पर्यावरण संरक्षण और मानवीय सेवा की दिशा में मेघाश्रेय की अनोखी पहल
मुंबई। एक पेड़ माँ के नाम' भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक भावनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल अभियान है। इसके तहत लोग अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम जताने के लिए उनकी स्मृति या उपस्थिति में एक पेड़ लगाते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेते हैं। मेघाश्रेय संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बांद्रा फोर्ट में एक ऐसे ही अनूठे कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, आईपीएस कृष्णा प्रकाश, आईपीएस विश्वास नांगरे पाटील, स्टीफन बेन, नूपुर सनोन, डीनो मोरिया,आसिफ भामला,कविन शाह,गौरव पारिख, मिकी मेहता जैसी अनेक जानी-मानी हस्तियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस सशक्त आंदोलन को और भी मजबूत बनाया और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में हाथ बंटाया। मेघाश्रेय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विगत वर्षों की तरह छाता, रेनकोट और पानी का वितरण किया गया। सीमा सिंह द्वारा आयोजित इस पहल में एक साथ तीन सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों की पूर्ति की गई। जीवन के लिए पानी, आराम के लिए छाया, और भविष्य के लिए पेड़ की संकल्पना वाले इस कार्यक्रम में भारी संख्या में बीएमसी कर्मचारी उपस्थित रहे। सीमा सिंह के अनुसार बढ़ रही पर्यावरण चुनौती के बीच हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ग्लोबल वार्मिंग जैसी विकट परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में वृक्ष ही हमारे जीवन दाता बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए , इससे मां, मातृभूमि और धरती के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त होगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और हर व्यक्ति को इस धर्म का पालन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने लखनऊ पहुंची बिहार सूचना विभाग की टीम
* निदेशक सूचना से की मुलाकात, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बिहार में लागू करने की जताई रुचि

* विभिन्न प्रभागों का किया भ्रमण, सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क गतिविधियों की ली विस्तृत जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं नीतियों एवं शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु विकसित की गई सुदृढ़ सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था से प्रभावित होकर बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बिहार सरकार की टीम ने निदेशक सूचना विशाल सिंह से शिष्टाचार भेंट कर विभाग की कार्यप्रणाली नवाचारों तथा जनसंचार की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बिहार से आए अधिकारियों की टीम ने उत्तर प्रदेश में संचालित प्रचार-प्रसार की प्रभावी व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि उ0प्र0 में प्रचार प्रसार के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुआ है जो कि बेहतर अनुभव हुआ है। टीम ने कहा कि यहां विकसित की गई कई व्यवस्थाएं बिहार में भी उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। टीम ने इन व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं पर विशेष रुचि व्यक्त की।
भ्रमण के दौरान टीम ने निदेशालय के सभी प्रमुख सेक्शनों एवं प्रभागों का विस्तृत दौरा किया तथा उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने समाचार एवं मीडिया कवरेज प्रभाग, पत्रकार कल्याण एवं नीतिगत प्रभाग, क्षेत्रीय एवं ग्रामीण पहुंच प्रभाग, रचनात्मक एवं प्रदर्शनी प्रभाग, आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार प्रभाग तथा स्थापना, वित्त प्रभाग के कार्यों का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रभाग की भूमिकाए दायित्वों तथा कार्य निष्पादन की प्रक्रिया से टीम को अवगत कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं महत्वपूर्ण निर्णयों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रहा है। बिहार की टीम ने समाचार संकलन, प्रेस विज्ञप्तियों के निर्गमन, मीडिया समन्वय, जनसंपर्क अभियानों के संचालन तथा सूचना के त्वरित एवं तथ्यपरक प्रसारण की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अध्ययन किया।
टीम ने पत्रकार कल्याण से संबंधित योजनाओंए मान्यता व्यवस्था, पत्रकार हितों के संरक्षण हेतु संचालित व्यवस्थाओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विभाग के समन्वय तंत्र की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय एवं ग्रामीण प्रचार गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति का भी अवलोकन किया गया।
रचनात्मक एवं प्रदर्शनी समूह द्वारा तैयार की जाने वाली प्रचार सामग्री, विभागीय प्रकाशनों, प्रदर्शनी आयोजन, दृश्य-श्रव्य माध्यमों के उपयोग तथा जनजागरूकता अभियानों की कार्यप्रणाली ने बिहार के अधिकारियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। साथ ही आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोककलाओं एवं जनसंचार के पारंपरिक माध्यमों के जरिए संचालित जनजागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की गई।
भ्रमण के दौरान बिहार सूचना विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसंपर्क गतिविधियों के संचालन में अपनाई जा रही तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर समन्वय तंत्र, त्वरित सूचना संप्रेषण प्रणाली तथा जनहितकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सूचना प्रबंधन और जनसंपर्क के क्षेत्र में कई ऐसी प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, जिनका अध्ययन अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन, डिजिटल संचार, जनसंपर्क अभियानों तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए बिहार की टीम ने उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली को व्यवस्थित, नवाचारपूर्ण एवं परिणामोन्मुख बताते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अंत में टीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
धार्मिक स्थल के पास अंडा व शराब की बिक्री और रास्ता बाधित करने से ग्रामीणों में रोष*

ग्राम परनखा के पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार*

रितेश मिश्रा
हरदोई बिलग्राम तहसील अंतर्गत थाना माधोगंज क्षेत्र के ग्राम परनखा (पोस्ट- खुर्दा मदारपुर) में धार्मिक स्थल के निकट ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही एक जागरूक नागरिक अरविंद कुमार पुत्र राम औतार ने इस संबंध में जिलाधिकारी हरदोई को एक लिखित शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि ग्राम परनखा में एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है और वहीं पास में एक पूजनीय कुआं भी है, जो कि पूरी तरह से ग्राम समाज की जमीन पर बना हुआ है और ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। आरोप है कि गांव के ही निवासी हुकुम चंद पुत्र राधे लाल और घनश्याम पुत्र हुकुम चंद ने इस मंदिर व कुएं के पास की ग्राम समाज की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। दबंगों द्वारा इस पवित्र स्थल के पास अवैध कब्जा करके एक किराना की दुकान, एक अंडे की दुकान और एक मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान संचालित की जा रही है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के बिल्कुल पास में अंडे और शराब की खिड़की खोलकर बिक्री धड़ल्ले से की जाती है, जो कि पूरी तरह से नियम और न्यायसंगत नहीं है। इससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। इसके अलावा, उक्त लोगों द्वारा रात के समय मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते पर अपने वाहन (मोटरसाइकिल/गाड़ियाँ) आदि खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मंदिर का रास्ता भी पूरी तरह बाधित हो जाता है और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।पीड़ित और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर मौके की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और धार्मिक मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले तथा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उपेक्षित पड़ा गुप्तकाल से जुड़ा पौराणिक महेश बाबा मंदिर, कायाकल्प के लिए जनप्रतिनिधियों ने कसी कमर*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* विकासखंड कछौना की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में स्थित प्राचीन महेश बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू व पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामऔतार गोस्वामी ने सभापति अशोक अग्रवाल पत्र देकर जीर्णोद्धार कराने की मांग की, उन्होंने इस पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु शासन को पत्र लिखा है। श्रद्धालुओं ने इस मंदिर के सौंदर्यीकरण व कायाकल्प की उम्मीद जग गई है। जिससे यह स्थल उत्तर प्रदेश के नक्शे पर एक पहचान बनेगा। विधानसभा बालामऊ की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में काफी प्राचीन मंदिर 12 एकड़ बाग में स्थित है। पुरानी मान्यता के अनुसार बाबा राघव दास महंत द्वारा 150 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना की गई। इसमें ग्राम महरी, समसपुर, बर्राघूमन, कटका, सहोरिया आदि गांवो की भूमि अभिलेख में दर्द है। परंतु राघव दास महंत के निधन के बाद भू-माफिया ने कूटरचित द्वारा काफी भूमि अपने नाम हस्तांतरित कराली। इस मंदिर का 60 बीघा भूमि पर बाग है। यह ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल है, यह जंगल के होने के कारण आक्रांताओं से बच गया था, प्राकृतिक अवस्था में स्थित है। शिव पार्वती की खंडित मूर्ति है। जनश्रुति के अनुसार गुप्त काल के पहले का है। पूरे देश में केवल दो ही स्थानों पर इस तरह के मंदिर हैं। मंदिर परिसर में ठाकुर द्वार में हनुमान मंदिर व राम जानकी मंदिर की स्थापना है, जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़ा है। यह प्रकृतिक स्थल में होने के कारण काफी रमणीक लगता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिलती है। वर्ष के में दो बार मेला लगता है। इसके सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार के लिए ग्राम प्रधानगढ़ रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू, जनसरोकार मंच के संयोजक परमेश्वर दयाल, सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामाऔतार गोस्वामी ने जीर्णोद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है।
अब गर्भवती महिला की होंगी छह प्रसवपूर्व जाँचें
रितेश मिश्रा
हरदोई, मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गर्भवती महिलाओं को न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचों (एएनसी) से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे पहले नियमित रूप से चार एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि  जनपद में प्रत्येक गर्भवती तक गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्रसवपूर्व जांचों की संख्या चार से बढ़ाकर छह किए जाने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की अधिक नियमित समीक्षा संभव होगी। इससे एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान और प्रबंधन के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे जटिलताओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सकेगा।
नोडल डॉ. अरविन्द सचान ने कहा कि अतिरिक्त एएनसी विजिट से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क का अवसर मिलेगा। इन मुलाकातों के दौरान महिलाओं को संतुलित पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था और नवजात में दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवतियों की जांच कर उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की जाती है और उनका प्रबंधन किया जाता है।
वर्ष 2025-26 में  पीएमएसएमए के तहत 84,271 गर्भवतियों की जांच की गई, जिनमें 6090 उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान की गई। चिन्हित उच्च जोखिम गर्भवतियों की नियमित निगरानी की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
एएनसी का समय निर्धारण इस प्रकार किया गया है—
पहली एएनसी : गर्भावस्था के पंजीकरण के तुरंत बाद, 12 सप्ताह के भीतर।
दूसरी एएनसी : 16 से 20 सप्ताह के बीच।
तीसरी एएनसी : 24 से 28 सप्ताह के बीच।
चौथी एएनसी : 28 से 32 सप्ताह के बीच।
पाँचवीं एएनसी : 32 से 36 सप्ताह के बीच।
छठी एएनसी : 36 से 40 सप्ताह के बीच।
धार्मिक स्थल के पास अंडा व शराब की बिक्री और रास्ता बाधित करने से ग्रामीणों में रोष*
ग्राम परनखा के पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार*

रितेश मिश्रा
हरदोई बिलग्राम तहसील अंतर्गत थाना माधोगंज क्षेत्र के ग्राम परनखा (पोस्ट- खुर्दा मदारपुर) में धार्मिक स्थल के निकट ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही एक जागरूक नागरिक अरविंद कुमार पुत्र राम औतार ने इस संबंध में जिलाधिकारी हरदोई को एक लिखित शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि ग्राम परनखा में एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है और वहीं पास में एक पूजनीय कुआं भी है, जो कि पूरी तरह से ग्राम समाज की जमीन पर बना हुआ है और ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। आरोप है कि गांव के ही निवासी हुकुम चंद पुत्र राधे लाल और घनश्याम पुत्र हुकुम चंद ने इस मंदिर व कुएं के पास की ग्राम समाज की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। दबंगों द्वारा इस पवित्र स्थल के पास अवैध कब्जा करके एक किराना की दुकान, एक अंडे की दुकान और एक मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान संचालित की जा रही है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के बिल्कुल पास में अंडे और शराब की खिड़की खोलकर बिक्री धड़ल्ले से की जाती है, जो कि पूरी तरह से नियम और न्यायसंगत नहीं है। इससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। इसके अलावा, उक्त लोगों द्वारा रात के समय मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते पर अपने वाहन (मोटरसाइकिल/गाड़ियाँ) आदि खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मंदिर का रास्ता भी पूरी तरह बाधित हो जाता है और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।पीड़ित और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर मौके की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और धार्मिक मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले तथा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
धार्मिक स्थल के पास अंडा व शराब की बिक्री और रास्ता बाधित करने से ग्रामीणों में रोष*
ग्राम परनखा के पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार*

रितेश मिश्रा
हरदोई बिलग्राम तहसील अंतर्गत थाना माधोगंज क्षेत्र के ग्राम परनखा (पोस्ट- खुर्दा मदारपुर) में धार्मिक स्थल के निकट ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही एक जागरूक नागरिक अरविंद कुमार पुत्र राम औतार ने इस संबंध में जिलाधिकारी हरदोई को एक लिखित शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि ग्राम परनखा में एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है और वहीं पास में एक पूजनीय कुआं भी है, जो कि पूरी तरह से ग्राम समाज की जमीन पर बना हुआ है और ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। आरोप है कि गांव के ही निवासी हुकुम चंद पुत्र राधे लाल और घनश्याम पुत्र हुकुम चंद ने इस मंदिर व कुएं के पास की ग्राम समाज की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। दबंगों द्वारा इस पवित्र स्थल के पास अवैध कब्जा करके एक किराना की दुकान, एक अंडे की दुकान और एक मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान संचालित की जा रही है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के बिल्कुल पास में अंडे और शराब की खिड़की खोलकर बिक्री धड़ल्ले से की जाती है, जो कि पूरी तरह से नियम और न्यायसंगत नहीं है। इससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। इसके अलावा, उक्त लोगों द्वारा रात के समय मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते पर अपने वाहन (मोटरसाइकिल/गाड़ियाँ) आदि खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मंदिर का रास्ता भी पूरी तरह बाधित हो जाता है और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।पीड़ित और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर मौके की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और धार्मिक मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले तथा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
ब्रह्माकुमारीज़ के तीन दिवसीय समर कैंप का उत्साहपूर्ण समापन
मीरजापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रभु उपहार भवन में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। समापन दिवस पर भी कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं योगाभ्यास से हुई। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बीके वीरेंद्र भाई जी ने बच्चों को योग सिखाते हुए सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। बीके आरती दीदी जी ने बच्चों को संगीत का अभ्यास कराया, जबकि बीके दिव्यानी बहन ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत कुकुंबर बोट बनाना सिखाया, जिसे बच्चों ने स्वयं तैयार कर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। बीके शिवानी बहन ने बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया तथा बीके नीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर मन की शक्ति और एकाग्रता का महत्व बताया। तीन दिनों के दौरान बच्चों ने योग, गीत-संगीत, नृत्य, अबेकस, क्राफ्ट, मेडिटेशन एवं नैतिक मूल्यों से भरपूर अनेक गतिविधियों में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व को निखारा। समापन अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कलरिंग, गेम्स एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप ने उन्हें बहुत कुछ नया सिखाया, अच्छे मित्र दिए और आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि ऐसे संस्कारमय शिविर और अधिक दिनों तक आयोजित किए जाएँ तथा वे भविष्य में भी नियमित रूप से इसमें भाग लेंगे। कार्यक्रम की सफलता में बीके शकीला बहन, बीके हाशमी भाई जी, रेहाना जी एवं सेवा केंद्र से जुड़े सभी भाई-बहनों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे कैंप के दौरान बच्चों की प्रेमपूर्वक देखभाल और मार्गदर्शन किया।
आध्यात्मिकता, संस्कार और आनंद से परिपूर्ण यह तीन दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनकर संपन्न हुआ।
जयमाल के बाद दूल्हा बाइक से फरार, गुस्साए कन्या पक्ष ने युवक के पिता संग 3 गाड़ियों को बनाया बंधक
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार भोर शादी समारोह में उस वक्त हंगामा मच गया जब जयमाल के बाद दूल्हा अपने दो साथियों के साथ बाइक से फरार हो गया। गुस्साए लड़की पक्ष ने दूल्हे के पिता समेत बारातियों और तीन गाड़ियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पीआरबी पुलिस कोरम पूरा कर थाने आने की बात कहकर लौट गई। प्रयागराज जनपद के हरगढ़ निवासी राजमणि के मझले पुत्र अशोक की बारात मंगलवार शाम सात बजे चली थी। रात करीब 12 बजे 50 बारातियों के साथ छह गाड़ियों से मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव पहुंची। रात दो बजे द्वारपूजा और उसके बाद जयमाल का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। दूल्हे का बड़ा भाई विक्रम शादी में शामिल नहीं हुआ था, छोटा भाई रघुनंदन बारात में आया था। कन्या के दादा ने बताया कि जैसे ही वर-वधू विवाह के लिए मंडप में बैठे, घर की महिलाओं में कपड़े और जेवरात को लेकर कानाफूसी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी बात से नाराज दूल्हा अशोक भोर करीब चार बजे अपने दो साथियों के साथ बाइक लेकर चुपचाप फरार हो गया। बताया कि पुत्र ने 19 वर्षीय पोती का रिश्ता हरगढ़ में तय किया था। 20 मई को लड़के की जिद पर कर्ज लेकर डेढ़ लाख रुपये की पल्सर बाइक खरीदकर तिलक चढ़ाने गए थे।साथ में 06 हजार रुपये नकद और सगुन के रूप में फल, फूल, मिठाई भी दी थी। तय मुहूर्त पर बारात भी आई लेकिन फेरे से पहले ही दूल्हा दहेज की बाइक लेकर भाग गया। दूल्हे के फरार होते ही शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। आक्रोशित परिजनों ने दूल्हे के पिता और तीन गाड़ियों को गांव में ही बैठा लिया। लड़की की मां के साथ युवती का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पीआरबी 112 पहुंची लेकिन कार्रवाई के नाम पर थाने पर प्रार्थना पत्र देने की बात कहकर लौट गई। पीड़ित पिता ने कहा कि बेटी की शादी के लिए कर्ज लेकर हर इंतजाम किया था। तिलक में दूल्हे की मांग पर बाइक तक दी। अब इज्जत के साथ रुपये भी डूब गए। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है। लड़की पक्ष थाने में तहरीर देने की तैयारी कर रहा है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
रामराज में गोवंश पर हमले का आरोप, कार्रवाई न होने पर थाने पहुंचे भाजपा नेता, गौसेवक और बजरंग दल कार्यकर्ता
बहसूमा। थाना क्षेत्र के गांव सैफपुर फिरोजपुर रामराज में गोवंश पर कथित हमले का मामला सामने आया है। घटना में एक गाय के घायल होने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पक्ष ने बहसूमा थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस द्वारा समय रहते कार्रवाई न किए जाने से नाराज भाजपा नेता, गौसेवक और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मंगलवार को थाने पहुंच गए और रोष व्यक्त किया।

जानकारी के अनुसार, गांव सैफपुर फिरोजपुर रामराज निवासी सीमा पत्नी मुकेश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका पुत्र चांद कुमार मंगलवार शाम अपनी गायों को चराकर वापस घर लौट रहा था। आरोप है कि जब वह चतर सिंह कुम्हार के बाग के पास पहुंचा तो कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और गायों को आगे ले जाने से मना कर दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से गाय पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई।

पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और मामले की चर्चा पूरे इलाके में होती रही।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसी को लेकर भाजपा नेता विपेंद्र सुधा वाल्मीकि, चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह, गौ सेवा संघ के जिला अध्यक्ष एवं बजरंग दल कार्यकर्ता बहसूमा थाने पहुंचे और थाना प्रभारी से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान भाजपा नेता विपेंद्र सुधा वाल्मीकि, मास्टर ब्रह्मचारी, डॉ. श्रीपाल कोहली, गौसेव
पर्यावरण संरक्षण और मानवीय सेवा की दिशा में मेघाश्रेय की अनोखी पहल
मुंबई। एक पेड़ माँ के नाम' भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक भावनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल अभियान है। इसके तहत लोग अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम जताने के लिए उनकी स्मृति या उपस्थिति में एक पेड़ लगाते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेते हैं। मेघाश्रेय संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बांद्रा फोर्ट में एक ऐसे ही अनूठे कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, आईपीएस कृष्णा प्रकाश, आईपीएस विश्वास नांगरे पाटील, स्टीफन बेन, नूपुर सनोन, डीनो मोरिया,आसिफ भामला,कविन शाह,गौरव पारिख, मिकी मेहता जैसी अनेक जानी-मानी हस्तियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस सशक्त आंदोलन को और भी मजबूत बनाया और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में हाथ बंटाया। मेघाश्रेय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विगत वर्षों की तरह छाता, रेनकोट और पानी का वितरण किया गया। सीमा सिंह द्वारा आयोजित इस पहल में एक साथ तीन सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों की पूर्ति की गई। जीवन के लिए पानी, आराम के लिए छाया, और भविष्य के लिए पेड़ की संकल्पना वाले इस कार्यक्रम में भारी संख्या में बीएमसी कर्मचारी उपस्थित रहे। सीमा सिंह के अनुसार बढ़ रही पर्यावरण चुनौती के बीच हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ग्लोबल वार्मिंग जैसी विकट परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में वृक्ष ही हमारे जीवन दाता बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए , इससे मां, मातृभूमि और धरती के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त होगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और हर व्यक्ति को इस धर्म का पालन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने लखनऊ पहुंची बिहार सूचना विभाग की टीम
* निदेशक सूचना से की मुलाकात, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बिहार में लागू करने की जताई रुचि

* विभिन्न प्रभागों का किया भ्रमण, सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क गतिविधियों की ली विस्तृत जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं नीतियों एवं शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु विकसित की गई सुदृढ़ सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था से प्रभावित होकर बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बिहार सरकार की टीम ने निदेशक सूचना विशाल सिंह से शिष्टाचार भेंट कर विभाग की कार्यप्रणाली नवाचारों तथा जनसंचार की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बिहार से आए अधिकारियों की टीम ने उत्तर प्रदेश में संचालित प्रचार-प्रसार की प्रभावी व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि उ0प्र0 में प्रचार प्रसार के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुआ है जो कि बेहतर अनुभव हुआ है। टीम ने कहा कि यहां विकसित की गई कई व्यवस्थाएं बिहार में भी उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। टीम ने इन व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं पर विशेष रुचि व्यक्त की।
भ्रमण के दौरान टीम ने निदेशालय के सभी प्रमुख सेक्शनों एवं प्रभागों का विस्तृत दौरा किया तथा उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने समाचार एवं मीडिया कवरेज प्रभाग, पत्रकार कल्याण एवं नीतिगत प्रभाग, क्षेत्रीय एवं ग्रामीण पहुंच प्रभाग, रचनात्मक एवं प्रदर्शनी प्रभाग, आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार प्रभाग तथा स्थापना, वित्त प्रभाग के कार्यों का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रभाग की भूमिकाए दायित्वों तथा कार्य निष्पादन की प्रक्रिया से टीम को अवगत कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं महत्वपूर्ण निर्णयों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रहा है। बिहार की टीम ने समाचार संकलन, प्रेस विज्ञप्तियों के निर्गमन, मीडिया समन्वय, जनसंपर्क अभियानों के संचालन तथा सूचना के त्वरित एवं तथ्यपरक प्रसारण की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अध्ययन किया।
टीम ने पत्रकार कल्याण से संबंधित योजनाओंए मान्यता व्यवस्था, पत्रकार हितों के संरक्षण हेतु संचालित व्यवस्थाओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विभाग के समन्वय तंत्र की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय एवं ग्रामीण प्रचार गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति का भी अवलोकन किया गया।
रचनात्मक एवं प्रदर्शनी समूह द्वारा तैयार की जाने वाली प्रचार सामग्री, विभागीय प्रकाशनों, प्रदर्शनी आयोजन, दृश्य-श्रव्य माध्यमों के उपयोग तथा जनजागरूकता अभियानों की कार्यप्रणाली ने बिहार के अधिकारियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। साथ ही आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोककलाओं एवं जनसंचार के पारंपरिक माध्यमों के जरिए संचालित जनजागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की गई।
भ्रमण के दौरान बिहार सूचना विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसंपर्क गतिविधियों के संचालन में अपनाई जा रही तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर समन्वय तंत्र, त्वरित सूचना संप्रेषण प्रणाली तथा जनहितकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सूचना प्रबंधन और जनसंपर्क के क्षेत्र में कई ऐसी प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, जिनका अध्ययन अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन, डिजिटल संचार, जनसंपर्क अभियानों तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए बिहार की टीम ने उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली को व्यवस्थित, नवाचारपूर्ण एवं परिणामोन्मुख बताते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अंत में टीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
धार्मिक स्थल के पास अंडा व शराब की बिक्री और रास्ता बाधित करने से ग्रामीणों में रोष*

ग्राम परनखा के पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार*

रितेश मिश्रा
हरदोई बिलग्राम तहसील अंतर्गत थाना माधोगंज क्षेत्र के ग्राम परनखा (पोस्ट- खुर्दा मदारपुर) में धार्मिक स्थल के निकट ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही एक जागरूक नागरिक अरविंद कुमार पुत्र राम औतार ने इस संबंध में जिलाधिकारी हरदोई को एक लिखित शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि ग्राम परनखा में एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है और वहीं पास में एक पूजनीय कुआं भी है, जो कि पूरी तरह से ग्राम समाज की जमीन पर बना हुआ है और ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। आरोप है कि गांव के ही निवासी हुकुम चंद पुत्र राधे लाल और घनश्याम पुत्र हुकुम चंद ने इस मंदिर व कुएं के पास की ग्राम समाज की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। दबंगों द्वारा इस पवित्र स्थल के पास अवैध कब्जा करके एक किराना की दुकान, एक अंडे की दुकान और एक मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान संचालित की जा रही है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के बिल्कुल पास में अंडे और शराब की खिड़की खोलकर बिक्री धड़ल्ले से की जाती है, जो कि पूरी तरह से नियम और न्यायसंगत नहीं है। इससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। इसके अलावा, उक्त लोगों द्वारा रात के समय मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते पर अपने वाहन (मोटरसाइकिल/गाड़ियाँ) आदि खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मंदिर का रास्ता भी पूरी तरह बाधित हो जाता है और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।पीड़ित और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर मौके की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और धार्मिक मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले तथा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उपेक्षित पड़ा गुप्तकाल से जुड़ा पौराणिक महेश बाबा मंदिर, कायाकल्प के लिए जनप्रतिनिधियों ने कसी कमर*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* विकासखंड कछौना की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में स्थित प्राचीन महेश बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू व पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामऔतार गोस्वामी ने सभापति अशोक अग्रवाल पत्र देकर जीर्णोद्धार कराने की मांग की, उन्होंने इस पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु शासन को पत्र लिखा है। श्रद्धालुओं ने इस मंदिर के सौंदर्यीकरण व कायाकल्प की उम्मीद जग गई है। जिससे यह स्थल उत्तर प्रदेश के नक्शे पर एक पहचान बनेगा। विधानसभा बालामऊ की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में काफी प्राचीन मंदिर 12 एकड़ बाग में स्थित है। पुरानी मान्यता के अनुसार बाबा राघव दास महंत द्वारा 150 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना की गई। इसमें ग्राम महरी, समसपुर, बर्राघूमन, कटका, सहोरिया आदि गांवो की भूमि अभिलेख में दर्द है। परंतु राघव दास महंत के निधन के बाद भू-माफिया ने कूटरचित द्वारा काफी भूमि अपने नाम हस्तांतरित कराली। इस मंदिर का 60 बीघा भूमि पर बाग है। यह ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल है, यह जंगल के होने के कारण आक्रांताओं से बच गया था, प्राकृतिक अवस्था में स्थित है। शिव पार्वती की खंडित मूर्ति है। जनश्रुति के अनुसार गुप्त काल के पहले का है। पूरे देश में केवल दो ही स्थानों पर इस तरह के मंदिर हैं। मंदिर परिसर में ठाकुर द्वार में हनुमान मंदिर व राम जानकी मंदिर की स्थापना है, जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़ा है। यह प्रकृतिक स्थल में होने के कारण काफी रमणीक लगता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिलती है। वर्ष के में दो बार मेला लगता है। इसके सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार के लिए ग्राम प्रधानगढ़ रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू, जनसरोकार मंच के संयोजक परमेश्वर दयाल, सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामाऔतार गोस्वामी ने जीर्णोद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है।
अब गर्भवती महिला की होंगी छह प्रसवपूर्व जाँचें
रितेश मिश्रा
हरदोई, मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गर्भवती महिलाओं को न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचों (एएनसी) से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे पहले नियमित रूप से चार एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि  जनपद में प्रत्येक गर्भवती तक गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्रसवपूर्व जांचों की संख्या चार से बढ़ाकर छह किए जाने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की अधिक नियमित समीक्षा संभव होगी। इससे एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान और प्रबंधन के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे जटिलताओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सकेगा।
नोडल डॉ. अरविन्द सचान ने कहा कि अतिरिक्त एएनसी विजिट से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क का अवसर मिलेगा। इन मुलाकातों के दौरान महिलाओं को संतुलित पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था और नवजात में दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवतियों की जांच कर उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की जाती है और उनका प्रबंधन किया जाता है।
वर्ष 2025-26 में  पीएमएसएमए के तहत 84,271 गर्भवतियों की जांच की गई, जिनमें 6090 उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान की गई। चिन्हित उच्च जोखिम गर्भवतियों की नियमित निगरानी की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
एएनसी का समय निर्धारण इस प्रकार किया गया है—
पहली एएनसी : गर्भावस्था के पंजीकरण के तुरंत बाद, 12 सप्ताह के भीतर।
दूसरी एएनसी : 16 से 20 सप्ताह के बीच।
तीसरी एएनसी : 24 से 28 सप्ताह के बीच।
चौथी एएनसी : 28 से 32 सप्ताह के बीच।
पाँचवीं एएनसी : 32 से 36 सप्ताह के बीच।
छठी एएनसी : 36 से 40 सप्ताह के बीच।
धार्मिक स्थल के पास अंडा व शराब की बिक्री और रास्ता बाधित करने से ग्रामीणों में रोष*
ग्राम परनखा के पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार*

रितेश मिश्रा
हरदोई बिलग्राम तहसील अंतर्गत थाना माधोगंज क्षेत्र के ग्राम परनखा (पोस्ट- खुर्दा मदारपुर) में धार्मिक स्थल के निकट ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही एक जागरूक नागरिक अरविंद कुमार पुत्र राम औतार ने इस संबंध में जिलाधिकारी हरदोई को एक लिखित शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि ग्राम परनखा में एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है और वहीं पास में एक पूजनीय कुआं भी है, जो कि पूरी तरह से ग्राम समाज की जमीन पर बना हुआ है और ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। आरोप है कि गांव के ही निवासी हुकुम चंद पुत्र राधे लाल और घनश्याम पुत्र हुकुम चंद ने इस मंदिर व कुएं के पास की ग्राम समाज की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। दबंगों द्वारा इस पवित्र स्थल के पास अवैध कब्जा करके एक किराना की दुकान, एक अंडे की दुकान और एक मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान संचालित की जा रही है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के बिल्कुल पास में अंडे और शराब की खिड़की खोलकर बिक्री धड़ल्ले से की जाती है, जो कि पूरी तरह से नियम और न्यायसंगत नहीं है। इससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। इसके अलावा, उक्त लोगों द्वारा रात के समय मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते पर अपने वाहन (मोटरसाइकिल/गाड़ियाँ) आदि खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मंदिर का रास्ता भी पूरी तरह बाधित हो जाता है और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।पीड़ित और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर मौके की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और धार्मिक मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले तथा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
धार्मिक स्थल के पास अंडा व शराब की बिक्री और रास्ता बाधित करने से ग्रामीणों में रोष*
ग्राम परनखा के पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार*

रितेश मिश्रा
हरदोई बिलग्राम तहसील अंतर्गत थाना माधोगंज क्षेत्र के ग्राम परनखा (पोस्ट- खुर्दा मदारपुर) में धार्मिक स्थल के निकट ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही एक जागरूक नागरिक अरविंद कुमार पुत्र राम औतार ने इस संबंध में जिलाधिकारी हरदोई को एक लिखित शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि ग्राम परनखा में एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है और वहीं पास में एक पूजनीय कुआं भी है, जो कि पूरी तरह से ग्राम समाज की जमीन पर बना हुआ है और ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। आरोप है कि गांव के ही निवासी हुकुम चंद पुत्र राधे लाल और घनश्याम पुत्र हुकुम चंद ने इस मंदिर व कुएं के पास की ग्राम समाज की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। दबंगों द्वारा इस पवित्र स्थल के पास अवैध कब्जा करके एक किराना की दुकान, एक अंडे की दुकान और एक मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान संचालित की जा रही है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के बिल्कुल पास में अंडे और शराब की खिड़की खोलकर बिक्री धड़ल्ले से की जाती है, जो कि पूरी तरह से नियम और न्यायसंगत नहीं है। इससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। इसके अलावा, उक्त लोगों द्वारा रात के समय मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते पर अपने वाहन (मोटरसाइकिल/गाड़ियाँ) आदि खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मंदिर का रास्ता भी पूरी तरह बाधित हो जाता है और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।पीड़ित और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर मौके की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और धार्मिक मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले तथा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
ब्रह्माकुमारीज़ के तीन दिवसीय समर कैंप का उत्साहपूर्ण समापन
मीरजापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रभु उपहार भवन में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। समापन दिवस पर भी कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं योगाभ्यास से हुई। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बीके वीरेंद्र भाई जी ने बच्चों को योग सिखाते हुए सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। बीके आरती दीदी जी ने बच्चों को संगीत का अभ्यास कराया, जबकि बीके दिव्यानी बहन ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत कुकुंबर बोट बनाना सिखाया, जिसे बच्चों ने स्वयं तैयार कर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। बीके शिवानी बहन ने बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया तथा बीके नीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर मन की शक्ति और एकाग्रता का महत्व बताया। तीन दिनों के दौरान बच्चों ने योग, गीत-संगीत, नृत्य, अबेकस, क्राफ्ट, मेडिटेशन एवं नैतिक मूल्यों से भरपूर अनेक गतिविधियों में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व को निखारा। समापन अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कलरिंग, गेम्स एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप ने उन्हें बहुत कुछ नया सिखाया, अच्छे मित्र दिए और आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि ऐसे संस्कारमय शिविर और अधिक दिनों तक आयोजित किए जाएँ तथा वे भविष्य में भी नियमित रूप से इसमें भाग लेंगे। कार्यक्रम की सफलता में बीके शकीला बहन, बीके हाशमी भाई जी, रेहाना जी एवं सेवा केंद्र से जुड़े सभी भाई-बहनों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे कैंप के दौरान बच्चों की प्रेमपूर्वक देखभाल और मार्गदर्शन किया।
आध्यात्मिकता, संस्कार और आनंद से परिपूर्ण यह तीन दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनकर संपन्न हुआ।
जयमाल के बाद दूल्हा बाइक से फरार, गुस्साए कन्या पक्ष ने युवक के पिता संग 3 गाड़ियों को बनाया बंधक
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार भोर शादी समारोह में उस वक्त हंगामा मच गया जब जयमाल के बाद दूल्हा अपने दो साथियों के साथ बाइक से फरार हो गया। गुस्साए लड़की पक्ष ने दूल्हे के पिता समेत बारातियों और तीन गाड़ियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पीआरबी पुलिस कोरम पूरा कर थाने आने की बात कहकर लौट गई। प्रयागराज जनपद के हरगढ़ निवासी राजमणि के मझले पुत्र अशोक की बारात मंगलवार शाम सात बजे चली थी। रात करीब 12 बजे 50 बारातियों के साथ छह गाड़ियों से मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव पहुंची। रात दो बजे द्वारपूजा और उसके बाद जयमाल का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। दूल्हे का बड़ा भाई विक्रम शादी में शामिल नहीं हुआ था, छोटा भाई रघुनंदन बारात में आया था। कन्या के दादा ने बताया कि जैसे ही वर-वधू विवाह के लिए मंडप में बैठे, घर की महिलाओं में कपड़े और जेवरात को लेकर कानाफूसी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी बात से नाराज दूल्हा अशोक भोर करीब चार बजे अपने दो साथियों के साथ बाइक लेकर चुपचाप फरार हो गया। बताया कि पुत्र ने 19 वर्षीय पोती का रिश्ता हरगढ़ में तय किया था। 20 मई को लड़के की जिद पर कर्ज लेकर डेढ़ लाख रुपये की पल्सर बाइक खरीदकर तिलक चढ़ाने गए थे।साथ में 06 हजार रुपये नकद और सगुन के रूप में फल, फूल, मिठाई भी दी थी। तय मुहूर्त पर बारात भी आई लेकिन फेरे से पहले ही दूल्हा दहेज की बाइक लेकर भाग गया। दूल्हे के फरार होते ही शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। आक्रोशित परिजनों ने दूल्हे के पिता और तीन गाड़ियों को गांव में ही बैठा लिया। लड़की की मां के साथ युवती का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पीआरबी 112 पहुंची लेकिन कार्रवाई के नाम पर थाने पर प्रार्थना पत्र देने की बात कहकर लौट गई। पीड़ित पिता ने कहा कि बेटी की शादी के लिए कर्ज लेकर हर इंतजाम किया था। तिलक में दूल्हे की मांग पर बाइक तक दी। अब इज्जत के साथ रुपये भी डूब गए। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है। लड़की पक्ष थाने में तहरीर देने की तैयारी कर रहा है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
रामराज में गोवंश पर हमले का आरोप, कार्रवाई न होने पर थाने पहुंचे भाजपा नेता, गौसेवक और बजरंग दल कार्यकर्ता
बहसूमा। थाना क्षेत्र के गांव सैफपुर फिरोजपुर रामराज में गोवंश पर कथित हमले का मामला सामने आया है। घटना में एक गाय के घायल होने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पक्ष ने बहसूमा थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस द्वारा समय रहते कार्रवाई न किए जाने से नाराज भाजपा नेता, गौसेवक और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मंगलवार को थाने पहुंच गए और रोष व्यक्त किया।

जानकारी के अनुसार, गांव सैफपुर फिरोजपुर रामराज निवासी सीमा पत्नी मुकेश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका पुत्र चांद कुमार मंगलवार शाम अपनी गायों को चराकर वापस घर लौट रहा था। आरोप है कि जब वह चतर सिंह कुम्हार के बाग के पास पहुंचा तो कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और गायों को आगे ले जाने से मना कर दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से गाय पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई।

पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और मामले की चर्चा पूरे इलाके में होती रही।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसी को लेकर भाजपा नेता विपेंद्र सुधा वाल्मीकि, चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह, गौ सेवा संघ के जिला अध्यक्ष एवं बजरंग दल कार्यकर्ता बहसूमा थाने पहुंचे और थाना प्रभारी से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान भाजपा नेता विपेंद्र सुधा वाल्मीकि, मास्टर ब्रह्मचारी, डॉ. श्रीपाल कोहली, गौसेव