उपायुक्त ने PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजनाओं की समीक्षा की, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में 25 मई को PM-ABHIM एवं 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों की जमीनी स्थिति की जांच के लिए उपसमाहर्ताओं को विभिन्न प्रखंडों में प्रतिनियुक्त करते हुए नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एएनएम/सीएचओ की उपस्थिति, ओपीडी संचालन, दवा उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, बिजली-पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजना अंतर्गत लंबित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। कई स्वास्थ्य भवनों का उद्घाटन 15 अगस्त 2026 तक सुनिश्चित करने तथा शेष अपूर्ण योजनाओं को 15 नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही अनुपयोगी उपकरणों को चालू कराने, वन विभाग से लंबित एनओसी प्राप्त करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक सुदृढ़ करने तथा सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह मौजूद थी।

उपायुक्त ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों की समस्याएं सुन दिए त्वरित समाधान के निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति बालक छात्रावास एवं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, तकिया मजार के समीप, नवाबगंज, हजारीबाग का आज 25 मई को औचक निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां रह रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में छात्रावास के विद्यार्थियों ने उपायुक्त के समक्ष छात्रावास में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं रखीं तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की तथा सभी आवश्यक कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया।

अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में पुस्तकालय निर्माण, शौचालय एवं सेप्टिक टैंक निर्माण, 100 लीटर क्षमता के आर०ओ० का अधिष्ठापन, साइकिल स्टैंड निर्माण, हाई मास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट, बिजली वायरिंग एवं सीसीटीवी अधिष्ठापन कराया जाएगा।

वहीं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में 100 बेड वाले नए छात्रावास भवन का निर्माण, बोरिंग कार्य तथा सोलर सिस्टम की मरम्मति कराई जाएगी।

उपायुक्त ने छात्रावास में रह रहे सभी विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने भविष्य के प्रति गंभीर रहने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र पूरा किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की ताकत : गोविन्द नारायन शुक्ला*l
*प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन 8 सत्रों में कार्यकर्ताओं को मिला वैचारिक प्रशिक्षण*

सुलतानपुर।भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत सोमवार को श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज, कलान में दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविन्द नारायन शुक्ला ने जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व विधायक सुरेश पासी की मौजूदगी में किया।मुख्य वक्ता गोविन्द नारायन शुक्ला ने “हमारी कार्य पद्धति” विषय पर कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।उन्होंने संगठन में प्रशिक्षण,संवाद और नियमित बैठकों को कार्यकर्ता निर्माण का आधार बताया। इसके पहले श्री विश्वनाथ पीजी कालेज के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश सिंह ने अतिथियों व पदाधिकारियों का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत व सम्मानित किया। जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दिन आयोजित 8 सत्रों में विचार परिवार, वैचारिक अधिष्ठान, भाजपा का इतिहास एवं विकास समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल,पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश मंत्री कौशलेंद्र पटेल, सुनील सिंह,प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर,जोन सह संयोजक प्रशिक्षण महाभियान राजेन्द्र भण्डारी, समेत कई वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।पूर्व जिला महामंत्री घनश्याम चौहान के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नियंत्रक आनन्द द्विवेदी,आशीष सिंह रानू व अयोध्या प्रसाद वर्मा ने सक्रिय योगदान दिया।इस दौरान सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह- संयोजक रामचन्द्र मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा, डॉ सीताशरण त्रिपाठी, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक विनोद सिंह, सीताराम वर्मा,राज प्रसाद उपाध्याय, राजेश गौतम,प्रवीन कुमार अग्रवाल,कृपाशंकर मिश्रा,सुमन सिंह,विजय प्रताप, संदीप सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, विजय मिश्र, गांधी सिंह,विजय रघुवंशी,एलके दूबे,सुभाष चन्द्र,भावना सिंह,डॉ प्रीति प्रकाश,धर्मेन्द्र कुमार, बबिता तिवारी,रेखा निषाद, रचना अग्रवाल, उपमा शर्मा, अनीता पाण्डे,लक्ष्मी सिंह, अशोक कुमार सिंह,अजय सिंह अधियार,राजेश चतुर्वेदी,समेत लगभग 200 पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
जौनपुर। बदलापुर तहसील के  शाहपुर स्थित टारगेट कोचिंग क्लासेज में कल 24 मई को सम्मान समारोह का कार्यक्रम बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा) एवं श्री गणेश राम इंटर कालेज   बटाऊबीर के प्रधानाचार्य अनिल यादव के सानिध्य में इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सभी सफल छात्र एवं छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।मेडल पाने वाले छात्र कक्षा 10 के जिला टॉपर राजशेखर सिंह एवं द्वितीय स्थान सविनय गुप्ता,महक,शिवांगी, प्रियांशी,अनामिका,कृतिका,आरुषि,उत्कर्ष, नितिन,विपिन,कृष्णा और अन्य छात्र एवं छात्राओं को दोनों अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोचिंग के प्रबंधक अखिलेश सर एवं प्रेमचंद सर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए बाबा दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है। विद्यार्थी को किसी तपस्वी की तरह लगातार कठिन परिश्रम करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। संघर्ष से मिली जीत असली जीत कहलाती है।  सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिल यादव द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं शिक्षा को एक नये शिखर पर ले जाने और जीवन मे निरन्तर आगे बढ़ने का शुभ आशिर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिन सर ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किए। इस अवसर पर कोचिंग के टीचिंग स्टाफ अभिषेक सर,सन्तोष सर,सतीश सर ,एवं अन्य वरिष्ठ लोगो में समरनाथ एडवोकेट, बबलू, प्रवीण, अरुण ,अनिल, प्रभातजी आदि उपस्थित रहे।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
हरदोई में 80 किमी की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मौसम विभाग की चेतावनी हुई जारी

रितेश मिश्रा
हरदोई में मौसम विभाग ने तेज आंधी, बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है।  पूर्वानुमान के अनुसार 28 मई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 29 और 30 मई को हवाओं की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसलिए आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों, बड़े होर्डिंग और कच्चे मकानों के आसपास जाने से बचें।  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से मोबाइल और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज रखने तथा आपात स्थिति के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने की सलाह दी है। साथ ही “दामिनी ऐप” डाउनलोड करने की भी अपील की गई है, जिससे आकाशीय बिजली संबंधी संभावित चेतावनी पहले प्राप्त हो सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम को हल्के में लेने की बजाय समय रहते सतर्कता बरतना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
औद्योगिक सुरक्षा की जांच: पीवीयूएनएल में अम्ल रिसाव पर मॉक ड्रिल सफल, सीईओ ने कंट्रोल रूम से खुद संभाली कमान।

आज दिनांक को पीवीयूएनएल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), पीवीयूएनएल के निर्देशन में आपदा एवं किसी भी शत्रुतापूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु कर्मचारियों, सीआईएसएफ एवं प्रबंधन को सजग एवं प्रशिक्षित रखने के उद्देश्य से अम्ल रिसाव (एसिड लीकेज) पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में आज सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ टीम की सहभागिता से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उक्त मॉक ड्रिल का आयोजन डीएम प्लांट स्थित अम्ल भंडारण टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां अम्ल रिसाव की काल्पनिक आपात स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ के मध्य उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला तथा प्रबंधन का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस दल पूर्ण तत्परता के साथ सक्रिय रहे। सुरक्षा अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं महाप्रबंधक (परियोजना) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल के साथ मानव संसाधन विभागाध्यक्ष नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर संपूर्ण स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए थे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अम्ल रिसाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

भोपाल में 26 से 31 मई तक लगेगा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग

सैकड़ों बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें लेंगी प्रशिक्षण

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मध्यभारत प्रांत द्वारा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 26 मई से 31 मई 2026 तक भोपाल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग JSR मेडिकल कॉलेज परिसर, सूखी बायपास रोड, इमलिया, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता, बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें सम्मिलित होंगी।

प्रशिक्षण वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी संगठन के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे। वर्ग में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ऐसे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियों, सामाजिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का संगठित एवं संस्कारित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सभी प्रतिभागी सायं 4 बजे तक वर्गस्थल पर पहुंचेंगे तथा 31 मई को सायं 4 बजे समापन के पश्चात अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

वर्ग के अंतर्गत युवाओं को शौर्य, अनुशासन, संगठन, आत्मरक्षा एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े विविध विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 30 एवं 31 मई को राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी की बहनों एवं युवतियों के लिए विशेष आत्म-सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत के महामंत्री संजीव पटेरिया ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौर, हिन्दू हेल्पलाइन केंद्रीय मंत्री राजेश्वर चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर काका, क्षेत्रीय महामंत्री मूलचंद साध, हिन्दू हेल्पलाइन प्रदेश अध्यक्ष कमलेश रायचंदानी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उपायुक्त ने PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजनाओं की समीक्षा की, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में 25 मई को PM-ABHIM एवं 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों की जमीनी स्थिति की जांच के लिए उपसमाहर्ताओं को विभिन्न प्रखंडों में प्रतिनियुक्त करते हुए नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एएनएम/सीएचओ की उपस्थिति, ओपीडी संचालन, दवा उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, बिजली-पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजना अंतर्गत लंबित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। कई स्वास्थ्य भवनों का उद्घाटन 15 अगस्त 2026 तक सुनिश्चित करने तथा शेष अपूर्ण योजनाओं को 15 नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही अनुपयोगी उपकरणों को चालू कराने, वन विभाग से लंबित एनओसी प्राप्त करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक सुदृढ़ करने तथा सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह मौजूद थी।

उपायुक्त ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों की समस्याएं सुन दिए त्वरित समाधान के निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति बालक छात्रावास एवं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, तकिया मजार के समीप, नवाबगंज, हजारीबाग का आज 25 मई को औचक निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां रह रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में छात्रावास के विद्यार्थियों ने उपायुक्त के समक्ष छात्रावास में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं रखीं तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की तथा सभी आवश्यक कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया।

अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में पुस्तकालय निर्माण, शौचालय एवं सेप्टिक टैंक निर्माण, 100 लीटर क्षमता के आर०ओ० का अधिष्ठापन, साइकिल स्टैंड निर्माण, हाई मास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट, बिजली वायरिंग एवं सीसीटीवी अधिष्ठापन कराया जाएगा।

वहीं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में 100 बेड वाले नए छात्रावास भवन का निर्माण, बोरिंग कार्य तथा सोलर सिस्टम की मरम्मति कराई जाएगी।

उपायुक्त ने छात्रावास में रह रहे सभी विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने भविष्य के प्रति गंभीर रहने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र पूरा किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की ताकत : गोविन्द नारायन शुक्ला*l
*प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन 8 सत्रों में कार्यकर्ताओं को मिला वैचारिक प्रशिक्षण*

सुलतानपुर।भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत सोमवार को श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज, कलान में दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविन्द नारायन शुक्ला ने जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व विधायक सुरेश पासी की मौजूदगी में किया।मुख्य वक्ता गोविन्द नारायन शुक्ला ने “हमारी कार्य पद्धति” विषय पर कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।उन्होंने संगठन में प्रशिक्षण,संवाद और नियमित बैठकों को कार्यकर्ता निर्माण का आधार बताया। इसके पहले श्री विश्वनाथ पीजी कालेज के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश सिंह ने अतिथियों व पदाधिकारियों का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत व सम्मानित किया। जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दिन आयोजित 8 सत्रों में विचार परिवार, वैचारिक अधिष्ठान, भाजपा का इतिहास एवं विकास समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल,पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश मंत्री कौशलेंद्र पटेल, सुनील सिंह,प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर,जोन सह संयोजक प्रशिक्षण महाभियान राजेन्द्र भण्डारी, समेत कई वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।पूर्व जिला महामंत्री घनश्याम चौहान के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नियंत्रक आनन्द द्विवेदी,आशीष सिंह रानू व अयोध्या प्रसाद वर्मा ने सक्रिय योगदान दिया।इस दौरान सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह- संयोजक रामचन्द्र मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा, डॉ सीताशरण त्रिपाठी, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक विनोद सिंह, सीताराम वर्मा,राज प्रसाद उपाध्याय, राजेश गौतम,प्रवीन कुमार अग्रवाल,कृपाशंकर मिश्रा,सुमन सिंह,विजय प्रताप, संदीप सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, विजय मिश्र, गांधी सिंह,विजय रघुवंशी,एलके दूबे,सुभाष चन्द्र,भावना सिंह,डॉ प्रीति प्रकाश,धर्मेन्द्र कुमार, बबिता तिवारी,रेखा निषाद, रचना अग्रवाल, उपमा शर्मा, अनीता पाण्डे,लक्ष्मी सिंह, अशोक कुमार सिंह,अजय सिंह अधियार,राजेश चतुर्वेदी,समेत लगभग 200 पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
जौनपुर। बदलापुर तहसील के  शाहपुर स्थित टारगेट कोचिंग क्लासेज में कल 24 मई को सम्मान समारोह का कार्यक्रम बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा) एवं श्री गणेश राम इंटर कालेज   बटाऊबीर के प्रधानाचार्य अनिल यादव के सानिध्य में इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सभी सफल छात्र एवं छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।मेडल पाने वाले छात्र कक्षा 10 के जिला टॉपर राजशेखर सिंह एवं द्वितीय स्थान सविनय गुप्ता,महक,शिवांगी, प्रियांशी,अनामिका,कृतिका,आरुषि,उत्कर्ष, नितिन,विपिन,कृष्णा और अन्य छात्र एवं छात्राओं को दोनों अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोचिंग के प्रबंधक अखिलेश सर एवं प्रेमचंद सर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए बाबा दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है। विद्यार्थी को किसी तपस्वी की तरह लगातार कठिन परिश्रम करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। संघर्ष से मिली जीत असली जीत कहलाती है।  सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिल यादव द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं शिक्षा को एक नये शिखर पर ले जाने और जीवन मे निरन्तर आगे बढ़ने का शुभ आशिर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिन सर ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किए। इस अवसर पर कोचिंग के टीचिंग स्टाफ अभिषेक सर,सन्तोष सर,सतीश सर ,एवं अन्य वरिष्ठ लोगो में समरनाथ एडवोकेट, बबलू, प्रवीण, अरुण ,अनिल, प्रभातजी आदि उपस्थित रहे।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
हरदोई में 80 किमी की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मौसम विभाग की चेतावनी हुई जारी

रितेश मिश्रा
हरदोई में मौसम विभाग ने तेज आंधी, बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है।  पूर्वानुमान के अनुसार 28 मई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 29 और 30 मई को हवाओं की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसलिए आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों, बड़े होर्डिंग और कच्चे मकानों के आसपास जाने से बचें।  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से मोबाइल और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज रखने तथा आपात स्थिति के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने की सलाह दी है। साथ ही “दामिनी ऐप” डाउनलोड करने की भी अपील की गई है, जिससे आकाशीय बिजली संबंधी संभावित चेतावनी पहले प्राप्त हो सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम को हल्के में लेने की बजाय समय रहते सतर्कता बरतना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
औद्योगिक सुरक्षा की जांच: पीवीयूएनएल में अम्ल रिसाव पर मॉक ड्रिल सफल, सीईओ ने कंट्रोल रूम से खुद संभाली कमान।

आज दिनांक को पीवीयूएनएल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), पीवीयूएनएल के निर्देशन में आपदा एवं किसी भी शत्रुतापूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु कर्मचारियों, सीआईएसएफ एवं प्रबंधन को सजग एवं प्रशिक्षित रखने के उद्देश्य से अम्ल रिसाव (एसिड लीकेज) पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में आज सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ टीम की सहभागिता से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उक्त मॉक ड्रिल का आयोजन डीएम प्लांट स्थित अम्ल भंडारण टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां अम्ल रिसाव की काल्पनिक आपात स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ के मध्य उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला तथा प्रबंधन का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस दल पूर्ण तत्परता के साथ सक्रिय रहे। सुरक्षा अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं महाप्रबंधक (परियोजना) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल के साथ मानव संसाधन विभागाध्यक्ष नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर संपूर्ण स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए थे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अम्ल रिसाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

भोपाल में 26 से 31 मई तक लगेगा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग

सैकड़ों बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें लेंगी प्रशिक्षण

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मध्यभारत प्रांत द्वारा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 26 मई से 31 मई 2026 तक भोपाल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग JSR मेडिकल कॉलेज परिसर, सूखी बायपास रोड, इमलिया, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता, बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें सम्मिलित होंगी।

प्रशिक्षण वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी संगठन के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे। वर्ग में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ऐसे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियों, सामाजिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का संगठित एवं संस्कारित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सभी प्रतिभागी सायं 4 बजे तक वर्गस्थल पर पहुंचेंगे तथा 31 मई को सायं 4 बजे समापन के पश्चात अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

वर्ग के अंतर्गत युवाओं को शौर्य, अनुशासन, संगठन, आत्मरक्षा एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े विविध विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 30 एवं 31 मई को राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी की बहनों एवं युवतियों के लिए विशेष आत्म-सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत के महामंत्री संजीव पटेरिया ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौर, हिन्दू हेल्पलाइन केंद्रीय मंत्री राजेश्वर चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर काका, क्षेत्रीय महामंत्री मूलचंद साध, हिन्दू हेल्पलाइन प्रदेश अध्यक्ष कमलेश रायचंदानी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।