‘मौत का बक्सा’ बन गई ट्रेन: पिता ने बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े, गोमतीनगर एक्सप्रेस में छोड़ा शव

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले युवती के कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक साजिश थी, जिसमें एक पिता ने ही अपनी 16 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के सेवरही निवासी आरोपी अपनी बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। परिवार में इसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी को डर था कि उसकी बेटी भी अपनी बहनों की तरह प्रेम विवाह न कर ले। इसी आशंका और कथित सामाजिक बदनामी के डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।

आरोपी बहन व बहनोई के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने घर से पत्नी और बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। घर में केवल किशोरी और बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया। देर शाम घर के अंदर ही किशोरी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को धारदार हथियार से कई हिस्सों में काटा गया। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर तालाब में फेंक दिया गया, जबकि हाथ-पैर और धड़ को प्लास्टिक व पुराने कपड़ों में लपेटकर बक्से में भर दिया गया।

शव का सिर गायब था, जिससे नहीं हो पा रही थी पहचान

इसके बाद आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ ई-रिक्शा से तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में वह बक्सा छोड़कर फरार हो गया। लेकिन आरोपी यह नहीं जानता था कि स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे उसकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो कोच में पड़े संदिग्ध बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर युवती के शव के टुकड़े देखकर सभी दंग रह गए। शव का सिर गायब था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली

जीआरपी और आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
किसानों का विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर 23 मई को आयोजित होगा
फर्रुखाबाद l जनपद के किसानो सुविधा एवं उनके वाहनों से संबंधित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 23 मई 2026 को एक विशेष किसान ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी  इटावा-बरेली मार्ग, फर्रुखाबाद में आयोजित होगा।
शिविर के माध्यम से किसानों को ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित आवश्यक सेवाएं सरल एवं सुगम रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविर में पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन, आवश्यक अभिलेखों की जांच तथा अन्य संबंधित प्रक्रियाएं पूर्ण की जाएंगी, जिससे किसानों को विभागीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा जनपद के सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर शिविर का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।
प्रशासन द्वारा यह प्रयास किसानों को सुगम, पारदर्शी एवं जनहितकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

#superelnino2026startsinmayheatwaveweakmonsoondroughtor_floods

देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा फैसला

#westbengalsuvendugovtbigdicisionvandematarammandatoryinall_madrasa

पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बंगाल के सभी मदरसों में क्लास शुरू होने से पहले प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा। इसके लिए अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने की पुष्टि

राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था।

मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य

तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।

स्कूलों के बाद अब मदरसों के लिए आदेश

इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने 14 मई को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्' गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। अब इसी नीति को बढ़ाते हुए इसे मदरसों में भी लागू कर दिया गया है।

सुल्तानपुर में कंटेनर-ट्रेलर टक्कर अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर भीषण हादसे में चालक का कटा पैर,हुई मौत*
सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुप्तारगंज कस्बे के चंडिका देवी धाम के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर और कंटेनर की आमने-सामने की टक्कर में कंटेनर चालक की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही थाना कूरेभार पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल कंटेनर चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर भेजा गया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद चालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान धम्मौर थाना क्षेत्र के बनकेपुर निवासी मोहम्मद कफील के रूप में हुई है। चालक की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भारी वाहन तेज गति से गुजर रहे थे, तभी अचानक अनियंत्रित होकर उनमें जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और देर रात तक यातायात बहाल कराया। थाना कूरेभार के थानाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी ने बताया कि घायल कंटेनर चालक मोहम्मद कफील की उपचार के दौरान मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। बल्दीराय के सीओ आशुतोष कुमार ने जानकारी दी कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान महिला अनुदेशक की मौत,अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक कर रही एक महिला अनुदेशक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना आज गुरुवार की सुबह कोतवाली नगर अमहट क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय रानीगंज के पास हुई। अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं,जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला की पहचान दीपिका गुप्ता के रूप में हुई है, जो अमहट, सुल्तानपुर की निवासी थीं। वह अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और अजय आनंद गुप्ता (मास्टर) की पत्नी थीं। उनके दो छोटे बच्चे हैं,9 वर्षीय ओजस और 5 वर्षीय सिवांजय हैं। पुलिस के अनुसार, दीपिका गुप्ता अपनी दो सहेलियों स्नेहलता पाण्डेय और पूनम तिवारी के साथ कर्मयोगी नगर मोहल्ले से मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। मौहरिया के पास पीछे से आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपिका गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया। घायल महिलाओं में स्नेहलता पाण्डेय,जो दुर्गेश पांडेय (प्रधानाचार्य) की पत्नी हैं,और पूनम तिवारी, जो शिव शरण तिवारी की पत्नी हैं,दोनों महिलाएं कर्मयोगी नगर, महुअरिया,अमहट सुल्तानपुर की निवासी हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना नगर कोतवाली के अमहट चौकी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के ठीक सामने हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया,पुलिस जांच में जुटी*
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के देवरा पूरे बसुई गांव में 22 वर्षीय युवक मंजीत कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मंजीत कुमार (22 वर्ष) 17 मई,दिन रविवार की शाम करीब 6 बजे आटा चक्की से आटा लाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने से ठीक पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। रात करीब 8 बजे मंजीत ने फोन पर बताया कि वह "अभी आ रहा है।" इसके बाद रात करीब 10:30 बजे दोबारा बात होने पर उन्होंने परिजनों से खाना खाकर सो जाने को कहा और सुबह आने की बात कही। अगली सुबह,18 मई को उनका फोन पहले व्यस्त आया और फिर स्विच ऑफ हो गया। परिजनों को लगा कि फोन बंद होने के कारण मंजीत देर-सवेर घर लौट आएगा। हालांकि, सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि मंजीत का शव जंगल में लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि मंजीत का शव प्लास्टिक की रबड़ के सहारे पेड़ से लटका था और उनके पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंजीत के शरीर पर मिले निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। उनके गुप्तांग पर चोट के गहरे निशान थे और खून बह रहा था। बाएं हाथ में ब्लेड से चीरा लगाने जैसा घाव था,जबकि दाहिने घुटने पर चोट के निशान के साथ खून बह रहा था। कमर से लेकर दाहिने पैर की गांठ तक मारपीट के कारण शरीर काला पड़ गया था और उनके सारे कपड़े गीले थे। मृतक के भाई राजकुमार ने बल्दीराय थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने और मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत पीवीयूएनएल में विशाल वृक्षारोपण अभियान आयोजित

पीवीयूएनएल, पतरातु द्वारा आज ऐश माउंड क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत एक विशाल वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री ए.के. सहगल, सीईओ पीवीयूएनएल, श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम प्रोजेक्ट, श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), श्री विष्णु दत्ता दास, जीएम प्रोजेक्ट तथा श्री जियाउल रहमान, हेड ऑफ एचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सहभागिता की।

वृक्षारोपण अभियान में आसपास के गांवों बलकुदरा, जयनगर एवं लबगा के मुखियाओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं स्वच्छता के महत्व पर बल दिया गया। पीवीयूएनएल द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु इस प्रकार के अभियान निरंतर चलाए जा रहे हैं।

दवा विक्रेताओ ने मांगो को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी

फर्रुखाबाद l अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, जनस्वास्थ्य पर उत्पन्न गंभीर खतरे तथा छोटे केमिस्टों के संरक्षण हेतु तत्काल हस्तक्षेप किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया l बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को दिया l
बुधवार को जनपद भर के सभी दवा दुकानें एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में बंद रखी है। यह कदम लंबे समय से संबंधित प्राधिकरणों से लगातार चल रहा है l उन्होंने कहा कि इंटरनेट माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही न होने के विरोध स्वरूप यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि
देशभर के लाखों केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं में व्याप्त गहरे असंतोष के कारण, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड इगिस्टस तथा उत्तर प्रदेश राज्य केमिस्ट एंड इगिस्टस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने सयुक्त एवं सर्वसम्मति से इस आंदोलन में भाग लिया है। स्थानीय प्रशासन / शासन को ज्ञापन प्रस्तुत कर ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जड़े अत्यंत गंभीर विषयों की ओर आकर्षि करना चाहते हैं। बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बि वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अत्यधिक छूट  जैसी गतिविधियाँ करो मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। साथ ही ये देशभर के लाखौं लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट ए ऑनलाइन दवा बिकी का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाओं की विन दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी सीधा संकट उत्पन्न कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा की गई


फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति,वन विभाग के तत्वाधान में पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन केशव शरण कांति देवी इंटर कॉलेज शमशाबाद में किया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत मिशन लाइफ कार्यक्रम को बढ़ावा देते हुए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के द्वारा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं जैसे- जल संरक्षण,वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, वन्य जीव संरक्षण आदि पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

युवाओं को अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण हेतु विभिन्न स्तरों से का कार्य करने के लिए जागरूक किया।उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में हमारा पर्यावरण असंतुलित होता  जा रहा है जिसका कारण है प्रतिदिन होने वाला प्रदूषण। हम जाने अनजाने में पर्यावरण को प्रदूषित करते जा रहे हैं। अनावश्यक जल का प्रयोग कर रहे हैं‌, पॉलिथीन का प्रयोग कर रहे हैं, वन्यजीवों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है एवं ऐसे विभिन्न कार्य है जो हम अपने दिनचर्या में करते हैं जिसके वजह से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है फल स्वरुप हम देख रहे हैं कि अत्यधिक गर्मी, अत्यधिक सर्दी,  बिना मौसम बरसात आदि का सामना कर रहे हैं जो की न सिर्फ प्राकृतिक आपदा का संकेत है बल्कि हमें इससे कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। यदि समय रहते हम सभी इसके लिए प्रयास नहीं करेंगे तो आने वाले समय में इससे भी अधिक भीषण परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए समय रहते हम सभी को अपने जिम्मेदारी समझनी चाहिए एवं पर्यावरण को बचाने के लिए अपने स्तर से जो भी हो सके वह प्रयास करना चाहिए।

प्रशिक्षक रोहित दीक्षित जी ने बताया कि प्रत्येक युवा यदि सप्ताह में एक दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करें एवं वह अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें तो हम पर्यावरण संरक्षण करने में सहायक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त उपस्थित युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पंपलेट व पोस्टर भी वितरण किए गए एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

इस मौके पर प्रबंधक सोमेश कुमार गंगवार,प्रधानाचार्य सतपाल सिंह गंगवार,शिक्षक गण चंद्र प्रकाश,धीरेंद्र,बृजेश, सर्वेश,मीनू,दिव्यांशी,वैष्णवी, प्रिया एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
‘मौत का बक्सा’ बन गई ट्रेन: पिता ने बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े, गोमतीनगर एक्सप्रेस में छोड़ा शव

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले युवती के कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक साजिश थी, जिसमें एक पिता ने ही अपनी 16 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के सेवरही निवासी आरोपी अपनी बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। परिवार में इसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी को डर था कि उसकी बेटी भी अपनी बहनों की तरह प्रेम विवाह न कर ले। इसी आशंका और कथित सामाजिक बदनामी के डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।

आरोपी बहन व बहनोई के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने घर से पत्नी और बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। घर में केवल किशोरी और बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया। देर शाम घर के अंदर ही किशोरी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को धारदार हथियार से कई हिस्सों में काटा गया। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर तालाब में फेंक दिया गया, जबकि हाथ-पैर और धड़ को प्लास्टिक व पुराने कपड़ों में लपेटकर बक्से में भर दिया गया।

शव का सिर गायब था, जिससे नहीं हो पा रही थी पहचान

इसके बाद आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ ई-रिक्शा से तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में वह बक्सा छोड़कर फरार हो गया। लेकिन आरोपी यह नहीं जानता था कि स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे उसकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो कोच में पड़े संदिग्ध बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर युवती के शव के टुकड़े देखकर सभी दंग रह गए। शव का सिर गायब था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली

जीआरपी और आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
किसानों का विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर 23 मई को आयोजित होगा
फर्रुखाबाद l जनपद के किसानो सुविधा एवं उनके वाहनों से संबंधित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 23 मई 2026 को एक विशेष किसान ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी  इटावा-बरेली मार्ग, फर्रुखाबाद में आयोजित होगा।
शिविर के माध्यम से किसानों को ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित आवश्यक सेवाएं सरल एवं सुगम रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविर में पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन, आवश्यक अभिलेखों की जांच तथा अन्य संबंधित प्रक्रियाएं पूर्ण की जाएंगी, जिससे किसानों को विभागीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा जनपद के सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर शिविर का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।
प्रशासन द्वारा यह प्रयास किसानों को सुगम, पारदर्शी एवं जनहितकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

#superelnino2026startsinmayheatwaveweakmonsoondroughtor_floods

देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा फैसला

#westbengalsuvendugovtbigdicisionvandematarammandatoryinall_madrasa

पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बंगाल के सभी मदरसों में क्लास शुरू होने से पहले प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा। इसके लिए अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने की पुष्टि

राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था।

मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य

तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।

स्कूलों के बाद अब मदरसों के लिए आदेश

इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने 14 मई को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्' गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। अब इसी नीति को बढ़ाते हुए इसे मदरसों में भी लागू कर दिया गया है।

सुल्तानपुर में कंटेनर-ट्रेलर टक्कर अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर भीषण हादसे में चालक का कटा पैर,हुई मौत*
सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुप्तारगंज कस्बे के चंडिका देवी धाम के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर और कंटेनर की आमने-सामने की टक्कर में कंटेनर चालक की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही थाना कूरेभार पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल कंटेनर चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर भेजा गया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद चालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान धम्मौर थाना क्षेत्र के बनकेपुर निवासी मोहम्मद कफील के रूप में हुई है। चालक की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भारी वाहन तेज गति से गुजर रहे थे, तभी अचानक अनियंत्रित होकर उनमें जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और देर रात तक यातायात बहाल कराया। थाना कूरेभार के थानाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी ने बताया कि घायल कंटेनर चालक मोहम्मद कफील की उपचार के दौरान मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। बल्दीराय के सीओ आशुतोष कुमार ने जानकारी दी कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान महिला अनुदेशक की मौत,अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक कर रही एक महिला अनुदेशक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना आज गुरुवार की सुबह कोतवाली नगर अमहट क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय रानीगंज के पास हुई। अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं,जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला की पहचान दीपिका गुप्ता के रूप में हुई है, जो अमहट, सुल्तानपुर की निवासी थीं। वह अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और अजय आनंद गुप्ता (मास्टर) की पत्नी थीं। उनके दो छोटे बच्चे हैं,9 वर्षीय ओजस और 5 वर्षीय सिवांजय हैं। पुलिस के अनुसार, दीपिका गुप्ता अपनी दो सहेलियों स्नेहलता पाण्डेय और पूनम तिवारी के साथ कर्मयोगी नगर मोहल्ले से मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। मौहरिया के पास पीछे से आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपिका गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया। घायल महिलाओं में स्नेहलता पाण्डेय,जो दुर्गेश पांडेय (प्रधानाचार्य) की पत्नी हैं,और पूनम तिवारी, जो शिव शरण तिवारी की पत्नी हैं,दोनों महिलाएं कर्मयोगी नगर, महुअरिया,अमहट सुल्तानपुर की निवासी हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना नगर कोतवाली के अमहट चौकी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के ठीक सामने हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया,पुलिस जांच में जुटी*
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के देवरा पूरे बसुई गांव में 22 वर्षीय युवक मंजीत कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मंजीत कुमार (22 वर्ष) 17 मई,दिन रविवार की शाम करीब 6 बजे आटा चक्की से आटा लाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने से ठीक पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। रात करीब 8 बजे मंजीत ने फोन पर बताया कि वह "अभी आ रहा है।" इसके बाद रात करीब 10:30 बजे दोबारा बात होने पर उन्होंने परिजनों से खाना खाकर सो जाने को कहा और सुबह आने की बात कही। अगली सुबह,18 मई को उनका फोन पहले व्यस्त आया और फिर स्विच ऑफ हो गया। परिजनों को लगा कि फोन बंद होने के कारण मंजीत देर-सवेर घर लौट आएगा। हालांकि, सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि मंजीत का शव जंगल में लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि मंजीत का शव प्लास्टिक की रबड़ के सहारे पेड़ से लटका था और उनके पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंजीत के शरीर पर मिले निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। उनके गुप्तांग पर चोट के गहरे निशान थे और खून बह रहा था। बाएं हाथ में ब्लेड से चीरा लगाने जैसा घाव था,जबकि दाहिने घुटने पर चोट के निशान के साथ खून बह रहा था। कमर से लेकर दाहिने पैर की गांठ तक मारपीट के कारण शरीर काला पड़ गया था और उनके सारे कपड़े गीले थे। मृतक के भाई राजकुमार ने बल्दीराय थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने और मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत पीवीयूएनएल में विशाल वृक्षारोपण अभियान आयोजित

पीवीयूएनएल, पतरातु द्वारा आज ऐश माउंड क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत एक विशाल वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री ए.के. सहगल, सीईओ पीवीयूएनएल, श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम प्रोजेक्ट, श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), श्री विष्णु दत्ता दास, जीएम प्रोजेक्ट तथा श्री जियाउल रहमान, हेड ऑफ एचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सहभागिता की।

वृक्षारोपण अभियान में आसपास के गांवों बलकुदरा, जयनगर एवं लबगा के मुखियाओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं स्वच्छता के महत्व पर बल दिया गया। पीवीयूएनएल द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु इस प्रकार के अभियान निरंतर चलाए जा रहे हैं।

दवा विक्रेताओ ने मांगो को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी

फर्रुखाबाद l अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, जनस्वास्थ्य पर उत्पन्न गंभीर खतरे तथा छोटे केमिस्टों के संरक्षण हेतु तत्काल हस्तक्षेप किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया l बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को दिया l
बुधवार को जनपद भर के सभी दवा दुकानें एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में बंद रखी है। यह कदम लंबे समय से संबंधित प्राधिकरणों से लगातार चल रहा है l उन्होंने कहा कि इंटरनेट माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही न होने के विरोध स्वरूप यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि
देशभर के लाखों केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं में व्याप्त गहरे असंतोष के कारण, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड इगिस्टस तथा उत्तर प्रदेश राज्य केमिस्ट एंड इगिस्टस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने सयुक्त एवं सर्वसम्मति से इस आंदोलन में भाग लिया है। स्थानीय प्रशासन / शासन को ज्ञापन प्रस्तुत कर ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जड़े अत्यंत गंभीर विषयों की ओर आकर्षि करना चाहते हैं। बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बि वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अत्यधिक छूट  जैसी गतिविधियाँ करो मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। साथ ही ये देशभर के लाखौं लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट ए ऑनलाइन दवा बिकी का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाओं की विन दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी सीधा संकट उत्पन्न कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा की गई


फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति,वन विभाग के तत्वाधान में पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन केशव शरण कांति देवी इंटर कॉलेज शमशाबाद में किया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत मिशन लाइफ कार्यक्रम को बढ़ावा देते हुए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के द्वारा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं जैसे- जल संरक्षण,वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, वन्य जीव संरक्षण आदि पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

युवाओं को अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण हेतु विभिन्न स्तरों से का कार्य करने के लिए जागरूक किया।उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में हमारा पर्यावरण असंतुलित होता  जा रहा है जिसका कारण है प्रतिदिन होने वाला प्रदूषण। हम जाने अनजाने में पर्यावरण को प्रदूषित करते जा रहे हैं। अनावश्यक जल का प्रयोग कर रहे हैं‌, पॉलिथीन का प्रयोग कर रहे हैं, वन्यजीवों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है एवं ऐसे विभिन्न कार्य है जो हम अपने दिनचर्या में करते हैं जिसके वजह से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है फल स्वरुप हम देख रहे हैं कि अत्यधिक गर्मी, अत्यधिक सर्दी,  बिना मौसम बरसात आदि का सामना कर रहे हैं जो की न सिर्फ प्राकृतिक आपदा का संकेत है बल्कि हमें इससे कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। यदि समय रहते हम सभी इसके लिए प्रयास नहीं करेंगे तो आने वाले समय में इससे भी अधिक भीषण परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए समय रहते हम सभी को अपने जिम्मेदारी समझनी चाहिए एवं पर्यावरण को बचाने के लिए अपने स्तर से जो भी हो सके वह प्रयास करना चाहिए।

प्रशिक्षक रोहित दीक्षित जी ने बताया कि प्रत्येक युवा यदि सप्ताह में एक दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करें एवं वह अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें तो हम पर्यावरण संरक्षण करने में सहायक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त उपस्थित युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पंपलेट व पोस्टर भी वितरण किए गए एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

इस मौके पर प्रबंधक सोमेश कुमार गंगवार,प्रधानाचार्य सतपाल सिंह गंगवार,शिक्षक गण चंद्र प्रकाश,धीरेंद्र,बृजेश, सर्वेश,मीनू,दिव्यांशी,वैष्णवी, प्रिया एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।