आजमगढ़: राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत , चेहरे खिले
आजमगढ़। शिक्षा क्षेत्र तहबरपुर के करियाबर गांव में राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। गुरुजनों से आशीर्वाद स्वरूप पुरस्कार पाकर छात्र छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा वर्ष 2025 - 2026 का परिणाम घोषित हुआ । जिसमे कंपोजिट विद्यालय गोविन्दपुर में पढ़ने वाले टिया ,अन्नू ,शिवम ,रिया ,सक्षम सिंघानिया , आदित्य , दिशा पाल ,अकांक्षा सहित नौ व उ.प्रा.वि. शिवराजपुर का आदेश , जनता इंटर कॉलेज आतापुर ओहनी से आकाश , आदित्य सहित एक दर्जन छात्र छात्राएं उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण सभी छात्र - छात्राओ को जुलाई 2025 से माह नवम्बर परीक्षा की समाप्ति तक शिक्षक राज भवन राम ने अपने करियावर गांव स्थित आवास पर प्रत्येक अवकाश व रविवार के दिन तीन से चार घंटे प्रति दिन परीक्षा की निःशुल्क तैयारी करवायें थे। राज भवन कंपोजिट विद्यालय गोविन्दपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इन उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को कक्षा 9 से 12 तक एक हजार रुपए छात्र वृत्ति मिलेगी। रविवार को उनके करियाबर स्थित आवास पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का मुंह मीठा कराने के साथ कापी कलम व प्रतियोगी पुस्तक देकर पुरस्कृत किया गया। राज भवन ने कहा कि कुछ गरीब परिवार के बच्चे धनाभाव के चलते उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते हैं। सरकार द्वारा दी गई छात्र वृत्ति से वे उच्च परीक्षा की पढ़ाई पूरा कर लेंगे। उन्होंने ने कहा कि इस कार्य के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी व्यास देव का भरपूर सहयोग व मार्गदर्शन मिलता रहता है। वक्ताओं ने  राज भवन के निशुल्क कोचिंग की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज प्रेरणा लेकर छात्र छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायें ताकी गरीब कमजोर वर्ग के बच्चे विकास की मुख्य धारा में जुड़ सके।
इस दौरान राजभवन राम, ए आर पी उदय प्रताप राय,निरंजन प्रजापति,श्याम अवध, सुरेश राम, राहुल , उमेश यादव सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे ।
यूपीएससी में सफलता पाने वाली वैष्णवी को रॉकी यादव ने किया सम्मानित: सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय

गयाजी: बेलागंज प्रखंड के दादपुर गांव की होनहार बेटी सुश्री वैष्णवी द्वारा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर उनके सम्मान में एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मगध क्षेत्र के युवा नेता एवं समाजसेवी राकेश रंजन उर्फ़ रॉकी यादव ने उन्हें गुलदस्ता और शॉल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

समारोह के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रॉकी यादव ने कहा कि वैष्णवी की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर इतनी बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन वैष्णवी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विशेष रूप से बेटियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

उन्होंने आगे कहा कि वैष्णवी की सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करेंगे। रॉकी यादव ने वैष्णवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और देश की सेवा करेंगी।

इस अवसर पर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने भी वैष्णवी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि वैष्णवी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में कई स्थानीय गणमान्य लोग और ग्रामीण भी मौजूद रहे। सभी ने वैष्णवी की सफलता को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बजरी भरे डंपर ने बाइक सवार को टक्कर मार कर कुचल दिया जिससे तीनों की घटना स्थल पर मौत हो गई
फर्रुखाबाद l कस्बा नवाबगंज के मुख्य चौराहे पर एक अनियंत्रित डंपर ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। हादसा इतना भयावह था कि डंपर बाइक को घसीटते हुए एक पुराने पाकड़ के पेड़ को उखाड़ कर दुकान के टीन शेड में खड़ी कार से जा टकराया। हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों के शरीर के चीथड़े उड़ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जनपद एटा के थाना नया गांव के ग्राम कूड़ा नावर निवासी पुष्पेंद्र (20) पुत्र स्व. कमलेश सिंह, अर्पित यादव (18) पुत्र मान सिंह और निशु (15) पुत्र कैलाश एक ही बाइक पर सवार होकर फर्रुखाबाद की ओर से आ रहे थे। जैसे ही वह नवाबगंज चौराहे पर पहुंचे थे तभी मोहम्मदाबाद मार्ग की ओर से आ रहे तेज रफ्तार राजस्थान नंबर के बजरी लदे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक और बाइक करीब 100 मीटर दूर जाकर गिरे, जबकि दो युवकों को डंपर रौंदता हुआ 'मिश्रा बीज भंडार' के पास लगे पाकड़ के पेड़ को उखाड़कर दुकान में जा घुसा। दुकान के बाहर टीन शेड में खड़ी कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई l
सूचना मिलते पर थाना प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि पुलिस को अवशेषों को इकट्ठा करना पड़ा। शुरुआत में पहचान मुश्किल थी, लेकिन बाइक नंबर के आधार पर पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। रविवार सुबह परिजन थाने पहुंचे, तब जाकर शिनाख्त हो सकी। मृतक आपस में चचेरे भाई थे।
स्थानीय नागरिकों ने इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि चौराहे पर ब्रेकर न होने और पूर्व की तरह हाई मास्क लाइट न होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। लोगों ने मांग की है कि मुख्य चौराहे पर दोबारा हाई मास्क लाइट लगाई जाए। चौराहे से 100 मीटर की दूरी पर बड़े ब्रेकर बनाए जाएं।
पुलिस उपनिरीक्षक जगराम ने
चाचा सुनील की तहरीर पर शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और डंपर को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी: चंद्रपाल सिंह यादव

फर्रुखाबाद l समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर आज ठंडी सड़क स्थित नव भारत सभा भवन परिसर में समाजवादी पार्टी फर्रुखाबाद द्वारा बहुजन आंदोलन के महानायक मान्यवर कांशीराम जी 92वीं जयंती को *पीडीए दिवस* के रूप में जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में मनाया गया।
    कार्यक्रम की शुरुआत भंते अनुरुद्ध एवं सपा नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर एवं मान्यवर कांशीराम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। संचालन प्रदेश सचिव सर्वेश अम्बेडकर ने किया किया तथा कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने संपन्न कराया।
     जिले भर से आए हुए समाजवादी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी के मन में एक पीढ़ा थी कि शोषित वंचित समाज अपने हक और हुकूक की लड़ाई को लड़े और उसे प्राप्त करे, अगर वो समाज की चिंता न करते तो उनकी एक अच्छी-खासी जिंदगी थी, क्लास वन अफसर थे, अच्छी तरह जीवन जी सकते थे, लेकिन पूरे वंचित समाज का जीवन कैसे अच्छा हो इस काम के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन कुर्बान कर दिया, अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनके बलिदान को पहचाने और उनके मिशन *जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी* को सफल बनाएं यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    पार्टी के संस्थापक सदस्य पूर्व राज्यमंत्री/जिलाध्यक्ष रामसेवक सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब के अधूरे मिशन को आज माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी पूरा करने का काम कर रहे हैं, हमें गर्व है माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने पीडीए फार्मूला के तहत सभी जातियों को टिकट से लेकर पार्टी संगठन तक में हिस्सेदारी देने का काम किया है
   लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी/प्रदेश सचिव डॉ0 नवल किशोर शाक्य ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी कैडर की राजनीति के जनक थे, उन्होंने अपने संघर्ष के रास्ते समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े समाज को सत्ता में पहुंचाकर ये सिद्ध कर दिया कि जो समाज जागरूक होकर हिस्सेदारी लेने की लड़ाई लड़ेगा वही शोषित से शासक तक की यात्रा तय करेगा।
    पूर्व विधायक श्रीमती उर्मिला राजपूत ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना था महिला घूंघट मुक्त हो, राजनैतिक हिस्सेदारी को समझे और अपनी आवाज को देश के सामने रखे।
     इस दौरान डॉ0 जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि साहब का बताया रास्ता ही हमें जनसंख्या अनुपात में हिस्सेदारी दिला सकता है। और उसी रास्ते पर आज समाजवादी पार्टी और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी चल रहे हैं।
     इस दौरान पूर्व विधायक अजीत कठेरिया ने कहा कि आज भी पीडीए समाज अगर नहीं जागा तो वो दिन दूर नहीं जब पुनः गुलामी की जंजीरों में जकड़े जाओगे।
     इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्रा, पूर्व चेयरमैन हरीश यादव, जिला प्रवक्ता/सचिव राधेश्याम सविता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामविलास माथुर, मुन्ना यादव एड0, पूर्व जिला महासचिव मंदीप यादव, रामशरण कठेरिया, डॉ0 रामकृष्ण राजपूत, भोजपुर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष युवजन सभा शिवम यादव, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा साजिद अली, जिला उपाध्यक्ष डॉ0 नवरंग सिंह यादव, अमन सूर्यवंशी, अनुराग यादव, इजहार खान, राजेंद्र सिंह पाल आदि वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
    इस दौरान अविनाश सिंह (विक्की), जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, जिला सचिव विजेंद्र सिंह यादव प्रधान, अशोक अम्बेडकर, जितेंद्र यादव सिरौली, शीटू यादव, अरविंद कश्यप, जुल्फिकार अब्बास जैदी, मुख्तार आलम, आदि पदाधिकारी साथी मौजूद रहे।
हर्ष और उमंग के साथ क्षत्रिय मेर समाज ने मनाया होली मिलन समारोह

भोपाल। राजधानी में श्री शिव हनुमान मंदिर मेर समाज नारियल खेड़ा में मेर समाज सामाजिक उत्थान समिति द्वारा क्षत्रिय मेर समाज का होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें अनेक समाज बंधुओं ने भाग लिए, मिलन समारोह में फूलों एवं गुलाल से होली फ़ाग गीतों से संग खेली गई। सभी समाज बंधुओं ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी एवं मेर समाज की एकता को मजबूत करने हेतु सभी ने संकल्प लिया। इस अवसर पर मेर समाज प्रदेश अध्यक्ष हेमराज मेर, प्रदेश सचिव मुकेश मेर, वरिष्ठ समाज सेवी वी पी मेर, फ़िल्म कलाकार दयाराम मेर, तुलाराम मेर, मनीष मेर, मोहर सिंह मेर, योगेंद्र भदौरिया जी, राकेश मेर जी, खेमचंद पटेल, सतेंद्र सिंह, मुकेश भदौरिया, धनसिंह मेर एवं अन्य समाज बंधु उपस्थित रहे।

इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बनेंगे “गीता भवन” : सीएम मोहन यादव

  • 5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान
  • 100 निकायों में भूमि उपलब्ध, 4 शहरों में ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। गीता भवन के माध्यम से दार्शनिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास है। इन केन्द्रों में युवा वर्ग को गीता के निष्काम कर्म और भारतीय मूल्यों से जोड़ने और शोधार्थियों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराना गीता भवन का मुख्य उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को विस्तार देने के लिए 'गीता भवन' परियोजना को अब वृहद स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 413 शहरों में गीता भवन निर्माण की योजना के लिए 5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श के लिए एक आधुनिक अवसंरचना तैयार करना है। इंदौर और जबलपुर में निर्मित गीता भवन की सफलता को आधार मानते हुए अब इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

  • 4 शहरों में प्रोजेक्ट्स स्वीकृत, 100 निकायों में भूमि चिन्हांकित

 योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए विभाग ने चार प्रमुख शहरों में ब्राउनफील्ड (Brownfield) प्रोजेक्ट्स को तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें रीवा (5 करोड़ रुपये), छिंदवाड़ा (2.5 करोड़ रुपये), कटनी (2.4 करोड़ रुपये) तथा खंडवा (2 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 नगर निगमों सहित 100 नगर पालिकाओं में 'ग्रीनफील्ड' प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है, जिनकी डीपीआर (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शेष 313 नगरीय निकायों में भी भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और जिला कलेक्टरों के माध्यम से आवंटन की प्रक्रिया प्रचलन में है।

  • आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे सांस्कृतिक केंद्र

प्रत्येक 'गीता भवन' को एक बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके प्रमुख घटकों में अत्याधुनिक ऑडिटोरियम: वृहद स्तर पर सांस्कृतिक एवं वैचारिक आयोजनों के लिये ज्ञान का केंद्र: ज्ञानार्जन के लिए समृद्ध लाइब्रेरी एवं हाई-टेक ई-लाइब्रेरी। व्यावसायिक एवं जन-सुविधाएं: कैफेटेरिया और विशेष रूप से पुस्तकों एवं आध्यात्मिक सामग्री के लिए समर्पित विक्रय केंद्र शामिल हैं।

फितरा किसे नहीं दिया जा सकता : मौलाना फैज़ान अशरफ


सम्भल , सदक़ा फ़ितर हर उस आज़ाद मुसलमान पर ज़रूरी है जो साहिहे निसाब  हो,मतलब उसके पास अपने कर्ज़ और बुनियादी ज़रूरतों (घर, कपड़े, रोज़मर्रा की ज़रूरतें, गाड़ियाँ, वगैरह) के अलावा इतना पैसा या सामान हो कि उसकी कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी (लगभग ज़कात का निसाब) या उससे ज़्यादा हो। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह पैसा कमर्शियल है या नॉन-कमर्शियल, और इस पर एक साल बीत चुका है या नहीं।

यह समझदार बालिग होने की शर्त नहीं है - यहाँ तक कि नाबालिग, पागल लोग, या बच्चे जो साहिबे निसाब हैं, उन पर भी यह ज़रूरी है (उनके वालिदैन को उनके पैसे से पेमेंट करना चाहिए)।

मर्द, औरत, जवान, बूढ़े, आज़ाद, और गुलाम (इब्न उमर की हदीस में साफ़-साफ़ कहा गया है)।

घर का मुखिया (मर्द) आम तौर पर अपनी तरफ़ से, अपनी बीवी की तरफ़ से, और नाबालिग बच्चों की तरफ़ से अदा करता है। अगर बड़े बच्चे अमीर हैं, तो उनका फितरा उन पर या उनकी इजाज़त से दिया जा सकता है।
एक अमीर औरत के लिए अपनी ज़कात अल-फितर देना ज़रूरी है। यह उसके शोहर या वालिद के लिए ज़रूरी नहीं है, लेकिन अगर वह इसे दे तो यह जायज़ है।
अगर किसी के पास निसाब नहीं है, तो उस पर फितरा ज़रूरी नहीं है।
फितरा कब देना चाहिए?
फितरा का समय: ईद-उल-फितर के दिन सुबह होते ही (सुबह होने का समय) यह ज़रूरी हो जाता है।
ईद की नमाज़ से पहले इसे देना सुन्नत और मुस्तहब है। अगर इसे ईद की नमाज़ से पहले अदा किया जाए तो यह कुबूल ज़कात है और अगर इसे बाद में अदा किया जाए तो इसे आम ज़कात माना जाता है ( हज़रत इब्न अब्बास  की हदीस)।
अगर इसे रमज़ान में ईद से पहले अदा किया जाए तो यह जाइज़ और बेहतर है (गरीबों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए)। कुछ उलामा के मुताबिक यह रमज़ान से पहले भी जाइज़ है, लेकिन इसे रमज़ान के दौरान अदा करना बेहतर है।
अगर इसे अदा नहीं किया जाता है, तो यह जिन्दगी भर अनिवार्य रहेगा, इसे माफ़ नहीं किया जाएगा (यह कज़ा नहीं, बल्कि अदा है)।
फ़ित्रा किसे देना चाहिए?
सदक़ा-फ़ित्र का मकसद ज़कात जैसा ही है, यानी कुरान पाक की आयत का मकसद (सूरह अत-तौबा: 60):
इसे गरीब और ज़रूरतमंद मुसलमानों को देना बेहतर और सही है।

जिनके पास ज़कात की रकम (ज़रूरत से ज़्यादा) नहीं है ज़िंदगी की ज़रूरतों के लिए) और बनू हाशिम (सैय्यद, अब्बासिद, वगैरह) से नहीं हैं।

कुछ जानकारों के मुताबिक यह गरीब गैर-मुस्लिमों के लिए भी जायज़ है (क्योंकि यह खाने के रूप में होता है)।

इसे नहीं दिया जा सकता:
मस्जिदों, मदरसों, अस्पतालों, सड़कों, या दूसरे कंस्ट्रक्शन के कामों में।

अपने वालिदैन, बच्चों, या उन लोगों को जिनका गुज़ारा करना आप पर ज़रूरी है (जैसे आपकी बीवी, नाबालिग बच्चे)।

इसका मकसद रोज़ा रखने वाले को बेकार और गंदी बातों से दूर करना और गरीबों के साथ ईद की खुशी बांटना है।
आज की कीमत के हिसाब से सदका फित्र 65/₹ फी आदमी है
मात्रा: यह चार चीज़ों से तय होती है — गेहूं/आटा: आधा सा’ (लगभग 1.9 से 2 किलोग्राम), जौ/खजूर/किशमिश: एक सा’ (लगभग 3.8 किलोग्राम)। आजकल, ज़्यादातर लोग इन चीज़ों की कीमत (लोकल मार्केट प्राइस के हिसाब से) के बराबर कैश देते हैं।
कि कीमत को दूसरी चीज़ों (जैसे चावल) में भी देखा जाना चाहिए।
ये कानून हैं हनफ़ी फ़तवों के आधार पर। क्योंकि निसाब की कीमत अलग-अलग होती है।
अल्लाह हम सबको ज़कात व सदका फ़ित्र सही तरीके से देने और उसे कबूल करने की ताकत दे। आमीन।
बंडा पहाड़ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब: 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई परिक्रमा, गूंजा 'हर-हर महादेव'।

गढ़वा: जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में चल रहा विराट श्री रुद्र महायज्ञ अब अपने चरम पर है। महायज्ञ के आठवें दिन भक्ति और श्रद्धा का ऐसा अद्भुत संगम दिखा कि 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की।

श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन:

संध्याकालीन कथा अमृतवर्षा कार्यक्रम में अयोध्या से पधारे आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने योगीराज श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और 'माखनचोर' रूप का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने विश्व कल्याण हेतु ही शेषनाग का मान मर्दन किया और गिरधर रूप धारण कर गोवर्धन पर्वत उठाया। कथा के समापन पर वृंदावन से आए कलाकारों ने दही-हांडी और कृष्ण-राधिका की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे।

किसानों का सम्मान और अतिथियों का आगमन:

महायज्ञ के आठवें दिन मुख्य अतिथि के रूप में गढ़वा नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री आशीष सोनी और आजसू जिलाध्यक्ष श्री दीपक शर्मा उपस्थित रहे। इस दौरान एक सराहनीय पहल करते हुए उन किसानों (करमूं पाल, अजय पाल और वीरेंद्र पाल) को सम्मानित किया गया, जिन्होंने महायज्ञ के आयोजन के लिए अपना खेत स्वेच्छा से उपलब्ध कराया है।

व्यवस्था और सेवा:

प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल ने स्वच्छता अभियान को जारी रखते हुए भंडारे के कचरे के सही निपटान के निर्देश दिए। विशेष बात यह रही कि ऊंचरी निवासी लोकनाथ मेहता और सुनील मेहता द्वारा मेले में टैंकरों के माध्यम से निशुल्क जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता भी मुस्तैद दिखे।

मेला क्षेत्र में लगे झूले, मिठाई की दुकानें और श्रृंगार स्टोर बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कार्यक्रम में अनिल सोनी, संजय सोनी सहित हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

रामनवमी पर हजारीबाग यूथ विंग करेगा 151 किलो लड्डू महाभोग वितरण, 13 अप्रैल को विशाल रक्तदान शिविर भी

हजारीबाग - रामनवमी के पावन अवसर पर सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय संस्था हजारीबाग यूथ विंग द्वारा इस वर्ष भी भव्य लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संस्था द्वारा यह कार्यक्रम लगातार पांचवीं वर्ष आयोजित किया जा रहा है, जो अब शहर की एक विशेष कार्यक्रम का रूप ले चुका है। जानकारी के अनुसार 27 मार्च को महावीर स्थान मंदिर के समीप इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:00 बजे से होगी,जहां बड़ी संख्या में राम भक्तों,श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के बीच 151 किलो लड्डू महाभोग प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। हजारीबाग यूथ विंग केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि वर्ष भर विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। संस्था ने पूरे वर्ष के लिए अलग-अलग महीनों में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रखी है। रामनवमी के अवसर पर जहां श्रद्धालुओं के बीच लड्डू महाभोग का वितरण किया जाता है, वहीं छठ महापर्व के दौरान छठव्रतियों के बीच सूप एवं पूजन सामग्री का वितरण किया जाता है। इसके अलावा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें निःशुल्क टुकटुक सेवा उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए संस्था इस वर्ष तीसरी बार विशाल रक्तदान शिविर का भी आयोजन करने जा रही है। यह शिविर 13 अप्रैल को शहर के लक्ष्मी सिनेमा हॉल सभागार में आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर रक्तदान करने की अपील की गई है। इस शिविर में सभी रक्तदाताओं को संस्था द्वारा हेलमेट भेंट किया जाएगा। इस शिविर में विशेष सहयोग हजारीबाग पुलिस का मिल रहा है। लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम को लेकर संस्था द्वारा संयोजक जयप्रकाश खंडेलवाल एवं प्रणीत जैन को बनाया गया है।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रामनवमी आस्था, उत्साह और सेवा का पर्व है। संस्था द्वारा पिछले पांच वर्षों से श्रद्धालुओं के बीच लड्डू महाभोग का वितरण किया जा रहा है और हर वर्ष लोगों का भरपूर सहयोग और स्नेह मिलता रहा है। इस बार भी 151 किलो लड्डू तैयार कर राम भक्तों के बीच प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। इसी भावना के तहत वर्ष भर विभिन्न सेवा कार्य किए जाते हैं। रामनवमी के इस पावन अवसर पर सभी राम भक्तों, श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से कार्यक्रम में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई है।

विकसित भारत : दो दिवसीय संगोष्ठी, समेटे गए कई विषय

भोपाल। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में विकसित भारत 2047 ज्ञान संस्कृति और सततता पर अन्तर्विषयी दृष्टिकोण विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर अनुपम राजन ने संतुलित आर्थिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि प्रगति ऐसी हो जिसमें पर्यावरण, विरासत और संस्कृति का समन्वय बना रहे। विशिष्ट वक्ता मनोज श्रीवास्तव ने धर्म और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति हमेशा से वन हेल्थ "मानव और प्रकृति का सह अस्तित्व" की पक्षधर रही है। डॉ. आरआर रश्मि ने ग्लोबल वार्मिंग नेट जीरो उत्सर्जन की चुनौतियों पर बात की।

दूसरे सत्र के वक्ता डॉ. उदयन बाजपेयी ने राष्ट्र और साहित्य के अन्तर संबंधों को स्पष्ट किया तथा मानवेतर जगत के अस्तित्व की अनिवार्यता पर बल दिया। राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस में प्रातः काल सर्वप्रथम 14 किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा करने वाली क्वींस ऑन व्हील्स का महाविद्यालय के प्राचार्य तथा अन्य प्राध्यापकों व छात्रों के द्वारा स्वागत किया गया यात्रा पर आधारित एक वीडियो भी दिखाया गया। इसके संयोजक अमोल थाटे ने इस यात्रा का पूरा विवरण बताया। विकसित भारत 2047 विषय पर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों शिक्षकों तथा आगंतुकों को भारत के समृद्ध ऐतिहासिक सांस्कृतिक तथा पुरातात्विक विरासत से परिचय करना था। यह कार्यक्रम भारतीय इतिहास के गौरवशाली स्वरूप को उजागर करने वाला रहा।

आयोजन के दूसरे दिन अनुराग श्रीवास्तव, लोकेंद्र ठक्कर, डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी आदि आमंत्रित वक्ता थे। जिन्होंने चर्चा में भाग लिया। इस दौरान डॉ. अदिति चतुर्वेदी ने शिक्षा के क्षेत्र में आगामी परिदृश्य पर बात की। इसके पश्चात् चेंज मेकर कार्यक्रम में समीर सागर तथा डॉ. अलका शर्मा से उनके व्यवसाय तथा उसकी सफलता के बारे में बातचीत की गई।  राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 285 रजिस्ट्रेशन हुए 181 शोधपत्र प्राप्त हुए एवं 102 शोध पत्र प्राप्त हुए। कुल 73 शोध पत्रों का वाचन किया गया। इसमें संस्कृति, इतिहास, विज्ञान, जैव विविधता इत्यादि विषयों पर शोधार्थियों ने अपने पत्र प्रस्तुत किया।

आजमगढ़: राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत , चेहरे खिले
आजमगढ़। शिक्षा क्षेत्र तहबरपुर के करियाबर गांव में राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। गुरुजनों से आशीर्वाद स्वरूप पुरस्कार पाकर छात्र छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा वर्ष 2025 - 2026 का परिणाम घोषित हुआ । जिसमे कंपोजिट विद्यालय गोविन्दपुर में पढ़ने वाले टिया ,अन्नू ,शिवम ,रिया ,सक्षम सिंघानिया , आदित्य , दिशा पाल ,अकांक्षा सहित नौ व उ.प्रा.वि. शिवराजपुर का आदेश , जनता इंटर कॉलेज आतापुर ओहनी से आकाश , आदित्य सहित एक दर्जन छात्र छात्राएं उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण सभी छात्र - छात्राओ को जुलाई 2025 से माह नवम्बर परीक्षा की समाप्ति तक शिक्षक राज भवन राम ने अपने करियावर गांव स्थित आवास पर प्रत्येक अवकाश व रविवार के दिन तीन से चार घंटे प्रति दिन परीक्षा की निःशुल्क तैयारी करवायें थे। राज भवन कंपोजिट विद्यालय गोविन्दपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इन उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को कक्षा 9 से 12 तक एक हजार रुपए छात्र वृत्ति मिलेगी। रविवार को उनके करियाबर स्थित आवास पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का मुंह मीठा कराने के साथ कापी कलम व प्रतियोगी पुस्तक देकर पुरस्कृत किया गया। राज भवन ने कहा कि कुछ गरीब परिवार के बच्चे धनाभाव के चलते उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते हैं। सरकार द्वारा दी गई छात्र वृत्ति से वे उच्च परीक्षा की पढ़ाई पूरा कर लेंगे। उन्होंने ने कहा कि इस कार्य के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी व्यास देव का भरपूर सहयोग व मार्गदर्शन मिलता रहता है। वक्ताओं ने  राज भवन के निशुल्क कोचिंग की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज प्रेरणा लेकर छात्र छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायें ताकी गरीब कमजोर वर्ग के बच्चे विकास की मुख्य धारा में जुड़ सके।
इस दौरान राजभवन राम, ए आर पी उदय प्रताप राय,निरंजन प्रजापति,श्याम अवध, सुरेश राम, राहुल , उमेश यादव सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे ।
यूपीएससी में सफलता पाने वाली वैष्णवी को रॉकी यादव ने किया सम्मानित: सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय

गयाजी: बेलागंज प्रखंड के दादपुर गांव की होनहार बेटी सुश्री वैष्णवी द्वारा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर उनके सम्मान में एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मगध क्षेत्र के युवा नेता एवं समाजसेवी राकेश रंजन उर्फ़ रॉकी यादव ने उन्हें गुलदस्ता और शॉल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

समारोह के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रॉकी यादव ने कहा कि वैष्णवी की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर इतनी बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन वैष्णवी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विशेष रूप से बेटियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

उन्होंने आगे कहा कि वैष्णवी की सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करेंगे। रॉकी यादव ने वैष्णवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और देश की सेवा करेंगी।

इस अवसर पर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने भी वैष्णवी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि वैष्णवी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में कई स्थानीय गणमान्य लोग और ग्रामीण भी मौजूद रहे। सभी ने वैष्णवी की सफलता को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बजरी भरे डंपर ने बाइक सवार को टक्कर मार कर कुचल दिया जिससे तीनों की घटना स्थल पर मौत हो गई
फर्रुखाबाद l कस्बा नवाबगंज के मुख्य चौराहे पर एक अनियंत्रित डंपर ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। हादसा इतना भयावह था कि डंपर बाइक को घसीटते हुए एक पुराने पाकड़ के पेड़ को उखाड़ कर दुकान के टीन शेड में खड़ी कार से जा टकराया। हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों के शरीर के चीथड़े उड़ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जनपद एटा के थाना नया गांव के ग्राम कूड़ा नावर निवासी पुष्पेंद्र (20) पुत्र स्व. कमलेश सिंह, अर्पित यादव (18) पुत्र मान सिंह और निशु (15) पुत्र कैलाश एक ही बाइक पर सवार होकर फर्रुखाबाद की ओर से आ रहे थे। जैसे ही वह नवाबगंज चौराहे पर पहुंचे थे तभी मोहम्मदाबाद मार्ग की ओर से आ रहे तेज रफ्तार राजस्थान नंबर के बजरी लदे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक और बाइक करीब 100 मीटर दूर जाकर गिरे, जबकि दो युवकों को डंपर रौंदता हुआ 'मिश्रा बीज भंडार' के पास लगे पाकड़ के पेड़ को उखाड़कर दुकान में जा घुसा। दुकान के बाहर टीन शेड में खड़ी कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई l
सूचना मिलते पर थाना प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि पुलिस को अवशेषों को इकट्ठा करना पड़ा। शुरुआत में पहचान मुश्किल थी, लेकिन बाइक नंबर के आधार पर पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। रविवार सुबह परिजन थाने पहुंचे, तब जाकर शिनाख्त हो सकी। मृतक आपस में चचेरे भाई थे।
स्थानीय नागरिकों ने इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि चौराहे पर ब्रेकर न होने और पूर्व की तरह हाई मास्क लाइट न होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। लोगों ने मांग की है कि मुख्य चौराहे पर दोबारा हाई मास्क लाइट लगाई जाए। चौराहे से 100 मीटर की दूरी पर बड़े ब्रेकर बनाए जाएं।
पुलिस उपनिरीक्षक जगराम ने
चाचा सुनील की तहरीर पर शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और डंपर को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी: चंद्रपाल सिंह यादव

फर्रुखाबाद l समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर आज ठंडी सड़क स्थित नव भारत सभा भवन परिसर में समाजवादी पार्टी फर्रुखाबाद द्वारा बहुजन आंदोलन के महानायक मान्यवर कांशीराम जी 92वीं जयंती को *पीडीए दिवस* के रूप में जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में मनाया गया।
    कार्यक्रम की शुरुआत भंते अनुरुद्ध एवं सपा नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर एवं मान्यवर कांशीराम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। संचालन प्रदेश सचिव सर्वेश अम्बेडकर ने किया किया तथा कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने संपन्न कराया।
     जिले भर से आए हुए समाजवादी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी के मन में एक पीढ़ा थी कि शोषित वंचित समाज अपने हक और हुकूक की लड़ाई को लड़े और उसे प्राप्त करे, अगर वो समाज की चिंता न करते तो उनकी एक अच्छी-खासी जिंदगी थी, क्लास वन अफसर थे, अच्छी तरह जीवन जी सकते थे, लेकिन पूरे वंचित समाज का जीवन कैसे अच्छा हो इस काम के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन कुर्बान कर दिया, अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनके बलिदान को पहचाने और उनके मिशन *जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी* को सफल बनाएं यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    पार्टी के संस्थापक सदस्य पूर्व राज्यमंत्री/जिलाध्यक्ष रामसेवक सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब के अधूरे मिशन को आज माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी पूरा करने का काम कर रहे हैं, हमें गर्व है माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने पीडीए फार्मूला के तहत सभी जातियों को टिकट से लेकर पार्टी संगठन तक में हिस्सेदारी देने का काम किया है
   लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी/प्रदेश सचिव डॉ0 नवल किशोर शाक्य ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी कैडर की राजनीति के जनक थे, उन्होंने अपने संघर्ष के रास्ते समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े समाज को सत्ता में पहुंचाकर ये सिद्ध कर दिया कि जो समाज जागरूक होकर हिस्सेदारी लेने की लड़ाई लड़ेगा वही शोषित से शासक तक की यात्रा तय करेगा।
    पूर्व विधायक श्रीमती उर्मिला राजपूत ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना था महिला घूंघट मुक्त हो, राजनैतिक हिस्सेदारी को समझे और अपनी आवाज को देश के सामने रखे।
     इस दौरान डॉ0 जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि साहब का बताया रास्ता ही हमें जनसंख्या अनुपात में हिस्सेदारी दिला सकता है। और उसी रास्ते पर आज समाजवादी पार्टी और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी चल रहे हैं।
     इस दौरान पूर्व विधायक अजीत कठेरिया ने कहा कि आज भी पीडीए समाज अगर नहीं जागा तो वो दिन दूर नहीं जब पुनः गुलामी की जंजीरों में जकड़े जाओगे।
     इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्रा, पूर्व चेयरमैन हरीश यादव, जिला प्रवक्ता/सचिव राधेश्याम सविता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामविलास माथुर, मुन्ना यादव एड0, पूर्व जिला महासचिव मंदीप यादव, रामशरण कठेरिया, डॉ0 रामकृष्ण राजपूत, भोजपुर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष युवजन सभा शिवम यादव, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा साजिद अली, जिला उपाध्यक्ष डॉ0 नवरंग सिंह यादव, अमन सूर्यवंशी, अनुराग यादव, इजहार खान, राजेंद्र सिंह पाल आदि वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
    इस दौरान अविनाश सिंह (विक्की), जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, जिला सचिव विजेंद्र सिंह यादव प्रधान, अशोक अम्बेडकर, जितेंद्र यादव सिरौली, शीटू यादव, अरविंद कश्यप, जुल्फिकार अब्बास जैदी, मुख्तार आलम, आदि पदाधिकारी साथी मौजूद रहे।
हर्ष और उमंग के साथ क्षत्रिय मेर समाज ने मनाया होली मिलन समारोह

भोपाल। राजधानी में श्री शिव हनुमान मंदिर मेर समाज नारियल खेड़ा में मेर समाज सामाजिक उत्थान समिति द्वारा क्षत्रिय मेर समाज का होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें अनेक समाज बंधुओं ने भाग लिए, मिलन समारोह में फूलों एवं गुलाल से होली फ़ाग गीतों से संग खेली गई। सभी समाज बंधुओं ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी एवं मेर समाज की एकता को मजबूत करने हेतु सभी ने संकल्प लिया। इस अवसर पर मेर समाज प्रदेश अध्यक्ष हेमराज मेर, प्रदेश सचिव मुकेश मेर, वरिष्ठ समाज सेवी वी पी मेर, फ़िल्म कलाकार दयाराम मेर, तुलाराम मेर, मनीष मेर, मोहर सिंह मेर, योगेंद्र भदौरिया जी, राकेश मेर जी, खेमचंद पटेल, सतेंद्र सिंह, मुकेश भदौरिया, धनसिंह मेर एवं अन्य समाज बंधु उपस्थित रहे।

इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बनेंगे “गीता भवन” : सीएम मोहन यादव

  • 5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान
  • 100 निकायों में भूमि उपलब्ध, 4 शहरों में ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। गीता भवन के माध्यम से दार्शनिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास है। इन केन्द्रों में युवा वर्ग को गीता के निष्काम कर्म और भारतीय मूल्यों से जोड़ने और शोधार्थियों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराना गीता भवन का मुख्य उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को विस्तार देने के लिए 'गीता भवन' परियोजना को अब वृहद स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 413 शहरों में गीता भवन निर्माण की योजना के लिए 5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श के लिए एक आधुनिक अवसंरचना तैयार करना है। इंदौर और जबलपुर में निर्मित गीता भवन की सफलता को आधार मानते हुए अब इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

  • 4 शहरों में प्रोजेक्ट्स स्वीकृत, 100 निकायों में भूमि चिन्हांकित

 योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए विभाग ने चार प्रमुख शहरों में ब्राउनफील्ड (Brownfield) प्रोजेक्ट्स को तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें रीवा (5 करोड़ रुपये), छिंदवाड़ा (2.5 करोड़ रुपये), कटनी (2.4 करोड़ रुपये) तथा खंडवा (2 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 नगर निगमों सहित 100 नगर पालिकाओं में 'ग्रीनफील्ड' प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है, जिनकी डीपीआर (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शेष 313 नगरीय निकायों में भी भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और जिला कलेक्टरों के माध्यम से आवंटन की प्रक्रिया प्रचलन में है।

  • आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे सांस्कृतिक केंद्र

प्रत्येक 'गीता भवन' को एक बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके प्रमुख घटकों में अत्याधुनिक ऑडिटोरियम: वृहद स्तर पर सांस्कृतिक एवं वैचारिक आयोजनों के लिये ज्ञान का केंद्र: ज्ञानार्जन के लिए समृद्ध लाइब्रेरी एवं हाई-टेक ई-लाइब्रेरी। व्यावसायिक एवं जन-सुविधाएं: कैफेटेरिया और विशेष रूप से पुस्तकों एवं आध्यात्मिक सामग्री के लिए समर्पित विक्रय केंद्र शामिल हैं।

फितरा किसे नहीं दिया जा सकता : मौलाना फैज़ान अशरफ


सम्भल , सदक़ा फ़ितर हर उस आज़ाद मुसलमान पर ज़रूरी है जो साहिहे निसाब  हो,मतलब उसके पास अपने कर्ज़ और बुनियादी ज़रूरतों (घर, कपड़े, रोज़मर्रा की ज़रूरतें, गाड़ियाँ, वगैरह) के अलावा इतना पैसा या सामान हो कि उसकी कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी (लगभग ज़कात का निसाब) या उससे ज़्यादा हो। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह पैसा कमर्शियल है या नॉन-कमर्शियल, और इस पर एक साल बीत चुका है या नहीं।

यह समझदार बालिग होने की शर्त नहीं है - यहाँ तक कि नाबालिग, पागल लोग, या बच्चे जो साहिबे निसाब हैं, उन पर भी यह ज़रूरी है (उनके वालिदैन को उनके पैसे से पेमेंट करना चाहिए)।

मर्द, औरत, जवान, बूढ़े, आज़ाद, और गुलाम (इब्न उमर की हदीस में साफ़-साफ़ कहा गया है)।

घर का मुखिया (मर्द) आम तौर पर अपनी तरफ़ से, अपनी बीवी की तरफ़ से, और नाबालिग बच्चों की तरफ़ से अदा करता है। अगर बड़े बच्चे अमीर हैं, तो उनका फितरा उन पर या उनकी इजाज़त से दिया जा सकता है।
एक अमीर औरत के लिए अपनी ज़कात अल-फितर देना ज़रूरी है। यह उसके शोहर या वालिद के लिए ज़रूरी नहीं है, लेकिन अगर वह इसे दे तो यह जायज़ है।
अगर किसी के पास निसाब नहीं है, तो उस पर फितरा ज़रूरी नहीं है।
फितरा कब देना चाहिए?
फितरा का समय: ईद-उल-फितर के दिन सुबह होते ही (सुबह होने का समय) यह ज़रूरी हो जाता है।
ईद की नमाज़ से पहले इसे देना सुन्नत और मुस्तहब है। अगर इसे ईद की नमाज़ से पहले अदा किया जाए तो यह कुबूल ज़कात है और अगर इसे बाद में अदा किया जाए तो इसे आम ज़कात माना जाता है ( हज़रत इब्न अब्बास  की हदीस)।
अगर इसे रमज़ान में ईद से पहले अदा किया जाए तो यह जाइज़ और बेहतर है (गरीबों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए)। कुछ उलामा के मुताबिक यह रमज़ान से पहले भी जाइज़ है, लेकिन इसे रमज़ान के दौरान अदा करना बेहतर है।
अगर इसे अदा नहीं किया जाता है, तो यह जिन्दगी भर अनिवार्य रहेगा, इसे माफ़ नहीं किया जाएगा (यह कज़ा नहीं, बल्कि अदा है)।
फ़ित्रा किसे देना चाहिए?
सदक़ा-फ़ित्र का मकसद ज़कात जैसा ही है, यानी कुरान पाक की आयत का मकसद (सूरह अत-तौबा: 60):
इसे गरीब और ज़रूरतमंद मुसलमानों को देना बेहतर और सही है।

जिनके पास ज़कात की रकम (ज़रूरत से ज़्यादा) नहीं है ज़िंदगी की ज़रूरतों के लिए) और बनू हाशिम (सैय्यद, अब्बासिद, वगैरह) से नहीं हैं।

कुछ जानकारों के मुताबिक यह गरीब गैर-मुस्लिमों के लिए भी जायज़ है (क्योंकि यह खाने के रूप में होता है)।

इसे नहीं दिया जा सकता:
मस्जिदों, मदरसों, अस्पतालों, सड़कों, या दूसरे कंस्ट्रक्शन के कामों में।

अपने वालिदैन, बच्चों, या उन लोगों को जिनका गुज़ारा करना आप पर ज़रूरी है (जैसे आपकी बीवी, नाबालिग बच्चे)।

इसका मकसद रोज़ा रखने वाले को बेकार और गंदी बातों से दूर करना और गरीबों के साथ ईद की खुशी बांटना है।
आज की कीमत के हिसाब से सदका फित्र 65/₹ फी आदमी है
मात्रा: यह चार चीज़ों से तय होती है — गेहूं/आटा: आधा सा’ (लगभग 1.9 से 2 किलोग्राम), जौ/खजूर/किशमिश: एक सा’ (लगभग 3.8 किलोग्राम)। आजकल, ज़्यादातर लोग इन चीज़ों की कीमत (लोकल मार्केट प्राइस के हिसाब से) के बराबर कैश देते हैं।
कि कीमत को दूसरी चीज़ों (जैसे चावल) में भी देखा जाना चाहिए।
ये कानून हैं हनफ़ी फ़तवों के आधार पर। क्योंकि निसाब की कीमत अलग-अलग होती है।
अल्लाह हम सबको ज़कात व सदका फ़ित्र सही तरीके से देने और उसे कबूल करने की ताकत दे। आमीन।
बंडा पहाड़ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब: 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई परिक्रमा, गूंजा 'हर-हर महादेव'।

गढ़वा: जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में चल रहा विराट श्री रुद्र महायज्ञ अब अपने चरम पर है। महायज्ञ के आठवें दिन भक्ति और श्रद्धा का ऐसा अद्भुत संगम दिखा कि 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की।

श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन:

संध्याकालीन कथा अमृतवर्षा कार्यक्रम में अयोध्या से पधारे आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने योगीराज श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और 'माखनचोर' रूप का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने विश्व कल्याण हेतु ही शेषनाग का मान मर्दन किया और गिरधर रूप धारण कर गोवर्धन पर्वत उठाया। कथा के समापन पर वृंदावन से आए कलाकारों ने दही-हांडी और कृष्ण-राधिका की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे।

किसानों का सम्मान और अतिथियों का आगमन:

महायज्ञ के आठवें दिन मुख्य अतिथि के रूप में गढ़वा नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री आशीष सोनी और आजसू जिलाध्यक्ष श्री दीपक शर्मा उपस्थित रहे। इस दौरान एक सराहनीय पहल करते हुए उन किसानों (करमूं पाल, अजय पाल और वीरेंद्र पाल) को सम्मानित किया गया, जिन्होंने महायज्ञ के आयोजन के लिए अपना खेत स्वेच्छा से उपलब्ध कराया है।

व्यवस्था और सेवा:

प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल ने स्वच्छता अभियान को जारी रखते हुए भंडारे के कचरे के सही निपटान के निर्देश दिए। विशेष बात यह रही कि ऊंचरी निवासी लोकनाथ मेहता और सुनील मेहता द्वारा मेले में टैंकरों के माध्यम से निशुल्क जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता भी मुस्तैद दिखे।

मेला क्षेत्र में लगे झूले, मिठाई की दुकानें और श्रृंगार स्टोर बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कार्यक्रम में अनिल सोनी, संजय सोनी सहित हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

रामनवमी पर हजारीबाग यूथ विंग करेगा 151 किलो लड्डू महाभोग वितरण, 13 अप्रैल को विशाल रक्तदान शिविर भी

हजारीबाग - रामनवमी के पावन अवसर पर सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय संस्था हजारीबाग यूथ विंग द्वारा इस वर्ष भी भव्य लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संस्था द्वारा यह कार्यक्रम लगातार पांचवीं वर्ष आयोजित किया जा रहा है, जो अब शहर की एक विशेष कार्यक्रम का रूप ले चुका है। जानकारी के अनुसार 27 मार्च को महावीर स्थान मंदिर के समीप इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:00 बजे से होगी,जहां बड़ी संख्या में राम भक्तों,श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के बीच 151 किलो लड्डू महाभोग प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। हजारीबाग यूथ विंग केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि वर्ष भर विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। संस्था ने पूरे वर्ष के लिए अलग-अलग महीनों में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रखी है। रामनवमी के अवसर पर जहां श्रद्धालुओं के बीच लड्डू महाभोग का वितरण किया जाता है, वहीं छठ महापर्व के दौरान छठव्रतियों के बीच सूप एवं पूजन सामग्री का वितरण किया जाता है। इसके अलावा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें निःशुल्क टुकटुक सेवा उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए संस्था इस वर्ष तीसरी बार विशाल रक्तदान शिविर का भी आयोजन करने जा रही है। यह शिविर 13 अप्रैल को शहर के लक्ष्मी सिनेमा हॉल सभागार में आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर रक्तदान करने की अपील की गई है। इस शिविर में सभी रक्तदाताओं को संस्था द्वारा हेलमेट भेंट किया जाएगा। इस शिविर में विशेष सहयोग हजारीबाग पुलिस का मिल रहा है। लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम को लेकर संस्था द्वारा संयोजक जयप्रकाश खंडेलवाल एवं प्रणीत जैन को बनाया गया है।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रामनवमी आस्था, उत्साह और सेवा का पर्व है। संस्था द्वारा पिछले पांच वर्षों से श्रद्धालुओं के बीच लड्डू महाभोग का वितरण किया जा रहा है और हर वर्ष लोगों का भरपूर सहयोग और स्नेह मिलता रहा है। इस बार भी 151 किलो लड्डू तैयार कर राम भक्तों के बीच प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। इसी भावना के तहत वर्ष भर विभिन्न सेवा कार्य किए जाते हैं। रामनवमी के इस पावन अवसर पर सभी राम भक्तों, श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से कार्यक्रम में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई है।

विकसित भारत : दो दिवसीय संगोष्ठी, समेटे गए कई विषय

भोपाल। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में विकसित भारत 2047 ज्ञान संस्कृति और सततता पर अन्तर्विषयी दृष्टिकोण विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर अनुपम राजन ने संतुलित आर्थिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि प्रगति ऐसी हो जिसमें पर्यावरण, विरासत और संस्कृति का समन्वय बना रहे। विशिष्ट वक्ता मनोज श्रीवास्तव ने धर्म और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति हमेशा से वन हेल्थ "मानव और प्रकृति का सह अस्तित्व" की पक्षधर रही है। डॉ. आरआर रश्मि ने ग्लोबल वार्मिंग नेट जीरो उत्सर्जन की चुनौतियों पर बात की।

दूसरे सत्र के वक्ता डॉ. उदयन बाजपेयी ने राष्ट्र और साहित्य के अन्तर संबंधों को स्पष्ट किया तथा मानवेतर जगत के अस्तित्व की अनिवार्यता पर बल दिया। राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस में प्रातः काल सर्वप्रथम 14 किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा करने वाली क्वींस ऑन व्हील्स का महाविद्यालय के प्राचार्य तथा अन्य प्राध्यापकों व छात्रों के द्वारा स्वागत किया गया यात्रा पर आधारित एक वीडियो भी दिखाया गया। इसके संयोजक अमोल थाटे ने इस यात्रा का पूरा विवरण बताया। विकसित भारत 2047 विषय पर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों शिक्षकों तथा आगंतुकों को भारत के समृद्ध ऐतिहासिक सांस्कृतिक तथा पुरातात्विक विरासत से परिचय करना था। यह कार्यक्रम भारतीय इतिहास के गौरवशाली स्वरूप को उजागर करने वाला रहा।

आयोजन के दूसरे दिन अनुराग श्रीवास्तव, लोकेंद्र ठक्कर, डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी आदि आमंत्रित वक्ता थे। जिन्होंने चर्चा में भाग लिया। इस दौरान डॉ. अदिति चतुर्वेदी ने शिक्षा के क्षेत्र में आगामी परिदृश्य पर बात की। इसके पश्चात् चेंज मेकर कार्यक्रम में समीर सागर तथा डॉ. अलका शर्मा से उनके व्यवसाय तथा उसकी सफलता के बारे में बातचीत की गई।  राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 285 रजिस्ट्रेशन हुए 181 शोधपत्र प्राप्त हुए एवं 102 शोध पत्र प्राप्त हुए। कुल 73 शोध पत्रों का वाचन किया गया। इसमें संस्कृति, इतिहास, विज्ञान, जैव विविधता इत्यादि विषयों पर शोधार्थियों ने अपने पत्र प्रस्तुत किया।