आंध्र प्रदेश में लॉरी और बस में भीषण टक्कर, आग का गोला बनी यात्रियों से भरी बस, 10 लोग जिंदा जले

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आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम के पास गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में 14 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। रायवरम के पास एक निजी ट्रैवल्स बस और एक टिपर लॉरी के बीच हुई टक्कर के बाद बस में आग लग गई। जिसमें 14 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हो गए।

आग लगने के बाद यात्री अंदर ही फंस गए

जानकारी के मुताबिक, एक निजी ट्रेवल्स बस तेलंगाना के जगित्याल से आंध्र प्रदेश के कालिगिरी की ओर जा रही थी। इसी दौरान रायवरम के पास तेज रफ्तार टिपर लॉरी से आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बस में अचानक आग लग गई, जिससे कई यात्री अंदर ही फंस गए और जलकर उनकी मौत हो गई।

भीषण टक्कर की वजह से बस में लगी आग

टक्कर इतनी भीषण थी कि बस तुरंत आग की चपेट में आ गई और पूरी तरह जलकर राख हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 यात्री बस में फंस गए और जलकर मर गए। डीएसपी राजू के अनुसार, इस घटना में कई यात्री जिंदा जल गए हैं। उन्होंने बताया कि यह हादसा गुरुवार की सुबह हुआ। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि भीषण टक्कर की वजह से ही बस में आग लग गई थी

2 0 यात्रियों ने बस से निकलकर बचाई जान

हादसे के बाद लगभग 20 यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई। सभी घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मौके पर वरिष्ठ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने शोक व्यक्त किया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घटना की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से बात की और स्थिति की समीक्षा की। सीएम ने घायलों के इलाज के बारे में विस्तार से पूछताछ की और निर्देश दिया कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जाए। उन्होंने दुर्घटना के कारणों की गहन जांच कराने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाएं बेहद दुखद हैं और सरकार घायलों के परिवारों तथा मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद पहुंचाएगी।

ऑनलाइन मीटिंग में मचा हड़कंप, अधिकारियों के सामने चल गया आपत्तिजनक वीडियो
लखनऊ । स्वास्थ्य विभाग की एक अहम वर्चुअल बैठक उस वक्त अचानक बाधित हो गई, जब मीटिंग के दौरान स्क्रीन पर अनुचित कंटेंट नजर आने लगा। इस अप्रत्याशित घटना से बैठक में मौजूद अधिकारी असहज हो गए और माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण बन गया।
स्क्रीन पर आपत्तिजनक सामग्री दिखाई दी

बताया जा रहा है कि यह ऑनलाइन बैठक स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश भर के अधिकारी जुड़े हुए थे। जैसे ही स्क्रीन पर आपत्तिजनक सामग्री दिखाई दी, कई अधिकारियों ने तुरंत मीटिंग छोड़ दी, जबकि तकनीकी टीम ने स्थिति को संभालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया।प्रारंभिक जांच में इसे या तो तकनीकी चूक या किसी शरारती तत्व की करतूत माना जा रहा है।

साइबर सेल में दर्ज कराई गई शिकायत
आशंका जताई जा रही है कि किसी प्रतिभागी की आईडी या स्क्रीन शेयरिंग फीचर का गलत इस्तेमाल किया गया हो। स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी का ‘गिफ्ट’! रिंकू सिंह बने आरएसओ, बोले—ये सम्मान जिंदगी का गर्व
लखनऊ ।  अलीगढ़ के रहने वाले भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर उन्हें क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) पद पर नियुक्त किए जाने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का बेहद गर्व का क्षण है।

रिंकू सिंह ने अपने संदेश में कहा कि एशियन गेम्स में प्रदर्शन के बाद उन्हें 3 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी गई, जिसके लिए भी वह मुख्यमंत्री के आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वह इस सम्मान के लिए आयोजित समारोह में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह इस समय आईपीएल में व्यस्त हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपना नियुक्ति पत्र प्राप्त करेंगे।गौरतलब है कि वर्ष 2025 में भी रिंकू सिंह को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) पद पर नियुक्ति दिए जाने की घोषणा के बाद उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर चर्चा हुई थी। एक बार फिर उनकी नई नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
आजमगढ़। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू नव वर्ष का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़।राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर हिंदू नव वर्ष का कार्यक्रम बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ भंवरनाथ मंदिर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र सेविका समिति की सेविकाओं द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का विकास करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हिंदू नव वर्ष के महत्व, भारतीय संस्कृति की महानता तथा समाज में संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सेविकाओं एवं नागरिकों ने आपस में एकजुट होकर राष्ट्र को नई दिशा देने एवं समाज के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने का संकल्प लिया। इस दौरान भजन कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें बरसाने वाली लाडलीजी ने अपने संगीतमय भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। देशभक्ति गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर समिति के प्रांत कार्यवाहिका, जिला संपर्क प्रमुख ललिता पाठक, जिला व्यवस्था प्रमुख रागिनी बरनवाल, नगर कार्यवाहिका संचिता बरनवाल, जिला बौद्धिक प्रमुख डॉक्टर सुचिता श्रीवास्तव, सह बौद्धिक प्रमुख अनीता द्विवेदी, नगर संपर्क प्रमुख अंजू बरनवाल, बिन्नी श्रीवास्तव, प्रिया गुप्ता, आशा गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026 के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*
सुलतानपुर,पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया। जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026  के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सुलतानपुर। पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।  प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे
पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया, जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
कार और टेंपो की आमने-सामने भीषण टक्कर, 17 लोग गंभीर घायल

गोंडा। जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोंडा–उतरौला मार्ग पर धनौली गांव के पास इनोवा कार और टेंपो की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कुल 17 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय टेंपो में गोंडा, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर के कई यात्री सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अतुल मिश्र के अनुसार, सभी 17 घायलों का उपचार जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त इनोवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
रांची के सरकारी स्कूलों में 'एनुअल डे' की धूम: 2000 विद्यालयों के 2 लाख बच्चों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा

रांची | 25 मार्च 2026: रांची जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के तहत बुधवार को जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों जैसी भव्यता, सरकारी स्कूलों की प्रतिभा

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नवीन आरक्षी (कांके रोड) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

"अक्सर यह माना जाता था कि एनुअल डे केवल निजी स्कूलों की परंपरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी अद्भुत प्रतिभा है। जिला प्रशासन ने उन्हें उचित मंच देने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और स्कूलों में 'ड्रॉप-आउट' की समस्या कम हो सके।"

30 हजार से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ नृत्य, गायन, नाटक और कविता पाठ जैसी कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

विशिष्ट उपस्थिति: उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ पद्मश्री मुकुंद नायक भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

JEPC की भागीदारी: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने जगन्नाथपुर मध्य विद्यालय में छात्रों को प्रोत्साहित किया।

सुदृढ़ शिक्षा और सुशासन का लक्ष्य

उपायुक्त ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहा है:

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना।

ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना।

छात्रों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।

अभिभावकों से अपील

श्री भजंत्री ने अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में निरंतर रुचि लें। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

आंध्र प्रदेश में लॉरी और बस में भीषण टक्कर, आग का गोला बनी यात्रियों से भरी बस, 10 लोग जिंदा जले

#tragicbusaccidentinandhrapradesh14peopleburnt_alive

आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम के पास गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में 14 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। रायवरम के पास एक निजी ट्रैवल्स बस और एक टिपर लॉरी के बीच हुई टक्कर के बाद बस में आग लग गई। जिसमें 14 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हो गए।

आग लगने के बाद यात्री अंदर ही फंस गए

जानकारी के मुताबिक, एक निजी ट्रेवल्स बस तेलंगाना के जगित्याल से आंध्र प्रदेश के कालिगिरी की ओर जा रही थी। इसी दौरान रायवरम के पास तेज रफ्तार टिपर लॉरी से आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बस में अचानक आग लग गई, जिससे कई यात्री अंदर ही फंस गए और जलकर उनकी मौत हो गई।

भीषण टक्कर की वजह से बस में लगी आग

टक्कर इतनी भीषण थी कि बस तुरंत आग की चपेट में आ गई और पूरी तरह जलकर राख हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 यात्री बस में फंस गए और जलकर मर गए। डीएसपी राजू के अनुसार, इस घटना में कई यात्री जिंदा जल गए हैं। उन्होंने बताया कि यह हादसा गुरुवार की सुबह हुआ। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि भीषण टक्कर की वजह से ही बस में आग लग गई थी

2 0 यात्रियों ने बस से निकलकर बचाई जान

हादसे के बाद लगभग 20 यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई। सभी घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मौके पर वरिष्ठ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने शोक व्यक्त किया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घटना की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से बात की और स्थिति की समीक्षा की। सीएम ने घायलों के इलाज के बारे में विस्तार से पूछताछ की और निर्देश दिया कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जाए। उन्होंने दुर्घटना के कारणों की गहन जांच कराने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाएं बेहद दुखद हैं और सरकार घायलों के परिवारों तथा मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद पहुंचाएगी।

ऑनलाइन मीटिंग में मचा हड़कंप, अधिकारियों के सामने चल गया आपत्तिजनक वीडियो
लखनऊ । स्वास्थ्य विभाग की एक अहम वर्चुअल बैठक उस वक्त अचानक बाधित हो गई, जब मीटिंग के दौरान स्क्रीन पर अनुचित कंटेंट नजर आने लगा। इस अप्रत्याशित घटना से बैठक में मौजूद अधिकारी असहज हो गए और माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण बन गया।
स्क्रीन पर आपत्तिजनक सामग्री दिखाई दी

बताया जा रहा है कि यह ऑनलाइन बैठक स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश भर के अधिकारी जुड़े हुए थे। जैसे ही स्क्रीन पर आपत्तिजनक सामग्री दिखाई दी, कई अधिकारियों ने तुरंत मीटिंग छोड़ दी, जबकि तकनीकी टीम ने स्थिति को संभालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया।प्रारंभिक जांच में इसे या तो तकनीकी चूक या किसी शरारती तत्व की करतूत माना जा रहा है।

साइबर सेल में दर्ज कराई गई शिकायत
आशंका जताई जा रही है कि किसी प्रतिभागी की आईडी या स्क्रीन शेयरिंग फीचर का गलत इस्तेमाल किया गया हो। स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी का ‘गिफ्ट’! रिंकू सिंह बने आरएसओ, बोले—ये सम्मान जिंदगी का गर्व
लखनऊ ।  अलीगढ़ के रहने वाले भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर उन्हें क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) पद पर नियुक्त किए जाने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का बेहद गर्व का क्षण है।

रिंकू सिंह ने अपने संदेश में कहा कि एशियन गेम्स में प्रदर्शन के बाद उन्हें 3 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी गई, जिसके लिए भी वह मुख्यमंत्री के आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वह इस सम्मान के लिए आयोजित समारोह में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह इस समय आईपीएल में व्यस्त हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपना नियुक्ति पत्र प्राप्त करेंगे।गौरतलब है कि वर्ष 2025 में भी रिंकू सिंह को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) पद पर नियुक्ति दिए जाने की घोषणा के बाद उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर चर्चा हुई थी। एक बार फिर उनकी नई नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
आजमगढ़। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू नव वर्ष का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़।राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर हिंदू नव वर्ष का कार्यक्रम बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ भंवरनाथ मंदिर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र सेविका समिति की सेविकाओं द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का विकास करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हिंदू नव वर्ष के महत्व, भारतीय संस्कृति की महानता तथा समाज में संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सेविकाओं एवं नागरिकों ने आपस में एकजुट होकर राष्ट्र को नई दिशा देने एवं समाज के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने का संकल्प लिया। इस दौरान भजन कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें बरसाने वाली लाडलीजी ने अपने संगीतमय भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। देशभक्ति गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर समिति के प्रांत कार्यवाहिका, जिला संपर्क प्रमुख ललिता पाठक, जिला व्यवस्था प्रमुख रागिनी बरनवाल, नगर कार्यवाहिका संचिता बरनवाल, जिला बौद्धिक प्रमुख डॉक्टर सुचिता श्रीवास्तव, सह बौद्धिक प्रमुख अनीता द्विवेदी, नगर संपर्क प्रमुख अंजू बरनवाल, बिन्नी श्रीवास्तव, प्रिया गुप्ता, आशा गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026 के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*
सुलतानपुर,पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया। जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026  के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सुलतानपुर। पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।  प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे
पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया, जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
कार और टेंपो की आमने-सामने भीषण टक्कर, 17 लोग गंभीर घायल

गोंडा। जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोंडा–उतरौला मार्ग पर धनौली गांव के पास इनोवा कार और टेंपो की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कुल 17 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय टेंपो में गोंडा, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर के कई यात्री सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अतुल मिश्र के अनुसार, सभी 17 घायलों का उपचार जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त इनोवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
रांची के सरकारी स्कूलों में 'एनुअल डे' की धूम: 2000 विद्यालयों के 2 लाख बच्चों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा

रांची | 25 मार्च 2026: रांची जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के तहत बुधवार को जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों जैसी भव्यता, सरकारी स्कूलों की प्रतिभा

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नवीन आरक्षी (कांके रोड) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

"अक्सर यह माना जाता था कि एनुअल डे केवल निजी स्कूलों की परंपरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी अद्भुत प्रतिभा है। जिला प्रशासन ने उन्हें उचित मंच देने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और स्कूलों में 'ड्रॉप-आउट' की समस्या कम हो सके।"

30 हजार से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ नृत्य, गायन, नाटक और कविता पाठ जैसी कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

विशिष्ट उपस्थिति: उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ पद्मश्री मुकुंद नायक भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

JEPC की भागीदारी: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने जगन्नाथपुर मध्य विद्यालय में छात्रों को प्रोत्साहित किया।

सुदृढ़ शिक्षा और सुशासन का लक्ष्य

उपायुक्त ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहा है:

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना।

ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना।

छात्रों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।

अभिभावकों से अपील

श्री भजंत्री ने अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में निरंतर रुचि लें। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।