उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने लखनऊ पहुंची बिहार सूचना विभाग की टीम
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* निदेशक सूचना से की मुलाकात, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बिहार में लागू करने की जताई रुचि
* विभिन्न प्रभागों का किया भ्रमण, सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क गतिविधियों की ली विस्तृत जानकारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं नीतियों एवं शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु विकसित की गई सुदृढ़ सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था से प्रभावित होकर बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बिहार सरकार की टीम ने निदेशक सूचना विशाल सिंह से शिष्टाचार भेंट कर विभाग की कार्यप्रणाली नवाचारों तथा जनसंचार की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बिहार से आए अधिकारियों की टीम ने उत्तर प्रदेश में संचालित प्रचार-प्रसार की प्रभावी व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि उ0प्र0 में प्रचार प्रसार के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुआ है जो कि बेहतर अनुभव हुआ है। टीम ने कहा कि यहां विकसित की गई कई व्यवस्थाएं बिहार में भी उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। टीम ने इन व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं पर विशेष रुचि व्यक्त की।
भ्रमण के दौरान टीम ने निदेशालय के सभी प्रमुख सेक्शनों एवं प्रभागों का विस्तृत दौरा किया तथा उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने समाचार एवं मीडिया कवरेज प्रभाग, पत्रकार कल्याण एवं नीतिगत प्रभाग, क्षेत्रीय एवं ग्रामीण पहुंच प्रभाग, रचनात्मक एवं प्रदर्शनी प्रभाग, आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार प्रभाग तथा स्थापना, वित्त प्रभाग के कार्यों का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रभाग की भूमिकाए दायित्वों तथा कार्य निष्पादन की प्रक्रिया से टीम को अवगत कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं महत्वपूर्ण निर्णयों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रहा है। बिहार की टीम ने समाचार संकलन, प्रेस विज्ञप्तियों के निर्गमन, मीडिया समन्वय, जनसंपर्क अभियानों के संचालन तथा सूचना के त्वरित एवं तथ्यपरक प्रसारण की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अध्ययन किया।
टीम ने पत्रकार कल्याण से संबंधित योजनाओंए मान्यता व्यवस्था, पत्रकार हितों के संरक्षण हेतु संचालित व्यवस्थाओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विभाग के समन्वय तंत्र की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय एवं ग्रामीण प्रचार गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति का भी अवलोकन किया गया।
रचनात्मक एवं प्रदर्शनी समूह द्वारा तैयार की जाने वाली प्रचार सामग्री, विभागीय प्रकाशनों, प्रदर्शनी आयोजन, दृश्य-श्रव्य माध्यमों के उपयोग तथा जनजागरूकता अभियानों की कार्यप्रणाली ने बिहार के अधिकारियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। साथ ही आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोककलाओं एवं जनसंचार के पारंपरिक माध्यमों के जरिए संचालित जनजागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की गई।
भ्रमण के दौरान बिहार सूचना विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसंपर्क गतिविधियों के संचालन में अपनाई जा रही तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर समन्वय तंत्र, त्वरित सूचना संप्रेषण प्रणाली तथा जनहितकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सूचना प्रबंधन और जनसंपर्क के क्षेत्र में कई ऐसी प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, जिनका अध्ययन अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन, डिजिटल संचार, जनसंपर्क अभियानों तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए बिहार की टीम ने उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली को व्यवस्थित, नवाचारपूर्ण एवं परिणामोन्मुख बताते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अंत में टीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।![]()
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* निदेशक सूचना से की मुलाकात, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बिहार में लागू करने की जताई रुचि

रितेश मिश्रा
रितेश मिश्रा
ग्राम परनखा के पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार*
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मीरजापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रभु उपहार भवन में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। समापन दिवस पर भी कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं योगाभ्यास से हुई। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बीके वीरेंद्र भाई जी ने बच्चों को योग सिखाते हुए सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। बीके आरती दीदी जी ने बच्चों को संगीत का अभ्यास कराया, जबकि बीके दिव्यानी बहन ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत कुकुंबर बोट बनाना सिखाया, जिसे बच्चों ने स्वयं तैयार कर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। बीके शिवानी बहन ने बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया तथा बीके नीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर मन की शक्ति और एकाग्रता का महत्व बताया। तीन दिनों के दौरान बच्चों ने योग, गीत-संगीत, नृत्य, अबेकस, क्राफ्ट, मेडिटेशन एवं नैतिक मूल्यों से भरपूर अनेक गतिविधियों में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व को निखारा। समापन अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कलरिंग, गेम्स एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार भोर शादी समारोह में उस वक्त हंगामा मच गया जब जयमाल के बाद दूल्हा अपने दो साथियों के साथ बाइक से फरार हो गया। गुस्साए लड़की पक्ष ने दूल्हे के पिता समेत बारातियों और तीन गाड़ियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पीआरबी पुलिस कोरम पूरा कर थाने आने की बात कहकर लौट गई। प्रयागराज जनपद के हरगढ़ निवासी राजमणि के मझले पुत्र अशोक की बारात मंगलवार शाम सात बजे चली थी। रात करीब 12 बजे 50 बारातियों के साथ छह गाड़ियों से मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव पहुंची। रात दो बजे द्वारपूजा और उसके बाद जयमाल का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। दूल्हे का बड़ा भाई विक्रम शादी में शामिल नहीं हुआ था, छोटा भाई रघुनंदन बारात में आया था। कन्या के दादा ने बताया कि जैसे ही वर-वधू विवाह के लिए मंडप में बैठे, घर की महिलाओं में कपड़े और जेवरात को लेकर कानाफूसी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी बात से नाराज दूल्हा अशोक भोर करीब चार बजे अपने दो साथियों के साथ बाइक लेकर चुपचाप फरार हो गया। बताया कि पुत्र ने 19 वर्षीय पोती का रिश्ता हरगढ़ में तय किया था। 20 मई को लड़के की जिद पर कर्ज लेकर डेढ़ लाख रुपये की पल्सर बाइक खरीदकर तिलक चढ़ाने गए थे।साथ में 06 हजार रुपये नकद और सगुन के रूप में फल, फूल, मिठाई भी दी थी। तय मुहूर्त पर बारात भी आई लेकिन फेरे से पहले ही दूल्हा दहेज की बाइक लेकर भाग गया। दूल्हे के फरार होते ही शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। आक्रोशित परिजनों ने दूल्हे के पिता और तीन गाड़ियों को गांव में ही बैठा लिया। लड़की की मां के साथ युवती का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पीआरबी 112 पहुंची लेकिन कार्रवाई के नाम पर थाने पर प्रार्थना पत्र देने की बात कहकर लौट गई। पीड़ित पिता ने कहा कि बेटी की शादी के लिए कर्ज लेकर हर इंतजाम किया था। तिलक में दूल्हे की मांग पर बाइक तक दी। अब इज्जत के साथ रुपये भी डूब गए। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है। लड़की पक्ष थाने में तहरीर देने की तैयारी कर रहा है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
बहसूमा। थाना क्षेत्र के गांव सैफपुर फिरोजपुर रामराज में गोवंश पर कथित हमले का मामला सामने आया है। घटना में एक गाय के घायल होने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पक्ष ने बहसूमा थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस द्वारा समय रहते कार्रवाई न किए जाने से नाराज भाजपा नेता, गौसेवक और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मंगलवार को थाने पहुंच गए और रोष व्यक्त किया।
मुंबई। एक पेड़ माँ के नाम' भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक भावनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल अभियान है। इसके तहत लोग अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम जताने के लिए उनकी स्मृति या उपस्थिति में एक पेड़ लगाते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेते हैं। मेघाश्रेय संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बांद्रा फोर्ट में एक ऐसे ही अनूठे कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, आईपीएस कृष्णा प्रकाश, आईपीएस विश्वास नांगरे पाटील, स्टीफन बेन, नूपुर सनोन, डीनो मोरिया,आसिफ भामला,कविन शाह,गौरव पारिख, मिकी मेहता जैसी अनेक जानी-मानी हस्तियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस सशक्त आंदोलन को और भी मजबूत बनाया और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में हाथ बंटाया। मेघाश्रेय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विगत वर्षों की तरह छाता, रेनकोट और पानी का वितरण किया गया। सीमा सिंह द्वारा आयोजित इस पहल में एक साथ तीन सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों की पूर्ति की गई। जीवन के लिए पानी, आराम के लिए छाया, और भविष्य के लिए पेड़ की संकल्पना वाले इस कार्यक्रम में भारी संख्या में बीएमसी कर्मचारी उपस्थित रहे। सीमा सिंह के अनुसार बढ़ रही पर्यावरण चुनौती के बीच हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ग्लोबल वार्मिंग जैसी विकट परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में वृक्ष ही हमारे जीवन दाता बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए , इससे मां, मातृभूमि और धरती के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त होगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और हर व्यक्ति को इस धर्म का पालन करना चाहिए।
2 hours and 39 min ago
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