पश्चिम बंगाल में नहीं थम रही हिंसा, शपथ ग्रहण से पहले सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पोस्ट-पोल हिंसा जारी है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य की सियासत में ऐसा खौफनाक अध्याय लिखा गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। ताजा घटना में बुधवार को बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका नाम चंद्रनाथ रथ बताया गया है।

कई दिनों से रची जा रही थी साजिश

शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले, भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और पूर्व वायुसेना जवान चंद्रनाथ रथ की सरेआम हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश पिछले तीन-चार दिनों से रची जा रही थी और हमलावर लगातार रथ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ताबड़तोड़ बरसायीं गोलियां

मध्यमग्राम में सड़क पर सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये वारदात उस वक्त अंजाम दी गई जब बुधवार रात करीब 11 बजे चंद्रनाथ रथ कोलकाता से मध्यमग्राम लौट रहे थे। आरोप है कि बुधवार रात मध्यमग्राम में एक गाड़ी को घेर लिया गया और उस पर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाई गईं। चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक के तौर पर काम कर रहे थे।

सीने और पेट में कई गोलियां लगीं

हमले में रथ को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं। गाड़ी चला रहा ड्राइवर भी घायल हो गया। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। बाद में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि गोलियां उनके दिल को चीरते हुए निकल गई थीं, जिसके कारण उनकी मौत हुई।

क्या सुवेंदु अधिकारी थे निशाने पर?

इस वारदात के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुवेंदु अधिकारी की जान लेने की साजिश थी। दरअसल, जिस सफेद स्कॉर्पियो को निशाना बनाया गया, वह अक्सर सुवेंदु के काफिले का हिस्सा रहती है। चंद्रनाथ रथ कोलकाता पर जब हमला हुआ, वे सफेद रंग की स्कॉर्पियो में सवार थे। इस गाड़ी पर ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा’ का बोर्ड लगा हुआ था। यह वही पहचान है जो आमतौर पर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की गाड़ियों की होती है। हमलावरों को शायद पक्की जानकारी थी कि सुवेंदु इसी रास्ते से गुजरने वाले हैं।

दबंग प्रधान पति और उसके भांजे पर पिता-पुत्री को बेरहमी से पीटने का आरोप, गांव में दहशत*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* कोतवाली क्षेत्र कछौना के ग्राम निर्मल पुर में सत्ता और पद की हनक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के निवासी बिहारी लाल ने ग्राम प्रधान रूबी सिंह के पति पवन सिंह और उनके भांजे राजन सिंह पर शराब के नशे में उनके और उनकी पुत्री के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित बिहारी लाल के अनुसार, मंगलवार की शाम वह अपने घर के दरवाजे पर पुत्री के साथ चारपाई पर बैठा था। आरोप है कि इसी दौरान प्रधान पति पवन सिंह अपने भांजे राजन के साथ नशे की हालत में वहां पहुंचे और चारपाई पर बैठने को लेकर आपत्ति जताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर दबंगों ने पिता-पुत्री को बेरहमी से पीटा और बिहारी लाल को खड़ंजे पर पटक-पटक कर मारा, जिससे उन्हें कमर में गंभीर चोटें आई हैं। शोर सुनकर जब आसपास के ग्रामीण इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद से पूरे गांव में प्रधान पति की दबंगई को लेकर दहशत का माहौल है। पीड़ित का आरोप है कि कोतवाली में तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने केवल आश्वासन देकर उसे टाल दिया और अब तक कोई ठोस कार्यवाई नहीं की गई है। इस संबंध में कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक/उप निरीक्षक रामचंद्र शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह अवकाश पर हैं, उनके वापस लौटते ही मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्यवाई की जाएगी।
मीरा भायंदर महानगरपालिका के सभागृह नेता बने एड. रवि व्यास
भायंदर। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष तथा मीरा भायंदर विधानसभा चुनाव के प्रमुख रहे एडवोकेट रवि व्यास को मीरा भायंदर महानगरपालिका में सभागृह नेता (Leader of house) की बड़ी जिम्मेदारी दी है। सभागृह नेता महानगरपालिका में सरकार का मुख्य चेहरा होता है, जो प्रशासनिक कार्यों को गति देने और पार्षदों की भूमिका को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिम्मेदार होता है। महानगरपालिका में सभागृह नेता सदन का संचालन और नीति निर्धारण करने के साथ-साथ सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। पार्टी के सभी पार्षदों के बीच समन्वय और एकता बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का भी निर्वहन करता है। शहर के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेता है। सदन में सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। एड.रवि व्यास को सभागृह नेता बनाए जाने पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में खुशी देखी जा रही है। मीरा भायंदर की आम जनता ने भी उन्हें सभागृह नेता बनाए जाने का स्वागत किया है। एड व्यास ने दी गई जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण तथा विधायक नरेंद्र मेहता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग और समर्पित भावना के साथ करेंगे।
सोनभद्र लाइमस्टोन ब्लॉक-ए की ई-नीलामी के लिए NIT जारी, 79 मिलियन टन भंडार का होगा दोहन


खनन क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद सोनभद्र स्थित डाला कजरहट लाइमस्टोन ब्लॉक-ए (161 हेक्टेयर) की ई-नीलामी के लिए Notice Inviting Tender (NIT) 6 मई 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस खनन ब्लॉक में लगभग 79.20 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार आंका गया है। इसमें CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) की औसत मात्रा 41.98 प्रतिशत है, जो सीमेंट उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के रूप में उपयोगी है।
सरकार के अनुसार, ई-नीलामी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के जरिए विशेष रूप से सोनभद्र क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के सतत विकास को भी बल मिलेगा।
बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
भारत की जनगणना हेतु प्रशिक्षण के साथ पूरी हुई तैयारी
मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका जी-दक्षिण विभाग के तत्वावधान 2026-2027 वर्ष भारत की जनगणना करने हेतु जनगणना मास्टर प्रशिक्षक,फिल्ड प्रशिक्षक, सुपरवाइजर एवं जनगणना प्रगणक हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा  विभाग जनगणना अधिकारी तथा डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।जनगणना प्रशिक्षण तीन सत्रों में रखा गया जिसमें प्रथम सत्र 23,24,25 अप्रैल,द्वितीय सत्र 27,28,29 अप्रैल को पूर्ण किया गया। अंतिम तृतीय सत्र 4,5,6 मई 2026 जो ग्लोबमिल मनपा शाला,लोअर परेल मुंबई में आयोजित किया गया।प्रत्येक सत्र में 200 सुपरवाइजर और प्रगणक कुल 600 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जनगणना 2027 का पहला टप्पा महाराष्ट्र में स्व-गणना 1 मई से 15 मई रखा गया है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भरकर पूर्ण करेंगे तथा 16 मई से 14 जून तक घरगणना प्रगणक एवं सुपरवाइजर की निगरानी में किया जाना है।उक्त प्रशिक्षण श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी,डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी,राजेश यादव सहायक अभियंता एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जनगणना सहायक के रूप में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमोल दर्रोई,डॉ मनिष शार्दुल एवं समाज विकास अधिकारी राजेश सुरवाडे की नियुक्ति हुई है।उक्त प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में गौरव श्रीवास्तव तथा फिल्ड प्रशिक्षक के रूप में प्रीती चौधरी, अमित शिंदे,सविता बोडके किरण पवार, सुमित्रा एमगेकर, मास्टर प्रशिक्षक रेणुका गवळी,महेन्द्र गुप्ता,राम बनकर,दीपक वैष्णव, अरुण शिंदे,वसंत सिद की नियुक्ति की गई है। सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर एवं स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी व चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ विरेंद्र मोहिते सर ने जी-दक्षिण विभाग में रहने वाले नागरिकों से निवेदन तथा आह्वाहन किया कि भारत सरकार द्वारा 2027 की जनगणना में सहयोग करें।आपके द्वार पर आने वाले जनगणना अधिकारियों का सम्मान करते हुए पूछे गए प्रश्नों के उत्तर शांति पूर्वक देकर अपनी जनगणना एवं घरगणना पूर्ण कीजिए तथा भारत के नागरिक होने का दायित्व का निर्वहन कीजिए।
पलामू में भाजपा का महासंग्राम: मटका फोड़ प्रदर्शन कर घेरा DC दफ्तर, अमर बाउरी बोले- "खून चूस रही है हेमंत सरकार"

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिजली और पानी को लेकर लगातार हो रही समस्याओं के खिलाफ विशाल प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत काली मंदिर रेडमा चौक से की गई, जहां से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने सांकेतिक रूप से मटका और हाथों में तख्तियां लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी में की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार भुइँया, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात भुइंया सहित सैकड़ो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार गरीब जनता का न सिर्फ पानी बल्कि उनका खून भी चूस रही है। जिस तरह से पूरे राज्य में 80000 से भी अधिक चापानल छोटी-छोटी खराबियों के कारण बंद पड़े हैं, उसे ठीक करवाने या उसे बदलवाने का कार्य राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार नहीं कर पा रही है। लोग आज शुद्ध पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। शुरुआत की गर्मी में ही बिजली और पानी की समस्या से लोगों की जान तक जा रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल में ही एक गर्भवती महिला की मौत बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर के द्वारा टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जिससे गर्भवती महिला की मौत हो गई। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना चाहते हुए कहा कि झारखंड के बढ़बोले मंत्री सिर्फ अपनी बातों से सुर्खियों में रहते हैं जबकि उनका काम हकीकत में धरातल पर उतरता नहीं देख रहा।

अमर कुमार बाउरी ने चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही राज्य में बिजली और पानी की समस्या का निवारण राज्य सरकार नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना विरोध करते हुए उपायुक्त के गाड़ी के समक्ष मटका फोड़ा।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पलामू जैसे शहर में बिजली और पानी न होने के कारण इसका असर न सिर्फ लोगों के आम जीवन पर पड़ रहा है बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यों पर भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पलामू के लगभग सभी क्षेत्र में लगे हुए चापाकल और नल खराब पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल योजना पलामू सहित पूरे राज्य में ठप पड़ी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर उपायुक्त के माध्यम से सरकार से मांग किया कि जल्द ही पलामू और पूरे राज्य में बिजली और पानी की समस्या को समाप्त करें अन्यथा जो आंदोलन आज उपायुक्त कार्यालय तक है अगली बार बृहद रूप से राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आम जनता के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखने का काम कर रही है। बिजली और पानी की समस्या से आम जनता त्राहिमाम है और इसका सीधा असर सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। आए दिन राज्य में बिजली न होने के कारण कई मरीजों की जान चली गयी। वहीं छात्रों पर भी सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई पर हो रहा है।

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही सब समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिस तरह से बंगाल में आम जनता के विरोध का सामना तृणमूल कांग्रेस को करना पड़ा और उन्हें अपने सत्ता से हाथ धोना पड़ा, उसी तरह आने वाले चुनाव में भी झारखंड की जनता हेमंत सोरेन की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

श्रावस्ती में 8 मई को प्रशासन उतरेगा गांवों तक, “संध्या संवाद कार्यक्रम” में आयुक्त करेंगी सीधा संवाद
*जनसुनवाई, योजनाओं का लाभ वितरण और निर्माण कार्यों की पड़ताल—पूरा दिन रहेगा गतिविधियों से भरपूर*

*गोण्डा, 06 मई 2026* - देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशन में 8 मई को जनपद श्रावस्ती में “संध्या संवाद कार्यक्रम” आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान, विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच तथा शासन की योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे से जनसुनवाई के साथ होगी, जहां आयुक्त आम नागरिकों की समस्याएं सुनेंगी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर समाधान के निर्देश देंगी। इसके बाद कर्मचारियों, पेंशनरों एवं वरिष्ठ नागरिकों की विभागीय और पेंशन संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।

दोपहर में आयुक्त विभिन्न निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। इस दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति तथा अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के समय सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ मौके पर उपस्थित रहें।

शाम के समय चयनित ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद कार्यक्रम” आयोजित होगा, जिसमें ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। साथ ही गांव में विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा और प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।

आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जनता को समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। इसी उद्देश्य से प्रशासन गांव स्तर तक पहुंचकर संवाद और समाधान की प्रक्रिया को मजबूत कर रहा है।
हजारीबाग में “टेक सखी 2026” कार्यशाला आयोजित, छात्राओं को साइबर सुरक्षा और AI के सुरक्षित उपयोग की दी गई जानकारी

हजारीबाग: शहर के टाउन हॉल, हजारीबाग में छात्राओं एवं युवतियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा पर आधारित “टेक सखी 2026” कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तरंग समूह की पहल पर “डिजिटल बेटी शक्ति महाअभियान” के अंतर्गत संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में अनमास्क्ड साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग हमला, सोशल इंजीनियरिंग और डाटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपायों को सरल तरीके से समझाया गया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर हमलों के उदाहरणों के माध्यम से इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञ सौरव विश्वकर्मा ने बताया कि आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना बेहद जरूरी है, क्योंकि जागरूकता ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता से जुड़े कई सत्र आयोजित किए गए। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जबकि चयनित प्रतिभागियों को उपहार हैम्पर देकर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने इस पहल को समाज में डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

पश्चिम बंगाल में नहीं थम रही हिंसा, शपथ ग्रहण से पहले सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पोस्ट-पोल हिंसा जारी है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य की सियासत में ऐसा खौफनाक अध्याय लिखा गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। ताजा घटना में बुधवार को बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका नाम चंद्रनाथ रथ बताया गया है।

कई दिनों से रची जा रही थी साजिश

शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले, भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और पूर्व वायुसेना जवान चंद्रनाथ रथ की सरेआम हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश पिछले तीन-चार दिनों से रची जा रही थी और हमलावर लगातार रथ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ताबड़तोड़ बरसायीं गोलियां

मध्यमग्राम में सड़क पर सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये वारदात उस वक्त अंजाम दी गई जब बुधवार रात करीब 11 बजे चंद्रनाथ रथ कोलकाता से मध्यमग्राम लौट रहे थे। आरोप है कि बुधवार रात मध्यमग्राम में एक गाड़ी को घेर लिया गया और उस पर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाई गईं। चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक के तौर पर काम कर रहे थे।

सीने और पेट में कई गोलियां लगीं

हमले में रथ को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं। गाड़ी चला रहा ड्राइवर भी घायल हो गया। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। बाद में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि गोलियां उनके दिल को चीरते हुए निकल गई थीं, जिसके कारण उनकी मौत हुई।

क्या सुवेंदु अधिकारी थे निशाने पर?

इस वारदात के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुवेंदु अधिकारी की जान लेने की साजिश थी। दरअसल, जिस सफेद स्कॉर्पियो को निशाना बनाया गया, वह अक्सर सुवेंदु के काफिले का हिस्सा रहती है। चंद्रनाथ रथ कोलकाता पर जब हमला हुआ, वे सफेद रंग की स्कॉर्पियो में सवार थे। इस गाड़ी पर ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा’ का बोर्ड लगा हुआ था। यह वही पहचान है जो आमतौर पर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की गाड़ियों की होती है। हमलावरों को शायद पक्की जानकारी थी कि सुवेंदु इसी रास्ते से गुजरने वाले हैं।

दबंग प्रधान पति और उसके भांजे पर पिता-पुत्री को बेरहमी से पीटने का आरोप, गांव में दहशत*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* कोतवाली क्षेत्र कछौना के ग्राम निर्मल पुर में सत्ता और पद की हनक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के निवासी बिहारी लाल ने ग्राम प्रधान रूबी सिंह के पति पवन सिंह और उनके भांजे राजन सिंह पर शराब के नशे में उनके और उनकी पुत्री के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित बिहारी लाल के अनुसार, मंगलवार की शाम वह अपने घर के दरवाजे पर पुत्री के साथ चारपाई पर बैठा था। आरोप है कि इसी दौरान प्रधान पति पवन सिंह अपने भांजे राजन के साथ नशे की हालत में वहां पहुंचे और चारपाई पर बैठने को लेकर आपत्ति जताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर दबंगों ने पिता-पुत्री को बेरहमी से पीटा और बिहारी लाल को खड़ंजे पर पटक-पटक कर मारा, जिससे उन्हें कमर में गंभीर चोटें आई हैं। शोर सुनकर जब आसपास के ग्रामीण इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद से पूरे गांव में प्रधान पति की दबंगई को लेकर दहशत का माहौल है। पीड़ित का आरोप है कि कोतवाली में तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने केवल आश्वासन देकर उसे टाल दिया और अब तक कोई ठोस कार्यवाई नहीं की गई है। इस संबंध में कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक/उप निरीक्षक रामचंद्र शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह अवकाश पर हैं, उनके वापस लौटते ही मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्यवाई की जाएगी।
मीरा भायंदर महानगरपालिका के सभागृह नेता बने एड. रवि व्यास
भायंदर। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष तथा मीरा भायंदर विधानसभा चुनाव के प्रमुख रहे एडवोकेट रवि व्यास को मीरा भायंदर महानगरपालिका में सभागृह नेता (Leader of house) की बड़ी जिम्मेदारी दी है। सभागृह नेता महानगरपालिका में सरकार का मुख्य चेहरा होता है, जो प्रशासनिक कार्यों को गति देने और पार्षदों की भूमिका को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिम्मेदार होता है। महानगरपालिका में सभागृह नेता सदन का संचालन और नीति निर्धारण करने के साथ-साथ सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। पार्टी के सभी पार्षदों के बीच समन्वय और एकता बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का भी निर्वहन करता है। शहर के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेता है। सदन में सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। एड.रवि व्यास को सभागृह नेता बनाए जाने पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में खुशी देखी जा रही है। मीरा भायंदर की आम जनता ने भी उन्हें सभागृह नेता बनाए जाने का स्वागत किया है। एड व्यास ने दी गई जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण तथा विधायक नरेंद्र मेहता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग और समर्पित भावना के साथ करेंगे।
सोनभद्र लाइमस्टोन ब्लॉक-ए की ई-नीलामी के लिए NIT जारी, 79 मिलियन टन भंडार का होगा दोहन


खनन क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद सोनभद्र स्थित डाला कजरहट लाइमस्टोन ब्लॉक-ए (161 हेक्टेयर) की ई-नीलामी के लिए Notice Inviting Tender (NIT) 6 मई 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस खनन ब्लॉक में लगभग 79.20 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार आंका गया है। इसमें CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) की औसत मात्रा 41.98 प्रतिशत है, जो सीमेंट उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के रूप में उपयोगी है।
सरकार के अनुसार, ई-नीलामी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के जरिए विशेष रूप से सोनभद्र क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के सतत विकास को भी बल मिलेगा।
बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
भारत की जनगणना हेतु प्रशिक्षण के साथ पूरी हुई तैयारी
मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका जी-दक्षिण विभाग के तत्वावधान 2026-2027 वर्ष भारत की जनगणना करने हेतु जनगणना मास्टर प्रशिक्षक,फिल्ड प्रशिक्षक, सुपरवाइजर एवं जनगणना प्रगणक हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा  विभाग जनगणना अधिकारी तथा डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।जनगणना प्रशिक्षण तीन सत्रों में रखा गया जिसमें प्रथम सत्र 23,24,25 अप्रैल,द्वितीय सत्र 27,28,29 अप्रैल को पूर्ण किया गया। अंतिम तृतीय सत्र 4,5,6 मई 2026 जो ग्लोबमिल मनपा शाला,लोअर परेल मुंबई में आयोजित किया गया।प्रत्येक सत्र में 200 सुपरवाइजर और प्रगणक कुल 600 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जनगणना 2027 का पहला टप्पा महाराष्ट्र में स्व-गणना 1 मई से 15 मई रखा गया है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भरकर पूर्ण करेंगे तथा 16 मई से 14 जून तक घरगणना प्रगणक एवं सुपरवाइजर की निगरानी में किया जाना है।उक्त प्रशिक्षण श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी,डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी,राजेश यादव सहायक अभियंता एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जनगणना सहायक के रूप में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमोल दर्रोई,डॉ मनिष शार्दुल एवं समाज विकास अधिकारी राजेश सुरवाडे की नियुक्ति हुई है।उक्त प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में गौरव श्रीवास्तव तथा फिल्ड प्रशिक्षक के रूप में प्रीती चौधरी, अमित शिंदे,सविता बोडके किरण पवार, सुमित्रा एमगेकर, मास्टर प्रशिक्षक रेणुका गवळी,महेन्द्र गुप्ता,राम बनकर,दीपक वैष्णव, अरुण शिंदे,वसंत सिद की नियुक्ति की गई है। सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर एवं स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी व चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ विरेंद्र मोहिते सर ने जी-दक्षिण विभाग में रहने वाले नागरिकों से निवेदन तथा आह्वाहन किया कि भारत सरकार द्वारा 2027 की जनगणना में सहयोग करें।आपके द्वार पर आने वाले जनगणना अधिकारियों का सम्मान करते हुए पूछे गए प्रश्नों के उत्तर शांति पूर्वक देकर अपनी जनगणना एवं घरगणना पूर्ण कीजिए तथा भारत के नागरिक होने का दायित्व का निर्वहन कीजिए।
पलामू में भाजपा का महासंग्राम: मटका फोड़ प्रदर्शन कर घेरा DC दफ्तर, अमर बाउरी बोले- "खून चूस रही है हेमंत सरकार"

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिजली और पानी को लेकर लगातार हो रही समस्याओं के खिलाफ विशाल प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत काली मंदिर रेडमा चौक से की गई, जहां से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने सांकेतिक रूप से मटका और हाथों में तख्तियां लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी में की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार भुइँया, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात भुइंया सहित सैकड़ो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार गरीब जनता का न सिर्फ पानी बल्कि उनका खून भी चूस रही है। जिस तरह से पूरे राज्य में 80000 से भी अधिक चापानल छोटी-छोटी खराबियों के कारण बंद पड़े हैं, उसे ठीक करवाने या उसे बदलवाने का कार्य राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार नहीं कर पा रही है। लोग आज शुद्ध पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। शुरुआत की गर्मी में ही बिजली और पानी की समस्या से लोगों की जान तक जा रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल में ही एक गर्भवती महिला की मौत बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर के द्वारा टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जिससे गर्भवती महिला की मौत हो गई। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना चाहते हुए कहा कि झारखंड के बढ़बोले मंत्री सिर्फ अपनी बातों से सुर्खियों में रहते हैं जबकि उनका काम हकीकत में धरातल पर उतरता नहीं देख रहा।

अमर कुमार बाउरी ने चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही राज्य में बिजली और पानी की समस्या का निवारण राज्य सरकार नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना विरोध करते हुए उपायुक्त के गाड़ी के समक्ष मटका फोड़ा।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पलामू जैसे शहर में बिजली और पानी न होने के कारण इसका असर न सिर्फ लोगों के आम जीवन पर पड़ रहा है बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यों पर भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पलामू के लगभग सभी क्षेत्र में लगे हुए चापाकल और नल खराब पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल योजना पलामू सहित पूरे राज्य में ठप पड़ी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर उपायुक्त के माध्यम से सरकार से मांग किया कि जल्द ही पलामू और पूरे राज्य में बिजली और पानी की समस्या को समाप्त करें अन्यथा जो आंदोलन आज उपायुक्त कार्यालय तक है अगली बार बृहद रूप से राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आम जनता के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखने का काम कर रही है। बिजली और पानी की समस्या से आम जनता त्राहिमाम है और इसका सीधा असर सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। आए दिन राज्य में बिजली न होने के कारण कई मरीजों की जान चली गयी। वहीं छात्रों पर भी सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई पर हो रहा है।

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही सब समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिस तरह से बंगाल में आम जनता के विरोध का सामना तृणमूल कांग्रेस को करना पड़ा और उन्हें अपने सत्ता से हाथ धोना पड़ा, उसी तरह आने वाले चुनाव में भी झारखंड की जनता हेमंत सोरेन की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

श्रावस्ती में 8 मई को प्रशासन उतरेगा गांवों तक, “संध्या संवाद कार्यक्रम” में आयुक्त करेंगी सीधा संवाद
*जनसुनवाई, योजनाओं का लाभ वितरण और निर्माण कार्यों की पड़ताल—पूरा दिन रहेगा गतिविधियों से भरपूर*

*गोण्डा, 06 मई 2026* - देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशन में 8 मई को जनपद श्रावस्ती में “संध्या संवाद कार्यक्रम” आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान, विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच तथा शासन की योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे से जनसुनवाई के साथ होगी, जहां आयुक्त आम नागरिकों की समस्याएं सुनेंगी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर समाधान के निर्देश देंगी। इसके बाद कर्मचारियों, पेंशनरों एवं वरिष्ठ नागरिकों की विभागीय और पेंशन संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।

दोपहर में आयुक्त विभिन्न निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। इस दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति तथा अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के समय सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ मौके पर उपस्थित रहें।

शाम के समय चयनित ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद कार्यक्रम” आयोजित होगा, जिसमें ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। साथ ही गांव में विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा और प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।

आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जनता को समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। इसी उद्देश्य से प्रशासन गांव स्तर तक पहुंचकर संवाद और समाधान की प्रक्रिया को मजबूत कर रहा है।
हजारीबाग में “टेक सखी 2026” कार्यशाला आयोजित, छात्राओं को साइबर सुरक्षा और AI के सुरक्षित उपयोग की दी गई जानकारी

हजारीबाग: शहर के टाउन हॉल, हजारीबाग में छात्राओं एवं युवतियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा पर आधारित “टेक सखी 2026” कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तरंग समूह की पहल पर “डिजिटल बेटी शक्ति महाअभियान” के अंतर्गत संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में अनमास्क्ड साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग हमला, सोशल इंजीनियरिंग और डाटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपायों को सरल तरीके से समझाया गया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर हमलों के उदाहरणों के माध्यम से इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञ सौरव विश्वकर्मा ने बताया कि आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना बेहद जरूरी है, क्योंकि जागरूकता ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता से जुड़े कई सत्र आयोजित किए गए। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जबकि चयनित प्रतिभागियों को उपहार हैम्पर देकर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने इस पहल को समाज में डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।