भगवान परशुराम जयंती पर भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह संपन्न
सुलतानपुर:अखिल भारतीय भगवान परशुराम एकता समिति एवं कटका क्लब सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में भगवान परशुराम के प्राकाट्य दिवस पर 18 अप्रैल 2026 को एक भव्य कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह का आयोजन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कटका बाजार सुल्तानपुर में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ। डॉ ऋषभदेव शुक्ला और सौरभ मिश्र के नेतृत्व में समारोह की अध्यक्षता तक्षशिला आईएएस कोचिंग अयोध्या के डायरेक्टर संतोष मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि अतंरराष्ट्रीय कथा वाचक मनीष चंद्र त्रिपाठी रहे। कुशल संचालन ओज कवि  अभिमन्यु शक्ला तरंग ने किया।
       कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन अर्चन से हुई।वाणी वंदना राज बहादुर राणा ने ने किया।दूर दराज से पधारे सम्मानित कवियों ने विभिन्न रस में भगवान परशुराम का कीर्तिगान करते हुए वीर,हास्य, श्रृंगार, सुधार और राष्ट्र को समर्पित काव्य पाठ कर वाहवाही बटोरी।ओज कवि तरंग ने -सभी राष्ट्र गौरव हैं भारत के धाम में। कवि सत्या पंडित ने -इस नई दुनियां को भीतर से देखा और उनको किताब कर पढ़ता चला गया।भारत वंदना के परिप्रेक्ष्य में कवि पवन मिश्र ने -जम्बूद्वीप के भरत खंड में -पढ़कर राष्ट्र को गौरव प्रदान किया तो कवि रजनीश मिश्र ने -चलो इतिहास के पन्नों पर कुछ लिखा जाए- पढ़ कर राष्ट्र के प्रति त्याग की भावना प्रबल किया। डॉ अनूप मिश्र ने -न भय काल का उनको न चिंता है विनाशों की। पाठ्य-पुस्तक लेखक शिक्षक साहित्यकार सर्वेश कान्त वर्मा सरल ने -बलाएं काटने को आया हूं सबेरा बनके-मार्मिक कविता पढ़ी। कवियत्री कांति सिंह ने श्री राम मय सारा जग है।----
शिक्षा, साहित्य, सामाजिक, स्वास्थ्य, संगीत, एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 101 विशिष्ट व्यक्तियों को अंगवस्त्र, पुष्प पत्र और प्रतिभा शिखर सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। इस मौके ब्लॉक प्रमुख त्रिनेत्र पांडेय प्रतिनिधि, डीएस मिश्र, प्रदीप मिश्र सरकार, शीतला प्रसाद पांडेय, अमरजीत मिश्र, अनुष्का यादव, दिव्या, सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
दिल्ली में खराब मौसम से उड़ानें प्रभावित, इंडिगो ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
नई दिल्ली । खराब मौसम के कारण राजधानी में हवाई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। IndiGo ने उड़ानों के संचालन पर असर को देखते हुए यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन के अनुसार मौसम की अस्थिरता के चलते उड़ानों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है।
एयरलाइन ने अपने आधिकारिक X पोस्ट में कहा कि उनकी टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और मौसम में सुधार होते ही उड़ानों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अवश्य जांच लें तथा एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी राजधानी के मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को दिल्ली में अचानक मौसम बदला और कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे अस्थायी राहत मिली।
पूर्वानुमान के अनुसार 18 और 19 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रहेंगे, जबकि 20 से 23 अप्रैल के बीच मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 39°C से 42°C तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 20°C से 24°C के बीच रहने की संभावना है।
मौसम में इस उतार-चढ़ाव के कारण यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों की सतर्कता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है।
महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
* परिसीमन के मुद्दे पर तेज हुई तकरार, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं तथा दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।
संसद में संबंधित संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में है, लेकिन उससे जुड़े परिसीमन प्रावधानों को लेकर उसकी आपत्ति है।
राजनीतिक विवाद की मुख्य वजह परिसीमन को माना जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से पुनर्गठन की बात कही गई है। विपक्ष का तर्क है कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जबकि भाजपा इसे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर विपक्ष की भूमिका को उजागर करेगी और महिला आरक्षण के समर्थन में जनमत तैयार करेगी।
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि वास्तविक प्राथमिकता महिलाओं को तत्काल प्रतिनिधित्व देना होना चाहिए।आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड में यह मुद्दा और गर्माने के आसार हैं। दोनों प्रमुख दल इसे बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर कार्यशाला आयोजित
*गोण्डा 18 अप्रैल,2026*।
जनपद में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए विकास भवन स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी चन्द्रमोहन वर्मा ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे खत्म करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर शिवेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर बाल विवाह की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए सतर्कता और जनजागरूकता बेहद जरूरी है। जिला समन्वयक अपराजिता अभय पाण्डेय ने कहा कि कानून के तहत बाल विवाह दंडनीय अपराध है और इसकी सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान सेंटर मैनेजर चेतना सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट राजकुमार आर्य व ज्योत्सना सिंह, नीतू त्रिपाठी, शान्तनु उपाध्याय, आत्रेय त्रिपाठी, हितेश कुमार सहित पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बाल संरक्षण और जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की गई।
देवघर-साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: विश्व पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के रवीन्द्र सभागार में विद्यार्थियों के बीच 'विश्व पृथ्वी दिवस' शीर्षक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर बेबी कुमारी को प्रथम, कशिश प्रिया को द्वितीय, आकृति कुमारी वर्णवाल को तृतीय, अमन कुमार को चतुर्थ, आस्था कुमारी को पंचम, आयुष कुमार को षष्ठ, मुस्कान सिंह को सप्तम, निशांत राज को अष्टम एवं शौर्य मयंक सिंह को नवम स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा। आज की प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ साथ शिक्षिका मनीषा घोष, सुदीप्ता चक्रबर्ती, भारती मैम, शिक्षक उदय कुमार मंडल, जीतेन्द्र कुमार चंद्र, मुनेश्वर प्रसाद यादव एवं अन्य की अहम भूमिका रही।
महिला आरक्षण कानून को लेकर सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मुंबई। महिला आरक्षण कानून में संशोधन का विधेयक लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा. 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के सत्ता में आने के बाद से पहली बार कोई विधेयक पास नहीं हो सका है। कांग्रेस सेवादल के मुंबई अध्यक्ष सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिल को लेकर सरकार की मंशा ही खराब थी। बिल को परिसीमन (Delimitation) से जोड़ा गया है। उनका तर्क है कि 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन करना गलत है और इसे 2026 की जनगणना के बाद ही किया जाना चाहिए। बिल में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के भीतर कोटा सुनिश्चित नहीं था,जो सामाजिक न्याय के खिलाफ है। श्री मनचंदा ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के बजाय 'हिस्सा चोरी' और सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र का नक्शा बदलने का एक पैंतरा था। आगे मनचंदा ने कहा कि जिस तरह से एक देश का प्रधानमंत्री इतने बड़े पद पर विराजमान हो और वह देश की संसद में बोलता हो मैं इस जाति से हूं इससे शर्म की बात और कोई हो नहीं सकता यूजीसी जैसे कानून को लाकर इस देश के भाईचारे को जिस तरह से नफरत में तलवार की धार दी इस प्राइम मिनिस्टर ने इससे यह साबित होता है कि यह प्रधानमंत्री किस विचार का है जो हिंदुओं को हिंदुओं से लड़वाता हो शिक्षा के मंदिर में जातिवाद का नफरत फैलता हो ऐसे प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री की कुर्सी शोभा नहीं देती नरेंद्र मोदी को तुरंत इस पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के प्रति जिस तरह अपराध बढ़ रहे हैं, वह गंभीर चिंता का विषय है। अच्छा होगा कि पहले भाजपा अपने शासित राज्यों में महिलाओं पर लगातार बढ़ रहे अत्याचार को रोकने की दिशा में सार्थक कदम उठाए । उन्होंने कहा कि यह बिल देश में पांच राज्यों में हो रहे चुनाव को देखते हुए सोची समझी वोट बैंक की राजनीति के लिए आनन फानन में लाया गया था। ऐसे में बिल को फेल होना ही था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार देश में नफरत के बीज बोने का काम कर रही है। हिंदू मुसलमान के राजनीतिक करने के बाद, यूजीसी जैसा  कानून लाकर हिंदुओं को ही आपस में लड़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार के मामले में भाजपा शासित राज्य सबसे आगे हैं।
दर्दनाक सड़क हादसा—पिकअप से टक्कर में युवक की मौके पर मौत

उतराव l प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के थाना फूलपुर क्षेत्र के बरई तारा चतुर्भुजपुर निवासी 22 वर्षीय राज दीप पटेल की शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राज दीप पटेल पुत्र स्वर्गीय लल्लू पटेल बल्लीपुर बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वह थाना उतराव क्षेत्र के महुवा कोठी बाजार के पास पहुंचे, सामने से आ रही दूध से भरी तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि राज दीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दुर्घटना में पिकअप वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि मृतक अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे और खेती-बाड़ी कर परिवार का सहयोग करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता शांति देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे का बताया जा रहा है। क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर व्याप्त है।

लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश को हमने हरा दिया : प्रियंका गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि संसद में शुक्रवार को लोकतंत्र की एक बड़ी जीत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश कर रही थी, जिसे पूरे विपक्ष की एकजुटता ने विफल कर दिया।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में हुई यह घटना संविधान, देश और विपक्षी एकता की जीत है। महिला आरक्षण बिल पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे तुरंत लागू करने के पक्ष में है। उनका कहना था कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू किया जाना चाहिए और महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जो प्रस्ताव लाई, वह वास्तविक महिला आरक्षण बिल नहीं था, बल्कि परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा हुआ था। विपक्ष इस बात से सहमत नहीं हो सकता कि परिसीमन बिना जातिगत जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाए।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन था। उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति की जा रही है और सरकार की पूरी रणनीति का उद्देश्य सत्ता हासिल करना है। उनके अनुसार, इसके लिए महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल किया गया।
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी .
रितेश मिश्रा
हरदोई। आगामी अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनसामान्य से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। जारी अपील में कहा गया है कि बाल विवाह के कारण बेटियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसे रोकने के लिए सभी संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और समाज सेवकों से सहयोग मांगा गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर 181, 1098 और 112 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। इसके अलावा सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई, न्यू सिविल लाइन कॉलोनाइज्ड, सीडीओ आवास के पास, हरदोई में भी सूचना दी जा सकती है। प्रेस नोट में बताया गया है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने वालों में पंडित, मौलवी, टेंट, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और सहयोगी भी दोषी माने जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

#womensreservationconstitutionalamendmentbill_defeated

महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।

भगवान परशुराम जयंती पर भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह संपन्न
सुलतानपुर:अखिल भारतीय भगवान परशुराम एकता समिति एवं कटका क्लब सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में भगवान परशुराम के प्राकाट्य दिवस पर 18 अप्रैल 2026 को एक भव्य कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह का आयोजन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कटका बाजार सुल्तानपुर में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ। डॉ ऋषभदेव शुक्ला और सौरभ मिश्र के नेतृत्व में समारोह की अध्यक्षता तक्षशिला आईएएस कोचिंग अयोध्या के डायरेक्टर संतोष मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि अतंरराष्ट्रीय कथा वाचक मनीष चंद्र त्रिपाठी रहे। कुशल संचालन ओज कवि  अभिमन्यु शक्ला तरंग ने किया।
       कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन अर्चन से हुई।वाणी वंदना राज बहादुर राणा ने ने किया।दूर दराज से पधारे सम्मानित कवियों ने विभिन्न रस में भगवान परशुराम का कीर्तिगान करते हुए वीर,हास्य, श्रृंगार, सुधार और राष्ट्र को समर्पित काव्य पाठ कर वाहवाही बटोरी।ओज कवि तरंग ने -सभी राष्ट्र गौरव हैं भारत के धाम में। कवि सत्या पंडित ने -इस नई दुनियां को भीतर से देखा और उनको किताब कर पढ़ता चला गया।भारत वंदना के परिप्रेक्ष्य में कवि पवन मिश्र ने -जम्बूद्वीप के भरत खंड में -पढ़कर राष्ट्र को गौरव प्रदान किया तो कवि रजनीश मिश्र ने -चलो इतिहास के पन्नों पर कुछ लिखा जाए- पढ़ कर राष्ट्र के प्रति त्याग की भावना प्रबल किया। डॉ अनूप मिश्र ने -न भय काल का उनको न चिंता है विनाशों की। पाठ्य-पुस्तक लेखक शिक्षक साहित्यकार सर्वेश कान्त वर्मा सरल ने -बलाएं काटने को आया हूं सबेरा बनके-मार्मिक कविता पढ़ी। कवियत्री कांति सिंह ने श्री राम मय सारा जग है।----
शिक्षा, साहित्य, सामाजिक, स्वास्थ्य, संगीत, एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 101 विशिष्ट व्यक्तियों को अंगवस्त्र, पुष्प पत्र और प्रतिभा शिखर सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। इस मौके ब्लॉक प्रमुख त्रिनेत्र पांडेय प्रतिनिधि, डीएस मिश्र, प्रदीप मिश्र सरकार, शीतला प्रसाद पांडेय, अमरजीत मिश्र, अनुष्का यादव, दिव्या, सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
दिल्ली में खराब मौसम से उड़ानें प्रभावित, इंडिगो ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
नई दिल्ली । खराब मौसम के कारण राजधानी में हवाई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। IndiGo ने उड़ानों के संचालन पर असर को देखते हुए यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन के अनुसार मौसम की अस्थिरता के चलते उड़ानों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है।
एयरलाइन ने अपने आधिकारिक X पोस्ट में कहा कि उनकी टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और मौसम में सुधार होते ही उड़ानों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अवश्य जांच लें तथा एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी राजधानी के मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को दिल्ली में अचानक मौसम बदला और कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे अस्थायी राहत मिली।
पूर्वानुमान के अनुसार 18 और 19 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रहेंगे, जबकि 20 से 23 अप्रैल के बीच मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 39°C से 42°C तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 20°C से 24°C के बीच रहने की संभावना है।
मौसम में इस उतार-चढ़ाव के कारण यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों की सतर्कता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है।
महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
* परिसीमन के मुद्दे पर तेज हुई तकरार, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं तथा दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।
संसद में संबंधित संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में है, लेकिन उससे जुड़े परिसीमन प्रावधानों को लेकर उसकी आपत्ति है।
राजनीतिक विवाद की मुख्य वजह परिसीमन को माना जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से पुनर्गठन की बात कही गई है। विपक्ष का तर्क है कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जबकि भाजपा इसे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर विपक्ष की भूमिका को उजागर करेगी और महिला आरक्षण के समर्थन में जनमत तैयार करेगी।
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि वास्तविक प्राथमिकता महिलाओं को तत्काल प्रतिनिधित्व देना होना चाहिए।आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड में यह मुद्दा और गर्माने के आसार हैं। दोनों प्रमुख दल इसे बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर कार्यशाला आयोजित
*गोण्डा 18 अप्रैल,2026*।
जनपद में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए विकास भवन स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी चन्द्रमोहन वर्मा ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे खत्म करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर शिवेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर बाल विवाह की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए सतर्कता और जनजागरूकता बेहद जरूरी है। जिला समन्वयक अपराजिता अभय पाण्डेय ने कहा कि कानून के तहत बाल विवाह दंडनीय अपराध है और इसकी सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान सेंटर मैनेजर चेतना सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट राजकुमार आर्य व ज्योत्सना सिंह, नीतू त्रिपाठी, शान्तनु उपाध्याय, आत्रेय त्रिपाठी, हितेश कुमार सहित पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बाल संरक्षण और जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की गई।
देवघर-साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: विश्व पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के रवीन्द्र सभागार में विद्यार्थियों के बीच 'विश्व पृथ्वी दिवस' शीर्षक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर बेबी कुमारी को प्रथम, कशिश प्रिया को द्वितीय, आकृति कुमारी वर्णवाल को तृतीय, अमन कुमार को चतुर्थ, आस्था कुमारी को पंचम, आयुष कुमार को षष्ठ, मुस्कान सिंह को सप्तम, निशांत राज को अष्टम एवं शौर्य मयंक सिंह को नवम स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा। आज की प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ साथ शिक्षिका मनीषा घोष, सुदीप्ता चक्रबर्ती, भारती मैम, शिक्षक उदय कुमार मंडल, जीतेन्द्र कुमार चंद्र, मुनेश्वर प्रसाद यादव एवं अन्य की अहम भूमिका रही।
महिला आरक्षण कानून को लेकर सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मुंबई। महिला आरक्षण कानून में संशोधन का विधेयक लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा. 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के सत्ता में आने के बाद से पहली बार कोई विधेयक पास नहीं हो सका है। कांग्रेस सेवादल के मुंबई अध्यक्ष सतीश मनचंदा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिल को लेकर सरकार की मंशा ही खराब थी। बिल को परिसीमन (Delimitation) से जोड़ा गया है। उनका तर्क है कि 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन करना गलत है और इसे 2026 की जनगणना के बाद ही किया जाना चाहिए। बिल में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के भीतर कोटा सुनिश्चित नहीं था,जो सामाजिक न्याय के खिलाफ है। श्री मनचंदा ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के बजाय 'हिस्सा चोरी' और सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र का नक्शा बदलने का एक पैंतरा था। आगे मनचंदा ने कहा कि जिस तरह से एक देश का प्रधानमंत्री इतने बड़े पद पर विराजमान हो और वह देश की संसद में बोलता हो मैं इस जाति से हूं इससे शर्म की बात और कोई हो नहीं सकता यूजीसी जैसे कानून को लाकर इस देश के भाईचारे को जिस तरह से नफरत में तलवार की धार दी इस प्राइम मिनिस्टर ने इससे यह साबित होता है कि यह प्रधानमंत्री किस विचार का है जो हिंदुओं को हिंदुओं से लड़वाता हो शिक्षा के मंदिर में जातिवाद का नफरत फैलता हो ऐसे प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री की कुर्सी शोभा नहीं देती नरेंद्र मोदी को तुरंत इस पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के प्रति जिस तरह अपराध बढ़ रहे हैं, वह गंभीर चिंता का विषय है। अच्छा होगा कि पहले भाजपा अपने शासित राज्यों में महिलाओं पर लगातार बढ़ रहे अत्याचार को रोकने की दिशा में सार्थक कदम उठाए । उन्होंने कहा कि यह बिल देश में पांच राज्यों में हो रहे चुनाव को देखते हुए सोची समझी वोट बैंक की राजनीति के लिए आनन फानन में लाया गया था। ऐसे में बिल को फेल होना ही था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार देश में नफरत के बीज बोने का काम कर रही है। हिंदू मुसलमान के राजनीतिक करने के बाद, यूजीसी जैसा  कानून लाकर हिंदुओं को ही आपस में लड़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार के मामले में भाजपा शासित राज्य सबसे आगे हैं।
दर्दनाक सड़क हादसा—पिकअप से टक्कर में युवक की मौके पर मौत

उतराव l प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के थाना फूलपुर क्षेत्र के बरई तारा चतुर्भुजपुर निवासी 22 वर्षीय राज दीप पटेल की शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राज दीप पटेल पुत्र स्वर्गीय लल्लू पटेल बल्लीपुर बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वह थाना उतराव क्षेत्र के महुवा कोठी बाजार के पास पहुंचे, सामने से आ रही दूध से भरी तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि राज दीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दुर्घटना में पिकअप वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि मृतक अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे और खेती-बाड़ी कर परिवार का सहयोग करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता शांति देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे का बताया जा रहा है। क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर व्याप्त है।

लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश को हमने हरा दिया : प्रियंका गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि संसद में शुक्रवार को लोकतंत्र की एक बड़ी जीत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश कर रही थी, जिसे पूरे विपक्ष की एकजुटता ने विफल कर दिया।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में हुई यह घटना संविधान, देश और विपक्षी एकता की जीत है। महिला आरक्षण बिल पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे तुरंत लागू करने के पक्ष में है। उनका कहना था कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू किया जाना चाहिए और महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जो प्रस्ताव लाई, वह वास्तविक महिला आरक्षण बिल नहीं था, बल्कि परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा हुआ था। विपक्ष इस बात से सहमत नहीं हो सकता कि परिसीमन बिना जातिगत जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाए।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन था। उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति की जा रही है और सरकार की पूरी रणनीति का उद्देश्य सत्ता हासिल करना है। उनके अनुसार, इसके लिए महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल किया गया।
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी .
रितेश मिश्रा
हरदोई। आगामी अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनसामान्य से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। जारी अपील में कहा गया है कि बाल विवाह के कारण बेटियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसे रोकने के लिए सभी संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और समाज सेवकों से सहयोग मांगा गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर 181, 1098 और 112 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। इसके अलावा सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई, न्यू सिविल लाइन कॉलोनाइज्ड, सीडीओ आवास के पास, हरदोई में भी सूचना दी जा सकती है। प्रेस नोट में बताया गया है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने वालों में पंडित, मौलवी, टेंट, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और सहयोगी भी दोषी माने जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

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महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।