आजमगढ़:-बिजली बकायेदारों को फिर राहत, मार्च में भी मिलेगी छूट का लाभ
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। विद्युत बिल राहत योजना की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत देने का फैसला लिया है। अब मार्च माह में भी उन उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व निर्धारित अवधि (1 दिसंबर से 28 फरवरी) के दौरान पंजीकरण कराया था, लेकिन किसी कारणवश बकाया बिल जमा नहीं कर सके। सरकार के निर्देश पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं से उनके पंजीकरण के महीने के अनुसार ही छूट का लाभ देकर बकाया बिल जमा कराया जाए। इसी क्रम में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत सभी अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर बकायेदार उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहे हैं और बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। तहसील मुख्यालय के अंतर्गत सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ नगर पंचायत फूलपुर और ग्राम पंचायत चमावा में अभियान चलाया। इस दौरान करीब 1 लाख 15 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया। अभियान के दौरान बिजली की अनियमितता करते पाए गए तीन उपभोक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि तीन अन्य उपभोक्ताओं का भार (लोड) बढ़ाया गया। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत वितरण खंड फूलपुर के सभी उपकेंद्रों और कैश काउंटरों को सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी खोले जाने का निर्णय लिया गया है। अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रिड सब-स्टेशन डकैती कांड का पर्दाफाश सात अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद*

सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा

पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हया कनादू स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है। दिनांक 23/24 मार्च 2026 की रात लगभग 12–15 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने ग्रिड सब-स्टेशन पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बेखौफ होकर लूटपाट को अंजाम दिया। अपराधियों द्वारा लूटे गए सामान में शामिल हैं: लगभग ₹4 लाख मूल्य के कॉपर वाइंडिंग तार 2 एनवीआर सिस्टम 6 अर्थ स्विच ब्लेड कंट्रोल रूम से टॉर्च कर्मचारियों से ₹13,300 नकद

इस संबंध में सहायक परिचालक विजय कुमार के आवेदन पर पिठौरिया थाना कांड संख्या-27/26 दर्ज किया गया।

SIT गठित, तकनीकी जांच से सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी एवं गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधी

रंजीत मोदी,शशि सिंह,जिदु कुमार सिंह,मो. अरमान,शुभम कुमार,रिंकु अंसारी,शाहिद अंसारी

सभी रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी

बरामदगी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया:

करीब 100 किलो तांबा तार 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 2 टेम्पो एवं 2 मोटरसाइकिल ₹12,600 नकद

कॉपर काटने के औजार एवं अन्य सामग्री

अपराध की सुनियोजित साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी (निगरानी) की थी। कुल 15 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जो लूट, परिवहन और सामान खपाने में शामिल थे।

लूटे गए कॉपर तार को कबाड़ी कारोबारी रंजीत मोदी समेत अन्य दुकानों में बेच दिया गया था, जिसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया गया।

आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान जिदु कुमार सिंह एवं शाहिद अंसारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में असीत कुमार मोदी, पुलिस निरीक्षक पश्चिम) सदर ( पिठौरिया  थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे अवर निरीक्षक संतोष यादव,संजय कुमार,सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, दीनबंधु दुबे,संतोष महतो एवं नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है

रांची पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक बड़ी डकैती का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

गयाजी में श्रीरामनवमी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकिया रही

गया नगर निगम के वार्ड संख्या-19 में महिला पार्षद मुन्नी देवी एवं भाजपा नेता मनोज कुमार के नेतृत्व में निकाली गई शोभायात्रा में महिलाओं की भागीदारी खास रही। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं और पूरे जोश के साथ जुलूस को भव्यता प्रदान की।

इस दौरान बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी शोभायात्रा में शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ तलवारबाजी कर कार्यक्रम में अलग ही उत्साह भर दिया। उनके इस प्रदर्शन को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा।

शोभायात्रा की सबसे खास झलक तब देखने को मिली, जब महज 5 साल की एक बच्ची ने तलवारबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। उसकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर हर कोई हैरान रह गया और लोगों ने उसकी जमकर सराहना की। इसके अलावा राम भक्तों के स्वागत में भाजपा नेता मनीष पंकज के द्वारा चना, शरबत और फल का वितरण किया गया।

वहीं विभिन्न संगठनों और समितियों द्वारा भी शहर में कई जुलूस निकाले गए। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं के लिए शरबत और चना का वितरण किया गया।

पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जय श्रीराम के नारों से गूंजते गयाजी में रामनवमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।

भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

रामनवमी पर बहसूमा में कन्या पूजन, श्रद्धालुओं ने मां महागौरी की आराधना की
संवाददाता: परविंदर कुमार

मेरठ। बहसूमा। कस्बा बहसूमा में रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराकर अपना व्रत खोला। नगर के विभिन्न मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

भक्तों ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, कन्या पूजन कार्यक्रम के तहत छोटी-छोटी कन्याओं को माता रानी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया।

इस दौरान बबली देवी, संगीता देवी, सोनम, प्रियंका, साक्षी और परी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन ग्रहण करवाया और उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

रामनवमी के अवसर पर भक्तों ने मां दुर्गा के स्वरूप महागौरी की विशेष आराधना की। अधिकांश श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पाठ करने के बाद कन्याओं को भोजन कराया और फिर स्वयं प्रसाद ग्रहण कर व्रत का समापन किया।
कांग्रेसी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की भतीजी ने करोड़ों में बेच दी वक्फ संपत्ति

स्टे के बाद भी वक्फ कब्रिस्तान पर तन रहीं दुकानें

• नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति हो रही खुर्द बुर्द

खान आशु 

भोपाल। प्रदेश की संस्कारधानी कहलाने वाली जगह से सटे नरसिंहपुर जिले में भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। संस्कारों को धता दिखाते हुए यहां एक वक्फ संपत्ति को औने पौने दाम पर बेच दिया गया है तो दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों के स्थान कब्रिस्तान को भी निशाना बनाने से नहीं चूका गया है। जमीन का सौदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया है, जिसपर जिला पंजीयक ने भी नजर नहीं डाली है। जबकि स्टे हो चुके कब्रिस्तान की जमीन पर हो रहे निर्माण पर भी प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। कांग्रेसियों द्वारा किए जा रहे इस गोरखधंधे को भाजपा शासनकाल में भाजपाइयों की शिकायत पर भी असर नहीं हो रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान जैसे कई लोग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं।

मामला नरसिंहपुर जिले का है। यहां जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में स्थित है वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा। खसरा नंबर 35/1 एवं 35/2 पर बसी इस कृषि भूमि का आधिपत्य मप्र वक्फ बोर्ड का है, इसके रिकॉर्ड में यह दर्ज है। लेकिन कुछ भू माफियाओं की बदनीयत इस जमीन पर पड़ गई, जिसके लिए उन्होंने कुछ कूटरचित दस्तावेज बनाकर इसका सौदा कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की भतीजी शालिनी प्रजापति की इसमें मुख्य भूमिका है। उन्होंने खुद को इस वक्फ संपत्ति का मालिक करार देते हुए इसका सौदा विश्वास गोटे नामक व्यक्ति को कर दिया है। जानकारी के मुताबिक करीब एक करोड़, 24 रूपये के इस सौदे पर जिला पंजीयक ने भी बिना पड़ताल के सहमति की मुहर लगा दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की जल्दबाजी का आलम यह है कि आनन फानन में वे इस विवादास्पद सौदे पर नामांतरण करने को भी तैयार हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्फ अमेंडमेंड बिल की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

शासकीय स्टे को भी धता

नरसिंहपुर जिले की तहसील है गाडरवाड़ा। जिसका एक गांव है कुंडिया। यहां मुस्लिम समाज का एक बरसों पुराना कब्रस्तान है, जो वक्फ बोर्ड के आधिपत्य में है। इस कब्रिस्तान पर भी नजर तिरछी कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा। जिससे भविष्य में कब्रिस्तान की जगह कम तो होगी ही साथ एक नए विवाद की शुरुआत इससे हो सकती है। जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी ने इस निर्माण पर स्टे दे दिया है। लेकिन हठधर्मिता का आलम यह है कि स्टे के बावजूद यहां निर्माण कार्य सतत जारी है।

शिकायत सीएम से लेकर अध्यक्ष तक 

शहर के जिम्मेदारों और फिक्रमंद लोगों में शामिल जिला वक्फ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के हुसैन पठान ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत की है। उन्होंने वक्फ संपत्ति की इस बर्बादी को रोकने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल से भी गुहार लगाई है। पठान ने कहा कि इस तरह वक्फ की बर्बादी से कल के लिए नया उदाहरण तय होगा, साथ ही इससे समाज में भी गलत संदेश जाएगा।

* इनका कहना है 

नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति के बारे में शिकायत मिली है। जिले के अधिकारियों को स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।

डॉ. सनव्वर पटेल 

अध्यक्ष 

मप्र वक्फ बोर्ड

हजारीबाग: कुसुंबा में मासूम से दरिंदगी पर भड़के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, कल पीड़ित परिवार से करेंगे मुलाकात

हजारीबाग/विष्णुगढ़ | 26 मार्च 2026: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और फिर उसकी निर्मम हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री आदित्य साहू ने राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है।

कल कुसुंबा गाँव जाएंगे आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू कल, 27 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे कुसुंबा गांव पहुंचेंगे। वे पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाएंगे और इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।

"बेटियों की पूजा के समय दरिंदगी, बेखौफ हैं अपराधी"

श्री साहू ने घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता का प्रमाण है। उन्होंने कहा:

"एक तरफ नवरात्रि का पवित्र त्योहार चल रहा है जहाँ घरों में बेटियों की पूजा हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम के साथ ऐसी हैवानियत की जा रही है। यह बताता है कि राज्य में अपराधियों के मन से पुलिस का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अपराधी बेखौफ हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।"

सरकार और प्रशासन से तीखे सवाल

सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य को बार-बार कलंकित कर रही हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोष बेटियों की जान यूँ ही जाती रहेगी? उन्होंने मांग की है कि:

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

आजमगढ़:-बिजली बकायेदारों को फिर राहत, मार्च में भी मिलेगी छूट का लाभ
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। विद्युत बिल राहत योजना की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत देने का फैसला लिया है। अब मार्च माह में भी उन उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व निर्धारित अवधि (1 दिसंबर से 28 फरवरी) के दौरान पंजीकरण कराया था, लेकिन किसी कारणवश बकाया बिल जमा नहीं कर सके। सरकार के निर्देश पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं से उनके पंजीकरण के महीने के अनुसार ही छूट का लाभ देकर बकाया बिल जमा कराया जाए। इसी क्रम में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत सभी अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर बकायेदार उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहे हैं और बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। तहसील मुख्यालय के अंतर्गत सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ नगर पंचायत फूलपुर और ग्राम पंचायत चमावा में अभियान चलाया। इस दौरान करीब 1 लाख 15 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया। अभियान के दौरान बिजली की अनियमितता करते पाए गए तीन उपभोक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि तीन अन्य उपभोक्ताओं का भार (लोड) बढ़ाया गया। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत वितरण खंड फूलपुर के सभी उपकेंद्रों और कैश काउंटरों को सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी खोले जाने का निर्णय लिया गया है। अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रिड सब-स्टेशन डकैती कांड का पर्दाफाश सात अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद*

सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा

पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हया कनादू स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है। दिनांक 23/24 मार्च 2026 की रात लगभग 12–15 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने ग्रिड सब-स्टेशन पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बेखौफ होकर लूटपाट को अंजाम दिया। अपराधियों द्वारा लूटे गए सामान में शामिल हैं: लगभग ₹4 लाख मूल्य के कॉपर वाइंडिंग तार 2 एनवीआर सिस्टम 6 अर्थ स्विच ब्लेड कंट्रोल रूम से टॉर्च कर्मचारियों से ₹13,300 नकद

इस संबंध में सहायक परिचालक विजय कुमार के आवेदन पर पिठौरिया थाना कांड संख्या-27/26 दर्ज किया गया।

SIT गठित, तकनीकी जांच से सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी एवं गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधी

रंजीत मोदी,शशि सिंह,जिदु कुमार सिंह,मो. अरमान,शुभम कुमार,रिंकु अंसारी,शाहिद अंसारी

सभी रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी

बरामदगी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया:

करीब 100 किलो तांबा तार 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 2 टेम्पो एवं 2 मोटरसाइकिल ₹12,600 नकद

कॉपर काटने के औजार एवं अन्य सामग्री

अपराध की सुनियोजित साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी (निगरानी) की थी। कुल 15 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जो लूट, परिवहन और सामान खपाने में शामिल थे।

लूटे गए कॉपर तार को कबाड़ी कारोबारी रंजीत मोदी समेत अन्य दुकानों में बेच दिया गया था, जिसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया गया।

आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान जिदु कुमार सिंह एवं शाहिद अंसारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में असीत कुमार मोदी, पुलिस निरीक्षक पश्चिम) सदर ( पिठौरिया  थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे अवर निरीक्षक संतोष यादव,संजय कुमार,सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, दीनबंधु दुबे,संतोष महतो एवं नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है

रांची पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक बड़ी डकैती का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

गयाजी में श्रीरामनवमी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकिया रही

गया नगर निगम के वार्ड संख्या-19 में महिला पार्षद मुन्नी देवी एवं भाजपा नेता मनोज कुमार के नेतृत्व में निकाली गई शोभायात्रा में महिलाओं की भागीदारी खास रही। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं और पूरे जोश के साथ जुलूस को भव्यता प्रदान की।

इस दौरान बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी शोभायात्रा में शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ तलवारबाजी कर कार्यक्रम में अलग ही उत्साह भर दिया। उनके इस प्रदर्शन को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा।

शोभायात्रा की सबसे खास झलक तब देखने को मिली, जब महज 5 साल की एक बच्ची ने तलवारबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। उसकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर हर कोई हैरान रह गया और लोगों ने उसकी जमकर सराहना की। इसके अलावा राम भक्तों के स्वागत में भाजपा नेता मनीष पंकज के द्वारा चना, शरबत और फल का वितरण किया गया।

वहीं विभिन्न संगठनों और समितियों द्वारा भी शहर में कई जुलूस निकाले गए। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं के लिए शरबत और चना का वितरण किया गया।

पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जय श्रीराम के नारों से गूंजते गयाजी में रामनवमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।

भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

रामनवमी पर बहसूमा में कन्या पूजन, श्रद्धालुओं ने मां महागौरी की आराधना की
संवाददाता: परविंदर कुमार

मेरठ। बहसूमा। कस्बा बहसूमा में रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराकर अपना व्रत खोला। नगर के विभिन्न मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

भक्तों ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, कन्या पूजन कार्यक्रम के तहत छोटी-छोटी कन्याओं को माता रानी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया।

इस दौरान बबली देवी, संगीता देवी, सोनम, प्रियंका, साक्षी और परी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन ग्रहण करवाया और उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

रामनवमी के अवसर पर भक्तों ने मां दुर्गा के स्वरूप महागौरी की विशेष आराधना की। अधिकांश श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पाठ करने के बाद कन्याओं को भोजन कराया और फिर स्वयं प्रसाद ग्रहण कर व्रत का समापन किया।
कांग्रेसी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की भतीजी ने करोड़ों में बेच दी वक्फ संपत्ति

स्टे के बाद भी वक्फ कब्रिस्तान पर तन रहीं दुकानें

• नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति हो रही खुर्द बुर्द

खान आशु 

भोपाल। प्रदेश की संस्कारधानी कहलाने वाली जगह से सटे नरसिंहपुर जिले में भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। संस्कारों को धता दिखाते हुए यहां एक वक्फ संपत्ति को औने पौने दाम पर बेच दिया गया है तो दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों के स्थान कब्रिस्तान को भी निशाना बनाने से नहीं चूका गया है। जमीन का सौदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया है, जिसपर जिला पंजीयक ने भी नजर नहीं डाली है। जबकि स्टे हो चुके कब्रिस्तान की जमीन पर हो रहे निर्माण पर भी प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। कांग्रेसियों द्वारा किए जा रहे इस गोरखधंधे को भाजपा शासनकाल में भाजपाइयों की शिकायत पर भी असर नहीं हो रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान जैसे कई लोग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं।

मामला नरसिंहपुर जिले का है। यहां जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में स्थित है वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा। खसरा नंबर 35/1 एवं 35/2 पर बसी इस कृषि भूमि का आधिपत्य मप्र वक्फ बोर्ड का है, इसके रिकॉर्ड में यह दर्ज है। लेकिन कुछ भू माफियाओं की बदनीयत इस जमीन पर पड़ गई, जिसके लिए उन्होंने कुछ कूटरचित दस्तावेज बनाकर इसका सौदा कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की भतीजी शालिनी प्रजापति की इसमें मुख्य भूमिका है। उन्होंने खुद को इस वक्फ संपत्ति का मालिक करार देते हुए इसका सौदा विश्वास गोटे नामक व्यक्ति को कर दिया है। जानकारी के मुताबिक करीब एक करोड़, 24 रूपये के इस सौदे पर जिला पंजीयक ने भी बिना पड़ताल के सहमति की मुहर लगा दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की जल्दबाजी का आलम यह है कि आनन फानन में वे इस विवादास्पद सौदे पर नामांतरण करने को भी तैयार हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्फ अमेंडमेंड बिल की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

शासकीय स्टे को भी धता

नरसिंहपुर जिले की तहसील है गाडरवाड़ा। जिसका एक गांव है कुंडिया। यहां मुस्लिम समाज का एक बरसों पुराना कब्रस्तान है, जो वक्फ बोर्ड के आधिपत्य में है। इस कब्रिस्तान पर भी नजर तिरछी कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा। जिससे भविष्य में कब्रिस्तान की जगह कम तो होगी ही साथ एक नए विवाद की शुरुआत इससे हो सकती है। जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी ने इस निर्माण पर स्टे दे दिया है। लेकिन हठधर्मिता का आलम यह है कि स्टे के बावजूद यहां निर्माण कार्य सतत जारी है।

शिकायत सीएम से लेकर अध्यक्ष तक 

शहर के जिम्मेदारों और फिक्रमंद लोगों में शामिल जिला वक्फ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के हुसैन पठान ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत की है। उन्होंने वक्फ संपत्ति की इस बर्बादी को रोकने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल से भी गुहार लगाई है। पठान ने कहा कि इस तरह वक्फ की बर्बादी से कल के लिए नया उदाहरण तय होगा, साथ ही इससे समाज में भी गलत संदेश जाएगा।

* इनका कहना है 

नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति के बारे में शिकायत मिली है। जिले के अधिकारियों को स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।

डॉ. सनव्वर पटेल 

अध्यक्ष 

मप्र वक्फ बोर्ड

हजारीबाग: कुसुंबा में मासूम से दरिंदगी पर भड़के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, कल पीड़ित परिवार से करेंगे मुलाकात

हजारीबाग/विष्णुगढ़ | 26 मार्च 2026: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और फिर उसकी निर्मम हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री आदित्य साहू ने राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है।

कल कुसुंबा गाँव जाएंगे आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू कल, 27 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे कुसुंबा गांव पहुंचेंगे। वे पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाएंगे और इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।

"बेटियों की पूजा के समय दरिंदगी, बेखौफ हैं अपराधी"

श्री साहू ने घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता का प्रमाण है। उन्होंने कहा:

"एक तरफ नवरात्रि का पवित्र त्योहार चल रहा है जहाँ घरों में बेटियों की पूजा हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम के साथ ऐसी हैवानियत की जा रही है। यह बताता है कि राज्य में अपराधियों के मन से पुलिस का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अपराधी बेखौफ हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।"

सरकार और प्रशासन से तीखे सवाल

सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य को बार-बार कलंकित कर रही हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोष बेटियों की जान यूँ ही जाती रहेगी? उन्होंने मांग की है कि:

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।