सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद, यूपीएससी ने बदले नियम
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संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। यानी अब एक बार IAS, IPS या IFS बन गए तो बार-बार यूपीएससी का एग्जाम नहीं दे पाएंगे।
यूपीएससी के नए नियम के अनुसार, सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट मिलेगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। नए नियम की शर्ते इस प्रकार हैं।
सिर्फ एक बार रैंक सुधारने का मौका
सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।
छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित
छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।
नए सेलेक्शन के बाद पुराना सेलेक्शन हो जाएगा कैंसिल
अगर कोई ऐसा उम्मीदवार यूपीएससी सीएसई-2027 में सेलेक्ट होता है, तो वह सीएसई -2026 या सीएसई -2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा को एक्सेप्ट कर सकता है और सीएसई -2027 के लिए निर्धारित ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। इस लेवल पर उसके द्वारा चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सेवा का अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा। अगर उसे सीएसई -2027 के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं की जाती है, तो वह सीएसई-2026 के माध्यम से आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है।
1 hour and 6 min ago
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