09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विकास काशी नरेश विश्वविद्यालय के पहले कुलसचिव बने:ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से आकर कार्यभार संभाला
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय को अपना पहला कुलसचिव मिल गया है। शासन द्वारा नियुक्त विकास ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। उनके आगमन पर, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने उनका स्वागत किया। प्रोफेसर यादव ने विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया और माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने कहा कि कुलसचिव के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और प्रगति होगी। नवनियुक्त कुलसचिव विकास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे और विश्वविद्यालय को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे।‌विकास को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के परीक्षा नियंत्रक पद से इस नई जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है। प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग के संयुक्त सचिव ने उनके कुलसचिव पद पर तैनाती का आदेश जारी किया था।
भदोही पुलिस ने अवैध तमंचा-कारतूस के साथ आरोपी पकड़ा: रेवड़ा परसपुर से गिरफ्तार, अपराध करने की फिराक में था

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आजम अली पुत्र शौकत मंसूरी को 7-8 मई 2026 की रात ग्राम रेवड़ा परसपुर से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद में अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, थाना भदोही पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर आजम अली (उम्र करीब 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर और एक अदद जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ है। इस संबंध में, थाना भदोही में आजम अली के खिलाफ मु0अ0सं0-199/2026 धारा- 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरिकेश सिंह, उपनिरीक्षक शमशाद खां, हेड कांस्टेबल श्यामप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल हारुन खां, हेड कांस्टेबल इफ्तेखारुद्दीन और कांस्टेबल अंकुश कुमार शामिल थे।
पश्चिम बंगाल में जीत की मन्नत पूरी होने पर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे कृपाशंकर सिंह
वाराणसी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में लगातार जमकर प्रचार करने वाले महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने आज विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का दर्शन किया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ उन्होंने अपनी उस मन्नत को पूरा कर लिया, जिसमें उन्होंने बंगाल का चुनाव जीतने के बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने की बात कही थी। कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि बाबा उन्हें निराश नहीं करेंगे। अंततः पश्चिम बंगाल में एक सनातन विरोधी तानाशाही सरकार का अंत हो गया।
हजारीबाग में 18 मई को होगा फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन द्वारा 18 मई 2026 को राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन स्थानीय मुंद्रिका कुंज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 11 मई 2026 को दोपहर 12 बजे जिला परिषदन भवन सर्किट हाउस के सभा कक्ष में बुलाई गई है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी, 16 प्रखंडों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सक्रिय सदस्य, नगर अध्यक्ष, उनकी टीम तथा कार्य समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सम्मेलन की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3
मुंबई। आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन शनिवार, 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh  Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सौ शय्या, जिला अस्पताल में नहीं है ईएनटी के डॉक्टर, मरीज परेशांन

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। करीब दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले जिला चिकित्सालय और सरपतहां के सौ शय्या अस्पताल में एक भी ईएनटी के डॉक्टर नहीं हैं। मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल या निजी अस्पताल का रूख करना पड़ता है। जिले में कुल चार पद सृजित है। जिले के 29 सरकारी अस्पतालों में रोजाना 5000 से 5500 की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 100 से 125 मरीज ईएनटी के होते हैं। ज्यादातर मरीज जिला अस्पताल आते हैं। यहां 18 महीने पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की तैनाती हुई थी, लेकिन उनका तबादला भदोही एमबीएस हो गया। जिससे अस्पताल में पद खाली है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ता है या किसी अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। सौ शय्या अस्पताल में दो पद सृजित है। यहां तीन साल से नाक, कान, गला के डॉक्टर नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार कराने में परेशानी होती है। उन्हें विशेषज्ञ के बजाए अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल या महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय का रूख करना पड़ता है। भदोही एबीएस में एक डॉक्टर की तैनाती है।



भदोही एमबीएस में एक ईएनटी सर्जन की तैनाती है। जिला अस्पताल,सौ शैय्या में तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र को लिखा दिया गया है।

डॉ संतोष कुमार चक

सीएमओ भदोही
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विकास काशी नरेश विश्वविद्यालय के पहले कुलसचिव बने:ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से आकर कार्यभार संभाला
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय को अपना पहला कुलसचिव मिल गया है। शासन द्वारा नियुक्त विकास ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। उनके आगमन पर, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने उनका स्वागत किया। प्रोफेसर यादव ने विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया और माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने कहा कि कुलसचिव के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और प्रगति होगी। नवनियुक्त कुलसचिव विकास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे और विश्वविद्यालय को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे।‌विकास को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के परीक्षा नियंत्रक पद से इस नई जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है। प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग के संयुक्त सचिव ने उनके कुलसचिव पद पर तैनाती का आदेश जारी किया था।
भदोही पुलिस ने अवैध तमंचा-कारतूस के साथ आरोपी पकड़ा: रेवड़ा परसपुर से गिरफ्तार, अपराध करने की फिराक में था

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आजम अली पुत्र शौकत मंसूरी को 7-8 मई 2026 की रात ग्राम रेवड़ा परसपुर से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद में अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, थाना भदोही पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर आजम अली (उम्र करीब 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर और एक अदद जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ है। इस संबंध में, थाना भदोही में आजम अली के खिलाफ मु0अ0सं0-199/2026 धारा- 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरिकेश सिंह, उपनिरीक्षक शमशाद खां, हेड कांस्टेबल श्यामप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल हारुन खां, हेड कांस्टेबल इफ्तेखारुद्दीन और कांस्टेबल अंकुश कुमार शामिल थे।
पश्चिम बंगाल में जीत की मन्नत पूरी होने पर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे कृपाशंकर सिंह
वाराणसी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में लगातार जमकर प्रचार करने वाले महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने आज विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का दर्शन किया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ उन्होंने अपनी उस मन्नत को पूरा कर लिया, जिसमें उन्होंने बंगाल का चुनाव जीतने के बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने की बात कही थी। कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि बाबा उन्हें निराश नहीं करेंगे। अंततः पश्चिम बंगाल में एक सनातन विरोधी तानाशाही सरकार का अंत हो गया।
हजारीबाग में 18 मई को होगा फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन द्वारा 18 मई 2026 को राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन स्थानीय मुंद्रिका कुंज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 11 मई 2026 को दोपहर 12 बजे जिला परिषदन भवन सर्किट हाउस के सभा कक्ष में बुलाई गई है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी, 16 प्रखंडों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सक्रिय सदस्य, नगर अध्यक्ष, उनकी टीम तथा कार्य समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सम्मेलन की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3
मुंबई। आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन शनिवार, 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh  Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सौ शय्या, जिला अस्पताल में नहीं है ईएनटी के डॉक्टर, मरीज परेशांन

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। करीब दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले जिला चिकित्सालय और सरपतहां के सौ शय्या अस्पताल में एक भी ईएनटी के डॉक्टर नहीं हैं। मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल या निजी अस्पताल का रूख करना पड़ता है। जिले में कुल चार पद सृजित है। जिले के 29 सरकारी अस्पतालों में रोजाना 5000 से 5500 की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 100 से 125 मरीज ईएनटी के होते हैं। ज्यादातर मरीज जिला अस्पताल आते हैं। यहां 18 महीने पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की तैनाती हुई थी, लेकिन उनका तबादला भदोही एमबीएस हो गया। जिससे अस्पताल में पद खाली है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ता है या किसी अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। सौ शय्या अस्पताल में दो पद सृजित है। यहां तीन साल से नाक, कान, गला के डॉक्टर नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार कराने में परेशानी होती है। उन्हें विशेषज्ञ के बजाए अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल या महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय का रूख करना पड़ता है। भदोही एबीएस में एक डॉक्टर की तैनाती है।



भदोही एमबीएस में एक ईएनटी सर्जन की तैनाती है। जिला अस्पताल,सौ शैय्या में तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र को लिखा दिया गया है।

डॉ संतोष कुमार चक

सीएमओ भदोही