व्यापारी के अचानक लापता होने से व्यापारियों में सनसनी पुलिस से की जांच की मांग
फर्रुखाबाद। शहर के घमंडी कूंचा क्षेत्र से एक व्यापारी के अचानक लापता होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई जो व्यापारियों के चिंता का विषय बनी हुई है l नगर के  मोहल्ला घमंडी कूचा निवासी वैभव अग्रवाल की  नरकशा क्षेत्र में दुकान हैं, बीते दिन दोपहर करीब 2 बजे घर से दुकान जाने के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है।
परिवार का कहना है कि वैभव अग्रवाल प्रतिदिन की तरह दुकान के लिए निकले और शाम तक वापस नहीं आए और मोबाइल से भी संपर्क न होने पर परिजनों को चिन्ता सता रही है। परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों, परिचितों और कई स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। घटना के बाद से परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।
व्यापारी के भाई सौरभ अग्रवाल ने कोतवाली सदर पुलिस को लिखित तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि वैभव का कोई सुराग नहीं लग रहा है जिससे परिवार के लोग परेशान है। उन्होंने पुलिस से मामले को गंभीरता से करवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद  मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने घर के आसपास और क्षेत्र में पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर सुराग जुटाने में लग गई है।
शहर के व्यापारियो में इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। साथ पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव व्यापारी संगठनों का बढ़ता ही जा रहा है। यह घटना परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे नगर के लिए चिंता का विषय है।
जनगणना कार्य में महिला शिक्षकों को मुक्त रखा जाए
फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष संजय तिवारी ने
जनगणना 2026 में जनपद के अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है जिससे अनेक प्रकार की समस्याएं भविष्य में उत्पन्न होगी और शिक्षण कार्य प्रभावित होगा ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों मैं छात्र अध्ययन करते हैं  विगत सत्र में भी एस आई आर के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित रहा जिससे शिक्षा गुणवत्ता पर असर पड़ा शिक्षण कार्य के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के विभागीय कार्य भी किये जा रहे हैं ऐसे में संगठन ने मांग की है
जिसमे जनगणना कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत लगाए जा रहे शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी के  सम्बन्ध में विभिन्न मांगों से संबंधित जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा है l
जनगणना कार्य में 50% ड्यूटी बेसिक शिक्षा विभाग एवं 50% ड्यूटी अन्य विभाग के कर्मचारियों की लगाई जाए।          
इस  कार्य में ड्यूटी बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षामित्र / अनुदेशक साथियों की लगे एवं आवश्यकता पड़ने पर ही शिक्षकों को नामित किया जाय l विद्यालय के प्रधानाध्यापक /प्रभारी प्रधानाध्यापक को उक्त कार्य ड्यूटी से मुक्त रखा जाय। पूर्व में BLO/SIR कार्य में लगे कर्मचारियों को उक्त ड्यूटी से मुक्त रखा जाय।  यदि शिक्षकों की ड्यूटी आवश्यक हो तो उनके कार्यरत ग्राम पंचायत में ही लगाई जाय।आवश्यकतानुसार केवल पुरुष शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई जाय, महिला शिक्षिकाओं को मुक्त रखा जाय।_ पति - पत्नी में से केवल पति की ही ड्यूटी लगाए जाने की मांग की है l
ग्राम पंचायत में फर्जी विकास कार्यों का आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग
प्रधान व सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, शिकायतकर्ता ने सौंपी शपथ पत्र सहित शिकायत

रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई ) तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड भरखनी की ग्राम पंचायत नई बस्ती  में विकास कार्यों के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। ग्राम निवासी सोनू पुत्र प्रवेश ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शपथ पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत में हुए कथित घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव की मिलीभगत से कई विकास योजनाओं में फर्जी तरीके से कार्य दर्शाकर सरकारी धन का गबन किया गया है। आरोप है कि चकरोड, तालाब, इंटरलॉकिंग सड़क,  एवं “हर घर जल जीवन मिशन” जैसी योजनाओं में बिना कार्य कराए ही कागजों पर काम पूरा दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्जी लाभार्थियों के नाम दर्ज कर एवं फर्जी फोटो सत्यापन के माध्यम से धनराशि निकाली गई। जबकि जमीनी स्तर पर इन कार्यों का कोई अस्तित्व नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत के इन सभी कार्यों में सचिव और खंड विकास अधिकारी की भी संलिप्तता होने की आशंका है।
आरोप है कि पूर्व में भी इस संबंध में कई बार जनसुनवाई एवं जिला अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस जांच नहीं की गई। केवल औपचारिकता निभाते हुए फर्जी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाती है, जिससे शासन गुमराह हो रहा है और सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, सरकारी धन की रिकवरी कर उसे वास्तविक विकास कार्यों में उपयोग करने की भी अपील की गई है।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर बड़े घोटाले का संकेत हो सकता है। इस सम्बन्ध मे खण्ड बिकास अधिकारी भरखनी ने कहा कि शिकायत देखकर बताएगे आप सेमवार मिल लेना।
झारखंड में 'चारा घोटाले' की आहट: बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, ट्रेज़री घोटाले की CBI जाँच की मांग!

झारखंड में पिछले कुछ दिनों से उजागर हो रहा ट्रेज़री घोटाला अब पूरे देश में गंभीर चिंता और चर्चा का विषय बन चुका है। यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं प्रतीत होता, बल्कि यह एक व्यापक और संगठित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। परिस्थितियाँ इस प्रकार बनती दिख रही हैं जैसे चारा घोटाला के काले अध्याय की पुनरावृत्ति हो रही हो। जिस प्रकार चारा घोटाले में डोरंडा ट्रेज़री से 140 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई थी, उसी तरह वर्तमान में झारखंड के कई जिलों में, पुलिस विभाग के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ रहे हैं।

अब तक उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार, इस घोटाले की पुष्टि बोकारो, हजारीबाग, साहिबगंज, गढ़वा और पलामू जैसे जिलों में हो चुकी है। केवल इन जिलों से ही 35 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी का संकेत मिला है। यह आँकड़ा अपने आप में गंभीर है, लेकिन जिस गति से नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि यह घोटाला कहीं अधिक व्यापक और गहरा हो सकता है। इस संदर्भ में मैं आपका ध्यान निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ :-

1. प्रारंभिक स्तर पर यह मामला केवल बोकारो जिले तक सीमित प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी और परतें खुलती गईं, यह स्पष्ट हो गया कि अवैध निकासी का यह जाल हजारीबाग, गढ़वा, साहिबगंज और पलामू तक फैल चुका है। इससे यह प्रतीत होता है कि यह कोई स्थानीय या सीमित स्तर का घोटाला नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में फैला एक संगठित आर्थिक अपराध है। अतः इसकी जाँच भी राज्यव्यापी स्तर पर, निष्पक्ष और गहन तरीके से कराई जानी आवश्यक है।

2. बोकारो में गिरफ्तार लेखपाल कौशल पांडेय को इस पूरे घोटाले का मुख्य आरोपी बताना वास्तविकता से परे प्रतीत होता है। यह मानना तर्कसंगत नहीं है कि एक अकेला लेखपाल ई-कुबेर प्रणाली में छेड़छाड़ कर, किसी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की जन्मतिथि में बदलाव कर, करोड़ों रुपये की अवैध निकासी जैसे जटिल षड्यंत्र को अपने दम पर अंजाम दे सकता है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क और उच्चस्तरीय मिलीभगत से जुड़ा हुआ है।

3. और भी गंभीर तथ्य यह है कि बोकारो जिले में उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन की राशि अनु पांडे के खाते में 63 बार स्थानांतरित होती रही और पूरे पुलिस महकमे को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। यह स्थिति अत्यंत संदिग्ध है और यह मानना कठिन है कि बिना वरीय पुलिस अधिकारियों की जानकारी या संरक्षण के ऐसा संभव हो सकता है।

4. इस पूरे प्रकरण में एक और चिंताजनक पहलू यह है कि कौशल पांडेय जैसे आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता, बोकारो के पूर्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी, पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक पटेल मयूर कनैयालाल तथा पूर्व डीआईजी (बजट) नौशाद आलम जैसे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए थे। यह तथ्य इस ओर संकेत करता है कि आरोपी को न केवल संरक्षण प्राप्त था, बल्कि उसे संस्थागत स्तर पर प्रोत्साहन भी मिला हुआ था।

5. घोटाले की राशि भी लगातार बढ़ती जा रही है। बोकारो में जहाँ प्रारंभिक आँकड़ा 3.5 करोड़ रुपये का बताया गया था, वह बढ़कर 4.5 करोड़ और फिर 6 करोड़ तक पहुँच गया। इसी प्रकार हजारीबाग में यह राशि बढ़ते-बढ़ते 28 करोड़ रुपये तक पहुँच गई। केवल दो जिलों में ही प्रारंभिक जाँच में लगभग 35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की पुष्टि होना अत्यंत गंभीर स्थिति को दर्शाता है। यदि इस मामले की गहन और निष्पक्ष जाँच कराई जाए, तो यह घोटाला हजारों करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है और चारा घोटाला जैसे चर्चित घोटाले को भी पीछे छोड़ सकता है।

6. यह सर्वविदित है कि विभिन्न जिलों में ट्रेज़री से होने वाली निकासी की निगरानी की जिम्मेदारी डीडीओ, अर्थात् संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की होती है, जिसे सामान्यतः डीएसपी (मुख्यालय) को सौंप दिया जाता है। ऐसे में इस पूरे घोटाले में जिला स्तर के डीएसपी और एसपी की भूमिका की निष्पक्ष और गहन जाँच होना अत्यंत आवश्यक है।

7. इसके अतिरिक्त, इस पूरे घोटाले में JAP-IT की भूमिका की जाँच भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि तकनीकी स्तर पर किस प्रकार की हेराफेरी की गई और किन लोगों की इसमें संलिप्तता रही।

8. यह भी उल्लेखनीय है कि झारखंड में ट्रेज़री से अवैध निकासी की घटनाएँ कोई नई बात नहीं हैं। आपके कार्यकाल में इससे पूर्व भी ऊर्जा विभाग से लगभग 100 करोड़ रुपये, पर्यटन विभाग से लगभग 10 करोड़ रुपये तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से लगभग 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मामले में तो माननीय न्यायालय को हस्तक्षेप करते हुए जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपनी पड़ी थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग में हुआ यह ट्रेज़री घोटाला किसी एक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि एक बड़े और संगठित रैकेट की कड़ी है, जिसमें पूरे राज्य में सुनियोजित तरीके से सरकारी धन की लूट की जा रही है।

ऐसी स्थिति में, जब इस पूरे मामले में ऊपर से लेकर नीचे तक कई पुलिस अधिकारी संदेह के घेरे में हों, तब उसी विभाग द्वारा जाँच कराना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन होगा। निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि इस पूरे मामले की जाँच किसी स्वतंत्र और विश्वसनीय एजेंसी द्वारा कराई जाए।

अतः आपसे आग्रह है कि इस बहुचर्चित और गंभीर ट्रेज़री महाघोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से अथवा झारखंड उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जाँच के माध्यम से कराई जाए, ताकि सत्य उजागर हो सके और दोषियों को कठोरतम दंड मिल सके।

डा. हैनिमन की खोज विश्व के लिए वरदान!

उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। होमियोपैथी के अन्वेष्क (जनक) डा. किश्चयन फैड्रिक सैम्युल हैनिमन की 271वीं जयंती शुक्रवार की देर रात शहर के बदरका स्थित प्रतिभा निकेतन इंटर कालेज में विश्व होमियोपैथी दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान डा. हैनिमन के कृतित्व व व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की गई। महिला चिकित्सकों एवं बच्चों ने केक काटकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान होमियोपैथी को विश्व के लिए वरदान करार दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजकीय श्री दुर्गा जी होमियोपैथिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ के प्राचार्य डा. एसके पांडेय, जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र कुमार यादव, क्रेंद्रीय होमियोपैथी परिषद के पूर्व सदस्य एवं नेशनल इंस्टीट्यूट आफ होमियोपैथी कोलकाता के सदस्य डा. भक्तवत्सल तथा लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, हमाई अध्यक्ष डा. राजकुमार राय, सचिव सीजी मौर्य ने डा. हैनिमन की प्रतिमा पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान होमियोपैथी चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले चिकित्सकोें को अंगवस्त्रम व मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। राजकीय श्री दुर्गा जी होमियोपैथिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ के प्राचार्य डा. एसके पांडेय ने कहा कि प्रेरणात्मक व्यक्तित्व की उपलव्धियों और राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान, दर्शन तथा सिद्धातों के प्रति जन चेतना के लिए अनेक विश्वदिवसों का आयोजन किया जा रहा है। होमियोपैथी के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए आवश्यक है कि वर्ष का एक दिन डा. हैनीमन के जन्मदिवस दस अप्रैल से अच्छा कोई दिवस नहीं हो सकता। अतः इस दिन को विश्व होमियोपैथी दिवस के रूप में मनाया जाना प्रासंगिक है।
जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र कुमार यादव ने कहा कि मन को स्वस्थ्य रखकर ही काया को स्वस्थ रखा जा सकता है। हैनीमन के सिद्धांतों पर चलकर सतत अभ्यास द्वारा अनेक असाध्य रोंगो का उपचार इस पैथी द्वारा सहजता से किया जा सकता है। हमाई अध्यक्ष डा. राजकुमार राय ने कहा कि होमियोपैथी को जन जन तक पहुंचाना ही संगठन का उद्देश्य है। इसके लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। डा. भक्तवत्सल ने कहा कि डा. हैनीमन ने पीड़ित मानवता के लिए होमियोपैथी के रूप में एक अमोदघ अस्त्र प्रदान किया है जिससे असाध्य रोगों का उपचार कम खर्च में सभंव है। उन्होनेें कहा कि पूरे देश में 300000 से ज्यादा होम्योपैथिक चिकित्सक, 85000 सरकारी डिस्पेंसरी और लगभग 200 से ज्यादा होम्योपैथिक मेडिकल कालेज चल रहे हैं। केन्द्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान संस्थान के 35 शोध संस्थान चल रहें हैं और लगभग दस करोड़ से ज्यादा लोग इस विधा का प्रयोग कर रहे हैं। सरकार द्वारा इसके उन्नयन के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार को सेना और रेलवे में होम्योपैथी के चिकित्सकों की नियुक्ति करनी चाहिए और रोज गार के अवसर देना चाहिए। विकसित  और स्वस्थ भारत की परिकल्पना बिना होम्योपैथी के अधूरी है। डा. भक्तवत्सल ने कहा कि होमियोपैथी अपनी गुणवत्ता के कारण समाज में लोकप्रिय होती जा रही है। इस चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास तेजी से बढ़ा है। आज जहां दूसरी चिकित्सा पद्धति सिर्फ रोगों को रोकने का काम करती हैं वहीं होमियोपैथी बीमारियों को जड़ से खत्म करने में सक्षम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा पद्धति में डा. हैनीमन के सिद्धांतों पर चलकर ही सफलता हासिल की जा सकती है। इसका कोई शार्टकट नहीं हो सकता है। होमियोपैथिक को ऊंचाई तक ले जाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए निरंतर प्रयास करना होगा। संचालन डा. प्रमोद गुप्ता ने किया। सचिव डा. सीजे मौर्य ने सभी का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर होमियोपैथिक परिवार के बच्चों द्वारा डा. नेहा दुबे के नेतृत्व में केक काटकर एंव भविष्य दीप कला केंद्र द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से डा. हैनीमन की जयंती मनाई गई। इस दौरान डा. देेवेश दुबे, डा. रणधीर सिंह, डा. मनोज मिश्र, डा. राजकुमार राय, डा. अनुतोष वत्सल, डा. नेहा दुबे, डा. एससी सैनी, डा. नीरज सिंह, डा. धीरज श्रीवास्तव, डा. अनुराग, डा. अबू मोहम्मद, डा. अजय पांडेय, इंदरा देवी, प्रतिभा निकेतन इंटर कालेज के प्रबंधक रमाकांत वर्मा, डा. एसके राय, लायन राकेश अग्रवाल, लायन रवि जायसवाल, डा. तापस, डा. एचपी त्यागी आदि ने डा. हैनीमन को श्रद्धासुमन अर्पित किया।
देवघर-डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स के पदक विजेताओं को डीएवी भंडारकोला के प्राचार्य ने किया सम्मानित।
देवघर: विगत दिनों दिल्ली,हैदराबाद, रांची, हरिद्वार और रायपुर में आयोजित डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल,भंडारकोला के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 15 गोल्ड, 5 सिल्वर एवं 3 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर विद्यालय, अभिभावकों एवं क्षेत्र का नाम रौशन किया । प्रतियोगिता में भाग लेते हुए विद्यार्थियों ने उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के बीच अपने खेल कौशल, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। खिलाड़ियों ने वॉलीबॉल, खो-खो , ताइक्वांडो और वूशु में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। वॉलीबॉल में गोल्ड मेडल ज्ञानदीप सम्राट, अमित कुमार, प्रशांत कुमार,आदित्य कुमार, हिमांशु कुमार और सत्यम गौरव को मिला। खो-खो में गोल्ड मेडल ओम कुमार,कन्हैया कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार और सत्यम कुमार को मिला,ताइक्वांडो में गोल्ड मेडल सौम्य भारद्वाज, सोनू कुमार और अनमोल कुमार को मिला। वूशु में गोल्ड मेडल विशाल कुमार को मिला। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने सभी मेडल विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया ।इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, कोच के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार में इस सफलता को लेकर उत्साह का माहौल है। मंच से अन्य विद्यार्थियों को भी इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर सभी खिलाड़ियों, कोच एवं सहयोगी शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा आशा जताई कि भविष्य में भी विद्यार्थी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
यूजीसी हो या जातीय आरक्षण, एससीएसटी एक्ट यह खत्म होना चाहिए : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज निजी कार्यक्रम में वाराणसी के राधापुरम कालोनी में श्यामा देवी के आवास पर आएजहां पर सवर्ण समाज के लोगों  को सम्बोधित करते हैं  सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर जोरदार हुंकार भरी उन्होंने यूजीसी रेगुलेशन और एससीएसटी एक्ट, जातिगत आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा कहा कि सामान्य वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है  सुरज प्रसाद चौबे ने कहा है सुनियोजित तरीके से सवर्ण को कमजोर किया जा रहा है और उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।

ऐसे में अब सवर्ण समाज को राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को विकल्प के रूप में स्थापित करना होगा उन्होंने सत्ता में बैठे सवर्ण नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूजीसी जैसे मुद्दे पर खुल कर विरोध नहीं किया जिस देश के राष्ट्रपति की पहचान डेढ़ अरब लोगों की प्रथम नागरिक होने के बावजूद भी आदिवासी ही है। जिस देश का प्रधानमंत्री मंत्री 12 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद भी अभी भी खुद को अभी भी अपने आप को पिछड़ा बताता हो उसी देश में एक बीघा जमीन पर गुजारा करने वाला सवर्ण परिवार सक्षम योग्य दबंग माना जाता है ये हमारे देश की संविधान की खूबसूरती है ।

भारत में जहां जाती पूछ कर मुकदमे लिखे जाते हैं और जाति पूछ कर नौकरी दी जाती हो  जहां जाती पूछ कर योजनाएं दी जाती है साथ ही साथ कालेल विश्वविद्यालय में कट्टी चौराहे पर जाती पूछ कर मार पीट की जा रही हो  सवर्ण ब्राह्मण को मारा पीटा जा रहा है फिर भी दोष सवर्ण ब्राह्मण का ही दिया जाता है हाल ही में बि एच यू में जाती पूछ कर ब्राह्मण को मारा गया है देश के स्वाधीनता संग्राम में अपने प्राण की आहुति देने वाले सवर्ण क्रांतिकारी की अपेक्षा की जा रही है ।

वही दूसरी तरफ अम्बेडकर जिनका स्वाधीनता संग्राम में कोई योगदान नहीं था का महिमा मंडित किया जा रहा है उत्तर प्रदेश सरकार भारी बजट छतरी बनवाने पर कर रही है। भगवान परशुराम जयंती पर अवकाश नहीं किया जाता है देश के 70 प्रतिशत जनरल वर्ग के छात्र लोन ले कर पढ़ते हैं लेकिन सरकार को इनकी चिंता नहीं है वो कारणों रुपए खर्च कर के आरक्षित वर्ग के लोग को विदेश भ्रमण करवाने में बिजी हो यूजीसी हो या जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट यह खत्म होना चाहिए।
राष्ट्र और समाज कल्याण का संकल्प लेकर जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट में शामिल हुए संत
प्रयागराज। धर्म, समाज सेवा एवं राष्ट्रहित के कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित विशेष सम्मान समारोह में संत समाज के प्रतिष्ठित महात्माओं का सम्मान कर उन्हें संगठन की सदस्यता प्रदान की गई।इस अवसर पर पंकज गिरी जी महाराज (निरंजनी अखाड़ा), कुलदीप गिरी जी महाराज (निरंजनी अखाड़ा) तथा आचार्य कमलाशंकर तिवारी जी महाराज (ज्योतिषपीठ शंकराचार्य आश्रम, महंत प्रयागराज) ने औपचारिक रूप से जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट की सदस्यता ग्रहण की।
सदस्यता ग्रहण करते हुए संतों ने जन जागरण, गौ संरक्षण, प्रकृति संरक्षण एवं नारी सशक्तिकरण जैसे राष्ट्रहित एवं समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संस्थापक रघुवंश उपाध्याय ने कहा कि जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य केवल संगठन निर्माण नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार और जागरूकता की एक नई चेतना स्थापित करना है। संत समाज का मार्गदर्शन हमारे लिए प्रेरणा एवं शक्ति का स्रोत है। कार्यक्रम के दौरान संतों ने संगठन द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन वर्तमान समय में समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। समारोह में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संतों का पुष्पमाला, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया।जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट परिवार ने संकल्प लिया कि संगठन आगामी समय में गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं जनहित के कार्यों को और व्यापक स्तर पर संचालित करेगा।
फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जखनिया तहसील में बैठक, 6-7 अप्रैल को ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान  2026


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, तहसील कोरांव सभागार में गुरुवार को उप जिलाधिकारी अतुल कुमार की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान, सचिव, लेखपाल, कोटेदार,राधा सिंह पंचायत सहायक, नोडल अधिकारी एवं सेक्टर अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।उप जिलाधिकारी ने प्रधानों एवं सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में मुनादी के माध्यम से किसानों को जागरूक करें तथा 6 व 7 अप्रैल को ग्राम पंचायत भवनों पर कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण रूप से सुनिश्चित कराएं।उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिया कि 3, 4 एवं 5 अप्रैल तक जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री लंबित है, उनके अभिलेखों का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन कर कार्य को पूर्ण करें, ताकि निर्धारित तिथियों में किसी प्रकार की बाधा न हो।बैठक में फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उप जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर तहसील सभागार में समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
70 से ज्यादा की उम्र के लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड, छह सदस्यीय

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में विशेष अभियान के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग ने छह सदस्यीय टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में बनी टीम आयुष्मान कार्ड बनाने की मॉनीटरिंग करेगी। टीम किस एएनएम, सीएचओ ने कितने कार्ड बनाए हैं और कहां लक्ष्य के सापेक्ष कितना काम हुआ है। इसकी नियमित रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के 30 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें अब तक 26163 लोगों का कार्ड बन चुका है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सीडीओ, डीसी, डीपीओ, डीपीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से कार्ड बना रही है। सीएमओ स्तर से गठित की गई टीम सीएचसी अधीक्षक के निगरानी में काम करेंगी। टीम का मुख्य काम होगा कौन सी आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कितने कार्ड बनाए हैं। विभागीय निर्देश है कि रोजाना आशा, एएनएम, सीएचओ मिलकर 50 कार्ड बनाएं। उम्र के कारण जिन बुुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने में अड़चन आ रही है।
उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का चयन करके आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से उम्र का सत्यापन कराने के बाद आधार कार्ड में उम्र संशोधन करवाने के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। ये प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी की जा रही है। अभियान चलाकर स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जा कर कार्ड बना रहे हैं।


छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में एक - एक स्वास्थ्यकर्मी होंगे। इसके अलावा आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित कराने के लिए उम्र का परीक्षण किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था कार्यालय में लागू कर दी गई है। इससे आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित होगा। इससे आयुष्मान कार्ड बन सकेगा।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
व्यापारी के अचानक लापता होने से व्यापारियों में सनसनी पुलिस से की जांच की मांग
फर्रुखाबाद। शहर के घमंडी कूंचा क्षेत्र से एक व्यापारी के अचानक लापता होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई जो व्यापारियों के चिंता का विषय बनी हुई है l नगर के  मोहल्ला घमंडी कूचा निवासी वैभव अग्रवाल की  नरकशा क्षेत्र में दुकान हैं, बीते दिन दोपहर करीब 2 बजे घर से दुकान जाने के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है।
परिवार का कहना है कि वैभव अग्रवाल प्रतिदिन की तरह दुकान के लिए निकले और शाम तक वापस नहीं आए और मोबाइल से भी संपर्क न होने पर परिजनों को चिन्ता सता रही है। परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों, परिचितों और कई स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। घटना के बाद से परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।
व्यापारी के भाई सौरभ अग्रवाल ने कोतवाली सदर पुलिस को लिखित तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि वैभव का कोई सुराग नहीं लग रहा है जिससे परिवार के लोग परेशान है। उन्होंने पुलिस से मामले को गंभीरता से करवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद  मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने घर के आसपास और क्षेत्र में पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर सुराग जुटाने में लग गई है।
शहर के व्यापारियो में इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। साथ पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव व्यापारी संगठनों का बढ़ता ही जा रहा है। यह घटना परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे नगर के लिए चिंता का विषय है।
जनगणना कार्य में महिला शिक्षकों को मुक्त रखा जाए
फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष संजय तिवारी ने
जनगणना 2026 में जनपद के अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है जिससे अनेक प्रकार की समस्याएं भविष्य में उत्पन्न होगी और शिक्षण कार्य प्रभावित होगा ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों मैं छात्र अध्ययन करते हैं  विगत सत्र में भी एस आई आर के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित रहा जिससे शिक्षा गुणवत्ता पर असर पड़ा शिक्षण कार्य के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के विभागीय कार्य भी किये जा रहे हैं ऐसे में संगठन ने मांग की है
जिसमे जनगणना कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत लगाए जा रहे शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी के  सम्बन्ध में विभिन्न मांगों से संबंधित जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा है l
जनगणना कार्य में 50% ड्यूटी बेसिक शिक्षा विभाग एवं 50% ड्यूटी अन्य विभाग के कर्मचारियों की लगाई जाए।          
इस  कार्य में ड्यूटी बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षामित्र / अनुदेशक साथियों की लगे एवं आवश्यकता पड़ने पर ही शिक्षकों को नामित किया जाय l विद्यालय के प्रधानाध्यापक /प्रभारी प्रधानाध्यापक को उक्त कार्य ड्यूटी से मुक्त रखा जाय। पूर्व में BLO/SIR कार्य में लगे कर्मचारियों को उक्त ड्यूटी से मुक्त रखा जाय।  यदि शिक्षकों की ड्यूटी आवश्यक हो तो उनके कार्यरत ग्राम पंचायत में ही लगाई जाय।आवश्यकतानुसार केवल पुरुष शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई जाय, महिला शिक्षिकाओं को मुक्त रखा जाय।_ पति - पत्नी में से केवल पति की ही ड्यूटी लगाए जाने की मांग की है l
ग्राम पंचायत में फर्जी विकास कार्यों का आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग
प्रधान व सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, शिकायतकर्ता ने सौंपी शपथ पत्र सहित शिकायत

रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई ) तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड भरखनी की ग्राम पंचायत नई बस्ती  में विकास कार्यों के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। ग्राम निवासी सोनू पुत्र प्रवेश ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शपथ पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत में हुए कथित घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव की मिलीभगत से कई विकास योजनाओं में फर्जी तरीके से कार्य दर्शाकर सरकारी धन का गबन किया गया है। आरोप है कि चकरोड, तालाब, इंटरलॉकिंग सड़क,  एवं “हर घर जल जीवन मिशन” जैसी योजनाओं में बिना कार्य कराए ही कागजों पर काम पूरा दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्जी लाभार्थियों के नाम दर्ज कर एवं फर्जी फोटो सत्यापन के माध्यम से धनराशि निकाली गई। जबकि जमीनी स्तर पर इन कार्यों का कोई अस्तित्व नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत के इन सभी कार्यों में सचिव और खंड विकास अधिकारी की भी संलिप्तता होने की आशंका है।
आरोप है कि पूर्व में भी इस संबंध में कई बार जनसुनवाई एवं जिला अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस जांच नहीं की गई। केवल औपचारिकता निभाते हुए फर्जी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाती है, जिससे शासन गुमराह हो रहा है और सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, सरकारी धन की रिकवरी कर उसे वास्तविक विकास कार्यों में उपयोग करने की भी अपील की गई है।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर बड़े घोटाले का संकेत हो सकता है। इस सम्बन्ध मे खण्ड बिकास अधिकारी भरखनी ने कहा कि शिकायत देखकर बताएगे आप सेमवार मिल लेना।
झारखंड में 'चारा घोटाले' की आहट: बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, ट्रेज़री घोटाले की CBI जाँच की मांग!

झारखंड में पिछले कुछ दिनों से उजागर हो रहा ट्रेज़री घोटाला अब पूरे देश में गंभीर चिंता और चर्चा का विषय बन चुका है। यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं प्रतीत होता, बल्कि यह एक व्यापक और संगठित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। परिस्थितियाँ इस प्रकार बनती दिख रही हैं जैसे चारा घोटाला के काले अध्याय की पुनरावृत्ति हो रही हो। जिस प्रकार चारा घोटाले में डोरंडा ट्रेज़री से 140 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई थी, उसी तरह वर्तमान में झारखंड के कई जिलों में, पुलिस विभाग के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ रहे हैं।

अब तक उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार, इस घोटाले की पुष्टि बोकारो, हजारीबाग, साहिबगंज, गढ़वा और पलामू जैसे जिलों में हो चुकी है। केवल इन जिलों से ही 35 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी का संकेत मिला है। यह आँकड़ा अपने आप में गंभीर है, लेकिन जिस गति से नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि यह घोटाला कहीं अधिक व्यापक और गहरा हो सकता है। इस संदर्भ में मैं आपका ध्यान निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ :-

1. प्रारंभिक स्तर पर यह मामला केवल बोकारो जिले तक सीमित प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी और परतें खुलती गईं, यह स्पष्ट हो गया कि अवैध निकासी का यह जाल हजारीबाग, गढ़वा, साहिबगंज और पलामू तक फैल चुका है। इससे यह प्रतीत होता है कि यह कोई स्थानीय या सीमित स्तर का घोटाला नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में फैला एक संगठित आर्थिक अपराध है। अतः इसकी जाँच भी राज्यव्यापी स्तर पर, निष्पक्ष और गहन तरीके से कराई जानी आवश्यक है।

2. बोकारो में गिरफ्तार लेखपाल कौशल पांडेय को इस पूरे घोटाले का मुख्य आरोपी बताना वास्तविकता से परे प्रतीत होता है। यह मानना तर्कसंगत नहीं है कि एक अकेला लेखपाल ई-कुबेर प्रणाली में छेड़छाड़ कर, किसी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की जन्मतिथि में बदलाव कर, करोड़ों रुपये की अवैध निकासी जैसे जटिल षड्यंत्र को अपने दम पर अंजाम दे सकता है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क और उच्चस्तरीय मिलीभगत से जुड़ा हुआ है।

3. और भी गंभीर तथ्य यह है कि बोकारो जिले में उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन की राशि अनु पांडे के खाते में 63 बार स्थानांतरित होती रही और पूरे पुलिस महकमे को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। यह स्थिति अत्यंत संदिग्ध है और यह मानना कठिन है कि बिना वरीय पुलिस अधिकारियों की जानकारी या संरक्षण के ऐसा संभव हो सकता है।

4. इस पूरे प्रकरण में एक और चिंताजनक पहलू यह है कि कौशल पांडेय जैसे आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता, बोकारो के पूर्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी, पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक पटेल मयूर कनैयालाल तथा पूर्व डीआईजी (बजट) नौशाद आलम जैसे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए थे। यह तथ्य इस ओर संकेत करता है कि आरोपी को न केवल संरक्षण प्राप्त था, बल्कि उसे संस्थागत स्तर पर प्रोत्साहन भी मिला हुआ था।

5. घोटाले की राशि भी लगातार बढ़ती जा रही है। बोकारो में जहाँ प्रारंभिक आँकड़ा 3.5 करोड़ रुपये का बताया गया था, वह बढ़कर 4.5 करोड़ और फिर 6 करोड़ तक पहुँच गया। इसी प्रकार हजारीबाग में यह राशि बढ़ते-बढ़ते 28 करोड़ रुपये तक पहुँच गई। केवल दो जिलों में ही प्रारंभिक जाँच में लगभग 35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की पुष्टि होना अत्यंत गंभीर स्थिति को दर्शाता है। यदि इस मामले की गहन और निष्पक्ष जाँच कराई जाए, तो यह घोटाला हजारों करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है और चारा घोटाला जैसे चर्चित घोटाले को भी पीछे छोड़ सकता है।

6. यह सर्वविदित है कि विभिन्न जिलों में ट्रेज़री से होने वाली निकासी की निगरानी की जिम्मेदारी डीडीओ, अर्थात् संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की होती है, जिसे सामान्यतः डीएसपी (मुख्यालय) को सौंप दिया जाता है। ऐसे में इस पूरे घोटाले में जिला स्तर के डीएसपी और एसपी की भूमिका की निष्पक्ष और गहन जाँच होना अत्यंत आवश्यक है।

7. इसके अतिरिक्त, इस पूरे घोटाले में JAP-IT की भूमिका की जाँच भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि तकनीकी स्तर पर किस प्रकार की हेराफेरी की गई और किन लोगों की इसमें संलिप्तता रही।

8. यह भी उल्लेखनीय है कि झारखंड में ट्रेज़री से अवैध निकासी की घटनाएँ कोई नई बात नहीं हैं। आपके कार्यकाल में इससे पूर्व भी ऊर्जा विभाग से लगभग 100 करोड़ रुपये, पर्यटन विभाग से लगभग 10 करोड़ रुपये तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से लगभग 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मामले में तो माननीय न्यायालय को हस्तक्षेप करते हुए जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपनी पड़ी थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग में हुआ यह ट्रेज़री घोटाला किसी एक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि एक बड़े और संगठित रैकेट की कड़ी है, जिसमें पूरे राज्य में सुनियोजित तरीके से सरकारी धन की लूट की जा रही है।

ऐसी स्थिति में, जब इस पूरे मामले में ऊपर से लेकर नीचे तक कई पुलिस अधिकारी संदेह के घेरे में हों, तब उसी विभाग द्वारा जाँच कराना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन होगा। निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि इस पूरे मामले की जाँच किसी स्वतंत्र और विश्वसनीय एजेंसी द्वारा कराई जाए।

अतः आपसे आग्रह है कि इस बहुचर्चित और गंभीर ट्रेज़री महाघोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से अथवा झारखंड उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जाँच के माध्यम से कराई जाए, ताकि सत्य उजागर हो सके और दोषियों को कठोरतम दंड मिल सके।

डा. हैनिमन की खोज विश्व के लिए वरदान!

उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। होमियोपैथी के अन्वेष्क (जनक) डा. किश्चयन फैड्रिक सैम्युल हैनिमन की 271वीं जयंती शुक्रवार की देर रात शहर के बदरका स्थित प्रतिभा निकेतन इंटर कालेज में विश्व होमियोपैथी दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान डा. हैनिमन के कृतित्व व व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की गई। महिला चिकित्सकों एवं बच्चों ने केक काटकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान होमियोपैथी को विश्व के लिए वरदान करार दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजकीय श्री दुर्गा जी होमियोपैथिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ के प्राचार्य डा. एसके पांडेय, जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र कुमार यादव, क्रेंद्रीय होमियोपैथी परिषद के पूर्व सदस्य एवं नेशनल इंस्टीट्यूट आफ होमियोपैथी कोलकाता के सदस्य डा. भक्तवत्सल तथा लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, हमाई अध्यक्ष डा. राजकुमार राय, सचिव सीजी मौर्य ने डा. हैनिमन की प्रतिमा पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान होमियोपैथी चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले चिकित्सकोें को अंगवस्त्रम व मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। राजकीय श्री दुर्गा जी होमियोपैथिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ के प्राचार्य डा. एसके पांडेय ने कहा कि प्रेरणात्मक व्यक्तित्व की उपलव्धियों और राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान, दर्शन तथा सिद्धातों के प्रति जन चेतना के लिए अनेक विश्वदिवसों का आयोजन किया जा रहा है। होमियोपैथी के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए आवश्यक है कि वर्ष का एक दिन डा. हैनीमन के जन्मदिवस दस अप्रैल से अच्छा कोई दिवस नहीं हो सकता। अतः इस दिन को विश्व होमियोपैथी दिवस के रूप में मनाया जाना प्रासंगिक है।
जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र कुमार यादव ने कहा कि मन को स्वस्थ्य रखकर ही काया को स्वस्थ रखा जा सकता है। हैनीमन के सिद्धांतों पर चलकर सतत अभ्यास द्वारा अनेक असाध्य रोंगो का उपचार इस पैथी द्वारा सहजता से किया जा सकता है। हमाई अध्यक्ष डा. राजकुमार राय ने कहा कि होमियोपैथी को जन जन तक पहुंचाना ही संगठन का उद्देश्य है। इसके लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। डा. भक्तवत्सल ने कहा कि डा. हैनीमन ने पीड़ित मानवता के लिए होमियोपैथी के रूप में एक अमोदघ अस्त्र प्रदान किया है जिससे असाध्य रोगों का उपचार कम खर्च में सभंव है। उन्होनेें कहा कि पूरे देश में 300000 से ज्यादा होम्योपैथिक चिकित्सक, 85000 सरकारी डिस्पेंसरी और लगभग 200 से ज्यादा होम्योपैथिक मेडिकल कालेज चल रहे हैं। केन्द्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान संस्थान के 35 शोध संस्थान चल रहें हैं और लगभग दस करोड़ से ज्यादा लोग इस विधा का प्रयोग कर रहे हैं। सरकार द्वारा इसके उन्नयन के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार को सेना और रेलवे में होम्योपैथी के चिकित्सकों की नियुक्ति करनी चाहिए और रोज गार के अवसर देना चाहिए। विकसित  और स्वस्थ भारत की परिकल्पना बिना होम्योपैथी के अधूरी है। डा. भक्तवत्सल ने कहा कि होमियोपैथी अपनी गुणवत्ता के कारण समाज में लोकप्रिय होती जा रही है। इस चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास तेजी से बढ़ा है। आज जहां दूसरी चिकित्सा पद्धति सिर्फ रोगों को रोकने का काम करती हैं वहीं होमियोपैथी बीमारियों को जड़ से खत्म करने में सक्षम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा पद्धति में डा. हैनीमन के सिद्धांतों पर चलकर ही सफलता हासिल की जा सकती है। इसका कोई शार्टकट नहीं हो सकता है। होमियोपैथिक को ऊंचाई तक ले जाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए निरंतर प्रयास करना होगा। संचालन डा. प्रमोद गुप्ता ने किया। सचिव डा. सीजे मौर्य ने सभी का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर होमियोपैथिक परिवार के बच्चों द्वारा डा. नेहा दुबे के नेतृत्व में केक काटकर एंव भविष्य दीप कला केंद्र द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से डा. हैनीमन की जयंती मनाई गई। इस दौरान डा. देेवेश दुबे, डा. रणधीर सिंह, डा. मनोज मिश्र, डा. राजकुमार राय, डा. अनुतोष वत्सल, डा. नेहा दुबे, डा. एससी सैनी, डा. नीरज सिंह, डा. धीरज श्रीवास्तव, डा. अनुराग, डा. अबू मोहम्मद, डा. अजय पांडेय, इंदरा देवी, प्रतिभा निकेतन इंटर कालेज के प्रबंधक रमाकांत वर्मा, डा. एसके राय, लायन राकेश अग्रवाल, लायन रवि जायसवाल, डा. तापस, डा. एचपी त्यागी आदि ने डा. हैनीमन को श्रद्धासुमन अर्पित किया।
देवघर-डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स के पदक विजेताओं को डीएवी भंडारकोला के प्राचार्य ने किया सम्मानित।
देवघर: विगत दिनों दिल्ली,हैदराबाद, रांची, हरिद्वार और रायपुर में आयोजित डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल,भंडारकोला के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 15 गोल्ड, 5 सिल्वर एवं 3 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर विद्यालय, अभिभावकों एवं क्षेत्र का नाम रौशन किया । प्रतियोगिता में भाग लेते हुए विद्यार्थियों ने उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के बीच अपने खेल कौशल, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। खिलाड़ियों ने वॉलीबॉल, खो-खो , ताइक्वांडो और वूशु में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। वॉलीबॉल में गोल्ड मेडल ज्ञानदीप सम्राट, अमित कुमार, प्रशांत कुमार,आदित्य कुमार, हिमांशु कुमार और सत्यम गौरव को मिला। खो-खो में गोल्ड मेडल ओम कुमार,कन्हैया कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार और सत्यम कुमार को मिला,ताइक्वांडो में गोल्ड मेडल सौम्य भारद्वाज, सोनू कुमार और अनमोल कुमार को मिला। वूशु में गोल्ड मेडल विशाल कुमार को मिला। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने सभी मेडल विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया ।इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, कोच के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार में इस सफलता को लेकर उत्साह का माहौल है। मंच से अन्य विद्यार्थियों को भी इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर सभी खिलाड़ियों, कोच एवं सहयोगी शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा आशा जताई कि भविष्य में भी विद्यार्थी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
यूजीसी हो या जातीय आरक्षण, एससीएसटी एक्ट यह खत्म होना चाहिए : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज निजी कार्यक्रम में वाराणसी के राधापुरम कालोनी में श्यामा देवी के आवास पर आएजहां पर सवर्ण समाज के लोगों  को सम्बोधित करते हैं  सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर जोरदार हुंकार भरी उन्होंने यूजीसी रेगुलेशन और एससीएसटी एक्ट, जातिगत आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा कहा कि सामान्य वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है  सुरज प्रसाद चौबे ने कहा है सुनियोजित तरीके से सवर्ण को कमजोर किया जा रहा है और उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।

ऐसे में अब सवर्ण समाज को राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को विकल्प के रूप में स्थापित करना होगा उन्होंने सत्ता में बैठे सवर्ण नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूजीसी जैसे मुद्दे पर खुल कर विरोध नहीं किया जिस देश के राष्ट्रपति की पहचान डेढ़ अरब लोगों की प्रथम नागरिक होने के बावजूद भी आदिवासी ही है। जिस देश का प्रधानमंत्री मंत्री 12 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद भी अभी भी खुद को अभी भी अपने आप को पिछड़ा बताता हो उसी देश में एक बीघा जमीन पर गुजारा करने वाला सवर्ण परिवार सक्षम योग्य दबंग माना जाता है ये हमारे देश की संविधान की खूबसूरती है ।

भारत में जहां जाती पूछ कर मुकदमे लिखे जाते हैं और जाति पूछ कर नौकरी दी जाती हो  जहां जाती पूछ कर योजनाएं दी जाती है साथ ही साथ कालेल विश्वविद्यालय में कट्टी चौराहे पर जाती पूछ कर मार पीट की जा रही हो  सवर्ण ब्राह्मण को मारा पीटा जा रहा है फिर भी दोष सवर्ण ब्राह्मण का ही दिया जाता है हाल ही में बि एच यू में जाती पूछ कर ब्राह्मण को मारा गया है देश के स्वाधीनता संग्राम में अपने प्राण की आहुति देने वाले सवर्ण क्रांतिकारी की अपेक्षा की जा रही है ।

वही दूसरी तरफ अम्बेडकर जिनका स्वाधीनता संग्राम में कोई योगदान नहीं था का महिमा मंडित किया जा रहा है उत्तर प्रदेश सरकार भारी बजट छतरी बनवाने पर कर रही है। भगवान परशुराम जयंती पर अवकाश नहीं किया जाता है देश के 70 प्रतिशत जनरल वर्ग के छात्र लोन ले कर पढ़ते हैं लेकिन सरकार को इनकी चिंता नहीं है वो कारणों रुपए खर्च कर के आरक्षित वर्ग के लोग को विदेश भ्रमण करवाने में बिजी हो यूजीसी हो या जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट यह खत्म होना चाहिए।
राष्ट्र और समाज कल्याण का संकल्प लेकर जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट में शामिल हुए संत
प्रयागराज। धर्म, समाज सेवा एवं राष्ट्रहित के कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित विशेष सम्मान समारोह में संत समाज के प्रतिष्ठित महात्माओं का सम्मान कर उन्हें संगठन की सदस्यता प्रदान की गई।इस अवसर पर पंकज गिरी जी महाराज (निरंजनी अखाड़ा), कुलदीप गिरी जी महाराज (निरंजनी अखाड़ा) तथा आचार्य कमलाशंकर तिवारी जी महाराज (ज्योतिषपीठ शंकराचार्य आश्रम, महंत प्रयागराज) ने औपचारिक रूप से जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट की सदस्यता ग्रहण की।
सदस्यता ग्रहण करते हुए संतों ने जन जागरण, गौ संरक्षण, प्रकृति संरक्षण एवं नारी सशक्तिकरण जैसे राष्ट्रहित एवं समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संस्थापक रघुवंश उपाध्याय ने कहा कि जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य केवल संगठन निर्माण नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार और जागरूकता की एक नई चेतना स्थापित करना है। संत समाज का मार्गदर्शन हमारे लिए प्रेरणा एवं शक्ति का स्रोत है। कार्यक्रम के दौरान संतों ने संगठन द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन वर्तमान समय में समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। समारोह में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संतों का पुष्पमाला, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया।जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट परिवार ने संकल्प लिया कि संगठन आगामी समय में गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं जनहित के कार्यों को और व्यापक स्तर पर संचालित करेगा।
फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जखनिया तहसील में बैठक, 6-7 अप्रैल को ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान  2026


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, तहसील कोरांव सभागार में गुरुवार को उप जिलाधिकारी अतुल कुमार की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान, सचिव, लेखपाल, कोटेदार,राधा सिंह पंचायत सहायक, नोडल अधिकारी एवं सेक्टर अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।उप जिलाधिकारी ने प्रधानों एवं सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में मुनादी के माध्यम से किसानों को जागरूक करें तथा 6 व 7 अप्रैल को ग्राम पंचायत भवनों पर कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण रूप से सुनिश्चित कराएं।उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिया कि 3, 4 एवं 5 अप्रैल तक जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री लंबित है, उनके अभिलेखों का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन कर कार्य को पूर्ण करें, ताकि निर्धारित तिथियों में किसी प्रकार की बाधा न हो।बैठक में फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उप जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर तहसील सभागार में समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
70 से ज्यादा की उम्र के लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड, छह सदस्यीय

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में विशेष अभियान के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग ने छह सदस्यीय टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में बनी टीम आयुष्मान कार्ड बनाने की मॉनीटरिंग करेगी। टीम किस एएनएम, सीएचओ ने कितने कार्ड बनाए हैं और कहां लक्ष्य के सापेक्ष कितना काम हुआ है। इसकी नियमित रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के 30 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें अब तक 26163 लोगों का कार्ड बन चुका है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सीडीओ, डीसी, डीपीओ, डीपीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से कार्ड बना रही है। सीएमओ स्तर से गठित की गई टीम सीएचसी अधीक्षक के निगरानी में काम करेंगी। टीम का मुख्य काम होगा कौन सी आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कितने कार्ड बनाए हैं। विभागीय निर्देश है कि रोजाना आशा, एएनएम, सीएचओ मिलकर 50 कार्ड बनाएं। उम्र के कारण जिन बुुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने में अड़चन आ रही है।
उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का चयन करके आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से उम्र का सत्यापन कराने के बाद आधार कार्ड में उम्र संशोधन करवाने के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। ये प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी की जा रही है। अभियान चलाकर स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जा कर कार्ड बना रहे हैं।


छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में एक - एक स्वास्थ्यकर्मी होंगे। इसके अलावा आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित कराने के लिए उम्र का परीक्षण किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था कार्यालय में लागू कर दी गई है। इससे आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित होगा। इससे आयुष्मान कार्ड बन सकेगा।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही