पर्यावरण संरक्षण ही मानव जीवन का आधार — डॉ. अमर प्रकाश गर्ग
— अध्यक्ष भारत विकास परिषद् मेन शाखा संजय मिश्रा

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत द्वारा आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी “पृथ्वी, प्राण और पुरुषार्थ” में देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट आज पर्यावरण के लिए सबसे गंभीर चुनौतियाँ बन चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पर्यावरण का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसके कारण मनुष्य की औसत आयु लगभग 70 वर्ष तक सीमित हो गई है। यदि शुद्ध पर्यावरण और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाई जाए तो मनुष्य 150 वर्ष तक भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।

डॉ. गर्ग ने बताया कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा के दिनों की संख्या पहले की तुलना में घटकर लगभग 28–30 रह गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ और सूखे जैसी विकट परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को लगभग 80 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से प्राप्त होती है, किंतु विडंबना यह है कि वही समुद्र पॉलीथिन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉलीथिन की प्रभावी रीसाइक्लिंग ही इस समस्या का प्रमुख समाधान है, जबकि वर्तमान में इसकी रीसाइक्लिंग दर केवल लगभग 30 प्रतिशत तक सीमित है। संगोष्ठी में उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का आह्वान किया गया।
गया में रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक जिला संत समागम सह छठी यार महोत्सव संपन्न: भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

गया: गया जी शहर के बाईपास स्थित गुरु रविदास धाम, गया के तत्वावधान में रविवार को रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक गया जिला संत समागम सह छठीयार महोत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महोत्सव में हजारों की संख्या में रविदास समाज के श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

महोत्सव की शुरुआत गुरु रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु रविदास धाम, गया के मठाधीश एवं अध्यक्ष सूर्यवंशी देवानंद देवर्षि ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में संत सुरेंद्र बाबा, बांका (बिहार) से पधारे। उन्होंने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि गुरु रविदास जी ने जाति-पाति, ऊँच-नीच का विरोध कर समता मूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। संत सुरेंद्र बाबा ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।

मुख्य वन संरक्षक ने ड्रमंडगंज वनरेंज का निरीक्षण कर मातहतों को दिया आवश्यक निर्देश
ड्रमंड गंज मिर्जापुर : मुख्य वन संरक्षक सुशांत शर्मा ने रविवार को ड्रमंडगंज वन रेंज का निरीक्षण कर अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। मुख्य वन संरक्षक ने कटरा कंपार्टमेंट नंबर एक में बीस हेक्टेयर में कराए जा रहे अग्रिम मृदा कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। वन क्षेत्र में विगत वर्षों में रोपे गए पौधों के नदारद होने पर नाराजगी जताई। रेंजर वीरेंद्र कुमार तिवारी और मौजूद वनकर्मियों को वनों तथा वन्य जीवों की सुरक्षा में लापरवाही नही बरतने की हिदायत दी। मुख्य वन संरक्षक ने सुखड़ा पौधशाला में चार हेक्टेयर भूमि में तीन लाख सत्तानवे हजार अवशेष पौधों के साथ एक लाख वर्तमान आम, अमरुद , आंवला, महुआ, आंवला , चिलबिल, सागौन,कट सागौन,करंज बांस,नीम आदि प्रजाति के उगाए जा रहे पौधों का निरीक्षण किया। पौधों की समय-समय से सिंचाई व समुचित देखभाल करने के लिए कहा कि पौधौ के रखरखाव में अगर किसी प्रकार की कोई कमियां आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी शेख मुअज्जम  रेंजर वीके तिवारी, वनदरोगा सर्वेश्वर पटेल, अभिषेक सिंह वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।
विधानसभा बजट सत्र-2026 को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध,एटीएस कमांडो से लेकर बम निरोधक दस्ते तैनात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र वर्ष 2026 09 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों तथा सदन की कार्यवाही की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।विधान भवन एवं आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 04 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के भीतर अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखना प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।सुरक्षा व्यवस्था के तहत 04 अपर पुलिस उपायुक्त और 11 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की तैनाती की गई है। इसके अलावा 06 कंपनियाँ पीएसी/आरआरएफ, 03 एटीएस कमांडो टीमें, एलआईयू, 18 डीएफएमडी, 02 बम निरोधक दस्ता, 01 एंटी-माइन टीम और 04 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें तैनात रहेंगी।कुल मिलाकर 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लगाए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। सत्र अवधि में पूरे क्षेत्र की 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा सतत नजर रखी जाएगी।सभी पुलिस एवं सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग कर ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लान और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की जानकारी दी जा चुकी है। आम जनता की सुविधा के लिए समय-समय पर यातायात परामर्श जारी किया जाएगा।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
संत शिरोमणि रविदास की जयंती पर सोनबरसा में भव्य कार्यक्रम, मुख्य अतिथि ने संत के आचरणों को भारत के विश्व गुरु बनने का रास्ता :-गंगा शर्मा कौशिक।
बलरामपुर 9 फरवरी विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर के तत्वाधान में जनपद श्रावस्ती के ब्लाक सिरसिया के ग्राम सोनबरसा में रविदास जयंती के साप्ताहिक कार्यक्रम में संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती मनाई गई,
कार्यक्रम को प्रदेश अध्यक्ष सोशल मीडिया गंगा शर्मा कौशिक मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि जिला अध्यक्ष बलरामपुर चौधरी विजय सिंह  विशिष्ट अतिथि मंडल प्रभारी राकेश दुबे विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुनीता तिवारी

अध्यक्ष मातृशक्ति जिला अध्यक्ष श्रावस्ती राजेश तिवारी ने संबोधित किया संचालन कटेहरी महाराज ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने संत शिरोमणि रविदास के बारे में विस्तृत रूप से कई कहानियों के माध्यम से उनके जीवन तथा आचरण से ऐसा था जो सभी को एक रहने का रास्ता बताता है श्री कौशिक ने बताया महलों में रहने वाली मीराबाई को संत रविदास को अपना गुरु माना उन्होंने कहा कि ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र सभी संत के अनुयाई थे अखंड भारत में कभी छुआछूत नहीं रहा, हर हिंदू को एक साथ रहने व भारतीय संस्कृति पर चलते हुए प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति के नेतृत्व में प्रदेश और देश में एकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया श्री कौशिक ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास के रास्ते पर चलकर भारत विश्व गुरु व हिंदू राष्ट्र बनेगा उन्होंने योगी तथा मोदी को अवतारी पुरुष भी बताया।
चौधरी विजय सिंह ने अपने ओजस्वी भाषण में सभी सनातन सनातनियों हिंदुओं को एक रहने तथा भारत राष्ट्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया उन्होंने कहा एक रहेंगे नेक रहेंगे बटेंगे तो कटेंगे, विशिष्ट अतीत श्रीमती सुनीता तिवारी ने नारी शक्ति का आवाहन करते हुए रानी लक्ष्मीबाई जैसा तथा हर महिलाओं से ब्रह्म मुहूर्त में उठकर बच्चों को सही मार्ग दिखाने व हिंदू संस्कृति में ढालने की बात कही उन्होंने कहा योगीराज में आज हमारी बहन बेटियां सुरक्षित हैं।
अंत में सभा जिलाअध्यक्ष श्रावस्ती राजेश तिवारी ने  सभी का आभार व्यक्त करते हुए हिंदुओं को एक रहने की सलाह दी उन्होंने संत रविदास के "मन चंगा तो कटौती में गंगा "सहित आदर्श को पालन करने का रास्ता बताया कार्यक्रम में आसपास गांव के तमाम लोग तथा विश्व हिंदू महासंघ श्रावस्ती के कटेहरी महाराज संतोष कुमार वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष सिरसिया राम सवारे दास बाबा अर्जुन मिश्रा एडवोकेट जिला मीडिया प्रभारी , जय सिंह जिला मीडिया प्रभारी बलरामपुर सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
डिजिटल हुआ विद्युत विभाग: 'UPPCL स्मार्ट ऐप' से घर बैठे जमा होगा बिल, मिलेगी 2% की छूट









ूढनपुर सिकहुला(आजमगढ़): उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली उपभोक्ताओं को हाईटेक बनाने और सुविधाओं में पारदर्शिता लाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान का आगाज किया है। विद्युत वितरण खण्ड कप्तानगंज के तहत यह अभियान 2 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली बिल प्रबंधन और स्मार्ट मीटर की बारीकियों से अवगत कराना है। ऐप से मिलेगी दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति विद्युत विभाग के अनुसार, 'यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप' के जरिए उपभोक्ता अब अपनी उंगलियों पर बिजली से जुड़े काम कर सकेंगे। ऐप की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:लाइव निगरानी: उपभोक्ता अपने स्मार्ट मीटर की लाइव रीडिंग और डिमांड की खपत देख सकेंगे। घर बैठे आवेदन: कनेक्शन का लोड घटाने या बढ़ाने के लिए अब कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। प्रीपेड रिचार्ज: रोजाना की खपत पर नजर रखते हुए तुरंत रिचार्ज की सुविधा। त्वरित भुगतान: बकाया बिल का विवरण देखना और ऑनलाइन पेमेंट करना हुआ आसान। नेगेटिव बैलेंस पर 2% रिबेट का लाभ विभाग ने उपभोक्ताओं को 'नेगेटिव बैलेंस' के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि यह वह राशि है जो बिजली उपयोग के बाद देय होती है। यदि उपभोक्ता अपना बकाया (Negative Balance) और अगले माह का अनुमानित बिल एक साथ जमा करते हैं, तो उन्हें 2% की विशेष छूट (Rebate) दी जाएगी। समय पर भुगतान करने से उपभोक्ता 'रिमोट विच्छेदन' (बिजली कटने) की परेशानी से भी बच सकेंगे। एसडीओ अतरौलिया की अपील अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उपखंड अधिकारी (SDO) सत्य कुमार सिकाहुला ने कहा: "तकनीकी युग में उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए यह ऐप एक मील का पत्थर है। अतरौलिया क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से अपील है कि वे ऐप इंस्टॉल करें ताकि बिलिंग में पारदर्शिता आए और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े। उपभोक्ता छूट का लाभ उठाएं और किसी भी तकनीकी समस्या के लिए ऐप या विभागीय काउंटर की मदद लें।" "राष्ट्र हित में बिजली बचाएं" के संदेश के साथ विभाग इस अभियान को घर-घर तक पहुँचाने में जुटा है।
रवि चौधरी का चुनावी शंखनाद: ‘क्यूब’ के साथ उतरेंगे मैदान में, धनबाद में म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी बनाने का किया वादा"

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धनबाद: नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच महापौर पद के प्रत्याशी और जाने-माने शिक्षाविद रवि चौधरी ने अपनी चुनावी दावेदारी को नई धार दी है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से ‘क्यूब’ (Cube) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। चिन्ह मिलते ही रवि चौधरी ने प्रेस वार्ता कर धनबाद की सूरत बदलने के लिए अपना 'रोडमैप' साझा किया।

चार दशकों का अनुभव और सेवा का संकल्प

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वे शिक्षा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनता के बीच हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मेयर पद के लिए चुनाव लड़ना सत्ता का मोह नहीं, बल्कि धनबाद को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रवि चौधरी के चुनावी वादे: 3 प्रमुख प्राथमिकताएं

म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी की स्थापना: शिक्षाविद होने के नाते उन्होंने विजन साझा किया कि धनबाद के गरीब और मेधावी बच्चों के लिए एक 'म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी' बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित हो सके।

पेयजल संकट का स्थायी समाधान: शहर के हर वार्ड और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना उनकी पहली प्रशासनिक प्राथमिकता होगी।

डिजिटल होल्डिंग टैक्स: भ्रष्टाचार और कागजी पेचीदगियों को खत्म करने के लिए होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का वादा किया, जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

"राजनीति नहीं, विकास को चुनें"

अंत में उन्होंने धनबाद की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार का मतदान जाति या दलीय राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर होना चाहिए। उन्होंने शहरवासियों से ‘क्यूब’ चिन्ह पर समर्थन मांगते हुए धनबाद को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा दिलाया।

जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का किया निरीक्षण
कार्यों में लापरवाही बरतने पर फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का दिया निर्देश

मीरजापुर 07 फरवरी 2026- जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। एक्सरे जांच में बताया गया कि प्रतिदिन 10 से 12 एक्सरे किया जाता है यह भी बताया कि औसत मासिक मरीज की रजिस्ट्रेशन ओ0पी0डी0 चार हजार के लगभग है। प्रसव के बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ हर्षिता श्रीवास्तव विगत कई माह से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित है एवं वेतन आहरित नहीं किया जा रहा है। स्टाक निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रयोग में आने वाली कुल 230 दवाओं के सापेक्ष 140 दवाओं का मांग पत्र भेजा जाना बताया गया किंतु मांगे जाने पर 140 दवाओं का मांग पत्र ही प्रस्तुत किया जा सका और न ही 90 दवाइयांे की सूची का मांग पत्र नहीं भेजे जाने के सम्बंध में कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया। निरीक्षण के समय वर्तमान स्टाक की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की जा सकी। निरीक्षण के समय प्राप्त 140 दवाओं में कौन सी दवा कितनी मात्रा में अवशेष है जिसका भौतिक सत्यापन किया जाना संभव नहीं हो सका यह भी पाया गया कि बड़ी मात्रा में बहुत सारी दवाई आगामी माहो में उनकी तिथि समाप्त होने वाली है जिससे प्रतीत होता है यथा आवश्यकता दवाएं रोगियो को वितरित नहीं की जा रही है दवाओं के साथ-साथ तत्संबंधी अद्यावधिक अभिलेखीय एवं रखरखाव व साफ सफाई व्यवस्था अत्यंत ही खराब पाई गई उपरोक्त पाए गए त्रुटियों से स्पष्ट है कि मुख्य फार्मासिस्ट राजेश सिंह के द्वारा अपने दायित्व्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सी0एल0 वर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
पर्यावरण संरक्षण ही मानव जीवन का आधार — डॉ. अमर प्रकाश गर्ग
— अध्यक्ष भारत विकास परिषद् मेन शाखा संजय मिश्रा

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत द्वारा आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी “पृथ्वी, प्राण और पुरुषार्थ” में देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट आज पर्यावरण के लिए सबसे गंभीर चुनौतियाँ बन चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पर्यावरण का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसके कारण मनुष्य की औसत आयु लगभग 70 वर्ष तक सीमित हो गई है। यदि शुद्ध पर्यावरण और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाई जाए तो मनुष्य 150 वर्ष तक भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।

डॉ. गर्ग ने बताया कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा के दिनों की संख्या पहले की तुलना में घटकर लगभग 28–30 रह गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ और सूखे जैसी विकट परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को लगभग 80 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से प्राप्त होती है, किंतु विडंबना यह है कि वही समुद्र पॉलीथिन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉलीथिन की प्रभावी रीसाइक्लिंग ही इस समस्या का प्रमुख समाधान है, जबकि वर्तमान में इसकी रीसाइक्लिंग दर केवल लगभग 30 प्रतिशत तक सीमित है। संगोष्ठी में उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का आह्वान किया गया।
गया में रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक जिला संत समागम सह छठी यार महोत्सव संपन्न: भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

गया: गया जी शहर के बाईपास स्थित गुरु रविदास धाम, गया के तत्वावधान में रविवार को रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक गया जिला संत समागम सह छठीयार महोत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महोत्सव में हजारों की संख्या में रविदास समाज के श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

महोत्सव की शुरुआत गुरु रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु रविदास धाम, गया के मठाधीश एवं अध्यक्ष सूर्यवंशी देवानंद देवर्षि ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में संत सुरेंद्र बाबा, बांका (बिहार) से पधारे। उन्होंने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि गुरु रविदास जी ने जाति-पाति, ऊँच-नीच का विरोध कर समता मूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। संत सुरेंद्र बाबा ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।

मुख्य वन संरक्षक ने ड्रमंडगंज वनरेंज का निरीक्षण कर मातहतों को दिया आवश्यक निर्देश
ड्रमंड गंज मिर्जापुर : मुख्य वन संरक्षक सुशांत शर्मा ने रविवार को ड्रमंडगंज वन रेंज का निरीक्षण कर अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। मुख्य वन संरक्षक ने कटरा कंपार्टमेंट नंबर एक में बीस हेक्टेयर में कराए जा रहे अग्रिम मृदा कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। वन क्षेत्र में विगत वर्षों में रोपे गए पौधों के नदारद होने पर नाराजगी जताई। रेंजर वीरेंद्र कुमार तिवारी और मौजूद वनकर्मियों को वनों तथा वन्य जीवों की सुरक्षा में लापरवाही नही बरतने की हिदायत दी। मुख्य वन संरक्षक ने सुखड़ा पौधशाला में चार हेक्टेयर भूमि में तीन लाख सत्तानवे हजार अवशेष पौधों के साथ एक लाख वर्तमान आम, अमरुद , आंवला, महुआ, आंवला , चिलबिल, सागौन,कट सागौन,करंज बांस,नीम आदि प्रजाति के उगाए जा रहे पौधों का निरीक्षण किया। पौधों की समय-समय से सिंचाई व समुचित देखभाल करने के लिए कहा कि पौधौ के रखरखाव में अगर किसी प्रकार की कोई कमियां आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी शेख मुअज्जम  रेंजर वीके तिवारी, वनदरोगा सर्वेश्वर पटेल, अभिषेक सिंह वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।
विधानसभा बजट सत्र-2026 को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध,एटीएस कमांडो से लेकर बम निरोधक दस्ते तैनात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र वर्ष 2026 09 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों तथा सदन की कार्यवाही की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।विधान भवन एवं आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 04 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के भीतर अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखना प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।सुरक्षा व्यवस्था के तहत 04 अपर पुलिस उपायुक्त और 11 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की तैनाती की गई है। इसके अलावा 06 कंपनियाँ पीएसी/आरआरएफ, 03 एटीएस कमांडो टीमें, एलआईयू, 18 डीएफएमडी, 02 बम निरोधक दस्ता, 01 एंटी-माइन टीम और 04 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें तैनात रहेंगी।कुल मिलाकर 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लगाए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। सत्र अवधि में पूरे क्षेत्र की 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा सतत नजर रखी जाएगी।सभी पुलिस एवं सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग कर ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लान और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की जानकारी दी जा चुकी है। आम जनता की सुविधा के लिए समय-समय पर यातायात परामर्श जारी किया जाएगा।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
संत शिरोमणि रविदास की जयंती पर सोनबरसा में भव्य कार्यक्रम, मुख्य अतिथि ने संत के आचरणों को भारत के विश्व गुरु बनने का रास्ता :-गंगा शर्मा कौशिक।
बलरामपुर 9 फरवरी विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर के तत्वाधान में जनपद श्रावस्ती के ब्लाक सिरसिया के ग्राम सोनबरसा में रविदास जयंती के साप्ताहिक कार्यक्रम में संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती मनाई गई,
कार्यक्रम को प्रदेश अध्यक्ष सोशल मीडिया गंगा शर्मा कौशिक मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि जिला अध्यक्ष बलरामपुर चौधरी विजय सिंह  विशिष्ट अतिथि मंडल प्रभारी राकेश दुबे विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुनीता तिवारी

अध्यक्ष मातृशक्ति जिला अध्यक्ष श्रावस्ती राजेश तिवारी ने संबोधित किया संचालन कटेहरी महाराज ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने संत शिरोमणि रविदास के बारे में विस्तृत रूप से कई कहानियों के माध्यम से उनके जीवन तथा आचरण से ऐसा था जो सभी को एक रहने का रास्ता बताता है श्री कौशिक ने बताया महलों में रहने वाली मीराबाई को संत रविदास को अपना गुरु माना उन्होंने कहा कि ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र सभी संत के अनुयाई थे अखंड भारत में कभी छुआछूत नहीं रहा, हर हिंदू को एक साथ रहने व भारतीय संस्कृति पर चलते हुए प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति के नेतृत्व में प्रदेश और देश में एकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया श्री कौशिक ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास के रास्ते पर चलकर भारत विश्व गुरु व हिंदू राष्ट्र बनेगा उन्होंने योगी तथा मोदी को अवतारी पुरुष भी बताया।
चौधरी विजय सिंह ने अपने ओजस्वी भाषण में सभी सनातन सनातनियों हिंदुओं को एक रहने तथा भारत राष्ट्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया उन्होंने कहा एक रहेंगे नेक रहेंगे बटेंगे तो कटेंगे, विशिष्ट अतीत श्रीमती सुनीता तिवारी ने नारी शक्ति का आवाहन करते हुए रानी लक्ष्मीबाई जैसा तथा हर महिलाओं से ब्रह्म मुहूर्त में उठकर बच्चों को सही मार्ग दिखाने व हिंदू संस्कृति में ढालने की बात कही उन्होंने कहा योगीराज में आज हमारी बहन बेटियां सुरक्षित हैं।
अंत में सभा जिलाअध्यक्ष श्रावस्ती राजेश तिवारी ने  सभी का आभार व्यक्त करते हुए हिंदुओं को एक रहने की सलाह दी उन्होंने संत रविदास के "मन चंगा तो कटौती में गंगा "सहित आदर्श को पालन करने का रास्ता बताया कार्यक्रम में आसपास गांव के तमाम लोग तथा विश्व हिंदू महासंघ श्रावस्ती के कटेहरी महाराज संतोष कुमार वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष सिरसिया राम सवारे दास बाबा अर्जुन मिश्रा एडवोकेट जिला मीडिया प्रभारी , जय सिंह जिला मीडिया प्रभारी बलरामपुर सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
डिजिटल हुआ विद्युत विभाग: 'UPPCL स्मार्ट ऐप' से घर बैठे जमा होगा बिल, मिलेगी 2% की छूट









ूढनपुर सिकहुला(आजमगढ़): उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली उपभोक्ताओं को हाईटेक बनाने और सुविधाओं में पारदर्शिता लाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान का आगाज किया है। विद्युत वितरण खण्ड कप्तानगंज के तहत यह अभियान 2 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली बिल प्रबंधन और स्मार्ट मीटर की बारीकियों से अवगत कराना है। ऐप से मिलेगी दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति विद्युत विभाग के अनुसार, 'यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप' के जरिए उपभोक्ता अब अपनी उंगलियों पर बिजली से जुड़े काम कर सकेंगे। ऐप की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:लाइव निगरानी: उपभोक्ता अपने स्मार्ट मीटर की लाइव रीडिंग और डिमांड की खपत देख सकेंगे। घर बैठे आवेदन: कनेक्शन का लोड घटाने या बढ़ाने के लिए अब कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। प्रीपेड रिचार्ज: रोजाना की खपत पर नजर रखते हुए तुरंत रिचार्ज की सुविधा। त्वरित भुगतान: बकाया बिल का विवरण देखना और ऑनलाइन पेमेंट करना हुआ आसान। नेगेटिव बैलेंस पर 2% रिबेट का लाभ विभाग ने उपभोक्ताओं को 'नेगेटिव बैलेंस' के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि यह वह राशि है जो बिजली उपयोग के बाद देय होती है। यदि उपभोक्ता अपना बकाया (Negative Balance) और अगले माह का अनुमानित बिल एक साथ जमा करते हैं, तो उन्हें 2% की विशेष छूट (Rebate) दी जाएगी। समय पर भुगतान करने से उपभोक्ता 'रिमोट विच्छेदन' (बिजली कटने) की परेशानी से भी बच सकेंगे। एसडीओ अतरौलिया की अपील अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उपखंड अधिकारी (SDO) सत्य कुमार सिकाहुला ने कहा: "तकनीकी युग में उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए यह ऐप एक मील का पत्थर है। अतरौलिया क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से अपील है कि वे ऐप इंस्टॉल करें ताकि बिलिंग में पारदर्शिता आए और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े। उपभोक्ता छूट का लाभ उठाएं और किसी भी तकनीकी समस्या के लिए ऐप या विभागीय काउंटर की मदद लें।" "राष्ट्र हित में बिजली बचाएं" के संदेश के साथ विभाग इस अभियान को घर-घर तक पहुँचाने में जुटा है।
रवि चौधरी का चुनावी शंखनाद: ‘क्यूब’ के साथ उतरेंगे मैदान में, धनबाद में म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी बनाने का किया वादा"

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धनबाद: नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच महापौर पद के प्रत्याशी और जाने-माने शिक्षाविद रवि चौधरी ने अपनी चुनावी दावेदारी को नई धार दी है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से ‘क्यूब’ (Cube) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। चिन्ह मिलते ही रवि चौधरी ने प्रेस वार्ता कर धनबाद की सूरत बदलने के लिए अपना 'रोडमैप' साझा किया।

चार दशकों का अनुभव और सेवा का संकल्प

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वे शिक्षा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनता के बीच हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मेयर पद के लिए चुनाव लड़ना सत्ता का मोह नहीं, बल्कि धनबाद को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रवि चौधरी के चुनावी वादे: 3 प्रमुख प्राथमिकताएं

म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी की स्थापना: शिक्षाविद होने के नाते उन्होंने विजन साझा किया कि धनबाद के गरीब और मेधावी बच्चों के लिए एक 'म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी' बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित हो सके।

पेयजल संकट का स्थायी समाधान: शहर के हर वार्ड और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना उनकी पहली प्रशासनिक प्राथमिकता होगी।

डिजिटल होल्डिंग टैक्स: भ्रष्टाचार और कागजी पेचीदगियों को खत्म करने के लिए होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का वादा किया, जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

"राजनीति नहीं, विकास को चुनें"

अंत में उन्होंने धनबाद की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार का मतदान जाति या दलीय राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर होना चाहिए। उन्होंने शहरवासियों से ‘क्यूब’ चिन्ह पर समर्थन मांगते हुए धनबाद को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा दिलाया।

जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का किया निरीक्षण
कार्यों में लापरवाही बरतने पर फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का दिया निर्देश

मीरजापुर 07 फरवरी 2026- जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। एक्सरे जांच में बताया गया कि प्रतिदिन 10 से 12 एक्सरे किया जाता है यह भी बताया कि औसत मासिक मरीज की रजिस्ट्रेशन ओ0पी0डी0 चार हजार के लगभग है। प्रसव के बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ हर्षिता श्रीवास्तव विगत कई माह से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित है एवं वेतन आहरित नहीं किया जा रहा है। स्टाक निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रयोग में आने वाली कुल 230 दवाओं के सापेक्ष 140 दवाओं का मांग पत्र भेजा जाना बताया गया किंतु मांगे जाने पर 140 दवाओं का मांग पत्र ही प्रस्तुत किया जा सका और न ही 90 दवाइयांे की सूची का मांग पत्र नहीं भेजे जाने के सम्बंध में कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया। निरीक्षण के समय वर्तमान स्टाक की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की जा सकी। निरीक्षण के समय प्राप्त 140 दवाओं में कौन सी दवा कितनी मात्रा में अवशेष है जिसका भौतिक सत्यापन किया जाना संभव नहीं हो सका यह भी पाया गया कि बड़ी मात्रा में बहुत सारी दवाई आगामी माहो में उनकी तिथि समाप्त होने वाली है जिससे प्रतीत होता है यथा आवश्यकता दवाएं रोगियो को वितरित नहीं की जा रही है दवाओं के साथ-साथ तत्संबंधी अद्यावधिक अभिलेखीय एवं रखरखाव व साफ सफाई व्यवस्था अत्यंत ही खराब पाई गई उपरोक्त पाए गए त्रुटियों से स्पष्ट है कि मुख्य फार्मासिस्ट राजेश सिंह के द्वारा अपने दायित्व्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सी0एल0 वर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।