रांची: "AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, सहयोगी है"; JSFDA के प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के दिग्गज शिक्षाविद्।

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने आज अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कुलपतियों और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की।

युवा शक्ति और शिक्षकों की भूमिका: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की असली ताकत यहाँ की युवा शक्ति है। उन्होंने शिक्षकों पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने वाले न बनें, बल्कि राष्ट्रनिर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

AI और आधुनिक शिक्षा पर मंथन: कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि यह उनके लिए एक सहायक उपकरण (Tool) के रूप में काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।

प्रतिभाओं का सम्मान: समापन सत्र में JSFDA लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 और मारवाड़ी कॉलेज की अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

रमजान के पर्व पर आखिरी अलविदा की नमाज सकुशल संपन्न हुई।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर के कोराव तहसील अन्तर्गत आज दिनांक 20मार्च सन 2026 को रमजान के पावन पर्व आखिरी अलविदा की अंतिम नमाज हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ जिसमें  उत्तर प्रदेश चेयरमैन कमलेश कुमार श्रीवास्तव प्रदेश सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव के कुशल मार्गदर्शन में तथा एसीपी संत प्रसाद उपाध्याय के आदेश के क्रम में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन करने के लिए पुलिस बल के साथ जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेन्द्रदेव मिश्र के नेतृत्व में यातायात सुगम बनाने हेतु मस्जिदों पर ड्यूटी के लिए उपस्थित रहे जिसमें सह थाना कमेटी प्रभारी मोहम्मद असलम संयुक्त सचिव संगम लाल जाय सवाल क्षेत्र प्रभारी  चिदानन्द चन्द्र प्रकाश सिंह संतोष कुमार जायसवाल रागनी मिश्रा रमाकांत सिंह राहुल बिन्द अवनीश नारायण  राकेश कुमार केसरी  विवेक कुमार कृष्ण लाल एस आई मोनीस आलम एस आई निहाल गुप्ता एस आई कृष्णा सोनी  इत्यादि उपस्थित रहे।
औरंगाबाद में नीतीश ने समृद्धि यात्रा में महिलाओं पर की चर्चा, शराबबंदी पर नहीं कही एक भी बात

,औरंगाबाद 2016 में बिहार में लागू की गई पूर्ण शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्षों से सक्रिय रहे हैं। पिछली प्रगति यात्रा तक हर सभा में उन्होंने शराबबंदी के फायदे बताते हुए इसे महिलाओं की मांग और राज्यहित में लागू होने वाला निर्णय बताया।

हालांकि, समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दिन औरंगाबाद के बारूण स्थित मुंशीबिगहा में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने इस बार इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की।

सभा में मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के लिए पोशाक और साइकिल योजना, स्थानीय निकाय चुनावों में महिला आरक्षण, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण, महिला रोजगार योजनाओं सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया।

लेकिन शराबबंदी पर कोई टिप्पणी न करना, राज्य में इस पूरी व्यवस्था के भविष्य को लेकर चर्चाओं को तेज कर गया है। उनके इस परहेज़ को विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्गों ने भविष्य में दारूबंदी के संभावित खात्मे के संकेत के रूप में देखा। दरअसल, राज्य में जब से शराबबंदी लागू हुई है, इसके नफा-नुकसान पर लगातार बहस होती रही है। एनडीए गठबंधन के कुछ घटक दल और विपक्षी पार्टियां समय-समय पर इस बंदी को खत्म करने की मांग उठाते रहे हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज जैसे दल ने इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने साफ कहा था कि यदि उनका दल सत्ता में आता है तो राज्य में पूर्ण शराबबंदी समाप्त कर दी जाएगी। हालांकि, चुनाव में सत्ता पक्ष की वापसी के बाद भी शराबबंदी को लेकर विरोध खत्म नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मांग को लगातार मुखरता से उठाया।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूर्ण शराबबंदी खत्म हो सकती है। इसी माहौल में औरंगाबाद की सभा में मुख्यमंत्री की चुप्पी को दारूबंदी समाप्ति से जोड़ा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में पूर्ण शराबबंदी जारी है, लेकिन भविष्य में इसका क्या होगा, यह नए मुख्यमंत्री और उनके दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। फिलहाल राज्य में दारूबंदी खत्म होने की चर्चा जोरों पर है और जनता की निगाहें आगामी घटनाओं पर टिकी हैं।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

देश को आजाद कराने में अवंतीबाई ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए
फर्रुखाबाद l रानी अवंतीबाई लोधी के 169 वें बलिदान दिवस पर नगर के एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा परसोत्तम बर्मा  ने की व संचालन अरविन्द राजपूत ने किया l कार्यक्रम में तमाम लोगों ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण की अहम भूमिका निभाने वाले बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने की एक स्वर में मांग की गई । भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष राजपूत ने रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम में देश के आजादी की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली प्रथम महिला शहीद रानी अवंतीबाई लोधी 20 मार्च 1858 में शहीद हुईं थीं उनके आज 169 वें बलिदान दिवस पर जगह जगह बलिदान दिवस समारोह आयोजित किए जा रहे हैं,उनकी शहादत को इतिहासकारों ने उजागर नहीं किया गया,महामंत्री ईश्वरदयाल वर्मा ने कहा कि लोधी समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, कृषि कर्म के साथ साथ फिजूलखर्ची न करके बच्चों की उच्च शिक्षा पर बल दिया, शराब नशा मुक्ति के लिए जागरूकता पैदा करें तभी विकास संभव हो सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी लज्जाराम वर्मा ने कहा हमारे समाज में शराब नशा ने बहुत से युवाओं की जिंदगी तबाह कर दी है इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जागरूक करने का काम  करना चाहिए, सुघर सिंह  राजपूत , जनार्दन दत्त राजपूत एडवोकेट ने रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा किसी चौराहे पर लगाने की सांसद मुकेश राजपूत से मांग की है बालकराम वर्मा ने बताया कि मैं अपने विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता हूं , बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए तमाम लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए प्रमुख रूप से महासभा के कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, महामंत्री रजनेश राजपूत , , सदस्य जिला पंचायत कुंवरजीत राजपूत,नामित सभासद अनुज राजपूत, सुधीर राजपूत, जौली राजपूत,अजय राजपूत, धनीराम राजपूत,अबधेश राजपूत विनोद राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष कौशलेंद्र राजपूत , महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन राजपूत, लक्ष्मी राजपूत , महिपाल सिंह, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' 17 अप्रैल को- सूर्य प्रताप शाही
लखनऊ में प्रस्तावित इस सम्मेलन में उत्तर भारतीय राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लखनऊ में 'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' (जोनल कॉन्फ्रेंस ऑन एग्रीकल्चर) का आयोजन किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्र के लिए प्रस्तावित यह महत्वपूर्ण सम्मेलन आगामी 17 अप्रैल, 2026 को आयोजित होगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।श्री शाही ने कहा कि वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इन पहलों का मुख्य
उद्देश्य केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र का सतत
विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में
राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक है।कृषि मंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने, महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और राज्यों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए एक प्रभावशाली मंच प्रदान करेगा। इस सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र ही साझा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति एवं उनके बहुमूल्य सुझाव सम्मेलन की चर्चाओं को अत्यंत समृद्ध बनाएंगे।
औरंगाबाद समृद्धि यात्रा से विकास को मिलेगी नई गति: संजीव सिंह

,औरंगाबाद। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा को लेकर जदयू नेता संजीव कुमार सिंह ने जोरदार सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

संजीव सिंह ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

संजीव कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार संतुलित और सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

औरंगाबाद समेत पूरे राज्य में आधारभूत संरचना को मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही योजनाएं आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “समृद्धि यात्रा” के माध्यम से सरकार जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रही है।

इससे यह पता चल रहा है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और किन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। संजीव सिंह के अनुसार, यह पहल प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

अंत में संजीव कुमार सिंह ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री की यह यात्रा बिहार के विकास को नई गति देगी और राज्य को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

रामनवमी पूर्व सांसद दंड वितरण अभियान तेज, बड़कागांव में 490 अखाड़ों को दंड भेंट

गत वर्षों की भांति हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने रामनवमी महापर्व के पूर्व सांसद दंड वितरण अभियान की परंपरा को बरकरार रखते हुए साल 2026 में भी रामनवमी के पहले पूरे हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में सांसद दंड वितरण अभियान युद्धस्तर पर चला रहें हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत गुरुवार को मांडू विधानसभा क्षेत्र के 261 अखाड़ा में दंड भेंटकर किया ।

दूसरे दिन हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने बड़कागाँव विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न भाजपा मंडलों का अहले सुबह से लेकर देर रात तक सघन दौरा कर कुल 490 अखाड़ा धारियों को दंड भेंट किया और उनसे हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की ऐतिहासिक रामनवमी परंपरा में लुप्त होते पारंपरिक कला-कौशल को जीवंत करने का अपील किया ।

सांसद मनीष जायसवाल ने बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के अपने दौरे की शुरुआत पिपरवार भाजपा मंडल के बचरा दक्षिणी पंचायत के चार नंबर चौक स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में माथा टेकने के बाद पिपरवार मंडल के 50 अखाड़ा को दंड भेंटकर किया। तत्पश्चात केरेडारी मंडल के 48 अखाड़ा, बेलतू मंडल के 53 अखाड़ा, बड़कागांव मंडल के 75 अखाड़ा, उरिमारी मंडल के 95 अखाड़ा, भुरकुंडा मंडल के 35 अखाड़ा, पतरातु मंडल के 74 अखाड़ा और भदानीनगर मंडल के 60 अखाड़ा को दंड भेंट किया ।

इस दौरान सांसद मनीष जायसवाल केरेडारी प्रखंड के ग्राम पेटो स्थित प्राचीन बुढ़िया माता मंदिर में आयोजित मंदिर अधिष्ठान सह 11 शतचंडी महायज्ञ के आगाज़ के अवसर पर शामिल हुए और ग्राम बेलतू में शिव मंदिर स्थित क्षेत्र के कई मंदिरों का दर्शन किया। बड़कागांव के शिवाडीह फुटबॉल मैदान में इस क्षेत्र के रामनवमी महुदी मार्ग विवाद को लेकर आयोजित महापंचायत में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो के साथ शामिल हुए और लोगों को संबोधित किया ।

दंड वितरण के दौरान सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि पुराने हजारीबाग जिला से ही रामनवमी जुलूस की परंपरा की शुरुआत हुई। पूर्व के समय में रामनवमी जुलूस में विशाल महावीर पताखें के साथ अस्त्र-शस्त्र के जरिए कला- कौशल का विहंगम प्रदर्शन होता था। लेकिन कालांतर में रामनवमी के स्वरूप में परिवर्तन हुआ और अब कला-कौशल का प्रदर्शन लुप्त होता जा रहा है। ऐसे में परंपरागत रामनवमी के स्वरूप को यथावत रखने के उदेश्य से लोकसभा क्षेत्र के प्रत्येक अखाड़ा धारी तक दंड पहचाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सांसद मनीष जायसवाल ने अखाड़ा धारी से आग्रह किया कि आप इस दंड से भाभी पीढ़ी को प्रशिक्षित करें और रामनवमी में परंपरागत कला कौशल प्रदर्शन को जीवंत करें। उन्होंने रामनवमी जुलूस में नशा मुक्ति होकर संयमित तरीके से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों का पालन करते हुए रामनवमी मनाने का अपील भी किया ।

मौके पर विशेषरूप से सत्येंद्र नारायण सिंह, अजय साहू, जुगनू सिंह, पूनम साव, उमेश दांगी, रंजन चौधरी, रवींद्र सिंह, लक्ष्मण मंडल, माइकल मिश्रा, महेंद्र सिंह, नकुल साव, प्रकाश गुप्ता, नरेश महतो, शिबू मेहता, रंजीत मेहता, मनीष पांडेय, विजय यादव, बेचन साव, महेंद्र महतो, योगेश दांगी, अनमोल सिंह, विजय जायसवाल सतीश मोहन मिश्रा, अजय पासवान, समरेश सिंह, संतोष शर्मा, राजाराम प्रजापति, राधेश्याम अग्रवाल, पंकज कुमार, कोमल उरांव, सन्नी दांगी, सोनू कुमार शौर्य, सुरेंद्र करमाली सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी की दमदार प्रस्तुति, ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रदेश: ए के शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। यह समिट यशोभूमि, नई दिल्ली में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानकों पर कार्य कर रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि बीते वर्ष गर्मी के दौरान प्रदेश ने देश की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस वर्ष उससे भी अधिक मांग को पूरा करने की तैयारी की गई है। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि PM Surya Ghar Yojana के तहत उत्तर प्रदेश प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन में देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि Green Energy Corridor Phase II में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और Green Energy Corridor Phase III को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पावर प्लांट्स को अब तक के उच्चतम पीएलएफ (85%) पर संचालित किया जा रहा है और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेन्द्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल  एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
देश में पेट्रोलियम और LPG आपूर्ति सामान्य, प्राकृतिक गैस के लिए PNG शिफ्टिंग की अपील
नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की स्थिति पर साझा जानकारी देते हुए संयुक्त सचिव (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस) सुजाता शर्मा ने बताया कि आज की स्थिति के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
घरेलू एलपीजी उत्पादन लगातार जारी है और देशभर में किसी भी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) पर ड्राय‑आउट की सूचना नहीं है। एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग लगभग 93% तक है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से सुरक्षित तरीके से की जा रही है। पैनिक बुकिंग में भी गिरावट आई है, कल लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग दर्ज हुईं।
एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है। वाणिज्यिक एलपीजी के लिए लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं और पिछले एक सप्ताह में लगभग 11,300 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है। सभी राज्यों के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
प्राकृतिक गैस (PNG) के संबंध में, सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वे एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हों। शीर्ष 15 गैस क्षेत्रों में अब तक लगभग 13,700 से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें करीब 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके लिए राज्य सरकारों को भी पत्र लिखकर सहयोग का अनुरोध किया गया है।
इस दिशा में यह कदम ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित तथा सतत गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
लखनऊ में ‘विश्व शांति एवं स्थिरता’ पर चार दिवसीय महोत्सव 22 मार्च से, कला-संगीत और व्यंजनों का संगम
लखनऊ। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच शांति, एकता और सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से लखनऊ में 22 से 25 मार्च तक ‘विश्व शांति एवं स्थिरता के लिए समर्पित कला, संगीत और व्यंजन उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।
यह चार दिवसीय कार्यक्रम Uttar Pradesh State Archives और Whiteswan Art के संयुक्त सहयोग से शहीद स्मृति भवन में आयोजित होगा।
उत्सव का उद्घाटन 22 मार्च को होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात कलाकार प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में इतिहासकार डॉ रवि भट्ट और प्रो. सुधीर मिश्रा मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दूसरे दिन 23 मार्च को Dr. Anjali Nigam Tanpure प्रार्थना के साथ आयोजन की शुरुआत करेंगी। इसके बाद ‘विश्व शांति एवं स्थिरता में समर्पित कला’ विषय पर पैनल चर्चा, उभरते कलाकारों का संगीत कॉन्सर्ट और प्रदेश के पारंपरिक एवं विस्मृत व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
24 मार्च को PYSSUM के सहयोग से विशेष जरूरतों वाले और वंचित बच्चों के लिए आर्ट कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें कलाकार और आर्ट संस्थान भाग लेंगे। 25 मार्च को कार्यक्रम का समापन होगा।
इस आयोजन का उद्देश्य कला, संगीत और भोजन के माध्यम से वैश्विक संवाद को बढ़ावा देना और शांति का संदेश फैलाना है। आयोजकों का मानना है कि कला और संगीत ऐसी सार्वभौमिक भाषा हैं, जो सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ती हैं।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि विश्व शांति और सतत विकास की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
रांची: "AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, सहयोगी है"; JSFDA के प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के दिग्गज शिक्षाविद्।

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने आज अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कुलपतियों और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की।

युवा शक्ति और शिक्षकों की भूमिका: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की असली ताकत यहाँ की युवा शक्ति है। उन्होंने शिक्षकों पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने वाले न बनें, बल्कि राष्ट्रनिर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

AI और आधुनिक शिक्षा पर मंथन: कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि यह उनके लिए एक सहायक उपकरण (Tool) के रूप में काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।

प्रतिभाओं का सम्मान: समापन सत्र में JSFDA लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 और मारवाड़ी कॉलेज की अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

रमजान के पर्व पर आखिरी अलविदा की नमाज सकुशल संपन्न हुई।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर के कोराव तहसील अन्तर्गत आज दिनांक 20मार्च सन 2026 को रमजान के पावन पर्व आखिरी अलविदा की अंतिम नमाज हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ जिसमें  उत्तर प्रदेश चेयरमैन कमलेश कुमार श्रीवास्तव प्रदेश सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव के कुशल मार्गदर्शन में तथा एसीपी संत प्रसाद उपाध्याय के आदेश के क्रम में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन करने के लिए पुलिस बल के साथ जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेन्द्रदेव मिश्र के नेतृत्व में यातायात सुगम बनाने हेतु मस्जिदों पर ड्यूटी के लिए उपस्थित रहे जिसमें सह थाना कमेटी प्रभारी मोहम्मद असलम संयुक्त सचिव संगम लाल जाय सवाल क्षेत्र प्रभारी  चिदानन्द चन्द्र प्रकाश सिंह संतोष कुमार जायसवाल रागनी मिश्रा रमाकांत सिंह राहुल बिन्द अवनीश नारायण  राकेश कुमार केसरी  विवेक कुमार कृष्ण लाल एस आई मोनीस आलम एस आई निहाल गुप्ता एस आई कृष्णा सोनी  इत्यादि उपस्थित रहे।
औरंगाबाद में नीतीश ने समृद्धि यात्रा में महिलाओं पर की चर्चा, शराबबंदी पर नहीं कही एक भी बात

,औरंगाबाद 2016 में बिहार में लागू की गई पूर्ण शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्षों से सक्रिय रहे हैं। पिछली प्रगति यात्रा तक हर सभा में उन्होंने शराबबंदी के फायदे बताते हुए इसे महिलाओं की मांग और राज्यहित में लागू होने वाला निर्णय बताया।

हालांकि, समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दिन औरंगाबाद के बारूण स्थित मुंशीबिगहा में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने इस बार इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की।

सभा में मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के लिए पोशाक और साइकिल योजना, स्थानीय निकाय चुनावों में महिला आरक्षण, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण, महिला रोजगार योजनाओं सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया।

लेकिन शराबबंदी पर कोई टिप्पणी न करना, राज्य में इस पूरी व्यवस्था के भविष्य को लेकर चर्चाओं को तेज कर गया है। उनके इस परहेज़ को विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्गों ने भविष्य में दारूबंदी के संभावित खात्मे के संकेत के रूप में देखा। दरअसल, राज्य में जब से शराबबंदी लागू हुई है, इसके नफा-नुकसान पर लगातार बहस होती रही है। एनडीए गठबंधन के कुछ घटक दल और विपक्षी पार्टियां समय-समय पर इस बंदी को खत्म करने की मांग उठाते रहे हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज जैसे दल ने इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने साफ कहा था कि यदि उनका दल सत्ता में आता है तो राज्य में पूर्ण शराबबंदी समाप्त कर दी जाएगी। हालांकि, चुनाव में सत्ता पक्ष की वापसी के बाद भी शराबबंदी को लेकर विरोध खत्म नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मांग को लगातार मुखरता से उठाया।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूर्ण शराबबंदी खत्म हो सकती है। इसी माहौल में औरंगाबाद की सभा में मुख्यमंत्री की चुप्पी को दारूबंदी समाप्ति से जोड़ा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में पूर्ण शराबबंदी जारी है, लेकिन भविष्य में इसका क्या होगा, यह नए मुख्यमंत्री और उनके दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। फिलहाल राज्य में दारूबंदी खत्म होने की चर्चा जोरों पर है और जनता की निगाहें आगामी घटनाओं पर टिकी हैं।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

देश को आजाद कराने में अवंतीबाई ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए
फर्रुखाबाद l रानी अवंतीबाई लोधी के 169 वें बलिदान दिवस पर नगर के एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा परसोत्तम बर्मा  ने की व संचालन अरविन्द राजपूत ने किया l कार्यक्रम में तमाम लोगों ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण की अहम भूमिका निभाने वाले बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने की एक स्वर में मांग की गई । भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष राजपूत ने रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम में देश के आजादी की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली प्रथम महिला शहीद रानी अवंतीबाई लोधी 20 मार्च 1858 में शहीद हुईं थीं उनके आज 169 वें बलिदान दिवस पर जगह जगह बलिदान दिवस समारोह आयोजित किए जा रहे हैं,उनकी शहादत को इतिहासकारों ने उजागर नहीं किया गया,महामंत्री ईश्वरदयाल वर्मा ने कहा कि लोधी समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, कृषि कर्म के साथ साथ फिजूलखर्ची न करके बच्चों की उच्च शिक्षा पर बल दिया, शराब नशा मुक्ति के लिए जागरूकता पैदा करें तभी विकास संभव हो सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी लज्जाराम वर्मा ने कहा हमारे समाज में शराब नशा ने बहुत से युवाओं की जिंदगी तबाह कर दी है इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जागरूक करने का काम  करना चाहिए, सुघर सिंह  राजपूत , जनार्दन दत्त राजपूत एडवोकेट ने रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा किसी चौराहे पर लगाने की सांसद मुकेश राजपूत से मांग की है बालकराम वर्मा ने बताया कि मैं अपने विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता हूं , बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए तमाम लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए प्रमुख रूप से महासभा के कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, महामंत्री रजनेश राजपूत , , सदस्य जिला पंचायत कुंवरजीत राजपूत,नामित सभासद अनुज राजपूत, सुधीर राजपूत, जौली राजपूत,अजय राजपूत, धनीराम राजपूत,अबधेश राजपूत विनोद राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष कौशलेंद्र राजपूत , महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन राजपूत, लक्ष्मी राजपूत , महिपाल सिंह, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' 17 अप्रैल को- सूर्य प्रताप शाही
लखनऊ में प्रस्तावित इस सम्मेलन में उत्तर भारतीय राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लखनऊ में 'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' (जोनल कॉन्फ्रेंस ऑन एग्रीकल्चर) का आयोजन किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्र के लिए प्रस्तावित यह महत्वपूर्ण सम्मेलन आगामी 17 अप्रैल, 2026 को आयोजित होगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।श्री शाही ने कहा कि वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इन पहलों का मुख्य
उद्देश्य केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र का सतत
विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में
राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक है।कृषि मंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने, महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और राज्यों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए एक प्रभावशाली मंच प्रदान करेगा। इस सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र ही साझा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति एवं उनके बहुमूल्य सुझाव सम्मेलन की चर्चाओं को अत्यंत समृद्ध बनाएंगे।
औरंगाबाद समृद्धि यात्रा से विकास को मिलेगी नई गति: संजीव सिंह

,औरंगाबाद। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा को लेकर जदयू नेता संजीव कुमार सिंह ने जोरदार सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

संजीव सिंह ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

संजीव कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार संतुलित और सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

औरंगाबाद समेत पूरे राज्य में आधारभूत संरचना को मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही योजनाएं आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “समृद्धि यात्रा” के माध्यम से सरकार जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रही है।

इससे यह पता चल रहा है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और किन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। संजीव सिंह के अनुसार, यह पहल प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

अंत में संजीव कुमार सिंह ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री की यह यात्रा बिहार के विकास को नई गति देगी और राज्य को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

रामनवमी पूर्व सांसद दंड वितरण अभियान तेज, बड़कागांव में 490 अखाड़ों को दंड भेंट

गत वर्षों की भांति हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने रामनवमी महापर्व के पूर्व सांसद दंड वितरण अभियान की परंपरा को बरकरार रखते हुए साल 2026 में भी रामनवमी के पहले पूरे हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में सांसद दंड वितरण अभियान युद्धस्तर पर चला रहें हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत गुरुवार को मांडू विधानसभा क्षेत्र के 261 अखाड़ा में दंड भेंटकर किया ।

दूसरे दिन हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने बड़कागाँव विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न भाजपा मंडलों का अहले सुबह से लेकर देर रात तक सघन दौरा कर कुल 490 अखाड़ा धारियों को दंड भेंट किया और उनसे हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की ऐतिहासिक रामनवमी परंपरा में लुप्त होते पारंपरिक कला-कौशल को जीवंत करने का अपील किया ।

सांसद मनीष जायसवाल ने बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के अपने दौरे की शुरुआत पिपरवार भाजपा मंडल के बचरा दक्षिणी पंचायत के चार नंबर चौक स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में माथा टेकने के बाद पिपरवार मंडल के 50 अखाड़ा को दंड भेंटकर किया। तत्पश्चात केरेडारी मंडल के 48 अखाड़ा, बेलतू मंडल के 53 अखाड़ा, बड़कागांव मंडल के 75 अखाड़ा, उरिमारी मंडल के 95 अखाड़ा, भुरकुंडा मंडल के 35 अखाड़ा, पतरातु मंडल के 74 अखाड़ा और भदानीनगर मंडल के 60 अखाड़ा को दंड भेंट किया ।

इस दौरान सांसद मनीष जायसवाल केरेडारी प्रखंड के ग्राम पेटो स्थित प्राचीन बुढ़िया माता मंदिर में आयोजित मंदिर अधिष्ठान सह 11 शतचंडी महायज्ञ के आगाज़ के अवसर पर शामिल हुए और ग्राम बेलतू में शिव मंदिर स्थित क्षेत्र के कई मंदिरों का दर्शन किया। बड़कागांव के शिवाडीह फुटबॉल मैदान में इस क्षेत्र के रामनवमी महुदी मार्ग विवाद को लेकर आयोजित महापंचायत में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो के साथ शामिल हुए और लोगों को संबोधित किया ।

दंड वितरण के दौरान सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि पुराने हजारीबाग जिला से ही रामनवमी जुलूस की परंपरा की शुरुआत हुई। पूर्व के समय में रामनवमी जुलूस में विशाल महावीर पताखें के साथ अस्त्र-शस्त्र के जरिए कला- कौशल का विहंगम प्रदर्शन होता था। लेकिन कालांतर में रामनवमी के स्वरूप में परिवर्तन हुआ और अब कला-कौशल का प्रदर्शन लुप्त होता जा रहा है। ऐसे में परंपरागत रामनवमी के स्वरूप को यथावत रखने के उदेश्य से लोकसभा क्षेत्र के प्रत्येक अखाड़ा धारी तक दंड पहचाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सांसद मनीष जायसवाल ने अखाड़ा धारी से आग्रह किया कि आप इस दंड से भाभी पीढ़ी को प्रशिक्षित करें और रामनवमी में परंपरागत कला कौशल प्रदर्शन को जीवंत करें। उन्होंने रामनवमी जुलूस में नशा मुक्ति होकर संयमित तरीके से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों का पालन करते हुए रामनवमी मनाने का अपील भी किया ।

मौके पर विशेषरूप से सत्येंद्र नारायण सिंह, अजय साहू, जुगनू सिंह, पूनम साव, उमेश दांगी, रंजन चौधरी, रवींद्र सिंह, लक्ष्मण मंडल, माइकल मिश्रा, महेंद्र सिंह, नकुल साव, प्रकाश गुप्ता, नरेश महतो, शिबू मेहता, रंजीत मेहता, मनीष पांडेय, विजय यादव, बेचन साव, महेंद्र महतो, योगेश दांगी, अनमोल सिंह, विजय जायसवाल सतीश मोहन मिश्रा, अजय पासवान, समरेश सिंह, संतोष शर्मा, राजाराम प्रजापति, राधेश्याम अग्रवाल, पंकज कुमार, कोमल उरांव, सन्नी दांगी, सोनू कुमार शौर्य, सुरेंद्र करमाली सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी की दमदार प्रस्तुति, ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रदेश: ए के शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। यह समिट यशोभूमि, नई दिल्ली में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानकों पर कार्य कर रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि बीते वर्ष गर्मी के दौरान प्रदेश ने देश की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस वर्ष उससे भी अधिक मांग को पूरा करने की तैयारी की गई है। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि PM Surya Ghar Yojana के तहत उत्तर प्रदेश प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन में देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि Green Energy Corridor Phase II में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और Green Energy Corridor Phase III को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पावर प्लांट्स को अब तक के उच्चतम पीएलएफ (85%) पर संचालित किया जा रहा है और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेन्द्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल  एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
देश में पेट्रोलियम और LPG आपूर्ति सामान्य, प्राकृतिक गैस के लिए PNG शिफ्टिंग की अपील
नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की स्थिति पर साझा जानकारी देते हुए संयुक्त सचिव (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस) सुजाता शर्मा ने बताया कि आज की स्थिति के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
घरेलू एलपीजी उत्पादन लगातार जारी है और देशभर में किसी भी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) पर ड्राय‑आउट की सूचना नहीं है। एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग लगभग 93% तक है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से सुरक्षित तरीके से की जा रही है। पैनिक बुकिंग में भी गिरावट आई है, कल लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग दर्ज हुईं।
एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है। वाणिज्यिक एलपीजी के लिए लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं और पिछले एक सप्ताह में लगभग 11,300 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है। सभी राज्यों के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
प्राकृतिक गैस (PNG) के संबंध में, सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वे एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हों। शीर्ष 15 गैस क्षेत्रों में अब तक लगभग 13,700 से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें करीब 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके लिए राज्य सरकारों को भी पत्र लिखकर सहयोग का अनुरोध किया गया है।
इस दिशा में यह कदम ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित तथा सतत गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
लखनऊ में ‘विश्व शांति एवं स्थिरता’ पर चार दिवसीय महोत्सव 22 मार्च से, कला-संगीत और व्यंजनों का संगम
लखनऊ। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच शांति, एकता और सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से लखनऊ में 22 से 25 मार्च तक ‘विश्व शांति एवं स्थिरता के लिए समर्पित कला, संगीत और व्यंजन उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।
यह चार दिवसीय कार्यक्रम Uttar Pradesh State Archives और Whiteswan Art के संयुक्त सहयोग से शहीद स्मृति भवन में आयोजित होगा।
उत्सव का उद्घाटन 22 मार्च को होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात कलाकार प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में इतिहासकार डॉ रवि भट्ट और प्रो. सुधीर मिश्रा मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दूसरे दिन 23 मार्च को Dr. Anjali Nigam Tanpure प्रार्थना के साथ आयोजन की शुरुआत करेंगी। इसके बाद ‘विश्व शांति एवं स्थिरता में समर्पित कला’ विषय पर पैनल चर्चा, उभरते कलाकारों का संगीत कॉन्सर्ट और प्रदेश के पारंपरिक एवं विस्मृत व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
24 मार्च को PYSSUM के सहयोग से विशेष जरूरतों वाले और वंचित बच्चों के लिए आर्ट कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें कलाकार और आर्ट संस्थान भाग लेंगे। 25 मार्च को कार्यक्रम का समापन होगा।
इस आयोजन का उद्देश्य कला, संगीत और भोजन के माध्यम से वैश्विक संवाद को बढ़ावा देना और शांति का संदेश फैलाना है। आयोजकों का मानना है कि कला और संगीत ऐसी सार्वभौमिक भाषा हैं, जो सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ती हैं।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि विश्व शांति और सतत विकास की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।