झारखंड की मेगालिथ विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान: यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की तैयारी

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजन के अनुरूप झारखंड की प्राचीन और अमूल्य मेगालिथ (Megalith) और मोनोलिथ (Monolith) विरासत को विश्व पटल पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। झारखंड सरकार के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व और संरक्षण विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage) की ओर बढ़ते कदम

बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड के प्राचीन पत्थरों और ऐतिहासिक संरचनाओं का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण (Documentation) और पुनर्स्थापन करना है। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कैसे इन संरचनाओं को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए एक ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।

प्रमुख संस्थानों के साथ तकनीकी सहयोग

प्रतिनिधिमंडल ने लंदन के विख्यात संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ संवाद किया, जिनमें प्रमुख हैं:

Museum of London Archaeology (MOLA)

University College London (UCL)

AECOM, Arup और Wessex Archaeology

इन विशेषज्ञों ने मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरक्षण रणनीतियों पर अपने सुझाव साझा किए।

आदिवासी पहचान और जीवंत संस्कृति का संरक्षण

इस अवसर पर मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा:

"मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार इन विरासतों को केवल पुरातात्विक अवशेष नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय की जीवंत सांस्कृतिक पहचान मानती है। हमारा प्रयास है कि वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से इन स्थलों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।"

भविष्य का रोडमैप

राज्य सरकार इन बैठकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाकर झारखंड की मेगालिथिक विरासत का सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्तर पर विकास किया जाएगा।

दावोस के मंच पर गूँजा झारखंड का 'महिला-केंद्रित विकास विजन': श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने पेश किया आदिवासी मॉडल

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान, झारखंड पवेलियन में एक उच्च स्तरीय पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। झारखंड विधानसभा की सदस्य और महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स (BRICS CCI) के सहयोग से आयोजित इस सत्र में झारखंड के 'महिला-केंद्रित विकास मॉडल' को वैश्विक लीडर्स के सामने रखा।

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आदिवासी मूल्यों और जल-जंगल-जमीन का संरक्षण

सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास मॉडल राज्य के आदिवासी और स्वदेशी मूल्यों पर टिका है। उन्होंने जोर दिया कि प्रकृति के साथ हमारा रिश्ता दोहन का नहीं, बल्कि संरक्षण का है, और इस संरक्षण की सबसे बड़ी वाहक हमारी महिलाएं हैं।

'अदृश्य श्रम' को पहचान देने की वकालत

श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाते हुए कहा कि आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के 'अदृश्य श्रम' (देखभाल और सामुदायिक कार्य) को अर्थव्यवस्था की नींव के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड की नीतियां गृहिणियों और अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के आत्मविश्वास और गरिमा को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।

JSLPS और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सफलता

उन्होंने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादन में नेतृत्व कर रही हैं। यह मॉडल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री का विजन: 'पीपल फर्स्ट'

श्रीमती सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार का शासन ढांचा संसाधनों से ऊपर 'लोगों' को प्राथमिकता देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, तभी देश का सतत विकास संभव होगा।

मकर संक्रांति उपरांत सामाजिक समरसता सहभोज का आयोजन संपन्न
संजीव सिंह बलिया!नगरा:मकर संक्रांति के उपरांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नगरा की ओर से सामाजिक समरसता, समन्वय एवं सामंजस्य के उद्देश्य से खिचड़ी सहभोज का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंगलवार को स्थानीय पाण्डेय मैरेज हाल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें हिंदू समाज के प्रत्येक वर्ग के सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री कृपाशंकर बरनवाल जी ने की। इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्री अम्बेश जी ने समसामयिक विषयों पर ओजपूर्ण एवं प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने मकर संक्रांति के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में एकता, सद्भाव और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। सहभोज कार्यक्रम में प्रमुख रूप से खण्ड संघचालक  बजरंग बली सिंह,  प्रेम प्रकाश , बबलू सागर, आलोक शुक्ला,  अंकित सिंह, जयप्रकाश जायसवाल, देवनारायण प्रजापति, अरविंद नारायण सिंह, निर्भय प्रकाश, कृष्ण वर्मा, राजू चौहान, राजू सिंह चंदेल, धर्मराज सिंह विक्की, सूर्य प्रताप सिंह, अशोक गुप्ता, समरजीत सिंह, फतेह बहादुर सिंह, क्रांति यादव, संतोष पांडे सुधीर पासवान, गुड्डू पांडे, दीपक मद्धेशिया, कंचन वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे के साथ सहभोज कर सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया। यह आयोजन समाज में सौहार्द, सहयोग और एकता को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।
चतुर्थ वाहिनी पीएसी ने साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज में सेनानायक सर्वेश कुमार मिश्र(आईपीएस)की उपस्थिति में पुलिस उपाधीक्षक कासगंज संदीप वर्मा द्वारा 'साइबर जागरूकता कार्यक्रम' का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला गया जिसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी फ़िशिंग हैकिंग डिजिटल पहचान की चोरी तथा वित्तीय ठगी'जैसी घटनाओं के उदाहरण प्रस्तुत कर उपस्थित कार्मिको को सतर्क किया गया।यह स्पष्ट किया गया कि साइबर अपराधी आमजन एवं सरकारी कार्मिको को भ्रमित कर आर्थिक एवं सूचनात्मक क्षति पहुँचाने का प्रयास करते हैं साथ ही साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड टू-स्टेप वेरिफिकेशन ओटीपी सीवीवी बैंक विवरण जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा अनजान कॉल लिंक एवं ई-मेल अटैचमेन्ट से सावधान रहने के सम्बन्ध में व्यवहारिक एवं उपयोगी सुझाव दिए गए।इस अवसर पर सहायक सेनानायक अब्दुल रज्जाक सहित आरटीसी के समस्त इंडोर आउटडोर प्रशिक्षकगण तथा रिक्रूट प्रशिक्षु सहित वाहिनी के समस्त अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे तथा सभी ने साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।

झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता: हेमन्त सोरेन

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग “Delivering Sustainability at Scale: Pathways for Global Transformation” में भाग लिया।

झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ देने का लक्ष्य

इस अवसर पर वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं एवं संस्थागत निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता। राज्य सरकार का लक्ष्य संसाधनों के मूल्य संवर्धन, सतत औद्योगिकीकरण और जन-केंद्रित विकास की दिशा में आगे बढ़ना है, जिससे झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। “हमारा उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका जिम्मेदार और सतत उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि रोजगार के अवसर सृजित हों और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सततता का अर्थ केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन से भी है, विशेषकर स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों के लिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उन पहलों का उल्लेख किया जिनके माध्यम से खनिज आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय एवं सामाजिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पर्यटन के विकास पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने झारखण्ड की विशाल और अब तक काफी हद तक अप्रयुक्त पर्यटन संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य इको-टूरिज्म, प्रकृति आधारित पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन को सतत विकास के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में विकसित करना चाहता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। दीर्घकालिक विकास दृष्टि को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों और साझेदारों को जिम्मेदार खनन, सतत विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा पर्यटन अवसंरचना के क्षेत्र में झारखंड के साथ सहयोग के लिए आमंत्रित किया।

CII द्वारा आयोजित इस वैश्विक सततता संवाद में झारखण्ड की भागीदारी राज्य की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आर्थिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक समावेशन के साथ जोड़ा जा रहा है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: ऊर्जा और समावेशी विकास के वैश्विक संवाद में झारखंड की सशक्त भागीदारी"

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक के दूसरे दिन झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं और निवेशकों के बीच राज्य की स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य-उन्मुख नीतियों को मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

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वैश्विक मंच पर इंटर-मिनिस्टीरियल डायलॉग

मुख्यमंत्री ने एक विशेष सत्र में हिस्सा लिया, जिसमें स्लोवाकिया के पूर्व मंत्री वाजिल हुडाक सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित थे। चर्चा का मुख्य केंद्र 'सतत और समावेशी आर्थिक विकास' रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड में निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया:

नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का विस्तार।

भारी वाहन निर्माण (Heavy Vehicle Manufacturing) में निवेश।

बागवानी (Horticulture) में टिकाऊ और आधुनिक पद्धतियाँ।

ऊर्जा प्रणालियों का विस्तार और क्षेत्रीय नेतृत्व

मुख्यमंत्री ने “कैपिटल इन एक्शन: स्केलिंग एनर्जी सिस्टम्स” विषयक चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए प्रभावी नीतिगत समन्वय और नवाचार आधारित वित्तपोषण (Innovation-based Financing) समय की मांग है।

झारखंड का संकल्प: संतुलन और रोजगार

मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं के सामने झारखंड का पक्ष रखते हुए कहा:

"झारखंड औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक मजबूती को सुनिश्चित करना है।"

यादव समाज शैक्षणिक, आर्थिक,सामाजिक व संगठित होकर कार्य करे तभी समृद्ध उत्थान,युवाओं को हर क्षेत्र में तरजीह देने की जरूरत : कैलाश यादव


श्रीकृष्ण विकास परिषद यादव समाज का पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत धुर्वा डैम पर वनभोज सह मिलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ !

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कार्यक्रम में रांची शहर एवं ग्रामीण तथा अन्य जिलों से हजारों लोग शामिल हुए !

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण की तस्वीर पर बतौर मुख्य अतिथि परिषद के मुख्य संरक्षक सह राजद प्रवक्ता कैलाश यादव के कर कमलों द्वारा माल्यार्पण किया और विधिपूर्ण रीति रिवाज से दीपक दिखाकर आरती अर्चना की गई ! उस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को दही-मक्खन एवं फल-मिठाई से भोग लगाया गया !

कार्यक्रम के दौरान जनसभा भी हुई जिसमें मुख्य रूप से सुरेश राय नंदन यादव रामकुमार यादव रंजन यादव विभाकर प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी अशोक यादव अधिवक्ता मोती गोप शिक्षक अजय यादव पूनम देवी बबन यादव सुनील यादव रंजीत राय सूरज गोप सुग्रीव यादव परमवीर गोप सुरेश गोप राहुल यादव सुधीर गोप सुरेन्द्र यादव बीएन सिंह योगेन्द्र यादव ने संबोधित किए और हजारों लोग शामिल हुए !

मुख्य संरक्षक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा यादव समाज का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है पूरे देश में लगभग 26 फीसदी आबादी है देश के तमाम प्रसिद्ध मंदिरों में यादव समाज के प्रतिनिधियों के दूध से मंदिरों में पूजा की शुरुआत होती है !

यादव समाज सबल जरूर हुए है लेकिन कई मामले में अपेक्षित है इन्हें प्रबल होना होगा और अपनी ताकत और सहभागिता को पहचानना होगा !

यादव समाज को साक्षर होना अनिवार्य है इसके लिए शैक्षणिक , आर्थिक, सामाजिक एवं संगठित होकर कार्य करने होंगे, युवा पीढ़ी को सामाजिक दायित्व का ज्ञान से अवगत कराने होंगे ! समाज में प्रतिभाशाली लोग बहुत हैं लेकिन एकजुटता की कमी झलकती है हमें संगठित होने की जरूरत तभी राजनीतिक हिस्सेदारी मजबूती होगी !

यादव समाज की उत्पति राजा ययाति से है और इस वंश का इतिहास के कड़ी में बासुदेव नंदन भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण हैं, यादव त्याग और संघर्ष के लिए जाने जाते रहे हैं, दंगल और वीरता से लेकर सुरक्षा की कड़ी रहे हैं !

यादव समाज को महाप्रभु श्रीकृष्ण के आदर्शों पर सदैव चलने की जरूरी है भगवान श्रीकृष्ण कलयुग में सर्वेश्वर है विश्वंभर है ये दया और सृष्टि के सागर हैं तारणहार और पालनहार है इनकी आराधना करना एक अखंड ज्योति के तरह दिव्य है ! इसलिए हमें सामाजिक और राजनैतिक हिस्सेदारी पर पैनी नजर रखने होंगे !

झारखंड में यादव समाज को नजर अंदाज कर किसी भी दलों के लिए सत्ता पाना आसान नहीं होगा ! हेमंत सोरेन सरकार से यादव समाज को काफी उम्मीद है ओबीसी का आरक्षण 27 फीसदी लागू कर उपहार देना चाहिए !

झारखंड के विकास को मिलेगी वैश्विक गति: दावोस में सीएम हेमंत सोरेन और हिताची के बीच उच्च स्तरीय बैठक

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने हिताची के रीजनल हेड श्री भारत कौशल एवं कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ दावोस में बैठक की। इस दौरान पावर सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन, उन्नत अवसंरचना तथा स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में हिताची के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश की 9 मेट्रो रेल परियोजनाओं का पावर सिस्टम हिताची द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो बड़े पैमाने पर शहरी परिवहन और ऊर्जा प्रबंधन में कंपनी की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को लेकर हिताची ने एक विशेष डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया है तथा धनबाद में हिताची का एक सेंटर पहले से संचालित है, जो झारखंड के साथ कंपनी के निरंतर जुड़ाव को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को श्री कौशल ने हिताची के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे का औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही यह प्रस्ताव भी रखा गया कि फरवरी–मार्च के दौरान देश एवं झारखण्ड में स्थित हिताची की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तथा अन्य जापानी कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएँ, जिनमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स पर चर्चा कर ठोस सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

हिताची ने यह भी अवगत कराया कि पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है, जिसके समाधान के लिए उनके पास ऐसी उन्नत तकनीक उपलब्ध है, जिससे कम भूमि में प्रभावी ट्रांसमिशन संभव हो सकता है। कंपनी ने झारखण्ड में इन तकनीकों को लागू कर राज्य की पावर और ट्रांसमिशन अवसंरचना को सशक्त बनाने की इच्छा जताई।

बैठक में हैवी व्हीकल सेक्टर से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई, जिसमें राज्य में एक हाई-स्किल्ड हैवी व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल रहा। इसका उद्देश्य युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड सरकार ऊर्जा, अवसंरचना और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य में सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास को गति दी जा सके।यह बैठक झारखंड में ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक पावर ट्रांसमिशन सिस्टम और उच्च कौशल मानव संसाधन विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

50 हजार के इनामी ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण

*दो माह से कप्तान को तलाश रही थी एसओजी

गोंडा।जिले में पिछले दो महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।बताते चलें कि जिले की एसओजी टीम, नगर कोतवाली पुलिस और यूपी एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी।न्यायालय ने आरोपी भूपेंद्र सिंह उर्फ़ कप्तान सिंह को वर्ष 2023 में नगर कोतवाली क्षेत्र में हुए मारपीट के एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।आरोपी कप्तान सिंह पर पहले से ही जिले के कौड़िया थाने से 25 हजार रूपए का इनाम घोषित था।जब उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन मंडल अमित कुमार पाठक ने बीते 10 नवंबर को उसके ऊपर 50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया।50 हजार रुपए का इनाम घोषित होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था।जिले की एसओजी टीम और नगर कोतवाली पुलिस भी लगातार उसकी तलाश में लगी हुई थी।भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह नगर कोतवाली और खरगूपुर थाने में दर्ज कई अन्य मुकदमों में फरार चल रहा था।उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों  में तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं,जिनमें लूट, डकैती, मारपीट और गोली मारने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।उसे जिले का एक कुख्यात बदमाश माना जाता है,जो जेल से छूटने के बाद लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है।फिलहाल गोंडा पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी आनन्द राय ने बताया कि आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।वर्ष 2023 में नगर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में उसने आत्मसमर्पण किया है और फिलहाल जिले की नगर कोतवाली व खरगूपुर थाने की पुलिस भी फरार चल रहे मुकदमे में पूरे मामले को देखते हैं लेकर के जांच कर रही है।
*संजय सिंह को देशद्रोही कहने और FIR के विरोध में भारतीय चमार महासभा का प्रदर्शन,राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
सुल्तानपुर,भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को लेकर भारतीय चमार महासभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से महासभा ने भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा राज्यसभा सांसद संजय सिंह को “देशद्रोही” कहे जाने के मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। महासभा का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल संसदीय मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि लोकतांत्रिक असहमति को दबाने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी ने कहा कि लोकतन्त्र में अभिव्यक्ति की आजादी का हनन हो रहा है। सत्ता पक्ष के लोग अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास कर रही है। संजय सिंह जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति है वह जनता की आवाज को उठाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते, और ऐसे व्यक्ति को भाजपा नेता ने देशद्रोही कहा है यह घृणित कार्य है। उन्होंने आगे बताया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट प्रकरण में राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सांसद पप्पू यादव समेत अन्य लोगों पर दर्ज FIR तथा लखनऊ में 14 वर्षीय सामाजिक विषयों पर वीडियो बनाने वाले इनफ्लुएंसर अस्वामित गौतम के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने दर्ज FIR को रद्द करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के नारे लगाए। महासभा का आरोप है कि सामाजिक मुद्दों, भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव पर आवाज उठाने वालों को डराने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। इस मौके पर भारतीय चमार महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुव नारायण विश्वकर्मा, अजय वर्मा, रामसुख कोरी, तारकेश कोरी, राकेश वर्मा, निसार अंसारी, सैय्यद सलीम, संजय सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। महासभा ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति महोदय इन मामलों का संज्ञान लेकर संविधान, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगे।
झारखंड की मेगालिथ विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान: यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की तैयारी

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजन के अनुरूप झारखंड की प्राचीन और अमूल्य मेगालिथ (Megalith) और मोनोलिथ (Monolith) विरासत को विश्व पटल पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। झारखंड सरकार के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व और संरक्षण विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage) की ओर बढ़ते कदम

बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड के प्राचीन पत्थरों और ऐतिहासिक संरचनाओं का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण (Documentation) और पुनर्स्थापन करना है। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कैसे इन संरचनाओं को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए एक ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।

प्रमुख संस्थानों के साथ तकनीकी सहयोग

प्रतिनिधिमंडल ने लंदन के विख्यात संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ संवाद किया, जिनमें प्रमुख हैं:

Museum of London Archaeology (MOLA)

University College London (UCL)

AECOM, Arup और Wessex Archaeology

इन विशेषज्ञों ने मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरक्षण रणनीतियों पर अपने सुझाव साझा किए।

आदिवासी पहचान और जीवंत संस्कृति का संरक्षण

इस अवसर पर मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा:

"मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार इन विरासतों को केवल पुरातात्विक अवशेष नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय की जीवंत सांस्कृतिक पहचान मानती है। हमारा प्रयास है कि वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से इन स्थलों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।"

भविष्य का रोडमैप

राज्य सरकार इन बैठकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाकर झारखंड की मेगालिथिक विरासत का सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्तर पर विकास किया जाएगा।

दावोस के मंच पर गूँजा झारखंड का 'महिला-केंद्रित विकास विजन': श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने पेश किया आदिवासी मॉडल

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान, झारखंड पवेलियन में एक उच्च स्तरीय पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। झारखंड विधानसभा की सदस्य और महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स (BRICS CCI) के सहयोग से आयोजित इस सत्र में झारखंड के 'महिला-केंद्रित विकास मॉडल' को वैश्विक लीडर्स के सामने रखा।

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आदिवासी मूल्यों और जल-जंगल-जमीन का संरक्षण

सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास मॉडल राज्य के आदिवासी और स्वदेशी मूल्यों पर टिका है। उन्होंने जोर दिया कि प्रकृति के साथ हमारा रिश्ता दोहन का नहीं, बल्कि संरक्षण का है, और इस संरक्षण की सबसे बड़ी वाहक हमारी महिलाएं हैं।

'अदृश्य श्रम' को पहचान देने की वकालत

श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाते हुए कहा कि आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के 'अदृश्य श्रम' (देखभाल और सामुदायिक कार्य) को अर्थव्यवस्था की नींव के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड की नीतियां गृहिणियों और अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के आत्मविश्वास और गरिमा को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।

JSLPS और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सफलता

उन्होंने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादन में नेतृत्व कर रही हैं। यह मॉडल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री का विजन: 'पीपल फर्स्ट'

श्रीमती सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार का शासन ढांचा संसाधनों से ऊपर 'लोगों' को प्राथमिकता देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, तभी देश का सतत विकास संभव होगा।

मकर संक्रांति उपरांत सामाजिक समरसता सहभोज का आयोजन संपन्न
संजीव सिंह बलिया!नगरा:मकर संक्रांति के उपरांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नगरा की ओर से सामाजिक समरसता, समन्वय एवं सामंजस्य के उद्देश्य से खिचड़ी सहभोज का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंगलवार को स्थानीय पाण्डेय मैरेज हाल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें हिंदू समाज के प्रत्येक वर्ग के सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री कृपाशंकर बरनवाल जी ने की। इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्री अम्बेश जी ने समसामयिक विषयों पर ओजपूर्ण एवं प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने मकर संक्रांति के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में एकता, सद्भाव और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। सहभोज कार्यक्रम में प्रमुख रूप से खण्ड संघचालक  बजरंग बली सिंह,  प्रेम प्रकाश , बबलू सागर, आलोक शुक्ला,  अंकित सिंह, जयप्रकाश जायसवाल, देवनारायण प्रजापति, अरविंद नारायण सिंह, निर्भय प्रकाश, कृष्ण वर्मा, राजू चौहान, राजू सिंह चंदेल, धर्मराज सिंह विक्की, सूर्य प्रताप सिंह, अशोक गुप्ता, समरजीत सिंह, फतेह बहादुर सिंह, क्रांति यादव, संतोष पांडे सुधीर पासवान, गुड्डू पांडे, दीपक मद्धेशिया, कंचन वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे के साथ सहभोज कर सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया। यह आयोजन समाज में सौहार्द, सहयोग और एकता को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।
चतुर्थ वाहिनी पीएसी ने साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज में सेनानायक सर्वेश कुमार मिश्र(आईपीएस)की उपस्थिति में पुलिस उपाधीक्षक कासगंज संदीप वर्मा द्वारा 'साइबर जागरूकता कार्यक्रम' का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला गया जिसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी फ़िशिंग हैकिंग डिजिटल पहचान की चोरी तथा वित्तीय ठगी'जैसी घटनाओं के उदाहरण प्रस्तुत कर उपस्थित कार्मिको को सतर्क किया गया।यह स्पष्ट किया गया कि साइबर अपराधी आमजन एवं सरकारी कार्मिको को भ्रमित कर आर्थिक एवं सूचनात्मक क्षति पहुँचाने का प्रयास करते हैं साथ ही साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड टू-स्टेप वेरिफिकेशन ओटीपी सीवीवी बैंक विवरण जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा अनजान कॉल लिंक एवं ई-मेल अटैचमेन्ट से सावधान रहने के सम्बन्ध में व्यवहारिक एवं उपयोगी सुझाव दिए गए।इस अवसर पर सहायक सेनानायक अब्दुल रज्जाक सहित आरटीसी के समस्त इंडोर आउटडोर प्रशिक्षकगण तथा रिक्रूट प्रशिक्षु सहित वाहिनी के समस्त अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे तथा सभी ने साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।

झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता: हेमन्त सोरेन

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग “Delivering Sustainability at Scale: Pathways for Global Transformation” में भाग लिया।

झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ देने का लक्ष्य

इस अवसर पर वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं एवं संस्थागत निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता। राज्य सरकार का लक्ष्य संसाधनों के मूल्य संवर्धन, सतत औद्योगिकीकरण और जन-केंद्रित विकास की दिशा में आगे बढ़ना है, जिससे झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। “हमारा उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका जिम्मेदार और सतत उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि रोजगार के अवसर सृजित हों और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सततता का अर्थ केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन से भी है, विशेषकर स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों के लिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उन पहलों का उल्लेख किया जिनके माध्यम से खनिज आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय एवं सामाजिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पर्यटन के विकास पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने झारखण्ड की विशाल और अब तक काफी हद तक अप्रयुक्त पर्यटन संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य इको-टूरिज्म, प्रकृति आधारित पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन को सतत विकास के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में विकसित करना चाहता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। दीर्घकालिक विकास दृष्टि को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों और साझेदारों को जिम्मेदार खनन, सतत विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा पर्यटन अवसंरचना के क्षेत्र में झारखंड के साथ सहयोग के लिए आमंत्रित किया।

CII द्वारा आयोजित इस वैश्विक सततता संवाद में झारखण्ड की भागीदारी राज्य की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आर्थिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक समावेशन के साथ जोड़ा जा रहा है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: ऊर्जा और समावेशी विकास के वैश्विक संवाद में झारखंड की सशक्त भागीदारी"

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक के दूसरे दिन झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं और निवेशकों के बीच राज्य की स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य-उन्मुख नीतियों को मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

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वैश्विक मंच पर इंटर-मिनिस्टीरियल डायलॉग

मुख्यमंत्री ने एक विशेष सत्र में हिस्सा लिया, जिसमें स्लोवाकिया के पूर्व मंत्री वाजिल हुडाक सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित थे। चर्चा का मुख्य केंद्र 'सतत और समावेशी आर्थिक विकास' रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड में निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया:

नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का विस्तार।

भारी वाहन निर्माण (Heavy Vehicle Manufacturing) में निवेश।

बागवानी (Horticulture) में टिकाऊ और आधुनिक पद्धतियाँ।

ऊर्जा प्रणालियों का विस्तार और क्षेत्रीय नेतृत्व

मुख्यमंत्री ने “कैपिटल इन एक्शन: स्केलिंग एनर्जी सिस्टम्स” विषयक चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए प्रभावी नीतिगत समन्वय और नवाचार आधारित वित्तपोषण (Innovation-based Financing) समय की मांग है।

झारखंड का संकल्प: संतुलन और रोजगार

मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं के सामने झारखंड का पक्ष रखते हुए कहा:

"झारखंड औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक मजबूती को सुनिश्चित करना है।"

यादव समाज शैक्षणिक, आर्थिक,सामाजिक व संगठित होकर कार्य करे तभी समृद्ध उत्थान,युवाओं को हर क्षेत्र में तरजीह देने की जरूरत : कैलाश यादव


श्रीकृष्ण विकास परिषद यादव समाज का पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत धुर्वा डैम पर वनभोज सह मिलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ !

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कार्यक्रम में रांची शहर एवं ग्रामीण तथा अन्य जिलों से हजारों लोग शामिल हुए !

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण की तस्वीर पर बतौर मुख्य अतिथि परिषद के मुख्य संरक्षक सह राजद प्रवक्ता कैलाश यादव के कर कमलों द्वारा माल्यार्पण किया और विधिपूर्ण रीति रिवाज से दीपक दिखाकर आरती अर्चना की गई ! उस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को दही-मक्खन एवं फल-मिठाई से भोग लगाया गया !

कार्यक्रम के दौरान जनसभा भी हुई जिसमें मुख्य रूप से सुरेश राय नंदन यादव रामकुमार यादव रंजन यादव विभाकर प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी अशोक यादव अधिवक्ता मोती गोप शिक्षक अजय यादव पूनम देवी बबन यादव सुनील यादव रंजीत राय सूरज गोप सुग्रीव यादव परमवीर गोप सुरेश गोप राहुल यादव सुधीर गोप सुरेन्द्र यादव बीएन सिंह योगेन्द्र यादव ने संबोधित किए और हजारों लोग शामिल हुए !

मुख्य संरक्षक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा यादव समाज का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है पूरे देश में लगभग 26 फीसदी आबादी है देश के तमाम प्रसिद्ध मंदिरों में यादव समाज के प्रतिनिधियों के दूध से मंदिरों में पूजा की शुरुआत होती है !

यादव समाज सबल जरूर हुए है लेकिन कई मामले में अपेक्षित है इन्हें प्रबल होना होगा और अपनी ताकत और सहभागिता को पहचानना होगा !

यादव समाज को साक्षर होना अनिवार्य है इसके लिए शैक्षणिक , आर्थिक, सामाजिक एवं संगठित होकर कार्य करने होंगे, युवा पीढ़ी को सामाजिक दायित्व का ज्ञान से अवगत कराने होंगे ! समाज में प्रतिभाशाली लोग बहुत हैं लेकिन एकजुटता की कमी झलकती है हमें संगठित होने की जरूरत तभी राजनीतिक हिस्सेदारी मजबूती होगी !

यादव समाज की उत्पति राजा ययाति से है और इस वंश का इतिहास के कड़ी में बासुदेव नंदन भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण हैं, यादव त्याग और संघर्ष के लिए जाने जाते रहे हैं, दंगल और वीरता से लेकर सुरक्षा की कड़ी रहे हैं !

यादव समाज को महाप्रभु श्रीकृष्ण के आदर्शों पर सदैव चलने की जरूरी है भगवान श्रीकृष्ण कलयुग में सर्वेश्वर है विश्वंभर है ये दया और सृष्टि के सागर हैं तारणहार और पालनहार है इनकी आराधना करना एक अखंड ज्योति के तरह दिव्य है ! इसलिए हमें सामाजिक और राजनैतिक हिस्सेदारी पर पैनी नजर रखने होंगे !

झारखंड में यादव समाज को नजर अंदाज कर किसी भी दलों के लिए सत्ता पाना आसान नहीं होगा ! हेमंत सोरेन सरकार से यादव समाज को काफी उम्मीद है ओबीसी का आरक्षण 27 फीसदी लागू कर उपहार देना चाहिए !

झारखंड के विकास को मिलेगी वैश्विक गति: दावोस में सीएम हेमंत सोरेन और हिताची के बीच उच्च स्तरीय बैठक

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने हिताची के रीजनल हेड श्री भारत कौशल एवं कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ दावोस में बैठक की। इस दौरान पावर सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन, उन्नत अवसंरचना तथा स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में हिताची के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश की 9 मेट्रो रेल परियोजनाओं का पावर सिस्टम हिताची द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो बड़े पैमाने पर शहरी परिवहन और ऊर्जा प्रबंधन में कंपनी की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को लेकर हिताची ने एक विशेष डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया है तथा धनबाद में हिताची का एक सेंटर पहले से संचालित है, जो झारखंड के साथ कंपनी के निरंतर जुड़ाव को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को श्री कौशल ने हिताची के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे का औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही यह प्रस्ताव भी रखा गया कि फरवरी–मार्च के दौरान देश एवं झारखण्ड में स्थित हिताची की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तथा अन्य जापानी कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएँ, जिनमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स पर चर्चा कर ठोस सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

हिताची ने यह भी अवगत कराया कि पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है, जिसके समाधान के लिए उनके पास ऐसी उन्नत तकनीक उपलब्ध है, जिससे कम भूमि में प्रभावी ट्रांसमिशन संभव हो सकता है। कंपनी ने झारखण्ड में इन तकनीकों को लागू कर राज्य की पावर और ट्रांसमिशन अवसंरचना को सशक्त बनाने की इच्छा जताई।

बैठक में हैवी व्हीकल सेक्टर से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई, जिसमें राज्य में एक हाई-स्किल्ड हैवी व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल रहा। इसका उद्देश्य युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड सरकार ऊर्जा, अवसंरचना और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य में सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास को गति दी जा सके।यह बैठक झारखंड में ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक पावर ट्रांसमिशन सिस्टम और उच्च कौशल मानव संसाधन विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

50 हजार के इनामी ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण

*दो माह से कप्तान को तलाश रही थी एसओजी

गोंडा।जिले में पिछले दो महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।बताते चलें कि जिले की एसओजी टीम, नगर कोतवाली पुलिस और यूपी एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी।न्यायालय ने आरोपी भूपेंद्र सिंह उर्फ़ कप्तान सिंह को वर्ष 2023 में नगर कोतवाली क्षेत्र में हुए मारपीट के एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।आरोपी कप्तान सिंह पर पहले से ही जिले के कौड़िया थाने से 25 हजार रूपए का इनाम घोषित था।जब उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन मंडल अमित कुमार पाठक ने बीते 10 नवंबर को उसके ऊपर 50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया।50 हजार रुपए का इनाम घोषित होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था।जिले की एसओजी टीम और नगर कोतवाली पुलिस भी लगातार उसकी तलाश में लगी हुई थी।भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह नगर कोतवाली और खरगूपुर थाने में दर्ज कई अन्य मुकदमों में फरार चल रहा था।उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों  में तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं,जिनमें लूट, डकैती, मारपीट और गोली मारने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।उसे जिले का एक कुख्यात बदमाश माना जाता है,जो जेल से छूटने के बाद लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है।फिलहाल गोंडा पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी आनन्द राय ने बताया कि आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।वर्ष 2023 में नगर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में उसने आत्मसमर्पण किया है और फिलहाल जिले की नगर कोतवाली व खरगूपुर थाने की पुलिस भी फरार चल रहे मुकदमे में पूरे मामले को देखते हैं लेकर के जांच कर रही है।
*संजय सिंह को देशद्रोही कहने और FIR के विरोध में भारतीय चमार महासभा का प्रदर्शन,राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
सुल्तानपुर,भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को लेकर भारतीय चमार महासभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से महासभा ने भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा राज्यसभा सांसद संजय सिंह को “देशद्रोही” कहे जाने के मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। महासभा का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल संसदीय मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि लोकतांत्रिक असहमति को दबाने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी ने कहा कि लोकतन्त्र में अभिव्यक्ति की आजादी का हनन हो रहा है। सत्ता पक्ष के लोग अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास कर रही है। संजय सिंह जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति है वह जनता की आवाज को उठाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते, और ऐसे व्यक्ति को भाजपा नेता ने देशद्रोही कहा है यह घृणित कार्य है। उन्होंने आगे बताया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट प्रकरण में राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सांसद पप्पू यादव समेत अन्य लोगों पर दर्ज FIR तथा लखनऊ में 14 वर्षीय सामाजिक विषयों पर वीडियो बनाने वाले इनफ्लुएंसर अस्वामित गौतम के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने दर्ज FIR को रद्द करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के नारे लगाए। महासभा का आरोप है कि सामाजिक मुद्दों, भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव पर आवाज उठाने वालों को डराने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। इस मौके पर भारतीय चमार महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुव नारायण विश्वकर्मा, अजय वर्मा, रामसुख कोरी, तारकेश कोरी, राकेश वर्मा, निसार अंसारी, सैय्यद सलीम, संजय सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। महासभा ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति महोदय इन मामलों का संज्ञान लेकर संविधान, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगे।