लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल के नेतृत्व में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज द्वारा पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी का भव्य शुभारम्भ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का आयोजन फाफामऊ वायु सेना क्षेत्र पंडिला महादेव जी हवाई पट्टी प्रयागराज में किया जा रहा है।यह शिविर साहस अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो से अनुप्राणित होकर युवा कैडेट्स के सर्वागीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है।इस पाँच दिवसीय साहसिक शिविर का नेतृत्व एनसीसी ग्रुप कमांडर प्रयागराज ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल एवं लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह द्वारा किया गया।इस अवसर पर ब्रिगेडियर ने स्वयं पैरासेलिंग बैलून द्वारा उड़ान भरकर कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया तथा साहसिक प्रशिक्षण के महत्व को व्यवहारिक रूप में प्रदर्शित किया।अपने प्रेरक सम्बोधन में ब्रिगेडियर कांदिल ने कहा कि एडवेंचर प्रशिक्षण अनुशासनबद्ध आत्मनिर्भर एवं सशक्त युवाओ के निर्माण की आधारशिला है।यह प्रशिक्षण कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता आत्मविश्वास साहस तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियो में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है जो राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करता है।इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में नेतृत्व गुणो का विकास आत्मविश्वास का सुदृढ़ीकरण तथा साहसिक दृष्टिकोण का निर्माण करना है।शिविर का आयोजन कड़े सुरक्षा मानको के अन्तर्गत किया जा रहा है जिसमें प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की सतत निगरानी मानक सुरक्षा उपकरणों का पूर्ण उपयोग तथा निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशःपालन सुनिश्चित किया गया है जिससे कैडेट्स को एक सुरक्षित रोमांचक एवं समृद्ध अनुभव प्राप्त हो सके।एनसीसी प्रशिक्षण का अभिन्न अंग रही इस प्रकार की साहसिक गतिविधियाँ युवाओ में चरित्र निर्माण सौहार्द अनुशासन तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।इस एडवेंचर कैम्प में 500 से अधिक एनसीसी कैडेट्स उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं। यह गतिविधि 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेन्ट कर्नल अरविंद सिंह के नेतृत्व एवं कुशल प्रबन्धन में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।शिविर के प्रथम दिवस 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज एवं 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सहभागिता की।इस अवसर पर 6 यूपी गर्ल्स बटालियन की लेफ्टिनेन्ट कर्नल फराह दीबा का योगदान भी अत्यंत सराहनीय एवं उल्लेखनीय रहा।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप न केवल साहसिक प्रशिक्षण का प्रतीक है बल्कि यह“एकता और अनुशासन”के एनसीसी मंत्र को साकार करते हुए राष्ट्र के लिए समर्पित सक्षम एवं आत्मविश्वासी युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद कदम है।

प्रदेश के 149 केन्द्रो पर 65 हजार छात्र देगे परीक्षाएं।

मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 22 जनवरी से होगी प्रारम्भ

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।उ प्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालयए प्रयागराज की सत्र दिसम्बर 2025 की परीक्षाएं 22 जनवरी 2026 से प्रारम्भ हो रही है।पूरे प्रदेश में 149 परीक्षा केन्द्रो पर लगभग 65 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।यह जानकारी बुधवार को परीक्षा नियंत्रक प्रो.गिरीश कुमार द्विवेदी ने दी।उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 21 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।उचित छात्र संख्या का मानक स्थापित करते हुए प्रत्येक जनपद में एक परीक्षा केंद्र बनाने का प्रयास किया गया है जिससे परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।परीक्षा नियंत्रक प्रो.द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश के चार केन्द्रीय कारागारो में भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।जिनमें बरेली फतेहगढ़ बस्ती तथा गोरखपुर है।

परीक्षाएं दो पालियो में प्रातः10 से दोपहर 1 बजे तक एवं दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इस बार की परीक्षा समर्थ पोर्टल के माध्यम आयोजित की जायेगी।साथ ही उन्होंने बताया कि परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए सभी के लिए परीक्षा फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया तथा नियमानुसार उन्हीं का प्रवेश पत्र निर्गत किया गया जिन्होंने अपने अधिन्यास कार्य निर्धारित तिथियो पर जमा किए।उन्होंने बताया कि सभी विषयों के परीक्षार्थियो के प्रवेश पत्र ऑनलाइन कर दिए गए है। जिन्हें डाउनलोड कर परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो सकते है।

परीक्षाओं में सभी स्तर की प्रक्रियाओ में अधिक से अधिक डिजिटल माध्यमो व तकनीकी के प्रयोग के लिए विश्वविद्यालय निरंतर कृत संकल्पित है।

कुलपति प्रो.सत्यकाम ने संपूर्ण उत्तर प्रदेश में परीक्षा को पारदर्शिता पूर्ण ढंग से सकुशल संपन्न कराने के लिए केन्द्राध्यक्षो को विशेष निर्देश दिए है।नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न करने के लिए उड़ाका दल एवं पर्यवेक्षको की टीम लगातार परीक्षा केन्द्रो का भ्रमण करेगी।उन्होने छात्रो की सहायता के लिए क्षेत्रीय केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया।जनसम्पर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को कोई परेशानी न हो एवं परीक्षार्थियो की समस्या के त्वरित समाधान के लिए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में सहायता पटल स्थापित किया गया है। जहां परीक्षार्थियो की विभिन्न प्रकार की समस्याओ का समाधान करने के लिए तकनीकी विशेषताओ से युक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियो की तैनाती की गई है।डॉ.प्रभात चन्द्र मिश्र जन सम्पर्क अधिकारी ने जानकारी दी।

सड़क सुरक्षा को देखकर हुई जागरूकता प्रतियोगिताएं

फर्रुखाबाद।म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में माध्यमिक स्तर की जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) फर्रूखाबाद, सुभाष राजपूत तथा जिला विद्यालय निरीक्षक फर्रूखाबाद नरेंद्र पाल सिंह के निर्देशन में म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा विद्यालय में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न कराई गई।

इस प्रतियोगिता में पूरे जनपद के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।  प्रतियोगिताओं की शुरुआत म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा कराई गई। मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक डॉ दिनेश चंद्रा द्वारा किया गया। छात्र छात्राओं ने सड़क सुरक्षा जागरूकता सम्बन्धी पोस्टर, भाषण तथा लघु नाटिका प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुभाष राजपूत मुख्य अतिथि/ मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का परीक्षण करने के भाषण, चित्रकला तथा लघु नाटिका प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया गया।

मुख्य अतिथि सुभाष राजपूत तथा निर्णायक मंडल ने संयुक्त रूप से सरस्वती मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर किया। भाषण प्रतियोगिता में रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की आयशा प्रथम स्थान पर, दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर की पल्लवी अग्निहोत्री द्वितीय स्थान पर जबकि के.आर.आर. रस्तोगी इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद के सक्षम पांडेय तृतीय स्थान पर रहे। चित्रकला प्रतियोगिता में नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की ललिता कुशवाहा प्रथम स्थान पर, डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की जैनब द्वितीय स्थान पर जबकि मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की कुमारी जेसिका तृतीय स्थान पर रही।

लघु नाटिका में प्रथम स्थान पर नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की नव्या, सृष्टि मिश्रा  व वैष्णवी की टीम, द्वितीय स्थान पर म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के हर्षवर्धन, आलोक सिंह चौहान, सूरज तथा वंश की टीम तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखरिया के प्रशांत, आयुष व सोनी की टीम तृतीय स्थान पर रही। इन तीनों प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय विजेताओं को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दिनांक 31 जनवरी, 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में पुरस्कृत किया जाएगा।

प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजा शंकर ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं तथा विशेष कर विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने की अपील की। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने सभी विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए ट्रैफिक के नियमों का सदैव पालन करने के निर्देश दिए। निर्णायक की भूमिका मा0कांशीराम राजकीय महाविद्यालय निनौआ की प्रोफेसर डॉक्टर शालिनी सिंह, रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की प्रधानाचार्या डॉक्टर नीतू मसीह तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की कला अध्यापिका  राधा कटियार ने निभाई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मयंक रस्तोगी, अशोक कुमार कठेरिया, प्रदीप कुमार जायसवाल, अरविंद कुमार, विश्व प्रकाश, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस ने की बिना किसी ठोस कारण के फॉर्म-6 वं फॉर्म-7 जमा किए जाएं,फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित सूची उपलब्ध कराए जाने की मांग की
फर्रुखाबाद l जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष शकुंतला ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा  विभिन्न राज्यों/कद्रशासित प्रदेशों सहित हमारे क्षेत्र में भी निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण आरंभ किया गया है।

प्रारुप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है तथा दास एवं आपत्तियों दाखिल करने की अवधि अब समाप्ति की ओर है। इस अवधि के दौरान मतदाता एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) द्वारा फॉर्म-6 (नाम सम्मिलन), फॉर्म-7 (आपत्ति/विलोपन) तथा फॉर्म-8 (संशोधन) विधिवत सत्यापन एवं आवश्यक पोषणाओं के अधीन प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि आपके अधिकार क्षेत्र में एसडीएम ईआरओ बीएलओ के समक्ष कई हजार फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। इनमें से अधिकांश फॉर्म पूर्व-मुद्रित हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण टाइप किया गया है तथा आपत्तिकर्ताओं का विवरण अस्पष्ट/अपठनीय है। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ एवं इन कार्यालयों के भौतिक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन फ़मों का एक बड़ा हिस्सा बिना सत्यापन के व्यक्तियों द्वारा जमा किया गया है। इन आवेदनों में गंभीर कमिया पाई गई है, जैसे आपत्तिकर्ता की पहचान का प्रमाण न होना, मोबाइल नंबर का अभाव, आपत्ति के लिए कोई विशिष्ट कारण या विवरण न दिया जाना, तथा जहाँ नाम हो वहाँ BLA-2 द्वारा आबस्यक पोषण/ का अभाव। तात्कालिक कार्यवाही किए जाने की मांग की हैं। गांव सिकन्दरपुर नहरोसा नबावगंज के सभी प्रस्तुत फॉमों की जांच सुनिश्चित की जाए, जिसमें BLA-2 के हस्ताक्षरों का अभिलेखों से मिलान तथा व्यक्तिगत आपत्तिकर्ताओं की पहचान संपर्क विवरण का सत्यापन शामिल हो।
विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना, संबंधित मतदाताओं को नोटिस एवं सुनवाई का आवसर दिए बिना, किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए।
आवश्यक विवरणों से रहित हजारों अपूर्ण फॉर्म स्वीकार किए जाने के संबंध में तत्काल जांच कराई जाए।भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रास सभी फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित कर तत्काल उपलब्ध कराए जाए।

यह सही कदम है और वास्तविक मतदाताओं के होने से बचाने तथा अंतिम निर्माती की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिवद्ध है और यह निश्चित करने के लिए कार्रवाई कर का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित हो l
एषा सिंह को गणतन्त्र दिवस परेड–2026 में‘वॉटर वॉरियर’ के रूप में विशेष अतिथि का आमंत्रण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा गणतंत्र दिवस परेड– 2026 के अवसर पर देशभर से गंगा नदी के संरक्षण पुनर्जीवन स्वच्छता सामुदायिक जागरूकता एवं पर्यावरणीय प्रदूषण की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सतत योगदान देने वाले चयनित‘वॉटर वॉरियर्स’को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।इस प्रतिष्ठित सूची में प्रयागराज की जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे)एषा सिंह का नाम शामिल है।

एषा सिंह विगत कई वर्षो से गंगा संरक्षण के क्षेत्र में निरन्तर जन- जागरूकता का कार्य कर रही है।उन्होंने गंगा तटवर्ती ग्रामों में ग्रामीण युवाओ को प्रशिक्षण देकर उन्हें गंगा स्वच्छता जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियो के प्रति जागरूक किया।नमामि गंगे परियोजना को केवल एक सरकारी परियोजना तक न सीमित रखते हुए उन्होने इसे जन-आन्दोलन का स्वरूप प्रदान किया।उनके प्रयासों में महिलाओ युवाओ एवं ट्रांसजेंडर समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। ‘नदी उत्सव’गंगा उत्सव जैसे समावेशी कार्यक्रमो के माध्यम से सामाजिक सहभागिता को मजबूती दी गई। जिला स्तर पर विभिन्न विद्यालयो में चित्रकला क्विज़ नुक्कड़ नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम रैलियाँ तथा घाटों पर स्वच्छता अभियानों का आयोजन कर छात्रों एवं आम नागरिको को पर्यावरण एवं नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

महाकुम्भ–2025 जैसे विशाल आयोजन के दौरान उनके नेतृत्व में संचालित नमामि गंगे प्रदर्शनी जन-जागरूकता रैलियों एवं अभियानों ने देश-विदेश से आए लाखो श्रद्धालुओ में गंगा के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल किया।इन उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हे जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।गंगा संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को पूर्व में भी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सराहा जा चुका है।उन्हें भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री द्वारा‘वॉटर डाइजेस्ट वर्ल्ड वॉटर वॉरियर अवार्ड’ तथा राज्य स्तर पर ‘गंगा सम्मान’से सम्मानित किया जा चुका है।गणतंत्र दिवस परेड–2026 में विशेष अतिथि के रूप में उनका चयन उनके सतत समर्पित एवं प्रभावी कार्यो की स्वाभाविक परिणति है।

मुक्त विश्वविद्यालय का सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव- प्रो.सत्यकाम

माघ मेला शिविर में दूरस्थ शिक्षा पर संगोष्ठी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में लाल सड़क मार्ग सेक्टर 3 स्थित विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर में वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कुलपति प्रो.सत्यकाम ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा का क्षेत्र बहुत व्यापक है।वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता बहुत अधिक है। यह शिक्षा का एक ऐसा तरीका है जो छात्रो को घर बैठे या अपने समय और गति के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि माघ मेला में दूरस्थ शिक्षा का प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है।मुक्त विश्वविद्यालय की ख्याति बढ़ रही है।हमें अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए उनकी सेवा करनी चाहिए। विश्वविद्यालय ने अपने सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव का अपने सभी क्षेत्रीय केन्द्रो को पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि राज्यपाल उत्तर प्रदेश की एडीसी ने भी मुक्त विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर कार्यक्रम में अपना नामांकन कराया है।दूरस्थ शिक्षा कामकाजी लोगो को अपने लक्ष्यो को प्राप्त करने और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करती है।इस अवसर पर कुलपति प्रो.सत्यकाम ने जागरूकता प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।विशिष्ट अतिथि एस सी मिश्रा सेवानिवृत अपर महानिदेशक दूरदर्शन मुख्यालय प्रसार भारती ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा आजीवन सीखने को बढ़ावा देती है जो आज की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल दुनिया में आवश्यक है।दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों और डिग्री प्रोग्रामो में प्रवेश लेकर व्यक्तित्व का विकास किया जा सकता है।इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा प्रो.पीके स्टालिन प्रो.रुचि बाजपेई प्रो.छत्रसाल सिंह प्रो.मीरा पाल आदि ने दूरस्थ शिक्षा की महत्ता प्रतिपादित की।दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर के नोडल अधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह भदौरिया ने संचालन तथा डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

अग्रसेन अग्रवाल समाज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में भण्डारे का आयोजन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अग्रसेन अग्रवाल समाज प्रयागराज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में महा भंडारे का सफल आयोजन किया गया।यह सेवा कार्यक्रम श्रद्धा सहयोग एवं सामाजिक समरसता की भावना के साथ सम्पन्न हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ कल्पवासियो एवं मेला आगंतुको ने प्रसाद ग्रहण किया।यह भंडारा अग्रसेन अग्रवाल समाज एवं अग्रवाल युवा मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसमें समाज के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवको ने सक्रिय सहभागिता निभाई और स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित की।

इस आयोजन को सफल बनाने में पियूष रंजन अग्रवाल हरीश चन्द्र अग्रवाल (कैंप संयोजक) अभिषेक मित्तल रीमा अग्रवाल (महामंत्री)वैभव गोयल मनोज अग्रवाल एवं अभिनव अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में “एथिकल रिसर्च कल्चर एवं रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ


बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय,    बलरामपुर के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में बुधवार को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का विषय “प्रमोटिंग एथिकल रिसर्च कल्चर एंड रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” रखा गया है,जिसका उद्देश्य शोध में नैतिक मूल्यों,पारदर्शिता तथा जिम्मेदार प्रकाशन की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह तथा मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,ग्रेटर नोएडा के कुलपति प्रो.राणा प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत विभागाध्यक्ष पूजा मिश्रा के स्वस्तिवाचन से हुई। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शोधार्थियों को समर्पण,अनुशासन और सत्यनिष्ठा के साथ अनुसंधान कार्य करना चाहिए। उन्होंने ऐसी शोध संस्कृति विकसित करने पर बल दिया, जिसमें शोध निष्कर्ष समाजहित में बिना शुल्क साझा किए जा सकें। उन्होंने नैतिक अनुसंधान संस्कृति को सत्यनिष्ठा,जिम्मेदारी,पारदर्शिता तथा शोध प्रतिभागियों की सुरक्षा का मूल आधार बताया।

मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर प्रो.राणा प्रताप सिंह ने कहा कि जिम्मेदार प्रकाशन से वैज्ञानिक संचार की ईमानदारी और विश्वसनीयता बनी रहती है। इससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ती है,बल्कि समाज को भी शोध के वास्तविक लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने शोधकर्ताओं से प्रकाशन प्रक्रिया में नैतिक मानकों के पालन का आह्वान किया।

एम.एल.के.पीजी कॉलेज,बलरामपुर के प्राचार्य प्रो.जे.पी.पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ.बसंत कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का कुशल संचालन लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया,जबकि तकनीकी समन्वयक की भूमिका डॉ.अभिषेक सिंह ने निभाई।

उद्घाटन सत्र के उपरांत तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए,जिनमें कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रो.प्रकाश चन्द्र तिवारी,गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो.दिनेश यादव,प्रो.राजर्षि कुमार गौर सहित अन्य विशेषज्ञों ने एथिकल रिसर्च,प्लेगरिज्म,ओपन एक्सेस पब्लिशिंग तथा जिम्मेदार शोध प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यशाला के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.पी.के. सिंह,प्रो.वीणा सिंह,डॉ.स्वदेश भट्ट,समन्वय समिति के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में शोधार्थियों की सराहनीय सहभागिता रही।
यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के आरोप में जिम संचालक समेत चार गिरफ्तार

मीरजापुर में चार जिम भी हुये सील,मचा हड़कंप


मीरजापुर। पुलिस ने एक जिम संचालक समेत चार को गिरफ्तार किया है. इन पर जिम जा रही दो युवतियों ने यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराया था। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है। दरअसल, जिले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दर्ज मुकदमा यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले मे चार को गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार चार आरोपियों में जिम संचालक और उसके सहयोगी है। पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के महुवरिया स्थित केजीएन जिम का है। दो अलग अलग युवतियों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पहले दोस्ती करते हैं फिर धर्म परिवर्तन कराने का कार्य करते हैं यौन शोषण वसूली भी करते हैं।

प्रकरण की गंभीरता से लेते हुए देहात कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर क्षेत्राधिकार सदर के नेतृत्व में एसओजी, थाना कटरा, नगर व और देहात सहित 4 टीमों का गठन कर 20 जनवरी को मोहम्मद शेख अली निवासी नटवां मिल्लत नगर थाना कटरा जनपद मिर्जापुर, फैजल खान निवासी गोसाई तालाब नियर मस्जिद थाना शहर जनपद मिर्जापुर को गिरफ्तार किया गया है। इनसे प्राप्त मोबाइल एवं अन्य डिजिटल एविडेंस एवं साक्ष्य संकलन करते हुए दो अन्य अभियुक्तों जहीर एवं सादाब को हिरासत में लिया गया है, विवेचना के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्त जहीर केजीएन-1 जिम का मालिक है इसके अलावा केजीएन-2, केजीएन-3 व आयरन फायर से भी अभियुक्त लगातार जुडे रहे है। पीड़ित युवतियां पहले केजीएन जिम में जाया करती थी।

पुलिस साक्ष्य संकलन के आधार पर इन सभी जिमों को सील करा दिया है। जिससे साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सकें। संचालक व ट्रेनर समेत सात लोगों पर देहात कोतवाली पुलिस ने जिम आने वाली लड़कियों से यौन शोषण व वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश कुमार सिंह ने बताया कि दो अलग अलग युवतियों ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन आरोप लगाया था.जिसको लेकर पुलिस ने चार को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। घटना मे जो भी अभियुक्त सम्मिलित पाये जायेंगें, उनके विरूद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही की जायेगी।
लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल के नेतृत्व में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज द्वारा पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी का भव्य शुभारम्भ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का आयोजन फाफामऊ वायु सेना क्षेत्र पंडिला महादेव जी हवाई पट्टी प्रयागराज में किया जा रहा है।यह शिविर साहस अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो से अनुप्राणित होकर युवा कैडेट्स के सर्वागीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है।इस पाँच दिवसीय साहसिक शिविर का नेतृत्व एनसीसी ग्रुप कमांडर प्रयागराज ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल एवं लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह द्वारा किया गया।इस अवसर पर ब्रिगेडियर ने स्वयं पैरासेलिंग बैलून द्वारा उड़ान भरकर कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया तथा साहसिक प्रशिक्षण के महत्व को व्यवहारिक रूप में प्रदर्शित किया।अपने प्रेरक सम्बोधन में ब्रिगेडियर कांदिल ने कहा कि एडवेंचर प्रशिक्षण अनुशासनबद्ध आत्मनिर्भर एवं सशक्त युवाओ के निर्माण की आधारशिला है।यह प्रशिक्षण कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता आत्मविश्वास साहस तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियो में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है जो राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करता है।इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में नेतृत्व गुणो का विकास आत्मविश्वास का सुदृढ़ीकरण तथा साहसिक दृष्टिकोण का निर्माण करना है।शिविर का आयोजन कड़े सुरक्षा मानको के अन्तर्गत किया जा रहा है जिसमें प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की सतत निगरानी मानक सुरक्षा उपकरणों का पूर्ण उपयोग तथा निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशःपालन सुनिश्चित किया गया है जिससे कैडेट्स को एक सुरक्षित रोमांचक एवं समृद्ध अनुभव प्राप्त हो सके।एनसीसी प्रशिक्षण का अभिन्न अंग रही इस प्रकार की साहसिक गतिविधियाँ युवाओ में चरित्र निर्माण सौहार्द अनुशासन तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।इस एडवेंचर कैम्प में 500 से अधिक एनसीसी कैडेट्स उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं। यह गतिविधि 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेन्ट कर्नल अरविंद सिंह के नेतृत्व एवं कुशल प्रबन्धन में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।शिविर के प्रथम दिवस 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज एवं 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सहभागिता की।इस अवसर पर 6 यूपी गर्ल्स बटालियन की लेफ्टिनेन्ट कर्नल फराह दीबा का योगदान भी अत्यंत सराहनीय एवं उल्लेखनीय रहा।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप न केवल साहसिक प्रशिक्षण का प्रतीक है बल्कि यह“एकता और अनुशासन”के एनसीसी मंत्र को साकार करते हुए राष्ट्र के लिए समर्पित सक्षम एवं आत्मविश्वासी युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद कदम है।

प्रदेश के 149 केन्द्रो पर 65 हजार छात्र देगे परीक्षाएं।

मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 22 जनवरी से होगी प्रारम्भ

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।उ प्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालयए प्रयागराज की सत्र दिसम्बर 2025 की परीक्षाएं 22 जनवरी 2026 से प्रारम्भ हो रही है।पूरे प्रदेश में 149 परीक्षा केन्द्रो पर लगभग 65 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।यह जानकारी बुधवार को परीक्षा नियंत्रक प्रो.गिरीश कुमार द्विवेदी ने दी।उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 21 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।उचित छात्र संख्या का मानक स्थापित करते हुए प्रत्येक जनपद में एक परीक्षा केंद्र बनाने का प्रयास किया गया है जिससे परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।परीक्षा नियंत्रक प्रो.द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश के चार केन्द्रीय कारागारो में भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।जिनमें बरेली फतेहगढ़ बस्ती तथा गोरखपुर है।

परीक्षाएं दो पालियो में प्रातः10 से दोपहर 1 बजे तक एवं दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इस बार की परीक्षा समर्थ पोर्टल के माध्यम आयोजित की जायेगी।साथ ही उन्होंने बताया कि परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए सभी के लिए परीक्षा फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया तथा नियमानुसार उन्हीं का प्रवेश पत्र निर्गत किया गया जिन्होंने अपने अधिन्यास कार्य निर्धारित तिथियो पर जमा किए।उन्होंने बताया कि सभी विषयों के परीक्षार्थियो के प्रवेश पत्र ऑनलाइन कर दिए गए है। जिन्हें डाउनलोड कर परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो सकते है।

परीक्षाओं में सभी स्तर की प्रक्रियाओ में अधिक से अधिक डिजिटल माध्यमो व तकनीकी के प्रयोग के लिए विश्वविद्यालय निरंतर कृत संकल्पित है।

कुलपति प्रो.सत्यकाम ने संपूर्ण उत्तर प्रदेश में परीक्षा को पारदर्शिता पूर्ण ढंग से सकुशल संपन्न कराने के लिए केन्द्राध्यक्षो को विशेष निर्देश दिए है।नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न करने के लिए उड़ाका दल एवं पर्यवेक्षको की टीम लगातार परीक्षा केन्द्रो का भ्रमण करेगी।उन्होने छात्रो की सहायता के लिए क्षेत्रीय केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया।जनसम्पर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को कोई परेशानी न हो एवं परीक्षार्थियो की समस्या के त्वरित समाधान के लिए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में सहायता पटल स्थापित किया गया है। जहां परीक्षार्थियो की विभिन्न प्रकार की समस्याओ का समाधान करने के लिए तकनीकी विशेषताओ से युक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियो की तैनाती की गई है।डॉ.प्रभात चन्द्र मिश्र जन सम्पर्क अधिकारी ने जानकारी दी।

सड़क सुरक्षा को देखकर हुई जागरूकता प्रतियोगिताएं

फर्रुखाबाद।म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में माध्यमिक स्तर की जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) फर्रूखाबाद, सुभाष राजपूत तथा जिला विद्यालय निरीक्षक फर्रूखाबाद नरेंद्र पाल सिंह के निर्देशन में म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा विद्यालय में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न कराई गई।

इस प्रतियोगिता में पूरे जनपद के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।  प्रतियोगिताओं की शुरुआत म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा कराई गई। मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक डॉ दिनेश चंद्रा द्वारा किया गया। छात्र छात्राओं ने सड़क सुरक्षा जागरूकता सम्बन्धी पोस्टर, भाषण तथा लघु नाटिका प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुभाष राजपूत मुख्य अतिथि/ मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का परीक्षण करने के भाषण, चित्रकला तथा लघु नाटिका प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया गया।

मुख्य अतिथि सुभाष राजपूत तथा निर्णायक मंडल ने संयुक्त रूप से सरस्वती मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर किया। भाषण प्रतियोगिता में रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की आयशा प्रथम स्थान पर, दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर की पल्लवी अग्निहोत्री द्वितीय स्थान पर जबकि के.आर.आर. रस्तोगी इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद के सक्षम पांडेय तृतीय स्थान पर रहे। चित्रकला प्रतियोगिता में नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की ललिता कुशवाहा प्रथम स्थान पर, डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की जैनब द्वितीय स्थान पर जबकि मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की कुमारी जेसिका तृतीय स्थान पर रही।

लघु नाटिका में प्रथम स्थान पर नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की नव्या, सृष्टि मिश्रा  व वैष्णवी की टीम, द्वितीय स्थान पर म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के हर्षवर्धन, आलोक सिंह चौहान, सूरज तथा वंश की टीम तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखरिया के प्रशांत, आयुष व सोनी की टीम तृतीय स्थान पर रही। इन तीनों प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय विजेताओं को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दिनांक 31 जनवरी, 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में पुरस्कृत किया जाएगा।

प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजा शंकर ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं तथा विशेष कर विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने की अपील की। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने सभी विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए ट्रैफिक के नियमों का सदैव पालन करने के निर्देश दिए। निर्णायक की भूमिका मा0कांशीराम राजकीय महाविद्यालय निनौआ की प्रोफेसर डॉक्टर शालिनी सिंह, रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की प्रधानाचार्या डॉक्टर नीतू मसीह तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की कला अध्यापिका  राधा कटियार ने निभाई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मयंक रस्तोगी, अशोक कुमार कठेरिया, प्रदीप कुमार जायसवाल, अरविंद कुमार, विश्व प्रकाश, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस ने की बिना किसी ठोस कारण के फॉर्म-6 वं फॉर्म-7 जमा किए जाएं,फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित सूची उपलब्ध कराए जाने की मांग की
फर्रुखाबाद l जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष शकुंतला ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा  विभिन्न राज्यों/कद्रशासित प्रदेशों सहित हमारे क्षेत्र में भी निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण आरंभ किया गया है।

प्रारुप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है तथा दास एवं आपत्तियों दाखिल करने की अवधि अब समाप्ति की ओर है। इस अवधि के दौरान मतदाता एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) द्वारा फॉर्म-6 (नाम सम्मिलन), फॉर्म-7 (आपत्ति/विलोपन) तथा फॉर्म-8 (संशोधन) विधिवत सत्यापन एवं आवश्यक पोषणाओं के अधीन प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि आपके अधिकार क्षेत्र में एसडीएम ईआरओ बीएलओ के समक्ष कई हजार फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। इनमें से अधिकांश फॉर्म पूर्व-मुद्रित हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण टाइप किया गया है तथा आपत्तिकर्ताओं का विवरण अस्पष्ट/अपठनीय है। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ एवं इन कार्यालयों के भौतिक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन फ़मों का एक बड़ा हिस्सा बिना सत्यापन के व्यक्तियों द्वारा जमा किया गया है। इन आवेदनों में गंभीर कमिया पाई गई है, जैसे आपत्तिकर्ता की पहचान का प्रमाण न होना, मोबाइल नंबर का अभाव, आपत्ति के लिए कोई विशिष्ट कारण या विवरण न दिया जाना, तथा जहाँ नाम हो वहाँ BLA-2 द्वारा आबस्यक पोषण/ का अभाव। तात्कालिक कार्यवाही किए जाने की मांग की हैं। गांव सिकन्दरपुर नहरोसा नबावगंज के सभी प्रस्तुत फॉमों की जांच सुनिश्चित की जाए, जिसमें BLA-2 के हस्ताक्षरों का अभिलेखों से मिलान तथा व्यक्तिगत आपत्तिकर्ताओं की पहचान संपर्क विवरण का सत्यापन शामिल हो।
विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना, संबंधित मतदाताओं को नोटिस एवं सुनवाई का आवसर दिए बिना, किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए।
आवश्यक विवरणों से रहित हजारों अपूर्ण फॉर्म स्वीकार किए जाने के संबंध में तत्काल जांच कराई जाए।भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रास सभी फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित कर तत्काल उपलब्ध कराए जाए।

यह सही कदम है और वास्तविक मतदाताओं के होने से बचाने तथा अंतिम निर्माती की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिवद्ध है और यह निश्चित करने के लिए कार्रवाई कर का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित हो l
एषा सिंह को गणतन्त्र दिवस परेड–2026 में‘वॉटर वॉरियर’ के रूप में विशेष अतिथि का आमंत्रण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा गणतंत्र दिवस परेड– 2026 के अवसर पर देशभर से गंगा नदी के संरक्षण पुनर्जीवन स्वच्छता सामुदायिक जागरूकता एवं पर्यावरणीय प्रदूषण की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सतत योगदान देने वाले चयनित‘वॉटर वॉरियर्स’को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।इस प्रतिष्ठित सूची में प्रयागराज की जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे)एषा सिंह का नाम शामिल है।

एषा सिंह विगत कई वर्षो से गंगा संरक्षण के क्षेत्र में निरन्तर जन- जागरूकता का कार्य कर रही है।उन्होंने गंगा तटवर्ती ग्रामों में ग्रामीण युवाओ को प्रशिक्षण देकर उन्हें गंगा स्वच्छता जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियो के प्रति जागरूक किया।नमामि गंगे परियोजना को केवल एक सरकारी परियोजना तक न सीमित रखते हुए उन्होने इसे जन-आन्दोलन का स्वरूप प्रदान किया।उनके प्रयासों में महिलाओ युवाओ एवं ट्रांसजेंडर समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। ‘नदी उत्सव’गंगा उत्सव जैसे समावेशी कार्यक्रमो के माध्यम से सामाजिक सहभागिता को मजबूती दी गई। जिला स्तर पर विभिन्न विद्यालयो में चित्रकला क्विज़ नुक्कड़ नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम रैलियाँ तथा घाटों पर स्वच्छता अभियानों का आयोजन कर छात्रों एवं आम नागरिको को पर्यावरण एवं नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

महाकुम्भ–2025 जैसे विशाल आयोजन के दौरान उनके नेतृत्व में संचालित नमामि गंगे प्रदर्शनी जन-जागरूकता रैलियों एवं अभियानों ने देश-विदेश से आए लाखो श्रद्धालुओ में गंगा के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल किया।इन उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हे जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।गंगा संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को पूर्व में भी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सराहा जा चुका है।उन्हें भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री द्वारा‘वॉटर डाइजेस्ट वर्ल्ड वॉटर वॉरियर अवार्ड’ तथा राज्य स्तर पर ‘गंगा सम्मान’से सम्मानित किया जा चुका है।गणतंत्र दिवस परेड–2026 में विशेष अतिथि के रूप में उनका चयन उनके सतत समर्पित एवं प्रभावी कार्यो की स्वाभाविक परिणति है।

मुक्त विश्वविद्यालय का सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव- प्रो.सत्यकाम

माघ मेला शिविर में दूरस्थ शिक्षा पर संगोष्ठी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में लाल सड़क मार्ग सेक्टर 3 स्थित विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर में वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कुलपति प्रो.सत्यकाम ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा का क्षेत्र बहुत व्यापक है।वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता बहुत अधिक है। यह शिक्षा का एक ऐसा तरीका है जो छात्रो को घर बैठे या अपने समय और गति के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि माघ मेला में दूरस्थ शिक्षा का प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है।मुक्त विश्वविद्यालय की ख्याति बढ़ रही है।हमें अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए उनकी सेवा करनी चाहिए। विश्वविद्यालय ने अपने सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव का अपने सभी क्षेत्रीय केन्द्रो को पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि राज्यपाल उत्तर प्रदेश की एडीसी ने भी मुक्त विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर कार्यक्रम में अपना नामांकन कराया है।दूरस्थ शिक्षा कामकाजी लोगो को अपने लक्ष्यो को प्राप्त करने और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करती है।इस अवसर पर कुलपति प्रो.सत्यकाम ने जागरूकता प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।विशिष्ट अतिथि एस सी मिश्रा सेवानिवृत अपर महानिदेशक दूरदर्शन मुख्यालय प्रसार भारती ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा आजीवन सीखने को बढ़ावा देती है जो आज की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल दुनिया में आवश्यक है।दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों और डिग्री प्रोग्रामो में प्रवेश लेकर व्यक्तित्व का विकास किया जा सकता है।इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा प्रो.पीके स्टालिन प्रो.रुचि बाजपेई प्रो.छत्रसाल सिंह प्रो.मीरा पाल आदि ने दूरस्थ शिक्षा की महत्ता प्रतिपादित की।दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर के नोडल अधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह भदौरिया ने संचालन तथा डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

अग्रसेन अग्रवाल समाज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में भण्डारे का आयोजन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अग्रसेन अग्रवाल समाज प्रयागराज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में महा भंडारे का सफल आयोजन किया गया।यह सेवा कार्यक्रम श्रद्धा सहयोग एवं सामाजिक समरसता की भावना के साथ सम्पन्न हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ कल्पवासियो एवं मेला आगंतुको ने प्रसाद ग्रहण किया।यह भंडारा अग्रसेन अग्रवाल समाज एवं अग्रवाल युवा मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसमें समाज के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवको ने सक्रिय सहभागिता निभाई और स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित की।

इस आयोजन को सफल बनाने में पियूष रंजन अग्रवाल हरीश चन्द्र अग्रवाल (कैंप संयोजक) अभिषेक मित्तल रीमा अग्रवाल (महामंत्री)वैभव गोयल मनोज अग्रवाल एवं अभिनव अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में “एथिकल रिसर्च कल्चर एवं रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ


बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय,    बलरामपुर के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में बुधवार को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का विषय “प्रमोटिंग एथिकल रिसर्च कल्चर एंड रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” रखा गया है,जिसका उद्देश्य शोध में नैतिक मूल्यों,पारदर्शिता तथा जिम्मेदार प्रकाशन की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह तथा मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,ग्रेटर नोएडा के कुलपति प्रो.राणा प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत विभागाध्यक्ष पूजा मिश्रा के स्वस्तिवाचन से हुई। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शोधार्थियों को समर्पण,अनुशासन और सत्यनिष्ठा के साथ अनुसंधान कार्य करना चाहिए। उन्होंने ऐसी शोध संस्कृति विकसित करने पर बल दिया, जिसमें शोध निष्कर्ष समाजहित में बिना शुल्क साझा किए जा सकें। उन्होंने नैतिक अनुसंधान संस्कृति को सत्यनिष्ठा,जिम्मेदारी,पारदर्शिता तथा शोध प्रतिभागियों की सुरक्षा का मूल आधार बताया।

मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर प्रो.राणा प्रताप सिंह ने कहा कि जिम्मेदार प्रकाशन से वैज्ञानिक संचार की ईमानदारी और विश्वसनीयता बनी रहती है। इससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ती है,बल्कि समाज को भी शोध के वास्तविक लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने शोधकर्ताओं से प्रकाशन प्रक्रिया में नैतिक मानकों के पालन का आह्वान किया।

एम.एल.के.पीजी कॉलेज,बलरामपुर के प्राचार्य प्रो.जे.पी.पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ.बसंत कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का कुशल संचालन लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया,जबकि तकनीकी समन्वयक की भूमिका डॉ.अभिषेक सिंह ने निभाई।

उद्घाटन सत्र के उपरांत तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए,जिनमें कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रो.प्रकाश चन्द्र तिवारी,गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो.दिनेश यादव,प्रो.राजर्षि कुमार गौर सहित अन्य विशेषज्ञों ने एथिकल रिसर्च,प्लेगरिज्म,ओपन एक्सेस पब्लिशिंग तथा जिम्मेदार शोध प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यशाला के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.पी.के. सिंह,प्रो.वीणा सिंह,डॉ.स्वदेश भट्ट,समन्वय समिति के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में शोधार्थियों की सराहनीय सहभागिता रही।
यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के आरोप में जिम संचालक समेत चार गिरफ्तार

मीरजापुर में चार जिम भी हुये सील,मचा हड़कंप


मीरजापुर। पुलिस ने एक जिम संचालक समेत चार को गिरफ्तार किया है. इन पर जिम जा रही दो युवतियों ने यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराया था। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है। दरअसल, जिले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दर्ज मुकदमा यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले मे चार को गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार चार आरोपियों में जिम संचालक और उसके सहयोगी है। पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के महुवरिया स्थित केजीएन जिम का है। दो अलग अलग युवतियों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पहले दोस्ती करते हैं फिर धर्म परिवर्तन कराने का कार्य करते हैं यौन शोषण वसूली भी करते हैं।

प्रकरण की गंभीरता से लेते हुए देहात कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर क्षेत्राधिकार सदर के नेतृत्व में एसओजी, थाना कटरा, नगर व और देहात सहित 4 टीमों का गठन कर 20 जनवरी को मोहम्मद शेख अली निवासी नटवां मिल्लत नगर थाना कटरा जनपद मिर्जापुर, फैजल खान निवासी गोसाई तालाब नियर मस्जिद थाना शहर जनपद मिर्जापुर को गिरफ्तार किया गया है। इनसे प्राप्त मोबाइल एवं अन्य डिजिटल एविडेंस एवं साक्ष्य संकलन करते हुए दो अन्य अभियुक्तों जहीर एवं सादाब को हिरासत में लिया गया है, विवेचना के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्त जहीर केजीएन-1 जिम का मालिक है इसके अलावा केजीएन-2, केजीएन-3 व आयरन फायर से भी अभियुक्त लगातार जुडे रहे है। पीड़ित युवतियां पहले केजीएन जिम में जाया करती थी।

पुलिस साक्ष्य संकलन के आधार पर इन सभी जिमों को सील करा दिया है। जिससे साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सकें। संचालक व ट्रेनर समेत सात लोगों पर देहात कोतवाली पुलिस ने जिम आने वाली लड़कियों से यौन शोषण व वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश कुमार सिंह ने बताया कि दो अलग अलग युवतियों ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन आरोप लगाया था.जिसको लेकर पुलिस ने चार को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। घटना मे जो भी अभियुक्त सम्मिलित पाये जायेंगें, उनके विरूद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही की जायेगी।