ज्यूरिख में सीएम हेमंत सोरेन से मिले राजदूत मृदुल कुमार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड की ऐतिहासिक भागीदारी पर हुई विस्तृत चर्चा।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में भारत के राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राजदूत ने मुख्यमंत्री को दावोस में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की तैयारियों और आगामी सत्रों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

25 वर्षों में पहली बार ऐतिहासिक भागीदारी:

झारखंड राज्य के निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह पहला अवसर है, जब राज्य का एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित विश्व के इस सबसे बड़े आर्थिक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इसे राज्य की आर्थिक स्वायत्तता और वैश्विक पहचान की दिशा में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।

मूल मंत्र: 'प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास'

दावोस में झारखंड की भागीदारी का मुख्य विषय "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" रखा गया है। यह विषय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के उस वैश्विक उद्देश्य से पूरी तरह मेल खाता है, जो सतत विकास, आपसी विश्वास और दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन (Long-term Economic Transformation) पर केंद्रित है।

वैश्विक निवेशकों का आकर्षण:

राजदूत मृदुल कुमार के साथ हुई इस चर्चा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कैसे झारखंड अपनी खनिज संपदा और पर्यावरण के संतुलन को वैश्विक निवेशकों के सामने एक 'प्रीमियम निवेश डेस्टिनेशन' के रूप में पेश कर सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास समावेशी होगा, जिसमें राज्य की प्रकृति और यहाँ के मूलवासियों के हितों की सुरक्षा सर्वोपरि होगी।

ऑक्सफोर्ड में गूँजेगी झारखंड की आवाज़: 23 जनवरी को 'ब्लावटनिक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट' में अपनी विजन रखेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची/यूके: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी आगामी यूनाइटेड किंगडम (UK) की आधिकारिक यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच को संबोधित करेंगे। आगामी 23 जनवरी 2026 को शाम पांच बजे, वे विश्व के प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के 'ब्लावटनिक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट' में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

चर्चा का मुख्य विषय:

मुख्यमंत्री का संबोधन इस जटिल प्रश्न पर केंद्रित होगा कि— "एक आदिवासी बहुल और संसाधन-समृद्ध राज्य (जैसे झारखंड), टिकाऊ और हरित औद्योगीकरण, जिम्मेदार खनिज विनिर्माण और समावेशी विकास को कैसे आगे बढ़ा सकता है?"

वैश्विक विशेषज्ञों के साथ संवाद:

इस सत्र में मुख्यमंत्री के साथ दो प्रख्यात शिक्षाविद भी चर्चा में शामिल होंगी:

प्रोफेसर अल्पा शाह: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सामाजिक मानवशास्त्र की प्रोफेसर और ऑल सोल्स कॉलेज की फेलो।

प्रोफेसर माया ट्यूडर: ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में राजनीति और लोक नीति की विशेषज्ञ।

झारखंड के लिए महत्व:

यह चर्चा मुख्यमंत्री की "प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास" की दूरगामी सोच के अनुरूप है। इस मंच के माध्यम से झारखंड यह संदेश देगा कि खनिज संपदा का उपयोग पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और आदिवासी समुदायों के हितों को सुरक्षित रखते हुए कैसे किया जा सकता है। यह दौरा राज्य में निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मकर संक्रांति पर संगम में आस्था की महाडुबकी.लगभग 1.03 करोड़ श्रद्धालुओ ने किया पवित्र स्नान

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।माघ मेला 2026 के द्वितीय स्थान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।धर्म आस्था और परम्परा के इस महापर्व पर लगभग 1 करोड़ 3 लाख श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।कल एकादशी के अवसर पर लगभग 85 लाख लोगो ने आस्था की डुबकी लगाई थी।शास्त्रो में मकर संक्रांति स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान करने से समस्त पापो का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति का स्नान विशेष फलदायी माना जाता है इसी आस्था के कारण देश-विदेश से लाखो श्रद्धालु प्रयागराज आते हैं।श्रद्धालुओ की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की गई थी।सभी वरिष्ठ अधिकारी भ्रमणशील रहते हुए पूरे मेला क्षेत्र की सतत निगरानी करते रहे।इस दौरान अपर पुलिस महानिदेशक ज्योति नारायण पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्र मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल पुलिस कमिश्नर प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार अपर पुलिस आयुक्त डॉ.अजयपाल शर्मा जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा मेलाधिकारी ऋषिराज तथा मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पाण्डेय द्वारा समय- समय पर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो सका।

श्रद्धालुओ की सुगम आवाजाही के लिए उपलब्ध कराई गई रैपिडो बाइक सेवा का भी व्यापक उपयोग हुआ।आज लगभग 11,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ लिया, जबकि अब तक कुल 1,38,500 से अधिक लोगों को रैपिडो बाइक सेवा के माध्यम से उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचने में मदद की जा चुकी है।मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रशासन की ओर से सामाजिक समरसता और सेवा भाव का भी परिचय दिया गया। सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं को पारंपरिक खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली।

अवैध खनन कर रहे दो ट्रैक्टर को पकड़ा,की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध खनन/ परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतू चेकिंग अभियान  के दौरान थाना शमसाबाद क्षेत्र के अंतर्गत 2 ट्रेवटर मय पिली बालू /बालू एवं थाना कायमगंज क्षेत्र के अंतर्गत एक ट्रेवटर मय बालू के अवैध परिवहन मे खनन अधिकारी द्वारा वाहनों को सम्बधित थाना की अभिरक्षा मे दिया गया है। इस कार्यवाही से विभाग को लगभग 78000 रुपए जुर्माने के रूप मे प्राप्त हुआ l
सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हुए
फर्रुखाबाद। गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में हो रही नौ दिवसीय श्री रामकथा के अष्टम दिवस की कथा में आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने सीता हरण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रामायण में माता सीता का हरण केवल एक अपहरण की घटना नहीं थी, बल्कि इसी प्रसंग से धर्म और अधर्म के बीच होने वाले महासंग्राम की नींव पड़ी। आमतौर पर माना जाता है कि रावण ने यह कृत्य अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए किया था लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गूढ़ और रहस्यमयी है। रावण केवल एक शक्तिशाली राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान और भविष्य को भांपने वाला तपस्वी भी था। उसके निर्णयों के पीछे क्रोध के साथ-साथ मोक्ष की लालसा और अहंकार की छाया भी मौजूद थी। कथाओं के अनुसार, रावण ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनसे वरदान में देवी पार्वती को मांग लिया। उसके मन में यह भाव था कि जब वह जगत पिता शिव का प्रिय बन सकता है, तो जगत माता की सेवा कर वह उनका भी कृपापात्र बन जाएगा। रावण का उद्देश्य देवी पार्वती को लंका ले जाकर वहां प्रतिष्ठित करना था।

भगवान शिव अपने वचन से बंधे हुए थे, इसलिए उन्होंने देवी पार्वती को रावण के साथ जाने की अनुमति दे दी। देवी पार्वती अनिच्छा से कैलाश से लंका की ओर चलीं और मार्ग में रावण को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपनी हठ और लक्ष्य में डूबा रावण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।

जब देवी पार्वती को कोई उपाय न सूझा, तब उन्होंने भगवान विष्णु का स्मरण किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भगवान विष्णु ने एक साधारण व्यक्ति का रूप धारण कर रावण से प्रश्न किया कि यदि वह वास्तव में जगत जननी हैं, तो क्या भगवान शिव उन्हें इतनी सहजता से सौंप देते। इस बात ने रावण के मन में संदेह पैदा कर दिया।

संदेह के कारण रावण देवी को वापस कैलाश ले गया और शिव से वास्तविक देवी की मांग की। शिव ने स्पष्ट किया कि जिसे वह ले गया था वही असली देवी थीं, लेकिन विष्णु की माया के कारण रावण सत्य को पहचान नहीं पाया। अंततः शिव ने उसे देवी पार्वती का एक छाया स्वरूप प्रदान किया। जब रावण उस छाया देवी को लंका ले गया और रात्रि में उनकी पूजा की, तब उसे अनुभव हुआ कि यह वास्तविक देवी नहीं हैं क्योंकि वे अदृश्य हो गईं। तब रावण को यह आभास हुआ कि उसके साथ छल हुआ है और ध्यान के माध्यम से उसने जान लिया कि यह लीला भगवान विष्णु की थी। इस छल से क्रोधित होकर रावण ने एक भयानक प्रतिज्ञा ली। उसने अपने तपोबल का उपयोग कर यह प्रण किया कि वह देवी शक्ति को तो लंका में स्थापित नहीं कर सका, लेकिन भविष्य में भगवान विष्णु के ही लक्ष्मी स्वरूप को लंका में अवश्य लाएगा। यही कारण था कि बाद में माता सीता, जो लक्ष्मी का अवतार थीं, कुछ समय के लिए रावण की लंका में विराजमान रहीं।

आज की कथा में मुख्य रूप से दिल्ली से पधारे समकालीन चौथी दुनिया के संम्पादक प्रवीण चौहान, प्रबंध संपादक डॉ अजिता भदौरिया, उप जिलाधिकारी भोगाव संध्या शर्मा, तहसीलदार भोगाव गौरव अग्रवाल  उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : पोखरे में युवक का शव मिलने से सनसनी
  
सिद्धेश्वर पाण्डेय
      व्यूरो चीफ
  आजमगढ़ । जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के लोनियाडीह गांव स्थित एक पोखरे में शुक्रवार को दोपहर में एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने दोपहर में शव देखा । शव मिलने की जानकारी होने पर पोखरा मालिक ने शव मिलने की  सूचना फूलपुर पुलिस को दिया । फूलपुर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है ।   मृतक की पहचान बबलू मुसहर 35 वर्ष पुत्र मिलटू, निवासी बाकरकोल थाना अहरौला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मृतक बबलू पांच दिन पहले घर में झगड़ा कर नाराज होकर घर से निकला था। वह लोनियाडीह गांव में वैरुद्दीन उर्फ लल्ला के ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था।  ग्रामीणों के मुताबिक बबलू अत्यधिक शराब के नशे में मछली पकड़ने के लालच में शफकत पुत्र कयूम के पोखरे में उतर गया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई।  शुक्रवार को पोखरे में शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पत्नी निशा इस समय अपने मायके में है ।  मृतक के परिवार में पत्नी निशा और तीन छोटे बच्चे गुलशन 10 वर्ष, आंचल 6 वर्ष और तन्नू 4 वर्ष हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। बबलू की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है ।  मृतक के भाई डबलू ने पुलिस को तहरीर देकर पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की है। फूलपुर कोतवाल सच्चिदानंद का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
जनता के आशीर्वाद से मिला दायित्व हर सांस जनता के नाम:बारा विधायक का भावुक संदेश

बारा विधान सभा में विकास की नई इबारत बिना भेदभाव हर गांव तक पहुंची सड़क और रोशनी

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत बारा विधान सभा की जनता के विश्वास और आशीर्वाद से मिले प्रतिनिधित्व को बारा विधायक डॉ वाचस्पति ने केवल एक संवैधानिक पद नही बल्कि जनसेवा का पवित्र दायित्व बताया है।भावुक शब्दो में विधायक ने कहा कि क्षेत्र के बुजुर्गो माताओ बहनो और भाइयों का आशीर्वाद उनके लिए जीवन भर का सम्बल है और इसी आशीर्वाद के बल पर उन्होने बारा विधानसभा को विकास की नई दिशा देने का कार्य किया है।बारा विधायक डॉ वॉचस्पति ने साफ कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में तन मन और धन से पूरी निष्ठा ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ बारा विधान सभा के विकास के लिए काम किया।

उनका संकल्प हमेशा यही रहा कि हर योजना हर निर्माण और हर निर्णय सार्वजनिक हित में हो, न कि किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए।उन्होंने दोहराया कि उनके द्वारा किए गए कार्यो में न कोई भेदभाव रहा और न ही किसी वर्ग को नजर अंदाज किया गया।आजादी के बाद से जिन ग्राम सभाओ में पक्की सड़क तक नही थी जहां बरसात में आवागमन बाधित हो जाता था उन गांवों में आज विकास की रोशनी पहुंच चुकी है।वर्षो से उपेक्षित रहे गांवो में सड़क निर्माण ने न केवल रास्ते खोले बल्कि शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरो के द्वार भी खोल दिए।बारा विधायक डॉ वाचस्पति के अथक प्रयासों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बारा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति मिली।

इनमें नौडिया मार्ग घूरपुर–प्रतापपुर मार्ग कुड़ी गोहानी मार्ग गौहनिया बाईपास शंकरगढ़– नारीबारी मार्ग रानीगंज फ्लाईओवर प्रतापपुर बुन्देंला नाला और जोरवट–कपरी मार्ग जैसे बड़े कार्य शामिल है।इन सभी परियोजनाओं का शिलान्यास कर कार्य प्रारम्भ कराया गया जिससे पूरे क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है।स्थानीय ग्रामीणो और जनप्रतिनिधियो का कहना है कि विधायक ने केवल घोषणाएं नही की बल्कि मैदान में उतरकर समस्याओ को समझा और समाधान कराया।हर गांव हर मजरा और हर जरूरतमन्द तक विकास पहुंचाने का जो वादा किया गया था वह अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।

बारा विधानसभा आज बदलाव के दौर से गुजर रही है।सड़के केवल ईंट और डामर नही है बल्कि जनता के विश्वास और विधायक के संकल्प की मजबूत नींव है।आमजन का मानना है कि जब जनप्रतिनिधि जनता को ही अपना परिवार मान ले, तो विकास स्वतः रास्ता बना लेता है—और बारा विधान सभा इसका जीवंत उदाहरण बनती जा रही है।

जीआरपी द्वारा रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन से 01 अदद चोरी के टैबलेट के साथ 01 अभियुक्त गिरफ्तार

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज द्वारा रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया एवं ट्रेनो में बढ़ती चोरी छिनैती की घटनाओ की रोकथाम अवैध तस्करी एवं अपराधियो की गिरफ्तारी व बरामदगी के मद्देनजर चलाये जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी रेलवे प्रयागराज अरूण कुमार पाठक के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह थाना जीआरपी प्रयागराज के कुशल नेतृत्व में उ0नि0 प्रवीण कुमार दुबे प्रभारी चौकी जीआरपी माण्डा रोड थाना जीआरपी प्रयागराज व आरपीएफ की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा रेलवे स्टेशन प्रयागराज प्लेटफार्म संख्या 01 के दिल्ली इंड कालोनी गेट के पास से समय करीब 13.05 बजे शातिर अभ्यस्त अभियुक्त ननका उर्फ नन्हका उपरोक्त के कब्जे से चोरी की एक अदद टैबलेट बरामद करते हुए।

गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है अभि0 ननका उपरोक्त एक शातिर अभ्यस्त किस्म का अपराधी है जो स्टेशन के आउटर पर खड़ी चलती ट्रेनो से यात्रीगण का कीमती सामान चोरी कर चलती ट्रेन से कूद कर भाग जाता था जिसकी तलाश जीआरपी व आरपीएफ की पुलिस टीम को काफी समय से मौजूद रहे।

माँ ने चार माह की बेटी संग कुएं में कूदकर दी जान.पति व जीजा पर मुकदमा दर्ज

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कौंधियारा थाना क्षेत्र के बड़गोहना खुर्द गांव में शुक्रवार को हुई एक हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से जूझ रही एक युवा महिला ने अपनी चार माह की मासूम बेटी के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।मृतका की पहचान सोनम पटेल उम्र लगभग 24 वर्षीय पुत्री रामचन्द्र पटेल निवासी मनकवार गडरीन तारा के रूप में हुई है।उसकी चार माह की पुत्री दृष्टि पटेल की भी मौत हो गई।

परिजनो के अनुसार सोनम गुरुवार की शाम अपने मायके से ससुराल बड़गोहना खुर्द आई थी। उसी रात किसी बात को लेकर उसका अपने वर्तमान पति शिवबाबू से विवाद हुआ जिसके बाद वह काफी तनाव में बताई जा रही थी।बताया गया कि सोनम की पहली शादी वर्ष 2018 में ज्ञानचन्द्र उर्फ बाबू साहब से हुई थी।करीब एक वर्ष पूर्व ज्ञानचन्द्र की मौत बिजली टावर से गिरने के कारण हो गई थी।पहले पति से सोनम की लगभग तीन वर्षीय पुत्री सृष्टि है जो सुरक्षित है। पति की मृत्यु के बाद दोनो परिवारो की सहमति से वर्ष 2024 में सोनम का विवाह उसके देवर शिवबाबू से कराया गया था।बीते 9 अगस्त को सोनम ने दूसरी पुत्री दृष्टि को जन्म दिया था।

मायके पक्ष ने घटना को लेकर गम्भीर आरोप लगाए है।मृतका के भाई ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि हर्जाने की धनराशि को लेकर सोनम को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।इसी आधार पर पति शिवबाबू और जीजा लक्ष्मण पटेल निवासी निबैया मेजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।शुक्रवार सुबह सोनम और उसकी बच्ची के घर से गायब होने पर परिजनो ने तलाश शुरू की।कुछ ही देर में घर से करीब 50 मीटर दूर स्थित कुएं में दोनो के शव तैरते मिले।सूचना पर थाना प्रभारी कौंधियारा कुलदीप शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणो की मदद से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शवो को बाहर निकाला गया।पुलिस ने शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरु कर दी है।

नवविवाहिता का संदिग्ध परिस्थितियों में गन्ने में मिला शव, मचा हड़कंप
हत्या की आशंका,डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर

गोंडा। नवाबगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक नवविवाहिता का शव गन्ने के खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई मृतका की पहचान 20 वर्षीय पूजा, निवासी मैनपुर के रूप में हुई है। उसका शव मायके से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर रामापुर गांव के पास गन्ने के खेत में पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज पुलिस के साथ क्षेत्राधिकारी तरबगंज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रारंभिक जांच में मृतका के गले पर कसाव के निशान पाए गए हैं, जिससे गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों के अनुसार पूजा की शादी 9 नवंबर को कुंजालपुर गांव निवासी सुभाष के साथ हुई थी। वह 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के मौके पर मायके आई थी। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार सुबह करीब 10 बजे से लापता थी, जिसकी तलाश की जा रही थी। क्षेत्राधिकारी तरबगंज उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में मृतका के पति और उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पति की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के खुलासे के लिए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।

पुलिस मृतका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मृतका के पति शिव जन्म वर्तमान में गोवा में हैं और सूचना मिलते ही गोंडा के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
ज्यूरिख में सीएम हेमंत सोरेन से मिले राजदूत मृदुल कुमार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड की ऐतिहासिक भागीदारी पर हुई विस्तृत चर्चा।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में भारत के राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राजदूत ने मुख्यमंत्री को दावोस में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की तैयारियों और आगामी सत्रों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

25 वर्षों में पहली बार ऐतिहासिक भागीदारी:

झारखंड राज्य के निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह पहला अवसर है, जब राज्य का एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित विश्व के इस सबसे बड़े आर्थिक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इसे राज्य की आर्थिक स्वायत्तता और वैश्विक पहचान की दिशा में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।

मूल मंत्र: 'प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास'

दावोस में झारखंड की भागीदारी का मुख्य विषय "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" रखा गया है। यह विषय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के उस वैश्विक उद्देश्य से पूरी तरह मेल खाता है, जो सतत विकास, आपसी विश्वास और दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन (Long-term Economic Transformation) पर केंद्रित है।

वैश्विक निवेशकों का आकर्षण:

राजदूत मृदुल कुमार के साथ हुई इस चर्चा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कैसे झारखंड अपनी खनिज संपदा और पर्यावरण के संतुलन को वैश्विक निवेशकों के सामने एक 'प्रीमियम निवेश डेस्टिनेशन' के रूप में पेश कर सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास समावेशी होगा, जिसमें राज्य की प्रकृति और यहाँ के मूलवासियों के हितों की सुरक्षा सर्वोपरि होगी।

ऑक्सफोर्ड में गूँजेगी झारखंड की आवाज़: 23 जनवरी को 'ब्लावटनिक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट' में अपनी विजन रखेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची/यूके: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी आगामी यूनाइटेड किंगडम (UK) की आधिकारिक यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच को संबोधित करेंगे। आगामी 23 जनवरी 2026 को शाम पांच बजे, वे विश्व के प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के 'ब्लावटनिक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट' में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

चर्चा का मुख्य विषय:

मुख्यमंत्री का संबोधन इस जटिल प्रश्न पर केंद्रित होगा कि— "एक आदिवासी बहुल और संसाधन-समृद्ध राज्य (जैसे झारखंड), टिकाऊ और हरित औद्योगीकरण, जिम्मेदार खनिज विनिर्माण और समावेशी विकास को कैसे आगे बढ़ा सकता है?"

वैश्विक विशेषज्ञों के साथ संवाद:

इस सत्र में मुख्यमंत्री के साथ दो प्रख्यात शिक्षाविद भी चर्चा में शामिल होंगी:

प्रोफेसर अल्पा शाह: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सामाजिक मानवशास्त्र की प्रोफेसर और ऑल सोल्स कॉलेज की फेलो।

प्रोफेसर माया ट्यूडर: ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में राजनीति और लोक नीति की विशेषज्ञ।

झारखंड के लिए महत्व:

यह चर्चा मुख्यमंत्री की "प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास" की दूरगामी सोच के अनुरूप है। इस मंच के माध्यम से झारखंड यह संदेश देगा कि खनिज संपदा का उपयोग पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और आदिवासी समुदायों के हितों को सुरक्षित रखते हुए कैसे किया जा सकता है। यह दौरा राज्य में निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मकर संक्रांति पर संगम में आस्था की महाडुबकी.लगभग 1.03 करोड़ श्रद्धालुओ ने किया पवित्र स्नान

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।माघ मेला 2026 के द्वितीय स्थान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।धर्म आस्था और परम्परा के इस महापर्व पर लगभग 1 करोड़ 3 लाख श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।कल एकादशी के अवसर पर लगभग 85 लाख लोगो ने आस्था की डुबकी लगाई थी।शास्त्रो में मकर संक्रांति स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान करने से समस्त पापो का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति का स्नान विशेष फलदायी माना जाता है इसी आस्था के कारण देश-विदेश से लाखो श्रद्धालु प्रयागराज आते हैं।श्रद्धालुओ की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की गई थी।सभी वरिष्ठ अधिकारी भ्रमणशील रहते हुए पूरे मेला क्षेत्र की सतत निगरानी करते रहे।इस दौरान अपर पुलिस महानिदेशक ज्योति नारायण पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्र मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल पुलिस कमिश्नर प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार अपर पुलिस आयुक्त डॉ.अजयपाल शर्मा जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा मेलाधिकारी ऋषिराज तथा मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पाण्डेय द्वारा समय- समय पर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो सका।

श्रद्धालुओ की सुगम आवाजाही के लिए उपलब्ध कराई गई रैपिडो बाइक सेवा का भी व्यापक उपयोग हुआ।आज लगभग 11,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ लिया, जबकि अब तक कुल 1,38,500 से अधिक लोगों को रैपिडो बाइक सेवा के माध्यम से उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचने में मदद की जा चुकी है।मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रशासन की ओर से सामाजिक समरसता और सेवा भाव का भी परिचय दिया गया। सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं को पारंपरिक खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली।

अवैध खनन कर रहे दो ट्रैक्टर को पकड़ा,की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध खनन/ परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतू चेकिंग अभियान  के दौरान थाना शमसाबाद क्षेत्र के अंतर्गत 2 ट्रेवटर मय पिली बालू /बालू एवं थाना कायमगंज क्षेत्र के अंतर्गत एक ट्रेवटर मय बालू के अवैध परिवहन मे खनन अधिकारी द्वारा वाहनों को सम्बधित थाना की अभिरक्षा मे दिया गया है। इस कार्यवाही से विभाग को लगभग 78000 रुपए जुर्माने के रूप मे प्राप्त हुआ l
सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हुए
फर्रुखाबाद। गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में हो रही नौ दिवसीय श्री रामकथा के अष्टम दिवस की कथा में आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने सीता हरण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रामायण में माता सीता का हरण केवल एक अपहरण की घटना नहीं थी, बल्कि इसी प्रसंग से धर्म और अधर्म के बीच होने वाले महासंग्राम की नींव पड़ी। आमतौर पर माना जाता है कि रावण ने यह कृत्य अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए किया था लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गूढ़ और रहस्यमयी है। रावण केवल एक शक्तिशाली राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान और भविष्य को भांपने वाला तपस्वी भी था। उसके निर्णयों के पीछे क्रोध के साथ-साथ मोक्ष की लालसा और अहंकार की छाया भी मौजूद थी। कथाओं के अनुसार, रावण ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनसे वरदान में देवी पार्वती को मांग लिया। उसके मन में यह भाव था कि जब वह जगत पिता शिव का प्रिय बन सकता है, तो जगत माता की सेवा कर वह उनका भी कृपापात्र बन जाएगा। रावण का उद्देश्य देवी पार्वती को लंका ले जाकर वहां प्रतिष्ठित करना था।

भगवान शिव अपने वचन से बंधे हुए थे, इसलिए उन्होंने देवी पार्वती को रावण के साथ जाने की अनुमति दे दी। देवी पार्वती अनिच्छा से कैलाश से लंका की ओर चलीं और मार्ग में रावण को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपनी हठ और लक्ष्य में डूबा रावण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।

जब देवी पार्वती को कोई उपाय न सूझा, तब उन्होंने भगवान विष्णु का स्मरण किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भगवान विष्णु ने एक साधारण व्यक्ति का रूप धारण कर रावण से प्रश्न किया कि यदि वह वास्तव में जगत जननी हैं, तो क्या भगवान शिव उन्हें इतनी सहजता से सौंप देते। इस बात ने रावण के मन में संदेह पैदा कर दिया।

संदेह के कारण रावण देवी को वापस कैलाश ले गया और शिव से वास्तविक देवी की मांग की। शिव ने स्पष्ट किया कि जिसे वह ले गया था वही असली देवी थीं, लेकिन विष्णु की माया के कारण रावण सत्य को पहचान नहीं पाया। अंततः शिव ने उसे देवी पार्वती का एक छाया स्वरूप प्रदान किया। जब रावण उस छाया देवी को लंका ले गया और रात्रि में उनकी पूजा की, तब उसे अनुभव हुआ कि यह वास्तविक देवी नहीं हैं क्योंकि वे अदृश्य हो गईं। तब रावण को यह आभास हुआ कि उसके साथ छल हुआ है और ध्यान के माध्यम से उसने जान लिया कि यह लीला भगवान विष्णु की थी। इस छल से क्रोधित होकर रावण ने एक भयानक प्रतिज्ञा ली। उसने अपने तपोबल का उपयोग कर यह प्रण किया कि वह देवी शक्ति को तो लंका में स्थापित नहीं कर सका, लेकिन भविष्य में भगवान विष्णु के ही लक्ष्मी स्वरूप को लंका में अवश्य लाएगा। यही कारण था कि बाद में माता सीता, जो लक्ष्मी का अवतार थीं, कुछ समय के लिए रावण की लंका में विराजमान रहीं।

आज की कथा में मुख्य रूप से दिल्ली से पधारे समकालीन चौथी दुनिया के संम्पादक प्रवीण चौहान, प्रबंध संपादक डॉ अजिता भदौरिया, उप जिलाधिकारी भोगाव संध्या शर्मा, तहसीलदार भोगाव गौरव अग्रवाल  उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : पोखरे में युवक का शव मिलने से सनसनी
  
सिद्धेश्वर पाण्डेय
      व्यूरो चीफ
  आजमगढ़ । जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के लोनियाडीह गांव स्थित एक पोखरे में शुक्रवार को दोपहर में एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने दोपहर में शव देखा । शव मिलने की जानकारी होने पर पोखरा मालिक ने शव मिलने की  सूचना फूलपुर पुलिस को दिया । फूलपुर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है ।   मृतक की पहचान बबलू मुसहर 35 वर्ष पुत्र मिलटू, निवासी बाकरकोल थाना अहरौला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मृतक बबलू पांच दिन पहले घर में झगड़ा कर नाराज होकर घर से निकला था। वह लोनियाडीह गांव में वैरुद्दीन उर्फ लल्ला के ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था।  ग्रामीणों के मुताबिक बबलू अत्यधिक शराब के नशे में मछली पकड़ने के लालच में शफकत पुत्र कयूम के पोखरे में उतर गया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई।  शुक्रवार को पोखरे में शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पत्नी निशा इस समय अपने मायके में है ।  मृतक के परिवार में पत्नी निशा और तीन छोटे बच्चे गुलशन 10 वर्ष, आंचल 6 वर्ष और तन्नू 4 वर्ष हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। बबलू की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है ।  मृतक के भाई डबलू ने पुलिस को तहरीर देकर पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की है। फूलपुर कोतवाल सच्चिदानंद का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
जनता के आशीर्वाद से मिला दायित्व हर सांस जनता के नाम:बारा विधायक का भावुक संदेश

बारा विधान सभा में विकास की नई इबारत बिना भेदभाव हर गांव तक पहुंची सड़क और रोशनी

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत बारा विधान सभा की जनता के विश्वास और आशीर्वाद से मिले प्रतिनिधित्व को बारा विधायक डॉ वाचस्पति ने केवल एक संवैधानिक पद नही बल्कि जनसेवा का पवित्र दायित्व बताया है।भावुक शब्दो में विधायक ने कहा कि क्षेत्र के बुजुर्गो माताओ बहनो और भाइयों का आशीर्वाद उनके लिए जीवन भर का सम्बल है और इसी आशीर्वाद के बल पर उन्होने बारा विधानसभा को विकास की नई दिशा देने का कार्य किया है।बारा विधायक डॉ वॉचस्पति ने साफ कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में तन मन और धन से पूरी निष्ठा ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ बारा विधान सभा के विकास के लिए काम किया।

उनका संकल्प हमेशा यही रहा कि हर योजना हर निर्माण और हर निर्णय सार्वजनिक हित में हो, न कि किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए।उन्होंने दोहराया कि उनके द्वारा किए गए कार्यो में न कोई भेदभाव रहा और न ही किसी वर्ग को नजर अंदाज किया गया।आजादी के बाद से जिन ग्राम सभाओ में पक्की सड़क तक नही थी जहां बरसात में आवागमन बाधित हो जाता था उन गांवों में आज विकास की रोशनी पहुंच चुकी है।वर्षो से उपेक्षित रहे गांवो में सड़क निर्माण ने न केवल रास्ते खोले बल्कि शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरो के द्वार भी खोल दिए।बारा विधायक डॉ वाचस्पति के अथक प्रयासों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बारा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति मिली।

इनमें नौडिया मार्ग घूरपुर–प्रतापपुर मार्ग कुड़ी गोहानी मार्ग गौहनिया बाईपास शंकरगढ़– नारीबारी मार्ग रानीगंज फ्लाईओवर प्रतापपुर बुन्देंला नाला और जोरवट–कपरी मार्ग जैसे बड़े कार्य शामिल है।इन सभी परियोजनाओं का शिलान्यास कर कार्य प्रारम्भ कराया गया जिससे पूरे क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है।स्थानीय ग्रामीणो और जनप्रतिनिधियो का कहना है कि विधायक ने केवल घोषणाएं नही की बल्कि मैदान में उतरकर समस्याओ को समझा और समाधान कराया।हर गांव हर मजरा और हर जरूरतमन्द तक विकास पहुंचाने का जो वादा किया गया था वह अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।

बारा विधानसभा आज बदलाव के दौर से गुजर रही है।सड़के केवल ईंट और डामर नही है बल्कि जनता के विश्वास और विधायक के संकल्प की मजबूत नींव है।आमजन का मानना है कि जब जनप्रतिनिधि जनता को ही अपना परिवार मान ले, तो विकास स्वतः रास्ता बना लेता है—और बारा विधान सभा इसका जीवंत उदाहरण बनती जा रही है।

जीआरपी द्वारा रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन से 01 अदद चोरी के टैबलेट के साथ 01 अभियुक्त गिरफ्तार

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज द्वारा रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया एवं ट्रेनो में बढ़ती चोरी छिनैती की घटनाओ की रोकथाम अवैध तस्करी एवं अपराधियो की गिरफ्तारी व बरामदगी के मद्देनजर चलाये जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी रेलवे प्रयागराज अरूण कुमार पाठक के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह थाना जीआरपी प्रयागराज के कुशल नेतृत्व में उ0नि0 प्रवीण कुमार दुबे प्रभारी चौकी जीआरपी माण्डा रोड थाना जीआरपी प्रयागराज व आरपीएफ की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा रेलवे स्टेशन प्रयागराज प्लेटफार्म संख्या 01 के दिल्ली इंड कालोनी गेट के पास से समय करीब 13.05 बजे शातिर अभ्यस्त अभियुक्त ननका उर्फ नन्हका उपरोक्त के कब्जे से चोरी की एक अदद टैबलेट बरामद करते हुए।

गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है अभि0 ननका उपरोक्त एक शातिर अभ्यस्त किस्म का अपराधी है जो स्टेशन के आउटर पर खड़ी चलती ट्रेनो से यात्रीगण का कीमती सामान चोरी कर चलती ट्रेन से कूद कर भाग जाता था जिसकी तलाश जीआरपी व आरपीएफ की पुलिस टीम को काफी समय से मौजूद रहे।

माँ ने चार माह की बेटी संग कुएं में कूदकर दी जान.पति व जीजा पर मुकदमा दर्ज

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कौंधियारा थाना क्षेत्र के बड़गोहना खुर्द गांव में शुक्रवार को हुई एक हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से जूझ रही एक युवा महिला ने अपनी चार माह की मासूम बेटी के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।मृतका की पहचान सोनम पटेल उम्र लगभग 24 वर्षीय पुत्री रामचन्द्र पटेल निवासी मनकवार गडरीन तारा के रूप में हुई है।उसकी चार माह की पुत्री दृष्टि पटेल की भी मौत हो गई।

परिजनो के अनुसार सोनम गुरुवार की शाम अपने मायके से ससुराल बड़गोहना खुर्द आई थी। उसी रात किसी बात को लेकर उसका अपने वर्तमान पति शिवबाबू से विवाद हुआ जिसके बाद वह काफी तनाव में बताई जा रही थी।बताया गया कि सोनम की पहली शादी वर्ष 2018 में ज्ञानचन्द्र उर्फ बाबू साहब से हुई थी।करीब एक वर्ष पूर्व ज्ञानचन्द्र की मौत बिजली टावर से गिरने के कारण हो गई थी।पहले पति से सोनम की लगभग तीन वर्षीय पुत्री सृष्टि है जो सुरक्षित है। पति की मृत्यु के बाद दोनो परिवारो की सहमति से वर्ष 2024 में सोनम का विवाह उसके देवर शिवबाबू से कराया गया था।बीते 9 अगस्त को सोनम ने दूसरी पुत्री दृष्टि को जन्म दिया था।

मायके पक्ष ने घटना को लेकर गम्भीर आरोप लगाए है।मृतका के भाई ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि हर्जाने की धनराशि को लेकर सोनम को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।इसी आधार पर पति शिवबाबू और जीजा लक्ष्मण पटेल निवासी निबैया मेजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।शुक्रवार सुबह सोनम और उसकी बच्ची के घर से गायब होने पर परिजनो ने तलाश शुरू की।कुछ ही देर में घर से करीब 50 मीटर दूर स्थित कुएं में दोनो के शव तैरते मिले।सूचना पर थाना प्रभारी कौंधियारा कुलदीप शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणो की मदद से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शवो को बाहर निकाला गया।पुलिस ने शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरु कर दी है।

नवविवाहिता का संदिग्ध परिस्थितियों में गन्ने में मिला शव, मचा हड़कंप
हत्या की आशंका,डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर

गोंडा। नवाबगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक नवविवाहिता का शव गन्ने के खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई मृतका की पहचान 20 वर्षीय पूजा, निवासी मैनपुर के रूप में हुई है। उसका शव मायके से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर रामापुर गांव के पास गन्ने के खेत में पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज पुलिस के साथ क्षेत्राधिकारी तरबगंज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रारंभिक जांच में मृतका के गले पर कसाव के निशान पाए गए हैं, जिससे गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों के अनुसार पूजा की शादी 9 नवंबर को कुंजालपुर गांव निवासी सुभाष के साथ हुई थी। वह 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के मौके पर मायके आई थी। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार सुबह करीब 10 बजे से लापता थी, जिसकी तलाश की जा रही थी। क्षेत्राधिकारी तरबगंज उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में मृतका के पति और उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पति की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के खुलासे के लिए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।

पुलिस मृतका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मृतका के पति शिव जन्म वर्तमान में गोवा में हैं और सूचना मिलते ही गोंडा के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।