ऐतिहासिक धरोहर 'आनंद निकेतन विद्यालय' अपनी बदहाली पर बहा रहा आंसू, जिला प्रशासन से जीर्णोद्धार की गुहार
*सुलतानपुर।* सन 1962, जब देश पर चीनी आक्रमण हुआ था, तब मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्कालीन भारत सरकार की एक अपील पर पूरा देश उठ खड़ा हुआ था। सुलतानपुर की जनता ने भी अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए वार फंड (युद्ध कोष) में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। महिलाओं ने अपने सुहाग की निशानी मंगलसूत्र, सोना-चांदी और पुरुषों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी देश के नाम कर दी थी। युद्ध रुकने के बाद जब दान का सिलसिला थमा, तो सुलतानपुर के तत्कालीन जिला प्रशासन के पास जनता द्वारा समर्पित भारी-भरकम धनराशि बची रह गई।
प्रशासन ने इस पावन धन को जनहित के कार्यों में लगाने का एक बेहतरीन फैसला किया। इस राशि से तत्कालीन 'पंत व्यायाम मंदिर' (वर्तमान पंत स्टेडियम) के मध्य में एक आधुनिक व्यायामशाला का निर्माण कराया गया। साथ ही, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण कमेटियों का गठन हुआ। इसी के तहत सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी उपन्यास 'आनंद मठ' की प्रेरणा से **'आनंद निकेतन विद्यालय'** की स्थापना की गई।
### शिक्षा के बाजारीकरण की भेंट चढ़ी ऐतिहासिक विरासत
अपने शुरुआती दौर में 'आनंद निकेतन विद्यालय' जनपद का सबसे प्रतिष्ठित इंग्लिश मीडियम स्कूल हुआ करता था, जहाँ प्रवेश पाना गौरव की बात मानी जाती थी। शहर के अति महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय कभी सुलतानपुर की शान था। लेकिन आज, शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण और व्यापारीकरण के दौर में इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले विद्यालय को पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया गया है।
> जहाँ एक तरफ शिक्षा माफिया कॉन्वेंट स्कूलों की बड़ी-बड़ी श्रृंखलाएं खड़ी कर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं, वहीं देश के लिए दिए गए दान से खड़ा हुआ यह पारंपरिक स्कूल समय की धूल फांक रहा है। वर्तमान में विद्यालय का हाल बेहाल है; न यहाँ पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही छात्र। यह ऐतिहासिक धरोहर अमूमन बंद ही रहती है।
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### नए जिलाधिकारी 'सरदार इंद्रजीत सिंह' से जगी उम्मीदें
जनपद के वर्तमान जिलाधिकारी सरदार इंद्रजीत सिंह जी के बारे में क्षेत्र में काफी सकारात्मक चर्चाएं हैं। उन्होंने लगभग 20 लाख रुपये महीने का कॉर्पोरेट पैकेज ठुकराकर, गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और गुरु गोविंद सिंह जी के आदर्शों को सर्वोपरि मानते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के जरिए देश सेवा का मार्ग चुना है। उनके इस सेवा संकल्प की सराहना करते हुए जदयू (प्रबुद्ध प्रकोष्ठ) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ने स्वयं जिले व प्रदेश की जनता की ओर से उनका स्वागत और अभिनंदन किया है।
### संज्ञान न लेने पर आंदोलन की चेतावनी
जनता और प्रबुद्ध वर्ग ने जिलाधिकारी (जो कि पदेन इस विद्यालय के अध्यक्ष भी हैं) से तत्काल प्रभाव से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेने का पुरजोर अनुरोध किया है। मांग की गई है कि इस ऐतिहासिक और गौरवमयी विद्यालय को दोबारा इसका पुराना और प्रतिष्ठित स्वरूप वापस दिलाया जाए।
इसके साथ ही यह स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है कि यदि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो मजबूरन जिले की जनता और शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर रखी अपनी बात, संगठन की उपलब्धियों और विवादों पर दिया जवाब

हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट मैदान में हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एचडीसीए) द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में चेयरमैन मनीष जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, सचिव बंटी तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने अपने गठन, क्रिकेट गतिविधियों, मैदान के विकास, वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों तथा हाल के विवादों को लेकर विस्तारपूर्वक अपनी बात पत्रकारों के समक्ष रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन मनीष जायसवाल ने बताया कि एचडीसीए का गठन एचएए से अलग होकर वर्ष 1986 में हुआ था। इसके बाद संगठन में कई अनुभवी लोगों ने अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें रणधीर वर्मा, ब्रज किशोर जायसवाल, प्रोफेसर आर एस सिन्हा, आरके मलिक, प्रवीण कुमार सिंह, मनोज कौशिक, अखिलेश झा, भीमसेन टूटी और मनीष जायसवाल शामिल रहे। वर्तमान समय में राजीव सिंह अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मैदान का लगातार विकास होता गया और इसमें सभी जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यशवंत सिन्हा ने 18 लाख रुपये की सहायता से बाउंड्री निर्माण में सहयोग किया। सौरभ नारायण सिंह ने 4 लाख रुपये की मदद से गेट का निर्माण कराया, जिसे आज ओल्ड गेट के नाम से जाना जाता है। मनीष जायसवाल ने विधायक कार्यकाल के दौरान 25 लाख रुपये से ग्राउंड निर्माण, 8 लाख रुपये से फेंसिंग और 4 लाख रुपये से बाउंड्री निर्माण कराया। जयंत सिन्हा ने 15 लाख रुपये की लागत से मुख्य द्वार का निर्माण कराया। वर्तमान विधायक प्रदीप प्रसाद ने 15 लाख रुपये की सहायता से फेवर ब्लॉक लगवाया। पवेलियन का निर्माण जिला परिषद की मदद से कराया गया जबकि फ्लड लाइट राज्य सरकार की सहायता से लगाई गई। मनीष जायसवाल ने कहा कि संगठन प्रत्येक वर्ष जुलाई से अगस्त के बीच वार्षिक आमसभा आयोजित करता है, जिसमें संगठन अपने आय-व्यय और क्रिकेट गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सभी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक दो वर्ष में कमेटी का गठन किया जाता था, लेकिन सत्र 2024-25 की एजीएम में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब जेएससीए की तर्ज पर प्रत्येक तीन वर्ष में नई कमेटी का गठन होगा। उन्होंने कहा कि आय-व्यय का पूरा ब्यौरा वार्षिक आमसभा में रखने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट कराया जाता है और उसके बाद ही इसे पारित किया जाता है। प्रेस वार्ता में सचिव बंटी तिवारी ने राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के नाम भी साझा करते हुए कहा कि इनमें अमित कुमार यादव, सचिन कुमार यादव, जीवन पटेल, पंकज कुमार, शिवांश, राहुल रजक, मणिकांत, वर्षा कुमारी, रितिका कुमारी, अर्चना कुमारी और श्रेया साहा शामिल हैं। मनीष जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि हजारीबाग क्रिकेट के लिए संजय सिंह का नाम सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें हमेशा सबसे पहले याद और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग क्रिकेट में संजय सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मैदान दिलाने से लेकर ग्राउंड तैयार कराने और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से वेल्स क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर संजय सिंह स्टेडियम करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद से यह मैदान संजय सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ टूर्नामेंट में अपनी सहभागिता की जानकारी भी दी। संगठन ने बताया कि सत्र 2022-23 में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग और अंडर-16 बालक वर्ग में सहभागिता रही। सत्र 2023-24 में रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग तथा सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग में सहभागिता रही। वहीं सत्र 2024-25 में अंडर-14 बालक वर्ग, रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-16 बालक वर्ग, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग और अंडर-23 महिला स्टेट कैंप में खिलाड़ियों ने भाग लिया। सत्र 2025-26 में अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-16 बालक वर्ग, अंडर-23 महिला वर्ग, अंडर-15 गर्ल्स, अंडर-16 जोनल बालक वर्ग, अंडर-23 महिला स्टेट कैंप, अंडर-19 पुरुष स्टेट कैंप, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग तथा बीसीसीआई अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी झारखंड बनाम केरल मुकाबले तक संगठन की सहभागिता रही। संगठन ने अपने आगामी लक्ष्यों की भी जानकारी दी। श्री जयसवाल ने कहा कि जल्द ही जेपीएल महिला टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य रणजी ट्रॉफी तक पहुंचना है। यह भी बताया गया कि एचडीसीए सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड एवं जीएसीए से एफिलिएटेड बॉडी है। संगठन के सचिव बंटी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते दौर के साथ अब सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी कार्यक्रम की जानकारी संगठन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सदस्यों तक पहुंचाई जाती है और व्यक्तिगत रूप से फोन कॉल कर सूचना देने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं चेयरमैन के रूप में वहां मौजूद थे और अध्यक्ष भी मौजूद थे, तब विधायक प्रदीप प्रसाद ने केवल सचिव बंटी तिवारी से ही बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी नाराजगी संगठन से थी तो वे चेयरमैन और अध्यक्ष से भी बात कर सकते थे। संभवतः ऐसा होता तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से बुलाने की परंपरा नहीं है। यदि उनकी शिकायत व्यक्तिगत निमंत्रण को लेकर है तो जिला क्रिकेट एसोसिएशन आगे इसका ख्याल रखेगा और भविष्य में उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित भी किया जाएगा। मनीष जायसवाल ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर अपनी शिकायत रखने के कई तरीके होते हैं, लेकिन जिस प्रकार कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर नाराजगी जाहिर की गई, वह सदस्यता धर्म के अनुरूप नहीं है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मनीष जायसवाल ने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सुबह का भूला हो और शाम को वापस आ जाए तो उसे माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे उन्हें गले से लगा लेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, जबकि इस मामले में संगठन क्या कार्रवाई करेगा, यह हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि छोटा भाई उदंड हो जाए और यह अपेक्षा रखे कि बड़ा भाई जाकर उससे बात करे, तो मनीष जायसवाल ऐसा बड़ा भाई नहीं है।

हजारीबाग में पेयजल और बिजली समस्या पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त से की मुलाकात

हजारीबाग: हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त श्री हेमंत सती से शिष्टाचार भेंट कर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्याप्त पेयजल और बिजली की समस्या सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से सकारात्मक चर्चा की।

भेंट के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की जनता को हो रही असुविधाओं, विशेषकर भीषण गर्मी के मौसम में उत्पन्न पेयजल संकट, विद्युत आपूर्ति की अनियमितता तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु प्रशासन से प्रभावी पहल करने का आग्रह किया।

उपायुक्त हेमंत सती ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि पिछली मुलाकात के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहर में बड़ी संख्या में सूख चुके एवं जर्जर पेड़ों की समस्या से भी उपायुक्त को अवगत कराया था, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ था। इस संबंध में प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए शहर में सूखे पेड़ों की कटाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।

विधायक ने विश्वास जताया कि प्रशासन के सहयोग से जनहित से जुड़े इन सभी विषयों पर शीघ्र सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे और क्षेत्र के नागरिकों को राहत प्राप्त होगी।

दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
आजमगढ़: सराय सागर गांव में उमड़ा आस्था का जन सैलाब,यज्ञ मण्डप की परिक्रमा कर लोग हो रहें हैं निहाल
आजमगढ़ । क्षेत्र के सराय सागर गांव में चल रही श्री शत् चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु यज्ञ मण्डप की परिक्रमा कर मन वांछित फल की कामना की। गांव में भक्ति रस की अविरल गंगोत्री बह रही है।
क्षेत्र के सराय सागर गांव में श्री श्री 1008 योगी रामानंद दास जी महाराज के सानिध्य में 18 भी से नौ दिवसीय पांच कुण्डीय श्री शत् चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन का शुभारंभ कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। महायज्ञ में दूसरे दिन यज्ञ मण्डप में यज्ञाचार्य के नेतृत्व में ब्राह्मणो द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के वैदिक मंत्रों के उच्चारण पूजन अर्चन से दिशाएं गूंज उठी। श्रद्धालुओं ने यज्ञ मण्डप की परिक्रमा कर मन वांछित फल की कामना की।शाम को लोग प्रवचन का आंनद उठा रहे हैं।
श्री श्री 10008 स्वामी रामानंद दास जी महाराज ने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य मानव कल्याण की भावना निहित है। समाज से आपसी राग द्वेष बैर भाव मिटाकर समता समरसता आपसी सौहार्द पूर्ण भाई चारा कायम करना है। उन्होंने ने कहा कि जब सनातन धर्म से ही अखण्ड भारत का नव निर्माण हो सकता है। इस अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,राम प्रसाद,अजय राय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिव मूरत यादव आदि मौजूद रहे।
राजीव रंजन मिश्रा के परिजनों से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा के बड़ा तालाब स्थित आवास पर पहुँचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा की बिना निष्पक्ष जांच की हुई गिरफ्तारी यह साबित करती है कि झारखंड में कानून नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची में जब भी कोई सामाजिक या जनसरोकार से जुड़ा आयोजन या घटना होता है, तब राजीव रंजन मिश्रा सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले व्यक्तियों में शामिल रहते हैं। जिस व्यक्ति का पूरा सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक संघर्ष और बेदाग छवि के लिए जाना जाता रहा हो, उसे राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है। झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। आज झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता प्रायोजित प्रतिशोध की राजनीति चल रही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सरकार के दबाव में काम करता दिखाई दे रहा है। यदि किसी पर आरोप है तो निष्पक्ष जांच हो, लेकिन बिना ठोस तथ्यों के इस प्रकार की कार्रवाई केवल राजनीतिक साजिश को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के बुलावे पर किसी स्थान पर जाता है और वहां कोई आपराधिक तत्व मौजूद हो, तो मात्र संदेह के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से कुछ सामान बरामद हुए, लेकिन जिस व्यक्ति की तलाश थी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बावजूद राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा को बदनाम करने की मंशा से एक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

श्री साहू ने साफ कहा अन्याय, दमन और राजनीतिक प्रताड़ना के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार तुरंत इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को वापस ले, निष्पक्ष जांच कराए और राजीव रंजन मिश्रा जी को अविलंब रिहा करे।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अशोक बड़ाईक, राकेश भास्कर, प्रेम मित्तल, अरुण झा, सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।

टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
देवीपाटन मंडल के विकास का नया खाका तैयार
*कृषि, पर्यटन और रोजगार पर फोकस, देवीपाटन मंडल में जनपदवार विकास योजना होगी तैयार*

*स्थानीय जरूरतों के अनुसार होगा विकास, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मांगे जिलों से सुझाव*


*देवीपाटन मण्डल गोण्डा 19 मई 2026* - देवीपाटन मंडल के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवागत आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों से उनके जनपदों की प्रमुख चुनौतियों, संभावनाओं तथा उनके प्रभावी निराकरण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट एवं सुझाव मांगे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जनपद आधारित विकास मॉडल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जनपद की भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियाँ अलग हैं, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिवर्तन आमजन को देखने को मिलेंगे।

श्रावस्ती जनपद ने अपनी रिपोर्ट में बौद्ध पर्यटन, खेल एवं जैविक खेती की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया है। जेतवन विहार सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास, खेल अवसंरचना निर्माण एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं। वहीं बाढ़, परिवहन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौतियों के समाधान हेतु रेलवे, एयरपोर्ट विस्तार, तटबंध सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।

गोंडा जनपद ने कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण एवं धार्मिक पर्यटन को भविष्य की प्रमुख संभावनाओं के रूप में चिन्हित किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, कौशल विकास कार्यक्रम तथा सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है। घाघरा एवं सरयू नदी से होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान हेतु भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

बहराइच जनपद ने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार एवं आधारभूत संरचना को प्रमुख आवश्यकता बताया है। स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग, कृषि आधारित उद्योग, सड़क संपर्क एवं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसी योजनाओं को विकास का आधार माना गया है। तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास प्रस्तावित हैं।

बलरामपुर जनपद ने बाढ़ नियंत्रण, जनजातीय विकास, स्वास्थ्य एवं डिजिटल सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती एवं फूड प्रोसेसिंग को जनपद की प्रमुख संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही फ्लड अलर्ट सिस्टम, मोबाइल न्यूट्रिशन वैन, डिजिटल शिक्षा एवं ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि देवीपाटन मंडल के सभी जनपदों में स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास कर रोजगार, निवेश एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, जिससे मंडल को प्रदेश के अग्रणी विकास क्षेत्रों में स्थापित किया जा सके।
थाना छपिया पुलिस द्वारा 01 नफर अभियुक्त मु०अ०सं० 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी०एन०एस० व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर श्री उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी0एन0एस0 व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट से सम्बन्धित मुख्य नामित अभियुक्त अजीत यादव पुत्र रामतौल यादव निवासी ग्राम सुकरौली (सिसहनी) थाना छपिया जनपद गोण्डा को गिरफ्तार किया गया है।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा ग्राम ढढ़ौवा मेहनिया निवासी एक छात्रा के स्कूल से घर वापस जाते समय रास्ते में अकेला पाकर उसके साथ छेड़खानी की घटना कारित की गयी थी । घटना के उपरान्त अभियुक्त फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु थाना छपिया पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे। इसी क्रम में दिनांक 18.05.2026 को उ0नि0 श्रीराम प्रसाद मय हमराह पुलिस बल के साथ अभियुक्त की तलाश एवं पतारसी/सुरागरसी में रवाना थे। दौरान तलाश अभियुक्त अजीत यादव को जनपद गोण्डा-बस्ती सीमा पर स्थित सागरगंज चौराहे के पास से नियमानुसार पुलिस हिरासत में लिया गया। अभियुक्त को आवश्यक पूछताछ एवं विधिक कार्यवाही हेतु सरकारी वाहन से थाना लाया जा रहा था कि रास्ते में परसा तिवारी रेलवे स्टेशन के पास अभियुक्त अचानक वाहन का पिछला दरवाजा खोलकर कूद गया तथा रेलवे ट्रैक की तरफ भागने लगा। भागने के दौरान अभियुक्त रेलवे ट्रैक किनारे लगी लोहे की बाड़ को फांदने का प्रयास करने लगा, जिसमें फंस जाने के कारण उसके दाहिने पैर में चोट लग गयी। पुलिस टीम द्वारा तत्काल अभियुक्त को पुनः हिरासत में लेकर उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छपिया भेजा गया। अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
ऐतिहासिक धरोहर 'आनंद निकेतन विद्यालय' अपनी बदहाली पर बहा रहा आंसू, जिला प्रशासन से जीर्णोद्धार की गुहार
*सुलतानपुर।* सन 1962, जब देश पर चीनी आक्रमण हुआ था, तब मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्कालीन भारत सरकार की एक अपील पर पूरा देश उठ खड़ा हुआ था। सुलतानपुर की जनता ने भी अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए वार फंड (युद्ध कोष) में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। महिलाओं ने अपने सुहाग की निशानी मंगलसूत्र, सोना-चांदी और पुरुषों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी देश के नाम कर दी थी। युद्ध रुकने के बाद जब दान का सिलसिला थमा, तो सुलतानपुर के तत्कालीन जिला प्रशासन के पास जनता द्वारा समर्पित भारी-भरकम धनराशि बची रह गई।
प्रशासन ने इस पावन धन को जनहित के कार्यों में लगाने का एक बेहतरीन फैसला किया। इस राशि से तत्कालीन 'पंत व्यायाम मंदिर' (वर्तमान पंत स्टेडियम) के मध्य में एक आधुनिक व्यायामशाला का निर्माण कराया गया। साथ ही, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण कमेटियों का गठन हुआ। इसी के तहत सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी उपन्यास 'आनंद मठ' की प्रेरणा से **'आनंद निकेतन विद्यालय'** की स्थापना की गई।
### शिक्षा के बाजारीकरण की भेंट चढ़ी ऐतिहासिक विरासत
अपने शुरुआती दौर में 'आनंद निकेतन विद्यालय' जनपद का सबसे प्रतिष्ठित इंग्लिश मीडियम स्कूल हुआ करता था, जहाँ प्रवेश पाना गौरव की बात मानी जाती थी। शहर के अति महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय कभी सुलतानपुर की शान था। लेकिन आज, शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण और व्यापारीकरण के दौर में इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले विद्यालय को पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया गया है।
> जहाँ एक तरफ शिक्षा माफिया कॉन्वेंट स्कूलों की बड़ी-बड़ी श्रृंखलाएं खड़ी कर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं, वहीं देश के लिए दिए गए दान से खड़ा हुआ यह पारंपरिक स्कूल समय की धूल फांक रहा है। वर्तमान में विद्यालय का हाल बेहाल है; न यहाँ पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही छात्र। यह ऐतिहासिक धरोहर अमूमन बंद ही रहती है।
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### नए जिलाधिकारी 'सरदार इंद्रजीत सिंह' से जगी उम्मीदें
जनपद के वर्तमान जिलाधिकारी सरदार इंद्रजीत सिंह जी के बारे में क्षेत्र में काफी सकारात्मक चर्चाएं हैं। उन्होंने लगभग 20 लाख रुपये महीने का कॉर्पोरेट पैकेज ठुकराकर, गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और गुरु गोविंद सिंह जी के आदर्शों को सर्वोपरि मानते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के जरिए देश सेवा का मार्ग चुना है। उनके इस सेवा संकल्प की सराहना करते हुए जदयू (प्रबुद्ध प्रकोष्ठ) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ने स्वयं जिले व प्रदेश की जनता की ओर से उनका स्वागत और अभिनंदन किया है।
### संज्ञान न लेने पर आंदोलन की चेतावनी
जनता और प्रबुद्ध वर्ग ने जिलाधिकारी (जो कि पदेन इस विद्यालय के अध्यक्ष भी हैं) से तत्काल प्रभाव से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेने का पुरजोर अनुरोध किया है। मांग की गई है कि इस ऐतिहासिक और गौरवमयी विद्यालय को दोबारा इसका पुराना और प्रतिष्ठित स्वरूप वापस दिलाया जाए।
इसके साथ ही यह स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है कि यदि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो मजबूरन जिले की जनता और शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर रखी अपनी बात, संगठन की उपलब्धियों और विवादों पर दिया जवाब

हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट मैदान में हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एचडीसीए) द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में चेयरमैन मनीष जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, सचिव बंटी तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने अपने गठन, क्रिकेट गतिविधियों, मैदान के विकास, वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों तथा हाल के विवादों को लेकर विस्तारपूर्वक अपनी बात पत्रकारों के समक्ष रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन मनीष जायसवाल ने बताया कि एचडीसीए का गठन एचएए से अलग होकर वर्ष 1986 में हुआ था। इसके बाद संगठन में कई अनुभवी लोगों ने अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें रणधीर वर्मा, ब्रज किशोर जायसवाल, प्रोफेसर आर एस सिन्हा, आरके मलिक, प्रवीण कुमार सिंह, मनोज कौशिक, अखिलेश झा, भीमसेन टूटी और मनीष जायसवाल शामिल रहे। वर्तमान समय में राजीव सिंह अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मैदान का लगातार विकास होता गया और इसमें सभी जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यशवंत सिन्हा ने 18 लाख रुपये की सहायता से बाउंड्री निर्माण में सहयोग किया। सौरभ नारायण सिंह ने 4 लाख रुपये की मदद से गेट का निर्माण कराया, जिसे आज ओल्ड गेट के नाम से जाना जाता है। मनीष जायसवाल ने विधायक कार्यकाल के दौरान 25 लाख रुपये से ग्राउंड निर्माण, 8 लाख रुपये से फेंसिंग और 4 लाख रुपये से बाउंड्री निर्माण कराया। जयंत सिन्हा ने 15 लाख रुपये की लागत से मुख्य द्वार का निर्माण कराया। वर्तमान विधायक प्रदीप प्रसाद ने 15 लाख रुपये की सहायता से फेवर ब्लॉक लगवाया। पवेलियन का निर्माण जिला परिषद की मदद से कराया गया जबकि फ्लड लाइट राज्य सरकार की सहायता से लगाई गई। मनीष जायसवाल ने कहा कि संगठन प्रत्येक वर्ष जुलाई से अगस्त के बीच वार्षिक आमसभा आयोजित करता है, जिसमें संगठन अपने आय-व्यय और क्रिकेट गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सभी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक दो वर्ष में कमेटी का गठन किया जाता था, लेकिन सत्र 2024-25 की एजीएम में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब जेएससीए की तर्ज पर प्रत्येक तीन वर्ष में नई कमेटी का गठन होगा। उन्होंने कहा कि आय-व्यय का पूरा ब्यौरा वार्षिक आमसभा में रखने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट कराया जाता है और उसके बाद ही इसे पारित किया जाता है। प्रेस वार्ता में सचिव बंटी तिवारी ने राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के नाम भी साझा करते हुए कहा कि इनमें अमित कुमार यादव, सचिन कुमार यादव, जीवन पटेल, पंकज कुमार, शिवांश, राहुल रजक, मणिकांत, वर्षा कुमारी, रितिका कुमारी, अर्चना कुमारी और श्रेया साहा शामिल हैं। मनीष जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि हजारीबाग क्रिकेट के लिए संजय सिंह का नाम सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें हमेशा सबसे पहले याद और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग क्रिकेट में संजय सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मैदान दिलाने से लेकर ग्राउंड तैयार कराने और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से वेल्स क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर संजय सिंह स्टेडियम करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद से यह मैदान संजय सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ टूर्नामेंट में अपनी सहभागिता की जानकारी भी दी। संगठन ने बताया कि सत्र 2022-23 में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग और अंडर-16 बालक वर्ग में सहभागिता रही। सत्र 2023-24 में रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग तथा सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग में सहभागिता रही। वहीं सत्र 2024-25 में अंडर-14 बालक वर्ग, रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-16 बालक वर्ग, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग और अंडर-23 महिला स्टेट कैंप में खिलाड़ियों ने भाग लिया। सत्र 2025-26 में अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-16 बालक वर्ग, अंडर-23 महिला वर्ग, अंडर-15 गर्ल्स, अंडर-16 जोनल बालक वर्ग, अंडर-23 महिला स्टेट कैंप, अंडर-19 पुरुष स्टेट कैंप, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग तथा बीसीसीआई अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी झारखंड बनाम केरल मुकाबले तक संगठन की सहभागिता रही। संगठन ने अपने आगामी लक्ष्यों की भी जानकारी दी। श्री जयसवाल ने कहा कि जल्द ही जेपीएल महिला टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य रणजी ट्रॉफी तक पहुंचना है। यह भी बताया गया कि एचडीसीए सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड एवं जीएसीए से एफिलिएटेड बॉडी है। संगठन के सचिव बंटी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते दौर के साथ अब सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी कार्यक्रम की जानकारी संगठन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सदस्यों तक पहुंचाई जाती है और व्यक्तिगत रूप से फोन कॉल कर सूचना देने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं चेयरमैन के रूप में वहां मौजूद थे और अध्यक्ष भी मौजूद थे, तब विधायक प्रदीप प्रसाद ने केवल सचिव बंटी तिवारी से ही बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी नाराजगी संगठन से थी तो वे चेयरमैन और अध्यक्ष से भी बात कर सकते थे। संभवतः ऐसा होता तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से बुलाने की परंपरा नहीं है। यदि उनकी शिकायत व्यक्तिगत निमंत्रण को लेकर है तो जिला क्रिकेट एसोसिएशन आगे इसका ख्याल रखेगा और भविष्य में उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित भी किया जाएगा। मनीष जायसवाल ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर अपनी शिकायत रखने के कई तरीके होते हैं, लेकिन जिस प्रकार कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर नाराजगी जाहिर की गई, वह सदस्यता धर्म के अनुरूप नहीं है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मनीष जायसवाल ने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सुबह का भूला हो और शाम को वापस आ जाए तो उसे माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे उन्हें गले से लगा लेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, जबकि इस मामले में संगठन क्या कार्रवाई करेगा, यह हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि छोटा भाई उदंड हो जाए और यह अपेक्षा रखे कि बड़ा भाई जाकर उससे बात करे, तो मनीष जायसवाल ऐसा बड़ा भाई नहीं है।

हजारीबाग में पेयजल और बिजली समस्या पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त से की मुलाकात

हजारीबाग: हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त श्री हेमंत सती से शिष्टाचार भेंट कर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्याप्त पेयजल और बिजली की समस्या सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से सकारात्मक चर्चा की।

भेंट के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की जनता को हो रही असुविधाओं, विशेषकर भीषण गर्मी के मौसम में उत्पन्न पेयजल संकट, विद्युत आपूर्ति की अनियमितता तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु प्रशासन से प्रभावी पहल करने का आग्रह किया।

उपायुक्त हेमंत सती ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि पिछली मुलाकात के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहर में बड़ी संख्या में सूख चुके एवं जर्जर पेड़ों की समस्या से भी उपायुक्त को अवगत कराया था, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ था। इस संबंध में प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए शहर में सूखे पेड़ों की कटाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।

विधायक ने विश्वास जताया कि प्रशासन के सहयोग से जनहित से जुड़े इन सभी विषयों पर शीघ्र सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे और क्षेत्र के नागरिकों को राहत प्राप्त होगी।

दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
आजमगढ़: सराय सागर गांव में उमड़ा आस्था का जन सैलाब,यज्ञ मण्डप की परिक्रमा कर लोग हो रहें हैं निहाल
आजमगढ़ । क्षेत्र के सराय सागर गांव में चल रही श्री शत् चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु यज्ञ मण्डप की परिक्रमा कर मन वांछित फल की कामना की। गांव में भक्ति रस की अविरल गंगोत्री बह रही है।
क्षेत्र के सराय सागर गांव में श्री श्री 1008 योगी रामानंद दास जी महाराज के सानिध्य में 18 भी से नौ दिवसीय पांच कुण्डीय श्री शत् चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन का शुभारंभ कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। महायज्ञ में दूसरे दिन यज्ञ मण्डप में यज्ञाचार्य के नेतृत्व में ब्राह्मणो द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के वैदिक मंत्रों के उच्चारण पूजन अर्चन से दिशाएं गूंज उठी। श्रद्धालुओं ने यज्ञ मण्डप की परिक्रमा कर मन वांछित फल की कामना की।शाम को लोग प्रवचन का आंनद उठा रहे हैं।
श्री श्री 10008 स्वामी रामानंद दास जी महाराज ने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य मानव कल्याण की भावना निहित है। समाज से आपसी राग द्वेष बैर भाव मिटाकर समता समरसता आपसी सौहार्द पूर्ण भाई चारा कायम करना है। उन्होंने ने कहा कि जब सनातन धर्म से ही अखण्ड भारत का नव निर्माण हो सकता है। इस अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,राम प्रसाद,अजय राय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिव मूरत यादव आदि मौजूद रहे।
राजीव रंजन मिश्रा के परिजनों से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा के बड़ा तालाब स्थित आवास पर पहुँचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा की बिना निष्पक्ष जांच की हुई गिरफ्तारी यह साबित करती है कि झारखंड में कानून नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची में जब भी कोई सामाजिक या जनसरोकार से जुड़ा आयोजन या घटना होता है, तब राजीव रंजन मिश्रा सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले व्यक्तियों में शामिल रहते हैं। जिस व्यक्ति का पूरा सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक संघर्ष और बेदाग छवि के लिए जाना जाता रहा हो, उसे राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है। झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। आज झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता प्रायोजित प्रतिशोध की राजनीति चल रही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सरकार के दबाव में काम करता दिखाई दे रहा है। यदि किसी पर आरोप है तो निष्पक्ष जांच हो, लेकिन बिना ठोस तथ्यों के इस प्रकार की कार्रवाई केवल राजनीतिक साजिश को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के बुलावे पर किसी स्थान पर जाता है और वहां कोई आपराधिक तत्व मौजूद हो, तो मात्र संदेह के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से कुछ सामान बरामद हुए, लेकिन जिस व्यक्ति की तलाश थी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बावजूद राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा को बदनाम करने की मंशा से एक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

श्री साहू ने साफ कहा अन्याय, दमन और राजनीतिक प्रताड़ना के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार तुरंत इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को वापस ले, निष्पक्ष जांच कराए और राजीव रंजन मिश्रा जी को अविलंब रिहा करे।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अशोक बड़ाईक, राकेश भास्कर, प्रेम मित्तल, अरुण झा, सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।

टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
देवीपाटन मंडल के विकास का नया खाका तैयार
*कृषि, पर्यटन और रोजगार पर फोकस, देवीपाटन मंडल में जनपदवार विकास योजना होगी तैयार*

*स्थानीय जरूरतों के अनुसार होगा विकास, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मांगे जिलों से सुझाव*


*देवीपाटन मण्डल गोण्डा 19 मई 2026* - देवीपाटन मंडल के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवागत आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों से उनके जनपदों की प्रमुख चुनौतियों, संभावनाओं तथा उनके प्रभावी निराकरण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट एवं सुझाव मांगे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जनपद आधारित विकास मॉडल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जनपद की भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियाँ अलग हैं, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिवर्तन आमजन को देखने को मिलेंगे।

श्रावस्ती जनपद ने अपनी रिपोर्ट में बौद्ध पर्यटन, खेल एवं जैविक खेती की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया है। जेतवन विहार सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास, खेल अवसंरचना निर्माण एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं। वहीं बाढ़, परिवहन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौतियों के समाधान हेतु रेलवे, एयरपोर्ट विस्तार, तटबंध सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।

गोंडा जनपद ने कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण एवं धार्मिक पर्यटन को भविष्य की प्रमुख संभावनाओं के रूप में चिन्हित किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, कौशल विकास कार्यक्रम तथा सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है। घाघरा एवं सरयू नदी से होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान हेतु भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

बहराइच जनपद ने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार एवं आधारभूत संरचना को प्रमुख आवश्यकता बताया है। स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग, कृषि आधारित उद्योग, सड़क संपर्क एवं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसी योजनाओं को विकास का आधार माना गया है। तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास प्रस्तावित हैं।

बलरामपुर जनपद ने बाढ़ नियंत्रण, जनजातीय विकास, स्वास्थ्य एवं डिजिटल सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती एवं फूड प्रोसेसिंग को जनपद की प्रमुख संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही फ्लड अलर्ट सिस्टम, मोबाइल न्यूट्रिशन वैन, डिजिटल शिक्षा एवं ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि देवीपाटन मंडल के सभी जनपदों में स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास कर रोजगार, निवेश एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, जिससे मंडल को प्रदेश के अग्रणी विकास क्षेत्रों में स्थापित किया जा सके।
थाना छपिया पुलिस द्वारा 01 नफर अभियुक्त मु०अ०सं० 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी०एन०एस० व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर श्री उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 207/2026 धारा 74/191(2)/115(2)/352/351(3) बी0एन0एस0 व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट से सम्बन्धित मुख्य नामित अभियुक्त अजीत यादव पुत्र रामतौल यादव निवासी ग्राम सुकरौली (सिसहनी) थाना छपिया जनपद गोण्डा को गिरफ्तार किया गया है।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा ग्राम ढढ़ौवा मेहनिया निवासी एक छात्रा के स्कूल से घर वापस जाते समय रास्ते में अकेला पाकर उसके साथ छेड़खानी की घटना कारित की गयी थी । घटना के उपरान्त अभियुक्त फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु थाना छपिया पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे। इसी क्रम में दिनांक 18.05.2026 को उ0नि0 श्रीराम प्रसाद मय हमराह पुलिस बल के साथ अभियुक्त की तलाश एवं पतारसी/सुरागरसी में रवाना थे। दौरान तलाश अभियुक्त अजीत यादव को जनपद गोण्डा-बस्ती सीमा पर स्थित सागरगंज चौराहे के पास से नियमानुसार पुलिस हिरासत में लिया गया। अभियुक्त को आवश्यक पूछताछ एवं विधिक कार्यवाही हेतु सरकारी वाहन से थाना लाया जा रहा था कि रास्ते में परसा तिवारी रेलवे स्टेशन के पास अभियुक्त अचानक वाहन का पिछला दरवाजा खोलकर कूद गया तथा रेलवे ट्रैक की तरफ भागने लगा। भागने के दौरान अभियुक्त रेलवे ट्रैक किनारे लगी लोहे की बाड़ को फांदने का प्रयास करने लगा, जिसमें फंस जाने के कारण उसके दाहिने पैर में चोट लग गयी। पुलिस टीम द्वारा तत्काल अभियुक्त को पुनः हिरासत में लेकर उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छपिया भेजा गया। अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।