आजमगढ़ : अब स्थानीय स्तर पर होगा कैंसर मरीजों का आधुनिक इलाज, फूलपुर मल्टी स्पेसलिटी अस्पताल का हुआ उदघाटन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। फूलपुर में नवस्थापित फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन अधिवक्ता संघ फूलपुर के पूर्व अध्यक्ष इश्तियाक अहमद नन्हे और अशफाक अहमद द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, चिकित्सक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अस्पताल के चीफ डॉ. अयाज अहमद ने बताया कि इस अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता कैंसर मरीजों के लिए समर्पित सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के माध्यम से कैंसर रोगियों सहित अन्य रोगों का बेहतर और सुलभ इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। डॉ. अयाज अहमद ने आगे कहा कि अब फूलपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को कैंसर सहित बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों की ओर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
इस मौके पर कांग्रेस नेता शाहिद शादाब आजमी, माहुल चेयरमैन लियाकत अली, तहसीलदार राजू कुमार, कोतवाल सच्चिदानंद, अनिल कुमार सिंह, इकबाल अहमद, इम्तियाज अहमद, नजरे आलम, डॉ. अजीम, डॉ. जे आलम, डॉ. नगमा, डॉ. फैसल अहमद, डॉ. अखिलेश यादव, शेराज अहमद, मिर्जा महफुज वेग और मुफ्ती लाइक सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अस्पताल के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह अस्पताल गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का संचालन आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर होने की उम्मीद है।
आजमगढ़ : 52 में 10 मामलों का मौके पर निस्तारण , एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस का हुआ आयोजन
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  जिले के फूलपुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में एक बार फिर बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 52 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में सबसे अधिक 43 मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे। इनमें भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण और कब्जे से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। इसके अलावा 7 प्रकरण पुलिस विभाग से जुड़े थे, जबकि 1 मामला विद्युत एवं 1 विकास विभाग से संबंधित पाया गया। अधिकारियों ने गंभीरता से सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कर राहत प्रदान की। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन मामलों का निस्तारण मौके पर नहीं हो सका है, उन्हें संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर निपटाएं और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार चक्कर न लगाना पड़े। कार्यक्रम के दौरान मौके पर समाधान मिलने से कई फरियादियों के चेहरे पर संतोष नजर आया। वहीं, जिनकी समस्याएं लंबित रहीं, उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। इस अवसर पर तहसीलदार राजू कुमार, नायब तहसीलदार राजाराम, खंड शिक्षा अधिकारी पवई संतोष कुमार सिंह, पुलिस उपनिरीक्षक श्याम कुमार दुबे, सुधीर सिंह, राजस्व निरीक्षक देवेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर के लिए मचा हुआ है हाहाकार

*बुकिंग के बाद भी पर्ची काटने से लेकर सुगम डिलेवरी में बरती जा रही है ढ़िलाई

*ग्रामीण क्षेत्रों का है और भी बुराहाल, *शिकायत पर एजेंसी संचालक अधिकारी को गुमराह कर दे रहे गलत फिडबैक

राघवेन्द्र कुमार सिंह

मीरजापुर। अधिकारियों के तमाम दिशा-निर्देश के बाद भी जिले में घरेलू गैस की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रहा है। आलम यह है कि नगर से लेकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को लंबी कतार के साथ गैस एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ जा रहे हैं बावजूद इसके सहुलियत से गैस सिलेंडर मिलना नामुमकिन हो रहा है। सर्वाधिक बुरी स्थिति ग्रामीणों इलाकों की बताई जा रही है जहां बुकिंग के काफी समय बाद भी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हलिया विकास खंड क्षेत्र स्थित
विंध्य भारत गैस हलिया अंतर्गत हलिया, लालगंज एवं दीपनगर एरिया को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है। बताया जा रहा है कि तकरीबन 30 से 40 किलोमीटर की एरिया को कवर करने वाले इस गैंस एजेंसी ज्यादातर गरीब एवं किसान तपके के लोग जुड़े हुए हैं। हलिया विकास खंड क्षेत्र जिले का अंतिम छोर होने के साथ मध्य प्रदेश  बॉर्डर से सटा हुआ। पहाड़ी इलाका होने के कारण यह इलाका गरीब एवं पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है‌ विंध्य भारत गैस एजेंसी के तकरीबन 70 हजार के ऊपर कनेक्शन होने के बात भी 20% भी गैस सिलेंडर नहीं उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे गरीब एवं किसान जनता काफी परेशान हो रही है।
गांव निवासी महुहट गांव से आई महिला उपभोक्ता का कहना है कि दो दिनों से वह गैस के लिए दौड़ लगा रही है यहां आने पर ताला लटकता हुआ दिखाई दे रहा है।
महुगढ़ से आए हुए उपभोक्ताओं का आरोप रहा है कि आनलाइन बुकिंग करने के बाद भी अभी तक पर्ची नहीं काटी गई है, न ही कोई जवाब देने वाला है। कुछ लोगों का आरोप रहा है कि पिछले कई दिनों से वह दौड़ लगा रहे हैं लेकिन न तो उन्हें पर्ची दी जा रही है ना ही कोई संतोषजनक जवाब दे रहा है, जिससे वह गैस सिलेंडर के लिए आर्थिक और मानसिक समस्याओं से जूझते हुए सिर्फ और सिर्फ गैस एजेंसी से लेकर बाजार की दौड़ लगाते हुए आएं हैं। एक उपभोक्ता का कहना रहा है कि 24 मार्च को हमने आनलाइन बुकिंग किया था, लेकिन अभी तक गैस सिलेंडर नहीं मिला है। चार दिन पहले गैस एजेंसी पर आए हुए थे बोला गया था कि दो दिन बाद आना पर्ची काट देंगे लेकिन आज आए हुए हैं कोई यहां है ही नहीं जो हमें बता सके कि कब तक उन्हें गैस सिलेंडर मिल पाएगा। मजे की बात है कि उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत किए जाने पर गैस एजेंसी संचालक संबंधित अधिकारियों को गलत फिडबैक देकर गुमराह करते हुए आएं हैं।
श्रद्धा और विश्वास क़े बगैर नहीं मिलती भक्ति -कथा व्यास
रमेश दूबे
भक्ति की सरिता में डूबा खलीलाबाद, रामजन्म प्रसंग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब


पुराने रोडवेज परिसर में रामकथा के तीसरे दिन गूंजे भक्ति गीत, कथा और संगीत ने बांधा समां

संत कबीर नगर नगर के पुराने रोडवेज परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का तीसरा दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास श्री गोरखनाथ मिश्र जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अवतरण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के लिए आदर्श और मर्यादा का संदेश है। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अन्याय का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। रामजन्म का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने अयोध्या नगरी की उस दिव्य छवि का ऐसा चित्रण किया कि श्रद्धालु स्वयं को उसी युग में उपस्थित महसूस करने लगे।कथा के दौरान कई बार ऐसा क्षण आया जब पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की आभा और आंखों में आंसू स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते नजर आए।
कथा के उपरांत आयोजित भजन संध्या ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक दीपक मिश्र और अवधेश जी ने अपने सुमधुर स्वरों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित जनसमूह भक्ति रस में सराबोर हो गया। “राम नाम की महिमा अपरंपार” और “अयोध्या में आज मंगल गान” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंजता रहा।
भजन संध्या में वाद्य यंत्रों की संगत ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। ऑर्गन वादक रंजीत ने अपने सुरों से भजनों को जीवंत बना दिया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाल वादक संतलाल ने अपनी अद्भुत ताल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया और ऐसा प्रतीत हुआ मानो संगीत स्वयं प्रभु की आराधना कर रहा हो।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रमुख रूप से सौरभ त्रिपाठी, आचार्य जनार्दन ओझा, श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, अमरेश बहादुर पाल, किरण प्रजापति, रमाकांत यादव और सोनू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित प्रणाली ने कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया। साथ ही, साफ-सफाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। हर दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का संकेत है कि लोग इस आयोजन से गहराई से जुड़ रहे हैं और अपने जीवन में आध्यात्मिकता को स्थान दे रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खलीलाबाद की पावन धरती इन दिनों भक्ति के रंग में रंगी हुई है, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु इस आध्यात्मिक महोत्सव का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
भोपाल में IIMC कनेक्शन्स 2026 का आयोजन, अभिनेता चंदन रॉय बने ‘एलुमनी ऑफ द ईयर’

भोपाल। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) एलुमनी एसोसिएशन के मध्य प्रदेश चैप्टर का वार्षिक मिलन समारोह “कनेक्शन्स 2026” भोपाल में उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। इस खास मौके पर लोकप्रिय ओटीटी सीरीज ‘पंचायत’ से चर्चित अभिनेता चंदन रॉय को ‘एलुमनी ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

- पत्रकारिता से अभिनय तक का सफर

आईआईएमसी के पूर्व छात्र चंदन रॉय ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी और आज वे अभिनय की दुनिया में एक मजबूत पहचान बना चुके हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में संस्थान के पूर्व विद्यार्थी भोपाल पहुंचे और समारोह में हिस्सा लिया। समारोह की अध्यक्षता मध्य प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. आशीष जोशी ने की।

कार्यक्रम में संस्थान के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, उपाध्यक्ष दीप्ति चौरसिया, पूर्व अध्यक्ष अनिल सौमित्र, महासचिव मानसी समाधिया, वरिष्ठ एलुमनी दिनेश कुमार, पी.के. मोहंती तथा सिद्धार्थ सामल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने अपने-अपने पेशेवर अनुभव साझा किए और संवाद, सहयोग व नेटवर्किंग की इस परंपरा को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने आईआईएमसीएए को एक सशक्त संगठन बनाने का श्रेय इसके सह-संस्थापक रितेश वर्मा को दिया।

- चंदन रॉय ने साझा किया संघर्ष

अपने संबोधन में चंदन रॉय ने अपने संघर्षपूर्ण सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आईआईएमसी उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसने उनके अभिनय के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि आईआईएमसी के योगदान के बिना भारतीय पत्रकारिता का इतिहास अधूरा रहेगा। पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल सौमित्र ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सभी को प्रेरित किया और संगठन की ऊर्जा को नई दिशा देने की बात कही। 

कार्यक्रम के सफल आयोजन में अंकित फ्रांसिस, कोमल बडोडेकर और अनंत सिंह सहित कई सक्रिय सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह का समापन आत्मीय बातचीत, रोचक किस्सों और पुरानी यादों के आदान-प्रदान के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लगातार निभाने का संकल्प भी लिया।

कालीन उद्योग के लिए नई समस्या बन सकती है यूएस ट्रेड एक्ट की धारा 301

*16 देशों का डाटा जुटा रहा है अमेरिका, भविष्य में कारोबार करने में कालीन निर्यातकों को होगी परेशानी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका विभिन्न देशों पर व्यापारिक समझौतों की आड़ में उच्च टैरिफ दर थोपने के लिए नए-नए कारण ढूंढ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप सेक्शन 301 (अमेरिकी व्यापार एवं प्रतिनिधित्व) के अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भारत समेत 16 देशों में व्यापारिक जांच के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद से केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय कालीन उद्योग सहित अन्य मजदूर बहुलता वाले उद्योगों से डाटा मांगा है। यह डाटा अमरीका को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद टैरिफ की नई दरें लागू हो सकती है। भारतीय कालीन निर्यातकों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों को अभी भी याद है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अचानक भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 5 प्रतिशत से बढ़ाकर पहले 25 प्रतिशत और फिर रूस से तेल खरीदने से नाराज होकर टैरिफ की दर 50 प्रतिशत तक कर दिया था। कई महीने बाद टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत तो किया लेकिन अब ट्रंप ने अमरीका के ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन-301 की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के साथ वर्चुअल बैठक में शामिल होने के बाद बताया कि ट्रंप प्रशासन के इस कदम के बाद वाणिज्य मंत्रालय विभिन्न उद्योगों से डाटा कलेक्शन करने में जुट गया है। डाटा अमरीकी प्रशासन को सौंपे जाने के बाद 28 अप्रैल तक धारा 301 समिति के समक्ष सुनवाई शुरू होगी। यदि सेक्शन 301 समिति चाहेगी तो टैरिफ की दर बढ़ा सकती है। इतना ही नहीं ऐसे समय जब इरान-इस्राइल युद्ध चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्थिति दयनीय हो चुकी है। ऐसे में अधिनियम 301 भारतीय कालीन उद्योग के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती है।
क्या है यूएस व्यापार अधिनियम की धारा 301
एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बताया कि अमेरिका के व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 में उन्हें विदेशी व्यापार प्रथाओं की जांच करने और उनके कार्रवाई करने का अधिकार देती है। इस अधिनियम के तहत अमेरिका ने भारत सहित 16 देशों से डाटा की मांग की है। इस अधिनियम के तहत अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि मजदूरों के अनुरूप वातावरण में काम कर रहे हैं या नहीं। बंधुआ मजदूरी तो नहीं कराई जा रही है। मजदूरों की क्षमता से अधिक काम तो नहीं लिया जा रहा है। जांच में कपड़ा, इस्पात, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, मशीनरी व सोलर उद्योग शामिल हैं।
जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक ने तहसील मनकापुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की सुनी समस्याए

*सम्पूर्ण समाधान दिवस में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश*


*सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का शतप्रतिशत समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*सम्पूर्ण समाधान मनकापुर में 123 शिकायतों में से 16 का मौके पर ही किया गया निस्तारण*

गोण्डा।शासन की मंशानुरूप जनसामान्य की शिकायतों एवं समस्याओं का एक ही स्थल पर निस्तारण कराने के उद्देश्य से जनपद के समस्त तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें तहसील मनकापुर में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जायसवाल ने आये हुये फरियादियों की समस्याओं को सुना तथा शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने हेतु सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित किया गया।

जनसुनवाई के दौरान तहसील मनकापुर में कुल 123 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये जिसमें 16 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारित कर दिया गया है शेष प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुये आख्या तहसील में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने निर्देश दिए हैं कि समाधान दिवस में प्राप्त होने वाले शिकायतों के निस्तारण हेतु टीम गठित किया जाय, तथा टीम द्वारा शिकायत का मौके पर स्थलीय जांचकर पूरी गुणवत्ता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाय।  

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण तथा चकमार्ग के मामले में संयुक्त रूप से राजस्व एवं पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जाकर निस्तारित कराना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि तालाब जमीन की पैमाइश, अवैध कब्जा, चकरोड, नाली, अवैध अतिक्रमण आदि को पुलिस फोर्स के साथ हटवाने का कार्य करें। शिकायतकर्ताओं को मौके पर बुलाएं। उसके आने पर लिखित रूप से उल्लेख करें और निस्तारण के प्रकरण का फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी भी करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर पूरी गुणवत्ता के साथ करें अन्यथा संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपूर्ण समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी ने वहां पर उपस्थित सभी संबंधित विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

तहसील मनकापुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

संपूर्ण समाधान में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता राम अनुराग पुत्र रामेश्वर प्रसाद निवासी कलेनियां मनकापुर ने अवगत कराया की हमारे हिस्से में सागौन का पेड़ लगा हुआ है जिसको प्रार्थी बेचना चाहता है लेकिन विपक्षीगण के द्वारा विक्रय नहीं करने दिया जा रहा है अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के लेखपाल तथा एसडीओ फॉरेस्ट वन विभाग सुदर्शन को निर्देश दिए हैं की मौके पर जाकर शिकायत का निस्तारण कराया जाय।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संतलाल, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर उपजिलाधिकारी मनकापुर जीतेंद्र गौतम, पुलिस क्षेत्राधिकारी मनकापुर, प्रभारी तहसीलदार मनकापुर सुभद्रा प्रसाद, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक डीआरडीओ सुशील कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे, जिला प्रोवेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी, उपनिदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर, एलडीएम विनोद कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, तथा अन्य विभागों के अधिकारी सहित अन्य सभी जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
गोण्डा में ब्लाइंड मर्डर का सफल खुलासा: हत्याभियुक्त गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद

गोण्डा,गोण्डा में थाना देहात क्षेत्रान्तर्गत एक दिल दहला देने वाली हत्या का सफल अनावरण किया गया। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री मनोज कुमार रावत के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनंद कुमार राय के नेतृत्व में थाना कोतवाली नगर पुलिस ने इस मामले में आरोपी अरुण कुमार पुत्र बैजनाथ कुम्हार को रेलवे स्टेशन गोण्डा से गिरफ्तार किया। आरोपी के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक आलाकत्ल चाकू भी बरामद किया गया।

घटना का विवरण इस प्रकार है कि 29 मार्च 2026 को अशोक कुमार की बेटी शीला (25) खेत पर गई थी और लौटकर नहीं आई। 2 अप्रैल को ग्राम भदवल में एक गन्ने के खेत में उसका शव मिला। शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और फील्ड यूनिट एवं डॉग स्क्वाड द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए।
पुलिस ने चार टीमों का गठन कर मैनुअल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का सफल अनावरण किया।

पूछताछ में खुलासा

अरुण कुमार ने बताया कि वह 2022 से शीला से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में था और दोनों रील्स बनाकर अपलोड करते थे। आरोपी ने शीला को कई बार कुल डेढ़ लाख रुपये नगद और ऑनलाइन माध्यम से दिए थे। 9 मार्च को उसने अंतिम बार 11 हजार रुपये भेजे। उसके बाद भी शीला बार-बार पैसे की मांग करती रही और आरोपी को शक था कि वह किसी अन्य लड़के से भी संपर्क में है।

इसके चलते मनमुटाव होने पर आरोपी ने 29 मार्च को शीला को मिलने बुलाया और रील बनाने का बहाना बनाकर दोनों हाथ पीछे करके रस्सी से बांध दिया। फिर चाकू से उसके गले पर वार कर हत्या कर दी और चाकू को च्यवन मुनि आश्रम के पास झाड़ियों में छिपा दिया।गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर: भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया। साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।
भदोही में ‘ड्रीमलैंड मेला’ बना आकर्षण का केंद्र, पहली बार भव्य स्तर पर आयोजन
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में पहली बार आयोजित किया गया ड्रीमलैंड मेला इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आधुनिक झूले, थीम आधारित सजावट और मनोरंजन के विविध साधनों ने इस मेले को खास बना दिया है। हर उम्र के लोग यहां पहुंचकर आनंद ले रहे हैं और इसे भदोही के लिए एक नया अनुभव माना जा रहा है।
मेले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रयागराज ड्रीम लैंड अम्यूज़मेंट के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मेले के प्रमुख आयोजकों में कृष्ण दास (लेखा प्रबंधक), तरुण शुक्ला और अशरफ अली उर्फ विक्की मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भदोही में इस तरह का भव्य और आधुनिक मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जिसके लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
कृष्णा दास ने बताया कि मेले को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए विशेष रूप से सजावट पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को एक अलग ही अनुभव देने की कोशिश की गई है, ताकि परिवार के साथ लोग यहां पूरा समय बिताकर मनोरंजन कर सकें।
मेले की सबसे बड़ी खासियत इसके आधुनिक और रोमांचक झूले हैं। इसमें शिमला थीम, जलपरी (मरमेड), सुनामी झूला और गगनचुंबी टावर झूले प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई झूले और थीम पहली बार भदोही में देखने को मिल रहे हैं, जिससे लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
बच्चों के लिए भी मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। छोटे-छोटे झूले, हेलीकॉप्टर राइड, वाटर बोट जैसी मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चे भी भरपूर आनंद उठा सकें। वहीं, युवाओं और बड़े लोगों के लिए एडवेंचर और हाई-राइड झूले खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शॉपिंग का भी खास इंतजाम किया गया है। एक बड़े बाजार के रूप में यहां विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं, जहां लोग अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही खाने-पीने के शौकीनों के लिए चटपटे व्यंजनों की भरपूर व्यवस्था की गई है, जिससे मेले का आनंद और भी बढ़ जाता है।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों ने विशेष सतर्कता बरती है। पूरे मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फायर सेफ्टी के सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात किए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी चिंता के मेले का आनंद ले सके।
मेले में प्रवेश शुल्क मात्र ₹40 निर्धारित किया गया है, जबकि दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट की व्यवस्था की गई है। अंदर विभिन्न झूलों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं।
लोकेशन की दृष्टि से भी मेला बेहद सुगम स्थान पर आयोजित किया गया है। इसके दो मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं—एक ज्ञानपुर रोड पर रीजेंसी होटल के पास, जहां से मेला आसानी से दिखाई देता है, जबकि दूसरा औराई रोड पर फ्लाईओवर व एस्सार पेट्रोल पंप के सामने स्थित है। दोनों ओर से लोगों के आने-जाने की समुचित व्यवस्था की गई है।
वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त स्थान रखा गया है। साइकिल और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग स्टैंड बनाए गए हैं, जिससे मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों ने बताया कि मेला काफी बड़े स्तर पर लगाया गया है, जिसके कारण इसकी तैयारी में समय लगा, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है और लोगों के स्वागत के लिए खुल चुका है।
अंत में आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस भव्य मेले में अवश्य आएं और मनोरंजन, शॉपिंग व स्वाद के इस अनूठे संगम का आनंद लें। भदोही में पहली बार आयोजित यह ड्रीमलैंड मेला निश्चित ही शहर के लोगों के लिए यादगार साबित हो रहा है।
आजमगढ़ : अब स्थानीय स्तर पर होगा कैंसर मरीजों का आधुनिक इलाज, फूलपुर मल्टी स्पेसलिटी अस्पताल का हुआ उदघाटन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। फूलपुर में नवस्थापित फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन अधिवक्ता संघ फूलपुर के पूर्व अध्यक्ष इश्तियाक अहमद नन्हे और अशफाक अहमद द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, चिकित्सक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अस्पताल के चीफ डॉ. अयाज अहमद ने बताया कि इस अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता कैंसर मरीजों के लिए समर्पित सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के माध्यम से कैंसर रोगियों सहित अन्य रोगों का बेहतर और सुलभ इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। डॉ. अयाज अहमद ने आगे कहा कि अब फूलपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को कैंसर सहित बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों की ओर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
इस मौके पर कांग्रेस नेता शाहिद शादाब आजमी, माहुल चेयरमैन लियाकत अली, तहसीलदार राजू कुमार, कोतवाल सच्चिदानंद, अनिल कुमार सिंह, इकबाल अहमद, इम्तियाज अहमद, नजरे आलम, डॉ. अजीम, डॉ. जे आलम, डॉ. नगमा, डॉ. फैसल अहमद, डॉ. अखिलेश यादव, शेराज अहमद, मिर्जा महफुज वेग और मुफ्ती लाइक सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अस्पताल के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह अस्पताल गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का संचालन आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर होने की उम्मीद है।
आजमगढ़ : 52 में 10 मामलों का मौके पर निस्तारण , एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस का हुआ आयोजन
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  जिले के फूलपुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में एक बार फिर बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 52 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में सबसे अधिक 43 मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे। इनमें भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण और कब्जे से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। इसके अलावा 7 प्रकरण पुलिस विभाग से जुड़े थे, जबकि 1 मामला विद्युत एवं 1 विकास विभाग से संबंधित पाया गया। अधिकारियों ने गंभीरता से सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कर राहत प्रदान की। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन मामलों का निस्तारण मौके पर नहीं हो सका है, उन्हें संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर निपटाएं और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार चक्कर न लगाना पड़े। कार्यक्रम के दौरान मौके पर समाधान मिलने से कई फरियादियों के चेहरे पर संतोष नजर आया। वहीं, जिनकी समस्याएं लंबित रहीं, उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। इस अवसर पर तहसीलदार राजू कुमार, नायब तहसीलदार राजाराम, खंड शिक्षा अधिकारी पवई संतोष कुमार सिंह, पुलिस उपनिरीक्षक श्याम कुमार दुबे, सुधीर सिंह, राजस्व निरीक्षक देवेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर के लिए मचा हुआ है हाहाकार

*बुकिंग के बाद भी पर्ची काटने से लेकर सुगम डिलेवरी में बरती जा रही है ढ़िलाई

*ग्रामीण क्षेत्रों का है और भी बुराहाल, *शिकायत पर एजेंसी संचालक अधिकारी को गुमराह कर दे रहे गलत फिडबैक

राघवेन्द्र कुमार सिंह

मीरजापुर। अधिकारियों के तमाम दिशा-निर्देश के बाद भी जिले में घरेलू गैस की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रहा है। आलम यह है कि नगर से लेकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को लंबी कतार के साथ गैस एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ जा रहे हैं बावजूद इसके सहुलियत से गैस सिलेंडर मिलना नामुमकिन हो रहा है। सर्वाधिक बुरी स्थिति ग्रामीणों इलाकों की बताई जा रही है जहां बुकिंग के काफी समय बाद भी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हलिया विकास खंड क्षेत्र स्थित
विंध्य भारत गैस हलिया अंतर्गत हलिया, लालगंज एवं दीपनगर एरिया को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है। बताया जा रहा है कि तकरीबन 30 से 40 किलोमीटर की एरिया को कवर करने वाले इस गैंस एजेंसी ज्यादातर गरीब एवं किसान तपके के लोग जुड़े हुए हैं। हलिया विकास खंड क्षेत्र जिले का अंतिम छोर होने के साथ मध्य प्रदेश  बॉर्डर से सटा हुआ। पहाड़ी इलाका होने के कारण यह इलाका गरीब एवं पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है‌ विंध्य भारत गैस एजेंसी के तकरीबन 70 हजार के ऊपर कनेक्शन होने के बात भी 20% भी गैस सिलेंडर नहीं उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे गरीब एवं किसान जनता काफी परेशान हो रही है।
गांव निवासी महुहट गांव से आई महिला उपभोक्ता का कहना है कि दो दिनों से वह गैस के लिए दौड़ लगा रही है यहां आने पर ताला लटकता हुआ दिखाई दे रहा है।
महुगढ़ से आए हुए उपभोक्ताओं का आरोप रहा है कि आनलाइन बुकिंग करने के बाद भी अभी तक पर्ची नहीं काटी गई है, न ही कोई जवाब देने वाला है। कुछ लोगों का आरोप रहा है कि पिछले कई दिनों से वह दौड़ लगा रहे हैं लेकिन न तो उन्हें पर्ची दी जा रही है ना ही कोई संतोषजनक जवाब दे रहा है, जिससे वह गैस सिलेंडर के लिए आर्थिक और मानसिक समस्याओं से जूझते हुए सिर्फ और सिर्फ गैस एजेंसी से लेकर बाजार की दौड़ लगाते हुए आएं हैं। एक उपभोक्ता का कहना रहा है कि 24 मार्च को हमने आनलाइन बुकिंग किया था, लेकिन अभी तक गैस सिलेंडर नहीं मिला है। चार दिन पहले गैस एजेंसी पर आए हुए थे बोला गया था कि दो दिन बाद आना पर्ची काट देंगे लेकिन आज आए हुए हैं कोई यहां है ही नहीं जो हमें बता सके कि कब तक उन्हें गैस सिलेंडर मिल पाएगा। मजे की बात है कि उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत किए जाने पर गैस एजेंसी संचालक संबंधित अधिकारियों को गलत फिडबैक देकर गुमराह करते हुए आएं हैं।
श्रद्धा और विश्वास क़े बगैर नहीं मिलती भक्ति -कथा व्यास
रमेश दूबे
भक्ति की सरिता में डूबा खलीलाबाद, रामजन्म प्रसंग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब


पुराने रोडवेज परिसर में रामकथा के तीसरे दिन गूंजे भक्ति गीत, कथा और संगीत ने बांधा समां

संत कबीर नगर नगर के पुराने रोडवेज परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का तीसरा दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास श्री गोरखनाथ मिश्र जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अवतरण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के लिए आदर्श और मर्यादा का संदेश है। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अन्याय का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। रामजन्म का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने अयोध्या नगरी की उस दिव्य छवि का ऐसा चित्रण किया कि श्रद्धालु स्वयं को उसी युग में उपस्थित महसूस करने लगे।कथा के दौरान कई बार ऐसा क्षण आया जब पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की आभा और आंखों में आंसू स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते नजर आए।
कथा के उपरांत आयोजित भजन संध्या ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक दीपक मिश्र और अवधेश जी ने अपने सुमधुर स्वरों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित जनसमूह भक्ति रस में सराबोर हो गया। “राम नाम की महिमा अपरंपार” और “अयोध्या में आज मंगल गान” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंजता रहा।
भजन संध्या में वाद्य यंत्रों की संगत ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। ऑर्गन वादक रंजीत ने अपने सुरों से भजनों को जीवंत बना दिया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाल वादक संतलाल ने अपनी अद्भुत ताल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया और ऐसा प्रतीत हुआ मानो संगीत स्वयं प्रभु की आराधना कर रहा हो।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रमुख रूप से सौरभ त्रिपाठी, आचार्य जनार्दन ओझा, श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, अमरेश बहादुर पाल, किरण प्रजापति, रमाकांत यादव और सोनू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित प्रणाली ने कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया। साथ ही, साफ-सफाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। हर दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का संकेत है कि लोग इस आयोजन से गहराई से जुड़ रहे हैं और अपने जीवन में आध्यात्मिकता को स्थान दे रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खलीलाबाद की पावन धरती इन दिनों भक्ति के रंग में रंगी हुई है, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु इस आध्यात्मिक महोत्सव का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
भोपाल में IIMC कनेक्शन्स 2026 का आयोजन, अभिनेता चंदन रॉय बने ‘एलुमनी ऑफ द ईयर’

भोपाल। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) एलुमनी एसोसिएशन के मध्य प्रदेश चैप्टर का वार्षिक मिलन समारोह “कनेक्शन्स 2026” भोपाल में उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। इस खास मौके पर लोकप्रिय ओटीटी सीरीज ‘पंचायत’ से चर्चित अभिनेता चंदन रॉय को ‘एलुमनी ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

- पत्रकारिता से अभिनय तक का सफर

आईआईएमसी के पूर्व छात्र चंदन रॉय ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी और आज वे अभिनय की दुनिया में एक मजबूत पहचान बना चुके हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में संस्थान के पूर्व विद्यार्थी भोपाल पहुंचे और समारोह में हिस्सा लिया। समारोह की अध्यक्षता मध्य प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. आशीष जोशी ने की।

कार्यक्रम में संस्थान के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, उपाध्यक्ष दीप्ति चौरसिया, पूर्व अध्यक्ष अनिल सौमित्र, महासचिव मानसी समाधिया, वरिष्ठ एलुमनी दिनेश कुमार, पी.के. मोहंती तथा सिद्धार्थ सामल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने अपने-अपने पेशेवर अनुभव साझा किए और संवाद, सहयोग व नेटवर्किंग की इस परंपरा को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने आईआईएमसीएए को एक सशक्त संगठन बनाने का श्रेय इसके सह-संस्थापक रितेश वर्मा को दिया।

- चंदन रॉय ने साझा किया संघर्ष

अपने संबोधन में चंदन रॉय ने अपने संघर्षपूर्ण सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आईआईएमसी उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसने उनके अभिनय के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि आईआईएमसी के योगदान के बिना भारतीय पत्रकारिता का इतिहास अधूरा रहेगा। पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल सौमित्र ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सभी को प्रेरित किया और संगठन की ऊर्जा को नई दिशा देने की बात कही। 

कार्यक्रम के सफल आयोजन में अंकित फ्रांसिस, कोमल बडोडेकर और अनंत सिंह सहित कई सक्रिय सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह का समापन आत्मीय बातचीत, रोचक किस्सों और पुरानी यादों के आदान-प्रदान के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लगातार निभाने का संकल्प भी लिया।

कालीन उद्योग के लिए नई समस्या बन सकती है यूएस ट्रेड एक्ट की धारा 301

*16 देशों का डाटा जुटा रहा है अमेरिका, भविष्य में कारोबार करने में कालीन निर्यातकों को होगी परेशानी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका विभिन्न देशों पर व्यापारिक समझौतों की आड़ में उच्च टैरिफ दर थोपने के लिए नए-नए कारण ढूंढ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप सेक्शन 301 (अमेरिकी व्यापार एवं प्रतिनिधित्व) के अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भारत समेत 16 देशों में व्यापारिक जांच के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद से केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय कालीन उद्योग सहित अन्य मजदूर बहुलता वाले उद्योगों से डाटा मांगा है। यह डाटा अमरीका को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद टैरिफ की नई दरें लागू हो सकती है। भारतीय कालीन निर्यातकों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों को अभी भी याद है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अचानक भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 5 प्रतिशत से बढ़ाकर पहले 25 प्रतिशत और फिर रूस से तेल खरीदने से नाराज होकर टैरिफ की दर 50 प्रतिशत तक कर दिया था। कई महीने बाद टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत तो किया लेकिन अब ट्रंप ने अमरीका के ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन-301 की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के साथ वर्चुअल बैठक में शामिल होने के बाद बताया कि ट्रंप प्रशासन के इस कदम के बाद वाणिज्य मंत्रालय विभिन्न उद्योगों से डाटा कलेक्शन करने में जुट गया है। डाटा अमरीकी प्रशासन को सौंपे जाने के बाद 28 अप्रैल तक धारा 301 समिति के समक्ष सुनवाई शुरू होगी। यदि सेक्शन 301 समिति चाहेगी तो टैरिफ की दर बढ़ा सकती है। इतना ही नहीं ऐसे समय जब इरान-इस्राइल युद्ध चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्थिति दयनीय हो चुकी है। ऐसे में अधिनियम 301 भारतीय कालीन उद्योग के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती है।
क्या है यूएस व्यापार अधिनियम की धारा 301
एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बताया कि अमेरिका के व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 में उन्हें विदेशी व्यापार प्रथाओं की जांच करने और उनके कार्रवाई करने का अधिकार देती है। इस अधिनियम के तहत अमेरिका ने भारत सहित 16 देशों से डाटा की मांग की है। इस अधिनियम के तहत अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि मजदूरों के अनुरूप वातावरण में काम कर रहे हैं या नहीं। बंधुआ मजदूरी तो नहीं कराई जा रही है। मजदूरों की क्षमता से अधिक काम तो नहीं लिया जा रहा है। जांच में कपड़ा, इस्पात, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, मशीनरी व सोलर उद्योग शामिल हैं।
जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक ने तहसील मनकापुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की सुनी समस्याए

*सम्पूर्ण समाधान दिवस में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश*


*सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का शतप्रतिशत समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*सम्पूर्ण समाधान मनकापुर में 123 शिकायतों में से 16 का मौके पर ही किया गया निस्तारण*

गोण्डा।शासन की मंशानुरूप जनसामान्य की शिकायतों एवं समस्याओं का एक ही स्थल पर निस्तारण कराने के उद्देश्य से जनपद के समस्त तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें तहसील मनकापुर में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जायसवाल ने आये हुये फरियादियों की समस्याओं को सुना तथा शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने हेतु सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित किया गया।

जनसुनवाई के दौरान तहसील मनकापुर में कुल 123 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये जिसमें 16 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारित कर दिया गया है शेष प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुये आख्या तहसील में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने निर्देश दिए हैं कि समाधान दिवस में प्राप्त होने वाले शिकायतों के निस्तारण हेतु टीम गठित किया जाय, तथा टीम द्वारा शिकायत का मौके पर स्थलीय जांचकर पूरी गुणवत्ता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाय।  

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण तथा चकमार्ग के मामले में संयुक्त रूप से राजस्व एवं पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जाकर निस्तारित कराना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि तालाब जमीन की पैमाइश, अवैध कब्जा, चकरोड, नाली, अवैध अतिक्रमण आदि को पुलिस फोर्स के साथ हटवाने का कार्य करें। शिकायतकर्ताओं को मौके पर बुलाएं। उसके आने पर लिखित रूप से उल्लेख करें और निस्तारण के प्रकरण का फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी भी करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर पूरी गुणवत्ता के साथ करें अन्यथा संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपूर्ण समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी ने वहां पर उपस्थित सभी संबंधित विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

तहसील मनकापुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

संपूर्ण समाधान में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता राम अनुराग पुत्र रामेश्वर प्रसाद निवासी कलेनियां मनकापुर ने अवगत कराया की हमारे हिस्से में सागौन का पेड़ लगा हुआ है जिसको प्रार्थी बेचना चाहता है लेकिन विपक्षीगण के द्वारा विक्रय नहीं करने दिया जा रहा है अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के लेखपाल तथा एसडीओ फॉरेस्ट वन विभाग सुदर्शन को निर्देश दिए हैं की मौके पर जाकर शिकायत का निस्तारण कराया जाय।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संतलाल, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर उपजिलाधिकारी मनकापुर जीतेंद्र गौतम, पुलिस क्षेत्राधिकारी मनकापुर, प्रभारी तहसीलदार मनकापुर सुभद्रा प्रसाद, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक डीआरडीओ सुशील कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे, जिला प्रोवेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी, उपनिदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर, एलडीएम विनोद कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, तथा अन्य विभागों के अधिकारी सहित अन्य सभी जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
गोण्डा में ब्लाइंड मर्डर का सफल खुलासा: हत्याभियुक्त गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद

गोण्डा,गोण्डा में थाना देहात क्षेत्रान्तर्गत एक दिल दहला देने वाली हत्या का सफल अनावरण किया गया। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री मनोज कुमार रावत के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनंद कुमार राय के नेतृत्व में थाना कोतवाली नगर पुलिस ने इस मामले में आरोपी अरुण कुमार पुत्र बैजनाथ कुम्हार को रेलवे स्टेशन गोण्डा से गिरफ्तार किया। आरोपी के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक आलाकत्ल चाकू भी बरामद किया गया।

घटना का विवरण इस प्रकार है कि 29 मार्च 2026 को अशोक कुमार की बेटी शीला (25) खेत पर गई थी और लौटकर नहीं आई। 2 अप्रैल को ग्राम भदवल में एक गन्ने के खेत में उसका शव मिला। शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और फील्ड यूनिट एवं डॉग स्क्वाड द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए।
पुलिस ने चार टीमों का गठन कर मैनुअल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का सफल अनावरण किया।

पूछताछ में खुलासा

अरुण कुमार ने बताया कि वह 2022 से शीला से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में था और दोनों रील्स बनाकर अपलोड करते थे। आरोपी ने शीला को कई बार कुल डेढ़ लाख रुपये नगद और ऑनलाइन माध्यम से दिए थे। 9 मार्च को उसने अंतिम बार 11 हजार रुपये भेजे। उसके बाद भी शीला बार-बार पैसे की मांग करती रही और आरोपी को शक था कि वह किसी अन्य लड़के से भी संपर्क में है।

इसके चलते मनमुटाव होने पर आरोपी ने 29 मार्च को शीला को मिलने बुलाया और रील बनाने का बहाना बनाकर दोनों हाथ पीछे करके रस्सी से बांध दिया। फिर चाकू से उसके गले पर वार कर हत्या कर दी और चाकू को च्यवन मुनि आश्रम के पास झाड़ियों में छिपा दिया।गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर: भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया। साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।
भदोही में ‘ड्रीमलैंड मेला’ बना आकर्षण का केंद्र, पहली बार भव्य स्तर पर आयोजन
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में पहली बार आयोजित किया गया ड्रीमलैंड मेला इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आधुनिक झूले, थीम आधारित सजावट और मनोरंजन के विविध साधनों ने इस मेले को खास बना दिया है। हर उम्र के लोग यहां पहुंचकर आनंद ले रहे हैं और इसे भदोही के लिए एक नया अनुभव माना जा रहा है।
मेले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रयागराज ड्रीम लैंड अम्यूज़मेंट के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मेले के प्रमुख आयोजकों में कृष्ण दास (लेखा प्रबंधक), तरुण शुक्ला और अशरफ अली उर्फ विक्की मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भदोही में इस तरह का भव्य और आधुनिक मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जिसके लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
कृष्णा दास ने बताया कि मेले को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए विशेष रूप से सजावट पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को एक अलग ही अनुभव देने की कोशिश की गई है, ताकि परिवार के साथ लोग यहां पूरा समय बिताकर मनोरंजन कर सकें।
मेले की सबसे बड़ी खासियत इसके आधुनिक और रोमांचक झूले हैं। इसमें शिमला थीम, जलपरी (मरमेड), सुनामी झूला और गगनचुंबी टावर झूले प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई झूले और थीम पहली बार भदोही में देखने को मिल रहे हैं, जिससे लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
बच्चों के लिए भी मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। छोटे-छोटे झूले, हेलीकॉप्टर राइड, वाटर बोट जैसी मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चे भी भरपूर आनंद उठा सकें। वहीं, युवाओं और बड़े लोगों के लिए एडवेंचर और हाई-राइड झूले खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शॉपिंग का भी खास इंतजाम किया गया है। एक बड़े बाजार के रूप में यहां विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं, जहां लोग अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही खाने-पीने के शौकीनों के लिए चटपटे व्यंजनों की भरपूर व्यवस्था की गई है, जिससे मेले का आनंद और भी बढ़ जाता है।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों ने विशेष सतर्कता बरती है। पूरे मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फायर सेफ्टी के सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात किए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी चिंता के मेले का आनंद ले सके।
मेले में प्रवेश शुल्क मात्र ₹40 निर्धारित किया गया है, जबकि दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट की व्यवस्था की गई है। अंदर विभिन्न झूलों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं।
लोकेशन की दृष्टि से भी मेला बेहद सुगम स्थान पर आयोजित किया गया है। इसके दो मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं—एक ज्ञानपुर रोड पर रीजेंसी होटल के पास, जहां से मेला आसानी से दिखाई देता है, जबकि दूसरा औराई रोड पर फ्लाईओवर व एस्सार पेट्रोल पंप के सामने स्थित है। दोनों ओर से लोगों के आने-जाने की समुचित व्यवस्था की गई है।
वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त स्थान रखा गया है। साइकिल और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग स्टैंड बनाए गए हैं, जिससे मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों ने बताया कि मेला काफी बड़े स्तर पर लगाया गया है, जिसके कारण इसकी तैयारी में समय लगा, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है और लोगों के स्वागत के लिए खुल चुका है।
अंत में आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस भव्य मेले में अवश्य आएं और मनोरंजन, शॉपिंग व स्वाद के इस अनूठे संगम का आनंद लें। भदोही में पहली बार आयोजित यह ड्रीमलैंड मेला निश्चित ही शहर के लोगों के लिए यादगार साबित हो रहा है।