कोली समुदाय के मुद्दों का समाधान निकालने के लिए मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिया निर्देश


मुंबई | गिरगांव चौपाटी से कोली समुदाय की नौकाएं हटाने के कारण उत्पन्न स्थिति का राज्य के मंत्री और स्थानीय विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने तत्काल संज्ञान लिया है और संबंधित तंत्र को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में, कोली समाज के प्रतिनिधियों ने  मंगल प्रभात लोढ़ा से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए, मंगल प्रभात लोढ़ा ने तत्काल बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सह-आयुक्त और मत्स्य पालन विभाग के आयुक्त से टेलीफोन पर संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कोली समुदाय के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करने और कोई भी कार्रवाई करते समय उनकी आजीविका व पारंपरिक अधिकारों का व्यापक विचार करने के स्पष्ट निर्देश दिए। गिरगांव चौपाटी परिसर मुंबई की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यहाँ लंबे समय से कोली समाज पारंपरिक तरीके से अपनी आजीविका चला रहा है। इस पृष्ठभूमि में, विकास कार्यों और स्थानीय लोगों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, इस बात पर उन्होंने जोर दिया। इस संदर्भ में मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि गिरगांव चौपाटी पर कोली समुदाय का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है। प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच उचित समन्वय बनाकर ही इस समस्या का हल निकाला जाना चाहिए। जब तक कोली समुदाय के लिए गिरगांव चौपाटी पर उचित स्थान या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। मुंबई सबसे पहले कोली समुदाय की है। कोली समुदाय की आजीविका और उनके पारंपरिक अधिकारों का सम्मान करते हुए सकारात्मक समाधान निकले, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।”
इस मामले में सभी संबंधित घटकों के बीच संवाद के माध्यम से मार्ग निकालने को प्राथमिकता दी जाएगी और जल्द ही इस पर सकारात्मक समाधान निकलेगा, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया है।
पूर्व विधायक ने अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सौंपा मांगपत्र, मुकदमा दर्ज कराने की किया मांग

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व‌ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता बैजनाथ दुबे के द्वारा आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुपुत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भ्रामक और चरित्र हनन करने वाला दुष्प्रचार फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध मुकदमा लिखाए जाने को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर एवं फेसबुक पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सुपुत्री अदिति यादव की वास्तविक तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए एक अन्य विदेशी मूल को रचित और ब्राह्मण संदेश इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया गया है प्रसारित पोस्ट में पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा तैयार करते हुए यह मनगढ़ंत हुआ निराधार दवा है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष की बेटी अदिति यादव के द्वारा अपने घर से 7 करोड रुपए चोरी करके अपने किसी मुसलमान नाइजीरियन मित्र के साथ लापता हो गई है और वह वर्तमान में नाइजीरिया में रह रही है जिसको लेकर विधायक ने कहा कि यह कहानी पूर्णता काल्पनिक झूठी और अदिति यादव की सामाजिक छवि व प्रतिष्ठा को धूमिल करने तथा राजनीतिक देश वर्ष महिला का चरित्र हरण करने का दुर्भावना पूर्ण उद्देश्य से गढ़ी गई है। पूर्व विधायक श्री दूबे के द्वारा इस कृत्य को लेकर भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के अंतर्गत एक गंभीर व दंडनीय साइबर अपराध है जिसमें मुख्य रूप से धारा 356 बीएनएस के तहत मानहानि धारा 196 बीएनएस के तहत समाज में गाना व सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना धारा 351 बीएनएस के तहत महिला की गरिमा को थे पहचाने और डिजिटल साथियों की जालसाजी के लिए धारा 336 व 340 बीएनएस का प्रावधान लागू होता है।पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे के द्वारा सभी चिन्हित सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालक को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं और आईटी एक्ट के तहत तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी अजीत कुमार रजक को प्रार्थना पत्र सोपा है और कार्यवाही की मांग की गई है।
फोन से बात न करने पर युवक ने युवती के घर घुसकर गोली मारी, युवती गंभीर रूप से घायल, भर्ती
फर्रुखाबाद l प्रेम दीवाने युवक ने फोन पर युवती के बात ना करने पर युवक ने घर जाकर युवती को गोली मार दी, गोली लगने से घायल हो गई , परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर हमला करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है l पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है। बीती रात  थाना मऊदरवाजा के निकट मोहल्ला अस्तबल तराई में रहने वाले विशंभर कश्यप के बेटे का विशाल का काफ़ी समय से विवेक मौर्य के घर आना-जाना था। इस बीच विशाल से विवेक की पुत्री से फोन पर बातचीत होने लगी। इस दौरान किसी बात को लेकर युवती ने विशाल से बात करना बंद कर दिया। इस बात से नाराज होकर विशाल ने रात में युवती के घर जाकर जान से मारने के लिए तमंचे से फायरिंग की, गोली पैर में लगने से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई ।

गंभीर रूप से घायल युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को लेकर विवेक मौर्या के पुत्र अरुण ने विशाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसमें कहा है कि 18 वर्षीय बहन से विशाल कश्यप करीब पिछले एक वर्ष से बातचीत कर रही थी।  कुछ समय से बहन ने विशाल से
बात करना बन्द कर दिया था। विशाल बहन को बात करने का बराबर दबाव बना रहा था, और वह बात नही कर रही थी। इस बात को लेकर विशाल कश्यप गुरुवार की रात 9.45 बजे घर में तमंचा लेकर आया। उस समय मां प्रीति व बहन घर की छत पर बैठी थी। विशाल बहन को गाली देते हुए कहा तू अगर बात नही करेगी तो तुझे जिन्दा नही छोडूंगा।

विशाल ने जान से मारने की नियत से बहन के तमंचे से गोली मार दी। गोली युवती के दाहिने पैर में लगत ही विशाल तमंचा सहित मौके से फरार हो गया।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश चंद्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि बजरिया चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह को जांच सौंप गई है।
पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर। जनपद के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम गांदला में विकास के नाम पर विनाश का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वर्तमान ग्राम प्रधान की मनमानी के कारण पूरा गांव नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर है। गांव के मुख्य रास्ते पर पिछले छह महीनों से घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र और शिव मंदिर का रास्ता पूरी तरह ठप हो गया है। ग्राम प्रधान की दबंगई से त्रस्त ग्रामीणों ने अब एकजुट होकर जिलाधिकारी  मुजफ्फरनगर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या लगभग 7 वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब तत्कालीन प्रधान ने पानी की निकासी वाली मुख्य नाली पर इंटरलॉकिंग करा दी थी, जिससे पानी का बहाव कम हो गया था। लेकिन हद तो तब हो गई जब करीब 6 महीने पहले वर्तमान ग्राम प्रधान ने उस पुरानी इंटरलॉकिंग को उखाड़कर, सड़क पर मिट्टी का भराव किया और रास्ते को और ऊंचा उठाकर दोबारा इंटरलॉकिंग करा दी। इस लापरवाही के कारण घनी आबादी के घरों से निकलने वाले रोजमर्रा के पानी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और सारा गंदा पानी मुख्य सड़क पर जमा होने लगा।
इस जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, अस्पताल आने वाले मरीज और गर्भवती महिलाएं आए दिन इस गंदे पानी में फिसलकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। गांव में संक्रामक और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा चरम पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब सड़क निर्माण के समय उन्होंने इसका विरोध किया था, तो प्रधान ने जल निकासी का झूठा आश्वासन दिया था। लेकिन अब समस्या बढ़ने पर जब ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे, तो दबंग प्रधान ने साफ कह दिया— "पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं होगा, तुम्हें जहाँ शिकायत करनी है, कर दो।"
प्रधान की इसी दबंगई और खौफ के कारण ग्रामीण अब तक अधिकारियों से सिर्फ मौखिक शिकायत कर रहे थे, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार परेशान होकर मौसज्जाद, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, जोगिन्द्र, सुखराम नायक, राजकुमार, अंकित कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच कराने, दोषी प्रधान पर कार्रवाई करने और जल्द से जल्द जल निकासी का निस्तारण कराने की मांग की है।
सोनभद्र में सनसनी: दो दिन से लापता युवक का पुलिया के नीचे मिला शव, हत्या की आशंका,छानबीन में जुटी पुलिस

विकास कुमार सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के डाला बारी-कजरहट संपर्क मार्ग पर स्थित गोरादह में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पुलिया के नीचे करीब दो दिन पुराना युवक का शव बरामद हुआ। युवक बीते दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या की आशंका जताते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक चरवाहा गोरादह स्थित पुलिया के पास मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान उसे तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उसने पुलिया के नीचे जाकर देखा, तो वहां एक युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ था। चरवाहे के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

शव की शिनाख्त डाला बारी स्थित वैष्णो मंदिर के पीछे रहने वाले रवि धयिकार (30 वर्ष) पुत्र राम गरीब के रूप में हुई है। शिनाख्त होते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन भी तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि रवि पिछले दो दिनों से घर नहीं लौटा था और वे लोग लगातार अपने स्तर से उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका था।

घटना की सूचना मिलते ही पीआरवी (डायल-112) और डाला चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका के तहत भी सुराग जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
सोनभद्र में महुआ के पेड़ से लटका मिला युवती का शव, सुसाइड नोट और प्रेमी की तस्वीर बरामद
विकास कुमार सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बभनी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के बरवाटोला गांव स्थित सेवड़ी टोला में एक 19 वर्षीय युवती ने महुआ के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान सोनशाय की बेटी फूलमती के रूप में हुई है। शुक्रवार की सुबह जब कुछ बच्चे बागीचे में महुआ बीनने पहुंचे, तो उन्होंने युवती का शव पेड़ से लटका देखा। बच्चों के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए, जिसके बाद ग्राम प्रधान ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।

घटनास्थल से मिले चौंकाने वाले साक्ष्य
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण और रहस्यमयी चीजें बरामद हुई हैं। पेड़ के नीचे मृतका की चप्पलें, गुल की डिब्बी और एक मोबाइल फोन पड़ा मिला, जिसकी बैटरी निकली हुई थी और पास ही एक टूटा हुआ सिम कार्ड भी बरामद हुआ। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस दुपट्टे से फंदा बनाया गया था, उसी में एक सुसाइड नोट और एक युवक की तस्वीर भी फंसी हुई मिली। पुलिस ने इन सभी साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है।

प्रेम प्रसंग की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक मक्खन लाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी भेज दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक दीन्नू प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। मोबाइल से सिम और बैटरी का निकाला जाना और फंदे से सुसाइड नोट व तस्वीर का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ओमवीर हत्याकांड में फरार आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पर हुई कार्यवाही


अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 जून। थाना अमृतपुर क्षेत्र के चर्चित ओमवीर हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में वांछित चल रहे आरोपी श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल ने फतेहगढ़ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी अमृतपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओमवीर हत्याकांड में वांछित आरोपी श्यामवीर ने न्यायालय में हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, ग्राम गुजरपुर पमारान निवासी मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।धर्मशीला के अनुसार उनके पति ओमवीर 20 जुलाई 2025 को लापता हो गए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के दौरान ओमवीर का कंकाल कई महीनों बाद खेत में दबा बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में रामू यादव, सुरजीत यादव और देवेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब श्यामवीर के आत्मसमर्पण के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओमवीर हत्याकांड क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार अब भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

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मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।

मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
देवघर-विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित होने वाले प्रथम रक्तदान शिविर के पोस्टर का लोकार्पण।
देवघर: 11 जून 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविरके पोस्टर का आज एम्स देवघर में विधिवत लोकार्पण किया गया। यह रक्तदान शिविर विशेष महत्व रखता है क्योंकि एम्स देवघर के रक्त केंद्र (ब्लड सेंटर) के संचालन प्रारंभ होने के पश्चात यह पहला स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पोस्टर का लोकार्पण एम्स देवघर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने द्वारा किया गया। इस अवसर पर एम्स देवघर के अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह , रक्त केंद्र के डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय, एमएस कार्यालय के प्रमुख नितीश कुमार पाण्डेय , एम्स कर्मचारी विवेक कुमार ओझा तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल , वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल,कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुधांशु शेखर बर्नवाल एवं अर्चना भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनके सहयोग से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आग्रह किया। रक्त केंद्र के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एम्स देवघर का रक्त केंद्र क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है तथा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इस प्रथम रक्तदान शिविर में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता की अपील की। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य मानव सेवा है और रक्तदान इसका सबसे उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को वर्ष में कम-से-कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए ताकि रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज का उपचार प्रभावित न हो। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि रेड क्रॉस पिछले कई वर्षों से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। "ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स" जैसी अभिनव पहल का उद्देश्य रक्तदान को जन-जन तक पहुँचाना तथा अधिकाधिक युवाओं को इस जीवनदायी अभियान से जोड़ना है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से 14 जून को रक्तदान कर मानवता की सेवा में सहभागी बनने की अपील की। 14 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक एम्स देवघर के रक्त केंद्र परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा अधिकाधिक लोगों को रक्तदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने सभी स्वस्थ नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं संस्थानों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में योगदान देने की अपील की है। *एक बूंद मानवता की — रक्तदान, जीवनदान।* *आपका रक्तदान बचाएगा किसी की जान।*
कोली समुदाय के मुद्दों का समाधान निकालने के लिए मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिया निर्देश


मुंबई | गिरगांव चौपाटी से कोली समुदाय की नौकाएं हटाने के कारण उत्पन्न स्थिति का राज्य के मंत्री और स्थानीय विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने तत्काल संज्ञान लिया है और संबंधित तंत्र को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में, कोली समाज के प्रतिनिधियों ने  मंगल प्रभात लोढ़ा से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए, मंगल प्रभात लोढ़ा ने तत्काल बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सह-आयुक्त और मत्स्य पालन विभाग के आयुक्त से टेलीफोन पर संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कोली समुदाय के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करने और कोई भी कार्रवाई करते समय उनकी आजीविका व पारंपरिक अधिकारों का व्यापक विचार करने के स्पष्ट निर्देश दिए। गिरगांव चौपाटी परिसर मुंबई की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यहाँ लंबे समय से कोली समाज पारंपरिक तरीके से अपनी आजीविका चला रहा है। इस पृष्ठभूमि में, विकास कार्यों और स्थानीय लोगों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, इस बात पर उन्होंने जोर दिया। इस संदर्भ में मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि गिरगांव चौपाटी पर कोली समुदाय का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है। प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच उचित समन्वय बनाकर ही इस समस्या का हल निकाला जाना चाहिए। जब तक कोली समुदाय के लिए गिरगांव चौपाटी पर उचित स्थान या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। मुंबई सबसे पहले कोली समुदाय की है। कोली समुदाय की आजीविका और उनके पारंपरिक अधिकारों का सम्मान करते हुए सकारात्मक समाधान निकले, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।”
इस मामले में सभी संबंधित घटकों के बीच संवाद के माध्यम से मार्ग निकालने को प्राथमिकता दी जाएगी और जल्द ही इस पर सकारात्मक समाधान निकलेगा, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया है।
पूर्व विधायक ने अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सौंपा मांगपत्र, मुकदमा दर्ज कराने की किया मांग

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व‌ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता बैजनाथ दुबे के द्वारा आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुपुत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भ्रामक और चरित्र हनन करने वाला दुष्प्रचार फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध मुकदमा लिखाए जाने को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर एवं फेसबुक पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सुपुत्री अदिति यादव की वास्तविक तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए एक अन्य विदेशी मूल को रचित और ब्राह्मण संदेश इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया गया है प्रसारित पोस्ट में पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा तैयार करते हुए यह मनगढ़ंत हुआ निराधार दवा है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष की बेटी अदिति यादव के द्वारा अपने घर से 7 करोड रुपए चोरी करके अपने किसी मुसलमान नाइजीरियन मित्र के साथ लापता हो गई है और वह वर्तमान में नाइजीरिया में रह रही है जिसको लेकर विधायक ने कहा कि यह कहानी पूर्णता काल्पनिक झूठी और अदिति यादव की सामाजिक छवि व प्रतिष्ठा को धूमिल करने तथा राजनीतिक देश वर्ष महिला का चरित्र हरण करने का दुर्भावना पूर्ण उद्देश्य से गढ़ी गई है। पूर्व विधायक श्री दूबे के द्वारा इस कृत्य को लेकर भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के अंतर्गत एक गंभीर व दंडनीय साइबर अपराध है जिसमें मुख्य रूप से धारा 356 बीएनएस के तहत मानहानि धारा 196 बीएनएस के तहत समाज में गाना व सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना धारा 351 बीएनएस के तहत महिला की गरिमा को थे पहचाने और डिजिटल साथियों की जालसाजी के लिए धारा 336 व 340 बीएनएस का प्रावधान लागू होता है।पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे के द्वारा सभी चिन्हित सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालक को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं और आईटी एक्ट के तहत तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी अजीत कुमार रजक को प्रार्थना पत्र सोपा है और कार्यवाही की मांग की गई है।
फोन से बात न करने पर युवक ने युवती के घर घुसकर गोली मारी, युवती गंभीर रूप से घायल, भर्ती
फर्रुखाबाद l प्रेम दीवाने युवक ने फोन पर युवती के बात ना करने पर युवक ने घर जाकर युवती को गोली मार दी, गोली लगने से घायल हो गई , परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर हमला करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है l पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है। बीती रात  थाना मऊदरवाजा के निकट मोहल्ला अस्तबल तराई में रहने वाले विशंभर कश्यप के बेटे का विशाल का काफ़ी समय से विवेक मौर्य के घर आना-जाना था। इस बीच विशाल से विवेक की पुत्री से फोन पर बातचीत होने लगी। इस दौरान किसी बात को लेकर युवती ने विशाल से बात करना बंद कर दिया। इस बात से नाराज होकर विशाल ने रात में युवती के घर जाकर जान से मारने के लिए तमंचे से फायरिंग की, गोली पैर में लगने से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई ।

गंभीर रूप से घायल युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को लेकर विवेक मौर्या के पुत्र अरुण ने विशाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसमें कहा है कि 18 वर्षीय बहन से विशाल कश्यप करीब पिछले एक वर्ष से बातचीत कर रही थी।  कुछ समय से बहन ने विशाल से
बात करना बन्द कर दिया था। विशाल बहन को बात करने का बराबर दबाव बना रहा था, और वह बात नही कर रही थी। इस बात को लेकर विशाल कश्यप गुरुवार की रात 9.45 बजे घर में तमंचा लेकर आया। उस समय मां प्रीति व बहन घर की छत पर बैठी थी। विशाल बहन को गाली देते हुए कहा तू अगर बात नही करेगी तो तुझे जिन्दा नही छोडूंगा।

विशाल ने जान से मारने की नियत से बहन के तमंचे से गोली मार दी। गोली युवती के दाहिने पैर में लगत ही विशाल तमंचा सहित मौके से फरार हो गया।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश चंद्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि बजरिया चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह को जांच सौंप गई है।
पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर। जनपद के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम गांदला में विकास के नाम पर विनाश का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वर्तमान ग्राम प्रधान की मनमानी के कारण पूरा गांव नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर है। गांव के मुख्य रास्ते पर पिछले छह महीनों से घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र और शिव मंदिर का रास्ता पूरी तरह ठप हो गया है। ग्राम प्रधान की दबंगई से त्रस्त ग्रामीणों ने अब एकजुट होकर जिलाधिकारी  मुजफ्फरनगर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या लगभग 7 वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब तत्कालीन प्रधान ने पानी की निकासी वाली मुख्य नाली पर इंटरलॉकिंग करा दी थी, जिससे पानी का बहाव कम हो गया था। लेकिन हद तो तब हो गई जब करीब 6 महीने पहले वर्तमान ग्राम प्रधान ने उस पुरानी इंटरलॉकिंग को उखाड़कर, सड़क पर मिट्टी का भराव किया और रास्ते को और ऊंचा उठाकर दोबारा इंटरलॉकिंग करा दी। इस लापरवाही के कारण घनी आबादी के घरों से निकलने वाले रोजमर्रा के पानी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और सारा गंदा पानी मुख्य सड़क पर जमा होने लगा।
इस जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, अस्पताल आने वाले मरीज और गर्भवती महिलाएं आए दिन इस गंदे पानी में फिसलकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। गांव में संक्रामक और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा चरम पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब सड़क निर्माण के समय उन्होंने इसका विरोध किया था, तो प्रधान ने जल निकासी का झूठा आश्वासन दिया था। लेकिन अब समस्या बढ़ने पर जब ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे, तो दबंग प्रधान ने साफ कह दिया— "पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं होगा, तुम्हें जहाँ शिकायत करनी है, कर दो।"
प्रधान की इसी दबंगई और खौफ के कारण ग्रामीण अब तक अधिकारियों से सिर्फ मौखिक शिकायत कर रहे थे, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार परेशान होकर मौसज्जाद, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, जोगिन्द्र, सुखराम नायक, राजकुमार, अंकित कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच कराने, दोषी प्रधान पर कार्रवाई करने और जल्द से जल्द जल निकासी का निस्तारण कराने की मांग की है।
सोनभद्र में सनसनी: दो दिन से लापता युवक का पुलिया के नीचे मिला शव, हत्या की आशंका,छानबीन में जुटी पुलिस

विकास कुमार सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के डाला बारी-कजरहट संपर्क मार्ग पर स्थित गोरादह में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पुलिया के नीचे करीब दो दिन पुराना युवक का शव बरामद हुआ। युवक बीते दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या की आशंका जताते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक चरवाहा गोरादह स्थित पुलिया के पास मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान उसे तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उसने पुलिया के नीचे जाकर देखा, तो वहां एक युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ था। चरवाहे के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

शव की शिनाख्त डाला बारी स्थित वैष्णो मंदिर के पीछे रहने वाले रवि धयिकार (30 वर्ष) पुत्र राम गरीब के रूप में हुई है। शिनाख्त होते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन भी तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि रवि पिछले दो दिनों से घर नहीं लौटा था और वे लोग लगातार अपने स्तर से उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका था।

घटना की सूचना मिलते ही पीआरवी (डायल-112) और डाला चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका के तहत भी सुराग जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
सोनभद्र में महुआ के पेड़ से लटका मिला युवती का शव, सुसाइड नोट और प्रेमी की तस्वीर बरामद
विकास कुमार सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बभनी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के बरवाटोला गांव स्थित सेवड़ी टोला में एक 19 वर्षीय युवती ने महुआ के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान सोनशाय की बेटी फूलमती के रूप में हुई है। शुक्रवार की सुबह जब कुछ बच्चे बागीचे में महुआ बीनने पहुंचे, तो उन्होंने युवती का शव पेड़ से लटका देखा। बच्चों के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए, जिसके बाद ग्राम प्रधान ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।

घटनास्थल से मिले चौंकाने वाले साक्ष्य
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण और रहस्यमयी चीजें बरामद हुई हैं। पेड़ के नीचे मृतका की चप्पलें, गुल की डिब्बी और एक मोबाइल फोन पड़ा मिला, जिसकी बैटरी निकली हुई थी और पास ही एक टूटा हुआ सिम कार्ड भी बरामद हुआ। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस दुपट्टे से फंदा बनाया गया था, उसी में एक सुसाइड नोट और एक युवक की तस्वीर भी फंसी हुई मिली। पुलिस ने इन सभी साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है।

प्रेम प्रसंग की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक मक्खन लाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी भेज दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक दीन्नू प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। मोबाइल से सिम और बैटरी का निकाला जाना और फंदे से सुसाइड नोट व तस्वीर का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ओमवीर हत्याकांड में फरार आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पर हुई कार्यवाही


अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 जून। थाना अमृतपुर क्षेत्र के चर्चित ओमवीर हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में वांछित चल रहे आरोपी श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल ने फतेहगढ़ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी अमृतपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओमवीर हत्याकांड में वांछित आरोपी श्यामवीर ने न्यायालय में हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, ग्राम गुजरपुर पमारान निवासी मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।धर्मशीला के अनुसार उनके पति ओमवीर 20 जुलाई 2025 को लापता हो गए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के दौरान ओमवीर का कंकाल कई महीनों बाद खेत में दबा बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में रामू यादव, सुरजीत यादव और देवेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब श्यामवीर के आत्मसमर्पण के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओमवीर हत्याकांड क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार अब भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

#formerindianshooterjaspalranadiedduetoheart_attack

मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।

मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
देवघर-विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित होने वाले प्रथम रक्तदान शिविर के पोस्टर का लोकार्पण।
देवघर: 11 जून 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविरके पोस्टर का आज एम्स देवघर में विधिवत लोकार्पण किया गया। यह रक्तदान शिविर विशेष महत्व रखता है क्योंकि एम्स देवघर के रक्त केंद्र (ब्लड सेंटर) के संचालन प्रारंभ होने के पश्चात यह पहला स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पोस्टर का लोकार्पण एम्स देवघर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने द्वारा किया गया। इस अवसर पर एम्स देवघर के अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह , रक्त केंद्र के डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय, एमएस कार्यालय के प्रमुख नितीश कुमार पाण्डेय , एम्स कर्मचारी विवेक कुमार ओझा तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल , वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल,कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुधांशु शेखर बर्नवाल एवं अर्चना भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनके सहयोग से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आग्रह किया। रक्त केंद्र के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एम्स देवघर का रक्त केंद्र क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है तथा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इस प्रथम रक्तदान शिविर में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता की अपील की। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य मानव सेवा है और रक्तदान इसका सबसे उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को वर्ष में कम-से-कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए ताकि रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज का उपचार प्रभावित न हो। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि रेड क्रॉस पिछले कई वर्षों से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। "ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स" जैसी अभिनव पहल का उद्देश्य रक्तदान को जन-जन तक पहुँचाना तथा अधिकाधिक युवाओं को इस जीवनदायी अभियान से जोड़ना है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से 14 जून को रक्तदान कर मानवता की सेवा में सहभागी बनने की अपील की। 14 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक एम्स देवघर के रक्त केंद्र परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा अधिकाधिक लोगों को रक्तदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने सभी स्वस्थ नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं संस्थानों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में योगदान देने की अपील की है। *एक बूंद मानवता की — रक्तदान, जीवनदान।* *आपका रक्तदान बचाएगा किसी की जान।*