प्रवेश उत्सव के साथ नवसत्र का शुभारंभ, छात्राओं को दिलाया गया जीवन मूल्यों का संकल्प-
फर्रुखाबाद l पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में आज प्रवेश उत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी छात्राओं का स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से अवगत कराना रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने बताया कि प्रवेश उत्सव के अवसर पर छात्राओं को यह संकल्प दिलाया गया कि वे संस्कारवान बनें, शिक्षित हों तथा बुद्धिमत्ता और नैतिक मूल्यों के साथ अपने जीवन का सफलतापूर्वक निर्वहन करें।उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रपाल सिंह ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही सशक्त भविष्य की कुंजी है। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्राओं से लक्ष्य निर्धारण कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज फर्रुखाबाद के प्राचार्य सुधीर कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कारों को अपनाने की सीख दी।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6, 7 एवं 8 की छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। सभी शिक्षिकाओं ने छात्राओं को अपने आशीर्वचन प्रदान किए। शिक्षिका गरिमा पांडे द्वारा छात्राओं को विधिवत संकल्प दिलाये गये जिसमे पर्यावरण संरक्षण नागरिक कर्तव्य आपसी सद्भाव संस्कार आदि पर चर्चा की गई।
इस मौके पर वरिष्ठ शिक्षिका ऋचा तिवारी, ज्योति, आरती यादव,अर्चना गुलशन जहां शैलजा मौर्य, अल्पना मोनी निर्मला गीता नीलम सहित अन्य विद्यालय के सदस्य  भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय में प्रवेश एवं विद्यालय की समृद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से सहभागिता की।प्रवेश उत्सव कार्यक्रम ने छात्राओं में नए उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया तथा नवसत्र की सफल शुरुआत का संदेश दिया।
हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही सरकार का लक्ष्य: ए.के. शर्मा

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के मर्यादपुर में आयोजित निषाद राज जयंती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज के समग्र विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में मंत्री श्री शर्मा ने निषाद समाज की भूमिका और योगदान का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस के प्रसिद्ध केवट प्रसंग को बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज गुह्य की मित्रता भारतीय संस्कृति में सच्ची निष्ठा, भक्ति और आत्मीयता का अद्वितीय उदाहरण है। वनवास के कठिन समय में निषादराज द्वारा भगवान राम की सहायता, विशेष रूप से गंगा नदी पार कराने की घटना, यह दर्शाती है कि सच्चे संबंध जाति और वर्ग से ऊपर होते हैं। यह प्रसंग समाज को आपसी विश्वास, सहयोग और समानता का संदेश देता है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज के समय में इस प्रकार के प्रेरक प्रसंगों से सीख लेकर समाज में आपसी सौहार्द और एकजुटता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी को समान अवसर और सम्मान मिल सके।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने निषाद समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर रुद्रपुर, देवरिया के विधायक जयप्रकाश निषाद भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में निषाद समाज की एकता, संघर्ष और प्रगति पर प्रकाश डालते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़:ब्लाक संसाधन केंद्र तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त शिक्षकों के विदाई समारोह का आयोजन
आजमगढ़।ब्लाक संसाधन केंद्र, तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। शिक्षा क्षेत्र के सत्र 2026 में उर्मिला राय, लालमती देवी,उषा वर्मा, सुरेश कुमार यादव, डॉ रुद्रनाथ चौबे एवं अवधेश कुमार उपाध्याय शानदार तरीके से लंबी सेवा निवृत्त हो गये। सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का ए आर पी उदय प्रताप राय, लालचंद भारती,विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। तथा अंगवस्त्रम् , श्रीमद्भागवत, मिष्ठान एवं अन्य उपहार भेंट कर किया। गया।खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। बल्कि उसकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने उनके कार्यों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य जीवन जीने की कामना की। कार्यक्रम का संचालन स्वामीनाथ यादव एवं अध्यक्षता मंडलाध्यापक नर्वदेश्वर उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में सुबेदार यादव, संत प्रसाद यादव, शिवशंकर राय, संतोष कुमार राय,राजकुमार यादव, रणधीर यादव ,मनोज कुमार त्रिपाठी, रमाकांत यादव,विजय यादव, सुषमा राय,गीता,ममता राय, सिम्पल सिंह,देवेश राय , गुरु प्रकाश यादव,कंचन राय, उर्मिला मौर्या, कंचनमाला,दिनेश पाल,अजय कुमार चतुर्वेदी,शेर बहादुर,संजय कुमार मौर्य, महेन्द्र मौर्य,सुरेश प्रसाद,विनय राय, हेमंत राय, रमेश यादव, अशोक राय, संदीप कुमार राय, राजेश यादव, दिनेश यादव, मनोज राय, सूर्यभान चौहान, सुरेन्द्र त्रिपाठी, सुरेन्द्र यादव,वीरेन्द्र कुमार, नन्द किशोर यादव, हरिश्चन्द्र यादव, हेमलता , प्रेमलता, अमरेन्द्र प्रताप सिंह,दयाराम यादव, अवनीश कुमार, राहुल यादव, रवीन्द्र राय,सतीश चन्द्र, प्रेमचंद यादव, कमलेश यादव, हरिहर यादव, राजभवन राम,विवेकालाल श्रीवास्तव ,गुरु प्रसाद गुप्त, संजीत गुप्त, रामप्रवेश यादव, अरविन्द कुमार, राजेन्द्र यादव,अनंत प्रदीप सिंह,रामचेत यादव, बालगोविंद, सूर्य प्रकाश, दिनेश यादव, रामकृष्ण,आशुतोष तिवारी,पवन यादव, बृजभान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिका मौजूद रहे।
कृषि में वैल्यू एडिशन और तकनीक के समन्वय से बढ़ेगी किसानों की आय : केशव प्रसाद मौर्य
* एमिटी विवि में डिप्टी सीएम ने किया अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) विषय पर
“पैथोजेन्स, प्लांट हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी: क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर एंड लैंडस्केप कंजर्वेशन” विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उप मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, पगड़ी (साफा) पहनाकर तथा एक पौधा सम्मान स्वरूप भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने “Pathogens, Plant Health and Food Security” नामक पुस्तक का विमोचन किया तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता और प्रभावी विपणन से जुड़ा एक व्यापक विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ भूमि वाला प्रदेश है, जहां उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद फसलों के भंडारण की कमी, कोल्ड चेन की अपर्याप्त व्यवस्था तथा वैल्यू एडिशन के अभाव के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार अधिक उत्पादन होने पर भी किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जो शोध और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण विषय है।
उप मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसी तकनीकों का विकास करें, जिससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि अब समय क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर ध्यान देने का है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में चाहे सड़क मार्ग हो, चाहे रेल मार्ग या फिर हवाई मार्ग, इन सबके निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, किसान, युवा एवं मातृशक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार का लक्ष्य उन्हें “लखपति दीदी” से आगे “करोड़पति दीदी” बनाना है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है तथा अब “एक जनपद, एक व्यंजन” के माध्यम से खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन बढ़ाकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार किसानों और किसानी के सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मेलन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस सम्मेलन का आयोजन एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन (ए.एफ.ए.एफ), एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर और इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी (आईएसएमपीपी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वस्तरीय चर्चा और विचार-मंथन के लिए  प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं।
डॉ. अशोक के. चौहान ने वर्चुवल रूप से जुड़ते हुये मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से जुड़े होने के नाते वे कृषि और किसानों की परेशानियों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्वभर के वरिष्ठ और स्थापित वैज्ञानिकों को एक साथ देखकर विश्वास मजबूत होता है कि भारत न केवल कृषि में बल्कि हर क्षेत्र में सुपर पावर बनकर रहेगा और एमिटी विश्वविद्यालय इसमें अपना हर प्रकार का सहयोग देगा।
डॉ. असीम चौहान ने अपने वर्चुवल सम्बोधन मे ग्रामीण विकास में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, मूल्य संवर्धन और ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग के महत्व को रेखांकित  किया और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम का सामना करने के उपायों पर  हमे और काम करना होगा।
प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने डॉ. अशोक के. चौहान एवं डॉ. असीम चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए जलवायु परिवर्तन, उभरती पादप बीमारियों तथा खाद्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव जैसे वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार के लिए एक सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने जलवायु-लचीली कृषि प्राप्त करने में पादप स्वास्थ्य, रोगजनकों के प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. सी. डी. मयी ने कृषि को किसान, रोगजनक कीटाणुओं और पर्यावरण के एक जटिल संबंध के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संतुलित एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई तथा रासायनिक उपयोग पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति सावधान किया।
डॉ. एस. एस. चाहल ने कृषि परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए आक्रामक प्रजातियों, उभरते रोगजनकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान में जीनोमिक्स एवं पारिस्थितिक दृष्टिकोण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. (डॉ.) पोखर रावल ने इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए इसकी बढ़ती सदस्यता और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने इसकी शोध पत्रिका के वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. ललित महात्मा ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक जीवन में मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया। उन्होंने बीजों के माध्यम से वायरस संचरण के प्रयोगात्मक प्रमाण प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक समुदाय से पारंपरिक धारणाओं की पुनर्समीक्षा करने का आह्वान किया।
डॉ. डी. आर. सिंह ने भारत की कृषि विविधता, विशेषकर बिहार के मखाना, आम और लीची जैसे उत्पादों में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने खाद्य पर्याप्तता से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कीटनाशकों के अवशेष और माइकोटॉक्सिन प्रदूषण के खतरों को उजागर किया।
सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक उत्कृष्टता का उत्सव भी मनाया गया, जिसमें विशिष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष उपलब्धि पुरस्कार तथा प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए।
प्रति कुलपति एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, एमेरिटस प्रेसिडेंट आईएसएमपीपी डॉ. एस. एस. चाहल, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं ‘कॉटन मैन’ के नाम से विख्यात, प्रेसिडेंट साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर, नई दिल्ली, डॉ. सी. डी. मयी, सचिव आईएसएमपीपी प्रो. (डॉ.) पोखर रावल, अध्यक्ष आईएसएमपीपी डॉ. ललित महात्मा, कुलपति बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी डॉ. डी. आर. सिंह और सम्मेलन की आयोजन सचिव एवं निदेशक, एएफएएफ, एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ परिसर, प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने  सम्मेलन मे औपचारिकरुप सै भाग लिया। इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट, एमिटी एजुकेशन ग्रुप, रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन, डॉ. अशोक के. चौहान, और चेयरमैन एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस डॉ. असीम चौहान ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
भारत के वीर सपूत मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर ब्राह्मण समाज ने चित्र पर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित किया

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मंगल पाण्डेय की शहादत दिवस पर ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के तत्वावधान में बुधवार को एलवल स्थित शिविर कार्यालय पर मंगल पाण्डेय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।

कार्यक्रम अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष ब्रजेश नन्दन पाण्डेय ने कहा कि पण्डित मंगल पाण्डेय 1857 की क्रान्ति के प्रणेता थे।

अपने देश एवं धर्म की रक्षा के लिए अंग्रेजी सरकार में अंग्रेज अधिकारियों पर प्रथम गोली चलाने वाले सिपाही थे। जिन्होंने देश के लिए अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर एक देशभक्त सिपाही के रूप प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम योद्धा बने। आजादी के महा नायक पण्डित मंगल पाण्डेय को 8 अप्रैल 1857 के दिन बैरकपुर जेल में फांसी दी गई। उनके बलिदान से देश में क्रान्ति की ज्वाला और भड़क उठी तथा देश की आजादी के लिए उनके द्वारा बोया गया क्रान्ति रूपी बीज 90 साल बाद 1947 में आजादी के वट वृक्ष के रूप में तब्दील हो गया ।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामंत्री महामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि  आजादी की लड़ाई के अग्रदूत मंगल पाण्डेय का जन्म 19 जुलाई 1827 को बलिया जनपद के नगवा ग्राम में हुआ था।  मंगल पाण्डेय ईस्ट इण्डिया कम्पनी की बंगाल नेटिव इन्फेंट्री की 34 वीं रेजिमेंट के सिपाही थे। संदिग्ध कारतूसों के प्रयोग एवं भारतीय सैनिकों के साथ होने वाले भेद भाव के चलते मंगल पाण्डेय ने बैरकपुर की छावनी में 29 मार्च 1857 को अंग्रजों के विद्रोह कर कई अंग्रेज अधिकारियों को मौत के घाट उतार कर आजादी की लड़ाई की क्रान्ति की शुरुआत किया।

कार्यक्रम को धनंजय पाण्डेय, सुभाष पाण्डेय, विश्व देव उपाध्याय ने संबोधित किया।

इस दौरान सतीश कुमार मिश्र, रामाश्रय उपाध्याय, सतीश पाण्डेय, कृष्ण कुमार पाण्डेय, उपेंद्र दत्त शुक्ला, गोविन्द दुबे, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
UPSC NDA और CDS परीक्षा को लेकर रांची में सुरक्षा सख्त: 19 केंद्रों के आसपास धारा-163 लागू।

संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौ सेना अकादमी (1), 2026 एवं सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा (1), 2026 के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची, श्री राकेश रंजन के संयुक्तादेश पर पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी करता हूँ:-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गडासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/ कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 12.04.2026 के प्रातः 06.00 बजे से अपराह्न 09.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

1. सेन्ट्रल एकादमी, बरियातू रोड, राँची।

2. राजकीय बालिका +2 उच्च विद्यालय, बरियातु, एच०डी०एफ०सी० बैंक के सामने, राँची।

3. महेन्द्र प्रसाद इन्टर महिला महाविद्यालय, 62/डी सर्कुलर रोड, राँची।

4. डी०ए०भी० नन्दराज मॉडर्न स्कूल, पी एण्ड टी कॉलोनी, वर्द्धमान कम्पाउण्ड, लालपुर, राँची।

5. संत अलोइस हाई स्कूल, पूरूलिया रोड, राँची।

6. संत जॉन हाई स्कूल, कर्बला टैंक रोड, राँची

7. उर्सुलाईन कॉन्वेन्ट गर्ल्स हाई स्कूल, पुरूलिया रोड, राँची।

8. फिरायालाल पब्लिक स्कूल, नियर रेलवे ओवरब्रीज, 5 मेन रोड, राँची।

9. गोस्सनर कॉलेज क्लब रोड, राँची (सब सेन्टर-ए)।

10. गोस्सनर कॉलेज क्लब रोड, राँची (सब सेन्टर बी)।

11. डी०ए०भी० पब्लिक स्कूल, सेक्टर-III, धुर्वा, नियर एच०ई०सी० गोलचक्कर, राँची।

12. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जे०पी० मार्केट धुर्वा के पीछे, राँची (सब सेन्टर-ए)। 13. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जे०पी० मार्केट धुर्वा के पीछे, राँची (सब सेन्टर-बी)।

14. दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेल टाउनशिप, धुर्वा, राँची।

15. विवेकानन्द विद्या मंदिर, सेक्टर-॥, धुर्वा, राँची (सब सेन्टर-ए)।

16. विवेकानन्द विद्या मंदिर, सेक्टर-॥. धुर्वा, राँची (सब सेन्टर-बी)।

17. संत पॉल कॉलेज, चर्च रोड, बहुबाजार राँची।

18. छोटानागपुर पब्लिक स्कूल, पी०एच०ई०डी० ऑफिस के पीछे, बुटी रोड, राँची।

19. राजकीय +2 हाई स्कूल, काँके, सेमरटोली, नियर CIP. काँके, राँची।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत दौरे पर, क्या दूर होगी रिश्तों में आई तल्खियां ?

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शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत बांग्लादेश संबंधों में तल्खियां देखने को मिली थी। दोनों देशों के बीच बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच अब रिश्तों को नए सिरे से संतुलित करने की दिशा में कोशिश होती दिखने लगी है। इसी क्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर खलीलुर रहमान 7 से 9 अप्रैल तक भारत के दौरे पर हैं।

नए सिरे से रिश्तों को संतुलित करने की कोशिश

रहमान की अगुवाई में हो रहा ये दौरा बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी की सरकार आने के बाद पहला हाई प्रोफाइल दौरा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद ढाका पर काबिज रहे युनूस प्रशासन के भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। रहमान के दौरे को दिल्ली और ढाका दोनों की ओर से नए सिरे से राजनीतिक इंगेजमेंट करने की दिशा में एक कड़ी की तरह देखा जा रहा है।

एस जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे

रहमान 7 अप्रैल को दिल्ली आ चुके हैं। बीती रात उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के साथ रात्रिभोज किया। इस दौरान दोनों में देशों के संबंधों को सुधारने पर चर्चा हुई। आज रहमान दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनका वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ भी मुलाकात का भी कार्यक्रम है। 9 अप्रैल को वे जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

भारत ने अभी तक इस दौरे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि बातचीत में गंगा जल-बंटवारे समझौते के नवीनीकरण, संपर्क परियोजनाओं की प्रगति, भारत से ऊर्जा आपूर्ति और द्विपक्षीय व्यापार सुविधाओं की बहाली जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

उठ सकता है वीजा और सीमा का मुद्दा

भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाली मौतों का मामला भी बातचीत में संवेदनशील मुद्दा रहेगा। बांग्लादेश पहले भी तस्करी रोधी अभियानों के दौरान सीमा पर नागरिकों की मौतों पर चिंता जताता रहा है। बांग्लादेश छात्रों, मरीजों और व्यापारियों के लिए वीजा सुविधाओं को फिर से खोलने और विस्तार देने की मांग उठा सकता है। बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2026-27 सत्र के लिए रहमान के नामांकन पर भारत का समर्थन मांग सकता हैं।

क्या शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठेगा?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना तख्तापलट के बाद पिछले साल अगस्त से ही भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है। हालांकि, अब तक भारत ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि वो कानूनी प्रक्रिया के तहत हसीना के प्रत्यर्पण का समर्थन करती है। हालांकि, माना जा रहा है कि ये मुद्दा बड़ी अड़चन नहीं होगा।

स्वास्थ्य विभाग,झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव ने किया शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण, अधिकारियों को मिले निर्देश

स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने आज 8 अप्रैल को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह, उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में अपर मुख्य सचिव ने सदर अस्पताल में संचालित मेडिकल कॉलेज द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट की प्रगति की समीक्षा की तथा नए भवन में संचालित विभिन्न वार्डों यथा मेडिसिन, मनोचिकित्सा, स्किन एवं नेत्र विभाग में उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की।

उन्होंने अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उसकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सर्जरी वार्ड में इलाजरत महिला मरीज से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं दवाओं की जानकारी ली तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं संख्या का जायजा लिया तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट को अस्पताल के सुदृढ़ीकरण, समुचित प्रकाश व्यवस्था, दरवाजों की मरम्मत एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि जांच कार्य में तेजी लाई जा सके।

परिसर भ्रमण के दौरान पुराने भवनों को चिन्हित कर उन्हें हटाने का निर्देश दिया, जिससे परिसर में पर्याप्त खुला स्थान उपलब्ध हो सके। साथ ही, आईसीयू वार्ड में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश भी दिए।

सदर अस्पताल निरीक्षण के उपरांत अपर मुख्य सचिव ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन मुख्य भवन का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा उपस्थित अभियंताओं से भवन के संपूर्ण नक्शे की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने डॉक्टर क्वार्टर, महिला एवं पुरुष छात्रावास का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में लगभग 500 छात्र-छात्राएं मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव ने कार्य एजेंसी से निर्माण कार्य की समयसीमा की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं चिकित्सा शिक्षा की सुविधाएं सुदृढ़ रूप से उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने परिसदन भवन में सभी स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज एवं सदर अस्पताल के निरीक्षण और अवलोकन के दौरान पाई गई खामियों पर चर्चा की तथा इन संस्थानों को बेहतर बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सभी सेवाओं को तीव्र गति से बेहतर तरीके से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के सत्र को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और छात्रों के परिणाम में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को निर्देशित किया कि अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी, साफ-सफाई, नर्सिंग सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुचारू और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान योजना एवं अबुआ स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत क्लेम राशि बढ़ाने पर बल दिया।

स्वास्थ्य सचिव ने बरही एवं विष्णुगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बरही में जिला अस्पताल के समान स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा निर्माणाधीन सभी अस्पताल संरचनाओं, अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्रों को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

वार्षिकोत्सव एवं प्रगति पत्र वितरण समारोह आयोजित
गोण्डा। शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय रेड़ौरा में वार्षिकोत्सव विदाई समारोह व स्कूल चलो अभियान का आयोजन 'प्रतिभा पर्व' के रूप में ससमारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके मुख्य अतिथि हर्षित पाण्डेय खण्ड शिक्षा अधिकारी मनकापुर व अमित मिश्रा डायट प्रवक्ता द्वारा किया गया, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रवि प्रकाश सिंह जिलाध्यक्ष यूटा, राधामोहन पाण्डेय जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ब्लाक अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ-मनकापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित पाण्डेय, पूनम यादव व संगीता देवी द्वारा अतिथियों का बैज लगाकर कार्यक्रम में स्वागत व अभिनंदन किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, समारोह में नवप्रवेशी छात्र छात्राओं को रोली टीका लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया, कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया गया, ए आर पी फिरोज अहमद खान, शैलेन्द्र प्रताप सिंह व इंदु प्रताप सिंह जी ने अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने उद्बोधन के माध्यम से अभिभावकों व समुदाय से अनुरोध किया गया, डायट प्रवक्ता अमित मिश्रा द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं व योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए यूटा जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि आने वाले समय में समाज व राष्ट्र को सुदृढ़ व विकसित बनाने के लिए हमें अपने प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी चाहिए, कक्षा-5 उत्तीर्ण हो चुके छात्र-छात्राओं को  अधिगम सहायक किट, अंकपत्र व टी सी देकर भावुक विदाई दी गयी, कार्यक्रम का संचालन गिरीश कुमार पाण्डेय 'विद्यार्थी' द्वारा किया गया, समारोह में स्वागत भाषण कमलेश पाण्डेय एस आर जी द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन अमित पांडेय द्वारा किया गया, समारोह को राधा मोहन पाण्डेय, जनार्दन प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इंदु प्रताप सिंह,विनय मिश्रा, विकास मौर्य, विपिन मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया, इस अवसर पर ग्राम प्रधान झिन्नू प्रसाद पाण्डेय,विजय प्रकाश सिंह, यूटा जिला मंत्री आत्रेय मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी अरुण मिश्रा, डॉ अखिलेश शुक्ला, अवधेश पाण्डेय, अरविंद कुमार, सुनीत शुक्ला, मीरा पाण्डेय, रेखा शुक्ला, शिव कुमारी गुप्ता, सत्येन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नाजिया बानो, शिखा, स्तुति देवी, नीलम शुक्ला, राकेश यादव, उदय राज यादव, आशुतोष मिश्रा आदि गणमान्य अतिथियों सहित न्याय पंचायत विद्यानगर के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, राष्ट्र गान के साथ समारोह का समापन किया गया।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
प्रवेश उत्सव के साथ नवसत्र का शुभारंभ, छात्राओं को दिलाया गया जीवन मूल्यों का संकल्प-
फर्रुखाबाद l पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में आज प्रवेश उत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी छात्राओं का स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से अवगत कराना रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने बताया कि प्रवेश उत्सव के अवसर पर छात्राओं को यह संकल्प दिलाया गया कि वे संस्कारवान बनें, शिक्षित हों तथा बुद्धिमत्ता और नैतिक मूल्यों के साथ अपने जीवन का सफलतापूर्वक निर्वहन करें।उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रपाल सिंह ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही सशक्त भविष्य की कुंजी है। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्राओं से लक्ष्य निर्धारण कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज फर्रुखाबाद के प्राचार्य सुधीर कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कारों को अपनाने की सीख दी।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6, 7 एवं 8 की छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। सभी शिक्षिकाओं ने छात्राओं को अपने आशीर्वचन प्रदान किए। शिक्षिका गरिमा पांडे द्वारा छात्राओं को विधिवत संकल्प दिलाये गये जिसमे पर्यावरण संरक्षण नागरिक कर्तव्य आपसी सद्भाव संस्कार आदि पर चर्चा की गई।
इस मौके पर वरिष्ठ शिक्षिका ऋचा तिवारी, ज्योति, आरती यादव,अर्चना गुलशन जहां शैलजा मौर्य, अल्पना मोनी निर्मला गीता नीलम सहित अन्य विद्यालय के सदस्य  भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय में प्रवेश एवं विद्यालय की समृद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से सहभागिता की।प्रवेश उत्सव कार्यक्रम ने छात्राओं में नए उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया तथा नवसत्र की सफल शुरुआत का संदेश दिया।
हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही सरकार का लक्ष्य: ए.के. शर्मा

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के मर्यादपुर में आयोजित निषाद राज जयंती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज के समग्र विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में मंत्री श्री शर्मा ने निषाद समाज की भूमिका और योगदान का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस के प्रसिद्ध केवट प्रसंग को बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज गुह्य की मित्रता भारतीय संस्कृति में सच्ची निष्ठा, भक्ति और आत्मीयता का अद्वितीय उदाहरण है। वनवास के कठिन समय में निषादराज द्वारा भगवान राम की सहायता, विशेष रूप से गंगा नदी पार कराने की घटना, यह दर्शाती है कि सच्चे संबंध जाति और वर्ग से ऊपर होते हैं। यह प्रसंग समाज को आपसी विश्वास, सहयोग और समानता का संदेश देता है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज के समय में इस प्रकार के प्रेरक प्रसंगों से सीख लेकर समाज में आपसी सौहार्द और एकजुटता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी को समान अवसर और सम्मान मिल सके।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने निषाद समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर रुद्रपुर, देवरिया के विधायक जयप्रकाश निषाद भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में निषाद समाज की एकता, संघर्ष और प्रगति पर प्रकाश डालते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़:ब्लाक संसाधन केंद्र तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त शिक्षकों के विदाई समारोह का आयोजन
आजमगढ़।ब्लाक संसाधन केंद्र, तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। शिक्षा क्षेत्र के सत्र 2026 में उर्मिला राय, लालमती देवी,उषा वर्मा, सुरेश कुमार यादव, डॉ रुद्रनाथ चौबे एवं अवधेश कुमार उपाध्याय शानदार तरीके से लंबी सेवा निवृत्त हो गये। सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का ए आर पी उदय प्रताप राय, लालचंद भारती,विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। तथा अंगवस्त्रम् , श्रीमद्भागवत, मिष्ठान एवं अन्य उपहार भेंट कर किया। गया।खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। बल्कि उसकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने उनके कार्यों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य जीवन जीने की कामना की। कार्यक्रम का संचालन स्वामीनाथ यादव एवं अध्यक्षता मंडलाध्यापक नर्वदेश्वर उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में सुबेदार यादव, संत प्रसाद यादव, शिवशंकर राय, संतोष कुमार राय,राजकुमार यादव, रणधीर यादव ,मनोज कुमार त्रिपाठी, रमाकांत यादव,विजय यादव, सुषमा राय,गीता,ममता राय, सिम्पल सिंह,देवेश राय , गुरु प्रकाश यादव,कंचन राय, उर्मिला मौर्या, कंचनमाला,दिनेश पाल,अजय कुमार चतुर्वेदी,शेर बहादुर,संजय कुमार मौर्य, महेन्द्र मौर्य,सुरेश प्रसाद,विनय राय, हेमंत राय, रमेश यादव, अशोक राय, संदीप कुमार राय, राजेश यादव, दिनेश यादव, मनोज राय, सूर्यभान चौहान, सुरेन्द्र त्रिपाठी, सुरेन्द्र यादव,वीरेन्द्र कुमार, नन्द किशोर यादव, हरिश्चन्द्र यादव, हेमलता , प्रेमलता, अमरेन्द्र प्रताप सिंह,दयाराम यादव, अवनीश कुमार, राहुल यादव, रवीन्द्र राय,सतीश चन्द्र, प्रेमचंद यादव, कमलेश यादव, हरिहर यादव, राजभवन राम,विवेकालाल श्रीवास्तव ,गुरु प्रसाद गुप्त, संजीत गुप्त, रामप्रवेश यादव, अरविन्द कुमार, राजेन्द्र यादव,अनंत प्रदीप सिंह,रामचेत यादव, बालगोविंद, सूर्य प्रकाश, दिनेश यादव, रामकृष्ण,आशुतोष तिवारी,पवन यादव, बृजभान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिका मौजूद रहे।
कृषि में वैल्यू एडिशन और तकनीक के समन्वय से बढ़ेगी किसानों की आय : केशव प्रसाद मौर्य
* एमिटी विवि में डिप्टी सीएम ने किया अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) विषय पर
“पैथोजेन्स, प्लांट हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी: क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर एंड लैंडस्केप कंजर्वेशन” विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उप मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, पगड़ी (साफा) पहनाकर तथा एक पौधा सम्मान स्वरूप भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने “Pathogens, Plant Health and Food Security” नामक पुस्तक का विमोचन किया तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता और प्रभावी विपणन से जुड़ा एक व्यापक विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ भूमि वाला प्रदेश है, जहां उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद फसलों के भंडारण की कमी, कोल्ड चेन की अपर्याप्त व्यवस्था तथा वैल्यू एडिशन के अभाव के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार अधिक उत्पादन होने पर भी किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जो शोध और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण विषय है।
उप मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसी तकनीकों का विकास करें, जिससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि अब समय क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर ध्यान देने का है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में चाहे सड़क मार्ग हो, चाहे रेल मार्ग या फिर हवाई मार्ग, इन सबके निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, किसान, युवा एवं मातृशक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार का लक्ष्य उन्हें “लखपति दीदी” से आगे “करोड़पति दीदी” बनाना है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है तथा अब “एक जनपद, एक व्यंजन” के माध्यम से खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन बढ़ाकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार किसानों और किसानी के सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मेलन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस सम्मेलन का आयोजन एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन (ए.एफ.ए.एफ), एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर और इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी (आईएसएमपीपी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वस्तरीय चर्चा और विचार-मंथन के लिए  प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं।
डॉ. अशोक के. चौहान ने वर्चुवल रूप से जुड़ते हुये मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से जुड़े होने के नाते वे कृषि और किसानों की परेशानियों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्वभर के वरिष्ठ और स्थापित वैज्ञानिकों को एक साथ देखकर विश्वास मजबूत होता है कि भारत न केवल कृषि में बल्कि हर क्षेत्र में सुपर पावर बनकर रहेगा और एमिटी विश्वविद्यालय इसमें अपना हर प्रकार का सहयोग देगा।
डॉ. असीम चौहान ने अपने वर्चुवल सम्बोधन मे ग्रामीण विकास में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, मूल्य संवर्धन और ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग के महत्व को रेखांकित  किया और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम का सामना करने के उपायों पर  हमे और काम करना होगा।
प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने डॉ. अशोक के. चौहान एवं डॉ. असीम चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए जलवायु परिवर्तन, उभरती पादप बीमारियों तथा खाद्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव जैसे वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार के लिए एक सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने जलवायु-लचीली कृषि प्राप्त करने में पादप स्वास्थ्य, रोगजनकों के प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. सी. डी. मयी ने कृषि को किसान, रोगजनक कीटाणुओं और पर्यावरण के एक जटिल संबंध के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संतुलित एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई तथा रासायनिक उपयोग पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति सावधान किया।
डॉ. एस. एस. चाहल ने कृषि परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए आक्रामक प्रजातियों, उभरते रोगजनकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान में जीनोमिक्स एवं पारिस्थितिक दृष्टिकोण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. (डॉ.) पोखर रावल ने इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए इसकी बढ़ती सदस्यता और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने इसकी शोध पत्रिका के वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. ललित महात्मा ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक जीवन में मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया। उन्होंने बीजों के माध्यम से वायरस संचरण के प्रयोगात्मक प्रमाण प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक समुदाय से पारंपरिक धारणाओं की पुनर्समीक्षा करने का आह्वान किया।
डॉ. डी. आर. सिंह ने भारत की कृषि विविधता, विशेषकर बिहार के मखाना, आम और लीची जैसे उत्पादों में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने खाद्य पर्याप्तता से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कीटनाशकों के अवशेष और माइकोटॉक्सिन प्रदूषण के खतरों को उजागर किया।
सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक उत्कृष्टता का उत्सव भी मनाया गया, जिसमें विशिष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष उपलब्धि पुरस्कार तथा प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए।
प्रति कुलपति एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, एमेरिटस प्रेसिडेंट आईएसएमपीपी डॉ. एस. एस. चाहल, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं ‘कॉटन मैन’ के नाम से विख्यात, प्रेसिडेंट साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर, नई दिल्ली, डॉ. सी. डी. मयी, सचिव आईएसएमपीपी प्रो. (डॉ.) पोखर रावल, अध्यक्ष आईएसएमपीपी डॉ. ललित महात्मा, कुलपति बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी डॉ. डी. आर. सिंह और सम्मेलन की आयोजन सचिव एवं निदेशक, एएफएएफ, एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ परिसर, प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने  सम्मेलन मे औपचारिकरुप सै भाग लिया। इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट, एमिटी एजुकेशन ग्रुप, रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन, डॉ. अशोक के. चौहान, और चेयरमैन एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस डॉ. असीम चौहान ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
भारत के वीर सपूत मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर ब्राह्मण समाज ने चित्र पर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित किया

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मंगल पाण्डेय की शहादत दिवस पर ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के तत्वावधान में बुधवार को एलवल स्थित शिविर कार्यालय पर मंगल पाण्डेय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।

कार्यक्रम अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष ब्रजेश नन्दन पाण्डेय ने कहा कि पण्डित मंगल पाण्डेय 1857 की क्रान्ति के प्रणेता थे।

अपने देश एवं धर्म की रक्षा के लिए अंग्रेजी सरकार में अंग्रेज अधिकारियों पर प्रथम गोली चलाने वाले सिपाही थे। जिन्होंने देश के लिए अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर एक देशभक्त सिपाही के रूप प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम योद्धा बने। आजादी के महा नायक पण्डित मंगल पाण्डेय को 8 अप्रैल 1857 के दिन बैरकपुर जेल में फांसी दी गई। उनके बलिदान से देश में क्रान्ति की ज्वाला और भड़क उठी तथा देश की आजादी के लिए उनके द्वारा बोया गया क्रान्ति रूपी बीज 90 साल बाद 1947 में आजादी के वट वृक्ष के रूप में तब्दील हो गया ।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामंत्री महामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि  आजादी की लड़ाई के अग्रदूत मंगल पाण्डेय का जन्म 19 जुलाई 1827 को बलिया जनपद के नगवा ग्राम में हुआ था।  मंगल पाण्डेय ईस्ट इण्डिया कम्पनी की बंगाल नेटिव इन्फेंट्री की 34 वीं रेजिमेंट के सिपाही थे। संदिग्ध कारतूसों के प्रयोग एवं भारतीय सैनिकों के साथ होने वाले भेद भाव के चलते मंगल पाण्डेय ने बैरकपुर की छावनी में 29 मार्च 1857 को अंग्रजों के विद्रोह कर कई अंग्रेज अधिकारियों को मौत के घाट उतार कर आजादी की लड़ाई की क्रान्ति की शुरुआत किया।

कार्यक्रम को धनंजय पाण्डेय, सुभाष पाण्डेय, विश्व देव उपाध्याय ने संबोधित किया।

इस दौरान सतीश कुमार मिश्र, रामाश्रय उपाध्याय, सतीश पाण्डेय, कृष्ण कुमार पाण्डेय, उपेंद्र दत्त शुक्ला, गोविन्द दुबे, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
UPSC NDA और CDS परीक्षा को लेकर रांची में सुरक्षा सख्त: 19 केंद्रों के आसपास धारा-163 लागू।

संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौ सेना अकादमी (1), 2026 एवं सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा (1), 2026 के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची, श्री राकेश रंजन के संयुक्तादेश पर पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी करता हूँ:-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गडासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/ कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 12.04.2026 के प्रातः 06.00 बजे से अपराह्न 09.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

1. सेन्ट्रल एकादमी, बरियातू रोड, राँची।

2. राजकीय बालिका +2 उच्च विद्यालय, बरियातु, एच०डी०एफ०सी० बैंक के सामने, राँची।

3. महेन्द्र प्रसाद इन्टर महिला महाविद्यालय, 62/डी सर्कुलर रोड, राँची।

4. डी०ए०भी० नन्दराज मॉडर्न स्कूल, पी एण्ड टी कॉलोनी, वर्द्धमान कम्पाउण्ड, लालपुर, राँची।

5. संत अलोइस हाई स्कूल, पूरूलिया रोड, राँची।

6. संत जॉन हाई स्कूल, कर्बला टैंक रोड, राँची

7. उर्सुलाईन कॉन्वेन्ट गर्ल्स हाई स्कूल, पुरूलिया रोड, राँची।

8. फिरायालाल पब्लिक स्कूल, नियर रेलवे ओवरब्रीज, 5 मेन रोड, राँची।

9. गोस्सनर कॉलेज क्लब रोड, राँची (सब सेन्टर-ए)।

10. गोस्सनर कॉलेज क्लब रोड, राँची (सब सेन्टर बी)।

11. डी०ए०भी० पब्लिक स्कूल, सेक्टर-III, धुर्वा, नियर एच०ई०सी० गोलचक्कर, राँची।

12. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जे०पी० मार्केट धुर्वा के पीछे, राँची (सब सेन्टर-ए)। 13. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जे०पी० मार्केट धुर्वा के पीछे, राँची (सब सेन्टर-बी)।

14. दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेल टाउनशिप, धुर्वा, राँची।

15. विवेकानन्द विद्या मंदिर, सेक्टर-॥, धुर्वा, राँची (सब सेन्टर-ए)।

16. विवेकानन्द विद्या मंदिर, सेक्टर-॥. धुर्वा, राँची (सब सेन्टर-बी)।

17. संत पॉल कॉलेज, चर्च रोड, बहुबाजार राँची।

18. छोटानागपुर पब्लिक स्कूल, पी०एच०ई०डी० ऑफिस के पीछे, बुटी रोड, राँची।

19. राजकीय +2 हाई स्कूल, काँके, सेमरटोली, नियर CIP. काँके, राँची।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत दौरे पर, क्या दूर होगी रिश्तों में आई तल्खियां ?

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शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत बांग्लादेश संबंधों में तल्खियां देखने को मिली थी। दोनों देशों के बीच बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच अब रिश्तों को नए सिरे से संतुलित करने की दिशा में कोशिश होती दिखने लगी है। इसी क्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर खलीलुर रहमान 7 से 9 अप्रैल तक भारत के दौरे पर हैं।

नए सिरे से रिश्तों को संतुलित करने की कोशिश

रहमान की अगुवाई में हो रहा ये दौरा बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी की सरकार आने के बाद पहला हाई प्रोफाइल दौरा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद ढाका पर काबिज रहे युनूस प्रशासन के भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। रहमान के दौरे को दिल्ली और ढाका दोनों की ओर से नए सिरे से राजनीतिक इंगेजमेंट करने की दिशा में एक कड़ी की तरह देखा जा रहा है।

एस जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे

रहमान 7 अप्रैल को दिल्ली आ चुके हैं। बीती रात उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के साथ रात्रिभोज किया। इस दौरान दोनों में देशों के संबंधों को सुधारने पर चर्चा हुई। आज रहमान दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनका वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ भी मुलाकात का भी कार्यक्रम है। 9 अप्रैल को वे जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

भारत ने अभी तक इस दौरे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि बातचीत में गंगा जल-बंटवारे समझौते के नवीनीकरण, संपर्क परियोजनाओं की प्रगति, भारत से ऊर्जा आपूर्ति और द्विपक्षीय व्यापार सुविधाओं की बहाली जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

उठ सकता है वीजा और सीमा का मुद्दा

भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाली मौतों का मामला भी बातचीत में संवेदनशील मुद्दा रहेगा। बांग्लादेश पहले भी तस्करी रोधी अभियानों के दौरान सीमा पर नागरिकों की मौतों पर चिंता जताता रहा है। बांग्लादेश छात्रों, मरीजों और व्यापारियों के लिए वीजा सुविधाओं को फिर से खोलने और विस्तार देने की मांग उठा सकता है। बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2026-27 सत्र के लिए रहमान के नामांकन पर भारत का समर्थन मांग सकता हैं।

क्या शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठेगा?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना तख्तापलट के बाद पिछले साल अगस्त से ही भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है। हालांकि, अब तक भारत ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि वो कानूनी प्रक्रिया के तहत हसीना के प्रत्यर्पण का समर्थन करती है। हालांकि, माना जा रहा है कि ये मुद्दा बड़ी अड़चन नहीं होगा।

स्वास्थ्य विभाग,झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव ने किया शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण, अधिकारियों को मिले निर्देश

स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने आज 8 अप्रैल को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह, उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में अपर मुख्य सचिव ने सदर अस्पताल में संचालित मेडिकल कॉलेज द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट की प्रगति की समीक्षा की तथा नए भवन में संचालित विभिन्न वार्डों यथा मेडिसिन, मनोचिकित्सा, स्किन एवं नेत्र विभाग में उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की।

उन्होंने अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उसकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सर्जरी वार्ड में इलाजरत महिला मरीज से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं दवाओं की जानकारी ली तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं संख्या का जायजा लिया तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट को अस्पताल के सुदृढ़ीकरण, समुचित प्रकाश व्यवस्था, दरवाजों की मरम्मत एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि जांच कार्य में तेजी लाई जा सके।

परिसर भ्रमण के दौरान पुराने भवनों को चिन्हित कर उन्हें हटाने का निर्देश दिया, जिससे परिसर में पर्याप्त खुला स्थान उपलब्ध हो सके। साथ ही, आईसीयू वार्ड में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश भी दिए।

सदर अस्पताल निरीक्षण के उपरांत अपर मुख्य सचिव ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन मुख्य भवन का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा उपस्थित अभियंताओं से भवन के संपूर्ण नक्शे की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने डॉक्टर क्वार्टर, महिला एवं पुरुष छात्रावास का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में लगभग 500 छात्र-छात्राएं मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव ने कार्य एजेंसी से निर्माण कार्य की समयसीमा की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं चिकित्सा शिक्षा की सुविधाएं सुदृढ़ रूप से उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने परिसदन भवन में सभी स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज एवं सदर अस्पताल के निरीक्षण और अवलोकन के दौरान पाई गई खामियों पर चर्चा की तथा इन संस्थानों को बेहतर बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सभी सेवाओं को तीव्र गति से बेहतर तरीके से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के सत्र को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और छात्रों के परिणाम में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को निर्देशित किया कि अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी, साफ-सफाई, नर्सिंग सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुचारू और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान योजना एवं अबुआ स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत क्लेम राशि बढ़ाने पर बल दिया।

स्वास्थ्य सचिव ने बरही एवं विष्णुगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बरही में जिला अस्पताल के समान स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा निर्माणाधीन सभी अस्पताल संरचनाओं, अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्रों को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

वार्षिकोत्सव एवं प्रगति पत्र वितरण समारोह आयोजित
गोण्डा। शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय रेड़ौरा में वार्षिकोत्सव विदाई समारोह व स्कूल चलो अभियान का आयोजन 'प्रतिभा पर्व' के रूप में ससमारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके मुख्य अतिथि हर्षित पाण्डेय खण्ड शिक्षा अधिकारी मनकापुर व अमित मिश्रा डायट प्रवक्ता द्वारा किया गया, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रवि प्रकाश सिंह जिलाध्यक्ष यूटा, राधामोहन पाण्डेय जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ब्लाक अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ-मनकापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित पाण्डेय, पूनम यादव व संगीता देवी द्वारा अतिथियों का बैज लगाकर कार्यक्रम में स्वागत व अभिनंदन किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, समारोह में नवप्रवेशी छात्र छात्राओं को रोली टीका लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया, कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया गया, ए आर पी फिरोज अहमद खान, शैलेन्द्र प्रताप सिंह व इंदु प्रताप सिंह जी ने अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने उद्बोधन के माध्यम से अभिभावकों व समुदाय से अनुरोध किया गया, डायट प्रवक्ता अमित मिश्रा द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं व योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए यूटा जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि आने वाले समय में समाज व राष्ट्र को सुदृढ़ व विकसित बनाने के लिए हमें अपने प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी चाहिए, कक्षा-5 उत्तीर्ण हो चुके छात्र-छात्राओं को  अधिगम सहायक किट, अंकपत्र व टी सी देकर भावुक विदाई दी गयी, कार्यक्रम का संचालन गिरीश कुमार पाण्डेय 'विद्यार्थी' द्वारा किया गया, समारोह में स्वागत भाषण कमलेश पाण्डेय एस आर जी द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन अमित पांडेय द्वारा किया गया, समारोह को राधा मोहन पाण्डेय, जनार्दन प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इंदु प्रताप सिंह,विनय मिश्रा, विकास मौर्य, विपिन मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया, इस अवसर पर ग्राम प्रधान झिन्नू प्रसाद पाण्डेय,विजय प्रकाश सिंह, यूटा जिला मंत्री आत्रेय मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी अरुण मिश्रा, डॉ अखिलेश शुक्ला, अवधेश पाण्डेय, अरविंद कुमार, सुनीत शुक्ला, मीरा पाण्डेय, रेखा शुक्ला, शिव कुमारी गुप्ता, सत्येन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नाजिया बानो, शिखा, स्तुति देवी, नीलम शुक्ला, राकेश यादव, उदय राज यादव, आशुतोष मिश्रा आदि गणमान्य अतिथियों सहित न्याय पंचायत विद्यानगर के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, राष्ट्र गान के साथ समारोह का समापन किया गया।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।