ग्रिड सब-स्टेशन डकैती कांड का पर्दाफाश सात अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद*

सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा

पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हया कनादू स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है। दिनांक 23/24 मार्च 2026 की रात लगभग 12–15 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने ग्रिड सब-स्टेशन पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बेखौफ होकर लूटपाट को अंजाम दिया। अपराधियों द्वारा लूटे गए सामान में शामिल हैं: लगभग ₹4 लाख मूल्य के कॉपर वाइंडिंग तार 2 एनवीआर सिस्टम 6 अर्थ स्विच ब्लेड कंट्रोल रूम से टॉर्च कर्मचारियों से ₹13,300 नकद

इस संबंध में सहायक परिचालक विजय कुमार के आवेदन पर पिठौरिया थाना कांड संख्या-27/26 दर्ज किया गया।

SIT गठित, तकनीकी जांच से सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी एवं गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधी

रंजीत मोदी,शशि सिंह,जिदु कुमार सिंह,मो. अरमान,शुभम कुमार,रिंकु अंसारी,शाहिद अंसारी

सभी रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी

बरामदगी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया:

करीब 100 किलो तांबा तार 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 2 टेम्पो एवं 2 मोटरसाइकिल ₹12,600 नकद

कॉपर काटने के औजार एवं अन्य सामग्री

अपराध की सुनियोजित साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी (निगरानी) की थी। कुल 15 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जो लूट, परिवहन और सामान खपाने में शामिल थे।

लूटे गए कॉपर तार को कबाड़ी कारोबारी रंजीत मोदी समेत अन्य दुकानों में बेच दिया गया था, जिसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया गया।

आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान जिदु कुमार सिंह एवं शाहिद अंसारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में असीत कुमार मोदी, पुलिस निरीक्षक पश्चिम) सदर ( पिठौरिया  थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे अवर निरीक्षक संतोष यादव,संजय कुमार,सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, दीनबंधु दुबे,संतोष महतो एवं नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है

रांची पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक बड़ी डकैती का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

कांग्रेसी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की भतीजी ने करोड़ों में बेच दी वक्फ संपत्ति

स्टे के बाद भी वक्फ कब्रिस्तान पर तन रहीं दुकानें

• नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति हो रही खुर्द बुर्द

खान आशु 

भोपाल। प्रदेश की संस्कारधानी कहलाने वाली जगह से सटे नरसिंहपुर जिले में भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। संस्कारों को धता दिखाते हुए यहां एक वक्फ संपत्ति को औने पौने दाम पर बेच दिया गया है तो दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों के स्थान कब्रिस्तान को भी निशाना बनाने से नहीं चूका गया है। जमीन का सौदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया है, जिसपर जिला पंजीयक ने भी नजर नहीं डाली है। जबकि स्टे हो चुके कब्रिस्तान की जमीन पर हो रहे निर्माण पर भी प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। कांग्रेसियों द्वारा किए जा रहे इस गोरखधंधे को भाजपा शासनकाल में भाजपाइयों की शिकायत पर भी असर नहीं हो रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान जैसे कई लोग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं।

मामला नरसिंहपुर जिले का है। यहां जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में स्थित है वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा। खसरा नंबर 35/1 एवं 35/2 पर बसी इस कृषि भूमि का आधिपत्य मप्र वक्फ बोर्ड का है, इसके रिकॉर्ड में यह दर्ज है। लेकिन कुछ भू माफियाओं की बदनीयत इस जमीन पर पड़ गई, जिसके लिए उन्होंने कुछ कूटरचित दस्तावेज बनाकर इसका सौदा कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की भतीजी शालिनी प्रजापति की इसमें मुख्य भूमिका है। उन्होंने खुद को इस वक्फ संपत्ति का मालिक करार देते हुए इसका सौदा विश्वास गोटे नामक व्यक्ति को कर दिया है। जानकारी के मुताबिक करीब एक करोड़, 24 रूपये के इस सौदे पर जिला पंजीयक ने भी बिना पड़ताल के सहमति की मुहर लगा दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की जल्दबाजी का आलम यह है कि आनन फानन में वे इस विवादास्पद सौदे पर नामांतरण करने को भी तैयार हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्फ अमेंडमेंड बिल की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

शासकीय स्टे को भी धता

नरसिंहपुर जिले की तहसील है गाडरवाड़ा। जिसका एक गांव है कुंडिया। यहां मुस्लिम समाज का एक बरसों पुराना कब्रस्तान है, जो वक्फ बोर्ड के आधिपत्य में है। इस कब्रिस्तान पर भी नजर तिरछी कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा। जिससे भविष्य में कब्रिस्तान की जगह कम तो होगी ही साथ एक नए विवाद की शुरुआत इससे हो सकती है। जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी ने इस निर्माण पर स्टे दे दिया है। लेकिन हठधर्मिता का आलम यह है कि स्टे के बावजूद यहां निर्माण कार्य सतत जारी है।

शिकायत सीएम से लेकर अध्यक्ष तक 

शहर के जिम्मेदारों और फिक्रमंद लोगों में शामिल जिला वक्फ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के हुसैन पठान ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत की है। उन्होंने वक्फ संपत्ति की इस बर्बादी को रोकने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल से भी गुहार लगाई है। पठान ने कहा कि इस तरह वक्फ की बर्बादी से कल के लिए नया उदाहरण तय होगा, साथ ही इससे समाज में भी गलत संदेश जाएगा।

* इनका कहना है 

नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति के बारे में शिकायत मिली है। जिले के अधिकारियों को स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।

डॉ. सनव्वर पटेल 

अध्यक्ष 

मप्र वक्फ बोर्ड

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

विकास मंच के जिला अध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में किया, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन


फर्रुखाबाद l गुरुवार को विकास मंच के जिला अध्यक्ष भयइन मिश्रा ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन कहा है कि जिले में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए उसी दुकान पर जाने को मजबूर करते हैं जहां पर वह बताते हैं,उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीएसई एवं अन्य बोर्ड से संचालित कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं। अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष नए सत्र में किताबों के सेट में मामूली बदलाव कर पुरानी पुस्तकों को अनुपयोगी बता दिया जाता है, जिससे अभिभावकों को हर साल नया सेट खरीदना पड़ता है। कई मामलों में स्कूल प्रबंधन विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव डालते हैं। यही नहीं एडमिशन फीस और अन्य शुल्क भी मनमाने ढंग से वसूलने की भी शिकायत की गई है। विकास मंच जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी या सरकारी मानकों के अनुरूप पुस्तकें ही लागू कराई जाएं, साथ ही फीस पर नियंत्रण रखा जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कृष्ण और सुदामा की बालसखा की कथा सुना कर भक्त भाव विभोर हुए, कथा के अंतिम दिन भक्तों की रही भीड़

फर्रुखाबाद ।क्षेत्र के गांव रुनीचुरसाई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिवस पर कथाव्यास पं सुरेश चन्द्र द्विवेदी व सुनोराम दुबे असेह कन्नौज ने अपने मुखारविंद से भक्तों को अमृतमयी कथा का रसपान कराते हुए सुनाया कि भगवान कन्हैया ने रुक्मिणी, जामवंती, सत्यभामा सहित सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन किया, प्रसंग सुनकर भक्त भावविभोर हुए, अपने गुरुकुल के बालसखा सुदामा चरित्र का मार्मिक चित्रण वर्णन किया, कृष्ण सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन करते हुए कहा पत्नी सुशीला के बहुत  आग्रह पर भेंट स्वरूप चावल ले गए , द्वारिकाधीशने अपने गरीब मित्र को राजसिंहासन बैठाया और सुदामा की दीन दशा पर करुणा करिके करुणानिधि बहुत रोऐ तत्पश्चात अपने गरीब मित्र को चावल की एक मुठ्ठी के बदले सुदामा की कुटिया को राजमहल में बदल दिया, आगे उन्होंने कहा कि चार वेद छः शास्त्र में बात लिखी है दोय,दुख दीन्हे दुख होत है सुख दीन्हे सुख होय और अन्त में सभी श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में जीवन के कल्याण हेतु कहा , संसार के जीवों पर हर दम ही दया करना, जब कोई न हो अपना सियाराम जपा करना, कथा परीक्षित विमलेश कुमार पत्नी ममता कुमारी रहे, संगीतमय कथा में ढोलक पर राजेश पैड पर पुजारी, हेमचंद्र दुबे, साधू , केशव और व्यवस्था में अरविन्द राजपूत, वीरभान सिंह, गिरन्द सिंह, माखनलाल, सूरजपसाद, हरजीत,अमित कुमार ,भगवान दास,मनोज कुमार, रामनरेश, अवधेश सिंह, राजनरायन, हरीराम , दीपक ,आशाराम , प्रभूदयाल , शोभित सहित भारी संख्या में श्रद्धालु रहे ।
स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को सामजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव,दहेज प्रथा,अशिक्षा,नशाखोरी ,जुआ , मद्यपान आदि के समूल उन्मूलन हेतु  प्रेरित किया।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने समय माता मंदिर में जाकर परिसर की साफ सफाई की। स्वयंसेवकों ने मंदिर में बैठकर माता जी के भजन कीर्तन किया।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर आर बी एस बघेल जी, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  के रूप में लाल जी दूबे,जिला पंचायत राज अधिकारी गोण्डा, एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में उमापति त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष प्रधानसंघ गोण्डा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि श्री लाल जी दूबे जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सेवकों को देश के महान विभूतियों से प्रेरणा लेना चाहिए और अपना जीवन परमार्थ मार्ग पर लगाना चाहिए । विशिष्ट अतिथि उमापति त्रिपाठी जी ने स्वयं सेवकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर आर बी एस बघेल जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयं सेवकों में सेवा भाव विकसित करती है जिससे स्वयं सेवक देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम का संचालन डा दिलीप शुक्ल ने किया।
अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने की थी टाइल्स कारीगर रितेश की हत्या

तीन आरोपित गिरफ्तार, चौथा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर जिन दोस्तों से कहा सुनी और विवाद की नफरत की भट्टी में दुश्मनी इस कदर पक्की कि  टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की तहरीर पर पुलिस द्वारा शांत भांग की कार्रवाई का नतीजा अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को इतना खराब लगा कि आरोपियों ने गला रेट कर कारीगर की निर्माण हत्या कर दी। पहले उन्हीं लोगों ने घर से बुलाया। फिर मौत के घाट उतार दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। यह दिल दहलाने वाला घटना
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई। 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।  हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी फरार  है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें आरोपियों को खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया था। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

*24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी*

24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।

ग्रिड सब-स्टेशन डकैती कांड का पर्दाफाश सात अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद*

सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा

पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हया कनादू स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है। दिनांक 23/24 मार्च 2026 की रात लगभग 12–15 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने ग्रिड सब-स्टेशन पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बेखौफ होकर लूटपाट को अंजाम दिया। अपराधियों द्वारा लूटे गए सामान में शामिल हैं: लगभग ₹4 लाख मूल्य के कॉपर वाइंडिंग तार 2 एनवीआर सिस्टम 6 अर्थ स्विच ब्लेड कंट्रोल रूम से टॉर्च कर्मचारियों से ₹13,300 नकद

इस संबंध में सहायक परिचालक विजय कुमार के आवेदन पर पिठौरिया थाना कांड संख्या-27/26 दर्ज किया गया।

SIT गठित, तकनीकी जांच से सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी एवं गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधी

रंजीत मोदी,शशि सिंह,जिदु कुमार सिंह,मो. अरमान,शुभम कुमार,रिंकु अंसारी,शाहिद अंसारी

सभी रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी

बरामदगी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया:

करीब 100 किलो तांबा तार 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 2 टेम्पो एवं 2 मोटरसाइकिल ₹12,600 नकद

कॉपर काटने के औजार एवं अन्य सामग्री

अपराध की सुनियोजित साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी (निगरानी) की थी। कुल 15 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जो लूट, परिवहन और सामान खपाने में शामिल थे।

लूटे गए कॉपर तार को कबाड़ी कारोबारी रंजीत मोदी समेत अन्य दुकानों में बेच दिया गया था, जिसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया गया।

आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान जिदु कुमार सिंह एवं शाहिद अंसारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में असीत कुमार मोदी, पुलिस निरीक्षक पश्चिम) सदर ( पिठौरिया  थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे अवर निरीक्षक संतोष यादव,संजय कुमार,सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, दीनबंधु दुबे,संतोष महतो एवं नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है

रांची पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक बड़ी डकैती का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

कांग्रेसी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की भतीजी ने करोड़ों में बेच दी वक्फ संपत्ति

स्टे के बाद भी वक्फ कब्रिस्तान पर तन रहीं दुकानें

• नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति हो रही खुर्द बुर्द

खान आशु 

भोपाल। प्रदेश की संस्कारधानी कहलाने वाली जगह से सटे नरसिंहपुर जिले में भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। संस्कारों को धता दिखाते हुए यहां एक वक्फ संपत्ति को औने पौने दाम पर बेच दिया गया है तो दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों के स्थान कब्रिस्तान को भी निशाना बनाने से नहीं चूका गया है। जमीन का सौदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया है, जिसपर जिला पंजीयक ने भी नजर नहीं डाली है। जबकि स्टे हो चुके कब्रिस्तान की जमीन पर हो रहे निर्माण पर भी प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। कांग्रेसियों द्वारा किए जा रहे इस गोरखधंधे को भाजपा शासनकाल में भाजपाइयों की शिकायत पर भी असर नहीं हो रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान जैसे कई लोग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं।

मामला नरसिंहपुर जिले का है। यहां जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में स्थित है वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा। खसरा नंबर 35/1 एवं 35/2 पर बसी इस कृषि भूमि का आधिपत्य मप्र वक्फ बोर्ड का है, इसके रिकॉर्ड में यह दर्ज है। लेकिन कुछ भू माफियाओं की बदनीयत इस जमीन पर पड़ गई, जिसके लिए उन्होंने कुछ कूटरचित दस्तावेज बनाकर इसका सौदा कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की भतीजी शालिनी प्रजापति की इसमें मुख्य भूमिका है। उन्होंने खुद को इस वक्फ संपत्ति का मालिक करार देते हुए इसका सौदा विश्वास गोटे नामक व्यक्ति को कर दिया है। जानकारी के मुताबिक करीब एक करोड़, 24 रूपये के इस सौदे पर जिला पंजीयक ने भी बिना पड़ताल के सहमति की मुहर लगा दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की जल्दबाजी का आलम यह है कि आनन फानन में वे इस विवादास्पद सौदे पर नामांतरण करने को भी तैयार हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्फ अमेंडमेंड बिल की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

शासकीय स्टे को भी धता

नरसिंहपुर जिले की तहसील है गाडरवाड़ा। जिसका एक गांव है कुंडिया। यहां मुस्लिम समाज का एक बरसों पुराना कब्रस्तान है, जो वक्फ बोर्ड के आधिपत्य में है। इस कब्रिस्तान पर भी नजर तिरछी कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा। जिससे भविष्य में कब्रिस्तान की जगह कम तो होगी ही साथ एक नए विवाद की शुरुआत इससे हो सकती है। जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी ने इस निर्माण पर स्टे दे दिया है। लेकिन हठधर्मिता का आलम यह है कि स्टे के बावजूद यहां निर्माण कार्य सतत जारी है।

शिकायत सीएम से लेकर अध्यक्ष तक 

शहर के जिम्मेदारों और फिक्रमंद लोगों में शामिल जिला वक्फ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के हुसैन पठान ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत की है। उन्होंने वक्फ संपत्ति की इस बर्बादी को रोकने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल से भी गुहार लगाई है। पठान ने कहा कि इस तरह वक्फ की बर्बादी से कल के लिए नया उदाहरण तय होगा, साथ ही इससे समाज में भी गलत संदेश जाएगा।

* इनका कहना है 

नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति के बारे में शिकायत मिली है। जिले के अधिकारियों को स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।

डॉ. सनव्वर पटेल 

अध्यक्ष 

मप्र वक्फ बोर्ड

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

विकास मंच के जिला अध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में किया, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन


फर्रुखाबाद l गुरुवार को विकास मंच के जिला अध्यक्ष भयइन मिश्रा ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन कहा है कि जिले में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए उसी दुकान पर जाने को मजबूर करते हैं जहां पर वह बताते हैं,उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीएसई एवं अन्य बोर्ड से संचालित कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं। अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष नए सत्र में किताबों के सेट में मामूली बदलाव कर पुरानी पुस्तकों को अनुपयोगी बता दिया जाता है, जिससे अभिभावकों को हर साल नया सेट खरीदना पड़ता है। कई मामलों में स्कूल प्रबंधन विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव डालते हैं। यही नहीं एडमिशन फीस और अन्य शुल्क भी मनमाने ढंग से वसूलने की भी शिकायत की गई है। विकास मंच जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी या सरकारी मानकों के अनुरूप पुस्तकें ही लागू कराई जाएं, साथ ही फीस पर नियंत्रण रखा जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कृष्ण और सुदामा की बालसखा की कथा सुना कर भक्त भाव विभोर हुए, कथा के अंतिम दिन भक्तों की रही भीड़

फर्रुखाबाद ।क्षेत्र के गांव रुनीचुरसाई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिवस पर कथाव्यास पं सुरेश चन्द्र द्विवेदी व सुनोराम दुबे असेह कन्नौज ने अपने मुखारविंद से भक्तों को अमृतमयी कथा का रसपान कराते हुए सुनाया कि भगवान कन्हैया ने रुक्मिणी, जामवंती, सत्यभामा सहित सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन किया, प्रसंग सुनकर भक्त भावविभोर हुए, अपने गुरुकुल के बालसखा सुदामा चरित्र का मार्मिक चित्रण वर्णन किया, कृष्ण सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन करते हुए कहा पत्नी सुशीला के बहुत  आग्रह पर भेंट स्वरूप चावल ले गए , द्वारिकाधीशने अपने गरीब मित्र को राजसिंहासन बैठाया और सुदामा की दीन दशा पर करुणा करिके करुणानिधि बहुत रोऐ तत्पश्चात अपने गरीब मित्र को चावल की एक मुठ्ठी के बदले सुदामा की कुटिया को राजमहल में बदल दिया, आगे उन्होंने कहा कि चार वेद छः शास्त्र में बात लिखी है दोय,दुख दीन्हे दुख होत है सुख दीन्हे सुख होय और अन्त में सभी श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में जीवन के कल्याण हेतु कहा , संसार के जीवों पर हर दम ही दया करना, जब कोई न हो अपना सियाराम जपा करना, कथा परीक्षित विमलेश कुमार पत्नी ममता कुमारी रहे, संगीतमय कथा में ढोलक पर राजेश पैड पर पुजारी, हेमचंद्र दुबे, साधू , केशव और व्यवस्था में अरविन्द राजपूत, वीरभान सिंह, गिरन्द सिंह, माखनलाल, सूरजपसाद, हरजीत,अमित कुमार ,भगवान दास,मनोज कुमार, रामनरेश, अवधेश सिंह, राजनरायन, हरीराम , दीपक ,आशाराम , प्रभूदयाल , शोभित सहित भारी संख्या में श्रद्धालु रहे ।
स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को सामजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव,दहेज प्रथा,अशिक्षा,नशाखोरी ,जुआ , मद्यपान आदि के समूल उन्मूलन हेतु  प्रेरित किया।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने समय माता मंदिर में जाकर परिसर की साफ सफाई की। स्वयंसेवकों ने मंदिर में बैठकर माता जी के भजन कीर्तन किया।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर आर बी एस बघेल जी, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  के रूप में लाल जी दूबे,जिला पंचायत राज अधिकारी गोण्डा, एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में उमापति त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष प्रधानसंघ गोण्डा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि श्री लाल जी दूबे जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सेवकों को देश के महान विभूतियों से प्रेरणा लेना चाहिए और अपना जीवन परमार्थ मार्ग पर लगाना चाहिए । विशिष्ट अतिथि उमापति त्रिपाठी जी ने स्वयं सेवकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर आर बी एस बघेल जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयं सेवकों में सेवा भाव विकसित करती है जिससे स्वयं सेवक देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम का संचालन डा दिलीप शुक्ल ने किया।
अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने की थी टाइल्स कारीगर रितेश की हत्या

तीन आरोपित गिरफ्तार, चौथा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर जिन दोस्तों से कहा सुनी और विवाद की नफरत की भट्टी में दुश्मनी इस कदर पक्की कि  टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की तहरीर पर पुलिस द्वारा शांत भांग की कार्रवाई का नतीजा अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को इतना खराब लगा कि आरोपियों ने गला रेट कर कारीगर की निर्माण हत्या कर दी। पहले उन्हीं लोगों ने घर से बुलाया। फिर मौत के घाट उतार दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। यह दिल दहलाने वाला घटना
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई। 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।  हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी फरार  है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें आरोपियों को खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया था। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

*24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी*

24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।