मातृ दिवस पर हजारीबाग यूथ विंग ने ओल्ड एज होम में बांटा अपनापन, बुजुर्गों का लिया आशीर्वाद
मातृ दिवस के पावन दिन पर हजारीबाग यूथ विंग द्वारा ओल्ड एज होम में विशेष सेवा एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य वहां निवास कर रही मातृशक्ति एवं बुजुर्गों के बीच पहुंचे और पूरे आत्मीय भाव के साथ मातृ दिवस मनाया। इस दौरान ओल्ड एज होम का वातावरण भावुकता, सम्मान और अपनत्व से सराबोर हो उठा। संस्था की ओर से बुजुर्गों के बीच फल, बिस्किट ग्लूकोन-डी, हॉर्लिक्स, दूध के पैकेट, जूस, मुरी सहित कई आवश्यक खाद्य सामग्रियों का वितरण किया गया। संस्था के सदस्यों ने एक-एक बुजुर्ग से मिलकर उनका हालचाल जाना तथा उनके साथ समय बिताया। कार्यक्रम के दौरान कई बुजुर्ग भावुक हो उठे। किसी ने अपने परिवार की बातें साझा कीं तो किसी ने अपने जीवन के अनुभव सुनाए। पूरे धैर्य और आत्मीयता के साथ उनकी बातें सुनीं और उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मातृ दिवस के इस खास मौके पर बुजुर्ग माताओं के चेहरों पर जो मुस्कान देखने को मिली, वह पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई। कार्यक्रम के दौरान कई बुजुर्गों ने कहा कि ऐसे अवसर उन्हें अकेलेपन से बाहर निकालते हैं और यह एहसास कराते हैं कि वे समाज के लिए आज भी महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम के समापन पर वहां उपस्थित सभी बुजुर्गों ने संस्था के सभी सदस्यों को दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान ओल्ड एज होम में एक पारिवारिक वातावरण देखने को मिला। गौरतलब है कि हजारीबाग यूथ विंग समय-समय पर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि माता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, ममता और संस्कार का सबसे बड़ा स्वरूप होती हैं। मातृ दिवस का वास्तविक उद्देश्य केवल शुभकामनाएं देना नहीं, बल्कि उन माताओं और बुजुर्गों तक पहुंचना है जिन्हें सबसे अधिक अपनेपन और सहारे की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग हमेशा समाज के हर वर्ग के बीच सेवा कार्य करता रहा है और आगे भी संस्था इसी भावना के साथ जनसेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखेगी। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि ओल्ड एज होम में पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताना संस्था के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है। आज के दौर में जरूरत इस बात की है कि युवा पीढ़ी अपने बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल के प्रति अधिक संवेदनशील बने। मौके पर संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,संस्था के मार्गदर्शक डॉक्टर बी वेंकटेश,संजय कुमार,विकाश केशरी,कार्यकारिणी सदस्य राजेश जैन,विवेक तिवारी,सनी देव,सेजल सिंह, सत्यनारायण सिंह,सनी सलूजा,साक्षी राणा सहित कई लोग उपस्थित रहें।
18 min ago
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