पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि का फिर बङा आरोप, कहा- सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगवा लिए फिर भी निकाला गया है मोटी राशि का टेंडर

नगरीय विकास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा पत्र

गया: शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि विनय कुमार ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है. शेरघाटी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी एवं मुख्य पार्षद द्वारा सामान खरीददारी में खुलेआम भ्रष्टाचार की शिकायत नगरीय विकास एवं विकास विभाग पटना बिहार के प्रमुख सचिव को लिखकर किया है. इस बार मामला सीसीटीवी कैमरे की खरीदी के टेंडर का है. पूर्व मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि ने खुलासा करते हुए नगरीय विकास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा है, कि नगर परिषद शेरघाटी में कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद की भ्रष्टाचार की अति होती जा रही है. अभी उनके घोटाले के कारनामे मीडिया की सुर्खियों में है.

इसके बीच 24 अप्रैल 2026 को नगर परिषद शेरघाटी द्वारा तीन बीड gem जाम पोर्टल पर निकाली है, जिसके संदर्भ में बताया जाता है, कि इस बीड में 200 सीसीटीवी कैमरे, 51 स्टील व्हील बैरो और 31 ट्राईसाईकिल खरीददारी करनी है. प्रमुख सचिव को बताया है, कि जानकर आपको भी आश्चर्य होगा, कि पिछले टेंडरों की तरह इस बार भी सीसीटीवी कैमरे पहले से ही लगवा लिए गए हैं और फिर से खरीददारी के लिए मोटे राशि का टेंडर निकाला गया है. पिछली बार की तरह ही पूर्व नियोजित फॉर्म को टेंडर अपनी मनचाही दरों पर दिया जाएगा, यह भी तय है. इस तरह जहां पूर्व से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, वहां 200 सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य सामग्री की खरीद का टेंडर निकाला जाना घोटाले के साक्ष्य के रूप में सामने है. कार्यपालक पदाधिकारी का ऐसा कदम किसी भी स्थानीय निकायों के भविष्य के लिए कहीं से भी उचित नहीं है. उन्हें किसी भी प्रकार के कानून कायदे की जैसे कोई परवाह ही नहीं है. वे बेखौफ होकर अपनी मर्जी से कार्य कर रही है. चाहे वह कार्य नियम विरुद्ध ही क्यों न हो. नगरीय विकास एवं विकास विभाग पटना बिहार के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कहा है, कि आपको याद दिलाना चाहता हूं, कि पूर्व की टेंडर की तरह इस बार भी कार्यपालक पदाधिकारी ऋचा प्रियदर्शनी द्वारा मनचाही शर्तें लगाई गई है, ताकि अपनी चुनी फर्म को ऑर्डर दिया जा सके.

मेरे द्वारा लगाए गए आरोप को सिद्ध करने के लिए इस शिकायत पत्र के साथ सीसीटीवी कैमरे के जीपीएस लोकेशन के फोटोग्राफ्स भी संलग्न है. पूर्व मुख्य परिषद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा कि आग्रह है, कि इस तरह के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित करके उनके विरुद्ध विभागीय जांच की कार्रवाई की जाए एवं सभी निवेदाओं को निरस्त करते हुए पूर्व में हो चुकी निविदाओं से नगर परिषद शेरघाटी को हुए वित्तीय हानि की भरपाई कार्यपालक पदाधिकारी एवं मुख्य पार्षद से की जाए. इस संबंध में जब नगर परिषद शेरघाटी के कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी से इस संबंध में बयान जानना चाहा तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की.

राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

एलडीएः अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों के लिए 28 अप्रैल से खुलेगा पंजीकरण

  • एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जारी किये आदेश, आवेदन के लिए करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण 
  • लॉटरी के माध्यम से होगा भूखण्डों का आवंटन, 162 वर्गमीटर से 288 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं भूखण्ड 

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों का पंजीकरण खोलने जा रहा है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सोमवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिये हैं। जिसके तहत 28 अप्रैल से 27 मई, 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। इसमें आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मोहान रोड पर 785 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनंत नगर योजना में लगभग डेढ़ लाख लोगों के आशियाने का सपना साकार होगा। योजना का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अंतर्गत ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछायी जा रही हैं। योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, लगभग 130 एकड़ भूमि पर पार्कों व ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जोकि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा क्षेत्र बनाएगा। 

  • आलोक खण्ड में 493 भूखण्ड 

अनंत नगर योजना में पहले 03 चरणों में 1283 भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 29 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण धनराशि जमा कराके प्रतिभाग किया था। इस बार आलोक खण्ड के 493, आदर्श खण्ड के 04 और आकाश खण्ड के 01 भूखण्ड के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार से पोर्टल लाइव हो जाएगा और लोग 27 मई 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। 

  • ऐसे करना होगा पंजीकरण 

आवेदन के लिए लोगों को एलडीए की वेबसाइट registration.ldalucknow.in पर लॉगइन करके पंजीकरण पुस्तिका खरीदनी होगी। जिसके बाद भूखण्ड के अनुमानित मूल्य की 05 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा कराके रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने वाले आवेदकों के मध्य भूखण्डों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  • 03 श्रेणी के हैं भूखण्ड 

अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि चतुर्थ चरण में कुल 498 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। इसमें 288 वर्गमीटर के 155, 200 वर्गमीटर के 178 और 162 वर्गमीटर के 165 भूखण्ड शामिल हैं। 

  • अनंत नगर योजना की विशेषताएं 

- उत्कृष्ट सडकों का नेटवर्क 

- 130 एकड़ में ग्रीन स्पेस 

- स्वच्छ जल आपूर्ति 

- भूमिगत लाइनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति

- ईवी चार्जिंग स्टेशन 

- सामुदायिक केन्द्र 

- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 

- जीरो लिक्विड डिस्चाज

खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
गौ सम्मान आह्वान अभियान: गुरुकुल वेद वेदांग विद्यापीठ धनपतगंज के ब्रह्मचारियों ने भरी हुंकार, पांचों तहसीलों में सौंपा ज्ञापन
जनपद में गौ संरक्षण एवं सम्मान को लेकर वेद वेदांग विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों द्वारा व्यापक अभियान चलाया गया। “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत ब्रह्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जनपद की पांचों तहसीलों में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व आशुतोष जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसकी रक्षा और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया गया है।
इस मौके पर विनय त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान समय में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था हो तथा उनके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियों को लागू किया जाए।
वहीं डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। ज्ञापन के दौरान अश्रुत पांडेय आचार्य जी विनीत आर्य, सौरभ मिश्र विराट, दिव्या दुबे, बृजेश दूबे, बृजेंद्र मिश्र,शिवम दुबे जाली, अवधेश तिवारी, हृदय नारायण शुक्ला, जय किशन पांडे, ज्ञापन में सैंकड़ों कि संख्या में लोग उपस्थित रहे।
भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच, अन्तर्राष्ट्रीय मेले में होगी प्रदर्शित

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कला को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये निरंतर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की विशिष्ट 'बाग प्रिंट' कला को फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मेले ‘’फ़ोयर डे पेरिस” में प्रदर्शित किया जायेगा। यह मेला 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेरिस के पोर्टे डे वर्साय प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा देशभर से चयनित पांच श्रेष्ठ शिल्पकारों में प्रदेश के नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री को शामिल किया गया है। वे इस मेले में प्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला का प्रतिनिधित्व करते हुए मास्टर क्राफ्ट्समैन के रूप में शामिल होंगे। 'बाग प्रिंट' हस्तशिल्प भौगोलिक संकेत (GI) के अंतर्गत संरक्षित है।

  • लाइव डेमोंस्ट्रेशन से रूबरू होंगे दर्शक

इस अन्तर्राष्ट्रीय मेले में बिलाल खत्री ‘बाग प्रिंट’ कला का लाइव प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक प्राकृतिक रंगों, नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉक्स और हस्तनिर्मित तकनीकों के माध्यम से कपड़ों पर उभरती कलाकृतियों को अन्तर्राष्ट्रीय दर्शक प्रत्यक्ष देख सकेंगे। यह भारतीय हस्तशिल्प की गहराई और सौंदर्य को समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

*परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समावेश

इस विशेष प्रदर्शनी के लिए तैयार किए गए डिज़ाइन में भारतीय पारंपरिक शिल्प और आधुनिक वैश्विक सौंदर्यबोध का समन्वय किया गया है। यूरोपीय बाज़ार की पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ये कृतियां ‘बाग प्रिंट’ को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देंगी।

  • ’बाग प्रिंट’ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि

‘बाग प्रिंट’ मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र की पारंपरिक हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग कला है। बाग एक छोटा जनजातीय कस्बा है, जहां भील और भिलाला समुदाय निवास करते हैं और प्राचीन बाघ गुफाएं भी स्थित हैं। इस कला की परंपरा खत्री समुदाय द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व सिंध के लरकाना क्षेत्र से आकर स्थापित की गई मानी जाती है।

इस शिल्प में सूती और रेशमी कपड़ों को पारंपरिक प्राकृतिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। लोहे के संक्षारण, धवाड़ी फूल और मायरोबालन के मिश्रण के साथ-साथ फिटकरी और एलिज़ारिन का उपयोग किया जाता है। कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी के ब्लॉक्स से डिज़ाइन तैयार कर उन्हें हाथ से भरा जाता है। तैयार वस्त्रों को बहते पानी में धोकर धूप में सुखाया जाता है, जिससे उन्हें विशिष्ट फिनिश प्राप्त होती है। ‘बाग प्रिंट’ में लाल और काले रंग के ज्यामितीय एवं पुष्पीय रूपांकन प्रमुख होते हैं।

युवक ने की आत्महत्या, पेड़ से लटका मिला शव; परिवार में मचा कोहराम*
रितेश मिश्रा
हरदोई/पाली थाना क्षेत्र के बहाउद्दीनपुर गांव में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक का शव पेड़ से लटका मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।मृतक की पहचान भारत पुत्र नत्थू (उम्र लगभग 50 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में उसकी पत्नी, एक पुत्र और दो बेटियां हैं, जिनका पालन-पोषण उसी पर निर्भर था।ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक को शराब पीने की आदत थी, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी किसी बात को लेकर तनाव हुआ, जिसके बाद वह घर से निकल गया।कुछ देर बाद गांव के उत्तर दिशा में स्थित रत्नापुर निवासी श्रीपाल के बाग में गूलर के पेड़ से उसका शव लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया।घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।इस घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि का फिर बङा आरोप, कहा- सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगवा लिए फिर भी निकाला गया है मोटी राशि का टेंडर

नगरीय विकास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा पत्र

गया: शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि विनय कुमार ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है. शेरघाटी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी एवं मुख्य पार्षद द्वारा सामान खरीददारी में खुलेआम भ्रष्टाचार की शिकायत नगरीय विकास एवं विकास विभाग पटना बिहार के प्रमुख सचिव को लिखकर किया है. इस बार मामला सीसीटीवी कैमरे की खरीदी के टेंडर का है. पूर्व मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि ने खुलासा करते हुए नगरीय विकास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा है, कि नगर परिषद शेरघाटी में कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद की भ्रष्टाचार की अति होती जा रही है. अभी उनके घोटाले के कारनामे मीडिया की सुर्खियों में है.

इसके बीच 24 अप्रैल 2026 को नगर परिषद शेरघाटी द्वारा तीन बीड gem जाम पोर्टल पर निकाली है, जिसके संदर्भ में बताया जाता है, कि इस बीड में 200 सीसीटीवी कैमरे, 51 स्टील व्हील बैरो और 31 ट्राईसाईकिल खरीददारी करनी है. प्रमुख सचिव को बताया है, कि जानकर आपको भी आश्चर्य होगा, कि पिछले टेंडरों की तरह इस बार भी सीसीटीवी कैमरे पहले से ही लगवा लिए गए हैं और फिर से खरीददारी के लिए मोटे राशि का टेंडर निकाला गया है. पिछली बार की तरह ही पूर्व नियोजित फॉर्म को टेंडर अपनी मनचाही दरों पर दिया जाएगा, यह भी तय है. इस तरह जहां पूर्व से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, वहां 200 सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य सामग्री की खरीद का टेंडर निकाला जाना घोटाले के साक्ष्य के रूप में सामने है. कार्यपालक पदाधिकारी का ऐसा कदम किसी भी स्थानीय निकायों के भविष्य के लिए कहीं से भी उचित नहीं है. उन्हें किसी भी प्रकार के कानून कायदे की जैसे कोई परवाह ही नहीं है. वे बेखौफ होकर अपनी मर्जी से कार्य कर रही है. चाहे वह कार्य नियम विरुद्ध ही क्यों न हो. नगरीय विकास एवं विकास विभाग पटना बिहार के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कहा है, कि आपको याद दिलाना चाहता हूं, कि पूर्व की टेंडर की तरह इस बार भी कार्यपालक पदाधिकारी ऋचा प्रियदर्शनी द्वारा मनचाही शर्तें लगाई गई है, ताकि अपनी चुनी फर्म को ऑर्डर दिया जा सके.

मेरे द्वारा लगाए गए आरोप को सिद्ध करने के लिए इस शिकायत पत्र के साथ सीसीटीवी कैमरे के जीपीएस लोकेशन के फोटोग्राफ्स भी संलग्न है. पूर्व मुख्य परिषद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा कि आग्रह है, कि इस तरह के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित करके उनके विरुद्ध विभागीय जांच की कार्रवाई की जाए एवं सभी निवेदाओं को निरस्त करते हुए पूर्व में हो चुकी निविदाओं से नगर परिषद शेरघाटी को हुए वित्तीय हानि की भरपाई कार्यपालक पदाधिकारी एवं मुख्य पार्षद से की जाए. इस संबंध में जब नगर परिषद शेरघाटी के कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी से इस संबंध में बयान जानना चाहा तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की.

राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

एलडीएः अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों के लिए 28 अप्रैल से खुलेगा पंजीकरण

  • एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जारी किये आदेश, आवेदन के लिए करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण 
  • लॉटरी के माध्यम से होगा भूखण्डों का आवंटन, 162 वर्गमीटर से 288 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं भूखण्ड 

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों का पंजीकरण खोलने जा रहा है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सोमवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिये हैं। जिसके तहत 28 अप्रैल से 27 मई, 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। इसमें आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मोहान रोड पर 785 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनंत नगर योजना में लगभग डेढ़ लाख लोगों के आशियाने का सपना साकार होगा। योजना का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अंतर्गत ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछायी जा रही हैं। योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, लगभग 130 एकड़ भूमि पर पार्कों व ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जोकि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा क्षेत्र बनाएगा। 

  • आलोक खण्ड में 493 भूखण्ड 

अनंत नगर योजना में पहले 03 चरणों में 1283 भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 29 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण धनराशि जमा कराके प्रतिभाग किया था। इस बार आलोक खण्ड के 493, आदर्श खण्ड के 04 और आकाश खण्ड के 01 भूखण्ड के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार से पोर्टल लाइव हो जाएगा और लोग 27 मई 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। 

  • ऐसे करना होगा पंजीकरण 

आवेदन के लिए लोगों को एलडीए की वेबसाइट registration.ldalucknow.in पर लॉगइन करके पंजीकरण पुस्तिका खरीदनी होगी। जिसके बाद भूखण्ड के अनुमानित मूल्य की 05 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा कराके रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने वाले आवेदकों के मध्य भूखण्डों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  • 03 श्रेणी के हैं भूखण्ड 

अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि चतुर्थ चरण में कुल 498 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। इसमें 288 वर्गमीटर के 155, 200 वर्गमीटर के 178 और 162 वर्गमीटर के 165 भूखण्ड शामिल हैं। 

  • अनंत नगर योजना की विशेषताएं 

- उत्कृष्ट सडकों का नेटवर्क 

- 130 एकड़ में ग्रीन स्पेस 

- स्वच्छ जल आपूर्ति 

- भूमिगत लाइनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति

- ईवी चार्जिंग स्टेशन 

- सामुदायिक केन्द्र 

- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 

- जीरो लिक्विड डिस्चाज

खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
गौ सम्मान आह्वान अभियान: गुरुकुल वेद वेदांग विद्यापीठ धनपतगंज के ब्रह्मचारियों ने भरी हुंकार, पांचों तहसीलों में सौंपा ज्ञापन
जनपद में गौ संरक्षण एवं सम्मान को लेकर वेद वेदांग विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों द्वारा व्यापक अभियान चलाया गया। “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत ब्रह्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जनपद की पांचों तहसीलों में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व आशुतोष जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसकी रक्षा और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया गया है।
इस मौके पर विनय त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान समय में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था हो तथा उनके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियों को लागू किया जाए।
वहीं डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। ज्ञापन के दौरान अश्रुत पांडेय आचार्य जी विनीत आर्य, सौरभ मिश्र विराट, दिव्या दुबे, बृजेश दूबे, बृजेंद्र मिश्र,शिवम दुबे जाली, अवधेश तिवारी, हृदय नारायण शुक्ला, जय किशन पांडे, ज्ञापन में सैंकड़ों कि संख्या में लोग उपस्थित रहे।
भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच, अन्तर्राष्ट्रीय मेले में होगी प्रदर्शित

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कला को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये निरंतर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की विशिष्ट 'बाग प्रिंट' कला को फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मेले ‘’फ़ोयर डे पेरिस” में प्रदर्शित किया जायेगा। यह मेला 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेरिस के पोर्टे डे वर्साय प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा देशभर से चयनित पांच श्रेष्ठ शिल्पकारों में प्रदेश के नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री को शामिल किया गया है। वे इस मेले में प्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला का प्रतिनिधित्व करते हुए मास्टर क्राफ्ट्समैन के रूप में शामिल होंगे। 'बाग प्रिंट' हस्तशिल्प भौगोलिक संकेत (GI) के अंतर्गत संरक्षित है।

  • लाइव डेमोंस्ट्रेशन से रूबरू होंगे दर्शक

इस अन्तर्राष्ट्रीय मेले में बिलाल खत्री ‘बाग प्रिंट’ कला का लाइव प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक प्राकृतिक रंगों, नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉक्स और हस्तनिर्मित तकनीकों के माध्यम से कपड़ों पर उभरती कलाकृतियों को अन्तर्राष्ट्रीय दर्शक प्रत्यक्ष देख सकेंगे। यह भारतीय हस्तशिल्प की गहराई और सौंदर्य को समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

*परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समावेश

इस विशेष प्रदर्शनी के लिए तैयार किए गए डिज़ाइन में भारतीय पारंपरिक शिल्प और आधुनिक वैश्विक सौंदर्यबोध का समन्वय किया गया है। यूरोपीय बाज़ार की पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ये कृतियां ‘बाग प्रिंट’ को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देंगी।

  • ’बाग प्रिंट’ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि

‘बाग प्रिंट’ मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र की पारंपरिक हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग कला है। बाग एक छोटा जनजातीय कस्बा है, जहां भील और भिलाला समुदाय निवास करते हैं और प्राचीन बाघ गुफाएं भी स्थित हैं। इस कला की परंपरा खत्री समुदाय द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व सिंध के लरकाना क्षेत्र से आकर स्थापित की गई मानी जाती है।

इस शिल्प में सूती और रेशमी कपड़ों को पारंपरिक प्राकृतिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। लोहे के संक्षारण, धवाड़ी फूल और मायरोबालन के मिश्रण के साथ-साथ फिटकरी और एलिज़ारिन का उपयोग किया जाता है। कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी के ब्लॉक्स से डिज़ाइन तैयार कर उन्हें हाथ से भरा जाता है। तैयार वस्त्रों को बहते पानी में धोकर धूप में सुखाया जाता है, जिससे उन्हें विशिष्ट फिनिश प्राप्त होती है। ‘बाग प्रिंट’ में लाल और काले रंग के ज्यामितीय एवं पुष्पीय रूपांकन प्रमुख होते हैं।

युवक ने की आत्महत्या, पेड़ से लटका मिला शव; परिवार में मचा कोहराम*
रितेश मिश्रा
हरदोई/पाली थाना क्षेत्र के बहाउद्दीनपुर गांव में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक का शव पेड़ से लटका मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।मृतक की पहचान भारत पुत्र नत्थू (उम्र लगभग 50 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में उसकी पत्नी, एक पुत्र और दो बेटियां हैं, जिनका पालन-पोषण उसी पर निर्भर था।ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक को शराब पीने की आदत थी, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी किसी बात को लेकर तनाव हुआ, जिसके बाद वह घर से निकल गया।कुछ देर बाद गांव के उत्तर दिशा में स्थित रत्नापुर निवासी श्रीपाल के बाग में गूलर के पेड़ से उसका शव लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया।घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।इस घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।