Sambhal नगर पालिका की बजट बैठक में हंगामा: 185 करोड़ का ‘ऐतिहासिक बजट’ पास, GIS सर्वे पर बवाल
सम्भल नगर पालिका परिषद की बजट बैठक इस बार काफी गरमाई रही। अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी ने इसे “ऐतिहासिक बजट” बताते हुए बताया कि इस बार कुल प्रस्तावित बजट 185 करोड़ 52 लाख रुपये का रखा गया है, जबकि आय और व्यय करीब 167 करोड़ 88 लाख रुपये के आसपास है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह जनता केंद्रित है, जिसमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, तीर्थ पर्यटन और आउटसोर्स कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है।

GIS सर्वे से बढ़ेगी पालिका की आय

अधिशासी अधिकारी ने कहा कि GIS सर्वे के जरिए ऐसी संपत्तियां भी टैक्स के दायरे में आएंगी जो अब तक छूट गई थीं। इससे पालिका की आय बढ़ेगी और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

लेकिन यहीं से शुरू हुआ विवाद

सभासद शौकीन ने साफ कहा कि GIS सर्वे का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई लेकिन कई को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा थोपे जा रहे टैक्स से गरीब जनता पर भारी बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि 300 रुपये का टैक्स 1800 और 500 का 5000 तक कर दिया गया है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।

सभासदों का विरोध और बहिष्कार

सभासद गगन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उनकी बात सुनी ही नहीं जा रही तो बैठक में बैठने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर विभाग लगातार नए टैक्स जोड़ रहा है, जिससे व्यापार और आम जनता दोनों परेशान हैं।

निष्कर्ष

एक तरफ प्रशासन इस बजट को विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि इसे जनता पर आर्थिक बोझ मानते हुए विरोध कर रहे हैं। GIS सर्वे और बढ़ते टैक्स को लेकर खींचतान के बीच साफ है कि आने वाले दिनों में सम्भल नगर पालिका की राजनीति और गरमाने वाली है।
आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया
तुलसीपुर- नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा मधुरिमा इन के सभा कक्ष में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजय नाथ के अपर निदेशक(आयुष) गाजीपुर के पद पर प्रोन्नत पाकर तबादला होने पर विदाई व उनके स्थान पर आए डा. संजय कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
   कार्यक्रम की शुरुआत में नीमा अध्यक्ष डा. मो.शरीफ खान व मौजूद सभी आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
डा. मो.शरीफ खान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जिले का नीमा परिवार एक ऐसे मार्गदर्शक को विदाई देने जा रहा है जिन्होंने न केवल पद की गरिमा को बनाए रखा बल्कि हम सभी को परिवार का सदस्य समझा,जो अधिकारी नहीं हमारे संरक्षक रहे।आज विदाई के मौके पर दिल भारी है लेकिन आपके प्रोन्नत पर हम नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं साथ ही विश्वास करते हैं कि वहां भी आप अपनी लगन,ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से आयुष चिकित्सा को नई ऊंचाइयो पर ले जाएंगे। महामन्त्री डा. रवि मिश्र ने कहा कि आपके सतत प्रयास से आयुष चिकित्सकों का पंजीयन अब 5 वर्षो के लिए व अपनी विधा के साथ शासन द्वारा अनुमन्य एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से भी मरीजों के उपचार की सुविधा दी है।डा. दिग्विजय नाथ ने कहा कि विगत 8 वर्षों से नीमा संगठन पूरी तरह से हमारा सहयोग करता रहा है चाहे वो आपदा काल रहा हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों से स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से सेवा भाव रहा हो और समय समय पर शासन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता व टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इनकी भागीदारी सराहनीय रही है।ज़िला प्रशासन से भी मैंने कई बार कहा कि मुझे बिना जानकारी दिए क्लीनिक पर छापेमारी की कार्यवाही न कि जाए आपसे से भी अनुरोध है कि नियमानुसार बिना भय के सभी चिकित्सीय कार्य करते हैं साथ ही क्लिनिक पर स्वस्च्छ्ता का भी ध्यान रखें।नवागंतुक डा. संजय कुमार ने भी अपने पूर्ववर्ती समकक्ष के अनुसार कार्य किए जाने को लेकर सभी को विश्वास दिलाया आप सभी निर्विध्न रूप से अपना   चिकित्सीय कार्य करें कहीं कोई भी परेशानी नहीं होगी।कार्यक्रम का संचालन डा. अभिषेक सिन्हा ने किया।
डा वलीउल्लाह खा,डा मुश्ताक खा,डा प्रदीप दुबे,डा संतोष सिंह,डा. आर एन यादव,डा जुबेर,डा मनोज कुमार,डा राहुल,डा वसीम,डा जमील,अवनीश सिंह सहित जिले भर के चिकित्सक मौजूद रहे।
श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
जौनपुर । श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज रामनगर, विधमौवां में परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में शनिवार को समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय की प्रबंधक डॉ. प्रीती उपाध्याय द्विवेदी एवं प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे के द्वारा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य की सराहना की ।हाईस्कूल मे समीक्षा सिंह प्रथम, उजाला दूबे को द्वितीय व आयुषी यादव को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है,जबकि इंटरमीडिएट में साहिल यादव प्रथम, पायल तिवारी को द्वितीय व संदीप कुमार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है । इन सभी मेधावी विद्यार्थियों ने विद्यालय के साथ जिले का भी नाम रोशन किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश दुबे ने किया अंत में प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे ने विद्यार्थियों एवं आयोजकों का सम्मान किया और सभी को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। स्मार्ट प्रीपेड मी योजना तथा विद्युत कटौती के विरोध में कांग्रेस ब्लॉक कमेटी, बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आज विद्युत उपकेंद्र, बदलापुर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को पूरी तरह से समाप्त किया जाए तथा पहले की तरह पारंपरिक मीटर लगाया जाए। सरकार द्वारा इस दिशा में गठित समिति में जनता की सहभागिता तय की जाए। विद्युत व्यवस्था को जनहित करी पारदर्शी और सस्ती बनाई जाए ताकि आम आदमी कठिनाई का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी के बीच विद्युत कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे समय तक बिजली दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर महात्मा प्रसाद शुक्ल के अतिरिक्त पूर्व मंडल अध्यक्ष कमला प्रसाद तिवारी, प्रभारी जिला सचिव विनोद त्रिपाठी, गामा निषाद, मुंशी राजा, फूलचंद यादव, बाबूराम यादव, सोनू मौर्य,सांवले प्रजापति, विनोद कश्यप शेरे आलम, अरविंद पाल, रामकरन पाल, जमुना प्रसाद ,प्रवेश शुक्ला, गुड्डू खरवार, विजय अग्रवाल, मुन्ना शुक्ला समेत अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

आजमगढ़ के कोयलसा ब्लॉक के ‘विकास पुरुष’ राजधारी पाण्डेय पर विशेष रिपोर्ट
आजमगढ़ जनपद के कोयलसा ब्लॉक की राजनीति और विकास की बात जब भी होती है, तो एक नाम पूरे सम्मान और प्रभाव के साथ लिया जाता है—राजधारी पाण्डेय। उन्हें क्षेत्र में ‘विकास पुरुष’ के रूप में जाना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि जितना कहा जाए, उतना कम है।
सन 1970 के दशक से लेकर कई कार्यकाल तक ब्लॉक प्रमुख के रूप में उन्होंने कोयलसा क्षेत्र का नेतृत्व किया। उस दौर में शायद ही कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा रहा हो, जो राजधारी पाण्डेय के नाम और उनके प्रभाव से परिचित न हो। प्रशासनिक गलियारों में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि लोग कहते थे—“जहां ठान लिया, वहां काम होकर ही रहता था।”
राजधारी पाण्डेय की सबसे बड़ी पहचान थी उनकी जिद और जनसेवा के प्रति समर्पण। विकास कार्यों को लेकर उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था—क्षेत्र का हर गांव आगे बढ़े। सड़कों, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उन्होंने जो पहल की, उसका असर आज भी स्थानीय लोग महसूस करते हैं।
राजनीति में उन्हें ‘गुरु’ का दर्जा दिया जाता था। कई छोटे-बड़े नेता उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़े। उनके दरवाजे पर आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता था। चाहे आर्थिक मदद हो, सामाजिक सहयोग या प्रशासनिक स्तर पर सहायता—वे हर संभव तरीके से लोगों की मदद करते थे।
गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उनका हृदय हमेशा खुला रहता था। इसी कारण उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ भी कहा जाता था। उनके कार्यक्षेत्र की ख्याति केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि आसपास के जनपदों में भी लोग उन्हें सम्मान के साथ जानते थे।राजधारी पाण्डेय लगातार तीन बार ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए जनसेवा का जज्बा उनके रग रग मे बसा था रात मे भी समस्या को लेकर कोई पहुंच गया तो प्रमुख जी कपड़ा पहनते हुए निकलते थे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हमेशा व्यक्तिगत सम्बंधो को महत्व देते थे 1991 मे भाजपा की सदस्यता लिए और टिकट विधानसभा का लेते लेते रह गए भाजपा के वरिष्ठ नेता रमाकांत मिश्र ने राजधारी पाण्डेय ब्लाक प्रमुख की प्रतिमा बनाने की मांग की राजधारी पाण्डेय का एक बड़ा सपना था—ब्राह्मण समाज की एकजुटता और उसका सशक्त अस्तित्व। वे चाहते थे कि समाज संगठित होकर अपनी पहचान और प्रभाव को मजबूत बनाए।
आज भले ही समय बदल गया हो, लेकिन कोयलसा की मिट्टी में राजधारी पाण्डेय के कार्यों की छाप आज भी जीवित है। क्षेत्र के बुजुर्ग और युवा, दोनों ही उन्हें एक ऐसे जननेता के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और अपने जीवन को समाज के नाम समर्पित कर दिया।
लालगंज को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प, 35 मरीजों को भेंट की गई पोषक पोटली
मीरजापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के सभागार में शनिवार को लालगंज स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह द्वारा 35 क्षय रोगियों को पोषण पोटली अपने हाथों  भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण अभियान के तहत टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में शासन स्तर से जांच और ईलाज की सुविधा निः शुल्क प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी ने लालगंज ब्लॉक पर 35 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट कर सराहनीय कार्य किया है। डाक्टर कैलाश कुमार बिंद ने कहा कि आप सभी अपने अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन करने के लाभ के विषय में जानकारी देते हुए लालगंज ब्लॉक को टीबी मुक्त ब्लॉक बनाने में अपना योगदान दें। रेड क्रॉस  सोसाइटी के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि मरीज के हित में यह पहल एक सराहनीय और मददगार पहल है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने कहा कि इस नेक कार्य में सम्मानित और सक्षम लोगों को निश्चय मित्र बनकर हिस्सा लेने की आवश्यकता है, जिससे लालगंज ब्लॉक टीबी मुक्त ब्लॉक बन सकें। इस दौरान  डॉक्टर कैलाश बिंद, डॉक्टर राजेश पटेल, डॉक्टर पंकज, शमीम अहमद, नीरज कुमार सिंह, एलटी मुकेश कुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, अभिषेक, संदीप कुमार यादव, शेष नारायण सरोज, भोला, साहब अहमद, रामनारायण आदि लोग उपस्थित रहें।
PDS और गैस वितरण में घोटाले की जांच की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
*जिला पूर्ति अधिकारी जीवेश मौर्य व पूर्ति निरक्षको की आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग।*

*बहुजन अधिकार सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट राकेश कुमार भारती ने* जनपद सुलतानपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) एवं घरेलू गैस वितरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि *जिले में राशन कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। वितरण अभिलेखों और वास्तविक आपूर्ति में अंतर पाया जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर वितरण में भी निर्धारित दर से अधिक वसूली, कालाबाजारी और आपूर्ति में गड़बड़ी की शिकायतें* लगातार मिल रही हैं। इससे आम जनता में भारी नाराजगी है।

ज्ञापन में जिला *पूर्ति अधिकारी जीवेश कुमार मौर्य तथा संबंधित पूर्ति निरीक्षकों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कराने, आय के स्रोतों का परीक्षण कराने और आय से अधिक संपत्ति मिलने पर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।* साथ ही पूरे मामले की जांच राज्य विजिलेंस या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की भी मांग उठाई गई है।

संगठन ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को वर्तमान दायित्वों से अलग किया जाए तथा जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और गैस आपूर्ति व्यवस्था का विशेष ऑडिट कराया जाए। दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में प्रार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की भी मांग की गई है।
शेरघाटी नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का आरोप: पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा- फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन की निकासी की

कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा पत्र 

गया: गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर परिषद में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिसके उनके पास ठोस सबूत मौजूद हैं।

विनय कुमार के अनुसार, फाउंटेन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और गुणवत्ता से समझौता किया गया। इसके अलावा, नेशनल हाईवे पर पेंटिंग कार्य में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, फिर भी भारी राशि खर्च कर दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं के तहत फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन निकासी की गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन कंपनियों को काम दिया गया, उनके पास वैध दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, जीएसटी नंबर या अन्य आवश्यक कागजात तक नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया के जरिए कार्य आवंटित किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।

वाटर एटीएम परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विनय कुमार ने कहा कि जिन स्थानों पर आम जनता की सुविधा के लिए वाटर एटीएम लगाए जाने थे, वहां इन्हें नहीं लगाया गया। इसके बजाय अन्य क्षेत्रों में स्थापित कर दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, एलईडी डिस्प्ले और आउटडोर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने हितों के टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस फर्म को आउटडोर फाउंडेशन का कार्य दिया गया, वह नगर परिषद में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। विनय कुमार ने यह भी दावा किया कि संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी अपने पिछले कार्यकाल में भी इसी तरह के आरोपों में घिरी रही हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई, तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया जा सकता है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की भी अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच के बाद सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।

वही, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी ने कहा कि 6 माह के करीब चुनाव होना है, इसलिए यह सब राजनीतिक कारणों से आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि सभी आरोप मनगढ़ंत और तथ्यहीन है.

राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

जौनपुर। पूर्व प्रधानाध्यापक राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने दसवीं की परीक्षा में 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर नाम रोशन किया है। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित मां भगवती इंटरनेशनल अकैडमी की छात्रा सेजल दुबे ने पूरे विद्यालय में प्रथम क्रमांक प्राप्त किया है। यही कारण है कि विद्यालय की तरफ से भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित केकरचवर गांव की निवासी सेजल के पिता वीरेंद्र दुबे साधारण किसान है जबकि मां खुशबू दुबे गृहिणी हैं। सेजल की शानदार सफलता पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। सेजल की नानी की खुशी का तो ठिकाना नहीं। एक साधारण परिवार की सेजल ने जो कर दिखाया, वह विरले ही कर पाते हैं। सेजल बचपन से ही पढ़ने में अव्वल रही। वह आगे आईटी सेक्टर में जाना चाहती है।
Sambhal नगर पालिका की बजट बैठक में हंगामा: 185 करोड़ का ‘ऐतिहासिक बजट’ पास, GIS सर्वे पर बवाल
सम्भल नगर पालिका परिषद की बजट बैठक इस बार काफी गरमाई रही। अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी ने इसे “ऐतिहासिक बजट” बताते हुए बताया कि इस बार कुल प्रस्तावित बजट 185 करोड़ 52 लाख रुपये का रखा गया है, जबकि आय और व्यय करीब 167 करोड़ 88 लाख रुपये के आसपास है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह जनता केंद्रित है, जिसमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, तीर्थ पर्यटन और आउटसोर्स कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है।

GIS सर्वे से बढ़ेगी पालिका की आय

अधिशासी अधिकारी ने कहा कि GIS सर्वे के जरिए ऐसी संपत्तियां भी टैक्स के दायरे में आएंगी जो अब तक छूट गई थीं। इससे पालिका की आय बढ़ेगी और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

लेकिन यहीं से शुरू हुआ विवाद

सभासद शौकीन ने साफ कहा कि GIS सर्वे का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई लेकिन कई को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा थोपे जा रहे टैक्स से गरीब जनता पर भारी बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि 300 रुपये का टैक्स 1800 और 500 का 5000 तक कर दिया गया है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।

सभासदों का विरोध और बहिष्कार

सभासद गगन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उनकी बात सुनी ही नहीं जा रही तो बैठक में बैठने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर विभाग लगातार नए टैक्स जोड़ रहा है, जिससे व्यापार और आम जनता दोनों परेशान हैं।

निष्कर्ष

एक तरफ प्रशासन इस बजट को विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि इसे जनता पर आर्थिक बोझ मानते हुए विरोध कर रहे हैं। GIS सर्वे और बढ़ते टैक्स को लेकर खींचतान के बीच साफ है कि आने वाले दिनों में सम्भल नगर पालिका की राजनीति और गरमाने वाली है।
आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया
तुलसीपुर- नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा मधुरिमा इन के सभा कक्ष में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजय नाथ के अपर निदेशक(आयुष) गाजीपुर के पद पर प्रोन्नत पाकर तबादला होने पर विदाई व उनके स्थान पर आए डा. संजय कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
   कार्यक्रम की शुरुआत में नीमा अध्यक्ष डा. मो.शरीफ खान व मौजूद सभी आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
डा. मो.शरीफ खान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जिले का नीमा परिवार एक ऐसे मार्गदर्शक को विदाई देने जा रहा है जिन्होंने न केवल पद की गरिमा को बनाए रखा बल्कि हम सभी को परिवार का सदस्य समझा,जो अधिकारी नहीं हमारे संरक्षक रहे।आज विदाई के मौके पर दिल भारी है लेकिन आपके प्रोन्नत पर हम नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं साथ ही विश्वास करते हैं कि वहां भी आप अपनी लगन,ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से आयुष चिकित्सा को नई ऊंचाइयो पर ले जाएंगे। महामन्त्री डा. रवि मिश्र ने कहा कि आपके सतत प्रयास से आयुष चिकित्सकों का पंजीयन अब 5 वर्षो के लिए व अपनी विधा के साथ शासन द्वारा अनुमन्य एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से भी मरीजों के उपचार की सुविधा दी है।डा. दिग्विजय नाथ ने कहा कि विगत 8 वर्षों से नीमा संगठन पूरी तरह से हमारा सहयोग करता रहा है चाहे वो आपदा काल रहा हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों से स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से सेवा भाव रहा हो और समय समय पर शासन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता व टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इनकी भागीदारी सराहनीय रही है।ज़िला प्रशासन से भी मैंने कई बार कहा कि मुझे बिना जानकारी दिए क्लीनिक पर छापेमारी की कार्यवाही न कि जाए आपसे से भी अनुरोध है कि नियमानुसार बिना भय के सभी चिकित्सीय कार्य करते हैं साथ ही क्लिनिक पर स्वस्च्छ्ता का भी ध्यान रखें।नवागंतुक डा. संजय कुमार ने भी अपने पूर्ववर्ती समकक्ष के अनुसार कार्य किए जाने को लेकर सभी को विश्वास दिलाया आप सभी निर्विध्न रूप से अपना   चिकित्सीय कार्य करें कहीं कोई भी परेशानी नहीं होगी।कार्यक्रम का संचालन डा. अभिषेक सिन्हा ने किया।
डा वलीउल्लाह खा,डा मुश्ताक खा,डा प्रदीप दुबे,डा संतोष सिंह,डा. आर एन यादव,डा जुबेर,डा मनोज कुमार,डा राहुल,डा वसीम,डा जमील,अवनीश सिंह सहित जिले भर के चिकित्सक मौजूद रहे।
श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
जौनपुर । श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज रामनगर, विधमौवां में परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में शनिवार को समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय की प्रबंधक डॉ. प्रीती उपाध्याय द्विवेदी एवं प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे के द्वारा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य की सराहना की ।हाईस्कूल मे समीक्षा सिंह प्रथम, उजाला दूबे को द्वितीय व आयुषी यादव को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है,जबकि इंटरमीडिएट में साहिल यादव प्रथम, पायल तिवारी को द्वितीय व संदीप कुमार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है । इन सभी मेधावी विद्यार्थियों ने विद्यालय के साथ जिले का भी नाम रोशन किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश दुबे ने किया अंत में प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे ने विद्यार्थियों एवं आयोजकों का सम्मान किया और सभी को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। स्मार्ट प्रीपेड मी योजना तथा विद्युत कटौती के विरोध में कांग्रेस ब्लॉक कमेटी, बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आज विद्युत उपकेंद्र, बदलापुर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को पूरी तरह से समाप्त किया जाए तथा पहले की तरह पारंपरिक मीटर लगाया जाए। सरकार द्वारा इस दिशा में गठित समिति में जनता की सहभागिता तय की जाए। विद्युत व्यवस्था को जनहित करी पारदर्शी और सस्ती बनाई जाए ताकि आम आदमी कठिनाई का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी के बीच विद्युत कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे समय तक बिजली दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर महात्मा प्रसाद शुक्ल के अतिरिक्त पूर्व मंडल अध्यक्ष कमला प्रसाद तिवारी, प्रभारी जिला सचिव विनोद त्रिपाठी, गामा निषाद, मुंशी राजा, फूलचंद यादव, बाबूराम यादव, सोनू मौर्य,सांवले प्रजापति, विनोद कश्यप शेरे आलम, अरविंद पाल, रामकरन पाल, जमुना प्रसाद ,प्रवेश शुक्ला, गुड्डू खरवार, विजय अग्रवाल, मुन्ना शुक्ला समेत अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

आजमगढ़ के कोयलसा ब्लॉक के ‘विकास पुरुष’ राजधारी पाण्डेय पर विशेष रिपोर्ट
आजमगढ़ जनपद के कोयलसा ब्लॉक की राजनीति और विकास की बात जब भी होती है, तो एक नाम पूरे सम्मान और प्रभाव के साथ लिया जाता है—राजधारी पाण्डेय। उन्हें क्षेत्र में ‘विकास पुरुष’ के रूप में जाना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि जितना कहा जाए, उतना कम है।
सन 1970 के दशक से लेकर कई कार्यकाल तक ब्लॉक प्रमुख के रूप में उन्होंने कोयलसा क्षेत्र का नेतृत्व किया। उस दौर में शायद ही कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा रहा हो, जो राजधारी पाण्डेय के नाम और उनके प्रभाव से परिचित न हो। प्रशासनिक गलियारों में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि लोग कहते थे—“जहां ठान लिया, वहां काम होकर ही रहता था।”
राजधारी पाण्डेय की सबसे बड़ी पहचान थी उनकी जिद और जनसेवा के प्रति समर्पण। विकास कार्यों को लेकर उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था—क्षेत्र का हर गांव आगे बढ़े। सड़कों, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उन्होंने जो पहल की, उसका असर आज भी स्थानीय लोग महसूस करते हैं।
राजनीति में उन्हें ‘गुरु’ का दर्जा दिया जाता था। कई छोटे-बड़े नेता उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़े। उनके दरवाजे पर आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता था। चाहे आर्थिक मदद हो, सामाजिक सहयोग या प्रशासनिक स्तर पर सहायता—वे हर संभव तरीके से लोगों की मदद करते थे।
गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उनका हृदय हमेशा खुला रहता था। इसी कारण उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ भी कहा जाता था। उनके कार्यक्षेत्र की ख्याति केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि आसपास के जनपदों में भी लोग उन्हें सम्मान के साथ जानते थे।राजधारी पाण्डेय लगातार तीन बार ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए जनसेवा का जज्बा उनके रग रग मे बसा था रात मे भी समस्या को लेकर कोई पहुंच गया तो प्रमुख जी कपड़ा पहनते हुए निकलते थे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हमेशा व्यक्तिगत सम्बंधो को महत्व देते थे 1991 मे भाजपा की सदस्यता लिए और टिकट विधानसभा का लेते लेते रह गए भाजपा के वरिष्ठ नेता रमाकांत मिश्र ने राजधारी पाण्डेय ब्लाक प्रमुख की प्रतिमा बनाने की मांग की राजधारी पाण्डेय का एक बड़ा सपना था—ब्राह्मण समाज की एकजुटता और उसका सशक्त अस्तित्व। वे चाहते थे कि समाज संगठित होकर अपनी पहचान और प्रभाव को मजबूत बनाए।
आज भले ही समय बदल गया हो, लेकिन कोयलसा की मिट्टी में राजधारी पाण्डेय के कार्यों की छाप आज भी जीवित है। क्षेत्र के बुजुर्ग और युवा, दोनों ही उन्हें एक ऐसे जननेता के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और अपने जीवन को समाज के नाम समर्पित कर दिया।
लालगंज को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प, 35 मरीजों को भेंट की गई पोषक पोटली
मीरजापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के सभागार में शनिवार को लालगंज स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह द्वारा 35 क्षय रोगियों को पोषण पोटली अपने हाथों  भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण अभियान के तहत टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में शासन स्तर से जांच और ईलाज की सुविधा निः शुल्क प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी ने लालगंज ब्लॉक पर 35 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट कर सराहनीय कार्य किया है। डाक्टर कैलाश कुमार बिंद ने कहा कि आप सभी अपने अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन करने के लाभ के विषय में जानकारी देते हुए लालगंज ब्लॉक को टीबी मुक्त ब्लॉक बनाने में अपना योगदान दें। रेड क्रॉस  सोसाइटी के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि मरीज के हित में यह पहल एक सराहनीय और मददगार पहल है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने कहा कि इस नेक कार्य में सम्मानित और सक्षम लोगों को निश्चय मित्र बनकर हिस्सा लेने की आवश्यकता है, जिससे लालगंज ब्लॉक टीबी मुक्त ब्लॉक बन सकें। इस दौरान  डॉक्टर कैलाश बिंद, डॉक्टर राजेश पटेल, डॉक्टर पंकज, शमीम अहमद, नीरज कुमार सिंह, एलटी मुकेश कुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, अभिषेक, संदीप कुमार यादव, शेष नारायण सरोज, भोला, साहब अहमद, रामनारायण आदि लोग उपस्थित रहें।
PDS और गैस वितरण में घोटाले की जांच की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
*जिला पूर्ति अधिकारी जीवेश मौर्य व पूर्ति निरक्षको की आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग।*

*बहुजन अधिकार सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट राकेश कुमार भारती ने* जनपद सुलतानपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) एवं घरेलू गैस वितरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि *जिले में राशन कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। वितरण अभिलेखों और वास्तविक आपूर्ति में अंतर पाया जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर वितरण में भी निर्धारित दर से अधिक वसूली, कालाबाजारी और आपूर्ति में गड़बड़ी की शिकायतें* लगातार मिल रही हैं। इससे आम जनता में भारी नाराजगी है।

ज्ञापन में जिला *पूर्ति अधिकारी जीवेश कुमार मौर्य तथा संबंधित पूर्ति निरीक्षकों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कराने, आय के स्रोतों का परीक्षण कराने और आय से अधिक संपत्ति मिलने पर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।* साथ ही पूरे मामले की जांच राज्य विजिलेंस या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की भी मांग उठाई गई है।

संगठन ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को वर्तमान दायित्वों से अलग किया जाए तथा जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और गैस आपूर्ति व्यवस्था का विशेष ऑडिट कराया जाए। दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में प्रार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की भी मांग की गई है।
शेरघाटी नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का आरोप: पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा- फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन की निकासी की

कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा पत्र 

गया: गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर परिषद में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिसके उनके पास ठोस सबूत मौजूद हैं।

विनय कुमार के अनुसार, फाउंटेन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और गुणवत्ता से समझौता किया गया। इसके अलावा, नेशनल हाईवे पर पेंटिंग कार्य में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, फिर भी भारी राशि खर्च कर दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं के तहत फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन निकासी की गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन कंपनियों को काम दिया गया, उनके पास वैध दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, जीएसटी नंबर या अन्य आवश्यक कागजात तक नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया के जरिए कार्य आवंटित किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।

वाटर एटीएम परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विनय कुमार ने कहा कि जिन स्थानों पर आम जनता की सुविधा के लिए वाटर एटीएम लगाए जाने थे, वहां इन्हें नहीं लगाया गया। इसके बजाय अन्य क्षेत्रों में स्थापित कर दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, एलईडी डिस्प्ले और आउटडोर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने हितों के टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस फर्म को आउटडोर फाउंडेशन का कार्य दिया गया, वह नगर परिषद में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। विनय कुमार ने यह भी दावा किया कि संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी अपने पिछले कार्यकाल में भी इसी तरह के आरोपों में घिरी रही हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई, तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया जा सकता है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की भी अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच के बाद सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।

वही, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी ने कहा कि 6 माह के करीब चुनाव होना है, इसलिए यह सब राजनीतिक कारणों से आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि सभी आरोप मनगढ़ंत और तथ्यहीन है.

राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

जौनपुर। पूर्व प्रधानाध्यापक राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने दसवीं की परीक्षा में 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर नाम रोशन किया है। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित मां भगवती इंटरनेशनल अकैडमी की छात्रा सेजल दुबे ने पूरे विद्यालय में प्रथम क्रमांक प्राप्त किया है। यही कारण है कि विद्यालय की तरफ से भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित केकरचवर गांव की निवासी सेजल के पिता वीरेंद्र दुबे साधारण किसान है जबकि मां खुशबू दुबे गृहिणी हैं। सेजल की शानदार सफलता पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। सेजल की नानी की खुशी का तो ठिकाना नहीं। एक साधारण परिवार की सेजल ने जो कर दिखाया, वह विरले ही कर पाते हैं। सेजल बचपन से ही पढ़ने में अव्वल रही। वह आगे आईटी सेक्टर में जाना चाहती है।