राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

आइआइआइटी इलाहाबाद में बीटेक आइटी के साथ ही मिलेगी एमबीए की भी डिग्री, पांच वर्षीय होगा कोर्स

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइआइटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे छात्रों को एक ही प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से बीटेक के साथ एमटेक और एमबीए जैसी उच्च डिग्रियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए पाठ्यक्रम इसी सत्र से होंगे शुरू

नए पाठ्यक्रमों में तीन प्रमुख पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री कोर्स शामिल हैं। इसमें बीटेक-एमटेक (ईसीई), बीटेक-एमटेक (आइटी) और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह तीनों पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

3 पाठ्यक्रमों सहित 58 सीटें होंगी

तीन पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 58 सीटें होंगी। बीटेक-एमटेक (ईसीई) में 11, बीटेक-एमटेक (आइटी) में 25 और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए में 22 सीटों पर सीनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल के मध्य में प्रस्तावित सीनेट की 37वीं मीटिंग में पाठ्यक्रमों को औपचारिकता मंजूरी मिल जाएगी। इन नए कोर्सों के शुरू होने से संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

ऐसे छात्रों के लिए विशेष लाभकारी

सीटों का पुनर्वितरण इस तरह किया गया है कि कुल इंटेक पूर्ववत बना रहे। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हाेगा, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च विशेषज्ञता या प्रबंधन शिक्षा को एकीकृत रूप में प्राप्त करना चाहते हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम

इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजाइन किया गया है। सीनेट की आगामी बैठक में इन नए कोर्सों के लिए नया पाठ्यक्रम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव को अनुमति मिलने के साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी जाएगी। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह पहल छात्रों को उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से बीटेक-एमबीए कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल का अनूठा संयोजन प्रदान करेगा, जिससे कारपोरेट और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

दर्दनाक सड़क हादसे में डंपर ने महिला को कुचला, मौके पर ही मौत; हंगामा कर रहे लोगों से पुलिस की झड़प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कोरांव थाना क्षेत्र में रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ। नगर पंचायत में कोरांव-मेजा मार्ग पर स्थित स्कैनिंग सेंटर के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक में टक्कर मारा। हादसे में बाइक सवार 45 वर्षीय महिला फातिमा बेगम सड़क पर गिर गई और उसे कुचलते हुए वाहन आगे बढ़ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और बेटा सकुशल हैं।

सामने से आ रहे डंपर ने बाइक में मारी टक्कर

घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव निवासी मोहम्मद नौसे पत्नी फातिमा बेगम और 20 वर्षीय बेटे के साथ निमंत्रण में शामिल होने के लिए कोरांव जा रहे थे। कोरांव-मेजा मार्ग पर विपरीत दिशा से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दिया। इससे फातिमा बेगम सड़क पर गिर गई और डंपर के पहिए के नीचे आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

आक्रोशित भीड़ ने किया हंगामा

हादसे में मोहम्मद नौसे और उनका बेटा बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के पहुंचने पर कुछ देर के लिए झड़प की स्थिति भी बनी रही। बाद में पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस ने डंपर वाहन की पहचान कर ली है

इस संबंध में कोरांव थाना के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले डंपर वाहन की पहचान कर ली गई है, जल्द ही उसका चालक पुलिस की हिरासत में होगा। कहा कि मृतक महिला के परिवार के लोगों की ओर से दी जा रही तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

प्रसव के पहले एएनएम करेंगी महिला चिकित्सकों को फोन

*जिले में औसतन हर महीने होते हैं एक हजार से 1200 प्रसव*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जिले के 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अब प्रसव कराने से पहले महिला चिकित्सक को फोन कर स्थिति से अवगत कराएंगी। महिला चिकित्सक के मार्ग दर्शन में ही प्रसव कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर महिला डॉक्टर मौके पर जाएंगी। यदि प्रसूता की स्थिति ठीक नहीं है, तो उसे तुंरत रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह नई पहल शुरू की गई है। यह व्यवस्था 10 अप्रैल से लागू की जाएगी। जिल के 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव होते हैं। जिले की आबादी 18 से 20 लाख है। इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 235 सरकारी और 140 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। सरकारी में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्र है।
इन केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव कराए जाते हैं। अब उप केंद्र पर आने वाली प्रसूता को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलेंगी। यहां तैनात एएनएम, सीएचओ जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल, सीएचसी के महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत कर सकती है। अमूमन देखा जाता है कि गंभीर केस होने पर प्रसूता को केंद्र से रेफर कर दिया जाता था। एएनएम और सीएचओ, महिला डॉक्टर से बातचीत नहीं करतीं थीं। अब ऐसा नहीं होगा। प्रसव कराने और केस रेफर करने से पहले डॉक्टर से बातचीत करनी होगी।
रजिस्टर भी किया जाएगा मेंटेन : स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जो भी एएनएम और सीएचओ प्रसव कराने से पहले महिला डॉक्टर से बातचीत करेंगी। उनका नाम मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
महिला डॉक्टर द्वारा जो परामर्श दिया जाएगा उसे भी रजिस्टर पर लिखा जाएगा। प्रसव कराने से पहले उपकेंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी महिला डॉक्टर से बातचीत करेगी। फिर प्रसव कराएंगी। चिकित्सक के परामर्श पर दवा देगी। बेहतर सुविधा के लिए यह न‌ई पहल की गई है। 10 अप्रैल से इसकी शुरुआत सभी उपकेंद्रों पर कर दी जाएगी।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
अपर आयुक्त ने 11 महिलाओं की सुनी समस्याएं, समाधान के निर्देश
*अपर आयुक्त मीनू राणा ने महिला जनसुनवाई में 11 मामलों की सुनी समस्याएं*

*वरासत, भूमि विवाद और उत्पीड़न के मामलों पर सख्त निर्देश, त्वरित कार्रवाई के आदेश*

*जनसुनवाई में महिलाओं ने उठाई शिकायतें*



*गोण्डा, 6 अप्रैल 2026* -  देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में अपर आयुक्त मीनू राणा ने 11 महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने भूमि विवाद, पारिवारिक उत्पीड़न, वरासत, पुलिस कार्रवाई में लापरवाही समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। अपर आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


*वरासत दर्ज न होने पर महिला ने लगाई गुहार*

तहसील क्षेत्र के ग्राम परेड सरकार की एक महिला ने अपने पति की मृत्यु के बाद भी भूमि की वरासत दर्ज न होने पर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वन्दना देवी ने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति की मृत्यु 17 अप्रैल 2025 को हो चुकी है, जिसके बाद उनके पुत्र द्वारा ऑनलाइन वरासत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन हल्का लेखपाल ने उसे त्रुटिपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया। पीड़िता का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में नाम ‘श्रीचन्द्र पाठक’ जबकि अन्य दस्तावेजों में ‘श्रीकान्त पाठक’ दर्ज है, जो एक ही व्यक्ति हैं। ग्राम प्रधान द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर महिला ने बताया कि उक्त भूमि ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्होंने प्रशासन से वरासत दर्ज कराने की मांग की है।

*महिला ने लगाया जमीन पर अवैध कब्जा व मारपीट का आरोप*


  देवीपाटन मंडल मुख्यालय में आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में कटरा बाजार निवासिनी नेहा तिवारी ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में भूमि क्रय की थी, जिस पर वह कब्जे में है और उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि 27 नवंबर 2025 को गांव के कुछ लोगों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार लेकर उसकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने घर में घुसकर उसे जमीन पर पटक दिया और अश्लील हरकत की। महिला का कहना है कि पुलिस को सूचना देने और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने मंडलायुक्त से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है।
भाजपा का 47 वा स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
फर्रुखाबाद l भाजपा जिला मुख्यालय पर जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा की अध्यक्षता में पार्टी का 47वां स्थापना दिवस मनाया गया। पार्टी मुख्यालय पर सांसद मुकेश राजपूत भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष डॉक्टर भूदेव सिंह एवं पार्टी पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के उपरांत मिष्ठान वितरण हुआ एवं संगोष्ठी आयोजन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। पार्टी जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं,कार्यकर्ताओं एवं पूर्व के पदाधिकारियों को भगवा गमछा पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने संबोधन दिया।
  
मुख्य वक्ता पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना राष्ट्रीय एकता अखंडता एवं सशक्त भारत के निर्माण के लिए हुई इसके पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेई थे। राष्ट्र प्रथम और सेवा ही संगठन के मूल मंत्र के साथ पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक राष्ट्रवादी संगठन का निर्माण किया गया वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व प्रदेश में बहुमत की सरकार चल रही है। भाजपा का संगठन एक परिवार के रूप में कार्यकरता है। प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठन के प्रति निष्ठावान बनकर पार्टी को शिखर पर पहुंचने के लिए कार्य करना है। 1951 में जनसंघ की स्थापना के बाद देश में एक ऐसे राजनीतिक दल की आवश्यकता थी किसी के साथ 1980 में भाजपा के रूप में एक सर्वव्यापी सर्व स्पर्शी संगठन का निर्माण किया गया जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद से प्रेरित थी देश को भ्रष्टाचार और आतंक से मुक्त करने का संकल्प लेकर पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई आगे बढ़े। भाजपा की अनविरत यात्रा में करोड़ो कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार तीसरी बार लगातार केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई सेवा और संकल्प के उसे विश्वास को दृढ़ संकल्पित होकर केंद्रीय की सरकार जन कल्याण की ऐतिहासिक यात्रा के रूप में आगे बढ़ रही है। प्रत्येक कार्यकर्ता को सिद्धांतों और मूल्यों को ध्यान में रखकर महापुरुषों के विचारों को आत्मसात करना है तभी हम विश्व गुरु कहलाएंगे।
  
भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा भाजपा का यह 47वां स्थापना दिवस है इतनी लंबी भाजपा की यात्रा ने देश में एक विशाल परिवर्तन किया जो कार्य वर्षों से नहीं हो पा रहे थे उनको भी पूर्ण करते हुए धारा 370 गगनचुंबी राम मंदिर का निर्माण वफत संशोधन बिल जैसे राष्ट्रहित के कड़े और बड़े निर्णय लिए गए। आज बदलता हुआ भारत पूरी दुनिया को दिखाई दे रहा है वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भी भारत पर इसका कोई असर नहीं है। संगठन स्तर पर इस ऐतिहासिक दिवस को प्रत्येक बूथ, शक्ति केंद्रो, मंडलों, एवं विधानसभा स्तर पर एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। प्रत्येक बीजेपी का समर्पित कार्यकर्ता अपने-अपने घरों में भाजपा का झंडा लगा रहा है। 2027 का विधानसभा चुनाव निकट है इसके लिए कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं एवं ऐतिहासिक निर्णयों की जानकारी पहुंचाने का कार्य करें।
   
पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ भूदेव सिंह राजपूत ने कहा भाजपा का संगठन कार्यकर्ता आधारित है हमने कार्यकर्ताओं के बल पर ही भाजपा को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनाने का कार्य किया। जब देश कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति कांग्रेस की सरकारों के भ्रष्टाचार से त्रस्त हो गया था तब 1980 में देश को इन गंभीर मुद्दों से मुक्त करने के लिए भाजपा की स्थापना हुई। अपने पहले लोकतांत्रिक चुनाव में 2 सांसद जीतने वाली पार्टी आज लगातार देश में तीसरी बार सत्ता में है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने पोखरण में परमाणु परीक्षण करके पूरी दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराया। भाजपा के कार्यकर्ता बहुत ही संयम के साथ संगठन को मजबूत करने का कार्य करें।

इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला महामंत्री डीएस राठौर ने विचार व्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री गोपाल राठौर ने किया इस दौरान आलू विपणन संघ के सभापति विमल कटियार शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक भास्कर दत्त द्विवेदी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़ जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता जिला महामंत्री अमरदीप दीक्षित जिला उपाध्यक्ष अनुराग दुबे जितेंद्र सिंह सर्वेश कुशवाहा रश्मि दुबे अभिषेक बाथम अशनील दिवाकर संदेश राजपूत वीरेंद्र कठेरिया जिला मंत्री पंकज पाल मनोज गंगवार शिव मोहन सिंह अभिषेक बाजपेई प्रतिभा राजपूत हिना दवे जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पिछड़ा मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत जिला कार्यालय प्रभारी संजय सिंह जिला आईटी संयोजक रजनीश मिश्रा पूर्व जिला महामंत्री सुनील रावत हेमचंद्र राजपूत कुलदीप पाल कुंवर जीत राजपूत प्रमोद बाजपेई तोषित प्रीत सिंह मीरा सिंह चित्रा अग्निहोत्री राजेश प्रताप सिंह अभिषेक त्रिवेदी आदि लोग मौजूद रहे।

भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने पूर्व जिला अध्यक्ष सतपाल सिंह डॉक्टर भूदेव सिंह राजपूत व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला कायमगंज के आदेश अग्निहोत्री धीरेंद्र वर्मा गोपाल पालीवाल मनोज हलवाई अतुल दीक्षित संदीप शाक्य कुलदीप दुबे डॉक्टर प्रभात अवस्थी एवं अन्य नेताओं का सम्मान किया गया।
आईआईएम लखनऊ में अधिकारियों को ‘बिज़नेस ट्रेनिंग’, निवेश बढ़ाने को इन्वेस्ट यूपी की पहल

* जिलास्तर पर निवेश प्रोत्साहन को रफ्तार देने के लिए पाँच दिवसीय क्षमता-विकास कार्यशाला शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और जिलास्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ में पाँच दिवसीय ‘क्षमता-विकास कार्यशाला’ का आयोजन शुरू किया है। कार्यक्रम के पहले बैच का शुभारंभ सोमवार को हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण में जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के उपायुक्त, संयुक्त आयुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारी शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जिला स्तर पर निवेश प्रोत्साहन प्रणाली को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख और निवेशक-हितैषी बनाना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आलोक कुमार (अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) ने कहा कि प्रदेश के विकास में जिलास्तरीय नेतृत्व की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अपनाने और निवेशकों को सुगम वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को लीडरशिप, रणनीतिक सोच, वित्तीय साक्षरता और प्रभावी संवाद कौशल जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर भी विशेष फोकस रखा गया है।
इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा, आईआईएम लखनऊ के डीन प्रो. संजय सिंह और कार्यक्रम निदेशक प्रो. क्षितिज अवस्थी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 मई 2026 तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 122 अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम से उम्मीद है कि राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूती मिलेगी और निवेश आकर्षित करने में तेजी आएगी।
फलावदा नगर पंचायत में वर्ष 2026–27 के ठेकों की सार्वजनिक नीलामी संपन्न, 8.12 लाख में पैंठ ठेका छोड़ा गया
मोनू भाटी। मेरठ,फलावदा। नगर पंचायत फलावदा में  सोमवार को वार्षिक ठेके वर्ष 2026–27 की सार्वजनिक नीलामी का आयोजन किया गया। यह नीलामी नगर पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक कुमार सैनी एवं अधिशासी अधिकारी श्री सचिन पंवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नगर पंचायत परिसर में कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
सबसे पहले बुधवार व शनिवार पैंठ (भूमि किराया) के ठेके की नकद नीलामी कराई गई। इस नीलामी में कुल 8 बोलीदाताओं ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच श्री अनिल पुत्र श्री मदन, निवासी वार्ड नं. 2, मोहल्ला अम्बेडकर, कस्बा फलावदा ने सर्वाधिक 8,12,000 रुपये की बोली लगाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
द्वितीय उच्चतम बोली श्री अकरम पुत्र श्री अखलाक, निवासी वार्ड नं. 9, मोहल्ला शहीद मेजर अब्दुल हमीद ने 8,11,000 रुपये की लगाई, जबकि तृतीय उच्चतम बोली श्री परविन्दर पुत्र श्री कालू, निवासी वार्ड नं. 8, मोहल्ला जूडवाला द्वारा 7,70,000 रुपये की रही।
नीलामी के दौरान बोली को और बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन बोली आगे नहीं बढ़ सकी। अंततः सर्वाधिक बोलीदाता श्री अनिल को 8,12,000 रुपये में वर्ष 2026–27 के लिए बुधवार व शनिवार पैंठ (भूमि किराया) का ठेका प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष यही ठेका 6,46,000 रुपये में छोड़ा गया था, जबकि इस वर्ष 1,66,000 रुपये अधिक बोली प्राप्त हुई है। इससे नगर पंचायत की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे निकाय के लिए सकारात्मक उपलब्धि माना जा रहा है।
यह ठेका 08 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए प्रभावी रहेगा। ठेकेदार द्वारा नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया 08 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की जाएगी।
हालांकि, अन्य शेष ठेकों के लिए किसी भी बोलीदाता द्वारा बोली प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके चलते वे ठेके आज की नीलामी में आवंटित नहीं किए जा सके।
इस अवसर पर सभासद  अनुराधा, नईम अनवर,  सोहनवीर सैनी,वकार आलम, नामित सभासद  विवेक कुमार सैनी, अश्वनी विश्नोई, नरेन्द्र खटीक सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त  रविन्द्र कुमार सैनी, मोहित तोमर, तनवीर, शहजाद,  शानू, सतबीर, शुभम अग्रवाल,  अनिरुद्ध कुमार,  रिंकू रस्तौगी, विपिन कुमार,  मनोज कुमार, मेघराज,  नय्यूम अनवर,  आरव प्रजापति,  मोहम्मद कसीम सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं नगर पंचायत कर्मचारीगण भी मौजूद रहे।नगर पंचायत प्रशासन ने इस सफल नीलामी के लिए सभी प्रतिभागियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया।
यह संसार स्थायी नहीं है ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है: जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज

लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में चल रहे शिव शक्ति महायज्ञ के तीसरे दिन काशी धर्म पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज के प्रवचन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने कहा यह संसार स्थायी नहीं है ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। ब्रह्म के दो स्वरूप होते हैं निर्गुण और सगुण।

उन्होंने कहा पार्थिव लिंग का निर्माण कर शिवलिंग का विधि विधान से पूजन करना चाहिए। नियमपूर्वक दर्शन और पूजन करने से शिवलोक की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया मिट्टी गोबर फूल और फल सहित विभिन्न पदार्थों से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जा सकता है।प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा जो पढ़े हनुमान चालीसा होए सिद्ध साखी गौरीशा। इसे कोई भी स्त्री या पुरुष श्रद्धा भाव से पढ़ सकता है।कथा के क्रम में उन्होंने सुरसा प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया सुरसा हनुमान की परीक्षा ले रही थीं। उन्होंने हनुमान से कहा तुम राम काज करोगे क्योंकि तुम बुद्धिमान और बलवान हो।जगतगुरु ने कहा भगवान की माया सबसे कठिन है लेकिन भगवान का आश्रय लेने से इस माया से पार पाया जा सकता है। उन्होंने कहा भाग्यशाली लोगों को ही सद्गुरु का सान्निध्य प्राप्त होता है। जिसके हृदय में भक्ति होती है वह सदैव प्रसन्न रहता है और जीवन में आगे बढ़ता है।उन्होंने कहा इस भवसागर से पार होने के लिए भगवान का नाम ही सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।कहा कि ईश्वर सतोगुण,रजोगुण व तमोगुण तीनों में है।वह परिवर्तनशील है और ब्रम्ह सजीव से मुक्त है।वह अव्यक्त है।वह दृश्य और अदृश्य है।कहा कि सगुण ब्रह्म की आराधना होती है। ईश्वर की आराधना उपासना का विरोध नहीं करना चाहिए।वह सृजन कर्ता है।वह पालन करता है। समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे,जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे,डा गोविंद दुबे,अमरेश द्विवेदी,अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल,सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे आदि भारी संख्या में महिलाएं और पुरुष कथा श्रवण किया।
आलू किसान बचाओ यात्रा 7 अप्रैल को लखनऊ के लिए मंडी समिति से रवाना होगी, राज्यपाल से वार्ता के बाद आलू समस्या का ज्ञापन दिया जाएगा
फर्रुखाबाद l आलू की दुर्दशा को देखकर किसानों के साथ-साथ कारोबारियो का भी काफी नुकसान हो रहा है सरकार से बराबर कहने के बाद भी कोई अभी तक सुनवाई नहीं हो रही है इससे परेशान किसानों और कारोबारियो ने सोमवार को सातनपुर मंडी में किसानों व आलू कारोबार से जुड़े लोगों से  7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा को लेकर विचार विमर्श किया गया l लखनऊ पहुंचकर राज्यपाल को आलू की समस्या को लेकर किसान नेता वार्ता करने के बाद ज्ञापन दिया जाएगा l इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि हमेशा किसानों व मंडी हित की बात करने वाले सतीश वर्मा नेताजी की याद में किसान नेता अशोक कटियार के नेतृत्व में आलू किसान बचाओ यात्रा नेता जी के ही प्रतिष्ठान से 7 अप्रैल को 11 बजे हरी झंडी दिखाकर लखनऊ राजभवन के लिए रवाना होगी l उन्होंने कहा कि यह यात्रा कमालगंज, गुरसहायगंज, कन्नौज, मानीमऊ, बिल्हौर होती हुई लखनऊ राजभवन पहुंचेगी, प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के द्वारा 8 अप्रैल को राज्यपाल को ज्ञापन देकर आलू की दयनीय स्थिति पर वार्ता होगी ।  प्रमुख रूप से आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत , पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा ,रिंकू,प्रदीप गुप्ता मोनी,आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, मुन्ना राजपूत, परसोत्तम वर्मा, राजीव चतुर्वेदी, रामलड़ैते राजपूत,रतीराम शाक्य, विकास दुबे, अरविन्द राजपूत, अन्नू गुप्ता, हरिश्चंद्र वर्मा, प्रदीप राजपूत सहित कई लोगों ने आलू किसान बचाओ यात्रा को सहयोग समर्थन करते हुए उत्साहवर्धन किया ।
राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

आइआइआइटी इलाहाबाद में बीटेक आइटी के साथ ही मिलेगी एमबीए की भी डिग्री, पांच वर्षीय होगा कोर्स

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइआइटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे छात्रों को एक ही प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से बीटेक के साथ एमटेक और एमबीए जैसी उच्च डिग्रियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए पाठ्यक्रम इसी सत्र से होंगे शुरू

नए पाठ्यक्रमों में तीन प्रमुख पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री कोर्स शामिल हैं। इसमें बीटेक-एमटेक (ईसीई), बीटेक-एमटेक (आइटी) और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह तीनों पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

3 पाठ्यक्रमों सहित 58 सीटें होंगी

तीन पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 58 सीटें होंगी। बीटेक-एमटेक (ईसीई) में 11, बीटेक-एमटेक (आइटी) में 25 और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए में 22 सीटों पर सीनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल के मध्य में प्रस्तावित सीनेट की 37वीं मीटिंग में पाठ्यक्रमों को औपचारिकता मंजूरी मिल जाएगी। इन नए कोर्सों के शुरू होने से संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

ऐसे छात्रों के लिए विशेष लाभकारी

सीटों का पुनर्वितरण इस तरह किया गया है कि कुल इंटेक पूर्ववत बना रहे। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हाेगा, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च विशेषज्ञता या प्रबंधन शिक्षा को एकीकृत रूप में प्राप्त करना चाहते हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम

इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजाइन किया गया है। सीनेट की आगामी बैठक में इन नए कोर्सों के लिए नया पाठ्यक्रम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव को अनुमति मिलने के साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी जाएगी। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह पहल छात्रों को उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से बीटेक-एमबीए कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल का अनूठा संयोजन प्रदान करेगा, जिससे कारपोरेट और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

दर्दनाक सड़क हादसे में डंपर ने महिला को कुचला, मौके पर ही मौत; हंगामा कर रहे लोगों से पुलिस की झड़प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कोरांव थाना क्षेत्र में रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ। नगर पंचायत में कोरांव-मेजा मार्ग पर स्थित स्कैनिंग सेंटर के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक में टक्कर मारा। हादसे में बाइक सवार 45 वर्षीय महिला फातिमा बेगम सड़क पर गिर गई और उसे कुचलते हुए वाहन आगे बढ़ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और बेटा सकुशल हैं।

सामने से आ रहे डंपर ने बाइक में मारी टक्कर

घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव निवासी मोहम्मद नौसे पत्नी फातिमा बेगम और 20 वर्षीय बेटे के साथ निमंत्रण में शामिल होने के लिए कोरांव जा रहे थे। कोरांव-मेजा मार्ग पर विपरीत दिशा से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दिया। इससे फातिमा बेगम सड़क पर गिर गई और डंपर के पहिए के नीचे आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

आक्रोशित भीड़ ने किया हंगामा

हादसे में मोहम्मद नौसे और उनका बेटा बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के पहुंचने पर कुछ देर के लिए झड़प की स्थिति भी बनी रही। बाद में पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस ने डंपर वाहन की पहचान कर ली है

इस संबंध में कोरांव थाना के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले डंपर वाहन की पहचान कर ली गई है, जल्द ही उसका चालक पुलिस की हिरासत में होगा। कहा कि मृतक महिला के परिवार के लोगों की ओर से दी जा रही तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

प्रसव के पहले एएनएम करेंगी महिला चिकित्सकों को फोन

*जिले में औसतन हर महीने होते हैं एक हजार से 1200 प्रसव*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जिले के 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अब प्रसव कराने से पहले महिला चिकित्सक को फोन कर स्थिति से अवगत कराएंगी। महिला चिकित्सक के मार्ग दर्शन में ही प्रसव कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर महिला डॉक्टर मौके पर जाएंगी। यदि प्रसूता की स्थिति ठीक नहीं है, तो उसे तुंरत रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह नई पहल शुरू की गई है। यह व्यवस्था 10 अप्रैल से लागू की जाएगी। जिल के 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव होते हैं। जिले की आबादी 18 से 20 लाख है। इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 235 सरकारी और 140 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। सरकारी में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्र है।
इन केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव कराए जाते हैं। अब उप केंद्र पर आने वाली प्रसूता को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलेंगी। यहां तैनात एएनएम, सीएचओ जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल, सीएचसी के महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत कर सकती है। अमूमन देखा जाता है कि गंभीर केस होने पर प्रसूता को केंद्र से रेफर कर दिया जाता था। एएनएम और सीएचओ, महिला डॉक्टर से बातचीत नहीं करतीं थीं। अब ऐसा नहीं होगा। प्रसव कराने और केस रेफर करने से पहले डॉक्टर से बातचीत करनी होगी।
रजिस्टर भी किया जाएगा मेंटेन : स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जो भी एएनएम और सीएचओ प्रसव कराने से पहले महिला डॉक्टर से बातचीत करेंगी। उनका नाम मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
महिला डॉक्टर द्वारा जो परामर्श दिया जाएगा उसे भी रजिस्टर पर लिखा जाएगा। प्रसव कराने से पहले उपकेंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी महिला डॉक्टर से बातचीत करेगी। फिर प्रसव कराएंगी। चिकित्सक के परामर्श पर दवा देगी। बेहतर सुविधा के लिए यह न‌ई पहल की गई है। 10 अप्रैल से इसकी शुरुआत सभी उपकेंद्रों पर कर दी जाएगी।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
अपर आयुक्त ने 11 महिलाओं की सुनी समस्याएं, समाधान के निर्देश
*अपर आयुक्त मीनू राणा ने महिला जनसुनवाई में 11 मामलों की सुनी समस्याएं*

*वरासत, भूमि विवाद और उत्पीड़न के मामलों पर सख्त निर्देश, त्वरित कार्रवाई के आदेश*

*जनसुनवाई में महिलाओं ने उठाई शिकायतें*



*गोण्डा, 6 अप्रैल 2026* -  देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में अपर आयुक्त मीनू राणा ने 11 महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने भूमि विवाद, पारिवारिक उत्पीड़न, वरासत, पुलिस कार्रवाई में लापरवाही समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। अपर आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


*वरासत दर्ज न होने पर महिला ने लगाई गुहार*

तहसील क्षेत्र के ग्राम परेड सरकार की एक महिला ने अपने पति की मृत्यु के बाद भी भूमि की वरासत दर्ज न होने पर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वन्दना देवी ने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति की मृत्यु 17 अप्रैल 2025 को हो चुकी है, जिसके बाद उनके पुत्र द्वारा ऑनलाइन वरासत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन हल्का लेखपाल ने उसे त्रुटिपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया। पीड़िता का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में नाम ‘श्रीचन्द्र पाठक’ जबकि अन्य दस्तावेजों में ‘श्रीकान्त पाठक’ दर्ज है, जो एक ही व्यक्ति हैं। ग्राम प्रधान द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर महिला ने बताया कि उक्त भूमि ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्होंने प्रशासन से वरासत दर्ज कराने की मांग की है।

*महिला ने लगाया जमीन पर अवैध कब्जा व मारपीट का आरोप*


  देवीपाटन मंडल मुख्यालय में आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में कटरा बाजार निवासिनी नेहा तिवारी ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में भूमि क्रय की थी, जिस पर वह कब्जे में है और उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि 27 नवंबर 2025 को गांव के कुछ लोगों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार लेकर उसकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने घर में घुसकर उसे जमीन पर पटक दिया और अश्लील हरकत की। महिला का कहना है कि पुलिस को सूचना देने और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने मंडलायुक्त से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है।
भाजपा का 47 वा स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
फर्रुखाबाद l भाजपा जिला मुख्यालय पर जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा की अध्यक्षता में पार्टी का 47वां स्थापना दिवस मनाया गया। पार्टी मुख्यालय पर सांसद मुकेश राजपूत भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष डॉक्टर भूदेव सिंह एवं पार्टी पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के उपरांत मिष्ठान वितरण हुआ एवं संगोष्ठी आयोजन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। पार्टी जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं,कार्यकर्ताओं एवं पूर्व के पदाधिकारियों को भगवा गमछा पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने संबोधन दिया।
  
मुख्य वक्ता पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना राष्ट्रीय एकता अखंडता एवं सशक्त भारत के निर्माण के लिए हुई इसके पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेई थे। राष्ट्र प्रथम और सेवा ही संगठन के मूल मंत्र के साथ पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक राष्ट्रवादी संगठन का निर्माण किया गया वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व प्रदेश में बहुमत की सरकार चल रही है। भाजपा का संगठन एक परिवार के रूप में कार्यकरता है। प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठन के प्रति निष्ठावान बनकर पार्टी को शिखर पर पहुंचने के लिए कार्य करना है। 1951 में जनसंघ की स्थापना के बाद देश में एक ऐसे राजनीतिक दल की आवश्यकता थी किसी के साथ 1980 में भाजपा के रूप में एक सर्वव्यापी सर्व स्पर्शी संगठन का निर्माण किया गया जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद से प्रेरित थी देश को भ्रष्टाचार और आतंक से मुक्त करने का संकल्प लेकर पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई आगे बढ़े। भाजपा की अनविरत यात्रा में करोड़ो कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार तीसरी बार लगातार केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई सेवा और संकल्प के उसे विश्वास को दृढ़ संकल्पित होकर केंद्रीय की सरकार जन कल्याण की ऐतिहासिक यात्रा के रूप में आगे बढ़ रही है। प्रत्येक कार्यकर्ता को सिद्धांतों और मूल्यों को ध्यान में रखकर महापुरुषों के विचारों को आत्मसात करना है तभी हम विश्व गुरु कहलाएंगे।
  
भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा भाजपा का यह 47वां स्थापना दिवस है इतनी लंबी भाजपा की यात्रा ने देश में एक विशाल परिवर्तन किया जो कार्य वर्षों से नहीं हो पा रहे थे उनको भी पूर्ण करते हुए धारा 370 गगनचुंबी राम मंदिर का निर्माण वफत संशोधन बिल जैसे राष्ट्रहित के कड़े और बड़े निर्णय लिए गए। आज बदलता हुआ भारत पूरी दुनिया को दिखाई दे रहा है वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भी भारत पर इसका कोई असर नहीं है। संगठन स्तर पर इस ऐतिहासिक दिवस को प्रत्येक बूथ, शक्ति केंद्रो, मंडलों, एवं विधानसभा स्तर पर एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। प्रत्येक बीजेपी का समर्पित कार्यकर्ता अपने-अपने घरों में भाजपा का झंडा लगा रहा है। 2027 का विधानसभा चुनाव निकट है इसके लिए कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं एवं ऐतिहासिक निर्णयों की जानकारी पहुंचाने का कार्य करें।
   
पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ भूदेव सिंह राजपूत ने कहा भाजपा का संगठन कार्यकर्ता आधारित है हमने कार्यकर्ताओं के बल पर ही भाजपा को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनाने का कार्य किया। जब देश कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति कांग्रेस की सरकारों के भ्रष्टाचार से त्रस्त हो गया था तब 1980 में देश को इन गंभीर मुद्दों से मुक्त करने के लिए भाजपा की स्थापना हुई। अपने पहले लोकतांत्रिक चुनाव में 2 सांसद जीतने वाली पार्टी आज लगातार देश में तीसरी बार सत्ता में है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने पोखरण में परमाणु परीक्षण करके पूरी दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराया। भाजपा के कार्यकर्ता बहुत ही संयम के साथ संगठन को मजबूत करने का कार्य करें।

इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला महामंत्री डीएस राठौर ने विचार व्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री गोपाल राठौर ने किया इस दौरान आलू विपणन संघ के सभापति विमल कटियार शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक भास्कर दत्त द्विवेदी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़ जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता जिला महामंत्री अमरदीप दीक्षित जिला उपाध्यक्ष अनुराग दुबे जितेंद्र सिंह सर्वेश कुशवाहा रश्मि दुबे अभिषेक बाथम अशनील दिवाकर संदेश राजपूत वीरेंद्र कठेरिया जिला मंत्री पंकज पाल मनोज गंगवार शिव मोहन सिंह अभिषेक बाजपेई प्रतिभा राजपूत हिना दवे जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पिछड़ा मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत जिला कार्यालय प्रभारी संजय सिंह जिला आईटी संयोजक रजनीश मिश्रा पूर्व जिला महामंत्री सुनील रावत हेमचंद्र राजपूत कुलदीप पाल कुंवर जीत राजपूत प्रमोद बाजपेई तोषित प्रीत सिंह मीरा सिंह चित्रा अग्निहोत्री राजेश प्रताप सिंह अभिषेक त्रिवेदी आदि लोग मौजूद रहे।

भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने पूर्व जिला अध्यक्ष सतपाल सिंह डॉक्टर भूदेव सिंह राजपूत व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला कायमगंज के आदेश अग्निहोत्री धीरेंद्र वर्मा गोपाल पालीवाल मनोज हलवाई अतुल दीक्षित संदीप शाक्य कुलदीप दुबे डॉक्टर प्रभात अवस्थी एवं अन्य नेताओं का सम्मान किया गया।
आईआईएम लखनऊ में अधिकारियों को ‘बिज़नेस ट्रेनिंग’, निवेश बढ़ाने को इन्वेस्ट यूपी की पहल

* जिलास्तर पर निवेश प्रोत्साहन को रफ्तार देने के लिए पाँच दिवसीय क्षमता-विकास कार्यशाला शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और जिलास्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ में पाँच दिवसीय ‘क्षमता-विकास कार्यशाला’ का आयोजन शुरू किया है। कार्यक्रम के पहले बैच का शुभारंभ सोमवार को हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण में जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के उपायुक्त, संयुक्त आयुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारी शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जिला स्तर पर निवेश प्रोत्साहन प्रणाली को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख और निवेशक-हितैषी बनाना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आलोक कुमार (अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) ने कहा कि प्रदेश के विकास में जिलास्तरीय नेतृत्व की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अपनाने और निवेशकों को सुगम वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को लीडरशिप, रणनीतिक सोच, वित्तीय साक्षरता और प्रभावी संवाद कौशल जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर भी विशेष फोकस रखा गया है।
इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा, आईआईएम लखनऊ के डीन प्रो. संजय सिंह और कार्यक्रम निदेशक प्रो. क्षितिज अवस्थी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 मई 2026 तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 122 अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम से उम्मीद है कि राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूती मिलेगी और निवेश आकर्षित करने में तेजी आएगी।
फलावदा नगर पंचायत में वर्ष 2026–27 के ठेकों की सार्वजनिक नीलामी संपन्न, 8.12 लाख में पैंठ ठेका छोड़ा गया
मोनू भाटी। मेरठ,फलावदा। नगर पंचायत फलावदा में  सोमवार को वार्षिक ठेके वर्ष 2026–27 की सार्वजनिक नीलामी का आयोजन किया गया। यह नीलामी नगर पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक कुमार सैनी एवं अधिशासी अधिकारी श्री सचिन पंवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नगर पंचायत परिसर में कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
सबसे पहले बुधवार व शनिवार पैंठ (भूमि किराया) के ठेके की नकद नीलामी कराई गई। इस नीलामी में कुल 8 बोलीदाताओं ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच श्री अनिल पुत्र श्री मदन, निवासी वार्ड नं. 2, मोहल्ला अम्बेडकर, कस्बा फलावदा ने सर्वाधिक 8,12,000 रुपये की बोली लगाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
द्वितीय उच्चतम बोली श्री अकरम पुत्र श्री अखलाक, निवासी वार्ड नं. 9, मोहल्ला शहीद मेजर अब्दुल हमीद ने 8,11,000 रुपये की लगाई, जबकि तृतीय उच्चतम बोली श्री परविन्दर पुत्र श्री कालू, निवासी वार्ड नं. 8, मोहल्ला जूडवाला द्वारा 7,70,000 रुपये की रही।
नीलामी के दौरान बोली को और बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन बोली आगे नहीं बढ़ सकी। अंततः सर्वाधिक बोलीदाता श्री अनिल को 8,12,000 रुपये में वर्ष 2026–27 के लिए बुधवार व शनिवार पैंठ (भूमि किराया) का ठेका प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष यही ठेका 6,46,000 रुपये में छोड़ा गया था, जबकि इस वर्ष 1,66,000 रुपये अधिक बोली प्राप्त हुई है। इससे नगर पंचायत की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे निकाय के लिए सकारात्मक उपलब्धि माना जा रहा है।
यह ठेका 08 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए प्रभावी रहेगा। ठेकेदार द्वारा नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया 08 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की जाएगी।
हालांकि, अन्य शेष ठेकों के लिए किसी भी बोलीदाता द्वारा बोली प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके चलते वे ठेके आज की नीलामी में आवंटित नहीं किए जा सके।
इस अवसर पर सभासद  अनुराधा, नईम अनवर,  सोहनवीर सैनी,वकार आलम, नामित सभासद  विवेक कुमार सैनी, अश्वनी विश्नोई, नरेन्द्र खटीक सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त  रविन्द्र कुमार सैनी, मोहित तोमर, तनवीर, शहजाद,  शानू, सतबीर, शुभम अग्रवाल,  अनिरुद्ध कुमार,  रिंकू रस्तौगी, विपिन कुमार,  मनोज कुमार, मेघराज,  नय्यूम अनवर,  आरव प्रजापति,  मोहम्मद कसीम सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं नगर पंचायत कर्मचारीगण भी मौजूद रहे।नगर पंचायत प्रशासन ने इस सफल नीलामी के लिए सभी प्रतिभागियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया।
यह संसार स्थायी नहीं है ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है: जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज

लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में चल रहे शिव शक्ति महायज्ञ के तीसरे दिन काशी धर्म पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज के प्रवचन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने कहा यह संसार स्थायी नहीं है ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। ब्रह्म के दो स्वरूप होते हैं निर्गुण और सगुण।

उन्होंने कहा पार्थिव लिंग का निर्माण कर शिवलिंग का विधि विधान से पूजन करना चाहिए। नियमपूर्वक दर्शन और पूजन करने से शिवलोक की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया मिट्टी गोबर फूल और फल सहित विभिन्न पदार्थों से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जा सकता है।प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा जो पढ़े हनुमान चालीसा होए सिद्ध साखी गौरीशा। इसे कोई भी स्त्री या पुरुष श्रद्धा भाव से पढ़ सकता है।कथा के क्रम में उन्होंने सुरसा प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया सुरसा हनुमान की परीक्षा ले रही थीं। उन्होंने हनुमान से कहा तुम राम काज करोगे क्योंकि तुम बुद्धिमान और बलवान हो।जगतगुरु ने कहा भगवान की माया सबसे कठिन है लेकिन भगवान का आश्रय लेने से इस माया से पार पाया जा सकता है। उन्होंने कहा भाग्यशाली लोगों को ही सद्गुरु का सान्निध्य प्राप्त होता है। जिसके हृदय में भक्ति होती है वह सदैव प्रसन्न रहता है और जीवन में आगे बढ़ता है।उन्होंने कहा इस भवसागर से पार होने के लिए भगवान का नाम ही सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।कहा कि ईश्वर सतोगुण,रजोगुण व तमोगुण तीनों में है।वह परिवर्तनशील है और ब्रम्ह सजीव से मुक्त है।वह अव्यक्त है।वह दृश्य और अदृश्य है।कहा कि सगुण ब्रह्म की आराधना होती है। ईश्वर की आराधना उपासना का विरोध नहीं करना चाहिए।वह सृजन कर्ता है।वह पालन करता है। समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे,जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे,डा गोविंद दुबे,अमरेश द्विवेदी,अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल,सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे आदि भारी संख्या में महिलाएं और पुरुष कथा श्रवण किया।
आलू किसान बचाओ यात्रा 7 अप्रैल को लखनऊ के लिए मंडी समिति से रवाना होगी, राज्यपाल से वार्ता के बाद आलू समस्या का ज्ञापन दिया जाएगा
फर्रुखाबाद l आलू की दुर्दशा को देखकर किसानों के साथ-साथ कारोबारियो का भी काफी नुकसान हो रहा है सरकार से बराबर कहने के बाद भी कोई अभी तक सुनवाई नहीं हो रही है इससे परेशान किसानों और कारोबारियो ने सोमवार को सातनपुर मंडी में किसानों व आलू कारोबार से जुड़े लोगों से  7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा को लेकर विचार विमर्श किया गया l लखनऊ पहुंचकर राज्यपाल को आलू की समस्या को लेकर किसान नेता वार्ता करने के बाद ज्ञापन दिया जाएगा l इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि हमेशा किसानों व मंडी हित की बात करने वाले सतीश वर्मा नेताजी की याद में किसान नेता अशोक कटियार के नेतृत्व में आलू किसान बचाओ यात्रा नेता जी के ही प्रतिष्ठान से 7 अप्रैल को 11 बजे हरी झंडी दिखाकर लखनऊ राजभवन के लिए रवाना होगी l उन्होंने कहा कि यह यात्रा कमालगंज, गुरसहायगंज, कन्नौज, मानीमऊ, बिल्हौर होती हुई लखनऊ राजभवन पहुंचेगी, प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के द्वारा 8 अप्रैल को राज्यपाल को ज्ञापन देकर आलू की दयनीय स्थिति पर वार्ता होगी ।  प्रमुख रूप से आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत , पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा ,रिंकू,प्रदीप गुप्ता मोनी,आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, मुन्ना राजपूत, परसोत्तम वर्मा, राजीव चतुर्वेदी, रामलड़ैते राजपूत,रतीराम शाक्य, विकास दुबे, अरविन्द राजपूत, अन्नू गुप्ता, हरिश्चंद्र वर्मा, प्रदीप राजपूत सहित कई लोगों ने आलू किसान बचाओ यात्रा को सहयोग समर्थन करते हुए उत्साहवर्धन किया ।