मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 14 महिलाओं ने उठाईं समस्याएं, 5 दिन में निस्तारण के निर्देश

*देवीपाटन में शक्ति संवाद: दैनिक मॉनिटरिंग के आदेश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी*

गोण्डा। देवीपाटन मंडल मुख्यालय स्थित आयुक्त कार्यालय, गोण्डा में सोमवार को नवागत आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में *“मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”* कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष महिला जनसुनवाई में कुल 14 महिलाओं ने भाग लेकर अपनी विभिन्न समस्याएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी शिकायतें सीधे प्रशासन के उच्च स्तरतक पहुंचा सकें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।

आयुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण 5 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।

जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा एवं उत्पीड़न जैसे मामले प्रमुख रूप से सामने आए।  माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में ग्राम कन्धरातेजी की रेनू ने लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पति व ससुर की मृत्यु के बाद वरासत हेतु आवेदन किया, लेकिन लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को विवादित दिखा दिया। आरोप है कि 30 हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर ऐसा किया गया। रेनू के दो छोटे बच्चे हैं और उन्हें संपत्ति पर कब्जा भी नहीं मिल पा रहा है।  इस पर आयुक्त ने अपर आयुक्त को जांच कर वरासत दर्ज करने की निर्देश दिये साथ ही कहा बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही महिला को विधवा पेंशन का लाभ देने एवं राशन कार्ड बनवाने के निर्देश डीपीओ को दिए।

आयुक्त ने सभी प्रकरणों को प्राथमिकता में रखते हुए अधिकारियों को मौके पर जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की दैनिक मॉनिटरिंग करते हुए समयसीमा के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा शिकायतकर्ताओं को अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस दौरान अपर आयुक्त देवीपाटन मंडल भी उपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भावुक अंदाज मुस्लिम प्रशंसकों ने गले लगकर कहा, 'आप दिल्ली मत जाओ'

विदिशा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विदिशा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान इन दिनों अपने चुनाव प्रचार अभियान में व्यस्त हैं। इसी दौरान एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान का अपने प्रशंसकों के प्रति गहरा लगाव साफ़ नजर आ रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवराज सिंह चौहान अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी कुछ बुजुर्ग मुस्लिम समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। जैसे ही शिवराज गाड़ी से नीचे उतरे, इन बुजुर्गों ने उन्हें गले लगा लिया। वे काफी भावुक नजर आ रहे थे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, "आप हमें छोड़कर दिल्ली मत जाओ, हमारा दिल नहीं लगता।"

शिवराज सिंह चौहान ने भी उतने ही प्यार से उन्हें गले लगाया और हंसते हुए उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने फूलों की वर्षा की और 'मामा-मामा' के नारे लगाए। शिवराज सिंह ने बुजुर्गों से बातचीत की और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग शिवराज सिंह चौहान की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच बने हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता का किया बहिष्कार, चिठ्ठी लिखकर बोले- न्याय मिलने की उम्मीद टूटी

#arvind_kejriwal_wrote_a_letter_to_justice_swarna_kanta

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को एक पत्र लिखा है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि वे उनके सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है।

गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा, 'मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है। इसलिए मैंने गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा।'

केजरीवाल हाईकोर्ट में अब नहीं होंगे पेश

इससे पहले 20 अप्रैल को, दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटाने की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट में पेशी से पहले अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को ये लेटर लिखा है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़ा है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की थी। उन्होंने जज पर पक्षपात का आशंका जताते हुए कई आधार दिए थे, जिनमें जज के बच्चों का सरकारी वकीलों के साथ जुड़ाव भी शामिल था। हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने हाल ही में इस याचिका को साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका शपथ संविधान से है, दबाव में नहीं झुकेंगी। जज ने केजरीवाल की याचिका को ‘बिना सबूतों के आरोप’ करार दिया और कहा कि ऐसे आवेदन न्यायिक प्रक्रिया पर हमला हैं।

होमगार्ड भर्ती परीक्षा केंद्र का डीएम एसपी ने किया निरीक्षण, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को दिए निर्देश

फर्रुखाबादl उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर व  पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रखा बालिका इंटर कॉलेज व राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का भ्रमण कर परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया,रखा बालिका इंटर कॉलेज में 240 के सापेक्ष 175 व राजकीय पॉलीटेक्निक में 240 के सापेक्ष 173 परीक्षार्थी उपस्थित पाये गये।
जिलाधिकारी एवं  पुलिस अधीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों तथा ड्यूटी में लगे पुलिस बल को निर्देशित किया कि परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनपद के 19 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जो प्रत्येक दिवस दो पालियों में संचालित हो रही है। प्रथम पाली पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। प्रत्येक पाली में कुल 7104 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनके लिए सभी केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है, जो सतत निगरानी रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा ड्यूटी में लगे समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यालय प्रबंधकों एवं पुलिस बल को निर्देशित किया कि वे शासनादेश के अनुरूप पूर्ण गंभीरता, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जाए, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़-भाड़ पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए गए।
जनपद प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंधन एवं कड़ी निगरानी के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सकुशल संपन्न कराई जा रही है।
रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा में भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन

वर्दी का सपना हुआ साकार, पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर 497 आरक्षी जनसेवा हेतु हुए तैयार

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के कुशल निर्देशन में संचालित 497 रिक्रूट आरक्षियों के 09 माह के कठोर एवं अनुशासित प्रशिक्षण सत्र का सफल समापन आज दिनांक 26 अप्रैल 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन, गोण्डा में भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत परेड समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। यह अवसर न केवल रिक्रूट आरक्षियों के लिए, बल्कि उनके परिवारजनों एवं सम्पूर्ण पुलिस विभाग के लिए गर्व एवं गौरव का क्षण रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक, देवीपाटन परिक्षेत्र श्री अमित पाठक द्वारा परेड की सलामी ली गई। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा परेड का सूक्ष्म निरीक्षण कर मान-प्रणाम ग्रहण किया गया। रिक्रूट आरक्षियों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का प्रदर्शन करते हुए टोलीवार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अतिथियों को प्रभावित किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा समस्त रिक्रूट आरक्षियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, निष्पक्षता एवं संवेदनशीलता के साथ करने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पित सेवा का माध्यम है, जिसमें अनुशासन, धैर्य, सहनशीलता एवं त्वरित निर्णय क्षमता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नवआरक्षियों को पुलिस परिवार में सम्मिलित होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट आरक्षियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। आंतरिक एवं बाह्य विषयों में उत्कृष्ट मानसिक एवं शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन करने हेतु रिक्रूट आरक्षी समर पाल वर्मा एवं शैलेन्द्र यादव को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। सर्वांग सर्वाेत्तम प्रदर्शन हेतु रिक्रूट आरक्षी नित्यानंद त्रिपाठी को “सर्वांग सर्वाेत्तम आरक्षी” का सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य विभिन्न विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले रिक्रूट आरक्षियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। दीक्षांत परेड के सफल संचालन में प्रथम परेड कमांडर सौभाग्य, द्वितीय परेड कमांडर अभय यादव एवं तृतीय परेड कमांडर अभय प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके नेतृत्व में परेड का संचालन अत्यंत प्रभावी एवं अनुशासित ढंग से सम्पन्न हुआ। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा प्रशिक्षण सत्र में योगदान देने वाले समस्त इण्डोर एवं आउटडोर प्रशिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य, समर्पण एवं पेशेवर दक्षता की सराहना की गई। उनके कुशल मार्गदर्शन एवं सतत प्रेरणा के फलस्वरूप रिक्रूट आरक्षियों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। इस अवसर पर आई0टी0आई0 श्री अनिल कुमार यादव, पीटीआई श्री सेराज अहमद तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्री इन्द्रेश कुमार गुप्ता एवं श्री प्रवीण पाण्डेय को भी पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं पुलिसकर्मियों द्वारा नवप्रशिक्षित आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

*इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दवाच्यॉ, ट्रेनी आईपीएस श्री प्रदीप कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहै।

कोंकण रेलवे के सहयोग से सफल हुआ “धरोहर” का पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम
मुंबई । यात्रियों को नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद कराते हुए रमणीय कोंकण रेल-मार्ग पर यात्रियों को अपने “सादर सेवा” का अनुभव प्रदान करने के लिए मशहूर कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निरंतरता के साथ सक्रिय रूप से संलग्न संस्था “धरोहर” के गत शनिवार को मुंबई के मरीन लाइंस स्थित वेस्ट एंड होटल में आयोजित पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कर झा से कोंकण रेलवे की विकास यात्रा एवं विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत साहित्य डॉ अमरीश सिन्हा की नवीनतम पुस्तक “बक्से का कोट” (काव्य संग्रह) के विमोचन का यह कार्यक्रम मुंबई एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से पधारे बुद्धिजीवियों, लेखकों, आध्यात्मिक मनीषियों, निष्णात बैंक एवं बीमा कर्मियों की मौजूदगी से उल्लेखनीय तथा अविस्मरणीय बन गया। कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जो एक लोकप्रिय साहित्यकार भी हैं, ने अपने संबोधन में कहा भी कि यदि खचाखच भरे सभागार में 70-80 प्रतिशत लेखक,कवि, साहित्यकार की उपस्थिति रहती है, तो कार्यक्रम नि:संदेह अनुकरणीय और ऐतिहासिक हो जाता है। उन्होंने डॉ अमरीश सिन्हा की इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक “बक्से का कोट” से तीन कविताएँ अपनी प्रखर शैली में सुनाई। उपस्थित सभागार ने एक स्वर में कोंकण रेलवे के सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अवदानों की सराहना की। कई  श्रोताओं ने कोंकण रेलवे से अपनी यात्रा के रोचक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोंकण रेलवे के राजभाषा विभाग से जुड़े कार्मिकों ने अपना अप्रतिम सहयोग दिया। इनमें सहायक उप महाप्रबंधक सदानंद चितले, प्रिया पोकले, सतीश धुरी, श्रेया, सीताराम दुबे सहित अन्य कार्मिक शामिल हैं।
“धरोहर” के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ एडवोकेट दीनानाथ तिवारी ने संतोष कुमार झा का शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का अपने विलक्षण अंदाज़ में संचालन जाने-माने एंकर व लेखक प्रिंस ग्रोवर ने किया।
मन की बात’ से जन-जन को मिल रही नई ऊर्जा : केशव प्रसाद मौर्य
* लखनऊ में उप मुख्यमंत्री ने सुना प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ का 133वां संस्करण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को लखनऊ के डीवीएल लॉन, बुद्धेश्वर चौराहा पर जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं वरिष्ठ समाजसेवियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण का श्रवण किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि ‘मन की बात’ से जन-जन को नई ऊर्जा और सकारात्मक प्रेरणा मिल रही है। कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रधानमंत्री इस मंच का उपयोग कभी भी राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं करते, बल्कि सदैव सकारात्मकता, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के संदेश को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से विभिन्न प्रेरक और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हैं, जो समाज के हर वर्ग को नई दिशा देते हैं। देशवासियों के लिए यह गौरव का विषय है कि उन्हें प्रधानमंत्री के ऐसे प्रेरणादायक विचार सुनने का अवसर मिलता है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के उद्बोधन से नागरिकों में नई ऊर्जा का संचार होता है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी और अधिक सशक्त होती है। ‘मन की बात’ आज जन-जन को जोड़ने वाला प्रभावी माध्यम बन चुका है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
इस अवसर पर  आनंद द्विवेदी, विजय मौर्य, उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. ऋषि चौरसिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
'मन की बात’ देश को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच : डॉ. मोहन यादव

* भोपाल और बैतूल में मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम


भोपाल/बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को देशवासियों के मन में स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर आमजन को नई दिशा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नदी, तालाब, नहर, कुएं और वन क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। उन्होंने किसानों के हित में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में गेहूं, चना और मसूर की खरीदी प्राथमिकता से की जा रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की गई है।

डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया है। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा होगी। वहीं बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की सफलता को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के प्रयोग से देश की जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सरल बन रही है। साथ ही भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जो देश के लिए गौरव की बात है।

इस अवसर पर भोपाल में मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति सहित कई नेता मौजूद रहे। बैतूल में विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यूपी में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द * गलत दस्तावेज और अधूरे ब्यौरे पर बड़ी कार्रवाई, लखनऊ में सबसे ज्यादा 1114 रजिस्ट्रेशन निरस्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के सत्यापन अभियान के तहत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। गलत, अधूरे और विसंगतिपूर्ण अभिलेख मिलने पर प्रदेश की 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से की गई है।
प्रदेश में कुल 1.26 लाख वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं, जिनका विवरण केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए 6 जून तक पंजीकरण की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
निरस्त पंजीकरणों में लखनऊ सबसे ऊपर है, जहां 1114 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया। इसके अलावा बिजनौर में 1003, सहारनपुर में 990, बाराबंकी में 577, अमरोहा में 86, बागपत में 60 और बरेली में 17 मामलों में कार्रवाई की गई है।
वक्फ बोर्ड के अनुसार जिन संपत्तियों के दस्तावेज अधूरे पाए गए, विवरण गलत मिला या रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं, उनका पंजीकरण निरस्त किया गया है। संबंधित प्रबंधन समितियों को अब सही अभिलेखों के साथ दोबारा आवेदन करना होगा।
इस कार्रवाई को वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी के समय में बदलाव, सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक इलाज
*तेज धूप और लू को देखते हुए समय में किया गया बदलाव,अब सुबह 8 से 2 बजे तक मरीज देखेंगे डॉक्टर*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही‌। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी के समय में बदलाव किया गया है। अब ओपीडी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलेगी। इससे मरीजों को उपचार कराने में आसानी होगी। पहले सुबह 10 बजे से साम चार बजे तक ओपीडी चलती थी। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 1800 से 2200 की ओपीडी होती है। जिले में छह सीएचसी गोपीगंज, भानीपुर, औराई, डीघ, भदोही, सुरियावां हैं। यहां 1200 से 1400 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जहां पर 800 से 1000 की ओपीडी होती है। मौसम की तल्खी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोगों का घर से निकल पाना मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल, एमबीएस भदोही की ओपीडी पहले की तरह सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। अस्पताल आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह है कि समय से अस्पताल पहुंचे। दवा लेकर सीधे घर पहुंचे। बीच में थकान महसूस होने पर किसी छायादार स्थान पर रूकें। घर पहुंचने के कुछ देर बाद हाथ पैर को ठंडे पानी से धुलें। आंख पर ठंड पानी का पुटा मारें। इससे गर्मी से राहत मिलेगी। खान पान को लेकर बेहद सतर्कता बरतें। तले भुने खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि ओपीडी के समय में बदलाव हो चुका है। सीएचसी, पीएचसी की ओपीडी अब सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। जो पहले सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक थी।
मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 14 महिलाओं ने उठाईं समस्याएं, 5 दिन में निस्तारण के निर्देश

*देवीपाटन में शक्ति संवाद: दैनिक मॉनिटरिंग के आदेश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी*

गोण्डा। देवीपाटन मंडल मुख्यालय स्थित आयुक्त कार्यालय, गोण्डा में सोमवार को नवागत आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में *“मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”* कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष महिला जनसुनवाई में कुल 14 महिलाओं ने भाग लेकर अपनी विभिन्न समस्याएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी शिकायतें सीधे प्रशासन के उच्च स्तरतक पहुंचा सकें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।

आयुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण 5 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।

जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा एवं उत्पीड़न जैसे मामले प्रमुख रूप से सामने आए।  माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में ग्राम कन्धरातेजी की रेनू ने लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पति व ससुर की मृत्यु के बाद वरासत हेतु आवेदन किया, लेकिन लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को विवादित दिखा दिया। आरोप है कि 30 हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर ऐसा किया गया। रेनू के दो छोटे बच्चे हैं और उन्हें संपत्ति पर कब्जा भी नहीं मिल पा रहा है।  इस पर आयुक्त ने अपर आयुक्त को जांच कर वरासत दर्ज करने की निर्देश दिये साथ ही कहा बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही महिला को विधवा पेंशन का लाभ देने एवं राशन कार्ड बनवाने के निर्देश डीपीओ को दिए।

आयुक्त ने सभी प्रकरणों को प्राथमिकता में रखते हुए अधिकारियों को मौके पर जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की दैनिक मॉनिटरिंग करते हुए समयसीमा के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा शिकायतकर्ताओं को अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस दौरान अपर आयुक्त देवीपाटन मंडल भी उपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भावुक अंदाज मुस्लिम प्रशंसकों ने गले लगकर कहा, 'आप दिल्ली मत जाओ'

विदिशा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विदिशा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान इन दिनों अपने चुनाव प्रचार अभियान में व्यस्त हैं। इसी दौरान एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान का अपने प्रशंसकों के प्रति गहरा लगाव साफ़ नजर आ रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवराज सिंह चौहान अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी कुछ बुजुर्ग मुस्लिम समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। जैसे ही शिवराज गाड़ी से नीचे उतरे, इन बुजुर्गों ने उन्हें गले लगा लिया। वे काफी भावुक नजर आ रहे थे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, "आप हमें छोड़कर दिल्ली मत जाओ, हमारा दिल नहीं लगता।"

शिवराज सिंह चौहान ने भी उतने ही प्यार से उन्हें गले लगाया और हंसते हुए उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने फूलों की वर्षा की और 'मामा-मामा' के नारे लगाए। शिवराज सिंह ने बुजुर्गों से बातचीत की और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग शिवराज सिंह चौहान की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच बने हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता का किया बहिष्कार, चिठ्ठी लिखकर बोले- न्याय मिलने की उम्मीद टूटी

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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को एक पत्र लिखा है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि वे उनके सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है।

गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा, 'मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है। इसलिए मैंने गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा।'

केजरीवाल हाईकोर्ट में अब नहीं होंगे पेश

इससे पहले 20 अप्रैल को, दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटाने की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट में पेशी से पहले अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को ये लेटर लिखा है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़ा है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की थी। उन्होंने जज पर पक्षपात का आशंका जताते हुए कई आधार दिए थे, जिनमें जज के बच्चों का सरकारी वकीलों के साथ जुड़ाव भी शामिल था। हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने हाल ही में इस याचिका को साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका शपथ संविधान से है, दबाव में नहीं झुकेंगी। जज ने केजरीवाल की याचिका को ‘बिना सबूतों के आरोप’ करार दिया और कहा कि ऐसे आवेदन न्यायिक प्रक्रिया पर हमला हैं।

होमगार्ड भर्ती परीक्षा केंद्र का डीएम एसपी ने किया निरीक्षण, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को दिए निर्देश

फर्रुखाबादl उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर व  पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रखा बालिका इंटर कॉलेज व राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का भ्रमण कर परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया,रखा बालिका इंटर कॉलेज में 240 के सापेक्ष 175 व राजकीय पॉलीटेक्निक में 240 के सापेक्ष 173 परीक्षार्थी उपस्थित पाये गये।
जिलाधिकारी एवं  पुलिस अधीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों तथा ड्यूटी में लगे पुलिस बल को निर्देशित किया कि परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनपद के 19 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जो प्रत्येक दिवस दो पालियों में संचालित हो रही है। प्रथम पाली पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। प्रत्येक पाली में कुल 7104 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनके लिए सभी केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है, जो सतत निगरानी रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा ड्यूटी में लगे समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यालय प्रबंधकों एवं पुलिस बल को निर्देशित किया कि वे शासनादेश के अनुरूप पूर्ण गंभीरता, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जाए, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़-भाड़ पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए गए।
जनपद प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंधन एवं कड़ी निगरानी के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सकुशल संपन्न कराई जा रही है।
रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा में भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन

वर्दी का सपना हुआ साकार, पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर 497 आरक्षी जनसेवा हेतु हुए तैयार

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के कुशल निर्देशन में संचालित 497 रिक्रूट आरक्षियों के 09 माह के कठोर एवं अनुशासित प्रशिक्षण सत्र का सफल समापन आज दिनांक 26 अप्रैल 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन, गोण्डा में भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत परेड समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। यह अवसर न केवल रिक्रूट आरक्षियों के लिए, बल्कि उनके परिवारजनों एवं सम्पूर्ण पुलिस विभाग के लिए गर्व एवं गौरव का क्षण रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक, देवीपाटन परिक्षेत्र श्री अमित पाठक द्वारा परेड की सलामी ली गई। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा परेड का सूक्ष्म निरीक्षण कर मान-प्रणाम ग्रहण किया गया। रिक्रूट आरक्षियों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का प्रदर्शन करते हुए टोलीवार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अतिथियों को प्रभावित किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा समस्त रिक्रूट आरक्षियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, निष्पक्षता एवं संवेदनशीलता के साथ करने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पित सेवा का माध्यम है, जिसमें अनुशासन, धैर्य, सहनशीलता एवं त्वरित निर्णय क्षमता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नवआरक्षियों को पुलिस परिवार में सम्मिलित होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट आरक्षियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। आंतरिक एवं बाह्य विषयों में उत्कृष्ट मानसिक एवं शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन करने हेतु रिक्रूट आरक्षी समर पाल वर्मा एवं शैलेन्द्र यादव को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। सर्वांग सर्वाेत्तम प्रदर्शन हेतु रिक्रूट आरक्षी नित्यानंद त्रिपाठी को “सर्वांग सर्वाेत्तम आरक्षी” का सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य विभिन्न विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले रिक्रूट आरक्षियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। दीक्षांत परेड के सफल संचालन में प्रथम परेड कमांडर सौभाग्य, द्वितीय परेड कमांडर अभय यादव एवं तृतीय परेड कमांडर अभय प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके नेतृत्व में परेड का संचालन अत्यंत प्रभावी एवं अनुशासित ढंग से सम्पन्न हुआ। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा प्रशिक्षण सत्र में योगदान देने वाले समस्त इण्डोर एवं आउटडोर प्रशिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य, समर्पण एवं पेशेवर दक्षता की सराहना की गई। उनके कुशल मार्गदर्शन एवं सतत प्रेरणा के फलस्वरूप रिक्रूट आरक्षियों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। इस अवसर पर आई0टी0आई0 श्री अनिल कुमार यादव, पीटीआई श्री सेराज अहमद तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्री इन्द्रेश कुमार गुप्ता एवं श्री प्रवीण पाण्डेय को भी पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं पुलिसकर्मियों द्वारा नवप्रशिक्षित आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

*इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दवाच्यॉ, ट्रेनी आईपीएस श्री प्रदीप कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहै।

कोंकण रेलवे के सहयोग से सफल हुआ “धरोहर” का पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम
मुंबई । यात्रियों को नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद कराते हुए रमणीय कोंकण रेल-मार्ग पर यात्रियों को अपने “सादर सेवा” का अनुभव प्रदान करने के लिए मशहूर कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निरंतरता के साथ सक्रिय रूप से संलग्न संस्था “धरोहर” के गत शनिवार को मुंबई के मरीन लाइंस स्थित वेस्ट एंड होटल में आयोजित पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कर झा से कोंकण रेलवे की विकास यात्रा एवं विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत साहित्य डॉ अमरीश सिन्हा की नवीनतम पुस्तक “बक्से का कोट” (काव्य संग्रह) के विमोचन का यह कार्यक्रम मुंबई एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से पधारे बुद्धिजीवियों, लेखकों, आध्यात्मिक मनीषियों, निष्णात बैंक एवं बीमा कर्मियों की मौजूदगी से उल्लेखनीय तथा अविस्मरणीय बन गया। कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जो एक लोकप्रिय साहित्यकार भी हैं, ने अपने संबोधन में कहा भी कि यदि खचाखच भरे सभागार में 70-80 प्रतिशत लेखक,कवि, साहित्यकार की उपस्थिति रहती है, तो कार्यक्रम नि:संदेह अनुकरणीय और ऐतिहासिक हो जाता है। उन्होंने डॉ अमरीश सिन्हा की इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक “बक्से का कोट” से तीन कविताएँ अपनी प्रखर शैली में सुनाई। उपस्थित सभागार ने एक स्वर में कोंकण रेलवे के सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अवदानों की सराहना की। कई  श्रोताओं ने कोंकण रेलवे से अपनी यात्रा के रोचक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोंकण रेलवे के राजभाषा विभाग से जुड़े कार्मिकों ने अपना अप्रतिम सहयोग दिया। इनमें सहायक उप महाप्रबंधक सदानंद चितले, प्रिया पोकले, सतीश धुरी, श्रेया, सीताराम दुबे सहित अन्य कार्मिक शामिल हैं।
“धरोहर” के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ एडवोकेट दीनानाथ तिवारी ने संतोष कुमार झा का शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का अपने विलक्षण अंदाज़ में संचालन जाने-माने एंकर व लेखक प्रिंस ग्रोवर ने किया।
मन की बात’ से जन-जन को मिल रही नई ऊर्जा : केशव प्रसाद मौर्य
* लखनऊ में उप मुख्यमंत्री ने सुना प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ का 133वां संस्करण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को लखनऊ के डीवीएल लॉन, बुद्धेश्वर चौराहा पर जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं वरिष्ठ समाजसेवियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण का श्रवण किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि ‘मन की बात’ से जन-जन को नई ऊर्जा और सकारात्मक प्रेरणा मिल रही है। कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रधानमंत्री इस मंच का उपयोग कभी भी राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं करते, बल्कि सदैव सकारात्मकता, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के संदेश को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से विभिन्न प्रेरक और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हैं, जो समाज के हर वर्ग को नई दिशा देते हैं। देशवासियों के लिए यह गौरव का विषय है कि उन्हें प्रधानमंत्री के ऐसे प्रेरणादायक विचार सुनने का अवसर मिलता है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के उद्बोधन से नागरिकों में नई ऊर्जा का संचार होता है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी और अधिक सशक्त होती है। ‘मन की बात’ आज जन-जन को जोड़ने वाला प्रभावी माध्यम बन चुका है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
इस अवसर पर  आनंद द्विवेदी, विजय मौर्य, उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. ऋषि चौरसिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
'मन की बात’ देश को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच : डॉ. मोहन यादव

* भोपाल और बैतूल में मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम


भोपाल/बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को देशवासियों के मन में स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर आमजन को नई दिशा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नदी, तालाब, नहर, कुएं और वन क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। उन्होंने किसानों के हित में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में गेहूं, चना और मसूर की खरीदी प्राथमिकता से की जा रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की गई है।

डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया है। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा होगी। वहीं बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की सफलता को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के प्रयोग से देश की जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सरल बन रही है। साथ ही भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जो देश के लिए गौरव की बात है।

इस अवसर पर भोपाल में मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति सहित कई नेता मौजूद रहे। बैतूल में विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यूपी में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द * गलत दस्तावेज और अधूरे ब्यौरे पर बड़ी कार्रवाई, लखनऊ में सबसे ज्यादा 1114 रजिस्ट्रेशन निरस्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के सत्यापन अभियान के तहत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। गलत, अधूरे और विसंगतिपूर्ण अभिलेख मिलने पर प्रदेश की 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से की गई है।
प्रदेश में कुल 1.26 लाख वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं, जिनका विवरण केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए 6 जून तक पंजीकरण की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
निरस्त पंजीकरणों में लखनऊ सबसे ऊपर है, जहां 1114 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया। इसके अलावा बिजनौर में 1003, सहारनपुर में 990, बाराबंकी में 577, अमरोहा में 86, बागपत में 60 और बरेली में 17 मामलों में कार्रवाई की गई है।
वक्फ बोर्ड के अनुसार जिन संपत्तियों के दस्तावेज अधूरे पाए गए, विवरण गलत मिला या रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं, उनका पंजीकरण निरस्त किया गया है। संबंधित प्रबंधन समितियों को अब सही अभिलेखों के साथ दोबारा आवेदन करना होगा।
इस कार्रवाई को वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी के समय में बदलाव, सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक इलाज
*तेज धूप और लू को देखते हुए समय में किया गया बदलाव,अब सुबह 8 से 2 बजे तक मरीज देखेंगे डॉक्टर*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही‌। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी के समय में बदलाव किया गया है। अब ओपीडी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलेगी। इससे मरीजों को उपचार कराने में आसानी होगी। पहले सुबह 10 बजे से साम चार बजे तक ओपीडी चलती थी। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 1800 से 2200 की ओपीडी होती है। जिले में छह सीएचसी गोपीगंज, भानीपुर, औराई, डीघ, भदोही, सुरियावां हैं। यहां 1200 से 1400 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जहां पर 800 से 1000 की ओपीडी होती है। मौसम की तल्खी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोगों का घर से निकल पाना मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल, एमबीएस भदोही की ओपीडी पहले की तरह सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। अस्पताल आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह है कि समय से अस्पताल पहुंचे। दवा लेकर सीधे घर पहुंचे। बीच में थकान महसूस होने पर किसी छायादार स्थान पर रूकें। घर पहुंचने के कुछ देर बाद हाथ पैर को ठंडे पानी से धुलें। आंख पर ठंड पानी का पुटा मारें। इससे गर्मी से राहत मिलेगी। खान पान को लेकर बेहद सतर्कता बरतें। तले भुने खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि ओपीडी के समय में बदलाव हो चुका है। सीएचसी, पीएचसी की ओपीडी अब सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। जो पहले सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक थी।