क्या CM ममता के जीतने पर इस्तीफा देने की हिम्मत है? डेरेक ओ'ब्रायन का पीएम मोदी को चुनौती

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पश्चिम बंगाल दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसी बीच ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़ी चुनौती दी है। डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर 4 मई को ममता बनर्जी और टीएमसी पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज करती है, तो प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

पूछा- क्या इस्तीफा देने की हिम्मत है

डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- नरेंद्र, आपने कहा था कि आप बंगाल की सभी 294 सीटों के उम्मीदवार हैं। बड़ी-बड़ी बातें छोड़िए और यह चुनौती स्वीकार कीजिए। उन्होंने आगे कहा कि 4 मई को जब ममता बनर्जी और टीएमसी बंगाल जीत जाए, तो प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दीजिए। क्या हिम्मत है?

क्या बंगाल में बदलेगी सरकार?

बता दें कि बुधवार 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। इन सीटों में ज्यादातर इलाके टीएमसी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। बीजेपी ने बंगाल चुनाव में पूरी ताकत झोंक रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मार्च से अब तक राज्य में 19 चुनावी रैलियां की हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो चुनावी उत्साह का संकेत है। बीजेपी इस चुनाव को राज्य में सत्ता परिवर्तन के बड़े मौके के रूप में देख रही है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, ₹820 करोड़ की सड़क परियोजनाओं सहित 15 प्रस्तावों पर मुहर

W.P.(S) No.-4299/2024 सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-05.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 192/2025, सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "Construction of Elevated road/Flyover at Argora Chowk from Harmu (Near KAV's Restaurant) to Dibdih Bridge (Near Sailor's Knot Restaurant) with legs toward Kathal More (Chaputoli) and Towards Ashok Nagar (Near Road No. 3) including service road (कुल लंबाई-3.804 कि०मी०) (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं R&R सहित)" हेतु रू० 469,62,12,300/- (चार सौ उनहत्तर करोड़ बासठ लाख बारह हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "करमटोली से साईंस सिटी फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) (कुल लम्बाई-3.216 कि०मी०) निर्माण कार्य (भू-अर्जन, R&R, युटिलिटी शिफ्टींग, वनरोपन एवं बागवानी सहित)" हेतु रू० 351,14,44,800 /- (तीन सौ इक्यावन करोड़ चौदह लाख चौवालीस हजार आठ सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standard Authority) के गठन की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई।

दिनांक-13.07.2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में W.P. (S) No.- 1298/2023 अनिल कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में पारित AWARD के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

W.P.(S) No.- 4501/2024 प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-24.10.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 347/2025, प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री प्रभाकर सारंगी, सेवानिवृत कोषरक्षक-सह-चौकीदार, लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला एवं 24 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना करने, उक्त Foundation अन्तर्गत 04 Centre of Excellences (CoEs) का संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में कुल रूपये 22,97,31,238/-(बाईस करोड़ सत्तानवे लाख इकतीस हजार दो सौ अड़तीस रुपये) मात्र के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

L.P.A. No.-346/2017 The State of Jharkhand Vs Ram Bali Das & Ors. एवं L.P.A. No.-509/2017 The State of Jharkhand Vs Maini Devi में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-12.01.2023 को पारित Common न्यायादेश के अनुपालन एवं विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री रामबली दास, श्री उपेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती मैनी देवी झारखण्ड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.11.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री प्रदीप कुमार, सेवानिवृत भा०व०से० पदाधिकारी (झा०-82) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) के वेतनमान (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पेंशन एवं परिणामी लाभों के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत "श्री बंशीधर नगर" अनुमंडल के नाम में आंशिक संशोधन करते हुए "श्री बंशीधर नगर उंटारी" के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

राज्य में AI Innovation एवं Adoption को गति प्रदान करने के लिए Google LLC के साथ MoU करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय अधिसूचना सं०-3842/रा०, दिनांक-24.11.2023 में प्रथम संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 20, अनुसूचित जाति के अधिकतम 10, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14 एवं अल्पसंख्यक के अधिकतम 06 कुल अधिकतम 50 (पचास) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर प्रत्येक वर्ष विदेश में स्थित चयनित अग्रणी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के चयनित कोर्स (Course) में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा 01 (एक) वर्षीय मास्टर्स (Masters) हेतु छात्रवृति सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।*

हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

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पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

गया में पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप: सैटेलाइट टाउनशिप में सरकारी रोक के बावजूद काम जारी, DM से शिकायत

गया: गयाजी शहर के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के चपरदह गांव निवासी सुबोध कुमार ने अपनी पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को जिलाधिकारी को आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो बड़ा विवाद हो सकता है। आवेदन में कहा गया है कि विभा रानी (पति मनीष कुमार सिंह) और नीलम देवी (पति सत्य प्रकाश) परसावां स्थित जमीन पर जबरन निर्माण करा रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अपने पद और पहुंच का धौंस दिखाकर निर्माण हर हाल में जारी रखने की बात कह रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिहार सरकार ने 11 शहरों जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद, टाउनशिप के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर जबरन निर्माण कार्य जारी है। सुबोध कुमार ने बताया कि विवादित जमीन खाता संख्या 86, प्लॉट संख्या 795, रकबा 1 एकड़ 66 डिसमिल है, जो परसावां गांव में स्थित है। इलाके में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण भू-माफियाओं की नजर इस पर टिकी हुई है। मगध मेडिकल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था। हालांकि, पुलिस के जाते ही काम फिर से शुरू हो गया।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
हजारीबाग यूथ विंग ने उपायुक्त हेमंत सती से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक कार्यों की दी जानकारी

हजारीबाग: मंगलवार को हजारीबाग यूथ विंग के एक प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती से उनके कार्यालय (एनआईसी) में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर उपायुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग आगमन पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पिछले 5 वर्षों में किए गए सामाजिक एवं जनहित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जरूरतमंदों की सहायता, गरीब बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जैसे कार्यों के माध्यम से संस्था ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।

विशेष रूप से 13 अप्रैल को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उल्लेख करते हुए बताया गया कि यह हजारीबाग का अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर रहा, जिसमें कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस पहल से कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और कई जिंदगियों को बचाने में मदद मिली। इसे जिले में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उपायुक्त हेमंत सती ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि सदस्यों में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का जज्बा हो, तो वे निश्चित रूप से जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि जनहितकारी कार्यों का दायरा और बढ़ाया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि संस्था बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है और सभी सदस्य इसी भावना के साथ जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए कार्य एक शुरुआत हैं और आने वाले समय में संस्था बड़े स्तर पर सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, मार्गदर्शक संजय कुमार, डॉक्टर बी. वेंकटेश, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रज्ञा कुमारी, कैलाश कुमार एवं उदित तिवारी सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सामाजिक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक की गई आयोजित*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईसीडीएस जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बीएचएनडी सत्र का आयोजन सभी विकास खंडों में शत प्रतिशत न होने पर सीडीपीओ भदोही, औराई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने पर  जिला कार्यक्रम अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिया।
          जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि समस्त सीडीपीओ की मॉनिटरिंग करें तथा समय से पोषण आहार का वितरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पोषण आहार की मांग के संबंध में समय से शासन को डिमांड प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के वजन, गृह भ्रमण, सी०बी०ई० आदि की रिपोर्ट समय से पोषण ट्रैकर ऐप पर फीडिंग कराना सुनिश्चित करें।
        सैम/मैम बच्चों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी शत प्रतिशत सैम/मैम बच्चों का चिन्हांकन कर उनको सैम/मैम की श्रेणी से बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार एनआरसी पर सैम/मैम बच्चों को भर्ती किया जाए।
         जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर हॉटकुक्ड मील योजना के अंतर्गत मीनू के अनुसार बच्चों क़ो गरम खाना दिया जाए। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निर्धारित समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से घर-घर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को एनीमिया के बारे में जानकारी दी जाए तथा उन्हें हरी सब्जी, फल, गुड आदि का सेवन करने के लिए जागरूक करें, ताकि वे एनीमिया से ग्रसित ना हो।
       बैठक में उपायुक्त मनरेगा राजा राम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संतोष कुमार चक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा सहित समस्त सीडीपीओ एवं अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
*स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, नोटिस और सेवा समाप्ति के दिए निर्देश*
*डीएम शैलेष कुमार का कड़ा रुख, गैरहाजिरी व ढिलाई पर कार्रवाई, अवैध अस्पतालों की जांच के आदेश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्य एवं वित्तीय प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने एमसीएस ज्ञानपुर के द्वारा टोटल ई-प्रिक्रिप्सन डॉक्टर डेस्क में अपेक्षित प्रगति न होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर एमसीएस अधीक्षक ज्ञानपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिया। साथ ही अवैध चल रहे चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के लिए सम्बन्धित एमओआईसी को निर्देश दिया। साथ ही जनऔषधि केन्द्रों की जॉच करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया।
          डी०आई०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि एच०पी०वी० वैक्सिन एक महत्वपूर्ण टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाता है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) का कारण बनता है, यह टीका 09 से 14 वर्ष लड़कियों के लिए प्रभावी है। परन्तु दिशा-निर्देश के अनुसार अभियान के रूप में जनपद स्तर पर यह वैक्सिन 14 वर्ष की किशोरियों को निःशुल्क लगाया जाना है। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जायेगा। 03 माह के पश्चात यह वैक्सीन प्रत्येक वी०एच०एन०डी० सत्र पर निःशुल्क लगाया जायेगा। जिस कम में समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त अधीक्षक उक्त अभियान के अन्तर्गत अपने अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष कि किशारियों का डयूलिस्ट बनाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। डी०टी०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि रजनीश कुमार, एकाउन्टेन्ट टी०बी० कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नोटिस देने के उपरांत भी अपने कार्याे में कोई सुधार नही किया गया तथा निःक्षय पोर्टल पर डी०बी०टी० के फीडिंग का कार्य पूर्ण नही हो पा रहा है। जिस पर जिला कार्यकम प्रबन्धक द्वारा एन०एच०एम० के एच०आर० पालिसी पर चर्चा की गयी। उक्त के कम में अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त कर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही किये जाने के दृष्टिगत सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई।
बैठक में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें। ेउन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर समय से उपस्थित रहकर मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करें , किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यू0पी0 हेल्थ डैशबोर्ड के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा की गयी। स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम की कंपोजिट रिपोर्ट अगले बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सभी एमओआईसी, आशा व एएनएम की हफ्ते में बैठक कर सघन समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक की कार्यवृत्ति में सभी बिन्दुओं की समीक्षा अगले दिन तक अवश्य उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्वालिटी एश्योंरेस कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर में लैब स्लैब एवं बेसिंग उपलब्धता पर बल दिया। स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों के उपस्थिति की चेकिंग एवं कार्य के प्रति उनकी दक्षता का सतत् मूल्यांकन हो। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यक्तिगत व टीम बेस्ड इंटेंसिव बढ़ाने व सुधार करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। सभी पीएचसी, सीएचसी पर ड्यूटीरूम सहित सभी जगह साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाये, इस सन्दर्भ में आशा व एएनएम को प्रेरित करें। प्रसूता को कम से कम 48 घण्टे अस्पताल में रूकने हेतु प्रेरित किया जाय। जिलाधिकारी ने जनपद में कार्यरत सभी कम्युनिटी आफिसर को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मन्दिर की प्रभावी क्रियाशीलता हेतु अटेन्डेंस के माध्यम से नियमित करें, लापरवाही न बरते। आयुष चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जितने भी पंजीकृत आयुष चिकित्सालय है। 15 दिन के भीतर टीम बनाकर मजिस्टेªट के साथ जॉचकर रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार ने सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
क्या CM ममता के जीतने पर इस्तीफा देने की हिम्मत है? डेरेक ओ'ब्रायन का पीएम मोदी को चुनौती

#tmcmpchallengespmasksdoyouhavethecourageto_resign

पश्चिम बंगाल दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसी बीच ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़ी चुनौती दी है। डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर 4 मई को ममता बनर्जी और टीएमसी पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज करती है, तो प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

पूछा- क्या इस्तीफा देने की हिम्मत है

डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- नरेंद्र, आपने कहा था कि आप बंगाल की सभी 294 सीटों के उम्मीदवार हैं। बड़ी-बड़ी बातें छोड़िए और यह चुनौती स्वीकार कीजिए। उन्होंने आगे कहा कि 4 मई को जब ममता बनर्जी और टीएमसी बंगाल जीत जाए, तो प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दीजिए। क्या हिम्मत है?

क्या बंगाल में बदलेगी सरकार?

बता दें कि बुधवार 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। इन सीटों में ज्यादातर इलाके टीएमसी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। बीजेपी ने बंगाल चुनाव में पूरी ताकत झोंक रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मार्च से अब तक राज्य में 19 चुनावी रैलियां की हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो चुनावी उत्साह का संकेत है। बीजेपी इस चुनाव को राज्य में सत्ता परिवर्तन के बड़े मौके के रूप में देख रही है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, ₹820 करोड़ की सड़क परियोजनाओं सहित 15 प्रस्तावों पर मुहर

W.P.(S) No.-4299/2024 सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-05.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 192/2025, सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "Construction of Elevated road/Flyover at Argora Chowk from Harmu (Near KAV's Restaurant) to Dibdih Bridge (Near Sailor's Knot Restaurant) with legs toward Kathal More (Chaputoli) and Towards Ashok Nagar (Near Road No. 3) including service road (कुल लंबाई-3.804 कि०मी०) (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं R&R सहित)" हेतु रू० 469,62,12,300/- (चार सौ उनहत्तर करोड़ बासठ लाख बारह हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "करमटोली से साईंस सिटी फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) (कुल लम्बाई-3.216 कि०मी०) निर्माण कार्य (भू-अर्जन, R&R, युटिलिटी शिफ्टींग, वनरोपन एवं बागवानी सहित)" हेतु रू० 351,14,44,800 /- (तीन सौ इक्यावन करोड़ चौदह लाख चौवालीस हजार आठ सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standard Authority) के गठन की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई।

दिनांक-13.07.2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में W.P. (S) No.- 1298/2023 अनिल कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में पारित AWARD के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

W.P.(S) No.- 4501/2024 प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-24.10.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 347/2025, प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री प्रभाकर सारंगी, सेवानिवृत कोषरक्षक-सह-चौकीदार, लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला एवं 24 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना करने, उक्त Foundation अन्तर्गत 04 Centre of Excellences (CoEs) का संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में कुल रूपये 22,97,31,238/-(बाईस करोड़ सत्तानवे लाख इकतीस हजार दो सौ अड़तीस रुपये) मात्र के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

L.P.A. No.-346/2017 The State of Jharkhand Vs Ram Bali Das & Ors. एवं L.P.A. No.-509/2017 The State of Jharkhand Vs Maini Devi में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-12.01.2023 को पारित Common न्यायादेश के अनुपालन एवं विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री रामबली दास, श्री उपेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती मैनी देवी झारखण्ड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.11.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री प्रदीप कुमार, सेवानिवृत भा०व०से० पदाधिकारी (झा०-82) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) के वेतनमान (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पेंशन एवं परिणामी लाभों के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत "श्री बंशीधर नगर" अनुमंडल के नाम में आंशिक संशोधन करते हुए "श्री बंशीधर नगर उंटारी" के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

राज्य में AI Innovation एवं Adoption को गति प्रदान करने के लिए Google LLC के साथ MoU करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय अधिसूचना सं०-3842/रा०, दिनांक-24.11.2023 में प्रथम संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 20, अनुसूचित जाति के अधिकतम 10, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14 एवं अल्पसंख्यक के अधिकतम 06 कुल अधिकतम 50 (पचास) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर प्रत्येक वर्ष विदेश में स्थित चयनित अग्रणी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के चयनित कोर्स (Course) में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा 01 (एक) वर्षीय मास्टर्स (Masters) हेतु छात्रवृति सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।*

हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

#westbengalassemblyelection2026phase2

पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

गया में पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप: सैटेलाइट टाउनशिप में सरकारी रोक के बावजूद काम जारी, DM से शिकायत

गया: गयाजी शहर के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के चपरदह गांव निवासी सुबोध कुमार ने अपनी पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को जिलाधिकारी को आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो बड़ा विवाद हो सकता है। आवेदन में कहा गया है कि विभा रानी (पति मनीष कुमार सिंह) और नीलम देवी (पति सत्य प्रकाश) परसावां स्थित जमीन पर जबरन निर्माण करा रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अपने पद और पहुंच का धौंस दिखाकर निर्माण हर हाल में जारी रखने की बात कह रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिहार सरकार ने 11 शहरों जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद, टाउनशिप के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर जबरन निर्माण कार्य जारी है। सुबोध कुमार ने बताया कि विवादित जमीन खाता संख्या 86, प्लॉट संख्या 795, रकबा 1 एकड़ 66 डिसमिल है, जो परसावां गांव में स्थित है। इलाके में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण भू-माफियाओं की नजर इस पर टिकी हुई है। मगध मेडिकल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था। हालांकि, पुलिस के जाते ही काम फिर से शुरू हो गया।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
हजारीबाग यूथ विंग ने उपायुक्त हेमंत सती से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक कार्यों की दी जानकारी

हजारीबाग: मंगलवार को हजारीबाग यूथ विंग के एक प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती से उनके कार्यालय (एनआईसी) में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर उपायुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग आगमन पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पिछले 5 वर्षों में किए गए सामाजिक एवं जनहित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जरूरतमंदों की सहायता, गरीब बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जैसे कार्यों के माध्यम से संस्था ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।

विशेष रूप से 13 अप्रैल को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उल्लेख करते हुए बताया गया कि यह हजारीबाग का अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर रहा, जिसमें कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस पहल से कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और कई जिंदगियों को बचाने में मदद मिली। इसे जिले में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उपायुक्त हेमंत सती ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि सदस्यों में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का जज्बा हो, तो वे निश्चित रूप से जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि जनहितकारी कार्यों का दायरा और बढ़ाया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि संस्था बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है और सभी सदस्य इसी भावना के साथ जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए कार्य एक शुरुआत हैं और आने वाले समय में संस्था बड़े स्तर पर सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, मार्गदर्शक संजय कुमार, डॉक्टर बी. वेंकटेश, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रज्ञा कुमारी, कैलाश कुमार एवं उदित तिवारी सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सामाजिक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक की गई आयोजित*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईसीडीएस जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बीएचएनडी सत्र का आयोजन सभी विकास खंडों में शत प्रतिशत न होने पर सीडीपीओ भदोही, औराई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने पर  जिला कार्यक्रम अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिया।
          जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि समस्त सीडीपीओ की मॉनिटरिंग करें तथा समय से पोषण आहार का वितरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पोषण आहार की मांग के संबंध में समय से शासन को डिमांड प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के वजन, गृह भ्रमण, सी०बी०ई० आदि की रिपोर्ट समय से पोषण ट्रैकर ऐप पर फीडिंग कराना सुनिश्चित करें।
        सैम/मैम बच्चों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी शत प्रतिशत सैम/मैम बच्चों का चिन्हांकन कर उनको सैम/मैम की श्रेणी से बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार एनआरसी पर सैम/मैम बच्चों को भर्ती किया जाए।
         जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर हॉटकुक्ड मील योजना के अंतर्गत मीनू के अनुसार बच्चों क़ो गरम खाना दिया जाए। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निर्धारित समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से घर-घर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को एनीमिया के बारे में जानकारी दी जाए तथा उन्हें हरी सब्जी, फल, गुड आदि का सेवन करने के लिए जागरूक करें, ताकि वे एनीमिया से ग्रसित ना हो।
       बैठक में उपायुक्त मनरेगा राजा राम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संतोष कुमार चक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा सहित समस्त सीडीपीओ एवं अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
*स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, नोटिस और सेवा समाप्ति के दिए निर्देश*
*डीएम शैलेष कुमार का कड़ा रुख, गैरहाजिरी व ढिलाई पर कार्रवाई, अवैध अस्पतालों की जांच के आदेश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्य एवं वित्तीय प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने एमसीएस ज्ञानपुर के द्वारा टोटल ई-प्रिक्रिप्सन डॉक्टर डेस्क में अपेक्षित प्रगति न होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर एमसीएस अधीक्षक ज्ञानपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिया। साथ ही अवैध चल रहे चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के लिए सम्बन्धित एमओआईसी को निर्देश दिया। साथ ही जनऔषधि केन्द्रों की जॉच करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया।
          डी०आई०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि एच०पी०वी० वैक्सिन एक महत्वपूर्ण टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाता है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) का कारण बनता है, यह टीका 09 से 14 वर्ष लड़कियों के लिए प्रभावी है। परन्तु दिशा-निर्देश के अनुसार अभियान के रूप में जनपद स्तर पर यह वैक्सिन 14 वर्ष की किशोरियों को निःशुल्क लगाया जाना है। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जायेगा। 03 माह के पश्चात यह वैक्सीन प्रत्येक वी०एच०एन०डी० सत्र पर निःशुल्क लगाया जायेगा। जिस कम में समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त अधीक्षक उक्त अभियान के अन्तर्गत अपने अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष कि किशारियों का डयूलिस्ट बनाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। डी०टी०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि रजनीश कुमार, एकाउन्टेन्ट टी०बी० कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नोटिस देने के उपरांत भी अपने कार्याे में कोई सुधार नही किया गया तथा निःक्षय पोर्टल पर डी०बी०टी० के फीडिंग का कार्य पूर्ण नही हो पा रहा है। जिस पर जिला कार्यकम प्रबन्धक द्वारा एन०एच०एम० के एच०आर० पालिसी पर चर्चा की गयी। उक्त के कम में अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त कर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही किये जाने के दृष्टिगत सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई।
बैठक में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें। ेउन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर समय से उपस्थित रहकर मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करें , किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यू0पी0 हेल्थ डैशबोर्ड के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा की गयी। स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम की कंपोजिट रिपोर्ट अगले बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सभी एमओआईसी, आशा व एएनएम की हफ्ते में बैठक कर सघन समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक की कार्यवृत्ति में सभी बिन्दुओं की समीक्षा अगले दिन तक अवश्य उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्वालिटी एश्योंरेस कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर में लैब स्लैब एवं बेसिंग उपलब्धता पर बल दिया। स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों के उपस्थिति की चेकिंग एवं कार्य के प्रति उनकी दक्षता का सतत् मूल्यांकन हो। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यक्तिगत व टीम बेस्ड इंटेंसिव बढ़ाने व सुधार करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। सभी पीएचसी, सीएचसी पर ड्यूटीरूम सहित सभी जगह साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाये, इस सन्दर्भ में आशा व एएनएम को प्रेरित करें। प्रसूता को कम से कम 48 घण्टे अस्पताल में रूकने हेतु प्रेरित किया जाय। जिलाधिकारी ने जनपद में कार्यरत सभी कम्युनिटी आफिसर को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मन्दिर की प्रभावी क्रियाशीलता हेतु अटेन्डेंस के माध्यम से नियमित करें, लापरवाही न बरते। आयुष चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जितने भी पंजीकृत आयुष चिकित्सालय है। 15 दिन के भीतर टीम बनाकर मजिस्टेªट के साथ जॉचकर रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार ने सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।