झारखंड में मलेरिया के खिलाफ जंग तेज: 10 मुखिया और JSLPS बहनें सम्मानित

रांची:- शनिवार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आईपीएच सभागार में वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को श्री शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने सम्मानित किया । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ,झारखंड के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है । लोग, किसी भी रोग से ग्रसित ना रहें, ये स्वास्थ विभाग का दृढ़संकल्प हैं । एनएचएम झारखंड वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं । हमने पोलियो से निजात पाई । लोगों में जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग के साझा प्रयास से निजात पाने में सफल रहे हैं । इसी तरह हम मलेरिया से भी निजात पा सकेंगे । उन्होंने कहा कि लगातार छिड़काव और मच्छरदानी के प्रयोग से मच्छर के प्रकोप से बच सकते हैं । नालियों को साफ़ रखें ।

स्वास्थ्य विभाग लगातार वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के क्षेत्र में कर रहा है कार्य

श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में लगातार कोई ना कोई दिवस का आयोजन होता है जो स्वास्थ्य से संबंधित होता है। सालभर हमलोग स्वास्थ्य से संबंधित कुल 46 एक्टिविटी करते हैं । इसमें बीमारी से बचाव ,रोकथाम और उन्मूलन पर परिचर्चा करते हैं ।

जागरूकता एवं साझा प्रयास से ही रोगों पर पाया जा सकता है काबू

श्री झा ने कहा कि कम्यूनिकेबल डिजीस और नॉन कम्यूनिकेबल डिजीस के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है । बीमारियों को कम करना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करनी होगी । लोगों में प्रशिक्षण और जागरूकता से बीमारी से बचाव और बीमारी हो जाने पर बीमारी से कैसे लड़ा जाए इस पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकते है। जागरूकता के लिए बीमारी से संबंधित वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दे सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर पंचायत स्तर पर भी मुखिया के माध्यम से मलेरिया से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए । टीकाकरण और संस्थागत प्रसव भी शत प्रतिशत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से हो रहा है। राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से निशुल्क दवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं ।

डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है , मलेरिया को कम करना और

कालाजार से राज्य को मुक्त करना। हम सब मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।

डॉ दिनेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य ने कहा कि मलेरिया को खत्म करने के लिए प्रचार प्रसार की जरूरत है और लोगो को इसके बारे में जागरुक करना होगा।

विकाश सिंहा,कोर टीम मेंबर, पीरामल ने पीपीटी के माध्यम से मलेरिया के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।

वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मान

इस अवसर पर वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया । जिसमें विभिन्न जिलों के मुखिया , साहेबगंज से किरण सोरेन, काकुली मुखर्जी, धनबाद, अनुज कुमार सिंह ,गढ़वा , शिशिर टोप्पो , सिमडेगा ,बुलबुल कुमारी , रामगढ़ , रवि कुमार दास , हजारीबाग ,सुनीता देवी , लातेहार, जीने लकड़ा ,गुमला ,नैका सोरेन, पाकुड़ ,कृष्णा पाहन,रांची एवं मधु देवी , गिरिडीह को सम्मानित किया गया । साथ ही जेएसएलपीएस की बहनों को भी सम्मानित किया गया जिसमें ब्यूटी भट्टाचार्य , धनबाद ,शकीला खातून , सिमडेगा ,शिखा कुमारी , गुमला , मलोरी देवी ,पाकुड़ एवं संजय कुमार यादव ,लातेहार शामिल हैं।

झारखंड राज्य में वर्ष 2025 में कुल 42,236 मलेरिया के केस मिले। मलेरिया कीट(RDT) से कुल 14,69,564 जांच किया गया। स्लाइड से कुल 55,08,928 मलेरिया जांच किया गया।

राज्य में आठ जिले ऐसे हैं जा है 100 से कम मलेरिया के केस मिले वर्ष 2025 में( बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़, जामताड़ा)

इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी वेक्टर जनित रोग,डॉ लाल माँझी एनसीडी के नोडल पदाधिकारी डॉ विजय रजक , डॉ मुकेश कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे

गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
गंगा नहाने गए युवक की  डूबने से मौत
फर्रुखाबाद l गंगा नदी में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का रहने वाला था l घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा छाया हुआ है l परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा बक्शी निवासी 23 वर्षीय बिलाल पुत्र चांदमिया अपने दोस्त फिरोज, इरफान, ताजमिया और ताजमहल के साथ थाना क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, कटरी धर्मपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने गया था। बताते है कि बिलाल अचानक बिना बताए गंगा में कूद गया और गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया। काफी देर तक बिलाल नजर नहीं आया तो दोस्तों में हड़कंप मच गया । शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। गांव के सलमान पुत्र मीर मोहम्मद और नौशाद पुत्र नींबू सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही मऊदरवाजा पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है  परिजनों के आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।
तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक, उमंग सिंघार तय करेंगे सरकार घेरने की रणनीति

भोपाल। 27 अप्रैल को आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक 27 अप्रैल को सुबह 9 बजे भोपाल स्थित उनके आवास पर आयोजित होगी।

बैठक में कांग्रेस विधायक दल महिला आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेगा। विशेष रूप से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को संशोधन के बहाने लंबित रखने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र महिला सशक्तीकरण के विषय पर केंद्रित है, लेकिन भाजपा सरकार संविधान-विरोधी कदम उठाकर महिला आरक्षण को रोकने का प्रयास कर रही है, जिसका कांग्रेस मजबूती से विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार मौजूदा 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू करती है, तो कांग्रेस उसका समर्थन करने के लिए तैयार है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस महिलाओं का उपयोग केवल सत्ता प्राप्ति के साधन के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल और पूरी पार्टी सदन में भाजपा के दावों को बेनकाब करेगी। 

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं की जान से किया जा रहा खिलवाड़, प्रशासन बना मूकदर्शक

  • कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च शिक्षा मंत्री और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेगी एनएसयूआई
  • 300 से ज्यादा छात्र छात्राएं दूषित पानी और खाने की वजह से हुई बीमार जिसका जिम्मेदारी वीआईटी प्रशासन- एनएसयूआई

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं ने एक बार फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में दूषित पानी एवं भोजन के कारण लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, वहीं दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय में दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो चुकी है तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार पड़े थे। उस घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। लेकिन इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से वीआईटी विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, लापरवाही और छात्रों की जान से खिलवाड़ जैसे मामलों को लेकर शासन-प्रशासन को लगातार अवगत कराता रहा है। एनएसयूआई द्वारा इस संबंध में मानव अधिकार आयोग को भी विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिस पर आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एवं यूजीसी चेयरमैन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

रवि परमार ने बताया कि मानव अधिकार आयोग ने दो सप्ताह में जवाब मांगा था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक उदासीनता और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह भी संदेह उत्पन्न होता है कि शिक्षा माफियाओं के दबाव में मामले को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही वीआईटी विश्वविद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, दोषियों पर सख्त दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार एवं निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और किसी भी स्थिति में छात्रों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

झारखंड में मलेरिया के खिलाफ जंग तेज: 10 मुखिया और JSLPS बहनें सम्मानित

रांची:- शनिवार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आईपीएच सभागार में वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को श्री शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने सम्मानित किया । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ,झारखंड के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है । लोग, किसी भी रोग से ग्रसित ना रहें, ये स्वास्थ विभाग का दृढ़संकल्प हैं । एनएचएम झारखंड वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं । हमने पोलियो से निजात पाई । लोगों में जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग के साझा प्रयास से निजात पाने में सफल रहे हैं । इसी तरह हम मलेरिया से भी निजात पा सकेंगे । उन्होंने कहा कि लगातार छिड़काव और मच्छरदानी के प्रयोग से मच्छर के प्रकोप से बच सकते हैं । नालियों को साफ़ रखें ।

स्वास्थ्य विभाग लगातार वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के क्षेत्र में कर रहा है कार्य

श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में लगातार कोई ना कोई दिवस का आयोजन होता है जो स्वास्थ्य से संबंधित होता है। सालभर हमलोग स्वास्थ्य से संबंधित कुल 46 एक्टिविटी करते हैं । इसमें बीमारी से बचाव ,रोकथाम और उन्मूलन पर परिचर्चा करते हैं ।

जागरूकता एवं साझा प्रयास से ही रोगों पर पाया जा सकता है काबू

श्री झा ने कहा कि कम्यूनिकेबल डिजीस और नॉन कम्यूनिकेबल डिजीस के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है । बीमारियों को कम करना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करनी होगी । लोगों में प्रशिक्षण और जागरूकता से बीमारी से बचाव और बीमारी हो जाने पर बीमारी से कैसे लड़ा जाए इस पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकते है। जागरूकता के लिए बीमारी से संबंधित वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दे सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर पंचायत स्तर पर भी मुखिया के माध्यम से मलेरिया से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए । टीकाकरण और संस्थागत प्रसव भी शत प्रतिशत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से हो रहा है। राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से निशुल्क दवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं ।

डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है , मलेरिया को कम करना और

कालाजार से राज्य को मुक्त करना। हम सब मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।

डॉ दिनेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य ने कहा कि मलेरिया को खत्म करने के लिए प्रचार प्रसार की जरूरत है और लोगो को इसके बारे में जागरुक करना होगा।

विकाश सिंहा,कोर टीम मेंबर, पीरामल ने पीपीटी के माध्यम से मलेरिया के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।

वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मान

इस अवसर पर वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया । जिसमें विभिन्न जिलों के मुखिया , साहेबगंज से किरण सोरेन, काकुली मुखर्जी, धनबाद, अनुज कुमार सिंह ,गढ़वा , शिशिर टोप्पो , सिमडेगा ,बुलबुल कुमारी , रामगढ़ , रवि कुमार दास , हजारीबाग ,सुनीता देवी , लातेहार, जीने लकड़ा ,गुमला ,नैका सोरेन, पाकुड़ ,कृष्णा पाहन,रांची एवं मधु देवी , गिरिडीह को सम्मानित किया गया । साथ ही जेएसएलपीएस की बहनों को भी सम्मानित किया गया जिसमें ब्यूटी भट्टाचार्य , धनबाद ,शकीला खातून , सिमडेगा ,शिखा कुमारी , गुमला , मलोरी देवी ,पाकुड़ एवं संजय कुमार यादव ,लातेहार शामिल हैं।

झारखंड राज्य में वर्ष 2025 में कुल 42,236 मलेरिया के केस मिले। मलेरिया कीट(RDT) से कुल 14,69,564 जांच किया गया। स्लाइड से कुल 55,08,928 मलेरिया जांच किया गया।

राज्य में आठ जिले ऐसे हैं जा है 100 से कम मलेरिया के केस मिले वर्ष 2025 में( बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़, जामताड़ा)

इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी वेक्टर जनित रोग,डॉ लाल माँझी एनसीडी के नोडल पदाधिकारी डॉ विजय रजक , डॉ मुकेश कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे

गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
गंगा नहाने गए युवक की  डूबने से मौत
फर्रुखाबाद l गंगा नदी में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का रहने वाला था l घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा छाया हुआ है l परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा बक्शी निवासी 23 वर्षीय बिलाल पुत्र चांदमिया अपने दोस्त फिरोज, इरफान, ताजमिया और ताजमहल के साथ थाना क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, कटरी धर्मपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने गया था। बताते है कि बिलाल अचानक बिना बताए गंगा में कूद गया और गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया। काफी देर तक बिलाल नजर नहीं आया तो दोस्तों में हड़कंप मच गया । शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। गांव के सलमान पुत्र मीर मोहम्मद और नौशाद पुत्र नींबू सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही मऊदरवाजा पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है  परिजनों के आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।
तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक, उमंग सिंघार तय करेंगे सरकार घेरने की रणनीति

भोपाल। 27 अप्रैल को आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक 27 अप्रैल को सुबह 9 बजे भोपाल स्थित उनके आवास पर आयोजित होगी।

बैठक में कांग्रेस विधायक दल महिला आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेगा। विशेष रूप से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को संशोधन के बहाने लंबित रखने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र महिला सशक्तीकरण के विषय पर केंद्रित है, लेकिन भाजपा सरकार संविधान-विरोधी कदम उठाकर महिला आरक्षण को रोकने का प्रयास कर रही है, जिसका कांग्रेस मजबूती से विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार मौजूदा 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू करती है, तो कांग्रेस उसका समर्थन करने के लिए तैयार है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस महिलाओं का उपयोग केवल सत्ता प्राप्ति के साधन के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल और पूरी पार्टी सदन में भाजपा के दावों को बेनकाब करेगी। 

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं की जान से किया जा रहा खिलवाड़, प्रशासन बना मूकदर्शक

  • कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च शिक्षा मंत्री और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेगी एनएसयूआई
  • 300 से ज्यादा छात्र छात्राएं दूषित पानी और खाने की वजह से हुई बीमार जिसका जिम्मेदारी वीआईटी प्रशासन- एनएसयूआई

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं ने एक बार फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में दूषित पानी एवं भोजन के कारण लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, वहीं दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय में दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो चुकी है तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार पड़े थे। उस घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। लेकिन इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से वीआईटी विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, लापरवाही और छात्रों की जान से खिलवाड़ जैसे मामलों को लेकर शासन-प्रशासन को लगातार अवगत कराता रहा है। एनएसयूआई द्वारा इस संबंध में मानव अधिकार आयोग को भी विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिस पर आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एवं यूजीसी चेयरमैन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

रवि परमार ने बताया कि मानव अधिकार आयोग ने दो सप्ताह में जवाब मांगा था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक उदासीनता और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह भी संदेह उत्पन्न होता है कि शिक्षा माफियाओं के दबाव में मामले को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही वीआईटी विश्वविद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, दोषियों पर सख्त दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार एवं निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और किसी भी स्थिति में छात्रों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।