देवघर-के मोहनपुर प्रखंड के नए चितकाठ मैं प्रफुल्ल कनकलता स्मृति न्यास ने कार्यक्रम आयोजित किया।
‌देवघर: 18 मार्च को मोहनपुर प्रखंड के नयाचितकाठ पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ में प्रफुल्ल कनकलता सिकदार प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित किए गए थे। आज़ शुक्रवार 20 मार्च को प्रतिभागियों को नयाचितकाठ पंचायत भवन में में पुरस्कृत किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि अबध किशोर भटनागर सेवानिवृत्त अध्यापक, देवघर कालेज, देवघर ने कहा कि अपने माता-पिता के याद में इस तरह कार्यक्रम आयोजित करने से जन साधारण को प्रेरणा मिलती है। आज़ के कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो राम नंदन सिंह ने कहा बहुत अच्छा लगता है इस तरह के कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर। इससे बच्चे संस्कारवान बनते हैं। डॉ प्रेम कुमार भारती ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार सिकदार और कनकलता सिकदार दोनों ही दयालु प्रवृत्ति के थे। नयाचितकाठ में शिक्षा का अलख जगाने का भरपूर प्रयास किये हैं। मुखिया अनिल कुमार साह ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार सिकदार बहुत बहुत सुयोग्य अभिभावक थे।वे एक ईमानदार, शिक्षित और कठोर परिश्रम करने वाले किसान थे। वे हमेशा सोचते थे कि गांव में शिक्षा का विकास कैसे हो। साथ ही साथ समय को बहुत महत्व देते थे। उनकी कमी खल रही है। प्रफुल्ल कनकलता सिकदार के बड़े पुत्र बादल चन्द्र सिकदार, शत्रुघन प्रसाद, विजय दास, रामरेख यादव , गांगु मंडल, भृगुनाथ शर्मा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ के प्रधानाध्यापक सन्तोष कुमार झा, माधुरी झा, रेणु कुमारी, डॉ वेणु भटनागर दीनबंधु उच्च विद्यालय , देवघर के शिक्षक शिक्षिकाओं में सुनील कुमार सूर, जीतेन्द्र कुमार चन्द्र , मुनेश्वर प्रसाद यादव , मनीषा घोष के अलावे उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ के छात्र छात्राएं उपस्थित थे। पुरस्कार पाने वाले छात्र छात्राओं के नाम क्रमश राजा ,बबलू, धनंजय, अनुराधा, अंकित, कृष्ण,करण , करिण,, उज्जवल,अनुराग,नेहा, मिथुन, बन्दना, आनन्दी, ममता, सिन्धु, करिश्मा, प्रियंका, रनवीर,अभिशेख। द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दीनबंधु उच्च विद्यालय के नवम वर्ग के आस्था, इन्दु और करिश्मा ने स्वागत गीत गाकर सवको भाव विभोर कर दिए। अंग वस्त्र और मोमेंट देकर अतिथियों का सम्मान किया गया। स्वागत भा सचिव काजल कान्ति सिकदार ने स्वागत भाषण दिए। प्रधानाध्यापक सन्तोष कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हो गया।
यूपी कॉलेज वाराणसी में दिनदहाड़े बीएससी छात्र की गोली मार हत्या, आरोपी साथी छात्र फरार
संजीव सिंह बलिया!वाराणसी:20 मार्च 2026: यूपी कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। गाजीपुर निवासी सूर्य प्रताप घर के इकलौते बेटे थे और चेचक से ठीक होकर आज ही कॉलेज लौटे थे। हमलावर ने क्लासरूम के बाहर चार गोलियां चलाईं और पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। घायल छात्र को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।आरोपी मंजीत भी इसी कॉलेज का बीए सेकंड ईयर का छात्र है और वाराणसी के चांदमारी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हंगामा मच गया। आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में कुर्सियां तोड़ीं और बाहर दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कॉलेज गेट बंद करा दिए तथा आसपास की 150 से अधिक दुकानों को बंद करा दिया। सात थानों की भारी फोर्स तैनात है। छात्र कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे हैं।ट्रॉमा सेंटर में सूर्य प्रताप की मां ने बेटे की लाश देख बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। साथी छात्र दहाड़कर रो रहे थे। एक छात्र भावुक होकर बोला, “हमके हमार भाई चाही।”पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
रांची: "AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, सहयोगी है"; JSFDA के प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के दिग्गज शिक्षाविद्।

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने आज अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कुलपतियों और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की।

युवा शक्ति और शिक्षकों की भूमिका: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की असली ताकत यहाँ की युवा शक्ति है। उन्होंने शिक्षकों पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने वाले न बनें, बल्कि राष्ट्रनिर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

AI और आधुनिक शिक्षा पर मंथन: कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि यह उनके लिए एक सहायक उपकरण (Tool) के रूप में काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।

प्रतिभाओं का सम्मान: समापन सत्र में JSFDA लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 और मारवाड़ी कॉलेज की अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

रांची में अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा पाएंगे मनमानी फीस, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने गठित की जिला स्तरीय कमेटी।

रांची: राजधानी के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के शुल्क (Fees) निर्धारण हेतु एक उच्चस्तरीय 'जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय कमेटी' का गठन कर दिया गया है।

मनमानी फीस पर लगेगा ब्रेक:

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत बनी यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि न करे। अब स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले इस कमेटी के नियमों का पालन करना होगा।

नियम तोड़ा तो खैर नहीं:

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹50,000 से लेकर ₹2,50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रमुख निर्देश जो आपको जानने चाहिए:

सामग्री की बिक्री पर रोक: स्कूल परिसर के भीतर या किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, यूनिफॉर्म या जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जा सकता।

PTA का गठन अनिवार्य: हर स्कूल को 'अभिभावक-शिक्षक संघ' (PTA) बनाना होगा और इसकी जानकारी नोटिस बोर्ड पर देनी होगी।

कमेटी की शक्ति: जिला स्तरीय कमेटी को गवाहों को सम्मन जारी करने और स्कूल के दस्तावेजों की जांच करने का पूरा अधिकार होगा।

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

इस कमेटी में उपायुक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), एक चार्टर्ड एकाउंटेंट, गुरुनानक स्कूल और DAV कपिलदेव के प्राचार्य, DPS और JVM श्यामली के अभिभावक सदस्य और जिले के सभी सांसद व विधायक शामिल हैं।

एक साल से परेशान बुजुर्ग महिला को मिली राहत,SRN में दूरबीन से हुआ सफल ऑपरेशन।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।झूंसी क्षेत्र की 67 वर्षीय महिला पिछले लगभग एक वर्ष से भोजन के बाद भारीपन बार-बार कच्ची डकार उल्टी गले में जलन और भोजन के मुंह में वापस आने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी।इन लक्षणों के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था और दवाइयों से केवल अस्थायी राहत मिल पा रही थी।लगातार परेशानी के बाद मरीज ने स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) में परामर्श लिया।यहां एंडोस्कोपी सहित विस्तृत जांच में उन्हें हायटल हर्निया नामक बीमारी का पता चला।इस स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा अपनी जगह से खिसककर छाती में चला जाता है,जिससे एसिड रिफ्लक्स और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।हायटल हर्निया का प्रारंभिक उपचार दवाइयो और जीवनशैली में बदलाव से किया जाता है, लेकिन जब इनसे आराम नहीं मिलता और मरीज की दिनचर्या प्रभावित होने लगती है, तब सर्जरी आवश्यक हो जाती है।इस केस को और जटिल बनाता था मरीज का पूर्व चिकित्सा इतिहास।उन्हें पहले थायरॉयडेक्टॉमी हिस्टेरेक्टॉमी और रेक्टल प्रोलैप्स की सर्जरी हो चुकी थी जिससे पेट के अंदर चिपकाव(एड्हीजन) होने की संभावना अधिक थी। ऐसे में ऑपरेशन तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।इन सभी परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.वैभव श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर मरीज का सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक फंडोप्लिकेशन ऑपरेशन किया।टीम में डॉ.तरुण कालरा डॉ.निशांत शुक्ला डॉ.हर्षित शर्मा डॉ. सृष्टि सिकदर और डॉ.सौरभ मिश्रा शामिल रहे।निश्चेतना विभाग से डॉ.शिवेन्दु ओझा और डॉ. साक्षी सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. पल्लवी सूद एवं डॉ.उत्कर्ष मजूमदार ने सहयोग किया। ऑपरेशन थिएटर में प्रमिला राय दिनेश फ़ैयाज़ एवं अन्य कर्मचारियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से पेट के ऊपरी हिस्से को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाता है कि एसिड रिफ्लक्स रुक जाए।ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और उल्टी रिगर्जिटेशन व गले की जलन जैसी समस्याओ में स्पष्ट सुधार के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गई।पहले इस प्रकार की सर्जरी के लिए मरीजों को लखनऊ वाराणसी या दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा प्रयागराज में ही उपलब्ध हो गई है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आम जनता से अपील की है कि लंबे समय तक सीने या गले में जलन खट्टी डकार या भोजन का बार-बार ऊपर आना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उचित उपचार से हायटल हर्निया जैसी बीमारी का सफल इलाज संभव है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आगे बताया कि हायटल हर्निया के जटिल मामलों में भी यदि सही समय पर पहचान और उचित योजना के साथ उपचार किया जाए, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा सुरक्षित और स्थायी समाधान संभव है।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मरीज को कम दर्द शीघ्र रिकवरी और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलती है।
देश को आजाद कराने में अवंतीबाई ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए
फर्रुखाबाद l रानी अवंतीबाई लोधी के 169 वें बलिदान दिवस पर नगर के एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा परसोत्तम बर्मा  ने की व संचालन अरविन्द राजपूत ने किया l कार्यक्रम में तमाम लोगों ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण की अहम भूमिका निभाने वाले बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने की एक स्वर में मांग की गई । भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष राजपूत ने रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम में देश के आजादी की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली प्रथम महिला शहीद रानी अवंतीबाई लोधी 20 मार्च 1858 में शहीद हुईं थीं उनके आज 169 वें बलिदान दिवस पर जगह जगह बलिदान दिवस समारोह आयोजित किए जा रहे हैं,उनकी शहादत को इतिहासकारों ने उजागर नहीं किया गया,महामंत्री ईश्वरदयाल वर्मा ने कहा कि लोधी समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, कृषि कर्म के साथ साथ फिजूलखर्ची न करके बच्चों की उच्च शिक्षा पर बल दिया, शराब नशा मुक्ति के लिए जागरूकता पैदा करें तभी विकास संभव हो सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी लज्जाराम वर्मा ने कहा हमारे समाज में शराब नशा ने बहुत से युवाओं की जिंदगी तबाह कर दी है इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जागरूक करने का काम  करना चाहिए, सुघर सिंह  राजपूत , जनार्दन दत्त राजपूत एडवोकेट ने रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा किसी चौराहे पर लगाने की सांसद मुकेश राजपूत से मांग की है बालकराम वर्मा ने बताया कि मैं अपने विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता हूं , बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए तमाम लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए प्रमुख रूप से महासभा के कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, महामंत्री रजनेश राजपूत , , सदस्य जिला पंचायत कुंवरजीत राजपूत,नामित सभासद अनुज राजपूत, सुधीर राजपूत, जौली राजपूत,अजय राजपूत, धनीराम राजपूत,अबधेश राजपूत विनोद राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष कौशलेंद्र राजपूत , महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन राजपूत, लक्ष्मी राजपूत , महिपाल सिंह, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
जानिए सपनों की हकीकत
–क्षमा सिंह, योग प्रशिक्षक

सपने हर कोइ देखता है कुछ सपने असली जैसे लगते हैं और कुछ भावुक होते हैं ज्यादातर सपने जागते ही गायब हो जाते हैं सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिमाग आखिर सपने बनाता ही क्यों है, और उनमें से ज्यादातर हमारी यादाश्त क्यों मिट जाते हैं । वैज्ञानिको का कहना है कि सपने देखना इस बात से गहराई से जुड़े होते हैं कि सोते समय हमारा दिमाग यादों,इमोशंस और जानकारियों को कैसे प्रोसेस करता है
सपने कब आते हैं?
सपने ज्यादातर नींद के उस फेज में आते हैं जिसे रैपिड आई मूवमेंट स्लीप कहते हैं। इस दौरान दिमाग लगभग उतना ही एक्टिव होता है जितना जागते समय होता है। ब्रेन स्कैन से पता चलता है कि यादाश्त,इमोशन और कल्पना से जुड़े दिमाग के कई हिस्से बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं।

दिमाग में सपने कैसे बनते हैं?
दिमाग के अन्दर कई हिस्से मिलकर सपने बनाते हैं। हिप्पोकैम्पस दिन भर की यादों को प्रोसेस करने में मदद करता है। उसी समय एमिग्डाला बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाता है,एमिग्डाला डर और यादों को प्रोसेस करने का भावनात्मक केन्द्र है । यही वजह है कि सपनों में अक्सर डर,उत्साह या घबराहट जैसी भावनाएं होती हैं।
सपने को सेव नहीं कर पाता दिमाग
'आरइएम' स्लीप के दौरान नारएपिनेफ्रीन का स्तर कम होता है। इसलिए दिमाग सपनों के अनुभवों को लम्बी अवधि की यादाश्त में भेजने में मुश्किल महसूस करता है। आसान शब्दों में कहें तो दिमाग सपने का अनुभव तो करता है, लेकिन उसे ठीक से सेव नहीं कर पाता,एक और कारण यह है कि यादें बनाने वाले हिप्पोकैम्पस, सपने देखते समय अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा होता है, अगर यादों को ठीक से एनकोड नहीं किया जाए, जो जागने के बाद सपनों की डिटेल्स जल्द ही धुंधली हो जाती है और हमारा दिमाग वापस अपनी सामान्य जागने वाली गतिविधियों में लग जाता है।
सपनों को लेकर क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
वैज्ञानिकों का मानना है कि सपने दिमाग की यादों को व्यवस्थित करने और भावनाओं को प्रोसेस करने में मदद कर सकते हैं। जब हम सो रहे होते हैं तो दिमाग दिन भर के अनुभवों के टुकड़ों को फिर से चलाता है और उन्हें पुरानी यादों और कल्पना के साथ मिला देता है। ये टुकड़े मिलकर उन कहानियों का रूप ले लेते हैं, जिन्हें हम सपनों के तौर पर अनुभव करते हैं।
5,148 करोड़ रूपये से शहर में आवासीय योजनाओं व विकास कार्यों को गति देगा एलडीए

*शारदा नगर विस्तार में 200 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 848 अफोर्डेबल हाउस*

- *लखनऊ विकास प्राधिकरण बोर्ड की 187वीं बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी*

- *वेलनेस सिटी, आईटी सिटी, नैमिष नगर और वरूण विहार के लिए भी बजट जारी*

- *400 करोड़ रूपये से ग्रीन काॅरिडोर को रफ्तार, अवैध निर्माण पर तेज होगी कार्रवाई*

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण इस वित्तीय वर्ष में 5,148 करोड़ रूपये से शहर में आवासीय योजनाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, विकास एवं सौंदर्यीकरण आदि के कार्यों को गति देगा। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आज पारिजात सभागार में हुयी प्राधिकरण बोर्ड की 187वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट को मंजूरी मिल गयी है।

इसमें शारदा नगर विस्तार योजना में अफार्डेबल हाउसिंग स्कीम भी शामिल है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से 848 बजट फ्रेंडली भवन विकसित किये जाएंगे।

बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य पीएन सिंह एवं पुष्कर शुक्ला समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि डालीबाग स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के लोकार्पण के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम नागरिकों के लिए बजट फ्रेंडली आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिये थे। इसके अनुपालन में शारदा नगर विस्तार योजना में लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लांच की जाएगी। जिसके निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास कालोनी के पास 12,494 वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गयी है। योजना में 12 मंजिल के 04 टाॅवरों में कुल 848 फ्लैट्स निर्मित किये जाएंगे। इसमें 01 बीएचके के 156 फ्लैट होंगे, प्रत्येक फ्लैट लगभग 40 वर्गमीटर क्षेत्रफल का होगा। इसी तरह 02 बीएचके के 692 फ्लैट्स 55 वर्गमीटर क्षेत्रफल के होंगे। योजना में स्वच्छ जल एवं विद्युत आपूर्ति, स्टिल्ट पार्किंग, लिफ्ट, पार्क, किड्स प्ले एरिया समेत अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

*आवासीय योजनाओं के लिए खरीदी जाएगी जमीन*
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, नैमिष नगर व वरूण विहार के लिए जमीन खरीदने एवं अर्जन की कार्यवाही के लिए 1,600 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इससे शहर में नयी आवासीय योजनाओं को धरातल पर उतारने और अधूरी योजनाओं को पूरा करने में बल मिलेगा। साथ ही शहर के विस्तार और निवेश के नये अवसर खुलेंगे। इसी तरह आवासीय योजनाओं में विकास एवं अनुरक्षण कार्यों के लिए 1,298 करोड़ रूपये का बजट पास किया गया है। वहीं, अवस्थापना सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं।

*400 करोड़ से ग्रीन काॅरिडोर को रफ्तार*

लखनऊ विकास प्राधिकरण की महत्वकांक्षी परियोजना ग्रीन काॅरिडोर को भी रफ्तार मिलेगी। प्राधिकरण बोर्ड ने ग्रीन काॅरिडोर के लिए 400 करोड़ रूपये का बजट जारी किया है। इसी तरह शहर में नये पार्क विकसित करने और पुराने पार्कों के अनुरक्षण के लिए 60 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के अंतर्गत नये भवनों के निर्माण के लिए भी बजट आवंटित किया गया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए मशीनरी पर होने वाले व्यय के लिए भी 02 करोड़ रूपये का बजट निर्धारित किया गया है।

*गोमती नगर विस्तार में सामुदायिक केंद्र*
गोमती नगर विस्तार में सरस्वती अपार्टमेंट के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि को सामुदायिक केंद्र में बदलने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गयी है। इसके अलावा सेक्टर-6 में कुछ भूखंडों के सामने प्रस्तावित 45 मीटर चैड़ी सड़क को घटाकर 9 मीटर करने तथा शेष भूमि को व्यावसायिक और आवासीय उपयोग हेतु नियोजित करने के प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है। 

*पारिजात एवं पंचशील अपार्टमेंट के दाम फ्रीज*
गोमती नगर योजना में अपना आशियाना बनाने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। एलडीए ने गोमती नगर स्थित पारिजात अपार्टमेंट और पंचशील अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत को 01 वर्ष के लिए फ्रीज कर दिया है। इससे नये वित्तीय वर्ष में इन अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी और लोग पुरानी दरों पर भवन खरीद सकेंगे। इसके अलावा एलडीए से आवंटित इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्ति पर निर्माण के लिए नई भवन निर्माण उपविधि-2025 के नियम लागू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।

*अनंत नगर के प्रभावितों को राहत*
एलडीए की अनंत नगर (मोहान रोड) आवासीय योजना से प्रभावित लोगों को एलडीए बड़ी राहत देने जा रहा है। दरअसल, योजना से आच्छादित ग्राम-कलियाखेड़ा एवं प्यारेपुर में कुछ  लोगों द्वारा प्राधिकरण की अर्जित भूमि पर अवैध रूप से भवनों का निर्माण करा लिया गया था। योजना के विकास के दौरान प्राधिकरण द्वारा उक्त अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अब प्राधिकरण उक्त भवनों में निवास करने वाले परिवारों को देवपुर पारा स्थित अटल नगर आवासीय योेजना में निर्धारित नियम व शर्तों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगा। बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति मिल गयी है।

*ले-आउट संशोधन से विकास को गति*
सीजी सिटी, ऐशबाग योजना और रिफा-ए-आम योजना के लेआउट (तलपट मानचित्र) में संशोधन और पुनर्नियोजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गयी है। वहीं अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में एफएसआई के तहत बेचे गए भूखंडों के मानचित्रों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। इसके अलावा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपास) में मानचित्र स्वीकृति शुल्क को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित करने का प्रस्ताव भी पास हुआ है। इसके अलावा उ0प्र0 शहरी पुनर्विकास नीति-2026 लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है।
'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' 17 अप्रैल को- सूर्य प्रताप शाही
लखनऊ में प्रस्तावित इस सम्मेलन में उत्तर भारतीय राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लखनऊ में 'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' (जोनल कॉन्फ्रेंस ऑन एग्रीकल्चर) का आयोजन किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्र के लिए प्रस्तावित यह महत्वपूर्ण सम्मेलन आगामी 17 अप्रैल, 2026 को आयोजित होगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।श्री शाही ने कहा कि वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इन पहलों का मुख्य
उद्देश्य केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र का सतत
विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में
राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक है।कृषि मंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने, महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और राज्यों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए एक प्रभावशाली मंच प्रदान करेगा। इस सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र ही साझा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति एवं उनके बहुमूल्य सुझाव सम्मेलन की चर्चाओं को अत्यंत समृद्ध बनाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद में जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया, विकास की उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों पर रखा जोर

औरंगाबाद मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के तहत औरंगाबाद जिला के बारूण, मुंशी बिगहा में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में लोगों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बिहार में 2005 से लेकर अब तक हुए विकास कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया और आगामी पांच वर्षों के लिए योजनाओं का भी परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति चिंताजनक थी। कानून का शासन स्थापित करना, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सड़क एवं पुल निर्माण जैसी प्राथमिकताओं पर ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा में सुधार हेतु बड़े पैमाने पर स्कूल खोले गए, नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई और सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार तक पहुँच गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, मेडिकल कॉलेजों की संख्या अब 12 हो गई है और सभी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। सड़क, पुल, रेल ओवरब्रिज और एलिवेटेड रोड निर्माण से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है। कृषि रोड मैप के तहत अनाज, फल, सब्जी, दूध और मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे किसान आत्मनिर्भर हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने सात निश्चय और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत ग्रामीण विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, बिजली, पेयजल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में सात निश्चय-3 के तहत औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन, कृषि विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा में और तेजी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार हेतु आर्थिक सहायता, जिले में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेजों की स्थापना, खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और स्वास्थ्य केंद्रों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद में वर्तमान और पूर्व में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

जिले में सड़कें, पुल, पावर प्लांट, आईटीआई, मेडिकल कॉलेज और आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। प्रगति यात्रा के दौरान चिन्हित 8 नई योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, लघु जल संसाधन सह औरंगाबाद जिले के प्रभारी मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, कई विधायक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है और केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अगले पांच वर्षों में राज्य और अधिक प्रगतिशील बनेगा और देश के विकसित राज्यों में शामिल होगा।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

देवघर-के मोहनपुर प्रखंड के नए चितकाठ मैं प्रफुल्ल कनकलता स्मृति न्यास ने कार्यक्रम आयोजित किया।
‌देवघर: 18 मार्च को मोहनपुर प्रखंड के नयाचितकाठ पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ में प्रफुल्ल कनकलता सिकदार प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित किए गए थे। आज़ शुक्रवार 20 मार्च को प्रतिभागियों को नयाचितकाठ पंचायत भवन में में पुरस्कृत किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि अबध किशोर भटनागर सेवानिवृत्त अध्यापक, देवघर कालेज, देवघर ने कहा कि अपने माता-पिता के याद में इस तरह कार्यक्रम आयोजित करने से जन साधारण को प्रेरणा मिलती है। आज़ के कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो राम नंदन सिंह ने कहा बहुत अच्छा लगता है इस तरह के कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर। इससे बच्चे संस्कारवान बनते हैं। डॉ प्रेम कुमार भारती ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार सिकदार और कनकलता सिकदार दोनों ही दयालु प्रवृत्ति के थे। नयाचितकाठ में शिक्षा का अलख जगाने का भरपूर प्रयास किये हैं। मुखिया अनिल कुमार साह ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार सिकदार बहुत बहुत सुयोग्य अभिभावक थे।वे एक ईमानदार, शिक्षित और कठोर परिश्रम करने वाले किसान थे। वे हमेशा सोचते थे कि गांव में शिक्षा का विकास कैसे हो। साथ ही साथ समय को बहुत महत्व देते थे। उनकी कमी खल रही है। प्रफुल्ल कनकलता सिकदार के बड़े पुत्र बादल चन्द्र सिकदार, शत्रुघन प्रसाद, विजय दास, रामरेख यादव , गांगु मंडल, भृगुनाथ शर्मा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ के प्रधानाध्यापक सन्तोष कुमार झा, माधुरी झा, रेणु कुमारी, डॉ वेणु भटनागर दीनबंधु उच्च विद्यालय , देवघर के शिक्षक शिक्षिकाओं में सुनील कुमार सूर, जीतेन्द्र कुमार चन्द्र , मुनेश्वर प्रसाद यादव , मनीषा घोष के अलावे उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ के छात्र छात्राएं उपस्थित थे। पुरस्कार पाने वाले छात्र छात्राओं के नाम क्रमश राजा ,बबलू, धनंजय, अनुराधा, अंकित, कृष्ण,करण , करिण,, उज्जवल,अनुराग,नेहा, मिथुन, बन्दना, आनन्दी, ममता, सिन्धु, करिश्मा, प्रियंका, रनवीर,अभिशेख। द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दीनबंधु उच्च विद्यालय के नवम वर्ग के आस्था, इन्दु और करिश्मा ने स्वागत गीत गाकर सवको भाव विभोर कर दिए। अंग वस्त्र और मोमेंट देकर अतिथियों का सम्मान किया गया। स्वागत भा सचिव काजल कान्ति सिकदार ने स्वागत भाषण दिए। प्रधानाध्यापक सन्तोष कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हो गया।
यूपी कॉलेज वाराणसी में दिनदहाड़े बीएससी छात्र की गोली मार हत्या, आरोपी साथी छात्र फरार
संजीव सिंह बलिया!वाराणसी:20 मार्च 2026: यूपी कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। गाजीपुर निवासी सूर्य प्रताप घर के इकलौते बेटे थे और चेचक से ठीक होकर आज ही कॉलेज लौटे थे। हमलावर ने क्लासरूम के बाहर चार गोलियां चलाईं और पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। घायल छात्र को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।आरोपी मंजीत भी इसी कॉलेज का बीए सेकंड ईयर का छात्र है और वाराणसी के चांदमारी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हंगामा मच गया। आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में कुर्सियां तोड़ीं और बाहर दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कॉलेज गेट बंद करा दिए तथा आसपास की 150 से अधिक दुकानों को बंद करा दिया। सात थानों की भारी फोर्स तैनात है। छात्र कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे हैं।ट्रॉमा सेंटर में सूर्य प्रताप की मां ने बेटे की लाश देख बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। साथी छात्र दहाड़कर रो रहे थे। एक छात्र भावुक होकर बोला, “हमके हमार भाई चाही।”पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
रांची: "AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, सहयोगी है"; JSFDA के प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के दिग्गज शिक्षाविद्।

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने आज अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कुलपतियों और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की।

युवा शक्ति और शिक्षकों की भूमिका: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की असली ताकत यहाँ की युवा शक्ति है। उन्होंने शिक्षकों पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने वाले न बनें, बल्कि राष्ट्रनिर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

AI और आधुनिक शिक्षा पर मंथन: कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि यह उनके लिए एक सहायक उपकरण (Tool) के रूप में काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।

प्रतिभाओं का सम्मान: समापन सत्र में JSFDA लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 और मारवाड़ी कॉलेज की अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

रांची में अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा पाएंगे मनमानी फीस, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने गठित की जिला स्तरीय कमेटी।

रांची: राजधानी के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के शुल्क (Fees) निर्धारण हेतु एक उच्चस्तरीय 'जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय कमेटी' का गठन कर दिया गया है।

मनमानी फीस पर लगेगा ब्रेक:

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत बनी यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि न करे। अब स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले इस कमेटी के नियमों का पालन करना होगा।

नियम तोड़ा तो खैर नहीं:

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹50,000 से लेकर ₹2,50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रमुख निर्देश जो आपको जानने चाहिए:

सामग्री की बिक्री पर रोक: स्कूल परिसर के भीतर या किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, यूनिफॉर्म या जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जा सकता।

PTA का गठन अनिवार्य: हर स्कूल को 'अभिभावक-शिक्षक संघ' (PTA) बनाना होगा और इसकी जानकारी नोटिस बोर्ड पर देनी होगी।

कमेटी की शक्ति: जिला स्तरीय कमेटी को गवाहों को सम्मन जारी करने और स्कूल के दस्तावेजों की जांच करने का पूरा अधिकार होगा।

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

इस कमेटी में उपायुक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), एक चार्टर्ड एकाउंटेंट, गुरुनानक स्कूल और DAV कपिलदेव के प्राचार्य, DPS और JVM श्यामली के अभिभावक सदस्य और जिले के सभी सांसद व विधायक शामिल हैं।

एक साल से परेशान बुजुर्ग महिला को मिली राहत,SRN में दूरबीन से हुआ सफल ऑपरेशन।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।झूंसी क्षेत्र की 67 वर्षीय महिला पिछले लगभग एक वर्ष से भोजन के बाद भारीपन बार-बार कच्ची डकार उल्टी गले में जलन और भोजन के मुंह में वापस आने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी।इन लक्षणों के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था और दवाइयों से केवल अस्थायी राहत मिल पा रही थी।लगातार परेशानी के बाद मरीज ने स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) में परामर्श लिया।यहां एंडोस्कोपी सहित विस्तृत जांच में उन्हें हायटल हर्निया नामक बीमारी का पता चला।इस स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा अपनी जगह से खिसककर छाती में चला जाता है,जिससे एसिड रिफ्लक्स और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।हायटल हर्निया का प्रारंभिक उपचार दवाइयो और जीवनशैली में बदलाव से किया जाता है, लेकिन जब इनसे आराम नहीं मिलता और मरीज की दिनचर्या प्रभावित होने लगती है, तब सर्जरी आवश्यक हो जाती है।इस केस को और जटिल बनाता था मरीज का पूर्व चिकित्सा इतिहास।उन्हें पहले थायरॉयडेक्टॉमी हिस्टेरेक्टॉमी और रेक्टल प्रोलैप्स की सर्जरी हो चुकी थी जिससे पेट के अंदर चिपकाव(एड्हीजन) होने की संभावना अधिक थी। ऐसे में ऑपरेशन तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।इन सभी परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.वैभव श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर मरीज का सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक फंडोप्लिकेशन ऑपरेशन किया।टीम में डॉ.तरुण कालरा डॉ.निशांत शुक्ला डॉ.हर्षित शर्मा डॉ. सृष्टि सिकदर और डॉ.सौरभ मिश्रा शामिल रहे।निश्चेतना विभाग से डॉ.शिवेन्दु ओझा और डॉ. साक्षी सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. पल्लवी सूद एवं डॉ.उत्कर्ष मजूमदार ने सहयोग किया। ऑपरेशन थिएटर में प्रमिला राय दिनेश फ़ैयाज़ एवं अन्य कर्मचारियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से पेट के ऊपरी हिस्से को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाता है कि एसिड रिफ्लक्स रुक जाए।ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और उल्टी रिगर्जिटेशन व गले की जलन जैसी समस्याओ में स्पष्ट सुधार के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गई।पहले इस प्रकार की सर्जरी के लिए मरीजों को लखनऊ वाराणसी या दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा प्रयागराज में ही उपलब्ध हो गई है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आम जनता से अपील की है कि लंबे समय तक सीने या गले में जलन खट्टी डकार या भोजन का बार-बार ऊपर आना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उचित उपचार से हायटल हर्निया जैसी बीमारी का सफल इलाज संभव है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आगे बताया कि हायटल हर्निया के जटिल मामलों में भी यदि सही समय पर पहचान और उचित योजना के साथ उपचार किया जाए, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा सुरक्षित और स्थायी समाधान संभव है।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मरीज को कम दर्द शीघ्र रिकवरी और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलती है।
देश को आजाद कराने में अवंतीबाई ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए
फर्रुखाबाद l रानी अवंतीबाई लोधी के 169 वें बलिदान दिवस पर नगर के एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा परसोत्तम बर्मा  ने की व संचालन अरविन्द राजपूत ने किया l कार्यक्रम में तमाम लोगों ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण की अहम भूमिका निभाने वाले बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने की एक स्वर में मांग की गई । भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष राजपूत ने रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम में देश के आजादी की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली प्रथम महिला शहीद रानी अवंतीबाई लोधी 20 मार्च 1858 में शहीद हुईं थीं उनके आज 169 वें बलिदान दिवस पर जगह जगह बलिदान दिवस समारोह आयोजित किए जा रहे हैं,उनकी शहादत को इतिहासकारों ने उजागर नहीं किया गया,महामंत्री ईश्वरदयाल वर्मा ने कहा कि लोधी समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, कृषि कर्म के साथ साथ फिजूलखर्ची न करके बच्चों की उच्च शिक्षा पर बल दिया, शराब नशा मुक्ति के लिए जागरूकता पैदा करें तभी विकास संभव हो सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी लज्जाराम वर्मा ने कहा हमारे समाज में शराब नशा ने बहुत से युवाओं की जिंदगी तबाह कर दी है इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जागरूक करने का काम  करना चाहिए, सुघर सिंह  राजपूत , जनार्दन दत्त राजपूत एडवोकेट ने रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा किसी चौराहे पर लगाने की सांसद मुकेश राजपूत से मांग की है बालकराम वर्मा ने बताया कि मैं अपने विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता हूं , बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए तमाम लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए प्रमुख रूप से महासभा के कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, महामंत्री रजनेश राजपूत , , सदस्य जिला पंचायत कुंवरजीत राजपूत,नामित सभासद अनुज राजपूत, सुधीर राजपूत, जौली राजपूत,अजय राजपूत, धनीराम राजपूत,अबधेश राजपूत विनोद राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष कौशलेंद्र राजपूत , महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन राजपूत, लक्ष्मी राजपूत , महिपाल सिंह, दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
जानिए सपनों की हकीकत
–क्षमा सिंह, योग प्रशिक्षक

सपने हर कोइ देखता है कुछ सपने असली जैसे लगते हैं और कुछ भावुक होते हैं ज्यादातर सपने जागते ही गायब हो जाते हैं सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिमाग आखिर सपने बनाता ही क्यों है, और उनमें से ज्यादातर हमारी यादाश्त क्यों मिट जाते हैं । वैज्ञानिको का कहना है कि सपने देखना इस बात से गहराई से जुड़े होते हैं कि सोते समय हमारा दिमाग यादों,इमोशंस और जानकारियों को कैसे प्रोसेस करता है
सपने कब आते हैं?
सपने ज्यादातर नींद के उस फेज में आते हैं जिसे रैपिड आई मूवमेंट स्लीप कहते हैं। इस दौरान दिमाग लगभग उतना ही एक्टिव होता है जितना जागते समय होता है। ब्रेन स्कैन से पता चलता है कि यादाश्त,इमोशन और कल्पना से जुड़े दिमाग के कई हिस्से बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं।

दिमाग में सपने कैसे बनते हैं?
दिमाग के अन्दर कई हिस्से मिलकर सपने बनाते हैं। हिप्पोकैम्पस दिन भर की यादों को प्रोसेस करने में मदद करता है। उसी समय एमिग्डाला बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाता है,एमिग्डाला डर और यादों को प्रोसेस करने का भावनात्मक केन्द्र है । यही वजह है कि सपनों में अक्सर डर,उत्साह या घबराहट जैसी भावनाएं होती हैं।
सपने को सेव नहीं कर पाता दिमाग
'आरइएम' स्लीप के दौरान नारएपिनेफ्रीन का स्तर कम होता है। इसलिए दिमाग सपनों के अनुभवों को लम्बी अवधि की यादाश्त में भेजने में मुश्किल महसूस करता है। आसान शब्दों में कहें तो दिमाग सपने का अनुभव तो करता है, लेकिन उसे ठीक से सेव नहीं कर पाता,एक और कारण यह है कि यादें बनाने वाले हिप्पोकैम्पस, सपने देखते समय अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा होता है, अगर यादों को ठीक से एनकोड नहीं किया जाए, जो जागने के बाद सपनों की डिटेल्स जल्द ही धुंधली हो जाती है और हमारा दिमाग वापस अपनी सामान्य जागने वाली गतिविधियों में लग जाता है।
सपनों को लेकर क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
वैज्ञानिकों का मानना है कि सपने दिमाग की यादों को व्यवस्थित करने और भावनाओं को प्रोसेस करने में मदद कर सकते हैं। जब हम सो रहे होते हैं तो दिमाग दिन भर के अनुभवों के टुकड़ों को फिर से चलाता है और उन्हें पुरानी यादों और कल्पना के साथ मिला देता है। ये टुकड़े मिलकर उन कहानियों का रूप ले लेते हैं, जिन्हें हम सपनों के तौर पर अनुभव करते हैं।
5,148 करोड़ रूपये से शहर में आवासीय योजनाओं व विकास कार्यों को गति देगा एलडीए

*शारदा नगर विस्तार में 200 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 848 अफोर्डेबल हाउस*

- *लखनऊ विकास प्राधिकरण बोर्ड की 187वीं बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी*

- *वेलनेस सिटी, आईटी सिटी, नैमिष नगर और वरूण विहार के लिए भी बजट जारी*

- *400 करोड़ रूपये से ग्रीन काॅरिडोर को रफ्तार, अवैध निर्माण पर तेज होगी कार्रवाई*

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण इस वित्तीय वर्ष में 5,148 करोड़ रूपये से शहर में आवासीय योजनाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, विकास एवं सौंदर्यीकरण आदि के कार्यों को गति देगा। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आज पारिजात सभागार में हुयी प्राधिकरण बोर्ड की 187वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट को मंजूरी मिल गयी है।

इसमें शारदा नगर विस्तार योजना में अफार्डेबल हाउसिंग स्कीम भी शामिल है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से 848 बजट फ्रेंडली भवन विकसित किये जाएंगे।

बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य पीएन सिंह एवं पुष्कर शुक्ला समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि डालीबाग स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के लोकार्पण के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम नागरिकों के लिए बजट फ्रेंडली आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिये थे। इसके अनुपालन में शारदा नगर विस्तार योजना में लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लांच की जाएगी। जिसके निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास कालोनी के पास 12,494 वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गयी है। योजना में 12 मंजिल के 04 टाॅवरों में कुल 848 फ्लैट्स निर्मित किये जाएंगे। इसमें 01 बीएचके के 156 फ्लैट होंगे, प्रत्येक फ्लैट लगभग 40 वर्गमीटर क्षेत्रफल का होगा। इसी तरह 02 बीएचके के 692 फ्लैट्स 55 वर्गमीटर क्षेत्रफल के होंगे। योजना में स्वच्छ जल एवं विद्युत आपूर्ति, स्टिल्ट पार्किंग, लिफ्ट, पार्क, किड्स प्ले एरिया समेत अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

*आवासीय योजनाओं के लिए खरीदी जाएगी जमीन*
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, नैमिष नगर व वरूण विहार के लिए जमीन खरीदने एवं अर्जन की कार्यवाही के लिए 1,600 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इससे शहर में नयी आवासीय योजनाओं को धरातल पर उतारने और अधूरी योजनाओं को पूरा करने में बल मिलेगा। साथ ही शहर के विस्तार और निवेश के नये अवसर खुलेंगे। इसी तरह आवासीय योजनाओं में विकास एवं अनुरक्षण कार्यों के लिए 1,298 करोड़ रूपये का बजट पास किया गया है। वहीं, अवस्थापना सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं।

*400 करोड़ से ग्रीन काॅरिडोर को रफ्तार*

लखनऊ विकास प्राधिकरण की महत्वकांक्षी परियोजना ग्रीन काॅरिडोर को भी रफ्तार मिलेगी। प्राधिकरण बोर्ड ने ग्रीन काॅरिडोर के लिए 400 करोड़ रूपये का बजट जारी किया है। इसी तरह शहर में नये पार्क विकसित करने और पुराने पार्कों के अनुरक्षण के लिए 60 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के अंतर्गत नये भवनों के निर्माण के लिए भी बजट आवंटित किया गया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए मशीनरी पर होने वाले व्यय के लिए भी 02 करोड़ रूपये का बजट निर्धारित किया गया है।

*गोमती नगर विस्तार में सामुदायिक केंद्र*
गोमती नगर विस्तार में सरस्वती अपार्टमेंट के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि को सामुदायिक केंद्र में बदलने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गयी है। इसके अलावा सेक्टर-6 में कुछ भूखंडों के सामने प्रस्तावित 45 मीटर चैड़ी सड़क को घटाकर 9 मीटर करने तथा शेष भूमि को व्यावसायिक और आवासीय उपयोग हेतु नियोजित करने के प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है। 

*पारिजात एवं पंचशील अपार्टमेंट के दाम फ्रीज*
गोमती नगर योजना में अपना आशियाना बनाने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। एलडीए ने गोमती नगर स्थित पारिजात अपार्टमेंट और पंचशील अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत को 01 वर्ष के लिए फ्रीज कर दिया है। इससे नये वित्तीय वर्ष में इन अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी और लोग पुरानी दरों पर भवन खरीद सकेंगे। इसके अलावा एलडीए से आवंटित इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्ति पर निर्माण के लिए नई भवन निर्माण उपविधि-2025 के नियम लागू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।

*अनंत नगर के प्रभावितों को राहत*
एलडीए की अनंत नगर (मोहान रोड) आवासीय योजना से प्रभावित लोगों को एलडीए बड़ी राहत देने जा रहा है। दरअसल, योजना से आच्छादित ग्राम-कलियाखेड़ा एवं प्यारेपुर में कुछ  लोगों द्वारा प्राधिकरण की अर्जित भूमि पर अवैध रूप से भवनों का निर्माण करा लिया गया था। योजना के विकास के दौरान प्राधिकरण द्वारा उक्त अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अब प्राधिकरण उक्त भवनों में निवास करने वाले परिवारों को देवपुर पारा स्थित अटल नगर आवासीय योेजना में निर्धारित नियम व शर्तों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगा। बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति मिल गयी है।

*ले-आउट संशोधन से विकास को गति*
सीजी सिटी, ऐशबाग योजना और रिफा-ए-आम योजना के लेआउट (तलपट मानचित्र) में संशोधन और पुनर्नियोजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गयी है। वहीं अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में एफएसआई के तहत बेचे गए भूखंडों के मानचित्रों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। इसके अलावा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपास) में मानचित्र स्वीकृति शुल्क को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित करने का प्रस्ताव भी पास हुआ है। इसके अलावा उ0प्र0 शहरी पुनर्विकास नीति-2026 लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है।
'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' 17 अप्रैल को- सूर्य प्रताप शाही
लखनऊ में प्रस्तावित इस सम्मेलन में उत्तर भारतीय राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लखनऊ में 'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' (जोनल कॉन्फ्रेंस ऑन एग्रीकल्चर) का आयोजन किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्र के लिए प्रस्तावित यह महत्वपूर्ण सम्मेलन आगामी 17 अप्रैल, 2026 को आयोजित होगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।श्री शाही ने कहा कि वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इन पहलों का मुख्य
उद्देश्य केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र का सतत
विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में
राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक है।कृषि मंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने, महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और राज्यों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए एक प्रभावशाली मंच प्रदान करेगा। इस सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र ही साझा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति एवं उनके बहुमूल्य सुझाव सम्मेलन की चर्चाओं को अत्यंत समृद्ध बनाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद में जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया, विकास की उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों पर रखा जोर

औरंगाबाद मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के तहत औरंगाबाद जिला के बारूण, मुंशी बिगहा में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में लोगों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बिहार में 2005 से लेकर अब तक हुए विकास कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया और आगामी पांच वर्षों के लिए योजनाओं का भी परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति चिंताजनक थी। कानून का शासन स्थापित करना, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सड़क एवं पुल निर्माण जैसी प्राथमिकताओं पर ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा में सुधार हेतु बड़े पैमाने पर स्कूल खोले गए, नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई और सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार तक पहुँच गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, मेडिकल कॉलेजों की संख्या अब 12 हो गई है और सभी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। सड़क, पुल, रेल ओवरब्रिज और एलिवेटेड रोड निर्माण से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है। कृषि रोड मैप के तहत अनाज, फल, सब्जी, दूध और मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे किसान आत्मनिर्भर हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने सात निश्चय और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत ग्रामीण विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, बिजली, पेयजल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में सात निश्चय-3 के तहत औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन, कृषि विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा में और तेजी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार हेतु आर्थिक सहायता, जिले में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेजों की स्थापना, खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और स्वास्थ्य केंद्रों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद में वर्तमान और पूर्व में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

जिले में सड़कें, पुल, पावर प्लांट, आईटीआई, मेडिकल कॉलेज और आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। प्रगति यात्रा के दौरान चिन्हित 8 नई योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, लघु जल संसाधन सह औरंगाबाद जिले के प्रभारी मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, कई विधायक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है और केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अगले पांच वर्षों में राज्य और अधिक प्रगतिशील बनेगा और देश के विकसित राज्यों में शामिल होगा।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय