झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रमजान के पावन महीने में आयोजित की दावत-ए-इफ्तार, विभिन्न धर्मों के लोगों ने दिखाई एकता की मिसाल
रांची, 17 मार्च 2026: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माह-ए-रमजान के अवसर पर अपने कांके रोड स्थित आवास पर दावत-ए-इफ्तार का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजेदारों के साथ विभिन्न धर्मों, समुदायों और वर्गों के गणमान्य अतिथि, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी तथा सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि रमजान का पवित्र महीना आपसी सौहार्द, भाईचारा और समरसता का संदेश देता है।
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यह त्योहार हमें एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने त्याग, तपस्या, करुणा और मानव सेवा के महत्व पर जोर देते हुए पूरे राज्यवासियों को रमजान मुबारकबाद दी और सुख, समृद्धि व उन्नति की कामना की।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन सहित सभी अतिथियों ने सामूहिक दुआ में हिस्सा लिया, जिसमें राज्य की खुशहाली, प्रगति, भाईचारे और स्नेह के लिए दुआ मांगी गई। विभिन्न समुदायों की उपस्थिति ने सामाजिक एकता और सद्भाव की जीती-जागती मिसाल पेश की। रोजेदारों ने नमाज अदा कर समाज, राज्य और देश में अमन-चैन की दुआएं मांगीं।
इस अवसर पर कई कैबिनेट मंत्री और विधायक उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
मंत्री राधा कृष्ण किशोर
मंत्री दीपक बिरुवा
मंत्री चमरा लिंडा
मंत्री संजय प्रसाद यादव
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी
मंत्री हफीजूल हसन
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
मंत्री योगेंद्र प्रसाद
मंत्री सुदिव्य कुमार
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो सहित अन्य विधायकगण
यह आयोजन झारखंड में धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना।






कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा जी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अमित जायसवाल जैसे युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ता को नगर पंचायत में जिम्मेदारी मिलना संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमित जायसवाल अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे जी ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके सामाजिक कार्यों और संगठन के प्रति समर्पण का परिणाम है।

जौनपुर। पुस्तकें ज्ञान का अक्षय भंडार और मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं, जो हमें जीवन भर मार्गदर्शन, शिक्षा और मानसिक सुकून प्रदान करती हैं। ये हमारे व्यक्तित्व को निखारती हैं, रचनात्मकता बढ़ाती हैं, तनाव कम करती हैं और इतिहास व संस्कृतियों से परिचित कराती हैं। पुस्तकें सही-गलत का अंतर सिखाकर हमें बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करती हैं। जनपद के सिकरारा थाना अंतर्गत स्थित सतलपुर गांव में शैल साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू ने उपरोक्त बातें कही। कार्यक्रम में देश की प्रख्यात साहित्यकार और लेखिका किरण तिवारी की दो पुस्तकों अंतर्द्वंद्व एवं काव्यकिरण का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुधाकर उपाध्याय ने किया। ब्लॉक प्रमुख सिकरारा संजय सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अमित सिंह तथा डॉ संतोष सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मानित अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत लल्लन उपाध्याय भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सुंदर संचालन पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम के आयोजक रवि प्रकाश मिश्र ने सभी अतिथियों का शॉल और स्मृति चिन्ह से सम्मान किया। किरण तिवारी ने कहा कि आमतौर पर पुस्तक लोकार्पण का कार्यक्रम बड़े शहरों में किया जाता है, परंतु ग्रामीण अंचल में जिस तरह से इस कार्यक्रम को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला, उसे देखकर मैं गौरव की अनुभूति कर रही हूं।
सुल्तानपुर में जमीनी रंजिश में पट्टीदारो के बीच हुए विवाद आज पूर्व राज्य मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह सहित आठ लोगों को जेल भेज दिया गया। जमीन कब्जाने के दौरान दबंगों की ओर से वायरल वीडियो में पूर्व मंत्री सहित दर्जनों लोग साफ साफ नजर आ रहे थे।
जिसके बाद दूसरे दिन रविवार को दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया था, जिसके करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए थे, जिनका अभी भी इलाज चल रहा है।
दरअसल ये मामला है अखंड नगर थानाक्षेत्र के कल्याणपुर गांव का। जहां इसी गांव के रहने वाले सुरेश यादव का अपने पट्टीदारों संजीत यादव, आनंद यादव सहित तमाम लोगों से जमीनी विवाद चल रहा था।
बीते 14 मार्च को सुबह करीब 11 बजे विपक्षी संजीत यादव, पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, सहित तमाम लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा और जमीन कब्जाने का प्रयास किया था। जिसपर पीड़ित द्वारा अखंडनगर थाने में कार्यवाही को लेकर शिकायती पत्र भी दिया गया था।
लेकिन कोई ठोस कार्यवाही न हुई। लिहाजा रविवाद को विपक्षी पूरे लाव लश्कर के साथ लाठी, डंडों और पिस्टल से लैस होकर मौके पर पहुंचे और घर में घुसकर जमकर तांडव मचाया था। इस दौरान विपक्षियों द्वारा खुलेआम फायरिंग भी की गई।
इस घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। जिसमें एक व्यक्ति को गोली लगने की भी बात कही जा रही थी। एक को इलाज के लिए टांडा पीजीआई और दो गंभीर लोगों को लखनऊ रेफर कर दिया गया था,जबकि तीन लोगों को सीएचसी में इलाज करवाया जा रहा था।
वही गोली लगने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। आनन फानन पुलिस अधीक्षक चारु निगम सहित तमाम पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे हुए थे और मामले की छानबीन की गई। वायरल वीडियो के आधार पर इस मामले में पूर्व राज्य मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह सहित कई नामजद और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
झारखंड राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम'' का आज सातवां दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल को चरितार्थ करते हुए देवघर की जनता द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योगी स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीददारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री के स्वदेशी के संकल्प को सार्थक करने की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए मनोज कुमार, अध्यक्ष, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के कुशल नेतृत्व में लगाई यह प्रदर्शनी सह बिक्री खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्पादों की रिकार्ड बिक्री को पार करेगी। ''खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्पादों की राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी में रिकार्ड बिक्री।
विशेष आकर्षण :- सभी आयु वर्ग के नगरवासियों का अभूतपूर्व आगमन I विभिन्न स्टॉलों पर जमकर खादी वस्त्रों और ग्रामोद्योगी वस्तुओं की, की गई खरीदारी I झारखण्ड राज्य के खादी की स्टॉलों पर लोकल खादी वस्त्र जैसे- सिल्क खादी, सूती खादी, मसलीन खादी तथा पोलीवस्त्र के अलावा पारंपरिक खादी के वस्त्र लोगों के लिए आकर्षण के केन्द्र।
युवाओं को लुभा रही है- खादी के रेडीमेड कुर्ता-पाजामा, खादी बंडी, रेशमी खादी के सर्ट-पैंट आदि। सन 1957 से आयोग द्वारा वित्तपोषित खादी की संस्थाऍं जो देश की आजादी की परिचायक 'खादी' की विरासत को संजोए हुए हैं एवं खादी को आधुनिक परिवेश के अनुसार नये कलेवर में प्रस्तुत कर रही हैं। खादी की स्टॉलों पर उपलब्ध तसर -कटिया से निर्मित कुर्ते बंडी, शर्ट तथा तसर साड़ियों, कुर्ती, सलवार -सूट पीस लोगों की खास पसन्द I पश्चिम बंगाल की संस्थाओं के स्टॉलों पर पश्चिम बंगाल की पहचान कहे जाने वाले बारीक मलमल (मसलीन) विशेष आकर्षण का केन्द्र, जिसे प्राचीन काल में राजा-महाराजाओं द्वारा पहनने का प्रचलन था। पश्चिम बंगाल की खादी संस्थाओं के स्टॉलों पर बालूचरी साड़ियाँ, काथा साड़ियाँ, पश्चिम बंगाल की पारंपरिक सूती साड़ियाँ भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र। सुस्वादपूर्ण आँवला के मुरब्बे, आँवला कैंडी एवं विभिन्न प्रकार के आचार, चटनी आदि के ग्रामोद्योगी उत्पाद भी धड़ले से मेले में बिक रहे। खादी वस्त्र बुनाई के सजीव प्रदर्शन हेतु स्थापित किया गया एक फ्रेम का लूम बच्चों एवं नई पीढ़ी के लिए कौतूहल का केन्द्र। यहां की जा रही पोली- कटिया थान की लाईव बुनाई, इस आधुनिक परिवेश में बच्चों को देखने एवं समझने के लायक। प्रदर्शनी स्थल पर देवघर के प्रतिभावान कलाकारों द्वारा प्रतिदिन प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे स्वस्थ मनोरंजन के अवसर जो बच्चों एवं कलाप्रेमियों को कर रहे मंत्रमुग्ध। ऐसा प्रतीत होता है कि सम्पूर्ण देवघरवासी माननीय प्रधानमंत्री जी के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने हेतु उक्त प्रदर्शनी में स्वदेश एवं दूर - दराज के गाँवों में निर्मित खादी एवं ग्रामोद्योग वस्तुओं की खरीदारी करके अपना योगदान देश के प्रति समर्पित कर रहें हैं I आयोजकों द्वारा अपील की भारी संख्या में पधारकर इस दुलर्भ अवसर का लाभ उठायें एवं अपनी छोटी-छोटी खरीददारी से देश की अर्थव्यवस्था में अपना सकारात्मक योगदान देकर एक सच्चे देशभक्त होने का गौरव प्राप्त करें

1 min ago
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