देवघर-नीट सीबीएसई परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक एवं देवघर जिला इंटक की महासचिव पूजा देवी ने नीट- सीबीएसई परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या उन्हें अविलंब मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इंटक के नेताओं ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक हो जाने के कारण सभी छात्रों एवं छात्राओं के भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह सा आ खड़ा हुआ है। यह एक कटु सत्य है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट और सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं मे शामिल होने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ हुआ है बल्कि परीक्षाओं में हुई धांधली ने देश के लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक किया है तथा छात्रों एवं छात्राओं के सपनों को कुचलना का काम किया है। इंटक के नेताओं ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर जरा सी भी नैतिकता बची है तो वे छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का या तो इस्तीफा लें या उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
सिमडेगा के आम्रपाली आम पहुंचे लंदन, CM हेमन्त सोरेन की बिरसा हरित ग्राम योजना ने रचा इतिहास


रांची/सिमडेगा:

झारखण्ड के सुदूरवर्ती जिले सिमडेगा ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की दूरगामी सोच और विजन का नतीजा है कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उपजे उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना कर दी गई है।

कोरोना काल की आपदा को बदला अवसर में

यह ऐतिहासिक सफलता उस नीति की परिणति है, जिसकी नींव कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई थी। जब गांवों में रोजगार का संकट था, तब ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फलदार बागवानी से जोड़ने वाली बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक सिर्फ सिमडेगा जिले के 12,000 से अधिक किसानों ने लगभग 10,500 एकड़ भूमि पर मुख्य रूप से आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा आम की बागवानी की। आज उसी सामूहिक मेहनत का मीठा फल वैश्विक बाजार के रूप में सामने आया है।

विगत वर्ष सिमडेगा में आम का बंपर उत्पादन हुआ था, लेकिन मार्केट लिंकेज की कमी के कारण किसान स्थानीय बाजार में औने-पौने दाम पर आम बेचने को मजबूर थे। इस वर्ष जिला प्रशासन ने लगातार 'बायर्स-सेलर्स मीट' आयोजित कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला। कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के तकनीकी सहयोग से सिमडेगा के आमों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए जरूरी 'फायटोसैनिटरी स्टैंडर्ड्स' को पूरा करने के लिए महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

सिमडेगा जिले में वर्तमान में 7,500 सखी मंडल सक्रिय हैं, जिनसे 93,000 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। आम बागवानी से जुड़ी इन महिलाओं को जिला प्रशासन ने व्यापार की नई दिशा दी है। प्रारंभिक तौर पर 6 FPOs के 300 किसान इस एक्सपोर्ट चेन से जुड़े हैं। इस पहली अंतर्राष्ट्रीय खेप (1.32 टन) के लिए सिमडेगा सदर प्रखंड की 'महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' तथा बानो प्रखंड की 'बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' ने मुख्य भूमिका निभाई।

81 टन का बड़ा लक्ष्य, अब यूरोप और रिलायंस मार्ट की बारी

अकेले सिमडेगा ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कुल 81 टन आम विक्रय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसी हफ्ते आम की एक और खेप यूके (UK) के लिए और दूसरी खेप यूरोप के लिए भेजी जाएगी। इसके साथ ही घरेलू कॉर्पोरेट बाजार को मजबूत करने के लिए 'रिलायंस मार्ट' के साथ भी सफल लिंकेज स्थापित किया गया है। आने वाले दिनों में जिले से रागी और इमली के निर्यात की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

2.15 लाख ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

सिमडेगा की इस सफलता के पीछे बिरसा हरित ग्राम योजना का राज्यव्यापी नेटवर्क है, जिसने पूरे झारखण्ड के ग्रामीण परिदृश्य को बदल दिया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत अब तक राज्य का 1.86 लाख एकड़ का एक बड़ा हिस्सा बागवानी वृक्षारोपण के दायरे में आ चुका है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोजगार मिला है। योजना की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 तक किए गए वृक्षारोपण में से 52,000 एकड़ क्षेत्र अब पूरी तरह फल हार्वेस्टिंग के लिए तैयार हो चुका है। प्रशासन का अनुमान है कि इस हार्वेस्ट-रेडी एरिया से इस बार 50,000 मीट्रिक टन का बंपर न्यूनतम फल उत्पादन होगा, जो आने वाले दिनों में झारखण्ड को फलों के निर्यात का एक बड़ा हब बनाने की राह तैयार कर रहा है।

आदिवासी बच्चों के लिए लोढ़ा फाउंडेशन का “मानवता का हाथ, सबका साथ” अभियान

मुंबई। लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा की संकल्पना से साकार हुए “मानवता का हाथ, सबका साथ” इस सामाजिक अभियान का शुभारंभ मंगलवार, दि. 9 जून को सायंकाल गामदेवी स्थित धर्म पैलेस, ह्यूजेस रोड में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति में इस उपक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। समाज के अनेक घरों में उपयोग में न आने वाली, किंतु अच्छी स्थिति में उपलब्ध पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें बड़ी संख्या में पड़ी रहती हैं। इन वस्तुओं को नया जीवन देते हुए उन्हें आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद बच्चों और परिवारों तक पहुंचाने का संकल्प इस अभियान के माध्यम से लिया गया है। संकलित सामग्री की आवश्यक मरम्मत, स्वच्छता एवं पुनः उपयोग के लिए तैयारी कर उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में 100 से अधिक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।सइस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साधन, खिलौनों से मिलने वाला आनंद तथा साइकिलों से प्राप्त गतिशीलता ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की अनुपयोगी वस्तुएं दान कर इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “समाज के प्रत्येक घर में ऐसी अनेक पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें होती हैं, जो भले ही उपयोग में न हों, लेकिन किसी जरूरतमंद बच्चे के लिए अमूल्य साबित हो सकती हैं। ‘मानवता का हाथ, सबका साथ’ यह अभियान केवल वस्तुओं का दान नहीं, बल्कि आनंद, शिक्षा और अवसरों का वितरण करने वाला अभियान है। पालघर के आदिवासी बच्चों से शुरू होने वाला यह आंदोलन समाज के संवेदनशील नागरिकों की सहभागिता से और अधिक व्यापक बनेगा, ऐसा मुझे विश्वास है।”
डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “एक पुरानी पुस्तक किसी बच्चे को शिक्षा का नया अवसर दे सकती है, एक खिलौना उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है और एक साइकिल उसके सपनों को नई उड़ान दे सकती है। समाज में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग कर जरूरतमंदों तक सहायता का हाथ पहुंचाना ही इस पहल के पीछे की प्रेरणा है।” कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वयंसेवी क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति, नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आदिवासी बच्चों की शिक्षा, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर सहयोग करने का संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया गया। लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से नागरिकों से अपने घरों में उपलब्ध पुरानी पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें दान कर इस सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया।
आजमगढ़ : एमआरडी शिक्षण संस्थान के संस्थापक बैजनाथ यादव का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
 आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के अंबारी स्थित एमआरडी शिक्षण सेवा संस्थान के संस्थापक एवं प्रख्यात शिक्षाविद् बैजनाथ यादव (85 वर्ष) का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही शिक्षा जगत और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उन्हें क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ माना जाता था और उनके जाने को लोगों ने "एक युग का अंत" बताया।
बैजनाथ यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए एमआरडी कॉन्वेंट स्कूल, एमआरडी बालिका इंटर कॉलेज तथा एमआरडी इंटर कॉलेज की स्थापना की। उनके प्रयासों से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और दूरदर्शी सोच हमेशा याद की जाएगी।
मकसुदिया गांव निवासी स्वर्गीय बैजनाथ यादव ने जिस शैक्षिक नींव को खड़ा किया, उसे उनके तीनों पुत्र विनोद यादव, सुभाष चंद यादव एवं सुनील यादव आगे बढ़ाते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
उनके निधन की सूचना मिलते ही मकसुदिया स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। सामाजिक, शैक्षिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी।
बाद में दुर्वासा धाम पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों, शुभचिंतकों और विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
बैजनाथ यादव का जीवन शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के प्रति समर्पित रहा।  इस अवसर पर अटेवा जिलाध्यक्ष सुभाष चंद यादव, महेंद्र यादव, दीपक यादव, सुरेंद्र यादव, अनिल यादव, केशव प्रसाद यादव, बृजनाथ यादव,राजेश यादव , चंद्रभान यादव सहित सैकड़ों शिक्षकों ने शोकसम्वेदना व्यक्त किया ।

अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार*
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
पैसों के लेन-देन में युवक की निर्मम हत्या
*आक्रोशित परिजनों ने शव हाईवे पर रख लगाया जाम
पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और हीलाहवाली का गंभीर आरोप

* गोंडा-जरवल मार्ग पर करीब पौन घंटे तक ठप रहा वाहनों का आवागमन, राहगीर परेशान।

करनैलगंज (गोंडा)। कोतवाली क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण इलाके में पैसों के लेन-देन के पुराने विवाद को लेकर एक 22 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या का आरोप लगा है। आरोप है कि वारदात के बाद हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय पुलिस पर मामले में घोर लापरवाही और टालमटोल (हीलाहवाली) करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों व परिजनों ने शव को गोंडा-जरवल हाईवे पर  ब्रम्हचारी स्थान के निकट शव रखकर चक्का जाम कर दिया। करीब पौन घंटे तक चले इस भारी हंगामे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे उच्चाधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ही जाम खुलवाया जा सका।
मौसी के लड़के पर लगा हत्या का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सकरौरा ग्रामीण निवासी राहुल कश्यप (22) पुत्र पप्पू कश्यप का अपने ही रिश्ते में मौसी के लड़के पंकज, निवासी डुडही असरना, के साथ पिछले काफी समय से पैसों के लेन-देन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि सोमवार की रात पंकज ने राहुल को फोन करके किसी बहाने से अपने पास बुलाया था। राहुल जब देर रात तक वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों को अनहोनी की चिंता हुई और उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद मंगलवार की आधी रात्रि पिपरी पेट्रोल पंप के निकट, गोंडा-लखनऊ रेलवे ट्रैक के पास राहुल का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि पंकज ने अपने कुछ अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत राहुल की बेरहमी से हत्या की और इसे रेल दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शव को पिपरी के पास रेलवे ट्रैक के किनारे लिटा दिया था।मं गलवार दोपहर बाद जैसे ही राहुल का शव पोस्टमार्टम के बाद वापस गांव पहुंचा, वैसे ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पिपरी ब्रह्मचारी बाबा स्थान के पास शव को मुख्य गोंडा-जरवल हाईवे के बीचों-बीच रख दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। शाम करीब 5:15 बजे शुरू हुआ यह चक्का जाम शाम 6:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहा। इस दौरान लखनऊ, बहराइच और गोंडा की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए, जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
**पुलिस के ठोस आश्वासन पर खुला जाम
हाईवे जाम होने और हंगामे की संवेदनशीलता को देखते हुए करनैलगंज कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के इस ठोस आश्वासन और विधिक कार्रवाई के भरोसे के बाद शाम करीब 6:00 बजे परिजनों ने शव को हाईवे से हटाया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया।
कालीन नगरी के 200 गांवों में सघन वन तैयार करेगा वन विभाग, बढ़ेगी हरियाली

*वन विभाग की टीम करेगी माॅनिटरिंग*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही।लगातार कटते पेड़ और कम होते बाग-बगीचे के बीच अब वन विभाग जिले के 200 गांवों में सघन वन स्थापित करेगा। विभाग की ओर से गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। जिसके बाद वहां पर बड़ी संख्या में पौधे रोपित कर उसका संरक्षण किया जाएगा। विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे।
गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बगीचे होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनिटरिंग भी करेगा।
विभाग का दावा है कि जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। प्रथम चरण में जिले के 200 गांव को हरियाली का नया मॉडल बनाया जाएगा। इसकी देखभाल वन विभाग की ओर से तीन साल तक किया जाएगा। पौधा सूखने पर नया पौधा लगाया जाएगा। हर 15 दिन में वन विभाग, एनजीओ, संस्था के कर्मचारी वन की निगरानी करेंगे।



कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र
साल - वनावरण क्षेत्र 2019 - 3.12 फीसदी
2021 - 3.71 फीसदी 2023 - 5.22 फीसदी
नोट - वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलोमीटर में हैं।
जिले के 200 गांव में सघन वन तैयार किया जाएगा। इस मुहिम में एनजीओ, संस्था का भी सहयोग लिया जाएगा। तीन साल में हर एक-एक गांव में वन तैयार होगा। यहां एक नया मॉडल स्थापित किया जाएगा। 9 विवेक यादव, डीएफओ भदोही
सुपर अल नीनो से मानसून कमजोर: प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ने से कम बारिश की आशंका

नितेश श्रीवास्तव

भदोही । सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु घटना के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे खेती-किसानी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही इस बार मानसून में कम बारिश होने की आशंका है। छह साल पहले भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। असामान्य तापमान वृद्धि के लिए सुपर अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है। भारत में इसका सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर होने और भीषण गर्मी के रूप में दिखाई देता है। सुपर अल नीनो के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। तापमान में अत्यधिक वृद्धि से भीषण लू चलने और मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने का खतरा रहता है।
ऐली परसौली गोडियन पुरवा में आयोजित होगा वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल एक्सरसाइज*
*गोण्डा 09 जून,2026*।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त आदेश के अनुपालन में बाढ़ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा आगामी 11 जून 2026 को जनपद की तहसील तरबगंज अंतर्गत ग्राम ऐली परसौली स्थित गोडियन पुरवा घाट पर एक वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

यह महत्वपूर्ण अभ्यास प्रातः 09:00 बजे से होगा।

*मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य:*
तैयारियों का आकलन: बाढ़ जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और रिस्पांस टाइम को परखना।

अंतर-विभागीय समन्वय: पुलिस चिकित्सा स्वास्थ्य राजस्व अग्निशमन (Fire Brigade) और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना।

जन-जागरूकता: स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों और राहत व बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना।
इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए संबंधित सभी विभागों को समय से अपनी तैयारियों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय जनमानस से भी अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल (अभ्यास) को वास्तविक आपदा न समझें यह केवल एक सुरक्षात्मक अभ्यास और तैयारी का हिस्सा है।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय जुलाई से शुरू करेगा एआई एवं मशीन लर्निंग कौशल पाठ्यक्रम

मुक्त विश्वविद्यालय, आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में मंगलवार को कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग कौशल विकास तथा उद्योग-आधारित तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय, ट्रांसन्यूरो आईबीएम तथा रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा, कौशल विकास,उद्योग- अकादमिक सहयोग, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित पाठ्यक्रमों के विकास से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम मेधा एवं मशीन लर्निंग विश्व स्तर पर शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त,प्रशासन तथा अनुसंधान के क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन उभरती हुई तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना भी है ।
प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि प्रस्तावित समझौते के अंतर्गत कृत्रिम मेधा (ए आई), मशीन लर्निंग (एम एल), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किल्स तथा उद्योगोन्मुख तकनीकी दक्षताओं से संबंधित अल्पकालिक एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी ।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सक्षम निकायों से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत आगामी शैक्षिक सत्र जुलाई 2026 से इन कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने की योजना है । इन पाठ्यक्रमों में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण, स्नातक स्तर के विद्यार्थी तथा तकनीकी कौशल प्राप्त करने के इच्छुक अन्य शिक्षार्थी भी प्रवेश ले सकेंगे । विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इन पाठ्यक्रमों का लाभ प्राप्त होगा ।
कुलपति ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय रोजगारपरक कौशल आधारित एवं उद्योग समर्थित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । यह पहल प्रदेश के हजारों युवाओं को उभरती तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । बैठक में ट्रांसन्यूरो आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान उद्योग अनुभव तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु विश्वविद्यालय के साथ दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह त्रिपक्षीय सहयोग उच्च शिक्षा कौशल विकास एवं उद्योग जगत के मध्य एक सशक्त सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्षता प्राप्त करने के साथ-साथ बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, शिक्षकों एवं दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की तथा प्रस्तावित सहयोग के विभिन्न आयामों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए ।
देवघर-नीट सीबीएसई परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक एवं देवघर जिला इंटक की महासचिव पूजा देवी ने नीट- सीबीएसई परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या उन्हें अविलंब मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इंटक के नेताओं ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक हो जाने के कारण सभी छात्रों एवं छात्राओं के भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह सा आ खड़ा हुआ है। यह एक कटु सत्य है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट और सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं मे शामिल होने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ हुआ है बल्कि परीक्षाओं में हुई धांधली ने देश के लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक किया है तथा छात्रों एवं छात्राओं के सपनों को कुचलना का काम किया है। इंटक के नेताओं ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर जरा सी भी नैतिकता बची है तो वे छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का या तो इस्तीफा लें या उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
सिमडेगा के आम्रपाली आम पहुंचे लंदन, CM हेमन्त सोरेन की बिरसा हरित ग्राम योजना ने रचा इतिहास


रांची/सिमडेगा:

झारखण्ड के सुदूरवर्ती जिले सिमडेगा ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की दूरगामी सोच और विजन का नतीजा है कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उपजे उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना कर दी गई है।

कोरोना काल की आपदा को बदला अवसर में

यह ऐतिहासिक सफलता उस नीति की परिणति है, जिसकी नींव कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई थी। जब गांवों में रोजगार का संकट था, तब ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फलदार बागवानी से जोड़ने वाली बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक सिर्फ सिमडेगा जिले के 12,000 से अधिक किसानों ने लगभग 10,500 एकड़ भूमि पर मुख्य रूप से आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा आम की बागवानी की। आज उसी सामूहिक मेहनत का मीठा फल वैश्विक बाजार के रूप में सामने आया है।

विगत वर्ष सिमडेगा में आम का बंपर उत्पादन हुआ था, लेकिन मार्केट लिंकेज की कमी के कारण किसान स्थानीय बाजार में औने-पौने दाम पर आम बेचने को मजबूर थे। इस वर्ष जिला प्रशासन ने लगातार 'बायर्स-सेलर्स मीट' आयोजित कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला। कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के तकनीकी सहयोग से सिमडेगा के आमों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए जरूरी 'फायटोसैनिटरी स्टैंडर्ड्स' को पूरा करने के लिए महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

सिमडेगा जिले में वर्तमान में 7,500 सखी मंडल सक्रिय हैं, जिनसे 93,000 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। आम बागवानी से जुड़ी इन महिलाओं को जिला प्रशासन ने व्यापार की नई दिशा दी है। प्रारंभिक तौर पर 6 FPOs के 300 किसान इस एक्सपोर्ट चेन से जुड़े हैं। इस पहली अंतर्राष्ट्रीय खेप (1.32 टन) के लिए सिमडेगा सदर प्रखंड की 'महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' तथा बानो प्रखंड की 'बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' ने मुख्य भूमिका निभाई।

81 टन का बड़ा लक्ष्य, अब यूरोप और रिलायंस मार्ट की बारी

अकेले सिमडेगा ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कुल 81 टन आम विक्रय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसी हफ्ते आम की एक और खेप यूके (UK) के लिए और दूसरी खेप यूरोप के लिए भेजी जाएगी। इसके साथ ही घरेलू कॉर्पोरेट बाजार को मजबूत करने के लिए 'रिलायंस मार्ट' के साथ भी सफल लिंकेज स्थापित किया गया है। आने वाले दिनों में जिले से रागी और इमली के निर्यात की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

2.15 लाख ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

सिमडेगा की इस सफलता के पीछे बिरसा हरित ग्राम योजना का राज्यव्यापी नेटवर्क है, जिसने पूरे झारखण्ड के ग्रामीण परिदृश्य को बदल दिया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत अब तक राज्य का 1.86 लाख एकड़ का एक बड़ा हिस्सा बागवानी वृक्षारोपण के दायरे में आ चुका है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोजगार मिला है। योजना की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 तक किए गए वृक्षारोपण में से 52,000 एकड़ क्षेत्र अब पूरी तरह फल हार्वेस्टिंग के लिए तैयार हो चुका है। प्रशासन का अनुमान है कि इस हार्वेस्ट-रेडी एरिया से इस बार 50,000 मीट्रिक टन का बंपर न्यूनतम फल उत्पादन होगा, जो आने वाले दिनों में झारखण्ड को फलों के निर्यात का एक बड़ा हब बनाने की राह तैयार कर रहा है।

आदिवासी बच्चों के लिए लोढ़ा फाउंडेशन का “मानवता का हाथ, सबका साथ” अभियान

मुंबई। लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा की संकल्पना से साकार हुए “मानवता का हाथ, सबका साथ” इस सामाजिक अभियान का शुभारंभ मंगलवार, दि. 9 जून को सायंकाल गामदेवी स्थित धर्म पैलेस, ह्यूजेस रोड में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति में इस उपक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। समाज के अनेक घरों में उपयोग में न आने वाली, किंतु अच्छी स्थिति में उपलब्ध पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें बड़ी संख्या में पड़ी रहती हैं। इन वस्तुओं को नया जीवन देते हुए उन्हें आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद बच्चों और परिवारों तक पहुंचाने का संकल्प इस अभियान के माध्यम से लिया गया है। संकलित सामग्री की आवश्यक मरम्मत, स्वच्छता एवं पुनः उपयोग के लिए तैयारी कर उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में 100 से अधिक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।सइस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साधन, खिलौनों से मिलने वाला आनंद तथा साइकिलों से प्राप्त गतिशीलता ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की अनुपयोगी वस्तुएं दान कर इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “समाज के प्रत्येक घर में ऐसी अनेक पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें होती हैं, जो भले ही उपयोग में न हों, लेकिन किसी जरूरतमंद बच्चे के लिए अमूल्य साबित हो सकती हैं। ‘मानवता का हाथ, सबका साथ’ यह अभियान केवल वस्तुओं का दान नहीं, बल्कि आनंद, शिक्षा और अवसरों का वितरण करने वाला अभियान है। पालघर के आदिवासी बच्चों से शुरू होने वाला यह आंदोलन समाज के संवेदनशील नागरिकों की सहभागिता से और अधिक व्यापक बनेगा, ऐसा मुझे विश्वास है।”
डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “एक पुरानी पुस्तक किसी बच्चे को शिक्षा का नया अवसर दे सकती है, एक खिलौना उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है और एक साइकिल उसके सपनों को नई उड़ान दे सकती है। समाज में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग कर जरूरतमंदों तक सहायता का हाथ पहुंचाना ही इस पहल के पीछे की प्रेरणा है।” कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वयंसेवी क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति, नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आदिवासी बच्चों की शिक्षा, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर सहयोग करने का संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया गया। लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से नागरिकों से अपने घरों में उपलब्ध पुरानी पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें दान कर इस सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया।
आजमगढ़ : एमआरडी शिक्षण संस्थान के संस्थापक बैजनाथ यादव का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
 आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के अंबारी स्थित एमआरडी शिक्षण सेवा संस्थान के संस्थापक एवं प्रख्यात शिक्षाविद् बैजनाथ यादव (85 वर्ष) का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही शिक्षा जगत और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उन्हें क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ माना जाता था और उनके जाने को लोगों ने "एक युग का अंत" बताया।
बैजनाथ यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए एमआरडी कॉन्वेंट स्कूल, एमआरडी बालिका इंटर कॉलेज तथा एमआरडी इंटर कॉलेज की स्थापना की। उनके प्रयासों से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और दूरदर्शी सोच हमेशा याद की जाएगी।
मकसुदिया गांव निवासी स्वर्गीय बैजनाथ यादव ने जिस शैक्षिक नींव को खड़ा किया, उसे उनके तीनों पुत्र विनोद यादव, सुभाष चंद यादव एवं सुनील यादव आगे बढ़ाते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
उनके निधन की सूचना मिलते ही मकसुदिया स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। सामाजिक, शैक्षिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी।
बाद में दुर्वासा धाम पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों, शुभचिंतकों और विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
बैजनाथ यादव का जीवन शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के प्रति समर्पित रहा।  इस अवसर पर अटेवा जिलाध्यक्ष सुभाष चंद यादव, महेंद्र यादव, दीपक यादव, सुरेंद्र यादव, अनिल यादव, केशव प्रसाद यादव, बृजनाथ यादव,राजेश यादव , चंद्रभान यादव सहित सैकड़ों शिक्षकों ने शोकसम्वेदना व्यक्त किया ।

अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार*
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
पैसों के लेन-देन में युवक की निर्मम हत्या
*आक्रोशित परिजनों ने शव हाईवे पर रख लगाया जाम
पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और हीलाहवाली का गंभीर आरोप

* गोंडा-जरवल मार्ग पर करीब पौन घंटे तक ठप रहा वाहनों का आवागमन, राहगीर परेशान।

करनैलगंज (गोंडा)। कोतवाली क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण इलाके में पैसों के लेन-देन के पुराने विवाद को लेकर एक 22 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या का आरोप लगा है। आरोप है कि वारदात के बाद हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय पुलिस पर मामले में घोर लापरवाही और टालमटोल (हीलाहवाली) करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों व परिजनों ने शव को गोंडा-जरवल हाईवे पर  ब्रम्हचारी स्थान के निकट शव रखकर चक्का जाम कर दिया। करीब पौन घंटे तक चले इस भारी हंगामे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे उच्चाधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ही जाम खुलवाया जा सका।
मौसी के लड़के पर लगा हत्या का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सकरौरा ग्रामीण निवासी राहुल कश्यप (22) पुत्र पप्पू कश्यप का अपने ही रिश्ते में मौसी के लड़के पंकज, निवासी डुडही असरना, के साथ पिछले काफी समय से पैसों के लेन-देन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि सोमवार की रात पंकज ने राहुल को फोन करके किसी बहाने से अपने पास बुलाया था। राहुल जब देर रात तक वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों को अनहोनी की चिंता हुई और उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद मंगलवार की आधी रात्रि पिपरी पेट्रोल पंप के निकट, गोंडा-लखनऊ रेलवे ट्रैक के पास राहुल का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि पंकज ने अपने कुछ अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत राहुल की बेरहमी से हत्या की और इसे रेल दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शव को पिपरी के पास रेलवे ट्रैक के किनारे लिटा दिया था।मं गलवार दोपहर बाद जैसे ही राहुल का शव पोस्टमार्टम के बाद वापस गांव पहुंचा, वैसे ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पिपरी ब्रह्मचारी बाबा स्थान के पास शव को मुख्य गोंडा-जरवल हाईवे के बीचों-बीच रख दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। शाम करीब 5:15 बजे शुरू हुआ यह चक्का जाम शाम 6:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहा। इस दौरान लखनऊ, बहराइच और गोंडा की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए, जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
**पुलिस के ठोस आश्वासन पर खुला जाम
हाईवे जाम होने और हंगामे की संवेदनशीलता को देखते हुए करनैलगंज कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के इस ठोस आश्वासन और विधिक कार्रवाई के भरोसे के बाद शाम करीब 6:00 बजे परिजनों ने शव को हाईवे से हटाया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया।
कालीन नगरी के 200 गांवों में सघन वन तैयार करेगा वन विभाग, बढ़ेगी हरियाली

*वन विभाग की टीम करेगी माॅनिटरिंग*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही।लगातार कटते पेड़ और कम होते बाग-बगीचे के बीच अब वन विभाग जिले के 200 गांवों में सघन वन स्थापित करेगा। विभाग की ओर से गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। जिसके बाद वहां पर बड़ी संख्या में पौधे रोपित कर उसका संरक्षण किया जाएगा। विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे।
गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बगीचे होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनिटरिंग भी करेगा।
विभाग का दावा है कि जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। प्रथम चरण में जिले के 200 गांव को हरियाली का नया मॉडल बनाया जाएगा। इसकी देखभाल वन विभाग की ओर से तीन साल तक किया जाएगा। पौधा सूखने पर नया पौधा लगाया जाएगा। हर 15 दिन में वन विभाग, एनजीओ, संस्था के कर्मचारी वन की निगरानी करेंगे।



कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र
साल - वनावरण क्षेत्र 2019 - 3.12 फीसदी
2021 - 3.71 फीसदी 2023 - 5.22 फीसदी
नोट - वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलोमीटर में हैं।
जिले के 200 गांव में सघन वन तैयार किया जाएगा। इस मुहिम में एनजीओ, संस्था का भी सहयोग लिया जाएगा। तीन साल में हर एक-एक गांव में वन तैयार होगा। यहां एक नया मॉडल स्थापित किया जाएगा। 9 विवेक यादव, डीएफओ भदोही
सुपर अल नीनो से मानसून कमजोर: प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ने से कम बारिश की आशंका

नितेश श्रीवास्तव

भदोही । सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु घटना के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे खेती-किसानी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही इस बार मानसून में कम बारिश होने की आशंका है। छह साल पहले भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। असामान्य तापमान वृद्धि के लिए सुपर अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है। भारत में इसका सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर होने और भीषण गर्मी के रूप में दिखाई देता है। सुपर अल नीनो के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। तापमान में अत्यधिक वृद्धि से भीषण लू चलने और मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने का खतरा रहता है।
ऐली परसौली गोडियन पुरवा में आयोजित होगा वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल एक्सरसाइज*
*गोण्डा 09 जून,2026*।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त आदेश के अनुपालन में बाढ़ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा आगामी 11 जून 2026 को जनपद की तहसील तरबगंज अंतर्गत ग्राम ऐली परसौली स्थित गोडियन पुरवा घाट पर एक वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

यह महत्वपूर्ण अभ्यास प्रातः 09:00 बजे से होगा।

*मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य:*
तैयारियों का आकलन: बाढ़ जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और रिस्पांस टाइम को परखना।

अंतर-विभागीय समन्वय: पुलिस चिकित्सा स्वास्थ्य राजस्व अग्निशमन (Fire Brigade) और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना।

जन-जागरूकता: स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों और राहत व बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना।
इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए संबंधित सभी विभागों को समय से अपनी तैयारियों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय जनमानस से भी अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल (अभ्यास) को वास्तविक आपदा न समझें यह केवल एक सुरक्षात्मक अभ्यास और तैयारी का हिस्सा है।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय जुलाई से शुरू करेगा एआई एवं मशीन लर्निंग कौशल पाठ्यक्रम

मुक्त विश्वविद्यालय, आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में मंगलवार को कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग कौशल विकास तथा उद्योग-आधारित तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय, ट्रांसन्यूरो आईबीएम तथा रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा, कौशल विकास,उद्योग- अकादमिक सहयोग, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित पाठ्यक्रमों के विकास से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम मेधा एवं मशीन लर्निंग विश्व स्तर पर शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त,प्रशासन तथा अनुसंधान के क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन उभरती हुई तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना भी है ।
प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि प्रस्तावित समझौते के अंतर्गत कृत्रिम मेधा (ए आई), मशीन लर्निंग (एम एल), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किल्स तथा उद्योगोन्मुख तकनीकी दक्षताओं से संबंधित अल्पकालिक एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी ।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सक्षम निकायों से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत आगामी शैक्षिक सत्र जुलाई 2026 से इन कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने की योजना है । इन पाठ्यक्रमों में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण, स्नातक स्तर के विद्यार्थी तथा तकनीकी कौशल प्राप्त करने के इच्छुक अन्य शिक्षार्थी भी प्रवेश ले सकेंगे । विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इन पाठ्यक्रमों का लाभ प्राप्त होगा ।
कुलपति ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय रोजगारपरक कौशल आधारित एवं उद्योग समर्थित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । यह पहल प्रदेश के हजारों युवाओं को उभरती तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । बैठक में ट्रांसन्यूरो आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान उद्योग अनुभव तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु विश्वविद्यालय के साथ दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह त्रिपक्षीय सहयोग उच्च शिक्षा कौशल विकास एवं उद्योग जगत के मध्य एक सशक्त सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्षता प्राप्त करने के साथ-साथ बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, शिक्षकों एवं दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की तथा प्रस्तावित सहयोग के विभिन्न आयामों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए ।