राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर
राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।
चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा
नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:
चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि
2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)
2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई
2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर
मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'
राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।
2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।
2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।
आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग
शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।
शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।
ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।
अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।
विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत
विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।
"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"
निष्कर्ष
राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।







मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
मुंबई । फरवरी प्रेम का महीना है। वैलेंटाइन डे मनाने और प्रेम को याद करने का समय, जो हमारे जीवन में प्रेम के महत्व को दर्शाता है। अक्सर हम प्रेम और दुःख के बीच के गहरे संबंध को नहीं समझ पाते। देश की प्रख्यात समाजसेवी सीमा सिंह ने खार पश्चिम के 14वां रोड स्थित अपनी शॉप सीमा सिंह कलेक्शन में वैलेंटाइन डे को बहुत अनोखे ढंग से मनाया। फैशन की दुनिया में उन्होंने डेनिम कलेक्शन को लांच किया , जिसका नाम उन्होंने डेनिम अफेयर रखा।
गया: बिहार के गयाजी शहर के हृदय स्थल आज़ाद पार्क मैदान में गांधी शिल्प बाजार का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन नगर निगम के मेयर विरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर नृत्य और संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
में महान पूर्वज ऋषि मुनियों को इस देव ऋषि संस्कृति, महान संस्कारों, उदार चरित्रों, मानवीय गुणों के कारण जो भारत विश्व गुरू पद पाया उन देवीय मानवीय मूल्यों की पुर्नस्थापना द्वारा भारत माता की स्वाभिमान की रक्षा हेतु पराम्बा परब्रह्म की असीम अनुकंपा से 21 वर्षों तक अन्न जल त्याग कर, सिले वस्त्र त्यागकर, गो-दुग्ध का पान कर, 13 वर्षों तक मौन व्रत में रहे ऐसे विश्व गुरू हिमालय के तपो योगी श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं 13 वर्ष की अल्पायु से श्रीमद् भागवत, देवी भागवत, शिव महापुराण, रामकथा के ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री जिन्हें देश में सैंकड़ों कथाएँ करने का सौभाग्य प्राप्त है।
ऐसे पूज्य सद्गुरू के कृपा पात्र शिष्य के पावन सानिध्य में सन् 2021 में गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम, बैद्यनाथधाम संस्था की स्थापना की गई जिसमें श्री श्री राधा कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव की तीन मंजिला मंदिर का निर्माण 5 करोड़ की लागत से 4.5 वर्ष की अवधि में किया गया है। दक्षिण भारतीय कलाकृति एवं बिहार के समस्तीपुर जिले के कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य मंदिर बाबाधाम में आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। संस्था का उद्देश्य हिमालय से गंगासागर तक गंगा-यमुना स्वच्छ अभियान एवं समग्र भारत राष्ट्र में विश्वात्मा पराम्बा गंगा-राष्ट्रमाता गौमाता-गौरी (कन्या-नारी) मठ मंदिर तीर्थ रक्षा अभियान-देवऋषि संस्कृति संस्कार बचाओ-युवाओं को नशा मुक्त कर संस्कारित कर कर्मयोगी बनाना, निर्धन विद्यार्थी शिक्षा, निर्धन कन्या विवाह, दिव्यांग रोगी, बीमार सेवा, असहाय अनाथ सेवा, वृद्ध सेवा, दैवीय प्राकृतिक आपदाओं के शमन हेतु प्राकृतिक पर्यावरण ओजोन परत बचाने हेतु पेड़ पौधे लगाना, शुद्ध गाय घी, प्राकृतिक जड़ी बूटियों, वन औषधियों समिधाओं से हवन, सरहद में देश के अमर सपूतों 'अमृतस्य पुत्राः' के जय विजय एवं राष्ट्रीय एकता व अखंडता समरसता हेतु विश्वशांति सद्भावना महायज्ञों द्वारा समग्र भारत विश्व में सनातन धर्म पुर्नस्थापना है।
परम सद्गुरु डॉ० दुर्गेशाचार्य जी महाराज के इस पुनीत राष्ट्रव्यापी सनातन जन जागृति अभियान में आप सपरिवार जुड़कर मानव जीवन सफल सार्थक बनाकर पुण्य के भागी बने। दिनांक-18 फरवरी दिन बुधवार से 26 फरवरी 2026 तक श्री श्री राधा-कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें चार वेद एवं गंगा अष्टादश महापुराण श्रीमद् भागवत कथा का राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री का प्रवचन होगा।
महोत्सव का शुभारंभ 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को प्रातः 8 बजे 2100 कन्या एवं महिलाएं के द्वारा भव्य मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली जायेगी। 20 फरवरी दिन शुक्रवार 2026 को शुभ लग्नानुसार प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। 18 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से नित्य पूजन, मूल पाठ, हवन आदि का उत्तराखण्ड से 251 विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न होगा। श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन अपराह्न 1:30 से संध्या 6 बजे तक आयोजन होगा। संध्या 6 बजे से प्रतिदिन वृन्दावन धाम उत्तरप्रदेश के कलाकारों द्वारा रासलीला कार्यक्रम का आयोजन होगा। संध्या 7:30 बजे से प्रतिदिन भागवत महाप्रसाद भंडारा का आयोजन रात्रि 10:30 बजे तक होगा। अतः आप सनातन धर्म प्रेमी महानुभाव सपरिवार इष्टमित्रों सहित इस विश्व लोक कल्याणकारी यज्ञ का मुख्य यजमान बनकर अपनी सेवा सहभागिता सुनिश्चित कर कार्यक्रमानुसार कथा श्रवण एवं पराम्बा-राधा कृष्ण मंदिर दर्शनार्थ सादर सप्रेम आमंत्रित हैं। मोके पर संस्था के अध्यक्ष महेश प्रसाद राय, बिहार-झारखण्ड के संयोजक कृष्ण कन्हैया राय, उपाध्यक्ष अजित कुमार राय, महासचिव अमरेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रणजीत झा, विजय कुमार राय, ब्रजेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार (टींकू जी) कुणाल राय, संजीव कुमार सिंह, राजीव नयन प्रसाद सिंह, गौरव कुमार, सुधांशु कुमार राय, स्वपनिल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
35 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0