दिल्ली को दहलाने की साजिश, लश्कर ए तैयबा के निशाने पर लाल किला और चांदनी चौक का मंदिर

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देश की राजधानी दिल्ली में एक बार आतंकियों के साए में है। राजधानी में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किले के आसपास के इलाकों और चांदनी चौक क्षेत्र में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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चांदनी चौक का इलाका निशाने पर

खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है।

बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने की साजिश

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों सूत्रों का कहना है कि लश्कर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए एक मस्जिद विस्फोट के बाद भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। खुफिया सूत्रों ने कहा, आतंकवादी चांदनी चौक में एक मंदिर को निशाना बना सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा आईईडी हमले की साजिश रच रहा है। 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद यह संगठन भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका

यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी। 10 नवंबर 2025 को शाम के समय दिल्ली के लाल किले के पास एक बड़ा धमाका हुआ था। इस धमाके में कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना में कई लोगों की मौत भी हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि धमाका एक कार में हुआ था। यह कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक लाल किला इलाके की पार्किंग में खड़ी रही थी।

पीएम मोदी जा रहे इजराइल, कितना अहम होगा ये दौरा?*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि पीएम मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं।

संसद को संबोधित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचेंगे। इस दौरान वह नेसेट (संसद) को संबोधित कर सकते हैं। पीएम मोदी नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर क्या बोले नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से उत्साहित उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा अगले सप्ताह एक बेहद शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री इजराइल का दौरा करेंगे। नेतन्याहू ने कहा, वर्षों से इजराइल और भारत के बीच एक मजबूत गठबंधन है। हम हर तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं। आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली और बेहद लोकप्रिय है।

नई रक्षा तकनीक साझा करने को सहमत

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इजराइल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है। इसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल इस बार ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

लंबी दूरी की मिसाइलें खरीदने पर विचार

भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा

भारतीय प्रधानमंत्री की यह वर्ष 2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा होगी। पीएम बेंजामिन नेतान्याहू जनवरी, 2018 में नई दिल्ली आये थे। उसके बाद कम से कम दो बार उनकी भारत यात्रा की तैयारियां की गई हैं लेकिन अंतिम समय में किसी न किसी वजह से उन्हें रद करना पड़ा। हालांकि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ा है।

सत्ताधारी पार्टी के नेता ही राज्य में सुरक्षित नहीं है, कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल

JMM नेता की हत्या का मामला पहुंचा सदन, बिगड़ती कानून व्यवस्था पक्ष विपक्ष आमने सामने

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झारखंड में सत्ता पक्ष के नेता ही अब सुरक्षित नहीं है। गिरिडीह के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह झामुमो के कददवार नेता राकेश महतो की हत्या कर दी गई। जंगल में मिली अधजली लाश के बाद इलाके मे सनसनी फैली हुई है।

अब यह मामला सदन में भी उठा विपक्ष की ओर से आजसू के विधायक निर्मल महतो ने सवाल उठा रहे है कि जब सत्ता पक्ष के नेता ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी। वही मंत्री सह गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे।

गिरिडीह जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश महतो की हत्या कर दी गई

राकेश का अधजला शव खांखी जंगल में मिला

त्या के बाद शव को पेड़ के पत्तों से जलाने का प्रयास भी किया गया

ह*त्याकांड का मामला पहुंचा विधानसभा सदन तक

सरकार पर फिर उठ रहा है बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल

लुटुआ थाना क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन: भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद,

गया: केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लुटुआ थाना क्षेत्र के पहाड़ी एवं जंगली इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। यह अभियान गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया था, जिसमें नक्सली गतिविधियों से जुड़ी विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखने की जानकारी मिली थी।

डी/215 बटालियन के सहायक कमांडेंट संजीत कुमार पांडे के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के तहत भुसिया, महादेव स्थान, सिंघवा, बालीबथान, सिकारी कुआं तथा गुलरिया तरी पहाड़ी क्षेत्रों में गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान लडूइया पहाड़ स्थित एक गुफा में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा मिला। बरामद सामग्री में 175 कॉमर्शियल इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, लगभग 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और करीब 1000 मीटर कॉर्डेक्स वायर शामिल थे।

सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बम निरोधक दस्ता (BDS) के विशेषज्ञों ने मौके पर ही सभी विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं की जाती तो क्षेत्र में बड़ी घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता था।

सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को नक्सली गतिविधियों के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता बताया है। ऑपरेशन के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और लगातार तलाशी अभियान जारी है। प्रशासन ने गया जिले के ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को लगा झटका, तिलमिलाए यूएस प्रेसिडेंट ने 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को पलट दिया है। इसके बाद से ट्रंप भड़के हुए हैं। ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत दुनिया पर 10 परसेंट टैरिफ लगाया है।

मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन किया। यह शुल्क मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा और 24 फरवरी से लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ट्रंप का फैसला

ट्रंप ने यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटे बाद उठाया है, जिसमें टॉप कोर्ट ने दुनिया भर में लगाए गए उनके टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नए टैरिफ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर ग्लोबल 10% टैरिफ पर हस्ताक्षर कर दिया है, जो लगभग तुरंत लागू होगा।' ट्रंप की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए वॉइट हाउस के एक्स हैंडल पर लिखा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया है।

भारत समेत सभी देशों पर असर

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत सहित सभी देशों पर यह 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ अगले 150 दिनों तक लागू रहेगा। यह पहले से वसूले जा रहे शुल्कों के ऊपर जोड़ा जाएगा। यानी मौजूदा टैरिफ के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त देना होगा।

झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव: वार्ड 22 में सीधी टक्कर, मुकाबला रोचक
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झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव के तहत वार्ड नंबर 22 में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मुख्य रूप से सीधी टक्कर एक पूर्व वार्ड पार्षद और एक समाजसेवी सरिता पांडेये के बीच मानी जा रही है, हालांकि अन्य प्रत्याशी भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे हैं। चुनावी माहौल में प्रचार-प्रसार तेज है और सभी उम्मीदवार जनता के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में लगे हैं।

वार्ड 22 से उम्मीदवार सरिता पांडेय की दावेदारी को लेकर क्षेत्र में खास चर्चा है। समर्थकों का दावा है कि उन्हें अपार जनसमर्थन मिल रहा है, जिससे विपक्षी उम्मीदवारों में हलचल है। बताया जा रहा है कि घर-घर संपर्क अभियान और महिलाओं के बीच लगातार संवाद के कारण उनकी पकड़ मजबूत हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरिता पांडे शिक्षित और मृदुभाषी हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव खासकर महिला मतदाताओं पर पड़ रहा है। वहीं उनके पति बबलू पांडेय लंबे समय से क्षेत्र में समाजसेवा से जुड़े रहे हैं। उनकी सक्रियता और लोकप्रियता भी चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाती दिख रही है। समर्थकों का मानना है कि वर्षों की सामाजिक भागीदारी का लाभ इस चुनाव में मिल सकता है।

दूसरी ओर पूर्व पार्षद भी अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को जनता के सामने रख रहे हैं मगर जनता उन्हें एक क्षेत्र के बिकास और अन्य क्षेत्र के उपेक्षा को लेकर सीधे तौर पर नकार रही है। वार्ड में सड़क, नाली, जलजमाव और मूलभूत सुविधाओं जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जा रहे हैं।

अब निगाहें 27 तारीख पर टिकी हैं, जब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वार्ड 22 की जनता किसे अपना आशीर्वाद देती है, यह तो परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है।

जमीनी नेता को मिल रहा जनसमर्थन, अनुभव और सादगी बनी ताकत — झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव में बढ़ी सक्रियता
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झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर में सरगर्मी तेज हो गई है। अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल एक प्रमुख उम्मीदवार को जमीनी स्तर से जुड़ाव, वार्ड पार्षद के अनुभव और सादगीपूर्ण छवि के कारण दिलीप वर्मा को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिख रहा है। हालांकि इनसे साथ तीन अन्य उम्मीदवार की सीधी टक्कर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उम्मीदवार लंबे समय से आम लोगों के बीच सक्रिय रहे हैं। वार्ड पार्षद के रूप में काम करते हुए उन्होंने सड़क, नाली, जलजमाव, अस्पताल ,पानी टंकी, केंद्रीय विद्यालय, सामुदायिक भवन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया, जिससे उनकी पहचान एक जमीनी और पहुंच योग्य जनप्रतिनिधि के रूप में बनी।

समर्थकों के अनुसार उनकी सादगी, मृदुभाषी स्वभाव और सहज व्यवहार ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। “वे आम लोगों की तरह रहते हैं, बिना किसी दिखावे के सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं,” यह कहना है कई मतदाताओं का। आम साधारण जीवनशैली और विनम्र व्यवहार के कारण उन्हें सभी वर्गों—युवा, महिला और बुजुर्ग—का समर्थन मिल रहा है।

चुनावी माहौल में जहां कई प्रत्याशी बड़े-बड़े वादों और प्रचार अभियानों में लगे हैं, वहीं यह उम्मीदवार घर-घर संपर्क और व्यक्तिगत संवाद पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर छोटी बैठकों और मोहल्ला सभाओं के जरिए वे मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर परिषद चुनाव में स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का खास महत्व होता है। ऐसे में जमीनी पकड़ और पूर्व अनुभव चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।

अब देखना यह है कि मतदान के दिन जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, लेकिन फिलहाल शहर में इस उम्मीदवार की सादगी और लोकप्रियता चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

टक्कर में चार, ‘शोले’ वाले अव्वल — झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद पर मुकाबला रोचक
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झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मैदान में चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, लेकिन चुनावी चर्चा में ‘शोले’ वाले को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। रमेश सिप्पी निर्देशित शोले फिल्म में धर्मेंद्र के यादगार अभिनय  को लेकर काफी चर्चा होती है ठीक उसी तरह से लोग बीरू की चर्च कर रहे है ।समर्थकों का दावा है कि क्षेत्र में मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के कारण ‘शोले’ अव्वल स्थिति में है।
चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों में उम्मीदवार लगातार मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। झारखंड  मुक्ति मोर्चा के समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार की मैया सम्मान योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिला है, जिसका सकारात्मक असर चुनावी माहौल में भी देखने को मिल रहा है। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं के बीच इस योजना को लेकर खास चर्चा है।
इसके साथ ही उम्मीदवार द्वारा वर्षों से की जा रही गौ माता सेवा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। समर्थकों का विश्वास है कि समाजसेवा और धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों का आशीर्वाद चुनाव में समर्थन के रूप में मिलेगा।
हालांकि चुनावी मैदान में अन्य समाजसेवी और पूर्व वार्ड पार्षद भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। कोई वर्षों से सामाजिक कार्यों के जरिए पहचान बना चुका है तो कोई वार्ड पार्षद रहते हुए जनता के बीच सक्रिय रहकर लोकप्रियता हासिल कर चुका है। सभी उम्मीदवार अलग-अलग मुद्दों और वादों के साथ मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।
शहर के विभिन्न मोहल्लों में नुक्कड़ सभाएं, घर-घर संपर्क और प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा और अंतिम समय तक तस्वीर साफ नहीं होगी।
अब देखना यह है कि जनता विकास, समाजसेवा और योजनाओं के वादों में किस पर भरोसा जताती है। फिलहाल झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
टक्कर में चार, ‘शोले’ वाले अव्वल — झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद पर मुकाबला रोचक

झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मैदान में चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, लेकिन चुनावी चर्चा में ‘शोले’ वाले बीरू को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों का दावा है कि क्षेत्र में मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के कारण ‘शोले’के बीरू अव्वल स्थिति में है।

चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों में उम्मीदवार लगातार मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार की मैया सम्मान योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिला है, जिसका सकारात्मक असर चुनावी माहौल में भी देखने को मिल रहा है। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं के बीच इस योजना को लेकर खास चर्चा है।

इसके साथ ही उम्मीदवार द्वारा वर्षों से की जा रही गौ माता सेवा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। समर्थकों का विश्वास है कि समाजसेवा और धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों का आशीर्वाद चुनाव में समर्थन के रूप में मिलेगा।

हालांकि चुनावी मैदान में अन्य समाजसेवी और पूर्व वार्ड पार्षद भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। कोई वर्षों से सामाजिक कार्यों के जरिए पहचान बना चुका है तो कोई वार्ड पार्षद रहते हुए जनता के बीच सक्रिय रहकर लोकप्रियता हासिल कर चुका है। सभी उम्मीदवार अलग-अलग मुद्दों और वादों के साथ मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।

शहर के विभिन्न मोहल्लों में नुक्कड़ सभाएं, घर-घर संपर्क और प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा और अंतिम समय तक तस्वीर साफ नहीं होगी।

अब देखना यह है कि जनता विकास, समाजसेवा और योजनाओं के वादों में किस पर भरोसा जताती है। फिलहाल झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।

जौनपुर में यूपी के सबसे बड़े वाटर पार्क का उद्घाटन करेंगे उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक 27 फरवरी को जौनपुर के धौकलगंज बाजार के पास कोचारी में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क तथा रिजॉर्ट एक्वा मानसरोवर का उद्घाटन करेंगे। सुबह 11 बजे से आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी, विधायक अवधेश सिंह और विधायक सुशील सिंह उपस्थित रहेंगे। इस वाटर पार्क का निर्माण मुंबई के लोकप्रिय समाजसेवी अजय सदानंद दुबे तथा उनके बड़े भाई पूर्व प्रधान विनय सदानंद दुबे ने कराया है। करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस वाटर पार्क और रिजॉर्ट ने इस क्षेत्र को सुर्खियों में ला दिया है। इसके चलते यहां स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा एक बड़े क्षेत्र में लोगों को अपने परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद उठाने का अवसर भी मिलेगा। यहां स्विमिंग पूल, रेन डांस, वाटर स्लाइस की पूरी सुविधा होगी।
दिल्ली को दहलाने की साजिश, लश्कर ए तैयबा के निशाने पर लाल किला और चांदनी चौक का मंदिर

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देश की राजधानी दिल्ली में एक बार आतंकियों के साए में है। राजधानी में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किले के आसपास के इलाकों और चांदनी चौक क्षेत्र में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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चांदनी चौक का इलाका निशाने पर

खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है।

बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने की साजिश

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों सूत्रों का कहना है कि लश्कर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए एक मस्जिद विस्फोट के बाद भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। खुफिया सूत्रों ने कहा, आतंकवादी चांदनी चौक में एक मंदिर को निशाना बना सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा आईईडी हमले की साजिश रच रहा है। 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद यह संगठन भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका

यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी। 10 नवंबर 2025 को शाम के समय दिल्ली के लाल किले के पास एक बड़ा धमाका हुआ था। इस धमाके में कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना में कई लोगों की मौत भी हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि धमाका एक कार में हुआ था। यह कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक लाल किला इलाके की पार्किंग में खड़ी रही थी।

पीएम मोदी जा रहे इजराइल, कितना अहम होगा ये दौरा?*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि पीएम मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं।

संसद को संबोधित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचेंगे। इस दौरान वह नेसेट (संसद) को संबोधित कर सकते हैं। पीएम मोदी नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर क्या बोले नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से उत्साहित उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा अगले सप्ताह एक बेहद शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री इजराइल का दौरा करेंगे। नेतन्याहू ने कहा, वर्षों से इजराइल और भारत के बीच एक मजबूत गठबंधन है। हम हर तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं। आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली और बेहद लोकप्रिय है।

नई रक्षा तकनीक साझा करने को सहमत

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इजराइल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है। इसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल इस बार ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

लंबी दूरी की मिसाइलें खरीदने पर विचार

भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा

भारतीय प्रधानमंत्री की यह वर्ष 2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा होगी। पीएम बेंजामिन नेतान्याहू जनवरी, 2018 में नई दिल्ली आये थे। उसके बाद कम से कम दो बार उनकी भारत यात्रा की तैयारियां की गई हैं लेकिन अंतिम समय में किसी न किसी वजह से उन्हें रद करना पड़ा। हालांकि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ा है।

सत्ताधारी पार्टी के नेता ही राज्य में सुरक्षित नहीं है, कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल

JMM नेता की हत्या का मामला पहुंचा सदन, बिगड़ती कानून व्यवस्था पक्ष विपक्ष आमने सामने

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झारखंड में सत्ता पक्ष के नेता ही अब सुरक्षित नहीं है। गिरिडीह के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह झामुमो के कददवार नेता राकेश महतो की हत्या कर दी गई। जंगल में मिली अधजली लाश के बाद इलाके मे सनसनी फैली हुई है।

अब यह मामला सदन में भी उठा विपक्ष की ओर से आजसू के विधायक निर्मल महतो ने सवाल उठा रहे है कि जब सत्ता पक्ष के नेता ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी। वही मंत्री सह गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे।

गिरिडीह जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश महतो की हत्या कर दी गई

राकेश का अधजला शव खांखी जंगल में मिला

त्या के बाद शव को पेड़ के पत्तों से जलाने का प्रयास भी किया गया

ह*त्याकांड का मामला पहुंचा विधानसभा सदन तक

सरकार पर फिर उठ रहा है बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल

लुटुआ थाना क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन: भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद,

गया: केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लुटुआ थाना क्षेत्र के पहाड़ी एवं जंगली इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। यह अभियान गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया था, जिसमें नक्सली गतिविधियों से जुड़ी विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखने की जानकारी मिली थी।

डी/215 बटालियन के सहायक कमांडेंट संजीत कुमार पांडे के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के तहत भुसिया, महादेव स्थान, सिंघवा, बालीबथान, सिकारी कुआं तथा गुलरिया तरी पहाड़ी क्षेत्रों में गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान लडूइया पहाड़ स्थित एक गुफा में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा मिला। बरामद सामग्री में 175 कॉमर्शियल इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, लगभग 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और करीब 1000 मीटर कॉर्डेक्स वायर शामिल थे।

सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बम निरोधक दस्ता (BDS) के विशेषज्ञों ने मौके पर ही सभी विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं की जाती तो क्षेत्र में बड़ी घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता था।

सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को नक्सली गतिविधियों के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता बताया है। ऑपरेशन के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और लगातार तलाशी अभियान जारी है। प्रशासन ने गया जिले के ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को लगा झटका, तिलमिलाए यूएस प्रेसिडेंट ने 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को पलट दिया है। इसके बाद से ट्रंप भड़के हुए हैं। ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत दुनिया पर 10 परसेंट टैरिफ लगाया है।

मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन किया। यह शुल्क मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा और 24 फरवरी से लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ट्रंप का फैसला

ट्रंप ने यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटे बाद उठाया है, जिसमें टॉप कोर्ट ने दुनिया भर में लगाए गए उनके टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नए टैरिफ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर ग्लोबल 10% टैरिफ पर हस्ताक्षर कर दिया है, जो लगभग तुरंत लागू होगा।' ट्रंप की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए वॉइट हाउस के एक्स हैंडल पर लिखा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया है।

भारत समेत सभी देशों पर असर

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत सहित सभी देशों पर यह 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ अगले 150 दिनों तक लागू रहेगा। यह पहले से वसूले जा रहे शुल्कों के ऊपर जोड़ा जाएगा। यानी मौजूदा टैरिफ के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त देना होगा।

झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव: वार्ड 22 में सीधी टक्कर, मुकाबला रोचक
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झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव के तहत वार्ड नंबर 22 में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मुख्य रूप से सीधी टक्कर एक पूर्व वार्ड पार्षद और एक समाजसेवी सरिता पांडेये के बीच मानी जा रही है, हालांकि अन्य प्रत्याशी भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे हैं। चुनावी माहौल में प्रचार-प्रसार तेज है और सभी उम्मीदवार जनता के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में लगे हैं।

वार्ड 22 से उम्मीदवार सरिता पांडेय की दावेदारी को लेकर क्षेत्र में खास चर्चा है। समर्थकों का दावा है कि उन्हें अपार जनसमर्थन मिल रहा है, जिससे विपक्षी उम्मीदवारों में हलचल है। बताया जा रहा है कि घर-घर संपर्क अभियान और महिलाओं के बीच लगातार संवाद के कारण उनकी पकड़ मजबूत हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरिता पांडे शिक्षित और मृदुभाषी हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव खासकर महिला मतदाताओं पर पड़ रहा है। वहीं उनके पति बबलू पांडेय लंबे समय से क्षेत्र में समाजसेवा से जुड़े रहे हैं। उनकी सक्रियता और लोकप्रियता भी चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाती दिख रही है। समर्थकों का मानना है कि वर्षों की सामाजिक भागीदारी का लाभ इस चुनाव में मिल सकता है।

दूसरी ओर पूर्व पार्षद भी अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को जनता के सामने रख रहे हैं मगर जनता उन्हें एक क्षेत्र के बिकास और अन्य क्षेत्र के उपेक्षा को लेकर सीधे तौर पर नकार रही है। वार्ड में सड़क, नाली, जलजमाव और मूलभूत सुविधाओं जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जा रहे हैं।

अब निगाहें 27 तारीख पर टिकी हैं, जब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वार्ड 22 की जनता किसे अपना आशीर्वाद देती है, यह तो परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है।

जमीनी नेता को मिल रहा जनसमर्थन, अनुभव और सादगी बनी ताकत — झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव में बढ़ी सक्रियता
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झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर में सरगर्मी तेज हो गई है। अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल एक प्रमुख उम्मीदवार को जमीनी स्तर से जुड़ाव, वार्ड पार्षद के अनुभव और सादगीपूर्ण छवि के कारण दिलीप वर्मा को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिख रहा है। हालांकि इनसे साथ तीन अन्य उम्मीदवार की सीधी टक्कर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उम्मीदवार लंबे समय से आम लोगों के बीच सक्रिय रहे हैं। वार्ड पार्षद के रूप में काम करते हुए उन्होंने सड़क, नाली, जलजमाव, अस्पताल ,पानी टंकी, केंद्रीय विद्यालय, सामुदायिक भवन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया, जिससे उनकी पहचान एक जमीनी और पहुंच योग्य जनप्रतिनिधि के रूप में बनी।

समर्थकों के अनुसार उनकी सादगी, मृदुभाषी स्वभाव और सहज व्यवहार ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। “वे आम लोगों की तरह रहते हैं, बिना किसी दिखावे के सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं,” यह कहना है कई मतदाताओं का। आम साधारण जीवनशैली और विनम्र व्यवहार के कारण उन्हें सभी वर्गों—युवा, महिला और बुजुर्ग—का समर्थन मिल रहा है।

चुनावी माहौल में जहां कई प्रत्याशी बड़े-बड़े वादों और प्रचार अभियानों में लगे हैं, वहीं यह उम्मीदवार घर-घर संपर्क और व्यक्तिगत संवाद पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर छोटी बैठकों और मोहल्ला सभाओं के जरिए वे मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर परिषद चुनाव में स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का खास महत्व होता है। ऐसे में जमीनी पकड़ और पूर्व अनुभव चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।

अब देखना यह है कि मतदान के दिन जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, लेकिन फिलहाल शहर में इस उम्मीदवार की सादगी और लोकप्रियता चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

टक्कर में चार, ‘शोले’ वाले अव्वल — झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद पर मुकाबला रोचक
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झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मैदान में चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, लेकिन चुनावी चर्चा में ‘शोले’ वाले को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। रमेश सिप्पी निर्देशित शोले फिल्म में धर्मेंद्र के यादगार अभिनय  को लेकर काफी चर्चा होती है ठीक उसी तरह से लोग बीरू की चर्च कर रहे है ।समर्थकों का दावा है कि क्षेत्र में मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के कारण ‘शोले’ अव्वल स्थिति में है।
चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों में उम्मीदवार लगातार मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। झारखंड  मुक्ति मोर्चा के समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार की मैया सम्मान योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिला है, जिसका सकारात्मक असर चुनावी माहौल में भी देखने को मिल रहा है। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं के बीच इस योजना को लेकर खास चर्चा है।
इसके साथ ही उम्मीदवार द्वारा वर्षों से की जा रही गौ माता सेवा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। समर्थकों का विश्वास है कि समाजसेवा और धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों का आशीर्वाद चुनाव में समर्थन के रूप में मिलेगा।
हालांकि चुनावी मैदान में अन्य समाजसेवी और पूर्व वार्ड पार्षद भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। कोई वर्षों से सामाजिक कार्यों के जरिए पहचान बना चुका है तो कोई वार्ड पार्षद रहते हुए जनता के बीच सक्रिय रहकर लोकप्रियता हासिल कर चुका है। सभी उम्मीदवार अलग-अलग मुद्दों और वादों के साथ मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।
शहर के विभिन्न मोहल्लों में नुक्कड़ सभाएं, घर-घर संपर्क और प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा और अंतिम समय तक तस्वीर साफ नहीं होगी।
अब देखना यह है कि जनता विकास, समाजसेवा और योजनाओं के वादों में किस पर भरोसा जताती है। फिलहाल झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
टक्कर में चार, ‘शोले’ वाले अव्वल — झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद पर मुकाबला रोचक

झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मैदान में चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, लेकिन चुनावी चर्चा में ‘शोले’ वाले बीरू को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों का दावा है कि क्षेत्र में मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के कारण ‘शोले’के बीरू अव्वल स्थिति में है।

चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों में उम्मीदवार लगातार मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार की मैया सम्मान योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिला है, जिसका सकारात्मक असर चुनावी माहौल में भी देखने को मिल रहा है। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं के बीच इस योजना को लेकर खास चर्चा है।

इसके साथ ही उम्मीदवार द्वारा वर्षों से की जा रही गौ माता सेवा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। समर्थकों का विश्वास है कि समाजसेवा और धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों का आशीर्वाद चुनाव में समर्थन के रूप में मिलेगा।

हालांकि चुनावी मैदान में अन्य समाजसेवी और पूर्व वार्ड पार्षद भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। कोई वर्षों से सामाजिक कार्यों के जरिए पहचान बना चुका है तो कोई वार्ड पार्षद रहते हुए जनता के बीच सक्रिय रहकर लोकप्रियता हासिल कर चुका है। सभी उम्मीदवार अलग-अलग मुद्दों और वादों के साथ मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।

शहर के विभिन्न मोहल्लों में नुक्कड़ सभाएं, घर-घर संपर्क और प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा और अंतिम समय तक तस्वीर साफ नहीं होगी।

अब देखना यह है कि जनता विकास, समाजसेवा और योजनाओं के वादों में किस पर भरोसा जताती है। फिलहाल झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।

जौनपुर में यूपी के सबसे बड़े वाटर पार्क का उद्घाटन करेंगे उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक 27 फरवरी को जौनपुर के धौकलगंज बाजार के पास कोचारी में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क तथा रिजॉर्ट एक्वा मानसरोवर का उद्घाटन करेंगे। सुबह 11 बजे से आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी, विधायक अवधेश सिंह और विधायक सुशील सिंह उपस्थित रहेंगे। इस वाटर पार्क का निर्माण मुंबई के लोकप्रिय समाजसेवी अजय सदानंद दुबे तथा उनके बड़े भाई पूर्व प्रधान विनय सदानंद दुबे ने कराया है। करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस वाटर पार्क और रिजॉर्ट ने इस क्षेत्र को सुर्खियों में ला दिया है। इसके चलते यहां स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा एक बड़े क्षेत्र में लोगों को अपने परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद उठाने का अवसर भी मिलेगा। यहां स्विमिंग पूल, रेन डांस, वाटर स्लाइस की पूरी सुविधा होगी।