Sambhal कोर्ट के आदेश ठंडे बस्ते में! अमीन पर मिलीभगत के आरोप, पीड़िता ने संपूर्ण समाधान दिवस में लगाई न्याय की गुहार
जनपद सम्भल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कार्रवाई न होने से पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। दरख्शा पत्नी मोहम्मद दानिश ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके मामले में कोर्ट द्वारा रिकवरी के आदेश पारित किए गए थे, लेकिन संबंधित अमीन द्वारा जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही।

पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2025 में चल रहे मुकदमे में न्यायालय ने मोहम्मद दानिश फजल और आनंद हॉस्पिटल भरण-पोषण की बकाया राशि करीब 9.65 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए थे। इसके बावजूद न तो कोई संपत्ति कुर्क की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। आरोप है कि संबंधित अमीन विपक्षी पक्ष से मिलीभगत कर मामले को लटकाए हुए है। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी द्वारा 4 अप्रैल 2026 को अमीन को जवाब देने का निर्देश दिया गया था, जिसकी अंतिम तिथि 14 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इससे प्रशासनिक आदेशों की भी खुलेआम अवहेलना हो रही है। पीड़िता ने मांग की है कि मामले में किसी अन्य अमीन से जांच कराकर न्याय दिलाया जाए, ताकि उसे उसका हक मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।

कोर्ट का आदेश
उत्तराखंड : भाजपा नेता बंशीधर भगत बोले, जल जीवन मिशन ने मचा रखा है त्राहिमाम

—‘ बहुत मुश्किल होगी 2027 की डगर, सिर्फ मोदी जी- मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा’
हल्द्वानी। उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की तैयारियों और दावों पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कालाढूँगी से कई बार विधायक रह चुके बंशीधर भगत ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई है।
बंशीधर भगत दो बार मंत्री रह चुके हैं और एक बार प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हल्द्वानी में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—
“जल जीवन मिशन ने ऐसा त्राहिमाम मचा रखा है कि मैं बता नहीं सकता। 2027 बहुत मुश्किल हो जाएगा, मोदी जी-मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा।” तीन- तीन साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है और पानी का कहीं पता तक नहीं है। ऐसे में 2027 बहुत ही मुश्किल होगा।
भगत के इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी सरकार की योजनाओं पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। साथ ही यह बयान संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष मौजूद है।
परशुराम जयंती पर गोंठवा गोठाई में धूमधाम से सांस्कृतिक कार्यक्रम रामशिरोमणि तिवारी के नेतृत्व में कलाकारों ने बांधा समां
संजीव सिंह गोंठवा गोठाई नगरा (बलिया), 18 अप्रैल 2026: भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान श्री परशुराम जी की जयंती के पावन अवसर पर गोंठवा गोठाई नगर में बड़े धूमधाम से उत्सव मनाया गया। रामशिरोमणि तिवारी जी के नेतृत्व में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बृजेश भारती जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा नेता व पूर्व मंत्री श्री छट्ठू राम जी उपस्थित रहे। उनके करकमलों द्वारा मंच पर अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। मंच पर अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेता भी विशेष रूप से मौजूद रहे।महुवा चैनल के देवानंद देव जी, लोकगायिका जौनपुरी की धरती से भावना सिंह जी तथा अनुज भाई राहुल ठाकुर विक्की ने अपनी कला से सभी को प्रभावित किया। अंत में रामशिरोमणि तिवारी ने सभी कलाकारों, अतिथिगण एवं उपस्थित जनसमूह का हृदय से आभार प्रकट किये!
कानपुर: जनगणना ड्यूटी हटवाने पहुंचे शिक्षक, DM ने 30 मिनट जनता की फरियाद सुनवाई कराई तो बदला सुर!
संजीव सिंह बलिया!कानपुर:18 अप्रैल 2026: डिजिटल जनगणना की तैयारियों के बीच सहायक अध्यापक जयप्रकाश शर्मा अपनी ड्यूटी हटवाने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। लेकिन DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक अनोखे अंदाज में उन्हें सबक सिखाया।DM ने शिक्षक से कहा, "ड्यूटी नहीं करनी तो जनता की फरियाद सुनने में मेरी मदद करो।" फिर उन्होंने शिक्षक की कुर्सी अपने पास लगवा ली और करीब 30 मिनट तक विभिन्न शिकायतें सुनवाई करने को कहा। पेंशन की समस्या, जमीन विवाद से लेकर लड़के के भाग जाने जैसी फरियादें सुनते-सुनते शिक्षक थक गए।अंत में जयप्रकाश शर्मा ने DM को प्रणाम किया और बोले, "साहब, मैं जनगणना की ड्यूटी कर लूंगा, लेकिन यह जनता दरबार का 'अत्याचार' मेरे बस का नहीं।" DM ने शिक्षक को सम्मान देते हुए जनगणना ड्यूटी पर ही लगा दिया।यह वाकया कानपुर में चर्चा का विषय बन गया है। DM का यह अनोखा तरीका प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक माना जा रहा है, जो न केवल समस्या सुलझाता है बल्कि जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है।
शादी के घरों में भोजन बनाना बड़ी चुनौती
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर अब आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। महंगाई बढ़ने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी असर पड़ा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी और लगन सीजन शुरू होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से भीषण गर्मी में चाय-नाश्ते की दुकानों पर कर्मचारी कोयले की भट्टियां जलाकर काम करने को मजबूर हैं। तपती गर्मी में भट्ठियों के पास खड़े लोग परेशान नजर आ रहे हैं। एजेंसियों पर लोग घंटों लाइन में लगने को विवश हैं।
ज्ञानपुर नगर पंचायत में करीब 40 प्रतिशत दुकानदार इन दिनों कोयले की भट्ठी पर चाय-नाश्ता बना रहे हैं। लकड़ी की कीमत 6 से 8 रुपये प्रति किलो और कोयला 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
लगन के मौसम में शादी वाले घरों में भोजन बनाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। लोग लकड़ी, कोयला और अन्य ईंधन के सहारे रिश्तेदारों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं। हलवाई भी लकड़ी पर खाना बनाने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांग रहे हैं।
जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार, दुकानदारों को कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए कनेक्शन लेना होगा, जिसके बाद उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। जिन घरों में शादी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिया जा रहा है। बुकिंग के बाद उपभोक्ता कार्यालय में कार्ड दिखाकर संबंधित एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दुकानों पर घरेलू रसोई गैस का उपयोग करने वालों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है और कालाबाजारी करने वालों पर जल्द कार्रवाई होगी।

* गरम मसाले भी हुए महंगे
मध्य पूर्व में तनाव का असर अब मसालों पर भी दिखने लगा है। खड़ा धनिया, इलायची, लौंग, तेजपत्ता, जीरा, काली मिर्च, दालचीनी और हल्दी समेत कई मसाले करीब 5 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। इससे शादी समारोहों का खर्च 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

* ग्रामीण क्षेत्रों में उपली की मांग बढ़ी
ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लोग गोबर की उपली खरीद रहे हैं। गर्मी में उपली जल्दी सूखने से ग्रामीण महिलाएं इसे बेचकर अच्छा लाभ कमा रही हैं। दुकानदार 100 से 150 रुपये प्रति सैकड़ा उपली खरीद रहे हैं।
जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा एवं वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी
गोंडा। गोण्डा जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा तथा वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) आर.सी. भारतीय द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 242 ऐसे विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जिनके 313 स्कूल वाहनों से संबंधित आवश्यक विवरण अब तक UPISVMP.COM पर अपडेट नहीं किए गए हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वाहन चालकों का पूर्ण विवरण, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ शपथ पत्र पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न किया जाना गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
सभी चिन्हित विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे 19 अप्रैल 2026 को अपने विद्यालय खुले रखें तथा अपने समस्त स्कूल वाहनों एवं चालकों का पूर्ण विवरण शपथ पत्र सहित तत्काल पोर्टल पर अपलोड करें।
इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों को अपने वाहनों को निर्धारित तिथि पर एआरटीओ कार्यालय, एआरटीओ कार्यालय गोण्डा में प्रस्तुत कर भौतिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान वाहन फिटनेस, सुरक्षा मानकों, परमिट तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
एआरटीओ (प्रशासन) ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्देशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनपद के सभी विद्यालयों से अपील की गई है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा गया
मोनू भाटी

मवाना। नामित सभासद अर्जुन काली ने तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर एसडीएम मवाना तथा सीओ मवाना को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा।
अर्जुन काली ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र के तहसील ग्राउंड के पास स्थित विद्यालय में लगभग 150 से 200 छात्राएं पढ़ती हैं और छात्रावास में निवास करती हैं। विद्यालय की दीवार से सटे क्षेत्र में नगर पालिका परिषद मवाना द्वारा ओपन स्टेडियम की पेढ़ियां बनवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की दीवार पहले से ही काफी छोटी है। पेढ़ियों के निर्माण के बाद किसी बाहरी व्यक्ति के लिए दीवार फांदकर विद्यालय परिसर में प्रवेश करना आसान हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी तहसील ग्राउंड में नशा करने वाले कुछ लोगों ने विद्यालय में घुसने की कोशिश की है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार के *बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ* अभियान की भावना को ध्यान में रखते हुए पहले विद्यालय की दीवार ऊंची और मजबूत कराई जाए, ताकि कोई असामाजिक तत्व परिसर में प्रवेश न कर सके। इसके बाद ही स्टेडियम निर्माण कार्य कराया जाए।
अर्जुन काली ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन उचित कार्रवाई करे, जिससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका न रहे और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इस दौरान नवनीत चौहान, मोहित शर्मा, वंश जाटव, गणपत जाटव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सीबीएसई का बड़ा फैसला: स्कूलों में बनेंगी ‘कॉम्पोजिट स्किल लैब’, पढ़ाई होगी अब और प्रैक्टिकल

नई दिल्ली। देश में स्किल-बेस्ड एजुकेशन को मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों में “कॉम्पोजिट स्किल लैब” स्थापित करना अनिवार्य कर दिया है, जिससे छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा दी जा सके।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE 2023) के अनुरूप है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में समस्या समाधान क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग और इनोवेशन जैसी स्किल्स विकसित करना है।
सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए या तो एक लगभग 600 वर्ग फुट की कॉम्पोजिट स्किल लैब बनाई जाएगी या फिर दो अलग-अलग लैब (प्रत्येक 400 वर्ग फुट) स्थापित की जा सकेंगी—एक कक्षा 6-10 और दूसरी कक्षा 11-12 के लिए।
इन लैब्स में आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के जरिए छात्रों को रियल-लाइफ आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकेंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए स्कूलों में यह व्यवस्था शुरुआत से ही लागू होगी, जबकि पहले से संचालित स्कूलों को 22 अगस्त 2027 तक लैब्स स्थापित करनी होंगी।
इस कदम से स्किल और वोकेशनल एजुकेशन को मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी और छात्रों को रोजगार व उद्यमिता के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
दिल्ली में खराब मौसम से उड़ानें प्रभावित, इंडिगो ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
नई दिल्ली । खराब मौसम के कारण राजधानी में हवाई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। IndiGo ने उड़ानों के संचालन पर असर को देखते हुए यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन के अनुसार मौसम की अस्थिरता के चलते उड़ानों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है।
एयरलाइन ने अपने आधिकारिक X पोस्ट में कहा कि उनकी टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और मौसम में सुधार होते ही उड़ानों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अवश्य जांच लें तथा एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी राजधानी के मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को दिल्ली में अचानक मौसम बदला और कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे अस्थायी राहत मिली।
पूर्वानुमान के अनुसार 18 और 19 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रहेंगे, जबकि 20 से 23 अप्रैल के बीच मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 39°C से 42°C तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 20°C से 24°C के बीच रहने की संभावना है।
मौसम में इस उतार-चढ़ाव के कारण यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों की सतर्कता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की दी मंजूरी
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने के लिए सड़कों और पुलों का व्यापक सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
सरकार ने इस योजना के लिए संशोधित व्यय 83,977 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। इसके अंतर्गत ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जुड़ने वाले प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण मार्च 2028 तक पूरा किया जाएगा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों का कार्य इसी अवधि तक तथा पुलों का निर्माण मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, 31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत लेकिन अब तक टेंडर न हो सके परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई है। सरकार ने 961 करोड़ रुपये की लागत वाले 161 लंबी दूरी के पुलों को भी मंजूरी देने का निर्णय लिया है, जो पहले से स्वीकृत सड़कों के मार्ग पर लंबित हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, योजना की समयसीमा बढ़ाने से ग्रामीण सड़कों के उन्नयन का पूरा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, कृषि एवं अन्य उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होगी और परिवहन लागत व समय में कमी आएगी।सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी, विशेषकर दूरदराज और पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए।
Sambhal कोर्ट के आदेश ठंडे बस्ते में! अमीन पर मिलीभगत के आरोप, पीड़िता ने संपूर्ण समाधान दिवस में लगाई न्याय की गुहार
जनपद सम्भल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कार्रवाई न होने से पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। दरख्शा पत्नी मोहम्मद दानिश ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके मामले में कोर्ट द्वारा रिकवरी के आदेश पारित किए गए थे, लेकिन संबंधित अमीन द्वारा जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही।

पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2025 में चल रहे मुकदमे में न्यायालय ने मोहम्मद दानिश फजल और आनंद हॉस्पिटल भरण-पोषण की बकाया राशि करीब 9.65 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए थे। इसके बावजूद न तो कोई संपत्ति कुर्क की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। आरोप है कि संबंधित अमीन विपक्षी पक्ष से मिलीभगत कर मामले को लटकाए हुए है। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी द्वारा 4 अप्रैल 2026 को अमीन को जवाब देने का निर्देश दिया गया था, जिसकी अंतिम तिथि 14 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इससे प्रशासनिक आदेशों की भी खुलेआम अवहेलना हो रही है। पीड़िता ने मांग की है कि मामले में किसी अन्य अमीन से जांच कराकर न्याय दिलाया जाए, ताकि उसे उसका हक मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।

कोर्ट का आदेश
उत्तराखंड : भाजपा नेता बंशीधर भगत बोले, जल जीवन मिशन ने मचा रखा है त्राहिमाम

—‘ बहुत मुश्किल होगी 2027 की डगर, सिर्फ मोदी जी- मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा’
हल्द्वानी। उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की तैयारियों और दावों पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कालाढूँगी से कई बार विधायक रह चुके बंशीधर भगत ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई है।
बंशीधर भगत दो बार मंत्री रह चुके हैं और एक बार प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हल्द्वानी में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—
“जल जीवन मिशन ने ऐसा त्राहिमाम मचा रखा है कि मैं बता नहीं सकता। 2027 बहुत मुश्किल हो जाएगा, मोदी जी-मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा।” तीन- तीन साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है और पानी का कहीं पता तक नहीं है। ऐसे में 2027 बहुत ही मुश्किल होगा।
भगत के इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी सरकार की योजनाओं पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। साथ ही यह बयान संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष मौजूद है।
परशुराम जयंती पर गोंठवा गोठाई में धूमधाम से सांस्कृतिक कार्यक्रम रामशिरोमणि तिवारी के नेतृत्व में कलाकारों ने बांधा समां
संजीव सिंह गोंठवा गोठाई नगरा (बलिया), 18 अप्रैल 2026: भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान श्री परशुराम जी की जयंती के पावन अवसर पर गोंठवा गोठाई नगर में बड़े धूमधाम से उत्सव मनाया गया। रामशिरोमणि तिवारी जी के नेतृत्व में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बृजेश भारती जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा नेता व पूर्व मंत्री श्री छट्ठू राम जी उपस्थित रहे। उनके करकमलों द्वारा मंच पर अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। मंच पर अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेता भी विशेष रूप से मौजूद रहे।महुवा चैनल के देवानंद देव जी, लोकगायिका जौनपुरी की धरती से भावना सिंह जी तथा अनुज भाई राहुल ठाकुर विक्की ने अपनी कला से सभी को प्रभावित किया। अंत में रामशिरोमणि तिवारी ने सभी कलाकारों, अतिथिगण एवं उपस्थित जनसमूह का हृदय से आभार प्रकट किये!
कानपुर: जनगणना ड्यूटी हटवाने पहुंचे शिक्षक, DM ने 30 मिनट जनता की फरियाद सुनवाई कराई तो बदला सुर!
संजीव सिंह बलिया!कानपुर:18 अप्रैल 2026: डिजिटल जनगणना की तैयारियों के बीच सहायक अध्यापक जयप्रकाश शर्मा अपनी ड्यूटी हटवाने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। लेकिन DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक अनोखे अंदाज में उन्हें सबक सिखाया।DM ने शिक्षक से कहा, "ड्यूटी नहीं करनी तो जनता की फरियाद सुनने में मेरी मदद करो।" फिर उन्होंने शिक्षक की कुर्सी अपने पास लगवा ली और करीब 30 मिनट तक विभिन्न शिकायतें सुनवाई करने को कहा। पेंशन की समस्या, जमीन विवाद से लेकर लड़के के भाग जाने जैसी फरियादें सुनते-सुनते शिक्षक थक गए।अंत में जयप्रकाश शर्मा ने DM को प्रणाम किया और बोले, "साहब, मैं जनगणना की ड्यूटी कर लूंगा, लेकिन यह जनता दरबार का 'अत्याचार' मेरे बस का नहीं।" DM ने शिक्षक को सम्मान देते हुए जनगणना ड्यूटी पर ही लगा दिया।यह वाकया कानपुर में चर्चा का विषय बन गया है। DM का यह अनोखा तरीका प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक माना जा रहा है, जो न केवल समस्या सुलझाता है बल्कि जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है।
शादी के घरों में भोजन बनाना बड़ी चुनौती
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर अब आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। महंगाई बढ़ने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी असर पड़ा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी और लगन सीजन शुरू होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से भीषण गर्मी में चाय-नाश्ते की दुकानों पर कर्मचारी कोयले की भट्टियां जलाकर काम करने को मजबूर हैं। तपती गर्मी में भट्ठियों के पास खड़े लोग परेशान नजर आ रहे हैं। एजेंसियों पर लोग घंटों लाइन में लगने को विवश हैं।
ज्ञानपुर नगर पंचायत में करीब 40 प्रतिशत दुकानदार इन दिनों कोयले की भट्ठी पर चाय-नाश्ता बना रहे हैं। लकड़ी की कीमत 6 से 8 रुपये प्रति किलो और कोयला 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
लगन के मौसम में शादी वाले घरों में भोजन बनाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। लोग लकड़ी, कोयला और अन्य ईंधन के सहारे रिश्तेदारों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं। हलवाई भी लकड़ी पर खाना बनाने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांग रहे हैं।
जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार, दुकानदारों को कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए कनेक्शन लेना होगा, जिसके बाद उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। जिन घरों में शादी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिया जा रहा है। बुकिंग के बाद उपभोक्ता कार्यालय में कार्ड दिखाकर संबंधित एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दुकानों पर घरेलू रसोई गैस का उपयोग करने वालों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है और कालाबाजारी करने वालों पर जल्द कार्रवाई होगी।

* गरम मसाले भी हुए महंगे
मध्य पूर्व में तनाव का असर अब मसालों पर भी दिखने लगा है। खड़ा धनिया, इलायची, लौंग, तेजपत्ता, जीरा, काली मिर्च, दालचीनी और हल्दी समेत कई मसाले करीब 5 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। इससे शादी समारोहों का खर्च 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

* ग्रामीण क्षेत्रों में उपली की मांग बढ़ी
ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लोग गोबर की उपली खरीद रहे हैं। गर्मी में उपली जल्दी सूखने से ग्रामीण महिलाएं इसे बेचकर अच्छा लाभ कमा रही हैं। दुकानदार 100 से 150 रुपये प्रति सैकड़ा उपली खरीद रहे हैं।
जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा एवं वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी
गोंडा। गोण्डा जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा तथा वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) आर.सी. भारतीय द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 242 ऐसे विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जिनके 313 स्कूल वाहनों से संबंधित आवश्यक विवरण अब तक UPISVMP.COM पर अपडेट नहीं किए गए हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वाहन चालकों का पूर्ण विवरण, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ शपथ पत्र पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न किया जाना गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
सभी चिन्हित विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे 19 अप्रैल 2026 को अपने विद्यालय खुले रखें तथा अपने समस्त स्कूल वाहनों एवं चालकों का पूर्ण विवरण शपथ पत्र सहित तत्काल पोर्टल पर अपलोड करें।
इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों को अपने वाहनों को निर्धारित तिथि पर एआरटीओ कार्यालय, एआरटीओ कार्यालय गोण्डा में प्रस्तुत कर भौतिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान वाहन फिटनेस, सुरक्षा मानकों, परमिट तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
एआरटीओ (प्रशासन) ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्देशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनपद के सभी विद्यालयों से अपील की गई है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा गया
मोनू भाटी

मवाना। नामित सभासद अर्जुन काली ने तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर एसडीएम मवाना तथा सीओ मवाना को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा।
अर्जुन काली ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र के तहसील ग्राउंड के पास स्थित विद्यालय में लगभग 150 से 200 छात्राएं पढ़ती हैं और छात्रावास में निवास करती हैं। विद्यालय की दीवार से सटे क्षेत्र में नगर पालिका परिषद मवाना द्वारा ओपन स्टेडियम की पेढ़ियां बनवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की दीवार पहले से ही काफी छोटी है। पेढ़ियों के निर्माण के बाद किसी बाहरी व्यक्ति के लिए दीवार फांदकर विद्यालय परिसर में प्रवेश करना आसान हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी तहसील ग्राउंड में नशा करने वाले कुछ लोगों ने विद्यालय में घुसने की कोशिश की है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार के *बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ* अभियान की भावना को ध्यान में रखते हुए पहले विद्यालय की दीवार ऊंची और मजबूत कराई जाए, ताकि कोई असामाजिक तत्व परिसर में प्रवेश न कर सके। इसके बाद ही स्टेडियम निर्माण कार्य कराया जाए।
अर्जुन काली ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन उचित कार्रवाई करे, जिससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका न रहे और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इस दौरान नवनीत चौहान, मोहित शर्मा, वंश जाटव, गणपत जाटव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सीबीएसई का बड़ा फैसला: स्कूलों में बनेंगी ‘कॉम्पोजिट स्किल लैब’, पढ़ाई होगी अब और प्रैक्टिकल

नई दिल्ली। देश में स्किल-बेस्ड एजुकेशन को मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों में “कॉम्पोजिट स्किल लैब” स्थापित करना अनिवार्य कर दिया है, जिससे छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा दी जा सके।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE 2023) के अनुरूप है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में समस्या समाधान क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग और इनोवेशन जैसी स्किल्स विकसित करना है।
सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए या तो एक लगभग 600 वर्ग फुट की कॉम्पोजिट स्किल लैब बनाई जाएगी या फिर दो अलग-अलग लैब (प्रत्येक 400 वर्ग फुट) स्थापित की जा सकेंगी—एक कक्षा 6-10 और दूसरी कक्षा 11-12 के लिए।
इन लैब्स में आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के जरिए छात्रों को रियल-लाइफ आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकेंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए स्कूलों में यह व्यवस्था शुरुआत से ही लागू होगी, जबकि पहले से संचालित स्कूलों को 22 अगस्त 2027 तक लैब्स स्थापित करनी होंगी।
इस कदम से स्किल और वोकेशनल एजुकेशन को मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी और छात्रों को रोजगार व उद्यमिता के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
दिल्ली में खराब मौसम से उड़ानें प्रभावित, इंडिगो ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
नई दिल्ली । खराब मौसम के कारण राजधानी में हवाई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। IndiGo ने उड़ानों के संचालन पर असर को देखते हुए यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन के अनुसार मौसम की अस्थिरता के चलते उड़ानों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है।
एयरलाइन ने अपने आधिकारिक X पोस्ट में कहा कि उनकी टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और मौसम में सुधार होते ही उड़ानों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अवश्य जांच लें तथा एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी राजधानी के मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को दिल्ली में अचानक मौसम बदला और कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे अस्थायी राहत मिली।
पूर्वानुमान के अनुसार 18 और 19 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रहेंगे, जबकि 20 से 23 अप्रैल के बीच मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 39°C से 42°C तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 20°C से 24°C के बीच रहने की संभावना है।
मौसम में इस उतार-चढ़ाव के कारण यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों की सतर्कता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की दी मंजूरी
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने के लिए सड़कों और पुलों का व्यापक सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
सरकार ने इस योजना के लिए संशोधित व्यय 83,977 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। इसके अंतर्गत ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जुड़ने वाले प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण मार्च 2028 तक पूरा किया जाएगा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों का कार्य इसी अवधि तक तथा पुलों का निर्माण मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, 31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत लेकिन अब तक टेंडर न हो सके परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई है। सरकार ने 961 करोड़ रुपये की लागत वाले 161 लंबी दूरी के पुलों को भी मंजूरी देने का निर्णय लिया है, जो पहले से स्वीकृत सड़कों के मार्ग पर लंबित हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, योजना की समयसीमा बढ़ाने से ग्रामीण सड़कों के उन्नयन का पूरा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, कृषि एवं अन्य उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होगी और परिवहन लागत व समय में कमी आएगी।सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी, विशेषकर दूरदराज और पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए।