मौसम का बदला मिजाज, तेज हवाओं संग बारिश शुरू, तापमान गिरा
*रेड अलर्ट जारी,आकाशीय बिजली चमकी

गोंडा।जिले में आज सुबह लगभग 10 बजे मौसम ने अचानक करवट ले लिया और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरु हो गई,जिसके कारण तापमान में गिरावट दर्ज किया गया।इस दौरान आकाशीय बिजली भी चमकती रही।मौसम के बदले मिजाज के मद्देनजर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।जिले में पिछले 24 घंटे पहले भी बारिश हुई थी और तापमान में  काफी कमी आई थी।जिले के कटरा बाजार, कौड़िया व दुबहा बाजार जैसे कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है।कई हिस्सों में घने बादल छाए रहने से दिन में ही अंधेरा छा गया।पांच मई को होने वाले वैवाहिक व तिलक समारोहों की तैयारियों पर भी इसका असर पड़ा है,जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई है।जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है,जबकि अन्य क्षेत्रों में भी घने बादलों के कारण बारिश का अनुमान है।राजेश श्रीवास्तव ने सभी लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी मिली है,जिसके मद्देनजर लोगों को एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
लाइसेंसी बन्दूक से धमकाने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
*भांग की दुकान पर लोगों को डरा रहा था

गोंडा।नगर कोतवाली पुलिस ने लाइसेंसी बन्दूक से लोगों को धमकाने और रौब झाड़ने के आरोप में प्रत्यूष पांडेय उर्फ पीयूष पांडेय को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण करवा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।वह सरकारी भांग की दुकानों पर जाकर राहगीरों और दुकान मालिकों को धमकाता था।यह कार्रवाई गल्ला मंडी के सामने स्थित एक सरकारी भांग की दुकान पर हुई।पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रत्यूष पांडेय वहां लाइसेंसी बन्दूक लेकर एक व्यक्ति को धमका रहा था।सूचना पाकर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और प्रत्यूष पांडेय को बन्दूक सहित पकड़कर नगर कोतवाली ले आई।पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रत्यूष पांडेय और पिता का नाम दिनेश चंद्र पांडेय निवासी जानकी नगर बताया।जांच में सामने आया कि 12 बोर की यह बन्दूक उसके पिता दिनेश चंद्र पांडेय के नाम पर पंजीकृत है।प्रत्यूष इसे बिना किसी वैध अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर लेकर लोगों को धमकाने के लिए इस्तेमाल करता था।पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने एक संस्थान का फर्जी आईडी कार्ड  भी बनवा रखा था,जिसका उपयोग वह लोगों को डराने के लिए करता था।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।बन्दूक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
आंधी-तूफान और बारिश से थमा लखनऊ, दिन में छाया घुप्प अंधेरा

घने बादलों की चादर, तेज हवाओं ने बढ़ाई दहशत; जनजीवन प्रभावित, तापमान में आई गिरावट

लखनऊ । राजधानी लखनऊ में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए शहर को आंधी, तूफान और भारी बारिश की चपेट में ले लिया। सुबह 8.30 बजे के समय ही आसमान में घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही घुप्प अंधेरा जैसा माहौल बन गया।

तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों पर पानी भर दिया, जिससे यातायात की रफ्तार थम गई। कई इलाकों में पेड़ और होर्डिंग गिरने की भी खबरें सामने आई हैं।

मौसम के इस अचानक बदले मिजाज से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। तेज आंधी और बारिश के चलते लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आज, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना जारी

#assemblyelection2026_result

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, सोमवार को घोषित होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, अब इसका फैसला हो रहा है। कहां-किसकी सरकार बनेगी, आज यह साफ हो जाएगा। जिसके लिए पांचों राज्यों में डाले गे वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। ये चुनाव नतीजे ममता बनर्जी, हिमंत बिस्व सरमा, स्टालिन और पी. विजयन जैसे कद्दावर मुख्यमंत्रियों की किस्मत का भी फैसला करेंगे।

बंगाल के रिजल्ट पर देशभर की नजर

आज पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के नतीजे आ रहे हैं। मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी। बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं। अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ करेगी गेम?

केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है। एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।

तमिलनाडु में क्या स्टालिन करेंगे वापसी?

तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी बस कुछ देर में नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान 85.1 फीसदी मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।

असम में क्या एनडीए करेगी कमाल?

वहीं, पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।

महिला आरक्षण पर झारखंड में सियासत तेज: विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

जैसा कि आपको विदित है कि केन्द्र सरकार द्वारा विगत 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक सदन के 3 दिनों का विशेष सत्र आहूत कर देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण हेतु 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' प्रस्तुत किया गया। दुर्भाग्यवश, विपक्ष के साथियों का अपेक्षित सहयोग न मिल पाने के कारण सदन में यह 'बिल' पारित नहीं हो पाया। इस बिल के पारित हो जाने से जहां पूरे देश की आधी आबादी को 2029 से ही प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता, वहीं झारखंड प्रदेश में भी 14 लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 21 हो जाती, जिसमें 7 लोकसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसी प्रकार विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 हो जाती, जिसमें 41 विधानसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व को अवसर मिल पाता।

झारखंड की संस्कृति एवं झारखंडी इतिहास में सदैव महिलाओं को प्रतिनिधित्व सहित सभी प्रकार की निर्णय प्रक्रिया, चाहे वह सामाजिक हो या राजनैतिक में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान दिया है। वीरांगना फूलो-झानो की इस धरती पर निवासरत झारखंड की बहनों की यह आशा है कि मा. मुख्यमंत्री जी, आप स्वयं महिला सशक्तिकरण के सशक्त पैरोकार रहे हैं। अतः इस झारखंड की भूमि पर इतिहास रचने का कार्य करें एवं मा. राज्यपाल की अनुमति से झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कराकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' को पारित कर केन्द्र सरकार से पुनः इसे सदन में पारित कराने का आग्रह करें। आपके इस ऐतिहासिक कदम से झारखंड की आधी आबादी के लिए बहुप्रतिक्षित न्याय का मार्ग प्रशस्त संभव हो सकेगा।

आशा है कि आप दलगत भावना से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार के विषय पर गंभीरता से निर्णय लेने का कष्ट करेंगे।

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

*रांची: महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की

श्री राजीव रंजन मिश्रा, महाअधिवक्ता, झारखंड उच्च न्यायालय ने जनगणना-2027 के तहत रविवार को स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।

इस अवसर पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की, नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस अभियान के तहत 01 मई से 15मई तक स्व-गणना कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में रविवार को मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की।

15 मई के पश्चात मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में किया जाएगा। इस गहन जनगणना अभियान के दौरान घर-घर जाकर प्रगणक से संबद्ध कर्मी डेटा संग्रह करेंगे। सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है।

इस मौके पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

#vidhansabhachunavresult2026

देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

मौसम का बदला मिजाज, तेज हवाओं संग बारिश शुरू, तापमान गिरा
*रेड अलर्ट जारी,आकाशीय बिजली चमकी

गोंडा।जिले में आज सुबह लगभग 10 बजे मौसम ने अचानक करवट ले लिया और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरु हो गई,जिसके कारण तापमान में गिरावट दर्ज किया गया।इस दौरान आकाशीय बिजली भी चमकती रही।मौसम के बदले मिजाज के मद्देनजर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।जिले में पिछले 24 घंटे पहले भी बारिश हुई थी और तापमान में  काफी कमी आई थी।जिले के कटरा बाजार, कौड़िया व दुबहा बाजार जैसे कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है।कई हिस्सों में घने बादल छाए रहने से दिन में ही अंधेरा छा गया।पांच मई को होने वाले वैवाहिक व तिलक समारोहों की तैयारियों पर भी इसका असर पड़ा है,जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई है।जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है,जबकि अन्य क्षेत्रों में भी घने बादलों के कारण बारिश का अनुमान है।राजेश श्रीवास्तव ने सभी लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी मिली है,जिसके मद्देनजर लोगों को एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
लाइसेंसी बन्दूक से धमकाने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
*भांग की दुकान पर लोगों को डरा रहा था

गोंडा।नगर कोतवाली पुलिस ने लाइसेंसी बन्दूक से लोगों को धमकाने और रौब झाड़ने के आरोप में प्रत्यूष पांडेय उर्फ पीयूष पांडेय को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण करवा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।वह सरकारी भांग की दुकानों पर जाकर राहगीरों और दुकान मालिकों को धमकाता था।यह कार्रवाई गल्ला मंडी के सामने स्थित एक सरकारी भांग की दुकान पर हुई।पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रत्यूष पांडेय वहां लाइसेंसी बन्दूक लेकर एक व्यक्ति को धमका रहा था।सूचना पाकर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और प्रत्यूष पांडेय को बन्दूक सहित पकड़कर नगर कोतवाली ले आई।पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रत्यूष पांडेय और पिता का नाम दिनेश चंद्र पांडेय निवासी जानकी नगर बताया।जांच में सामने आया कि 12 बोर की यह बन्दूक उसके पिता दिनेश चंद्र पांडेय के नाम पर पंजीकृत है।प्रत्यूष इसे बिना किसी वैध अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर लेकर लोगों को धमकाने के लिए इस्तेमाल करता था।पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने एक संस्थान का फर्जी आईडी कार्ड  भी बनवा रखा था,जिसका उपयोग वह लोगों को डराने के लिए करता था।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।बन्दूक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
आंधी-तूफान और बारिश से थमा लखनऊ, दिन में छाया घुप्प अंधेरा

घने बादलों की चादर, तेज हवाओं ने बढ़ाई दहशत; जनजीवन प्रभावित, तापमान में आई गिरावट

लखनऊ । राजधानी लखनऊ में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए शहर को आंधी, तूफान और भारी बारिश की चपेट में ले लिया। सुबह 8.30 बजे के समय ही आसमान में घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही घुप्प अंधेरा जैसा माहौल बन गया।

तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों पर पानी भर दिया, जिससे यातायात की रफ्तार थम गई। कई इलाकों में पेड़ और होर्डिंग गिरने की भी खबरें सामने आई हैं।

मौसम के इस अचानक बदले मिजाज से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। तेज आंधी और बारिश के चलते लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आज, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना जारी

#assemblyelection2026_result

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, सोमवार को घोषित होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, अब इसका फैसला हो रहा है। कहां-किसकी सरकार बनेगी, आज यह साफ हो जाएगा। जिसके लिए पांचों राज्यों में डाले गे वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। ये चुनाव नतीजे ममता बनर्जी, हिमंत बिस्व सरमा, स्टालिन और पी. विजयन जैसे कद्दावर मुख्यमंत्रियों की किस्मत का भी फैसला करेंगे।

बंगाल के रिजल्ट पर देशभर की नजर

आज पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के नतीजे आ रहे हैं। मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी। बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं। अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ करेगी गेम?

केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है। एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।

तमिलनाडु में क्या स्टालिन करेंगे वापसी?

तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी बस कुछ देर में नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान 85.1 फीसदी मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।

असम में क्या एनडीए करेगी कमाल?

वहीं, पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।

महिला आरक्षण पर झारखंड में सियासत तेज: विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

जैसा कि आपको विदित है कि केन्द्र सरकार द्वारा विगत 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक सदन के 3 दिनों का विशेष सत्र आहूत कर देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण हेतु 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' प्रस्तुत किया गया। दुर्भाग्यवश, विपक्ष के साथियों का अपेक्षित सहयोग न मिल पाने के कारण सदन में यह 'बिल' पारित नहीं हो पाया। इस बिल के पारित हो जाने से जहां पूरे देश की आधी आबादी को 2029 से ही प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता, वहीं झारखंड प्रदेश में भी 14 लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 21 हो जाती, जिसमें 7 लोकसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसी प्रकार विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 हो जाती, जिसमें 41 विधानसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व को अवसर मिल पाता।

झारखंड की संस्कृति एवं झारखंडी इतिहास में सदैव महिलाओं को प्रतिनिधित्व सहित सभी प्रकार की निर्णय प्रक्रिया, चाहे वह सामाजिक हो या राजनैतिक में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान दिया है। वीरांगना फूलो-झानो की इस धरती पर निवासरत झारखंड की बहनों की यह आशा है कि मा. मुख्यमंत्री जी, आप स्वयं महिला सशक्तिकरण के सशक्त पैरोकार रहे हैं। अतः इस झारखंड की भूमि पर इतिहास रचने का कार्य करें एवं मा. राज्यपाल की अनुमति से झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कराकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' को पारित कर केन्द्र सरकार से पुनः इसे सदन में पारित कराने का आग्रह करें। आपके इस ऐतिहासिक कदम से झारखंड की आधी आबादी के लिए बहुप्रतिक्षित न्याय का मार्ग प्रशस्त संभव हो सकेगा।

आशा है कि आप दलगत भावना से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार के विषय पर गंभीरता से निर्णय लेने का कष्ट करेंगे।

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

*रांची: महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की

श्री राजीव रंजन मिश्रा, महाअधिवक्ता, झारखंड उच्च न्यायालय ने जनगणना-2027 के तहत रविवार को स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।

इस अवसर पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की, नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस अभियान के तहत 01 मई से 15मई तक स्व-गणना कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में रविवार को मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की।

15 मई के पश्चात मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में किया जाएगा। इस गहन जनगणना अभियान के दौरान घर-घर जाकर प्रगणक से संबद्ध कर्मी डेटा संग्रह करेंगे। सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है।

इस मौके पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।