प्राचार्य ने स्त्री शक्ति को किया सम्मानित, कविताओं में छलकी नारी संवेदना

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य पर महिला प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारियों को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि आधी आबादी अपनी पूरी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। उनके त्याग, परिश्रम और धैर्य से ही समाज में गति है। प्रकृति ने पुरूष और महिला को अलग-अलग शक्तियों के साथ जिम्मेदारियां भी सौंपी है, जिसका निर्वहन हो रहा है। बेटी, बहन, मां, पत्नी, भाभी, दादी, फुआ, मौसी, चाची, नानी, मामी, ननद, सास आदि रिश्तों को महिलायें ही जीवित रखे है। उन्होंने सभी महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप परिवार और जीवन में सभी रिश्तों का ईमानदारी से निर्वाह करें। रिश्तों की ईमानदारी ही समाज की बुनियाद है जिसमें परिवार पल्लवित-पुष्पित होता है।

इस अवसर डॉ. अजय कुमार तिवारी ने त्रावणकोर रियासत के चेरथला की रहने वाली नागेली के त्याग और बलिदान से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक ज्योति सिंह, डॉ. वन्दना ने कविताओं में नारी संवेदना को व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंबेडकर जयंती समारोह समिति की कमान महिलाओं के हाथ में
फर्रुखाबाद l  विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

 
जिसमें सर्वसम्मति  से निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल 2026 को डॉ बी आर अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भव्यता के साथ महिला कार्यकर्ताओं द्वारा संपन्न कराया जाए जिसका सभी ने तालियां बजाकर समर्थन किया गया तथा सर्वसम्मति से सुषमा जाटव को अध्यक्ष, डॉ रंजना राणा महासचिव, तथा शिवांगी गौतम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया l इस दौरान
उपस्थित सभी लोगों द्वारा पदाधिकारी को बधाई दी गई तथा डॉ बी आर अंबेडकर प्रतिमा स्थल फतेहगढ़ में जाकर सभी के द्वारा माल्यार्पण कर जयंती को भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुख्य रूप से सर्वश्री भगवान दास कश्यप, आशाराम बौद्ध,प्रताप नारायण, प्रमोद कुमार,इंजीनियर वेद प्रकाश ,आर सी गौतम,रमेश चंद कनौजिया, विनोद मैनेजर साहब, चंद्रशेखर,दिनेश कुमार,नरेंद्र कुमार,नरेंद्र सिंह, अजय कुमार, अशोक चौधरी,मुकेश कुमार, अशोक कठेरिया,अभिलाष जाटव,रघुवीर कठेरिया,वीरेंद्र कठेरिया,राम नरेश गौतम,प्रभु दयाल,श्रीमती उषा चंद्र,सरोज वाला,रानी सिंह, बिना दयाल, अमृता आर्य, विजय लक्ष्मी बौद्ध, ओम शांति ,उपासना मौर्य ,रेनू वाला ,सोनी ,डॉ प्रभात राव शिवकिशोर सिंह,वीर सिंह अंबेडकर,सौरव आनंद,संतोष दिवाकर,संजीव सत्यार्थी आदि उपस्थित रहे
पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन हुई अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा
लखनऊ। श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में चल रही अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश हेतु परीक्षा पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन आयोजित की गई। यह परीक्षा प्रदेश के सभी जनपदों में बनाए गए 89 केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर योजना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाया।

21 हजार विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश परीक्षा में हिस्सा

कक्षा 6 में प्रवेश के लिए निर्धारित 2880 सीटों के सापेक्ष 12,018 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि कक्षा 9 की 1140 सीटों के लिए 9,054 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 21,072 विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया।

योगी सरकार का सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन पर फोकस

इस बार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्र प्रदेश स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा तैयार कराए गए, जिससे सभी परीक्षा केंद्रों पर समान मानकों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा सकी। योगी सरकार ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, श्रम विभाग, नामित नोडल अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों के माध्यम से समुचित व्यवस्थाएं कराईं। सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई।

निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा

गौरतलब है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, पुस्तकें, खेलकूद सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां उपलब्ध कराई जातीं हैं। इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप आधुनिक कक्षाओं, छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जा रही है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास हो सके।
प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव-गांव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे

* स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदूजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एमओयू, 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल कर रही है। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (हिंदूजा ग्रुप की सहायक कंपनी) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को अवसर देने की योजना है। परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से मिलने वाला रोजगार अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के जरिए लगभग 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने से करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खुलेंगे। सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहयोग भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग उठा चुके हैं। मंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा को भी प्रमुख स्थान देने पर जोर दिया।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हाईवे का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी अधिक हो गया है। यह पहल डिजिटल डिवाइड और संभावित एआई डिवाइड को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा, जिससे टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
विंसले फर्नांडीज ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। उन्होंने बताया कि परियोजना के दो प्रमुख स्तंभ युवा सशक्तिकरण और महिला सशक्तिकरण हैं और इसके तहत प्रदेश में लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव शन्मुगा सुंदरम, एसटीसी के एसीईओ अक्षत वर्मा, हिंदूजा ग्रुप के प्रतिनिधि डॉ. एस.के. चड्ढा, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लिमिटेड के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज तथा सत्य प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

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बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.

ईरान के नेताओं से संपर्क करना काफी मुश्किल', भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले जयशंकर

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ईरान पर इजरायल और अमेरिका का हमला होने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर बने हुए हैं। इस क्षेत्र में हजारों की संख्या में भारतीय भी हैं। ऐसे में संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन पश्चिम एशिया का मुद्दा उठा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को उठाया। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दिया।

प्रधानमंत्री मोदी घटनाक्रम पर रख रहे नजर

विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है।

अब तक करीब 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट

सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों की मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों की वापसी को सुगम बनाने के लिए उड़ानों को मंजूरी दे दी है और उन्हें संचालित भी किया है, जिसके तहत लगभग 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट चुके हैं।आर्मेनिया के रास्ते भारतीयों को निकाला जा रहा। इस क्षेत्र में भारतीय एंबेसी लगातार लोगों तक जरूरी मदद पहुंचा रही है।

संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता*

जयशंकर ने कहा, हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।

रायपुर में IMA छत्तीसगढ़ के 21वें राज्य सम्मेलन का शुभारंभ, डॉ. अनूप वर्मा बने नए अध्यक्ष

रायपुर- राजधानी रायपुर में रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) छत्तीसगढ़ के 21वें वार्षिक राज्य सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन बालाजी मेडिकल इंस्टीट्यूट परिसर स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए चिकित्सकों, शिक्षाविदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह के दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप वर्मा को वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष औपचारिक रूप से पदस्थापित किया गया। इस अवसर को राज्य के चिकित्सा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सकों को सशक्त करने की दिशा में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल प्रो. अशोक पुराणिक, कार्यकारी निदेशक, एम्स गुवाहाटी ने अपने संबोधन में मरीजों की सेवा और चिकित्सकों की गरिमा की रक्षा में आईएमए की भूमिका की सराहना की। उन्होंने युवा चिकित्सकों से समाज के प्रति संवेदनशीलता, समर्पण और नैतिक मूल्यों के साथ काम करने का आह्वान किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अनूप वर्मा ने वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन पाँच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगा। इनमें डॉक्टर और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना, चिकित्सकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना, सतत चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना, युवा चिकित्सकों को सशक्त बनाना और समाज से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शामिल है।

उन्होंने बताया कि IMA छत्तीसगढ़ राज्य में टीकाकरण अभियान, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। साथ ही सरकार से स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में चिकित्सकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सरल बनाने का आग्रह किया।

सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. सुरेंद्र शुक्ला (स्टेट प्रेसिडेंट, हॉस्पिटल बोर्ड), डॉ. प्रभात पांडेय (आउटगोइंग स्टेट प्रेसिडेंट), डॉ. नीरज शर्मा (स्टेट सेक्रेटरी), डॉ. नरेंद्र अग्रवाल (मुख्य आयोजन सचिव), डॉ. देवेंद्र नायक (आयोजन सचिव), डॉ. के.पी. सारभाई (वैज्ञानिक आयोजन सचिव), डॉ. कुलदीप सोलंकी (अध्यक्ष, IMA रायपुर) और डॉ. संजीव श्रीवास्तव (सचिव, IMA रायपुर) की अहम भूमिका रही।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों, विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम प्रगति पर चर्चा की जाएगी तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर मंथन होगा। 

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में शिवजयंती और महिला दिवस
वसई। नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती और आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस प्रोग्राम का मकसद छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारो और विरासत का सम्मान करना था, साथ ही हमारे समाज को बनाने में महिलाओं के अमूल्य योगदान को पहचान देना था।
इस कार्यक्रम मे महाविद्यालय के विद्यार्थीयोने  कई तरह के डांस, ड्रामा, पोवाड़ा और गाने पेश किए। महिला टीचर्स ने फैशन शो के ज़रिए इतिहास की अलग-अलग महिलाओं के रूपों को दिखाया।महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे और ट्रस्टी एवं स्त्रीरोग प्रसूती तंत्र विभाग की विभागप्रमुख डॉ. ऋजुता दुबे इन्होने छत्रपति शिवाजी महाराज के सिद्धांतों और महिला एम्पावरमेंट के महत्व पर अपना वक्तव्य सादर दिया। कार्यक्रम मे महाविद्यालय की प्राचार्या  डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक , अध्यापकेतर कर्मचारी सभी विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सेकंड ईयर की आयुर्वेदाचार्य विद्यार्थिनी अक्षदा मालवे ने किया। सामाजिक मूल्यों और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संस्था की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, दूसरे वर्ष की आयुर्वेद छात्रा आयुषी सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जिसके बाद अल्पोपहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ l
ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर फैसला आज, हंगामे के आसार*

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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों की ओर से दिए गए नोटिस पर विचार करेगी। पहले दिन की कार्यवाही में ही इस विषय को लिस्टेड किया गया है।

कांग्रेस को मिला टीएमसी का साथ

विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। उस समय ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर साइन नहीं किए थे, लेकिन अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष का समर्थन करेगी।

स्पीकर का पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि स्पीकर का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है। विपक्ष का कहना है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। साथ ही आठ विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ महिला सांसदों के खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए।

रिजिजू ने पहले कांग्रेस पर बोला हमला

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा से एक दिन पहले कांग्रेस पर नया हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पार्टी को चेयर के खिलाफ अपने कदम पर आखिर में 'पछतावा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कदम संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाने जैसा ही है।

मनीष तिवारी ने दिया कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

कांग्रेस के तीन सांसद मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लु रवि द्वारा आज ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जाना है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता के ही एक लेटर ने सबको असमंजस में डाल दिया है। संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि मैं प्रस्ताव करता हूं कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से उत्पन्न गंभीर चिंताओं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभावों पर विचार करने के लिए सदन में प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यवाहियों को स्थगित कर दे।

छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभया ब्रिगेड तैनात, मनचलों पर सख्त कार्रवाई होगी : एसपी अपराजित लोहान
जहानाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस मौके पर अभया ब्रिगेड वाहन को पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान, जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय तथा उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। अभया ब्रिगेड वाहन शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार गश्त करेगा और मनचलों तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखेगा। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटना सामने आने पर टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने कहा कि अभया ब्रिगेड का मुख्य उद्देश्य उन मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है, जो छात्राओं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाने वाली छात्राओं को रास्ते में कुछ असामाजिक तत्व परेशान करते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब पुलिस पूरी तरह सतर्क है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि अभया ब्रिगेड टीम उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखेगी, जहां छात्राओं और महिलाओं की अधिक आवाजाही होती है, जैसे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थल। यदि किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभया ब्रिगेड वाहन के माध्यम से महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई और अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकल सकें।
वहीं उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। प्रशासन की इस पहल से निश्चित रूप से महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी। अभया ब्रिगेड वाहन के संचालन से उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में मनचलों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और छात्राओं तथा महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
प्राचार्य ने स्त्री शक्ति को किया सम्मानित, कविताओं में छलकी नारी संवेदना

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य पर महिला प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारियों को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि आधी आबादी अपनी पूरी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। उनके त्याग, परिश्रम और धैर्य से ही समाज में गति है। प्रकृति ने पुरूष और महिला को अलग-अलग शक्तियों के साथ जिम्मेदारियां भी सौंपी है, जिसका निर्वहन हो रहा है। बेटी, बहन, मां, पत्नी, भाभी, दादी, फुआ, मौसी, चाची, नानी, मामी, ननद, सास आदि रिश्तों को महिलायें ही जीवित रखे है। उन्होंने सभी महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप परिवार और जीवन में सभी रिश्तों का ईमानदारी से निर्वाह करें। रिश्तों की ईमानदारी ही समाज की बुनियाद है जिसमें परिवार पल्लवित-पुष्पित होता है।

इस अवसर डॉ. अजय कुमार तिवारी ने त्रावणकोर रियासत के चेरथला की रहने वाली नागेली के त्याग और बलिदान से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक ज्योति सिंह, डॉ. वन्दना ने कविताओं में नारी संवेदना को व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंबेडकर जयंती समारोह समिति की कमान महिलाओं के हाथ में
फर्रुखाबाद l  विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

 
जिसमें सर्वसम्मति  से निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल 2026 को डॉ बी आर अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भव्यता के साथ महिला कार्यकर्ताओं द्वारा संपन्न कराया जाए जिसका सभी ने तालियां बजाकर समर्थन किया गया तथा सर्वसम्मति से सुषमा जाटव को अध्यक्ष, डॉ रंजना राणा महासचिव, तथा शिवांगी गौतम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया l इस दौरान
उपस्थित सभी लोगों द्वारा पदाधिकारी को बधाई दी गई तथा डॉ बी आर अंबेडकर प्रतिमा स्थल फतेहगढ़ में जाकर सभी के द्वारा माल्यार्पण कर जयंती को भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुख्य रूप से सर्वश्री भगवान दास कश्यप, आशाराम बौद्ध,प्रताप नारायण, प्रमोद कुमार,इंजीनियर वेद प्रकाश ,आर सी गौतम,रमेश चंद कनौजिया, विनोद मैनेजर साहब, चंद्रशेखर,दिनेश कुमार,नरेंद्र कुमार,नरेंद्र सिंह, अजय कुमार, अशोक चौधरी,मुकेश कुमार, अशोक कठेरिया,अभिलाष जाटव,रघुवीर कठेरिया,वीरेंद्र कठेरिया,राम नरेश गौतम,प्रभु दयाल,श्रीमती उषा चंद्र,सरोज वाला,रानी सिंह, बिना दयाल, अमृता आर्य, विजय लक्ष्मी बौद्ध, ओम शांति ,उपासना मौर्य ,रेनू वाला ,सोनी ,डॉ प्रभात राव शिवकिशोर सिंह,वीर सिंह अंबेडकर,सौरव आनंद,संतोष दिवाकर,संजीव सत्यार्थी आदि उपस्थित रहे
पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन हुई अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा
लखनऊ। श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में चल रही अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश हेतु परीक्षा पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन आयोजित की गई। यह परीक्षा प्रदेश के सभी जनपदों में बनाए गए 89 केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर योजना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाया।

21 हजार विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश परीक्षा में हिस्सा

कक्षा 6 में प्रवेश के लिए निर्धारित 2880 सीटों के सापेक्ष 12,018 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि कक्षा 9 की 1140 सीटों के लिए 9,054 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 21,072 विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया।

योगी सरकार का सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन पर फोकस

इस बार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्र प्रदेश स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा तैयार कराए गए, जिससे सभी परीक्षा केंद्रों पर समान मानकों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा सकी। योगी सरकार ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, श्रम विभाग, नामित नोडल अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों के माध्यम से समुचित व्यवस्थाएं कराईं। सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई।

निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा

गौरतलब है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, पुस्तकें, खेलकूद सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां उपलब्ध कराई जातीं हैं। इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप आधुनिक कक्षाओं, छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जा रही है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास हो सके।
प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव-गांव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे

* स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदूजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एमओयू, 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल कर रही है। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (हिंदूजा ग्रुप की सहायक कंपनी) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को अवसर देने की योजना है। परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से मिलने वाला रोजगार अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के जरिए लगभग 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने से करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खुलेंगे। सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहयोग भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग उठा चुके हैं। मंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा को भी प्रमुख स्थान देने पर जोर दिया।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हाईवे का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी अधिक हो गया है। यह पहल डिजिटल डिवाइड और संभावित एआई डिवाइड को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा, जिससे टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
विंसले फर्नांडीज ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। उन्होंने बताया कि परियोजना के दो प्रमुख स्तंभ युवा सशक्तिकरण और महिला सशक्तिकरण हैं और इसके तहत प्रदेश में लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव शन्मुगा सुंदरम, एसटीसी के एसीईओ अक्षत वर्मा, हिंदूजा ग्रुप के प्रतिनिधि डॉ. एस.के. चड्ढा, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लिमिटेड के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज तथा सत्य प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

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बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.

ईरान के नेताओं से संपर्क करना काफी मुश्किल', भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले जयशंकर

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ईरान पर इजरायल और अमेरिका का हमला होने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर बने हुए हैं। इस क्षेत्र में हजारों की संख्या में भारतीय भी हैं। ऐसे में संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन पश्चिम एशिया का मुद्दा उठा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को उठाया। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दिया।

प्रधानमंत्री मोदी घटनाक्रम पर रख रहे नजर

विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है।

अब तक करीब 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट

सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों की मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों की वापसी को सुगम बनाने के लिए उड़ानों को मंजूरी दे दी है और उन्हें संचालित भी किया है, जिसके तहत लगभग 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट चुके हैं।आर्मेनिया के रास्ते भारतीयों को निकाला जा रहा। इस क्षेत्र में भारतीय एंबेसी लगातार लोगों तक जरूरी मदद पहुंचा रही है।

संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता*

जयशंकर ने कहा, हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।

रायपुर में IMA छत्तीसगढ़ के 21वें राज्य सम्मेलन का शुभारंभ, डॉ. अनूप वर्मा बने नए अध्यक्ष

रायपुर- राजधानी रायपुर में रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) छत्तीसगढ़ के 21वें वार्षिक राज्य सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन बालाजी मेडिकल इंस्टीट्यूट परिसर स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए चिकित्सकों, शिक्षाविदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह के दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप वर्मा को वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष औपचारिक रूप से पदस्थापित किया गया। इस अवसर को राज्य के चिकित्सा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सकों को सशक्त करने की दिशा में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल प्रो. अशोक पुराणिक, कार्यकारी निदेशक, एम्स गुवाहाटी ने अपने संबोधन में मरीजों की सेवा और चिकित्सकों की गरिमा की रक्षा में आईएमए की भूमिका की सराहना की। उन्होंने युवा चिकित्सकों से समाज के प्रति संवेदनशीलता, समर्पण और नैतिक मूल्यों के साथ काम करने का आह्वान किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अनूप वर्मा ने वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन पाँच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगा। इनमें डॉक्टर और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना, चिकित्सकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना, सतत चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना, युवा चिकित्सकों को सशक्त बनाना और समाज से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शामिल है।

उन्होंने बताया कि IMA छत्तीसगढ़ राज्य में टीकाकरण अभियान, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। साथ ही सरकार से स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में चिकित्सकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सरल बनाने का आग्रह किया।

सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. सुरेंद्र शुक्ला (स्टेट प्रेसिडेंट, हॉस्पिटल बोर्ड), डॉ. प्रभात पांडेय (आउटगोइंग स्टेट प्रेसिडेंट), डॉ. नीरज शर्मा (स्टेट सेक्रेटरी), डॉ. नरेंद्र अग्रवाल (मुख्य आयोजन सचिव), डॉ. देवेंद्र नायक (आयोजन सचिव), डॉ. के.पी. सारभाई (वैज्ञानिक आयोजन सचिव), डॉ. कुलदीप सोलंकी (अध्यक्ष, IMA रायपुर) और डॉ. संजीव श्रीवास्तव (सचिव, IMA रायपुर) की अहम भूमिका रही।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों, विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम प्रगति पर चर्चा की जाएगी तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर मंथन होगा। 

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में शिवजयंती और महिला दिवस
वसई। नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती और आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस प्रोग्राम का मकसद छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारो और विरासत का सम्मान करना था, साथ ही हमारे समाज को बनाने में महिलाओं के अमूल्य योगदान को पहचान देना था।
इस कार्यक्रम मे महाविद्यालय के विद्यार्थीयोने  कई तरह के डांस, ड्रामा, पोवाड़ा और गाने पेश किए। महिला टीचर्स ने फैशन शो के ज़रिए इतिहास की अलग-अलग महिलाओं के रूपों को दिखाया।महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे और ट्रस्टी एवं स्त्रीरोग प्रसूती तंत्र विभाग की विभागप्रमुख डॉ. ऋजुता दुबे इन्होने छत्रपति शिवाजी महाराज के सिद्धांतों और महिला एम्पावरमेंट के महत्व पर अपना वक्तव्य सादर दिया। कार्यक्रम मे महाविद्यालय की प्राचार्या  डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक , अध्यापकेतर कर्मचारी सभी विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सेकंड ईयर की आयुर्वेदाचार्य विद्यार्थिनी अक्षदा मालवे ने किया। सामाजिक मूल्यों और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संस्था की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, दूसरे वर्ष की आयुर्वेद छात्रा आयुषी सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जिसके बाद अल्पोपहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ l
ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर फैसला आज, हंगामे के आसार*

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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों की ओर से दिए गए नोटिस पर विचार करेगी। पहले दिन की कार्यवाही में ही इस विषय को लिस्टेड किया गया है।

कांग्रेस को मिला टीएमसी का साथ

विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। उस समय ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर साइन नहीं किए थे, लेकिन अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष का समर्थन करेगी।

स्पीकर का पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि स्पीकर का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है। विपक्ष का कहना है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। साथ ही आठ विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ महिला सांसदों के खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए।

रिजिजू ने पहले कांग्रेस पर बोला हमला

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा से एक दिन पहले कांग्रेस पर नया हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पार्टी को चेयर के खिलाफ अपने कदम पर आखिर में 'पछतावा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कदम संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाने जैसा ही है।

मनीष तिवारी ने दिया कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

कांग्रेस के तीन सांसद मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लु रवि द्वारा आज ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जाना है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता के ही एक लेटर ने सबको असमंजस में डाल दिया है। संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि मैं प्रस्ताव करता हूं कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से उत्पन्न गंभीर चिंताओं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभावों पर विचार करने के लिए सदन में प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यवाहियों को स्थगित कर दे।

छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभया ब्रिगेड तैनात, मनचलों पर सख्त कार्रवाई होगी : एसपी अपराजित लोहान
जहानाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस मौके पर अभया ब्रिगेड वाहन को पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान, जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय तथा उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। अभया ब्रिगेड वाहन शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार गश्त करेगा और मनचलों तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखेगा। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटना सामने आने पर टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने कहा कि अभया ब्रिगेड का मुख्य उद्देश्य उन मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है, जो छात्राओं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाने वाली छात्राओं को रास्ते में कुछ असामाजिक तत्व परेशान करते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब पुलिस पूरी तरह सतर्क है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि अभया ब्रिगेड टीम उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखेगी, जहां छात्राओं और महिलाओं की अधिक आवाजाही होती है, जैसे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थल। यदि किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभया ब्रिगेड वाहन के माध्यम से महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई और अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकल सकें।
वहीं उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। प्रशासन की इस पहल से निश्चित रूप से महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी। अभया ब्रिगेड वाहन के संचालन से उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में मनचलों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और छात्राओं तथा महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।