वार्षिकोत्सव एवं प्रगति पत्र वितरण समारोह आयोजित
गोण्डा। शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय रेड़ौरा में वार्षिकोत्सव विदाई समारोह व स्कूल चलो अभियान का आयोजन 'प्रतिभा पर्व' के रूप में ससमारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके मुख्य अतिथि हर्षित पाण्डेय खण्ड शिक्षा अधिकारी मनकापुर व अमित मिश्रा डायट प्रवक्ता द्वारा किया गया, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रवि प्रकाश सिंह जिलाध्यक्ष यूटा, राधामोहन पाण्डेय जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ब्लाक अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ-मनकापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित पाण्डेय, पूनम यादव व संगीता देवी द्वारा अतिथियों का बैज लगाकर कार्यक्रम में स्वागत व अभिनंदन किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, समारोह में नवप्रवेशी छात्र छात्राओं को रोली टीका लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया, कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया गया, ए आर पी फिरोज अहमद खान, शैलेन्द्र प्रताप सिंह व इंदु प्रताप सिंह जी ने अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने उद्बोधन के माध्यम से अभिभावकों व समुदाय से अनुरोध किया गया, डायट प्रवक्ता अमित मिश्रा द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं व योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए यूटा जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि आने वाले समय में समाज व राष्ट्र को सुदृढ़ व विकसित बनाने के लिए हमें अपने प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी चाहिए, कक्षा-5 उत्तीर्ण हो चुके छात्र-छात्राओं को  अधिगम सहायक किट, अंकपत्र व टी सी देकर भावुक विदाई दी गयी, कार्यक्रम का संचालन गिरीश कुमार पाण्डेय 'विद्यार्थी' द्वारा किया गया, समारोह में स्वागत भाषण कमलेश पाण्डेय एस आर जी द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन अमित पांडेय द्वारा किया गया, समारोह को राधा मोहन पाण्डेय, जनार्दन प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इंदु प्रताप सिंह,विनय मिश्रा, विकास मौर्य, विपिन मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया, इस अवसर पर ग्राम प्रधान झिन्नू प्रसाद पाण्डेय,विजय प्रकाश सिंह, यूटा जिला मंत्री आत्रेय मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी अरुण मिश्रा, डॉ अखिलेश शुक्ला, अवधेश पाण्डेय, अरविंद कुमार, सुनीत शुक्ला, मीरा पाण्डेय, रेखा शुक्ला, शिव कुमारी गुप्ता, सत्येन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नाजिया बानो, शिखा, स्तुति देवी, नीलम शुक्ला, राकेश यादव, उदय राज यादव, आशुतोष मिश्रा आदि गणमान्य अतिथियों सहित न्याय पंचायत विद्यानगर के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, राष्ट्र गान के साथ समारोह का समापन किया गया।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
मुंबई युवक कांग्रेस के न्याय सत्याग्रह में पहुंचे अर्जुन सिंह, यूथ कांग्रेस का बढ़ाया हौसला
मुंबई। मुंबई यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित न्याय सत्याग्रह के तीसरे दिन आज, मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने मुंबई कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर नौजवानों को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर अर्जुन सिंह ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यूथ कांग्रेस कांग्रेस के रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने कहा कि आने वाला कल आप सब नौजवानों का है। केंद्र सरकार के नेताओं द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का अपमान करना निंदनीय है। मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेताओं को गलत शब्दों का प्रयोग कर 90 साल के बुजुर्ग को अपमानित करना यह मोदी सरकार के नेताओं की चाल चलन को दर्शाता है कि यह लोग किस विचारधारा के हैं। न्याय सत्याग्रह द्वारा शांतिपूर्ण सत्याग्रह कांग्रेस की विचारधारा को दर्शाता है। कांग्रेस के लोग शांति प्रिय लोग हैं, जो देश के सभी जाति धर्म तथा सभी संप्रदाय के लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। नौजवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि आप सब इस सरकार के तानाशाह के खिलाफ जो आंदोलन सत्याग्रह कर रहे हैं, यही सही मायने में इंसानियत का जीता जागता सबूत है। आज देश में महंगाई चरम पर है। गैस सिलेंडर की भारी कमी की वजह से लाखों गरीब मजदूर शहरों को छोड़कर अपने गांव चले गए, जिसका असर देश की आर्थिक स्थिति पर पढ़ रहा है। कल कारखाने, फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर आ गई है। सरकार को जल्द से जल्द महंगाई तथा गैस डीजल पेट्रोल के कमी  को नियंत्रित करना चाहिए और अमेरिका के आगे घुटने ना टेक कर, ईरान का साथ देना चाहिए। क्योंकि ईरान हमेशा से भारत का शुभचिंतक और मित्र रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता जिस दिन उग्र होगी, केंद्र सरकार को इसका खामियाजा बहुत बुरा भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत सबरीन, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष निखिल रूपारेल, जुबेर फारूकी, आसिफ खान ,राय साहब सरोज, शिव यादव, गणेश बाबूराव शेगर, आजाद खान, बाला साहब यादव, पंकज चौधरी ,शीतल म्हात्रे, कमलेश यादव तथा बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में वृद्धि

*पंखा - कूलर और एसी के मूल्य में दिख रहा 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा, दुकानदार - ग्राहक हैं परेशान*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका-ईरान युद्ध की तीव्रता हर दिन बढ़ती जा रही है। वहीं इसकी मार से इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम आसमान छूने लगे हैं। गैस सिलेंडर किल्लत से उपभोक्ता जूझ ही रहे थे कि अब इलेक्ट्रानिक उपकरणों और सामानों के दाम में भी पंद्रह से तीस प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। लगन में इलेक्ट्रानिक सामान के दाम बढ़ने से लोगों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। वहीं गर्मी का मौसम होने से पंखा-कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रानिक सामानों की भारी मांग है। वहीं दाम बढ़ जाने से लोगों की काफी फजीहत हो गई है। आगे महंगाई कितनी बढ़ेगी यह आम नागरिक समझ नहीं पा रहे हैं।
जिले के कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम में पंद्रह से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसी, इंडक्शन, पंखा, कूलर, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन समेत अन्य सामान महंगे हो गए हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध अब भारतीय इलेक्ट्रानिक बाजार को प्रभावित करने लगा है। कच्चे माल (प्लास्टिक, मेटल) और चिप्स की कीमतें आसमान छूने से इंडक्शन, चूल्हा कीमत करीब डेढ़ गुना ज्यादा हो गया है।नगर पंचायत ज्ञानपुर के इलेक्ट्रानिक कारोबारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जो पंखा एक हजार में बिक रहा था वह युद्ध के चलते इस साल 13 सौ रुपये प्रति पीस बिक रहा है। केबिल 12 सौ रुपये से बढ़कर 15 सौ रुपये प्रति बंडल हो गया है। कूलर छह हजार से सात हजार रुपये और बैटरी 12 हजार से बढ़कर 13 हजार रुपये प्रति पीस हो गया है। मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम एक अप्रैल तक बढ़ गए हैं। जो तार पांच सौ रुपया बंडल हम लोग बिक्री करते थे वह अब साढ़े छह से सात सौ रुपया हो गया है। दो देश के बीच चल रहा तनाव हर क्षेत्र में अर्थ व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। गर्मी का सितम बढ़ने लगा है। ऐसे में कूलर-एसी और पंखा, फ्रिज लेने वालों की चिंता बढ़ने लगी है। रसोई गैस सिलेंडर, परिवहन, टायर, अनाज और इलेक्ट्रानिक सामान महंगा होने से हर तबके की चिंता घर-गृहस्थी चलाने को लेकर बढ़ने लगी है। परिवार का भरण-पोषण कैसे किया जाए यह चिंता लोगों को सताए जा रही है। स्थानीय बाजारों में दिख रहा युद्ध का स्तर लोगों को यह सोंचने पर विवश कर दिया है कि अब घर-गृहस्थी का खर्च कैसे चले।
हनुमान जी महराज के जन्मोत्सव पर विशाल हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन संपन्न हुआ

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। मानिकपुर कल्याण केंद्र चौराहा हनुमान जी महराज के परिसर में चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर बालाजी जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हनुमान चालीसा का पाठ एवं प्रसाद वितरण बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया।

इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर में पूजन-अर्चन, हवन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर रहा।

हनुमान चालीसा पाठ में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के पूजन पाठ कराया गया श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और बालाजी के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आयोजन में स्थानीय समिति एवं ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में वैदिक पंडित राहुल पाण्डेय जी (डेटा एक्सपर्ट), ऋषि द्विवेदी (गौ रक्षक),अवशेष द्विवेदी, पुष्पराज मिश्रा , राज मिश्रा ,रवि भाई , सतेंद्र भाई , बृजेश पांडेय, अभय, अभय केशरवानी , विकाश कंचनी , अतुल गौतम ,राज मिश्रा, हिमांशु, समर द्विवेदी. अभय केसरवानी, अभिषेक द्विवेदी, मोहित मिश्रा, शिवा द्विवेदी, अभिषेक तिवारी,एवं समस्त लोग उपस्थित रहे आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में एकता और श्रद्धा का प्रतीक बताया।

श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।

तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में भोर बेला से शबद- कीर्तन का दीवान सजा।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव मंगलवार को तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।संगत ने भोर बेला मे तपस्थान से प्रभात फेरी निकली जो क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से होते हुए गुरु द्वारा प्रांगण में संपन्न हुई। तत्पश्चात रविवार से आरंभ श्री अखंड पाठ साहिब की पाठ की संपूर्णता के उपरांत शब्द कीर्तन,गुरु इतिहास,आरती,हुकमनामा उपरांत गुरु का लंगर संगतो ने छका।

संध्याकाल मे खुले दीवान हॉल में संत विंरेद्र सिंह,परमजीत सिंह,ज्ञानी निशांत सिंह,महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री,जसविंदर सिंह शास्त्री पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थो, कथावाचक,इतिहासकार द्वारा गुरवाणी विचार देर रात तक चलता रहा साथ ही गुरु का लंगर भी चलता रहा। संचालन मुख्य सेवादार महंत ज्ञान सिंह ने किया।

वहीं दूसरी और जगह-जगह चौपाल लगाकर सिख पंथ के नौवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी के प्रकाश पर्व पर कोटि-कोटि नमन करते हुए सुविख्यात समाजसेवी व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्याय सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने वैश्विक चिंतन में त्याग,सेवा और समरसता के सनातन मूल्यो के प्रति अडिंग इच्छा की अभिव्यक्ति की और भारतीय दार्शनिक चिंतन में योगदान किया गुरु जी का बलिदान यात्रा का मानवीय पक्ष भी संवेदन शील है गुरु जी की जिन कस्बो,नगरों और गांव से गुजरे,लोगों ने उन स्थानों पर तंबाकू की खेती बंद कर दी सैकड़ो गांव नशा मुक्त हो गए और नवम गुरु की वाणी का आंचल पकडकर मुक्ति के पथ पर चल पड़े आज विश्व को नशा मुक्त करने के लिए नवम गुरु के व्यक्तित्व से सबक लेना चाहिए।

सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, मानवता की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की सर्वोच्च मिसाल है उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध निर्भीक खड़े रहने और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है हम गुरु साहिब के दिखाएं मार्ग पर चलते हुए आपसी भाईचारे और मानवता के नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारें। चौपाल में दलजीत कौर,हरमनजी सिंह ने विचार रखें।

मंडल डैम विस्थापन विवाद: बाबूलाल मरांडी से मिले ग्रामीण, बोले- "शहीद नीलांबर-पीतांबर की विरासत मिटाने की साजिश"

रांची गढ़वा :- गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के बिश्रामपुर और रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत के दर्जनों लागों के साथ साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी जी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया एवं न्याय दिलाने की माँग की है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मंडल डैम के विस्थापित परिवारों को रंका और रमकंडा प्रखंड के जिस स्थान पर बसाया जा रहा है उस जंगल से अगल बगल बीस गाँव के लोगों का जीवन यापन होता है ।

स्थानीय लोग उस जंगल से महुआ चुनकर, जड़ी बूटी लाकर, पत्तल दोना बनाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लेकिन सरकार के निर्देश पर गढ़वा जिला प्रशासन बलपूर्वक उस जंगल में बिस्थापितों को बसा रही है, जिससे हजारों आदिवासी परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है । बिश्रामपुर-बालीगढ़ के लोगों ने बिस्थापितों को अन्यत्र बसाने की मांग बाबूलाल मरांडी जी से की ।

साथ ही साथ मंडल डैम के विस्थापितों ने बाबूलाल मरांडी जी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि हम सभी शहीद नीलांबर पीतांबर के वंसज हैं । जिस भूमि पर मंडल डैम का निर्माण किया जा रहा है, ओ भूमि नीलांबर पीताम्बर की भूमि है । शहीद नीलांबर पीताम्बर के नाम को मिटाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने उस भूमि पर डैम बनाने का निर्णय लिया था ताकि अमर शहीद का नामोनिशान मिट जाए।

आज हमलोगों को जबरदस्ती विस्थापित कर के गढ़वा के बिश्रामपुर बालीगढ़ में जिस जमीन पर बसाया जा रहा है, वहाँ हम लोग जाना नहीं चाहते हैं । चुकी वर्तमान में हम जिस जगह पर रहते हैं, वो जगह पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, अभी हमलोग पेसा कानून के तहत आते हैं लेकिन हमलोगों को जहाँ विस्थापित किया जा रहा है, वह सामान्य पंचायत है ।

वहाँ बसाए जाने से हमारा हक और अधिकार का हनन होगा । विस्थापित परिवार के लोगों ने भी विस्थापन का विरोध करते हुए बाबूलाल जी से न्याय की मांग की है।

‘एल्युमिनियम भारत’ पहल लॉन्च: उद्योग को सस्ती ऊर्जा व कच्चे माल पर तुरंत नीति समर्थन की मांग
नई दिल्ली। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने मंगलवार को ‘एल्युमिनियम भारत’ पहल की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार से सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए त्वरित नीति समर्थन की मांग की।
इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली में किया। ‘एल्युमिनियम भारत’ का उद्देश्य देश के एल्युमिनियम सेक्टर को सशक्त बनाना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उद्योग, नीति-निर्माताओं तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक मंच पर लाना है।
ALEMAI के अनुसार, इस पहल के तहत उद्योग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर विचार-विमर्श कर एक ठोस और सतत विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत ‘एल्युमिनियम भारत-2026’ नाम से देश की पहली और सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रदर्शनी 26 से 29 सितंबर 2025 तक गांधीनगर के हेलिपैड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन ‘एल्युमेक्स इंडिया-2026’ के साथ होगा, जिसका उद्देश्य भारतीय एल्युमिनियम उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
इस अवसर पर मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत को उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं ALEMAI के अध्यक्ष जीतेन्द्र चोपड़ा ने उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि देश की 4.2 मिलियन टन की कुल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते नीतिगत सहयोग मिलने पर यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है : शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ


लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में मंगलवार को कथा के दौरान काशी धर्मपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है। भक्ति से ही ऊर्जा, विश्वास और कर्तव्यबोध उत्पन्न होता है जो व्यक्ति को सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है। सच्ची भक्ति मनुष्य के अंतर्मन के विकारों को दूर कर उसे शांति और संतुलन प्रदान करती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का स्मरण करता है।उसका जीवन स्वयं ही सरल होने लगता है।कथा में उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव और भक्त मार्कंडेय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह मृत्यु जैसे संकट को भी टाल सकती है। जब भक्त पूर्ण विश्वास के साथ ईश्वर की शरण में जाता है तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।जगतगुरु ने कहा यह संसार नश्वर है और ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में ईश्वर की आराधना संभव है लेकिन भाव की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अहंकार त्यागकर भक्ति के मार्ग पर चलें तभी जीवन में सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होगी।उन्होंने कहा सद्गुरु का सान्निध्य जीवन को दिशा देता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य इस भवसागर से पार हो सकता है। प्रवचन के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा और श्रद्धालु एकाग्र होकर कथा श्रवण करते रहे।इस दौरान समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे, जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे, डॉ गोविंद दुबे, अमरेश द्विवेदी, अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल, सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जी एस टी आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में जीएसटी सुधारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए शोध पत्र आमंत्रित

प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी बने संयोजक, वेबसाइट पर पंजीकरण प्रारम्भ

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए आगामी 8 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों, नीति निर्माण और शैक्षणिक विमर्श को बढ़ावा देना है। यह पहल देश के जीएसटी सुधारों को समझने, क्रियान्वित करने और उनके प्रभावों का विश्लेषण कर आवश्यक सुझावों को एकत्रित कर नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए है।

दूरस्थ शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि भारत का एकीकृत कर प्रणाली की ओर बढ़ना स्वतंत्रता के बाद से हुए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय परिवर्तनों में से एक है। भारत "विकसित की आकांक्षा रखता है, ऐसे में जीएसटी समावेशी विकास, राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।इस सुधार ने औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार, डिजिटलीकरण के माध्यम से कर अनुपालन में सुधार और अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं जैसे कि कर दर युक्तिकरण, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अनुपालन की जटिलता और राज्य राजस्व प्रदर्शन में असमानताएं, जिनका समाधान भारत के विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि यह संगोष्ठी चार्टर्ड लेखाकारों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों को भारत के दीर्घकालिक विकासात्मक रोडमैप के संदर्भ में जीएसटी सुधारों के बहुआयामी प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि संगोष्ठी में डिजिटल परिवर्तन, राजकोषीय संघवाद और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में कर पेशेवरों की भूमिका पर गहन चर्चा की जाएगी। उभरते मुद्दों को संबोधित करके और व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें प्रस्तावित करके, यह आयोजन ज्ञान के निर्माण, हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य को एक समावेशी, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आकार देने में प्रमुख योगदान देगा।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का समर्थन करने वाली व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें विकसित करना इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इसी के दृष्टिगत शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्था भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से इस सेमिनार के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के प्रबंधन विद्या शाखा के आचार्य, प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी को संयोजक नामित किया गया है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा से जुड़े सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा छात्रों को आईसीएसएसआर के सहयोग से हो रहे इस राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया है। सेमिनार का संपूर्ण विवरण एवं पंजीकरण प्रारूप मुक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा चुका है। विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महा विद्यालयों को आयोजन संबंधी आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा रही हैं। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

वार्षिकोत्सव एवं प्रगति पत्र वितरण समारोह आयोजित
गोण्डा। शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय रेड़ौरा में वार्षिकोत्सव विदाई समारोह व स्कूल चलो अभियान का आयोजन 'प्रतिभा पर्व' के रूप में ससमारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके मुख्य अतिथि हर्षित पाण्डेय खण्ड शिक्षा अधिकारी मनकापुर व अमित मिश्रा डायट प्रवक्ता द्वारा किया गया, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रवि प्रकाश सिंह जिलाध्यक्ष यूटा, राधामोहन पाण्डेय जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ब्लाक अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ-मनकापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित पाण्डेय, पूनम यादव व संगीता देवी द्वारा अतिथियों का बैज लगाकर कार्यक्रम में स्वागत व अभिनंदन किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, समारोह में नवप्रवेशी छात्र छात्राओं को रोली टीका लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया, कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया गया, ए आर पी फिरोज अहमद खान, शैलेन्द्र प्रताप सिंह व इंदु प्रताप सिंह जी ने अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने उद्बोधन के माध्यम से अभिभावकों व समुदाय से अनुरोध किया गया, डायट प्रवक्ता अमित मिश्रा द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं व योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए यूटा जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि आने वाले समय में समाज व राष्ट्र को सुदृढ़ व विकसित बनाने के लिए हमें अपने प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी चाहिए, कक्षा-5 उत्तीर्ण हो चुके छात्र-छात्राओं को  अधिगम सहायक किट, अंकपत्र व टी सी देकर भावुक विदाई दी गयी, कार्यक्रम का संचालन गिरीश कुमार पाण्डेय 'विद्यार्थी' द्वारा किया गया, समारोह में स्वागत भाषण कमलेश पाण्डेय एस आर जी द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन अमित पांडेय द्वारा किया गया, समारोह को राधा मोहन पाण्डेय, जनार्दन प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इंदु प्रताप सिंह,विनय मिश्रा, विकास मौर्य, विपिन मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया, इस अवसर पर ग्राम प्रधान झिन्नू प्रसाद पाण्डेय,विजय प्रकाश सिंह, यूटा जिला मंत्री आत्रेय मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी अरुण मिश्रा, डॉ अखिलेश शुक्ला, अवधेश पाण्डेय, अरविंद कुमार, सुनीत शुक्ला, मीरा पाण्डेय, रेखा शुक्ला, शिव कुमारी गुप्ता, सत्येन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नाजिया बानो, शिखा, स्तुति देवी, नीलम शुक्ला, राकेश यादव, उदय राज यादव, आशुतोष मिश्रा आदि गणमान्य अतिथियों सहित न्याय पंचायत विद्यानगर के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, राष्ट्र गान के साथ समारोह का समापन किया गया।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
मुंबई युवक कांग्रेस के न्याय सत्याग्रह में पहुंचे अर्जुन सिंह, यूथ कांग्रेस का बढ़ाया हौसला
मुंबई। मुंबई यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित न्याय सत्याग्रह के तीसरे दिन आज, मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने मुंबई कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर नौजवानों को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर अर्जुन सिंह ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यूथ कांग्रेस कांग्रेस के रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने कहा कि आने वाला कल आप सब नौजवानों का है। केंद्र सरकार के नेताओं द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का अपमान करना निंदनीय है। मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेताओं को गलत शब्दों का प्रयोग कर 90 साल के बुजुर्ग को अपमानित करना यह मोदी सरकार के नेताओं की चाल चलन को दर्शाता है कि यह लोग किस विचारधारा के हैं। न्याय सत्याग्रह द्वारा शांतिपूर्ण सत्याग्रह कांग्रेस की विचारधारा को दर्शाता है। कांग्रेस के लोग शांति प्रिय लोग हैं, जो देश के सभी जाति धर्म तथा सभी संप्रदाय के लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। नौजवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि आप सब इस सरकार के तानाशाह के खिलाफ जो आंदोलन सत्याग्रह कर रहे हैं, यही सही मायने में इंसानियत का जीता जागता सबूत है। आज देश में महंगाई चरम पर है। गैस सिलेंडर की भारी कमी की वजह से लाखों गरीब मजदूर शहरों को छोड़कर अपने गांव चले गए, जिसका असर देश की आर्थिक स्थिति पर पढ़ रहा है। कल कारखाने, फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर आ गई है। सरकार को जल्द से जल्द महंगाई तथा गैस डीजल पेट्रोल के कमी  को नियंत्रित करना चाहिए और अमेरिका के आगे घुटने ना टेक कर, ईरान का साथ देना चाहिए। क्योंकि ईरान हमेशा से भारत का शुभचिंतक और मित्र रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता जिस दिन उग्र होगी, केंद्र सरकार को इसका खामियाजा बहुत बुरा भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत सबरीन, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष निखिल रूपारेल, जुबेर फारूकी, आसिफ खान ,राय साहब सरोज, शिव यादव, गणेश बाबूराव शेगर, आजाद खान, बाला साहब यादव, पंकज चौधरी ,शीतल म्हात्रे, कमलेश यादव तथा बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में वृद्धि

*पंखा - कूलर और एसी के मूल्य में दिख रहा 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा, दुकानदार - ग्राहक हैं परेशान*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका-ईरान युद्ध की तीव्रता हर दिन बढ़ती जा रही है। वहीं इसकी मार से इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम आसमान छूने लगे हैं। गैस सिलेंडर किल्लत से उपभोक्ता जूझ ही रहे थे कि अब इलेक्ट्रानिक उपकरणों और सामानों के दाम में भी पंद्रह से तीस प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। लगन में इलेक्ट्रानिक सामान के दाम बढ़ने से लोगों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। वहीं गर्मी का मौसम होने से पंखा-कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रानिक सामानों की भारी मांग है। वहीं दाम बढ़ जाने से लोगों की काफी फजीहत हो गई है। आगे महंगाई कितनी बढ़ेगी यह आम नागरिक समझ नहीं पा रहे हैं।
जिले के कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम में पंद्रह से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसी, इंडक्शन, पंखा, कूलर, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन समेत अन्य सामान महंगे हो गए हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध अब भारतीय इलेक्ट्रानिक बाजार को प्रभावित करने लगा है। कच्चे माल (प्लास्टिक, मेटल) और चिप्स की कीमतें आसमान छूने से इंडक्शन, चूल्हा कीमत करीब डेढ़ गुना ज्यादा हो गया है।नगर पंचायत ज्ञानपुर के इलेक्ट्रानिक कारोबारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जो पंखा एक हजार में बिक रहा था वह युद्ध के चलते इस साल 13 सौ रुपये प्रति पीस बिक रहा है। केबिल 12 सौ रुपये से बढ़कर 15 सौ रुपये प्रति बंडल हो गया है। कूलर छह हजार से सात हजार रुपये और बैटरी 12 हजार से बढ़कर 13 हजार रुपये प्रति पीस हो गया है। मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम एक अप्रैल तक बढ़ गए हैं। जो तार पांच सौ रुपया बंडल हम लोग बिक्री करते थे वह अब साढ़े छह से सात सौ रुपया हो गया है। दो देश के बीच चल रहा तनाव हर क्षेत्र में अर्थ व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। गर्मी का सितम बढ़ने लगा है। ऐसे में कूलर-एसी और पंखा, फ्रिज लेने वालों की चिंता बढ़ने लगी है। रसोई गैस सिलेंडर, परिवहन, टायर, अनाज और इलेक्ट्रानिक सामान महंगा होने से हर तबके की चिंता घर-गृहस्थी चलाने को लेकर बढ़ने लगी है। परिवार का भरण-पोषण कैसे किया जाए यह चिंता लोगों को सताए जा रही है। स्थानीय बाजारों में दिख रहा युद्ध का स्तर लोगों को यह सोंचने पर विवश कर दिया है कि अब घर-गृहस्थी का खर्च कैसे चले।
हनुमान जी महराज के जन्मोत्सव पर विशाल हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन संपन्न हुआ

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। मानिकपुर कल्याण केंद्र चौराहा हनुमान जी महराज के परिसर में चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर बालाजी जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हनुमान चालीसा का पाठ एवं प्रसाद वितरण बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया।

इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर में पूजन-अर्चन, हवन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर रहा।

हनुमान चालीसा पाठ में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के पूजन पाठ कराया गया श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और बालाजी के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आयोजन में स्थानीय समिति एवं ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में वैदिक पंडित राहुल पाण्डेय जी (डेटा एक्सपर्ट), ऋषि द्विवेदी (गौ रक्षक),अवशेष द्विवेदी, पुष्पराज मिश्रा , राज मिश्रा ,रवि भाई , सतेंद्र भाई , बृजेश पांडेय, अभय, अभय केशरवानी , विकाश कंचनी , अतुल गौतम ,राज मिश्रा, हिमांशु, समर द्विवेदी. अभय केसरवानी, अभिषेक द्विवेदी, मोहित मिश्रा, शिवा द्विवेदी, अभिषेक तिवारी,एवं समस्त लोग उपस्थित रहे आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में एकता और श्रद्धा का प्रतीक बताया।

श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।

तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में भोर बेला से शबद- कीर्तन का दीवान सजा।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव मंगलवार को तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।संगत ने भोर बेला मे तपस्थान से प्रभात फेरी निकली जो क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से होते हुए गुरु द्वारा प्रांगण में संपन्न हुई। तत्पश्चात रविवार से आरंभ श्री अखंड पाठ साहिब की पाठ की संपूर्णता के उपरांत शब्द कीर्तन,गुरु इतिहास,आरती,हुकमनामा उपरांत गुरु का लंगर संगतो ने छका।

संध्याकाल मे खुले दीवान हॉल में संत विंरेद्र सिंह,परमजीत सिंह,ज्ञानी निशांत सिंह,महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री,जसविंदर सिंह शास्त्री पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थो, कथावाचक,इतिहासकार द्वारा गुरवाणी विचार देर रात तक चलता रहा साथ ही गुरु का लंगर भी चलता रहा। संचालन मुख्य सेवादार महंत ज्ञान सिंह ने किया।

वहीं दूसरी और जगह-जगह चौपाल लगाकर सिख पंथ के नौवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी के प्रकाश पर्व पर कोटि-कोटि नमन करते हुए सुविख्यात समाजसेवी व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्याय सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने वैश्विक चिंतन में त्याग,सेवा और समरसता के सनातन मूल्यो के प्रति अडिंग इच्छा की अभिव्यक्ति की और भारतीय दार्शनिक चिंतन में योगदान किया गुरु जी का बलिदान यात्रा का मानवीय पक्ष भी संवेदन शील है गुरु जी की जिन कस्बो,नगरों और गांव से गुजरे,लोगों ने उन स्थानों पर तंबाकू की खेती बंद कर दी सैकड़ो गांव नशा मुक्त हो गए और नवम गुरु की वाणी का आंचल पकडकर मुक्ति के पथ पर चल पड़े आज विश्व को नशा मुक्त करने के लिए नवम गुरु के व्यक्तित्व से सबक लेना चाहिए।

सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, मानवता की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की सर्वोच्च मिसाल है उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध निर्भीक खड़े रहने और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है हम गुरु साहिब के दिखाएं मार्ग पर चलते हुए आपसी भाईचारे और मानवता के नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारें। चौपाल में दलजीत कौर,हरमनजी सिंह ने विचार रखें।

मंडल डैम विस्थापन विवाद: बाबूलाल मरांडी से मिले ग्रामीण, बोले- "शहीद नीलांबर-पीतांबर की विरासत मिटाने की साजिश"

रांची गढ़वा :- गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के बिश्रामपुर और रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत के दर्जनों लागों के साथ साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी जी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया एवं न्याय दिलाने की माँग की है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मंडल डैम के विस्थापित परिवारों को रंका और रमकंडा प्रखंड के जिस स्थान पर बसाया जा रहा है उस जंगल से अगल बगल बीस गाँव के लोगों का जीवन यापन होता है ।

स्थानीय लोग उस जंगल से महुआ चुनकर, जड़ी बूटी लाकर, पत्तल दोना बनाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लेकिन सरकार के निर्देश पर गढ़वा जिला प्रशासन बलपूर्वक उस जंगल में बिस्थापितों को बसा रही है, जिससे हजारों आदिवासी परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है । बिश्रामपुर-बालीगढ़ के लोगों ने बिस्थापितों को अन्यत्र बसाने की मांग बाबूलाल मरांडी जी से की ।

साथ ही साथ मंडल डैम के विस्थापितों ने बाबूलाल मरांडी जी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि हम सभी शहीद नीलांबर पीतांबर के वंसज हैं । जिस भूमि पर मंडल डैम का निर्माण किया जा रहा है, ओ भूमि नीलांबर पीताम्बर की भूमि है । शहीद नीलांबर पीताम्बर के नाम को मिटाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने उस भूमि पर डैम बनाने का निर्णय लिया था ताकि अमर शहीद का नामोनिशान मिट जाए।

आज हमलोगों को जबरदस्ती विस्थापित कर के गढ़वा के बिश्रामपुर बालीगढ़ में जिस जमीन पर बसाया जा रहा है, वहाँ हम लोग जाना नहीं चाहते हैं । चुकी वर्तमान में हम जिस जगह पर रहते हैं, वो जगह पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, अभी हमलोग पेसा कानून के तहत आते हैं लेकिन हमलोगों को जहाँ विस्थापित किया जा रहा है, वह सामान्य पंचायत है ।

वहाँ बसाए जाने से हमारा हक और अधिकार का हनन होगा । विस्थापित परिवार के लोगों ने भी विस्थापन का विरोध करते हुए बाबूलाल जी से न्याय की मांग की है।

‘एल्युमिनियम भारत’ पहल लॉन्च: उद्योग को सस्ती ऊर्जा व कच्चे माल पर तुरंत नीति समर्थन की मांग
नई दिल्ली। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने मंगलवार को ‘एल्युमिनियम भारत’ पहल की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार से सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए त्वरित नीति समर्थन की मांग की।
इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली में किया। ‘एल्युमिनियम भारत’ का उद्देश्य देश के एल्युमिनियम सेक्टर को सशक्त बनाना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उद्योग, नीति-निर्माताओं तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक मंच पर लाना है।
ALEMAI के अनुसार, इस पहल के तहत उद्योग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर विचार-विमर्श कर एक ठोस और सतत विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत ‘एल्युमिनियम भारत-2026’ नाम से देश की पहली और सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रदर्शनी 26 से 29 सितंबर 2025 तक गांधीनगर के हेलिपैड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन ‘एल्युमेक्स इंडिया-2026’ के साथ होगा, जिसका उद्देश्य भारतीय एल्युमिनियम उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
इस अवसर पर मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत को उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं ALEMAI के अध्यक्ष जीतेन्द्र चोपड़ा ने उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि देश की 4.2 मिलियन टन की कुल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते नीतिगत सहयोग मिलने पर यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है : शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ


लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में मंगलवार को कथा के दौरान काशी धर्मपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है। भक्ति से ही ऊर्जा, विश्वास और कर्तव्यबोध उत्पन्न होता है जो व्यक्ति को सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है। सच्ची भक्ति मनुष्य के अंतर्मन के विकारों को दूर कर उसे शांति और संतुलन प्रदान करती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का स्मरण करता है।उसका जीवन स्वयं ही सरल होने लगता है।कथा में उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव और भक्त मार्कंडेय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह मृत्यु जैसे संकट को भी टाल सकती है। जब भक्त पूर्ण विश्वास के साथ ईश्वर की शरण में जाता है तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।जगतगुरु ने कहा यह संसार नश्वर है और ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में ईश्वर की आराधना संभव है लेकिन भाव की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अहंकार त्यागकर भक्ति के मार्ग पर चलें तभी जीवन में सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होगी।उन्होंने कहा सद्गुरु का सान्निध्य जीवन को दिशा देता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य इस भवसागर से पार हो सकता है। प्रवचन के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा और श्रद्धालु एकाग्र होकर कथा श्रवण करते रहे।इस दौरान समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे, जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे, डॉ गोविंद दुबे, अमरेश द्विवेदी, अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल, सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जी एस टी आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में जीएसटी सुधारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए शोध पत्र आमंत्रित

प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी बने संयोजक, वेबसाइट पर पंजीकरण प्रारम्भ

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए आगामी 8 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों, नीति निर्माण और शैक्षणिक विमर्श को बढ़ावा देना है। यह पहल देश के जीएसटी सुधारों को समझने, क्रियान्वित करने और उनके प्रभावों का विश्लेषण कर आवश्यक सुझावों को एकत्रित कर नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए है।

दूरस्थ शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि भारत का एकीकृत कर प्रणाली की ओर बढ़ना स्वतंत्रता के बाद से हुए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय परिवर्तनों में से एक है। भारत "विकसित की आकांक्षा रखता है, ऐसे में जीएसटी समावेशी विकास, राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।इस सुधार ने औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार, डिजिटलीकरण के माध्यम से कर अनुपालन में सुधार और अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं जैसे कि कर दर युक्तिकरण, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अनुपालन की जटिलता और राज्य राजस्व प्रदर्शन में असमानताएं, जिनका समाधान भारत के विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि यह संगोष्ठी चार्टर्ड लेखाकारों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों को भारत के दीर्घकालिक विकासात्मक रोडमैप के संदर्भ में जीएसटी सुधारों के बहुआयामी प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि संगोष्ठी में डिजिटल परिवर्तन, राजकोषीय संघवाद और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में कर पेशेवरों की भूमिका पर गहन चर्चा की जाएगी। उभरते मुद्दों को संबोधित करके और व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें प्रस्तावित करके, यह आयोजन ज्ञान के निर्माण, हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य को एक समावेशी, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आकार देने में प्रमुख योगदान देगा।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का समर्थन करने वाली व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें विकसित करना इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इसी के दृष्टिगत शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्था भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से इस सेमिनार के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के प्रबंधन विद्या शाखा के आचार्य, प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी को संयोजक नामित किया गया है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा से जुड़े सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा छात्रों को आईसीएसएसआर के सहयोग से हो रहे इस राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया है। सेमिनार का संपूर्ण विवरण एवं पंजीकरण प्रारूप मुक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा चुका है। विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महा विद्यालयों को आयोजन संबंधी आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा रही हैं। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।