स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

*पैनासोनिक ने पेश की नई स्मार्ट और बिजली बचाने वाली एसी रेंज; 2028 तक 20 लाख यूनिट बिक्री का लक्ष्य*

*दिल्ली, 06 फरवरी 2026:* विविध क्षेत्रों में काम करने वाली प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी, पैनासोनिक लाइफ सॉल्‍यूशन्‍स इंडिया ने आज देश की भीषण गर्मी और बदलते मौसम से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई अपनी वर्ष 2026 की 'रेजिडेंशियल एयर कंडीशनर्स' की श्रृंखला पेश की है। भरोसेमंद प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन की गई यह नई रेंज, भारतीय घरों की जरूरतों के अनुसार टिकाऊ, ऊर्जा-कुशल और हर तरह की जलवायु में कूलिंग देने के पैनासोनिक के फोकस को दर्शाती है।

भारतीय घरों में एसी की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाली धूल की सबसे बड़ी समस्या को हल करते हुए, इस नई रेंज में पैनासोनिक की 'डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी' शामिल की गई है। इसमें एक "ऑटो रिवर्स-फ्लो" फैन मैकेनिज्म है, जो आउटडोर यूनिट से धूल को अपने आप बाहर निकाल देता है। इससे लगातार बेहतर कूलिंग, अधिक दक्षता और लंबे समय तक टिकाऊ प्रदर्शन सुनिश्चित होता है। इस तकनीक के साथ, पैनासोनिक ने भारत की कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाले एयर कंडीशनर देने के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।

वर्ष 2026 के इस पोर्टफोलियो में कुल 57 नए मॉडल शामिल हैं, जो अलग-अलग सेगमेंट और कीमतों में उपलब्ध होंगे। इन मॉडल्स में प्रदर्शन, बिजली की बचत और स्मार्ट फीचर्स का बेहतरीन संतुलन रखा गया है, ताकि देशभर के उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए श्री हीरोकाजु कामोडा, प्रबंध निदेशक, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “भारत का एयर कंडीशनिंग बाजार एक निर्णायक मोड़ पर है, जो तेजी से शहरीकरण, बढ़ती आकांक्षाओं और अत्यधिक मौसम की स्थितियों से आकार ले रहा है। हमारी 2026 की आरएसी रेंज के साथ, हम अधिक स्मार्ट, मजबूत और ऊर्जा-कुशल एयर कंडीशनर पेश कर रहे हैं, जो केवल कूलिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारतीय परिवारों के लिए स्वस्थ और अधिक आरामदायक वातावरण तैयार करते हैं। इस लॉन्च के साथ, हम वित्त वर्ष 2028 तक अपनी बिक्री को लगभग 20 लाख यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। इसे हमारे विस्तारित पोर्टफोलियो, तकनीक व मैन्युफैक्चरिंग में निरंतर निवेश और उभरते बाजारों में मजबूत उपस्थिति के जरिए हासिल किया जाएगा।”

श्री अभिषेक वर्मा, हेड- प्रोडक्ट मार्केटिंग एवं प्लानिंग, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “इस लॉन्च के साथ, हम भारत भर में एसी के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाली गर्मी, धूल और कठिन मौसम की चुनौतियों का सीधा समाधान करके कूलिंग के मानकों को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। वर्ष 2026 में 57 नए मॉडल्स के साथ हम उद्योग में सबसे व्यापक पोर्टफोलियो में से एक पेश कर रहे हैं, जिसमें इन्वर्टर, फिक्स्ड-स्पीड, स्मार्ट, हॉट एंड कोल्ड और हाई-कैपेसिटी समाधान शामिल हैं। यह रेंज 'मेक इन इंडिया', फोकस्ड आरएंडडी, और मेट्रो के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 बाजारों में हमारी गहरी पहुंच के संकल्प को और मजबूत करती है।”

नई रेंज में पैनासोनिक के 5-स्टार, 4-स्टार और 3-स्टार इन्वर्टर एसी शामिल हैं। इसमें 5-स्टार सीरीज को प्रीमियम ‘अमेज फेसिया’ डिजाइन दिया गया है, जो डार्क ग्रे और क्रोम डेको के साथ आता है। यह शानदार डिजाइन हाई-परफॉर्मेंस कूलिंग के साथ-साथ आपके घर की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। इस नई रेंज की शुरुआती कीमत 32,490 रुपए है और यह सभी प्रमुख रिटेल स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और पैनासोनिक ब्रांड शॉप पर उपलब्ध है।

कंपनी इस लॉन्च को अपने टीवीसी कैम्‍पेन के जरिए प्रमोट करेगी, जिसमें ब्रांड एंबेसडर और भारत के ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी नजर आएँगे। यह अभियान भारतीय घरों में हर मौसम में भरोसेमंद और टिकाऊ कूलिंग देने के ब्रांड वादे को और मजबूत करता है।

पैनासोनिक एसी की प्रमुख विशेषताएँ:
टेक्नोलॉजी: स्मार्ट और कनेक्टेड अनुभव
पैनासोनिक एसी में उन्नत और भविष्य के लिए तैयार तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आपको स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड कूलिंग का अनुभव देती है।
मिराई™ स्मार्ट इकोसिस्टम: पैनासोनिक का यह आईओटी प्लेटफॉर्म आपको रिमोट ऑपरेशन की सुविधा देता है। यह एआई की मदद से कमरे के तापमान को खुद एडजस्ट करता है, आपकी पसंद के अनुसार 'स्लीप प्रोफाइल' सेट करता है और आपके पास आते ही एसी कंट्रोल को आसान बनाता है। इसके जरिए आप बिजली की खपत को ट्रैक कर सकते हैं, फिल्टर-क्लीनिंग अलर्ट पा सकते हैं और स्मार्ट डायग्नोसिस, वारंटी मैनेजमेंट व वन-टच सर्विस सपोर्ट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
मैटर-इनेबल्ड कनेक्टिविटी: सभी वाई-फाई कनेक्टेड मॉडल 'मैटर' तकनीक को सपोर्ट करते हैं। इससे अलग-अलग स्मार्ट-होम प्लेटफॉर्म्स और डिवाइसेज के साथ आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्शन मिलता है।
नैनो™ एक्टिव एयर प्यूरिफिकेशन: पैनासोनिक की यह पेटेंट तकनीक हवा में मौजूद प्रदूषकों और दुर्गंध को कम करने में मदद करती है, जिससे आपके घर के अंदर की हवा अधिक साफ और स्वस्थ रहती है।

विश्वसनीयता: कठिन मौसम के लिए तैयार

इन्हें भारत की भीषण गर्मी, धूल और कठिन मौसम की स्थितियों को झेलने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।
शील्ड ब्लू+: यह एंटी-करोजन कोटिंग हीट एक्सचेंजर को जंग से बचाकर उसकी उम्र और मजबूती बढ़ाती है।
100% कॉपर कॉइल्स: तेज हीट ट्रांसफर और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करती हैं।
425+ क्वालिटी टेस्ट: हर एसी को 425 से अधिक सख्त गुणवत्ता और प्रदर्शन परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
इको टफ डिज़ाइन: यह नमी, तेज गर्मी और धूल भरी बाहरी परिस्थितियों में भी टिकाऊ कूलिंग देने के लिए बनाया गया है।
स्टेबलाइज़र-फ्री ऑपरेशन: वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव में भी सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अल्ट्रा-एफिशिएंट: स्मार्ट कूलिंग और बिजली बचत

इन एसी को समझदारी से बिजली बचाते हुए आरामदायक ठंडक देने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है।
कनवर्टि8™ टेक्नोलॉजी: केवल एक बटन दबाकर आप कूलिंग क्षमता को 40% से लेकर 100% से भी ऊपर तक एडजस्ट कर सकते हैं। यह जरूरत के हिसाब से आराम और बिजली बचत के बीच सही संतुलन बनाता है।
एआई-पॉवर एडैप्टिव थर्मल कम्फर्ट: यह कमरे के अंदर और बाहर के तापमान के अनुसार एसी का मोड, तापमान और फैन स्पीड खुद सेट कर देता है।
डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी: पैनासोनिक का यह खास फीचर इस्तेमाल के बाद फैन की दिशा बदलकर आउटडोर यूनिट में धूल जमने को अपने आप कम करता है।
क्रिस्टल क्लीन: यह सेल्फ-क्लीनिंग इंडोर कॉइल तकनीक कॉइल को साफ रखकर कूलिंग क्षमता बनाए रखती है और एसी की उम्र बढ़ाती है।

शानदार कूलिंग: रहने की जगहों में तेज़, गहरी और एक समान ठंडक पहुँचाने के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया।
55°C तक के भारी बाहरी तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया।
48°C जैसे अत्यधिक तापमान पर भी 100% कूलिंग क्षमता देने में सक्षम (परीक्षण परिस्थितियों के तहत)।
बड़ा एयर इंटेक, हाई-परफॉर्मेंस फैन और 4-वे स्विंग फीचर, जो कमरे के हर कोने तक समान ठंडक पहुँचाना सुनिश्चित करते हैं।

भरोसेमंद गुणवत्ता: पैनासोनिक की वैश्विक विरासत और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का अटूट भरोसा।
100 से अधिक वर्षों की ब्रांड विरासत और एयर कंडीशनिंग के क्षेत्र में 67 से अधिक वर्षों का विशेषज्ञ अनुभव।
बेहतरीन गुणवत्ता, टिकाऊपन और शानदार प्रदर्शन के लिए दुनिया भर के लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा।
योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: गांव-गांव बस सेवा, संपत्ति रजिस्ट्रेशन सख्त और शिक्षकों को कैशलेस इलाज

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 30 को मंजूरी मिल गई, जबकि कुछ प्रस्तावों को फिलहाल विचार के लिए रोक दिया गया। सरकार के फैसलों का असर परिवहन, आवास, संपत्ति रजिस्ट्रेशन और सरकारी कर्मचारियों के नियमों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा फैसला प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने को लेकर लिया गया। अब किसी भी जमीन या मकान की बिक्री से पहले विक्रेता का नाम खतौनी से मिलान किया जाएगा। अगर नाम में अंतर पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा, जिससे फर्जी रजिस्ट्री और विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर लगाम लगेगी।

कैबिनेट ने सीएम ग्राम परिवहन योजना-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की करीब 59 हजार ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। जिन करीब 12,200 गांवों में अब तक बस नहीं पहुंची, वहां 28 सीटों वाली बसें चलाई जाएंगी। इस सेवा को टैक्स से छूट दी जाएगी और निजी ऑपरेटरों को भी बस संचालन की अनुमति दी जाएगी। बसों की औसत आयु 15 वर्ष तय की गई है और संचालन का अनुबंध 10 वर्ष का होगा।

एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये

परिवहन क्षेत्र में एक और अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने मोटर व्हीकल नियमों में संशोधन का फैसला किया है। अब Ola और Uber जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म को प्रदेश में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ड्राइवरों के लिए मेडिकल जांच, फिटनेस टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी किया जाएगा। एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये और लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये तय की गई है।आवास के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है। Pradhan Mantri Awas Yojana (शहरी) के तहत आवास निर्माण की लागत सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है। अब लाभार्थी 30 वर्गमीटर तक मकान बनवा सकेंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी

सरकार ने कांशीराम आवास योजना के खाली पड़े मकानों की मरम्मत कराकर उन्हें जरूरतमंद दलित परिवारों को आवंटित करने का भी निर्णय लिया है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों में बदलाव करते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि छह महीने के मूल वेतन से अधिक के निवेश की जानकारी देनी होगी और हर साल अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा।इसके अलावा Ayodhya में खेल परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण, Kanpur ट्रांस गंगा सिटी में चार लेन पुल निर्माण और बुंदेलखंड क्षेत्र के Banda व Jhansi में डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला

शिक्षकों को राहत देते हुए सरकार ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। अब अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना से प्रदेश के करीब 1.28 लाख शिक्षकों को लाभ मिलने का अनुमान है। इसके लिए प्रति शिक्षक लगभग 2479 रुपये का प्रीमियम तय किया गया है और सरकार पर करीब 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और शिक्षकों व कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने की यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की वकालत, जानें क्या कहा?

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के कुछ प्रावधानों को महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताते हुए चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश की सभी महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करने का एक तरीका समान नागरिक संहिता यानी कि यूसीसी लागू करना भी हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के उन प्रावधानों को चुनौती दी गई है, जो महिलाओं को पुरुषों के बराबर विरासत अधिकार नहीं देते। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण से पूछा कि क्या अदालत पर्सनल लॉ की संवैधानिक वैधता की जांच कर सकती है? जस्टिस बागची ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि इस फैसले में माना गया था कि पर्सनल लॉ को संविधान की कसौटी पर नहीं परखा जा सकता।

बेंच ने यह भी पूछा कि अगर अदालत शरीयत के उत्तराधिकार नियमों को रद्द कर दे, तो क्या इससे कानूनी शून्य पैदा नहीं हो जाएगा, क्योंकि मुस्लिम उत्तराधिकार को नियंत्रित करने वाला कोई अलग वैधानिक कानून नहीं है। सीजेआई ने चिंता जताते हुए कहा कि सुधार की जल्दबाज़ी में कहीं ऐसा न हो कि हम मुस्लिम महिलाओं को मौजूदा अधिकारों से भी वंचित कर दें।

इस पर वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि यदि शरीयत के प्रावधान हटते हैं तो भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 लागू हो सकता है। अदालत यह घोषित कर सकती है कि मुस्लिम महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर विरासत अधिकार मिलें। उन्होंने यह भी कहा कि विरासत का अधिकार एक सिविल राइट है, इसे धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) के तहत “आवश्यक धार्मिक प्रथा” नहीं माना जा सकता। भूषण ने अपने तर्क के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल तलाक फैसले का हवाला दिया, जिसमें तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराया गया था।

मुस्लिम महिलाओं के लिए समान उत्तराधिकार अधिकारों की मांग करने से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि देश में सभी महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करना है। कोर्ट ने आगे कहा, “क्या हम पर्सनल लॉ पर आधारित सभी द्विविवाह संबंधों को अमान्य घोषित कर सकते हैं या नहीं। इसलिए हमें मौलिक कर्तव्यों को प्रभावी बनाने के लिए विधायी शक्ति पर निर्भर रहना होगा।” CJI सूर्यकांत ने कहा कि जैसा कि सही कहा गया है, इसका उत्तर समान नागरिक संहिता है।

देश का सुनहरा भविष्य युवाओं पर निर्भर : बाबा दुबे
जौनपुर। भारत जैसे विशाल और विविधता से भरे देश के लिए उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा पीढ़ी है।आज का भारत युवाओं का देश है, जहाँ लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है। यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि युवा किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। वे जितने सक्षम, जागरूक, शिक्षित और जिम्मेदार होंगे, देश का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। युवा समाजसेवी सतीश तिवारी के नेतृत्व में मिलने आई युवा टीम द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद बदलापुर विधानसभा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है, परंतु दुर्भाग्य से सरकार UGC जैसे कानून लाकर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लगी है। युवा शक्ति का आपसी टकराव देश को विनाश के रास्ते पर ले जाएगा। इस कानून से सभी का नुकसान होगा। उन्होंने पिछले दिनों सतीश तिवारी द्वारा 25 प्राथमिक स्कूलों के 5000 बच्चों को बाटी गई शैक्षणिक सामग्री की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, श्रीकृष्ण तिवारी, वैभव कृष्ण तिवारी, सुजल तिवारी, उत्कर्ष तिवारी, सचिन तिवारी तथा प्रमोद गिरी उपस्थित रहे। बाबा दुबे ने सभी को उज्जवल भविष्य की शुभकामना देते हुए बाबा कुंज में आने के लिए धन्यवाद दिया।
"उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2026: उपनिरीक्षक और समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा के एडमिट कार्ड जल्द जारी"

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए आगामी 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा के एडमिट कार्ड 11 और 12 मार्च को जारी किए जाएंगे। जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 मार्च को है, वे 11 मार्च और जिनकी परीक्षा 15 मार्च को है, वे 12 मार्च को बोर्ड की वेबसाइट पर जारी लिंक से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

परीक्षा नियंत्रक ने अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर परीक्षा के प्रश्न पत्र, उनकी सामग्री, विश्लेषण या चर्चा करना उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुपयुक्त साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत सख्त प्रतिबंधित है। किसी भी उल्लंघन करने वाले के खिलाफ अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अपर सचिव सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि 4543 पदों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पेपर लीक, नकल या सॉल्वर गैंग जैसी अवांछनीय गतिविधियों की सूचना देने हेतु निम्न संपर्क जारी किए गए हैं।

गोपनीय सूचना देने के लिए:

ईमेल आईडी: नंबर (मैसेज): 9454457951

बोर्ड ने अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निर्भीक होकर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

लखनऊ में स्कूलों के पास ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की पहल, ट्रैफिक मार्शलों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

लखनऊ। माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के आदेश के अनुपालन में और पुलिस उपायुक्त (यातायात) कमलेश दीक्षित के निर्देशन में राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। विशेष रूप से स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय स्कूलों के आसपास होने वाले जाम को कम करने और यातायात को सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

इसी क्रम में लखनऊ यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस लाइन में 28 फरवरी 2026 से सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में शहर के 15 प्रमुख विद्यालयों द्वारा नियुक्त किए गए कुल 89 ट्रैफिक मार्शल भाग ले रहे हैं। इनमें लोरेटो कॉन्वेंट कॉलेज, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, सीएमएस (गोमती नगर विस्तार, स्टेशन रोड, विशाल खंड), सेठ एम.आर. जयपुरिया, एलपीएस, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, एसकेडी एकेडमी, जोसेफ इंटर कॉलेज, सेंट फ्रांसिस कॉलेज, लोरेटो इंटरनेशनल स्कूल, एलपीएस साउथ सिटी और माउंट कार्मल कॉलेज जैसे विद्यालय शामिल हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में इनडोर सत्र के माध्यम से ट्रैफिक मार्शलों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा के मानकों, यातायात संकेतों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की सैद्धांतिक जानकारी दी जा रही है। वहीं दूसरे भाग में आउटडोर या फील्ड सत्र के तहत उन्हें स्कूलों के आसपास के चौराहों और तिराहों पर ले जाकर यातायात संचालन का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में भीड़ को नियंत्रित कर सकें।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करना और छात्रों व अभिभावकों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये ट्रैफिक मार्शल अपने-अपने विद्यालयों में स्कूल खुलने और बंद होने के समय यातायात व्यवस्था संभालेंगे। साथ ही यह भी तय किया गया है कि उनसे स्कूल समय के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं कराया जाएगा, ताकि वे पूरी क्षमता से अपने मुख्य कार्य यानी यातायात प्रबंधन को प्रभावी ढंग से निभा सकें।
प्राचार्य ने स्त्री शक्ति को किया सम्मानित, कविताओं में छलकी नारी संवेदना

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य पर महिला प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारियों को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि आधी आबादी अपनी पूरी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। उनके त्याग, परिश्रम और धैर्य से ही समाज में गति है। प्रकृति ने पुरूष और महिला को अलग-अलग शक्तियों के साथ जिम्मेदारियां भी सौंपी है, जिसका निर्वहन हो रहा है। बेटी, बहन, मां, पत्नी, भाभी, दादी, फुआ, मौसी, चाची, नानी, मामी, ननद, सास आदि रिश्तों को महिलायें ही जीवित रखे है। उन्होंने सभी महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप परिवार और जीवन में सभी रिश्तों का ईमानदारी से निर्वाह करें। रिश्तों की ईमानदारी ही समाज की बुनियाद है जिसमें परिवार पल्लवित-पुष्पित होता है।

इस अवसर डॉ. अजय कुमार तिवारी ने त्रावणकोर रियासत के चेरथला की रहने वाली नागेली के त्याग और बलिदान से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक ज्योति सिंह, डॉ. वन्दना ने कविताओं में नारी संवेदना को व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंबेडकर जयंती समारोह समिति की कमान महिलाओं के हाथ में
फर्रुखाबाद l  विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

 
जिसमें सर्वसम्मति  से निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल 2026 को डॉ बी आर अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भव्यता के साथ महिला कार्यकर्ताओं द्वारा संपन्न कराया जाए जिसका सभी ने तालियां बजाकर समर्थन किया गया तथा सर्वसम्मति से सुषमा जाटव को अध्यक्ष, डॉ रंजना राणा महासचिव, तथा शिवांगी गौतम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया l इस दौरान
उपस्थित सभी लोगों द्वारा पदाधिकारी को बधाई दी गई तथा डॉ बी आर अंबेडकर प्रतिमा स्थल फतेहगढ़ में जाकर सभी के द्वारा माल्यार्पण कर जयंती को भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुख्य रूप से सर्वश्री भगवान दास कश्यप, आशाराम बौद्ध,प्रताप नारायण, प्रमोद कुमार,इंजीनियर वेद प्रकाश ,आर सी गौतम,रमेश चंद कनौजिया, विनोद मैनेजर साहब, चंद्रशेखर,दिनेश कुमार,नरेंद्र कुमार,नरेंद्र सिंह, अजय कुमार, अशोक चौधरी,मुकेश कुमार, अशोक कठेरिया,अभिलाष जाटव,रघुवीर कठेरिया,वीरेंद्र कठेरिया,राम नरेश गौतम,प्रभु दयाल,श्रीमती उषा चंद्र,सरोज वाला,रानी सिंह, बिना दयाल, अमृता आर्य, विजय लक्ष्मी बौद्ध, ओम शांति ,उपासना मौर्य ,रेनू वाला ,सोनी ,डॉ प्रभात राव शिवकिशोर सिंह,वीर सिंह अंबेडकर,सौरव आनंद,संतोष दिवाकर,संजीव सत्यार्थी आदि उपस्थित रहे
पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन हुई अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा
लखनऊ। श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में चल रही अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश हेतु परीक्षा पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन आयोजित की गई। यह परीक्षा प्रदेश के सभी जनपदों में बनाए गए 89 केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर योजना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाया।

21 हजार विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश परीक्षा में हिस्सा

कक्षा 6 में प्रवेश के लिए निर्धारित 2880 सीटों के सापेक्ष 12,018 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि कक्षा 9 की 1140 सीटों के लिए 9,054 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 21,072 विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया।

योगी सरकार का सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन पर फोकस

इस बार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्र प्रदेश स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा तैयार कराए गए, जिससे सभी परीक्षा केंद्रों पर समान मानकों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा सकी। योगी सरकार ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, श्रम विभाग, नामित नोडल अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों के माध्यम से समुचित व्यवस्थाएं कराईं। सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई।

निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा

गौरतलब है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, पुस्तकें, खेलकूद सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां उपलब्ध कराई जातीं हैं। इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप आधुनिक कक्षाओं, छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जा रही है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास हो सके।
स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

*पैनासोनिक ने पेश की नई स्मार्ट और बिजली बचाने वाली एसी रेंज; 2028 तक 20 लाख यूनिट बिक्री का लक्ष्य*

*दिल्ली, 06 फरवरी 2026:* विविध क्षेत्रों में काम करने वाली प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी, पैनासोनिक लाइफ सॉल्‍यूशन्‍स इंडिया ने आज देश की भीषण गर्मी और बदलते मौसम से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई अपनी वर्ष 2026 की 'रेजिडेंशियल एयर कंडीशनर्स' की श्रृंखला पेश की है। भरोसेमंद प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन की गई यह नई रेंज, भारतीय घरों की जरूरतों के अनुसार टिकाऊ, ऊर्जा-कुशल और हर तरह की जलवायु में कूलिंग देने के पैनासोनिक के फोकस को दर्शाती है।

भारतीय घरों में एसी की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाली धूल की सबसे बड़ी समस्या को हल करते हुए, इस नई रेंज में पैनासोनिक की 'डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी' शामिल की गई है। इसमें एक "ऑटो रिवर्स-फ्लो" फैन मैकेनिज्म है, जो आउटडोर यूनिट से धूल को अपने आप बाहर निकाल देता है। इससे लगातार बेहतर कूलिंग, अधिक दक्षता और लंबे समय तक टिकाऊ प्रदर्शन सुनिश्चित होता है। इस तकनीक के साथ, पैनासोनिक ने भारत की कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाले एयर कंडीशनर देने के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।

वर्ष 2026 के इस पोर्टफोलियो में कुल 57 नए मॉडल शामिल हैं, जो अलग-अलग सेगमेंट और कीमतों में उपलब्ध होंगे। इन मॉडल्स में प्रदर्शन, बिजली की बचत और स्मार्ट फीचर्स का बेहतरीन संतुलन रखा गया है, ताकि देशभर के उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए श्री हीरोकाजु कामोडा, प्रबंध निदेशक, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “भारत का एयर कंडीशनिंग बाजार एक निर्णायक मोड़ पर है, जो तेजी से शहरीकरण, बढ़ती आकांक्षाओं और अत्यधिक मौसम की स्थितियों से आकार ले रहा है। हमारी 2026 की आरएसी रेंज के साथ, हम अधिक स्मार्ट, मजबूत और ऊर्जा-कुशल एयर कंडीशनर पेश कर रहे हैं, जो केवल कूलिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारतीय परिवारों के लिए स्वस्थ और अधिक आरामदायक वातावरण तैयार करते हैं। इस लॉन्च के साथ, हम वित्त वर्ष 2028 तक अपनी बिक्री को लगभग 20 लाख यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। इसे हमारे विस्तारित पोर्टफोलियो, तकनीक व मैन्युफैक्चरिंग में निरंतर निवेश और उभरते बाजारों में मजबूत उपस्थिति के जरिए हासिल किया जाएगा।”

श्री अभिषेक वर्मा, हेड- प्रोडक्ट मार्केटिंग एवं प्लानिंग, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “इस लॉन्च के साथ, हम भारत भर में एसी के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाली गर्मी, धूल और कठिन मौसम की चुनौतियों का सीधा समाधान करके कूलिंग के मानकों को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। वर्ष 2026 में 57 नए मॉडल्स के साथ हम उद्योग में सबसे व्यापक पोर्टफोलियो में से एक पेश कर रहे हैं, जिसमें इन्वर्टर, फिक्स्ड-स्पीड, स्मार्ट, हॉट एंड कोल्ड और हाई-कैपेसिटी समाधान शामिल हैं। यह रेंज 'मेक इन इंडिया', फोकस्ड आरएंडडी, और मेट्रो के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 बाजारों में हमारी गहरी पहुंच के संकल्प को और मजबूत करती है।”

नई रेंज में पैनासोनिक के 5-स्टार, 4-स्टार और 3-स्टार इन्वर्टर एसी शामिल हैं। इसमें 5-स्टार सीरीज को प्रीमियम ‘अमेज फेसिया’ डिजाइन दिया गया है, जो डार्क ग्रे और क्रोम डेको के साथ आता है। यह शानदार डिजाइन हाई-परफॉर्मेंस कूलिंग के साथ-साथ आपके घर की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। इस नई रेंज की शुरुआती कीमत 32,490 रुपए है और यह सभी प्रमुख रिटेल स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और पैनासोनिक ब्रांड शॉप पर उपलब्ध है।

कंपनी इस लॉन्च को अपने टीवीसी कैम्‍पेन के जरिए प्रमोट करेगी, जिसमें ब्रांड एंबेसडर और भारत के ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी नजर आएँगे। यह अभियान भारतीय घरों में हर मौसम में भरोसेमंद और टिकाऊ कूलिंग देने के ब्रांड वादे को और मजबूत करता है।

पैनासोनिक एसी की प्रमुख विशेषताएँ:
टेक्नोलॉजी: स्मार्ट और कनेक्टेड अनुभव
पैनासोनिक एसी में उन्नत और भविष्य के लिए तैयार तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आपको स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड कूलिंग का अनुभव देती है।
मिराई™ स्मार्ट इकोसिस्टम: पैनासोनिक का यह आईओटी प्लेटफॉर्म आपको रिमोट ऑपरेशन की सुविधा देता है। यह एआई की मदद से कमरे के तापमान को खुद एडजस्ट करता है, आपकी पसंद के अनुसार 'स्लीप प्रोफाइल' सेट करता है और आपके पास आते ही एसी कंट्रोल को आसान बनाता है। इसके जरिए आप बिजली की खपत को ट्रैक कर सकते हैं, फिल्टर-क्लीनिंग अलर्ट पा सकते हैं और स्मार्ट डायग्नोसिस, वारंटी मैनेजमेंट व वन-टच सर्विस सपोर्ट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
मैटर-इनेबल्ड कनेक्टिविटी: सभी वाई-फाई कनेक्टेड मॉडल 'मैटर' तकनीक को सपोर्ट करते हैं। इससे अलग-अलग स्मार्ट-होम प्लेटफॉर्म्स और डिवाइसेज के साथ आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्शन मिलता है।
नैनो™ एक्टिव एयर प्यूरिफिकेशन: पैनासोनिक की यह पेटेंट तकनीक हवा में मौजूद प्रदूषकों और दुर्गंध को कम करने में मदद करती है, जिससे आपके घर के अंदर की हवा अधिक साफ और स्वस्थ रहती है।

विश्वसनीयता: कठिन मौसम के लिए तैयार

इन्हें भारत की भीषण गर्मी, धूल और कठिन मौसम की स्थितियों को झेलने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।
शील्ड ब्लू+: यह एंटी-करोजन कोटिंग हीट एक्सचेंजर को जंग से बचाकर उसकी उम्र और मजबूती बढ़ाती है।
100% कॉपर कॉइल्स: तेज हीट ट्रांसफर और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करती हैं।
425+ क्वालिटी टेस्ट: हर एसी को 425 से अधिक सख्त गुणवत्ता और प्रदर्शन परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
इको टफ डिज़ाइन: यह नमी, तेज गर्मी और धूल भरी बाहरी परिस्थितियों में भी टिकाऊ कूलिंग देने के लिए बनाया गया है।
स्टेबलाइज़र-फ्री ऑपरेशन: वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव में भी सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अल्ट्रा-एफिशिएंट: स्मार्ट कूलिंग और बिजली बचत

इन एसी को समझदारी से बिजली बचाते हुए आरामदायक ठंडक देने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है।
कनवर्टि8™ टेक्नोलॉजी: केवल एक बटन दबाकर आप कूलिंग क्षमता को 40% से लेकर 100% से भी ऊपर तक एडजस्ट कर सकते हैं। यह जरूरत के हिसाब से आराम और बिजली बचत के बीच सही संतुलन बनाता है।
एआई-पॉवर एडैप्टिव थर्मल कम्फर्ट: यह कमरे के अंदर और बाहर के तापमान के अनुसार एसी का मोड, तापमान और फैन स्पीड खुद सेट कर देता है।
डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी: पैनासोनिक का यह खास फीचर इस्तेमाल के बाद फैन की दिशा बदलकर आउटडोर यूनिट में धूल जमने को अपने आप कम करता है।
क्रिस्टल क्लीन: यह सेल्फ-क्लीनिंग इंडोर कॉइल तकनीक कॉइल को साफ रखकर कूलिंग क्षमता बनाए रखती है और एसी की उम्र बढ़ाती है।

शानदार कूलिंग: रहने की जगहों में तेज़, गहरी और एक समान ठंडक पहुँचाने के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया।
55°C तक के भारी बाहरी तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया।
48°C जैसे अत्यधिक तापमान पर भी 100% कूलिंग क्षमता देने में सक्षम (परीक्षण परिस्थितियों के तहत)।
बड़ा एयर इंटेक, हाई-परफॉर्मेंस फैन और 4-वे स्विंग फीचर, जो कमरे के हर कोने तक समान ठंडक पहुँचाना सुनिश्चित करते हैं।

भरोसेमंद गुणवत्ता: पैनासोनिक की वैश्विक विरासत और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का अटूट भरोसा।
100 से अधिक वर्षों की ब्रांड विरासत और एयर कंडीशनिंग के क्षेत्र में 67 से अधिक वर्षों का विशेषज्ञ अनुभव।
बेहतरीन गुणवत्ता, टिकाऊपन और शानदार प्रदर्शन के लिए दुनिया भर के लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा।
योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: गांव-गांव बस सेवा, संपत्ति रजिस्ट्रेशन सख्त और शिक्षकों को कैशलेस इलाज

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 30 को मंजूरी मिल गई, जबकि कुछ प्रस्तावों को फिलहाल विचार के लिए रोक दिया गया। सरकार के फैसलों का असर परिवहन, आवास, संपत्ति रजिस्ट्रेशन और सरकारी कर्मचारियों के नियमों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा फैसला प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने को लेकर लिया गया। अब किसी भी जमीन या मकान की बिक्री से पहले विक्रेता का नाम खतौनी से मिलान किया जाएगा। अगर नाम में अंतर पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा, जिससे फर्जी रजिस्ट्री और विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर लगाम लगेगी।

कैबिनेट ने सीएम ग्राम परिवहन योजना-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की करीब 59 हजार ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। जिन करीब 12,200 गांवों में अब तक बस नहीं पहुंची, वहां 28 सीटों वाली बसें चलाई जाएंगी। इस सेवा को टैक्स से छूट दी जाएगी और निजी ऑपरेटरों को भी बस संचालन की अनुमति दी जाएगी। बसों की औसत आयु 15 वर्ष तय की गई है और संचालन का अनुबंध 10 वर्ष का होगा।

एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये

परिवहन क्षेत्र में एक और अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने मोटर व्हीकल नियमों में संशोधन का फैसला किया है। अब Ola और Uber जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म को प्रदेश में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ड्राइवरों के लिए मेडिकल जांच, फिटनेस टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी किया जाएगा। एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये और लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये तय की गई है।आवास के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है। Pradhan Mantri Awas Yojana (शहरी) के तहत आवास निर्माण की लागत सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है। अब लाभार्थी 30 वर्गमीटर तक मकान बनवा सकेंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी

सरकार ने कांशीराम आवास योजना के खाली पड़े मकानों की मरम्मत कराकर उन्हें जरूरतमंद दलित परिवारों को आवंटित करने का भी निर्णय लिया है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों में बदलाव करते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि छह महीने के मूल वेतन से अधिक के निवेश की जानकारी देनी होगी और हर साल अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा।इसके अलावा Ayodhya में खेल परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण, Kanpur ट्रांस गंगा सिटी में चार लेन पुल निर्माण और बुंदेलखंड क्षेत्र के Banda व Jhansi में डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला

शिक्षकों को राहत देते हुए सरकार ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। अब अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना से प्रदेश के करीब 1.28 लाख शिक्षकों को लाभ मिलने का अनुमान है। इसके लिए प्रति शिक्षक लगभग 2479 रुपये का प्रीमियम तय किया गया है और सरकार पर करीब 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और शिक्षकों व कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने की यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की वकालत, जानें क्या कहा?

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के कुछ प्रावधानों को महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताते हुए चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश की सभी महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करने का एक तरीका समान नागरिक संहिता यानी कि यूसीसी लागू करना भी हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के उन प्रावधानों को चुनौती दी गई है, जो महिलाओं को पुरुषों के बराबर विरासत अधिकार नहीं देते। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण से पूछा कि क्या अदालत पर्सनल लॉ की संवैधानिक वैधता की जांच कर सकती है? जस्टिस बागची ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि इस फैसले में माना गया था कि पर्सनल लॉ को संविधान की कसौटी पर नहीं परखा जा सकता।

बेंच ने यह भी पूछा कि अगर अदालत शरीयत के उत्तराधिकार नियमों को रद्द कर दे, तो क्या इससे कानूनी शून्य पैदा नहीं हो जाएगा, क्योंकि मुस्लिम उत्तराधिकार को नियंत्रित करने वाला कोई अलग वैधानिक कानून नहीं है। सीजेआई ने चिंता जताते हुए कहा कि सुधार की जल्दबाज़ी में कहीं ऐसा न हो कि हम मुस्लिम महिलाओं को मौजूदा अधिकारों से भी वंचित कर दें।

इस पर वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि यदि शरीयत के प्रावधान हटते हैं तो भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 लागू हो सकता है। अदालत यह घोषित कर सकती है कि मुस्लिम महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर विरासत अधिकार मिलें। उन्होंने यह भी कहा कि विरासत का अधिकार एक सिविल राइट है, इसे धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) के तहत “आवश्यक धार्मिक प्रथा” नहीं माना जा सकता। भूषण ने अपने तर्क के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल तलाक फैसले का हवाला दिया, जिसमें तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराया गया था।

मुस्लिम महिलाओं के लिए समान उत्तराधिकार अधिकारों की मांग करने से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि देश में सभी महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करना है। कोर्ट ने आगे कहा, “क्या हम पर्सनल लॉ पर आधारित सभी द्विविवाह संबंधों को अमान्य घोषित कर सकते हैं या नहीं। इसलिए हमें मौलिक कर्तव्यों को प्रभावी बनाने के लिए विधायी शक्ति पर निर्भर रहना होगा।” CJI सूर्यकांत ने कहा कि जैसा कि सही कहा गया है, इसका उत्तर समान नागरिक संहिता है।

देश का सुनहरा भविष्य युवाओं पर निर्भर : बाबा दुबे
जौनपुर। भारत जैसे विशाल और विविधता से भरे देश के लिए उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा पीढ़ी है।आज का भारत युवाओं का देश है, जहाँ लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है। यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि युवा किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। वे जितने सक्षम, जागरूक, शिक्षित और जिम्मेदार होंगे, देश का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। युवा समाजसेवी सतीश तिवारी के नेतृत्व में मिलने आई युवा टीम द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद बदलापुर विधानसभा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है, परंतु दुर्भाग्य से सरकार UGC जैसे कानून लाकर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लगी है। युवा शक्ति का आपसी टकराव देश को विनाश के रास्ते पर ले जाएगा। इस कानून से सभी का नुकसान होगा। उन्होंने पिछले दिनों सतीश तिवारी द्वारा 25 प्राथमिक स्कूलों के 5000 बच्चों को बाटी गई शैक्षणिक सामग्री की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, श्रीकृष्ण तिवारी, वैभव कृष्ण तिवारी, सुजल तिवारी, उत्कर्ष तिवारी, सचिन तिवारी तथा प्रमोद गिरी उपस्थित रहे। बाबा दुबे ने सभी को उज्जवल भविष्य की शुभकामना देते हुए बाबा कुंज में आने के लिए धन्यवाद दिया।
"उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2026: उपनिरीक्षक और समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा के एडमिट कार्ड जल्द जारी"

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए आगामी 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा के एडमिट कार्ड 11 और 12 मार्च को जारी किए जाएंगे। जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 मार्च को है, वे 11 मार्च और जिनकी परीक्षा 15 मार्च को है, वे 12 मार्च को बोर्ड की वेबसाइट पर जारी लिंक से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

परीक्षा नियंत्रक ने अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर परीक्षा के प्रश्न पत्र, उनकी सामग्री, विश्लेषण या चर्चा करना उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुपयुक्त साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत सख्त प्रतिबंधित है। किसी भी उल्लंघन करने वाले के खिलाफ अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अपर सचिव सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि 4543 पदों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पेपर लीक, नकल या सॉल्वर गैंग जैसी अवांछनीय गतिविधियों की सूचना देने हेतु निम्न संपर्क जारी किए गए हैं।

गोपनीय सूचना देने के लिए:

ईमेल आईडी: नंबर (मैसेज): 9454457951

बोर्ड ने अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निर्भीक होकर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

लखनऊ में स्कूलों के पास ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की पहल, ट्रैफिक मार्शलों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

लखनऊ। माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के आदेश के अनुपालन में और पुलिस उपायुक्त (यातायात) कमलेश दीक्षित के निर्देशन में राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। विशेष रूप से स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय स्कूलों के आसपास होने वाले जाम को कम करने और यातायात को सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

इसी क्रम में लखनऊ यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस लाइन में 28 फरवरी 2026 से सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में शहर के 15 प्रमुख विद्यालयों द्वारा नियुक्त किए गए कुल 89 ट्रैफिक मार्शल भाग ले रहे हैं। इनमें लोरेटो कॉन्वेंट कॉलेज, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, सीएमएस (गोमती नगर विस्तार, स्टेशन रोड, विशाल खंड), सेठ एम.आर. जयपुरिया, एलपीएस, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, एसकेडी एकेडमी, जोसेफ इंटर कॉलेज, सेंट फ्रांसिस कॉलेज, लोरेटो इंटरनेशनल स्कूल, एलपीएस साउथ सिटी और माउंट कार्मल कॉलेज जैसे विद्यालय शामिल हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में इनडोर सत्र के माध्यम से ट्रैफिक मार्शलों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा के मानकों, यातायात संकेतों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की सैद्धांतिक जानकारी दी जा रही है। वहीं दूसरे भाग में आउटडोर या फील्ड सत्र के तहत उन्हें स्कूलों के आसपास के चौराहों और तिराहों पर ले जाकर यातायात संचालन का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में भीड़ को नियंत्रित कर सकें।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करना और छात्रों व अभिभावकों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये ट्रैफिक मार्शल अपने-अपने विद्यालयों में स्कूल खुलने और बंद होने के समय यातायात व्यवस्था संभालेंगे। साथ ही यह भी तय किया गया है कि उनसे स्कूल समय के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं कराया जाएगा, ताकि वे पूरी क्षमता से अपने मुख्य कार्य यानी यातायात प्रबंधन को प्रभावी ढंग से निभा सकें।
प्राचार्य ने स्त्री शक्ति को किया सम्मानित, कविताओं में छलकी नारी संवेदना

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य पर महिला प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारियों को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि आधी आबादी अपनी पूरी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। उनके त्याग, परिश्रम और धैर्य से ही समाज में गति है। प्रकृति ने पुरूष और महिला को अलग-अलग शक्तियों के साथ जिम्मेदारियां भी सौंपी है, जिसका निर्वहन हो रहा है। बेटी, बहन, मां, पत्नी, भाभी, दादी, फुआ, मौसी, चाची, नानी, मामी, ननद, सास आदि रिश्तों को महिलायें ही जीवित रखे है। उन्होंने सभी महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप परिवार और जीवन में सभी रिश्तों का ईमानदारी से निर्वाह करें। रिश्तों की ईमानदारी ही समाज की बुनियाद है जिसमें परिवार पल्लवित-पुष्पित होता है।

इस अवसर डॉ. अजय कुमार तिवारी ने त्रावणकोर रियासत के चेरथला की रहने वाली नागेली के त्याग और बलिदान से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक ज्योति सिंह, डॉ. वन्दना ने कविताओं में नारी संवेदना को व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंबेडकर जयंती समारोह समिति की कमान महिलाओं के हाथ में
फर्रुखाबाद l  विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

 
जिसमें सर्वसम्मति  से निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल 2026 को डॉ बी आर अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भव्यता के साथ महिला कार्यकर्ताओं द्वारा संपन्न कराया जाए जिसका सभी ने तालियां बजाकर समर्थन किया गया तथा सर्वसम्मति से सुषमा जाटव को अध्यक्ष, डॉ रंजना राणा महासचिव, तथा शिवांगी गौतम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया l इस दौरान
उपस्थित सभी लोगों द्वारा पदाधिकारी को बधाई दी गई तथा डॉ बी आर अंबेडकर प्रतिमा स्थल फतेहगढ़ में जाकर सभी के द्वारा माल्यार्पण कर जयंती को भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुख्य रूप से सर्वश्री भगवान दास कश्यप, आशाराम बौद्ध,प्रताप नारायण, प्रमोद कुमार,इंजीनियर वेद प्रकाश ,आर सी गौतम,रमेश चंद कनौजिया, विनोद मैनेजर साहब, चंद्रशेखर,दिनेश कुमार,नरेंद्र कुमार,नरेंद्र सिंह, अजय कुमार, अशोक चौधरी,मुकेश कुमार, अशोक कठेरिया,अभिलाष जाटव,रघुवीर कठेरिया,वीरेंद्र कठेरिया,राम नरेश गौतम,प्रभु दयाल,श्रीमती उषा चंद्र,सरोज वाला,रानी सिंह, बिना दयाल, अमृता आर्य, विजय लक्ष्मी बौद्ध, ओम शांति ,उपासना मौर्य ,रेनू वाला ,सोनी ,डॉ प्रभात राव शिवकिशोर सिंह,वीर सिंह अंबेडकर,सौरव आनंद,संतोष दिवाकर,संजीव सत्यार्थी आदि उपस्थित रहे
पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन हुई अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा
लखनऊ। श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में चल रही अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश हेतु परीक्षा पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन आयोजित की गई। यह परीक्षा प्रदेश के सभी जनपदों में बनाए गए 89 केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर योजना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाया।

21 हजार विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश परीक्षा में हिस्सा

कक्षा 6 में प्रवेश के लिए निर्धारित 2880 सीटों के सापेक्ष 12,018 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि कक्षा 9 की 1140 सीटों के लिए 9,054 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 21,072 विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया।

योगी सरकार का सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन पर फोकस

इस बार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्र प्रदेश स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा तैयार कराए गए, जिससे सभी परीक्षा केंद्रों पर समान मानकों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा सकी। योगी सरकार ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, श्रम विभाग, नामित नोडल अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों के माध्यम से समुचित व्यवस्थाएं कराईं। सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई।

निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा

गौरतलब है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, पुस्तकें, खेलकूद सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां उपलब्ध कराई जातीं हैं। इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप आधुनिक कक्षाओं, छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जा रही है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास हो सके।