हजारीबाग: पेलावल पुलिस ने 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन धंधेबाजों को किया गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के पेलावल ओ.पी. क्षेत्र के पबरा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने 169 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों और एक महिला सप्लायर समेत कुल तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को 14 मई 2026 की सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि पबरा गांव में अवैध ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

जंगल से हुई गिरफ्तारी छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पबरा गांव के बोंगा रोड स्थित जंगल में दबिश दी। वहां से पुलिस ने अविनाश कुमार (ग्राम पबरा) और संदीप कुमार उर्फ निक्की (ग्राम हदारी, ईचाक) को 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें नशे की यह खेप किरण कुमारी उर्फ काजल कुमार (पति दीपक कुमार मेहता) द्वारा सप्लाई की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

जप्त सामग्री और आपराधिक इतिहास पुलिस ने आरोपियों के पास से 169 ग्राम ब्राउन शुगर के अलावा 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संदीप कुमार उर्फ निक्की का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ ईचाक थाना में पहले से ही एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दो मामले (कांड संख्या 164/2025 और 31/2026) दर्ज हैं।

पुलिस टीम में शामिल अधिकारी इस सफल अभियान में एएसपी अमित कुमार, सदर एसडीपीओ अमित आनंद (IPS), पेलावल ओ.पी. प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय, ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार और लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने कटकमसांड़ी (पेलावल) थाना में कांड संख्या 70/2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला मरीज की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

हजारीबाग जिले के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है।

जानकारी के अनुसार मृतका उत्तरी शिवपुरी निवासी सरिता कुमारी थीं, जो थैलेसीमिया से पीड़ित थीं और नियमित इलाज के लिए अस्पताल आती थीं। बताया गया कि वे अपने पति एवं 8 वर्षीय पुत्री के साथ उपचार हेतु अस्पताल पहुंची थीं, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तथा उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। इस दौरान अस्पताल कर्मियों से सहायता की मांग की गई, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई और उपचार के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद विक्की कुमार धान अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं दूरभाष पर भी बातचीत नहीं हो पाई। विक्की कुमार धान ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को ऑक्सीजन उपलब्धता, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था पर बना रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन।  कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष राजेश गिरी ने की व बैठक का संचालन  शोभित मिश्र ने किया। इस मौके पर बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन करते हुए विधायक अनिल वर्मा  ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने अपने बूथों को मजबूत करने का कार्य करे जब हमारा बूथ मजबूत होगा तभी हमारी विधानसभा मजबूत होगी उन्होंने कहा  कि इस जुमले बाज भाजपा सरकार ने अब तक के कार्यकाल में कुछ भी नहीं किया है केवल जनता को सिर्फ जाति धर्म के नाम पर बांटने का कार्य किया है। बैठक को युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने भी संबोधित किया और कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली शक्ति होते हैं आप सभी समाजवादी विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने व पार्टी को मजबूत बनाने में अपना सहयोग करें।

बैठक को जिला उपाध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह, अतुल वर्मा, नगर अध्यक्ष मेराज मेहबूब, कुलदीप सिंह, मीसम खान ने भी सम्बोधित किया इस अवसर पर सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह, अमरेंद्र वर्मा, राधे वर्मा, भागीरथ मौर्या, अरशद अंसारी, कमल किशोर मिश्रा, गया प्रसाद मौर्या, मो० शोएब, चन्दा अली, प्रशान्त गुप्ता, श्याम शर्मा, नीलेश रस्तोगी, जय सिंह, चंद्रपाल, महिपाल, धीरू यादव, अनुराग वर्मा, कल्लन अंसारी, रामनरेश वर्मा, जाबिर खान, मोहम्मद जकी,सहित भारी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बियर के पैसे’ न देने पर छात्र को रास्ते में रोककर हमला, सीसीटीवी वीडियो वायरल

गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र में एक छात्र के साथ मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर कोतवाली क्षेत्र के एसपी इलेक्ट्रॉनिक आवास विकास के सामने यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि 17 वर्षीय छात्र प्रखर श्रीवास्तव अपना एडमिट कार्ड निकलवाने के लिए एक साइबर कैफे जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कुछ युवकों ने उसे रोक लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि खुद को ‘छोटी सेना’ गैंग से जुड़ा बताने वाले युवकों ने छात्र से बीयर पीने के लिए 2 हजार रुपये की मांग की। जब छात्र ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि अर्पित पांडेय, अभिषेक कश्यप, देवेंद्र श्रीवास्तव समेत अन्य युवकों ने मिलकर छात्र के साथ हाथापाई की। वायरल सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ युवक छात्र को सड़क पर रोकते और उसके साथ धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद एक युवक ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन विवाद बढ़ता गया। घटना के बाद हमलावरों में से एक युवक कथित तौर पर पीड़ित की मोटरसाइकिल पर बैठकर आगे चला गया। पीड़ित छात्र के पिता आशीष कुमार श्रीवास्तव ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है और जांच के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जनपद के समस्त गो आश्रय स्थलों पर साफ सफाई, स्वच्छता बरतने के निर्देश-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग

*छोटे तथा बड़े गोवंश को अलग-अलग रखने की की जाय व्यवस्था-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग*


*गोण्डा 14 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में उपाध्यक्ष उ०प्र० गो सेवा आयोग उ०प्र० लखनऊ श्री अतुल सिंह तथा सदस्य श्री राजेश सिंह सेंगर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद ने प्रतिभाग किया।

बैठक में समस्त गो आश्रय स्थलों पर हरे चारे की व्यवस्था पाई गयी जिस पर  उपाध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी की प्रशन्सा की गई तथा निर्देशित किया गया कि जिन गो आश्रय स्थल पर हरा चारा उपलब्ध नहीं है, वहां साइलेज खिलाया जाय तथा समय से हरा चारा/साइलेज, भूसा तथा पशुआहार समय से कराया जाय।

गोवंश को पीने हेतु पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा पानी की चरही की नियमित साफ-सफाई की जाय। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चरही की ऊंचाई ऐसी हो कि बड़े पशुओं के साथ-साथ छोटे पशुओं को भी पानी पीने में किसी प्रकार की समस्या न हो।

कृषकों को जैविक खेती / प्राकृतिक खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, जिससे खाद्य सामग्रियों में होने वाले रासायनिक खाद के प्रयोग को रोक कर जहर मुक्त अनाज, फल एवं सब्जियों का उत्पादन किया जा सके। स्थानीय स्तर पर खेतों में रासायनिक खाद के बदले कम्पोस्ट / जैविक खाद के उपयोग हेतु जागरूकता फैलाया जाय।

गो आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाने के लिए नवचार किया जाए। गोशाला में उपलब्ध गोबर तथा गो मूत्र से उपयोगी वस्तुओं यथा, गोबर के गमले, दिये आदि का उत्पादन कराया जाये। जनपद के नर्सरियों में गोबर से बने गमलों के इस्तेमाल से जहां एक ओर गोबर का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी तरफ पालीथिन के उपयोग में व्यापक रूप से कमी आयेगी तथा यूरिया पर निर्भरता घटेगी।

उन्होंने कहा है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल में बीमार तथा अशक्त गोवंश को पृथक रखने के लिए सिकवार्ड बनाये जायें तथा उनकी विशेष देखभाल की जाय। सिकवार्ड को चारों तरफ से ढक कर बीमार एवं अशक्त गोवंशों को पक्षियों आदि से बचाव सुनिश्चित किया जाय।

समस्त अस्थाई / स्थाई गो आश्रय स्थलों में छायादार वृक्षों का रोपण अवश्य कराया जाय, जिससे गोवंश को गर्मी के मौसम में आवश्यक छाया मिल सके। राज्य सरकार द्वारा गो आश्रय स्थलों को दिये जाने वाले धनराशि का पूरी ईमानदारी के साथ सदुपयोग किया जाय। सभी संबंधित अधिकारीगण गोशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करायें तथा इसका अकंन निरीक्षण आख्या में भी करें।

गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लान्ट लगवाये जाये जिससे वैकल्पिक ऊर्जा उत्पन्न हो तथा वर्तमान की संकट का समाधान हो सकें। गाय का दूध अमृत के सामान है। ऐसे में पूज्यनीय महाराज जी की मंशानुसार स्वदेशी नस्ल की दुधारू गायों का सवर्धन किया जाय। इस क्रम में सभी लोगों के द्वारा सकारात्मक सोच एवं पूरी तन्मयता के साथ गो संवर्धन का कार्य किया जाय।

बैठक के दौरान अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग देवीपाटन मण्डल गोण्डा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गो सेवकों सहित समिति के समस्त पदाधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
जमानत निर्दोष होने का सबूत नहीं": आलमगीर आलम की रिहाई पर जश्न को लेकर बाबूलाल मरांडी का हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आलमगीर आलम को बेल मिलने और इसपर कांग्रेसियों द्वारा मनाए जा रहे जश्न पर को लेकर सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि यह केवल उम्र और बीमारी के आधार पर कड़ी शर्तों के साथ मिली अंतरिम राहत है, अंतिम फैसला नहीं।

उन्होंने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से जमानत पर बाहर आने का मौका मिला। लेकिन इसे “बाइज्जत बरी” होना समझने की भूल कोई न करे।

श्री मरांडी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि उनके समर्थक और लाभार्थी जमानत पर ऐसे जश्न मना रहे हैं मानो कोई क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो। मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, पटाखे फोड़े जा रहे हैं, आतिशबाज़ी हो रही है। क्या करोड़ों रुपये की कथित काली कमाई, कमीशनखोरी और गरीबों के हिस्से पर डाका डालने के आरोप अब उत्सव मनाने लायक उपलब्धि बन चुके हैं?

उन्होंने कहा कि जिस मामले में मंत्री के निजी सचिव के घरेलू सहायक के घर से करीब ₹32.20 करोड़ नकद बरामद हुए हों, वहाँ जनता सवाल पूछेगी ही। आखिर एक घरेलू सहायक के घर में नोटों का पहाड़ कैसे खड़ा हो गया? नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ी थीं। पूरा देश टीवी पर वह दृश्य देख रहा था और झारखंड शर्म से सिर झुकाए खड़ा था।

साथ ही श्री मरांडी ने कहा कि याद रखिए, जमानत मिल जाना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं होता। मुकदमा अभी बाकी है, अदालतें अभी बाकी हैं और कानून की प्रक्रिया अभी लंबी चलेगी। सत्ता, संपर्क और संसाधनों के दम पर कुछ समय की राहत तो मिल सकती है, लेकिन ऐसे मामलों का दाग आसानी से नहीं मिटता। अगर भरोसा न हो तो लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक और कानूनी सफर को देख लीजिए। सत्ता गई, उम्र ढली, स्वास्थ्य बिगड़ा, लेकिन पुराने मामलों की परछाई आज भी पीछा नहीं छोड़ रही। भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत की दस्तक देर से जरूर आती है, पर आती जरूर है।

झारखंड में अनाधिकृत मकानों को नियमित कराने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च

रांची:-नगर विकास मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहाँ राज्य की जनता को एक मौक़ा प्रदान किया जा रहा है कि वे अनाधिकृत तरीक़े से बने अपने मकानों का नियमितीकरण करा सकेंगे । जो लोग चिंतित थे कि उनके अनियमित मकानों का क्या होगा सरकार इस दिशा में राहत देते हुए भवन नियमितीकरण योजना ले कर आई है । अब लोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे।

भवन नियमितीकरण योजना की सफलता के लिए लोगों का सहयोग एवं समर्थन जरूरी

श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्रबल इच्छाशक्ति थी कि राज्य के लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों को नियमितीकरण करने का एक मौक़ा जरूर दिया जाना चाहिए । इसी के मद्देनजर नगर विकास विभाग ने बड़े कठिन और अथक प्रयासों के बाद यह योजना तैयार हुई है और अब ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो गया है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का समर्थन और सहयोग जरूरी है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके ।

भवन नियमितीकरण के उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों का अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के अपना मकान बना लिए है ये उन लोगों के लिए एक मौक़ा है। सरकार ने नियमितीकरण नियमावली को बहुत ही सरल और लिबरल बनाया है और नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है । इसके उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही है।

शहरीकरण व्यवस्थित ढंग से हो इसके प्रति सरकार गंभीर

प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है । इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है । रांची में 3 फ्लाइओवर बन कर तैयार हैं, सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर भी ऑनगोइंग है । अरगोड़ा , करमटोली और हरमू 3 नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का निदेश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड ,फुटपाथ , टाउनहॉल, नाली सभी व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड हो। इस दिशा में काम जारी है। म्युनिसिपल के रेवन्यू बढ़ाने पर भी फोकस है । मानव संसाधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है । टाउन प्लानर , इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 को हम योजना कह सकते हैं । इससे लोगों को एक बार मौका दिया जा रहा है कि वे अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। उन्होंने इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। कहा कि इसके शुभारंभ से लेकर 2 माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना है और 6 माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय लिया जा सकेगा ।साथ ही G+2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा ।

भवन नियमितीकरण योजना लोगों के लिए राहत

श्री सूरज कुमार डायरेक्टर सूडा ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है । किसी कारण से लोगों ने अपने मकान को बिना नक्शा पास कराए बना लिया है ,ऐसे अनाधिकृत रूप से बने भवन का नियमतीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।भवन नियमितीकरण योजना का लाभ सभी लोग उठायें । झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 का लाभ लेने के लिए पोर्टल का शुभारंभ हो गया है । इस पोर्टल में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें । आवेदन के लिए 2माह का समय है। राशि का भुगतान भी किस्तों में कर सकेंगे । सरकार ने लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान किया है।

इस अवसर पर पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन करना है इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन निदेशक सूडा श्री सूरज कुमार ने मंत्री जी के समक्ष दिया ।

इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार , अपर सचिव जुल्फिकार अली , धनबाद नगर आयुक्त श्री आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे ।

पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026: आवेदन की अंतिम तिथि 17 मई तक बढ़ी, छात्रहित में परिषद का फैसला

लखनऊ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब अभ्यर्थी 17 मई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों और विभिन्न शिक्षण संस्थाओं की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 11 मई किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा था।
परिषद के अनुसार 11 मई 2026 तक 2,71,093 सीटों के सापेक्ष चार लाख से अधिक अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं, जो परीक्षा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे विस्तारित समयसीमा का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन परिषद की आधिकारिक वेबसाइट jeecup.admissions.nic.in पर जाकर किए जा सकते हैं।
परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी परिषद के हेल्पलाइन नंबर 0522-2630106, 2630695, 2630667 और 2636589 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
ई-रिक्शा से दफ्तर पहुंचे उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, ‘नो व्हीकल डे’ की अपील
* ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्वजनिक परिवहन अपनाने का दिया संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल करते हुए गुरुवार को अपने 19, गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास से उद्यान निदेशालय तक ई-रिक्शा से यात्रा की।
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में की गई। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना, प्रदूषण कम करना और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। यदि लोग सप्ताह में कुछ दिन भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें तो ईंधन की खपत और ट्रैफिक दबाव दोनों में कमी लाई जा सकती है।
उद्यान मंत्री ने आमजन से निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने और अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं, नागरिकों तथा सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों से भी सार्वजनिक परिवहन को अपनाने का आह्वान किया। इसी क्रम में उद्यान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर विभाग में ईंधन और ऊर्जा बचत के लक्ष्य तय किए गए।
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाएं और उस दिन सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय आएं-जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में भी एक ही रूट से आने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी समन्वय बनाकर एक ही वाहन का उपयोग करें, ताकि ईंधन की बचत हो सके।
हजारीबाग: पेलावल पुलिस ने 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन धंधेबाजों को किया गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के पेलावल ओ.पी. क्षेत्र के पबरा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने 169 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों और एक महिला सप्लायर समेत कुल तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को 14 मई 2026 की सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि पबरा गांव में अवैध ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

जंगल से हुई गिरफ्तारी छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पबरा गांव के बोंगा रोड स्थित जंगल में दबिश दी। वहां से पुलिस ने अविनाश कुमार (ग्राम पबरा) और संदीप कुमार उर्फ निक्की (ग्राम हदारी, ईचाक) को 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें नशे की यह खेप किरण कुमारी उर्फ काजल कुमार (पति दीपक कुमार मेहता) द्वारा सप्लाई की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

जप्त सामग्री और आपराधिक इतिहास पुलिस ने आरोपियों के पास से 169 ग्राम ब्राउन शुगर के अलावा 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संदीप कुमार उर्फ निक्की का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ ईचाक थाना में पहले से ही एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दो मामले (कांड संख्या 164/2025 और 31/2026) दर्ज हैं।

पुलिस टीम में शामिल अधिकारी इस सफल अभियान में एएसपी अमित कुमार, सदर एसडीपीओ अमित आनंद (IPS), पेलावल ओ.पी. प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय, ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार और लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने कटकमसांड़ी (पेलावल) थाना में कांड संख्या 70/2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला मरीज की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

हजारीबाग जिले के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है।

जानकारी के अनुसार मृतका उत्तरी शिवपुरी निवासी सरिता कुमारी थीं, जो थैलेसीमिया से पीड़ित थीं और नियमित इलाज के लिए अस्पताल आती थीं। बताया गया कि वे अपने पति एवं 8 वर्षीय पुत्री के साथ उपचार हेतु अस्पताल पहुंची थीं, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तथा उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। इस दौरान अस्पताल कर्मियों से सहायता की मांग की गई, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई और उपचार के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद विक्की कुमार धान अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं दूरभाष पर भी बातचीत नहीं हो पाई। विक्की कुमार धान ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को ऑक्सीजन उपलब्धता, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था पर बना रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन।  कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष राजेश गिरी ने की व बैठक का संचालन  शोभित मिश्र ने किया। इस मौके पर बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन करते हुए विधायक अनिल वर्मा  ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने अपने बूथों को मजबूत करने का कार्य करे जब हमारा बूथ मजबूत होगा तभी हमारी विधानसभा मजबूत होगी उन्होंने कहा  कि इस जुमले बाज भाजपा सरकार ने अब तक के कार्यकाल में कुछ भी नहीं किया है केवल जनता को सिर्फ जाति धर्म के नाम पर बांटने का कार्य किया है। बैठक को युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने भी संबोधित किया और कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली शक्ति होते हैं आप सभी समाजवादी विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने व पार्टी को मजबूत बनाने में अपना सहयोग करें।

बैठक को जिला उपाध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह, अतुल वर्मा, नगर अध्यक्ष मेराज मेहबूब, कुलदीप सिंह, मीसम खान ने भी सम्बोधित किया इस अवसर पर सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह, अमरेंद्र वर्मा, राधे वर्मा, भागीरथ मौर्या, अरशद अंसारी, कमल किशोर मिश्रा, गया प्रसाद मौर्या, मो० शोएब, चन्दा अली, प्रशान्त गुप्ता, श्याम शर्मा, नीलेश रस्तोगी, जय सिंह, चंद्रपाल, महिपाल, धीरू यादव, अनुराग वर्मा, कल्लन अंसारी, रामनरेश वर्मा, जाबिर खान, मोहम्मद जकी,सहित भारी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बियर के पैसे’ न देने पर छात्र को रास्ते में रोककर हमला, सीसीटीवी वीडियो वायरल

गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र में एक छात्र के साथ मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर कोतवाली क्षेत्र के एसपी इलेक्ट्रॉनिक आवास विकास के सामने यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि 17 वर्षीय छात्र प्रखर श्रीवास्तव अपना एडमिट कार्ड निकलवाने के लिए एक साइबर कैफे जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कुछ युवकों ने उसे रोक लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि खुद को ‘छोटी सेना’ गैंग से जुड़ा बताने वाले युवकों ने छात्र से बीयर पीने के लिए 2 हजार रुपये की मांग की। जब छात्र ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि अर्पित पांडेय, अभिषेक कश्यप, देवेंद्र श्रीवास्तव समेत अन्य युवकों ने मिलकर छात्र के साथ हाथापाई की। वायरल सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ युवक छात्र को सड़क पर रोकते और उसके साथ धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद एक युवक ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन विवाद बढ़ता गया। घटना के बाद हमलावरों में से एक युवक कथित तौर पर पीड़ित की मोटरसाइकिल पर बैठकर आगे चला गया। पीड़ित छात्र के पिता आशीष कुमार श्रीवास्तव ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है और जांच के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जनपद के समस्त गो आश्रय स्थलों पर साफ सफाई, स्वच्छता बरतने के निर्देश-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग

*छोटे तथा बड़े गोवंश को अलग-अलग रखने की की जाय व्यवस्था-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग*


*गोण्डा 14 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में उपाध्यक्ष उ०प्र० गो सेवा आयोग उ०प्र० लखनऊ श्री अतुल सिंह तथा सदस्य श्री राजेश सिंह सेंगर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद ने प्रतिभाग किया।

बैठक में समस्त गो आश्रय स्थलों पर हरे चारे की व्यवस्था पाई गयी जिस पर  उपाध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी की प्रशन्सा की गई तथा निर्देशित किया गया कि जिन गो आश्रय स्थल पर हरा चारा उपलब्ध नहीं है, वहां साइलेज खिलाया जाय तथा समय से हरा चारा/साइलेज, भूसा तथा पशुआहार समय से कराया जाय।

गोवंश को पीने हेतु पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा पानी की चरही की नियमित साफ-सफाई की जाय। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चरही की ऊंचाई ऐसी हो कि बड़े पशुओं के साथ-साथ छोटे पशुओं को भी पानी पीने में किसी प्रकार की समस्या न हो।

कृषकों को जैविक खेती / प्राकृतिक खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, जिससे खाद्य सामग्रियों में होने वाले रासायनिक खाद के प्रयोग को रोक कर जहर मुक्त अनाज, फल एवं सब्जियों का उत्पादन किया जा सके। स्थानीय स्तर पर खेतों में रासायनिक खाद के बदले कम्पोस्ट / जैविक खाद के उपयोग हेतु जागरूकता फैलाया जाय।

गो आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाने के लिए नवचार किया जाए। गोशाला में उपलब्ध गोबर तथा गो मूत्र से उपयोगी वस्तुओं यथा, गोबर के गमले, दिये आदि का उत्पादन कराया जाये। जनपद के नर्सरियों में गोबर से बने गमलों के इस्तेमाल से जहां एक ओर गोबर का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी तरफ पालीथिन के उपयोग में व्यापक रूप से कमी आयेगी तथा यूरिया पर निर्भरता घटेगी।

उन्होंने कहा है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल में बीमार तथा अशक्त गोवंश को पृथक रखने के लिए सिकवार्ड बनाये जायें तथा उनकी विशेष देखभाल की जाय। सिकवार्ड को चारों तरफ से ढक कर बीमार एवं अशक्त गोवंशों को पक्षियों आदि से बचाव सुनिश्चित किया जाय।

समस्त अस्थाई / स्थाई गो आश्रय स्थलों में छायादार वृक्षों का रोपण अवश्य कराया जाय, जिससे गोवंश को गर्मी के मौसम में आवश्यक छाया मिल सके। राज्य सरकार द्वारा गो आश्रय स्थलों को दिये जाने वाले धनराशि का पूरी ईमानदारी के साथ सदुपयोग किया जाय। सभी संबंधित अधिकारीगण गोशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करायें तथा इसका अकंन निरीक्षण आख्या में भी करें।

गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लान्ट लगवाये जाये जिससे वैकल्पिक ऊर्जा उत्पन्न हो तथा वर्तमान की संकट का समाधान हो सकें। गाय का दूध अमृत के सामान है। ऐसे में पूज्यनीय महाराज जी की मंशानुसार स्वदेशी नस्ल की दुधारू गायों का सवर्धन किया जाय। इस क्रम में सभी लोगों के द्वारा सकारात्मक सोच एवं पूरी तन्मयता के साथ गो संवर्धन का कार्य किया जाय।

बैठक के दौरान अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग देवीपाटन मण्डल गोण्डा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गो सेवकों सहित समिति के समस्त पदाधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
जमानत निर्दोष होने का सबूत नहीं": आलमगीर आलम की रिहाई पर जश्न को लेकर बाबूलाल मरांडी का हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आलमगीर आलम को बेल मिलने और इसपर कांग्रेसियों द्वारा मनाए जा रहे जश्न पर को लेकर सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि यह केवल उम्र और बीमारी के आधार पर कड़ी शर्तों के साथ मिली अंतरिम राहत है, अंतिम फैसला नहीं।

उन्होंने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से जमानत पर बाहर आने का मौका मिला। लेकिन इसे “बाइज्जत बरी” होना समझने की भूल कोई न करे।

श्री मरांडी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि उनके समर्थक और लाभार्थी जमानत पर ऐसे जश्न मना रहे हैं मानो कोई क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो। मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, पटाखे फोड़े जा रहे हैं, आतिशबाज़ी हो रही है। क्या करोड़ों रुपये की कथित काली कमाई, कमीशनखोरी और गरीबों के हिस्से पर डाका डालने के आरोप अब उत्सव मनाने लायक उपलब्धि बन चुके हैं?

उन्होंने कहा कि जिस मामले में मंत्री के निजी सचिव के घरेलू सहायक के घर से करीब ₹32.20 करोड़ नकद बरामद हुए हों, वहाँ जनता सवाल पूछेगी ही। आखिर एक घरेलू सहायक के घर में नोटों का पहाड़ कैसे खड़ा हो गया? नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ी थीं। पूरा देश टीवी पर वह दृश्य देख रहा था और झारखंड शर्म से सिर झुकाए खड़ा था।

साथ ही श्री मरांडी ने कहा कि याद रखिए, जमानत मिल जाना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं होता। मुकदमा अभी बाकी है, अदालतें अभी बाकी हैं और कानून की प्रक्रिया अभी लंबी चलेगी। सत्ता, संपर्क और संसाधनों के दम पर कुछ समय की राहत तो मिल सकती है, लेकिन ऐसे मामलों का दाग आसानी से नहीं मिटता। अगर भरोसा न हो तो लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक और कानूनी सफर को देख लीजिए। सत्ता गई, उम्र ढली, स्वास्थ्य बिगड़ा, लेकिन पुराने मामलों की परछाई आज भी पीछा नहीं छोड़ रही। भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत की दस्तक देर से जरूर आती है, पर आती जरूर है।

झारखंड में अनाधिकृत मकानों को नियमित कराने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च

रांची:-नगर विकास मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहाँ राज्य की जनता को एक मौक़ा प्रदान किया जा रहा है कि वे अनाधिकृत तरीक़े से बने अपने मकानों का नियमितीकरण करा सकेंगे । जो लोग चिंतित थे कि उनके अनियमित मकानों का क्या होगा सरकार इस दिशा में राहत देते हुए भवन नियमितीकरण योजना ले कर आई है । अब लोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे।

भवन नियमितीकरण योजना की सफलता के लिए लोगों का सहयोग एवं समर्थन जरूरी

श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्रबल इच्छाशक्ति थी कि राज्य के लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों को नियमितीकरण करने का एक मौक़ा जरूर दिया जाना चाहिए । इसी के मद्देनजर नगर विकास विभाग ने बड़े कठिन और अथक प्रयासों के बाद यह योजना तैयार हुई है और अब ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो गया है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का समर्थन और सहयोग जरूरी है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके ।

भवन नियमितीकरण के उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों का अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के अपना मकान बना लिए है ये उन लोगों के लिए एक मौक़ा है। सरकार ने नियमितीकरण नियमावली को बहुत ही सरल और लिबरल बनाया है और नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है । इसके उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही है।

शहरीकरण व्यवस्थित ढंग से हो इसके प्रति सरकार गंभीर

प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है । इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है । रांची में 3 फ्लाइओवर बन कर तैयार हैं, सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर भी ऑनगोइंग है । अरगोड़ा , करमटोली और हरमू 3 नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का निदेश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड ,फुटपाथ , टाउनहॉल, नाली सभी व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड हो। इस दिशा में काम जारी है। म्युनिसिपल के रेवन्यू बढ़ाने पर भी फोकस है । मानव संसाधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है । टाउन प्लानर , इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 को हम योजना कह सकते हैं । इससे लोगों को एक बार मौका दिया जा रहा है कि वे अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। उन्होंने इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। कहा कि इसके शुभारंभ से लेकर 2 माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना है और 6 माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय लिया जा सकेगा ।साथ ही G+2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा ।

भवन नियमितीकरण योजना लोगों के लिए राहत

श्री सूरज कुमार डायरेक्टर सूडा ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है । किसी कारण से लोगों ने अपने मकान को बिना नक्शा पास कराए बना लिया है ,ऐसे अनाधिकृत रूप से बने भवन का नियमतीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।भवन नियमितीकरण योजना का लाभ सभी लोग उठायें । झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 का लाभ लेने के लिए पोर्टल का शुभारंभ हो गया है । इस पोर्टल में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें । आवेदन के लिए 2माह का समय है। राशि का भुगतान भी किस्तों में कर सकेंगे । सरकार ने लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान किया है।

इस अवसर पर पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन करना है इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन निदेशक सूडा श्री सूरज कुमार ने मंत्री जी के समक्ष दिया ।

इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार , अपर सचिव जुल्फिकार अली , धनबाद नगर आयुक्त श्री आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे ।

पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026: आवेदन की अंतिम तिथि 17 मई तक बढ़ी, छात्रहित में परिषद का फैसला

लखनऊ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब अभ्यर्थी 17 मई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों और विभिन्न शिक्षण संस्थाओं की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 11 मई किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा था।
परिषद के अनुसार 11 मई 2026 तक 2,71,093 सीटों के सापेक्ष चार लाख से अधिक अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं, जो परीक्षा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे विस्तारित समयसीमा का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन परिषद की आधिकारिक वेबसाइट jeecup.admissions.nic.in पर जाकर किए जा सकते हैं।
परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी परिषद के हेल्पलाइन नंबर 0522-2630106, 2630695, 2630667 और 2636589 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
ई-रिक्शा से दफ्तर पहुंचे उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, ‘नो व्हीकल डे’ की अपील
* ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्वजनिक परिवहन अपनाने का दिया संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल करते हुए गुरुवार को अपने 19, गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास से उद्यान निदेशालय तक ई-रिक्शा से यात्रा की।
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में की गई। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना, प्रदूषण कम करना और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। यदि लोग सप्ताह में कुछ दिन भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें तो ईंधन की खपत और ट्रैफिक दबाव दोनों में कमी लाई जा सकती है।
उद्यान मंत्री ने आमजन से निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने और अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं, नागरिकों तथा सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों से भी सार्वजनिक परिवहन को अपनाने का आह्वान किया। इसी क्रम में उद्यान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर विभाग में ईंधन और ऊर्जा बचत के लक्ष्य तय किए गए।
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाएं और उस दिन सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय आएं-जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में भी एक ही रूट से आने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी समन्वय बनाकर एक ही वाहन का उपयोग करें, ताकि ईंधन की बचत हो सके।