आज़मगढ़ में होगा राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक का लोकार्पण

मुंबई। ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक "जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन" का लोकार्पण मारवाड़ी धर्मशाला, आज़मगढ़ में रविवार 10 मई को अपरान्ह 2 बजे से होने वाला है। यह आयोजन तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आज़मगढ़ ईकाई के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। बता दें कि राजेश विक्रांत की अब तक कुल 22 मौलिक, संपादित व अनुवादित पुस्तकें प्रकाशित हैं। उन्होंने मुंबई महानगर पर केंद्रित 7 महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जिनमें 'मुंबई माफिया: एक एनसाइक्लोपीडिया', 'आमची मुंबई', 'आजादी की लड़ाई में मुंबई का योगदान', 'स्वातंत्र्य लढ्यातील मुंबईचे योगदान', 'मुंबई और हिंदी', 'आदिज्ञान मुंबई का मूल निवासी कोली समुदाय विशेषांक' तथा 'आमची मुंबई-2' का समावेश है। इन दिनों वे एक महत्त्वपूर्ण परियोजना "साहित्य और मुंबई" पर कार्य कर रहे हैं जिसमें हिंदी, मराठी, गुजराती, अंग्रेजी तथा उर्दू में लिखी मुंबई पर पुस्तकों, उपन्यासों, कहानियों व कविताओं पर फोकस किया गया है। राजेश विक्रांत यशस्वी संपादक एवं स्तंभकार भी हैं। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय के जीवन और रचना कर्म पर देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं संपादकों के लेख इस पुस्तक में संकलित हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. श्यामवृक्ष मौर्य करेंगे जबकि अमरनाथ राय बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा में सुभाषचंद्र तिवारी 'कुंदन' विशिष्ट अतिथि होंगे और हेमलता त्रिपाठी सम्माननीय अतिथि के रूप आमंत्रित हैं। समारोह के मुख्य वक्ता बरुण कुमार पाण्डेय एवं संतोष कुमार सिंह और सौम्या पाण्डेय वक्ता के रूप में पुस्तक पर अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु करेंगे। लोकार्पण, परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के संबंध में उक्त जानकारी कवि  लाल बहादुर चौरसिया 'लाल' और कवि राकेश पाण्डेय 'सागर' ने उपलब्ध कराई है।
भाजपा का जिला योजना बैठक आयोजित,प्रशिक्षण महा अभियान को लेकर बनी रणनीति
      
                                        बलरामपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान के अंतर्गत मंगलवार को भाजपा कार्यालय स्थित अटल भवन में जिला योजना बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी दिनों में मंडल एवं बूथ स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षण के जिला वर्ग प्रभारी डॉ.रंजन शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य मंडल से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना है,ताकि पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता नए और ऊर्जावान लोगों को पार्टी से जोड़ने का कार्य भी करेंगे,जिससे केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं घर-घर तक पहुंच सकें। अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राहुल राज रस्तोगी ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में अनुशासन सर्वोपरि होता है। अनुशासित कार्यकर्ताओं के बल पर ही कोई भी संगठन सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिले में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग पूरे प्रदेश में एक आदर्श स्थापित करेगा और कार्यकर्ताओं को सीखने का बेहतर अवसर प्रदान करेगा। जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने भी प्रशिक्षण अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री एवं अभियान के जिला संयोजक डॉ.अजय सिंह ‘पिंकू’ ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.आरती तिवारी,सदर विधायक पलटू राम,तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला,उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा,नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’,पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह,चंद्र प्रकाश सिंह ‘गुड्डू’,प्रदीप सिंह,ब्लॉक प्रमुख पंकज सिंह,हेमंत जायसवाल,राकेश तिवारी, महिपाल चौधरी,प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी,जिला उपाध्यक्ष बृजेंद्र तिवारीआद्या सिह पिंकी,वरुण सिंह ‘मोनू’,संजय शुक्ला,जिला महामंत्री बिंदु विश्वकर्मा,महेंद्र पांडे,जिला मंत्री अवधेश तिवारी ‘तरुण’,जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह ‘बैस’,सह मीडिया प्रभारी अवधेश पाण्डेय,डॉ.प्रांजल त्रिपाठी,रामकृपाल शुक्ला,विष्णु देव गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भाजपा की प्रचंड जीत पर पिहानी कार्यालय में मनाया गया जश्न ।
बबलू प्रजापति
पिहानी हरदोई।बंगाल, असम सहित कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की खुशी में नगर स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की और जीत को पार्टी की नीतियों व संगठन की मेहनत का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे। इस मौके पर महामंत्री नीरज सिंह, निवर्तमान नगर अध्यक्ष आदर्श सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष पीयूष शुक्ला, विमलेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, डॉ. मुजाविर हुसैन जैदी, अभिषेक वैश्य (रिशु), उपाध्यक्ष रीतेश सिंह, विमलेश तिवारी, मंत्री भानू मिश्रा, अर्जुन शिव सिंह, दिनेश अर्कवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
भदोही में शिक्षा मित्रों का सम्मान समारोह :मानदेय वृद्धि के उपलक्ष्य में हुआ आयोजन

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही में शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किए जाने के उपलक्ष्य में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंगलवार को पंचायत सभागार, विकास भवन भदोही में संपन्न हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे, औराई विधायक दीनानाथ भास्कर और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिलाधिकारी भदोही और मुख्य विकास अधिकारी भदोही ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिला विद्यालय निरीक्षक भदोही भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने मधुर स्वागत गान और आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी भदोही ने जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नामांकन और शैक्षिक गुणवत्ता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षामित्रों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नामांकन और पंजीकरण की गति को तेज करते हुए प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे ने शिक्षामित्रों के समर्पण और योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने भी शिक्षामित्रों के कार्यों की सराहना की और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सरकार व प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विकास खंड से दो महिला और दो पुरुष शिक्षामित्रों को मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए लगभग 400 शिक्षामित्रों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रु. हुआ, प्रदेशभर में सम्मान समारोह

* सीएम ने 10 शिक्षामित्रों को दिए प्रतीकात्मक चेक, ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन; बेसिक शिक्षा में सुधारों की झलक

गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा को लागू किया। इस अवसर पर गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में भव्य “शिक्षामित्र सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया, जबकि प्रदेश के सभी जनपदों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 चयनित शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर बढ़े हुए मानदेय की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित गतिविधियों पर केंद्रित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के उपलब्धि-आधारित स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि यह आयोजन शिक्षामित्रों के त्याग और समर्पण के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया मानदेय अब 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। इसके लिए लगभग 230.11 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने बताया कि “ऑपरेशन कायाकल्प” के तहत विद्यालयों में 19 मानकों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और ब्लैकबोर्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का शैक्षिक अंतर कम करने का प्रयास किया गया है।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 में आईसीटी लैब और 1,129 में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए गए हैं।
बालिका शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक विस्तारित किया गया है। साथ ही छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग और स्टेशनरी के लिए 1,200 रुपये की डीबीटी सहायता सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही है।
“स्कूल चलो अभियान” के तहत 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच 20 लाख से अधिक नए छात्रों का नामांकन किया गया। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि “उत्तम प्रदेश” के निर्माण में शिक्षामित्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और वे भविष्य निर्माण के प्रमुख आधार हैं।उन्होंने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहें, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने रीता बहुगुणा के पति स्व. पीसी जोशी को दी श्रद्धांजलि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज में पूर्व सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के आवास पर पहुंचकर उनके पति स्वर्गीय पी.सी. जोशी के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि दी।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।
उन्होंने कहा कि स्व. पी.सी. जोशी एक सज्जन, सरल एवं समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे, जिनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य लोग भी  मौजूद रहे।
पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व मंडल पदाधिकारियों ने स्वागत किया
विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )आज भारतीय जनता पार्टी  जिला मुज़फ्फरनगर के प्रभारी मंत्री डॉ सोमेन्द्र तोमर ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार औऱ जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी का मीरापुर मंडल में पधारने पर मैक्स मिलियन तिराहा पर कस्बे के पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व मंडल पदाधिकारियों ने स्वागत किया। सभी कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष व मंत्री को तीन राज्यों में भाजपा गठबंधन सरकार बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। उसके उपरांत शाम 6 बजे मंडल अध्यक्ष सचिन ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़े बजाकर व एक दूसरे को मिठाई खिलाकर 3 राज्यो में सरकार बनने की खुशी मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल ,अभिषेक चौधरी ,अमरजीत गूर्जर, प्रधुम्न शर्मा,नवीन सैनी,रामकुमार सैनी ,रूप सिंह प्रजापति,इन्दर सिंह कश्यप, चन्द्रपाल चौहान ,संदीप शर्मा,रकम सिंह,अभिषेक गर्ग,प्रतीक सैनी,विकास शर्मा आदि समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे
एक शायर : 40 बरस से कर रहा दुनिया में भारत का नाम रौशन

1987 में पढ़ा पहला अंतरराष्ट्रीय मुशायरा

• दुनिया के पहले शायर मंजर भोपाली, जिन्हें अमेरिका ने दी है मानद नागरिकता

खान आशु 

भोपाल। शायर न होते तो वह एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी होते या कहीं सरकारी मुलाजमत कर रहे होते। लेकिन किस्मत ने पैर में यायावरी का भंवरा डाल रखा था, एक दिन हॉकी का शौक और लगी लगाई पोस्ट ऑफिस की सरकारी नौकरी ताक पर रख आए। अपने अंदर छुपे शायर को जिंदा किया, और देवास छोटे मंच से जो शुरुआत हुई तो आधी दुनिया के मंचों की कामयाबी की गारंटी बन गए। 

अंतर्राष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली ने अपनी शायरी के 50 बरस पूरे कर लिए हैं और इनमें भी उनका 40 सालों का साथ अंतरराष्ट्रीय मुशायरों से जुड़ा हुआ है। 

1987 में जब पहली बार करांची के एक अंतरराष्ट्रीय मुशायरे का दावतनामा हाथ लगा तो उस समय न अंतरराष्ट्रीय तहज़ीब साथ थी, न बदन पर तरीके के कपड़े और न विदेश यात्रा करने के लिए पासपोर्ट। साथी शायर मरहूम डॉ. राहत इंदौरी और अंजुम रहबर भी पासपोर्ट न होने के अवसाद में थे, तीनों ने मिलकर पासपोर्ट बनवाया और इस 20/29 दिन के प्रोग्राम में शिरकत की। उस पहली विदेश यात्रा को लेकर मंजर कहते हैं कि दुनिया के तमाम बड़े शायरों की मौजूदगी वाली इस महफिल में उन्हें जो शेर सुनाने के लिए कहा गया था, मंच पर जाकर उसको ही भूल गए। हिम्मत बटोरकर उन्होंने एक कंठस्थ शेर

'कोई बचने का नहीं

सबका पता जानती है 

किस तरफ आग लगाना है 

हवा जानती है...!' 

सुना दिया, जो उस मंच पर काफी पसंद किया गया। 

अमेरिका जा चुके 38 बार 

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मंजर भोपाली की मकबूलियत बढ़ी तो वे इन चालीस सालों में आधी दुनिया नाप चुके हैं। अमेरिका के अलग अलग शहरों में करीब 38 बार अपनी आमद दर्ज करवाकर करीब 600/700 प्रोग्राम का हिस्सा बन चुके हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के वे ऐसे इकलौते हिंदी या उर्दू के शायर कहे जा सकते हैं, जिन्हें अमेरिका ने मानद नागरिकता प्रदान की है।

इन देशों का लगाया फेरा

अमेरिका की 38 यात्राओं का दंभ रखने वाले मंजर भोपाली 

केनेड़ा, ऑस्ट्रेलिया, नार्वे, इंग्लैंड, एम्सतर्डन, मलेशिया, सऊदी अरब, यूएई, सल्तनत ए ओमान, दोहा क़तर, पाकिस्तान, अफ्रीका, ईरान, कुवैत, सिंगापुर के मंच भी गुलजार कर चुके हैं। 

अब रुख ब्रिटानिया का

शायर मंजर भोपाली ने बताया कि जुलाई माह में दो सप्ताह की विदेश यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मन में मुशायरों की महफिल की रौनक बनेंगे। 

सुनने वाले अच्छे हो तो सुनाने का मज़ा: मंजर

मंजर भोपाली बताते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली मुशायरा महफिल हैदराबाद, अलीगढ़, कराची के लोगों की मौजूदगी के बिना पूरी भी नहीं होती और निखर भी नहीं पाती। वे कहते हैं सुनाने वाले शायर को अपना कलाम सुनाने का उत्साह तभी आता है, जब सुनने वाले उसी शिद्दत के साथ मौजूद हों। मंजर कहने से नहीं चूकते कि वे बड़े शायर नहीं हैं, लेकिन लोगों ने उन्हें वह मुकाम दे दिया है। डॉ. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, बशीर बद्र या प्रो वसीम बरेलवी की मंचीय गैरमौजूदगी ने उनके लिए जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं, यह मंजर भोपाली का मानना है।

रिटायर्ड फौजी से मारपीट मामले में तीन आरोपी भगोड़ा घोषित,तलाश में जुटी देहात कोतवाली पुलिस
*5 महीने से फरार चल रहे तीनों आरोपी

गोंडा।देहात कोतवाली थाना क्षेत्र में एक रिटायर्ड फौजी और उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को न्यायालय ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।तीनों आरोपी पिछले पांच महीने से फरार चल रहे हैं,जिसके बाद देहात कोतवाली पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दिया है।बताते चलें कि यह घटना बीते 16 नवंबर को देहात कोतवाली क्षेत्र के कोयली जंगल गांव में हुई थी।पूर्व फौजी आनंद यादव और उनके परिवार के सदस्य किशन लाल यादव व दशरथ लाल यादव पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था,जिसमें आनंद यादव गंभीर रूप से घायल हो गये थे और उनका लगभग एक महीने तक लखनऊ में इलाज चला था।मामले में जिन तीनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया गया है उनके नाम क्रमशः राजेश, अतुल और आलोक है।पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए पिछले पांच महीने से लगातार छापेमारी कर रही है।आरोपियों के घरों पर डुग्गी मुनादी कराने के साथ साथ नोटिस भी चस्पा किये गये थे,परन्तु उन्होंने ना तो न्यायालय में और ना ही कोतवाली में आत्मसमर्पण किया।आरोपियों को न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद देहात कोतवाली पुलिस ने राजेश, अतुल व आलोक की तलाश और तेज कर दिया है।इन तीनों आरोपियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है,जो उनके रिश्तेदारों और परिचितों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।16 नवंबर को जब पूर्व फौजी आनंद यादव ड्यूटी पर जा रहे थे, तब उन्हें रास्ते में रोककर पुराने विवाद के चलते हमला किया गया था।इस हमले में भगवान शंकर, अंकुश,अतुल,आलोक,सत्यम,विजय और राकेश सहित अन्य आरोपी शामिल थे।उन पर बांके और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया गया था।देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि न्यायालय ने राजेश, अतुल और आलोक को भगोड़ा घोषित किया है।उनकी गिरफ्तारी के लिए निरन्तर प्रयास किया जा रहा है और न्यायालय के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं पीड़ित आनंद यादव की पत्नी मंजू देवी ने देहात कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है,जबकि वे खुलेआम घूम रहे हैं।
देवघर-के कांग्रेस नेता डॉ मुनम्म संजय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। कांग्रेस ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी।
देवघर: कांग्रेस के जुझारू, बेबाक और जमीनी नेता डॉ. मुनम्म संजय का है—एक ऐसा नाम, जो संघर्ष की आग में तपकर राजनीति की असली पहचान बना है। आज जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है, तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, त्याग और अडिग निष्ठा का सम्मान है। डॉ. संजय का राजनीतिक जीवन किसी आरामदायक रास्ते से नहीं, बल्कि संघर्षों के तूफान से होकर निकला है। छात्र जीवन से ही उन्होंने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। देवघर का टावर चौक उनकी लड़ाइयों का साक्षी रहा है—जहां उन्होंने धरना दिया, अनशन किया, सड़कें जाम कीं, पुतला दहन किया और हर उस मुद्दे पर डटकर खड़े हुए, जहां आम जनता की आवाज दबाई जा रही थी। सैकड़ों बार गिरफ्तारियां झेलना उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि संघर्ष का तमगा बन गया। सबसे बड़ी बात—जब कई लोग सत्ता के लालच में रास्ता बदल लेते हैं, तब डॉ. संजय ने कभी कांग्रेस का दामन नहीं छोड़ा। पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी वे चट्टान की तरह डटे रहे। लेकिन डॉ. संजय ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। उन्होंने साफ तौर पर ठान लिया कि किसी भी कीमत पर झुकना नहीं है—और अडिग होकर हर दबाव का मुकाबला किया। उन्होंने न कभी कांग्रेस से समझौता किया, न ही कांग्रेस की विचारधारा के साथ किसी प्रकार की सौदेबाजी की। गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और कांग्रेस विचारधारा के प्रति उनका समर्पण कभी डगमगाया नहीं। यही कारण है कि पार्टी ने हर मोड़ पर उन पर भरोसा जताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष से लेकर युवा कांग्रेस के नेतृत्व तक, और फिर करीब 14-15 वर्षों तक देवघर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा किया। विरोध, साजिश और अंदरूनी खींचतान के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी—बल्कि हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया। बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो काम किया, वह सिर्फ पद संभालना नहीं था, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाना था। उन्होंने यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गरीबों के घर तक पहुंचती हैं। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, अधिकारियों को सक्रिय किया और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. संजय की पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि एक लड़ाकू सिपाही की है—जो हर वक्त जनता के बीच खड़ा रहता है। उनकी पकड़ प्रशासन पर भी रही है और जनता के दिलों पर भी। कई बार प्रशासन से टकराव हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से रखा और समाधान भी निकाला। उनका स्वभाव जितना सरल है, उनकी राजनीति उतनी ही धारदार। युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है—क्योंकि वे सिर्फ भाषण नहीं देते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। यही वजह है कि उनके साथ हमेशा युवाओं की एक मजबूत फौज खड़ी रहती है। पार्टी ने उन्हें कई जिलों में प्रभारी और ऑब्जर्वर बनाकर उनकी क्षमता का उपयोग किया है। अब प्रदेश महासचिव के रूप में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अनुभव, संघर्ष और जमीनी समझ से संगठन को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। आज उनके इस नए दायित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नया जोश और नई उम्मीद जगी है। आम कांग्रेसियों से लेकर बुद्धिजीवियों तक, हर कोई यह मान रहा है कि पार्टी ने इस बार एक ऐसे योद्धा को जिम्मेदारी दी है, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।
आज़मगढ़ में होगा राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक का लोकार्पण

मुंबई। ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक "जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन" का लोकार्पण मारवाड़ी धर्मशाला, आज़मगढ़ में रविवार 10 मई को अपरान्ह 2 बजे से होने वाला है। यह आयोजन तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आज़मगढ़ ईकाई के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। बता दें कि राजेश विक्रांत की अब तक कुल 22 मौलिक, संपादित व अनुवादित पुस्तकें प्रकाशित हैं। उन्होंने मुंबई महानगर पर केंद्रित 7 महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जिनमें 'मुंबई माफिया: एक एनसाइक्लोपीडिया', 'आमची मुंबई', 'आजादी की लड़ाई में मुंबई का योगदान', 'स्वातंत्र्य लढ्यातील मुंबईचे योगदान', 'मुंबई और हिंदी', 'आदिज्ञान मुंबई का मूल निवासी कोली समुदाय विशेषांक' तथा 'आमची मुंबई-2' का समावेश है। इन दिनों वे एक महत्त्वपूर्ण परियोजना "साहित्य और मुंबई" पर कार्य कर रहे हैं जिसमें हिंदी, मराठी, गुजराती, अंग्रेजी तथा उर्दू में लिखी मुंबई पर पुस्तकों, उपन्यासों, कहानियों व कविताओं पर फोकस किया गया है। राजेश विक्रांत यशस्वी संपादक एवं स्तंभकार भी हैं। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय के जीवन और रचना कर्म पर देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं संपादकों के लेख इस पुस्तक में संकलित हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. श्यामवृक्ष मौर्य करेंगे जबकि अमरनाथ राय बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा में सुभाषचंद्र तिवारी 'कुंदन' विशिष्ट अतिथि होंगे और हेमलता त्रिपाठी सम्माननीय अतिथि के रूप आमंत्रित हैं। समारोह के मुख्य वक्ता बरुण कुमार पाण्डेय एवं संतोष कुमार सिंह और सौम्या पाण्डेय वक्ता के रूप में पुस्तक पर अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु करेंगे। लोकार्पण, परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के संबंध में उक्त जानकारी कवि  लाल बहादुर चौरसिया 'लाल' और कवि राकेश पाण्डेय 'सागर' ने उपलब्ध कराई है।
भाजपा का जिला योजना बैठक आयोजित,प्रशिक्षण महा अभियान को लेकर बनी रणनीति
      
                                        बलरामपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान के अंतर्गत मंगलवार को भाजपा कार्यालय स्थित अटल भवन में जिला योजना बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी दिनों में मंडल एवं बूथ स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षण के जिला वर्ग प्रभारी डॉ.रंजन शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य मंडल से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना है,ताकि पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता नए और ऊर्जावान लोगों को पार्टी से जोड़ने का कार्य भी करेंगे,जिससे केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं घर-घर तक पहुंच सकें। अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राहुल राज रस्तोगी ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में अनुशासन सर्वोपरि होता है। अनुशासित कार्यकर्ताओं के बल पर ही कोई भी संगठन सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिले में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग पूरे प्रदेश में एक आदर्श स्थापित करेगा और कार्यकर्ताओं को सीखने का बेहतर अवसर प्रदान करेगा। जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने भी प्रशिक्षण अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री एवं अभियान के जिला संयोजक डॉ.अजय सिंह ‘पिंकू’ ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.आरती तिवारी,सदर विधायक पलटू राम,तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला,उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा,नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’,पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह,चंद्र प्रकाश सिंह ‘गुड्डू’,प्रदीप सिंह,ब्लॉक प्रमुख पंकज सिंह,हेमंत जायसवाल,राकेश तिवारी, महिपाल चौधरी,प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी,जिला उपाध्यक्ष बृजेंद्र तिवारीआद्या सिह पिंकी,वरुण सिंह ‘मोनू’,संजय शुक्ला,जिला महामंत्री बिंदु विश्वकर्मा,महेंद्र पांडे,जिला मंत्री अवधेश तिवारी ‘तरुण’,जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह ‘बैस’,सह मीडिया प्रभारी अवधेश पाण्डेय,डॉ.प्रांजल त्रिपाठी,रामकृपाल शुक्ला,विष्णु देव गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भाजपा की प्रचंड जीत पर पिहानी कार्यालय में मनाया गया जश्न ।
बबलू प्रजापति
पिहानी हरदोई।बंगाल, असम सहित कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की खुशी में नगर स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की और जीत को पार्टी की नीतियों व संगठन की मेहनत का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे। इस मौके पर महामंत्री नीरज सिंह, निवर्तमान नगर अध्यक्ष आदर्श सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष पीयूष शुक्ला, विमलेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, डॉ. मुजाविर हुसैन जैदी, अभिषेक वैश्य (रिशु), उपाध्यक्ष रीतेश सिंह, विमलेश तिवारी, मंत्री भानू मिश्रा, अर्जुन शिव सिंह, दिनेश अर्कवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
भदोही में शिक्षा मित्रों का सम्मान समारोह :मानदेय वृद्धि के उपलक्ष्य में हुआ आयोजन

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही में शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किए जाने के उपलक्ष्य में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंगलवार को पंचायत सभागार, विकास भवन भदोही में संपन्न हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे, औराई विधायक दीनानाथ भास्कर और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिलाधिकारी भदोही और मुख्य विकास अधिकारी भदोही ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिला विद्यालय निरीक्षक भदोही भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने मधुर स्वागत गान और आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी भदोही ने जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नामांकन और शैक्षिक गुणवत्ता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षामित्रों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नामांकन और पंजीकरण की गति को तेज करते हुए प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे ने शिक्षामित्रों के समर्पण और योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने भी शिक्षामित्रों के कार्यों की सराहना की और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सरकार व प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विकास खंड से दो महिला और दो पुरुष शिक्षामित्रों को मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए लगभग 400 शिक्षामित्रों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रु. हुआ, प्रदेशभर में सम्मान समारोह

* सीएम ने 10 शिक्षामित्रों को दिए प्रतीकात्मक चेक, ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन; बेसिक शिक्षा में सुधारों की झलक

गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा को लागू किया। इस अवसर पर गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में भव्य “शिक्षामित्र सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया, जबकि प्रदेश के सभी जनपदों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 चयनित शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर बढ़े हुए मानदेय की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित गतिविधियों पर केंद्रित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के उपलब्धि-आधारित स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि यह आयोजन शिक्षामित्रों के त्याग और समर्पण के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया मानदेय अब 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। इसके लिए लगभग 230.11 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने बताया कि “ऑपरेशन कायाकल्प” के तहत विद्यालयों में 19 मानकों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और ब्लैकबोर्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का शैक्षिक अंतर कम करने का प्रयास किया गया है।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 में आईसीटी लैब और 1,129 में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए गए हैं।
बालिका शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक विस्तारित किया गया है। साथ ही छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग और स्टेशनरी के लिए 1,200 रुपये की डीबीटी सहायता सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही है।
“स्कूल चलो अभियान” के तहत 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच 20 लाख से अधिक नए छात्रों का नामांकन किया गया। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि “उत्तम प्रदेश” के निर्माण में शिक्षामित्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और वे भविष्य निर्माण के प्रमुख आधार हैं।उन्होंने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहें, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने रीता बहुगुणा के पति स्व. पीसी जोशी को दी श्रद्धांजलि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज में पूर्व सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के आवास पर पहुंचकर उनके पति स्वर्गीय पी.सी. जोशी के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि दी।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।
उन्होंने कहा कि स्व. पी.सी. जोशी एक सज्जन, सरल एवं समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे, जिनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य लोग भी  मौजूद रहे।
पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व मंडल पदाधिकारियों ने स्वागत किया
विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )आज भारतीय जनता पार्टी  जिला मुज़फ्फरनगर के प्रभारी मंत्री डॉ सोमेन्द्र तोमर ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार औऱ जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी का मीरापुर मंडल में पधारने पर मैक्स मिलियन तिराहा पर कस्बे के पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व मंडल पदाधिकारियों ने स्वागत किया। सभी कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष व मंत्री को तीन राज्यों में भाजपा गठबंधन सरकार बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। उसके उपरांत शाम 6 बजे मंडल अध्यक्ष सचिन ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़े बजाकर व एक दूसरे को मिठाई खिलाकर 3 राज्यो में सरकार बनने की खुशी मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल ,अभिषेक चौधरी ,अमरजीत गूर्जर, प्रधुम्न शर्मा,नवीन सैनी,रामकुमार सैनी ,रूप सिंह प्रजापति,इन्दर सिंह कश्यप, चन्द्रपाल चौहान ,संदीप शर्मा,रकम सिंह,अभिषेक गर्ग,प्रतीक सैनी,विकास शर्मा आदि समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे
एक शायर : 40 बरस से कर रहा दुनिया में भारत का नाम रौशन

1987 में पढ़ा पहला अंतरराष्ट्रीय मुशायरा

• दुनिया के पहले शायर मंजर भोपाली, जिन्हें अमेरिका ने दी है मानद नागरिकता

खान आशु 

भोपाल। शायर न होते तो वह एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी होते या कहीं सरकारी मुलाजमत कर रहे होते। लेकिन किस्मत ने पैर में यायावरी का भंवरा डाल रखा था, एक दिन हॉकी का शौक और लगी लगाई पोस्ट ऑफिस की सरकारी नौकरी ताक पर रख आए। अपने अंदर छुपे शायर को जिंदा किया, और देवास छोटे मंच से जो शुरुआत हुई तो आधी दुनिया के मंचों की कामयाबी की गारंटी बन गए। 

अंतर्राष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली ने अपनी शायरी के 50 बरस पूरे कर लिए हैं और इनमें भी उनका 40 सालों का साथ अंतरराष्ट्रीय मुशायरों से जुड़ा हुआ है। 

1987 में जब पहली बार करांची के एक अंतरराष्ट्रीय मुशायरे का दावतनामा हाथ लगा तो उस समय न अंतरराष्ट्रीय तहज़ीब साथ थी, न बदन पर तरीके के कपड़े और न विदेश यात्रा करने के लिए पासपोर्ट। साथी शायर मरहूम डॉ. राहत इंदौरी और अंजुम रहबर भी पासपोर्ट न होने के अवसाद में थे, तीनों ने मिलकर पासपोर्ट बनवाया और इस 20/29 दिन के प्रोग्राम में शिरकत की। उस पहली विदेश यात्रा को लेकर मंजर कहते हैं कि दुनिया के तमाम बड़े शायरों की मौजूदगी वाली इस महफिल में उन्हें जो शेर सुनाने के लिए कहा गया था, मंच पर जाकर उसको ही भूल गए। हिम्मत बटोरकर उन्होंने एक कंठस्थ शेर

'कोई बचने का नहीं

सबका पता जानती है 

किस तरफ आग लगाना है 

हवा जानती है...!' 

सुना दिया, जो उस मंच पर काफी पसंद किया गया। 

अमेरिका जा चुके 38 बार 

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मंजर भोपाली की मकबूलियत बढ़ी तो वे इन चालीस सालों में आधी दुनिया नाप चुके हैं। अमेरिका के अलग अलग शहरों में करीब 38 बार अपनी आमद दर्ज करवाकर करीब 600/700 प्रोग्राम का हिस्सा बन चुके हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के वे ऐसे इकलौते हिंदी या उर्दू के शायर कहे जा सकते हैं, जिन्हें अमेरिका ने मानद नागरिकता प्रदान की है।

इन देशों का लगाया फेरा

अमेरिका की 38 यात्राओं का दंभ रखने वाले मंजर भोपाली 

केनेड़ा, ऑस्ट्रेलिया, नार्वे, इंग्लैंड, एम्सतर्डन, मलेशिया, सऊदी अरब, यूएई, सल्तनत ए ओमान, दोहा क़तर, पाकिस्तान, अफ्रीका, ईरान, कुवैत, सिंगापुर के मंच भी गुलजार कर चुके हैं। 

अब रुख ब्रिटानिया का

शायर मंजर भोपाली ने बताया कि जुलाई माह में दो सप्ताह की विदेश यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मन में मुशायरों की महफिल की रौनक बनेंगे। 

सुनने वाले अच्छे हो तो सुनाने का मज़ा: मंजर

मंजर भोपाली बताते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली मुशायरा महफिल हैदराबाद, अलीगढ़, कराची के लोगों की मौजूदगी के बिना पूरी भी नहीं होती और निखर भी नहीं पाती। वे कहते हैं सुनाने वाले शायर को अपना कलाम सुनाने का उत्साह तभी आता है, जब सुनने वाले उसी शिद्दत के साथ मौजूद हों। मंजर कहने से नहीं चूकते कि वे बड़े शायर नहीं हैं, लेकिन लोगों ने उन्हें वह मुकाम दे दिया है। डॉ. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, बशीर बद्र या प्रो वसीम बरेलवी की मंचीय गैरमौजूदगी ने उनके लिए जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं, यह मंजर भोपाली का मानना है।

रिटायर्ड फौजी से मारपीट मामले में तीन आरोपी भगोड़ा घोषित,तलाश में जुटी देहात कोतवाली पुलिस
*5 महीने से फरार चल रहे तीनों आरोपी

गोंडा।देहात कोतवाली थाना क्षेत्र में एक रिटायर्ड फौजी और उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को न्यायालय ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।तीनों आरोपी पिछले पांच महीने से फरार चल रहे हैं,जिसके बाद देहात कोतवाली पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दिया है।बताते चलें कि यह घटना बीते 16 नवंबर को देहात कोतवाली क्षेत्र के कोयली जंगल गांव में हुई थी।पूर्व फौजी आनंद यादव और उनके परिवार के सदस्य किशन लाल यादव व दशरथ लाल यादव पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था,जिसमें आनंद यादव गंभीर रूप से घायल हो गये थे और उनका लगभग एक महीने तक लखनऊ में इलाज चला था।मामले में जिन तीनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया गया है उनके नाम क्रमशः राजेश, अतुल और आलोक है।पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए पिछले पांच महीने से लगातार छापेमारी कर रही है।आरोपियों के घरों पर डुग्गी मुनादी कराने के साथ साथ नोटिस भी चस्पा किये गये थे,परन्तु उन्होंने ना तो न्यायालय में और ना ही कोतवाली में आत्मसमर्पण किया।आरोपियों को न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद देहात कोतवाली पुलिस ने राजेश, अतुल व आलोक की तलाश और तेज कर दिया है।इन तीनों आरोपियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है,जो उनके रिश्तेदारों और परिचितों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।16 नवंबर को जब पूर्व फौजी आनंद यादव ड्यूटी पर जा रहे थे, तब उन्हें रास्ते में रोककर पुराने विवाद के चलते हमला किया गया था।इस हमले में भगवान शंकर, अंकुश,अतुल,आलोक,सत्यम,विजय और राकेश सहित अन्य आरोपी शामिल थे।उन पर बांके और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया गया था।देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि न्यायालय ने राजेश, अतुल और आलोक को भगोड़ा घोषित किया है।उनकी गिरफ्तारी के लिए निरन्तर प्रयास किया जा रहा है और न्यायालय के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं पीड़ित आनंद यादव की पत्नी मंजू देवी ने देहात कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है,जबकि वे खुलेआम घूम रहे हैं।
देवघर-के कांग्रेस नेता डॉ मुनम्म संजय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। कांग्रेस ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी।
देवघर: कांग्रेस के जुझारू, बेबाक और जमीनी नेता डॉ. मुनम्म संजय का है—एक ऐसा नाम, जो संघर्ष की आग में तपकर राजनीति की असली पहचान बना है। आज जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है, तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, त्याग और अडिग निष्ठा का सम्मान है। डॉ. संजय का राजनीतिक जीवन किसी आरामदायक रास्ते से नहीं, बल्कि संघर्षों के तूफान से होकर निकला है। छात्र जीवन से ही उन्होंने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। देवघर का टावर चौक उनकी लड़ाइयों का साक्षी रहा है—जहां उन्होंने धरना दिया, अनशन किया, सड़कें जाम कीं, पुतला दहन किया और हर उस मुद्दे पर डटकर खड़े हुए, जहां आम जनता की आवाज दबाई जा रही थी। सैकड़ों बार गिरफ्तारियां झेलना उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि संघर्ष का तमगा बन गया। सबसे बड़ी बात—जब कई लोग सत्ता के लालच में रास्ता बदल लेते हैं, तब डॉ. संजय ने कभी कांग्रेस का दामन नहीं छोड़ा। पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी वे चट्टान की तरह डटे रहे। लेकिन डॉ. संजय ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। उन्होंने साफ तौर पर ठान लिया कि किसी भी कीमत पर झुकना नहीं है—और अडिग होकर हर दबाव का मुकाबला किया। उन्होंने न कभी कांग्रेस से समझौता किया, न ही कांग्रेस की विचारधारा के साथ किसी प्रकार की सौदेबाजी की। गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और कांग्रेस विचारधारा के प्रति उनका समर्पण कभी डगमगाया नहीं। यही कारण है कि पार्टी ने हर मोड़ पर उन पर भरोसा जताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष से लेकर युवा कांग्रेस के नेतृत्व तक, और फिर करीब 14-15 वर्षों तक देवघर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा किया। विरोध, साजिश और अंदरूनी खींचतान के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी—बल्कि हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया। बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो काम किया, वह सिर्फ पद संभालना नहीं था, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाना था। उन्होंने यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गरीबों के घर तक पहुंचती हैं। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, अधिकारियों को सक्रिय किया और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. संजय की पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि एक लड़ाकू सिपाही की है—जो हर वक्त जनता के बीच खड़ा रहता है। उनकी पकड़ प्रशासन पर भी रही है और जनता के दिलों पर भी। कई बार प्रशासन से टकराव हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से रखा और समाधान भी निकाला। उनका स्वभाव जितना सरल है, उनकी राजनीति उतनी ही धारदार। युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है—क्योंकि वे सिर्फ भाषण नहीं देते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। यही वजह है कि उनके साथ हमेशा युवाओं की एक मजबूत फौज खड़ी रहती है। पार्टी ने उन्हें कई जिलों में प्रभारी और ऑब्जर्वर बनाकर उनकी क्षमता का उपयोग किया है। अब प्रदेश महासचिव के रूप में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अनुभव, संघर्ष और जमीनी समझ से संगठन को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। आज उनके इस नए दायित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नया जोश और नई उम्मीद जगी है। आम कांग्रेसियों से लेकर बुद्धिजीवियों तक, हर कोई यह मान रहा है कि पार्टी ने इस बार एक ऐसे योद्धा को जिम्मेदारी दी है, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।