नियमबद्धता का संदेश देता है हमारा गणतंत्र, साई कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मना। शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वाजारोहण कर सभी को 77वें गणतंत्र की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र संदेश देता है कि नियमबद्ध, अनुशासित जिन्दगी का वरण करें।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है, उसे और मजबूत कर नये कलेवर में भावी पीढ़ी को सौंपना है।प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा अपने कर्तव्यों के लिए आगे बढ़िये, अधिकार स्वत: मिल जायेंगे। उन्होंने सभी को गणतंत्र की महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनीश ने कहा कि गणतंत्र में गण और तंत्र दोनों हमसे है। हमे अपने को व्यवस्थित रखना है, तंत्र स्वत: बेहतर हो जायेगा। उन्होंने सभी दोपहिया चालकों से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट को प्रयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अंकुश गुप्ता और निशा निषाद ने गणतंत्र के प्रेरक प्रसंगों से अवगत कराया।

विद्यार्थियों ने तिरंगा रैली निकाल कर राष्ट्रीयता का बोध कराया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

भारत हमको जान से प्यारा है...

डॉ.जगमीत कौर के मार्गदर्शन में बी.एससी.बी.एड के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की समूहनृत्य के साथ प्रस्तुति दी। भारत हमको जान से प्यारा है...,वंदे मातरम्...,बैंठन रे चिरैया, गावो बस्तरिया गाना की शानदार प्रस्तुति हुई।

साई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में ७७ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी। स्कूल की कप्तान उदिता सिंह और उपकप्तान नैतिक कुमार पटवा ने गणतंत्र दिवस की महत्ता से अवगत कराया। कक्षा नर्सरी से कक्षा के.जी.टू के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को विभोर कर दिया। रूदांशी सिंह अंग्रेजी में दिया गया वक्त प्रेरक रहा। संगीत शिक्षक भानू शंकर झा की ताल पर कक्षा चौथी एवं छठवीं के विद्यार्थियों ने भारतीय विरासत की गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। श्री शिरडी साई शिक्षण समिति की सचिव अजय कुमार इंगोले ने सभी गणतंत्र के भावना से अवगत कराया।

प्राचार्य प्राची गोयल ने गणतंत्र की विशेषता और उसके कर्तव्य, दायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिठाइयां वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि में अनीश वोदी तेलवार, कोषाध्यक्ष रेखा इंगोले एवं सयुक्ंत सचिव अलका इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चौधरी तथा सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रूहिल सिन्हा ने किया तथा आभार उपकप्तान पूर्वी पैकरा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रूहिल सिन्हा, श्यामा कशिश एवं आर्या शंकर झा ने सहयोग किया।

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

रायपुर- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

झामुमो ने किया 'पद्म भूषण' का स्वागत, पर दोहराई 'भारत रत्न' की मांग: "हाशिये की आवाज थे दिशोम गुरु"

राँची, 26 जनवरी 2026: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्वागत किया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष 'भारत रत्न' के योग्य है और यह मांग निरंतर जारी रहेगी।

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संघर्षों का रहा है लंबा इतिहास

11 जनवरी 1944 को नेमरा (रामगढ़) में जन्मे गुरुजी का जीवन महाजनी प्रथा, शोषण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि गुरुजी ने न केवल झारखंड को अलग पहचान दिलाई, बल्कि नशा मुक्ति और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों से आदिवासी-मूलवासी समाज के जीवन को बदला।

"बाबा भारत के अनमोल रत्न थे" - विनोद पांडेय

पद्म भूषण की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया, लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया:

"गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे। क्या आदिवासी समाज में अब तक कोई नायक भारत रत्न के योग्य नहीं हुआ? सच्चाई यह है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्यधारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। करोड़ों समर्थकों की भावना है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।"

विधानसभा से पारित हो चुका है प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा ने पहले ही सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद से ही राज्यभर में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग जोर पकड़ रही है।

गुरुजी की राजनीतिक विरासत:

मुख्यमंत्री: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

सांसद: दुमका से 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।

आंदोलन: पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: पद्म भूषण पर झामुमो का साधुवाद, लेकिन 'भारत रत्न' की मांग पर अडिग; विनोद पांडेय बोले- "बाबा रत्न नहीं, महा रत्न थे।"

विकल्प 2: "आदिवासी नायक को मिले सर्वोच्च सम्मान"; गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी, भारत रत्न की मांग तेज।

विकल्प 3: दिशोम गुरु के संघर्षों का सम्मान: केंद्र ने दी पद्म भूषण की घोषणा, समर्थकों को अब 'भारत रत्न' का इंतजार।

ऑक्सफोर्ड के सोमरविल कॉलेज पहुँचे मुख्यमंत्री: क्लाइमेट एक्शन और एनवायरमेंटल पॉलिसी पर विशेषज्ञों के साथ साझा किया झारखंड का विजन

ऑक्सफोर्ड / रांची, 26 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूके दौरे के क्रम में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सोमरविल कॉलेज का दौरा किया। कॉलेज की प्रिंसिपल कैथरीन रॉयल और 'ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' (OICSD) की डायरेक्टर प्रो. राधिका खोसला ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस दौरान झारखंड और ऑक्सफोर्ड के बीच जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर गहरे सहयोग की नींव रखी गई।

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सतत विकास और जलवायु नीति पर चर्चा

बैठक का मुख्य केंद्र पर्यावरण नीति और क्लाइमेट एक्शन रहा। ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने झारखंड सरकार द्वारा आदिवासी कल्याण और न्यायसंगत परिवर्तन (Just Transition) के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों के साथ चर्चा की कि कैसे वैश्विक शोध का लाभ उठाकर झारखंड की सार्वजनिक नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

ऐतिहासिक विरासत और भारतीय जुड़ाव

वर्ष 1879 में स्थापित सोमरविल कॉलेज भारत के लिए विशेष महत्व रखता है। यह भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पहली भारतीय महिला बैरिस्टर कॉर्नेलिया सोराबजी की शैक्षणिक स्थली रहा है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड और ऑक्सफोर्ड के बीच का यह बौद्धिक सेतु भविष्य में राज्य की विकास नीतियों को वैश्विक पहचान दिलाएगा।

झारखंड के अधिकारियों का वैश्विक शोध

कार्यक्रम में एक गर्व का क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने ऑक्सफोर्ड में पढ़ रहे भारतीय विद्वानों से संवाद किया। इनमें झारखंड सरकार के अधिकारी रवि शंकर शुक्ला भी शामिल थे, जो वर्तमान में OICSD स्कॉलर के रूप में 'शहरी जल नीति एवं प्रबंधन' पर शोध कर रहे हैं। यह राज्य सरकार की क्षमता निर्माण (Capacity Building) की दिशा में की गई मेहनत का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री को कार्यशाला के लिए विशेष आमंत्रण

ऑक्सफोर्ड के छात्रों और शोधकर्ताओं ने झारखंड के शासन (Governance) मॉडल और नीति निर्माण के अनुभवों को समझने में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने और उन्हें संबोधित करने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया, ताकि झारखंड के धरातलीय अनुभवों से वैश्विक शोध समुदाय सीख सके।

ऑक्सफोर्ड में 'मरांग गोमके' की यादें: मुख्यमंत्री ने देखे जयपाल सिंह मुंडा के दुर्लभ अभिलेख, झारखंड के लिए विशेष PhD छात्रवृत्ति पर बनी सहमति

ऑक्सफोर्ड / रांची, 25 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूनाइटेड किंगडम प्रवास के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज का ऐतिहासिक दौरा किया। यह वही कॉलेज है जहाँ झारखंड आंदोलन के स्तंभ और भारतीय हॉकी के जादूगर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी। कॉलेज की अध्यक्ष प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।

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दुर्लभ अभिलेखों में दिखी जयपाल सिंह मुंडा की झलक

दौरे का सबसे भावुक क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों और तस्वीरों का अवलोकन किया। कॉलेज द्वारा प्रदर्शित अभिलेखों में शामिल थे:

हॉकी ब्लू सम्मान: ऑक्सफोर्ड की ओर से हॉकी में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रमाण।

डिबेटिंग सोसाइटी: वह अभिलेख जिसमें दर्ज है कि जयपाल सिंह मुंडा कॉलेज डिबेटिंग सोसाइटी के सचिव और अध्यक्ष रहे थे।

व्यक्तिगत यादें: उनके द्वारा लिखे गए पत्र, नोटबुक और 1928 ओलंपिक के कप्तान के रूप में उनकी ऐतिहासिक तस्वीरें।

विरासत का सम्मान और संघर्ष की निरंतरता

मुख्यमंत्री ने सेंट जॉन्स कॉलेज द्वारा इस विरासत को सहेजने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड की जो वैचारिक नींव रखी, उसे उनके पिता स्वर्गीय "दिशोम गुरु" शिबू सोरेन ने लंबे जनआंदोलन के जरिए आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड राज्य का गठन हुआ।

झारखंड-विशेष 'PhD छात्रवृत्ति' का प्रस्ताव

बैठक में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री और कॉलेज प्रशासन के बीच 'सेंट जॉन्स कॉलेज–झारखंड समर्पित पीएचडी/डॉक्टोरल छात्रवृत्ति' शुरू करने पर विचार-विमर्श हुआ। यह छात्रवृत्ति मरांग गोमके और दिशोम गुरु की स्मृति में दी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी छात्र दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज में शोध कर सकेंगे।

अभिलेखों का डिजिटाइजेशन और संरक्षण

मुख्यमंत्री ने झारखंड की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए कॉलेज के साथ अभिलेखीय आदान-प्रदान और डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में सहयोग का प्रस्ताव रखा। प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने इस पहल का स्वागत करते हुए 'चेवनिंग–मरांग गोमके छात्रवृत्ति' को एक सशक्त सेतु बताया।

रोटरी प्रीमियर लीग का फाइनल रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने 8 विकेट से जीता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग (आरपीएल)का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम प्रयागराज में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी ईस्ट अकेडमिया के मध्य खेला गया। फाइनल मैच में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया।रोटरी प्रीमियर लीग का सफल संचालन डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।फाइनल मुकाबले का उद्घाटन डीजीएन (मंडलाध्यक्ष 2027–28) रोटेरियन दिनेश गर्ग द्वारा किया गया।इस प्रतिष्ठित रोटरी प्रीमियर लीग का आयोजन होस्ट क्लब रोटरी ईस्ट द्वारा भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन (MOC)रोटरी साउथ की सदस्य रोटेरियन डॉ. कीर्ति अग्रवाल द्वारा किया गया।मैच में रोटरी ईस्ट अकेडमिया की टीम ने शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए 15 ओवर में मात्र 1 विकेट के नुकसान पर 199 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम की टीम 10 विकेट खोकर 140 रन ही बना सकी।इस प्रकार रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने फाइनल मुकाबला 8 विकेट से जीतकर रोटरी प्रीमियर लीग 25–26 की ट्रॉफी अपने नाम की।इस रोमांचक फाइनल मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी ईस्ट अकेडमिया के रोटेरियन इमरान को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया जबकि पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए रोटरी अकेडमिया के रोटेरियन दुर्गेश को मैन ऑफ द सीरीज़ चुना गया।उल्लेखनीय है कि रोटरी प्रीमियर लीग की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को गवर्नमेन्ट प्रेस ग्राउंड से हुई थी जो लगभग एक माह तक चले रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों के बाद 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।इस रोटरी प्रीमियर लीग में प्रयागराज के सभी रोटरी क्लबों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इसमें रोटरी प्लैटिनम रोटरी ईस्ट रोटरी नार्थ रोटरी एलीट रोटरी साउथ रोटरी प्रयागराज रोटरी इलाहाबाद रोटरी संगम रोटरी अकेडमिया रोटरी रॉयल्स रोटरी ग्रैंड एवं रोटरी मिडटाउन शामिल रहे।सभी क्लबों के अध्यक्ष सचिव बड़ी संख्या में रोटेरियन्स उनके परिवारजन आम नागरिक एवं गणमान्य अतिथियो की गरिमामयी उपस्थिति रही।फाइनल के दिन रोटरी महिला मैत्री मैच का भी आयोजन किया गया जिसमें रोटरी रॉयल्स एवं रोटरी ब्यूटी रोज़ेज़ की टीमें आमने-सामने रही। इस मुकाबले में ब्यूटी रोज़ेज़ की टीम ने 78 रन बनाकर 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी प्लैटिनम की रोटेरियन रुचिरा को वुमन ऑफ द मैच घोषित किया गया।इस अवसर पर डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने रोटेरियन्स के बीच आपसी सौहार्द, खेल भावना और पारिवारिक सहभागिता को मजबूत किया है।वहीं डीजीएन रोटेरियन दिनेश गर्ग ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन रोटरी को समाज से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं और सेवा के साथ-साथ स्वस्थ मनोरंजन को भी बढ़ावा देते है।कार्यक्रम की मंच संचालक रोटेरियन डॉ.कीर्ति अग्रवाल ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने खेल के माध्यम से रोटेरियन परिवारों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य किया है और यह आयोजन अनुशासन टीमवर्क तथा सकारात्मक ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण है।आरपीएल चेयरमैन रोटेरियन ए. एन. नियोगी ने आयोजन समिति एवं सभी टीमों की सराहना करते हुए इसे समर्पण और समन्वय का आदर्श आयोजन बताया।मीडिया प्रभारी रोटेरियन मनीष गर्ग ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं बल्कि रोटरी परिवार का उत्सव है जिसमें खेल सेवा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला।

पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप का भव्य समापन।

अनुशासन साहस और राष्ट्रसेवा की ऊँची उड़ान का सशक्त उदाहरण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा भारतीय वायु सेना क्षेत्र फाफामऊ–पड़िला महादेव जी हवाई पट्टी पर आयोजित पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का पाँचवाँ एवं अंतिम दिवस अत्यंत गरिमामय प्रेरणास्पद एवं ऐतिहासिक रहा।यह शिविर साहस अनुशासन नेतृत्व एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो को सुदृढ़ करने की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।इस पांच दिवसीय एडवेंचर शिविर का उद्घाटन एन सी सी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल द्वारा किया गया था।शिविर के समापन अवसर पर कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह उत्तर–पूर्वी भारत उप क्षेत्र रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।इस अवसर पर विंग कमाण्डर देबार्थे धर जनसम्पर्क अधिकारी रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।अपने प्रेरक सम्बोधन में कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के साहसिक प्रशिक्षण शिविर युवाओ में न केवल शारीरिक और मानसिक दृढ़ता विकसित करते है बल्कि उन्हें अनुशासित आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में गढ़ने का कार्य करते है। उन्होंने कैडेट्स के अनुशासन उत्साह और साहस की सराहना करते हुए आयोजक इकाई को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।इस पाँच दिवसीय एडवेंचर कैम्प में एनसीसी ग्रुप प्रयागराज की कुल आठ बटालियनो के कैडेट्स ने सहभागिता की जिनमें15 यूपी बटालियन 16 यूपी बटालियन 17 यूपी बटालियन 6 यूपी गर्ल्स बटालियन 2 यूपी आर्टी बैटरी 1 यूपी मेडिकल कम्पनी 1यूपी नेवल यूनिट एवं 1 यूपी सीटीआर शामिल रही।इन बटालियनो के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानो—इलाहाबाद विश्वविद्यालय नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय प्रो.राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय डॉ.रिजवी कॉलेज ऑफ लॉ कौशाम्बी ईश्वर शरण कॉलेज अग्रसेन इंटर कॉलेज राम यश पीजी कॉलेज नेशनल इण्टर कॉलेज कौशाम्बी कौशाम्बी पब्लिक स्कूल भवन्स मेहता महाविद्यालय आई.के.एम. इंटर कॉलेज चित्रकूट इंटर कॉलेज कर्वी जगद्गुरु राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट ठाकुर हरनारायण सिंह पीजी कॉलेज इविंग क्रिश्चियन कॉलेज प्रयागराज तथा साकेत पीजी कॉलेज अयोध्या के कैडेट्स ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ साहसिक गतिविधियों में भाग लिया।इस पाँच दिवसीय शिविर की कमान 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह ने कैंप कमाण्डेन्ट के रूप में संभाली।उनके सुदृढ़ नेतृत्व कुशल प्रशासन और अनुशासित संचालन में यह शिविर अपने सभी उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए पूर्णतःसुरक्षित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह के नेतृत्व में कैडेट्स को न केवल साहसिक प्रशिक्षण मिला बल्कि उनमें नेतृत्व निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास का भी प्रभावी विकास हुआ।शिविर के सफल संचालन में चित्रकूट पैराग्लाइडिंग एडवेचर संस्था के अनुभवी प्रशिक्षकों और उनकी टीम का तकनीकी सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा जिनकी दक्षता एवं सतत निगरानी से प्रत्येक गतिविधि उच्चतम सुरक्षा मानको के अनुरूप संपन्न हुई।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप एनसीसी के मूल मंत्र—“एकता और अनुशासन”—को साकार करता हुआ राष्ट्र के लिए समर्पित साहसी और सक्षम युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद मील का पत्थर सिद्ध हुआ।

Sambhal पंचायत चुनाव की तैयारी में AIMIM का शक्ति प्रदर्शन, सम्भल से लेकर मंडल तक ‘इतिहास रचने’ का दावा

संभल।आगामी पंचायत चुनावों को लेकर मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सम्भल जिले में कार्यकर्ता सम्मेलन के ज़रिए अपनी सियासी ताक़त दिखाई। मुरादाबाद मंडल प्रभारी व चीफ जनरल सेक्रेटरी शमीम अहमद ने साफ कहा कि पार्टी जहाँ-जहाँ उम्मीदवार मिलेंगे, वहाँ-वहाँ पंचायत चुनाव लड़ेगी और इसे विधानसभा चुनाव का “सेमीफाइनल” बताया। ‘वोट कटवा’ के आरोपों पर पलटवार करते हुए शमीम अहमद ने महाराष्ट्र चुनाव का हवाला दिया और कहा कि AIMIM ने कई जगह कांग्रेस को भी पीछे छोड़ा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें डर है कि असदुद्दीन ओवैसी उनकी “बगिया के अमरूद तोड़ने” आ गए हैं। जिला पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि इस बार AIMIM उत्तर प्रदेश में नई राजनीतिक इबारत लिखेगी।

सम्भल में बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए शमीम अहमद ने कहा कि बिना अदालत द्वारा दोषी करार दिए इस तरह की कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे एक ही जुर्म की दोहरी सज़ा करार दिया और प्रशासनिक रवैये की निंदा की। महाराष्ट्र को “हरा” करने वाले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि हरे रंग से तात्पर्य AIMIM के झंडे से है, न कि किसी और अर्थ से। उनका कहना था कि मजलिस का परचम हर जगह लहराएगा।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने बताया कि सम्भल के वार्ड नंबर 7, गांव मवई ढोल में संभावित प्रत्याशी हाफिज सलीम के समर्थन में यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चेयरमैन मुशीर अली खान समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। असद अब्दुल्ला ने कहा कि मजलिस का संदेश ‘पैगाम-ए-मोहब्बत’, ईमानदारी और दयानतदारी है। उन्होंने दावा किया कि सम्भल के 35 वार्डों में AIMIM अहम भूमिका निभाएगी और चेयरमैन बनाने की दिशा में भी मजलिस मज़बूती से आगे बढ़ेगी। संभावित प्रत्याशी हाफिज सलीम ने वार्ड नंबर 7 में अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने का भरोसा दिलाया और जनता से बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के हाथ मज़बूत करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने भरोसा जताया कि इंशाअल्लाह पंचायत चुनावों में AIMIM बड़ी जमात बनकर उभरेगी और सम्भल की सियासत में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
नियमबद्धता का संदेश देता है हमारा गणतंत्र, साई कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मना। शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वाजारोहण कर सभी को 77वें गणतंत्र की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र संदेश देता है कि नियमबद्ध, अनुशासित जिन्दगी का वरण करें।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है, उसे और मजबूत कर नये कलेवर में भावी पीढ़ी को सौंपना है।प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा अपने कर्तव्यों के लिए आगे बढ़िये, अधिकार स्वत: मिल जायेंगे। उन्होंने सभी को गणतंत्र की महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनीश ने कहा कि गणतंत्र में गण और तंत्र दोनों हमसे है। हमे अपने को व्यवस्थित रखना है, तंत्र स्वत: बेहतर हो जायेगा। उन्होंने सभी दोपहिया चालकों से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट को प्रयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अंकुश गुप्ता और निशा निषाद ने गणतंत्र के प्रेरक प्रसंगों से अवगत कराया।

विद्यार्थियों ने तिरंगा रैली निकाल कर राष्ट्रीयता का बोध कराया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

भारत हमको जान से प्यारा है...

डॉ.जगमीत कौर के मार्गदर्शन में बी.एससी.बी.एड के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की समूहनृत्य के साथ प्रस्तुति दी। भारत हमको जान से प्यारा है...,वंदे मातरम्...,बैंठन रे चिरैया, गावो बस्तरिया गाना की शानदार प्रस्तुति हुई।

साई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में ७७ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी। स्कूल की कप्तान उदिता सिंह और उपकप्तान नैतिक कुमार पटवा ने गणतंत्र दिवस की महत्ता से अवगत कराया। कक्षा नर्सरी से कक्षा के.जी.टू के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को विभोर कर दिया। रूदांशी सिंह अंग्रेजी में दिया गया वक्त प्रेरक रहा। संगीत शिक्षक भानू शंकर झा की ताल पर कक्षा चौथी एवं छठवीं के विद्यार्थियों ने भारतीय विरासत की गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। श्री शिरडी साई शिक्षण समिति की सचिव अजय कुमार इंगोले ने सभी गणतंत्र के भावना से अवगत कराया।

प्राचार्य प्राची गोयल ने गणतंत्र की विशेषता और उसके कर्तव्य, दायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिठाइयां वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि में अनीश वोदी तेलवार, कोषाध्यक्ष रेखा इंगोले एवं सयुक्ंत सचिव अलका इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चौधरी तथा सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रूहिल सिन्हा ने किया तथा आभार उपकप्तान पूर्वी पैकरा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रूहिल सिन्हा, श्यामा कशिश एवं आर्या शंकर झा ने सहयोग किया।

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

रायपुर- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

झामुमो ने किया 'पद्म भूषण' का स्वागत, पर दोहराई 'भारत रत्न' की मांग: "हाशिये की आवाज थे दिशोम गुरु"

राँची, 26 जनवरी 2026: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्वागत किया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष 'भारत रत्न' के योग्य है और यह मांग निरंतर जारी रहेगी।

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संघर्षों का रहा है लंबा इतिहास

11 जनवरी 1944 को नेमरा (रामगढ़) में जन्मे गुरुजी का जीवन महाजनी प्रथा, शोषण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि गुरुजी ने न केवल झारखंड को अलग पहचान दिलाई, बल्कि नशा मुक्ति और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों से आदिवासी-मूलवासी समाज के जीवन को बदला।

"बाबा भारत के अनमोल रत्न थे" - विनोद पांडेय

पद्म भूषण की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया, लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया:

"गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे। क्या आदिवासी समाज में अब तक कोई नायक भारत रत्न के योग्य नहीं हुआ? सच्चाई यह है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्यधारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। करोड़ों समर्थकों की भावना है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।"

विधानसभा से पारित हो चुका है प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा ने पहले ही सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद से ही राज्यभर में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग जोर पकड़ रही है।

गुरुजी की राजनीतिक विरासत:

मुख्यमंत्री: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

सांसद: दुमका से 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।

आंदोलन: पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: पद्म भूषण पर झामुमो का साधुवाद, लेकिन 'भारत रत्न' की मांग पर अडिग; विनोद पांडेय बोले- "बाबा रत्न नहीं, महा रत्न थे।"

विकल्प 2: "आदिवासी नायक को मिले सर्वोच्च सम्मान"; गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी, भारत रत्न की मांग तेज।

विकल्प 3: दिशोम गुरु के संघर्षों का सम्मान: केंद्र ने दी पद्म भूषण की घोषणा, समर्थकों को अब 'भारत रत्न' का इंतजार।

ऑक्सफोर्ड के सोमरविल कॉलेज पहुँचे मुख्यमंत्री: क्लाइमेट एक्शन और एनवायरमेंटल पॉलिसी पर विशेषज्ञों के साथ साझा किया झारखंड का विजन

ऑक्सफोर्ड / रांची, 26 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूके दौरे के क्रम में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सोमरविल कॉलेज का दौरा किया। कॉलेज की प्रिंसिपल कैथरीन रॉयल और 'ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' (OICSD) की डायरेक्टर प्रो. राधिका खोसला ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस दौरान झारखंड और ऑक्सफोर्ड के बीच जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर गहरे सहयोग की नींव रखी गई।

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सतत विकास और जलवायु नीति पर चर्चा

बैठक का मुख्य केंद्र पर्यावरण नीति और क्लाइमेट एक्शन रहा। ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने झारखंड सरकार द्वारा आदिवासी कल्याण और न्यायसंगत परिवर्तन (Just Transition) के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों के साथ चर्चा की कि कैसे वैश्विक शोध का लाभ उठाकर झारखंड की सार्वजनिक नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

ऐतिहासिक विरासत और भारतीय जुड़ाव

वर्ष 1879 में स्थापित सोमरविल कॉलेज भारत के लिए विशेष महत्व रखता है। यह भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पहली भारतीय महिला बैरिस्टर कॉर्नेलिया सोराबजी की शैक्षणिक स्थली रहा है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड और ऑक्सफोर्ड के बीच का यह बौद्धिक सेतु भविष्य में राज्य की विकास नीतियों को वैश्विक पहचान दिलाएगा।

झारखंड के अधिकारियों का वैश्विक शोध

कार्यक्रम में एक गर्व का क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने ऑक्सफोर्ड में पढ़ रहे भारतीय विद्वानों से संवाद किया। इनमें झारखंड सरकार के अधिकारी रवि शंकर शुक्ला भी शामिल थे, जो वर्तमान में OICSD स्कॉलर के रूप में 'शहरी जल नीति एवं प्रबंधन' पर शोध कर रहे हैं। यह राज्य सरकार की क्षमता निर्माण (Capacity Building) की दिशा में की गई मेहनत का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री को कार्यशाला के लिए विशेष आमंत्रण

ऑक्सफोर्ड के छात्रों और शोधकर्ताओं ने झारखंड के शासन (Governance) मॉडल और नीति निर्माण के अनुभवों को समझने में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने और उन्हें संबोधित करने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया, ताकि झारखंड के धरातलीय अनुभवों से वैश्विक शोध समुदाय सीख सके।

ऑक्सफोर्ड में 'मरांग गोमके' की यादें: मुख्यमंत्री ने देखे जयपाल सिंह मुंडा के दुर्लभ अभिलेख, झारखंड के लिए विशेष PhD छात्रवृत्ति पर बनी सहमति

ऑक्सफोर्ड / रांची, 25 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूनाइटेड किंगडम प्रवास के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज का ऐतिहासिक दौरा किया। यह वही कॉलेज है जहाँ झारखंड आंदोलन के स्तंभ और भारतीय हॉकी के जादूगर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी। कॉलेज की अध्यक्ष प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।

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दुर्लभ अभिलेखों में दिखी जयपाल सिंह मुंडा की झलक

दौरे का सबसे भावुक क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों और तस्वीरों का अवलोकन किया। कॉलेज द्वारा प्रदर्शित अभिलेखों में शामिल थे:

हॉकी ब्लू सम्मान: ऑक्सफोर्ड की ओर से हॉकी में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रमाण।

डिबेटिंग सोसाइटी: वह अभिलेख जिसमें दर्ज है कि जयपाल सिंह मुंडा कॉलेज डिबेटिंग सोसाइटी के सचिव और अध्यक्ष रहे थे।

व्यक्तिगत यादें: उनके द्वारा लिखे गए पत्र, नोटबुक और 1928 ओलंपिक के कप्तान के रूप में उनकी ऐतिहासिक तस्वीरें।

विरासत का सम्मान और संघर्ष की निरंतरता

मुख्यमंत्री ने सेंट जॉन्स कॉलेज द्वारा इस विरासत को सहेजने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड की जो वैचारिक नींव रखी, उसे उनके पिता स्वर्गीय "दिशोम गुरु" शिबू सोरेन ने लंबे जनआंदोलन के जरिए आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड राज्य का गठन हुआ।

झारखंड-विशेष 'PhD छात्रवृत्ति' का प्रस्ताव

बैठक में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री और कॉलेज प्रशासन के बीच 'सेंट जॉन्स कॉलेज–झारखंड समर्पित पीएचडी/डॉक्टोरल छात्रवृत्ति' शुरू करने पर विचार-विमर्श हुआ। यह छात्रवृत्ति मरांग गोमके और दिशोम गुरु की स्मृति में दी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी छात्र दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज में शोध कर सकेंगे।

अभिलेखों का डिजिटाइजेशन और संरक्षण

मुख्यमंत्री ने झारखंड की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए कॉलेज के साथ अभिलेखीय आदान-प्रदान और डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में सहयोग का प्रस्ताव रखा। प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने इस पहल का स्वागत करते हुए 'चेवनिंग–मरांग गोमके छात्रवृत्ति' को एक सशक्त सेतु बताया।

रोटरी प्रीमियर लीग का फाइनल रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने 8 विकेट से जीता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग (आरपीएल)का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम प्रयागराज में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी ईस्ट अकेडमिया के मध्य खेला गया। फाइनल मैच में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया।रोटरी प्रीमियर लीग का सफल संचालन डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।फाइनल मुकाबले का उद्घाटन डीजीएन (मंडलाध्यक्ष 2027–28) रोटेरियन दिनेश गर्ग द्वारा किया गया।इस प्रतिष्ठित रोटरी प्रीमियर लीग का आयोजन होस्ट क्लब रोटरी ईस्ट द्वारा भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन (MOC)रोटरी साउथ की सदस्य रोटेरियन डॉ. कीर्ति अग्रवाल द्वारा किया गया।मैच में रोटरी ईस्ट अकेडमिया की टीम ने शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए 15 ओवर में मात्र 1 विकेट के नुकसान पर 199 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम की टीम 10 विकेट खोकर 140 रन ही बना सकी।इस प्रकार रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने फाइनल मुकाबला 8 विकेट से जीतकर रोटरी प्रीमियर लीग 25–26 की ट्रॉफी अपने नाम की।इस रोमांचक फाइनल मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी ईस्ट अकेडमिया के रोटेरियन इमरान को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया जबकि पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए रोटरी अकेडमिया के रोटेरियन दुर्गेश को मैन ऑफ द सीरीज़ चुना गया।उल्लेखनीय है कि रोटरी प्रीमियर लीग की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को गवर्नमेन्ट प्रेस ग्राउंड से हुई थी जो लगभग एक माह तक चले रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों के बाद 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।इस रोटरी प्रीमियर लीग में प्रयागराज के सभी रोटरी क्लबों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इसमें रोटरी प्लैटिनम रोटरी ईस्ट रोटरी नार्थ रोटरी एलीट रोटरी साउथ रोटरी प्रयागराज रोटरी इलाहाबाद रोटरी संगम रोटरी अकेडमिया रोटरी रॉयल्स रोटरी ग्रैंड एवं रोटरी मिडटाउन शामिल रहे।सभी क्लबों के अध्यक्ष सचिव बड़ी संख्या में रोटेरियन्स उनके परिवारजन आम नागरिक एवं गणमान्य अतिथियो की गरिमामयी उपस्थिति रही।फाइनल के दिन रोटरी महिला मैत्री मैच का भी आयोजन किया गया जिसमें रोटरी रॉयल्स एवं रोटरी ब्यूटी रोज़ेज़ की टीमें आमने-सामने रही। इस मुकाबले में ब्यूटी रोज़ेज़ की टीम ने 78 रन बनाकर 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी प्लैटिनम की रोटेरियन रुचिरा को वुमन ऑफ द मैच घोषित किया गया।इस अवसर पर डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने रोटेरियन्स के बीच आपसी सौहार्द, खेल भावना और पारिवारिक सहभागिता को मजबूत किया है।वहीं डीजीएन रोटेरियन दिनेश गर्ग ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन रोटरी को समाज से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं और सेवा के साथ-साथ स्वस्थ मनोरंजन को भी बढ़ावा देते है।कार्यक्रम की मंच संचालक रोटेरियन डॉ.कीर्ति अग्रवाल ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने खेल के माध्यम से रोटेरियन परिवारों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य किया है और यह आयोजन अनुशासन टीमवर्क तथा सकारात्मक ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण है।आरपीएल चेयरमैन रोटेरियन ए. एन. नियोगी ने आयोजन समिति एवं सभी टीमों की सराहना करते हुए इसे समर्पण और समन्वय का आदर्श आयोजन बताया।मीडिया प्रभारी रोटेरियन मनीष गर्ग ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं बल्कि रोटरी परिवार का उत्सव है जिसमें खेल सेवा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला।

पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप का भव्य समापन।

अनुशासन साहस और राष्ट्रसेवा की ऊँची उड़ान का सशक्त उदाहरण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा भारतीय वायु सेना क्षेत्र फाफामऊ–पड़िला महादेव जी हवाई पट्टी पर आयोजित पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का पाँचवाँ एवं अंतिम दिवस अत्यंत गरिमामय प्रेरणास्पद एवं ऐतिहासिक रहा।यह शिविर साहस अनुशासन नेतृत्व एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो को सुदृढ़ करने की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।इस पांच दिवसीय एडवेंचर शिविर का उद्घाटन एन सी सी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल द्वारा किया गया था।शिविर के समापन अवसर पर कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह उत्तर–पूर्वी भारत उप क्षेत्र रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।इस अवसर पर विंग कमाण्डर देबार्थे धर जनसम्पर्क अधिकारी रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।अपने प्रेरक सम्बोधन में कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के साहसिक प्रशिक्षण शिविर युवाओ में न केवल शारीरिक और मानसिक दृढ़ता विकसित करते है बल्कि उन्हें अनुशासित आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में गढ़ने का कार्य करते है। उन्होंने कैडेट्स के अनुशासन उत्साह और साहस की सराहना करते हुए आयोजक इकाई को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।इस पाँच दिवसीय एडवेंचर कैम्प में एनसीसी ग्रुप प्रयागराज की कुल आठ बटालियनो के कैडेट्स ने सहभागिता की जिनमें15 यूपी बटालियन 16 यूपी बटालियन 17 यूपी बटालियन 6 यूपी गर्ल्स बटालियन 2 यूपी आर्टी बैटरी 1 यूपी मेडिकल कम्पनी 1यूपी नेवल यूनिट एवं 1 यूपी सीटीआर शामिल रही।इन बटालियनो के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानो—इलाहाबाद विश्वविद्यालय नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय प्रो.राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय डॉ.रिजवी कॉलेज ऑफ लॉ कौशाम्बी ईश्वर शरण कॉलेज अग्रसेन इंटर कॉलेज राम यश पीजी कॉलेज नेशनल इण्टर कॉलेज कौशाम्बी कौशाम्बी पब्लिक स्कूल भवन्स मेहता महाविद्यालय आई.के.एम. इंटर कॉलेज चित्रकूट इंटर कॉलेज कर्वी जगद्गुरु राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट ठाकुर हरनारायण सिंह पीजी कॉलेज इविंग क्रिश्चियन कॉलेज प्रयागराज तथा साकेत पीजी कॉलेज अयोध्या के कैडेट्स ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ साहसिक गतिविधियों में भाग लिया।इस पाँच दिवसीय शिविर की कमान 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह ने कैंप कमाण्डेन्ट के रूप में संभाली।उनके सुदृढ़ नेतृत्व कुशल प्रशासन और अनुशासित संचालन में यह शिविर अपने सभी उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए पूर्णतःसुरक्षित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह के नेतृत्व में कैडेट्स को न केवल साहसिक प्रशिक्षण मिला बल्कि उनमें नेतृत्व निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास का भी प्रभावी विकास हुआ।शिविर के सफल संचालन में चित्रकूट पैराग्लाइडिंग एडवेचर संस्था के अनुभवी प्रशिक्षकों और उनकी टीम का तकनीकी सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा जिनकी दक्षता एवं सतत निगरानी से प्रत्येक गतिविधि उच्चतम सुरक्षा मानको के अनुरूप संपन्न हुई।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप एनसीसी के मूल मंत्र—“एकता और अनुशासन”—को साकार करता हुआ राष्ट्र के लिए समर्पित साहसी और सक्षम युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद मील का पत्थर सिद्ध हुआ।

Sambhal पंचायत चुनाव की तैयारी में AIMIM का शक्ति प्रदर्शन, सम्भल से लेकर मंडल तक ‘इतिहास रचने’ का दावा

संभल।आगामी पंचायत चुनावों को लेकर मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सम्भल जिले में कार्यकर्ता सम्मेलन के ज़रिए अपनी सियासी ताक़त दिखाई। मुरादाबाद मंडल प्रभारी व चीफ जनरल सेक्रेटरी शमीम अहमद ने साफ कहा कि पार्टी जहाँ-जहाँ उम्मीदवार मिलेंगे, वहाँ-वहाँ पंचायत चुनाव लड़ेगी और इसे विधानसभा चुनाव का “सेमीफाइनल” बताया। ‘वोट कटवा’ के आरोपों पर पलटवार करते हुए शमीम अहमद ने महाराष्ट्र चुनाव का हवाला दिया और कहा कि AIMIM ने कई जगह कांग्रेस को भी पीछे छोड़ा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें डर है कि असदुद्दीन ओवैसी उनकी “बगिया के अमरूद तोड़ने” आ गए हैं। जिला पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि इस बार AIMIM उत्तर प्रदेश में नई राजनीतिक इबारत लिखेगी।

सम्भल में बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए शमीम अहमद ने कहा कि बिना अदालत द्वारा दोषी करार दिए इस तरह की कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे एक ही जुर्म की दोहरी सज़ा करार दिया और प्रशासनिक रवैये की निंदा की। महाराष्ट्र को “हरा” करने वाले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि हरे रंग से तात्पर्य AIMIM के झंडे से है, न कि किसी और अर्थ से। उनका कहना था कि मजलिस का परचम हर जगह लहराएगा।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने बताया कि सम्भल के वार्ड नंबर 7, गांव मवई ढोल में संभावित प्रत्याशी हाफिज सलीम के समर्थन में यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चेयरमैन मुशीर अली खान समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। असद अब्दुल्ला ने कहा कि मजलिस का संदेश ‘पैगाम-ए-मोहब्बत’, ईमानदारी और दयानतदारी है। उन्होंने दावा किया कि सम्भल के 35 वार्डों में AIMIM अहम भूमिका निभाएगी और चेयरमैन बनाने की दिशा में भी मजलिस मज़बूती से आगे बढ़ेगी। संभावित प्रत्याशी हाफिज सलीम ने वार्ड नंबर 7 में अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने का भरोसा दिलाया और जनता से बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के हाथ मज़बूत करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने भरोसा जताया कि इंशाअल्लाह पंचायत चुनावों में AIMIM बड़ी जमात बनकर उभरेगी और सम्भल की सियासत में निर्णायक भूमिका निभाएगी।