मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां कामाख्या के दरबार में टेका मत्था, झारखंड की खुशहाली के लिए मांगी दुआ
गुवाहाटी/रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन मंगलवार को असम के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया और समस्त झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि, शांति और उन्नति के लिए प्रार्थना की।
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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई पूजा
मुख्यमंत्री के मंदिर पहुँचने पर वहां के पुजारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद मंदिर के मुख्य गर्भगृह में पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री ने माता रानी को पुष्प और चुनरी अर्पित कर राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण की कामना की। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री पूरी तरह भक्ति भाव में लीन नजर आए।
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"झारखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो"
दर्शन के उपरांत मंदिर परिसर में मीडिया से संक्षिप्त बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा, "यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे एक बार पुनः माता रानी के दरबार में आने और उनका आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। मां कामाख्या की महिमा अपरंपार है। मैंने माता से यही प्रार्थना की है कि झारखंड राज्य निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और राज्य का हर नागरिक खुशहाल हो।"
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झारखंड के विकास के लिए माँगी मन्नत
मुख्यमंत्री ने अपनी इस धार्मिक यात्रा को राज्य की जनता को समर्पित करते हुए कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है। उन्होंने कामना की कि राज्य में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर गरीब तक पहुँचे। माँ कामाख्या का आशीर्वाद राज्य की प्रगति में सहायक सिद्ध होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए मंदिर परिसर और गुवाहाटी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी और कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पूजा संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री वापस झारखंड के लिए रवाना होंगे।
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Verse Vibes 2026: 'The World of Hidden Thoughts’ के वार्षिक उत्सव में कई मशहूर लेखकों और कलाकारों ने बांधा समां, शब्दों और सुरों से सजी यादगार शाम।

मीरजापुर। पड़री थाना क्षेत्र के उसरहवा रेलवे ट्रैक पर सोमवार को चलती ट्रेन से गिरकर एक युवक की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पड़री थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पहचान के प्रयास शुरू किए।मृतक के पास से मिले क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन को खंगालते हुए पुलिस ने उसके भाई का नंबर निकाला। संपर्क करने पर मृतक की पहचान रामचंद्र मेहता 36 वर्ष पुत्र स्व. दुखी लाल मेहता निवासी पथराहा, वार्ड नंबर 3, घूरना बाजार, थाना घूरना, जिला अररिया (बिहार) के रूप में हुई। सूचना मिलते ही परिजन रात में ही मीरजापुर के लिए रवाना हुए और मंगलवार को मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में घटना ट्रेन से गिरने की बताई जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
बलरामपुर । विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष के निर्देशन में 1 से 15 तारीख तक जिलेवार बैठक होना तय हुआ है जिसमें जनपद बलरामपुर के कार्यालय पर 6 अप्रैल को एक आवश्यक बैठक जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह के अध्यक्षता में हुई जिसमें आगामी 12 अप्रैल को स्थापना दिवस पूरे जनपद सहित जिला कार्यालय बलरामपुर पर मनाए जाने वह घर-घर भगवा झंडा वितरण को लेकर विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया गया, संगठन के प्रचार प्रसार और सदस्यता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया तथा गांव-गांव की इकाई से लेकर जिले के हर ब्लॉक तहसील स्तर पर सभी को एक साथ जोड़ने की बात तय हुई।
*साजिश गैर इरादतन हत्या और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
गोंडा।जिला प्रशासन ने माध्यमिक विद्यालयों में मंहगी किताबों और फीस के विरोध के बीच एक बड़ा फैसला लिया है।जिसके तहत अब जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक केवल एनसीईआरटी की निर्धारित पुस्तकें ही संचालित की जाएंगी।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने इस संबंध में सभी माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश जारी किया है।आदेश के अनुसार,यदि कोई भी विद्यालय एनसीईआरटी की निर्धारित पुस्तकों के अलावा किसी अन्य निजी प्रकाशक की किताबों से शिक्षण कार्य कराता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।लगातार जिले के अलग अलग माध्यमिक विद्यालयों में इसकी जांच भी विभाग द्वारा कराई जा रही है।यह आदेश कक्षा 9 से 12 तक के सभी विद्यालयों पर लागू होगा।इन कक्षाओं की किताबों के दाम भी तय कर दिए गए हैं,ताकि छात्रों को निर्धारित मूल्य पर ही पुस्तकें उपलब्ध हो सकें।माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित 36 विषयों की एनसीईआरटी पुस्तकों का ही प्रयोग किया जाएगा।डाक्टर रामचंद्र ने बताया कि एनसीईआरटी की किताबें सस्ती हैं,जिससे अभिभावकों को इन्हें खरीदने में कोई कठिनाई नहीं होगी।एनसीईआरटी की जितनी भी किताबें हैं काफी कम दाम में हैं,ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत भी नहीं होगी।उन्होंने निजी स्कूलों की मनमानी पर भी लगाम लगाने का दावा किया है।उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी किताबों को लेकर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।यह फैसला राष्ट्रीय छात्र पंचायत द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 18 दिनों से लगातार लिखे जा रहे पत्रों के बाद लिया गया है।जिला प्रशासन ने निजी प्रकाशकों की किताबों पर पूरी तरह से रोक लगाने का काम शुरू कर दिया है।किसी भी विद्यालय के संचालक ने अगर एनसीईआरटी की किताबों के अलावा अन्य किताबें लेने के लिए किसी भी अभिभावक को कहीं अन्य स्थान पर भेजा तो उस पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
*घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर बरामद

1 hour and 18 min ago
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