10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
*आगामी आईपीओ को लेकर एनएसई बोर्ड का फैसला*

*मुंबई*, *फरवरी 2026:* एनएसई ने अपने आईपीओ से जुड़े नियम और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके लिए एक विशेष आईपीओ समिति को दोबारा गठित किया गया है, जो लिस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और उसकी निगरानी करेगी।

पुनर्गठित आईपीओ समिति की संरचना इस प्रकार है:

- श्री तबलेश पांडेय – चेयरपर्सन (नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
- श्री श्रीनिवास इंजेती – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. (डॉ.) ममता बिस्वाल – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती अभिलाषा कुमारी – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. जी. शिवकुमार – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- श्री आशीष कुमार चौहान – मेंबर (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ)

एनएसई के बोर्ड ने नियामकीय मंजूरी के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से एक कोयला एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित सहायक कंपनी का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज / भारत कोल एक्सचेंज / इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इस कंपनी का गठन कोयला मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्तावित कोल रेगुलेशंस, 2025 के अनुरूप किया जाएगा। एनएसई ने प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज की सहायक कंपनी में ₹100 करोड़ तक की पूंजी निवेश को मंजूरी दी है।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
WhatsApp Status से लेकर Instagram Reels तक, हर जगह छाया ‘Choli Bheej Jata’, यूट्यूब के Top 10 में ट्रेंड होकर बना 2026 का सबसे बड़ा होली ब्लास्ट

डिजिटल सुनामी: खेसारी का राज!

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों से लेकर बिहार के सुदूर गाँवों के चौराहों तक, इस समय सिर्फ एक ही शोर है—खेसारी लाल यादव। उनका नया होली गीत “चोली भीज जाता” महज़ एक गाना नहीं, बल्कि एक डिजिटल सुनामी बन चुका है। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर रिलीज़ होते ही इस गाने ने पूरे इंटरनेट पर कब्ज़ा (Taken over the internet) कर लिया है। आलम यह है कि यह गाना यूट्यूब ट्रेंडिंग के Top 10 में अपनी मज़बूत जगह बनाए हुए है और इसे 2026 का सबसे बड़ा होली गीत (Biggest Holi Song of 2026) घोषित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर ‘बवाल’ वायरल ट्रेंड

भैया, आजकल सफलता का असली पैमाना ‘रील्स’ और ‘स्टेटस’ हैं। और “चोली भीज जाता” के हुक स्टेप पर इस समय लाखों की संख्या में इंस्टाग्राम रील्स बन रही हैं। लड़के जहाँ खेसारी भैया के स्वैग को कॉपी कर रहे हैं, वहीं लड़कियाँ प्रिया रघुवंशी के नखरों और ठुमकों पर अपनी अदाएँ दिखा रही हैं। व्हाट्सएप स्टेटस हो या फेसबुक स्टोरी, हर जगह लोग इसी गाने को लगाकर अपनी होली की खुशी जाहिर कर रहे हैं। अभिषेक भोजपुरीया के मज़ेदार बोल और आर्य शर्मा का म्यूज़िक हर किसी के ज़ुबान पर चढ़ गया है।

खेसारी आर्मी की ताकत: 24/7 सपोर्ट

खेसारी लाल यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी खेसारी आर्मी है। ये वो फैन हैं जिन्होंने इस गाने को रिलीज़ के साथ ही ट्रेंडिंग के शिखर पर पहुँचा दिया। यूट्यूब के टॉप 10 में जगह बनाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन खेसारी के पावर के आगे इस बार सब फीका नज़र आ रहे हैं। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जहाँ लोग इसे इस सदी का सबसे बड़ा होली एंथम बता रहे हैं। Ps Dance Group के ज़बरदस्त डांस ने इस गाने के वीडियो को और भी शानदार बना दिया है।

प्रोडक्शन की क्वालिटी: चकाचक विज़ुअल्स

दिलीप चौरसिया की बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी ने गाने को वो चमक दी है, जो बड़े बजट की फिल्मों में दिखती है। विलेंस प्रोडक्शन (Wailens Production) की ओर से पेश किया गया यह वीडियो विज़ुअल मास्टरपीस है। रोहित सिंह की डीआई (D.I.) ने रंगों को इतना निखारा है कि होली की मस्ती मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर आती महसूस होती है। यह गाना साबित करता है कि भोजपुरी म्यूज़िक अब ग्लोबल लेवल पर धमाका करने को तैयार है।

निष्कर्ष: आप भी बनें इस ट्रेंड का हिस्सा!

अगर आपने अभी तक अपना व्हाट्सएप स्टेटस इस गाने के साथ अपडेट नहीं किया है, तो जल्दी कीजिए, वरना आप 2026 के सबसे बड़े ट्रेंड से पीछे रह जाएंगे। खेसारी भैया और शिल्पी राज की यह जुगलबंदी इस होली आपको झूमने पर मजबूर कर देगी।

पूरा गाना यहाँ देखें और इसे और भी ऊपर ट्रेंड कराएं :- https://youtu.be/T_qBgY7EqOA�

राँची: नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति और कल्याण पदाधिकारियों को 'परफॉर्मेंस' का मंत्र; DDC ने कहा— "आपकी जिम्मेदारी लाखों के जीवन से जुड़ी"

राँची, 09 फरवरी 2026: राँची समाहरणालय में सोमवार को जिले के नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों (BWO) के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन सह मार्गदर्शन बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ भुवनिया ने इन अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और शासन की अपेक्षाओं से रूबरू कराया।

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जनता का हक दिलाना ही प्राथमिकता

बैठक में डीडीसी सौरभ भुवनिया ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल एक 'पद' पर नहीं हैं, बल्कि वे सरकार और जनता के बीच की वह कड़ी हैं जिससे लाखों लोगों की आजीविका और कल्याण जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और पेंशन जैसी सामाजिक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के 5 मुख्य दिशा-निर्देश:

पारदर्शिता और निगरानी: राशन वितरण और खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग और स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना।

त्वरित शिकायत निवारण: आम जनता की समस्याओं को केवल सुनना नहीं, बल्कि उनका निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करना।

डिजिटल इंडिया पर जोर: ई-पॉस (e-PoS) मशीन, आधार सीडिंग और डीबीटी (DBT) के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाना।

कल्याणकारी योजनाओं का दायरा: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के साथ-साथ छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुँचाना।

शून्य भ्रष्टाचार: अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई करना और उच्चाधिकारियों को सूचित करना।

राँची को 'मॉडल जिला' बनाने का संकल्प

उप विकास आयुक्त ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से राँची को आपूर्ति व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे राज्य के लिए एक 'मॉडल जिला' बनाने का आह्वान किया।

उपस्थिति

बैठक में आईटीडीए के श्री संजय भगत, विशिष्ट अनुमंडल पदाधिकारी श्रीमती मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री रामगोपाल पाण्डेय और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
नाले में मिले युवक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
*आई ओ डब्लयू कार्यालय के सामने नाले में मिला युवक का शव

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आई ओ डब्ल्यू कार्यालय के सामने बने नाले में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गयी है।स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नाले से बाहर निकाला,साथ ही मौके पर फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया तथा पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना की सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु प्रदीप कुमार, क्षेत्राधिकारी आनंद राय व नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है,जिसके लिए नगर कोतवाली पुलिस व सेमरा चौकी की पुलिस युवक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 30वर्ष बताई जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस आसपास के लोगों से भी मृतक युवक के संबंध में पूछताछ कर रही है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
*आगामी आईपीओ को लेकर एनएसई बोर्ड का फैसला*

*मुंबई*, *फरवरी 2026:* एनएसई ने अपने आईपीओ से जुड़े नियम और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके लिए एक विशेष आईपीओ समिति को दोबारा गठित किया गया है, जो लिस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और उसकी निगरानी करेगी।

पुनर्गठित आईपीओ समिति की संरचना इस प्रकार है:

- श्री तबलेश पांडेय – चेयरपर्सन (नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
- श्री श्रीनिवास इंजेती – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. (डॉ.) ममता बिस्वाल – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती अभिलाषा कुमारी – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. जी. शिवकुमार – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- श्री आशीष कुमार चौहान – मेंबर (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ)

एनएसई के बोर्ड ने नियामकीय मंजूरी के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से एक कोयला एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित सहायक कंपनी का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज / भारत कोल एक्सचेंज / इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इस कंपनी का गठन कोयला मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्तावित कोल रेगुलेशंस, 2025 के अनुरूप किया जाएगा। एनएसई ने प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज की सहायक कंपनी में ₹100 करोड़ तक की पूंजी निवेश को मंजूरी दी है।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
WhatsApp Status से लेकर Instagram Reels तक, हर जगह छाया ‘Choli Bheej Jata’, यूट्यूब के Top 10 में ट्रेंड होकर बना 2026 का सबसे बड़ा होली ब्लास्ट

डिजिटल सुनामी: खेसारी का राज!

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों से लेकर बिहार के सुदूर गाँवों के चौराहों तक, इस समय सिर्फ एक ही शोर है—खेसारी लाल यादव। उनका नया होली गीत “चोली भीज जाता” महज़ एक गाना नहीं, बल्कि एक डिजिटल सुनामी बन चुका है। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर रिलीज़ होते ही इस गाने ने पूरे इंटरनेट पर कब्ज़ा (Taken over the internet) कर लिया है। आलम यह है कि यह गाना यूट्यूब ट्रेंडिंग के Top 10 में अपनी मज़बूत जगह बनाए हुए है और इसे 2026 का सबसे बड़ा होली गीत (Biggest Holi Song of 2026) घोषित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर ‘बवाल’ वायरल ट्रेंड

भैया, आजकल सफलता का असली पैमाना ‘रील्स’ और ‘स्टेटस’ हैं। और “चोली भीज जाता” के हुक स्टेप पर इस समय लाखों की संख्या में इंस्टाग्राम रील्स बन रही हैं। लड़के जहाँ खेसारी भैया के स्वैग को कॉपी कर रहे हैं, वहीं लड़कियाँ प्रिया रघुवंशी के नखरों और ठुमकों पर अपनी अदाएँ दिखा रही हैं। व्हाट्सएप स्टेटस हो या फेसबुक स्टोरी, हर जगह लोग इसी गाने को लगाकर अपनी होली की खुशी जाहिर कर रहे हैं। अभिषेक भोजपुरीया के मज़ेदार बोल और आर्य शर्मा का म्यूज़िक हर किसी के ज़ुबान पर चढ़ गया है।

खेसारी आर्मी की ताकत: 24/7 सपोर्ट

खेसारी लाल यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी खेसारी आर्मी है। ये वो फैन हैं जिन्होंने इस गाने को रिलीज़ के साथ ही ट्रेंडिंग के शिखर पर पहुँचा दिया। यूट्यूब के टॉप 10 में जगह बनाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन खेसारी के पावर के आगे इस बार सब फीका नज़र आ रहे हैं। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जहाँ लोग इसे इस सदी का सबसे बड़ा होली एंथम बता रहे हैं। Ps Dance Group के ज़बरदस्त डांस ने इस गाने के वीडियो को और भी शानदार बना दिया है।

प्रोडक्शन की क्वालिटी: चकाचक विज़ुअल्स

दिलीप चौरसिया की बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी ने गाने को वो चमक दी है, जो बड़े बजट की फिल्मों में दिखती है। विलेंस प्रोडक्शन (Wailens Production) की ओर से पेश किया गया यह वीडियो विज़ुअल मास्टरपीस है। रोहित सिंह की डीआई (D.I.) ने रंगों को इतना निखारा है कि होली की मस्ती मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर आती महसूस होती है। यह गाना साबित करता है कि भोजपुरी म्यूज़िक अब ग्लोबल लेवल पर धमाका करने को तैयार है।

निष्कर्ष: आप भी बनें इस ट्रेंड का हिस्सा!

अगर आपने अभी तक अपना व्हाट्सएप स्टेटस इस गाने के साथ अपडेट नहीं किया है, तो जल्दी कीजिए, वरना आप 2026 के सबसे बड़े ट्रेंड से पीछे रह जाएंगे। खेसारी भैया और शिल्पी राज की यह जुगलबंदी इस होली आपको झूमने पर मजबूर कर देगी।

पूरा गाना यहाँ देखें और इसे और भी ऊपर ट्रेंड कराएं :- https://youtu.be/T_qBgY7EqOA�

राँची: नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति और कल्याण पदाधिकारियों को 'परफॉर्मेंस' का मंत्र; DDC ने कहा— "आपकी जिम्मेदारी लाखों के जीवन से जुड़ी"

राँची, 09 फरवरी 2026: राँची समाहरणालय में सोमवार को जिले के नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों (BWO) के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन सह मार्गदर्शन बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ भुवनिया ने इन अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और शासन की अपेक्षाओं से रूबरू कराया।

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जनता का हक दिलाना ही प्राथमिकता

बैठक में डीडीसी सौरभ भुवनिया ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल एक 'पद' पर नहीं हैं, बल्कि वे सरकार और जनता के बीच की वह कड़ी हैं जिससे लाखों लोगों की आजीविका और कल्याण जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और पेंशन जैसी सामाजिक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के 5 मुख्य दिशा-निर्देश:

पारदर्शिता और निगरानी: राशन वितरण और खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग और स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना।

त्वरित शिकायत निवारण: आम जनता की समस्याओं को केवल सुनना नहीं, बल्कि उनका निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करना।

डिजिटल इंडिया पर जोर: ई-पॉस (e-PoS) मशीन, आधार सीडिंग और डीबीटी (DBT) के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाना।

कल्याणकारी योजनाओं का दायरा: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के साथ-साथ छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुँचाना।

शून्य भ्रष्टाचार: अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई करना और उच्चाधिकारियों को सूचित करना।

राँची को 'मॉडल जिला' बनाने का संकल्प

उप विकास आयुक्त ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से राँची को आपूर्ति व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे राज्य के लिए एक 'मॉडल जिला' बनाने का आह्वान किया।

उपस्थिति

बैठक में आईटीडीए के श्री संजय भगत, विशिष्ट अनुमंडल पदाधिकारी श्रीमती मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री रामगोपाल पाण्डेय और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
नाले में मिले युवक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
*आई ओ डब्लयू कार्यालय के सामने नाले में मिला युवक का शव

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आई ओ डब्ल्यू कार्यालय के सामने बने नाले में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गयी है।स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नाले से बाहर निकाला,साथ ही मौके पर फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया तथा पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना की सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु प्रदीप कुमार, क्षेत्राधिकारी आनंद राय व नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है,जिसके लिए नगर कोतवाली पुलिस व सेमरा चौकी की पुलिस युवक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 30वर्ष बताई जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस आसपास के लोगों से भी मृतक युवक के संबंध में पूछताछ कर रही है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।