देवघर-के दीनबंधु उच्च विद्यालय के क्वीज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को मिला सम्मान।
देवघर: आज दिनांक 2मई 2026 दिन के शनिवार दीनबंधु उच्च विद्यालय के रबीन्द्र सभागार में समाजसेवी प्रफुल्ल कनकलता सिकदार स्मृति न्यास, नयाचितकाठ, रिखिया , मोहनपुर, देवघर की और से दीनबंधु मध्य विद्यालय और उच्च विद्यालय के दस दस प्रतिभागियों को मोमेंटो, साधारण ज्ञान की पुस्तकें और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दीनबंधु उच्च विद्यालय के आस्था, करिश्मा इन्दु, मुस्कान और शिला जो दशम वर्ग के छात्र छात्राएं ने स्वागत गीत गाकर सवको भाव विभोर कर दिए। मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों को शाल ओढ़ाकर पुस्तक और कलम देकर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण संस्था के सचिव सह प्रधानाध्यापक काजल कान्ति सिकदार ने स्वागत भाषण दिए। मुख्य अतिथि देवघर नगर निगम के महापौर माननीय रवि कुमार राऊत ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप मन लगाकर पढ़ाई करे। पढ़ाई के अलावे और भी क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले और पुरस्कार पाएं। उन्होंने कहा इस तरह के क्वीज प्रतियोगिताएं सभी तरह के विद्यालय में आयोजित होने चाहिए। इससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अध्यक्ष महोदय संदीप कुमार गोस्वामी जी ने कहा कि छात्र छात्राओं में आगे बढ़ने की एक ललक होने चाहिए। तभी वह अपने जीवन में आगे बढ़ सकता है। डा प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा छात्र छात्राओं को अनुशासन में रहकर समुचित तरीके से कठोर परिश्रम और लगन से पढ़ाई कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। प्रोफेसर राम नंदन सिंह ने कहा इस प्रकार के कार्यक्रम शामिल होकर मुझे अपार खुशियां मिलती है। बच्चे अपने अपने माता-पिता के निष्ठावान वनते है। और अपने अपने माता-पिता को सम्मान देने की प्ररेणा जाग्रित होता है। दीनबंधु उच्च विद्यालय के अध्यक्ष डॉ निमाई चन्द्र गांधी ने कहा विद्यालय ओर महाविद्यालय के पढ़ाई के पश्चात क्वीज की जरूरत हर तरह की प्रतियोगिताओं के परीक्षा में होती है। दीनबंधु उच्च विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य और बंगला कवि प्रसून वसु ने कहा नियमित पाठ अभ्यास से सफलता मिलेगी। सेवानिवृत्त आषुस चिकित्सक डॉ प्रेम कुमार भारती ने कहा प्रफुल्ल कनकलता सिकदार दयालु प्रवृत्ति के समाजसेवी थे। कृषि कार्य करते हुए शिक्षा के अलख जगाने वाले नयाचितकाठ पंचायत के प्रथम व्यक्ति थे।इस गांव और पंचायत का तरक्की के लिए तत्पर रहते थे। मैं भी उनसे लाभान्वित हुआ हूं। नयाचितकाठ पंचायत के लोकप्रिय मुखिया सह देवघर जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा मैं अपने कर्म के प्रति निष्ठावान रहने के कारण प्रधानमंत्री , मुख्य मंत्री और अन्य मंत्रीयो के करकमलों से सम्मानित होने का सोभागय प्राप्त हूआ है।मैं चाहता हूं कि आपलौगो को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने का सुअवसर मिले। मंच का संचालन दीनबंधु उच्च विद्यालय के शिक्षक जीतेन्द्र कुमार चन्द्र ने किया। इस शुभ अवसर प्रफुल्ल कनकलता सिकदार के बड़े पुत्र बादल चन्द्र सिकदार, प्रो पुत्र अभिक सिकदार के अलावे दीनबंधु उच्च विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाए और छात्र छात्राएं उपस्थित थे। डा प्रेम कुमार भारती के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हो गया।
देवघर-अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग में डीएवी भंडारकोला का शानदार प्रदर्शन- खिलाड़ियों का सम्मान।
देवघर: स्थानीय सातर रोड स्थित गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, भंडारकोला के विद्यार्थियों ने जिला खेल कार्यालय द्वारा आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग 2026 में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रौशन किया।सभी विजेताओं का सम्मान प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद जी ने किया ।ताइक्वांडो में खिलाड़ियों ने आत्मरक्षा कौशल और तकनीकी दक्षता के बल पर नौ स्वर्ण पदक, पांच रजत और एक कांस्य पदक जीते। आरुषि,आलिया, सौम्या ,खुशी,इच्छा, दिव्यांशी,ऋषिका और आकांक्षा ने स्वर्ण पदक जीते तो दूसरी ओर इशू ,प्रथा और डिंपल ने रजत पदक जीता और समृद्धि ने कांस्य पदक। एथलेटिक्स में विद्यार्थियों ने तेज गति और सहनशक्ति का प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। अंडर 14 के 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा में श्रृष्टि ने रजत पदक जीता तो संजीवनी ने अंडर 14 के 800 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीता। बैडमिंटन के बालिका वर्ग के अंडर 17 डबल्स परिस्पर्धा में रनर अप का खिताब नेहा गुप्ता और अंडर 14 सिंगल और डबल्स का खिताब आन्या सिन्हा को मिला। वॉलीबॉल में भी टीम एवं व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए खिलाड़ी विजेता बने। इन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा,अनुशासन एवं मेहनत का परिचय देते हुए शानदार उपलब्धियाँ हासिल कीं। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना एवं आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। इस आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
देवघर-राजकीय श्रावणी मेला, 2026 को लेकर की जाने वाली विभागीय कार्यों की उपायुक्त ने की विस्तृत समीक्षा।
देवघर: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आज 02 मई 2026 को आगामी राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के दौरान की जाने वाली तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने श्रावणी मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विभागवार किये जाने वाले कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए कार्य योजना तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश बाबा बैद्यनाथधाम पहुचेंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी या समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें। वहीं विभागों की बिन्दुवार समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निदेशित किया कि मेला के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अपने-अपने विभागों द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं यथा कांवरिया पथ महीन बालू बिछाव, विद्युत व्यवस्था, मेडिकल सुविधा, साफ-सफाई, आवासन, रुटलाइन में पंडाल निर्माण, पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, साज-सज्जा कार्य आदि को और भी बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करें, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा नगरी से एक अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य स्थान की प्रस्थान करें। इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित विभाग के सभी अधिकारियों व कार्यपालक अभियंता को निदेशित किया गया कि अभी से हीं श्रावणी मेले की तैयारियों में जुट जायें, ताकि मेले की व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाय। साथ हीं उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने विभाग को अभी से हीं पत्राचार कर मेले से जुड़ी आवंटन राशि की कमी को पूरा कर लें। उन्होंने सभी विभागों को आपसी सामंजश बिठाकर कार्य करने का निदेश दिया गया, जिससे कि श्रावणी मेले में आए हुए सभी श्रद्धालुओं को देवनगरी आने की एक अच्छी अनुभूति मिल सके। आगे उपायुक्त ने श्रावणी मेला, 2026 को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को एक्शन प्लान तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रावणी मेला के आयोजन को लेकर किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को और भी बेहतर करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।   बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, विश्राम, पेयजल, बिजली ,पानी, शौचालय, स्नानागार, यातायात और स्वास्थ्य से संबंधित सारी व्यवस्थाएं पुख्ता होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर तैयारियों को ससमय अंतिम रूप दें, ताकि मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आगे उपायुक्त ने बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था, बिजली के तारों को सुरक्षित और व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए दुम्मा बॉर्डर से कांवरिया पथ में आने वाले बिजली के पोल को ससमय शिफ्ट करने का निर्देश दिया। बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त  रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, मंदिर प्रभारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत संचरण प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पथ प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मी व डीएमएफटी की टीम उपस्थित थे।
मार्केट बंद होने में दो कानून नहीं चलेगा, पुलिस को सख्‍ती से अंकुश लगाना आवश्‍यक : आलोक शर्मा


सांसद ने कहा - भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में मार्केट बंद होने के दो कानून प्रचलित है, जिस पर पुलिस को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा पुराने भोपाल शहर में रातभर दुकानें खुली रहती है, जहां पर आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने रात सोने के लिए बनाई है। घर पर अब्बू, अम्मी इंतजार करते हैं कि बेटा आएगा और हमें दवाई देगा लेकिन बेटा तो रातभर बिरयानी की दुकान और मार्केट में ही बिताता है। ये चिंता आज कई परिवारों की है। युवा गलत रास्ता अपना लेते हैं। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का एक पत्र सौंपा है जिसमें भोपाल के सभी मार्केट एक समय पर बंद करने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे सांसद शर्मा पूर्व में भी कई बार ये मुद्दा उठाते रहे हैं लेकिन पुलिस की सख्ती न होने के कारण आज भी व्यवस्था वैसी ही है। सांसद शर्मा ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के दौरान बताया कि अभी भोपाल शहर में दो कानून प्रचलित हैं, न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल बरखेड़ा, इंद्रपुरी सोनागिरि, 6 नंबर मार्केट, 10 नंबर मार्केट, लखेरापुरा, सराफा चौक आदि रात में 10 बजे तक बंद हो जाते हैं। जबकि पुराने भोपाल शहर के मार्केट्स काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, रॉयल मार्केट जीपीओ, इमामी गेट, राजू टी-स्टाल, जिंसी-जहांगीराबाद, सब्बन चौराहा, इतवारा, बुधवारा में दुकानें रातभर खुली रहती हैं जिससे आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है और शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। सांसद शर्मा को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर के सभी मार्केट्स एक समय पर बंद कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

* भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। शहर में कहीं भी डेवलपमेंट के काम करने जाएं तो खड़े हो जाते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। महापौर रहते जब हम पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक स्मार्ट रोड बनाने गए तो रोड़ा अटकाया। बोले कि यह वक्फ की जमीन है जबकि आज वहां स्मार्ट रोड बन जाने के बाद मुसलमान भी उस रोड पर निकलता है, हिंदू भी उस पर रोड पर निकलता है, सभी वर्ग के लोग उस स्मार्ट रोड का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार श्यामला हिल्स पर मानस भवन के पीछे की झुग्गियां का हटाने का मामला भी है। वहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास का पैसा जमा किया गया है। किसी को बेघर नहीं किया जाएगा लेकिन शहर के अंदर सरकारी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वक्फ के नाम पर किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

बाइक सवार परिवार को टक्कर मारने वाले कार चालक पर रिपोर्ट
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली के उधरनपुर में 25 अप्रैल को बाइक से आ रहे एक परिवार को टक्कर मारकर घायल करने वाले कार चालक के विरुद्ध पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की है।
       
घायल के भाई राम रहीस पुत्र बांके लाल निवासी बवकक्लपुर थाना सेहरामऊ जनपद शाहजहांपुर के अनुसार उसका भाई प्रमोद अपनी पत्नी सोनम और नाबालिग बच्चे सूरज और बेबी के साथ बाइक से 25 अप्रैल को शाहाबाद जा रहा था। उधरनपुर के निकट तेज रफ़्तार कार संख्या यूपी 30 बी एस 6571 के चालक ने उसके भाई की बाइक में टक्कर मार दी जिसमे वह चारों घायल हो गए जिन्हे एम्बुलेंस के माध्यम से सीएचसी शाहाबाद ले जाया गया जहाँ से उचित उपचार हेतु डॉक्टर ने चारों को हायर सेंटर शाहजहांपुर रेफर कर दिया। वहां उन चारों का उपचार चल रहा है।

      घायल के भाई की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने कार चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पत्नी की हत्या का मास्टरमाइंड निकला पति: लूटपाट का झूठा ड्रामा कर रची खौफनाक साजिश, हजारीबाग पुलिस का बड़ा खुलासा

हजारीबाग। जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2026 की रात करीब 09:15 बजे हुई महिला हत्या की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर दिया है। कोले स्टेशन के पास हुई इस वारदात में शुरूआत में इसे लूटपाट के दौरान गोलीबारी का मामला माना जा रहा था, जिसमें मंजू देवी की मौत हो गई थी और उनके पति विकास प्रजापति घायल बताए गए थे। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी पूरी तरह बदल गई।

पुलिस द्वारा गठित SIT टीम और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में जो सच सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। जिस पति को घायल पीड़ित माना जा रहा था, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। विकास प्रजापति ने पारिवारिक विवाद और अशांति के चलते अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।

जांच में खुलासा हुआ कि विकास ने अपने पिता नरेश प्रजापति और सहयोगी सुनील गंझू के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई। प्लान के तहत जंगल में लूटपाट का नाटक रचकर मंजू देवी की हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, किसी को शक न हो इसलिए विकास ने खुद पर भी गोली चलवाकर खुद को पीड़ित साबित करने की कोशिश की।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें विकास कुमार प्रजापति (पति), नरेश प्रजापति (ससुर) और लालेश्वर गंझू (शूटर/सहयोगी) शामिल हैं। वहीं, इस साजिश में शामिल एक अन्य आरोपी सुनील गंझू फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की काले रंग की यामाहा मोटरसाइकिल और एक मेकअप का सामान वाला पर्स भी पुलिस ने बरामद किया है, जो इस केस में अहम सबूत साबित हो रहे हैं।

यह पूरी कार्रवाई श्री पवन कुमार (अपर पुलिस अधीक्षक/SDPO बड़कागांव) के नेतृत्व में केरेडारी और पिपरवार थाना प्रभारियों की टीम द्वारा अंजाम दी गई। हजारीबाग पुलिस की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध चाहे जितनी भी चालाकी से क्यों न किया जाए, कानून के हाथ लंबे होते हैं।

हजारीबाग में सुरक्षा कड़ी: 388 संवेदनशील संस्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी, रोजाना हो रही मॉनिटरिंग

हजारीबाग। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हजारीबाग पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर बीते दिनों जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों—जैसे बैंक, ज्वेलरी दुकान और पेट्रोल पंप—को चिन्हित कर उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

इसी कड़ी में हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में एक विशेष निगरानी अभियान चलाया गया है, जो अभी जारी है और आगे भी लगातार चलता रहेगा।

अभियान के तहत जिले के कुल 140 बैंकों को चिन्हित कर उन पर नियमित नजर रखी जा रही है। वहीं, 102 पेट्रोल पंपों पर पुलिस पदाधिकारी और कर्मी प्रतिदिन समय-समय पर जाकर निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले के 146 ज्वेलरी दुकानों को भी विशेष सुरक्षा दायरे में रखा गया है।

इस तरह अब तक कुल 388 महत्वपूर्ण संस्थानों पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की गई है। सभी चिन्हित स्थानों पर एक रजिस्टर खोला गया है, जिसमें पेट्रोलिंग पदाधिकारी को रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज करनी अनिवार्य की गई है। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग जिले के कंट्रोल रूम से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराध की संभावनाओं को कम करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।

‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर में चार बच्चों की हत्या
पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची तो खून से लथपथ चारों बच्चों के शव पड़े मिले

पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही

घटना के बाद से महिला लापता

अम्बेडकर। उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मोहल्ले में चार बच्चों के खून से लथपथ शव मिले। घटना के बाद से बच्चों की मां लापता है। पुलिस को शुरुआती तौर पर शक है कि महिला ने ही अपने चारों बच्चों की हत्या की होगी।

पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि अकबरपुर क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ले का नियाज (42) सऊदी अरब में रहकर काम करता है। उसकी पत्नी गासिया खातून (37) चार बच्चों शफीक (14), सउद (10), उमर (8) और बेटी बयान बानो (7) के साथ यहां रहती थी। शनिवार दोपहर तक महिला के घर का दरवाजा नहीं खुला तो आस-पड़ाेस के लोगों को शक हुआ।

इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची तो खून से लथपथ चारों बच्चों के शव पड़े मिले। इसके बाद फारेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस अधिकारी भी माैके पर पहुंचे। घटना के बाद से महिला लापता है। आशंका जताई जा रही है कि अपने ही बच्चाें की हत्या कर महिला फरार हाे गयी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रथमदृष्टया लगता है कि महिला ने ही अपने चारों बच्चों की हत्या की है और फरार हो गयी है। फिलहाल पुलिस फाॅरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला की तलाश की जा रही है।
गया में निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप, 200 से अधिक मरीजों का हुआ इलाज

गया। शहर के डेल्हा बस स्टैंड स्थित परैया रोड के बी.आई.टी मोड़ शाखा में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 200 से अधिक मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली।

शिविर में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लिया। यहां मरीजों को विभिन्न बीमारियों की जांच, आवश्यक चिकित्सा सलाह और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। स्वास्थ्य शिविर में जनरल एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी कुमारी और स्पाइन एवं ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वैभव सिन्हा ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। डॉक्टरों ने मरीजों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनकर उचित उपचार और जरूरी सलाह दी।

शिविर के दौरान पेट संबंधी रोग, हर्निया, पथरी, बवासीर, कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्लिप डिस्क, घुटना दर्द, महिलाओं की समस्याएं सहित कई सामान्य बीमारियों की जांच की गई। डॉक्टरों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। शिविर में शामिल लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए बेहद लाभकारी हैं।

देवघर-के दीनबंधु उच्च विद्यालय के क्वीज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को मिला सम्मान।
देवघर: आज दिनांक 2मई 2026 दिन के शनिवार दीनबंधु उच्च विद्यालय के रबीन्द्र सभागार में समाजसेवी प्रफुल्ल कनकलता सिकदार स्मृति न्यास, नयाचितकाठ, रिखिया , मोहनपुर, देवघर की और से दीनबंधु मध्य विद्यालय और उच्च विद्यालय के दस दस प्रतिभागियों को मोमेंटो, साधारण ज्ञान की पुस्तकें और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दीनबंधु उच्च विद्यालय के आस्था, करिश्मा इन्दु, मुस्कान और शिला जो दशम वर्ग के छात्र छात्राएं ने स्वागत गीत गाकर सवको भाव विभोर कर दिए। मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों को शाल ओढ़ाकर पुस्तक और कलम देकर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण संस्था के सचिव सह प्रधानाध्यापक काजल कान्ति सिकदार ने स्वागत भाषण दिए। मुख्य अतिथि देवघर नगर निगम के महापौर माननीय रवि कुमार राऊत ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप मन लगाकर पढ़ाई करे। पढ़ाई के अलावे और भी क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले और पुरस्कार पाएं। उन्होंने कहा इस तरह के क्वीज प्रतियोगिताएं सभी तरह के विद्यालय में आयोजित होने चाहिए। इससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अध्यक्ष महोदय संदीप कुमार गोस्वामी जी ने कहा कि छात्र छात्राओं में आगे बढ़ने की एक ललक होने चाहिए। तभी वह अपने जीवन में आगे बढ़ सकता है। डा प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा छात्र छात्राओं को अनुशासन में रहकर समुचित तरीके से कठोर परिश्रम और लगन से पढ़ाई कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। प्रोफेसर राम नंदन सिंह ने कहा इस प्रकार के कार्यक्रम शामिल होकर मुझे अपार खुशियां मिलती है। बच्चे अपने अपने माता-पिता के निष्ठावान वनते है। और अपने अपने माता-पिता को सम्मान देने की प्ररेणा जाग्रित होता है। दीनबंधु उच्च विद्यालय के अध्यक्ष डॉ निमाई चन्द्र गांधी ने कहा विद्यालय ओर महाविद्यालय के पढ़ाई के पश्चात क्वीज की जरूरत हर तरह की प्रतियोगिताओं के परीक्षा में होती है। दीनबंधु उच्च विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य और बंगला कवि प्रसून वसु ने कहा नियमित पाठ अभ्यास से सफलता मिलेगी। सेवानिवृत्त आषुस चिकित्सक डॉ प्रेम कुमार भारती ने कहा प्रफुल्ल कनकलता सिकदार दयालु प्रवृत्ति के समाजसेवी थे। कृषि कार्य करते हुए शिक्षा के अलख जगाने वाले नयाचितकाठ पंचायत के प्रथम व्यक्ति थे।इस गांव और पंचायत का तरक्की के लिए तत्पर रहते थे। मैं भी उनसे लाभान्वित हुआ हूं। नयाचितकाठ पंचायत के लोकप्रिय मुखिया सह देवघर जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा मैं अपने कर्म के प्रति निष्ठावान रहने के कारण प्रधानमंत्री , मुख्य मंत्री और अन्य मंत्रीयो के करकमलों से सम्मानित होने का सोभागय प्राप्त हूआ है।मैं चाहता हूं कि आपलौगो को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने का सुअवसर मिले। मंच का संचालन दीनबंधु उच्च विद्यालय के शिक्षक जीतेन्द्र कुमार चन्द्र ने किया। इस शुभ अवसर प्रफुल्ल कनकलता सिकदार के बड़े पुत्र बादल चन्द्र सिकदार, प्रो पुत्र अभिक सिकदार के अलावे दीनबंधु उच्च विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाए और छात्र छात्राएं उपस्थित थे। डा प्रेम कुमार भारती के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हो गया।
देवघर-अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग में डीएवी भंडारकोला का शानदार प्रदर्शन- खिलाड़ियों का सम्मान।
देवघर: स्थानीय सातर रोड स्थित गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, भंडारकोला के विद्यार्थियों ने जिला खेल कार्यालय द्वारा आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग 2026 में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रौशन किया।सभी विजेताओं का सम्मान प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद जी ने किया ।ताइक्वांडो में खिलाड़ियों ने आत्मरक्षा कौशल और तकनीकी दक्षता के बल पर नौ स्वर्ण पदक, पांच रजत और एक कांस्य पदक जीते। आरुषि,आलिया, सौम्या ,खुशी,इच्छा, दिव्यांशी,ऋषिका और आकांक्षा ने स्वर्ण पदक जीते तो दूसरी ओर इशू ,प्रथा और डिंपल ने रजत पदक जीता और समृद्धि ने कांस्य पदक। एथलेटिक्स में विद्यार्थियों ने तेज गति और सहनशक्ति का प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। अंडर 14 के 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा में श्रृष्टि ने रजत पदक जीता तो संजीवनी ने अंडर 14 के 800 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीता। बैडमिंटन के बालिका वर्ग के अंडर 17 डबल्स परिस्पर्धा में रनर अप का खिताब नेहा गुप्ता और अंडर 14 सिंगल और डबल्स का खिताब आन्या सिन्हा को मिला। वॉलीबॉल में भी टीम एवं व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए खिलाड़ी विजेता बने। इन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा,अनुशासन एवं मेहनत का परिचय देते हुए शानदार उपलब्धियाँ हासिल कीं। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना एवं आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। इस आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
देवघर-राजकीय श्रावणी मेला, 2026 को लेकर की जाने वाली विभागीय कार्यों की उपायुक्त ने की विस्तृत समीक्षा।
देवघर: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आज 02 मई 2026 को आगामी राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के दौरान की जाने वाली तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने श्रावणी मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विभागवार किये जाने वाले कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए कार्य योजना तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश बाबा बैद्यनाथधाम पहुचेंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी या समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें। वहीं विभागों की बिन्दुवार समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निदेशित किया कि मेला के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अपने-अपने विभागों द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं यथा कांवरिया पथ महीन बालू बिछाव, विद्युत व्यवस्था, मेडिकल सुविधा, साफ-सफाई, आवासन, रुटलाइन में पंडाल निर्माण, पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, साज-सज्जा कार्य आदि को और भी बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करें, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा नगरी से एक अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य स्थान की प्रस्थान करें। इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित विभाग के सभी अधिकारियों व कार्यपालक अभियंता को निदेशित किया गया कि अभी से हीं श्रावणी मेले की तैयारियों में जुट जायें, ताकि मेले की व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाय। साथ हीं उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने विभाग को अभी से हीं पत्राचार कर मेले से जुड़ी आवंटन राशि की कमी को पूरा कर लें। उन्होंने सभी विभागों को आपसी सामंजश बिठाकर कार्य करने का निदेश दिया गया, जिससे कि श्रावणी मेले में आए हुए सभी श्रद्धालुओं को देवनगरी आने की एक अच्छी अनुभूति मिल सके। आगे उपायुक्त ने श्रावणी मेला, 2026 को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को एक्शन प्लान तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रावणी मेला के आयोजन को लेकर किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को और भी बेहतर करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।   बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, विश्राम, पेयजल, बिजली ,पानी, शौचालय, स्नानागार, यातायात और स्वास्थ्य से संबंधित सारी व्यवस्थाएं पुख्ता होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर तैयारियों को ससमय अंतिम रूप दें, ताकि मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आगे उपायुक्त ने बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था, बिजली के तारों को सुरक्षित और व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए दुम्मा बॉर्डर से कांवरिया पथ में आने वाले बिजली के पोल को ससमय शिफ्ट करने का निर्देश दिया। बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त  रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, मंदिर प्रभारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत संचरण प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पथ प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मी व डीएमएफटी की टीम उपस्थित थे।
मार्केट बंद होने में दो कानून नहीं चलेगा, पुलिस को सख्‍ती से अंकुश लगाना आवश्‍यक : आलोक शर्मा


सांसद ने कहा - भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में मार्केट बंद होने के दो कानून प्रचलित है, जिस पर पुलिस को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा पुराने भोपाल शहर में रातभर दुकानें खुली रहती है, जहां पर आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने रात सोने के लिए बनाई है। घर पर अब्बू, अम्मी इंतजार करते हैं कि बेटा आएगा और हमें दवाई देगा लेकिन बेटा तो रातभर बिरयानी की दुकान और मार्केट में ही बिताता है। ये चिंता आज कई परिवारों की है। युवा गलत रास्ता अपना लेते हैं। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का एक पत्र सौंपा है जिसमें भोपाल के सभी मार्केट एक समय पर बंद करने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे सांसद शर्मा पूर्व में भी कई बार ये मुद्दा उठाते रहे हैं लेकिन पुलिस की सख्ती न होने के कारण आज भी व्यवस्था वैसी ही है। सांसद शर्मा ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के दौरान बताया कि अभी भोपाल शहर में दो कानून प्रचलित हैं, न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल बरखेड़ा, इंद्रपुरी सोनागिरि, 6 नंबर मार्केट, 10 नंबर मार्केट, लखेरापुरा, सराफा चौक आदि रात में 10 बजे तक बंद हो जाते हैं। जबकि पुराने भोपाल शहर के मार्केट्स काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, रॉयल मार्केट जीपीओ, इमामी गेट, राजू टी-स्टाल, जिंसी-जहांगीराबाद, सब्बन चौराहा, इतवारा, बुधवारा में दुकानें रातभर खुली रहती हैं जिससे आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है और शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। सांसद शर्मा को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर के सभी मार्केट्स एक समय पर बंद कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

* भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। शहर में कहीं भी डेवलपमेंट के काम करने जाएं तो खड़े हो जाते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। महापौर रहते जब हम पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक स्मार्ट रोड बनाने गए तो रोड़ा अटकाया। बोले कि यह वक्फ की जमीन है जबकि आज वहां स्मार्ट रोड बन जाने के बाद मुसलमान भी उस रोड पर निकलता है, हिंदू भी उस पर रोड पर निकलता है, सभी वर्ग के लोग उस स्मार्ट रोड का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार श्यामला हिल्स पर मानस भवन के पीछे की झुग्गियां का हटाने का मामला भी है। वहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास का पैसा जमा किया गया है। किसी को बेघर नहीं किया जाएगा लेकिन शहर के अंदर सरकारी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वक्फ के नाम पर किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

बाइक सवार परिवार को टक्कर मारने वाले कार चालक पर रिपोर्ट
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली के उधरनपुर में 25 अप्रैल को बाइक से आ रहे एक परिवार को टक्कर मारकर घायल करने वाले कार चालक के विरुद्ध पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की है।
       
घायल के भाई राम रहीस पुत्र बांके लाल निवासी बवकक्लपुर थाना सेहरामऊ जनपद शाहजहांपुर के अनुसार उसका भाई प्रमोद अपनी पत्नी सोनम और नाबालिग बच्चे सूरज और बेबी के साथ बाइक से 25 अप्रैल को शाहाबाद जा रहा था। उधरनपुर के निकट तेज रफ़्तार कार संख्या यूपी 30 बी एस 6571 के चालक ने उसके भाई की बाइक में टक्कर मार दी जिसमे वह चारों घायल हो गए जिन्हे एम्बुलेंस के माध्यम से सीएचसी शाहाबाद ले जाया गया जहाँ से उचित उपचार हेतु डॉक्टर ने चारों को हायर सेंटर शाहजहांपुर रेफर कर दिया। वहां उन चारों का उपचार चल रहा है।

      घायल के भाई की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने कार चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पत्नी की हत्या का मास्टरमाइंड निकला पति: लूटपाट का झूठा ड्रामा कर रची खौफनाक साजिश, हजारीबाग पुलिस का बड़ा खुलासा

हजारीबाग। जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2026 की रात करीब 09:15 बजे हुई महिला हत्या की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर दिया है। कोले स्टेशन के पास हुई इस वारदात में शुरूआत में इसे लूटपाट के दौरान गोलीबारी का मामला माना जा रहा था, जिसमें मंजू देवी की मौत हो गई थी और उनके पति विकास प्रजापति घायल बताए गए थे। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी पूरी तरह बदल गई।

पुलिस द्वारा गठित SIT टीम और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में जो सच सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। जिस पति को घायल पीड़ित माना जा रहा था, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। विकास प्रजापति ने पारिवारिक विवाद और अशांति के चलते अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।

जांच में खुलासा हुआ कि विकास ने अपने पिता नरेश प्रजापति और सहयोगी सुनील गंझू के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई। प्लान के तहत जंगल में लूटपाट का नाटक रचकर मंजू देवी की हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, किसी को शक न हो इसलिए विकास ने खुद पर भी गोली चलवाकर खुद को पीड़ित साबित करने की कोशिश की।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें विकास कुमार प्रजापति (पति), नरेश प्रजापति (ससुर) और लालेश्वर गंझू (शूटर/सहयोगी) शामिल हैं। वहीं, इस साजिश में शामिल एक अन्य आरोपी सुनील गंझू फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की काले रंग की यामाहा मोटरसाइकिल और एक मेकअप का सामान वाला पर्स भी पुलिस ने बरामद किया है, जो इस केस में अहम सबूत साबित हो रहे हैं।

यह पूरी कार्रवाई श्री पवन कुमार (अपर पुलिस अधीक्षक/SDPO बड़कागांव) के नेतृत्व में केरेडारी और पिपरवार थाना प्रभारियों की टीम द्वारा अंजाम दी गई। हजारीबाग पुलिस की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध चाहे जितनी भी चालाकी से क्यों न किया जाए, कानून के हाथ लंबे होते हैं।

हजारीबाग में सुरक्षा कड़ी: 388 संवेदनशील संस्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी, रोजाना हो रही मॉनिटरिंग

हजारीबाग। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हजारीबाग पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर बीते दिनों जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों—जैसे बैंक, ज्वेलरी दुकान और पेट्रोल पंप—को चिन्हित कर उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

इसी कड़ी में हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में एक विशेष निगरानी अभियान चलाया गया है, जो अभी जारी है और आगे भी लगातार चलता रहेगा।

अभियान के तहत जिले के कुल 140 बैंकों को चिन्हित कर उन पर नियमित नजर रखी जा रही है। वहीं, 102 पेट्रोल पंपों पर पुलिस पदाधिकारी और कर्मी प्रतिदिन समय-समय पर जाकर निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले के 146 ज्वेलरी दुकानों को भी विशेष सुरक्षा दायरे में रखा गया है।

इस तरह अब तक कुल 388 महत्वपूर्ण संस्थानों पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की गई है। सभी चिन्हित स्थानों पर एक रजिस्टर खोला गया है, जिसमें पेट्रोलिंग पदाधिकारी को रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज करनी अनिवार्य की गई है। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग जिले के कंट्रोल रूम से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराध की संभावनाओं को कम करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।

‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर में चार बच्चों की हत्या
पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची तो खून से लथपथ चारों बच्चों के शव पड़े मिले

पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही

घटना के बाद से महिला लापता

अम्बेडकर। उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मोहल्ले में चार बच्चों के खून से लथपथ शव मिले। घटना के बाद से बच्चों की मां लापता है। पुलिस को शुरुआती तौर पर शक है कि महिला ने ही अपने चारों बच्चों की हत्या की होगी।

पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि अकबरपुर क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ले का नियाज (42) सऊदी अरब में रहकर काम करता है। उसकी पत्नी गासिया खातून (37) चार बच्चों शफीक (14), सउद (10), उमर (8) और बेटी बयान बानो (7) के साथ यहां रहती थी। शनिवार दोपहर तक महिला के घर का दरवाजा नहीं खुला तो आस-पड़ाेस के लोगों को शक हुआ।

इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची तो खून से लथपथ चारों बच्चों के शव पड़े मिले। इसके बाद फारेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस अधिकारी भी माैके पर पहुंचे। घटना के बाद से महिला लापता है। आशंका जताई जा रही है कि अपने ही बच्चाें की हत्या कर महिला फरार हाे गयी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रथमदृष्टया लगता है कि महिला ने ही अपने चारों बच्चों की हत्या की है और फरार हो गयी है। फिलहाल पुलिस फाॅरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला की तलाश की जा रही है।
गया में निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप, 200 से अधिक मरीजों का हुआ इलाज

गया। शहर के डेल्हा बस स्टैंड स्थित परैया रोड के बी.आई.टी मोड़ शाखा में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 200 से अधिक मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली।

शिविर में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लिया। यहां मरीजों को विभिन्न बीमारियों की जांच, आवश्यक चिकित्सा सलाह और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। स्वास्थ्य शिविर में जनरल एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी कुमारी और स्पाइन एवं ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वैभव सिन्हा ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। डॉक्टरों ने मरीजों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनकर उचित उपचार और जरूरी सलाह दी।

शिविर के दौरान पेट संबंधी रोग, हर्निया, पथरी, बवासीर, कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्लिप डिस्क, घुटना दर्द, महिलाओं की समस्याएं सहित कई सामान्य बीमारियों की जांच की गई। डॉक्टरों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। शिविर में शामिल लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए बेहद लाभकारी हैं।