...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
हजारीबाग यूथ विंग ने उपायुक्त हेमंत सती से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक कार्यों की दी जानकारी

हजारीबाग: मंगलवार को हजारीबाग यूथ विंग के एक प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती से उनके कार्यालय (एनआईसी) में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर उपायुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग आगमन पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पिछले 5 वर्षों में किए गए सामाजिक एवं जनहित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जरूरतमंदों की सहायता, गरीब बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जैसे कार्यों के माध्यम से संस्था ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।

विशेष रूप से 13 अप्रैल को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उल्लेख करते हुए बताया गया कि यह हजारीबाग का अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर रहा, जिसमें कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस पहल से कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और कई जिंदगियों को बचाने में मदद मिली। इसे जिले में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उपायुक्त हेमंत सती ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि सदस्यों में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का जज्बा हो, तो वे निश्चित रूप से जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि जनहितकारी कार्यों का दायरा और बढ़ाया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि संस्था बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है और सभी सदस्य इसी भावना के साथ जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए कार्य एक शुरुआत हैं और आने वाले समय में संस्था बड़े स्तर पर सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, मार्गदर्शक संजय कुमार, डॉक्टर बी. वेंकटेश, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रज्ञा कुमारी, कैलाश कुमार एवं उदित तिवारी सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सामाजिक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक की गई आयोजित*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईसीडीएस जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बीएचएनडी सत्र का आयोजन सभी विकास खंडों में शत प्रतिशत न होने पर सीडीपीओ भदोही, औराई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने पर  जिला कार्यक्रम अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिया।
          जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि समस्त सीडीपीओ की मॉनिटरिंग करें तथा समय से पोषण आहार का वितरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पोषण आहार की मांग के संबंध में समय से शासन को डिमांड प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के वजन, गृह भ्रमण, सी०बी०ई० आदि की रिपोर्ट समय से पोषण ट्रैकर ऐप पर फीडिंग कराना सुनिश्चित करें।
        सैम/मैम बच्चों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी शत प्रतिशत सैम/मैम बच्चों का चिन्हांकन कर उनको सैम/मैम की श्रेणी से बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार एनआरसी पर सैम/मैम बच्चों को भर्ती किया जाए।
         जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर हॉटकुक्ड मील योजना के अंतर्गत मीनू के अनुसार बच्चों क़ो गरम खाना दिया जाए। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निर्धारित समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से घर-घर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को एनीमिया के बारे में जानकारी दी जाए तथा उन्हें हरी सब्जी, फल, गुड आदि का सेवन करने के लिए जागरूक करें, ताकि वे एनीमिया से ग्रसित ना हो।
       बैठक में उपायुक्त मनरेगा राजा राम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संतोष कुमार चक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा सहित समस्त सीडीपीओ एवं अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
*स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, नोटिस और सेवा समाप्ति के दिए निर्देश*
*डीएम शैलेष कुमार का कड़ा रुख, गैरहाजिरी व ढिलाई पर कार्रवाई, अवैध अस्पतालों की जांच के आदेश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्य एवं वित्तीय प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने एमसीएस ज्ञानपुर के द्वारा टोटल ई-प्रिक्रिप्सन डॉक्टर डेस्क में अपेक्षित प्रगति न होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर एमसीएस अधीक्षक ज्ञानपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिया। साथ ही अवैध चल रहे चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के लिए सम्बन्धित एमओआईसी को निर्देश दिया। साथ ही जनऔषधि केन्द्रों की जॉच करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया।
          डी०आई०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि एच०पी०वी० वैक्सिन एक महत्वपूर्ण टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाता है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) का कारण बनता है, यह टीका 09 से 14 वर्ष लड़कियों के लिए प्रभावी है। परन्तु दिशा-निर्देश के अनुसार अभियान के रूप में जनपद स्तर पर यह वैक्सिन 14 वर्ष की किशोरियों को निःशुल्क लगाया जाना है। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जायेगा। 03 माह के पश्चात यह वैक्सीन प्रत्येक वी०एच०एन०डी० सत्र पर निःशुल्क लगाया जायेगा। जिस कम में समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त अधीक्षक उक्त अभियान के अन्तर्गत अपने अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष कि किशारियों का डयूलिस्ट बनाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। डी०टी०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि रजनीश कुमार, एकाउन्टेन्ट टी०बी० कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नोटिस देने के उपरांत भी अपने कार्याे में कोई सुधार नही किया गया तथा निःक्षय पोर्टल पर डी०बी०टी० के फीडिंग का कार्य पूर्ण नही हो पा रहा है। जिस पर जिला कार्यकम प्रबन्धक द्वारा एन०एच०एम० के एच०आर० पालिसी पर चर्चा की गयी। उक्त के कम में अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त कर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही किये जाने के दृष्टिगत सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई।
बैठक में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें। ेउन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर समय से उपस्थित रहकर मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करें , किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यू0पी0 हेल्थ डैशबोर्ड के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा की गयी। स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम की कंपोजिट रिपोर्ट अगले बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सभी एमओआईसी, आशा व एएनएम की हफ्ते में बैठक कर सघन समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक की कार्यवृत्ति में सभी बिन्दुओं की समीक्षा अगले दिन तक अवश्य उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्वालिटी एश्योंरेस कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर में लैब स्लैब एवं बेसिंग उपलब्धता पर बल दिया। स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों के उपस्थिति की चेकिंग एवं कार्य के प्रति उनकी दक्षता का सतत् मूल्यांकन हो। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यक्तिगत व टीम बेस्ड इंटेंसिव बढ़ाने व सुधार करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। सभी पीएचसी, सीएचसी पर ड्यूटीरूम सहित सभी जगह साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाये, इस सन्दर्भ में आशा व एएनएम को प्रेरित करें। प्रसूता को कम से कम 48 घण्टे अस्पताल में रूकने हेतु प्रेरित किया जाय। जिलाधिकारी ने जनपद में कार्यरत सभी कम्युनिटी आफिसर को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मन्दिर की प्रभावी क्रियाशीलता हेतु अटेन्डेंस के माध्यम से नियमित करें, लापरवाही न बरते। आयुष चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जितने भी पंजीकृत आयुष चिकित्सालय है। 15 दिन के भीतर टीम बनाकर मजिस्टेªट के साथ जॉचकर रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार ने सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
84 कोसीय परिक्रमा महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा क्षेत्रीय पत्रकारों का किया गया सम्मान
रितेश मिश्रा
बेनीगंज  (हरदोई)। मंगलवार को लगभग 4:00 बजे बेनीगंज स्थित सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड के प्रांगण में 84 कोशिय परिक्रमा समिति के महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा उपस्थित संतो एवं क्षेत्रीय सम्मानित पत्रकार बंधुओ का सम्मान किया गया।
यह जानकारी कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष जनपद हरदोई एवं जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य से 84 कोसीय परिक्रमा प्रारंभ होकर मिश्रित तीर्थ पर विश्राम लेती है। जिसमें क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ का इस परिक्रमा में विशेष योगदान एवं उत्कृष्ट कार्य रहता है। जिसके मद्देनजर रखते हुए 84 कोसीय परिक्रमा समिति के महासचिव संतोष दास खाकी ने क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को स्मृति चिन्ह, माला, पेन, रामपटा एवं प्रसाद देकर सम्मानित करते हुए आशीर्वाद दिया।इसी कड़ी में उन्होंने कहा की पत्रकार देश का चतुर्थ स्तंभ है। जिनकी कलम की ताकत से परिक्रमा में प्रत्येक वर्ष अव्यवस्थाओं से व्यवस्थाएं परिवर्तित होती नजर आती हैं और शासन प्रशासन जाग उठता है।जिसमें पत्रकार बंधुओ की महती योगदान रहता है। उसी कड़ी में मंगलवार को 4:00 बजे सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड बेनीगंज में समस्त क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में आए हुए संत महात्माओं का स्वागत श्री तिवारी ने किया। उन्होंने संत महात्माओं के पधारने पर आशीर्वाद लेते हुए आभार प्रकट किया है।
इस मौके पर 84 कोसीय परिक्रमा समिति अध्यक्ष श्री श्री 1008 श्री महंत नन्हकू दास जी महाराज एवं पत्रकार बंधुओ में अरुणेश बाजपेई, संतोष मिश्रा, पुनीत मिश्रा, राजीव रंजन त्रिपाठी, पीयूष तिवारी,विमल त्रिपाठी,सुदेश शुक्ला,नरेंद्र शुक्ला, बुद्धसेन सोनी,रोहित मिश्रा, हिमांशु तिवारी, शुभम सोनी, पंकज सिंह सहित पड़ाव प्रमुख गिरधरपुर उमरारी दुर्गा शरण सोनी, महेंद्र प्रताप सिंह एवं समस्त विद्यालय स्टाफ मौके पर मौजूद रहे।
पंथवारी देवी मंदिर पर एंटी रोमियो टीम की चेकिंग अभियान*
विशाल वाजपेई
हरदोई पाली थाना  क्षेत्र में स्थित पंथवारी देवी मंदिर परिसर में आज एंटी रोमियो टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया। टीम ने युवाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की।चेकिंग अभियान में महिला कांस्टेबल प्रियंका उपाध्याय, महिला कांस्टेबल रिया गुप्ता, महिला कांस्टेबल प्रीति गौतम एवं महिला कांस्टेबल साक्षी साहू (थाना पाली, हरदोई) मौजूद रहीं। टीम ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक बताया।
‘शशि थरूर ने स्वीकार किया कांग्रेस महिला विरोधी’, रिजिजू का बड़ा दावा

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महिला आरक्षण को लेकर हाल के दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस पूरे मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। रिजिजू ने दावा किया था कि संसद सत्र के बाद थरूर ने दावा किया था कि कांग्रेस महिला विरोधी है।

थरूर व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि संसद सत्र के बाद उनकी और थरूर की मुलाकात हुई थी। रिजिजू ने कहा कि फोटो सेशन के दौरान शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस भले ही एंटी-वूमन हो सकती है, लेकिन कोई उन्हें व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं मान सकता। रिजिजू ने आगे कहा कि उन्होंने भी इस बात से सहमति जताई कि थरूर की छवि महिला विरोधी नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी पर सवाल उठते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

रिजिजू के दावे पर शशि थरूर ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे पर शशि थरूर ने अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। थरूर ने कहा, कि फोटो में 7 लोग है, जो असलियत बता सकते हैं। शशि थरूर ने कहा, सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक सशक्त महिला राष्ट्रपति के रूप में हमने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के लिए आवाज उठाई है। महिला आरक्षण विधेयक की पहल की, इसे हमारे कार्यकाल में राज्यसभा में पारित कराया और 2023 में भारत सरकार द्वारा लोकसभा में लाए जाने पर इसका समर्थन किया।

थरूर के सोशल मीडिया पोस्ट से जोड़ा जा रहा विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 18 अप्रैल को शशि थरूर द्वारा साझा की गई एक तस्वीर भी है। इस तस्वीर में उन्होंने किरेन रिजिजू के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा था कि जब रिजिजू ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, तब उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें ऐसा नहीं कह सकता। इस पोस्ट में थरूर ने हल्के-फुल्के अंदाज में रिजिजू को चार्मिंग भी बताया था।

दो सगे भाइयों ने वृद्ध पिता की हथियार मारकर निर्मम हत्या कर दी, पुलिस ने बड़े भाई को लिया हिरासत में,
फर्रुखाबाद l मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने वृद्ध पिता के सिर में हथियार मारकर हत्या कर दी। ग्राम अर्राह पहाड़पुर में 70 वर्षीय रामसनेही बेटे अनिल व ओमकार के साथ घर में रहते थे। सोमवार की रात बेटों ने पिता की किसी हथियार से सिर में हमला करके मार डाला। मऊदरवाजा थानाध्यक्ष अजब सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मौके पर मिले बड़े बेटे ओमकार को हिरासत में ले लिया। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल के साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं l

बताते है कि ओमकार की शादी तो हुई थी  लेकिन पत्नी उसे छोड़कर चली गई। अनिल ने दो शादियां की थीं पहली पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी और दूसरी पत्नी छोड़कर बहनोई के साथ चली गई और अनिल पिता पर दबाव डाल रहा था कि शादी करवा दो,रामसनेही शादी करने को तैयार नहीं हो रहा था । वृद्ध रामसनेही दोनों आवारा बेटों को खाना बनाकर खिलाया करते थे।
सीओ सिटी अभय कुमार वर्मा ने बताया कि बेटे अनिल व ओमकार ने ही अपने वृद्ध पिता की हत्या की है l पुलिस ने ओमकार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है तहरीर मिलने पर करवाई की जाएगी l
जस्टिस स्वर्णकांता का अब मनीष सिसोदिया ने किया बहिष्कार, केजरीवाल की तरह लिखी चिठ्ठी

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दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह ‘सत्याग्रह’ का रास्ता चुना है। अरविंद केजरीवाल के बाद अब आप के नेता मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में खुद या वकील के पेश नहीं होने का एलान कर दिया है।

अदालत में पेश नहीं होंगे सिसोदिया

आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई से अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी खुद को अलग कर लिया है।मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं-सिसोदिया

सिसोदिया ने अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि मुझे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और मेरी तरफ से कोई भी वकील आपके सामने पेश नहीं होगा। सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा है। केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया के इस बयान ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है।

केजरीवाल ने भी लिखा था पत्र

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा था कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने गांधीजी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला किया है। मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता हूं।

क्या है मामला?

दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें आबकारी घोटाले में केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इस अपील याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायमूर्ति शर्मा से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी। 20 अप्रैल को अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि किसी राजनेता को न्यायपालिका पर अविश्वास फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के बाद केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा कि अब उन्हें विश्वास नहीं रहा कि न्यायमूर्ति शर्मा निष्पक्ष तरीके से सुनवाई कर पाएंगी।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
हजारीबाग यूथ विंग ने उपायुक्त हेमंत सती से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक कार्यों की दी जानकारी

हजारीबाग: मंगलवार को हजारीबाग यूथ विंग के एक प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती से उनके कार्यालय (एनआईसी) में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर उपायुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग आगमन पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पिछले 5 वर्षों में किए गए सामाजिक एवं जनहित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जरूरतमंदों की सहायता, गरीब बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जैसे कार्यों के माध्यम से संस्था ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।

विशेष रूप से 13 अप्रैल को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उल्लेख करते हुए बताया गया कि यह हजारीबाग का अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर रहा, जिसमें कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस पहल से कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और कई जिंदगियों को बचाने में मदद मिली। इसे जिले में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उपायुक्त हेमंत सती ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि सदस्यों में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का जज्बा हो, तो वे निश्चित रूप से जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि जनहितकारी कार्यों का दायरा और बढ़ाया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि संस्था बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है और सभी सदस्य इसी भावना के साथ जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए कार्य एक शुरुआत हैं और आने वाले समय में संस्था बड़े स्तर पर सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, मार्गदर्शक संजय कुमार, डॉक्टर बी. वेंकटेश, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रज्ञा कुमारी, कैलाश कुमार एवं उदित तिवारी सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सामाजिक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक की गई आयोजित*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईसीडीएस जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बीएचएनडी सत्र का आयोजन सभी विकास खंडों में शत प्रतिशत न होने पर सीडीपीओ भदोही, औराई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने पर  जिला कार्यक्रम अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिया।
          जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि समस्त सीडीपीओ की मॉनिटरिंग करें तथा समय से पोषण आहार का वितरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पोषण आहार की मांग के संबंध में समय से शासन को डिमांड प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के वजन, गृह भ्रमण, सी०बी०ई० आदि की रिपोर्ट समय से पोषण ट्रैकर ऐप पर फीडिंग कराना सुनिश्चित करें।
        सैम/मैम बच्चों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी शत प्रतिशत सैम/मैम बच्चों का चिन्हांकन कर उनको सैम/मैम की श्रेणी से बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार एनआरसी पर सैम/मैम बच्चों को भर्ती किया जाए।
         जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर हॉटकुक्ड मील योजना के अंतर्गत मीनू के अनुसार बच्चों क़ो गरम खाना दिया जाए। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निर्धारित समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से घर-घर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को एनीमिया के बारे में जानकारी दी जाए तथा उन्हें हरी सब्जी, फल, गुड आदि का सेवन करने के लिए जागरूक करें, ताकि वे एनीमिया से ग्रसित ना हो।
       बैठक में उपायुक्त मनरेगा राजा राम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संतोष कुमार चक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा सहित समस्त सीडीपीओ एवं अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
*स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, नोटिस और सेवा समाप्ति के दिए निर्देश*
*डीएम शैलेष कुमार का कड़ा रुख, गैरहाजिरी व ढिलाई पर कार्रवाई, अवैध अस्पतालों की जांच के आदेश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्य एवं वित्तीय प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने एमसीएस ज्ञानपुर के द्वारा टोटल ई-प्रिक्रिप्सन डॉक्टर डेस्क में अपेक्षित प्रगति न होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर एमसीएस अधीक्षक ज्ञानपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिया। साथ ही अवैध चल रहे चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के लिए सम्बन्धित एमओआईसी को निर्देश दिया। साथ ही जनऔषधि केन्द्रों की जॉच करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया।
          डी०आई०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि एच०पी०वी० वैक्सिन एक महत्वपूर्ण टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाता है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) का कारण बनता है, यह टीका 09 से 14 वर्ष लड़कियों के लिए प्रभावी है। परन्तु दिशा-निर्देश के अनुसार अभियान के रूप में जनपद स्तर पर यह वैक्सिन 14 वर्ष की किशोरियों को निःशुल्क लगाया जाना है। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जायेगा। 03 माह के पश्चात यह वैक्सीन प्रत्येक वी०एच०एन०डी० सत्र पर निःशुल्क लगाया जायेगा। जिस कम में समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त अधीक्षक उक्त अभियान के अन्तर्गत अपने अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष कि किशारियों का डयूलिस्ट बनाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। डी०टी०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि रजनीश कुमार, एकाउन्टेन्ट टी०बी० कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नोटिस देने के उपरांत भी अपने कार्याे में कोई सुधार नही किया गया तथा निःक्षय पोर्टल पर डी०बी०टी० के फीडिंग का कार्य पूर्ण नही हो पा रहा है। जिस पर जिला कार्यकम प्रबन्धक द्वारा एन०एच०एम० के एच०आर० पालिसी पर चर्चा की गयी। उक्त के कम में अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त कर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही किये जाने के दृष्टिगत सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई।
बैठक में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें। ेउन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर समय से उपस्थित रहकर मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करें , किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यू0पी0 हेल्थ डैशबोर्ड के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा की गयी। स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम की कंपोजिट रिपोर्ट अगले बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सभी एमओआईसी, आशा व एएनएम की हफ्ते में बैठक कर सघन समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक की कार्यवृत्ति में सभी बिन्दुओं की समीक्षा अगले दिन तक अवश्य उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्वालिटी एश्योंरेस कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर में लैब स्लैब एवं बेसिंग उपलब्धता पर बल दिया। स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों के उपस्थिति की चेकिंग एवं कार्य के प्रति उनकी दक्षता का सतत् मूल्यांकन हो। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यक्तिगत व टीम बेस्ड इंटेंसिव बढ़ाने व सुधार करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। सभी पीएचसी, सीएचसी पर ड्यूटीरूम सहित सभी जगह साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाये, इस सन्दर्भ में आशा व एएनएम को प्रेरित करें। प्रसूता को कम से कम 48 घण्टे अस्पताल में रूकने हेतु प्रेरित किया जाय। जिलाधिकारी ने जनपद में कार्यरत सभी कम्युनिटी आफिसर को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मन्दिर की प्रभावी क्रियाशीलता हेतु अटेन्डेंस के माध्यम से नियमित करें, लापरवाही न बरते। आयुष चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जितने भी पंजीकृत आयुष चिकित्सालय है। 15 दिन के भीतर टीम बनाकर मजिस्टेªट के साथ जॉचकर रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार ने सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
84 कोसीय परिक्रमा महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा क्षेत्रीय पत्रकारों का किया गया सम्मान
रितेश मिश्रा
बेनीगंज  (हरदोई)। मंगलवार को लगभग 4:00 बजे बेनीगंज स्थित सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड के प्रांगण में 84 कोशिय परिक्रमा समिति के महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा उपस्थित संतो एवं क्षेत्रीय सम्मानित पत्रकार बंधुओ का सम्मान किया गया।
यह जानकारी कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष जनपद हरदोई एवं जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य से 84 कोसीय परिक्रमा प्रारंभ होकर मिश्रित तीर्थ पर विश्राम लेती है। जिसमें क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ का इस परिक्रमा में विशेष योगदान एवं उत्कृष्ट कार्य रहता है। जिसके मद्देनजर रखते हुए 84 कोसीय परिक्रमा समिति के महासचिव संतोष दास खाकी ने क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को स्मृति चिन्ह, माला, पेन, रामपटा एवं प्रसाद देकर सम्मानित करते हुए आशीर्वाद दिया।इसी कड़ी में उन्होंने कहा की पत्रकार देश का चतुर्थ स्तंभ है। जिनकी कलम की ताकत से परिक्रमा में प्रत्येक वर्ष अव्यवस्थाओं से व्यवस्थाएं परिवर्तित होती नजर आती हैं और शासन प्रशासन जाग उठता है।जिसमें पत्रकार बंधुओ की महती योगदान रहता है। उसी कड़ी में मंगलवार को 4:00 बजे सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड बेनीगंज में समस्त क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में आए हुए संत महात्माओं का स्वागत श्री तिवारी ने किया। उन्होंने संत महात्माओं के पधारने पर आशीर्वाद लेते हुए आभार प्रकट किया है।
इस मौके पर 84 कोसीय परिक्रमा समिति अध्यक्ष श्री श्री 1008 श्री महंत नन्हकू दास जी महाराज एवं पत्रकार बंधुओ में अरुणेश बाजपेई, संतोष मिश्रा, पुनीत मिश्रा, राजीव रंजन त्रिपाठी, पीयूष तिवारी,विमल त्रिपाठी,सुदेश शुक्ला,नरेंद्र शुक्ला, बुद्धसेन सोनी,रोहित मिश्रा, हिमांशु तिवारी, शुभम सोनी, पंकज सिंह सहित पड़ाव प्रमुख गिरधरपुर उमरारी दुर्गा शरण सोनी, महेंद्र प्रताप सिंह एवं समस्त विद्यालय स्टाफ मौके पर मौजूद रहे।
पंथवारी देवी मंदिर पर एंटी रोमियो टीम की चेकिंग अभियान*
विशाल वाजपेई
हरदोई पाली थाना  क्षेत्र में स्थित पंथवारी देवी मंदिर परिसर में आज एंटी रोमियो टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया। टीम ने युवाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की।चेकिंग अभियान में महिला कांस्टेबल प्रियंका उपाध्याय, महिला कांस्टेबल रिया गुप्ता, महिला कांस्टेबल प्रीति गौतम एवं महिला कांस्टेबल साक्षी साहू (थाना पाली, हरदोई) मौजूद रहीं। टीम ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक बताया।
‘शशि थरूर ने स्वीकार किया कांग्रेस महिला विरोधी’, रिजिजू का बड़ा दावा

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महिला आरक्षण को लेकर हाल के दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस पूरे मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। रिजिजू ने दावा किया था कि संसद सत्र के बाद थरूर ने दावा किया था कि कांग्रेस महिला विरोधी है।

थरूर व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि संसद सत्र के बाद उनकी और थरूर की मुलाकात हुई थी। रिजिजू ने कहा कि फोटो सेशन के दौरान शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस भले ही एंटी-वूमन हो सकती है, लेकिन कोई उन्हें व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं मान सकता। रिजिजू ने आगे कहा कि उन्होंने भी इस बात से सहमति जताई कि थरूर की छवि महिला विरोधी नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी पर सवाल उठते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

रिजिजू के दावे पर शशि थरूर ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे पर शशि थरूर ने अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। थरूर ने कहा, कि फोटो में 7 लोग है, जो असलियत बता सकते हैं। शशि थरूर ने कहा, सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक सशक्त महिला राष्ट्रपति के रूप में हमने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के लिए आवाज उठाई है। महिला आरक्षण विधेयक की पहल की, इसे हमारे कार्यकाल में राज्यसभा में पारित कराया और 2023 में भारत सरकार द्वारा लोकसभा में लाए जाने पर इसका समर्थन किया।

थरूर के सोशल मीडिया पोस्ट से जोड़ा जा रहा विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 18 अप्रैल को शशि थरूर द्वारा साझा की गई एक तस्वीर भी है। इस तस्वीर में उन्होंने किरेन रिजिजू के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा था कि जब रिजिजू ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, तब उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें ऐसा नहीं कह सकता। इस पोस्ट में थरूर ने हल्के-फुल्के अंदाज में रिजिजू को चार्मिंग भी बताया था।

दो सगे भाइयों ने वृद्ध पिता की हथियार मारकर निर्मम हत्या कर दी, पुलिस ने बड़े भाई को लिया हिरासत में,
फर्रुखाबाद l मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने वृद्ध पिता के सिर में हथियार मारकर हत्या कर दी। ग्राम अर्राह पहाड़पुर में 70 वर्षीय रामसनेही बेटे अनिल व ओमकार के साथ घर में रहते थे। सोमवार की रात बेटों ने पिता की किसी हथियार से सिर में हमला करके मार डाला। मऊदरवाजा थानाध्यक्ष अजब सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मौके पर मिले बड़े बेटे ओमकार को हिरासत में ले लिया। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल के साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं l

बताते है कि ओमकार की शादी तो हुई थी  लेकिन पत्नी उसे छोड़कर चली गई। अनिल ने दो शादियां की थीं पहली पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी और दूसरी पत्नी छोड़कर बहनोई के साथ चली गई और अनिल पिता पर दबाव डाल रहा था कि शादी करवा दो,रामसनेही शादी करने को तैयार नहीं हो रहा था । वृद्ध रामसनेही दोनों आवारा बेटों को खाना बनाकर खिलाया करते थे।
सीओ सिटी अभय कुमार वर्मा ने बताया कि बेटे अनिल व ओमकार ने ही अपने वृद्ध पिता की हत्या की है l पुलिस ने ओमकार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है तहरीर मिलने पर करवाई की जाएगी l
जस्टिस स्वर्णकांता का अब मनीष सिसोदिया ने किया बहिष्कार, केजरीवाल की तरह लिखी चिठ्ठी

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दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह ‘सत्याग्रह’ का रास्ता चुना है। अरविंद केजरीवाल के बाद अब आप के नेता मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में खुद या वकील के पेश नहीं होने का एलान कर दिया है।

अदालत में पेश नहीं होंगे सिसोदिया

आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई से अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी खुद को अलग कर लिया है।मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं-सिसोदिया

सिसोदिया ने अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि मुझे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और मेरी तरफ से कोई भी वकील आपके सामने पेश नहीं होगा। सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा है। केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया के इस बयान ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है।

केजरीवाल ने भी लिखा था पत्र

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा था कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने गांधीजी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला किया है। मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता हूं।

क्या है मामला?

दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें आबकारी घोटाले में केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इस अपील याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायमूर्ति शर्मा से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी। 20 अप्रैल को अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि किसी राजनेता को न्यायपालिका पर अविश्वास फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के बाद केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा कि अब उन्हें विश्वास नहीं रहा कि न्यायमूर्ति शर्मा निष्पक्ष तरीके से सुनवाई कर पाएंगी।