हार से घबराएं नहीं खिलाड़ी : सुनील- इंडोर स्टेडियम में योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देवघर: योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन देवघर की ओर से इंडोर स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन गुरुवार को हो गया। इस अवसर पर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक सह जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार उपस्थित रहे। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि हार से घबराएं नहीं, इससे खेल में जीत की ललक मजबूत होती है। हार एक सबक, भविष्य के आयोजन में खिलाड़ी व बेहतर प्रदर्शन करते हैं। विजेताओं को भी डॉ. सुनील खवाड़े ने नसीहत देते हुए कहा कि आगे और बेहतर प्रदर्शन कर देवघर और झारखंड का नाम रौशन करें। वहीं जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।विजयी प्रतिभागियों को डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार ने मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर रूपा श्री, संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सचिव ऋषि राज सिंह, संजय मालवीय, कोषाध्यक्ष राजश्री मालवीय, धर्मेंद्र देव समेत कई लोग मौजूद थे। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के लिए चयन :- जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग योगासन इवेंट में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं ने हिस्सा लेकर योग कला का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले का चयन राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ियों में सुधांशु कुमार, आदित्य कुमार, संजीवनी, सुरभि गुप्ता, सुमन खरीदार, सानिया ठाकुर, तृप्ति कृष्णा, उत्सव आनंद, गुलशन कुमार, पवन कुमार, अर्जुन कुमार, आकृति कुमारी, वर्षा कुमारी, अंश एवं उदित कुमार यादव सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। सभी चयनित खिलाड़ी नेतरहाट में 24, 25 व 26 जून को होने वाली राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में देवघर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों ने की शिरकत :- 10 से 14 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सुरभि गुप्ता ने प्रथम स्थान, प्रगति कुमारी ने द्वितीय स्थान एवं सुमन खरीदार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 10 से 14 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में सुधांशु कुमार प्रथम, उदित यादव द्वितीय एवं अभय कुमार तृतीय स्थान पर रहे। 14 से 18 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सानिया ठाकुर ने प्रथम स्थान, तृप्ति कृष्णा ने द्वितीय एवं मुस्कान कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में उत्सव आनंद प्रथम एवं गुलशन कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। 18 से 28 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में शांति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 18 से 28 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में पवन कुमार प्रथम एवं अर्जुन कुमार माता द्वितीय स्थान पर रहे। इसके अलावा आर्टिस्टिक सिंगल इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में संजीवनी कुमारी प्रथम, आकृति कुमारी द्वितीय एवं वर्षा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। 14 से 18 आयु वर्ग बालक वर्ग में उत्सव आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग बालिका वर्ग में तृप्ति कृष्णा प्रथम एवं सानिया ठाकुर द्वितीय स्थान पर रहीं। आर्टिस्टिक पेयर इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में आकृति एवं संजीवनी की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वर्षा एवं सृष्टि की जोड़ी द्वितीय स्थान पर रही। 10 से 14 आयु वर्ग बालक वर्ग में अंश एवं उदित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में बालक वर्ग में रक्षित चंद्र झा प्रथम, ओम कुमार द्वितीय एवं राजकुमार तृतीय स्थान पर रहे। वहीं बालिका वर्ग में आद्याचा प्रथम, खुशी कुमारी द्वितीय एवं अभिशा सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
वन विभाग एवं पुलिस की सह पर टड़ियावां क्षेत्र में फल फूल रहा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ों का अवैध कटान

विनोद गुप्ता 

टड़ियावां हरदोई । वन विभाग के संरक्षण व स्थानीय पुलिस की सह पर क्षेत्र में पनप रहे हरियाली के दुश्मन, थाना टड़ियावां क्षेत्र के गाँव बरौली माइनर की पूरब उत्तर पटरी के किनारे बरौली निवासी दो किसान के खेत मे खड़े हरे भरे पेड़ों को बुधवार की प्रातः काल लकड़ी कटान माफिया ने काट दिए प्रतिबंधित हरे भरे एक गूलर व दो आम के हरे भरे पेड़ बिना परमिट के लकड़ी ठेकेदारों ने आरा चला दिया है। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व गाँव भैंसरी में नीम व जामुन के पेड़ों को लकड़कट्टों ने काटा था इसके अलावा थाना टड़ियावां क्षेत्र के विभिन्न गाँव में काटे गए प्रतिबंधित आम व गूलर, पेड़ अब सोचनीय विषय यह है कि प्रशासन की सख्ती होने के बाद भी आख़िर किसके संरक्षण में आये दिन काटे जा रहे हरे भरे प्रतिबंधित पेंड। 

*बोले जिम्मेदार -वन दरोगा अभय पटेल ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों को काटने की उन्हें जानकारी नही है । मौके की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

संभव 6.0 लांच, पाँच विभाग मिलकर करेंगे काम

- महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किया शुभारंभ

- इस बार जीवन के पहले 1,000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ‘संभव अभियान 6.0’ की शुरुआत की। महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्थानीय होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति व अंतरविभागीय समन्वय के कारण ही प्रदेश ने बीते आठ साल में तकरीबन 15 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का उपचार कर उनको सेहतमंद बना दिया है। इस अवसर पर बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ सबसे अच्छा काम करने वाले पांच जिलों कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकत्साधिकारी के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक सीडीपीओ, एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री और एक सहायिका को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मंत्री ने सम्भव पैकेज और सोशल मीडिया पैकेज का विमोचन किया, जिसमें सम्भव अभियान के जिला-स्तरीय क्रियान्वयन से संबंधित योजना उपकरण तथा नवजात शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण से संबंधित तकनीकी हैंडआउट/सोशल मीडिया सामग्री शामिल हैं। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को नए टेक होम राशन (ज्भ्त्) पैकेट भी वितरित किए तथा इस अवसर पर नवीन पोषाहार से बनाये गए विभिन्न रेसिपी के स्टाल का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने रणवीर ब्रार जैसे प्रसिद्ध शेफ को प्रदर्शित करने वाली वीडियो श्रृंखला का भी विमोचन किया।

आईसीडीएस निदेशक सुश्री हर्षिता माथुर ने “प्रयास से प्रभाव तक” विषय पर एक सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वर्ष 2021 से 2025 तक संभव अभियान की यात्रा तथा संभव 6.0 के प्रमुख स्तंभों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, 14 लाख से अधिक बच्चों का उपचार किया गया तथा गंभीर तीव्र कुपोषण से ग्रस्त 81 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ होने में सफल रहे। इस वर्ष यह अभियान जुलाई से सितंबर तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और छोटे बच्चों में कुपोषण की रोकथाम की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संभव अभियान अब अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है, जो जीवन के पहले 1,000 दिनों-गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद 730 दिन पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है और इस समय कुपोषण से होने वाला नुकसान आगे चलकर पूरी तरह सुधारा नहीं जा सकता।

यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पोषण क्षेत्र में कार्यरत विकास साझेदारों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव (महिला एवं बाल विकास) लीना जौहरी ने कहा कि अब चुनौती केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और लोगों की पोषण संबंधी आदतों में सुधार की है। बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के समय कुपोषित या कम वजन की होती हैं, जिसके कारण बच्चों का जन्म कम वजन के साथ होता है और उनमें कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है। संभव 6.0 इसी अंतर को दूर करने का अहम प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सम्भव 6.0 के अंतर्गत इस वर्ष गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण देखभाल, कम वजन के नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, ‘छह माह, सात बार’ रणनीति के तहत शिशुओं के लिए नियमित गृह भ्रमण, तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, समुदाय आधारित प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि कुपोषित बच्चों को समय रहते उपचार और उचित देखभाल उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ पिंकी जोवेल ने एनएफएचएस के ताजा आंकड़ों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मातृ मत्यु दर बढ़ना इस ओर इंगित करता है कि इसको कम करने के लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का समन्वय जरूरी है। दोनों विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे तो तीन साल बाद अगले एनएफएचएस सर्वे में मातृ मृत्यु दर के आंकड़े भी कम दिखेंगे।

आईसीडीएस की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि इस वर्ष अभियान में पंचायती राज, योजना विभाग और सूचना विभाग को भी औपचारिक रूप से जोड़ा गया है, जिससे समन्वित प्रयासों को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जहाँ पंचायती राज विभाग गांव स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत करेगा, वहीं योजना विभाग कार्यक्रम की समीक्षा और आंकड़ों के सत्यापन की जिम्मेदारी निभाएगा और सूचना विभाग व्यापक जनजागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देगा।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने अपनी प्रस्तुतिकरण में पंचायत सखी को संभव अभियान से जोड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास विभाग की सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल, एचएचएम के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन ने भी अपने प्रजेंटेशन दिए।  

यूनिसेफ की ओर से पोषण विशेषज्ञ रबी नारायण ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अवसर, समानता, मानव संसाधन के विकास और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन प्रदान करना उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक (आईसीडीएस) श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा किया गया तथा संभव अभियान की सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती पारुल शुक्ला, संयुक्त परियोजना समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया गया। संभव अभियान के राज्य नोडल अधिकारी आईसीडीएस विभाग के उप निदेशक सेराज अहमद द्वारा कार्यक्रम के समापन पर सभी विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

ससुराल आए व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत,फंदे से लटका मिला शव
*तीन दिन से अपनी ससुराल में था युवक,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा गांव में ननके (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।ननके का शव ससुराल में फांसी के फंदे से लटका मिला।ननके अपनी पत्नी उज्जवला को लेने के लिए तीन दिन पहले अहमदाबाद से यहाँ आया था।घटना की सूचना पाकर जब ननके के परिजन ससुराल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ननके का शव फंदे से उतार कर जमीन पर रखा गया था।मृतक ननके तीन दिनों से अपनी पत्नी उज्जवला को घर ले जाने का प्रयास कर रहा था,परन्तु वह तैयार नहीं थी।बुधवार देर शाम ननके ने अपने परिवार को फोन पर बताया था कि उज्जवला साथ चलने के तैयार है और वो जल्दी ही आ रहे हैं।हालांकि वह घर नहीं पहुंचा।आज बृहस्पतिवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिजनों पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों का से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव निवासिनी उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों में अनबन चल रही थी और विगत ढाई साल से उनके मध्य विवाद चल रहा था।मृतक के दो बेटे और एक बेटी है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेने के लिए अहमदाबाद से आया हुआ था और विगत तीन दिन से अपने ससुराल में अपने घर से आकर रुका हुआ था और कल शाम को बताया कि वह अपनी पत्नी को लेकर घर आ रहा है,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा।आज सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने अपने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिवार पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उनके परिजनों से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी सात साल पहले गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव की रहने वाली उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी तथा विगत ढाई साल से उनके बीच विवाद गहरा गया था।मृतक ननके के दो बेटे और एक बेटी हैं।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अहमदाबाद से अपनी पत्नी को लेने के लिए आया हुआ था और तीन दिन से ससुराल में ही अपने घर से आकर रुका हुआ था।उसने कल शाम को बताया कि हम घर पर अपनी पत्नी को लेकर आ रहे हैं,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा और बाद में मालूम हुआ कि उसने फांसी लगा लिया है।परन्तु मेरे बेटे ने फांसी नहीं लगाया है बल्कि उसके ससुराल वालों ने उसको मार डाला है।वहीं नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।मृतक के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं हैं और प्रथम दृष्ट्या मृतक द्वारा फांसी लगाने का मामला सामने आ रहा है।
Sambhal माहे मुहर्रम हज़रत इमाम हुसैन ( रदियल्लाहो अन्ह ) की कुर्बानी,उम्मत के लिए रहनुमाई :  मौलाना फैजान अशरफ हामिदी


संभल ।माहे मुहर्रम इस्लामी साल का पहला और बहुत बरकत वाला महीना है। इस महीने की सबसे बड़ी याद कर्बला का वह ऐतिहासिक वाक़िआ है, जिसने हक़ (सच्चाई) और बातिल (झूठ व ज़ुल्म) के बीच फर्क को हमेशा के लिए साफ़ कर दिया।
यौमे आशूरा हमें हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके वफ़ादार साथियों की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने ज़ुल्म और नाइंसाफी के सामने झुकने के बजाय हक़ और इंसाफ़ के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा।
कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सब्र, हिम्मत, सच्चाई और नेक किरदार का सबक है।
इस मुबारक मौके पर हमें अपनी ज़िंदगी में इन बातों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए:
सच्चाई और इंसाफ़ का साथ दें
कर्बला हमें सिखाती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हमेशा सच और इंसाफ़ के साथ खड़ा रहना चाहिए। किसी भी तरह के ज़ुल्म, झूठ और नाइंसाफी का समर्थन नहीं करना चाहिए।
सब्र और हिम्मत से काम लें
हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके साथियों ने भूख, प्यास और कठिन परीक्षाओं के बावजूद सब्र और हिम्मत का दामन नहीं छोड़ा। हमें भी अपनी परेशानियों में अल्लाह पर भरोसा रखते हुए धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए।
भाईचारा और एकता को मज़बूत करें
आज के समय में हमारी सबसे बड़ी ताकत आपसी मोहब्बत, भाईचारा और एकता है। हमें नफ़रत और भेदभाव से बचकर एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए तथा समाज में अमन और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
नेक अख़लाक़ और इबादत को अपनाएँ
मुहर्रम का महीना हमें अपने किरदार और आमाल को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। नमाज़ की पाबंदी, सच्चाई, ईमानदारी, अच्छे व्यवहार और ज़रूरतमंदों की मदद करना एक सच्चे इंसान की पहचान है।
आइए, इस माहे मुहर्रम में हम केवल ग़म का इज़हार ही न करें, बल्कि हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु के बताए हुए रास्ते—सच्चाई, सब्र, इंसाफ़, तक़वा और इंसानियत—को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं। यही शुहदाए कर्बला के लिए हमारी सच्ची ख़िराजे अकीदत होगी।
सरेशाम सर्राफ के साथ हुई लाखों की लूट एसपी ने जल्द खुलासे के लिए गठित की टीमें
रितेश मिश्रा
हरदोई।कासिमपुर थाना के एक गांव के निकट बुधवार को सरेशाम दुकान बंद कर घर जाते समय बाइक सवार बदमाशों ने मारपीट कर लाखों रूपये के ज़ेवर लूट लिए। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने घटना स्थल का निरिक्षण कर पीड़ित से घटना की जानकारी ली और जल्द खुलासे के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के नेतृत्त्व में चार टीमें गठित कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
         
प्राप्त विवरण में बुधवार को समय करीब 7:30 बजे मो नसीम पुत्र नसीर निवासी हसनापुर थाना कासिमपुर जिनकी घुघेरा चौराहे पर सोने-चांदी की दुकान है। शाम करीब 7:00 बजे दुकान बंद करके अपने घर जा रहा थे तभी रास्ते में जमुनिया बाग और रसूलपुर के बीच में दो अज्ञात मोटर साइकिल में सवार 4 व्यक्तियों द्वारा छीनझपटी व मारपीट करते हुए नसीम से एक थैला छीन लिया जिसमें करीब दो किलो चांदी और लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण थे और एक मोबाइल फोन था और छीन कर चले गए है।

पुलिस अधीक्षक श्री मीणा ने बताया घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है साथ ही साथ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के नेतृत्व में 04 टीमें इस घटना के अनावरण के लिए लगाई गई है और वादी से तहरीर प्राप्त कर मुकदमा दर्ज किया गया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई इसमें की जा रही है जल्द से जल्द इस घटना का अनावरण किया जाएगा।
पैतृक जमीन कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
विनोद गुप्ता
बेनीगंज (हरदोई)। सूबे की सरकार द्वारा अवैध कब्जों और जमीन संबंधी विवादों को रोकने के लाख प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि कब्जे और दबंगई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जनपद हरदोई की बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मिश्रीपुर मजरा सिकन्दरपुर का है, जहां एक महिला ने गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन पर कब्जा करने, सामान चोरी करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थिनी प्रेमलता पत्नी स्वर्गीय लाल सिंह निवासी मिश्रीपुर मजरा सिकन्दरपुर ने कोतवाली बेनीगंज में शिकायती पत्र देकर बताया कि दिनांक 20 मई 2026 को राजस्व विभाग, पुलिस बल तथा ग्राम प्रधान की मौजूदगी में गाटा संख्या 2155 की निशानदेही कराते हुए उनकी जमीन से 10 फीट चकमार्ग निकाला गया था, ताकि रास्ते का निकास हो सके। इस कार्रवाई के बाद गांव के विपक्षी पक्ष से आपसी सुलह-समझौता भी हो गया था।
पीड़िता के अनुसार समझौते के आधार पर उन्होंने 15 जून 2026 को अपने खेत के किनारे जाली, रस्सी, तार और एंगल लगवाकर घेराबंदी कराई थी। आरोप है कि 16 जून की रात गांव के बाबू पुत्र भगवती पासी, राजेन्द्र, गुड्डू, विलास, तोला, लाला, लवकुश और सोहनलाल समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे और खेत में लगी घेराबंदी को उखाड़कर सामान चोरी कर ले गए। महिला का कहना है कि इस घटना से लगभग 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी बाबू ने चकमार्ग पर अवैध रूप से मकान बना रखा है तथा शौचालय भी उनकी जमीन पर बना दिया गया है। कई बार हिदायत देने के बावजूद आरोपियों ने न तो शौचालय हटाया और न ही कब्जा छोड़ा।
महिला का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो 17 जून की सुबह करीब 7 बजे विपक्षी पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए और जान से मारने की धमकी देकर चले गए।
बताया जा रहा है कि मामले की जांच के लिए कई बार बेनीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। आखिरकार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विपक्षी दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं और उनके परिवार की महिलाएं भी आए दिन विवाद खड़ा करती रहती हैं। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए, चोरी किया गया सामान बरामद कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।
पुलिस ने अवैध तमंचे और कारतूस के साथ युवक को दबोचा
रितेश मिश्रा
हरदोई !̊!̊  जनपद में अवैध शस्त्रों के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुरसा थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक शातिर अभियुक्त को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ लगातार धरपकड़ की जा रही है। इसी क्रम में 17 जून को थाना सुरसा पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी करते हुए अमन  पुत्र रामगुलाम निवासी बल्लीपुर,थाना सुरसा,जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया।अवैध हथियार बरामद पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में अभियुक्त के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई है:एक अदद अवैध तमंचा (.012 बोर)एक अदद जिंदा कारतूस आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सुरसा पर मुकदमा अपराध संख्या 192/26 के अंतर्गत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।सराहनीय कार्य करने वाली पुलिसटीम:इस कामयाबी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:उ0नि0 मोहम्मद फही,̊का0 जोनी सिंह
का0 अविनाश कौशिक
का0 प्रशांत कुमार
एकल उपयोग प्लास्टिक के विरुद्ध चलाया गया अभियान,काफ़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री जब्त
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कस्बे के मुख्य बाजार में एकल उपयोग प्लास्टिक की रोकथाम के लिए गुरुवार को नगर पालिका द्वारा छापा मार अभियान चलाया गया। जिसमे काफ़ी मात्रा में प्लास्टिक ग्लास सहित अन्य सामग्री पालिका द्वारा जब्त की गई।
       प्लास्टिक उन्मूलन महाभियान के तहत गुरुवार को नगर पालिका द्वारा कस्बे में प्लास्टिक उपयोग की दुकानों पर छापामार अभियान चलाया।जिसमे काफ़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री को नगर पालिका टास्क फ़ोर्स कर्मियों द्वारा जब्त किया गया।अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से एकल उपयोग प्लास्टिक रोकथाम करने एवं सकल उपयोग प्लास्टिक उपयोगकर्ताओं के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए जब्त की गयी प्लास्टिक की मात्रा, अध्यारोपित जूमनि की राशि एवं कार्यवाही के फोटोग्राफस राज्य मिशन निदेशालय को उपलब्ध कराना तथा समस्त गतिविधियों को स्वच्छतम पोर्टल पर अपलोड कराया जाना है, साथ ही 03 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस एवं 12 जुलाई को पेपर बैग डे" मनाया जायेगा। उक्त के कम में मुख्य रूप से व्यवसायिक संस्थानों यथा मॉल, शॉपिंग सेंटर बाजार, सिनेमा हॉल कार्यालय परिसर, स्ट्रीट वेडर, सब्जी मंडी, होलसेलर, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, होटल रेस्टोरेंट, बस स्टेशन, लोकल शॉप तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्र में टॉस्क फोर्स के माध्यम से प्लास्टिक उन्मूलन हेतु कार्यवाही की जानी है।
विभूतियों के सम्मान संग बिखरे संस्कृतियों के रंग
-  भगवान गौतम बुद्ध पर नृत्य नाटिका ने मोहा मन

-  दास्तानगोई संग कान्हा से द्वारिकाधीश नाटक का मंचन

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, (संस्कृति विभाग), बदलाव: एक कदम शिक्षा की ओर और कला कारवां के संयुक्त तत्वावधान में नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत गुरुवार को वीरांगना सम्मेलन एवं लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल-2026 का आयोजन किया गया। गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह में रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में लखनऊ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, लोक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों की छाप दिखी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ रंगकर्मी और अभिनेता डा. अनिल रस्तोगी, वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार, उद्यमी यावर अली शाह और रोटरी क्लब के असिस्टेंट गवर्नर प्रवीण कुमार मित्तल को लक्ष्मणपुरी गौरव सम्मान दिया गया। पद्मश्री विद्या विंदु सिंह, शिक्षाविद रोमा बच्चानी, शिक्षिका डॉ. अनीता मिश्रा और अभिनेत्री मनीषा मेहरा को रानी लक्ष्मीबाई प्रेरणा सम्मान प्रदान किया गया। इन सभी को अतिथि भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी, राज्य ललित कला अकादमी के डा. सुनील कुमार विश्वकर्मा, उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, ललित कला अकादमी के सचिव देवेन्द्र त्रिपाठी, भंते शील रतन, संस्थान के सदस्य तरुणेश मिश्र व निदेशक डा. राकेश सिंह, ललित कला अकादमी के निदेशक अमित अग्निहोत्री ने सम्मान चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट किए।
इसके बाद ’’बुद्धम शरणम् गच्छामि’’ नृत्य नाटिका मंचित की गई। इसमें गौतम बुद्ध के जीवन और उनके ज्ञान की यात्रा को भावपूर्ण नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कहानी की शुरुआत कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ के वैभवपूर्ण जीवन से हुई। फिर जीवन के दुखदृदर्द, रोग, वृद्धावस्था और मृत्यु को देखकर उनके मन में उत्पन्न हुए वैराग्य से सत्य की खोज और बोधगया में गहन ध्यान के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति से बुद्ध बनने तक की यात्रा को दिखाया गया। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से मानवता को मध्यम मार्ग, अहिंसा और करुणा का संदेश दिया गया। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और कथक गुरु डा. उपासना दीक्षित के निर्देशन में नृत्य नाटिका को प्रस्तुत किया गया। संगीत संयोजन एवं गायन पंडित आनंद दीक्षित व कृष्ण कुमार मौर्या का रहा। संवाद स्वर पंडित आनन्द दीक्षित, अखंड प्रताप, मानसी गिरी व आकांक्षा श्रीवास्तव का रहा। मंच पर चारू पाण्डेय, आकांक्षा श्रीवास्तव, मानसी गिरी, अनन्या तिवारी, आरोही पाठक, अनन्या अग्रवाल, नेहा श्रीवास्तव, सोनल मिश्रा, अनन्या वर्मा व शिक्षा अग्रवाल ने नृत्य किया।
धनुष-सा तना, वचन-सा अटल, लक्ष्मण का हर एक संकल्प रू लक्ष्मण जी... यानी वह नाम जो साहस, जागरुकता और अटूट समर्पण की मिसाल है। रामायण के इस अद्वितीय पात्र ने अपने जीवन को केवल एक उद्देश्य में ढाल दिया- श्रीराम की सेवा और धर्म की रक्षा। चौदह वर्षों का वनवास, बिना विश्राम के पहरा और हर संकट में अडिग खड़े रहना। उनका जीवन एक मौन तपस्या था। उनका क्रोध भी धर्म के लिए था और उनका प्रेम भी त्याग से भरा। इस भाव को दास्तानगो अरशाना अजमत और प्रतीक भारद्वाज ने लक्ष्मणजी पर केंद्रित दास्तानगोई लक्ष्मणगाथा में प्रस्तुत किया। अरशाना ने उर्मिला की मौन शक्ति और उनके त्याग को संजीदगी से इन भावों में प्रस्तुत किया-
" धनुष-सा तना, वचन-सा अटल, लक्ष्मण का हर एक संकल्प,
छाया बन संग रहे सदा, त्याग बना उनका विकल्प।
उर्मिला की नीरव तपस्या, हर पीड़ा में दीप जली,
दोनों के इस प्रेम-व्रत में, मर्यादा की राह चली।"
अब बारी थी कान्हा से द्वारिकाधीश नाट्य प्रस्तुति की। करीब 50 कलाकारों की इस शानदार प्रस्तुति ने हर दर्शक के मन पर छाप छोड़ी। अमित दीक्षित राम जी के निर्देशन में मंचित यह नाटक भगवान श्रीकृष्ण की उस अद्भुत जीवन-यात्रा को स्वर देती है, जहाँ बाल-लीला से राजधर्म तक का विस्तार होता है। गोकुल की गलियों में नटखट कान्हा, माखन-चोरी और यशोदा के वात्सल्य से मन मोह लेते हैं। उनकी बांसुरी में बसता प्रेम, पूरे वृंदावन को एक सूत्र में बांध देता है। कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन धारण से उनका दैवी, रक्षक रूप प्रकट होता है। रास-लीला में राधा-कृष्ण का प्रेम आत्मा के शाश्वत मिलन का प्रतीक बनता है। परंतु इस वैभव के बीच राधा का विरह प्रेम की अमरता का संदेश देता है। किंतु इसी मधुरता के बीच कर्तव्य की पुकार उन्हें विरह के मार्ग पर अग्रसर करती है। मथुरा गमन के साथ ही जीवन का नया अध्याय प्रारंभ होता है। कंस वध के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय का उद्घोष होता है।  कृष्ण अब केवल कान्हा नहीं, युगधर्म के वाहक बनकर उभरते हैं। समय के साथ वह एक कुशल कूटनीतिज्ञ और दूरदर्शी शासक बनते हैं। द्वारका की स्थापना उनके नेतृत्व और नीति का प्रतीक बनती है। “द्वारकाधीश” के रूप में वे कर्तव्य, धर्म और शासन का आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
हार से घबराएं नहीं खिलाड़ी : सुनील- इंडोर स्टेडियम में योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देवघर: योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन देवघर की ओर से इंडोर स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन गुरुवार को हो गया। इस अवसर पर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक सह जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार उपस्थित रहे। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि हार से घबराएं नहीं, इससे खेल में जीत की ललक मजबूत होती है। हार एक सबक, भविष्य के आयोजन में खिलाड़ी व बेहतर प्रदर्शन करते हैं। विजेताओं को भी डॉ. सुनील खवाड़े ने नसीहत देते हुए कहा कि आगे और बेहतर प्रदर्शन कर देवघर और झारखंड का नाम रौशन करें। वहीं जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।विजयी प्रतिभागियों को डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार ने मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर रूपा श्री, संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सचिव ऋषि राज सिंह, संजय मालवीय, कोषाध्यक्ष राजश्री मालवीय, धर्मेंद्र देव समेत कई लोग मौजूद थे। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के लिए चयन :- जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग योगासन इवेंट में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं ने हिस्सा लेकर योग कला का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले का चयन राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ियों में सुधांशु कुमार, आदित्य कुमार, संजीवनी, सुरभि गुप्ता, सुमन खरीदार, सानिया ठाकुर, तृप्ति कृष्णा, उत्सव आनंद, गुलशन कुमार, पवन कुमार, अर्जुन कुमार, आकृति कुमारी, वर्षा कुमारी, अंश एवं उदित कुमार यादव सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। सभी चयनित खिलाड़ी नेतरहाट में 24, 25 व 26 जून को होने वाली राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में देवघर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों ने की शिरकत :- 10 से 14 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सुरभि गुप्ता ने प्रथम स्थान, प्रगति कुमारी ने द्वितीय स्थान एवं सुमन खरीदार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 10 से 14 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में सुधांशु कुमार प्रथम, उदित यादव द्वितीय एवं अभय कुमार तृतीय स्थान पर रहे। 14 से 18 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सानिया ठाकुर ने प्रथम स्थान, तृप्ति कृष्णा ने द्वितीय एवं मुस्कान कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में उत्सव आनंद प्रथम एवं गुलशन कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। 18 से 28 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में शांति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 18 से 28 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में पवन कुमार प्रथम एवं अर्जुन कुमार माता द्वितीय स्थान पर रहे। इसके अलावा आर्टिस्टिक सिंगल इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में संजीवनी कुमारी प्रथम, आकृति कुमारी द्वितीय एवं वर्षा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। 14 से 18 आयु वर्ग बालक वर्ग में उत्सव आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग बालिका वर्ग में तृप्ति कृष्णा प्रथम एवं सानिया ठाकुर द्वितीय स्थान पर रहीं। आर्टिस्टिक पेयर इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में आकृति एवं संजीवनी की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वर्षा एवं सृष्टि की जोड़ी द्वितीय स्थान पर रही। 10 से 14 आयु वर्ग बालक वर्ग में अंश एवं उदित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में बालक वर्ग में रक्षित चंद्र झा प्रथम, ओम कुमार द्वितीय एवं राजकुमार तृतीय स्थान पर रहे। वहीं बालिका वर्ग में आद्याचा प्रथम, खुशी कुमारी द्वितीय एवं अभिशा सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
वन विभाग एवं पुलिस की सह पर टड़ियावां क्षेत्र में फल फूल रहा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ों का अवैध कटान

विनोद गुप्ता 

टड़ियावां हरदोई । वन विभाग के संरक्षण व स्थानीय पुलिस की सह पर क्षेत्र में पनप रहे हरियाली के दुश्मन, थाना टड़ियावां क्षेत्र के गाँव बरौली माइनर की पूरब उत्तर पटरी के किनारे बरौली निवासी दो किसान के खेत मे खड़े हरे भरे पेड़ों को बुधवार की प्रातः काल लकड़ी कटान माफिया ने काट दिए प्रतिबंधित हरे भरे एक गूलर व दो आम के हरे भरे पेड़ बिना परमिट के लकड़ी ठेकेदारों ने आरा चला दिया है। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व गाँव भैंसरी में नीम व जामुन के पेड़ों को लकड़कट्टों ने काटा था इसके अलावा थाना टड़ियावां क्षेत्र के विभिन्न गाँव में काटे गए प्रतिबंधित आम व गूलर, पेड़ अब सोचनीय विषय यह है कि प्रशासन की सख्ती होने के बाद भी आख़िर किसके संरक्षण में आये दिन काटे जा रहे हरे भरे प्रतिबंधित पेंड। 

*बोले जिम्मेदार -वन दरोगा अभय पटेल ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों को काटने की उन्हें जानकारी नही है । मौके की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

संभव 6.0 लांच, पाँच विभाग मिलकर करेंगे काम

- महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किया शुभारंभ

- इस बार जीवन के पहले 1,000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ‘संभव अभियान 6.0’ की शुरुआत की। महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्थानीय होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति व अंतरविभागीय समन्वय के कारण ही प्रदेश ने बीते आठ साल में तकरीबन 15 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का उपचार कर उनको सेहतमंद बना दिया है। इस अवसर पर बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ सबसे अच्छा काम करने वाले पांच जिलों कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकत्साधिकारी के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक सीडीपीओ, एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री और एक सहायिका को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मंत्री ने सम्भव पैकेज और सोशल मीडिया पैकेज का विमोचन किया, जिसमें सम्भव अभियान के जिला-स्तरीय क्रियान्वयन से संबंधित योजना उपकरण तथा नवजात शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण से संबंधित तकनीकी हैंडआउट/सोशल मीडिया सामग्री शामिल हैं। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को नए टेक होम राशन (ज्भ्त्) पैकेट भी वितरित किए तथा इस अवसर पर नवीन पोषाहार से बनाये गए विभिन्न रेसिपी के स्टाल का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने रणवीर ब्रार जैसे प्रसिद्ध शेफ को प्रदर्शित करने वाली वीडियो श्रृंखला का भी विमोचन किया।

आईसीडीएस निदेशक सुश्री हर्षिता माथुर ने “प्रयास से प्रभाव तक” विषय पर एक सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वर्ष 2021 से 2025 तक संभव अभियान की यात्रा तथा संभव 6.0 के प्रमुख स्तंभों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, 14 लाख से अधिक बच्चों का उपचार किया गया तथा गंभीर तीव्र कुपोषण से ग्रस्त 81 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ होने में सफल रहे। इस वर्ष यह अभियान जुलाई से सितंबर तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और छोटे बच्चों में कुपोषण की रोकथाम की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संभव अभियान अब अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है, जो जीवन के पहले 1,000 दिनों-गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद 730 दिन पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है और इस समय कुपोषण से होने वाला नुकसान आगे चलकर पूरी तरह सुधारा नहीं जा सकता।

यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पोषण क्षेत्र में कार्यरत विकास साझेदारों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव (महिला एवं बाल विकास) लीना जौहरी ने कहा कि अब चुनौती केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और लोगों की पोषण संबंधी आदतों में सुधार की है। बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के समय कुपोषित या कम वजन की होती हैं, जिसके कारण बच्चों का जन्म कम वजन के साथ होता है और उनमें कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है। संभव 6.0 इसी अंतर को दूर करने का अहम प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सम्भव 6.0 के अंतर्गत इस वर्ष गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण देखभाल, कम वजन के नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, ‘छह माह, सात बार’ रणनीति के तहत शिशुओं के लिए नियमित गृह भ्रमण, तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, समुदाय आधारित प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि कुपोषित बच्चों को समय रहते उपचार और उचित देखभाल उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ पिंकी जोवेल ने एनएफएचएस के ताजा आंकड़ों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मातृ मत्यु दर बढ़ना इस ओर इंगित करता है कि इसको कम करने के लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का समन्वय जरूरी है। दोनों विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे तो तीन साल बाद अगले एनएफएचएस सर्वे में मातृ मृत्यु दर के आंकड़े भी कम दिखेंगे।

आईसीडीएस की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि इस वर्ष अभियान में पंचायती राज, योजना विभाग और सूचना विभाग को भी औपचारिक रूप से जोड़ा गया है, जिससे समन्वित प्रयासों को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जहाँ पंचायती राज विभाग गांव स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत करेगा, वहीं योजना विभाग कार्यक्रम की समीक्षा और आंकड़ों के सत्यापन की जिम्मेदारी निभाएगा और सूचना विभाग व्यापक जनजागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देगा।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने अपनी प्रस्तुतिकरण में पंचायत सखी को संभव अभियान से जोड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास विभाग की सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल, एचएचएम के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन ने भी अपने प्रजेंटेशन दिए।  

यूनिसेफ की ओर से पोषण विशेषज्ञ रबी नारायण ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अवसर, समानता, मानव संसाधन के विकास और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन प्रदान करना उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक (आईसीडीएस) श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा किया गया तथा संभव अभियान की सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती पारुल शुक्ला, संयुक्त परियोजना समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया गया। संभव अभियान के राज्य नोडल अधिकारी आईसीडीएस विभाग के उप निदेशक सेराज अहमद द्वारा कार्यक्रम के समापन पर सभी विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

ससुराल आए व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत,फंदे से लटका मिला शव
*तीन दिन से अपनी ससुराल में था युवक,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा गांव में ननके (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।ननके का शव ससुराल में फांसी के फंदे से लटका मिला।ननके अपनी पत्नी उज्जवला को लेने के लिए तीन दिन पहले अहमदाबाद से यहाँ आया था।घटना की सूचना पाकर जब ननके के परिजन ससुराल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ननके का शव फंदे से उतार कर जमीन पर रखा गया था।मृतक ननके तीन दिनों से अपनी पत्नी उज्जवला को घर ले जाने का प्रयास कर रहा था,परन्तु वह तैयार नहीं थी।बुधवार देर शाम ननके ने अपने परिवार को फोन पर बताया था कि उज्जवला साथ चलने के तैयार है और वो जल्दी ही आ रहे हैं।हालांकि वह घर नहीं पहुंचा।आज बृहस्पतिवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिजनों पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों का से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव निवासिनी उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों में अनबन चल रही थी और विगत ढाई साल से उनके मध्य विवाद चल रहा था।मृतक के दो बेटे और एक बेटी है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेने के लिए अहमदाबाद से आया हुआ था और विगत तीन दिन से अपने ससुराल में अपने घर से आकर रुका हुआ था और कल शाम को बताया कि वह अपनी पत्नी को लेकर घर आ रहा है,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा।आज सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने अपने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिवार पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उनके परिजनों से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी सात साल पहले गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव की रहने वाली उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी तथा विगत ढाई साल से उनके बीच विवाद गहरा गया था।मृतक ननके के दो बेटे और एक बेटी हैं।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अहमदाबाद से अपनी पत्नी को लेने के लिए आया हुआ था और तीन दिन से ससुराल में ही अपने घर से आकर रुका हुआ था।उसने कल शाम को बताया कि हम घर पर अपनी पत्नी को लेकर आ रहे हैं,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा और बाद में मालूम हुआ कि उसने फांसी लगा लिया है।परन्तु मेरे बेटे ने फांसी नहीं लगाया है बल्कि उसके ससुराल वालों ने उसको मार डाला है।वहीं नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।मृतक के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं हैं और प्रथम दृष्ट्या मृतक द्वारा फांसी लगाने का मामला सामने आ रहा है।
Sambhal माहे मुहर्रम हज़रत इमाम हुसैन ( रदियल्लाहो अन्ह ) की कुर्बानी,उम्मत के लिए रहनुमाई :  मौलाना फैजान अशरफ हामिदी


संभल ।माहे मुहर्रम इस्लामी साल का पहला और बहुत बरकत वाला महीना है। इस महीने की सबसे बड़ी याद कर्बला का वह ऐतिहासिक वाक़िआ है, जिसने हक़ (सच्चाई) और बातिल (झूठ व ज़ुल्म) के बीच फर्क को हमेशा के लिए साफ़ कर दिया।
यौमे आशूरा हमें हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके वफ़ादार साथियों की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने ज़ुल्म और नाइंसाफी के सामने झुकने के बजाय हक़ और इंसाफ़ के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा।
कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सब्र, हिम्मत, सच्चाई और नेक किरदार का सबक है।
इस मुबारक मौके पर हमें अपनी ज़िंदगी में इन बातों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए:
सच्चाई और इंसाफ़ का साथ दें
कर्बला हमें सिखाती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हमेशा सच और इंसाफ़ के साथ खड़ा रहना चाहिए। किसी भी तरह के ज़ुल्म, झूठ और नाइंसाफी का समर्थन नहीं करना चाहिए।
सब्र और हिम्मत से काम लें
हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके साथियों ने भूख, प्यास और कठिन परीक्षाओं के बावजूद सब्र और हिम्मत का दामन नहीं छोड़ा। हमें भी अपनी परेशानियों में अल्लाह पर भरोसा रखते हुए धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए।
भाईचारा और एकता को मज़बूत करें
आज के समय में हमारी सबसे बड़ी ताकत आपसी मोहब्बत, भाईचारा और एकता है। हमें नफ़रत और भेदभाव से बचकर एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए तथा समाज में अमन और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
नेक अख़लाक़ और इबादत को अपनाएँ
मुहर्रम का महीना हमें अपने किरदार और आमाल को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। नमाज़ की पाबंदी, सच्चाई, ईमानदारी, अच्छे व्यवहार और ज़रूरतमंदों की मदद करना एक सच्चे इंसान की पहचान है।
आइए, इस माहे मुहर्रम में हम केवल ग़म का इज़हार ही न करें, बल्कि हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु के बताए हुए रास्ते—सच्चाई, सब्र, इंसाफ़, तक़वा और इंसानियत—को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं। यही शुहदाए कर्बला के लिए हमारी सच्ची ख़िराजे अकीदत होगी।
सरेशाम सर्राफ के साथ हुई लाखों की लूट एसपी ने जल्द खुलासे के लिए गठित की टीमें
रितेश मिश्रा
हरदोई।कासिमपुर थाना के एक गांव के निकट बुधवार को सरेशाम दुकान बंद कर घर जाते समय बाइक सवार बदमाशों ने मारपीट कर लाखों रूपये के ज़ेवर लूट लिए। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने घटना स्थल का निरिक्षण कर पीड़ित से घटना की जानकारी ली और जल्द खुलासे के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के नेतृत्त्व में चार टीमें गठित कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
         
प्राप्त विवरण में बुधवार को समय करीब 7:30 बजे मो नसीम पुत्र नसीर निवासी हसनापुर थाना कासिमपुर जिनकी घुघेरा चौराहे पर सोने-चांदी की दुकान है। शाम करीब 7:00 बजे दुकान बंद करके अपने घर जा रहा थे तभी रास्ते में जमुनिया बाग और रसूलपुर के बीच में दो अज्ञात मोटर साइकिल में सवार 4 व्यक्तियों द्वारा छीनझपटी व मारपीट करते हुए नसीम से एक थैला छीन लिया जिसमें करीब दो किलो चांदी और लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण थे और एक मोबाइल फोन था और छीन कर चले गए है।

पुलिस अधीक्षक श्री मीणा ने बताया घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है साथ ही साथ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के नेतृत्व में 04 टीमें इस घटना के अनावरण के लिए लगाई गई है और वादी से तहरीर प्राप्त कर मुकदमा दर्ज किया गया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई इसमें की जा रही है जल्द से जल्द इस घटना का अनावरण किया जाएगा।
पैतृक जमीन कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
विनोद गुप्ता
बेनीगंज (हरदोई)। सूबे की सरकार द्वारा अवैध कब्जों और जमीन संबंधी विवादों को रोकने के लाख प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि कब्जे और दबंगई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जनपद हरदोई की बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मिश्रीपुर मजरा सिकन्दरपुर का है, जहां एक महिला ने गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन पर कब्जा करने, सामान चोरी करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थिनी प्रेमलता पत्नी स्वर्गीय लाल सिंह निवासी मिश्रीपुर मजरा सिकन्दरपुर ने कोतवाली बेनीगंज में शिकायती पत्र देकर बताया कि दिनांक 20 मई 2026 को राजस्व विभाग, पुलिस बल तथा ग्राम प्रधान की मौजूदगी में गाटा संख्या 2155 की निशानदेही कराते हुए उनकी जमीन से 10 फीट चकमार्ग निकाला गया था, ताकि रास्ते का निकास हो सके। इस कार्रवाई के बाद गांव के विपक्षी पक्ष से आपसी सुलह-समझौता भी हो गया था।
पीड़िता के अनुसार समझौते के आधार पर उन्होंने 15 जून 2026 को अपने खेत के किनारे जाली, रस्सी, तार और एंगल लगवाकर घेराबंदी कराई थी। आरोप है कि 16 जून की रात गांव के बाबू पुत्र भगवती पासी, राजेन्द्र, गुड्डू, विलास, तोला, लाला, लवकुश और सोहनलाल समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे और खेत में लगी घेराबंदी को उखाड़कर सामान चोरी कर ले गए। महिला का कहना है कि इस घटना से लगभग 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी बाबू ने चकमार्ग पर अवैध रूप से मकान बना रखा है तथा शौचालय भी उनकी जमीन पर बना दिया गया है। कई बार हिदायत देने के बावजूद आरोपियों ने न तो शौचालय हटाया और न ही कब्जा छोड़ा।
महिला का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो 17 जून की सुबह करीब 7 बजे विपक्षी पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए और जान से मारने की धमकी देकर चले गए।
बताया जा रहा है कि मामले की जांच के लिए कई बार बेनीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। आखिरकार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विपक्षी दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं और उनके परिवार की महिलाएं भी आए दिन विवाद खड़ा करती रहती हैं। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए, चोरी किया गया सामान बरामद कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।
पुलिस ने अवैध तमंचे और कारतूस के साथ युवक को दबोचा
रितेश मिश्रा
हरदोई !̊!̊  जनपद में अवैध शस्त्रों के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुरसा थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक शातिर अभियुक्त को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ लगातार धरपकड़ की जा रही है। इसी क्रम में 17 जून को थाना सुरसा पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी करते हुए अमन  पुत्र रामगुलाम निवासी बल्लीपुर,थाना सुरसा,जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया।अवैध हथियार बरामद पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में अभियुक्त के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई है:एक अदद अवैध तमंचा (.012 बोर)एक अदद जिंदा कारतूस आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सुरसा पर मुकदमा अपराध संख्या 192/26 के अंतर्गत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।सराहनीय कार्य करने वाली पुलिसटीम:इस कामयाबी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:उ0नि0 मोहम्मद फही,̊का0 जोनी सिंह
का0 अविनाश कौशिक
का0 प्रशांत कुमार
एकल उपयोग प्लास्टिक के विरुद्ध चलाया गया अभियान,काफ़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री जब्त
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कस्बे के मुख्य बाजार में एकल उपयोग प्लास्टिक की रोकथाम के लिए गुरुवार को नगर पालिका द्वारा छापा मार अभियान चलाया गया। जिसमे काफ़ी मात्रा में प्लास्टिक ग्लास सहित अन्य सामग्री पालिका द्वारा जब्त की गई।
       प्लास्टिक उन्मूलन महाभियान के तहत गुरुवार को नगर पालिका द्वारा कस्बे में प्लास्टिक उपयोग की दुकानों पर छापामार अभियान चलाया।जिसमे काफ़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री को नगर पालिका टास्क फ़ोर्स कर्मियों द्वारा जब्त किया गया।अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से एकल उपयोग प्लास्टिक रोकथाम करने एवं सकल उपयोग प्लास्टिक उपयोगकर्ताओं के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए जब्त की गयी प्लास्टिक की मात्रा, अध्यारोपित जूमनि की राशि एवं कार्यवाही के फोटोग्राफस राज्य मिशन निदेशालय को उपलब्ध कराना तथा समस्त गतिविधियों को स्वच्छतम पोर्टल पर अपलोड कराया जाना है, साथ ही 03 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस एवं 12 जुलाई को पेपर बैग डे" मनाया जायेगा। उक्त के कम में मुख्य रूप से व्यवसायिक संस्थानों यथा मॉल, शॉपिंग सेंटर बाजार, सिनेमा हॉल कार्यालय परिसर, स्ट्रीट वेडर, सब्जी मंडी, होलसेलर, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, होटल रेस्टोरेंट, बस स्टेशन, लोकल शॉप तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्र में टॉस्क फोर्स के माध्यम से प्लास्टिक उन्मूलन हेतु कार्यवाही की जानी है।
विभूतियों के सम्मान संग बिखरे संस्कृतियों के रंग
-  भगवान गौतम बुद्ध पर नृत्य नाटिका ने मोहा मन

-  दास्तानगोई संग कान्हा से द्वारिकाधीश नाटक का मंचन

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, (संस्कृति विभाग), बदलाव: एक कदम शिक्षा की ओर और कला कारवां के संयुक्त तत्वावधान में नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत गुरुवार को वीरांगना सम्मेलन एवं लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल-2026 का आयोजन किया गया। गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह में रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में लखनऊ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, लोक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों की छाप दिखी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ रंगकर्मी और अभिनेता डा. अनिल रस्तोगी, वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार, उद्यमी यावर अली शाह और रोटरी क्लब के असिस्टेंट गवर्नर प्रवीण कुमार मित्तल को लक्ष्मणपुरी गौरव सम्मान दिया गया। पद्मश्री विद्या विंदु सिंह, शिक्षाविद रोमा बच्चानी, शिक्षिका डॉ. अनीता मिश्रा और अभिनेत्री मनीषा मेहरा को रानी लक्ष्मीबाई प्रेरणा सम्मान प्रदान किया गया। इन सभी को अतिथि भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी, राज्य ललित कला अकादमी के डा. सुनील कुमार विश्वकर्मा, उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, ललित कला अकादमी के सचिव देवेन्द्र त्रिपाठी, भंते शील रतन, संस्थान के सदस्य तरुणेश मिश्र व निदेशक डा. राकेश सिंह, ललित कला अकादमी के निदेशक अमित अग्निहोत्री ने सम्मान चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट किए।
इसके बाद ’’बुद्धम शरणम् गच्छामि’’ नृत्य नाटिका मंचित की गई। इसमें गौतम बुद्ध के जीवन और उनके ज्ञान की यात्रा को भावपूर्ण नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कहानी की शुरुआत कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ के वैभवपूर्ण जीवन से हुई। फिर जीवन के दुखदृदर्द, रोग, वृद्धावस्था और मृत्यु को देखकर उनके मन में उत्पन्न हुए वैराग्य से सत्य की खोज और बोधगया में गहन ध्यान के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति से बुद्ध बनने तक की यात्रा को दिखाया गया। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से मानवता को मध्यम मार्ग, अहिंसा और करुणा का संदेश दिया गया। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और कथक गुरु डा. उपासना दीक्षित के निर्देशन में नृत्य नाटिका को प्रस्तुत किया गया। संगीत संयोजन एवं गायन पंडित आनंद दीक्षित व कृष्ण कुमार मौर्या का रहा। संवाद स्वर पंडित आनन्द दीक्षित, अखंड प्रताप, मानसी गिरी व आकांक्षा श्रीवास्तव का रहा। मंच पर चारू पाण्डेय, आकांक्षा श्रीवास्तव, मानसी गिरी, अनन्या तिवारी, आरोही पाठक, अनन्या अग्रवाल, नेहा श्रीवास्तव, सोनल मिश्रा, अनन्या वर्मा व शिक्षा अग्रवाल ने नृत्य किया।
धनुष-सा तना, वचन-सा अटल, लक्ष्मण का हर एक संकल्प रू लक्ष्मण जी... यानी वह नाम जो साहस, जागरुकता और अटूट समर्पण की मिसाल है। रामायण के इस अद्वितीय पात्र ने अपने जीवन को केवल एक उद्देश्य में ढाल दिया- श्रीराम की सेवा और धर्म की रक्षा। चौदह वर्षों का वनवास, बिना विश्राम के पहरा और हर संकट में अडिग खड़े रहना। उनका जीवन एक मौन तपस्या था। उनका क्रोध भी धर्म के लिए था और उनका प्रेम भी त्याग से भरा। इस भाव को दास्तानगो अरशाना अजमत और प्रतीक भारद्वाज ने लक्ष्मणजी पर केंद्रित दास्तानगोई लक्ष्मणगाथा में प्रस्तुत किया। अरशाना ने उर्मिला की मौन शक्ति और उनके त्याग को संजीदगी से इन भावों में प्रस्तुत किया-
" धनुष-सा तना, वचन-सा अटल, लक्ष्मण का हर एक संकल्प,
छाया बन संग रहे सदा, त्याग बना उनका विकल्प।
उर्मिला की नीरव तपस्या, हर पीड़ा में दीप जली,
दोनों के इस प्रेम-व्रत में, मर्यादा की राह चली।"
अब बारी थी कान्हा से द्वारिकाधीश नाट्य प्रस्तुति की। करीब 50 कलाकारों की इस शानदार प्रस्तुति ने हर दर्शक के मन पर छाप छोड़ी। अमित दीक्षित राम जी के निर्देशन में मंचित यह नाटक भगवान श्रीकृष्ण की उस अद्भुत जीवन-यात्रा को स्वर देती है, जहाँ बाल-लीला से राजधर्म तक का विस्तार होता है। गोकुल की गलियों में नटखट कान्हा, माखन-चोरी और यशोदा के वात्सल्य से मन मोह लेते हैं। उनकी बांसुरी में बसता प्रेम, पूरे वृंदावन को एक सूत्र में बांध देता है। कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन धारण से उनका दैवी, रक्षक रूप प्रकट होता है। रास-लीला में राधा-कृष्ण का प्रेम आत्मा के शाश्वत मिलन का प्रतीक बनता है। परंतु इस वैभव के बीच राधा का विरह प्रेम की अमरता का संदेश देता है। किंतु इसी मधुरता के बीच कर्तव्य की पुकार उन्हें विरह के मार्ग पर अग्रसर करती है। मथुरा गमन के साथ ही जीवन का नया अध्याय प्रारंभ होता है। कंस वध के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय का उद्घोष होता है।  कृष्ण अब केवल कान्हा नहीं, युगधर्म के वाहक बनकर उभरते हैं। समय के साथ वह एक कुशल कूटनीतिज्ञ और दूरदर्शी शासक बनते हैं। द्वारका की स्थापना उनके नेतृत्व और नीति का प्रतीक बनती है। “द्वारकाधीश” के रूप में वे कर्तव्य, धर्म और शासन का आदर्श प्रस्तुत करते हैं।