असम के आदिवासियों के न्याय का मुद्दा राजनीति से ऊपर: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा - असम की धरती पर एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाए, सबको बताया जाए, उतना कम है।

असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला। यह सामान्य चूक नहीं है, यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है। एक ऐसा अन्याय, जिसे इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि सोचिए, जिन लोगों को अंग्रेज़ों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया, जिन्होंने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक उनके अस्तित्व की मान्यता नहीं दी गई।

आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन इस समाज का दर्द नहीं बदला। सबसे पीड़ादायक बात यह है कि जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए, उन्होंने भी इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया। यहां तक कि सत्ता में बैठी पार्टियों ने भी इसे अपने घोषणापत्र तक में जगह नहीं दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा क्या यह सवाल नहीं उठना चाहिए कि आख़िर एक पूरे समाज को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित क्यों रखा गया?

जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है

मैं यह स्पष्ट कहना चाहता हूं - यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है। यह न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है। असम के आदिवासी समाज को अब और इंतज़ार नहीं कराया जा सकता।

उन्हें उनका अधिकार मिलना ही चाहिए - पूरा अधिकार, संवैधानिक अधिकार, और सम्मान के साथ। अब समय आ गया है कि देश इस अन्याय को स्वीकार करे और उसे ठीक करे।

क्योंकि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है।

रामराज में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा की मासिक बैठक संपन्न, परशुराम जयंती की तैयारियां तेज
बहसूमा/रामराज, मेरठ।क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति रामराज द्वारा रविवार को मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन सभा के अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा के आवास पर हुआ, जिसमें आगामी 19 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 अप्रैल, रविवार को प्रातः 8:00 बजे हवन-पूजन किया जाएगा। इसके पश्चात 11:00 बजे से भंडारे का आयोजन प्रारंभ होगा, जो प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। सभा की अध्यक्षता श्री मनोज दास महाराज ने की, जबकि संचालन पंडित विपुल राम शर्मा ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा ने भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने और समाज को संगठित करने का आह्वान किया।

बैठक में सैकड़ों ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पंडित विजय प्रकाश, वैष्णो दयाल शर्मा, रविंद्र गौतम, अजय कुमार शर्मा, पुनीत कुमार शर्मा, आदेश शर्मा, योगेश शर्मा, हैप्पी शर्मा, सुमित शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, मांधाता मिश्रा, सुभाष चंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, मनोज शर्मा, राजू शर्मा, रवि शंकर कौशिक, श्याम लाल शर्मा, सचिन पंडित, बिट्टू शर्मा, अमित शर्मा, संदीप शर्मा, मोनू पंडित, सत्यप्रकाश शर्मा, आदर्श वीर शर्मा, हर्ष शर्मा, रितिक शर्मा, सनी शर्मा, ऋषभदेव शर्मा, कन्हैया शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
“सहारा  चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नवसदस्यों का भव्य सम्मान समारोह

रमेश दूबे

संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके।
वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
गाजियाबाद में महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ: हजारों की भागीदारी, सामाजिक समरसता का संदेश

* घंटाघर मैदान में भव्य आयोजन, उपमुख्यमंत्रियों ने महापुरुषों के सम्मान को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

गाजियाबाद / लखनऊ। गाजियाबाद के घंटाघर रामलीला मैदान में महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर भव्य महाकुंभ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों की सहभागिता से पूरा परिसर जनसैलाब में तब्दील हो गया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप के आमंत्रण पर किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कश्यप निषाद समाज के लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार महापुरुषों के सम्मान और उनके विचारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम बनते हैं।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तकनीकी माध्यम से जनसभा को संबोधित करते हुए महर्षि कश्यप के आदर्शों को युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बताया और आयोजन की भव्यता के लिए मंत्री नरेंद्र कश्यप की सराहना की।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह आयोजन पहले छोटे स्तर से शुरू हुआ था, जो आज महाकुंभ का रूप ले चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि महर्षि कश्यप के नाम पर प्रदेश और केंद्र स्तर पर विभिन्न योजनाएं संचालित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिससे समाज के व्यापक हित सुनिश्चित किए जा सकें।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, सहायक उपकरण और अन्य योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। साथ ही दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की प्रदर्शनी में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिसने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
महाकुंभ में शामिल जनसमूह ने महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलने और सामाजिक समरसता व एकता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, क्षेत्रीय पदाधिकारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।
शरिफपुर में प्राइवेट स्कूलों की अवैध वसूली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग


संभल । आज जिला संघर्ष समिति के पदाधिकारियो द्वारा तहसील क्षेत्र के गांव शरिफपुर में चौ रविराज चाहल के नेतृत्व मे प्रदर्शन कर प्राइवेट स्कूलों द्वारा कोर्स व फीस के नाम पर की जा रही अवैध  वसूली के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर ऐसे स्कूलों के खिलाफ शक्त से शक्त कार्रवाई किये जाने की मांग की।
इस दौरान बोलते हुए समाजसेवी व अधिवक्ता चौ रविराज चाहल ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। कोर्स व फीस के नाम पर  अवैध वसूली की जा रही है।

कमीशन खोरी के चक्कर में प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से काफी धन वसूला जा सके। शासन को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
आगे बोलते हुए कैलाश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे काफी अधिक संख्या में प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से धन वसूली की जा सके।
आगे बोलते हुए योगेश सिंह ने कहा प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों पर अंकुश लगाए जाने की आवश्यकता है कोर्स व एडमिशन के नाम पर अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। अभिभावकों से धन वसूली की जा रही है। अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में बोलते हुए मास्टर भूप सिंह ने कहा शिक्षा के नाम पर व्यापार उचित नहीं है। प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों द्वारा शिक्षा का व्यापार किया जा रहा है इस पर सरकार को पूर्ण रूप से अंकुश लगाना चाहिए।
इस दौरान चौ रविराज चाहल, कैलाश सिंह, योगेश कुमार, नेत्रपाल सिंह,धर्म सिंह, भूप सिंह,नन्नू सिंह,गजेंद्र सिंह,मदन पाल सिंह,देवराज सिंह, समरपाल सिंह, चरण सिंह,केहर सिंह, मनोज कुमार, सतीश शर्मा आदि रहे।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्नलिखित विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
यूपी बोर्ड का सख्त फैसला: अब सिर्फ अधिकृत किताबों से होगी पढ़ाई, अनधिकृत पुस्तकों पर कार्रवाई तय

* सत्र 2026-27 से नई व्यवस्था लागू, सभी स्कूलों के लिए आदेश अनिवार्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और एकरूप बनाने के लिए यूपी बोर्ड ने बड़ा निर्णय लिया है। सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में केवल अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। अनधिकृत पुस्तकों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह आदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत जिला एवं मंडल स्तर के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के लिए अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों की निर्धारित किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं। वहीं कक्षा 11 और 12 के लिए 36 विषयों की अधिकृत पुस्तकें लागू होंगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की 70 किताबें पूरे प्रदेश में प्रचलन में लाई गई हैं। हिंदी, संस्कृत और उर्दू की 12 चयनित पुस्तकों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए सभी विद्यालयों में पुस्तक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, छात्रों को ये किताबें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
पुस्तकों के मुद्रण और वितरण के लिए तीन एजेंसियों को अधिकृत किया गया है, जिससे समय पर और सुगम आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उड़ीसा से मीरजापुर तक फैला गांजा तस्करों का रैकेट, पुलिस-एससोजी टीम ने 50 लाख का गांजा किया बरामद

राघवेन्द्र कुमार सिंह
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर सहित पूर्वांचल के जिलों में उड़ीसा से लाकर गांजा की तस्करी की जा रही है। गांजा तस्करों का पूरा नेटवर्क सधे अंदाज में एक जिले से दूसरे जिलों में अपना मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ‌रविवार को मीरजापुर पुलिस ने एसओजी एवं सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा ₹ 50 लाख के अवैध गांजा व तस्करी में प्रयुक्त चार पहिया वाहन के साथ 5 शातिर अंतर्जनपदीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है।

रविवार को दोपहर बाद पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया के समक्ष खुलासा करते हुए गांजा तस्करों को प्रस्तुत किया गया।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक द्वारा जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने की दिशा में अपराध के रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़, अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की निर्माण, तस्करी व बिक्री पर अंकुश लगाते हुए संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी, बरामदगी एवं प्रभावी कार्यवाही करने के सख्त निर्देश जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्षगण को निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में
अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना पड़री व एसओजी, सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम को सफलता हाथ लगी है।
जब एक गुप्त सूचना के आधार थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा सघन वाहन चेकिंग करते समय 1 चार पहिया वाहन संख्याः UP 32 FV 0200 (होन्डासिटी) में सवार 5 व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गये लोगों द्वारा पूछताछ में अपना क्रमशः सत्यम सिंह उर्फ राहुल सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी अघवार थाना पड़री, मीरजापुर,  सौरभ मिश्रा उर्फ पुष्कर मिश्रा पुत्र घनश्याम मिश्रा निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, विकास तिवारी उर्फ विक्कू पुत्र भोला तिवारी निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, राजन तिवारी उर्फ विश्वजीत तिवारी पुत्र विजय शंकर तिवारी निवासी नबैया थाना मेजा, जनपद प्रयागराज व पवन पाण्डेय पुत्र कैलाश पाण्डेय निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर बताया गया है। पुलिस टीम द्वारा वाहन की तलाशी ली गयी तो वाहन में छिपाकर रखा हुआ कुल 100.60 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जिसे बरामद कर तथा वाहन को सीज कर आवश्यक कार्यवाही के पश्चात सभी को न्यायालय में पेश किया गया है। भारी मात्रा में गांजा के साथ
पकड़े गये गांजा तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे सम्भलपुर, उड़ीसा से होन्डा सिटी कार में छिपाकर गांजा लादकर मीरजापुर, प्रयागराज व आसपास के जनपदों में सप्लाई के लिये ले जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया। बताया कि गांजा बेच कर प्राप्त पैसे को आपस में बांटकर सुख-सुविधाओं का लाभ लेते है। पुलिस के मुताबिक सत्यम पवन व विकास इत्यादि पर कई मुकदमे दर्ज हैं जो काफी शातिर किस्म के अपराधी हैं। पवन पड़री थाना का हिस्ट्रीसीटर बताया गया है।
झारखंड में 'असम' की आंच: सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया 'बिना शर्त' समर्थन का ऑफर, क्या कांग्रेस से नाता तोड़ेगी झामुमो?

रांचीः असम चुनाव ने झारखंड में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. खासकर, झामुमो के असम चुनाव में ताल ठोकने के बाद. आलम यह है कि सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है.

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से कर चुके हैं. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने अपनी ही सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कई सवाल खड़े कर चुके हैं.

इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक बयान देकर झारखंड की राजनीति को नई हवा दे दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग सरकार बना लेनी चाहिए. ऐसा होता है तो वे सरकार को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं. लिहाजा, हेमंत सोरेन को हिम्मत दिखानी चाहिए.

क्या है सरयू राय का फॉर्मूला और सुझाव

जदयू विधायक सरयू राय ने 3 अप्रैल को धनबाद में कहा है कि झामुमो के पास 34 विधायक हैं. अगर कांग्रेस को हटा दें तो झामुमो को राजद के 04 विधायकों और भाकपा माले के 02 विधायकों का समर्थन हासिल है. यह आंकड़ा 40 हो जाता है. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. अगर झामुमो ऐसा करता है तो वे खुद बिना शर्त सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं.

जदयू विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी. बिहार चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था. ऐसे में झामुमो को नये विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हवा का रुख कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि असम चुनाव के बाद सीएम फिर कांग्रेस नेताओं से मिलें और कह दें कि अब हमारी सारी गलतफहमी दूर हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस प्रभारी के. राजू यह कह रहे हैं कि झारखंड के अफसर माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हेमंत सोरेन पर हमला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट का नुकसान होगा.

सरयू राय के सुझाव पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का तर्क

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का मानना है कि भाजपा किसी न किसी रुप में झामुमो को कांग्रेस से अलग करना चाहती है. अगर कांग्रेस से हटकर झामुमो सरकार बनाती है तो चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. क्योंकि ज्यादा लोगों को संतुष्ट करना होगा. लिहाजा, ऐसी सरकार को चलाना मुश्किल हो जाएगा.

इसलिए कांग्रेस के बगैर झामुमो को सरकार चलाना मुश्किल होगा. यह भी समझना चाहिए कि झामुमो और भाजपा का वोट बैंक अलग है. वहीं झामुमो और कांग्रेस का वोट बैंक एक है. इससे दोनों को फायदा होगा. आगे चलकर फिर सीबीआई और ईडी की इंट्री हो तो अलग बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर के मुताबिक भाजपा हर हाल में सरकार के करीब जाना चाहती है. क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हेमंत सोरेन बहुत मजबूत हुए हैं. हेमंत सोरेन को इस बात की अच्छी समझ होगी कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ क्या हुआ. रही बात सुप्रियो और के. राजू के बयान की तो ऐसी बयानबाजी चलती रहती है.

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच भी बयानबाजी होती थी लेकिन सरकार चलती रही. क्योंकि वहां विकल्प ही नहीं था. ऐसे में सरयू राय के ऑफर के बावजूद झामुमो इस लोभ में आएगा, ऐसा नहीं लगता. रही बात असम कि तो खाता खुलना या ना खुलना अलग मैटर है लेकिन वहां झामुमो की पैठ बनेगी. मधुकर के मुताबिक हालिया बयानबाजी के प्रेशर पॉलिटिक्स के रुप में देखना चाहिए और कुछ नहीं.

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का आकलन

सरयू राय के सुझाव पर ईटीवी भारत की टीम ने वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का पक्ष लिया. उन्होंने दो टूक कहा कि क्या सरयू राय पार्टी लाइन से अलग होकर झामुमो सरकार को समर्थन दे सकते हैं. वे कौन होते हैं ऐसा कहने वाले. वे तो जदयू के विधायक हैं. वे फैसला नहीं ले सकते. क्या झारखंड जदयू अध्यक्ष खीरू महतो ऐसा कह रहे है. खास बात है कि कांग्रेस और झामुमो में संबंध विच्छेद तो हुआ नहीं है. फिर कहां से नई सरकार की बात आ रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस और झामुमो के बीच जुबानी जंग हुई है. यह भी देखना चाहिए कि इस मैटर पर टॉप लीडर कुछ नहीं बोल रहा है.

चंदन मिश्रा का कहना है कि राजद ने बिहार में झामुमो को सहयोग नहीं दिया था. फिर भी राजद यहां की सरकार में शामिल है. उस वक्त कहा गया था राजद के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन हुआ कुछ नहीं. क्योंकि झामुमो का सामने मजबूरी थी. चंदन मिश्रा ने कहा कि क्या हेमंत बोल सकते हैं कि उनको कांग्रेस का समर्थन नहीं चाहिए. मुझे लगता है कि सिर्फ असम चुनाव तक दोनों पार्टियां एक दूसरे पर थोड़ी छिंटाकशी करेंगी. फिर सबकुछ शांत हो जाएगा. यह भी समझना होगा कि हेमंत सोरेन को हिमंता विस्वा से चिढ़ थी. क्योंकि झारखंड चुनाव में हिमंता सक्रिय थे. इसलिए हेमंत सोरेन अब असम में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अगर झामुमो को जीतने की चाहत होती तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ते.

कांग्रेस प्रभारी ने क्या आरोप लगाए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा था कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सोनुआ में आदिवासी समाज के बच्चे सरकारी स्कूलों के बजाए प्राइवेट स्कूलों का रुख कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई है. माइनिंग लॉ की आड़ में लोगों पर अन्याय हो रहा है. अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. कांग्रेस नेता का घर तोड़ दिया गया. कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल रहा है. हर जिला में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करा रहे हैं. इस काम को कांग्रेस गंभीरता से आगे लेकर जाएगी.

झामुमो ने कांग्रेस को दिया था ये सुझाव

कांग्रेस प्रभारी द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहकर इस तरह के बयान से जनता के बीच गलत संदेश जाता है. इस गठबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए. तब कांग्रेस ने कहा था कि कांग्रेस तो सिर्फ जमीन अधिग्रहण कानून, 2013 का सही तरीके से डीसी के स्तर पर पालन नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि आंदोलन कर इन बातों से सरकार को अवगत कराएं.

मुगल,अंग्रेज और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति से बंटा हिंदू समाज : मंत्री लोढ़ा
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने जैन समाज को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि जैन धर्म मूलतः हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा है और अब जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर विचार करना चाहिए। वे मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारत में विभिन्न जाति और धर्म मौजूद हैं, लेकिन उनकी जड़ें एक ही सांस्कृतिक विचारधारा से जुड़ी हैं। “जैन धर्मियों की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, परंतु वे सांस्कृतिक रूप से हिंदू ही हैं। अब समय आ गया है कि वे अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने का निर्णय लें। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बळीराम हेडगेवार की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी कांग्रेस ने इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए हिंदू समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का काम किया। उन्होंने कहा कि जैन और हिंदू समाज, जो विश्व को मानवता और अहिंसा का संदेश देते हैं, उनके बीच भी राजनीतिक कारणों से दूरी बनाई गई। “मुस्लिम समाज में भी अनेक जातियां हैं, लेकिन वहां कांग्रेस ने इस प्रकार का विभाजन नहीं किया बल्कि उन्हें जोड़ा। दक्षिण भारत का उदाहरण देते हुए लोढ़ा ने कहा कि एक समय वहां जैन समाज की जनसंख्या 22-23 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। इसे उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम बताया। राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान विभिन्न समुदायों में “हम हिंदू हैं” की भावना मजबूत हुई। आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक समरसता को बरक़रार रखते हुए, सभी भेद मिटाते हुए हिन्दुओं को एक साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई जैन मुनियों और समाज के प्रमुख लोगों से चर्चा की गई है और अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है। यदि इस पर व्यापक सहमति बनती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया।
असम के आदिवासियों के न्याय का मुद्दा राजनीति से ऊपर: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा - असम की धरती पर एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाए, सबको बताया जाए, उतना कम है।

असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला। यह सामान्य चूक नहीं है, यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है। एक ऐसा अन्याय, जिसे इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि सोचिए, जिन लोगों को अंग्रेज़ों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया, जिन्होंने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक उनके अस्तित्व की मान्यता नहीं दी गई।

आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन इस समाज का दर्द नहीं बदला। सबसे पीड़ादायक बात यह है कि जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए, उन्होंने भी इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया। यहां तक कि सत्ता में बैठी पार्टियों ने भी इसे अपने घोषणापत्र तक में जगह नहीं दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा क्या यह सवाल नहीं उठना चाहिए कि आख़िर एक पूरे समाज को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित क्यों रखा गया?

जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है

मैं यह स्पष्ट कहना चाहता हूं - यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है। यह न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है। असम के आदिवासी समाज को अब और इंतज़ार नहीं कराया जा सकता।

उन्हें उनका अधिकार मिलना ही चाहिए - पूरा अधिकार, संवैधानिक अधिकार, और सम्मान के साथ। अब समय आ गया है कि देश इस अन्याय को स्वीकार करे और उसे ठीक करे।

क्योंकि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है।

रामराज में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा की मासिक बैठक संपन्न, परशुराम जयंती की तैयारियां तेज
बहसूमा/रामराज, मेरठ।क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति रामराज द्वारा रविवार को मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन सभा के अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा के आवास पर हुआ, जिसमें आगामी 19 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 अप्रैल, रविवार को प्रातः 8:00 बजे हवन-पूजन किया जाएगा। इसके पश्चात 11:00 बजे से भंडारे का आयोजन प्रारंभ होगा, जो प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। सभा की अध्यक्षता श्री मनोज दास महाराज ने की, जबकि संचालन पंडित विपुल राम शर्मा ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा ने भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने और समाज को संगठित करने का आह्वान किया।

बैठक में सैकड़ों ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पंडित विजय प्रकाश, वैष्णो दयाल शर्मा, रविंद्र गौतम, अजय कुमार शर्मा, पुनीत कुमार शर्मा, आदेश शर्मा, योगेश शर्मा, हैप्पी शर्मा, सुमित शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, मांधाता मिश्रा, सुभाष चंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, मनोज शर्मा, राजू शर्मा, रवि शंकर कौशिक, श्याम लाल शर्मा, सचिन पंडित, बिट्टू शर्मा, अमित शर्मा, संदीप शर्मा, मोनू पंडित, सत्यप्रकाश शर्मा, आदर्श वीर शर्मा, हर्ष शर्मा, रितिक शर्मा, सनी शर्मा, ऋषभदेव शर्मा, कन्हैया शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
“सहारा  चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नवसदस्यों का भव्य सम्मान समारोह

रमेश दूबे

संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके।
वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
गाजियाबाद में महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ: हजारों की भागीदारी, सामाजिक समरसता का संदेश

* घंटाघर मैदान में भव्य आयोजन, उपमुख्यमंत्रियों ने महापुरुषों के सम्मान को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

गाजियाबाद / लखनऊ। गाजियाबाद के घंटाघर रामलीला मैदान में महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर भव्य महाकुंभ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों की सहभागिता से पूरा परिसर जनसैलाब में तब्दील हो गया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप के आमंत्रण पर किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कश्यप निषाद समाज के लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार महापुरुषों के सम्मान और उनके विचारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम बनते हैं।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तकनीकी माध्यम से जनसभा को संबोधित करते हुए महर्षि कश्यप के आदर्शों को युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बताया और आयोजन की भव्यता के लिए मंत्री नरेंद्र कश्यप की सराहना की।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह आयोजन पहले छोटे स्तर से शुरू हुआ था, जो आज महाकुंभ का रूप ले चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि महर्षि कश्यप के नाम पर प्रदेश और केंद्र स्तर पर विभिन्न योजनाएं संचालित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिससे समाज के व्यापक हित सुनिश्चित किए जा सकें।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, सहायक उपकरण और अन्य योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। साथ ही दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की प्रदर्शनी में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिसने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
महाकुंभ में शामिल जनसमूह ने महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलने और सामाजिक समरसता व एकता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, क्षेत्रीय पदाधिकारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।
शरिफपुर में प्राइवेट स्कूलों की अवैध वसूली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग


संभल । आज जिला संघर्ष समिति के पदाधिकारियो द्वारा तहसील क्षेत्र के गांव शरिफपुर में चौ रविराज चाहल के नेतृत्व मे प्रदर्शन कर प्राइवेट स्कूलों द्वारा कोर्स व फीस के नाम पर की जा रही अवैध  वसूली के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर ऐसे स्कूलों के खिलाफ शक्त से शक्त कार्रवाई किये जाने की मांग की।
इस दौरान बोलते हुए समाजसेवी व अधिवक्ता चौ रविराज चाहल ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। कोर्स व फीस के नाम पर  अवैध वसूली की जा रही है।

कमीशन खोरी के चक्कर में प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से काफी धन वसूला जा सके। शासन को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
आगे बोलते हुए कैलाश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे काफी अधिक संख्या में प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से धन वसूली की जा सके।
आगे बोलते हुए योगेश सिंह ने कहा प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों पर अंकुश लगाए जाने की आवश्यकता है कोर्स व एडमिशन के नाम पर अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। अभिभावकों से धन वसूली की जा रही है। अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में बोलते हुए मास्टर भूप सिंह ने कहा शिक्षा के नाम पर व्यापार उचित नहीं है। प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों द्वारा शिक्षा का व्यापार किया जा रहा है इस पर सरकार को पूर्ण रूप से अंकुश लगाना चाहिए।
इस दौरान चौ रविराज चाहल, कैलाश सिंह, योगेश कुमार, नेत्रपाल सिंह,धर्म सिंह, भूप सिंह,नन्नू सिंह,गजेंद्र सिंह,मदन पाल सिंह,देवराज सिंह, समरपाल सिंह, चरण सिंह,केहर सिंह, मनोज कुमार, सतीश शर्मा आदि रहे।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्नलिखित विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
यूपी बोर्ड का सख्त फैसला: अब सिर्फ अधिकृत किताबों से होगी पढ़ाई, अनधिकृत पुस्तकों पर कार्रवाई तय

* सत्र 2026-27 से नई व्यवस्था लागू, सभी स्कूलों के लिए आदेश अनिवार्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और एकरूप बनाने के लिए यूपी बोर्ड ने बड़ा निर्णय लिया है। सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में केवल अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। अनधिकृत पुस्तकों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह आदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत जिला एवं मंडल स्तर के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के लिए अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों की निर्धारित किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं। वहीं कक्षा 11 और 12 के लिए 36 विषयों की अधिकृत पुस्तकें लागू होंगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की 70 किताबें पूरे प्रदेश में प्रचलन में लाई गई हैं। हिंदी, संस्कृत और उर्दू की 12 चयनित पुस्तकों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए सभी विद्यालयों में पुस्तक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, छात्रों को ये किताबें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
पुस्तकों के मुद्रण और वितरण के लिए तीन एजेंसियों को अधिकृत किया गया है, जिससे समय पर और सुगम आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उड़ीसा से मीरजापुर तक फैला गांजा तस्करों का रैकेट, पुलिस-एससोजी टीम ने 50 लाख का गांजा किया बरामद

राघवेन्द्र कुमार सिंह
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर सहित पूर्वांचल के जिलों में उड़ीसा से लाकर गांजा की तस्करी की जा रही है। गांजा तस्करों का पूरा नेटवर्क सधे अंदाज में एक जिले से दूसरे जिलों में अपना मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ‌रविवार को मीरजापुर पुलिस ने एसओजी एवं सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा ₹ 50 लाख के अवैध गांजा व तस्करी में प्रयुक्त चार पहिया वाहन के साथ 5 शातिर अंतर्जनपदीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है।

रविवार को दोपहर बाद पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया के समक्ष खुलासा करते हुए गांजा तस्करों को प्रस्तुत किया गया।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक द्वारा जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने की दिशा में अपराध के रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़, अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की निर्माण, तस्करी व बिक्री पर अंकुश लगाते हुए संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी, बरामदगी एवं प्रभावी कार्यवाही करने के सख्त निर्देश जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्षगण को निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में
अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना पड़री व एसओजी, सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम को सफलता हाथ लगी है।
जब एक गुप्त सूचना के आधार थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा सघन वाहन चेकिंग करते समय 1 चार पहिया वाहन संख्याः UP 32 FV 0200 (होन्डासिटी) में सवार 5 व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गये लोगों द्वारा पूछताछ में अपना क्रमशः सत्यम सिंह उर्फ राहुल सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी अघवार थाना पड़री, मीरजापुर,  सौरभ मिश्रा उर्फ पुष्कर मिश्रा पुत्र घनश्याम मिश्रा निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, विकास तिवारी उर्फ विक्कू पुत्र भोला तिवारी निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर, राजन तिवारी उर्फ विश्वजीत तिवारी पुत्र विजय शंकर तिवारी निवासी नबैया थाना मेजा, जनपद प्रयागराज व पवन पाण्डेय पुत्र कैलाश पाण्डेय निवासी देवरी थाना पड़री मीरजापुर बताया गया है। पुलिस टीम द्वारा वाहन की तलाशी ली गयी तो वाहन में छिपाकर रखा हुआ कुल 100.60 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जिसे बरामद कर तथा वाहन को सीज कर आवश्यक कार्यवाही के पश्चात सभी को न्यायालय में पेश किया गया है। भारी मात्रा में गांजा के साथ
पकड़े गये गांजा तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे सम्भलपुर, उड़ीसा से होन्डा सिटी कार में छिपाकर गांजा लादकर मीरजापुर, प्रयागराज व आसपास के जनपदों में सप्लाई के लिये ले जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया। बताया कि गांजा बेच कर प्राप्त पैसे को आपस में बांटकर सुख-सुविधाओं का लाभ लेते है। पुलिस के मुताबिक सत्यम पवन व विकास इत्यादि पर कई मुकदमे दर्ज हैं जो काफी शातिर किस्म के अपराधी हैं। पवन पड़री थाना का हिस्ट्रीसीटर बताया गया है।
झारखंड में 'असम' की आंच: सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया 'बिना शर्त' समर्थन का ऑफर, क्या कांग्रेस से नाता तोड़ेगी झामुमो?

रांचीः असम चुनाव ने झारखंड में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. खासकर, झामुमो के असम चुनाव में ताल ठोकने के बाद. आलम यह है कि सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है.

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से कर चुके हैं. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने अपनी ही सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कई सवाल खड़े कर चुके हैं.

इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक बयान देकर झारखंड की राजनीति को नई हवा दे दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग सरकार बना लेनी चाहिए. ऐसा होता है तो वे सरकार को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं. लिहाजा, हेमंत सोरेन को हिम्मत दिखानी चाहिए.

क्या है सरयू राय का फॉर्मूला और सुझाव

जदयू विधायक सरयू राय ने 3 अप्रैल को धनबाद में कहा है कि झामुमो के पास 34 विधायक हैं. अगर कांग्रेस को हटा दें तो झामुमो को राजद के 04 विधायकों और भाकपा माले के 02 विधायकों का समर्थन हासिल है. यह आंकड़ा 40 हो जाता है. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. अगर झामुमो ऐसा करता है तो वे खुद बिना शर्त सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं.

जदयू विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी. बिहार चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था. ऐसे में झामुमो को नये विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हवा का रुख कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि असम चुनाव के बाद सीएम फिर कांग्रेस नेताओं से मिलें और कह दें कि अब हमारी सारी गलतफहमी दूर हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस प्रभारी के. राजू यह कह रहे हैं कि झारखंड के अफसर माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हेमंत सोरेन पर हमला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट का नुकसान होगा.

सरयू राय के सुझाव पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का तर्क

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का मानना है कि भाजपा किसी न किसी रुप में झामुमो को कांग्रेस से अलग करना चाहती है. अगर कांग्रेस से हटकर झामुमो सरकार बनाती है तो चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. क्योंकि ज्यादा लोगों को संतुष्ट करना होगा. लिहाजा, ऐसी सरकार को चलाना मुश्किल हो जाएगा.

इसलिए कांग्रेस के बगैर झामुमो को सरकार चलाना मुश्किल होगा. यह भी समझना चाहिए कि झामुमो और भाजपा का वोट बैंक अलग है. वहीं झामुमो और कांग्रेस का वोट बैंक एक है. इससे दोनों को फायदा होगा. आगे चलकर फिर सीबीआई और ईडी की इंट्री हो तो अलग बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर के मुताबिक भाजपा हर हाल में सरकार के करीब जाना चाहती है. क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हेमंत सोरेन बहुत मजबूत हुए हैं. हेमंत सोरेन को इस बात की अच्छी समझ होगी कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ क्या हुआ. रही बात सुप्रियो और के. राजू के बयान की तो ऐसी बयानबाजी चलती रहती है.

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच भी बयानबाजी होती थी लेकिन सरकार चलती रही. क्योंकि वहां विकल्प ही नहीं था. ऐसे में सरयू राय के ऑफर के बावजूद झामुमो इस लोभ में आएगा, ऐसा नहीं लगता. रही बात असम कि तो खाता खुलना या ना खुलना अलग मैटर है लेकिन वहां झामुमो की पैठ बनेगी. मधुकर के मुताबिक हालिया बयानबाजी के प्रेशर पॉलिटिक्स के रुप में देखना चाहिए और कुछ नहीं.

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का आकलन

सरयू राय के सुझाव पर ईटीवी भारत की टीम ने वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का पक्ष लिया. उन्होंने दो टूक कहा कि क्या सरयू राय पार्टी लाइन से अलग होकर झामुमो सरकार को समर्थन दे सकते हैं. वे कौन होते हैं ऐसा कहने वाले. वे तो जदयू के विधायक हैं. वे फैसला नहीं ले सकते. क्या झारखंड जदयू अध्यक्ष खीरू महतो ऐसा कह रहे है. खास बात है कि कांग्रेस और झामुमो में संबंध विच्छेद तो हुआ नहीं है. फिर कहां से नई सरकार की बात आ रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस और झामुमो के बीच जुबानी जंग हुई है. यह भी देखना चाहिए कि इस मैटर पर टॉप लीडर कुछ नहीं बोल रहा है.

चंदन मिश्रा का कहना है कि राजद ने बिहार में झामुमो को सहयोग नहीं दिया था. फिर भी राजद यहां की सरकार में शामिल है. उस वक्त कहा गया था राजद के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन हुआ कुछ नहीं. क्योंकि झामुमो का सामने मजबूरी थी. चंदन मिश्रा ने कहा कि क्या हेमंत बोल सकते हैं कि उनको कांग्रेस का समर्थन नहीं चाहिए. मुझे लगता है कि सिर्फ असम चुनाव तक दोनों पार्टियां एक दूसरे पर थोड़ी छिंटाकशी करेंगी. फिर सबकुछ शांत हो जाएगा. यह भी समझना होगा कि हेमंत सोरेन को हिमंता विस्वा से चिढ़ थी. क्योंकि झारखंड चुनाव में हिमंता सक्रिय थे. इसलिए हेमंत सोरेन अब असम में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अगर झामुमो को जीतने की चाहत होती तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ते.

कांग्रेस प्रभारी ने क्या आरोप लगाए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा था कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सोनुआ में आदिवासी समाज के बच्चे सरकारी स्कूलों के बजाए प्राइवेट स्कूलों का रुख कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई है. माइनिंग लॉ की आड़ में लोगों पर अन्याय हो रहा है. अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. कांग्रेस नेता का घर तोड़ दिया गया. कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल रहा है. हर जिला में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करा रहे हैं. इस काम को कांग्रेस गंभीरता से आगे लेकर जाएगी.

झामुमो ने कांग्रेस को दिया था ये सुझाव

कांग्रेस प्रभारी द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहकर इस तरह के बयान से जनता के बीच गलत संदेश जाता है. इस गठबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए. तब कांग्रेस ने कहा था कि कांग्रेस तो सिर्फ जमीन अधिग्रहण कानून, 2013 का सही तरीके से डीसी के स्तर पर पालन नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि आंदोलन कर इन बातों से सरकार को अवगत कराएं.

मुगल,अंग्रेज और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति से बंटा हिंदू समाज : मंत्री लोढ़ा
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने जैन समाज को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि जैन धर्म मूलतः हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा है और अब जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर विचार करना चाहिए। वे मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारत में विभिन्न जाति और धर्म मौजूद हैं, लेकिन उनकी जड़ें एक ही सांस्कृतिक विचारधारा से जुड़ी हैं। “जैन धर्मियों की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, परंतु वे सांस्कृतिक रूप से हिंदू ही हैं। अब समय आ गया है कि वे अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने का निर्णय लें। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बळीराम हेडगेवार की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी कांग्रेस ने इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए हिंदू समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का काम किया। उन्होंने कहा कि जैन और हिंदू समाज, जो विश्व को मानवता और अहिंसा का संदेश देते हैं, उनके बीच भी राजनीतिक कारणों से दूरी बनाई गई। “मुस्लिम समाज में भी अनेक जातियां हैं, लेकिन वहां कांग्रेस ने इस प्रकार का विभाजन नहीं किया बल्कि उन्हें जोड़ा। दक्षिण भारत का उदाहरण देते हुए लोढ़ा ने कहा कि एक समय वहां जैन समाज की जनसंख्या 22-23 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। इसे उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम बताया। राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान विभिन्न समुदायों में “हम हिंदू हैं” की भावना मजबूत हुई। आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक समरसता को बरक़रार रखते हुए, सभी भेद मिटाते हुए हिन्दुओं को एक साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई जैन मुनियों और समाज के प्रमुख लोगों से चर्चा की गई है और अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है। यदि इस पर व्यापक सहमति बनती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया।