धर्मांतरण कौन करता है?
जाहिर है कोई ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य या अमीर व्यक्ति तो धर्मांतरण करता नहीं! धर्मांतरण वह लोग करते है जो,समाज में छुआछूत के शिकार है,शोषित है। और यह सर्वविदित है कि हमारे समाज में शोषित और छुआछूत का शिकार कौन है? दलित और आदिवासी। देश में अधिकांश धर्मांतरण इन्हीं समुदाय के लोगों ने किया है। इनके धर्मांतरण करने के कारणों पर मंथन करने के बजाय हम इनको संविधान के धर्मांतरण कानून के तहत आरक्षण खत्म करने का डर दिखा कर,इन्हें जबरन उसी समाज में जीने को मजबूर कर रहे है,जहां ये शोषित होते रहे है। जिसमें दलितों के लिए सिर्फ और सिर्फ जहर घोला गया है।
धर्म बदलना शौक़ नहीं मजबूरी है उन लोगों के लिए जो अछूत है। कोई भी दलित या आदिवासी अपना धर्मांतरण जाति बदलने के लिए नहीं करता। बल्कि जाति के आधार पर होनेवाले उत्पीड़न से बचने के लिए धर्मांतरण करते रहे है। दलितों के साथ छुआछुत होगा,उन पर अत्याचार होगा,उनका सामाजिक बहिष्कार होगा,तब दलित क्या करेगा? निश्चित तौर पर वह दूसरे धर्म का रुख करेगा। यह कितना शर्मनाक है कि,आजादी के 80 वर्षों के बाद भी समाज में दलितों की दुर्दशा कितनी भयावह है। दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने नहीं दिया जाता। मंदिरों में घुसने नहीं दिया जाता। दलित का मूछ रखना समाज को स्वीकार नहीं।
यह वर्षों पुरानी इतिहास की बाते नहीं बल्कि आज के नए भारत की बात है। लोग कुत्ते-बिल्ली को अपने बिस्तरों में सुलाते है पर दलित से उन्हें घिन आती है। दलितों के साथ जानवरों से भी बद्तर सलूक क्यूं? क्या दलित इस ग्रह का इंसान नहीं? क्या यह सामाजिक अन्याय नहीं है?
हमारे देश में सब की जातियां फिक्स है जन्म से। संविधान हमें सिर्फ धर्म चुनने का अधिकार देता है न कि जाति चुनने का। जब हमें जाति चुनने का अधिकार ही नहीं,तो फिर हमारी जाति कैसे बदल जाएगी,किसी भी धर्म को अपनाने या छोड़ने से? सवाल है कि,दलितों को आरक्षण का लाभ सिर्फ हिन्दू,सिक्ख और बौद्ध धर्म अपनाने पर ही मिलेगा। ऐसा क्यूं? देश में हिंदू,सिक्ख,बौद्ध के अलावा मुस्लिम,ईसाई,जैन,पारसी धर्म भी मौजूद है। भारत धार्मिक राष्ट्र नहीं है। फिर दलितों के लिए धर्म का बंधन क्यूं?
कुछ लोगों का मानना है कि,हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा बाकी सभी धर्म (खास कर इस्लाम और ईसाई) विदेशी धर्म है। धर्म विदेशी है पर लोग तो भारतीय है। अपने ही लोगो से इतनी नफरत क्यूं? "विदेशी भाषा अपनाई जा सकती है,विदेशी पहनावे,विदेशी खानपान अपनाया जा सकता है तो फिर विदेशी धर्म क्यूं नहीं अपनाया जा सकता?" बुद्धिजीवियों का मानना है कि,इस्लाम और ईसाई धर्म जाति व्यवस्था को नहीं मानता। इसलिए इस्लाम और ईसाई धर्म में धर्मांतरित दलितों की जातिगत पहचान खत्म हो जाती है और साथ ही उनका जाति आधारित मिला आरक्षण भी खत्म हो जाता है।
वैसे बौद्ध धर्म भी जाति व्यस्था को नहीं मानता। फिर बौद्ध धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण का लाभ क्यूं दिया जाता है?
यह सत्य है कि धर्मांतरण कानून कोई नया कानून नहीं। यह पहले से संविधान में उल्लेखित है। पर संविधान में संशोधन का प्रावधान भी है। समय समय पर जरूरतों के हिसाब से संविधान में संशोधन होते रहे है। उसी संविधान संशोधन प्रावधान के तहत,जिस तरह 1956 में हिंदू के अलावा बौद्ध और सिक्ख धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण के दायरे में लाया गया, "अर्थात हिंदू धर्म के अलावा अगर दलित सिख या बौद्ध धर्म अपनाता है तो उसका आरक्षण खत्म नहीं होगा" उसी तरह संविधान संशोधन कर दलितों के लिए अन्य धर्मों को भी आरक्षण के दायरे में लाया जाना चाहिए था।
मेरे विचार में,संविधान में उल्लेखित धर्मांतरण कानून संतुलित नही है। जहां एक तरफ यह दलितों को आरक्षण का अधिकार देता है ताकि वे समाज में समानता के साथ जी सके। सामाजिक पिछड़ेपन से उबर सके। वहीं दूसरी तरफ एक नागरिक के तौर पर उसके मौलिक अधिकारों का हनन करता है। धर्मांतरण कानून में धर्म के बंधन को खत्म करने के लिए संविधान संशोधन होना चाहिए। इसके लिए देश के सारे दलितों,दलित संगठनों,दलित सांसद और विधायकों को एक साथ आगे आकर सरकार से इसकी माँग करनी चाहिए। दलित समुदाय को सपोर्ट करने के लिए आदिवासी समुदाय को भी आगे आना चाहिए। क्योंकि आजकल जिस तरह से झारखंड में आरएसएस और बीजेपी लगातार 'सरना' को 'सनातन' से जोड़ने की कोशिश कर रही है,इससे संदेश साफ है कि,अगला नम्बर आदिवासियों का है।
आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता सुदनीपुर देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

नगरा के प्राथमिक विद्यालय कोदई में धूमधाम से नया सत्र शुरू, स्कूल चलो अभियान में रैली निकाली गई; कक्षा-5 का भावुक विदाई समारोह भी संपन्न
संजीव सिंह नगरा (बलिया), 1 अप्रैल: बलिया जिले के नगरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोदई में बुधवार को 2026-27 सत्र का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में पूरे विद्यालय को गुब्बारों, झंडियों और फूलों से सजाया गया। नए सत्र के पहले दिन 'स्कूल चलो अभियान' के तहत गांव में रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया।सभी बच्चों का माथे पर टीका-रोली लगाकर स्वागत किया गया। नवीन प्रवेशित बच्चों को कॉपी, पेन व पेंसिल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कक्षा-1 से कक्षा-5 तक प्रत्येक कक्षा के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को शील्ड व मेडल देकर सम्मानित किया गया।समारोह की खासियत रही कक्षा-5 के बच्चों का भावुक विदाई समारोह। प्रकृति प्रेमी इन बच्चों को प्रत्येक को एक-एक पौधा, शील्ड व मेडल भेंट किया गया। सहायक अध्यापिका रंजना साहनी ने बच्चों को पौधा देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। पहले दिन सभी बच्चों को व पूड़ी, छोला व हलवा के रूप में विशेष पकवान वितरित किया गया।कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव, सहायक अध्यापिका रंजना साहनी, संजीव कुमार गुप्ता सहायक अध्यापक, रुपा पांडेय (शिक्षामित्र), भवानी प्रसाद गुप्ता (शिक्षामित्र), शशिबाला सिंह व कुसुम सिंह (आंगनबाड़ी कार्यकर्ती), वीरेश राम, कैलाश यादव, देवंती देवी व दसिया देवी उपस्थित रहीं।
धनबाद में गूंजेगी राम कथा की अमृत वर्षा: 3 अप्रैल से शुरू होगा 54वाँ मानस महाधिवेशन

राँची। जिला प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार को समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने की। इस अवसर पर जिले के 10 सेवानिवृत्त शिक्षकों 01 कर्मी को उनके लंबे, समर्पित और अनुकरणीय सेवा काल के लिए सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने स्वयं सभी शिक्षकों को स्मृति चिह्न, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की शिक्षकों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, “शिक्षक समाज के निर्माणकर्ता होते हैं। उनके अथक योगदान से ही आने वाली पीढ़ियाँ मजबूत और सशक्त बनती हैं।”

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की शिक्षकों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा: “जीवन की इस नई पारी में आप सभी नई ऊंचाइयों को छुएँ। स्वयं को व्यस्त रखें, समाज सेवा में सक्रिय रहें और नई उपलब्धियाँ हासिल करें। ईश्वर आपको लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।”

नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।

नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया

इस अवसर पर श्री जगदीश्वर प्रमाणिक को सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिनकी काउंसलिंग वर्ष 2024 में हुई थी।

सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मी:

(1) श्री रंजीत मोहन, स.शि., रा.म.वि. तैमारा, बुण्डू

(2) श्रीमती मरसी किरण पास्कली लकड़ा, स.शि., रा.म.वि. न्यू तुपुदाना, राँची-2

(3) श्री संतोष कुमार महतो, प्रधानाध्यापक, रा. हरिजन मध्य विद्यालय, तमाड़

(4) श्री रविन्द्र नाथ राय, स.शि., रा.प्रा.वि. बोधडीह, तमाड़

(5) मो. करीम आलम, स.शि., रा.म.वि. रडगाँव, तमाड़

(6) श्री खुर्शीद अनवर, स.शि., रा.प्रा.वि. खुदिया, ओरमाँझी

(7) श्री नील कमल महतो, स.शि., रा.उत्क्र.म.वि. हजाम, सिल्ली

(8) श्री भानु प्रताप यादव, स.शि., रा.प्रा.वि. रामपुर, सिल्ली।

(9) श्री हेन्डरी बागे, स.शि., संत अलोईस मध्य विद्यालय, राँची-1

(10) श्रीमती राधा लकड़ा, लिपिक, कार्यालय जिला शिक्षा अधीक्षक, राँची

(11) श्री गोपाल तिवारी, कार्यालय अधीक्षक, विधि शाखा, राँची।

कार्यक्रम में जिला उप समाहर्ता राँची, श्री बिवेक सुमन एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्थापना उप समाहर्ता राँची, श्री बिवेक सुमन और जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज एवं उनके समस्त टीम को विशेष धन्यवाद दिया।

यह आयोजन जिला प्रशासन की उस निरंतर पहल का हिस्सा है जिसमें कर्मचारियों, विशेषकर शिक्षकों के कल्याण, सम्मान और समय पर पेंशन संबंधी लाभों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे कार्यक्रम न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं बल्कि प्रशासन की पारदर्शिता और संवेदनशीलता को भी मजबूत करते हैं।

बंद कमरे में फंदे से लटकता मिला युवती का शव मचा हड़कंप


चंदौली।  धानापुर थाना क्षेत्र के पगही गांव में  एक युवती का शव बंद कमरे में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकता मिला। जिससे परिजनों व क्षेत्र में हड़कंप मच गया।सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरु कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पगही गांव निवासी आशु कुमारी (21 वर्ष) पुत्री निराला राम अपने घर के कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली। बताया जाता है कि घटना के समय युवती के पिता ईंट-भट्ठे पर काम करने गए थे, जबकि मां राशन लेने बाहर गई हुई थीं। तीन भाई बनारस में रहते हैं जो मौजूद नहीं थे। जब कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा। अंदर का दृश्य देखकर वह घबरा गईं और शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और किसी तरह दरवाजा खोलकर युवती को नीचे उतारा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कन्याओं का सर्वधर्म मे विशिष्ट स्थान -सरदार पतविंदर सिंह

कन्याओं की पूजा-पाव-पूजन जहा, वहां देवता निवास..

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने गुरुवार को नैनी के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर कन्या का पूजन करते हुए,हो गए भावुक,नहीं रोक पाए अपने आंसू कहा कि समाज में बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,बेटियों को खेलने दो,नहीं तो सृष्टि विलुप्त हो जाएगी का संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को दुनिया में आने दो,जीवन दो,शिक्षा,स्वास्थ्य,पोषण के साथ
उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिये हम सभी को अपनी सोच बदलना होगा।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि बेटियों को शिक्षित कीजिये और आगे बढ़ने के अवसर दीजिये। बेटियों को पहले शिक्षा और फिर विवाह साथ ही विवाह में दहेज देना व लेना,जो कि एक सामाजिक बुराई है उसे बढ़ावा न दिया जाये,क्योंकि काफी हद तक यह मानसिकता बेटियों के भविष्य को खतरे में डाल रही है। आइये आज संकल्प लें नवरात्रि पर कन्या पूजन के साथ ही कन्या संरक्षण भी करेंगे।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने इस अवसर पर विभिन्न गांव में ग्राम वासियों के साथ संकल्प लेते हुए शपथ दिलाई कि कन्या का हमारे समाज में सदैव विशिष्ट स्थान रहा है हमारे शास्त्रों में लिखा गया है जहां कन्या की पूजा होती है वहां देवताओं का निवास है कन्या की बेहतर शिक्षा व अवसर के साथ ही हम बेहतर समाज की कल्पना कर सकते हैं कन्या को शिक्षित करने से हम अच्छे समाज की परिकल्पना कर पाएंगे व्यक्तिगत तौर पर जहां बच्चों की दिनचर्या एवं संगति पर नजर रखना अभिभावकों का पहला दायित्व बनता है प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय धर्म है नशा गंभीर राष्ट्रीय समस्या का रूप धारण करती जा रही हैl
समाजसेवी राजेश थापा ने कहा कि समाज में महिलाओं का स्थान,बालिकाओं के लिए शिक्षा का महत्व,भेदभाव रहित व्यवहार,नारी सम्मान पहचान समाज में नारी के प्रति सकारात्मक सोच और महिलाओं के लिए सरकार की चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं,हेल्पलाइन नंबर आदि के विषय में व्यापक रूप से चर्चा करते हुए जागरूक कियाlइस अवसर पर परमजीत सिंह,करन हांडा,कमलेश कुमार पाल,राजेश थापा,संदीप भारतीय,हरमन जी सिंह,दलजीत कौर,सरदार पतविंदर सिंह सहित कई स्वयंसेवक ने अपने विचार रखेl
दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त गिरफ्तार
रमेश दूबे

संतकबीरनगर, जनपद में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में थाना धनघटा पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 184/2026 धारा 137(2),87, 64(1) बी0एन0एस0 व 5L/6 पाक्सो एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर के मामले में अभियुक्त नाम पता शिवांश तिवारी पुत्र स्व0 चन्द्रभुषण तिवारी ग्राम परसहर पश्चिमी थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर को उमरिया चौराहा से गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया गया ।
           विदित हो कि वादी द्वारा दिनाँक 01.04.2026  को थाना धनघटा पर वादी की नाबालिग पुत्री को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना धनघटा पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 01.04.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण- उ0नि0  रामकेवल भारती, का0 रविन्द्र निषाद ।
दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त गिरफ्तार
रमेश दूबे

संतकबीरनगर, जनपद में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में थाना धनघटा पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 184/2026 धारा 137(2),87, 64(1) बी0एन0एस0 व 5L/6 पाक्सो एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर के मामले में अभियुक्त नाम पता शिवांश तिवारी पुत्र स्व0 चन्द्रभुषण तिवारी ग्राम परसहर पश्चिमी थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर को उमरिया चौराहा से गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया गया ।
           विदित हो कि वादी द्वारा दिनाँक 01.04.2026  को थाना धनघटा पर वादी की नाबालिग पुत्री को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना धनघटा पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 01.04.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण- उ0नि0  रामकेवल भारती, का0 रविन्द्र निषाद ।
सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई

मेरठ। बहसूमा।क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह द्वारा रविवार को संगठन का विस्तार किया गया। इस दौरान सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। नियुक्ति की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया और सभी ने नव-नियुक्त पदाधिकारी का स्वागत किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह ने कहा कि संगठन निरंतर विस्तार की ओर अग्रसर है और इसमें नए पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरदार मस्तान सिंह अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निभाएंगे तथा गौ माता की सेवा के साथ-साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम योगदान देंगे।

नव-नियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष सरदार मस्तान सिंह ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा कार्यों को गति देने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रविंद्र चौधरी, अजय कुमार, विजय कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया और नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
धर्मांतरण कौन करता है?
जाहिर है कोई ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य या अमीर व्यक्ति तो धर्मांतरण करता नहीं! धर्मांतरण वह लोग करते है जो,समाज में छुआछूत के शिकार है,शोषित है। और यह सर्वविदित है कि हमारे समाज में शोषित और छुआछूत का शिकार कौन है? दलित और आदिवासी। देश में अधिकांश धर्मांतरण इन्हीं समुदाय के लोगों ने किया है। इनके धर्मांतरण करने के कारणों पर मंथन करने के बजाय हम इनको संविधान के धर्मांतरण कानून के तहत आरक्षण खत्म करने का डर दिखा कर,इन्हें जबरन उसी समाज में जीने को मजबूर कर रहे है,जहां ये शोषित होते रहे है। जिसमें दलितों के लिए सिर्फ और सिर्फ जहर घोला गया है।
धर्म बदलना शौक़ नहीं मजबूरी है उन लोगों के लिए जो अछूत है। कोई भी दलित या आदिवासी अपना धर्मांतरण जाति बदलने के लिए नहीं करता। बल्कि जाति के आधार पर होनेवाले उत्पीड़न से बचने के लिए धर्मांतरण करते रहे है। दलितों के साथ छुआछुत होगा,उन पर अत्याचार होगा,उनका सामाजिक बहिष्कार होगा,तब दलित क्या करेगा? निश्चित तौर पर वह दूसरे धर्म का रुख करेगा। यह कितना शर्मनाक है कि,आजादी के 80 वर्षों के बाद भी समाज में दलितों की दुर्दशा कितनी भयावह है। दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने नहीं दिया जाता। मंदिरों में घुसने नहीं दिया जाता। दलित का मूछ रखना समाज को स्वीकार नहीं।
यह वर्षों पुरानी इतिहास की बाते नहीं बल्कि आज के नए भारत की बात है। लोग कुत्ते-बिल्ली को अपने बिस्तरों में सुलाते है पर दलित से उन्हें घिन आती है। दलितों के साथ जानवरों से भी बद्तर सलूक क्यूं? क्या दलित इस ग्रह का इंसान नहीं? क्या यह सामाजिक अन्याय नहीं है?
हमारे देश में सब की जातियां फिक्स है जन्म से। संविधान हमें सिर्फ धर्म चुनने का अधिकार देता है न कि जाति चुनने का। जब हमें जाति चुनने का अधिकार ही नहीं,तो फिर हमारी जाति कैसे बदल जाएगी,किसी भी धर्म को अपनाने या छोड़ने से? सवाल है कि,दलितों को आरक्षण का लाभ सिर्फ हिन्दू,सिक्ख और बौद्ध धर्म अपनाने पर ही मिलेगा। ऐसा क्यूं? देश में हिंदू,सिक्ख,बौद्ध के अलावा मुस्लिम,ईसाई,जैन,पारसी धर्म भी मौजूद है। भारत धार्मिक राष्ट्र नहीं है। फिर दलितों के लिए धर्म का बंधन क्यूं?
कुछ लोगों का मानना है कि,हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा बाकी सभी धर्म (खास कर इस्लाम और ईसाई) विदेशी धर्म है। धर्म विदेशी है पर लोग तो भारतीय है। अपने ही लोगो से इतनी नफरत क्यूं? "विदेशी भाषा अपनाई जा सकती है,विदेशी पहनावे,विदेशी खानपान अपनाया जा सकता है तो फिर विदेशी धर्म क्यूं नहीं अपनाया जा सकता?" बुद्धिजीवियों का मानना है कि,इस्लाम और ईसाई धर्म जाति व्यवस्था को नहीं मानता। इसलिए इस्लाम और ईसाई धर्म में धर्मांतरित दलितों की जातिगत पहचान खत्म हो जाती है और साथ ही उनका जाति आधारित मिला आरक्षण भी खत्म हो जाता है।
वैसे बौद्ध धर्म भी जाति व्यस्था को नहीं मानता। फिर बौद्ध धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण का लाभ क्यूं दिया जाता है?
यह सत्य है कि धर्मांतरण कानून कोई नया कानून नहीं। यह पहले से संविधान में उल्लेखित है। पर संविधान में संशोधन का प्रावधान भी है। समय समय पर जरूरतों के हिसाब से संविधान में संशोधन होते रहे है। उसी संविधान संशोधन प्रावधान के तहत,जिस तरह 1956 में हिंदू के अलावा बौद्ध और सिक्ख धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण के दायरे में लाया गया, "अर्थात हिंदू धर्म के अलावा अगर दलित सिख या बौद्ध धर्म अपनाता है तो उसका आरक्षण खत्म नहीं होगा" उसी तरह संविधान संशोधन कर दलितों के लिए अन्य धर्मों को भी आरक्षण के दायरे में लाया जाना चाहिए था।
मेरे विचार में,संविधान में उल्लेखित धर्मांतरण कानून संतुलित नही है। जहां एक तरफ यह दलितों को आरक्षण का अधिकार देता है ताकि वे समाज में समानता के साथ जी सके। सामाजिक पिछड़ेपन से उबर सके। वहीं दूसरी तरफ एक नागरिक के तौर पर उसके मौलिक अधिकारों का हनन करता है। धर्मांतरण कानून में धर्म के बंधन को खत्म करने के लिए संविधान संशोधन होना चाहिए। इसके लिए देश के सारे दलितों,दलित संगठनों,दलित सांसद और विधायकों को एक साथ आगे आकर सरकार से इसकी माँग करनी चाहिए। दलित समुदाय को सपोर्ट करने के लिए आदिवासी समुदाय को भी आगे आना चाहिए। क्योंकि आजकल जिस तरह से झारखंड में आरएसएस और बीजेपी लगातार 'सरना' को 'सनातन' से जोड़ने की कोशिश कर रही है,इससे संदेश साफ है कि,अगला नम्बर आदिवासियों का है।
आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता सुदनीपुर देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

नगरा के प्राथमिक विद्यालय कोदई में धूमधाम से नया सत्र शुरू, स्कूल चलो अभियान में रैली निकाली गई; कक्षा-5 का भावुक विदाई समारोह भी संपन्न
संजीव सिंह नगरा (बलिया), 1 अप्रैल: बलिया जिले के नगरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोदई में बुधवार को 2026-27 सत्र का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में पूरे विद्यालय को गुब्बारों, झंडियों और फूलों से सजाया गया। नए सत्र के पहले दिन 'स्कूल चलो अभियान' के तहत गांव में रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया।सभी बच्चों का माथे पर टीका-रोली लगाकर स्वागत किया गया। नवीन प्रवेशित बच्चों को कॉपी, पेन व पेंसिल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कक्षा-1 से कक्षा-5 तक प्रत्येक कक्षा के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को शील्ड व मेडल देकर सम्मानित किया गया।समारोह की खासियत रही कक्षा-5 के बच्चों का भावुक विदाई समारोह। प्रकृति प्रेमी इन बच्चों को प्रत्येक को एक-एक पौधा, शील्ड व मेडल भेंट किया गया। सहायक अध्यापिका रंजना साहनी ने बच्चों को पौधा देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। पहले दिन सभी बच्चों को व पूड़ी, छोला व हलवा के रूप में विशेष पकवान वितरित किया गया।कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार श्रीवास्तव, सहायक अध्यापिका रंजना साहनी, संजीव कुमार गुप्ता सहायक अध्यापक, रुपा पांडेय (शिक्षामित्र), भवानी प्रसाद गुप्ता (शिक्षामित्र), शशिबाला सिंह व कुसुम सिंह (आंगनबाड़ी कार्यकर्ती), वीरेश राम, कैलाश यादव, देवंती देवी व दसिया देवी उपस्थित रहीं।
धनबाद में गूंजेगी राम कथा की अमृत वर्षा: 3 अप्रैल से शुरू होगा 54वाँ मानस महाधिवेशन

राँची। जिला प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार को समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने की। इस अवसर पर जिले के 10 सेवानिवृत्त शिक्षकों 01 कर्मी को उनके लंबे, समर्पित और अनुकरणीय सेवा काल के लिए सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने स्वयं सभी शिक्षकों को स्मृति चिह्न, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की शिक्षकों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, “शिक्षक समाज के निर्माणकर्ता होते हैं। उनके अथक योगदान से ही आने वाली पीढ़ियाँ मजबूत और सशक्त बनती हैं।”

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की शिक्षकों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा: “जीवन की इस नई पारी में आप सभी नई ऊंचाइयों को छुएँ। स्वयं को व्यस्त रखें, समाज सेवा में सक्रिय रहें और नई उपलब्धियाँ हासिल करें। ईश्वर आपको लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।”

नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।

नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया

इस अवसर पर श्री जगदीश्वर प्रमाणिक को सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिनकी काउंसलिंग वर्ष 2024 में हुई थी।

सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मी:

(1) श्री रंजीत मोहन, स.शि., रा.म.वि. तैमारा, बुण्डू

(2) श्रीमती मरसी किरण पास्कली लकड़ा, स.शि., रा.म.वि. न्यू तुपुदाना, राँची-2

(3) श्री संतोष कुमार महतो, प्रधानाध्यापक, रा. हरिजन मध्य विद्यालय, तमाड़

(4) श्री रविन्द्र नाथ राय, स.शि., रा.प्रा.वि. बोधडीह, तमाड़

(5) मो. करीम आलम, स.शि., रा.म.वि. रडगाँव, तमाड़

(6) श्री खुर्शीद अनवर, स.शि., रा.प्रा.वि. खुदिया, ओरमाँझी

(7) श्री नील कमल महतो, स.शि., रा.उत्क्र.म.वि. हजाम, सिल्ली

(8) श्री भानु प्रताप यादव, स.शि., रा.प्रा.वि. रामपुर, सिल्ली।

(9) श्री हेन्डरी बागे, स.शि., संत अलोईस मध्य विद्यालय, राँची-1

(10) श्रीमती राधा लकड़ा, लिपिक, कार्यालय जिला शिक्षा अधीक्षक, राँची

(11) श्री गोपाल तिवारी, कार्यालय अधीक्षक, विधि शाखा, राँची।

कार्यक्रम में जिला उप समाहर्ता राँची, श्री बिवेक सुमन एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्थापना उप समाहर्ता राँची, श्री बिवेक सुमन और जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज एवं उनके समस्त टीम को विशेष धन्यवाद दिया।

यह आयोजन जिला प्रशासन की उस निरंतर पहल का हिस्सा है जिसमें कर्मचारियों, विशेषकर शिक्षकों के कल्याण, सम्मान और समय पर पेंशन संबंधी लाभों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे कार्यक्रम न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं बल्कि प्रशासन की पारदर्शिता और संवेदनशीलता को भी मजबूत करते हैं।

बंद कमरे में फंदे से लटकता मिला युवती का शव मचा हड़कंप


चंदौली।  धानापुर थाना क्षेत्र के पगही गांव में  एक युवती का शव बंद कमरे में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकता मिला। जिससे परिजनों व क्षेत्र में हड़कंप मच गया।सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरु कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पगही गांव निवासी आशु कुमारी (21 वर्ष) पुत्री निराला राम अपने घर के कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली। बताया जाता है कि घटना के समय युवती के पिता ईंट-भट्ठे पर काम करने गए थे, जबकि मां राशन लेने बाहर गई हुई थीं। तीन भाई बनारस में रहते हैं जो मौजूद नहीं थे। जब कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा। अंदर का दृश्य देखकर वह घबरा गईं और शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और किसी तरह दरवाजा खोलकर युवती को नीचे उतारा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कन्याओं का सर्वधर्म मे विशिष्ट स्थान -सरदार पतविंदर सिंह

कन्याओं की पूजा-पाव-पूजन जहा, वहां देवता निवास..

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने गुरुवार को नैनी के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर कन्या का पूजन करते हुए,हो गए भावुक,नहीं रोक पाए अपने आंसू कहा कि समाज में बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,बेटियों को खेलने दो,नहीं तो सृष्टि विलुप्त हो जाएगी का संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को दुनिया में आने दो,जीवन दो,शिक्षा,स्वास्थ्य,पोषण के साथ
उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिये हम सभी को अपनी सोच बदलना होगा।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि बेटियों को शिक्षित कीजिये और आगे बढ़ने के अवसर दीजिये। बेटियों को पहले शिक्षा और फिर विवाह साथ ही विवाह में दहेज देना व लेना,जो कि एक सामाजिक बुराई है उसे बढ़ावा न दिया जाये,क्योंकि काफी हद तक यह मानसिकता बेटियों के भविष्य को खतरे में डाल रही है। आइये आज संकल्प लें नवरात्रि पर कन्या पूजन के साथ ही कन्या संरक्षण भी करेंगे।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने इस अवसर पर विभिन्न गांव में ग्राम वासियों के साथ संकल्प लेते हुए शपथ दिलाई कि कन्या का हमारे समाज में सदैव विशिष्ट स्थान रहा है हमारे शास्त्रों में लिखा गया है जहां कन्या की पूजा होती है वहां देवताओं का निवास है कन्या की बेहतर शिक्षा व अवसर के साथ ही हम बेहतर समाज की कल्पना कर सकते हैं कन्या को शिक्षित करने से हम अच्छे समाज की परिकल्पना कर पाएंगे व्यक्तिगत तौर पर जहां बच्चों की दिनचर्या एवं संगति पर नजर रखना अभिभावकों का पहला दायित्व बनता है प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय धर्म है नशा गंभीर राष्ट्रीय समस्या का रूप धारण करती जा रही हैl
समाजसेवी राजेश थापा ने कहा कि समाज में महिलाओं का स्थान,बालिकाओं के लिए शिक्षा का महत्व,भेदभाव रहित व्यवहार,नारी सम्मान पहचान समाज में नारी के प्रति सकारात्मक सोच और महिलाओं के लिए सरकार की चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं,हेल्पलाइन नंबर आदि के विषय में व्यापक रूप से चर्चा करते हुए जागरूक कियाlइस अवसर पर परमजीत सिंह,करन हांडा,कमलेश कुमार पाल,राजेश थापा,संदीप भारतीय,हरमन जी सिंह,दलजीत कौर,सरदार पतविंदर सिंह सहित कई स्वयंसेवक ने अपने विचार रखेl
दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त गिरफ्तार
रमेश दूबे

संतकबीरनगर, जनपद में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में थाना धनघटा पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 184/2026 धारा 137(2),87, 64(1) बी0एन0एस0 व 5L/6 पाक्सो एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर के मामले में अभियुक्त नाम पता शिवांश तिवारी पुत्र स्व0 चन्द्रभुषण तिवारी ग्राम परसहर पश्चिमी थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर को उमरिया चौराहा से गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया गया ।
           विदित हो कि वादी द्वारा दिनाँक 01.04.2026  को थाना धनघटा पर वादी की नाबालिग पुत्री को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना धनघटा पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 01.04.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण- उ0नि0  रामकेवल भारती, का0 रविन्द्र निषाद ।
दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त गिरफ्तार
रमेश दूबे

संतकबीरनगर, जनपद में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में थाना धनघटा पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 184/2026 धारा 137(2),87, 64(1) बी0एन0एस0 व 5L/6 पाक्सो एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर के मामले में अभियुक्त नाम पता शिवांश तिवारी पुत्र स्व0 चन्द्रभुषण तिवारी ग्राम परसहर पश्चिमी थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर को उमरिया चौराहा से गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया गया ।
           विदित हो कि वादी द्वारा दिनाँक 01.04.2026  को थाना धनघटा पर वादी की नाबालिग पुत्री को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना धनघटा पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 01.04.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण- उ0नि0  रामकेवल भारती, का0 रविन्द्र निषाद ।
सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई

मेरठ। बहसूमा।क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह द्वारा रविवार को संगठन का विस्तार किया गया। इस दौरान सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। नियुक्ति की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया और सभी ने नव-नियुक्त पदाधिकारी का स्वागत किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह ने कहा कि संगठन निरंतर विस्तार की ओर अग्रसर है और इसमें नए पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरदार मस्तान सिंह अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निभाएंगे तथा गौ माता की सेवा के साथ-साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम योगदान देंगे।

नव-नियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष सरदार मस्तान सिंह ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा कार्यों को गति देने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रविंद्र चौधरी, अजय कुमार, विजय कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया और नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।