वरिष्ठ उपनिरीक्षक की हार्ट अटैक से मौत, टहलते समय आया हार्ट अटैक,सड़क पर गिरे
*2015 में सिपाही से बने थे उपनिरीक्षक

गोंडा।जिले के धानेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव (48) का शुक्रवार को देवरिया स्थित उनके पैतृक घर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया है।वह एक अप्रैल को पांच दिन की छुट्टी लेकर अपने घर करमुआ थाना भाटपार रानी,देवरिया गये हुए थे।शुक्रवार सुबह वह अपने घर पर टहल रहे थे कि तभी अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे सड़क पर गिर गए।परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार,देवरिया ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सत्येंद्र कुमार यादव का अभी हाल ही में कटरा बाजार थाने से धानेपुर थाने में तबादला हुआ था और वे 2015 बैच के उपनिरीक्षक थे।इससे पहले उन्होंने सिपाही के रूप में अपनी सेवा दिया था और अपनी मेहनत से पदोन्नति प्राप्त किया था।सत्येंद्र कुमार यादव के निधन की सूचना मिलते ही धानेपुर थाने में शोक का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सभी पुलिसकर्मियों के साथ शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया है तथा उन्होंने मृतक उपनिरीक्षक के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सत्येंद्र कुमार यादव को एक मेहनती और अच्छे व्यक्ति के रूप में याद किया।उन्होंने कहा कि हमने अपने साथी सत्येंद्र कुमार यादव को श्रद्धांजलि दिया है।हमारे पूरे थाने की पुलिस फोर्स मृतक उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव के परिजनों के साथ खड़ी है।उन्होंने कहा कि हम लोगों को नहीं पता था कि छुट्टी लेकर घर के काम से जाएंगे और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो जाएगी।उनको कोई बीमारी भी नहीं थी,स्वस्थ थे।उनको थाने में कभी भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है।
राघव के जवाब पर 'आप' का पलटवार, सौरभ भारद्वाज से लेकर अनुराग ढांडा ने घेरा

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राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद सांसद राघव चड्ढा ने इस पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करके कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। राघव चड्ढा ने कहा, 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।' यही नहीं उन्होंने इस मैसेज के साथ आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगा दिए। राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से पलटवार किया गया है।

अनुराग ढांडा ने भी राघव चड्ढा को घेरा

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, 'हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?'

मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो- ढांडा

ढांडा ने आरोप लगाया कि संसद में सीमित समय मिलने के बावजूद राघव चड्ढा गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।’ उन्होंने कहा कि गुजरात में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर वोट के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने चड्ढा को घेरा। ढांडा के मुताबिक, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर साइन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी चड्ढा सदन में बैठे रहे। अपने पोस्ट के आखिर में अनुराग ढांडा ने सीधे शब्दों में लिखा, ‘पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो….’

सौरभ भारद्वाज ने कहा- ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी

आम आदमी पार्टी के दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि राघव भाई अभी आपका वीडियो देखा। हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने एक ही बात सीखी थी जो डर गया समझो मर गया। हम सबको तो लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंख में आंख डालकर। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा जो भी कोई गंभीर मुद्दे उठाता और सरकार से सवाल पूछता है तो सरकार उस पर डिक्टेटर की तरह उनको तमाम सोशल मीडिया पर बैन करती है। सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कोई सॉफ्ट पीआर अपनी संसद में करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी का बड़ा ही सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों की बात उठाए। पूरे देश में हमने देखा हर राज्य में सही लोगों के वोट काटे जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार बेईमानी के साथ कब्जा करने पर जुटी है। पश्चिम बंगाल का मामला इसमें अहम है। पिछले कई अरसे से मैंने देखा कि आपने कोई ऐसा मुद्दा सदन में नहीं उठाया, जिसमें आपने सरकार से सवाल किए हों। ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी।

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

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भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

बलरामपुर महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 3 से 5 अप्रैल तक      
           
                                
पालिका अध्यक्ष डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने कार्यक्रमों में शामिल होने का किया आग्रह                      
                                  
बलरामपुर। जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए “विरासत,संस्कृति और विकास का भव्य समागम” थीम पर बलरामपुर महोत्सव 2026 का आयोजन 3,4 एवं 5 अप्रैल को बड़ा परेड ग्राउंड में किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित इस महोत्सव में आमजन को सपरिवार शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक होगा,जिसमें विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी।
प्रथम दिवस 3 अप्रैल को भव्य शुभारंभ के साथ मालविका हरिओम और हेमंत बृजवासी की प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही कथक आधारित रामायण नृत्य नाटिका एवं तृप्ति शाक्या द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
द्वितीय दिवस 4 अप्रैल को अल्ताफ राजा की बॉलीवुड नाइट मुख्य आकर्षण रहेगी। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कवियों की सहभागिता के साथ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
तृतीय दिवस 5 अप्रैल को कल्पना पटवारी की भोजपुरी नाइट दर्शकों को आकर्षित करेगी,वहीं कुलदीप चौहान और जतिन निगम भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बुक फेयर,विज्ञान प्रदर्शनी,आतिशबाजी शो,लकी ड्रा,पपेट शो,स्काई लालटेन शो,बच्चों के झूले एवं विभिन्न व्यंजनों के फूड स्टॉल्स जैसे आकर्षण भी मौजूद रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस भव्य आयोजन में सहभागिता कर जनपद की संस्कृति और विकास के इस उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को मशाल जुलूस,9 अप्रैल को झारखंड बंद को लिया वापस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू आज देर शाम नई दिल्ली से रांची पहुंचते ही प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के मीडिया को संबोधित किया।

श्री साहू ने विष्णुगढ़ कुसुंबा में बेटी की निर्मम हत्या को लेकर पार्टी द्वारा घोषित 3 अप्रैल के मशाल जुलूस और 9 अप्रैल की झारखंड बंदी को वायस लेने की घोषणा की।

उन्होंने राज्य सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के प्रचंड दबाव के बाद कुसुंबा की बेटी की निर्मम हत्या का उद्भेदन हुआ है,लेकिन आगे इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बलि देने संबंधी बातों की सच्चाई सामने आए। बलि पत्थर से मारकर नहीं दी जाती है। पुलिस ने जो बातें बताई है उसकी और छानबीन की जरूरत है, पोक्सो एक्ट आदि के उल्लंघन संबंधी बातें भी उजागर हो।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार भीम राम कभी भी किसी स्तर का भाजपा कार्यकर्ता नहीं रहा।मीडिया में सत्ता पक्ष के दबाव में भ्रामक खबरें चलाई जा रही है।

कहा कि भाजपा ही जिसके स्वयं प्रदेश अध्यक्ष सहित सांसद विधायकगण,,जिलाध्यक्ष रामनवमी जुलूस त्यौहार के बीच घटना स्थल गए, हजारीबाग बंद और आंदोलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर दबाव का परिणाम है हत्या के षडयंत्र का उद्भेदन ,गिरफ्तारी।

कहा कि आज जो सड़कों पर झंडा लेकर कांग्रेस झामुमो के लोग नाच रहे,अनर्गल बयानबाजी कर रहे वे 8 दिन तक किस बिल में छुपे थे।क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,विधायक कल्पना सोरेन ने कोई ट्वीट तक नहीं किया। क्यों नहीं घटना स्थल गए।

कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार लूट,हत्या दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। अब तो हिंदू पर्व त्योहारों में पत्थरबाजी ,अड़ंगा आम बात हो गई है।ये सब सरकार के तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कहा कि राज्य सरकार चेते,विधि व्यवस्था को ठीक करे, पुलिस प्रशासन को बालू कोयला पत्थर चोरों से वसूली कराना बंद करे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चेतावनी देती है कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में फिर कोई बेटी की इज्जत नहीं लूटी जाए, हत्या नहीं हो, खनिज बालू पत्थर की लूट बंद हो नहीं तो भाजपा कार्यकर्ता झारखंड को ठप करेंगे, सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

विष्णुगढ़ कांड ने खोला भाजपा का राज: झामुमो का आरोप—साजिश और नफरत की राजनीति कर रही भाजपा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाली हजारीबाग के विष्णुगढ़ की मासूम 13 वर्षीय बच्ची की नरबलि की घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना न केवल अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को भी उजागर करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है।

परंतु इस संवेदनशील और दुखद घटना को लेकर जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति करने की कोशिश की, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। भाजपा ने इस मामले को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग देने की साजिश रची, ताकि राज्य में अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। अब जब जांच में सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस जघन्य अपराध का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति भीम राम है, जो पार्टी का बूथ अध्यक्ष और एससी-एसटी प्रकोष्ठ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यह वही लोग हैं जो जनता को गुमराह कर राज्य में मशाल जुलूस और बंद का आह्वान कर रहे थे। आज जब सच्चाई सामने आ गई है, भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे झारखंड की जनता से माफी कब मांगेंगे।

झामुमो यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। यह पार्टी हर बार समाज में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोलकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश करती है। इनके पास न विकास का विजन है, न समाज को जोड़ने की सोच। इनका एकमात्र एजेंडा है – नफरत फैलाओ और सत्ता पाओ।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा की इन साजिशों को भलीभांति समझ चुकी है। आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा – हर वर्ग भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से वाकिफ है। राज्य की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ की यह घटना अत्यंत दुखद है, लेकिन उससे भी अधिक खतरनाक है उसका राजनीतिक दुरुपयोग। भाजपा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैलाने, भ्रम पैदा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। यह उनकी निम्न मानसिकता और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का प्रमाण है। राज्य सरकार ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों, जिनमें बच्ची की मां और कथित तांत्रिक शामिल हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

झामुमो भाजपा से पूछता है – क्या अब वे अपने द्वारा घोषित झारखंड बंद को वापस लेंगे? क्या वे अपनी गलती स्वीकार करेंगे? या फिर हमेशा की तरह सच्चाई सामने आने के बाद भी चुप्पी साध लेंगे?

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीति बंद करे और आत्ममंथन करे। हर बार अपराधियों के साथ खड़े होकर और बाद में उसे संयोग बताकर पल्ला झाड़ लेना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। लेकिन जनता सब देख रही है, ये देख रही है कि मुख्य आरोपी भीम राम की तस्वीर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ वायरल है। भीम राम ने अपराध के साथ पुलिस की जांच को भटकाने का भी काम किया है। वह भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में था तो क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि उसने अपने आकाओं के इशारे पर यह काम नहीं किया ?

झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि वह इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सौहार्द और विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित


“मानस इंटरनेशनल से फैल रहा है ज्ञान का प्रकाश” – डॉ. अरुण

“अभिभावक-विद्यालय समन्वय से ही बच्चों का समग्र विकास” – निशांत रंजन

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के तत्वावधान में संचालित सभी शाखाओं—मानस इंटरनेशनल दक्षिणी, कोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप (अनुमंडल कार्यालय के सामने), मखदुमपुर एवं हुलासगंज—में शैक्षणिक सत्र 2025–26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम गरिमामय एवं प्रेरणादायक माहौल में घोषित किया गया। इस अवसर पर पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) का भी सफल आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, कला एवं खेल के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में विद्यालय के छात्रों ने जिले में शीर्ष दो स्थान प्राप्त किए, जो संस्थान की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को जिम्मेदारी के रूप में लेकर आगे और बेहतर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डॉ. सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 को नई शुरुआत बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, गतिविधि आधारित अध्ययन, संवादात्मक कक्षाएं, व्यक्तित्व विकास एवं करियर मार्गदर्शन को और सशक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए सत्र में नियमित फीडबैक, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पलक सिन्हा, रोशनी कुमारी, पुष्कर कुमार, सिया कुमारी, तनु कुमारी, रोहित कुमार, कुमरूस आलम, आकांक्षा प्रिया, तान्या कुमारी, आयुष रंजन, आराध्या कुमारी, आस्था कुमारी, अनुराग शर्मा, काजल कुमारी, केशव राज, कार्तिक राज एवं निधि कुमारी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं अनुशासन की सराहना की। साथ ही शिक्षकगण—रणधीर कुमार, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, मनीष कुमार, विनीत कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार, रवि रंजन कुमार, सुधा कुमारी एवं सुजीत कुमार—की भूमिका की भी सराहना की गई। कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि नया शैक्षणिक सत्र 2026–27, 4 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा तथा नामांकन प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ें, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक की हार्ट अटैक से मौत, टहलते समय आया हार्ट अटैक,सड़क पर गिरे
*2015 में सिपाही से बने थे उपनिरीक्षक

गोंडा।जिले के धानेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव (48) का शुक्रवार को देवरिया स्थित उनके पैतृक घर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया है।वह एक अप्रैल को पांच दिन की छुट्टी लेकर अपने घर करमुआ थाना भाटपार रानी,देवरिया गये हुए थे।शुक्रवार सुबह वह अपने घर पर टहल रहे थे कि तभी अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे सड़क पर गिर गए।परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार,देवरिया ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सत्येंद्र कुमार यादव का अभी हाल ही में कटरा बाजार थाने से धानेपुर थाने में तबादला हुआ था और वे 2015 बैच के उपनिरीक्षक थे।इससे पहले उन्होंने सिपाही के रूप में अपनी सेवा दिया था और अपनी मेहनत से पदोन्नति प्राप्त किया था।सत्येंद्र कुमार यादव के निधन की सूचना मिलते ही धानेपुर थाने में शोक का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सभी पुलिसकर्मियों के साथ शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया है तथा उन्होंने मृतक उपनिरीक्षक के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सत्येंद्र कुमार यादव को एक मेहनती और अच्छे व्यक्ति के रूप में याद किया।उन्होंने कहा कि हमने अपने साथी सत्येंद्र कुमार यादव को श्रद्धांजलि दिया है।हमारे पूरे थाने की पुलिस फोर्स मृतक उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव के परिजनों के साथ खड़ी है।उन्होंने कहा कि हम लोगों को नहीं पता था कि छुट्टी लेकर घर के काम से जाएंगे और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो जाएगी।उनको कोई बीमारी भी नहीं थी,स्वस्थ थे।उनको थाने में कभी भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है।
राघव के जवाब पर 'आप' का पलटवार, सौरभ भारद्वाज से लेकर अनुराग ढांडा ने घेरा

#aapfirstreactiontoraghavchadhanolongerkejriwals_soldier

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद सांसद राघव चड्ढा ने इस पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करके कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। राघव चड्ढा ने कहा, 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।' यही नहीं उन्होंने इस मैसेज के साथ आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगा दिए। राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से पलटवार किया गया है।

अनुराग ढांडा ने भी राघव चड्ढा को घेरा

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, 'हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?'

मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो- ढांडा

ढांडा ने आरोप लगाया कि संसद में सीमित समय मिलने के बावजूद राघव चड्ढा गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।’ उन्होंने कहा कि गुजरात में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर वोट के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने चड्ढा को घेरा। ढांडा के मुताबिक, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर साइन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी चड्ढा सदन में बैठे रहे। अपने पोस्ट के आखिर में अनुराग ढांडा ने सीधे शब्दों में लिखा, ‘पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो….’

सौरभ भारद्वाज ने कहा- ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी

आम आदमी पार्टी के दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि राघव भाई अभी आपका वीडियो देखा। हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने एक ही बात सीखी थी जो डर गया समझो मर गया। हम सबको तो लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंख में आंख डालकर। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा जो भी कोई गंभीर मुद्दे उठाता और सरकार से सवाल पूछता है तो सरकार उस पर डिक्टेटर की तरह उनको तमाम सोशल मीडिया पर बैन करती है। सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कोई सॉफ्ट पीआर अपनी संसद में करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी का बड़ा ही सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों की बात उठाए। पूरे देश में हमने देखा हर राज्य में सही लोगों के वोट काटे जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार बेईमानी के साथ कब्जा करने पर जुटी है। पश्चिम बंगाल का मामला इसमें अहम है। पिछले कई अरसे से मैंने देखा कि आपने कोई ऐसा मुद्दा सदन में नहीं उठाया, जिसमें आपने सरकार से सवाल किए हों। ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी।

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

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भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

बलरामपुर महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 3 से 5 अप्रैल तक      
           
                                
पालिका अध्यक्ष डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने कार्यक्रमों में शामिल होने का किया आग्रह                      
                                  
बलरामपुर। जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए “विरासत,संस्कृति और विकास का भव्य समागम” थीम पर बलरामपुर महोत्सव 2026 का आयोजन 3,4 एवं 5 अप्रैल को बड़ा परेड ग्राउंड में किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित इस महोत्सव में आमजन को सपरिवार शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक होगा,जिसमें विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी।
प्रथम दिवस 3 अप्रैल को भव्य शुभारंभ के साथ मालविका हरिओम और हेमंत बृजवासी की प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही कथक आधारित रामायण नृत्य नाटिका एवं तृप्ति शाक्या द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
द्वितीय दिवस 4 अप्रैल को अल्ताफ राजा की बॉलीवुड नाइट मुख्य आकर्षण रहेगी। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कवियों की सहभागिता के साथ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
तृतीय दिवस 5 अप्रैल को कल्पना पटवारी की भोजपुरी नाइट दर्शकों को आकर्षित करेगी,वहीं कुलदीप चौहान और जतिन निगम भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बुक फेयर,विज्ञान प्रदर्शनी,आतिशबाजी शो,लकी ड्रा,पपेट शो,स्काई लालटेन शो,बच्चों के झूले एवं विभिन्न व्यंजनों के फूड स्टॉल्स जैसे आकर्षण भी मौजूद रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस भव्य आयोजन में सहभागिता कर जनपद की संस्कृति और विकास के इस उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को मशाल जुलूस,9 अप्रैल को झारखंड बंद को लिया वापस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू आज देर शाम नई दिल्ली से रांची पहुंचते ही प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के मीडिया को संबोधित किया।

श्री साहू ने विष्णुगढ़ कुसुंबा में बेटी की निर्मम हत्या को लेकर पार्टी द्वारा घोषित 3 अप्रैल के मशाल जुलूस और 9 अप्रैल की झारखंड बंदी को वायस लेने की घोषणा की।

उन्होंने राज्य सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के प्रचंड दबाव के बाद कुसुंबा की बेटी की निर्मम हत्या का उद्भेदन हुआ है,लेकिन आगे इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बलि देने संबंधी बातों की सच्चाई सामने आए। बलि पत्थर से मारकर नहीं दी जाती है। पुलिस ने जो बातें बताई है उसकी और छानबीन की जरूरत है, पोक्सो एक्ट आदि के उल्लंघन संबंधी बातें भी उजागर हो।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार भीम राम कभी भी किसी स्तर का भाजपा कार्यकर्ता नहीं रहा।मीडिया में सत्ता पक्ष के दबाव में भ्रामक खबरें चलाई जा रही है।

कहा कि भाजपा ही जिसके स्वयं प्रदेश अध्यक्ष सहित सांसद विधायकगण,,जिलाध्यक्ष रामनवमी जुलूस त्यौहार के बीच घटना स्थल गए, हजारीबाग बंद और आंदोलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर दबाव का परिणाम है हत्या के षडयंत्र का उद्भेदन ,गिरफ्तारी।

कहा कि आज जो सड़कों पर झंडा लेकर कांग्रेस झामुमो के लोग नाच रहे,अनर्गल बयानबाजी कर रहे वे 8 दिन तक किस बिल में छुपे थे।क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,विधायक कल्पना सोरेन ने कोई ट्वीट तक नहीं किया। क्यों नहीं घटना स्थल गए।

कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार लूट,हत्या दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। अब तो हिंदू पर्व त्योहारों में पत्थरबाजी ,अड़ंगा आम बात हो गई है।ये सब सरकार के तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कहा कि राज्य सरकार चेते,विधि व्यवस्था को ठीक करे, पुलिस प्रशासन को बालू कोयला पत्थर चोरों से वसूली कराना बंद करे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चेतावनी देती है कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में फिर कोई बेटी की इज्जत नहीं लूटी जाए, हत्या नहीं हो, खनिज बालू पत्थर की लूट बंद हो नहीं तो भाजपा कार्यकर्ता झारखंड को ठप करेंगे, सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

विष्णुगढ़ कांड ने खोला भाजपा का राज: झामुमो का आरोप—साजिश और नफरत की राजनीति कर रही भाजपा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाली हजारीबाग के विष्णुगढ़ की मासूम 13 वर्षीय बच्ची की नरबलि की घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना न केवल अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को भी उजागर करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है।

परंतु इस संवेदनशील और दुखद घटना को लेकर जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति करने की कोशिश की, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। भाजपा ने इस मामले को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग देने की साजिश रची, ताकि राज्य में अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। अब जब जांच में सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस जघन्य अपराध का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति भीम राम है, जो पार्टी का बूथ अध्यक्ष और एससी-एसटी प्रकोष्ठ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यह वही लोग हैं जो जनता को गुमराह कर राज्य में मशाल जुलूस और बंद का आह्वान कर रहे थे। आज जब सच्चाई सामने आ गई है, भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे झारखंड की जनता से माफी कब मांगेंगे।

झामुमो यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। यह पार्टी हर बार समाज में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोलकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश करती है। इनके पास न विकास का विजन है, न समाज को जोड़ने की सोच। इनका एकमात्र एजेंडा है – नफरत फैलाओ और सत्ता पाओ।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा की इन साजिशों को भलीभांति समझ चुकी है। आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा – हर वर्ग भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से वाकिफ है। राज्य की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ की यह घटना अत्यंत दुखद है, लेकिन उससे भी अधिक खतरनाक है उसका राजनीतिक दुरुपयोग। भाजपा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैलाने, भ्रम पैदा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। यह उनकी निम्न मानसिकता और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का प्रमाण है। राज्य सरकार ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों, जिनमें बच्ची की मां और कथित तांत्रिक शामिल हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

झामुमो भाजपा से पूछता है – क्या अब वे अपने द्वारा घोषित झारखंड बंद को वापस लेंगे? क्या वे अपनी गलती स्वीकार करेंगे? या फिर हमेशा की तरह सच्चाई सामने आने के बाद भी चुप्पी साध लेंगे?

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीति बंद करे और आत्ममंथन करे। हर बार अपराधियों के साथ खड़े होकर और बाद में उसे संयोग बताकर पल्ला झाड़ लेना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। लेकिन जनता सब देख रही है, ये देख रही है कि मुख्य आरोपी भीम राम की तस्वीर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ वायरल है। भीम राम ने अपराध के साथ पुलिस की जांच को भटकाने का भी काम किया है। वह भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में था तो क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि उसने अपने आकाओं के इशारे पर यह काम नहीं किया ?

झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि वह इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सौहार्द और विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित


“मानस इंटरनेशनल से फैल रहा है ज्ञान का प्रकाश” – डॉ. अरुण

“अभिभावक-विद्यालय समन्वय से ही बच्चों का समग्र विकास” – निशांत रंजन

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के तत्वावधान में संचालित सभी शाखाओं—मानस इंटरनेशनल दक्षिणी, कोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप (अनुमंडल कार्यालय के सामने), मखदुमपुर एवं हुलासगंज—में शैक्षणिक सत्र 2025–26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम गरिमामय एवं प्रेरणादायक माहौल में घोषित किया गया। इस अवसर पर पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) का भी सफल आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, कला एवं खेल के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में विद्यालय के छात्रों ने जिले में शीर्ष दो स्थान प्राप्त किए, जो संस्थान की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को जिम्मेदारी के रूप में लेकर आगे और बेहतर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डॉ. सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 को नई शुरुआत बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, गतिविधि आधारित अध्ययन, संवादात्मक कक्षाएं, व्यक्तित्व विकास एवं करियर मार्गदर्शन को और सशक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए सत्र में नियमित फीडबैक, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पलक सिन्हा, रोशनी कुमारी, पुष्कर कुमार, सिया कुमारी, तनु कुमारी, रोहित कुमार, कुमरूस आलम, आकांक्षा प्रिया, तान्या कुमारी, आयुष रंजन, आराध्या कुमारी, आस्था कुमारी, अनुराग शर्मा, काजल कुमारी, केशव राज, कार्तिक राज एवं निधि कुमारी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं अनुशासन की सराहना की। साथ ही शिक्षकगण—रणधीर कुमार, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, मनीष कुमार, विनीत कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार, रवि रंजन कुमार, सुधा कुमारी एवं सुजीत कुमार—की भूमिका की भी सराहना की गई। कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि नया शैक्षणिक सत्र 2026–27, 4 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा तथा नामांकन प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ें, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।