घाटकोपर के श्रीराम कथा महोत्सव में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
मुंबई। घाटकोपर स्थित जंगलश्वर महादेव मंदिर सभागृह में इन दिनों चल रहे “संगीतमय नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव” ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। 5 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह आयोजन 13 अप्रैल 2026 तक जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर भगवान श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथा वाचक श्री.श्री. 1008 श्रीमद जगद्गुरु हरि प्रपन्नाचार्य महाराज अपने प्रवचनों में राम के आदर्शों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो मनुष्य को मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है।” वहीं कथा संयोजक श्री रमेश छेदी सिंह ने बताया, “यह आयोजन समाज में भक्ति और संस्कारों को मजबूत करने का एक प्रयास है, हमें खुशी है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें सहभागिता कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती दी है। प्रतिदिन शाम आयोजित हो रही कथा में परिवारों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है, जिससे पूरा वातावरण राममय और भक्तिरस से सराबोर हो गया है।
पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एमओए पर हस्ताक्षर

पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) एवं डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी के मध्य दिनांक 09 अप्रैल 2026 को पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते पर पीवीयूएनएल की ओर से श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) तथा डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी की ओर से श्री अजय सूरी, महासचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए.के. सहगल, शीर्ष प्रबंधन के अधिकारीगण एवं कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सीईओ श्री सहगल ने कहा कि यह विद्यालय टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस पहल से बच्चों को दूर स्थित विद्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे आवागमन से जुड़े जोखिमों में भी कमी आएगी।

यह पहल पीवीयूएनएल के सामाजिक एवं पारिवारिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा टाउनशिप में शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

हजारीबाग पुलिस की बड़ी सफलता: बड़कागांव लूट और फायरिंग कांड का खुलासा, 7 शातिर अपराधी गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने बड़कागांव थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट और गोलीबारी की घटना का सफल उद्भेदन कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के 7 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, फरवरी माह में नंदनी ज्वेलर्स के मालिक पर फायरिंग कर अपराधियों ने गहनों से भरा झोला लूट लिया था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन (IPS) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। सूचना मिली थी कि अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बड़कागांव-हजारीबाग मार्ग पर घात लगाकर बैठे हैं।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और मौके से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। सख्ती से पूछताछ में इन अपराधियों ने लूट और फायरिंग समेत अन्य कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

जांच में सामने आया कि पूरे कांड की साजिश बड़कागांव निवासी संदीप कुमार सोनी ने रची थी। उसने 5 फरवरी को योजना बनाई और 7 फरवरी को अपने साथियों विनोद कुमार भुइयाँ, प्रिंस यादव और राहुल कुमार के साथ मिलकर नंदनी ज्वेलर्स के मालिक से लूटपाट की। विरोध करने पर अपराधियों ने फायरिंग भी की और चतरा की ओर फरार हो गए।

पुलिस ने इस मामले में कुल 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विनोद कुमार भुइयाँ, प्रिंस यादव, तेजू कुमार भोक्ता, साकिन्दर कुमार गंजु (बाइक मालिक), रामधनी ठठेरा, संदीप कुमार सोनी (मुख्य साजिशकर्ता) और विशाल शांताराम शामिल हैं।

बरामदगी में शामिल: देशी पिस्टल – 01, जिंदा गोली – 13, मोबाइल फोन – 03, अपाचे मोटरसाइकिल – 01 (लूट में प्रयुक्त)

इस पूरे ऑपरेशन में बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस अन्य अपराधियों के नेटवर्क और लूटे गए जेवरों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

तरुण कला संगम द्वारा 7 मई को राजकुमार सिंह को दिया जाएगा पत्रकारिता पुरस्कार

मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था तरुण कला संगम विगत अनेक वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट और प्रेरणादायक कार्य करने वाले पत्रकारों को पुरस्कृत करती चली आ रही है। तरुण कला संगम के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह और महामंत्री दीपक सिंह ने बताया कि संस्था द्वारा इस वर्ष गुरुवार,07 मई, 2026 को चर्चगेट स्थित सम्राट होटल में शाम 4 बजे पत्रकारिता पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया है। वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ सचदेव की अध्यक्षता में निर्णायक मंडल द्वारा वर्ष 2025 के पत्रकारिता पुरस्कार  के लिए नवभारत टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह का चयन किया गया है। संस्था द्वारा उन्हें पुरस्कार के रूप में स्मृति चिन्ह तथा  ₹100000 (एक लाख रुपए) की राशि प्रदान की जाएगी। संस्था द्वारा अब तक पुरस्कृत किए गए पत्रकारों में गणेश मंत्री,लालजी मिश्र, शचींद्र त्रिपाठी, गंगाधर ढोबले, विजेंद्र तिवारी , आनंद राजवर्धन, विमल मिस्र जैसे मूर्धन्य पत्रकारों का समावेश है।
मदरसा, दुकान व मकान पर चला बुल्डोजर,पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़ा अतिक्रमण
*ग्राम समाज की डेढ़ बीघा जमीन खाली कराई गई

गोंडा।जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई किया है।जिले के सदर तहसील अंतर्गत खोरहंसा में डेढ़ बीघा ग्राम समाज नवीन परती जमीन पर बने एक मदरसे,तीन दुकानों और एक‌ मकान को बुल्डोजर से ध्वस्त कर खाली कराया गया।यह कार्रवाई सदर तहसील अंतर्गत खोरहंसा में की गई जहाँ डेढ़ बीघा सरकारी नवीन परती जमीन पर अवैध रूप से एक बड़ा मदरसा संचालित हो रहा था।इसी जमीन पर तीन दुकानें बनाकर अवैध रूप से चलाई जा रही थी जिससे आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था तथा साथ ही एक मकान बनाकर भी लोग रह रहे थे।सदर तहसीलदार मनीष कुमार की अदालत ने ग्राम समाज की नवीन परती जमीन पर बने मदरसे, दुकानों और मकान को तोड़कर अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया था।बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी सदर अशोक कुमार गुप्ता,तहसीलदार सदर मनीष कुमार,पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा व पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।इस दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद रही।अवैध कब्जा करने वालों को पहले भी कई बार नोटिस व चेतावनी दी गई थी,परन्तु उन्होंने नियमों को दरकिनार कर सरकारी जमीन पर कब्जा बनाए रखा।प्रशासन ने चेतावनी दिया है कि यदि दोबारा इस डेढ़ बीघा जमीन पर कोई कब्जा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उपजिलाधिकारी सदर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि हमलोगों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ अवैध कब्जा खाली कराया गया है।तहसीलदार सदर की कोर्ट से सरकारी जमीन को खाली कराए जाने को लेकर के आदेश जारी किया गया था,जिसका आज हमलोगों द्वारा पालन कराया गया है।
झारखंड ट्रेज़री घोटाला “चारा घोटाला पार्ट 2”: अजय साह

भारतीय जनता पार्टी ने बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, तो कई प्रभावशाली और सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश होना तय है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि यह ट्रेजरी घोटाला जितना साधारण दिखाया जा रहा है, वास्तविकता में उतना ही जटिल और संगठित है। उन्होंने कहा कि बोकारो में गिरफ्तार कौशल पांडे लंबे समय तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का करीबी रहा है। यही कारण है कि उसे पूर्व डीजीपी द्वारा “मेहनत और लगन” के लिए सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में यह मानना कठिन है कि एक लेखपाल अकेले 25 महीनों में 63 बार अवैध निकासी कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीडीओ की जिम्मेदारी जिला स्तर पर एसपी की होती है, जो यह अधिकार डीएपी को सौंपते हैं। इसलिए इस पूरे मामले में संबंधित डीएपी और एसपी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि उपेंद्र सिंह के जन्मतिथि में हेरफेर जैसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की क्षमता मौजूद थी, लेकिन उपेंद्र सिंह के नाम पर अनु पांडे के खाते में सालों तक अवैध धन हस्तांतरण होना एक बड़े और संगठित रैकेट की ओर संकेत करता है।

अजय साह ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी भाजपा ने बड़े स्तर की संलिप्तता की आशंका जताई थी, जिसे बाद में ईडी-रांची पुलिस प्रकरण ने सही साबित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रेजरी घोटाले में कौशल पांडे की भूमिका भी उसी तरह की है और बिना उच्च पुलिस अधिकारियों के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल दो जिलों में ही यह घोटाला लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यदि पूरे झारखंड में इसकी व्यापक जांच कराई जाए, तो यह घोटाला राज्य के कुख्यात चारा घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस विभाग से जुड़े इस महाघोटाले की जांच केवल पुलिस के माध्यम से कराना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इसलिए पार्टी ने इस मामले की न्यायिक जांच या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

अजय साह ने यह भी कहा कि ट्रेजरी से अवैध निकासी का यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में इससे पहले भी ऊर्जा विभाग से लगभग 100 करोड़, पर्यटन विभाग से 10 करोड़ और पेयजल विभाग से 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन घोटालों को कैग की रिपोर्ट में उजागर किया गया है, लेकिन सरकार अभी भी डीएमएफटी और शराब घोटाले से संबंधित फाइलें कैग को उपलब्ध नहीं करा रही है। यदि इन फाइलों को कैग को उपलब्ध कराया जाए, तो हजारों करोड़ रुपये के और भी घोटालों का खुलासा हो सकता है।

प्रयागराज में प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या
करेली में नकाबपोश बदमाशों ने वारदात कर फैलाई सनसनी
गमछे और मास्क से ढके थे चेहरे

परिजन बोले, किसी से कोई रंजिश नहीं...

पुलिस ने खंगाले 30 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, दिखे आरोपी

करेली थाना क्षेत्र के गौसनगर स्थित बिस्मिल्ला चौराहे के पास बुधवार शाम प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान (47) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। एक गोली मृतक के सीने के बाईं तरफ लगी। जमीन के विवाद में हत्या की आशंका है। करेली पुलिस एफआईआर दर्ज कर बदमाशों की पहचान करने में जुट गई है।

ऐनुद्दीनपुर में मोहम्मद इरफान अपनी पत्नी मंगरुल निशा के साथ रहते थे। उनके दो बेटे मोहम्मद आमिर व फैसल और दो बेटियां हैं। वह प्रॉपर्टी डीलर थे। बुधवार शाम घर से करीब 50 मीटर दूर इरफान एक दुकान पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 6:30 बजे दो बाइक पर सवार चार बदमाश आए और इरफान के सीने में गोली मारकर फरार हो गए।गोली लगते ही इरफान जमीन पर गिर गए। सूचना पर डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य, एडीसीपी राजकुमार मीना समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल इरफान को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि दो बाइक पर सवार चार बदमाश मौके पर पहुंचे थे। चारों बदमाशों ने अपने चेहरे गमछे व मास्क से ढक रखे थे।

इनमें से एक बदमाश मोहम्मद इरफान के पास आया और उन्हें गोली मारकर अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया। सरेआम गोली चलने से क्षेत्र में दहशत फैल गई।वारदात के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते एसआरएन अस्पताल पहुंचे। परिजन व रिश्तेदार रोते-बिलखते यही कह रहे थे कि इरफान की किसी से रंजिश नहीं थी। न जाने क्यों उन्हें मार दिया गया। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।  प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान की हत्या के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए देर रात तक कैमरों को खंगालती रही। इस दौरान एक फुटेज में आरोपी दिखे भी, लेकिन उनकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के 30 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं पर इनमें उनका चेहरा साफ नहीं है।

पुलिस के मुताबिक, नकाबपोश बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। कई सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार संदिग्ध नजर आए हैं, लेकिन उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटनास्थल से लेकर आसपास के मुख्य मार्गों व चौराहों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली है। इसके अलावा, संदिग्धों के भागने के संभावित रास्तों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। उधर, घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, वहीं पुलिस ने गश्त बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया। डीसीपी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। सर्विलांस सेल की भी मदद ली जा रही है।

प्रथम दृष्टया पुरानी रंजिश को लेकर इरफान को गोली मारे जाने की बात सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - मनीष कुमार शांडिल्य, डीसीपी नगर
दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार, कल राज्यसभा सदस्‍य के तौर पर लेंगे शपथ

#cmnitishvisitsdelhiwilltakeoathinrajya_sabha

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द‍िल्‍ली पहुंच चके हैं। नीतीश कल यानी 10 अप्रैल को राज्‍यसभा सदस्‍य के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार के पटना लौटने पर बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत हैं। जानकारी के अनुसार पटना वापस आकर वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

आज जेडीयू के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने से पहले जनता दल यूनाईटेड के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करेंगे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पहले से दिल्ली में मौजूद हैं। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी नेता मौजूद रहेंगे। इस बैठक में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जदयू की भूमिका, मंत्री और डिप्टी सीएम के पद पर विचार विमर्श किया जाएगा। निशांत कुमार की क्या भूमिका होगी? इस पर भी चर्चा की जाएगी।

पीएम मोदी और अमित शाह से करेंगे मुलाकात

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलकात करेंगे। बिहार में नई एनडीए सरकार के प्रारूप को लेकर सीएम नीतीश कुमार गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर सकते हैं। नई सरकार का मंत्रिमंडल कैसा रहेगा? कौन रिपीट होंगे? किस नए चेहरे को मौका दिया जाएगा? इस पर सीएम नीतीश कुमार अपनी राय रखेंगे।

बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली रवाना होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। बिहार में नई सरकार के गठन के लिए कवायद तेज है लगातार बिहार में सर्गर्मिया तेज है। आज जहां नीतीश कुमार दिल्ली के लिए रवाना हुए राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। वहीं भाजपा के नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी दिल्ली रवाना हुए। कल भाजपा की बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री शामिल होंगे। जिस तरह से नई सरकार के गठन की कवायद् है उसको लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी है। 48 से 72 घंटे के अंदर नए मुख्यमंत्री के नाम से पर्दा हटने की संभावना जताई जा रही है। सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

अगले सीएम के नामों की चर्चा

बिहार के सियासी गलियारों में अगले सीएम के नामों की चर्चा हो रही। सबसे आगे जिन नामों को माना जा रहा है,उनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे प्रमुख है। सम्राट चौधरी संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पार्टी के भीतर उनका प्रभाव लगातार बढ़ा है। वे पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए सामाजिक समीकरण के लिहाज से भी उनका नाम मजबूत माना जा रहा है। राजनीतिक तौर पर उन्हें आक्रामक और फैसले लेने वाला नेता माना जाता है। दूसरे नंबर पर, यानी मजबूत दावेदार के रूप में विजय कुमार सिन्हा का नाम लगातार चर्चा में है। विजय सिन्हा को संघ के करीब और अनुशासित नेता के रूप में देखा जाता है। वे पहले विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। पार्टी के भीतर उन्हें एक संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है, जो संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाए रख सकते हैं।

*निजी स्कूलों की लूट पर आर-पार की लड़ाई, अब नहीं चलेगी मनमानी : अभिषेक सिंह राणा*
निजी विद्यालयों की मनमानी पर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की बेलगाम मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का गुस्सा साफ तौर पर फूटा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
घाटकोपर के श्रीराम कथा महोत्सव में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
मुंबई। घाटकोपर स्थित जंगलश्वर महादेव मंदिर सभागृह में इन दिनों चल रहे “संगीतमय नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव” ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। 5 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह आयोजन 13 अप्रैल 2026 तक जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर भगवान श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथा वाचक श्री.श्री. 1008 श्रीमद जगद्गुरु हरि प्रपन्नाचार्य महाराज अपने प्रवचनों में राम के आदर्शों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो मनुष्य को मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है।” वहीं कथा संयोजक श्री रमेश छेदी सिंह ने बताया, “यह आयोजन समाज में भक्ति और संस्कारों को मजबूत करने का एक प्रयास है, हमें खुशी है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें सहभागिता कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती दी है। प्रतिदिन शाम आयोजित हो रही कथा में परिवारों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है, जिससे पूरा वातावरण राममय और भक्तिरस से सराबोर हो गया है।
पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एमओए पर हस्ताक्षर

पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) एवं डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी के मध्य दिनांक 09 अप्रैल 2026 को पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते पर पीवीयूएनएल की ओर से श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) तथा डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी की ओर से श्री अजय सूरी, महासचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए.के. सहगल, शीर्ष प्रबंधन के अधिकारीगण एवं कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सीईओ श्री सहगल ने कहा कि यह विद्यालय टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस पहल से बच्चों को दूर स्थित विद्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे आवागमन से जुड़े जोखिमों में भी कमी आएगी।

यह पहल पीवीयूएनएल के सामाजिक एवं पारिवारिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा टाउनशिप में शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

हजारीबाग पुलिस की बड़ी सफलता: बड़कागांव लूट और फायरिंग कांड का खुलासा, 7 शातिर अपराधी गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने बड़कागांव थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट और गोलीबारी की घटना का सफल उद्भेदन कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के 7 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, फरवरी माह में नंदनी ज्वेलर्स के मालिक पर फायरिंग कर अपराधियों ने गहनों से भरा झोला लूट लिया था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन (IPS) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। सूचना मिली थी कि अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बड़कागांव-हजारीबाग मार्ग पर घात लगाकर बैठे हैं।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और मौके से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। सख्ती से पूछताछ में इन अपराधियों ने लूट और फायरिंग समेत अन्य कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

जांच में सामने आया कि पूरे कांड की साजिश बड़कागांव निवासी संदीप कुमार सोनी ने रची थी। उसने 5 फरवरी को योजना बनाई और 7 फरवरी को अपने साथियों विनोद कुमार भुइयाँ, प्रिंस यादव और राहुल कुमार के साथ मिलकर नंदनी ज्वेलर्स के मालिक से लूटपाट की। विरोध करने पर अपराधियों ने फायरिंग भी की और चतरा की ओर फरार हो गए।

पुलिस ने इस मामले में कुल 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विनोद कुमार भुइयाँ, प्रिंस यादव, तेजू कुमार भोक्ता, साकिन्दर कुमार गंजु (बाइक मालिक), रामधनी ठठेरा, संदीप कुमार सोनी (मुख्य साजिशकर्ता) और विशाल शांताराम शामिल हैं।

बरामदगी में शामिल: देशी पिस्टल – 01, जिंदा गोली – 13, मोबाइल फोन – 03, अपाचे मोटरसाइकिल – 01 (लूट में प्रयुक्त)

इस पूरे ऑपरेशन में बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस अन्य अपराधियों के नेटवर्क और लूटे गए जेवरों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

तरुण कला संगम द्वारा 7 मई को राजकुमार सिंह को दिया जाएगा पत्रकारिता पुरस्कार

मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था तरुण कला संगम विगत अनेक वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट और प्रेरणादायक कार्य करने वाले पत्रकारों को पुरस्कृत करती चली आ रही है। तरुण कला संगम के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह और महामंत्री दीपक सिंह ने बताया कि संस्था द्वारा इस वर्ष गुरुवार,07 मई, 2026 को चर्चगेट स्थित सम्राट होटल में शाम 4 बजे पत्रकारिता पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया है। वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ सचदेव की अध्यक्षता में निर्णायक मंडल द्वारा वर्ष 2025 के पत्रकारिता पुरस्कार  के लिए नवभारत टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह का चयन किया गया है। संस्था द्वारा उन्हें पुरस्कार के रूप में स्मृति चिन्ह तथा  ₹100000 (एक लाख रुपए) की राशि प्रदान की जाएगी। संस्था द्वारा अब तक पुरस्कृत किए गए पत्रकारों में गणेश मंत्री,लालजी मिश्र, शचींद्र त्रिपाठी, गंगाधर ढोबले, विजेंद्र तिवारी , आनंद राजवर्धन, विमल मिस्र जैसे मूर्धन्य पत्रकारों का समावेश है।
मदरसा, दुकान व मकान पर चला बुल्डोजर,पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़ा अतिक्रमण
*ग्राम समाज की डेढ़ बीघा जमीन खाली कराई गई

गोंडा।जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई किया है।जिले के सदर तहसील अंतर्गत खोरहंसा में डेढ़ बीघा ग्राम समाज नवीन परती जमीन पर बने एक मदरसे,तीन दुकानों और एक‌ मकान को बुल्डोजर से ध्वस्त कर खाली कराया गया।यह कार्रवाई सदर तहसील अंतर्गत खोरहंसा में की गई जहाँ डेढ़ बीघा सरकारी नवीन परती जमीन पर अवैध रूप से एक बड़ा मदरसा संचालित हो रहा था।इसी जमीन पर तीन दुकानें बनाकर अवैध रूप से चलाई जा रही थी जिससे आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था तथा साथ ही एक मकान बनाकर भी लोग रह रहे थे।सदर तहसीलदार मनीष कुमार की अदालत ने ग्राम समाज की नवीन परती जमीन पर बने मदरसे, दुकानों और मकान को तोड़कर अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया था।बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी सदर अशोक कुमार गुप्ता,तहसीलदार सदर मनीष कुमार,पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा व पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।इस दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद रही।अवैध कब्जा करने वालों को पहले भी कई बार नोटिस व चेतावनी दी गई थी,परन्तु उन्होंने नियमों को दरकिनार कर सरकारी जमीन पर कब्जा बनाए रखा।प्रशासन ने चेतावनी दिया है कि यदि दोबारा इस डेढ़ बीघा जमीन पर कोई कब्जा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उपजिलाधिकारी सदर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि हमलोगों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ अवैध कब्जा खाली कराया गया है।तहसीलदार सदर की कोर्ट से सरकारी जमीन को खाली कराए जाने को लेकर के आदेश जारी किया गया था,जिसका आज हमलोगों द्वारा पालन कराया गया है।
झारखंड ट्रेज़री घोटाला “चारा घोटाला पार्ट 2”: अजय साह

भारतीय जनता पार्टी ने बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, तो कई प्रभावशाली और सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश होना तय है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि यह ट्रेजरी घोटाला जितना साधारण दिखाया जा रहा है, वास्तविकता में उतना ही जटिल और संगठित है। उन्होंने कहा कि बोकारो में गिरफ्तार कौशल पांडे लंबे समय तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का करीबी रहा है। यही कारण है कि उसे पूर्व डीजीपी द्वारा “मेहनत और लगन” के लिए सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में यह मानना कठिन है कि एक लेखपाल अकेले 25 महीनों में 63 बार अवैध निकासी कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीडीओ की जिम्मेदारी जिला स्तर पर एसपी की होती है, जो यह अधिकार डीएपी को सौंपते हैं। इसलिए इस पूरे मामले में संबंधित डीएपी और एसपी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि उपेंद्र सिंह के जन्मतिथि में हेरफेर जैसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की क्षमता मौजूद थी, लेकिन उपेंद्र सिंह के नाम पर अनु पांडे के खाते में सालों तक अवैध धन हस्तांतरण होना एक बड़े और संगठित रैकेट की ओर संकेत करता है।

अजय साह ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी भाजपा ने बड़े स्तर की संलिप्तता की आशंका जताई थी, जिसे बाद में ईडी-रांची पुलिस प्रकरण ने सही साबित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रेजरी घोटाले में कौशल पांडे की भूमिका भी उसी तरह की है और बिना उच्च पुलिस अधिकारियों के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल दो जिलों में ही यह घोटाला लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यदि पूरे झारखंड में इसकी व्यापक जांच कराई जाए, तो यह घोटाला राज्य के कुख्यात चारा घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस विभाग से जुड़े इस महाघोटाले की जांच केवल पुलिस के माध्यम से कराना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इसलिए पार्टी ने इस मामले की न्यायिक जांच या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

अजय साह ने यह भी कहा कि ट्रेजरी से अवैध निकासी का यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में इससे पहले भी ऊर्जा विभाग से लगभग 100 करोड़, पर्यटन विभाग से 10 करोड़ और पेयजल विभाग से 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन घोटालों को कैग की रिपोर्ट में उजागर किया गया है, लेकिन सरकार अभी भी डीएमएफटी और शराब घोटाले से संबंधित फाइलें कैग को उपलब्ध नहीं करा रही है। यदि इन फाइलों को कैग को उपलब्ध कराया जाए, तो हजारों करोड़ रुपये के और भी घोटालों का खुलासा हो सकता है।

प्रयागराज में प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या
करेली में नकाबपोश बदमाशों ने वारदात कर फैलाई सनसनी
गमछे और मास्क से ढके थे चेहरे

परिजन बोले, किसी से कोई रंजिश नहीं...

पुलिस ने खंगाले 30 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, दिखे आरोपी

करेली थाना क्षेत्र के गौसनगर स्थित बिस्मिल्ला चौराहे के पास बुधवार शाम प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान (47) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। एक गोली मृतक के सीने के बाईं तरफ लगी। जमीन के विवाद में हत्या की आशंका है। करेली पुलिस एफआईआर दर्ज कर बदमाशों की पहचान करने में जुट गई है।

ऐनुद्दीनपुर में मोहम्मद इरफान अपनी पत्नी मंगरुल निशा के साथ रहते थे। उनके दो बेटे मोहम्मद आमिर व फैसल और दो बेटियां हैं। वह प्रॉपर्टी डीलर थे। बुधवार शाम घर से करीब 50 मीटर दूर इरफान एक दुकान पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 6:30 बजे दो बाइक पर सवार चार बदमाश आए और इरफान के सीने में गोली मारकर फरार हो गए।गोली लगते ही इरफान जमीन पर गिर गए। सूचना पर डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य, एडीसीपी राजकुमार मीना समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल इरफान को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि दो बाइक पर सवार चार बदमाश मौके पर पहुंचे थे। चारों बदमाशों ने अपने चेहरे गमछे व मास्क से ढक रखे थे।

इनमें से एक बदमाश मोहम्मद इरफान के पास आया और उन्हें गोली मारकर अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया। सरेआम गोली चलने से क्षेत्र में दहशत फैल गई।वारदात के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते एसआरएन अस्पताल पहुंचे। परिजन व रिश्तेदार रोते-बिलखते यही कह रहे थे कि इरफान की किसी से रंजिश नहीं थी। न जाने क्यों उन्हें मार दिया गया। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।  प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान की हत्या के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए देर रात तक कैमरों को खंगालती रही। इस दौरान एक फुटेज में आरोपी दिखे भी, लेकिन उनकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के 30 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं पर इनमें उनका चेहरा साफ नहीं है।

पुलिस के मुताबिक, नकाबपोश बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। कई सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार संदिग्ध नजर आए हैं, लेकिन उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटनास्थल से लेकर आसपास के मुख्य मार्गों व चौराहों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली है। इसके अलावा, संदिग्धों के भागने के संभावित रास्तों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। उधर, घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, वहीं पुलिस ने गश्त बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया। डीसीपी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। सर्विलांस सेल की भी मदद ली जा रही है।

प्रथम दृष्टया पुरानी रंजिश को लेकर इरफान को गोली मारे जाने की बात सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - मनीष कुमार शांडिल्य, डीसीपी नगर
दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार, कल राज्यसभा सदस्‍य के तौर पर लेंगे शपथ

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द‍िल्‍ली पहुंच चके हैं। नीतीश कल यानी 10 अप्रैल को राज्‍यसभा सदस्‍य के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार के पटना लौटने पर बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत हैं। जानकारी के अनुसार पटना वापस आकर वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

आज जेडीयू के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने से पहले जनता दल यूनाईटेड के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करेंगे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पहले से दिल्ली में मौजूद हैं। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी नेता मौजूद रहेंगे। इस बैठक में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जदयू की भूमिका, मंत्री और डिप्टी सीएम के पद पर विचार विमर्श किया जाएगा। निशांत कुमार की क्या भूमिका होगी? इस पर भी चर्चा की जाएगी।

पीएम मोदी और अमित शाह से करेंगे मुलाकात

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलकात करेंगे। बिहार में नई एनडीए सरकार के प्रारूप को लेकर सीएम नीतीश कुमार गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर सकते हैं। नई सरकार का मंत्रिमंडल कैसा रहेगा? कौन रिपीट होंगे? किस नए चेहरे को मौका दिया जाएगा? इस पर सीएम नीतीश कुमार अपनी राय रखेंगे।

बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली रवाना होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। बिहार में नई सरकार के गठन के लिए कवायद तेज है लगातार बिहार में सर्गर्मिया तेज है। आज जहां नीतीश कुमार दिल्ली के लिए रवाना हुए राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। वहीं भाजपा के नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी दिल्ली रवाना हुए। कल भाजपा की बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री शामिल होंगे। जिस तरह से नई सरकार के गठन की कवायद् है उसको लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी है। 48 से 72 घंटे के अंदर नए मुख्यमंत्री के नाम से पर्दा हटने की संभावना जताई जा रही है। सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

अगले सीएम के नामों की चर्चा

बिहार के सियासी गलियारों में अगले सीएम के नामों की चर्चा हो रही। सबसे आगे जिन नामों को माना जा रहा है,उनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे प्रमुख है। सम्राट चौधरी संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पार्टी के भीतर उनका प्रभाव लगातार बढ़ा है। वे पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए सामाजिक समीकरण के लिहाज से भी उनका नाम मजबूत माना जा रहा है। राजनीतिक तौर पर उन्हें आक्रामक और फैसले लेने वाला नेता माना जाता है। दूसरे नंबर पर, यानी मजबूत दावेदार के रूप में विजय कुमार सिन्हा का नाम लगातार चर्चा में है। विजय सिन्हा को संघ के करीब और अनुशासित नेता के रूप में देखा जाता है। वे पहले विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। पार्टी के भीतर उन्हें एक संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है, जो संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाए रख सकते हैं।

*निजी स्कूलों की लूट पर आर-पार की लड़ाई, अब नहीं चलेगी मनमानी : अभिषेक सिंह राणा*
निजी विद्यालयों की मनमानी पर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की बेलगाम मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का गुस्सा साफ तौर पर फूटा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।