JAC बोर्ड परीक्षा-2026 की तैयारी को लेकर रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल

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रांची जिला में वर्ग अष्टम में नामांकित तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित की जानेवाली बोर्ड परीक्षा 2026 की सुदृढ़ तैयारी के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर प्री-बोर्ड परीक्षा का आज शुभारंभ किया गया। परीक्षा की शुरुआत उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र संबंधित ग्रुप में भेजकर की गई। जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट टीम द्वारा विकसित JAC प्रारूप के अनुसार MCQ आधारित प्रश्नपत्र एवं OMR SHEET का ऑनलाइन प्रेषण किया गया। सभी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुद्रित प्रश्नपत्र एवं OMR शीट विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सत्र 2025-26 में नामांकित एवं JAC पोर्टल पर पंजीकृत जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 26,000 छात्र-छात्राओं के लिए आज से प्री-बोर्ड परीक्षा का संचालन प्रारंभ हुआ।

परीक्षा के पहले दिन आज प्रथम पाली में हिन्दी तथा द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 97 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी को अंग्रेज़ी एवं विज्ञान तथा 31 जनवरी को गणित एवं संस्कृत अथवा क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

फरवरी के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाफल की समीक्षा करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि जिले में शत-प्रतिशत परीक्षाफल के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। विदित हो कि JAC द्वारा बोर्ड परीक्षा की तिथि 24 फरवरी निर्धारित की गई है। तब तक विहित प्रारूप के प्रश्नपत्रों की श्रृंखला के माध्यम से ओएमआर शीट पर अभ्यास कराते हुए बेहतर एवं विशिष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राँची जिला पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से राँची जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इस वर्ष और बेहतर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राँची नगरपालिका चुनाव: 'अशांति फैलाई तो खैर नहीं', उपायुक्त ने दिए अपराधियों पर पैनी नजर और अवैध हथियारों की धरपकड़ के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कानून-व्यवस्था और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।

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अपराधियों पर 'रेड अलर्ट', सोशल मीडिया पर भी नजर

बैठक में उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमानत पर छूटे अपराधियों और संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

हथियार जमा करने और सघन जांच के आदेश

शस्त्र समर्पण: सभी शस्त्र अनुज्ञप्ति धारकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने हथियार थानों में जमा करने का निर्देश दिया गया है।

अवैध शराब और नकदी: अवैध शराब की तस्करी और वोटरों को लुभाने के लिए नकदी के अवैध लेन-देन को रोकने के लिए 'स्टैटिक सर्विलांस टीम' (SST) को सघन वाहन जांच करने को कहा गया है।

भ्रामक खबरें: सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए चुनावी माहौल बिगाड़ने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

समन्वय और सतर्कता ही सफलता का मंत्र

बैठक में सिटी एसपी श्री पारस राणा और ग्रामीण एसपी श्री प्रवीण पुष्कर सहित कई वरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच आपसी समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है।

केन्द्रिय अस्पताल उत्तर मध्य रेलवे में महाप्रबन्धक ने किया आधुनिक सुविधाओ का शुभारम्भ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।केन्द्रिय अस्पताल उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज में महा प्रबन्धक उत्तर मध्य रेलवे नरेश पाल सिंह द्वारा दो अत्याधुनिक चिकित्सा प्रणालियो का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह कदम अस्पताल के उस संकल्प को और मजबूत करता है,जिसके अन्तर्गत करुणामय देखभाल के साथ नवीनतम तकनीक को एकीकृत किया जा रहा है।इस अवसर पर दंत चिकित्सा विभाग में नवीनतम मॉडल की मल्टी-प्रोग्रामेबल डेंटल चेयर और पैथोलॉजी विभाग में VITEK® 2 कॉम्पैक्ट सिस्टम का शुभारंभ किया गया।

दंत चिकित्सा विभाग-

इस अवसर पर डॉ.मंजुलता हांडू एसीएचडी (डेंटल) ने नवीनतम मॉडल की मल्टी-प्रोग्रामेबल डेंटल चेयर के कमीशनिंग के विषय में जानकारी दी।यह डेंटल चेयर इनबिल्ट स्केलर लाइट-क्योर यूनिट माइक्रोमोटर इन्ट्रा-ओरल कैमरा, आरवीजी (RVG) तथा पोर्टेबल एक्स-रे यूनिट से सुसज्जित है, जिससे त्वरित इमेजिंग एवं शीघ्र निदान संभव हो सकेगा।इसके अतिरिक्त प्रणाली में पीरियोडोन्टल लेज़र की सुविधा भी उपलब्ध है जो बायोप्सी एवं मसूड़ों के उपचार को न्यूनतम आघात एवं नगण्य रक्तस्राव के साथ संभव बनाती है, जिससे रोगियो के आराम और उपचार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पैथोलॉजी विभाग-

एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में डॉ.उषा एस.पी. यादव एसीएचडी माइक्रोबायोलॉजी ने VITEK® 2 कॉम्पैक्ट सिस्टम के बारे में जानकारी दी।उन्होंने कहा कि जिससे केंद्रीय अस्पताल एनसीआर में त्वरित सूक्ष्मजीव निदान के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है।अपने सम्बोधन में उन्होंने पहचान एवं एंटीबायोटिक ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (ID/AST) के नैदानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी की आधारशिला बताया।उन्होंने स्पष्ट किया कि VITEK® 2 कॉम्पैक्ट जैसे स्वचालित सिस्टम उन्नत कलरिमीट्रिक एवं टर्बिडीमेट्रिक तकनीको का उपयोग कर बैक्टीरिया एवं फंगल रोगजनको की सटीक पहचान तथा लक्षित एंटीबायोटिक संवेदनशीलता परिणाम कुछ ही घन्टों में उपलब्ध कराते है जो दवा-प्रतिरोधी संक्रमणो से निपटने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।इस अवसर पर डॉ.संजीव कुमार हांडू ने अपने सम्बोधन में अस्पताल की उल्लेखनीय उपलब्धियो पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभी विभागो ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन किया है तथा कुल कार्यभार में 15% से 20% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।उन्होंने विभागाध्यक्षो एवं समस्त स्टाफ की निष्ठा व्यावसायिक दक्षता और अथक प्रयासो की सराहना करते हुए कहा कि“जब टीमवर्क एक संस्कृति बन जाता है,तब उत्कृष्टता एक आदत बन जाती है।अस्पताल की दूरदर्शी सोच को प्रतिबिंबित करते हुए डॉ हांडू ने जी+3 एवं जी+6 भवनों के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी जिनमें नई विशेषीकृत इकाइयाँ स्थापित की जाएँगी।यह पहल रोगी-केद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस उद्घाटन समारोह में रेलवे मुख्यालय एवं मंडल स्तर के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे जिनमें एजीएम जोगिंदर सिंह लाकड़ा पीसीएमडी डॉ.राकेश निगम डीआरएम रजनीश अग्रवाल सीएमएस डॉ.सुरेन्द्र नाथ सहित अस्पताल परिवार के चिकित्सक अधिकारी एवं कर्मचारीगण सम्मिलित थे।

ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत नाबालिग बच्ची को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन को सौपा गया।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चो को सुरक्षित बचाने का एक निरन्तर और संवेदनशील अभियान है।यह केवल एक ऑपरेशन नही बल्कि उन अनगिनत बच्चो के लिए जीवनरेखा है जो किसी कारणवश अपने घरो से दूर भटक जाते पहल के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है जिससे बाल श्रम बाल तस्करी तथा लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में रेलवे सुरक्षा बल टीम द्वारा ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अन्तर्गत 334 लड़को 153 लड़कियो सहित कुल 487 बच्चो को सुरक्षित बचाया गया।इसी क्रम में दिनांक 27.01.2026 को प्रयागराज जंक्शन पर एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया।माघ मेला बंदोबस्त के दौरान प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या–01 पर बीट इंचार्ज उपनिरीक्षक डब्लू.कुमार (08 बटालियन/डी कम्पनी) को लगभग 12:35 बजे स्कूल ड्रेस पहने एक नाबालिग बच्ची अकेली एवं रोती हुई अवस्था में मिली।सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ करने पर बच्ची ने अपना नाम निवासी थाना कोखराज जिला कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)बताया तथा बताया कि वह घर से नाराज होकर अपने माता-पिता को छोड़कर चली आई है।नाबालिग बच्ची को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज लाया गया।तत्पश्चात रेलवे सुरक्षा बल प्रयागराज के उपनिरीक्षक गौरव द्वारा रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज के केस वर्कर को सूचित किया गया।सूचना पर प्रयागराज चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज पहुँचे।तत्पश्चात बच्ची को विधिवत अग्रिम आवश्यक कार्यवाही हेतु रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज को सुपुर्द किया गया।रेलवे प्रशासन यात्रियो एवं आमजन से अपील करता है कि यदि किसी नाबालिग बच्चे को अकेले असहाय या संदिग्ध अवस्था में देखे तो तुरन्त रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दे जिससे समय रहते उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

योगी सरकार के प्रयास से मीरजापुर में वज्रपात मौतों में आई 50 प्रतिशत की कमी
*- सीएम योगी ने प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम*

*- भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है मीरजापुर*

*-आई०एम०डी लखनऊ के प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और आई०आई०टी रुड़की से पढ़े हुए लोगों के शोध के फलस्वरूप जनहानियों को किया गया कम*
                                                                                                                                             *- लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगे ई०एस०ई लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए*

*लखनऊ, 28 जनवरी:* योगी सरकार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में लगातार ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। इसी के तहत मीरजापुर में “लाइटनिंग रेज़िलिएंसी” यानी आकाशीय बिजली से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। योगी सरकार के इस कदम से मीरजापुर में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे न्यूनतम और शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। योगी सरकार का लाइटनिंग रेज़िलिएंसी माॅडल देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। बता दें कि मीरजापुर देश के सबसे अधिक बिजली प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

*यू०पी०एस०डी०एम०ए एवं राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपद मीरजापुर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान से किया गया मजबूत*
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर (डीoडीoएमoए) के अध्यक्ष/जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को हर हाल में रोकने और न्यूनतम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के साथ मजबूत किया गया। मीरजापुर में लाइटनिंग मिटिगेशन प्रोजेक्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या घटकर 14 रह गई, जबकि वर्ष 2019 में 30, वर्ष 2020 में 28, वर्ष 2021 में 23 और वर्ष 2022 में 30 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।

*वैज्ञानिक अध्ययन के बाद चिन्हित हुए ‘लाइटनिंग हॉटस्पॉट’*
मीरजापुर भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गयी। योगी सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इस पर डीoडीoएमoए मीरजापुर द्वारा पिछले चार से पांच वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के परियोजना आंकलन, आईआईटीएम पुणे के वज्रपात गिरने के स्थलीय डाटा, आईoआईoटी रुड़की के पढ़े लोगों द्वारा किए गए शोध और सीoआरoओoपीoसी के द्वारा वज्रपात के परिप्रेक्ष में जनपद का किया गया संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में आंकलन के अनुसार  पता लगाया गया कि अधिकांश मौतें खुले मैदान, पेड़ के नीचे, जल स्रोतों के पास और कच्चे मकानों में होती हैं। अध्ययन के बाद मीरजापुर में लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप तैयार किया गया, जिसके आधार पर सुरक्षा उपाय तय किए गए।

*लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगाए गए अर्ली स्ट्रीमर एमिशन के लाइटनिंग अरेस्टर*
लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर पहले चरण में मीरजापुर के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में 80 स्थानों पर अर्ली स्ट्रीमर एमिशन (ईoएसoई) आधारित लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए। बता दें कि ये उपकरण बिजली को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में जान-माल की हानि नहीं होती। कई अरेस्टर में लगे इंडिकेटर यह दर्शाते हैं कि उन्होंने कई बार बिजली को सफलतापूर्वक अवशोषित किया है।

*पूरे जिले में चलाया गया वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम*
योगी सरकार की रणनीति केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही बल्कि ब्लॉक, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम’ के तहत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों को बिजली गिरने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से समय से चेतावनी प्राप्त करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इतना ही नहीं मीरजापुर की सभी 809 ग्राम पंचायतों में माइकिंग, जागरूकता रथ, पोस्टर, वीडियो और पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं के जरिए संदेश पहुंचाया गया। सिनेमा हॉलों में भी बिजली से बचाव पर आधारित वीडियो दिखाए गए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी चेतावनियों को तेजी से आमजन तक पहुंचाया गया। योगी सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि मीरजापुर में वर्तमान में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ट्रैक्टर बाइक की आमने सामने भिड़ंत में दो युवक की मौत

फर्रुखाबाद l अमृतपुर कस्बे के मुख्य बस अड्डे पर बाइक और ट्रैक्टर की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवक घायल हो गए।  बस अड्डे पर ट्रैक्टर  बांसी अड्डे की तरफ जा रहा था जिस पर मोरम लदी हुई थी। उधर सामने से कस्बा निवासी सत्यम पुत्र दिलीप शोभित पुत्र तिलकराम उर्फ पहाड़ी मोटरसाइकिल से आ रहे थे। तभी अचानक ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। जिससे बाइक ट्रैक्टर के पहियों में उलझ गई और दोनों बाइक सवार युवक ट्रैक्टर के नीचे आ गए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई और रोड पूरी तरीके से जाम हो गया। ट्रैक्टर चालक वहां से भाग गया।

जानकारी मिलने पर थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया। व ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया। घायल युवकों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भेजा दिया। जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई। इस अचानक घटी घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
नगर निगम सदन में वंदे मातरम की गीत के साथ महापौर ने किया ध्वजारोहण।

देश की एकता को एक सूत्र में पिरोता है वंदे मातरम-महापौर

पार्षदगण एवं विभाग के सभी अधिकारी/कर्मचारियो ने गया राष्ट्रगान रंगोली और तिरंगे से सजा नगर निगम।

वायुसेना के पायलटो को बचाने वाले युवकों को किया गया सम्मानित।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम प्रयागराज में गणतंत्र दिवस पर सभी अधिकारियो कर्मचारियो के साथ महापौर एवं नगर आयुक्त ने राष्ट्रगान बन्दे मातरम गीत की ध्वनि में झण्डा फहराया।तत्पश्चात नगर निगम प्रांगण में रंगोलियो से 77 वाँ गणतंत्र दिवस लिखा गया एवं"स्वच्छ आदत से स्वच्छ भारत"के स्लोगन पर जीरो वेस्ट की रंगोली भी बनाई गई जो लोगों को आकर्षित करने योग्य रहा उसके बाद सदन में बैठक के दौरान नगर आयुक्त साई तेजा ने उपस्थित लोगो का अभिवादन किया महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा वंदे मातरम देश की एकता को एक सूत्र में पिरोने का मंत्र है। 150 साल पूर्व वन्दे मातरम की रचना करने वाले बंकिम चन्द्र चटर्जी की प्रतिमा लगाई जाएगी।महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने बताया कि सदन में यह निर्णय लिया गया है।जवाहर लाल नेहरू रोड पर एक पार्क में प्रतिमा लगाई जाएगी।विशेषज्ञो के साथ प्रतिमा के आकार पर विचार किया जाएगा।इसी कड़ी में प्रयागराज वायुसेना के दो पायलटों को तालाब में फंसे एयरक्राफ्ट से सुरक्षित निकालने वाले पंकज सोनकर आलोक यादव और लाल साहब निषाद को नगर निगम सम्मानित द्वारा साहसिक कार्य हेतु सम्मानित किया गया इन सभी लोगो ने तकनीकी खराबी के बाद पैराशूट के जरिए केपी कालेज के पास तालाब में उतरे वायुसेना के एयरक्राफ्ट से दोनो पायलटों को तीनो ने सुरक्षित बाहर निकाला था।बैठक में चर्चा के दौरान पार्षद आकाश सोनकर और नेम यादव ने इन्हें सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा था।इस दौरान नगर आयुक्त सीलम साई तेजा अपर नगर आयुक्त राजीव शुक्ला दीपेंद्र यादव अरविन्द राय पी. के.मिश्रा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी जनसम्पर्क अधिकारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी जलकल विभाग स्वास्थ्य विभाग पशु विभाग आदि के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची से कराना सुनिश्चित करे राज्य सरकार.....बाबूलाल मरांडी

मरांडी ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि झारखंड में नगर निकाय का चुनाव अक्टूबर 2024 की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाने की तैयारी है।

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कहा कि नगर निकाय चुनाव उसी वोटर लिस्ट से होगा, जिससे विधानसभा चुनाव हुए थे। यानी 1 अक्टूबर 2024 से पहले जुड़े वोटर ही वोट कर सकेंगे। इस स्थिति में, पिछले 15 महीनों में मतदाता सूची में शामिल हुए नए मतदाता तथा वे मतदाता जिन्होंने अपना नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराया है, नगर निकाय चुनाव में अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे।

कहा कि यह सर्वविदित है कि मतदाता सूची का वार्षिक/अर्द्धवार्षिक पुनरीक्षण नियमित रूप से होता है। इसके बावजूद यदि पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। लोकतंत्र में मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित रखना गंभीर अन्याय है।

कहा कि राज्य सरकार से हमारी मांग है कि नगर निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं, ताकि शहर की सरकार चुनने की प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति में सीएटल में तिरंगा फहरा, गणतंत्र दिवस का भव्य उत्सव”

वाणिज्य दूतावास में नए कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर का उद्घाटन

कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से फहराया तिंरगा

अत्यधिक सर्दी का मौसम होने के बाद भी अद्भुत उत्साह से मनाया गणतंत्र दिवस

भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना: साध्वी भगवती सरस्वती


ऋषिकेश। अमेरिका के सीएटल शहर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक नेता साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई दी। उनका संदेश भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और वैश्विक मानवता के मूल्यों का प्रतीक बना। समारोह की शुरुआत फेडरल रिज़र्व भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। अत्यधिक ठंड के बावजूद, 300 से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से भारतीय तिरंगा फहराया गया, जो पैसिफिक ओशन से भी दिखाई देता है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, “भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना है।

भारतीय संविधान केवल कागज़ का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उन ऋषियों की दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है जिन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व के सामने रखा।” उन्होंने तिरंगे को त्याग, शांति और साहस का प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति और मूल्यों का वैश्विक महत्व रेखांकित किया। सीएटल की मेयर  केटी विल्सन, भारतीय काउंसल जनरल  प्रकाश गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मेयर विल्सन ने भारत और सीएटल के बीच दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को रेखांकित किया। इस अवसर पर इंडिया कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। यह सेंटर अब वाणिज्य दूतावास के साथ सह-स्थित है और क्षेत्र में बढ़ते भारतीय समुदाय को सुलभ, बेहतर और सशक्त कांसुलर सेवाएँ प्रदान करेगा। गणतंत्र दिवस के सम्मान में वॉशिंगटन स्टेट सीनेट ने विशेष सत्र आयोजित किया और प्रस्ताव संख्या 8674 पारित कर भारत की लोकतांत्रिक विरासत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को औपचारिक रूप से सम्मानित किया।

यह प्रस्ताव भारतीय-अमेरिकी स्टेट सीनेटर मंका ढींगरा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि भारतीय मूल की स्टेट सीनेटर वंदना स्लेटर ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव में भारतीय समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका को विशेष रूप से स्वीकार किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, विविधता, आपसी सम्मान और साझी मानवता के मूल्यों का उत्सव मनाया। साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक चेतना से युक्त वैश्विक संवाद में बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आत्मा उसके संविधान, लोकतंत्र और आध्यात्मिक मूल्यों में निहित है, जो आज संपूर्ण विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन केवल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और मूल्यों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण भी साबित हुआ।
9 वर्षीय आयुष को मिली नई जिन्दगी एसआरएन अस्पताल में दुर्लभ सर्जरी सफल

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल  चिकित्सको ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी कर 9 वर्षीय बालक आयुष को नई जिन्दगी दी है।आयुष पिछले एक वर्ष से चेहरे के बाएं हिस्से में सूजन और दर्द से पीड़ित था।25 दिसम्बर 2025 को उसे कैंसर सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया जहां जांच में बाएं जबड़े (मैंडिबल)में एमेलोब्लास्टोमा नामक दुर्लभ ट्यूमर की पुष्टि हुई।यह बीमारी बच्चो में अत्यन्त दुर्लभ मानी जाती है।29 दिसम्बर को प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं उप-प्राचार्य(वाइस प्रिंसिपल) डॉ मोहित जैन और कैंसर सर्जन डॉ.राजुल अभिषेक के नेतृत्व में लगभग आठ घंटे तक चली सर्जरी में बाएं जबड़े को निकालकर पैर की हड्डी (फिबुला)से जबड़े का सफल पुनर्निर्माण किया गया।

डॉ. राजुल अभिषेक ने बताया यह सर्जरी बच्चो में विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होती है।हमारा उद्देश्य केवल ट्यूमर को पूरी तरह निकालना ही नही बल्कि बच्चे के चेहरे की बनावट चबाने और बोलने की क्षमता को भी सुरक्षित रखना माइक्रोवैस्कुलर तकनीक से की गई इस सर्जरी के बाद आयुष तेजी से स्वस्थ हुआ और 6 जनवरी 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन ने सर्जिकल एनेस्थीसिया नर्सिग एवं पुनर्वास टीम के समन्वित प्रयासो की सराहना की।क्या होता है।एमेलोब्लास्टोमा जबड़े की हड्डी में होने वाला एक दुर्लभ ट्यूमर है,जो अधिकतर निचले जबड़े को प्रभावित करता है।यह धीरे-धीरे बढ़ता है लेकिन समय पर इलाज न हो तो चेहरे की बनावट बिगाड़ सकता है और चबाने-बोलने में दिक्कत पैदा कर सकता है

।मुख्य लक्षण:
•चेहरे या जबड़े में सूजन
•लम्बे समय तक बना रहने वाला दर्द
•चेहरे की असमानता इलाज:
•सर्जरी मुख्य उपचार
• जरूरत पड़ने पर जबड़े का पुनर्निर्माण

डॉ.राजुल अभिषेक ने सलाह देते हुए कहाकि चेहरे या शरीर के किसी भी हिस्से में बनी रहने वाली गांठ या सूजन की अनदेखी न करे समय रहते जांच कराना बेहद जरूरी है।
JAC बोर्ड परीक्षा-2026 की तैयारी को लेकर रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल

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रांची जिला में वर्ग अष्टम में नामांकित तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित की जानेवाली बोर्ड परीक्षा 2026 की सुदृढ़ तैयारी के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर प्री-बोर्ड परीक्षा का आज शुभारंभ किया गया। परीक्षा की शुरुआत उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र संबंधित ग्रुप में भेजकर की गई। जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट टीम द्वारा विकसित JAC प्रारूप के अनुसार MCQ आधारित प्रश्नपत्र एवं OMR SHEET का ऑनलाइन प्रेषण किया गया। सभी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुद्रित प्रश्नपत्र एवं OMR शीट विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सत्र 2025-26 में नामांकित एवं JAC पोर्टल पर पंजीकृत जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 26,000 छात्र-छात्राओं के लिए आज से प्री-बोर्ड परीक्षा का संचालन प्रारंभ हुआ।

परीक्षा के पहले दिन आज प्रथम पाली में हिन्दी तथा द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 97 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी को अंग्रेज़ी एवं विज्ञान तथा 31 जनवरी को गणित एवं संस्कृत अथवा क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

फरवरी के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाफल की समीक्षा करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि जिले में शत-प्रतिशत परीक्षाफल के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। विदित हो कि JAC द्वारा बोर्ड परीक्षा की तिथि 24 फरवरी निर्धारित की गई है। तब तक विहित प्रारूप के प्रश्नपत्रों की श्रृंखला के माध्यम से ओएमआर शीट पर अभ्यास कराते हुए बेहतर एवं विशिष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राँची जिला पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से राँची जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इस वर्ष और बेहतर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राँची नगरपालिका चुनाव: 'अशांति फैलाई तो खैर नहीं', उपायुक्त ने दिए अपराधियों पर पैनी नजर और अवैध हथियारों की धरपकड़ के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कानून-व्यवस्था और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।

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अपराधियों पर 'रेड अलर्ट', सोशल मीडिया पर भी नजर

बैठक में उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमानत पर छूटे अपराधियों और संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

हथियार जमा करने और सघन जांच के आदेश

शस्त्र समर्पण: सभी शस्त्र अनुज्ञप्ति धारकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने हथियार थानों में जमा करने का निर्देश दिया गया है।

अवैध शराब और नकदी: अवैध शराब की तस्करी और वोटरों को लुभाने के लिए नकदी के अवैध लेन-देन को रोकने के लिए 'स्टैटिक सर्विलांस टीम' (SST) को सघन वाहन जांच करने को कहा गया है।

भ्रामक खबरें: सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए चुनावी माहौल बिगाड़ने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

समन्वय और सतर्कता ही सफलता का मंत्र

बैठक में सिटी एसपी श्री पारस राणा और ग्रामीण एसपी श्री प्रवीण पुष्कर सहित कई वरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच आपसी समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है।

केन्द्रिय अस्पताल उत्तर मध्य रेलवे में महाप्रबन्धक ने किया आधुनिक सुविधाओ का शुभारम्भ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।केन्द्रिय अस्पताल उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज में महा प्रबन्धक उत्तर मध्य रेलवे नरेश पाल सिंह द्वारा दो अत्याधुनिक चिकित्सा प्रणालियो का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह कदम अस्पताल के उस संकल्प को और मजबूत करता है,जिसके अन्तर्गत करुणामय देखभाल के साथ नवीनतम तकनीक को एकीकृत किया जा रहा है।इस अवसर पर दंत चिकित्सा विभाग में नवीनतम मॉडल की मल्टी-प्रोग्रामेबल डेंटल चेयर और पैथोलॉजी विभाग में VITEK® 2 कॉम्पैक्ट सिस्टम का शुभारंभ किया गया।

दंत चिकित्सा विभाग-

इस अवसर पर डॉ.मंजुलता हांडू एसीएचडी (डेंटल) ने नवीनतम मॉडल की मल्टी-प्रोग्रामेबल डेंटल चेयर के कमीशनिंग के विषय में जानकारी दी।यह डेंटल चेयर इनबिल्ट स्केलर लाइट-क्योर यूनिट माइक्रोमोटर इन्ट्रा-ओरल कैमरा, आरवीजी (RVG) तथा पोर्टेबल एक्स-रे यूनिट से सुसज्जित है, जिससे त्वरित इमेजिंग एवं शीघ्र निदान संभव हो सकेगा।इसके अतिरिक्त प्रणाली में पीरियोडोन्टल लेज़र की सुविधा भी उपलब्ध है जो बायोप्सी एवं मसूड़ों के उपचार को न्यूनतम आघात एवं नगण्य रक्तस्राव के साथ संभव बनाती है, जिससे रोगियो के आराम और उपचार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पैथोलॉजी विभाग-

एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में डॉ.उषा एस.पी. यादव एसीएचडी माइक्रोबायोलॉजी ने VITEK® 2 कॉम्पैक्ट सिस्टम के बारे में जानकारी दी।उन्होंने कहा कि जिससे केंद्रीय अस्पताल एनसीआर में त्वरित सूक्ष्मजीव निदान के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है।अपने सम्बोधन में उन्होंने पहचान एवं एंटीबायोटिक ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (ID/AST) के नैदानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी की आधारशिला बताया।उन्होंने स्पष्ट किया कि VITEK® 2 कॉम्पैक्ट जैसे स्वचालित सिस्टम उन्नत कलरिमीट्रिक एवं टर्बिडीमेट्रिक तकनीको का उपयोग कर बैक्टीरिया एवं फंगल रोगजनको की सटीक पहचान तथा लक्षित एंटीबायोटिक संवेदनशीलता परिणाम कुछ ही घन्टों में उपलब्ध कराते है जो दवा-प्रतिरोधी संक्रमणो से निपटने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।इस अवसर पर डॉ.संजीव कुमार हांडू ने अपने सम्बोधन में अस्पताल की उल्लेखनीय उपलब्धियो पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभी विभागो ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन किया है तथा कुल कार्यभार में 15% से 20% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।उन्होंने विभागाध्यक्षो एवं समस्त स्टाफ की निष्ठा व्यावसायिक दक्षता और अथक प्रयासो की सराहना करते हुए कहा कि“जब टीमवर्क एक संस्कृति बन जाता है,तब उत्कृष्टता एक आदत बन जाती है।अस्पताल की दूरदर्शी सोच को प्रतिबिंबित करते हुए डॉ हांडू ने जी+3 एवं जी+6 भवनों के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी जिनमें नई विशेषीकृत इकाइयाँ स्थापित की जाएँगी।यह पहल रोगी-केद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस उद्घाटन समारोह में रेलवे मुख्यालय एवं मंडल स्तर के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे जिनमें एजीएम जोगिंदर सिंह लाकड़ा पीसीएमडी डॉ.राकेश निगम डीआरएम रजनीश अग्रवाल सीएमएस डॉ.सुरेन्द्र नाथ सहित अस्पताल परिवार के चिकित्सक अधिकारी एवं कर्मचारीगण सम्मिलित थे।

ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत नाबालिग बच्ची को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन को सौपा गया।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चो को सुरक्षित बचाने का एक निरन्तर और संवेदनशील अभियान है।यह केवल एक ऑपरेशन नही बल्कि उन अनगिनत बच्चो के लिए जीवनरेखा है जो किसी कारणवश अपने घरो से दूर भटक जाते पहल के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है जिससे बाल श्रम बाल तस्करी तथा लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में रेलवे सुरक्षा बल टीम द्वारा ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अन्तर्गत 334 लड़को 153 लड़कियो सहित कुल 487 बच्चो को सुरक्षित बचाया गया।इसी क्रम में दिनांक 27.01.2026 को प्रयागराज जंक्शन पर एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया।माघ मेला बंदोबस्त के दौरान प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या–01 पर बीट इंचार्ज उपनिरीक्षक डब्लू.कुमार (08 बटालियन/डी कम्पनी) को लगभग 12:35 बजे स्कूल ड्रेस पहने एक नाबालिग बच्ची अकेली एवं रोती हुई अवस्था में मिली।सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ करने पर बच्ची ने अपना नाम निवासी थाना कोखराज जिला कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)बताया तथा बताया कि वह घर से नाराज होकर अपने माता-पिता को छोड़कर चली आई है।नाबालिग बच्ची को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज लाया गया।तत्पश्चात रेलवे सुरक्षा बल प्रयागराज के उपनिरीक्षक गौरव द्वारा रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज के केस वर्कर को सूचित किया गया।सूचना पर प्रयागराज चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज पहुँचे।तत्पश्चात बच्ची को विधिवत अग्रिम आवश्यक कार्यवाही हेतु रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज को सुपुर्द किया गया।रेलवे प्रशासन यात्रियो एवं आमजन से अपील करता है कि यदि किसी नाबालिग बच्चे को अकेले असहाय या संदिग्ध अवस्था में देखे तो तुरन्त रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दे जिससे समय रहते उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

योगी सरकार के प्रयास से मीरजापुर में वज्रपात मौतों में आई 50 प्रतिशत की कमी
*- सीएम योगी ने प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम*

*- भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है मीरजापुर*

*-आई०एम०डी लखनऊ के प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और आई०आई०टी रुड़की से पढ़े हुए लोगों के शोध के फलस्वरूप जनहानियों को किया गया कम*
                                                                                                                                             *- लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगे ई०एस०ई लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए*

*लखनऊ, 28 जनवरी:* योगी सरकार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में लगातार ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। इसी के तहत मीरजापुर में “लाइटनिंग रेज़िलिएंसी” यानी आकाशीय बिजली से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। योगी सरकार के इस कदम से मीरजापुर में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे न्यूनतम और शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। योगी सरकार का लाइटनिंग रेज़िलिएंसी माॅडल देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। बता दें कि मीरजापुर देश के सबसे अधिक बिजली प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

*यू०पी०एस०डी०एम०ए एवं राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपद मीरजापुर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान से किया गया मजबूत*
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर (डीoडीoएमoए) के अध्यक्ष/जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को हर हाल में रोकने और न्यूनतम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के साथ मजबूत किया गया। मीरजापुर में लाइटनिंग मिटिगेशन प्रोजेक्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या घटकर 14 रह गई, जबकि वर्ष 2019 में 30, वर्ष 2020 में 28, वर्ष 2021 में 23 और वर्ष 2022 में 30 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।

*वैज्ञानिक अध्ययन के बाद चिन्हित हुए ‘लाइटनिंग हॉटस्पॉट’*
मीरजापुर भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गयी। योगी सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इस पर डीoडीoएमoए मीरजापुर द्वारा पिछले चार से पांच वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के परियोजना आंकलन, आईआईटीएम पुणे के वज्रपात गिरने के स्थलीय डाटा, आईoआईoटी रुड़की के पढ़े लोगों द्वारा किए गए शोध और सीoआरoओoपीoसी के द्वारा वज्रपात के परिप्रेक्ष में जनपद का किया गया संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में आंकलन के अनुसार  पता लगाया गया कि अधिकांश मौतें खुले मैदान, पेड़ के नीचे, जल स्रोतों के पास और कच्चे मकानों में होती हैं। अध्ययन के बाद मीरजापुर में लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप तैयार किया गया, जिसके आधार पर सुरक्षा उपाय तय किए गए।

*लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगाए गए अर्ली स्ट्रीमर एमिशन के लाइटनिंग अरेस्टर*
लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर पहले चरण में मीरजापुर के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में 80 स्थानों पर अर्ली स्ट्रीमर एमिशन (ईoएसoई) आधारित लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए। बता दें कि ये उपकरण बिजली को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में जान-माल की हानि नहीं होती। कई अरेस्टर में लगे इंडिकेटर यह दर्शाते हैं कि उन्होंने कई बार बिजली को सफलतापूर्वक अवशोषित किया है।

*पूरे जिले में चलाया गया वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम*
योगी सरकार की रणनीति केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही बल्कि ब्लॉक, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम’ के तहत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों को बिजली गिरने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से समय से चेतावनी प्राप्त करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इतना ही नहीं मीरजापुर की सभी 809 ग्राम पंचायतों में माइकिंग, जागरूकता रथ, पोस्टर, वीडियो और पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं के जरिए संदेश पहुंचाया गया। सिनेमा हॉलों में भी बिजली से बचाव पर आधारित वीडियो दिखाए गए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी चेतावनियों को तेजी से आमजन तक पहुंचाया गया। योगी सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि मीरजापुर में वर्तमान में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ट्रैक्टर बाइक की आमने सामने भिड़ंत में दो युवक की मौत

फर्रुखाबाद l अमृतपुर कस्बे के मुख्य बस अड्डे पर बाइक और ट्रैक्टर की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवक घायल हो गए।  बस अड्डे पर ट्रैक्टर  बांसी अड्डे की तरफ जा रहा था जिस पर मोरम लदी हुई थी। उधर सामने से कस्बा निवासी सत्यम पुत्र दिलीप शोभित पुत्र तिलकराम उर्फ पहाड़ी मोटरसाइकिल से आ रहे थे। तभी अचानक ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। जिससे बाइक ट्रैक्टर के पहियों में उलझ गई और दोनों बाइक सवार युवक ट्रैक्टर के नीचे आ गए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई और रोड पूरी तरीके से जाम हो गया। ट्रैक्टर चालक वहां से भाग गया।

जानकारी मिलने पर थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया। व ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया। घायल युवकों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भेजा दिया। जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई। इस अचानक घटी घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
नगर निगम सदन में वंदे मातरम की गीत के साथ महापौर ने किया ध्वजारोहण।

देश की एकता को एक सूत्र में पिरोता है वंदे मातरम-महापौर

पार्षदगण एवं विभाग के सभी अधिकारी/कर्मचारियो ने गया राष्ट्रगान रंगोली और तिरंगे से सजा नगर निगम।

वायुसेना के पायलटो को बचाने वाले युवकों को किया गया सम्मानित।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम प्रयागराज में गणतंत्र दिवस पर सभी अधिकारियो कर्मचारियो के साथ महापौर एवं नगर आयुक्त ने राष्ट्रगान बन्दे मातरम गीत की ध्वनि में झण्डा फहराया।तत्पश्चात नगर निगम प्रांगण में रंगोलियो से 77 वाँ गणतंत्र दिवस लिखा गया एवं"स्वच्छ आदत से स्वच्छ भारत"के स्लोगन पर जीरो वेस्ट की रंगोली भी बनाई गई जो लोगों को आकर्षित करने योग्य रहा उसके बाद सदन में बैठक के दौरान नगर आयुक्त साई तेजा ने उपस्थित लोगो का अभिवादन किया महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा वंदे मातरम देश की एकता को एक सूत्र में पिरोने का मंत्र है। 150 साल पूर्व वन्दे मातरम की रचना करने वाले बंकिम चन्द्र चटर्जी की प्रतिमा लगाई जाएगी।महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने बताया कि सदन में यह निर्णय लिया गया है।जवाहर लाल नेहरू रोड पर एक पार्क में प्रतिमा लगाई जाएगी।विशेषज्ञो के साथ प्रतिमा के आकार पर विचार किया जाएगा।इसी कड़ी में प्रयागराज वायुसेना के दो पायलटों को तालाब में फंसे एयरक्राफ्ट से सुरक्षित निकालने वाले पंकज सोनकर आलोक यादव और लाल साहब निषाद को नगर निगम सम्मानित द्वारा साहसिक कार्य हेतु सम्मानित किया गया इन सभी लोगो ने तकनीकी खराबी के बाद पैराशूट के जरिए केपी कालेज के पास तालाब में उतरे वायुसेना के एयरक्राफ्ट से दोनो पायलटों को तीनो ने सुरक्षित बाहर निकाला था।बैठक में चर्चा के दौरान पार्षद आकाश सोनकर और नेम यादव ने इन्हें सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा था।इस दौरान नगर आयुक्त सीलम साई तेजा अपर नगर आयुक्त राजीव शुक्ला दीपेंद्र यादव अरविन्द राय पी. के.मिश्रा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी जनसम्पर्क अधिकारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी जलकल विभाग स्वास्थ्य विभाग पशु विभाग आदि के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची से कराना सुनिश्चित करे राज्य सरकार.....बाबूलाल मरांडी

मरांडी ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि झारखंड में नगर निकाय का चुनाव अक्टूबर 2024 की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाने की तैयारी है।

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कहा कि नगर निकाय चुनाव उसी वोटर लिस्ट से होगा, जिससे विधानसभा चुनाव हुए थे। यानी 1 अक्टूबर 2024 से पहले जुड़े वोटर ही वोट कर सकेंगे। इस स्थिति में, पिछले 15 महीनों में मतदाता सूची में शामिल हुए नए मतदाता तथा वे मतदाता जिन्होंने अपना नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराया है, नगर निकाय चुनाव में अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे।

कहा कि यह सर्वविदित है कि मतदाता सूची का वार्षिक/अर्द्धवार्षिक पुनरीक्षण नियमित रूप से होता है। इसके बावजूद यदि पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। लोकतंत्र में मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित रखना गंभीर अन्याय है।

कहा कि राज्य सरकार से हमारी मांग है कि नगर निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं, ताकि शहर की सरकार चुनने की प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति में सीएटल में तिरंगा फहरा, गणतंत्र दिवस का भव्य उत्सव”

वाणिज्य दूतावास में नए कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर का उद्घाटन

कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से फहराया तिंरगा

अत्यधिक सर्दी का मौसम होने के बाद भी अद्भुत उत्साह से मनाया गणतंत्र दिवस

भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना: साध्वी भगवती सरस्वती


ऋषिकेश। अमेरिका के सीएटल शहर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक नेता साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई दी। उनका संदेश भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और वैश्विक मानवता के मूल्यों का प्रतीक बना। समारोह की शुरुआत फेडरल रिज़र्व भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। अत्यधिक ठंड के बावजूद, 300 से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से भारतीय तिरंगा फहराया गया, जो पैसिफिक ओशन से भी दिखाई देता है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, “भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना है।

भारतीय संविधान केवल कागज़ का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उन ऋषियों की दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है जिन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व के सामने रखा।” उन्होंने तिरंगे को त्याग, शांति और साहस का प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति और मूल्यों का वैश्विक महत्व रेखांकित किया। सीएटल की मेयर  केटी विल्सन, भारतीय काउंसल जनरल  प्रकाश गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मेयर विल्सन ने भारत और सीएटल के बीच दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को रेखांकित किया। इस अवसर पर इंडिया कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। यह सेंटर अब वाणिज्य दूतावास के साथ सह-स्थित है और क्षेत्र में बढ़ते भारतीय समुदाय को सुलभ, बेहतर और सशक्त कांसुलर सेवाएँ प्रदान करेगा। गणतंत्र दिवस के सम्मान में वॉशिंगटन स्टेट सीनेट ने विशेष सत्र आयोजित किया और प्रस्ताव संख्या 8674 पारित कर भारत की लोकतांत्रिक विरासत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को औपचारिक रूप से सम्मानित किया।

यह प्रस्ताव भारतीय-अमेरिकी स्टेट सीनेटर मंका ढींगरा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि भारतीय मूल की स्टेट सीनेटर वंदना स्लेटर ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव में भारतीय समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका को विशेष रूप से स्वीकार किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, विविधता, आपसी सम्मान और साझी मानवता के मूल्यों का उत्सव मनाया। साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक चेतना से युक्त वैश्विक संवाद में बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आत्मा उसके संविधान, लोकतंत्र और आध्यात्मिक मूल्यों में निहित है, जो आज संपूर्ण विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन केवल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और मूल्यों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण भी साबित हुआ।
9 वर्षीय आयुष को मिली नई जिन्दगी एसआरएन अस्पताल में दुर्लभ सर्जरी सफल

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल  चिकित्सको ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी कर 9 वर्षीय बालक आयुष को नई जिन्दगी दी है।आयुष पिछले एक वर्ष से चेहरे के बाएं हिस्से में सूजन और दर्द से पीड़ित था।25 दिसम्बर 2025 को उसे कैंसर सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया जहां जांच में बाएं जबड़े (मैंडिबल)में एमेलोब्लास्टोमा नामक दुर्लभ ट्यूमर की पुष्टि हुई।यह बीमारी बच्चो में अत्यन्त दुर्लभ मानी जाती है।29 दिसम्बर को प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं उप-प्राचार्य(वाइस प्रिंसिपल) डॉ मोहित जैन और कैंसर सर्जन डॉ.राजुल अभिषेक के नेतृत्व में लगभग आठ घंटे तक चली सर्जरी में बाएं जबड़े को निकालकर पैर की हड्डी (फिबुला)से जबड़े का सफल पुनर्निर्माण किया गया।

डॉ. राजुल अभिषेक ने बताया यह सर्जरी बच्चो में विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होती है।हमारा उद्देश्य केवल ट्यूमर को पूरी तरह निकालना ही नही बल्कि बच्चे के चेहरे की बनावट चबाने और बोलने की क्षमता को भी सुरक्षित रखना माइक्रोवैस्कुलर तकनीक से की गई इस सर्जरी के बाद आयुष तेजी से स्वस्थ हुआ और 6 जनवरी 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन ने सर्जिकल एनेस्थीसिया नर्सिग एवं पुनर्वास टीम के समन्वित प्रयासो की सराहना की।क्या होता है।एमेलोब्लास्टोमा जबड़े की हड्डी में होने वाला एक दुर्लभ ट्यूमर है,जो अधिकतर निचले जबड़े को प्रभावित करता है।यह धीरे-धीरे बढ़ता है लेकिन समय पर इलाज न हो तो चेहरे की बनावट बिगाड़ सकता है और चबाने-बोलने में दिक्कत पैदा कर सकता है

।मुख्य लक्षण:
•चेहरे या जबड़े में सूजन
•लम्बे समय तक बना रहने वाला दर्द
•चेहरे की असमानता इलाज:
•सर्जरी मुख्य उपचार
• जरूरत पड़ने पर जबड़े का पुनर्निर्माण

डॉ.राजुल अभिषेक ने सलाह देते हुए कहाकि चेहरे या शरीर के किसी भी हिस्से में बनी रहने वाली गांठ या सूजन की अनदेखी न करे समय रहते जांच कराना बेहद जरूरी है।