रामगढ़ निकाय चुनाव 2026: सांसद मनीष जायसवाल ने प्रिया कुमारी (करमाली) के समर्थन में किया तूफानी जनसंपर्क

रामगढ़ - झारखंड नगर निकाय चुनाव- 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं, जहाँ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग नगर निगम और रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सांसद मनीष जायसवाल ने रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के अध्यक्ष पद की उम्मीदवार प्रिया कुमारी (करमाली) के पक्ष में सघन जनसंपर्क अभियान और तूफानी चुनावी दौरा किया।

उन्होंने रामगढ़ के आधा दर्जन से अधिक वार्डों में घूम-घूम कर जनता से सीधा संवाद किया और आगामी 23 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान में बैलट पेपर के क्रम संख्या 6 पर अंकित 'बिस्किट छाप' पर मुहर लगाकर प्रिया कुमारी (करमाली) को आशीर्वाद देने और उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का आग्रह किया।

चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न सभाओं को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने राज्य और केंद्र की सरकारों के कामकाज की तुलना करते हुए हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में दो तरह की व्यवस्थाएं काम कर रही हैं, जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास और जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सदैव तत्पर है, वहीं दूसरी ओर झारखंड की वर्तमान हेमंत सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार, लचर कानून व्यवस्था और नशाखोरी ने विकराल रूप ले लिया है। सांसद मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले करीब ढाई-तीन वर्षों तक नगर निकाय चुनावों को जानबूझकर बाधित रखा, जिससे स्थानीय विकास के कार्य पूरी तरह ठप हो गए। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड की जनता इस विकास विरोधी रवैये का बदला इस निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को चुनकर लेगी और प्रधानमंत्री मोदी के हाथों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस चुनावी दौरे का आगाज वार्ड संख्या 01 और 02 स्थित सांडी से हुआ, जिसके बाद उन्होंने वार्ड संख्या 01, 02, 08, 18 और 23 के अंतर्गत आने वाले तिलैया, टूटी झरना, मनोहर नगर, रांची रोड, सेवटा, चैनगढ़ा, बरकाकाना और घुटवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान सभी जगहों पर सांसद मनीष जायसवाल का स्थानीय लोगों ने ढोल-बाजे के साथ फुल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस सघन जनसंपर्क अभियान में उनके साथ रामगढ़ नगर परिषद की अध्यक्ष प्रत्याशी प्रिया कुमारी (करमाली) सहित भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव बावला, रणंजय कुमार उर्फ कुंटू बाबू, राजू चतुर्वेदी, विजय जायसवाल, सरदार अनमोल सिंह, रामसहाय बेदिया, सत्येंद्र नारायण सिंह, राजीव जायसवाल, मनोज गिरी, रंजीत पांडेय, सुनील साहू, जागेश्वर प्रजापति, विनोद कुशवाहा, विनोद मिश्रा, संजय शाह, धनंजय कुमार पुटूस, नूतन कुमार महतो, दिनेश प्रसाद, अजय पासवान, योगेश दांगी, सतीश मोहन मिश्रा, संतोष बिंड, प्रवीण कुमार सोनू, पंकज कुमार, राकेश जायसवाल, अबू हसन, रीति श्रीवास्तव और सांसद के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

* योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को दे रही नई ताकत, 39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से जुड़े हैं, जिनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक्सपो का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन में विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन भी किया जाएगा।
39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित 13 परिक्षेत्रों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री सचान ने बताया कि सरकार द्वारा बुनकरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी (IIHT) के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रतिरोधी परिवारों को समझाने और टीकाकरण को शत-प्रतिशत सफल बनाने पर जोर

जानसठ । बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित टीकाकरण की अहमियत को देखते हुए  तहसील टास्क फोर्स  की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने की तथा बैठक का संचालन बीएमसी रूबीना ने किया बैठक की अध्यक्षता कर रही  तहसीलदार  ने  टीकाकरण से वंचित बच्चों (ड्रॉपआउट) और टीकों के प्रति संशय रखने वाले परिवारों को 'मोबाइलाइज' करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक साझा सामाजिक सरोकार है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर उन परिवारों तक पहुँचें जो अभी भी अपने बच्चों को टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।"

बैठक में यूनिसेफ की बीएमसी रुबीना ने नियमित टीकाकरण  के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों के दौरान दी जाने वाली सामग्री, दवाओं और टीकों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता ग्रासरूट स्तर पर सामग्री का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। बैठक के अंत में तहसीलदार ने सभी को सचेत करते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शत प्रतिशत कवरेज ही इस अभियान की सफलता का पैमाना  होगा। इस दौरान मुख्य रूप से डीएमसी तरन्नुम बीएमसी रुबीना एआरओ दीपक तोमर  बीसीपीएम इज़हार अली सुपरवाइजर श्रीमती अमृता आपूर्ति विभाग से रोहित ठाकुर, भोकरहेड़ी नगर पंचायत से ईओ मनीष वर्मा, गजेश सैनी एवं संजीव आदि मौजूद रहे।
झारखंड विधानसभा में शोक की लहर: शिवराज पाटिल, अजित पवार और मार्क टली समेत कई विभूतियों को दी गई श्रद्धांजलि

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही के दौरान 'शोक प्रकाश' पढ़ा गया। विधानसभा अध्यक्ष और माननीय सदस्यों ने पिछली बैठक से अब तक की अवधि में हमारे बीच से गुजर गए राजनेताओं, समाजसेवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रमुख विभूतियों को नमन:

सदन में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सदन ने उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।

साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की क्षति:

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विनोद कुमार शुक्ल: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध साहित्यकार।

मार्क टली: पत्रकारिता की विश्वसनीय आवाज और बीबीसी के पूर्व दिग्गज।

राम सूतार: देश के विख्यात शिल्पकार।

धनंजय तिवारी: पहली नागपुरी फिल्म के निर्माता-निर्देशक।

प्रो० बी० पी० शरण: रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति।

झारखंड के सपूतों को श्रद्धांजलि:

सदन ने झारखंड के वीर शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर के वंशज रामनंदन सिंह खरवार, गुवा गोलीकांड के साक्षी दरगड़ाय सिरका, और पूर्व विधायक रामचन्द्र नायक व गौर हरिजन को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इसके साथ ही 1971 के युद्ध के वीर सेनानी हारून टोपनो की बहादुरी की चर्चा की गई।

दुखद घटनाओं पर शोक:

सदन ने केवल विभूतियों को ही नहीं, बल्कि विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों और शहीदों को भी याद किया। जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए 10 जवानों, लातेहार बस दुर्घटना में मारे गए यात्रियों और गोवा, हिमाचल व उत्तराखंड की सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।

आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

दंगा भड़काने की साजिश के आरोप में अवध केशरी सेना अध्यक्ष गिरफ्तार
*रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर की थी टिप्पणी

गोंडा।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पर अभद्र और विवादित टिप्पणी करने के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने अवध केशरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।यह कार्रवाई शालीमार गार्डन थाने में दर्ज एफ आई आर के आधार पर की गई है।शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने पुलिस को दिये गए तहरीर में बताया कि नीरज सिंह ने 13 फरवरी को एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया,जिसमें रक्षामंत्री के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।आरोप है कि वीडियो में गाली गलौज के साथ धमकी भरे शब्दों का भी प्रयोग किया गया है,जिससे भावनाएं आहत हुईं।शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में वैमनस्य फैलाने वाली हैं और इससे प्रदेश में अशांति या दंगा भड़कने की आशंका पैदा हो सकती है।नीरज सिंह पर एक विशेष जातिगत टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया गया है,जिसके बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई।पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया है और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।वजीरगंज थानाध्यक्ष विपुल पांडेय ने बताया कि आरोपी मूलरूप से गोंडा जिले के खिरिया गांव का मूल निवासी है।गाजियाबाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया और अपने साथ ले गई।उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस द्वारा की जा रही है।
दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
झारखंड बजट सत्र का शंखनाद: राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुई सदन की कार्यवाही "

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रांची: झारखंड विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र (2026) आज से गरिमामय वातावरण में शुरू हो गया। 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलने वाले इस सत्र का आगाज राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ हुआ।

भव्य स्वागत और सम्मान:

विधानसभा परिसर पहुँचने पर राज्यपाल को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित शासन-प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि सत्र के दौरान होने वाले सकारात्मक वाद-विवाद का सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा।

स्पीकर का संबोधन: लोकतंत्र की मर्यादा का आह्वान:

सदन को संबोधित करते हुए स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि यह सत्र साढ़े तीन करोड़ जनता की आशाओं का प्रतीक है। उन्होंने सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा— "मतभेद लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन मनभेद इसे कमजोर करते हैं।" उन्होंने सभी सदस्यों से जनहित के मुद्दों पर सार्थक और परिणामोन्मुख चर्चा करने की अपील की।

बजट का शिड्यूल:

स्पीकर ने जानकारी दी कि सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। वहीं, 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा, जो राज्य की भावी विकास प्राथमिकताओं और संसाधनों के वितरण का आधार बनेगा।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट; 17 दिनों तक चलेगा सत्र

झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र (2026) आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुरूप राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई。 इस बार के बजट को राज्य सरकार ने 'अबुआ दिशोम बजट' का नाम दिया है, जो झारखंड की अस्मिता और विकास की नई सोच को प्रदर्शित करता है。

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सत्र का विस्तृत कार्यक्रम:

कार्य दिवस: 18 फरवरी से शुरू होकर यह सत्र 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित हैं。

धन्यवाद प्रस्ताव: 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर सदन में चर्चा और वाद-विवाद होगा。

अनुपूरक बजट: 20 फरवरी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा。

आर्थिक सर्वेक्षण: इसी दिन (20 फरवरी) राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखे जाने की पूरी संभावना है。

बजट की महत्ता:

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे。 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह बजट ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है。

रामगढ़ निकाय चुनाव 2026: सांसद मनीष जायसवाल ने प्रिया कुमारी (करमाली) के समर्थन में किया तूफानी जनसंपर्क

रामगढ़ - झारखंड नगर निकाय चुनाव- 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं, जहाँ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग नगर निगम और रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सांसद मनीष जायसवाल ने रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के अध्यक्ष पद की उम्मीदवार प्रिया कुमारी (करमाली) के पक्ष में सघन जनसंपर्क अभियान और तूफानी चुनावी दौरा किया।

उन्होंने रामगढ़ के आधा दर्जन से अधिक वार्डों में घूम-घूम कर जनता से सीधा संवाद किया और आगामी 23 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान में बैलट पेपर के क्रम संख्या 6 पर अंकित 'बिस्किट छाप' पर मुहर लगाकर प्रिया कुमारी (करमाली) को आशीर्वाद देने और उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का आग्रह किया।

चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न सभाओं को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने राज्य और केंद्र की सरकारों के कामकाज की तुलना करते हुए हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में दो तरह की व्यवस्थाएं काम कर रही हैं, जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास और जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सदैव तत्पर है, वहीं दूसरी ओर झारखंड की वर्तमान हेमंत सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार, लचर कानून व्यवस्था और नशाखोरी ने विकराल रूप ले लिया है। सांसद मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले करीब ढाई-तीन वर्षों तक नगर निकाय चुनावों को जानबूझकर बाधित रखा, जिससे स्थानीय विकास के कार्य पूरी तरह ठप हो गए। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड की जनता इस विकास विरोधी रवैये का बदला इस निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को चुनकर लेगी और प्रधानमंत्री मोदी के हाथों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस चुनावी दौरे का आगाज वार्ड संख्या 01 और 02 स्थित सांडी से हुआ, जिसके बाद उन्होंने वार्ड संख्या 01, 02, 08, 18 और 23 के अंतर्गत आने वाले तिलैया, टूटी झरना, मनोहर नगर, रांची रोड, सेवटा, चैनगढ़ा, बरकाकाना और घुटवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान सभी जगहों पर सांसद मनीष जायसवाल का स्थानीय लोगों ने ढोल-बाजे के साथ फुल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस सघन जनसंपर्क अभियान में उनके साथ रामगढ़ नगर परिषद की अध्यक्ष प्रत्याशी प्रिया कुमारी (करमाली) सहित भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव बावला, रणंजय कुमार उर्फ कुंटू बाबू, राजू चतुर्वेदी, विजय जायसवाल, सरदार अनमोल सिंह, रामसहाय बेदिया, सत्येंद्र नारायण सिंह, राजीव जायसवाल, मनोज गिरी, रंजीत पांडेय, सुनील साहू, जागेश्वर प्रजापति, विनोद कुशवाहा, विनोद मिश्रा, संजय शाह, धनंजय कुमार पुटूस, नूतन कुमार महतो, दिनेश प्रसाद, अजय पासवान, योगेश दांगी, सतीश मोहन मिश्रा, संतोष बिंड, प्रवीण कुमार सोनू, पंकज कुमार, राकेश जायसवाल, अबू हसन, रीति श्रीवास्तव और सांसद के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

* योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को दे रही नई ताकत, 39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से जुड़े हैं, जिनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक्सपो का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन में विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन भी किया जाएगा।
39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित 13 परिक्षेत्रों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री सचान ने बताया कि सरकार द्वारा बुनकरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी (IIHT) के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रतिरोधी परिवारों को समझाने और टीकाकरण को शत-प्रतिशत सफल बनाने पर जोर

जानसठ । बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित टीकाकरण की अहमियत को देखते हुए  तहसील टास्क फोर्स  की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने की तथा बैठक का संचालन बीएमसी रूबीना ने किया बैठक की अध्यक्षता कर रही  तहसीलदार  ने  टीकाकरण से वंचित बच्चों (ड्रॉपआउट) और टीकों के प्रति संशय रखने वाले परिवारों को 'मोबाइलाइज' करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक साझा सामाजिक सरोकार है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर उन परिवारों तक पहुँचें जो अभी भी अपने बच्चों को टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।"

बैठक में यूनिसेफ की बीएमसी रुबीना ने नियमित टीकाकरण  के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों के दौरान दी जाने वाली सामग्री, दवाओं और टीकों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता ग्रासरूट स्तर पर सामग्री का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। बैठक के अंत में तहसीलदार ने सभी को सचेत करते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शत प्रतिशत कवरेज ही इस अभियान की सफलता का पैमाना  होगा। इस दौरान मुख्य रूप से डीएमसी तरन्नुम बीएमसी रुबीना एआरओ दीपक तोमर  बीसीपीएम इज़हार अली सुपरवाइजर श्रीमती अमृता आपूर्ति विभाग से रोहित ठाकुर, भोकरहेड़ी नगर पंचायत से ईओ मनीष वर्मा, गजेश सैनी एवं संजीव आदि मौजूद रहे।
झारखंड विधानसभा में शोक की लहर: शिवराज पाटिल, अजित पवार और मार्क टली समेत कई विभूतियों को दी गई श्रद्धांजलि

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही के दौरान 'शोक प्रकाश' पढ़ा गया। विधानसभा अध्यक्ष और माननीय सदस्यों ने पिछली बैठक से अब तक की अवधि में हमारे बीच से गुजर गए राजनेताओं, समाजसेवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रमुख विभूतियों को नमन:

सदन में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सदन ने उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।

साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की क्षति:

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विनोद कुमार शुक्ल: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध साहित्यकार।

मार्क टली: पत्रकारिता की विश्वसनीय आवाज और बीबीसी के पूर्व दिग्गज।

राम सूतार: देश के विख्यात शिल्पकार।

धनंजय तिवारी: पहली नागपुरी फिल्म के निर्माता-निर्देशक।

प्रो० बी० पी० शरण: रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति।

झारखंड के सपूतों को श्रद्धांजलि:

सदन ने झारखंड के वीर शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर के वंशज रामनंदन सिंह खरवार, गुवा गोलीकांड के साक्षी दरगड़ाय सिरका, और पूर्व विधायक रामचन्द्र नायक व गौर हरिजन को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इसके साथ ही 1971 के युद्ध के वीर सेनानी हारून टोपनो की बहादुरी की चर्चा की गई।

दुखद घटनाओं पर शोक:

सदन ने केवल विभूतियों को ही नहीं, बल्कि विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों और शहीदों को भी याद किया। जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए 10 जवानों, लातेहार बस दुर्घटना में मारे गए यात्रियों और गोवा, हिमाचल व उत्तराखंड की सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।

आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

दंगा भड़काने की साजिश के आरोप में अवध केशरी सेना अध्यक्ष गिरफ्तार
*रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर की थी टिप्पणी

गोंडा।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पर अभद्र और विवादित टिप्पणी करने के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने अवध केशरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।यह कार्रवाई शालीमार गार्डन थाने में दर्ज एफ आई आर के आधार पर की गई है।शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने पुलिस को दिये गए तहरीर में बताया कि नीरज सिंह ने 13 फरवरी को एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया,जिसमें रक्षामंत्री के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।आरोप है कि वीडियो में गाली गलौज के साथ धमकी भरे शब्दों का भी प्रयोग किया गया है,जिससे भावनाएं आहत हुईं।शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में वैमनस्य फैलाने वाली हैं और इससे प्रदेश में अशांति या दंगा भड़कने की आशंका पैदा हो सकती है।नीरज सिंह पर एक विशेष जातिगत टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया गया है,जिसके बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई।पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया है और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।वजीरगंज थानाध्यक्ष विपुल पांडेय ने बताया कि आरोपी मूलरूप से गोंडा जिले के खिरिया गांव का मूल निवासी है।गाजियाबाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया और अपने साथ ले गई।उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस द्वारा की जा रही है।
दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
झारखंड बजट सत्र का शंखनाद: राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुई सदन की कार्यवाही "

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रांची: झारखंड विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र (2026) आज से गरिमामय वातावरण में शुरू हो गया। 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलने वाले इस सत्र का आगाज राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ हुआ।

भव्य स्वागत और सम्मान:

विधानसभा परिसर पहुँचने पर राज्यपाल को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित शासन-प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि सत्र के दौरान होने वाले सकारात्मक वाद-विवाद का सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा।

स्पीकर का संबोधन: लोकतंत्र की मर्यादा का आह्वान:

सदन को संबोधित करते हुए स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि यह सत्र साढ़े तीन करोड़ जनता की आशाओं का प्रतीक है। उन्होंने सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा— "मतभेद लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन मनभेद इसे कमजोर करते हैं।" उन्होंने सभी सदस्यों से जनहित के मुद्दों पर सार्थक और परिणामोन्मुख चर्चा करने की अपील की।

बजट का शिड्यूल:

स्पीकर ने जानकारी दी कि सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। वहीं, 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा, जो राज्य की भावी विकास प्राथमिकताओं और संसाधनों के वितरण का आधार बनेगा।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट; 17 दिनों तक चलेगा सत्र

झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र (2026) आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुरूप राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई。 इस बार के बजट को राज्य सरकार ने 'अबुआ दिशोम बजट' का नाम दिया है, जो झारखंड की अस्मिता और विकास की नई सोच को प्रदर्शित करता है。

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सत्र का विस्तृत कार्यक्रम:

कार्य दिवस: 18 फरवरी से शुरू होकर यह सत्र 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित हैं。

धन्यवाद प्रस्ताव: 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर सदन में चर्चा और वाद-विवाद होगा。

अनुपूरक बजट: 20 फरवरी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा。

आर्थिक सर्वेक्षण: इसी दिन (20 फरवरी) राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखे जाने की पूरी संभावना है。

बजट की महत्ता:

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे。 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह बजट ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है。