संस्कृत भाषा में हुआ विश्व कल्याण का प्रथम उद्घोष
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य संस्कृत साहित्य अकादमी और आर्य समाज बोरीवली के संयुक्त तत्वावधान में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ और ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया।अकादमी की ओर से सौरभ शिंदे ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत एवं अकादमी का परिचय दिया। डॉ.जितेंद्र पांडेय ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई महानगर एवं आसपास के जिलों से कई विद्यालयों ने हिस्सा लिया।इस स्पर्धा के निर्णायक आचार्य रामव्यास उपाध्याय और रामगोपाल पानेरी थे।स्पर्धा के उपरांत छात्रों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सात सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए  गए।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।इस सत्र की अध्यक्षता मुंबई विश्वविद्यालय की संस्कृत विभाग की पूर्व अध्यक्षा एवं असोसिएट प्रोफेसर डॉ.शकुंतला गावड़े ने किया। वरिष्ठ पत्रकार श्रीनारायण तिवारी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वक्ता के रूप में शिक्षाविद् अवनीश दीक्षित ‘दिव्य’,आचार्य प्रभारंजन पाठक और आचार्य मिथिलेश आर्य मौजूद रहे।अतिथियों का परिचय सुमन मिश्रा ने कराया।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शकुंतला गावड़े ने बताया कि संस्कृत एक व्यापक भाषा है। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर जितेंद्र पांडे ने किया।  कार्यक्रम की सह संचालक श्रीमती संगीता दुबे और श्रीमती प्रतिभा मिश्रा रही। इस अवसर पर महानगर के तमाम लेखक, शिक्षक एवं मीडियाकर्मी मौजूद रहे।आचार्य योगानंद सरस्वती, डॉ. पूजा अलापुरिया ‘हेमाक्ष’, आनंद अग्रवाल, डॉ. साधना शर्मा,श्रीमती भारती श्रीवास्तव, विनय शर्मा ‘दीप’,मुन्ना यादव ‘मयंक’, श्रीमती सुषमा सिंह,डॉ. अवनीश सिंह,अजीत उपाध्याय, सुशील दुबे,अजय बनारसी, लालबहादुर यादव,श्रीमती गायत्री पांडेय,श्रीमती शैली तिवारी,श्रीमती रेखा पाठक, श्रीमती मंजू सिंह,श्रीमती प्रियंका आदि गणमान्य उपस्थित थे।अंत में आर्य समाज गोरेगांव के महासचिव पवन अब्रॉल ने आभार प्रकट किया।
अतरौलिया थाना क्षेत्र में युवती के हाथ में देशी कट्टा लहराने का फोटो वायरल







आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के महादेवपुर गांव का एक फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फोटो में एक युवती के हाथ में कथित तौर पर देशी कट्टा दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जानकारी के अनुसार महादेवपुर गांव निवासी खुशबू निषाद पुत्री राजेश निषाद का नाम इस मामले में सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से लोगों के बीच फैल गया। हालांकि वायरल फोटो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। मामले को लेकर स्थानीय पुलिस जांच में जुटी हुई है। यदि फोटो सही पाया जाता है तो अवैध असलहा रखने और प्रदर्शित करने के मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। गांव के लोगों का कहना है कि इस तरह की तस्वीरें समाज में गलत संदेश देती हैं और युवाओं को कानून के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर भारत में प्रदर्शन, लखनऊ से लेकर श्रीनगर तक सड़क पर उतरे लोग

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इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए है। भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर से लेकर लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए।

खामेनेई की हत्या के बाद लाल चौक पर विरोध प्रदर्शन

जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या के बाद विरोध किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे प्रिय नेता अली खामेनेई शहीद हो गए हैं। यह शोक जुलूस शहर के बीचों-बीच शांतिपूर्वक निकाला जा रहा है। इस दौरान लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें, काले झंडे और ईरान के समर्थन वाले बैनर उठाए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर मातमी गीत (नौहा) भी पढ़े गए।

लखनऊ में शिया समुदाय तीन दिन मनाएंगे शोक

आयतुल्ला खामेनेईई की मौत पर लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। शिया समुदाय के लोगों ने तीन दिवसीय शोक घोषित किया है। इसके तहत शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

भारत स्थित ईरानी दूतावास ने की चुप ना रहने की अपील

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत स्थित ईरानी दूतावास ने दुनिया भर की सरकारों से अमेरिकी-इजराइली हमले की कड़ी निंदा करने और चुप न रहने की अपील की है। जारी बयान में दूतावास ने खामेनेई की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के पुष्टि की कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में उनकी मृत्यु हुई। दूतावास ने कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय राष्ट्रों को इस खुले अपराध की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए और आक्रामकता के सामने मौन नहीं रहना चाहिए। बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इजरायल को इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन द्वारा दिव्यांग वृद्धा आश्रम को भेंट की गई खाद्य सामग्री
मुंबई। ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन द्वारा आज गोवंडी स्थित दिव्यांग वृद्धा आश्रम में उनके खाने-पीने की सामग्री भेंट की गई। इस बारे में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन मिश्रा ने बताया कि इस आश्रम को न कोई सरकारी मदद मिलती है और न ही कोई मदद करता है। इसी कड़ी में आश्रम के लोगों ने हमसे संपर्क किया और बताया कि उस आश्रम में करीब 20 बेघर दिव्यांग वृद्ध लोग रहते है जिनकी जरूरत आश्रम पूरी नहीं कर पा रहा है l उन्होंने कहा कि ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन हर तरह से लोगों की मदद करने के लिए तैयार है l  ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन हर जरूरत मंद की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है l और ये कार्य संगठन के लोगों द्वारा किया गया भरोसा का नतीजा है कि संगठन हर जरूरत मंद लोगों की मदद कर पाती है l संगठन का उद्देश्य हर जरूरत मंद की मदद करना और उसे यथा शक्ति सहयोग करना है l दिव्यांग वृद्धा आश्रम में आज खाद्य सामग्री भेंट करने साथ पहुंचे राजन मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष, नरेंद्र उपाध्याय राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष, नीतीश उपाध्याय राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष ,नीलेश पांडेय, जयप्रकाश झा, सतेंद्र उपाध्याय आदि की उपस्थिति रही l
जोन उत्तरी में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कार्रवाई, 4 अभियुक्त गिरफ्तार

लखनऊ । थाना रहीमाबाद पुलिस ने दिनांक 28 फरवरी 2026 को क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रभावी कार्रवाई करते हुए चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। दोनों अलग-अलग घटनाओं में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जहां विवाद बढ़ने की आशंका थी।
पहली घटना: आपसी विवाद में पुलिस से अभद्रता
उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह मय हमराह आरक्षी ओम प्रकाश यादव ग्राम चन्दीखेड़ा मजरा गोसवा में एक प्रार्थना पत्र की जांच हेतु पहुंचे। मौके पर प्रार्थिनी सविता अवस्थी एवं सुनील अवस्थी के बीच आपसी विवाद पाया गया।
पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया। एक पक्ष शांत हो गया, लेकिन सुनील अवस्थी ने उग्र व्यवहार करते हुए फौजदारी पर आमादा होने का प्रदर्शन किया तथा पुलिस कर्मियों के साथ अभद्रता की। स्थिति को नियंत्रित करने और संभावित संज्ञेय अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस ने सुनील अवस्थी (उम्र 30 वर्ष) को धारा 170/126/135 व 135(3) बीएनएसएस के तहत हिरासत में ले लिया।
दूसरी घटना: बाइक टक्कर के बाद मारपीट
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि भतोईया पुल के नीचे कुछ व्यक्ति आपस में लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं। सूचना पर उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक लालबहादुर राय व पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
जांच में सामने आया कि बाइक की हल्की टक्कर को लेकर दो पक्षों के बीच गाली-गलौज और हाथापाई हो रही थी। पुलिस द्वारा समझाने का प्रयास किया गया, जिससे एक पक्ष शांत हो गया। हालांकि आकाश, पिन्टू और सूरज नामक व्यक्तियों ने उग्रता दिखाते हुए फौजदारी पर आमादा होना जारी रखा तथा पुलिस कर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को भी धारा 170/126/135 व 135(3) बीएनएसएस के तहत हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
सुनील अवस्थी (30 वर्ष), निवासी ग्राम चन्दीखेड़ा मजरा गोसवा, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
आकाश (28 वर्ष), निवासी ग्राम भतोईया, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
पिन्टू (27 वर्ष), निवासी ग्राम भतोईया, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
सूरज (25 वर्ष), निवासी ग्राम चन्दीखेड़ा मजरा गोसवा, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
पुलिस टीम
कार्रवाई में उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक लालबहादुर राय, आरक्षी ओम प्रकाश एवं आरक्षी कुमार शानू शामिल रहे।
पुलिस ने चारों अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए चालान माननीय न्यायालय को प्रेषित किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आपदा की घड़ी में संयम ही जीवन रक्षा का मंत्र: एडीजी पीएसी
लखनऊ। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, लखनऊ में चल रहे द्वितीय चरण ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उनके आगमन पर उप सेनानायक एसडीआरएफ हरेन्द्र प्रताप यादव ने स्वागत किया। एडीजी पीएसी ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और प्रशिक्षुओं व प्रशिक्षकों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जानकारी ली।
प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर (MFR), प्राथमिक उपचार, CBRN (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आपदाओं में प्रतिक्रिया, अग्निकांड, सर्पदंश, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित उठाने व स्थानांतरित करने की तकनीक, भूकंप के दौरान सावधानियां, आकाशीय बिजली से बचाव और बाढ़ आपदा में राहत एवं बचाव उपायों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
अपने संबोधन में डॉ. स्वर्णकार ने कहा कि “आपदा मित्र केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक सशक्त पहल है।” उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में घबराहट नहीं, बल्कि प्रशिक्षित कौशल, संयम और त्वरित निर्णय क्षमता ही जीवन बचाने का मूल मंत्र है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को वितरित इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रभावी उपयोग करने तथा समाज में आपदा जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
समारोह का समापन उत्साह और प्रतिबद्धता के माहौल में हुआ, जहां प्रशिक्षुओं ने आपदा के समय समाज की सेवा के लिए तत्पर रहने का संकल्प लिया।
मीडिया सेल प्रभारी: राहुल धामा
पीएसी मुख्यालय, लखनऊ
होलिका दहन एवं होली-2026: लखनऊ में कड़े सुरक्षा और यातायात प्रबंध
लखनऊ। होलिका दहन और होली पर्व-2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की है। इस वर्ष 02 मार्च 2026 को होलिका दहन तथा 03 और 04 मार्च 2026 को रंगोत्सव मनाया जाएगा। कई स्थानों पर होली मिलन समारोह और मेले भी आयोजित होंगे, जिनके मद्देनजर पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 3729 होलिका दहन स्थल चिन्हित किए गए हैं। सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चार अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) और 12 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ड्यूटी पर रहेंगे। इसके अलावा 19 निरीक्षक, 72 उपनिरीक्षक और 400 से अधिक मुख्य आरक्षी व आरक्षी तैनात किए गए हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। 22 यातायात निरीक्षक, 75 उपनिरीक्षक, 80 होमगार्ड और 660 से अधिक पुलिसकर्मी यातायात संचालन में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 14 कंपनी पीएसी, वायरलेस यूनिट और खुफिया इकाइयों (LIU) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
त्योहार के दौरान पूरे शहर में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। एक विशेष कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखी जाएगी, वहीं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संयुक्त ब्रीफिंग और मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई है। सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लानिंग और संवेदनशील स्थलों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे होली का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि होली का पर्व सुरक्षित और आनंदपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए- सुधीर विद्यार्थी
जन-स्मृति से जोड़ता है सुधीर विद्यार्थी का लेखन-प्रोफेसर सत्यकाम

मुविवि में स्वतंत्रता संग्राम और प्रयागराज विषय पर व्याख्यान का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय,  प्रयागराज के समाज विज्ञान विद्या शाखा के तत्वावधान में शनिवार को सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में स्वतंत्रता संग्राम और प्रयागराज विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता प्रख्यात लेखक सुधीर विद्यार्थी ने इतिहास, क्रांतिकारी चेतना और वर्तमान समय की चुनौतियों पर गंभीर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लेखन केवल अतीत का वर्णन न करे, बल्कि भविष्य को दिशा देने वाला होना चाहिए। उन्होंने 1921 से स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा प्रारंभ करते हुए महान क्रांतिकारी सचिन्द्र नाथ सान्याल के प्रसिद्ध “पीला पर्चा” का उल्लेख किया, जिसमें एक ऐसे समाज की कल्पना की गई थी जहाँ मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण न हो। श्री विद्यार्थी ने ऐतिहासिक काकोरी कांड को स्वतंत्रता संग्राम के निर्णायक क्षणों में से एक बताते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रयागराज स्थित आनंद भवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय चेतना का केंद्र बताया।
उन्होंने आचार्य कृपलानी की भाषा शैली, बलुआ घाट की ऐतिहासिक सभा में बालकृष्ण भट्ट के उद्बोधन तथा क्रांतिकारी परंपरा में चन्द्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने इतिहासकार पंडित सुंदरलाल की औपनिवेशिक सत्ता पर लिखी रचनाओं का संदर्भ देते हुए  कहा कि इतिहास केवल स्मरण नहीं, चेतना का आधार है।
श्री विद्यार्थी ने मोतीलाल नेहरू, पुरुषोत्तम दास टंडन तथा प्रयागराज क्षेत्र में सक्रिय राष्ट्रीय आंदोलनों  होम रूल आंदोलन, खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। श्री विद्यार्थी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज त्याग और बलिदान की भावना क्षीण होती दिखाई दे रही है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उसे जीवित रखना समय की आवश्यकता है।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने  कहा कि सुधीर विद्यार्थी का लेखन इतिहास को जन-स्मृति से जोड़ता है, जो आज अत्यंत प्रासंगिक है। कुलपति ने प्रयागराज के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही इतिहास विभाग से अपेक्षा की कि वे सुधीर विद्यार्थी के लेखन पर अकादमिक शोध की दिशा में पहल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय इतिहास को अकादमिक रूप देना नई पीढ़ी को अपनी वैचारिक विरासत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम होगा। इसी क्रम में उन्होंने अपनी प्रथम पुस्तक में वर्णित शहीद अशफाक उल्ला खाँ के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके त्याग और वैचारिक दृढ़ता को याद किया।
कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ  सुनील कुमार ने किया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर एस कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर संजय सिंह ने दिया। इस अवसर पर समस्त विश्वविद्यालय के आचार्य, सह-आचार्य, शिक्षकगण, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ, शोधार्थी आदि उपस्थित रहे। डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
मुक्त विश्वविद्यालय में फूलों की होली
प्रयागराज । उत्तर राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में होली अवकाश के पूर्व शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ फूलों की होली खेली गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षक लोक कलाकार दिनेश यादव एवं साथियों द्वारा गाए गए होली गीत रहे। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के साथ फूलों की होली खेली। प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि होली पर्व हमें बैरभाव भुलाकर मिलजुल कर रहने का संदेश देता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की समृद्धि की कामना की। सांस्कृतिक  कार्यक्रमों का संयोजन प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश यादव ने किया।
आजमगढ़ :यूजीसी रेगुलेशन लागू करने, जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ हुआ प्रदर्शन
आजमगढ़ में हुआ प्रदर्शन आजमगढ़ 28 फरवरी 2026. यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ राजव्यापी प्रदर्शन के तहत आजमगढ़ में छात्रों-युवाओं और किसान संगठनों ने मार्च निकालकर महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आजमगढ़ को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार यूजीसी रेगुलेशन को और जवाबदेही के साथ जिम्मेदार और प्रभावी बनाकर लागू करे। यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में आजमगढ़ में हुए राजव्यापी प्रदर्शन में सोशलिस्ट किसान सभा, भाकपा माले, आर.वाई.ए., पूर्वांचल किसान यूनियन, वामसेफ, कारवां, एनएपीएम के नेता और कार्यकर्ता सड़को पर उतरे। कलेक्ट्रेट परिसर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी रेगुलेशन पर अस्थायी रूप से लगाई गई रोक एस.सी/एस.टी/ओबीसी के छात्रों के अधिकारों पर हमले को और तेज करेगी। जेएनयू में यूजीसी रेगुलेशन को लेकर निकाले गए समता मार्च पर जिस तरीके से दिल्ली पुलिस ने बर्बरता से छात्र-छात्र नेताओं पर हिंसा की और 14 छात्रों को जेल भेज दिया उससे स्पष्ट होता है कि सरकार समता की मांग करने वालों की आवाज को दबाना चाहती है। जेएनयू कुलपति द्वारा यूजीसी रेगुलेशन और दलित छात्रों पर की गयी टिप्पणी स्पष्ट करती है कि वंचित समाज के छात्रों के साथ भेदभाव की नीति संस्थागत है। सुप्रीम कोर्ट के स्टे से जातीय भेदभाव की सिर्फ अनदेखी नहीं की गई बल्कि उत्पीड़न करने वालों का मनोबल भी बढ़ा है। इन्हीं परिस्थितियों में किसी रोहित वेमुला, पायल तड़वी और किसी दर्शन सोलंकी को आत्महत्या करना पड़ता है। जब जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में संगठित आन्दोलन पर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के संरक्षण में गुंडे हमला कर रहे हों तो इससे समझा जा सकता है कि एक अकेले छात्र का जब उत्पीड़न होता है तो वह कितना बेबस हो जाता होगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग किया कि यूजीसी रेगुलेशन रोक को तत्काल निरस्त किया जाए, रोहित एक्ट लागू किया जाए, जेएनयू के जेल भेजे गए सभी छात्र-छात्र नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए। जेएनयू की जातिवादी कुलपति को बर्खाश्त किया जाए और छात्रों का उत्पीड़न करने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। सभा को कामरेड जयप्रकाश नारायण, किसान नेता राजीव यादव, साहित्यकार सत्यम प्रजापति, एडवोकेट विमला यादव, एडवोकेट राजेश यादव, वीरेन्द्र यादव, कामरेड विनोद सिंह, जामिया के पूर्व छात्र नेता कलीम जामई, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उत्कर्ष शुक्ला, डॉ. राजेन्द्र यादव, गायक काशीनाथ यादव, आलोक गौतम ने सम्बोधित किया। प्रदर्शन में अधिवक्ता विनोद यादव, अधिवक्ता धर्मेन्द चौहान, मंतराज यादव, उमैर आजमी, रवीन्द्र कुमार यादव, अवधेश यादव, कामरेड यमुना प्रजापति, हीरालाल यादव, प्रेमर राजभर, जशवंत राजभर, नन्दलाल यादव, साहबदीन, रामकृष्ण यादव, सुदर्शन राम, रणजीत प्रजापति, हरिश्चन्द्र राजभर, शिवम गिरी, धर्मेन्द्र सरोज, आशीष कुमार, रामाश्रय निषाद, सुखविन्दर यादव, कर्मवीर यादव, अंकित प्रजापति, ज्ञानेन्द्र प्रजापति आदि शामिल थे।
संस्कृत भाषा में हुआ विश्व कल्याण का प्रथम उद्घोष
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य संस्कृत साहित्य अकादमी और आर्य समाज बोरीवली के संयुक्त तत्वावधान में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ और ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया।अकादमी की ओर से सौरभ शिंदे ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत एवं अकादमी का परिचय दिया। डॉ.जितेंद्र पांडेय ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई महानगर एवं आसपास के जिलों से कई विद्यालयों ने हिस्सा लिया।इस स्पर्धा के निर्णायक आचार्य रामव्यास उपाध्याय और रामगोपाल पानेरी थे।स्पर्धा के उपरांत छात्रों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सात सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए  गए।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।इस सत्र की अध्यक्षता मुंबई विश्वविद्यालय की संस्कृत विभाग की पूर्व अध्यक्षा एवं असोसिएट प्रोफेसर डॉ.शकुंतला गावड़े ने किया। वरिष्ठ पत्रकार श्रीनारायण तिवारी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वक्ता के रूप में शिक्षाविद् अवनीश दीक्षित ‘दिव्य’,आचार्य प्रभारंजन पाठक और आचार्य मिथिलेश आर्य मौजूद रहे।अतिथियों का परिचय सुमन मिश्रा ने कराया।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शकुंतला गावड़े ने बताया कि संस्कृत एक व्यापक भाषा है। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर जितेंद्र पांडे ने किया।  कार्यक्रम की सह संचालक श्रीमती संगीता दुबे और श्रीमती प्रतिभा मिश्रा रही। इस अवसर पर महानगर के तमाम लेखक, शिक्षक एवं मीडियाकर्मी मौजूद रहे।आचार्य योगानंद सरस्वती, डॉ. पूजा अलापुरिया ‘हेमाक्ष’, आनंद अग्रवाल, डॉ. साधना शर्मा,श्रीमती भारती श्रीवास्तव, विनय शर्मा ‘दीप’,मुन्ना यादव ‘मयंक’, श्रीमती सुषमा सिंह,डॉ. अवनीश सिंह,अजीत उपाध्याय, सुशील दुबे,अजय बनारसी, लालबहादुर यादव,श्रीमती गायत्री पांडेय,श्रीमती शैली तिवारी,श्रीमती रेखा पाठक, श्रीमती मंजू सिंह,श्रीमती प्रियंका आदि गणमान्य उपस्थित थे।अंत में आर्य समाज गोरेगांव के महासचिव पवन अब्रॉल ने आभार प्रकट किया।
अतरौलिया थाना क्षेत्र में युवती के हाथ में देशी कट्टा लहराने का फोटो वायरल







आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के महादेवपुर गांव का एक फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फोटो में एक युवती के हाथ में कथित तौर पर देशी कट्टा दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जानकारी के अनुसार महादेवपुर गांव निवासी खुशबू निषाद पुत्री राजेश निषाद का नाम इस मामले में सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से लोगों के बीच फैल गया। हालांकि वायरल फोटो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। मामले को लेकर स्थानीय पुलिस जांच में जुटी हुई है। यदि फोटो सही पाया जाता है तो अवैध असलहा रखने और प्रदर्शित करने के मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। गांव के लोगों का कहना है कि इस तरह की तस्वीरें समाज में गलत संदेश देती हैं और युवाओं को कानून के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर भारत में प्रदर्शन, लखनऊ से लेकर श्रीनगर तक सड़क पर उतरे लोग

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इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए है। भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर से लेकर लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए।

खामेनेई की हत्या के बाद लाल चौक पर विरोध प्रदर्शन

जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या के बाद विरोध किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे प्रिय नेता अली खामेनेई शहीद हो गए हैं। यह शोक जुलूस शहर के बीचों-बीच शांतिपूर्वक निकाला जा रहा है। इस दौरान लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें, काले झंडे और ईरान के समर्थन वाले बैनर उठाए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर मातमी गीत (नौहा) भी पढ़े गए।

लखनऊ में शिया समुदाय तीन दिन मनाएंगे शोक

आयतुल्ला खामेनेईई की मौत पर लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। शिया समुदाय के लोगों ने तीन दिवसीय शोक घोषित किया है। इसके तहत शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

भारत स्थित ईरानी दूतावास ने की चुप ना रहने की अपील

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत स्थित ईरानी दूतावास ने दुनिया भर की सरकारों से अमेरिकी-इजराइली हमले की कड़ी निंदा करने और चुप न रहने की अपील की है। जारी बयान में दूतावास ने खामेनेई की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के पुष्टि की कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में उनकी मृत्यु हुई। दूतावास ने कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय राष्ट्रों को इस खुले अपराध की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए और आक्रामकता के सामने मौन नहीं रहना चाहिए। बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इजरायल को इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन द्वारा दिव्यांग वृद्धा आश्रम को भेंट की गई खाद्य सामग्री
मुंबई। ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन द्वारा आज गोवंडी स्थित दिव्यांग वृद्धा आश्रम में उनके खाने-पीने की सामग्री भेंट की गई। इस बारे में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन मिश्रा ने बताया कि इस आश्रम को न कोई सरकारी मदद मिलती है और न ही कोई मदद करता है। इसी कड़ी में आश्रम के लोगों ने हमसे संपर्क किया और बताया कि उस आश्रम में करीब 20 बेघर दिव्यांग वृद्ध लोग रहते है जिनकी जरूरत आश्रम पूरी नहीं कर पा रहा है l उन्होंने कहा कि ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन हर तरह से लोगों की मदद करने के लिए तैयार है l  ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन हर जरूरत मंद की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है l और ये कार्य संगठन के लोगों द्वारा किया गया भरोसा का नतीजा है कि संगठन हर जरूरत मंद लोगों की मदद कर पाती है l संगठन का उद्देश्य हर जरूरत मंद की मदद करना और उसे यथा शक्ति सहयोग करना है l दिव्यांग वृद्धा आश्रम में आज खाद्य सामग्री भेंट करने साथ पहुंचे राजन मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष, नरेंद्र उपाध्याय राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष, नीतीश उपाध्याय राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष ,नीलेश पांडेय, जयप्रकाश झा, सतेंद्र उपाध्याय आदि की उपस्थिति रही l
जोन उत्तरी में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कार्रवाई, 4 अभियुक्त गिरफ्तार

लखनऊ । थाना रहीमाबाद पुलिस ने दिनांक 28 फरवरी 2026 को क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रभावी कार्रवाई करते हुए चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। दोनों अलग-अलग घटनाओं में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जहां विवाद बढ़ने की आशंका थी।
पहली घटना: आपसी विवाद में पुलिस से अभद्रता
उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह मय हमराह आरक्षी ओम प्रकाश यादव ग्राम चन्दीखेड़ा मजरा गोसवा में एक प्रार्थना पत्र की जांच हेतु पहुंचे। मौके पर प्रार्थिनी सविता अवस्थी एवं सुनील अवस्थी के बीच आपसी विवाद पाया गया।
पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया। एक पक्ष शांत हो गया, लेकिन सुनील अवस्थी ने उग्र व्यवहार करते हुए फौजदारी पर आमादा होने का प्रदर्शन किया तथा पुलिस कर्मियों के साथ अभद्रता की। स्थिति को नियंत्रित करने और संभावित संज्ञेय अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस ने सुनील अवस्थी (उम्र 30 वर्ष) को धारा 170/126/135 व 135(3) बीएनएसएस के तहत हिरासत में ले लिया।
दूसरी घटना: बाइक टक्कर के बाद मारपीट
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि भतोईया पुल के नीचे कुछ व्यक्ति आपस में लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं। सूचना पर उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक लालबहादुर राय व पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
जांच में सामने आया कि बाइक की हल्की टक्कर को लेकर दो पक्षों के बीच गाली-गलौज और हाथापाई हो रही थी। पुलिस द्वारा समझाने का प्रयास किया गया, जिससे एक पक्ष शांत हो गया। हालांकि आकाश, पिन्टू और सूरज नामक व्यक्तियों ने उग्रता दिखाते हुए फौजदारी पर आमादा होना जारी रखा तथा पुलिस कर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को भी धारा 170/126/135 व 135(3) बीएनएसएस के तहत हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
सुनील अवस्थी (30 वर्ष), निवासी ग्राम चन्दीखेड़ा मजरा गोसवा, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
आकाश (28 वर्ष), निवासी ग्राम भतोईया, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
पिन्टू (27 वर्ष), निवासी ग्राम भतोईया, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
सूरज (25 वर्ष), निवासी ग्राम चन्दीखेड़ा मजरा गोसवा, थाना रहीमाबाद, लखनऊ
पुलिस टीम
कार्रवाई में उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक लालबहादुर राय, आरक्षी ओम प्रकाश एवं आरक्षी कुमार शानू शामिल रहे।
पुलिस ने चारों अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए चालान माननीय न्यायालय को प्रेषित किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आपदा की घड़ी में संयम ही जीवन रक्षा का मंत्र: एडीजी पीएसी
लखनऊ। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, लखनऊ में चल रहे द्वितीय चरण ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उनके आगमन पर उप सेनानायक एसडीआरएफ हरेन्द्र प्रताप यादव ने स्वागत किया। एडीजी पीएसी ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और प्रशिक्षुओं व प्रशिक्षकों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जानकारी ली।
प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर (MFR), प्राथमिक उपचार, CBRN (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आपदाओं में प्रतिक्रिया, अग्निकांड, सर्पदंश, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित उठाने व स्थानांतरित करने की तकनीक, भूकंप के दौरान सावधानियां, आकाशीय बिजली से बचाव और बाढ़ आपदा में राहत एवं बचाव उपायों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
अपने संबोधन में डॉ. स्वर्णकार ने कहा कि “आपदा मित्र केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक सशक्त पहल है।” उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में घबराहट नहीं, बल्कि प्रशिक्षित कौशल, संयम और त्वरित निर्णय क्षमता ही जीवन बचाने का मूल मंत्र है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को वितरित इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रभावी उपयोग करने तथा समाज में आपदा जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
समारोह का समापन उत्साह और प्रतिबद्धता के माहौल में हुआ, जहां प्रशिक्षुओं ने आपदा के समय समाज की सेवा के लिए तत्पर रहने का संकल्प लिया।
मीडिया सेल प्रभारी: राहुल धामा
पीएसी मुख्यालय, लखनऊ
होलिका दहन एवं होली-2026: लखनऊ में कड़े सुरक्षा और यातायात प्रबंध
लखनऊ। होलिका दहन और होली पर्व-2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की है। इस वर्ष 02 मार्च 2026 को होलिका दहन तथा 03 और 04 मार्च 2026 को रंगोत्सव मनाया जाएगा। कई स्थानों पर होली मिलन समारोह और मेले भी आयोजित होंगे, जिनके मद्देनजर पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 3729 होलिका दहन स्थल चिन्हित किए गए हैं। सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चार अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) और 12 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ड्यूटी पर रहेंगे। इसके अलावा 19 निरीक्षक, 72 उपनिरीक्षक और 400 से अधिक मुख्य आरक्षी व आरक्षी तैनात किए गए हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। 22 यातायात निरीक्षक, 75 उपनिरीक्षक, 80 होमगार्ड और 660 से अधिक पुलिसकर्मी यातायात संचालन में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 14 कंपनी पीएसी, वायरलेस यूनिट और खुफिया इकाइयों (LIU) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
त्योहार के दौरान पूरे शहर में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। एक विशेष कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखी जाएगी, वहीं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संयुक्त ब्रीफिंग और मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई है। सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लानिंग और संवेदनशील स्थलों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे होली का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि होली का पर्व सुरक्षित और आनंदपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए- सुधीर विद्यार्थी
जन-स्मृति से जोड़ता है सुधीर विद्यार्थी का लेखन-प्रोफेसर सत्यकाम

मुविवि में स्वतंत्रता संग्राम और प्रयागराज विषय पर व्याख्यान का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय,  प्रयागराज के समाज विज्ञान विद्या शाखा के तत्वावधान में शनिवार को सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में स्वतंत्रता संग्राम और प्रयागराज विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता प्रख्यात लेखक सुधीर विद्यार्थी ने इतिहास, क्रांतिकारी चेतना और वर्तमान समय की चुनौतियों पर गंभीर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लेखन केवल अतीत का वर्णन न करे, बल्कि भविष्य को दिशा देने वाला होना चाहिए। उन्होंने 1921 से स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा प्रारंभ करते हुए महान क्रांतिकारी सचिन्द्र नाथ सान्याल के प्रसिद्ध “पीला पर्चा” का उल्लेख किया, जिसमें एक ऐसे समाज की कल्पना की गई थी जहाँ मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण न हो। श्री विद्यार्थी ने ऐतिहासिक काकोरी कांड को स्वतंत्रता संग्राम के निर्णायक क्षणों में से एक बताते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रयागराज स्थित आनंद भवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय चेतना का केंद्र बताया।
उन्होंने आचार्य कृपलानी की भाषा शैली, बलुआ घाट की ऐतिहासिक सभा में बालकृष्ण भट्ट के उद्बोधन तथा क्रांतिकारी परंपरा में चन्द्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने इतिहासकार पंडित सुंदरलाल की औपनिवेशिक सत्ता पर लिखी रचनाओं का संदर्भ देते हुए  कहा कि इतिहास केवल स्मरण नहीं, चेतना का आधार है।
श्री विद्यार्थी ने मोतीलाल नेहरू, पुरुषोत्तम दास टंडन तथा प्रयागराज क्षेत्र में सक्रिय राष्ट्रीय आंदोलनों  होम रूल आंदोलन, खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। श्री विद्यार्थी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज त्याग और बलिदान की भावना क्षीण होती दिखाई दे रही है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उसे जीवित रखना समय की आवश्यकता है।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने  कहा कि सुधीर विद्यार्थी का लेखन इतिहास को जन-स्मृति से जोड़ता है, जो आज अत्यंत प्रासंगिक है। कुलपति ने प्रयागराज के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही इतिहास विभाग से अपेक्षा की कि वे सुधीर विद्यार्थी के लेखन पर अकादमिक शोध की दिशा में पहल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय इतिहास को अकादमिक रूप देना नई पीढ़ी को अपनी वैचारिक विरासत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम होगा। इसी क्रम में उन्होंने अपनी प्रथम पुस्तक में वर्णित शहीद अशफाक उल्ला खाँ के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके त्याग और वैचारिक दृढ़ता को याद किया।
कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ  सुनील कुमार ने किया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर एस कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर संजय सिंह ने दिया। इस अवसर पर समस्त विश्वविद्यालय के आचार्य, सह-आचार्य, शिक्षकगण, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ, शोधार्थी आदि उपस्थित रहे। डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
मुक्त विश्वविद्यालय में फूलों की होली
प्रयागराज । उत्तर राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में होली अवकाश के पूर्व शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ फूलों की होली खेली गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षक लोक कलाकार दिनेश यादव एवं साथियों द्वारा गाए गए होली गीत रहे। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के साथ फूलों की होली खेली। प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि होली पर्व हमें बैरभाव भुलाकर मिलजुल कर रहने का संदेश देता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की समृद्धि की कामना की। सांस्कृतिक  कार्यक्रमों का संयोजन प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश यादव ने किया।
आजमगढ़ :यूजीसी रेगुलेशन लागू करने, जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ हुआ प्रदर्शन
आजमगढ़ में हुआ प्रदर्शन आजमगढ़ 28 फरवरी 2026. यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ राजव्यापी प्रदर्शन के तहत आजमगढ़ में छात्रों-युवाओं और किसान संगठनों ने मार्च निकालकर महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आजमगढ़ को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार यूजीसी रेगुलेशन को और जवाबदेही के साथ जिम्मेदार और प्रभावी बनाकर लागू करे। यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में आजमगढ़ में हुए राजव्यापी प्रदर्शन में सोशलिस्ट किसान सभा, भाकपा माले, आर.वाई.ए., पूर्वांचल किसान यूनियन, वामसेफ, कारवां, एनएपीएम के नेता और कार्यकर्ता सड़को पर उतरे। कलेक्ट्रेट परिसर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी रेगुलेशन पर अस्थायी रूप से लगाई गई रोक एस.सी/एस.टी/ओबीसी के छात्रों के अधिकारों पर हमले को और तेज करेगी। जेएनयू में यूजीसी रेगुलेशन को लेकर निकाले गए समता मार्च पर जिस तरीके से दिल्ली पुलिस ने बर्बरता से छात्र-छात्र नेताओं पर हिंसा की और 14 छात्रों को जेल भेज दिया उससे स्पष्ट होता है कि सरकार समता की मांग करने वालों की आवाज को दबाना चाहती है। जेएनयू कुलपति द्वारा यूजीसी रेगुलेशन और दलित छात्रों पर की गयी टिप्पणी स्पष्ट करती है कि वंचित समाज के छात्रों के साथ भेदभाव की नीति संस्थागत है। सुप्रीम कोर्ट के स्टे से जातीय भेदभाव की सिर्फ अनदेखी नहीं की गई बल्कि उत्पीड़न करने वालों का मनोबल भी बढ़ा है। इन्हीं परिस्थितियों में किसी रोहित वेमुला, पायल तड़वी और किसी दर्शन सोलंकी को आत्महत्या करना पड़ता है। जब जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में संगठित आन्दोलन पर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के संरक्षण में गुंडे हमला कर रहे हों तो इससे समझा जा सकता है कि एक अकेले छात्र का जब उत्पीड़न होता है तो वह कितना बेबस हो जाता होगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग किया कि यूजीसी रेगुलेशन रोक को तत्काल निरस्त किया जाए, रोहित एक्ट लागू किया जाए, जेएनयू के जेल भेजे गए सभी छात्र-छात्र नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए। जेएनयू की जातिवादी कुलपति को बर्खाश्त किया जाए और छात्रों का उत्पीड़न करने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। सभा को कामरेड जयप्रकाश नारायण, किसान नेता राजीव यादव, साहित्यकार सत्यम प्रजापति, एडवोकेट विमला यादव, एडवोकेट राजेश यादव, वीरेन्द्र यादव, कामरेड विनोद सिंह, जामिया के पूर्व छात्र नेता कलीम जामई, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उत्कर्ष शुक्ला, डॉ. राजेन्द्र यादव, गायक काशीनाथ यादव, आलोक गौतम ने सम्बोधित किया। प्रदर्शन में अधिवक्ता विनोद यादव, अधिवक्ता धर्मेन्द चौहान, मंतराज यादव, उमैर आजमी, रवीन्द्र कुमार यादव, अवधेश यादव, कामरेड यमुना प्रजापति, हीरालाल यादव, प्रेमर राजभर, जशवंत राजभर, नन्दलाल यादव, साहबदीन, रामकृष्ण यादव, सुदर्शन राम, रणजीत प्रजापति, हरिश्चन्द्र राजभर, शिवम गिरी, धर्मेन्द्र सरोज, आशीष कुमार, रामाश्रय निषाद, सुखविन्दर यादव, कर्मवीर यादव, अंकित प्रजापति, ज्ञानेन्द्र प्रजापति आदि शामिल थे।