*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री से मिले कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी, 'बचपन बचाओ आंदोलन' की गतिविधियों पर हुई चर्चा


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी के करीबी सहयोगी श्री राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में बाल मजदूरी के खात्मे और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में चल रहे अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी के बीच फोन पर संवाद

मुलाकात के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से सीधे श्री कैलाश सत्यार्थी जी से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए सत्यार्थी जी द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार बाल श्रम के खिलाफ और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

साहित्य और प्रतिवेदन भेंट

श्री राकेश सेंगर ने मुख्यमंत्री को श्री कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और उनकी नई प्रेरणादायी पुस्तक "करुणा: द पावर ऑफ कंप्लशन" (Karuna: The Power of Compassion) सप्रेम भेंट की। इसके साथ ही 'बाल ग्राम' का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन भी साझा किया गया।

झारखंड में 'बचपन बचाओ आंदोलन' की भूमिका

मुलाकात में 'बचपन बचाओ आंदोलन' द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन और तस्करी (Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।

अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

झूंसी प्रयागराज के 15 वर्षीय बालक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

पान गुटखा खाकर थूकने वालो पर सख्त कार्रवाई की मांग।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।शहर में गंदगी को लेकर अक्सर शिकायतें और बहसें होती रहती है लेकिन जब जिम्मेदारी तय करने की बात आती है तो चुप्पी छा जाती है।इसी स्थिति पर सवाल उठाते हुए प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र के 15 वर्षीय बालक सुमित केसरवानी,सक्षम केसरवानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्वच्छता और पान गुटखा खाकर यदा कदा थूकने वाले को लेकर अपनी चिंता और सुझाव रखे हैं।मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बालक ने सार्वजनिक स्थानो पर कूड़ा फेंकने तथा पान-गुटखा खाकर इधर-उधर थूकने वालो पर सख्त रोक लगाने और जुर्माना लगाए जाने की मांग की है। उसका कहना है कि जब तक नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया जाएगा तब तक लोगों की आदतों में बदलाव संभव नहीं है और शहर को साफ-सुथरा बनाना मुश्किल रहेगा।पत्र में सुमित केसरवानी ने यह भी लिखा है कि स्वच्छता के लिए हर नागरिक को अनुशासन और जिम्मेदारी निभानी होगी।उसने स्पष्ट किया है कि हर नागरिक की छोटी- छोटी जिम्मेदारियां ही शहर की बड़ी तस्वीर बदल सकती है।मुख्यमंत्री तक पहुंचा यह पत्र उम्र से कही बड़ी सोच और सामाजिक चेतना का संकेत है। यह दर्शाता है कि नई पीढ़ी स्वच्छ भारत को केवल नारा नही बल्कि व्यवहार और नागरिक कर्तव्य के रूप में देख रही है। बालक की इस पहल ने समाज के सामने यह सवाल भी खड़ा किया है कि जब एक 15 वर्षीय बच्चा सिविक सेन्स की बात कर रहा है,तो क्या हम सभी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है।

Sambhal आवारा कुत्तों का आतंक, डॉग अटैक में कई लोग घायल, सपा नेता ने सौंपा ज्ञापन
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला सम्भल के हिलाली सराय इलाके का है, जहां राह चलते लोगों पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस डॉग अटैक में कई लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।

डॉग अटैक की बढ़ती घटनाओं से नाराज़ समाजवादी पार्टी के जिला सचिव डॉ. अख्तर इसराइली ने अपने साथियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए शहर में फैल रहे आवारा कुत्तों के आतंक पर गंभीर चिंता जताई। डॉ. अख्तर इसराइली ने कहा कि बीते एक-दो दिनों में ही कम से कम 10 से 15 लोगों को कुत्तों ने काटा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और आम नागरिकों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि हिलाली सराय के अलावा डूंगर सराय, पंजू सराय, नई सराय और नखासा जैसे कई मोहल्लों में कुत्तों द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया है और नगर पालिका को निर्देश देकर जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की गई है।

डॉ. अख्तर इसराइली ने भरोसा जताया कि प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करेगा। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और स्थानीय लोगों द्वारा आवारा कुत्तों को लेकर ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका से विचार-विमर्श कर विधिक प्रक्रिया के तहत कुत्तों को पकड़वाने और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाए। फिलहाल, लगातार हो रहे डॉग अटैक से लोग भयभीत हैं और प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे है।
देशभक्ति की हुंकार के साथ शंकरगढ़ में लहराया तिरंगा।

बारा विधायक डॉ.वाचस्पति ने एम.वी.कॉन्वेन्ट स्कूल में किया ऐतिहासिक ध्वजारोहण।

शिक्षा ही मजबूत भारत की सबसे बड़ी बंदूक है-डॉ. वाचस्पति।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के नगर पंचायत शंकरगढ़ स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल एवं कॉलेज, कनक नगर का प्रांगण सोमवार को उस समय राष्ट्रभक्ति के रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब बारा विधायक एवं जनप्रिय नेता डॉ. वाचस्पति ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तिरंगे का ध्वजारोहण किया। जैसे ही तिरंगा आसमान की ओर बढ़ा,वैसे ही सैकड़ों कंठों से निकला भारत माता की जय का उद्घोष पूरे इलाके में गूंज उठा। यह सिर्फ एक ध्वजारोहण नही था बल्कि देश के प्रति निष्ठा की परेड थी।डॉ. वाचस्पति का व्यक्तित्व किसी सधे हुए फौजी कमांडर जैसा प्रतीत हो रहा था—सीधा स्पष्ट और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला। उन्होंने मंच से नही बल्कि एक सिपाही की तरह विद्यार्थियों के बीच खड़े होकर राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया।

डॉ. वाचस्पति ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का सेनापति वैज्ञानिक प्रशासक और जनसेवक बनेगा। अगर आज शिक्षा मजबूत होगी तो कल भारत को कोई चुनौती नहीं दे सकता।”उन्होंने कहा कि एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल जैसे शिक्षण संस्थान सीमाओं पर तैनात जवानों जितना ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है क्योंकि यहां से निकलने वाला हर बच्चा राष्ट्र की रीढ़ बनता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नाट्य प्रस्तुति और कविताओ के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियो के बलिदान को जीवंत कर दिया।कई अभिभावकों की आंखें उस समय नम हो गईं जब बच्चो ने शहीदों के त्याग पर आधारित प्रस्तुति दी।

डॉ.वाचस्पति ने विद्यालय प्रबंधन शिक्षकों और अभिभावकों की खुले मन से सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन संस्कार और शिक्षा—तीनो का संगम ही सच्चा राष्ट्रनिर्माण है।उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे मोबाइल और भटकाव से दूर रहकर देश और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें। विद्यालय परिसर पूरे कार्यक्रम के दौरान तिरंगे राष्ट्रगीत और देशभक्ति नारों से गूंजता रहा। यह आयोजन केवल औपचारिक नही बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की चिंगारी सुलगाने वाला क्षण बन गया।

कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर सख्ती की मांग, छात्रों के हित के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद बड़ा मुद्दा उठाया

नई दिल्ली- देश के लाखों छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है।

असल में स्कूली छात्र कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए अलग अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई करते हैं जहाँ उन्हें आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे संस्थानों में गारंटी शुदा एडमिशन का प्रलोभन दिया जाता है और एक मुश्त पूरी फीस जमा करवा ली जाती है। गरीब, ग्रामीण एवं मध्यम वर्गीय परिवार भी सोना, ज़मीन बेचकर एवं क़र्ज़ लेकर होने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह फीस अदा करते हैं।

लेकिन अगर उन्हें अनुकूल पढाई का वातावरण ना मिलने पर अगर वह संस्थान कोचिंग छोड़ना चाहे तो यह सेंटर मनमानी करते हैं, जिससे माँ बाप एवं बच्चे दोनों मानसिक रूप से प्रताड़ित होते हैं। हालांकि शिक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने वर्ष 2024 में विभिन्न कोचिंग सेंटर के संदर्भ में गाइडलाइंस ज़ारी की है लेकिन इनका ज़मीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा सिर्फ स्कूली बच्चों तक नहीं बल्कि प्रोफेशनल कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे यूपीएससी के लिए जाने वाले युवाओं के लिए भी प्रासंगिक है, दिल्ली जैसे महानगरों में युवा जाते हैं और भारी भरकम फीस जमा करते हैं लेकिन उन्हें भी इस प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। इसीलिए लोकसभा में इस विषय पर सांसद अग्रवाल ने अपनी बात रखी है। सांसद अग्रवाल का य़ह भी कहना है कि मेरा कार्यालय इस संबंध में सभी छात्रों के हित के लिए चौबीस घंटे खुलसांसद अग्रवाल द्वारा सरकार से किए गए प्रमुख आग्रह:

1) सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं।

2) छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के हेतु, छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे।

3) गाइडलाइन्स (2024) का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए

रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी छात्रों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं परन्तु स्कूली विद्यार्थी इन कोचिंग संस्थानों के फीस - ट्रैप - मोनोपोली का शिकार बन रहे हैं।ा भी है।

सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण से एनसीसी कैडेट्स में निखर रही सैन्य दक्षता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के तत्वावधान में 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट(सी टी आर) एनसीसी प्रयागराज द्वारा एमएनएन आईटी प्रयागराज परिसर में सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है।यह प्रशिक्षण आधुनिक सैन्य तकनीक के माध्यम से कैडेट्स को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप के अंतर्गत संचालित सभी एनसीसी बटालियन एवं कंपनियाँ इस सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में सहभागिता कर रही है। 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट (सीटीआर)प्रयागराज द्वारा जारी प्रशिक्षण शेड्यूल के अनुसार कैडेट्स को चरणबद्ध ढंग से सिमुलेटर फायरिंग का अभ्यास कराया जा रहा है।इसी क्रम में आज 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में फायरिग के दौरान सटीक निशाना साधने की क्षमता विकसित करना तथा फायरिंग से सम्बंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक क्रियाकलापों को सुदृढ़ बनाना रहा।कैडेट्स को प्वाइंट.22 राइफल के माध्यम से सिमुलेटर पर फायरिंग का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी एकाग्रता आत्मविश्वास एवं निशाने की सटीकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। भारतीय सेना में फील्ड फायरिंग रेंज की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सिमुलेटर तकनीक को एक प्रभावी विकल्प के रूप में अपनाया गया है।यद्यपि विशेषज्ञों का मत है कि सिमुलेटर पूर्णतः वास्तविक प्रशिक्षण का स्थान नहीं ले सकते फिर भी यह कैडेट्स को वास्तविक परिस्थितियो के निकट अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन1यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेन्ट(सीटीआर) के कमान अधिकारी लेफ्टिनेन्ट कर्नल राजेश्वरी प्रसाद कर रहे है।यह सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण कैडेट्स में अनुशासन साहस तकनीकी दक्षता एवं राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास सिद्ध हो रहा है।

झारखंड के पड़हा राजा सोमा मुंडा की कैसे हुई हत्या? स्कूल का पूर्व छात्र निकला कातिल, जमीन कारोबारियों ने रची थी साजिश

झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी 2026 को हुए चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में शूटर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने में शामिल सभी प्रमुख लोगों को पकड़ लिया गया है.

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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए सड़कों से होते हुए खूंटी थाना तक ले जाया. इस दौरान मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल से आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो बनाए.

50 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी

पुलिस के मुताबिक, मुख्य शूटर के रूप में लगभग 20 वर्षीय मारकुस संगा की पहचान हुई है. आरोप है कि उसने करीब 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर सोमा मुंडा पर गोली चलाई. बताया जा रहा है कि मारकुस संगा कभी सोमा मुंडा के स्कूल का छात्र था और वर्ष 2022 में किसी कारणवश उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.

पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर वह नाराज था और जमीन से जुड़े एक कारोबारी ने उसकी नाराजगी का फायदा उठाकर उसे पैसे और हथियार उपलब्ध कराए. जांच में सामने आया है कि खूंटी के हुटार चौक निवासी दानियल संगा का भी मृतक से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. करीब 1012 वर्ष पहले से 14 डिसमिल जमीन को लेकर दोनों के बीच तनातनी थी.

पुलिस के अनुसार, जब भी दानियल उस जमीन पर निर्माण की कोशिश करता, सोमा मुंडा विरोध करते थे. इसी बीच वर्ष 2025 के नवंबरदिसंबर में जियरप्पा गांव की 32 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश भी सोमा मुंडा और ग्राम सभा के हस्तक्षेप से रुक गई थी, जिससे कथित तौर पर जमीन कारोबार से जुड़े लोग नाराज हो गए.

7 जनवरी को सोमा मुंडा की हुई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी को सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी से गांव लौट रहे थे, तभी जमुआदाग तालाब के पास पहले से रेकी कर रहे आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में एक देशी पिस्टल, चार गोलियां, पल्सर मोटरसाइकिल, एक कार, रेकी में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े और हेलमेट सहित अन्य सामान जब्त करने की बात कही है. इस पूरे मामले का खुलासा खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने किया. सोमा मुंडा मुंडा जनजाति की पारंपरिक पड़हा पंचायत व्यवस्था के प्रमुख (राजा) थे, जो कई गांवों के सामाजिक और पारंपरिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनकी हत्या से क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है.

आजमगढ़: जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया औचक निरीक्षण , मचा हड़कंप
आजमगढ़। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने तहबरपुुुुर विकास खंड में पड़ने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। टीम के औचक निरीक्षण की खबर से अफरातफरी का माहौल रहा। लोग एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज, डी सी पी एम विपिन बिहारी पाठक, जिला लेखा प्रबंधन अधिकारी अमरनाथ की संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरा अचानक , बैरमपुर एवं बीबीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर साफ सफाई,दवाओं का स्टाक, रख रखाव एवं संबंधित रजिस्टरो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पूरा न होने पर टीम ने नाराजगी जताई और एक हफ्ते के अंदर ठीक करने का कड़ा निर्देश दिया। चेतावनी दी की अगर एक हफ्ते के अंदर अभिलेख ठीक नहीं होते हैं तो वेतन रोक दिया जाएगा। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज ने कहा कि आप लोग सरकार के मंशा के अनुरूप कार्य करें। गांव के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा दे। लापरवाही क्षम्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। स्वास्थ्य टीम के औचक निरीक्षण से खलबली मची रही।
*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री से मिले कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी, 'बचपन बचाओ आंदोलन' की गतिविधियों पर हुई चर्चा


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी के करीबी सहयोगी श्री राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में बाल मजदूरी के खात्मे और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में चल रहे अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी के बीच फोन पर संवाद

मुलाकात के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से सीधे श्री कैलाश सत्यार्थी जी से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए सत्यार्थी जी द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार बाल श्रम के खिलाफ और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

साहित्य और प्रतिवेदन भेंट

श्री राकेश सेंगर ने मुख्यमंत्री को श्री कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और उनकी नई प्रेरणादायी पुस्तक "करुणा: द पावर ऑफ कंप्लशन" (Karuna: The Power of Compassion) सप्रेम भेंट की। इसके साथ ही 'बाल ग्राम' का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन भी साझा किया गया।

झारखंड में 'बचपन बचाओ आंदोलन' की भूमिका

मुलाकात में 'बचपन बचाओ आंदोलन' द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन और तस्करी (Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।

अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

झूंसी प्रयागराज के 15 वर्षीय बालक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

पान गुटखा खाकर थूकने वालो पर सख्त कार्रवाई की मांग।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।शहर में गंदगी को लेकर अक्सर शिकायतें और बहसें होती रहती है लेकिन जब जिम्मेदारी तय करने की बात आती है तो चुप्पी छा जाती है।इसी स्थिति पर सवाल उठाते हुए प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र के 15 वर्षीय बालक सुमित केसरवानी,सक्षम केसरवानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्वच्छता और पान गुटखा खाकर यदा कदा थूकने वाले को लेकर अपनी चिंता और सुझाव रखे हैं।मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बालक ने सार्वजनिक स्थानो पर कूड़ा फेंकने तथा पान-गुटखा खाकर इधर-उधर थूकने वालो पर सख्त रोक लगाने और जुर्माना लगाए जाने की मांग की है। उसका कहना है कि जब तक नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया जाएगा तब तक लोगों की आदतों में बदलाव संभव नहीं है और शहर को साफ-सुथरा बनाना मुश्किल रहेगा।पत्र में सुमित केसरवानी ने यह भी लिखा है कि स्वच्छता के लिए हर नागरिक को अनुशासन और जिम्मेदारी निभानी होगी।उसने स्पष्ट किया है कि हर नागरिक की छोटी- छोटी जिम्मेदारियां ही शहर की बड़ी तस्वीर बदल सकती है।मुख्यमंत्री तक पहुंचा यह पत्र उम्र से कही बड़ी सोच और सामाजिक चेतना का संकेत है। यह दर्शाता है कि नई पीढ़ी स्वच्छ भारत को केवल नारा नही बल्कि व्यवहार और नागरिक कर्तव्य के रूप में देख रही है। बालक की इस पहल ने समाज के सामने यह सवाल भी खड़ा किया है कि जब एक 15 वर्षीय बच्चा सिविक सेन्स की बात कर रहा है,तो क्या हम सभी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है।

Sambhal आवारा कुत्तों का आतंक, डॉग अटैक में कई लोग घायल, सपा नेता ने सौंपा ज्ञापन
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला सम्भल के हिलाली सराय इलाके का है, जहां राह चलते लोगों पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस डॉग अटैक में कई लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।

डॉग अटैक की बढ़ती घटनाओं से नाराज़ समाजवादी पार्टी के जिला सचिव डॉ. अख्तर इसराइली ने अपने साथियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए शहर में फैल रहे आवारा कुत्तों के आतंक पर गंभीर चिंता जताई। डॉ. अख्तर इसराइली ने कहा कि बीते एक-दो दिनों में ही कम से कम 10 से 15 लोगों को कुत्तों ने काटा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और आम नागरिकों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि हिलाली सराय के अलावा डूंगर सराय, पंजू सराय, नई सराय और नखासा जैसे कई मोहल्लों में कुत्तों द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया है और नगर पालिका को निर्देश देकर जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की गई है।

डॉ. अख्तर इसराइली ने भरोसा जताया कि प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करेगा। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और स्थानीय लोगों द्वारा आवारा कुत्तों को लेकर ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका से विचार-विमर्श कर विधिक प्रक्रिया के तहत कुत्तों को पकड़वाने और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाए। फिलहाल, लगातार हो रहे डॉग अटैक से लोग भयभीत हैं और प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे है।
देशभक्ति की हुंकार के साथ शंकरगढ़ में लहराया तिरंगा।

बारा विधायक डॉ.वाचस्पति ने एम.वी.कॉन्वेन्ट स्कूल में किया ऐतिहासिक ध्वजारोहण।

शिक्षा ही मजबूत भारत की सबसे बड़ी बंदूक है-डॉ. वाचस्पति।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के नगर पंचायत शंकरगढ़ स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल एवं कॉलेज, कनक नगर का प्रांगण सोमवार को उस समय राष्ट्रभक्ति के रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब बारा विधायक एवं जनप्रिय नेता डॉ. वाचस्पति ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तिरंगे का ध्वजारोहण किया। जैसे ही तिरंगा आसमान की ओर बढ़ा,वैसे ही सैकड़ों कंठों से निकला भारत माता की जय का उद्घोष पूरे इलाके में गूंज उठा। यह सिर्फ एक ध्वजारोहण नही था बल्कि देश के प्रति निष्ठा की परेड थी।डॉ. वाचस्पति का व्यक्तित्व किसी सधे हुए फौजी कमांडर जैसा प्रतीत हो रहा था—सीधा स्पष्ट और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला। उन्होंने मंच से नही बल्कि एक सिपाही की तरह विद्यार्थियों के बीच खड़े होकर राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया।

डॉ. वाचस्पति ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का सेनापति वैज्ञानिक प्रशासक और जनसेवक बनेगा। अगर आज शिक्षा मजबूत होगी तो कल भारत को कोई चुनौती नहीं दे सकता।”उन्होंने कहा कि एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल जैसे शिक्षण संस्थान सीमाओं पर तैनात जवानों जितना ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है क्योंकि यहां से निकलने वाला हर बच्चा राष्ट्र की रीढ़ बनता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नाट्य प्रस्तुति और कविताओ के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियो के बलिदान को जीवंत कर दिया।कई अभिभावकों की आंखें उस समय नम हो गईं जब बच्चो ने शहीदों के त्याग पर आधारित प्रस्तुति दी।

डॉ.वाचस्पति ने विद्यालय प्रबंधन शिक्षकों और अभिभावकों की खुले मन से सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन संस्कार और शिक्षा—तीनो का संगम ही सच्चा राष्ट्रनिर्माण है।उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे मोबाइल और भटकाव से दूर रहकर देश और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें। विद्यालय परिसर पूरे कार्यक्रम के दौरान तिरंगे राष्ट्रगीत और देशभक्ति नारों से गूंजता रहा। यह आयोजन केवल औपचारिक नही बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की चिंगारी सुलगाने वाला क्षण बन गया।

कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर सख्ती की मांग, छात्रों के हित के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद बड़ा मुद्दा उठाया

नई दिल्ली- देश के लाखों छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है।

असल में स्कूली छात्र कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए अलग अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई करते हैं जहाँ उन्हें आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे संस्थानों में गारंटी शुदा एडमिशन का प्रलोभन दिया जाता है और एक मुश्त पूरी फीस जमा करवा ली जाती है। गरीब, ग्रामीण एवं मध्यम वर्गीय परिवार भी सोना, ज़मीन बेचकर एवं क़र्ज़ लेकर होने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह फीस अदा करते हैं।

लेकिन अगर उन्हें अनुकूल पढाई का वातावरण ना मिलने पर अगर वह संस्थान कोचिंग छोड़ना चाहे तो यह सेंटर मनमानी करते हैं, जिससे माँ बाप एवं बच्चे दोनों मानसिक रूप से प्रताड़ित होते हैं। हालांकि शिक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने वर्ष 2024 में विभिन्न कोचिंग सेंटर के संदर्भ में गाइडलाइंस ज़ारी की है लेकिन इनका ज़मीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा सिर्फ स्कूली बच्चों तक नहीं बल्कि प्रोफेशनल कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे यूपीएससी के लिए जाने वाले युवाओं के लिए भी प्रासंगिक है, दिल्ली जैसे महानगरों में युवा जाते हैं और भारी भरकम फीस जमा करते हैं लेकिन उन्हें भी इस प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। इसीलिए लोकसभा में इस विषय पर सांसद अग्रवाल ने अपनी बात रखी है। सांसद अग्रवाल का य़ह भी कहना है कि मेरा कार्यालय इस संबंध में सभी छात्रों के हित के लिए चौबीस घंटे खुलसांसद अग्रवाल द्वारा सरकार से किए गए प्रमुख आग्रह:

1) सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं।

2) छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के हेतु, छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे।

3) गाइडलाइन्स (2024) का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए

रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी छात्रों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं परन्तु स्कूली विद्यार्थी इन कोचिंग संस्थानों के फीस - ट्रैप - मोनोपोली का शिकार बन रहे हैं।ा भी है।

सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण से एनसीसी कैडेट्स में निखर रही सैन्य दक्षता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के तत्वावधान में 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट(सी टी आर) एनसीसी प्रयागराज द्वारा एमएनएन आईटी प्रयागराज परिसर में सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है।यह प्रशिक्षण आधुनिक सैन्य तकनीक के माध्यम से कैडेट्स को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप के अंतर्गत संचालित सभी एनसीसी बटालियन एवं कंपनियाँ इस सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में सहभागिता कर रही है। 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट (सीटीआर)प्रयागराज द्वारा जारी प्रशिक्षण शेड्यूल के अनुसार कैडेट्स को चरणबद्ध ढंग से सिमुलेटर फायरिंग का अभ्यास कराया जा रहा है।इसी क्रम में आज 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में फायरिग के दौरान सटीक निशाना साधने की क्षमता विकसित करना तथा फायरिंग से सम्बंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक क्रियाकलापों को सुदृढ़ बनाना रहा।कैडेट्स को प्वाइंट.22 राइफल के माध्यम से सिमुलेटर पर फायरिंग का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी एकाग्रता आत्मविश्वास एवं निशाने की सटीकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। भारतीय सेना में फील्ड फायरिंग रेंज की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सिमुलेटर तकनीक को एक प्रभावी विकल्प के रूप में अपनाया गया है।यद्यपि विशेषज्ञों का मत है कि सिमुलेटर पूर्णतः वास्तविक प्रशिक्षण का स्थान नहीं ले सकते फिर भी यह कैडेट्स को वास्तविक परिस्थितियो के निकट अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन1यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेन्ट(सीटीआर) के कमान अधिकारी लेफ्टिनेन्ट कर्नल राजेश्वरी प्रसाद कर रहे है।यह सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण कैडेट्स में अनुशासन साहस तकनीकी दक्षता एवं राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास सिद्ध हो रहा है।

झारखंड के पड़हा राजा सोमा मुंडा की कैसे हुई हत्या? स्कूल का पूर्व छात्र निकला कातिल, जमीन कारोबारियों ने रची थी साजिश

झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी 2026 को हुए चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में शूटर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने में शामिल सभी प्रमुख लोगों को पकड़ लिया गया है.

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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए सड़कों से होते हुए खूंटी थाना तक ले जाया. इस दौरान मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल से आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो बनाए.

50 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी

पुलिस के मुताबिक, मुख्य शूटर के रूप में लगभग 20 वर्षीय मारकुस संगा की पहचान हुई है. आरोप है कि उसने करीब 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर सोमा मुंडा पर गोली चलाई. बताया जा रहा है कि मारकुस संगा कभी सोमा मुंडा के स्कूल का छात्र था और वर्ष 2022 में किसी कारणवश उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.

पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर वह नाराज था और जमीन से जुड़े एक कारोबारी ने उसकी नाराजगी का फायदा उठाकर उसे पैसे और हथियार उपलब्ध कराए. जांच में सामने आया है कि खूंटी के हुटार चौक निवासी दानियल संगा का भी मृतक से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. करीब 1012 वर्ष पहले से 14 डिसमिल जमीन को लेकर दोनों के बीच तनातनी थी.

पुलिस के अनुसार, जब भी दानियल उस जमीन पर निर्माण की कोशिश करता, सोमा मुंडा विरोध करते थे. इसी बीच वर्ष 2025 के नवंबरदिसंबर में जियरप्पा गांव की 32 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश भी सोमा मुंडा और ग्राम सभा के हस्तक्षेप से रुक गई थी, जिससे कथित तौर पर जमीन कारोबार से जुड़े लोग नाराज हो गए.

7 जनवरी को सोमा मुंडा की हुई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी को सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी से गांव लौट रहे थे, तभी जमुआदाग तालाब के पास पहले से रेकी कर रहे आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में एक देशी पिस्टल, चार गोलियां, पल्सर मोटरसाइकिल, एक कार, रेकी में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े और हेलमेट सहित अन्य सामान जब्त करने की बात कही है. इस पूरे मामले का खुलासा खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने किया. सोमा मुंडा मुंडा जनजाति की पारंपरिक पड़हा पंचायत व्यवस्था के प्रमुख (राजा) थे, जो कई गांवों के सामाजिक और पारंपरिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनकी हत्या से क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है.

आजमगढ़: जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया औचक निरीक्षण , मचा हड़कंप
आजमगढ़। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने तहबरपुुुुर विकास खंड में पड़ने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। टीम के औचक निरीक्षण की खबर से अफरातफरी का माहौल रहा। लोग एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज, डी सी पी एम विपिन बिहारी पाठक, जिला लेखा प्रबंधन अधिकारी अमरनाथ की संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरा अचानक , बैरमपुर एवं बीबीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर साफ सफाई,दवाओं का स्टाक, रख रखाव एवं संबंधित रजिस्टरो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पूरा न होने पर टीम ने नाराजगी जताई और एक हफ्ते के अंदर ठीक करने का कड़ा निर्देश दिया। चेतावनी दी की अगर एक हफ्ते के अंदर अभिलेख ठीक नहीं होते हैं तो वेतन रोक दिया जाएगा। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज ने कहा कि आप लोग सरकार के मंशा के अनुरूप कार्य करें। गांव के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा दे। लापरवाही क्षम्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। स्वास्थ्य टीम के औचक निरीक्षण से खलबली मची रही।