दलहन आत्मनिर्भरता का संकल्प: दलहन मिशन पोर्टल लॉन्च, देशभर में बीज ग्राम शुरू होंगे

* केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की कई बड़ी घोषणाएं

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा में शनिवार को राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय परामर्श व रणनीति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित देश के 9 राज्यों के कृषि मंत्रियों की मौजूदगी में दलहन मिशन पोर्टल का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर में बीज ग्राम शुरू करने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने और दलहन उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

दलहन मिशन पोर्टल एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से किसानों को दलहन फसलों से जुड़ी नवीन तकनीक, उन्नत बीज, कृषि सेवाएं और सरकारी योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इसे किसानों के लिए एक बड़ी सुविधा और वरदान माना जा रहा है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। मसूर, चना, उड़द, अरहर और मूंग जैसी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार उन्नत बीज विकसित कर रही है और किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने अमलाहा सम्मेलन में 1,000 नई दाल मिलें स्थापित करने की घोषणा की, जिनमें से 55 दाल मिलें मध्य प्रदेश में शुरू की जाएंगी। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की जानकारी देते हुए बताया कि तुअर 8,000 रुपये, उड़द 7,800 रुपये, चना 5,875 रुपये और मसूर 7,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि “बीज से लेकर बाजार तक किसानों की चिंता सरकार करेगी।”

केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब किसी भी बीज को दिल्ली में रिलीज नहीं किया जाएगा, बल्कि राज्यों में जाकर किसानों के बीच बीज जारी किए जाएंगे। मिशन के तहत दलहन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और क्लस्टर में शामिल हर किसान को बीज किट उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ मिलकर दलहन उत्पादन को लेकर राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत मध्य प्रदेश को 354 करोड़ रुपये की विशेष राशि प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर ICARDA कैंपस में प्रशासनिक भवन, किसान प्रशिक्षण केंद्र और अत्याधुनिक कृषि प्रयोगशालाओं का भी लोकार्पण किया गया। सम्मेलन में बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, पंजाब, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री, विदेशी वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए।

कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि दलहन मिशन पोर्टल किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने, उत्पादन बढ़ाने और कृषि सेवाओं को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है।

रवि चौधरी का चुनावी शंखनाद: ‘क्यूब’ के साथ उतरेंगे मैदान में, धनबाद में म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी बनाने का किया वादा"

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धनबाद: नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच महापौर पद के प्रत्याशी और जाने-माने शिक्षाविद रवि चौधरी ने अपनी चुनावी दावेदारी को नई धार दी है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से ‘क्यूब’ (Cube) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। चिन्ह मिलते ही रवि चौधरी ने प्रेस वार्ता कर धनबाद की सूरत बदलने के लिए अपना 'रोडमैप' साझा किया।

चार दशकों का अनुभव और सेवा का संकल्प

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वे शिक्षा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनता के बीच हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मेयर पद के लिए चुनाव लड़ना सत्ता का मोह नहीं, बल्कि धनबाद को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रवि चौधरी के चुनावी वादे: 3 प्रमुख प्राथमिकताएं

म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी की स्थापना: शिक्षाविद होने के नाते उन्होंने विजन साझा किया कि धनबाद के गरीब और मेधावी बच्चों के लिए एक 'म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी' बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित हो सके।

पेयजल संकट का स्थायी समाधान: शहर के हर वार्ड और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना उनकी पहली प्रशासनिक प्राथमिकता होगी।

डिजिटल होल्डिंग टैक्स: भ्रष्टाचार और कागजी पेचीदगियों को खत्म करने के लिए होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का वादा किया, जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

"राजनीति नहीं, विकास को चुनें"

अंत में उन्होंने धनबाद की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार का मतदान जाति या दलीय राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर होना चाहिए। उन्होंने शहरवासियों से ‘क्यूब’ चिन्ह पर समर्थन मांगते हुए धनबाद को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा दिलाया।

झारखंड में अचानक गायब हो गए 10 आदिवासी बच्चे, श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे मासूम, अब तक बना हुआ है रहस्य

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झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है. यहां बिरहोर समुदाय के 10 आदिवासी बच्चे पिछले एक सप्ताह से लापता हैं. ये सभी बच्चे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) से ताल्लुक रखते हैं. 31 जनवरी से गायब इन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला जयनगर थाना क्षेत्र के खारियोडीह पंचायत स्थित गदियाई बिरहोर टोला का है. बताया जा रहा है कि 31 जनवरी को गांव के करीब 60 से 70 लोग लगभग 15 किलोमीटर दूर परसाबाद में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. इन्हीं लोगों के साथ ये 10 बच्चे भी गए थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद गांव के बाकी लोग तो लौट आए, लेकिन ये बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे.

CCTV फुटेज और सर्विलांस का सहारा ले रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयनगर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. डीएसपी (ट्रेनी) दिवाकर कुमार ने बताया कि पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. उन्होंने कहा, “हम परसाबाद और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं. पुलिस की टीमें आसपास के जिलों और थानों से भी संपर्क में हैं. रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या बच्चों को किसी वाहन के जरिए जिले से बाहर ले जाया गया है.

परिजनों की बढ़ती बेचैनी

बिरहोर टोला के निवासियों में डर का माहौल है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए बच्चे इस तरह गायब हो जाएंगे. जयनगर थाना प्रभारी उमा नाथ सिंह ने आश्वासन दिया है कि पुलिस बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

जिलाधिकारी ने किया कलेक्ट्रेट कार्यालयों का औचक निरीक्षण

*कार्यालयों में साफ सफाई एवं फाइलों का रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 07 फरवरी,2026*।जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कलेक्ट्रेट के सभी कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कार्यालयों में कार्यकुशलता, अनुशासन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निगरानी करना। जिलाधिकारी ने इस दौरान संबंधित पटल सहायकों से वार्ता करते हुए कार्यालय में समय पर उपस्थित रहने, साफ-सफाई बनाए रखने और फाइलों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फाइलों का सही तरीके से रखरखाव न केवल काम को तेज़ और प्रभावी बनाता है, बल्कि आम जनता को भी त्वरित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने में मदद करता है। साथ ही, उन्होंने कर्मचारियों को कार्यालय में समय की पाबंदी के महत्व पर भी बल दिया।

उन्होंने जिलाधिकारी के साथ मिलकर कार्यालयीन गतिविधियों का अवलोकन किया और पटल सहायकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
जिलाधिकारी ने कार्यालयों की सफाई, कार्यस्थल पर अनुशासन, और फाइलों की नियमित जाँच की महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों का सहयोग और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य निष्पादन आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक कार्यालय के कर्मचारियों के कार्यप्रणाली की समीक्षा की और जहाँ सुधार की आवश्यकता थी, वहाँ उचित सुझाव भी दिए।
जिलाधिकारी का यह निरीक्षण प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा जताई कि वे आगामी समय में कार्यालयीन कार्यों में गुणवत्ता और अनुशासन बनाए रखें।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारीगण ने जिलाधिकारी के सुझावों और दिशा-निर्देशों का स्वागत किया और उन्हें कार्यान्वित करने का आश्वासन दिया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यूपी एसटीएफ ने पचास हजार के इनामी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
*कई शराब की दुकानों में चोरी का है आरोप

गोंडा।जिले की परसपुर पुलिस व यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार के इनामी अपराधी रितिक सिंह उर्फ बिल्लू को हरियाणा से गिरफ्तार किया है।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।रितिक सिंह ने अपने साथियों मलखान सिंह, रिजवान,जाकिर,सनी व योगेश के साथ मिलकर परसपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर डेहरास स्थित कंपोजिट बियर की दुकान में चोरी की घटना को अंजाम दिया था।चोरी के बाद सभी आरोपी पैसे बांटकर फरार हो गए थे।इन आरोपियों ने धर्मनगर स्थित एक बियर की दुकान में भी इसी तरह की चोरी किया था।इन सभी के साथ परसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।इसके अतिरिक्त, रितिक सिंह के खिलाफ परसपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है,जिसमें वह लगातार फरार चल रहा था।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने रितिक की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था,उसके बाद भी जब आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक अमित कुमार पाठक ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दिया था।यूपी एसटीएफ के इंस्पेक्टर ओम शंकर शुक्ला ने अपनी टीम के उपनिरीक्षक प्रताप नारायण सिंह, मुख्य आरक्षी  दिलीप यादव, कुलदीप सिंह,गिरजा शंकर यादव और शिव भोला शुक्ला के साथ मिलकर इस गिरफ्तारी अभियान को अंजाम दिया।टीम ने परसपुर थाने की पुलिस के साथ हरियाणा में छापेमारी कर आरोपी को पकड़ा।परसपुर थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी ने बताया कि रितिक सिंह ने उनके थाना क्षेत्र की कई बियर व शराब की दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया था।उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है और अब उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का किया निरीक्षण
कार्यों में लापरवाही बरतने पर फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का दिया निर्देश

मीरजापुर 07 फरवरी 2026- जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। एक्सरे जांच में बताया गया कि प्रतिदिन 10 से 12 एक्सरे किया जाता है यह भी बताया कि औसत मासिक मरीज की रजिस्ट्रेशन ओ0पी0डी0 चार हजार के लगभग है। प्रसव के बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ हर्षिता श्रीवास्तव विगत कई माह से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित है एवं वेतन आहरित नहीं किया जा रहा है। स्टाक निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रयोग में आने वाली कुल 230 दवाओं के सापेक्ष 140 दवाओं का मांग पत्र भेजा जाना बताया गया किंतु मांगे जाने पर 140 दवाओं का मांग पत्र ही प्रस्तुत किया जा सका और न ही 90 दवाइयांे की सूची का मांग पत्र नहीं भेजे जाने के सम्बंध में कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया। निरीक्षण के समय वर्तमान स्टाक की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की जा सकी। निरीक्षण के समय प्राप्त 140 दवाओं में कौन सी दवा कितनी मात्रा में अवशेष है जिसका भौतिक सत्यापन किया जाना संभव नहीं हो सका यह भी पाया गया कि बड़ी मात्रा में बहुत सारी दवाई आगामी माहो में उनकी तिथि समाप्त होने वाली है जिससे प्रतीत होता है यथा आवश्यकता दवाएं रोगियो को वितरित नहीं की जा रही है दवाओं के साथ-साथ तत्संबंधी अद्यावधिक अभिलेखीय एवं रखरखाव व साफ सफाई व्यवस्था अत्यंत ही खराब पाई गई उपरोक्त पाए गए त्रुटियों से स्पष्ट है कि मुख्य फार्मासिस्ट राजेश सिंह के द्वारा अपने दायित्व्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सी0एल0 वर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय में डीएम का औचक छापा: बिचौलियों में मची भगदड़, कई खामियां पकड़ीं, सख्त निर्देश जारी
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का औचक निरीक्षण किया। डीएम के पहुंचते ही पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद बिचौलिए (दलाल) मौके से फरार हो गए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने रिकॉर्ड रूम से लेकर आमजन की सुविधाओं तक का गहन जायजा लिया। रिकॉर्ड रूम में फाइलों का रख-रखाव असंतोषजनक पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दस्तावेजों की व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि जनता को कोई परेशानी न उठानी पड़े।
डीएम ने कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से नेम प्लेट और आई-कार्ड लगाने के सख्त आदेश दिए। उन्होंने कहा, "इससे आमजन आसानी से पहचान सकेंगे कि कौन सरकारी कर्मचारी है और कौन बाहरी व्यक्ति।" इसके अलावा, परिसर में शिकायत पेटिका न मिलने पर नाराजगी जताई और तत्काल शिकायत पेटिका लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें।
जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली भी जांच की और आदेश दिया कि कम से कम हर सात दिन में रिकॉर्डिंग की जांच अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि किसी अनियमित गतिविधि पर नजर रखी जा सके। उन्होंने परिसर में स्पष्ट फ्लेक्सी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, जिसमें लिखा हो कि "यहां सरकार द्वारा कोई निर्धारित एजेंट नहीं है", जिससे बिचौलियों पर पूर्ण अंकुश लग सके।
डीएम ललित मोहन रयाल ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी खामियों को दूर करने के सख्त निर्देश दिए और चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह निरीक्षण प्रशासन की पारदर्शिता और जन-केंद्रित कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरटीआई से उजागर हुआ उत्तराखंड में पशु वैक्सीनेशन घोटाला, लाखों की अनियमितता की जांच शुरू
लक्सर (हरिद्वार)। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में पशु वैक्सीनेशन के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। यह खुलासा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अपर निदेशक ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

भूरना गांव निवासी एडवोकेट विनीत चौधरी ने पशुपालन विभाग से आरटीआई के माध्यम से पशुओं के वैक्सीनेशन से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरोप है कि विभाग ने लंबे समय तक सूचना देने में टालमटोल की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीधे पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा से मामले की शिकायत की, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।

दस्तावेजों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरटीआई से मिले रिकॉर्ड में सैकड़ों ऐसे लोगों के नाम दर्ज पाए गए, जो संबंधित गांव के निवासी ही नहीं हैं। कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर पर कई व्यक्तियों के नाम से वैक्सीनेशन दिखाया गया है, जबकि कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनके यहां पशुपालन तक नहीं होता।

शिकायतकर्ता विनीत चौधरी का आरोप है कि अकेले भूरना गांव में ही पशु वैक्सीनेशन के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है। उन्होंने सभी संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिए हैं।

मामले की जांच के लिए लक्सर पहुंचे अपर निदेशक पशुपालन विभाग गढ़वाल परिक्षेत्र भूपेंद्र सिंह जंगपांगी ने बताया कि वैक्सीनेशन में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी, जिसकी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को वैक्सीनेशन का कार्य सौंपा गया था, उसे 4,000 से अधिक वैक्सीन दी गई थीं, जिनका विवरण ऑनलाइन अपलोड किया गया है। अब गांव में जाकर स्थल सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देखरेख और निगरानी की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आरटीआई के माध्यम से सामने आए इस मामले ने पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति भी उजागर हुई है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
कड़ी मेहनत,निरंतर अभ्यास और सही मार्ग दर्शन का परिणाम:जतिन प्रकाश
सुलतानपुर,लम्भुआ राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में जतिन प्रकाश श्रीवास्तव ने इतिहास विषय में पहले प्रयास में ही जेआरएफ क्वालिफाई कर क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है । जतिन ने कुल 300 अंकों में 208 अंक प्राप्त कर 99.397% हासिल किया है। जो एक असाधारण उपलब्धि है। इस परीक्षा के माध्यम से जतिन को जेआरएफ एवं असिस्टेंट प्रोफेसर दोनों के लिए योग्य घोषित किया गया है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) परीक्षा उत्तीर्ण करना शोध और अकादमिक करियर में एक बड़ी उपलब्धि है। जतिन प्रकाश ने बताया कि कड़ी मेहनत निरंतर अभ्यास और सही मार्ग दर्शन का परिणाम है। जतिन प्रकाश की प्राथमिक शिक्षा लम्भुआ,बीएचएस इलाहाबाद (प्रयागराज ) से उच्च प्राथमिक,मैट्रिक व इण्टर मीडिएट की परीक्षा लखनऊ के सीएमएस से प्राप्त की। स्नातक बीटेक सिविल से परास्नातक इतिहास से हासिल की है। जतिन प्रकाश नगर पंचायत लम्भुआ के रामनगर के निवासी रहे स्व.ओम प्रकाश श्रीवास्तव के सुपुत्र है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजन,गुरुजन व शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर की है।
बरकट्ठा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग। जिला पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए बरकट्ठा थाना क्षेत्र के ग्राम कपका से एक ब्राउन शुगर तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को 6 फरवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्कूटी से कपका गांव में युवाओं को ब्राउन शुगर बेचने जा रहा है, जिसके बाद सूचना के सत्यापन पर पुलिस उपाधीक्षक (परिक्ष्यमान) के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। छापामारी के दौरान ग्राम कपका स्थित अहरवा (तालाब) के पास संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर स्कूटी छोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़कर पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से 7.75 ग्राम ब्राउन शुगर, एक सिल्वर रंग की इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, एक OnePlus कंपनी का स्मार्टफोन और एक बिना नंबर की YAKUZA कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान छोटी कुमार (उम्र 22 वर्ष), पिता पाचु महतो, निवासी ग्राम कपका, थाना बरकट्ठा, जिला हजारीबाग के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ईचाक से ब्राउन शुगर खरीदकर लाता था और कपका, बरकट्ठा तथा आसपास के इलाकों में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बिक्री करता था। इस संबंध में बरकट्ठा थाना में कांड संख्या 24/26, धारा 21(बी)/22(बी)/29 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

दलहन आत्मनिर्भरता का संकल्प: दलहन मिशन पोर्टल लॉन्च, देशभर में बीज ग्राम शुरू होंगे

* केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की कई बड़ी घोषणाएं

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा में शनिवार को राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय परामर्श व रणनीति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित देश के 9 राज्यों के कृषि मंत्रियों की मौजूदगी में दलहन मिशन पोर्टल का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर में बीज ग्राम शुरू करने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने और दलहन उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

दलहन मिशन पोर्टल एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से किसानों को दलहन फसलों से जुड़ी नवीन तकनीक, उन्नत बीज, कृषि सेवाएं और सरकारी योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इसे किसानों के लिए एक बड़ी सुविधा और वरदान माना जा रहा है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। मसूर, चना, उड़द, अरहर और मूंग जैसी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार उन्नत बीज विकसित कर रही है और किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने अमलाहा सम्मेलन में 1,000 नई दाल मिलें स्थापित करने की घोषणा की, जिनमें से 55 दाल मिलें मध्य प्रदेश में शुरू की जाएंगी। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की जानकारी देते हुए बताया कि तुअर 8,000 रुपये, उड़द 7,800 रुपये, चना 5,875 रुपये और मसूर 7,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि “बीज से लेकर बाजार तक किसानों की चिंता सरकार करेगी।”

केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब किसी भी बीज को दिल्ली में रिलीज नहीं किया जाएगा, बल्कि राज्यों में जाकर किसानों के बीच बीज जारी किए जाएंगे। मिशन के तहत दलहन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और क्लस्टर में शामिल हर किसान को बीज किट उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ मिलकर दलहन उत्पादन को लेकर राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत मध्य प्रदेश को 354 करोड़ रुपये की विशेष राशि प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर ICARDA कैंपस में प्रशासनिक भवन, किसान प्रशिक्षण केंद्र और अत्याधुनिक कृषि प्रयोगशालाओं का भी लोकार्पण किया गया। सम्मेलन में बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, पंजाब, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री, विदेशी वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए।

कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि दलहन मिशन पोर्टल किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने, उत्पादन बढ़ाने और कृषि सेवाओं को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है।

रवि चौधरी का चुनावी शंखनाद: ‘क्यूब’ के साथ उतरेंगे मैदान में, धनबाद में म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी बनाने का किया वादा"

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धनबाद: नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच महापौर पद के प्रत्याशी और जाने-माने शिक्षाविद रवि चौधरी ने अपनी चुनावी दावेदारी को नई धार दी है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से ‘क्यूब’ (Cube) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। चिन्ह मिलते ही रवि चौधरी ने प्रेस वार्ता कर धनबाद की सूरत बदलने के लिए अपना 'रोडमैप' साझा किया।

चार दशकों का अनुभव और सेवा का संकल्प

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वे शिक्षा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनता के बीच हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मेयर पद के लिए चुनाव लड़ना सत्ता का मोह नहीं, बल्कि धनबाद को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रवि चौधरी के चुनावी वादे: 3 प्रमुख प्राथमिकताएं

म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी की स्थापना: शिक्षाविद होने के नाते उन्होंने विजन साझा किया कि धनबाद के गरीब और मेधावी बच्चों के लिए एक 'म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी' बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित हो सके।

पेयजल संकट का स्थायी समाधान: शहर के हर वार्ड और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना उनकी पहली प्रशासनिक प्राथमिकता होगी।

डिजिटल होल्डिंग टैक्स: भ्रष्टाचार और कागजी पेचीदगियों को खत्म करने के लिए होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का वादा किया, जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

"राजनीति नहीं, विकास को चुनें"

अंत में उन्होंने धनबाद की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार का मतदान जाति या दलीय राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर होना चाहिए। उन्होंने शहरवासियों से ‘क्यूब’ चिन्ह पर समर्थन मांगते हुए धनबाद को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा दिलाया।

झारखंड में अचानक गायब हो गए 10 आदिवासी बच्चे, श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे मासूम, अब तक बना हुआ है रहस्य

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झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है. यहां बिरहोर समुदाय के 10 आदिवासी बच्चे पिछले एक सप्ताह से लापता हैं. ये सभी बच्चे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) से ताल्लुक रखते हैं. 31 जनवरी से गायब इन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला जयनगर थाना क्षेत्र के खारियोडीह पंचायत स्थित गदियाई बिरहोर टोला का है. बताया जा रहा है कि 31 जनवरी को गांव के करीब 60 से 70 लोग लगभग 15 किलोमीटर दूर परसाबाद में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. इन्हीं लोगों के साथ ये 10 बच्चे भी गए थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद गांव के बाकी लोग तो लौट आए, लेकिन ये बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे.

CCTV फुटेज और सर्विलांस का सहारा ले रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयनगर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. डीएसपी (ट्रेनी) दिवाकर कुमार ने बताया कि पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. उन्होंने कहा, “हम परसाबाद और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं. पुलिस की टीमें आसपास के जिलों और थानों से भी संपर्क में हैं. रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या बच्चों को किसी वाहन के जरिए जिले से बाहर ले जाया गया है.

परिजनों की बढ़ती बेचैनी

बिरहोर टोला के निवासियों में डर का माहौल है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए बच्चे इस तरह गायब हो जाएंगे. जयनगर थाना प्रभारी उमा नाथ सिंह ने आश्वासन दिया है कि पुलिस बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

जिलाधिकारी ने किया कलेक्ट्रेट कार्यालयों का औचक निरीक्षण

*कार्यालयों में साफ सफाई एवं फाइलों का रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 07 फरवरी,2026*।जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कलेक्ट्रेट के सभी कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कार्यालयों में कार्यकुशलता, अनुशासन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निगरानी करना। जिलाधिकारी ने इस दौरान संबंधित पटल सहायकों से वार्ता करते हुए कार्यालय में समय पर उपस्थित रहने, साफ-सफाई बनाए रखने और फाइलों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फाइलों का सही तरीके से रखरखाव न केवल काम को तेज़ और प्रभावी बनाता है, बल्कि आम जनता को भी त्वरित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने में मदद करता है। साथ ही, उन्होंने कर्मचारियों को कार्यालय में समय की पाबंदी के महत्व पर भी बल दिया।

उन्होंने जिलाधिकारी के साथ मिलकर कार्यालयीन गतिविधियों का अवलोकन किया और पटल सहायकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
जिलाधिकारी ने कार्यालयों की सफाई, कार्यस्थल पर अनुशासन, और फाइलों की नियमित जाँच की महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों का सहयोग और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य निष्पादन आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक कार्यालय के कर्मचारियों के कार्यप्रणाली की समीक्षा की और जहाँ सुधार की आवश्यकता थी, वहाँ उचित सुझाव भी दिए।
जिलाधिकारी का यह निरीक्षण प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा जताई कि वे आगामी समय में कार्यालयीन कार्यों में गुणवत्ता और अनुशासन बनाए रखें।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारीगण ने जिलाधिकारी के सुझावों और दिशा-निर्देशों का स्वागत किया और उन्हें कार्यान्वित करने का आश्वासन दिया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यूपी एसटीएफ ने पचास हजार के इनामी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
*कई शराब की दुकानों में चोरी का है आरोप

गोंडा।जिले की परसपुर पुलिस व यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार के इनामी अपराधी रितिक सिंह उर्फ बिल्लू को हरियाणा से गिरफ्तार किया है।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।रितिक सिंह ने अपने साथियों मलखान सिंह, रिजवान,जाकिर,सनी व योगेश के साथ मिलकर परसपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर डेहरास स्थित कंपोजिट बियर की दुकान में चोरी की घटना को अंजाम दिया था।चोरी के बाद सभी आरोपी पैसे बांटकर फरार हो गए थे।इन आरोपियों ने धर्मनगर स्थित एक बियर की दुकान में भी इसी तरह की चोरी किया था।इन सभी के साथ परसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।इसके अतिरिक्त, रितिक सिंह के खिलाफ परसपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है,जिसमें वह लगातार फरार चल रहा था।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने रितिक की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था,उसके बाद भी जब आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक अमित कुमार पाठक ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दिया था।यूपी एसटीएफ के इंस्पेक्टर ओम शंकर शुक्ला ने अपनी टीम के उपनिरीक्षक प्रताप नारायण सिंह, मुख्य आरक्षी  दिलीप यादव, कुलदीप सिंह,गिरजा शंकर यादव और शिव भोला शुक्ला के साथ मिलकर इस गिरफ्तारी अभियान को अंजाम दिया।टीम ने परसपुर थाने की पुलिस के साथ हरियाणा में छापेमारी कर आरोपी को पकड़ा।परसपुर थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी ने बताया कि रितिक सिंह ने उनके थाना क्षेत्र की कई बियर व शराब की दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया था।उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है और अब उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का किया निरीक्षण
कार्यों में लापरवाही बरतने पर फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का दिया निर्देश

मीरजापुर 07 फरवरी 2026- जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। एक्सरे जांच में बताया गया कि प्रतिदिन 10 से 12 एक्सरे किया जाता है यह भी बताया कि औसत मासिक मरीज की रजिस्ट्रेशन ओ0पी0डी0 चार हजार के लगभग है। प्रसव के बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ हर्षिता श्रीवास्तव विगत कई माह से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित है एवं वेतन आहरित नहीं किया जा रहा है। स्टाक निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रयोग में आने वाली कुल 230 दवाओं के सापेक्ष 140 दवाओं का मांग पत्र भेजा जाना बताया गया किंतु मांगे जाने पर 140 दवाओं का मांग पत्र ही प्रस्तुत किया जा सका और न ही 90 दवाइयांे की सूची का मांग पत्र नहीं भेजे जाने के सम्बंध में कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया। निरीक्षण के समय वर्तमान स्टाक की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की जा सकी। निरीक्षण के समय प्राप्त 140 दवाओं में कौन सी दवा कितनी मात्रा में अवशेष है जिसका भौतिक सत्यापन किया जाना संभव नहीं हो सका यह भी पाया गया कि बड़ी मात्रा में बहुत सारी दवाई आगामी माहो में उनकी तिथि समाप्त होने वाली है जिससे प्रतीत होता है यथा आवश्यकता दवाएं रोगियो को वितरित नहीं की जा रही है दवाओं के साथ-साथ तत्संबंधी अद्यावधिक अभिलेखीय एवं रखरखाव व साफ सफाई व्यवस्था अत्यंत ही खराब पाई गई उपरोक्त पाए गए त्रुटियों से स्पष्ट है कि मुख्य फार्मासिस्ट राजेश सिंह के द्वारा अपने दायित्व्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सी0एल0 वर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय में डीएम का औचक छापा: बिचौलियों में मची भगदड़, कई खामियां पकड़ीं, सख्त निर्देश जारी
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का औचक निरीक्षण किया। डीएम के पहुंचते ही पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद बिचौलिए (दलाल) मौके से फरार हो गए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने रिकॉर्ड रूम से लेकर आमजन की सुविधाओं तक का गहन जायजा लिया। रिकॉर्ड रूम में फाइलों का रख-रखाव असंतोषजनक पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दस्तावेजों की व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि जनता को कोई परेशानी न उठानी पड़े।
डीएम ने कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से नेम प्लेट और आई-कार्ड लगाने के सख्त आदेश दिए। उन्होंने कहा, "इससे आमजन आसानी से पहचान सकेंगे कि कौन सरकारी कर्मचारी है और कौन बाहरी व्यक्ति।" इसके अलावा, परिसर में शिकायत पेटिका न मिलने पर नाराजगी जताई और तत्काल शिकायत पेटिका लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें।
जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली भी जांच की और आदेश दिया कि कम से कम हर सात दिन में रिकॉर्डिंग की जांच अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि किसी अनियमित गतिविधि पर नजर रखी जा सके। उन्होंने परिसर में स्पष्ट फ्लेक्सी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, जिसमें लिखा हो कि "यहां सरकार द्वारा कोई निर्धारित एजेंट नहीं है", जिससे बिचौलियों पर पूर्ण अंकुश लग सके।
डीएम ललित मोहन रयाल ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी खामियों को दूर करने के सख्त निर्देश दिए और चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह निरीक्षण प्रशासन की पारदर्शिता और जन-केंद्रित कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरटीआई से उजागर हुआ उत्तराखंड में पशु वैक्सीनेशन घोटाला, लाखों की अनियमितता की जांच शुरू
लक्सर (हरिद्वार)। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में पशु वैक्सीनेशन के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। यह खुलासा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अपर निदेशक ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

भूरना गांव निवासी एडवोकेट विनीत चौधरी ने पशुपालन विभाग से आरटीआई के माध्यम से पशुओं के वैक्सीनेशन से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरोप है कि विभाग ने लंबे समय तक सूचना देने में टालमटोल की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीधे पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा से मामले की शिकायत की, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।

दस्तावेजों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरटीआई से मिले रिकॉर्ड में सैकड़ों ऐसे लोगों के नाम दर्ज पाए गए, जो संबंधित गांव के निवासी ही नहीं हैं। कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर पर कई व्यक्तियों के नाम से वैक्सीनेशन दिखाया गया है, जबकि कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनके यहां पशुपालन तक नहीं होता।

शिकायतकर्ता विनीत चौधरी का आरोप है कि अकेले भूरना गांव में ही पशु वैक्सीनेशन के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है। उन्होंने सभी संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिए हैं।

मामले की जांच के लिए लक्सर पहुंचे अपर निदेशक पशुपालन विभाग गढ़वाल परिक्षेत्र भूपेंद्र सिंह जंगपांगी ने बताया कि वैक्सीनेशन में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी, जिसकी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को वैक्सीनेशन का कार्य सौंपा गया था, उसे 4,000 से अधिक वैक्सीन दी गई थीं, जिनका विवरण ऑनलाइन अपलोड किया गया है। अब गांव में जाकर स्थल सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देखरेख और निगरानी की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आरटीआई के माध्यम से सामने आए इस मामले ने पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति भी उजागर हुई है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
कड़ी मेहनत,निरंतर अभ्यास और सही मार्ग दर्शन का परिणाम:जतिन प्रकाश
सुलतानपुर,लम्भुआ राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में जतिन प्रकाश श्रीवास्तव ने इतिहास विषय में पहले प्रयास में ही जेआरएफ क्वालिफाई कर क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है । जतिन ने कुल 300 अंकों में 208 अंक प्राप्त कर 99.397% हासिल किया है। जो एक असाधारण उपलब्धि है। इस परीक्षा के माध्यम से जतिन को जेआरएफ एवं असिस्टेंट प्रोफेसर दोनों के लिए योग्य घोषित किया गया है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) परीक्षा उत्तीर्ण करना शोध और अकादमिक करियर में एक बड़ी उपलब्धि है। जतिन प्रकाश ने बताया कि कड़ी मेहनत निरंतर अभ्यास और सही मार्ग दर्शन का परिणाम है। जतिन प्रकाश की प्राथमिक शिक्षा लम्भुआ,बीएचएस इलाहाबाद (प्रयागराज ) से उच्च प्राथमिक,मैट्रिक व इण्टर मीडिएट की परीक्षा लखनऊ के सीएमएस से प्राप्त की। स्नातक बीटेक सिविल से परास्नातक इतिहास से हासिल की है। जतिन प्रकाश नगर पंचायत लम्भुआ के रामनगर के निवासी रहे स्व.ओम प्रकाश श्रीवास्तव के सुपुत्र है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजन,गुरुजन व शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर की है।
बरकट्ठा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग। जिला पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए बरकट्ठा थाना क्षेत्र के ग्राम कपका से एक ब्राउन शुगर तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को 6 फरवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्कूटी से कपका गांव में युवाओं को ब्राउन शुगर बेचने जा रहा है, जिसके बाद सूचना के सत्यापन पर पुलिस उपाधीक्षक (परिक्ष्यमान) के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। छापामारी के दौरान ग्राम कपका स्थित अहरवा (तालाब) के पास संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर स्कूटी छोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़कर पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से 7.75 ग्राम ब्राउन शुगर, एक सिल्वर रंग की इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, एक OnePlus कंपनी का स्मार्टफोन और एक बिना नंबर की YAKUZA कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान छोटी कुमार (उम्र 22 वर्ष), पिता पाचु महतो, निवासी ग्राम कपका, थाना बरकट्ठा, जिला हजारीबाग के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ईचाक से ब्राउन शुगर खरीदकर लाता था और कपका, बरकट्ठा तथा आसपास के इलाकों में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बिक्री करता था। इस संबंध में बरकट्ठा थाना में कांड संख्या 24/26, धारा 21(बी)/22(बी)/29 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।