रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
प्रधान से रिश्वत लेने पर दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, हो सकती है कार्रवाई

फर्रुखाबाद l रिश्वत लेने वाले दरोगा के खिलाफ ग्राम प्रधान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के आदेश पर कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध कोतवाली फतेहगढ़ में रिपोर्ट दर्ज की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर ने ग्राम पंचायत निसाई की प्रधान गीता देवी से नकद व ऑनलाइन रुपए लिए हैं।

गीता देवी की शिकायत सही पाई जाने पर दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रधान गीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में कहा है कि ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों द्वारा अबैध कब्जा कर लिया है जिसकी जांच कारवाई के नाम पर जब थाना मोहम्मदाबाद  गए तो सुरेश चाहर (हल्का इंचार्ज) द्वारा अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में व नकद सुविधा शुल्क के नाम पर  75000 रुपए नकद यूपीआई के माध्यम से 19 सितम्बर से अभी तक अलग-अलग तारीखों में रुपए लिए गये।

प्रधान ने पुलिस को तहरीर के साथ यूपीआई से भेजी गई धनराशि का स्क्रीनशॉट का हवाला भी दिया है । रिश्वत के मामले में दरोगा सुरेश चाहर को  निलंबित कर दिया जाना चाहिए, प्रधान पति सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने  प्रधान गीता देवी के बयान लेने के बाद प्रधान की शिकायत एडीजी के पास भेज दिया l
टिकोला शुगर मिल ने 12.65 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान जारी किया


मेरठ। बहसूमा। टिकोला शुगर मिल ने पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत किसानों के गन्ना मूल्य का बड़ा भुगतान जारी कर दिया है। मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹12.65 करोड़ (बारह करोड़ पैंसठ लाख रुपये) का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।

मिल प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपने-अपने संबंधित बैंकों के माध्यम से भुगतान की पुष्टि कर लें। साथ ही यह भी बताया गया कि आगे से किसानों को सुविधा देने के लिए चीनी मिल द्वारा सप्ताह में दो बार गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा, जिससे किसानों को समय पर धनराशि मिल सके।

किसानों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे साफ-सुथरा, ताजा, जड़-पत्ती, मिट्टी एवं हरे अगोला रहित गन्ना ही मिल को आपूर्ति करें, ताकि गुणवत्ता बेहतर बनी रहे। यदि किसी किसान के पास अतिरिक्त गन्ना उपलब्ध हो, तो वह चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर आवश्यकतानुसार सट्टा प्राप्त कर सकता है।

इसके अलावा किसानों से अपने बेसिक कोटा को पूर्ण करने और टिकोला शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि वे मिल द्वारा चलाई जा रही इनामी व उपहार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
ड्रोन उड़ाकर बच्चों ने दिखाया हुनर, डी मोनफोर अकादमी में पैरेंट-टीचर मीटिंग संपन्न
मेरठ। डी मोनफोर अकादमी में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही पैरेंट-टीचर मीटिंग का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों के वार्षिक प्रदर्शन, प्रगति रिपोर्ट और उनके तकनीकी कौशलों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन प्रदर्शन रहा, जिसमें बच्चों ने स्वयं ड्रोन उड़ाकर अपनी तकनीकी दक्षता का शानदार परिचय दिया। विद्यालय में पूर्व में आयोजित रोबोटिक्स सत्र के अंतर्गत बच्चों को रोबोट बनाना और उसे संचालित करना सिखाया गया था, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम इस कार्यक्रम में देखने को मिला।

इसके साथ ही विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुओं और मॉडलों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। अभिभावकों ने बच्चों की रचनात्मकता और नवाचार की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके व्यवहारिक और तकनीकी विकास की जानकारी दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों जैसे रोबोटिक्स और ड्रोन में भी दक्ष बनाना है। उप-प्रधानाचार्या ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए शिक्षकों के प्रयासों को सराहा।

विद्यालय के निदेशक एवं निर्देशिका ने भी इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया और अभिभावकों से बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करने की अपील की।
मौसम बदला, बिगड़ी सेहत,2 महीने में पहली बार ओपीडी में पहुंचे 1103 मरीज
अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर थे पीड़ित

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पश्चिम विक्षोभ के कारण ,पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में अचनाक बदलाव हुआ था। मंगलवार को इसका असर सेहत पर देखाई दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड 1103 मरीज आए। बीते दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोमवार की ओपीडी में इतने मरीज आए। लगभग 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित रहे।

सामान्य दिनों में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं। अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर लोग पीड़ित थे। कुछ मरीजों को ज्यादा खांसी आने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि अचानक तापमान कम होने से लोगों के शरीर का तापमान वर्तमान मौसम से समन्वय नहीं बना सका है।

इस कारण लोग मौसमी बीमारी से ज्यादा परेशान हैं। इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को पहले बुखार आता है। फिर सर्दी-जुकाम हो जाता है। तीन दिनों तक लोग ज्यादा परेशान रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं।
गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के बाद सम्मान समारोह, प्रधान संयोजक राकेश पाल ने कार्यकर्ताओं को सराहा

गढ़वा | 24 मार्च 2026 जोबरईया स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समीक्षा बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महायज्ञ के प्रधान संयोजक सह युवा समाजसेवी राकेश पाल ने इस दौरान जागृति युवा क्लब और आयोजन समिति के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया।

कुशल प्रबंधन और स्वच्छता की हुई प्रशंसा

समारोह को संबोधित करते हुए श्री राकेश पाल ने कहा कि 08 मार्च से 16 मार्च तक चले इस महायज्ञ की सफलता का मुख्य श्रेय सदस्यों के समर्पण और सटीक कार्य-विभाजन को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से परिसर की स्वच्छता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

"लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद महायज्ञ के बाद परिसर की जिस तरह से साफ-सफाई की गई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। यह अनुशासन अन्य आयोजनों के लिए एक मिसाल है।"

विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान

संरक्षक एवं पदाधिकारी: कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के सदस्यों ने संरक्षक राकेश पाल, अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, संरक्षक अनुज प्रसाद और विजय हलवाई (पिंडरा सुखबाना) को माला एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।

विशेष योगदान: श्री विजय हलवाई को मंदिर परिसर के शेड और सीढ़ियों में टाइल्स-मार्बल लगवाने के लिए सम्मानित किया गया।

भूमि दान: क्लब के कोषाध्यक्ष विवेकानंद पाल को यज्ञ और मेला क्षेत्र के लिए अपनी निजी भूमि उपलब्ध कराने हेतु विशेष रूप से बधाई दी गई।

कीर्तन मंडली: प्रत्येक सोमवार को भजन-कीर्तन करने वाली मंडली के सदस्यों (महेंद्र पाल, चंद्रदीप पाल आदि) को भी उनकी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए सराहा गया।

अनुभव और आध्यात्मिक प्रभाव

क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने मुख्य यजमान के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे जीवन की अविस्मरणीय घटना बताया। वहीं अनुज प्रसाद ने आपसी सहयोग को इस बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी बताया।

छठ पूजा और प्रसाद वितरण

सम्मान समारोह के समापन के बाद उपस्थित सभी सदस्यों के बीच चैती छठ पूजा के खरना का प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात हो कि मंदिर परिसर में ही क्लब के अध्यक्ष और अन्य छठव्रतियों द्वारा छठ पूजा का अनुष्ठान भी किया जा रहा था।

प्रमुख उपस्थित सदस्य:

कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश पाल (कार्यक्रम प्रमुख) ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र पाल, सचिव विनय कुमार पाल, उपकोषाध्यक्ष चैतू भुइयां, संगठन मंत्री चंदन कुमार पाल, पंकज पाल, धनंजय कमलापुरी और पीयूष पाल सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इस रिपोर्ट को किसी स्थानीय समाचार पत्र के 'हेडलाइन' स्टाइल में या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए छोटे बुलेट्स में बदल दूँ?

विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता सत्र आयोजित

मीरजापुर। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर टीबी का इलाज संभव है, बस समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी है संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चुनार स्थित एक शिक्षण संस्थान में टीबी जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में टीबी के प्रति आम जनमानस के बीच जागरूकता बढ़ाना तथा संभावित टीबी मरीज को समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार के महत्व को समझाना रहा।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में आए सतीश शंकर यादव जिला समन्वयक, टीबी विभाग ने कहा कि 24 मार्च 1882 में जर्मनी के राबर्ट कांख नामक वैज्ञानिक द्वारा टीबी के वैक्टिरिया का खोज किया गया था‌ जिनके याद में लोगों को टीबी के जागरूकता में सहयोग हेतु हर वर्ष उक्त आयोजन किया जाता है। उन्होंने उपस्थित सभी जनों को टीबी के संपूर्ण लक्षणों एवं सरकारी स्तर से प्रदान की जा रही सभी नि:शुल्क सुविधाओं को विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए अनुरोध किया कि आप सभी भी अपने स्तर से देश हित में समाज में  लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए मरीजों के सहयोग में आगे आने का सराहनीय प्रयास करें।
देवीपाटन पहुंचने पर पीर रतन नाथ शोभायात्रा का पीठाधीश्वर ने किया स्वागत


बलरामपुर।23 मार्च मित्र राष्ट्र नेपाल के दांग चौघड़ा से पीर रतन नाथ योगी  की शोभायात्रा नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को सिद्ध पीठ देवी पाटन पहुंची भारत नेपाल की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठ देवी पाटन मंदिर दोनों देशों की धार्मिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों की प्रगाढ़ता की निशानी है। हर साल यहां चैत्र नवरात्र में नेपाल से बाबा रतन नाथ की ऐतिहासिक पात्र देवता के रूप में शोभायात्रा आती है जो देवीपाटन मंदिर में आकर ठहरती है। यह यात्रा न केवल भारत नेपाल के लिए बल्कि सात समुंदर पार रहने वाले लोगों के लिए भी धार्मिक सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।

नेपाली भक्तों ने रथ से शोभायात्रा में नेपाल राष्ट्र के धार्मिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्थाओं के  लोगों ने हिस्सा लिया अपने पारंपरिक वेशभूषा में नेपाली भक्तों ने नृत्य करते हुए लोगों का ध्यान केंद्रित किया। आस्था का हुजूम स्थानीय मिल चुंगी नाके से प्रारंभ हुआ जो पुरानी बाजार होते हुए देवीपाटन के प्रसिद्ध दलीचा में स्थापित किया गया। दांग प्रांत से अमृत कलश यात्रा हर साल निकलती है। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु अपने आराध्य देवता और अक्षय पात्र के साथ भारत आते हैं। एकादशी पर्व पर निकलने वाली शोभायात्रा को देवीपाटन पहुंचने में करीब नौ दिन का समय लगता है।

जनकपुर महादेव मुक्तेश्वर नाथ मंदिर पर दो दिन ठहराव के बाद स्थानीय नकटी पुल पर कुट्टी बाबा स्थान पर पूजा पाठ कर रवाना हो जाते हैं। ऐसा बताया जाता है सिद्ध पीर बाबा रतन नाथ गुरु गोरखनाथ के शिष्य थे तथा मां पाटन पाटेश्वरी के प्रति उनकी अपार श्रद्धा थी। बाबा प्रतिदिन मां के दर्शन के लिए दांग नेपाल से आते थे। जनश्रुति के अनुसार लगभग 700 वर्ष तक पीर रतन नाथ बाबा जीवित रहे। गोलोक वासी होने के बाद गुरु गोरखनाथ द्वारा दिए गए अमृत कलश को बाबा रतन नाथ के प्रतिनिधित्व के रूप में नेपाल के दांग से देवीपाटन लाया जाता है। बताते हैं इस अमृत कलश के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं इसलिए इस कलश के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्तगण पहुंचते हैं।

51 शक्तिपीठों में एक देवीपाटन शक्तिपीठ का पूरे देश में प्रख्यात महत्व है यह सिलसिला विक्रम संवत 809 से शुरू हुआ था। शोभायात्रा प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के पंचमी तिथि पर शक्तिपीठ देवीपाटन  पहुंचती है। बताया जाता है कि बाबा रतन नाथ आठ प्रकार के सिद्धियों के स्वामी थे।

नेपाल के पुजारी संभालते हैं कमान:- शिव अवतार गुरु गोरखनाथ के शिष्य रतन नाथ की पूजा से मां पाटेश्वरी इतना प्रसन्न हुई कि इनसे कोई वरदान मांगने को कहा तब रतन नाथ जी ने कहा माता मेरी प्रार्थना है यहां आपके साथ मेरी भी पूजा हो। देवी ने उन्हें मनचाहा वरदान दे दिया तभी से मां पाटेश्वरी मंदिर प्रांगण में स्थापित दलीचा में अमृत कलश को स्थापित कर नवमी तक पूजा अर्चना होती है और दशमी को बाबा की विदाई पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ पूरे विधि विधान एवं दक्षिणा आदि अर्पित कर करते हैं। पूजा के दौरान घंटे व नगाड़े नहीं बजाए जाते हैं।

मां पाटेश्वरी की पूजा सिर्फ रतन नाथ जी के पुजारी द्वारा की जाती है शोभायात्रा के साथ आए पुजारी पांच दिनों तक मंदिर के पुजारी को विश्राम देकर पूजा की कमान खुद संभालते हैं। शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए नेपाल राष्ट्र के अनेक विशिष्ट अतिथिगण अधिसंख्य नेपाली महिला पुरुष नागरिक अपने पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। स्थानीय नकटी नाले पर स्वागत के लिए प्रसिद्ध कथावाचक युवा संत सर्वेश  महाराज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की क्षेत्रीय विधायक कैलाशनाथ शुक्ला      विष्णुदेव गुप्ता दिलीप अनिल कुमार लाठ उमंग लाठ पंकज कानोड़िया पंकज जायसवाल राकेश सिंह विकास सोनी सत्यम श्रीवास्तव रोहित त्रिपाठी विवेक मोदनवाल विजय प्रताप सोनी रामदयाल सोनी विश्राम सिंह राजू अवन अनूप चरन व एडवोकेट सोनू पाल सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

यात्रा के दौरान अग्रिम पंक्ति में हाथी चलायमान रही जो नन्हे मुन्ने बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा वहीं भक्तगण जय भवानी जय गोरखनाथ व जय रतन नाथ का उद्घोष कर रहे थे। शोभायात्रा देवीपाटन पहुंचने पर पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ ने विधि विधान से पीर रतननाथ का स्वागत किया तथा उन्हें प्रसिद्धि दलीचे में स्थापित कराया इस दौरान सदर विधायक पलटू राम क्षेत्रीय विधायक के अलावा सेवादार अरुण गुप्ता श्याम तिवारी विजय सिंह आदि उपस्थित रहे। सुरक्षा की दृष्टि से उपजिला अधिकारी राकेश कुमार जयंत अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय पुलिस उपाधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार स्थानीय प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह उतरौला प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के अलावा स्थानीय महिला पुरुष आरक्षियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
प्रधान से रिश्वत लेने पर दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, हो सकती है कार्रवाई

फर्रुखाबाद l रिश्वत लेने वाले दरोगा के खिलाफ ग्राम प्रधान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के आदेश पर कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध कोतवाली फतेहगढ़ में रिपोर्ट दर्ज की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर ने ग्राम पंचायत निसाई की प्रधान गीता देवी से नकद व ऑनलाइन रुपए लिए हैं।

गीता देवी की शिकायत सही पाई जाने पर दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रधान गीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में कहा है कि ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों द्वारा अबैध कब्जा कर लिया है जिसकी जांच कारवाई के नाम पर जब थाना मोहम्मदाबाद  गए तो सुरेश चाहर (हल्का इंचार्ज) द्वारा अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में व नकद सुविधा शुल्क के नाम पर  75000 रुपए नकद यूपीआई के माध्यम से 19 सितम्बर से अभी तक अलग-अलग तारीखों में रुपए लिए गये।

प्रधान ने पुलिस को तहरीर के साथ यूपीआई से भेजी गई धनराशि का स्क्रीनशॉट का हवाला भी दिया है । रिश्वत के मामले में दरोगा सुरेश चाहर को  निलंबित कर दिया जाना चाहिए, प्रधान पति सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने  प्रधान गीता देवी के बयान लेने के बाद प्रधान की शिकायत एडीजी के पास भेज दिया l
टिकोला शुगर मिल ने 12.65 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान जारी किया


मेरठ। बहसूमा। टिकोला शुगर मिल ने पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत किसानों के गन्ना मूल्य का बड़ा भुगतान जारी कर दिया है। मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹12.65 करोड़ (बारह करोड़ पैंसठ लाख रुपये) का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।

मिल प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपने-अपने संबंधित बैंकों के माध्यम से भुगतान की पुष्टि कर लें। साथ ही यह भी बताया गया कि आगे से किसानों को सुविधा देने के लिए चीनी मिल द्वारा सप्ताह में दो बार गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा, जिससे किसानों को समय पर धनराशि मिल सके।

किसानों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे साफ-सुथरा, ताजा, जड़-पत्ती, मिट्टी एवं हरे अगोला रहित गन्ना ही मिल को आपूर्ति करें, ताकि गुणवत्ता बेहतर बनी रहे। यदि किसी किसान के पास अतिरिक्त गन्ना उपलब्ध हो, तो वह चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर आवश्यकतानुसार सट्टा प्राप्त कर सकता है।

इसके अलावा किसानों से अपने बेसिक कोटा को पूर्ण करने और टिकोला शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि वे मिल द्वारा चलाई जा रही इनामी व उपहार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
ड्रोन उड़ाकर बच्चों ने दिखाया हुनर, डी मोनफोर अकादमी में पैरेंट-टीचर मीटिंग संपन्न
मेरठ। डी मोनफोर अकादमी में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही पैरेंट-टीचर मीटिंग का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों के वार्षिक प्रदर्शन, प्रगति रिपोर्ट और उनके तकनीकी कौशलों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन प्रदर्शन रहा, जिसमें बच्चों ने स्वयं ड्रोन उड़ाकर अपनी तकनीकी दक्षता का शानदार परिचय दिया। विद्यालय में पूर्व में आयोजित रोबोटिक्स सत्र के अंतर्गत बच्चों को रोबोट बनाना और उसे संचालित करना सिखाया गया था, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम इस कार्यक्रम में देखने को मिला।

इसके साथ ही विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुओं और मॉडलों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। अभिभावकों ने बच्चों की रचनात्मकता और नवाचार की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके व्यवहारिक और तकनीकी विकास की जानकारी दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों जैसे रोबोटिक्स और ड्रोन में भी दक्ष बनाना है। उप-प्रधानाचार्या ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए शिक्षकों के प्रयासों को सराहा।

विद्यालय के निदेशक एवं निर्देशिका ने भी इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया और अभिभावकों से बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करने की अपील की।
मौसम बदला, बिगड़ी सेहत,2 महीने में पहली बार ओपीडी में पहुंचे 1103 मरीज
अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर थे पीड़ित

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पश्चिम विक्षोभ के कारण ,पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में अचनाक बदलाव हुआ था। मंगलवार को इसका असर सेहत पर देखाई दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड 1103 मरीज आए। बीते दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोमवार की ओपीडी में इतने मरीज आए। लगभग 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित रहे।

सामान्य दिनों में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं। अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर लोग पीड़ित थे। कुछ मरीजों को ज्यादा खांसी आने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि अचानक तापमान कम होने से लोगों के शरीर का तापमान वर्तमान मौसम से समन्वय नहीं बना सका है।

इस कारण लोग मौसमी बीमारी से ज्यादा परेशान हैं। इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को पहले बुखार आता है। फिर सर्दी-जुकाम हो जाता है। तीन दिनों तक लोग ज्यादा परेशान रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं।
गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के बाद सम्मान समारोह, प्रधान संयोजक राकेश पाल ने कार्यकर्ताओं को सराहा

गढ़वा | 24 मार्च 2026 जोबरईया स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समीक्षा बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महायज्ञ के प्रधान संयोजक सह युवा समाजसेवी राकेश पाल ने इस दौरान जागृति युवा क्लब और आयोजन समिति के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया।

कुशल प्रबंधन और स्वच्छता की हुई प्रशंसा

समारोह को संबोधित करते हुए श्री राकेश पाल ने कहा कि 08 मार्च से 16 मार्च तक चले इस महायज्ञ की सफलता का मुख्य श्रेय सदस्यों के समर्पण और सटीक कार्य-विभाजन को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से परिसर की स्वच्छता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

"लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद महायज्ञ के बाद परिसर की जिस तरह से साफ-सफाई की गई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। यह अनुशासन अन्य आयोजनों के लिए एक मिसाल है।"

विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान

संरक्षक एवं पदाधिकारी: कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के सदस्यों ने संरक्षक राकेश पाल, अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, संरक्षक अनुज प्रसाद और विजय हलवाई (पिंडरा सुखबाना) को माला एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।

विशेष योगदान: श्री विजय हलवाई को मंदिर परिसर के शेड और सीढ़ियों में टाइल्स-मार्बल लगवाने के लिए सम्मानित किया गया।

भूमि दान: क्लब के कोषाध्यक्ष विवेकानंद पाल को यज्ञ और मेला क्षेत्र के लिए अपनी निजी भूमि उपलब्ध कराने हेतु विशेष रूप से बधाई दी गई।

कीर्तन मंडली: प्रत्येक सोमवार को भजन-कीर्तन करने वाली मंडली के सदस्यों (महेंद्र पाल, चंद्रदीप पाल आदि) को भी उनकी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए सराहा गया।

अनुभव और आध्यात्मिक प्रभाव

क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने मुख्य यजमान के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे जीवन की अविस्मरणीय घटना बताया। वहीं अनुज प्रसाद ने आपसी सहयोग को इस बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी बताया।

छठ पूजा और प्रसाद वितरण

सम्मान समारोह के समापन के बाद उपस्थित सभी सदस्यों के बीच चैती छठ पूजा के खरना का प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात हो कि मंदिर परिसर में ही क्लब के अध्यक्ष और अन्य छठव्रतियों द्वारा छठ पूजा का अनुष्ठान भी किया जा रहा था।

प्रमुख उपस्थित सदस्य:

कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश पाल (कार्यक्रम प्रमुख) ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र पाल, सचिव विनय कुमार पाल, उपकोषाध्यक्ष चैतू भुइयां, संगठन मंत्री चंदन कुमार पाल, पंकज पाल, धनंजय कमलापुरी और पीयूष पाल सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इस रिपोर्ट को किसी स्थानीय समाचार पत्र के 'हेडलाइन' स्टाइल में या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए छोटे बुलेट्स में बदल दूँ?

विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता सत्र आयोजित

मीरजापुर। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर टीबी का इलाज संभव है, बस समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी है संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चुनार स्थित एक शिक्षण संस्थान में टीबी जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में टीबी के प्रति आम जनमानस के बीच जागरूकता बढ़ाना तथा संभावित टीबी मरीज को समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार के महत्व को समझाना रहा।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में आए सतीश शंकर यादव जिला समन्वयक, टीबी विभाग ने कहा कि 24 मार्च 1882 में जर्मनी के राबर्ट कांख नामक वैज्ञानिक द्वारा टीबी के वैक्टिरिया का खोज किया गया था‌ जिनके याद में लोगों को टीबी के जागरूकता में सहयोग हेतु हर वर्ष उक्त आयोजन किया जाता है। उन्होंने उपस्थित सभी जनों को टीबी के संपूर्ण लक्षणों एवं सरकारी स्तर से प्रदान की जा रही सभी नि:शुल्क सुविधाओं को विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए अनुरोध किया कि आप सभी भी अपने स्तर से देश हित में समाज में  लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए मरीजों के सहयोग में आगे आने का सराहनीय प्रयास करें।
देवीपाटन पहुंचने पर पीर रतन नाथ शोभायात्रा का पीठाधीश्वर ने किया स्वागत


बलरामपुर।23 मार्च मित्र राष्ट्र नेपाल के दांग चौघड़ा से पीर रतन नाथ योगी  की शोभायात्रा नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को सिद्ध पीठ देवी पाटन पहुंची भारत नेपाल की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठ देवी पाटन मंदिर दोनों देशों की धार्मिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों की प्रगाढ़ता की निशानी है। हर साल यहां चैत्र नवरात्र में नेपाल से बाबा रतन नाथ की ऐतिहासिक पात्र देवता के रूप में शोभायात्रा आती है जो देवीपाटन मंदिर में आकर ठहरती है। यह यात्रा न केवल भारत नेपाल के लिए बल्कि सात समुंदर पार रहने वाले लोगों के लिए भी धार्मिक सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।

नेपाली भक्तों ने रथ से शोभायात्रा में नेपाल राष्ट्र के धार्मिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्थाओं के  लोगों ने हिस्सा लिया अपने पारंपरिक वेशभूषा में नेपाली भक्तों ने नृत्य करते हुए लोगों का ध्यान केंद्रित किया। आस्था का हुजूम स्थानीय मिल चुंगी नाके से प्रारंभ हुआ जो पुरानी बाजार होते हुए देवीपाटन के प्रसिद्ध दलीचा में स्थापित किया गया। दांग प्रांत से अमृत कलश यात्रा हर साल निकलती है। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु अपने आराध्य देवता और अक्षय पात्र के साथ भारत आते हैं। एकादशी पर्व पर निकलने वाली शोभायात्रा को देवीपाटन पहुंचने में करीब नौ दिन का समय लगता है।

जनकपुर महादेव मुक्तेश्वर नाथ मंदिर पर दो दिन ठहराव के बाद स्थानीय नकटी पुल पर कुट्टी बाबा स्थान पर पूजा पाठ कर रवाना हो जाते हैं। ऐसा बताया जाता है सिद्ध पीर बाबा रतन नाथ गुरु गोरखनाथ के शिष्य थे तथा मां पाटन पाटेश्वरी के प्रति उनकी अपार श्रद्धा थी। बाबा प्रतिदिन मां के दर्शन के लिए दांग नेपाल से आते थे। जनश्रुति के अनुसार लगभग 700 वर्ष तक पीर रतन नाथ बाबा जीवित रहे। गोलोक वासी होने के बाद गुरु गोरखनाथ द्वारा दिए गए अमृत कलश को बाबा रतन नाथ के प्रतिनिधित्व के रूप में नेपाल के दांग से देवीपाटन लाया जाता है। बताते हैं इस अमृत कलश के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं इसलिए इस कलश के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्तगण पहुंचते हैं।

51 शक्तिपीठों में एक देवीपाटन शक्तिपीठ का पूरे देश में प्रख्यात महत्व है यह सिलसिला विक्रम संवत 809 से शुरू हुआ था। शोभायात्रा प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के पंचमी तिथि पर शक्तिपीठ देवीपाटन  पहुंचती है। बताया जाता है कि बाबा रतन नाथ आठ प्रकार के सिद्धियों के स्वामी थे।

नेपाल के पुजारी संभालते हैं कमान:- शिव अवतार गुरु गोरखनाथ के शिष्य रतन नाथ की पूजा से मां पाटेश्वरी इतना प्रसन्न हुई कि इनसे कोई वरदान मांगने को कहा तब रतन नाथ जी ने कहा माता मेरी प्रार्थना है यहां आपके साथ मेरी भी पूजा हो। देवी ने उन्हें मनचाहा वरदान दे दिया तभी से मां पाटेश्वरी मंदिर प्रांगण में स्थापित दलीचा में अमृत कलश को स्थापित कर नवमी तक पूजा अर्चना होती है और दशमी को बाबा की विदाई पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ पूरे विधि विधान एवं दक्षिणा आदि अर्पित कर करते हैं। पूजा के दौरान घंटे व नगाड़े नहीं बजाए जाते हैं।

मां पाटेश्वरी की पूजा सिर्फ रतन नाथ जी के पुजारी द्वारा की जाती है शोभायात्रा के साथ आए पुजारी पांच दिनों तक मंदिर के पुजारी को विश्राम देकर पूजा की कमान खुद संभालते हैं। शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए नेपाल राष्ट्र के अनेक विशिष्ट अतिथिगण अधिसंख्य नेपाली महिला पुरुष नागरिक अपने पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। स्थानीय नकटी नाले पर स्वागत के लिए प्रसिद्ध कथावाचक युवा संत सर्वेश  महाराज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की क्षेत्रीय विधायक कैलाशनाथ शुक्ला      विष्णुदेव गुप्ता दिलीप अनिल कुमार लाठ उमंग लाठ पंकज कानोड़िया पंकज जायसवाल राकेश सिंह विकास सोनी सत्यम श्रीवास्तव रोहित त्रिपाठी विवेक मोदनवाल विजय प्रताप सोनी रामदयाल सोनी विश्राम सिंह राजू अवन अनूप चरन व एडवोकेट सोनू पाल सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

यात्रा के दौरान अग्रिम पंक्ति में हाथी चलायमान रही जो नन्हे मुन्ने बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा वहीं भक्तगण जय भवानी जय गोरखनाथ व जय रतन नाथ का उद्घोष कर रहे थे। शोभायात्रा देवीपाटन पहुंचने पर पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ ने विधि विधान से पीर रतननाथ का स्वागत किया तथा उन्हें प्रसिद्धि दलीचे में स्थापित कराया इस दौरान सदर विधायक पलटू राम क्षेत्रीय विधायक के अलावा सेवादार अरुण गुप्ता श्याम तिवारी विजय सिंह आदि उपस्थित रहे। सुरक्षा की दृष्टि से उपजिला अधिकारी राकेश कुमार जयंत अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय पुलिस उपाधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार स्थानीय प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह उतरौला प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के अलावा स्थानीय महिला पुरुष आरक्षियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।