security Private Limited द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Saurav Vishwakarma रहे। उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। वक्ताओं ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी के साथ पासवर्ड या ओटीपी साझा करना तथा संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सतर्क रहने का संदेश देते हैं।

संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का पथराव थाना अध्यक्ष राजेपुर समेत कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव करने वालों पर कार्यवाही तय उच्च अधिकारियों ने दिए संकेत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने शव को कंपोजिट शराब ठेके के पास रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोप लगाते हुए ठेके पर मौजूद सेल्समैनों के साथ मारपीट कर उन्हें दुकान के अंदर बंद कर ताला डाल दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना जबरदस्त था कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आबकारी विभाग में तैनात रीता वर्मा को भी पत्थर लगने से चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्र भीड़ ने पुलिस को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार को महिलाओं ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। सिपाही विष्णु, सौरव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।घटना के दौरान गांव की कई महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने रविता पत्नी छोटेलाल निवासी अंबरपुर, श्रीदेवी पत्नी मंसाराम निवासी चाचूपुर, कामेश पुत्र गंगाराम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।उग्र भीड़ ने कादरी गेट थाना की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल आशीष यादव की कार में भी तोड़फोड़ की गई। लेखपाल आशीष यादव को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा बवाल और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
रांची DC की सख्ती: 60-70% फीस बढ़ाने वाले प्राइवेट स्कूलों पर कसेगा शिकंजा

रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी स्कूलों CBSE, ICSE और JAC बोर्ड के प्राचार्यों के साथ अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राइट टू एजुकेशन (RTE) से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान स्कूलों की फीस बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर, को लेकर उपायुक्त का रुख सख्त रहा। कई ऐसे स्कूल पाए गए जो प्रत्येक वर्ष फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं और कई स्कूलों में तो 60 से 70% तक फीस बढ़ोतरी की है उन्हें कारण बताने को भी कहा गया। तो कई स्कूलों ने इसे एडजस्ट करने की भी बात कही।

शिक्षा के अधिकार को माने तो दो वर्षों के बाद 10% स्कूल फीस में बढ़ोतरी करना है। जिला प्रशासन ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई स्कूलों में दो वर्षों के भीतर निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ोतरी की गई है। समीक्षा में यह भी निकाल कर सामने आया कि 13 अप्रैल के बैठक के बाद 149 CBSE और ICSE स्कूलों में से 129 स्कूलों ने फीस मैनेजमेंट कमेटी और PTA का गठन कर उसकी जानकारी अपलोड कर दी है। हालांकि 20 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक इसका पालन नहीं किया। ऐसे स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन और संबंधित बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय आगे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई कर की बात कही।

वहीं, पिछले तीन वर्षों की फीस संरचना की समीक्षा में यह सामने आया कि 92 स्कूलों में फीस नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 से 15 दिनों के भीतर एक एक्शन प्लान आरटीई नोडल पदाधिकारी को सौंपें। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में हुई अतिरिक्त फीस बढ़ोतरी को छात्रों की मासिक फीस में री-एडजस्ट किया जाएगा।

इसके अलावा RTE के तहत 25 प्रतिशत बीपीएल छात्रों के एडमिशन पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष पूरी पारदर्शिता के साथ दाखिला लिया जाएगा। स्कूलों को इसकी सूचना जल्द दे दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं और 25 प्रतिशत बीपीएल एडमिशन जैसे अहम बिंदु शामिल रहे।

शनिवार समाधान दिवस,एसडीएम बारा, एसीपी बारां व थानाध्यक्ष मौके पर सुन रहे समस्याएं, लेखपाल-कानूनगो भी मौजूद

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना परिसर में आज समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। मौके पर एसडीएम बारा, एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा और शंकरगढ़ थाना अध्यक्ष सुशील कुमार दुबे द्वारा हर मामले को गंभीरता से सुना जा रहा है। उनके साथ लेखपाल और कानूनगो भी मौजूद हैं।

जमीन विवाद, राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई चल रही है। अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं। एसडीएम बारा का कहना है कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्राथमिकता है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे ने कहा कि हर शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है।

एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लेखपाल और कानूनगो की मौजूदगी से राजस्व के कई मामलों का मौके पर ही सत्यापन किया जा रहा है।

वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर दुकानदारों पंडित पुजारी नाविकों का किया गया रजिस्ट्रेशन
फर्रुखाबाद l
जिला गंगा समिति के तत्वावधान मे घाटों पर नाविको, गोताखोर, पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई गई। जिलाधिकारी द्वारा सभी नविकों,गोताखोर,पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण हेतु घाट संचालन समिति का गठन किया गया। समिति के माध्यम से घाट पर उपस्थित सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित दिशा निर्देश बताए गए एवं सभी को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने हेतु जानकारी दी गई। जिनमें से कुछ नविकों, दुकानदारों,गोताखोर, पंडित एवं पुजारी ने अपना पंजीकरण कराया।जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार घाटों पर अनिवार्य रूप से सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। सभी पंजीकरण सत्यापन के बाद ही मान्य होंगे।नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।पंजीकरण के उपरांत सभी को पंजीकरण नंबर एवं पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गोताखोरों का नाम व फोन नंबर घाट पर अंकित किया जाएगा जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके। इसके अतिरिक्त नाविकों के सभी नावों पर नाम,फोन नंबर एवं क्रमांक संख्या अंकित की जाएगी।यह पंजीकरण एक वर्ष के लिए मान्य होगा।एक वर्ष के बाद पुनः सभी का नवीनीकरण किया जाएगा। निहारिका पटेल ने बताया कि अब तक 24 नविकों ने अपना पंजीकरण कराया है।पंजीकरण के बाद सभी नाव पर लाइफ जैकेट रखवाई गई एवं अन्य को भी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई जिलों में नाव पलटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।ऐसे में प्रत्येक नाविक को पूरी सुरक्षा के साथ नाव चलाने एवं सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पंजीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी एवं शेष पंजीकरण जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।  इस अवसर पर एडीओ पंचायत श्री ओम पांडे‌,पंचायत सचिव श्री अशोक कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

हजारीबाग में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बताया ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका

हजारीबाग। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल में शनिवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Unmasked Cyber Security Private Limited द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Saurav Vishwakarma रहे। उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। वक्ताओं ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी के साथ पासवर्ड या ओटीपी साझा करना तथा संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सतर्क रहने का संदेश देते हैं।

संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का पथराव थाना अध्यक्ष राजेपुर समेत कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव करने वालों पर कार्यवाही तय उच्च अधिकारियों ने दिए संकेत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने शव को कंपोजिट शराब ठेके के पास रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोप लगाते हुए ठेके पर मौजूद सेल्समैनों के साथ मारपीट कर उन्हें दुकान के अंदर बंद कर ताला डाल दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना जबरदस्त था कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आबकारी विभाग में तैनात रीता वर्मा को भी पत्थर लगने से चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्र भीड़ ने पुलिस को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार को महिलाओं ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। सिपाही विष्णु, सौरव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।घटना के दौरान गांव की कई महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने रविता पत्नी छोटेलाल निवासी अंबरपुर, श्रीदेवी पत्नी मंसाराम निवासी चाचूपुर, कामेश पुत्र गंगाराम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।उग्र भीड़ ने कादरी गेट थाना की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल आशीष यादव की कार में भी तोड़फोड़ की गई। लेखपाल आशीष यादव को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा बवाल और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
रांची DC की सख्ती: 60-70% फीस बढ़ाने वाले प्राइवेट स्कूलों पर कसेगा शिकंजा

रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी स्कूलों CBSE, ICSE और JAC बोर्ड के प्राचार्यों के साथ अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राइट टू एजुकेशन (RTE) से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान स्कूलों की फीस बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर, को लेकर उपायुक्त का रुख सख्त रहा। कई ऐसे स्कूल पाए गए जो प्रत्येक वर्ष फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं और कई स्कूलों में तो 60 से 70% तक फीस बढ़ोतरी की है उन्हें कारण बताने को भी कहा गया। तो कई स्कूलों ने इसे एडजस्ट करने की भी बात कही।

शिक्षा के अधिकार को माने तो दो वर्षों के बाद 10% स्कूल फीस में बढ़ोतरी करना है। जिला प्रशासन ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई स्कूलों में दो वर्षों के भीतर निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ोतरी की गई है। समीक्षा में यह भी निकाल कर सामने आया कि 13 अप्रैल के बैठक के बाद 149 CBSE और ICSE स्कूलों में से 129 स्कूलों ने फीस मैनेजमेंट कमेटी और PTA का गठन कर उसकी जानकारी अपलोड कर दी है। हालांकि 20 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक इसका पालन नहीं किया। ऐसे स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन और संबंधित बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय आगे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई कर की बात कही।

वहीं, पिछले तीन वर्षों की फीस संरचना की समीक्षा में यह सामने आया कि 92 स्कूलों में फीस नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 से 15 दिनों के भीतर एक एक्शन प्लान आरटीई नोडल पदाधिकारी को सौंपें। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में हुई अतिरिक्त फीस बढ़ोतरी को छात्रों की मासिक फीस में री-एडजस्ट किया जाएगा।

इसके अलावा RTE के तहत 25 प्रतिशत बीपीएल छात्रों के एडमिशन पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष पूरी पारदर्शिता के साथ दाखिला लिया जाएगा। स्कूलों को इसकी सूचना जल्द दे दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं और 25 प्रतिशत बीपीएल एडमिशन जैसे अहम बिंदु शामिल रहे।

शनिवार समाधान दिवस,एसडीएम बारा, एसीपी बारां व थानाध्यक्ष मौके पर सुन रहे समस्याएं, लेखपाल-कानूनगो भी मौजूद

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना परिसर में आज समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। मौके पर एसडीएम बारा, एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा और शंकरगढ़ थाना अध्यक्ष सुशील कुमार दुबे द्वारा हर मामले को गंभीरता से सुना जा रहा है। उनके साथ लेखपाल और कानूनगो भी मौजूद हैं।

जमीन विवाद, राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई चल रही है। अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं। एसडीएम बारा का कहना है कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्राथमिकता है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे ने कहा कि हर शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है।

एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लेखपाल और कानूनगो की मौजूदगी से राजस्व के कई मामलों का मौके पर ही सत्यापन किया जा रहा है।

वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।