बोधगया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर प्रेस वार्ता किया, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर दी प्रतिक्रिया

कहा - मृतक छात्रा नीट से जुड़े मामले में पप्पू यादव की नहीं हुई गिरफ्तारी नहीं

गया: गया जी शहर के बोधगया में केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के आम बजट की सराहना करते हुए इसे देश के गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के हित में बताया। प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाया।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में विकास के कई नए आयाम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि आम बजट में किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर सरकार का फोकस साफ नजर आता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

प्रेस वार्ता के दौरान जीतन राम मांझी ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है और इसमें किसी तरह की राजनीतिक दुर्भावना नहीं है। उन्होंने बताया कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी नीट की मृतक छात्रा से जुड़े मामले में नहीं हुई है, बल्कि यह उनके एक पुराने केस से संबंधित है। मांझी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और न्यायिक प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों को जाने ही सरकार पर आरोप लगाने का काम कर रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रेस वार्ता के अंत में जीतन राम मांझी ने कहा कि केंद्र सरकार देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

बरवां रत्ती पट्टी की बेटी डॉ. नेहा सिंह का UPSC में चयन, असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) बनीं
संजीव सिंह बलिया!बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के बरवां रत्ती पट्टी गांव की बेटी डॉ. नेहा सिंह का संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) पद पर चयन हो गया है। इस उपलब्धि से गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। जगमोहन सिंह की पुत्री डॉ. नेहा की सफलता पर परिवार, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में गर्व का माहौल है।डॉ. नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय बरवां रत्ती पट्टी से तथा माध्यमिक शिक्षा बाबा गोरखनाथ इंटर कॉलेज, भीमपुरा नंबर-1 से प्राप्त की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से हिंदी विषय में उच्च शिक्षा हासिल कर उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पांच बहनों और एक भाई में सबसे छोटी डॉ. नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "शिक्षा ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।" बेटियों को संदेश देते हुए डॉ. नेहा बोलीं, "लड़कियों का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। एक लड़की की सफलता न केवल एक परिवार, बल्कि दो परिवारों और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार देती है।"
आयोजित 2026 अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता चंडीगढ़ पंजाब में डॉ.अब्दुल हमीद प्रतिभाग करेंगे*
सुल्तानपुर सिविल लाइन निवासी जिला ओलंपिक संघ के प्रवक्ता अब्दुल हमीद का चयन खेल निदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम में किया गया है। उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम टीम मैनेजर सुनील कुमार और टीम कोच रवि राठी के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। यह प्रतियोगिता कबड्डी स्पोर्ट कंपलेक्स सेक्टर 42 चंडीगढ़ पंजाब में दिनांक 9 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 26 तक आयोजित है। इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के सभी प्रदेश प्रतिभाग कर रहे हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद इसके पूर्व चंद्रशेखर नायर स्टेडियम त्रिवेंद्रम केरल मे 2013 में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता प्रतियोगिता, 2014 में सवाई मानसिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जयपुर राजस्थान अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, 2017 में तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल मध्य प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता और 2024 में त्यागराज स्टेडियम नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद वर्तमान समय में राजकीय इंटर कॉलेज टीकर माफीअमेठी में प्रवक्ता तर्कशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। कबड्डी और वॉलीबॉल के खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और सामाजिक सद्भावना के प्रतीक माने जाते हैं। राष्ट्रीय उद्घोषक के रूप में सामाजिक खेलकूद एवं शासकीय मंचों के कार्यक्रम का सफल संचालन भी करते हैं। गोमती मित्र मंडल और जिला सुरक्षा संगठन के सदस्य के रूप में सामाजिक सद्भावना के कार्य में भी आपका सराहनीय योगदान रहा है। डॉक्टर अब्दुल हमीद के उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम में चयन पर पूर्व खेल मंत्री और ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ओ पी सिंह पूर्व राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं सचिव ओलंपिक संघ पंकज दुबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिंह, जिला कीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, खेल शिक्षक राजेश कन्नौजिया, राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी सरिता सिंह विभिन्न खेल संघ के सचिव मोहम्मद सईद,राम लखन यादव एम एस बेग, रामकुमार मिश्र सर्वेश सिंह, नवनीत वीर कुमार, हैंडबॉल कोच प्रवीण मिश्रा, वॉलीबॉल प्रशिक्षक प्रदीप यादव आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
उप्र : राज भवन में प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन, पुष्प आकृतियाँ और सेना की तकनीक बनी आकर्षण
लखनऊ। राजभवन परिसर में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो 9 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में जैविक उत्पादों, प्राकृतिक फूलों से बनी कलात्मक आकृतियों और बागवानी के आधुनिक तरीकों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।

प्रदर्शनी में बच्चों, महिलाओं और मालियों द्वारा की गई रचनात्मक सजावट के साथ-साथ भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है। ‘वंदे मातरम्’, ऑपरेशन सिंदूर, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत और भारत के संविधान की प्रतिकृति जैसी पुष्प आकृतियाँ प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।

आगंतुकों के लिए चिकित्सा शिविर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं विशेषज्ञों द्वारा पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

प्रदर्शनी में विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजी और पेटूनिया, गेंदा, गुलाब, डहेलिया जैसे मौसमी फूलों के साथ-साथ बोनसाई भी प्रदर्शित किए गए हैं। फूड जोन, मुफ्त पेयजल व्यवस्था, पंचतंत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका और मियावाकी वन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

छोटे लॉन क्षेत्र में कृषि नवाचार, जैविक उत्पाद, एआई और रोबोटिक तकनीक से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा ड्रोन, रोबोटिक्स और ब्रह्मोस मिसाइल सहित आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला
*लाठी डंडों व हाकी से पीटा,मेडिकल कॉलेज में भर्ती

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोकुला गांव में देर रात एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते भीम यादव पर  लोगों ने हमला कर दिया।लोगों की मानें तो भीम यादव मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था कि तभी रास्ते में गौरव नामक व्यक्ति ने उसे रोककर गाली गलौज करने लगा, जिसका विरोध करने पर गौरव ने अपने साथियों के साथ लाठी डंडों और हाकी से हमला बोल दिया।जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया।सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के अनुसार,परिजन घायल भीम यादव को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय सीधे नवाबगंज थाने ले गये,जहाँ उन्होंने पुलिसकर्मियों को घायल भीम यादव की स्थिति दिखाई और गौरव के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराया।तत्पश्चात इलाज के लिए भीम यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज पहुंचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया।पुलिस ने भीम यादव के परिजनों की तहरीर पर आरोपी गौरव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है तथा घायल भीम यादव का जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।नवाबगंज थाने के अपराध निरीक्षक विश्वास चतुर्वेदी ने बताया कि भीम यादव देर रात एक मांगलिक कार्यक्रम में जा रहा था,जब गौरव ने उसे रास्ते में रोककर गाली गलौज और मारपीट किया।घटना को अंजाम देने के बाद से आरोपी गौरव फरार है और पुलिस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
हरदोई : तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, भाई-बहन समेत तीन की मौके पर मौत
हरदोई। जिले के सुरसा थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा ढोलिया चौराहा के पास उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

पुलिस के अनुसार, फतियापुर निवासी आदर्श अवस्थी (20) अपनी बहन मधु अवस्थी (23) और बावन चुंगी (हरदोई) निवासी कामिनी पाण्डेय के साथ मोटरसाइकिल से हरदोई की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे सुरसा क्षेत्र के फार्म पुरवा के पास ढोलिया चौराहा पहुंचे, तभी हरदोई की ओर से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
हनुमान जी शक्ति, भक्ति, निस्वार्थ सेवा और साहस के सर्वोच्च प्रतीक : बालकृष्णाचार्य महाराज

भायंदर। हनुमान जी शक्ति, असीम भक्ति, निस्वार्थ सेवा और साहस के सर्वोच्च प्रतीक हैं। वे भगवान राम के परम भक्त हैं, जिन्हें "संकटमोचन" कहा जाता है क्योंकि वे भक्तों के दुखों और बुराइयों का नाश करते हैं। हनुमान जी का महत्व बल, बुद्धि, विद्या और विनम्रता के आदर्श रूप में है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रहने की प्रेरणा देते हैं। मोदी परिवार द्वारा बालाजी गौशाला भायंदर पश्चिम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के व्यास पीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक बालकृष्णाचार्य महाराज नए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि हनुमान जी की उपासना करने वाला व्यक्ति हमेशा सुखी समृद्ध और बलशाली होता है।  मानकचंद मोदी तथा उनके परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में हजारों लोग शामिल हुए। मुख्य यजमान के रूप में ज्योति मानकचन्द मोदी तथा अंजू सुरेश कुमार मोदी ने लोक कल्याण की भावना के साथ पूजा अर्चना की। 2 फरवरी से आरंभ कथा का समापन 8 फरवरी को भंडारा के साथ संपन्न हुआ।
रूस में भारतीय छात्रों पर हमला, कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर हुई चाकूबाजी

#russiaufaknifeattackonindianmedical_students

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रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस हमले में 4 भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने शनिवार की रात इस घटना की पुष्टि की है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को लेकर कहा कि बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में आरोपी ने हॉस्टल में घुसकर कई छात्रों पर अचानक हमला किया। इस दौरान उसने कई छात्रों को निशाना बनाया और खुद को भी नुकसान पहुंचाया।

हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल

रूसी सरकार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जब रूसी पुलिस पहुंची तो आरोपी ने पुलिस अधिकारियों पर भी हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक ही हालत नाजुक है। पुलिस ने कहा कि हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

हमलावर ने नाजी स्वास्तिक का निशान बनाया

एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रावास की दीवार पर नाजी स्वास्तिक का निशान बना मिला, जो कथित तौर पर एक पीड़ित के खून से बनाया गया था। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस का विरोध किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि रूसी अधिकारियों ने अभी तक हमले के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हमले के दौरान आरोपी ने होलोकॉस्ट से जुड़े राष्ट्रवादी नारे लगाए।

AIMSA ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

भारतीय छात्रों पर हुए हिंसक हमले के मामले में अखिल भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने पीएम मोदी को लेटर लिख गहरी चिंता जताई है। संगठन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने और विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है।

विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल

AIMSA द्वारा लिखे गए लेटर में कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल पैदा करती हैं। डॉक्टरों के इस संगठन ने मांग की है कि भारतीय छात्रों के लिए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की जाए और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में उन्हें तुरंत मदद मिल सके।

बोधगया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर प्रेस वार्ता किया, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर दी प्रतिक्रिया

कहा - मृतक छात्रा नीट से जुड़े मामले में पप्पू यादव की नहीं हुई गिरफ्तारी नहीं

गया: गया जी शहर के बोधगया में केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के आम बजट की सराहना करते हुए इसे देश के गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के हित में बताया। प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाया।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में विकास के कई नए आयाम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि आम बजट में किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर सरकार का फोकस साफ नजर आता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

प्रेस वार्ता के दौरान जीतन राम मांझी ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है और इसमें किसी तरह की राजनीतिक दुर्भावना नहीं है। उन्होंने बताया कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी नीट की मृतक छात्रा से जुड़े मामले में नहीं हुई है, बल्कि यह उनके एक पुराने केस से संबंधित है। मांझी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और न्यायिक प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों को जाने ही सरकार पर आरोप लगाने का काम कर रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रेस वार्ता के अंत में जीतन राम मांझी ने कहा कि केंद्र सरकार देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

बरवां रत्ती पट्टी की बेटी डॉ. नेहा सिंह का UPSC में चयन, असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) बनीं
संजीव सिंह बलिया!बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के बरवां रत्ती पट्टी गांव की बेटी डॉ. नेहा सिंह का संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) पद पर चयन हो गया है। इस उपलब्धि से गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। जगमोहन सिंह की पुत्री डॉ. नेहा की सफलता पर परिवार, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में गर्व का माहौल है।डॉ. नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय बरवां रत्ती पट्टी से तथा माध्यमिक शिक्षा बाबा गोरखनाथ इंटर कॉलेज, भीमपुरा नंबर-1 से प्राप्त की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से हिंदी विषय में उच्च शिक्षा हासिल कर उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पांच बहनों और एक भाई में सबसे छोटी डॉ. नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "शिक्षा ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।" बेटियों को संदेश देते हुए डॉ. नेहा बोलीं, "लड़कियों का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। एक लड़की की सफलता न केवल एक परिवार, बल्कि दो परिवारों और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार देती है।"
आयोजित 2026 अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता चंडीगढ़ पंजाब में डॉ.अब्दुल हमीद प्रतिभाग करेंगे*
सुल्तानपुर सिविल लाइन निवासी जिला ओलंपिक संघ के प्रवक्ता अब्दुल हमीद का चयन खेल निदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम में किया गया है। उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम टीम मैनेजर सुनील कुमार और टीम कोच रवि राठी के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। यह प्रतियोगिता कबड्डी स्पोर्ट कंपलेक्स सेक्टर 42 चंडीगढ़ पंजाब में दिनांक 9 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 26 तक आयोजित है। इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के सभी प्रदेश प्रतिभाग कर रहे हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद इसके पूर्व चंद्रशेखर नायर स्टेडियम त्रिवेंद्रम केरल मे 2013 में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता प्रतियोगिता, 2014 में सवाई मानसिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जयपुर राजस्थान अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, 2017 में तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल मध्य प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता और 2024 में त्यागराज स्टेडियम नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद वर्तमान समय में राजकीय इंटर कॉलेज टीकर माफीअमेठी में प्रवक्ता तर्कशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। कबड्डी और वॉलीबॉल के खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और सामाजिक सद्भावना के प्रतीक माने जाते हैं। राष्ट्रीय उद्घोषक के रूप में सामाजिक खेलकूद एवं शासकीय मंचों के कार्यक्रम का सफल संचालन भी करते हैं। गोमती मित्र मंडल और जिला सुरक्षा संगठन के सदस्य के रूप में सामाजिक सद्भावना के कार्य में भी आपका सराहनीय योगदान रहा है। डॉक्टर अब्दुल हमीद के उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम में चयन पर पूर्व खेल मंत्री और ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ओ पी सिंह पूर्व राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं सचिव ओलंपिक संघ पंकज दुबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिंह, जिला कीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, खेल शिक्षक राजेश कन्नौजिया, राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी सरिता सिंह विभिन्न खेल संघ के सचिव मोहम्मद सईद,राम लखन यादव एम एस बेग, रामकुमार मिश्र सर्वेश सिंह, नवनीत वीर कुमार, हैंडबॉल कोच प्रवीण मिश्रा, वॉलीबॉल प्रशिक्षक प्रदीप यादव आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
उप्र : राज भवन में प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन, पुष्प आकृतियाँ और सेना की तकनीक बनी आकर्षण
लखनऊ। राजभवन परिसर में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो 9 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में जैविक उत्पादों, प्राकृतिक फूलों से बनी कलात्मक आकृतियों और बागवानी के आधुनिक तरीकों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।

प्रदर्शनी में बच्चों, महिलाओं और मालियों द्वारा की गई रचनात्मक सजावट के साथ-साथ भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है। ‘वंदे मातरम्’, ऑपरेशन सिंदूर, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत और भारत के संविधान की प्रतिकृति जैसी पुष्प आकृतियाँ प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।

आगंतुकों के लिए चिकित्सा शिविर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं विशेषज्ञों द्वारा पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

प्रदर्शनी में विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजी और पेटूनिया, गेंदा, गुलाब, डहेलिया जैसे मौसमी फूलों के साथ-साथ बोनसाई भी प्रदर्शित किए गए हैं। फूड जोन, मुफ्त पेयजल व्यवस्था, पंचतंत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका और मियावाकी वन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

छोटे लॉन क्षेत्र में कृषि नवाचार, जैविक उत्पाद, एआई और रोबोटिक तकनीक से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा ड्रोन, रोबोटिक्स और ब्रह्मोस मिसाइल सहित आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला
*लाठी डंडों व हाकी से पीटा,मेडिकल कॉलेज में भर्ती

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोकुला गांव में देर रात एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते भीम यादव पर  लोगों ने हमला कर दिया।लोगों की मानें तो भीम यादव मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था कि तभी रास्ते में गौरव नामक व्यक्ति ने उसे रोककर गाली गलौज करने लगा, जिसका विरोध करने पर गौरव ने अपने साथियों के साथ लाठी डंडों और हाकी से हमला बोल दिया।जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया।सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के अनुसार,परिजन घायल भीम यादव को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय सीधे नवाबगंज थाने ले गये,जहाँ उन्होंने पुलिसकर्मियों को घायल भीम यादव की स्थिति दिखाई और गौरव के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराया।तत्पश्चात इलाज के लिए भीम यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज पहुंचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया।पुलिस ने भीम यादव के परिजनों की तहरीर पर आरोपी गौरव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है तथा घायल भीम यादव का जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।नवाबगंज थाने के अपराध निरीक्षक विश्वास चतुर्वेदी ने बताया कि भीम यादव देर रात एक मांगलिक कार्यक्रम में जा रहा था,जब गौरव ने उसे रास्ते में रोककर गाली गलौज और मारपीट किया।घटना को अंजाम देने के बाद से आरोपी गौरव फरार है और पुलिस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
हरदोई : तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, भाई-बहन समेत तीन की मौके पर मौत
हरदोई। जिले के सुरसा थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा ढोलिया चौराहा के पास उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

पुलिस के अनुसार, फतियापुर निवासी आदर्श अवस्थी (20) अपनी बहन मधु अवस्थी (23) और बावन चुंगी (हरदोई) निवासी कामिनी पाण्डेय के साथ मोटरसाइकिल से हरदोई की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे सुरसा क्षेत्र के फार्म पुरवा के पास ढोलिया चौराहा पहुंचे, तभी हरदोई की ओर से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
हनुमान जी शक्ति, भक्ति, निस्वार्थ सेवा और साहस के सर्वोच्च प्रतीक : बालकृष्णाचार्य महाराज

भायंदर। हनुमान जी शक्ति, असीम भक्ति, निस्वार्थ सेवा और साहस के सर्वोच्च प्रतीक हैं। वे भगवान राम के परम भक्त हैं, जिन्हें "संकटमोचन" कहा जाता है क्योंकि वे भक्तों के दुखों और बुराइयों का नाश करते हैं। हनुमान जी का महत्व बल, बुद्धि, विद्या और विनम्रता के आदर्श रूप में है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रहने की प्रेरणा देते हैं। मोदी परिवार द्वारा बालाजी गौशाला भायंदर पश्चिम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के व्यास पीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक बालकृष्णाचार्य महाराज नए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि हनुमान जी की उपासना करने वाला व्यक्ति हमेशा सुखी समृद्ध और बलशाली होता है।  मानकचंद मोदी तथा उनके परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में हजारों लोग शामिल हुए। मुख्य यजमान के रूप में ज्योति मानकचन्द मोदी तथा अंजू सुरेश कुमार मोदी ने लोक कल्याण की भावना के साथ पूजा अर्चना की। 2 फरवरी से आरंभ कथा का समापन 8 फरवरी को भंडारा के साथ संपन्न हुआ।
रूस में भारतीय छात्रों पर हमला, कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर हुई चाकूबाजी

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रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस हमले में 4 भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने शनिवार की रात इस घटना की पुष्टि की है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को लेकर कहा कि बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में आरोपी ने हॉस्टल में घुसकर कई छात्रों पर अचानक हमला किया। इस दौरान उसने कई छात्रों को निशाना बनाया और खुद को भी नुकसान पहुंचाया।

हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल

रूसी सरकार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जब रूसी पुलिस पहुंची तो आरोपी ने पुलिस अधिकारियों पर भी हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक ही हालत नाजुक है। पुलिस ने कहा कि हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

हमलावर ने नाजी स्वास्तिक का निशान बनाया

एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रावास की दीवार पर नाजी स्वास्तिक का निशान बना मिला, जो कथित तौर पर एक पीड़ित के खून से बनाया गया था। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस का विरोध किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि रूसी अधिकारियों ने अभी तक हमले के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हमले के दौरान आरोपी ने होलोकॉस्ट से जुड़े राष्ट्रवादी नारे लगाए।

AIMSA ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

भारतीय छात्रों पर हुए हिंसक हमले के मामले में अखिल भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने पीएम मोदी को लेटर लिख गहरी चिंता जताई है। संगठन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने और विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है।

विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल

AIMSA द्वारा लिखे गए लेटर में कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल पैदा करती हैं। डॉक्टरों के इस संगठन ने मांग की है कि भारतीय छात्रों के लिए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की जाए और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में उन्हें तुरंत मदद मिल सके।