बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के हवाले
*सौ शय्या अस्पताल के कैंसर सेंटर में जनरल फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज, विशेषज्ञ का इंतजार*
नितेश श्रीवास्तव
भदोही।सौ शय्या अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। अस्पताल के बर्न यूनिट, कैंसर सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। बर्न केस जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाते हैं। कैंसर के मरीज सीधे वाराणसी या महानगरों का रुख करते हैं। बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के भरोसे संचालित है।
सौ शय्या अस्पताल का संचालन भले ही पूरी क्षमता के साथ नहीं हो रहा है, लेकिन यहां धीरे-धीरे संसाधनों का विस्तार होने लगा है। यहां रोजाना 500 लोगों की ओपीडी होती है। परिसर में सबसे पहले साल 2022 में डायलिसिस यूनिट का संचालन हुआ था। इसके बाद साल 2024 में टीबी अस्पताल का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देशन पर बर्न यूनिट का संचालन शुरू किया गया। 2025 में सीटी स्कैन और करीब चार महीने पहले 2026 में डे कैैंसर केयर सेंटर (डीसीसीसी) का संचालन शुरू हुआ। इसमें से बर्न यूनिट, डीसीसीसी की व्यवस्था राम भरोसे है। बर्न यूनिट में जिसकी ड्यूटी लगती है, वह सिस्टर सप्ताह में कभी कभी ही ड्यूटी करती है। यहां डॉक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। जो आते तो हैं, लेकिन मरीज ही नहीं मिलते हैं। यहां बर्न के केस नाम मात्र के आते हैं। यही हाल कैंसर सेंटर का है। जहां दो महीने में एक भी मरीज नहीं आए है। सौ शय्या अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह का तबादला वाराणसी हो गया है। अब डे कैैंसर केयर सेंटर पर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ का सलाह नहीं मिलेगा। उन्हें जनरल फिजिशियन से उपचार लेना पड़ेगा। वह सिर्फ बीमारी के बारे में बताएंगे। फस्ट उपचार के तहत मरीज को दर्द निवारण दवा दे सकते हैं। बाकि मरीज को वाराणसी या अन्य शहर का रुख करना होगा। रामबली पांडेय (70) डंगहर ने कहा कि 100 बेड अस्पताल में बर्न यूनिट है अच्छी बात है। यहां स्टाफ रहते नहीं है, इसलिए लोग यहां आना पसंद नहीं करते हैं। वह सीधे जिला अस्पताल निकलत जाते हैं। छह महीने पहले एक परिचित बर्न का केस लेकर यहां गए थे, मौके पर कोई नहीं मिला। डॉ. एसके पासवान, 100 बेड सरपतहां, सीएमएस ने कहा कि डायलिसिस, सीटी, बर्न, डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई नए नहीं आए है। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।
डायलिसिस,सीटी,बर्न,डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई नए नहीं आए हैं। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।
डॉ एसके पासवान सीएमएस 100 बेड
6 min ago
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