हजारीबाग में नशे के सौदागरों पर पुलिस का करारा वार, 20.5 किलो अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20.5 किलोग्राम अफीम बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने सफेद रंग की अपाची मोटरसाइकिल से अफीम ले जा रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लोहसिंघना थाना क्षेत्र के कोलघटी इलाके में की गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कोलघटी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवक सफेद अपाची बाइक पर बोरे में कुछ सामान लेकर घूम रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर, हजारीबाग के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलघटी के मलती टॉड के पास चेकिंग अभियान शुरू किया।

चेकिंग के दौरान सफेद अपाची मोटरसाइकिल को रोका गया। बाइक पर सवार तीन युवकों के पास मौजूद बोरे की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अफीम पाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दीपक कुमार दांगी, बरुण कुमार और सुदेश यादव बताया। तीनों आरोपी चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या 07/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 17(सी), 18(सी), 21(सी) और 29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद सामग्री में 20.5 किलो अफीम और एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हजारीबाग पुलिस की यह कार्रवाई नशा कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।

“ओवरलोड ट्रकों से सड़क हुई बर्बाद, लालगंज में ग्रामीणों ने जताया विरोध”

लालगंज(मीरजापुर):क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर दौड़ रहे मालवाहक ट्रकों ने एव डंम्फर लालगंज–हाटा अंतर्जनपदीय मार्ग की हालत बिगाड़ दी है। बरडिहा गांव के सामने शुक्रवार को इसी नाराजगी ने उग्र रूप ले लिया। जब सड़क टूटने और लगातार हो रही परेशानी से तंग ग्रामीणों ने ओवरलोड ट्रकों को रोककर विरोध जताया। कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरातफरी और तनाव की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क की भार क्षमता दस टन निर्धारित है, जबकि प्रयागराज की ओर से कोरांव–हाटा मार्ग होते हुए साठ से सत्तर टन तक लदे ट्रक बेरोकटोक गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों के साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लंबे समय से समस्या बने रहने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। दिनेेश मिश्र,सुभाष मिश्रा, नारायण मिश्रा, अंबुज, इंद्रमणि पांडेय, शारदा यादव, लालजी कोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ओवरलोड वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सड़क की क्षमता के अनुरूप ही वाहनों का संचालन कराया जाए, अन्यथा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की बात सुनी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि अंतर्जनपदीय मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। मार्ग की नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अधिशासी अभियंता पूजा रानी ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण आवागमन को ध्यान में रखकर बनाई गई है और भारी वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है। ओवरलोड ट्रकों को लेकर पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
“लालगंज में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक मनाई सरस्वती पूजा”

लालगंज, मीरजापुर। स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के स्कूलों में शुक्रवार को सरस्वती पूजा को लेकर विद्यार्थियों के बीच खास उत्साह देखने को मिला। ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की आराधना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों में भक्ति मय माहौल नजर आया। विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना की। सरस्वती पूजा खासकर विद्यार्थियों का प्रमुख पर्व माना जाता है। ऐसे में इस दिन छात्रों में विशेष खुशी देखी जा रही है। इस दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि सरस्वती पूजा उन्हें पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच देती है‌। विकासखंड क्षेत्र के शांति उच्च शिक्षा एवं तकनीकी महाविद्यालय पांडेयपुर लहंगपुर, सुशील बाल निकेतन मड़वा नेवादा, जन चेतना इंटर कॉलेज राजापुर, भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लालगंज, पूर्व माध्यमिक विद्यालय लहंगपुर, प्राथमिक विद्यालय लहंगपुर, संत आत्माराम पब्लिक स्कूल लहंगपुर, यू ओ कान्वेंट स्कूल कोटा शिव प्रताप सिंह के अलावा कई विद्यालयों में माता सरस्वती पूजन एवं विद्यालय संस्कार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रबंधक श्रीमती नगीना देवी, सुशील दुबे, राजकुमार पटेल, ओंकार नाथ पांडेय, राजेश दुबे, आलोक कुमार दुबे, कृष्णकांत सिंह, चंद्र भूषण पाल आदि ने विधि विधान से मां सरस्वती की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाध्यापक ने मां सरस्वती के महत्व पर प्रकाश डाला। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक आलोक कुमार दुबे ने बताया कि सरस्वती पूजन विद्यार्थियों में अनुशासन नैतिकताएं अध्ययन के प्रति लगन को बढ़ाता है।
परीक्षा सिर्फ पाठ्य पुस्तक की ही नहीं बल्कि समय-प्रबंधन,धैर्य,मनोबल और आत्मअनुशासन की भी होती है-डॉ संतोष अंश*
एबीवीपी के “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

सुल्तानपुर/अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए।आज का यह आयोजन केवल मार्गदर्शन का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखने का प्रयास है। क्योंकि जब विद्यार्थी जागरूक होता है, तभी समाज सशक्त होता है और राष्ट्र प्रगति करता है। परीक्षा जीवन का पड़ाव है, पड़ाव को ही मंज़िल न मानें। असफलता भी सफलता की सीढ़ी होती है। आत्म मूल्यांकन कर आगे बढ़े।नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। सेवा भाव से किया गया अध्ययन ही वास्तविक शिक्षा है। विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित बनें। उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के सूत्र भी बताए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
किसानों को भेजी गयी बकाया 5.47 करोड़ की धनराशि

बजाज चीनी मिल ने पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का किया सम्पूर्ण भुगतान

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड, कुंदरखी चीनी मिल द्वारा पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का सम्पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। शुक्रवार 23 जनवरी को शेष रुपये 5.47 करोड़ की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में प्रेषित की गई, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।

यह जानकारी देते हुए चीनी मिल के इकाई प्रमुख पी. एन. सिंह ने बताया कि बजाज मिल किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसानों का एक-एक गन्ना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान करना मिल प्रबंधन की प्राथमिकता रही है, ताकि किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि पेराई सत्र 2025-26 का भी गन्ना मूल्य भुगतान भी शीघ्र शुरू कर दिया जायेगा।

इकाई प्रमुख ने क्षेत्रीय गन्ना किसानों से अपील की कि वे अपना गन्ना बजाज चीनी मिल को ही आपूर्ति करें। इससे किसानों को न केवल उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि भुगतान भी सुरक्षित और समय पर प्राप्त होगा।आगामी बसंत कालीन गन्ना बुआई को लेकर मिल प्रबंधन ने किसानों को उन्नतिशील प्रजातियों की बुआई करने का सुझाव दिया है। साथ ही किसानों से बुआई हेतु बीज अभी से सुरक्षित करने को कहा गया है।

इकाई प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों को गन्ना बीज की आवश्यकता होगी, उन्हें चीनी मिल की ओर से बीज उपलब्ध कराया जाएगा। समय से सम्पूर्ण भुगतान किए जाने पर क्षेत्रीय गन्ना किसानों ने बजाज मिल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी किसानों के हित में इसी तरह सकारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।
अवैध गतिविधियों की सूचना के लिए चैटबॉट लॉन्च: नागरिकों को पहचान गोपनीय रख सूचना देने की सुविधा मिलेगी, जोन में विस्तार


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। वाराणसी जोन में अवैध गतिविधियों की सूचना देने के लिए "पुलिस सतर्क मित्र" नामक व्हाट्सएप चैटबॉट का विस्तार किया गया है। यह पहल नागरिकों को अपनी पहचान बताए बिना गौ-तस्करी, शराब/मादक पदार्थ तस्करी, हथियार तस्करी और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में मदद करेगी।
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), जोन वाराणसी, पीयूष मौर्डिया ने शुक्रवार को वर्चुअल कांफ्रेंस के माध्यम से इस चैटबॉट के उपयोग और विशेषताओं की जानकारी दी। यह कांफ्रेंस डीटीयू/सीसीटीएनएस कक्ष रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर से आयोजित की गई थी।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक भदोही अभिमन्यु मांगलिक, अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल, जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना और अपराध दर को कम करना है। चैटबॉट के माध्यम से नागरिक बिना अपनी पहचान बताए अवैध गतिविधियों की सूचना आसानी से दे सकेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।

नागरिक व्हाट्सएप बॉट नंबर 7839860411 पर उपलब्ध विकल्पों के माध्यम से सूचना दर्ज कर सकते हैं। वे फोटो, वीडियो, ऑडियो या टेक्स्ट के रूप में साक्ष्य भी साझा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एक क्यूआर कोड को स्कैन करके भी सीधे जानकारी दी जा सकती है। पुलिस ने नागरिकों से इस नंबर को "पुलिस सतर्क मित्र" के नाम से अपने मोबाइल में स्थायी तौर पर सेव करने का आग्रह किया है। इस चैटबॉट के माध्यम से गो-तस्करी, अवैध खनन, शराब तस्करी, जबरन धर्म परिवर्तन, अवैध हथियार, पुलिस भ्रष्टाचार, नशा/जुआ और अन्य किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना दी जा सकती है। साथ ही, महिला एवं बाल अपराधों और जघन्य अपराधों से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी साझा किए जा सकते हैं।
सेक्टर स्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता: सरस्वती महाविद्यालय विजेता, जशपुर कॉलेज उपविजेता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (महिला वर्ग) आयोजित हुई जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता तथा की शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर टीम उपविजेता रही।

फाइनल मुकाबला सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर के बीच खेला गया जो बहुत ही रोमांचक रहा। मैदानी गोल में दोनों टीमों ६-६ गोल किये। मैच ड्रा होने की स्थिति टाइब्रेकर से मैच का परिणाम निकाला गया।

इससे पहले अतिथियों में मां सरस्वती तथा साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि खेल हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। खेलों से हम शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और आगे बढ़िये।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल आपको फिटनेस, फे्रंड और फ्रीडम देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि आप खेल भावना से खेलिये। आपके खेल से खेल कमजोर नहीं होना चाहिए। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. एस.एस अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा एनईपी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रथम चरण में पहला मैच शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम कालिदास महाविद्यालय प्रतापपुर के बीच हुआ जिसमें गर्ल्स कॉलेज की टीम विजेता रही। दूसरा मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीच हुआ जिसमें साई कॉलेज की टीम विजेता रही। तीसरा मैच शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर बनाम शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीव खेला गया जिसमें जशपुर की टीम विजेता रही। चौथे मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय बनाम सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीच हुआ जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता रही। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीम का शील्ड को शील्ड प्रदान किया। हैंडबॉल प्रतियोगिता के रेफरी के रूप में विशाल, सुशील , आकाश और निलिमा ने सहायोग किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. जगमीत कौर ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में क्रीड़ाधिकारी तिलकराज टोप्पो, क्रीड़ा प्रभारी सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा सभी प्राध्यापकों ने किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा खिलाड़ि़यों से भरी रही।

26 जनवरी से पहले स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, नोएडा और अहमदाबाद में ई-मेल से सनसनी

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गणतंत्र दिवस से पूर्व अहमदाबाद और नोएडा में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। दोनों शहरों के प्रतिष्ठित स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे गए हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया। अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स के साथ बॉम्ब स्क्वाड, बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत संबंधित स्कूल परिसरों में पहुँचीं और सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।

धमकी के बाद पुलिस जांच में जुटी

नोएडा के सेक्टर-168 स्थित शिव नादर स्कूल से जुड़ा है, जहाँ ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सुरक्षा को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने एहतियातन बच्चों को सुरक्षित तरीके से उनके घर भेज दिया। पूरे परिसर को खाली कराकर हर कोने की बारीकी से जाँच की जा रही है।वहीं धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जाँच के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है, जो मेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान में जुटी है।

गुजरात में भी कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

वहीं दूसरी तरफ गुजरात में अहमदाबाद के पश्चिमी इलाके के कई स्कूलों को ईमेल से बम की धमकी मिली है। अहमदाबाद में सेंट जेवियर्स स्कूल और संत कबीर स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई है। यह धमकी भी ई-मेल के माध्यम से दी गई। धमकी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की बम स्क्वॉड और फोरेंसिक डिपार्टमेंट की टीम जांच कर रही है।

जटवाड़ा पॉलिटेक्निक में वार्षिक खेलकूद महाकुंभ का आगाज: पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने दौड़ लगाकर बढ़ाया छात्रों का जोश

जानसठ मुजफ्फरनगर
रिपोर्टर ब्रह्म प्रकाश शर्मा



जानसठ । राजकीय पॉलिटेक्निक जटवाड़ा के खेल प्रांगण में गुरुवार को दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का अत्यंत भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। संस्थान के इतिहास में इस बार का आयोजन विशेष रहा, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने न केवल मशाल प्रज्वलित की, बल्कि स्वयं 200 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर युवाओं के भीतर ऊर्जा का नया संचार किया।

आयोजित समारोह का प्रारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल और संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया। इसके उपरांत संस्थान की परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया।

  श्रीमती रीतू आनन्द (इलेक्ट्रॉनिक्स), डॉ. कर्मवीर (यांत्रिक) एवं विकास चौधरी (सिविल) ने मुख्य अतिथि को बैज लगाकर और स्पोर्ट्स हैट पहनाकर सम्मानित किया।  खेल अधिकारी जन्मेजय कुमार और खेल प्रभारी प्रदीप कुमार ने प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।

"खेलों से निखरता है व्यक्तित्व" – डॉ. कुलदीप उज्जवल
छात्रों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा, "खेल मैदान केवल जीत-हार के लिए नहीं होते, बल्कि ये चरित्र निर्माण की पाठशाला हैं। एक खिलाड़ी कभी हारता नहीं, वह या तो जीतता है या सीखता है। अनुशासन और टीम भावना  जो आप यहाँ सीखेंगे, वह आपके पेशेवर करियर में भी काम आएगी।"
संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस एक सफल इंजीनियर की पहचान है।उद्घाटन सत्र का सबसे आकर्षक हिस्सा फ्लैग मार्च रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के खिलाड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट किया और मुख्य अतिथि को सलामी दी। इसके पश्चात, पिछले वर्ष के चैंपियन खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि के साथ मिलकर 'क्रीड़ा मशाल' प्रज्वलित की, जो दो दिनों तक खेल भावना की लौ जलाए रखेगी। सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और निष्पक्षता की शपथ भी दिलाई गई।

स्वयं दौड़ लगाकर किया स्पर्धाओं का श्रीगणेश
प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन डॉ. कुलदीप उज्जवल ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में रोमांच तब बढ़ गया जब मुख्य अतिथि ने 200 मीटर की दौड़ को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ स्वयं भी दौड़ में हिस्सा लिया। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर संस्थान के समस्त व्याख्याता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रतियोगिता के समापन पर विजयी खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूके की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाक़ात कर झारखण्ड–यूके सहयोग को नई दिशा दी

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम सरकार की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं इंडो-पैसिफ़िक मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से भेंट कर शिक्षा, कौशल विकास, उत्तरदायी खनन, क्लाइमेट ट्रांजीशन, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण जैसे क्षेत्रों में झारखण्ड यूके के बीच व्यावहारिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा की।

यूके ने झारखण्ड सरकार की मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप तथा चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप की सराहना करते हुए इन्हें भारत यूके साझेदारी का सशक्त और जीवंत उदाहरण बताया। पिछले चार वर्षों में इन योजनाओं के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। दोनों पक्षों ने सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड स्कॉलरशिप मार्गों पर कार्य करने तथा विदेश अध्ययन को मेंटोरशिप, इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास और सार्वजनिक सेवा अनुभव से जोड़ने के लिए एक एक निश्चित योजना विकसित करने पर रुचि व्यक्त की।

बैठक में यूके के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्किल्स एवं क्वालिफ़िकेशन संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें खनन प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सततता, डेटा एवं एआई, गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज, एप्लाइड रिसर्च तथा टीवीईटी और अप्रेंटिसशिप मार्गों की स्थापना शामिल है।

आर्थिक और जलवायु सहयोग के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में यूके की क्षमताओं के साथ घनिष्ठ सहयोग का प्रस्ताव रखा, जिसमें ईएसजी सिस्टम, मिनरल ट्रेसबिलिटी, खदान सुरक्षा, स्वच्छ प्रसंस्करण तथा प्रौद्योगिकी प्रदर्शन शामिल हैं। इस अवसर पर उत्तरदायी क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखण्ड–यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा हुई, जो मानकों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार और आपूर्ति-श्रृंखला साझेदारी को सुदृढ़ करेगा।

बैठक में यूके की जलवायु एवं वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर कोयला क्षेत्रों के विविधीकरण, जलवायु अनुकूलन, श्रमिकों एवं समुदायों के समर्थन हेतु ट्रांज़िशन फाइनेंस संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। झारखण्ड को “जस्ट ट्रांज़िशन” कार्यक्रमों के लिए एक पायलट राज्य के रूप में स्थापित करने तथा शहरी गतिशीलता और जलवायु वित्त को सहयोग के पूरक क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।

संस्कृति, खेल और विरासत संरक्षण को जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने के सरल एवं प्रभावी माध्यम के रूप में देखा गया। मुख्यमंत्री ने भारत–यूके विरासत संरक्षण समझौते के अंतर्गत झारखण्ड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण हेतु यूके सहयोग का आग्रह किया। इस संदर्भ में स्टोनहेंज जैसे वैश्विक सर्वोत्तम उदाहरणों का उल्लेख करते हुए दीर्घकाल में यूनेस्को मान्यता की दिशा में कार्य करने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने मंत्री सीमा मल्होत्रा को झारखण्ड भ्रमण का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को फ़ॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) मुख्यालय का भी अवलोकन कराया गया। साथ ही मंत्री मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को शनिवार को यूके के प्रतिष्ठित मेगालिथिक एवं मोनोलिथिक विरासत स्थल स्टोनहेंज के भ्रमण का आमंत्रण भी दिया।

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हजारीबाग में नशे के सौदागरों पर पुलिस का करारा वार, 20.5 किलो अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20.5 किलोग्राम अफीम बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने सफेद रंग की अपाची मोटरसाइकिल से अफीम ले जा रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लोहसिंघना थाना क्षेत्र के कोलघटी इलाके में की गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कोलघटी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवक सफेद अपाची बाइक पर बोरे में कुछ सामान लेकर घूम रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर, हजारीबाग के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलघटी के मलती टॉड के पास चेकिंग अभियान शुरू किया।

चेकिंग के दौरान सफेद अपाची मोटरसाइकिल को रोका गया। बाइक पर सवार तीन युवकों के पास मौजूद बोरे की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अफीम पाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दीपक कुमार दांगी, बरुण कुमार और सुदेश यादव बताया। तीनों आरोपी चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या 07/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 17(सी), 18(सी), 21(सी) और 29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद सामग्री में 20.5 किलो अफीम और एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हजारीबाग पुलिस की यह कार्रवाई नशा कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।

“ओवरलोड ट्रकों से सड़क हुई बर्बाद, लालगंज में ग्रामीणों ने जताया विरोध”

लालगंज(मीरजापुर):क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर दौड़ रहे मालवाहक ट्रकों ने एव डंम्फर लालगंज–हाटा अंतर्जनपदीय मार्ग की हालत बिगाड़ दी है। बरडिहा गांव के सामने शुक्रवार को इसी नाराजगी ने उग्र रूप ले लिया। जब सड़क टूटने और लगातार हो रही परेशानी से तंग ग्रामीणों ने ओवरलोड ट्रकों को रोककर विरोध जताया। कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरातफरी और तनाव की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क की भार क्षमता दस टन निर्धारित है, जबकि प्रयागराज की ओर से कोरांव–हाटा मार्ग होते हुए साठ से सत्तर टन तक लदे ट्रक बेरोकटोक गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों के साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लंबे समय से समस्या बने रहने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। दिनेेश मिश्र,सुभाष मिश्रा, नारायण मिश्रा, अंबुज, इंद्रमणि पांडेय, शारदा यादव, लालजी कोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ओवरलोड वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सड़क की क्षमता के अनुरूप ही वाहनों का संचालन कराया जाए, अन्यथा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की बात सुनी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि अंतर्जनपदीय मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। मार्ग की नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अधिशासी अभियंता पूजा रानी ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण आवागमन को ध्यान में रखकर बनाई गई है और भारी वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है। ओवरलोड ट्रकों को लेकर पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
“लालगंज में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक मनाई सरस्वती पूजा”

लालगंज, मीरजापुर। स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के स्कूलों में शुक्रवार को सरस्वती पूजा को लेकर विद्यार्थियों के बीच खास उत्साह देखने को मिला। ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की आराधना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों में भक्ति मय माहौल नजर आया। विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना की। सरस्वती पूजा खासकर विद्यार्थियों का प्रमुख पर्व माना जाता है। ऐसे में इस दिन छात्रों में विशेष खुशी देखी जा रही है। इस दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि सरस्वती पूजा उन्हें पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच देती है‌। विकासखंड क्षेत्र के शांति उच्च शिक्षा एवं तकनीकी महाविद्यालय पांडेयपुर लहंगपुर, सुशील बाल निकेतन मड़वा नेवादा, जन चेतना इंटर कॉलेज राजापुर, भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लालगंज, पूर्व माध्यमिक विद्यालय लहंगपुर, प्राथमिक विद्यालय लहंगपुर, संत आत्माराम पब्लिक स्कूल लहंगपुर, यू ओ कान्वेंट स्कूल कोटा शिव प्रताप सिंह के अलावा कई विद्यालयों में माता सरस्वती पूजन एवं विद्यालय संस्कार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रबंधक श्रीमती नगीना देवी, सुशील दुबे, राजकुमार पटेल, ओंकार नाथ पांडेय, राजेश दुबे, आलोक कुमार दुबे, कृष्णकांत सिंह, चंद्र भूषण पाल आदि ने विधि विधान से मां सरस्वती की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाध्यापक ने मां सरस्वती के महत्व पर प्रकाश डाला। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक आलोक कुमार दुबे ने बताया कि सरस्वती पूजन विद्यार्थियों में अनुशासन नैतिकताएं अध्ययन के प्रति लगन को बढ़ाता है।
परीक्षा सिर्फ पाठ्य पुस्तक की ही नहीं बल्कि समय-प्रबंधन,धैर्य,मनोबल और आत्मअनुशासन की भी होती है-डॉ संतोष अंश*
एबीवीपी के “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

सुल्तानपुर/अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए।आज का यह आयोजन केवल मार्गदर्शन का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखने का प्रयास है। क्योंकि जब विद्यार्थी जागरूक होता है, तभी समाज सशक्त होता है और राष्ट्र प्रगति करता है। परीक्षा जीवन का पड़ाव है, पड़ाव को ही मंज़िल न मानें। असफलता भी सफलता की सीढ़ी होती है। आत्म मूल्यांकन कर आगे बढ़े।नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। सेवा भाव से किया गया अध्ययन ही वास्तविक शिक्षा है। विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित बनें। उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के सूत्र भी बताए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
किसानों को भेजी गयी बकाया 5.47 करोड़ की धनराशि

बजाज चीनी मिल ने पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का किया सम्पूर्ण भुगतान

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड, कुंदरखी चीनी मिल द्वारा पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का सम्पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। शुक्रवार 23 जनवरी को शेष रुपये 5.47 करोड़ की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में प्रेषित की गई, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।

यह जानकारी देते हुए चीनी मिल के इकाई प्रमुख पी. एन. सिंह ने बताया कि बजाज मिल किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसानों का एक-एक गन्ना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान करना मिल प्रबंधन की प्राथमिकता रही है, ताकि किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि पेराई सत्र 2025-26 का भी गन्ना मूल्य भुगतान भी शीघ्र शुरू कर दिया जायेगा।

इकाई प्रमुख ने क्षेत्रीय गन्ना किसानों से अपील की कि वे अपना गन्ना बजाज चीनी मिल को ही आपूर्ति करें। इससे किसानों को न केवल उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि भुगतान भी सुरक्षित और समय पर प्राप्त होगा।आगामी बसंत कालीन गन्ना बुआई को लेकर मिल प्रबंधन ने किसानों को उन्नतिशील प्रजातियों की बुआई करने का सुझाव दिया है। साथ ही किसानों से बुआई हेतु बीज अभी से सुरक्षित करने को कहा गया है।

इकाई प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों को गन्ना बीज की आवश्यकता होगी, उन्हें चीनी मिल की ओर से बीज उपलब्ध कराया जाएगा। समय से सम्पूर्ण भुगतान किए जाने पर क्षेत्रीय गन्ना किसानों ने बजाज मिल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी किसानों के हित में इसी तरह सकारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।
अवैध गतिविधियों की सूचना के लिए चैटबॉट लॉन्च: नागरिकों को पहचान गोपनीय रख सूचना देने की सुविधा मिलेगी, जोन में विस्तार


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। वाराणसी जोन में अवैध गतिविधियों की सूचना देने के लिए "पुलिस सतर्क मित्र" नामक व्हाट्सएप चैटबॉट का विस्तार किया गया है। यह पहल नागरिकों को अपनी पहचान बताए बिना गौ-तस्करी, शराब/मादक पदार्थ तस्करी, हथियार तस्करी और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में मदद करेगी।
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), जोन वाराणसी, पीयूष मौर्डिया ने शुक्रवार को वर्चुअल कांफ्रेंस के माध्यम से इस चैटबॉट के उपयोग और विशेषताओं की जानकारी दी। यह कांफ्रेंस डीटीयू/सीसीटीएनएस कक्ष रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर से आयोजित की गई थी।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक भदोही अभिमन्यु मांगलिक, अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल, जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना और अपराध दर को कम करना है। चैटबॉट के माध्यम से नागरिक बिना अपनी पहचान बताए अवैध गतिविधियों की सूचना आसानी से दे सकेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।

नागरिक व्हाट्सएप बॉट नंबर 7839860411 पर उपलब्ध विकल्पों के माध्यम से सूचना दर्ज कर सकते हैं। वे फोटो, वीडियो, ऑडियो या टेक्स्ट के रूप में साक्ष्य भी साझा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एक क्यूआर कोड को स्कैन करके भी सीधे जानकारी दी जा सकती है। पुलिस ने नागरिकों से इस नंबर को "पुलिस सतर्क मित्र" के नाम से अपने मोबाइल में स्थायी तौर पर सेव करने का आग्रह किया है। इस चैटबॉट के माध्यम से गो-तस्करी, अवैध खनन, शराब तस्करी, जबरन धर्म परिवर्तन, अवैध हथियार, पुलिस भ्रष्टाचार, नशा/जुआ और अन्य किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना दी जा सकती है। साथ ही, महिला एवं बाल अपराधों और जघन्य अपराधों से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी साझा किए जा सकते हैं।
सेक्टर स्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता: सरस्वती महाविद्यालय विजेता, जशपुर कॉलेज उपविजेता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (महिला वर्ग) आयोजित हुई जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता तथा की शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर टीम उपविजेता रही।

फाइनल मुकाबला सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर के बीच खेला गया जो बहुत ही रोमांचक रहा। मैदानी गोल में दोनों टीमों ६-६ गोल किये। मैच ड्रा होने की स्थिति टाइब्रेकर से मैच का परिणाम निकाला गया।

इससे पहले अतिथियों में मां सरस्वती तथा साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि खेल हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। खेलों से हम शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और आगे बढ़िये।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल आपको फिटनेस, फे्रंड और फ्रीडम देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि आप खेल भावना से खेलिये। आपके खेल से खेल कमजोर नहीं होना चाहिए। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. एस.एस अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा एनईपी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रथम चरण में पहला मैच शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम कालिदास महाविद्यालय प्रतापपुर के बीच हुआ जिसमें गर्ल्स कॉलेज की टीम विजेता रही। दूसरा मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीच हुआ जिसमें साई कॉलेज की टीम विजेता रही। तीसरा मैच शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर बनाम शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीव खेला गया जिसमें जशपुर की टीम विजेता रही। चौथे मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय बनाम सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीच हुआ जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता रही। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीम का शील्ड को शील्ड प्रदान किया। हैंडबॉल प्रतियोगिता के रेफरी के रूप में विशाल, सुशील , आकाश और निलिमा ने सहायोग किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. जगमीत कौर ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में क्रीड़ाधिकारी तिलकराज टोप्पो, क्रीड़ा प्रभारी सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा सभी प्राध्यापकों ने किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा खिलाड़ि़यों से भरी रही।

26 जनवरी से पहले स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, नोएडा और अहमदाबाद में ई-मेल से सनसनी

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गणतंत्र दिवस से पूर्व अहमदाबाद और नोएडा में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। दोनों शहरों के प्रतिष्ठित स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे गए हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया। अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स के साथ बॉम्ब स्क्वाड, बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत संबंधित स्कूल परिसरों में पहुँचीं और सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।

धमकी के बाद पुलिस जांच में जुटी

नोएडा के सेक्टर-168 स्थित शिव नादर स्कूल से जुड़ा है, जहाँ ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सुरक्षा को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने एहतियातन बच्चों को सुरक्षित तरीके से उनके घर भेज दिया। पूरे परिसर को खाली कराकर हर कोने की बारीकी से जाँच की जा रही है।वहीं धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जाँच के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है, जो मेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान में जुटी है।

गुजरात में भी कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

वहीं दूसरी तरफ गुजरात में अहमदाबाद के पश्चिमी इलाके के कई स्कूलों को ईमेल से बम की धमकी मिली है। अहमदाबाद में सेंट जेवियर्स स्कूल और संत कबीर स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई है। यह धमकी भी ई-मेल के माध्यम से दी गई। धमकी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की बम स्क्वॉड और फोरेंसिक डिपार्टमेंट की टीम जांच कर रही है।

जटवाड़ा पॉलिटेक्निक में वार्षिक खेलकूद महाकुंभ का आगाज: पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने दौड़ लगाकर बढ़ाया छात्रों का जोश

जानसठ मुजफ्फरनगर
रिपोर्टर ब्रह्म प्रकाश शर्मा



जानसठ । राजकीय पॉलिटेक्निक जटवाड़ा के खेल प्रांगण में गुरुवार को दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का अत्यंत भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। संस्थान के इतिहास में इस बार का आयोजन विशेष रहा, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने न केवल मशाल प्रज्वलित की, बल्कि स्वयं 200 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर युवाओं के भीतर ऊर्जा का नया संचार किया।

आयोजित समारोह का प्रारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल और संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया। इसके उपरांत संस्थान की परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया।

  श्रीमती रीतू आनन्द (इलेक्ट्रॉनिक्स), डॉ. कर्मवीर (यांत्रिक) एवं विकास चौधरी (सिविल) ने मुख्य अतिथि को बैज लगाकर और स्पोर्ट्स हैट पहनाकर सम्मानित किया।  खेल अधिकारी जन्मेजय कुमार और खेल प्रभारी प्रदीप कुमार ने प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।

"खेलों से निखरता है व्यक्तित्व" – डॉ. कुलदीप उज्जवल
छात्रों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा, "खेल मैदान केवल जीत-हार के लिए नहीं होते, बल्कि ये चरित्र निर्माण की पाठशाला हैं। एक खिलाड़ी कभी हारता नहीं, वह या तो जीतता है या सीखता है। अनुशासन और टीम भावना  जो आप यहाँ सीखेंगे, वह आपके पेशेवर करियर में भी काम आएगी।"
संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस एक सफल इंजीनियर की पहचान है।उद्घाटन सत्र का सबसे आकर्षक हिस्सा फ्लैग मार्च रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के खिलाड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट किया और मुख्य अतिथि को सलामी दी। इसके पश्चात, पिछले वर्ष के चैंपियन खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि के साथ मिलकर 'क्रीड़ा मशाल' प्रज्वलित की, जो दो दिनों तक खेल भावना की लौ जलाए रखेगी। सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और निष्पक्षता की शपथ भी दिलाई गई।

स्वयं दौड़ लगाकर किया स्पर्धाओं का श्रीगणेश
प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन डॉ. कुलदीप उज्जवल ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में रोमांच तब बढ़ गया जब मुख्य अतिथि ने 200 मीटर की दौड़ को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ स्वयं भी दौड़ में हिस्सा लिया। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर संस्थान के समस्त व्याख्याता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रतियोगिता के समापन पर विजयी खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूके की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाक़ात कर झारखण्ड–यूके सहयोग को नई दिशा दी

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम सरकार की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं इंडो-पैसिफ़िक मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से भेंट कर शिक्षा, कौशल विकास, उत्तरदायी खनन, क्लाइमेट ट्रांजीशन, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण जैसे क्षेत्रों में झारखण्ड यूके के बीच व्यावहारिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा की।

यूके ने झारखण्ड सरकार की मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप तथा चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप की सराहना करते हुए इन्हें भारत यूके साझेदारी का सशक्त और जीवंत उदाहरण बताया। पिछले चार वर्षों में इन योजनाओं के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। दोनों पक्षों ने सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड स्कॉलरशिप मार्गों पर कार्य करने तथा विदेश अध्ययन को मेंटोरशिप, इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास और सार्वजनिक सेवा अनुभव से जोड़ने के लिए एक एक निश्चित योजना विकसित करने पर रुचि व्यक्त की।

बैठक में यूके के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्किल्स एवं क्वालिफ़िकेशन संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें खनन प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सततता, डेटा एवं एआई, गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज, एप्लाइड रिसर्च तथा टीवीईटी और अप्रेंटिसशिप मार्गों की स्थापना शामिल है।

आर्थिक और जलवायु सहयोग के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में यूके की क्षमताओं के साथ घनिष्ठ सहयोग का प्रस्ताव रखा, जिसमें ईएसजी सिस्टम, मिनरल ट्रेसबिलिटी, खदान सुरक्षा, स्वच्छ प्रसंस्करण तथा प्रौद्योगिकी प्रदर्शन शामिल हैं। इस अवसर पर उत्तरदायी क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखण्ड–यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा हुई, जो मानकों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार और आपूर्ति-श्रृंखला साझेदारी को सुदृढ़ करेगा।

बैठक में यूके की जलवायु एवं वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर कोयला क्षेत्रों के विविधीकरण, जलवायु अनुकूलन, श्रमिकों एवं समुदायों के समर्थन हेतु ट्रांज़िशन फाइनेंस संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। झारखण्ड को “जस्ट ट्रांज़िशन” कार्यक्रमों के लिए एक पायलट राज्य के रूप में स्थापित करने तथा शहरी गतिशीलता और जलवायु वित्त को सहयोग के पूरक क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।

संस्कृति, खेल और विरासत संरक्षण को जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने के सरल एवं प्रभावी माध्यम के रूप में देखा गया। मुख्यमंत्री ने भारत–यूके विरासत संरक्षण समझौते के अंतर्गत झारखण्ड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण हेतु यूके सहयोग का आग्रह किया। इस संदर्भ में स्टोनहेंज जैसे वैश्विक सर्वोत्तम उदाहरणों का उल्लेख करते हुए दीर्घकाल में यूनेस्को मान्यता की दिशा में कार्य करने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने मंत्री सीमा मल्होत्रा को झारखण्ड भ्रमण का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को फ़ॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) मुख्यालय का भी अवलोकन कराया गया। साथ ही मंत्री मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को शनिवार को यूके के प्रतिष्ठित मेगालिथिक एवं मोनोलिथिक विरासत स्थल स्टोनहेंज के भ्रमण का आमंत्रण भी दिया।

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