भाजपा के पास न विजन है, न विकास का खाका": झामुमो महासचिव विनोद पांडेय का आदित्य साहू पर करारा प्रहार
राँची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा राज्य के बजट पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक हताशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस बजट को 'दिशाहीन' बता रही है, वास्तव में वह झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है।
बजट की उपलब्धियों को गिनाया:
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए श्री पांडेय ने बजट के प्रमुख आंकड़ों को साझा किया:
महिला एवं बाल कल्याण: महिला सशक्तिकरण के लिए ₹34,211 करोड़ का जेंडर बजट और बच्चों के लिए ₹10,793 करोड़ का बाल बजट।
इन्फ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण सड़कों के लिए ₹1,000 करोड़ और ग्राम सेतु योजना के लिए ₹730 करोड़ का प्रावधान।
निवेश और रोजगार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के जरिए ₹1.24 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव, जिससे 45 हजार नए रोजगार सृजित होंगे।
पर्यटन: दशम, जोन्हा और हुण्डरू जैसे जलप्रपातों के विकास की विस्तृत योजना।
भाजपा पर तीखा हमला:
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को जनहितकारी योजनाएं 'लूट' इसलिए नजर आ रही हैं, क्योंकि यह बजट बिचौलियों को खत्म कर सीधे आम जनता को लाभ पहुँचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास गांवों के विकास या महिलाओं के सशक्तिकरण का कोई ठोस वैकल्पिक खाका नहीं है, इसलिए वह केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
ऐतिहासिक कदम:
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकायों को ₹1172 करोड़ 66 लाख का अनुदान देकर सरकार ने विकेंद्रीकृत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड में समतामूलक विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा।





लखनऊ। राजधानी के आशियाना सेक्टर-एल में पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने शव के चार टुकड़े किए थे। उसने पेट और पीठ को भी काटकर अलग करने की कोशिश की, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका। रिपोर्ट में पेट और पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट के निशान मिले हैं।
लखनऊ । लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। आरोप है कि उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या की और फिर शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए।
जनपद
कार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की रेलिंग से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को एंबुलेंस से दोस्तपुर सीएचसी पहुंचाया गया। दुर्घटना के बाद ट्रक लेकर चालक भाग निकला। दोस्तपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दुर्घटना के बारे में जानकारी नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
जिला एथलेटिक एसोसिएशन सुल्तानपुर की संयोजकता में एकदिवसीय जनपदीय ट्रायल श्याम नगर खेल प्रांगण में संपन्न हुआ संगठन के सचिव अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डॉ बाबादिन चौधरी की संयोजकता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी आर बी पांडे ने किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला ओलंपिक संघ के महासचिव पंकज दुबे के द्वारा 800 मीटर बालक वर्ग में स्टार्टिंग देकर किया गया, जिसमें शिवम वर्मा प्रथम व मोहित यादव द्वितीय स्थान पर रहे ट्रायल में कुल 26 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग लिया। 800 मी बालिका में शगुन प्रथम,पायल मिश्रा द्वितीय स्थान पर रही 3000 मीटर बालक वर्ग में उमेश प्रथम व बालिका वर्ग में प्रिया शुक्ला प्रथम व सपना यादव द्वितीय स्थान पर रही है।
गोला फेक में यश शुक्ला प्रथम स्थान पर रहे वहीं 200 मीटर बालक वर्ग में अंश बौद्ध प्रथम व आकाश वर्मा द्वितीय स्थान पर रहे। संगठन के चयन करता महेश कुमार ने बताया कि चयनित खिलाड़ी दिनांक 27 व 28 फरवरी 2026 को अयोध्या में होने वाली प्रथम उत्तर प्रदेश सिलेक्शन चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे इस ट्रायल एवं चयन में सत्यवीर यादव, राकेश कुमार, अनिल यादव, अनुराग पांडे, राधेश्याम , धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार

बलिया। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील कुमार पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने जनपद देवरिया के जूनियर हाई स्कूल, मदरसन, गौरी बाजार में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत कृष्णमोहन सिंह द्वारा कथित विभागीय उत्पीड़न एवं अव्यवस्थाओं से आहत होकर आत्महत्या किए जाने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि “रामराज्य” और “जीरो टॉलरेंस” की बातें केवल मंच और माइक तक सीमित होकर रह गई हैं, जबकि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। देवरिया की इस घटना ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी एवं पटल सहायक शिक्षकों का शोषण करते हैं, पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित रखते हैं और शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर करते हैं।प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि सरकारें विद्यालयों को प्रयोगशाला और अध्यापकों को मशीन समझ रही हैं। प्रतिदिन नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिनका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि देवरिया की इस घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को समस्त देयकों का शीघ्र भुगतान, परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी तथा पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

1 hour and 9 min ago
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