दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने जाना लोकतंत्र का जीवंत स्वरूप
* डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय के छात्रों का उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण किया।

इस भ्रमण में विश्वविद्यालय के ईएमईटी पाठ्यक्रम के दृष्टिबाधित विद्यार्थी, उनके प्रशिक्षक, स्वयंसेवक तथा हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन के समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा शामिल रहे। एचटीबीएफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया एवं शासन व्यवस्था की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही, कानून निर्माण की प्रक्रिया, सदन में चर्चा एवं निर्णय लेने की प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विधानसभा भवन की फोटो गैलरी के माध्यम से उन्हें प्रदेश के पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, ऐतिहासिक घटनाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं से अवगत कराया गया।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विधानसभा का स्पर्शनीय (टैक्टाइल) मॉडल भी प्रदर्शित किया गया, जिससे विद्यार्थियों ने स्पर्श के माध्यम से भवन की संरचना, आकार और आंतरिक व्यवस्था को समझा। इसके पश्चात विधानसभा कक्ष का भ्रमण कराते हुए सत्तापक्ष, विपक्ष, मीडिया दीर्घा, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था तथा अध्यक्ष (स्पीकर) की भूमिका और सदन संचालन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को विधानसभा में प्रयुक्त आधुनिक डिजिटल प्रणालियों—डिजिटल पैनल, हेडफोन, मतदान एवं प्रश्न पूछने की प्रक्रिया—का भी प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल, सहज और संवेदनशील भाषा में उत्तर दिया गया। यह शैक्षिक भ्रमण दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र को समझने का एक अनूठा, प्रेरक और सशक्त अनुभव सिद्ध हुआ।
आजमगढ़:-डा0शशिकांत मिश्र सेवानिवृत्त वरिष्ठ कारागार अधीक्षक अम्बेडकरनगर का फुलेश में भव्य स्वागत

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। दीदारगंज क्षेत्र के फुलेश ग्राम निवासी डॉ शशिकांत मिश्र पुत्र स्व0ओम प्रकाश मिश्र वरिष्ठ कारागार अधीक्षक अम्बेडकरनगर के शनिवार को सेवानिवृत्त होने पर उन्हें कारागार के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों ने भाव भीनी विदाई दी इसके बाद कारागार अधीक्षक को जनपद अम्बेडकरनगर के समाज सेवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रतिष्ठित लोगों ने भी मार्ग पर उनके लम्बे वाहनों के काफिले को रोककर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया पैत्रिक आवास फुलेश पहुंचने पर उनके शुभचिंतकों, क्षेत्रीय जनों ने उनका माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके दीर्घायु तथा उज्जवल भविष्य की कामना की।डा0शशिकांत मिश्र अपने सेवाकाल में लखनऊ, गोंडा,वाराणसी, अयोध्या,मेरठ अम्बेडकरनगर आदि जनपदों में सरकारी तथा सांगठनिक पदों को सुशोभित होते हुए राज्यपाल तथा राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं।इस अवसर पर छोटेलाल चतुर्वेदी, धीरेंद्र मिश्र, प्रदुम्न मिश्र, कल्यानी मिश्रा, शिवांगी मिश्रा,कृष्ण नाथ मिश्र, दिनेश सिंह,जे पी जायसवाल, ओमप्रकाश जायसवाल,सबलू मिश्र, शत्रुघ्न मिश्र,उदय शंकर मिश्र,ओ पी यादव, राहुल मिश्र,धीरज शुक्ल, सत्येंद्र मिश्र,शशांक शेखर, अभिषेक सिंह,गिरीश दत्त मिश्र, अभिषेक मौर्य, उत्कर्ष मिश्र,संजय सिंह आदि उपस्थित थे।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश

गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।

दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।

अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।
झारखंड के हुनर का चीन में बजेगा डंका: 'कौशल उत्कर्ष' के विजेता बने राज्य के राजदूत; हर प्रखंड में खुलेंगे नए कौशल केंद्र

राँची, 30 जनवरी 2026: झारखंड के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देते हुए श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित ‘झारखंड कौशल उत्कर्ष’ प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्रम मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने 39 विजेताओं को सम्मानित किया और घोषणा की कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित करने के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में नए कौशल केंद्र खोले जाएंगे।

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चीन में होने वाली वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता का रास्ता साफ

मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये युवा केवल पदक विजेता नहीं हैं, बल्कि चीन में होने वाली 'India Skills Competition 2026' के लिए झारखंड के राजदूत हैं। प्रतियोगिता के स्वर्ण और रजत पदक विजेता अब ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले राउंड के लिए अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वहां सफल होने वाले प्रतिभागी विश्व स्तरीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

वैश्विक रोजगार के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से MoU

झारखंड के युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर प्लेसमेंट दिलाने के लिए विभाग ने कई प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन साझेदारियों से राज्य के प्रशिक्षित युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी के द्वार खुलेंगे।

बेहतर प्रबंधन के लिए राँची की टीम सम्मानित

समारोह के दौरान नवाचार और बेहतर प्रबंधन के लिए राँची के उप-श्रमायुक्त-सह-जिला कौशल पदाधिकारी और उनकी पूरी टीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मंत्री ने JSDMS को युवाओं का 'सतत सारथी' बताते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में झारखंड के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखी।

सांसद निशिकांत दुबे का हेमंत सरकार पर तीखा हमला: "मार्च के बाद सीएम के वेतन पर भी आ सकता है संकट, बंद हो सकती हैं योजनाएं"


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देवघर: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे शुक्रवार को देवघर पहुँचे, जहाँ एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद ने राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया और केंद्र-राज्य संबंधों सहित यूजीसी (UGC) विवाद पर पार्टी का पक्ष रखा।

"मंईयां सम्मान" के चक्कर में विकास ठप: निशिकांत

राज्य सरकार द्वारा केंद्र पर लगाए जा रहे 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया के आरोपों पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा:

"झारखंड सरकार के पास पैसा ही नहीं है। स्थिति यह है कि मार्च के बाद मुख्यमंत्री का वेतन मिलना भी मुश्किल हो सकता है। यदि मंईयां सम्मान योजना बंद हो जाए या अबुआ आवास का काम रुक जाए, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।"

उन्होंने आरोप लगाया कि लोक-लुभावन योजनाओं के कारण राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।

UGC विवाद: "प्रधानमंत्री और संविधान पर रखें भरोसा"

यूजीसी से जुड़े हालिया विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस पर स्टे लगा हुआ है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का हवाला देते हुए कहा कि ये अनुच्छेद पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की सुरक्षा की गारंटी देते हैं।

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलते हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण स्वर्ण आरक्षण है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री की नीतियों पर भरोसा रखें और न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान करें।

नरसिंह के.दुबे ”बाबूजी” की 17वीं  पुण्यतिथि पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन
वसई। श्री नरसिंह के. दुबे चॅरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं हास्पिटल द्वारा स्व.नरसिंह दुबे की 17 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज  28 जनवरी को सुबह 10 बजे से रात 10.00 बजे तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया इसमे नि:शुल्क चिकित्सा शिविर,सुदृढ बालक प्रतियोगिता, पाचन संस्थान पर आधारित वनौषधीयों की प्रदर्शनी, संभाषा प्रतियोगिता, भावपूर्ण श्रद्धांजली, विशुद्ध भोजपुरी-अवधी कवि संमेलन आदी  कार्यक्रमों का आयोजन किया गया l कार्यक्रम की शूरुवात दीप प्रज्वलन, धन्वंतरी पूजन और बाबूजी की प्रतिमा को माल्यार्पण से की गई l नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में 1127 मरीजों ने विभिन्न चिकित्सा का लाभ लिया l जिसमे रक्त परीक्षण, इसीजी, एक्स-रे आदि नि:शुल्क परीक्षण चिकित्सकों के सलाह के अनुसार किया गया। किफायती दाम में चष्मा वितरण भी किया गया l महाविद्यालय के सभागृह में सुदृढ बालक प्रतियोगिता संपन्न हुईl नालासोपारा के  प्रसिद्ध बालरोग तज्ञ डॉ.जयश्री देशपांडे तथा नालासोपारा के प्रसिद्ध आयुर्वेद के बालरोग विशेषज्ञ डॉ.सोनम कर्णावत ने बालकों का चयन किया।इस प्रतियोगिता मे प्रथम पुरस्कार 1501/-द्वितीय पुरस्कार 1001/- तृतीय पुरस्कार 751/- प्रमाणपत्र एवं ट्रॉफी देकर विजेताओ को पुरस्कृत किया गया l  6 माह से 2 साल तक में प्रथम पारितोषिक - शिव योगेश दांडेकर,  द्वितीय पारितोषिक - आदित्य दिगंबर गवळी, तृतीय पारितोषिक. - ताशविक वैष्णव इनको दिया गया l 2 साल से 3 साल तक में प्रथम पारितोषिक - देवांश दीपेश राणे,  द्वितीय पारितोषिक - गार्गी सचिन चव्हाण, तृतीय पारितोषिक -  भूमी सिंह इनको दिया गया l 3 साल से 5 साल तक में प्रथम पारितोषिक - आश्वि सिंह, द्वितीय पारितोषिक - शिवाय मिश्रा,  तृतीय पारितोषिक- नैन्सी तिवारी इन्हें  देकर पुरस्कृत किया गया l
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री माननीय अजित पवार की अकस्मात निधन की सूचना मिलने पर संभाषा प्रतियोगिता के प्रारंभ मे ही  दो मिनट का मौन रख कर उनको श्रद्धांजली दि गयी l संभाषा प्रतियोगिता के प्राथमिक दौर में चयनित 82 प्रतियोगियों में से 15  प्रतियोगियों ने अंतिम दौर में हिस्सा लिया l इसमे महाराष्ट्र राज्य के सभी वैद्यकीय, डेंटल ,आयुर्वेद होमिओपॅथी, नर्सिंग,फिजिओथेरपी एवं अन्य क्षेत्र के विद्यार्थीयों ने सहभाग लिया l श्री. निलेश कारखानीस आर्किटेक्ट मुंबई ,श्री. मंदार भानुशे सायन्स अँड टेक्नॉलॉजी विभागप्रमुख मुंबई युनिव्हर्सिटी,
डॉ. सतीश पांडेय पूर्व अधिष्ठाता सोमय्या विद्या विहार मुंबई युनिव्हर्सिटी इन्होने गुणवत्ता के अनुसार स्पर्धकों को प्रथम,द्वितीय,तृतीय व उत्तेजनार्थ पुरस्कार के लिए चयनित किया। प्रथम पुरस्कार गायत्री प्रभात देसले येरला आयुर्वेद काॅलेज, खारघर, मुंबई को, द्वितीय पुरस्कार दिव्या दिपक पाटील नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को, तृतीय पुरस्कार कृपाली शंकर वटवकर नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को तथा उत्तेजनार्थ चतुर्थ पुरस्कार शर्वरी पद्मनाभ कारखानीस ज्ञानदेव यशवंतराव पाटील कॉलेज नवी मुंबई को दिया गया।  विजेताओको क्रमशः 10,000/- ,7500/-,5000/-,3000/- नगद रकम, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्रदान  किया गयाl संस्था के कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर दुबे ,संस्था के अध्यक्ष  जयप्रकाश दुबे , डायरेक्टर डॉ ओमप्रकाश दुबे,  संस्था के विश्वस्त नरेश दुबे  एवं सभी निर्णायकों द्वारा मिलकर पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ l
तत्पश्चात भोजपुरी - अवधी कवि संमेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जगदीश पंथी जिला सोनभद्र बिहार,सिपाही पांडे  ’मनमौजी' जिला भभुआ बिहार, निडर ’जौनपुरी’ जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश,रसबिहारी पांडे जिला भभुआ बिहार, ॲड राजीव मिश्र जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश ,सुभाष यादव, जिला सिवान बिहार,जवाहरलाल, ’निर्झर' जिला गाजीपुर उत्तर प्रदेश,राम सिंह जिला जौनपुर,उत्तर प्रदेश, अरुण दुबे जिला सुल्तानपूर ,उत्तर प्रदेश,
डॉ श्रीमती मृदुल तिवारी ’महक’ जौनपुर उत्तर प्रदेश इन्होने अपनी भोजपुरी अवधी कविताओं से दर्शकों का मनोरंजन किया और उन्हें भोजपुरी - अवधी भाषा से जोड़ने का प्रयास किया l कवियों ने हास्य-व्यंग, करूण, शृंगार एवं वीर रस की  कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया l सभी भोजपुरी/अवधी भाषी महिलाओं एवं पुरूषों ने कवि संमेलन का भरपूर लुत्फ उठाया । कवि संमेलन के अध्यक्ष सुभाष यादव थे, संचालन निडर ’जौनपुरी' ने किया l मुंबई, ठाणे,पालघर, नवी मुंबई,वापी,  सिल्वासा,दमन क्षेत्र के भोजपुरी एवं अवधी भाषी मान्यवरोंने कविसंमेलन का लाभ लिया l कार्यक्रम का समापन सुरूची भोज से हुआ l
Sambhal धमकी, बुलडोजर और भेदभाव" योगी सरकार की नीतियों पर बर्क परिवार का हमला

सम्भल सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता और वरिष्ठ नेता ममलुकुर्रहमान बर्क ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कड़े शब्दों में हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के बयानों को “घटिया और नफरत फैलाने वाला” बताते हुए कहा कि मुसलमानों को लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं।

ममलुकुर्रहमान बर्क ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों में बार-बार मारपीट और सख्ती की भाषा इस्तेमाल होती है, जो एक समुदाय विशेष को डराने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ कांवड़ियों पर फूल बरसाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर मुसलमानों को नमाज़ पढ़ने तक में पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि यदि कोई मुसलमान फुटपाथ पर नमाज़ पढ़ लेता है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने ऊपर दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया गया। बर्क ने सवाल उठाया कि क्या यही सनातन धर्म की शिक्षा है या फिर सत्ता में होने का विशेषाधिकार। दादरी कांड का उल्लेख करते हुए ममलुकुर्रहमान बर्क ने कहा कि अखलाक की हत्या को दस साल हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने कथित तौर पर आरोपियों के मामले वापस लेने के लिए कोर्ट को पत्र लिखा। इससे सरकार की मानसिकता स्पष्ट होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मॉब लिंचिंग की घटनाएँ बढ़ रही हैं और मदरसों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। देवबंद को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि जिस स्थान से आज़ादी की जंग की तहरीक चली, उसे आतंकवाद का अड्डा बताया जा रहा है। बर्क ने कहा कि यदि इन सभी घटनाओं की सूची बनाई जाए तो वह बहुत लंबी हो जाएगी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और इसे आने वाले दिनों में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा माना जा रहा है।

सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ को कोका-कोला का “इम्पैक्ट मेकर अवार्ड–2025”, 20% ग्रोथ और 4% मार्केट शेयर के साथ रचा इतिहास

रमेश दूबे

एनसीआर में आयोजित एक भव्य समारोह में सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ को कोका-कोला द्वारा प्रतिष्ठित “विनर – इम्पैक्ट मेकर अवार्ड–2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बीते वर्ष कंपनी द्वारा कोका-कोला उत्पादों में 20 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि और 4 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल करने की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए प्रदान किया गया।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन तथा सीईओ श्री आशीष सेठी की रणनीतिक दिशा में कंपनी ने यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। यह पुरस्कार सुपीरियर ग्रुप की मजबूत रणनीति, उत्कृष्ट क्रियान्वयन और बाजार विस्तार की क्षमता का प्रमाण है।
इस अवसर पर ग्रुप के सीएचआरओ एवं कॉरपोरेट अफेयर्स प्रमुख डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि “एक टीम, एक लक्ष्य और एकजुट प्रयास” का परिणाम है। उन्होंने वाइस चेयरमैन के नेतृत्व में पूरी टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्ष में टीम इससे भी बेहतर परिणाम हासिल करेगी।
पुरस्कार को गर्व के साथ सीईओ श्री आशीष सेठी, डायरेक्टर श्री अनूप अग्रवाल तथा सेल्स हेड (जबलपुर) श्री विनीत शर्मा ने प्राप्त किया, जो पूरे सुपीरियर ग्रुप परिवार के सामूहिक प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है।
इस उपलब्धि पर वाइस चेयरमैन ने समस्त सुपीरियर ग्रुप परिवार को बधाई देते हुए कहा,
“यह सफलता कोई मंज़िल नहीं, बल्कि एक मजबूत आधार है। हमें यहीं नहीं रुकना है। आगे की यात्रा बड़े सपनों, सटीक रणनीतियों और और भी प्रभावशाली प्रदर्शन की मांग करती है। हम सभी मिलकर चुनौतियों को अवसर में बदलेंगे और उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेंगे।”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ग्रुप की सफलता का मूल मंत्र टीमवर्क, अनुशासन और विकास, नवाचार तथा बाजार नेतृत्व के प्रति अटूट प्रतिबद्धता है।
यह सम्मान सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ की निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन क्षमता, मजबूत नेतृत्व और कोका-कोला के साथ साझेदारी में सतत मूल्य सृजन के संकल्प का सशक्त प्रमाण है।
समाजसेवी संजय मिश्रा के जन्मदिन पर दिखा सेवा और सम्मान का भव्य संगम
मुंबई। प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी विधानसभा क्षेत्र (249) में समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध समाजसेवी एवं उद्योगपति संजय मिश्रा का जन्मदिन मंगलवार को मुंबई के पाँच सितारा होटल में अत्यंत भव्य, आत्मीय और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। यह अवसर केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं रहा, बल्कि समाजसेवा, मानवीय संवेदना और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने, जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग करने और संकट में खड़े लोगों के लिए सदैव आगे रहने वाले संजय मिश्रा के जन्मदिन पर देश-प्रदेश की अनेक नामचीन हस्तियाँ विशेष रूप से मुंबई पहुँचीं। कार्यक्रम स्थल पर हर ओर स्नेह, अपनत्व और सम्मान का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर मनोज तिवारी ने संजय मिश्रा को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए उनके सेवा कार्यों की सराहना की और कहा कि वे बिना किसी प्रचार के लगातार समाज के लिए कार्य करते हैं। ऐसे लोग समाज की असली ताकत होते हैं। वहीं आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि संजय मिश्रा का जीवन सेवा, संस्कार और समर्पण का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने उद्योग और समाजसेवा के बीच संतुलन बनाते हुए समाज के हर वर्ग के लिए कार्य किया है, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनोज तिवारी, अभिरामाचार्य जी महाराज, कृपाशंकर सिंह, आचार्य पवन त्रिपाठी, अखिलेश चौबे, आनंद दूबे, कमलाशंकर मिश्रा, अशोक कुमार सुमन, मुकेश पाण्डेय, संजय सिंह, प्रभाकर शुक्ला, मनोज दूबे, अनिल सावंत, अरुण मिश्रा, अविनाश त्रिपाठी, अवधेश मिश्रा, अतुल पाण्डेय, आनंद पाण्डेय, विपुल जिलानी, प्रकाश बोरा, सतीश कर्मावत, मोहम्मद आरिफ भाई, राजेश मिश्रा, अविनाश पाण्डेय, आशीष त्रिपाठी, राजेश पाण्डेय, आशीष दूबे, मिथिलेश मिश्रा, सुरेश मिश्रा, धनंजय मिश्रा, कैलाश मिश्रा, संतोष मिश्रा, दीपक सुहाना उर्फ छोटका खेसारी, दीपक त्रिपाठी, रजनीश सिंह रिशु, सुरेंद्र पाण्डेय लल्लन पांडे, रमेश मिश्रा, राजकुमार मिश्रा, संजय शुक्ला बिरौती, संजय सिंह, जितेंद्र सिंह जीतू, रोहित पाण्डेय, प्रिंस पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शुभेच्छु, रिश्तेदार और इष्ट-मित्र उपस्थित रहे। अंत में संजय मिश्रा ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है और वे आगे भी पूरी निष्ठा के साथ समाजसेवा के कार्यों में लगे रहेंगे।
NCP के दोनों गुटों का होने वाला था विलय, डेट भी था फाइनल? अजीत पवार के निधन के बाद बड़ा खुलासा

#mergeroftwoncpfactionswasscheduled

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राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी NCP के दोनों धड़े एक होने वाले था। शरद पवार और अजित पवार ने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। मर्जर का डेट भी तय कर लिया गया था। एक भव्‍य कार्यक्रम में NCP शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के एक होने की जानी बाकी थी। अजित पवार के निधन के बाद ये चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

किरण गुजर का बड़ा दावा

अजित पवार के निधन के बाद से ही उनके राजनीतिक विरासत को लेकर अलग-अलग तरह से कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच अब उनके एक करीबी ने ये बड़ा खुलासा किया है। दिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि "वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था।" दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी।

विलय पर बातचीत उन्नत चरण में

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने भी इस बात की पुष्टि कि दोनों गुटों के विलय को लेकर जारी बातचीत उन्नत चरण में है। यह बातचीत इस बिंदु तक पहुंच गई है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।

शरद पवार के घर हुई थी बैठक

जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई थी। दोनों गुटों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी।”

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने जाना लोकतंत्र का जीवंत स्वरूप
* डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय के छात्रों का उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण किया।

इस भ्रमण में विश्वविद्यालय के ईएमईटी पाठ्यक्रम के दृष्टिबाधित विद्यार्थी, उनके प्रशिक्षक, स्वयंसेवक तथा हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन के समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा शामिल रहे। एचटीबीएफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया एवं शासन व्यवस्था की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही, कानून निर्माण की प्रक्रिया, सदन में चर्चा एवं निर्णय लेने की प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विधानसभा भवन की फोटो गैलरी के माध्यम से उन्हें प्रदेश के पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, ऐतिहासिक घटनाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं से अवगत कराया गया।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विधानसभा का स्पर्शनीय (टैक्टाइल) मॉडल भी प्रदर्शित किया गया, जिससे विद्यार्थियों ने स्पर्श के माध्यम से भवन की संरचना, आकार और आंतरिक व्यवस्था को समझा। इसके पश्चात विधानसभा कक्ष का भ्रमण कराते हुए सत्तापक्ष, विपक्ष, मीडिया दीर्घा, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था तथा अध्यक्ष (स्पीकर) की भूमिका और सदन संचालन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को विधानसभा में प्रयुक्त आधुनिक डिजिटल प्रणालियों—डिजिटल पैनल, हेडफोन, मतदान एवं प्रश्न पूछने की प्रक्रिया—का भी प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल, सहज और संवेदनशील भाषा में उत्तर दिया गया। यह शैक्षिक भ्रमण दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र को समझने का एक अनूठा, प्रेरक और सशक्त अनुभव सिद्ध हुआ।
आजमगढ़:-डा0शशिकांत मिश्र सेवानिवृत्त वरिष्ठ कारागार अधीक्षक अम्बेडकरनगर का फुलेश में भव्य स्वागत

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। दीदारगंज क्षेत्र के फुलेश ग्राम निवासी डॉ शशिकांत मिश्र पुत्र स्व0ओम प्रकाश मिश्र वरिष्ठ कारागार अधीक्षक अम्बेडकरनगर के शनिवार को सेवानिवृत्त होने पर उन्हें कारागार के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों ने भाव भीनी विदाई दी इसके बाद कारागार अधीक्षक को जनपद अम्बेडकरनगर के समाज सेवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रतिष्ठित लोगों ने भी मार्ग पर उनके लम्बे वाहनों के काफिले को रोककर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया पैत्रिक आवास फुलेश पहुंचने पर उनके शुभचिंतकों, क्षेत्रीय जनों ने उनका माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके दीर्घायु तथा उज्जवल भविष्य की कामना की।डा0शशिकांत मिश्र अपने सेवाकाल में लखनऊ, गोंडा,वाराणसी, अयोध्या,मेरठ अम्बेडकरनगर आदि जनपदों में सरकारी तथा सांगठनिक पदों को सुशोभित होते हुए राज्यपाल तथा राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं।इस अवसर पर छोटेलाल चतुर्वेदी, धीरेंद्र मिश्र, प्रदुम्न मिश्र, कल्यानी मिश्रा, शिवांगी मिश्रा,कृष्ण नाथ मिश्र, दिनेश सिंह,जे पी जायसवाल, ओमप्रकाश जायसवाल,सबलू मिश्र, शत्रुघ्न मिश्र,उदय शंकर मिश्र,ओ पी यादव, राहुल मिश्र,धीरज शुक्ल, सत्येंद्र मिश्र,शशांक शेखर, अभिषेक सिंह,गिरीश दत्त मिश्र, अभिषेक मौर्य, उत्कर्ष मिश्र,संजय सिंह आदि उपस्थित थे।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश

गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।

दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।

अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।
झारखंड के हुनर का चीन में बजेगा डंका: 'कौशल उत्कर्ष' के विजेता बने राज्य के राजदूत; हर प्रखंड में खुलेंगे नए कौशल केंद्र

राँची, 30 जनवरी 2026: झारखंड के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देते हुए श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित ‘झारखंड कौशल उत्कर्ष’ प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्रम मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने 39 विजेताओं को सम्मानित किया और घोषणा की कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित करने के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में नए कौशल केंद्र खोले जाएंगे।

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चीन में होने वाली वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता का रास्ता साफ

मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये युवा केवल पदक विजेता नहीं हैं, बल्कि चीन में होने वाली 'India Skills Competition 2026' के लिए झारखंड के राजदूत हैं। प्रतियोगिता के स्वर्ण और रजत पदक विजेता अब ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले राउंड के लिए अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वहां सफल होने वाले प्रतिभागी विश्व स्तरीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

वैश्विक रोजगार के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से MoU

झारखंड के युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर प्लेसमेंट दिलाने के लिए विभाग ने कई प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन साझेदारियों से राज्य के प्रशिक्षित युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी के द्वार खुलेंगे।

बेहतर प्रबंधन के लिए राँची की टीम सम्मानित

समारोह के दौरान नवाचार और बेहतर प्रबंधन के लिए राँची के उप-श्रमायुक्त-सह-जिला कौशल पदाधिकारी और उनकी पूरी टीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मंत्री ने JSDMS को युवाओं का 'सतत सारथी' बताते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में झारखंड के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखी।

सांसद निशिकांत दुबे का हेमंत सरकार पर तीखा हमला: "मार्च के बाद सीएम के वेतन पर भी आ सकता है संकट, बंद हो सकती हैं योजनाएं"


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देवघर: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे शुक्रवार को देवघर पहुँचे, जहाँ एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद ने राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया और केंद्र-राज्य संबंधों सहित यूजीसी (UGC) विवाद पर पार्टी का पक्ष रखा।

"मंईयां सम्मान" के चक्कर में विकास ठप: निशिकांत

राज्य सरकार द्वारा केंद्र पर लगाए जा रहे 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया के आरोपों पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा:

"झारखंड सरकार के पास पैसा ही नहीं है। स्थिति यह है कि मार्च के बाद मुख्यमंत्री का वेतन मिलना भी मुश्किल हो सकता है। यदि मंईयां सम्मान योजना बंद हो जाए या अबुआ आवास का काम रुक जाए, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।"

उन्होंने आरोप लगाया कि लोक-लुभावन योजनाओं के कारण राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।

UGC विवाद: "प्रधानमंत्री और संविधान पर रखें भरोसा"

यूजीसी से जुड़े हालिया विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस पर स्टे लगा हुआ है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का हवाला देते हुए कहा कि ये अनुच्छेद पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की सुरक्षा की गारंटी देते हैं।

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलते हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण स्वर्ण आरक्षण है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री की नीतियों पर भरोसा रखें और न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान करें।

नरसिंह के.दुबे ”बाबूजी” की 17वीं  पुण्यतिथि पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन
वसई। श्री नरसिंह के. दुबे चॅरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं हास्पिटल द्वारा स्व.नरसिंह दुबे की 17 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज  28 जनवरी को सुबह 10 बजे से रात 10.00 बजे तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया इसमे नि:शुल्क चिकित्सा शिविर,सुदृढ बालक प्रतियोगिता, पाचन संस्थान पर आधारित वनौषधीयों की प्रदर्शनी, संभाषा प्रतियोगिता, भावपूर्ण श्रद्धांजली, विशुद्ध भोजपुरी-अवधी कवि संमेलन आदी  कार्यक्रमों का आयोजन किया गया l कार्यक्रम की शूरुवात दीप प्रज्वलन, धन्वंतरी पूजन और बाबूजी की प्रतिमा को माल्यार्पण से की गई l नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में 1127 मरीजों ने विभिन्न चिकित्सा का लाभ लिया l जिसमे रक्त परीक्षण, इसीजी, एक्स-रे आदि नि:शुल्क परीक्षण चिकित्सकों के सलाह के अनुसार किया गया। किफायती दाम में चष्मा वितरण भी किया गया l महाविद्यालय के सभागृह में सुदृढ बालक प्रतियोगिता संपन्न हुईl नालासोपारा के  प्रसिद्ध बालरोग तज्ञ डॉ.जयश्री देशपांडे तथा नालासोपारा के प्रसिद्ध आयुर्वेद के बालरोग विशेषज्ञ डॉ.सोनम कर्णावत ने बालकों का चयन किया।इस प्रतियोगिता मे प्रथम पुरस्कार 1501/-द्वितीय पुरस्कार 1001/- तृतीय पुरस्कार 751/- प्रमाणपत्र एवं ट्रॉफी देकर विजेताओ को पुरस्कृत किया गया l  6 माह से 2 साल तक में प्रथम पारितोषिक - शिव योगेश दांडेकर,  द्वितीय पारितोषिक - आदित्य दिगंबर गवळी, तृतीय पारितोषिक. - ताशविक वैष्णव इनको दिया गया l 2 साल से 3 साल तक में प्रथम पारितोषिक - देवांश दीपेश राणे,  द्वितीय पारितोषिक - गार्गी सचिन चव्हाण, तृतीय पारितोषिक -  भूमी सिंह इनको दिया गया l 3 साल से 5 साल तक में प्रथम पारितोषिक - आश्वि सिंह, द्वितीय पारितोषिक - शिवाय मिश्रा,  तृतीय पारितोषिक- नैन्सी तिवारी इन्हें  देकर पुरस्कृत किया गया l
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री माननीय अजित पवार की अकस्मात निधन की सूचना मिलने पर संभाषा प्रतियोगिता के प्रारंभ मे ही  दो मिनट का मौन रख कर उनको श्रद्धांजली दि गयी l संभाषा प्रतियोगिता के प्राथमिक दौर में चयनित 82 प्रतियोगियों में से 15  प्रतियोगियों ने अंतिम दौर में हिस्सा लिया l इसमे महाराष्ट्र राज्य के सभी वैद्यकीय, डेंटल ,आयुर्वेद होमिओपॅथी, नर्सिंग,फिजिओथेरपी एवं अन्य क्षेत्र के विद्यार्थीयों ने सहभाग लिया l श्री. निलेश कारखानीस आर्किटेक्ट मुंबई ,श्री. मंदार भानुशे सायन्स अँड टेक्नॉलॉजी विभागप्रमुख मुंबई युनिव्हर्सिटी,
डॉ. सतीश पांडेय पूर्व अधिष्ठाता सोमय्या विद्या विहार मुंबई युनिव्हर्सिटी इन्होने गुणवत्ता के अनुसार स्पर्धकों को प्रथम,द्वितीय,तृतीय व उत्तेजनार्थ पुरस्कार के लिए चयनित किया। प्रथम पुरस्कार गायत्री प्रभात देसले येरला आयुर्वेद काॅलेज, खारघर, मुंबई को, द्वितीय पुरस्कार दिव्या दिपक पाटील नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को, तृतीय पुरस्कार कृपाली शंकर वटवकर नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को तथा उत्तेजनार्थ चतुर्थ पुरस्कार शर्वरी पद्मनाभ कारखानीस ज्ञानदेव यशवंतराव पाटील कॉलेज नवी मुंबई को दिया गया।  विजेताओको क्रमशः 10,000/- ,7500/-,5000/-,3000/- नगद रकम, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्रदान  किया गयाl संस्था के कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर दुबे ,संस्था के अध्यक्ष  जयप्रकाश दुबे , डायरेक्टर डॉ ओमप्रकाश दुबे,  संस्था के विश्वस्त नरेश दुबे  एवं सभी निर्णायकों द्वारा मिलकर पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ l
तत्पश्चात भोजपुरी - अवधी कवि संमेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जगदीश पंथी जिला सोनभद्र बिहार,सिपाही पांडे  ’मनमौजी' जिला भभुआ बिहार, निडर ’जौनपुरी’ जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश,रसबिहारी पांडे जिला भभुआ बिहार, ॲड राजीव मिश्र जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश ,सुभाष यादव, जिला सिवान बिहार,जवाहरलाल, ’निर्झर' जिला गाजीपुर उत्तर प्रदेश,राम सिंह जिला जौनपुर,उत्तर प्रदेश, अरुण दुबे जिला सुल्तानपूर ,उत्तर प्रदेश,
डॉ श्रीमती मृदुल तिवारी ’महक’ जौनपुर उत्तर प्रदेश इन्होने अपनी भोजपुरी अवधी कविताओं से दर्शकों का मनोरंजन किया और उन्हें भोजपुरी - अवधी भाषा से जोड़ने का प्रयास किया l कवियों ने हास्य-व्यंग, करूण, शृंगार एवं वीर रस की  कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया l सभी भोजपुरी/अवधी भाषी महिलाओं एवं पुरूषों ने कवि संमेलन का भरपूर लुत्फ उठाया । कवि संमेलन के अध्यक्ष सुभाष यादव थे, संचालन निडर ’जौनपुरी' ने किया l मुंबई, ठाणे,पालघर, नवी मुंबई,वापी,  सिल्वासा,दमन क्षेत्र के भोजपुरी एवं अवधी भाषी मान्यवरोंने कविसंमेलन का लाभ लिया l कार्यक्रम का समापन सुरूची भोज से हुआ l
Sambhal धमकी, बुलडोजर और भेदभाव" योगी सरकार की नीतियों पर बर्क परिवार का हमला

सम्भल सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता और वरिष्ठ नेता ममलुकुर्रहमान बर्क ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कड़े शब्दों में हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के बयानों को “घटिया और नफरत फैलाने वाला” बताते हुए कहा कि मुसलमानों को लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं।

ममलुकुर्रहमान बर्क ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों में बार-बार मारपीट और सख्ती की भाषा इस्तेमाल होती है, जो एक समुदाय विशेष को डराने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ कांवड़ियों पर फूल बरसाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर मुसलमानों को नमाज़ पढ़ने तक में पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि यदि कोई मुसलमान फुटपाथ पर नमाज़ पढ़ लेता है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने ऊपर दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया गया। बर्क ने सवाल उठाया कि क्या यही सनातन धर्म की शिक्षा है या फिर सत्ता में होने का विशेषाधिकार। दादरी कांड का उल्लेख करते हुए ममलुकुर्रहमान बर्क ने कहा कि अखलाक की हत्या को दस साल हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने कथित तौर पर आरोपियों के मामले वापस लेने के लिए कोर्ट को पत्र लिखा। इससे सरकार की मानसिकता स्पष्ट होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मॉब लिंचिंग की घटनाएँ बढ़ रही हैं और मदरसों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। देवबंद को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि जिस स्थान से आज़ादी की जंग की तहरीक चली, उसे आतंकवाद का अड्डा बताया जा रहा है। बर्क ने कहा कि यदि इन सभी घटनाओं की सूची बनाई जाए तो वह बहुत लंबी हो जाएगी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और इसे आने वाले दिनों में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा माना जा रहा है।

सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ को कोका-कोला का “इम्पैक्ट मेकर अवार्ड–2025”, 20% ग्रोथ और 4% मार्केट शेयर के साथ रचा इतिहास

रमेश दूबे

एनसीआर में आयोजित एक भव्य समारोह में सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ को कोका-कोला द्वारा प्रतिष्ठित “विनर – इम्पैक्ट मेकर अवार्ड–2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बीते वर्ष कंपनी द्वारा कोका-कोला उत्पादों में 20 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि और 4 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल करने की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए प्रदान किया गया।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन तथा सीईओ श्री आशीष सेठी की रणनीतिक दिशा में कंपनी ने यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। यह पुरस्कार सुपीरियर ग्रुप की मजबूत रणनीति, उत्कृष्ट क्रियान्वयन और बाजार विस्तार की क्षमता का प्रमाण है।
इस अवसर पर ग्रुप के सीएचआरओ एवं कॉरपोरेट अफेयर्स प्रमुख डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि “एक टीम, एक लक्ष्य और एकजुट प्रयास” का परिणाम है। उन्होंने वाइस चेयरमैन के नेतृत्व में पूरी टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्ष में टीम इससे भी बेहतर परिणाम हासिल करेगी।
पुरस्कार को गर्व के साथ सीईओ श्री आशीष सेठी, डायरेक्टर श्री अनूप अग्रवाल तथा सेल्स हेड (जबलपुर) श्री विनीत शर्मा ने प्राप्त किया, जो पूरे सुपीरियर ग्रुप परिवार के सामूहिक प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है।
इस उपलब्धि पर वाइस चेयरमैन ने समस्त सुपीरियर ग्रुप परिवार को बधाई देते हुए कहा,
“यह सफलता कोई मंज़िल नहीं, बल्कि एक मजबूत आधार है। हमें यहीं नहीं रुकना है। आगे की यात्रा बड़े सपनों, सटीक रणनीतियों और और भी प्रभावशाली प्रदर्शन की मांग करती है। हम सभी मिलकर चुनौतियों को अवसर में बदलेंगे और उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेंगे।”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ग्रुप की सफलता का मूल मंत्र टीमवर्क, अनुशासन और विकास, नवाचार तथा बाजार नेतृत्व के प्रति अटूट प्रतिबद्धता है।
यह सम्मान सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़ की निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन क्षमता, मजबूत नेतृत्व और कोका-कोला के साथ साझेदारी में सतत मूल्य सृजन के संकल्प का सशक्त प्रमाण है।
समाजसेवी संजय मिश्रा के जन्मदिन पर दिखा सेवा और सम्मान का भव्य संगम
मुंबई। प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी विधानसभा क्षेत्र (249) में समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध समाजसेवी एवं उद्योगपति संजय मिश्रा का जन्मदिन मंगलवार को मुंबई के पाँच सितारा होटल में अत्यंत भव्य, आत्मीय और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। यह अवसर केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं रहा, बल्कि समाजसेवा, मानवीय संवेदना और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने, जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग करने और संकट में खड़े लोगों के लिए सदैव आगे रहने वाले संजय मिश्रा के जन्मदिन पर देश-प्रदेश की अनेक नामचीन हस्तियाँ विशेष रूप से मुंबई पहुँचीं। कार्यक्रम स्थल पर हर ओर स्नेह, अपनत्व और सम्मान का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर मनोज तिवारी ने संजय मिश्रा को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए उनके सेवा कार्यों की सराहना की और कहा कि वे बिना किसी प्रचार के लगातार समाज के लिए कार्य करते हैं। ऐसे लोग समाज की असली ताकत होते हैं। वहीं आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि संजय मिश्रा का जीवन सेवा, संस्कार और समर्पण का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने उद्योग और समाजसेवा के बीच संतुलन बनाते हुए समाज के हर वर्ग के लिए कार्य किया है, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनोज तिवारी, अभिरामाचार्य जी महाराज, कृपाशंकर सिंह, आचार्य पवन त्रिपाठी, अखिलेश चौबे, आनंद दूबे, कमलाशंकर मिश्रा, अशोक कुमार सुमन, मुकेश पाण्डेय, संजय सिंह, प्रभाकर शुक्ला, मनोज दूबे, अनिल सावंत, अरुण मिश्रा, अविनाश त्रिपाठी, अवधेश मिश्रा, अतुल पाण्डेय, आनंद पाण्डेय, विपुल जिलानी, प्रकाश बोरा, सतीश कर्मावत, मोहम्मद आरिफ भाई, राजेश मिश्रा, अविनाश पाण्डेय, आशीष त्रिपाठी, राजेश पाण्डेय, आशीष दूबे, मिथिलेश मिश्रा, सुरेश मिश्रा, धनंजय मिश्रा, कैलाश मिश्रा, संतोष मिश्रा, दीपक सुहाना उर्फ छोटका खेसारी, दीपक त्रिपाठी, रजनीश सिंह रिशु, सुरेंद्र पाण्डेय लल्लन पांडे, रमेश मिश्रा, राजकुमार मिश्रा, संजय शुक्ला बिरौती, संजय सिंह, जितेंद्र सिंह जीतू, रोहित पाण्डेय, प्रिंस पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शुभेच्छु, रिश्तेदार और इष्ट-मित्र उपस्थित रहे। अंत में संजय मिश्रा ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है और वे आगे भी पूरी निष्ठा के साथ समाजसेवा के कार्यों में लगे रहेंगे।
NCP के दोनों गुटों का होने वाला था विलय, डेट भी था फाइनल? अजीत पवार के निधन के बाद बड़ा खुलासा

#mergeroftwoncpfactionswasscheduled

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राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी NCP के दोनों धड़े एक होने वाले था। शरद पवार और अजित पवार ने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। मर्जर का डेट भी तय कर लिया गया था। एक भव्‍य कार्यक्रम में NCP शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के एक होने की जानी बाकी थी। अजित पवार के निधन के बाद ये चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

किरण गुजर का बड़ा दावा

अजित पवार के निधन के बाद से ही उनके राजनीतिक विरासत को लेकर अलग-अलग तरह से कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच अब उनके एक करीबी ने ये बड़ा खुलासा किया है। दिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि "वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था।" दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी।

विलय पर बातचीत उन्नत चरण में

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने भी इस बात की पुष्टि कि दोनों गुटों के विलय को लेकर जारी बातचीत उन्नत चरण में है। यह बातचीत इस बिंदु तक पहुंच गई है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।

शरद पवार के घर हुई थी बैठक

जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई थी। दोनों गुटों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी।”