जिला एथलेटिक एसोसिएशन द्वारा जनपदीय ट्रायल संपन्न*
जिला एथलेटिक एसोसिएशन सुल्तानपुर की संयोजकता में एकदिवसीय जनपदीय ट्रायल श्याम नगर खेल प्रांगण में संपन्न हुआ संगठन के सचिव अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डॉ बाबादिन चौधरी की संयोजकता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी आर बी पांडे ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला ओलंपिक संघ के महासचिव पंकज दुबे के द्वारा 800 मीटर बालक वर्ग में स्टार्टिंग देकर किया गया, जिसमें शिवम वर्मा प्रथम व मोहित यादव द्वितीय स्थान पर रहे ट्रायल में कुल 26 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग लिया। 800 मी बालिका में शगुन प्रथम,पायल मिश्रा द्वितीय स्थान पर रही 3000 मीटर बालक वर्ग में उमेश प्रथम व बालिका वर्ग में प्रिया शुक्ला प्रथम व सपना यादव द्वितीय स्थान पर रही है। गोला फेक में यश शुक्ला प्रथम स्थान पर रहे वहीं 200 मीटर बालक वर्ग में अंश बौद्ध प्रथम व आकाश वर्मा द्वितीय स्थान पर रहे। संगठन के चयन करता महेश कुमार ने बताया कि चयनित खिलाड़ी दिनांक 27 व 28 फरवरी 2026 को अयोध्या में होने वाली प्रथम उत्तर प्रदेश सिलेक्शन चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे इस ट्रायल एवं चयन में सत्यवीर यादव, राकेश कुमार, अनिल यादव, अनुराग पांडे, राधेश्याम , धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार
रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

मंत्री एके शर्मा ने की नगर विकास योजनाओं की समीक्षा, पीएम आवास योजना को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

* संगम सभागार, लखनऊ में हुई बैठक में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने संगम सभागार, लखनऊ में नगर विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि शहरी विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समय से आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिन लाभार्थियों की किस्तें लंबित हैं, उनका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को जोड़ा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए नियमित भौतिक सत्यापन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन जनपदों में सत्यापन कार्य लंबित है, वहां जिलाधिकारियों से समन्वय कर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में आकांक्षी नगर योजना, सीएम ग्रिड योजना, कान्हा गौशाला योजना एवं सीएम वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित नगरों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, शहरी अधोसंरचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, गौवंश संरक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए तथा शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, जिला एवं नगर स्तर पर जवाबदेही तय करने और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति—इन तीनों के समन्वय से ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज झा, रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार,  सत्य प्रकाश पटेल, महेंद्र कुमार सिंह तथा निदेशक सूडा श्रीमती अपूर्वा दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कांग्रेस का प्रदर्शन व ज्ञापन 25 फरवरी को
गोंडा। प्रदेश में संत समाज एवं धार्मिक व्यक्तियों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार तथा ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में गहरी चिंता व्यक्त की गई है।यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा ने एक विज्ञप्ति मे कहा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता एवं अपने धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं।श्री मिश्रा ने आगे बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के निर्देशानुसार  25 फरवरी दिन बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा द्वारा जिला अधिकारी, गोंडा के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज उठाती  रहेगी।
स्वच्छता,साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है-प्रो.मंजू मगन*
सुलतानपुर,राणा प्रताप महाविद्यालय के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं लंबरदार का पुरवा में स्वच्छता रैली निकाल करके लोगों को स्वच्छ जीवन यापन करने का संदेश दिया। द्वितीय सत्र में बौद्धिक के अंतर्गत मुख्य अतिथि के रूप में संजय गांधी पी जी कॉलेज चौकिया की प्राचार्य प्रो0 मंजू मगन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ अर्चना सिंह जो प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी है कार्यक्रम में उपस्थिति रही। डॉ मंजू मगन ने कहा कि स्वच्छता, साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है।उन्होंने शिविरार्थियों को कर्तव्य बोध कराते हुए अपने अनुभव को साझा किया और कहा कि आज का युग डिजिटलीकरण का है, इसे हम सभी को जन-जन तक पहुंचना है। सरकार द्वारा बहुत सी योजनाएं संचालित होती हैं किंतु जानकारी का अभाव होता है। अतः हमें जागरूकता अभियान करना चाहिए। डॉक्टर अर्चना सिंह ने जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की स्वयं के लिए भी दस मिनट का समय निकाल करके जीवन को स्वस्थ बनाया जा सकता है। आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने और संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया ।
झारखंड बजट 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज खोलेंगे पिटारा, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा फोकस

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 24 फरवरी को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन पटल पर बजट रखेंगे। इस बार का बजट राज्य के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इसमें महिलाओं के स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बजट की मुख्य प्राथमिकताएं:

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बजट में 'समावेशी विकास' का लक्ष्य लेकर चल रही है। बजट के केंद्र में मुख्य रूप से चार स्तंभ होने की उम्मीद है:

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और सुरक्षा के लिए बड़ा आवंटन।

युवा एवं रोजगार: स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए वित्तीय रोडमैप।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

कनेक्टिविटी: दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना।

जनता की उम्मीदें:

झारखंड की जनता को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कुछ कर राहत (Tax relief) और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यम वर्ग और किसानों को राहत पहुंचाएगी। वित्त मंत्री के इस 'पिटारे' से यह साफ होगा कि झारखंड आगामी वर्षों में विकास की कितनी ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है।

लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
जिला एथलेटिक एसोसिएशन द्वारा जनपदीय ट्रायल संपन्न*
जिला एथलेटिक एसोसिएशन सुल्तानपुर की संयोजकता में एकदिवसीय जनपदीय ट्रायल श्याम नगर खेल प्रांगण में संपन्न हुआ संगठन के सचिव अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डॉ बाबादिन चौधरी की संयोजकता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी आर बी पांडे ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला ओलंपिक संघ के महासचिव पंकज दुबे के द्वारा 800 मीटर बालक वर्ग में स्टार्टिंग देकर किया गया, जिसमें शिवम वर्मा प्रथम व मोहित यादव द्वितीय स्थान पर रहे ट्रायल में कुल 26 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग लिया। 800 मी बालिका में शगुन प्रथम,पायल मिश्रा द्वितीय स्थान पर रही 3000 मीटर बालक वर्ग में उमेश प्रथम व बालिका वर्ग में प्रिया शुक्ला प्रथम व सपना यादव द्वितीय स्थान पर रही है। गोला फेक में यश शुक्ला प्रथम स्थान पर रहे वहीं 200 मीटर बालक वर्ग में अंश बौद्ध प्रथम व आकाश वर्मा द्वितीय स्थान पर रहे। संगठन के चयन करता महेश कुमार ने बताया कि चयनित खिलाड़ी दिनांक 27 व 28 फरवरी 2026 को अयोध्या में होने वाली प्रथम उत्तर प्रदेश सिलेक्शन चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे इस ट्रायल एवं चयन में सत्यवीर यादव, राकेश कुमार, अनिल यादव, अनुराग पांडे, राधेश्याम , धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार
रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

मंत्री एके शर्मा ने की नगर विकास योजनाओं की समीक्षा, पीएम आवास योजना को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

* संगम सभागार, लखनऊ में हुई बैठक में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने संगम सभागार, लखनऊ में नगर विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि शहरी विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समय से आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिन लाभार्थियों की किस्तें लंबित हैं, उनका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को जोड़ा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए नियमित भौतिक सत्यापन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन जनपदों में सत्यापन कार्य लंबित है, वहां जिलाधिकारियों से समन्वय कर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में आकांक्षी नगर योजना, सीएम ग्रिड योजना, कान्हा गौशाला योजना एवं सीएम वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित नगरों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, शहरी अधोसंरचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, गौवंश संरक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए तथा शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, जिला एवं नगर स्तर पर जवाबदेही तय करने और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति—इन तीनों के समन्वय से ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज झा, रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार,  सत्य प्रकाश पटेल, महेंद्र कुमार सिंह तथा निदेशक सूडा श्रीमती अपूर्वा दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कांग्रेस का प्रदर्शन व ज्ञापन 25 फरवरी को
गोंडा। प्रदेश में संत समाज एवं धार्मिक व्यक्तियों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार तथा ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में गहरी चिंता व्यक्त की गई है।यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा ने एक विज्ञप्ति मे कहा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता एवं अपने धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं।श्री मिश्रा ने आगे बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के निर्देशानुसार  25 फरवरी दिन बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा द्वारा जिला अधिकारी, गोंडा के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज उठाती  रहेगी।
स्वच्छता,साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है-प्रो.मंजू मगन*
सुलतानपुर,राणा प्रताप महाविद्यालय के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं लंबरदार का पुरवा में स्वच्छता रैली निकाल करके लोगों को स्वच्छ जीवन यापन करने का संदेश दिया। द्वितीय सत्र में बौद्धिक के अंतर्गत मुख्य अतिथि के रूप में संजय गांधी पी जी कॉलेज चौकिया की प्राचार्य प्रो0 मंजू मगन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ अर्चना सिंह जो प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी है कार्यक्रम में उपस्थिति रही। डॉ मंजू मगन ने कहा कि स्वच्छता, साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है।उन्होंने शिविरार्थियों को कर्तव्य बोध कराते हुए अपने अनुभव को साझा किया और कहा कि आज का युग डिजिटलीकरण का है, इसे हम सभी को जन-जन तक पहुंचना है। सरकार द्वारा बहुत सी योजनाएं संचालित होती हैं किंतु जानकारी का अभाव होता है। अतः हमें जागरूकता अभियान करना चाहिए। डॉक्टर अर्चना सिंह ने जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की स्वयं के लिए भी दस मिनट का समय निकाल करके जीवन को स्वस्थ बनाया जा सकता है। आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने और संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया ।
झारखंड बजट 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज खोलेंगे पिटारा, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा फोकस

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 24 फरवरी को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन पटल पर बजट रखेंगे। इस बार का बजट राज्य के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इसमें महिलाओं के स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बजट की मुख्य प्राथमिकताएं:

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बजट में 'समावेशी विकास' का लक्ष्य लेकर चल रही है। बजट के केंद्र में मुख्य रूप से चार स्तंभ होने की उम्मीद है:

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और सुरक्षा के लिए बड़ा आवंटन।

युवा एवं रोजगार: स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए वित्तीय रोडमैप।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

कनेक्टिविटी: दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना।

जनता की उम्मीदें:

झारखंड की जनता को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कुछ कर राहत (Tax relief) और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यम वर्ग और किसानों को राहत पहुंचाएगी। वित्त मंत्री के इस 'पिटारे' से यह साफ होगा कि झारखंड आगामी वर्षों में विकास की कितनी ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है।

लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।