राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, हजारीबाग में हिंदी कार्यशाला का हुआ आयोजन

भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षे.सं.प्र.), हजारीबाग के द्वारा कार्यालय परिसर में 31 दिसंबर 2025 दिन बुधवार को प्रत्येक तिमाही की भांति वर्तमान वर्ष की अंतिम तिमाही में भी हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शिव मंगल प्रसाद, प्रधान वैज्ञानिक, केन्द्रीय चावल अनुसंधान केंद्र, हजारीबाग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, हजारीबाग के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सह कार्यालय प्रभारी ब्रजेश्वर कुमार ने सर्वप्रथम मुख्य अतिथि महोदय का अपने विभाग की ओर से स्वागत किया एवं तत्पश्चात आशीष कुमार कंधवे, कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी ने मुख्य अतिथि को पौधा देकर सम्मानित किया। इसके पश्चात् कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय सांख्यिकी के जनक डॉ. (प्रो.) पी.सी. महालोनोबिस जी के चित्र को पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। हजारीबाग कार्यालय के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सह प्रभारी ब्रजेश्वर कुमार ने हिंदी भाषा के उत्थान हेतु उप क्षेत्रीय कार्यालय, हजारीबाग के द्वारा किये जा रहे कार्यों से मुख्य अतिथि को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि हमारा कार्यालय शत प्रतिशत कार्य हिंदी में करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, हजारीबाग की हाल ही में आयोजित छमाही बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए पूरे हजारीबाग में तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने देश में हिंदी की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।   

इसके उपरान्त वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी नितिन मिलन ने बताया कि तकनीक के प्रयोग से जैसे कंठस्थ टूल, हिंदी इनपुट टूल्स, अनुवाद तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग से हिंदी में कार्यो को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। इसके उपरान्त कार्यालय प्रभारी के निर्देश पर कार्यालय के समस्त कर्मियों ने बारी-बारी से कविता, नारे, भाषण, संस्मरण आदि का प्रस्तुतीकरण सभी के समक्ष किया। तत्पश्चात माननीय मुख्य अतिथि डॉ. शिव मंगल प्रसाद ने अपने संबोधन में उप क्षेत्रीय कार्यालय, हजारीबाग द्वारा हिंदी के प्रति किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रधान वैज्ञानिक के अपने पद पर रहते हुए एवं हिंदी के प्रति अपने कर्तव्य को निभाते हुए सभी राजभाषा कार्यक्रमों में शामिल होते रहने के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने देश भर में अनेक महत्वपूर्ण पत्रिकाओं में उनके उधृत हुए लेखो को भी बताया। उन्होंने बताया कि तकनीकी शब्दावली को भी हिंदी में सरलता से लिखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने चावल अनुसंधान केंद्र के उन्नत बीजो की जानकारी दी एवं पार्थेनियम पौधे (गाजर घास) के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने पार्थेनियम के हानिकारक प्रभाव एवं इससे बचने के तरीकों को भी बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण एवं हिंदी भाषा के प्रोत्साहन हेतु सभी को कार्यशील रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के कर्मियों को क्षेत्र कार्य के दौरान लोगों को हिंदी भाषा एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की अपील की। 

विदित हो कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय या राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय देश भर में महत्वपूर्ण सामजिक आर्थिक योजनाओ के निर्माण हेतु भारत सरकार की ओर से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों अथवा प्रतिष्ठानों से मिलकर अनेक प्रकार के सर्वेक्षण करती है। यहाँ के सभी कर्मियों ने स्वीकार किया कि सरकारी सर्वेक्षणों के दौरान लोगों से मिलने जुलने एवं उनसे आंकड़ो का संग्रहण हेतु उन्हें हिंदी भाषा का ही प्रयोग करने की आवश्यकता होती है। यह कार्यालय अपने कार्यो के साथ-साथ हर संभव यह प्रयास करता रहा है कि पूरे समाज में तथा समाज के अंतर्गत सभी कार्यालयों में हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान हो |विगत कई वर्षो से यहाँ के सभी कर्मचारी अपना निजी एवं कार्यालयी कार्य यथा इमेल, पत्राचार आदि यथासंभव हिंदी माध्यम में ही करने का प्रयास करते रहे हैं। 

कार्यालय के कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी आशीष कुमार कंधवे, जानकी नाथ मिश्र, सतीश गुप्ता, सूरज कुमार, सुधीर कुमार, मनीष किशोर के साथ सर्वेक्षण प्रगणक मिथलेश मोदी, बृज किशोर सिंह, उमेश नाथ चौबे, रणजीत कुमार गुप्ता, प्रशांत कुमार, राहुल रंजन, हरेन्द्र कुमार राय, आशीष रंजन, शुभम सोनी, दिवाकर राज, राहुल कुमार, अजय रविदास, नीलांजन दास ने कार्यक्रम में अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। मंच संचालन जानकी नाथ मिश्र, कनिष्ठ सांख्यकी अधिकारी द्वारा किया गया एवं उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ सांख्यकीय अधिकारी श्री नितिन मिलन के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय के सभी सदस्यों सहित आदेशपाल रविशंकर की भी अहम भूमिका रही।

सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ,प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी*
सुल्तानपुर,शासन की मंशा के अनुरूप जिलाधिकारी कुमार हर्ष के निर्देश पर जनपद सुल्तानपुर में सड़क सुरक्षा माह (1 जनवरी से 31 जनवरी) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं आरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला तथा पीटीओ शैलेंद्र तिवारी द्वारा 05 सड़क सुरक्षा प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान परिवहन विभाग द्वारा हेलमेट एवं सीटबेल्ट के उपयोग को लेकर जागरूकता संदेश वाले स्टीकर वाहनों पर लगाए गए। साथ ही उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर परिवहन विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य स्टेकहोल्डर्स विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है तथा प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति सजग रहना चाहिए।
कनाडा के वैंकूवर में एयर इंडिया का पायलट गिरफ्तार, प्लेन उड़ाने से पहले पी थी शराब

#airindiapilotwasdetainedatcanadavancouverairport 

कनाडा के वैंकूवर एयरपोर्ट पर एअर इंडिया के एक पायलट को नशे की हालत में हिरासत में लिया गया। 23 दिसंबर, 2025 को वैंकूवर-दिल्ली (वियना होते हुए) उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के एक पायलट को जश्न मनाना भारी पड़ गया। पायलट को मुंह से शराब की गंध आने के बाद हिरासत में लिया गया। 

उड़ान से पहले ही उतार दिया गया

23 दिसंबर 2025 को वैंकूवर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान कनाडाई अधिकारियों को कॉकपिट क्रू के एक सदस्य की ड्यूटी फिटनेस को लेकर संदेह हुआ। अधिकारियों का कहना है कि पायलट से शराब जैसी गंध महसूस हुई, जिसके बाद नियमों के तहत उसे उड़ान से पहले ही उतार दिया गया और आगे की पूछताछ के लिए ले जाया गया।

एअर इंडिया ने अपनाया कड़ा रुख

इस मामले में एअर इंडिया ने कड़ा रुख अपनाया है। पायलट को कुछ दिनों बाद दिल्ली लाया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। एयर इंडिया ने दोहराया कि कंपनी नियमों के उल्लंघन पर जीरो टोलरेंस की नीति पर चलता है और जांच में यदि किसी भी तरह के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो कंपनी नियम के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डीजीसीए कर रहा जांच

इस मामले की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दी गई है, जो इसकी जांच कर रहा है। एअर इंडिया सूत्रों के मुताबिक वो इस मामले में कनाडाई अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक संबंधित पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।

स्नातक छात्रों के लिए सुनहरा मौका, 21 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी के लिए भर्ती
लखनऊ। स्नातक की पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर सामने आया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के केंद्रीय कैंपस प्लेसमेंट सेल ने बहुराष्ट्रीय कंपनी जेनपैक्ट में भर्ती के लिए विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के छात्रों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 200 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।इस अवसर के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिन्होंने स्नातक स्तर पर कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 21 हजार रुपये वेतन के साथ अतिरिक्त इंसेंटिव की सुविधा भी दी जाएगी।

इन कोर्स के छात्र कर सकते हैं आवेदन

केंद्रीय प्लेसमेंट सेल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. हिमांशु पांडेय के अनुसार, कस्टमर सर्विस (वॉइस प्रोसेस – इंग्लिश) पद के लिए बीबीए, बीसीए, बीकॉम, बीएससी और बीए पाठ्यक्रमों के छात्र आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, पोस्टग्रेजुएट और लॉ के विद्यार्थी इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

गुरुग्राम होगा कार्यस्थल, पांच दिन का वर्किंग सिस्टम

चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग गुरुग्राम में होगी। उम्मीदवारों से उत्कृष्ट अंग्रेजी संप्रेषण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और रोटेशनल शिफ्ट में काम करने की तत्परता अपेक्षित है। कंपनी की कार्यप्रणाली के अनुसार सप्ताह में केवल पांच दिन कार्य करना होगा।

डेटा और एआई के क्षेत्र में अग्रणी है कंपनी

जेनपैक्ट एक वैश्विक प्रोफेशनल सर्विसेज और सॉल्यूशंस कंपनी है, जो डेटा, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखती है। कैंपस प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि चयन प्रक्रिया में पहले कम्युनिकेशन असेसमेंट टेस्ट और उसके बाद दो चरणों में इंटरव्यू लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि एआई और टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों का भविष्य उज्ज्वल है, ऐसे में छात्रों के लिए यह एक मजबूत करियर विकल्प साबित हो सकता है।

आवेदन की अंतिम तिथि

इच्छुक अभ्यर्थी 4 जनवरी सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन लिंक:https://forms.gle/FpFusophCaSvufwDA
झारखंड पुलिस प्रशासनिक फेरबदल: प्रमुख नियुक्तियां

महानिरीक्षक (IG) से अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पद पर प्रोन्नति

मनोज कौशिक (IPS, 2001): इन्हें आईजी रांची से प्रमोट कर अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) बनाया गया है। वे आईजी रांची का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।

महानिरीक्षक (IG) स्तर पर नई नियुक्तियां

अजय लिंडा (IPS, 2008): इन्हें पुलिस महानिरीक्षक (IG), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) बनाया गया है।

पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) स्तर पर पदस्थापन

अधिकारी का नाम बैच नया पदस्थापन (New Posting)

कौशल किशोर 2012 डीआईजी, पलामू

अंजनी कुमार झा 2012 डीआईजी, हजारीबाग

मो. अर्शी 2012 डीआईजी, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा, रांची

आनंद प्रकाश 2012 डीआईजी, बोकारो

नौशाद आलम अंसारी 2010 डीआईजी, विशेष शाखा (Special Branch), रांची

पुलिस अधीक्षक (SP) एवं अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापन

श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे (IPS, 2015): सिमडेगा जिले के नए पुलिस अधीक्षक (SP) बनाए गए हैं।

कैलाश करमाली (IPS, 2017): समादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी, रांची।

निखिल राय एवं श्रुति (IPS, 2023): सहायक पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची।

अविनाश कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-07, हजारीबाग।

दीपक कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-05, देवघर।

मजरूल होदा: उप-निदेशक, झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग।

राजेश कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-06, जमशेदपुर।

रोशन गुड़िया: पुलिस अधीक्षक (SP), अपराध अनुसंधान विभाग (CID), रांची।

श्रीराम शमद: पुलिस अधीक्षक (SP), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची।

महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

प्रभावी तिथि: अधिकारियों की यह प्रोन्नति 1 जनवरी 2026 या उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।

वेटिंग फॉर पोस्टिंग: जिन अधिकारियों का नया पदस्थापन इस सूची में नहीं है और उनके स्थान पर नई नियुक्ति हो गई है, उन्हें पुलिस मुख्यालय, रांची में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है।

नए साल पर भी ठंड और कोहरे की मार, पहाड़ों में बर्फबारी, दिल्ली से यूपी-बिहार तक बेहाल

#severe_cold_and_dense_fog_mark_new_year_2026_start

नए साल के आगाज पर भी समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड से सिहर उठा है। मध्य से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक ठिठुरन रही। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानों में बेहद सर्द हवाएं चल रही हैं। ठंड के साथ घनघोर कोहरे ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं।

न्यूनतम तापमान में और होगी गिरावट

नए साल पर कड़ाके की सर्दी पड़ने वाली है। मौसम विभाग ने 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है, जिसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके चलते अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है। अधिकतम तापमान अगले चार दिनों तक सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे रहने की संभावना है और उसके बाद भी यह सामान्य से कम बना रह सकता है।

नए साल पर यहां बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक मुताबिक 1 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी संभव है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच कहीं-कहीं से लेकर कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

दिल्ली में छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन

दिल्ली में बुधवार छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.4 डिग्री नीचे) व अधिकतम 14.2 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 6.2 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 2020 के बाद से सबसे कम दैनिक तापमान है। इससे पूर्व 31 दिसंबर, 2019 को अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री रहा था। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 13.9 डिग्री व न्यूनतम 7.4 डिग्री, नोएडा में अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अभिनेता निर्देशक दीप श्रेष्ठ को भोजपुरी गौरव सम्मान बंगाल में
देवघर: भोजपुरी अभिनेता एवं निर्देशक दीप श्रेष्ठ को भोजपुरी साहित्य विकास मंच एवं भारतीय भाषा शोध संस्थान ( बंगाल ) के मंच पर भोजपुरी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया ।बंगाल मे भी भोजपुरी भाषी लोग बहुत ज़्यादा हैं ।भोजपुरी साहित्य विकास मच एवं भारतीय भाषा शोध संस्थान पश्चिम बंगाल ( कलकत्ता ) ने अपना 12 वॉ एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम मनाया रवींद्र भवन रिसड़ा मे ।इस एक दिवसीय कार्यक्रम में कई भोजपुरी साहित्यकार, भोजपुरी गीतकार, कवि , गायक सम्मलित हुए और भोजपुरी को आठवीं अनुसूची मे शामिल करने के लिये सरकार से बातचीत कर सांसदों पर ज़ोर लगाने की बात पर सहमति बनी। कई जाने माने भोजपुरी साहित्यकारो , कवियों, लेखकों, पत्रकारों, गायकों को सम्मानित किया गया । सभी ने अपने अपने विचार रखे ।अभिनेता निर्देशक दीप श्रेष्ठ ने कहा भोजपुरी भाषा को सम्मान मिलेगा आठवीं अनुसूची में शामिल हो जाएगी तो भोजपुरी में सार्थक और समाजिक फिल्म बनेगी तब भोजपुरी भाषा की फिल्में राष्ट्रीय पुरस्कार में सम्मानित हो सकती हैं तब हम गर्व से कहब हमनी भोजपुरिया हई। यह जानकारी दीप श्रेष्ठ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
अभाविप के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ संतोष अंश बनें एबीवीपी राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का अग्रणी प्रेरक है- डॉ संतोष अंश*
सुलतानपुर,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 65वॉ प्रान्त अधिवेशब 28 से 31 दिसंबर को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में सम्पन्न हुआ। इस अधिवेशन में अंतराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी ओलंपियन विजेता योगेश्वर दत्त, राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय सेवा प्रमुख युद्धवीर, प्रान्त प्रचारक रमेश ,प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष, युवा खेल राज्य मंत्री( स्वतंत्र प्रभार ) गिरीश चंद्र यादव, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो राजशरण शाही, कुलपति प्रो वंदना सिंह, के साथ 810 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। इस प्रान्त अधिवेशन में राणा प्रताप पी जी कॉलेज के डॉ संतोष कुमार सिंह अंश का पुनः प्रान्त उपाध्यक्ष के रूप में चयन हुआ। प्रान्त अध्यक्ष और मंत्री ने कहा कि अंश जी के चयन से एबीबीपी के विद्यार्थी , समाज और राष्ट्र उन्नयन कार्य में गति मिलेगी। डॉ संतोष अंश ने बताया कि विद्यार्थी परिषद की स्थापना 1949 में राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुई। वर्षों से यह संगठन अपने मूल विचार "छात्र शक्ति – राष्ट्र शक्ति" को धारण करते हुए कार्य करता आया है। परंतु समय के परिवर्तन के साथ आवश्यकताएँ भी बदलती हैं, इसी कारण एबीवीपी ने नवीन उद्देश्यों और नई कार्यधारा के साथ आगे बढ़ते हुए छात्रों व समाज के लिए नए आयाम स्थापित किए हैं। आज विद्यार्थी परिषद केवल छात्र हितों तक सीमित संगठन नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का अग्रणी प्रेरक है। एबीवीपी का उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। हमारा संकल्प है कि हर छात्र जागरूक हो, राष्ट्र के विकास में योगदान दे और विश्व मंच पर भारत की युवा शक्ति का परचम लहराए। हम केवल दर्शक नहीं, परिवर्तन के सहभागी बनें। युवा शक्ति जागेगी तो राष्ट्र प्रगति करेगा। डॉ सिंह के चयन पर कार्यकर्ताओं ने बधाई देकर प्रसन्नता ज़ाहिर की।
Giridih: तिसरी के प्रदीप का SSC CGL में चयन के बाद ASO की पद पर हुई नियुक्ति, परिजनों में हर्ष का माहौल

गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड के जमुनियाटांड़ निवासी सुधीर बरनवाल के पुत्र प्रदीप कुमार का SSC CGL परीक्षा में चयन के बाद झारखंड सरकार कार्मिक प्रशासनिक सुधार कार्यालय में सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। इसे लेकर उनके परिजन एवं समाज के लोगों में काफी हर्ष का माहौल है। परिजनों एवं सामाजिक लोगों ने बधाईयां देते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना किए हैं। वहीं मौके पर उपस्थित भाई संदीप कुमार, टुनटुन कुमार , दीपक कुमार, मामा शैलेन्द्र बरनवाल सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मिठाई खिला कर उन्हें बधाईयां दिए। प्रदीप कुमार ने कहा कि कड़ी मेहनत करने पर उन्होंने यह मुकाम पाया है। साथ ही उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय ईश्वर एवं अपने माता और पिता काको दिया है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में काफी परेशानी का सामना किए और सभी परेशानी को झेलते हुए यहां तक पहुंचे। इससे पहले उन्होंने दरोगा की तैयारी किए किन्तु कामयाबी नहीं मिली। जिसके बाद वह अपनी असफलता को दरकिनार करते हुए और भी कड़ी मेहनत किए और आज झारखंड सरकार कार्मिक प्रशासनिक कार्यालय ASO के पद में नियुक्त हुए।
CHC हॉस्पिटल की NOC रद्द, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का सीधा आरोप – “विकास रोकना ही इनका एजेंडा”
संजीव सिंह बलिया।रसड़ा विधानसभा में बनने वाला CHC हॉस्पिटल अब खुलने से पहले ही राजनीतिक साज़िश की भेंट चढ़ गया। अस्पताल को मिली NOC को निरस्त किए जाने के बाद बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बलिया के कुछ माननीय नेता विकास नहीं, बल्कि विकास रोकने की राजनीति करते हैं। विधायक उमाशंकर सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा— “खुद कुछ करना नहीं है, लेकिन जो कर रहा है उसका पैर खींचना ज़रूरी समझते हैं। रसड़ा की जनता के साथ खुला अन्याय हुआ है।” राजनीतिक दबाव में रोकी गई स्वास्थ्य सुविधा विधायक का आरोप है कि CHC हॉस्पिटल की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद राजनीतिक दबाव बनाकर NOC रद्द कराई गई, जिससे हजारों लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा पर ताला लग गया। यह सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि रसड़ा की जनता के हक़ पर सीधा हमला बताया जा रहा है। जनता को इलाज नहीं, राजनीति चाहिए? रसड़ा क्षेत्र पहले ही स्वास्थ्य संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में CHC हॉस्पिटल की योजना रुकना यह सवाल खड़ा करता है कि
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, हजारीबाग में हिंदी कार्यशाला का हुआ आयोजन

भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षे.सं.प्र.), हजारीबाग के द्वारा कार्यालय परिसर में 31 दिसंबर 2025 दिन बुधवार को प्रत्येक तिमाही की भांति वर्तमान वर्ष की अंतिम तिमाही में भी हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शिव मंगल प्रसाद, प्रधान वैज्ञानिक, केन्द्रीय चावल अनुसंधान केंद्र, हजारीबाग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, हजारीबाग के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सह कार्यालय प्रभारी ब्रजेश्वर कुमार ने सर्वप्रथम मुख्य अतिथि महोदय का अपने विभाग की ओर से स्वागत किया एवं तत्पश्चात आशीष कुमार कंधवे, कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी ने मुख्य अतिथि को पौधा देकर सम्मानित किया। इसके पश्चात् कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय सांख्यिकी के जनक डॉ. (प्रो.) पी.सी. महालोनोबिस जी के चित्र को पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। हजारीबाग कार्यालय के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सह प्रभारी ब्रजेश्वर कुमार ने हिंदी भाषा के उत्थान हेतु उप क्षेत्रीय कार्यालय, हजारीबाग के द्वारा किये जा रहे कार्यों से मुख्य अतिथि को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि हमारा कार्यालय शत प्रतिशत कार्य हिंदी में करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, हजारीबाग की हाल ही में आयोजित छमाही बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए पूरे हजारीबाग में तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने देश में हिंदी की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।   

इसके उपरान्त वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी नितिन मिलन ने बताया कि तकनीक के प्रयोग से जैसे कंठस्थ टूल, हिंदी इनपुट टूल्स, अनुवाद तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग से हिंदी में कार्यो को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। इसके उपरान्त कार्यालय प्रभारी के निर्देश पर कार्यालय के समस्त कर्मियों ने बारी-बारी से कविता, नारे, भाषण, संस्मरण आदि का प्रस्तुतीकरण सभी के समक्ष किया। तत्पश्चात माननीय मुख्य अतिथि डॉ. शिव मंगल प्रसाद ने अपने संबोधन में उप क्षेत्रीय कार्यालय, हजारीबाग द्वारा हिंदी के प्रति किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रधान वैज्ञानिक के अपने पद पर रहते हुए एवं हिंदी के प्रति अपने कर्तव्य को निभाते हुए सभी राजभाषा कार्यक्रमों में शामिल होते रहने के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने देश भर में अनेक महत्वपूर्ण पत्रिकाओं में उनके उधृत हुए लेखो को भी बताया। उन्होंने बताया कि तकनीकी शब्दावली को भी हिंदी में सरलता से लिखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने चावल अनुसंधान केंद्र के उन्नत बीजो की जानकारी दी एवं पार्थेनियम पौधे (गाजर घास) के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने पार्थेनियम के हानिकारक प्रभाव एवं इससे बचने के तरीकों को भी बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण एवं हिंदी भाषा के प्रोत्साहन हेतु सभी को कार्यशील रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के कर्मियों को क्षेत्र कार्य के दौरान लोगों को हिंदी भाषा एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की अपील की। 

विदित हो कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय या राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय देश भर में महत्वपूर्ण सामजिक आर्थिक योजनाओ के निर्माण हेतु भारत सरकार की ओर से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों अथवा प्रतिष्ठानों से मिलकर अनेक प्रकार के सर्वेक्षण करती है। यहाँ के सभी कर्मियों ने स्वीकार किया कि सरकारी सर्वेक्षणों के दौरान लोगों से मिलने जुलने एवं उनसे आंकड़ो का संग्रहण हेतु उन्हें हिंदी भाषा का ही प्रयोग करने की आवश्यकता होती है। यह कार्यालय अपने कार्यो के साथ-साथ हर संभव यह प्रयास करता रहा है कि पूरे समाज में तथा समाज के अंतर्गत सभी कार्यालयों में हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान हो |विगत कई वर्षो से यहाँ के सभी कर्मचारी अपना निजी एवं कार्यालयी कार्य यथा इमेल, पत्राचार आदि यथासंभव हिंदी माध्यम में ही करने का प्रयास करते रहे हैं। 

कार्यालय के कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी आशीष कुमार कंधवे, जानकी नाथ मिश्र, सतीश गुप्ता, सूरज कुमार, सुधीर कुमार, मनीष किशोर के साथ सर्वेक्षण प्रगणक मिथलेश मोदी, बृज किशोर सिंह, उमेश नाथ चौबे, रणजीत कुमार गुप्ता, प्रशांत कुमार, राहुल रंजन, हरेन्द्र कुमार राय, आशीष रंजन, शुभम सोनी, दिवाकर राज, राहुल कुमार, अजय रविदास, नीलांजन दास ने कार्यक्रम में अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। मंच संचालन जानकी नाथ मिश्र, कनिष्ठ सांख्यकी अधिकारी द्वारा किया गया एवं उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ सांख्यकीय अधिकारी श्री नितिन मिलन के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय के सभी सदस्यों सहित आदेशपाल रविशंकर की भी अहम भूमिका रही।

सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ,प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी*
सुल्तानपुर,शासन की मंशा के अनुरूप जिलाधिकारी कुमार हर्ष के निर्देश पर जनपद सुल्तानपुर में सड़क सुरक्षा माह (1 जनवरी से 31 जनवरी) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं आरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला तथा पीटीओ शैलेंद्र तिवारी द्वारा 05 सड़क सुरक्षा प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान परिवहन विभाग द्वारा हेलमेट एवं सीटबेल्ट के उपयोग को लेकर जागरूकता संदेश वाले स्टीकर वाहनों पर लगाए गए। साथ ही उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर परिवहन विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य स्टेकहोल्डर्स विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है तथा प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति सजग रहना चाहिए।
कनाडा के वैंकूवर में एयर इंडिया का पायलट गिरफ्तार, प्लेन उड़ाने से पहले पी थी शराब

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कनाडा के वैंकूवर एयरपोर्ट पर एअर इंडिया के एक पायलट को नशे की हालत में हिरासत में लिया गया। 23 दिसंबर, 2025 को वैंकूवर-दिल्ली (वियना होते हुए) उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के एक पायलट को जश्न मनाना भारी पड़ गया। पायलट को मुंह से शराब की गंध आने के बाद हिरासत में लिया गया। 

उड़ान से पहले ही उतार दिया गया

23 दिसंबर 2025 को वैंकूवर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान कनाडाई अधिकारियों को कॉकपिट क्रू के एक सदस्य की ड्यूटी फिटनेस को लेकर संदेह हुआ। अधिकारियों का कहना है कि पायलट से शराब जैसी गंध महसूस हुई, जिसके बाद नियमों के तहत उसे उड़ान से पहले ही उतार दिया गया और आगे की पूछताछ के लिए ले जाया गया।

एअर इंडिया ने अपनाया कड़ा रुख

इस मामले में एअर इंडिया ने कड़ा रुख अपनाया है। पायलट को कुछ दिनों बाद दिल्ली लाया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। एयर इंडिया ने दोहराया कि कंपनी नियमों के उल्लंघन पर जीरो टोलरेंस की नीति पर चलता है और जांच में यदि किसी भी तरह के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो कंपनी नियम के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डीजीसीए कर रहा जांच

इस मामले की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दी गई है, जो इसकी जांच कर रहा है। एअर इंडिया सूत्रों के मुताबिक वो इस मामले में कनाडाई अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक संबंधित पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।

स्नातक छात्रों के लिए सुनहरा मौका, 21 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी के लिए भर्ती
लखनऊ। स्नातक की पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर सामने आया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के केंद्रीय कैंपस प्लेसमेंट सेल ने बहुराष्ट्रीय कंपनी जेनपैक्ट में भर्ती के लिए विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के छात्रों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 200 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।इस अवसर के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिन्होंने स्नातक स्तर पर कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 21 हजार रुपये वेतन के साथ अतिरिक्त इंसेंटिव की सुविधा भी दी जाएगी।

इन कोर्स के छात्र कर सकते हैं आवेदन

केंद्रीय प्लेसमेंट सेल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. हिमांशु पांडेय के अनुसार, कस्टमर सर्विस (वॉइस प्रोसेस – इंग्लिश) पद के लिए बीबीए, बीसीए, बीकॉम, बीएससी और बीए पाठ्यक्रमों के छात्र आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, पोस्टग्रेजुएट और लॉ के विद्यार्थी इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

गुरुग्राम होगा कार्यस्थल, पांच दिन का वर्किंग सिस्टम

चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग गुरुग्राम में होगी। उम्मीदवारों से उत्कृष्ट अंग्रेजी संप्रेषण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और रोटेशनल शिफ्ट में काम करने की तत्परता अपेक्षित है। कंपनी की कार्यप्रणाली के अनुसार सप्ताह में केवल पांच दिन कार्य करना होगा।

डेटा और एआई के क्षेत्र में अग्रणी है कंपनी

जेनपैक्ट एक वैश्विक प्रोफेशनल सर्विसेज और सॉल्यूशंस कंपनी है, जो डेटा, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखती है। कैंपस प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि चयन प्रक्रिया में पहले कम्युनिकेशन असेसमेंट टेस्ट और उसके बाद दो चरणों में इंटरव्यू लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि एआई और टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों का भविष्य उज्ज्वल है, ऐसे में छात्रों के लिए यह एक मजबूत करियर विकल्प साबित हो सकता है।

आवेदन की अंतिम तिथि

इच्छुक अभ्यर्थी 4 जनवरी सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन लिंक:https://forms.gle/FpFusophCaSvufwDA
झारखंड पुलिस प्रशासनिक फेरबदल: प्रमुख नियुक्तियां

महानिरीक्षक (IG) से अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पद पर प्रोन्नति

मनोज कौशिक (IPS, 2001): इन्हें आईजी रांची से प्रमोट कर अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) बनाया गया है। वे आईजी रांची का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।

महानिरीक्षक (IG) स्तर पर नई नियुक्तियां

अजय लिंडा (IPS, 2008): इन्हें पुलिस महानिरीक्षक (IG), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) बनाया गया है।

पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) स्तर पर पदस्थापन

अधिकारी का नाम बैच नया पदस्थापन (New Posting)

कौशल किशोर 2012 डीआईजी, पलामू

अंजनी कुमार झा 2012 डीआईजी, हजारीबाग

मो. अर्शी 2012 डीआईजी, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा, रांची

आनंद प्रकाश 2012 डीआईजी, बोकारो

नौशाद आलम अंसारी 2010 डीआईजी, विशेष शाखा (Special Branch), रांची

पुलिस अधीक्षक (SP) एवं अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापन

श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे (IPS, 2015): सिमडेगा जिले के नए पुलिस अधीक्षक (SP) बनाए गए हैं।

कैलाश करमाली (IPS, 2017): समादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी, रांची।

निखिल राय एवं श्रुति (IPS, 2023): सहायक पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची।

अविनाश कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-07, हजारीबाग।

दीपक कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-05, देवघर।

मजरूल होदा: उप-निदेशक, झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग।

राजेश कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-06, जमशेदपुर।

रोशन गुड़िया: पुलिस अधीक्षक (SP), अपराध अनुसंधान विभाग (CID), रांची।

श्रीराम शमद: पुलिस अधीक्षक (SP), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची।

महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

प्रभावी तिथि: अधिकारियों की यह प्रोन्नति 1 जनवरी 2026 या उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।

वेटिंग फॉर पोस्टिंग: जिन अधिकारियों का नया पदस्थापन इस सूची में नहीं है और उनके स्थान पर नई नियुक्ति हो गई है, उन्हें पुलिस मुख्यालय, रांची में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है।

नए साल पर भी ठंड और कोहरे की मार, पहाड़ों में बर्फबारी, दिल्ली से यूपी-बिहार तक बेहाल

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नए साल के आगाज पर भी समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड से सिहर उठा है। मध्य से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक ठिठुरन रही। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानों में बेहद सर्द हवाएं चल रही हैं। ठंड के साथ घनघोर कोहरे ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं।

न्यूनतम तापमान में और होगी गिरावट

नए साल पर कड़ाके की सर्दी पड़ने वाली है। मौसम विभाग ने 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है, जिसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके चलते अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है। अधिकतम तापमान अगले चार दिनों तक सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे रहने की संभावना है और उसके बाद भी यह सामान्य से कम बना रह सकता है।

नए साल पर यहां बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक मुताबिक 1 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी संभव है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच कहीं-कहीं से लेकर कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

दिल्ली में छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन

दिल्ली में बुधवार छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.4 डिग्री नीचे) व अधिकतम 14.2 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 6.2 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 2020 के बाद से सबसे कम दैनिक तापमान है। इससे पूर्व 31 दिसंबर, 2019 को अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री रहा था। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 13.9 डिग्री व न्यूनतम 7.4 डिग्री, नोएडा में अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अभिनेता निर्देशक दीप श्रेष्ठ को भोजपुरी गौरव सम्मान बंगाल में
देवघर: भोजपुरी अभिनेता एवं निर्देशक दीप श्रेष्ठ को भोजपुरी साहित्य विकास मंच एवं भारतीय भाषा शोध संस्थान ( बंगाल ) के मंच पर भोजपुरी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया ।बंगाल मे भी भोजपुरी भाषी लोग बहुत ज़्यादा हैं ।भोजपुरी साहित्य विकास मच एवं भारतीय भाषा शोध संस्थान पश्चिम बंगाल ( कलकत्ता ) ने अपना 12 वॉ एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम मनाया रवींद्र भवन रिसड़ा मे ।इस एक दिवसीय कार्यक्रम में कई भोजपुरी साहित्यकार, भोजपुरी गीतकार, कवि , गायक सम्मलित हुए और भोजपुरी को आठवीं अनुसूची मे शामिल करने के लिये सरकार से बातचीत कर सांसदों पर ज़ोर लगाने की बात पर सहमति बनी। कई जाने माने भोजपुरी साहित्यकारो , कवियों, लेखकों, पत्रकारों, गायकों को सम्मानित किया गया । सभी ने अपने अपने विचार रखे ।अभिनेता निर्देशक दीप श्रेष्ठ ने कहा भोजपुरी भाषा को सम्मान मिलेगा आठवीं अनुसूची में शामिल हो जाएगी तो भोजपुरी में सार्थक और समाजिक फिल्म बनेगी तब भोजपुरी भाषा की फिल्में राष्ट्रीय पुरस्कार में सम्मानित हो सकती हैं तब हम गर्व से कहब हमनी भोजपुरिया हई। यह जानकारी दीप श्रेष्ठ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
अभाविप के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ संतोष अंश बनें एबीवीपी राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का अग्रणी प्रेरक है- डॉ संतोष अंश*
सुलतानपुर,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 65वॉ प्रान्त अधिवेशब 28 से 31 दिसंबर को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में सम्पन्न हुआ। इस अधिवेशन में अंतराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी ओलंपियन विजेता योगेश्वर दत्त, राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय सेवा प्रमुख युद्धवीर, प्रान्त प्रचारक रमेश ,प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष, युवा खेल राज्य मंत्री( स्वतंत्र प्रभार ) गिरीश चंद्र यादव, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो राजशरण शाही, कुलपति प्रो वंदना सिंह, के साथ 810 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। इस प्रान्त अधिवेशन में राणा प्रताप पी जी कॉलेज के डॉ संतोष कुमार सिंह अंश का पुनः प्रान्त उपाध्यक्ष के रूप में चयन हुआ। प्रान्त अध्यक्ष और मंत्री ने कहा कि अंश जी के चयन से एबीबीपी के विद्यार्थी , समाज और राष्ट्र उन्नयन कार्य में गति मिलेगी। डॉ संतोष अंश ने बताया कि विद्यार्थी परिषद की स्थापना 1949 में राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुई। वर्षों से यह संगठन अपने मूल विचार "छात्र शक्ति – राष्ट्र शक्ति" को धारण करते हुए कार्य करता आया है। परंतु समय के परिवर्तन के साथ आवश्यकताएँ भी बदलती हैं, इसी कारण एबीवीपी ने नवीन उद्देश्यों और नई कार्यधारा के साथ आगे बढ़ते हुए छात्रों व समाज के लिए नए आयाम स्थापित किए हैं। आज विद्यार्थी परिषद केवल छात्र हितों तक सीमित संगठन नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का अग्रणी प्रेरक है। एबीवीपी का उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। हमारा संकल्प है कि हर छात्र जागरूक हो, राष्ट्र के विकास में योगदान दे और विश्व मंच पर भारत की युवा शक्ति का परचम लहराए। हम केवल दर्शक नहीं, परिवर्तन के सहभागी बनें। युवा शक्ति जागेगी तो राष्ट्र प्रगति करेगा। डॉ सिंह के चयन पर कार्यकर्ताओं ने बधाई देकर प्रसन्नता ज़ाहिर की।
Giridih: तिसरी के प्रदीप का SSC CGL में चयन के बाद ASO की पद पर हुई नियुक्ति, परिजनों में हर्ष का माहौल

गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड के जमुनियाटांड़ निवासी सुधीर बरनवाल के पुत्र प्रदीप कुमार का SSC CGL परीक्षा में चयन के बाद झारखंड सरकार कार्मिक प्रशासनिक सुधार कार्यालय में सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। इसे लेकर उनके परिजन एवं समाज के लोगों में काफी हर्ष का माहौल है। परिजनों एवं सामाजिक लोगों ने बधाईयां देते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना किए हैं। वहीं मौके पर उपस्थित भाई संदीप कुमार, टुनटुन कुमार , दीपक कुमार, मामा शैलेन्द्र बरनवाल सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मिठाई खिला कर उन्हें बधाईयां दिए। प्रदीप कुमार ने कहा कि कड़ी मेहनत करने पर उन्होंने यह मुकाम पाया है। साथ ही उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय ईश्वर एवं अपने माता और पिता काको दिया है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में काफी परेशानी का सामना किए और सभी परेशानी को झेलते हुए यहां तक पहुंचे। इससे पहले उन्होंने दरोगा की तैयारी किए किन्तु कामयाबी नहीं मिली। जिसके बाद वह अपनी असफलता को दरकिनार करते हुए और भी कड़ी मेहनत किए और आज झारखंड सरकार कार्मिक प्रशासनिक कार्यालय ASO के पद में नियुक्त हुए।
CHC हॉस्पिटल की NOC रद्द, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का सीधा आरोप – “विकास रोकना ही इनका एजेंडा”
संजीव सिंह बलिया।रसड़ा विधानसभा में बनने वाला CHC हॉस्पिटल अब खुलने से पहले ही राजनीतिक साज़िश की भेंट चढ़ गया। अस्पताल को मिली NOC को निरस्त किए जाने के बाद बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बलिया के कुछ माननीय नेता विकास नहीं, बल्कि विकास रोकने की राजनीति करते हैं। विधायक उमाशंकर सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा— “खुद कुछ करना नहीं है, लेकिन जो कर रहा है उसका पैर खींचना ज़रूरी समझते हैं। रसड़ा की जनता के साथ खुला अन्याय हुआ है।” राजनीतिक दबाव में रोकी गई स्वास्थ्य सुविधा विधायक का आरोप है कि CHC हॉस्पिटल की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद राजनीतिक दबाव बनाकर NOC रद्द कराई गई, जिससे हजारों लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा पर ताला लग गया। यह सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि रसड़ा की जनता के हक़ पर सीधा हमला बताया जा रहा है। जनता को इलाज नहीं, राजनीति चाहिए? रसड़ा क्षेत्र पहले ही स्वास्थ्य संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में CHC हॉस्पिटल की योजना रुकना यह सवाल खड़ा करता है कि