5 कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी सील,मानक न पूरा होने पर हुई कार्रवाई
*रजिस्ट्रेशन व अग्निशमन यंत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई

गोंडा। लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद जिले में भी कार्रवाई की गई है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने मंगलवार को अभियान चलाकर पांच लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है।यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों और पंजीकरण नियमों का पालन न करने पर की गई है।सील किए गए संस्थानों में कटरा बाजार विकास खंड की लाइब्रेरी सुपर इंस्टीट्यूट सेंटर शामिल है।इसका पंजीकरण वर्ष 2019 में हुआ था,परन्तु इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था।सेंटर पर अग्निशमन यंत्र भी नहीं था और न ही किसी प्रकार के मानक पूरे किए जा रहे थे।इसी तरह एनसीएम लाइब्रेरी व कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट का भी पंजीकरण नहीं था,जिसे सील कर दिया गया।पीसीएस कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी बंद पाई गई और उसे भी सील कर दिया गया।ज्ञान धारा लाइब्रेरी में दो कमरे व आठ बच्चे मिले परन्तु कोई अभिलेख नहीं दिखाया जा सका,जिसके बाद इसे भी सील कर दिया गया।इसी क्रम में डिजिटल लाइब्रेरी और दैनिक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण करने पर पूरे मानक नहीं पाए गए,जिसके कारण इन्हें भी सील कर दिया गया है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने सोमवार को ही सभी कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों को नोटिस जारी कर सुविधाओं के संबंध में जानकारी मांगा था और निर्धारित समय सीमा पूर्ण होते ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने एक्शन लेना प्रारंभ कर दिया।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि जो भी कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं,उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा और उनके खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि बच्चों की जिंदगी के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी को कोचिंग संचालन के नियमों का पालन करना होगा।उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी के पंजीकरण की अभी कोई गाइड लाइन नहीं है परन्तु जो भी सुरक्षा मानक हैं उसको देखा जा रहा है तथा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड: धुएं में घुल गई दोस्ती, राख हो गए सपने—सूरज और संयम की अधूरी कहानी
लखनऊ । लखनऊ के अलीगंज की वह इमारत अब सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं रही। वह एक ऐसी याद बन चुकी है, जहां हर कोना किसी न किसी छात्र की आखिरी सांस का गवाह है। कोचिंग और एनीमेशन सेंटर में लगी आग ने न सिर्फ 15 जिंदगियां छीन लीं, बल्कि कई घरों की पूरी दुनिया उजाड़ दी।

इन 15 कहानियों में सबसे ज्यादा दिल को तोड़ देने वाली कहानी दो दोस्तों—सूरज और संयम—की है। कानपुर के गोविंदनगर और बर्रा के रहने वाले ये दोनों नाम अब सिर्फ एक हादसे के नहीं, बल्कि एक ऐसी दोस्ती के प्रतीक बन गए हैं जो जिंदगी से आगे जाकर भी साथ रही—लेकिन लौटकर कभी नहीं आई।

बचपन से शुरू हुई कहानी, जो आग में खत्म हो गई

सूरज और संयम की दोस्ती किसी कहानी जैसी नहीं थी, वह जिंदगी का हिस्सा थी। रतनलालनगर के दून स्कूल में दोनों ने साथ पढ़ाई की, साथ शरारतें कीं, साथ सपने देखे। टीचर उन्हें हमेशा एक जोड़ी की तरह याद रखते थे—जहां एक बोलता था, दूसरा समझ जाता था।

स्कूल के बाद भी यह साथ नहीं टूटा। दोनों ने एक ही एनीमेशन स्टूडियो में नौकरी जॉइन की। परिवारों को भरोसा था कि यह दोस्ती अब भविष्य की सफलता बनेगी। लेकिन किसे पता था कि यह साथ एक ही आग में खत्म होने वाला है।

वह दोपहर, जब धुआं किस्मत बन गया

अलीगंज स्थित उस इमारत में रोज़ की तरह क्लास चल रही थी। किसी को यह अहसास नहीं था कि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद वेयरहाउस में उठती एक चिंगारी कुछ ही मिनटों में मौत का तूफान बन जाएगी।

दोपहर करीब ढाई बजे आग लगी। पहले किसी ने इसे मामूली समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं इतनी तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंचा कि तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र फंस गए। सीढ़ियों से उतरना मुश्किल हो गया, खिड़कियों से बाहर की हवा भी जहरीली हो चुकी थी।

कुछ छात्रों ने मदद के लिए चिल्लाया, कुछ ने फोन उठाए, कुछ ने खिड़कियों से झांककर आखिरी उम्मीद तलाशने की कोशिश की—लेकिन आग उम्मीदों से तेज थी।

आखिरी फैसला—साथ जिए, साथ मरेंगे

इसी अफरा-तफरी के बीच सूरज और संयम भी फंस गए। परिजनों के अनुसार, दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। शायद उसी पल दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा।

कहा जाता है कि दोनों ने किसी कमरे या बाथरूम में खुद को बंद कर लिया, यह सोचकर कि शायद वहां थोड़ी देर और सांस मिल जाए। लेकिन आग ने दीवारों तक को गर्म कर दिया था। दम घुटने से दोनों की मौत हो गई—लेकिन सबसे दर्दनाक बात यह थी कि वे आखिरी पल तक भी साथ थे।

यह सिर्फ मौत नहीं थी, यह उस दोस्ती का अंत था जो जिंदगी से बड़ी लगती थी।

घर पहुंचे तो टूट गया आसमान

जब संयम का शव गोविंदनगर पहुंचा, मां सोनिया की चीख ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। वह बार-बार बेटे को पकड़कर पूछती रहीं—“बोल क्यों नहीं रहा तू? अभी तो ठीक था ना तू…” हर शब्द जैसे किसी दिल पर हथौड़ा था।

पड़ोसी भी रो पड़े, क्योंकि संयम वही लड़का था जो हमेशा मुस्कुराकर मिलता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उसकी मुस्कान इतनी जल्दी खामोश हो जाएगी।

इधर सूरज के घर का हाल भी अलग नहीं था। मां मीरा बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। कुछ घंटे पहले ही बेटा उन्हें फोन पर कहकर गया था कि वह ठीक है। लेकिन लौटकर वह खुद नहीं आया।

जिम्मेदारियों से भरा एक अधूरा सफर

सूरज सिर्फ एक छात्र या कर्मचारी नहीं था। वह अपने परिवार की रीढ़ था। पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। छोटे भाई और बहन की पढ़ाई, घर का खर्च, भविष्य की उम्मीदें—सब कुछ उसी के कंधों पर था।

वह हाल ही में शादी के लिए लड़की देखने भी गया था। घर में नई शुरुआत की बातें हो रही थीं। लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा है—और एक ऐसा खालीपन, जिसे कोई भर नहीं सकता।

रेस्क्यू, जो देर से पहुंचा

हादसे के बाद SDRF और दमकल विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। दो घंटे के भीतर 15 शव बरामद किए गए और कई घायल अस्पताल पहुंचाए गए।

हर निकला हुआ शव एक कहानी खत्म कर रहा था, और हर घायल आंखें एक नई उम्मीद ढूंढ रही थीं।

अंतिम यात्रा—जहां दोस्ती भी जल उठी

सूरज और संयम का अंतिम संस्कार अलग-अलग स्थानों पर हुआ, लेकिन दोनों घरों की हालत एक जैसी थी—टूटा हुआ परिवार, सूनी आंखें और खत्म होते सपने।

मोहल्ले के लोग आज भी कहते हैं कि दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी। वे साथ जिए, साथ काम किया और साथ ही इस दुनिया से चले गए।

एक सवाल, जो हर दिल में रह गया

यह हादसा सिर्फ आग नहीं था। यह एक चेतावनी थी—उन लापरवाहियों की, जिनके बीच हम अपने बच्चों को छोड़ देते हैं।

क्या यह हादसा टल सकता था? क्या ये 15 जिंदगियां बच सकती थीं?

इन सवालों के जवाब शायद कभी न मिलें, लेकिन सूरज और संयम की कहानी हमेशा याद दिलाती रहेगी कि कुछ दोस्तियां इतनी सच्ची होती हैं कि वे मौत के बाद भी खत्म नहीं होतीं—बस खामोश हो जाती हैं।
आजमगढ़: पोखरें में डूबने से बालक की मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
आजमगढ़।निजामाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरिहा ग्राम के सवाई मोहल्ले में स्थित पोखरे के पास खेल रहे बच्चों के साथ युसूफ पुत्र अशफाक जिसकी उम्र 6 वर्ष खेल रहा था . पोखरे में फिसल कर गिरने की वजह से डूब कर मौत हो गई. ग्रामीण जनता ने बताया कि बच्चों के पानी में गिरते ही साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया. जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक यूसुफ पानी में डूब चुका था. ग्रामीणों ने बच्चों को पोखरी से बाहर निकालें . परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे . चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत्यु घोषित कर दिया . युसूफ दो भाई और एक बहन मैं दूसरे नंबर पर था. सवाई मोहल्ले में मातम छाया हुआ है. परिवार के लोगों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है.
आजमगढ़: बीपीएससी व सीए बनने वाले युवको का गांव में हुआ सम्मान दिखी गंगा जमुनी तहजीब
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के परगाशपुर गांव निवासी उदय प्रताप यादव पुत्र सुभाष ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त की है वही गांव के ही मु. अब्दुल्ला पुत्र निजामुद्दीन सीए की परीक्षा पास कर चार्टर अकाउंटेंट बने हैं दोनों युवक मंगलवार को जब गांव मे एक साथ पहुंचे तो गंगा जमुनी तहजीब देखते ही बनती थी हर वर्ग हर समाज के लोगों ने दोनों युवकों का गांव में पहुंचने पर माला फूल बनाकर स्वागत सम्मान किया और इस प्रतिभा पर गर्व हो रहा था अपने गांव में पहुंचे तो ढोल नगाड़े के साथ दोनों युवाओं का गांव वालों ने स्वागत किया और माला फूल पहना कर सम्मानित किया गया मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर संग्राम यादव ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव व सीए बनने वाल मोहम्मद अब्दुल्ला को अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह के रूप में संविधान की किताब देकर सम्मानित किया डॉ. यादव ने कहा आज बहुत ही गौरव का विषय है और युवाओं के लिए प्रेरणा भी है कि गांव के साथ पढ़ने वाले दो युवक जो एक बीपीएससी 70 वी परीक्षा में गांव और परिवार का नाम रोशन किया है तो मु. अब्दुल्ला सीए बने इन युवाओं से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए वही बीपीएससी में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव ने इसका श्रेय अपने चाचा मुन्नू यादव को दिया सीए बनने वाले मोहम्मद अब्दुल्ला ने भी अपने मुंबई में रह रहे चाचा जबैद अली को दिया वहीं अपने पिता निजामुद्दीन को भी टेंट हाउस के छोटे से व्यवसाय से परिवार और पढ़ाई के लिए भी कुछ-कुछ पैसे निकाल कर सहयोग करते रहे जिससे आज सफलता मिली है। दोनों लोगों का गांव में पहुंचने पर गांव वालों ने स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर प्रभुदीन यादव, साहबलाल, श्री चंद यादव,सज्जन, रामलाल यादव, वंशराज यादव, दिनेश यादव, बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।।
जहानाबाद में आधुनिक तकनीक की नई शुरुआत, मां वैष्णो स्टील सीएनसी का हुआ शुभारंभ

जहानाबाद। शहर के सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन रोड स्थित मां वैष्णो स्टील सीएनसी का भव्य शुभारंभ जिला परिषद सदस्य सोनू राधे द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर प्रतिष्ठान का उद्घाटन किया तथा आधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने इसे जहानाबाद के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सोनू राधे ने कहा कि यह मशीन जहानाबाद में अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन है, जो डिजिटल तकनीक के माध्यम से कम समय में बेहतरीन और आकर्षक डिजाइन तैयार करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अब जिले के लोगों को आधुनिक डिजाइन वाले गेट, ग्रिल, रेलिंग, खिड़की, फॉल्स सीलिंग और अन्य सजावटी स्टील उत्पादों के लिए पटना, गया या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग अपने घर, अपार्टमेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देना चाहते हैं। ऐसे में सीएनसी तकनीक से तैयार डिजाइन लोगों की पसंद बन रहे हैं। अब ग्राहक अपनी पसंद का कोई भी डिजाइन मोबाइल, कंप्यूटर या फोटो के माध्यम से लेकर आएंगे, जिसे मशीन द्वारा हूबहू काटकर तैयार किया जा सकेगा।

सोनू राधे ने बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सटीकता और तेजी है। पहले जहां इस प्रकार के डिजाइन बाहर से मंगाने में काफी समय और अतिरिक्त खर्च लगता था, वहीं अब वही सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इससे ग्राहकों का समय और पैसा दोनों बचेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। संस्थान के प्रोपराइटर दीपक कुमार ने बताया कि मां वैष्णो स्टील सीएनसी में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से लोहे एवं स्टील के गेट, ग्रिल, रेलिंग, फॉल्स सीलिंग पैनल, सजावटी शीट और अन्य डिजाइनर उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की आवश्यकता और पसंद के अनुसार विशेष डिजाइन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सीएनसी लेजर कटिंग तकनीक की मदद से जटिल से जटिल डिजाइन भी बेहद सफाई और सटीकता के साथ तैयार किए जा सकते हैं। अनुभवी कारीगरों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ग्राहकों को गुणवत्ता, मजबूती और आकर्षक डिजाइन का बेहतर विकल्प मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने भी इस नई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठान के खुलने से जहानाबाद में आधुनिक निर्माण और इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि यह प्रतिष्ठान न केवल जिले के विकास में योगदान देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

आजमगढ़ : क्षेत्र की सबसे वृद्ध 106 वर्ष की आयु में सत्यभामा सिंह का निधन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के कोर्राघाटमपुर के मियांपुर निवासी सबसे वृद्ध सत्यभामा सिंह का सोमवार देर शाम 106 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रही थीं। देर शाम अचानक उनकी सांसें थम गईं।
क्षेत्र की सबसे वृद्ध महिला सत्यभामा सिंह के निधन से परिवार में शोक की लहर है। उनके परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। निधन की सूचना मिलते ही शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए संभ्रांत लोगों का तांता लग गया।
 शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में  बांकेलाल सिंह, भाजपा नेता अमित सिंह, संतोष सिंह, साजन सिंह, रामफेर यादव, चन्दन सिंह, देवेन्द्र सिंह,रामलाल मौर्य, पूर्व प्रधान मोहनलाल सोनकर,सर्वेश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। गांव में शोक का माहौल है।
मुजफ्फरनगर : एनकाउंटर में मारा गया छोटा राजन गैंग का गुर्गा सतपाल
—यूपी हरियाणा, पंजाब के राज्यों में दर्ज हैं अपराधिक मुकदमें, 25 हजार का था इनाम


लखनऊ /मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सोमवार की देर रात को सिविल लाइन थाना पुलिस, एसओजी टीम की इनामी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके खिलाफ यूपी, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। छोटी—छोटी लड़कियों का अपहरण कर उनसे दुष्कर्म करना उसका पेशा था। वह छोटा राजन गैंग का गुर्गा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि 19 जून को कचहरी से एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस की 10 टीमों को लगाया गया था। सोमवार देर रात को पुलिस को उसकी लोकेशन इलाके में मिली थी। इसके बाद पुलिस और एसओजी की सयुंक्त टीम ने दो टीमों को बनाकर चेकिंग शुरू कर दी। पहली टीम रामपुर तिराहे से शहर की तरफ और दूसरी टीम मुजफ्फरनगर की तरफ से रामपुर तिराहे की तरफ आने जाने वाली सभी वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक कार रामपुर तिराहे की तरफ आती हुई दिखाई दी, जिसे पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया तो अभियुक्त ने वाहन को तेजी से मोड़कर बामनहेडी रेलवे स्टेशन की तरफ भागने लगा।

पुलिस टीम ने कार सवार का पीछा किया तो आगे चलकर घना जंगल होने की वजह से रास्ता बन्द हो गया। पुलिस टीम ने बदमाश की घेराबन्दी की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गये। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई और दोनों पैर में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर वेंटीलेटर पर रखा गया, जहां मंगलवार दोपहर को डॉक्टरों ने बदमाश को मृत घोषित कर दिया।

एसएसपी ने बताया कि बदमाश की पहचान चंडीगढ़ के रामदरबार निवासी सतपाल उर्फ सत्तू के रूप में हुई है। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल, तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है। अभियुक्त सतपाल उर्फ सत्तू अन्तराज्यीय अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों पर हत्या, लूट, दुष्कर्म अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में करीब 30 मुकदमें दर्ज है। वह चंडीगढ़ के थाने से हिस्ट्रीशीटर था। अभियुक्त के कुख्यात छोटा राजन गैंग से संबंध रहे हैं। अभियुक्त फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार था। फरार होने के उपरान्त अभियुक्त द्वारा पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नाबालिग किशोरियों का अपहरण व दुष्कर्म करने की घटनाएं कारित की गयी। सिविल लाइन थाना में दर्ज मुकदमें में उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं विद्यालय : ज्ञान प्रकाश सिंह
जौनपुर। स्कूल बच्चों के सर्वांगीण विकास (बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक) का मुख्य आधार होते हैं। यह उन्हें बुनियादी शिक्षा, जीवन कौशल (समय प्रबंधन, अनुशासन), और आत्मनिर्भरता सिखाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं, जो एक जिम्मेदार नागरिक और सफल पेशेवर बनने के लिए आवश्यक है। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित घनश्यामपुर में शिल्वेय कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल के संचालन के पूर्व आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रख्यात समाजसेवी और वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। विद्यालय के प्रबंधक पूर्व सांसद कमला प्रसाद सिंह के पौत्र गौरव सिंह तथा प्रधानाचार्य श्रीमती आरती सिंह ने का स्वागत किया। स्कूल में बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने की दिशा में रखे गए शैक्षणिक संसाधनों की उन्होंने सराहना की। कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन कुंवर वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद राजकेशर सिंह के पौत्र राजा सिंह, उद्योगपति अरविंद सिंह,पूर्व शिक्षक अमर बहादुर सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य रमेश सिंह , स्कूल प्रबंधक अरुण सिंह, सुभाष सिंह नेता, कैलाश नाथ पांडे सरपंच, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, अमित सिंह, जगदीश सिंह , वीरेंद्र सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों से मिलने केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव

कहा - पीड़ितों की सरकार करे मदद

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को अलीगंज इलाके में स्थित कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर में लगी भीषण अग्निकांड में घायल बच्चों और उनके अभिभावकों से मिलने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) पहुंचे।

सपा अध्यक्ष ने अस्पताल में उपचाराधीन बच्चों का हालचाल लिया और अभिभावकों से कार्रवाई को लेकर जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों की टीम से उपचार की भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कही।

अखिलेश यादव ने कोचिंग अग्निकांड के पीड़ित बच्चों और अभिभावकों से मुलाकात के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि घटना बहुत ही दुखद है। अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता तो शायद इतना बड़ा हादसा ना होता और लोगों की जान नहीं गई होती। पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद होनी चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में भर्ती एक नौजवान से मेरी मुलाकात हुई है। जो वहां पर नौकरी करता था। उसने आग से बचने के लिए कूदकर अपनी जान बचाई। उसके शरीर और रीढ़ की हड्डी में चोट आईं हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, उसका काफी दिनों तक इलाज चलेगा, उसकी मां भी नहीं है। वह परिवार का इकलौता भरण पोषण करने वाला नवयुवक है। उसकी सरकार को पूरी मदद करनी चाहिए।

अखिलेश ने कहा कि जब तक इस हादसे के पीड़ित पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो जाते और उन्हें नौकरी दोबारा नहीं मिलती, तब तक सरकार उन्हें वेतन एवं उपचार की व्यवस्था करे। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिवारों की कम से कम 01 करोड़ रुपये की मदद किए जाने की बात कही।
जेठ के अंतिम मंगल पर भव्य भंडारे का आयोजन, प्रसाद ग्रहण करने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रितेश मिश्रा

हरदोई। जेठ माह के अंतिम मंगल के पावन अवसर पर मंगलवार को शहर के मोहल्ला आशा नगर गेट के निकट श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का भव्य संगम देखने को मिला। हरदोई के प्रख्यात पत्रकार रितेश मिश्रा द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक प्रसाद ग्रहण करने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा क्षेत्र भगवान हनुमान के जयघोषों से गुंजायमान रहा।

जेठ के मंगल का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था और लोककल्याण की भावना के साथ आयोजित इस भंडारे में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और बजरंगबली के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।भंडारे के आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण देखते ही बन रहा था। एक ओर श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयकारों में लीन दिखाई दिए, तो दूसरी ओर स्वयंसेवक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रसाद वितरण में जुटे रहे। पूड़ी, सब्जी, छोले, चावल और बूंदी सहित विभिन्न व्यंजनों का प्रसाद श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक वितरित किया गया।

आयोजन के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। स्थानीय गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आयोजन की सराहना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन न केवल आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी मजबूत बनाते हैं।

इस अवसर पर आयोजक मंडल में प्रफुल्ल मिश्रा, रितेश मिश्रा, रोहित मिश्रा, दिव्यांशु मिश्रा, विनायक मिश्रा, सूर्यांशु मिश्रा, निश्चय मिश्रा, युवराज सिंह, सुयश मिश्रा, पूर्णचंद्र गुप्ता, रवि गुप्ता, जिला अध्यक्ष बबलू सिंह, प्रवीण राजन, अरविंद तिवारी, आनंद गुप्ता, दिवाकर मिश्रा, लक्ष्मीकांत पाठक, पप्पू दीक्षित एवं नवल गुप्ता सहित सभी पत्रकार बंधुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जनकल्याण की इसी भावना के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।

भंडारे में विनोद शुक्ला, टिल्लू सिंह चौहान, नीसू अग्निहोत्री, दीपू सिंह चौहान, विवेक मिश्रा, हरियावा, पुनीत सिंह तथा भोलू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
5 कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी सील,मानक न पूरा होने पर हुई कार्रवाई
*रजिस्ट्रेशन व अग्निशमन यंत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई

गोंडा। लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद जिले में भी कार्रवाई की गई है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने मंगलवार को अभियान चलाकर पांच लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है।यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों और पंजीकरण नियमों का पालन न करने पर की गई है।सील किए गए संस्थानों में कटरा बाजार विकास खंड की लाइब्रेरी सुपर इंस्टीट्यूट सेंटर शामिल है।इसका पंजीकरण वर्ष 2019 में हुआ था,परन्तु इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था।सेंटर पर अग्निशमन यंत्र भी नहीं था और न ही किसी प्रकार के मानक पूरे किए जा रहे थे।इसी तरह एनसीएम लाइब्रेरी व कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट का भी पंजीकरण नहीं था,जिसे सील कर दिया गया।पीसीएस कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी बंद पाई गई और उसे भी सील कर दिया गया।ज्ञान धारा लाइब्रेरी में दो कमरे व आठ बच्चे मिले परन्तु कोई अभिलेख नहीं दिखाया जा सका,जिसके बाद इसे भी सील कर दिया गया।इसी क्रम में डिजिटल लाइब्रेरी और दैनिक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण करने पर पूरे मानक नहीं पाए गए,जिसके कारण इन्हें भी सील कर दिया गया है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने सोमवार को ही सभी कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों को नोटिस जारी कर सुविधाओं के संबंध में जानकारी मांगा था और निर्धारित समय सीमा पूर्ण होते ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने एक्शन लेना प्रारंभ कर दिया।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि जो भी कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं,उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा और उनके खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि बच्चों की जिंदगी के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी को कोचिंग संचालन के नियमों का पालन करना होगा।उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी के पंजीकरण की अभी कोई गाइड लाइन नहीं है परन्तु जो भी सुरक्षा मानक हैं उसको देखा जा रहा है तथा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड: धुएं में घुल गई दोस्ती, राख हो गए सपने—सूरज और संयम की अधूरी कहानी
लखनऊ । लखनऊ के अलीगंज की वह इमारत अब सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं रही। वह एक ऐसी याद बन चुकी है, जहां हर कोना किसी न किसी छात्र की आखिरी सांस का गवाह है। कोचिंग और एनीमेशन सेंटर में लगी आग ने न सिर्फ 15 जिंदगियां छीन लीं, बल्कि कई घरों की पूरी दुनिया उजाड़ दी।

इन 15 कहानियों में सबसे ज्यादा दिल को तोड़ देने वाली कहानी दो दोस्तों—सूरज और संयम—की है। कानपुर के गोविंदनगर और बर्रा के रहने वाले ये दोनों नाम अब सिर्फ एक हादसे के नहीं, बल्कि एक ऐसी दोस्ती के प्रतीक बन गए हैं जो जिंदगी से आगे जाकर भी साथ रही—लेकिन लौटकर कभी नहीं आई।

बचपन से शुरू हुई कहानी, जो आग में खत्म हो गई

सूरज और संयम की दोस्ती किसी कहानी जैसी नहीं थी, वह जिंदगी का हिस्सा थी। रतनलालनगर के दून स्कूल में दोनों ने साथ पढ़ाई की, साथ शरारतें कीं, साथ सपने देखे। टीचर उन्हें हमेशा एक जोड़ी की तरह याद रखते थे—जहां एक बोलता था, दूसरा समझ जाता था।

स्कूल के बाद भी यह साथ नहीं टूटा। दोनों ने एक ही एनीमेशन स्टूडियो में नौकरी जॉइन की। परिवारों को भरोसा था कि यह दोस्ती अब भविष्य की सफलता बनेगी। लेकिन किसे पता था कि यह साथ एक ही आग में खत्म होने वाला है।

वह दोपहर, जब धुआं किस्मत बन गया

अलीगंज स्थित उस इमारत में रोज़ की तरह क्लास चल रही थी। किसी को यह अहसास नहीं था कि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद वेयरहाउस में उठती एक चिंगारी कुछ ही मिनटों में मौत का तूफान बन जाएगी।

दोपहर करीब ढाई बजे आग लगी। पहले किसी ने इसे मामूली समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं इतनी तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंचा कि तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र फंस गए। सीढ़ियों से उतरना मुश्किल हो गया, खिड़कियों से बाहर की हवा भी जहरीली हो चुकी थी।

कुछ छात्रों ने मदद के लिए चिल्लाया, कुछ ने फोन उठाए, कुछ ने खिड़कियों से झांककर आखिरी उम्मीद तलाशने की कोशिश की—लेकिन आग उम्मीदों से तेज थी।

आखिरी फैसला—साथ जिए, साथ मरेंगे

इसी अफरा-तफरी के बीच सूरज और संयम भी फंस गए। परिजनों के अनुसार, दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। शायद उसी पल दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा।

कहा जाता है कि दोनों ने किसी कमरे या बाथरूम में खुद को बंद कर लिया, यह सोचकर कि शायद वहां थोड़ी देर और सांस मिल जाए। लेकिन आग ने दीवारों तक को गर्म कर दिया था। दम घुटने से दोनों की मौत हो गई—लेकिन सबसे दर्दनाक बात यह थी कि वे आखिरी पल तक भी साथ थे।

यह सिर्फ मौत नहीं थी, यह उस दोस्ती का अंत था जो जिंदगी से बड़ी लगती थी।

घर पहुंचे तो टूट गया आसमान

जब संयम का शव गोविंदनगर पहुंचा, मां सोनिया की चीख ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। वह बार-बार बेटे को पकड़कर पूछती रहीं—“बोल क्यों नहीं रहा तू? अभी तो ठीक था ना तू…” हर शब्द जैसे किसी दिल पर हथौड़ा था।

पड़ोसी भी रो पड़े, क्योंकि संयम वही लड़का था जो हमेशा मुस्कुराकर मिलता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उसकी मुस्कान इतनी जल्दी खामोश हो जाएगी।

इधर सूरज के घर का हाल भी अलग नहीं था। मां मीरा बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। कुछ घंटे पहले ही बेटा उन्हें फोन पर कहकर गया था कि वह ठीक है। लेकिन लौटकर वह खुद नहीं आया।

जिम्मेदारियों से भरा एक अधूरा सफर

सूरज सिर्फ एक छात्र या कर्मचारी नहीं था। वह अपने परिवार की रीढ़ था। पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। छोटे भाई और बहन की पढ़ाई, घर का खर्च, भविष्य की उम्मीदें—सब कुछ उसी के कंधों पर था।

वह हाल ही में शादी के लिए लड़की देखने भी गया था। घर में नई शुरुआत की बातें हो रही थीं। लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा है—और एक ऐसा खालीपन, जिसे कोई भर नहीं सकता।

रेस्क्यू, जो देर से पहुंचा

हादसे के बाद SDRF और दमकल विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। दो घंटे के भीतर 15 शव बरामद किए गए और कई घायल अस्पताल पहुंचाए गए।

हर निकला हुआ शव एक कहानी खत्म कर रहा था, और हर घायल आंखें एक नई उम्मीद ढूंढ रही थीं।

अंतिम यात्रा—जहां दोस्ती भी जल उठी

सूरज और संयम का अंतिम संस्कार अलग-अलग स्थानों पर हुआ, लेकिन दोनों घरों की हालत एक जैसी थी—टूटा हुआ परिवार, सूनी आंखें और खत्म होते सपने।

मोहल्ले के लोग आज भी कहते हैं कि दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी। वे साथ जिए, साथ काम किया और साथ ही इस दुनिया से चले गए।

एक सवाल, जो हर दिल में रह गया

यह हादसा सिर्फ आग नहीं था। यह एक चेतावनी थी—उन लापरवाहियों की, जिनके बीच हम अपने बच्चों को छोड़ देते हैं।

क्या यह हादसा टल सकता था? क्या ये 15 जिंदगियां बच सकती थीं?

इन सवालों के जवाब शायद कभी न मिलें, लेकिन सूरज और संयम की कहानी हमेशा याद दिलाती रहेगी कि कुछ दोस्तियां इतनी सच्ची होती हैं कि वे मौत के बाद भी खत्म नहीं होतीं—बस खामोश हो जाती हैं।
आजमगढ़: पोखरें में डूबने से बालक की मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
आजमगढ़।निजामाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरिहा ग्राम के सवाई मोहल्ले में स्थित पोखरे के पास खेल रहे बच्चों के साथ युसूफ पुत्र अशफाक जिसकी उम्र 6 वर्ष खेल रहा था . पोखरे में फिसल कर गिरने की वजह से डूब कर मौत हो गई. ग्रामीण जनता ने बताया कि बच्चों के पानी में गिरते ही साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया. जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक यूसुफ पानी में डूब चुका था. ग्रामीणों ने बच्चों को पोखरी से बाहर निकालें . परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे . चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत्यु घोषित कर दिया . युसूफ दो भाई और एक बहन मैं दूसरे नंबर पर था. सवाई मोहल्ले में मातम छाया हुआ है. परिवार के लोगों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है.
आजमगढ़: बीपीएससी व सीए बनने वाले युवको का गांव में हुआ सम्मान दिखी गंगा जमुनी तहजीब
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के परगाशपुर गांव निवासी उदय प्रताप यादव पुत्र सुभाष ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त की है वही गांव के ही मु. अब्दुल्ला पुत्र निजामुद्दीन सीए की परीक्षा पास कर चार्टर अकाउंटेंट बने हैं दोनों युवक मंगलवार को जब गांव मे एक साथ पहुंचे तो गंगा जमुनी तहजीब देखते ही बनती थी हर वर्ग हर समाज के लोगों ने दोनों युवकों का गांव में पहुंचने पर माला फूल बनाकर स्वागत सम्मान किया और इस प्रतिभा पर गर्व हो रहा था अपने गांव में पहुंचे तो ढोल नगाड़े के साथ दोनों युवाओं का गांव वालों ने स्वागत किया और माला फूल पहना कर सम्मानित किया गया मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर संग्राम यादव ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव व सीए बनने वाल मोहम्मद अब्दुल्ला को अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह के रूप में संविधान की किताब देकर सम्मानित किया डॉ. यादव ने कहा आज बहुत ही गौरव का विषय है और युवाओं के लिए प्रेरणा भी है कि गांव के साथ पढ़ने वाले दो युवक जो एक बीपीएससी 70 वी परीक्षा में गांव और परिवार का नाम रोशन किया है तो मु. अब्दुल्ला सीए बने इन युवाओं से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए वही बीपीएससी में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव ने इसका श्रेय अपने चाचा मुन्नू यादव को दिया सीए बनने वाले मोहम्मद अब्दुल्ला ने भी अपने मुंबई में रह रहे चाचा जबैद अली को दिया वहीं अपने पिता निजामुद्दीन को भी टेंट हाउस के छोटे से व्यवसाय से परिवार और पढ़ाई के लिए भी कुछ-कुछ पैसे निकाल कर सहयोग करते रहे जिससे आज सफलता मिली है। दोनों लोगों का गांव में पहुंचने पर गांव वालों ने स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर प्रभुदीन यादव, साहबलाल, श्री चंद यादव,सज्जन, रामलाल यादव, वंशराज यादव, दिनेश यादव, बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।।
जहानाबाद में आधुनिक तकनीक की नई शुरुआत, मां वैष्णो स्टील सीएनसी का हुआ शुभारंभ

जहानाबाद। शहर के सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन रोड स्थित मां वैष्णो स्टील सीएनसी का भव्य शुभारंभ जिला परिषद सदस्य सोनू राधे द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर प्रतिष्ठान का उद्घाटन किया तथा आधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने इसे जहानाबाद के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सोनू राधे ने कहा कि यह मशीन जहानाबाद में अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन है, जो डिजिटल तकनीक के माध्यम से कम समय में बेहतरीन और आकर्षक डिजाइन तैयार करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अब जिले के लोगों को आधुनिक डिजाइन वाले गेट, ग्रिल, रेलिंग, खिड़की, फॉल्स सीलिंग और अन्य सजावटी स्टील उत्पादों के लिए पटना, गया या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग अपने घर, अपार्टमेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देना चाहते हैं। ऐसे में सीएनसी तकनीक से तैयार डिजाइन लोगों की पसंद बन रहे हैं। अब ग्राहक अपनी पसंद का कोई भी डिजाइन मोबाइल, कंप्यूटर या फोटो के माध्यम से लेकर आएंगे, जिसे मशीन द्वारा हूबहू काटकर तैयार किया जा सकेगा।

सोनू राधे ने बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सटीकता और तेजी है। पहले जहां इस प्रकार के डिजाइन बाहर से मंगाने में काफी समय और अतिरिक्त खर्च लगता था, वहीं अब वही सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इससे ग्राहकों का समय और पैसा दोनों बचेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। संस्थान के प्रोपराइटर दीपक कुमार ने बताया कि मां वैष्णो स्टील सीएनसी में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से लोहे एवं स्टील के गेट, ग्रिल, रेलिंग, फॉल्स सीलिंग पैनल, सजावटी शीट और अन्य डिजाइनर उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की आवश्यकता और पसंद के अनुसार विशेष डिजाइन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सीएनसी लेजर कटिंग तकनीक की मदद से जटिल से जटिल डिजाइन भी बेहद सफाई और सटीकता के साथ तैयार किए जा सकते हैं। अनुभवी कारीगरों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ग्राहकों को गुणवत्ता, मजबूती और आकर्षक डिजाइन का बेहतर विकल्प मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने भी इस नई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठान के खुलने से जहानाबाद में आधुनिक निर्माण और इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि यह प्रतिष्ठान न केवल जिले के विकास में योगदान देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

आजमगढ़ : क्षेत्र की सबसे वृद्ध 106 वर्ष की आयु में सत्यभामा सिंह का निधन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के कोर्राघाटमपुर के मियांपुर निवासी सबसे वृद्ध सत्यभामा सिंह का सोमवार देर शाम 106 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रही थीं। देर शाम अचानक उनकी सांसें थम गईं।
क्षेत्र की सबसे वृद्ध महिला सत्यभामा सिंह के निधन से परिवार में शोक की लहर है। उनके परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। निधन की सूचना मिलते ही शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए संभ्रांत लोगों का तांता लग गया।
 शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में  बांकेलाल सिंह, भाजपा नेता अमित सिंह, संतोष सिंह, साजन सिंह, रामफेर यादव, चन्दन सिंह, देवेन्द्र सिंह,रामलाल मौर्य, पूर्व प्रधान मोहनलाल सोनकर,सर्वेश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। गांव में शोक का माहौल है।
मुजफ्फरनगर : एनकाउंटर में मारा गया छोटा राजन गैंग का गुर्गा सतपाल
—यूपी हरियाणा, पंजाब के राज्यों में दर्ज हैं अपराधिक मुकदमें, 25 हजार का था इनाम


लखनऊ /मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सोमवार की देर रात को सिविल लाइन थाना पुलिस, एसओजी टीम की इनामी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके खिलाफ यूपी, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। छोटी—छोटी लड़कियों का अपहरण कर उनसे दुष्कर्म करना उसका पेशा था। वह छोटा राजन गैंग का गुर्गा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि 19 जून को कचहरी से एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस की 10 टीमों को लगाया गया था। सोमवार देर रात को पुलिस को उसकी लोकेशन इलाके में मिली थी। इसके बाद पुलिस और एसओजी की सयुंक्त टीम ने दो टीमों को बनाकर चेकिंग शुरू कर दी। पहली टीम रामपुर तिराहे से शहर की तरफ और दूसरी टीम मुजफ्फरनगर की तरफ से रामपुर तिराहे की तरफ आने जाने वाली सभी वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक कार रामपुर तिराहे की तरफ आती हुई दिखाई दी, जिसे पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया तो अभियुक्त ने वाहन को तेजी से मोड़कर बामनहेडी रेलवे स्टेशन की तरफ भागने लगा।

पुलिस टीम ने कार सवार का पीछा किया तो आगे चलकर घना जंगल होने की वजह से रास्ता बन्द हो गया। पुलिस टीम ने बदमाश की घेराबन्दी की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गये। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई और दोनों पैर में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर वेंटीलेटर पर रखा गया, जहां मंगलवार दोपहर को डॉक्टरों ने बदमाश को मृत घोषित कर दिया।

एसएसपी ने बताया कि बदमाश की पहचान चंडीगढ़ के रामदरबार निवासी सतपाल उर्फ सत्तू के रूप में हुई है। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल, तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है। अभियुक्त सतपाल उर्फ सत्तू अन्तराज्यीय अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों पर हत्या, लूट, दुष्कर्म अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में करीब 30 मुकदमें दर्ज है। वह चंडीगढ़ के थाने से हिस्ट्रीशीटर था। अभियुक्त के कुख्यात छोटा राजन गैंग से संबंध रहे हैं। अभियुक्त फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार था। फरार होने के उपरान्त अभियुक्त द्वारा पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नाबालिग किशोरियों का अपहरण व दुष्कर्म करने की घटनाएं कारित की गयी। सिविल लाइन थाना में दर्ज मुकदमें में उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं विद्यालय : ज्ञान प्रकाश सिंह
जौनपुर। स्कूल बच्चों के सर्वांगीण विकास (बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक) का मुख्य आधार होते हैं। यह उन्हें बुनियादी शिक्षा, जीवन कौशल (समय प्रबंधन, अनुशासन), और आत्मनिर्भरता सिखाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं, जो एक जिम्मेदार नागरिक और सफल पेशेवर बनने के लिए आवश्यक है। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित घनश्यामपुर में शिल्वेय कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल के संचालन के पूर्व आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रख्यात समाजसेवी और वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। विद्यालय के प्रबंधक पूर्व सांसद कमला प्रसाद सिंह के पौत्र गौरव सिंह तथा प्रधानाचार्य श्रीमती आरती सिंह ने का स्वागत किया। स्कूल में बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने की दिशा में रखे गए शैक्षणिक संसाधनों की उन्होंने सराहना की। कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन कुंवर वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद राजकेशर सिंह के पौत्र राजा सिंह, उद्योगपति अरविंद सिंह,पूर्व शिक्षक अमर बहादुर सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य रमेश सिंह , स्कूल प्रबंधक अरुण सिंह, सुभाष सिंह नेता, कैलाश नाथ पांडे सरपंच, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, अमित सिंह, जगदीश सिंह , वीरेंद्र सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों से मिलने केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव

कहा - पीड़ितों की सरकार करे मदद

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को अलीगंज इलाके में स्थित कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर में लगी भीषण अग्निकांड में घायल बच्चों और उनके अभिभावकों से मिलने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) पहुंचे।

सपा अध्यक्ष ने अस्पताल में उपचाराधीन बच्चों का हालचाल लिया और अभिभावकों से कार्रवाई को लेकर जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों की टीम से उपचार की भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कही।

अखिलेश यादव ने कोचिंग अग्निकांड के पीड़ित बच्चों और अभिभावकों से मुलाकात के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि घटना बहुत ही दुखद है। अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता तो शायद इतना बड़ा हादसा ना होता और लोगों की जान नहीं गई होती। पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद होनी चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में भर्ती एक नौजवान से मेरी मुलाकात हुई है। जो वहां पर नौकरी करता था। उसने आग से बचने के लिए कूदकर अपनी जान बचाई। उसके शरीर और रीढ़ की हड्डी में चोट आईं हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, उसका काफी दिनों तक इलाज चलेगा, उसकी मां भी नहीं है। वह परिवार का इकलौता भरण पोषण करने वाला नवयुवक है। उसकी सरकार को पूरी मदद करनी चाहिए।

अखिलेश ने कहा कि जब तक इस हादसे के पीड़ित पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो जाते और उन्हें नौकरी दोबारा नहीं मिलती, तब तक सरकार उन्हें वेतन एवं उपचार की व्यवस्था करे। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिवारों की कम से कम 01 करोड़ रुपये की मदद किए जाने की बात कही।
जेठ के अंतिम मंगल पर भव्य भंडारे का आयोजन, प्रसाद ग्रहण करने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रितेश मिश्रा

हरदोई। जेठ माह के अंतिम मंगल के पावन अवसर पर मंगलवार को शहर के मोहल्ला आशा नगर गेट के निकट श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का भव्य संगम देखने को मिला। हरदोई के प्रख्यात पत्रकार रितेश मिश्रा द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक प्रसाद ग्रहण करने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा क्षेत्र भगवान हनुमान के जयघोषों से गुंजायमान रहा।

जेठ के मंगल का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था और लोककल्याण की भावना के साथ आयोजित इस भंडारे में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और बजरंगबली के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।भंडारे के आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण देखते ही बन रहा था। एक ओर श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयकारों में लीन दिखाई दिए, तो दूसरी ओर स्वयंसेवक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रसाद वितरण में जुटे रहे। पूड़ी, सब्जी, छोले, चावल और बूंदी सहित विभिन्न व्यंजनों का प्रसाद श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक वितरित किया गया।

आयोजन के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। स्थानीय गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आयोजन की सराहना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन न केवल आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी मजबूत बनाते हैं।

इस अवसर पर आयोजक मंडल में प्रफुल्ल मिश्रा, रितेश मिश्रा, रोहित मिश्रा, दिव्यांशु मिश्रा, विनायक मिश्रा, सूर्यांशु मिश्रा, निश्चय मिश्रा, युवराज सिंह, सुयश मिश्रा, पूर्णचंद्र गुप्ता, रवि गुप्ता, जिला अध्यक्ष बबलू सिंह, प्रवीण राजन, अरविंद तिवारी, आनंद गुप्ता, दिवाकर मिश्रा, लक्ष्मीकांत पाठक, पप्पू दीक्षित एवं नवल गुप्ता सहित सभी पत्रकार बंधुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जनकल्याण की इसी भावना के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।

भंडारे में विनोद शुक्ला, टिल्लू सिंह चौहान, नीसू अग्निहोत्री, दीपू सिंह चौहान, विवेक मिश्रा, हरियावा, पुनीत सिंह तथा भोलू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।