झारखंड बजट 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज खोलेंगे पिटारा, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा फोकस

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 24 फरवरी को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन पटल पर बजट रखेंगे। इस बार का बजट राज्य के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इसमें महिलाओं के स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बजट की मुख्य प्राथमिकताएं:

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बजट में 'समावेशी विकास' का लक्ष्य लेकर चल रही है। बजट के केंद्र में मुख्य रूप से चार स्तंभ होने की उम्मीद है:

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और सुरक्षा के लिए बड़ा आवंटन।

युवा एवं रोजगार: स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए वित्तीय रोडमैप।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

कनेक्टिविटी: दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना।

जनता की उम्मीदें:

झारखंड की जनता को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कुछ कर राहत (Tax relief) और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यम वर्ग और किसानों को राहत पहुंचाएगी। वित्त मंत्री के इस 'पिटारे' से यह साफ होगा कि झारखंड आगामी वर्षों में विकास की कितनी ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है।

लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
फिर बने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह,मंत्री एच डी राम*
सुलतानपुर,23 फरवरी 2026 भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश काशी प्रांत से संबद्ध जिले में 14 विद्यालयों का संचालन करने वाली बाल कल्याण समिति का चुनाव सोमवार को सकुशल संपन्न हुआ। पुरानी समिति पर विश्वास करते हुए चुनाव में पूर्व कमेटी को पुनः बहाल कर डॉ0 विनोद कुमार सिंह को अध्यक्ष एवं हरि दर्शन राम पुनः मंत्री बनाया गया है। समिति के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि विद्या भारती द्वारा संचालित एवं भारतीय शिक्षा समिति से संबंध बाल कल्याण समिति सुलतानपुर की नई कार्य कारिणी का गठन सोमवार को सरस्वती शिशु / विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सिरवारा मार्ग मे किया गया। चुनाव अधिकारी भारतीय शिक्षा समिति काशी प्रांत के अध्यक्ष कंचन सिंह, प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी, पूर्व प्रधानाचार्य सुमंत पांडे, पूर्व संभाग निरीक्षक दयाराम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पुरानी समिति को बहाल करते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह एवं मंत्री हरि दर्शन राम,कोषाध्यक्ष डॉ राम जी गुप्ता पुनः बनाए गए। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद नगर की कार्यकारिणी को भी पूर्ववत बहाल कर दिया गया है । जिसमें अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डॉक्टर पवन कुमार सिंह बनाए गए हैं। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ रमाशंकर मिश्र, रूपेश सिंह, कृपा शंकर द्विवेदी, गोवर्धन कनोडिया, डॉक्टर देवी रमन त्रिपाठी एवं सभी विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं अध्यक्ष मौके पर उपस्थित रहे। सत्य प्रकाश गुप्ता
संत गाडगे बाबा की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय धोबी महासंघ की एक बैठक का आयोजन

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के ग्राम लालपुर बाजार स्थित डॉ कौशल किशोर के आवास पर सोमवार को महान समाज सुधारक संत गाडगे बाबा की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय धोबी महासंघ की एक बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत गाडगे बाबा के चित्र पर माल्यार्पण कर  किया गया। इस मौके पर संत गाडगे बाबा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हए संगठन को और अधिक मजबूत और गतिशील बनाने पर विभिन्न वक्ताओं ने जोर दिया। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय ऑर्गेनाइजर राज किशोर कनौजिया ने समाज में व्याप्त  कुरीतियों को दूर करने की अपील की और कहा कि संगठन में ही शाक्ति है इसलिए सभी लोग और अधिक संगठित होकर समाज के लिए कार्य करें। कार्यक्रम का संचालन राजपाल कनौजिया ने किया। इस मौके पर तहसील संरक्षक डॉक्टर कौशल किशोर ने कुरितियों को छोड़ने तथा शिक्षा पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है समाज के सभी जिम्मेदारों को समाज को शिक्षित बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रगति के द्वार खोलती है, समाज तभी उन्नति करेगा जब सभी लोग शिक्षित होंगे। इस मौके पर जिला अध्यक्ष राम खेलावन भारती, सुरेश भारती, सरोज वर्मा, सहित भारी संख्या में सजातीय बंधु उपस्थित थे। कार्यक्रम के आयोजक डॉ कौशल किशोर ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दिनदहाड़े अधिवक्ता की हत्या से आक्रोशित वकीलों ने खोला मोर्चा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर किया प्रदर्शन


करनैलगंज कोतवाल व दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सुदाई पुरवा गांव में रविवार को दिनदहाड़े अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला बार एसोसिएशन से जुलूस निकाल कर सरकार व पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट व दीवानी परिसर में नारेबाजी कर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग किया और इसके बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर जोरदार प्रदर्शन किया और करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय पर अपराध और अपराधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए तत्काल उनको निलंबित किए जाने की मांग किया तथा पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 36 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो जिले का अधिवक्ता समुदाय सड़कों पर उतर कर आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

इस अवसर पर अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि इसी तरह सरकारी मशीनरी व सत्ताधारी दल के विधायकों के इशारे पर अधिवक्ताओं का उत्पीड़न होगा तो अधिवक्ता समाज सड़कों पर उतर कर दो दो हाथ करने के लिए बाध्य होगा।वहीं सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार त्रिपाठी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पुलिस व प्रशासन के लोग अपनी कार्यशैली सुधार लें अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब अधिवक्ता कदम दर कदम संघर्ष के लिए बाध्य होगा।

इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री सुनील कुमार पाण्डेय, सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री गौरी शंकर चतुर्वेदी सहित पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र कुमार त्रिपाठी,शिवम सिंह रैकवार, लाल बिहारी शुक्ला, राम लक्ष्मण तिवारी, अरविंद पाण्डेय, शिव प्रताप शुक्ला, सुरेंद्र कुमार मिश्रा, राज कुमार तिवारी, राजा राम शुक्ला, संतोष शुक्ला सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
नगर निगम चुनाव 2026

नगर निगम चुनाव 2026 के तहत आज सभी वार्डों में चल रही मतदान प्रक्रिया का उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन द्वारा निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर मतदान व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध तथा मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मतदान कर्मियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस बलों को सतर्क रहने तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस पर्व में सभी नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन ने बताया कि सभी वार्डों में मतदान शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रहा है।

*राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस: 'नशा उन्मूलन' विषय पर बौद्धिक सत्र आयोजित* जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर क्षेत्र के अंत
*राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस: 'नशा उन्मूलन' विषय पर बौद्धिक सत्र आयोजित*
जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर क्षेत्र के अंतर्गत कादीपुर के संत तुलसीदास जूनियर हाईस्कूल कादीपुर के प्रांगण में स्थानीय संत तुलसीदास पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों के विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों ने सुबह शिविर स्थल की साफ-सफाई की। तदुपरांत प्रातःकालीन प्रार्थना कर अपने -अपने चयनित गांव गए और वहां पर साफ़-सफाई एवं सर्वेक्षण कार्य किया। इकाई तृतीय के स्वयंसेवकों ने चयनित गांव स्थित संत तुलसीदास पी.जी. कॉलेज परिसर की साफ-सफाई की।  इसके बाद वापस आकर भोजन ग्रहण किया। तत्पश्चात आज के बौद्धिक सत्र का प्रारम्भ हुआ। बौद्धिक सत्र का विषय ‘नशा उन्मूलन’ रखा गया।इस सत्र का उद्देश्य स्वयंसेवकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजीव पाण्डेय, प्रभारी चिकित्सक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पांडेबाबा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि नशे की लत से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक जीवन प्रभावित होता है, जिससे उसका भविष्य भी संकट में पड़ सकता है। बौद्धिक सत्र का संचालन स्वयंसेविका कलश उपाध्याय ने किया और  प्रिया सिंह , प्रिया दुबे ,श्रुति विश्वकर्मा, नेहा आदि स्वयंसेविका ने भी अपना विचार प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह, आरजू मिश्रा, डॉ शनि कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए नशे के दुष्परिणामों पर अपने विचार व्यक्त किए और नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक एवं जागरूकता से परिपूर्ण रहा।
झारखंड बजट 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज खोलेंगे पिटारा, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा फोकस

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 24 फरवरी को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन पटल पर बजट रखेंगे। इस बार का बजट राज्य के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इसमें महिलाओं के स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बजट की मुख्य प्राथमिकताएं:

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बजट में 'समावेशी विकास' का लक्ष्य लेकर चल रही है। बजट के केंद्र में मुख्य रूप से चार स्तंभ होने की उम्मीद है:

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और सुरक्षा के लिए बड़ा आवंटन।

युवा एवं रोजगार: स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए वित्तीय रोडमैप।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

कनेक्टिविटी: दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना।

जनता की उम्मीदें:

झारखंड की जनता को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कुछ कर राहत (Tax relief) और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यम वर्ग और किसानों को राहत पहुंचाएगी। वित्त मंत्री के इस 'पिटारे' से यह साफ होगा कि झारखंड आगामी वर्षों में विकास की कितनी ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है।

लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
फिर बने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह,मंत्री एच डी राम*
सुलतानपुर,23 फरवरी 2026 भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश काशी प्रांत से संबद्ध जिले में 14 विद्यालयों का संचालन करने वाली बाल कल्याण समिति का चुनाव सोमवार को सकुशल संपन्न हुआ। पुरानी समिति पर विश्वास करते हुए चुनाव में पूर्व कमेटी को पुनः बहाल कर डॉ0 विनोद कुमार सिंह को अध्यक्ष एवं हरि दर्शन राम पुनः मंत्री बनाया गया है। समिति के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि विद्या भारती द्वारा संचालित एवं भारतीय शिक्षा समिति से संबंध बाल कल्याण समिति सुलतानपुर की नई कार्य कारिणी का गठन सोमवार को सरस्वती शिशु / विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सिरवारा मार्ग मे किया गया। चुनाव अधिकारी भारतीय शिक्षा समिति काशी प्रांत के अध्यक्ष कंचन सिंह, प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी, पूर्व प्रधानाचार्य सुमंत पांडे, पूर्व संभाग निरीक्षक दयाराम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पुरानी समिति को बहाल करते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह एवं मंत्री हरि दर्शन राम,कोषाध्यक्ष डॉ राम जी गुप्ता पुनः बनाए गए। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद नगर की कार्यकारिणी को भी पूर्ववत बहाल कर दिया गया है । जिसमें अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डॉक्टर पवन कुमार सिंह बनाए गए हैं। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ रमाशंकर मिश्र, रूपेश सिंह, कृपा शंकर द्विवेदी, गोवर्धन कनोडिया, डॉक्टर देवी रमन त्रिपाठी एवं सभी विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं अध्यक्ष मौके पर उपस्थित रहे। सत्य प्रकाश गुप्ता
संत गाडगे बाबा की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय धोबी महासंघ की एक बैठक का आयोजन

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के ग्राम लालपुर बाजार स्थित डॉ कौशल किशोर के आवास पर सोमवार को महान समाज सुधारक संत गाडगे बाबा की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय धोबी महासंघ की एक बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत गाडगे बाबा के चित्र पर माल्यार्पण कर  किया गया। इस मौके पर संत गाडगे बाबा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हए संगठन को और अधिक मजबूत और गतिशील बनाने पर विभिन्न वक्ताओं ने जोर दिया। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय ऑर्गेनाइजर राज किशोर कनौजिया ने समाज में व्याप्त  कुरीतियों को दूर करने की अपील की और कहा कि संगठन में ही शाक्ति है इसलिए सभी लोग और अधिक संगठित होकर समाज के लिए कार्य करें। कार्यक्रम का संचालन राजपाल कनौजिया ने किया। इस मौके पर तहसील संरक्षक डॉक्टर कौशल किशोर ने कुरितियों को छोड़ने तथा शिक्षा पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है समाज के सभी जिम्मेदारों को समाज को शिक्षित बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रगति के द्वार खोलती है, समाज तभी उन्नति करेगा जब सभी लोग शिक्षित होंगे। इस मौके पर जिला अध्यक्ष राम खेलावन भारती, सुरेश भारती, सरोज वर्मा, सहित भारी संख्या में सजातीय बंधु उपस्थित थे। कार्यक्रम के आयोजक डॉ कौशल किशोर ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दिनदहाड़े अधिवक्ता की हत्या से आक्रोशित वकीलों ने खोला मोर्चा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर किया प्रदर्शन


करनैलगंज कोतवाल व दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सुदाई पुरवा गांव में रविवार को दिनदहाड़े अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला बार एसोसिएशन से जुलूस निकाल कर सरकार व पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट व दीवानी परिसर में नारेबाजी कर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग किया और इसके बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर जोरदार प्रदर्शन किया और करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय पर अपराध और अपराधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए तत्काल उनको निलंबित किए जाने की मांग किया तथा पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 36 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो जिले का अधिवक्ता समुदाय सड़कों पर उतर कर आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

इस अवसर पर अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि इसी तरह सरकारी मशीनरी व सत्ताधारी दल के विधायकों के इशारे पर अधिवक्ताओं का उत्पीड़न होगा तो अधिवक्ता समाज सड़कों पर उतर कर दो दो हाथ करने के लिए बाध्य होगा।वहीं सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार त्रिपाठी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पुलिस व प्रशासन के लोग अपनी कार्यशैली सुधार लें अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब अधिवक्ता कदम दर कदम संघर्ष के लिए बाध्य होगा।

इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री सुनील कुमार पाण्डेय, सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री गौरी शंकर चतुर्वेदी सहित पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र कुमार त्रिपाठी,शिवम सिंह रैकवार, लाल बिहारी शुक्ला, राम लक्ष्मण तिवारी, अरविंद पाण्डेय, शिव प्रताप शुक्ला, सुरेंद्र कुमार मिश्रा, राज कुमार तिवारी, राजा राम शुक्ला, संतोष शुक्ला सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
नगर निगम चुनाव 2026

नगर निगम चुनाव 2026 के तहत आज सभी वार्डों में चल रही मतदान प्रक्रिया का उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन द्वारा निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर मतदान व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध तथा मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मतदान कर्मियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस बलों को सतर्क रहने तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस पर्व में सभी नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन ने बताया कि सभी वार्डों में मतदान शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रहा है।

*राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस: 'नशा उन्मूलन' विषय पर बौद्धिक सत्र आयोजित* जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर क्षेत्र के अंत
*राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस: 'नशा उन्मूलन' विषय पर बौद्धिक सत्र आयोजित*
जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर क्षेत्र के अंतर्गत कादीपुर के संत तुलसीदास जूनियर हाईस्कूल कादीपुर के प्रांगण में स्थानीय संत तुलसीदास पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों के विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों ने सुबह शिविर स्थल की साफ-सफाई की। तदुपरांत प्रातःकालीन प्रार्थना कर अपने -अपने चयनित गांव गए और वहां पर साफ़-सफाई एवं सर्वेक्षण कार्य किया। इकाई तृतीय के स्वयंसेवकों ने चयनित गांव स्थित संत तुलसीदास पी.जी. कॉलेज परिसर की साफ-सफाई की।  इसके बाद वापस आकर भोजन ग्रहण किया। तत्पश्चात आज के बौद्धिक सत्र का प्रारम्भ हुआ। बौद्धिक सत्र का विषय ‘नशा उन्मूलन’ रखा गया।इस सत्र का उद्देश्य स्वयंसेवकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजीव पाण्डेय, प्रभारी चिकित्सक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पांडेबाबा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि नशे की लत से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक जीवन प्रभावित होता है, जिससे उसका भविष्य भी संकट में पड़ सकता है। बौद्धिक सत्र का संचालन स्वयंसेविका कलश उपाध्याय ने किया और  प्रिया सिंह , प्रिया दुबे ,श्रुति विश्वकर्मा, नेहा आदि स्वयंसेविका ने भी अपना विचार प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह, आरजू मिश्रा, डॉ शनि कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए नशे के दुष्परिणामों पर अपने विचार व्यक्त किए और नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक एवं जागरूकता से परिपूर्ण रहा।