सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से लैस है गया शहर के गोवल बीघा का डायमंड हॉस्पिटल, 15 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन

गया: गया में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधाओं से लैस डायमंड हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन 15 फरवरी को होगा. इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार करेंगे. इस संबंध में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक डा. नीरज लाल यादव ने बताया कि हमारा जो डायमंड हॉस्पिटल है, उसे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया है.

इसका उद्घाटन 15 फरवरी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार के द्वारा किया जाएगा. इस डायमंड हॉस्पिटल में सबसे बड़ी बात यह है कि गया के लोगों के लिए सभी इमरजेंसी सेवा 24 × 7 उपलब्ध है. हमारे यहां फुली लोडेड आईसीयू है. 10 बेड का आईसीयू फैसिलिटी और वेंटीलेटर है. किसी भी इमरजेंसी हालात में जैसे हार्ट अटैक हो या दुर्घटना हो, हम लोग ट्रीटमेंट करने में सक्षम है. मैं खुद क्रिटिकल केस का स्पेशलिस्ट हूं. इसके अलावा इस अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ सत्येंद्र प्रसाद, गैस्ट्रोलाॅजिस्ट डॉक्टर गुलाम-ए-मुस्तफा, हमारे पास आर्थोपेडिक, जनरल, गायनिक विशेषज्ञ हैं. छह डाक्टरों की एक अच्छी टीम और स्टाफ है.

हर व्यवस्था है. हम चाहते हैं कि गया के लोगों को जब भी किसी भी प्रकार की दिक्कते हो, वह एसएसपी आवास के ठीक सामने डायमंड हॉस्पिटल में आए. यहां कम खर्चे में ही बेहतर इलाज संभव है. सबसे बड़ी बात है कि हम लोग पैसे को लेकर किसी को मरीज को वापस जाने नहीं देंगे. हर मजबूर मध्यम वर्गीय परिवार या गरीब परिवार यहां से कभी निराश नहीं लौटेंगे. हमारे यहां पैसे की कमी के कारण किसी का ट्रीटमेंट न हो, ऐसा नहीं हो सकता है. मैं डाक्टर नीरज लाल यादव वही करता हूं, जो ईश्वर को पसंद है. ईश्वर को यही पसंद है कि इमरजेंसी में इलाज करें. मुझे जो भी जोखिम उठाना पड़े, मैं उठाने को तैयार हूं.

टिकोला शुगर मिल ने सत्र 2025–26 का ₹18.30 करोड़ गन्ना मूल्य भुगतान किया
मेरठ। टिकोला शुगर मिल द्वारा सत्र 2025–26 के अंतर्गत किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। मिल प्रशासन के अनुसार 24 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹18.30 (18 करोड़ 30 लाख रुपए ) का भुगतान किसानों के खातों में सीधे भेजा गया है।

टिकोला शुगर मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को समय से भुगतान मिल सके, इसके लिए मिल प्रबंधन द्वारा समस्त राशि बैंक के माध्यम से सीधे खातों में स्थानांतरित की गई है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने बैंकों से भुगतान की पुष्टि कर लें।

मिल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान को भुगतान से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह चीनी मिल कार्यालय से संपर्क कर सकता है। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे मिल को साफ-सुथरा, ताज़ा, जड़-पत्ती व मिट्टी रहित गन्ना ही आपूर्ति करें।

अधिकारियों ने बताया कि अधिक गन्ना उत्पादन की स्थिति में किसान चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों से अपना बेसिक कोटा अवश्य पूरा करने और मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाकर ईएमआई व उधार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।
एनडीपीएस एक्ट के मामलें में अभियुक्त को 08 माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

रमेश दूबे

संत कबीरनगर।नगर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के दृष्टिगत संतकबीरनगर पुलिस के द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन द्वारा प्रभावी पैरवी के क्रम में आज  03.02.2026 को  न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जनपद संतकबीरनगर द्वारा 01 अभियुक्त कोc माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

*घटना विवरणः-*
वादी मुकदमा एसएचओ  बब्लन यादव द्वारा अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर को 3.5 किग्रा नाजायज गाँजा, एक अदद पेचकश, दो अदद विभिन्न प्रकार के चाभियों का गुच्छा बरामद करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियोग पंजीकृत कर उ0नि0  ब्रजेश सिंह द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था ।

*सजा विवरणः-*
              मु0अ0सं0 051/2014 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर द्वारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अपराध में जेल में बिताई गयी अवधि व 5000 रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड अदा न करने पर 10 दिवस का साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा । अभियुक्त द्वारा पूर्व में कारावास में बितायी गयी अवधि को दण्डादेश के साथ समायोजित किया जायेगा ।
तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न, सांस्कृतिक रंगों में रंगा पीवीयूएनएल परिसर

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पीवीयूएनएल द्वारा आयोजित दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (पावर) श्री तजिंदर गुप्ता, बीएचईएल उपस्थित रहे। उनका स्वागत श्री ए.के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल एवं महाप्रबंधकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण इंटर हाउस सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नृत्य, संगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभी को मनोरंजन से भर दिया। कार्यक्रम ने आपसी सौहार्द और पारिवारिक सहभागिता को और मजबूत किया।

समापन सत्र में लकी ड्रॉ के अंतर्गत लॉटरी टिकट पुरस्कारों का वितरण किया गया, जिसने प्रतिभागियों में खासा उत्साह पैदा किया। यह बसंतोत्सव मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि संगठनात्मक एकता और सामाजिक जुड़ाव को भी सशक्त करने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं-संजय सिंह*
एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट कैडेट्स का विदाई समारोह सम्पन्न सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी.कॉलेज में एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्स के सम्मान में विदाई समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स द्वारा अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में किए गए योगदान को सम्मानित करना रहा। महाविद्यालय के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं। एनसीसी से प्राप्त प्रशिक्षण जीवनभर मार्गदर्शन करता है और कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनाता है। प्रबंधक बाल चंद्र सिंह ने कहा कि एनसीसी युवाओं में आत्मविश्वास,नेतृत्व और सेवा भाव विकसित करती है, जो किसी भी क्षेत्र में सफलता की नींव है। प्राचार्य प्रो. डी. के. त्रिपाठी ने कैडेट्स को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एनसीसी के संस्कार उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति सदैव कर्तव्यनिष्ठ बनाए रखेंगे। प्रो. धीरेंद्र कुमार, प्रो. शैलेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रो. इंद्रमणि कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, समयबद्धता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं तथा महाविद्यालय का गौरव बढ़ाते हैं। सीनियर अंडर ऑफिसर शरद कुमार ने एनसीसी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एनसीसी ने उन्हें नेतृत्व, आत्मसंयम और राष्ट्रभक्ति का वास्तविक अर्थ सिखाया, जो उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। आभार ज्ञापन एनसीसी प्रशिक्षक सतेंद्र भदौरिया ने किया। उन्होंने कैडेट्स की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का कुशल संचालन हर्षित विश्वकर्मा एवं माण्डवी तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ.संतोष अंश,डॉ.हीरालाल यादव, दिलीप सिंह, समर बहादुर सिंह, सतेंद्र सिंह सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में तीन दिवसीय समारोह
* राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ सहित संत-समाज और राजनीतिक जगत की कई दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल

हरिद्वार। भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पद्मविभूषण से सम्मानित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक तीन दिवसीय विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। उत्तरी हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

जूना पीठाधीश्वर एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 फरवरी को समारोह का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। इस दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा सायंकाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण और प्रख्यात भजन गायक सुजीत ओझा प्रस्तुति देंगे।

5 फरवरी को धर्मसभा और संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित अनेक संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेंगे। शाम को आयोजित भजन संध्या में बनारस घराने की प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा अपनी मधुर प्रस्तुति देंगी।

6 फरवरी को ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की समाधि स्थल पर उनकी विग्रह मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने बताया कि भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट की ओर से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी के डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा।

महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद ने स्वामी विवेकानंद और आद्य शंकराचार्य के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित किया। शंकराचार्य पद से त्यागपत्र देना उनके त्याग और तपस्या का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे महापुरुष का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
टीबी रोगियों की खोज कर उन्हें इलाज पर लाने का प्रस्ताव रखा गया

मिर्जापुर । टीवी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद मिर्जापुर के राजगढ़ सीएचसी सभागार कक्ष में आज दिनांक 4 फरवरी 2026 को उपस्थित एएनएम स्टाफ नर्स, आशा संगनी एवं आशाएं  आदि को भारत देश को टीबी मुक्त बनाने के क्रम में रोग संबंधी समस्त लक्षणों एवं सरकारी स्तर से उपलब्ध सभी नि:शुल्क सुविधाओं तथा बचाव को विस्तार पूर्वक बताते हुए ज्यादा  से ज्यादा टीबी रोगियों की खोज कर उन्हें इलाज पर लाने का प्रस्ताव रखा गया।
क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव द्वारा सभी उपस्थित जनों से आग्रह पूर्वक कहा गया कि टीबी रोग जब हमारे समाज से पूर्ण रूप से समाप्त होगा तभी हम आप सभी इसके प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित रहेंगे इसलिए आप सभी विभागीय ड्यूटी के साथ-साथ मानवीय कर्तव्य भाव से इस रोग के समाप्ति में अपना सराहनीय योगदान करते हुए टीबी मुक्त की संकल्पना को साकार करने में एक सच्चे भारतीय नागरिक का दायित्व निभाने का प्रयासकरें। साथ ही सक्षम एवं सम्मानित तथा संवेदनशील व्यक्तियों से टीबी मरीजों के हित में नि: क्षय मित्र बनने हेतु आग्रह भी करें।
कार्यक्रम के दौरान डॉ पवन कश्यप (अधीक्षक), अजीत सिंह (एसटीएस), राहुल सिंह (बीसीपीएम)  जेड अहमद, हेमलता, नीता आदि उपस्थित रहे।
चौपारण में अवैध अफीम की खेती का पुलिस-वन विभाग ने किया भंडाफोड़

Hazaribag 3 February 2026

चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम मुर्तिया में वन विभाग और चौपरण पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से लगी अफीम की खेती को चिन्हित कर मौके पर ही नष्ट कर दिया।

घटनास्थल से 4 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए और मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। अवैध अफीम की खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में अग्रतर कार्रवाई जारी है।

अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी और कर्मी इस प्रकार हैं: अजित कुमार बिमल, उप-पुलिस अधीक्षक, बरही; चंद्रशेखर, पुलिस निरीक्षक, बरही अंचल; सरोज सिंह चौधरी, थाना प्रभारी, चौपारण; सुबिन्दर राम, उपनिरीक्षक; सरवन कुमार पासवान, उपनिरीक्षक; बदल महतो, सहायक उपनिरीक्षक; कमरुद्दीन, सहायक उपनिरीक्षक; सशस्त्र बल; बनपाल कुलदीप कुमार।

अभियान के दौरान ड्रोन का उपयोग करके दुर्गम इलाकों की पहचान कर अवैध खेती को नष्ट किया गया। पुलिस और वन विभाग ने कहा है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से लैस है गया शहर के गोवल बीघा का डायमंड हॉस्पिटल, 15 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन

गया: गया में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधाओं से लैस डायमंड हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन 15 फरवरी को होगा. इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार करेंगे. इस संबंध में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक डा. नीरज लाल यादव ने बताया कि हमारा जो डायमंड हॉस्पिटल है, उसे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया है.

इसका उद्घाटन 15 फरवरी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार के द्वारा किया जाएगा. इस डायमंड हॉस्पिटल में सबसे बड़ी बात यह है कि गया के लोगों के लिए सभी इमरजेंसी सेवा 24 × 7 उपलब्ध है. हमारे यहां फुली लोडेड आईसीयू है. 10 बेड का आईसीयू फैसिलिटी और वेंटीलेटर है. किसी भी इमरजेंसी हालात में जैसे हार्ट अटैक हो या दुर्घटना हो, हम लोग ट्रीटमेंट करने में सक्षम है. मैं खुद क्रिटिकल केस का स्पेशलिस्ट हूं. इसके अलावा इस अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ सत्येंद्र प्रसाद, गैस्ट्रोलाॅजिस्ट डॉक्टर गुलाम-ए-मुस्तफा, हमारे पास आर्थोपेडिक, जनरल, गायनिक विशेषज्ञ हैं. छह डाक्टरों की एक अच्छी टीम और स्टाफ है.

हर व्यवस्था है. हम चाहते हैं कि गया के लोगों को जब भी किसी भी प्रकार की दिक्कते हो, वह एसएसपी आवास के ठीक सामने डायमंड हॉस्पिटल में आए. यहां कम खर्चे में ही बेहतर इलाज संभव है. सबसे बड़ी बात है कि हम लोग पैसे को लेकर किसी को मरीज को वापस जाने नहीं देंगे. हर मजबूर मध्यम वर्गीय परिवार या गरीब परिवार यहां से कभी निराश नहीं लौटेंगे. हमारे यहां पैसे की कमी के कारण किसी का ट्रीटमेंट न हो, ऐसा नहीं हो सकता है. मैं डाक्टर नीरज लाल यादव वही करता हूं, जो ईश्वर को पसंद है. ईश्वर को यही पसंद है कि इमरजेंसी में इलाज करें. मुझे जो भी जोखिम उठाना पड़े, मैं उठाने को तैयार हूं.

टिकोला शुगर मिल ने सत्र 2025–26 का ₹18.30 करोड़ गन्ना मूल्य भुगतान किया
मेरठ। टिकोला शुगर मिल द्वारा सत्र 2025–26 के अंतर्गत किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। मिल प्रशासन के अनुसार 24 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹18.30 (18 करोड़ 30 लाख रुपए ) का भुगतान किसानों के खातों में सीधे भेजा गया है।

टिकोला शुगर मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को समय से भुगतान मिल सके, इसके लिए मिल प्रबंधन द्वारा समस्त राशि बैंक के माध्यम से सीधे खातों में स्थानांतरित की गई है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने बैंकों से भुगतान की पुष्टि कर लें।

मिल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान को भुगतान से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह चीनी मिल कार्यालय से संपर्क कर सकता है। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे मिल को साफ-सुथरा, ताज़ा, जड़-पत्ती व मिट्टी रहित गन्ना ही आपूर्ति करें।

अधिकारियों ने बताया कि अधिक गन्ना उत्पादन की स्थिति में किसान चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों से अपना बेसिक कोटा अवश्य पूरा करने और मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाकर ईएमआई व उधार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।
एनडीपीएस एक्ट के मामलें में अभियुक्त को 08 माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

रमेश दूबे

संत कबीरनगर।नगर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के दृष्टिगत संतकबीरनगर पुलिस के द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन द्वारा प्रभावी पैरवी के क्रम में आज  03.02.2026 को  न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जनपद संतकबीरनगर द्वारा 01 अभियुक्त कोc माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

*घटना विवरणः-*
वादी मुकदमा एसएचओ  बब्लन यादव द्वारा अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर को 3.5 किग्रा नाजायज गाँजा, एक अदद पेचकश, दो अदद विभिन्न प्रकार के चाभियों का गुच्छा बरामद करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियोग पंजीकृत कर उ0नि0  ब्रजेश सिंह द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था ।

*सजा विवरणः-*
              मु0अ0सं0 051/2014 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर द्वारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अपराध में जेल में बिताई गयी अवधि व 5000 रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड अदा न करने पर 10 दिवस का साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा । अभियुक्त द्वारा पूर्व में कारावास में बितायी गयी अवधि को दण्डादेश के साथ समायोजित किया जायेगा ।
तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न, सांस्कृतिक रंगों में रंगा पीवीयूएनएल परिसर

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पीवीयूएनएल द्वारा आयोजित दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (पावर) श्री तजिंदर गुप्ता, बीएचईएल उपस्थित रहे। उनका स्वागत श्री ए.के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल एवं महाप्रबंधकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण इंटर हाउस सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नृत्य, संगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभी को मनोरंजन से भर दिया। कार्यक्रम ने आपसी सौहार्द और पारिवारिक सहभागिता को और मजबूत किया।

समापन सत्र में लकी ड्रॉ के अंतर्गत लॉटरी टिकट पुरस्कारों का वितरण किया गया, जिसने प्रतिभागियों में खासा उत्साह पैदा किया। यह बसंतोत्सव मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि संगठनात्मक एकता और सामाजिक जुड़ाव को भी सशक्त करने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं-संजय सिंह*
एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट कैडेट्स का विदाई समारोह सम्पन्न सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी.कॉलेज में एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्स के सम्मान में विदाई समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स द्वारा अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में किए गए योगदान को सम्मानित करना रहा। महाविद्यालय के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं। एनसीसी से प्राप्त प्रशिक्षण जीवनभर मार्गदर्शन करता है और कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनाता है। प्रबंधक बाल चंद्र सिंह ने कहा कि एनसीसी युवाओं में आत्मविश्वास,नेतृत्व और सेवा भाव विकसित करती है, जो किसी भी क्षेत्र में सफलता की नींव है। प्राचार्य प्रो. डी. के. त्रिपाठी ने कैडेट्स को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एनसीसी के संस्कार उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति सदैव कर्तव्यनिष्ठ बनाए रखेंगे। प्रो. धीरेंद्र कुमार, प्रो. शैलेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रो. इंद्रमणि कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, समयबद्धता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं तथा महाविद्यालय का गौरव बढ़ाते हैं। सीनियर अंडर ऑफिसर शरद कुमार ने एनसीसी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एनसीसी ने उन्हें नेतृत्व, आत्मसंयम और राष्ट्रभक्ति का वास्तविक अर्थ सिखाया, जो उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। आभार ज्ञापन एनसीसी प्रशिक्षक सतेंद्र भदौरिया ने किया। उन्होंने कैडेट्स की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का कुशल संचालन हर्षित विश्वकर्मा एवं माण्डवी तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ.संतोष अंश,डॉ.हीरालाल यादव, दिलीप सिंह, समर बहादुर सिंह, सतेंद्र सिंह सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में तीन दिवसीय समारोह
* राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ सहित संत-समाज और राजनीतिक जगत की कई दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल

हरिद्वार। भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पद्मविभूषण से सम्मानित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक तीन दिवसीय विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। उत्तरी हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

जूना पीठाधीश्वर एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 फरवरी को समारोह का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। इस दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा सायंकाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण और प्रख्यात भजन गायक सुजीत ओझा प्रस्तुति देंगे।

5 फरवरी को धर्मसभा और संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित अनेक संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेंगे। शाम को आयोजित भजन संध्या में बनारस घराने की प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा अपनी मधुर प्रस्तुति देंगी।

6 फरवरी को ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की समाधि स्थल पर उनकी विग्रह मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने बताया कि भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट की ओर से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी के डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा।

महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद ने स्वामी विवेकानंद और आद्य शंकराचार्य के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित किया। शंकराचार्य पद से त्यागपत्र देना उनके त्याग और तपस्या का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे महापुरुष का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
टीबी रोगियों की खोज कर उन्हें इलाज पर लाने का प्रस्ताव रखा गया

मिर्जापुर । टीवी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद मिर्जापुर के राजगढ़ सीएचसी सभागार कक्ष में आज दिनांक 4 फरवरी 2026 को उपस्थित एएनएम स्टाफ नर्स, आशा संगनी एवं आशाएं  आदि को भारत देश को टीबी मुक्त बनाने के क्रम में रोग संबंधी समस्त लक्षणों एवं सरकारी स्तर से उपलब्ध सभी नि:शुल्क सुविधाओं तथा बचाव को विस्तार पूर्वक बताते हुए ज्यादा  से ज्यादा टीबी रोगियों की खोज कर उन्हें इलाज पर लाने का प्रस्ताव रखा गया।
क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव द्वारा सभी उपस्थित जनों से आग्रह पूर्वक कहा गया कि टीबी रोग जब हमारे समाज से पूर्ण रूप से समाप्त होगा तभी हम आप सभी इसके प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित रहेंगे इसलिए आप सभी विभागीय ड्यूटी के साथ-साथ मानवीय कर्तव्य भाव से इस रोग के समाप्ति में अपना सराहनीय योगदान करते हुए टीबी मुक्त की संकल्पना को साकार करने में एक सच्चे भारतीय नागरिक का दायित्व निभाने का प्रयासकरें। साथ ही सक्षम एवं सम्मानित तथा संवेदनशील व्यक्तियों से टीबी मरीजों के हित में नि: क्षय मित्र बनने हेतु आग्रह भी करें।
कार्यक्रम के दौरान डॉ पवन कश्यप (अधीक्षक), अजीत सिंह (एसटीएस), राहुल सिंह (बीसीपीएम)  जेड अहमद, हेमलता, नीता आदि उपस्थित रहे।
चौपारण में अवैध अफीम की खेती का पुलिस-वन विभाग ने किया भंडाफोड़

Hazaribag 3 February 2026

चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम मुर्तिया में वन विभाग और चौपरण पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से लगी अफीम की खेती को चिन्हित कर मौके पर ही नष्ट कर दिया।

घटनास्थल से 4 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए और मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। अवैध अफीम की खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में अग्रतर कार्रवाई जारी है।

अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी और कर्मी इस प्रकार हैं: अजित कुमार बिमल, उप-पुलिस अधीक्षक, बरही; चंद्रशेखर, पुलिस निरीक्षक, बरही अंचल; सरोज सिंह चौधरी, थाना प्रभारी, चौपारण; सुबिन्दर राम, उपनिरीक्षक; सरवन कुमार पासवान, उपनिरीक्षक; बदल महतो, सहायक उपनिरीक्षक; कमरुद्दीन, सहायक उपनिरीक्षक; सशस्त्र बल; बनपाल कुलदीप कुमार।

अभियान के दौरान ड्रोन का उपयोग करके दुर्गम इलाकों की पहचान कर अवैध खेती को नष्ट किया गया। पुलिस और वन विभाग ने कहा है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।