जय भीम शोभा यात्रा की बैठक कोसफ़रा कला में संपन्न हुई

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, आप सभी को बता दें लगातार तीन वर्ष की तरह इस वर्ष भी संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी की जयंती के पूर्व दिन 13 अप्रैल को जय भीम शोभा यात्रा बड़ोखरा रतेवरा से निकाली जाएगी और तराँव कोरांव के सी एन सिंह गेस्ट हाउस में गोष्ठी कर समापन किया जाएगा शोभा यात्रा को संपन्न बनाने के लिए कई पदाधिकारियों का चयन किया गया जिसमे संस्थापक दिनेश चौधरी अध्यक्ष पवन सिंघाल पटेल व एडवोकेट लवकुश कोल आयोजक अमित जैसल उपाध्यक्षगण सत्येंद्र पाल नीरज मौर्य राजेश गौतम कृपा शंकर पटेल कोषाध्यक्ष डॉ कमलेश गौतम महासचिवगण विनय चौधरी राजेश कनौजिया कृष्णकांत बौद्ध धर्मराज उर्फ पप्पू धरकार बनाये गए इस दौरान दिनेश चौधरी ने कहा यह यात्रा बुद्ध जी के शांति का संदेश देता है और पवन सिंघाल ने कहा कि यह यात्रा अम्बेडकर जी के क्रांतिकारी मिशन को समाज में जागरुकता को लेकर उत्साहित करता है

मुख्यमंत्री के सजीव प्रसारण के साथ पल्हनी में हुआ 'स्कूल चलो अभियान' का भव्य आगाज, वितरित हुआ परीक्षा फल
आजमगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल चलो अभियान के क्रम में प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की मुहिम के तहत शनिवार को जनपद के पल्हनी ब्लॉक स्थित उकरौंड़ा इंग्लिश मीडियम अपर प्राइमरी विद्यालय में 'स्कूल चलो अभियान' का भव्य शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल नए सत्र का संकल्प लिया गया, बल्कि मेधावी छात्रों को वार्षिक परीक्षा फल वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी के शिवपुर कंपोजिट विद्यालय से किए गए 'स्कूल चलो अभियान' के सजीव प्रसारण से हुई। जिसके पश्चात बतौर अतिथि बीएसए राजीव पाठक, डीआईओएस मनोज कुमार और बीइओ दिनेश कुमार वर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर इस अभियान का विधिवत आरंभ किया। प्रधानाचार्य मंजू राय के नेतृत्व में छात्राओं ने सुमधुर सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरक भाषणों के जरिए शिक्षा के प्रति अपनी जागरूकता का प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए अभिवावकों से अपने बच्चों को परिषदीय स्कूलों ने भेजने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान बीएसए राजीव पाठक के द्वारा कक्षा 8 के मेधावी विद्यार्थियों को परीक्षा फल और पुरस्कार वितरित किया गया। साथ ही, नए सत्र के लिए बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी प्रदान की गईं। बीएसए ने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य परिषदीय, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में 100% नामांकन सुनिश्चित करना है। हमारा उद्देश्य ड्रॉपआउट दर को शून्य पर लाना और हर बच्चे को 'निपुण' बनाना है।

इस अवसर पर राजेश सिंह, संतोष राय, उपेंद्र दत्त शुक्ल, तरुणेश सिंह रिंकू, राजन शुक्ला, दिनेश सिंह, शशिकला द्विवेदी, सीमा त्रिपाठी, गार्गी, सुजीत सिंह सहित भारी संख्या में अभिभावक, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कोरांव संपूर्ण समाधान दिवस

विश्वनाथ प्रताप सिंह

सर्वदलीय किसानों वकीलों ने समस्याओं के समाधान न होने पर हंगामा काटा

पूर्व विधायक सहित किसान यूनियन ने लेखपालों,बिजली विभाग की मनमानी पर घंटों बाधित रखा समाधान दिवस

कोरांव।प्रयागराज। संपूर्ण समाधान दिवस कोरांव में नए आईएएस उप जिलाधिकारी प्रशिक्षु ए वर्मा ने किसानों फरियादियों की एक ही शिकायतों की बार बार आ रही फर्जी निस्तारण और समुचित त्वरित कार्यवाही आदेशों की अवहेलना की हुई बुलंद आवाजों को गंभीरता से लिया है और अब बड़ी कार्यवाही किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

तहसील दिवस में कई कई बार शिकायतों का निस्तारण ज्यादातर राजस्व विभाग के लोकल निवासी लेखपालों कर्मियों द्वारा शिकायतों का तोड़ मरोड़ कर बिना स्थलीय सत्यापन और बिना किसी वास्तविक गवाह के फर्जी मोबाइल नंबर दर्शा कर निस्तारण दिखा कर वाह वाही लूटने का पर्दा फाश हुआ है। अधिकांश फरियादियों ने प्रभारी तहसील दिवस एसडीएम से लोगों ने शिकायतें की। जिसे गंभीरता से लेते हुए बड़ोखर और अलहवा के लेखपाल को मंच पर तलब कर लिया।

दरअसल ग्राम प्रधान अल्हवा वरिष्ठ पत्रकार शहजादे ने जो ग्राम प्रधान संगठन के प्रयागराज मंडल के मंत्री भी और सोशल एक्टिविस्ट हैं ने सैकड़ों बार वर्ष 2021/22 से निरंतर गरीब भूमिहीन आवासहीन पत्रों को पट्टा करने का प्रस्ताव कर पत्रावली तहसीलदार एसडीएम के सामने पेश न करने की अंतिम बार युवा आईएएस एसडीएम श्री वर्मा समाधान दिवस प्रभारी से की। और तत्काल लेखपाल को हटाने अथवा पत्रावली तलब कर पात्रों को कृषि एवं आवासीय आवंटन किए जाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो प्रधान संगठन के साथ डीएम से मिलकर कार्यवाही अथवा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। और गलत निस्तारण पर कार्यवाही की मांग की। एसडीएम ने नायब तहसीलदार बड़ोखर को आवंटन की जिम्मेदारी सौंपते हुए लेखपाल को पत्रावली प्रस्तुत करने का आदेश दिया और ग्राम प्रधान को त्वरित कार्यवाही किए जाने का आश्वाशन दिया। लेखपाल बड़ोखर की शिकायत को पूर्व विधायक रामकृपाल कोल और किसान यूनियन ने की। लोकल लेखपालों को अन्य तहसील हटाने की मांग की।

दस बजे सुबह से एक बजे तक समाधान दिवस बाधित

कोरांव तहसील समाधान दिवस में नए कर्मियों अफसरों के कारनामों की अब जानकारी होने लगी है। बड़े ही सरल स्वभाव और विवेक से सुनकर समझ कर समस्या का समाधान करने के दिख रहे माहिर एसडीएम कोरांव ए वर्मा आईएएस ने आंदोलन प्रदर्शन रत किसान यूनियन लीडर्स ललन सिंह पटेल पूर्व विधायक कांग्रेस लीडरराम कृपाल कोल,औ रसमाजिक कार्यकर्ताओं वकीलों प्रधानों ने बिजली विभाग के एसडीओ के विरुद्ध हंगामा किया कार्य बहिष्कार किया। तब एसडीएम ने एसडीओ बिजली विभाग से कार्य निस्तारण का लिखित आश्वासन लेने पर और मांग पत्र देने के बाद जांच कार्यवाही कराने शिकायतों की फर्जी निस्तारण किए जाने वालों के खिलाफ जिले के अधिकारियों को अवगत करा कर कार्यवाही कराए जाने का भरोसा दिया तब जा कर जनसुनवाई चालू हुई।

‘साधना सप्ताह’ के तहत शिक्षा सेवा चयन आयोग में सामूहिक परिचर्चा आयोजित
उप


* मिशन कर्मयोगी पर विशेष सत्र, कार्मिकों ने कौशल विकास और दक्षता बढ़ाने का लिया संकल्प

प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज में ‘साधना सप्ताह’ के अंतर्गत एक सामूहिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के तहत मिशन कर्मयोगी पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों को iGOT Karmayogi Portal पर उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों, अधिगम मॉड्यूल्स एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कार्मिकों की क्षमता और दक्षता में व्यापक सुधार लाना है। इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे निर्धारित समय-सीमा में अधिक से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण कर अपनी कार्यकुशलता को सुदृढ़ करेंगे।
भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित ‘साधना सप्ताह’ के अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए न्यूनतम 4 घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही एआई से संबंधित कम से कम 3 पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर ‘एआई दक्षता बैज’ तथा iGOT Marketplace पर एक पाठ्यक्रम पूरा करने पर ‘कर्मयोगी उत्कर्ष बैज’ प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कम से कम एक एआई कोर्स पूरा करना अनिवार्य रखा गया है।
परिचर्चा में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत उपलब्ध हजारों ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल उन्नयन, कार्य दक्षता और डिजिटल क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोग ने यह भी घोषणा की कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
श्रद्धा और विश्वास क़े बगैर नहीं मिलती भक्ति -कथा व्यास
रमेश दूबे
भक्ति की सरिता में डूबा खलीलाबाद, रामजन्म प्रसंग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब


पुराने रोडवेज परिसर में रामकथा के तीसरे दिन गूंजे भक्ति गीत, कथा और संगीत ने बांधा समां

संत कबीर नगर नगर के पुराने रोडवेज परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का तीसरा दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास श्री गोरखनाथ मिश्र जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अवतरण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के लिए आदर्श और मर्यादा का संदेश है। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अन्याय का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। रामजन्म का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने अयोध्या नगरी की उस दिव्य छवि का ऐसा चित्रण किया कि श्रद्धालु स्वयं को उसी युग में उपस्थित महसूस करने लगे।कथा के दौरान कई बार ऐसा क्षण आया जब पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की आभा और आंखों में आंसू स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते नजर आए।
कथा के उपरांत आयोजित भजन संध्या ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक दीपक मिश्र और अवधेश जी ने अपने सुमधुर स्वरों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित जनसमूह भक्ति रस में सराबोर हो गया। “राम नाम की महिमा अपरंपार” और “अयोध्या में आज मंगल गान” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंजता रहा।
भजन संध्या में वाद्य यंत्रों की संगत ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। ऑर्गन वादक रंजीत ने अपने सुरों से भजनों को जीवंत बना दिया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाल वादक संतलाल ने अपनी अद्भुत ताल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया और ऐसा प्रतीत हुआ मानो संगीत स्वयं प्रभु की आराधना कर रहा हो।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रमुख रूप से सौरभ त्रिपाठी, आचार्य जनार्दन ओझा, श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, अमरेश बहादुर पाल, किरण प्रजापति, रमाकांत यादव और सोनू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित प्रणाली ने कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया। साथ ही, साफ-सफाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। हर दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का संकेत है कि लोग इस आयोजन से गहराई से जुड़ रहे हैं और अपने जीवन में आध्यात्मिकता को स्थान दे रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खलीलाबाद की पावन धरती इन दिनों भक्ति के रंग में रंगी हुई है, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु इस आध्यात्मिक महोत्सव का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर: भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया। साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।
भदोही में ‘ड्रीमलैंड मेला’ बना आकर्षण का केंद्र, पहली बार भव्य स्तर पर आयोजन
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में पहली बार आयोजित किया गया ड्रीमलैंड मेला इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आधुनिक झूले, थीम आधारित सजावट और मनोरंजन के विविध साधनों ने इस मेले को खास बना दिया है। हर उम्र के लोग यहां पहुंचकर आनंद ले रहे हैं और इसे भदोही के लिए एक नया अनुभव माना जा रहा है।
मेले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रयागराज ड्रीम लैंड अम्यूज़मेंट के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मेले के प्रमुख आयोजकों में कृष्ण दास (लेखा प्रबंधक), तरुण शुक्ला और अशरफ अली उर्फ विक्की मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भदोही में इस तरह का भव्य और आधुनिक मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जिसके लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
कृष्णा दास ने बताया कि मेले को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए विशेष रूप से सजावट पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को एक अलग ही अनुभव देने की कोशिश की गई है, ताकि परिवार के साथ लोग यहां पूरा समय बिताकर मनोरंजन कर सकें।
मेले की सबसे बड़ी खासियत इसके आधुनिक और रोमांचक झूले हैं। इसमें शिमला थीम, जलपरी (मरमेड), सुनामी झूला और गगनचुंबी टावर झूले प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई झूले और थीम पहली बार भदोही में देखने को मिल रहे हैं, जिससे लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
बच्चों के लिए भी मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। छोटे-छोटे झूले, हेलीकॉप्टर राइड, वाटर बोट जैसी मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चे भी भरपूर आनंद उठा सकें। वहीं, युवाओं और बड़े लोगों के लिए एडवेंचर और हाई-राइड झूले खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शॉपिंग का भी खास इंतजाम किया गया है। एक बड़े बाजार के रूप में यहां विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं, जहां लोग अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही खाने-पीने के शौकीनों के लिए चटपटे व्यंजनों की भरपूर व्यवस्था की गई है, जिससे मेले का आनंद और भी बढ़ जाता है।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों ने विशेष सतर्कता बरती है। पूरे मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फायर सेफ्टी के सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात किए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी चिंता के मेले का आनंद ले सके।
मेले में प्रवेश शुल्क मात्र ₹40 निर्धारित किया गया है, जबकि दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट की व्यवस्था की गई है। अंदर विभिन्न झूलों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं।
लोकेशन की दृष्टि से भी मेला बेहद सुगम स्थान पर आयोजित किया गया है। इसके दो मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं—एक ज्ञानपुर रोड पर रीजेंसी होटल के पास, जहां से मेला आसानी से दिखाई देता है, जबकि दूसरा औराई रोड पर फ्लाईओवर व एस्सार पेट्रोल पंप के सामने स्थित है। दोनों ओर से लोगों के आने-जाने की समुचित व्यवस्था की गई है।
वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त स्थान रखा गया है। साइकिल और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग स्टैंड बनाए गए हैं, जिससे मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों ने बताया कि मेला काफी बड़े स्तर पर लगाया गया है, जिसके कारण इसकी तैयारी में समय लगा, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है और लोगों के स्वागत के लिए खुल चुका है।
अंत में आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस भव्य मेले में अवश्य आएं और मनोरंजन, शॉपिंग व स्वाद के इस अनूठे संगम का आनंद लें। भदोही में पहली बार आयोजित यह ड्रीमलैंड मेला निश्चित ही शहर के लोगों के लिए यादगार साबित हो रहा है।
टिकोला शुगर मिल ने किया गन्ना मूल्य का पूर्ण भुगतान, किसानों के खातों में भेजी गई राशि
मेरठ/बहसूमा। टिकोला शुगर मिल ने पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश में सबसे पहले सम्पूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मिल प्रशासन के अनुसार इस सत्र की पेराई सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है और सत्र का समापन भी हो चुका है।

मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्र 2025-26 में खरीदे गए समस्त गन्ने का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें समय पर अपनी मेहनत का पूरा मूल्य प्राप्त हुआ है।

मिल प्रबंधन ने सभी किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने संबंधित बैंक खातों के माध्यम से भुगतान की पुष्टि कर लें। साथ ही, प्रबंधन ने इस सत्र में गन्ना आपूर्ति में सहयोग देने वाले किसानों का आभार व्यक्त किया है।

आगामी पेराई सत्र को लेकर भी मिल प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं और सरसों की कटाई के बाद अधिक से अधिक क्षेत्र में उन्नत किस्म का गन्ना बोएं। साथ ही “गन्ना आपूर्ति बढ़ाओ, ईनामी योजना का लाभ उठाओ” अभियान का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया है।

मिल प्रबंधन ने विश्वास जताया कि आने वाले सत्र में भी किसानों का सहयोग इसी प्रकार मिलता रहेगा, जिससे क्षेत्र की कृषि और आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
BMC शिक्षक वेदप्रकाश शुक्ल का सेवा संपूर्ति सम्मान समारोह संपन्न
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका शिक्षण विभाग द्वारा संचालित एमपीएस हिंदी शाला हनुमान नगर, कांदिवली पूर्व के आदर्श शिक्षक वेद प्रकाश काशीनाथ शुक्ल का 30 मार्च को शाला सभागार में विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उप शिक्षणाशिकारी अशोक मिश्र ने की। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरसेविका पुष्पा रमेश कलंबे, पूर्व नगरसेविका सुरेखा रमेश पाटिल, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के रीजनल मैनेजर सुनील उपाध्याय, उद्योगपति एसपी दुबे, इंद्रजीत उपाध्याय तथा सम्मानित अतिथि के रूप में प्रमोद मिश्र, विभाग प्रमुख वैभव भरडकर, प्रधानाध्यापक शिवशंकर तिवारी,कवि राम सिंह, बजरंगलाल यादव, प्रधानाध्यापक राकेश पांडेय, समाजसेवी शिवदत्त दुबे उपस्थित रहे। प्रमुख वक्ता के रूप में पूर्व प्रधानाध्यापक रामाशंकर यादव, महापौर पुरस्कृत ईश्वरदेव पाल, डॉ धर्मेंद्र मिश्रा, राजीव त्रिपाठी, श्याम नंदन यादव, लव कुमार मिश्र, अशोक सिंह तथा जितेंद्र तिवारी ने सत्कार मूर्ति के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय परिवार द्वारा वेद प्रकाश शुक्ल के साथ-साथ उनकी धर्मपत्नी उर्मिला देवी का भी सम्मान किया गया। समारोह में श्री शुक्ल की बेटियां खुशबू शुक्ला और प्रिया दुबे के अलावा उनकी बहु रीना शुक्ला उपस्थिति रहीं। कार्यक्रम का सुंदर संचालन राज्य पुरस्कृत पूर्व प्रधानाध्यापक ब्रह्मदेव मिश्र ने किया। संगीत बिसारद राजेश सिंह ने मधुर गीत प्रस्तुत किए। अंत में प्रधानाध्यापिका जान्हवी संखे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त वेदप्रकाश के पुत्र उत्तम शुक्ल और अनुपम शुक्ल ने आए हुए अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया।
वाराणसी में “स्कूल चलो अभियान” का शुभारंभ, मुख्यमंत्री योगी ने बांटी पाठ्य सामग्री और सम्मानित किए निपुण विद्यार्थी
वाराणसी। योगी आदित्यनाथ ने शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियों की पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कक्षाओं के छात्रों को पाठ्यपुस्तकों एवं शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया। इनमें कक्षा एक के विकास, कक्षा दो की श्रेया सोनकर, कक्षा तीन की कजरी, कक्षा चार की दीपशिखा, कक्षा पांच की रोली सोनकर, कक्षा छह की श्रेया यादव और कली केशरी, कक्षा सात की रुचि यादव तथा कक्षा आठ की साक्षी गुप्ता शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने जनपद के पांच “निपुण विद्यालयों” के प्रधानाध्यापकों—प्राथमिक विद्यालय नयापुर, सगुनाहा, फरीदपुर तथा कंपोजिट विद्यालय भसार और महमूरगंज—को प्रमाण पत्र प्रदान किए। साथ ही अभय कुमार पटेल, जानवी, श्रेयांश, नैंसी और सरस्वती जैसे “निपुण विद्यार्थियों” को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने “स्कूल चलो अभियान” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, जिनमें विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विकास, ड्रॉपआउट दर में कमी और नामांकन अनुपात में वृद्धि शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। मंत्री ने बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उन्नत किए जाने तथा शेष ब्लॉकों में नए विद्यालय स्थापित करने की जानकारी दी। साथ ही प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “बाल वाटिका” की शुरुआत का भी उल्लेख किया, जहां 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की नकल आधारित शिक्षा व्यवस्था के विपरीत, वर्तमान सरकार नकलविहीन परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दे रही है।
जय भीम शोभा यात्रा की बैठक कोसफ़रा कला में संपन्न हुई

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, आप सभी को बता दें लगातार तीन वर्ष की तरह इस वर्ष भी संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी की जयंती के पूर्व दिन 13 अप्रैल को जय भीम शोभा यात्रा बड़ोखरा रतेवरा से निकाली जाएगी और तराँव कोरांव के सी एन सिंह गेस्ट हाउस में गोष्ठी कर समापन किया जाएगा शोभा यात्रा को संपन्न बनाने के लिए कई पदाधिकारियों का चयन किया गया जिसमे संस्थापक दिनेश चौधरी अध्यक्ष पवन सिंघाल पटेल व एडवोकेट लवकुश कोल आयोजक अमित जैसल उपाध्यक्षगण सत्येंद्र पाल नीरज मौर्य राजेश गौतम कृपा शंकर पटेल कोषाध्यक्ष डॉ कमलेश गौतम महासचिवगण विनय चौधरी राजेश कनौजिया कृष्णकांत बौद्ध धर्मराज उर्फ पप्पू धरकार बनाये गए इस दौरान दिनेश चौधरी ने कहा यह यात्रा बुद्ध जी के शांति का संदेश देता है और पवन सिंघाल ने कहा कि यह यात्रा अम्बेडकर जी के क्रांतिकारी मिशन को समाज में जागरुकता को लेकर उत्साहित करता है

मुख्यमंत्री के सजीव प्रसारण के साथ पल्हनी में हुआ 'स्कूल चलो अभियान' का भव्य आगाज, वितरित हुआ परीक्षा फल
आजमगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल चलो अभियान के क्रम में प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की मुहिम के तहत शनिवार को जनपद के पल्हनी ब्लॉक स्थित उकरौंड़ा इंग्लिश मीडियम अपर प्राइमरी विद्यालय में 'स्कूल चलो अभियान' का भव्य शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल नए सत्र का संकल्प लिया गया, बल्कि मेधावी छात्रों को वार्षिक परीक्षा फल वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी के शिवपुर कंपोजिट विद्यालय से किए गए 'स्कूल चलो अभियान' के सजीव प्रसारण से हुई। जिसके पश्चात बतौर अतिथि बीएसए राजीव पाठक, डीआईओएस मनोज कुमार और बीइओ दिनेश कुमार वर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर इस अभियान का विधिवत आरंभ किया। प्रधानाचार्य मंजू राय के नेतृत्व में छात्राओं ने सुमधुर सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरक भाषणों के जरिए शिक्षा के प्रति अपनी जागरूकता का प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए अभिवावकों से अपने बच्चों को परिषदीय स्कूलों ने भेजने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान बीएसए राजीव पाठक के द्वारा कक्षा 8 के मेधावी विद्यार्थियों को परीक्षा फल और पुरस्कार वितरित किया गया। साथ ही, नए सत्र के लिए बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी प्रदान की गईं। बीएसए ने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य परिषदीय, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में 100% नामांकन सुनिश्चित करना है। हमारा उद्देश्य ड्रॉपआउट दर को शून्य पर लाना और हर बच्चे को 'निपुण' बनाना है।

इस अवसर पर राजेश सिंह, संतोष राय, उपेंद्र दत्त शुक्ल, तरुणेश सिंह रिंकू, राजन शुक्ला, दिनेश सिंह, शशिकला द्विवेदी, सीमा त्रिपाठी, गार्गी, सुजीत सिंह सहित भारी संख्या में अभिभावक, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कोरांव संपूर्ण समाधान दिवस

विश्वनाथ प्रताप सिंह

सर्वदलीय किसानों वकीलों ने समस्याओं के समाधान न होने पर हंगामा काटा

पूर्व विधायक सहित किसान यूनियन ने लेखपालों,बिजली विभाग की मनमानी पर घंटों बाधित रखा समाधान दिवस

कोरांव।प्रयागराज। संपूर्ण समाधान दिवस कोरांव में नए आईएएस उप जिलाधिकारी प्रशिक्षु ए वर्मा ने किसानों फरियादियों की एक ही शिकायतों की बार बार आ रही फर्जी निस्तारण और समुचित त्वरित कार्यवाही आदेशों की अवहेलना की हुई बुलंद आवाजों को गंभीरता से लिया है और अब बड़ी कार्यवाही किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

तहसील दिवस में कई कई बार शिकायतों का निस्तारण ज्यादातर राजस्व विभाग के लोकल निवासी लेखपालों कर्मियों द्वारा शिकायतों का तोड़ मरोड़ कर बिना स्थलीय सत्यापन और बिना किसी वास्तविक गवाह के फर्जी मोबाइल नंबर दर्शा कर निस्तारण दिखा कर वाह वाही लूटने का पर्दा फाश हुआ है। अधिकांश फरियादियों ने प्रभारी तहसील दिवस एसडीएम से लोगों ने शिकायतें की। जिसे गंभीरता से लेते हुए बड़ोखर और अलहवा के लेखपाल को मंच पर तलब कर लिया।

दरअसल ग्राम प्रधान अल्हवा वरिष्ठ पत्रकार शहजादे ने जो ग्राम प्रधान संगठन के प्रयागराज मंडल के मंत्री भी और सोशल एक्टिविस्ट हैं ने सैकड़ों बार वर्ष 2021/22 से निरंतर गरीब भूमिहीन आवासहीन पत्रों को पट्टा करने का प्रस्ताव कर पत्रावली तहसीलदार एसडीएम के सामने पेश न करने की अंतिम बार युवा आईएएस एसडीएम श्री वर्मा समाधान दिवस प्रभारी से की। और तत्काल लेखपाल को हटाने अथवा पत्रावली तलब कर पात्रों को कृषि एवं आवासीय आवंटन किए जाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो प्रधान संगठन के साथ डीएम से मिलकर कार्यवाही अथवा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। और गलत निस्तारण पर कार्यवाही की मांग की। एसडीएम ने नायब तहसीलदार बड़ोखर को आवंटन की जिम्मेदारी सौंपते हुए लेखपाल को पत्रावली प्रस्तुत करने का आदेश दिया और ग्राम प्रधान को त्वरित कार्यवाही किए जाने का आश्वाशन दिया। लेखपाल बड़ोखर की शिकायत को पूर्व विधायक रामकृपाल कोल और किसान यूनियन ने की। लोकल लेखपालों को अन्य तहसील हटाने की मांग की।

दस बजे सुबह से एक बजे तक समाधान दिवस बाधित

कोरांव तहसील समाधान दिवस में नए कर्मियों अफसरों के कारनामों की अब जानकारी होने लगी है। बड़े ही सरल स्वभाव और विवेक से सुनकर समझ कर समस्या का समाधान करने के दिख रहे माहिर एसडीएम कोरांव ए वर्मा आईएएस ने आंदोलन प्रदर्शन रत किसान यूनियन लीडर्स ललन सिंह पटेल पूर्व विधायक कांग्रेस लीडरराम कृपाल कोल,औ रसमाजिक कार्यकर्ताओं वकीलों प्रधानों ने बिजली विभाग के एसडीओ के विरुद्ध हंगामा किया कार्य बहिष्कार किया। तब एसडीएम ने एसडीओ बिजली विभाग से कार्य निस्तारण का लिखित आश्वासन लेने पर और मांग पत्र देने के बाद जांच कार्यवाही कराने शिकायतों की फर्जी निस्तारण किए जाने वालों के खिलाफ जिले के अधिकारियों को अवगत करा कर कार्यवाही कराए जाने का भरोसा दिया तब जा कर जनसुनवाई चालू हुई।

‘साधना सप्ताह’ के तहत शिक्षा सेवा चयन आयोग में सामूहिक परिचर्चा आयोजित
उप


* मिशन कर्मयोगी पर विशेष सत्र, कार्मिकों ने कौशल विकास और दक्षता बढ़ाने का लिया संकल्प

प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज में ‘साधना सप्ताह’ के अंतर्गत एक सामूहिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के तहत मिशन कर्मयोगी पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों को iGOT Karmayogi Portal पर उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों, अधिगम मॉड्यूल्स एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कार्मिकों की क्षमता और दक्षता में व्यापक सुधार लाना है। इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे निर्धारित समय-सीमा में अधिक से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण कर अपनी कार्यकुशलता को सुदृढ़ करेंगे।
भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित ‘साधना सप्ताह’ के अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए न्यूनतम 4 घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही एआई से संबंधित कम से कम 3 पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर ‘एआई दक्षता बैज’ तथा iGOT Marketplace पर एक पाठ्यक्रम पूरा करने पर ‘कर्मयोगी उत्कर्ष बैज’ प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कम से कम एक एआई कोर्स पूरा करना अनिवार्य रखा गया है।
परिचर्चा में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत उपलब्ध हजारों ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल उन्नयन, कार्य दक्षता और डिजिटल क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोग ने यह भी घोषणा की कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
श्रद्धा और विश्वास क़े बगैर नहीं मिलती भक्ति -कथा व्यास
रमेश दूबे
भक्ति की सरिता में डूबा खलीलाबाद, रामजन्म प्रसंग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब


पुराने रोडवेज परिसर में रामकथा के तीसरे दिन गूंजे भक्ति गीत, कथा और संगीत ने बांधा समां

संत कबीर नगर नगर के पुराने रोडवेज परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का तीसरा दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास श्री गोरखनाथ मिश्र जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अवतरण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के लिए आदर्श और मर्यादा का संदेश है। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अन्याय का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। रामजन्म का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने अयोध्या नगरी की उस दिव्य छवि का ऐसा चित्रण किया कि श्रद्धालु स्वयं को उसी युग में उपस्थित महसूस करने लगे।कथा के दौरान कई बार ऐसा क्षण आया जब पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की आभा और आंखों में आंसू स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते नजर आए।
कथा के उपरांत आयोजित भजन संध्या ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक दीपक मिश्र और अवधेश जी ने अपने सुमधुर स्वरों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित जनसमूह भक्ति रस में सराबोर हो गया। “राम नाम की महिमा अपरंपार” और “अयोध्या में आज मंगल गान” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंजता रहा।
भजन संध्या में वाद्य यंत्रों की संगत ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। ऑर्गन वादक रंजीत ने अपने सुरों से भजनों को जीवंत बना दिया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाल वादक संतलाल ने अपनी अद्भुत ताल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया और ऐसा प्रतीत हुआ मानो संगीत स्वयं प्रभु की आराधना कर रहा हो।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रमुख रूप से सौरभ त्रिपाठी, आचार्य जनार्दन ओझा, श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, अमरेश बहादुर पाल, किरण प्रजापति, रमाकांत यादव और सोनू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित प्रणाली ने कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया। साथ ही, साफ-सफाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। हर दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का संकेत है कि लोग इस आयोजन से गहराई से जुड़ रहे हैं और अपने जीवन में आध्यात्मिकता को स्थान दे रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खलीलाबाद की पावन धरती इन दिनों भक्ति के रंग में रंगी हुई है, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु इस आध्यात्मिक महोत्सव का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर: भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया। साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।
भदोही में ‘ड्रीमलैंड मेला’ बना आकर्षण का केंद्र, पहली बार भव्य स्तर पर आयोजन
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में पहली बार आयोजित किया गया ड्रीमलैंड मेला इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आधुनिक झूले, थीम आधारित सजावट और मनोरंजन के विविध साधनों ने इस मेले को खास बना दिया है। हर उम्र के लोग यहां पहुंचकर आनंद ले रहे हैं और इसे भदोही के लिए एक नया अनुभव माना जा रहा है।
मेले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रयागराज ड्रीम लैंड अम्यूज़मेंट के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मेले के प्रमुख आयोजकों में कृष्ण दास (लेखा प्रबंधक), तरुण शुक्ला और अशरफ अली उर्फ विक्की मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भदोही में इस तरह का भव्य और आधुनिक मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जिसके लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
कृष्णा दास ने बताया कि मेले को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए विशेष रूप से सजावट पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को एक अलग ही अनुभव देने की कोशिश की गई है, ताकि परिवार के साथ लोग यहां पूरा समय बिताकर मनोरंजन कर सकें।
मेले की सबसे बड़ी खासियत इसके आधुनिक और रोमांचक झूले हैं। इसमें शिमला थीम, जलपरी (मरमेड), सुनामी झूला और गगनचुंबी टावर झूले प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई झूले और थीम पहली बार भदोही में देखने को मिल रहे हैं, जिससे लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
बच्चों के लिए भी मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। छोटे-छोटे झूले, हेलीकॉप्टर राइड, वाटर बोट जैसी मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चे भी भरपूर आनंद उठा सकें। वहीं, युवाओं और बड़े लोगों के लिए एडवेंचर और हाई-राइड झूले खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शॉपिंग का भी खास इंतजाम किया गया है। एक बड़े बाजार के रूप में यहां विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं, जहां लोग अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही खाने-पीने के शौकीनों के लिए चटपटे व्यंजनों की भरपूर व्यवस्था की गई है, जिससे मेले का आनंद और भी बढ़ जाता है।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों ने विशेष सतर्कता बरती है। पूरे मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फायर सेफ्टी के सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात किए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी चिंता के मेले का आनंद ले सके।
मेले में प्रवेश शुल्क मात्र ₹40 निर्धारित किया गया है, जबकि दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट की व्यवस्था की गई है। अंदर विभिन्न झूलों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं।
लोकेशन की दृष्टि से भी मेला बेहद सुगम स्थान पर आयोजित किया गया है। इसके दो मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं—एक ज्ञानपुर रोड पर रीजेंसी होटल के पास, जहां से मेला आसानी से दिखाई देता है, जबकि दूसरा औराई रोड पर फ्लाईओवर व एस्सार पेट्रोल पंप के सामने स्थित है। दोनों ओर से लोगों के आने-जाने की समुचित व्यवस्था की गई है।
वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त स्थान रखा गया है। साइकिल और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग स्टैंड बनाए गए हैं, जिससे मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों ने बताया कि मेला काफी बड़े स्तर पर लगाया गया है, जिसके कारण इसकी तैयारी में समय लगा, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है और लोगों के स्वागत के लिए खुल चुका है।
अंत में आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस भव्य मेले में अवश्य आएं और मनोरंजन, शॉपिंग व स्वाद के इस अनूठे संगम का आनंद लें। भदोही में पहली बार आयोजित यह ड्रीमलैंड मेला निश्चित ही शहर के लोगों के लिए यादगार साबित हो रहा है।
टिकोला शुगर मिल ने किया गन्ना मूल्य का पूर्ण भुगतान, किसानों के खातों में भेजी गई राशि
मेरठ/बहसूमा। टिकोला शुगर मिल ने पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश में सबसे पहले सम्पूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मिल प्रशासन के अनुसार इस सत्र की पेराई सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है और सत्र का समापन भी हो चुका है।

मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्र 2025-26 में खरीदे गए समस्त गन्ने का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें समय पर अपनी मेहनत का पूरा मूल्य प्राप्त हुआ है।

मिल प्रबंधन ने सभी किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने संबंधित बैंक खातों के माध्यम से भुगतान की पुष्टि कर लें। साथ ही, प्रबंधन ने इस सत्र में गन्ना आपूर्ति में सहयोग देने वाले किसानों का आभार व्यक्त किया है।

आगामी पेराई सत्र को लेकर भी मिल प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं और सरसों की कटाई के बाद अधिक से अधिक क्षेत्र में उन्नत किस्म का गन्ना बोएं। साथ ही “गन्ना आपूर्ति बढ़ाओ, ईनामी योजना का लाभ उठाओ” अभियान का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया है।

मिल प्रबंधन ने विश्वास जताया कि आने वाले सत्र में भी किसानों का सहयोग इसी प्रकार मिलता रहेगा, जिससे क्षेत्र की कृषि और आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
BMC शिक्षक वेदप्रकाश शुक्ल का सेवा संपूर्ति सम्मान समारोह संपन्न
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका शिक्षण विभाग द्वारा संचालित एमपीएस हिंदी शाला हनुमान नगर, कांदिवली पूर्व के आदर्श शिक्षक वेद प्रकाश काशीनाथ शुक्ल का 30 मार्च को शाला सभागार में विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उप शिक्षणाशिकारी अशोक मिश्र ने की। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरसेविका पुष्पा रमेश कलंबे, पूर्व नगरसेविका सुरेखा रमेश पाटिल, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के रीजनल मैनेजर सुनील उपाध्याय, उद्योगपति एसपी दुबे, इंद्रजीत उपाध्याय तथा सम्मानित अतिथि के रूप में प्रमोद मिश्र, विभाग प्रमुख वैभव भरडकर, प्रधानाध्यापक शिवशंकर तिवारी,कवि राम सिंह, बजरंगलाल यादव, प्रधानाध्यापक राकेश पांडेय, समाजसेवी शिवदत्त दुबे उपस्थित रहे। प्रमुख वक्ता के रूप में पूर्व प्रधानाध्यापक रामाशंकर यादव, महापौर पुरस्कृत ईश्वरदेव पाल, डॉ धर्मेंद्र मिश्रा, राजीव त्रिपाठी, श्याम नंदन यादव, लव कुमार मिश्र, अशोक सिंह तथा जितेंद्र तिवारी ने सत्कार मूर्ति के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय परिवार द्वारा वेद प्रकाश शुक्ल के साथ-साथ उनकी धर्मपत्नी उर्मिला देवी का भी सम्मान किया गया। समारोह में श्री शुक्ल की बेटियां खुशबू शुक्ला और प्रिया दुबे के अलावा उनकी बहु रीना शुक्ला उपस्थिति रहीं। कार्यक्रम का सुंदर संचालन राज्य पुरस्कृत पूर्व प्रधानाध्यापक ब्रह्मदेव मिश्र ने किया। संगीत बिसारद राजेश सिंह ने मधुर गीत प्रस्तुत किए। अंत में प्रधानाध्यापिका जान्हवी संखे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त वेदप्रकाश के पुत्र उत्तम शुक्ल और अनुपम शुक्ल ने आए हुए अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया।
वाराणसी में “स्कूल चलो अभियान” का शुभारंभ, मुख्यमंत्री योगी ने बांटी पाठ्य सामग्री और सम्मानित किए निपुण विद्यार्थी
वाराणसी। योगी आदित्यनाथ ने शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियों की पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कक्षाओं के छात्रों को पाठ्यपुस्तकों एवं शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया। इनमें कक्षा एक के विकास, कक्षा दो की श्रेया सोनकर, कक्षा तीन की कजरी, कक्षा चार की दीपशिखा, कक्षा पांच की रोली सोनकर, कक्षा छह की श्रेया यादव और कली केशरी, कक्षा सात की रुचि यादव तथा कक्षा आठ की साक्षी गुप्ता शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने जनपद के पांच “निपुण विद्यालयों” के प्रधानाध्यापकों—प्राथमिक विद्यालय नयापुर, सगुनाहा, फरीदपुर तथा कंपोजिट विद्यालय भसार और महमूरगंज—को प्रमाण पत्र प्रदान किए। साथ ही अभय कुमार पटेल, जानवी, श्रेयांश, नैंसी और सरस्वती जैसे “निपुण विद्यार्थियों” को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने “स्कूल चलो अभियान” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, जिनमें विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विकास, ड्रॉपआउट दर में कमी और नामांकन अनुपात में वृद्धि शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। मंत्री ने बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उन्नत किए जाने तथा शेष ब्लॉकों में नए विद्यालय स्थापित करने की जानकारी दी। साथ ही प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “बाल वाटिका” की शुरुआत का भी उल्लेख किया, जहां 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की नकल आधारित शिक्षा व्यवस्था के विपरीत, वर्तमान सरकार नकलविहीन परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दे रही है।