कृष्ण और सुदामा की बालसखा की कथा सुना कर भक्त भाव विभोर हुए, कथा के अंतिम दिन भक्तों की रही भीड़

फर्रुखाबाद ।क्षेत्र के गांव रुनीचुरसाई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिवस पर कथाव्यास पं सुरेश चन्द्र द्विवेदी व सुनोराम दुबे असेह कन्नौज ने अपने मुखारविंद से भक्तों को अमृतमयी कथा का रसपान कराते हुए सुनाया कि भगवान कन्हैया ने रुक्मिणी, जामवंती, सत्यभामा सहित सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन किया, प्रसंग सुनकर भक्त भावविभोर हुए, अपने गुरुकुल के बालसखा सुदामा चरित्र का मार्मिक चित्रण वर्णन किया, कृष्ण सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन करते हुए कहा पत्नी सुशीला के बहुत  आग्रह पर भेंट स्वरूप चावल ले गए , द्वारिकाधीशने अपने गरीब मित्र को राजसिंहासन बैठाया और सुदामा की दीन दशा पर करुणा करिके करुणानिधि बहुत रोऐ तत्पश्चात अपने गरीब मित्र को चावल की एक मुठ्ठी के बदले सुदामा की कुटिया को राजमहल में बदल दिया, आगे उन्होंने कहा कि चार वेद छः शास्त्र में बात लिखी है दोय,दुख दीन्हे दुख होत है सुख दीन्हे सुख होय और अन्त में सभी श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में जीवन के कल्याण हेतु कहा , संसार के जीवों पर हर दम ही दया करना, जब कोई न हो अपना सियाराम जपा करना, कथा परीक्षित विमलेश कुमार पत्नी ममता कुमारी रहे, संगीतमय कथा में ढोलक पर राजेश पैड पर पुजारी, हेमचंद्र दुबे, साधू , केशव और व्यवस्था में अरविन्द राजपूत, वीरभान सिंह, गिरन्द सिंह, माखनलाल, सूरजपसाद, हरजीत,अमित कुमार ,भगवान दास,मनोज कुमार, रामनरेश, अवधेश सिंह, राजनरायन, हरीराम , दीपक ,आशाराम , प्रभूदयाल , शोभित सहित भारी संख्या में श्रद्धालु रहे ।
स्कूली वाहनो की फिटनेस बैद्धता होगी अनिवार्य - अल्का शुक्ला*
सड़क पर दौड़ रही स्कूली वाहनों को चिन्हित कर प्रबंधक व वाहन स्वामियों पर होगा मुकदमा दर्ज।
सुल्तानपुर,स्कूली वाहनों की फिटनेस वैद्धता समाप्त हो जाने वाले ऐसे वाहन स्वामी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी व प्रशासन ने कडा रूख दिखाते हुए वाहनों की फिटनेस व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के लिए एक सख्त नोटिस जारी किया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अल्का शुक्ला ने ऐसे विद्यालयों में शम्बद्ध वाहनों पर आने जाने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं के जीवन सुरक्षा को ध्यान मे रखकर ऐसे वाहन स्वामियों को सख्ती का पत्र जारी कर 130 से अधिक वाहन स्वमियों को अपना वाहन जल्द से जल्द दुरुस्त कराने को कहा है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अल्का शुक्ला द्वारा जारी सूची मे ऐसे अभिभावक को आगाह किया है कि वे ऐसे वाहन पर अपने बच्चों को कदापि न भेजें जिन वाहनो का फिटनेस सही नहीं है,वल्कि वे अभिभावक यह भी तहकीकात कर ले, कि वाहनो की टूटी फर्स,टूटी खिडकियां, हार्न,लाइट दुरुस्त रहे। अगर कोई वाहन स्वामी बिभाग से तत्काल गाड़ियों का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं प्राप्त कर लेते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
Mirzapur : दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए राज्य महिला आयोग और सीएम पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 15 दिन बाद भी दुष्कर्म आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई नही होने पर गुरुवार को राज्य महिला आयोग व सीएम पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। दिए गए शिकायती पत्र में पीड़ित महिला ने बताया कि बीते 11 मार्च की रात आठ बजे के करीब घर से बाहर सीवान की ओर शौच के लिए जा रही थी कि रास्ते में सूनसान देखकर गांव निवासी युवक गलत नीयत से मेरा हाथ पकड़ लिया।

विरोध करने पर जमीन पर पटककर अश्लील हरकत करने लगा और जबरन दुष्कर्म किया। शोरगुल मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो हत्या करने की धमकी देते हुए भाग गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इससे पहले आरोपित फोन पर अश्लील बातें करता था जिसका विरोध करने पर मुझे अकेली देखकर मेरे साथ बलात्कार किया। युवक मनबढ़ और सरहंग किस्म का व्यक्ति है। घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी ड्रमंडगंज पुलिस द्वारा आरोपी युवक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही की गई है। जबकि इस संबंध में एसपी व डीआईजी से कार्रवाई की गुहार लगा चुकी हूं।ड्रमंडगंज थाने का कई बार चक्कर लगा चुकी लेकिन पुलिस आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई नही की।

मनबढ़ युवक घिनौनी हरकत करने के बाद खुलेआम घूम रहा है। पीड़िता ने आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पहले मीडिल ईस्ट पर सरकार का समर्थन किया, अब किस बात है शशि थरूर हैं असंतुष्ट?

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पाकिस्तान ने औपचारिक तौर पर ईरान और अमेरिका को युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मेज़बानी की पेशकश कर दी है। कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए 'सार्थक और निर्णायक वार्ता' की मेजबानी को लेकर उनका देश तैयार है। यह घोषणा मीडिया की उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये परोक्ष रूप से प्रयास कर रहे हैं। अब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने में पाकिस्तान की भूमिका पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शांति प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका पर निराश

पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की रणनीति का अबतक खुलकर समर्थन करने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर निराशा जताई है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि भारत को इस मौके पर शांति प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक केंद्र सरकार की संयमित प्रतिक्रिया का समर्थन किया था, इस उम्मीद में कि भारत इस अवसर का उपयोग शांति स्थापना के लिए करेगा।

थरूर बोले-हमें हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए

शांति के वैश्विक प्रयासों पर थरूर ने भारत सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम शांति के पक्ष में तो हैं, लेकिन वर्तमान में शांति बहाली के लिए हमारी सक्रिय भागीदारी नहीं दिख रही है। एक राष्ट्र के तौर पर हम इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक हैं, इसलिए हमें हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए।

थरूर बोले-हमें पहल करनी चाहिए थी

थरूर के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर भारत को शांति की आवाज के रूप में पेश करते रहे हैं, ऐसे में यह मौका भारत के लिए महत्वपूर्ण था। कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह पिछले तीन हफ्तों से भारत से अपील कर रहे थे कि वह अपने मजबूत कूटनीतिक संबंधों का इस्तेमाल कर दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रेरित करे। उन्‍होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में शांति वार्ता होती है तो भारत का उससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन हमें पहल करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की इस दिशा में आगे बढ़े हैं, लेकिन भारत को इसका कोई श्रेय नहीं मिल रहा।

लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर तक पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी

* अफवाहों से बचें, जरूरत पड़ने पर ही लें पेट्रोल-डीजल; वैश्विक हालात में संयम और सहयोग की अपील

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर भीड़ लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। निर्धारित समय पर बुकिंग कराने पर गैस सिलेंडर पहले की तरह घर तक पहुंचाया जाएगा।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को ऐसी भ्रामक सूचनाओं से दूर रहना चाहिए और केवल आवश्यकता होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने पेट्रोल पंपों पर जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां एक गैस सिलेंडर एक महीने तक चलता था, वहीं अब लोग कुछ ही दिनों में घबराकर दोबारा सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जो अनावश्यक है। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था सुचारु रूप से जारी रहे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और अफवाहों के प्रभाव में आकर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह की जल्दबाजी से अव्यवस्था फैलती है और देशहित को नुकसान पहुंच सकता है।
वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि यदि संकट लंबा खिंचता है तो उसका असर हर व्यक्ति पर पड़ेगा, इसलिए सभी को मानसिक रूप से तैयार रहना होगा और सरकार के साथ मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सच्ची राष्ट्रभक्ति यही है कि हम कठिन समय में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें और देशहित में लिए गए निर्णयों का समर्थन करें।
सैकड़ो वर्षों से भुजवा बाबा अष्टमी को देवी मां के दर्शन को आते हैं   
            

तुलसीपुर- चैत्र नवरात्रि में सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन में भुर्जी समाज का विशेष मेला जो प्रत्येक वर्ष अष्टमी तिथि को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।यह मेला सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा का हिस्सा है,जिसमें भुर्जी समाज के हज़ारों की संख्या में पुरुष,महिलाएं व बच्चे पैदल आकर अपनी मनोकामना हेतु माता के दरबार मे नतमस्तक होते है।
   
आज अष्टमी तिथि को भुजवा मेला के देवीपाटन पहुंचने पर उ प्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता ने अपने पदाधिकारियों के साथ व स्थानीय समाज के साथ यात्रा में शामिल लोगों का माल्यार्पण व अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया।
  
भुजवा समाज के लोग अयोध्या जिले के बचकुना व आस पास के जिलों के लोगों के साथ पांच दिवसीय यात्रा निकालते है जो पगडंडियों व खेतों के रास्ते अष्टमी तिथि को देवीपाटन पहुंचती है हज़ारों की संख्या में शामिल लोग भक्ति गीतों व जयकारों के साथ माता को प्रसाद चढ़ाते हैं।इस यात्रा में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु एक साथ उमड़ते है जिसे आस्था का जनसैलाब कहा जाता है यह एक भीड़ नहीं बल्कि सदियों पुरानी आस्था,एकता और समाज की श्रद्धा का प्रतीक है।
  यह परंपरा करीब 138 वर्ष पुरानी है यह मेला केवल केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक सद्भाव व एकता का भी प्रतीक है और अपनी सदियों की परंपरा को जीवित रखते हुए माँ पाटेश्वरी की शक्ति का सम्मान करता है।यात्रा के मार्ग पर भारी पुलिस बल की तैनाती रही लेकिन नगर पंचायत की साफ सफाई व्यस्था व सड़क पर पानी का छिड़काव न होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश था। राधेश्याम चौरसिया,जय सिंह,कुंदन लाल, राम गोपाल गुप्ता,रजनीश गुप्ता,रामदास गुप्ता,कृष्ण गोपाल बाबा,मुरारी लाल,स्वामी दयाल,सूरज,संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”

* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”

* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।

* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”

* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने की थी टाइल्स कारीगर रितेश की हत्या

तीन आरोपित गिरफ्तार, चौथा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर जिन दोस्तों से कहा सुनी और विवाद की नफरत की भट्टी में दुश्मनी इस कदर पक्की कि  टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की तहरीर पर पुलिस द्वारा शांत भांग की कार्रवाई का नतीजा अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को इतना खराब लगा कि आरोपियों ने गला रेट कर कारीगर की निर्माण हत्या कर दी। पहले उन्हीं लोगों ने घर से बुलाया। फिर मौत के घाट उतार दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। यह दिल दहलाने वाला घटना
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई। 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।  हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी फरार  है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें आरोपियों को खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया था। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

*24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी*

24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
नगरा में आस्था का केंद्र बना पुरानी दुर्गा मंदिर, नवरात्र में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
रामईश्वर प्रजापति नगरा/बलिया नगरा क्षेत्र स्थित पुरानी दुर्गा मंदिर वर्षों से श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां सच्चे मन से माता के दर्शन करने से बड़ी से बड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां आकर माथा टेकते हैं और अपनी मनोकामनाएं माता के चरणों में अर्पित करते हैं। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक आस्थाएं भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों से पहले लोग यहां आकर माता का आशीर्वाद लेना जरूरी मानते हैं।परिवारों में यह परंपरा बन चुकी है कि विवाह से पूर्व “दिखावटी” (रिश्ता तय होने की रस्म) भी माता के दरबार में की जाती है। हर वर्ष चैत्र माह में नवरात्रि के दौरान यह मंदिर भक्ति के रंग में रंग जाता है। दर्जनों गांवों की महिलाएं माता को “खपर” (चढ़ावा) चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचती हैं। पूरे दस दिनों तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और श्रद्धा का अद्भुत माहौल बना रहता है। मंदिर में नियमित रूप से शिव चर्चा का आयोजन भी होता है, जिसमें महिला, पुरुष और बच्चे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। इसके साथ ही सुबह और शाम की आरती में भी श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी रहती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। वहीं, दशहरा नवमी के अवसर पर यहां विशेष आयोजन होता है, जहां रामलीला और मेले का भव्य दृश्य देखने को मिलता है। इस दौरान भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर के पुजारी मुन्ना पंडित के अनुसार, “माता दुर्गा अत्यंत जागृत और चमत्कारी हैं। सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद माता अपने तरीके से पूरी करती हैं।” उन्होंने बताया कि श्रद्धालु माता शारदा स्वरूप में भी पूजा करते हैं और शिक्षा, विवाह, स्वास्थ्य सहित विभिन्न मनोकामनाओं के लिए यहां आते हैं। इस प्रकार नगरा का पुरानी दुर्गा मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक विश्वास का जीवंत केंद्र बन चुका है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु माता का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।
रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।

कृष्ण और सुदामा की बालसखा की कथा सुना कर भक्त भाव विभोर हुए, कथा के अंतिम दिन भक्तों की रही भीड़

फर्रुखाबाद ।क्षेत्र के गांव रुनीचुरसाई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिवस पर कथाव्यास पं सुरेश चन्द्र द्विवेदी व सुनोराम दुबे असेह कन्नौज ने अपने मुखारविंद से भक्तों को अमृतमयी कथा का रसपान कराते हुए सुनाया कि भगवान कन्हैया ने रुक्मिणी, जामवंती, सत्यभामा सहित सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन किया, प्रसंग सुनकर भक्त भावविभोर हुए, अपने गुरुकुल के बालसखा सुदामा चरित्र का मार्मिक चित्रण वर्णन किया, कृष्ण सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन करते हुए कहा पत्नी सुशीला के बहुत  आग्रह पर भेंट स्वरूप चावल ले गए , द्वारिकाधीशने अपने गरीब मित्र को राजसिंहासन बैठाया और सुदामा की दीन दशा पर करुणा करिके करुणानिधि बहुत रोऐ तत्पश्चात अपने गरीब मित्र को चावल की एक मुठ्ठी के बदले सुदामा की कुटिया को राजमहल में बदल दिया, आगे उन्होंने कहा कि चार वेद छः शास्त्र में बात लिखी है दोय,दुख दीन्हे दुख होत है सुख दीन्हे सुख होय और अन्त में सभी श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में जीवन के कल्याण हेतु कहा , संसार के जीवों पर हर दम ही दया करना, जब कोई न हो अपना सियाराम जपा करना, कथा परीक्षित विमलेश कुमार पत्नी ममता कुमारी रहे, संगीतमय कथा में ढोलक पर राजेश पैड पर पुजारी, हेमचंद्र दुबे, साधू , केशव और व्यवस्था में अरविन्द राजपूत, वीरभान सिंह, गिरन्द सिंह, माखनलाल, सूरजपसाद, हरजीत,अमित कुमार ,भगवान दास,मनोज कुमार, रामनरेश, अवधेश सिंह, राजनरायन, हरीराम , दीपक ,आशाराम , प्रभूदयाल , शोभित सहित भारी संख्या में श्रद्धालु रहे ।
स्कूली वाहनो की फिटनेस बैद्धता होगी अनिवार्य - अल्का शुक्ला*
सड़क पर दौड़ रही स्कूली वाहनों को चिन्हित कर प्रबंधक व वाहन स्वामियों पर होगा मुकदमा दर्ज।
सुल्तानपुर,स्कूली वाहनों की फिटनेस वैद्धता समाप्त हो जाने वाले ऐसे वाहन स्वामी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी व प्रशासन ने कडा रूख दिखाते हुए वाहनों की फिटनेस व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के लिए एक सख्त नोटिस जारी किया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अल्का शुक्ला ने ऐसे विद्यालयों में शम्बद्ध वाहनों पर आने जाने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं के जीवन सुरक्षा को ध्यान मे रखकर ऐसे वाहन स्वामियों को सख्ती का पत्र जारी कर 130 से अधिक वाहन स्वमियों को अपना वाहन जल्द से जल्द दुरुस्त कराने को कहा है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अल्का शुक्ला द्वारा जारी सूची मे ऐसे अभिभावक को आगाह किया है कि वे ऐसे वाहन पर अपने बच्चों को कदापि न भेजें जिन वाहनो का फिटनेस सही नहीं है,वल्कि वे अभिभावक यह भी तहकीकात कर ले, कि वाहनो की टूटी फर्स,टूटी खिडकियां, हार्न,लाइट दुरुस्त रहे। अगर कोई वाहन स्वामी बिभाग से तत्काल गाड़ियों का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं प्राप्त कर लेते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
Mirzapur : दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए राज्य महिला आयोग और सीएम पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 15 दिन बाद भी दुष्कर्म आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई नही होने पर गुरुवार को राज्य महिला आयोग व सीएम पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। दिए गए शिकायती पत्र में पीड़ित महिला ने बताया कि बीते 11 मार्च की रात आठ बजे के करीब घर से बाहर सीवान की ओर शौच के लिए जा रही थी कि रास्ते में सूनसान देखकर गांव निवासी युवक गलत नीयत से मेरा हाथ पकड़ लिया।

विरोध करने पर जमीन पर पटककर अश्लील हरकत करने लगा और जबरन दुष्कर्म किया। शोरगुल मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो हत्या करने की धमकी देते हुए भाग गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इससे पहले आरोपित फोन पर अश्लील बातें करता था जिसका विरोध करने पर मुझे अकेली देखकर मेरे साथ बलात्कार किया। युवक मनबढ़ और सरहंग किस्म का व्यक्ति है। घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी ड्रमंडगंज पुलिस द्वारा आरोपी युवक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही की गई है। जबकि इस संबंध में एसपी व डीआईजी से कार्रवाई की गुहार लगा चुकी हूं।ड्रमंडगंज थाने का कई बार चक्कर लगा चुकी लेकिन पुलिस आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई नही की।

मनबढ़ युवक घिनौनी हरकत करने के बाद खुलेआम घूम रहा है। पीड़िता ने आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पहले मीडिल ईस्ट पर सरकार का समर्थन किया, अब किस बात है शशि थरूर हैं असंतुष्ट?

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पाकिस्तान ने औपचारिक तौर पर ईरान और अमेरिका को युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मेज़बानी की पेशकश कर दी है। कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए 'सार्थक और निर्णायक वार्ता' की मेजबानी को लेकर उनका देश तैयार है। यह घोषणा मीडिया की उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये परोक्ष रूप से प्रयास कर रहे हैं। अब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने में पाकिस्तान की भूमिका पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शांति प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका पर निराश

पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की रणनीति का अबतक खुलकर समर्थन करने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर निराशा जताई है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि भारत को इस मौके पर शांति प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक केंद्र सरकार की संयमित प्रतिक्रिया का समर्थन किया था, इस उम्मीद में कि भारत इस अवसर का उपयोग शांति स्थापना के लिए करेगा।

थरूर बोले-हमें हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए

शांति के वैश्विक प्रयासों पर थरूर ने भारत सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम शांति के पक्ष में तो हैं, लेकिन वर्तमान में शांति बहाली के लिए हमारी सक्रिय भागीदारी नहीं दिख रही है। एक राष्ट्र के तौर पर हम इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक हैं, इसलिए हमें हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए।

थरूर बोले-हमें पहल करनी चाहिए थी

थरूर के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर भारत को शांति की आवाज के रूप में पेश करते रहे हैं, ऐसे में यह मौका भारत के लिए महत्वपूर्ण था। कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह पिछले तीन हफ्तों से भारत से अपील कर रहे थे कि वह अपने मजबूत कूटनीतिक संबंधों का इस्तेमाल कर दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रेरित करे। उन्‍होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में शांति वार्ता होती है तो भारत का उससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन हमें पहल करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की इस दिशा में आगे बढ़े हैं, लेकिन भारत को इसका कोई श्रेय नहीं मिल रहा।

लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर तक पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी

* अफवाहों से बचें, जरूरत पड़ने पर ही लें पेट्रोल-डीजल; वैश्विक हालात में संयम और सहयोग की अपील

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर भीड़ लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। निर्धारित समय पर बुकिंग कराने पर गैस सिलेंडर पहले की तरह घर तक पहुंचाया जाएगा।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को ऐसी भ्रामक सूचनाओं से दूर रहना चाहिए और केवल आवश्यकता होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने पेट्रोल पंपों पर जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां एक गैस सिलेंडर एक महीने तक चलता था, वहीं अब लोग कुछ ही दिनों में घबराकर दोबारा सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जो अनावश्यक है। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था सुचारु रूप से जारी रहे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और अफवाहों के प्रभाव में आकर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह की जल्दबाजी से अव्यवस्था फैलती है और देशहित को नुकसान पहुंच सकता है।
वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि यदि संकट लंबा खिंचता है तो उसका असर हर व्यक्ति पर पड़ेगा, इसलिए सभी को मानसिक रूप से तैयार रहना होगा और सरकार के साथ मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सच्ची राष्ट्रभक्ति यही है कि हम कठिन समय में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें और देशहित में लिए गए निर्णयों का समर्थन करें।
सैकड़ो वर्षों से भुजवा बाबा अष्टमी को देवी मां के दर्शन को आते हैं   
            

तुलसीपुर- चैत्र नवरात्रि में सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन में भुर्जी समाज का विशेष मेला जो प्रत्येक वर्ष अष्टमी तिथि को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।यह मेला सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा का हिस्सा है,जिसमें भुर्जी समाज के हज़ारों की संख्या में पुरुष,महिलाएं व बच्चे पैदल आकर अपनी मनोकामना हेतु माता के दरबार मे नतमस्तक होते है।
   
आज अष्टमी तिथि को भुजवा मेला के देवीपाटन पहुंचने पर उ प्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता ने अपने पदाधिकारियों के साथ व स्थानीय समाज के साथ यात्रा में शामिल लोगों का माल्यार्पण व अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया।
  
भुजवा समाज के लोग अयोध्या जिले के बचकुना व आस पास के जिलों के लोगों के साथ पांच दिवसीय यात्रा निकालते है जो पगडंडियों व खेतों के रास्ते अष्टमी तिथि को देवीपाटन पहुंचती है हज़ारों की संख्या में शामिल लोग भक्ति गीतों व जयकारों के साथ माता को प्रसाद चढ़ाते हैं।इस यात्रा में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु एक साथ उमड़ते है जिसे आस्था का जनसैलाब कहा जाता है यह एक भीड़ नहीं बल्कि सदियों पुरानी आस्था,एकता और समाज की श्रद्धा का प्रतीक है।
  यह परंपरा करीब 138 वर्ष पुरानी है यह मेला केवल केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक सद्भाव व एकता का भी प्रतीक है और अपनी सदियों की परंपरा को जीवित रखते हुए माँ पाटेश्वरी की शक्ति का सम्मान करता है।यात्रा के मार्ग पर भारी पुलिस बल की तैनाती रही लेकिन नगर पंचायत की साफ सफाई व्यस्था व सड़क पर पानी का छिड़काव न होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश था। राधेश्याम चौरसिया,जय सिंह,कुंदन लाल, राम गोपाल गुप्ता,रजनीश गुप्ता,रामदास गुप्ता,कृष्ण गोपाल बाबा,मुरारी लाल,स्वामी दयाल,सूरज,संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”

* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”

* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।

* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”

* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने की थी टाइल्स कारीगर रितेश की हत्या

तीन आरोपित गिरफ्तार, चौथा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर जिन दोस्तों से कहा सुनी और विवाद की नफरत की भट्टी में दुश्मनी इस कदर पक्की कि  टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की तहरीर पर पुलिस द्वारा शांत भांग की कार्रवाई का नतीजा अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को इतना खराब लगा कि आरोपियों ने गला रेट कर कारीगर की निर्माण हत्या कर दी। पहले उन्हीं लोगों ने घर से बुलाया। फिर मौत के घाट उतार दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। यह दिल दहलाने वाला घटना
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई। 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।  हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी फरार  है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें आरोपियों को खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया था। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

*24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी*

24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
नगरा में आस्था का केंद्र बना पुरानी दुर्गा मंदिर, नवरात्र में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
रामईश्वर प्रजापति नगरा/बलिया नगरा क्षेत्र स्थित पुरानी दुर्गा मंदिर वर्षों से श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां सच्चे मन से माता के दर्शन करने से बड़ी से बड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां आकर माथा टेकते हैं और अपनी मनोकामनाएं माता के चरणों में अर्पित करते हैं। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक आस्थाएं भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों से पहले लोग यहां आकर माता का आशीर्वाद लेना जरूरी मानते हैं।परिवारों में यह परंपरा बन चुकी है कि विवाह से पूर्व “दिखावटी” (रिश्ता तय होने की रस्म) भी माता के दरबार में की जाती है। हर वर्ष चैत्र माह में नवरात्रि के दौरान यह मंदिर भक्ति के रंग में रंग जाता है। दर्जनों गांवों की महिलाएं माता को “खपर” (चढ़ावा) चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचती हैं। पूरे दस दिनों तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और श्रद्धा का अद्भुत माहौल बना रहता है। मंदिर में नियमित रूप से शिव चर्चा का आयोजन भी होता है, जिसमें महिला, पुरुष और बच्चे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। इसके साथ ही सुबह और शाम की आरती में भी श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी रहती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। वहीं, दशहरा नवमी के अवसर पर यहां विशेष आयोजन होता है, जहां रामलीला और मेले का भव्य दृश्य देखने को मिलता है। इस दौरान भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर के पुजारी मुन्ना पंडित के अनुसार, “माता दुर्गा अत्यंत जागृत और चमत्कारी हैं। सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद माता अपने तरीके से पूरी करती हैं।” उन्होंने बताया कि श्रद्धालु माता शारदा स्वरूप में भी पूजा करते हैं और शिक्षा, विवाह, स्वास्थ्य सहित विभिन्न मनोकामनाओं के लिए यहां आते हैं। इस प्रकार नगरा का पुरानी दुर्गा मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक विश्वास का जीवंत केंद्र बन चुका है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु माता का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।
रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।