रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
महिला परिचालकों का फूटा गुस्सा, .
रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की महिला परिचालकों ने हरदोई डिपो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवहन अधिकारी को भेजी गई एक गुमनाम शिकायत में महिला परिचालकों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं है और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। महिला परिचालकों का कहना है कि ड्यूटी पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं होती। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर हर महीने नगद वसूली की जाती है और यूनियन नेताओं के करीबी लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जाती है।
महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ यूनियन नेता वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनके प्रभाव में ही ड्यूटी का आवंटन किया जाता है। शिकायत पत्र में जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि कई बार किसी परिचालक के नाम अलॉट की गई गाड़ी पर पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति को भेज दिया जाता है। वहीं ड्यूटी मांगने पर महिला परिचालकों को कई दिनों तक टालमटोल का सामना करना पड़ता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टाइमकीपर अपने चहेते कर्मचारियों को प्रतिदिन ड्यूटी देते हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जाता है।
महिला परिचालकों ने परिवहन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्रदान करने की मांग की है। साथ ही लखनऊ और दिल्ली रूट पर तैनात कुछ चालक-परिचालकों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग उठाई गई है।फिलहाल शिकायत के बाद रोडवेज विभाग में चर्चाओं का माहौल है।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
स्वतंत्रता संग्राम से आज तक हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान :  शशिमोहन सिंह क्षेम
जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उक्त विचार जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहाकि आज देश के लाखों युवा हिंदी समाचार पत्रों को पढ़कर उनसे ज्ञान अर्जित करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं। उन्होंने आज के दौर में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही गिरावट पर भी चिंता व्यक्त की। श्री क्षेम ने कहाकि आज उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय भी समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याओं पर संज्ञान लेकर कार्यवाही भी रहा है। ऐसे में पत्रकारों को सजग होकर कलम चलाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार रामश्रृंगार शुक्ल गदेला ने कहाकि दो सौ वर्षाें पूर्व पं. जुगल किशोर ने कलकत्ता से उदन्त मार्तण्ड नामक पत्र प्रकाशित करके हिंदी पत्रकारिता की नींव डाली थी। उस समय देश गुलामी की बेडियों में जकड़ा हुआ था। बाद में गणेशशंकर विद्यार्थी ने प्रताप समाचार पत्र का प्रकाशन आरंभ किया। पत्रकार लोलारख दूबे ने कहाकि इलेक्ट्रानिक मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया का महत्व कम नहीं हुआ है। छात्रों और नौजवानों के समाचार पत्रों से राजनीति, उद्योग, कला साहित्य आदि क्षेत्रों में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उक्त अवसर पर डा. भारतेन्दु मिश्र, प्रदीप सिंह सफायर, पं. रामदयाल द्विवेदी, राजेश मौर्य, विनोद विश्वकर्मा, अखिलेश तिवारी अकेला, जेपी मौर्य, सुधीर सिंह, जुल्पिफकार हुसैन बाबू, चन्द्रप्रकाश शुक्ल, पंकज, गौरव, शशिशेखर सिंह, राजेश मिश्र, बेहोश जौनपुरी, बुद्धिनाथ तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन डा. मधुकर तिवारी ने किया।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
पत्रकारिता लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण : सुनील सिंह
*निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : विधायक विपुल दुबे*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल गोष्ठी और अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न राष्ट्रीय पत्रकार संगठनों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी और ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण है। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने पर जोर दिया और सत्य, निष्पक्षता तथा जनहित की भावना को पत्रकारिता की वास्तविक पहचान बताया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों को समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया और पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में पत्रकारों के योगदान की सराहना की और हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार रामाश्रय सिंह, आशुतोष जायसवाल और सुमित जायसवाल ने भी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुणेंद्र चौबे ने की, संचालन वीरेंद्र चतुर्वेदी ने किया और संयोजन राजीव गोयल ने किया। समारोह में जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मसकनवा पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग तेज
मसकनवा (गोंडा)। मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई गई है। उप्र खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक खगेंद्र पांडेय ने बताया कि मसकनवा बाजार जनपद गोंडा का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। वर्ष 2017 तक यहां पीएचसी के साथ सीएचसी की सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन सीएचसी छपिया स्थानांतरित होने के बाद मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र केवल ओपीडी तक सीमित होकर रह गया है। वर्तमान में यहां आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित कई भवन जर्जर अवस्था में हैं। डॉक्टरों, फार्मासिस्टों व अन्य कर्मचारियों के लिए बने आवास भी उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं, जिसके कारण अधिकांश कर्मचारी रात्रि निवास नहीं करते। इससे रात के समय मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं।
मसकनवा बाजार के साथ-साथ रानीजोत, खालेगांव, भवाजीतपुर, खपरिपारा, पटखौली, नारायणपुर सहित दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। रात में दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए छपिया या मनकापुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है।
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में मांग की गई है कि क्षेत्र की जनसंख्या और आवश्यकता को देखते हुए मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया जाए तथा यहां 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही मरीजों व तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा मिल जाता है तो आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
महिला परिचालकों का फूटा गुस्सा, .
रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की महिला परिचालकों ने हरदोई डिपो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवहन अधिकारी को भेजी गई एक गुमनाम शिकायत में महिला परिचालकों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं है और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। महिला परिचालकों का कहना है कि ड्यूटी पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं होती। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर हर महीने नगद वसूली की जाती है और यूनियन नेताओं के करीबी लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जाती है।
महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ यूनियन नेता वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनके प्रभाव में ही ड्यूटी का आवंटन किया जाता है। शिकायत पत्र में जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि कई बार किसी परिचालक के नाम अलॉट की गई गाड़ी पर पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति को भेज दिया जाता है। वहीं ड्यूटी मांगने पर महिला परिचालकों को कई दिनों तक टालमटोल का सामना करना पड़ता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टाइमकीपर अपने चहेते कर्मचारियों को प्रतिदिन ड्यूटी देते हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जाता है।
महिला परिचालकों ने परिवहन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्रदान करने की मांग की है। साथ ही लखनऊ और दिल्ली रूट पर तैनात कुछ चालक-परिचालकों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग उठाई गई है।फिलहाल शिकायत के बाद रोडवेज विभाग में चर्चाओं का माहौल है।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
स्वतंत्रता संग्राम से आज तक हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान :  शशिमोहन सिंह क्षेम
जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उक्त विचार जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहाकि आज देश के लाखों युवा हिंदी समाचार पत्रों को पढ़कर उनसे ज्ञान अर्जित करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं। उन्होंने आज के दौर में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही गिरावट पर भी चिंता व्यक्त की। श्री क्षेम ने कहाकि आज उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय भी समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याओं पर संज्ञान लेकर कार्यवाही भी रहा है। ऐसे में पत्रकारों को सजग होकर कलम चलाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार रामश्रृंगार शुक्ल गदेला ने कहाकि दो सौ वर्षाें पूर्व पं. जुगल किशोर ने कलकत्ता से उदन्त मार्तण्ड नामक पत्र प्रकाशित करके हिंदी पत्रकारिता की नींव डाली थी। उस समय देश गुलामी की बेडियों में जकड़ा हुआ था। बाद में गणेशशंकर विद्यार्थी ने प्रताप समाचार पत्र का प्रकाशन आरंभ किया। पत्रकार लोलारख दूबे ने कहाकि इलेक्ट्रानिक मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया का महत्व कम नहीं हुआ है। छात्रों और नौजवानों के समाचार पत्रों से राजनीति, उद्योग, कला साहित्य आदि क्षेत्रों में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उक्त अवसर पर डा. भारतेन्दु मिश्र, प्रदीप सिंह सफायर, पं. रामदयाल द्विवेदी, राजेश मौर्य, विनोद विश्वकर्मा, अखिलेश तिवारी अकेला, जेपी मौर्य, सुधीर सिंह, जुल्पिफकार हुसैन बाबू, चन्द्रप्रकाश शुक्ल, पंकज, गौरव, शशिशेखर सिंह, राजेश मिश्र, बेहोश जौनपुरी, बुद्धिनाथ तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन डा. मधुकर तिवारी ने किया।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
पत्रकारिता लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण : सुनील सिंह
*निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : विधायक विपुल दुबे*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल गोष्ठी और अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न राष्ट्रीय पत्रकार संगठनों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी और ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण है। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने पर जोर दिया और सत्य, निष्पक्षता तथा जनहित की भावना को पत्रकारिता की वास्तविक पहचान बताया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों को समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया और पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में पत्रकारों के योगदान की सराहना की और हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार रामाश्रय सिंह, आशुतोष जायसवाल और सुमित जायसवाल ने भी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुणेंद्र चौबे ने की, संचालन वीरेंद्र चतुर्वेदी ने किया और संयोजन राजीव गोयल ने किया। समारोह में जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मसकनवा पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग तेज
मसकनवा (गोंडा)। मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई गई है। उप्र खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक खगेंद्र पांडेय ने बताया कि मसकनवा बाजार जनपद गोंडा का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। वर्ष 2017 तक यहां पीएचसी के साथ सीएचसी की सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन सीएचसी छपिया स्थानांतरित होने के बाद मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र केवल ओपीडी तक सीमित होकर रह गया है। वर्तमान में यहां आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित कई भवन जर्जर अवस्था में हैं। डॉक्टरों, फार्मासिस्टों व अन्य कर्मचारियों के लिए बने आवास भी उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं, जिसके कारण अधिकांश कर्मचारी रात्रि निवास नहीं करते। इससे रात के समय मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं।
मसकनवा बाजार के साथ-साथ रानीजोत, खालेगांव, भवाजीतपुर, खपरिपारा, पटखौली, नारायणपुर सहित दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। रात में दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए छपिया या मनकापुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है।
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में मांग की गई है कि क्षेत्र की जनसंख्या और आवश्यकता को देखते हुए मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया जाए तथा यहां 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही मरीजों व तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा मिल जाता है तो आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।