जहानाबाद में लगा मगही चौपाल, अष्टम अनुसूची में शामिल करने की उठी मांग
जनगणना में “मगही” दर्ज कराने को लेकर लोगों से अपील

जहानाबाद के अरवल मोड़ पर मगही चौपाल का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने और जनगणना के दौरान मातृभाषा के रूप में “मगही” दर्ज कराने के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बुद्धिजीवी और भाषा प्रेमी शामिल हुए। चौपाल के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मगही भाषा मगध की पहचान है और इसे उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुधाकर राजेंद्र ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा होती है, इसलिए मगही को उसका उचित सम्मान मिलना जरूरी है। वहीं विश्वजीत कुमार अलबेला ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को मगही भाषा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सन्नी कुमार कश्यप ने मगध के इतिहास और मगही भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही संजय कुमार, अजय विश्वकर्मा और मगही के गोल्ड मेडलिस्ट कमलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में मगही को ही दर्ज कराएं, ताकि इस भाषा को उसका उचित अधिकार मिल सके। कार्यक्रम का सफल आयोजन गौतम पाराशर के संयोजन में किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। चौपाल के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मगही भाषा को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

महराजगंज तराई के बरदही बाजार में जमीन विवाद: पट्टेदारों ने लगाया उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों का आरोप।      
              
                
बलरामपुर।महराजगंज तराई क्षेत्र के बरदही बाजार में जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्ष 1989 में 16 लोगों को पट्टा आवंटित किया गया था,लेकिन अब पट्टेदारों का आरोप है कि कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पट्टेदारों के अनुसार,मुस्लिम बंजारा,मुख्तार बंजारा,साहिल बंजारा और कालेखा नामक व्यक्तियों द्वारा गाय-बैल के व्यापार के नाम पर पुलिस से सांठगांठ कर भारी रकम दी जाती है। आरोप है कि ये लोग पट्टेदारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करवाकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।
पीड़ितों का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं,उनके नाम कोई वैध पट्टा भी नहीं है,इसके बावजूद वे पुलिस की मदद से जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। साथ ही,जब भी असली पट्टेदार निर्माण कार्य शुरू करते हैं,उन्हें रोका जाता है।
मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि मुस्लिम बंजारा द्वारा फर्जी स्टे (स्थगन आदेश) लाया गया और उसे हटवाने के नाम पर 16 लोगों से 3500-3500 रुपये,कुल 56,000 रुपये वसूले गए। पीड़ितों का दावा है कि यह रकम मुस्तक और सहजाद के माध्यम से एक सिपाही को दी गई,जिसके बाद थानाध्यक्ष के जरिए बंजारों को 8 फुट जमीन दिला दी गई।
पट्टेदारों का कहना है कि समझौता होने के बावजूद भी उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दिया जा रहा है और लगातार उत्पीड़न जारी है।
पीड़ितों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
बरही बैंक लूट कांड का खुलासा: 3 आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार, 20 लाख नकद और सोना बरामद

Hazaribagh Police ने 24 अप्रैल 2026 को बरही थाना क्षेत्र स्थित Bank of Maharashtra शाखा में हुई लूट कांड का सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में 3 मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

घटना 24 अप्रैल को दोपहर करीब 3:15 बजे हुई थी, जब 4 हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में घुसकर कर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधी 4,22,492 रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना, जो 78 पैकेट में रखा था, लूटकर दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) की पहचान की गई, जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा रेकी के लिए किया गया था।

पुलिस ने Uttar Pradesh Special Task Force के सहयोग से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (गोरखपुर), मो० अफजल (नवादा, बिहार) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू (मऊ, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो वाहन, घटना में प्रयुक्त 2 पल्सर मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि यहां गोल्ड लोन दिया जाता है। घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने करीब 2 महीने तक बैंक की रेकी की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के कई लूट कांडों में शामिल रहे हैं।

फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।
आजमगढ़ : प्राइवेट स्कूलों की भारी फीस से बचने के लिए राजमणि यादव ने खोला निशुल्क विद्यालय ,मां देवरती शिक्षण संस्थान में हुआ कार्यक्रम

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । एक ओर जहां निजी विद्यालयों की बढ़ती फीस से अभिभावक परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर अहरौला थाना क्षेत्र के शमशाबाद महुआरा गांव में समाजसेवी राजमणि यादव ने सराहनीय पहल करते हुए  गरीबो के बच्चों की शिक्षा के लिए निशुल्क विद्यालय की  स्थापना की है। इस  नवनिर्मित विद्यालय भवन का उदघाटन धूमधाम से किया गया ।  वही  मां देवरती शिक्षण संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगो का मन मोह लिया । 
  शनिवार को देर रात कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षण संस्थान के प्रबन्धक राजमनि यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप ,धूप और माल्यार्पण कर किया । इस के बाद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया । 
  प्रबन्धक राजमनि यादव ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है। प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश, मासिक फीस, किताबें और अन्य खर्च आम परिवारों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। ऐसे में कई गरीब परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में असमर्थ हैं।
इसी समस्या को देखते हुए अपने ही पैतृक मकान में अपनी मां देव रती शिक्षण संस्थान के नाम निशुल्क विद्यालय खोलने का काम किया है । संस्थान के  प्रबन्धक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सीएमडी  राजमणि यादव ने महुआरा में यह कदम उठाया। उनके द्वारा खोले गए इस निशुल्क विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल समाज के लिए एक मिसाल है। इससे न सिर्फ गरीब बच्चों को शिक्षा मिलेगी बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की पहल शिक्षा की असमानता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि देश में अभी भी कई जगह आर्थिक कारणों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। 
 इस अवसर पर विधायक रमाकांत यादव के प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव  ,ब्लाक प्रमुख प्रमोद कुमार यादव ,रानू राजभर ,राम जग यादव ,बिवेक यादव,सीओ बूढ़नपुर कौस्तुभ त्रिपाठी,सुनील कुमार दुबे ,भीम सेन यादव आदि लोग रहे ।
जहानाबाद में लगा मगही चौपाल, अष्टम अनुसूची में शामिल करने की उठी मांग
जनगणना में “मगही” दर्ज कराने को लेकर लोगों से अपील

जहानाबाद के अरवल मोड़ पर मगही चौपाल का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने और जनगणना के दौरान मातृभाषा के रूप में “मगही” दर्ज कराने के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बुद्धिजीवी और भाषा प्रेमी शामिल हुए। चौपाल के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मगही भाषा मगध की पहचान है और इसे उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुधाकर राजेंद्र ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा होती है, इसलिए मगही को उसका उचित सम्मान मिलना जरूरी है। वहीं विश्वजीत कुमार अलबेला ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को मगही भाषा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सन्नी कुमार कश्यप ने मगध के इतिहास और मगही भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही संजय कुमार, अजय विश्वकर्मा और मगही के गोल्ड मेडलिस्ट कमलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में मगही को ही दर्ज कराएं, ताकि इस भाषा को उसका उचित अधिकार मिल सके। कार्यक्रम का सफल आयोजन गौतम पाराशर के संयोजन में किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। चौपाल के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मगही भाषा को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

महराजगंज तराई के बरदही बाजार में जमीन विवाद: पट्टेदारों ने लगाया उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों का आरोप।      
              
                
बलरामपुर।महराजगंज तराई क्षेत्र के बरदही बाजार में जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्ष 1989 में 16 लोगों को पट्टा आवंटित किया गया था,लेकिन अब पट्टेदारों का आरोप है कि कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पट्टेदारों के अनुसार,मुस्लिम बंजारा,मुख्तार बंजारा,साहिल बंजारा और कालेखा नामक व्यक्तियों द्वारा गाय-बैल के व्यापार के नाम पर पुलिस से सांठगांठ कर भारी रकम दी जाती है। आरोप है कि ये लोग पट्टेदारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करवाकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।
पीड़ितों का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं,उनके नाम कोई वैध पट्टा भी नहीं है,इसके बावजूद वे पुलिस की मदद से जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। साथ ही,जब भी असली पट्टेदार निर्माण कार्य शुरू करते हैं,उन्हें रोका जाता है।
मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि मुस्लिम बंजारा द्वारा फर्जी स्टे (स्थगन आदेश) लाया गया और उसे हटवाने के नाम पर 16 लोगों से 3500-3500 रुपये,कुल 56,000 रुपये वसूले गए। पीड़ितों का दावा है कि यह रकम मुस्तक और सहजाद के माध्यम से एक सिपाही को दी गई,जिसके बाद थानाध्यक्ष के जरिए बंजारों को 8 फुट जमीन दिला दी गई।
पट्टेदारों का कहना है कि समझौता होने के बावजूद भी उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दिया जा रहा है और लगातार उत्पीड़न जारी है।
पीड़ितों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
बरही बैंक लूट कांड का खुलासा: 3 आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार, 20 लाख नकद और सोना बरामद

Hazaribagh Police ने 24 अप्रैल 2026 को बरही थाना क्षेत्र स्थित Bank of Maharashtra शाखा में हुई लूट कांड का सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में 3 मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

घटना 24 अप्रैल को दोपहर करीब 3:15 बजे हुई थी, जब 4 हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में घुसकर कर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधी 4,22,492 रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना, जो 78 पैकेट में रखा था, लूटकर दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) की पहचान की गई, जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा रेकी के लिए किया गया था।

पुलिस ने Uttar Pradesh Special Task Force के सहयोग से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (गोरखपुर), मो० अफजल (नवादा, बिहार) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू (मऊ, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो वाहन, घटना में प्रयुक्त 2 पल्सर मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि यहां गोल्ड लोन दिया जाता है। घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने करीब 2 महीने तक बैंक की रेकी की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के कई लूट कांडों में शामिल रहे हैं।

फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।
आजमगढ़ : प्राइवेट स्कूलों की भारी फीस से बचने के लिए राजमणि यादव ने खोला निशुल्क विद्यालय ,मां देवरती शिक्षण संस्थान में हुआ कार्यक्रम

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । एक ओर जहां निजी विद्यालयों की बढ़ती फीस से अभिभावक परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर अहरौला थाना क्षेत्र के शमशाबाद महुआरा गांव में समाजसेवी राजमणि यादव ने सराहनीय पहल करते हुए  गरीबो के बच्चों की शिक्षा के लिए निशुल्क विद्यालय की  स्थापना की है। इस  नवनिर्मित विद्यालय भवन का उदघाटन धूमधाम से किया गया ।  वही  मां देवरती शिक्षण संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगो का मन मोह लिया । 
  शनिवार को देर रात कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षण संस्थान के प्रबन्धक राजमनि यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप ,धूप और माल्यार्पण कर किया । इस के बाद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया । 
  प्रबन्धक राजमनि यादव ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है। प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश, मासिक फीस, किताबें और अन्य खर्च आम परिवारों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। ऐसे में कई गरीब परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में असमर्थ हैं।
इसी समस्या को देखते हुए अपने ही पैतृक मकान में अपनी मां देव रती शिक्षण संस्थान के नाम निशुल्क विद्यालय खोलने का काम किया है । संस्थान के  प्रबन्धक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सीएमडी  राजमणि यादव ने महुआरा में यह कदम उठाया। उनके द्वारा खोले गए इस निशुल्क विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल समाज के लिए एक मिसाल है। इससे न सिर्फ गरीब बच्चों को शिक्षा मिलेगी बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की पहल शिक्षा की असमानता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि देश में अभी भी कई जगह आर्थिक कारणों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। 
 इस अवसर पर विधायक रमाकांत यादव के प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव  ,ब्लाक प्रमुख प्रमोद कुमार यादव ,रानू राजभर ,राम जग यादव ,बिवेक यादव,सीओ बूढ़नपुर कौस्तुभ त्रिपाठी,सुनील कुमार दुबे ,भीम सेन यादव आदि लोग रहे ।