लोक निर्माण विभाग की कार्य योजना को लेकर डीएम ने ली बैठक भी संपन्न
फर्रुखाबाद lजनपद  में लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी द्वारा की गई, जिसमें विधायक अमृतपुर, भोजपुर एवं कायमगंज की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
‘एल्युमिनियम भारत’ पहल लॉन्च: उद्योग को सस्ती ऊर्जा व कच्चे माल पर तुरंत नीति समर्थन की मांग
नई दिल्ली। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने मंगलवार को ‘एल्युमिनियम भारत’ पहल की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार से सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए त्वरित नीति समर्थन की मांग की।
इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली में किया। ‘एल्युमिनियम भारत’ का उद्देश्य देश के एल्युमिनियम सेक्टर को सशक्त बनाना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उद्योग, नीति-निर्माताओं तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक मंच पर लाना है।
ALEMAI के अनुसार, इस पहल के तहत उद्योग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर विचार-विमर्श कर एक ठोस और सतत विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत ‘एल्युमिनियम भारत-2026’ नाम से देश की पहली और सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रदर्शनी 26 से 29 सितंबर 2025 तक गांधीनगर के हेलिपैड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन ‘एल्युमेक्स इंडिया-2026’ के साथ होगा, जिसका उद्देश्य भारतीय एल्युमिनियम उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
इस अवसर पर मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत को उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं ALEMAI के अध्यक्ष जीतेन्द्र चोपड़ा ने उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि देश की 4.2 मिलियन टन की कुल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते नीतिगत सहयोग मिलने पर यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रांची में प्रशासन आपके द्वार: 18 अंचलों में लगा 'जनता दरबार', उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मौके पर ही निपटाए गए सैकड़ों मामले


रांची: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन ने आज एक बड़ी पहल की। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिले के सभी 18 अंचलों में अंचल स्तरीय 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूमि सुधार, प्रमाण-पत्र निर्गत करने और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में हो रही देरी को समाप्त कर जनता को सीधी राहत पहुँचाना था।

मौके पर हुआ समाधान: अनगड़ा से अरगोड़ा तक शिकायतों की झड़ी

जनता दरबार में हजारों की संख्या में ग्रामीण और शहरवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे। उपायुक्त के सख्त निर्देश थे कि मामलों का निष्पादन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर पारदर्शी तरीके से हो।

प्रमुख अंचलों का रिपोर्ट कार्ड:

रातु अंचल: यहाँ सबसे अधिक 178 आवेदनों का निष्पादन हुआ, जिसमें पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और दाखिल-खारिज शामिल रहे।

राहे और अनगड़ा: राहे में 128 और अनगड़ा में 125 मामले सुलझाए गए। अनगड़ा में ऑनलाइन पंजी-II सुधार और रसीद निर्गत करने जैसे जटिल मामलों का भी तुरंत निपटारा किया गया।

चान्हो और मांडर: चान्हो में 78 और मांडर में 58 लोगों की समस्याओं को दूर किया गया।

अरगोड़ा और सिल्ली: अरगोड़ा में 37 और सिल्ली में 54 आवेदनों का निपटारा हुआ।

इन सेवाओं पर रहा विशेष जोर

जनता दरबार में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज (Mutation), पंजी-II में सुधार, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण-पत्र, और सर्वजन पेंशन योजना से जुड़े आवेदनों पर विशेष ध्यान दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की जन-केंद्रित नीति को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से जारी रहेंगे।

वित्तीय कुप्रबंधन चरम पर, जनता के पैसों पर सरकार की लापरवाही भारी” – प्रतुल शाह देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन अब चरम सीमा पर पहुंच चुका है।

ताज़ा बजट आंकड़े इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सरकार एक तरफ पैसे की कमी का रोना रोती है, वहीं दूसरी तरफ उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-2026 के लगभग 1,45,400 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले सरकार मात्र 1,23,659 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई, जिसके कारण राजकोष पर अनावश्यक दबाव बढ़ गया है। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार के पास न तो वित्तीय प्रबंधन की क्षमता है और न ही विकास के प्रति गंभीरता।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि बजट का 15% राशि खर्च नहीं हो पाया। ये झारखंडियों के साथ क्रूर मजाक है।कुछ जन और समाज कल्याण से संबंधित विभागों में तो खर्च 50%-70% के बीच ही सिमट कर रह गया। सबसे दयनीय स्थिति स्कूली शिक्षा, पंचायती राज,नगर विकास, कृषि और स्वास्थ्य विभाग की है जिनका सीधे तौर पर समाज के अंतिम पयदान पर खड़े व्यक्ति से संबंध होता है। यह सीधे-सीधे विकास कार्यों में बाधा और जनता के अधिकारों की अनदेखी है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता, कर्मचारी और पेंशनभोगी भुगत रहे हैं। पेंशन भुगतान में देरी और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में बाधा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह से गलत दिशा में हैं।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह सरकार केवल बहाने बनाने में माहिर है। जब पैसा केंद्र से मिलता है तो उसका उपयोग नहीं कर पाती, और जब खर्च नहीं कर पाती तो वित्तीय संकट का रोना रोती है। यह दोहरा चरित्र झारखंड की जनता के साथ धोखा है।उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन करती और बजट का सही उपयोग करती, तो आज राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी दयनीय नहीं होती। यह स्पष्ट है कि सरकार के पास न विज़न है और न ही कार्य करने की इच्छाशक्ति।

झारखंड भाजपा का बड़ा ऐलान: 17 अप्रैल को बिजली संकट पर राज्यव्यापी प्रदर्शन, बाबूलाल मरांडी बोले— 'देश की सबसे भ्रष्ट सरकार है हेमंत सरकार'

रांची: झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की पहली महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। प्रदेश अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, सांगठनिक मजबूती और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका गया। बैठक में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह उपस्थित रहे।

"यह पद नहीं, जिम्मेदारी है": आदित्य साहू

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि यह पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "हमें टीम भावना के साथ काम करते हुए झारखंड में फिर से डबल इंजन की सरकार बनानी है। हमारा लक्ष्य 2029 में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार सुनिश्चित करना है।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करने का आह्वान किया।

हेमंत सरकार पर तीखा हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वर्तमान सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे देश की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता इस शासन से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। वहीं, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने सांगठनिक मजबूती पर जोर देते हुए पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और नियमित दौरे करने के निर्देश दिए।

17 अप्रैल को 'बिजली' पर महा-आंदोलन

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी:

14 अप्रैल: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती को सांगठनिक स्तर पर भव्य रूप में मनाया जाएगा।

17 अप्रैल: बिजली कटौती, बढ़ी हुई दरों और गलत बिलिंग के विरोध में भाजपा सभी जिलों में कार्यपालक अभियंता कार्यालयों का घेराव और जोरदार प्रदर्शन करेगी।

आगामी योजना: बिजली के बाद भाजपा पानी के संकट को लेकर राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है।

सोशल मीडिया के लिए असरदार हेडलाइंस (Headings)

तीखी और राजनीतिक (Political & Sharp)

झारखंड भाजपा का 'मिशन 2029': नवनियुक्त टीम की पहली बैठक में बनी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने की रणनीति!

17 अप्रैल को सड़कों पर उतरेगी भाजपा: बिजली संकट को लेकर हेमंत सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान।

बाबूलाल मरांडी का हुंकार: "जनहित के काम ठप, भ्रष्टाचार में नंबर-1 है मौजूदा झारखंड सरकार।"

कार्यकर्ताओं के लिए संदेश (Inspirational)

आदित्य साहू का मंत्र: पद नहीं, जिम्मेदारी समझें पदाधिकारी; 'डबल इंजन' सरकार के लिए अभी से जुटें।

बूथ जीतो, चुनाव जीतो: कर्मवीर सिंह ने दिया संगठन को धार देने का टास्क, शुरू होंगे तूफानी दौरे।

धानापुर पुलिस ने चोरी के सोलर पैनल समेत चार आरोपियों को किया गिरफ्तार


चंदौली, धानापुर l स्थानीय थाना धानापुर पुलिस ने जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए सोलर पैनल चोरी के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए सोलर पैनल मोबाईल व नकदी भी बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार  क्षेत्र के तोरवा गांव में स्थित जल जीवन मिशन परियोजना से जुड़ा है, जहां हाल ही में अज्ञात चोरों ने सोलर पैनल चोरी कर लिए थे। धानापुर पुलिस ने नगवा गंगा घाट से
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गाजीपुर जिले के मैनपुर निवासी प्रमोद यादव पुत्र राम बच्चन यादव, गाजीपुर के सौरम निवासी अजय यादव पुत्र मुन्ना यादव और रवि यादव पुत्र गोपाल यादव शामिल हैं। इनके साथ एक 17 वर्षीय बाल आपचारी को भी पकड़ा गया है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन, उप निरीक्षक संजय ओझा, उप निरीक्षक देवेंद्र राय, हेड कांस्टेबल राजेश यादव, कांस्टेबल रामबचन सिंह, सुमित सिंह, सोनू यादव, इंद्रजीत यादव और सर्विलांस टीम के सदस्य शामिल थे।

क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक आनंद चंद्रशेखर के कुशल पर्यवेक्षण में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

हालांकि, इस मामले का मुख्य अभियुक्त विशाल यादव पुत्र राजेश यादव, निवासी ग्राम बड़ी रमरजाय थाना धानापुर जनपद चंदौली अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने उसे भी जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
डिजिटल साक्षरता तथा साइबर सुरक्षा संबंधी कार्यशाला आयोजित

Sambhal एम.जी.एम. कॉलेज संभल में मिशन शक्ति अभियान फेस 5 के द्वितीय चरण के अंतर्गत  डिजिटल साक्षरता तथा साइबर सुरक्षा संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें सब इंस्पेक्टर राखी चौधरी ने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा संबंधी बातें शेयर की ।उन्होंने कहा कि आजकल कई तरह के फ्रॉड चल रहे हैं जिससे आप सबको सावधान रहना है। जैसे कई बार आपको वह  कहता है  कि आपके अकाउंट में पैसा आ गया है और आपको कोई क्यू आर कोड शेयर कर दिया जाता है कि आप इस पर क्लिक करें और अपना पैसा आपके अकाउंट में भेज दिया जाएगा तो आप इस प्रकार किसी भी क्यू आर कोड पर कभी भी स्कैन ना करें क्योंकि यह भी एक साइबर फ्रॉड हो सकता है और इससे आपका अकाउंट खाली हो सकता है। दूसरा यदि कोई आपको इमोशनल तरीके से ब्लैकमेल करें जैसे कि वह आपको अपनी बहन बनाये और आपसे आपके अकाउंट में कोई पैसा मांगता है तो आप उसके प्रति भी सावधान रहे क्योंकि यह भी उसकी एक चाल हो सकती है ।और यदि आपके  पास कोई भी अंजान लिंक आए  तो उसे कभी भी क्लिक न करें किसी के भी बहकावे में ना आएं।  कई ऐसी सच्ची घटनाएं हुई है जिसमें कई बार लड़कियों को इमोशनल ब्लैकमेल किया जाता है। तो आप किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं।और मोबाइल पर यदि ओटीपी आता है तो उसको किसी को शेयर ना करें क्योंकि यदि आप ओटीपी शेयर करते हैं तो इससे भी आपका अकाउंट खाली हो सकता है तो बहुत सी चीजें हैं जिनके प्रति आपको सावधान रहना है।यदि आप फिर भी साइबर फ्राड के शिकार हो जाते हैं तो तुरंत 1930 पर काल करें इसमें आपकी भरसक सहायता की जाती है और जिस खाते में पैसा ट्रान्सफर किया होता है उस को सीज़ करा दिया जाता है इस लिए बिना समय गवाएं साइबर हैल्पलाइन नम्बर 1930 पर काल करें।इस कार्यशाला में डॉक्टर अर्चना बंसल, डॉक्टर प्रीति सिंह के साथ 50 छात्राएं व 25 छात्र उपस्थित रहे ।संचालन डॉक्टर रीतू भटनागर ने किया।
मीरजापुर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, कई दस्तावेज बरामद

मीरजापुर। लंबे समय से यूपी के मीरजापुर में बांग्लादेशी नागरिकों के होने वाले इनपुट पर आखिरकार पुलिस की मुहर लग गई है।
कूटरचित, फर्जी दस्तावेज के जरिए अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे 4 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर 4 अदद मोबाइल फोन सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
दरअसल पुलिस ने यह कार्रवाई वाहन चेकिंग के दौरान की है। वाहन चेकिंग के दौरान
फर्जी दस्तवाजे के माध्यम से भारत में अवैध रुप से निवास कर रहे 4 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को कटरा कोतवाली पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमणशील थी कि इसी दौरान रेलवे स्टेशन मीरजापुर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति पर नजर पड़ी, संदेह होने पर पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम पता मोहम्मद सबूज हुसैन 24 वर्ष पुत्र मो. समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगांव, ठाकुरगंज विभाग रंगपुर (प्रदेश) बंगलादेश बताते हुए यह भी बताया कि उसका भाई सब्बीर हुसैन जो बांग्लादेश से मुझे व 2 अन्य साथियों के साथ लाया है, जो वर्तमान समय में डगमगपुर पड़री, मीरजापुर में प्रदीप सिंह के पीके क्रेशर प्लांट पर कार्य करते है। पुलिस टीम ने मोहम्मद सबूज हुसैन की निशानदेही पर उपरोक्त क्रेशर प्लांट से 3 अन्य को क्रमश: शब्बीर हुसैन 26 वर्ष पुत्र मो. समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगंज विभाग रंगपुर (प्रदेश) बांग्लादेश, नरेशदास 28 वर्ष पुत्र सुनील दास ग्राम बाराबन्दर योगेन्दर बाबू मठ थाना कोतवाली दनाजपुर विभाग रंगपुर (प्रदेश) बांग्लादेश व जयदास 28 वर्ष पुत्र नमोचन्द्रदास ग्राम नरेशदादा के गांव बांग्लादेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद मोबाइलों से आधार कार्ड व पैन कार्ड, बांग्लादेश की वोटर आईडी व पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

दलाल के जरिए नदी पार कर भारत आएं

गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह लोग बांग्लादेश से दलाल को पैसे देकर सीमा, नदी पार कर पश्चिम बंगाल के रायगंज पहुंचे, वहां से कालियागंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से उप्र आगरा गए और काम की तलाश में आगरा से मीरजापुर आयें। जहां डगमगपुर पड़री में पीके क्रेशर प्लांट पर अपनी बांग्लादेशी पहचान छुपाकर काम करने लगे तथा सब्बीर व मो. सबूज ने फर्जी तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ग्राम दसौती पोस्ट सौधी जिला कैमूर (बिहार) के पते पर अपना आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवा लिया और तब से वह लोग प्रदीप सिंह के क्रेशर पर काम कर रहे थे।
मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है : शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ


लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में मंगलवार को कथा के दौरान काशी धर्मपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है। भक्ति से ही ऊर्जा, विश्वास और कर्तव्यबोध उत्पन्न होता है जो व्यक्ति को सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है। सच्ची भक्ति मनुष्य के अंतर्मन के विकारों को दूर कर उसे शांति और संतुलन प्रदान करती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का स्मरण करता है।उसका जीवन स्वयं ही सरल होने लगता है।कथा में उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव और भक्त मार्कंडेय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह मृत्यु जैसे संकट को भी टाल सकती है। जब भक्त पूर्ण विश्वास के साथ ईश्वर की शरण में जाता है तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।जगतगुरु ने कहा यह संसार नश्वर है और ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में ईश्वर की आराधना संभव है लेकिन भाव की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अहंकार त्यागकर भक्ति के मार्ग पर चलें तभी जीवन में सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होगी।उन्होंने कहा सद्गुरु का सान्निध्य जीवन को दिशा देता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य इस भवसागर से पार हो सकता है। प्रवचन के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा और श्रद्धालु एकाग्र होकर कथा श्रवण करते रहे।इस दौरान समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे, जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे, डॉ गोविंद दुबे, अमरेश द्विवेदी, अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल, सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जी एस टी आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में जीएसटी सुधारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए शोध पत्र आमंत्रित

प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी बने संयोजक, वेबसाइट पर पंजीकरण प्रारम्भ

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए आगामी 8 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों, नीति निर्माण और शैक्षणिक विमर्श को बढ़ावा देना है। यह पहल देश के जीएसटी सुधारों को समझने, क्रियान्वित करने और उनके प्रभावों का विश्लेषण कर आवश्यक सुझावों को एकत्रित कर नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए है।

दूरस्थ शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि भारत का एकीकृत कर प्रणाली की ओर बढ़ना स्वतंत्रता के बाद से हुए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय परिवर्तनों में से एक है। भारत "विकसित की आकांक्षा रखता है, ऐसे में जीएसटी समावेशी विकास, राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।इस सुधार ने औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार, डिजिटलीकरण के माध्यम से कर अनुपालन में सुधार और अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं जैसे कि कर दर युक्तिकरण, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अनुपालन की जटिलता और राज्य राजस्व प्रदर्शन में असमानताएं, जिनका समाधान भारत के विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि यह संगोष्ठी चार्टर्ड लेखाकारों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों को भारत के दीर्घकालिक विकासात्मक रोडमैप के संदर्भ में जीएसटी सुधारों के बहुआयामी प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि संगोष्ठी में डिजिटल परिवर्तन, राजकोषीय संघवाद और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में कर पेशेवरों की भूमिका पर गहन चर्चा की जाएगी। उभरते मुद्दों को संबोधित करके और व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें प्रस्तावित करके, यह आयोजन ज्ञान के निर्माण, हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य को एक समावेशी, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आकार देने में प्रमुख योगदान देगा।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का समर्थन करने वाली व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें विकसित करना इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इसी के दृष्टिगत शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्था भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से इस सेमिनार के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के प्रबंधन विद्या शाखा के आचार्य, प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी को संयोजक नामित किया गया है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा से जुड़े सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा छात्रों को आईसीएसएसआर के सहयोग से हो रहे इस राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया है। सेमिनार का संपूर्ण विवरण एवं पंजीकरण प्रारूप मुक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा चुका है। विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महा विद्यालयों को आयोजन संबंधी आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा रही हैं। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

लोक निर्माण विभाग की कार्य योजना को लेकर डीएम ने ली बैठक भी संपन्न
फर्रुखाबाद lजनपद  में लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी द्वारा की गई, जिसमें विधायक अमृतपुर, भोजपुर एवं कायमगंज की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
‘एल्युमिनियम भारत’ पहल लॉन्च: उद्योग को सस्ती ऊर्जा व कच्चे माल पर तुरंत नीति समर्थन की मांग
नई दिल्ली। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने मंगलवार को ‘एल्युमिनियम भारत’ पहल की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार से सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए त्वरित नीति समर्थन की मांग की।
इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली में किया। ‘एल्युमिनियम भारत’ का उद्देश्य देश के एल्युमिनियम सेक्टर को सशक्त बनाना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उद्योग, नीति-निर्माताओं तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक मंच पर लाना है।
ALEMAI के अनुसार, इस पहल के तहत उद्योग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर विचार-विमर्श कर एक ठोस और सतत विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत ‘एल्युमिनियम भारत-2026’ नाम से देश की पहली और सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रदर्शनी 26 से 29 सितंबर 2025 तक गांधीनगर के हेलिपैड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन ‘एल्युमेक्स इंडिया-2026’ के साथ होगा, जिसका उद्देश्य भारतीय एल्युमिनियम उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
इस अवसर पर मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत को उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं ALEMAI के अध्यक्ष जीतेन्द्र चोपड़ा ने उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि देश की 4.2 मिलियन टन की कुल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते नीतिगत सहयोग मिलने पर यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रांची में प्रशासन आपके द्वार: 18 अंचलों में लगा 'जनता दरबार', उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मौके पर ही निपटाए गए सैकड़ों मामले


रांची: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन ने आज एक बड़ी पहल की। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिले के सभी 18 अंचलों में अंचल स्तरीय 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूमि सुधार, प्रमाण-पत्र निर्गत करने और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में हो रही देरी को समाप्त कर जनता को सीधी राहत पहुँचाना था।

मौके पर हुआ समाधान: अनगड़ा से अरगोड़ा तक शिकायतों की झड़ी

जनता दरबार में हजारों की संख्या में ग्रामीण और शहरवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे। उपायुक्त के सख्त निर्देश थे कि मामलों का निष्पादन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर पारदर्शी तरीके से हो।

प्रमुख अंचलों का रिपोर्ट कार्ड:

रातु अंचल: यहाँ सबसे अधिक 178 आवेदनों का निष्पादन हुआ, जिसमें पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और दाखिल-खारिज शामिल रहे।

राहे और अनगड़ा: राहे में 128 और अनगड़ा में 125 मामले सुलझाए गए। अनगड़ा में ऑनलाइन पंजी-II सुधार और रसीद निर्गत करने जैसे जटिल मामलों का भी तुरंत निपटारा किया गया।

चान्हो और मांडर: चान्हो में 78 और मांडर में 58 लोगों की समस्याओं को दूर किया गया।

अरगोड़ा और सिल्ली: अरगोड़ा में 37 और सिल्ली में 54 आवेदनों का निपटारा हुआ।

इन सेवाओं पर रहा विशेष जोर

जनता दरबार में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज (Mutation), पंजी-II में सुधार, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण-पत्र, और सर्वजन पेंशन योजना से जुड़े आवेदनों पर विशेष ध्यान दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की जन-केंद्रित नीति को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से जारी रहेंगे।

वित्तीय कुप्रबंधन चरम पर, जनता के पैसों पर सरकार की लापरवाही भारी” – प्रतुल शाह देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन अब चरम सीमा पर पहुंच चुका है।

ताज़ा बजट आंकड़े इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सरकार एक तरफ पैसे की कमी का रोना रोती है, वहीं दूसरी तरफ उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-2026 के लगभग 1,45,400 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले सरकार मात्र 1,23,659 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई, जिसके कारण राजकोष पर अनावश्यक दबाव बढ़ गया है। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार के पास न तो वित्तीय प्रबंधन की क्षमता है और न ही विकास के प्रति गंभीरता।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि बजट का 15% राशि खर्च नहीं हो पाया। ये झारखंडियों के साथ क्रूर मजाक है।कुछ जन और समाज कल्याण से संबंधित विभागों में तो खर्च 50%-70% के बीच ही सिमट कर रह गया। सबसे दयनीय स्थिति स्कूली शिक्षा, पंचायती राज,नगर विकास, कृषि और स्वास्थ्य विभाग की है जिनका सीधे तौर पर समाज के अंतिम पयदान पर खड़े व्यक्ति से संबंध होता है। यह सीधे-सीधे विकास कार्यों में बाधा और जनता के अधिकारों की अनदेखी है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता, कर्मचारी और पेंशनभोगी भुगत रहे हैं। पेंशन भुगतान में देरी और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में बाधा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह से गलत दिशा में हैं।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह सरकार केवल बहाने बनाने में माहिर है। जब पैसा केंद्र से मिलता है तो उसका उपयोग नहीं कर पाती, और जब खर्च नहीं कर पाती तो वित्तीय संकट का रोना रोती है। यह दोहरा चरित्र झारखंड की जनता के साथ धोखा है।उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन करती और बजट का सही उपयोग करती, तो आज राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी दयनीय नहीं होती। यह स्पष्ट है कि सरकार के पास न विज़न है और न ही कार्य करने की इच्छाशक्ति।

झारखंड भाजपा का बड़ा ऐलान: 17 अप्रैल को बिजली संकट पर राज्यव्यापी प्रदर्शन, बाबूलाल मरांडी बोले— 'देश की सबसे भ्रष्ट सरकार है हेमंत सरकार'

रांची: झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की पहली महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। प्रदेश अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, सांगठनिक मजबूती और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका गया। बैठक में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह उपस्थित रहे।

"यह पद नहीं, जिम्मेदारी है": आदित्य साहू

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि यह पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "हमें टीम भावना के साथ काम करते हुए झारखंड में फिर से डबल इंजन की सरकार बनानी है। हमारा लक्ष्य 2029 में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार सुनिश्चित करना है।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करने का आह्वान किया।

हेमंत सरकार पर तीखा हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वर्तमान सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे देश की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता इस शासन से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। वहीं, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने सांगठनिक मजबूती पर जोर देते हुए पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और नियमित दौरे करने के निर्देश दिए।

17 अप्रैल को 'बिजली' पर महा-आंदोलन

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी:

14 अप्रैल: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती को सांगठनिक स्तर पर भव्य रूप में मनाया जाएगा।

17 अप्रैल: बिजली कटौती, बढ़ी हुई दरों और गलत बिलिंग के विरोध में भाजपा सभी जिलों में कार्यपालक अभियंता कार्यालयों का घेराव और जोरदार प्रदर्शन करेगी।

आगामी योजना: बिजली के बाद भाजपा पानी के संकट को लेकर राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है।

सोशल मीडिया के लिए असरदार हेडलाइंस (Headings)

तीखी और राजनीतिक (Political & Sharp)

झारखंड भाजपा का 'मिशन 2029': नवनियुक्त टीम की पहली बैठक में बनी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने की रणनीति!

17 अप्रैल को सड़कों पर उतरेगी भाजपा: बिजली संकट को लेकर हेमंत सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान।

बाबूलाल मरांडी का हुंकार: "जनहित के काम ठप, भ्रष्टाचार में नंबर-1 है मौजूदा झारखंड सरकार।"

कार्यकर्ताओं के लिए संदेश (Inspirational)

आदित्य साहू का मंत्र: पद नहीं, जिम्मेदारी समझें पदाधिकारी; 'डबल इंजन' सरकार के लिए अभी से जुटें।

बूथ जीतो, चुनाव जीतो: कर्मवीर सिंह ने दिया संगठन को धार देने का टास्क, शुरू होंगे तूफानी दौरे।

धानापुर पुलिस ने चोरी के सोलर पैनल समेत चार आरोपियों को किया गिरफ्तार


चंदौली, धानापुर l स्थानीय थाना धानापुर पुलिस ने जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए सोलर पैनल चोरी के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए सोलर पैनल मोबाईल व नकदी भी बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार  क्षेत्र के तोरवा गांव में स्थित जल जीवन मिशन परियोजना से जुड़ा है, जहां हाल ही में अज्ञात चोरों ने सोलर पैनल चोरी कर लिए थे। धानापुर पुलिस ने नगवा गंगा घाट से
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गाजीपुर जिले के मैनपुर निवासी प्रमोद यादव पुत्र राम बच्चन यादव, गाजीपुर के सौरम निवासी अजय यादव पुत्र मुन्ना यादव और रवि यादव पुत्र गोपाल यादव शामिल हैं। इनके साथ एक 17 वर्षीय बाल आपचारी को भी पकड़ा गया है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन, उप निरीक्षक संजय ओझा, उप निरीक्षक देवेंद्र राय, हेड कांस्टेबल राजेश यादव, कांस्टेबल रामबचन सिंह, सुमित सिंह, सोनू यादव, इंद्रजीत यादव और सर्विलांस टीम के सदस्य शामिल थे।

क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक आनंद चंद्रशेखर के कुशल पर्यवेक्षण में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

हालांकि, इस मामले का मुख्य अभियुक्त विशाल यादव पुत्र राजेश यादव, निवासी ग्राम बड़ी रमरजाय थाना धानापुर जनपद चंदौली अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने उसे भी जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
डिजिटल साक्षरता तथा साइबर सुरक्षा संबंधी कार्यशाला आयोजित

Sambhal एम.जी.एम. कॉलेज संभल में मिशन शक्ति अभियान फेस 5 के द्वितीय चरण के अंतर्गत  डिजिटल साक्षरता तथा साइबर सुरक्षा संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें सब इंस्पेक्टर राखी चौधरी ने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा संबंधी बातें शेयर की ।उन्होंने कहा कि आजकल कई तरह के फ्रॉड चल रहे हैं जिससे आप सबको सावधान रहना है। जैसे कई बार आपको वह  कहता है  कि आपके अकाउंट में पैसा आ गया है और आपको कोई क्यू आर कोड शेयर कर दिया जाता है कि आप इस पर क्लिक करें और अपना पैसा आपके अकाउंट में भेज दिया जाएगा तो आप इस प्रकार किसी भी क्यू आर कोड पर कभी भी स्कैन ना करें क्योंकि यह भी एक साइबर फ्रॉड हो सकता है और इससे आपका अकाउंट खाली हो सकता है। दूसरा यदि कोई आपको इमोशनल तरीके से ब्लैकमेल करें जैसे कि वह आपको अपनी बहन बनाये और आपसे आपके अकाउंट में कोई पैसा मांगता है तो आप उसके प्रति भी सावधान रहे क्योंकि यह भी उसकी एक चाल हो सकती है ।और यदि आपके  पास कोई भी अंजान लिंक आए  तो उसे कभी भी क्लिक न करें किसी के भी बहकावे में ना आएं।  कई ऐसी सच्ची घटनाएं हुई है जिसमें कई बार लड़कियों को इमोशनल ब्लैकमेल किया जाता है। तो आप किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं।और मोबाइल पर यदि ओटीपी आता है तो उसको किसी को शेयर ना करें क्योंकि यदि आप ओटीपी शेयर करते हैं तो इससे भी आपका अकाउंट खाली हो सकता है तो बहुत सी चीजें हैं जिनके प्रति आपको सावधान रहना है।यदि आप फिर भी साइबर फ्राड के शिकार हो जाते हैं तो तुरंत 1930 पर काल करें इसमें आपकी भरसक सहायता की जाती है और जिस खाते में पैसा ट्रान्सफर किया होता है उस को सीज़ करा दिया जाता है इस लिए बिना समय गवाएं साइबर हैल्पलाइन नम्बर 1930 पर काल करें।इस कार्यशाला में डॉक्टर अर्चना बंसल, डॉक्टर प्रीति सिंह के साथ 50 छात्राएं व 25 छात्र उपस्थित रहे ।संचालन डॉक्टर रीतू भटनागर ने किया।
मीरजापुर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, कई दस्तावेज बरामद

मीरजापुर। लंबे समय से यूपी के मीरजापुर में बांग्लादेशी नागरिकों के होने वाले इनपुट पर आखिरकार पुलिस की मुहर लग गई है।
कूटरचित, फर्जी दस्तावेज के जरिए अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे 4 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर 4 अदद मोबाइल फोन सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
दरअसल पुलिस ने यह कार्रवाई वाहन चेकिंग के दौरान की है। वाहन चेकिंग के दौरान
फर्जी दस्तवाजे के माध्यम से भारत में अवैध रुप से निवास कर रहे 4 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को कटरा कोतवाली पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमणशील थी कि इसी दौरान रेलवे स्टेशन मीरजापुर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति पर नजर पड़ी, संदेह होने पर पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम पता मोहम्मद सबूज हुसैन 24 वर्ष पुत्र मो. समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगांव, ठाकुरगंज विभाग रंगपुर (प्रदेश) बंगलादेश बताते हुए यह भी बताया कि उसका भाई सब्बीर हुसैन जो बांग्लादेश से मुझे व 2 अन्य साथियों के साथ लाया है, जो वर्तमान समय में डगमगपुर पड़री, मीरजापुर में प्रदीप सिंह के पीके क्रेशर प्लांट पर कार्य करते है। पुलिस टीम ने मोहम्मद सबूज हुसैन की निशानदेही पर उपरोक्त क्रेशर प्लांट से 3 अन्य को क्रमश: शब्बीर हुसैन 26 वर्ष पुत्र मो. समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगंज विभाग रंगपुर (प्रदेश) बांग्लादेश, नरेशदास 28 वर्ष पुत्र सुनील दास ग्राम बाराबन्दर योगेन्दर बाबू मठ थाना कोतवाली दनाजपुर विभाग रंगपुर (प्रदेश) बांग्लादेश व जयदास 28 वर्ष पुत्र नमोचन्द्रदास ग्राम नरेशदादा के गांव बांग्लादेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद मोबाइलों से आधार कार्ड व पैन कार्ड, बांग्लादेश की वोटर आईडी व पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

दलाल के जरिए नदी पार कर भारत आएं

गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह लोग बांग्लादेश से दलाल को पैसे देकर सीमा, नदी पार कर पश्चिम बंगाल के रायगंज पहुंचे, वहां से कालियागंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से उप्र आगरा गए और काम की तलाश में आगरा से मीरजापुर आयें। जहां डगमगपुर पड़री में पीके क्रेशर प्लांट पर अपनी बांग्लादेशी पहचान छुपाकर काम करने लगे तथा सब्बीर व मो. सबूज ने फर्जी तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ग्राम दसौती पोस्ट सौधी जिला कैमूर (बिहार) के पते पर अपना आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवा लिया और तब से वह लोग प्रदीप सिंह के क्रेशर पर काम कर रहे थे।
मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है : शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ


लालगंज, मीरजापुर। गंगहरा कला में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में मंगलवार को कथा के दौरान काशी धर्मपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में भक्ति ही वह शक्ति है जो उसे अंदर से मजबूत बनाती है। भक्ति से ही ऊर्जा, विश्वास और कर्तव्यबोध उत्पन्न होता है जो व्यक्ति को सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है। सच्ची भक्ति मनुष्य के अंतर्मन के विकारों को दूर कर उसे शांति और संतुलन प्रदान करती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का स्मरण करता है।उसका जीवन स्वयं ही सरल होने लगता है।कथा में उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव और भक्त मार्कंडेय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह मृत्यु जैसे संकट को भी टाल सकती है। जब भक्त पूर्ण विश्वास के साथ ईश्वर की शरण में जाता है तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।जगतगुरु ने कहा यह संसार नश्वर है और ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है। सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में ईश्वर की आराधना संभव है लेकिन भाव की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अहंकार त्यागकर भक्ति के मार्ग पर चलें तभी जीवन में सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होगी।उन्होंने कहा सद्गुरु का सान्निध्य जीवन को दिशा देता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य इस भवसागर से पार हो सकता है। प्रवचन के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा और श्रद्धालु एकाग्र होकर कथा श्रवण करते रहे।इस दौरान समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार दुबे, जगत नारायण दुबे, रामजतन दुबे, डॉ गोविंद दुबे, अमरेश द्विवेदी, अनिल शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह यादव, लवकुश त्रिपाठी, चंद्रभूषण पाल, सुनील दुबे, अमरेंद्र, लक्ष्मीनारायण, ज्ञानेंद्र दुबे, राहुल पांडे, उदित नारायण दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जी एस टी आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय में जीएसटी सुधारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए शोध पत्र आमंत्रित

प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी बने संयोजक, वेबसाइट पर पंजीकरण प्रारम्भ

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए आगामी 8 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों, नीति निर्माण और शैक्षणिक विमर्श को बढ़ावा देना है। यह पहल देश के जीएसटी सुधारों को समझने, क्रियान्वित करने और उनके प्रभावों का विश्लेषण कर आवश्यक सुझावों को एकत्रित कर नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए है।

दूरस्थ शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि भारत का एकीकृत कर प्रणाली की ओर बढ़ना स्वतंत्रता के बाद से हुए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय परिवर्तनों में से एक है। भारत "विकसित की आकांक्षा रखता है, ऐसे में जीएसटी समावेशी विकास, राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और आर्थिक दक्षता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।इस सुधार ने औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार, डिजिटलीकरण के माध्यम से कर अनुपालन में सुधार और अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं जैसे कि कर दर युक्तिकरण, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अनुपालन की जटिलता और राज्य राजस्व प्रदर्शन में असमानताएं, जिनका समाधान भारत के विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि यह संगोष्ठी चार्टर्ड लेखाकारों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों को भारत के दीर्घकालिक विकासात्मक रोडमैप के संदर्भ में जीएसटी सुधारों के बहुआयामी प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि संगोष्ठी में डिजिटल परिवर्तन, राजकोषीय संघवाद और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में कर पेशेवरों की भूमिका पर गहन चर्चा की जाएगी। उभरते मुद्दों को संबोधित करके और व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें प्रस्तावित करके, यह आयोजन ज्ञान के निर्माण, हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य को एक समावेशी, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आकार देने में प्रमुख योगदान देगा।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का समर्थन करने वाली व्यावहारिक नीतिगत सिफारिशें विकसित करना इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इसी के दृष्टिगत शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्था भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से इस सेमिनार के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के प्रबंधन विद्या शाखा के आचार्य, प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी को संयोजक नामित किया गया है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा से जुड़े सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा छात्रों को आईसीएसएसआर के सहयोग से हो रहे इस राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया है। सेमिनार का संपूर्ण विवरण एवं पंजीकरण प्रारूप मुक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा चुका है। विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महा विद्यालयों को आयोजन संबंधी आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा रही हैं। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।