कांग्रेस का हल्ला बोल: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और अंकिता भंडारी केस को लेकर चुटिया में जोरदार प्रदर्शन।

रांची: महानगर कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष अरुण चावला और चुटिया प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत गौरव के नेतृत्व में रविवार को रांची के चुटिया क्षेत्र में एक विशाल विरोध रैली सह प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह रैली इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर मोहल्ले के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए चुटिया थाना के पास संपन्न हुई।

प्रमुख मुद्दे और मांगें: प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तीन मुख्य विषयों पर केंद्र और संबंधित सरकारों को कटघरे में खड़ा किया:

बांग्लादेश में हिंसा: वक्ताओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं और ईसाइयों की हत्याओं व अत्याचारों पर केंद्र सरकार की 'रहस्यमय चुप्पी' पर सवाल उठाए।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के हत्यारों को अविलंब फांसी देने की मांग दोहराई गई।

पत्रकार से दुर्व्यवहार: मध्य प्रदेश के मंत्री द्वारा एक प्रतिष्ठित पत्रकार के साथ की गई बदतमीजी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की गई।

रैली के स्वरूप में बदलाव उल्लेखनीय है कि मोरहाबादी में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में आयोजित उपवास कार्यक्रम के कारण इस रैली के समय में आंशिक बदलाव किया गया था और मार्ग को संक्षिप्त रखा गया था, ताकि कार्यकर्ता दोनों कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें।

ट्रक की चपेट में आने से कपड़ा व्यवसायी की मौत

* 500 मीटर दूर तक बाइक को घसीटते हुए मक्का लदा ट्रक डिवाइडर में टकराया 

ड्रमंडगंज, मीरजापुर।  क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ड्रमंडगंज घाटी में मक्का लादकर जा रहा ट्रक बाइक सवार कपड़ा व्यवसायी को कुचलते हुए सीमेंट लदे ट्रक से टकराते हुए डिवाइडर में जाकर भिड़ गया।
 प्रयागराज जिले के कोरांव थाना क्षेत्र के सैंभा गांव निवासी कपड़ा व्यवसायी 40 वर्षीय संजय सिंह कुशवाहा बाइक से मध्यप्रदेश के हनुमना में कपड़ा पहुंचाने गए थे। कपड़ा पहुंचाने के बाद दोपहर में घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही ड्रमंडगंज घाटी के जालिम मोड़ के आगे पहुंचे तो पीछे से मक्का लादकर मीरजापुर की ओर जा रहा ट्रक बाइक चालक को टक्कर मार दिया। बाइक चालक को रौंदते हुए अनियंत्रित ट्रक बाइक को घसीटते हुए आधा किलोमीटर दूर तक ले गई। 
ट्रक चालक तेज रफ्तार में होने के चलते जैसे ही बड़का मोड़ घुमान के पास पहुंचा तो आगे चल रहे सीमेंट लदे ट्रक से टकराते हुए डिवाइडर में जाकर भिड़ गया। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंचे एसआई शिवाकांत पांडेय, सुभाष यादव,राम विशाल मौके पर पहुंचे और घटना की जांच करते हुए मृत कपड़ा व्यवसायी के स्वजनों को सूचना दी। सूचना पाकर रोते-बिलखते हुए पहुंचे मृतक के बड़े भाई अजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि छोटा भाई साथ में कपड़े का कारोबार करता था।
 मध्यप्रदेश के हनुमना में लोवर टी-शर्ट पहुंचाने गया था कि घर वापस लौटते समय ट्रक के कुचलने से मौत हो गई। मृतक दो भाइयों में छोटा था। मृतक को तीन पुत्री और एक पुत्र है। पत्नी आशा देवी का रो रोकर बुरा हाल है। मौके पर मौजूद एसआई शिवाकांत पांडेय ने बताया कि अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से प्रयागराज जिला निवासी कपड़ा व्यवसायी की मृत्यु हो गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
अंश-अंशिका की तलाश में थमा HEC का पहिया: सफल रहा बंद, सुराग न मिलने पर अब 'रांची बंद' की चेतावनी।

रांची: मौसीबाड़ी खटाल से लापता 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका की बरामदगी की मांग को लेकर रविवार को एचईसी क्षेत्र में ऐतिहासिक बंदी देखी गई। जेपी मार्केट, धुर्वा बस स्टैंड, सेक्टर-2 और जगन्नाथपुर झोपड़ी मार्केट समेत पूरा औद्योगिक क्षेत्र सुबह से ही बंद रहा।

संयोजक को हिरासत में लिए जाने पर बवाल बंद के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब हटिया डीएसपी और धुर्वा थानेदार ने संघर्ष समिति के संयोजक कैलाश यादव को उनके घर से हिरासत में ले लिया। लगभग साढ़े छह घंटे तक थाने में बैठाए रखने के बाद उन्हें शाम को छोड़ा गया। कैलाश यादव ने कहा, "हम प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का यह व्यवहार जनाक्रोश को और भड़काएगा।"

मुख्यमंत्री से गुहार और 'संपूर्ण रांची बंद' की चेतावनी कैलाश यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से इस संवेदनशील मामले में स्वयं हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द बच्चों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करे, अन्यथा समिति संपूर्ण रांची बंद का आह्वान करने को मजबूर होगी। समिति ने यह भी घोषणा की कि यदि पुलिस टीम बच्चों को ढूंढ लेती है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।

राजनीति नहीं, आर्थिक मदद की अपील संघर्ष समिति ने पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे राजनेताओं से अपील की है कि वे इस दुखद घड़ी में राजनीति न करें। चूंकि पिछले 10 दिनों से परिवार काम पर नहीं जा सका है और घर का चूल्हा नहीं जला है, इसलिए नेताओं को पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद भी करनी चाहिए।

घर से 4 किमी दूर कुएं में उतराया मिला गायब अधेड़ का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
ड्रमंडगंज, मीरजापुर।  क्षेत्र के सेमरा कलां गांव के सीवान में स्थित पुराने कुएं में रविवार को चार दिन से गायब हुए अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। ग्रामीणों ने शव की शिनाख्त लल्लू उर्फ सिंघाड़ा निवासी अमदह के रूप में की। 
क्षेत्र के सेमरा कलां गांव में रविवार सुबह खेत की ओर शौच करने गए ग्रामीणों ने कुएं के पास मेड़ पर साइकिल गिरी देखा पास गए तो साइकिल में झोला टंगा हुआ था। ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका को लेकर कुएं में झांककर देखा तो अधेड़ व्यक्ति का शव उतराया हुआ था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना ग्राम प्रधान शिव गोविंद चौरसिया को दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन, एसआई टीपी सिंह ने घटना की जांच करते हुए कुएं से शव को बाहर निकलवाया। ग्रामीणों ने शव की शिनाख्त अमदह गांव निवासी लल्लू उर्फ सिंघाड़ा के रूप में की। मृतक के एक पैर का चप्पल कुएं से पचास मीटर दूर खेत में मिला वहीं दूसरे पैर का चप्पल कुएं में उतराया मिला। मृतक का मोबाइल फोन नही मिला।
पिता का शव कुएं में मिलने पर रोते-बिलखते हुए पहुंची पुत्री सोनी ने बताया कि बीते 8 जनवरी को दोपहर में साठ वर्षीय पिता लल्लू गैस चूल्हा लेने के लिए घर से साइकिल से निकले थे लेकिन उसके बाद घर वापस नही लौटे। गायब पिता की काफी खोजबीन की गई लेकिन कहीं पता नही चलने पर शनिवार को ड्रमंडगंज थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
 मृतक मेहनत मजदूरी कर अपना जीविकोपार्जन करता था। मृतक का इकलौता पुत्र नगीना महाराष्ट्र में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। पत्नी की दस वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। अधेड़ व्यक्ति का कुएं में शव मिलने पर ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चा व्याप्त रही। थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक सेमरा कलां गांव के कुएं के तक कैसे पहुंचा घटना की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।
गांव के मनबढ़ो ने किया राजस्व टीम पर हमला फाड़ा सरकारी कागज पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज








आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और प्रभावशाली मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए राजस्व टीम के साथ बदसलुकी, मारपीट और धमकी दी गई। मामला कौड़िया गांव का है। गांव निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर एसडीएम के आदेशानुसार राजस्व टीम और पुलिस बल चकमार्ग गाटा संख्या 366 व 345 की पैमाइश करने मौके पर पहुँची थी। लेकिन पैमाइश के दौरान कुछ दबंगों ने सरकारी टीम पर जानबूझकर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजाराम पुत्र स्व. रामपलट, शनि राजभर पुत्र चन्द्रभान राजभर, जय सिंह पुत्र राजाराम, राम सिंह पुत्र राजाराम सिंह और शेर सिंह राणा पुत्र राजाराम ने मिलकर राजस्व टीम के कार्य में बाधा डाली। आरोप है कि इन लोगों ने न केवल पैमाइश की जंजीर फेंक दी, बल्कि नक्शा भी फाड़ दिया और टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों को देख लेने की खुली धमकी दी और कहा कि “कौड़िया चौराहे पर देख लेंगे”, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम के निर्देश पर कप्तानगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले पर एसडीएम अभय राज पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि “राजस्व टीम के साथ बदसलुकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा।” इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता में भी रोष देखा जा रहा है। सवाल यह है कि जब सरकारी अमला ही सुरक्षित नहीं, तो कानून व्यवस्था का क्या हाल है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और आरोपियों पर कब तक कार्रवाई होती है।
आउटसोर्सिंग नियुक्तियों पर सख्ती

 * समाज कल्याण विभाग में होगा अनिवार्य पुलिस व डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन : असीम अरुण

लखनऊ। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कुछ कोर्स कोऑर्डिनेटरों द्वारा फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त किए जाने के मामले सामने आने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से जुड़ी सभी नियुक्तियों के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।

राज्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां निर्धारित नियमों, मानकों और प्रक्रिया के अनुरूप ही हों। शासनादेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि नियुक्त किए जाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जांच अनिवार्य होगी। इसके साथ ही सभी कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा।

इसके अलावा विभाग में वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के दस्तावेजों की भी अगले तीन महीनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

राज्यमंत्री असीम अरुण ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज कल्याण विभाग में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होंगी तथा जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि


* डिप्टी सीएम बोले– सादगी और राष्ट्रसेवा की प्रतिमूर्ति थे

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि के अवसर पर अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की प्रतिमूर्ति थे। उनके आदर्श हम सभी को सदैव कर्तव्यपथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने आज़ादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत को सशक्त एवं यशस्वी नेतृत्व प्रदान किया।

श्री मौर्य ने कहा कि शास्त्री जी के ‘जय जवान-जय किसान’ के उद्घोष ने देश को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का संकल्प, शास्त्री जी की दूरदर्शी सोच का ही आधुनिक स्वरूप है।

उप मुख्यमंत्री ने शास्त्री जी की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

हजारीबाग में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक, पीड़ित परिवारों से मिले पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह

हजारीबाग जिले में लगातार हो रही जंगली हाथियों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने रविवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया। इस दौरान सदर प्रखंड अंतर्गत चुटियारो पंचायत के सरौनी गांव में जंगली हाथी के हमले में युवक आदित्य राणा की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मुन्ना सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। इस घटना में आदित्य राणा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। मुन्ना सिंह ने घायल महिला से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहायता दिलाने के लिए वे प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक बेहद चिंताजनक है। वन्यजीव–मानव संघर्ष के कारण आम गरीब और मेहनतकश ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग किया कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

 इसके साथ ही मुन्ना सिंह ने कटकमदाग प्रखंड के नवादा पंचायत जाकर जंगली हाथी के हमले में मृत गणेश गोप के परिजनों से भी मुलाकात किया। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।मौके पर समाजसेवी रोहित कुमार रजक,ईश्वर महतो, टिंकू यादव,मालती देवी, अजय यादव,विकास यादव , रौशन राणा अर्यण सिंह, सुबोध राणा, यूसुफ़ अंसारी रोहित कुमार मो सोएब, इत्यादि स्थानीय ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मनरेगा को कमजोर करना सामाजिक न्याय की खुली हत्या है: ओम प्रकाश सिंह*
मनरेगा खत्म करने की साजिश के खिलाफ कांग्रेस का सत्याग्रह* *भाजपा मजदूरों से संवैधानिक काम का अधिकार छीन रही है : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर रविवार को जनपद में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ सांकेतिक लेकिन तीखा, आक्रामक और जनाक्रोश से भरा एक दिवसीय सत्याग्रह किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व तथा शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में यह सत्याग्रह आयोजित हुआ। सत्याग्रह स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं ने मनरेगा बचाओ—देश बचाओ, काम का अधिकार हमारा है, भाजपा सरकार जवाब दो, मजदूर विरोधी सरकार ये सरकार- नहीं चलेगी, “संविधान पर हमला नहीं सहेंगे, जैसे नारे लगाकर भाजपा सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। नारेबाजी से तिकोनिया पार्क का पूरा परिसर गूंज उठा और माहौल पूरी तरह संघर्षमय नजर आया। सत्याग्रह प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मनरेगा को सुनियोजित ढंग से कमजोर करने, बजट में कटौती करने, मजदूरों की मजदूरी महीनों तक रोकने और गरीबों से उनके संवैधानिक काम के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। सत्याग्रह को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने तीखे शब्दों में कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर और किसानों की रीढ़ है। भाजपा सरकार जानबूझकर इस योजना को पंगु बना रही है, बजट काटा जा रहा है, मजदूरी रोकी जा रही है ताकि गरीब मजदूर मजबूर होकर गाँव से पलायन करे, यह सीधे-सीधे संविधान में दिए गए काम के अधिकार पर हमला है। कांग्रेस इस मजदूर विरोधी साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। श्री राणा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मनरेगा पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से संसद तक निर्णायक अंजाम तक पहुंचाएगी। आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि भाजपा सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल हो चुकी है और अब जो आखिरी सहारा मनरेगा था, उसे भी खत्म करने पर आमादा है। यह सीधे गरीबों के पेट पर हमला है। अगर मनरेगा को कमजोर करने की साजिश बंद नहीं हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और संघर्ष को और तेज करेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि मनरेगा कोई योजना नहीं बल्कि करोड़ों ग्रामीणों की आजीविका की गारंटी है। इसे कमजोर करना सामाजिक न्याय की खुली हत्या है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ आखिरी दम तक संघर्ष करती रहेगी, हम इसके लिए पंचायत स्तर पर चौपाल करेंगे, बाजारों में नुक्कड़ सभाएँ करेंगे औऱ ब्लॉक स्तर पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश त्रिपाठी,नफीस फारुकी, सुरेश चंद्र मिश्र,आरबी पांडेय,कु. निकलेश सरोज, रणजीत सिंह सलूजा, सलाउद्दीन हाशमी, हौसला प्रसाद भीम, वरुण मिश्र, राजेश तिवारी,शरद श्रीवास्तव, जफर खान, सियाराम त्रिपाठी, आवेश अहमद, ममनून आलम,हामिद राइनी,युवा कांग्रेस के संतोष वर्मा,सुब्रत सिंह सनी,अतिउल्लाह अंसारी, चंद्रभान सिंह,सियाराम वर्मा, अतहर नवाब,इश्तियाक अहमद, रामचंद्र कोरी, प्रदीप सिंह,अनवर हुसैन,तेरस राम पाल, नंदलाल मोर्य, मो.अतीक, इकराम, मोहसिन सलीम,गुड्डू जायसवाल, अशोक सिंह, श्याम लगन कोरी,असलम अंसारी,हर्ष नारायण शुक्ला, राम किशोर, देवेंद्र तिवारी,कौशल कुमार श्रीवास्तव, इंद्रकेश शर्मा, विजय त्रिपाठी, ओमप्रकाश दुबे, हाजी फिरोज अहमद, बलराम त्रिपाठी,अशोक कुमार सिंह,बाबुल खान, अनवर हुसैन,अजय मिश्रा,तुलसीराम गौतम,जनार्दन शुक्ल, शीतल साहू, सरदार परमजीत सिंह, मो.कमर खान, दिनेश कुमार मिश्रा, सिराज अहमद,विभु पांडेय, विकास मिश्र सहित सैकड़ो नेता,पदाधिकारी, कार्यकर्ता व मनरेगा मजदूर मौजूद रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, सुल्तानपुर
गुरुजी की जयंती पर मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा: चेशायर होम पहुँचकर दिव्यांग बच्चों संग बाँटी खुशियाँ, कंबल और राहत सामग्री का वितरण।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष और संवेदनशील पहल की। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने चेशायर होम रोड स्थित "चेशायर होम" पहुँचकर वहाँ रह रहे दिव्यांग बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।

पहली बार गुरुजी के बिना मनाई जयंती इस अवसर पर मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "यह हमारे जीवन का पहला अवसर है, जब हम बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जयंती उनके बिना मना रहे हैं। गुरुजी का पूरा जीवन कमजोरों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श और संघर्ष हमेशा हमारा पथप्रदर्शन करते रहेंगे।"

चेशायर होम से विशेष जुड़ाव मुख्यमंत्री ने संस्थान के बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके बीच कंबल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि चेशायर होम से उनका पुराना और गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने संस्थान की देखरेख करने वाले सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों में अद्भुत आत्मविश्वास और प्रतिभा है, जो उन्हें समाज में किसी से भी कमतर नहीं बनाती।

सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा मुख्यमंत्री ने चेशायर होम को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव वित्तीय और ढांचागत सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। विधायक कल्पना सोरेन ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

कांग्रेस का हल्ला बोल: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और अंकिता भंडारी केस को लेकर चुटिया में जोरदार प्रदर्शन।

रांची: महानगर कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष अरुण चावला और चुटिया प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत गौरव के नेतृत्व में रविवार को रांची के चुटिया क्षेत्र में एक विशाल विरोध रैली सह प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह रैली इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर मोहल्ले के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए चुटिया थाना के पास संपन्न हुई।

प्रमुख मुद्दे और मांगें: प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तीन मुख्य विषयों पर केंद्र और संबंधित सरकारों को कटघरे में खड़ा किया:

बांग्लादेश में हिंसा: वक्ताओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं और ईसाइयों की हत्याओं व अत्याचारों पर केंद्र सरकार की 'रहस्यमय चुप्पी' पर सवाल उठाए।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के हत्यारों को अविलंब फांसी देने की मांग दोहराई गई।

पत्रकार से दुर्व्यवहार: मध्य प्रदेश के मंत्री द्वारा एक प्रतिष्ठित पत्रकार के साथ की गई बदतमीजी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की गई।

रैली के स्वरूप में बदलाव उल्लेखनीय है कि मोरहाबादी में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में आयोजित उपवास कार्यक्रम के कारण इस रैली के समय में आंशिक बदलाव किया गया था और मार्ग को संक्षिप्त रखा गया था, ताकि कार्यकर्ता दोनों कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें।

ट्रक की चपेट में आने से कपड़ा व्यवसायी की मौत

* 500 मीटर दूर तक बाइक को घसीटते हुए मक्का लदा ट्रक डिवाइडर में टकराया 

ड्रमंडगंज, मीरजापुर।  क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ड्रमंडगंज घाटी में मक्का लादकर जा रहा ट्रक बाइक सवार कपड़ा व्यवसायी को कुचलते हुए सीमेंट लदे ट्रक से टकराते हुए डिवाइडर में जाकर भिड़ गया।
 प्रयागराज जिले के कोरांव थाना क्षेत्र के सैंभा गांव निवासी कपड़ा व्यवसायी 40 वर्षीय संजय सिंह कुशवाहा बाइक से मध्यप्रदेश के हनुमना में कपड़ा पहुंचाने गए थे। कपड़ा पहुंचाने के बाद दोपहर में घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही ड्रमंडगंज घाटी के जालिम मोड़ के आगे पहुंचे तो पीछे से मक्का लादकर मीरजापुर की ओर जा रहा ट्रक बाइक चालक को टक्कर मार दिया। बाइक चालक को रौंदते हुए अनियंत्रित ट्रक बाइक को घसीटते हुए आधा किलोमीटर दूर तक ले गई। 
ट्रक चालक तेज रफ्तार में होने के चलते जैसे ही बड़का मोड़ घुमान के पास पहुंचा तो आगे चल रहे सीमेंट लदे ट्रक से टकराते हुए डिवाइडर में जाकर भिड़ गया। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंचे एसआई शिवाकांत पांडेय, सुभाष यादव,राम विशाल मौके पर पहुंचे और घटना की जांच करते हुए मृत कपड़ा व्यवसायी के स्वजनों को सूचना दी। सूचना पाकर रोते-बिलखते हुए पहुंचे मृतक के बड़े भाई अजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि छोटा भाई साथ में कपड़े का कारोबार करता था।
 मध्यप्रदेश के हनुमना में लोवर टी-शर्ट पहुंचाने गया था कि घर वापस लौटते समय ट्रक के कुचलने से मौत हो गई। मृतक दो भाइयों में छोटा था। मृतक को तीन पुत्री और एक पुत्र है। पत्नी आशा देवी का रो रोकर बुरा हाल है। मौके पर मौजूद एसआई शिवाकांत पांडेय ने बताया कि अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से प्रयागराज जिला निवासी कपड़ा व्यवसायी की मृत्यु हो गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
अंश-अंशिका की तलाश में थमा HEC का पहिया: सफल रहा बंद, सुराग न मिलने पर अब 'रांची बंद' की चेतावनी।

रांची: मौसीबाड़ी खटाल से लापता 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका की बरामदगी की मांग को लेकर रविवार को एचईसी क्षेत्र में ऐतिहासिक बंदी देखी गई। जेपी मार्केट, धुर्वा बस स्टैंड, सेक्टर-2 और जगन्नाथपुर झोपड़ी मार्केट समेत पूरा औद्योगिक क्षेत्र सुबह से ही बंद रहा।

संयोजक को हिरासत में लिए जाने पर बवाल बंद के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब हटिया डीएसपी और धुर्वा थानेदार ने संघर्ष समिति के संयोजक कैलाश यादव को उनके घर से हिरासत में ले लिया। लगभग साढ़े छह घंटे तक थाने में बैठाए रखने के बाद उन्हें शाम को छोड़ा गया। कैलाश यादव ने कहा, "हम प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का यह व्यवहार जनाक्रोश को और भड़काएगा।"

मुख्यमंत्री से गुहार और 'संपूर्ण रांची बंद' की चेतावनी कैलाश यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से इस संवेदनशील मामले में स्वयं हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द बच्चों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करे, अन्यथा समिति संपूर्ण रांची बंद का आह्वान करने को मजबूर होगी। समिति ने यह भी घोषणा की कि यदि पुलिस टीम बच्चों को ढूंढ लेती है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।

राजनीति नहीं, आर्थिक मदद की अपील संघर्ष समिति ने पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे राजनेताओं से अपील की है कि वे इस दुखद घड़ी में राजनीति न करें। चूंकि पिछले 10 दिनों से परिवार काम पर नहीं जा सका है और घर का चूल्हा नहीं जला है, इसलिए नेताओं को पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद भी करनी चाहिए।

घर से 4 किमी दूर कुएं में उतराया मिला गायब अधेड़ का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
ड्रमंडगंज, मीरजापुर।  क्षेत्र के सेमरा कलां गांव के सीवान में स्थित पुराने कुएं में रविवार को चार दिन से गायब हुए अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। ग्रामीणों ने शव की शिनाख्त लल्लू उर्फ सिंघाड़ा निवासी अमदह के रूप में की। 
क्षेत्र के सेमरा कलां गांव में रविवार सुबह खेत की ओर शौच करने गए ग्रामीणों ने कुएं के पास मेड़ पर साइकिल गिरी देखा पास गए तो साइकिल में झोला टंगा हुआ था। ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका को लेकर कुएं में झांककर देखा तो अधेड़ व्यक्ति का शव उतराया हुआ था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना ग्राम प्रधान शिव गोविंद चौरसिया को दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन, एसआई टीपी सिंह ने घटना की जांच करते हुए कुएं से शव को बाहर निकलवाया। ग्रामीणों ने शव की शिनाख्त अमदह गांव निवासी लल्लू उर्फ सिंघाड़ा के रूप में की। मृतक के एक पैर का चप्पल कुएं से पचास मीटर दूर खेत में मिला वहीं दूसरे पैर का चप्पल कुएं में उतराया मिला। मृतक का मोबाइल फोन नही मिला।
पिता का शव कुएं में मिलने पर रोते-बिलखते हुए पहुंची पुत्री सोनी ने बताया कि बीते 8 जनवरी को दोपहर में साठ वर्षीय पिता लल्लू गैस चूल्हा लेने के लिए घर से साइकिल से निकले थे लेकिन उसके बाद घर वापस नही लौटे। गायब पिता की काफी खोजबीन की गई लेकिन कहीं पता नही चलने पर शनिवार को ड्रमंडगंज थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
 मृतक मेहनत मजदूरी कर अपना जीविकोपार्जन करता था। मृतक का इकलौता पुत्र नगीना महाराष्ट्र में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। पत्नी की दस वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। अधेड़ व्यक्ति का कुएं में शव मिलने पर ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चा व्याप्त रही। थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक सेमरा कलां गांव के कुएं के तक कैसे पहुंचा घटना की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।
गांव के मनबढ़ो ने किया राजस्व टीम पर हमला फाड़ा सरकारी कागज पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज








आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और प्रभावशाली मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए राजस्व टीम के साथ बदसलुकी, मारपीट और धमकी दी गई। मामला कौड़िया गांव का है। गांव निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर एसडीएम के आदेशानुसार राजस्व टीम और पुलिस बल चकमार्ग गाटा संख्या 366 व 345 की पैमाइश करने मौके पर पहुँची थी। लेकिन पैमाइश के दौरान कुछ दबंगों ने सरकारी टीम पर जानबूझकर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजाराम पुत्र स्व. रामपलट, शनि राजभर पुत्र चन्द्रभान राजभर, जय सिंह पुत्र राजाराम, राम सिंह पुत्र राजाराम सिंह और शेर सिंह राणा पुत्र राजाराम ने मिलकर राजस्व टीम के कार्य में बाधा डाली। आरोप है कि इन लोगों ने न केवल पैमाइश की जंजीर फेंक दी, बल्कि नक्शा भी फाड़ दिया और टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों को देख लेने की खुली धमकी दी और कहा कि “कौड़िया चौराहे पर देख लेंगे”, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम के निर्देश पर कप्तानगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले पर एसडीएम अभय राज पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि “राजस्व टीम के साथ बदसलुकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा।” इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता में भी रोष देखा जा रहा है। सवाल यह है कि जब सरकारी अमला ही सुरक्षित नहीं, तो कानून व्यवस्था का क्या हाल है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और आरोपियों पर कब तक कार्रवाई होती है।
आउटसोर्सिंग नियुक्तियों पर सख्ती

 * समाज कल्याण विभाग में होगा अनिवार्य पुलिस व डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन : असीम अरुण

लखनऊ। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कुछ कोर्स कोऑर्डिनेटरों द्वारा फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त किए जाने के मामले सामने आने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से जुड़ी सभी नियुक्तियों के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।

राज्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां निर्धारित नियमों, मानकों और प्रक्रिया के अनुरूप ही हों। शासनादेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि नियुक्त किए जाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जांच अनिवार्य होगी। इसके साथ ही सभी कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा।

इसके अलावा विभाग में वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के दस्तावेजों की भी अगले तीन महीनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

राज्यमंत्री असीम अरुण ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज कल्याण विभाग में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होंगी तथा जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि


* डिप्टी सीएम बोले– सादगी और राष्ट्रसेवा की प्रतिमूर्ति थे

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि के अवसर पर अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की प्रतिमूर्ति थे। उनके आदर्श हम सभी को सदैव कर्तव्यपथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने आज़ादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत को सशक्त एवं यशस्वी नेतृत्व प्रदान किया।

श्री मौर्य ने कहा कि शास्त्री जी के ‘जय जवान-जय किसान’ के उद्घोष ने देश को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का संकल्प, शास्त्री जी की दूरदर्शी सोच का ही आधुनिक स्वरूप है।

उप मुख्यमंत्री ने शास्त्री जी की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

हजारीबाग में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक, पीड़ित परिवारों से मिले पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह

हजारीबाग जिले में लगातार हो रही जंगली हाथियों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने रविवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया। इस दौरान सदर प्रखंड अंतर्गत चुटियारो पंचायत के सरौनी गांव में जंगली हाथी के हमले में युवक आदित्य राणा की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मुन्ना सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। इस घटना में आदित्य राणा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। मुन्ना सिंह ने घायल महिला से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहायता दिलाने के लिए वे प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक बेहद चिंताजनक है। वन्यजीव–मानव संघर्ष के कारण आम गरीब और मेहनतकश ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग किया कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

 इसके साथ ही मुन्ना सिंह ने कटकमदाग प्रखंड के नवादा पंचायत जाकर जंगली हाथी के हमले में मृत गणेश गोप के परिजनों से भी मुलाकात किया। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।मौके पर समाजसेवी रोहित कुमार रजक,ईश्वर महतो, टिंकू यादव,मालती देवी, अजय यादव,विकास यादव , रौशन राणा अर्यण सिंह, सुबोध राणा, यूसुफ़ अंसारी रोहित कुमार मो सोएब, इत्यादि स्थानीय ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मनरेगा को कमजोर करना सामाजिक न्याय की खुली हत्या है: ओम प्रकाश सिंह*
मनरेगा खत्म करने की साजिश के खिलाफ कांग्रेस का सत्याग्रह* *भाजपा मजदूरों से संवैधानिक काम का अधिकार छीन रही है : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर रविवार को जनपद में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ सांकेतिक लेकिन तीखा, आक्रामक और जनाक्रोश से भरा एक दिवसीय सत्याग्रह किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व तथा शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में यह सत्याग्रह आयोजित हुआ। सत्याग्रह स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं ने मनरेगा बचाओ—देश बचाओ, काम का अधिकार हमारा है, भाजपा सरकार जवाब दो, मजदूर विरोधी सरकार ये सरकार- नहीं चलेगी, “संविधान पर हमला नहीं सहेंगे, जैसे नारे लगाकर भाजपा सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। नारेबाजी से तिकोनिया पार्क का पूरा परिसर गूंज उठा और माहौल पूरी तरह संघर्षमय नजर आया। सत्याग्रह प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मनरेगा को सुनियोजित ढंग से कमजोर करने, बजट में कटौती करने, मजदूरों की मजदूरी महीनों तक रोकने और गरीबों से उनके संवैधानिक काम के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। सत्याग्रह को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने तीखे शब्दों में कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर और किसानों की रीढ़ है। भाजपा सरकार जानबूझकर इस योजना को पंगु बना रही है, बजट काटा जा रहा है, मजदूरी रोकी जा रही है ताकि गरीब मजदूर मजबूर होकर गाँव से पलायन करे, यह सीधे-सीधे संविधान में दिए गए काम के अधिकार पर हमला है। कांग्रेस इस मजदूर विरोधी साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। श्री राणा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मनरेगा पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से संसद तक निर्णायक अंजाम तक पहुंचाएगी। आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि भाजपा सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल हो चुकी है और अब जो आखिरी सहारा मनरेगा था, उसे भी खत्म करने पर आमादा है। यह सीधे गरीबों के पेट पर हमला है। अगर मनरेगा को कमजोर करने की साजिश बंद नहीं हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और संघर्ष को और तेज करेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि मनरेगा कोई योजना नहीं बल्कि करोड़ों ग्रामीणों की आजीविका की गारंटी है। इसे कमजोर करना सामाजिक न्याय की खुली हत्या है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ आखिरी दम तक संघर्ष करती रहेगी, हम इसके लिए पंचायत स्तर पर चौपाल करेंगे, बाजारों में नुक्कड़ सभाएँ करेंगे औऱ ब्लॉक स्तर पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश त्रिपाठी,नफीस फारुकी, सुरेश चंद्र मिश्र,आरबी पांडेय,कु. निकलेश सरोज, रणजीत सिंह सलूजा, सलाउद्दीन हाशमी, हौसला प्रसाद भीम, वरुण मिश्र, राजेश तिवारी,शरद श्रीवास्तव, जफर खान, सियाराम त्रिपाठी, आवेश अहमद, ममनून आलम,हामिद राइनी,युवा कांग्रेस के संतोष वर्मा,सुब्रत सिंह सनी,अतिउल्लाह अंसारी, चंद्रभान सिंह,सियाराम वर्मा, अतहर नवाब,इश्तियाक अहमद, रामचंद्र कोरी, प्रदीप सिंह,अनवर हुसैन,तेरस राम पाल, नंदलाल मोर्य, मो.अतीक, इकराम, मोहसिन सलीम,गुड्डू जायसवाल, अशोक सिंह, श्याम लगन कोरी,असलम अंसारी,हर्ष नारायण शुक्ला, राम किशोर, देवेंद्र तिवारी,कौशल कुमार श्रीवास्तव, इंद्रकेश शर्मा, विजय त्रिपाठी, ओमप्रकाश दुबे, हाजी फिरोज अहमद, बलराम त्रिपाठी,अशोक कुमार सिंह,बाबुल खान, अनवर हुसैन,अजय मिश्रा,तुलसीराम गौतम,जनार्दन शुक्ल, शीतल साहू, सरदार परमजीत सिंह, मो.कमर खान, दिनेश कुमार मिश्रा, सिराज अहमद,विभु पांडेय, विकास मिश्र सहित सैकड़ो नेता,पदाधिकारी, कार्यकर्ता व मनरेगा मजदूर मौजूद रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, सुल्तानपुर
गुरुजी की जयंती पर मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा: चेशायर होम पहुँचकर दिव्यांग बच्चों संग बाँटी खुशियाँ, कंबल और राहत सामग्री का वितरण।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष और संवेदनशील पहल की। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने चेशायर होम रोड स्थित "चेशायर होम" पहुँचकर वहाँ रह रहे दिव्यांग बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।

पहली बार गुरुजी के बिना मनाई जयंती इस अवसर पर मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "यह हमारे जीवन का पहला अवसर है, जब हम बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जयंती उनके बिना मना रहे हैं। गुरुजी का पूरा जीवन कमजोरों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श और संघर्ष हमेशा हमारा पथप्रदर्शन करते रहेंगे।"

चेशायर होम से विशेष जुड़ाव मुख्यमंत्री ने संस्थान के बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके बीच कंबल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि चेशायर होम से उनका पुराना और गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने संस्थान की देखरेख करने वाले सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों में अद्भुत आत्मविश्वास और प्रतिभा है, जो उन्हें समाज में किसी से भी कमतर नहीं बनाती।

सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा मुख्यमंत्री ने चेशायर होम को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव वित्तीय और ढांचागत सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। विधायक कल्पना सोरेन ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।