निगरानी ने एक चौकीदार को 9000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, केस से नाम हटाने के नाम पर मांगे थे रुपए, एएसआई पर भी गिर सकती है गाज

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में निगरानी की टीम ने बुधवार को एक चौकीदार को 9000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चौकीदार की पहचान मनीष कुमार के रूप में की गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस घूसकांड के तार सीधे थाने के एक सहायक पुलिस अवर निरीक्षक (ASI) से जुड़े हुए हैं।

केस से नाम हटाने के एवज में मांगी थी घूस

निगरानी विभाग के डीएसपी समीर चंद्र झा ने मामले की

पुष्टि करते हुए बताया कि बेलागंज थाने में दर्ज कांड संख्या 689/23 एक जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। इस मामले में परिवादी रविंद्र यादव ग्राम पनारी के बेटे का नाम केस से हटाने के एवज में 12,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से 3,000 पहले ही लिए जा चुके थे।

बाकी के 9,000 की रकम देने के लिए परिवादी ने इसकी लिखित शिकायत पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगे जाने का आरोप पूरी तरह सही पाया गया। आरोप की पुष्टि होने के बाद निगरानी की एक विशेष टीम ने बेलागंज थाना के समीप स्थित अस्पताल परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी रविंद्र यादव ने चौकीदार मनीष कुमार को केमिकल लगे 9,000 दिए। वैसे ही घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। अचानक हुई इस छापेमारी से अस्पताल व थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अनुसंधानकर्ता ASI अशोक कुमार के इशारे पर हो रहा था खेल निगरानी डीएसपी समीर चंद्र झा ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया चौकीदार मनीष कुमार तो महज एक मोहरा था।

दरअसल, इस जमीन विवाद मामले के अनुसंधानकर्ता बेलागंज थाने के एएसआई अशोक कुमार हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि एएसआई अशोक कुमार के कहने और उनके इशारे पर ही चौकीदार द्वारा पैसे का यह लेन-देन किया जा रहा था। डीएसपी समीर चंद झा जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि मामले के आईओ एएसआई अशोक कुमार के कहने पर ही चौकीदार पैसे ले रहा था। इस पूरे मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया जा रहा है। इस मामले में संलिप्त और दोषियों को खिलाफ भी विधि सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सिपाही भर्ती परीक्षा का आज आखिरी दिन
*त्रिस्तरीय चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश

गोंडा।उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर आज बुधवार को यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का तीसरा और अंतिम दिन है।आज आखिरी दिन होने के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी आजमगढ़, सुल्तानपुर, महराजगंज,सिद्धार्थनगर, बस्ती, बाराबंकी और अयोध्या सहित कई अन्य जिलों से गोंडा पहुंचे हैं।पुलिसकर्मी और परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी कर्मचारी एक एक कर परीक्षार्थीयों की सघन जाँच कर रहे हैं।प्रवेश से पहले परीक्षार्थीयों की त्रिस्तरीय चेकिंग की जा रही है।मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थीयों के पूरे शरीर की जांच की जा रही है,जिसमें कान व जूते भी शामिल हैं।सभी परिक्षार्थी परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है।बिना बायोमेट्रिक पुष्टि के किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है,जिन परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक एक बार में नहीं हो पा रहा है,उन्हें दोबारा सत्यापन के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है।परीक्षार्थी एक हाथ में पेन,प्रवेश पत्र और आधार कार्ड तथा दूसरे हाथ में जूते लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं।आज तीसरे दिन के पहली पाली में 15 परीक्षा केंद्रों पर कुल 6024 परीक्षार्थीयों को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा देनी है।परीक्षार्थी रोडवेज बसों और ट्रेन के माध्यम से यहाँ पहुंचे हैं।जिला मुख्यालय पर बने जिला स्तरीय सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।इस परीक्षा के लिए 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट,स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं।जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार सभी परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जा रही है।पिछले दो दिन के अंदर जिले में कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया है।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
पीजीआई युवती लापता मामला: धर्मांतरण और सीरिया ले जाने के दावों पर पुलिस का स्पष्टीकरण, जांच जारी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से एक युवती के लापता होने के मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण और युवती को सीरिया ले जाने के आरोपों को लेकर पुलिस ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहनता से की जा रही है तथा अब तक की जांच में धर्मांतरण और सीरिया ले जाने संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार थाना पीजीआई में प्राप्त तहरीर के आधार पर 22 मई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 280/2026, धारा 87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मुकदमा युवती के लापता होने के संबंध में पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने बताया कि युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती और आरोपी की तलाश में जुटी हैं।

मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि युवती का धर्मांतरण कराया गया है और उसे सीरिया ले जाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई मूल तहरीर में धर्मांतरण संबंधी किसी भी आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण संबंधी दावों की भी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक की विवेचना में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह युवती को सीरिया ले जाने की बात भी जांच में सही नहीं पाई गई है।

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि लापता युवती हिंदू धर्म से संबंधित है, जबकि नामजद आरोपी मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच पूर्व से बातचीत होती थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाकर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी तथ्य जांच के दौरान सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी है। इसके लिए पुलिस और सर्विलांस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मानवता की मिसाल बनी महिगवां पुलिस, भटके हुए युवक को सकुशल परिजनों से मिलाया
लखनऊ। पुलिस की संवेदनशीलता और जनसेवा का एक सराहनीय उदाहरण महिगवां थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां रात्रि गश्त के दौरान भटके हुए एक मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से मिलाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार के चलते चिंतित परिवार को बड़ी राहत मिली।

जानकारी के अनुसार 8/9 जून 2026 की रात थाना महिगवां पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और भ्रमण पर थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक युवक पर पड़ी, जो संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटकता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम आशीष शर्मा पुत्र वीरपाल शर्मा, निवासी वेली सिटी, इज्जतनगर, जनपद बरेली बताया।

पूछताछ के दौरान युवक का व्यवहार सामान्य नहीं लगा और वह अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। बातचीत में उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए 7 जून को लखनऊ आया था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण घर वापस नहीं जा सका।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिगवां पुलिस ने युवक को अपने संरक्षण में लिया और उसे भोजन एवं जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से थाने लाया गया, जहां उससे शांतिपूर्वक और विस्तार से पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान युवक ने अपने मामा कृष्ण पाल शर्मा का नाम और एक मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान युवक के पिता वीरपाल शर्मा ने पुष्टि की कि आशीष उनका पुत्र है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने लखनऊ गया था और वापस घर नहीं लौटा था। परिवार पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहा था और काफी चिंतित था।

महिगवां पुलिस ने युवक के पिता को जानकारी दी कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और थाना महिगवां में मौजूद है। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे। आवश्यक कानूनी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आशीष शर्मा को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।

अपने बेटे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने महिगवां पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्यवाही में थाना महिगवां के थानाध्यक्ष राधे श्याम मौर्य, उपनिरीक्षक सतीश सिंह, उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल लाल बहादुर और अरविंद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिगवां पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर खड़ी है। मानवता और जनसेवा का यह उदाहरण लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करता है।
यूपी में गर्मी का कहर: बांदा 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 17 जिलों में लू और 36 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में भीषण गर्मी, लू और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं, तो दूसरी ओर तराई और कुछ अन्य क्षेत्रों में आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने प्रदेशवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। बांदा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 44.6 डिग्री, झांसी में 44.4 डिग्री, कानपुर में 43.9 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने थोड़ी राहत भी दी। कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं तराई क्षेत्र समेत 36 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि उमस बरकरार रह सकती है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। दिनभर कड़ी धूप और गर्मी के बाद मंगलवार शाम को कई इलाकों में तेज आंधी चली। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इसके बावजूद लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बदलते मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा हुआ भव्य प्रसाद वितरण
प्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं की लगी रही भारी भीड़
                                  
तुलसीपुर जनपद बलरामपुर । श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया इस अवसर पर श्रीराम सीता सहित पवन पुत्र हनुमान जी के आरती एवं जय कारो के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी समिति संरक्षक अमित कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री शेरावाली शुक्ला का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं साथ में अतिथियों के रूप में  वरिष्ठ पत्रकार सुखदेव चौरसिया, अमित श्रीवास्तव,अमर सिंह गोलू , आलोक सिंह,बादल सिंह,प्रमोद गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे समिति व्यवस्थापक रवि आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं नें भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया समिति अध्यक्ष शुभम कसौधन ने बताया कि पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा भण्डारे में गणेश कसौधन,आदर्श कसौधन, दिनेश कसौधन पिन्टु, राकेश पटवा, दिनेश गुप्ता, सुमित कौशल, रोहित जायसवाल, विक्रम गुप्ता,रिंकु गुप्ता,नारायण जायसवाल, विकास गुप्ता, जितेन्द्र सोनी, पुनीत कसौधन,पंकज कसौधन,विशम्भर मौर्या, विशाल कसौधन,मिन्टु कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
देवघर-नीट सीबीएसई परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक एवं देवघर जिला इंटक की महासचिव पूजा देवी ने नीट- सीबीएसई परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या उन्हें अविलंब मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इंटक के नेताओं ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक हो जाने के कारण सभी छात्रों एवं छात्राओं के भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह सा आ खड़ा हुआ है। यह एक कटु सत्य है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट और सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं मे शामिल होने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ हुआ है बल्कि परीक्षाओं में हुई धांधली ने देश के लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक किया है तथा छात्रों एवं छात्राओं के सपनों को कुचलना का काम किया है। इंटक के नेताओं ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर जरा सी भी नैतिकता बची है तो वे छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का या तो इस्तीफा लें या उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
निगरानी ने एक चौकीदार को 9000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, केस से नाम हटाने के नाम पर मांगे थे रुपए, एएसआई पर भी गिर सकती है गाज

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में निगरानी की टीम ने बुधवार को एक चौकीदार को 9000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चौकीदार की पहचान मनीष कुमार के रूप में की गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस घूसकांड के तार सीधे थाने के एक सहायक पुलिस अवर निरीक्षक (ASI) से जुड़े हुए हैं।

केस से नाम हटाने के एवज में मांगी थी घूस

निगरानी विभाग के डीएसपी समीर चंद्र झा ने मामले की

पुष्टि करते हुए बताया कि बेलागंज थाने में दर्ज कांड संख्या 689/23 एक जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। इस मामले में परिवादी रविंद्र यादव ग्राम पनारी के बेटे का नाम केस से हटाने के एवज में 12,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से 3,000 पहले ही लिए जा चुके थे।

बाकी के 9,000 की रकम देने के लिए परिवादी ने इसकी लिखित शिकायत पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगे जाने का आरोप पूरी तरह सही पाया गया। आरोप की पुष्टि होने के बाद निगरानी की एक विशेष टीम ने बेलागंज थाना के समीप स्थित अस्पताल परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी रविंद्र यादव ने चौकीदार मनीष कुमार को केमिकल लगे 9,000 दिए। वैसे ही घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। अचानक हुई इस छापेमारी से अस्पताल व थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अनुसंधानकर्ता ASI अशोक कुमार के इशारे पर हो रहा था खेल निगरानी डीएसपी समीर चंद्र झा ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया चौकीदार मनीष कुमार तो महज एक मोहरा था।

दरअसल, इस जमीन विवाद मामले के अनुसंधानकर्ता बेलागंज थाने के एएसआई अशोक कुमार हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि एएसआई अशोक कुमार के कहने और उनके इशारे पर ही चौकीदार द्वारा पैसे का यह लेन-देन किया जा रहा था। डीएसपी समीर चंद झा जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि मामले के आईओ एएसआई अशोक कुमार के कहने पर ही चौकीदार पैसे ले रहा था। इस पूरे मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया जा रहा है। इस मामले में संलिप्त और दोषियों को खिलाफ भी विधि सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सिपाही भर्ती परीक्षा का आज आखिरी दिन
*त्रिस्तरीय चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश

गोंडा।उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर आज बुधवार को यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का तीसरा और अंतिम दिन है।आज आखिरी दिन होने के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी आजमगढ़, सुल्तानपुर, महराजगंज,सिद्धार्थनगर, बस्ती, बाराबंकी और अयोध्या सहित कई अन्य जिलों से गोंडा पहुंचे हैं।पुलिसकर्मी और परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी कर्मचारी एक एक कर परीक्षार्थीयों की सघन जाँच कर रहे हैं।प्रवेश से पहले परीक्षार्थीयों की त्रिस्तरीय चेकिंग की जा रही है।मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थीयों के पूरे शरीर की जांच की जा रही है,जिसमें कान व जूते भी शामिल हैं।सभी परिक्षार्थी परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है।बिना बायोमेट्रिक पुष्टि के किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है,जिन परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक एक बार में नहीं हो पा रहा है,उन्हें दोबारा सत्यापन के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है।परीक्षार्थी एक हाथ में पेन,प्रवेश पत्र और आधार कार्ड तथा दूसरे हाथ में जूते लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं।आज तीसरे दिन के पहली पाली में 15 परीक्षा केंद्रों पर कुल 6024 परीक्षार्थीयों को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा देनी है।परीक्षार्थी रोडवेज बसों और ट्रेन के माध्यम से यहाँ पहुंचे हैं।जिला मुख्यालय पर बने जिला स्तरीय सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।इस परीक्षा के लिए 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट,स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं।जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार सभी परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जा रही है।पिछले दो दिन के अंदर जिले में कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया है।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
पीजीआई युवती लापता मामला: धर्मांतरण और सीरिया ले जाने के दावों पर पुलिस का स्पष्टीकरण, जांच जारी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से एक युवती के लापता होने के मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण और युवती को सीरिया ले जाने के आरोपों को लेकर पुलिस ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहनता से की जा रही है तथा अब तक की जांच में धर्मांतरण और सीरिया ले जाने संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार थाना पीजीआई में प्राप्त तहरीर के आधार पर 22 मई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 280/2026, धारा 87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मुकदमा युवती के लापता होने के संबंध में पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने बताया कि युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती और आरोपी की तलाश में जुटी हैं।

मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि युवती का धर्मांतरण कराया गया है और उसे सीरिया ले जाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई मूल तहरीर में धर्मांतरण संबंधी किसी भी आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण संबंधी दावों की भी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक की विवेचना में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह युवती को सीरिया ले जाने की बात भी जांच में सही नहीं पाई गई है।

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि लापता युवती हिंदू धर्म से संबंधित है, जबकि नामजद आरोपी मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच पूर्व से बातचीत होती थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाकर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी तथ्य जांच के दौरान सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी है। इसके लिए पुलिस और सर्विलांस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मानवता की मिसाल बनी महिगवां पुलिस, भटके हुए युवक को सकुशल परिजनों से मिलाया
लखनऊ। पुलिस की संवेदनशीलता और जनसेवा का एक सराहनीय उदाहरण महिगवां थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां रात्रि गश्त के दौरान भटके हुए एक मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से मिलाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार के चलते चिंतित परिवार को बड़ी राहत मिली।

जानकारी के अनुसार 8/9 जून 2026 की रात थाना महिगवां पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और भ्रमण पर थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक युवक पर पड़ी, जो संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटकता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम आशीष शर्मा पुत्र वीरपाल शर्मा, निवासी वेली सिटी, इज्जतनगर, जनपद बरेली बताया।

पूछताछ के दौरान युवक का व्यवहार सामान्य नहीं लगा और वह अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। बातचीत में उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए 7 जून को लखनऊ आया था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण घर वापस नहीं जा सका।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिगवां पुलिस ने युवक को अपने संरक्षण में लिया और उसे भोजन एवं जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से थाने लाया गया, जहां उससे शांतिपूर्वक और विस्तार से पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान युवक ने अपने मामा कृष्ण पाल शर्मा का नाम और एक मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान युवक के पिता वीरपाल शर्मा ने पुष्टि की कि आशीष उनका पुत्र है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने लखनऊ गया था और वापस घर नहीं लौटा था। परिवार पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहा था और काफी चिंतित था।

महिगवां पुलिस ने युवक के पिता को जानकारी दी कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और थाना महिगवां में मौजूद है। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे। आवश्यक कानूनी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आशीष शर्मा को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।

अपने बेटे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने महिगवां पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्यवाही में थाना महिगवां के थानाध्यक्ष राधे श्याम मौर्य, उपनिरीक्षक सतीश सिंह, उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल लाल बहादुर और अरविंद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिगवां पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर खड़ी है। मानवता और जनसेवा का यह उदाहरण लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करता है।
यूपी में गर्मी का कहर: बांदा 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 17 जिलों में लू और 36 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में भीषण गर्मी, लू और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं, तो दूसरी ओर तराई और कुछ अन्य क्षेत्रों में आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने प्रदेशवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। बांदा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 44.6 डिग्री, झांसी में 44.4 डिग्री, कानपुर में 43.9 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने थोड़ी राहत भी दी। कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं तराई क्षेत्र समेत 36 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि उमस बरकरार रह सकती है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। दिनभर कड़ी धूप और गर्मी के बाद मंगलवार शाम को कई इलाकों में तेज आंधी चली। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इसके बावजूद लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बदलते मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा हुआ भव्य प्रसाद वितरण
प्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं की लगी रही भारी भीड़
                                  
तुलसीपुर जनपद बलरामपुर । श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया इस अवसर पर श्रीराम सीता सहित पवन पुत्र हनुमान जी के आरती एवं जय कारो के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी समिति संरक्षक अमित कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री शेरावाली शुक्ला का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं साथ में अतिथियों के रूप में  वरिष्ठ पत्रकार सुखदेव चौरसिया, अमित श्रीवास्तव,अमर सिंह गोलू , आलोक सिंह,बादल सिंह,प्रमोद गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे समिति व्यवस्थापक रवि आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं नें भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया समिति अध्यक्ष शुभम कसौधन ने बताया कि पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा भण्डारे में गणेश कसौधन,आदर्श कसौधन, दिनेश कसौधन पिन्टु, राकेश पटवा, दिनेश गुप्ता, सुमित कौशल, रोहित जायसवाल, विक्रम गुप्ता,रिंकु गुप्ता,नारायण जायसवाल, विकास गुप्ता, जितेन्द्र सोनी, पुनीत कसौधन,पंकज कसौधन,विशम्भर मौर्या, विशाल कसौधन,मिन्टु कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
देवघर-नीट सीबीएसई परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक एवं देवघर जिला इंटक की महासचिव पूजा देवी ने नीट- सीबीएसई परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या उन्हें अविलंब मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इंटक के नेताओं ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक हो जाने के कारण सभी छात्रों एवं छात्राओं के भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह सा आ खड़ा हुआ है। यह एक कटु सत्य है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट और सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं मे शामिल होने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ हुआ है बल्कि परीक्षाओं में हुई धांधली ने देश के लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक किया है तथा छात्रों एवं छात्राओं के सपनों को कुचलना का काम किया है। इंटक के नेताओं ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर जरा सी भी नैतिकता बची है तो वे छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का या तो इस्तीफा लें या उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक