समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

अयोध्या में बनेगा भव्य लव-कुश पार्क, 17.72 करोड़ की लागत से 'कचरे से कला' थीम पर होगा विकास
-रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों के माध्यम से मिलेगा नया स्वरूप

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को मिलेगा नया आयाम

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 'कचरे से कला' थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को इस परियोजना से नया आयाम मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा। रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले से ही अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस विकास की कड़ी को और मजबूत करेगा।

कचरे को कलाकृति में बदलने का अनूठा मॉडल

'कचरे से कला' थीम इस परियोजना की जान है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे। इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए पर्यटक स्वयं इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के लिए, लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा।

छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन

यह पार्क न केवल दर्शनीय होगा बल्कि शैक्षिक भी होगा। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, यह साबित करेगा कि कचरा बोझ नहीं, बल्कि संसाधन हो सकता है।

पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं

अयोध्या में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा। रामायण की कथाओं से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकास का भी साक्षात्कार करेंगे। पार्क में वॉकवे, गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सिक्योरिटी की आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राम भक्तों व पर्यटकों के लिए यह नया केंद्र बनेगा

यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम साबित होगी। आज के समय में जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, अयोध्या जैसे पवित्र शहर से 'कचरे से कला' का संदेश पूरे देश को प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ाते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाएगा। डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है। लव-कुश पार्क अयोध्या को न केवल धार्मिक नगरी के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक भी बनाएगा। राम भक्तों, पर्यटकों, कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह नया केंद्र बनेगा, जो 'कचरे से कला' का जादू दिखाते हुए भगवान राम की नगरी की गरिमा को और बढ़ाएगा।
भदोही में अतिक्रमण हटाओ अभियान, राजपुरा चौराहा पर कार्रवाई: सुगम यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन सख्त, होगी कार्रवाई

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से रविवार को एक संयुक्त अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी शैलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में यह अभियान थाना भदोही क्षेत्र के राजपुरा चौराहा, तहसील रोड और आसपास के इलाकों में उपजिलाधिकारी अरुण गिरी व क्षेत्राधिकारी अशोक मिश्रा के नेतृत्व में चला।
अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित किया गया। दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपनी दुकानों का सामान निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें। प्रशासन ने अतिक्रमित स्थलों पर लाल निशान लगाए और स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सभी व्यापारी एवं दुकानदार लाल निशान के पीछे ही अपने प्रतिष्ठान संचालित करें।
अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को आगामी मंगलवार तक स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेशों का अनुपालन न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी और भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
इस दौरान पुलिस प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों एवं नागरिकों से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा राजपुरा चौराहा एवं तहसील रोड को जाम मुक्त रखने में सहयोग की अपील की। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने हेतु भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।
ब्राह्मण मान चाहता है अपमान नहीं : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ। ब्राह्मण न हुआ जैसे ठोल नगाड़ा हो गया जिसको देखो आजकल बजाने लग गया। वो भी लगे हैं ब्राह्मणों के खिलाफ आवाज उठाने जो न जाए मजदूरी पर तो रोटी भी न मिले खाने को। शास्त्र हमें सिखाता है अति होने तक सहते रहना वही शस्त्र सिखाता है।

अति होने पर शस्त्र उठाना जिस दिन उठ गया शस्त्र तुम कुछ न कह पाओगे इसलिए प्रेम से रहो तो सब जीत जाओगे ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सपा प्रवक्ता मनोज यादव के उस बयान पर कही जिसमें कहा था कि " जितना उनका( ब्राह्मण) का खर्च नहीं होता होगा उससे ज्यादा दान दे दे ते है" राजा भैया का सीधा बयान सनातन अगर कमजोर हुआ तो संविधान भी नहीं रहेगा का मै भी समर्थन करता हू। सनातन हमारी संस्कृति,हमारी पहचान और हमारी आत्मा है। यही हमें जोड़ता है, संस्कार देता है और एक सहेजी दिशा देता है। इसे मजबूत रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सनातन रहेगा,तो संस्कार रहेंगे संस्कार रहेंगे तो संविधान रहेगा ।

राजा भैया  ने जो कहा सच कहा इन जय भीम वाले को कैसे समझाया जाए आरक्षण से नौकरी तो मिल जाएगी पर बुद्धि कहा से लाए । जातीय जनगणना स्वीकार करने के बाद जो पार्टी अपने माथे से सवर्ण की पार्टी होने का टैग हटाने के लिए फुले,और पेरियार के सामने शीर्षासन और मुर्गासन कर सकती है दलित हितैषी बनने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के सुझाओ को दरकिनार कर के एससीएसटी एक्ट में धारा 18 ए जोड़ सकती है यूजीसी जैसे घटिया रेगुलेशन ला सकती है उसके बारे में आप इतने विश्वास से नहीं बोल सकते कि कल  अगर इनका वोट बैंक प्रभावित हुआ तो वह मोहम्मद साहब को अपना बाप नहीं बनायेंगे।
छपवा चौक में अत्याधुनिक ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर का भव्य उद्घाटन

सुगौली... पूर्वी चंपारण जिले के छपवा चौक स्थित छपवा-सुगौली रोड में रविवार को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस “ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर” का भव्य उद्घाटन बिहार सरकार के मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी एवं अनन्या गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सेंटर के प्रोप्राइटर केदार कुमार ने मुख्य अतिथि ललन सहनी को अंगवस्त्र एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद अतिथियों ने सेंटर में उपलब्ध डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी एवं अन्य जांच सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष ललन सहनी ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में आधुनिक जांच केंद्र खुलने से आम लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से लैस ऐसे संस्थान स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर सही जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों की पहचान आसान होती है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाता है। क्षेत्र में इस तरह की सुविधा शुरू होना स्थानीय लोगों के लिए राहत और खुशी की बात है। उद्घाटन समारोह के दौरान पारस लाल साह, महावीर प्रसाद, संदीप मिश्रा, डॉ. असगर अली, दशरथ प्रसाद, रामाज्ञा साह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने सेंटर संचालक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं स्थानीय लोगों ने सेंटर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इसे एक सकारात्मक पहल बताया।
एस जयशंकर ने उठाया यूएस वीजा का मुद्दा, रुबियो ने कहा- नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए

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दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई। एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यूएस वीजा का मुद्दा उठाया और होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।

एस जयशंकर ने कहा कि हमारे संबंधों का आधार जन-संबंध हैं। मैंने विदेश मंत्री रुबियो को वैध यात्रियों को वीजा जारी करने में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। हालांकि, हम अवैध और अनियमित आवागमन से निपटने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि इससे वैध आवागमन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। आखिरकार यह हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत को सबसे खास रणनीतिक साझेदार बताया

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है। लेकिन हम संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और किसी भी संक्रमण काल की तरह, इस राह में कुछ बाधाएं तो आएंगी ही। इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं- रुबियो

रुबियो ने कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावना भी जताई है। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार दोनों देशों के मजबूत सहयोग की नींव है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना स्वाभाविक और आवश्यक है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही बेहद मजबूत और ठोस है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस रिश्ते को और आगे ले जाने तथा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है.

व्यापार समझौते पर हुई बातचीत

इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
गर्मी पर भारी पड़ा आस्था का संकल्प,सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्रों की तीन घंटे चली सफाई मुहिम
सुलतानपुर:-भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद गोमती मित्रों का सेवा संकल्प डिगा नहीं,रविवार को गोमती मित्र मण्डल के सदस्यों ने सीताकुण्ड धाम पर अपना साप्ताहिक श्रमदान अभियान पूरी निष्ठा के साथ जारी रखा,भारी तपन के बीच गोमती मित्रों ने लगातार तीन घंटे तक पूरे परिसर और सीता उपवन की सफाई की।
अभियान के दौरान न केवल तट व परिसर को चमकाया बल्कि नदी के भीतर प्रवेश कर भारी मात्रा में कूड़ा-करकट, प्लास्टिक,फटे कपड़े और सड़ रही पूजन सामग्री को बाहर निकाल उसे एकत्रित कर उचित निस्तारण के लिए भेजा गया।
वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश पाठक ने बताया कि मौसम चाहे जैसा भी हो प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह के नेतृत्व में आदि गंगा माँ गोमती को स्वच्छ और निर्मल बनाने का उनका यह संकल्प रुकता नहीं है।
श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन,प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, सेनजीत कसौधन, डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,अरुण गुप्ता,मुन्ना सोनी,विकास यादव,सौरभ गुप्ता, अजीत शर्मा, राकेश मिश्रा,विकास शर्मा,मुन्ना पाठक,अजय प्रताप सिंह,अभय मिश्रा,अभय सोनी,रामू सोनी,राकेश सिंह दद्दू,ऋतिक आदि उपस्थित रहे।
महिला की मौत के बाद जिला अधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित की टीम, निजी चिकित्सालय को कराया सील, जॉच शुरू
फर्रुखाबाद l जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा तथा निजी चिकित्सालयों के संचालन में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई की जा रही है। 23 मई, 2026 को एस०एस० हॉस्पिटल, निकट मसेनी चौराहा, फतेहगढ़ में उपचार के दौरान एक महिला मरीज श्वेता पत्नी अश्वनी निवासी ग्राम राजेपुर, थाना राजेपुर की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। प्रकरण को जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए गए।
जिलाधिकारी के निर्देश  पर सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें क्षेत्राधिकारी नगर (सी०ओ० सिटी) के साथ कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आर०सी० माथुर एवं डॉ० दीपक कटारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी सम्मिलित रहे। संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर एस०एस० हॉस्पिटल का गहन निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की ऑपरेशन थियेटर (ओ०टी०) में आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके अतिरिक्त मृतका की बी०एच०टी० फाइल अपूर्ण पाई गई तथा मरीज के उपचार संबंधी अभिलेखों में भी आवश्यक प्रविष्टियां एवं चिकित्सकीय विवरण संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं मिले। जांच के दौरान चिकित्सालय के संचालन में विभिन्न अनियमितताएं परिलक्षित हुईं तथा चिकित्सालय का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर संयुक्त टीम द्वारा तत्काल प्रभाव से एस०एस० हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।
जांच टीम द्वारा चिकित्सालय में उपलब्ध दस्तावेजों, उपचार संबंधी अभिलेखों तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरण में संबंधित चिकित्सालय प्रबंधन एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल एवं मरीजों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी अथवा अवैध संचालन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनसामान्य से अपील की है कि उपचार हेतु पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें, किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय अनियमितता की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

अयोध्या में बनेगा भव्य लव-कुश पार्क, 17.72 करोड़ की लागत से 'कचरे से कला' थीम पर होगा विकास
-रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों के माध्यम से मिलेगा नया स्वरूप

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को मिलेगा नया आयाम

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 'कचरे से कला' थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को इस परियोजना से नया आयाम मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा। रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले से ही अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस विकास की कड़ी को और मजबूत करेगा।

कचरे को कलाकृति में बदलने का अनूठा मॉडल

'कचरे से कला' थीम इस परियोजना की जान है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे। इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए पर्यटक स्वयं इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के लिए, लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा।

छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन

यह पार्क न केवल दर्शनीय होगा बल्कि शैक्षिक भी होगा। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, यह साबित करेगा कि कचरा बोझ नहीं, बल्कि संसाधन हो सकता है।

पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं

अयोध्या में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा। रामायण की कथाओं से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकास का भी साक्षात्कार करेंगे। पार्क में वॉकवे, गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सिक्योरिटी की आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राम भक्तों व पर्यटकों के लिए यह नया केंद्र बनेगा

यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम साबित होगी। आज के समय में जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, अयोध्या जैसे पवित्र शहर से 'कचरे से कला' का संदेश पूरे देश को प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ाते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाएगा। डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है। लव-कुश पार्क अयोध्या को न केवल धार्मिक नगरी के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक भी बनाएगा। राम भक्तों, पर्यटकों, कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह नया केंद्र बनेगा, जो 'कचरे से कला' का जादू दिखाते हुए भगवान राम की नगरी की गरिमा को और बढ़ाएगा।
भदोही में अतिक्रमण हटाओ अभियान, राजपुरा चौराहा पर कार्रवाई: सुगम यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन सख्त, होगी कार्रवाई

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से रविवार को एक संयुक्त अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी शैलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में यह अभियान थाना भदोही क्षेत्र के राजपुरा चौराहा, तहसील रोड और आसपास के इलाकों में उपजिलाधिकारी अरुण गिरी व क्षेत्राधिकारी अशोक मिश्रा के नेतृत्व में चला।
अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित किया गया। दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपनी दुकानों का सामान निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें। प्रशासन ने अतिक्रमित स्थलों पर लाल निशान लगाए और स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सभी व्यापारी एवं दुकानदार लाल निशान के पीछे ही अपने प्रतिष्ठान संचालित करें।
अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को आगामी मंगलवार तक स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेशों का अनुपालन न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी और भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
इस दौरान पुलिस प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों एवं नागरिकों से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा राजपुरा चौराहा एवं तहसील रोड को जाम मुक्त रखने में सहयोग की अपील की। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने हेतु भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।
ब्राह्मण मान चाहता है अपमान नहीं : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ। ब्राह्मण न हुआ जैसे ठोल नगाड़ा हो गया जिसको देखो आजकल बजाने लग गया। वो भी लगे हैं ब्राह्मणों के खिलाफ आवाज उठाने जो न जाए मजदूरी पर तो रोटी भी न मिले खाने को। शास्त्र हमें सिखाता है अति होने तक सहते रहना वही शस्त्र सिखाता है।

अति होने पर शस्त्र उठाना जिस दिन उठ गया शस्त्र तुम कुछ न कह पाओगे इसलिए प्रेम से रहो तो सब जीत जाओगे ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सपा प्रवक्ता मनोज यादव के उस बयान पर कही जिसमें कहा था कि " जितना उनका( ब्राह्मण) का खर्च नहीं होता होगा उससे ज्यादा दान दे दे ते है" राजा भैया का सीधा बयान सनातन अगर कमजोर हुआ तो संविधान भी नहीं रहेगा का मै भी समर्थन करता हू। सनातन हमारी संस्कृति,हमारी पहचान और हमारी आत्मा है। यही हमें जोड़ता है, संस्कार देता है और एक सहेजी दिशा देता है। इसे मजबूत रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सनातन रहेगा,तो संस्कार रहेंगे संस्कार रहेंगे तो संविधान रहेगा ।

राजा भैया  ने जो कहा सच कहा इन जय भीम वाले को कैसे समझाया जाए आरक्षण से नौकरी तो मिल जाएगी पर बुद्धि कहा से लाए । जातीय जनगणना स्वीकार करने के बाद जो पार्टी अपने माथे से सवर्ण की पार्टी होने का टैग हटाने के लिए फुले,और पेरियार के सामने शीर्षासन और मुर्गासन कर सकती है दलित हितैषी बनने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के सुझाओ को दरकिनार कर के एससीएसटी एक्ट में धारा 18 ए जोड़ सकती है यूजीसी जैसे घटिया रेगुलेशन ला सकती है उसके बारे में आप इतने विश्वास से नहीं बोल सकते कि कल  अगर इनका वोट बैंक प्रभावित हुआ तो वह मोहम्मद साहब को अपना बाप नहीं बनायेंगे।
छपवा चौक में अत्याधुनिक ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर का भव्य उद्घाटन

सुगौली... पूर्वी चंपारण जिले के छपवा चौक स्थित छपवा-सुगौली रोड में रविवार को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस “ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर” का भव्य उद्घाटन बिहार सरकार के मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी एवं अनन्या गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सेंटर के प्रोप्राइटर केदार कुमार ने मुख्य अतिथि ललन सहनी को अंगवस्त्र एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद अतिथियों ने सेंटर में उपलब्ध डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी एवं अन्य जांच सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष ललन सहनी ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में आधुनिक जांच केंद्र खुलने से आम लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से लैस ऐसे संस्थान स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर सही जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों की पहचान आसान होती है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाता है। क्षेत्र में इस तरह की सुविधा शुरू होना स्थानीय लोगों के लिए राहत और खुशी की बात है। उद्घाटन समारोह के दौरान पारस लाल साह, महावीर प्रसाद, संदीप मिश्रा, डॉ. असगर अली, दशरथ प्रसाद, रामाज्ञा साह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने सेंटर संचालक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं स्थानीय लोगों ने सेंटर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इसे एक सकारात्मक पहल बताया।
एस जयशंकर ने उठाया यूएस वीजा का मुद्दा, रुबियो ने कहा- नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए

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दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई। एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यूएस वीजा का मुद्दा उठाया और होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।

एस जयशंकर ने कहा कि हमारे संबंधों का आधार जन-संबंध हैं। मैंने विदेश मंत्री रुबियो को वैध यात्रियों को वीजा जारी करने में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। हालांकि, हम अवैध और अनियमित आवागमन से निपटने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि इससे वैध आवागमन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। आखिरकार यह हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत को सबसे खास रणनीतिक साझेदार बताया

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है। लेकिन हम संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और किसी भी संक्रमण काल की तरह, इस राह में कुछ बाधाएं तो आएंगी ही। इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं- रुबियो

रुबियो ने कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावना भी जताई है। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार दोनों देशों के मजबूत सहयोग की नींव है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना स्वाभाविक और आवश्यक है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही बेहद मजबूत और ठोस है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस रिश्ते को और आगे ले जाने तथा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है.

व्यापार समझौते पर हुई बातचीत

इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
गर्मी पर भारी पड़ा आस्था का संकल्प,सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्रों की तीन घंटे चली सफाई मुहिम
सुलतानपुर:-भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद गोमती मित्रों का सेवा संकल्प डिगा नहीं,रविवार को गोमती मित्र मण्डल के सदस्यों ने सीताकुण्ड धाम पर अपना साप्ताहिक श्रमदान अभियान पूरी निष्ठा के साथ जारी रखा,भारी तपन के बीच गोमती मित्रों ने लगातार तीन घंटे तक पूरे परिसर और सीता उपवन की सफाई की।
अभियान के दौरान न केवल तट व परिसर को चमकाया बल्कि नदी के भीतर प्रवेश कर भारी मात्रा में कूड़ा-करकट, प्लास्टिक,फटे कपड़े और सड़ रही पूजन सामग्री को बाहर निकाल उसे एकत्रित कर उचित निस्तारण के लिए भेजा गया।
वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश पाठक ने बताया कि मौसम चाहे जैसा भी हो प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह के नेतृत्व में आदि गंगा माँ गोमती को स्वच्छ और निर्मल बनाने का उनका यह संकल्प रुकता नहीं है।
श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन,प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, सेनजीत कसौधन, डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,अरुण गुप्ता,मुन्ना सोनी,विकास यादव,सौरभ गुप्ता, अजीत शर्मा, राकेश मिश्रा,विकास शर्मा,मुन्ना पाठक,अजय प्रताप सिंह,अभय मिश्रा,अभय सोनी,रामू सोनी,राकेश सिंह दद्दू,ऋतिक आदि उपस्थित रहे।
महिला की मौत के बाद जिला अधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित की टीम, निजी चिकित्सालय को कराया सील, जॉच शुरू
फर्रुखाबाद l जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा तथा निजी चिकित्सालयों के संचालन में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई की जा रही है। 23 मई, 2026 को एस०एस० हॉस्पिटल, निकट मसेनी चौराहा, फतेहगढ़ में उपचार के दौरान एक महिला मरीज श्वेता पत्नी अश्वनी निवासी ग्राम राजेपुर, थाना राजेपुर की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। प्रकरण को जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए गए।
जिलाधिकारी के निर्देश  पर सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें क्षेत्राधिकारी नगर (सी०ओ० सिटी) के साथ कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आर०सी० माथुर एवं डॉ० दीपक कटारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी सम्मिलित रहे। संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर एस०एस० हॉस्पिटल का गहन निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की ऑपरेशन थियेटर (ओ०टी०) में आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके अतिरिक्त मृतका की बी०एच०टी० फाइल अपूर्ण पाई गई तथा मरीज के उपचार संबंधी अभिलेखों में भी आवश्यक प्रविष्टियां एवं चिकित्सकीय विवरण संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं मिले। जांच के दौरान चिकित्सालय के संचालन में विभिन्न अनियमितताएं परिलक्षित हुईं तथा चिकित्सालय का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर संयुक्त टीम द्वारा तत्काल प्रभाव से एस०एस० हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।
जांच टीम द्वारा चिकित्सालय में उपलब्ध दस्तावेजों, उपचार संबंधी अभिलेखों तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरण में संबंधित चिकित्सालय प्रबंधन एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल एवं मरीजों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी अथवा अवैध संचालन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनसामान्य से अपील की है कि उपचार हेतु पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें, किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय अनियमितता की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।