लंदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'डिप्लोमेसी': वैश्विक नीति-निर्माताओं के सामने रखी झारखंड की विकास गाथा
![]()
लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी द्वारा आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहाँ मुख्यमंत्री ने झारखंड की संभावनाओं पर वैश्विक संवाद का नेतृत्व किया।
भारत के विकास में झारखंड का 'अहम स्थान'
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की समग्र आर्थिक प्रगति में झारखंड की भूमिका कितनी निर्णायक है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया
:
औद्योगिक एवं खनिज क्षमता: प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ राज्य की बढ़ती औद्योगिक ताकत।
युवा शक्ति: मानव संसाधन की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प।
रणनीतिक सहयोग: यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की अपील।
विरासत से लेकर खेल तक: बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी सहयोग के द्वार खोले:
विरासत संरक्षण: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए ब्रिटिश विशेषज्ञों के साथ तकनीकी साझेदारी।
शिक्षा और खेल: झारखंड के युवाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा।
तकनीकी सहयोग: नई और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संभावित निवेश।
यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा
यह संवाद यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के अनुरूप रहा। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश, उच्च शिक्षा और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे।




:


सुल्तानपुर में बोले बृज भूषण शरण सिंह मैं कह रहा हूं राहुल गांधी नहीं बनेंगे इस देश के प्रधानमंत्री, करते हैं दो नाव की सवारी पूर्व सांसद व भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह शुक्रवार को सुल्तानपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के तिवारीपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे। जहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा राहुल गांधी इस देश के प्रधानमंत्री नहीं हो सकते, मैं बृज भूषण सिंह कह रहा हूं। क्योंकि वो दो नाव की सवारी कर रहे हैं। चुनाव में वो हिंदू बन जाते हैं और चुनाव के बाद हिंदुओ को गाली देते हैं। दो नाव की सवारी करके इस देश में कोई प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है।
बृज भूषण शरण सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर का समर्थन किया, कहा उन्होंने जो कहा सत्य कहा लेकिन भाषा थोड़ी अच्छी नहीं है। माघ मेले में शंकराचार्य पर लगाई गई पाबंदी पर हुए सवाल पर वो ये कहकर ख़ुद को बचा ले गए कि मैं वहां पर था नहीं। अयोध्या काशी के बाद क्या मथुरा की बारी है इस पर उन्होंने कहा ये हमारा सवाल नहीं है ये विश्व हिंदू परिषद बताएगा। मिलावट के एक सवाल पर बृज भूषण ने कहा मैं अपना काम कर रहा हूं सरकार अपना काम कर रही है।
फिर तंज कसते हुए उन्होंने कहा हम इतना जरुर जानते हैं कि एक जगह मैंने सूचना दी की फला जगह नकली पनीर बन रही है। दो लाख लिए चले गए पनीर बन रही। वो अपना काम कर रहे हैं हम अपना काम कर रहा हूं। आप खरीदो नहीं उनका बिकना बंद हो जाएगा।
2029 में लोकसभा चुनाव लड़ने की उन्होंने बात कही। ये भी कहा हो सकता है सुल्तानपुर से ही लड़ जाऊ। इस पर लोगों ने तालियां बजाई। बृज भूषण ने कहा मैं सुल्तानपुर से लड़ जाऊ तो मुझको कुछ वोट मिलेगा या नहीं मिलेगा। मेरे लिए पूरा उत्तर प्रदेश पड़ा है।
हजारीबाग पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20.5 किलोग्राम अफीम बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने सफेद रंग की अपाची मोटरसाइकिल से अफीम ले जा रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लोहसिंघना थाना क्षेत्र के कोलघटी इलाके में की गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कोलघटी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवक सफेद अपाची बाइक पर बोरे में कुछ सामान लेकर घूम रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर, हजारीबाग के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलघटी के मलती टॉड के पास चेकिंग अभियान शुरू किया।

एबीवीपी के “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*
विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है।
“मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है।
आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए।आज का यह आयोजन केवल मार्गदर्शन का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखने का प्रयास है। क्योंकि जब विद्यार्थी जागरूक होता है, तभी समाज सशक्त होता है और राष्ट्र प्रगति करता है।
परीक्षा जीवन का पड़ाव है, पड़ाव को ही मंज़िल न मानें। असफलता भी सफलता की सीढ़ी होती है। आत्म मूल्यांकन कर आगे बढ़े।नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। सेवा भाव से किया गया अध्ययन ही वास्तविक शिक्षा है। विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित बनें। उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के सूत्र भी बताए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।





“मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*
मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
3 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.6k