माघ मेला प्रयागराज: एडीजी कानून-व्यवस्था व गृह सचिव ने संभाली कमान, सुरक्षा से लेकर भीड़ नियंत्रण तक हर व्यवस्था का लिया जायजा

प्रयागराज। माघ मेला प्रयागराज में स्नान पर्वों के दौरान उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) उत्तर प्रदेश अमिताभ यश एवं सचिव (गृह) उत्तर प्रदेश शासन मोहित गुप्ता ने शुक्रवार को मेला क्षेत्र में कैंप कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। 17 जनवरी 2026 को दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने माघ मेला क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर सुरक्षा एवं प्रबंधन की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान एडीजी कानून एवं व्यवस्था और गृह सचिव ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा पुलिस बल की तैनाती का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने संगम नोज से बोट के माध्यम से त्रिवेणी संगम घाट, अरैल घाट, झूसी घाट और किला घाट सहित प्रमुख स्नान घाटों का निरीक्षण कर मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके पश्चात दोनों अधिकारियों ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) पहुंचकर सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही हनुमान मंदिर, काली सड़क, काली घाट, पांटून पुल, एरावत घाट, टीकर माफी, नागवासुकी और फाफामऊ क्षेत्रों के साथ-साथ मेला क्षेत्र से श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के मार्गों का भी निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान एडीजी अमिताभ यश ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आवागमन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निकासी मार्गों को और अधिक सुव्यवस्थित व अवरोधमुक्त रखा जाए, ताकि भीड़ बढ़ने की स्थिति में किसी प्रकार की अफरा-तफरी न हो। साथ ही किसी भी आकस्मिक या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने महिला हेल्प डेस्क, पिंक बूथ, खोया-पाया केंद्र, साइबर जागरूकता अभियान और सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, जल पुलिस, आरएएफ और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती को लेकर भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें कर्तव्यनिष्ठा, शालीन व्यवहार, संवेदनशीलता और पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माघ मेले की सफलता पुलिस बल की सतर्कता और अनुशासन पर निर्भर करती है।

प्रशासन का कहना है कि माघ मेला प्रयागराज में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

*विपक्ष के कारनामे गलत,इसीलिए जनता सिखा रही सबक - विजय रघुवंशी*
जनता ने विकसित भारत के पक्ष में किया मतदान - सुशील त्रिपाठी*

एशिया की सबसे अमीर नगर निगम में बैठेगा भाजपा का मेयर - सुशील त्रिपाठी* 

महाराष्ट्र नगर निगम में मिली शानदार जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न* सुलतानपुर,महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा गठबंधन के सुशासन एवं विकसित भारत के एजेंडे के पक्ष में मतदान किया है।महाराष्ट्र में मुंबई नगर महापालिका के साथ महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं के चुनाव में 29 में से 25 निगमों में हुई जीत पर शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।भाजपा जिंदाबाद और जीत गए, हम जीत गए, मुम्बई महापालिका जीत गए के नारे लगाए।इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने महाराष्ट्र की शानदार जीत पर जनता का आभार जताया।कहा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के ऐतिहासिक चुनाव नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।अब एशिया के सबसे अमीर नगर निगम में तीन दशकों के इंतजार के बाद भाजपा का मेयर बैठेगा।अब महाराष्ट्र के 29 में से 25 नगर निगमों में भाजपा का मेयर होगा। उन्होंने कहा जनता ने विकसित भारत के पक्ष में मतदान किया है।नकरात्मक राजनीती करने वालों की हार हुई है।महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत पर पार्टी मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने कहा देश सही दिशा में जा रहा है।विपक्ष के कारनामे गलत है इसीलिए जनता उनको हर चुनाव में सबक सिखा रही हैं।इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष डॉ प्रीति प्रकाश,आशीष सिंह रानू, काली सहाय पाठक,वीरेंद्र भार्गव, सोहनलाल निषाद, मनोज श्रीवास्तव,राम अभिलाष सिंह, सुनील विश्वकर्मा,अतुल सिंह, सतीश सिंह,विनय कुमार सिंह, पूर्व प्रधान दया राम यादव,शिव पूजन निषाद, शिवप्रताप कोरी, पवन मिश्रा,अशोक वर्मा, विनोद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
आजमगढ़: “सपा जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय” — ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहर
आज़मगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा राजनीतिक दावा किया है। अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन वर्ष 2047 तक सत्ता में बना रहेगा, क्योंकि विपक्ष जनता का भरोसा खो चुका है। सपा के प्रचार पर कसा तंज राजभर ने महाराष्ट्र के हालिया चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ समाजवादी पार्टी के सांसदों और विधायकों ने जमकर प्रचार किया, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नसीब नहीं हुई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा— “समाजवादी पार्टी जहाँ-जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय हो जाती है। चाहे राजस्थान हो, हरियाणा हो या महाराष्ट्र—सपा की मौजूदगी भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होती है।” मुस्लिम वोट बैंक और ओवैसी पर टिप्पणी महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में AIMIM की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि अब मुस्लिम समाज केवल वोट देने की मशीन बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सोच-समझकर निर्णय ले रहा है, इसी कारण ओवैसी को समर्थन मिला। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों ने बार-बार सपा को सत्ता सौंपी, लेकिन बदले में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। 2027 नहीं, 2047 तक एनडीए की सरकार का दावा विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “सिर्फ 2027 ही नहीं, बल्कि 2047 तक उत्तर प्रदेश में एनडीए की सरकार रहेगी। अब जनता जाति या भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि विकास और काम के आधार पर मतदान कर रही है।” आरक्षण और परिवारवाद पर सफाई दी पार्टी में परिवारवाद के आरोपों पर राजभर ने कहा कि जो भी पार्टी के लिए ईमानदारी से काम करता है, वही उनका परिवार है। उन्होंने बताया कि दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के आरक्षण को लेकर वे गंभीर हैं और इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इन वर्गों के लिए सीटें सुरक्षित करने की मांग कर चुके हैं। विवादित बयान से मचा राजनीतिक बवाल प्रेस वार्ता के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक सवाल के जवाब में राजभर द्वारा यह कहे जाने का दावा किया गया कि 18 जनवरी (रविवार) को खजूरी स्थित विश्ववाणी जूनियर हाई स्कूल के मैदान में बिना लाइसेंस के हथियार बांटे जाएंगे—जिसे जरूरत हो, वह आकर ले जाए। इस कथन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों को लेकर प्रयागराज जंक्शन पर समीक्षा बैठक।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा सुरक्षा तथा प्रभावी भीड़ प्रबन्धन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी जंक्शन एवं प्रयागराज छिवकी सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्री आवागमन एवं भीड़ नियंत्रण से सम्बंधित व्यवस्थाओ की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन मो. मुबश्शिर वारिस वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक समन्वय आकांशु गोविल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के. द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने मौनी अमावस्या पर्व पर संगम स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।कलर कोडिंग व्यवस्था एकतरफा यात्री आवागमन (यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट) तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

स्टेशन परिसर,प्लेटफॉर्म,प्रवेश एवं निकास द्वार,टिकट काउंटर,प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय प्लेटफॉर्म ड्यूटी,महिला यात्रियो की सुरक्षा यात्रियो के सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने आरपीएफ एवं जीआरपी को सिविल प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। बैठक में मौनी अमावस्या पर्व के दौरान प्रभावी भीड़ नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

मेला कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष से प्रयागराज क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं सिविल क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग के माध्यम से त्वरित नियंत्रण एवं निर्देश प्रणाली को प्रभावी रूप से स्थापित किया गया है,जिससे किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

Image 2Image 3

रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.

एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
ठंड में चोरी की घटनाओं पर लगेगी लगाम

*चोरों का सत्यापन कर रही पुलिस, गोपीगंज पुलिस ने 51 और भदोही ने 43 चौरी किया सत्यापन*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव भदोही। ठंड में बढ़ी चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने भदोही और गोपीगंज कोतवाली के 94 अभियुक्तों का सत्यापन किया। इसमें गोपीगंज पुलिस ने 51 व भदोही पुलिस 43 चोरों का सत्यापन किया है। भदोही में अपराध करने वाले अन्य प्रांतों के नौ और गैर जनपदों के 114 अभियुक्तों का चिह्नित करके उनका सत्यापन कर रही है। टीम ने इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया। इससे चोरी की घटनाओं को कम किया जा सके। चोरों ने बीते एक महीने में 20 से 25 चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस पर लगाम लगाने के लिए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने जिले के हर थानों के चोरों का रिकॉर्ड तलाशने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर अलग-अलग थानों में चोरी के मुकदमों में वांछित अभियुक्तों का सत्यापन किया जा रहा है। एसपी ने चोरी के मुकदमों में वांछित गैर जनपद व प्रांतों के एसपी के पत्र लिखकर संबंधित चोरों के अपराधिक रिकॉर्ड को तलाशने का प्रयास किया है। गांवों व कस्बों में पहुंचकर पुलिस टीम लोगों को जागरूक कर रही है। उन्हें स्पष्ट रूप से यह निर्देशित कर रही है कि किसी आवश्यक काम से अगर घर से बाहर जा रहे हैं तो संबंधित थानों की पुलिस को सूचित कर दें। जिससे विशेष नजर रखी जा सके। चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस सत्यापन कर रही है। जिले में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले चोरी के सत्यापन के लिए गैर जनपदों और प्रांतों के एसपी को पत्र लिखा गया है। ताकि उनके अपराधिक रिकॉर्ड का पता चल सके। अभिमन्यु मांगलिक पुलिस अधीक्षक भदोही
मलप हरसेनपुर निवासी शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) की पूज्यनीय माता महेश्वरी देवी जी की तेरहवीं संस्कार संपन्न, श्रद्धांजलि अर्पित
संजीव सिंह बलिया! नगरा क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी स्वर्गीय नरेंद्रनाथ सिंह की धर्मपत्नी एवं क्षेत्र की सम्मानित महिला श्रीमती महेश्वरी देवी की तेरहवीं (ब्रह्मभोज) का कार्यक्रम दिनांक 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। ज्ञात हो कि श्रीमती महेश्वरी देवी का आकस्मिक निधन 03 जनवरी 2026, शनिवार को हो गया था। उनके असामयिक निधन से पूरे गांव एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अपने सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों के लिए जानी जाती थीं। तेरहवीं कार्यक्रम के अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ब्रह्मभोज में उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर शोकाकुल परिवार के सदस्य सतीश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह एवं प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। वहीं हरिनारायण सिंह एवं प्रख्यात शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। तेरहवीं संस्कार का आयोजन पूरी तरह से धार्मिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप किया गया। कार्यक्रम के समापन पर परिजनों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में श्रीमती महेश्वरी देवी के निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने उनके व्यक्तित्व को स्मरण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ॐ शांति।
पीएम विश्वकर्मा हाट 2026: दिल्ली हाट में 18 से 31 जनवरी तक लगेगी विशेष प्रदर्शनी
Image 2Image 3
नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी विशेष रूप से पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी कारीगरों और शिल्पकारों के लिए समर्पित है। यह आयोजन 18 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में होगा। हाट सुबह 10:30 बजे से रात 10:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कल (18 जनवरी 2026) केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर एमएसएमई राज्य मंत्री सुष्री शोभा करंडलaje भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध पारंपरिक शिल्पकला विरासत को सेलिब्रेट करना और कारीगरों को उनके हस्तनिर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, हितधारकों तथा आम जनता के सामने प्रदर्शित करने और बेचने का प्रमुख मंच प्रदान करना है।
देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 117 से अधिक कारीगर इस आयोजन में भाग लेंगे, जो भारत की विविध पारंपरिक कौशलों और शिल्पों का पैन-इंडिया प्रतिनिधित्व करेगा। यह हाट पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने, दृश्यता सुधारने और सतत आजीविका अवसर सृजित करने का प्रयास है। विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों को भी इस हाट में आमंत्रित किया गया है।
प्रदर्शनी में पारंपरिक शिल्पों की व्यापक श्रृंखला, लाइव क्राफ्ट डेमॉन्स्ट्रेशन और सांस्कृतिक अनुभव शामिल होंगे, जो “विश्वकर्मा का अभियान, विकसित भारत का निर्माण” की भावना को दर्शाएंगे। यह आयोजन भारत सरकार की कारीगरों को सशक्त बनाने, पारंपरिक कौशलों को संरक्षित करने और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है।
आप सभी को इस अनूठे प्रदर्शनी का अवसर मिलेगा जहां भारत की हस्तकला की सुंदरता और विविधता को प्रत्यक्ष देखा और अनुभव किया जा सकता है।
आक्रोश की गूँज: मशाल जुलूस से दी गई आंदोलन की चेतावनी; सोमा मुंडा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े आदिवासी संगठन।

खूंटी: आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा आहूत 'एक दिवसीय झारखंड बंद' को लेकर खूंटी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बंद के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों तक सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

Image 2Image 3

मशाल जुलूस से बंद की शुरुआत

बंद से पूर्व शुक्रवार देर शाम खूंटी की सड़कों पर मशाल जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

42 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति

खूंटी एसडीओ ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कुल 42 दंडाधिकारियों की तैनाती की है। ये अधिकारी शनिवार सुबह 8 बजे से ही अपने-अपने मोर्चा संभाल चुके हैं।

मुख्य फोकस क्षेत्र: हुटार, बिरहू, तमाड़ मोड़, कर्रा रोड, और चुकरु मोड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

प्रखंडों में निगरानी: मुरहू, कर्रा, तोरपा, रनिया और अड़की के प्रमुख चौराहों पर भी प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है।

प्रशासनिक सतर्कता और निर्देश

जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) को किसी भी अप्रिय घटना (जैसे सड़क पर टायर जलाना या आगजनी) के लिए अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही, सिविल सर्जन को आपातकालीन चिकित्सा दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

माघ मेला प्रयागराज: एडीजी कानून-व्यवस्था व गृह सचिव ने संभाली कमान, सुरक्षा से लेकर भीड़ नियंत्रण तक हर व्यवस्था का लिया जायजा

प्रयागराज। माघ मेला प्रयागराज में स्नान पर्वों के दौरान उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) उत्तर प्रदेश अमिताभ यश एवं सचिव (गृह) उत्तर प्रदेश शासन मोहित गुप्ता ने शुक्रवार को मेला क्षेत्र में कैंप कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। 17 जनवरी 2026 को दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने माघ मेला क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर सुरक्षा एवं प्रबंधन की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान एडीजी कानून एवं व्यवस्था और गृह सचिव ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा पुलिस बल की तैनाती का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने संगम नोज से बोट के माध्यम से त्रिवेणी संगम घाट, अरैल घाट, झूसी घाट और किला घाट सहित प्रमुख स्नान घाटों का निरीक्षण कर मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके पश्चात दोनों अधिकारियों ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) पहुंचकर सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही हनुमान मंदिर, काली सड़क, काली घाट, पांटून पुल, एरावत घाट, टीकर माफी, नागवासुकी और फाफामऊ क्षेत्रों के साथ-साथ मेला क्षेत्र से श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के मार्गों का भी निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान एडीजी अमिताभ यश ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आवागमन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निकासी मार्गों को और अधिक सुव्यवस्थित व अवरोधमुक्त रखा जाए, ताकि भीड़ बढ़ने की स्थिति में किसी प्रकार की अफरा-तफरी न हो। साथ ही किसी भी आकस्मिक या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने महिला हेल्प डेस्क, पिंक बूथ, खोया-पाया केंद्र, साइबर जागरूकता अभियान और सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, जल पुलिस, आरएएफ और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती को लेकर भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें कर्तव्यनिष्ठा, शालीन व्यवहार, संवेदनशीलता और पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माघ मेले की सफलता पुलिस बल की सतर्कता और अनुशासन पर निर्भर करती है।

प्रशासन का कहना है कि माघ मेला प्रयागराज में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

*विपक्ष के कारनामे गलत,इसीलिए जनता सिखा रही सबक - विजय रघुवंशी*
जनता ने विकसित भारत के पक्ष में किया मतदान - सुशील त्रिपाठी*

एशिया की सबसे अमीर नगर निगम में बैठेगा भाजपा का मेयर - सुशील त्रिपाठी* 

महाराष्ट्र नगर निगम में मिली शानदार जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न* सुलतानपुर,महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा गठबंधन के सुशासन एवं विकसित भारत के एजेंडे के पक्ष में मतदान किया है।महाराष्ट्र में मुंबई नगर महापालिका के साथ महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं के चुनाव में 29 में से 25 निगमों में हुई जीत पर शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।भाजपा जिंदाबाद और जीत गए, हम जीत गए, मुम्बई महापालिका जीत गए के नारे लगाए।इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने महाराष्ट्र की शानदार जीत पर जनता का आभार जताया।कहा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के ऐतिहासिक चुनाव नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।अब एशिया के सबसे अमीर नगर निगम में तीन दशकों के इंतजार के बाद भाजपा का मेयर बैठेगा।अब महाराष्ट्र के 29 में से 25 नगर निगमों में भाजपा का मेयर होगा। उन्होंने कहा जनता ने विकसित भारत के पक्ष में मतदान किया है।नकरात्मक राजनीती करने वालों की हार हुई है।महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत पर पार्टी मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने कहा देश सही दिशा में जा रहा है।विपक्ष के कारनामे गलत है इसीलिए जनता उनको हर चुनाव में सबक सिखा रही हैं।इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष डॉ प्रीति प्रकाश,आशीष सिंह रानू, काली सहाय पाठक,वीरेंद्र भार्गव, सोहनलाल निषाद, मनोज श्रीवास्तव,राम अभिलाष सिंह, सुनील विश्वकर्मा,अतुल सिंह, सतीश सिंह,विनय कुमार सिंह, पूर्व प्रधान दया राम यादव,शिव पूजन निषाद, शिवप्रताप कोरी, पवन मिश्रा,अशोक वर्मा, विनोद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
आजमगढ़: “सपा जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय” — ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहर
आज़मगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा राजनीतिक दावा किया है। अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन वर्ष 2047 तक सत्ता में बना रहेगा, क्योंकि विपक्ष जनता का भरोसा खो चुका है। सपा के प्रचार पर कसा तंज राजभर ने महाराष्ट्र के हालिया चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ समाजवादी पार्टी के सांसदों और विधायकों ने जमकर प्रचार किया, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नसीब नहीं हुई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा— “समाजवादी पार्टी जहाँ-जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय हो जाती है। चाहे राजस्थान हो, हरियाणा हो या महाराष्ट्र—सपा की मौजूदगी भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होती है।” मुस्लिम वोट बैंक और ओवैसी पर टिप्पणी महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में AIMIM की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि अब मुस्लिम समाज केवल वोट देने की मशीन बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सोच-समझकर निर्णय ले रहा है, इसी कारण ओवैसी को समर्थन मिला। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों ने बार-बार सपा को सत्ता सौंपी, लेकिन बदले में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। 2027 नहीं, 2047 तक एनडीए की सरकार का दावा विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “सिर्फ 2027 ही नहीं, बल्कि 2047 तक उत्तर प्रदेश में एनडीए की सरकार रहेगी। अब जनता जाति या भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि विकास और काम के आधार पर मतदान कर रही है।” आरक्षण और परिवारवाद पर सफाई दी पार्टी में परिवारवाद के आरोपों पर राजभर ने कहा कि जो भी पार्टी के लिए ईमानदारी से काम करता है, वही उनका परिवार है। उन्होंने बताया कि दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के आरक्षण को लेकर वे गंभीर हैं और इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इन वर्गों के लिए सीटें सुरक्षित करने की मांग कर चुके हैं। विवादित बयान से मचा राजनीतिक बवाल प्रेस वार्ता के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक सवाल के जवाब में राजभर द्वारा यह कहे जाने का दावा किया गया कि 18 जनवरी (रविवार) को खजूरी स्थित विश्ववाणी जूनियर हाई स्कूल के मैदान में बिना लाइसेंस के हथियार बांटे जाएंगे—जिसे जरूरत हो, वह आकर ले जाए। इस कथन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों को लेकर प्रयागराज जंक्शन पर समीक्षा बैठक।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा सुरक्षा तथा प्रभावी भीड़ प्रबन्धन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी जंक्शन एवं प्रयागराज छिवकी सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्री आवागमन एवं भीड़ नियंत्रण से सम्बंधित व्यवस्थाओ की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन मो. मुबश्शिर वारिस वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक समन्वय आकांशु गोविल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के. द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने मौनी अमावस्या पर्व पर संगम स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।कलर कोडिंग व्यवस्था एकतरफा यात्री आवागमन (यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट) तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

स्टेशन परिसर,प्लेटफॉर्म,प्रवेश एवं निकास द्वार,टिकट काउंटर,प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय प्लेटफॉर्म ड्यूटी,महिला यात्रियो की सुरक्षा यात्रियो के सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने आरपीएफ एवं जीआरपी को सिविल प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। बैठक में मौनी अमावस्या पर्व के दौरान प्रभावी भीड़ नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

मेला कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष से प्रयागराज क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं सिविल क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग के माध्यम से त्वरित नियंत्रण एवं निर्देश प्रणाली को प्रभावी रूप से स्थापित किया गया है,जिससे किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

Image 2Image 3

रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.

एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
ठंड में चोरी की घटनाओं पर लगेगी लगाम

*चोरों का सत्यापन कर रही पुलिस, गोपीगंज पुलिस ने 51 और भदोही ने 43 चौरी किया सत्यापन*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव भदोही। ठंड में बढ़ी चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने भदोही और गोपीगंज कोतवाली के 94 अभियुक्तों का सत्यापन किया। इसमें गोपीगंज पुलिस ने 51 व भदोही पुलिस 43 चोरों का सत्यापन किया है। भदोही में अपराध करने वाले अन्य प्रांतों के नौ और गैर जनपदों के 114 अभियुक्तों का चिह्नित करके उनका सत्यापन कर रही है। टीम ने इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया। इससे चोरी की घटनाओं को कम किया जा सके। चोरों ने बीते एक महीने में 20 से 25 चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस पर लगाम लगाने के लिए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने जिले के हर थानों के चोरों का रिकॉर्ड तलाशने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर अलग-अलग थानों में चोरी के मुकदमों में वांछित अभियुक्तों का सत्यापन किया जा रहा है। एसपी ने चोरी के मुकदमों में वांछित गैर जनपद व प्रांतों के एसपी के पत्र लिखकर संबंधित चोरों के अपराधिक रिकॉर्ड को तलाशने का प्रयास किया है। गांवों व कस्बों में पहुंचकर पुलिस टीम लोगों को जागरूक कर रही है। उन्हें स्पष्ट रूप से यह निर्देशित कर रही है कि किसी आवश्यक काम से अगर घर से बाहर जा रहे हैं तो संबंधित थानों की पुलिस को सूचित कर दें। जिससे विशेष नजर रखी जा सके। चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस सत्यापन कर रही है। जिले में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले चोरी के सत्यापन के लिए गैर जनपदों और प्रांतों के एसपी को पत्र लिखा गया है। ताकि उनके अपराधिक रिकॉर्ड का पता चल सके। अभिमन्यु मांगलिक पुलिस अधीक्षक भदोही
मलप हरसेनपुर निवासी शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) की पूज्यनीय माता महेश्वरी देवी जी की तेरहवीं संस्कार संपन्न, श्रद्धांजलि अर्पित
संजीव सिंह बलिया! नगरा क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी स्वर्गीय नरेंद्रनाथ सिंह की धर्मपत्नी एवं क्षेत्र की सम्मानित महिला श्रीमती महेश्वरी देवी की तेरहवीं (ब्रह्मभोज) का कार्यक्रम दिनांक 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। ज्ञात हो कि श्रीमती महेश्वरी देवी का आकस्मिक निधन 03 जनवरी 2026, शनिवार को हो गया था। उनके असामयिक निधन से पूरे गांव एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अपने सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों के लिए जानी जाती थीं। तेरहवीं कार्यक्रम के अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ब्रह्मभोज में उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर शोकाकुल परिवार के सदस्य सतीश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह एवं प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। वहीं हरिनारायण सिंह एवं प्रख्यात शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। तेरहवीं संस्कार का आयोजन पूरी तरह से धार्मिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप किया गया। कार्यक्रम के समापन पर परिजनों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में श्रीमती महेश्वरी देवी के निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने उनके व्यक्तित्व को स्मरण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ॐ शांति।
पीएम विश्वकर्मा हाट 2026: दिल्ली हाट में 18 से 31 जनवरी तक लगेगी विशेष प्रदर्शनी
Image 2Image 3
नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी विशेष रूप से पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी कारीगरों और शिल्पकारों के लिए समर्पित है। यह आयोजन 18 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में होगा। हाट सुबह 10:30 बजे से रात 10:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कल (18 जनवरी 2026) केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर एमएसएमई राज्य मंत्री सुष्री शोभा करंडलaje भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध पारंपरिक शिल्पकला विरासत को सेलिब्रेट करना और कारीगरों को उनके हस्तनिर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, हितधारकों तथा आम जनता के सामने प्रदर्शित करने और बेचने का प्रमुख मंच प्रदान करना है।
देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 117 से अधिक कारीगर इस आयोजन में भाग लेंगे, जो भारत की विविध पारंपरिक कौशलों और शिल्पों का पैन-इंडिया प्रतिनिधित्व करेगा। यह हाट पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने, दृश्यता सुधारने और सतत आजीविका अवसर सृजित करने का प्रयास है। विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों को भी इस हाट में आमंत्रित किया गया है।
प्रदर्शनी में पारंपरिक शिल्पों की व्यापक श्रृंखला, लाइव क्राफ्ट डेमॉन्स्ट्रेशन और सांस्कृतिक अनुभव शामिल होंगे, जो “विश्वकर्मा का अभियान, विकसित भारत का निर्माण” की भावना को दर्शाएंगे। यह आयोजन भारत सरकार की कारीगरों को सशक्त बनाने, पारंपरिक कौशलों को संरक्षित करने और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है।
आप सभी को इस अनूठे प्रदर्शनी का अवसर मिलेगा जहां भारत की हस्तकला की सुंदरता और विविधता को प्रत्यक्ष देखा और अनुभव किया जा सकता है।
आक्रोश की गूँज: मशाल जुलूस से दी गई आंदोलन की चेतावनी; सोमा मुंडा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े आदिवासी संगठन।

खूंटी: आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा आहूत 'एक दिवसीय झारखंड बंद' को लेकर खूंटी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बंद के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों तक सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

Image 2Image 3

मशाल जुलूस से बंद की शुरुआत

बंद से पूर्व शुक्रवार देर शाम खूंटी की सड़कों पर मशाल जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

42 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति

खूंटी एसडीओ ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कुल 42 दंडाधिकारियों की तैनाती की है। ये अधिकारी शनिवार सुबह 8 बजे से ही अपने-अपने मोर्चा संभाल चुके हैं।

मुख्य फोकस क्षेत्र: हुटार, बिरहू, तमाड़ मोड़, कर्रा रोड, और चुकरु मोड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

प्रखंडों में निगरानी: मुरहू, कर्रा, तोरपा, रनिया और अड़की के प्रमुख चौराहों पर भी प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है।

प्रशासनिक सतर्कता और निर्देश

जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) को किसी भी अप्रिय घटना (जैसे सड़क पर टायर जलाना या आगजनी) के लिए अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही, सिविल सर्जन को आपातकालीन चिकित्सा दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।