भारत चिल्ड्रन एकेडमी प्री प्राइमरी स्कूल , जहां नन्हे सपनों को मिलेगी ऊंची उड़ान

प्रतापगढ़। आम आदमी के जीवन में बुनियादी परिवर्तन करने वाली  सामाजिक संस्था एक्सेस फॉर चेंज इनिशिएटिव फाउंडेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाया है। संस्था द्वारा आज प्रतापगढ़ जनपद के दयालगंज (सिंहपुर) बाजार में भारत चिल्ड्रन एकेडमी प्री प्राइमरी स्कूल का शुभारंभ किया गया। स्कूल का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) के मीडिया प्रभारी विनोद पांडे ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संतोष कुमार सिंह पिंटू सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे उपस्थित रहे। विनोद पांडे ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो आपसी भेदभाव को मिटाकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल का यह स्कूल आने वाले दिनों में एक मॉडल स्कूल के रूप में देखा जाएगा, जहां पढ़ने वाले बच्चे क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

स्कूल के संचालक इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता एड.भारत पांडे ने बताया कि यह स्कूल सीबीएसई पाठ्यक्रम पद्धति पर आधारित तथा नई शिक्षा नीति 2020 एवं एनसीपी के अनुरूप संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य नन्हे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक संस्कार रचनात्मकता एवं आनंदमय वातावरण प्रदान करना है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों में पूर्व प्रधान दिनेश पांडे, विपिन पांडे,शारदा प्रसाद द्विवेदी प्रधान, जय प्रकाश सिंह प्रधान, एड. विनोद सिंह, राजबहादुर वर्मा, राजनाथ वर्मा, हरिकेश वर्मा, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, भागवत तिवारी, रमाशंकर पांडेय, सालिक पांडेय, कृष्णचंद्र तिवारी,उदयभान सिंह प्रधान, सत्यप्रकाश यादव , रामप्रसाद प्रधान, रामप्यारे प्रधान, चंद्रभान, जगदम्बा सिंह प्रधान, संदीप ओझा पत्रकार, जितेंद्र कुमार पांडेय, अयोध्या यादव, संतोषी पूर्व बी डी सी शिक्षिका मिस रश्मि पांडेय, खुशबू पांडेय,सुरेश पांडेय, दया शंकर दुबे, अवनीश पांडेय, इंद्रमणि तिवारी, गणेश मिश्रा, हृदय पांडेय, विनोद पांडेय, मोहित पाठक, सतीश तिवारी समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। अंत में एडवोकेट भारत पांडे समस्त लोगों के प्रति आभार पूर्वक धन्यवाद ज्ञापित किया।
आजमगढ़ : ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब निजामाबाद में तीन दिवसीय गुरुमत संमागम शुरू
आजमगढ़ । निजामाबाद नगर के एतिहासिक चरण पादुका साहिब गुरुद्वारा द्वारा आयोजित 3 दिवसीय गुरुमत समागम का प्रारंभ गुरु नानक घाट पर अखंड पाठ साहिब से शुरू हुआ।तीन दिवसीय सालाना जोड़ मेला के पहले दिन संगतों के आने का क्रम शुरू हुआ।एक के बाद एक जत्थे का नगर प्रवेश और उसमें शामिल सभी के कदम चल पड़े है ।ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब की ओर दिल में आस्था और जुबां पर "जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह ,जो इस दर पर आवे सो राजी जावे के बोल से पूरा निजामाबाद कस्बा शुक्रवार की सुबह से ही गूंजने लगा। ।दरबार में पहुंचने के बाद बाहर से आने वाली संगतों में दुख भंजन कुएं के जल से स्नान कर गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष शीश झुकाने की होड़ लगी थी ।मौका था ऐतिहासिक गुरु चरण पादुका साहिब में आयोजित गुरु मत समागम (सालाना जोड़ मेला) के पहले दिन का अखंड साहिब पाठ के साथ तीन दिवसीय सालाना जोड़ मेला व गुरु मत समागम प्रारंभ हुआ हो गया।, वहीं स्थानीय लोग भी गुरुद्वारा में हाजिरी लगाने में पीछे नहीं दिखे। गुरुद्वारा दरबार साहिब और गुरु नानक घाट पर अखंड पाठ साहिब का पाठ शुरू हो गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।
आस्था और पर्यावरण का संगम: बागपत का पुरा महादेव बना जीरो वेस्ट तीर्थ पर्यटन का मॉडल

* बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024 से सम्मानित पुरा महादेव में ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल से सतत विकास की नई मिसाल

लखनऊ/बागपत। उत्तर प्रदेश के पुरा महादेव ने ‘बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024’ का गौरव हासिल करने के बाद अब सतत और जिम्मेदार तीर्थ पर्यटन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल के तहत परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर जीरो वेस्ट व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की गई।
इस पहल के तहत मंदिर में चढ़ने वाली भेंट और उत्सव के दौरान उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन किया गया, वह भी धार्मिक परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखते हुए। फूलों, दूध, जैविक अवशेष, प्लास्टिक बोतलों, पूजा धागों और यहां तक कि छोड़ी गई चप्पलों को भी एकत्र कर प्रोसेस कर पुनः उपयोग में लाया गया।

* कचरा नहीं, संसाधन: सफलता की मिसाल
इस अनूठी पहल के परिणाम प्रभावशाली रहे। 450 किलोग्राम से अधिक फूलों को प्रोसेस किया गया, लगभग एक टन जैविक सामग्री से खाद तैयार हुई और करीब 700 किलोग्राम प्लास्टिक को फाइबर फिल में बदला गया। 3,000 से अधिक पूजा धागों का पुनः उपयोग हुआ, 2,500 चप्पलों को मैट व इंस्टॉलेशन में बदला गया, जबकि 4,563 लीटर दूध पशु देखभाल के लिए उपयोग में लाया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार यह मॉडल दो प्रमुख स्तंभों—भेंट सामग्री की रिकवरी एवं पुनर्वितरण तथा समुदाय आधारित सर्कुलर पुनः उपयोग—पर आधारित है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिला है।
इस पहल में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही, विशेषकर महिलाओं ने छंटाई और प्रोसेसिंग कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह सिद्ध हुआ कि धार्मिक स्थल न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के भी प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
मंदिर परिसर में स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के अनुभव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने स्वच्छ वातावरण और भेंट सामग्री के सम्मानजनक पुनः उपयोग की सराहना की। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल प्रदेश की टेंपल इकोनॉमी को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और सुव्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से धार्मिक स्थलों को जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी मॉडल में बदला जा सकता है। बागपत प्रशासन अब इस मॉडल को अन्य मंदिरों में लागू करने की योजना बना रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सततता और स्वच्छता को और बढ़ावा मिल सके।
35 साल के बालेन शाह बने नेपाल के प्रधानमंत्री, सबसे युवा पीएम के तौर पर ली शपथ

#nepalnewprimeministerbalenshahtake_oath 

नेपाल में GenZ आंदोलन के बाद सत्तापलट हुआ। पिछले साल जेन-Z ने सत्ता परिवर्तन की जो कसम खाई थी वो आज पूरी हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ले ली है। 35 साल के बालेंद्र शाह उर्फ बालेन नेपाल ने 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।

बालेन शाह ने ली नेपाल के पीएम पद की शपथ

नेपाल में पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को प्रदर्शनकारियों ने उखाड़ फेंका था। इसके बाद इस साल देश में आम चुनाव करवाए गये। जिसमें बालेन शाह की पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल की। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। जिसके बाद आज राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के नियमों के तहत बालेन को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। 

हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शपथ ग्रहण

शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ। ये शपथ ग्रहण काफी खास रहा। पद और गोपनीयता की यह शपथ हिंदू रीति-रिवाजों और बौद्ध परंपराओं के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर सात शंखनादकों ने शंख ध्वनि के साथ मांगलिक शुरुआत की। परंपरा के अनुसार, शुभ कार्यों के आरंभ में शंखनाद को सफलता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर सात ब्राह्मणों ने शंखनाद, 108 युवा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रों का पाठ किया गया।

बालेन शाह के वादों पर जनता ने दिखाया भरोसा

बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में आए प्रमुख बदलाव का वादा करती है। लोकतंत्र लागू होने के बाद से नेपाल में जितने भी चुनाव हुए उनमें किसी भी चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हो पाया। लेकिन बालेन शाह के वादों पर जनता ने भरोसा दिखाया है। उन्होंने बदलाव का जो सपना दिखाया उसपर लोगों ने भरोसा किया है। नेपाल के मतदाता वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और रसूखदारों के राज से नाराज थे।

बालेन शाह कौन हैं?

बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं। बालेन शाह की राजनीति में एंट्री भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने 2022 में पहली बार चुनाव लड़ा और काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बने। उस वक्त वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह का बैकग्राउंड इंजीनियरिंग का है। उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। इससे पहले उन्होंने काठमांडू से अपनी बैचलर डिग्री पूरी की थी। बालेन शाह मशहूर नेपाली रैपर हैं। राजनीति में आने से पहले वे अपने गानों के जरिए भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाया करते थे।

बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट नवी मुंबई इकाई द्वारा काव्य गोष्ठी संपन्न
नवी मुंबई। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट नवी मुंबई इकाई के तत्वावधान में गुरुवार 26 मार्च 2026 को प्रथम काव्य गोष्ठी एवं परिचर्चा का सफल आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ राष्ट्रीय सचिव एवं संयोजक सत्यभामा सिंह द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ।नवी मुंबई अध्यक्ष एवं कार्यक्रम की आयोजक सीमा त्रिवेदी 'साज़' के कुशल संचालन में आयोजित इस गोष्ठी में परिचर्चा का विषय 'हिंदी साहित्य में नारी' रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण वि. सहस्रबुद्धे ने की।साहित्यिक चर्चा दौरान उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी और जौनपुर इकाई की अध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में हिंदी साहित्य में नारी की भूमिका पर अपने गहन विचार व्यक्त किए।गोष्ठी का मुख्य आकर्षण 'काव्य पाठ' रहा, जहाँ कवियों ने विषय की बाध्यता से मुक्त होकर अपनी सर्वश्रेष्ठ रचनाएँ प्रस्तुत कीं।गोष्ठी ने देवी शक्ति,प्रभु श्री राम से संदर्भित छंद और गीत से भक्ति एवं राष्ट्र चेतना का स्वर मुखरित किया। उपस्थित साहित्यकारों में डॉ. निशी मंजवानी,ओम प्रकाश सिंह,रमेश कँवल,नागेश मोकाशी,किरण,कविता ए. झा, रोमा झा,नरसिंह हैरान जौनपुर, पूर्णिमा सुमन (धनबाद),रंजना झा (कोलकाता), डॉ. संजुला सिंह "संजू",हिमाद्रि मिश्र (जमशेदपुर), शशी जयसवाल , सत्यभामा सिंह ,सीमा त्रिवेदी सीमा सिंह,रामकृष्ण सहस्रबुद्धे,डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर (प्रयागराज) एवं ठाणे से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप शामिल रहे।अंत में सत्यभामा सिंह ने सभी अतिथियों,वक्ताओं और काव्य मनीषियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया तथा संस्थापक अध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने सभी की प्रशंसा किया।आयोजक सीमा त्रिवेदी 'साज़' ने इस मासिक श्रृंखला को भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ जारी रखने का विश्वास दिलाया।
गया में “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का आयोजन, ग्रामीण उद्यमियों को मिला नया मंच,

गया: ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोधगया स्थित टेकुना फॉर्म के समीप एक निजी होटल में शुक्रवार को “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, संस्थान और नीति निर्माता एकत्रित होकर विचारों का आदान-प्रदान किया और विकास के नए अवसरों की तलाश की।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में माइक्रो और छोटे उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों, सेवाओं और व्यवसाय मॉडलों का लाइव प्रदर्शन शामिल रहा। इस प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान किया, वहीं उपस्थित प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों से परिचित होने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद किए जा रहे नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण उद्यमिता के अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उद्यमियों को बाजार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वित्तीय सहायता से जुड़ने के उपाय बताए। इसके साथ ही बैंकिंग और निर्यात क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे, जिससे उद्यमियों को व्यावसायिक विस्तार की दिशा में मार्गदर्शन मिला। सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण उद्यमियों के अनुभव साझा करने का सत्र रहा, जिसमें उन्होंने अपनी सफलता, संघर्ष और नवाचार की प्रेरणादायक कहानियां प्रस्तुत कीं। इन अनुभवों ने अन्य प्रतिभागियों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का हौसला भी दिया।

इस आयोजन में नेटवर्किंग के लिए भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे प्रतिभागियों को विभिन्न संस्थानों, विशेषज्ञों और संभावित सहयोगियों से जुड़ने का अवसर मिला। सम्मेलन के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके प्रयासों को पहचान मिली और अन्य लोगों को भी प्रेरणा प्राप्त हुई।

सर्व सेवा समिति संस्था 4S इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाहना ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए आयोजित किया गया है, जो छोटे स्तर पर कार्य करते हुए अपने साथ-साथ समाज को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं मशरूम उत्पादन, बकरी पालन, स्ट्रॉबेरी खेती और सिलाई जैसे कार्यों के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।

*लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस, बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने में जमीनी साझेदारियों के प्रभाव को किया प्रदर्शित*

लखनऊ, 25 मार्च, 2026: एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।”

माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं। किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”




एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया।

उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं। ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं की पहचान करना और गहरी जड़ें जमाए सामाजिक दृष्टिकोणों को बदलना, यह सम्मान अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे लोगों के असाधारण साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”

इस आयोजन में शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों की प्रेरणादायक कहानियाँ और प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिन्होंने शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर किया। बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।

इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है। अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।
तपोवन मंदिर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन: श्री राम जानकी के चरणों में टेका मत्था, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ

रांची | 27 मार्च 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भक्तिमय समागम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरणों में शीश नवाकर राज्य की उन्नति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

"प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारें"

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

"आज आस्था के इस भव्य समागम में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्री राम के आदर्श हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मेरी मंगलकामना है कि प्रभु श्री राम आप सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।"

सामाजिक समरसता और सद्भाव की अपील

मुख्यमंत्री ने रांची की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्राओं का तपोवन मंदिर में मिलन एक ऐतिहासिक दृश्य होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस महापर्व को पूरी श्रद्धा, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। सामाजिक सद्भाव और समरसता के साथ इस आयोजन को यादगार बनाने का आह्वान किया।

तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण पर जोर

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य सरकार इस पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए मंदिर के सौंदर्यीकरण और भव्यता की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

भक्तिमय रहा माहौल

पूजा के दौरान तपोवन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित महंत और मंदिर समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।

ग्रिड सब-स्टेशन डकैती कांड का पर्दाफाश सात अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद*

सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा

पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हया कनादू स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है। दिनांक 23/24 मार्च 2026 की रात लगभग 12–15 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने ग्रिड सब-स्टेशन पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बेखौफ होकर लूटपाट को अंजाम दिया। अपराधियों द्वारा लूटे गए सामान में शामिल हैं: लगभग ₹4 लाख मूल्य के कॉपर वाइंडिंग तार 2 एनवीआर सिस्टम 6 अर्थ स्विच ब्लेड कंट्रोल रूम से टॉर्च कर्मचारियों से ₹13,300 नकद

इस संबंध में सहायक परिचालक विजय कुमार के आवेदन पर पिठौरिया थाना कांड संख्या-27/26 दर्ज किया गया।

SIT गठित, तकनीकी जांच से सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी एवं गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधी

रंजीत मोदी,शशि सिंह,जिदु कुमार सिंह,मो. अरमान,शुभम कुमार,रिंकु अंसारी,शाहिद अंसारी

सभी रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी

बरामदगी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया:

करीब 100 किलो तांबा तार 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 2 टेम्पो एवं 2 मोटरसाइकिल ₹12,600 नकद

कॉपर काटने के औजार एवं अन्य सामग्री

अपराध की सुनियोजित साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी (निगरानी) की थी। कुल 15 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जो लूट, परिवहन और सामान खपाने में शामिल थे।

लूटे गए कॉपर तार को कबाड़ी कारोबारी रंजीत मोदी समेत अन्य दुकानों में बेच दिया गया था, जिसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया गया।

आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान जिदु कुमार सिंह एवं शाहिद अंसारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में असीत कुमार मोदी, पुलिस निरीक्षक पश्चिम) सदर ( पिठौरिया  थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे अवर निरीक्षक संतोष यादव,संजय कुमार,सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, दीनबंधु दुबे,संतोष महतो एवं नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है

रांची पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक बड़ी डकैती का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

भारत चिल्ड्रन एकेडमी प्री प्राइमरी स्कूल , जहां नन्हे सपनों को मिलेगी ऊंची उड़ान

प्रतापगढ़। आम आदमी के जीवन में बुनियादी परिवर्तन करने वाली  सामाजिक संस्था एक्सेस फॉर चेंज इनिशिएटिव फाउंडेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाया है। संस्था द्वारा आज प्रतापगढ़ जनपद के दयालगंज (सिंहपुर) बाजार में भारत चिल्ड्रन एकेडमी प्री प्राइमरी स्कूल का शुभारंभ किया गया। स्कूल का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) के मीडिया प्रभारी विनोद पांडे ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संतोष कुमार सिंह पिंटू सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे उपस्थित रहे। विनोद पांडे ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो आपसी भेदभाव को मिटाकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल का यह स्कूल आने वाले दिनों में एक मॉडल स्कूल के रूप में देखा जाएगा, जहां पढ़ने वाले बच्चे क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

स्कूल के संचालक इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता एड.भारत पांडे ने बताया कि यह स्कूल सीबीएसई पाठ्यक्रम पद्धति पर आधारित तथा नई शिक्षा नीति 2020 एवं एनसीपी के अनुरूप संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य नन्हे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक संस्कार रचनात्मकता एवं आनंदमय वातावरण प्रदान करना है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों में पूर्व प्रधान दिनेश पांडे, विपिन पांडे,शारदा प्रसाद द्विवेदी प्रधान, जय प्रकाश सिंह प्रधान, एड. विनोद सिंह, राजबहादुर वर्मा, राजनाथ वर्मा, हरिकेश वर्मा, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, भागवत तिवारी, रमाशंकर पांडेय, सालिक पांडेय, कृष्णचंद्र तिवारी,उदयभान सिंह प्रधान, सत्यप्रकाश यादव , रामप्रसाद प्रधान, रामप्यारे प्रधान, चंद्रभान, जगदम्बा सिंह प्रधान, संदीप ओझा पत्रकार, जितेंद्र कुमार पांडेय, अयोध्या यादव, संतोषी पूर्व बी डी सी शिक्षिका मिस रश्मि पांडेय, खुशबू पांडेय,सुरेश पांडेय, दया शंकर दुबे, अवनीश पांडेय, इंद्रमणि तिवारी, गणेश मिश्रा, हृदय पांडेय, विनोद पांडेय, मोहित पाठक, सतीश तिवारी समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। अंत में एडवोकेट भारत पांडे समस्त लोगों के प्रति आभार पूर्वक धन्यवाद ज्ञापित किया।
आजमगढ़ : ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब निजामाबाद में तीन दिवसीय गुरुमत संमागम शुरू
आजमगढ़ । निजामाबाद नगर के एतिहासिक चरण पादुका साहिब गुरुद्वारा द्वारा आयोजित 3 दिवसीय गुरुमत समागम का प्रारंभ गुरु नानक घाट पर अखंड पाठ साहिब से शुरू हुआ।तीन दिवसीय सालाना जोड़ मेला के पहले दिन संगतों के आने का क्रम शुरू हुआ।एक के बाद एक जत्थे का नगर प्रवेश और उसमें शामिल सभी के कदम चल पड़े है ।ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब की ओर दिल में आस्था और जुबां पर "जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह ,जो इस दर पर आवे सो राजी जावे के बोल से पूरा निजामाबाद कस्बा शुक्रवार की सुबह से ही गूंजने लगा। ।दरबार में पहुंचने के बाद बाहर से आने वाली संगतों में दुख भंजन कुएं के जल से स्नान कर गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष शीश झुकाने की होड़ लगी थी ।मौका था ऐतिहासिक गुरु चरण पादुका साहिब में आयोजित गुरु मत समागम (सालाना जोड़ मेला) के पहले दिन का अखंड साहिब पाठ के साथ तीन दिवसीय सालाना जोड़ मेला व गुरु मत समागम प्रारंभ हुआ हो गया।, वहीं स्थानीय लोग भी गुरुद्वारा में हाजिरी लगाने में पीछे नहीं दिखे। गुरुद्वारा दरबार साहिब और गुरु नानक घाट पर अखंड पाठ साहिब का पाठ शुरू हो गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।
आस्था और पर्यावरण का संगम: बागपत का पुरा महादेव बना जीरो वेस्ट तीर्थ पर्यटन का मॉडल

* बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024 से सम्मानित पुरा महादेव में ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल से सतत विकास की नई मिसाल

लखनऊ/बागपत। उत्तर प्रदेश के पुरा महादेव ने ‘बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024’ का गौरव हासिल करने के बाद अब सतत और जिम्मेदार तीर्थ पर्यटन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल के तहत परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर जीरो वेस्ट व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की गई।
इस पहल के तहत मंदिर में चढ़ने वाली भेंट और उत्सव के दौरान उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन किया गया, वह भी धार्मिक परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखते हुए। फूलों, दूध, जैविक अवशेष, प्लास्टिक बोतलों, पूजा धागों और यहां तक कि छोड़ी गई चप्पलों को भी एकत्र कर प्रोसेस कर पुनः उपयोग में लाया गया।

* कचरा नहीं, संसाधन: सफलता की मिसाल
इस अनूठी पहल के परिणाम प्रभावशाली रहे। 450 किलोग्राम से अधिक फूलों को प्रोसेस किया गया, लगभग एक टन जैविक सामग्री से खाद तैयार हुई और करीब 700 किलोग्राम प्लास्टिक को फाइबर फिल में बदला गया। 3,000 से अधिक पूजा धागों का पुनः उपयोग हुआ, 2,500 चप्पलों को मैट व इंस्टॉलेशन में बदला गया, जबकि 4,563 लीटर दूध पशु देखभाल के लिए उपयोग में लाया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार यह मॉडल दो प्रमुख स्तंभों—भेंट सामग्री की रिकवरी एवं पुनर्वितरण तथा समुदाय आधारित सर्कुलर पुनः उपयोग—पर आधारित है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिला है।
इस पहल में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही, विशेषकर महिलाओं ने छंटाई और प्रोसेसिंग कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह सिद्ध हुआ कि धार्मिक स्थल न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के भी प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
मंदिर परिसर में स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के अनुभव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने स्वच्छ वातावरण और भेंट सामग्री के सम्मानजनक पुनः उपयोग की सराहना की। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल प्रदेश की टेंपल इकोनॉमी को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और सुव्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से धार्मिक स्थलों को जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी मॉडल में बदला जा सकता है। बागपत प्रशासन अब इस मॉडल को अन्य मंदिरों में लागू करने की योजना बना रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सततता और स्वच्छता को और बढ़ावा मिल सके।
35 साल के बालेन शाह बने नेपाल के प्रधानमंत्री, सबसे युवा पीएम के तौर पर ली शपथ

#nepalnewprimeministerbalenshahtake_oath 

नेपाल में GenZ आंदोलन के बाद सत्तापलट हुआ। पिछले साल जेन-Z ने सत्ता परिवर्तन की जो कसम खाई थी वो आज पूरी हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ले ली है। 35 साल के बालेंद्र शाह उर्फ बालेन नेपाल ने 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।

बालेन शाह ने ली नेपाल के पीएम पद की शपथ

नेपाल में पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को प्रदर्शनकारियों ने उखाड़ फेंका था। इसके बाद इस साल देश में आम चुनाव करवाए गये। जिसमें बालेन शाह की पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल की। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। जिसके बाद आज राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के नियमों के तहत बालेन को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। 

हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शपथ ग्रहण

शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ। ये शपथ ग्रहण काफी खास रहा। पद और गोपनीयता की यह शपथ हिंदू रीति-रिवाजों और बौद्ध परंपराओं के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर सात शंखनादकों ने शंख ध्वनि के साथ मांगलिक शुरुआत की। परंपरा के अनुसार, शुभ कार्यों के आरंभ में शंखनाद को सफलता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर सात ब्राह्मणों ने शंखनाद, 108 युवा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रों का पाठ किया गया।

बालेन शाह के वादों पर जनता ने दिखाया भरोसा

बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में आए प्रमुख बदलाव का वादा करती है। लोकतंत्र लागू होने के बाद से नेपाल में जितने भी चुनाव हुए उनमें किसी भी चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हो पाया। लेकिन बालेन शाह के वादों पर जनता ने भरोसा दिखाया है। उन्होंने बदलाव का जो सपना दिखाया उसपर लोगों ने भरोसा किया है। नेपाल के मतदाता वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और रसूखदारों के राज से नाराज थे।

बालेन शाह कौन हैं?

बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं। बालेन शाह की राजनीति में एंट्री भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने 2022 में पहली बार चुनाव लड़ा और काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बने। उस वक्त वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह का बैकग्राउंड इंजीनियरिंग का है। उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। इससे पहले उन्होंने काठमांडू से अपनी बैचलर डिग्री पूरी की थी। बालेन शाह मशहूर नेपाली रैपर हैं। राजनीति में आने से पहले वे अपने गानों के जरिए भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाया करते थे।

बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट नवी मुंबई इकाई द्वारा काव्य गोष्ठी संपन्न
नवी मुंबई। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट नवी मुंबई इकाई के तत्वावधान में गुरुवार 26 मार्च 2026 को प्रथम काव्य गोष्ठी एवं परिचर्चा का सफल आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ राष्ट्रीय सचिव एवं संयोजक सत्यभामा सिंह द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ।नवी मुंबई अध्यक्ष एवं कार्यक्रम की आयोजक सीमा त्रिवेदी 'साज़' के कुशल संचालन में आयोजित इस गोष्ठी में परिचर्चा का विषय 'हिंदी साहित्य में नारी' रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण वि. सहस्रबुद्धे ने की।साहित्यिक चर्चा दौरान उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी और जौनपुर इकाई की अध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में हिंदी साहित्य में नारी की भूमिका पर अपने गहन विचार व्यक्त किए।गोष्ठी का मुख्य आकर्षण 'काव्य पाठ' रहा, जहाँ कवियों ने विषय की बाध्यता से मुक्त होकर अपनी सर्वश्रेष्ठ रचनाएँ प्रस्तुत कीं।गोष्ठी ने देवी शक्ति,प्रभु श्री राम से संदर्भित छंद और गीत से भक्ति एवं राष्ट्र चेतना का स्वर मुखरित किया। उपस्थित साहित्यकारों में डॉ. निशी मंजवानी,ओम प्रकाश सिंह,रमेश कँवल,नागेश मोकाशी,किरण,कविता ए. झा, रोमा झा,नरसिंह हैरान जौनपुर, पूर्णिमा सुमन (धनबाद),रंजना झा (कोलकाता), डॉ. संजुला सिंह "संजू",हिमाद्रि मिश्र (जमशेदपुर), शशी जयसवाल , सत्यभामा सिंह ,सीमा त्रिवेदी सीमा सिंह,रामकृष्ण सहस्रबुद्धे,डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर (प्रयागराज) एवं ठाणे से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप शामिल रहे।अंत में सत्यभामा सिंह ने सभी अतिथियों,वक्ताओं और काव्य मनीषियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया तथा संस्थापक अध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने सभी की प्रशंसा किया।आयोजक सीमा त्रिवेदी 'साज़' ने इस मासिक श्रृंखला को भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ जारी रखने का विश्वास दिलाया।
गया में “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का आयोजन, ग्रामीण उद्यमियों को मिला नया मंच,

गया: ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोधगया स्थित टेकुना फॉर्म के समीप एक निजी होटल में शुक्रवार को “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, संस्थान और नीति निर्माता एकत्रित होकर विचारों का आदान-प्रदान किया और विकास के नए अवसरों की तलाश की।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में माइक्रो और छोटे उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों, सेवाओं और व्यवसाय मॉडलों का लाइव प्रदर्शन शामिल रहा। इस प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान किया, वहीं उपस्थित प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों से परिचित होने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद किए जा रहे नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण उद्यमिता के अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उद्यमियों को बाजार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वित्तीय सहायता से जुड़ने के उपाय बताए। इसके साथ ही बैंकिंग और निर्यात क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे, जिससे उद्यमियों को व्यावसायिक विस्तार की दिशा में मार्गदर्शन मिला। सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण उद्यमियों के अनुभव साझा करने का सत्र रहा, जिसमें उन्होंने अपनी सफलता, संघर्ष और नवाचार की प्रेरणादायक कहानियां प्रस्तुत कीं। इन अनुभवों ने अन्य प्रतिभागियों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का हौसला भी दिया।

इस आयोजन में नेटवर्किंग के लिए भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे प्रतिभागियों को विभिन्न संस्थानों, विशेषज्ञों और संभावित सहयोगियों से जुड़ने का अवसर मिला। सम्मेलन के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके प्रयासों को पहचान मिली और अन्य लोगों को भी प्रेरणा प्राप्त हुई।

सर्व सेवा समिति संस्था 4S इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाहना ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए आयोजित किया गया है, जो छोटे स्तर पर कार्य करते हुए अपने साथ-साथ समाज को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं मशरूम उत्पादन, बकरी पालन, स्ट्रॉबेरी खेती और सिलाई जैसे कार्यों के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।

*लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस, बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने में जमीनी साझेदारियों के प्रभाव को किया प्रदर्शित*

लखनऊ, 25 मार्च, 2026: एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।”

माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं। किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”




एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया।

उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं। ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं की पहचान करना और गहरी जड़ें जमाए सामाजिक दृष्टिकोणों को बदलना, यह सम्मान अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे लोगों के असाधारण साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”

इस आयोजन में शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों की प्रेरणादायक कहानियाँ और प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिन्होंने शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर किया। बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।

इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है। अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।
तपोवन मंदिर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन: श्री राम जानकी के चरणों में टेका मत्था, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ

रांची | 27 मार्च 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भक्तिमय समागम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरणों में शीश नवाकर राज्य की उन्नति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

"प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारें"

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

"आज आस्था के इस भव्य समागम में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्री राम के आदर्श हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मेरी मंगलकामना है कि प्रभु श्री राम आप सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।"

सामाजिक समरसता और सद्भाव की अपील

मुख्यमंत्री ने रांची की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्राओं का तपोवन मंदिर में मिलन एक ऐतिहासिक दृश्य होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस महापर्व को पूरी श्रद्धा, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। सामाजिक सद्भाव और समरसता के साथ इस आयोजन को यादगार बनाने का आह्वान किया।

तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण पर जोर

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य सरकार इस पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए मंदिर के सौंदर्यीकरण और भव्यता की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

भक्तिमय रहा माहौल

पूजा के दौरान तपोवन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित महंत और मंदिर समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।

ग्रिड सब-स्टेशन डकैती कांड का पर्दाफाश सात अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद*

सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा

पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हया कनादू स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है। दिनांक 23/24 मार्च 2026 की रात लगभग 12–15 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने ग्रिड सब-स्टेशन पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बेखौफ होकर लूटपाट को अंजाम दिया। अपराधियों द्वारा लूटे गए सामान में शामिल हैं: लगभग ₹4 लाख मूल्य के कॉपर वाइंडिंग तार 2 एनवीआर सिस्टम 6 अर्थ स्विच ब्लेड कंट्रोल रूम से टॉर्च कर्मचारियों से ₹13,300 नकद

इस संबंध में सहायक परिचालक विजय कुमार के आवेदन पर पिठौरिया थाना कांड संख्या-27/26 दर्ज किया गया।

SIT गठित, तकनीकी जांच से सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी एवं गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधी

रंजीत मोदी,शशि सिंह,जिदु कुमार सिंह,मो. अरमान,शुभम कुमार,रिंकु अंसारी,शाहिद अंसारी

सभी रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी

बरामदगी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया:

करीब 100 किलो तांबा तार 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 2 टेम्पो एवं 2 मोटरसाइकिल ₹12,600 नकद

कॉपर काटने के औजार एवं अन्य सामग्री

अपराध की सुनियोजित साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी (निगरानी) की थी। कुल 15 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जो लूट, परिवहन और सामान खपाने में शामिल थे।

लूटे गए कॉपर तार को कबाड़ी कारोबारी रंजीत मोदी समेत अन्य दुकानों में बेच दिया गया था, जिसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया गया।

आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान जिदु कुमार सिंह एवं शाहिद अंसारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में असीत कुमार मोदी, पुलिस निरीक्षक पश्चिम) सदर ( पिठौरिया  थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे अवर निरीक्षक संतोष यादव,संजय कुमार,सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, दीनबंधु दुबे,संतोष महतो एवं नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है

रांची पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक बड़ी डकैती का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।