फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

#chiefelectioncommissionergyaneshkumarintrouble

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

आजमगढ़ के कोयलसा ब्लॉक के ‘विकास पुरुष’ राजधारी पाण्डेय पर विशेष रिपोर्ट
आजमगढ़ जनपद के कोयलसा ब्लॉक की राजनीति और विकास की बात जब भी होती है, तो एक नाम पूरे सम्मान और प्रभाव के साथ लिया जाता है—राजधारी पाण्डेय। उन्हें क्षेत्र में ‘विकास पुरुष’ के रूप में जाना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि जितना कहा जाए, उतना कम है।
सन 1970 के दशक से लेकर कई कार्यकाल तक ब्लॉक प्रमुख के रूप में उन्होंने कोयलसा क्षेत्र का नेतृत्व किया। उस दौर में शायद ही कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा रहा हो, जो राजधारी पाण्डेय के नाम और उनके प्रभाव से परिचित न हो। प्रशासनिक गलियारों में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि लोग कहते थे—“जहां ठान लिया, वहां काम होकर ही रहता था।”
राजधारी पाण्डेय की सबसे बड़ी पहचान थी उनकी जिद और जनसेवा के प्रति समर्पण। विकास कार्यों को लेकर उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था—क्षेत्र का हर गांव आगे बढ़े। सड़कों, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उन्होंने जो पहल की, उसका असर आज भी स्थानीय लोग महसूस करते हैं।
राजनीति में उन्हें ‘गुरु’ का दर्जा दिया जाता था। कई छोटे-बड़े नेता उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़े। उनके दरवाजे पर आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता था। चाहे आर्थिक मदद हो, सामाजिक सहयोग या प्रशासनिक स्तर पर सहायता—वे हर संभव तरीके से लोगों की मदद करते थे।
गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उनका हृदय हमेशा खुला रहता था। इसी कारण उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ भी कहा जाता था। उनके कार्यक्षेत्र की ख्याति केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि आसपास के जनपदों में भी लोग उन्हें सम्मान के साथ जानते थे।राजधारी पाण्डेय लगातार तीन बार ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए जनसेवा का जज्बा उनके रग रग मे बसा था रात मे भी समस्या को लेकर कोई पहुंच गया तो प्रमुख जी कपड़ा पहनते हुए निकलते थे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हमेशा व्यक्तिगत सम्बंधो को महत्व देते थे 1991 मे भाजपा की सदस्यता लिए और टिकट विधानसभा का लेते लेते रह गए भाजपा के वरिष्ठ नेता रमाकांत मिश्र ने राजधारी पाण्डेय ब्लाक प्रमुख की प्रतिमा बनाने की मांग की राजधारी पाण्डेय का एक बड़ा सपना था—ब्राह्मण समाज की एकजुटता और उसका सशक्त अस्तित्व। वे चाहते थे कि समाज संगठित होकर अपनी पहचान और प्रभाव को मजबूत बनाए।
आज भले ही समय बदल गया हो, लेकिन कोयलसा की मिट्टी में राजधारी पाण्डेय के कार्यों की छाप आज भी जीवित है। क्षेत्र के बुजुर्ग और युवा, दोनों ही उन्हें एक ऐसे जननेता के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और अपने जीवन को समाज के नाम समर्पित कर दिया।
लालगंज को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प, 35 मरीजों को भेंट की गई पोषक पोटली
मीरजापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के सभागार में शनिवार को लालगंज स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह द्वारा 35 क्षय रोगियों को पोषण पोटली अपने हाथों  भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण अभियान के तहत टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में शासन स्तर से जांच और ईलाज की सुविधा निः शुल्क प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी ने लालगंज ब्लॉक पर 35 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट कर सराहनीय कार्य किया है। डाक्टर कैलाश कुमार बिंद ने कहा कि आप सभी अपने अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन करने के लाभ के विषय में जानकारी देते हुए लालगंज ब्लॉक को टीबी मुक्त ब्लॉक बनाने में अपना योगदान दें। रेड क्रॉस  सोसाइटी के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि मरीज के हित में यह पहल एक सराहनीय और मददगार पहल है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने कहा कि इस नेक कार्य में सम्मानित और सक्षम लोगों को निश्चय मित्र बनकर हिस्सा लेने की आवश्यकता है, जिससे लालगंज ब्लॉक टीबी मुक्त ब्लॉक बन सकें। इस दौरान  डॉक्टर कैलाश बिंद, डॉक्टर राजेश पटेल, डॉक्टर पंकज, शमीम अहमद, नीरज कुमार सिंह, एलटी मुकेश कुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, अभिषेक, संदीप कुमार यादव, शेष नारायण सरोज, भोला, साहब अहमद, रामनारायण आदि लोग उपस्थित रहें।
शेरघाटी नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का आरोप: पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा- फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन की निकासी की

कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा पत्र 

गया: गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर परिषद में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिसके उनके पास ठोस सबूत मौजूद हैं।

विनय कुमार के अनुसार, फाउंटेन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और गुणवत्ता से समझौता किया गया। इसके अलावा, नेशनल हाईवे पर पेंटिंग कार्य में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, फिर भी भारी राशि खर्च कर दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं के तहत फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन निकासी की गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन कंपनियों को काम दिया गया, उनके पास वैध दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, जीएसटी नंबर या अन्य आवश्यक कागजात तक नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया के जरिए कार्य आवंटित किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।

वाटर एटीएम परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विनय कुमार ने कहा कि जिन स्थानों पर आम जनता की सुविधा के लिए वाटर एटीएम लगाए जाने थे, वहां इन्हें नहीं लगाया गया। इसके बजाय अन्य क्षेत्रों में स्थापित कर दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, एलईडी डिस्प्ले और आउटडोर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने हितों के टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस फर्म को आउटडोर फाउंडेशन का कार्य दिया गया, वह नगर परिषद में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। विनय कुमार ने यह भी दावा किया कि संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी अपने पिछले कार्यकाल में भी इसी तरह के आरोपों में घिरी रही हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई, तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया जा सकता है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की भी अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच के बाद सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।

वही, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी ने कहा कि 6 माह के करीब चुनाव होना है, इसलिए यह सब राजनीतिक कारणों से आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि सभी आरोप मनगढ़ंत और तथ्यहीन है.

राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

जौनपुर। पूर्व प्रधानाध्यापक राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने दसवीं की परीक्षा में 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर नाम रोशन किया है। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित मां भगवती इंटरनेशनल अकैडमी की छात्रा सेजल दुबे ने पूरे विद्यालय में प्रथम क्रमांक प्राप्त किया है। यही कारण है कि विद्यालय की तरफ से भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित केकरचवर गांव की निवासी सेजल के पिता वीरेंद्र दुबे साधारण किसान है जबकि मां खुशबू दुबे गृहिणी हैं। सेजल की शानदार सफलता पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। सेजल की नानी की खुशी का तो ठिकाना नहीं। एक साधारण परिवार की सेजल ने जो कर दिखाया, वह विरले ही कर पाते हैं। सेजल बचपन से ही पढ़ने में अव्वल रही। वह आगे आईटी सेक्टर में जाना चाहती है।
बरात से लौट रही गाड़ी बनी काल: वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर जायलो पलटी, 3 की मौत
तड़के 3:30 बजे हुआ हादसा, 5 घायल; एक की हालत गंभीर, ट्रामा सेंटर रेफर


सोनभद्र । सोनभद्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी में बरात से लौट रही जायलो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।जानकारी के अनुसार, वाहन (UP 64 L 0055) में सवार लोग खलियारी बैनी रायपुर से बरात में शामिल होकर कन्होरा गांव (थाना चोपन) लौट रहे थे। सुबह करीब 3:30 बजे लोढ़ी में एआरटीओ कार्यालय के पास वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और पलट गया।

हादसे में दिलीप पासवान (22), नीतीश यादव (27) और जितेंद्र साहनी (18) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पलटते ही चीख-पुकार मच गई।घटना में मुकेश (17), इंद्रेश (14), पंकज (18), छोटेलाल साहनी (32) और सुग्रीव (27) घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक छोटेलाल साहनी को ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। वाहन को सड़क किनारे हटाकर यातायात बहाल कराया गया।रॉबर्ट्सगंज कोतवाल रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। बरात की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं।
गोंडा में “अरगा ज्ञान गंज: चाय एण्ड चैप्टर्स” का शुभारंभ, संवाद व सशक्तिकरण को मिला नया मंच
*गोंडा में “अरगा ज्ञान गंज” की शुरुआत, युवाओं को मिला अध्ययन का नया केंद्र*

*आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने किया “चाय एण्ड चैप्टर्स” लाइब्रेरी का उद्घाटन*

*मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, “ज्ञान गंज” पहल से बढ़ेगा संवाद और सशक्तिकरण*

*विकास भवन में नई लाइब्रेरी शुरू, डीएम-सीडीओ की पहल से युवाओं को मिला सुरक्षित अध्ययन स्थल*

*गोंडा, 24 अप्रैल 2026* -  विकास भवन परिसर स्थित शक्ति कैफे में शुक्रवार को *“अरगा ज्ञान गंज: चाय एण्ड चैप्टर्स”* पहल का सफल शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत अब जनपद के युवाओं को सुरक्षित, शांत एवं सुविधाजनक वातावरण में बैठकर अध्ययन करने के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो गया है।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुक्त, देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल उपस्थित रहीं, जिन्होंने फीता काटकर लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी भी उपस्थित रहीं। आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की इस अभिनव पहल की सराहना की।  इस दौरान कमिश्नर डीएम और सीडीओ ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, डायरी एवं पेन भी भेंट किए।


कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से बात करते हुए आयुक्त ने कहा कि “चाय की चुस्की के साथ ज्ञान की राह” जैसी पहलें समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देती हैं तथा महिलाओं एवं युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने इसे सामाजिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की सफलता में उनके अलावा उनके अभिभावकों का भी काफी योगदान है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने तथा जीवन के प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनपद की युवाओं को पढ़ने के लिए अच्छी और सुरक्षित जगह मिली है। सभी छात्र-छात्रायें अपने जीवन के हर लक्ष्य को प्राप्त करें।


जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि विकास भवन परिसर में स्थापित इस लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने बताया कि शक्ति कैफे में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध है, जिससे छात्र-छात्राएं अध्ययन के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह लाइब्रेरी सभी विद्यार्थियों के लिए खुली है और कोई भी यहां आकर अध्ययन कर सकता है।


मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने कहा कि इस लाइब्रेरी के निर्माण से छात्र-छात्राओं को शांत एवं अनुकूल वातावरण में अध्ययन करने की सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

#demandtocancelrajyasabhamembershipofraghavchadhaashokmittalsandeeppathak 

आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

“घोषणाओं की सरकार, जवाबों से भागते मुख्यमंत्री, किसानों के साथ खुला अन्याय”

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया किसान संबोधन पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह भाषण केवल घोषणाओं का पुलिंदा था, जिसमें किसानों के ज्वलंत सवालों से सुनियोजित तरीके से बचने की कोशिश की गई।

श्री पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिजली, स्लॉट बुकिंग, खरीदी लक्ष्य, दुग्ध, सोलर पंप, भावांतर, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे कई विषयों पर लंबी-चौड़ी बातें कीं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। उन्होंने सवाल उठाया कि स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई करना क्या सरकार की नाकाम व्यवस्था का प्रमाण नहीं है? छोटे, मझोले और बड़े किसानों पर लगी पाबंदियों को हटाना भी सरकार की मजबूरी को दर्शाता है, न कि कोई संवेदनशील निर्णय।

सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। 14 दिनों में केवल 9.5 लाख मैट्रिक टन खरीदी से साफ है कि इस रफ्तार पर 100 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य पूरा करने में करीब 140 दिन लगेंगे। अब जब छोटे, मझोले और बड़े सभी किसान एक साथ तुलाई के लिए आएंगे, तो यह अव्यवस्था और बढ़ेगी तथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

बिजली आपूर्ति पर हमला करते हुए श्री पटवारी ने कहा कि 23 वर्षों तक किसानों को रात में बिजली देकर परेशान करने वाली सरकार आज दिन में बिजली देने की बात कर रही है। यह नीतिगत विफलता की स्वीकारोक्ति है, न कि कोई उपलब्धि। कृषक मित्र योजना को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार 90% सब्सिडी का दावा कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि किसानों से 10% राशि जमा कराकर उनके नाम पर 90% कर्ज डाला जा रहा है। दस्तावेजों में मात्र 30% सब्सिडी का उल्लेख है—ऐसे में शेष 60% की सच्चाई क्या है? और जब कर्ज किसान के नाम पर होगा, तो उसकी किस्त कौन भरेगा—सरकार या किसान?

सोयाबीन किसानों के मुद्दे पर श्री पटवारी ने कहा कि “मोदी गारंटी” के तहत ₹6000 प्रति क्विंटल पर खरीद का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत में किसान को ₹2750 प्रति क्विंटल के भाव पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब मंडी मॉडल रेट ₹4000 था, तब भी किसानों को उसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि इस भारी अंतर का जवाब कौन देगा और क्या सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी?

इसी क्रम में उन्होंने गेहूं खरीदी में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 50% किसानों ने खरीदी में देरी और कुप्रबंधन के चलते अपना गेहूं ओपन मार्केट में बेचा, जहां मंडियों में खुली लूट के कारण उन्हें ₹1800 से ₹2000 प्रति क्विंटल के भाव मिले। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इन किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी या उन्हें यूं ही बाजार के हवाले छोड़ दिया गया है?

दुग्ध उत्पादकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा प्रदेश के अपने दूध संघ को NDDB को सौंपने के बाद बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस निर्णय से मध्यप्रदेश के दूध उत्पादक किसानों को वास्तविक लाभ क्या मिला। हाल ही में NDDB के साथ हुई बैठक के परिणामों पर भी मुख्यमंत्री ने कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई।

श्री पटवारी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की बात करते हैं, उन्होंने अपने पूरे भाषण में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह दर्शाता है कि सरकार के पास मूंग उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले खरीफ सीजन में किसान धान की बुवाई करेगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने “मोदी गारंटी” के तहत ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद के वादे पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह स्पष्ट करता है कि सरकार के पास धान उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस नीति या भरोसेमंद रोडमैप नहीं है।

अंत में श्री पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अब झूठे वादों और खोखली घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगा। उसे स्पष्ट नीति, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए। यदि सरकार शीघ्र ही इन सवालों का ठोस जवाब नहीं देती और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करती, तो कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी।

फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

#chiefelectioncommissionergyaneshkumarintrouble

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

आजमगढ़ के कोयलसा ब्लॉक के ‘विकास पुरुष’ राजधारी पाण्डेय पर विशेष रिपोर्ट
आजमगढ़ जनपद के कोयलसा ब्लॉक की राजनीति और विकास की बात जब भी होती है, तो एक नाम पूरे सम्मान और प्रभाव के साथ लिया जाता है—राजधारी पाण्डेय। उन्हें क्षेत्र में ‘विकास पुरुष’ के रूप में जाना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि जितना कहा जाए, उतना कम है।
सन 1970 के दशक से लेकर कई कार्यकाल तक ब्लॉक प्रमुख के रूप में उन्होंने कोयलसा क्षेत्र का नेतृत्व किया। उस दौर में शायद ही कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा रहा हो, जो राजधारी पाण्डेय के नाम और उनके प्रभाव से परिचित न हो। प्रशासनिक गलियारों में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि लोग कहते थे—“जहां ठान लिया, वहां काम होकर ही रहता था।”
राजधारी पाण्डेय की सबसे बड़ी पहचान थी उनकी जिद और जनसेवा के प्रति समर्पण। विकास कार्यों को लेकर उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था—क्षेत्र का हर गांव आगे बढ़े। सड़कों, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उन्होंने जो पहल की, उसका असर आज भी स्थानीय लोग महसूस करते हैं।
राजनीति में उन्हें ‘गुरु’ का दर्जा दिया जाता था। कई छोटे-बड़े नेता उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़े। उनके दरवाजे पर आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता था। चाहे आर्थिक मदद हो, सामाजिक सहयोग या प्रशासनिक स्तर पर सहायता—वे हर संभव तरीके से लोगों की मदद करते थे।
गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उनका हृदय हमेशा खुला रहता था। इसी कारण उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ भी कहा जाता था। उनके कार्यक्षेत्र की ख्याति केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि आसपास के जनपदों में भी लोग उन्हें सम्मान के साथ जानते थे।राजधारी पाण्डेय लगातार तीन बार ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए जनसेवा का जज्बा उनके रग रग मे बसा था रात मे भी समस्या को लेकर कोई पहुंच गया तो प्रमुख जी कपड़ा पहनते हुए निकलते थे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हमेशा व्यक्तिगत सम्बंधो को महत्व देते थे 1991 मे भाजपा की सदस्यता लिए और टिकट विधानसभा का लेते लेते रह गए भाजपा के वरिष्ठ नेता रमाकांत मिश्र ने राजधारी पाण्डेय ब्लाक प्रमुख की प्रतिमा बनाने की मांग की राजधारी पाण्डेय का एक बड़ा सपना था—ब्राह्मण समाज की एकजुटता और उसका सशक्त अस्तित्व। वे चाहते थे कि समाज संगठित होकर अपनी पहचान और प्रभाव को मजबूत बनाए।
आज भले ही समय बदल गया हो, लेकिन कोयलसा की मिट्टी में राजधारी पाण्डेय के कार्यों की छाप आज भी जीवित है। क्षेत्र के बुजुर्ग और युवा, दोनों ही उन्हें एक ऐसे जननेता के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और अपने जीवन को समाज के नाम समर्पित कर दिया।
लालगंज को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प, 35 मरीजों को भेंट की गई पोषक पोटली
मीरजापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के सभागार में शनिवार को लालगंज स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह द्वारा 35 क्षय रोगियों को पोषण पोटली अपने हाथों  भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण अभियान के तहत टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में शासन स्तर से जांच और ईलाज की सुविधा निः शुल्क प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी ने लालगंज ब्लॉक पर 35 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट कर सराहनीय कार्य किया है। डाक्टर कैलाश कुमार बिंद ने कहा कि आप सभी अपने अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन करने के लाभ के विषय में जानकारी देते हुए लालगंज ब्लॉक को टीबी मुक्त ब्लॉक बनाने में अपना योगदान दें। रेड क्रॉस  सोसाइटी के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि मरीज के हित में यह पहल एक सराहनीय और मददगार पहल है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने कहा कि इस नेक कार्य में सम्मानित और सक्षम लोगों को निश्चय मित्र बनकर हिस्सा लेने की आवश्यकता है, जिससे लालगंज ब्लॉक टीबी मुक्त ब्लॉक बन सकें। इस दौरान  डॉक्टर कैलाश बिंद, डॉक्टर राजेश पटेल, डॉक्टर पंकज, शमीम अहमद, नीरज कुमार सिंह, एलटी मुकेश कुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, अभिषेक, संदीप कुमार यादव, शेष नारायण सरोज, भोला, साहब अहमद, रामनारायण आदि लोग उपस्थित रहें।
शेरघाटी नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का आरोप: पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा- फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन की निकासी की

कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा पत्र 

गया: गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर परिषद में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिसके उनके पास ठोस सबूत मौजूद हैं।

विनय कुमार के अनुसार, फाउंटेन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और गुणवत्ता से समझौता किया गया। इसके अलावा, नेशनल हाईवे पर पेंटिंग कार्य में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, फिर भी भारी राशि खर्च कर दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं के तहत फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन निकासी की गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन कंपनियों को काम दिया गया, उनके पास वैध दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, जीएसटी नंबर या अन्य आवश्यक कागजात तक नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया के जरिए कार्य आवंटित किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।

वाटर एटीएम परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विनय कुमार ने कहा कि जिन स्थानों पर आम जनता की सुविधा के लिए वाटर एटीएम लगाए जाने थे, वहां इन्हें नहीं लगाया गया। इसके बजाय अन्य क्षेत्रों में स्थापित कर दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, एलईडी डिस्प्ले और आउटडोर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने हितों के टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस फर्म को आउटडोर फाउंडेशन का कार्य दिया गया, वह नगर परिषद में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। विनय कुमार ने यह भी दावा किया कि संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी अपने पिछले कार्यकाल में भी इसी तरह के आरोपों में घिरी रही हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई, तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया जा सकता है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की भी अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच के बाद सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।

वही, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी ने कहा कि 6 माह के करीब चुनाव होना है, इसलिए यह सब राजनीतिक कारणों से आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि सभी आरोप मनगढ़ंत और तथ्यहीन है.

राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

जौनपुर। पूर्व प्रधानाध्यापक राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने दसवीं की परीक्षा में 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर नाम रोशन किया है। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित मां भगवती इंटरनेशनल अकैडमी की छात्रा सेजल दुबे ने पूरे विद्यालय में प्रथम क्रमांक प्राप्त किया है। यही कारण है कि विद्यालय की तरफ से भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित केकरचवर गांव की निवासी सेजल के पिता वीरेंद्र दुबे साधारण किसान है जबकि मां खुशबू दुबे गृहिणी हैं। सेजल की शानदार सफलता पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। सेजल की नानी की खुशी का तो ठिकाना नहीं। एक साधारण परिवार की सेजल ने जो कर दिखाया, वह विरले ही कर पाते हैं। सेजल बचपन से ही पढ़ने में अव्वल रही। वह आगे आईटी सेक्टर में जाना चाहती है।
बरात से लौट रही गाड़ी बनी काल: वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर जायलो पलटी, 3 की मौत
तड़के 3:30 बजे हुआ हादसा, 5 घायल; एक की हालत गंभीर, ट्रामा सेंटर रेफर


सोनभद्र । सोनभद्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी में बरात से लौट रही जायलो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।जानकारी के अनुसार, वाहन (UP 64 L 0055) में सवार लोग खलियारी बैनी रायपुर से बरात में शामिल होकर कन्होरा गांव (थाना चोपन) लौट रहे थे। सुबह करीब 3:30 बजे लोढ़ी में एआरटीओ कार्यालय के पास वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और पलट गया।

हादसे में दिलीप पासवान (22), नीतीश यादव (27) और जितेंद्र साहनी (18) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पलटते ही चीख-पुकार मच गई।घटना में मुकेश (17), इंद्रेश (14), पंकज (18), छोटेलाल साहनी (32) और सुग्रीव (27) घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक छोटेलाल साहनी को ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। वाहन को सड़क किनारे हटाकर यातायात बहाल कराया गया।रॉबर्ट्सगंज कोतवाल रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। बरात की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं।
गोंडा में “अरगा ज्ञान गंज: चाय एण्ड चैप्टर्स” का शुभारंभ, संवाद व सशक्तिकरण को मिला नया मंच
*गोंडा में “अरगा ज्ञान गंज” की शुरुआत, युवाओं को मिला अध्ययन का नया केंद्र*

*आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने किया “चाय एण्ड चैप्टर्स” लाइब्रेरी का उद्घाटन*

*मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, “ज्ञान गंज” पहल से बढ़ेगा संवाद और सशक्तिकरण*

*विकास भवन में नई लाइब्रेरी शुरू, डीएम-सीडीओ की पहल से युवाओं को मिला सुरक्षित अध्ययन स्थल*

*गोंडा, 24 अप्रैल 2026* -  विकास भवन परिसर स्थित शक्ति कैफे में शुक्रवार को *“अरगा ज्ञान गंज: चाय एण्ड चैप्टर्स”* पहल का सफल शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत अब जनपद के युवाओं को सुरक्षित, शांत एवं सुविधाजनक वातावरण में बैठकर अध्ययन करने के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो गया है।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुक्त, देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल उपस्थित रहीं, जिन्होंने फीता काटकर लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी भी उपस्थित रहीं। आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की इस अभिनव पहल की सराहना की।  इस दौरान कमिश्नर डीएम और सीडीओ ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, डायरी एवं पेन भी भेंट किए।


कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से बात करते हुए आयुक्त ने कहा कि “चाय की चुस्की के साथ ज्ञान की राह” जैसी पहलें समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देती हैं तथा महिलाओं एवं युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने इसे सामाजिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की सफलता में उनके अलावा उनके अभिभावकों का भी काफी योगदान है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने तथा जीवन के प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनपद की युवाओं को पढ़ने के लिए अच्छी और सुरक्षित जगह मिली है। सभी छात्र-छात्रायें अपने जीवन के हर लक्ष्य को प्राप्त करें।


जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि विकास भवन परिसर में स्थापित इस लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने बताया कि शक्ति कैफे में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध है, जिससे छात्र-छात्राएं अध्ययन के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह लाइब्रेरी सभी विद्यार्थियों के लिए खुली है और कोई भी यहां आकर अध्ययन कर सकता है।


मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने कहा कि इस लाइब्रेरी के निर्माण से छात्र-छात्राओं को शांत एवं अनुकूल वातावरण में अध्ययन करने की सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

#demandtocancelrajyasabhamembershipofraghavchadhaashokmittalsandeeppathak 

आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

“घोषणाओं की सरकार, जवाबों से भागते मुख्यमंत्री, किसानों के साथ खुला अन्याय”

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया किसान संबोधन पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह भाषण केवल घोषणाओं का पुलिंदा था, जिसमें किसानों के ज्वलंत सवालों से सुनियोजित तरीके से बचने की कोशिश की गई।

श्री पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिजली, स्लॉट बुकिंग, खरीदी लक्ष्य, दुग्ध, सोलर पंप, भावांतर, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे कई विषयों पर लंबी-चौड़ी बातें कीं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। उन्होंने सवाल उठाया कि स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई करना क्या सरकार की नाकाम व्यवस्था का प्रमाण नहीं है? छोटे, मझोले और बड़े किसानों पर लगी पाबंदियों को हटाना भी सरकार की मजबूरी को दर्शाता है, न कि कोई संवेदनशील निर्णय।

सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। 14 दिनों में केवल 9.5 लाख मैट्रिक टन खरीदी से साफ है कि इस रफ्तार पर 100 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य पूरा करने में करीब 140 दिन लगेंगे। अब जब छोटे, मझोले और बड़े सभी किसान एक साथ तुलाई के लिए आएंगे, तो यह अव्यवस्था और बढ़ेगी तथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

बिजली आपूर्ति पर हमला करते हुए श्री पटवारी ने कहा कि 23 वर्षों तक किसानों को रात में बिजली देकर परेशान करने वाली सरकार आज दिन में बिजली देने की बात कर रही है। यह नीतिगत विफलता की स्वीकारोक्ति है, न कि कोई उपलब्धि। कृषक मित्र योजना को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार 90% सब्सिडी का दावा कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि किसानों से 10% राशि जमा कराकर उनके नाम पर 90% कर्ज डाला जा रहा है। दस्तावेजों में मात्र 30% सब्सिडी का उल्लेख है—ऐसे में शेष 60% की सच्चाई क्या है? और जब कर्ज किसान के नाम पर होगा, तो उसकी किस्त कौन भरेगा—सरकार या किसान?

सोयाबीन किसानों के मुद्दे पर श्री पटवारी ने कहा कि “मोदी गारंटी” के तहत ₹6000 प्रति क्विंटल पर खरीद का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत में किसान को ₹2750 प्रति क्विंटल के भाव पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब मंडी मॉडल रेट ₹4000 था, तब भी किसानों को उसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि इस भारी अंतर का जवाब कौन देगा और क्या सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी?

इसी क्रम में उन्होंने गेहूं खरीदी में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 50% किसानों ने खरीदी में देरी और कुप्रबंधन के चलते अपना गेहूं ओपन मार्केट में बेचा, जहां मंडियों में खुली लूट के कारण उन्हें ₹1800 से ₹2000 प्रति क्विंटल के भाव मिले। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इन किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी या उन्हें यूं ही बाजार के हवाले छोड़ दिया गया है?

दुग्ध उत्पादकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा प्रदेश के अपने दूध संघ को NDDB को सौंपने के बाद बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस निर्णय से मध्यप्रदेश के दूध उत्पादक किसानों को वास्तविक लाभ क्या मिला। हाल ही में NDDB के साथ हुई बैठक के परिणामों पर भी मुख्यमंत्री ने कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई।

श्री पटवारी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की बात करते हैं, उन्होंने अपने पूरे भाषण में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह दर्शाता है कि सरकार के पास मूंग उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले खरीफ सीजन में किसान धान की बुवाई करेगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने “मोदी गारंटी” के तहत ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद के वादे पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह स्पष्ट करता है कि सरकार के पास धान उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस नीति या भरोसेमंद रोडमैप नहीं है।

अंत में श्री पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अब झूठे वादों और खोखली घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगा। उसे स्पष्ट नीति, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए। यदि सरकार शीघ्र ही इन सवालों का ठोस जवाब नहीं देती और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करती, तो कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी।