पप्पू यादव क्यों हुए गिरफ्तार? अब तबीयत बिगड़ने के बाद PMCH में किया गया भर्ती
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31 साल पुराने एक मामले में शुक्रवार देर रात सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्णिया सांसद की तबीयत गिरफ्तारी के तुरंत बाद बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पूरी रात अस्पताल में स्ट्रेचर पर बितानी पड़ी।
रात करीब बारह बजे गिरफ्तारी
शुक्रवार रात करीब नौ बजे पप्पू यादव दिल्ली से पटना अपने आवास पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि साढ़े दस बजे के करीब सादे लिबास में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की बात कही। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। काफी बहस और हंगामे के बाद रात करीब बारह बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
डॉक्टरों की निगरानी में सांसद
गिरफ्तारी के बाद पहले उन्हें मेडिकल जांच के लिए IGIMS अस्पताल लाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें PMCH शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। फिलहाल उनकी हालत को लेकर डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
साल 1995 का है मामला?
मामला वर्ष 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया और बाद में उस मकान का इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया गया। आरोप है कि किराए पर लेते समय इस बात को छिपाया गया था।





अमेठी। अमेठी जिले के थाना संग्रामपुर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में कालिकन मंदिर के पुजारी हरिकृष्ण मिश्रा घायल हो गए। इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत से गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया किपुजारी हरिकृष्ण मिश्रा (45) संग्रामपुर के रहने वाले थे। शुक्रवार को वह अपनी मोटरसाइकिल से कालिकन–चंद्रिकन मार्ग के रास्ते घर लौट रहे थे। जैसे ही वह खरेथू मोड़, मजरा नेवादा कनू के पास पहुंचे, तभी अचानक एक कुत्ता उनकी मोटरसाइकिल के सामने आ गया। कुत्ते को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट आ गई।

स्कूल के खिलाफ होगी कार्रवाई- बीएसए


सुल्तानपुर,पति की मौत से सदमे में आई एक पत्नी ने चलती ट्रेन से छलांग लगा कर अपनी जान दे दिया। उसका शरीर चार हिस्सों में बट गया। आरपीएफ व कोतवाली देहात पुलिस ने शव के टुकड़ो को समेत कर उसका पोस्टमार्टम कराया है। मृतका बिहार प्रांत की रहने वाली थी।
जीआरपी थाना प्रभारी भोला सिंह के अनुसार बिहार के बक्सर जिले के रायपुरा गांव की रहने वाली नीतू उपाध्याय (35) परिजनों के साथ लखनऊ से श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन से जा रही थी। ट्रेन गुरुवार रात तक़रीबन 1:40 पर सुल्तानपुर-वाराणसी रेलमार्ग पर पखरौली रेलवे स्टेशन के पास अभियाकला गांव के निकट पहुंची थी। उसी समय नीतू उपाध्याय शौच के बहाने गेट के पास गईं और चलती ट्रेन से छलांग लगा दिया। यात्रियों ने इस घटना पर तत्काल चेन पोलिंग कर ट्रेन को रोका। कुछ दूर जाकर देखा तो नीतू का शरीर टुकड़ो में बट गया था। परिजनों ने इस घटना की जानकारी स्टेशन मास्टर को दिया। जिस पर आरपीएफ व कोतवाली देहात पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर सिपाही विजय सिंह और कोतवाली देहात थाने के उप निरीक्षक नदीम अहमद दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव के टुकड़ो को जमा किया और पंचायत नामा की कार्रवाई करते हुए शव को जिला अस्पताल भेजा। जहां से शुक्रवार को शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
बता दें कि अजीत का एक साल पहले किडनी टलांसप्लांट हुआ था। इधर कुछ माह से उसे समस्या बढ़ी तो लखनऊ से इलाज हो रहा था। 24 जनवरी को उसे SGPGI में एडमिट कराया गया था जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई। जिसके बाद अजीत के शव को परिजन एंबुलेंस से घर ले जा रहे थे वहीं नीतू को परिजन और रिश्तेदार उन्हें श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन से साथ लेकर जा रहे थे। पति का शव एक एंबुलेंस से घर भेजा जा रहा था।
मृतक की दो बेटियां अनन्या, अमान्या और एक नौ साल का बेटा सत्यजीत है। अजीत तीन भाई चार बहन में छटे नंबर पर था। उसकी मां लैसम देवी और पिता मुरलीधर का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
तीनों एक पारिवारिक तिलक समारोह में शामिल होकर हरदोई जा रहे थे
50 min ago
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