सत्ता और विपक्ष का महामिलन: लोक भवन में आयोजित रात्रि भोज में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज हुए शामिल।
रांची: षष्ठम झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र-2026 के सफल संचालन के उपलक्ष्य में लोक भवन में एक भव्य रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के माननीय सदस्यों के सम्मान में एक मंच पर राज्य की प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं।
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इस गरिमामय संध्या में माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मुख्य रूप से सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का स्वागत किया और दोनों ने राज्य के विकास और सदन की कार्यवाही को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा की।
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एकजुटता का संदेश:
सदन की गहमागहमी और बजट सत्र की व्यस्तताओं के बीच, इस रात्रि भोज ने सभी माननीयों को एक अनौपचारिक वातावरण में मिलने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न दलों के विधायकगण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
भोज के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संवाद पर जोर रहा, जिससे यह संदेश गया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद राज्य के हित में सभी माननीय एक साथ खड़े हैं। कार्यक्रम का आयोजन पूरी गरिमा के साथ किया गया, जिसमें झारखंड की मेहमाननवाजी की झलक देखने को मिली।







आयोजन सुगौली, पू.च: नगर पंचायत क्षेत्र में जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव भाई अलीहसन के निजी आवास पर रोजेदारों के सम्मान में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में रोजेदारों,सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से धार्मिक,सामाजिक और भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। इफ्तार के समय सभी रोजेदारों ने एक साथ बैठकर रोजा खोला। इस दौरान लोगों ने अल्लाह की इबादत करते हुए अमन,चैन और देश में सुख-समृद्धि की दुआ मांगी।
उपस्थित लोगों ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना लोगों को संयम, त्याग और मानवता की सेवा का संदेश देता है। इस अवसर पर आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे की झलक साफ दिखाई दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी प्रेम,सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। इफ्तार पार्टी के दौरान विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ बैठकर रोजा खोलते नजर आए, जो सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बना। इफ्तार पार्टी में शामिल लोगों ने भाई अलीहसन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं। बड़ी संख्या में रोजेदारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर रमजान की मुबारकबाद दी। इफ्तार के बाद सभी ने मिलकर क्षेत्र की तरक्की, शांति और खुशहाली के लिए दुआ की। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में रोजेदार एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आ रहे हैं, जो इस आयोजन की खासियत को दर्शाता है।

झारखंड राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम'' का आज सातवां दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल को चरितार्थ करते हुए देवघर की जनता द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योगी स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीददारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री के स्वदेशी के संकल्प को सार्थक करने की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए मनोज कुमार, अध्यक्ष, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के कुशल नेतृत्व में लगाई यह प्रदर्शनी सह बिक्री खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्पादों की रिकार्ड बिक्री को पार करेगी। ''खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्पादों की राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी में रिकार्ड बिक्री।
विशेष आकर्षण :- सभी आयु वर्ग के नगरवासियों का अभूतपूर्व आगमन I विभिन्न स्टॉलों पर जमकर खादी वस्त्रों और ग्रामोद्योगी वस्तुओं की, की गई खरीदारी I झारखण्ड राज्य के खादी की स्टॉलों पर लोकल खादी वस्त्र जैसे- सिल्क खादी, सूती खादी, मसलीन खादी तथा पोलीवस्त्र के अलावा पारंपरिक खादी के वस्त्र लोगों के लिए आकर्षण के केन्द्र।
युवाओं को लुभा रही है- खादी के रेडीमेड कुर्ता-पाजामा, खादी बंडी, रेशमी खादी के सर्ट-पैंट आदि। सन 1957 से आयोग द्वारा वित्तपोषित खादी की संस्थाऍं जो देश की आजादी की परिचायक 'खादी' की विरासत को संजोए हुए हैं एवं खादी को आधुनिक परिवेश के अनुसार नये कलेवर में प्रस्तुत कर रही हैं। खादी की स्टॉलों पर उपलब्ध तसर -कटिया से निर्मित कुर्ते बंडी, शर्ट तथा तसर साड़ियों, कुर्ती, सलवार -सूट पीस लोगों की खास पसन्द I पश्चिम बंगाल की संस्थाओं के स्टॉलों पर पश्चिम बंगाल की पहचान कहे जाने वाले बारीक मलमल (मसलीन) विशेष आकर्षण का केन्द्र, जिसे प्राचीन काल में राजा-महाराजाओं द्वारा पहनने का प्रचलन था। पश्चिम बंगाल की खादी संस्थाओं के स्टॉलों पर बालूचरी साड़ियाँ, काथा साड़ियाँ, पश्चिम बंगाल की पारंपरिक सूती साड़ियाँ भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र। सुस्वादपूर्ण आँवला के मुरब्बे, आँवला कैंडी एवं विभिन्न प्रकार के आचार, चटनी आदि के ग्रामोद्योगी उत्पाद भी धड़ले से मेले में बिक रहे। खादी वस्त्र बुनाई के सजीव प्रदर्शन हेतु स्थापित किया गया एक फ्रेम का लूम बच्चों एवं नई पीढ़ी के लिए कौतूहल का केन्द्र। यहां की जा रही पोली- कटिया थान की लाईव बुनाई, इस आधुनिक परिवेश में बच्चों को देखने एवं समझने के लायक। प्रदर्शनी स्थल पर देवघर के प्रतिभावान कलाकारों द्वारा प्रतिदिन प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे स्वस्थ मनोरंजन के अवसर जो बच्चों एवं कलाप्रेमियों को कर रहे मंत्रमुग्ध। ऐसा प्रतीत होता है कि सम्पूर्ण देवघरवासी माननीय प्रधानमंत्री जी के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने हेतु उक्त प्रदर्शनी में स्वदेश एवं दूर - दराज के गाँवों में निर्मित खादी एवं ग्रामोद्योग वस्तुओं की खरीदारी करके अपना योगदान देश के प्रति समर्पित कर रहें हैं I आयोजकों द्वारा अपील की भारी संख्या में पधारकर इस दुलर्भ अवसर का लाभ उठायें एवं अपनी छोटी-छोटी खरीददारी से देश की अर्थव्यवस्था में अपना सकारात्मक योगदान देकर एक सच्चे देशभक्त होने का गौरव प्राप्त करें
40 min ago
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