गंगा पूजन के साथ शंकराचार्य ने किया“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा”का शुभारम्भ पहले दिन पहुँचे 130 शिविर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।गंगा तट पर चल रहे माघ मेला में गंगा पूजन गौ व गणेश आराधना के साथ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने आज“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा का विधिवत शुभारम्भ किया।गंगा पूजन के पश्चात यात्रा का प्रारम्भ प्रातः 10:00 बजे सेक्टर 4 महावीर मार्ग पीपा पुल संख्या 1 के समीप स्थित निम्बार्क सनातन सेवा शिविर से हुआ।तत्पश्चात माघ मेले के विभिन्न अखाड़ो एवं संत- शिविरो का भ्रमण किया।पहले ही दिन कुल 130 शिविरो में पहुँचकर शंकराचार्य ने संत-महात्माओ एवं शिविर प्रतिनिधियो को गौ रक्षा के लिए संकल्पित कराया तथा उन्हे“गौ माता राष्ट्र माता आन्दोलन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।सभी शिविरो में सन्तो ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया एवं आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी एवं सम्पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।शंकराचार्य ने यात्रा के दौरान कहा कि:गौ-माता केवल एक पशु नही बल्कि भारतीय संस्कृति कृषि अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य और अध्यात्म का मूल आधार है। आज आवश्यकता है कि संत समाज आगे आए और राष्ट्र को पुनःगौ-संरक्षण के पथ पर प्रेरित करे।इस प्रेरणादायी यात्रा में दंडी संन्यासी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी स्वामी अप्रमेय शिवशाक्षत कृतानन्द गिरी ब्रह्मचारी सहजानंद ब्रह्मचारी तीर्थानंद ब्रह्मचारी श्रवणानन्द अखिलेश ब्रह्मचारी देवेन्द्र पाण्डेय गोप कमलेश कुकरेती

सक्षम सिंह योगी जलयोद्धा आर्य शेखर आचार्य मानव

संत भारत दास राम त्रिपाठी विमल कृष्ण अंगद पाण्डेय आदेश सोनी पियूष तिवारी सहित सैकड़ो भक्त उपस्थित रहे।यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य ने संत समाज को यह संदेश दिया कि गौ-संरक्षण केवल आन्दोलन नही बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विषय है और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।यात्रा का समापन 2:00 बजे सिंडोला बाला जी धाम खालसा रामानन्द मार्ग पर हुआ।यात्रा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए जगतगुरु शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने बताया कि —गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा माघ मेला अवधि में अगले दस दिन तक निरन्तर चलेगी और शंकराचार्य स्वयं माघ मेला क्षेत्र में लगे समस्त शिविरो में जाएँगे।उद्देश्य यह है कि संत समाज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गौ-संरक्षण का एक सांस्कृतिक एवं वैदिक अभियान स्थापित किया जाए।

मकर संक्रांति पर्व पर प्रयागराज जंक्शन पर विशेष निगरानी एवं 19 विशेष गाड़ियो का संचालन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियों की सुरक्षा सुविधा एवं सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मण्डल रेल प्रबन्धक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल अपर मण्डल रेल प्रबन्धक (सामान्य)प्रयागराज दीपक कुमार वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक (कोचिंग) हरिमोहन एवं वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित द्वारा प्रयागराज जंक्शन स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम से स्टेशन एवं रेल परिचालन की सतत निगरानी की गई।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर आज दिनांक 15 जनवरी 2026 को 19.00 बजे तक प्रयागराज मण्डल द्वारा कुल 19 विशेष गाड़ियो का संचालन किया गया।इनमें रिंग रेल सेवा विस्तारित सेवा टाइम-टेबल स्पेशल गाड़ियां तथा यात्रियो की अतिरिक्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चलाई गई अन्य विशेष गाड़ियां सम्मिलित रही।इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा प्रयागराज जंक्शन के विभिन्न प्लेटफार्मो का भी निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर प्लेटफार्म प्रवेश एवं निकास मार्ग कैटरिंग सुविधाएं तथा अन्य संवेदनशील स्थलो पर यात्रियों की आवाजाही एवं भीड़ प्रबन्धन की व्यवस्थाओ का गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियो को निरन्तर सतर्कता बनाए रखने यात्रियो को समुचित मार्गदर्शन प्रदान करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।रेल प्रशासन द्वारा मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियो की सुविधा हेतु विशेष भीड़ प्रबन्धन एवं सुरक्षा सम्बन्धी व्यापक व्यवस्थाएं की गई है तथा आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है जिससे श्रद्धालुओ एवं यात्रियो को सुरक्षित सुगम एवं सुविधा जनक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में कानपुर ने रचा नया कीर्तिमान, सोलर रूफटॉप स्थापना में प्रदेश में तीसरा स्थान

* 64 मेगावाट सौर उत्पादन से 20,756 घर बने पावर यूनिट, 80 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में आई कमी
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दी जनपदवासियों को बधाई



लखनऊ/कानपुर नगर। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप स्थापना के क्षेत्र में कानपुर नगर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश नेडा के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 20,756 से अधिक सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 64 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इस उपलब्धि के साथ कानपुर नगर प्रदेश में सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उल्लेखनीय प्रगति पर कानपुरवासियों को बधाई देते हुए कहा कि शहर की छतें अब छोटे-छोटे पावर हाउस के रूप में विकसित हो रही हैं, जो आत्मनिर्भर और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत कदम है।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, 64 मेगावाट सौर उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 9.6 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली प्राप्त हो रही है, जिसका वार्षिक आर्थिक मूल्य 34 से 38 करोड़ रुपये के बीच आंका गया है। यदि इतनी बिजली पारंपरिक स्रोतों से खरीदी जाती, तो सरकार और उपभोक्ताओं को भारी खर्च वहन करना पड़ता। सोलर रूफटॉप लगाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भी उल्लेखनीय कमी आ रही है।

फरवरी 2024 से शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत कानपुर नगर में सोलर स्थापना की गति लगातार तेज बनी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 80 से 90 नए सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। व्यक्तिगत आवासों के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों और हाउसिंग सोसाइटियों के कॉमन एरिया में भी सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे शहरी स्तर पर विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है।

पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 64 मेगावाट सौर उत्पादन से सालाना करीब 80 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है, जो लगभग 35 लाख पेड़ लगाने के बराबर लाभ प्रदान करती है। इससे प्रतिदिन औसतन 30 से 35 हजार शहरी घरों की बिजली जरूरत पूरी की जा सकती है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रति किलोवाट सोलर सिस्टम से औसतन रोजाना 5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सोलर सिस्टम की लागत लगभग 60 से 65 हजार रुपये प्रति किलोवाट है। योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा एक किलोवाट पर कुल 45 हजार रुपये तक की सब्सिडी तथा अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, बैंकों के माध्यम से 6 से 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

नेडा, कानपुर नगर के परियोजना अधिकारी राकेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है। वहीं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है और जिले में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन‘तशना’ को श्रद्धांजलि“तशना सम्मान”की घोषणा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने उर्दू अदब के वरिष्ठ पत्रकार उस्ताद शायर एवं कुशल मुशायरा– निज़ामतकार स्व0 शाकिर हुसैन‘तशना’ को उनके करेली स्थित आवास पर पहुँचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उर्दू साहित्य शेरो–शायरी एवं ग़ज़ल की समृद्ध परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत द्वारा प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान तशना सम्मान”की स्थापना की घोषणा की गई।यह सम्मान स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’की पुण्य स्मृति में स्थापित किया जा रहा है जिन्होने पत्रकारिता को जीवन–धर्म मानते हुए उर्दू अदब की निस्वार्थ सेवा की और अपने संवेदनशील सादगीपूर्ण तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व से साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।इस अवसर पर समाजसेवी असरार नियाज़ी ने कहा कि शाकिर हुसैन‘तशना’उर्दू अदब और पत्रकारिता दोनो के सशक्त स्तंभ थे जिनकी सेवाओं को यह सम्मान सच्ची श्रद्धांजलि है।

स्वर्गीय तशना साहब के सुपुत्र अमजद हुसैन ‘रावी’ने कहा कि“तशना सम्मान”उनके पिता की साहित्यिक साधना विचारधारा और मूल्यो को चिरस्थायी बनाए रखने का सार्थक प्रयास है।एडवोकेट बख़्तियार यूसुफ ने तशना साहब के उर्दू एवं हिन्दी भाषाओ पर समान अधिकार की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को साहित्यिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

विश्व जन चेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.राहुल शुक्ल ‘साहिल’ ने कहा कि संस्था की उर्दू शाखा बज़्म–ए–अहबाब के माध्यम से निरंतर मुशायरे एवं शेरो–शायरी के भव्य आयोजन कर उर्दू अदब को नई दिशा दी जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में महमूद मो.अकबर अली मोइन हबीबी मोहम्मद शाहब तलत महमूद कौशर रिज़वी एस.एम.रिज़वी मो.दानिश यासीन एडवोकेट फरहान आलम सुहैल अख्तर अवसाफ निसार सैफ अली असद हुसैन ताबी असद कुरैशी मोहम्मद कादिर शरिक सिद्दीकी कौसर सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजको ने विश्वास व्यक्त किया कि“तशना सम्मान”न केवल स्वर्गीय शाकिर हुसैन‘तशना’की साहित्यिक विरासत को चिर स्थायी बनाए रखेगा बल्कि उर्दू अदब की परम्परा शालीनता और अदबी गरिमा को आने वाली पीढ़ियो तक सशक्त रूप से पहुँचाएगा।

अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर हुआ तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे*
सुलतानपुर,अघोर पीठ बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर में आयोजित तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व के समापन अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के सानिध्य में समाज में अघोर परम्परा का योगदान विषयक इस संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे । मुख्य अतिथि समाजसेवी हनुमान सिंह ने कहा कि जब समाज में कुरीतियां पनपती हैं तो अघोर परम्परा समाज को जागृत करती है। विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है। समाजसेवा में इनके द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परम्परा का काम जातियों को समाप्त करना है । बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा। विषय प्रवर्तन करते हुए सत्यनाथ विद्वत परिषद के मंत्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए अघोर परम्परा अपनाना जरूरी है। यह परम्परा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करती है। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि समाज में समन्वय और समरसता स्थापित करने में अघोर परम्परा ने अग्रणी भूमिका निभाई है। अहंकार को समाप्त कर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर और मृत्यु व जन्म के द्वैत से परे जाकर आत्म ज्ञान प्राप्त करना तथा समस्त सृष्टि की एकता को समझना ही अघोर परम्परा का लक्ष्य है। संत तुलसीदास पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय ने कहा कि अघोर परम्परा का पालन आवश्यक है।अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा । नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक ने कहा नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी आयेगी जब वे अघोर परम्परा से जुड़ेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु व संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। संगोष्ठी में एडवोकेट समर बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह दिवाकर, पवन कुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व फौजदार सिंह ने आल्हा सुनाकर लोगों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। आचार्य नीरज मिश्र ने स्वस्ति वाचन कर कार्यक्रम की शुरुआत की । इस अवसर पर एम एल सी रामसूरत राजभर, विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक राम चंद्र चौधरी, पूर्व चेयरमैन विजयभान सिंह, हरिकृपाल सिंह , इंद्र नारायण तिवारी, समर बहादुर सिंह एडवोकेट, दिवाकर सिंह एडवोकेट,अंगद सिंह, शुभम् सिंह शुभ,सुरेंद्र सिंह,अजय बहादुर सिंह,अजीत सिंह बरवारीपुर समेत अनेक प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
भरत राम संवाद की कथा सुनकर श्रोताओं के आंखों में झलक उठे अश्रु, आज एक जमीन के टुकड़े के लिए लोग लड़ाई लड़ते हैं लेकिन भरत ने भाई के लिए राज्य छो

फर्रुखाबाद ।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा में सप्तम दिवस की कथा में अंतराष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने बड़े ही भाव पूर्ण वाणी में भरत चरित्र का वर्णन किया। चित्रकूट में भरत और श्री राम का मिलाप का संवाद सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। कथा में आचार्य ने कहा कि भरत जी को जब पता चला कि मेरी माता ने राम जी को बन भेज दिया है तो उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भरत जी ने चित्रकूट जाने के लिए सबको तैयार किया और चित्रकूट में जाकर राम जी से मिले। भरत जी को देखकर राम जी के धनुष बाण गिर पड़े ।

भरत जी ने वापस लौटने की प्रार्थना की , पर राम जी ने कहा यदि मैं अयोध्या लौट चलूंगा तो शबरी माता को दर्शन कैसे दे पाउंगा। भगवान ने अपनी चरण पादुका देकर भरत जी को अयोध्या लौटाया। आचार्य मनोज अवस्थी जी ने बताया भरत के समान  कोई दूसरा भाई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भरत चरित्र को नियम से सुनने से राम जी के चरणों में प्रेम उत्पन्न हो जाता हैं।

भरत चरित्र की विस्तृत व्याख्या करते हुए आचार्य मनोज  अवस्थी जी महाराज ने  कहा कि आजकल एक इंच ज़मीन के टुकड़े के लिए कोर्ट तक लड़ाई होती है , पर राम जी ने भरत जी के लिए अपने अधिकार का राज्य छोड़ दिया और भरत जी ने भी उस राज्य को अपने बड़े भाई को वापस लौटा दिया। समाज में तीन राम और तीन भरत हुए । पहले राम थे परशुराम , दूसरे राम हुए दशरथ पुत्र राम और तीसरे बलराम । इसी प्रकार तीन भरत हुए पहले जड़भरत, दूसरे शकुन्तला पुत्र भरत और तीसरे दशरथ पुत्र भरत। आचार्य  ने कहा कि दूसरों के सुख से सुखी होना और दूसरों के दुख से दुखी होना ही संत होने के लक्षण है। संतत्व के गुण उस व्यक्ति में आ सकते हैं जो  सच्चे मन से कथा और सत्संग सुनता है। श्री राम कथा मन को निर्मल बनाकर दोषों को दूर करती है। हमारा समाज स्वर्ग से सुंदर बन जाए यदि समाज के लोग एक दूसरे के दुख सुख को अपना दुख सुख समझ लें ।


आज की कथा में अपार जनमानस के साथ साथ वीरेंद्र सिंह विभाग संघचालक फिरोजाबाद विभाग,गोपाल शर्मा उप जिला अधिकारी किशनी, नीरज द्विवेदी उप जिला अधिकारी कुरावली, अखिल गोयल नायब तहसीलदार कुरावली, पत्रकार आशुतोष तिवारी, अशोक दीक्षित, शैलेश गंगवार उपस्थित रहे।
साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की 19986/- रुपये की धनराशि कराई गयी वापस
संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में साइबर क्राइम थाना द्वारा सतत प्रभावी कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को सम्पूर्ण फ्राड का शत प्रतिशत 19986/ रुपये की धनराशि वापस कराई गयी ।

घटना का संक्षिप्त विवरण

पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उन्होंने गूगल पे के माध्यम से अपने रिश्तेदार को पैसा भेजा गया था जो फेल्ड हो गया, जिसके सम्बन्ध में जानकारी लेने के लिए पीड़ित द्वारा सर्ज इंजन से गूगल पे कस्टमर केयर का हेल्पलाइन नम्बर सर्च किया गया परन्तु गलत नम्बर पर काल कर दिया गया जिससे गूगल पे कस्टमर केयर से बात न होकर फ्राडर के पास काल चला गया, उससे बात करने पर उसके द्वारा पीड़ित से ओटीपी लेकर फ्राड कर दिया गया । प्रार्थना पत्र मिलते ही साइबर क्राइम थाना द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, साइबर क्राइम टीम द्वारा संबंधित बैंक और भुगतान गेटवे से संपर्क स्थापित कर ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया, साइबर क्राइम पुलिस के त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप के कारण धोखाधड़ी की पैसा वापस करवाया गया । इस पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना की भूरी भूरी प्रसंशा की गयी ।

रिकवर कराने वाले अधि0/कर्मचारीगण- प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना श्री जय प्रकाश चौबे, आ0 रामप्रवेश मद्देशिया, आ0 धीरेन्द्र कुमार, आ0 सौरभ यादव ।
संतकबीरनगर पुलिस द्वारा आम जनमानस से अपील करती है कि:-
• किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी अज्ञात खाते में पैसा ट्रांसफर न करें ।
• बैंक अधिकारी बनकर आने वाले संदिग्ध कॉल / मैसेज पर विश्वास न करें ।
• किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें, सावधानी ही सुरक्षा है ।
• साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर सेल को सूचित करें ।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का बिहार में निवेश, औद्योगिक विकास को नई गति

रमेश दूबे

सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रबंध निदेशक श्री मनीष अग्रवाल तथा सीएचआर एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने सुपीरियर ग्रुप द्वारा नालन्दा, बिहार स्थित चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड के टेकओवर एवं उसके सुचारु संचालन की विस्तृत जानकारी साझा की।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस महानिदेशक, बिहार एवं डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर) से भी मुलाकात कर प्लांट संचालन के दौरान आ रही चुनौतियों से अवगत कराया। इस पर अपर पुलिस महानिदेशक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए और आश्वस्त किया कि उद्योगों की सुरक्षा और निर्बाध संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा, “बिहार तभी तेजी से आगे बढ़ेगा जब उद्योगों और उद्यमियों को पूर्ण सुरक्षा और अनुकूल वातावरण मिलेगा।” साथ ही उन्होंने बिहार में निवेश कर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सुपीरियर ग्रुप का आभार व्यक्त किया।

माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने इस अवसर पर कहा कि बिहार सरकार एथनॉल आधारित उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। एथनॉल उत्पादन न केवल किसानों को उनकी फसलों—विशेषकर मक्का, गन्ना और चावल—का बेहतर मूल्य दिलाएगा, बल्कि यह राज्य की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को देश का एक प्रमुख ग्रीन एनर्जी और एथनॉल हब बनाने की दिशा में सरकार उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रही है, और सुपीरियर ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित निवेशकों की भागीदारी से यह लक्ष्य और तेज़ी से हासिल होगा।

इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार पुलिस प्रशासन और सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुपीरियर ग्रुप राज्य के औद्योगिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।

यह भेंट बिहार में उद्योगों के लिए सकारात्मक निवेश वातावरण और सरकार–उद्योग समन्वय का सशक्त उदाहरण बनी, जो राज्य के आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।
2 किलो अवैध गांजे के साथ एक अभियुक्त को धनघटा पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

रमेश दूबे

संतकबीरनगर  । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर * संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा  जय प्रकाश दूबे के नेतृत्व में चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति / वाहन व भ्रमण क्षेत्र के दौरान अभियुक्त नाम पता साधू उर्फ मो. अजीज पुत्र रुआब अली निवासी सेमरी गनेशपुर थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर को ग्राम औराडाड़ के पास से 02 किलो अवैध गाँजा के साथ के गिरफ्तार कर आज दिनांक 15.01.2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के आदेशों-निर्देशों का अक्षरः पालन करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।




गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-
साधू उर्फ मो. अजीज पुत्र रुआब अली निवासी सेमरी गनेशपुर थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।                              
पंजीकृत अभियोग–
मु0अ0स0 27/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
बरामदगी- 




• 02 किलो अवैध गाँजा ।
• 01 अदद मोटर साइकिल ।
• 01 अदद मोबाइल ।
• 220 नगद रुपये ।

अभियुक्त का अपराधिक इतिहास-
 मु0अ0स0 57/2022 धारा 3(1) उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 487/2022 धारा 60 आबकारी अधिनियम, थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 307/2023 धारा 4/25 आयुध अधिनियम, थाना महुली जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 507/2021 धारा 3/5A/8 उ0प्र0 गोवध निवारण अधिनियम व 11 पशु क्रुरता अधिनियम थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 313/2025 धारा 112/305A/313/317(2)/331(3) बीएनएस0 थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण- प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री जय प्रकाश दूबे, प्रभारी चौकी जगदीशपुर उ0नि0 श्री विनोद कुमार यादव, का0 रजनीश यादव, का0 महेन्द्र निषाद, का0 मुकेश कुमार, का0 अनिल प्रसाद, का0 सत्यम सिंह, का0 जितेन्द्र यादव ।
छबेलवा वन बना पर्यावरण संरक्षण का केंद्र: चूड़ा-दही भोज में एकजुट हुआ समाज

इचाक (हजारीबाग): इचाक प्रखंड स्थित छबेलवा वन अब केवल हरियाली का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में, यहाँ एक भव्य 'चूड़ा-दही मिलन समारोह' का आगाज किया गया, जिसने आपसी भाईचारे की नई मिसाल पेश की है।

गौतम जी ने इस अवसर पर कहा कि छबेलवा वन अब पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का चेहरा बन चुका है। जंगल के सुरम्य वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए बरकट्ठा, इचाक, बड़कागांव और दारू समेत आसपास के कई क्षेत्रों से गणमान्य लोग उपस्थित हुए। इसमें प्रमुख शिक्षाविद, राजनीतिक व गैर-राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ वरिष्ठ समाजसेवियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी विचारधाराओं के लोगों का एक मंच पर आना सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण रहा।

इस आयोजन की सफलता की असली नींव यहाँ के युवाओं ने रखी। स्थानीय युवाओं की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासित व्यवस्था ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। युवाओं ने न केवल आगंतुकों का स्वागत किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि वे अपनी लोक-संस्कृति और 'जल-जंगल-जमीन' के संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। छबेलवा वन की यह पहल निश्चित रूप से भविष्य में भी समाज को प्रकृति प्रेम के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

गंगा पूजन के साथ शंकराचार्य ने किया“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा”का शुभारम्भ पहले दिन पहुँचे 130 शिविर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।गंगा तट पर चल रहे माघ मेला में गंगा पूजन गौ व गणेश आराधना के साथ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने आज“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा का विधिवत शुभारम्भ किया।गंगा पूजन के पश्चात यात्रा का प्रारम्भ प्रातः 10:00 बजे सेक्टर 4 महावीर मार्ग पीपा पुल संख्या 1 के समीप स्थित निम्बार्क सनातन सेवा शिविर से हुआ।तत्पश्चात माघ मेले के विभिन्न अखाड़ो एवं संत- शिविरो का भ्रमण किया।पहले ही दिन कुल 130 शिविरो में पहुँचकर शंकराचार्य ने संत-महात्माओ एवं शिविर प्रतिनिधियो को गौ रक्षा के लिए संकल्पित कराया तथा उन्हे“गौ माता राष्ट्र माता आन्दोलन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।सभी शिविरो में सन्तो ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया एवं आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी एवं सम्पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।शंकराचार्य ने यात्रा के दौरान कहा कि:गौ-माता केवल एक पशु नही बल्कि भारतीय संस्कृति कृषि अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य और अध्यात्म का मूल आधार है। आज आवश्यकता है कि संत समाज आगे आए और राष्ट्र को पुनःगौ-संरक्षण के पथ पर प्रेरित करे।इस प्रेरणादायी यात्रा में दंडी संन्यासी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी स्वामी अप्रमेय शिवशाक्षत कृतानन्द गिरी ब्रह्मचारी सहजानंद ब्रह्मचारी तीर्थानंद ब्रह्मचारी श्रवणानन्द अखिलेश ब्रह्मचारी देवेन्द्र पाण्डेय गोप कमलेश कुकरेती

सक्षम सिंह योगी जलयोद्धा आर्य शेखर आचार्य मानव

संत भारत दास राम त्रिपाठी विमल कृष्ण अंगद पाण्डेय आदेश सोनी पियूष तिवारी सहित सैकड़ो भक्त उपस्थित रहे।यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य ने संत समाज को यह संदेश दिया कि गौ-संरक्षण केवल आन्दोलन नही बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विषय है और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।यात्रा का समापन 2:00 बजे सिंडोला बाला जी धाम खालसा रामानन्द मार्ग पर हुआ।यात्रा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए जगतगुरु शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने बताया कि —गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा माघ मेला अवधि में अगले दस दिन तक निरन्तर चलेगी और शंकराचार्य स्वयं माघ मेला क्षेत्र में लगे समस्त शिविरो में जाएँगे।उद्देश्य यह है कि संत समाज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गौ-संरक्षण का एक सांस्कृतिक एवं वैदिक अभियान स्थापित किया जाए।

मकर संक्रांति पर्व पर प्रयागराज जंक्शन पर विशेष निगरानी एवं 19 विशेष गाड़ियो का संचालन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियों की सुरक्षा सुविधा एवं सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मण्डल रेल प्रबन्धक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल अपर मण्डल रेल प्रबन्धक (सामान्य)प्रयागराज दीपक कुमार वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक (कोचिंग) हरिमोहन एवं वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित द्वारा प्रयागराज जंक्शन स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम से स्टेशन एवं रेल परिचालन की सतत निगरानी की गई।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर आज दिनांक 15 जनवरी 2026 को 19.00 बजे तक प्रयागराज मण्डल द्वारा कुल 19 विशेष गाड़ियो का संचालन किया गया।इनमें रिंग रेल सेवा विस्तारित सेवा टाइम-टेबल स्पेशल गाड़ियां तथा यात्रियो की अतिरिक्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चलाई गई अन्य विशेष गाड़ियां सम्मिलित रही।इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा प्रयागराज जंक्शन के विभिन्न प्लेटफार्मो का भी निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर प्लेटफार्म प्रवेश एवं निकास मार्ग कैटरिंग सुविधाएं तथा अन्य संवेदनशील स्थलो पर यात्रियों की आवाजाही एवं भीड़ प्रबन्धन की व्यवस्थाओ का गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियो को निरन्तर सतर्कता बनाए रखने यात्रियो को समुचित मार्गदर्शन प्रदान करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।रेल प्रशासन द्वारा मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियो की सुविधा हेतु विशेष भीड़ प्रबन्धन एवं सुरक्षा सम्बन्धी व्यापक व्यवस्थाएं की गई है तथा आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है जिससे श्रद्धालुओ एवं यात्रियो को सुरक्षित सुगम एवं सुविधा जनक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में कानपुर ने रचा नया कीर्तिमान, सोलर रूफटॉप स्थापना में प्रदेश में तीसरा स्थान

* 64 मेगावाट सौर उत्पादन से 20,756 घर बने पावर यूनिट, 80 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में आई कमी
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दी जनपदवासियों को बधाई



लखनऊ/कानपुर नगर। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप स्थापना के क्षेत्र में कानपुर नगर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश नेडा के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 20,756 से अधिक सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 64 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इस उपलब्धि के साथ कानपुर नगर प्रदेश में सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उल्लेखनीय प्रगति पर कानपुरवासियों को बधाई देते हुए कहा कि शहर की छतें अब छोटे-छोटे पावर हाउस के रूप में विकसित हो रही हैं, जो आत्मनिर्भर और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत कदम है।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, 64 मेगावाट सौर उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 9.6 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली प्राप्त हो रही है, जिसका वार्षिक आर्थिक मूल्य 34 से 38 करोड़ रुपये के बीच आंका गया है। यदि इतनी बिजली पारंपरिक स्रोतों से खरीदी जाती, तो सरकार और उपभोक्ताओं को भारी खर्च वहन करना पड़ता। सोलर रूफटॉप लगाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भी उल्लेखनीय कमी आ रही है।

फरवरी 2024 से शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत कानपुर नगर में सोलर स्थापना की गति लगातार तेज बनी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 80 से 90 नए सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। व्यक्तिगत आवासों के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों और हाउसिंग सोसाइटियों के कॉमन एरिया में भी सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे शहरी स्तर पर विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है।

पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 64 मेगावाट सौर उत्पादन से सालाना करीब 80 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है, जो लगभग 35 लाख पेड़ लगाने के बराबर लाभ प्रदान करती है। इससे प्रतिदिन औसतन 30 से 35 हजार शहरी घरों की बिजली जरूरत पूरी की जा सकती है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रति किलोवाट सोलर सिस्टम से औसतन रोजाना 5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सोलर सिस्टम की लागत लगभग 60 से 65 हजार रुपये प्रति किलोवाट है। योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा एक किलोवाट पर कुल 45 हजार रुपये तक की सब्सिडी तथा अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, बैंकों के माध्यम से 6 से 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

नेडा, कानपुर नगर के परियोजना अधिकारी राकेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है। वहीं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है और जिले में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन‘तशना’ को श्रद्धांजलि“तशना सम्मान”की घोषणा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने उर्दू अदब के वरिष्ठ पत्रकार उस्ताद शायर एवं कुशल मुशायरा– निज़ामतकार स्व0 शाकिर हुसैन‘तशना’ को उनके करेली स्थित आवास पर पहुँचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उर्दू साहित्य शेरो–शायरी एवं ग़ज़ल की समृद्ध परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत द्वारा प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान तशना सम्मान”की स्थापना की घोषणा की गई।यह सम्मान स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’की पुण्य स्मृति में स्थापित किया जा रहा है जिन्होने पत्रकारिता को जीवन–धर्म मानते हुए उर्दू अदब की निस्वार्थ सेवा की और अपने संवेदनशील सादगीपूर्ण तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व से साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।इस अवसर पर समाजसेवी असरार नियाज़ी ने कहा कि शाकिर हुसैन‘तशना’उर्दू अदब और पत्रकारिता दोनो के सशक्त स्तंभ थे जिनकी सेवाओं को यह सम्मान सच्ची श्रद्धांजलि है।

स्वर्गीय तशना साहब के सुपुत्र अमजद हुसैन ‘रावी’ने कहा कि“तशना सम्मान”उनके पिता की साहित्यिक साधना विचारधारा और मूल्यो को चिरस्थायी बनाए रखने का सार्थक प्रयास है।एडवोकेट बख़्तियार यूसुफ ने तशना साहब के उर्दू एवं हिन्दी भाषाओ पर समान अधिकार की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को साहित्यिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

विश्व जन चेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.राहुल शुक्ल ‘साहिल’ ने कहा कि संस्था की उर्दू शाखा बज़्म–ए–अहबाब के माध्यम से निरंतर मुशायरे एवं शेरो–शायरी के भव्य आयोजन कर उर्दू अदब को नई दिशा दी जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में महमूद मो.अकबर अली मोइन हबीबी मोहम्मद शाहब तलत महमूद कौशर रिज़वी एस.एम.रिज़वी मो.दानिश यासीन एडवोकेट फरहान आलम सुहैल अख्तर अवसाफ निसार सैफ अली असद हुसैन ताबी असद कुरैशी मोहम्मद कादिर शरिक सिद्दीकी कौसर सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजको ने विश्वास व्यक्त किया कि“तशना सम्मान”न केवल स्वर्गीय शाकिर हुसैन‘तशना’की साहित्यिक विरासत को चिर स्थायी बनाए रखेगा बल्कि उर्दू अदब की परम्परा शालीनता और अदबी गरिमा को आने वाली पीढ़ियो तक सशक्त रूप से पहुँचाएगा।

अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर हुआ तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे*
सुलतानपुर,अघोर पीठ बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर में आयोजित तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व के समापन अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के सानिध्य में समाज में अघोर परम्परा का योगदान विषयक इस संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे । मुख्य अतिथि समाजसेवी हनुमान सिंह ने कहा कि जब समाज में कुरीतियां पनपती हैं तो अघोर परम्परा समाज को जागृत करती है। विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है। समाजसेवा में इनके द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परम्परा का काम जातियों को समाप्त करना है । बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा। विषय प्रवर्तन करते हुए सत्यनाथ विद्वत परिषद के मंत्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए अघोर परम्परा अपनाना जरूरी है। यह परम्परा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करती है। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि समाज में समन्वय और समरसता स्थापित करने में अघोर परम्परा ने अग्रणी भूमिका निभाई है। अहंकार को समाप्त कर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर और मृत्यु व जन्म के द्वैत से परे जाकर आत्म ज्ञान प्राप्त करना तथा समस्त सृष्टि की एकता को समझना ही अघोर परम्परा का लक्ष्य है। संत तुलसीदास पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय ने कहा कि अघोर परम्परा का पालन आवश्यक है।अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा । नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक ने कहा नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी आयेगी जब वे अघोर परम्परा से जुड़ेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु व संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। संगोष्ठी में एडवोकेट समर बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह दिवाकर, पवन कुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व फौजदार सिंह ने आल्हा सुनाकर लोगों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। आचार्य नीरज मिश्र ने स्वस्ति वाचन कर कार्यक्रम की शुरुआत की । इस अवसर पर एम एल सी रामसूरत राजभर, विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक राम चंद्र चौधरी, पूर्व चेयरमैन विजयभान सिंह, हरिकृपाल सिंह , इंद्र नारायण तिवारी, समर बहादुर सिंह एडवोकेट, दिवाकर सिंह एडवोकेट,अंगद सिंह, शुभम् सिंह शुभ,सुरेंद्र सिंह,अजय बहादुर सिंह,अजीत सिंह बरवारीपुर समेत अनेक प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
भरत राम संवाद की कथा सुनकर श्रोताओं के आंखों में झलक उठे अश्रु, आज एक जमीन के टुकड़े के लिए लोग लड़ाई लड़ते हैं लेकिन भरत ने भाई के लिए राज्य छो

फर्रुखाबाद ।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा में सप्तम दिवस की कथा में अंतराष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने बड़े ही भाव पूर्ण वाणी में भरत चरित्र का वर्णन किया। चित्रकूट में भरत और श्री राम का मिलाप का संवाद सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। कथा में आचार्य ने कहा कि भरत जी को जब पता चला कि मेरी माता ने राम जी को बन भेज दिया है तो उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भरत जी ने चित्रकूट जाने के लिए सबको तैयार किया और चित्रकूट में जाकर राम जी से मिले। भरत जी को देखकर राम जी के धनुष बाण गिर पड़े ।

भरत जी ने वापस लौटने की प्रार्थना की , पर राम जी ने कहा यदि मैं अयोध्या लौट चलूंगा तो शबरी माता को दर्शन कैसे दे पाउंगा। भगवान ने अपनी चरण पादुका देकर भरत जी को अयोध्या लौटाया। आचार्य मनोज अवस्थी जी ने बताया भरत के समान  कोई दूसरा भाई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भरत चरित्र को नियम से सुनने से राम जी के चरणों में प्रेम उत्पन्न हो जाता हैं।

भरत चरित्र की विस्तृत व्याख्या करते हुए आचार्य मनोज  अवस्थी जी महाराज ने  कहा कि आजकल एक इंच ज़मीन के टुकड़े के लिए कोर्ट तक लड़ाई होती है , पर राम जी ने भरत जी के लिए अपने अधिकार का राज्य छोड़ दिया और भरत जी ने भी उस राज्य को अपने बड़े भाई को वापस लौटा दिया। समाज में तीन राम और तीन भरत हुए । पहले राम थे परशुराम , दूसरे राम हुए दशरथ पुत्र राम और तीसरे बलराम । इसी प्रकार तीन भरत हुए पहले जड़भरत, दूसरे शकुन्तला पुत्र भरत और तीसरे दशरथ पुत्र भरत। आचार्य  ने कहा कि दूसरों के सुख से सुखी होना और दूसरों के दुख से दुखी होना ही संत होने के लक्षण है। संतत्व के गुण उस व्यक्ति में आ सकते हैं जो  सच्चे मन से कथा और सत्संग सुनता है। श्री राम कथा मन को निर्मल बनाकर दोषों को दूर करती है। हमारा समाज स्वर्ग से सुंदर बन जाए यदि समाज के लोग एक दूसरे के दुख सुख को अपना दुख सुख समझ लें ।


आज की कथा में अपार जनमानस के साथ साथ वीरेंद्र सिंह विभाग संघचालक फिरोजाबाद विभाग,गोपाल शर्मा उप जिला अधिकारी किशनी, नीरज द्विवेदी उप जिला अधिकारी कुरावली, अखिल गोयल नायब तहसीलदार कुरावली, पत्रकार आशुतोष तिवारी, अशोक दीक्षित, शैलेश गंगवार उपस्थित रहे।
साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की 19986/- रुपये की धनराशि कराई गयी वापस
संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में साइबर क्राइम थाना द्वारा सतत प्रभावी कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को सम्पूर्ण फ्राड का शत प्रतिशत 19986/ रुपये की धनराशि वापस कराई गयी ।

घटना का संक्षिप्त विवरण

पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उन्होंने गूगल पे के माध्यम से अपने रिश्तेदार को पैसा भेजा गया था जो फेल्ड हो गया, जिसके सम्बन्ध में जानकारी लेने के लिए पीड़ित द्वारा सर्ज इंजन से गूगल पे कस्टमर केयर का हेल्पलाइन नम्बर सर्च किया गया परन्तु गलत नम्बर पर काल कर दिया गया जिससे गूगल पे कस्टमर केयर से बात न होकर फ्राडर के पास काल चला गया, उससे बात करने पर उसके द्वारा पीड़ित से ओटीपी लेकर फ्राड कर दिया गया । प्रार्थना पत्र मिलते ही साइबर क्राइम थाना द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, साइबर क्राइम टीम द्वारा संबंधित बैंक और भुगतान गेटवे से संपर्क स्थापित कर ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया, साइबर क्राइम पुलिस के त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप के कारण धोखाधड़ी की पैसा वापस करवाया गया । इस पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना की भूरी भूरी प्रसंशा की गयी ।

रिकवर कराने वाले अधि0/कर्मचारीगण- प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना श्री जय प्रकाश चौबे, आ0 रामप्रवेश मद्देशिया, आ0 धीरेन्द्र कुमार, आ0 सौरभ यादव ।
संतकबीरनगर पुलिस द्वारा आम जनमानस से अपील करती है कि:-
• किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी अज्ञात खाते में पैसा ट्रांसफर न करें ।
• बैंक अधिकारी बनकर आने वाले संदिग्ध कॉल / मैसेज पर विश्वास न करें ।
• किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें, सावधानी ही सुरक्षा है ।
• साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर सेल को सूचित करें ।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का बिहार में निवेश, औद्योगिक विकास को नई गति

रमेश दूबे

सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रबंध निदेशक श्री मनीष अग्रवाल तथा सीएचआर एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने सुपीरियर ग्रुप द्वारा नालन्दा, बिहार स्थित चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड के टेकओवर एवं उसके सुचारु संचालन की विस्तृत जानकारी साझा की।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस महानिदेशक, बिहार एवं डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर) से भी मुलाकात कर प्लांट संचालन के दौरान आ रही चुनौतियों से अवगत कराया। इस पर अपर पुलिस महानिदेशक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए और आश्वस्त किया कि उद्योगों की सुरक्षा और निर्बाध संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा, “बिहार तभी तेजी से आगे बढ़ेगा जब उद्योगों और उद्यमियों को पूर्ण सुरक्षा और अनुकूल वातावरण मिलेगा।” साथ ही उन्होंने बिहार में निवेश कर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सुपीरियर ग्रुप का आभार व्यक्त किया।

माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने इस अवसर पर कहा कि बिहार सरकार एथनॉल आधारित उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। एथनॉल उत्पादन न केवल किसानों को उनकी फसलों—विशेषकर मक्का, गन्ना और चावल—का बेहतर मूल्य दिलाएगा, बल्कि यह राज्य की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को देश का एक प्रमुख ग्रीन एनर्जी और एथनॉल हब बनाने की दिशा में सरकार उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रही है, और सुपीरियर ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित निवेशकों की भागीदारी से यह लक्ष्य और तेज़ी से हासिल होगा।

इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार पुलिस प्रशासन और सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुपीरियर ग्रुप राज्य के औद्योगिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।

यह भेंट बिहार में उद्योगों के लिए सकारात्मक निवेश वातावरण और सरकार–उद्योग समन्वय का सशक्त उदाहरण बनी, जो राज्य के आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।
2 किलो अवैध गांजे के साथ एक अभियुक्त को धनघटा पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

रमेश दूबे

संतकबीरनगर  । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर * संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा  जय प्रकाश दूबे के नेतृत्व में चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति / वाहन व भ्रमण क्षेत्र के दौरान अभियुक्त नाम पता साधू उर्फ मो. अजीज पुत्र रुआब अली निवासी सेमरी गनेशपुर थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर को ग्राम औराडाड़ के पास से 02 किलो अवैध गाँजा के साथ के गिरफ्तार कर आज दिनांक 15.01.2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के आदेशों-निर्देशों का अक्षरः पालन करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।




गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-
साधू उर्फ मो. अजीज पुत्र रुआब अली निवासी सेमरी गनेशपुर थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।                              
पंजीकृत अभियोग–
मु0अ0स0 27/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
बरामदगी- 




• 02 किलो अवैध गाँजा ।
• 01 अदद मोटर साइकिल ।
• 01 अदद मोबाइल ।
• 220 नगद रुपये ।

अभियुक्त का अपराधिक इतिहास-
 मु0अ0स0 57/2022 धारा 3(1) उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 487/2022 धारा 60 आबकारी अधिनियम, थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 307/2023 धारा 4/25 आयुध अधिनियम, थाना महुली जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 507/2021 धारा 3/5A/8 उ0प्र0 गोवध निवारण अधिनियम व 11 पशु क्रुरता अधिनियम थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
 मु0अ0स0 313/2025 धारा 112/305A/313/317(2)/331(3) बीएनएस0 थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण- प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री जय प्रकाश दूबे, प्रभारी चौकी जगदीशपुर उ0नि0 श्री विनोद कुमार यादव, का0 रजनीश यादव, का0 महेन्द्र निषाद, का0 मुकेश कुमार, का0 अनिल प्रसाद, का0 सत्यम सिंह, का0 जितेन्द्र यादव ।
छबेलवा वन बना पर्यावरण संरक्षण का केंद्र: चूड़ा-दही भोज में एकजुट हुआ समाज

इचाक (हजारीबाग): इचाक प्रखंड स्थित छबेलवा वन अब केवल हरियाली का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में, यहाँ एक भव्य 'चूड़ा-दही मिलन समारोह' का आगाज किया गया, जिसने आपसी भाईचारे की नई मिसाल पेश की है।

गौतम जी ने इस अवसर पर कहा कि छबेलवा वन अब पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का चेहरा बन चुका है। जंगल के सुरम्य वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए बरकट्ठा, इचाक, बड़कागांव और दारू समेत आसपास के कई क्षेत्रों से गणमान्य लोग उपस्थित हुए। इसमें प्रमुख शिक्षाविद, राजनीतिक व गैर-राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ वरिष्ठ समाजसेवियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी विचारधाराओं के लोगों का एक मंच पर आना सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण रहा।

इस आयोजन की सफलता की असली नींव यहाँ के युवाओं ने रखी। स्थानीय युवाओं की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासित व्यवस्था ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। युवाओं ने न केवल आगंतुकों का स्वागत किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि वे अपनी लोक-संस्कृति और 'जल-जंगल-जमीन' के संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। छबेलवा वन की यह पहल निश्चित रूप से भविष्य में भी समाज को प्रकृति प्रेम के लिए प्रेरित करती रहेगी।