भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़: पिता का निधन
लखनऊ । भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। उनके पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद देर रात ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। खानचंद सिंह स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और करीब तीन दिन से अस्पताल में भर्ती थे।

रिंकू के लिए मुश्किल घड़ी

पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने पहुंचे थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वह टीम के साथ दोबारा जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू तुरंत वापस लौट रहे हैं। अब तक यह साफ नहीं है कि वह टूर्नामेंट में आगे टीम इंडिया का हिस्सा बनेंगे या नहीं।

पिता की मेहनत और योगदान

खानचंद सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटे रिंकू के क्रिकेट सपने को पूरा करने में पूरा सहयोग किया। रिंकू ने भी शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

प्रेरणादायक क्रिकेट करियर

रिंकू सिंह ने भारतीय क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों के लिए जाने जाने वाले रिंकू के क्रिकेट करियर में उनके पिता की प्रेरणा और समर्थन हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा।
अकबाल बहादुर तिवारी को एक बार फिर मिली जिले में भाजपा की कमान
*पहले भी दो बार रह चुके हैं जिलाध्यक्ष

गोंडा।जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता अकबाल बहादुर तिवारी को तीसरी बार जिले में भाजपा की कमान सौंपी गई है।जिले के बेलसर विकास खंड अंतर्गत परसदा गांव निवासी श्री तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने श्री तिवारी को गोंडा भाजपा का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है।बताते चलें कि अकबाल बहादुर तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पुराने पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैं।वे पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक पार्टी का जिलाध्यक्ष रहे और वर्ष 2013 से 2015 तक दूसरी बार भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभाला।वह बेलसर ब्लॉक से भाजपा के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं।वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छ: वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।उन पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने का आरोप था।हालांकि निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया और उन्हें पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया था।जिले में भाजपा संगठन पिछले आठ महीने से भी अधिक समय से अध्यक्ष विहीन चल रहा था,जिसके कारण संगठनात्मक कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही थीं।तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप बमबम को जिलाध्यक्ष पद से बर्खास्त करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।जिसके लगभग 8 महीने 15 दिन बाद अब गोंडा भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिला है।अकबाल बहादुर तिवारी की नियुक्ति से पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी ने पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी ने हमें एक बार पुनः काम करने का मौका दिया है और पार्टी नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी उनका निर्वहन किया जाएगा तथा पंचायत चुनाव को लेकर हम लोग अभी से तैयारी प्रारंभ देंगे क्योंकि अब पंचायत चुनाव को अधिक समय नहीं है।
भोर का सन्नाटा टूटा: कानपुर-सागर हाईवे पर सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौत, दो परिवारों के बच्चे अनाथ
लखनऊ /महोबा। भोर के तीन बजे कानपुर-सागर हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने इलाके को हिलाकर रख दिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि सड़क पर धूल का गुबार उठ गया और जैसे ही धूल छटी, खून से लथपथ तीन महिलाएं बिखरी पड़ी मिलीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद जोरदार आवाज सुनाई दी और मौके पर पहुंचने पर एक महिला कराहते हुए कह रही थी, “हम तो मर गए।” इस मंजर ने राहगीरों का कलेजा भी कांपने पर मजबूर कर दिया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुँची, तो चैन की नींद सो रहे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया। जो महिलाएं परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत कर रही थीं, उनका अब इस दुनिया में होना संभव नहीं रहा।

दो परिवारों की खुशियां अब दुख में बदल गईं

हादसे में जान गंवाने वाली भगवती और गीता पहले ही अपने पतियों को खो चुकी थीं। भगवती के पति फूलचंद्र और गीता के पति बालकिशन की मौत सड़क दुर्घटना में पहले ही हो चुकी थी।दोनों महिलाएं वैवाहिक समारोहों में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। अब उनके बच्चों के सामने मां का सहारा भी उठ गया।
भगवती के दो बेटे: रविंद्र और रवि
गीता की दो बेटियां और एक बेटा: बंटी
पिता के जाने के बाद मां का अचानक चले जाना बच्चों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। बच्चे अब पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं और रिश्तेदार, पड़ोसी उनकी चिंता में डूबे हुए हैं।

हादसे का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद सड़क पर टमाटर भी बिखरे मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पिकअप टमाटर लदी हुई थी। पिकअप का बाईं ओर का हिस्सा दुर्घटना में टूटा हुआ पाया गया। पुलिस ने इसे जब्त कर चालक और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।हाईवे पर खून से लथपथ महिलाओं को देख राहगीरों की समझ नहीं आई कि कैसे मदद करें। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चीख-पुकार

हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चों और रिश्तेदारों की चीखें गूंज रही थीं। बच्चे अपने माताओं को देखकर पहली बार समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनकी मां अब उनके साथ नहीं हैं। उन्हें संभालने के लिए परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे, लेकिन बच्चों की आंतरिक पीड़ा को कोई भी पूरी तरह से नहीं समझ सका।गीता के जेठ, अधिवक्ता बलदेव प्रसाद ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले उनके छोटे भाई बालकिशन की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। अब गीता भी उसी तरह सड़क हादसे का शिकार हो गईं।

दो परिवारों के बच्चों के भविष्य पर सवाल

हादसे ने केवल जीवन की क्षति नहीं दी, बल्कि दो परिवारों के बच्चों के भविष्य को भी अनिश्चित कर दिया। पिता के बाद मां का सहारा भी उठ जाने से बच्चों की दुनिया उजड़ गई है। हादसे में जीवन का स्थिर आधार खोने के बाद बच्चे अब अनाथ हो गए हैं और उनका पालन-पोषण किस तरह होगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को खारिज, जताई गिरफ्तारी और हत्या की आशंका

लखनऊ । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदार घाट, उत्तर प्रदेश स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया जो उनके खिलाफ लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल में जहर की सुई देकर मार सकती है।

अग्रिम जमानत पर फैसले की बात

लखनऊ/ वाराणसी शंकराचार्य ने बताया कि वे स्वयं अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन आश्रम से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। उन्होंने बताया, “एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति झूठी कहानी गढ़कर इसे लोगों के सामने रख देता है और इसी आधार पर पूरे मामले को आगे बढ़ाया जाता है।”

जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जांच टीम अपना काम कर रही है, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया, “यदि जांच टीम की रिपोर्ट एक हिस्ट्रीशीटर सार्वजनिक कर रहा है, तो पुलिस क्या कर रही है?” उन्होंने यह भी कहा कि कानूनन पॉक्सो एक्ट से जुड़ी रिपोर्ट सामान्यतः सार्वजनिक नहीं की जाती।

आश्रम की पारदर्शिता और सुरक्षा

मठ के ‘शीश महल’ और पांच मंजिला भवन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वस्तु छिपाई नहीं गई है। स्वामी के अनुसार, शीशा लगा होना बुराई नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आश्रम को ऊपर तक देखना चाहता है, तो बिना कैमरे के पूरा परिसर देखने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन छात्र और निवासियों की सुरक्षा के लिए कैमरे के साथ प्रवेश की अनुमति सीमित रखी गई है।

आरोपों को पीछे का ध्यान भटकाने वाला मामला बताया

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि देश के कानून, न्यायपालिका और सरकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल मामले में देश के कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं और उनकी बदनामी कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि आश्रम और उसके परिसर में कोई छिपा हुआ नहीं है और पूरी स्थिति पारदर्शिता और सुरक्षा के दायरे में रखी जा रही है।
रांची नगर पालिका चुनाव 2026 की मतगणना आज, सुबह 8 बजे से शुरू होगी काउंटिंग।

रांची: झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, रांची नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के लिए मतगणना आज, 27 फरवरी 2026 को सुबह 8:00 बजे से प्रारंभ होगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण

देर रात जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने मतगणना स्थलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न होनी चाहिए। इस दौरान उनके साथ उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मतगणना केंद्र के लिए कड़े नियम

प्रशासन ने मतगणना स्थल पर अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं:

अनिवार्य पहचान पत्र: उम्मीदवारों के एजेंटों को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी पास और अपना फोटो युक्त पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बैन: मतगणना केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतगणना और उसके बाद परिणामों की घोषणा के दौरान शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट की भारी तैनाती की गई है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन 24×7 नजर बनाए हुए है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके।

लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने पिता को मारी गोली, फिल्म देखकर किए शव के टुकड़े
लखनऊ । राजधानी के आशियाना इलाके में पैथोलॉजी संचालक व शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में उनके बेटे अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए फिल्म और यूट्यूब वीडियो से तरीका सीखा था।

फिल्म ‘वध’ से मिला आइडिया

सूत्रों के मुताबिक अक्षत ने वध फिल्म देखी थी, जिसमें आरी से शव काटकर ठिकाने लगाने का दृश्य था। इसी तरीके को अपनाने की उसने योजना बनाई। पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया, लेकिन उससे शव काटने में सफल नहीं हुआ। बाद में वह घर से निकलकर दो आरी खरीद लाया और शव के टुकड़े कर दिए।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने यूट्यूब पर भी शव को ठिकाने लगाने से जुड़े वीडियो देखे थे।

बहन से कहा – “तुम परेशान मत हो”

हत्या के बाद अक्षत ने अपनी छोटी बहन कृति से कहा कि वह घबराए नहीं, वह सब संभाल लेगा। सूत्रों के अनुसार कृति गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक तनाव और पिता के प्रति नफरत इस जघन्य अपराध की बड़ी वजह हो सकती है।पुलिस अब मानवेंद्र और अक्षत की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले और बाद में आरोपी ने किन लोगों से संपर्क किया। वारदात के समय घर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं इस अपराध में किसी और की भूमिका तो नहीं थी।

परिवार ने साधी चुप्पी,जेल में बेचैन रहा आरोपी

मानवेंद्र के पिता ने पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। वहीं, अक्षत की मां की मौत को लेकर परिजनों ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए बीमारी से निधन होना बताया है। कॉलोनी में अब भी सन्नाटा पसरा है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।गिरफ्तारी के बाद अक्षत को जेल भेज दिया गया। बुधवार रात वह सो नहीं सका और पूरी रात बड़बड़ाता रहा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं और काउंसिलिंग भी की जा रही है।जेल प्रशासन के अनुसार आरोपी ने बताया कि पहले उसके पिता ने उसे पीटा था, जिसके बाद उसने गुस्से में गोली मार दी। रातभर वह दीवार से टिककर बैठा रहा और कई बार रोते हुए पछतावा भी जताया।इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और मानसिक तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
रिंकू सिंह के पिता का निधन, स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे

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भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। खानचंद को लीवर कैंसर था और वह चौथे स्टेज में पहुंच चुका था। टी20 वर्ल्ड कप के बीच रिंकू सिंह के सिर से पिता का साया उठ गया।

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रिंकू सिंह के पिता ने आज सुबह अस्पताल में आखिरी सांस ली। रिंकू सिंह के पिता का नाम खानचंद्र सिंह था। उन्हें कैंसर की बीमारी थी। वह स्टेज 4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। हाल ही में उनकी तबीयत काफी खराब हो गई जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में उनका इलाजा चल रहा था।

पिता से मिलने गए थे रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले रिंकू सिंह ने ब्रेक लिया था। पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने आए थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले दोबारा टीम के साथ जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर के बाद वो तुरंत वापस लौटे हैं।

सिलिंडर वितरण कर बेटे का सपना पूरा किया

रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक गैस एजेंसी में काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में सहयोग किया। रिंकू की कामयाबी के बाद भी उन्होंने यह काम नहीं छोड़ा। रिंकू ने खुद शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

नगर निगम चुनाव 2026 : मतगणना की तैयारियां पूर्ण,कल होगी मतगणना

नगर निगम चुनाव 2026 के अंतर्गत कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में संचालित मतगणना केंद्र का उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री शशि प्रकाश सिंह ने निरीक्षण कर मतगणना की अंतिम तैयारियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश नियंत्रण, बैरिकेडिंग, मीडिया सेंटर,सीसीटीवी निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा मतगणना कर्मियों हेतु आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाए।

ज्ञात हो कि हजारीबाग नगर निगम के 36 वार्डों में संपन्न निर्वाचन के उपरांत 27 फरवरी को मतगणना निर्धारित है। इसके लिए सभी प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

उपायुक्त ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी तथा अधिकृत व्यक्तियों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। मीडिया कर्मी बाजार समिति परिसर में बने मीडिया सेंटर तक ही मोबाइल फोन ले जा सकेंगे। मौके पर उन्होंने मतगणना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से मतगणना के दिन विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

बहसूमा : घर में घुसकर मारपीट व अभद्रता का आरोप, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर
मेरठ।बहसुमा। जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र में एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना बहसूमा में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता  अनीता पत्नी बालकिशन, निवासी सदरपुर कस्बा बहसूमा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थी। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग पुरानी रंजिश के चलते उसके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपी जबरन घर में घुस आए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके परिवार के सदस्यों को भी धक्का-मुक्की कर घायल कर दिया तथा घर का सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लाठी डंडों से दरवाजा तोड़ दिया और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
महिला ने बताया कि घटना से उसका परिवार भयभीत है और आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने 112 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह  का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़: पिता का निधन
लखनऊ । भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। उनके पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद देर रात ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। खानचंद सिंह स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और करीब तीन दिन से अस्पताल में भर्ती थे।

रिंकू के लिए मुश्किल घड़ी

पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने पहुंचे थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वह टीम के साथ दोबारा जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू तुरंत वापस लौट रहे हैं। अब तक यह साफ नहीं है कि वह टूर्नामेंट में आगे टीम इंडिया का हिस्सा बनेंगे या नहीं।

पिता की मेहनत और योगदान

खानचंद सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटे रिंकू के क्रिकेट सपने को पूरा करने में पूरा सहयोग किया। रिंकू ने भी शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

प्रेरणादायक क्रिकेट करियर

रिंकू सिंह ने भारतीय क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों के लिए जाने जाने वाले रिंकू के क्रिकेट करियर में उनके पिता की प्रेरणा और समर्थन हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा।
अकबाल बहादुर तिवारी को एक बार फिर मिली जिले में भाजपा की कमान
*पहले भी दो बार रह चुके हैं जिलाध्यक्ष

गोंडा।जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता अकबाल बहादुर तिवारी को तीसरी बार जिले में भाजपा की कमान सौंपी गई है।जिले के बेलसर विकास खंड अंतर्गत परसदा गांव निवासी श्री तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने श्री तिवारी को गोंडा भाजपा का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है।बताते चलें कि अकबाल बहादुर तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पुराने पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैं।वे पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक पार्टी का जिलाध्यक्ष रहे और वर्ष 2013 से 2015 तक दूसरी बार भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभाला।वह बेलसर ब्लॉक से भाजपा के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं।वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छ: वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।उन पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने का आरोप था।हालांकि निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया और उन्हें पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया था।जिले में भाजपा संगठन पिछले आठ महीने से भी अधिक समय से अध्यक्ष विहीन चल रहा था,जिसके कारण संगठनात्मक कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही थीं।तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप बमबम को जिलाध्यक्ष पद से बर्खास्त करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।जिसके लगभग 8 महीने 15 दिन बाद अब गोंडा भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिला है।अकबाल बहादुर तिवारी की नियुक्ति से पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी ने पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी ने हमें एक बार पुनः काम करने का मौका दिया है और पार्टी नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी उनका निर्वहन किया जाएगा तथा पंचायत चुनाव को लेकर हम लोग अभी से तैयारी प्रारंभ देंगे क्योंकि अब पंचायत चुनाव को अधिक समय नहीं है।
भोर का सन्नाटा टूटा: कानपुर-सागर हाईवे पर सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौत, दो परिवारों के बच्चे अनाथ
लखनऊ /महोबा। भोर के तीन बजे कानपुर-सागर हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने इलाके को हिलाकर रख दिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि सड़क पर धूल का गुबार उठ गया और जैसे ही धूल छटी, खून से लथपथ तीन महिलाएं बिखरी पड़ी मिलीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद जोरदार आवाज सुनाई दी और मौके पर पहुंचने पर एक महिला कराहते हुए कह रही थी, “हम तो मर गए।” इस मंजर ने राहगीरों का कलेजा भी कांपने पर मजबूर कर दिया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुँची, तो चैन की नींद सो रहे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया। जो महिलाएं परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत कर रही थीं, उनका अब इस दुनिया में होना संभव नहीं रहा।

दो परिवारों की खुशियां अब दुख में बदल गईं

हादसे में जान गंवाने वाली भगवती और गीता पहले ही अपने पतियों को खो चुकी थीं। भगवती के पति फूलचंद्र और गीता के पति बालकिशन की मौत सड़क दुर्घटना में पहले ही हो चुकी थी।दोनों महिलाएं वैवाहिक समारोहों में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। अब उनके बच्चों के सामने मां का सहारा भी उठ गया।
भगवती के दो बेटे: रविंद्र और रवि
गीता की दो बेटियां और एक बेटा: बंटी
पिता के जाने के बाद मां का अचानक चले जाना बच्चों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। बच्चे अब पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं और रिश्तेदार, पड़ोसी उनकी चिंता में डूबे हुए हैं।

हादसे का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद सड़क पर टमाटर भी बिखरे मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पिकअप टमाटर लदी हुई थी। पिकअप का बाईं ओर का हिस्सा दुर्घटना में टूटा हुआ पाया गया। पुलिस ने इसे जब्त कर चालक और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।हाईवे पर खून से लथपथ महिलाओं को देख राहगीरों की समझ नहीं आई कि कैसे मदद करें। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चीख-पुकार

हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चों और रिश्तेदारों की चीखें गूंज रही थीं। बच्चे अपने माताओं को देखकर पहली बार समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनकी मां अब उनके साथ नहीं हैं। उन्हें संभालने के लिए परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे, लेकिन बच्चों की आंतरिक पीड़ा को कोई भी पूरी तरह से नहीं समझ सका।गीता के जेठ, अधिवक्ता बलदेव प्रसाद ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले उनके छोटे भाई बालकिशन की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। अब गीता भी उसी तरह सड़क हादसे का शिकार हो गईं।

दो परिवारों के बच्चों के भविष्य पर सवाल

हादसे ने केवल जीवन की क्षति नहीं दी, बल्कि दो परिवारों के बच्चों के भविष्य को भी अनिश्चित कर दिया। पिता के बाद मां का सहारा भी उठ जाने से बच्चों की दुनिया उजड़ गई है। हादसे में जीवन का स्थिर आधार खोने के बाद बच्चे अब अनाथ हो गए हैं और उनका पालन-पोषण किस तरह होगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को खारिज, जताई गिरफ्तारी और हत्या की आशंका

लखनऊ । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदार घाट, उत्तर प्रदेश स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया जो उनके खिलाफ लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल में जहर की सुई देकर मार सकती है।

अग्रिम जमानत पर फैसले की बात

लखनऊ/ वाराणसी शंकराचार्य ने बताया कि वे स्वयं अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन आश्रम से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। उन्होंने बताया, “एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति झूठी कहानी गढ़कर इसे लोगों के सामने रख देता है और इसी आधार पर पूरे मामले को आगे बढ़ाया जाता है।”

जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जांच टीम अपना काम कर रही है, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया, “यदि जांच टीम की रिपोर्ट एक हिस्ट्रीशीटर सार्वजनिक कर रहा है, तो पुलिस क्या कर रही है?” उन्होंने यह भी कहा कि कानूनन पॉक्सो एक्ट से जुड़ी रिपोर्ट सामान्यतः सार्वजनिक नहीं की जाती।

आश्रम की पारदर्शिता और सुरक्षा

मठ के ‘शीश महल’ और पांच मंजिला भवन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वस्तु छिपाई नहीं गई है। स्वामी के अनुसार, शीशा लगा होना बुराई नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आश्रम को ऊपर तक देखना चाहता है, तो बिना कैमरे के पूरा परिसर देखने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन छात्र और निवासियों की सुरक्षा के लिए कैमरे के साथ प्रवेश की अनुमति सीमित रखी गई है।

आरोपों को पीछे का ध्यान भटकाने वाला मामला बताया

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि देश के कानून, न्यायपालिका और सरकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल मामले में देश के कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं और उनकी बदनामी कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि आश्रम और उसके परिसर में कोई छिपा हुआ नहीं है और पूरी स्थिति पारदर्शिता और सुरक्षा के दायरे में रखी जा रही है।
रांची नगर पालिका चुनाव 2026 की मतगणना आज, सुबह 8 बजे से शुरू होगी काउंटिंग।

रांची: झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, रांची नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के लिए मतगणना आज, 27 फरवरी 2026 को सुबह 8:00 बजे से प्रारंभ होगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण

देर रात जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने मतगणना स्थलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न होनी चाहिए। इस दौरान उनके साथ उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मतगणना केंद्र के लिए कड़े नियम

प्रशासन ने मतगणना स्थल पर अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं:

अनिवार्य पहचान पत्र: उम्मीदवारों के एजेंटों को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी पास और अपना फोटो युक्त पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बैन: मतगणना केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतगणना और उसके बाद परिणामों की घोषणा के दौरान शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट की भारी तैनाती की गई है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन 24×7 नजर बनाए हुए है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके।

लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने पिता को मारी गोली, फिल्म देखकर किए शव के टुकड़े
लखनऊ । राजधानी के आशियाना इलाके में पैथोलॉजी संचालक व शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में उनके बेटे अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए फिल्म और यूट्यूब वीडियो से तरीका सीखा था।

फिल्म ‘वध’ से मिला आइडिया

सूत्रों के मुताबिक अक्षत ने वध फिल्म देखी थी, जिसमें आरी से शव काटकर ठिकाने लगाने का दृश्य था। इसी तरीके को अपनाने की उसने योजना बनाई। पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया, लेकिन उससे शव काटने में सफल नहीं हुआ। बाद में वह घर से निकलकर दो आरी खरीद लाया और शव के टुकड़े कर दिए।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने यूट्यूब पर भी शव को ठिकाने लगाने से जुड़े वीडियो देखे थे।

बहन से कहा – “तुम परेशान मत हो”

हत्या के बाद अक्षत ने अपनी छोटी बहन कृति से कहा कि वह घबराए नहीं, वह सब संभाल लेगा। सूत्रों के अनुसार कृति गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक तनाव और पिता के प्रति नफरत इस जघन्य अपराध की बड़ी वजह हो सकती है।पुलिस अब मानवेंद्र और अक्षत की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले और बाद में आरोपी ने किन लोगों से संपर्क किया। वारदात के समय घर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं इस अपराध में किसी और की भूमिका तो नहीं थी।

परिवार ने साधी चुप्पी,जेल में बेचैन रहा आरोपी

मानवेंद्र के पिता ने पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। वहीं, अक्षत की मां की मौत को लेकर परिजनों ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए बीमारी से निधन होना बताया है। कॉलोनी में अब भी सन्नाटा पसरा है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।गिरफ्तारी के बाद अक्षत को जेल भेज दिया गया। बुधवार रात वह सो नहीं सका और पूरी रात बड़बड़ाता रहा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं और काउंसिलिंग भी की जा रही है।जेल प्रशासन के अनुसार आरोपी ने बताया कि पहले उसके पिता ने उसे पीटा था, जिसके बाद उसने गुस्से में गोली मार दी। रातभर वह दीवार से टिककर बैठा रहा और कई बार रोते हुए पछतावा भी जताया।इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और मानसिक तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
रिंकू सिंह के पिता का निधन, स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे

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भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। खानचंद को लीवर कैंसर था और वह चौथे स्टेज में पहुंच चुका था। टी20 वर्ल्ड कप के बीच रिंकू सिंह के सिर से पिता का साया उठ गया।

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रिंकू सिंह के पिता ने आज सुबह अस्पताल में आखिरी सांस ली। रिंकू सिंह के पिता का नाम खानचंद्र सिंह था। उन्हें कैंसर की बीमारी थी। वह स्टेज 4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। हाल ही में उनकी तबीयत काफी खराब हो गई जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में उनका इलाजा चल रहा था।

पिता से मिलने गए थे रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले रिंकू सिंह ने ब्रेक लिया था। पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने आए थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले दोबारा टीम के साथ जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर के बाद वो तुरंत वापस लौटे हैं।

सिलिंडर वितरण कर बेटे का सपना पूरा किया

रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक गैस एजेंसी में काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में सहयोग किया। रिंकू की कामयाबी के बाद भी उन्होंने यह काम नहीं छोड़ा। रिंकू ने खुद शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

नगर निगम चुनाव 2026 : मतगणना की तैयारियां पूर्ण,कल होगी मतगणना

नगर निगम चुनाव 2026 के अंतर्गत कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में संचालित मतगणना केंद्र का उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री शशि प्रकाश सिंह ने निरीक्षण कर मतगणना की अंतिम तैयारियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश नियंत्रण, बैरिकेडिंग, मीडिया सेंटर,सीसीटीवी निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा मतगणना कर्मियों हेतु आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाए।

ज्ञात हो कि हजारीबाग नगर निगम के 36 वार्डों में संपन्न निर्वाचन के उपरांत 27 फरवरी को मतगणना निर्धारित है। इसके लिए सभी प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

उपायुक्त ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी तथा अधिकृत व्यक्तियों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। मीडिया कर्मी बाजार समिति परिसर में बने मीडिया सेंटर तक ही मोबाइल फोन ले जा सकेंगे। मौके पर उन्होंने मतगणना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से मतगणना के दिन विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

बहसूमा : घर में घुसकर मारपीट व अभद्रता का आरोप, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर
मेरठ।बहसुमा। जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र में एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना बहसूमा में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता  अनीता पत्नी बालकिशन, निवासी सदरपुर कस्बा बहसूमा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थी। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग पुरानी रंजिश के चलते उसके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपी जबरन घर में घुस आए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके परिवार के सदस्यों को भी धक्का-मुक्की कर घायल कर दिया तथा घर का सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लाठी डंडों से दरवाजा तोड़ दिया और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
महिला ने बताया कि घटना से उसका परिवार भयभीत है और आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने 112 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह  का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।