जिलाधिकारी ने सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में की बैठक
*कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए की जायेगी कड़ी कार्रवाई-जिलाधिकारी*

*प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते पाया गया तो सम्बंधित प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन होगा निरस्त*

*जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारियों एवं अपर नगर मजिस्ट्रेटों को औचक निरीक्षण करने के दिए निर्देश*

*एलआईयू को निरीक्षण कर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये के दिए निर्देश*



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त रूप से हिदायत देते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को भी सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सरकारी चिकित्सक उनके यहां पै्रक्टिस न करने पाये। उन्होंने कहा कि यदि औचक निरीक्षण में किसी भी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम में कोई चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया गया तो सम्बंधित सरकारी चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई की ही जायेगी, इसके साथ ही साथ सम्बंधित प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके रजिस्टेªशन को भी निरस्त किया जायेगा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सरकारी अस्पतालों के सीएमएस को ऐसे सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है जो कि प्रैक्टिस भी करते है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सीएमएस सहित अन्य सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को निरंतर निरीक्षण करने एवं प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं अपर नगर मजिस्टेªटों के माध्यम से भी औचक निरीक्षण कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने एलआईयू को भी अपने स्तर से निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त करने तथा प्राइवेट पै्रक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दोनो कार्य एक साथ नहीं हो सकते, यदि कोई सरकारी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस ही करना चाहता है, तो पहले उसको त्यागपत्र देना होगा। उन्होंने आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी इसकी निरंतर निगरानी करने तथा इसको प्रोत्साहित न करने के निर्देश दिए है।
      इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रधानाचार्य मोती लाल नेहरू मेडिक कालेज डाॅ0 वी0के पाण्डेय, तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय बेली की सीएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के सीएमएस तथा मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारीगणों के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।
विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत : प्रदीप सिंह बब्बू
* लखनऊ में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित महाराणा प्रताप चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश क्षत्रिय समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रदीप सिंह बब्बू द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह बब्बू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह बिष्ट, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू, महिला आयोग सदस्य एकता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवशरण सिंह गहरवार तथा पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, शौर्य फाउंडेशन, करणी सेना, भारतीय क्षत्रिय समाज, राजपूताना महासभा, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
थाना को0 देहात पुलिस द्वारा मोबाइल फोन झपटमारी करने वाले 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार
कब्जे से 01 मोबाइल फोन(झपटमारी का) व 01 अदद अवैध तमंचा मय कारतूस बरामदः-


गोण्डा। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगर आनन्द कुमार राय के नेतृत्व में थाना को0 देहात पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0-376/2026, धारा 304(2) बीएनएस व बढ़ोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस से सम्बन्धित प्रकाश में आया आरोपी अभियुक्तगण- 01. अल्लारक्खा पुत्र खियालू, 02. दद्दू पुत्र कमालू को सालपुर से मोतीगंज की ओर जाने वाली नहर वाली रोड़ से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 01 अदद मोबाइल फोन(झपटमारी का) व 01 अदद अवैध तमंचा मय 01 अदद जिन्दा कारतूस बरामद किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरणः-
दिनांक 06.05.2026 को वादी बादशाह उर्फ अयान पुत्र मो0 लईक ग्राम रामापुर दीनपुरवा थाना तरबगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0 देहात को सूचना दी गई कि वह अपने ननिहाल धानेपुर से गोण्डा आटो से जा रहा था कि सुनवरसा चौराहे के पास पल्सर पर सवार 02 व्यक्तियों द्वारा झपट्टा मारते हुए उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गये।  वादी के लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 देहात में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया ।
आज दिनांक 09.05.2026 को थाना को0 देहात पुलिस टीम द्वारा विवेचना के दौरान प्रकाश में आये आरोपी अभियुक्तो- 01. अल्लारक्खा पुत्र खियालू, 02. दद्दू पुत्र कमालू को सालपुर से मोतीगंज की ओर जाने वाली नहर रोड़ से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 01 अदद मोबाइल फोन(झपटमारी का) व 01 अदद अवैध तमंचा मय 01 अदद कारतूस बरामद किया गया। गिरफ्तारी व  अवैध तमंचा मय कारतूस बरामदगी के आधार आर्मस एक्ट तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना को0 देहात पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की गयी।
महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व भगवान श्री राम जैसा : संजय सिंह बोले*
सुल्तानपुर में जयंती कार्यक्रम में की शिरकत, शहर में निकली शोभा यात्रा आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शनिवार को सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। संजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि कैसे महाराणा प्रताप ने भीलों, लोहारों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर मुगलों की विशाल सेना का मुकाबला किया था। सांसद ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व की तुलना भगवान श्री राम से की, जिन्होंने शबरी के बेर खाए और निषादराज व वानर सेना को एकजुट किया। सांसद ने भारत की असली पहचान 'विविधता में एकता' को बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम इस देश और समाज को एकजुट रखने के लिए कार्य करेंगे। संजय सिंह ने महाराणा प्रताप की वीरता पर प्रसिद्ध पंक्तियां भी दोहराईं: "रणबीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था, राणा प्रताप के कोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।" महाराणा प्रताप की जन्मजयंती के अवसर पर शहर में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परशुराम चौक चौराहे पर पदाधिकारियों ने मंत्रोच्चार के साथ शोभा यात्रा का स्वागत किया। क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। देव पुरोहित महासभा के संरक्षक अनिल द्विवेदी और अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने भी शोभा यात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी छात्र-छात्राओं के बीच जलपान का वितरण करते दिखे। देव पुरोहित महासभा के आचार्यों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की।

इस अवसर पर महासभा के संस्थापक अनिल द्विवेदी,अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी,संगठन मंत्री आचार्य अरुण तिवारी, महामंत्री सर्वेश मिश्रा,उपाध्यक्ष आचार्य अजय मिश्रा पवन, अभिषेक शुक्ला,आचार्य जितेंद्र मिश्रा और रितिक सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे। शोभा यात्रा के दौरान भगवान जय श्री परशुराम और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए गए।
नगर पालिका के हाल : सप्लाई लेकर भूल गए, पेमेंट की बारी आई तो मांग रहे ऑर्डर...!

बदल गए 4 सीएमओ, लेखाधिकारी अपनाए हैं हठधर्मिता 

भोपाल। प्रदेश के जिलों में फैले स्थानीय निकायों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और हठधर्मिता का माहौल पसरा हुआ है। अपनी जरूरत का सामान सप्लाई लेने के बाद भुगतान के नाम पर नियम गिनाए जा रहे हैं। लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी की हठधर्मिता का आलम यह है कि सीएम हेल्पलाइन पर इस संबंध में की गई शिकायत को भी वे बिना जांच किए सीधे फोर्स क्लास में डाल देते हैं। अब सप्लायर अपने हक का पैसा मांगने के लिए यहां वहां भटकने पर मजबूर है। उसने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री से भी शिकायत की है।

मामला धार जिला मुख्यालय का है। यहां अरशद पठान नामक एक सप्लायर बरसों से आवश्यक सामग्री सप्लाई कर रहे हैं। करीब पांच छह साल पहले भी उन्होंने नगर पालिका की विभिन्न शाखाओं में सामग्री की आपूर्ति की थी। सप्लाई के लिए विभाग से विधिवत ऑर्डर भी जारी किया गया था और इसके सप्लाई किए जाने पर किसी तरह की मीनमेख या आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी।

- फिर हुआ आपत्तियों का दौर

अरशद पठान ने जब इस सप्लाई के भुगतान के लिए ₹16 लाख का बिल नगर पालिका में सबमिट किया तो आपत्तियों का दौर शुरू हो गया। लेखा अधिकारीअनुपम तिवारी इस मामले को सप्लाई ऑर्डर की कमी और अन्य आपत्तियों के नाम पर लटकाते रहे। इस दौरान करीब 4 सीएमओ बदल गए और मामला टलता गया। इस मामले को करीब 5=6 साल गुजर गए लेकिन लेखा अधिकारी तिवारी ने इस पेमेंट को क्लियर नहीं किया।

- सीएम हेल्पलाइन से भी मदद नहीं 

अपना पैसा न मिलने पर अरशद पठान ने सीएम हेल्पलाइन प्लेटफार्म पर इसकी शिकायत की। जिसको लेकर गुमराह करने वाले जवाबों के जरिए लेखा अधिकारी ने बंद करवा दिया। उन्होंने स्पष्ट कारण न बताते हुए ही सीएम हेल्पलाइन शिकायत को फोर्स क्लास कर दिया है।

- अब शिकायत सीएम तक

पांच साल में भी अपना पेमेंट नहीं मिलने पर अरशद पठान ने इसकी गुहार सीएम डॉ मोहन यादव को की है। उन्होंने लिखा है कि लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी के इस व्यवहार से जहां शासकीय प्रक्रियाओं पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है, वहीं छोटे सप्लायर को बाजार में बने रहना भी मुश्किल हो गया है। इस पेमेंट के रुकने से उनका व्यवसायिक, सामाजिक और पारिवारिक जीवन भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने इस शिकायत को नगरीय प्रशासन मंत्री और नगरीय प्रशासन मुख्यालय को भी भेजा है।

- उठ रहे सवाल 

सरकारी प्रक्रिया में लेनदेन एक सामान्य प्रक्रिया माना जाने लगा है। लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी द्वारा इस पेमेंट के बदले कुछ दक्षिणा सप्लायर से चाही जा रही है। इसकी पूर्ति न होने के चलते ही संभवतः यह भुगतान रोका गया है। इस मामले में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि लेखा अधिकारी तिवारी अपने किसी सप्लायर को नगर पालिका में एडजस्ट करने के लिए अरशद को आउट करना चाहते हैं, इसी वजह से उन्होंने उनका यह पेमेंट अटका रखा है।

अमूमन अपराधियों का पुलिस करती है पर्दाफाश, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर पुलिस का खोल रहे हैं कच्चा चिट्ठा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने  

कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के मीडिया में वायरल हो रहे एक ताजा वीडियो को लेकर फिर से हेमंत सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। 

सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि आमतौर पर पुलिस अपराधियों का पर्दाफाश करती है, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर ही पुलिस के कथित काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं। धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का मीडिया में वायरल हो रहा एक ताजा वीडियो न केवल पुलिस को चुनौती दे रहा है, बल्कि एसएसपी के कार्यकाल का “मूल्यांकन” भी कर रहा है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

श्री मरांडी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष नहीं, बल्कि दो समानांतर गिरोहों के बीच गैंगवार चल रहा हो। दोनों पक्षों में होड़ मची है कि व्यापारियों के बीच कौन अधिक दहशत पैदा करेगा। फर्क बस इतना है कि एक वर्दी पहनकर कथित वसूली कर रहा है, तो दूसरा बिना वर्दी के।

श्री मरांडी ने आगे लिखा है कि सबसे भयावह पक्ष 'सत्ता संरक्षण' की आशंका है। जब चर्चा आम हो कि करोड़ों की 'बोली' लगाकर संवेदनशील जिलों में पोस्टिंग ली जाती है, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। क्या ऐसी पोस्टिंग कानून सुधारने के लिए है या यह किसी “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” की तरह काम कर रही है?

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि यदि वसूली की मानसिकता वाली यह कार्यशैली जारी रही, तो झारखंड 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति में पहुँच जाएगा। जब रक्षक ही भय का कारण बन जाएं, तो लोकतंत्र खतरे में है। जनता अब पूछ रही है—आखिर कब तक चलेगा यह “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” देने का धंधा?

जिलाधिकारी ने सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में की बैठक
*कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए की जायेगी कड़ी कार्रवाई-जिलाधिकारी*

*प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते पाया गया तो सम्बंधित प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन होगा निरस्त*

*जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारियों एवं अपर नगर मजिस्ट्रेटों को औचक निरीक्षण करने के दिए निर्देश*

*एलआईयू को निरीक्षण कर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये के दिए निर्देश*



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त रूप से हिदायत देते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को भी सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सरकारी चिकित्सक उनके यहां पै्रक्टिस न करने पाये। उन्होंने कहा कि यदि औचक निरीक्षण में किसी भी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम में कोई चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया गया तो सम्बंधित सरकारी चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई की ही जायेगी, इसके साथ ही साथ सम्बंधित प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके रजिस्टेªशन को भी निरस्त किया जायेगा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सरकारी अस्पतालों के सीएमएस को ऐसे सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है जो कि प्रैक्टिस भी करते है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सीएमएस सहित अन्य सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को निरंतर निरीक्षण करने एवं प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं अपर नगर मजिस्टेªटों के माध्यम से भी औचक निरीक्षण कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने एलआईयू को भी अपने स्तर से निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त करने तथा प्राइवेट पै्रक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दोनो कार्य एक साथ नहीं हो सकते, यदि कोई सरकारी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस ही करना चाहता है, तो पहले उसको त्यागपत्र देना होगा। उन्होंने आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी इसकी निरंतर निगरानी करने तथा इसको प्रोत्साहित न करने के निर्देश दिए है।
      इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रधानाचार्य मोती लाल नेहरू मेडिक कालेज डाॅ0 वी0के पाण्डेय, तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय बेली की सीएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के सीएमएस तथा मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारीगणों के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।
विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत : प्रदीप सिंह बब्बू
* लखनऊ में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित महाराणा प्रताप चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश क्षत्रिय समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रदीप सिंह बब्बू द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह बब्बू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह बिष्ट, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू, महिला आयोग सदस्य एकता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवशरण सिंह गहरवार तथा पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, शौर्य फाउंडेशन, करणी सेना, भारतीय क्षत्रिय समाज, राजपूताना महासभा, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
थाना को0 देहात पुलिस द्वारा मोबाइल फोन झपटमारी करने वाले 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार
कब्जे से 01 मोबाइल फोन(झपटमारी का) व 01 अदद अवैध तमंचा मय कारतूस बरामदः-


गोण्डा। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगर आनन्द कुमार राय के नेतृत्व में थाना को0 देहात पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0-376/2026, धारा 304(2) बीएनएस व बढ़ोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस से सम्बन्धित प्रकाश में आया आरोपी अभियुक्तगण- 01. अल्लारक्खा पुत्र खियालू, 02. दद्दू पुत्र कमालू को सालपुर से मोतीगंज की ओर जाने वाली नहर वाली रोड़ से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 01 अदद मोबाइल फोन(झपटमारी का) व 01 अदद अवैध तमंचा मय 01 अदद जिन्दा कारतूस बरामद किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरणः-
दिनांक 06.05.2026 को वादी बादशाह उर्फ अयान पुत्र मो0 लईक ग्राम रामापुर दीनपुरवा थाना तरबगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0 देहात को सूचना दी गई कि वह अपने ननिहाल धानेपुर से गोण्डा आटो से जा रहा था कि सुनवरसा चौराहे के पास पल्सर पर सवार 02 व्यक्तियों द्वारा झपट्टा मारते हुए उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गये।  वादी के लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 देहात में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया ।
आज दिनांक 09.05.2026 को थाना को0 देहात पुलिस टीम द्वारा विवेचना के दौरान प्रकाश में आये आरोपी अभियुक्तो- 01. अल्लारक्खा पुत्र खियालू, 02. दद्दू पुत्र कमालू को सालपुर से मोतीगंज की ओर जाने वाली नहर रोड़ से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 01 अदद मोबाइल फोन(झपटमारी का) व 01 अदद अवैध तमंचा मय 01 अदद कारतूस बरामद किया गया। गिरफ्तारी व  अवैध तमंचा मय कारतूस बरामदगी के आधार आर्मस एक्ट तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना को0 देहात पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की गयी।
महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व भगवान श्री राम जैसा : संजय सिंह बोले*
सुल्तानपुर में जयंती कार्यक्रम में की शिरकत, शहर में निकली शोभा यात्रा आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शनिवार को सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। संजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि कैसे महाराणा प्रताप ने भीलों, लोहारों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर मुगलों की विशाल सेना का मुकाबला किया था। सांसद ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व की तुलना भगवान श्री राम से की, जिन्होंने शबरी के बेर खाए और निषादराज व वानर सेना को एकजुट किया। सांसद ने भारत की असली पहचान 'विविधता में एकता' को बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम इस देश और समाज को एकजुट रखने के लिए कार्य करेंगे। संजय सिंह ने महाराणा प्रताप की वीरता पर प्रसिद्ध पंक्तियां भी दोहराईं: "रणबीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था, राणा प्रताप के कोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।" महाराणा प्रताप की जन्मजयंती के अवसर पर शहर में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परशुराम चौक चौराहे पर पदाधिकारियों ने मंत्रोच्चार के साथ शोभा यात्रा का स्वागत किया। क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। देव पुरोहित महासभा के संरक्षक अनिल द्विवेदी और अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने भी शोभा यात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी छात्र-छात्राओं के बीच जलपान का वितरण करते दिखे। देव पुरोहित महासभा के आचार्यों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की।

इस अवसर पर महासभा के संस्थापक अनिल द्विवेदी,अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी,संगठन मंत्री आचार्य अरुण तिवारी, महामंत्री सर्वेश मिश्रा,उपाध्यक्ष आचार्य अजय मिश्रा पवन, अभिषेक शुक्ला,आचार्य जितेंद्र मिश्रा और रितिक सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे। शोभा यात्रा के दौरान भगवान जय श्री परशुराम और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए गए।
नगर पालिका के हाल : सप्लाई लेकर भूल गए, पेमेंट की बारी आई तो मांग रहे ऑर्डर...!

बदल गए 4 सीएमओ, लेखाधिकारी अपनाए हैं हठधर्मिता 

भोपाल। प्रदेश के जिलों में फैले स्थानीय निकायों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और हठधर्मिता का माहौल पसरा हुआ है। अपनी जरूरत का सामान सप्लाई लेने के बाद भुगतान के नाम पर नियम गिनाए जा रहे हैं। लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी की हठधर्मिता का आलम यह है कि सीएम हेल्पलाइन पर इस संबंध में की गई शिकायत को भी वे बिना जांच किए सीधे फोर्स क्लास में डाल देते हैं। अब सप्लायर अपने हक का पैसा मांगने के लिए यहां वहां भटकने पर मजबूर है। उसने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री से भी शिकायत की है।

मामला धार जिला मुख्यालय का है। यहां अरशद पठान नामक एक सप्लायर बरसों से आवश्यक सामग्री सप्लाई कर रहे हैं। करीब पांच छह साल पहले भी उन्होंने नगर पालिका की विभिन्न शाखाओं में सामग्री की आपूर्ति की थी। सप्लाई के लिए विभाग से विधिवत ऑर्डर भी जारी किया गया था और इसके सप्लाई किए जाने पर किसी तरह की मीनमेख या आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी।

- फिर हुआ आपत्तियों का दौर

अरशद पठान ने जब इस सप्लाई के भुगतान के लिए ₹16 लाख का बिल नगर पालिका में सबमिट किया तो आपत्तियों का दौर शुरू हो गया। लेखा अधिकारीअनुपम तिवारी इस मामले को सप्लाई ऑर्डर की कमी और अन्य आपत्तियों के नाम पर लटकाते रहे। इस दौरान करीब 4 सीएमओ बदल गए और मामला टलता गया। इस मामले को करीब 5=6 साल गुजर गए लेकिन लेखा अधिकारी तिवारी ने इस पेमेंट को क्लियर नहीं किया।

- सीएम हेल्पलाइन से भी मदद नहीं 

अपना पैसा न मिलने पर अरशद पठान ने सीएम हेल्पलाइन प्लेटफार्म पर इसकी शिकायत की। जिसको लेकर गुमराह करने वाले जवाबों के जरिए लेखा अधिकारी ने बंद करवा दिया। उन्होंने स्पष्ट कारण न बताते हुए ही सीएम हेल्पलाइन शिकायत को फोर्स क्लास कर दिया है।

- अब शिकायत सीएम तक

पांच साल में भी अपना पेमेंट नहीं मिलने पर अरशद पठान ने इसकी गुहार सीएम डॉ मोहन यादव को की है। उन्होंने लिखा है कि लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी के इस व्यवहार से जहां शासकीय प्रक्रियाओं पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है, वहीं छोटे सप्लायर को बाजार में बने रहना भी मुश्किल हो गया है। इस पेमेंट के रुकने से उनका व्यवसायिक, सामाजिक और पारिवारिक जीवन भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने इस शिकायत को नगरीय प्रशासन मंत्री और नगरीय प्रशासन मुख्यालय को भी भेजा है।

- उठ रहे सवाल 

सरकारी प्रक्रिया में लेनदेन एक सामान्य प्रक्रिया माना जाने लगा है। लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी द्वारा इस पेमेंट के बदले कुछ दक्षिणा सप्लायर से चाही जा रही है। इसकी पूर्ति न होने के चलते ही संभवतः यह भुगतान रोका गया है। इस मामले में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि लेखा अधिकारी तिवारी अपने किसी सप्लायर को नगर पालिका में एडजस्ट करने के लिए अरशद को आउट करना चाहते हैं, इसी वजह से उन्होंने उनका यह पेमेंट अटका रखा है।

अमूमन अपराधियों का पुलिस करती है पर्दाफाश, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर पुलिस का खोल रहे हैं कच्चा चिट्ठा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने  

कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के मीडिया में वायरल हो रहे एक ताजा वीडियो को लेकर फिर से हेमंत सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। 

सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि आमतौर पर पुलिस अपराधियों का पर्दाफाश करती है, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर ही पुलिस के कथित काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं। धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का मीडिया में वायरल हो रहा एक ताजा वीडियो न केवल पुलिस को चुनौती दे रहा है, बल्कि एसएसपी के कार्यकाल का “मूल्यांकन” भी कर रहा है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

श्री मरांडी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष नहीं, बल्कि दो समानांतर गिरोहों के बीच गैंगवार चल रहा हो। दोनों पक्षों में होड़ मची है कि व्यापारियों के बीच कौन अधिक दहशत पैदा करेगा। फर्क बस इतना है कि एक वर्दी पहनकर कथित वसूली कर रहा है, तो दूसरा बिना वर्दी के।

श्री मरांडी ने आगे लिखा है कि सबसे भयावह पक्ष 'सत्ता संरक्षण' की आशंका है। जब चर्चा आम हो कि करोड़ों की 'बोली' लगाकर संवेदनशील जिलों में पोस्टिंग ली जाती है, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। क्या ऐसी पोस्टिंग कानून सुधारने के लिए है या यह किसी “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” की तरह काम कर रही है?

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि यदि वसूली की मानसिकता वाली यह कार्यशैली जारी रही, तो झारखंड 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति में पहुँच जाएगा। जब रक्षक ही भय का कारण बन जाएं, तो लोकतंत्र खतरे में है। जनता अब पूछ रही है—आखिर कब तक चलेगा यह “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” देने का धंधा?