देवघर-में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 70 वां जन्मोत्सव पर ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित।
देवघर: 13 मई : आज आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव के अवसर पर देवघर में विभिन्न सेवा एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग, देवघर द्वारा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर शाखा के ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स कार्यक्रम के तहत देवघर सदर ब्लड बैंक (टावर चौक) में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु भक्तों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा कुल 11 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा एवं परोपकार का संदेश दिया गया। रक्तदाताओं के रूप में निशांत कुमार, नीलम कुमार, कन्हैया, रचना झा, गीता सिंह, देबाशीष रॉय, राम शंकर , गुरु प्रसाद, देवरत्न सिन्हा, अभय कुमार सिंह, किरणजीत मन्ना सहित अनेक गुरु भक्तों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। रक्तदान शिविर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल, वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बरनवाल, कार्यकारिणी सदस्य विजय प्रताप सनातन एवं अर्चना भगत विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इसके उपरांत टावर चौक पर आमजन के बीच फल, जूस, मिल्कशेक एवं चॉकलेट का वितरण किया गया। संध्या में शहर के मध्य स्थित मंगलम इन रिसॉर्ट में सत्संग, भजन, संगीत एवं ध्यान कार्यक्रम के साथ गुरुदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बैंगलोर से आए गायक एवं संगीतज्ञों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सैकड़ों की संख्या में गुरु भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लेकर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आर्ट ऑफ लिविंग विश्व की एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं सेवा संस्था है, जिसकी स्थापना गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की है। संस्था ध्यान, योग, सुदर्शन क्रिया एवं मानव सेवा के माध्यम से विश्वभर में शांति, प्रेम एवं तनावमुक्त जीवन का संदेश दे रही है। आज यह संस्था 183 देशों में सक्रिय है और करोड़ों लोगों तक आध्यात्मिकता एवं सेवा का संदेश पहुँचा चुकी है। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, नशामुक्ति अभियान, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे अनेक सामाजिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य तनावमुक्त एवं हिंसामुक्त समाज का निर्माण करना है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में लाखों स्वयंसेवक सेवा, साधना और मानव कल्याण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि गुरुदेव के 70वें जन्मोत्सव को विश्वभर में सेवा, साधना एवं सत्संग के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने करोड़ों लोगों को ध्यान, मौन एवं सुदर्शन क्रिया के माध्यम से जीवन जीने की नई दिशा दी है। आज विश्वभर में करोड़ों लोग उनके साथ ध्यान कर जन्मोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा गुरुजी के जन्मोत्सव पर इस प्रकार का सेवा कार्य अत्यंत प्रेरणादायक है। वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि समाज में सेवा, सद्भाव एवं मानवता की भावना को मजबूत करने में इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। कार्यक्रम की तैयारी एवं सफलता में निशांत कुमार, नीलम, राम शंकर, गुरु प्रसाद, गौतम, कन्हैया, रणधीर, गीता, रीना, रचना सहित अनेक गुरु भक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
अब सिर्फ मौजूदगी नहीं, नेतृत्व की तैयारी: मध्य प्रदेश की 40 साल पुरानी कंपनी बदलने
जा रही है भारतीय बेवरेज इंडस्ट्री की तस्वीर

 भारत के कई बड़े और चर्चित ब्रांड्स के पीछे काम करने वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, ग्रेट गैलियन वेंचर्स
लिमिटेड अब अपने नए कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ आ रही है
 अपने लंबे अनुभव, मजबूत कौशल और बाजार की बदलती जरूरतों की समझ के साथ भारतीय बेवरेज
मार्केट में नई पहचान बनाने की तैयारी
इंदौर, मई 2026: पिछले चार दशकों से ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड (जीजीवीएल) भारत की बेवरेज मैन्युफैक्चरिंग
इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नाम रहा है। कंपनी हमेशा से ही साइलेंट फोर्स की तरह इंडस्ट्री के कई बड़े ब्रांड्स और अहम्
पड़ावों का हिस्सा रही है, भले ही वह खुद ज्यादा चर्चा में न रही हो। सन् 1985 में मध्य प्रदेश के धार में 'हाउस ऑफ
केडियाज़' के तहत शुरू हुई इस कंपनी ने प्रोडक्शन, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबल पैकेजिंग इनोवेशन के क्षेत्र
में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इसी वजह से कई ग्लोबल स्पिरिट ब्रांड्स ने भी कंपनी पर भरोसा जताया है।
अब यही अनुभव और समझ कंपनी अपने खुद के भारतीय ड्रिंक्स पोर्टफोलियो को तैयार करने में लगा रही है, जिसे
खासतौर पर आज के मॉडर्न ग्राहकों की पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड के वीपी- बिज़नेस ग्रोथ, उत्सव केडिया ने कहा, "बैच मास्टर की सबसे खास बात यह है
कि यह लोगों को सच में आश्चर्यचकित करती है और अपनी गुणवत्ता से प्रभावित करती है। इसमें इस्तेमाल किए गए
एज्ड स्कॉच माल्ट्स इसे ऐसी गहराई और स्वाद देते हैं, जिसकी उम्मीद लोग इस कीमत में नहीं करते। यह प्रीमियम
फील देती है, लेकिन ऐसी नहीं कि उसे खरीदने से पहले ज्यादा सोचना पड़े। हम इसी संतुलन को हासिल करना
चाहते थे और हमें लगता है कि हम इसमें सफल रहे हैं।"
जीजीवीएल की यह यात्रा भारत की एल्को-बेव इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलाव को भी उजागर करती है। कंपनी मध्य
प्रदेश में बेवरेज रिटेल के निजीकरण को आगे बढ़ाने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल रही है। इसके साथ ही, क्षेत्र
में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग सेटअप स्थापित करने में भी कंपनी की भूमिका अहम् रही है। समय के साथ इसने एक
ज़ीरो-वेस्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का रूप ले लिया, जहाँ आधुनिक तकनीक के साथ इन-हाउस बॉटल प्रोडक्शन भी
किया जाता है। आज कंपनी के प्रोडक्ट्स ओमान, सिंगापुर, टोगो, कैमरून, नाइजर और फ्रीटाउन जैसे देशों तक पहुँच
रहे हैं और अपनी सटीकता, लगातार एक जैसी क्वालिटी और बड़े स्तर पर उत्पादन क्षमता के चलते कंपनी इंडस्ट्री की
भरोसेमंद पार्टनर बन चुकी है।
पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने अपने रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को कई कंज्यूमर ब्रांड्स तैयार
करने में लगाया है। इनमें वी21 प्रीमियम, जो भारत की पहली ऐसी वोडका है, जिसे 100 प्रतिशत सर्टिफाइड
आरपीईटी पैकेजिंग में पेश किया गया है, के साथ रास्कल आरटीडी, बिग बुल रम, रिट्ज प्रीमियम व्हिस्की और गोवा
व्हिस्की जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।

कंपनी के इसी पोर्टफोलियो में नया नाम जुड़ा है- बैच मास्टर व्हिस्की। यह एक ब्लेंडेड व्हिस्की है, जिसे एज्ड स्कॉच
माल्ट्स के साथ तैयार किया गया है और खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाई गई है, जो अपने रोजमर्रा के ड्रिंकिंग
एक्सपीरियंस को एक बेहतर स्तर पर ले जाना चाहते हैं। आईडब्ल्यूएसआर के आँकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 की
पहली छमाही में भारतीय व्हिस्की मार्केट में 7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि प्रीमियम और उससे ऊपर की
कैटेगरी में 8 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। ऐसे समय में, जब दुनियाभर के कई बाजारों में प्रीमियमाइजेशन की
रफ्तार धीमी पड़ रही है, भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। 700 रुपए की कीमत में उपलब्ध बैच मास्टर फिलहाल
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों- इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम, सागर, देवास, सतना, रीवा और
बुरहानपुर में उपलब्ध है। यह ब्रांड जीजीवीएल के उसी विज़न को आगे बढ़ाता है, जहाँ मजबूत मैन्युफैक्चरिंग
अनुभव और बदलते बाजार की माँग का सही मेल देखने को मिलता है।
पीएम के आह्वान पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने पेश की मिसाल, पैदल जाएंगे कार्यालय कुलपति ने की ईधन बचाने की अपील

प्रयागराज, 13 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने की अपील का असर उ.प्र. राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में व्यापक रूप से दिखा है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने लीड बाय एक्जाम्पल  की भावना से खुद पैदल कार्यालय जाने का फैसला लिया है और साथ ही विश्वविद्यालय के सभी 12 क्षेत्रीय केंद्रों के समन्वयकों व समस्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से भी ईंधन बचाने की अपील की है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत्यकाम ने घोषणा की कि वे प्रतिदिन आवास से गंगा परिसर स्थित कार्यालय तक पैदल आएंगे।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का आह्वान राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। मैंने अपने सभी क्षेत्रीय केंद्रों के निदेशकों, समन्वयकों एवं शिक्षक साथियों से अनुरोध किया है कि वे भी सप्ताह में कम से कम एक दिन पैदल या साइकिल से कार्यालय आएं। जब 12 केंद्रों का परिवार एक साथ यह कदम उठाएगा, तो हजारों लीटर ईंधन बचेगा और लाखों छात्रों तक पर्यावरण का संदेश जाएगा। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की सच्ची भावना है।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल एवं डीज़ल जैसे जीवाश्म ईंधनों की खपत कम करने तथा भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। यह केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि कि वे ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा छोटी दूरी की यात्रा हेतु साइकिल अथवा पैदल चलने को प्राथमिकता दें। यथासंभव सार्वजनिक परिवहन, बस का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेकर राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।

  डॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
भवन निर्माता राजेश व सुरेश सिंह की मां की तेरहवीं में शामिल हुए 4000 से अधिक लोग

मीरा भायंदर । माँ का महत्व नि:स्वार्थ प्रेम, सुरक्षा, और संस्कार की नींव के रूप में सर्वोच्च है। वह बच्चे की पहली शिक्षक, मार्गदर्शक और सबसे अच्छी दोस्त होती हैं, जो निस्वार्थ भाव से पालन-पोषण करती हैं। उनके बिना परिवार अधूरा है, और उनका आशीर्वाद जीवन भर सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। मीरा भायंदर के प्रख्यात भवन निर्माता राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह एवं सुरेश सिंह की मां धानफूल फुलराज सिंह का 25 अप्रैल को मुंबई में निधन होने के बाद उनके पैतृक गांव भरसथ, गोपालापुर, जौनपुर स्थित सिंह हाउस में 7 मई को तेरहवीं का विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 4000 से अधिक लोग शामिल हुए । अत्यंत विनम्र, दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की धानफूल देवी को श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों के अलावा मीरा भायंदर, ठाणे , वसई, मुंबई, कल्याण से आये सैकड़ो लोगों ने उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी राज्य मंत्री अमरीश सिंह भोला, विधायक आरके पटेल, पूर्व विधायक लीना तिवारी, पूर्व विधायक सुषमा पटेल, पूर्व विधायक श्रद्धा यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, भाजपा नेता मनोज सिंह, अपना दल जिलाध्यक्ष लाल बहादुर पटेल, राहुल सिंह, अरविंद सिंह, सोनू सिंह सुमित दास वर्तमान ब्लाक प्रमुख , अनेक पूर्व ब्लाक प्रमुख, भाजपा जिला महामंत्री स्कंद पटेल, भवन निर्माता पंकज सिंह, भवन निर्माता दीपक जायसवाल, भवन निर्माता सुरेंद्र उपाध्याय, ठाणे के वरिष्ठ समाजसेवी पंकज मिश्रा, डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह, डॉ परमिंदर सिंह डॉ आलोक सिंह, प्रधान संघ के अध्यक्ष विक्रांत सिंह, प्रधान चंदन सिंह, प्रधान राहुल पांडे, प्रधान प्रभात तिवारी, प्रधान चिंटू सिंह, प्रधान निरंजन उपाध्यक्ष, प्रधान अशोक सिंह समेत 45 ग्राम प्रधान, मीरा भायंदर के नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, पूर्व नगरसेवक रामनारायण दुबे, समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा, उद्योगपति ब्रह्मदेव सिंह, समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह,  भाजपा नेता अलगू सिंह, दीपक जायसवाल, दीपक सिंह, ठाकुर जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राजदेव तिवारी, जिला महामंत्री कमलेश दुबे आदि का समावेश रहा। राजेश सिंह और सुरेश सिंह के अलावा परिवार के  बबऊ सिंह, धर्मराज सिंह, प्रेमप्रकाश सिंह, संजीत, सुजीत, सतीश राज, प्रधान विपिन सिंह, डॉ सिद्धांत सिंह, सर्वेश सिंह, राज सिंह आदि ने आने वाले लोगों का सम्मान करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
कॉलेज में अभिभावक शिक्षक संघ की बैठक में हुई चर्चा


फर्रुखाबाद l पीएमश्री महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़, में अभिभावक-शिक्षक संघ की छात्रा नामांकन वृद्धि हेतु बैठक का आयोजन किया गया। नवीन सत्र 2026-27 हेतु कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोज प्रकाश अभिभावक,उपाध्यक्ष दीपिका राजपूत प्रधानाचार्या एवं मंत्री निर्मला सिंह सहायक अध्यापिका उपमंत्री ऋचा तिवारी प्रवक्ता तथा कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार अभिभावक निर्विरोध चयनित किए गए।
अभिभावक सदस्यों में पूनम राजपूत अमन कुमार, पवन राजपूत पूनम शुक्ला राजबाला, रमेशचन्द्र कश्यप, देवेन्द्र कुमार आदि का चयन किया गया तथा शिक्षक सदस्यों में शैलजा मौर्य, अर्चना गुप्ता, आरती यादव एवं दीप्ति सिंह को सम्मिलित किया गया।
प्रधानाचार्या दीपिका राजपूत ने विद्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए छात्राओं को राज्य आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति, कन्या सुमंगला योजना,इंस्पार अवार्ड ख़ान एकेडमी स्वयं पोर्टल आदि के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है समाज में एक भी छात्रा पढ़ाई से वंचित न रहे सभी प्रतिशत नामांकन कराई जाएं । आर्थिक स्थिति में कमज़ोर परिवार की मेधावी छात्राओं की पढ़ाई में शासन द्वारा संचालित योजनाएं सहायक सिद्ध हो रही हैं।
पी०टी०ए० प्रभारी निर्मला सिंह ने विद्यालय के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया तथा नई आवश्यक योजनाओं एवं बजट के संबंध में जानकारी दी।शिक्षिका शैलजा मौर्य ने वर्ष 2026 के परीक्षा परिणामों के विषय में बताया।प्रवक्ता ऋचा तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में समय के महत्व एवं अनुशासन पर अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में अभिभावकों की विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा कर उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही। बैठक में लगभग 150 अभिभावक उपस्थित रहे ।
कॉलेज में अभिभावक शिक्षक संघ की बैठक में हुई चर्चा


फर्रुखाबाद l पीएमश्री महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़, में अभिभावक-शिक्षक संघ की छात्रा नामांकन वृद्धि हेतु बैठक का आयोजन किया गया। नवीन सत्र 2026-27 हेतु कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोज प्रकाश अभिभावक,उपाध्यक्ष दीपिका राजपूत प्रधानाचार्या एवं मंत्री निर्मला सिंह सहायक अध्यापिका उपमंत्री ऋचा तिवारी प्रवक्ता तथा कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार अभिभावक निर्विरोध चयनित किए गए।
अभिभावक सदस्यों में पूनम राजपूत अमन कुमार, पवन राजपूत पूनम शुक्ला राजबाला, रमेशचन्द्र कश्यप, देवेन्द्र कुमार आदि का चयन किया गया तथा शिक्षक सदस्यों में शैलजा मौर्य, अर्चना गुप्ता, आरती यादव एवं दीप्ति सिंह को सम्मिलित किया गया।
प्रधानाचार्या दीपिका राजपूत ने विद्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए छात्राओं को राज्य आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति, कन्या सुमंगला योजना,इंस्पार अवार्ड ख़ान एकेडमी स्वयं पोर्टल आदि के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है समाज में एक भी छात्रा पढ़ाई से वंचित न रहे सभी प्रतिशत नामांकन कराई जाएं । आर्थिक स्थिति में कमज़ोर परिवार की मेधावी छात्राओं की पढ़ाई में शासन द्वारा संचालित योजनाएं सहायक सिद्ध हो रही हैं।
पी०टी०ए० प्रभारी निर्मला सिंह ने विद्यालय के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया तथा नई आवश्यक योजनाओं एवं बजट के संबंध में जानकारी दी।शिक्षिका शैलजा मौर्य ने वर्ष 2026 के परीक्षा परिणामों के विषय में बताया।प्रवक्ता ऋचा तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में समय के महत्व एवं अनुशासन पर अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में अभिभावकों की विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा कर उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही। बैठक में लगभग 150 अभिभावक उपस्थित रहे ।
झारखंड की कला को कोलकाता में नया मंच: झारक्राफ्ट इम्पोरियम का उद्घाटन

कोलकाता/रांची:-उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के थिएटर रोड में झाक्राफ्ट के नए इंपोरियम का उद्घाटन किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एम्पोरियम केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह झारखंड के हजारों कारीगरों के सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। इससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। झारक्राफ्ट लगातार राज्य के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।

झाक्राफ्ट के नये एम्पोरियम का उ‌द्घाटन कोलकाता जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगर में होना महत्वपूर्ण उपलब्धि

उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि आज का यह अवसर हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का क्षण है। झाक्राफ्ट के नये एम्पोरियम का शुभ उ‌द्घाटन कोलकाता जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगर में होना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि झारखंड अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा, तसर सिल्क, डोकरा कला. बाँस एवं लकड़ी के शिल्प और जनजातीय संस्कृति के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है।

कोलकाता में झारक्राफ्ट का नया इम्पोरियम, दो राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का करेगी कार्य

इस अवसर पर उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल ने कहा कि कोलकाता, कला, साहित्य और संस्कृति का केंद्र रहा है। ऐसे शहर में झारक्राफ्ट के इस नये इम्पोरियम की स्थापना दो राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का कार्य करेगी। यहाँ आने वाले ग्राहकों को झारखंड की पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

अन्य महानगरों में भी झारक्राफ्ट का इम्पोरियम खोलने का रहेगा प्रयास

प्रबंध निदेशक, झारक्राफ्ट श्रीमती गरिमा सिंह ने उद्घघाटन समारोह में आये हुये सभी विशिष्ट आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुये कहा कि झारक्राफ्ट का यह नया इम्पोरियम कोलकाता के लोगों के बीच विशेष लोकप्रियता प्राप्त करेगा और झारखंड की कला एवं संस्कृति को नई पहचान दिलाएगा। आने वाले दिनों में झारक्राफ्ट अन्य महानगरों में भी नये इम्पोरियम खोलने के लिए प्रयासरत रहेगा।

झारक्राफ्ट के उत्पाद की देश- विदेश में है माँग

झारक्राफ्ट के विभिन्न प्रोडक्टस यथा साड़ियाँ, डिजाइनर कुर्ती, सलवार सूट. स्कार्फ डुपट्टा, शर्ट, कुर्ता, बंडी, शॉल और सवोत्तम गुणवत्ता वाले रेशम के कपड़े, लेदर बैग इत्यादि विभिन्न प्रोडक्टस ग्राहकों को अपनी ओर आकर्शित कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने की फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक
रितेश मिश्रा
हरदोई आज स्वामी विवेकानंद सभागार में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक की गयी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों और  से लक्ष्य के सापेक्ष फॉर्मर रजिस्ट्री की समीक्षा की। फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति में सुधार के लिए प्रतिदिन निर्देश दिए जाने के बावजूद संतोषजनक प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तहसीलों में चल रहे कार्य का भ्रमण कर निरीक्षण करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सघन मानीटरिंग किया जाए। फॉर्मर रजिस्ट्री सरकार की प्राथमिकताओं में है लापरवाही न हो यह ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अंश निर्धारण के कारण भी फ़ॉर्मर रजिस्ट्री में सुधार नहीं हो रहा है इस पर भी ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आंकड़ा बढ़ना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी एसडीएम लेखपाल की बैठक करके फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढाये। जिलाधिकारी ने समस्त बीडीओ को निर्देशित करते हुए फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ने निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0रा0 प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी, समस्त एसडीएम, सीएमओ भावनाथ पाण्डे, परियोजना निदेशक अशोक कुमार, डीडी कृषि सतीश पाण्डेय व समस्त बीडीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे
देवघर-में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 70 वां जन्मोत्सव पर ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित।
देवघर: 13 मई : आज आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव के अवसर पर देवघर में विभिन्न सेवा एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग, देवघर द्वारा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर शाखा के ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स कार्यक्रम के तहत देवघर सदर ब्लड बैंक (टावर चौक) में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु भक्तों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा कुल 11 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा एवं परोपकार का संदेश दिया गया। रक्तदाताओं के रूप में निशांत कुमार, नीलम कुमार, कन्हैया, रचना झा, गीता सिंह, देबाशीष रॉय, राम शंकर , गुरु प्रसाद, देवरत्न सिन्हा, अभय कुमार सिंह, किरणजीत मन्ना सहित अनेक गुरु भक्तों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। रक्तदान शिविर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल, वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बरनवाल, कार्यकारिणी सदस्य विजय प्रताप सनातन एवं अर्चना भगत विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इसके उपरांत टावर चौक पर आमजन के बीच फल, जूस, मिल्कशेक एवं चॉकलेट का वितरण किया गया। संध्या में शहर के मध्य स्थित मंगलम इन रिसॉर्ट में सत्संग, भजन, संगीत एवं ध्यान कार्यक्रम के साथ गुरुदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बैंगलोर से आए गायक एवं संगीतज्ञों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सैकड़ों की संख्या में गुरु भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लेकर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आर्ट ऑफ लिविंग विश्व की एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं सेवा संस्था है, जिसकी स्थापना गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की है। संस्था ध्यान, योग, सुदर्शन क्रिया एवं मानव सेवा के माध्यम से विश्वभर में शांति, प्रेम एवं तनावमुक्त जीवन का संदेश दे रही है। आज यह संस्था 183 देशों में सक्रिय है और करोड़ों लोगों तक आध्यात्मिकता एवं सेवा का संदेश पहुँचा चुकी है। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, नशामुक्ति अभियान, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे अनेक सामाजिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य तनावमुक्त एवं हिंसामुक्त समाज का निर्माण करना है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में लाखों स्वयंसेवक सेवा, साधना और मानव कल्याण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि गुरुदेव के 70वें जन्मोत्सव को विश्वभर में सेवा, साधना एवं सत्संग के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने करोड़ों लोगों को ध्यान, मौन एवं सुदर्शन क्रिया के माध्यम से जीवन जीने की नई दिशा दी है। आज विश्वभर में करोड़ों लोग उनके साथ ध्यान कर जन्मोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा गुरुजी के जन्मोत्सव पर इस प्रकार का सेवा कार्य अत्यंत प्रेरणादायक है। वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि समाज में सेवा, सद्भाव एवं मानवता की भावना को मजबूत करने में इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। कार्यक्रम की तैयारी एवं सफलता में निशांत कुमार, नीलम, राम शंकर, गुरु प्रसाद, गौतम, कन्हैया, रणधीर, गीता, रीना, रचना सहित अनेक गुरु भक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
अब सिर्फ मौजूदगी नहीं, नेतृत्व की तैयारी: मध्य प्रदेश की 40 साल पुरानी कंपनी बदलने
जा रही है भारतीय बेवरेज इंडस्ट्री की तस्वीर

 भारत के कई बड़े और चर्चित ब्रांड्स के पीछे काम करने वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, ग्रेट गैलियन वेंचर्स
लिमिटेड अब अपने नए कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ आ रही है
 अपने लंबे अनुभव, मजबूत कौशल और बाजार की बदलती जरूरतों की समझ के साथ भारतीय बेवरेज
मार्केट में नई पहचान बनाने की तैयारी
इंदौर, मई 2026: पिछले चार दशकों से ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड (जीजीवीएल) भारत की बेवरेज मैन्युफैक्चरिंग
इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नाम रहा है। कंपनी हमेशा से ही साइलेंट फोर्स की तरह इंडस्ट्री के कई बड़े ब्रांड्स और अहम्
पड़ावों का हिस्सा रही है, भले ही वह खुद ज्यादा चर्चा में न रही हो। सन् 1985 में मध्य प्रदेश के धार में 'हाउस ऑफ
केडियाज़' के तहत शुरू हुई इस कंपनी ने प्रोडक्शन, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबल पैकेजिंग इनोवेशन के क्षेत्र
में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इसी वजह से कई ग्लोबल स्पिरिट ब्रांड्स ने भी कंपनी पर भरोसा जताया है।
अब यही अनुभव और समझ कंपनी अपने खुद के भारतीय ड्रिंक्स पोर्टफोलियो को तैयार करने में लगा रही है, जिसे
खासतौर पर आज के मॉडर्न ग्राहकों की पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड के वीपी- बिज़नेस ग्रोथ, उत्सव केडिया ने कहा, "बैच मास्टर की सबसे खास बात यह है
कि यह लोगों को सच में आश्चर्यचकित करती है और अपनी गुणवत्ता से प्रभावित करती है। इसमें इस्तेमाल किए गए
एज्ड स्कॉच माल्ट्स इसे ऐसी गहराई और स्वाद देते हैं, जिसकी उम्मीद लोग इस कीमत में नहीं करते। यह प्रीमियम
फील देती है, लेकिन ऐसी नहीं कि उसे खरीदने से पहले ज्यादा सोचना पड़े। हम इसी संतुलन को हासिल करना
चाहते थे और हमें लगता है कि हम इसमें सफल रहे हैं।"
जीजीवीएल की यह यात्रा भारत की एल्को-बेव इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलाव को भी उजागर करती है। कंपनी मध्य
प्रदेश में बेवरेज रिटेल के निजीकरण को आगे बढ़ाने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल रही है। इसके साथ ही, क्षेत्र
में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग सेटअप स्थापित करने में भी कंपनी की भूमिका अहम् रही है। समय के साथ इसने एक
ज़ीरो-वेस्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का रूप ले लिया, जहाँ आधुनिक तकनीक के साथ इन-हाउस बॉटल प्रोडक्शन भी
किया जाता है। आज कंपनी के प्रोडक्ट्स ओमान, सिंगापुर, टोगो, कैमरून, नाइजर और फ्रीटाउन जैसे देशों तक पहुँच
रहे हैं और अपनी सटीकता, लगातार एक जैसी क्वालिटी और बड़े स्तर पर उत्पादन क्षमता के चलते कंपनी इंडस्ट्री की
भरोसेमंद पार्टनर बन चुकी है।
पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने अपने रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को कई कंज्यूमर ब्रांड्स तैयार
करने में लगाया है। इनमें वी21 प्रीमियम, जो भारत की पहली ऐसी वोडका है, जिसे 100 प्रतिशत सर्टिफाइड
आरपीईटी पैकेजिंग में पेश किया गया है, के साथ रास्कल आरटीडी, बिग बुल रम, रिट्ज प्रीमियम व्हिस्की और गोवा
व्हिस्की जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।

कंपनी के इसी पोर्टफोलियो में नया नाम जुड़ा है- बैच मास्टर व्हिस्की। यह एक ब्लेंडेड व्हिस्की है, जिसे एज्ड स्कॉच
माल्ट्स के साथ तैयार किया गया है और खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाई गई है, जो अपने रोजमर्रा के ड्रिंकिंग
एक्सपीरियंस को एक बेहतर स्तर पर ले जाना चाहते हैं। आईडब्ल्यूएसआर के आँकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 की
पहली छमाही में भारतीय व्हिस्की मार्केट में 7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि प्रीमियम और उससे ऊपर की
कैटेगरी में 8 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। ऐसे समय में, जब दुनियाभर के कई बाजारों में प्रीमियमाइजेशन की
रफ्तार धीमी पड़ रही है, भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। 700 रुपए की कीमत में उपलब्ध बैच मास्टर फिलहाल
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों- इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम, सागर, देवास, सतना, रीवा और
बुरहानपुर में उपलब्ध है। यह ब्रांड जीजीवीएल के उसी विज़न को आगे बढ़ाता है, जहाँ मजबूत मैन्युफैक्चरिंग
अनुभव और बदलते बाजार की माँग का सही मेल देखने को मिलता है।
पीएम के आह्वान पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने पेश की मिसाल, पैदल जाएंगे कार्यालय कुलपति ने की ईधन बचाने की अपील

प्रयागराज, 13 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने की अपील का असर उ.प्र. राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में व्यापक रूप से दिखा है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने लीड बाय एक्जाम्पल  की भावना से खुद पैदल कार्यालय जाने का फैसला लिया है और साथ ही विश्वविद्यालय के सभी 12 क्षेत्रीय केंद्रों के समन्वयकों व समस्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से भी ईंधन बचाने की अपील की है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत्यकाम ने घोषणा की कि वे प्रतिदिन आवास से गंगा परिसर स्थित कार्यालय तक पैदल आएंगे।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का आह्वान राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। मैंने अपने सभी क्षेत्रीय केंद्रों के निदेशकों, समन्वयकों एवं शिक्षक साथियों से अनुरोध किया है कि वे भी सप्ताह में कम से कम एक दिन पैदल या साइकिल से कार्यालय आएं। जब 12 केंद्रों का परिवार एक साथ यह कदम उठाएगा, तो हजारों लीटर ईंधन बचेगा और लाखों छात्रों तक पर्यावरण का संदेश जाएगा। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की सच्ची भावना है।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल एवं डीज़ल जैसे जीवाश्म ईंधनों की खपत कम करने तथा भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। यह केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि कि वे ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा छोटी दूरी की यात्रा हेतु साइकिल अथवा पैदल चलने को प्राथमिकता दें। यथासंभव सार्वजनिक परिवहन, बस का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेकर राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।

  डॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
भवन निर्माता राजेश व सुरेश सिंह की मां की तेरहवीं में शामिल हुए 4000 से अधिक लोग

मीरा भायंदर । माँ का महत्व नि:स्वार्थ प्रेम, सुरक्षा, और संस्कार की नींव के रूप में सर्वोच्च है। वह बच्चे की पहली शिक्षक, मार्गदर्शक और सबसे अच्छी दोस्त होती हैं, जो निस्वार्थ भाव से पालन-पोषण करती हैं। उनके बिना परिवार अधूरा है, और उनका आशीर्वाद जीवन भर सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। मीरा भायंदर के प्रख्यात भवन निर्माता राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह एवं सुरेश सिंह की मां धानफूल फुलराज सिंह का 25 अप्रैल को मुंबई में निधन होने के बाद उनके पैतृक गांव भरसथ, गोपालापुर, जौनपुर स्थित सिंह हाउस में 7 मई को तेरहवीं का विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 4000 से अधिक लोग शामिल हुए । अत्यंत विनम्र, दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की धानफूल देवी को श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों के अलावा मीरा भायंदर, ठाणे , वसई, मुंबई, कल्याण से आये सैकड़ो लोगों ने उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी राज्य मंत्री अमरीश सिंह भोला, विधायक आरके पटेल, पूर्व विधायक लीना तिवारी, पूर्व विधायक सुषमा पटेल, पूर्व विधायक श्रद्धा यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, भाजपा नेता मनोज सिंह, अपना दल जिलाध्यक्ष लाल बहादुर पटेल, राहुल सिंह, अरविंद सिंह, सोनू सिंह सुमित दास वर्तमान ब्लाक प्रमुख , अनेक पूर्व ब्लाक प्रमुख, भाजपा जिला महामंत्री स्कंद पटेल, भवन निर्माता पंकज सिंह, भवन निर्माता दीपक जायसवाल, भवन निर्माता सुरेंद्र उपाध्याय, ठाणे के वरिष्ठ समाजसेवी पंकज मिश्रा, डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह, डॉ परमिंदर सिंह डॉ आलोक सिंह, प्रधान संघ के अध्यक्ष विक्रांत सिंह, प्रधान चंदन सिंह, प्रधान राहुल पांडे, प्रधान प्रभात तिवारी, प्रधान चिंटू सिंह, प्रधान निरंजन उपाध्यक्ष, प्रधान अशोक सिंह समेत 45 ग्राम प्रधान, मीरा भायंदर के नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, पूर्व नगरसेवक रामनारायण दुबे, समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा, उद्योगपति ब्रह्मदेव सिंह, समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह,  भाजपा नेता अलगू सिंह, दीपक जायसवाल, दीपक सिंह, ठाकुर जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राजदेव तिवारी, जिला महामंत्री कमलेश दुबे आदि का समावेश रहा। राजेश सिंह और सुरेश सिंह के अलावा परिवार के  बबऊ सिंह, धर्मराज सिंह, प्रेमप्रकाश सिंह, संजीत, सुजीत, सतीश राज, प्रधान विपिन सिंह, डॉ सिद्धांत सिंह, सर्वेश सिंह, राज सिंह आदि ने आने वाले लोगों का सम्मान करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
कॉलेज में अभिभावक शिक्षक संघ की बैठक में हुई चर्चा


फर्रुखाबाद l पीएमश्री महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़, में अभिभावक-शिक्षक संघ की छात्रा नामांकन वृद्धि हेतु बैठक का आयोजन किया गया। नवीन सत्र 2026-27 हेतु कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोज प्रकाश अभिभावक,उपाध्यक्ष दीपिका राजपूत प्रधानाचार्या एवं मंत्री निर्मला सिंह सहायक अध्यापिका उपमंत्री ऋचा तिवारी प्रवक्ता तथा कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार अभिभावक निर्विरोध चयनित किए गए।
अभिभावक सदस्यों में पूनम राजपूत अमन कुमार, पवन राजपूत पूनम शुक्ला राजबाला, रमेशचन्द्र कश्यप, देवेन्द्र कुमार आदि का चयन किया गया तथा शिक्षक सदस्यों में शैलजा मौर्य, अर्चना गुप्ता, आरती यादव एवं दीप्ति सिंह को सम्मिलित किया गया।
प्रधानाचार्या दीपिका राजपूत ने विद्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए छात्राओं को राज्य आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति, कन्या सुमंगला योजना,इंस्पार अवार्ड ख़ान एकेडमी स्वयं पोर्टल आदि के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है समाज में एक भी छात्रा पढ़ाई से वंचित न रहे सभी प्रतिशत नामांकन कराई जाएं । आर्थिक स्थिति में कमज़ोर परिवार की मेधावी छात्राओं की पढ़ाई में शासन द्वारा संचालित योजनाएं सहायक सिद्ध हो रही हैं।
पी०टी०ए० प्रभारी निर्मला सिंह ने विद्यालय के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया तथा नई आवश्यक योजनाओं एवं बजट के संबंध में जानकारी दी।शिक्षिका शैलजा मौर्य ने वर्ष 2026 के परीक्षा परिणामों के विषय में बताया।प्रवक्ता ऋचा तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में समय के महत्व एवं अनुशासन पर अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में अभिभावकों की विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा कर उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही। बैठक में लगभग 150 अभिभावक उपस्थित रहे ।
कॉलेज में अभिभावक शिक्षक संघ की बैठक में हुई चर्चा


फर्रुखाबाद l पीएमश्री महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़, में अभिभावक-शिक्षक संघ की छात्रा नामांकन वृद्धि हेतु बैठक का आयोजन किया गया। नवीन सत्र 2026-27 हेतु कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोज प्रकाश अभिभावक,उपाध्यक्ष दीपिका राजपूत प्रधानाचार्या एवं मंत्री निर्मला सिंह सहायक अध्यापिका उपमंत्री ऋचा तिवारी प्रवक्ता तथा कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार अभिभावक निर्विरोध चयनित किए गए।
अभिभावक सदस्यों में पूनम राजपूत अमन कुमार, पवन राजपूत पूनम शुक्ला राजबाला, रमेशचन्द्र कश्यप, देवेन्द्र कुमार आदि का चयन किया गया तथा शिक्षक सदस्यों में शैलजा मौर्य, अर्चना गुप्ता, आरती यादव एवं दीप्ति सिंह को सम्मिलित किया गया।
प्रधानाचार्या दीपिका राजपूत ने विद्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए छात्राओं को राज्य आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति, कन्या सुमंगला योजना,इंस्पार अवार्ड ख़ान एकेडमी स्वयं पोर्टल आदि के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है समाज में एक भी छात्रा पढ़ाई से वंचित न रहे सभी प्रतिशत नामांकन कराई जाएं । आर्थिक स्थिति में कमज़ोर परिवार की मेधावी छात्राओं की पढ़ाई में शासन द्वारा संचालित योजनाएं सहायक सिद्ध हो रही हैं।
पी०टी०ए० प्रभारी निर्मला सिंह ने विद्यालय के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया तथा नई आवश्यक योजनाओं एवं बजट के संबंध में जानकारी दी।शिक्षिका शैलजा मौर्य ने वर्ष 2026 के परीक्षा परिणामों के विषय में बताया।प्रवक्ता ऋचा तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में समय के महत्व एवं अनुशासन पर अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में अभिभावकों की विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा कर उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही। बैठक में लगभग 150 अभिभावक उपस्थित रहे ।
झारखंड की कला को कोलकाता में नया मंच: झारक्राफ्ट इम्पोरियम का उद्घाटन

कोलकाता/रांची:-उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के थिएटर रोड में झाक्राफ्ट के नए इंपोरियम का उद्घाटन किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एम्पोरियम केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह झारखंड के हजारों कारीगरों के सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। इससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। झारक्राफ्ट लगातार राज्य के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।

झाक्राफ्ट के नये एम्पोरियम का उ‌द्घाटन कोलकाता जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगर में होना महत्वपूर्ण उपलब्धि

उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि आज का यह अवसर हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का क्षण है। झाक्राफ्ट के नये एम्पोरियम का शुभ उ‌द्घाटन कोलकाता जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगर में होना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि झारखंड अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा, तसर सिल्क, डोकरा कला. बाँस एवं लकड़ी के शिल्प और जनजातीय संस्कृति के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है।

कोलकाता में झारक्राफ्ट का नया इम्पोरियम, दो राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का करेगी कार्य

इस अवसर पर उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल ने कहा कि कोलकाता, कला, साहित्य और संस्कृति का केंद्र रहा है। ऐसे शहर में झारक्राफ्ट के इस नये इम्पोरियम की स्थापना दो राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का कार्य करेगी। यहाँ आने वाले ग्राहकों को झारखंड की पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

अन्य महानगरों में भी झारक्राफ्ट का इम्पोरियम खोलने का रहेगा प्रयास

प्रबंध निदेशक, झारक्राफ्ट श्रीमती गरिमा सिंह ने उद्घघाटन समारोह में आये हुये सभी विशिष्ट आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुये कहा कि झारक्राफ्ट का यह नया इम्पोरियम कोलकाता के लोगों के बीच विशेष लोकप्रियता प्राप्त करेगा और झारखंड की कला एवं संस्कृति को नई पहचान दिलाएगा। आने वाले दिनों में झारक्राफ्ट अन्य महानगरों में भी नये इम्पोरियम खोलने के लिए प्रयासरत रहेगा।

झारक्राफ्ट के उत्पाद की देश- विदेश में है माँग

झारक्राफ्ट के विभिन्न प्रोडक्टस यथा साड़ियाँ, डिजाइनर कुर्ती, सलवार सूट. स्कार्फ डुपट्टा, शर्ट, कुर्ता, बंडी, शॉल और सवोत्तम गुणवत्ता वाले रेशम के कपड़े, लेदर बैग इत्यादि विभिन्न प्रोडक्टस ग्राहकों को अपनी ओर आकर्शित कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने की फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक
रितेश मिश्रा
हरदोई आज स्वामी विवेकानंद सभागार में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक की गयी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों और  से लक्ष्य के सापेक्ष फॉर्मर रजिस्ट्री की समीक्षा की। फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति में सुधार के लिए प्रतिदिन निर्देश दिए जाने के बावजूद संतोषजनक प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तहसीलों में चल रहे कार्य का भ्रमण कर निरीक्षण करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सघन मानीटरिंग किया जाए। फॉर्मर रजिस्ट्री सरकार की प्राथमिकताओं में है लापरवाही न हो यह ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अंश निर्धारण के कारण भी फ़ॉर्मर रजिस्ट्री में सुधार नहीं हो रहा है इस पर भी ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आंकड़ा बढ़ना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी एसडीएम लेखपाल की बैठक करके फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढाये। जिलाधिकारी ने समस्त बीडीओ को निर्देशित करते हुए फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ने निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0रा0 प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी, समस्त एसडीएम, सीएमओ भावनाथ पाण्डे, परियोजना निदेशक अशोक कुमार, डीडी कृषि सतीश पाण्डेय व समस्त बीडीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे