देवघर-के पुराना मीना बाजार बस स्टैंड में 10 दिवसीय राजकीय खादी ग्रामोद्योग मेला 2026 का आयोजन।
देवघर:
के पुराना मीना बाजार बस स्टैंड में राज्य स्तरीय 10 दिवसीय खादी ग्रामोद्योग 2026 मेला लगाया गया है।जो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवा पीढ़ी हृदय से खादी को अपना सके, इसी सोच को आगे रखते हुए देवघर में राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम आयोजित की गई है।
जो वर्तमान में देश की मांग भी है। एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा खादी को अपनाने पर बल दिया जाता रहा है। इसी सोच को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के अध्यक्ष, मनोज कुमार के कुशल नेतृत्व में आयोग द्वारा खादी एवं स्वदेश निर्मित ग्रामोद्योग का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
ताकि देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके और वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दिया जा सके। झारखण्ड की सांस्कृतिक राजधानी देवघर में आयोजित में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार), राज्य कार्यालय, रांची द्वारा आयोजित भव्य राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी (विपणन), 2025-26 का आज पांचवां दिन है
एवं देवघर की जनता स्वदेशी प्रेमी है, यह प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़ को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदर्शनी सह विक्री के विशेष आकर्षण :- स्वदेशी उत्पाद जैसे- सूती, रेशमी, ऊनी एवं पोलीवस्त्र के खादी कपड़े की उपलब्धता। खासकर सिल्क में झारखंड का मशहूर तसर सिल्क, तसर कटिया, पोली कटिया, सिल्क मटका, सिल्क मलबरी साड़ी, तसर साड़ी, गरड़ साड़ी, सिल्क बलकल, सिल्क अंगवस्त्र, तसर शॉल, रेडीमेड रेशमी बंडी, रेशमी कुर्ता-कुर्ती, रेशमी सर्ट-पैंट की पुरजोर बिक्री। सूती खादी में सूती थान, सूती धोती, साड़ी, गमछा, चादर, रेडीमेड कुर्ता-पाजामा, सुती बंडी, सुती अंगवस्त्र प्रदर्शन एवं बिक्री हेतु उपलब्ध। मसलीन खादी में-- मसलीन थान, रेडीमेड कुर्ता-पाजामा मशहूर मलमल जो बहुत ही बारीक एवं फाईन हाते हैं,
विशेष आकर्षण के केन्द्र। महिलाओं के लिए विशेष आर्कषण बिहार के मधुबनी पिंट की साड़ी, ब्लाक प्रिंट, स्क्रीन प्रिंट, कत्था स्टीप, रिवर्स कत्था, झारखंड का मशहूर सोहराई प्रिंट की साड़ी, असम की वाटिका प्रिंट की साड़ियों वाले स्टॉल पर महिलाओं की भीड़। शहद, अगरबत्ती, हर्बल उत्पाद तथा हस्तनिर्मित वस्तुओं की उपलब्धता। उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पाद एवं हस्तशिल्प आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र। प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों पर कारीगरों द्वारा उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं नई पीढ़ी के युवा कर रहे प्रदर्शनी का अवलोकन । कारीगरों और उद्यमियों के लिए उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का बेहतर अवसर है यह प्रदर्शनी। प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बन रहा पूरा वातावरण उत्सवमय। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत-संगीत एवं नृत्य कार्यक्रमों का दर्शकों ने लिया भरपूर आनंद। बच्चों एवं कला-प्रेमियों के लिए प्रदर्शनी बना आकर्षण एवं मनोरंजन का केन्द्र । आगंतुकों को खादी के महत्व तथा ग्रामोद्योग योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। आयोजकों ने आम जनता से प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में जनता से आने की अपील की। इस प्रदर्शनी की समाप्ति में सिर्फ पांच दिन शेष हैं। अतः देवघर एवं उसके आसपास की संताल परगना की आम जनता से अपील है कि प्रदर्शनी में आकर स्वदेशी उत्पाद खरीदकर महात्मा गांधी जी के स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में पहल करें। इससे न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि स्वदेशी का प्रचार-प्रसार होगा एवं देश की पूंजी देश में रहेगी एवं बेरोजगारों एवं ग्रामीण कारीगरों को रोजगार का अवसर मिलेगा एवं प्रधानमंत्री के "2047 तक भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर देश बनाने" के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सार्थक पहल होगी।
25 min ago
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