निजामाबाद के विकास के लिए अरुण मिश्र 'लालू' ने खोला मोर्चा, दी अनशन की चेतावनी


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़: ऐतिहासिक कस्बा
निजामाबाद की बदहाली और उपेक्षा के खिलाफ समाजसेवी व डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र 'लालू' ने निर्णायक लड़ाई शुरू कर दी है। उन्होंने गुरुवार को जिलाधिकारी को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर चेताया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे।

ज्ञापन में भदुली-निजामाबाद और रानी की सराय-निजामाबाद मार्ग के चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण, तहसील परिसर में पेयजल व आधुनिक शौचालय की व्यवस्था, तथा क्षेत्र की प्रसिद्ध 'ब्लैक पॉटरी' कला के संरक्षण के लिए स्थायी शिल्प हाट व विपणन केंद्र बनाने की प्रमुख मांगें शामिल हैं।

अरुण मिश्र 'लालू' ने निजामाबाद को मॉडल हेरिटेज टाउन घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि यह लड़ाई क्षेत्र के सम्मान और भविष्य की है, जिसके लिए वे जनता के साथ मिलकर हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। इस पहल के बाद क्षेत्र में विकास को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
*कटका क्लब सामाजिक संस्था ने बनमई गांव में आयोजित किया "दुःख दूरियां" कार्यक्रम*

गोसाईंगंज (सुल्तानपुर)। कटका क्लब सामाजिक संस्था के तत्वावधान में गुरुवार को गोसाईंगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बनमई गांव में "दुःख दूरियां" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था से जुड़े राज देव वर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने एकत्र होकर सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर राम जीत वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं तथा लोगों को एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने की प्रेरणा देते हैं। संस्था के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र 'विनम्र' ने कहा कि कटका क्लब सामाजिक संस्था लगातार समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग और संवेदनशीलता का भाव पहुंचाना है।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गुड़, चना एवं लाई का प्रसाद ग्रहण किया तथा श्रद्धापूर्वक अवसान माता की कथा का श्रवण किया। धार्मिक एवं सामाजिक वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में समाज की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र के कल्याण की कामना के साथ सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

इस मौके पर गीता देवी, मंजू देवी, किरन वर्मा, अनिता, सुमन, संगीता, ज्योति,के साथ 251 महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

एसबीएमसीएच की बदहाल व्यवस्था पर सांसद मनीष जायसवाल गंभीर, अधीक्षक को सौंपा शिकायत पत्र

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के हजारीबाग नगर अवस्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने गंभीर है। सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके संसदीय क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की गंभीर लापरवाहियों और व्यवस्थागत कमियों को उजागर करते हुए एक शिकायती पत्र सौंपा। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अस्पताल पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में स्थापित एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण मरीजों की जान पर बन आ रही है।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल के आपातकालीन और संवेदनशील ट्रॉमा सेंटर की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रॉमा सेंटर को सिर्फ जूनियर डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया जाता है, जिससे मरीजों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने अधीक्षक से मांग की कि ट्रॉमा सेंटर में चौबीस घंटे जूनियर रेजिडेंट्स के साथ एक सीनियर फिजिशियन और एक सीनियर सर्जन की तैनाती अनिवार्य की जाए, ताकि गंभीर मरीजों को बेवजह रेफर करने के चलन पर रोक लग सके। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम विभाग की विशेष मॉनिटरिंग की मांग की ताकि पीड़ितों को सही न्याय मिल सके। पत्र में आर्थोपेडिक वार्ड में चल रहे खेल को भी उजागर किया गया है, जहां बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों से इंप्लांट के नाम पर मनमानी रकम वसूली जा रही है। उन्होंने यहां जरूरत के इम्प्लांट का रेट चार्ट डिस्प्ले कराने का आग्रह किया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मनमानी वसूली पर तुरंत रोक लगाने और डॉक्टरों को अधिकतर सरकारी दवाएं ही पर्चे पर लिखने के सख्त निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

अस्पताल के भीतर चल रही प्रशासनिक शिथिलता पर सवाल उठाते हुए रंजन चौधरी ने बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में भी अस्पताल के वार्डों के एसी और पंखे खराब पड़े हैं। बिजली कटने पर जनरेटर सुचारू रूप से नहीं चलता और सोलर पैनल सिस्टम भी ठप्प है। बहुमंजिला भवनों में लिफ्ट खराब हैं और मरीज पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पूरे ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ एक वेंटिलेटर है, इसलिए ओल्ड और न्यू आईसीयू में तत्काल नए वेंटिलेटर स्थापित किए जाने की जरूरत है और इसे आपातकाल चलाने के लिए अलग से चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी बहाल करने की आवश्यकता है। मरीजों की सहूलियत के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवरों के नंबर वार्डों में प्रदर्शित करने की मांग की।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा उठाए गए इन तमाम गंभीर मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा ।

साइबर धोखाधड़ी में गंवाए ₹8,000/- वापस मिले:भदोही पुलिस ने पीड़ित के खाते में कराए ट्रांसफर*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने एक पीड़ित के खाते में साइबर धोखाधड़ी से गंवाए ₹8,000 वापस कराए हैं। सुरियावां थाना क्षेत्र के नागमलपुर निवासी सागर की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा यह धोखाधड़ी की गई थी।
सागर की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर अज्ञात साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी से धनराशि प्राप्त कर ली थी। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तुरंत ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में, जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर थाना/साइबर हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इन्हीं निर्देशों के तहत, सुरियावां साइबर हेल्प डेस्क ने एनसीआरपी पोर्टल और अन्य माध्यमों से तत्काल प्रभावी प्रयास किए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, पीड़ित के ₹8,000 सफलतापूर्वक वापस उसके खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली की सराहना की।
एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ने मनाया प्रथम स्थापना दिवस, पूजा-अर्चना के साथ कर्मचारियों का हुआ सम्मान

एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के स्थापना दिवस पर गुरुवार को अस्पताल परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना, हवन एवं मंत्रोच्चारण का आयोजन किया गया। इसके बाद अस्पताल परिवार ने एक वर्ष की सफल यात्रा का उत्सव मनाया। पूरे परिसर में उत्साह, उल्लास और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। एक वर्ष पूर्व शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा संस्था ने कम समय में ही क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। महिलाओं एवं बच्चों के उपचार के क्षेत्र में अस्पताल ने कई जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों का सफलतापूर्वक उपचार कर लोगों का विश्वास अर्जित किया है। बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं और विशेषज्ञ सेवाओं के कारण अस्पताल लगातार मरीजों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान अस्पताल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और सेवा भावना के लिए उन्हें प्रशस्ति देकर सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित होने वाले कर्मियों ने इसे अपने कार्य के प्रति प्रेरणा और जिम्मेदारी का सम्मान बताया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अस्पताल की एक वर्ष की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। अस्पताल ने न केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशील और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा देने का भी प्रयास किया है। इसी का परिणाम है कि अल्प समय में ही अस्पताल ने लोगों के बीच अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल परिवार के प्रत्येक सदस्य की मेहनत और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अस्पताल और अधिक आधुनिक सुविधाओं के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे का विस्तार करेगा। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि मरीजों का विश्वास ही अस्पताल की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी महिलाओं और बच्चों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम में चिकित्सकों, कर्मचारियों, शुभचिंतकों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। पूजा-अर्चना और हवन के बाद सभी ने अस्पताल की निरंतर प्रगति एवं जनसेवा के संकल्प को दोहराया। मौके पर मुख्य रूप से आरोग्यम अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर रजत चक्रवर्ती, अस्पताल की महिला विशेषज्ञ रंजना शरण एवं कई चिकित्सक नर्सिंग स्टाफ एवं अस्पताल कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

एक-दूसरे के संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध क्लीनिक,मरीजों की जेब पर डाका डाल रहे झोलाछाप डॉक्टर


फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद के विकासखंड राजेपुर  के अंतर्गत राजपुर गुड़ेरा संपर्क मार्ग पर अवैध क्लिनिको की भरमार। इन दिनों अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। आरोप है कि कुछ लोग एक-दूसरे के संरक्षण में बिना किसी वैध डिग्री और अनुमति के क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले मरीजों को इलाज के नाम पर गुमराह कर उनसे मनमानी फीस वसूली जा रही है। कई मामलों में मरीजों को गलत उपचार देकर उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई न होने से ऐसे अवैध क्लीनिक संचालकों के हौसले बुलंद हैं और ग्रामीण जनता आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान झेलने को मजबूर है।
मारपीट-फायरिंग मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार: एक तमंचा, कारतूस और 9 देसी बम बरामद



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने मारपीट और फायरिंग के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और नौ देसी बम बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में दुर्गागंज पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, वादी ने सूचना दी थी कि कुछ अभियुक्तों ने पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की। जब बीच-बचाव किया गया, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए अवैध असलहे लहराए और फायरिंग भी की।
इस सूचना पर दुर्गागंज थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तत्काल पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन छह अभियुक्तों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सर्वेन्द्र गिरी (23), धीरज कुमार (19), लकी गिरी (21), दीप यादव (22), राजकुमार गिरी उर्फ बमबम गिरी (20) और विकास सरोज (28) शामिल हैं। ये सभी हरदुआ और गोसाई का पूरा, थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही के निवासी हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से कुल नौ देसी बम, एक 315 बोर का तमंचा और एक 315 बोर का जिंदा कारतूस बरामद किया है।
भारत टेक्स-2026 : अभी तक भदोही के दो निर्यातकों ने कराया पंजीकरण

*इस साल अब तक केवल 17 निर्यातकों ने कराया है पंजीकरण*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। 14 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली में होने वाले भारत टेक्स-2026 के तीसरे संस्करण के प्रति कालीन निर्यातकों की दिलचस्पी कम दिखाई पड़ रहा है। भारत टेक्स की वेबसाइट पर फ्री फेयर डायरेक्ट्री के अनुसार के अनुसार भारत टेक्स में हिस्सा लेने के लिए अब तक देशभर से केवल 17 लोगों ने पंजीकरण कराया है। जिसमें यूपी के पांच निर्यातक है। भदोही से दो और बनारस, कानपुर व लखनऊ से एक-एक निर्यातक हिस्सा ले रहे हैं। 15 दिसंबर से पंजीकरण चल रहा है। फिलहाल पंजीकरण बंद है। अमेरिकी टैरिफ से थोड़ी राहत मिलने के बाद लोगों मे भारत टेक्स-2026 के प्रति रुझान जरूर बढ़ा था, लेकिन युद्ध के हालात और आसन्न आर्थिक मंदी को देखते हुए अब भारत टेक्स को लेकर भी निर्यातकों में संशय हो गया है। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय ने भारत टेक्स की शुरुआत वर्ष 2024 में की थी। तब से अब तक दो संस्करण नई दिल्ली में हो चुके हैं। गौरतलब है कि पहले भारत टेक्स में लगभग 60 कालीन निर्यातकों ने स्टाॅल लगाया था। वर्ष 2025 के दूसरे संस्करण में 78 निर्यातक ने भाग लिया था। इसमें करीब 40 निर्यातक केवल भदोही परिक्षेत्र के ही थे, लेकिन इस साल अब तक इसमें निर्यातकों का रुझान नहीं दिख रहा है।
209 करोड़ की लागत से बनेगी जेल

*सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया धन स्वीकृति*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । कालीन नगरी के विकास को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और सौगात दी है। शहर से सटे मूंसीलाटपुर गांव में 60 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित नए जिला कारागार के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 20918.64 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।

कारागार अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि नई जेल जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर जिला स्टेडियम के पास मूंसीलाटपुर गांव में बनाई जाएगी। ज्ञानपुर स्थित पुराने कारागार में 114 बंदियों को रखने की क्षमता है, जबकि वहां क्षमता से अधिक बंदियों के होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए पूर्व वर्षों में मूंसीलाटपुर गांव में जिला कारागार निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था।

उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि के साथ ही आसपास के किसानों की जमीन का अधिग्रहण गत वर्ष पूरा कर लिया गया था। भूमि की पैमाइश कर उसे चिह्नित भी किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने नवीन कारागार के निर्माण के लिए 20918.64 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कारागार अधीक्षक ने बताया कि 574 बंदी क्षमता वाले नए कारागार का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए 60 एकड़ भूमि भी क्रय की जा चुकी है।

नई जेल में बंदियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं : कारागार अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि नई जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक के साथ सुरक्षा के आधुनिक उपाय किए जाएंगे। जेल में जिम, डिजिटल लाइब्रेरी व कौशल विकास के लिए मल्टीपर्पज हाल का निर्माण भी कराया जाएगा। बताया कि नए और आधुनिक सुविधाओं से युक्त कारागार में 574 बंदियों को रखा जाएगा। वर्तमान जिला कारागार की क्षमता 163 बंदियों की है, जबकि इस समय 390 कैदी जेल में निरुद्ध हैं।
बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के हवाले


*सौ शय्या अस्पताल के कैंसर सेंटर में जनरल फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज, विशेषज्ञ का इंतजार*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही।सौ शय्या अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। अस्पताल के बर्न यूनिट, कैंसर सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। बर्न केस जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाते हैं। कैंसर के मरीज सीधे वाराणसी या महानगरों का रुख करते हैं। बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के भरोसे संचालित है।

सौ शय्या अस्पताल का संचालन भले ही पूरी क्षमता के साथ नहीं हो रहा है, लेकिन यहां धीरे-धीरे संसाधनों का विस्तार होने लगा है। यहां रोजाना 500 लोगों की ओपीडी होती है। परिसर में सबसे पहले साल 2022 में डायलिसिस यूनिट का संचालन हुआ था। इसके बाद साल 2024 में टीबी अस्पताल का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देशन पर बर्न यूनिट का संचालन शुरू किया गया। 2025 में सीटी स्कैन और करीब चार महीने पहले 2026 में डे कैैंसर केयर सेंटर (डीसीसीसी) का संचालन शुरू हुआ। इसमें से बर्न यूनिट, डीसीसीसी की व्यवस्था राम भरोसे है। बर्न यूनिट में जिसकी ड्यूटी लगती है, वह सिस्टर सप्ताह में कभी कभी ही ड्यूटी करती है। यहां डॉक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। जो आते तो हैं, लेकिन मरीज ही नहीं मिलते हैं। यहां बर्न के केस नाम मात्र के आते हैं। यही हाल कैंसर सेंटर का है। जहां दो महीने में एक भी मरीज नहीं आए है। सौ शय्या अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह का तबादला वाराणसी हो गया है। अब डे कैैंसर केयर सेंटर पर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ का सलाह नहीं मिलेगा। उन्हें जनरल फिजिशियन से उपचार लेना पड़ेगा। वह सिर्फ बीमारी के बारे में बताएंगे। फस्ट उपचार के तहत मरीज को दर्द निवारण दवा दे सकते हैं। बाकि मरीज को वाराणसी या अन्य शहर का रुख करना होगा। रामबली पांडेय (70) डंगहर ने कहा कि 100 बेड अस्पताल में बर्न यूनिट है अच्छी बात है। यहां स्टाफ रहते नहीं है, इसलिए लोग यहां आना पसंद नहीं करते हैं। वह सीधे जिला अस्पताल निकलत जाते हैं। छह महीने पहले एक परिचित बर्न का केस लेकर यहां गए थे, मौके पर कोई नहीं मिला। डॉ. एसके पासवान, 100 बेड सरपतहां, सीएमएस ने कहा कि डायलिसिस, सीटी, बर्न, डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई नए नहीं आए है। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।



डायलिसिस,सीटी,बर्न,डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई न‌ए नहीं आए हैं। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।

डॉ एसके पासवान सीएम‌एस 100 बेड
निजामाबाद के विकास के लिए अरुण मिश्र 'लालू' ने खोला मोर्चा, दी अनशन की चेतावनी


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़: ऐतिहासिक कस्बा
निजामाबाद की बदहाली और उपेक्षा के खिलाफ समाजसेवी व डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र 'लालू' ने निर्णायक लड़ाई शुरू कर दी है। उन्होंने गुरुवार को जिलाधिकारी को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर चेताया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे।

ज्ञापन में भदुली-निजामाबाद और रानी की सराय-निजामाबाद मार्ग के चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण, तहसील परिसर में पेयजल व आधुनिक शौचालय की व्यवस्था, तथा क्षेत्र की प्रसिद्ध 'ब्लैक पॉटरी' कला के संरक्षण के लिए स्थायी शिल्प हाट व विपणन केंद्र बनाने की प्रमुख मांगें शामिल हैं।

अरुण मिश्र 'लालू' ने निजामाबाद को मॉडल हेरिटेज टाउन घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि यह लड़ाई क्षेत्र के सम्मान और भविष्य की है, जिसके लिए वे जनता के साथ मिलकर हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। इस पहल के बाद क्षेत्र में विकास को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
*कटका क्लब सामाजिक संस्था ने बनमई गांव में आयोजित किया "दुःख दूरियां" कार्यक्रम*

गोसाईंगंज (सुल्तानपुर)। कटका क्लब सामाजिक संस्था के तत्वावधान में गुरुवार को गोसाईंगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बनमई गांव में "दुःख दूरियां" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था से जुड़े राज देव वर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने एकत्र होकर सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर राम जीत वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं तथा लोगों को एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने की प्रेरणा देते हैं। संस्था के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र 'विनम्र' ने कहा कि कटका क्लब सामाजिक संस्था लगातार समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग और संवेदनशीलता का भाव पहुंचाना है।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गुड़, चना एवं लाई का प्रसाद ग्रहण किया तथा श्रद्धापूर्वक अवसान माता की कथा का श्रवण किया। धार्मिक एवं सामाजिक वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में समाज की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र के कल्याण की कामना के साथ सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

इस मौके पर गीता देवी, मंजू देवी, किरन वर्मा, अनिता, सुमन, संगीता, ज्योति,के साथ 251 महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

एसबीएमसीएच की बदहाल व्यवस्था पर सांसद मनीष जायसवाल गंभीर, अधीक्षक को सौंपा शिकायत पत्र

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के हजारीबाग नगर अवस्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने गंभीर है। सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके संसदीय क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की गंभीर लापरवाहियों और व्यवस्थागत कमियों को उजागर करते हुए एक शिकायती पत्र सौंपा। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अस्पताल पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में स्थापित एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण मरीजों की जान पर बन आ रही है।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल के आपातकालीन और संवेदनशील ट्रॉमा सेंटर की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रॉमा सेंटर को सिर्फ जूनियर डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया जाता है, जिससे मरीजों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने अधीक्षक से मांग की कि ट्रॉमा सेंटर में चौबीस घंटे जूनियर रेजिडेंट्स के साथ एक सीनियर फिजिशियन और एक सीनियर सर्जन की तैनाती अनिवार्य की जाए, ताकि गंभीर मरीजों को बेवजह रेफर करने के चलन पर रोक लग सके। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम विभाग की विशेष मॉनिटरिंग की मांग की ताकि पीड़ितों को सही न्याय मिल सके। पत्र में आर्थोपेडिक वार्ड में चल रहे खेल को भी उजागर किया गया है, जहां बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों से इंप्लांट के नाम पर मनमानी रकम वसूली जा रही है। उन्होंने यहां जरूरत के इम्प्लांट का रेट चार्ट डिस्प्ले कराने का आग्रह किया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मनमानी वसूली पर तुरंत रोक लगाने और डॉक्टरों को अधिकतर सरकारी दवाएं ही पर्चे पर लिखने के सख्त निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

अस्पताल के भीतर चल रही प्रशासनिक शिथिलता पर सवाल उठाते हुए रंजन चौधरी ने बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में भी अस्पताल के वार्डों के एसी और पंखे खराब पड़े हैं। बिजली कटने पर जनरेटर सुचारू रूप से नहीं चलता और सोलर पैनल सिस्टम भी ठप्प है। बहुमंजिला भवनों में लिफ्ट खराब हैं और मरीज पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पूरे ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ एक वेंटिलेटर है, इसलिए ओल्ड और न्यू आईसीयू में तत्काल नए वेंटिलेटर स्थापित किए जाने की जरूरत है और इसे आपातकाल चलाने के लिए अलग से चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी बहाल करने की आवश्यकता है। मरीजों की सहूलियत के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवरों के नंबर वार्डों में प्रदर्शित करने की मांग की।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा उठाए गए इन तमाम गंभीर मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा ।

साइबर धोखाधड़ी में गंवाए ₹8,000/- वापस मिले:भदोही पुलिस ने पीड़ित के खाते में कराए ट्रांसफर*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने एक पीड़ित के खाते में साइबर धोखाधड़ी से गंवाए ₹8,000 वापस कराए हैं। सुरियावां थाना क्षेत्र के नागमलपुर निवासी सागर की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा यह धोखाधड़ी की गई थी।
सागर की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर अज्ञात साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी से धनराशि प्राप्त कर ली थी। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तुरंत ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में, जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर थाना/साइबर हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इन्हीं निर्देशों के तहत, सुरियावां साइबर हेल्प डेस्क ने एनसीआरपी पोर्टल और अन्य माध्यमों से तत्काल प्रभावी प्रयास किए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, पीड़ित के ₹8,000 सफलतापूर्वक वापस उसके खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली की सराहना की।
एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ने मनाया प्रथम स्थापना दिवस, पूजा-अर्चना के साथ कर्मचारियों का हुआ सम्मान

एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के स्थापना दिवस पर गुरुवार को अस्पताल परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना, हवन एवं मंत्रोच्चारण का आयोजन किया गया। इसके बाद अस्पताल परिवार ने एक वर्ष की सफल यात्रा का उत्सव मनाया। पूरे परिसर में उत्साह, उल्लास और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। एक वर्ष पूर्व शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा संस्था ने कम समय में ही क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। महिलाओं एवं बच्चों के उपचार के क्षेत्र में अस्पताल ने कई जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों का सफलतापूर्वक उपचार कर लोगों का विश्वास अर्जित किया है। बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं और विशेषज्ञ सेवाओं के कारण अस्पताल लगातार मरीजों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान अस्पताल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और सेवा भावना के लिए उन्हें प्रशस्ति देकर सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित होने वाले कर्मियों ने इसे अपने कार्य के प्रति प्रेरणा और जिम्मेदारी का सम्मान बताया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अस्पताल की एक वर्ष की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। अस्पताल ने न केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशील और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा देने का भी प्रयास किया है। इसी का परिणाम है कि अल्प समय में ही अस्पताल ने लोगों के बीच अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल परिवार के प्रत्येक सदस्य की मेहनत और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अस्पताल और अधिक आधुनिक सुविधाओं के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे का विस्तार करेगा। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि मरीजों का विश्वास ही अस्पताल की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी महिलाओं और बच्चों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम में चिकित्सकों, कर्मचारियों, शुभचिंतकों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। पूजा-अर्चना और हवन के बाद सभी ने अस्पताल की निरंतर प्रगति एवं जनसेवा के संकल्प को दोहराया। मौके पर मुख्य रूप से आरोग्यम अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर रजत चक्रवर्ती, अस्पताल की महिला विशेषज्ञ रंजना शरण एवं कई चिकित्सक नर्सिंग स्टाफ एवं अस्पताल कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

एक-दूसरे के संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध क्लीनिक,मरीजों की जेब पर डाका डाल रहे झोलाछाप डॉक्टर


फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद के विकासखंड राजेपुर  के अंतर्गत राजपुर गुड़ेरा संपर्क मार्ग पर अवैध क्लिनिको की भरमार। इन दिनों अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। आरोप है कि कुछ लोग एक-दूसरे के संरक्षण में बिना किसी वैध डिग्री और अनुमति के क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले मरीजों को इलाज के नाम पर गुमराह कर उनसे मनमानी फीस वसूली जा रही है। कई मामलों में मरीजों को गलत उपचार देकर उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई न होने से ऐसे अवैध क्लीनिक संचालकों के हौसले बुलंद हैं और ग्रामीण जनता आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान झेलने को मजबूर है।
मारपीट-फायरिंग मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार: एक तमंचा, कारतूस और 9 देसी बम बरामद



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने मारपीट और फायरिंग के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और नौ देसी बम बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में दुर्गागंज पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, वादी ने सूचना दी थी कि कुछ अभियुक्तों ने पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की। जब बीच-बचाव किया गया, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए अवैध असलहे लहराए और फायरिंग भी की।
इस सूचना पर दुर्गागंज थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तत्काल पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन छह अभियुक्तों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सर्वेन्द्र गिरी (23), धीरज कुमार (19), लकी गिरी (21), दीप यादव (22), राजकुमार गिरी उर्फ बमबम गिरी (20) और विकास सरोज (28) शामिल हैं। ये सभी हरदुआ और गोसाई का पूरा, थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही के निवासी हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से कुल नौ देसी बम, एक 315 बोर का तमंचा और एक 315 बोर का जिंदा कारतूस बरामद किया है।
भारत टेक्स-2026 : अभी तक भदोही के दो निर्यातकों ने कराया पंजीकरण

*इस साल अब तक केवल 17 निर्यातकों ने कराया है पंजीकरण*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। 14 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली में होने वाले भारत टेक्स-2026 के तीसरे संस्करण के प्रति कालीन निर्यातकों की दिलचस्पी कम दिखाई पड़ रहा है। भारत टेक्स की वेबसाइट पर फ्री फेयर डायरेक्ट्री के अनुसार के अनुसार भारत टेक्स में हिस्सा लेने के लिए अब तक देशभर से केवल 17 लोगों ने पंजीकरण कराया है। जिसमें यूपी के पांच निर्यातक है। भदोही से दो और बनारस, कानपुर व लखनऊ से एक-एक निर्यातक हिस्सा ले रहे हैं। 15 दिसंबर से पंजीकरण चल रहा है। फिलहाल पंजीकरण बंद है। अमेरिकी टैरिफ से थोड़ी राहत मिलने के बाद लोगों मे भारत टेक्स-2026 के प्रति रुझान जरूर बढ़ा था, लेकिन युद्ध के हालात और आसन्न आर्थिक मंदी को देखते हुए अब भारत टेक्स को लेकर भी निर्यातकों में संशय हो गया है। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय ने भारत टेक्स की शुरुआत वर्ष 2024 में की थी। तब से अब तक दो संस्करण नई दिल्ली में हो चुके हैं। गौरतलब है कि पहले भारत टेक्स में लगभग 60 कालीन निर्यातकों ने स्टाॅल लगाया था। वर्ष 2025 के दूसरे संस्करण में 78 निर्यातक ने भाग लिया था। इसमें करीब 40 निर्यातक केवल भदोही परिक्षेत्र के ही थे, लेकिन इस साल अब तक इसमें निर्यातकों का रुझान नहीं दिख रहा है।
209 करोड़ की लागत से बनेगी जेल

*सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया धन स्वीकृति*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । कालीन नगरी के विकास को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और सौगात दी है। शहर से सटे मूंसीलाटपुर गांव में 60 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित नए जिला कारागार के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 20918.64 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।

कारागार अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि नई जेल जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर जिला स्टेडियम के पास मूंसीलाटपुर गांव में बनाई जाएगी। ज्ञानपुर स्थित पुराने कारागार में 114 बंदियों को रखने की क्षमता है, जबकि वहां क्षमता से अधिक बंदियों के होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए पूर्व वर्षों में मूंसीलाटपुर गांव में जिला कारागार निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था।

उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि के साथ ही आसपास के किसानों की जमीन का अधिग्रहण गत वर्ष पूरा कर लिया गया था। भूमि की पैमाइश कर उसे चिह्नित भी किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने नवीन कारागार के निर्माण के लिए 20918.64 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कारागार अधीक्षक ने बताया कि 574 बंदी क्षमता वाले नए कारागार का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए 60 एकड़ भूमि भी क्रय की जा चुकी है।

नई जेल में बंदियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं : कारागार अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि नई जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक के साथ सुरक्षा के आधुनिक उपाय किए जाएंगे। जेल में जिम, डिजिटल लाइब्रेरी व कौशल विकास के लिए मल्टीपर्पज हाल का निर्माण भी कराया जाएगा। बताया कि नए और आधुनिक सुविधाओं से युक्त कारागार में 574 बंदियों को रखा जाएगा। वर्तमान जिला कारागार की क्षमता 163 बंदियों की है, जबकि इस समय 390 कैदी जेल में निरुद्ध हैं।
बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के हवाले


*सौ शय्या अस्पताल के कैंसर सेंटर में जनरल फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज, विशेषज्ञ का इंतजार*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही।सौ शय्या अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। अस्पताल के बर्न यूनिट, कैंसर सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। बर्न केस जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाते हैं। कैंसर के मरीज सीधे वाराणसी या महानगरों का रुख करते हैं। बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के भरोसे संचालित है।

सौ शय्या अस्पताल का संचालन भले ही पूरी क्षमता के साथ नहीं हो रहा है, लेकिन यहां धीरे-धीरे संसाधनों का विस्तार होने लगा है। यहां रोजाना 500 लोगों की ओपीडी होती है। परिसर में सबसे पहले साल 2022 में डायलिसिस यूनिट का संचालन हुआ था। इसके बाद साल 2024 में टीबी अस्पताल का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देशन पर बर्न यूनिट का संचालन शुरू किया गया। 2025 में सीटी स्कैन और करीब चार महीने पहले 2026 में डे कैैंसर केयर सेंटर (डीसीसीसी) का संचालन शुरू हुआ। इसमें से बर्न यूनिट, डीसीसीसी की व्यवस्था राम भरोसे है। बर्न यूनिट में जिसकी ड्यूटी लगती है, वह सिस्टर सप्ताह में कभी कभी ही ड्यूटी करती है। यहां डॉक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। जो आते तो हैं, लेकिन मरीज ही नहीं मिलते हैं। यहां बर्न के केस नाम मात्र के आते हैं। यही हाल कैंसर सेंटर का है। जहां दो महीने में एक भी मरीज नहीं आए है। सौ शय्या अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह का तबादला वाराणसी हो गया है। अब डे कैैंसर केयर सेंटर पर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ का सलाह नहीं मिलेगा। उन्हें जनरल फिजिशियन से उपचार लेना पड़ेगा। वह सिर्फ बीमारी के बारे में बताएंगे। फस्ट उपचार के तहत मरीज को दर्द निवारण दवा दे सकते हैं। बाकि मरीज को वाराणसी या अन्य शहर का रुख करना होगा। रामबली पांडेय (70) डंगहर ने कहा कि 100 बेड अस्पताल में बर्न यूनिट है अच्छी बात है। यहां स्टाफ रहते नहीं है, इसलिए लोग यहां आना पसंद नहीं करते हैं। वह सीधे जिला अस्पताल निकलत जाते हैं। छह महीने पहले एक परिचित बर्न का केस लेकर यहां गए थे, मौके पर कोई नहीं मिला। डॉ. एसके पासवान, 100 बेड सरपतहां, सीएमएस ने कहा कि डायलिसिस, सीटी, बर्न, डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई नए नहीं आए है। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।



डायलिसिस,सीटी,बर्न,डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई न‌ए नहीं आए हैं। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।

डॉ एसके पासवान सीएम‌एस 100 बेड