राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार, जानें क्या है मामला
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संसद के बजट सत्र में हंगामे का दौर जारी है। केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने जा रही है। इस संबंध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को शाम 5 बजे तक जवाब देना है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने सदन की गरिमा को ताक पर रखकर प्रधानमंत्री और सरकार के खिलाफ सफेद झूठ बोला है, जिसके लिए बीजेपी उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने जा रही है। उन्होंने कहा, लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं। जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा।
किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर पलटवार
किरेन रिजीजू ने राहुल गांधी के उन दावों पर कड़ा ऐतराज जताया है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने देश के राष्ट्रीय हितों को बेच दिया है। रिजीजू ने तीखे अंदाज में कहा, सदन के पटल पर मैंने खुद राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे जो आरोप लगा रहे हैं, उनके आवश्यक प्रमाण पेश करें। लेकिन उन्होंने बिना किसी तथ्यात्मक आधार के निराधार और भ्रामक बातें कहीं। यह केवल प्रधानमंत्री का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सदन को गुमराह करने की कोशिश है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी लिया नाम
विवाद केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं रहा। रिजीजू के अनुसार, राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर उन पर जो व्यक्तिगत और गंभीर आरोप लगाए हैं, वे विशेषाधिकार का खुला उल्लंघन हैं। रिजीजू ने कहा कि किसी मंत्री के खिलाफ बिना किसी ठोस दस्तावेज के इस तरह की बयानबाजी करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को हल्के में नहीं लेंगे। रिजीजू ने कहा, मैं स्पीकर के समक्ष इस गंभीर उल्लंघन के खिलाफ आवश्यक नोटिस दाखिल करने जा रहा हूं।
संसद में क्या बोले राहुल गांधी?
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है और देश का विदेशी ताकतों के सामने 'समर्पण' कर दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करते समय भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे 'नॉनसेंस' कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है।
संसद के बाहर क्या बोले राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने संबोधन के बाद मीडिया से बात की, जहां उन्होंने कहा कि मेरे पास डाटा है और मैंने कहा कि मैं प्रमाणित कर दूंगा, एप्सटीन में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस फाइल्स है जिसमें हरदीप पुरी का नाम है, अनिल अंबानी का नाम है, अडानी का केस चल रहा है, प्रधानमंत्री पर सीधे दबाव है यह सब जानते हैं। बिना दबाव के कोई प्रधानमंत्री यह नहीं कर सकता। जो हुआ है, जो किसानों के साथ, डाटा के साथ, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा के साथ हुआ है कोई प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थिति में नहीं कर सकता। वह तभी करेगा जब किसी ने जकड़ रखा हो।
52 min ago
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