अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

हजारीबाग में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बताया ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका

हजारीबाग। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल में शनिवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Unmasked Cyber Security Private Limited द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Saurav Vishwakarma रहे। उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। वक्ताओं ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी के साथ पासवर्ड या ओटीपी साझा करना तथा संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सतर्क रहने का संदेश देते हैं।

संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का पथराव थाना अध्यक्ष राजेपुर समेत कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव करने वालों पर कार्यवाही तय उच्च अधिकारियों ने दिए संकेत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने शव को कंपोजिट शराब ठेके के पास रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोप लगाते हुए ठेके पर मौजूद सेल्समैनों के साथ मारपीट कर उन्हें दुकान के अंदर बंद कर ताला डाल दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना जबरदस्त था कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आबकारी विभाग में तैनात रीता वर्मा को भी पत्थर लगने से चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्र भीड़ ने पुलिस को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार को महिलाओं ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। सिपाही विष्णु, सौरव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।घटना के दौरान गांव की कई महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने रविता पत्नी छोटेलाल निवासी अंबरपुर, श्रीदेवी पत्नी मंसाराम निवासी चाचूपुर, कामेश पुत्र गंगाराम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।उग्र भीड़ ने कादरी गेट थाना की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल आशीष यादव की कार में भी तोड़फोड़ की गई। लेखपाल आशीष यादव को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा बवाल और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
रांची DC की सख्ती: 60-70% फीस बढ़ाने वाले प्राइवेट स्कूलों पर कसेगा शिकंजा

रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी स्कूलों CBSE, ICSE और JAC बोर्ड के प्राचार्यों के साथ अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राइट टू एजुकेशन (RTE) से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान स्कूलों की फीस बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर, को लेकर उपायुक्त का रुख सख्त रहा। कई ऐसे स्कूल पाए गए जो प्रत्येक वर्ष फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं और कई स्कूलों में तो 60 से 70% तक फीस बढ़ोतरी की है उन्हें कारण बताने को भी कहा गया। तो कई स्कूलों ने इसे एडजस्ट करने की भी बात कही।

शिक्षा के अधिकार को माने तो दो वर्षों के बाद 10% स्कूल फीस में बढ़ोतरी करना है। जिला प्रशासन ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई स्कूलों में दो वर्षों के भीतर निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ोतरी की गई है। समीक्षा में यह भी निकाल कर सामने आया कि 13 अप्रैल के बैठक के बाद 149 CBSE और ICSE स्कूलों में से 129 स्कूलों ने फीस मैनेजमेंट कमेटी और PTA का गठन कर उसकी जानकारी अपलोड कर दी है। हालांकि 20 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक इसका पालन नहीं किया। ऐसे स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन और संबंधित बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय आगे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई कर की बात कही।

वहीं, पिछले तीन वर्षों की फीस संरचना की समीक्षा में यह सामने आया कि 92 स्कूलों में फीस नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 से 15 दिनों के भीतर एक एक्शन प्लान आरटीई नोडल पदाधिकारी को सौंपें। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में हुई अतिरिक्त फीस बढ़ोतरी को छात्रों की मासिक फीस में री-एडजस्ट किया जाएगा।

इसके अलावा RTE के तहत 25 प्रतिशत बीपीएल छात्रों के एडमिशन पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष पूरी पारदर्शिता के साथ दाखिला लिया जाएगा। स्कूलों को इसकी सूचना जल्द दे दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं और 25 प्रतिशत बीपीएल एडमिशन जैसे अहम बिंदु शामिल रहे।

शनिवार समाधान दिवस,एसडीएम बारा, एसीपी बारां व थानाध्यक्ष मौके पर सुन रहे समस्याएं, लेखपाल-कानूनगो भी मौजूद

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना परिसर में आज समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। मौके पर एसडीएम बारा, एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा और शंकरगढ़ थाना अध्यक्ष सुशील कुमार दुबे द्वारा हर मामले को गंभीरता से सुना जा रहा है। उनके साथ लेखपाल और कानूनगो भी मौजूद हैं।

जमीन विवाद, राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई चल रही है। अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं। एसडीएम बारा का कहना है कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्राथमिकता है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे ने कहा कि हर शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है।

एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लेखपाल और कानूनगो की मौजूदगी से राजस्व के कई मामलों का मौके पर ही सत्यापन किया जा रहा है।

वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
शिकायत निस्तारण में देवीपाटन मंडल प्रदेश में अव्वल, अप्रैल माह में हासिल किया प्रथम स्थान
*आयुक्त अधिकारियों को दिए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश*

*गोण्डा, 09 मई 2026*। — देवीपाटन मंडल ने जनशिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अप्रैल माह में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे टीमवर्क, सतत मॉनिटरिंग और जनहित के प्रति प्रशासनिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया गया, जिसके कारण मंडल को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए, ताकि शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो सके।

उन्होंने मंडल के सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण बिना स्थलीय सत्यापन अथवा तथ्यात्मक जांच के न किया जाए।

अपर आयुक्त मीनू राणा ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा केवल कागजी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि देवीपाटन मंडल आगामी महीनों में भी प्रदेश में प्रथम स्थान बनाए रख सके।

उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जाए, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
अमूमन अपराधियों का पुलिस करती है पर्दाफाश, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर पुलिस का खोल रहे हैं कच्चा चिट्ठा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने  

कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के मीडिया में वायरल हो रहे एक ताजा वीडियो को लेकर फिर से हेमंत सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। 

सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि आमतौर पर पुलिस अपराधियों का पर्दाफाश करती है, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर ही पुलिस के कथित काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं। धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का मीडिया में वायरल हो रहा एक ताजा वीडियो न केवल पुलिस को चुनौती दे रहा है, बल्कि एसएसपी के कार्यकाल का “मूल्यांकन” भी कर रहा है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

श्री मरांडी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष नहीं, बल्कि दो समानांतर गिरोहों के बीच गैंगवार चल रहा हो। दोनों पक्षों में होड़ मची है कि व्यापारियों के बीच कौन अधिक दहशत पैदा करेगा। फर्क बस इतना है कि एक वर्दी पहनकर कथित वसूली कर रहा है, तो दूसरा बिना वर्दी के।

श्री मरांडी ने आगे लिखा है कि सबसे भयावह पक्ष 'सत्ता संरक्षण' की आशंका है। जब चर्चा आम हो कि करोड़ों की 'बोली' लगाकर संवेदनशील जिलों में पोस्टिंग ली जाती है, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। क्या ऐसी पोस्टिंग कानून सुधारने के लिए है या यह किसी “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” की तरह काम कर रही है?

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि यदि वसूली की मानसिकता वाली यह कार्यशैली जारी रही, तो झारखंड 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति में पहुँच जाएगा। जब रक्षक ही भय का कारण बन जाएं, तो लोकतंत्र खतरे में है। जनता अब पूछ रही है—आखिर कब तक चलेगा यह “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” देने का धंधा?

अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

हजारीबाग में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बताया ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका

हजारीबाग। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल में शनिवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Unmasked Cyber Security Private Limited द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Saurav Vishwakarma रहे। उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। वक्ताओं ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी के साथ पासवर्ड या ओटीपी साझा करना तथा संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सतर्क रहने का संदेश देते हैं।

संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का पथराव थाना अध्यक्ष राजेपुर समेत कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव करने वालों पर कार्यवाही तय उच्च अधिकारियों ने दिए संकेत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने शव को कंपोजिट शराब ठेके के पास रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोप लगाते हुए ठेके पर मौजूद सेल्समैनों के साथ मारपीट कर उन्हें दुकान के अंदर बंद कर ताला डाल दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना जबरदस्त था कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आबकारी विभाग में तैनात रीता वर्मा को भी पत्थर लगने से चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्र भीड़ ने पुलिस को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार को महिलाओं ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। सिपाही विष्णु, सौरव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।घटना के दौरान गांव की कई महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने रविता पत्नी छोटेलाल निवासी अंबरपुर, श्रीदेवी पत्नी मंसाराम निवासी चाचूपुर, कामेश पुत्र गंगाराम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।उग्र भीड़ ने कादरी गेट थाना की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल आशीष यादव की कार में भी तोड़फोड़ की गई। लेखपाल आशीष यादव को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा बवाल और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
रांची DC की सख्ती: 60-70% फीस बढ़ाने वाले प्राइवेट स्कूलों पर कसेगा शिकंजा

रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी स्कूलों CBSE, ICSE और JAC बोर्ड के प्राचार्यों के साथ अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राइट टू एजुकेशन (RTE) से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान स्कूलों की फीस बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर, को लेकर उपायुक्त का रुख सख्त रहा। कई ऐसे स्कूल पाए गए जो प्रत्येक वर्ष फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं और कई स्कूलों में तो 60 से 70% तक फीस बढ़ोतरी की है उन्हें कारण बताने को भी कहा गया। तो कई स्कूलों ने इसे एडजस्ट करने की भी बात कही।

शिक्षा के अधिकार को माने तो दो वर्षों के बाद 10% स्कूल फीस में बढ़ोतरी करना है। जिला प्रशासन ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई स्कूलों में दो वर्षों के भीतर निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ोतरी की गई है। समीक्षा में यह भी निकाल कर सामने आया कि 13 अप्रैल के बैठक के बाद 149 CBSE और ICSE स्कूलों में से 129 स्कूलों ने फीस मैनेजमेंट कमेटी और PTA का गठन कर उसकी जानकारी अपलोड कर दी है। हालांकि 20 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक इसका पालन नहीं किया। ऐसे स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन और संबंधित बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय आगे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई कर की बात कही।

वहीं, पिछले तीन वर्षों की फीस संरचना की समीक्षा में यह सामने आया कि 92 स्कूलों में फीस नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 से 15 दिनों के भीतर एक एक्शन प्लान आरटीई नोडल पदाधिकारी को सौंपें। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में हुई अतिरिक्त फीस बढ़ोतरी को छात्रों की मासिक फीस में री-एडजस्ट किया जाएगा।

इसके अलावा RTE के तहत 25 प्रतिशत बीपीएल छात्रों के एडमिशन पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष पूरी पारदर्शिता के साथ दाखिला लिया जाएगा। स्कूलों को इसकी सूचना जल्द दे दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं और 25 प्रतिशत बीपीएल एडमिशन जैसे अहम बिंदु शामिल रहे।

शनिवार समाधान दिवस,एसडीएम बारा, एसीपी बारां व थानाध्यक्ष मौके पर सुन रहे समस्याएं, लेखपाल-कानूनगो भी मौजूद

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना परिसर में आज समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। मौके पर एसडीएम बारा, एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा और शंकरगढ़ थाना अध्यक्ष सुशील कुमार दुबे द्वारा हर मामले को गंभीरता से सुना जा रहा है। उनके साथ लेखपाल और कानूनगो भी मौजूद हैं।

जमीन विवाद, राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई चल रही है। अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं। एसडीएम बारा का कहना है कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्राथमिकता है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे ने कहा कि हर शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है।

एसीपी बारां वेद व्यास मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लेखपाल और कानूनगो की मौजूदगी से राजस्व के कई मामलों का मौके पर ही सत्यापन किया जा रहा है।

वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
शिकायत निस्तारण में देवीपाटन मंडल प्रदेश में अव्वल, अप्रैल माह में हासिल किया प्रथम स्थान
*आयुक्त अधिकारियों को दिए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश*

*गोण्डा, 09 मई 2026*। — देवीपाटन मंडल ने जनशिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अप्रैल माह में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे टीमवर्क, सतत मॉनिटरिंग और जनहित के प्रति प्रशासनिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया गया, जिसके कारण मंडल को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए, ताकि शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो सके।

उन्होंने मंडल के सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण बिना स्थलीय सत्यापन अथवा तथ्यात्मक जांच के न किया जाए।

अपर आयुक्त मीनू राणा ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा केवल कागजी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि देवीपाटन मंडल आगामी महीनों में भी प्रदेश में प्रथम स्थान बनाए रख सके।

उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जाए, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
अमूमन अपराधियों का पुलिस करती है पर्दाफाश, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर पुलिस का खोल रहे हैं कच्चा चिट्ठा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने  

कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के मीडिया में वायरल हो रहे एक ताजा वीडियो को लेकर फिर से हेमंत सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। 

सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि आमतौर पर पुलिस अपराधियों का पर्दाफाश करती है, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर ही पुलिस के कथित काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं। धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का मीडिया में वायरल हो रहा एक ताजा वीडियो न केवल पुलिस को चुनौती दे रहा है, बल्कि एसएसपी के कार्यकाल का “मूल्यांकन” भी कर रहा है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

श्री मरांडी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष नहीं, बल्कि दो समानांतर गिरोहों के बीच गैंगवार चल रहा हो। दोनों पक्षों में होड़ मची है कि व्यापारियों के बीच कौन अधिक दहशत पैदा करेगा। फर्क बस इतना है कि एक वर्दी पहनकर कथित वसूली कर रहा है, तो दूसरा बिना वर्दी के।

श्री मरांडी ने आगे लिखा है कि सबसे भयावह पक्ष 'सत्ता संरक्षण' की आशंका है। जब चर्चा आम हो कि करोड़ों की 'बोली' लगाकर संवेदनशील जिलों में पोस्टिंग ली जाती है, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। क्या ऐसी पोस्टिंग कानून सुधारने के लिए है या यह किसी “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” की तरह काम कर रही है?

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि यदि वसूली की मानसिकता वाली यह कार्यशैली जारी रही, तो झारखंड 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति में पहुँच जाएगा। जब रक्षक ही भय का कारण बन जाएं, तो लोकतंत्र खतरे में है। जनता अब पूछ रही है—आखिर कब तक चलेगा यह “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” देने का धंधा?