फाल में डूबने से ऑटो चालक की हुई मौत, दूसरे दिन चट्टानों के दर्रे में फंसा मिला शव, मचा हड़कंप


मीरजापुर। अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आए एक ऑटो चालक सैलानी की जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई. दूसरे दिन कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद किया गया है.

मिर्जापुर अहरौरा थाना क्षेत्र  के सुखदरिया जलप्रपात में बुधवार की शाम डूबे ऑटो चालक सैलानी सन्नी खान का शव 18 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चट्टानों के दर्रे में फंसे शव को खोज निकाला है. जिसे देखते ही मौके पर मौजूद परिजनों मे कोहराम मच गया.
बताया जा रहा चंदौली के पड़ाव क्षेत्र स्थित चौरहट के रहने वाला ऑटो चालक सन्नी खान बुधवार को मित्र दिलशाद के साथ सलमान के घर बाराडीह आया हुआ था तभी पिकनिक मनाने का प्लान बना तीनों मित्र सैलानी पिकनिक मनाने लखनिया दरी जलप्रपात पर पहुंचे तो वहां तालाबंदी होने के कारण पहाड़ों तथा जंगल के रास्ते तीनों सैलानी सुखदरिया पहुंचे जहां मौज मस्ती के दौरान नहाते समय पैर फिसलने पर गहरे पानी में जाने से सन्नी खान डूब गया यह नजारा देख मित्रों की हालत खराब हो गई आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई पुलिस मौके पर पहुंची तो सर्च ऑपरेशन देर रात चलाया गया परंतु डूबे युवक का पता नहीं चला तब तक काफी अंधेरा हो गया चुनार से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई खोजबीन के बावजूद अंधेरा होने के चलते रात में डूबे सैलानी सन्नी का पता नहीं चला तो बृहस्पतिवार के सुबह एसडीआरएफ टीम के गोताखोरों ने काफी परिश्रम के बाद पत्थर के दर्रे में फंसे शव को निकाला लिया गया.


इस संबंध में अहरौरा थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि गहरे पानी में जाने से युवक की डूब कर मौत हुई है शव बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।

पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*


पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।

*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*

दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।


*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*


जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।

आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी पर एक और केस, राशिद का बेटा भी नामजद; कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में मुकदमा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सस्ते भूखंड, फ्लैट का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी में रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एक और मुकदमा लिखा गया है। इस बार कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम के साथ ही उसके बेटे हयात राशिद नसीम, भाई एमडी आसिफ नसीम, एजेंट गजेंद्र सिंह उर्फ गज्जू, अजय चौरसिया, प्रियंका चौरसिया को सिविल लाइंस पुलिस ने नामजद किया है।

दिल्ली के छत्तरपुर, आंबेडकर कालोनी निवासी आनंद पांडेय का कहना है कि वर्ष 2013 में वह प्रयागराज आए थे। आरोप है कि इसी दौरान शाइन सिटी कंपनी के एजेंट ने उनसे संपर्क करते हुए कई योजनाएं बताईं। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय जाने पर गज्जू, अजय व प्रियंका मिले। उन्होंने कंपनी की लार्जर दि लाइफ स्कीम के बारे में बताया। कहा कि कंपनी इस स्कीम के जरिए फोरेक्स ट्रेडिंग करती है।

निवेश की गई रकम पर प्रतिमाह आठ प्रतिशत मुनाफा दिए जाने की बात कही गई। विश्वास में आकर उन्होंने 17 लाख 68 हजार रुपये निवेश किया। समयावधि पूरा होने पर उन्होंने मुनाफा मांगा तो कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी की वेबसाइट में टेक्निकल ग्लिच आ गया है। उसके ठीक होने पर फोरेक्स ट्रेडिंग शुरू होते ही वादे के मुताबिक भुगतान किया जाएगा।

काफी समय बाद भी भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी टालमटोल करने लगे। उनके नंबर भी बंद हो गए। तब उन्हें ठगी का पता चला। मगर अक्टूबर 2025 में राशिद नसीम ने अपने फेसबुक पेज से एक पोस्ट शेयर किया। उसमें बताया कि कंपनी को जेनिथ नाम से उनका बेटा हयात दुबई से संचालित करेगा। लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया।

ठगी के शिकार भुक्तभोगी ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रामाश्रय यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है।
रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय में दो लाख सीटों पर UG व PG में प्रवेश होंगे, एडमिशन प्रक्रिया इसी माह से

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया 20 अप्रैल तक शुरू होने की तैयारी है। विश्वविद्यालय कैंपस के पाठ्यक्रमों में समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगा। करीब दो लाख से अधिक सीटों पर प्रवेश होगा।

कॉलेजों में प्रवेश प्रकिया पिछले वर्ष की तरह होगी
राज्य विश्वविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के जरिए प्रवेश होंगे। वहीं विश्वविद्यालय से संबद्ध 40 से अधिक स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पिछले वर्ष की तरह काॅलेजों को ही प्रवेश की अनुमति देने पर विचार चल रहा है।

प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के उद्देश्य से समर्थ पोर्टल को केंद्रीय मंच बनाया जा रहा है। छात्र-छात्राएं एक ही पोर्टल के माध्यम से विभिन्न परंपरागत और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकेंगे।

प्रोफेशनल कोर्स भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे
प्रवेश प्रक्रिया के तहत बीए, बीकाम, बीएससी जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ ही एमए, एमएससी, एमकाम और एमएसडब्ल्यू सहित विभिन्न परास्नातक पाठ्यक्रमों में भी आवेदन लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय परिसर में संचालित इंटीग्रेटेड प्रोग्राम (यूजी, पीजी), पीजी डिप्लोमा, डिप्लोमा और प्रोफेशनल कोर्स भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।

काॅलेजों में प्रवेश की व्यवस्था 
विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित व्यावसायिक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग से विस्तृत कार्यक्रम और परीक्षा तिथियां जल्द जारी की जाएंगी। वहीं संबद्ध काॅलेजों में संचालित प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन पिछली बार की व्यवस्था को जारी रखने पर विचार कर रहा है।

महत्वपूर्ण तिथियां पोर्टल पर शीघ्र अपलोड होंगी
इसके तहत काॅलेजों को अपने स्तर पर प्रवेश लेने की अनुमति दी जा सकती है। प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय ने प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पोर्टल पर सीट मैट्रिक्स, पाठ्यक्रमवार पात्रता, आवेदन शुल्क और महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी शीघ्र अपलोड की जाएगी। 

पीएचडी को लेकर भी शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
रावि प्रशासन शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पीएचडी के लिए भी आवेदन प्रक्रिया इस अवधि मे शुरू करेगा। विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष भी नेट स्कोर के आधार पर पीएचडी में प्रवेश लिया था। इस बार नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जल्द शुरू होनी है, ऐसे में कैंपस में पीएचडी की सीटें भी बढ़ जाएंगी और ज्यादा छात्रों को शोध के अवसर मिलेंगे।
शार्ट सर्किट से लगी आग,गेहूं की फसल जलकर राख
*फायर ब्रिगेड टीम नहीं पहुंची,ग्रामीणों ने बुझाया

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित कुलमनपुरवा गांव में देर रात शार्ट सर्किट से एक विद्युत ट्रांसफार्मर में आग लग गई।यह ट्रांसफार्मर इटियाथोक पावर हाउस से संचालित पारासराय ग्राम पंचायत को विद्युत आपूर्ति करता है।आग इतनी भीषण थी कि ट्रांसफार्मर से चिंगारियां नीचे गिरने लगीं,जिसके कारण पास के गेहूं के खेत में भी आग फैल गई।इसके अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के आसपास की झाड़ियां भी जलकर पूरी तरह राख हो गईं।ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद खेत में लगी आग पर काबू पाया है। किसानों को गेहूं की फसल जलने से नुकसान हुआ है।ग्रामीणों ने खेत की सिंचाई के लिए लगे पंपिंग सेट का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास किया,इसके बाद किसानों ने आग पर काबू पाया है आढ बुझाने के बाद ट्रांसफार्मर के आसपास जिन किसानों के खेत थे उन्होंने राहत की सांस लिया।ग्राम प्रधान अशोक वर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड को सूचना दिया गया था परन्तु घंटों तक टीम मौके पर नहीं पहुंची।उन्होंने कहा कि हालांकि कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ है,लेकिन कुछ किसानों की गेहू़ं की फसल और आसपास की झाड़ियां जल गई हैं।ग्रामीणों ने पंपिंग सेट की मदद से आग पर काबू पाया है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर में पाकिस्तान मध्यस्थ या मोहरा? जानें क्यों उठ रहे सवाल

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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है। इसमें पाकिस्तान की अहम भूमिका सामने आई है, जिसे खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है। लेकिन पाकिस्तान यहां भी अपनी नापाक हरकत से बाज नहीं आया है। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर पाकिस्तान खुद को शांति दूत के रूप में पेश कर रहा है। शांति वार्ता की मेजबानी कर वह अपनी छाती ठोक रहा है। लेकिन, सच्चाई कुछ अलग है।

पाक मात्र एक मैसेंजर

ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक असल में व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान को दबाव डालकर इस्तेमाल किया। इस्लामाबाद कोई न्यूट्रल ब्रोकर नहीं था। वह सिर्फ अमेरिका का सुविधाजनक मैसेंजर बनकर रह गया। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका ने पाकिस्तान पर जोर डाला कि वह वाशिंगटन का प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाए। पाकिस्तान को सक्रिय भूमिका नहीं दी गई, बल्कि सिर्फ एक चैनल बनाया गया।

यूएस ने पाकिस्तान को ही क्यों चुना?

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को लगा कि ईरान मुस्लिम पड़ोसी देश के जरिए आने वाले ऑफर को ज्यादा आसानी से मान लेगा। यही वजह थी कि पाकिस्तान को चुना गया।

इजरायल के राजदूत ने भी उठाया सवाल

अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर पर पाकिस्तान खुद की अपनी पीठ थपथपा रहा है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भी उसकी मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। इजरायली राजदूत रूवेन ने अमेरिका-ईरान के बीच चल रही सीजफायर की बातचीत में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया है। उन्होने कहा, इजरायल इस्लामाबाद को एक "विश्वसनीय पक्ष" के रूप में नहीं देखता है। रूवेन अजार ने कहा, 'हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद पक्ष के रूप में नहीं देखते हैं. मुझे लगता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।

किसके इशारों पर नाच रहा पाक?

वहीं, 'फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज' (FDD) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और अमेरिकी ट्रेजरी के पूर्व एनालिस्ट जोनाथन श्नाइजर ने पाकिस्तान की इस भूमिका पर गंभीर संदेह जताते हुए पूछा है कि क्या पाकिस्तान वाकई शांति चाहता है या वह सिर्फ चीन के इशारों पर नाच रहा है? जोनाथन श्नाइजर का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति उसे स्वतंत्र फैसले लेने की अनुमति नहीं देती है। पाकिस्तान, चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) और 'डेब्ट-ट्रैप डिप्लोमेसी' में बुरी तरह फंसा हुआ है। श्नाइजर ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान अमेरिका के साथ नए गठबंधन बनाकर अपनी स्थिति सुधारना चाहता है या वह केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 'माउथपीस' के तौर पर काम कर रहा है।

लखनऊ: सड़क किनारे अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी
लखनऊ । राजधानी के काकोरी  थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली।
पुलिस के अनुसार आज सुबह घुरघुरी तालाब चौकी क्षेत्र के इब्राहिम गंज मदारपुर इलाके में सड़क किनारे एक महिला का शव पड़े होने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्राथमिक जांच में मृतका की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। महिला के सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और वैधानिक कार्रवाई जारी है।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 40 साल पुराना कारोबार ढहा, 44 भवन सील

मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार का दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग अभियान शाम 6 बजे तक चला। सात अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जबकि पूरे इलाके को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेड कर दिया गया था।

40 साल पुराना बाजार एक झटके में सील

सेंट्रल मार्केट में दशकों से चल रहे अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट और दर्जनों दुकानें इस कार्रवाई की जद में आ गईं। शुरुआती कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर सील लगाई गई, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज से शुरू हुई कार्रवाई धीरे-धीरे पूरे मार्केट में फैल गई। कुछ ही घंटों में अस्पतालों, क्लीनिकों, रेस्टोरेंट और कॉम्प्लेक्स पर ताले लग गए।

व्यापारियों और कर्मचारियों में कोहराम

सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर व्यापारी और कर्मचारी रोते-बिलखते नजर आए। लोग अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन कार्रवाई जारी रही।कई व्यापारियों ने कहा कि वे 20 से 30 साल से यहां कारोबार कर रहे थे और अब अचानक सबकुछ खत्म हो गया। इससे करीब 40 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित होने का अनुमान है।

कोर्ट आदेश के तहत कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कदम उठाया गया है।सीलिंग के दौरान कई कॉम्प्लेक्सों में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया।

स्कूल, अस्पताल और दुकानें भी बंद

इस अभियान में कई अस्पताल, स्कूल, बैंक्वेट हॉल और कॉम्प्लेक्स भी सील कर दिए गए। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हुआ बल्कि बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगारी की स्थिति में आ गए।कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों और निवासियों ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उनका कहना था कि वे वर्षों से यहां रह और काम कर रहे थे, लेकिन अब सबकुछ एक झटके में खत्म हो गया।सेंट्रल मार्केट में हुई यह कार्रवाई मेरठ के व्यापारिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने हजारों परिवारों की आजीविका पर गहरा असर डाला है।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
महिला से मजाक पर दो युवकों में मारपीट,पुलिस ने लिखाया माफीनामा
*दोनों ने एक दूसरे को दी गालियां

गोंडा।जिले में एक महिला से मजाक करने को लेकर दो युवकों के बीच मारपीट हो गयी।यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के इंडियन बैंक के सामने मंगलवार को अपरान्ह लगभग दो बजे की है।जहाँ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।पुलिस जांच के अनुसार,बलरामपुर जनपद के उतरौला निवासी पवन सोनी गोंडा के इंडियन बैंक रोडवेज शाखा आए थे।बैंक के बाहर खड़ी एक महिला से पवन सोनी ने मजाक किया,जिसके बाद महिला के साथ मौजूद युवक और पवन सोनी के बीच विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।दोनों युवक एक दूसरे को गालियां दे रहे थे और मारपीट कर रहे थे।वायरल वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि दोनों युवक एक दूसरे को मारपीट के लिए और लोगों को बुलाने की बात कह रहे थे।वायरल वीडियो में रोडवेज पुलिस चौकी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी भी मौके पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।घटना के बाद रोडवेज पुलिस चौकी के सिपाही तीनों ( दोनों युवक व महिला) को पुलिस चौकी ले गयी।पुलिस चौकी में तीनों ने मारपीट को लेकर लिखित माफीनामा दिया और एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की बात कही।मामले में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आपसी कहासुनी को लेकर यह विवाद हुआ था और लोगों ने लिखित रूप से सुलह कर लिया है।कोई भी पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता है।उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी भी पक्ष द्वारा तहरीर दिया जाता है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।यह लोग आपस में एक दूसरे को जानने वाले हैं परन्तु रिश्ता अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।
फाल में डूबने से ऑटो चालक की हुई मौत, दूसरे दिन चट्टानों के दर्रे में फंसा मिला शव, मचा हड़कंप


मीरजापुर। अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आए एक ऑटो चालक सैलानी की जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई. दूसरे दिन कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद किया गया है.

मिर्जापुर अहरौरा थाना क्षेत्र  के सुखदरिया जलप्रपात में बुधवार की शाम डूबे ऑटो चालक सैलानी सन्नी खान का शव 18 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चट्टानों के दर्रे में फंसे शव को खोज निकाला है. जिसे देखते ही मौके पर मौजूद परिजनों मे कोहराम मच गया.
बताया जा रहा चंदौली के पड़ाव क्षेत्र स्थित चौरहट के रहने वाला ऑटो चालक सन्नी खान बुधवार को मित्र दिलशाद के साथ सलमान के घर बाराडीह आया हुआ था तभी पिकनिक मनाने का प्लान बना तीनों मित्र सैलानी पिकनिक मनाने लखनिया दरी जलप्रपात पर पहुंचे तो वहां तालाबंदी होने के कारण पहाड़ों तथा जंगल के रास्ते तीनों सैलानी सुखदरिया पहुंचे जहां मौज मस्ती के दौरान नहाते समय पैर फिसलने पर गहरे पानी में जाने से सन्नी खान डूब गया यह नजारा देख मित्रों की हालत खराब हो गई आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई पुलिस मौके पर पहुंची तो सर्च ऑपरेशन देर रात चलाया गया परंतु डूबे युवक का पता नहीं चला तब तक काफी अंधेरा हो गया चुनार से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई खोजबीन के बावजूद अंधेरा होने के चलते रात में डूबे सैलानी सन्नी का पता नहीं चला तो बृहस्पतिवार के सुबह एसडीआरएफ टीम के गोताखोरों ने काफी परिश्रम के बाद पत्थर के दर्रे में फंसे शव को निकाला लिया गया.


इस संबंध में अहरौरा थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि गहरे पानी में जाने से युवक की डूब कर मौत हुई है शव बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।

पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*


पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।

*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*

दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।


*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*


जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।

आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी पर एक और केस, राशिद का बेटा भी नामजद; कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में मुकदमा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सस्ते भूखंड, फ्लैट का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी में रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एक और मुकदमा लिखा गया है। इस बार कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम के साथ ही उसके बेटे हयात राशिद नसीम, भाई एमडी आसिफ नसीम, एजेंट गजेंद्र सिंह उर्फ गज्जू, अजय चौरसिया, प्रियंका चौरसिया को सिविल लाइंस पुलिस ने नामजद किया है।

दिल्ली के छत्तरपुर, आंबेडकर कालोनी निवासी आनंद पांडेय का कहना है कि वर्ष 2013 में वह प्रयागराज आए थे। आरोप है कि इसी दौरान शाइन सिटी कंपनी के एजेंट ने उनसे संपर्क करते हुए कई योजनाएं बताईं। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय जाने पर गज्जू, अजय व प्रियंका मिले। उन्होंने कंपनी की लार्जर दि लाइफ स्कीम के बारे में बताया। कहा कि कंपनी इस स्कीम के जरिए फोरेक्स ट्रेडिंग करती है।

निवेश की गई रकम पर प्रतिमाह आठ प्रतिशत मुनाफा दिए जाने की बात कही गई। विश्वास में आकर उन्होंने 17 लाख 68 हजार रुपये निवेश किया। समयावधि पूरा होने पर उन्होंने मुनाफा मांगा तो कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी की वेबसाइट में टेक्निकल ग्लिच आ गया है। उसके ठीक होने पर फोरेक्स ट्रेडिंग शुरू होते ही वादे के मुताबिक भुगतान किया जाएगा।

काफी समय बाद भी भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी टालमटोल करने लगे। उनके नंबर भी बंद हो गए। तब उन्हें ठगी का पता चला। मगर अक्टूबर 2025 में राशिद नसीम ने अपने फेसबुक पेज से एक पोस्ट शेयर किया। उसमें बताया कि कंपनी को जेनिथ नाम से उनका बेटा हयात दुबई से संचालित करेगा। लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया।

ठगी के शिकार भुक्तभोगी ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रामाश्रय यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है।
रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय में दो लाख सीटों पर UG व PG में प्रवेश होंगे, एडमिशन प्रक्रिया इसी माह से

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया 20 अप्रैल तक शुरू होने की तैयारी है। विश्वविद्यालय कैंपस के पाठ्यक्रमों में समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगा। करीब दो लाख से अधिक सीटों पर प्रवेश होगा।

कॉलेजों में प्रवेश प्रकिया पिछले वर्ष की तरह होगी
राज्य विश्वविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के जरिए प्रवेश होंगे। वहीं विश्वविद्यालय से संबद्ध 40 से अधिक स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पिछले वर्ष की तरह काॅलेजों को ही प्रवेश की अनुमति देने पर विचार चल रहा है।

प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के उद्देश्य से समर्थ पोर्टल को केंद्रीय मंच बनाया जा रहा है। छात्र-छात्राएं एक ही पोर्टल के माध्यम से विभिन्न परंपरागत और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकेंगे।

प्रोफेशनल कोर्स भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे
प्रवेश प्रक्रिया के तहत बीए, बीकाम, बीएससी जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ ही एमए, एमएससी, एमकाम और एमएसडब्ल्यू सहित विभिन्न परास्नातक पाठ्यक्रमों में भी आवेदन लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय परिसर में संचालित इंटीग्रेटेड प्रोग्राम (यूजी, पीजी), पीजी डिप्लोमा, डिप्लोमा और प्रोफेशनल कोर्स भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।

काॅलेजों में प्रवेश की व्यवस्था 
विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित व्यावसायिक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग से विस्तृत कार्यक्रम और परीक्षा तिथियां जल्द जारी की जाएंगी। वहीं संबद्ध काॅलेजों में संचालित प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन पिछली बार की व्यवस्था को जारी रखने पर विचार कर रहा है।

महत्वपूर्ण तिथियां पोर्टल पर शीघ्र अपलोड होंगी
इसके तहत काॅलेजों को अपने स्तर पर प्रवेश लेने की अनुमति दी जा सकती है। प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय ने प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पोर्टल पर सीट मैट्रिक्स, पाठ्यक्रमवार पात्रता, आवेदन शुल्क और महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी शीघ्र अपलोड की जाएगी। 

पीएचडी को लेकर भी शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
रावि प्रशासन शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पीएचडी के लिए भी आवेदन प्रक्रिया इस अवधि मे शुरू करेगा। विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष भी नेट स्कोर के आधार पर पीएचडी में प्रवेश लिया था। इस बार नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जल्द शुरू होनी है, ऐसे में कैंपस में पीएचडी की सीटें भी बढ़ जाएंगी और ज्यादा छात्रों को शोध के अवसर मिलेंगे।
शार्ट सर्किट से लगी आग,गेहूं की फसल जलकर राख
*फायर ब्रिगेड टीम नहीं पहुंची,ग्रामीणों ने बुझाया

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित कुलमनपुरवा गांव में देर रात शार्ट सर्किट से एक विद्युत ट्रांसफार्मर में आग लग गई।यह ट्रांसफार्मर इटियाथोक पावर हाउस से संचालित पारासराय ग्राम पंचायत को विद्युत आपूर्ति करता है।आग इतनी भीषण थी कि ट्रांसफार्मर से चिंगारियां नीचे गिरने लगीं,जिसके कारण पास के गेहूं के खेत में भी आग फैल गई।इसके अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के आसपास की झाड़ियां भी जलकर पूरी तरह राख हो गईं।ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद खेत में लगी आग पर काबू पाया है। किसानों को गेहूं की फसल जलने से नुकसान हुआ है।ग्रामीणों ने खेत की सिंचाई के लिए लगे पंपिंग सेट का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास किया,इसके बाद किसानों ने आग पर काबू पाया है आढ बुझाने के बाद ट्रांसफार्मर के आसपास जिन किसानों के खेत थे उन्होंने राहत की सांस लिया।ग्राम प्रधान अशोक वर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड को सूचना दिया गया था परन्तु घंटों तक टीम मौके पर नहीं पहुंची।उन्होंने कहा कि हालांकि कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ है,लेकिन कुछ किसानों की गेहू़ं की फसल और आसपास की झाड़ियां जल गई हैं।ग्रामीणों ने पंपिंग सेट की मदद से आग पर काबू पाया है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर में पाकिस्तान मध्यस्थ या मोहरा? जानें क्यों उठ रहे सवाल

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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है। इसमें पाकिस्तान की अहम भूमिका सामने आई है, जिसे खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है। लेकिन पाकिस्तान यहां भी अपनी नापाक हरकत से बाज नहीं आया है। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर पाकिस्तान खुद को शांति दूत के रूप में पेश कर रहा है। शांति वार्ता की मेजबानी कर वह अपनी छाती ठोक रहा है। लेकिन, सच्चाई कुछ अलग है।

पाक मात्र एक मैसेंजर

ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक असल में व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान को दबाव डालकर इस्तेमाल किया। इस्लामाबाद कोई न्यूट्रल ब्रोकर नहीं था। वह सिर्फ अमेरिका का सुविधाजनक मैसेंजर बनकर रह गया। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका ने पाकिस्तान पर जोर डाला कि वह वाशिंगटन का प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाए। पाकिस्तान को सक्रिय भूमिका नहीं दी गई, बल्कि सिर्फ एक चैनल बनाया गया।

यूएस ने पाकिस्तान को ही क्यों चुना?

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को लगा कि ईरान मुस्लिम पड़ोसी देश के जरिए आने वाले ऑफर को ज्यादा आसानी से मान लेगा। यही वजह थी कि पाकिस्तान को चुना गया।

इजरायल के राजदूत ने भी उठाया सवाल

अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर पर पाकिस्तान खुद की अपनी पीठ थपथपा रहा है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भी उसकी मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। इजरायली राजदूत रूवेन ने अमेरिका-ईरान के बीच चल रही सीजफायर की बातचीत में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया है। उन्होने कहा, इजरायल इस्लामाबाद को एक "विश्वसनीय पक्ष" के रूप में नहीं देखता है। रूवेन अजार ने कहा, 'हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद पक्ष के रूप में नहीं देखते हैं. मुझे लगता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।

किसके इशारों पर नाच रहा पाक?

वहीं, 'फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज' (FDD) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और अमेरिकी ट्रेजरी के पूर्व एनालिस्ट जोनाथन श्नाइजर ने पाकिस्तान की इस भूमिका पर गंभीर संदेह जताते हुए पूछा है कि क्या पाकिस्तान वाकई शांति चाहता है या वह सिर्फ चीन के इशारों पर नाच रहा है? जोनाथन श्नाइजर का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति उसे स्वतंत्र फैसले लेने की अनुमति नहीं देती है। पाकिस्तान, चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) और 'डेब्ट-ट्रैप डिप्लोमेसी' में बुरी तरह फंसा हुआ है। श्नाइजर ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान अमेरिका के साथ नए गठबंधन बनाकर अपनी स्थिति सुधारना चाहता है या वह केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 'माउथपीस' के तौर पर काम कर रहा है।

लखनऊ: सड़क किनारे अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी
लखनऊ । राजधानी के काकोरी  थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली।
पुलिस के अनुसार आज सुबह घुरघुरी तालाब चौकी क्षेत्र के इब्राहिम गंज मदारपुर इलाके में सड़क किनारे एक महिला का शव पड़े होने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्राथमिक जांच में मृतका की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। महिला के सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और वैधानिक कार्रवाई जारी है।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 40 साल पुराना कारोबार ढहा, 44 भवन सील

मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार का दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग अभियान शाम 6 बजे तक चला। सात अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जबकि पूरे इलाके को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेड कर दिया गया था।

40 साल पुराना बाजार एक झटके में सील

सेंट्रल मार्केट में दशकों से चल रहे अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट और दर्जनों दुकानें इस कार्रवाई की जद में आ गईं। शुरुआती कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर सील लगाई गई, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज से शुरू हुई कार्रवाई धीरे-धीरे पूरे मार्केट में फैल गई। कुछ ही घंटों में अस्पतालों, क्लीनिकों, रेस्टोरेंट और कॉम्प्लेक्स पर ताले लग गए।

व्यापारियों और कर्मचारियों में कोहराम

सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर व्यापारी और कर्मचारी रोते-बिलखते नजर आए। लोग अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन कार्रवाई जारी रही।कई व्यापारियों ने कहा कि वे 20 से 30 साल से यहां कारोबार कर रहे थे और अब अचानक सबकुछ खत्म हो गया। इससे करीब 40 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित होने का अनुमान है।

कोर्ट आदेश के तहत कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कदम उठाया गया है।सीलिंग के दौरान कई कॉम्प्लेक्सों में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया।

स्कूल, अस्पताल और दुकानें भी बंद

इस अभियान में कई अस्पताल, स्कूल, बैंक्वेट हॉल और कॉम्प्लेक्स भी सील कर दिए गए। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हुआ बल्कि बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगारी की स्थिति में आ गए।कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों और निवासियों ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उनका कहना था कि वे वर्षों से यहां रह और काम कर रहे थे, लेकिन अब सबकुछ एक झटके में खत्म हो गया।सेंट्रल मार्केट में हुई यह कार्रवाई मेरठ के व्यापारिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने हजारों परिवारों की आजीविका पर गहरा असर डाला है।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
महिला से मजाक पर दो युवकों में मारपीट,पुलिस ने लिखाया माफीनामा
*दोनों ने एक दूसरे को दी गालियां

गोंडा।जिले में एक महिला से मजाक करने को लेकर दो युवकों के बीच मारपीट हो गयी।यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के इंडियन बैंक के सामने मंगलवार को अपरान्ह लगभग दो बजे की है।जहाँ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।पुलिस जांच के अनुसार,बलरामपुर जनपद के उतरौला निवासी पवन सोनी गोंडा के इंडियन बैंक रोडवेज शाखा आए थे।बैंक के बाहर खड़ी एक महिला से पवन सोनी ने मजाक किया,जिसके बाद महिला के साथ मौजूद युवक और पवन सोनी के बीच विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।दोनों युवक एक दूसरे को गालियां दे रहे थे और मारपीट कर रहे थे।वायरल वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि दोनों युवक एक दूसरे को मारपीट के लिए और लोगों को बुलाने की बात कह रहे थे।वायरल वीडियो में रोडवेज पुलिस चौकी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी भी मौके पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।घटना के बाद रोडवेज पुलिस चौकी के सिपाही तीनों ( दोनों युवक व महिला) को पुलिस चौकी ले गयी।पुलिस चौकी में तीनों ने मारपीट को लेकर लिखित माफीनामा दिया और एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की बात कही।मामले में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आपसी कहासुनी को लेकर यह विवाद हुआ था और लोगों ने लिखित रूप से सुलह कर लिया है।कोई भी पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता है।उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी भी पक्ष द्वारा तहरीर दिया जाता है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।यह लोग आपस में एक दूसरे को जानने वाले हैं परन्तु रिश्ता अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।