मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पुनर्जन्म जैसा माहौल, केक काटकर एवं दही चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया : कैलाश यादव

आज दिनांक 15/1/26 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में लोगों के साथ मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दही चूड़ा भोज किया गया !

दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश-अंशिका का सकुशल घर वापसी पर परिवार एवं लोगों के साथ अंश-अंशिका को केक एवं दही-चूड़ा खिलाकर खुशियां मनाई गई !

इस अवसर पर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश-अंशिका दोनों भाई बहन का नया पुनर्जन्म हुआ है ! 12 दिन से लापता दोनों बच्चे के ऊपर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है !

5 वर्ष का अंश और 4 वर्षीय अंशिका एक अबोध बालक है अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है क्योंकि कड़ाके ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने पीने और रहन सहन बिल्कुल अव्यवस्थित रहा है !

अपहृत अंश-अंशिका के परिजन सुनील यादव बेहद गरीब एवं कमजोर परिवार है,रोज कमाने खाने वाले सुनील यादव की ऐसी स्थिति में दोनों बच्चे का अपहरण हो जाना अत्यंत पीड़ादायक स्थिति बन गई थी ! निश्चित रूप से महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा है !

अंश-अंशिका के अपहरण होने उपरांत समिति , पुलिस प्रशासन ,पत्रकार समूह नगरवासी, सामाजिक संगठन समस्त समाज एवं व्यवसाई परिवारो ने भरपूर सहयोग किया !

शुरुआती दिनों से समिति एवं प्रशासन का तालमेल लगातार चलता रहा,समिति की ओर से प्रशासन से मैत्री सवाल जवाब होता रहा,संघर्ष को चरणबद्ध रणनीति के तहत कार्य किया गया जिस कारण परिजन का मनोबल हमेशा मजबूत रहा !

आज समाज प्रशाशन और स्थानीय क्षेत्रों के लोग काफी खुशी महसूस कर रहे हैं !

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हजारों लोगों को दही-चूड़ा भोज कराया गया ! इस मुहिम में शामिल प्रशासन के सभी सदस्यों को जल्द सम्मानित किया जाएगा !

कार्यक्रम में नंदन यादव रंजन यादव परमेश्वर सिंह गौरीशंकर यादव मिंटू पासवान संजीत यादव नीतू देवी बबन यादव अभिषेक साहू मनीष राय बबलू गोप राहुल कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे !

औरंगाबाद: सोननद महोत्सव बड़ेम में करीना पांडे व आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
औरंगाबाद। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को नबीनगर प्रखंड के ग्राम बड़ेम स्थित ऐतिहासिक सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। सोन नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव ने लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का अनुपम संदेश दिया। महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह तथा सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता–सह–जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा, शाल एवं सोननद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं विधायकगण द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट और चुड़ा का वितरण कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकार सुश्री करीना पांडे, सविता पांडे एवं आर्यन बाबू की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव का उद्देश्य सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सोन नदी को औरंगाबाद जिले की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण पर बल दिया। नबीनगर प्रखंड प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से गांव, समाज और युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। सोन नदी हमारी आस्था और आजीविका दोनों का आधार है, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।” विधायक  प्रमोद कुमार सिंह ने महोत्सव को जिले के लिए गौरव का विषय बताया, वहीं विधायक ललन राम ने सोन नदी को पूजनीय बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का आह्वान किया। सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीँ सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा, “सोननद महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोन नदी के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी नदी, प्रकृति और संस्कृति के महत्व को समझे और उसे संजोकर रखे।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला प्रशासन, कलाकारों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती रत्ना प्रदर्शनी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार पप्पू राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
चामुंडेश्वरी माता से निकली 20 हजार किमी की सनातन पदयात्रा रायपुर पहुँची

रायपुर- मैसूर (कर्नाटक) के चामुंडेश्वरी माता मंदिर से 26 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ हुई लगभग 20 हजार किलोमीटर लंबी सनातन धर्म पदयात्रा रायपुर पहुँच चुकी है। लोक कल्याण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ-रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से निकले ये पदयात्री प्रतिदिन करीब 50 से 55 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपने दैनिक उपयोग का सामान एक साइकिल में रखकर यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

अब तक यह पदयात्रा देश के 7 राज्यों के 329 जिलों से होकर गुजर चुकी है। विशेष बात यह है कि सनातन संस्कृति के संदेश को लेकर इनकी यात्रा भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंका में भी पदयात्रा कर वहां भारतीय संस्कृति और धर्म के मूल्यों का प्रचार किया गया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गुरुजी अंजनेयुलू यादव, निवासी श्रीशेलम (हैदराबाद) एवं उनके साथ बी. आर. गीता माताजी, बेंगलुरु ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, गौ-संरक्षण, सेवा, समरसता और लोक कल्याण के भाव को मजबूत करना है।

छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद यह पदयात्रा ओड़िशा, कोलकाता, बिहार, असम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर में जाकर संपन्न होगी। रायपुर में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उनके संकल्प और साहस की सराहना की।

कन्नौज में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की पत्नी सांसद डिम्पल यादव का जन्मदिवस

सपा नेताओं ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा पीडीए से बनेगी सपा सरकार*

पंकज कुमार श्रीवास्तव कन्नौज जिले के समाजवादी पार्टी कार्यालय में आज सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिम्पल यादव का जन्मदिवस बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधानसभा सचिव आनन्द बाबू यादव ने आज डिम्पल यादव के जन्मदिवस के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण की प्रति डिम्पल यादव का जन्मदिन हम लोगों ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया और वह हमारे कन्नौज से भी सांसद रही और मैनपुरी से वर्तमान सांसद है। वह हमारी पार्टी व देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती है और महिला सशक्तिकरण के लिए पुरजोर प्रयास करती रहती है समाज सेवा में लिप्त रहती है हम ऐसी महान विभूति का कोटि-कोटि नमन करते है और समाज में एक अच्छा संदेश देने के लिए देश में महिलाओं को जागरूक करने का काम करती है हमारी सांसद डिम्पल यादव। *भाजपा सरकार पर साधा निशाना* विधानसभा सचिव आनंद बाबू यादव ने कहा कि यह सरकार बातें तो बहुत अच्छी करती है, लेकिन समाज में दलित, शोषित, बंचित, पिछड़े वर्ग समाज का शोषण हो रहा है, उस पर यह सरकार कोई ध्यान नही देती है और न उस पर कोई कठोर जुल्म किए जाते है, उनके जो अपराधी लोग है उनपर कोई कार्यवाही नही करती है। यदि इस सरकार में बाबा का बुल्डोजर हमेशा तैयार रहता है लेकिन वह केवल उनकी जो विरोधी पार्टी है उनके कार्यकर्ताओं के लिए बाबा का बुल्डोजर रहता है और उन पर अनावश्यक दमनकारी कार्यवाही करते है। *सपा सरकार इन मुद्दों पर लड़ेगे चुनाव* उन्होने कहा कि हमारे मुद्दे है बेरोजगारी, हम आपको रोजगार देंगे, शिक्षा की व्यवस्था, अच्छी करेंगे, चिकित्सा की व्यवस्था अच्छी करेंगे और बहन-बेटियों की सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे और बहन बेटियों को आगे बढ़ाने का काम भी करेंगे और विकास के स्ट्रेक्चर में तो अखिलेश जी हमारे विकास पुरूष कहे जाते है। इतना विकास अभी तक उनकी सरकार में हुआ है। किसी भी मुख्यमंत्री ने नही कराया। इसलिए हम सब यह मुद्दे जनता के पास लेकर जाएंगे और ऐसा नही। यह सब मुद्दे हम लेकर गए लोकसभा में हमारे प्रदेश की जनता ने हमको भरपूर समर्थन दिया। *पीडीए गठबंधन बनाएगी सपा सरकार* विधानसभा सचिव आनंद बाबू यादव ने कहा कि पीडीए का जो हमारा नारा है, पीडीए का जो हमारा संकल्प है राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का वही हमें जीत दिलाएगा। पीडीए से ही हमको जीत मिलेगी और पीडीए ही हमारा गठबंधन है और पीडीए के लिए ही हम लोग कार्यरत करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की जो सोंच है कि पीडीए को ही आगे बढ़ाएंगे और पीडीए एक नाम नही, यह विचारधारा है। पीडीए एक विचारधारा है और इस विचारधारा से हमारे शोषित, बंचित, पिछड़े, दलित, आदिवासियों आदि उन्हीं का कल्याण होगा और इन्हीं से हमारी सरकार बनेगी।
राजभवन प्रांगण में 6 से 8 फरवरी तक सजेगी प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026


* प्रदेशभर के उद्यानों व गृहवाटिकाओं के बीच होंगी प्रतियोगिताएं, ऑनलाइन पंजीकरण 30 जनवरी तक

लखनऊ। राजभवन प्रांगण, लखनऊ में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का आयोजन इस वर्ष भी 6, 7 एवं 8 फरवरी 2026 को किया जाएगा। यह आयोजन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत पत्र सूचना शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

प्रदर्शनी में प्रदेश भर के व्यक्तिगत बंगलों, गृहवाटिकाओं, कार्यालय परिसरों, शिक्षण संस्थानों, पब्लिक पार्कों के साथ-साथ प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थलों के उद्यानों को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया जाएगा। इन सभी श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रदर्शनी में भाग लेने के इच्छुक उद्यान एवं गृहवाटिका प्रेमियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 जनवरी 2026 को अपरान्ह 3:00 बजे तक चलेगी। निर्धारित तिथि एवं समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी http://upflowershowlko.com पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण के पश्चात आवेदकों को पंजीकरण आवेदन की एक प्रति कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। पंजीकृत उद्यानों एवं गृहवाटिकाओं की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं की जजिंग 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को निर्णायक टोलियों द्वारा की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0522-2975506 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
गंगा पूजन के साथ शंकराचार्य ने किया“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा”का शुभारम्भ पहले दिन पहुँचे 130 शिविर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।गंगा तट पर चल रहे माघ मेला में गंगा पूजन गौ व गणेश आराधना के साथ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने आज“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा का विधिवत शुभारम्भ किया।गंगा पूजन के पश्चात यात्रा का प्रारम्भ प्रातः 10:00 बजे सेक्टर 4 महावीर मार्ग पीपा पुल संख्या 1 के समीप स्थित निम्बार्क सनातन सेवा शिविर से हुआ।तत्पश्चात माघ मेले के विभिन्न अखाड़ो एवं संत- शिविरो का भ्रमण किया।पहले ही दिन कुल 130 शिविरो में पहुँचकर शंकराचार्य ने संत-महात्माओ एवं शिविर प्रतिनिधियो को गौ रक्षा के लिए संकल्पित कराया तथा उन्हे“गौ माता राष्ट्र माता आन्दोलन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।सभी शिविरो में सन्तो ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया एवं आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी एवं सम्पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।शंकराचार्य ने यात्रा के दौरान कहा कि:गौ-माता केवल एक पशु नही बल्कि भारतीय संस्कृति कृषि अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य और अध्यात्म का मूल आधार है। आज आवश्यकता है कि संत समाज आगे आए और राष्ट्र को पुनःगौ-संरक्षण के पथ पर प्रेरित करे।इस प्रेरणादायी यात्रा में दंडी संन्यासी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी स्वामी अप्रमेय शिवशाक्षत कृतानन्द गिरी ब्रह्मचारी सहजानंद ब्रह्मचारी तीर्थानंद ब्रह्मचारी श्रवणानन्द अखिलेश ब्रह्मचारी देवेन्द्र पाण्डेय गोप कमलेश कुकरेती

सक्षम सिंह योगी जलयोद्धा आर्य शेखर आचार्य मानव

संत भारत दास राम त्रिपाठी विमल कृष्ण अंगद पाण्डेय आदेश सोनी पियूष तिवारी सहित सैकड़ो भक्त उपस्थित रहे।यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य ने संत समाज को यह संदेश दिया कि गौ-संरक्षण केवल आन्दोलन नही बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विषय है और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।यात्रा का समापन 2:00 बजे सिंडोला बाला जी धाम खालसा रामानन्द मार्ग पर हुआ।यात्रा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए जगतगुरु शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने बताया कि —गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा माघ मेला अवधि में अगले दस दिन तक निरन्तर चलेगी और शंकराचार्य स्वयं माघ मेला क्षेत्र में लगे समस्त शिविरो में जाएँगे।उद्देश्य यह है कि संत समाज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गौ-संरक्षण का एक सांस्कृतिक एवं वैदिक अभियान स्थापित किया जाए।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सिविल डिफेस ने संगम नोज पर स्नान करते अचेत चार श्रृद्धालुओ की बचाई जान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।जिलाधिकारी नियन्त्रक सिविल डिफेन्स के निर्देश पर संगम नोज श्रृद्धालुओ तीर्थ यात्रियो के सहयोग में सुबह 4 बजे से मुस्तैद।लगभग 5 बजे संगम घाट से स्नान कर कपड़े बदलती महिला जिसकी उर्म 30 वर्ष अचेत होकर गिर पड़ी वंही मौजूद चीफ वार्डन अनिल कुमार रेनू श्रीवास्तव संजीव बाजपेई डा शंशाक ओझा एल के अहेरवार ने तत्काल भीड़ को हटाटे हुए आर्म स्ट्रेचर(हाथो के सहारे)एम्बुलेस तक पहुंचाने में सहयोग किया डा शंशाक ने मरीज को कंबल में लपेट कर हाथं पैर के तलवो को मलने से होश में आई महिला जिन्हे एम्बुलेस से पास के चिकित्सा शिविर में भेजा गया । ऐसे ही तीन युवक क्रमश प्रातः 8 बजे 9 व 10.30 बजे अचेत युवको को रेस्क्यू कर एम्बुलेंस द्वारा चिकित्सा शिविर भेजा गया।सिविल डिफेन्स के डा शंशाक ओझा ने बताया अचानक से ठंडा व गर्म होने के कारण होता है नहाने के तुरन्त बाद गर्म कपड़े पहन कर ही पूजा पाठ दिया बत्ती करे। घटना के दौरान रवि शंकर द्विवेदी मार्कन्डेय राय सुनील गुप्ता आशीष बाजपेई बलबीर सिंह ने सहयोग किया।

मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पुनर्जन्म जैसा माहौल, केक काटकर एवं दही चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया : कैलाश यादव

आज दिनांक 15/1/26 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में लोगों के साथ मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दही चूड़ा भोज किया गया !

दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश-अंशिका का सकुशल घर वापसी पर परिवार एवं लोगों के साथ अंश-अंशिका को केक एवं दही-चूड़ा खिलाकर खुशियां मनाई गई !

इस अवसर पर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश-अंशिका दोनों भाई बहन का नया पुनर्जन्म हुआ है ! 12 दिन से लापता दोनों बच्चे के ऊपर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है !

5 वर्ष का अंश और 4 वर्षीय अंशिका एक अबोध बालक है अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है क्योंकि कड़ाके ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने पीने और रहन सहन बिल्कुल अव्यवस्थित रहा है !

अपहृत अंश-अंशिका के परिजन सुनील यादव बेहद गरीब एवं कमजोर परिवार है,रोज कमाने खाने वाले सुनील यादव की ऐसी स्थिति में दोनों बच्चे का अपहरण हो जाना अत्यंत पीड़ादायक स्थिति बन गई थी ! निश्चित रूप से महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा है !

अंश-अंशिका के अपहरण होने उपरांत समिति , पुलिस प्रशासन ,पत्रकार समूह नगरवासी, सामाजिक संगठन समस्त समाज एवं व्यवसाई परिवारो ने भरपूर सहयोग किया !

शुरुआती दिनों से समिति एवं प्रशासन का तालमेल लगातार चलता रहा,समिति की ओर से प्रशासन से मैत्री सवाल जवाब होता रहा,संघर्ष को चरणबद्ध रणनीति के तहत कार्य किया गया जिस कारण परिजन का मनोबल हमेशा मजबूत रहा !

आज समाज प्रशाशन और स्थानीय क्षेत्रों के लोग काफी खुशी महसूस कर रहे हैं !

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हजारों लोगों को दही-चूड़ा भोज कराया गया ! इस मुहिम में शामिल प्रशासन के सभी सदस्यों को जल्द सम्मानित किया जाएगा !

कार्यक्रम में नंदन यादव रंजन यादव परमेश्वर सिंह गौरीशंकर यादव मिंटू पासवान संजीत यादव नीतू देवी बबन यादव अभिषेक साहू मनीष राय बबलू गोप राहुल कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे !

औरंगाबाद: सोननद महोत्सव बड़ेम में करीना पांडे व आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
औरंगाबाद। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को नबीनगर प्रखंड के ग्राम बड़ेम स्थित ऐतिहासिक सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। सोन नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव ने लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का अनुपम संदेश दिया। महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह तथा सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता–सह–जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा, शाल एवं सोननद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं विधायकगण द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट और चुड़ा का वितरण कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकार सुश्री करीना पांडे, सविता पांडे एवं आर्यन बाबू की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव का उद्देश्य सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सोन नदी को औरंगाबाद जिले की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण पर बल दिया। नबीनगर प्रखंड प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से गांव, समाज और युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। सोन नदी हमारी आस्था और आजीविका दोनों का आधार है, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।” विधायक  प्रमोद कुमार सिंह ने महोत्सव को जिले के लिए गौरव का विषय बताया, वहीं विधायक ललन राम ने सोन नदी को पूजनीय बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का आह्वान किया। सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीँ सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा, “सोननद महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोन नदी के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी नदी, प्रकृति और संस्कृति के महत्व को समझे और उसे संजोकर रखे।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला प्रशासन, कलाकारों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती रत्ना प्रदर्शनी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार पप्पू राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
चामुंडेश्वरी माता से निकली 20 हजार किमी की सनातन पदयात्रा रायपुर पहुँची

रायपुर- मैसूर (कर्नाटक) के चामुंडेश्वरी माता मंदिर से 26 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ हुई लगभग 20 हजार किलोमीटर लंबी सनातन धर्म पदयात्रा रायपुर पहुँच चुकी है। लोक कल्याण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ-रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से निकले ये पदयात्री प्रतिदिन करीब 50 से 55 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपने दैनिक उपयोग का सामान एक साइकिल में रखकर यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

अब तक यह पदयात्रा देश के 7 राज्यों के 329 जिलों से होकर गुजर चुकी है। विशेष बात यह है कि सनातन संस्कृति के संदेश को लेकर इनकी यात्रा भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंका में भी पदयात्रा कर वहां भारतीय संस्कृति और धर्म के मूल्यों का प्रचार किया गया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गुरुजी अंजनेयुलू यादव, निवासी श्रीशेलम (हैदराबाद) एवं उनके साथ बी. आर. गीता माताजी, बेंगलुरु ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, गौ-संरक्षण, सेवा, समरसता और लोक कल्याण के भाव को मजबूत करना है।

छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद यह पदयात्रा ओड़िशा, कोलकाता, बिहार, असम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर में जाकर संपन्न होगी। रायपुर में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उनके संकल्प और साहस की सराहना की।

कन्नौज में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की पत्नी सांसद डिम्पल यादव का जन्मदिवस

सपा नेताओं ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा पीडीए से बनेगी सपा सरकार*

पंकज कुमार श्रीवास्तव कन्नौज जिले के समाजवादी पार्टी कार्यालय में आज सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिम्पल यादव का जन्मदिवस बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधानसभा सचिव आनन्द बाबू यादव ने आज डिम्पल यादव के जन्मदिवस के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण की प्रति डिम्पल यादव का जन्मदिन हम लोगों ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया और वह हमारे कन्नौज से भी सांसद रही और मैनपुरी से वर्तमान सांसद है। वह हमारी पार्टी व देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती है और महिला सशक्तिकरण के लिए पुरजोर प्रयास करती रहती है समाज सेवा में लिप्त रहती है हम ऐसी महान विभूति का कोटि-कोटि नमन करते है और समाज में एक अच्छा संदेश देने के लिए देश में महिलाओं को जागरूक करने का काम करती है हमारी सांसद डिम्पल यादव। *भाजपा सरकार पर साधा निशाना* विधानसभा सचिव आनंद बाबू यादव ने कहा कि यह सरकार बातें तो बहुत अच्छी करती है, लेकिन समाज में दलित, शोषित, बंचित, पिछड़े वर्ग समाज का शोषण हो रहा है, उस पर यह सरकार कोई ध्यान नही देती है और न उस पर कोई कठोर जुल्म किए जाते है, उनके जो अपराधी लोग है उनपर कोई कार्यवाही नही करती है। यदि इस सरकार में बाबा का बुल्डोजर हमेशा तैयार रहता है लेकिन वह केवल उनकी जो विरोधी पार्टी है उनके कार्यकर्ताओं के लिए बाबा का बुल्डोजर रहता है और उन पर अनावश्यक दमनकारी कार्यवाही करते है। *सपा सरकार इन मुद्दों पर लड़ेगे चुनाव* उन्होने कहा कि हमारे मुद्दे है बेरोजगारी, हम आपको रोजगार देंगे, शिक्षा की व्यवस्था, अच्छी करेंगे, चिकित्सा की व्यवस्था अच्छी करेंगे और बहन-बेटियों की सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे और बहन बेटियों को आगे बढ़ाने का काम भी करेंगे और विकास के स्ट्रेक्चर में तो अखिलेश जी हमारे विकास पुरूष कहे जाते है। इतना विकास अभी तक उनकी सरकार में हुआ है। किसी भी मुख्यमंत्री ने नही कराया। इसलिए हम सब यह मुद्दे जनता के पास लेकर जाएंगे और ऐसा नही। यह सब मुद्दे हम लेकर गए लोकसभा में हमारे प्रदेश की जनता ने हमको भरपूर समर्थन दिया। *पीडीए गठबंधन बनाएगी सपा सरकार* विधानसभा सचिव आनंद बाबू यादव ने कहा कि पीडीए का जो हमारा नारा है, पीडीए का जो हमारा संकल्प है राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का वही हमें जीत दिलाएगा। पीडीए से ही हमको जीत मिलेगी और पीडीए ही हमारा गठबंधन है और पीडीए के लिए ही हम लोग कार्यरत करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की जो सोंच है कि पीडीए को ही आगे बढ़ाएंगे और पीडीए एक नाम नही, यह विचारधारा है। पीडीए एक विचारधारा है और इस विचारधारा से हमारे शोषित, बंचित, पिछड़े, दलित, आदिवासियों आदि उन्हीं का कल्याण होगा और इन्हीं से हमारी सरकार बनेगी।
राजभवन प्रांगण में 6 से 8 फरवरी तक सजेगी प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026


* प्रदेशभर के उद्यानों व गृहवाटिकाओं के बीच होंगी प्रतियोगिताएं, ऑनलाइन पंजीकरण 30 जनवरी तक

लखनऊ। राजभवन प्रांगण, लखनऊ में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का आयोजन इस वर्ष भी 6, 7 एवं 8 फरवरी 2026 को किया जाएगा। यह आयोजन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत पत्र सूचना शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

प्रदर्शनी में प्रदेश भर के व्यक्तिगत बंगलों, गृहवाटिकाओं, कार्यालय परिसरों, शिक्षण संस्थानों, पब्लिक पार्कों के साथ-साथ प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थलों के उद्यानों को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया जाएगा। इन सभी श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रदर्शनी में भाग लेने के इच्छुक उद्यान एवं गृहवाटिका प्रेमियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 जनवरी 2026 को अपरान्ह 3:00 बजे तक चलेगी। निर्धारित तिथि एवं समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी http://upflowershowlko.com पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण के पश्चात आवेदकों को पंजीकरण आवेदन की एक प्रति कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। पंजीकृत उद्यानों एवं गृहवाटिकाओं की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं की जजिंग 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को निर्णायक टोलियों द्वारा की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0522-2975506 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
गंगा पूजन के साथ शंकराचार्य ने किया“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा”का शुभारम्भ पहले दिन पहुँचे 130 शिविर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।गंगा तट पर चल रहे माघ मेला में गंगा पूजन गौ व गणेश आराधना के साथ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने आज“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा का विधिवत शुभारम्भ किया।गंगा पूजन के पश्चात यात्रा का प्रारम्भ प्रातः 10:00 बजे सेक्टर 4 महावीर मार्ग पीपा पुल संख्या 1 के समीप स्थित निम्बार्क सनातन सेवा शिविर से हुआ।तत्पश्चात माघ मेले के विभिन्न अखाड़ो एवं संत- शिविरो का भ्रमण किया।पहले ही दिन कुल 130 शिविरो में पहुँचकर शंकराचार्य ने संत-महात्माओ एवं शिविर प्रतिनिधियो को गौ रक्षा के लिए संकल्पित कराया तथा उन्हे“गौ माता राष्ट्र माता आन्दोलन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।सभी शिविरो में सन्तो ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया एवं आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी एवं सम्पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।शंकराचार्य ने यात्रा के दौरान कहा कि:गौ-माता केवल एक पशु नही बल्कि भारतीय संस्कृति कृषि अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य और अध्यात्म का मूल आधार है। आज आवश्यकता है कि संत समाज आगे आए और राष्ट्र को पुनःगौ-संरक्षण के पथ पर प्रेरित करे।इस प्रेरणादायी यात्रा में दंडी संन्यासी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी स्वामी अप्रमेय शिवशाक्षत कृतानन्द गिरी ब्रह्मचारी सहजानंद ब्रह्मचारी तीर्थानंद ब्रह्मचारी श्रवणानन्द अखिलेश ब्रह्मचारी देवेन्द्र पाण्डेय गोप कमलेश कुकरेती

सक्षम सिंह योगी जलयोद्धा आर्य शेखर आचार्य मानव

संत भारत दास राम त्रिपाठी विमल कृष्ण अंगद पाण्डेय आदेश सोनी पियूष तिवारी सहित सैकड़ो भक्त उपस्थित रहे।यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य ने संत समाज को यह संदेश दिया कि गौ-संरक्षण केवल आन्दोलन नही बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विषय है और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।यात्रा का समापन 2:00 बजे सिंडोला बाला जी धाम खालसा रामानन्द मार्ग पर हुआ।यात्रा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए जगतगुरु शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने बताया कि —गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा माघ मेला अवधि में अगले दस दिन तक निरन्तर चलेगी और शंकराचार्य स्वयं माघ मेला क्षेत्र में लगे समस्त शिविरो में जाएँगे।उद्देश्य यह है कि संत समाज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गौ-संरक्षण का एक सांस्कृतिक एवं वैदिक अभियान स्थापित किया जाए।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सिविल डिफेस ने संगम नोज पर स्नान करते अचेत चार श्रृद्धालुओ की बचाई जान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।जिलाधिकारी नियन्त्रक सिविल डिफेन्स के निर्देश पर संगम नोज श्रृद्धालुओ तीर्थ यात्रियो के सहयोग में सुबह 4 बजे से मुस्तैद।लगभग 5 बजे संगम घाट से स्नान कर कपड़े बदलती महिला जिसकी उर्म 30 वर्ष अचेत होकर गिर पड़ी वंही मौजूद चीफ वार्डन अनिल कुमार रेनू श्रीवास्तव संजीव बाजपेई डा शंशाक ओझा एल के अहेरवार ने तत्काल भीड़ को हटाटे हुए आर्म स्ट्रेचर(हाथो के सहारे)एम्बुलेस तक पहुंचाने में सहयोग किया डा शंशाक ने मरीज को कंबल में लपेट कर हाथं पैर के तलवो को मलने से होश में आई महिला जिन्हे एम्बुलेस से पास के चिकित्सा शिविर में भेजा गया । ऐसे ही तीन युवक क्रमश प्रातः 8 बजे 9 व 10.30 बजे अचेत युवको को रेस्क्यू कर एम्बुलेंस द्वारा चिकित्सा शिविर भेजा गया।सिविल डिफेन्स के डा शंशाक ओझा ने बताया अचानक से ठंडा व गर्म होने के कारण होता है नहाने के तुरन्त बाद गर्म कपड़े पहन कर ही पूजा पाठ दिया बत्ती करे। घटना के दौरान रवि शंकर द्विवेदी मार्कन्डेय राय सुनील गुप्ता आशीष बाजपेई बलबीर सिंह ने सहयोग किया।