12 सेक्टर में बांटे जाएंगे 94 परीक्षा केंद्र

*परीक्षा केंद्रों पर एक - एक सेक्टर मजिस्ट्रेट किए जाएंगे तैनात*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव भदोही। जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने में अब एक महीने का समय शेष है। पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण परीक्षा कराने की तैयारी में माध्यमिक शिक्षा विभाग जुट गया है। 94 केंद्रों को 12 सेक्टरों में बांटा जाएगासभी केंद्रों पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और वित्तविहीन विद्यालयों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जल्द ही परीक्षा समिति की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। जिले में 38 राजकीय, 25 वित्तपोषित सहित 193 माध्यमिक और इंटर काॅलेज हैं। इनमें से 94 को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 54 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा शुरू होने में महीने भर का समय शेष बचा है। इन दिनों शिक्षा विभाग की ओर से प्री-बोर्ड परीक्षा कराई जा रही है। वहीं, फरवरी के पहले सप्ताह में प्रायोगिक परीक्षा कराई जाएगी। 18 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए मजिस्ट्रेट नामित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि तीनों एसडीएम को जोनल और 12 जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सभी केंद्रों पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात होंगे, जो दोनों पालियों में होने वाली परीक्षा की निगरानी रखेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की सूची तैयार की जा रही है। उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बाद सभी को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी
मवेशी को बचाने में डिवाइडर में भिड़ा प्याज लादकर जा रहा ट्रक टकराया,चालक खलासी घायल

ड्रमंड गंज मिर्जापुर ।क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग ड्रमंडगंज घाटी में शुक्रवार की देर रात मवेशी को बचाने में प्याज लादकर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक व खलासी घायल हो गए और ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। नासिक से प्याज लादकर पटना जा रहा ट्रक ड्रमंडगंज घाटी में नीचे उतरते समय जैसे ही जालिम मोड़ के आगे पहुंचा तो सामने आए मवेशी बैल को बचाने में अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया।

हादसे में 35 वर्षीय ट्रक चालक कमलेश यादव व 26 वर्षीय खलासी प्रतीक निवासी परसूपुर थाना प्रतापगढ़ घायल हो गए। ट्रक पर लदे प्याज की कुछ गिर पड़ी जिससे प्याज हाइवे पर बिखरकर नष्ट हो गया।सूचना पर पहुंचे एसआइ शिवाकांत पांडेय ने घटना की जांच कर घायल चालक व खलासी को उपचार हेतु अस्पताल भेजा। चालक व खलासी का क्षेत्र के नैड़ी कठारी गांव स्थित निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। दोनों की हालत सामान्य है।एसआइ शिवाकांत पांडेय ने बताया कि देर रात ड्रमंडगंज घाटी में मवेशी को बचाने के चक्कर में प्याज लादकर जा रहा ट्रक डिवाइडर में जाकर टकरा गया गया।घायल चालक व खलासी का उपचार चल रहा है हालत सामान्य है।
मीरा भायंदर की ऐतिहासिक विजय में गोपाल शेट्टी की रही महत्वपूर्ण भूमिका
मुंबई। मीरा भायंदर महानगर पालिका चुनाव में भाजपा को मिली ऐतिहासिक और प्रचंड जीत को देखकर विपक्ष स्तब्ध है। विशेष रूप से शिवसेना शिंदे गट के दावों कि जिस तरह से हवा निकल गई, उससे साफ हो गया कि मीरा भायंदर भाजपा का अभेद किला बन चुका है। भाजपा को मिली महा विजय के कई कर्णधार माने जा रहे हैं। विधायक नरेंद्र मेहता ने जहां एक-एक वार्ड पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी, वहीं यहां के प्रभारी तथा पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने भी सभी वार्डों में मतदाताओं से मुलाकात कर भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित किया। खासकर दक्षिण भारत के मतदाताओं पर उनकी मजबूत पकड़ रही। नरेंद्र मेहता ने जिलाध्यक्ष दिलीप जैन के साथ उनका स्वागत करते हुए कहा था कि गोपाल शेट्टी हमारे लिए बहुत लकी है, क्योंकि यह कभी चुनाव नहीं हारे। उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला महामंत्री शिवदयाल मिश्रा के अनुसार गोपाल शेट्टी जी ने मीरा भायंदर के साथ साथ उत्तर मुंबई के सभी वार्डो में बीजेपी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कड़ी मेहनत की। उत्तर मुंबई के मतदाताओं पर आज भी उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों की छाप देखी जा सकती है। यही कारण है कि मतदाताओं ने उनकी बात को गंभीरता से लिया और भाजपा महायुति के  सभी प्रत्याशियों को भारी मतों से विजई मनाया।
एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
जेल में बंदी की संदिग्ध मौत परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप,जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक बताया*
सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद अमेठी के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने जहां उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, वहीं परिजनों ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोतवाली नगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक बंदी शैलेंद्र सिंह के रिश्ते के भाई आशीष सिंह ने बताया कि शैलेंद्र पिछले 10 महीनों से सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद थे। उन्हें आज सुबह एसएचओ (धम्मौर) द्वारा शैलेंद्र की मौत की सूचना मिली। आशीष सिंह ने बताया कि जब उन्होंने मौत के कारण के बारे में पूछा, तो उन्हें बताया गया कि इसकी जानकारी जेलर ही दे पाएंगे। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शैलेंद्र को जब वहां लाया गया था, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी मृत्यु जेल के अंदर ही हुई। आशीष सिंह ने यह भी बताया कि वह खुद महीने में 2-3 बार शैलेंद्र से मिलने जाते थे, और उनकी पत्नी भी हफ्ते में दो दिन उनसे मिलने जाती थीं। उनके अनुसार, शैलेंद्र को कोई बीमारी नहीं थी और वह पूरी तरह से स्वस्थ थे। पेशी पर आने पर भी शैलेंद्र हमेशा अपनी अच्छी सेहत की बात कहते थे। शैलेंद्र सिंह करीब 20 साल पुराने हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में बंद थे। इस मामले में उन्हें अभी तक कोई सजा नहीं हुई थी और मुकदमा विचाराधीन था। उनकी अगली पेशी 19 तारीख को होनी थी। वह 27 मार्च से जेल में थे और अपने मित्र पोनी की पत्नी से जुड़े एक मामले में निरुद्ध थे। परिजनों का दावा है कि बीती रात शैलेंद्र ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और उस समय उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी। मृतक शैलेंद्र के तीन बच्चे हैं, जिनमें संस्कार सिंह (10), काव्य सिंह (7) और अखंड सिंह (3) शामिल हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेंद्र का विवाह वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश की सोनी सिंह से हुआ था। वह अपनी तीन बहनों में इकलौते भाई थे।
डाइट में भी पूरी! पानी और स्टीम से बनाएं बिना तेल की फूली-खस्ता पूरी

अगर आप पूरी के शौकीन हैं लेकिन तेल से परहेज करते हैं, तो अब खुश हो जाइए। बिना तेल की पूरी सिर्फ एक प्रयोग नहीं, बल्कि हेल्दी कुकिंग की दिशा में बड़ा कदम है। पानी और स्टीम से तैयार यह पूरी न केवल हल्की होती है, बल्कि स्वाद में भी किसी पारंपरिक पूरी से कम नहीं लगती।आजकल मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज़ जैसी समस्याओं के चलते लोग डीप फ्राइड फूड से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में यह नई तकनीक खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो खाने का स्वाद भी नहीं छोड़ना चाहते और सेहत का ध्यान भी रखना चाहते हैं। बिना तेल पूरी बनाने की प्रक्रियासबसे पहले आटे को हल्का सख्त गूंथें और कुछ देर के लिए छोड़ दें। फिर छोटी पूरियां बेल लें।
एक गहरे बर्तन में पानी उबालें और पूरियों को उसमें डालकर 2–3 मिनट पकाएं। इससे पूरी अंदर से पक जाती है।इसके बाद स्टीमिंग का स्टेप आता है। उबलते पानी के ऊपर जाली या छन्नी रखकर पूरियों को ढककर स्टीम दें। यह स्टेप पूरी को फूलने में मदद करता है।अब एयर फ्रायर में 180 डिग्री पर पूरियों को रखें और 4 मिनट तक पकाएं। चाहें तो हल्का क्रिस्पी करने के लिए 1 मिनट और बढ़ा सकते हैं। पूरी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम बनती है। क्यों बन रही है यह पूरी वायरल?इस पूरी की सबसे बड़ी खासियत है इसका लो-कैलोरी होना। इसमें न तेल है, न भारीपन। यही वजह है कि फिटनेस लवर्स, योग करने वाले लोग और डाइट फॉलो करने वाले इसे तेजी से अपना रहे हैं।यह पूरी सब्जी, दही या छोले—किसी के भी साथ परफेक्ट लगती है। त्योहारों पर भी इसे बिना डर परोसा जा सकता है।अगर आप भी अपनी रसोई में कुछ नया, हेल्दी और मजेदार ट्राय करना चाहते हैं, तो यह पानी में बनी पूरी जरूर बनाएं।
देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, बोले-विकसित भारत का आईना

#pminauguratesfirstvandebharatsleepertrainhowrahguwahati

देश को आज वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन की शुरुआत की है। उन्होंने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंटे लग जाते हैं। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है।

पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारा देश 2047 तक विकसित होने पर काम कर रहा है। इसलिए लिए पूर्वी भारत का विकास होना जरूरी है। पूर्वी भारत को दशकों तक नफरत करने वालों ने जकड़ रखा था। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने वालों से पूर्वी भारत को मुक्त किया है। पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम है। उनका विश्वास भाजपा के साथ है।

भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ आत्मनिर्भर हो रही-पीएम मोदी

भारतीय रेलवे में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी हो रही है। अब विदेशों से आने वाले लोग भी भारत की प्रगति पर वीडियो बना रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं। यह राज्य के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। देशभर में इस समय 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, उत्तर-पूर्व से लेकर देश के दक्षिणी हिस्सों तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है, जिससे आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाएं मिल रही हैं। देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन है।

ठंड में चोरी की घटनाओं पर लगेगी लगाम

*चोरों का सत्यापन कर रही पुलिस, गोपीगंज पुलिस ने 51 और भदोही ने 43 चौरी किया सत्यापन*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव भदोही। ठंड में बढ़ी चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने भदोही और गोपीगंज कोतवाली के 94 अभियुक्तों का सत्यापन किया। इसमें गोपीगंज पुलिस ने 51 व भदोही पुलिस 43 चोरों का सत्यापन किया है। भदोही में अपराध करने वाले अन्य प्रांतों के नौ और गैर जनपदों के 114 अभियुक्तों का चिह्नित करके उनका सत्यापन कर रही है। टीम ने इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया। इससे चोरी की घटनाओं को कम किया जा सके। चोरों ने बीते एक महीने में 20 से 25 चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस पर लगाम लगाने के लिए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने जिले के हर थानों के चोरों का रिकॉर्ड तलाशने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर अलग-अलग थानों में चोरी के मुकदमों में वांछित अभियुक्तों का सत्यापन किया जा रहा है। एसपी ने चोरी के मुकदमों में वांछित गैर जनपद व प्रांतों के एसपी के पत्र लिखकर संबंधित चोरों के अपराधिक रिकॉर्ड को तलाशने का प्रयास किया है। गांवों व कस्बों में पहुंचकर पुलिस टीम लोगों को जागरूक कर रही है। उन्हें स्पष्ट रूप से यह निर्देशित कर रही है कि किसी आवश्यक काम से अगर घर से बाहर जा रहे हैं तो संबंधित थानों की पुलिस को सूचित कर दें। जिससे विशेष नजर रखी जा सके। चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस सत्यापन कर रही है। जिले में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले चोरी के सत्यापन के लिए गैर जनपदों और प्रांतों के एसपी को पत्र लिखा गया है। ताकि उनके अपराधिक रिकॉर्ड का पता चल सके। अभिमन्यु मांगलिक पुलिस अधीक्षक भदोही
यूपी में न्यायिक कार्यों में नहीं होती देरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

* मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने चंदौली में छह जिलों के एकीकृत न्यायालय परिसर का किया शिलान्यास


चंदौली, उत्तर प्रदेश। देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में चंदौली जनपद में छह जिलों—चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया—के एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिह्न भेंट कर सभी न्यायमूर्तियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। आम नागरिक को सरलता और सहजता से न्याय मिले, इसके लिए बेहतर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूपी में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को पूरा करने में सरकार किसी भी प्रकार की देरी नहीं करती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि न्यायपालिका के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायाधीश की प्रेरणा से एक छत के नीचे सभी न्यायिक सुविधाओं वाले इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। आने वाले महीनों में चार और जनपदों में भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उसी क्रम में यूपी सरकार ने भी न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने की पहल की है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब अधिवक्ताओं को जर्जर और टूटे चैंबरों में काम नहीं करना पड़ेगा, बल्कि हाईराइज बिल्डिंग में आधुनिक चैंबर की सुविधा मिलेगी। एकीकृत न्यायालय परिसर में कोर्ट कॉम्प्लेक्स, अधिवक्ताओं के चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के आवास, कैंटीन, पार्किंग, खेल एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और न्यायिक संस्थानों के विकास के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा। यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसे भविष्य में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
5 साल से खड़ी 46 लाख की कार्डिएक एम्बुलेंस हुई फिर चालू, सांसद प्रतिनिधि के हस्तक्षेप से जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संसाधनों के रख-रखाव को लेकर व्याप्त घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की उदासीनता का आलम यह था कि करीब पांच साल पहले डीएमएफटी मद से लगभग 46 लाख की लागत से खरीदी गई एक बेशकीमती एम्बुलेंस कबाड़ में तब्दील होने की ओर बढ़ रही थी। विशेष रूप से हृदय रोगियों (कार्डिएक पेशेंट्स) को आपातकालीन सेवाएं देने के उद्देश्य से आई यह एम्बुलेंस पिछले काफी समय से अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी धूल फांक रही थी। लाखों की लागत वाले संसाधनों का उपयोग न होना न केवल वित्तीय हानि है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रबंधन की संवेदनहीनता को भी बखूबी दर्शाता है।

इस गंभीर स्थिति पर तब संज्ञान लिया गया जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी की नजर इस बदहाल एम्बुलेंस पर पड़ी। उन्होंने इस स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और जनहित में इसे बचाने एवं सुचारु करने की दिशा में तत्काल सक्रिय पहल की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को लेकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात की और उन्हें एम्बुलेंस की मौजूदा दयनीय स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग किया कि आपातकालीन मरीजों की सेवा के लिए इस एम्बुलेंस को अविलंब सुचारू किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।

अस्पताल अधीक्षक डॉ.अनुकरण पूर्ति से वार्ता के दौरान रंजन चौधरी ने अस्पताल के आर्थो वार्ड में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चिकित्सीय मनमानी के कारण आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस लचर व्यवस्था पर उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से इसमें तत्काल सुधार की मांग की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के सकारात्मक हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने इस पर त्वरित पहल की। उन्होंने संबंधित एम्बुलेंस के इंचार्ज और चालक को एम्बुलेंस की साफ-सफाई कर उसे तुरंत जरूरतमंद मरीजों के हितार्थ इसे परिचालन में लाने का निर्देश जारी दिया और आर्थो वार्ड की व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक भरोसा भी दिलाया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के इस सार्थक प्रयास से न केवल एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक संसाधन बेशकीमती एम्बुलेंस को कबाड़ होने से बचा लिया गया, बल्कि अस्पताल प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग भी किया गया।

12 सेक्टर में बांटे जाएंगे 94 परीक्षा केंद्र

*परीक्षा केंद्रों पर एक - एक सेक्टर मजिस्ट्रेट किए जाएंगे तैनात*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव भदोही। जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने में अब एक महीने का समय शेष है। पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण परीक्षा कराने की तैयारी में माध्यमिक शिक्षा विभाग जुट गया है। 94 केंद्रों को 12 सेक्टरों में बांटा जाएगासभी केंद्रों पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और वित्तविहीन विद्यालयों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जल्द ही परीक्षा समिति की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। जिले में 38 राजकीय, 25 वित्तपोषित सहित 193 माध्यमिक और इंटर काॅलेज हैं। इनमें से 94 को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 54 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा शुरू होने में महीने भर का समय शेष बचा है। इन दिनों शिक्षा विभाग की ओर से प्री-बोर्ड परीक्षा कराई जा रही है। वहीं, फरवरी के पहले सप्ताह में प्रायोगिक परीक्षा कराई जाएगी। 18 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए मजिस्ट्रेट नामित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि तीनों एसडीएम को जोनल और 12 जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सभी केंद्रों पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात होंगे, जो दोनों पालियों में होने वाली परीक्षा की निगरानी रखेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की सूची तैयार की जा रही है। उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बाद सभी को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी
मवेशी को बचाने में डिवाइडर में भिड़ा प्याज लादकर जा रहा ट्रक टकराया,चालक खलासी घायल

ड्रमंड गंज मिर्जापुर ।क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग ड्रमंडगंज घाटी में शुक्रवार की देर रात मवेशी को बचाने में प्याज लादकर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक व खलासी घायल हो गए और ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। नासिक से प्याज लादकर पटना जा रहा ट्रक ड्रमंडगंज घाटी में नीचे उतरते समय जैसे ही जालिम मोड़ के आगे पहुंचा तो सामने आए मवेशी बैल को बचाने में अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया।

हादसे में 35 वर्षीय ट्रक चालक कमलेश यादव व 26 वर्षीय खलासी प्रतीक निवासी परसूपुर थाना प्रतापगढ़ घायल हो गए। ट्रक पर लदे प्याज की कुछ गिर पड़ी जिससे प्याज हाइवे पर बिखरकर नष्ट हो गया।सूचना पर पहुंचे एसआइ शिवाकांत पांडेय ने घटना की जांच कर घायल चालक व खलासी को उपचार हेतु अस्पताल भेजा। चालक व खलासी का क्षेत्र के नैड़ी कठारी गांव स्थित निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। दोनों की हालत सामान्य है।एसआइ शिवाकांत पांडेय ने बताया कि देर रात ड्रमंडगंज घाटी में मवेशी को बचाने के चक्कर में प्याज लादकर जा रहा ट्रक डिवाइडर में जाकर टकरा गया गया।घायल चालक व खलासी का उपचार चल रहा है हालत सामान्य है।
मीरा भायंदर की ऐतिहासिक विजय में गोपाल शेट्टी की रही महत्वपूर्ण भूमिका
मुंबई। मीरा भायंदर महानगर पालिका चुनाव में भाजपा को मिली ऐतिहासिक और प्रचंड जीत को देखकर विपक्ष स्तब्ध है। विशेष रूप से शिवसेना शिंदे गट के दावों कि जिस तरह से हवा निकल गई, उससे साफ हो गया कि मीरा भायंदर भाजपा का अभेद किला बन चुका है। भाजपा को मिली महा विजय के कई कर्णधार माने जा रहे हैं। विधायक नरेंद्र मेहता ने जहां एक-एक वार्ड पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी, वहीं यहां के प्रभारी तथा पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने भी सभी वार्डों में मतदाताओं से मुलाकात कर भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित किया। खासकर दक्षिण भारत के मतदाताओं पर उनकी मजबूत पकड़ रही। नरेंद्र मेहता ने जिलाध्यक्ष दिलीप जैन के साथ उनका स्वागत करते हुए कहा था कि गोपाल शेट्टी हमारे लिए बहुत लकी है, क्योंकि यह कभी चुनाव नहीं हारे। उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला महामंत्री शिवदयाल मिश्रा के अनुसार गोपाल शेट्टी जी ने मीरा भायंदर के साथ साथ उत्तर मुंबई के सभी वार्डो में बीजेपी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कड़ी मेहनत की। उत्तर मुंबई के मतदाताओं पर आज भी उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों की छाप देखी जा सकती है। यही कारण है कि मतदाताओं ने उनकी बात को गंभीरता से लिया और भाजपा महायुति के  सभी प्रत्याशियों को भारी मतों से विजई मनाया।
एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
जेल में बंदी की संदिग्ध मौत परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप,जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक बताया*
सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद अमेठी के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने जहां उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, वहीं परिजनों ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोतवाली नगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक बंदी शैलेंद्र सिंह के रिश्ते के भाई आशीष सिंह ने बताया कि शैलेंद्र पिछले 10 महीनों से सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद थे। उन्हें आज सुबह एसएचओ (धम्मौर) द्वारा शैलेंद्र की मौत की सूचना मिली। आशीष सिंह ने बताया कि जब उन्होंने मौत के कारण के बारे में पूछा, तो उन्हें बताया गया कि इसकी जानकारी जेलर ही दे पाएंगे। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शैलेंद्र को जब वहां लाया गया था, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी मृत्यु जेल के अंदर ही हुई। आशीष सिंह ने यह भी बताया कि वह खुद महीने में 2-3 बार शैलेंद्र से मिलने जाते थे, और उनकी पत्नी भी हफ्ते में दो दिन उनसे मिलने जाती थीं। उनके अनुसार, शैलेंद्र को कोई बीमारी नहीं थी और वह पूरी तरह से स्वस्थ थे। पेशी पर आने पर भी शैलेंद्र हमेशा अपनी अच्छी सेहत की बात कहते थे। शैलेंद्र सिंह करीब 20 साल पुराने हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में बंद थे। इस मामले में उन्हें अभी तक कोई सजा नहीं हुई थी और मुकदमा विचाराधीन था। उनकी अगली पेशी 19 तारीख को होनी थी। वह 27 मार्च से जेल में थे और अपने मित्र पोनी की पत्नी से जुड़े एक मामले में निरुद्ध थे। परिजनों का दावा है कि बीती रात शैलेंद्र ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और उस समय उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी। मृतक शैलेंद्र के तीन बच्चे हैं, जिनमें संस्कार सिंह (10), काव्य सिंह (7) और अखंड सिंह (3) शामिल हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेंद्र का विवाह वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश की सोनी सिंह से हुआ था। वह अपनी तीन बहनों में इकलौते भाई थे।
डाइट में भी पूरी! पानी और स्टीम से बनाएं बिना तेल की फूली-खस्ता पूरी

अगर आप पूरी के शौकीन हैं लेकिन तेल से परहेज करते हैं, तो अब खुश हो जाइए। बिना तेल की पूरी सिर्फ एक प्रयोग नहीं, बल्कि हेल्दी कुकिंग की दिशा में बड़ा कदम है। पानी और स्टीम से तैयार यह पूरी न केवल हल्की होती है, बल्कि स्वाद में भी किसी पारंपरिक पूरी से कम नहीं लगती।आजकल मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज़ जैसी समस्याओं के चलते लोग डीप फ्राइड फूड से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में यह नई तकनीक खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो खाने का स्वाद भी नहीं छोड़ना चाहते और सेहत का ध्यान भी रखना चाहते हैं। बिना तेल पूरी बनाने की प्रक्रियासबसे पहले आटे को हल्का सख्त गूंथें और कुछ देर के लिए छोड़ दें। फिर छोटी पूरियां बेल लें।
एक गहरे बर्तन में पानी उबालें और पूरियों को उसमें डालकर 2–3 मिनट पकाएं। इससे पूरी अंदर से पक जाती है।इसके बाद स्टीमिंग का स्टेप आता है। उबलते पानी के ऊपर जाली या छन्नी रखकर पूरियों को ढककर स्टीम दें। यह स्टेप पूरी को फूलने में मदद करता है।अब एयर फ्रायर में 180 डिग्री पर पूरियों को रखें और 4 मिनट तक पकाएं। चाहें तो हल्का क्रिस्पी करने के लिए 1 मिनट और बढ़ा सकते हैं। पूरी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम बनती है। क्यों बन रही है यह पूरी वायरल?इस पूरी की सबसे बड़ी खासियत है इसका लो-कैलोरी होना। इसमें न तेल है, न भारीपन। यही वजह है कि फिटनेस लवर्स, योग करने वाले लोग और डाइट फॉलो करने वाले इसे तेजी से अपना रहे हैं।यह पूरी सब्जी, दही या छोले—किसी के भी साथ परफेक्ट लगती है। त्योहारों पर भी इसे बिना डर परोसा जा सकता है।अगर आप भी अपनी रसोई में कुछ नया, हेल्दी और मजेदार ट्राय करना चाहते हैं, तो यह पानी में बनी पूरी जरूर बनाएं।
देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, बोले-विकसित भारत का आईना

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देश को आज वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन की शुरुआत की है। उन्होंने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंटे लग जाते हैं। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है।

पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारा देश 2047 तक विकसित होने पर काम कर रहा है। इसलिए लिए पूर्वी भारत का विकास होना जरूरी है। पूर्वी भारत को दशकों तक नफरत करने वालों ने जकड़ रखा था। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने वालों से पूर्वी भारत को मुक्त किया है। पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम है। उनका विश्वास भाजपा के साथ है।

भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ आत्मनिर्भर हो रही-पीएम मोदी

भारतीय रेलवे में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी हो रही है। अब विदेशों से आने वाले लोग भी भारत की प्रगति पर वीडियो बना रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं। यह राज्य के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। देशभर में इस समय 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, उत्तर-पूर्व से लेकर देश के दक्षिणी हिस्सों तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है, जिससे आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाएं मिल रही हैं। देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन है।

ठंड में चोरी की घटनाओं पर लगेगी लगाम

*चोरों का सत्यापन कर रही पुलिस, गोपीगंज पुलिस ने 51 और भदोही ने 43 चौरी किया सत्यापन*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव भदोही। ठंड में बढ़ी चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने भदोही और गोपीगंज कोतवाली के 94 अभियुक्तों का सत्यापन किया। इसमें गोपीगंज पुलिस ने 51 व भदोही पुलिस 43 चोरों का सत्यापन किया है। भदोही में अपराध करने वाले अन्य प्रांतों के नौ और गैर जनपदों के 114 अभियुक्तों का चिह्नित करके उनका सत्यापन कर रही है। टीम ने इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया। इससे चोरी की घटनाओं को कम किया जा सके। चोरों ने बीते एक महीने में 20 से 25 चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस पर लगाम लगाने के लिए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने जिले के हर थानों के चोरों का रिकॉर्ड तलाशने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर अलग-अलग थानों में चोरी के मुकदमों में वांछित अभियुक्तों का सत्यापन किया जा रहा है। एसपी ने चोरी के मुकदमों में वांछित गैर जनपद व प्रांतों के एसपी के पत्र लिखकर संबंधित चोरों के अपराधिक रिकॉर्ड को तलाशने का प्रयास किया है। गांवों व कस्बों में पहुंचकर पुलिस टीम लोगों को जागरूक कर रही है। उन्हें स्पष्ट रूप से यह निर्देशित कर रही है कि किसी आवश्यक काम से अगर घर से बाहर जा रहे हैं तो संबंधित थानों की पुलिस को सूचित कर दें। जिससे विशेष नजर रखी जा सके। चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस सत्यापन कर रही है। जिले में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले चोरी के सत्यापन के लिए गैर जनपदों और प्रांतों के एसपी को पत्र लिखा गया है। ताकि उनके अपराधिक रिकॉर्ड का पता चल सके। अभिमन्यु मांगलिक पुलिस अधीक्षक भदोही
यूपी में न्यायिक कार्यों में नहीं होती देरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

* मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने चंदौली में छह जिलों के एकीकृत न्यायालय परिसर का किया शिलान्यास


चंदौली, उत्तर प्रदेश। देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में चंदौली जनपद में छह जिलों—चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया—के एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिह्न भेंट कर सभी न्यायमूर्तियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। आम नागरिक को सरलता और सहजता से न्याय मिले, इसके लिए बेहतर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूपी में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को पूरा करने में सरकार किसी भी प्रकार की देरी नहीं करती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि न्यायपालिका के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायाधीश की प्रेरणा से एक छत के नीचे सभी न्यायिक सुविधाओं वाले इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। आने वाले महीनों में चार और जनपदों में भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उसी क्रम में यूपी सरकार ने भी न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने की पहल की है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब अधिवक्ताओं को जर्जर और टूटे चैंबरों में काम नहीं करना पड़ेगा, बल्कि हाईराइज बिल्डिंग में आधुनिक चैंबर की सुविधा मिलेगी। एकीकृत न्यायालय परिसर में कोर्ट कॉम्प्लेक्स, अधिवक्ताओं के चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के आवास, कैंटीन, पार्किंग, खेल एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और न्यायिक संस्थानों के विकास के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा। यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसे भविष्य में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
5 साल से खड़ी 46 लाख की कार्डिएक एम्बुलेंस हुई फिर चालू, सांसद प्रतिनिधि के हस्तक्षेप से जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संसाधनों के रख-रखाव को लेकर व्याप्त घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की उदासीनता का आलम यह था कि करीब पांच साल पहले डीएमएफटी मद से लगभग 46 लाख की लागत से खरीदी गई एक बेशकीमती एम्बुलेंस कबाड़ में तब्दील होने की ओर बढ़ रही थी। विशेष रूप से हृदय रोगियों (कार्डिएक पेशेंट्स) को आपातकालीन सेवाएं देने के उद्देश्य से आई यह एम्बुलेंस पिछले काफी समय से अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी धूल फांक रही थी। लाखों की लागत वाले संसाधनों का उपयोग न होना न केवल वित्तीय हानि है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रबंधन की संवेदनहीनता को भी बखूबी दर्शाता है।

इस गंभीर स्थिति पर तब संज्ञान लिया गया जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी की नजर इस बदहाल एम्बुलेंस पर पड़ी। उन्होंने इस स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और जनहित में इसे बचाने एवं सुचारु करने की दिशा में तत्काल सक्रिय पहल की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को लेकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात की और उन्हें एम्बुलेंस की मौजूदा दयनीय स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग किया कि आपातकालीन मरीजों की सेवा के लिए इस एम्बुलेंस को अविलंब सुचारू किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।

अस्पताल अधीक्षक डॉ.अनुकरण पूर्ति से वार्ता के दौरान रंजन चौधरी ने अस्पताल के आर्थो वार्ड में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चिकित्सीय मनमानी के कारण आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस लचर व्यवस्था पर उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से इसमें तत्काल सुधार की मांग की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के सकारात्मक हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने इस पर त्वरित पहल की। उन्होंने संबंधित एम्बुलेंस के इंचार्ज और चालक को एम्बुलेंस की साफ-सफाई कर उसे तुरंत जरूरतमंद मरीजों के हितार्थ इसे परिचालन में लाने का निर्देश जारी दिया और आर्थो वार्ड की व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक भरोसा भी दिलाया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के इस सार्थक प्रयास से न केवल एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक संसाधन बेशकीमती एम्बुलेंस को कबाड़ होने से बचा लिया गया, बल्कि अस्पताल प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग भी किया गया।