यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण मोर्चा की रैली, हलवासिया चौराहे पर पुलिस से नोकझोंक


* सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों के शंखनाद के साथ परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा तक शांति मार्च का प्रयास

लखनऊ। यूजीसी कानून को वापस लेने, सवर्ण आयोग के गठन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को सवर्ण मोर्चा के बैनर तले परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा, हजरतगंज तक शांति मार्च निकाला गया।
हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। परिवर्तन चौक और केडी सिंह बाबू मेट्रो स्टेशन के पास लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए कई कार्यकर्ता हलवासिया चौराहे तक पहुंच गए, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में कई कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
रैली की शुरुआत परिवर्तन चौक से हुई, जहां सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों ने शंखनाद कर कार्यक्रम का आगाज किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर मार्च में शामिल हुए। शंखनाद की गूंज के बीच मार्च आगे बढ़ा, जिससे क्षेत्र में विशेष माहौल देखने को मिला।
सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज के हितों के विरुद्ध है और इसे वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने तथा सवर्ण समाज के इतिहास के संरक्षण की मांग उठाई। साथ ही बिना पर्याप्त जांच के एससी-एसटी कानून के तहत दर्ज मुकदमों पर रोक लगाने की भी मांग की।
प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि रैली को प्रभावित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश भर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया तथा नोटिस जारी किए। उन्होंने इसे जनआवाज दबाने का प्रयास बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश सिंह तथा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त सवर्ण मोर्चा के संरक्षक कुंवर दुर्गेश प्रताप सिंह, बसंत सिंह बघेल, टी.पी. पांडे (समाजसेवी), आनंद त्रिपाठी और मीडिया प्रभारी उमेश मिश्रा व प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी सहित अनेक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल रहे।
हजारीबाग नगर निकाय चुनाव: विकास कुमार राणा ने जारी किया “जन प्रतिबद्धता पत्र”, 50 वर्षों के विकास का रोडमैप पेश

हजारीबाग: नगर निकाय चुनाव को लेकर महापौर प्रत्याशी विकास कुमार राणा ने अपना “जन प्रतिबद्धता पत्र” जारी करते हुए शहर के समग्र विकास का रोडमैप जनता के सामने रखा है। उन्होंने इसे पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और योजनाबद्ध नगर प्रशासन की दिशा में ठोस पहल बताया।

जारी घोषणा पत्र में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शहर में सीसीटीवी का अधिष्ठापन एवं जोन आधारित मॉनिटरिंग की व्यवस्था का वादा किया गया है साथ ही फुटपाथ दुकानदारों के लिए समुचित व्यवस्था कर उनकी रोजमर्रा की आजीविका में किसी प्रकार की बाधा न आने देने की बात कही गई है। शहर की नालियों की समुचित सफाई और प्रबंधन, सदर अस्पताल के सामने बहुंजिला इमारत बनाकर पार्किंग जोन तथा फुटपाथ दुकानदारों को दुकान आवंटन की योजना भी प्रमुख बिंदुओं में शामिल है।

विकास कुमार राणा ने कहा कि हजारीबाग के बढ़ते विस्तार और जनसंख्या घनत्व को देखते हुए आगामी 50 वर्षों की आवश्यकता के अनुरूप आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने का आश्वासन भी उन्होंने दिया।

घोषणा पत्र में विद्यार्थियों के लिए वाई-फाई युक्त उन्नत लाइब्रेरी, 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन नंबर, प्रत्येक वार्ड पार्षद को बिना भेदभाव पूर्ण सहयोग, नगर निगम कार्यालय में बेहतर कार्यप्रणाली और अफसरशाही पर अंकुश लगाने का संकल्प शामिल है। बंद पड़े रिंग रोड की बाधाओं को दूर कर उसे पूर्ण कराने तथा निगम कार्यालय में महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुविधा देने की बात भी कही गई है। शहर में जगह-जगह शौचालय निर्माण का वादा भी किया गया है।

“पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त निगम” के लक्ष्य के तहत उन्होंने हजारीबाग को पुनः “हजार बागों का शहर” के रूप में स्थापित करने, सभी उद्यानों के सौंदर्यीकरण एवं फव्वारा युक्त लाइटिंग की व्यवस्था, हजारीबाग झील तथा अन्य तालाबों के जीर्णोद्धार, प्रत्येक वार्ड में बिजली की अंडरग्राउंड केबलिंग और सोलर लाइट अधिष्ठापन का संकल्प दोहराया।

इसके अलावा निगम क्षेत्र के प्रत्येक घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा प्राथमिकता के आधार पर सड़कों एवं जर्जर गलियों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की घोषणा भी की गई है।

विकास कुमार राणा ने कहा कि यह घोषणा पत्र केवल वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि हजारीबाग के उज्ज्वल भविष्य की कार्ययोजना है। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र की जनता से समर्थन और आशीर्वाद की अपील करते हुए कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास ही उनकी प्राथमिकता होगी। इस मौके पर झामुमो नेता मनोज चंद्रा, सतीश नारायण दास, राजीव वर्मा, राजदेव यादव, श्वेता दुबे समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे.

नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 को लेकर पुलिस लाइन में ब्रीफिंग आयोजित

निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने को लेकर सेक्टर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों को दिए गए दिशा निर्देश

नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 को सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस लाइन परिसर में निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी सेक्टर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, चौकीदार, होमगार्ड एवं जैप के जवानों के लिए विस्तृत ब्रीफिंग आयोजित की गई।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन ने उपस्थित पदाधिकारियों एवं जवानों को निर्वाचन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि सभी सेक्टर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा अन्य कर्मियों का टैगिंग सुनिश्चित कर दिया गया है। सभी संबंधित पदाधिकारी मतपत्र प्राप्ति से लेकर मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने तथा मतदान पेटी को सुरक्षित रूप से बज्रगृह में जमा करने तक एक साथ कार्य करेंगे।

उन्हें वाहनों के उपयोग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा स्पष्ट रूप से कहा गया कि निर्धारित रूट चार्ट का अनुपालन अनिवार्य रूप से करें। पोलिंग पार्टी एवं पेट्रोलिंग पार्टी को समन्वय के साथ टीम भावना में कार्य करने का निर्देश दिया गया। सभी कर्मियों को अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूर्ण जिम्मेदारी के साथ करने को कहा गया।

किसी भी प्रकार की समस्या या विशेष परिस्थिति की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया गया। जिला नियंत्रण कक्ष का नंबर: 8002529349 / 06546-291842 है।

सभी सेक्टर दंडाधिकारी को मतदान दिवस पर अपने-अपने बूथ क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जा सके। प्रतिनियुक्त कर्मियों को निर्वाचन प्रोटोकॉल सहित राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त अन्य सभी दिशा-निर्देशों से भी विस्तृत रूप से अवगत कराया गया तथा उनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सामान्य प्रेक्षक, उप विकास आयुक्त, सदर एसडीओ, अपर समाहर्ता सहित कई वरीय पदाधिकारी, एसडीपीओ, सेक्टर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

JPSC के अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकतम उम्र सीमा में किया बदलाव

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जेपीएससी अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है जहां मुख्यमंत्री ने सदन के अंदर अभ्यर्थियों की उम्र सीमा में बड़ी छूट देते हुए 2026 से घटकर 2022 कर दिया है। वही अभ्यर्थियों के द्वारा मांग किया जा रहा था कि अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा 2018 किया जाए।

विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन से ही सदन के अंदर जेपीएससी का मुद्दा छाया रहा। जेपीएससी में अधिकतम आयु सीमा 2026 करने से अभ्यर्थियों को हो थी परेशानी इस खबर से अब थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। लेकिन अभी भी सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की जा रही है।

वर्दी की मर्यादा न भूलें पुलिस अधिकारी": भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की सख्त चेतावनी

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रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने नगर निकाय चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार तीन साल के विलंब के बाद मजबूरी में चुनाव करा रही है और उसकी नीयत साफ नहीं है।

निष्पक्षता पर संदेह: आदित्य साहू ने कहा कि ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराना और केंद्रीय बलों के स्थान पर केवल राज्य पुलिस की तैनाती करना सत्ता के दुरुपयोग की आशंका बढ़ाता है।

प्रशासन को चेतावनी: उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि वे सरकार का 'टूलकिट' न बनें और अपनी वर्दी की मर्यादा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि भाजपा हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है।

भ्रष्टाचार पर चोट: उन्होंने दावा किया कि जनता भ्रष्टाचार, अपराध और लूट से परेशान है और 23 फरवरी को होने वाला मतदान केवल 'शहर की सरकार' नहीं चुनेगा, बल्कि राज्य सरकार के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी भी होगा।

जनता से अपील: साहू ने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी डर के बिना भारी संख्या में घरों से निकलकर मतदान करें।

यूपी बजट सत्र खत्म, ‘लखनऊ दर्शन’ बस में फिर शामिल हुई विधानसभा की सैर

* इलेक्ट्रिक डबल डेकर से राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, रिंग थियेटर से लोकतंत्र के दरबार तक खास अनुभव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बजट सत्र समाप्त होते ही राजधानी के पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। अब ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा के जरिए पर्यटक एक बार फिर भव्य उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन का भ्रमण कर सकेंगे। बजट सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से विधानसभा भ्रमण अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था, जिसे अब पुनः शुरू कर दिया गया है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विशाल गुंबद, भव्य स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व से युक्त विधानसभा भवन राजधानी की पहचान है। इसके दोबारा टूर में शामिल होने से ‘लखनऊ दर्शन’ और भी आकर्षक हो गया है।

* रिंग थियेटर (जीपीओ): काकोरी कांड की गूंज आज भी जीवंत
‘लखनऊ दर्शन’ के प्रमुख स्थलों में जनरल पोस्ट ऑफिस लखनऊ (पूर्व का रिंग थियेटर) भी शामिल है। 9 अगस्त 1925 को हुए काकोरी कांड के बाद अंग्रेज सरकार ने करीब 40 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया था। सुरक्षा कारणों से तत्कालीन रिंग थियेटर में विशेष अदालत गठित की गई, जहां लगभग 10 महीने तक मुकदमा चला।
अदालत ने राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान को फांसी की सजा सुनाई। वहीं शचीन्द्रनाथ सान्याल को आजीवन कारावास (कालापानी) तथा मन्मथनाथ गुप्त सहित अन्य क्रांतिकारियों को कठोर कारावास दिया गया। आज भी यहां मौजूद ऐतिहासिक निशानियां और संग्रहालय पर्यटकों को उस दौर की याद दिलाते हैं।

* पर्यटन विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “बजट सत्र की समाप्ति के साथ ही विधानसभा भ्रमण दोबारा शुरू किया जा रहा है। ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा के माध्यम से पर्यटक राजधानी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विरासत को नजदीक से देख सकेंगे। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश की समृद्ध परंपराओं से लोगों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

* इलेक्ट्रिक डबल डेकर से करें लखनऊ की सैर
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संचालित ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा प्रतिदिन सुबह और शाम दो पालियों में 1090 चौराहे से संचालित होती है। यह बस राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थलों का भ्रमण कराती है।
विधानसभा भवन के पुनः शामिल होने से इस टूर का आकर्षण और बढ़ गया है। टिकट आधिकारिक वेबसाइट या प्रस्थान स्थल से प्राप्त की जा सकती है। किराया वयस्कों के लिए ₹500 और बच्चों के लिए ₹400 निर्धारित है। बस में प्रशिक्षित टूर गाइड यात्रा के दौरान विस्तृत जानकारी देते हैं और इलेक्ट्रिक बस होने के कारण सफर पर्यावरण के अनुकूल एवं आरामदायक रहता है।
युवाओं को विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, लखनऊ में ‘यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम’ आयोजित
* छतर मंजिल से कैसरबाग तक ऐतिहासिक धरोहरों का शैक्षणिक भ्रमण, 70 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय “यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय (संस्कृति विभाग) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का सफल संचालन इतिहास संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व से परिचित कराना और उन्हें विरासत संरक्षण के लिए नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था। इसी क्रम में प्रतिभागी छात्रों को लखनऊ के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
विद्यार्थियों ने छतर मंजिल तथा कैसरबाग स्थित जनरल कोठी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें इन इमारतों के इतिहास, स्थापत्य शैली और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सरल भाषा में दी गई, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
निदेशक सुश्री रेनू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को विरासत की परिभाषा, स्वरूप और उसकी पहचान के बारे में विस्तार से बताया। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा, “इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को अपनी विरासत से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। विरासत केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि हमारी पहचान और भविष्य की दिशा भी है। इसलिए युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
इस अवसर पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय एवं जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय के कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में इतिहास संस्थान से सुश्री सुयशा सहित पुरातत्व निदेशालय के अधिकारी, शिक्षकगण और विद्यालय कर्मचारी उपस्थित रहे। युवा सहभागिता के माध्यम से विरासत संरक्षण की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
बिना मान्यता के इन्टरमीडिएट कक्षाओ के संचालन पर डीएम की बड़ी कार्रवाई व दो विद्यालयों पर मुकदमा दर्ज, कारण बताओ नोटिस जारी

छात्रा की शिकायत पर जाच कर हुई कार्यवाही


देवरिया 21 फ़रवरी l जनपद में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर प्रकरण सामने आने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अमान्यता प्राप्त तरीके से इंटरमीडिएट कक्षाओं का संचालन एवं विज्ञान वर्ग के छात्रों की परीक्षा अन्य विद्यालय से संबद्ध कराए जाने के मामले में जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है ।

मामला  जगरनाथ राव श्री कृष्ण प्रताप राव उच्च माध्यमिक विद्यालय, सवरेजी खरग एवं मंजूर अली इंटर कॉलेज, करजहा से संबंधित है। जांच में सामने आया कि बिना मान्यता इंटर कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था तथा विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की परीक्षा दूसरे विद्यालय से संबद्ध कराई जा रही थी, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

17 फरवरी 2026 को एक छात्रा द्वारा डीएम के जनता दर्शन में  पहुंच कर शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि विद्यालय ने उनका विधिवत नामांकन नहीं किया और प्रवेश पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।

डीएम के निर्देश पर एडीआईओएस (ADIOS) की संयुक्त टीम गठित की गई, जिसने 19 फरवरी 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया गया और अनियमितताओं की पुष्टि हुई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दोनों विद्यालयों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में संबंधित थानों में मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने दोनों विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न उनकी मान्यता निरस्त कर दी जाए। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि ऐसे प्रकरणों में सख्त निगरानी रखी जाए तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा जगत में हलचल मच गई है और अन्य विद्यालयों में भी नियमों के अनुपालन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
वंचित छात्रों के सत्यापन व अपात्रों को ब्लॉक करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी


देवरिया, 21 फरवरी।      .               जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अविनाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि अपर मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन के निर्देश के क्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अध्ययनरत अन्य दशमोत्तर (कक्षा 11-12 को छोड़कर) कक्षाओं के समस्त वर्ग के वंचित छात्र-छात्राओं के लिए संशोधित समय-सारणी जारी की गई है।


उन्होंने बताया कि संबंधित विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा संस्थानों में अध्ययनरत वास्तविक छात्रों का सत्यापन किया जाएगा तथा अपात्र छात्र, पाठ्यक्रम और संस्थानों को ब्लॉक किया जाएगा। साथ ही संस्थानों में वर्गवार वास्तविक छात्र संख्या की प्रमाणिकता को डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापित करना होगा।इस संबंध में अपात्र छात्र, पाठ्यक्रम एवं संस्थानों को ब्लॉक करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने जनपद के ऐसे सभी अन्य दशमोत्तर शिक्षण संस्थानों से, जो अभी तक इस कार्यवाही से वंचित या छूट गए हैं, अपने स्तर से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के दूसरे दिन विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन ने प्रस्तुतियां दी, अध्यक्ष हुए शामिल

गया: डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के माध्यम से समाज में रचनात्मकता, ज्ञानवर्धन एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित द्वि-दिवसीय भव्य फिलेटली प्रदर्शनी “बोधिपेक्स – 2026” का शुभारंभ दिनांक 20.02.2026 को एम.यू. अब्दाली, मुख्य डाक महाध्यक्ष, बिहार परिमंडल, पटना द्वारा हरिहर सेमिनरी स्कूल के प्रेक्षागृह मे किया गया। इस आयोजन का सफल संचालन गया मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक अंशुमान के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.

इस कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन की उल्लेखनीय सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार तथा घोषी क्षेत्र के विधायक ऋतुराज कुमार, आई.आई.आई.एम, बोधगया के निदेशक श्रीमति विनीता सहाय, ओटी.ए के ब्रिगेडियर राजीव शर्मा एवं कर्नल दीपक कुमार भी उपस्थित रहे.

आईआईएम, बोधगया के ऊपर एक विशेष आवरण भी जारी किया गया ।सभी गणमान्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर डाक टिकट संग्रहण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक गतिविधि बताया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि डाक टिकट केवल डाक संप्रेषण का साधन भर नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, गौरवशाली इतिहास, महान विभूतियों तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं के जीवंत दर्पण हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे फिलेटली को अपनाकर ज्ञानार्जन, सृजनात्मक सोच एवं राष्ट्र की विरासत से जुड़ने का माध्यम बनाएं।

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय कला एवं संस्कृति, वन्यजीवन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आध्यात्मिक धरोहर जैसे विविध विषयों पर आधारित दुर्लभ, आकर्षक एवं थीमैटिक डाक टिकट संग्रहों तथा विशेष आवरणों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

इस अवसर पर आईआईएम बोधगया पर आधारित एक विशेष आवरण का लोकार्पण भी किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सुमधुर संगीत, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों एवं अन्य सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की जीवंत एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष रूप से ऊर्जावान एवं यादगार बना दिया। इसके अतिरिक्त “सिट एंड ड्रॉ” प्रतियोगिता में भी बाल प्रतिभाओं ने अपनी सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान फिलेटली पर आधारित कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं एवं नए डाक टिकट खातों के पंजीकरण की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे युवाओं में इस विधा के प्रति उत्साह एवं जागरूकता का संचार हुआ। समापनतः यह आयोजन गया तथा आस-पास के क्षेत्रों में फिलेटली के प्रति नई चेतना, उत्साह एवं रचनात्मक ऊर्जा का संचार करने में अत्यंत सफल सिद्ध हुआ। इस भव्य प्रदर्शनी ने न केवल युवाओं एवं विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रहण की ओर प्रेरित किया, बल्कि समाज में ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ किया। कार्यक्रम की सफल एवं गरिमामय अभिव्यक्ति में डाक विभाग के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उत्साही प्रतिभागियों, शिक्षण संस्थानों तथा सहयोगी संगठनों का बहुमूल्य एवं सराहनीय योगदान रहा।

यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण मोर्चा की रैली, हलवासिया चौराहे पर पुलिस से नोकझोंक


* सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों के शंखनाद के साथ परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा तक शांति मार्च का प्रयास

लखनऊ। यूजीसी कानून को वापस लेने, सवर्ण आयोग के गठन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को सवर्ण मोर्चा के बैनर तले परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा, हजरतगंज तक शांति मार्च निकाला गया।
हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। परिवर्तन चौक और केडी सिंह बाबू मेट्रो स्टेशन के पास लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए कई कार्यकर्ता हलवासिया चौराहे तक पहुंच गए, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में कई कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
रैली की शुरुआत परिवर्तन चौक से हुई, जहां सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों ने शंखनाद कर कार्यक्रम का आगाज किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर मार्च में शामिल हुए। शंखनाद की गूंज के बीच मार्च आगे बढ़ा, जिससे क्षेत्र में विशेष माहौल देखने को मिला।
सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज के हितों के विरुद्ध है और इसे वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने तथा सवर्ण समाज के इतिहास के संरक्षण की मांग उठाई। साथ ही बिना पर्याप्त जांच के एससी-एसटी कानून के तहत दर्ज मुकदमों पर रोक लगाने की भी मांग की।
प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि रैली को प्रभावित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश भर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया तथा नोटिस जारी किए। उन्होंने इसे जनआवाज दबाने का प्रयास बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश सिंह तथा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त सवर्ण मोर्चा के संरक्षक कुंवर दुर्गेश प्रताप सिंह, बसंत सिंह बघेल, टी.पी. पांडे (समाजसेवी), आनंद त्रिपाठी और मीडिया प्रभारी उमेश मिश्रा व प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी सहित अनेक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल रहे।
हजारीबाग नगर निकाय चुनाव: विकास कुमार राणा ने जारी किया “जन प्रतिबद्धता पत्र”, 50 वर्षों के विकास का रोडमैप पेश

हजारीबाग: नगर निकाय चुनाव को लेकर महापौर प्रत्याशी विकास कुमार राणा ने अपना “जन प्रतिबद्धता पत्र” जारी करते हुए शहर के समग्र विकास का रोडमैप जनता के सामने रखा है। उन्होंने इसे पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और योजनाबद्ध नगर प्रशासन की दिशा में ठोस पहल बताया।

जारी घोषणा पत्र में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शहर में सीसीटीवी का अधिष्ठापन एवं जोन आधारित मॉनिटरिंग की व्यवस्था का वादा किया गया है साथ ही फुटपाथ दुकानदारों के लिए समुचित व्यवस्था कर उनकी रोजमर्रा की आजीविका में किसी प्रकार की बाधा न आने देने की बात कही गई है। शहर की नालियों की समुचित सफाई और प्रबंधन, सदर अस्पताल के सामने बहुंजिला इमारत बनाकर पार्किंग जोन तथा फुटपाथ दुकानदारों को दुकान आवंटन की योजना भी प्रमुख बिंदुओं में शामिल है।

विकास कुमार राणा ने कहा कि हजारीबाग के बढ़ते विस्तार और जनसंख्या घनत्व को देखते हुए आगामी 50 वर्षों की आवश्यकता के अनुरूप आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने का आश्वासन भी उन्होंने दिया।

घोषणा पत्र में विद्यार्थियों के लिए वाई-फाई युक्त उन्नत लाइब्रेरी, 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन नंबर, प्रत्येक वार्ड पार्षद को बिना भेदभाव पूर्ण सहयोग, नगर निगम कार्यालय में बेहतर कार्यप्रणाली और अफसरशाही पर अंकुश लगाने का संकल्प शामिल है। बंद पड़े रिंग रोड की बाधाओं को दूर कर उसे पूर्ण कराने तथा निगम कार्यालय में महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुविधा देने की बात भी कही गई है। शहर में जगह-जगह शौचालय निर्माण का वादा भी किया गया है।

“पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त निगम” के लक्ष्य के तहत उन्होंने हजारीबाग को पुनः “हजार बागों का शहर” के रूप में स्थापित करने, सभी उद्यानों के सौंदर्यीकरण एवं फव्वारा युक्त लाइटिंग की व्यवस्था, हजारीबाग झील तथा अन्य तालाबों के जीर्णोद्धार, प्रत्येक वार्ड में बिजली की अंडरग्राउंड केबलिंग और सोलर लाइट अधिष्ठापन का संकल्प दोहराया।

इसके अलावा निगम क्षेत्र के प्रत्येक घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा प्राथमिकता के आधार पर सड़कों एवं जर्जर गलियों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की घोषणा भी की गई है।

विकास कुमार राणा ने कहा कि यह घोषणा पत्र केवल वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि हजारीबाग के उज्ज्वल भविष्य की कार्ययोजना है। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र की जनता से समर्थन और आशीर्वाद की अपील करते हुए कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास ही उनकी प्राथमिकता होगी। इस मौके पर झामुमो नेता मनोज चंद्रा, सतीश नारायण दास, राजीव वर्मा, राजदेव यादव, श्वेता दुबे समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे.

नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 को लेकर पुलिस लाइन में ब्रीफिंग आयोजित

निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने को लेकर सेक्टर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों को दिए गए दिशा निर्देश

नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 को सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस लाइन परिसर में निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी सेक्टर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, चौकीदार, होमगार्ड एवं जैप के जवानों के लिए विस्तृत ब्रीफिंग आयोजित की गई।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन ने उपस्थित पदाधिकारियों एवं जवानों को निर्वाचन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि सभी सेक्टर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा अन्य कर्मियों का टैगिंग सुनिश्चित कर दिया गया है। सभी संबंधित पदाधिकारी मतपत्र प्राप्ति से लेकर मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने तथा मतदान पेटी को सुरक्षित रूप से बज्रगृह में जमा करने तक एक साथ कार्य करेंगे।

उन्हें वाहनों के उपयोग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा स्पष्ट रूप से कहा गया कि निर्धारित रूट चार्ट का अनुपालन अनिवार्य रूप से करें। पोलिंग पार्टी एवं पेट्रोलिंग पार्टी को समन्वय के साथ टीम भावना में कार्य करने का निर्देश दिया गया। सभी कर्मियों को अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूर्ण जिम्मेदारी के साथ करने को कहा गया।

किसी भी प्रकार की समस्या या विशेष परिस्थिति की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया गया। जिला नियंत्रण कक्ष का नंबर: 8002529349 / 06546-291842 है।

सभी सेक्टर दंडाधिकारी को मतदान दिवस पर अपने-अपने बूथ क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जा सके। प्रतिनियुक्त कर्मियों को निर्वाचन प्रोटोकॉल सहित राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त अन्य सभी दिशा-निर्देशों से भी विस्तृत रूप से अवगत कराया गया तथा उनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सामान्य प्रेक्षक, उप विकास आयुक्त, सदर एसडीओ, अपर समाहर्ता सहित कई वरीय पदाधिकारी, एसडीपीओ, सेक्टर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

JPSC के अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकतम उम्र सीमा में किया बदलाव

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जेपीएससी अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है जहां मुख्यमंत्री ने सदन के अंदर अभ्यर्थियों की उम्र सीमा में बड़ी छूट देते हुए 2026 से घटकर 2022 कर दिया है। वही अभ्यर्थियों के द्वारा मांग किया जा रहा था कि अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा 2018 किया जाए।

विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन से ही सदन के अंदर जेपीएससी का मुद्दा छाया रहा। जेपीएससी में अधिकतम आयु सीमा 2026 करने से अभ्यर्थियों को हो थी परेशानी इस खबर से अब थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। लेकिन अभी भी सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की जा रही है।

वर्दी की मर्यादा न भूलें पुलिस अधिकारी": भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की सख्त चेतावनी

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रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने नगर निकाय चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार तीन साल के विलंब के बाद मजबूरी में चुनाव करा रही है और उसकी नीयत साफ नहीं है।

निष्पक्षता पर संदेह: आदित्य साहू ने कहा कि ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराना और केंद्रीय बलों के स्थान पर केवल राज्य पुलिस की तैनाती करना सत्ता के दुरुपयोग की आशंका बढ़ाता है।

प्रशासन को चेतावनी: उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि वे सरकार का 'टूलकिट' न बनें और अपनी वर्दी की मर्यादा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि भाजपा हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है।

भ्रष्टाचार पर चोट: उन्होंने दावा किया कि जनता भ्रष्टाचार, अपराध और लूट से परेशान है और 23 फरवरी को होने वाला मतदान केवल 'शहर की सरकार' नहीं चुनेगा, बल्कि राज्य सरकार के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी भी होगा।

जनता से अपील: साहू ने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी डर के बिना भारी संख्या में घरों से निकलकर मतदान करें।

यूपी बजट सत्र खत्म, ‘लखनऊ दर्शन’ बस में फिर शामिल हुई विधानसभा की सैर

* इलेक्ट्रिक डबल डेकर से राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, रिंग थियेटर से लोकतंत्र के दरबार तक खास अनुभव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बजट सत्र समाप्त होते ही राजधानी के पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। अब ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा के जरिए पर्यटक एक बार फिर भव्य उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन का भ्रमण कर सकेंगे। बजट सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से विधानसभा भ्रमण अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था, जिसे अब पुनः शुरू कर दिया गया है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विशाल गुंबद, भव्य स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व से युक्त विधानसभा भवन राजधानी की पहचान है। इसके दोबारा टूर में शामिल होने से ‘लखनऊ दर्शन’ और भी आकर्षक हो गया है।

* रिंग थियेटर (जीपीओ): काकोरी कांड की गूंज आज भी जीवंत
‘लखनऊ दर्शन’ के प्रमुख स्थलों में जनरल पोस्ट ऑफिस लखनऊ (पूर्व का रिंग थियेटर) भी शामिल है। 9 अगस्त 1925 को हुए काकोरी कांड के बाद अंग्रेज सरकार ने करीब 40 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया था। सुरक्षा कारणों से तत्कालीन रिंग थियेटर में विशेष अदालत गठित की गई, जहां लगभग 10 महीने तक मुकदमा चला।
अदालत ने राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान को फांसी की सजा सुनाई। वहीं शचीन्द्रनाथ सान्याल को आजीवन कारावास (कालापानी) तथा मन्मथनाथ गुप्त सहित अन्य क्रांतिकारियों को कठोर कारावास दिया गया। आज भी यहां मौजूद ऐतिहासिक निशानियां और संग्रहालय पर्यटकों को उस दौर की याद दिलाते हैं।

* पर्यटन विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “बजट सत्र की समाप्ति के साथ ही विधानसभा भ्रमण दोबारा शुरू किया जा रहा है। ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा के माध्यम से पर्यटक राजधानी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विरासत को नजदीक से देख सकेंगे। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश की समृद्ध परंपराओं से लोगों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

* इलेक्ट्रिक डबल डेकर से करें लखनऊ की सैर
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संचालित ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा प्रतिदिन सुबह और शाम दो पालियों में 1090 चौराहे से संचालित होती है। यह बस राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थलों का भ्रमण कराती है।
विधानसभा भवन के पुनः शामिल होने से इस टूर का आकर्षण और बढ़ गया है। टिकट आधिकारिक वेबसाइट या प्रस्थान स्थल से प्राप्त की जा सकती है। किराया वयस्कों के लिए ₹500 और बच्चों के लिए ₹400 निर्धारित है। बस में प्रशिक्षित टूर गाइड यात्रा के दौरान विस्तृत जानकारी देते हैं और इलेक्ट्रिक बस होने के कारण सफर पर्यावरण के अनुकूल एवं आरामदायक रहता है।
युवाओं को विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, लखनऊ में ‘यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम’ आयोजित
* छतर मंजिल से कैसरबाग तक ऐतिहासिक धरोहरों का शैक्षणिक भ्रमण, 70 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय “यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय (संस्कृति विभाग) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का सफल संचालन इतिहास संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व से परिचित कराना और उन्हें विरासत संरक्षण के लिए नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था। इसी क्रम में प्रतिभागी छात्रों को लखनऊ के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
विद्यार्थियों ने छतर मंजिल तथा कैसरबाग स्थित जनरल कोठी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें इन इमारतों के इतिहास, स्थापत्य शैली और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सरल भाषा में दी गई, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
निदेशक सुश्री रेनू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को विरासत की परिभाषा, स्वरूप और उसकी पहचान के बारे में विस्तार से बताया। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा, “इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को अपनी विरासत से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। विरासत केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि हमारी पहचान और भविष्य की दिशा भी है। इसलिए युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
इस अवसर पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय एवं जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय के कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में इतिहास संस्थान से सुश्री सुयशा सहित पुरातत्व निदेशालय के अधिकारी, शिक्षकगण और विद्यालय कर्मचारी उपस्थित रहे। युवा सहभागिता के माध्यम से विरासत संरक्षण की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
बिना मान्यता के इन्टरमीडिएट कक्षाओ के संचालन पर डीएम की बड़ी कार्रवाई व दो विद्यालयों पर मुकदमा दर्ज, कारण बताओ नोटिस जारी

छात्रा की शिकायत पर जाच कर हुई कार्यवाही


देवरिया 21 फ़रवरी l जनपद में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर प्रकरण सामने आने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अमान्यता प्राप्त तरीके से इंटरमीडिएट कक्षाओं का संचालन एवं विज्ञान वर्ग के छात्रों की परीक्षा अन्य विद्यालय से संबद्ध कराए जाने के मामले में जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है ।

मामला  जगरनाथ राव श्री कृष्ण प्रताप राव उच्च माध्यमिक विद्यालय, सवरेजी खरग एवं मंजूर अली इंटर कॉलेज, करजहा से संबंधित है। जांच में सामने आया कि बिना मान्यता इंटर कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था तथा विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की परीक्षा दूसरे विद्यालय से संबद्ध कराई जा रही थी, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

17 फरवरी 2026 को एक छात्रा द्वारा डीएम के जनता दर्शन में  पहुंच कर शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि विद्यालय ने उनका विधिवत नामांकन नहीं किया और प्रवेश पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।

डीएम के निर्देश पर एडीआईओएस (ADIOS) की संयुक्त टीम गठित की गई, जिसने 19 फरवरी 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया गया और अनियमितताओं की पुष्टि हुई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दोनों विद्यालयों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में संबंधित थानों में मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने दोनों विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न उनकी मान्यता निरस्त कर दी जाए। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि ऐसे प्रकरणों में सख्त निगरानी रखी जाए तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा जगत में हलचल मच गई है और अन्य विद्यालयों में भी नियमों के अनुपालन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
वंचित छात्रों के सत्यापन व अपात्रों को ब्लॉक करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी


देवरिया, 21 फरवरी।      .               जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अविनाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि अपर मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन के निर्देश के क्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अध्ययनरत अन्य दशमोत्तर (कक्षा 11-12 को छोड़कर) कक्षाओं के समस्त वर्ग के वंचित छात्र-छात्राओं के लिए संशोधित समय-सारणी जारी की गई है।


उन्होंने बताया कि संबंधित विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा संस्थानों में अध्ययनरत वास्तविक छात्रों का सत्यापन किया जाएगा तथा अपात्र छात्र, पाठ्यक्रम और संस्थानों को ब्लॉक किया जाएगा। साथ ही संस्थानों में वर्गवार वास्तविक छात्र संख्या की प्रमाणिकता को डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापित करना होगा।इस संबंध में अपात्र छात्र, पाठ्यक्रम एवं संस्थानों को ब्लॉक करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने जनपद के ऐसे सभी अन्य दशमोत्तर शिक्षण संस्थानों से, जो अभी तक इस कार्यवाही से वंचित या छूट गए हैं, अपने स्तर से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के दूसरे दिन विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन ने प्रस्तुतियां दी, अध्यक्ष हुए शामिल

गया: डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के माध्यम से समाज में रचनात्मकता, ज्ञानवर्धन एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित द्वि-दिवसीय भव्य फिलेटली प्रदर्शनी “बोधिपेक्स – 2026” का शुभारंभ दिनांक 20.02.2026 को एम.यू. अब्दाली, मुख्य डाक महाध्यक्ष, बिहार परिमंडल, पटना द्वारा हरिहर सेमिनरी स्कूल के प्रेक्षागृह मे किया गया। इस आयोजन का सफल संचालन गया मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक अंशुमान के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.

इस कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन की उल्लेखनीय सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार तथा घोषी क्षेत्र के विधायक ऋतुराज कुमार, आई.आई.आई.एम, बोधगया के निदेशक श्रीमति विनीता सहाय, ओटी.ए के ब्रिगेडियर राजीव शर्मा एवं कर्नल दीपक कुमार भी उपस्थित रहे.

आईआईएम, बोधगया के ऊपर एक विशेष आवरण भी जारी किया गया ।सभी गणमान्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर डाक टिकट संग्रहण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक गतिविधि बताया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि डाक टिकट केवल डाक संप्रेषण का साधन भर नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, गौरवशाली इतिहास, महान विभूतियों तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं के जीवंत दर्पण हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे फिलेटली को अपनाकर ज्ञानार्जन, सृजनात्मक सोच एवं राष्ट्र की विरासत से जुड़ने का माध्यम बनाएं।

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय कला एवं संस्कृति, वन्यजीवन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आध्यात्मिक धरोहर जैसे विविध विषयों पर आधारित दुर्लभ, आकर्षक एवं थीमैटिक डाक टिकट संग्रहों तथा विशेष आवरणों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

इस अवसर पर आईआईएम बोधगया पर आधारित एक विशेष आवरण का लोकार्पण भी किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सुमधुर संगीत, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों एवं अन्य सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की जीवंत एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष रूप से ऊर्जावान एवं यादगार बना दिया। इसके अतिरिक्त “सिट एंड ड्रॉ” प्रतियोगिता में भी बाल प्रतिभाओं ने अपनी सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान फिलेटली पर आधारित कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं एवं नए डाक टिकट खातों के पंजीकरण की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे युवाओं में इस विधा के प्रति उत्साह एवं जागरूकता का संचार हुआ। समापनतः यह आयोजन गया तथा आस-पास के क्षेत्रों में फिलेटली के प्रति नई चेतना, उत्साह एवं रचनात्मक ऊर्जा का संचार करने में अत्यंत सफल सिद्ध हुआ। इस भव्य प्रदर्शनी ने न केवल युवाओं एवं विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रहण की ओर प्रेरित किया, बल्कि समाज में ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ किया। कार्यक्रम की सफल एवं गरिमामय अभिव्यक्ति में डाक विभाग के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उत्साही प्रतिभागियों, शिक्षण संस्थानों तथा सहयोगी संगठनों का बहुमूल्य एवं सराहनीय योगदान रहा।