पत्रकारिता के जनक थे देवर्षि नारद - मुरार त्रिपाठी*
आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में काशी प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख मुरार जी त्रिपाठी ने कहा कि देवर्षि नारद विश्व पत्रकारिता के आद्य पत्रकार थे। उनकी पत्रकारिता लोकमंगलकारी एवं निष्पक्ष रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुरार त्रिपाठी ने कहा - नारद जी लोक कल्याणकारी, संदेशवाहक और लोक संचारक के रूप में थे। आद्य पत्रकार नारद जी की पत्रकारिता सज्जन रक्षक एवं दुष्ट विनाशक की थी । इसलिए देवर्षि नारद जी को आद्य पत्रकार एवं प्रथम समाचार प्रदाता माना जाता है। सोशल मीडिया के पदार्पण से पत्रकारिता में नारदीय परंपरा और भी प्रासंगिक हो गई है। पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। निष्पक्ष एवं लोकमंगलकारी पत्रकारिता होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 बाल किशोर झा ने की। कार्यक्रम का समापन संघ के विभाग संघचालक डॉ0 ए0के0 सिंह जी ने की जबकि संचालन सह जिला कार्यवाह शक्ति पाठक ने की। इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश , विभाग बौद्धिक प्रमुख डॉ0 राधाकृष्ण मिश्र, जिला प्रचार प्रमुख नीरज त्रिपाठी, नगर प्रचारक सुशील जी, अभिषेक शुक्ल, देवेंद्र पाठक, विजय कुमार, पत्रकार बंधुओं में - जितेंद्र श्रीवास्तव , राकेश त्रिपाठी, दर्शन साहू, संजय तिवारी, भारतेन्दु मिश्र, अवधेश शुक्ल,विनय सिंह,सतीश पांडेय, संतोष पांडेय, रवि श्रीवास्तव, विजय पांडेय, शैलेश जी आदि उपस्थित रहे।
3 मई को अवर अभियंता परीक्षा में 2640 अभ्यर्थी होंगे शामिल
*डीएम ने अवर अभियंता परीक्षा की तैयारियों को परखा*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें तीन मई को होने वाली उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की अवर अभियंता परीक्षा को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए हुई तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि जिले में छह केंद्रों पर परीक्षा होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा होगी। जिसमें 2640 अभ्यर्थी शामिल होंगे।अधिकारियों से उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापक अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। डीएम ने कहा कि परीक्षा के दौरान नकल विहीन वातावरण बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए। एएसपी शुभम अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मी अपने-अपने तैनाती स्थलों पर समय से पहुंचें और पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण किया जाए। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि कोई भी प्रतिबंधित सामग्री अंदर न ले जाई जा सके।
बच्ची पर वैन चढ़ाने वाला गिरफ्तार,सिर पर चढ़ा दी थी गाड़ी
*देर रात बच्ची का हुआ अंतिम संस्कार

गोंडा।मारूति वैन की टक्कर से शिवानी सिंह (8) की मौत के मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने आरोपी वाहन चालक जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।मृतक बच्ची के पिता सुनील कुमार सिंह की तहरीर पर चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।कल हुई घटना के बाद परिजनों ने गोंडा लखनऊ हाइवे जामकर विरोध प्रदर्शन किया था।कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात शिवानी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवानी के सड़क पर गिरने और गाड़ी का टायर चढ़ने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि शिवानी के सिर से अधिक रक्त स्राव होने के कारण उसकी मौत हो गई है।यह घटना देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के तिवारी पुरवा बालपुर जाट गांव के पास हुई, जब शिवानी अपने बड़े पापा अनिल कुमार सिंह के ई रिक्शा पर बैठकर अपने चचेरे भाई अनूप और बहन नैंसी के साथ बालपुर बाजार कपड़े खरीदने जा रही थी।वे 5 मई को अपने चाचा अजय की शादी में शामिल होने के लिए खरीददारी कर रहे थे।इसी दौरान गोंडा से लखनऊ की तरफ जा रही एक मारुति वैन ने ई रिक्शा में टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि शिवानी सिंह सड़क पर गिर गई,वैन चालक ने घटना के बाद भागने के प्रयास में शिवानी के सिर पर गाड़ी चढ़ा दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।इस हादसे में घायल अनूप 9 वर्ष तथा नैंसी 6 वर्ष को एक स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।अस्पताल के डाक्टरों के अनुसार,दोनों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया है।मामले में देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका शिवानी का पोस्टमार्टम करवा कर देर रात ही परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।आरोपी वैन चालक जितेंद्र कुमार पुत्र दिलीप निवासी पूर्णिया जनपद लखनऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इन शर्तों पर मिली अग्रिम जमानत

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिल गई है। अब असम पुलिस पवन खेड़ा को अरेस्ट नहीं कर पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को जालसाजी और मानहानि के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने से जुड़ा है।

पवन खेड़ा ने की थी अग्रिम जमानत की मांग

असम पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मामले में जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने सुनवाई की। खेड़ा ने इस एफआईआर को चुनौती देते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बेंच ने पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज सुबह इसे जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर उठाया सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हाई कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियां उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों के सही मूल्यांकन पर आधारित नहीं थीं और वे त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती हैं। बेंच ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने आरोपित पर गलत तरीके से सबूत का बोझ डाल दिया, जो कि कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। अदालत के अनुसार, जांच एजेंसियों का काम आरोप साबित करना होता है, न कि आरोपी पर यह जिम्मेदारी डालना कि वह खुद को निर्दोष साबित करे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट का भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 339 से जुड़ी टिप्पणी करना भी गलत था, क्योंकि एफआईआर में इस धारा का कोई उल्लेख ही नहीं था।

अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा की ओर से दी दलीलें

पवन खेड़ा की ओर से गुरुवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलीलें रखी थीं। पवन खेड़ा की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था, पवन खेड़ा पर जो आरोप है, वह शिकायकर्ता की मानहानि करने का है। आरोप सही हैं या नहीं, यह ट्रायल में तय होगा। लेकिन इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। मानहानि के आरोप में पूछताछ की जा सकती है. गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध

वहीं असम सरकार की तरफ से अदालत में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि पवन खेड़ा ने झूठे दावे करने के लिए पासपोर्ट समेत कई जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। इसलिए, यह पता लगाने के लिए उनकी हिरासत जरूरी है कि इस काम में उनके कौन-कौन साथी शामिल थे और क्या इसमें कोई विदेशी तत्व भी शामिल हैं।

क्या है मामला?

बता दें कि मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में यह मामला पवन खेड़ा के खिलाफ तब दर्ज किया गया, जब उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं। इस मामले में पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। असम पुलिस 7 अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे

महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम: डी मोनफोर्ट अकादमी की छात्राओं ने लिया मिशन शक्ति का प्रेरक अनुभव
मेरठ/बहसूमा। डी मोनफोर्ट अकादमी की छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से स्थानीय थाने का शैक्षिक भ्रमण कर मिशन शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मिशन शक्ति प्रभारी एवं महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों का दायित्व संभाल रहीं सब-इंस्पेक्टर कुसुम पाल ने छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले आवश्यक उपायों के बारे में विस्तार से बताया।

सब-इंस्पेक्टर कुसुम पाल ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार किया। उन्होंने छात्राओं को कठिन परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत सहायता लेने के तरीकों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर छात्राओं के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें समाज के प्रति जागरूक बनाते हैं। वहीं विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि छात्राओं को प्रारंभ से ही आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना समय की मांग है।

विद्यालय के निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से परिचित कराते हैं, जिससे उनमें साहस और आत्मविश्वास का विकास होता है। उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने भी छात्राओं को सुरक्षा और आत्मरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया।

इस शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से छात्राओं ने कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं, जो उनके भविष्य में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी।
वकीलों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
किताबों की खरीद में दबाव, अवैध वसूली और सनबीम वीडियो वायरल प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग

रितेश मिश्रा
हरदोई में अधिवक्ताओं ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए। अंकुर सिंह चन्देल एडवोकेट और सुरेश कुमार मौर्या एडवोकेट ने कहा कि स्कूल परिसर में पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार का प्रदर्शन बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। साथ ही बिना अनुमति के किसी अभिभावक और प्रिंसिपल का वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार का हनन बताया गया। सनबीम प्रकरण में एक विडियो वायरल किया गया उसके संबंध में ही अधिवक्ता गण बात रख रहे थे। साथ ही शिक्षण कार्य के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का उग्र प्रदर्शन भी निशाने पर रहा।
ज्ञापन में वायरल वीडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया कि इसमें जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है, बल्कि स्थिति को उकसाकर वीडियो बनाए जाने की आशंका जताई गई है। अधिवक्ताओं ने बीएसए से पूरे मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
इसके अलावा निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताबों की खरीद के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने और मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में सेंट जेम्स इंटर कॉलेज, सेंट ज़ेवियर्स, बाल विद्या भवन, जेके पब्लिक स्कूल, क्रीसेंट एकेडमी समेत अन्य स्कूलों की जांच कराने और संबंधित दुकानदारों के रिकॉर्ड का सत्यापन कर कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान सुरेश कुशवाहा एडवोकेट, मोहम्मद अजहर एडवोकेट, सर्वेंद्र सिंह यादव एडवोकेट, दलबीर सिंह एडवोकेट, वेद प्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, अनुज जायसवाल एडवोकेट, ओमवीर सिंह एडवोकेट, अरविंद सिसोदिया एडवोकेट, बबलू पाल एडवोकेट और अजेंद्र सिंह एडवोकेट सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
लिंक एक्सप्रैस वे परियोजना से जुड़े दो लेखपाल हटाए गए, तीन लेखपालों के वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश

फर्रूखाबाद l जनपद में प्रस्तावित फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना हेतु भूमि क्रय कार्यों की प्रगति की जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर द्वारा समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप भूमि क्रय कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं की जा रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वपूर्ण एवं जनहित से जुड़ी परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित राजस्व कार्मिकों को अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

प्रगति में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 02 लेखपालों—सौरभ पांडेय एवं अतुल प्रताप सिंह—को तत्काल प्रभाव से भूलेख कार्यालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 03 लेखपालों—विकास दीक्षित, सुभाष चंद्र एवं सत्येंद्र गंगवार—का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भूमि क्रय की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना जनपद के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो के बच्चों ने खोले अपने दिल के राज़ और बताया गर्मी की छुट्टियाँ क्यों हैं खास

मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश, अप्रैल 2026: जब स्कूल बैग को मिलती है छुट्टी और अलार्म घड़ी भी लेती है आराम, तभी शुरू होता है खुशियों का सबसे प्यारा मौसम और वह है गर्मी की छुट्टियाँ। यह एक ऐसा समय होता है, जब हर दिन एक नई कहानी, हँसी, मस्ती और छोटे-छोटे एडवेंचर से भरा होता है। गर्मी सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि आज़ादी, खुशियों और यादगार पलों का खज़ाना है, जो हमेशा दिल में बस जाता है। वहीं, 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो के नन्हें सितारों के लिए भी यह मौसम किसी जादू से कम नहीं है, जहाँ हर किसी के पास अपनी-अपनी खुशियों की एक खास वजह है।
तारा का रोल निभाने वालीं बाल कलाकार हरीति जोशी कहती हैं, "मुझे गर्मी की छुट्टियाँ बहुत पसंद हैं, क्योंकि यह आम का मौसम होता है। मेरी मम्मी जानती हैं कि मुझे आम बहुत पसंद है, इसलिए वे मेरे लिए आम से बनी अलग-अलग चीज़ें बनाती रहती हैं। कभी आम का शेक, कभी आमरस और कभी घर पर आम की आइसक्रीम। इसलिए लगभग हर दिन मुझे आम खाने को मिलता है। इसी वजह से मुझे गर्मी बहुत पसंद है और मैं पूरे साल इसका इंतज़ार करती हूँ।"
शुद्धि का किरदार निभाने वालीं रिद्धि शर्मा के लिए गर्मी का मतलब है परिवार का प्यार। वे कहती हैं, "मुझे सबसे ज्यादा अच्छा लगता है गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के घर जाना। वह मेरे लिए ढेर सारी खुशियों से भरी जगह है, क्योंकि वहाँ मुझे बहुत प्यार और दुलार मिलता है। मेरी नानी मेरा पसंदीदा खाना बनाती हैं, मजेदार कहानियाँ सुनाती हैं और मैं पूरे दिन अपने कज़िन्स के साथ खेलती हूँ। ऐसा लगता है, जैसे पूरा परिवार एक साथ खूब मौज कर रहा हो और मैं चाहती हूँ कि ये दिन कभी खत्म न हों।"
जीनू का रोल निभाने वाले अनाफ खत्री के लिए गर्मी का मतलब है खूब सारा खेल और मस्ती। वे कहते हैं, "गर्मी की छुट्टियाँ सबसे अच्छी होती हैं, क्योंकि मैं पूरे दिन खेल सकता हूँ और कोई मुझे रोकता नहीं है। क्रिकेट, फुटबॉल और छुपन-छुपाई जैसे खेलों से हर दिन मजेदार बन जाता है। मैं और मेरे दोस्त खूब हँसते हैं, दौड़ते हैं और कभी-कभी खेलते-खेलते थोड़ा झगड़ भी लेते हैं, लेकिन वही मज़ा है। मेरे लिए गर्मी का मतलब है खूब मस्ती।"
सप्पू का किरदार निभाने वाले अकदास खान को छुट्टियों में नई जगहें घूमना बहुत पसंद है। वे कहते हैं, "मुझे गर्मी की छुट्टियाँ बहुत अच्छी लगती हैं, क्योंकि इसी समय हम फैमिली ट्रिप पर जाते हैं। मुझे नई जगहों पर जाना, अलग-अलग शहर देखना और नया खाना ट्राई करना बहुत अच्छा लगता है। हर ट्रिप एक नया एडवेंचर होता है, जहाँ मैं कुछ नया सीखता हूँ। मुझे फोटो खींचना और यादें बनाना भी बहुत पसंद है। मेरे लिए गर्मी का मतलब है घूमना, मज़े करना और नई चीज़ें सीखना।"
गीक का किरदार निभाने वाले हनीश कौशल के लिए गर्मी सीखने और आगे बढ़ने का समय है। वे कहते हैं, "मेरे लिए गर्मी की छुट्टियाँ बहुत खास होती हैं, क्योंकि हर साल मैं कुछ नया सीखने की कोशिश करता हूँ। कभी कोई मजेदार एक्टिविटी, तो कभी कोई नई हॉबी। छुट्टियों के अंत तक मुझे गर्व होता है कि मैंने कुछ नया सीखा है। मुझे नई चीज़ें ट्राई करना बहुत पसंद है और गर्मी का समय इसके लिए सबसे अच्छा होता है।"

आप देख सकते हैं 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो हर सोमवार से शनिवार, शाम 7:30 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
देवघर-उपायुक्त की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास की गणना को लेकर प्रेसवार्ता का आयोजन
देवघर: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आज 30 अप्रैल 2026 को सूचना भवन सभागार में जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की दिशा में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए इस बार जनगणना की प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल बनाया गया है। आगे उन्होंने कहा कि पहला चरण मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून 2026 तक होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संपन्न किया जायेगा। इसके अलावा प्रेस वार्ता के दौरान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि इस प्रथम चरण में मकानों की स्थिति, घर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं (जैसे पेयजल, बिजली, शौचालय) और संपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान जातिगत डेटा या व्यक्तिगत दस्तावेजों की मांग नहीं की जा रही है, बल्कि यह केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए है। आगे उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि जनगणना राष्ट्र के निर्माण और भविष्य की योजनाओं के निर्धारण का आधार है। मैं जिले के समस्त नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे 'स्व-गणना' पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें और प्रगणकों को सही व सटीक जानकारी देकर इस पहल को सफल बनाएँ। आगे उन्होंने कहा कि जिले में जनगणना के लिए 04 चार्ज पदाधिकारी 11, जनगणना अपर चार्ज पदाधिकारी 11, एचएलबी 3577, प्रगणक 2312 तथा पर्यवेक्षक 383 नियुक्त किये गये हैं। उपायुक्त ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। इस बार नागरिकों की सुविधा के लिए स्वगणना की व्यवस्था भी की गयी है, जो मकान सूचीकरण से 15 दिन पूर्व यानी एक मई से 15 मई तक पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। साथ ही नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी भर सकेंगे और उन्हें एक विशेष आइडी प्राप्त होगी, जिसका उपयोग प्रगणक द्वारा सत्यापन के समय किया जायेगा। आगे जिले में होने वाली जनगणना को लेकर सरकार द्वारा प्रतिनियुक्त नोडल पदाधिकारी श्री चौरसिया ने एवं नगर आयुक्त ने विस्तृत जानकारी से सभी को अवगत कराया गया। *स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिकों के लिए विशेष सुविधा....* उपायुक्त ने जानकारी दी कि झारखंड में 01 मई से 15 मई 2026 तक 'स्व-गणना' की विशेष अवधि निर्धारित की गई है। *प्रक्रिया: नागरिक आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन कर अपने परिवार का विवरण स्वयं भर सकते हैं।* *लाभ: इससे नागरिकों को प्रगणक के आने का इंतज़ार नहीं करना होगा और वे अपनी सुविधा के अनुसार सटीक जानकारी दर्ज कर सकेंगे।* *SE ID और प्रगणकों का घर-घर दौरा (16 मई से)....* स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिस्टम द्वारा एक SE ID (Self-Enumeration ID) जेनरेट की जाएगी, जो नागरिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। सत्यापन: 16 मई 2026 से प्रगणक (Enumerators) मोबाइल ऐप के साथ घर-घर जाएंगे। अनिवार्यता: जिन परिवारों ने स्व-गणना कर ली है, उन्हें प्रगणक के आने पर केवल अपनी SE ID साझा करनी होगी। प्रगणक उस आईडी को अपने ऐप में दर्ज कर डेटा का मिलान और सत्यापन करेंगे। इस दौरान उपरोक्त के अलावा नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी व संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।
हजारीबाग में पत्रकारों पर हमले के खिलाफ प्रेस क्लब का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

हजारीबाग। प्रेस क्लब हजारीबाग का एक प्रतिनिधिमंडल 30 अप्रैल को अध्यक्ष उमेश प्रताप के नेतृत्व में हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती से मिलकर उनके माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हजारीबाग में 28 अप्रैल 2026 को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में दो पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना में शामिल आरोपियों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की गई। साथ ही जिले में मान्यता प्राप्त निबंधित अखबार और न्यूज चैनल के अधिकृत पत्रकारों की सूची तैयार करने का भी आग्रह किया गया ताकि पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा और उसकी गरिमा कायम रह सके। अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी पत्रकार घटना की निंदा करते हैं। आगे ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन और सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा की मांग करते हैं। उन्होंने एक ही परिवार के तीन लोगों की हुई संदिग्ध हत्याकांड की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब हजारीबाग के अध्यक्ष उमेश प्रताप के साथ संयुक्त सचिव देवनारायण प्रसाद, कोषाध्यक्ष अमरनाथ पाठक, वरिष्ठ पत्रकार सहदेव प्रसाद लोहानी, जयनारायण प्रसाद, कार्यकारिणी सदस्य मो. शमीम अहमद, प्रमोद खंडेलवाल, अजय निराला, अविनाश अंजन, अनिल राणा, रामशरण शर्मा, गणेश कुमार प्रजापति, कैलाश यादव, बलदेव शर्मा, मो एहसान, मनोज कुमार समेत कई पत्रकार शामिल थे।

पत्रकारिता के जनक थे देवर्षि नारद - मुरार त्रिपाठी*
आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में काशी प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख मुरार जी त्रिपाठी ने कहा कि देवर्षि नारद विश्व पत्रकारिता के आद्य पत्रकार थे। उनकी पत्रकारिता लोकमंगलकारी एवं निष्पक्ष रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुरार त्रिपाठी ने कहा - नारद जी लोक कल्याणकारी, संदेशवाहक और लोक संचारक के रूप में थे। आद्य पत्रकार नारद जी की पत्रकारिता सज्जन रक्षक एवं दुष्ट विनाशक की थी । इसलिए देवर्षि नारद जी को आद्य पत्रकार एवं प्रथम समाचार प्रदाता माना जाता है। सोशल मीडिया के पदार्पण से पत्रकारिता में नारदीय परंपरा और भी प्रासंगिक हो गई है। पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। निष्पक्ष एवं लोकमंगलकारी पत्रकारिता होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 बाल किशोर झा ने की। कार्यक्रम का समापन संघ के विभाग संघचालक डॉ0 ए0के0 सिंह जी ने की जबकि संचालन सह जिला कार्यवाह शक्ति पाठक ने की। इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश , विभाग बौद्धिक प्रमुख डॉ0 राधाकृष्ण मिश्र, जिला प्रचार प्रमुख नीरज त्रिपाठी, नगर प्रचारक सुशील जी, अभिषेक शुक्ल, देवेंद्र पाठक, विजय कुमार, पत्रकार बंधुओं में - जितेंद्र श्रीवास्तव , राकेश त्रिपाठी, दर्शन साहू, संजय तिवारी, भारतेन्दु मिश्र, अवधेश शुक्ल,विनय सिंह,सतीश पांडेय, संतोष पांडेय, रवि श्रीवास्तव, विजय पांडेय, शैलेश जी आदि उपस्थित रहे।
3 मई को अवर अभियंता परीक्षा में 2640 अभ्यर्थी होंगे शामिल
*डीएम ने अवर अभियंता परीक्षा की तैयारियों को परखा*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें तीन मई को होने वाली उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की अवर अभियंता परीक्षा को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए हुई तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि जिले में छह केंद्रों पर परीक्षा होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा होगी। जिसमें 2640 अभ्यर्थी शामिल होंगे।अधिकारियों से उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापक अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। डीएम ने कहा कि परीक्षा के दौरान नकल विहीन वातावरण बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए। एएसपी शुभम अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मी अपने-अपने तैनाती स्थलों पर समय से पहुंचें और पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण किया जाए। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि कोई भी प्रतिबंधित सामग्री अंदर न ले जाई जा सके।
बच्ची पर वैन चढ़ाने वाला गिरफ्तार,सिर पर चढ़ा दी थी गाड़ी
*देर रात बच्ची का हुआ अंतिम संस्कार

गोंडा।मारूति वैन की टक्कर से शिवानी सिंह (8) की मौत के मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने आरोपी वाहन चालक जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।मृतक बच्ची के पिता सुनील कुमार सिंह की तहरीर पर चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।कल हुई घटना के बाद परिजनों ने गोंडा लखनऊ हाइवे जामकर विरोध प्रदर्शन किया था।कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात शिवानी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवानी के सड़क पर गिरने और गाड़ी का टायर चढ़ने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि शिवानी के सिर से अधिक रक्त स्राव होने के कारण उसकी मौत हो गई है।यह घटना देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के तिवारी पुरवा बालपुर जाट गांव के पास हुई, जब शिवानी अपने बड़े पापा अनिल कुमार सिंह के ई रिक्शा पर बैठकर अपने चचेरे भाई अनूप और बहन नैंसी के साथ बालपुर बाजार कपड़े खरीदने जा रही थी।वे 5 मई को अपने चाचा अजय की शादी में शामिल होने के लिए खरीददारी कर रहे थे।इसी दौरान गोंडा से लखनऊ की तरफ जा रही एक मारुति वैन ने ई रिक्शा में टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि शिवानी सिंह सड़क पर गिर गई,वैन चालक ने घटना के बाद भागने के प्रयास में शिवानी के सिर पर गाड़ी चढ़ा दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।इस हादसे में घायल अनूप 9 वर्ष तथा नैंसी 6 वर्ष को एक स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।अस्पताल के डाक्टरों के अनुसार,दोनों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया है।मामले में देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका शिवानी का पोस्टमार्टम करवा कर देर रात ही परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।आरोपी वैन चालक जितेंद्र कुमार पुत्र दिलीप निवासी पूर्णिया जनपद लखनऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इन शर्तों पर मिली अग्रिम जमानत

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिल गई है। अब असम पुलिस पवन खेड़ा को अरेस्ट नहीं कर पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को जालसाजी और मानहानि के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने से जुड़ा है।

पवन खेड़ा ने की थी अग्रिम जमानत की मांग

असम पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मामले में जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने सुनवाई की। खेड़ा ने इस एफआईआर को चुनौती देते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बेंच ने पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज सुबह इसे जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर उठाया सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हाई कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियां उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों के सही मूल्यांकन पर आधारित नहीं थीं और वे त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती हैं। बेंच ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने आरोपित पर गलत तरीके से सबूत का बोझ डाल दिया, जो कि कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। अदालत के अनुसार, जांच एजेंसियों का काम आरोप साबित करना होता है, न कि आरोपी पर यह जिम्मेदारी डालना कि वह खुद को निर्दोष साबित करे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट का भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 339 से जुड़ी टिप्पणी करना भी गलत था, क्योंकि एफआईआर में इस धारा का कोई उल्लेख ही नहीं था।

अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा की ओर से दी दलीलें

पवन खेड़ा की ओर से गुरुवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलीलें रखी थीं। पवन खेड़ा की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था, पवन खेड़ा पर जो आरोप है, वह शिकायकर्ता की मानहानि करने का है। आरोप सही हैं या नहीं, यह ट्रायल में तय होगा। लेकिन इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। मानहानि के आरोप में पूछताछ की जा सकती है. गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध

वहीं असम सरकार की तरफ से अदालत में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि पवन खेड़ा ने झूठे दावे करने के लिए पासपोर्ट समेत कई जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। इसलिए, यह पता लगाने के लिए उनकी हिरासत जरूरी है कि इस काम में उनके कौन-कौन साथी शामिल थे और क्या इसमें कोई विदेशी तत्व भी शामिल हैं।

क्या है मामला?

बता दें कि मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में यह मामला पवन खेड़ा के खिलाफ तब दर्ज किया गया, जब उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं। इस मामले में पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। असम पुलिस 7 अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे

महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम: डी मोनफोर्ट अकादमी की छात्राओं ने लिया मिशन शक्ति का प्रेरक अनुभव
मेरठ/बहसूमा। डी मोनफोर्ट अकादमी की छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से स्थानीय थाने का शैक्षिक भ्रमण कर मिशन शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मिशन शक्ति प्रभारी एवं महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों का दायित्व संभाल रहीं सब-इंस्पेक्टर कुसुम पाल ने छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले आवश्यक उपायों के बारे में विस्तार से बताया।

सब-इंस्पेक्टर कुसुम पाल ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार किया। उन्होंने छात्राओं को कठिन परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत सहायता लेने के तरीकों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर छात्राओं के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें समाज के प्रति जागरूक बनाते हैं। वहीं विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि छात्राओं को प्रारंभ से ही आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना समय की मांग है।

विद्यालय के निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से परिचित कराते हैं, जिससे उनमें साहस और आत्मविश्वास का विकास होता है। उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने भी छात्राओं को सुरक्षा और आत्मरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया।

इस शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से छात्राओं ने कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं, जो उनके भविष्य में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी।
वकीलों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
किताबों की खरीद में दबाव, अवैध वसूली और सनबीम वीडियो वायरल प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग

रितेश मिश्रा
हरदोई में अधिवक्ताओं ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए। अंकुर सिंह चन्देल एडवोकेट और सुरेश कुमार मौर्या एडवोकेट ने कहा कि स्कूल परिसर में पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार का प्रदर्शन बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। साथ ही बिना अनुमति के किसी अभिभावक और प्रिंसिपल का वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार का हनन बताया गया। सनबीम प्रकरण में एक विडियो वायरल किया गया उसके संबंध में ही अधिवक्ता गण बात रख रहे थे। साथ ही शिक्षण कार्य के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का उग्र प्रदर्शन भी निशाने पर रहा।
ज्ञापन में वायरल वीडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया कि इसमें जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है, बल्कि स्थिति को उकसाकर वीडियो बनाए जाने की आशंका जताई गई है। अधिवक्ताओं ने बीएसए से पूरे मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
इसके अलावा निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताबों की खरीद के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने और मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में सेंट जेम्स इंटर कॉलेज, सेंट ज़ेवियर्स, बाल विद्या भवन, जेके पब्लिक स्कूल, क्रीसेंट एकेडमी समेत अन्य स्कूलों की जांच कराने और संबंधित दुकानदारों के रिकॉर्ड का सत्यापन कर कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान सुरेश कुशवाहा एडवोकेट, मोहम्मद अजहर एडवोकेट, सर्वेंद्र सिंह यादव एडवोकेट, दलबीर सिंह एडवोकेट, वेद प्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, अनुज जायसवाल एडवोकेट, ओमवीर सिंह एडवोकेट, अरविंद सिसोदिया एडवोकेट, बबलू पाल एडवोकेट और अजेंद्र सिंह एडवोकेट सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
लिंक एक्सप्रैस वे परियोजना से जुड़े दो लेखपाल हटाए गए, तीन लेखपालों के वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश

फर्रूखाबाद l जनपद में प्रस्तावित फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना हेतु भूमि क्रय कार्यों की प्रगति की जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर द्वारा समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप भूमि क्रय कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं की जा रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वपूर्ण एवं जनहित से जुड़ी परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित राजस्व कार्मिकों को अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

प्रगति में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 02 लेखपालों—सौरभ पांडेय एवं अतुल प्रताप सिंह—को तत्काल प्रभाव से भूलेख कार्यालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 03 लेखपालों—विकास दीक्षित, सुभाष चंद्र एवं सत्येंद्र गंगवार—का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भूमि क्रय की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना जनपद के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो के बच्चों ने खोले अपने दिल के राज़ और बताया गर्मी की छुट्टियाँ क्यों हैं खास

मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश, अप्रैल 2026: जब स्कूल बैग को मिलती है छुट्टी और अलार्म घड़ी भी लेती है आराम, तभी शुरू होता है खुशियों का सबसे प्यारा मौसम और वह है गर्मी की छुट्टियाँ। यह एक ऐसा समय होता है, जब हर दिन एक नई कहानी, हँसी, मस्ती और छोटे-छोटे एडवेंचर से भरा होता है। गर्मी सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि आज़ादी, खुशियों और यादगार पलों का खज़ाना है, जो हमेशा दिल में बस जाता है। वहीं, 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो के नन्हें सितारों के लिए भी यह मौसम किसी जादू से कम नहीं है, जहाँ हर किसी के पास अपनी-अपनी खुशियों की एक खास वजह है।
तारा का रोल निभाने वालीं बाल कलाकार हरीति जोशी कहती हैं, "मुझे गर्मी की छुट्टियाँ बहुत पसंद हैं, क्योंकि यह आम का मौसम होता है। मेरी मम्मी जानती हैं कि मुझे आम बहुत पसंद है, इसलिए वे मेरे लिए आम से बनी अलग-अलग चीज़ें बनाती रहती हैं। कभी आम का शेक, कभी आमरस और कभी घर पर आम की आइसक्रीम। इसलिए लगभग हर दिन मुझे आम खाने को मिलता है। इसी वजह से मुझे गर्मी बहुत पसंद है और मैं पूरे साल इसका इंतज़ार करती हूँ।"
शुद्धि का किरदार निभाने वालीं रिद्धि शर्मा के लिए गर्मी का मतलब है परिवार का प्यार। वे कहती हैं, "मुझे सबसे ज्यादा अच्छा लगता है गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के घर जाना। वह मेरे लिए ढेर सारी खुशियों से भरी जगह है, क्योंकि वहाँ मुझे बहुत प्यार और दुलार मिलता है। मेरी नानी मेरा पसंदीदा खाना बनाती हैं, मजेदार कहानियाँ सुनाती हैं और मैं पूरे दिन अपने कज़िन्स के साथ खेलती हूँ। ऐसा लगता है, जैसे पूरा परिवार एक साथ खूब मौज कर रहा हो और मैं चाहती हूँ कि ये दिन कभी खत्म न हों।"
जीनू का रोल निभाने वाले अनाफ खत्री के लिए गर्मी का मतलब है खूब सारा खेल और मस्ती। वे कहते हैं, "गर्मी की छुट्टियाँ सबसे अच्छी होती हैं, क्योंकि मैं पूरे दिन खेल सकता हूँ और कोई मुझे रोकता नहीं है। क्रिकेट, फुटबॉल और छुपन-छुपाई जैसे खेलों से हर दिन मजेदार बन जाता है। मैं और मेरे दोस्त खूब हँसते हैं, दौड़ते हैं और कभी-कभी खेलते-खेलते थोड़ा झगड़ भी लेते हैं, लेकिन वही मज़ा है। मेरे लिए गर्मी का मतलब है खूब मस्ती।"
सप्पू का किरदार निभाने वाले अकदास खान को छुट्टियों में नई जगहें घूमना बहुत पसंद है। वे कहते हैं, "मुझे गर्मी की छुट्टियाँ बहुत अच्छी लगती हैं, क्योंकि इसी समय हम फैमिली ट्रिप पर जाते हैं। मुझे नई जगहों पर जाना, अलग-अलग शहर देखना और नया खाना ट्राई करना बहुत अच्छा लगता है। हर ट्रिप एक नया एडवेंचर होता है, जहाँ मैं कुछ नया सीखता हूँ। मुझे फोटो खींचना और यादें बनाना भी बहुत पसंद है। मेरे लिए गर्मी का मतलब है घूमना, मज़े करना और नई चीज़ें सीखना।"
गीक का किरदार निभाने वाले हनीश कौशल के लिए गर्मी सीखने और आगे बढ़ने का समय है। वे कहते हैं, "मेरे लिए गर्मी की छुट्टियाँ बहुत खास होती हैं, क्योंकि हर साल मैं कुछ नया सीखने की कोशिश करता हूँ। कभी कोई मजेदार एक्टिविटी, तो कभी कोई नई हॉबी। छुट्टियों के अंत तक मुझे गर्व होता है कि मैंने कुछ नया सीखा है। मुझे नई चीज़ें ट्राई करना बहुत पसंद है और गर्मी का समय इसके लिए सबसे अच्छा होता है।"

आप देख सकते हैं 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो हर सोमवार से शनिवार, शाम 7:30 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
देवघर-उपायुक्त की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास की गणना को लेकर प्रेसवार्ता का आयोजन
देवघर: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आज 30 अप्रैल 2026 को सूचना भवन सभागार में जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की दिशा में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए इस बार जनगणना की प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल बनाया गया है। आगे उन्होंने कहा कि पहला चरण मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून 2026 तक होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संपन्न किया जायेगा। इसके अलावा प्रेस वार्ता के दौरान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि इस प्रथम चरण में मकानों की स्थिति, घर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं (जैसे पेयजल, बिजली, शौचालय) और संपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान जातिगत डेटा या व्यक्तिगत दस्तावेजों की मांग नहीं की जा रही है, बल्कि यह केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए है। आगे उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि जनगणना राष्ट्र के निर्माण और भविष्य की योजनाओं के निर्धारण का आधार है। मैं जिले के समस्त नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे 'स्व-गणना' पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें और प्रगणकों को सही व सटीक जानकारी देकर इस पहल को सफल बनाएँ। आगे उन्होंने कहा कि जिले में जनगणना के लिए 04 चार्ज पदाधिकारी 11, जनगणना अपर चार्ज पदाधिकारी 11, एचएलबी 3577, प्रगणक 2312 तथा पर्यवेक्षक 383 नियुक्त किये गये हैं। उपायुक्त ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। इस बार नागरिकों की सुविधा के लिए स्वगणना की व्यवस्था भी की गयी है, जो मकान सूचीकरण से 15 दिन पूर्व यानी एक मई से 15 मई तक पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। साथ ही नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी भर सकेंगे और उन्हें एक विशेष आइडी प्राप्त होगी, जिसका उपयोग प्रगणक द्वारा सत्यापन के समय किया जायेगा। आगे जिले में होने वाली जनगणना को लेकर सरकार द्वारा प्रतिनियुक्त नोडल पदाधिकारी श्री चौरसिया ने एवं नगर आयुक्त ने विस्तृत जानकारी से सभी को अवगत कराया गया। *स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिकों के लिए विशेष सुविधा....* उपायुक्त ने जानकारी दी कि झारखंड में 01 मई से 15 मई 2026 तक 'स्व-गणना' की विशेष अवधि निर्धारित की गई है। *प्रक्रिया: नागरिक आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन कर अपने परिवार का विवरण स्वयं भर सकते हैं।* *लाभ: इससे नागरिकों को प्रगणक के आने का इंतज़ार नहीं करना होगा और वे अपनी सुविधा के अनुसार सटीक जानकारी दर्ज कर सकेंगे।* *SE ID और प्रगणकों का घर-घर दौरा (16 मई से)....* स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिस्टम द्वारा एक SE ID (Self-Enumeration ID) जेनरेट की जाएगी, जो नागरिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। सत्यापन: 16 मई 2026 से प्रगणक (Enumerators) मोबाइल ऐप के साथ घर-घर जाएंगे। अनिवार्यता: जिन परिवारों ने स्व-गणना कर ली है, उन्हें प्रगणक के आने पर केवल अपनी SE ID साझा करनी होगी। प्रगणक उस आईडी को अपने ऐप में दर्ज कर डेटा का मिलान और सत्यापन करेंगे। इस दौरान उपरोक्त के अलावा नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी व संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।
हजारीबाग में पत्रकारों पर हमले के खिलाफ प्रेस क्लब का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

हजारीबाग। प्रेस क्लब हजारीबाग का एक प्रतिनिधिमंडल 30 अप्रैल को अध्यक्ष उमेश प्रताप के नेतृत्व में हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती से मिलकर उनके माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हजारीबाग में 28 अप्रैल 2026 को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में दो पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना में शामिल आरोपियों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की गई। साथ ही जिले में मान्यता प्राप्त निबंधित अखबार और न्यूज चैनल के अधिकृत पत्रकारों की सूची तैयार करने का भी आग्रह किया गया ताकि पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा और उसकी गरिमा कायम रह सके। अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी पत्रकार घटना की निंदा करते हैं। आगे ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन और सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा की मांग करते हैं। उन्होंने एक ही परिवार के तीन लोगों की हुई संदिग्ध हत्याकांड की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब हजारीबाग के अध्यक्ष उमेश प्रताप के साथ संयुक्त सचिव देवनारायण प्रसाद, कोषाध्यक्ष अमरनाथ पाठक, वरिष्ठ पत्रकार सहदेव प्रसाद लोहानी, जयनारायण प्रसाद, कार्यकारिणी सदस्य मो. शमीम अहमद, प्रमोद खंडेलवाल, अजय निराला, अविनाश अंजन, अनिल राणा, रामशरण शर्मा, गणेश कुमार प्रजापति, कैलाश यादव, बलदेव शर्मा, मो एहसान, मनोज कुमार समेत कई पत्रकार शामिल थे।