झारखंड के 13,699 स्कूलों में बनेंगे दिव्यांग अनुकूल शौचालय, शिक्षा विभाग ने जारी की 726 करोड़ की कार्ययोजना

रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। विभाग ने राज्य भर के ऐसे 13,699 विद्यालयों की पहचान की है, जहां अब तक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग और उनकी जरूरतों के अनुकूल शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।
तकनीकी मानकों का रखा जाएगा ध्यान:
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के अनुसार, प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर लगभग 5.30 लाख रुपये का खर्च आएगा। ये शौचालय सामान्य शौचालयों से अलग होंगे, जिनमें रैंप, सपोर्ट हैंडल, चौड़े दरवाजे और पर्याप्त जगह जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले छात्र भी आसानी से इनका उपयोग कर सकें।
जिलों की स्थिति: गिरिडीह अव्वल:
सर्वेक्षण के अनुसार, सबसे अधिक कमी गिरिडीह जिले में पाई गई है, जहां 1,453 स्कूलों में निर्माण की आवश्यकता है। अन्य प्रमुख जिलों की सूची इस प्रकार है:
रांची: 862 विद्यालय
पलामू: 826 विद्यालय
देवघर: 803 विद्यालय
दुमका: 765 विद्यालय
सरायकेला-खरसावां: 633 विद्यालय
धनबाद: 506 विद्यालय
फंडिंग की रणनीति: DMFT और CSR का सहारा:
संसाधन जुटाने के लिए विभाग ने बहुआयामी रणनीति बनाई है। लगभग 6,292 विद्यालयों में निर्माण कार्य जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से कराया जाएगा। चतरा, धनबाद, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में इस फंड का उपयोग प्रस्तावित है। शेष जिलों के लिए समग्र शिक्षा अभियान, राज्य योजना, CSR (कॉर्पोरेट फंड) और अनटाइड फंड से राशि जुटाई जाएगी।
समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती:
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से दिव्यांग बच्चों के बीच 'ड्रॉप-आउट' दर में कमी आएगी और उनकी स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी। एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण मिलने से इन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जो समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।
जिला चिन्हित विद्यालयों की संख्या
गिरिडीह 1,453
रांची 862
पलामू 826
देवघर 803
दुमका 765
सरायकेला-खरसावां 633
49 min ago
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