देवघर-जिला इंटक एवं देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग द्वारा पुण्यतिथि पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि।
देवघर: के कचहरी परिसर में देवघर जिला इंटक एवं देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई । नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नित्यानंद सेवक, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव मुन्नम संजय, झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के उपाध्यक्ष घनश्याम सिंह, देवघर नगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रवि गुप्ता, जिला इंटक के सचिव अभिषेक सिंह, कांग्रेस नेता किशोर ठाकुर, तुलसी पोद्दार, सुबोध राय, युवा कांग्रेस के राजकमल यादव एवं अधीर प्रमुख थे। स्वर्गीय नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा ने कहा कि आज राष्ट्रों में प्रतिस्पर्धा के कारण सारा विश्व नेहरू के सिद्धांत की पहचान को खोजा जा रहा है पंडित नेहरू के बताएं रास्ते पर चलकर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव मुन्नम संजय ने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद एवं लोकतंत्र लाने पंडित नेहरू की भूमिका को भुलाई नहीं जा सकती है। झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने कहा कि स्वर्गीय नेहरू विश्व शांति, मानव मैत्री एवं राजनीतिक मूल्यों के अग्रदूत थे। नेहरू के विश्व शांति सह अस्तित्व जैसे सिद्धांतों को अपनाकर न सिर्फ भारत बल्कि विश्व के अन्य राष्ट्रों में भी अपने को सुख शांति एवं समृद्धि के शिखर पर पहुंचाया। वर्तमान परिपेक्ष्य में पंडित नेहरू के सिद्धांत प्रासंगिक बन गये हैं। देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नित्यानंद सेवक ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में तथा अपने प्रधानमंत्रीत्व कल में विश्व के अन्य देशों के बीच भारत की प्रतिष्ठा को प्रतिष्ठित करने में पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। नित्यानंद सेवक अध्यक्ष देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग
ईद-उल-अजहा पर सख्त पहरा: शांति की उम्मीद में सड़कों पर उतरा प्रशासन, हर गली में सुरक्षा का घेरा”
संभल। संभल  में बकरीद को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीएम और एसपी ने भारी पुलिस बल के साथ नखासा और कोतवाली क्षेत्र में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से शांति व भाईचारे की अपील की।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। गुन्नौर क्षेत्र में भी 70 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं तथा 30 से अधिक मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी।
प्रशासन ने कुर्बानी के बाद स्वच्छता और निर्धारित स्थानों के उपयोग पर विशेष जोर दिया है तथा पशुपालकों को पशुओं को खुले में न छोड़ने की हिदायत दी गई है। मौलानाओं ने भी लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने और प्रतिबंधित पशुओं से बचने की अपील की है।
आटो टैंपो व डीसीएम की टक्कर से महिला का हाथ कटा,सड़क पर तड़प कर मौत

*डिलीवर के बाद नवजात की मौत के बाद टैंपो से जा रहे थे घर

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बालपुर जाट गांव के पास देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में मीरा देवी (65) की मौत हो गई।आटो टैंपो व डीसीएम वाहन की टक्कर में उनका दाहिना हाथ कट गया था।इस घटना में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं।घायलों में  35 वर्षीय प्रसूता सविता, आशा बहु पुष्पा सिंह और 60 वर्षीय देवी दयाल तिवारी शामिल हैं।इन सभी घायलों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है,जहाँ सभी घायलों का उपचार चल रहा है।बताते चलें कि जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के कुंवरपुर अमरहा के सिकिहा गांव निवासी अर्जुन तिवारी ने अपनी पत्नी सविता तिवारी को प्रसव के सोमवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहाँ मंगलवार देर शाम सविता ने एक बच्ची को जन्म दिया था।हालांकि खून की कमी के कारण नवजात की हालत बिगड़ गई और मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई।इसके बाद परिवार के सदस्य नवजात   के शव के साथ एक आटो टैंपो से अपने घर लौट रहे थे कि रास्ते में नशे धुत्त आटो चालक मोहम्मद उस्मान उर्फ करिया ने डीसीएम वाहन में बगल से टक्कर मार दिया।टक्कर के कारण डीसीएम की साइड में बैठी मीरा देवी गंभीर रूप से घायल हो कर सड़क पर गिर गई।इस हादसे में उनका दाहिना हाथ पूरी तरह से कट कर अलग हो गया।इस हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई।हादसे के दौरान मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायलों को उठाया और एंबुलेंस बुलाया।इस दौरान लगभग आधे घंटे तक मीरा देवी सड़क पर तड़पती रहीं,इसके बाद एंबुलेंस पहुंचीं और एंबुलेंस से सभी घायलों को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया,जहाँ से मीरा देवी की गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया और लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही मीरा देवी की मौत हो गई।मामले में देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि आटो चालक ने डीसीएम में साइड टक्कर मारा था, जिसमें मीरा देवी का दाहिना हाथ कट और उनकी मौत हो गई।उन्होंने बताया कि अन्य घायलों का मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है तथा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
साइबर ठगी के शिकार को ₹66,400 वापस मिले:भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क का पीड़ित ने किया धन्यवाद


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही में साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ₹66,400 की धनराशि वापस मिल गई है। पीड़ित शुभम मौर्या ने अपने खाते में पैसे वापस आने पर भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां का आभार व्यक्त किया। शुभम मौर्या, जो भिखमापुर थाना सुरियावां के निवासी हैं, को साइबर अपराधियों ने आईफोन जीतने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर उन्होंने कुल ₹80,001 ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे। धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई। साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां ने प्राप्त प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल का अवलोकन करते हुए त्वरित कार्रवाई की। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, शुभम मौर्या के खाते में ₹66,400 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक भदोही तथा साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां की सराहना की।पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए जनपदीय साइबर हेल्प डेस्क/साइबर क्राइम थाना को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में उपनिरीक्षक शकील खां, महिला कांस्टेबल गरिमा यादव और कांस्टेबल छोटेलाल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
SIR पर लगी मुहर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग का ये अधिकार है

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सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के लिए एसआईआर जरूरी है।

SIR चुनाव आयोग का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार देते हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि SIR प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में ‘नई जान फूंकने’ का काम करती है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है।

कोर्ट ने बताया SIR क्यों जरूरी

सीजेआई सूर्यकांत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया संविधान के उस मूल दायित्व से अलग नहीं है, जिसका संबंध स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने से है। अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव, शहरीकरण और प्रवासन के कारण मतदाता सूची में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया शुरू की।

दस्तावेज मांगने का मतलब उन्हें नागरिक ना मानना नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रकिया में कोई गलती नहीं है। लोगों को अपनी जानकारी जोड़ने, सुधार करने और आपत्ति/अपील करने के कई मौके दिए गए। अगर मतदाताओं से SIR के दौरान अपने दस्तावेज या जानकारी देने के लिए कहा जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनको नागरिक नहीं माना जा रहा है। निष्पक्ष चुनाव सिर्फ वोट डालने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं होते। उनका सबसे महत्वपूर्ण आधार सही, भरोसेमंद और सटीक वोटर लिस्ट होती है। ऐसे में वोटर लिस्ट को अपडेट करना गलत नहीं माना जा सकता।

SIR के खिलाफ याचिका में क्या?

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि इतने बड़े स्तर पर SIR कराना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के खिलाफ है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के दायरे में है और उसका उद्देश्य वैध है। इस फैसले को बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कराए गए वोटर लिस्ट सुधार अभियान पर चुनाव आयोग के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। साथ ही यह निर्णय भविष्य में देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

गंगा दशहरा पर बाबा बड़े शिव धाम में भव्य श्रृंगारदेर रात तक गूंजते रहे जयकारे, श्रद्धालुओं ने की पूजा

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही गोपीगंज में मां गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा के अवसर पर  बाबा बड़े शिव धाम में विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान बाबा बड़े शिव महाराज का आकर्षक श्रृंगार किया गया और देर रात तक भक्तों के जयकारे गूंजते रहे।
बाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति द्वारा भगवान भोलेनाथ का भगवान रामेश्वरम के स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। यह श्रृंगार भगवान रामेश्वरम के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। भगवान को पंच द्रव्यों से विधिवत स्नान कराया गया और पूरे मंदिर परिसर को सुगंधित पुष्पों एवं दीपों से आकर्षक ढंग से सजाया गया।
ढोल, नगाड़े, घंटा, घड़ियाल और शंख की ध्वनि के बीच भगवान की दिव्य आरती उतारी गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पूरा मंदिर परिसर देर रात तक भक्तों के जयकारों से गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर समिति के सचिव रामकृष्ण खाटू, अवनीश दुबे, शंकराचार्य दुबे, मिठाई लाल गिरी, पुजारी विकास, सनी जायसवाल, दीनानाथ साहू सहित कई अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी का बोझ, जनगणना ड्यूटीll और पठन-पाठन एक साथ करना
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया के राष्ट्रीय महामंत्री  वहीदुल्लाह खान सईदी ने मदरसा शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मदरसों के शिक्षकों को एक साथ जनगणना कार्य और मदरसों में पठन-पाठन की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना ड्यूटी के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मदरसा शिक्षक केवल जनगणना कार्य करेंगे या उन्हें मदरसों में उपस्थित होकर बच्चों को पढ़ाना भी अनिवार्य होगा। इसी अस्पष्टता के कारण शिक्षक भारी मानसिक और शारीरिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। वहीदुल्लाह खान सईदी ने कहा कि भीषण गर्मी, तपती लू और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जनगणना का कार्य करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में शिक्षकों से यह अपेक्षा करना कि वे दिनभर जनगणना ड्यूटी निभाने के बाद मदरसों में उपस्थित होकर नियमित पठन-पाठन भी कराएं, व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इससे शिक्षकों के बीमार होने और लू लगने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिलाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, रजिस्ट्रार तथा जनगणना निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर समाधान की मांग की गई है। बावजूद इसके अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकांश विद्यालयों में जून माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, जिससे वहां के शिक्षक अपनी सुविधा अनुसार जनगणना कार्य कर पा रहे हैं। जबकि मदरसों में गर्मी की छुट्टियां पहले रमजान के दौरान दी जा चुकी हैं, इसलिए वर्तमान समय में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी डालना उनके साथ अन्याय जैसा है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि मदरसा शिक्षकों की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए तत्काल स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं, ताकि या तो उन्हें जनगणना कार्य से अस्थायी राहत दी जाए या फिर पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर पड़ेगा।
केरल में ईडी का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम विजयन के ठिकानों पर रेड, जानें क्या है पूरा मामला

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केरल में सत्ता हाथ से निकलते ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस गया है। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) घोटाले के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने केरल में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों ने 10 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया है, जिसमें मौजूदा विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास भी शामिल हैं।

सत्ता से बेदखल होने के बाद ईटी का शिकंजा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से जुड़े ठिकानों समेत 10 जगहों पर छापेमारी की है। यह मामला सिर्फ एक कारोबारी लेनदेन तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसमें सत्ता, कॉरपोरेट और कथित वित्तीय गड़बड़ियों का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से विजयन परिवार पर विपक्ष लगातार हमलावर था। सरकार से बेदखल होने के बाद और अब ED की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

विवाद के केंद्र में विजयन की बेटी की कंपनी

ईडी पहले ही विजयन की बेटी टी वीना का बयान दर्ज कर चुकी है। वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन इस पूरे विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नाम की एक प्राइवेट कंपनी ने साल 2018 से 2019 के बीच तत्कालीन सीएम विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी पेमेंट किया, जबकि आईटी फर्म ने कंपनी को कोई सर्विस नहीं दी थी। ईडी की ये छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा मंगलवार को सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज करने के बाद हुई, जिसमें इस मामले में ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की समन्वित कार्रवाई शुरू हुई। यह छापेमारी केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें अदालत ने ईडी को सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। एजेंसी ने केरल में एक साथ 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन के पास स्थित विजयन का किराए का आवास भी शामिल था, जहां टी वीना भी रहती हैं। इसके अलावा CMRL के दफ्तरों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गई। CMRL के प्रबंध निदेशक ससिधरन कार्था से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में रहे।

प्रदेश में लाखों एकड़ भूमि अधिकृत पड़ी नहीं लग रहे उद्योग, सरकार 4500 हैकटेयर जमीन के लिए किसानों को कर रही परेशान, न्याय के लिए किया जाएगा आंदो

फर्रुखाबाद l  जनपद में औद्योगिक गलियारा के नाम पर मनमाने ढंग से 4500 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि का भूमि अधिग्रहण जनहित के विरुद्ध है मन माने ढंग से किसानों की भूमि का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा l किसानों की सभा अमलैया आसानंद के बाग में एक दर्जन गांव के किसानों के साथ हुई l इस दौरान सभा में किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष  अजय अनमोल ने देश और प्रदेश में पहले से ही लाखों एकड़ जमीन  अधिकृत पड़ी है जिस पर कोई उद्योग नहीं लगा है फर्रुखाबाद में 4500 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही बेवजह जनहित के विरुद्ध है जिसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा l उन्होंने कहा खेती को घाटे का धंधा बनाकर साजिश के तहत किसानों की जमीन छीन कर पूंजीपतियों को सौंपने का खेल किसान अच्छी तरह समझ चुके है और किसान 2013 के नए भूमि अधिग्रहण कानून की भी समझ रखते है किसान नेता ने किसानों को आश्वासन दिया किसानों को डरने की जरूरत नहीं है वह सदैव किसानों के साथ खड़े रहेंगे किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे l किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने सरकार की भेद भाव पूर्ण नीति का भी विरोध करते हुए सरकार से अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने व महिलाओं को 3000 हजार रुपया मासिक सहायता तथा प्रदेश के युवा बेरोजगारों को 4000रुपया मासिक भत्ता देने की मांग की और इसके लिए जन सत्याग्रह भी शुरू करने का ऐलान किया ।
उन्होंने भी अन्यायपूर्ण भूमि अधिग्रहण का विरोध किया और सरकार की मुफ्त बिजली महिलाओं व बेरोजगारों को धनराशि को उपलब्ध न कराना सरकार की भेद - भाव नीति को उजागर करता है जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा ।
ग्राम सुधार समिति के अध्यक्ष आकाश कटियार ने कहा कि वह किसानों के साथ अन्याय शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध है उन्होंने कहा कि एकजुट होकर विरोध किया जाए गा।
राजीव यादव लालू, राजवीर कठेरिया, प्रधान प्रमोंद गंगवार, मदारी गंगवार, मृदुल गंगवार, कृष्णपाल, योगेन्द्र सिंह नवीन चंद्र,डां जनार्दन गंगवार, अवनींद्र देवेश चतुर्वेदी, रामनरेश, विष्णु चंद्र आर एस गंगवार,अंशुल गंगवार, रामौतार यादव,वीर सिंह यादव, भोजराम यादव, महेंद्र सिंह गंगवार सहित बडी संख्या में किसान मौजूद रहे।इस मौके पर अध्यक्षता भगवान सिंह गंगवार ने की। संचालन वी के गंगवार ने किया।अगली सभा अमिलैया आशानंद में 14जून को होगी। किसानों ने बाद में जन चेतना यात्रा नारेवाजी करते हुए निकाली।
आइजीआरएस के निस्तारण में लापरवाह दो दर्जन अधिकारियों के वेतन रोकने के आदेश

जिला अधिकारी ने तीन दिन का दिया अल्टीमेटम, सुधार ना होने पर दी कार्रवाई की चेतावनी

फर्रुखाबाद l आई0जी0आर0एस0 में एक से 26 मई तक के संदर्भों की जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर द्वारा समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में अत्यंत लापरवाही, शिथिलता एवं शासनादेशों की अवहेलना पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
समीक्षा में पाया कि अधिशासी अधिकारी नगर पालिका फर्रुखाबाद/नगर पंचायत मोहम्मदाबाद, पूर्ति निरीक्षक कायमगंज, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता विद्युत ग्रामीण, नगरीय एवं कायमगंज, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कमालगंज, शमसाबाद, कायमगंज, नवाबगंज एवं राजेपुर, जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता जल निगम ग्रामीण, उप निदेशक कृषि, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बढ़पुर, कायमगंज, शमसाबाद, राजेपुर, नवाबगंज, कमालगंज एवं मोहम्मदाबाद, तथा खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर, कमालगंज एवं राजेपुर द्वारा आई0जी0आर0एस0 संदर्भों के निस्तारण में स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक पाई गई।
जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो आई0जी0आर0एस0 संदर्भों की नियमित समीक्षा की जा रही है और न ही शिकायतों का निस्तारण शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जा रहा है। साथ ही, शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत संपर्क स्थापित न किए जाने के कारण मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है तथा शासन स्तर पर जनपद की छवि धूमिल हो रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आई0जी0आर0एस0 प्रणाली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है तथा मुख्यमंत्री द्वारा जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण को विशेष महत्व दिया गया है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता न बरतना अनुशासनहीनता, कार्य के प्रति शिथिलता, अकर्मण्यता एवं प्रशासनिक अक्षमता का परिचायक है परिस्थितियों को अत्यंत गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों का माह मई 2026 का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने सुसंगत स्पष्टीकरण साक्ष्यों सहित 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क स्थापित कर शासनादेशों का पूर्ण अनुपालन कराया जाए।
देवघर-जिला इंटक एवं देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग द्वारा पुण्यतिथि पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि।
देवघर: के कचहरी परिसर में देवघर जिला इंटक एवं देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई । नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नित्यानंद सेवक, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव मुन्नम संजय, झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के उपाध्यक्ष घनश्याम सिंह, देवघर नगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रवि गुप्ता, जिला इंटक के सचिव अभिषेक सिंह, कांग्रेस नेता किशोर ठाकुर, तुलसी पोद्दार, सुबोध राय, युवा कांग्रेस के राजकमल यादव एवं अधीर प्रमुख थे। स्वर्गीय नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा ने कहा कि आज राष्ट्रों में प्रतिस्पर्धा के कारण सारा विश्व नेहरू के सिद्धांत की पहचान को खोजा जा रहा है पंडित नेहरू के बताएं रास्ते पर चलकर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव मुन्नम संजय ने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद एवं लोकतंत्र लाने पंडित नेहरू की भूमिका को भुलाई नहीं जा सकती है। झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने कहा कि स्वर्गीय नेहरू विश्व शांति, मानव मैत्री एवं राजनीतिक मूल्यों के अग्रदूत थे। नेहरू के विश्व शांति सह अस्तित्व जैसे सिद्धांतों को अपनाकर न सिर्फ भारत बल्कि विश्व के अन्य राष्ट्रों में भी अपने को सुख शांति एवं समृद्धि के शिखर पर पहुंचाया। वर्तमान परिपेक्ष्य में पंडित नेहरू के सिद्धांत प्रासंगिक बन गये हैं। देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नित्यानंद सेवक ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में तथा अपने प्रधानमंत्रीत्व कल में विश्व के अन्य देशों के बीच भारत की प्रतिष्ठा को प्रतिष्ठित करने में पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। नित्यानंद सेवक अध्यक्ष देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग
ईद-उल-अजहा पर सख्त पहरा: शांति की उम्मीद में सड़कों पर उतरा प्रशासन, हर गली में सुरक्षा का घेरा”
संभल। संभल  में बकरीद को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीएम और एसपी ने भारी पुलिस बल के साथ नखासा और कोतवाली क्षेत्र में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से शांति व भाईचारे की अपील की।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। गुन्नौर क्षेत्र में भी 70 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं तथा 30 से अधिक मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी।
प्रशासन ने कुर्बानी के बाद स्वच्छता और निर्धारित स्थानों के उपयोग पर विशेष जोर दिया है तथा पशुपालकों को पशुओं को खुले में न छोड़ने की हिदायत दी गई है। मौलानाओं ने भी लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने और प्रतिबंधित पशुओं से बचने की अपील की है।
आटो टैंपो व डीसीएम की टक्कर से महिला का हाथ कटा,सड़क पर तड़प कर मौत

*डिलीवर के बाद नवजात की मौत के बाद टैंपो से जा रहे थे घर

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बालपुर जाट गांव के पास देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में मीरा देवी (65) की मौत हो गई।आटो टैंपो व डीसीएम वाहन की टक्कर में उनका दाहिना हाथ कट गया था।इस घटना में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं।घायलों में  35 वर्षीय प्रसूता सविता, आशा बहु पुष्पा सिंह और 60 वर्षीय देवी दयाल तिवारी शामिल हैं।इन सभी घायलों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है,जहाँ सभी घायलों का उपचार चल रहा है।बताते चलें कि जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के कुंवरपुर अमरहा के सिकिहा गांव निवासी अर्जुन तिवारी ने अपनी पत्नी सविता तिवारी को प्रसव के सोमवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहाँ मंगलवार देर शाम सविता ने एक बच्ची को जन्म दिया था।हालांकि खून की कमी के कारण नवजात की हालत बिगड़ गई और मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई।इसके बाद परिवार के सदस्य नवजात   के शव के साथ एक आटो टैंपो से अपने घर लौट रहे थे कि रास्ते में नशे धुत्त आटो चालक मोहम्मद उस्मान उर्फ करिया ने डीसीएम वाहन में बगल से टक्कर मार दिया।टक्कर के कारण डीसीएम की साइड में बैठी मीरा देवी गंभीर रूप से घायल हो कर सड़क पर गिर गई।इस हादसे में उनका दाहिना हाथ पूरी तरह से कट कर अलग हो गया।इस हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई।हादसे के दौरान मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायलों को उठाया और एंबुलेंस बुलाया।इस दौरान लगभग आधे घंटे तक मीरा देवी सड़क पर तड़पती रहीं,इसके बाद एंबुलेंस पहुंचीं और एंबुलेंस से सभी घायलों को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया,जहाँ से मीरा देवी की गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया और लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही मीरा देवी की मौत हो गई।मामले में देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि आटो चालक ने डीसीएम में साइड टक्कर मारा था, जिसमें मीरा देवी का दाहिना हाथ कट और उनकी मौत हो गई।उन्होंने बताया कि अन्य घायलों का मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है तथा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
साइबर ठगी के शिकार को ₹66,400 वापस मिले:भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क का पीड़ित ने किया धन्यवाद


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही में साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ₹66,400 की धनराशि वापस मिल गई है। पीड़ित शुभम मौर्या ने अपने खाते में पैसे वापस आने पर भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां का आभार व्यक्त किया। शुभम मौर्या, जो भिखमापुर थाना सुरियावां के निवासी हैं, को साइबर अपराधियों ने आईफोन जीतने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर उन्होंने कुल ₹80,001 ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे। धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई। साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां ने प्राप्त प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल का अवलोकन करते हुए त्वरित कार्रवाई की। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, शुभम मौर्या के खाते में ₹66,400 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक भदोही तथा साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां की सराहना की।पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए जनपदीय साइबर हेल्प डेस्क/साइबर क्राइम थाना को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में उपनिरीक्षक शकील खां, महिला कांस्टेबल गरिमा यादव और कांस्टेबल छोटेलाल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
SIR पर लगी मुहर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग का ये अधिकार है

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सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के लिए एसआईआर जरूरी है।

SIR चुनाव आयोग का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार देते हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि SIR प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में ‘नई जान फूंकने’ का काम करती है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है।

कोर्ट ने बताया SIR क्यों जरूरी

सीजेआई सूर्यकांत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया संविधान के उस मूल दायित्व से अलग नहीं है, जिसका संबंध स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने से है। अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव, शहरीकरण और प्रवासन के कारण मतदाता सूची में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया शुरू की।

दस्तावेज मांगने का मतलब उन्हें नागरिक ना मानना नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रकिया में कोई गलती नहीं है। लोगों को अपनी जानकारी जोड़ने, सुधार करने और आपत्ति/अपील करने के कई मौके दिए गए। अगर मतदाताओं से SIR के दौरान अपने दस्तावेज या जानकारी देने के लिए कहा जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनको नागरिक नहीं माना जा रहा है। निष्पक्ष चुनाव सिर्फ वोट डालने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं होते। उनका सबसे महत्वपूर्ण आधार सही, भरोसेमंद और सटीक वोटर लिस्ट होती है। ऐसे में वोटर लिस्ट को अपडेट करना गलत नहीं माना जा सकता।

SIR के खिलाफ याचिका में क्या?

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि इतने बड़े स्तर पर SIR कराना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के खिलाफ है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के दायरे में है और उसका उद्देश्य वैध है। इस फैसले को बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कराए गए वोटर लिस्ट सुधार अभियान पर चुनाव आयोग के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। साथ ही यह निर्णय भविष्य में देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

गंगा दशहरा पर बाबा बड़े शिव धाम में भव्य श्रृंगारदेर रात तक गूंजते रहे जयकारे, श्रद्धालुओं ने की पूजा

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही गोपीगंज में मां गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा के अवसर पर  बाबा बड़े शिव धाम में विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान बाबा बड़े शिव महाराज का आकर्षक श्रृंगार किया गया और देर रात तक भक्तों के जयकारे गूंजते रहे।
बाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति द्वारा भगवान भोलेनाथ का भगवान रामेश्वरम के स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। यह श्रृंगार भगवान रामेश्वरम के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। भगवान को पंच द्रव्यों से विधिवत स्नान कराया गया और पूरे मंदिर परिसर को सुगंधित पुष्पों एवं दीपों से आकर्षक ढंग से सजाया गया।
ढोल, नगाड़े, घंटा, घड़ियाल और शंख की ध्वनि के बीच भगवान की दिव्य आरती उतारी गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पूरा मंदिर परिसर देर रात तक भक्तों के जयकारों से गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर समिति के सचिव रामकृष्ण खाटू, अवनीश दुबे, शंकराचार्य दुबे, मिठाई लाल गिरी, पुजारी विकास, सनी जायसवाल, दीनानाथ साहू सहित कई अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी का बोझ, जनगणना ड्यूटीll और पठन-पाठन एक साथ करना
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया के राष्ट्रीय महामंत्री  वहीदुल्लाह खान सईदी ने मदरसा शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मदरसों के शिक्षकों को एक साथ जनगणना कार्य और मदरसों में पठन-पाठन की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना ड्यूटी के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मदरसा शिक्षक केवल जनगणना कार्य करेंगे या उन्हें मदरसों में उपस्थित होकर बच्चों को पढ़ाना भी अनिवार्य होगा। इसी अस्पष्टता के कारण शिक्षक भारी मानसिक और शारीरिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। वहीदुल्लाह खान सईदी ने कहा कि भीषण गर्मी, तपती लू और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जनगणना का कार्य करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में शिक्षकों से यह अपेक्षा करना कि वे दिनभर जनगणना ड्यूटी निभाने के बाद मदरसों में उपस्थित होकर नियमित पठन-पाठन भी कराएं, व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इससे शिक्षकों के बीमार होने और लू लगने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिलाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, रजिस्ट्रार तथा जनगणना निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर समाधान की मांग की गई है। बावजूद इसके अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकांश विद्यालयों में जून माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, जिससे वहां के शिक्षक अपनी सुविधा अनुसार जनगणना कार्य कर पा रहे हैं। जबकि मदरसों में गर्मी की छुट्टियां पहले रमजान के दौरान दी जा चुकी हैं, इसलिए वर्तमान समय में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी डालना उनके साथ अन्याय जैसा है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि मदरसा शिक्षकों की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए तत्काल स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं, ताकि या तो उन्हें जनगणना कार्य से अस्थायी राहत दी जाए या फिर पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर पड़ेगा।
केरल में ईडी का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम विजयन के ठिकानों पर रेड, जानें क्या है पूरा मामला

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केरल में सत्ता हाथ से निकलते ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस गया है। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) घोटाले के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने केरल में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों ने 10 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया है, जिसमें मौजूदा विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास भी शामिल हैं।

सत्ता से बेदखल होने के बाद ईटी का शिकंजा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से जुड़े ठिकानों समेत 10 जगहों पर छापेमारी की है। यह मामला सिर्फ एक कारोबारी लेनदेन तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसमें सत्ता, कॉरपोरेट और कथित वित्तीय गड़बड़ियों का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से विजयन परिवार पर विपक्ष लगातार हमलावर था। सरकार से बेदखल होने के बाद और अब ED की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

विवाद के केंद्र में विजयन की बेटी की कंपनी

ईडी पहले ही विजयन की बेटी टी वीना का बयान दर्ज कर चुकी है। वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन इस पूरे विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नाम की एक प्राइवेट कंपनी ने साल 2018 से 2019 के बीच तत्कालीन सीएम विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी पेमेंट किया, जबकि आईटी फर्म ने कंपनी को कोई सर्विस नहीं दी थी। ईडी की ये छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा मंगलवार को सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज करने के बाद हुई, जिसमें इस मामले में ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की समन्वित कार्रवाई शुरू हुई। यह छापेमारी केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें अदालत ने ईडी को सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। एजेंसी ने केरल में एक साथ 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन के पास स्थित विजयन का किराए का आवास भी शामिल था, जहां टी वीना भी रहती हैं। इसके अलावा CMRL के दफ्तरों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गई। CMRL के प्रबंध निदेशक ससिधरन कार्था से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में रहे।

प्रदेश में लाखों एकड़ भूमि अधिकृत पड़ी नहीं लग रहे उद्योग, सरकार 4500 हैकटेयर जमीन के लिए किसानों को कर रही परेशान, न्याय के लिए किया जाएगा आंदो

फर्रुखाबाद l  जनपद में औद्योगिक गलियारा के नाम पर मनमाने ढंग से 4500 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि का भूमि अधिग्रहण जनहित के विरुद्ध है मन माने ढंग से किसानों की भूमि का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा l किसानों की सभा अमलैया आसानंद के बाग में एक दर्जन गांव के किसानों के साथ हुई l इस दौरान सभा में किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष  अजय अनमोल ने देश और प्रदेश में पहले से ही लाखों एकड़ जमीन  अधिकृत पड़ी है जिस पर कोई उद्योग नहीं लगा है फर्रुखाबाद में 4500 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही बेवजह जनहित के विरुद्ध है जिसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा l उन्होंने कहा खेती को घाटे का धंधा बनाकर साजिश के तहत किसानों की जमीन छीन कर पूंजीपतियों को सौंपने का खेल किसान अच्छी तरह समझ चुके है और किसान 2013 के नए भूमि अधिग्रहण कानून की भी समझ रखते है किसान नेता ने किसानों को आश्वासन दिया किसानों को डरने की जरूरत नहीं है वह सदैव किसानों के साथ खड़े रहेंगे किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे l किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने सरकार की भेद भाव पूर्ण नीति का भी विरोध करते हुए सरकार से अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने व महिलाओं को 3000 हजार रुपया मासिक सहायता तथा प्रदेश के युवा बेरोजगारों को 4000रुपया मासिक भत्ता देने की मांग की और इसके लिए जन सत्याग्रह भी शुरू करने का ऐलान किया ।
उन्होंने भी अन्यायपूर्ण भूमि अधिग्रहण का विरोध किया और सरकार की मुफ्त बिजली महिलाओं व बेरोजगारों को धनराशि को उपलब्ध न कराना सरकार की भेद - भाव नीति को उजागर करता है जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा ।
ग्राम सुधार समिति के अध्यक्ष आकाश कटियार ने कहा कि वह किसानों के साथ अन्याय शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध है उन्होंने कहा कि एकजुट होकर विरोध किया जाए गा।
राजीव यादव लालू, राजवीर कठेरिया, प्रधान प्रमोंद गंगवार, मदारी गंगवार, मृदुल गंगवार, कृष्णपाल, योगेन्द्र सिंह नवीन चंद्र,डां जनार्दन गंगवार, अवनींद्र देवेश चतुर्वेदी, रामनरेश, विष्णु चंद्र आर एस गंगवार,अंशुल गंगवार, रामौतार यादव,वीर सिंह यादव, भोजराम यादव, महेंद्र सिंह गंगवार सहित बडी संख्या में किसान मौजूद रहे।इस मौके पर अध्यक्षता भगवान सिंह गंगवार ने की। संचालन वी के गंगवार ने किया।अगली सभा अमिलैया आशानंद में 14जून को होगी। किसानों ने बाद में जन चेतना यात्रा नारेवाजी करते हुए निकाली।
आइजीआरएस के निस्तारण में लापरवाह दो दर्जन अधिकारियों के वेतन रोकने के आदेश

जिला अधिकारी ने तीन दिन का दिया अल्टीमेटम, सुधार ना होने पर दी कार्रवाई की चेतावनी

फर्रुखाबाद l आई0जी0आर0एस0 में एक से 26 मई तक के संदर्भों की जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर द्वारा समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में अत्यंत लापरवाही, शिथिलता एवं शासनादेशों की अवहेलना पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
समीक्षा में पाया कि अधिशासी अधिकारी नगर पालिका फर्रुखाबाद/नगर पंचायत मोहम्मदाबाद, पूर्ति निरीक्षक कायमगंज, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता विद्युत ग्रामीण, नगरीय एवं कायमगंज, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कमालगंज, शमसाबाद, कायमगंज, नवाबगंज एवं राजेपुर, जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता जल निगम ग्रामीण, उप निदेशक कृषि, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बढ़पुर, कायमगंज, शमसाबाद, राजेपुर, नवाबगंज, कमालगंज एवं मोहम्मदाबाद, तथा खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर, कमालगंज एवं राजेपुर द्वारा आई0जी0आर0एस0 संदर्भों के निस्तारण में स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक पाई गई।
जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो आई0जी0आर0एस0 संदर्भों की नियमित समीक्षा की जा रही है और न ही शिकायतों का निस्तारण शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जा रहा है। साथ ही, शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत संपर्क स्थापित न किए जाने के कारण मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है तथा शासन स्तर पर जनपद की छवि धूमिल हो रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आई0जी0आर0एस0 प्रणाली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है तथा मुख्यमंत्री द्वारा जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण को विशेष महत्व दिया गया है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता न बरतना अनुशासनहीनता, कार्य के प्रति शिथिलता, अकर्मण्यता एवं प्रशासनिक अक्षमता का परिचायक है परिस्थितियों को अत्यंत गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों का माह मई 2026 का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने सुसंगत स्पष्टीकरण साक्ष्यों सहित 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क स्थापित कर शासनादेशों का पूर्ण अनुपालन कराया जाए।