पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, बेंगलुरु में काफिले के रूट पर मिला विस्फोटक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। पीएम मोदी के बेंगलुरु दौरे से पहले रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके संभावित रूट के पास विस्फोटक सामग्री मिली। पीएम मोदी के संभावित रूट पर जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई हैं।

सड़क पर मिली जिलेटिन स्टिक

पुलिस को कग्गलीपुरा इलाके के थाथागुनी क्षेत्र में, आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग के निकट कुछ जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बताया जा रहा है कि सुबह एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में फोन कर चेतावनी दी कि एचएएल क्षेत्र और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं।

बड़ा संभावित खतरा टला

इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और दोनों स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, एचएएल हवाई अड्डे के पास कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन कनकपुरा रोड पर जिलेटिन स्टिक्स बरामद हुई। जिलेटिन स्टिक्स एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं। जैसे ही विस्फोटक मिलने की सूचना मिली, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले ही बरामद कर ली गई थी, जिससे एक बड़ा संभावित खतरा टल गया।

एक संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में तुरंत एक्‍शन लेते हुए फोन करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध को कोरामंगला इलाके के एक घर से दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पहले भी कर चुका है धमकी भरे कॉल

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस व्यक्ति ने पहले भी बेंगलुरु में वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल किए थे। पिछले मामलों में, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। हालांकि, इस बार मामला अधिक गंभीर है क्योंकि केवल धमकी नहीं दी गई थी, बल्कि वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के शादी की 25वीं सालगिरह समारोह में शामिल हुई जानी-मानी हस्तियां
भायंदर। शादी की सालगिरह का महत्व पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार, विश्वास और प्रतिबद्धता (commitment) को याद करने और उसे फिर से जीवंत करने में है। यह पिछले वर्षों में एक-दूसरे के साथ बिताए गए खास लम्हों, उतार-चढ़ाव और पर्सनल ग्रोथ का जश्न मनाने का दिन है। राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय संरक्षक तथा समर्पित भावना के साथ सनातन का पूरे देश में प्रचार प्रसार कर रहे अरविंद उपाध्याय ने अपनी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय की शादी की 25वीं सालगिरह (रजत जयंती समारोह) को मीरा रोड के इस्कॉन मंदिर में स्थित भव्य सभागार कक्ष में धूमधाम के साथ मनाया, जिसमें मीरा भायंदर के अलावा मुंबई ,ठाणे, वसई, विरार, कल्याण, पनवेल से आए अनेक प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और भजन गायक राकेश उपाध्याय चंचल के अलावा जौनपुर के प्रख्यात लोक गायक राम अनुज पाठक के मधुर गीतों ने उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी ने सबसे पहले श्री उपाध्याय और उनकी धर्मपत्नी को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर महानगरपालिका परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा उपस्थित रहे। राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के मानस पुत्र अरविंद उपाध्याय शिक्षा दान अभियान फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा घर-घर रामायण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। पिछले 10 वर्षों से हर मंगलवार को अखंड सुंदरकांड का पाठ कराने वाले अरविंद उपाध्याय हर वर्ष 5000 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित करने के साथ-साथ माता-पिता की पुण्यतिथि को वृद्ध आश्रम में मनाते हैं, जहां पूरे दिन भर उनकी सेवा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सनातन की यात्रा में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संतोषी उपाध्याय का पूरा साथ और सहयोग रहता है। रजत जयंती समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री विधायक श्रीमती विद्या ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे, समाजसेवी डॉ किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी, समाजसेवी डॉ राधेश्याम तिवारी ,डॉ हृदय नारायण मिश्र, कल्याण के प्रख्यात समाजसेवी विजय पंडित, शनि मंदिर के महंत सुरेश गुरु ओझा, प्रोफेसर सुधाकर मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, शिवसेना विभाग संगठन हेमंत पांडे, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी महाराष्ट्र संयोजक साहब तिवारी, गणेश अग्रवाल, जैकी तिवारी, पूर्व नगरसेवक विजय राय, मनोज चतुर्वेदी, रमेश चंद्र मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, अमर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, समाजसेविका सुंदरी ठाकुर, समाजसेविका रूपा शर्मा, शिवपूजन तिवारी, समाजसेवी धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जगदंबा तिवारी, छोटे चेतन, रतन तिवारी, पत्रकार विनोद मिश्र, कृपाशंकर पांडे, वीरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, उद्योगपति नवीन सिंह, पत्रकार राजेश उपाध्याय संतोष उमाशंकर तिवारी, विनोद उपाध्याय आदि का समावेश रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष पांडे, रवि यादव, राकेश उपाध्याय, पंकज मिश्रा, विभांशु त्रिपाठी, अमन जायसवाल आदि का विशेष योगदान रहा। श्री उपाध्याय के तीनों बच्चे ऋषि, श्रुति और पार्थ भी अपने माता-पिता के सम्मान समारोह में पूरे हर्ष और उल्लास के साथ शामिल रहे । अंत में अरविंद उपाध्याय ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैंकाक से लखनऊ आए यात्रियों से 14 किलो गांजा बरामद, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की जांच तेज

लखनऊ। एयर इंटेलीजेंस यूनिट (AIU) को लखनऊ एयरपोर्ट पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। बैंकाक से लखनऊ पहुंचे तीन यात्रियों के पास से 14 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब 14 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, एयर इंटेलीजेंस यूनिट ने संदेह के आधार पर यात्रियों की जांच की, जिसमें उनके सामान से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कस्टम विभाग और संबंधित एजेंसियां अब इस मामले को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है और मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

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तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा से पहले रामराज में पुलिस अलर्ट, फ्लैग मार्च निकालकर दिया सुरक्षा का संदेश
मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र के कस्बा रामराज में महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। आगामी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस ने कस्बे के मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला।

थाना प्रभारी रविंद्र पंवार के नेतृत्व में निकाले गए इस फ्लैग मार्च में चौकी इंचार्ज आशीष कुमार, उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह, उप निरीक्षक सोनू कुमार, उप निरीक्षक अभिषेक तथा कांस्टेबल सुधीर कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस टीम ने बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त करते हुए लोगों से शांति एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।

फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी रविंद्र पंवार ने कहा कि शोभायात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की मौजूदगी से कस्बे में सुरक्षा का माहौल देखने को मिला। लोगों ने भी पुलिस प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों ने आमजन को सुरक्षा का संदेश देते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर दुकानदारों पंडित पुजारी नाविकों का किया गया रजिस्ट्रेशन
फर्रुखाबाद l
जिला गंगा समिति के तत्वावधान मे घाटों पर नाविको, गोताखोर, पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई गई। जिलाधिकारी द्वारा सभी नविकों,गोताखोर,पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण हेतु घाट संचालन समिति का गठन किया गया। समिति के माध्यम से घाट पर उपस्थित सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित दिशा निर्देश बताए गए एवं सभी को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने हेतु जानकारी दी गई। जिनमें से कुछ नविकों, दुकानदारों,गोताखोर, पंडित एवं पुजारी ने अपना पंजीकरण कराया।जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार घाटों पर अनिवार्य रूप से सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। सभी पंजीकरण सत्यापन के बाद ही मान्य होंगे।नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।पंजीकरण के उपरांत सभी को पंजीकरण नंबर एवं पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गोताखोरों का नाम व फोन नंबर घाट पर अंकित किया जाएगा जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके। इसके अतिरिक्त नाविकों के सभी नावों पर नाम,फोन नंबर एवं क्रमांक संख्या अंकित की जाएगी।यह पंजीकरण एक वर्ष के लिए मान्य होगा।एक वर्ष के बाद पुनः सभी का नवीनीकरण किया जाएगा। निहारिका पटेल ने बताया कि अब तक 24 नविकों ने अपना पंजीकरण कराया है।पंजीकरण के बाद सभी नाव पर लाइफ जैकेट रखवाई गई एवं अन्य को भी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई जिलों में नाव पलटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।ऐसे में प्रत्येक नाविक को पूरी सुरक्षा के साथ नाव चलाने एवं सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पंजीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी एवं शेष पंजीकरण जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।  इस अवसर पर एडीओ पंचायत श्री ओम पांडे‌,पंचायत सचिव श्री अशोक कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, बेंगलुरु में काफिले के रूट पर मिला विस्फोटक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। पीएम मोदी के बेंगलुरु दौरे से पहले रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके संभावित रूट के पास विस्फोटक सामग्री मिली। पीएम मोदी के संभावित रूट पर जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई हैं।

सड़क पर मिली जिलेटिन स्टिक

पुलिस को कग्गलीपुरा इलाके के थाथागुनी क्षेत्र में, आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग के निकट कुछ जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बताया जा रहा है कि सुबह एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में फोन कर चेतावनी दी कि एचएएल क्षेत्र और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं।

बड़ा संभावित खतरा टला

इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और दोनों स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, एचएएल हवाई अड्डे के पास कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन कनकपुरा रोड पर जिलेटिन स्टिक्स बरामद हुई। जिलेटिन स्टिक्स एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं। जैसे ही विस्फोटक मिलने की सूचना मिली, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले ही बरामद कर ली गई थी, जिससे एक बड़ा संभावित खतरा टल गया।

एक संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में तुरंत एक्‍शन लेते हुए फोन करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध को कोरामंगला इलाके के एक घर से दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पहले भी कर चुका है धमकी भरे कॉल

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस व्यक्ति ने पहले भी बेंगलुरु में वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल किए थे। पिछले मामलों में, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। हालांकि, इस बार मामला अधिक गंभीर है क्योंकि केवल धमकी नहीं दी गई थी, बल्कि वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के शादी की 25वीं सालगिरह समारोह में शामिल हुई जानी-मानी हस्तियां
भायंदर। शादी की सालगिरह का महत्व पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार, विश्वास और प्रतिबद्धता (commitment) को याद करने और उसे फिर से जीवंत करने में है। यह पिछले वर्षों में एक-दूसरे के साथ बिताए गए खास लम्हों, उतार-चढ़ाव और पर्सनल ग्रोथ का जश्न मनाने का दिन है। राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय संरक्षक तथा समर्पित भावना के साथ सनातन का पूरे देश में प्रचार प्रसार कर रहे अरविंद उपाध्याय ने अपनी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय की शादी की 25वीं सालगिरह (रजत जयंती समारोह) को मीरा रोड के इस्कॉन मंदिर में स्थित भव्य सभागार कक्ष में धूमधाम के साथ मनाया, जिसमें मीरा भायंदर के अलावा मुंबई ,ठाणे, वसई, विरार, कल्याण, पनवेल से आए अनेक प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और भजन गायक राकेश उपाध्याय चंचल के अलावा जौनपुर के प्रख्यात लोक गायक राम अनुज पाठक के मधुर गीतों ने उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी ने सबसे पहले श्री उपाध्याय और उनकी धर्मपत्नी को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर महानगरपालिका परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा उपस्थित रहे। राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के मानस पुत्र अरविंद उपाध्याय शिक्षा दान अभियान फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा घर-घर रामायण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। पिछले 10 वर्षों से हर मंगलवार को अखंड सुंदरकांड का पाठ कराने वाले अरविंद उपाध्याय हर वर्ष 5000 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित करने के साथ-साथ माता-पिता की पुण्यतिथि को वृद्ध आश्रम में मनाते हैं, जहां पूरे दिन भर उनकी सेवा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सनातन की यात्रा में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संतोषी उपाध्याय का पूरा साथ और सहयोग रहता है। रजत जयंती समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री विधायक श्रीमती विद्या ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे, समाजसेवी डॉ किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी, समाजसेवी डॉ राधेश्याम तिवारी ,डॉ हृदय नारायण मिश्र, कल्याण के प्रख्यात समाजसेवी विजय पंडित, शनि मंदिर के महंत सुरेश गुरु ओझा, प्रोफेसर सुधाकर मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, शिवसेना विभाग संगठन हेमंत पांडे, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी महाराष्ट्र संयोजक साहब तिवारी, गणेश अग्रवाल, जैकी तिवारी, पूर्व नगरसेवक विजय राय, मनोज चतुर्वेदी, रमेश चंद्र मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, अमर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, समाजसेविका सुंदरी ठाकुर, समाजसेविका रूपा शर्मा, शिवपूजन तिवारी, समाजसेवी धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जगदंबा तिवारी, छोटे चेतन, रतन तिवारी, पत्रकार विनोद मिश्र, कृपाशंकर पांडे, वीरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, उद्योगपति नवीन सिंह, पत्रकार राजेश उपाध्याय संतोष उमाशंकर तिवारी, विनोद उपाध्याय आदि का समावेश रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष पांडे, रवि यादव, राकेश उपाध्याय, पंकज मिश्रा, विभांशु त्रिपाठी, अमन जायसवाल आदि का विशेष योगदान रहा। श्री उपाध्याय के तीनों बच्चे ऋषि, श्रुति और पार्थ भी अपने माता-पिता के सम्मान समारोह में पूरे हर्ष और उल्लास के साथ शामिल रहे । अंत में अरविंद उपाध्याय ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैंकाक से लखनऊ आए यात्रियों से 14 किलो गांजा बरामद, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की जांच तेज

लखनऊ। एयर इंटेलीजेंस यूनिट (AIU) को लखनऊ एयरपोर्ट पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। बैंकाक से लखनऊ पहुंचे तीन यात्रियों के पास से 14 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब 14 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, एयर इंटेलीजेंस यूनिट ने संदेह के आधार पर यात्रियों की जांच की, जिसमें उनके सामान से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कस्टम विभाग और संबंधित एजेंसियां अब इस मामले को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है और मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

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तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा से पहले रामराज में पुलिस अलर्ट, फ्लैग मार्च निकालकर दिया सुरक्षा का संदेश
मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र के कस्बा रामराज में महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। आगामी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस ने कस्बे के मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला।

थाना प्रभारी रविंद्र पंवार के नेतृत्व में निकाले गए इस फ्लैग मार्च में चौकी इंचार्ज आशीष कुमार, उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह, उप निरीक्षक सोनू कुमार, उप निरीक्षक अभिषेक तथा कांस्टेबल सुधीर कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस टीम ने बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त करते हुए लोगों से शांति एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।

फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी रविंद्र पंवार ने कहा कि शोभायात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की मौजूदगी से कस्बे में सुरक्षा का माहौल देखने को मिला। लोगों ने भी पुलिस प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों ने आमजन को सुरक्षा का संदेश देते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर दुकानदारों पंडित पुजारी नाविकों का किया गया रजिस्ट्रेशन
फर्रुखाबाद l
जिला गंगा समिति के तत्वावधान मे घाटों पर नाविको, गोताखोर, पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई गई। जिलाधिकारी द्वारा सभी नविकों,गोताखोर,पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण हेतु घाट संचालन समिति का गठन किया गया। समिति के माध्यम से घाट पर उपस्थित सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित दिशा निर्देश बताए गए एवं सभी को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने हेतु जानकारी दी गई। जिनमें से कुछ नविकों, दुकानदारों,गोताखोर, पंडित एवं पुजारी ने अपना पंजीकरण कराया।जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार घाटों पर अनिवार्य रूप से सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। सभी पंजीकरण सत्यापन के बाद ही मान्य होंगे।नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।पंजीकरण के उपरांत सभी को पंजीकरण नंबर एवं पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गोताखोरों का नाम व फोन नंबर घाट पर अंकित किया जाएगा जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके। इसके अतिरिक्त नाविकों के सभी नावों पर नाम,फोन नंबर एवं क्रमांक संख्या अंकित की जाएगी।यह पंजीकरण एक वर्ष के लिए मान्य होगा।एक वर्ष के बाद पुनः सभी का नवीनीकरण किया जाएगा। निहारिका पटेल ने बताया कि अब तक 24 नविकों ने अपना पंजीकरण कराया है।पंजीकरण के बाद सभी नाव पर लाइफ जैकेट रखवाई गई एवं अन्य को भी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई जिलों में नाव पलटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।ऐसे में प्रत्येक नाविक को पूरी सुरक्षा के साथ नाव चलाने एवं सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पंजीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी एवं शेष पंजीकरण जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।  इस अवसर पर एडीओ पंचायत श्री ओम पांडे‌,पंचायत सचिव श्री अशोक कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।