प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव राज्य कर यूपी शासन कामिनी चौहान से मुलाक़ात किया*
सुल्तानपुर,भारतीय उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष सुधीर हलवासिया की अध्यक्षता में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में आज व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव राज्य कर उत्तर प्रदेश शासन कामिनी चौहान जी से मुलाकात किया और जीएसटी की समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौपा। मांग पत्र में संगठन की तरफ से लिखा गया है कि हम भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के पदाधिकारी गण आपके समक्ष व्यापार समुदाय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता प्रस्तुत करना चाहता हूँ। प्रदेश चेयरमैन सुधीर हलवासिया ने कहा कि महोदया,यह सर्वविदित है कि उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 से संबंधित GST पेनल्टी एवं ब्याज को मूल कर राशि जमा करने की शर्त पर माफ करके व्यापारियों को उल्लेखनीय राहत प्रदान की है। इस निर्णय ने वहाँ के छोटे, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों को विशेष रूप से लाभान्वित किया और आर्थिक गतिविधियों में नई ऊर्जा का संचार किया। इस छूट को उत्तर प्रदेश में भी लागू किया जाए जिससे व्यापारियों उद्यमियों को राहत मिल सके। प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि आपका ध्यान व्यापारिक समाज की कुछ गंभीर समस्याओं और विभागीय स्तर पर हो रहे उत्पीड़न की ओर आकृष्ट कराना है। सरकार की मंशा सदैव व्यापारियों को सुगम माहौल देन े की रही है, किंतु धरातल पर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली से व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापार मंडल आपसे निम्नलिखित चार प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लेने और कार्यवाही करने का अनुरोध करता है:
1. वाहनों की चेकिंग के दौरान अवैध वसूली: माल परिवहन के दौरान सचल दल (Mobile Squad) या अन्य अधिकारियों द्वारा गाड़ियाँ रोकी जाती हैं। कई बार दस्तावेज सही होने के बावजूद अनावश्यक दबाव बनाया जाता है और अवैध सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। इस प्रकार की अनैतिक वसूली पर तत्काल पूर्ण विराम लगाया जाए।
2. मानवीय त्रुटि (Clerical Error) पर उत्पीड़न न हो: जीएसटी और ई-वे बिल तकनीकी विषय हैं। यदि किसी व्यापारी के प्रपत्रों में कोई छोटी-मोटी मानवीय या लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) हो, और उसकी मंशा कर अपवंचना (Tax Evasion) की न हो, तो उस े परेशान न किया जाए और न ही गाड़ी सीज की जाए। (हमारा स्पष्ट मत है कि यद ि मंशा कर चोरी की है तो कार्यवाही हो, लेकिन सामान्य भूल पर व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।)
3. गोदाम से वाहन रिलीज के नाम पर अवैध वसूली: जब किसी वाहन को सीज कर गोदाम मे ं खड़ा कर दिया जाता है, तो व्यापारी द्वारा पेनल्टी भरने और रिलीज ऑर्डर (Release Order) प्राप्त करने के बाद भी उस े परेशान किया जाता है। गोदाम स्तर पर 'गेट पास' या 'खर्चा पानी' के नाम पर ₹500 से ₹1000 की अवैध मांग की जाती है। रिलीज ऑर्डर मिलने के बाद किसी भी प्रकार की अतिरिक्त मांग को दंडनीय माना जाए।
4. फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) के नाम पर वसूली बंद होः जीएसटी पंजीकरण या अन्य विभागीय कार्यो ं हेत ु जब अधिकारी फर्म के भौतिक सत्यापन (Physical Verification - PV) के लिए आते हैं, तो व्यापारियों से इसके बदले चार्ज या सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। यह प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क और पारदर्शी होनी चाहिए। इस प्रकार की अवैध मांग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करने का कष्ट करें,ताकि प्रदेश का व्यापारी भयमुक्त होकर अपना व्यापार कर सके। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमित गुप्ता, प्रदेश सहसंयोजक राकेश गुप्ता साईंअलीगढ़, नितिन अग्रवाल आगरा, प्रदेश संयुक्त मंत्री गोपाल महेश गुप्ता अनिरुद्ध बरनवाल जिला कोषाध्यक्ष राकेश अग्रहरी सुल्तानपुर युवा उद्यमी शाश्वत त्रिपाठी आदि शामिल रहे तथा अपनी बात रखी। सधन्यवाद। जय प्रकाश मिश्र मिडिया प्रभारी
चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती का विनष्टीकरण, लगभग 10 एकड़ में लगी फसल नष्ट

दिनांक 06.02.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत चोरदाह पंचायत के कबिलाश के जंगल में वन विभाग एवं चौपरण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बिभिन इलाका में करीब 10 एकड़ में अवैध रूप से लगी अफीम की खेती को चिन्हित करते हुए मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया।

बरामदगी : घटनास्थल से निम्नलिखित वस्तुएँ बरामद कर मौके पर ही नष्ट की गईं

1. 6 डिलीवरी पाइप

अवैध रूप से अफीम की खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान के उपरान्त उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई जारी है।

संयुक्त अभियान में शामिल अधिकारी/कर्मी :

1. अजित कुमार बिमल sdpo बरही

2. सरोज सिंह चौधरी थाना प्रभारी चौपरण

3. Si सुबिन्दर राम

4. Si रतन टुडू

6. Asi कमरुद्दीन 

7. एवं सशत्र बल 

8. बनपाल कुलदीप कुमार

उल्लेखनीय है कि ड्रोन के माध्यम से दुर्गम इलाका को चिन्हित कर विनिष्ट किया जा रहा है । अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित, नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 को लेकर मुद्रक–प्रकाशकों को दिए गए दिशा-निर्देश

नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 के सफल एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नोडल पदाधिकारी, मीडिया कोषांग-सह-जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार हजारीबाग की अध्यक्षता में आज 6 फरवरी को मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित की गई। 

इस दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार मौजूद रहे।

बैठक में जिले के विभिन्न प्रिंटिंग प्रेस संचालक, मुद्रक एवं प्रकाशक उपस्थित थे।

बैठक की में नोडल पदाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित मुद्रकों को निर्वाचन से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री के मुद्रण एवं प्रकाशन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति ऐसे निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण या प्रकाशन नहीं करेगा, जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम एवं पता अंकित न हो। अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को छह माह का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि कानून के तहत निर्वाचन से संबंधित किसी भी पंपलेट या पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित न हो तथा दो ऐसे व्यक्तियों द्वारा सत्यापित न की गई हो, जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हों। सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को इन दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने जानकारी दी कि निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्याशी यदि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क, बल्क एसएमएस अथवा वॉयस मैसेज के माध्यम से किसी राजनीतिक विज्ञापन का प्रकाशन या प्रसारण करना चाहते हैं, तो इसके लिए विहित प्रपत्र Annexure-A में जिला स्तरीय मीडिया एवं निगरानी समिति (MCMC) कोषांग को आवेदन समर्पित करना अनिवार्य होगा।

बैठक के अंत में नोडल पदाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने एवं निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

डॉ.संतोष अंश को मिला वैश्विक सम्मान ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड से हुए सम्मानित*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी जी कॉलेज में बी एड़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) ने राजर्षि जनक विश्वविद्यालय, नेपाल में 'वैश्विक सततताः शिक्षा, साहित्य, मानविकी एवं विज्ञान का समावेश" विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में सारगर्भित एवं शोधपरक शोध-पत्र प्रस्तुत किया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, शोधात्मक उपलब्धियों एवं प्रभावी शैक्षणिक नेतृत्व के लिए डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) को "ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड" से राजर्षि जनक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमर प्रसाद यादव एवं रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार यादव ने सम्मानित किया । अपने व्याख्यान में डॉ संतोष अंश ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से व्यक्तिगत शिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन मूल्यांकन, डेटा आधारित शैक्षणिक निर्णय एवं शिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार संभव हुआ है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में असीम अवसर प्रदान करता है। इसके समक्ष डेटा सुरक्षा, नैतिकता, तकनीकी असमानता एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसी चुनौतियां भी विद्यमान है। चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने संतुलित, जिम्मेदार एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। डॉ.संतोष अंश को सम्मान मिलने पर महाविद्यालय के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह, प्रबंधक बाल चंद्र सिंह, पूर्व प्रबंधक टी पी सिंह, बजरंग बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, प्राचार्य प्रो डी क़े त्रिपाठी, उप प्राचार्य प्रो निशा सिंह, एमजीएस इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक प्रो विनोद सिंह, डॉ.भारती सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकों , कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने बधाई औऱ मंगलकामनाएं दी।
भदोही शवगृह में वीडियोग्राफी सेल का उद्घाटन:संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, साक्ष्य होंगे मजबूत
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां के पोस्टमार्टम हाउस (शवगृह) में नवनिर्मित पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी सेल का उद्घाटन किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक भदोही, शुभम अग्रवाल ने इस सेल का उद्घाटन किया। निरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में यह सेल अब सभी पोस्टमॉर्टम की पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगा। इससे संवेदनशील मामलों में साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।दहेज मृत्यु, पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु और अन्य संदिग्ध मामलों में पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। यह सेल ऐसे सभी मामलों में वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उन्हें समय पर न्यायालय या संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार के संदेह की गुंजाइश कम होगी। यह पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी सेल अत्याधुनिक कंप्यूटर सिस्टम और आधुनिक वीडियोग्राफी उपकरणों से सुसज्जित है, जिससे रिकॉर्ड्स का डिजिटल रखरखाव बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। पुलिस अधीक्षक भदोही ने पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी सेल में तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्कता, तकनीकी दक्षता और साक्ष्यों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
हरिद्वार में यूपी के सीएम योगी बोले—विकास और विरासत का संतुलन ही राष्ट्र निर्माण की राह


हरिद्वार। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को हरिद्वार दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के समाधि स्थल पर विग्रह मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में भाग लिया और जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां के चारधाम भारत की आध्यात्मिक चेतना के मजबूत आधार हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड आज विकास और विरासत, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बीते 11 वर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी, बदरीनाथ धाम और हरिद्वार तक विकास की नई गाथा विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ रही है। भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या और जीवन दर्शन का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत किसी एक तिथि या सत्ता की देन नहीं है, बल्कि सनातन चेतना का स्वाभाविक प्रवाह है। धर्म कभी कमजोर नहीं होता, उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास गवाह है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न वर्तमान को सुदृढ़ कर पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित।

योगी आदित्यनाथ ने वैदिक भारत को आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह राष्ट्र ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि एक समय विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत तक थी, जो बाद में 25 प्रतिशत रही। यह सब किसानों, कारीगरों और श्रमिकों की शक्ति का परिणाम था।

उन्होंने ग्राम स्वराज की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि गांव राष्ट्र की नींव हैं और किसानों को मजबूत किए बिना देश मजबूत नहीं हो सकता। विरासत को समझने और सम्मान देने के कारण ही आज भारत वैश्विक पहचान बना रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा का केंद्र बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय प्रदेश में विरासत को कोसा जाता था और अराजकता का माहौल था। आज विरासत का सम्मान होने से प्रदेश की तस्वीर बदली है और उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ, काशी और अयोध्या केवल तीर्थ नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के केंद्र हैं। इन आस्था के केंद्रों को सम्मान के साथ विरासत के रूप में आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
भद्राज ट्रेकिंग रूट पर भटके 10 युवक, पुलिस ने जंगल से किया रेस्क्यू, बाल-बाल बची जान
विकासनगर उत्तराखंड। प्रसिद्ध भद्राज मंदिर ट्रेकिंग रूट पर पहाड़ियों और घने जंगल के बीच रास्ता भटक गए 10 युवकों को पुलिस ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अंधेरा होने के कारण युवक निर्धारित ट्रेकिंग रूट से भटक गए थे, जिससे उनकी जान पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

जानकारी के अनुसार 5 फरवरी की रात सहसपुर थाना क्षेत्र में 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि करीब 10 युवक भद्राज ट्रेकिंग के दौरान जंगल में रास्ता भटक गए हैं। युवकों को आसपास के रास्तों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी और मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर था। सूचना मिलते ही सहसपुर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्काल एक रेस्क्यू टीम गठित की गई। राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ पुलिस टीम भद्राज ट्रेकिंग रूट की ओर रवाना हुई। कोटी गांव पहुंचकर पुलिस ने वन विभाग के बीट अधिकारी और स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली तथा देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने कोटी गांव से लगभग तीन किलोमीटर ऊपर घने जंगल क्षेत्र में सभी 10 युवकों को सकुशल खोज निकाला। इसके बाद सभी को सुरक्षित नीचे लाया गया और उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।इस संबंध में सहसपुर थाने के उपनिरीक्षक नीरज त्यागी ने बताया कि 112 के माध्यम से सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई, जिससे सभी युवकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका।

रेस्क्यू किए गए युवक
अभिषेक चौहान (29), निवासी विकासनगर
हेमंत (26), प्रिंस (18), शिवम (18), अर्चित (18), सक्षम घई (23), मयंक राय (19), शिवाशु (18), उज्जवल (18) — सभी निवासी प्रेमनगर, देहरादून
हर्षित (16), निवासी प्रेमनगर, देहरादून

गौरतलब है कि मसूरी से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित भद्राज मंदिर भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलभद्र (बलराम) को समर्पित है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थल ट्रेकिंग प्रेमियों के बीच भी खासा लोकप्रिय है, हालांकि यहां ट्रेकिंग के दौरान सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
खड़ी टाटा मैजिक में गमछे से ढका मिला शव,गाड़ी भी कई जगह से टूटी
हादसे की आशंका

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोंटी कार्लो शोरूम के सामने खड़ी एक टाटा मैजिक गाड़ी में एक युवक लगभग (32) का शव बरामद हुआ है।यह घटना आज पूर्वान्ह लगभग 11.40 बजे सामने आई,जब स्थानीय लोगों ने गाड़ी हटाने के लिए ड्राइवर को बुलाने का प्रयास किया।उसी समय स्थानीय लोगो ने देखा कि अंदर एक व्यक्ति का शव गमछे से ढका हुआ पड़ा है,जिसकी सूचना लोगों ने डायल 112 व नगर कोतवाली पुलिस को दिया।घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस, क्षेत्राधिकारी सदर आनंद राय व प्रशिक्षु आईपीएस प्रदीप कुमार फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू किया।बताते चलें कि जिस टाटा मैजिक में शव मिला है वह कई  जगह से टूटी हुई है,जिससे किसी सड़क हादसे की आशंका जताई जा रही है तो वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या की आशंका जताई है।गाड़ी की नंबर प्लेट पर मिट्टी का लेप लगाकर उसे छिपाने का प्रयास किया गया था।सूत्रों की मानें तो इस टाटा मैजिक का उपयोग मवेशियों को लाने ले जाने में किया जाता था,क्योंकि इसके पिछले हिस्से में भारी मात्रा में पराली पड़ा हुआ था।नगर कोतवाली पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि उक्त गाड़ी यहां कब और कैसे पहुंची।फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस इसकी शिनाख्त का प्रयास कर रही है।जिस मिनी टाटा मैजिक में युवक का शव मिला है,वह बाराबंकी जिले की बताई जा रही है।इस संबंध में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि ने बताया कि स्थानीय लोगों ने सूचना दिया कि यहां पर एक टाटा मैजिक खड़ी हुई है तथा उसके अंदर एक युवक की व
लाश पड़ि हुई है।तत्काल उच्चाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच कर इसकी जांच की गई है।मौके पर फोरेंसिक और डाग स्क्वायड टीम को बुलाकर पूरे मामले की जांच की जा रही है।मृत युवक की पहचान नहीं हो पाई है और उसके पहचान के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है।
राँची: UPSC अभियंत्रण सेवा परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा लागू; परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध

राँची, 06 फरवरी 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 08 फरवरी 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए शहर के 03 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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धारा-163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची ने परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 08 फरवरी 2026 के प्रातः 06:30 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के दौरान मुख्य प्रतिबंध:

भीड़ पर रोक: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा (सरकारी कार्य और शवयात्रा को छोड़कर)।

हथियारों पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, बम, आदि) या हरवे-हथियार (लाठी, डंडा, भाला, आदि) लेकर चलने की मनाही है।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: परीक्षा केंद्रों के पास लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है।

सभा आयोजित करना: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों द्वारा विधि-व्यवस्था भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

अयोध्या स्टेट की जमीन हड़पने के लिए बताया वक्फ और मदरसे की जमीन
*राजा के फर्जी पत्र से स्टेट के पैरोकार को बताया गलत

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अयोध्या स्टेट की जमीन को हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है।इस मामले में फर्जी दस्तावेजों और पत्रों का इस्तेमाल कर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पूरे प्रकरण के विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रमेश पंडित नामक व्यक्ति ने राजा अयोध्या स्टेट विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के फर्जी लेटर पैड पर उनके अधिकृत पैरोकार नदीम को गलत बताते हुए एक फर्जी पत्र तैयार किया।यह पत्र अयोध्या स्टेट के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के नाम से बनाया गया था,जिसका उपयोग अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया गया।रमेश पंडित खुद को अयोध्या स्टेट का पैरोकार बताकर लगातार स्टेट की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा था।इसकी जानकारी मिलने पर अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने अपने पैरोकार नदीम के साथ मिलकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा और पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं।मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनके पैरोकार नदीम ने 12 जनवरी को एक प्रार्थना पत्र दिया था,जिसमें बताया गया था कि कुछ लोग खरगूपुर स्थित अयोध्या रियासत की जमीन पर कब्जा कर फर्जी तरीके से मांस मछली बेंच रहे हैं।जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।नदीम ने 21 जनवरी को दोबारा आवेदन दिया,जिसके बाद अधिकारियों ने जमीन खाली कराने का आदेश दिया।हालांकि जमीन हड़पने की नीयत से मोहम्मद नसीम,मोबीन और मुजीब खान ने रमेश पंडित के माध्यम से मदरसा फुरकानिया के नाम से फर्जी वक्फ कागज नायब तहसीलदार को दिए।पैरोकार नदीम द्वारा इन कागजों की जांच कराने पर पता चला कि रियासत के रिकॉर्ड में न तो कोई बैनामा है और न तो कोई लेनदेन दर्ज है,जिससे यह स्पष्ट हुआ कि रियासत की भूमि को हड़पने के उद्देश्य से कूट रचित दस्तावेज तैयार किया गया था।इन लोगों ने फर्जी पत्र नायब तहसीलदार व लेखपाल को भी सौंपा था।अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा द्वारा यह भी कहा गया कि मेरे द्वारा ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है,मेरा फर्जी हस्ताक्षर बना कर जमीन को हड़पने की नियत से तैयार किया गया है,ऐसे में इन लोगों के खिलाफ कठोर की जाए।कैलाश नाथ मिश्रा ने खरगूपुर की जितनी भी बाजार है,वह अयोध्या स्टेट की है और अब मेरे ही पैरोकार को गलत बताकर कोई रमेश पंडित नाम के व्यक्ति द्वारा कूटरचित अभिलेख देकर अधिकारियों को गुमराह किया गया है।उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर हमलोगों ने शिकायती पत्र दिया है और उस पर पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं।
प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव राज्य कर यूपी शासन कामिनी चौहान से मुलाक़ात किया*
सुल्तानपुर,भारतीय उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष सुधीर हलवासिया की अध्यक्षता में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में आज व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव राज्य कर उत्तर प्रदेश शासन कामिनी चौहान जी से मुलाकात किया और जीएसटी की समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौपा। मांग पत्र में संगठन की तरफ से लिखा गया है कि हम भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के पदाधिकारी गण आपके समक्ष व्यापार समुदाय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता प्रस्तुत करना चाहता हूँ। प्रदेश चेयरमैन सुधीर हलवासिया ने कहा कि महोदया,यह सर्वविदित है कि उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 से संबंधित GST पेनल्टी एवं ब्याज को मूल कर राशि जमा करने की शर्त पर माफ करके व्यापारियों को उल्लेखनीय राहत प्रदान की है। इस निर्णय ने वहाँ के छोटे, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों को विशेष रूप से लाभान्वित किया और आर्थिक गतिविधियों में नई ऊर्जा का संचार किया। इस छूट को उत्तर प्रदेश में भी लागू किया जाए जिससे व्यापारियों उद्यमियों को राहत मिल सके। प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि आपका ध्यान व्यापारिक समाज की कुछ गंभीर समस्याओं और विभागीय स्तर पर हो रहे उत्पीड़न की ओर आकृष्ट कराना है। सरकार की मंशा सदैव व्यापारियों को सुगम माहौल देन े की रही है, किंतु धरातल पर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली से व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापार मंडल आपसे निम्नलिखित चार प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लेने और कार्यवाही करने का अनुरोध करता है:
1. वाहनों की चेकिंग के दौरान अवैध वसूली: माल परिवहन के दौरान सचल दल (Mobile Squad) या अन्य अधिकारियों द्वारा गाड़ियाँ रोकी जाती हैं। कई बार दस्तावेज सही होने के बावजूद अनावश्यक दबाव बनाया जाता है और अवैध सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। इस प्रकार की अनैतिक वसूली पर तत्काल पूर्ण विराम लगाया जाए।
2. मानवीय त्रुटि (Clerical Error) पर उत्पीड़न न हो: जीएसटी और ई-वे बिल तकनीकी विषय हैं। यदि किसी व्यापारी के प्रपत्रों में कोई छोटी-मोटी मानवीय या लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) हो, और उसकी मंशा कर अपवंचना (Tax Evasion) की न हो, तो उस े परेशान न किया जाए और न ही गाड़ी सीज की जाए। (हमारा स्पष्ट मत है कि यद ि मंशा कर चोरी की है तो कार्यवाही हो, लेकिन सामान्य भूल पर व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।)
3. गोदाम से वाहन रिलीज के नाम पर अवैध वसूली: जब किसी वाहन को सीज कर गोदाम मे ं खड़ा कर दिया जाता है, तो व्यापारी द्वारा पेनल्टी भरने और रिलीज ऑर्डर (Release Order) प्राप्त करने के बाद भी उस े परेशान किया जाता है। गोदाम स्तर पर 'गेट पास' या 'खर्चा पानी' के नाम पर ₹500 से ₹1000 की अवैध मांग की जाती है। रिलीज ऑर्डर मिलने के बाद किसी भी प्रकार की अतिरिक्त मांग को दंडनीय माना जाए।
4. फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) के नाम पर वसूली बंद होः जीएसटी पंजीकरण या अन्य विभागीय कार्यो ं हेत ु जब अधिकारी फर्म के भौतिक सत्यापन (Physical Verification - PV) के लिए आते हैं, तो व्यापारियों से इसके बदले चार्ज या सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। यह प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क और पारदर्शी होनी चाहिए। इस प्रकार की अवैध मांग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करने का कष्ट करें,ताकि प्रदेश का व्यापारी भयमुक्त होकर अपना व्यापार कर सके। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमित गुप्ता, प्रदेश सहसंयोजक राकेश गुप्ता साईंअलीगढ़, नितिन अग्रवाल आगरा, प्रदेश संयुक्त मंत्री गोपाल महेश गुप्ता अनिरुद्ध बरनवाल जिला कोषाध्यक्ष राकेश अग्रहरी सुल्तानपुर युवा उद्यमी शाश्वत त्रिपाठी आदि शामिल रहे तथा अपनी बात रखी। सधन्यवाद। जय प्रकाश मिश्र मिडिया प्रभारी
चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती का विनष्टीकरण, लगभग 10 एकड़ में लगी फसल नष्ट

दिनांक 06.02.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत चोरदाह पंचायत के कबिलाश के जंगल में वन विभाग एवं चौपरण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बिभिन इलाका में करीब 10 एकड़ में अवैध रूप से लगी अफीम की खेती को चिन्हित करते हुए मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया।

बरामदगी : घटनास्थल से निम्नलिखित वस्तुएँ बरामद कर मौके पर ही नष्ट की गईं

1. 6 डिलीवरी पाइप

अवैध रूप से अफीम की खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान के उपरान्त उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई जारी है।

संयुक्त अभियान में शामिल अधिकारी/कर्मी :

1. अजित कुमार बिमल sdpo बरही

2. सरोज सिंह चौधरी थाना प्रभारी चौपरण

3. Si सुबिन्दर राम

4. Si रतन टुडू

6. Asi कमरुद्दीन 

7. एवं सशत्र बल 

8. बनपाल कुलदीप कुमार

उल्लेखनीय है कि ड्रोन के माध्यम से दुर्गम इलाका को चिन्हित कर विनिष्ट किया जा रहा है । अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित, नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 को लेकर मुद्रक–प्रकाशकों को दिए गए दिशा-निर्देश

नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 के सफल एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नोडल पदाधिकारी, मीडिया कोषांग-सह-जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार हजारीबाग की अध्यक्षता में आज 6 फरवरी को मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित की गई। 

इस दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार मौजूद रहे।

बैठक में जिले के विभिन्न प्रिंटिंग प्रेस संचालक, मुद्रक एवं प्रकाशक उपस्थित थे।

बैठक की में नोडल पदाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित मुद्रकों को निर्वाचन से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री के मुद्रण एवं प्रकाशन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति ऐसे निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण या प्रकाशन नहीं करेगा, जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम एवं पता अंकित न हो। अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को छह माह का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि कानून के तहत निर्वाचन से संबंधित किसी भी पंपलेट या पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित न हो तथा दो ऐसे व्यक्तियों द्वारा सत्यापित न की गई हो, जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हों। सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को इन दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने जानकारी दी कि निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्याशी यदि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क, बल्क एसएमएस अथवा वॉयस मैसेज के माध्यम से किसी राजनीतिक विज्ञापन का प्रकाशन या प्रसारण करना चाहते हैं, तो इसके लिए विहित प्रपत्र Annexure-A में जिला स्तरीय मीडिया एवं निगरानी समिति (MCMC) कोषांग को आवेदन समर्पित करना अनिवार्य होगा।

बैठक के अंत में नोडल पदाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने एवं निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

डॉ.संतोष अंश को मिला वैश्विक सम्मान ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड से हुए सम्मानित*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी जी कॉलेज में बी एड़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) ने राजर्षि जनक विश्वविद्यालय, नेपाल में 'वैश्विक सततताः शिक्षा, साहित्य, मानविकी एवं विज्ञान का समावेश" विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में सारगर्भित एवं शोधपरक शोध-पत्र प्रस्तुत किया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, शोधात्मक उपलब्धियों एवं प्रभावी शैक्षणिक नेतृत्व के लिए डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) को "ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड" से राजर्षि जनक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमर प्रसाद यादव एवं रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार यादव ने सम्मानित किया । अपने व्याख्यान में डॉ संतोष अंश ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से व्यक्तिगत शिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन मूल्यांकन, डेटा आधारित शैक्षणिक निर्णय एवं शिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार संभव हुआ है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में असीम अवसर प्रदान करता है। इसके समक्ष डेटा सुरक्षा, नैतिकता, तकनीकी असमानता एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसी चुनौतियां भी विद्यमान है। चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने संतुलित, जिम्मेदार एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। डॉ.संतोष अंश को सम्मान मिलने पर महाविद्यालय के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह, प्रबंधक बाल चंद्र सिंह, पूर्व प्रबंधक टी पी सिंह, बजरंग बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, प्राचार्य प्रो डी क़े त्रिपाठी, उप प्राचार्य प्रो निशा सिंह, एमजीएस इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक प्रो विनोद सिंह, डॉ.भारती सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकों , कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने बधाई औऱ मंगलकामनाएं दी।
भदोही शवगृह में वीडियोग्राफी सेल का उद्घाटन:संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, साक्ष्य होंगे मजबूत
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां के पोस्टमार्टम हाउस (शवगृह) में नवनिर्मित पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी सेल का उद्घाटन किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक भदोही, शुभम अग्रवाल ने इस सेल का उद्घाटन किया। निरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में यह सेल अब सभी पोस्टमॉर्टम की पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगा। इससे संवेदनशील मामलों में साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।दहेज मृत्यु, पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु और अन्य संदिग्ध मामलों में पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। यह सेल ऐसे सभी मामलों में वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उन्हें समय पर न्यायालय या संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार के संदेह की गुंजाइश कम होगी। यह पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी सेल अत्याधुनिक कंप्यूटर सिस्टम और आधुनिक वीडियोग्राफी उपकरणों से सुसज्जित है, जिससे रिकॉर्ड्स का डिजिटल रखरखाव बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। पुलिस अधीक्षक भदोही ने पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी सेल में तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्कता, तकनीकी दक्षता और साक्ष्यों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
हरिद्वार में यूपी के सीएम योगी बोले—विकास और विरासत का संतुलन ही राष्ट्र निर्माण की राह


हरिद्वार। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को हरिद्वार दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के समाधि स्थल पर विग्रह मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में भाग लिया और जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां के चारधाम भारत की आध्यात्मिक चेतना के मजबूत आधार हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड आज विकास और विरासत, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बीते 11 वर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी, बदरीनाथ धाम और हरिद्वार तक विकास की नई गाथा विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ रही है। भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या और जीवन दर्शन का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत किसी एक तिथि या सत्ता की देन नहीं है, बल्कि सनातन चेतना का स्वाभाविक प्रवाह है। धर्म कभी कमजोर नहीं होता, उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास गवाह है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न वर्तमान को सुदृढ़ कर पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित।

योगी आदित्यनाथ ने वैदिक भारत को आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह राष्ट्र ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि एक समय विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत तक थी, जो बाद में 25 प्रतिशत रही। यह सब किसानों, कारीगरों और श्रमिकों की शक्ति का परिणाम था।

उन्होंने ग्राम स्वराज की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि गांव राष्ट्र की नींव हैं और किसानों को मजबूत किए बिना देश मजबूत नहीं हो सकता। विरासत को समझने और सम्मान देने के कारण ही आज भारत वैश्विक पहचान बना रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा का केंद्र बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय प्रदेश में विरासत को कोसा जाता था और अराजकता का माहौल था। आज विरासत का सम्मान होने से प्रदेश की तस्वीर बदली है और उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ, काशी और अयोध्या केवल तीर्थ नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के केंद्र हैं। इन आस्था के केंद्रों को सम्मान के साथ विरासत के रूप में आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
भद्राज ट्रेकिंग रूट पर भटके 10 युवक, पुलिस ने जंगल से किया रेस्क्यू, बाल-बाल बची जान
विकासनगर उत्तराखंड। प्रसिद्ध भद्राज मंदिर ट्रेकिंग रूट पर पहाड़ियों और घने जंगल के बीच रास्ता भटक गए 10 युवकों को पुलिस ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अंधेरा होने के कारण युवक निर्धारित ट्रेकिंग रूट से भटक गए थे, जिससे उनकी जान पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

जानकारी के अनुसार 5 फरवरी की रात सहसपुर थाना क्षेत्र में 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि करीब 10 युवक भद्राज ट्रेकिंग के दौरान जंगल में रास्ता भटक गए हैं। युवकों को आसपास के रास्तों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी और मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर था। सूचना मिलते ही सहसपुर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्काल एक रेस्क्यू टीम गठित की गई। राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ पुलिस टीम भद्राज ट्रेकिंग रूट की ओर रवाना हुई। कोटी गांव पहुंचकर पुलिस ने वन विभाग के बीट अधिकारी और स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली तथा देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने कोटी गांव से लगभग तीन किलोमीटर ऊपर घने जंगल क्षेत्र में सभी 10 युवकों को सकुशल खोज निकाला। इसके बाद सभी को सुरक्षित नीचे लाया गया और उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।इस संबंध में सहसपुर थाने के उपनिरीक्षक नीरज त्यागी ने बताया कि 112 के माध्यम से सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई, जिससे सभी युवकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका।

रेस्क्यू किए गए युवक
अभिषेक चौहान (29), निवासी विकासनगर
हेमंत (26), प्रिंस (18), शिवम (18), अर्चित (18), सक्षम घई (23), मयंक राय (19), शिवाशु (18), उज्जवल (18) — सभी निवासी प्रेमनगर, देहरादून
हर्षित (16), निवासी प्रेमनगर, देहरादून

गौरतलब है कि मसूरी से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित भद्राज मंदिर भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलभद्र (बलराम) को समर्पित है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थल ट्रेकिंग प्रेमियों के बीच भी खासा लोकप्रिय है, हालांकि यहां ट्रेकिंग के दौरान सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
खड़ी टाटा मैजिक में गमछे से ढका मिला शव,गाड़ी भी कई जगह से टूटी
हादसे की आशंका

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोंटी कार्लो शोरूम के सामने खड़ी एक टाटा मैजिक गाड़ी में एक युवक लगभग (32) का शव बरामद हुआ है।यह घटना आज पूर्वान्ह लगभग 11.40 बजे सामने आई,जब स्थानीय लोगों ने गाड़ी हटाने के लिए ड्राइवर को बुलाने का प्रयास किया।उसी समय स्थानीय लोगो ने देखा कि अंदर एक व्यक्ति का शव गमछे से ढका हुआ पड़ा है,जिसकी सूचना लोगों ने डायल 112 व नगर कोतवाली पुलिस को दिया।घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस, क्षेत्राधिकारी सदर आनंद राय व प्रशिक्षु आईपीएस प्रदीप कुमार फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू किया।बताते चलें कि जिस टाटा मैजिक में शव मिला है वह कई  जगह से टूटी हुई है,जिससे किसी सड़क हादसे की आशंका जताई जा रही है तो वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या की आशंका जताई है।गाड़ी की नंबर प्लेट पर मिट्टी का लेप लगाकर उसे छिपाने का प्रयास किया गया था।सूत्रों की मानें तो इस टाटा मैजिक का उपयोग मवेशियों को लाने ले जाने में किया जाता था,क्योंकि इसके पिछले हिस्से में भारी मात्रा में पराली पड़ा हुआ था।नगर कोतवाली पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि उक्त गाड़ी यहां कब और कैसे पहुंची।फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस इसकी शिनाख्त का प्रयास कर रही है।जिस मिनी टाटा मैजिक में युवक का शव मिला है,वह बाराबंकी जिले की बताई जा रही है।इस संबंध में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि ने बताया कि स्थानीय लोगों ने सूचना दिया कि यहां पर एक टाटा मैजिक खड़ी हुई है तथा उसके अंदर एक युवक की व
लाश पड़ि हुई है।तत्काल उच्चाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच कर इसकी जांच की गई है।मौके पर फोरेंसिक और डाग स्क्वायड टीम को बुलाकर पूरे मामले की जांच की जा रही है।मृत युवक की पहचान नहीं हो पाई है और उसके पहचान के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है।
राँची: UPSC अभियंत्रण सेवा परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा लागू; परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध

राँची, 06 फरवरी 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 08 फरवरी 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए शहर के 03 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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धारा-163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची ने परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 08 फरवरी 2026 के प्रातः 06:30 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के दौरान मुख्य प्रतिबंध:

भीड़ पर रोक: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा (सरकारी कार्य और शवयात्रा को छोड़कर)।

हथियारों पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, बम, आदि) या हरवे-हथियार (लाठी, डंडा, भाला, आदि) लेकर चलने की मनाही है।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: परीक्षा केंद्रों के पास लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है।

सभा आयोजित करना: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों द्वारा विधि-व्यवस्था भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

अयोध्या स्टेट की जमीन हड़पने के लिए बताया वक्फ और मदरसे की जमीन
*राजा के फर्जी पत्र से स्टेट के पैरोकार को बताया गलत

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अयोध्या स्टेट की जमीन को हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है।इस मामले में फर्जी दस्तावेजों और पत्रों का इस्तेमाल कर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पूरे प्रकरण के विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रमेश पंडित नामक व्यक्ति ने राजा अयोध्या स्टेट विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के फर्जी लेटर पैड पर उनके अधिकृत पैरोकार नदीम को गलत बताते हुए एक फर्जी पत्र तैयार किया।यह पत्र अयोध्या स्टेट के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के नाम से बनाया गया था,जिसका उपयोग अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया गया।रमेश पंडित खुद को अयोध्या स्टेट का पैरोकार बताकर लगातार स्टेट की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा था।इसकी जानकारी मिलने पर अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने अपने पैरोकार नदीम के साथ मिलकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा और पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं।मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनके पैरोकार नदीम ने 12 जनवरी को एक प्रार्थना पत्र दिया था,जिसमें बताया गया था कि कुछ लोग खरगूपुर स्थित अयोध्या रियासत की जमीन पर कब्जा कर फर्जी तरीके से मांस मछली बेंच रहे हैं।जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।नदीम ने 21 जनवरी को दोबारा आवेदन दिया,जिसके बाद अधिकारियों ने जमीन खाली कराने का आदेश दिया।हालांकि जमीन हड़पने की नीयत से मोहम्मद नसीम,मोबीन और मुजीब खान ने रमेश पंडित के माध्यम से मदरसा फुरकानिया के नाम से फर्जी वक्फ कागज नायब तहसीलदार को दिए।पैरोकार नदीम द्वारा इन कागजों की जांच कराने पर पता चला कि रियासत के रिकॉर्ड में न तो कोई बैनामा है और न तो कोई लेनदेन दर्ज है,जिससे यह स्पष्ट हुआ कि रियासत की भूमि को हड़पने के उद्देश्य से कूट रचित दस्तावेज तैयार किया गया था।इन लोगों ने फर्जी पत्र नायब तहसीलदार व लेखपाल को भी सौंपा था।अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा द्वारा यह भी कहा गया कि मेरे द्वारा ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है,मेरा फर्जी हस्ताक्षर बना कर जमीन को हड़पने की नियत से तैयार किया गया है,ऐसे में इन लोगों के खिलाफ कठोर की जाए।कैलाश नाथ मिश्रा ने खरगूपुर की जितनी भी बाजार है,वह अयोध्या स्टेट की है और अब मेरे ही पैरोकार को गलत बताकर कोई रमेश पंडित नाम के व्यक्ति द्वारा कूटरचित अभिलेख देकर अधिकारियों को गुमराह किया गया है।उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर हमलोगों ने शिकायती पत्र दिया है और उस पर पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं।