विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा पर सवाल, सरस्वती पूजा समिति ने सौंपा ज्ञापन

हजारीबाग : विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरस्वती पूजा समिति के अध्यक्ष निशि मेहता ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर परिसर में बढ़ती अव्यवस्था, धमकी और अभद्र व्यवहार की घटनाओं पर चिंता जताई है।

ज्ञापन में बताया गया है कि मंगलवार को सरस्वती पूजा आयोजन से संबंधित कार्य के दौरान जब वे शाम करीब चार बजे विश्वविद्यालय परिसर से बाहर जा रहे थे, तब मुख्य गेट पर आमरण अनशन पर बैठे तथाकथित छात्र नेता से जुड़े एक विवाद को लेकर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोशल मीडिया पर हुई बातचीत को लेकर एक छात्रा द्वारा आरोप-प्रत्यारोप किया जा रहा था, जिसका वीडियो कुछ लोग बना रहे थे। इसी दौरान बाहर से कुछ लोग परिसर में प्रवेश कर गए, जो अनशन पर बैठे छात्र के माता-पिता, भाई तथा अन्य लोग प्रतीत हो रहे थे। आरोप है कि इन लोगों ने परिसर में खड़े छात्रों के साथ गाली-गलौज की और मारने की धमकी भी दी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

निशि मेहता ने पत्र में उल्लेख किया है कि विश्वविद्यालय में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे न केवल संस्थान की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि छात्र-छात्राएं भी भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया है कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी ठोस व्यवस्था की जाए।

ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिनों के भीतर मामले में संज्ञान नहीं लिया गया तो सरस्वती पूजा समिति आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

सीएम हेमन्त सोरेन के कार्य और विजन की इंफोसिस ग्लोबल के ईवीपी ने की सराहना

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से ग्लोबल इन्फोसिस, कैलिफ़ोर्निया से एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आशीष कुमार दास ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान झारखंड के दीर्घकालिक विकास विज़न और तकनीक आधारित विकास की दिशा में सहयोग की संभावनाओं पर व्यापक और उत्साहवर्धक चर्चा हुई।

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मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विज़न की सराहना, डिजिटल कौशल विकास और एआई आधारित समाधान

इंफोसिस प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के कार्यों और विज़न की सराहना की। विशेष रूप से प्रतिभाओं के पुनः कौशल विकास (री-स्किलिंग), टेक्नोलॉजी टॉवर की परिकल्पना तथा उन्नत तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से खनन क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार की सोच को अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक बताया। साथ ही, बैठक में झारखण्ड के युवाओं को डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कौशलों से सशक्त बनाने पर सहमति बनी। इस दिशा में इंफोसिस के विंग्सपैन प्लेटफॉर्म की संभावित भूमिका पर आगे चर्चा किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही, खनन क्षेत्र में उत्पादकता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए इंफोसिस द्वारा विकसित एआई आधारित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समाधानों को प्रस्तुत करने पर भी सहमति बनी।इसे लेकर फरवरी में एक वर्चुअल सत्र आयोजित किए जाने पर भी सहमति बनी।

तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने की पहल

इंफोसिस ग्लोबल की ओर से मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन, मुख्य सचिव एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को इंफोसिस हाउस भ्रमण का आमंत्रण दिया गया, जहाँ कंपनी द्वारा विकसित अत्याधुनिक एआई आधारित नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह बैठक झारखण्ड में डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास और तकनीक आधारित औद्योगिक प्रगति को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।आईटी, एआई और अन्य तकनीकों पर सीएम हेमंत सोरेन की दावोस में हो रही बैठेकें युवा झारखण्ड को एक मजबूत दिशा देने का काम करेंगी।

महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने दावोस में लोढ़ा डेवलपर्स के साथ समझौता किया, इस पर क्या बोलेंगे भाजपाई : विनोद पांडेय

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भाजपा नेता का बयान न सिर्फ़ तथ्यों से परे है, बल्कि भाजपा की दोहरे मापदंड वाली राजनीति को भी बेनकाब करता है। जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वैश्विक मंच पर राज्य के लिए निवेश लाने जाते हैं, तो भाजपा को वह “पर्यटन यात्रा” दिखती है। लेकिन जब भाजपा शासित राज्यों के मंत्री और उनके परिवार दावोस में समझौते करते हैं, तब वही काम “विकास का मॉडल” बन जाता है।

भाजपा को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने दावोस में लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के साथ निवेश का जो प्रारंभिक समझौता किया है, उस पर उनकी क्या राय है? यही नहीं, चार महीने पहले इसी कंपनी के साथ एक एमओयू भी साइन किया गया था।

अब ज़रा सच्चाई पर भी नज़र डालिए—

लोढ़ा डेवलपर्स के मालिक मंगल प्रभात लोढ़ा, महाराष्ट्र सरकार में भाजपा के मंत्री हैं (कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय)। और दावोस में महाराष्ट्र सरकार के साथ एमओयू पर दस्तखत कर रहे हैं उनके बेटे अभिषेक लोढ़ा।

तो सवाल यह है—

क्या यह पर्यटन नहीं है?

क्या यह हितों का टकराव नहीं है?

या फिर भाजपा के लिए दावोस केवल तब गलत होता है जब वहां गैर-भाजपा मुख्यमंत्री मौजूद हो?

भाजपा नेता टाटा और इंफोसिस के पते गिनाने से पहले यह भी बताएं कि क्या वैश्विक कंपनियों के फैसले आज सिर्फ़ गली-मोहल्ले की बैठकों में होते हैं? दावोस जैसे मंच पर निवेश का मतलब होता है ग्लोबल स्ट्रैटेजी, सप्लाई चेन, इंटरनेशनल कमिटमेंट और लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप—जिसे भाजपा या तो समझना नहीं चाहती, या जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने कहा कि - जब झारखंड के मुख्यमंत्री दुनिया के सामने राज्य की संभावनाएं रखते हैं, तो भाजपा को जलन होती है। लेकिन जब उनके अपने मंत्री का परिवार दावोस में समझौता करते हैं, तब भाजपा को न नैतिकता याद आती है, न सिद्धांत।

महासचिव पांडेय ने कहा जहां तक एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों की बात है—झामुमो सरकार ने ही पहली बार नीतिगत सुधार, निवेश नीति और औद्योगिक प्रोत्साहन को जमीनी स्तर तक पहुंचाया है। और यही कारण है कि आज झारखंड वैश्विक निवेश मानचित्र पर दिखाई दे रहा है।

अंत में भाजपा से बस इतना सवाल है—

अगर दावोस में झारखंड का जाना अपराध है,

तो दावोस में महाराष्ट्र का जाना पुण्य कैसे हो गया?

भाजपा पहले अपनी दोहरी नीति, परिवारवाद और सत्ता के दुरुपयोग पर जवाब दे, फिर झारखंड के मुख्यमंत्री पर उंगली उठाए। झारखंड को अब ट्रोल नहीं, वैश्विक पहचान चाहिए—और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वही कर रहे हैं।

सुपीरियर पॉलिमर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने पर भव्य आयोजन


रमेश दूबे
राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सुपीरियर पॉलिमर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में देशभक्ति से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं राष्ट्रीय भावना के साथ संपन्न हुआ।

यह विशेष कार्यक्रम सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के माननीय चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीएचआरओ एवं कॉरपोरेट अफेयर्स प्रमुख डॉ. सुनील कुमार मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और बढ़ा दी।

कार्यक्रम के दौरान जब “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ, तो पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से गूंज उठा। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे गर्व के साथ इस ऐतिहासिक गीत को आत्मसात किया।

यह आयोजन सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की राष्ट्रीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और देशभक्ति के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। कार्यक्रम ने सभी को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।

समारोह का समापन राष्ट्रभक्ति की मजबूत भावना के साथ हुआ, जिसने आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण हेतु सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
श्री ब्रजमंडल संस्था, मुंबई स्वर्ण जयंती पर श्रीमद् ब्रज भागवत कथा का आयोजन
मुंबई। मुंबई की धार्मिक–सांस्कृतिक परंपरा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। श्री ब्रजमंडल संस्था, मुंबई अपने स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण जयंती महोत्सव को भव्य स्वरूप देने जा रही है। इस पावन अवसर पर आजाद मैदान, मुंबई में 27 जनवरी 2026 से 02 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 7:00 बजे तक वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी के श्रीमुख से श्रीमद् ब्रज भागवत कथा का दिव्य आयोजन किया जाएगा।  इसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ होगा, जिसे बागेश्वर सरकार धीरेंद्र शास्त्री संपन्न करेंगे। साथ ही देशभर से अनेक प्रतिष्ठित साधु-संत एवं महात्माओं की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।

वर्ष 1976 में स्थापित श्री ब्रजमंडल संस्था की नींव  शिवचरण लाल, सुरेशचंद  (अध्यक्ष), रमेशचंद, श्यामलाल एवं टालीवाल के अथक प्रयासों से रखी गई थी। बीते पाँच दशकों में संस्था ने मुंबई में निवासरत ब्रजवासियों को एक सूत्र में बांधते हुए इसे एक सशक्त सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परिवार का स्वरूप दिया है।

ब्रज संस्कृति को जीवंत बनाए रखने की दिशा में संस्था द्वारा गिरगांव चौपाटी प्रांगण में वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही दस दिवसीय श्रीकृष्ण रासलीला  और कवि सम्मेलन आज एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है। संस्था के अध्यक्ष सुरेशचंद अग्रवाल इस कथा के मुख्य यजमान हैं। उनके साथ रमनलाल चौधरी, अनिल आर. अग्रवाल, राजेश एम. अग्रवाल, अनिल पी. अग्रवाल, भुवनेश अग्रवाल, प्रदीप लाड़ीवाल, विवेक अग्रवाल, कानबिहारी अग्रवाल, सुनील एस. अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, उमेश मित्तल, धर्मेश गर्ग, राजीव अग्रवाल, पवन अग्रवाल, राकेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य सदस्य आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

श्री ब्रजमंडल संस्था ने मुंबई के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से इस भव्य और दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाने, परिवार सहित कथा श्रवण करने और ब्रज भक्ति की पावन रसधारा में सहभागी बनने की भावपूर्ण अपील की है। यह जानकारी अनिल अग्रवाल एवं कमेटी के सदस्यों ने गिरगांव चौपाटी स्थिति ब्रज मंडल सभागृह में एक प्रेस कांफ्रेंस में दी।
कालीन नगरी में ढूंढे जाएंगे साल 2019 में जन्मे 28 हजार बच्चे

*शिक्षा विभाग की विशेष पहल,न‌ए शैक्षिक सत्र में नामांकन बढ़ाने में मिलेगी मदद*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नए शिक्षा सत्र में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए अबकी बार विशेष पहल की जा रही है। साल 2019 में जन्म लेने वाले 28 हजार बच्चों को ढूढ़ा जाएगा। स्वास्थ्य, बाल विकास और शिक्षा विभाग ऐसे बच्चों को चिह्नित करेगा। उसके बाद एक अप्रैल से ऐसे बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाएगा। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें पहली से आठवीं तक के एक लाख 45 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। हर साल नए शिक्षा सत्र में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। ईंट भट्ठों से लेकर मलिन बस्तियों में भी ड्राप आउट को चिह्नित कर विद्यालय में एडमिशन दिलाया जाता है। इस साल नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। साल 2019 में जन्म लेने वाले बच्चों की उम्र 2025 में छह साल हो गई है।
सीडीओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग से जन्म लेने वाले बच्चों की सूची तलब की गई। इसमें करीब 28 हजार 248 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिनका जन्म साल 2019 में हुआ है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से आपसी समन्वय बनाकर ऐसे बच्चों को ढूढ़ा जाएगा। अभिभावक से संपर्क कर उनका प्रवेश नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में कराया जाएगा। हर साल परिषदीय स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या से शिक्षक और शिक्षा विभाग चिंतत रहता है। इस साल पहले ही विभाग ने कमर
कस लिया है। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।


परिषद विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए साल 2019 में जन्म लेने वाले बच्चों ट्रेस किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभाग को समन्वय बनाकर काम करने के लिए कहा गया है।

बाल गोविंद शुक्ला सीडीओ
चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई, लगभग 70 एकड़ फसल का विनष्टीकरण

हजारीबाग | चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। दिनांक 21.01.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम सिकदा में वन विभाग एवं चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें सिकदा के विभिन्न इलाकों में लगभग 70 एकड़ में अवैध रूप से लगी अफीम की खेती को चिन्हित कर मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। यह क्षेत्र बिहार से सटे फल्गु नदी के किनारे अवस्थित है। अभियान के दौरान घटनास्थल से 15 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए, जिन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया। अवैध रूप से अफीम की खेती में संलिप्त व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है तथा दोषियों की पहचान के बाद उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त अभियान में श्री अजित कुमार बिमल (SDPO बरही), श्री चंद्रशेखर (पु0नि0 बरही अंचल), सरोज सिंह चौधरी (थाना प्रभारी चौपारण), SI सुबिन्दर राम, SI रतन टुडू, ASI बदल महतो एवं सशस्त्र बल, तथा बनपाल कुलदीप कुमार शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि ड्रोन के माध्यम से दुर्गम इलाकों को चिन्हित कर अवैध फसलों का विनष्टीकरण किया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। — पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग

हजारीबाग में अवैध सुषव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, NH 33 पर 80.00 लीटर सुषव जब्त, दो गिरफ्तार

हजारीबाग में अवैध शराब की बिक्री, निर्माण, संचय और परिवहन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उपायुक्त महोदय, हजारीबाग के निर्देश पर उत्पाद विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन में शुक्रवार की रात करीब 10 बजे से 1 बजे के बीच बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करसो में NH 33 के किनारे मुख्य मार्ग पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान एक चार पहिया वाहन Swift (JH02AZ 4507) से सफेद रंग के जार में रखी गई करीब 80.00 लीटर अवैध सुषव बरामद की गई। मौके से वाहन चालक और सह चालक को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रवि साव उर्फ रावण और आशीष कुमार केशरी, दोनों निवासी बरही तिलैया रोड के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि अन्य संलिप्त अभियुक्त के खिलाफ फरार अभियोग दर्ज किया गया है।

कार्रवाई के दौरान 80.00 लीटर सुषव और चार पहिया वाहन Swift को जब्त किया गया। इस छापेमारी दल में अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसिरुद्दीन, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह सहित हजारीबाग जिला सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

#indiarecalledthefamilymembersofitsmissionofficialsfrombangladesh

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।

विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा पर सवाल, सरस्वती पूजा समिति ने सौंपा ज्ञापन

हजारीबाग : विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरस्वती पूजा समिति के अध्यक्ष निशि मेहता ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर परिसर में बढ़ती अव्यवस्था, धमकी और अभद्र व्यवहार की घटनाओं पर चिंता जताई है।

ज्ञापन में बताया गया है कि मंगलवार को सरस्वती पूजा आयोजन से संबंधित कार्य के दौरान जब वे शाम करीब चार बजे विश्वविद्यालय परिसर से बाहर जा रहे थे, तब मुख्य गेट पर आमरण अनशन पर बैठे तथाकथित छात्र नेता से जुड़े एक विवाद को लेकर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोशल मीडिया पर हुई बातचीत को लेकर एक छात्रा द्वारा आरोप-प्रत्यारोप किया जा रहा था, जिसका वीडियो कुछ लोग बना रहे थे। इसी दौरान बाहर से कुछ लोग परिसर में प्रवेश कर गए, जो अनशन पर बैठे छात्र के माता-पिता, भाई तथा अन्य लोग प्रतीत हो रहे थे। आरोप है कि इन लोगों ने परिसर में खड़े छात्रों के साथ गाली-गलौज की और मारने की धमकी भी दी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

निशि मेहता ने पत्र में उल्लेख किया है कि विश्वविद्यालय में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे न केवल संस्थान की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि छात्र-छात्राएं भी भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया है कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी ठोस व्यवस्था की जाए।

ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिनों के भीतर मामले में संज्ञान नहीं लिया गया तो सरस्वती पूजा समिति आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

सीएम हेमन्त सोरेन के कार्य और विजन की इंफोसिस ग्लोबल के ईवीपी ने की सराहना

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से ग्लोबल इन्फोसिस, कैलिफ़ोर्निया से एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आशीष कुमार दास ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान झारखंड के दीर्घकालिक विकास विज़न और तकनीक आधारित विकास की दिशा में सहयोग की संभावनाओं पर व्यापक और उत्साहवर्धक चर्चा हुई।

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मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विज़न की सराहना, डिजिटल कौशल विकास और एआई आधारित समाधान

इंफोसिस प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के कार्यों और विज़न की सराहना की। विशेष रूप से प्रतिभाओं के पुनः कौशल विकास (री-स्किलिंग), टेक्नोलॉजी टॉवर की परिकल्पना तथा उन्नत तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से खनन क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार की सोच को अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक बताया। साथ ही, बैठक में झारखण्ड के युवाओं को डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कौशलों से सशक्त बनाने पर सहमति बनी। इस दिशा में इंफोसिस के विंग्सपैन प्लेटफॉर्म की संभावित भूमिका पर आगे चर्चा किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही, खनन क्षेत्र में उत्पादकता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए इंफोसिस द्वारा विकसित एआई आधारित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समाधानों को प्रस्तुत करने पर भी सहमति बनी।इसे लेकर फरवरी में एक वर्चुअल सत्र आयोजित किए जाने पर भी सहमति बनी।

तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने की पहल

इंफोसिस ग्लोबल की ओर से मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन, मुख्य सचिव एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को इंफोसिस हाउस भ्रमण का आमंत्रण दिया गया, जहाँ कंपनी द्वारा विकसित अत्याधुनिक एआई आधारित नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह बैठक झारखण्ड में डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास और तकनीक आधारित औद्योगिक प्रगति को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।आईटी, एआई और अन्य तकनीकों पर सीएम हेमंत सोरेन की दावोस में हो रही बैठेकें युवा झारखण्ड को एक मजबूत दिशा देने का काम करेंगी।

महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने दावोस में लोढ़ा डेवलपर्स के साथ समझौता किया, इस पर क्या बोलेंगे भाजपाई : विनोद पांडेय

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भाजपा नेता का बयान न सिर्फ़ तथ्यों से परे है, बल्कि भाजपा की दोहरे मापदंड वाली राजनीति को भी बेनकाब करता है। जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वैश्विक मंच पर राज्य के लिए निवेश लाने जाते हैं, तो भाजपा को वह “पर्यटन यात्रा” दिखती है। लेकिन जब भाजपा शासित राज्यों के मंत्री और उनके परिवार दावोस में समझौते करते हैं, तब वही काम “विकास का मॉडल” बन जाता है।

भाजपा को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने दावोस में लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के साथ निवेश का जो प्रारंभिक समझौता किया है, उस पर उनकी क्या राय है? यही नहीं, चार महीने पहले इसी कंपनी के साथ एक एमओयू भी साइन किया गया था।

अब ज़रा सच्चाई पर भी नज़र डालिए—

लोढ़ा डेवलपर्स के मालिक मंगल प्रभात लोढ़ा, महाराष्ट्र सरकार में भाजपा के मंत्री हैं (कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय)। और दावोस में महाराष्ट्र सरकार के साथ एमओयू पर दस्तखत कर रहे हैं उनके बेटे अभिषेक लोढ़ा।

तो सवाल यह है—

क्या यह पर्यटन नहीं है?

क्या यह हितों का टकराव नहीं है?

या फिर भाजपा के लिए दावोस केवल तब गलत होता है जब वहां गैर-भाजपा मुख्यमंत्री मौजूद हो?

भाजपा नेता टाटा और इंफोसिस के पते गिनाने से पहले यह भी बताएं कि क्या वैश्विक कंपनियों के फैसले आज सिर्फ़ गली-मोहल्ले की बैठकों में होते हैं? दावोस जैसे मंच पर निवेश का मतलब होता है ग्लोबल स्ट्रैटेजी, सप्लाई चेन, इंटरनेशनल कमिटमेंट और लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप—जिसे भाजपा या तो समझना नहीं चाहती, या जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने कहा कि - जब झारखंड के मुख्यमंत्री दुनिया के सामने राज्य की संभावनाएं रखते हैं, तो भाजपा को जलन होती है। लेकिन जब उनके अपने मंत्री का परिवार दावोस में समझौता करते हैं, तब भाजपा को न नैतिकता याद आती है, न सिद्धांत।

महासचिव पांडेय ने कहा जहां तक एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों की बात है—झामुमो सरकार ने ही पहली बार नीतिगत सुधार, निवेश नीति और औद्योगिक प्रोत्साहन को जमीनी स्तर तक पहुंचाया है। और यही कारण है कि आज झारखंड वैश्विक निवेश मानचित्र पर दिखाई दे रहा है।

अंत में भाजपा से बस इतना सवाल है—

अगर दावोस में झारखंड का जाना अपराध है,

तो दावोस में महाराष्ट्र का जाना पुण्य कैसे हो गया?

भाजपा पहले अपनी दोहरी नीति, परिवारवाद और सत्ता के दुरुपयोग पर जवाब दे, फिर झारखंड के मुख्यमंत्री पर उंगली उठाए। झारखंड को अब ट्रोल नहीं, वैश्विक पहचान चाहिए—और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वही कर रहे हैं।

सुपीरियर पॉलिमर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने पर भव्य आयोजन


रमेश दूबे
राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सुपीरियर पॉलिमर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में देशभक्ति से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं राष्ट्रीय भावना के साथ संपन्न हुआ।

यह विशेष कार्यक्रम सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के माननीय चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीएचआरओ एवं कॉरपोरेट अफेयर्स प्रमुख डॉ. सुनील कुमार मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और बढ़ा दी।

कार्यक्रम के दौरान जब “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ, तो पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से गूंज उठा। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे गर्व के साथ इस ऐतिहासिक गीत को आत्मसात किया।

यह आयोजन सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की राष्ट्रीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और देशभक्ति के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। कार्यक्रम ने सभी को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।

समारोह का समापन राष्ट्रभक्ति की मजबूत भावना के साथ हुआ, जिसने आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण हेतु सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
श्री ब्रजमंडल संस्था, मुंबई स्वर्ण जयंती पर श्रीमद् ब्रज भागवत कथा का आयोजन
मुंबई। मुंबई की धार्मिक–सांस्कृतिक परंपरा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। श्री ब्रजमंडल संस्था, मुंबई अपने स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण जयंती महोत्सव को भव्य स्वरूप देने जा रही है। इस पावन अवसर पर आजाद मैदान, मुंबई में 27 जनवरी 2026 से 02 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 7:00 बजे तक वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी के श्रीमुख से श्रीमद् ब्रज भागवत कथा का दिव्य आयोजन किया जाएगा।  इसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ होगा, जिसे बागेश्वर सरकार धीरेंद्र शास्त्री संपन्न करेंगे। साथ ही देशभर से अनेक प्रतिष्ठित साधु-संत एवं महात्माओं की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।

वर्ष 1976 में स्थापित श्री ब्रजमंडल संस्था की नींव  शिवचरण लाल, सुरेशचंद  (अध्यक्ष), रमेशचंद, श्यामलाल एवं टालीवाल के अथक प्रयासों से रखी गई थी। बीते पाँच दशकों में संस्था ने मुंबई में निवासरत ब्रजवासियों को एक सूत्र में बांधते हुए इसे एक सशक्त सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परिवार का स्वरूप दिया है।

ब्रज संस्कृति को जीवंत बनाए रखने की दिशा में संस्था द्वारा गिरगांव चौपाटी प्रांगण में वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही दस दिवसीय श्रीकृष्ण रासलीला  और कवि सम्मेलन आज एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है। संस्था के अध्यक्ष सुरेशचंद अग्रवाल इस कथा के मुख्य यजमान हैं। उनके साथ रमनलाल चौधरी, अनिल आर. अग्रवाल, राजेश एम. अग्रवाल, अनिल पी. अग्रवाल, भुवनेश अग्रवाल, प्रदीप लाड़ीवाल, विवेक अग्रवाल, कानबिहारी अग्रवाल, सुनील एस. अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, उमेश मित्तल, धर्मेश गर्ग, राजीव अग्रवाल, पवन अग्रवाल, राकेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य सदस्य आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

श्री ब्रजमंडल संस्था ने मुंबई के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से इस भव्य और दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाने, परिवार सहित कथा श्रवण करने और ब्रज भक्ति की पावन रसधारा में सहभागी बनने की भावपूर्ण अपील की है। यह जानकारी अनिल अग्रवाल एवं कमेटी के सदस्यों ने गिरगांव चौपाटी स्थिति ब्रज मंडल सभागृह में एक प्रेस कांफ्रेंस में दी।
कालीन नगरी में ढूंढे जाएंगे साल 2019 में जन्मे 28 हजार बच्चे

*शिक्षा विभाग की विशेष पहल,न‌ए शैक्षिक सत्र में नामांकन बढ़ाने में मिलेगी मदद*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नए शिक्षा सत्र में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए अबकी बार विशेष पहल की जा रही है। साल 2019 में जन्म लेने वाले 28 हजार बच्चों को ढूढ़ा जाएगा। स्वास्थ्य, बाल विकास और शिक्षा विभाग ऐसे बच्चों को चिह्नित करेगा। उसके बाद एक अप्रैल से ऐसे बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाएगा। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें पहली से आठवीं तक के एक लाख 45 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। हर साल नए शिक्षा सत्र में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। ईंट भट्ठों से लेकर मलिन बस्तियों में भी ड्राप आउट को चिह्नित कर विद्यालय में एडमिशन दिलाया जाता है। इस साल नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। साल 2019 में जन्म लेने वाले बच्चों की उम्र 2025 में छह साल हो गई है।
सीडीओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग से जन्म लेने वाले बच्चों की सूची तलब की गई। इसमें करीब 28 हजार 248 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिनका जन्म साल 2019 में हुआ है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से आपसी समन्वय बनाकर ऐसे बच्चों को ढूढ़ा जाएगा। अभिभावक से संपर्क कर उनका प्रवेश नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में कराया जाएगा। हर साल परिषदीय स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या से शिक्षक और शिक्षा विभाग चिंतत रहता है। इस साल पहले ही विभाग ने कमर
कस लिया है। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।


परिषद विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए साल 2019 में जन्म लेने वाले बच्चों ट्रेस किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभाग को समन्वय बनाकर काम करने के लिए कहा गया है।

बाल गोविंद शुक्ला सीडीओ
चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई, लगभग 70 एकड़ फसल का विनष्टीकरण

हजारीबाग | चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। दिनांक 21.01.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम सिकदा में वन विभाग एवं चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें सिकदा के विभिन्न इलाकों में लगभग 70 एकड़ में अवैध रूप से लगी अफीम की खेती को चिन्हित कर मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। यह क्षेत्र बिहार से सटे फल्गु नदी के किनारे अवस्थित है। अभियान के दौरान घटनास्थल से 15 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए, जिन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया। अवैध रूप से अफीम की खेती में संलिप्त व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है तथा दोषियों की पहचान के बाद उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त अभियान में श्री अजित कुमार बिमल (SDPO बरही), श्री चंद्रशेखर (पु0नि0 बरही अंचल), सरोज सिंह चौधरी (थाना प्रभारी चौपारण), SI सुबिन्दर राम, SI रतन टुडू, ASI बदल महतो एवं सशस्त्र बल, तथा बनपाल कुलदीप कुमार शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि ड्रोन के माध्यम से दुर्गम इलाकों को चिन्हित कर अवैध फसलों का विनष्टीकरण किया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। — पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग

हजारीबाग में अवैध सुषव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, NH 33 पर 80.00 लीटर सुषव जब्त, दो गिरफ्तार

हजारीबाग में अवैध शराब की बिक्री, निर्माण, संचय और परिवहन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उपायुक्त महोदय, हजारीबाग के निर्देश पर उत्पाद विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन में शुक्रवार की रात करीब 10 बजे से 1 बजे के बीच बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करसो में NH 33 के किनारे मुख्य मार्ग पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान एक चार पहिया वाहन Swift (JH02AZ 4507) से सफेद रंग के जार में रखी गई करीब 80.00 लीटर अवैध सुषव बरामद की गई। मौके से वाहन चालक और सह चालक को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रवि साव उर्फ रावण और आशीष कुमार केशरी, दोनों निवासी बरही तिलैया रोड के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि अन्य संलिप्त अभियुक्त के खिलाफ फरार अभियोग दर्ज किया गया है।

कार्रवाई के दौरान 80.00 लीटर सुषव और चार पहिया वाहन Swift को जब्त किया गया। इस छापेमारी दल में अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसिरुद्दीन, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह सहित हजारीबाग जिला सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

#indiarecalledthefamilymembersofitsmissionofficialsfrombangladesh

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।