विधानसभा में फाग उत्सव: फूलों की होली के रंग में डूबे सीएम हेमंत सोरेन और स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो।

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज शाम विधानसभा परिसर एक अलग ही रंग में रंगा नजर आया। मौका था होली मिलन समारोह का, जहां राजनीति की गहमागहमी को पीछे छोड़ते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन समेत तमाम मंत्री और विधायक होली के उल्लास में शामिल हुए।

फूलों की होली और आपसी भाईचारा

इस विशेष समारोह में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के साथ फूलों की होली खेली। फूलों की पंखुड़ियों की बारिश के बीच सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर रंगों के इस महापर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्यवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि होली पारस्परिक प्रेम, आपसी भाईचारा और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि राज्य के हर नागरिक के जीवन में खुशियों का रंग हमेशा बना रहे। मुख्यमंत्री ने सभी से इस त्योहार को उमंग और उत्साह के साथ मनाने की अपील की।

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मध्य प्रदेश में वैज्ञानिक उत्खननों से प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा मध्य प्रदेश में किए गए पुरातात्विक उत्खननों ने राज्य की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को नई दृष्टि प्रदान की है। उत्खनन वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पुरातत्वविद् भूमि के भीतर दबे प्राचीन बस्तियों एवं संरचनाओं के अवशेषों को खोजकर प्रकाश में लाते हैं। मुख्यतः दो प्रकार के उत्खनन किए जाते हैं; वर्टिकल एक्सकेवेशन, जिसके माध्यम से किसी स्थल का सांस्कृतिक क्रम ज्ञात किया जाता है, तथा हॉरिजॉन्टल एक्सकेवेशन, जिसके द्वारा स्थल की समग्र सांस्कृतिक और राजनीतिक संरचना का अध्ययन किया जाता है।

भारत में संगठित उत्खनन कार्य वर्ष 1861 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थापना के साथ प्रारंभ हुए, जब अलेक्जेंडर कनिंघम पहले डायरेक्टर जनरल नियुक्त हुए। वर्ष 1902 में सर जॉन मार्शल के नेतृत्व में वैज्ञानिक पद्धतियों को अधिक व्यवस्थित रूप से अपनाया गया। उनके काल में मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे विश्वप्रसिद्ध स्थलों पर व्यापक उत्खनन संपन्न हुए। सर मोर्टायमर व्हीलर के समय (1944-1948) भारतीय पुरातत्व के उत्खनन की प्रविधि में नया मोड आया और अधिक वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन करने के लिए व्हर्टिकल और हॉरिजॉन्टल तकनीक अपनाई गई। 

मध्य प्रदेश में वर्ष 1936 में कसरावद में उत्खनन कार्य प्रारंभ हुए तथा बाद में उज्जैन सहित अन्य स्थलों पर अनुसंधान आगे बढ़ा। स्वतंत्रता के पश्चात 1956 में राज्य के पुनर्गठन के साथ राज्य पुरातत्व विभाग की स्थापना हुई और विधिवत उत्खनन प्रारंभ हुए। डेक्कन कॉलेज, पुणे तथा अन्य विश्वविद्यालयों के सहयोग से अब तक लगभग 55–56 स्थलों पर उत्खनन किए जा चुके हैं। वर्ष 1995 से 2005 के बीच विशेष अभियान के अंतर्गत तीन टीमों द्वारा कुल 35 उत्खनन कार्य संपन्न किए गए।

हाल के प्रमुख उत्खननों में मनोरा (जिला सतना) और उज्जैन विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वर्ष 2019–20 में उज्जैन के ऋण मुक्तेश्वर टीले पर उत्खनन किया गया, जिसमें छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक के अवशेष प्राप्त हुए। 

सर्वेक्षण के दौरान पीजीडब्ल्यू (Painted Grey Ware) के कुछ टुकड़े मिले थे, हालांकि स्तरीय क्रम में यह प्राप्त नहीं हुआ। ब्लैक एंड रेड वेयर तथा अन्य प्रारंभिक अवशेषों ने स्थल की प्राचीनता को प्रमाणित किया।

मनोरा स्थल पर वर्ष 2001 में पुरातत्वविद् एस. एन. रौशल्या द्वारा सर्वेक्षण किया गया, जिसमें मंदिरों और बस्तियों के व्यापक अवशेष मिले। वर्ष 2008 में जबलपुर के पुरातत्वविद् एम. के. माहेश्वरी द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों के अवशेष प्राप्त हुए तथा बड़ी संख्या में मूर्तियों का संकलन किया गया। साथ ही 108 मंदिरों के साक्ष्य चिन्हित किए गए। वर्ष 2014 में डॉ. डी. के. माथुर, पुरातत्वीय अधिकार भोपाल द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों का कार्य पूर्ण हुआ। वर्ष 2018–19 में डॉ. रमेश यादव के निर्देशन में वाकणकर संस्थान द्वारा पुनः उत्खनन किया गया। इस दौरान बस्ती क्षेत्र से ईंट एवं पत्थर से निर्मित एक राजमहल के अवशेष प्राप्त हुए, जिनमें निम्न स्तर पर कुषाणकालीन ईंटों की पहचान हुई। इससे संकेत मिलता है कि बस्ती का विकास कुषाण काल से आरंभ होकर गुप्त काल में एक समृद्ध नगर के रूप में हुआ।

उत्खनन के दौरान वाकाटक राजवंश से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए। प्रयाग प्रशस्ति में उल्लिखित रुद्रसेन का संबंध वाकाटक वंश से जोड़ा गया है और मनोरा को उनकी संभावित राजधानी माना गया है। सतना जिले के बघाट क्षेत्र से प्राप्त स्तंभ लेख में ‘वाकाटक’ शब्द अंकित है। उच्चकल्प वंश के राजा जयनाथ के अभिलेखों में उल्लिखित ग्रामों की पहचान आज भी संभव है, जिससे मनोरा की भौगोलिक चतुर्सीमा निर्धारित की गई।

राज्य पुरातत्व विभाग ग्राम-स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर संभावित स्थलों का चयन कर प्राथमिकता के अनुसार उत्खनन की योजना बनाता है। वर्तमान में ग्वालियर क्षेत्र में उत्खनन अपेक्षाकृत कम हुए हैं तथा भिंड जिले के कुछ स्थलों को भविष्य की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश के इन वैज्ञानिक एवं संगठित उत्खननों ने राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हुए भारतीय इतिहास के अनेक महत्वपूर्ण अध्यायों को स्पष्ट किया है।

जाति प्रमाण पत्र के लिए घूस मांगने के आरोप में मुंशी गिरफ्तार

देवरिया। 27 फरवरी  सलेमपुर  तहसील मे एक मुंशी को जाति प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के निर्देश पर आरोपी मुंशी को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
लेखपाल अमरेश मौर्या के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है, क्योंकि उसने मुंशी से आठ सौ रुपये की मांग की थी।
नाजरा खातून मौत के मामले में आरोपी देवर गिरफ्तार,आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
सास ससुर और देवरानी तीन दिन से फरार

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली पुलिस ने नाजरा खातून आत्महत्या मामले में आरोपी देवर शाहबाज को गिरफ्तार कर लिया है।शाहबाज पर भाभी नाजरा खातून (28) को आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप है।इस मामले में नाजरा खातून के पति शाहरूख को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।आरोपी शाहबाज को कटहा घाट गजनी आरा मशीन के पास से गिरफ्तार किया गया और मेडिकल परीक्षण के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया,जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।बताते चलें कि 24 फरवरी को हुई इस घटना के बाद से शाहबाज फरार चल रहा था,जिसकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई थीं।

घटना के तीन दिन बाद भी नाजरा खातून की सास,ससुर व देवरानी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।नगर कोतवाली पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है।मृतका के पिता आफताब हुसैन की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने पहले पति समेत पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस अब आत्महत्या के लिए उकसाने के बिंदुओं पर जांच कर रही है।पुलिस को 24 फरवरी को आत्महत्या करने से ठीक पांच महीने पहले का एक वीडियो भी मिलाहै,जो वायरल हो रहा है।इस वीडियो में नाजरा खातून अपने पति और उनके परिजनों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा रही है।

पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया और जांच में पाया कि आरोपी देवर भी उसे आत्महत्या के लिए परेशान कर रहा था।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी देवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
आजमगढ़ : फरार चल रहे25 हजार के इनामी गैंगस्टर बीरू को पुलिस ने किया गिरफ्तार ,दीदारगंज पुलिस को मिली बड़ी सफलता
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। जनपद के थाना दीदारगंज पुलिस ने वाहन चोरी व नकब जनी जैसे जघन्य अपराधों में वांछित 25 हजार के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार दिनांक 31 जनवरी 2026 को प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश की तहरीर पर थाना दीदारगंज में उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। आरोप था कि अभियुक्तगण भौतिक व आर्थिक लाभ के उद्देश्य से वाहन चोरी और नकब जनी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इनके कृत्यों से क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त था और लोग पुलिस को सूचना देने तथा न्यायालय में गवाही देने से कतराते थे। नामजद अभियुक्तों में बीरु कुमार पुत्र फिरन्ती, शनि गौतम पुत्र लालचन्द एवं जय कुमार गौतम पुत्र दलसिंगार, निवासी ग्राम आमगांव, थाना दीदारगंज शामिल थे। इनमें से बीरु कुमार फरार चल रहा था, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
27 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह मय हमराह क्षेत्र में भ्रमणशील थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त सुघरपुर बॉर्डर तिराहा पर मौजूद है और भागने की फिराक में है। सूचना पर विश्वास कर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर अभियुक्त भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर आवश्यक बल प्रयोग के बाद पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम बीरु कुमार पुत्र फिरन्ती, निवासी आमगांव, थाना दीदारगंज, उम्र लगभग 21 वर्ष बताया। सत्यापन के बाद उसे सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार अभियुक्त पर थाना दीदारगंज व सिधारी में बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वह वांछित था। दीदारगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश ने बताया कि अभियुक्त बीरू पर 25 हजार के इनामिया था । वह फरार चल रहा था । बदमाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है । गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल तेरसू यादव व हेड कांस्टेबल अनिल कुमार यादव शामिल रहे।
अधिवक्ता हत्याकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, जमीन के विवाद में पीटकर मार डाला था
*अब तक आधा दर्जन आरोपी गये जेल

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा हत्याकांड में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इन गिरफ्तारियों के साथ ही मामले में अब तक कुल छ: आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।गिरफ्तार किए गये आरोपियों की पहचान चन्दन कुमार मिश्रा व बृजेश मिश्रा के रूप में हुई है।पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर इनकी पहचान की और फिर इन्हें हिरासत में ले लिया।गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से दोनों को जेल भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार आरोपी चन्दन कुमार मिश्रा पूर्व प्रधान प्रतिनिधि हरिशरण मिश्रा से संबंधित है जिन्हें पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।वहीं बृजेश मिश्रा पहले से ही गिरफ्तार राम केवल मिश्रा का लड़का है।वायरल वीडियो में ये दोनों भी मारपीट करते दिखाई दिए थे।कोतवाल करनैलगंज नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि इस मामले में पहले चार आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।अब गिरफ्तार किए गए यह दोनों आरोपी भी वायरल वीडियो में लाठी डंडों से मारपीट करते हुए नजर आ रहे थे।पूछताछ में इन दोनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया है।कोतवाल ने बताया कि वायरल वीडियो की विस्तृत जांच जारी है,घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।वायरल वीडियो में दिख रहे एक एक व्यक्ति की पहचान की जा रही है।इसमें कई ऐसे लोग हैं जो लाठी डंडा लिए इस पूरे विवाद के दौरान नजर आ रहे हैं और आपस में इन लोगों ने मारपीट किया था।किसी भी हालत में करनैलगंज कोतवाली पुलिस द्वारा किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
उन्नतिशील गन्ना प्रजातियां बोएं किसान बंधु : महाप्रबंधक
बजाज चीनी मिल कुन्दरखी ने निकाली कृषक जागरूकता रैली

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर मिल लिमिटेड कुन्दरखी के महाप्रबंधक ए.के. सिंह के निर्देशन में बसंतकालीन गन्ना बुवाई में अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने के लिए एवं किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वृहद जागरूकता रैली निकाली गई।रैली को इकाई प्रमुख पी.एन. सिंह, जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह व महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया।कृषक जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य किसानों को बसंतकालीन गन्ना बुवाई में उन्नतशील प्रजातियों जैसे को. 0118, 15023, को. लख. 14201, 16202, कोशा. 18231, 17231 तथा जलप्लावित क्षेत्र के लिए 94184, को. 98014, 13231 आदि की बुवाई के लिए प्रेरित करना है।

महाप्रबंधक ने समय से बुवाई कर पेड़ी गन्ने का अच्छा प्रबंधन करके अधिक लाभ प्राप्त करने की अपील किया। साथ आर.एमडी. एवं मलचर के प्रयोग पर जोर दिया व फ़सल स्वस्थ की दशा मे द्वितीय पेडी रखने जोर दिया।इकाई प्रमुख श्री सिंह ने रैली में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बसंतकालीन गन्ना बुवाई के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रैली के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किया।
रैली में गन्ना विभाग के प्रतिभागियों ने वाहनों पर झंडी लगाकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भ्रमण किया।

रैली चीनी मिल गेट से निकल कर कहोबा, विद्यानगर, मलारी, महादेवा, इंद्रापुर, सालपुर, जोगापुर, खिरई खिरवा, खिरिया, मझगवां व तुर्काडीहा आदि ग्रामसभा होते हुए बंधवा सेंटर पहुंची, जहां किसान गोष्ठी आयोजित हुई। इसके उपरांत रैली डुमरिहाडीह, तरबगंज व दर्जीकुआं होते हुए  वापस चीनी मिल गेट पर पहुंच कर समाप्त हुई।किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए दिए जाने वाले अनुदान के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। उन्होंने कृषकों से उन्नतिशील गन्ना प्रजातियों को बोने की सलाह दिया तथा अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने पर जोर दिया।

महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने किसानों को बताया कि गन्ना सर्वेक्षण के दौरान गन्ने का जमाव न होने अथवा छोटी अवस्था में ठीक पहचान न होने अथवा मिश्रित गन्ना होने के कारण गन्ना प्रजाति को अंकित करने में त्रुटिया रही हैं, अपने सुपरवाइजर से मिलकर उसे  अभी ठीक करा लें। जिससे आगामी वर्ष पेडी गन्ने की आपूर्ति में कठिनाई न हो। आगामी वर्ष गन्ना प्रजाति को डीगरेड नही किया जायेगा। अतः जिस प्रजाति का गन्ना बोया गया है, उसी प्रजाति में सर्वे कराएं।  जिससे पेराई सत्र के दौरान गन्ना आपूर्ति मे परेशानी से बचा जा सके। समस्या के समाधान हेतु अपने क्षेत्र के गन्ना पर्वेक्षक अथवा चीनी मिल के अधिकारियों से संपर्क करें। रैली में प्रदीप कुमार, संतोष मिश्रा, दिनेश सिंह, शशिकांत दूबे, विष्णु प्रताप सिंह, अरविन्द सिंह, सुनील पाठक, उमापति तिवारी, रमेश प्रताप सिंह, सुधांशु शुक्ला, राकेश सिंह, पशुपति नाथ मिश्रा, ओम प्रकाश सिंह, हेमन्त पाठक, जय प्रकाश सिंह आदि शामिल रहे।
चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान दिवस पर आज़ाद पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित
                                   
                                      
बलरामपुर।स्थानीय आज़ाद पार्क में क्रांतिकारी विचार धारा मोर्चा द्वारा प्रातः स्मरणीय अमर शहीद एवं महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद का बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आदर्श नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ तथा मोर्चा के संयोजक/अध्यक्ष डॉ. राकेश चंद्रा द्वारा क्रांतिकारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित मोर्चा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और राष्ट्रनायक को नमन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मोर्चा के संयोजक डॉ.राकेश चंद्रा ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1931 में देश के गद्दारों द्वारा अंग्रेजों से मुखबिरी किए जाने के कारण अल्फ्रेड पार्क (वर्तमान आज़ाद पार्क) में चंद्रशेखर आज़ाद को घेर लिया गया था। उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई अंग्रेज सिपाहियों का मुकाबला किया और अंततः अपनी अंतिम गोली स्वयं को मारकर मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। डॉ.चंद्रा ने कहा कि जिस प्रकार उस समय राष्ट्रविरोधी शक्तियाँ सक्रिय थीं, उसी प्रकार आज भी देश विरोधी ताकतें समाज में सक्रिय हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्य अतिथि आदर्श नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान परिवेश में महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद के संपूर्ण जीवन संघर्ष और त्याग को पढ़ना और आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही राष्ट्रहित में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में जिला मीडिया प्रभारी डी.पी. सिंह बैस,मोर्चा के कमलेश त्रिपाठी,जितेंद्र कुमार,सतीश श्रीवास्तव, अर्जुन यादव,डॉ.अफजाल अहमद खान,शिवम्,जय प्रकाश हिन्दू, सजीव श्रीवास्तव,संजय कश्यप,लक्ष्मण जायसवाल सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
राष्ट्र की प्रगति के लिए गांव का विकास आवश्यक : लल्लन तिवारी
कोचारी में यूपी के सबसे बड़े वाटर वाटर पार्क का उद्घाटन

जौनपुर। भारत गांवों का देश है। राष्ट्र की प्रगति के लिए गांव का विकास आवश्यक है। जौनपुर जनपद के धौकलगंज बाजार के पास कोचारी गांव में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क और भारत की सबसे नई और सबसे बड़ी फनल वॉटर स्लाइड *एक्वा मानसरोवर वाटर पार्क* के उद्घाटन समारोह में अध्यक्ष के रूप में बोलते हुए देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने मुंबई के उद्योगपति और समाजसेवी अजय सदानंद दुबे और उनके परिवार को इस वाटर पार्क के निर्माण के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक सुशील सिंह ने कहा कि यह पार्क पूरे प्रदेश का गौरव बनेगा। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में विधायक आरके पटेल, शिवसेना प्रवक्ता गुलाब दुबे, आदित्य दुबे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संदीप सिंह, वंशनारायण दुबे, सत्य प्रकाश तिवारी, समाजसेवी रामजी उपाध्याय, अजीत पाठक, अनिल तिवारी, ब्लॉक प्रमुख मनीष चौबे, केसरिया भारत के राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानंद पांडे, भानु प्रताप पांडे, गौरीश सिंह, मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, रघुवंश उपाध्याय समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। लोक गायक क्षमा उपाध्याय ने सुंदर गीत प्रस्तुत किए। अंत में कार्यक्रम के आयोजक तथा पार्क के संस्थापक पूर्व प्रधान विनय सदानंद दुबे, अजय सदानंद दुबे, विजय सदानंद दुबे, अरुण सदानंद दुबे, सीईओ सुशील दुबे तथा प्रदीप दुबे नेसमस्त दुबे परिवार की तरफ से उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 बरी, फैसला आते ही भावुक हुए आप संयोजक

#arvindkejriwalmanishsisodiadischargesdelhiexcisepolicycase

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दिल्‍ली शराब घोटाला मामले में बड़ी खबर है। शराब घोटाला मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है। राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।

अदालत ने कहा- आरोप पत्र में कई कमियां

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से समर्थित नहीं हैं।

कोर्ट की सीबीआई जांच पर कड़ी टिप्पणी

अदालत ने सीबीआई की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को बिना ठोस सामग्री के मामले में आरोपित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। साथ ही और किसी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया।

केजरीवाल ने कहा-मैं भ्रष्ट नहीं हूं

राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े। इस दौरान साथ उनके खड़े मनीष सिसोदिया उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाते रहे। काफी देर बाद अरविंद केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा, ‘मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने भी कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमने हमेशा कहा कि सत्य ही जीतता है। हमें भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है’।

सिसोदिया ने कहा- सत्य की जीत

वहीं, बरी होने पर मनीष सिसोदिया ने भी इसे सत्य की जीत बताया। सिसोदिया ने कहा, ‘सत्यमेव जयते, एक बार फिर मुझे बाबा साहब अंबेडकर की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर गर्व हो रहा है। मोदी जी, उनकी पूरी पार्टी और उनकी एजेंसियों के द्वारा हमें बेईमान साबित करने के लिए पूरा जोर लगाने के बावजूद आज यह साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’

क्या था पूरा मामला

पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्‍ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्‍ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। बीजेपी ने आरोप लगाए थे कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्‍यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज की, जिसमें कई गिरफ्तारी भी हुई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।

विधानसभा में फाग उत्सव: फूलों की होली के रंग में डूबे सीएम हेमंत सोरेन और स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो।

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज शाम विधानसभा परिसर एक अलग ही रंग में रंगा नजर आया। मौका था होली मिलन समारोह का, जहां राजनीति की गहमागहमी को पीछे छोड़ते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन समेत तमाम मंत्री और विधायक होली के उल्लास में शामिल हुए।

फूलों की होली और आपसी भाईचारा

इस विशेष समारोह में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के साथ फूलों की होली खेली। फूलों की पंखुड़ियों की बारिश के बीच सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर रंगों के इस महापर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्यवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि होली पारस्परिक प्रेम, आपसी भाईचारा और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि राज्य के हर नागरिक के जीवन में खुशियों का रंग हमेशा बना रहे। मुख्यमंत्री ने सभी से इस त्योहार को उमंग और उत्साह के साथ मनाने की अपील की।

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मध्य प्रदेश में वैज्ञानिक उत्खननों से प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा मध्य प्रदेश में किए गए पुरातात्विक उत्खननों ने राज्य की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को नई दृष्टि प्रदान की है। उत्खनन वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पुरातत्वविद् भूमि के भीतर दबे प्राचीन बस्तियों एवं संरचनाओं के अवशेषों को खोजकर प्रकाश में लाते हैं। मुख्यतः दो प्रकार के उत्खनन किए जाते हैं; वर्टिकल एक्सकेवेशन, जिसके माध्यम से किसी स्थल का सांस्कृतिक क्रम ज्ञात किया जाता है, तथा हॉरिजॉन्टल एक्सकेवेशन, जिसके द्वारा स्थल की समग्र सांस्कृतिक और राजनीतिक संरचना का अध्ययन किया जाता है।

भारत में संगठित उत्खनन कार्य वर्ष 1861 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थापना के साथ प्रारंभ हुए, जब अलेक्जेंडर कनिंघम पहले डायरेक्टर जनरल नियुक्त हुए। वर्ष 1902 में सर जॉन मार्शल के नेतृत्व में वैज्ञानिक पद्धतियों को अधिक व्यवस्थित रूप से अपनाया गया। उनके काल में मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे विश्वप्रसिद्ध स्थलों पर व्यापक उत्खनन संपन्न हुए। सर मोर्टायमर व्हीलर के समय (1944-1948) भारतीय पुरातत्व के उत्खनन की प्रविधि में नया मोड आया और अधिक वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन करने के लिए व्हर्टिकल और हॉरिजॉन्टल तकनीक अपनाई गई। 

मध्य प्रदेश में वर्ष 1936 में कसरावद में उत्खनन कार्य प्रारंभ हुए तथा बाद में उज्जैन सहित अन्य स्थलों पर अनुसंधान आगे बढ़ा। स्वतंत्रता के पश्चात 1956 में राज्य के पुनर्गठन के साथ राज्य पुरातत्व विभाग की स्थापना हुई और विधिवत उत्खनन प्रारंभ हुए। डेक्कन कॉलेज, पुणे तथा अन्य विश्वविद्यालयों के सहयोग से अब तक लगभग 55–56 स्थलों पर उत्खनन किए जा चुके हैं। वर्ष 1995 से 2005 के बीच विशेष अभियान के अंतर्गत तीन टीमों द्वारा कुल 35 उत्खनन कार्य संपन्न किए गए।

हाल के प्रमुख उत्खननों में मनोरा (जिला सतना) और उज्जैन विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वर्ष 2019–20 में उज्जैन के ऋण मुक्तेश्वर टीले पर उत्खनन किया गया, जिसमें छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक के अवशेष प्राप्त हुए। 

सर्वेक्षण के दौरान पीजीडब्ल्यू (Painted Grey Ware) के कुछ टुकड़े मिले थे, हालांकि स्तरीय क्रम में यह प्राप्त नहीं हुआ। ब्लैक एंड रेड वेयर तथा अन्य प्रारंभिक अवशेषों ने स्थल की प्राचीनता को प्रमाणित किया।

मनोरा स्थल पर वर्ष 2001 में पुरातत्वविद् एस. एन. रौशल्या द्वारा सर्वेक्षण किया गया, जिसमें मंदिरों और बस्तियों के व्यापक अवशेष मिले। वर्ष 2008 में जबलपुर के पुरातत्वविद् एम. के. माहेश्वरी द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों के अवशेष प्राप्त हुए तथा बड़ी संख्या में मूर्तियों का संकलन किया गया। साथ ही 108 मंदिरों के साक्ष्य चिन्हित किए गए। वर्ष 2014 में डॉ. डी. के. माथुर, पुरातत्वीय अधिकार भोपाल द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों का कार्य पूर्ण हुआ। वर्ष 2018–19 में डॉ. रमेश यादव के निर्देशन में वाकणकर संस्थान द्वारा पुनः उत्खनन किया गया। इस दौरान बस्ती क्षेत्र से ईंट एवं पत्थर से निर्मित एक राजमहल के अवशेष प्राप्त हुए, जिनमें निम्न स्तर पर कुषाणकालीन ईंटों की पहचान हुई। इससे संकेत मिलता है कि बस्ती का विकास कुषाण काल से आरंभ होकर गुप्त काल में एक समृद्ध नगर के रूप में हुआ।

उत्खनन के दौरान वाकाटक राजवंश से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए। प्रयाग प्रशस्ति में उल्लिखित रुद्रसेन का संबंध वाकाटक वंश से जोड़ा गया है और मनोरा को उनकी संभावित राजधानी माना गया है। सतना जिले के बघाट क्षेत्र से प्राप्त स्तंभ लेख में ‘वाकाटक’ शब्द अंकित है। उच्चकल्प वंश के राजा जयनाथ के अभिलेखों में उल्लिखित ग्रामों की पहचान आज भी संभव है, जिससे मनोरा की भौगोलिक चतुर्सीमा निर्धारित की गई।

राज्य पुरातत्व विभाग ग्राम-स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर संभावित स्थलों का चयन कर प्राथमिकता के अनुसार उत्खनन की योजना बनाता है। वर्तमान में ग्वालियर क्षेत्र में उत्खनन अपेक्षाकृत कम हुए हैं तथा भिंड जिले के कुछ स्थलों को भविष्य की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश के इन वैज्ञानिक एवं संगठित उत्खननों ने राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हुए भारतीय इतिहास के अनेक महत्वपूर्ण अध्यायों को स्पष्ट किया है।

जाति प्रमाण पत्र के लिए घूस मांगने के आरोप में मुंशी गिरफ्तार

देवरिया। 27 फरवरी  सलेमपुर  तहसील मे एक मुंशी को जाति प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के निर्देश पर आरोपी मुंशी को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
लेखपाल अमरेश मौर्या के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है, क्योंकि उसने मुंशी से आठ सौ रुपये की मांग की थी।
नाजरा खातून मौत के मामले में आरोपी देवर गिरफ्तार,आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
सास ससुर और देवरानी तीन दिन से फरार

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली पुलिस ने नाजरा खातून आत्महत्या मामले में आरोपी देवर शाहबाज को गिरफ्तार कर लिया है।शाहबाज पर भाभी नाजरा खातून (28) को आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप है।इस मामले में नाजरा खातून के पति शाहरूख को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।आरोपी शाहबाज को कटहा घाट गजनी आरा मशीन के पास से गिरफ्तार किया गया और मेडिकल परीक्षण के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया,जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।बताते चलें कि 24 फरवरी को हुई इस घटना के बाद से शाहबाज फरार चल रहा था,जिसकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई थीं।

घटना के तीन दिन बाद भी नाजरा खातून की सास,ससुर व देवरानी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।नगर कोतवाली पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है।मृतका के पिता आफताब हुसैन की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने पहले पति समेत पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस अब आत्महत्या के लिए उकसाने के बिंदुओं पर जांच कर रही है।पुलिस को 24 फरवरी को आत्महत्या करने से ठीक पांच महीने पहले का एक वीडियो भी मिलाहै,जो वायरल हो रहा है।इस वीडियो में नाजरा खातून अपने पति और उनके परिजनों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा रही है।

पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया और जांच में पाया कि आरोपी देवर भी उसे आत्महत्या के लिए परेशान कर रहा था।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी देवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
आजमगढ़ : फरार चल रहे25 हजार के इनामी गैंगस्टर बीरू को पुलिस ने किया गिरफ्तार ,दीदारगंज पुलिस को मिली बड़ी सफलता
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। जनपद के थाना दीदारगंज पुलिस ने वाहन चोरी व नकब जनी जैसे जघन्य अपराधों में वांछित 25 हजार के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार दिनांक 31 जनवरी 2026 को प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश की तहरीर पर थाना दीदारगंज में उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। आरोप था कि अभियुक्तगण भौतिक व आर्थिक लाभ के उद्देश्य से वाहन चोरी और नकब जनी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इनके कृत्यों से क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त था और लोग पुलिस को सूचना देने तथा न्यायालय में गवाही देने से कतराते थे। नामजद अभियुक्तों में बीरु कुमार पुत्र फिरन्ती, शनि गौतम पुत्र लालचन्द एवं जय कुमार गौतम पुत्र दलसिंगार, निवासी ग्राम आमगांव, थाना दीदारगंज शामिल थे। इनमें से बीरु कुमार फरार चल रहा था, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
27 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह मय हमराह क्षेत्र में भ्रमणशील थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त सुघरपुर बॉर्डर तिराहा पर मौजूद है और भागने की फिराक में है। सूचना पर विश्वास कर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर अभियुक्त भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर आवश्यक बल प्रयोग के बाद पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम बीरु कुमार पुत्र फिरन्ती, निवासी आमगांव, थाना दीदारगंज, उम्र लगभग 21 वर्ष बताया। सत्यापन के बाद उसे सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार अभियुक्त पर थाना दीदारगंज व सिधारी में बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वह वांछित था। दीदारगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश ने बताया कि अभियुक्त बीरू पर 25 हजार के इनामिया था । वह फरार चल रहा था । बदमाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है । गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल तेरसू यादव व हेड कांस्टेबल अनिल कुमार यादव शामिल रहे।
अधिवक्ता हत्याकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, जमीन के विवाद में पीटकर मार डाला था
*अब तक आधा दर्जन आरोपी गये जेल

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा हत्याकांड में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इन गिरफ्तारियों के साथ ही मामले में अब तक कुल छ: आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।गिरफ्तार किए गये आरोपियों की पहचान चन्दन कुमार मिश्रा व बृजेश मिश्रा के रूप में हुई है।पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर इनकी पहचान की और फिर इन्हें हिरासत में ले लिया।गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से दोनों को जेल भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार आरोपी चन्दन कुमार मिश्रा पूर्व प्रधान प्रतिनिधि हरिशरण मिश्रा से संबंधित है जिन्हें पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।वहीं बृजेश मिश्रा पहले से ही गिरफ्तार राम केवल मिश्रा का लड़का है।वायरल वीडियो में ये दोनों भी मारपीट करते दिखाई दिए थे।कोतवाल करनैलगंज नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि इस मामले में पहले चार आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।अब गिरफ्तार किए गए यह दोनों आरोपी भी वायरल वीडियो में लाठी डंडों से मारपीट करते हुए नजर आ रहे थे।पूछताछ में इन दोनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया है।कोतवाल ने बताया कि वायरल वीडियो की विस्तृत जांच जारी है,घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।वायरल वीडियो में दिख रहे एक एक व्यक्ति की पहचान की जा रही है।इसमें कई ऐसे लोग हैं जो लाठी डंडा लिए इस पूरे विवाद के दौरान नजर आ रहे हैं और आपस में इन लोगों ने मारपीट किया था।किसी भी हालत में करनैलगंज कोतवाली पुलिस द्वारा किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
उन्नतिशील गन्ना प्रजातियां बोएं किसान बंधु : महाप्रबंधक
बजाज चीनी मिल कुन्दरखी ने निकाली कृषक जागरूकता रैली

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर मिल लिमिटेड कुन्दरखी के महाप्रबंधक ए.के. सिंह के निर्देशन में बसंतकालीन गन्ना बुवाई में अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने के लिए एवं किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वृहद जागरूकता रैली निकाली गई।रैली को इकाई प्रमुख पी.एन. सिंह, जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह व महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया।कृषक जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य किसानों को बसंतकालीन गन्ना बुवाई में उन्नतशील प्रजातियों जैसे को. 0118, 15023, को. लख. 14201, 16202, कोशा. 18231, 17231 तथा जलप्लावित क्षेत्र के लिए 94184, को. 98014, 13231 आदि की बुवाई के लिए प्रेरित करना है।

महाप्रबंधक ने समय से बुवाई कर पेड़ी गन्ने का अच्छा प्रबंधन करके अधिक लाभ प्राप्त करने की अपील किया। साथ आर.एमडी. एवं मलचर के प्रयोग पर जोर दिया व फ़सल स्वस्थ की दशा मे द्वितीय पेडी रखने जोर दिया।इकाई प्रमुख श्री सिंह ने रैली में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बसंतकालीन गन्ना बुवाई के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रैली के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किया।
रैली में गन्ना विभाग के प्रतिभागियों ने वाहनों पर झंडी लगाकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भ्रमण किया।

रैली चीनी मिल गेट से निकल कर कहोबा, विद्यानगर, मलारी, महादेवा, इंद्रापुर, सालपुर, जोगापुर, खिरई खिरवा, खिरिया, मझगवां व तुर्काडीहा आदि ग्रामसभा होते हुए बंधवा सेंटर पहुंची, जहां किसान गोष्ठी आयोजित हुई। इसके उपरांत रैली डुमरिहाडीह, तरबगंज व दर्जीकुआं होते हुए  वापस चीनी मिल गेट पर पहुंच कर समाप्त हुई।किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए दिए जाने वाले अनुदान के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। उन्होंने कृषकों से उन्नतिशील गन्ना प्रजातियों को बोने की सलाह दिया तथा अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने पर जोर दिया।

महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने किसानों को बताया कि गन्ना सर्वेक्षण के दौरान गन्ने का जमाव न होने अथवा छोटी अवस्था में ठीक पहचान न होने अथवा मिश्रित गन्ना होने के कारण गन्ना प्रजाति को अंकित करने में त्रुटिया रही हैं, अपने सुपरवाइजर से मिलकर उसे  अभी ठीक करा लें। जिससे आगामी वर्ष पेडी गन्ने की आपूर्ति में कठिनाई न हो। आगामी वर्ष गन्ना प्रजाति को डीगरेड नही किया जायेगा। अतः जिस प्रजाति का गन्ना बोया गया है, उसी प्रजाति में सर्वे कराएं।  जिससे पेराई सत्र के दौरान गन्ना आपूर्ति मे परेशानी से बचा जा सके। समस्या के समाधान हेतु अपने क्षेत्र के गन्ना पर्वेक्षक अथवा चीनी मिल के अधिकारियों से संपर्क करें। रैली में प्रदीप कुमार, संतोष मिश्रा, दिनेश सिंह, शशिकांत दूबे, विष्णु प्रताप सिंह, अरविन्द सिंह, सुनील पाठक, उमापति तिवारी, रमेश प्रताप सिंह, सुधांशु शुक्ला, राकेश सिंह, पशुपति नाथ मिश्रा, ओम प्रकाश सिंह, हेमन्त पाठक, जय प्रकाश सिंह आदि शामिल रहे।
चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान दिवस पर आज़ाद पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित
                                   
                                      
बलरामपुर।स्थानीय आज़ाद पार्क में क्रांतिकारी विचार धारा मोर्चा द्वारा प्रातः स्मरणीय अमर शहीद एवं महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद का बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आदर्श नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ तथा मोर्चा के संयोजक/अध्यक्ष डॉ. राकेश चंद्रा द्वारा क्रांतिकारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित मोर्चा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और राष्ट्रनायक को नमन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मोर्चा के संयोजक डॉ.राकेश चंद्रा ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1931 में देश के गद्दारों द्वारा अंग्रेजों से मुखबिरी किए जाने के कारण अल्फ्रेड पार्क (वर्तमान आज़ाद पार्क) में चंद्रशेखर आज़ाद को घेर लिया गया था। उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई अंग्रेज सिपाहियों का मुकाबला किया और अंततः अपनी अंतिम गोली स्वयं को मारकर मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। डॉ.चंद्रा ने कहा कि जिस प्रकार उस समय राष्ट्रविरोधी शक्तियाँ सक्रिय थीं, उसी प्रकार आज भी देश विरोधी ताकतें समाज में सक्रिय हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्य अतिथि आदर्श नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान परिवेश में महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद के संपूर्ण जीवन संघर्ष और त्याग को पढ़ना और आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही राष्ट्रहित में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में जिला मीडिया प्रभारी डी.पी. सिंह बैस,मोर्चा के कमलेश त्रिपाठी,जितेंद्र कुमार,सतीश श्रीवास्तव, अर्जुन यादव,डॉ.अफजाल अहमद खान,शिवम्,जय प्रकाश हिन्दू, सजीव श्रीवास्तव,संजय कश्यप,लक्ष्मण जायसवाल सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
राष्ट्र की प्रगति के लिए गांव का विकास आवश्यक : लल्लन तिवारी
कोचारी में यूपी के सबसे बड़े वाटर वाटर पार्क का उद्घाटन

जौनपुर। भारत गांवों का देश है। राष्ट्र की प्रगति के लिए गांव का विकास आवश्यक है। जौनपुर जनपद के धौकलगंज बाजार के पास कोचारी गांव में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क और भारत की सबसे नई और सबसे बड़ी फनल वॉटर स्लाइड *एक्वा मानसरोवर वाटर पार्क* के उद्घाटन समारोह में अध्यक्ष के रूप में बोलते हुए देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने मुंबई के उद्योगपति और समाजसेवी अजय सदानंद दुबे और उनके परिवार को इस वाटर पार्क के निर्माण के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक सुशील सिंह ने कहा कि यह पार्क पूरे प्रदेश का गौरव बनेगा। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में विधायक आरके पटेल, शिवसेना प्रवक्ता गुलाब दुबे, आदित्य दुबे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संदीप सिंह, वंशनारायण दुबे, सत्य प्रकाश तिवारी, समाजसेवी रामजी उपाध्याय, अजीत पाठक, अनिल तिवारी, ब्लॉक प्रमुख मनीष चौबे, केसरिया भारत के राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानंद पांडे, भानु प्रताप पांडे, गौरीश सिंह, मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, रघुवंश उपाध्याय समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। लोक गायक क्षमा उपाध्याय ने सुंदर गीत प्रस्तुत किए। अंत में कार्यक्रम के आयोजक तथा पार्क के संस्थापक पूर्व प्रधान विनय सदानंद दुबे, अजय सदानंद दुबे, विजय सदानंद दुबे, अरुण सदानंद दुबे, सीईओ सुशील दुबे तथा प्रदीप दुबे नेसमस्त दुबे परिवार की तरफ से उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 बरी, फैसला आते ही भावुक हुए आप संयोजक

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दिल्‍ली शराब घोटाला मामले में बड़ी खबर है। शराब घोटाला मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है। राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।

अदालत ने कहा- आरोप पत्र में कई कमियां

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से समर्थित नहीं हैं।

कोर्ट की सीबीआई जांच पर कड़ी टिप्पणी

अदालत ने सीबीआई की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को बिना ठोस सामग्री के मामले में आरोपित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। साथ ही और किसी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया।

केजरीवाल ने कहा-मैं भ्रष्ट नहीं हूं

राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े। इस दौरान साथ उनके खड़े मनीष सिसोदिया उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाते रहे। काफी देर बाद अरविंद केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा, ‘मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने भी कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमने हमेशा कहा कि सत्य ही जीतता है। हमें भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है’।

सिसोदिया ने कहा- सत्य की जीत

वहीं, बरी होने पर मनीष सिसोदिया ने भी इसे सत्य की जीत बताया। सिसोदिया ने कहा, ‘सत्यमेव जयते, एक बार फिर मुझे बाबा साहब अंबेडकर की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर गर्व हो रहा है। मोदी जी, उनकी पूरी पार्टी और उनकी एजेंसियों के द्वारा हमें बेईमान साबित करने के लिए पूरा जोर लगाने के बावजूद आज यह साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’

क्या था पूरा मामला

पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्‍ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्‍ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। बीजेपी ने आरोप लगाए थे कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्‍यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज की, जिसमें कई गिरफ्तारी भी हुई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।