केरल के मलप्पुरम में चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर के काफिले पर हमला, जानें पूरा मामला

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केरलम की विधानसभा चुनावी की सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कार पर हमला हुआ है। यह घटना मलप्पुरम जिले के वांडूर में हुई। कुछ लोगों ने शशि थरूर की कार रोक ली और उनके गनमैन के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।

गनमैन के साथ गाली-गलौज और मारपीट

यह हमला शुक्रवार रात को हुआ। शशि थरूर मलप्पुरम के वंडूर में यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के लिए प्रचार करने आए थे। इस मामले में थरूर के गनमैन ने खुद शिकायत दर्ज कराई है। वांडूर पुलिस ने बताया कि सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

हमलावर दो गाड़ियों में थे सवार

थरूर की टीम के अनुसार वे दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे। थरूर पहली कार में सवार थे। दूसरी कार ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान विवाद शुरू हुआ। अचानक दो कारों में सवार करीब आठ लोगों ने थरूर की गाड़ी रोक दी। उन्होंने आगे बढ़ने नहीं दिया और कार के शीशे पर जोर-जोर से हाथ-पैर मारे। जब थरूर का गनमैन सुरक्षा की वजह से गाड़ी से उतरा तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। गनमैन धक्का-मुक्की और मारपीट का शिकार हो गया।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो कारों को भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि शशि थरूर का काफिला रोकने वाला ग्रुप इन कारों में सफर कर रहा था। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना वंडूर के चेल्लीथोड में शाम करीब 7 बजे हुई। चुनाव में उतरने उम्मीदावार एपी अनिल कुमार के लिए शशि थरूर चुनाव प्रचार करने वंडूर आए थे।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन।

राँची/गढ़वा: गढ़वा के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आज राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा विवाद: छात्रों के भविष्य पर संकट

विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू, लातेहार) की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भोजपुरी, मगही और हिंदी से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल न करके स्थानीय युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

उन्होंने कहा, "जिस भाषा में यहां के विद्यार्थी वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उसे परीक्षा से बाहर रखना मेधावी छात्रों के रोजगार के अवसरों को छीनने जैसा है। क्षेत्रीय भाषा में क्वालीफाई करने की बाध्यता के कारण हमारे क्षेत्र के युवा पिछड़ जाएंगे।"

मंडल डैम विस्थापन: रंका में तनावपूर्ण स्थिति

श्री तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के 780 विस्थापित परिवारों को जबरन बसाने के जिला प्रशासन के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष प्रमुख बिंदु रखे:

रोजगार का संकट: जिस 1000 एकड़ जंगल पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वह करीब 20 गांवों के स्थानीय आदिवासियों के भरण-पोषण (महुआ, बीड़ी पत्ता, जड़ी-बूटी) का एकमात्र साधन है।

पुलिसिया बर्बरता: विधायक ने आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को पुलिस ने बिना ग्राम सभा की अनुमति के महिलाओं पर लाठियां बरसाईं और ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया।

संवैधानिक पेसा (PESA) एक्ट का उल्लंघन: विस्थापित परिवार 5वीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आते हैं, जबकि उन्हें सामान्य पंचायत में बसाया जा रहा है, जिससे उन्हें मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।

राज्यपाल से मांग

विधायक ने महामहिम से मांग की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी को तुरंत शामिल कराया जाए। साथ ही, मंडल डैम के विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके रोजगार वाले जंगलों में न बसाकर कहीं अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।

"हेमंत सरकार पलामू प्रमंडल की अस्मिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रशासन की तानाशाही और छात्रों के साथ हो रहा अन्याय भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।"

— सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक (गढ़वा)

पति पत्नी के विवाद में पति ने किया वार,पुत्र की गई जान,पिता हुआ गिरफ्तार*
सुल्तानपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब पति पत्नी के बीच विवाद के बाद पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आरोपी पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और कार्यवाही में जुट गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के मढ़हा गांव का। आज शाम इसी गांव के रहने वाले शंभू दयाल कोरी का अपनी पत्नी रंजू से विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ा कि शंभू ने अपनी पत्नी को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पत्नी की पिटाई के बाद बौखलाए पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में उस मासूम ने तुरंत दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्राम प्रधान सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता शंभू दयाल को हिरासत में ले लिया है और मामले की पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों से बातचीत के बाद पुलिस आरोपी पिता शंभू को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता रही है।
खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में 780 करोड़ की प्राप्ति

* 7150 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य पर फोकस, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति सख्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के भूतत्त्व एवं खनिकर्म विभाग ने खनन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए मार्च माह में तय लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त किया है। विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के अनुसार, 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 780 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7150 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करते हुए सभी जनपदीय और क्षेत्रीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व प्राप्ति सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर स्रोत स्तर से ही प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए IoT आधारित RFID चेकगेट्स और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में 40,000 से अधिक वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे खनिज परिवहन की लाइव मॉनिटरिंग संभव हो रही है।
इसके साथ ही Photo Geology एवं Remote Sensing (PGRS) तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर नए खनन क्षेत्रों की पहचान और मौजूदा क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और संबंधित गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय अधिकारियों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने, राजस्व वसूली की सतत समीक्षा करने और ई-गवर्नेंस के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रीमती माला श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सख्त निगरानी और समन्वित प्रयासों के चलते न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि राजस्व वृद्धि के नए आयाम भी स्थापित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से हासिल करें, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को और गति मिल सके।
वाराणसी से “स्कूल चलो अभियान-2026” का शुभारंभ करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ
* शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर, दो चरणों में चलेगा अभियान

लखनऊ/वाराणसी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी स्थित कंपोजिट विद्यालय, शिवपुर से नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान-2026” का भव्य शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 9:30 बजे होगा, जिसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य को संवारने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार यह अभियान दो चरणों में संचालित होगा। पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान नामांकन बढ़ाने, निशुल्क पाठ्य-पुस्तकों, यूनिफॉर्म और बैग वितरण के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियां और जनप्रतिनिधियों के संबोधन के माध्यम से शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाया जाएगा। साथ ही, नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य कार्यक्रम के समानांतर प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष आयोजन होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और प्रबुद्ध वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के समापन पर रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।
कुशीनगर बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 में 3,000 करोड़ निवेश की संभावना, वैश्विक स्तर पर बढ़ी पहचान
* 2300 से अधिक प्रतिनिधियों और 300 विदेशी मेहमानों की भागीदारी, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

लखनऊ/ कुशीनगर । कुशीनगर में आयोजित इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 का समापन व्यापक भागीदारी और बड़े निवेश की संभावनाओं के साथ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में 2,300 से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल हुए। इनमें 2,000 से अधिक भिक्षु, विद्वान, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे, जबकि 300 से अधिक विदेशी मेहमान थाईलैंड, जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल जैसे देशों से पहुंचे।
कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं सामने आईं। होटल एवं रिजॉर्ट कंपनियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बायो-सीएनजी और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों ने कुशीनगर में निवेश को लेकर गहरी रुचि दिखाई। साथ ही, दो नए टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बौद्ध पर्यटन को केवल तीर्थयात्रा तक सीमित न रखकर इसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय व्यापार और सतत विकास से जोड़ा जाए। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के प्रयासों से कुशीनगर अब आस्था के साथ-साथ निवेश का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से प्राप्त निवेश प्रस्ताव पर्यटन, होटल, परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में तेजी लाएंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश का बौद्ध सर्किट लगातार सशक्त हो रहा है। वर्ष 2025 में राज्य के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों पर 82 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
राज्य सरकार इन निवेश प्रस्तावों को जल्द अमल में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे कुशीनगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
पुरातत्व के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: मदन कुमार

भोपाल। प्रदेश की हजारों–लाखों वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि भौतिक रूप में सुरक्षित रखना है और अब तक हुई क्षति को न्यूनतम संभव स्तर तक लाना है, तो इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित करना समय की माँग है।

यह बात आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मदन कुमार ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला में कही। मदन कुमार ने संस्थान में इंक्युवेशन सेंटर की स्थापना में उपस्थित लोगों से नवोन्मेषी विचारों को प्रेषित कर भागीदारी करने का आह्वान किया। 

कार्यक्रम में नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पाण्डे (मंदसौर), डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), डॉ. सुरेश कुमार दुबे (झांसी) आदि अतिथि के रूप में मौजूद थे। वक्ताओं ने पुरातत्व के क्षेत्र में डॉ. वाकणकर जी के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि मंदसौर जिले में स्थित छिब्बर नाला, दरकी चट्टान, चतुर्भज नाला के शैलचित्रों को प्रकाश में लाने का श्रेय वाकणकर जी को है। इस दौरान वाकणकर जी के समक्ष आई चुनौतियों एवं समाधान प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। इस दौरान बताया गया कि वाकणकर जी द्वारा अपनी नागपुर यात्रा के दौरान 23 मार्च 1957 को अपनी यात्रा स्थगित कर भीमबैटका के शैलचित्रों की खोज की गई, जिसे कालंतर में विश्वधरोहर घोषित किया गया। इसी खोज के आधार पर उन्हें भारत सरकार से 1975 में पद्मश्री सम्मान मिला।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आयुक्त पुरातत्व द्वारा प्रदेश की पुरासंपदा को रेखांकित करते हुए डिंडौरी एवं उमरिया जिलों की शैलगुहओं मटकें वाला पत्थर, डाईनासौर के जीवाष्म एवं घुघुआ फॉसिल पार्क का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि द मोनूमेंट मन फिल्म के ट्रैलर के माध्यम से फिल्म के नायकों जैसे पुरातत्व के प्रति जागरुकता लाने पर जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि यूनेस्को द्वारा एआरवीआर प्रोजेक्ट चालू किया गया। आधुनिक परिवेश में प्रदेश की पुरावशेषों एवं संस्कृतिक धरोहरों को प्रकाश में लाने एवं उनके प्रति जनजागृति लाने तथा अध्ययन के लिये विभिन्न योजना तैयार कर डॉ. वाकणकर शोध संस्थान को नोडल संस्थान के रुप में विकसित करने एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के मंतव्य से अवगत कराया। 

सम्मान सत्र भी हुआ

इस अवसर पर आयुक्त पुरातत्व द्वारा डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री प्राप्त होने पर एवं कैलाशचंद्र पाण्डे को पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए योगदान हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही वाकणकर जी की शिष्य परम्परा में राजेन्द्र नागदेव, डॉ. रेखा भटनागर व अन्य विद्वानो का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कला समय पत्रिका विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

डीएम ने पाली में गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग की: उत्पादन का वैज्ञानिक आकलन कर उत्पादकता परखी


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में रबी फसलों के वास्तविक उत्पादन का आकलन करने के लिए क्रॉप कटिंग प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।
जिलाधिकारी ने किसान श्रीमती पान देवी और शीतला प्रसाद के खेतों में 43.3 वर्ग मीटर निर्धारित क्षेत्रफल में गेहूं की कटाई कराई। थ्रेसिंग के बाद क्रमशः 18.02 किलोग्राम और 14.71 किलोग्राम गेहूं प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।
यह क्रॉप कटिंग प्रयोग भारत सरकार द्वारा विकसित सी.सी.ई. (CCE) एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया। इसका उद्देश्य आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित किसानों से संवाद किया। उन्होंने कृषि और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाली-सुरियावां मार्ग पर नई सड़क की साइड पटरी के कार्य का भी संज्ञान लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि साइड पटरी का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर भान सिंह, तहसीलदार अजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी सुश्री इरम कुमारी, अपर सांख्यिकी अधिकारी रवि प्रकाश, फसल बीमा प्रतिनिधि धर्मेन्द्र कुमार, राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार तिवारी, लेखपाल श्री चंद्रभान सिंह और ग्राम प्रधान सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एनडीपीएस एक्ट में 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार
रमेश दूबे
                
पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा आज दिनांक 03.04.2026 को अभियुक्तगण नाम पता 01. समशुद्दीन पुत्र स्व0 अनवर जयाल निवासी बरदहिया बाजार मस्जिद के पीछे थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को औद्योगिक क्षेत्र श्मशान घाट के पास से 02. सचिन चौहान पुत्र हीरा लाल चौहान निवासी बगहिया शिवम होटल के सामने थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को जंगलकला नहर पुलिस जेल बाउण्ड्री के पीछे से गिरफ्तार किया गया ।

गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 231/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट बनाम समशुद्दीन के विरुद्ध पंजीकृत किया गया ।
गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 232/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट बनाम सचिन चौहान के विरुद्ध पंजीकृत किया गया ।


*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-*
 समशुद्दीन पुत्र स्व0 अनवर जयाल निवासी बरदहिया बाजार मस्जिद के पिछे थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । (1000 मिली अवैध स्मैक)
 सचिन चौहान पुत्र हीरा लाल चौहान निवासी बगहिया शिवम होटल के सामने थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । (800 मिली अवैध स्मैक)

*बरामदगी का विवरणः-*
 कुल 1800 मिली अवैध स्मैक ।


*गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगणः-*
 उ0नि0 श्री अनिल कुमार, उ0नि0 श्री सुर्यभान यादव, उ0नि0 श्री लाल बिहारी निषाद, हे0का0 छोटेलाल सिंह, का0 सत्येन्द्र कुमार यादव, का0 मो0 अलीम ।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक की हार्ट अटैक से मौत, टहलते समय आया हार्ट अटैक,सड़क पर गिरे
*2015 में सिपाही से बने थे उपनिरीक्षक

गोंडा।जिले के धानेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव (48) का शुक्रवार को देवरिया स्थित उनके पैतृक घर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया है।वह एक अप्रैल को पांच दिन की छुट्टी लेकर अपने घर करमुआ थाना भाटपार रानी,देवरिया गये हुए थे।शुक्रवार सुबह वह अपने घर पर टहल रहे थे कि तभी अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे सड़क पर गिर गए।परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार,देवरिया ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सत्येंद्र कुमार यादव का अभी हाल ही में कटरा बाजार थाने से धानेपुर थाने में तबादला हुआ था और वे 2015 बैच के उपनिरीक्षक थे।इससे पहले उन्होंने सिपाही के रूप में अपनी सेवा दिया था और अपनी मेहनत से पदोन्नति प्राप्त किया था।सत्येंद्र कुमार यादव के निधन की सूचना मिलते ही धानेपुर थाने में शोक का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सभी पुलिसकर्मियों के साथ शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया है तथा उन्होंने मृतक उपनिरीक्षक के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सत्येंद्र कुमार यादव को एक मेहनती और अच्छे व्यक्ति के रूप में याद किया।उन्होंने कहा कि हमने अपने साथी सत्येंद्र कुमार यादव को श्रद्धांजलि दिया है।हमारे पूरे थाने की पुलिस फोर्स मृतक उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव के परिजनों के साथ खड़ी है।उन्होंने कहा कि हम लोगों को नहीं पता था कि छुट्टी लेकर घर के काम से जाएंगे और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो जाएगी।उनको कोई बीमारी भी नहीं थी,स्वस्थ थे।उनको थाने में कभी भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है।
केरल के मलप्पुरम में चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर के काफिले पर हमला, जानें पूरा मामला

#attackonshashitharoorconvoyduringelection_campaigh

केरलम की विधानसभा चुनावी की सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कार पर हमला हुआ है। यह घटना मलप्पुरम जिले के वांडूर में हुई। कुछ लोगों ने शशि थरूर की कार रोक ली और उनके गनमैन के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।

गनमैन के साथ गाली-गलौज और मारपीट

यह हमला शुक्रवार रात को हुआ। शशि थरूर मलप्पुरम के वंडूर में यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के लिए प्रचार करने आए थे। इस मामले में थरूर के गनमैन ने खुद शिकायत दर्ज कराई है। वांडूर पुलिस ने बताया कि सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

हमलावर दो गाड़ियों में थे सवार

थरूर की टीम के अनुसार वे दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे। थरूर पहली कार में सवार थे। दूसरी कार ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान विवाद शुरू हुआ। अचानक दो कारों में सवार करीब आठ लोगों ने थरूर की गाड़ी रोक दी। उन्होंने आगे बढ़ने नहीं दिया और कार के शीशे पर जोर-जोर से हाथ-पैर मारे। जब थरूर का गनमैन सुरक्षा की वजह से गाड़ी से उतरा तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। गनमैन धक्का-मुक्की और मारपीट का शिकार हो गया।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो कारों को भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि शशि थरूर का काफिला रोकने वाला ग्रुप इन कारों में सफर कर रहा था। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना वंडूर के चेल्लीथोड में शाम करीब 7 बजे हुई। चुनाव में उतरने उम्मीदावार एपी अनिल कुमार के लिए शशि थरूर चुनाव प्रचार करने वंडूर आए थे।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन।

राँची/गढ़वा: गढ़वा के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आज राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा विवाद: छात्रों के भविष्य पर संकट

विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू, लातेहार) की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भोजपुरी, मगही और हिंदी से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल न करके स्थानीय युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

उन्होंने कहा, "जिस भाषा में यहां के विद्यार्थी वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उसे परीक्षा से बाहर रखना मेधावी छात्रों के रोजगार के अवसरों को छीनने जैसा है। क्षेत्रीय भाषा में क्वालीफाई करने की बाध्यता के कारण हमारे क्षेत्र के युवा पिछड़ जाएंगे।"

मंडल डैम विस्थापन: रंका में तनावपूर्ण स्थिति

श्री तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के 780 विस्थापित परिवारों को जबरन बसाने के जिला प्रशासन के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष प्रमुख बिंदु रखे:

रोजगार का संकट: जिस 1000 एकड़ जंगल पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वह करीब 20 गांवों के स्थानीय आदिवासियों के भरण-पोषण (महुआ, बीड़ी पत्ता, जड़ी-बूटी) का एकमात्र साधन है।

पुलिसिया बर्बरता: विधायक ने आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को पुलिस ने बिना ग्राम सभा की अनुमति के महिलाओं पर लाठियां बरसाईं और ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया।

संवैधानिक पेसा (PESA) एक्ट का उल्लंघन: विस्थापित परिवार 5वीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आते हैं, जबकि उन्हें सामान्य पंचायत में बसाया जा रहा है, जिससे उन्हें मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।

राज्यपाल से मांग

विधायक ने महामहिम से मांग की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी को तुरंत शामिल कराया जाए। साथ ही, मंडल डैम के विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके रोजगार वाले जंगलों में न बसाकर कहीं अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।

"हेमंत सरकार पलामू प्रमंडल की अस्मिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रशासन की तानाशाही और छात्रों के साथ हो रहा अन्याय भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।"

— सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक (गढ़वा)

पति पत्नी के विवाद में पति ने किया वार,पुत्र की गई जान,पिता हुआ गिरफ्तार*
सुल्तानपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब पति पत्नी के बीच विवाद के बाद पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आरोपी पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और कार्यवाही में जुट गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के मढ़हा गांव का। आज शाम इसी गांव के रहने वाले शंभू दयाल कोरी का अपनी पत्नी रंजू से विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ा कि शंभू ने अपनी पत्नी को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पत्नी की पिटाई के बाद बौखलाए पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में उस मासूम ने तुरंत दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्राम प्रधान सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता शंभू दयाल को हिरासत में ले लिया है और मामले की पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों से बातचीत के बाद पुलिस आरोपी पिता शंभू को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता रही है।
खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में 780 करोड़ की प्राप्ति

* 7150 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य पर फोकस, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति सख्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के भूतत्त्व एवं खनिकर्म विभाग ने खनन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए मार्च माह में तय लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त किया है। विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के अनुसार, 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 780 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7150 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करते हुए सभी जनपदीय और क्षेत्रीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व प्राप्ति सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर स्रोत स्तर से ही प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए IoT आधारित RFID चेकगेट्स और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में 40,000 से अधिक वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे खनिज परिवहन की लाइव मॉनिटरिंग संभव हो रही है।
इसके साथ ही Photo Geology एवं Remote Sensing (PGRS) तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर नए खनन क्षेत्रों की पहचान और मौजूदा क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और संबंधित गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय अधिकारियों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने, राजस्व वसूली की सतत समीक्षा करने और ई-गवर्नेंस के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रीमती माला श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सख्त निगरानी और समन्वित प्रयासों के चलते न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि राजस्व वृद्धि के नए आयाम भी स्थापित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से हासिल करें, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को और गति मिल सके।
वाराणसी से “स्कूल चलो अभियान-2026” का शुभारंभ करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ
* शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर, दो चरणों में चलेगा अभियान

लखनऊ/वाराणसी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी स्थित कंपोजिट विद्यालय, शिवपुर से नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान-2026” का भव्य शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 9:30 बजे होगा, जिसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य को संवारने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार यह अभियान दो चरणों में संचालित होगा। पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान नामांकन बढ़ाने, निशुल्क पाठ्य-पुस्तकों, यूनिफॉर्म और बैग वितरण के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियां और जनप्रतिनिधियों के संबोधन के माध्यम से शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाया जाएगा। साथ ही, नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य कार्यक्रम के समानांतर प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष आयोजन होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और प्रबुद्ध वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के समापन पर रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।
कुशीनगर बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 में 3,000 करोड़ निवेश की संभावना, वैश्विक स्तर पर बढ़ी पहचान
* 2300 से अधिक प्रतिनिधियों और 300 विदेशी मेहमानों की भागीदारी, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

लखनऊ/ कुशीनगर । कुशीनगर में आयोजित इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 का समापन व्यापक भागीदारी और बड़े निवेश की संभावनाओं के साथ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में 2,300 से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल हुए। इनमें 2,000 से अधिक भिक्षु, विद्वान, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे, जबकि 300 से अधिक विदेशी मेहमान थाईलैंड, जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल जैसे देशों से पहुंचे।
कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं सामने आईं। होटल एवं रिजॉर्ट कंपनियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बायो-सीएनजी और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों ने कुशीनगर में निवेश को लेकर गहरी रुचि दिखाई। साथ ही, दो नए टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बौद्ध पर्यटन को केवल तीर्थयात्रा तक सीमित न रखकर इसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय व्यापार और सतत विकास से जोड़ा जाए। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के प्रयासों से कुशीनगर अब आस्था के साथ-साथ निवेश का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से प्राप्त निवेश प्रस्ताव पर्यटन, होटल, परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में तेजी लाएंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश का बौद्ध सर्किट लगातार सशक्त हो रहा है। वर्ष 2025 में राज्य के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों पर 82 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
राज्य सरकार इन निवेश प्रस्तावों को जल्द अमल में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे कुशीनगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
पुरातत्व के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: मदन कुमार

भोपाल। प्रदेश की हजारों–लाखों वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि भौतिक रूप में सुरक्षित रखना है और अब तक हुई क्षति को न्यूनतम संभव स्तर तक लाना है, तो इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित करना समय की माँग है।

यह बात आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मदन कुमार ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला में कही। मदन कुमार ने संस्थान में इंक्युवेशन सेंटर की स्थापना में उपस्थित लोगों से नवोन्मेषी विचारों को प्रेषित कर भागीदारी करने का आह्वान किया। 

कार्यक्रम में नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पाण्डे (मंदसौर), डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), डॉ. सुरेश कुमार दुबे (झांसी) आदि अतिथि के रूप में मौजूद थे। वक्ताओं ने पुरातत्व के क्षेत्र में डॉ. वाकणकर जी के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि मंदसौर जिले में स्थित छिब्बर नाला, दरकी चट्टान, चतुर्भज नाला के शैलचित्रों को प्रकाश में लाने का श्रेय वाकणकर जी को है। इस दौरान वाकणकर जी के समक्ष आई चुनौतियों एवं समाधान प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। इस दौरान बताया गया कि वाकणकर जी द्वारा अपनी नागपुर यात्रा के दौरान 23 मार्च 1957 को अपनी यात्रा स्थगित कर भीमबैटका के शैलचित्रों की खोज की गई, जिसे कालंतर में विश्वधरोहर घोषित किया गया। इसी खोज के आधार पर उन्हें भारत सरकार से 1975 में पद्मश्री सम्मान मिला।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आयुक्त पुरातत्व द्वारा प्रदेश की पुरासंपदा को रेखांकित करते हुए डिंडौरी एवं उमरिया जिलों की शैलगुहओं मटकें वाला पत्थर, डाईनासौर के जीवाष्म एवं घुघुआ फॉसिल पार्क का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि द मोनूमेंट मन फिल्म के ट्रैलर के माध्यम से फिल्म के नायकों जैसे पुरातत्व के प्रति जागरुकता लाने पर जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि यूनेस्को द्वारा एआरवीआर प्रोजेक्ट चालू किया गया। आधुनिक परिवेश में प्रदेश की पुरावशेषों एवं संस्कृतिक धरोहरों को प्रकाश में लाने एवं उनके प्रति जनजागृति लाने तथा अध्ययन के लिये विभिन्न योजना तैयार कर डॉ. वाकणकर शोध संस्थान को नोडल संस्थान के रुप में विकसित करने एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के मंतव्य से अवगत कराया। 

सम्मान सत्र भी हुआ

इस अवसर पर आयुक्त पुरातत्व द्वारा डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री प्राप्त होने पर एवं कैलाशचंद्र पाण्डे को पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए योगदान हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही वाकणकर जी की शिष्य परम्परा में राजेन्द्र नागदेव, डॉ. रेखा भटनागर व अन्य विद्वानो का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कला समय पत्रिका विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

डीएम ने पाली में गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग की: उत्पादन का वैज्ञानिक आकलन कर उत्पादकता परखी


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में रबी फसलों के वास्तविक उत्पादन का आकलन करने के लिए क्रॉप कटिंग प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।
जिलाधिकारी ने किसान श्रीमती पान देवी और शीतला प्रसाद के खेतों में 43.3 वर्ग मीटर निर्धारित क्षेत्रफल में गेहूं की कटाई कराई। थ्रेसिंग के बाद क्रमशः 18.02 किलोग्राम और 14.71 किलोग्राम गेहूं प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।
यह क्रॉप कटिंग प्रयोग भारत सरकार द्वारा विकसित सी.सी.ई. (CCE) एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया। इसका उद्देश्य आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित किसानों से संवाद किया। उन्होंने कृषि और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाली-सुरियावां मार्ग पर नई सड़क की साइड पटरी के कार्य का भी संज्ञान लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि साइड पटरी का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर भान सिंह, तहसीलदार अजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी सुश्री इरम कुमारी, अपर सांख्यिकी अधिकारी रवि प्रकाश, फसल बीमा प्रतिनिधि धर्मेन्द्र कुमार, राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार तिवारी, लेखपाल श्री चंद्रभान सिंह और ग्राम प्रधान सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एनडीपीएस एक्ट में 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार
रमेश दूबे
                
पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा आज दिनांक 03.04.2026 को अभियुक्तगण नाम पता 01. समशुद्दीन पुत्र स्व0 अनवर जयाल निवासी बरदहिया बाजार मस्जिद के पीछे थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को औद्योगिक क्षेत्र श्मशान घाट के पास से 02. सचिन चौहान पुत्र हीरा लाल चौहान निवासी बगहिया शिवम होटल के सामने थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को जंगलकला नहर पुलिस जेल बाउण्ड्री के पीछे से गिरफ्तार किया गया ।

गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 231/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट बनाम समशुद्दीन के विरुद्ध पंजीकृत किया गया ।
गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 232/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट बनाम सचिन चौहान के विरुद्ध पंजीकृत किया गया ।


*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-*
 समशुद्दीन पुत्र स्व0 अनवर जयाल निवासी बरदहिया बाजार मस्जिद के पिछे थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । (1000 मिली अवैध स्मैक)
 सचिन चौहान पुत्र हीरा लाल चौहान निवासी बगहिया शिवम होटल के सामने थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । (800 मिली अवैध स्मैक)

*बरामदगी का विवरणः-*
 कुल 1800 मिली अवैध स्मैक ।


*गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगणः-*
 उ0नि0 श्री अनिल कुमार, उ0नि0 श्री सुर्यभान यादव, उ0नि0 श्री लाल बिहारी निषाद, हे0का0 छोटेलाल सिंह, का0 सत्येन्द्र कुमार यादव, का0 मो0 अलीम ।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक की हार्ट अटैक से मौत, टहलते समय आया हार्ट अटैक,सड़क पर गिरे
*2015 में सिपाही से बने थे उपनिरीक्षक

गोंडा।जिले के धानेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव (48) का शुक्रवार को देवरिया स्थित उनके पैतृक घर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया है।वह एक अप्रैल को पांच दिन की छुट्टी लेकर अपने घर करमुआ थाना भाटपार रानी,देवरिया गये हुए थे।शुक्रवार सुबह वह अपने घर पर टहल रहे थे कि तभी अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे सड़क पर गिर गए।परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार,देवरिया ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सत्येंद्र कुमार यादव का अभी हाल ही में कटरा बाजार थाने से धानेपुर थाने में तबादला हुआ था और वे 2015 बैच के उपनिरीक्षक थे।इससे पहले उन्होंने सिपाही के रूप में अपनी सेवा दिया था और अपनी मेहनत से पदोन्नति प्राप्त किया था।सत्येंद्र कुमार यादव के निधन की सूचना मिलते ही धानेपुर थाने में शोक का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सभी पुलिसकर्मियों के साथ शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया है तथा उन्होंने मृतक उपनिरीक्षक के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सत्येंद्र कुमार यादव को एक मेहनती और अच्छे व्यक्ति के रूप में याद किया।उन्होंने कहा कि हमने अपने साथी सत्येंद्र कुमार यादव को श्रद्धांजलि दिया है।हमारे पूरे थाने की पुलिस फोर्स मृतक उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव के परिजनों के साथ खड़ी है।उन्होंने कहा कि हम लोगों को नहीं पता था कि छुट्टी लेकर घर के काम से जाएंगे और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो जाएगी।उनको कोई बीमारी भी नहीं थी,स्वस्थ थे।उनको थाने में कभी भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है।