बदलापुर में कांग्रेसियों ने किया केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन
जौनपुर। ब्लाक कांग्रेस कमेटी बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ला के नेतृत्व में आज घरेलू रसोई गैस सिलिंडर के बढ़े हुए दाम वापस लैने के सम्बन्ध में ब्लॉक मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर भारत सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की गई तथा महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को दिया गया। धरने को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विनोद त्रिपाठी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की विदेशी नीति एवं कूटनीति पूरी तरह से धवस्त हो गई है। परिणामस्वरूप गृहिणियों को रसोई गैस की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को गैस एजेन्सियों पर लम्बी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। धरने को ब्लॉक अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ला, वरिष्ठ नेता कमला प्रसाद तिवारी ने भी सम्बोधित किया । इस अवसर पर मुन्सी रजा, गामा निषाद, मंगल खरवार समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बदलापुर में KDR फाउंडेशन द्वारा निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन
जौनपुर। सेवा सबसे बड़ा धर्म है।  निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करना, मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। जरूरतमंदों, माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा से न केवल आत्मा को संतोष मिलता है, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव भी बढ़ता है। केवला देवी रामबहाल फाउंडेशन एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो पिछले कई वर्षों से ग्रामीण भागों में लगातार जन सेवा का पुनीत काम कर रही है। विशेषकर जरूरतमंद एवं गरीब लोगों के निशुल्क नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद जांच तथा चयनित मरीजों के लिए निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण सुविधा की दिशा में यह संस्था अब तक हजारों मरीजों के अंधेरे जीवन को उजालों में बदल चुकी है। आगामी 9 अप्रैल को संस्था द्वारा जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित  गांव के केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया गया है। संस्था के अध्यक्ष विनोद रामबहाल सिंह ने बताया कि चयनित मरीजों को वाराणसी स्थित आरजे शंकरा आंख अस्पताल ले जाने और ले आने के लिए बस सेवा भी पूरी तरह से निशुल्क होगी। मरीजों के उपचार एवं भोजन की व्यवस्था अस्पताल द्वारा निशुल्क होगी। मरीजों को इसके लिए विनय सिंह (मो. 8691 042 664 ), अशोक सिंह(मो. 9559 0 86636) , ठाकुर अमरधारी सिंह(मो 86910 42 665), सौरभ सिंह (मो. 9838 396010) विकास सिंह (मो. 91371 54254) से संपर्क करने की अपील की गई है।
इंजीनियर सुसाइड मामले में प्रेमिका की जमानत याचिका सत्र न्यायालय से खारिज,तीन महीने से जेल में बंद
*आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

गोंडा।जिले में इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव आत्महत्या मामले में उनकी प्रेमिका सोनल सिंह की जमानत याचिका जनपद न्यायाधीश दृग नारायन सिंह द्वारा खारिज कर दी गई है।सोनल सिंह पर अभिषेक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के गायत्री पुरम् में 17 दिसंबर 2025 को हुई थी और उसी मामले में सोनल सिंह फिलहाल जेल में बंद हैं।सोनल सिंह ने जनपद न्यायाधीश की अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था,इस पर 27 फरवरी से सुनवाई चल रही थी,जहाँ बुधवार को जनपद न्यायाधीश दृग नारायन सिंह ने सोनल सिंह के जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है।आज आए न्यायालय के आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि सोनल सिंह को फिलहाल जमानत नहीं मिली है और वह जेल में ही रहेंगी।न्यायालय में सोनल सिंह ने तर्क दिया था कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके द्वारा कोई घटना न तो की गई है और न ही देखा गया है।उन्होंने यह भी कहा था कि पैसे मांगने के आरोप का कोई डिजिटल साक्ष्य मौजूद नहीं हैऔर न ही मृतक की बहन ने ऐसा कोई बयान दिया है।इसके साथ ही सोनल ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह एक महिला है और उसके छ: व दो वर्ष के दो छोटे बच्चे हैं।जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत शुक्ला ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि सोनल ने अपने पति के साथ मिलकर मृतक के खिलाफ एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था और दोनों मृतक से पैसे की मांग कर उसे प्रताड़ित कर रहे थे,जिसके कारण मृतक अभिषेक ने आत्महत्या किया।पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में भी सोनल सिंह और उनके पति अजीत सिंह द्वारा प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की बात कही गई थी।पुलिस ने न्यायालय को दिए आरोप पत्र में कई डिजिटल साक्ष्य और चार पेज का सुसाइड नोट भी प्रस्तुत किया था।इस सुसाइड नोट में मृतक अभिषेक ने सोनल और अभिषेक को ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था।मृतक इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव के भाई उद्धव श्रीवास्तव ने न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।
बुद्धा पार्क के सौन्दर्यीकरण एवं विस्तार का सोमवार को शिलान्यास।
                                              
बौद्व धर्म के संतों द्वारा पूजन कर तेजी से निर्माण कार्य होगा आरम्भ।
                                         

बलरामपुर । आदर्श नगरपालिका परिषद क्षेत्र में स्थित बुद्धा पार्क के सौन्दर्यीकरण और विस्तार कार्य का शिलान्यास आगामी सोमवार को किया जाएगा। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के संतों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया जाएगा।

नगरपालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने जानकारी देते हुए बताया कि शिलान्यास: आगामी सोमवार को बुद्धा पार्क के विकास कार्य का शिलान्यास किया जाएगा।

धार्मिक शुरुआत: बौद्ध धर्म के संतों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कर निर्माण कार्य शुरू होगा।
बजट: परियोजना के लिए लगभग 70 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है।
मुख्य कार्य:
नई बाउंड्री वॉल का निर्माण,हाल,
हरित क्षेत्र (ग्रीन एरिया) का विकास
बैठने की बेहतर व्यवस्था
बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरण
बेहतर प्रकाश व्यवस्था
उद्देश्य: पार्क को सुरक्षित,आकर्षक और उपयोगी बनाना।
स्थानीय प्रतिक्रिया: लोगों में उत्साह है—उन्हें उम्मीद है कि यह पार्क सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।बुद्धा पार्क की बाउंड्री पूर्व में क्षतिग्रस्त हो गई थी,जिससे पार्क की सुरक्षा और सौन्दर्य प्रभावित हो रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए शासन से पार्क के सौन्दर्यीकरण एवं विस्तार के लिए जीएसटी सहित लगभग 70 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत पार्क की नई बाउंड्री वाल का निर्माण,हरित क्षेत्र का विकास,बैठने की समुचित व्यवस्था,बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरणों की स्थापना तथा प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही पार्क को आकर्षक और उपयोगी बनाने के लिए विशेष डिज़ाइन के तहत कार्य कराया जाएगा।

शिलान्यास कार्यक्रम में बौद्ध धर्म के गुरुओं एवं अनुयायियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है,जो धार्मिक विधि-विधान के साथ कार्यक्रम को संपन्न करेंगे। कार्यक्रम के बाद निर्माण कार्य को तेजी से शुरू कर निर्धारित समय में पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय नागरिकों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि पार्क के विकसित होने से क्षेत्र के बच्चों,युवाओं एवं बुजुर्गों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा यह स्थान सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।
शशि थरूर ने फिर किया सरकार का समर्थन, बोले- ईरान-इजरायल युद्ध पर चुप्पी कायरता नहीं रणनीति

#shashitharooronindiastandonwestasiasilence

पश्चिम एशिया में जंग को लेकर भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध पर भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार की चुप्पी पर नैतिक कायरता का आरोप लग रहा है। इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से पैदा हुए संकट पर भारत सरकार के स्टैंड का खुलकर समर्थन किया है। 

कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग राय

अमेरिका और इजरायल ने जबसे ईरान पर अटैक किया है, भारत सरकार पर भी देश में “सियासी हमले” हो रहे हैं। सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई की एयर स्‍ट्राइक में मौत की निंदा न करने पर सरकार पर खूब खरी-खोटी सुनाई थी। उन्‍होंने ईरान की संप्रभुता को तार-तार करने के मामले में भारत की चुप्‍पी पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। हालांकि, अब कांग्रेस पार्टी के ही सांसद शशि थरूर ने सरकार के रुख का बचाव करते हुए इसे जिम्मेदार कूटनीति बताया है।

भारतीय नीति पर सवाल खड़े करने वालों को दिखाया आईना

केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजनियक शशि थरूर ने एक लेख लिखकर उन्होंने मोदी सरकार पर सवाल उठाने वालों को जमीनी हालात और राष्ट्रहित में अपनी गई रणनीति के बारे में समझाने की कोशिश की है। उनका यह लेख इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुआ है। थरूर का कहना है कि वेस्‍ट एशिया में छिड़ी जंग पर भारत की चुप्‍पी किसी भी तरह से मोरल सरेंडर यानी नैतिक आत्‍मसमर्पण नहीं है। कांग्रेस सांसद का कहना है कि भारत का साइलेंस एक रिस्‍पॉन्सिबल स्‍टेटक्राफ्ट (सोची-समझी और जिम्‍मेदार कूटनीति) है।

हर स्थिति में सार्वजनिक निंदा ही एकमात्र विकल्प नहीं-थरूर

थरूर ने स्पष्ट किया कि वे खुद मानते हैं कि अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किया गया सैन्य अभियान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है। यह संप्रभुता, आक्रामकता-विरोध और शांतिपूर्ण समाधान जैसे उन सिद्धांतों के खिलाफ है, जिनका भारत ऐतिहासिक रूप से समर्थन करता रहा है। इसके बावजूद उन्होंने सरकार की आलोचना करने से इनकार करते हुए कहा कि हर स्थिति में सार्वजनिक निंदा ही एकमात्र विकल्प नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपनाना होता है। थरूर के मुताबिक, सरकार की चुप्पी कायरता नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है, और कई बार बिना बयान दिए भी कूटनीतिक रास्ते खुले रखे जा सकते हैं।

सरकार की चुप्पी की निंदा नहीं

थरूर के मुताबिक उनके जैसे जिन लोगों ने पश्चिम एशिया युद्ध पर सरकार की चुप्पी की निंदा नहीं की, लिबरल्स उन्हीं पर निशाना साधने लगे हैं। वे इसे नैतिक कायरता कह रहे हैं। वे हमसे चाहते हैं कि हम यह मांग करें कि भारत नैतिक श्रेष्ठता दिखाते हुए युद्ध को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन घोषित करे। लेकिन, मैं इस संघर्ष पर सरकार की चुप्पी की निंदा नहीं करूंगा।

लाखों भारतीयों के हितों पर होने वाले असर की दिलाई याद

थरूर ने यह भी कहा कि भारत के पश्चिम एशिया में बड़े हित जुड़े हैं करीब 200 अरब डॉलर का व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और लगभग 90 लाख भारतीयों की मौजूदगी, ऐसे में किसी भी कड़े सार्वजनिक बयान से इन हितों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका के साथ भारत के रक्षा और तकनीकी संबंधों का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैतिक भाषण देकर इन संबंधों को खतरे में डालना समझदारी नहीं होगी।

राष्ट्रीय हितों की रक्षा का व्यावहारिक तरीका-थरूर

जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति का हवाला देते हुए थरूर ने कहा कि यह नैतिक रुख से दूरी नहीं, बल्कि शीत युद्ध के दौरान राष्ट्रीय हितों की रक्षा का व्यावहारिक तरीका था। आज के बहुध्रुवीय विश्व में भारत मल्टी-अलाइनमेंट की नीति पर चल रहा है, जहां वह अलग-अलग शक्तियों के साथ संबंध बनाए रखते हुए अपने हितों को प्राथमिकता देता है। 

सोवियत संघ के समय अपनाए गए रणनीति का उदाहरण

थरूर ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे यह भूल जाते हैं कि भारत ने अतीत में भी कई बार राष्ट्रीय हितों के चलते चुप्पी साधी है। इसके लिए उन्होंने सोवियत संघ के द्वारा हंगरी (1956), चेकोस्लोवाकिया (1968) और अफगानिस्तान (1979) में किए गए अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघनों का उदाहरण दिया है, जिसकी निंदा करने में हमने बचने की कोशिश की। क्योंकि, मास्को के साथ अपने रिश्तों को हम खतरे में डालने का जोखिम नहीं ले सकते थे।

सोनिया गांधी ने की थी भारत सरकार की तीखी आलोचना

बता दें कि इसी समाचारपत्र में कुछ दिनों पहले सोनया गांधी ने लेख लिखकर सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई और ईरान की संप्रभुता पर आक्रमण की खुले शब्‍दों में निंदा न करने के लिए भारत सरकार की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ईरान के शीर्ष नेता की हत्या जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत का मौन रहना तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं वैश्विक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए गंभीर चुनौती हैं और भारत जैसे देश को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

चैत नवरात्रि और ईद पर नगर पालिका की व्यापक तैयारियाँ,सफाई व जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़।
                                
                                    
बलरामपुर। चैत नवरात्रि एवं ईद जैसे पावन पर्वों को देखते हुए आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर द्वारा शहर में व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरु’ के निर्देशन में मंदिरों,ईदगाहों और मस्जिदों की विशेष साफ-सफाई के साथ-साथ नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही जूना (नालियों की सफाई) का कार्य भी लगातार जारी है,ताकि कहीं भी जलभराव या गंदगी की समस्या उत्पन्न न हो।

उन्होंने बताया कि अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्य द्वारा नगर पालिका के सभी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। सफाई कर्मियों,जलकल विभाग एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्वों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिकों की सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं,ताकि श्रद्धालु एवं रोजेदार दोनों ही अपने-अपने पर्व शांतिपूर्ण और स्वच्छ वातावरण में मना सकें।

नगरवासियों ने भी नगर पालिका की इस पहल की सराहना की है और प्रशासन से अपील की है कि यह व्यवस्था पूरे पर्व काल तक इसी प्रकार सुचारु रूप से जारी रखी जाए।
सीवर लाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त सड़कों के पूर्ण निर्माण के निर्देश,अध्यक्ष के आग्रह पर डीएम सख्त।   
                          
                                        
बलरामपुर। नगर क्षेत्र में सीवर जल पाइप लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। आदर्श नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी से वार्ता की और नगरवासियों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया।

अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से मांग की कि जहां-जहां सीवर लाइन के कार्य के चलते सड़कें खोदी गई हैं,वहां केवल मरम्मत नहीं बल्कि पूरी सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरी और खराब सड़कों के कारण आम जनता को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अधूरी या खराब गुणवत्ता वाली सड़क स्वीकार नहीं की जाएगी। जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं,उन्हें पूरी तरह से बनवाया जाए और कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जल निगम विभाग में हलचल तेज हो गई है और संबंधित अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नगर क्षेत्र की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

नगरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब उन्हें बेहतर और सुगम सड़क सुविधा मिल
मां के दरबार में भक्तों की भीड़, जमकर लगे जयकारे


रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव

भदोही।नवरात्रि के प्रथम दिन मां के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की अराधना की गई। महिलाओं ने घरों में कलश स्थापना कर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की नौ दिवसीय अराधना आरंभ की। इस दौरान मंदिरों से लेकर बाजारों तक खुब रौनक देखी गई।वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिवस देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्ञानपुर के द्दोपाइला माता मंदिर, दुर्गागंज तिराहे पर स्थित दुर्गा मंदिर, हरिहरनाथ स्थित मां शीतला, मां काली मंदिर के साथ ही जोरई, ककराही, भुड़की, औराई, सुरियावां, सीमामढ़ी और गोपीगंज के प्राचीन दुर्गा माता मंदिर सदर महाल,  सुबह ही आस्थावानों की कतारें लगनी शुरू हो गई। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठे। खासकर महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। व्रती महिलाएं मां की अराधना को पहुंची और विधिवत पूजन-अर्चन किया। भक्तों ने मां से मुरादें मांगी। इसके अलावा घरों में कलश स्थापना की गई। जहां मां भक्त नौ दिनों का पूजन-अर्चन करेंगे। नवरात्र के कारण बाजार में भी अच्छी रौनक देखने को मिली। दर्शन-पूजन को निकली महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। गोपीगंज स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर के पुजारी धनेश पंडा ने कहा कि नवरात्र में मां की अराधना का विशेष महत्व है। इस पूरे नौ दिनों तक मां अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं।
अयोध्या में इतिहास रचा गया: राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना
लखनऊ । अयोध्या आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना, जब द्रौपदी मुर्मू ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना और पूजन किया।राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिजीत मुहूर्त में इस अनुष्ठान में भाग लिया। इससे पहले उन्होंने राम दरबार के दर्शन कर आरती उतारी और मंदिर परिसर में पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की। इस आयोजन को राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।इस मौके पर योगी आदित्यनाथ, आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और कई संत-धर्माचार्य मौजूद रहे। वैदिक आचार्यों के निर्देशन में पूरे विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना संपन्न कराई गई।

देशभर से जुटे श्रद्धालु और संत

कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु, संत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोग शामिल हुए। विशेष रूप से विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनकर आध्यात्मिक वातावरण को और भी भव्य बना दिया।

सुरक्षा के बीच सीमित रहे दर्शन

राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाई गई। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के दर्शन समय को बढ़ाया गया।

चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था

पूरे आयोजन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शहर को कई जोन और सेक्टर में बांटकर लगभग 3000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। एयरपोर्ट से लेकर मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों तक कड़ी निगरानी रखी गई।

यातायात व्यवस्था में बदलाव

आवागमन को सुचारु रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई और रूट डायवर्जन लागू किया गया, जिससे वीआईपी मूवमेंट और आम जनता दोनों को सुविधा मिल सके।राष्टपति का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े लंबे आंदोलन के एक अहम पड़ाव के रूप में भी याद किया जाएगा।
खतरनाक स्थिति में पहुंची मिडिल ईस्ट में चल रही जंग, अब सऊदी अरब ने दी ईरान को खुली चेतावनी

#saudiarabiawarnsirantoconsequencesof_attacks

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। ईरान कई देशों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर रहा है और गैस-तेल के ठिकानों को निशाना बना रहा है। ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को उनके बड़े तेल और गैस ठिकाने खाली करने की चेतावनी दी है। इससे पूरे क्षेत्र में डर और तनाव बढ़ गया है। खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के बीच सऊदी अरब ने तेहरान को चेतावनी दी है।

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि ईरान को अपने पड़ोसियों पर किए गए हमलों के परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान को लगता है कि खाड़ी देश जवाब देने में असमर्थ हैं, तो तेहरान गलत है। उन्होंने ईरान पर हद पार करने का आरोप लगाया और कहा कि जरूरत पड़ने पर खाड़ी देशों के पास सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि ईरान के आगे न तो ब्लैकमेल होंगे और न ही डरेंगे।

रियाद में अरब विदेश मंत्रियों की बैठक

प्रिंस फैसल ने रियाद में अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक के बाद ये बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने रवैये पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की कार्रवाइयों का उसे राजनीतिक और नैतिक रूप से उल्टा असर झेलना पड़ेगा। प्रिंस फैसल ने कहा कि ईरान के बार-बार के हमलों से उस पर से भरोसा टूट गया है। खास बात है कि जब बैठक चल रही थी, उसी दौरान ईरान ने रियाद और कतर के रास लफान इंडस्टिरयल सिटी पर हमला कर दिया।

क्या सीधे जंग में उतरेगा सऊदी अरब?

हाल के दिनों में सऊदी अरब पहले ही ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है। रियाद में अमेरिकी दूतावास, प्रिंस सुल्तान एयरबेस और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि सऊदी अमेरिका का कितना साथ देगा और क्या वह सीधे जंग में उतरेगा।

पाकिस्तान की भी होगी एंट्री!

सऊदी अरब के तेल को अगर टार्गेट किया गया तो वह इस युद्ध में खुलकर उतर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान को भी इसमें शामिल होना पड़ेगा। इसका कारण है सऊदी और पाकिस्तान के बीच हुआ रक्षा समझौता। इस युद्ध के बाद से ही पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर कई बार सऊदी का दौरा कर चुके हैं। यह दिखाता है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पर्दे के पीछे नया खेल चल रहा है।

बदलापुर में कांग्रेसियों ने किया केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन
जौनपुर। ब्लाक कांग्रेस कमेटी बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ला के नेतृत्व में आज घरेलू रसोई गैस सिलिंडर के बढ़े हुए दाम वापस लैने के सम्बन्ध में ब्लॉक मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर भारत सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की गई तथा महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को दिया गया। धरने को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विनोद त्रिपाठी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की विदेशी नीति एवं कूटनीति पूरी तरह से धवस्त हो गई है। परिणामस्वरूप गृहिणियों को रसोई गैस की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को गैस एजेन्सियों पर लम्बी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। धरने को ब्लॉक अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ला, वरिष्ठ नेता कमला प्रसाद तिवारी ने भी सम्बोधित किया । इस अवसर पर मुन्सी रजा, गामा निषाद, मंगल खरवार समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बदलापुर में KDR फाउंडेशन द्वारा निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन
जौनपुर। सेवा सबसे बड़ा धर्म है।  निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करना, मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। जरूरतमंदों, माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा से न केवल आत्मा को संतोष मिलता है, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव भी बढ़ता है। केवला देवी रामबहाल फाउंडेशन एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो पिछले कई वर्षों से ग्रामीण भागों में लगातार जन सेवा का पुनीत काम कर रही है। विशेषकर जरूरतमंद एवं गरीब लोगों के निशुल्क नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद जांच तथा चयनित मरीजों के लिए निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण सुविधा की दिशा में यह संस्था अब तक हजारों मरीजों के अंधेरे जीवन को उजालों में बदल चुकी है। आगामी 9 अप्रैल को संस्था द्वारा जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित  गांव के केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया गया है। संस्था के अध्यक्ष विनोद रामबहाल सिंह ने बताया कि चयनित मरीजों को वाराणसी स्थित आरजे शंकरा आंख अस्पताल ले जाने और ले आने के लिए बस सेवा भी पूरी तरह से निशुल्क होगी। मरीजों के उपचार एवं भोजन की व्यवस्था अस्पताल द्वारा निशुल्क होगी। मरीजों को इसके लिए विनय सिंह (मो. 8691 042 664 ), अशोक सिंह(मो. 9559 0 86636) , ठाकुर अमरधारी सिंह(मो 86910 42 665), सौरभ सिंह (मो. 9838 396010) विकास सिंह (मो. 91371 54254) से संपर्क करने की अपील की गई है।
इंजीनियर सुसाइड मामले में प्रेमिका की जमानत याचिका सत्र न्यायालय से खारिज,तीन महीने से जेल में बंद
*आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

गोंडा।जिले में इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव आत्महत्या मामले में उनकी प्रेमिका सोनल सिंह की जमानत याचिका जनपद न्यायाधीश दृग नारायन सिंह द्वारा खारिज कर दी गई है।सोनल सिंह पर अभिषेक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के गायत्री पुरम् में 17 दिसंबर 2025 को हुई थी और उसी मामले में सोनल सिंह फिलहाल जेल में बंद हैं।सोनल सिंह ने जनपद न्यायाधीश की अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था,इस पर 27 फरवरी से सुनवाई चल रही थी,जहाँ बुधवार को जनपद न्यायाधीश दृग नारायन सिंह ने सोनल सिंह के जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है।आज आए न्यायालय के आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि सोनल सिंह को फिलहाल जमानत नहीं मिली है और वह जेल में ही रहेंगी।न्यायालय में सोनल सिंह ने तर्क दिया था कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके द्वारा कोई घटना न तो की गई है और न ही देखा गया है।उन्होंने यह भी कहा था कि पैसे मांगने के आरोप का कोई डिजिटल साक्ष्य मौजूद नहीं हैऔर न ही मृतक की बहन ने ऐसा कोई बयान दिया है।इसके साथ ही सोनल ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह एक महिला है और उसके छ: व दो वर्ष के दो छोटे बच्चे हैं।जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत शुक्ला ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि सोनल ने अपने पति के साथ मिलकर मृतक के खिलाफ एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था और दोनों मृतक से पैसे की मांग कर उसे प्रताड़ित कर रहे थे,जिसके कारण मृतक अभिषेक ने आत्महत्या किया।पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में भी सोनल सिंह और उनके पति अजीत सिंह द्वारा प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की बात कही गई थी।पुलिस ने न्यायालय को दिए आरोप पत्र में कई डिजिटल साक्ष्य और चार पेज का सुसाइड नोट भी प्रस्तुत किया था।इस सुसाइड नोट में मृतक अभिषेक ने सोनल और अभिषेक को ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था।मृतक इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव के भाई उद्धव श्रीवास्तव ने न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।
बुद्धा पार्क के सौन्दर्यीकरण एवं विस्तार का सोमवार को शिलान्यास।
                                              
बौद्व धर्म के संतों द्वारा पूजन कर तेजी से निर्माण कार्य होगा आरम्भ।
                                         

बलरामपुर । आदर्श नगरपालिका परिषद क्षेत्र में स्थित बुद्धा पार्क के सौन्दर्यीकरण और विस्तार कार्य का शिलान्यास आगामी सोमवार को किया जाएगा। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के संतों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया जाएगा।

नगरपालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने जानकारी देते हुए बताया कि शिलान्यास: आगामी सोमवार को बुद्धा पार्क के विकास कार्य का शिलान्यास किया जाएगा।

धार्मिक शुरुआत: बौद्ध धर्म के संतों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कर निर्माण कार्य शुरू होगा।
बजट: परियोजना के लिए लगभग 70 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है।
मुख्य कार्य:
नई बाउंड्री वॉल का निर्माण,हाल,
हरित क्षेत्र (ग्रीन एरिया) का विकास
बैठने की बेहतर व्यवस्था
बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरण
बेहतर प्रकाश व्यवस्था
उद्देश्य: पार्क को सुरक्षित,आकर्षक और उपयोगी बनाना।
स्थानीय प्रतिक्रिया: लोगों में उत्साह है—उन्हें उम्मीद है कि यह पार्क सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।बुद्धा पार्क की बाउंड्री पूर्व में क्षतिग्रस्त हो गई थी,जिससे पार्क की सुरक्षा और सौन्दर्य प्रभावित हो रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए शासन से पार्क के सौन्दर्यीकरण एवं विस्तार के लिए जीएसटी सहित लगभग 70 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत पार्क की नई बाउंड्री वाल का निर्माण,हरित क्षेत्र का विकास,बैठने की समुचित व्यवस्था,बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरणों की स्थापना तथा प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही पार्क को आकर्षक और उपयोगी बनाने के लिए विशेष डिज़ाइन के तहत कार्य कराया जाएगा।

शिलान्यास कार्यक्रम में बौद्ध धर्म के गुरुओं एवं अनुयायियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है,जो धार्मिक विधि-विधान के साथ कार्यक्रम को संपन्न करेंगे। कार्यक्रम के बाद निर्माण कार्य को तेजी से शुरू कर निर्धारित समय में पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय नागरिकों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि पार्क के विकसित होने से क्षेत्र के बच्चों,युवाओं एवं बुजुर्गों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा यह स्थान सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।
शशि थरूर ने फिर किया सरकार का समर्थन, बोले- ईरान-इजरायल युद्ध पर चुप्पी कायरता नहीं रणनीति

#shashitharooronindiastandonwestasiasilence

पश्चिम एशिया में जंग को लेकर भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध पर भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार की चुप्पी पर नैतिक कायरता का आरोप लग रहा है। इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से पैदा हुए संकट पर भारत सरकार के स्टैंड का खुलकर समर्थन किया है। 

कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग राय

अमेरिका और इजरायल ने जबसे ईरान पर अटैक किया है, भारत सरकार पर भी देश में “सियासी हमले” हो रहे हैं। सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई की एयर स्‍ट्राइक में मौत की निंदा न करने पर सरकार पर खूब खरी-खोटी सुनाई थी। उन्‍होंने ईरान की संप्रभुता को तार-तार करने के मामले में भारत की चुप्‍पी पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। हालांकि, अब कांग्रेस पार्टी के ही सांसद शशि थरूर ने सरकार के रुख का बचाव करते हुए इसे जिम्मेदार कूटनीति बताया है।

भारतीय नीति पर सवाल खड़े करने वालों को दिखाया आईना

केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजनियक शशि थरूर ने एक लेख लिखकर उन्होंने मोदी सरकार पर सवाल उठाने वालों को जमीनी हालात और राष्ट्रहित में अपनी गई रणनीति के बारे में समझाने की कोशिश की है। उनका यह लेख इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुआ है। थरूर का कहना है कि वेस्‍ट एशिया में छिड़ी जंग पर भारत की चुप्‍पी किसी भी तरह से मोरल सरेंडर यानी नैतिक आत्‍मसमर्पण नहीं है। कांग्रेस सांसद का कहना है कि भारत का साइलेंस एक रिस्‍पॉन्सिबल स्‍टेटक्राफ्ट (सोची-समझी और जिम्‍मेदार कूटनीति) है।

हर स्थिति में सार्वजनिक निंदा ही एकमात्र विकल्प नहीं-थरूर

थरूर ने स्पष्ट किया कि वे खुद मानते हैं कि अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किया गया सैन्य अभियान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है। यह संप्रभुता, आक्रामकता-विरोध और शांतिपूर्ण समाधान जैसे उन सिद्धांतों के खिलाफ है, जिनका भारत ऐतिहासिक रूप से समर्थन करता रहा है। इसके बावजूद उन्होंने सरकार की आलोचना करने से इनकार करते हुए कहा कि हर स्थिति में सार्वजनिक निंदा ही एकमात्र विकल्प नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपनाना होता है। थरूर के मुताबिक, सरकार की चुप्पी कायरता नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है, और कई बार बिना बयान दिए भी कूटनीतिक रास्ते खुले रखे जा सकते हैं।

सरकार की चुप्पी की निंदा नहीं

थरूर के मुताबिक उनके जैसे जिन लोगों ने पश्चिम एशिया युद्ध पर सरकार की चुप्पी की निंदा नहीं की, लिबरल्स उन्हीं पर निशाना साधने लगे हैं। वे इसे नैतिक कायरता कह रहे हैं। वे हमसे चाहते हैं कि हम यह मांग करें कि भारत नैतिक श्रेष्ठता दिखाते हुए युद्ध को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन घोषित करे। लेकिन, मैं इस संघर्ष पर सरकार की चुप्पी की निंदा नहीं करूंगा।

लाखों भारतीयों के हितों पर होने वाले असर की दिलाई याद

थरूर ने यह भी कहा कि भारत के पश्चिम एशिया में बड़े हित जुड़े हैं करीब 200 अरब डॉलर का व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और लगभग 90 लाख भारतीयों की मौजूदगी, ऐसे में किसी भी कड़े सार्वजनिक बयान से इन हितों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका के साथ भारत के रक्षा और तकनीकी संबंधों का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैतिक भाषण देकर इन संबंधों को खतरे में डालना समझदारी नहीं होगी।

राष्ट्रीय हितों की रक्षा का व्यावहारिक तरीका-थरूर

जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति का हवाला देते हुए थरूर ने कहा कि यह नैतिक रुख से दूरी नहीं, बल्कि शीत युद्ध के दौरान राष्ट्रीय हितों की रक्षा का व्यावहारिक तरीका था। आज के बहुध्रुवीय विश्व में भारत मल्टी-अलाइनमेंट की नीति पर चल रहा है, जहां वह अलग-अलग शक्तियों के साथ संबंध बनाए रखते हुए अपने हितों को प्राथमिकता देता है। 

सोवियत संघ के समय अपनाए गए रणनीति का उदाहरण

थरूर ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे यह भूल जाते हैं कि भारत ने अतीत में भी कई बार राष्ट्रीय हितों के चलते चुप्पी साधी है। इसके लिए उन्होंने सोवियत संघ के द्वारा हंगरी (1956), चेकोस्लोवाकिया (1968) और अफगानिस्तान (1979) में किए गए अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघनों का उदाहरण दिया है, जिसकी निंदा करने में हमने बचने की कोशिश की। क्योंकि, मास्को के साथ अपने रिश्तों को हम खतरे में डालने का जोखिम नहीं ले सकते थे।

सोनिया गांधी ने की थी भारत सरकार की तीखी आलोचना

बता दें कि इसी समाचारपत्र में कुछ दिनों पहले सोनया गांधी ने लेख लिखकर सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई और ईरान की संप्रभुता पर आक्रमण की खुले शब्‍दों में निंदा न करने के लिए भारत सरकार की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ईरान के शीर्ष नेता की हत्या जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत का मौन रहना तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं वैश्विक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए गंभीर चुनौती हैं और भारत जैसे देश को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

चैत नवरात्रि और ईद पर नगर पालिका की व्यापक तैयारियाँ,सफाई व जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़।
                                
                                    
बलरामपुर। चैत नवरात्रि एवं ईद जैसे पावन पर्वों को देखते हुए आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर द्वारा शहर में व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरु’ के निर्देशन में मंदिरों,ईदगाहों और मस्जिदों की विशेष साफ-सफाई के साथ-साथ नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही जूना (नालियों की सफाई) का कार्य भी लगातार जारी है,ताकि कहीं भी जलभराव या गंदगी की समस्या उत्पन्न न हो।

उन्होंने बताया कि अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्य द्वारा नगर पालिका के सभी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। सफाई कर्मियों,जलकल विभाग एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्वों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिकों की सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं,ताकि श्रद्धालु एवं रोजेदार दोनों ही अपने-अपने पर्व शांतिपूर्ण और स्वच्छ वातावरण में मना सकें।

नगरवासियों ने भी नगर पालिका की इस पहल की सराहना की है और प्रशासन से अपील की है कि यह व्यवस्था पूरे पर्व काल तक इसी प्रकार सुचारु रूप से जारी रखी जाए।
सीवर लाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त सड़कों के पूर्ण निर्माण के निर्देश,अध्यक्ष के आग्रह पर डीएम सख्त।   
                          
                                        
बलरामपुर। नगर क्षेत्र में सीवर जल पाइप लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। आदर्श नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी से वार्ता की और नगरवासियों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया।

अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से मांग की कि जहां-जहां सीवर लाइन के कार्य के चलते सड़कें खोदी गई हैं,वहां केवल मरम्मत नहीं बल्कि पूरी सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरी और खराब सड़कों के कारण आम जनता को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अधूरी या खराब गुणवत्ता वाली सड़क स्वीकार नहीं की जाएगी। जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं,उन्हें पूरी तरह से बनवाया जाए और कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जल निगम विभाग में हलचल तेज हो गई है और संबंधित अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नगर क्षेत्र की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

नगरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब उन्हें बेहतर और सुगम सड़क सुविधा मिल
मां के दरबार में भक्तों की भीड़, जमकर लगे जयकारे


रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव

भदोही।नवरात्रि के प्रथम दिन मां के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की अराधना की गई। महिलाओं ने घरों में कलश स्थापना कर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की नौ दिवसीय अराधना आरंभ की। इस दौरान मंदिरों से लेकर बाजारों तक खुब रौनक देखी गई।वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिवस देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्ञानपुर के द्दोपाइला माता मंदिर, दुर्गागंज तिराहे पर स्थित दुर्गा मंदिर, हरिहरनाथ स्थित मां शीतला, मां काली मंदिर के साथ ही जोरई, ककराही, भुड़की, औराई, सुरियावां, सीमामढ़ी और गोपीगंज के प्राचीन दुर्गा माता मंदिर सदर महाल,  सुबह ही आस्थावानों की कतारें लगनी शुरू हो गई। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठे। खासकर महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। व्रती महिलाएं मां की अराधना को पहुंची और विधिवत पूजन-अर्चन किया। भक्तों ने मां से मुरादें मांगी। इसके अलावा घरों में कलश स्थापना की गई। जहां मां भक्त नौ दिनों का पूजन-अर्चन करेंगे। नवरात्र के कारण बाजार में भी अच्छी रौनक देखने को मिली। दर्शन-पूजन को निकली महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। गोपीगंज स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर के पुजारी धनेश पंडा ने कहा कि नवरात्र में मां की अराधना का विशेष महत्व है। इस पूरे नौ दिनों तक मां अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं।
अयोध्या में इतिहास रचा गया: राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना
लखनऊ । अयोध्या आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना, जब द्रौपदी मुर्मू ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना और पूजन किया।राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिजीत मुहूर्त में इस अनुष्ठान में भाग लिया। इससे पहले उन्होंने राम दरबार के दर्शन कर आरती उतारी और मंदिर परिसर में पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की। इस आयोजन को राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।इस मौके पर योगी आदित्यनाथ, आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और कई संत-धर्माचार्य मौजूद रहे। वैदिक आचार्यों के निर्देशन में पूरे विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना संपन्न कराई गई।

देशभर से जुटे श्रद्धालु और संत

कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु, संत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोग शामिल हुए। विशेष रूप से विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनकर आध्यात्मिक वातावरण को और भी भव्य बना दिया।

सुरक्षा के बीच सीमित रहे दर्शन

राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाई गई। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के दर्शन समय को बढ़ाया गया।

चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था

पूरे आयोजन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शहर को कई जोन और सेक्टर में बांटकर लगभग 3000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। एयरपोर्ट से लेकर मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों तक कड़ी निगरानी रखी गई।

यातायात व्यवस्था में बदलाव

आवागमन को सुचारु रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई और रूट डायवर्जन लागू किया गया, जिससे वीआईपी मूवमेंट और आम जनता दोनों को सुविधा मिल सके।राष्टपति का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े लंबे आंदोलन के एक अहम पड़ाव के रूप में भी याद किया जाएगा।
खतरनाक स्थिति में पहुंची मिडिल ईस्ट में चल रही जंग, अब सऊदी अरब ने दी ईरान को खुली चेतावनी

#saudiarabiawarnsirantoconsequencesof_attacks

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। ईरान कई देशों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर रहा है और गैस-तेल के ठिकानों को निशाना बना रहा है। ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को उनके बड़े तेल और गैस ठिकाने खाली करने की चेतावनी दी है। इससे पूरे क्षेत्र में डर और तनाव बढ़ गया है। खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के बीच सऊदी अरब ने तेहरान को चेतावनी दी है।

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि ईरान को अपने पड़ोसियों पर किए गए हमलों के परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान को लगता है कि खाड़ी देश जवाब देने में असमर्थ हैं, तो तेहरान गलत है। उन्होंने ईरान पर हद पार करने का आरोप लगाया और कहा कि जरूरत पड़ने पर खाड़ी देशों के पास सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि ईरान के आगे न तो ब्लैकमेल होंगे और न ही डरेंगे।

रियाद में अरब विदेश मंत्रियों की बैठक

प्रिंस फैसल ने रियाद में अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक के बाद ये बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने रवैये पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की कार्रवाइयों का उसे राजनीतिक और नैतिक रूप से उल्टा असर झेलना पड़ेगा। प्रिंस फैसल ने कहा कि ईरान के बार-बार के हमलों से उस पर से भरोसा टूट गया है। खास बात है कि जब बैठक चल रही थी, उसी दौरान ईरान ने रियाद और कतर के रास लफान इंडस्टिरयल सिटी पर हमला कर दिया।

क्या सीधे जंग में उतरेगा सऊदी अरब?

हाल के दिनों में सऊदी अरब पहले ही ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है। रियाद में अमेरिकी दूतावास, प्रिंस सुल्तान एयरबेस और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि सऊदी अमेरिका का कितना साथ देगा और क्या वह सीधे जंग में उतरेगा।

पाकिस्तान की भी होगी एंट्री!

सऊदी अरब के तेल को अगर टार्गेट किया गया तो वह इस युद्ध में खुलकर उतर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान को भी इसमें शामिल होना पड़ेगा। इसका कारण है सऊदी और पाकिस्तान के बीच हुआ रक्षा समझौता। इस युद्ध के बाद से ही पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर कई बार सऊदी का दौरा कर चुके हैं। यह दिखाता है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पर्दे के पीछे नया खेल चल रहा है।