_खरीफ कर्मशाला में कृषि मंत्री सख्त: लापरवाही पर होगी कार्रवाई, 20 मई से हर जिले में लगेगा खरीफ मेला

रांची:- कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी । किसानों के हित के लिए जो काम करेंगे उनका सम्मान दिया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी । श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराज़गी जाहिर कर रही थीं।
सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार है जिस कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सूखे से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व में कर ली जाए इसी हेतु किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह कर्मशाला का आयोजन किया गया है। सूखे की आशंका को देखते हुए सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को अपने अपने जिले में किस स्तर की तैयारियाँ करेंगे इस हेतु एक कांटिजेंट प्लान बनाने का निदेश दिया गया था। जिसे विस्तार में इस कर्मशाला में प्रस्तुत किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए समय महत्वपूर्ण होता है । उसे यदि सही समय पर बीज ना मिले, सिंचाई की सुविधा न मिले तो हमारी सारी मेहनत बेकार है। यह एक-एक की जिम्मेवारी है इस जिम्मेवार को धर्म के रूप में निभाना होगा।
कृषि मंत्री ने सूखे की संभावित आशंका को देखते हुए दिया एक्शन प्लान
कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक सेना के रूप में किसानों में लिए काम करेंगे । जिला में नोडल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी रहेंगे और कृषि प्रभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी मिलकर एक्शन मोड पर काम करेंगे । उन्होंने निदेश दिया कि 15 मई को जिला स्तरीय बैठक बुलायें जिसमे प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे । इस कर्मशाला में बताए गए प्लान की सूचना उनसे साझा करेंगे । इसकी रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। साथ ही 20 मई को हर जिला में ख़रीफ़ मेला का आयोजन होगा । जिसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे इसमें हर प्रखंड से भागीदारी हो इसे सुनिश्चित करेंगे। मेला में सॉइल टेस्टिंग काउंटर भी उपलब्ध करायेंगे। कर्मशाला में जो बातें आपने सीखी है उसे सरल तरीक़े से किसानो को समझाना होगा। कृषि विभाग से क्या मदद मिल सकती है उसकी जानकारी भी दे । 22 मई को प्रखंड स्तर भी खरीफ मेला का आयोजन करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें साथ ही हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें । बीज का वितरण एसएचजी और एफ़पीओ के जरिये हो इसे भी सुनिश्चित करेंगे ।
कृषि के अलावा अन्य प्रभाग पर भी जोर
कृषि मंत्री ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पशुओं के दवाई का वितरण समय पर इससे संबंधित निविदा समय पर हो इसे सुनिश्चित करें । मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य ख़त्म को जाना चाहिए। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें ।इसके अलावे उन्होंने भूमी संरक्षण,सोलर पम्प वितरण , ड्रिप इरीगेशन ,मधुमक्खी पालन आदि पर सख्ती से अनुपालन करने का निदेश दिया ।
बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एससी दुबे ने कर्मशाला में कहा कि जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा । डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ाना है। किसान आय के अन्य उपायों को भी अपनाने पर जोर दें इसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा । जिला कृषि पदाधिकारी को अपने जिले की कृषि से संबंधित सभी जानकारी रखनी होगी ।
विशेष सचिव श्री गोपाल जी तिवारी ने कहा कि कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की के निदेश पर इस दो दिवसीय कर्मशाला का आयोजन किया गया। इसमें संभावित सूखे की स्थिति में किसानों को कैसे राहत पहुंचाई जाए इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस कर्मशाला का उद्देश्य था कि जिला स्तर पर एक इंटीग्रेटेड प्लान निकल कर सामने आए । ताकि राज्य स्तर पर इसे इंप्लीमेंट करे सके ।
दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला के दूसरे दिन मंगलवार को डॉ अख़लाक़ अहमद ,कृषि वैज्ञानिक ने धान के किस्मों के चयन के बारे में जानकारी दी । मानसून समय पर आता है तो धान की बुआई शुरू कर देनी है। उन्होंने मौसम और भूमि के आधार पर धान के किस्मों के चयन के बारे में जानकारी दी।डॉ अशोक कुमार सिंह ने धान की उन्नत खेती कैसे करें इस संबंध में कार्यशाला में मौजूद पदाधिकारियों को जानकारी दी ताकि किसानों को इस संबंध में जागरूक किया जा सके ताकि धान की पैदावार अधिक से अधिक हो । उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों से धान की खेती पर जोर दिया । धान की बुआई कैसे करें , किस प्रकार की धान के किस्मों का चयन करें, ज़्यादा उपज के धान की किस्मों का चयन, भूमि आधारित धान के किस्मों का चयन आदि की जानकारी दी। खरपतवार नाशक के किस्म और उनके उपयोग की जानकारी दी । डॉ अरुण कुमार , कृषि वैज्ञानिक बीएयू ने मिलेट्स खेती की जानकारी दी । सॉइल कंजर्वेशन के उपायों की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सूखे की आपात स्थिति से निपटने के लिए किस प्रकार की तैयारी रखें इस आधारित एक डाक्यूमेंट्री फ़िल्म बनायी गई है जिससे किसानों को अवगत कराया जा सके । इसे दिखाया गया ।
कार्यक्रम में निदेशक समिति श्री विकास कुमार , निदेशक सांख्यिकी एवं मूल्यांकन श्री श्री शैलेन्द्र कुमार , कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारी, सभी जिले से आयें कृषि पदाधिकारी , संबंधित विभिन्न विभागों से जुड़े पदाधिकारीगण सहित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे ।
2 hours and 13 min ago
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