गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर ही मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: कल्पना सोरेन

गांडेय की विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट साझा करते हुए “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संदेश में श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ के उदाहरण का उल्लेख करते हुए इसे महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग का जीवंत प्रतीक बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा है कि महिला एवं बाल विकास समिति, झारखण्ड विधानसभा के महाराष्ट्र एक्सपोज़र विजिट के दौरान बीते दिन मुंबई स्थित डब्बावाला इंटरनेशनल एक्सपीरियंस सेंटर जाने का अवसर मिला। लगभग 135 वर्षों से अपनी मेहनत, अनुशासन और समयबद्ध सेवा के लिए विश्वभर में पहचान बना चुके मुंबई के डब्बावालों की कार्यप्रणाली को नज़दीक से समझने का अवसर बेहद प्रेरणादायक रहा।

विदित हो कि गांडेय से विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति (Chairperson) हैं. झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो द्वारा राज्य की संसदीय समितियों के पुनर्गठन के दौरान उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि लिज्जत पापड़ केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त आंदोलन है, जिसने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के सहकारी मॉडल समाज में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

विधायक ने “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” यानी विकेन्द्रित उत्पादन प्रणाली को विशेष रूप से सराहा। उनके अनुसार, यह मॉडल महिलाओं को अपने घर या स्थानीय स्तर पर रहकर काम करने की सुविधा देता है, जिससे वे पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बन पाती हैं। साथ ही, यह स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम है।

कल्पना सोरेन ने अपने संदेश में यह भी कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि लिज्जत पापड़ जैसे सफल मॉडलों को अन्य क्षेत्रों—जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग—में भी लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

उन्होंने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से आह्वान किया कि वे इस दिशा में समन्वित प्रयास करें, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध हो सके।

विधायक का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
पुलिस व बमबाजों में मुठभेड़,एक के पैर लगी गोली,मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार
*8 सेकेंड में छह बार किया बमबारी

गोंडा।जिले में पुलिस व बमबाजी के आरोपियों के बीच देर रात हुई मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।मुठभेड़ के दौरान चली गोली में एक आरोपी देवेंद्र श्रीवास्तव के दाहिने पैर में गोली लगी है,जिसे इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में देवेंद्र श्रीवास्तव,बमबाजी का मास्टरमाइंड अर्पित पाण्डेय और एक बाल अपचारी शामिल है।पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा और बमबाजी में इस्तेमाल की गई एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद किया है।यह सभी आरोपी बीते 18 मई की देर रात लगभग 9.30 बजे जानकी नगर मवैया तालाब के पास स्थित रिकवरी एजेंट राघवेंद्र सिंह के घर पर बमबाजी की घटना में शामिल थे।उन्होंने 8सेकेंड के अंदर छह बम फेंके थे,जिससे इलाके में दहशत फैल गयी थी।इस घटना के बाद रिकवरी एजेंट राघवेंद्र सिंह की पत्नी डाली सिंह ने नगर कोतवाली में तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बमबाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।नगर कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से मामले का खुलासा किया है।मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि जानकी नगर में हुई बमबाजी की घटना के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।उन्होंने बताया कि देर रात हुई मुठभेड़ में बमबाजी में शामिल देवेंद्र श्रीवास्तव को गोली लगी,इसके साथ ही उसके दो साथी मास्टरमाइंड अर्पित पाण्डेय और एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया है।गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं।
पीएम मोदी-डोनाल्ड ट्रंप की हो सकती है मुलाकात, जी-7 समिट के दौरान होगी मीटिंग!

#pmnarendramodianduspresidentdonaldtrumplikelytomeet

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है। ये मुलाकात भारत या अमेरिका में नहीं बल्कि फ्रांस में होने की संभावना है। दरअसल, फ्रांस में आगामी जून महीने में G-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है। अगर यह मुलाकात होती है तो करीब डेढ़ साल बाद मोदी और ट्रंप आमने-सामने बैठकर वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ट्रंप G7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

अमेरिकी मीडिया Axios की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी जी7 नेताओं की बैठक में शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप जी7 बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक व्यापार, अपराध नियंत्रण और चीन पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि अमेरिकी तकनीक आधारित एआई टूल्स को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जाए और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में चीन की पकड़ कमजोर की जाए।

मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर फ्रांस जा सकते हैं पीएम मोदी

फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में 15 से 17 जून तक G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस बैठक में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। हालांकि भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, फिर भी एक महत्वपूर्ण भागीदार देश के तौर पर भारत को बुलाया गया है।

करीब 16 महीने बाद ट्रंप-मोदी की मुलाकात

जी-7 की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह इसलिए क्योंकि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह संभावित मुलाकात करीब 16 महीने बाद होने वाली है। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात पिछले साल फरवरी में हुई थी, जब ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी अमेरिका गए थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस दौरान टैरिफ, संबंध, व्यापार, आतंकवाद, रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

पीएम मोदी का रोम में भव्य स्वागत, सेल्फी शेयर कर इटली की प्रधानमंत्री बोलीं- आपका स्वागत मेरे दोस्त

#pmnarendramodiselfiewithgiorgiameloni 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली पहुंचें। जहां उनका स्वागत इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक खास अंदाज में सेल्फी लेकर किया। रोम पहुंचने पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक खास सेल्फी एक्स पर शेयर करते हुए उनका स्वागत किया है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के विशेष निमंत्रण पर पीएम मोदी इटली पहुंचे हैं। पीएम मोदी के इटली पहुंचते ही मोदी-मेलोनी की बहुचर्चित सेल्फी पूरी दुनिया में छा गई। जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी और नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर 'एक्स' पर शेयर किया और पोस्ट में लिखा, 'मेरे दोस्त रोम में आपका स्वागत है। इस दौरे पर पीएम मोदी की रोम में जॉर्जिया मेलोनी के अलावा इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से बैठक होनी है।

रोम में पीएम का किया भव्य स्वागत

इससे पहले दिन में पीएम मोदी रोम पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और वहां आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत की और एक बच्चे को ऑटोग्राफ भी दिया, जिसने उनका चित्र बनाकर उन्हें भेंट किया था।

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर होगा फोकस

वहीं, पीएम मोदी ने इटली पहुंचने पर एक्स पर कहा कि मैं रोम पहुंच गया हूं। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला और प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मिलूंगा और उनके साथ चर्चा करूंगा। इस दौरे का मुख्य जोर भारत और इटली के बीच सहयोग को मजबूत करने पर होगा। इसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मैं संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का दौरा करूंगा, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।

नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की खुली पोल! एक दिन में टूटी नाली की पटिया, गुणवत्ता पर उठे सवाल
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर! नगरा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली पर लगाई गई नई पटिया लगाने के महज एक दिन बाद ही टूट गई, जिससे निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 13 में ऋतेश चौरसिया के घर के पास नगर पंचायत द्वारा नाली की पटिया लगाई गई थी। लेकिन पटिया इतनी कमजोर निकली कि एक दिन भी टिक नहीं सकी और टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकारी धन से कराए जा रहे कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य मानक के अनुसार हुआ होता तो नई पटिया इतनी जल्दी नहीं टूटती। स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों और मोहल्लेवासियों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। जनता का आरोप है कि भ्रष्टाचार के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और आम लोगों को सुविधाओं के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजीव रंजन मिश्रा के परिजनों से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा के बड़ा तालाब स्थित आवास पर पहुँचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा की बिना निष्पक्ष जांच की हुई गिरफ्तारी यह साबित करती है कि झारखंड में कानून नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची में जब भी कोई सामाजिक या जनसरोकार से जुड़ा आयोजन या घटना होता है, तब राजीव रंजन मिश्रा सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले व्यक्तियों में शामिल रहते हैं। जिस व्यक्ति का पूरा सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक संघर्ष और बेदाग छवि के लिए जाना जाता रहा हो, उसे राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है। झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। आज झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता प्रायोजित प्रतिशोध की राजनीति चल रही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सरकार के दबाव में काम करता दिखाई दे रहा है। यदि किसी पर आरोप है तो निष्पक्ष जांच हो, लेकिन बिना ठोस तथ्यों के इस प्रकार की कार्रवाई केवल राजनीतिक साजिश को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के बुलावे पर किसी स्थान पर जाता है और वहां कोई आपराधिक तत्व मौजूद हो, तो मात्र संदेह के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से कुछ सामान बरामद हुए, लेकिन जिस व्यक्ति की तलाश थी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बावजूद राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा को बदनाम करने की मंशा से एक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

श्री साहू ने साफ कहा अन्याय, दमन और राजनीतिक प्रताड़ना के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार तुरंत इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को वापस ले, निष्पक्ष जांच कराए और राजीव रंजन मिश्रा जी को अविलंब रिहा करे।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अशोक बड़ाईक, राकेश भास्कर, प्रेम मित्तल, अरुण झा, सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से CII झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।

उद्योग बन्धु, व्यापार बन्धु तथा श्रम बन्धुओं की समस्याओं का समय से करें समाधान-जिलाधिकारी

*उद्योग, व्यापार तथा श्रम बन्धुओं द्वारा अवगत कराये गये समस्याओं का समय से करें समाधान-जिलाधिकारी*

*गोण्डा 19 मई, 2026*। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में उद्योग बन्धु, श्रम बन्धु व व्यापार बन्धुओं की बैठक जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई। उद्योग बन्धु की बैठक में सर्वप्रथम पिछले कार्यवृत्ति की अनुपालन स्थिति जानी गयी। जिलाधिकारी ने उद्यमियों की समस्याओं से अवगत होते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त उद्योग के स्तर से आवेदनकर्ता की पात्रता व सभी संबंधित औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद अधिकारियों को अग्रसारित किया जाय।

सभी लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारण हेतु विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया जाय। 
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उद्योग बंधुओं एवं व्यापार बन्धुओं व श्रम बन्धुओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान समय से करना सुनिश्चित करें।
बैठक में उपायुक्त उद्योग व अन्य विभाग के अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा है कि व्यापार बन्धुओं व उद्योग बन्धुओं के व्यापार में अपेक्षित सहयोग करना सुनिश्चित करें।

बैठक में व्यापारियों ने अपने-अपने सुझाव दिये जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी मिलकर समस्या का समय से समाधान करायें।
बैठक में युवा रोजगार योजना, इन्वेस्टर्स समिट सहित सभी अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि शहर में अतिक्रमण से जाम की बहुत बड़ी समस्या है जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्थानों को चिन्हित करें और एक टीम तैयार करके अतिक्रमण को हटाना सुनिश्चित करें, ताकि लोगों से जाम की समस्याओं से निजात मिल सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, जिला उद्योग अधिकारी बाबूराम, एलडीएम विनोद तिवारी, आयकर विभाग के अधिकारीगण सहित उद्योग, व्यापार, श्रम बन्धु के पदाधिकारीगण अन्य सभी सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर ही मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: कल्पना सोरेन

गांडेय की विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट साझा करते हुए “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संदेश में श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ के उदाहरण का उल्लेख करते हुए इसे महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग का जीवंत प्रतीक बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा है कि महिला एवं बाल विकास समिति, झारखण्ड विधानसभा के महाराष्ट्र एक्सपोज़र विजिट के दौरान बीते दिन मुंबई स्थित डब्बावाला इंटरनेशनल एक्सपीरियंस सेंटर जाने का अवसर मिला। लगभग 135 वर्षों से अपनी मेहनत, अनुशासन और समयबद्ध सेवा के लिए विश्वभर में पहचान बना चुके मुंबई के डब्बावालों की कार्यप्रणाली को नज़दीक से समझने का अवसर बेहद प्रेरणादायक रहा।

विदित हो कि गांडेय से विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति (Chairperson) हैं. झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो द्वारा राज्य की संसदीय समितियों के पुनर्गठन के दौरान उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि लिज्जत पापड़ केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त आंदोलन है, जिसने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के सहकारी मॉडल समाज में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

विधायक ने “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” यानी विकेन्द्रित उत्पादन प्रणाली को विशेष रूप से सराहा। उनके अनुसार, यह मॉडल महिलाओं को अपने घर या स्थानीय स्तर पर रहकर काम करने की सुविधा देता है, जिससे वे पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बन पाती हैं। साथ ही, यह स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम है।

कल्पना सोरेन ने अपने संदेश में यह भी कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि लिज्जत पापड़ जैसे सफल मॉडलों को अन्य क्षेत्रों—जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग—में भी लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

उन्होंने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से आह्वान किया कि वे इस दिशा में समन्वित प्रयास करें, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध हो सके।

विधायक का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
पुलिस व बमबाजों में मुठभेड़,एक के पैर लगी गोली,मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार
*8 सेकेंड में छह बार किया बमबारी

गोंडा।जिले में पुलिस व बमबाजी के आरोपियों के बीच देर रात हुई मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।मुठभेड़ के दौरान चली गोली में एक आरोपी देवेंद्र श्रीवास्तव के दाहिने पैर में गोली लगी है,जिसे इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में देवेंद्र श्रीवास्तव,बमबाजी का मास्टरमाइंड अर्पित पाण्डेय और एक बाल अपचारी शामिल है।पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा और बमबाजी में इस्तेमाल की गई एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद किया है।यह सभी आरोपी बीते 18 मई की देर रात लगभग 9.30 बजे जानकी नगर मवैया तालाब के पास स्थित रिकवरी एजेंट राघवेंद्र सिंह के घर पर बमबाजी की घटना में शामिल थे।उन्होंने 8सेकेंड के अंदर छह बम फेंके थे,जिससे इलाके में दहशत फैल गयी थी।इस घटना के बाद रिकवरी एजेंट राघवेंद्र सिंह की पत्नी डाली सिंह ने नगर कोतवाली में तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बमबाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।नगर कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से मामले का खुलासा किया है।मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि जानकी नगर में हुई बमबाजी की घटना के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।उन्होंने बताया कि देर रात हुई मुठभेड़ में बमबाजी में शामिल देवेंद्र श्रीवास्तव को गोली लगी,इसके साथ ही उसके दो साथी मास्टरमाइंड अर्पित पाण्डेय और एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया है।गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं।
पीएम मोदी-डोनाल्ड ट्रंप की हो सकती है मुलाकात, जी-7 समिट के दौरान होगी मीटिंग!

#pmnarendramodianduspresidentdonaldtrumplikelytomeet

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है। ये मुलाकात भारत या अमेरिका में नहीं बल्कि फ्रांस में होने की संभावना है। दरअसल, फ्रांस में आगामी जून महीने में G-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है। अगर यह मुलाकात होती है तो करीब डेढ़ साल बाद मोदी और ट्रंप आमने-सामने बैठकर वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ट्रंप G7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

अमेरिकी मीडिया Axios की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी जी7 नेताओं की बैठक में शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप जी7 बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक व्यापार, अपराध नियंत्रण और चीन पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि अमेरिकी तकनीक आधारित एआई टूल्स को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जाए और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में चीन की पकड़ कमजोर की जाए।

मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर फ्रांस जा सकते हैं पीएम मोदी

फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में 15 से 17 जून तक G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस बैठक में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। हालांकि भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, फिर भी एक महत्वपूर्ण भागीदार देश के तौर पर भारत को बुलाया गया है।

करीब 16 महीने बाद ट्रंप-मोदी की मुलाकात

जी-7 की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह इसलिए क्योंकि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह संभावित मुलाकात करीब 16 महीने बाद होने वाली है। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात पिछले साल फरवरी में हुई थी, जब ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी अमेरिका गए थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस दौरान टैरिफ, संबंध, व्यापार, आतंकवाद, रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

पीएम मोदी का रोम में भव्य स्वागत, सेल्फी शेयर कर इटली की प्रधानमंत्री बोलीं- आपका स्वागत मेरे दोस्त

#pmnarendramodiselfiewithgiorgiameloni 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली पहुंचें। जहां उनका स्वागत इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक खास अंदाज में सेल्फी लेकर किया। रोम पहुंचने पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक खास सेल्फी एक्स पर शेयर करते हुए उनका स्वागत किया है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के विशेष निमंत्रण पर पीएम मोदी इटली पहुंचे हैं। पीएम मोदी के इटली पहुंचते ही मोदी-मेलोनी की बहुचर्चित सेल्फी पूरी दुनिया में छा गई। जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी और नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर 'एक्स' पर शेयर किया और पोस्ट में लिखा, 'मेरे दोस्त रोम में आपका स्वागत है। इस दौरे पर पीएम मोदी की रोम में जॉर्जिया मेलोनी के अलावा इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से बैठक होनी है।

रोम में पीएम का किया भव्य स्वागत

इससे पहले दिन में पीएम मोदी रोम पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और वहां आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत की और एक बच्चे को ऑटोग्राफ भी दिया, जिसने उनका चित्र बनाकर उन्हें भेंट किया था।

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर होगा फोकस

वहीं, पीएम मोदी ने इटली पहुंचने पर एक्स पर कहा कि मैं रोम पहुंच गया हूं। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला और प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मिलूंगा और उनके साथ चर्चा करूंगा। इस दौरे का मुख्य जोर भारत और इटली के बीच सहयोग को मजबूत करने पर होगा। इसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मैं संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का दौरा करूंगा, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।

नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की खुली पोल! एक दिन में टूटी नाली की पटिया, गुणवत्ता पर उठे सवाल
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर! नगरा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली पर लगाई गई नई पटिया लगाने के महज एक दिन बाद ही टूट गई, जिससे निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 13 में ऋतेश चौरसिया के घर के पास नगर पंचायत द्वारा नाली की पटिया लगाई गई थी। लेकिन पटिया इतनी कमजोर निकली कि एक दिन भी टिक नहीं सकी और टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकारी धन से कराए जा रहे कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य मानक के अनुसार हुआ होता तो नई पटिया इतनी जल्दी नहीं टूटती। स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों और मोहल्लेवासियों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। जनता का आरोप है कि भ्रष्टाचार के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और आम लोगों को सुविधाओं के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजीव रंजन मिश्रा के परिजनों से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा के बड़ा तालाब स्थित आवास पर पहुँचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा की बिना निष्पक्ष जांच की हुई गिरफ्तारी यह साबित करती है कि झारखंड में कानून नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची में जब भी कोई सामाजिक या जनसरोकार से जुड़ा आयोजन या घटना होता है, तब राजीव रंजन मिश्रा सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले व्यक्तियों में शामिल रहते हैं। जिस व्यक्ति का पूरा सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक संघर्ष और बेदाग छवि के लिए जाना जाता रहा हो, उसे राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है। झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। आज झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता प्रायोजित प्रतिशोध की राजनीति चल रही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सरकार के दबाव में काम करता दिखाई दे रहा है। यदि किसी पर आरोप है तो निष्पक्ष जांच हो, लेकिन बिना ठोस तथ्यों के इस प्रकार की कार्रवाई केवल राजनीतिक साजिश को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के बुलावे पर किसी स्थान पर जाता है और वहां कोई आपराधिक तत्व मौजूद हो, तो मात्र संदेह के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से कुछ सामान बरामद हुए, लेकिन जिस व्यक्ति की तलाश थी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बावजूद राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा को बदनाम करने की मंशा से एक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

श्री साहू ने साफ कहा अन्याय, दमन और राजनीतिक प्रताड़ना के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार तुरंत इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को वापस ले, निष्पक्ष जांच कराए और राजीव रंजन मिश्रा जी को अविलंब रिहा करे।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अशोक बड़ाईक, राकेश भास्कर, प्रेम मित्तल, अरुण झा, सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से CII झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।

उद्योग बन्धु, व्यापार बन्धु तथा श्रम बन्धुओं की समस्याओं का समय से करें समाधान-जिलाधिकारी

*उद्योग, व्यापार तथा श्रम बन्धुओं द्वारा अवगत कराये गये समस्याओं का समय से करें समाधान-जिलाधिकारी*

*गोण्डा 19 मई, 2026*। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में उद्योग बन्धु, श्रम बन्धु व व्यापार बन्धुओं की बैठक जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई। उद्योग बन्धु की बैठक में सर्वप्रथम पिछले कार्यवृत्ति की अनुपालन स्थिति जानी गयी। जिलाधिकारी ने उद्यमियों की समस्याओं से अवगत होते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त उद्योग के स्तर से आवेदनकर्ता की पात्रता व सभी संबंधित औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद अधिकारियों को अग्रसारित किया जाय।

सभी लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारण हेतु विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया जाय। 
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उद्योग बंधुओं एवं व्यापार बन्धुओं व श्रम बन्धुओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान समय से करना सुनिश्चित करें।
बैठक में उपायुक्त उद्योग व अन्य विभाग के अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा है कि व्यापार बन्धुओं व उद्योग बन्धुओं के व्यापार में अपेक्षित सहयोग करना सुनिश्चित करें।

बैठक में व्यापारियों ने अपने-अपने सुझाव दिये जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी मिलकर समस्या का समय से समाधान करायें।
बैठक में युवा रोजगार योजना, इन्वेस्टर्स समिट सहित सभी अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि शहर में अतिक्रमण से जाम की बहुत बड़ी समस्या है जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्थानों को चिन्हित करें और एक टीम तैयार करके अतिक्रमण को हटाना सुनिश्चित करें, ताकि लोगों से जाम की समस्याओं से निजात मिल सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, जिला उद्योग अधिकारी बाबूराम, एलडीएम विनोद तिवारी, आयकर विभाग के अधिकारीगण सहित उद्योग, व्यापार, श्रम बन्धु के पदाधिकारीगण अन्य सभी सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।