कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

आईटीबी बर्लिन में दिखेगी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सशक्त मौजूदगी, समृद्ध विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन
* 03 से 05 मार्च तक आयोजित आईटीबी बर्लिन-2026 में मनेंगे 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत के उत्सव

लखनऊ। विश्व पर्यटन उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच आईटीबी बर्लिन-2026 में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन संभावनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। 03 से 05 मार्च तक जर्मनी की राजधानी Berlin में आयोजित ‘इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्से बर्लिन’ में पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष उत्तर प्रदेश अपने विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किट्स, वेलनेस एवं एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक झलक प्रस्तुत करेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आयोजन बर्लिन एक्सपो सेंटर सिटी (मेसे डैम 22) में होगा। वर्ष 1966 से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय मेला वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन उद्योग का अग्रणी मंच रहा है। इस वर्ष यह अपने 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव मना रहा है।

* आईटीबी बर्लिन-2026 की थीम
इस वर्ष की थीम ‘Discover the Stories Behind 60 Years of Legacy’ रखी गई है, जो वैश्विक पर्यटन उद्योग के विकास, नवाचार, साझेदारी और प्रेरक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह थीम अतीत की विरासत को सम्मान देते हुए भविष्य की दिशा तय करने का संदेश देती है।* बदलती प्राथमिकताएं और उभरते रुझान
आईटीबी बर्लिन-2026 में प्रदर्शनी को भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ाते हुए विभिन्न बाजार खंडों में विभाजित किया गया है। इनमें एडवेंचर टूरिज्म, बिजनेस ट्रैवल, एलजीबीटीक्यू+ ट्रैवल, लग्जरी ट्रैवल, मेडिकल टूरिज्म तथा ट्रैवल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों और विभिन्न श्रेणी के यात्रियों को उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप अवसर प्रदान करना है।

* ‘वैश्विक मंच पर प्रदर्शित होंगी प्रदेश की पर्यटन संभावनाएं’
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन भव्य पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करेगा। पवेलियन में अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा में साइनेज एवं डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
प्रमुख पर्यटन सर्किट्स एवं वेलनेस टूरिज्म की जानकारी
इन माध्यमों से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन, प्राकृतिक स्थलों और निवेश संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि आईटीबी बर्लिन-2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश का पर्यटन विजन दुनिया से संवाद करेगा और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा प्रदान करेगा।
16 मार्च से शुरू होगी परिषदीय स्कूलों की परीक्षा



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी हो गई है। 16 से 20 मार्च तक होने वाली परीक्षा में पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे शामिल होंगे। 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। समय सारिणी जारी होते ही शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। अभी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। 10 मार्च तक यह सभी परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी। जिसको देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो व तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार व पांच में क्रमश: 70 व 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी आ गई है। जल्द ही प्रश्नपत्र तैयार कराकर विद्यालयों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
मां की पुण्यतिथि पर समाजसेवी विनोद सिंह ने जरूरतमंद महिलाओं को बांटी साड़ियां
जौनपुर। मां का स्थान स्वर्ग से भी बड़ा माना गया है, यही कारण है कि मां को भगवान का दर्जा दिया गया है। मुंबई के युवा समाजसेवी तथा केडीआर फाउंडेशन के निर्देशक विनोद सिंह और उनके भाइयों अमरधारी सिंह, अशोक सिंह व विनय सिंह ने अपनी मां श्रीमती केवला देवी रामबहाल सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर सैकड़ो जरूरतमंद महिलाओं को साड़ी का वितरण किया। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित कठार गांव के केडीआर हाउस में भजन संध्या एवं श्रद्धांजलि सभा के बीच आयोजित कार्यक्रम में जरूरतमंद महिलाओं को साड़ियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर सिंगरामऊ रियासत के कुंवर जयसिंह, भाजपा युवा नेता अखिल मिश्रा, बदलापुर नगरपालिका अध्यक्ष वैभव सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, सत्येंद्र सिंह घोड़ा वाला, रामधारी सिंह, सुभाष सिंह, प्रमोद शुक्ला, त्रिभुवन सिंह, राजेश सिंह, विशाल सिंह, विकास सिंह, सौरभ सिंह, शिवम सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह को आना था, परंतु एक आवश्यक मीटिंग में शामिल होने की सूचना मिलते ही उन्हें मुंबई वापस जाने के लिए लौटना पड़ा। उन्होंने  अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि मां के आशीर्वाद से ही बच्चे विकास करते हैं। अंत में अमरधारी सिंह ने अपने परिवार की तरफ से समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान कार्यक्रम में दिखा संस्कृति और कला का अद्भुत संगम
मुंबई। मुंबई में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा आयोजित “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम अत्यंत भव्य, गरिमामय और सांस्कृतिक उत्साह से परिपूर्ण रहा। राजस्थान की लोक-संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, रंग-बिरंगे नृत्य एवं मधुर संगीत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राजस्थानी रंग में रंग दिया। उपस्थित दर्शकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता और परंपरा का सुंदर उत्सव बताया। इस आयोजन का सफल नेतृत्व मंच की संस्थापक डॉ. मंजू लोढ़ा  द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन, समर्पण और सांस्कृतिक दृष्टि ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। डॉ. मंजू लोढ़ा  के नेतृत्व में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री रकुल प्रीत  सिंह का नाम विशेष रूप से जुड़ा रहा। सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं अभिनेत्री इला अरुण जी द्वारा कार्यक्रम हेतु एक विशेष शुभकामना संदेश (वीडियो) प्रेषित किया गया, जिसमें उन्होंने ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के इस सांस्कृतिक प्रयास की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
समारोह में सत्कार मूर्ति के रूप में महारानी मंदाकिनी कुमारी एवं ज्योति डी तोमर को सम्मानित किया गया, जो अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जानी जाती हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में रेखाराव, कुमार गौतम एवं विक्की हाडा के नाम उल्लेखनीय रहे। सभी ने मंच के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम की सफलता में सरोज कोठारी, मंजु सुराणा एवं सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण और सतत प्रयासों से आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत मंजू लोढ़ा की पुस्तक संवेदनाओं का सफर तथा यशवी लोढ़ा की पुस्तक टीनएज क्रॉनिकल्स -  का विमोचन हुआ।

ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के सभी सदस्यों ने पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित व्यक्तित्वों, कलाकारों एवं उपस्थित दर्शकों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सभी के सहयोग और सहभागिता से “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में स्थापित हुआ।
नाबालिग से बलात्कार के आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
*मुझे साजिश के तहत फंसाया गया, एसपी व आईजी से किया जांच की मांग

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत 15 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और बच्ची के जन्म के मामले में आरोपी अमिताभ तिवारी ने देर रात आत्मसमर्पण कर दिया है।अमिताभ तिवारी ने करनैलगंज कोतवाली पहुंचकर पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग की बात कही है तथा आत्मसमर्पण करने से पहले अमिताभ तिवारी ने एक वीडियो बयान जारी किया।वीडियो बयान में अमिताभ तिवारी ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके ऊपर लगे सभी आरोप झूठे हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि उनके द्वारा कुछ नहीं किया गया है और मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने पर वह कोतवाली में आत्मसमर्पण करने आए हैं।अमिताभ तिवारी ने देवीपाटन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग किया है तथा न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए इंसाफ मिलने का भरोसा जताया है।बताते चलें कि 15 वर्षीय पीड़िता के पिता ने अमिताभ तिवारी पर आरोप लगाया था कि उसने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फंसाकर दुष्कर्म किया,जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई और पीड़िता ने बीते 22 फरवरी को एक बच्चि को जन्म दिया है।इसके बाद करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने अमिताभ तिवारी के खिलाफ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।मामले में करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके परिवार व पीड़िता से पूछताछ की गई है।पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।कोतवाल ने यह भी कहा कि आरोपी ने आत्मसमर्पण करने से पहले जो भी बयान जारी किया है हमें उसकी कोई जानकारी नहीं है।
बरसाना होली ड्यूटी में ईमानदारी की मिसाल: PAC जवानों ने लौटाया मोबाइल व ₹7,530 नकद, एडीजी पीएसी ने की सराहना

बरसाना (जनपद मथुरा)। विश्वप्रसिद्ध बरसाना होली के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पीएसी जवानों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। दिनांक 25 फरवरी 2026 को बरसाना होली ड्यूटी के तहत डी दल, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा का व्यवस्थापन राधा कृष्ण कॉलेज ऑफ एजुकेशन, छाता रोड पर किया गया था। क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे।

एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली

ड्यूटी के दौरान दलनायक कमलेश ठाकुर और पीसी श्री लक्ष्मण सिंह को परिसर के आसपास गश्त करते समय एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली। जांच करने पर उसमें एक मोबाइल फोन, ₹7,530 नकद राशि और कुछ महत्वपूर्ण पहचान पत्र मिले।दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिसके आधार पर सामान के स्वामी की पहचान श्री अमन शर्मा, निवासी बरसाना के रूप में हुई। तत्पश्चात संबंधित व्यक्ति को संपर्क कर मौके पर बुलाया गया।

पीएसी जवानों की सजगता से संपत्ति की सुरक्षित बचा

पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल फोन, ₹7,530 की नकद धनराशि तथा सभी आईडी कार्ड सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दिए गए।सार्वजनिक आयोजन के दौरान अक्सर ऐसी वस्तुएं गुम हो जाती हैं, लेकिन पीएसी जवानों की सजगता और ईमानदारी के चलते एक नागरिक की महत्वपूर्ण संपत्ति सुरक्षित वापस मिल सकी। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की।

एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार  ने की सराहना

इस सराहनीय कार्य पर एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार ने दोनों कर्मियों की ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता की प्रशंसा की। उन्होंने सेनानायक, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा को निर्देशित किया कि संबंधित जवानों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य कर्मियों को भी सकारात्मक संदेश मिल सके।बरसाना होली जैसे विशाल आयोजनों में जहां सुरक्षा बलों की भूमिका चुनौतीपूर्ण होती है, वहीं इस तरह की घटनाएं पुलिस बल की मानवीय और जिम्मेदार छवि को और मजबूत करती हैं।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा*
सुलतानपुर,जनपद में व्यापारियों के हितों के लिए सदैव संघर्षरत रहने वाला एकमात्र संगठन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री हिमांशु मालवीय व क्षेत्रीय प्रभारी अवध क्षेत्र अमर बहादुर सिंह के दिशा निर्देशन एंव जिला प्रभारी प्रवींद्र भालोटिया की अध्यक्षता में जिला कोर कमेटी की बैठक में जिला अध्यक्ष के रूप में पुनः विजय प्रधान को जिले की कमान सौंपते हुए जिला महामंत्री तेजिंदर सिंह को मनोनीत किया गया। वहीं वरिष्ठ जिला महामंत्री का दायित्व पहले की तरह ही अम्बरीश मिश्रा ही उठाएंगें, एडवोकेट आशीष तिवारी जिला कोषाध्यक्ष का दायित्व लेंगे। इसी के साथ ही मुख्य संरक्षक के रूप में विजय मिश्रा, जिला संगठन महामंत्री का दायित्व अमरचंद साहू को दिया गया, विक्रांत दुबे धर्मेंद्र सिंह बबलू, संतोष सिंह राज, को संगठन मंत्री का दायित्व मिला, विनय सिंह, आशुतोष झा, रमेश कसौधन, परितोष कसौधन, अंकुर तिवारी को जिला उपाध्यक्ष का दायित्व मिला, सुनील सिंह, चंद्रदेव मिश्रा, दिनेश कसौधन, दिनेश गिरी, दीपक मोदनवाल, राकेश कौशल, जिला मंत्री का दायित्व निभाएंगे, नारायण राय, अवधेश अग्रहरि,सर्वेश सिंह, सुधा सिंह, को मीडिया प्रभारी बनाया गया विधिक सलाहकार के लिए राहुल श्रीवास्तव( इनकम टैक्स) कुलदीप श्रीवास्तव( सेल टैक्स) सुरेंद्रनाथ दुबे (सिविल ) सत्य प्रकाश पांडे (फौजदारी) उत्कर्ष शुक्ला (सिविल) का दायित्व निभाएंगे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. उपाध्याय ने 'बीज वक्ता' के रूप में बढ़ाया बलिया का मान
संजीव सिंह बलिया!बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' में जनपद के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान और प्रखर विचारक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर जिले का मान बढ़ाया। डॉ. उपाध्याय को इस वैचारिक महाकुंभ में विशिष्ट अतिथि एवं 'बीज वक्ता' के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने सनातन संस्कृति और रामकथा के अंतर्संबंधों का अत्यंत गंभीर और तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर डॉ. उपाध्याय ने रामायण के एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्रीराम के 'आतंकवाद विरोधी' स्वरूप की एक नवीन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम ने ऋषियों की हड्डियों का विशाल पहाड़ देखा और अपने गुरु से इसका कारण पूछा, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि ये उन महान ऋषियों के अवशेष हैं जिन्हें राक्षसों ने क्रूरतापूर्वक मार डाला था। डॉ. उपाध्याय ने इसके गहरे दार्शनिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि उस युग में ज्ञान 'श्रुति परंपरा' अर्थात सुनकर याद रखने पर आधारित था, क्योंकि तब कागज और कलम की खोज नहीं हुई थी। ऐसे में ज्ञान प्रदान करने वाले एक भी ऋषि की हत्या का अर्थ केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस संचित ज्ञान परंपरा की हत्या थी जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती थी। असंख्य ऋषियों की हत्या के माध्यम से ज्ञान के इस समूल विनाश को देखकर श्रीराम की करुणा 'महाक्रोध' में परिवर्तित हो गई और उन्होंने उसी क्षण यह दृढ़ प्रण लिया कि लंका विजय तो बाद की बात है, वह पहले अपने घर में बैठे इन आततायी राक्षसों और ज्ञान-विरोधी 'आतंकवादियों' का वध करेंगे। डॉ. उपाध्याय ने रेखांकित किया कि राम का यह संकल्प वास्तव में वैश्विक सभ्यता और ज्ञान-संस्कृति को बचाने का विश्व इतिहास का पहला बड़ा सुरक्षा अभियान था। मुख्य व्याख्यान को आगे बढ़ाते हुए डॉ. उपाध्याय ने प्रतिपादित किया कि बुंदेलखंड की माटी में राम केवल एक आराध्य देव भर नहीं हैं, बल्कि वे यहाँ की संपूर्ण जीवन पद्धति के आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओरछा के 'रामराजा' सरकार से लेकर गाँवों की चौपालों पर गाई जाने वाली 'फाग' और 'आल्हा' तक, राम बुंदेली समाज के प्रत्येक संस्कार और सांसों में रचे-बसे हैं। बुंदेलखंड के समृद्ध साहित्य ने राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को लोक-भाषा के माध्यम से जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का महती कार्य किया है। उनके अनुसार राम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति का पावन संगम ही वह अटूट सूत्र है, जो इस अंचल के समाज को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नैतिकता, मर्यादा और धैर्य की शक्ति प्रदान करता है। डॉ. उपाध्याय का यह उद्बोधन न केवल अकादमिक दृष्टि से उत्कृष्ट रहा, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के सम्मुख बुंदेलखंड की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को भी मजबूती से रखा। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों सहित विश्व के दस प्रमुख देशों के दिग्गज विद्वानों ने श्रीराम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति के अंतर्संबंधों पर गहन मंथन किया। परिचर्चा में नार्वे से डॉ. शरद आलोक, बुल्गारिया से डॉ. मौना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, कुवैत से संगीता चौबे 'पंखुड़ी', दुबई से डॉ. आरती लोकेश, नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पाण्डेय, न्यूज़ीलैंड से डॉ. सुनीता शर्मा, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति और सूरीनाम से लालाराम लैलावती एवं श्री धीरज कंधई जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। इस वैचारिक समागम में विभिन्न सत्रों के दौरान लगभग 100 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिससे रामकथा के वैश्विक और स्थानीय आयामों पर नई रोशनी पड़ी। आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के मुख्य सूत्रधार कला संकाय के अधिष्ठाता एवं संयोजक प्रो. (डॉ.) पुनीत बिसारिया, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर रहे, जिनके प्रयासों से यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को इस वैश्विक मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में सम्मानित होते देख जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। डॉ. गणेश पाठक, डॉ. जनार्दन राय, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. मदन राम, करुणानिधि तिवारी, राधेश्याम यादव, हरेंद्र नाथ मिश्र और लल्लन पाण्डेय आदि ने डॉ. उपाध्याय को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को समूचे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
मुख्यमंत्री की प्रशासनिक सख्ती

- सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए वल्लभ भवन में समय पर उपस्थिति के निर्देश, होगी छापामार कार्रवाई

भोपाल। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव आज भोपाल से बाहर दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को गुरुवार सुबह दस बजे से शाम के 6 बजे तक उपस्थित के लिए कहा गया है। इस दौरान वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा 

तीनों कार्यालय में अधिकारी एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय, और अनाधिकृत उपस्थिति की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने टीम बनाकर सभी जगह तैनात कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।

कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

आईटीबी बर्लिन में दिखेगी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सशक्त मौजूदगी, समृद्ध विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन
* 03 से 05 मार्च तक आयोजित आईटीबी बर्लिन-2026 में मनेंगे 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत के उत्सव

लखनऊ। विश्व पर्यटन उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच आईटीबी बर्लिन-2026 में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन संभावनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। 03 से 05 मार्च तक जर्मनी की राजधानी Berlin में आयोजित ‘इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्से बर्लिन’ में पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष उत्तर प्रदेश अपने विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किट्स, वेलनेस एवं एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक झलक प्रस्तुत करेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आयोजन बर्लिन एक्सपो सेंटर सिटी (मेसे डैम 22) में होगा। वर्ष 1966 से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय मेला वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन उद्योग का अग्रणी मंच रहा है। इस वर्ष यह अपने 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव मना रहा है।

* आईटीबी बर्लिन-2026 की थीम
इस वर्ष की थीम ‘Discover the Stories Behind 60 Years of Legacy’ रखी गई है, जो वैश्विक पर्यटन उद्योग के विकास, नवाचार, साझेदारी और प्रेरक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह थीम अतीत की विरासत को सम्मान देते हुए भविष्य की दिशा तय करने का संदेश देती है।* बदलती प्राथमिकताएं और उभरते रुझान
आईटीबी बर्लिन-2026 में प्रदर्शनी को भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ाते हुए विभिन्न बाजार खंडों में विभाजित किया गया है। इनमें एडवेंचर टूरिज्म, बिजनेस ट्रैवल, एलजीबीटीक्यू+ ट्रैवल, लग्जरी ट्रैवल, मेडिकल टूरिज्म तथा ट्रैवल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों और विभिन्न श्रेणी के यात्रियों को उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप अवसर प्रदान करना है।

* ‘वैश्विक मंच पर प्रदर्शित होंगी प्रदेश की पर्यटन संभावनाएं’
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन भव्य पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करेगा। पवेलियन में अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा में साइनेज एवं डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
प्रमुख पर्यटन सर्किट्स एवं वेलनेस टूरिज्म की जानकारी
इन माध्यमों से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन, प्राकृतिक स्थलों और निवेश संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि आईटीबी बर्लिन-2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश का पर्यटन विजन दुनिया से संवाद करेगा और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा प्रदान करेगा।
16 मार्च से शुरू होगी परिषदीय स्कूलों की परीक्षा



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी हो गई है। 16 से 20 मार्च तक होने वाली परीक्षा में पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे शामिल होंगे। 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। समय सारिणी जारी होते ही शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। अभी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। 10 मार्च तक यह सभी परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी। जिसको देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो व तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार व पांच में क्रमश: 70 व 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी आ गई है। जल्द ही प्रश्नपत्र तैयार कराकर विद्यालयों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
मां की पुण्यतिथि पर समाजसेवी विनोद सिंह ने जरूरतमंद महिलाओं को बांटी साड़ियां
जौनपुर। मां का स्थान स्वर्ग से भी बड़ा माना गया है, यही कारण है कि मां को भगवान का दर्जा दिया गया है। मुंबई के युवा समाजसेवी तथा केडीआर फाउंडेशन के निर्देशक विनोद सिंह और उनके भाइयों अमरधारी सिंह, अशोक सिंह व विनय सिंह ने अपनी मां श्रीमती केवला देवी रामबहाल सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर सैकड़ो जरूरतमंद महिलाओं को साड़ी का वितरण किया। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित कठार गांव के केडीआर हाउस में भजन संध्या एवं श्रद्धांजलि सभा के बीच आयोजित कार्यक्रम में जरूरतमंद महिलाओं को साड़ियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर सिंगरामऊ रियासत के कुंवर जयसिंह, भाजपा युवा नेता अखिल मिश्रा, बदलापुर नगरपालिका अध्यक्ष वैभव सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, सत्येंद्र सिंह घोड़ा वाला, रामधारी सिंह, सुभाष सिंह, प्रमोद शुक्ला, त्रिभुवन सिंह, राजेश सिंह, विशाल सिंह, विकास सिंह, सौरभ सिंह, शिवम सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह को आना था, परंतु एक आवश्यक मीटिंग में शामिल होने की सूचना मिलते ही उन्हें मुंबई वापस जाने के लिए लौटना पड़ा। उन्होंने  अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि मां के आशीर्वाद से ही बच्चे विकास करते हैं। अंत में अमरधारी सिंह ने अपने परिवार की तरफ से समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान कार्यक्रम में दिखा संस्कृति और कला का अद्भुत संगम
मुंबई। मुंबई में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा आयोजित “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम अत्यंत भव्य, गरिमामय और सांस्कृतिक उत्साह से परिपूर्ण रहा। राजस्थान की लोक-संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, रंग-बिरंगे नृत्य एवं मधुर संगीत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राजस्थानी रंग में रंग दिया। उपस्थित दर्शकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता और परंपरा का सुंदर उत्सव बताया। इस आयोजन का सफल नेतृत्व मंच की संस्थापक डॉ. मंजू लोढ़ा  द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन, समर्पण और सांस्कृतिक दृष्टि ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। डॉ. मंजू लोढ़ा  के नेतृत्व में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री रकुल प्रीत  सिंह का नाम विशेष रूप से जुड़ा रहा। सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं अभिनेत्री इला अरुण जी द्वारा कार्यक्रम हेतु एक विशेष शुभकामना संदेश (वीडियो) प्रेषित किया गया, जिसमें उन्होंने ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के इस सांस्कृतिक प्रयास की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
समारोह में सत्कार मूर्ति के रूप में महारानी मंदाकिनी कुमारी एवं ज्योति डी तोमर को सम्मानित किया गया, जो अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जानी जाती हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में रेखाराव, कुमार गौतम एवं विक्की हाडा के नाम उल्लेखनीय रहे। सभी ने मंच के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम की सफलता में सरोज कोठारी, मंजु सुराणा एवं सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण और सतत प्रयासों से आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत मंजू लोढ़ा की पुस्तक संवेदनाओं का सफर तथा यशवी लोढ़ा की पुस्तक टीनएज क्रॉनिकल्स -  का विमोचन हुआ।

ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के सभी सदस्यों ने पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित व्यक्तित्वों, कलाकारों एवं उपस्थित दर्शकों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सभी के सहयोग और सहभागिता से “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में स्थापित हुआ।
नाबालिग से बलात्कार के आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
*मुझे साजिश के तहत फंसाया गया, एसपी व आईजी से किया जांच की मांग

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत 15 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और बच्ची के जन्म के मामले में आरोपी अमिताभ तिवारी ने देर रात आत्मसमर्पण कर दिया है।अमिताभ तिवारी ने करनैलगंज कोतवाली पहुंचकर पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग की बात कही है तथा आत्मसमर्पण करने से पहले अमिताभ तिवारी ने एक वीडियो बयान जारी किया।वीडियो बयान में अमिताभ तिवारी ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके ऊपर लगे सभी आरोप झूठे हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि उनके द्वारा कुछ नहीं किया गया है और मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने पर वह कोतवाली में आत्मसमर्पण करने आए हैं।अमिताभ तिवारी ने देवीपाटन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग किया है तथा न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए इंसाफ मिलने का भरोसा जताया है।बताते चलें कि 15 वर्षीय पीड़िता के पिता ने अमिताभ तिवारी पर आरोप लगाया था कि उसने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फंसाकर दुष्कर्म किया,जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई और पीड़िता ने बीते 22 फरवरी को एक बच्चि को जन्म दिया है।इसके बाद करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने अमिताभ तिवारी के खिलाफ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।मामले में करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके परिवार व पीड़िता से पूछताछ की गई है।पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।कोतवाल ने यह भी कहा कि आरोपी ने आत्मसमर्पण करने से पहले जो भी बयान जारी किया है हमें उसकी कोई जानकारी नहीं है।
बरसाना होली ड्यूटी में ईमानदारी की मिसाल: PAC जवानों ने लौटाया मोबाइल व ₹7,530 नकद, एडीजी पीएसी ने की सराहना

बरसाना (जनपद मथुरा)। विश्वप्रसिद्ध बरसाना होली के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पीएसी जवानों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। दिनांक 25 फरवरी 2026 को बरसाना होली ड्यूटी के तहत डी दल, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा का व्यवस्थापन राधा कृष्ण कॉलेज ऑफ एजुकेशन, छाता रोड पर किया गया था। क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे।

एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली

ड्यूटी के दौरान दलनायक कमलेश ठाकुर और पीसी श्री लक्ष्मण सिंह को परिसर के आसपास गश्त करते समय एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली। जांच करने पर उसमें एक मोबाइल फोन, ₹7,530 नकद राशि और कुछ महत्वपूर्ण पहचान पत्र मिले।दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिसके आधार पर सामान के स्वामी की पहचान श्री अमन शर्मा, निवासी बरसाना के रूप में हुई। तत्पश्चात संबंधित व्यक्ति को संपर्क कर मौके पर बुलाया गया।

पीएसी जवानों की सजगता से संपत्ति की सुरक्षित बचा

पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल फोन, ₹7,530 की नकद धनराशि तथा सभी आईडी कार्ड सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दिए गए।सार्वजनिक आयोजन के दौरान अक्सर ऐसी वस्तुएं गुम हो जाती हैं, लेकिन पीएसी जवानों की सजगता और ईमानदारी के चलते एक नागरिक की महत्वपूर्ण संपत्ति सुरक्षित वापस मिल सकी। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की।

एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार  ने की सराहना

इस सराहनीय कार्य पर एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार ने दोनों कर्मियों की ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता की प्रशंसा की। उन्होंने सेनानायक, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा को निर्देशित किया कि संबंधित जवानों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य कर्मियों को भी सकारात्मक संदेश मिल सके।बरसाना होली जैसे विशाल आयोजनों में जहां सुरक्षा बलों की भूमिका चुनौतीपूर्ण होती है, वहीं इस तरह की घटनाएं पुलिस बल की मानवीय और जिम्मेदार छवि को और मजबूत करती हैं।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा*
सुलतानपुर,जनपद में व्यापारियों के हितों के लिए सदैव संघर्षरत रहने वाला एकमात्र संगठन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री हिमांशु मालवीय व क्षेत्रीय प्रभारी अवध क्षेत्र अमर बहादुर सिंह के दिशा निर्देशन एंव जिला प्रभारी प्रवींद्र भालोटिया की अध्यक्षता में जिला कोर कमेटी की बैठक में जिला अध्यक्ष के रूप में पुनः विजय प्रधान को जिले की कमान सौंपते हुए जिला महामंत्री तेजिंदर सिंह को मनोनीत किया गया। वहीं वरिष्ठ जिला महामंत्री का दायित्व पहले की तरह ही अम्बरीश मिश्रा ही उठाएंगें, एडवोकेट आशीष तिवारी जिला कोषाध्यक्ष का दायित्व लेंगे। इसी के साथ ही मुख्य संरक्षक के रूप में विजय मिश्रा, जिला संगठन महामंत्री का दायित्व अमरचंद साहू को दिया गया, विक्रांत दुबे धर्मेंद्र सिंह बबलू, संतोष सिंह राज, को संगठन मंत्री का दायित्व मिला, विनय सिंह, आशुतोष झा, रमेश कसौधन, परितोष कसौधन, अंकुर तिवारी को जिला उपाध्यक्ष का दायित्व मिला, सुनील सिंह, चंद्रदेव मिश्रा, दिनेश कसौधन, दिनेश गिरी, दीपक मोदनवाल, राकेश कौशल, जिला मंत्री का दायित्व निभाएंगे, नारायण राय, अवधेश अग्रहरि,सर्वेश सिंह, सुधा सिंह, को मीडिया प्रभारी बनाया गया विधिक सलाहकार के लिए राहुल श्रीवास्तव( इनकम टैक्स) कुलदीप श्रीवास्तव( सेल टैक्स) सुरेंद्रनाथ दुबे (सिविल ) सत्य प्रकाश पांडे (फौजदारी) उत्कर्ष शुक्ला (सिविल) का दायित्व निभाएंगे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. उपाध्याय ने 'बीज वक्ता' के रूप में बढ़ाया बलिया का मान
संजीव सिंह बलिया!बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' में जनपद के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान और प्रखर विचारक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर जिले का मान बढ़ाया। डॉ. उपाध्याय को इस वैचारिक महाकुंभ में विशिष्ट अतिथि एवं 'बीज वक्ता' के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने सनातन संस्कृति और रामकथा के अंतर्संबंधों का अत्यंत गंभीर और तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर डॉ. उपाध्याय ने रामायण के एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्रीराम के 'आतंकवाद विरोधी' स्वरूप की एक नवीन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम ने ऋषियों की हड्डियों का विशाल पहाड़ देखा और अपने गुरु से इसका कारण पूछा, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि ये उन महान ऋषियों के अवशेष हैं जिन्हें राक्षसों ने क्रूरतापूर्वक मार डाला था। डॉ. उपाध्याय ने इसके गहरे दार्शनिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि उस युग में ज्ञान 'श्रुति परंपरा' अर्थात सुनकर याद रखने पर आधारित था, क्योंकि तब कागज और कलम की खोज नहीं हुई थी। ऐसे में ज्ञान प्रदान करने वाले एक भी ऋषि की हत्या का अर्थ केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस संचित ज्ञान परंपरा की हत्या थी जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती थी। असंख्य ऋषियों की हत्या के माध्यम से ज्ञान के इस समूल विनाश को देखकर श्रीराम की करुणा 'महाक्रोध' में परिवर्तित हो गई और उन्होंने उसी क्षण यह दृढ़ प्रण लिया कि लंका विजय तो बाद की बात है, वह पहले अपने घर में बैठे इन आततायी राक्षसों और ज्ञान-विरोधी 'आतंकवादियों' का वध करेंगे। डॉ. उपाध्याय ने रेखांकित किया कि राम का यह संकल्प वास्तव में वैश्विक सभ्यता और ज्ञान-संस्कृति को बचाने का विश्व इतिहास का पहला बड़ा सुरक्षा अभियान था। मुख्य व्याख्यान को आगे बढ़ाते हुए डॉ. उपाध्याय ने प्रतिपादित किया कि बुंदेलखंड की माटी में राम केवल एक आराध्य देव भर नहीं हैं, बल्कि वे यहाँ की संपूर्ण जीवन पद्धति के आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओरछा के 'रामराजा' सरकार से लेकर गाँवों की चौपालों पर गाई जाने वाली 'फाग' और 'आल्हा' तक, राम बुंदेली समाज के प्रत्येक संस्कार और सांसों में रचे-बसे हैं। बुंदेलखंड के समृद्ध साहित्य ने राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को लोक-भाषा के माध्यम से जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का महती कार्य किया है। उनके अनुसार राम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति का पावन संगम ही वह अटूट सूत्र है, जो इस अंचल के समाज को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नैतिकता, मर्यादा और धैर्य की शक्ति प्रदान करता है। डॉ. उपाध्याय का यह उद्बोधन न केवल अकादमिक दृष्टि से उत्कृष्ट रहा, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के सम्मुख बुंदेलखंड की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को भी मजबूती से रखा। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों सहित विश्व के दस प्रमुख देशों के दिग्गज विद्वानों ने श्रीराम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति के अंतर्संबंधों पर गहन मंथन किया। परिचर्चा में नार्वे से डॉ. शरद आलोक, बुल्गारिया से डॉ. मौना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, कुवैत से संगीता चौबे 'पंखुड़ी', दुबई से डॉ. आरती लोकेश, नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पाण्डेय, न्यूज़ीलैंड से डॉ. सुनीता शर्मा, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति और सूरीनाम से लालाराम लैलावती एवं श्री धीरज कंधई जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। इस वैचारिक समागम में विभिन्न सत्रों के दौरान लगभग 100 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिससे रामकथा के वैश्विक और स्थानीय आयामों पर नई रोशनी पड़ी। आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के मुख्य सूत्रधार कला संकाय के अधिष्ठाता एवं संयोजक प्रो. (डॉ.) पुनीत बिसारिया, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर रहे, जिनके प्रयासों से यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को इस वैश्विक मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में सम्मानित होते देख जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। डॉ. गणेश पाठक, डॉ. जनार्दन राय, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. मदन राम, करुणानिधि तिवारी, राधेश्याम यादव, हरेंद्र नाथ मिश्र और लल्लन पाण्डेय आदि ने डॉ. उपाध्याय को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को समूचे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
मुख्यमंत्री की प्रशासनिक सख्ती

- सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए वल्लभ भवन में समय पर उपस्थिति के निर्देश, होगी छापामार कार्रवाई

भोपाल। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव आज भोपाल से बाहर दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को गुरुवार सुबह दस बजे से शाम के 6 बजे तक उपस्थित के लिए कहा गया है। इस दौरान वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा 

तीनों कार्यालय में अधिकारी एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय, और अनाधिकृत उपस्थिति की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने टीम बनाकर सभी जगह तैनात कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।