छत्तीसगढ़: जादू-मंत्र से पैसा डबल करने का झांसा, पिता-पुत्र ने ठगे 5 लाख

बलौदाबाजार: जादू-मंत्र से पैसा कई गुना करने का लालच देकर लाखों की ठगी करने वाले पिता-पुत्र को पलारी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने साल 2022 में दो लोगों से कुल 5 लाख रुपये ठगे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल और 5 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।

पहला मामला: 3 लाख लेकर फरार

ग्राम बलौदी निवासी नोहर यादव (57) ने शिकायत की कि अक्टूबर 2022 में आरोपी उसके घर आए और जादू-मंत्र से पैसे कई गुना करने का दावा किया। 18 अक्टूबर 2022 को उन्होंने उससे 3 लाख रुपये नगद ले लिए। रकम वापस करने के बजाय दोनों ने धोखा दिया। इस मामले में थाना पलारी में धारा 420 और 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

दूसरा मामला: 2 लाख की ठगी, जान से मारने की धमकी

ग्राम रामपुर निवासी पराग कटियार ने भी बताया कि 2 नवंबर 2022 को आरोपियों ने उससे 2 लाख रुपये लिए और पैसा डबल करने का झांसा दिया। जब उसने पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में धारा 420, 506 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

एसपी के निर्देश पर कार्रवाई

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर पुलिस ने जांच तेज की। टीम ने ग्राम धौराभाठा (थाना खरोरा, जिला रायपुर) से दीनदयाल जांगड़े (66) और पुरुषोत्तम जांगड़े (35) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने 5 लाख रुपये ठगने की बात कबूल की।

दोनों आरोपियों को 18 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस की अपील

केंद्रीय मंत्री आठवले और सोनू निगम ने किया संगीत मासूम के एल्बम बेदर्दी का लोकार्पण

मुंबई। मासूम फिल्म कंपनी द्वारा निर्मित बहुप्रतीक्षित हिंदी म्यूजिक एल्बम “बेदर्दी” का भव्य लोकार्पण समारोह मंगलवार सायं मुंबई के अंधेरी पश्चिम  में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले और सोनू निगम के हाथों संगीत मासूम के म्यूजिक एल्बम " बेदर्दी " को रिलीज किया गया। प्रख्यात संगीतकार निखिल कामथ तथा विख्यात संगीतकार दिलीप सेन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई। पद्मश्री और सुरों के शहंशाह सोनू निगम ने  बेदर्दी  के गीत के लेखन की तारीफ करते हुए इसे शानदार गीत बताया। उन्होंने अपने पिता और अगम कुमार निगम की गायिकी को भी सराहा। इसके साथ - साथ उन्होंने " बेदर्दी " के हीरो, उभरते रॉक स्टार संगीत मासूम के अभिनय की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनायें दीं। सुप्रसिद्ध बॉलीवुड संगीतकार दिलीप सेन ने मुकेश कुमार मासूम के लेखन, संगीत मासूम के अभिनय और अगम कुमार निगम की गायिकी को खूब सराहा और बेदर्दी एल्बम की सफलता के लिए शुभकामनायें दीं।
इसके गायक अगम कुमार निगम हैँ।
मासूम फ़िल्म कम्पनी के बैनर तले इसकी निर्मात्री सीमा हैँ।  गीतकार मुकेश कुमार मासूम, संगीतकार रफ़ीक राजा,  निर्देशक अनिल मेहता, नृत्य निर्देशक संजय चौधरी तथा मुख्य कलाकार संगीत मासूम , खुशबू पोद्दार एवं उजाला मेहता हैँ। संगीत मासूम की एक्टिंग दिल को छूने वाली है। बता दें कि
संगीत मासूम ने रोशन तनेजा एक्टिंग एकेडमी से अभिनय की ट्रेनिंग ली है तथा स्वर्गीय डांस डायरेक्टर सरोज खान जी से नृत्य की तालीम ली है जो उनके व्यक्तित्व में साफ दिखाई देती है।
इससे पहले संगीत मासूम के तीन गाने सुपर हिट हो चुके हैँ। मुख्य अतिथि रामदास आठवले ने अपने संबोधन में कहा कि कला और संगीत समाज को जोड़ने का माध्यम हैं, और ऐसे रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने गीतकार मुकेश कुमार मासूम के लिखे गीत को सराहा और संगीत मासूम के शानदार अभिनय की खूब सराहना की। उन्होने कविता सुनाते हुए कहा -
"मैं जिंदगी में कभी भी नहीं मानता हूँ हार
क्योंकि मेरे बाजू में खड़े हैँ मुकेश गीतकार।
पद्मश्री सोनू निगम ने गायक अगम कुमार निगम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी आवाज़ में भावनात्मक गहराई है, जो श्रोताओं तक सीधे पहुँचती है।  हँसते - मुस्कराते हुए सोनू निगम ने कहा कि " मुझे ख़ुशी है कि मेरे पिता मासूमों से घिरे हुए हैँ "। समारोह में फ़िल्म निर्माता निर्देशक कैलाश मासूम, सुप्रसिद्द फ़िल्मी लेखक आदेश के. अर्जुन, विक्की नागर, फेमस संगीकार दिलीप सेन, फेमस संगीतकार अमन श्लोक, फेमस संगीतकार वैष्णव देवा, अभिनेत्री शिरीन फरीद, कोरियोग्राफर तीरथ निषाद, रीच बॉलीवुड के अजय कालेपल्ली, आर्ट डायरेक्टर संतोष प्रजापति, ब्रह्म सिँह, परशुराम यादव, देवयानी, प्रॉड्यूसर उम्मेद सिंह राजपुरोहित एवं निर्माता रईस खान उपस्थित रहे।
“बेदर्दी” को दर्शकों एवं संगीत प्रेमियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और फ़िल्म जगत में इसे लोकप्रिय एल्बम माना जा रहा है।
देवघर-शहर परिक्रमा मेगा पेंटिंग कंपिटिशन, सीजन-11 के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
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देवघर: की पावन भूमि पर आयोजित शहर परिक्रमा मेगा पेंटिंग कंपिटिशन, सीजन-11 के परिणाम की घोषणा के बाद एक कार्यक्रम आयोजित कर सभी ग्रुप के विजोताओं को सम्मानित किया गया। देवघर आई ए एस अकादमी में आयोजित इस समारोह में सुप्रभा शिक्षा स्थली एवं ब्लू बेल्स के निदेशक प्रेम कुमार, भारती विद्यापीठ की प्राचार्या सुनीता सिंह, संत कोलम्बस स्कूल के प्राचार्य गौरव शंकर, आशा इंटरनेशनल स्कूल की निदेशिका कुमारी स्नेहलता, शहर परिक्रमा के संपादक प्रमेश कुमार वर्मा के हाथो सभी विजताओं को प्रमाण पत्र, मोमेंटो व उपहार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर प्रेम कुमार ने कहा कि इस प्रतियोगिता में हजारों छात्र छात्राओं को एक साथ शहर के के. के. एन. स्टेडियम में शिरकत करते देख बहुत सुकून होता है। यह प्रतियोगिता बच्चों में उत्साह का संचार करती है। यही कारण है कि बच्चे मोबाइल की दुनिया छोड़ शहर परिक्रमा के प्रतियोगिता में शिरकत करने आए होते हैं। सुनीता कुमारी ने कहा कि इतने बड़े प्रतियोगिता में हजारों बच्चों के बीच रैंक लाकर पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी बच्चे अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं। गौरव शंकर ने कहा कि हमारे विद्यालय के छात्र इस प्रतियोगिता के पहले सीजन से ही इसमें हिस्सा लेते रहे हैं, जिसका की अभी 11वां सीजन चल रहा है। बच्चों में इस प्रतियोगिता को लेकर खासा उत्साह रहता है। अमित कुमार ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग जरूर लेना चाहिए ताकि उनका प्रतिस्पर्धात्मक विकास हो सके। प्रमेश कुमार वर्मा ने कहा कि जो प्रतिभागी इस बार पुरस्कार पाने से थोड़ा पीछे रह गए, वे भी उतने ही सराहनीय हैं, क्योंकि वो किसी से कमतर नहीं बल्कि प्रतियोगिता के मापदंडों और निर्णायकों के सामने 'सीमित पुरस्कार' के नियमों ने उन्हें पुरस्कार पाने से वंचित कर दिया। उन्हें आगे और मेहनत करने की आवश्यकता है। जानकारी हो कि इसके पूर्व 31 जनवरी को के. के. एन. स्टेडियम में शहर परिक्रमा मेगा पेंटिंग कंपिटिशन, सीजन-11 का आयोजन किया गया था, जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के हजारों बच्चों ने भाग लिया था। उन्ही प्रतिभागियों को मुख्य निर्णायक नरेन्द्र पंजियारा के निर्णयानुसार सम्मानित किया गया।
संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज', मोहन भागवत ने बताई आरएसएस की अधूरी सफलता की वजह

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान संघ प्रमुख भागवत ने हिंदू समाज को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने देश भर के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति की भी वकालत की।

आरएसएस चीफ या सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को उन्होंने लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाज के लोगों से तकरीबन ढाई घंटे तक बातचीत की।इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ के विचारों के बारे में भी बताया और लोगों के सवालों के सहजता से उत्तर भी दिए। मोटे तौर पर सात ऐसे सम-सामयिक और राजनीति मुद्दे हैं, जिन पर भागवत ने आरएसएस की सोच को लोगों के सामने रखा।

हिंदू समाज एकजुट नहीं-भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, लेकिन यह भी माना है कि इसका मिशन अभी भी अधूरा है। उन्होंने कहा, 'संघ ने बहुत काम किया है, लेकिन इसे पूर्ण सफलता नहीं मिली है, क्योंकि हिंदू समाज एकजुट नहीं है।' आरएसएस प्रमुख ने लोगों से अनुरोध किया है कि बिना संघ में शामिल हुए,इसे जज करने की कोशिश न करें। उन्होंने राष्ट्रहित में हिंदुओं को एकजुट होने की अपील की।

हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन-भागवत

प्रश्न-उत्तर के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत को इस सवाल का भी सामना करना पड़ा कि आरएसएस की सबसे बड़ी समस्या क्या है। इसपर उन्होंने कहा, 'हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन है।' उनका कहना है कि 'भिन्न-भिन्न जातियों और पंथों से अपनी पहचान बनाने की जगह, हिंदू के तौर पर अपनी पहचान बनाना हम सभी के लिए बेहतर है। सामाजिक सौहार्द समाजिक एकता का आधार है।' उनके अनुसार, 'जाति व्यवस्था धीरे-धीरे मिट रही है। युवा पीढ़ी में यह व्यवहार दिख रहा है।' 'जिस दिन समाज में जाति का महत्त्व नहीं रहेगा, जाति की राजनीति करने वाले नेता भी बदल जाएंगे।'

मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति पर जोर

एक सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।

बीजेपी-आरएसएस संबंध पर क्या बोले भागवत?

इस दौरान संघ प्रमुख ने भाजंपा-आरएसएस संबंधो को लेकर लगने वाले आरोपों का भी जवाब दिया। भागवत ने संघ को बीजेपी का रिमोट बताए जाने जैसे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।

रामगढ़ निकाय चुनाव 2026: सांसद मनीष जायसवाल ने प्रिया कुमारी (करमाली) के समर्थन में किया तूफानी जनसंपर्क

रामगढ़ - झारखंड नगर निकाय चुनाव- 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं, जहाँ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग नगर निगम और रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सांसद मनीष जायसवाल ने रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के अध्यक्ष पद की उम्मीदवार प्रिया कुमारी (करमाली) के पक्ष में सघन जनसंपर्क अभियान और तूफानी चुनावी दौरा किया।

उन्होंने रामगढ़ के आधा दर्जन से अधिक वार्डों में घूम-घूम कर जनता से सीधा संवाद किया और आगामी 23 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान में बैलट पेपर के क्रम संख्या 6 पर अंकित 'बिस्किट छाप' पर मुहर लगाकर प्रिया कुमारी (करमाली) को आशीर्वाद देने और उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का आग्रह किया।

चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न सभाओं को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने राज्य और केंद्र की सरकारों के कामकाज की तुलना करते हुए हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में दो तरह की व्यवस्थाएं काम कर रही हैं, जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास और जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सदैव तत्पर है, वहीं दूसरी ओर झारखंड की वर्तमान हेमंत सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार, लचर कानून व्यवस्था और नशाखोरी ने विकराल रूप ले लिया है। सांसद मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले करीब ढाई-तीन वर्षों तक नगर निकाय चुनावों को जानबूझकर बाधित रखा, जिससे स्थानीय विकास के कार्य पूरी तरह ठप हो गए। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड की जनता इस विकास विरोधी रवैये का बदला इस निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को चुनकर लेगी और प्रधानमंत्री मोदी के हाथों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस चुनावी दौरे का आगाज वार्ड संख्या 01 और 02 स्थित सांडी से हुआ, जिसके बाद उन्होंने वार्ड संख्या 01, 02, 08, 18 और 23 के अंतर्गत आने वाले तिलैया, टूटी झरना, मनोहर नगर, रांची रोड, सेवटा, चैनगढ़ा, बरकाकाना और घुटवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान सभी जगहों पर सांसद मनीष जायसवाल का स्थानीय लोगों ने ढोल-बाजे के साथ फुल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस सघन जनसंपर्क अभियान में उनके साथ रामगढ़ नगर परिषद की अध्यक्ष प्रत्याशी प्रिया कुमारी (करमाली) सहित भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव बावला, रणंजय कुमार उर्फ कुंटू बाबू, राजू चतुर्वेदी, विजय जायसवाल, सरदार अनमोल सिंह, रामसहाय बेदिया, सत्येंद्र नारायण सिंह, राजीव जायसवाल, मनोज गिरी, रंजीत पांडेय, सुनील साहू, जागेश्वर प्रजापति, विनोद कुशवाहा, विनोद मिश्रा, संजय शाह, धनंजय कुमार पुटूस, नूतन कुमार महतो, दिनेश प्रसाद, अजय पासवान, योगेश दांगी, सतीश मोहन मिश्रा, संतोष बिंड, प्रवीण कुमार सोनू, पंकज कुमार, राकेश जायसवाल, अबू हसन, रीति श्रीवास्तव और सांसद के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

* योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को दे रही नई ताकत, 39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से जुड़े हैं, जिनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक्सपो का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन में विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन भी किया जाएगा।
39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित 13 परिक्षेत्रों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री सचान ने बताया कि सरकार द्वारा बुनकरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी (IIHT) के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रतिरोधी परिवारों को समझाने और टीकाकरण को शत-प्रतिशत सफल बनाने पर जोर

जानसठ । बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित टीकाकरण की अहमियत को देखते हुए  तहसील टास्क फोर्स  की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने की तथा बैठक का संचालन बीएमसी रूबीना ने किया बैठक की अध्यक्षता कर रही  तहसीलदार  ने  टीकाकरण से वंचित बच्चों (ड्रॉपआउट) और टीकों के प्रति संशय रखने वाले परिवारों को 'मोबाइलाइज' करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक साझा सामाजिक सरोकार है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर उन परिवारों तक पहुँचें जो अभी भी अपने बच्चों को टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।"

बैठक में यूनिसेफ की बीएमसी रुबीना ने नियमित टीकाकरण  के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों के दौरान दी जाने वाली सामग्री, दवाओं और टीकों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता ग्रासरूट स्तर पर सामग्री का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। बैठक के अंत में तहसीलदार ने सभी को सचेत करते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शत प्रतिशत कवरेज ही इस अभियान की सफलता का पैमाना  होगा। इस दौरान मुख्य रूप से डीएमसी तरन्नुम बीएमसी रुबीना एआरओ दीपक तोमर  बीसीपीएम इज़हार अली सुपरवाइजर श्रीमती अमृता आपूर्ति विभाग से रोहित ठाकुर, भोकरहेड़ी नगर पंचायत से ईओ मनीष वर्मा, गजेश सैनी एवं संजीव आदि मौजूद रहे।
झारखंड विधानसभा में शोक की लहर: शिवराज पाटिल, अजित पवार और मार्क टली समेत कई विभूतियों को दी गई श्रद्धांजलि

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही के दौरान 'शोक प्रकाश' पढ़ा गया। विधानसभा अध्यक्ष और माननीय सदस्यों ने पिछली बैठक से अब तक की अवधि में हमारे बीच से गुजर गए राजनेताओं, समाजसेवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रमुख विभूतियों को नमन:

सदन में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सदन ने उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।

साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की क्षति:

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विनोद कुमार शुक्ल: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध साहित्यकार।

मार्क टली: पत्रकारिता की विश्वसनीय आवाज और बीबीसी के पूर्व दिग्गज।

राम सूतार: देश के विख्यात शिल्पकार।

धनंजय तिवारी: पहली नागपुरी फिल्म के निर्माता-निर्देशक।

प्रो० बी० पी० शरण: रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति।

झारखंड के सपूतों को श्रद्धांजलि:

सदन ने झारखंड के वीर शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर के वंशज रामनंदन सिंह खरवार, गुवा गोलीकांड के साक्षी दरगड़ाय सिरका, और पूर्व विधायक रामचन्द्र नायक व गौर हरिजन को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इसके साथ ही 1971 के युद्ध के वीर सेनानी हारून टोपनो की बहादुरी की चर्चा की गई।

दुखद घटनाओं पर शोक:

सदन ने केवल विभूतियों को ही नहीं, बल्कि विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों और शहीदों को भी याद किया। जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए 10 जवानों, लातेहार बस दुर्घटना में मारे गए यात्रियों और गोवा, हिमाचल व उत्तराखंड की सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।

आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

छत्तीसगढ़: जादू-मंत्र से पैसा डबल करने का झांसा, पिता-पुत्र ने ठगे 5 लाख

बलौदाबाजार: जादू-मंत्र से पैसा कई गुना करने का लालच देकर लाखों की ठगी करने वाले पिता-पुत्र को पलारी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने साल 2022 में दो लोगों से कुल 5 लाख रुपये ठगे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल और 5 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।

पहला मामला: 3 लाख लेकर फरार

ग्राम बलौदी निवासी नोहर यादव (57) ने शिकायत की कि अक्टूबर 2022 में आरोपी उसके घर आए और जादू-मंत्र से पैसे कई गुना करने का दावा किया। 18 अक्टूबर 2022 को उन्होंने उससे 3 लाख रुपये नगद ले लिए। रकम वापस करने के बजाय दोनों ने धोखा दिया। इस मामले में थाना पलारी में धारा 420 और 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

दूसरा मामला: 2 लाख की ठगी, जान से मारने की धमकी

ग्राम रामपुर निवासी पराग कटियार ने भी बताया कि 2 नवंबर 2022 को आरोपियों ने उससे 2 लाख रुपये लिए और पैसा डबल करने का झांसा दिया। जब उसने पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में धारा 420, 506 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

एसपी के निर्देश पर कार्रवाई

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर पुलिस ने जांच तेज की। टीम ने ग्राम धौराभाठा (थाना खरोरा, जिला रायपुर) से दीनदयाल जांगड़े (66) और पुरुषोत्तम जांगड़े (35) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने 5 लाख रुपये ठगने की बात कबूल की।

दोनों आरोपियों को 18 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस की अपील

केंद्रीय मंत्री आठवले और सोनू निगम ने किया संगीत मासूम के एल्बम बेदर्दी का लोकार्पण

मुंबई। मासूम फिल्म कंपनी द्वारा निर्मित बहुप्रतीक्षित हिंदी म्यूजिक एल्बम “बेदर्दी” का भव्य लोकार्पण समारोह मंगलवार सायं मुंबई के अंधेरी पश्चिम  में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले और सोनू निगम के हाथों संगीत मासूम के म्यूजिक एल्बम " बेदर्दी " को रिलीज किया गया। प्रख्यात संगीतकार निखिल कामथ तथा विख्यात संगीतकार दिलीप सेन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई। पद्मश्री और सुरों के शहंशाह सोनू निगम ने  बेदर्दी  के गीत के लेखन की तारीफ करते हुए इसे शानदार गीत बताया। उन्होंने अपने पिता और अगम कुमार निगम की गायिकी को भी सराहा। इसके साथ - साथ उन्होंने " बेदर्दी " के हीरो, उभरते रॉक स्टार संगीत मासूम के अभिनय की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनायें दीं। सुप्रसिद्ध बॉलीवुड संगीतकार दिलीप सेन ने मुकेश कुमार मासूम के लेखन, संगीत मासूम के अभिनय और अगम कुमार निगम की गायिकी को खूब सराहा और बेदर्दी एल्बम की सफलता के लिए शुभकामनायें दीं।
इसके गायक अगम कुमार निगम हैँ।
मासूम फ़िल्म कम्पनी के बैनर तले इसकी निर्मात्री सीमा हैँ।  गीतकार मुकेश कुमार मासूम, संगीतकार रफ़ीक राजा,  निर्देशक अनिल मेहता, नृत्य निर्देशक संजय चौधरी तथा मुख्य कलाकार संगीत मासूम , खुशबू पोद्दार एवं उजाला मेहता हैँ। संगीत मासूम की एक्टिंग दिल को छूने वाली है। बता दें कि
संगीत मासूम ने रोशन तनेजा एक्टिंग एकेडमी से अभिनय की ट्रेनिंग ली है तथा स्वर्गीय डांस डायरेक्टर सरोज खान जी से नृत्य की तालीम ली है जो उनके व्यक्तित्व में साफ दिखाई देती है।
इससे पहले संगीत मासूम के तीन गाने सुपर हिट हो चुके हैँ। मुख्य अतिथि रामदास आठवले ने अपने संबोधन में कहा कि कला और संगीत समाज को जोड़ने का माध्यम हैं, और ऐसे रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने गीतकार मुकेश कुमार मासूम के लिखे गीत को सराहा और संगीत मासूम के शानदार अभिनय की खूब सराहना की। उन्होने कविता सुनाते हुए कहा -
"मैं जिंदगी में कभी भी नहीं मानता हूँ हार
क्योंकि मेरे बाजू में खड़े हैँ मुकेश गीतकार।
पद्मश्री सोनू निगम ने गायक अगम कुमार निगम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी आवाज़ में भावनात्मक गहराई है, जो श्रोताओं तक सीधे पहुँचती है।  हँसते - मुस्कराते हुए सोनू निगम ने कहा कि " मुझे ख़ुशी है कि मेरे पिता मासूमों से घिरे हुए हैँ "। समारोह में फ़िल्म निर्माता निर्देशक कैलाश मासूम, सुप्रसिद्द फ़िल्मी लेखक आदेश के. अर्जुन, विक्की नागर, फेमस संगीकार दिलीप सेन, फेमस संगीतकार अमन श्लोक, फेमस संगीतकार वैष्णव देवा, अभिनेत्री शिरीन फरीद, कोरियोग्राफर तीरथ निषाद, रीच बॉलीवुड के अजय कालेपल्ली, आर्ट डायरेक्टर संतोष प्रजापति, ब्रह्म सिँह, परशुराम यादव, देवयानी, प्रॉड्यूसर उम्मेद सिंह राजपुरोहित एवं निर्माता रईस खान उपस्थित रहे।
“बेदर्दी” को दर्शकों एवं संगीत प्रेमियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और फ़िल्म जगत में इसे लोकप्रिय एल्बम माना जा रहा है।
देवघर-शहर परिक्रमा मेगा पेंटिंग कंपिटिशन, सीजन-11 के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
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देवघर: की पावन भूमि पर आयोजित शहर परिक्रमा मेगा पेंटिंग कंपिटिशन, सीजन-11 के परिणाम की घोषणा के बाद एक कार्यक्रम आयोजित कर सभी ग्रुप के विजोताओं को सम्मानित किया गया। देवघर आई ए एस अकादमी में आयोजित इस समारोह में सुप्रभा शिक्षा स्थली एवं ब्लू बेल्स के निदेशक प्रेम कुमार, भारती विद्यापीठ की प्राचार्या सुनीता सिंह, संत कोलम्बस स्कूल के प्राचार्य गौरव शंकर, आशा इंटरनेशनल स्कूल की निदेशिका कुमारी स्नेहलता, शहर परिक्रमा के संपादक प्रमेश कुमार वर्मा के हाथो सभी विजताओं को प्रमाण पत्र, मोमेंटो व उपहार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर प्रेम कुमार ने कहा कि इस प्रतियोगिता में हजारों छात्र छात्राओं को एक साथ शहर के के. के. एन. स्टेडियम में शिरकत करते देख बहुत सुकून होता है। यह प्रतियोगिता बच्चों में उत्साह का संचार करती है। यही कारण है कि बच्चे मोबाइल की दुनिया छोड़ शहर परिक्रमा के प्रतियोगिता में शिरकत करने आए होते हैं। सुनीता कुमारी ने कहा कि इतने बड़े प्रतियोगिता में हजारों बच्चों के बीच रैंक लाकर पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी बच्चे अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं। गौरव शंकर ने कहा कि हमारे विद्यालय के छात्र इस प्रतियोगिता के पहले सीजन से ही इसमें हिस्सा लेते रहे हैं, जिसका की अभी 11वां सीजन चल रहा है। बच्चों में इस प्रतियोगिता को लेकर खासा उत्साह रहता है। अमित कुमार ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग जरूर लेना चाहिए ताकि उनका प्रतिस्पर्धात्मक विकास हो सके। प्रमेश कुमार वर्मा ने कहा कि जो प्रतिभागी इस बार पुरस्कार पाने से थोड़ा पीछे रह गए, वे भी उतने ही सराहनीय हैं, क्योंकि वो किसी से कमतर नहीं बल्कि प्रतियोगिता के मापदंडों और निर्णायकों के सामने 'सीमित पुरस्कार' के नियमों ने उन्हें पुरस्कार पाने से वंचित कर दिया। उन्हें आगे और मेहनत करने की आवश्यकता है। जानकारी हो कि इसके पूर्व 31 जनवरी को के. के. एन. स्टेडियम में शहर परिक्रमा मेगा पेंटिंग कंपिटिशन, सीजन-11 का आयोजन किया गया था, जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के हजारों बच्चों ने भाग लिया था। उन्ही प्रतिभागियों को मुख्य निर्णायक नरेन्द्र पंजियारा के निर्णयानुसार सम्मानित किया गया।
संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज', मोहन भागवत ने बताई आरएसएस की अधूरी सफलता की वजह

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान संघ प्रमुख भागवत ने हिंदू समाज को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने देश भर के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति की भी वकालत की।

आरएसएस चीफ या सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को उन्होंने लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाज के लोगों से तकरीबन ढाई घंटे तक बातचीत की।इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ के विचारों के बारे में भी बताया और लोगों के सवालों के सहजता से उत्तर भी दिए। मोटे तौर पर सात ऐसे सम-सामयिक और राजनीति मुद्दे हैं, जिन पर भागवत ने आरएसएस की सोच को लोगों के सामने रखा।

हिंदू समाज एकजुट नहीं-भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, लेकिन यह भी माना है कि इसका मिशन अभी भी अधूरा है। उन्होंने कहा, 'संघ ने बहुत काम किया है, लेकिन इसे पूर्ण सफलता नहीं मिली है, क्योंकि हिंदू समाज एकजुट नहीं है।' आरएसएस प्रमुख ने लोगों से अनुरोध किया है कि बिना संघ में शामिल हुए,इसे जज करने की कोशिश न करें। उन्होंने राष्ट्रहित में हिंदुओं को एकजुट होने की अपील की।

हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन-भागवत

प्रश्न-उत्तर के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत को इस सवाल का भी सामना करना पड़ा कि आरएसएस की सबसे बड़ी समस्या क्या है। इसपर उन्होंने कहा, 'हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन है।' उनका कहना है कि 'भिन्न-भिन्न जातियों और पंथों से अपनी पहचान बनाने की जगह, हिंदू के तौर पर अपनी पहचान बनाना हम सभी के लिए बेहतर है। सामाजिक सौहार्द समाजिक एकता का आधार है।' उनके अनुसार, 'जाति व्यवस्था धीरे-धीरे मिट रही है। युवा पीढ़ी में यह व्यवहार दिख रहा है।' 'जिस दिन समाज में जाति का महत्त्व नहीं रहेगा, जाति की राजनीति करने वाले नेता भी बदल जाएंगे।'

मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति पर जोर

एक सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।

बीजेपी-आरएसएस संबंध पर क्या बोले भागवत?

इस दौरान संघ प्रमुख ने भाजंपा-आरएसएस संबंधो को लेकर लगने वाले आरोपों का भी जवाब दिया। भागवत ने संघ को बीजेपी का रिमोट बताए जाने जैसे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।

रामगढ़ निकाय चुनाव 2026: सांसद मनीष जायसवाल ने प्रिया कुमारी (करमाली) के समर्थन में किया तूफानी जनसंपर्क

रामगढ़ - झारखंड नगर निकाय चुनाव- 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं, जहाँ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग नगर निगम और रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सांसद मनीष जायसवाल ने रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के अध्यक्ष पद की उम्मीदवार प्रिया कुमारी (करमाली) के पक्ष में सघन जनसंपर्क अभियान और तूफानी चुनावी दौरा किया।

उन्होंने रामगढ़ के आधा दर्जन से अधिक वार्डों में घूम-घूम कर जनता से सीधा संवाद किया और आगामी 23 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान में बैलट पेपर के क्रम संख्या 6 पर अंकित 'बिस्किट छाप' पर मुहर लगाकर प्रिया कुमारी (करमाली) को आशीर्वाद देने और उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का आग्रह किया।

चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न सभाओं को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने राज्य और केंद्र की सरकारों के कामकाज की तुलना करते हुए हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में दो तरह की व्यवस्थाएं काम कर रही हैं, जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास और जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सदैव तत्पर है, वहीं दूसरी ओर झारखंड की वर्तमान हेमंत सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार, लचर कानून व्यवस्था और नशाखोरी ने विकराल रूप ले लिया है। सांसद मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले करीब ढाई-तीन वर्षों तक नगर निकाय चुनावों को जानबूझकर बाधित रखा, जिससे स्थानीय विकास के कार्य पूरी तरह ठप हो गए। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड की जनता इस विकास विरोधी रवैये का बदला इस निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को चुनकर लेगी और प्रधानमंत्री मोदी के हाथों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस चुनावी दौरे का आगाज वार्ड संख्या 01 और 02 स्थित सांडी से हुआ, जिसके बाद उन्होंने वार्ड संख्या 01, 02, 08, 18 और 23 के अंतर्गत आने वाले तिलैया, टूटी झरना, मनोहर नगर, रांची रोड, सेवटा, चैनगढ़ा, बरकाकाना और घुटवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान सभी जगहों पर सांसद मनीष जायसवाल का स्थानीय लोगों ने ढोल-बाजे के साथ फुल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस सघन जनसंपर्क अभियान में उनके साथ रामगढ़ नगर परिषद की अध्यक्ष प्रत्याशी प्रिया कुमारी (करमाली) सहित भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव बावला, रणंजय कुमार उर्फ कुंटू बाबू, राजू चतुर्वेदी, विजय जायसवाल, सरदार अनमोल सिंह, रामसहाय बेदिया, सत्येंद्र नारायण सिंह, राजीव जायसवाल, मनोज गिरी, रंजीत पांडेय, सुनील साहू, जागेश्वर प्रजापति, विनोद कुशवाहा, विनोद मिश्रा, संजय शाह, धनंजय कुमार पुटूस, नूतन कुमार महतो, दिनेश प्रसाद, अजय पासवान, योगेश दांगी, सतीश मोहन मिश्रा, संतोष बिंड, प्रवीण कुमार सोनू, पंकज कुमार, राकेश जायसवाल, अबू हसन, रीति श्रीवास्तव और सांसद के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

* योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को दे रही नई ताकत, 39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से जुड़े हैं, जिनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक्सपो का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन में विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन भी किया जाएगा।
39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित 13 परिक्षेत्रों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री सचान ने बताया कि सरकार द्वारा बुनकरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी (IIHT) के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रतिरोधी परिवारों को समझाने और टीकाकरण को शत-प्रतिशत सफल बनाने पर जोर

जानसठ । बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित टीकाकरण की अहमियत को देखते हुए  तहसील टास्क फोर्स  की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने की तथा बैठक का संचालन बीएमसी रूबीना ने किया बैठक की अध्यक्षता कर रही  तहसीलदार  ने  टीकाकरण से वंचित बच्चों (ड्रॉपआउट) और टीकों के प्रति संशय रखने वाले परिवारों को 'मोबाइलाइज' करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक साझा सामाजिक सरोकार है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर उन परिवारों तक पहुँचें जो अभी भी अपने बच्चों को टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।"

बैठक में यूनिसेफ की बीएमसी रुबीना ने नियमित टीकाकरण  के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों के दौरान दी जाने वाली सामग्री, दवाओं और टीकों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता ग्रासरूट स्तर पर सामग्री का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। बैठक के अंत में तहसीलदार ने सभी को सचेत करते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शत प्रतिशत कवरेज ही इस अभियान की सफलता का पैमाना  होगा। इस दौरान मुख्य रूप से डीएमसी तरन्नुम बीएमसी रुबीना एआरओ दीपक तोमर  बीसीपीएम इज़हार अली सुपरवाइजर श्रीमती अमृता आपूर्ति विभाग से रोहित ठाकुर, भोकरहेड़ी नगर पंचायत से ईओ मनीष वर्मा, गजेश सैनी एवं संजीव आदि मौजूद रहे।
झारखंड विधानसभा में शोक की लहर: शिवराज पाटिल, अजित पवार और मार्क टली समेत कई विभूतियों को दी गई श्रद्धांजलि

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही के दौरान 'शोक प्रकाश' पढ़ा गया। विधानसभा अध्यक्ष और माननीय सदस्यों ने पिछली बैठक से अब तक की अवधि में हमारे बीच से गुजर गए राजनेताओं, समाजसेवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रमुख विभूतियों को नमन:

सदन में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सदन ने उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।

साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की क्षति:

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विनोद कुमार शुक्ल: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध साहित्यकार।

मार्क टली: पत्रकारिता की विश्वसनीय आवाज और बीबीसी के पूर्व दिग्गज।

राम सूतार: देश के विख्यात शिल्पकार।

धनंजय तिवारी: पहली नागपुरी फिल्म के निर्माता-निर्देशक।

प्रो० बी० पी० शरण: रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति।

झारखंड के सपूतों को श्रद्धांजलि:

सदन ने झारखंड के वीर शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर के वंशज रामनंदन सिंह खरवार, गुवा गोलीकांड के साक्षी दरगड़ाय सिरका, और पूर्व विधायक रामचन्द्र नायक व गौर हरिजन को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इसके साथ ही 1971 के युद्ध के वीर सेनानी हारून टोपनो की बहादुरी की चर्चा की गई।

दुखद घटनाओं पर शोक:

सदन ने केवल विभूतियों को ही नहीं, बल्कि विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों और शहीदों को भी याद किया। जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए 10 जवानों, लातेहार बस दुर्घटना में मारे गए यात्रियों और गोवा, हिमाचल व उत्तराखंड की सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।

आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।