पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी मोंटी मुरादाबाद में ढेर
मुरादाबाद के एक प्रतिष्ठित निर्यातक से मांगी थी 5 करोड़ रुपये की रंगदारी

उधम सिंह गैंग का शूटर था मुठभेड़ मारा गया आशु चड्ढा उर्फ मोंटी, 50 हजार का था इनामी

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और मुरादाबाद पुलिस ने बुधवार देर रात्रि संयुक्त ऑपरेशन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी उधम सिंह गैंग के शार्प शूटर 50 हजार का इनामी आशु चड्ढा उर्फ मोंटी को थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया। मृतक शूटर मोंटी ने महानगर के एक निर्यातक से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि जनपद हापुड़ के मीरपुर कला निवासी आशु चड्ढा उर्फ मोंटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी था। हाल ही में उसने मुरादाबाद के एक प्रतिष्ठित निर्यातक वजीर चंद्र एक्सपोर्ट के संचालक सिवल लाइंस क्षेत्र निवासी अरशू ढल से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और उन पर जानलेवा हमला भी किया था। एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट और मुरादाबाद पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। बुधवार देर रात को एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख मोंटी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके से एक स्विफ्ट कार, .32 बोर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री मेड पिस्टल, .32 बोर की रिवॉल्वर और 12 बोर की बंदूक बरामद की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में खोखा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। उसके खिलाफ गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर और मुरादाबाद में कुल 36 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जनगणना-2027 के तैयारियों की बैठक

*गोण्डा  अप्रैल,2026*

जनपद कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार की अध्यक्षता में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित, समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। अतः इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी समय से लगाई जाए तथा उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ करना सुनिश्चित करना होगा।

बैठक के दौरान जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें क्षेत्रवार दायित्व निर्धारण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य की निगरानी व्यवस्था शामिल रही। अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मियों को पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे कार्य की गुणवत्ता बनी रहे और आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान आमजन से समन्वय स्थापित करना भी अत्यंत आवश्यक है, जिससे सही एवं सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए।

बैठक में समस्त तहसीलदार, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री लाल जी दूबे, डीएसटीओ श्री एन.के. सिंह, एलआरसी श्री सत्यदेव मिश्र सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जनगणना-2027 को सफल बनाया जा सकता है।
चंदौली में स्वास्थ्य-शिक्षा का डबल धमाका जिलाधिकारी ने संचारी रोग और 'स्कूल चलो' रैली को हरी झंडी दिखाई

- श्रीप्रकाश यादव

चंदौली, 01 अप्रैल 2026: जिले में संचारी रोग नियंत्रण और 'स्कूल चलो' अभियान को मजबूती देने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट परिसर से धूमधाम से रैली को हरी झंडी दिखाई।सफाई सतर्कता की शपथ दिलाई और रैली को रवाना किया।


सीएमओ डॉ. वाई.के. राय के मुताबिक, DM व CDO के मार्गदर्शन का असर है जो पिछले 3 वर्षों से जिला संचारी रोग नियंत्रण में उत्तर प्रदेश में नंबर-1पर है। DM बोले, "स्वास्थ्य और शिक्षा व्यक्ति व समाज की रीढ़ हैं"। दोनों अभियानों को एकीकृत कर हर घर पहुंचाने के निर्देश दिए।



संवेदनशील गांवों में ग्राम प्रधानों को एंटीलार्वल छिड़काव, सफाई कर्मियों को गांव साफ रखने व नालियों में फागिंग के सख्त आदेश दिए। जलजमाव रोककर मच्छर लार्वा नष्ट करें।
आशा-आंगनबाड़ी का ड्यूल रोल है। ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों की लिस्ट बनाएंगी और स्कूल न जाने वाले बच्चों की सूची BEO तक पहुंचाएंगी। कोई बच्चा वंचित न रहे।

DM ने परिषदीय स्कूल के छात्रों को 2026-27 सत्र की नई किताबें बांटीं। राष्ट्रीय आविष्कार प्रतियोगिता में चयनित बच्चों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर डीआईओएस देवेंद्र सिंह, बीएसए सचिन कुमार, डीपीओ आईसीडीएस राजकपूर समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे। संचारी रोग विभागों का पूरा सहयोग रहा। यह अभियान जिले को स्वस्थ व शिक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

धर्मांतरण कौन करता है?
जाहिर है कोई ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य या अमीर व्यक्ति तो धर्मांतरण करता नहीं! धर्मांतरण वह लोग करते है जो,समाज में छुआछूत के शिकार है,शोषित है। और यह सर्वविदित है कि हमारे समाज में शोषित और छुआछूत का शिकार कौन है? दलित और आदिवासी। देश में अधिकांश धर्मांतरण इन्हीं समुदाय के लोगों ने किया है। इनके धर्मांतरण करने के कारणों पर मंथन करने के बजाय हम इनको संविधान के धर्मांतरण कानून के तहत आरक्षण खत्म करने का डर दिखा कर,इन्हें जबरन उसी समाज में जीने को मजबूर कर रहे है,जहां ये शोषित होते रहे है। जिसमें दलितों के लिए सिर्फ और सिर्फ जहर घोला गया है।
धर्म बदलना शौक़ नहीं मजबूरी है उन लोगों के लिए जो अछूत है। कोई भी दलित या आदिवासी अपना धर्मांतरण जाति बदलने के लिए नहीं करता। बल्कि जाति के आधार पर होनेवाले उत्पीड़न से बचने के लिए धर्मांतरण करते रहे है। दलितों के साथ छुआछुत होगा,उन पर अत्याचार होगा,उनका सामाजिक बहिष्कार होगा,तब दलित क्या करेगा? निश्चित तौर पर वह दूसरे धर्म का रुख करेगा। यह कितना शर्मनाक है कि,आजादी के 80 वर्षों के बाद भी समाज में दलितों की दुर्दशा कितनी भयावह है। दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने नहीं दिया जाता। मंदिरों में घुसने नहीं दिया जाता। दलित का मूछ रखना समाज को स्वीकार नहीं।
यह वर्षों पुरानी इतिहास की बाते नहीं बल्कि आज के नए भारत की बात है। लोग कुत्ते-बिल्ली को अपने बिस्तरों में सुलाते है पर दलित से उन्हें घिन आती है। दलितों के साथ जानवरों से भी बद्तर सलूक क्यूं? क्या दलित इस ग्रह का इंसान नहीं? क्या यह सामाजिक अन्याय नहीं है?
हमारे देश में सब की जातियां फिक्स है जन्म से। संविधान हमें सिर्फ धर्म चुनने का अधिकार देता है न कि जाति चुनने का। जब हमें जाति चुनने का अधिकार ही नहीं,तो फिर हमारी जाति कैसे बदल जाएगी,किसी भी धर्म को अपनाने या छोड़ने से? सवाल है कि,दलितों को आरक्षण का लाभ सिर्फ हिन्दू,सिक्ख और बौद्ध धर्म अपनाने पर ही मिलेगा। ऐसा क्यूं? देश में हिंदू,सिक्ख,बौद्ध के अलावा मुस्लिम,ईसाई,जैन,पारसी धर्म भी मौजूद है। भारत धार्मिक राष्ट्र नहीं है। फिर दलितों के लिए धर्म का बंधन क्यूं?
कुछ लोगों का मानना है कि,हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा बाकी सभी धर्म (खास कर इस्लाम और ईसाई) विदेशी धर्म है। धर्म विदेशी है पर लोग तो भारतीय है। अपने ही लोगो से इतनी नफरत क्यूं? "विदेशी भाषा अपनाई जा सकती है,विदेशी पहनावे,विदेशी खानपान अपनाया जा सकता है तो फिर विदेशी धर्म क्यूं नहीं अपनाया जा सकता?" बुद्धिजीवियों का मानना है कि,इस्लाम और ईसाई धर्म जाति व्यवस्था को नहीं मानता। इसलिए इस्लाम और ईसाई धर्म में धर्मांतरित दलितों की जातिगत पहचान खत्म हो जाती है और साथ ही उनका जाति आधारित मिला आरक्षण भी खत्म हो जाता है।
वैसे बौद्ध धर्म भी जाति व्यस्था को नहीं मानता। फिर बौद्ध धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण का लाभ क्यूं दिया जाता है?
यह सत्य है कि धर्मांतरण कानून कोई नया कानून नहीं। यह पहले से संविधान में उल्लेखित है। पर संविधान में संशोधन का प्रावधान भी है। समय समय पर जरूरतों के हिसाब से संविधान में संशोधन होते रहे है। उसी संविधान संशोधन प्रावधान के तहत,जिस तरह 1956 में हिंदू के अलावा बौद्ध और सिक्ख धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण के दायरे में लाया गया, "अर्थात हिंदू धर्म के अलावा अगर दलित सिख या बौद्ध धर्म अपनाता है तो उसका आरक्षण खत्म नहीं होगा" उसी तरह संविधान संशोधन कर दलितों के लिए अन्य धर्मों को भी आरक्षण के दायरे में लाया जाना चाहिए था।
मेरे विचार में,संविधान में उल्लेखित धर्मांतरण कानून संतुलित नही है। जहां एक तरफ यह दलितों को आरक्षण का अधिकार देता है ताकि वे समाज में समानता के साथ जी सके। सामाजिक पिछड़ेपन से उबर सके। वहीं दूसरी तरफ एक नागरिक के तौर पर उसके मौलिक अधिकारों का हनन करता है। धर्मांतरण कानून में धर्म के बंधन को खत्म करने के लिए संविधान संशोधन होना चाहिए। इसके लिए देश के सारे दलितों,दलित संगठनों,दलित सांसद और विधायकों को एक साथ आगे आकर सरकार से इसकी माँग करनी चाहिए। दलित समुदाय को सपोर्ट करने के लिए आदिवासी समुदाय को भी आगे आना चाहिए। क्योंकि आजकल जिस तरह से झारखंड में आरएसएस और बीजेपी लगातार 'सरना' को 'सनातन' से जोड़ने की कोशिश कर रही है,इससे संदेश साफ है कि,अगला नम्बर आदिवासियों का है।
नगरा के प्राथमिक विद्यालय मेहराव में धूमधाम से नया सत्र शुरू, वार्षिकोत्सव अंकपत्र वितरण व कक्षा-5 का भावुक विदाई समारोह संपन्न
संजीव सिंह नगरा, बलिया। शिक्षा क्षेत्र नगरा में पड़ने वाले प्राथमिक विद्यालय मेहराव में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत धूमधाम से हुई। इस अवसर पर वार्षिकोत्सव के अंकपत्रों का वितरण किया गया तथा कक्षा-5 के छात्रों का भावुक विदाई समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव ने की। सहायक अध्यापकों राकेश प्रताप सिंह, श्रद्धानंद सिंह, राकेश कुमार सिंह तथा संध्या गुप्ता ने छात्रों को अंकपत्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों पर बधाई दी। कक्षा-5 के छात्रों को विदाई देते हुए सभी शिक्षकों की आंखें नम हो गईं।विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष शैल कुमारी ने नए सत्र के लिए छात्रों को शुभकामनाएं दीं तथा अभिभावकों से शिक्षा के प्रति सक्रिय सहयोग की अपील की। प्रमुख समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि अखिलेश यादव ने विशेष रूप से शिरकत की तथा विद्यालय की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शिक्षकों की सराहना की।इस आयोजन ने स्कूली परिवार में उत्साह का संचार किया तथा आने वाले सत्र के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान किया।
आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता सुदनीपुर देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

नगरा के प्राथमिक विद्यालय कोदई में धूमधाम से नया सत्र शुरू, स्कूल चलो अभियान में रैली निकाली गई; कक्षा-5 का भावुक विदाई समारोह भी संपन्न
संजीव सिंह नगरा (बलिया), 1 अप्रैल: बलिया जिले के नगरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोदई में बुधवार को 2026-27 सत्र का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में पूरे विद्यालय को गुब्बारों, झंडियों और फूलों से सजाया गया। नए सत्र के पहले दिन 'स्कूल चलो अभियान' के तहत गांव में रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया।सभी बच्चों का माथे पर टीका-रोली लगाकर स्वागत किया गया। नवीन प्रवेशित बच्चों को कॉपी, पेन व पेंसिल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कक्षा-1 से कक्षा-5 तक प्रत्येक कक्षा के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को शील्ड व मेडल देकर सम्मानित किया गया।समारोह की खासियत रही कक्षा-5 के बच्चों का भावुक विदाई समारोह। प्रकृति प्रेमी इन बच्चों को प्रत्येक को एक-एक पौधा, शील्ड व मेडल भेंट किया गया। सहायक अध्यापिका रंजना साहनी ने बच्चों को पौधा देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। पहले दिन सभी बच्चों को व पूड़ी, छोला व हलवा के रूप में विशेष पकवान वितरित किया गया।कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव, सहायक अध्यापिका रंजना साहनी, संजीव कुमार गुप्ता सहायक अध्यापक, रुपा पांडेय (शिक्षामित्र), भवानी प्रसाद गुप्ता (शिक्षामित्र), शशिबाला सिंह व कुसुम सिंह (आंगनबाड़ी कार्यकर्ती), वीरेश राम, कैलाश यादव, देवंती देवी व दसिया देवी उपस्थित रहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विराट पथ संचलन यमुनापार पुलिस प्रशासन डीसीपीसी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें

विश्वनाथ प्रताप सिंह

रत्यौरा मोड़ कोरांव प्रयागराज, नगर पंचायत कोरावअंतर्गत आज दिनांक 29 मार्च सन 2026 को संघ शताब्दी वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विशाल पद संचलन का कार्यक्रम किया गया जिसमें नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी पूर्व नगर अध्यक्ष नरसिंह केसरी विधायक राजमणि कोल तथा क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों ने पता संचालन में अपनी अपनी भूमिका निभाई जिला धिकारी  महोदय पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज अपर पुलिस आयुक्त यातायात पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट यमुनानगर प्रयागराज के आदेश के क्रम में प्रदेश चेयरमैन कमलेश कुमार श्रीवास्तव प्रांतीय सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव एसीपी मेजा संत कुमार उपाध्याय के कुशल मार्गदर्शन में जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य गण को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा के आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेंद्रदेव मिश्र के नेतृत्व में यातायात सुगम बनाने हेतु पुलिस बल के साथ  डी सी पी सी वालेंटियर ड्यूटी पर उपस्थित रहे सह थाना कमेटी प्रभारी मोहम्मद असलम संयुक्त सचिव संगम लाल जायसवाल संतोष कुमार जायसवाल चिदानंद मिश्रा धीरज कुमार राजेश कुमार विवेक कुमार चिरौंजी लाल कृष्ण लाल एस एच ओ मा मांडा एस माधव प्रसाद तिवारी आई गिरीश चंद्र राय एस आई मोनिस आलम एस आई कृष्णा सोनी एस आई शिवानी पटेल एस आई कृष्ण कुमार एस आई आशीष कुमार जयदीप पाराशरइत्यादि
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी मोंटी मुरादाबाद में ढेर
मुरादाबाद के एक प्रतिष्ठित निर्यातक से मांगी थी 5 करोड़ रुपये की रंगदारी

उधम सिंह गैंग का शूटर था मुठभेड़ मारा गया आशु चड्ढा उर्फ मोंटी, 50 हजार का था इनामी

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और मुरादाबाद पुलिस ने बुधवार देर रात्रि संयुक्त ऑपरेशन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी उधम सिंह गैंग के शार्प शूटर 50 हजार का इनामी आशु चड्ढा उर्फ मोंटी को थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया। मृतक शूटर मोंटी ने महानगर के एक निर्यातक से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि जनपद हापुड़ के मीरपुर कला निवासी आशु चड्ढा उर्फ मोंटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी था। हाल ही में उसने मुरादाबाद के एक प्रतिष्ठित निर्यातक वजीर चंद्र एक्सपोर्ट के संचालक सिवल लाइंस क्षेत्र निवासी अरशू ढल से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और उन पर जानलेवा हमला भी किया था। एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट और मुरादाबाद पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। बुधवार देर रात को एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख मोंटी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके से एक स्विफ्ट कार, .32 बोर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री मेड पिस्टल, .32 बोर की रिवॉल्वर और 12 बोर की बंदूक बरामद की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में खोखा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। उसके खिलाफ गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर और मुरादाबाद में कुल 36 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जनगणना-2027 के तैयारियों की बैठक

*गोण्डा  अप्रैल,2026*

जनपद कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार की अध्यक्षता में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित, समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। अतः इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी समय से लगाई जाए तथा उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ करना सुनिश्चित करना होगा।

बैठक के दौरान जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें क्षेत्रवार दायित्व निर्धारण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य की निगरानी व्यवस्था शामिल रही। अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मियों को पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे कार्य की गुणवत्ता बनी रहे और आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान आमजन से समन्वय स्थापित करना भी अत्यंत आवश्यक है, जिससे सही एवं सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए।

बैठक में समस्त तहसीलदार, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री लाल जी दूबे, डीएसटीओ श्री एन.के. सिंह, एलआरसी श्री सत्यदेव मिश्र सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जनगणना-2027 को सफल बनाया जा सकता है।
चंदौली में स्वास्थ्य-शिक्षा का डबल धमाका जिलाधिकारी ने संचारी रोग और 'स्कूल चलो' रैली को हरी झंडी दिखाई

- श्रीप्रकाश यादव

चंदौली, 01 अप्रैल 2026: जिले में संचारी रोग नियंत्रण और 'स्कूल चलो' अभियान को मजबूती देने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट परिसर से धूमधाम से रैली को हरी झंडी दिखाई।सफाई सतर्कता की शपथ दिलाई और रैली को रवाना किया।


सीएमओ डॉ. वाई.के. राय के मुताबिक, DM व CDO के मार्गदर्शन का असर है जो पिछले 3 वर्षों से जिला संचारी रोग नियंत्रण में उत्तर प्रदेश में नंबर-1पर है। DM बोले, "स्वास्थ्य और शिक्षा व्यक्ति व समाज की रीढ़ हैं"। दोनों अभियानों को एकीकृत कर हर घर पहुंचाने के निर्देश दिए।



संवेदनशील गांवों में ग्राम प्रधानों को एंटीलार्वल छिड़काव, सफाई कर्मियों को गांव साफ रखने व नालियों में फागिंग के सख्त आदेश दिए। जलजमाव रोककर मच्छर लार्वा नष्ट करें।
आशा-आंगनबाड़ी का ड्यूल रोल है। ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों की लिस्ट बनाएंगी और स्कूल न जाने वाले बच्चों की सूची BEO तक पहुंचाएंगी। कोई बच्चा वंचित न रहे।

DM ने परिषदीय स्कूल के छात्रों को 2026-27 सत्र की नई किताबें बांटीं। राष्ट्रीय आविष्कार प्रतियोगिता में चयनित बच्चों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर डीआईओएस देवेंद्र सिंह, बीएसए सचिन कुमार, डीपीओ आईसीडीएस राजकपूर समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे। संचारी रोग विभागों का पूरा सहयोग रहा। यह अभियान जिले को स्वस्थ व शिक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

धर्मांतरण कौन करता है?
जाहिर है कोई ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य या अमीर व्यक्ति तो धर्मांतरण करता नहीं! धर्मांतरण वह लोग करते है जो,समाज में छुआछूत के शिकार है,शोषित है। और यह सर्वविदित है कि हमारे समाज में शोषित और छुआछूत का शिकार कौन है? दलित और आदिवासी। देश में अधिकांश धर्मांतरण इन्हीं समुदाय के लोगों ने किया है। इनके धर्मांतरण करने के कारणों पर मंथन करने के बजाय हम इनको संविधान के धर्मांतरण कानून के तहत आरक्षण खत्म करने का डर दिखा कर,इन्हें जबरन उसी समाज में जीने को मजबूर कर रहे है,जहां ये शोषित होते रहे है। जिसमें दलितों के लिए सिर्फ और सिर्फ जहर घोला गया है।
धर्म बदलना शौक़ नहीं मजबूरी है उन लोगों के लिए जो अछूत है। कोई भी दलित या आदिवासी अपना धर्मांतरण जाति बदलने के लिए नहीं करता। बल्कि जाति के आधार पर होनेवाले उत्पीड़न से बचने के लिए धर्मांतरण करते रहे है। दलितों के साथ छुआछुत होगा,उन पर अत्याचार होगा,उनका सामाजिक बहिष्कार होगा,तब दलित क्या करेगा? निश्चित तौर पर वह दूसरे धर्म का रुख करेगा। यह कितना शर्मनाक है कि,आजादी के 80 वर्षों के बाद भी समाज में दलितों की दुर्दशा कितनी भयावह है। दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने नहीं दिया जाता। मंदिरों में घुसने नहीं दिया जाता। दलित का मूछ रखना समाज को स्वीकार नहीं।
यह वर्षों पुरानी इतिहास की बाते नहीं बल्कि आज के नए भारत की बात है। लोग कुत्ते-बिल्ली को अपने बिस्तरों में सुलाते है पर दलित से उन्हें घिन आती है। दलितों के साथ जानवरों से भी बद्तर सलूक क्यूं? क्या दलित इस ग्रह का इंसान नहीं? क्या यह सामाजिक अन्याय नहीं है?
हमारे देश में सब की जातियां फिक्स है जन्म से। संविधान हमें सिर्फ धर्म चुनने का अधिकार देता है न कि जाति चुनने का। जब हमें जाति चुनने का अधिकार ही नहीं,तो फिर हमारी जाति कैसे बदल जाएगी,किसी भी धर्म को अपनाने या छोड़ने से? सवाल है कि,दलितों को आरक्षण का लाभ सिर्फ हिन्दू,सिक्ख और बौद्ध धर्म अपनाने पर ही मिलेगा। ऐसा क्यूं? देश में हिंदू,सिक्ख,बौद्ध के अलावा मुस्लिम,ईसाई,जैन,पारसी धर्म भी मौजूद है। भारत धार्मिक राष्ट्र नहीं है। फिर दलितों के लिए धर्म का बंधन क्यूं?
कुछ लोगों का मानना है कि,हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा बाकी सभी धर्म (खास कर इस्लाम और ईसाई) विदेशी धर्म है। धर्म विदेशी है पर लोग तो भारतीय है। अपने ही लोगो से इतनी नफरत क्यूं? "विदेशी भाषा अपनाई जा सकती है,विदेशी पहनावे,विदेशी खानपान अपनाया जा सकता है तो फिर विदेशी धर्म क्यूं नहीं अपनाया जा सकता?" बुद्धिजीवियों का मानना है कि,इस्लाम और ईसाई धर्म जाति व्यवस्था को नहीं मानता। इसलिए इस्लाम और ईसाई धर्म में धर्मांतरित दलितों की जातिगत पहचान खत्म हो जाती है और साथ ही उनका जाति आधारित मिला आरक्षण भी खत्म हो जाता है।
वैसे बौद्ध धर्म भी जाति व्यस्था को नहीं मानता। फिर बौद्ध धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण का लाभ क्यूं दिया जाता है?
यह सत्य है कि धर्मांतरण कानून कोई नया कानून नहीं। यह पहले से संविधान में उल्लेखित है। पर संविधान में संशोधन का प्रावधान भी है। समय समय पर जरूरतों के हिसाब से संविधान में संशोधन होते रहे है। उसी संविधान संशोधन प्रावधान के तहत,जिस तरह 1956 में हिंदू के अलावा बौद्ध और सिक्ख धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण के दायरे में लाया गया, "अर्थात हिंदू धर्म के अलावा अगर दलित सिख या बौद्ध धर्म अपनाता है तो उसका आरक्षण खत्म नहीं होगा" उसी तरह संविधान संशोधन कर दलितों के लिए अन्य धर्मों को भी आरक्षण के दायरे में लाया जाना चाहिए था।
मेरे विचार में,संविधान में उल्लेखित धर्मांतरण कानून संतुलित नही है। जहां एक तरफ यह दलितों को आरक्षण का अधिकार देता है ताकि वे समाज में समानता के साथ जी सके। सामाजिक पिछड़ेपन से उबर सके। वहीं दूसरी तरफ एक नागरिक के तौर पर उसके मौलिक अधिकारों का हनन करता है। धर्मांतरण कानून में धर्म के बंधन को खत्म करने के लिए संविधान संशोधन होना चाहिए। इसके लिए देश के सारे दलितों,दलित संगठनों,दलित सांसद और विधायकों को एक साथ आगे आकर सरकार से इसकी माँग करनी चाहिए। दलित समुदाय को सपोर्ट करने के लिए आदिवासी समुदाय को भी आगे आना चाहिए। क्योंकि आजकल जिस तरह से झारखंड में आरएसएस और बीजेपी लगातार 'सरना' को 'सनातन' से जोड़ने की कोशिश कर रही है,इससे संदेश साफ है कि,अगला नम्बर आदिवासियों का है।
नगरा के प्राथमिक विद्यालय मेहराव में धूमधाम से नया सत्र शुरू, वार्षिकोत्सव अंकपत्र वितरण व कक्षा-5 का भावुक विदाई समारोह संपन्न
संजीव सिंह नगरा, बलिया। शिक्षा क्षेत्र नगरा में पड़ने वाले प्राथमिक विद्यालय मेहराव में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत धूमधाम से हुई। इस अवसर पर वार्षिकोत्सव के अंकपत्रों का वितरण किया गया तथा कक्षा-5 के छात्रों का भावुक विदाई समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव ने की। सहायक अध्यापकों राकेश प्रताप सिंह, श्रद्धानंद सिंह, राकेश कुमार सिंह तथा संध्या गुप्ता ने छात्रों को अंकपत्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों पर बधाई दी। कक्षा-5 के छात्रों को विदाई देते हुए सभी शिक्षकों की आंखें नम हो गईं।विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष शैल कुमारी ने नए सत्र के लिए छात्रों को शुभकामनाएं दीं तथा अभिभावकों से शिक्षा के प्रति सक्रिय सहयोग की अपील की। प्रमुख समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि अखिलेश यादव ने विशेष रूप से शिरकत की तथा विद्यालय की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शिक्षकों की सराहना की।इस आयोजन ने स्कूली परिवार में उत्साह का संचार किया तथा आने वाले सत्र के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान किया।
आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता सुदनीपुर देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

नगरा के प्राथमिक विद्यालय कोदई में धूमधाम से नया सत्र शुरू, स्कूल चलो अभियान में रैली निकाली गई; कक्षा-5 का भावुक विदाई समारोह भी संपन्न
संजीव सिंह नगरा (बलिया), 1 अप्रैल: बलिया जिले के नगरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोदई में बुधवार को 2026-27 सत्र का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में पूरे विद्यालय को गुब्बारों, झंडियों और फूलों से सजाया गया। नए सत्र के पहले दिन 'स्कूल चलो अभियान' के तहत गांव में रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया।सभी बच्चों का माथे पर टीका-रोली लगाकर स्वागत किया गया। नवीन प्रवेशित बच्चों को कॉपी, पेन व पेंसिल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कक्षा-1 से कक्षा-5 तक प्रत्येक कक्षा के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को शील्ड व मेडल देकर सम्मानित किया गया।समारोह की खासियत रही कक्षा-5 के बच्चों का भावुक विदाई समारोह। प्रकृति प्रेमी इन बच्चों को प्रत्येक को एक-एक पौधा, शील्ड व मेडल भेंट किया गया। सहायक अध्यापिका रंजना साहनी ने बच्चों को पौधा देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। पहले दिन सभी बच्चों को व पूड़ी, छोला व हलवा के रूप में विशेष पकवान वितरित किया गया।कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव, सहायक अध्यापिका रंजना साहनी, संजीव कुमार गुप्ता सहायक अध्यापक, रुपा पांडेय (शिक्षामित्र), भवानी प्रसाद गुप्ता (शिक्षामित्र), शशिबाला सिंह व कुसुम सिंह (आंगनबाड़ी कार्यकर्ती), वीरेश राम, कैलाश यादव, देवंती देवी व दसिया देवी उपस्थित रहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विराट पथ संचलन यमुनापार पुलिस प्रशासन डीसीपीसी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें

विश्वनाथ प्रताप सिंह

रत्यौरा मोड़ कोरांव प्रयागराज, नगर पंचायत कोरावअंतर्गत आज दिनांक 29 मार्च सन 2026 को संघ शताब्दी वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विशाल पद संचलन का कार्यक्रम किया गया जिसमें नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी पूर्व नगर अध्यक्ष नरसिंह केसरी विधायक राजमणि कोल तथा क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों ने पता संचालन में अपनी अपनी भूमिका निभाई जिला धिकारी  महोदय पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज अपर पुलिस आयुक्त यातायात पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट यमुनानगर प्रयागराज के आदेश के क्रम में प्रदेश चेयरमैन कमलेश कुमार श्रीवास्तव प्रांतीय सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव एसीपी मेजा संत कुमार उपाध्याय के कुशल मार्गदर्शन में जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य गण को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा के आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेंद्रदेव मिश्र के नेतृत्व में यातायात सुगम बनाने हेतु पुलिस बल के साथ  डी सी पी सी वालेंटियर ड्यूटी पर उपस्थित रहे सह थाना कमेटी प्रभारी मोहम्मद असलम संयुक्त सचिव संगम लाल जायसवाल संतोष कुमार जायसवाल चिदानंद मिश्रा धीरज कुमार राजेश कुमार विवेक कुमार चिरौंजी लाल कृष्ण लाल एस एच ओ मा मांडा एस माधव प्रसाद तिवारी आई गिरीश चंद्र राय एस आई मोनिस आलम एस आई कृष्णा सोनी एस आई शिवानी पटेल एस आई कृष्ण कुमार एस आई आशीष कुमार जयदीप पाराशरइत्यादि