परिषद विद्यालयों में 16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा
*1.47 लाख बच्चे देंगे परीक्षा,31 को आएगा परिणाम*

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों में 16 से 20 मार्च तक परीक्षा होगी। पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। जबकि 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। बता दें कि जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं समाप्ति की ओर हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी।परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो एवं तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार तथा पांच में क्रमश: 70 एवं 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे।बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी मिली है। बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
विश्व हिंदू परिषद की प्रखंड उपाध्यक्ष बनी अंजू सिंह
प्रतापगढ़। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड आसपुर देवसरा की बैठक में सोमवार को संगठन का विस्तार करते हुए नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई प्रांत से समरसता  प्रमुख रविकांत पांडे एवं विभाग मंत्री रविसेन सिंह की उपस्थिति में प्रखंड अध्यक्ष विजय ने नए नाम की घोषणा की विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू सिंह श्रीकांत पांडे संजय सरोज को बनाया गया,सहमंत्री सुरेश चौरसिया और नरसिंह बहादुर सिंह को बनाया गया और प्रमुख पद पर सामाजिक समरसता प्रमुख लाल जी कपीश  तिवारी गोरखा,पवन पाठक प्रचार प्रसार, दिनेश सिंह धर्म प्रसार और शालिग्राम सिंह बनाए गए पुजारी अर्चक के पद पर दूधनाथ दास को सत्संग प्रमुख, विकास मित्र को विशेष संपर्क और रामचंद्र गौतम को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया बैठक का संचालन प्रखंड मंत्री ज्ञानेश जी ने किया यहां पर जिला संगठन मंत्री विवेक जी भी मौजूद रहे ।
मोहनलालगंज में खौफनाक वारदात: दुष्कर्म के बाद मां की हत्या, विरोध करने पर दिव्यांग बेटे की भी जान ली
लखनऊ । राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर में घुसकर एक व्यक्ति ने दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। जब महिला का दृष्टिबाधित बेटा मां को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपी ने उसे भी बेरहमी से मार डाला।

फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है, जिसका कुछ दिन पहले महिला से विवाद हुआ था और वह रंजिश रखे हुए था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो आरोपी भागते हुए दिखाई दिया। फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए।

कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही

एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है, साथ ही दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और महिला के कपड़े सुरक्षित रखे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि महिला का दिव्यांग बेटा अपनी मां की चीख सुनकर आरोपी से भिड़ गया था। दोनों के बीच संघर्ष हुआ, लेकिन आरोपी ने युवक का गला दबाने के बाद उसे पानी से भरे टब में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार महिला सोमवार शाम करीब 6:58 बजे तक अपनी दुकान पर थी। रात करीब सात बजे वह घर से निकली और रास्ते में किराने की दुकान से सामान खरीदने के बाद मोमोज और दूध लेकर घर लौट रही थी। लगभग 7:25 बजे वह घर पहुंची, जबकि 7:31 बजे आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया।घटना के बाद महिला की बहन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने उनकी बहन के साथ अभद्रता भी की थी।

महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले

पोस्टमार्टम में महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि वारदात के दौरान उसने काफी संघर्ष किया था।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। आरोपी का मोबाइल भी बंद है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।मंगलवार को आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव प्रियंका श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं और घटना को लेकर महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए।
मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस सेनानी वंशजो को नमन कवियो ने बांधा समां।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम आर्य की स्मृति में ऐतिहासिक आयोजन सौ से अधिक वंशज सम्मानित कवि सम्मेलन बना आकर्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विधान सभा बारा क्षेत्र में विजय दिवस के पावन अवसर पर गौहनिया स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल परिसर देशभक्ति, सम्मान और उत्साह के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति शेष राजाराम आर्य की पावन स्मृति को समर्पित भव्य होली मिलन समारोह कवि सम्मेलन तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों का सम्मान समारोह बड़े ही गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि साहित्यकार समाजसेवी और बुद्धिजीवी एक ही मंच पर एकत्रित हुए जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत हो उठा। समारोह में मुख्य रूप से बारा विधायक डॉ.वाचस्पति तथा कौशाम्बी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु वाचस्पति की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियो ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनो को सम्मानित कर उनके त्याग बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया।कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज विचार समिति के संयोजक सूर्य प्रकाश समदरिया के नेतृत्व में किया गया जिसमें सेनानी वंशजों का सम्मान पूरे सम्मान और गौरव के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर सौ से अधिक स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।सम्मान के दौरान मंच से बार- बार देशभक्ति के नारे गूंजते रहे और उपस्थित लोगों ने खड़े होकर सेनानियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।समारोह का विशेष आकर्षण कवि सम्मेलन रहा जिसमें देश और समाज की भावनाओं को शब्द देने वाले चर्चित कवियो ने अपनी ओजपूर्ण हास्य और देशभक्ति से भरी रचनाओ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कवि अशोक सिंह बेशरम, लालजी सिंह देहाती संतोष शुक्ल समर्थ धनंजय शाश्वत नीलम तिवारी मोहिनी श्रीवास्तव सत्यभामा मिश्रा सुरेश केसरवानी ओम शांति प्रमोद बाबू झा मुराद अहमद मुराद निखिलेश मालवीय और ठाकुर इलाहाबादी सहित कई कवियों ने मंच से ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लगभग एक दर्जन से अधिक कवियों ने हास्य और व्यंग्य से भरी कविताओं से लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया, वहीं ओजपूर्ण रचनाओ ने युवाओं में देशभक्ति का जोश भर दिया।कार्यक्रम के अंत तक श्रोताओं की भीड़ मंच के सामने डटी रही और हर प्रस्तुति पर उत्साह के साथ तालियां बजती रही।पूरे आयोजन के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि बलिदान सम्मान और राष्ट्रगौरव की जीवंत कहानी बनकर लोगों के सामने उतर आया हो।कार्यक्रम के अंत में विधायक डॉ वाचस्पति ने आए हुए सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओ को धन्यवाद दिया।

पुस्तक पढ़ने से विकसित होता है मस्तिष्क-प्रो.सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उ.प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के केन्द्रीय पुस्तकालय में एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का भव्य शुभारम्भ मंगलवार को किया गया।पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में पुस्तक पढ़ने की आदत जरूर डालनी चाहिए।जिससे मानस पटल विकसित होता है तथा व्यक्तित्व में गम्भीरता आती है। डिजिटल युग में लोगों में पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है जो कि चिंता जनक है।लोगों में पुस्तक पढ़ने की रुचि जगाने के लिए जगह-जगह पुस्तक मेले लगाए जा रहे हैं।उन्होंने कई महान साहित्यकारों की पुस्तको का वर्णन करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में इन ग्रन्थों का अध्ययन कर युवा पीढ़ी ज्ञानार्जन कर सकती है।पुस्तक प्रदर्शनी में आये हुए अतिथियों का स्वागत उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ आर0 जे0 मौर्य ने पुष्प-गुच्छ से किया। इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार, वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा एवं विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्वालय के अधिकारियो शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओ का आवागमन लगा रहा।पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशको/आपूर्तिकर्ताओं ने अपनी स्टाल लगाई।विश्वविद्यालय के पुस्तक प्रेमियो विद्यार्थियो ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया जिसमें सभी प्रकार की पुस्तकें प्रकाशकों आपूर्तिकर्ताओं द्वारा मेले में प्रदर्शित की गई।पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए निदेशको प्राध्यापको परामर्शदाताओ विषय विशेषज्ञों द्वारा पुस्तकों का चयन किया गया।जिनका क्रय पुस्तकालय में किया जायेगा।शिक्षको एवं छात्रो के अकादमिक दृष्टिकोण से यह पुुस्तक मेला अत्यन्त ही लाभप्रद साबित हुआ जिसमें विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तके एक स्थान पर उपलब्ध हो सकी। इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का समापन सायं 05ः00 बजे हुआ।

परिषद विद्यालयों में 16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा
*1.47 लाख बच्चे देंगे परीक्षा,31 को आएगा परिणाम*

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों में 16 से 20 मार्च तक परीक्षा होगी। पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। जबकि 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। बता दें कि जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं समाप्ति की ओर हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी।परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो एवं तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार तथा पांच में क्रमश: 70 एवं 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे।बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी मिली है। बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
विश्व हिंदू परिषद की प्रखंड उपाध्यक्ष बनी अंजू सिंह
प्रतापगढ़। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड आसपुर देवसरा की बैठक में सोमवार को संगठन का विस्तार करते हुए नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई प्रांत से समरसता  प्रमुख रविकांत पांडे एवं विभाग मंत्री रविसेन सिंह की उपस्थिति में प्रखंड अध्यक्ष विजय ने नए नाम की घोषणा की विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू सिंह श्रीकांत पांडे संजय सरोज को बनाया गया,सहमंत्री सुरेश चौरसिया और नरसिंह बहादुर सिंह को बनाया गया और प्रमुख पद पर सामाजिक समरसता प्रमुख लाल जी कपीश  तिवारी गोरखा,पवन पाठक प्रचार प्रसार, दिनेश सिंह धर्म प्रसार और शालिग्राम सिंह बनाए गए पुजारी अर्चक के पद पर दूधनाथ दास को सत्संग प्रमुख, विकास मित्र को विशेष संपर्क और रामचंद्र गौतम को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया बैठक का संचालन प्रखंड मंत्री ज्ञानेश जी ने किया यहां पर जिला संगठन मंत्री विवेक जी भी मौजूद रहे ।
मोहनलालगंज में खौफनाक वारदात: दुष्कर्म के बाद मां की हत्या, विरोध करने पर दिव्यांग बेटे की भी जान ली
लखनऊ । राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर में घुसकर एक व्यक्ति ने दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। जब महिला का दृष्टिबाधित बेटा मां को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपी ने उसे भी बेरहमी से मार डाला।

फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है, जिसका कुछ दिन पहले महिला से विवाद हुआ था और वह रंजिश रखे हुए था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो आरोपी भागते हुए दिखाई दिया। फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए।

कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही

एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है, साथ ही दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और महिला के कपड़े सुरक्षित रखे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि महिला का दिव्यांग बेटा अपनी मां की चीख सुनकर आरोपी से भिड़ गया था। दोनों के बीच संघर्ष हुआ, लेकिन आरोपी ने युवक का गला दबाने के बाद उसे पानी से भरे टब में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार महिला सोमवार शाम करीब 6:58 बजे तक अपनी दुकान पर थी। रात करीब सात बजे वह घर से निकली और रास्ते में किराने की दुकान से सामान खरीदने के बाद मोमोज और दूध लेकर घर लौट रही थी। लगभग 7:25 बजे वह घर पहुंची, जबकि 7:31 बजे आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया।घटना के बाद महिला की बहन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने उनकी बहन के साथ अभद्रता भी की थी।

महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले

पोस्टमार्टम में महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि वारदात के दौरान उसने काफी संघर्ष किया था।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। आरोपी का मोबाइल भी बंद है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।मंगलवार को आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव प्रियंका श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं और घटना को लेकर महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए।
मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस सेनानी वंशजो को नमन कवियो ने बांधा समां।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम आर्य की स्मृति में ऐतिहासिक आयोजन सौ से अधिक वंशज सम्मानित कवि सम्मेलन बना आकर्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विधान सभा बारा क्षेत्र में विजय दिवस के पावन अवसर पर गौहनिया स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल परिसर देशभक्ति, सम्मान और उत्साह के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति शेष राजाराम आर्य की पावन स्मृति को समर्पित भव्य होली मिलन समारोह कवि सम्मेलन तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों का सम्मान समारोह बड़े ही गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि साहित्यकार समाजसेवी और बुद्धिजीवी एक ही मंच पर एकत्रित हुए जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत हो उठा। समारोह में मुख्य रूप से बारा विधायक डॉ.वाचस्पति तथा कौशाम्बी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु वाचस्पति की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियो ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनो को सम्मानित कर उनके त्याग बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया।कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज विचार समिति के संयोजक सूर्य प्रकाश समदरिया के नेतृत्व में किया गया जिसमें सेनानी वंशजों का सम्मान पूरे सम्मान और गौरव के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर सौ से अधिक स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।सम्मान के दौरान मंच से बार- बार देशभक्ति के नारे गूंजते रहे और उपस्थित लोगों ने खड़े होकर सेनानियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।समारोह का विशेष आकर्षण कवि सम्मेलन रहा जिसमें देश और समाज की भावनाओं को शब्द देने वाले चर्चित कवियो ने अपनी ओजपूर्ण हास्य और देशभक्ति से भरी रचनाओ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कवि अशोक सिंह बेशरम, लालजी सिंह देहाती संतोष शुक्ल समर्थ धनंजय शाश्वत नीलम तिवारी मोहिनी श्रीवास्तव सत्यभामा मिश्रा सुरेश केसरवानी ओम शांति प्रमोद बाबू झा मुराद अहमद मुराद निखिलेश मालवीय और ठाकुर इलाहाबादी सहित कई कवियों ने मंच से ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लगभग एक दर्जन से अधिक कवियों ने हास्य और व्यंग्य से भरी कविताओं से लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया, वहीं ओजपूर्ण रचनाओ ने युवाओं में देशभक्ति का जोश भर दिया।कार्यक्रम के अंत तक श्रोताओं की भीड़ मंच के सामने डटी रही और हर प्रस्तुति पर उत्साह के साथ तालियां बजती रही।पूरे आयोजन के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि बलिदान सम्मान और राष्ट्रगौरव की जीवंत कहानी बनकर लोगों के सामने उतर आया हो।कार्यक्रम के अंत में विधायक डॉ वाचस्पति ने आए हुए सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओ को धन्यवाद दिया।

पुस्तक पढ़ने से विकसित होता है मस्तिष्क-प्रो.सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उ.प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के केन्द्रीय पुस्तकालय में एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का भव्य शुभारम्भ मंगलवार को किया गया।पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में पुस्तक पढ़ने की आदत जरूर डालनी चाहिए।जिससे मानस पटल विकसित होता है तथा व्यक्तित्व में गम्भीरता आती है। डिजिटल युग में लोगों में पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है जो कि चिंता जनक है।लोगों में पुस्तक पढ़ने की रुचि जगाने के लिए जगह-जगह पुस्तक मेले लगाए जा रहे हैं।उन्होंने कई महान साहित्यकारों की पुस्तको का वर्णन करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में इन ग्रन्थों का अध्ययन कर युवा पीढ़ी ज्ञानार्जन कर सकती है।पुस्तक प्रदर्शनी में आये हुए अतिथियों का स्वागत उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ आर0 जे0 मौर्य ने पुष्प-गुच्छ से किया। इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार, वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा एवं विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्वालय के अधिकारियो शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओ का आवागमन लगा रहा।पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशको/आपूर्तिकर्ताओं ने अपनी स्टाल लगाई।विश्वविद्यालय के पुस्तक प्रेमियो विद्यार्थियो ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया जिसमें सभी प्रकार की पुस्तकें प्रकाशकों आपूर्तिकर्ताओं द्वारा मेले में प्रदर्शित की गई।पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए निदेशको प्राध्यापको परामर्शदाताओ विषय विशेषज्ञों द्वारा पुस्तकों का चयन किया गया।जिनका क्रय पुस्तकालय में किया जायेगा।शिक्षको एवं छात्रो के अकादमिक दृष्टिकोण से यह पुुस्तक मेला अत्यन्त ही लाभप्रद साबित हुआ जिसमें विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तके एक स्थान पर उपलब्ध हो सकी। इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का समापन सायं 05ः00 बजे हुआ।