स्टाम्प वेंडर और लेखकों की रोजी-रोटी पर संकट*
सुल्तानपुर विधायक ने ज्ञापन लेकर प्रमुख सचिव से मिलने की कही बात, अरबों का राजस्व घाटा*

सुल्तानपुर तहसील परिसर में स्टाम्प वेंडर ऑफिस के बाहर लोगों की भीड़ के बीच मुद्दा गरमाया। स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या में भारी कटौती से जुड़े परिवारों की आजीविका संकट में मो. ताहिर विधायक स्टाम्प वेंडर और लेखकों के बीच पहुंचे। उन्होंने सरकार की नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे हजारों परिवार परेशान हो गए हैं और सरकार को अरबों रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है।

विधायक ने स्टाम्प वेंडरों से मिला ज्ञापन दिखाते हुए कहा,"ये जो एक छोटा सा हमको इन्होंने ज्ञापन भी दिया है, ये आप देख सकते हैं। इसमें सैकड़ों-सैकड़ों लोगों का दर्द है,इनकी समस्याएं हैं।"पहले सैकड़ों थे,अब गिनती के बचे है।"ये बेचारे स्टाम्प वेंडर हैं और बता रहे हैं पहले स्टाम्प वेंडर होते थे अब चार स्टाम्प वेंडर बचे रह गए हैं। इस तरह से लेखको में भी पहले से जो है अभी लिमिटेड में ही बचे हुए हैं। जो बेचारे हैं भी उनको बता रहे हैं कि एकदम से मिटा देना चाहते हैं। इससे इनके साथ ये अन्याय ना होने पाए।" अरबों का घाटा,पूरे प्रदेश में हाहाकार,"हमारा प्रयास है कि सार्थक कोई रास्ता, सकारात्मक सोच रख करके हमारा प्रयास होगा कि अच्छा रास्ता निकले। जो छति हो रही है,अरबों रुपये का बता रहे हैं,पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है।
विधायक के मुताबिक सरकार ने स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या सीमित कर दी है। पहले बड़ी संख्या में ये लोग काम करते थे, अब सिर्फ गिनती के बचे हैं। इससे जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है और सरकारी राजस्व भी घट रहा है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वो सकारात्मक रास्ता निकालने के लिए प्रमुख सचिव स्तर तक बात करेंगे,ताकि इन लोगों के साथ अन्याय न हो।
ईंट भट्ठा मालिक की हत्या से उबाल, शव रख परिजनों का प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन पर अड़े परिजन
रितेश मिश्रा
हरदोई जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के शिरोमननगर में ईंट भट्ठा मालिक मुल्लू अग्निहोत्री की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या और हफ्ता बांटने की धनराशि की लूट की वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव है।
कल रात जब मृतक का शव लखनऊ से पोस्टमार्टम के बाद वापस गांव शिरोमननगर पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है।
ग्रामीणों और परिजनों का साफ कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होती और उनके अवैध ठिकानों पर 'बाबा का बुलडोजर' नहीं चलता, तब तक वे शव को अग्नि नहीं देंगे। गांव में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, पुलिस प्रशासन लगातार परिजनों पर अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाने में जुटा हुआ है, जिससे परिजनों में आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है।
शिरोमननगर में ईंट भट्ठा मालिक मुल्लू अग्निहोत्री की बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर नृशंस हत्या कर दी थी। वारदात के वक्त उनके पास मौजूद भट्ठा मजदूरों की मजदूरी की रकम भी लुटेरे लूटकर फरार हो गए थे।
संयुक्त राष्ट्र की चौखट पर पहुंचा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते के निलंबन UNSC के सामने लगाई गुहार

#pakistanwritesunscagainstindiaoninduswatertreaty

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है। पाकिस्तान ने भारत पर संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पाकिस्तान चाहता है कि UNSC इस मामले में दखल दे और भारत को रोके।

इशार डार ने सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार डार ने सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है। इसमें भारत से आने वाली नदियों के बहाव को बदलने की भारत की कोशिशों पर ध्यान देने की अपील की गई है। डार ने चिनाब नदी पर बन रही भारत की दो परियोजनाओं को जिक्र किया है और इसे पाकिस्तान की जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

भारत पर जल प्रवाह बदलने की कोशिश का आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी दो परियोजनाओं के जरिए पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह और उपयोग के स्थापित ढांचे को बदलने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद का कहना है कि ऐसी गतिविधियां सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं और इनसे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

भारत को जवाबदेह ठहराने की अपील

पाकिस्तानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुरक्षा परिषद से इस मामले का संज्ञान लेने और भारत को कथित उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है। साथ ही उन्होंने दक्षिण एशिया की स्थिति और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।

बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ 65 साल से चली आ रही सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

सोनभद्र: आंधी-बारिश के बीच वज्रपात का कहर, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोग झुलसे

विकास कुमार दुद्धी सोनभद्र। प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। शाम करीब साढ़े चार बजे आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) के झटके से अलग-अलग गांवों में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है

अलग-अलग गांवों में ऐसे हुआ हादसा:
  ग्राम डुमरडीहा निवासी सुनीता देवी (38) पत्नी ओमप्रकाश अपने घर की खिड़की के पास बैठी थीं। इसी दौरान अचानक कड़कड़ाती हुई बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गईं।ग्राम बघाडू में बेबी देवी (32) पत्नी विनय अपने बच्चों के साथ घर के बाहरी कमरे में मौजूद थीं। बिजली के जोरदार झटके के असर से बेबी देवी मौके पर ही अचेत (बेहोश) हो गईं, हालांकि गनीमत रही कि उनके साथ मौजूद बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सबसे दुखद वाकया बरखोहरा गांव में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य वज्रपात का शिकार हो गए। अमरनाथ की पत्नी मनीषा देवी (28), पुत्री नंदनी (8) और माता शकुंतला देवी (45) घर के अंदर बैठकर भोजन कर रहे थे, तभी बिजली के तेज झटके ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।

सीएचसी दुद्धी में लाए गए सभी पांचों मरीजों का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है। डरने की कोई बात नहीं है, हमारी टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।"

प्रशासन व डॉक्टरों की अपील
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि तेज कड़क और तूफान के दौरान घरों से बाहर न निकलें। खिड़की-दरवाजों से दूर रहें और किसी भी हाल में खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरिक्षत पक्के मकानों में रहना ही बचाव का एकमात्र उपाय है।
प्रधानमंत्री के हाथों PM-VBRY के अंतर्गत 2,400 करोड़ रुपए का वितरण

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। PM-VBRY के तहत यह वितरण 15 लाख से अधिक व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार सृजन को गति देगा, ऐसी अपेक्षा है।
देशव्यापी जनजागरूकता एवं लाभ वितरण अभियान के अंतर्गत देशभर में 200 स्थानों पर समानांतर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई (दादर) द्वारा वर्ली स्थित एचएसएनसी विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना जनजागरूकता एवं लाभार्थी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बोलते हुए  लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित PM-VBRY योजना देश में रोजगार सृजन को नई दिशा देने वाली सिद्ध हो रही है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को औपचारिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं तथा नियोक्ताओं को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।” प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगार-संलग्न प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive - ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार रोजगार क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को समर्थन देना तथा अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है।
99,446 करोड़ रुपए के कुल प्रावधान के साथ PM-VBRY का लक्ष्य दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजन को सुगम बनाना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी औपचारिक कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वाले होंगे, ऐसी अपेक्षा है।मुंबई क्षेत्र में भी इस योजना को उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है। EPFO मुंबई-1 (बांद्रा) विभाग द्वारा PM-VBRY के भाग-अ के अंतर्गत 39,439 लाभार्थियों को 25.44 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। वहीं भाग-ब के अंतर्गत 1,815 लाभार्थियों को 110.61 करोड़ रुपए से अधिक का प्रोत्साहन वितरित किया गया है। रोजगार सृजन, कार्यबल का औपचारिकीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा कवच के विस्तार की दिशा में PM-VBRY एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रही है और विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में प्रभावी योगदान दे रही है।
राहुल गांधी के जन्मदिन पर मुंबई यूथ कांग्रेस का कल्याणकारी अभियान
मुंबई । मुंबई यूथ कांग्रेस ने राहुल गांधी के जन्मदिन पर एक कल्याणकारी अभियान आयोजित किया, जिसमें 500 से अधिक टू-व्हीलर डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवरों को मुफ्त पेट्रोल दिया गया। यह उनके भारत के मेहनतकश वर्ग के लिए न्याय और सम्मान के विज़न को दर्शाता है। यह अभियान 19 जून को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक_ मुंबई यूनिवर्सिटी, कालीना कैंपस के पास भारत पेट्रोलियम पर _“युवा न्याय, गिग वर्कर्स का सम्मान”_ बैनर के तहत आयोजित की गई।
ज़ीनत शब्रिन, मुंबई यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की करुणा और सेवा की विचारधारा यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बढ़ते ईंधन खर्चों से जूझ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ खड़े होने की प्रेरणा देती है। निखिल रूपारेल, उत्तर मध्य मुंबई जिला अध्यक्ष ने इस पहल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा आम नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान मुंबई को चलाने वाले लोगों के लिए उनके न्याय और सेवा के मार्ग पर चलने का हमारा प्रयास है।प्रीति चोकसी, मुंबई महासचिव,महिला कांग्रेस भी उपस्थित थीं और उन्होंने महिला डिलीवरी पार्टनर्स से बातचीत की। उन्होंने सामाजिक न्याय के प्रति राहुल गांधी की प्रतिबद्धता की सराहना की और गिग इकॉनमी में महिलाओं के लिए बेहतर कल्याण और सुरक्षा उपायों की मांग की। ज़ोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, पोर्टर, उबर, ओला और अन्य प्लेटफॉर्म के गिग वर्कर्स ने बाइक RC या ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ऐप ID दिखाकर ईंधन प्राप्त किया। कालीना तालुका अध्यक्ष विकास जायसवाल और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वितरण का समन्वय किया।
यूपी में अभी नहीं मिलेगी गर्मी से राहत, एक सप्ताह तक लू का अलर्ट
-  आज और चढ़ सकता है पारा, बारिश के आसार नहीं; लखनऊ समेत कई जिलों में बढ़ी तपिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिलहाल जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पूर्वी, मध्यवर्ती और दक्षिणी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक लू चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है, जबकि बारिश की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सीमित मौसमीय गतिविधियों के कारण प्रदेश में गर्म और शुष्क परिस्थितियां बनी रहेंगी। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
शुक्रवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला बांदा रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रयागराज में 43.6 डिग्री और वाराणसी में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ में भी पारा 40.4 डिग्री से बढ़कर 41.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

-  लखनऊ में बढ़ी उमस, शनिवार से लू का असर
राजधानी में लगातार तीसरे दिन तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ी हुई उमस ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही देखने को मिली।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से लखनऊ में भी लू का प्रभाव महसूस किया जाएगा। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते दो दिनों में तापमान में 1.7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह तक प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।
शीर्षक: पीएम मुफ्त राशन योजना पर कोटेदार की मनमानी! अंगूठा लगवाकर नहीं देते राशन, हर यूनिट पर कटौती का आरोप
बूढ़नपुर, आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ की बूढ़नपुर तहसील अंतर्गत विकासखंड कोयलसा के एकडंगी सरवन गांव में प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के कोटेदार द्वारा कई दिनों तक लाभार्थियों का अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं दिया जाता है। इतना ही नहीं, प्रत्येक यूनिट पर निर्धारित मात्रा से कम राशन देने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे निर्धारित मात्रा में राशन देने की मांग करते हैं तो कोटेदार अभद्र व्यवहार करते हुए कहता है, "जिससे शिकायत करनी है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।" इससे कार्डधारकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर से करते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी मुफ्त राशन योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है और कुछ लोगों की मनमानी के कारण गरीबों का हक मारा जा रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर अभय राज पाण्डेय ने कहा कि शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता या कटौती की पुष्टि होती है तो उसका कोटा निरस्त करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में हो रही अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।
प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मेला का प्रभारी मंत्री ने किया
फर्रुखाबाद lकेन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन
केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन आज मधुवन रिसोर्ट, कमालगंज रोड पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उपस्थित रहे l कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री जयवीर सिंह एवं जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा सर्वप्रथम फीता काटकर सूचना विभाग की ओर से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, जिला विकास अधिकारी एस.के. तिवारी, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कुसुम, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी भूमि के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती प्रारम्भ कर रसायनमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया, किन्तु रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों से गोबर, गौमूत्र, हरी खाद एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती अपनाकर स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार, भूमि की उर्वरता में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों से भविष्य की पीढ़ियों के हित में प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा 8 कृषकों को बीज मिनीकिट, 5 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु 5 कृषकों को नैपसेक स्प्रेयर वितरित किए गए। लाभार्थी किसानों ने शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इन पहलों को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।
समापन के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित कृषकों से विभागीय स्टालों का भ्रमण कर नवीन तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शासन द्वारा संचालित कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
त्रिभाषा सूत्र राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम : प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह

भाषाओं के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक : प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज, 19 जून। केंद्र सरकार के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आयोजित व्याख्यानमाला के छठे दिन शुक्रवार को भारत की बहुभाषिकता एवं त्रिभाषा सूत्र विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज के निदेशक  प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भारत की भाषाई विविधता की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। भाषा संवाद का माध्यम होने के साथ-साथ सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक स्मृतियों की संवाहक भी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु भारतीय भाषा समिति का गठन किया गया है। विश्व में लगभग 6800 से 7000 भाषाएँ बोली जाती हैं और भाषा का निर्माण समाज द्वारा होता है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि भारत की बहुभाषिक परम्परा उसकी सांस्कृतिक अखण्डता का प्रतीक है। प्राचीन काल में चारधाम यात्राएँ भाषाई संवाद और सांस्कृतिक एकात्मता का माध्यम थीं। भाषाओं के बीच संवाद उन्हें लोकतांत्रिक बनाता है। रामायण के लगभग 250 भाषायी स्वरूप इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
उन्होंने कोठारी आयोग (1968) द्वारा प्रतिपादित त्रिभाषा सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृभाषा, संपर्क भाषा तथा अन्य भारतीय भाषा का अध्ययन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि व्यवहार में लोकतांत्रिकता, भाषा में लोकतांत्रिकता के माध्यम से ही संभव है तथा भाषा के माध्यम से ही अतुल्य भारत की अवधारणा साकार हो सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुक्त  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रत्येक हिंदीभाषी को कम से कम एक दक्षिण भारतीय भाषा अवश्य सीखनी चाहिए। हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उसकी भगिनी भाषाओं के प्रति सम्मान तथा उन्हें सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल सरकार का नहीं, अपितु आमजन का विषय है। भाषा का संरक्षण और संवर्धन जनभागीदारी से ही संभव है।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने अतिथियों का वाचिक स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। संचालन डॉ. सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
स्टाम्प वेंडर और लेखकों की रोजी-रोटी पर संकट*
सुल्तानपुर विधायक ने ज्ञापन लेकर प्रमुख सचिव से मिलने की कही बात, अरबों का राजस्व घाटा*

सुल्तानपुर तहसील परिसर में स्टाम्प वेंडर ऑफिस के बाहर लोगों की भीड़ के बीच मुद्दा गरमाया। स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या में भारी कटौती से जुड़े परिवारों की आजीविका संकट में मो. ताहिर विधायक स्टाम्प वेंडर और लेखकों के बीच पहुंचे। उन्होंने सरकार की नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे हजारों परिवार परेशान हो गए हैं और सरकार को अरबों रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है।

विधायक ने स्टाम्प वेंडरों से मिला ज्ञापन दिखाते हुए कहा,"ये जो एक छोटा सा हमको इन्होंने ज्ञापन भी दिया है, ये आप देख सकते हैं। इसमें सैकड़ों-सैकड़ों लोगों का दर्द है,इनकी समस्याएं हैं।"पहले सैकड़ों थे,अब गिनती के बचे है।"ये बेचारे स्टाम्प वेंडर हैं और बता रहे हैं पहले स्टाम्प वेंडर होते थे अब चार स्टाम्प वेंडर बचे रह गए हैं। इस तरह से लेखको में भी पहले से जो है अभी लिमिटेड में ही बचे हुए हैं। जो बेचारे हैं भी उनको बता रहे हैं कि एकदम से मिटा देना चाहते हैं। इससे इनके साथ ये अन्याय ना होने पाए।" अरबों का घाटा,पूरे प्रदेश में हाहाकार,"हमारा प्रयास है कि सार्थक कोई रास्ता, सकारात्मक सोच रख करके हमारा प्रयास होगा कि अच्छा रास्ता निकले। जो छति हो रही है,अरबों रुपये का बता रहे हैं,पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है।
विधायक के मुताबिक सरकार ने स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या सीमित कर दी है। पहले बड़ी संख्या में ये लोग काम करते थे, अब सिर्फ गिनती के बचे हैं। इससे जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है और सरकारी राजस्व भी घट रहा है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वो सकारात्मक रास्ता निकालने के लिए प्रमुख सचिव स्तर तक बात करेंगे,ताकि इन लोगों के साथ अन्याय न हो।
ईंट भट्ठा मालिक की हत्या से उबाल, शव रख परिजनों का प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन पर अड़े परिजन
रितेश मिश्रा
हरदोई जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के शिरोमननगर में ईंट भट्ठा मालिक मुल्लू अग्निहोत्री की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या और हफ्ता बांटने की धनराशि की लूट की वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव है।
कल रात जब मृतक का शव लखनऊ से पोस्टमार्टम के बाद वापस गांव शिरोमननगर पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है।
ग्रामीणों और परिजनों का साफ कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होती और उनके अवैध ठिकानों पर 'बाबा का बुलडोजर' नहीं चलता, तब तक वे शव को अग्नि नहीं देंगे। गांव में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, पुलिस प्रशासन लगातार परिजनों पर अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाने में जुटा हुआ है, जिससे परिजनों में आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है।
शिरोमननगर में ईंट भट्ठा मालिक मुल्लू अग्निहोत्री की बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर नृशंस हत्या कर दी थी। वारदात के वक्त उनके पास मौजूद भट्ठा मजदूरों की मजदूरी की रकम भी लुटेरे लूटकर फरार हो गए थे।
संयुक्त राष्ट्र की चौखट पर पहुंचा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते के निलंबन UNSC के सामने लगाई गुहार

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सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है। पाकिस्तान ने भारत पर संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पाकिस्तान चाहता है कि UNSC इस मामले में दखल दे और भारत को रोके।

इशार डार ने सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार डार ने सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है। इसमें भारत से आने वाली नदियों के बहाव को बदलने की भारत की कोशिशों पर ध्यान देने की अपील की गई है। डार ने चिनाब नदी पर बन रही भारत की दो परियोजनाओं को जिक्र किया है और इसे पाकिस्तान की जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

भारत पर जल प्रवाह बदलने की कोशिश का आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी दो परियोजनाओं के जरिए पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह और उपयोग के स्थापित ढांचे को बदलने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद का कहना है कि ऐसी गतिविधियां सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं और इनसे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

भारत को जवाबदेह ठहराने की अपील

पाकिस्तानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुरक्षा परिषद से इस मामले का संज्ञान लेने और भारत को कथित उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है। साथ ही उन्होंने दक्षिण एशिया की स्थिति और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।

बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ 65 साल से चली आ रही सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

सोनभद्र: आंधी-बारिश के बीच वज्रपात का कहर, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोग झुलसे

विकास कुमार दुद्धी सोनभद्र। प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। शाम करीब साढ़े चार बजे आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) के झटके से अलग-अलग गांवों में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है

अलग-अलग गांवों में ऐसे हुआ हादसा:
  ग्राम डुमरडीहा निवासी सुनीता देवी (38) पत्नी ओमप्रकाश अपने घर की खिड़की के पास बैठी थीं। इसी दौरान अचानक कड़कड़ाती हुई बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गईं।ग्राम बघाडू में बेबी देवी (32) पत्नी विनय अपने बच्चों के साथ घर के बाहरी कमरे में मौजूद थीं। बिजली के जोरदार झटके के असर से बेबी देवी मौके पर ही अचेत (बेहोश) हो गईं, हालांकि गनीमत रही कि उनके साथ मौजूद बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सबसे दुखद वाकया बरखोहरा गांव में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य वज्रपात का शिकार हो गए। अमरनाथ की पत्नी मनीषा देवी (28), पुत्री नंदनी (8) और माता शकुंतला देवी (45) घर के अंदर बैठकर भोजन कर रहे थे, तभी बिजली के तेज झटके ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।

सीएचसी दुद्धी में लाए गए सभी पांचों मरीजों का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है। डरने की कोई बात नहीं है, हमारी टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।"

प्रशासन व डॉक्टरों की अपील
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि तेज कड़क और तूफान के दौरान घरों से बाहर न निकलें। खिड़की-दरवाजों से दूर रहें और किसी भी हाल में खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरिक्षत पक्के मकानों में रहना ही बचाव का एकमात्र उपाय है।
प्रधानमंत्री के हाथों PM-VBRY के अंतर्गत 2,400 करोड़ रुपए का वितरण

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। PM-VBRY के तहत यह वितरण 15 लाख से अधिक व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार सृजन को गति देगा, ऐसी अपेक्षा है।
देशव्यापी जनजागरूकता एवं लाभ वितरण अभियान के अंतर्गत देशभर में 200 स्थानों पर समानांतर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई (दादर) द्वारा वर्ली स्थित एचएसएनसी विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना जनजागरूकता एवं लाभार्थी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बोलते हुए  लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित PM-VBRY योजना देश में रोजगार सृजन को नई दिशा देने वाली सिद्ध हो रही है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को औपचारिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं तथा नियोक्ताओं को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।” प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगार-संलग्न प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive - ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार रोजगार क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को समर्थन देना तथा अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है।
99,446 करोड़ रुपए के कुल प्रावधान के साथ PM-VBRY का लक्ष्य दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजन को सुगम बनाना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी औपचारिक कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वाले होंगे, ऐसी अपेक्षा है।मुंबई क्षेत्र में भी इस योजना को उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है। EPFO मुंबई-1 (बांद्रा) विभाग द्वारा PM-VBRY के भाग-अ के अंतर्गत 39,439 लाभार्थियों को 25.44 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। वहीं भाग-ब के अंतर्गत 1,815 लाभार्थियों को 110.61 करोड़ रुपए से अधिक का प्रोत्साहन वितरित किया गया है। रोजगार सृजन, कार्यबल का औपचारिकीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा कवच के विस्तार की दिशा में PM-VBRY एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रही है और विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में प्रभावी योगदान दे रही है।
राहुल गांधी के जन्मदिन पर मुंबई यूथ कांग्रेस का कल्याणकारी अभियान
मुंबई । मुंबई यूथ कांग्रेस ने राहुल गांधी के जन्मदिन पर एक कल्याणकारी अभियान आयोजित किया, जिसमें 500 से अधिक टू-व्हीलर डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवरों को मुफ्त पेट्रोल दिया गया। यह उनके भारत के मेहनतकश वर्ग के लिए न्याय और सम्मान के विज़न को दर्शाता है। यह अभियान 19 जून को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक_ मुंबई यूनिवर्सिटी, कालीना कैंपस के पास भारत पेट्रोलियम पर _“युवा न्याय, गिग वर्कर्स का सम्मान”_ बैनर के तहत आयोजित की गई।
ज़ीनत शब्रिन, मुंबई यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की करुणा और सेवा की विचारधारा यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बढ़ते ईंधन खर्चों से जूझ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ खड़े होने की प्रेरणा देती है। निखिल रूपारेल, उत्तर मध्य मुंबई जिला अध्यक्ष ने इस पहल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा आम नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान मुंबई को चलाने वाले लोगों के लिए उनके न्याय और सेवा के मार्ग पर चलने का हमारा प्रयास है।प्रीति चोकसी, मुंबई महासचिव,महिला कांग्रेस भी उपस्थित थीं और उन्होंने महिला डिलीवरी पार्टनर्स से बातचीत की। उन्होंने सामाजिक न्याय के प्रति राहुल गांधी की प्रतिबद्धता की सराहना की और गिग इकॉनमी में महिलाओं के लिए बेहतर कल्याण और सुरक्षा उपायों की मांग की। ज़ोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, पोर्टर, उबर, ओला और अन्य प्लेटफॉर्म के गिग वर्कर्स ने बाइक RC या ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ऐप ID दिखाकर ईंधन प्राप्त किया। कालीना तालुका अध्यक्ष विकास जायसवाल और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वितरण का समन्वय किया।
यूपी में अभी नहीं मिलेगी गर्मी से राहत, एक सप्ताह तक लू का अलर्ट
-  आज और चढ़ सकता है पारा, बारिश के आसार नहीं; लखनऊ समेत कई जिलों में बढ़ी तपिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिलहाल जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पूर्वी, मध्यवर्ती और दक्षिणी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक लू चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है, जबकि बारिश की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सीमित मौसमीय गतिविधियों के कारण प्रदेश में गर्म और शुष्क परिस्थितियां बनी रहेंगी। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
शुक्रवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला बांदा रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रयागराज में 43.6 डिग्री और वाराणसी में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ में भी पारा 40.4 डिग्री से बढ़कर 41.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

-  लखनऊ में बढ़ी उमस, शनिवार से लू का असर
राजधानी में लगातार तीसरे दिन तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ी हुई उमस ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही देखने को मिली।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से लखनऊ में भी लू का प्रभाव महसूस किया जाएगा। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते दो दिनों में तापमान में 1.7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह तक प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।
शीर्षक: पीएम मुफ्त राशन योजना पर कोटेदार की मनमानी! अंगूठा लगवाकर नहीं देते राशन, हर यूनिट पर कटौती का आरोप
बूढ़नपुर, आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ की बूढ़नपुर तहसील अंतर्गत विकासखंड कोयलसा के एकडंगी सरवन गांव में प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के कोटेदार द्वारा कई दिनों तक लाभार्थियों का अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं दिया जाता है। इतना ही नहीं, प्रत्येक यूनिट पर निर्धारित मात्रा से कम राशन देने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे निर्धारित मात्रा में राशन देने की मांग करते हैं तो कोटेदार अभद्र व्यवहार करते हुए कहता है, "जिससे शिकायत करनी है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।" इससे कार्डधारकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर से करते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी मुफ्त राशन योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है और कुछ लोगों की मनमानी के कारण गरीबों का हक मारा जा रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर अभय राज पाण्डेय ने कहा कि शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता या कटौती की पुष्टि होती है तो उसका कोटा निरस्त करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में हो रही अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।
प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मेला का प्रभारी मंत्री ने किया
फर्रुखाबाद lकेन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन
केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन आज मधुवन रिसोर्ट, कमालगंज रोड पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उपस्थित रहे l कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री जयवीर सिंह एवं जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा सर्वप्रथम फीता काटकर सूचना विभाग की ओर से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, जिला विकास अधिकारी एस.के. तिवारी, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कुसुम, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी भूमि के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती प्रारम्भ कर रसायनमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया, किन्तु रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों से गोबर, गौमूत्र, हरी खाद एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती अपनाकर स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार, भूमि की उर्वरता में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों से भविष्य की पीढ़ियों के हित में प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा 8 कृषकों को बीज मिनीकिट, 5 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु 5 कृषकों को नैपसेक स्प्रेयर वितरित किए गए। लाभार्थी किसानों ने शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इन पहलों को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।
समापन के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित कृषकों से विभागीय स्टालों का भ्रमण कर नवीन तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शासन द्वारा संचालित कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
त्रिभाषा सूत्र राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम : प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह

भाषाओं के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक : प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज, 19 जून। केंद्र सरकार के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आयोजित व्याख्यानमाला के छठे दिन शुक्रवार को भारत की बहुभाषिकता एवं त्रिभाषा सूत्र विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज के निदेशक  प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भारत की भाषाई विविधता की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। भाषा संवाद का माध्यम होने के साथ-साथ सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक स्मृतियों की संवाहक भी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु भारतीय भाषा समिति का गठन किया गया है। विश्व में लगभग 6800 से 7000 भाषाएँ बोली जाती हैं और भाषा का निर्माण समाज द्वारा होता है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि भारत की बहुभाषिक परम्परा उसकी सांस्कृतिक अखण्डता का प्रतीक है। प्राचीन काल में चारधाम यात्राएँ भाषाई संवाद और सांस्कृतिक एकात्मता का माध्यम थीं। भाषाओं के बीच संवाद उन्हें लोकतांत्रिक बनाता है। रामायण के लगभग 250 भाषायी स्वरूप इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
उन्होंने कोठारी आयोग (1968) द्वारा प्रतिपादित त्रिभाषा सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृभाषा, संपर्क भाषा तथा अन्य भारतीय भाषा का अध्ययन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि व्यवहार में लोकतांत्रिकता, भाषा में लोकतांत्रिकता के माध्यम से ही संभव है तथा भाषा के माध्यम से ही अतुल्य भारत की अवधारणा साकार हो सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुक्त  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रत्येक हिंदीभाषी को कम से कम एक दक्षिण भारतीय भाषा अवश्य सीखनी चाहिए। हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उसकी भगिनी भाषाओं के प्रति सम्मान तथा उन्हें सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल सरकार का नहीं, अपितु आमजन का विषय है। भाषा का संरक्षण और संवर्धन जनभागीदारी से ही संभव है।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने अतिथियों का वाचिक स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। संचालन डॉ. सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।