गैस बुकिंग के लिए फिर नया अपडेट, डबल कनेक्शन वालों को अब 35 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलिंडर

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मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के चलते देशभर में घरेलू गैस (एलपीजी) सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। इस बीच गैस बुकिंग को लेकर फिर नए नियम आ गए हैं। तेल कंपनियों ने इन्‍हें लागू कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को अगला सिलेंडर बुक करने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार कोई भी ग्राहक तय समय से पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य कालाबाजारी पर रोक लगाना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

दो सिलेंडर कनेक्शन वालों के लिए नया नियम

नए नियमों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और अगली रिफिल बुकिंग के बीच का अंतराल अब 25 दिन से बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना होगा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के तहत यह नियम खासतौर पर उन लोगों पर लागू होगा, जिनके पास दो सिलेंडर वाला कनेक्शन है। यानी डबल बॉटम कनेक्शन वालों के लिए ये नियम है।

उज्जवला लाभार्थियों को करना होगा और ज्यादा इंतजार

उज्जवला योजना के लाभार्थियों को अब और ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। इस योजना के तहत जुड़े लोगों को अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना अनिवार्य होगा। वहीं जिन उपभोक्ताओं के पास सिर्फ एक सिलेंडर वाला कनेक्शन है, वे पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी

यह समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसकी बुकिंग को खुद ब्लॉक कर देगा। इसके अलावा डिलीवरी के समय ओटीपी बताना भी अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी पूरी नहीं करता है, तो उसकी बुकिंग रद्द भी की जा सकती है।

छोटे सिलेंडरों के लिए भी बदले नियम

सिर्फ 14.2 किलो सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे सिलेंडरों के लिए भी नई समय सीमा लागू की गई है। 5 किलो के सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन और 10 किलो सिलेंडर के लिए 18 से 32 दिन निर्धारित किए गए हैं।

जे एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
जल संरक्षण करना जीवन के लिए अत्यधिक आवश्यक --प्रोफेसर वन्दना

फर्रुखाबाद l अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जिला फर्रुखाबाद एवं आकांक्षा समिति फर्रूखाबाद तथा जे एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट बघार  के संयुक्त तत्वावधान  में "स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम "थीम के तहत पर्यावरण जागरूकता एवं जल संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन कियाऐ गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की गतिविधि विकासार्थ विद्यार्थी, फर्रुखाबाद स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम द्वारा थीम आधारित *हाइड्रेटिंग लाइफ : इनोवेशन इन वॉटर फॉर सस्टेनेबल डेवलेपमेंट* विषय पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जे एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉक्टर शैलेंद्र यादव की अध्यक्षता  में संपन्न हुआ, कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण  एवं दीप प्रज्जवलन  के साथ प्रारंभ हुआ जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अत्यधिक मोबाइल और स्क्रीन उपयोग से दूर कर उन्हें शारीरिक एवं रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना था।
जिसमें जल संरक्षण, स्वच्छ जल के महत्व एवं नवाचार के माध्यम से सतत भारत निर्माण पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में बढ़ता स्क्रीन टाइम युवाओं के स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इसलिए आवश्यक है कि युवा खेल, योग, सामाजिक कार्यों एवं नवाचार गतिविधियों में अधिक समय दें।
इस अवसर अंतरराष्ट्रीय मुख्य अतिथि के नाते नेपाल देश से आए केंद्रीय प्रवासी छितराज न्यौपाने जी, कानपुर प्रांत के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री मनीष जी ने युवाओं से सतत विकास के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से आवाहन किया कि आप लोग विद्यार्थी परिषद से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं जिससे भारत विकसित भारत के सपने को यथाशीघ्र प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप नवयुग कन्या महाविद्यालय राजेंद्र नगर लखनऊ की संस्कृत विभाग की प्रोफेसर एवं आकांक्षा समिति की अध्यक्ष प्रो. वंदना द्विवेदी जी ने भारतीय ज्ञान परंपरा में जल,जंगल,जमीन,जन और जानवर के विशेष महत्व पर अपने व्याख्यान प्रकाश डाला एवं युवाओं को प्रकृति संरक्षण और संवर्धन के लिए आगे आने की बात की । उन्होंने कहा कि वेद कालीन मानव की पर्यावरण के साथ आत्मीयता उनकी जीवन शैली रही है प्रत्येक कार्य पर्यावरण के साथ उनके प्रगाढ़ प्रेम को प्रकट करता है पर्यावरण से उनके संबंध केवल उपभोग वादी ही नहीं थे अपितु  सहयोग वादी एवं रचनात्मक भी रहे हैं इस प्रकार वैदिक मानव का पर्यावरणीय अंतर्संबंध गहराइयों तक रहा है जो आज भी अनु करणीय है समय, समाज एवं सभ्यता के परिवर्तन के उपरांत भी ऋषियों का पर्यावरणीय संबंध शाश्वत है पर्यावरणीय चिंतन शाश्वत है जिसे कोई भी चुनौती नहीं दे सकता क्योंकि यह वैश्विक कल्याण तथा ब्रह्मांड के संरक्षण की भावना से जुड़ा हुआ है।
एस डी एफ प्रमुख डॉ इंद्रेश शुक्ल जी ने( वाटर प्रबंधन)जल प्रबंधन भारत की तकनीकी और पर्यावरण प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया तथा “जल, जंगल, जमीन, जानवर” के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। पर्यावरणविद श्रीमती  गुंजा जैन ने भी जल संरक्षण मृदा संरक्षण तथा प्लास्टिक द्वारा पर्यावरण के नुकसान पर  विचार व्यक्त किया गया।इस अवसर पर आकांक्षा समिति की डॉक्टर ज्योति गुप्ता श्रद्धा दुबे साक्षी गुप्ता आदि उपस्थित रहीं
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और इस पहल को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर शिवांगी यादव के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।
इनामी बदमाश ने जौनपुर के सरपतहा थाने में किया सरेंडर,सुल्तानपुर पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की कार्रवाई,25-25 हजार का था इनाम*
सुलतानपुर के चर्चित कल्याणपुर गोलीकांड का फरार अभियुक्त नितिन तिवारी ने जौनपुर के सरपतहा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया है। सुलतानपुर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नितिन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

नितिन तिवारी,जो मूल रूप से जौनपुर के सरपतहा थाना क्षेत्र के चौबाहा गांव का निवासी है,कल्याणपुर गोलीकांड के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के बढ़ते दबाव और इनाम घोषित होने के बाद उसने खुद को घिरा हुआ महसूस किया और अपने गृह जनपद में आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। नितिन तिवारी के आत्मसमर्पण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह खुद को सरपतहा थाने में पुलिस के हवाले करते हुए 'सही-सलामत' स्थिति में दिख रहा है। माना जा रहा है कि मुठभेड़ के डर से अभियुक्त ने सार्वजनिक रूप से आत्मसमर्पण करने की रणनीति अपनाई ताकि उसकी गिरफ्तारी रिकॉर्ड पर रहे।

इस संबंध में सीओ विनय गौतम ने बताया कि 15 मार्च को अखण्डनगर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में हुई मारपीट और गोलीबारी के मामले में अब तक 12 अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है। शेष फरार अभियुक्तों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सीओ गौतम ने बताया कि बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई थीं। पुलिस के दबाव के कारण नितिन तिवारी ने सरपतहा थाने में आत्मसमर्पण किया, जहां से अखण्डनगर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गोलीकांड से जुड़े अन्य तथ्यों व संलिप्त लोगों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है।
रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
प्रधान से रिश्वत लेने पर दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, हो सकती है कार्रवाई

फर्रुखाबाद l रिश्वत लेने वाले दरोगा के खिलाफ ग्राम प्रधान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के आदेश पर कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध कोतवाली फतेहगढ़ में रिपोर्ट दर्ज की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर ने ग्राम पंचायत निसाई की प्रधान गीता देवी से नकद व ऑनलाइन रुपए लिए हैं।

गीता देवी की शिकायत सही पाई जाने पर दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रधान गीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में कहा है कि ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों द्वारा अबैध कब्जा कर लिया है जिसकी जांच कारवाई के नाम पर जब थाना मोहम्मदाबाद  गए तो सुरेश चाहर (हल्का इंचार्ज) द्वारा अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में व नकद सुविधा शुल्क के नाम पर  75000 रुपए नकद यूपीआई के माध्यम से 19 सितम्बर से अभी तक अलग-अलग तारीखों में रुपए लिए गये।

प्रधान ने पुलिस को तहरीर के साथ यूपीआई से भेजी गई धनराशि का स्क्रीनशॉट का हवाला भी दिया है । रिश्वत के मामले में दरोगा सुरेश चाहर को  निलंबित कर दिया जाना चाहिए, प्रधान पति सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने  प्रधान गीता देवी के बयान लेने के बाद प्रधान की शिकायत एडीजी के पास भेज दिया l
टिकोला शुगर मिल ने 12.65 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान जारी किया


मेरठ। बहसूमा। टिकोला शुगर मिल ने पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत किसानों के गन्ना मूल्य का बड़ा भुगतान जारी कर दिया है। मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹12.65 करोड़ (बारह करोड़ पैंसठ लाख रुपये) का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।

मिल प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपने-अपने संबंधित बैंकों के माध्यम से भुगतान की पुष्टि कर लें। साथ ही यह भी बताया गया कि आगे से किसानों को सुविधा देने के लिए चीनी मिल द्वारा सप्ताह में दो बार गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा, जिससे किसानों को समय पर धनराशि मिल सके।

किसानों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे साफ-सुथरा, ताजा, जड़-पत्ती, मिट्टी एवं हरे अगोला रहित गन्ना ही मिल को आपूर्ति करें, ताकि गुणवत्ता बेहतर बनी रहे। यदि किसी किसान के पास अतिरिक्त गन्ना उपलब्ध हो, तो वह चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर आवश्यकतानुसार सट्टा प्राप्त कर सकता है।

इसके अलावा किसानों से अपने बेसिक कोटा को पूर्ण करने और टिकोला शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि वे मिल द्वारा चलाई जा रही इनामी व उपहार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
ड्रोन उड़ाकर बच्चों ने दिखाया हुनर, डी मोनफोर अकादमी में पैरेंट-टीचर मीटिंग संपन्न
मेरठ। डी मोनफोर अकादमी में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही पैरेंट-टीचर मीटिंग का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों के वार्षिक प्रदर्शन, प्रगति रिपोर्ट और उनके तकनीकी कौशलों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन प्रदर्शन रहा, जिसमें बच्चों ने स्वयं ड्रोन उड़ाकर अपनी तकनीकी दक्षता का शानदार परिचय दिया। विद्यालय में पूर्व में आयोजित रोबोटिक्स सत्र के अंतर्गत बच्चों को रोबोट बनाना और उसे संचालित करना सिखाया गया था, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम इस कार्यक्रम में देखने को मिला।

इसके साथ ही विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुओं और मॉडलों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। अभिभावकों ने बच्चों की रचनात्मकता और नवाचार की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके व्यवहारिक और तकनीकी विकास की जानकारी दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों जैसे रोबोटिक्स और ड्रोन में भी दक्ष बनाना है। उप-प्रधानाचार्या ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए शिक्षकों के प्रयासों को सराहा।

विद्यालय के निदेशक एवं निर्देशिका ने भी इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया और अभिभावकों से बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करने की अपील की।
मौसम बदला, बिगड़ी सेहत,2 महीने में पहली बार ओपीडी में पहुंचे 1103 मरीज
अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर थे पीड़ित

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पश्चिम विक्षोभ के कारण ,पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में अचनाक बदलाव हुआ था। मंगलवार को इसका असर सेहत पर देखाई दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड 1103 मरीज आए। बीते दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोमवार की ओपीडी में इतने मरीज आए। लगभग 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित रहे।

सामान्य दिनों में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं। अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर लोग पीड़ित थे। कुछ मरीजों को ज्यादा खांसी आने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि अचानक तापमान कम होने से लोगों के शरीर का तापमान वर्तमान मौसम से समन्वय नहीं बना सका है।

इस कारण लोग मौसमी बीमारी से ज्यादा परेशान हैं। इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को पहले बुखार आता है। फिर सर्दी-जुकाम हो जाता है। तीन दिनों तक लोग ज्यादा परेशान रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं।
गैस बुकिंग के लिए फिर नया अपडेट, डबल कनेक्शन वालों को अब 35 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलिंडर

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मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के चलते देशभर में घरेलू गैस (एलपीजी) सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। इस बीच गैस बुकिंग को लेकर फिर नए नियम आ गए हैं। तेल कंपनियों ने इन्‍हें लागू कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को अगला सिलेंडर बुक करने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार कोई भी ग्राहक तय समय से पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य कालाबाजारी पर रोक लगाना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

दो सिलेंडर कनेक्शन वालों के लिए नया नियम

नए नियमों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और अगली रिफिल बुकिंग के बीच का अंतराल अब 25 दिन से बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना होगा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के तहत यह नियम खासतौर पर उन लोगों पर लागू होगा, जिनके पास दो सिलेंडर वाला कनेक्शन है। यानी डबल बॉटम कनेक्शन वालों के लिए ये नियम है।

उज्जवला लाभार्थियों को करना होगा और ज्यादा इंतजार

उज्जवला योजना के लाभार्थियों को अब और ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। इस योजना के तहत जुड़े लोगों को अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना अनिवार्य होगा। वहीं जिन उपभोक्ताओं के पास सिर्फ एक सिलेंडर वाला कनेक्शन है, वे पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी

यह समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसकी बुकिंग को खुद ब्लॉक कर देगा। इसके अलावा डिलीवरी के समय ओटीपी बताना भी अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी पूरी नहीं करता है, तो उसकी बुकिंग रद्द भी की जा सकती है।

छोटे सिलेंडरों के लिए भी बदले नियम

सिर्फ 14.2 किलो सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे सिलेंडरों के लिए भी नई समय सीमा लागू की गई है। 5 किलो के सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन और 10 किलो सिलेंडर के लिए 18 से 32 दिन निर्धारित किए गए हैं।

जे एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
जल संरक्षण करना जीवन के लिए अत्यधिक आवश्यक --प्रोफेसर वन्दना

फर्रुखाबाद l अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जिला फर्रुखाबाद एवं आकांक्षा समिति फर्रूखाबाद तथा जे एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट बघार  के संयुक्त तत्वावधान  में "स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम "थीम के तहत पर्यावरण जागरूकता एवं जल संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन कियाऐ गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की गतिविधि विकासार्थ विद्यार्थी, फर्रुखाबाद स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम द्वारा थीम आधारित *हाइड्रेटिंग लाइफ : इनोवेशन इन वॉटर फॉर सस्टेनेबल डेवलेपमेंट* विषय पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जे एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉक्टर शैलेंद्र यादव की अध्यक्षता  में संपन्न हुआ, कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण  एवं दीप प्रज्जवलन  के साथ प्रारंभ हुआ जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अत्यधिक मोबाइल और स्क्रीन उपयोग से दूर कर उन्हें शारीरिक एवं रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना था।
जिसमें जल संरक्षण, स्वच्छ जल के महत्व एवं नवाचार के माध्यम से सतत भारत निर्माण पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में बढ़ता स्क्रीन टाइम युवाओं के स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इसलिए आवश्यक है कि युवा खेल, योग, सामाजिक कार्यों एवं नवाचार गतिविधियों में अधिक समय दें।
इस अवसर अंतरराष्ट्रीय मुख्य अतिथि के नाते नेपाल देश से आए केंद्रीय प्रवासी छितराज न्यौपाने जी, कानपुर प्रांत के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री मनीष जी ने युवाओं से सतत विकास के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से आवाहन किया कि आप लोग विद्यार्थी परिषद से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं जिससे भारत विकसित भारत के सपने को यथाशीघ्र प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप नवयुग कन्या महाविद्यालय राजेंद्र नगर लखनऊ की संस्कृत विभाग की प्रोफेसर एवं आकांक्षा समिति की अध्यक्ष प्रो. वंदना द्विवेदी जी ने भारतीय ज्ञान परंपरा में जल,जंगल,जमीन,जन और जानवर के विशेष महत्व पर अपने व्याख्यान प्रकाश डाला एवं युवाओं को प्रकृति संरक्षण और संवर्धन के लिए आगे आने की बात की । उन्होंने कहा कि वेद कालीन मानव की पर्यावरण के साथ आत्मीयता उनकी जीवन शैली रही है प्रत्येक कार्य पर्यावरण के साथ उनके प्रगाढ़ प्रेम को प्रकट करता है पर्यावरण से उनके संबंध केवल उपभोग वादी ही नहीं थे अपितु  सहयोग वादी एवं रचनात्मक भी रहे हैं इस प्रकार वैदिक मानव का पर्यावरणीय अंतर्संबंध गहराइयों तक रहा है जो आज भी अनु करणीय है समय, समाज एवं सभ्यता के परिवर्तन के उपरांत भी ऋषियों का पर्यावरणीय संबंध शाश्वत है पर्यावरणीय चिंतन शाश्वत है जिसे कोई भी चुनौती नहीं दे सकता क्योंकि यह वैश्विक कल्याण तथा ब्रह्मांड के संरक्षण की भावना से जुड़ा हुआ है।
एस डी एफ प्रमुख डॉ इंद्रेश शुक्ल जी ने( वाटर प्रबंधन)जल प्रबंधन भारत की तकनीकी और पर्यावरण प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया तथा “जल, जंगल, जमीन, जानवर” के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। पर्यावरणविद श्रीमती  गुंजा जैन ने भी जल संरक्षण मृदा संरक्षण तथा प्लास्टिक द्वारा पर्यावरण के नुकसान पर  विचार व्यक्त किया गया।इस अवसर पर आकांक्षा समिति की डॉक्टर ज्योति गुप्ता श्रद्धा दुबे साक्षी गुप्ता आदि उपस्थित रहीं
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और इस पहल को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर शिवांगी यादव के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।
इनामी बदमाश ने जौनपुर के सरपतहा थाने में किया सरेंडर,सुल्तानपुर पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की कार्रवाई,25-25 हजार का था इनाम*
सुलतानपुर के चर्चित कल्याणपुर गोलीकांड का फरार अभियुक्त नितिन तिवारी ने जौनपुर के सरपतहा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया है। सुलतानपुर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नितिन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

नितिन तिवारी,जो मूल रूप से जौनपुर के सरपतहा थाना क्षेत्र के चौबाहा गांव का निवासी है,कल्याणपुर गोलीकांड के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के बढ़ते दबाव और इनाम घोषित होने के बाद उसने खुद को घिरा हुआ महसूस किया और अपने गृह जनपद में आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। नितिन तिवारी के आत्मसमर्पण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह खुद को सरपतहा थाने में पुलिस के हवाले करते हुए 'सही-सलामत' स्थिति में दिख रहा है। माना जा रहा है कि मुठभेड़ के डर से अभियुक्त ने सार्वजनिक रूप से आत्मसमर्पण करने की रणनीति अपनाई ताकि उसकी गिरफ्तारी रिकॉर्ड पर रहे।

इस संबंध में सीओ विनय गौतम ने बताया कि 15 मार्च को अखण्डनगर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में हुई मारपीट और गोलीबारी के मामले में अब तक 12 अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है। शेष फरार अभियुक्तों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सीओ गौतम ने बताया कि बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई थीं। पुलिस के दबाव के कारण नितिन तिवारी ने सरपतहा थाने में आत्मसमर्पण किया, जहां से अखण्डनगर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गोलीकांड से जुड़े अन्य तथ्यों व संलिप्त लोगों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है।
रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
प्रधान से रिश्वत लेने पर दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, हो सकती है कार्रवाई

फर्रुखाबाद l रिश्वत लेने वाले दरोगा के खिलाफ ग्राम प्रधान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के आदेश पर कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध कोतवाली फतेहगढ़ में रिपोर्ट दर्ज की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद के दरोगा सुरेश चाहर ने ग्राम पंचायत निसाई की प्रधान गीता देवी से नकद व ऑनलाइन रुपए लिए हैं।

गीता देवी की शिकायत सही पाई जाने पर दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रधान गीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में कहा है कि ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों द्वारा अबैध कब्जा कर लिया है जिसकी जांच कारवाई के नाम पर जब थाना मोहम्मदाबाद  गए तो सुरेश चाहर (हल्का इंचार्ज) द्वारा अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में व नकद सुविधा शुल्क के नाम पर  75000 रुपए नकद यूपीआई के माध्यम से 19 सितम्बर से अभी तक अलग-अलग तारीखों में रुपए लिए गये।

प्रधान ने पुलिस को तहरीर के साथ यूपीआई से भेजी गई धनराशि का स्क्रीनशॉट का हवाला भी दिया है । रिश्वत के मामले में दरोगा सुरेश चाहर को  निलंबित कर दिया जाना चाहिए, प्रधान पति सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने  प्रधान गीता देवी के बयान लेने के बाद प्रधान की शिकायत एडीजी के पास भेज दिया l
टिकोला शुगर मिल ने 12.65 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान जारी किया


मेरठ। बहसूमा। टिकोला शुगर मिल ने पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत किसानों के गन्ना मूल्य का बड़ा भुगतान जारी कर दिया है। मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹12.65 करोड़ (बारह करोड़ पैंसठ लाख रुपये) का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।

मिल प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपने-अपने संबंधित बैंकों के माध्यम से भुगतान की पुष्टि कर लें। साथ ही यह भी बताया गया कि आगे से किसानों को सुविधा देने के लिए चीनी मिल द्वारा सप्ताह में दो बार गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा, जिससे किसानों को समय पर धनराशि मिल सके।

किसानों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे साफ-सुथरा, ताजा, जड़-पत्ती, मिट्टी एवं हरे अगोला रहित गन्ना ही मिल को आपूर्ति करें, ताकि गुणवत्ता बेहतर बनी रहे। यदि किसी किसान के पास अतिरिक्त गन्ना उपलब्ध हो, तो वह चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर आवश्यकतानुसार सट्टा प्राप्त कर सकता है।

इसके अलावा किसानों से अपने बेसिक कोटा को पूर्ण करने और टिकोला शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि वे मिल द्वारा चलाई जा रही इनामी व उपहार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
ड्रोन उड़ाकर बच्चों ने दिखाया हुनर, डी मोनफोर अकादमी में पैरेंट-टीचर मीटिंग संपन्न
मेरठ। डी मोनफोर अकादमी में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही पैरेंट-टीचर मीटिंग का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों के वार्षिक प्रदर्शन, प्रगति रिपोर्ट और उनके तकनीकी कौशलों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन प्रदर्शन रहा, जिसमें बच्चों ने स्वयं ड्रोन उड़ाकर अपनी तकनीकी दक्षता का शानदार परिचय दिया। विद्यालय में पूर्व में आयोजित रोबोटिक्स सत्र के अंतर्गत बच्चों को रोबोट बनाना और उसे संचालित करना सिखाया गया था, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम इस कार्यक्रम में देखने को मिला।

इसके साथ ही विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुओं और मॉडलों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। अभिभावकों ने बच्चों की रचनात्मकता और नवाचार की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके व्यवहारिक और तकनीकी विकास की जानकारी दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों जैसे रोबोटिक्स और ड्रोन में भी दक्ष बनाना है। उप-प्रधानाचार्या ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए शिक्षकों के प्रयासों को सराहा।

विद्यालय के निदेशक एवं निर्देशिका ने भी इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया और अभिभावकों से बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करने की अपील की।
मौसम बदला, बिगड़ी सेहत,2 महीने में पहली बार ओपीडी में पहुंचे 1103 मरीज
अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर थे पीड़ित

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पश्चिम विक्षोभ के कारण ,पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में अचनाक बदलाव हुआ था। मंगलवार को इसका असर सेहत पर देखाई दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड 1103 मरीज आए। बीते दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोमवार की ओपीडी में इतने मरीज आए। लगभग 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित रहे।

सामान्य दिनों में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं। अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर लोग पीड़ित थे। कुछ मरीजों को ज्यादा खांसी आने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि अचानक तापमान कम होने से लोगों के शरीर का तापमान वर्तमान मौसम से समन्वय नहीं बना सका है।

इस कारण लोग मौसमी बीमारी से ज्यादा परेशान हैं। इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को पहले बुखार आता है। फिर सर्दी-जुकाम हो जाता है। तीन दिनों तक लोग ज्यादा परेशान रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं।