पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भावुक अंदाज मुस्लिम प्रशंसकों ने गले लगकर कहा, 'आप दिल्ली मत जाओ'

विदिशा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विदिशा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान इन दिनों अपने चुनाव प्रचार अभियान में व्यस्त हैं। इसी दौरान एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान का अपने प्रशंसकों के प्रति गहरा लगाव साफ़ नजर आ रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवराज सिंह चौहान अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी कुछ बुजुर्ग मुस्लिम समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। जैसे ही शिवराज गाड़ी से नीचे उतरे, इन बुजुर्गों ने उन्हें गले लगा लिया। वे काफी भावुक नजर आ रहे थे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, "आप हमें छोड़कर दिल्ली मत जाओ, हमारा दिल नहीं लगता।"

शिवराज सिंह चौहान ने भी उतने ही प्यार से उन्हें गले लगाया और हंसते हुए उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने फूलों की वर्षा की और 'मामा-मामा' के नारे लगाए। शिवराज सिंह ने बुजुर्गों से बातचीत की और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग शिवराज सिंह चौहान की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच बने हुए हैं।

आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

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आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

धूमधाम से मनाया जाएगा साई बाबा का जन्म दिवस, भजन संध्या से गूंजेगा गायत्री मंदिर

गायत्री प्रज्ञा पीठ में शाम 4 बजे से विशेष पूजन व महिलाओं द्वारा भजन संध्या का आयोजन


बबलू प्रजापति
पिहानी। नगर स्थित गायत्री प्रज्ञा पीठ में आज शाम 4:00 बजे साई बाबा का जन्म दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं की ओर से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें साई बाबा के भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम का लाभ उठाने की अपील की गई है।
साई बाबा के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में भक्ति, सद्भाव और एकता का संदेश फैलाना है।
बृजभूषण से बीजेपी,बीजेपी से बृजभूषण नहीं,योगी भाजपा की कृपा पर - पप्पू यादव

*बृजभूषण अपनी जगह के दादा

गोंडा।बिहार के पूर्णिया से लोकसभा सांसद राजेश रंजन यादव उर्फ़ पप्पू यादव ने जिले की कैसरगंज लोकसभा सीट के पूर्व सांसद व भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है।पप्पू यादव अक्सर अपने बयानों के लिए चर्चा में बने रहते हैं।पप्पू यादव ने बृजभूषण शरण सिंह के बारे में कहा है कि बृजभूषण शरण सिंह कभी मुलायम सिंह यादव के बहुत नजदीक रहे हैं तो कभी अमित शाह के बहुत नजदीक रहे हैं परन्तु योगी आदित्यनाथ उनको भाव नहीं देते हैं और इज्जत नहीं देते हैं तो यह गलत है ना।योगी जी गोरखपुर के दादा होंगे, नाना होंगे,लेकिन बृजभूषण शरण सिंह भी अपने जगह के दादा हैं।योगी आदित्यनाथ बीजेपी की कृपा पर हैं परन्तु बृजभूषण शरण सिंह से बीजेपी है,बीजेपी से बृजभूषण शरण सिंह नहीं हैं।बृजभूषण के कृपा पर बीजेपी है और योगी आदित्यनाथ बीजेपी की कृपा पर हैं।तो अंतर तो है ना।एक तरफ जब योगी कुछ नहीं थे तब बृजभूषण था,तो तकलीफ तो होगी ना।यहाँ कई खंभा है,बृजभूषण जी, योगी जी, राजा भैया तो वहां कितना,बनारस में एक अलग दादा।तो बड़ी अजीब कहानी है।दरअसल यह बयान बिहार की पूर्णिया से लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एक निजी समाचार एजेंसी को दिया है।जिसमें उनसे पूछा गया था कि बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार में 2027 और 2029 चुनाव को लेकर के राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी देते हुए बयान दिया था, जिसको लेकर दोनों नेताओं के बीच जमकर बयानबाजी हुई थी।अब एक बार फिर पप्पू यादव पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में सामने आए हैं।
आगरा में मासूम से दरिंदगी: टेंपो में ले जाकर 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी फरार
लखनऊ । आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कक्षा 2 में पढ़ने वाली 6 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ गांव के ही एक युवक द्वारा गंभीर आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को छात्रा ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक युवक ने उसे पकड़ लिया और पास खड़े टेंपो में जबरन ले गया। आरोप है कि वहां उसने बच्ची के साथ गलत हरकत की और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। साथ ही आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि वह इस घटना के बारे में किसी को न बताए।
घटना के बाद बच्ची डरी-सहमी रही, लेकिन दो दिन बाद जब उसे तकलीफ बढ़ी तो उसने रविवार शाम को अपनी मां को पूरी बात बताई। यह सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत आरोपी की तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि आरोपी गांव में ही घूमता मिला, जिसे बच्ची ने पहचान लिया।
आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने आरोपी के घरवालों से शिकायत की तो उन्होंने उल्टा पथराव कर दिया। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
थाना मलपुरा प्रभारी के अनुसार, तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और बच्ची का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है।
सुपरओवर में फिर टूटा लखनऊ का दिल: रिंकू सिंह के तूफान से कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत, लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार 8वीं हार

लखनऊ । यूपी की राजधानी इकाना स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा, जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स ने सुपरओवर में जीत दर्ज कर ली। मुकाबला आखिरी गेंद तक सांसें थाम देने वाला रहा, लेकिन अंत में लखनऊ के बल्लेबाज फिर दबाव में बिखर गए।

मो. शमी ने कार्तिक त्यागी की आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर मैच को सुपरओवर में पहुंचा दिया। इससे इकाना में मौजूद हजारों दर्शकों को उम्मीद जगी कि लखनऊ घर में पहली जीत दर्ज कर सकता है, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।सुपरओवर में सुनील नारायण ने घातक गेंदबाजी करते हुए पहली गेंद पर निकोलस पूरन और तीसरी गेंद पर एडन मार्करम को शून्य पर आउट कर दिया। महज 2 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रिंकू सिंह ने पहली ही गेंद पर चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया।

रिंकू सिंह की तूफानी पारी ने पलटा मैच

इस मैच के हीरो रिंकू सिंह रहे, जिन्होंने 51 गेंदों पर 83 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी ने कोलकाता को 155 रन तक पहुंचाया और बाद में यही स्कोर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। खास बात यह रही कि यह उनका आईपीएल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी रहा।लखनऊ के लिए मोहसिन खान ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। वह इस सीजन में पांच विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बने। उन्होंने शुरुआती ओवरों में केकेआर की कमर तोड़ दी थी, लेकिन रिंकू की पारी ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

लखनऊ की बल्लेबाजी फिर फेल

156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की शुरुआत खराब रही। मिचेल मार्श जल्दी आउट हो गए। इसके बाद ऋषभ पंत (42 रन) और मार्करम (31 रन) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। निकोलस पूरन एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।इस हार के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने घरेलू मैदान पर लगातार आठवीं हार का सामना करना पड़ा। टीम अब अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है और प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म होती नजर आ रही हैं।

फैंस का जोश, लेकिन अंत में मायूसी

इकाना क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। तेज धूप के बावजूद हजारों फैंस टीम का समर्थन करने पहुंचे। मैच के दौरान “एलएसजी-एलएसजी” के नारे गूंजते रहे, लेकिन हार के बाद वही दर्शक मायूस होकर लौटे।

मुकाबले की खास बातें

रिंकू सिंह का आईपीएल में सर्वोच्च स्कोर (83 रन)
मोहसिन खान का करियर बेस्ट प्रदर्शन (5 विकेट)
इस सीजन का पहला सुपरओवर
अंगकृष रघुवंशी का फील्ड में बाधा डालने पर आउट होना
कुल मिलाकर, मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन एक बार फिर लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी टीम पर भारी पड़ गई, जबकि रिंकू सिंह की पारी ने केकेआर को यादगार जीत दिला दी।
अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता का किया बहिष्कार, चिठ्ठी लिखकर बोले- न्याय मिलने की उम्मीद टूटी

#arvind_kejriwal_wrote_a_letter_to_justice_swarna_kanta

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को एक पत्र लिखा है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि वे उनके सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है।

गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा, 'मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है। इसलिए मैंने गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा।'

केजरीवाल हाईकोर्ट में अब नहीं होंगे पेश

इससे पहले 20 अप्रैल को, दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटाने की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट में पेशी से पहले अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को ये लेटर लिखा है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़ा है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की थी। उन्होंने जज पर पक्षपात का आशंका जताते हुए कई आधार दिए थे, जिनमें जज के बच्चों का सरकारी वकीलों के साथ जुड़ाव भी शामिल था। हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने हाल ही में इस याचिका को साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका शपथ संविधान से है, दबाव में नहीं झुकेंगी। जज ने केजरीवाल की याचिका को ‘बिना सबूतों के आरोप’ करार दिया और कहा कि ऐसे आवेदन न्यायिक प्रक्रिया पर हमला हैं।

बंगाल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, राजनीतिक दलों में झोंकी पूरी ताकत

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है। बीजेपी, टीएमसी, वामदल और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल सोमवार को प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगे। सभी सक्रिय राजनीतिक दलों के बड़े नेता आज कई रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि बंगाल में 29 अप्रैल आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।

पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ की ताबड़तोड़ रैलियां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले आज सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैरकपुर में सुबह 11:45 बजे विजय संकल्प सभा को संबोधित करेंगे, जहां से वह पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वह सुबह 10:30 बजे बेहाला में रोड शो करेंगे, इसके बाद दोपहर 12:15 बजे चंदननगर विधानसभा क्षेत्र में दूसरा रोड शो करेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय हैं। वे सुबह 11:45 बजे कल्याणी और दोपहर 3:25 बजे दमदम में रोड शो करेंगे। इसके अलावा, योगी दोपहर 2 बजे धनेखली और शाम 4:10 बजे राजारहाट गोपालपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बढ़ा तनाव

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कुल चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियों के बीच टकराव और भी तेज होता जा रहा है।इस बीच राज्य से चुनावी हिंसा की घटनाएं भी लगातार आ रही है।

24 परगना में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प

उत्तर 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई है। यह झड़प पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में हुई। बीजेपी नेता का दावा है कि इस झड़प में बमबारी और गोलीबारी भी हुई। जिसमें सीआईएसएफ के जवान को भी गोली लगी है।

जगद्दल में बमबाजी और फायरिंग से तनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जगद्दल में रविवार रात राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिसमें CISF का एक जवान घायल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। भाजपा नेता अर्जुन सिंह के पहुंचते ही हालात बिगड़ गए और झड़प हिंसक हो गई। घटना घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों पक्षों में हाथापाई हुई। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग

23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य में 92।35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो बेहद अहम मानी जा रही है।

Sambhal 12,135 वक्फ संपत्तियाँ निरस्त: लापरवाही या सिस्टम की सख्ती? यूपी में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जहां करीब 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद हज़ारों मुतवल्लियों और संबंधित लोगों में चिंता बढ़ गई है।

वक्फ विकास निगम के निदेशक इमरान अहमद तुर्की के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी साजिश का हिस्सा नहीं बल्कि तकनीकी और दस्तावेजी खामियों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में वक्फ संपत्तियों का डेटा ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, लेकिन जिन संपत्तियों का पूरा और सही ब्योरा नहीं दिया गया, वे सिस्टम में दर्ज नहीं हो सकीं। तुर्की ने साफ कहा कि जिन लोगों ने अपनी संपत्तियों का सही रिकॉर्ड—जैसे वक्फ नंबर, जमीन का विवरण, रजिस्ट्रेशन जानकारी—अपलोड नहीं किया, उनकी ही संपत्तियाँ खारिज हुई हैं। उन्होंने इसे “लोगों की अपनी कमी” बताया। सरकार पहले ही कई बार समय सीमा बढ़ा चुकी है और अब 6 जून आखिरी तारीख तय की गई है। हालांकि, आगे समय बढ़ेगा या नहीं, इस पर फैसला सरकार ही करेगी। जिनकी संपत्तियाँ निरस्त हुई हैं, उनके लिए साफ निर्देश हैं—पुराने रिकॉर्ड निकालकर सही विवरण के साथ दोबारा आवेदन करें। सही मिलान होने पर पंजीकरण बहाल हो सकता है। यह मामला अब प्रदेश में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जहां एक ओर पारदर्शिता की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही की कीमत लोगों को भारी पड़ती दिख रही है।
शिवदयाल मिश्रा समेत अनेक दिग्गज भाजपा पदाधिकारियों ने थामा शिवसेना का भगवा
मुंबई।  महाराष्ट्र की राजनीति में उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उनके कई कद्दावर पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक साथ शिवसेना (शिंदे गुट) में प्रवेश कर लिया। उप-मुख्यमंत्री के विकास कार्यों और उनके जुझारू नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए इन नेताओं ने शिवसेना का भगवा झंडा फहराया।शिवसेना परिवार में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में उत्तर मुंबई के वे नेता शामिल हैं, जिनकी जमीन पर गहरी पकड़ मानी जाती है। भाजपा से उत्तर मुंबई के महामंत्री शिवदयाल मिश्रा, उत्तर भारतीय मोर्चा के उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा, उत्तर भारतीय युवा मोर्चा के अध्यक्ष अमित पांडे, वार्ड क्रमांक १२ के सचिव रवी पाठक और अध्यक्ष शशिकांत पाल ने शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की। मनसे से मनसे की उपविभाग अध्यक्ष कस्तुरी रोहेकर और महासचिव अजित ने भी अपने समर्थकों के साथ शिवसेना का हाथ थाम लिया।इस भव्य प्रवेश समारोह के दौरान शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं और मागाठाणे विधानसभा के विधायक प्रकाश सुर्वे ने सभी नए सहयोगियों का पुष्पगुच्छ देकर हार्दिक अभिनंदन किया। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन अनुभवी पदाधिकारियों के जुड़ने से शिवसेना न केवल सांगठनिक रूप से मजबूत हुई है, बल्कि आने वाले समय में जनसेवा के कार्यों में भी तेजी आएगी।
इस दौरान मागाठाणे विधानसभा के विधायक प्रकाश सुर्वे ने कहा की यह प्रवेश पार्टी के लिए मजबूती देने वाला है। इन सभी कर्मठ साथियों के आने से हम नई ऊर्जा के साथ जनता के बीच जाएंगे और उप-मुख्यमंत्री शिंदे साहब के विजन को घर-घर तक पहुँचाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा और मनसे के उत्तर भारतीय मोर्चे और स्थानीय वार्ड स्तर के पदाधिकारियों का शिवसेना में जाने से शिवसेना उत्तर मुंबई में और मजबूत होंगी। विशेष रूप से उत्तर भारतीय मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए शिवसेना के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।नए शामिल हुए पदाधिकारियों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कुशल मार्गदर्शन में महाराष्ट्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भावुक अंदाज मुस्लिम प्रशंसकों ने गले लगकर कहा, 'आप दिल्ली मत जाओ'

विदिशा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विदिशा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान इन दिनों अपने चुनाव प्रचार अभियान में व्यस्त हैं। इसी दौरान एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान का अपने प्रशंसकों के प्रति गहरा लगाव साफ़ नजर आ रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवराज सिंह चौहान अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी कुछ बुजुर्ग मुस्लिम समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। जैसे ही शिवराज गाड़ी से नीचे उतरे, इन बुजुर्गों ने उन्हें गले लगा लिया। वे काफी भावुक नजर आ रहे थे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, "आप हमें छोड़कर दिल्ली मत जाओ, हमारा दिल नहीं लगता।"

शिवराज सिंह चौहान ने भी उतने ही प्यार से उन्हें गले लगाया और हंसते हुए उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने फूलों की वर्षा की और 'मामा-मामा' के नारे लगाए। शिवराज सिंह ने बुजुर्गों से बातचीत की और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग शिवराज सिंह चौहान की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच बने हुए हैं।

आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

#numberofbjpmpsintherajyasabhahasreached113withanewnotification

आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

धूमधाम से मनाया जाएगा साई बाबा का जन्म दिवस, भजन संध्या से गूंजेगा गायत्री मंदिर

गायत्री प्रज्ञा पीठ में शाम 4 बजे से विशेष पूजन व महिलाओं द्वारा भजन संध्या का आयोजन


बबलू प्रजापति
पिहानी। नगर स्थित गायत्री प्रज्ञा पीठ में आज शाम 4:00 बजे साई बाबा का जन्म दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं की ओर से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें साई बाबा के भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम का लाभ उठाने की अपील की गई है।
साई बाबा के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में भक्ति, सद्भाव और एकता का संदेश फैलाना है।
बृजभूषण से बीजेपी,बीजेपी से बृजभूषण नहीं,योगी भाजपा की कृपा पर - पप्पू यादव

*बृजभूषण अपनी जगह के दादा

गोंडा।बिहार के पूर्णिया से लोकसभा सांसद राजेश रंजन यादव उर्फ़ पप्पू यादव ने जिले की कैसरगंज लोकसभा सीट के पूर्व सांसद व भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है।पप्पू यादव अक्सर अपने बयानों के लिए चर्चा में बने रहते हैं।पप्पू यादव ने बृजभूषण शरण सिंह के बारे में कहा है कि बृजभूषण शरण सिंह कभी मुलायम सिंह यादव के बहुत नजदीक रहे हैं तो कभी अमित शाह के बहुत नजदीक रहे हैं परन्तु योगी आदित्यनाथ उनको भाव नहीं देते हैं और इज्जत नहीं देते हैं तो यह गलत है ना।योगी जी गोरखपुर के दादा होंगे, नाना होंगे,लेकिन बृजभूषण शरण सिंह भी अपने जगह के दादा हैं।योगी आदित्यनाथ बीजेपी की कृपा पर हैं परन्तु बृजभूषण शरण सिंह से बीजेपी है,बीजेपी से बृजभूषण शरण सिंह नहीं हैं।बृजभूषण के कृपा पर बीजेपी है और योगी आदित्यनाथ बीजेपी की कृपा पर हैं।तो अंतर तो है ना।एक तरफ जब योगी कुछ नहीं थे तब बृजभूषण था,तो तकलीफ तो होगी ना।यहाँ कई खंभा है,बृजभूषण जी, योगी जी, राजा भैया तो वहां कितना,बनारस में एक अलग दादा।तो बड़ी अजीब कहानी है।दरअसल यह बयान बिहार की पूर्णिया से लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एक निजी समाचार एजेंसी को दिया है।जिसमें उनसे पूछा गया था कि बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार में 2027 और 2029 चुनाव को लेकर के राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी देते हुए बयान दिया था, जिसको लेकर दोनों नेताओं के बीच जमकर बयानबाजी हुई थी।अब एक बार फिर पप्पू यादव पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में सामने आए हैं।
आगरा में मासूम से दरिंदगी: टेंपो में ले जाकर 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी फरार
लखनऊ । आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कक्षा 2 में पढ़ने वाली 6 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ गांव के ही एक युवक द्वारा गंभीर आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को छात्रा ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक युवक ने उसे पकड़ लिया और पास खड़े टेंपो में जबरन ले गया। आरोप है कि वहां उसने बच्ची के साथ गलत हरकत की और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। साथ ही आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि वह इस घटना के बारे में किसी को न बताए।
घटना के बाद बच्ची डरी-सहमी रही, लेकिन दो दिन बाद जब उसे तकलीफ बढ़ी तो उसने रविवार शाम को अपनी मां को पूरी बात बताई। यह सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत आरोपी की तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि आरोपी गांव में ही घूमता मिला, जिसे बच्ची ने पहचान लिया।
आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने आरोपी के घरवालों से शिकायत की तो उन्होंने उल्टा पथराव कर दिया। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
थाना मलपुरा प्रभारी के अनुसार, तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और बच्ची का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है।
सुपरओवर में फिर टूटा लखनऊ का दिल: रिंकू सिंह के तूफान से कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत, लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार 8वीं हार

लखनऊ । यूपी की राजधानी इकाना स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा, जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स ने सुपरओवर में जीत दर्ज कर ली। मुकाबला आखिरी गेंद तक सांसें थाम देने वाला रहा, लेकिन अंत में लखनऊ के बल्लेबाज फिर दबाव में बिखर गए।

मो. शमी ने कार्तिक त्यागी की आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर मैच को सुपरओवर में पहुंचा दिया। इससे इकाना में मौजूद हजारों दर्शकों को उम्मीद जगी कि लखनऊ घर में पहली जीत दर्ज कर सकता है, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।सुपरओवर में सुनील नारायण ने घातक गेंदबाजी करते हुए पहली गेंद पर निकोलस पूरन और तीसरी गेंद पर एडन मार्करम को शून्य पर आउट कर दिया। महज 2 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रिंकू सिंह ने पहली ही गेंद पर चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया।

रिंकू सिंह की तूफानी पारी ने पलटा मैच

इस मैच के हीरो रिंकू सिंह रहे, जिन्होंने 51 गेंदों पर 83 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी ने कोलकाता को 155 रन तक पहुंचाया और बाद में यही स्कोर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। खास बात यह रही कि यह उनका आईपीएल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी रहा।लखनऊ के लिए मोहसिन खान ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। वह इस सीजन में पांच विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बने। उन्होंने शुरुआती ओवरों में केकेआर की कमर तोड़ दी थी, लेकिन रिंकू की पारी ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

लखनऊ की बल्लेबाजी फिर फेल

156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की शुरुआत खराब रही। मिचेल मार्श जल्दी आउट हो गए। इसके बाद ऋषभ पंत (42 रन) और मार्करम (31 रन) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। निकोलस पूरन एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।इस हार के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने घरेलू मैदान पर लगातार आठवीं हार का सामना करना पड़ा। टीम अब अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है और प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म होती नजर आ रही हैं।

फैंस का जोश, लेकिन अंत में मायूसी

इकाना क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। तेज धूप के बावजूद हजारों फैंस टीम का समर्थन करने पहुंचे। मैच के दौरान “एलएसजी-एलएसजी” के नारे गूंजते रहे, लेकिन हार के बाद वही दर्शक मायूस होकर लौटे।

मुकाबले की खास बातें

रिंकू सिंह का आईपीएल में सर्वोच्च स्कोर (83 रन)
मोहसिन खान का करियर बेस्ट प्रदर्शन (5 विकेट)
इस सीजन का पहला सुपरओवर
अंगकृष रघुवंशी का फील्ड में बाधा डालने पर आउट होना
कुल मिलाकर, मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन एक बार फिर लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी टीम पर भारी पड़ गई, जबकि रिंकू सिंह की पारी ने केकेआर को यादगार जीत दिला दी।
अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता का किया बहिष्कार, चिठ्ठी लिखकर बोले- न्याय मिलने की उम्मीद टूटी

#arvind_kejriwal_wrote_a_letter_to_justice_swarna_kanta

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को एक पत्र लिखा है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि वे उनके सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है।

गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा, 'मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है। इसलिए मैंने गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा।'

केजरीवाल हाईकोर्ट में अब नहीं होंगे पेश

इससे पहले 20 अप्रैल को, दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटाने की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट में पेशी से पहले अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को ये लेटर लिखा है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़ा है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की थी। उन्होंने जज पर पक्षपात का आशंका जताते हुए कई आधार दिए थे, जिनमें जज के बच्चों का सरकारी वकीलों के साथ जुड़ाव भी शामिल था। हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने हाल ही में इस याचिका को साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका शपथ संविधान से है, दबाव में नहीं झुकेंगी। जज ने केजरीवाल की याचिका को ‘बिना सबूतों के आरोप’ करार दिया और कहा कि ऐसे आवेदन न्यायिक प्रक्रिया पर हमला हैं।

बंगाल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, राजनीतिक दलों में झोंकी पूरी ताकत

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है। बीजेपी, टीएमसी, वामदल और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल सोमवार को प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगे। सभी सक्रिय राजनीतिक दलों के बड़े नेता आज कई रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि बंगाल में 29 अप्रैल आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।

पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ की ताबड़तोड़ रैलियां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले आज सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैरकपुर में सुबह 11:45 बजे विजय संकल्प सभा को संबोधित करेंगे, जहां से वह पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वह सुबह 10:30 बजे बेहाला में रोड शो करेंगे, इसके बाद दोपहर 12:15 बजे चंदननगर विधानसभा क्षेत्र में दूसरा रोड शो करेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय हैं। वे सुबह 11:45 बजे कल्याणी और दोपहर 3:25 बजे दमदम में रोड शो करेंगे। इसके अलावा, योगी दोपहर 2 बजे धनेखली और शाम 4:10 बजे राजारहाट गोपालपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बढ़ा तनाव

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कुल चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियों के बीच टकराव और भी तेज होता जा रहा है।इस बीच राज्य से चुनावी हिंसा की घटनाएं भी लगातार आ रही है।

24 परगना में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प

उत्तर 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई है। यह झड़प पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में हुई। बीजेपी नेता का दावा है कि इस झड़प में बमबारी और गोलीबारी भी हुई। जिसमें सीआईएसएफ के जवान को भी गोली लगी है।

जगद्दल में बमबाजी और फायरिंग से तनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जगद्दल में रविवार रात राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिसमें CISF का एक जवान घायल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। भाजपा नेता अर्जुन सिंह के पहुंचते ही हालात बिगड़ गए और झड़प हिंसक हो गई। घटना घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों पक्षों में हाथापाई हुई। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग

23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य में 92।35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो बेहद अहम मानी जा रही है।

Sambhal 12,135 वक्फ संपत्तियाँ निरस्त: लापरवाही या सिस्टम की सख्ती? यूपी में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जहां करीब 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद हज़ारों मुतवल्लियों और संबंधित लोगों में चिंता बढ़ गई है।

वक्फ विकास निगम के निदेशक इमरान अहमद तुर्की के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी साजिश का हिस्सा नहीं बल्कि तकनीकी और दस्तावेजी खामियों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में वक्फ संपत्तियों का डेटा ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, लेकिन जिन संपत्तियों का पूरा और सही ब्योरा नहीं दिया गया, वे सिस्टम में दर्ज नहीं हो सकीं। तुर्की ने साफ कहा कि जिन लोगों ने अपनी संपत्तियों का सही रिकॉर्ड—जैसे वक्फ नंबर, जमीन का विवरण, रजिस्ट्रेशन जानकारी—अपलोड नहीं किया, उनकी ही संपत्तियाँ खारिज हुई हैं। उन्होंने इसे “लोगों की अपनी कमी” बताया। सरकार पहले ही कई बार समय सीमा बढ़ा चुकी है और अब 6 जून आखिरी तारीख तय की गई है। हालांकि, आगे समय बढ़ेगा या नहीं, इस पर फैसला सरकार ही करेगी। जिनकी संपत्तियाँ निरस्त हुई हैं, उनके लिए साफ निर्देश हैं—पुराने रिकॉर्ड निकालकर सही विवरण के साथ दोबारा आवेदन करें। सही मिलान होने पर पंजीकरण बहाल हो सकता है। यह मामला अब प्रदेश में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जहां एक ओर पारदर्शिता की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही की कीमत लोगों को भारी पड़ती दिख रही है।
शिवदयाल मिश्रा समेत अनेक दिग्गज भाजपा पदाधिकारियों ने थामा शिवसेना का भगवा
मुंबई।  महाराष्ट्र की राजनीति में उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उनके कई कद्दावर पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक साथ शिवसेना (शिंदे गुट) में प्रवेश कर लिया। उप-मुख्यमंत्री के विकास कार्यों और उनके जुझारू नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए इन नेताओं ने शिवसेना का भगवा झंडा फहराया।शिवसेना परिवार में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में उत्तर मुंबई के वे नेता शामिल हैं, जिनकी जमीन पर गहरी पकड़ मानी जाती है। भाजपा से उत्तर मुंबई के महामंत्री शिवदयाल मिश्रा, उत्तर भारतीय मोर्चा के उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा, उत्तर भारतीय युवा मोर्चा के अध्यक्ष अमित पांडे, वार्ड क्रमांक १२ के सचिव रवी पाठक और अध्यक्ष शशिकांत पाल ने शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की। मनसे से मनसे की उपविभाग अध्यक्ष कस्तुरी रोहेकर और महासचिव अजित ने भी अपने समर्थकों के साथ शिवसेना का हाथ थाम लिया।इस भव्य प्रवेश समारोह के दौरान शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं और मागाठाणे विधानसभा के विधायक प्रकाश सुर्वे ने सभी नए सहयोगियों का पुष्पगुच्छ देकर हार्दिक अभिनंदन किया। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन अनुभवी पदाधिकारियों के जुड़ने से शिवसेना न केवल सांगठनिक रूप से मजबूत हुई है, बल्कि आने वाले समय में जनसेवा के कार्यों में भी तेजी आएगी।
इस दौरान मागाठाणे विधानसभा के विधायक प्रकाश सुर्वे ने कहा की यह प्रवेश पार्टी के लिए मजबूती देने वाला है। इन सभी कर्मठ साथियों के आने से हम नई ऊर्जा के साथ जनता के बीच जाएंगे और उप-मुख्यमंत्री शिंदे साहब के विजन को घर-घर तक पहुँचाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा और मनसे के उत्तर भारतीय मोर्चे और स्थानीय वार्ड स्तर के पदाधिकारियों का शिवसेना में जाने से शिवसेना उत्तर मुंबई में और मजबूत होंगी। विशेष रूप से उत्तर भारतीय मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए शिवसेना के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।नए शामिल हुए पदाधिकारियों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कुशल मार्गदर्शन में महाराष्ट्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे।