सारंडा में भीषण मुठभेड़: नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो घायल।
चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट और उसके बाद हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के दो जांबाज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे हुई घटना?
रविवार सुबह कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के घने जंगलों में नक्सली ठिकानों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए शक्तिशाली आईईडी में विस्फोट हो गया। इस धमाके की चपेट में आने से असिस्टेंट कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
विस्फोट के तुरंत बाद नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के हवलदार विक्रम यादव के पेट में गोली लग गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत रांची से हेलीकॉप्टर भेजा। दोनों घायल जांबाजों को जंगल से सुरक्षित निकालकर एयरलिफ्ट किया गया और बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
जंगल में बिछाया 'मौत का जाल'
पिछले 15 दिनों के भीतर सारंडा में यह तीसरी बड़ी घटना है। बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद बौखलाए नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को रोकने के लिए जंगल के रास्तों में भारी मात्रा में विस्फोटक (IED) लगा दिए हैं। इन विस्फोटकों की चपेट में न केवल जवान, बल्कि निर्दोष ग्रामीण भी आ रहे हैं। पिछले 15 दिनों में एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है।
प्रशासन का रुख
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नक्सलियों की यह कायराना हरकत उनकी हताशा को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा है और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए नक्सलियों के खिलाफ अभियान और भी अधिक तीव्रता से जारी रहेगा।





जहानाबाद। जिले के मखदूमपुर प्रखंड अंतर्गत केसमारा शिव मंदिर के समीप स्थित गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल का भव्य उद्घाटन रविवार, 1 मार्च 2026 को समारोहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, अभिभावक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जहानाबाद के सांसद सुरेन्द्र प्रसाद यादव शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया तथा विद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के आधुनिक विद्यालय की स्थापना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान की स्थापना से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा और नई संभावनाओं का मार्ग मिलेगा। वहीं अभिभावकों ने भी उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
मुंबई। राजस्थानी महिला मंडल की ओर से 28 फरवरी को ‘जागृति सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इसका विषय था “टूटते परिवार, बिखरते रिश्ते”। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पूनम महाजन, पूर्व सांसद मौजूद थीं। उन्होंने देश व समाज को सशक्त बनाने के लिये परिवार के संगठन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विषय की प्रस्तुति मंडल की ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रुंगटा द्वारा की गई। उन्होंने समझाया कि भारत में प्राचीन काल से चली आ रही वसुदेव कुटुंबकम की सभ्यता जो संपूर्ण जगत को परिवार के रूप में माना जाता थी, आज इसे पुनः जीवित करने की गहन आवश्यकता है। संयुक्त परिवार को पुनः सुदृढ़ बनाने के लिये हम महिलाएं समाज के विभिन्न संगठनों के माध्यम से भरपूर प्रयास कर रही हैं, वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शेखर सेन ने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित नवपीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कार अपने जीवन में उतारने की विशेष सलाह दी। घर में बड़े बुजुर्गों का अनुशासन, धैर्यवान चरित्र, छोटे बच्चों के प्रति ममता भाव, कर्तव्यनिष्ठा, सहनशीलता परिवार को संयुक्त रखने में सहायक होते हैं। हर सदस्य एक कड़ी होता है, इस श्रृंखला को पूर्ण आकार देने मे। एसएनडीटी यूनिवर्सिटी की कुलपति सुश्री उज्जवला चक्र देव ने परिवार व समाज में मातृत्व की प्रमुखता पर जोर देते हुए विभिन क्षेत्रों में नारीत्व की अहम भूमिका के पर प्रकाश डाला । मनोवैज्ञानिक सुश्री अंबरीन प्रधान ने आज के वातावरण में व्याप्त उद्दंडता और आत्मकेन्द्रितता के परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में प्रकाश डाला।

मुंबई। महाराष्ट्र राज्य संस्कृत साहित्य अकादमी और आर्य समाज बोरीवली के संयुक्त तत्वावधान में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ और ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया।अकादमी की ओर से सौरभ शिंदे ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत एवं अकादमी का परिचय दिया। डॉ.जितेंद्र पांडेय ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई महानगर एवं आसपास के जिलों से कई विद्यालयों ने हिस्सा लिया।इस स्पर्धा के निर्णायक आचार्य रामव्यास उपाध्याय और रामगोपाल पानेरी थे।स्पर्धा के उपरांत छात्रों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सात सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।इस सत्र की अध्यक्षता मुंबई विश्वविद्यालय की संस्कृत विभाग की पूर्व अध्यक्षा एवं असोसिएट प्रोफेसर डॉ.शकुंतला गावड़े ने किया। वरिष्ठ पत्रकार श्रीनारायण तिवारी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वक्ता के रूप में शिक्षाविद् अवनीश दीक्षित ‘दिव्य’,आचार्य प्रभारंजन पाठक और आचार्य मिथिलेश आर्य मौजूद रहे।अतिथियों का परिचय सुमन मिश्रा ने कराया।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शकुंतला गावड़े ने बताया कि संस्कृत एक व्यापक भाषा है। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर जितेंद्र पांडे ने किया। कार्यक्रम की सह संचालक श्रीमती संगीता दुबे और श्रीमती प्रतिभा मिश्रा रही। इस अवसर पर महानगर के तमाम लेखक, शिक्षक एवं मीडियाकर्मी मौजूद रहे।आचार्य योगानंद सरस्वती, डॉ. पूजा अलापुरिया ‘हेमाक्ष’, आनंद अग्रवाल, डॉ. साधना शर्मा,श्रीमती भारती श्रीवास्तव, विनय शर्मा ‘दीप’,मुन्ना यादव ‘मयंक’, श्रीमती सुषमा सिंह,डॉ. अवनीश सिंह,अजीत उपाध्याय, सुशील दुबे,अजय बनारसी, लालबहादुर यादव,श्रीमती गायत्री पांडेय,श्रीमती शैली तिवारी,श्रीमती रेखा पाठक, श्रीमती मंजू सिंह,श्रीमती प्रियंका आदि गणमान्य उपस्थित थे।अंत में आर्य समाज गोरेगांव के महासचिव पवन अब्रॉल ने आभार प्रकट किया।
*एएसपी बोले,1205 जगहों पर जलेंगी होलिकाएं, पुराने विवाद के आधार पर 25 अति संवेदनशील स्थान चिन्हित*

जहानाबाद। शहर में पहली बार आयोजित ‘रंगोत्सव होली फेस्ट 2026’ ने लोगों को रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन का संचालन जहानाबाद हाइलाइट्स टीम द्वारा बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ किया गया, जिसमें शहर के बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ शामिल हुए और होली के रंगों का आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मोनू साहू (साहू हार्डवेयर) ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम शहर में आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करते हैं।
इस विशेष आयोजन में केवल ड्राई होली खेली गई, जिसमें अबीर-गुलाल, म्यूजिक और डांस के साथ लोगों ने जमकर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम स्थल पर बच्चे, युवा और महिलाएं सभी रंगों की मस्ती में झूमते और नाचते नजर आए। होली के पारंपरिक गीतों और आधुनिक संगीत की धुनों पर लोग देर तक उत्साह के साथ थिरकते रहे, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का रंगीन माहौल देखने को मिला।
इस आयोजन का नेतृत्व जहानाबाद हाइलाइट्स टीम के एडमिन अमर कुमार ने किया। उनके द्वारा किए गए इस नए प्रयास की शहरवासियों ने जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम शहर में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहेंगे।
2 hours and 58 min ago
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