अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी .
रितेश मिश्रा
हरदोई। आगामी अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनसामान्य से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। जारी अपील में कहा गया है कि बाल विवाह के कारण बेटियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसे रोकने के लिए सभी संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और समाज सेवकों से सहयोग मांगा गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर 181, 1098 और 112 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। इसके अलावा सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई, न्यू सिविल लाइन कॉलोनाइज्ड, सीडीओ आवास के पास, हरदोई में भी सूचना दी जा सकती है। प्रेस नोट में बताया गया है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने वालों में पंडित, मौलवी, टेंट, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और सहयोगी भी दोषी माने जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

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महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।

लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) की पुनर्परीक्षा 6 जनपदों में शांतिपूर्ण ढंग से शुरू

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) के 09 विषयों—Asian Culture, Music Tabla, Physical Education, Urdu, English, Sociology, Chemistry, Education एवं Zoology—की लिखित पुनर्परीक्षा आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 को प्रथम पाली में प्रातः 09:30 बजे से सफलतापूर्वक प्रारम्भ हो गई।

यह परीक्षा प्रदेश के 6 जनपदों—आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर एवं वाराणसी—के कुल 48 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जा रही है। सभी केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।

आयोग द्वारा स्थापित Integrated Control Command Room के माध्यम से सभी परीक्षा केन्द्रों की सतत निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

मुठभेड़ में घायल कर पुलिस ने दो बदमाशों सहित आठ अंतर्जनपदीय बदमाशों को किया गिरफ्तार
तेल चुराने के उपकरण, विद्युत तार,नगदी, एक कार और तमंचे बरामद

रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर से तेल चोरी और विद्युत तार चोरी की घटनाओं में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शुक्रवार की रात मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक कार, नगदी और तमंचे बरामद किये हैँ। प्राप्त विवरण में 01 अप्रैल को अस्लम खान पुत्र मो० इनुश चौकीदार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौसार द्वारा थाना अरवल पर तहरीर दि गयी कि 31 मार्च को अज्ञात चोरों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर मे लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया गया है।1 फरवरी को अमन गुप्ता अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र सांडी रोड ग्रामीण द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत ग्राम उमरौला में पोखरी रोड पर 250 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा कपर क्वाइल चोरी कर लिया गया है।4 फ़रवरी को अभिषेक यादव अवर अभियंता 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र आशा नगर द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दि गयी कि 3 फ़रवरी को चांदमारी स्थित 400 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल चोरी कर लिया गया।26 मार्च को अमन सक्सेना अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र मन्नापुरवा दवारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि 25 मार्च को ग्राम खेतई स्थित 250 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल, कोर बाइण्डिंग व बुशिंग रॉड चोरी कर ली गयी है।चोरी के चारो मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
     पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा उक्त घटनाओं के सफल अनावरण हेतु पुलिस टीमों का गठन कर लगाया गया ।
         एसपी द्वारा गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों से पूछताछ व सर्विलांस आदि की सहायता से उपरोक्त घटना से सम्बन्धित प्रकाश में आये अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निरन्तर प्रयास किया। इसी दौरान 17 अप्रैल की रात्रि को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि उपरोक्त चोरी की घटना से संबंधित अभियुक्तगण थाना अरवल क्षेत्रान्तर्गत हरपालपुर चौसार रोड पर पिलिया गटवासा गांव के पास ट्रांसफार्मर से तेल चोरी करने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पर थाना प्रभारी अरवल अनिल सिंह और स्वाट/सर्विलांस के प्रभारी राजेश यादव और अब्दुल जब्बार द्वारा ग्राम पिलिया गटवासा में ट्रांसफार्मर के निकट चोरो की गिरफ्तारी का जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने तेल चुराने आये चोरों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ फायरिंग की गयी, जिसमे सत्येन्द्र पुत्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद और गजेन्द्र पत्र इनाम सिंह निवासी ग्राम नगला कटीक थाना पटियाली जनपद कासगंज गोली लगने से घायल हो गये तथा पुलिस टीम द्वारा प्रवेश पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,सुरेन्द्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,अनूप पुत्र स्लेटी सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,मुनेन्द्र पुत्र भैय्यालाल निवसी ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर,रोहित पुत्र देव कुमार ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर और अजय पुत्र सत्यवान ग्राम अजत्पुर थाना हरपालपुर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया।
     पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 49,000/- रुपये नगदी, एक अदद कार, 03 अदद बंडल कॉपर, 50लीटर तेल (टांसफार्मर का), ट्रांसफार्मर खोलने के उपकरण, 02 तमंचे 315 बोर, 04 जिंदा कारतूस एवं 02 खोखा कारतूस बरामद किये गए। पुलिस टीम द्वारा घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण, कानून व्यवस्था, आदिवासी हित और विकास परियोजनाओं पर सरकार को घेरा

 

भोपाल। आज भोपाल निवास पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए तथा कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • महिला आरक्षण 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, और इस दिशा में श्रीमती सोनिया गांधी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हम महिला सशक्तिकरण के विरोधी नहीं, बल्कि उसके सच्चे समर्थक हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण के नाम पर पर्दे के पीछे जनगणना और परिसीमन को क्यों जोड़ रही है? क्या यह राजनीतिक रणनीति है या वास्तविक सशक्तिकरण का प्रयास?

श्री सिंघार ने आगे कहा कि देश की 50% से अधिक महिलाएं और लगभग 55% ओबीसी वर्ग से आती हैं क्या उनके लिए इस आरक्षण में स्पष्ट प्रावधान है? सरकार को यह साफ करना चाहिए कि किन वर्गों की महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा। यदि सरकार की मंशा ईमानदार है, तो महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए, बिना किसी शर्त के। सीटों की संख्या, परिसीमन और जनगणना के नाम पर इसे टालना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और ठोस निर्णयों से सुनिश्चित होता है।

  • कानून की धज्जियां उड़ाते भाजपा नेता और उनके परिजन 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां भाजपा के जनप्रतिनिधियों के परिजन कानून को चुनौती देते नजर आते हैं। पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल पद तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपने परिवार को भी संस्कार और मर्यादा का उदाहरण देना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जब सत्ता का प्रभाव इस तरह दुरुपयोग में बदल जाए, तो यह सरकार की कार्यशैली और कानून के प्रति उसके रवैये पर सवाल खड़े करता है। मेरा मानना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और नैतिक आधार पर संबंधित जनप्रतिनिधियों को स्वयं आगे आकर जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।

  • आदिवासी समाज पर राज्यपाल महोदय की चिंता 

श्री सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज की पीड़ा पर राज्यपाल महोदय की चिंता स्वागतयोग्य है, वे स्वयं आदिवासी कार्यमंत्रणा परिषद के अध्यक्ष हैं। राज्यपाल महोदय द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई सलाह पर क्या वास्तव में अमल होगा? आवश्यकता इस बात की है कि केवल सलाह नहीं, बल्कि ठोस समीक्षा और प्रभावी कार्यवाही हो। उन्होंने कहा आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए स्पष्ट नीति, संवेदनशील दृष्टिकोण और मजबूत क्रियान्वयन जरूरी है, सिर्फ घोषणाएं नहीं।

  • केन-बेतवा परियोजना आंदोलन 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना जैसी किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य केवल ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बेहतर बनाना होना चाहिए। लेकिन अक्सर इन परियोजनाओं के साथ कई परिवार उजड़ जाते हैं क्या उनके अधिकार सुरक्षित हैं? क्या उन्हें पूर्ण और न्यायसंगत मुआवजा मिल रहा है?

उन्होंने आगे कहा कि सरकार कागजों पर योजनाएं बना लेती है, लेकिन जब वे धरातल पर लागू होती हैं, तो ग्रामीण, आदिवासी और दलित समाज सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। जरूरी है कि किसी भी परियोजना से पहले प्रभावित परिवारों से संवाद किया जाए, उनकी सहमति ली जाए और उनके पुनर्वास व मुआवजे को प्राथमिकता दी जाए। विकास तभी सार्थक है, जब वह न्यायपूर्ण और समावेशी हो।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रवीन्द्र भवन में संपन्न

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन एवं स्थान ग्रहण के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथिगण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का सूत की माला से स्वागत किया गया।

सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका, उनके कार्य एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. संजय कामले द्वारा आगामी “जनसंवाद सम्मेलनों” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी द्वारा प्रदेश स्तरीय ब्लॉक “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य किसी पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है और इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी।

 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे और 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।

- संगठन विस्तार एवं जनसंवाद को प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा 

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि पार्टी में एक प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग लिया जाएगा। यह राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ही संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहकर कार्यकर्ताओं के सामूहिक योगदान से सशक्त बनेगी और आमजन के साथ सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

श्री चौधरी ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मंडल, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर संगठन का सुदृढ़ गठन सुनिश्चित करें तथा गांव-गांव जाकर इकाइयों एवं बीएलए-2 का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आकलन करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, जबकि ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का आकलन भी आगामी छह माह में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त एवं श्रीमती उषा नायडू, रणविजय लोचन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं गोविंद सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीईसी सदस्य ओमकार मरकाम एवं cwc सदस्य कमलेश्वर पटेल , विधायक आरिफ मसूद, एवं आतिफ अकील पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, फुंदेलाल मार्को, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित समस्त विधायकगण,जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ एवं विभागों के अध्यक्षगण तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

आजमगढ़: सरायमीर थाने में एंटी करप्शनटीम की बड़ी कार्रवाई: ₹20,000/- रिश्वत लेते उपनिरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
आजमगढ़ ।दिनांक 17 अप्रैल को एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ इकाई द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना सरायमीर में तैनात उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह को ₹20,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया । शिकायतकर्ता अवनीश कुमार राय निवासी ग्राम गंगापुर थाना बिलरियागंज जनपद आजमगढ़ द्वारा शिकायत की गई थी कि अभियुक्त उपनिरीक्षक द्वारा मुकदमे से नाम निकालने के एवज में ₹20,000/- की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के उपरांत एंटी करप्शन टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अभियुक्त को थाना सरायमीर के दक्षिणी गेट के सामने सड़क किनारे शिकायतकर्ता से रिश्वत की धनराशि लेते समय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी धनराशि बरामद हुई, जिससे अभियुक्त का अपराध प्रथम दृष्टया सिद्ध हुआ। गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित (ट्रैप टीम प्रभारी), एंटी करप्शन , निरीक्षक आनंद कुमार वर्मा, निरीक्षक कमलेश कुमार पासवान, उ0नि0 मुर्ताजिर हुसैन खान सहित एंटी करप्शन टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
नारी शक्ति वंदन से महिलाओं की सहभागिता के मिलेगा लाभ
फर्रुखाबाद l नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट महिला वक्ताओं ने सहभागिता करते हुए अधिनियम के प्रावधानों, महत्व एवं महिलाओं के सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस दौरान  एन0ए0के0पी0 डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद डॉक्टर शशी किरण ने अधिनियम को महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, डॉ सुनीता यादव ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज के समग्र स्वास्थ्य एवं विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही। अधिवक्ता उमा मिश्रा ने अधिनियम के विधिक पहलुओं की जानकारी देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। पर्यावरणविद गुंजा जैन ने महिलाओं की भागीदारी को सतत विकास से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
स्वयं सहायता समूह की गुंजन एवं नम्रता , एफ0पी0ओ0 पूनम पाल ने ग्रामीण एवं आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाएगा।
प्रेसवार्ता के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा l साथ ही देश के समग्र विकास में उनकी भागीदारी को और सुदृढ़ करेगा।
इस मौके पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी,जिला विकास अधिकारी व संवंधित मौजूद रहे।
शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा, अंबेडकर सम्मान समारोह के दौरान पूर्व मंत्री ने कहीं बात
फर्रुखाबाद l शुक्रवार को अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दहेलिया के अमृत सरोवर के पास स्थित भैरव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमृतपुर विधानसभा का डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता सलेमपुर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत ने की। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम जिला मंत्री पंकज पाल जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर एक सामान्य पुरुष नहीं बल्कि महामानव थे उन्होंने गरीब पिछड़े दलित वंचित और शोषित वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय संविधान की रचना की उन्होंने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा। शिक्षा व्यक्ति को कितने ऊंचे स्तर पर ले जा सकती है यह डॉ अंबेडकर ने साबित कर दिया उनका उद्देश्य था समाज के प्रत्येक गरीब वर्ग को अच्छी शिक्षा मिले। एक लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था वह कांग्रेस ने नहीं दिया बल्कि वह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। उनसे जुड़े हुए स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में स्थापित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा को आत्मसात करके भारत के गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। सपा और कांग्रेस संविधान की प्रक्रिया लेकर गली-गली घूम रहे थे लेकिन उनकी सरकारों में सबसे ज्यादा दलित समाज का उत्पीड़न किया गया डॉ साहब को भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस और सपा डॉक्टर अंबेडकर के नाम पर राजनीति करती है लेकिन उनके विचारों से कोई सीख नहीं लेती भाजपा सरकार अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर भारत को समृद्ध और शिक्षित कर रही है। भाजपा ने डॉक्टर अंबेडकर के सम्मान के लिए सम्मान अभियान कार्यक्रम चलाया है। सपा के लोग पीडीए के नाम पर दलित समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सपा जब-जब सत्ता में आती है तब-तब दलित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर हमले होते हैं। डॉ आंबेडकर एक वर्ग के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता थे उन्होंने संविधान देकर सभी को न्याय देने की व्यवस्था सुनिश्चित की। केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक महिलाओं को अधिकार दिलाने वाला है जो डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है कांग्रेस सपा जैसे राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं वह महिलाओं को 33% आरक्षण के पक्ष में नहीं है। 2027 के चुनाव में महिलाओं को शक्ति देने वाले बिल का विरोध करने वाले लोगों को जवाब मिलेगा। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर के विचार सामाजिक समानता शिक्षा न्याय और स्वतंत्रता पर आधारित है उन्होंने जाति व्यवस्था छुआछूत और महिलाओं के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया तथा संवैधानिक अधिकारों बंधुत्व और शिक्षा के माध्यम से दलित व वंचितों वर्ग के उत्थान पर जोर दिया था उनका मुख्य उद्देश्य था शिक्षित बनो संगठित बनो और संघर्ष करो भाजपा सरकार उनके विचारों को लेकर आगे बढ़ रही है। जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम ने कहा डॉ अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार मानते थे उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक वंचित वर्ग शिक्षित नहीं होंगे वह अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं सकते। महिलाओं को अधिकार देने के लिए उन्होंने अपने संविधान में न्याय की व्यवस्था की जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रबल समर्थक थे उन्होंने कानून के माध्यम से सभी को सामान अधिकार और आर्थिक न्याय सुनिश्चित किया।
जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने भी विचार व्यक्त किए
इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा विष्णु लाल जाटव मंडल मंत्री परमजीत कौर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत महेश गौतम विश्व प्रताप सिंह चीनू रमेश सोमवंशी संजीव अग्निहोत्री विनीत राठौर संदीप तिवारी रामतीर्थ कुशवाहा पूरन कुशवाहा धर्मेंद्र सोमवंशी पिंटू सोमवंशी जितेंद्र सिंह विकास सिंह गिरीश चंद्र त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी .
रितेश मिश्रा
हरदोई। आगामी अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनसामान्य से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। जारी अपील में कहा गया है कि बाल विवाह के कारण बेटियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसे रोकने के लिए सभी संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और समाज सेवकों से सहयोग मांगा गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर 181, 1098 और 112 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। इसके अलावा सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई, न्यू सिविल लाइन कॉलोनाइज्ड, सीडीओ आवास के पास, हरदोई में भी सूचना दी जा सकती है। प्रेस नोट में बताया गया है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने वालों में पंडित, मौलवी, टेंट, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और सहयोगी भी दोषी माने जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

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महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।

लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) की पुनर्परीक्षा 6 जनपदों में शांतिपूर्ण ढंग से शुरू

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) के 09 विषयों—Asian Culture, Music Tabla, Physical Education, Urdu, English, Sociology, Chemistry, Education एवं Zoology—की लिखित पुनर्परीक्षा आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 को प्रथम पाली में प्रातः 09:30 बजे से सफलतापूर्वक प्रारम्भ हो गई।

यह परीक्षा प्रदेश के 6 जनपदों—आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर एवं वाराणसी—के कुल 48 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जा रही है। सभी केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।

आयोग द्वारा स्थापित Integrated Control Command Room के माध्यम से सभी परीक्षा केन्द्रों की सतत निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

मुठभेड़ में घायल कर पुलिस ने दो बदमाशों सहित आठ अंतर्जनपदीय बदमाशों को किया गिरफ्तार
तेल चुराने के उपकरण, विद्युत तार,नगदी, एक कार और तमंचे बरामद

रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर से तेल चोरी और विद्युत तार चोरी की घटनाओं में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शुक्रवार की रात मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक कार, नगदी और तमंचे बरामद किये हैँ। प्राप्त विवरण में 01 अप्रैल को अस्लम खान पुत्र मो० इनुश चौकीदार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौसार द्वारा थाना अरवल पर तहरीर दि गयी कि 31 मार्च को अज्ञात चोरों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर मे लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया गया है।1 फरवरी को अमन गुप्ता अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र सांडी रोड ग्रामीण द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत ग्राम उमरौला में पोखरी रोड पर 250 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा कपर क्वाइल चोरी कर लिया गया है।4 फ़रवरी को अभिषेक यादव अवर अभियंता 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र आशा नगर द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दि गयी कि 3 फ़रवरी को चांदमारी स्थित 400 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल चोरी कर लिया गया।26 मार्च को अमन सक्सेना अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र मन्नापुरवा दवारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि 25 मार्च को ग्राम खेतई स्थित 250 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल, कोर बाइण्डिंग व बुशिंग रॉड चोरी कर ली गयी है।चोरी के चारो मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
     पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा उक्त घटनाओं के सफल अनावरण हेतु पुलिस टीमों का गठन कर लगाया गया ।
         एसपी द्वारा गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों से पूछताछ व सर्विलांस आदि की सहायता से उपरोक्त घटना से सम्बन्धित प्रकाश में आये अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निरन्तर प्रयास किया। इसी दौरान 17 अप्रैल की रात्रि को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि उपरोक्त चोरी की घटना से संबंधित अभियुक्तगण थाना अरवल क्षेत्रान्तर्गत हरपालपुर चौसार रोड पर पिलिया गटवासा गांव के पास ट्रांसफार्मर से तेल चोरी करने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पर थाना प्रभारी अरवल अनिल सिंह और स्वाट/सर्विलांस के प्रभारी राजेश यादव और अब्दुल जब्बार द्वारा ग्राम पिलिया गटवासा में ट्रांसफार्मर के निकट चोरो की गिरफ्तारी का जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने तेल चुराने आये चोरों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ फायरिंग की गयी, जिसमे सत्येन्द्र पुत्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद और गजेन्द्र पत्र इनाम सिंह निवासी ग्राम नगला कटीक थाना पटियाली जनपद कासगंज गोली लगने से घायल हो गये तथा पुलिस टीम द्वारा प्रवेश पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,सुरेन्द्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,अनूप पुत्र स्लेटी सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,मुनेन्द्र पुत्र भैय्यालाल निवसी ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर,रोहित पुत्र देव कुमार ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर और अजय पुत्र सत्यवान ग्राम अजत्पुर थाना हरपालपुर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया।
     पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 49,000/- रुपये नगदी, एक अदद कार, 03 अदद बंडल कॉपर, 50लीटर तेल (टांसफार्मर का), ट्रांसफार्मर खोलने के उपकरण, 02 तमंचे 315 बोर, 04 जिंदा कारतूस एवं 02 खोखा कारतूस बरामद किये गए। पुलिस टीम द्वारा घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण, कानून व्यवस्था, आदिवासी हित और विकास परियोजनाओं पर सरकार को घेरा

 

भोपाल। आज भोपाल निवास पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए तथा कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • महिला आरक्षण 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, और इस दिशा में श्रीमती सोनिया गांधी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हम महिला सशक्तिकरण के विरोधी नहीं, बल्कि उसके सच्चे समर्थक हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण के नाम पर पर्दे के पीछे जनगणना और परिसीमन को क्यों जोड़ रही है? क्या यह राजनीतिक रणनीति है या वास्तविक सशक्तिकरण का प्रयास?

श्री सिंघार ने आगे कहा कि देश की 50% से अधिक महिलाएं और लगभग 55% ओबीसी वर्ग से आती हैं क्या उनके लिए इस आरक्षण में स्पष्ट प्रावधान है? सरकार को यह साफ करना चाहिए कि किन वर्गों की महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा। यदि सरकार की मंशा ईमानदार है, तो महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए, बिना किसी शर्त के। सीटों की संख्या, परिसीमन और जनगणना के नाम पर इसे टालना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और ठोस निर्णयों से सुनिश्चित होता है।

  • कानून की धज्जियां उड़ाते भाजपा नेता और उनके परिजन 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां भाजपा के जनप्रतिनिधियों के परिजन कानून को चुनौती देते नजर आते हैं। पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल पद तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपने परिवार को भी संस्कार और मर्यादा का उदाहरण देना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जब सत्ता का प्रभाव इस तरह दुरुपयोग में बदल जाए, तो यह सरकार की कार्यशैली और कानून के प्रति उसके रवैये पर सवाल खड़े करता है। मेरा मानना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और नैतिक आधार पर संबंधित जनप्रतिनिधियों को स्वयं आगे आकर जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।

  • आदिवासी समाज पर राज्यपाल महोदय की चिंता 

श्री सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज की पीड़ा पर राज्यपाल महोदय की चिंता स्वागतयोग्य है, वे स्वयं आदिवासी कार्यमंत्रणा परिषद के अध्यक्ष हैं। राज्यपाल महोदय द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई सलाह पर क्या वास्तव में अमल होगा? आवश्यकता इस बात की है कि केवल सलाह नहीं, बल्कि ठोस समीक्षा और प्रभावी कार्यवाही हो। उन्होंने कहा आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए स्पष्ट नीति, संवेदनशील दृष्टिकोण और मजबूत क्रियान्वयन जरूरी है, सिर्फ घोषणाएं नहीं।

  • केन-बेतवा परियोजना आंदोलन 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना जैसी किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य केवल ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बेहतर बनाना होना चाहिए। लेकिन अक्सर इन परियोजनाओं के साथ कई परिवार उजड़ जाते हैं क्या उनके अधिकार सुरक्षित हैं? क्या उन्हें पूर्ण और न्यायसंगत मुआवजा मिल रहा है?

उन्होंने आगे कहा कि सरकार कागजों पर योजनाएं बना लेती है, लेकिन जब वे धरातल पर लागू होती हैं, तो ग्रामीण, आदिवासी और दलित समाज सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। जरूरी है कि किसी भी परियोजना से पहले प्रभावित परिवारों से संवाद किया जाए, उनकी सहमति ली जाए और उनके पुनर्वास व मुआवजे को प्राथमिकता दी जाए। विकास तभी सार्थक है, जब वह न्यायपूर्ण और समावेशी हो।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रवीन्द्र भवन में संपन्न

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन एवं स्थान ग्रहण के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथिगण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का सूत की माला से स्वागत किया गया।

सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका, उनके कार्य एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. संजय कामले द्वारा आगामी “जनसंवाद सम्मेलनों” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी द्वारा प्रदेश स्तरीय ब्लॉक “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य किसी पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है और इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी।

 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे और 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।

- संगठन विस्तार एवं जनसंवाद को प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा 

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि पार्टी में एक प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग लिया जाएगा। यह राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ही संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहकर कार्यकर्ताओं के सामूहिक योगदान से सशक्त बनेगी और आमजन के साथ सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

श्री चौधरी ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मंडल, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर संगठन का सुदृढ़ गठन सुनिश्चित करें तथा गांव-गांव जाकर इकाइयों एवं बीएलए-2 का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आकलन करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, जबकि ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का आकलन भी आगामी छह माह में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त एवं श्रीमती उषा नायडू, रणविजय लोचन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं गोविंद सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीईसी सदस्य ओमकार मरकाम एवं cwc सदस्य कमलेश्वर पटेल , विधायक आरिफ मसूद, एवं आतिफ अकील पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, फुंदेलाल मार्को, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित समस्त विधायकगण,जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ एवं विभागों के अध्यक्षगण तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

आजमगढ़: सरायमीर थाने में एंटी करप्शनटीम की बड़ी कार्रवाई: ₹20,000/- रिश्वत लेते उपनिरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
आजमगढ़ ।दिनांक 17 अप्रैल को एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ इकाई द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना सरायमीर में तैनात उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह को ₹20,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया । शिकायतकर्ता अवनीश कुमार राय निवासी ग्राम गंगापुर थाना बिलरियागंज जनपद आजमगढ़ द्वारा शिकायत की गई थी कि अभियुक्त उपनिरीक्षक द्वारा मुकदमे से नाम निकालने के एवज में ₹20,000/- की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के उपरांत एंटी करप्शन टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अभियुक्त को थाना सरायमीर के दक्षिणी गेट के सामने सड़क किनारे शिकायतकर्ता से रिश्वत की धनराशि लेते समय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी धनराशि बरामद हुई, जिससे अभियुक्त का अपराध प्रथम दृष्टया सिद्ध हुआ। गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित (ट्रैप टीम प्रभारी), एंटी करप्शन , निरीक्षक आनंद कुमार वर्मा, निरीक्षक कमलेश कुमार पासवान, उ0नि0 मुर्ताजिर हुसैन खान सहित एंटी करप्शन टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
नारी शक्ति वंदन से महिलाओं की सहभागिता के मिलेगा लाभ
फर्रुखाबाद l नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट महिला वक्ताओं ने सहभागिता करते हुए अधिनियम के प्रावधानों, महत्व एवं महिलाओं के सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस दौरान  एन0ए0के0पी0 डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद डॉक्टर शशी किरण ने अधिनियम को महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, डॉ सुनीता यादव ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज के समग्र स्वास्थ्य एवं विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही। अधिवक्ता उमा मिश्रा ने अधिनियम के विधिक पहलुओं की जानकारी देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। पर्यावरणविद गुंजा जैन ने महिलाओं की भागीदारी को सतत विकास से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
स्वयं सहायता समूह की गुंजन एवं नम्रता , एफ0पी0ओ0 पूनम पाल ने ग्रामीण एवं आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाएगा।
प्रेसवार्ता के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा l साथ ही देश के समग्र विकास में उनकी भागीदारी को और सुदृढ़ करेगा।
इस मौके पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी,जिला विकास अधिकारी व संवंधित मौजूद रहे।
शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा, अंबेडकर सम्मान समारोह के दौरान पूर्व मंत्री ने कहीं बात
फर्रुखाबाद l शुक्रवार को अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दहेलिया के अमृत सरोवर के पास स्थित भैरव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमृतपुर विधानसभा का डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता सलेमपुर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत ने की। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम जिला मंत्री पंकज पाल जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर एक सामान्य पुरुष नहीं बल्कि महामानव थे उन्होंने गरीब पिछड़े दलित वंचित और शोषित वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय संविधान की रचना की उन्होंने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा। शिक्षा व्यक्ति को कितने ऊंचे स्तर पर ले जा सकती है यह डॉ अंबेडकर ने साबित कर दिया उनका उद्देश्य था समाज के प्रत्येक गरीब वर्ग को अच्छी शिक्षा मिले। एक लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था वह कांग्रेस ने नहीं दिया बल्कि वह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। उनसे जुड़े हुए स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में स्थापित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा को आत्मसात करके भारत के गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। सपा और कांग्रेस संविधान की प्रक्रिया लेकर गली-गली घूम रहे थे लेकिन उनकी सरकारों में सबसे ज्यादा दलित समाज का उत्पीड़न किया गया डॉ साहब को भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस और सपा डॉक्टर अंबेडकर के नाम पर राजनीति करती है लेकिन उनके विचारों से कोई सीख नहीं लेती भाजपा सरकार अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर भारत को समृद्ध और शिक्षित कर रही है। भाजपा ने डॉक्टर अंबेडकर के सम्मान के लिए सम्मान अभियान कार्यक्रम चलाया है। सपा के लोग पीडीए के नाम पर दलित समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सपा जब-जब सत्ता में आती है तब-तब दलित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर हमले होते हैं। डॉ आंबेडकर एक वर्ग के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता थे उन्होंने संविधान देकर सभी को न्याय देने की व्यवस्था सुनिश्चित की। केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक महिलाओं को अधिकार दिलाने वाला है जो डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है कांग्रेस सपा जैसे राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं वह महिलाओं को 33% आरक्षण के पक्ष में नहीं है। 2027 के चुनाव में महिलाओं को शक्ति देने वाले बिल का विरोध करने वाले लोगों को जवाब मिलेगा। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर के विचार सामाजिक समानता शिक्षा न्याय और स्वतंत्रता पर आधारित है उन्होंने जाति व्यवस्था छुआछूत और महिलाओं के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया तथा संवैधानिक अधिकारों बंधुत्व और शिक्षा के माध्यम से दलित व वंचितों वर्ग के उत्थान पर जोर दिया था उनका मुख्य उद्देश्य था शिक्षित बनो संगठित बनो और संघर्ष करो भाजपा सरकार उनके विचारों को लेकर आगे बढ़ रही है। जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम ने कहा डॉ अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार मानते थे उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक वंचित वर्ग शिक्षित नहीं होंगे वह अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं सकते। महिलाओं को अधिकार देने के लिए उन्होंने अपने संविधान में न्याय की व्यवस्था की जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रबल समर्थक थे उन्होंने कानून के माध्यम से सभी को सामान अधिकार और आर्थिक न्याय सुनिश्चित किया।
जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने भी विचार व्यक्त किए
इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा विष्णु लाल जाटव मंडल मंत्री परमजीत कौर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत महेश गौतम विश्व प्रताप सिंह चीनू रमेश सोमवंशी संजीव अग्निहोत्री विनीत राठौर संदीप तिवारी रामतीर्थ कुशवाहा पूरन कुशवाहा धर्मेंद्र सोमवंशी पिंटू सोमवंशी जितेंद्र सिंह विकास सिंह गिरीश चंद्र त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।