50 हजार के इनामी ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण

*दो माह से कप्तान को तलाश रही थी एसओजी

गोंडा।जिले में पिछले दो महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।बताते चलें कि जिले की एसओजी टीम, नगर कोतवाली पुलिस और यूपी एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी।न्यायालय ने आरोपी भूपेंद्र सिंह उर्फ़ कप्तान सिंह को वर्ष 2023 में नगर कोतवाली क्षेत्र में हुए मारपीट के एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।आरोपी कप्तान सिंह पर पहले से ही जिले के कौड़िया थाने से 25 हजार रूपए का इनाम घोषित था।जब उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन मंडल अमित कुमार पाठक ने बीते 10 नवंबर को उसके ऊपर 50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया।50 हजार रुपए का इनाम घोषित होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था।जिले की एसओजी टीम और नगर कोतवाली पुलिस भी लगातार उसकी तलाश में लगी हुई थी।भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह नगर कोतवाली और खरगूपुर थाने में दर्ज कई अन्य मुकदमों में फरार चल रहा था।उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों  में तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं,जिनमें लूट, डकैती, मारपीट और गोली मारने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।उसे जिले का एक कुख्यात बदमाश माना जाता है,जो जेल से छूटने के बाद लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है।फिलहाल गोंडा पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी आनन्द राय ने बताया कि आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।वर्ष 2023 में नगर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में उसने आत्मसमर्पण किया है और फिलहाल जिले की नगर कोतवाली व खरगूपुर थाने की पुलिस भी फरार चल रहे मुकदमे में पूरे मामले को देखते हैं लेकर के जांच कर रही है।
*संजय सिंह को देशद्रोही कहने और FIR के विरोध में भारतीय चमार महासभा का प्रदर्शन,राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
सुल्तानपुर,भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को लेकर भारतीय चमार महासभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से महासभा ने भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा राज्यसभा सांसद संजय सिंह को “देशद्रोही” कहे जाने के मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। महासभा का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल संसदीय मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि लोकतांत्रिक असहमति को दबाने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी ने कहा कि लोकतन्त्र में अभिव्यक्ति की आजादी का हनन हो रहा है। सत्ता पक्ष के लोग अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास कर रही है। संजय सिंह जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति है वह जनता की आवाज को उठाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते, और ऐसे व्यक्ति को भाजपा नेता ने देशद्रोही कहा है यह घृणित कार्य है। उन्होंने आगे बताया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट प्रकरण में राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सांसद पप्पू यादव समेत अन्य लोगों पर दर्ज FIR तथा लखनऊ में 14 वर्षीय सामाजिक विषयों पर वीडियो बनाने वाले इनफ्लुएंसर अस्वामित गौतम के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने दर्ज FIR को रद्द करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के नारे लगाए। महासभा का आरोप है कि सामाजिक मुद्दों, भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव पर आवाज उठाने वालों को डराने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। इस मौके पर भारतीय चमार महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुव नारायण विश्वकर्मा, अजय वर्मा, रामसुख कोरी, तारकेश कोरी, राकेश वर्मा, निसार अंसारी, सैय्यद सलीम, संजय सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। महासभा ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति महोदय इन मामलों का संज्ञान लेकर संविधान, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगे।
लक्ष्मी यादव एवं अनन्या यादव को भारत- श्रीलंका हिन्दी गौरव सम्मान

मुंबई । भारतीय उच्चायोग स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र और श्रीलंका फाउंडेशन,कोलंबो के विश्व हिन्दी दिवस सम्मेलन में मुंबई महानगर की वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी यादव एवं अनन्या यादव को भारत- श्रीलंका हिन्दी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित भारत श्रीलंका हिन्दी सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार पत्रकार लक्ष्मी यादव को हिन्दी गौरव सम्मान प्रदान किया गया| भारतीय उच्चायोग स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र,श्रीलंका फाउंडेशन के द्वारा कोलंबो में आयोजित द्वितीय सम्मेलन में महामहिम उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि हिन्दी आज वैश्विक संचार की भाषा बन रही है।यह संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य कर रही है।श्रीलंका के विश्वविद्यालयों से लेकर स्कूल कालेजों में हिन्दी भाषा को पढ़ाया जा रहा है।उन्होने विश्व भर में हिन्दी का प्रचार कर रही पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी के प्रयासों की सराहना की।

समारोह में श्रीलंका के शिक्षा मंत्री मधुर सिंहरत्न ने भारत श्रीलंका के राजनयिक 75 वर्षों के सम्बन्धों के दौर को ऐतिहासिक करार दिया|सम्मेलन के उदघाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को पढ़ा गया।जिसमें पीएम मोदी ने कहा कि जहां- जहां भारत वंशी हैं वहाँ हिन्दी केवल भाषा नहीं बल्कि भारतीय संस्कारों को प्रेषित करने का माध्यम है।स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक प्रोफेसर अंकुरण दत्ता ने कहा कि भारत के कोने कोने से आए साहित्यकार भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं।लक्ष्मी यादव ने इस दौरान 'हिंदी वैश्विक संवाद की भाषा ' पर आलेख का वाचन किया।केलानिया विश्वविध्यालय की छात्राओं ने सिंघली एवं हिन्दी भाषा में ‘चौधवी का चाँद’ गीत सुनाकर भाषा प्रेमियों को एक सूत्र में बांध दिया।

इस अवसर मुख्य रूप से दिल्ली से वरिष्ठ साहित्यकार मोहम्मद शब्बीर,उत्तर प्रदेश से प्रो राकेश सक्सेना,प्रो सुनीता सक्सेना,मुम्बई से अनन्या यादव, उड़ीसा से प्रो जयंत कर शर्मा, हिमांचल प्रदेश से डॉ प्रताप मोहन भारतीय,रणजोत सिंह, शांति स्याल,महाराष्ट्र से डॉ संजय पवार, डॉ जसपाल सिंह वाल्वी, डॉ ज्ञानेश्वर सोनार, राजस्थान से राम अवतार मेघवाल सागर, हरियाणा से पंकज शर्मा, लघु कथाकार अशोक भाटिया, मान सिंह पुनिया, केरल से डॉ एके बिन्दु, डॉ अनीथा पीएल, असम से डॉ ए सी फुकन आदि को वैश्विक स्तर पर हिन्दी की सेवा के लिए सम्मानित किया गया।सह आयोजक डॉ अकेला भाई ने आभार जताया।
यूपी कोआपरेटिव बैंक घोटाले की जांच तेज,2021 से 2024 के लोन खातों की मांगी डिटेल
*शाखा प्रबंधक को चेतावनी

गोंडा।यूपी कोआपरेटिव बैंक बड़गांव शाखा में हुए 21 करोड़ रूपए के घोटाले की जांच तेज कर दी गई है।नगर कोतवाली के अपराध निरीक्षक व मामले के विवेचक सभाजीत सिंह ने बैंक के शाखा प्रबंधक भुवन चंद्र सती को नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।विवेचक सभाजीत सिंह ने शाखा प्रबंधक से 2021 से 2024 तक के सभी लोन खातों और उनसे हुए लै लेनदेन की प्रमाणित विस्तृत जानकारी  मांगी है। इसमें आडिट रिपोर्ट, अप्रेजल रिपोर्ट,ऋण लेने के लिए रजिस्ट्री कागजात,खाताधारकों के स्टेटमेंट और बैंक के आंतरिक खातों से निकाली गई धनराशि और उसके गंतव्य से संबंधित स्टेटमेंट शामिल हैं।इसके अतिरिक्त वर्ष 2021 से 2034 तक बैंक में शाखा प्रबंधक, कैशियर और लोन विभाग में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जानकारी मांगी गई है।इसमें उनके नाम, पति का नाम और मोबाइल नंबर सहित पूरी डिटेल शामिल है,जिससे जांच को सही दिशा मिल सके।इस घोटाले में नामजद 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नगर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है।पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि पूर्व शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान प्रबंधक से मिले दस्तावेजों के आधार पर जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।इसके साथ ही साथ उन खाताधारकों से पूछताछ करने की तैयारी में नगर कोतवाली पुलिस जुटी हुई है जो जांच के दायरे में आए हैं।
तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

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तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

पहले अपनी मीट फैक्ट्री देखें संगीत सोम- योगेश प्रताप सिंह
*संगीत सोम के बयान पर किया पलटवार

गोंडा।संगीत सोम अखिलेश यादव पर बयान देने से पहले अपनी मीट फैक्ट्री देखें।यह बयान प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेश प्रताप सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए दिया।श्री सिंह ने काशी में तोड़फोड़ व प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद पर भी सरकार को घेरा।भाजपा नेता संगीत सोम द्वारा अखिलेश यादव पर दिये गये बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि वे संगीत सोम जैसे लोगों पर बयान देना उचित नहीं समझते।उन्होंने कहा कि संगीत सोम अपनी गाय कटती हुई फैक्ट्री पहले देख लें।योगेश प्रताप सिंह ने संगीत सोम को अपना अच्छा मित्र बताते हुए कहा कि जब मैं सपा सरकार में मंत्री था उस समय संगीत सोम मेरे साथ विधायक थे और अब चुनाव हारने के बाद लाइम लाइट में रहने के लिए उनका इस तरह बयान देना शोभा नहीं देता है।काशी में कथित तोड़फोड़ को लेकर सपा नेता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एआई से इस तरह से टूटी हुई मूर्ति नहीं बन सकती।उन्होंने पंडित वीरभद्र मिश्र के हवाले से कहा कि काशी का अर्थ है, कंकड़ कंकड़ में शंकर और शंकर के वास को जिस तरह से तोड़ा गया है,वह उसकी निंदा करते हैं।प्रयागराज में शंकराचार्य से हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि  इसे भी एआई जनरेटेड कहा जा रहा है।पूर्व मंत्री ने कहा कि मौनी अमावस्या पर स्नान करने गये शंकराचार्य को स्नान नहीं करने दिया गया और सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का देकर हटा दिया।श्री सिंह ने इस घटना को भारतीय जनता पार्टी के बहुरूपियेपन का परिणाम बताया।पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग इस समय सत्ता के मद में चूर हैं,उनके लिए आने वाला समय कतई अच्छा नहीं होगा।पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि संगीत सोम को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने ही चुनाव हरवाया है।पहले वह 8 से 9 फैक्ट्रियों का जवाब दें जहाँ गाय कटती है,जहाँ से भैंस कटती है,जहाँ से मीट का एक्सपोर्ट होता है।पहले उसका जवाब दें उसके बाद अखिलेश यादव के बारे में बात करें क्योंकि अखिलेश यादव अब उनकी सीमा से बाहर जा चुके हैं।अब अखिलेश यादव की गिनती देश के तीन बड़े नेताओं में होती है।उन्होंने कहा कि जो मीट की फैक्ट्री इनके भाई के नाम है उसमें संगीत सोम और उनकी पत्नी डायरेक्टर हैं।
आरटीई : दो फरवरी से शुरू होगा प्रवेश के लिए आवेदन ऑनलाइन आवेदन


*3 चरणों में होंगे प्रवेश,18 दिनों में पूरी होगी प्रकिया,दो साल तक चार चरणों में हुआ था प्रवेश*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। करीब डेढ़ महीने इंतजार के बाद अंतत: आरटीई के तहत गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन लेने की तिथि निदेशालय ने तय कर दी है। दो फरवरी से पहले चरण के प्रवेश के लिए आवेदन की शुरूआत होगी। अबकी बार दो महीने के अंदर तीन चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साल 2024 और 2025 में चार चरणों में चार महीने में आवेदन से लेकर सत्यापन, प्रवेश की गतिविधियां पूरी की गई थीं।
आरटीई के तहत कॉन्वेंट विद्यालयों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। उनके कॉपी-किताब तक का खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है। पिछले दो साल से एक दिसंबर से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन इस बार 15 जनवरी के बाद तिथि तय की गई है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पहले चरण में दो से 16 फरवरी तक आवेदन लेने के साथ सत्यापन किया जाएगा। 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी और 20 को विद्यालय आवंटित होगा। दूसरे चरण में 21 फरवरी से सात मार्च तक आवेदन, सत्यापन और डॉटा लाॅक किया जाएगा। नौ मार्च को लॉटरी और 11 मार्च को विद्यालय आवंटित होगा। तीसरे चरण में 12 से 25 मार्च तक आवेदन, 27 मार्च को लॉटरी और 29 को स्कूल आवंटित किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि तीन चरणों में आवेदन की तिथि तय की गई है। ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद सभी प्रक्रिया तिथिवार पूरी की जाएगी। बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जाएगा
*चमार महासभा ने किया प्रदर्शन,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता,लोकतंत्र पर 'आघात' के मामलों पर संज्ञान की मांग*
सुल्तानपुर में मंगलवार को चमार महासभा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित एक मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया, जिसमें भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित 'आघात' पहुँचाने वाले विभिन्न प्रकरणों पर संज्ञान लेने की मांग की गई। मांगपत्र में भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा सांसद संजय सिंह को सार्वजनिक रूप से 'देशद्रोही' कहे जाने का उल्लेख किया गया। महासभा ने इस बयान को संसदीय मर्यादा का उल्लंघन और संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्राप्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। इसके अतिरिक्त, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास मामले में दर्ज आठ FIR का भी जिक्र किया गया। इन FIR में आप सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव सहित अन्य व्यक्तियों पर सोशल मीडिया पर AI जनित तस्वीरें, वीडियो और भ्रामक जानकारी साझा करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका थी। लखनऊ में 14 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वमित गौतम के खिलाफ दर्ज FIR और उन्हें हिरासत में लिए जाने का मामला भी उठाया गया। अश्वमित सामाजिक मुद्दों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जातिगत असमानता पर इंस्टाग्राम पर अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं। महासभा ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और युवा विचारकों के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला बताया। महासभा ने अपनी मांगों में सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने, मनोज तिवारी के बयान की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने, भड़काऊ बयानबाजी पर कानूनी कार्रवाई करने, मणिकर्णिका घाट प्रकरण में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और अश्वमित गौतम जैसे युवा नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामलों की संवैधानिक दृष्टि से समीक्षा कर नाबालिगों के अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा करने की अपील की। यहां पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय राणा चमार, राष्ट्रीय महा सचिव ध्रुव नरायन विश्वकर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी गौतम आदि मौजूद रहे।
दावोस में रचा गया इतिहास: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिला प्रतिष्ठित 'व्हाइट बैज'; WEF में सम्मानित होने वाले पहले आदिवासी निर्वाचित नेता बने।

दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री को विश्व आर्थिक मंच द्वारा 'व्हाइट बैज' (White Badge) प्रदान कर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पाने वाले वे भारत के पहले आदिवासी निर्वाचित नेता बन गए हैं।

क्या है 'व्हाइट बैज' का महत्व?

व्हाइट बैज विश्व आर्थिक मंच द्वारा केवल चुनिंदा वैश्विक नेताओं, राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों को दिया जाने वाला एक अत्यंत विशिष्ट सम्मान है। इस बैज के माध्यम से मुख्यमंत्री को WEF कांग्रेस सेंटर और सभी हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में पूर्ण प्रवेश प्राप्त होगा। गौरतलब है कि इसी केंद्र में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के कई अन्य शक्तिशाली देशों के प्रमुखों की भागीदारी भी हो रही है।

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झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की पहल

WEF के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, समावेशी समाज और ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने के लिए WEF उत्सुक है। मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए औपचारिक पत्र को झारखंड की स्पष्ट विकास दृष्टि का परिचायक बताया गया।

वैश्विक मंच पर झारखंड की धमक

बैठक के दौरान WEF अध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री को साइट भ्रमण और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत संवाद के लिए आमंत्रित किया गया। यह सम्मान दर्शाता है कि झारखंड अब केवल एक भारतीय राज्य नहीं, बल्कि जलवायु कार्रवाई (Climate Action) और सतत विकास के क्षेत्र में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।

दावोस में झारखंड का ऐतिहासिक 'ग्रीन स्टील' समझौता: टाटा स्टील निवेश करेगी ₹11,100 करोड़; कार्बन उत्सर्जन में होगी 80% तक की कमी।

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दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन के बीच एक ऐतिहासिक 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता झारखंड को ₹11,100 करोड़ के भारी निवेश के माध्यम से अगली पीढ़ी के औद्योगिक ढांचे और हरित विनिर्माण (Green Manufacturing) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

कार्बन-न्यूट्रल भविष्य की ओर बड़ा कदम

इस निवेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा HISARNA और EASyMelt जैसी क्रांतिकारी तकनीकें हैं। ₹7,000 करोड़ की लागत से बनने वाला HISARNA प्लांट कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 80% तक कम करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक स्वदेशी कोयले और निम्न श्रेणी के अयस्क का उपयोग कर आयात पर निर्भरता खत्म करेगी। टाटा स्टील 2030 तक जमशेदपुर में इसका कमर्शियल प्लांट स्थापित करेगी।

ITI संस्थानों को गोद लेगी टाटा स्टील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए टाटा स्टील को प्रस्ताव दिया कि वे राज्य के ITI संस्थानों को गोद लें ताकि शिक्षा को बाजार और रोजगार उन्मुख बनाया जा सके। टाटा स्टील ने इस प्रस्ताव पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

इंडस्ट्रियल टूरिज्म और औद्योगिक विस्तार

समझौते के तहत केवल विनिर्माण ही नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध औद्योगिक विरासत को दुनिया को दिखाने के लिए 'औद्योगिक पर्यटन' (Industrial Tourism) पर भी एक अलग एमओयू हुआ है। इसके अतिरिक्त:

टिनप्लेट विस्तार: ₹2,600 करोड़ का निवेश।

कॉम्बी मिल: ₹1,500 करोड़ का निवेश।

प्रकृति और प्रगति का सामंजस्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "25 वर्ष का युवा झारखंड अब खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से निकलकर हरित नवाचार की ओर बढ़ रहा है।" टाटा स्टील के सीईओ टी. वी. नरेंद्रन ने मुख्यमंत्री के विजन की सराहना करते हुए उन्हें 'टाटा डोम' में रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया।

निवेश का डिजिटल खाका (Investment Blueprint)

परियोजना/तकनीक निवेश राशि प्रमुख विशेषता

HISARNA तकनीक ₹7,000 करोड़ कार्बन उत्सर्जन में 80% की कमी।

EASyMelt तकनीक (HISARNA के साथ) कोक की खपत कम, 50% कम CO

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टिनप्लेट विस्तार ₹2,600 करोड़ उच्च-तकनीकी रोजगार सृजन।

कॉम्बी मिल ₹1,500 करोड़ रणनीतिक औद्योगिक मजबूती।

कुल निवेश ₹11,100 करोड़ लक्ष्य: नेट जीरो और ग्रीन इकोनॉमी।

50 हजार के इनामी ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण

*दो माह से कप्तान को तलाश रही थी एसओजी

गोंडा।जिले में पिछले दो महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।बताते चलें कि जिले की एसओजी टीम, नगर कोतवाली पुलिस और यूपी एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी।न्यायालय ने आरोपी भूपेंद्र सिंह उर्फ़ कप्तान सिंह को वर्ष 2023 में नगर कोतवाली क्षेत्र में हुए मारपीट के एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।आरोपी कप्तान सिंह पर पहले से ही जिले के कौड़िया थाने से 25 हजार रूपए का इनाम घोषित था।जब उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन मंडल अमित कुमार पाठक ने बीते 10 नवंबर को उसके ऊपर 50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया।50 हजार रुपए का इनाम घोषित होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था।जिले की एसओजी टीम और नगर कोतवाली पुलिस भी लगातार उसकी तलाश में लगी हुई थी।भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह नगर कोतवाली और खरगूपुर थाने में दर्ज कई अन्य मुकदमों में फरार चल रहा था।उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों  में तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं,जिनमें लूट, डकैती, मारपीट और गोली मारने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।उसे जिले का एक कुख्यात बदमाश माना जाता है,जो जेल से छूटने के बाद लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है।फिलहाल गोंडा पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी आनन्द राय ने बताया कि आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।वर्ष 2023 में नगर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में उसने आत्मसमर्पण किया है और फिलहाल जिले की नगर कोतवाली व खरगूपुर थाने की पुलिस भी फरार चल रहे मुकदमे में पूरे मामले को देखते हैं लेकर के जांच कर रही है।
*संजय सिंह को देशद्रोही कहने और FIR के विरोध में भारतीय चमार महासभा का प्रदर्शन,राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
सुल्तानपुर,भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को लेकर भारतीय चमार महासभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से महासभा ने भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा राज्यसभा सांसद संजय सिंह को “देशद्रोही” कहे जाने के मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। महासभा का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल संसदीय मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि लोकतांत्रिक असहमति को दबाने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी ने कहा कि लोकतन्त्र में अभिव्यक्ति की आजादी का हनन हो रहा है। सत्ता पक्ष के लोग अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास कर रही है। संजय सिंह जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति है वह जनता की आवाज को उठाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते, और ऐसे व्यक्ति को भाजपा नेता ने देशद्रोही कहा है यह घृणित कार्य है। उन्होंने आगे बताया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट प्रकरण में राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सांसद पप्पू यादव समेत अन्य लोगों पर दर्ज FIR तथा लखनऊ में 14 वर्षीय सामाजिक विषयों पर वीडियो बनाने वाले इनफ्लुएंसर अस्वामित गौतम के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने दर्ज FIR को रद्द करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के नारे लगाए। महासभा का आरोप है कि सामाजिक मुद्दों, भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव पर आवाज उठाने वालों को डराने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। इस मौके पर भारतीय चमार महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुव नारायण विश्वकर्मा, अजय वर्मा, रामसुख कोरी, तारकेश कोरी, राकेश वर्मा, निसार अंसारी, सैय्यद सलीम, संजय सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। महासभा ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति महोदय इन मामलों का संज्ञान लेकर संविधान, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगे।
लक्ष्मी यादव एवं अनन्या यादव को भारत- श्रीलंका हिन्दी गौरव सम्मान

मुंबई । भारतीय उच्चायोग स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र और श्रीलंका फाउंडेशन,कोलंबो के विश्व हिन्दी दिवस सम्मेलन में मुंबई महानगर की वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी यादव एवं अनन्या यादव को भारत- श्रीलंका हिन्दी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित भारत श्रीलंका हिन्दी सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार पत्रकार लक्ष्मी यादव को हिन्दी गौरव सम्मान प्रदान किया गया| भारतीय उच्चायोग स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र,श्रीलंका फाउंडेशन के द्वारा कोलंबो में आयोजित द्वितीय सम्मेलन में महामहिम उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि हिन्दी आज वैश्विक संचार की भाषा बन रही है।यह संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य कर रही है।श्रीलंका के विश्वविद्यालयों से लेकर स्कूल कालेजों में हिन्दी भाषा को पढ़ाया जा रहा है।उन्होने विश्व भर में हिन्दी का प्रचार कर रही पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी के प्रयासों की सराहना की।

समारोह में श्रीलंका के शिक्षा मंत्री मधुर सिंहरत्न ने भारत श्रीलंका के राजनयिक 75 वर्षों के सम्बन्धों के दौर को ऐतिहासिक करार दिया|सम्मेलन के उदघाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को पढ़ा गया।जिसमें पीएम मोदी ने कहा कि जहां- जहां भारत वंशी हैं वहाँ हिन्दी केवल भाषा नहीं बल्कि भारतीय संस्कारों को प्रेषित करने का माध्यम है।स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक प्रोफेसर अंकुरण दत्ता ने कहा कि भारत के कोने कोने से आए साहित्यकार भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं।लक्ष्मी यादव ने इस दौरान 'हिंदी वैश्विक संवाद की भाषा ' पर आलेख का वाचन किया।केलानिया विश्वविध्यालय की छात्राओं ने सिंघली एवं हिन्दी भाषा में ‘चौधवी का चाँद’ गीत सुनाकर भाषा प्रेमियों को एक सूत्र में बांध दिया।

इस अवसर मुख्य रूप से दिल्ली से वरिष्ठ साहित्यकार मोहम्मद शब्बीर,उत्तर प्रदेश से प्रो राकेश सक्सेना,प्रो सुनीता सक्सेना,मुम्बई से अनन्या यादव, उड़ीसा से प्रो जयंत कर शर्मा, हिमांचल प्रदेश से डॉ प्रताप मोहन भारतीय,रणजोत सिंह, शांति स्याल,महाराष्ट्र से डॉ संजय पवार, डॉ जसपाल सिंह वाल्वी, डॉ ज्ञानेश्वर सोनार, राजस्थान से राम अवतार मेघवाल सागर, हरियाणा से पंकज शर्मा, लघु कथाकार अशोक भाटिया, मान सिंह पुनिया, केरल से डॉ एके बिन्दु, डॉ अनीथा पीएल, असम से डॉ ए सी फुकन आदि को वैश्विक स्तर पर हिन्दी की सेवा के लिए सम्मानित किया गया।सह आयोजक डॉ अकेला भाई ने आभार जताया।
यूपी कोआपरेटिव बैंक घोटाले की जांच तेज,2021 से 2024 के लोन खातों की मांगी डिटेल
*शाखा प्रबंधक को चेतावनी

गोंडा।यूपी कोआपरेटिव बैंक बड़गांव शाखा में हुए 21 करोड़ रूपए के घोटाले की जांच तेज कर दी गई है।नगर कोतवाली के अपराध निरीक्षक व मामले के विवेचक सभाजीत सिंह ने बैंक के शाखा प्रबंधक भुवन चंद्र सती को नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।विवेचक सभाजीत सिंह ने शाखा प्रबंधक से 2021 से 2024 तक के सभी लोन खातों और उनसे हुए लै लेनदेन की प्रमाणित विस्तृत जानकारी  मांगी है। इसमें आडिट रिपोर्ट, अप्रेजल रिपोर्ट,ऋण लेने के लिए रजिस्ट्री कागजात,खाताधारकों के स्टेटमेंट और बैंक के आंतरिक खातों से निकाली गई धनराशि और उसके गंतव्य से संबंधित स्टेटमेंट शामिल हैं।इसके अतिरिक्त वर्ष 2021 से 2034 तक बैंक में शाखा प्रबंधक, कैशियर और लोन विभाग में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जानकारी मांगी गई है।इसमें उनके नाम, पति का नाम और मोबाइल नंबर सहित पूरी डिटेल शामिल है,जिससे जांच को सही दिशा मिल सके।इस घोटाले में नामजद 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नगर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है।पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि पूर्व शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान प्रबंधक से मिले दस्तावेजों के आधार पर जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।इसके साथ ही साथ उन खाताधारकों से पूछताछ करने की तैयारी में नगर कोतवाली पुलिस जुटी हुई है जो जांच के दायरे में आए हैं।
तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

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तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

पहले अपनी मीट फैक्ट्री देखें संगीत सोम- योगेश प्रताप सिंह
*संगीत सोम के बयान पर किया पलटवार

गोंडा।संगीत सोम अखिलेश यादव पर बयान देने से पहले अपनी मीट फैक्ट्री देखें।यह बयान प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेश प्रताप सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए दिया।श्री सिंह ने काशी में तोड़फोड़ व प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद पर भी सरकार को घेरा।भाजपा नेता संगीत सोम द्वारा अखिलेश यादव पर दिये गये बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि वे संगीत सोम जैसे लोगों पर बयान देना उचित नहीं समझते।उन्होंने कहा कि संगीत सोम अपनी गाय कटती हुई फैक्ट्री पहले देख लें।योगेश प्रताप सिंह ने संगीत सोम को अपना अच्छा मित्र बताते हुए कहा कि जब मैं सपा सरकार में मंत्री था उस समय संगीत सोम मेरे साथ विधायक थे और अब चुनाव हारने के बाद लाइम लाइट में रहने के लिए उनका इस तरह बयान देना शोभा नहीं देता है।काशी में कथित तोड़फोड़ को लेकर सपा नेता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एआई से इस तरह से टूटी हुई मूर्ति नहीं बन सकती।उन्होंने पंडित वीरभद्र मिश्र के हवाले से कहा कि काशी का अर्थ है, कंकड़ कंकड़ में शंकर और शंकर के वास को जिस तरह से तोड़ा गया है,वह उसकी निंदा करते हैं।प्रयागराज में शंकराचार्य से हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि  इसे भी एआई जनरेटेड कहा जा रहा है।पूर्व मंत्री ने कहा कि मौनी अमावस्या पर स्नान करने गये शंकराचार्य को स्नान नहीं करने दिया गया और सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का देकर हटा दिया।श्री सिंह ने इस घटना को भारतीय जनता पार्टी के बहुरूपियेपन का परिणाम बताया।पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग इस समय सत्ता के मद में चूर हैं,उनके लिए आने वाला समय कतई अच्छा नहीं होगा।पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि संगीत सोम को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने ही चुनाव हरवाया है।पहले वह 8 से 9 फैक्ट्रियों का जवाब दें जहाँ गाय कटती है,जहाँ से भैंस कटती है,जहाँ से मीट का एक्सपोर्ट होता है।पहले उसका जवाब दें उसके बाद अखिलेश यादव के बारे में बात करें क्योंकि अखिलेश यादव अब उनकी सीमा से बाहर जा चुके हैं।अब अखिलेश यादव की गिनती देश के तीन बड़े नेताओं में होती है।उन्होंने कहा कि जो मीट की फैक्ट्री इनके भाई के नाम है उसमें संगीत सोम और उनकी पत्नी डायरेक्टर हैं।
आरटीई : दो फरवरी से शुरू होगा प्रवेश के लिए आवेदन ऑनलाइन आवेदन


*3 चरणों में होंगे प्रवेश,18 दिनों में पूरी होगी प्रकिया,दो साल तक चार चरणों में हुआ था प्रवेश*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। करीब डेढ़ महीने इंतजार के बाद अंतत: आरटीई के तहत गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन लेने की तिथि निदेशालय ने तय कर दी है। दो फरवरी से पहले चरण के प्रवेश के लिए आवेदन की शुरूआत होगी। अबकी बार दो महीने के अंदर तीन चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साल 2024 और 2025 में चार चरणों में चार महीने में आवेदन से लेकर सत्यापन, प्रवेश की गतिविधियां पूरी की गई थीं।
आरटीई के तहत कॉन्वेंट विद्यालयों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। उनके कॉपी-किताब तक का खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है। पिछले दो साल से एक दिसंबर से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन इस बार 15 जनवरी के बाद तिथि तय की गई है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पहले चरण में दो से 16 फरवरी तक आवेदन लेने के साथ सत्यापन किया जाएगा। 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी और 20 को विद्यालय आवंटित होगा। दूसरे चरण में 21 फरवरी से सात मार्च तक आवेदन, सत्यापन और डॉटा लाॅक किया जाएगा। नौ मार्च को लॉटरी और 11 मार्च को विद्यालय आवंटित होगा। तीसरे चरण में 12 से 25 मार्च तक आवेदन, 27 मार्च को लॉटरी और 29 को स्कूल आवंटित किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि तीन चरणों में आवेदन की तिथि तय की गई है। ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद सभी प्रक्रिया तिथिवार पूरी की जाएगी। बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जाएगा
*चमार महासभा ने किया प्रदर्शन,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता,लोकतंत्र पर 'आघात' के मामलों पर संज्ञान की मांग*
सुल्तानपुर में मंगलवार को चमार महासभा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित एक मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया, जिसमें भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित 'आघात' पहुँचाने वाले विभिन्न प्रकरणों पर संज्ञान लेने की मांग की गई। मांगपत्र में भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा सांसद संजय सिंह को सार्वजनिक रूप से 'देशद्रोही' कहे जाने का उल्लेख किया गया। महासभा ने इस बयान को संसदीय मर्यादा का उल्लंघन और संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्राप्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। इसके अतिरिक्त, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास मामले में दर्ज आठ FIR का भी जिक्र किया गया। इन FIR में आप सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव सहित अन्य व्यक्तियों पर सोशल मीडिया पर AI जनित तस्वीरें, वीडियो और भ्रामक जानकारी साझा करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका थी। लखनऊ में 14 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वमित गौतम के खिलाफ दर्ज FIR और उन्हें हिरासत में लिए जाने का मामला भी उठाया गया। अश्वमित सामाजिक मुद्दों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जातिगत असमानता पर इंस्टाग्राम पर अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं। महासभा ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और युवा विचारकों के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला बताया। महासभा ने अपनी मांगों में सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने, मनोज तिवारी के बयान की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने, भड़काऊ बयानबाजी पर कानूनी कार्रवाई करने, मणिकर्णिका घाट प्रकरण में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और अश्वमित गौतम जैसे युवा नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामलों की संवैधानिक दृष्टि से समीक्षा कर नाबालिगों के अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा करने की अपील की। यहां पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय राणा चमार, राष्ट्रीय महा सचिव ध्रुव नरायन विश्वकर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी गौतम आदि मौजूद रहे।
दावोस में रचा गया इतिहास: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिला प्रतिष्ठित 'व्हाइट बैज'; WEF में सम्मानित होने वाले पहले आदिवासी निर्वाचित नेता बने।

दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री को विश्व आर्थिक मंच द्वारा 'व्हाइट बैज' (White Badge) प्रदान कर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पाने वाले वे भारत के पहले आदिवासी निर्वाचित नेता बन गए हैं।

क्या है 'व्हाइट बैज' का महत्व?

व्हाइट बैज विश्व आर्थिक मंच द्वारा केवल चुनिंदा वैश्विक नेताओं, राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों को दिया जाने वाला एक अत्यंत विशिष्ट सम्मान है। इस बैज के माध्यम से मुख्यमंत्री को WEF कांग्रेस सेंटर और सभी हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में पूर्ण प्रवेश प्राप्त होगा। गौरतलब है कि इसी केंद्र में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के कई अन्य शक्तिशाली देशों के प्रमुखों की भागीदारी भी हो रही है।

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झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की पहल

WEF के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, समावेशी समाज और ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने के लिए WEF उत्सुक है। मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए औपचारिक पत्र को झारखंड की स्पष्ट विकास दृष्टि का परिचायक बताया गया।

वैश्विक मंच पर झारखंड की धमक

बैठक के दौरान WEF अध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री को साइट भ्रमण और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत संवाद के लिए आमंत्रित किया गया। यह सम्मान दर्शाता है कि झारखंड अब केवल एक भारतीय राज्य नहीं, बल्कि जलवायु कार्रवाई (Climate Action) और सतत विकास के क्षेत्र में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।

दावोस में झारखंड का ऐतिहासिक 'ग्रीन स्टील' समझौता: टाटा स्टील निवेश करेगी ₹11,100 करोड़; कार्बन उत्सर्जन में होगी 80% तक की कमी।

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दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन के बीच एक ऐतिहासिक 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता झारखंड को ₹11,100 करोड़ के भारी निवेश के माध्यम से अगली पीढ़ी के औद्योगिक ढांचे और हरित विनिर्माण (Green Manufacturing) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

कार्बन-न्यूट्रल भविष्य की ओर बड़ा कदम

इस निवेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा HISARNA और EASyMelt जैसी क्रांतिकारी तकनीकें हैं। ₹7,000 करोड़ की लागत से बनने वाला HISARNA प्लांट कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 80% तक कम करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक स्वदेशी कोयले और निम्न श्रेणी के अयस्क का उपयोग कर आयात पर निर्भरता खत्म करेगी। टाटा स्टील 2030 तक जमशेदपुर में इसका कमर्शियल प्लांट स्थापित करेगी।

ITI संस्थानों को गोद लेगी टाटा स्टील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए टाटा स्टील को प्रस्ताव दिया कि वे राज्य के ITI संस्थानों को गोद लें ताकि शिक्षा को बाजार और रोजगार उन्मुख बनाया जा सके। टाटा स्टील ने इस प्रस्ताव पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

इंडस्ट्रियल टूरिज्म और औद्योगिक विस्तार

समझौते के तहत केवल विनिर्माण ही नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध औद्योगिक विरासत को दुनिया को दिखाने के लिए 'औद्योगिक पर्यटन' (Industrial Tourism) पर भी एक अलग एमओयू हुआ है। इसके अतिरिक्त:

टिनप्लेट विस्तार: ₹2,600 करोड़ का निवेश।

कॉम्बी मिल: ₹1,500 करोड़ का निवेश।

प्रकृति और प्रगति का सामंजस्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "25 वर्ष का युवा झारखंड अब खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से निकलकर हरित नवाचार की ओर बढ़ रहा है।" टाटा स्टील के सीईओ टी. वी. नरेंद्रन ने मुख्यमंत्री के विजन की सराहना करते हुए उन्हें 'टाटा डोम' में रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया।

निवेश का डिजिटल खाका (Investment Blueprint)

परियोजना/तकनीक निवेश राशि प्रमुख विशेषता

HISARNA तकनीक ₹7,000 करोड़ कार्बन उत्सर्जन में 80% की कमी।

EASyMelt तकनीक (HISARNA के साथ) कोक की खपत कम, 50% कम CO

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टिनप्लेट विस्तार ₹2,600 करोड़ उच्च-तकनीकी रोजगार सृजन।

कॉम्बी मिल ₹1,500 करोड़ रणनीतिक औद्योगिक मजबूती।

कुल निवेश ₹11,100 करोड़ लक्ष्य: नेट जीरो और ग्रीन इकोनॉमी।