राँची: नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति और कल्याण पदाधिकारियों को 'परफॉर्मेंस' का मंत्र; DDC ने कहा— "आपकी जिम्मेदारी लाखों के जीवन से जुड़ी"

राँची, 09 फरवरी 2026: राँची समाहरणालय में सोमवार को जिले के नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों (BWO) के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन सह मार्गदर्शन बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ भुवनिया ने इन अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और शासन की अपेक्षाओं से रूबरू कराया।

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जनता का हक दिलाना ही प्राथमिकता

बैठक में डीडीसी सौरभ भुवनिया ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल एक 'पद' पर नहीं हैं, बल्कि वे सरकार और जनता के बीच की वह कड़ी हैं जिससे लाखों लोगों की आजीविका और कल्याण जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और पेंशन जैसी सामाजिक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के 5 मुख्य दिशा-निर्देश:

पारदर्शिता और निगरानी: राशन वितरण और खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग और स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना।

त्वरित शिकायत निवारण: आम जनता की समस्याओं को केवल सुनना नहीं, बल्कि उनका निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करना।

डिजिटल इंडिया पर जोर: ई-पॉस (e-PoS) मशीन, आधार सीडिंग और डीबीटी (DBT) के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाना।

कल्याणकारी योजनाओं का दायरा: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के साथ-साथ छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुँचाना।

शून्य भ्रष्टाचार: अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई करना और उच्चाधिकारियों को सूचित करना।

राँची को 'मॉडल जिला' बनाने का संकल्प

उप विकास आयुक्त ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से राँची को आपूर्ति व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे राज्य के लिए एक 'मॉडल जिला' बनाने का आह्वान किया।

उपस्थिति

बैठक में आईटीडीए के श्री संजय भगत, विशिष्ट अनुमंडल पदाधिकारी श्रीमती मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री रामगोपाल पाण्डेय और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
नाले में मिले युवक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
*आई ओ डब्लयू कार्यालय के सामने नाले में मिला युवक का शव

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आई ओ डब्ल्यू कार्यालय के सामने बने नाले में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गयी है।स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नाले से बाहर निकाला,साथ ही मौके पर फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया तथा पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना की सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु प्रदीप कुमार, क्षेत्राधिकारी आनंद राय व नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है,जिसके लिए नगर कोतवाली पुलिस व सेमरा चौकी की पुलिस युवक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 30वर्ष बताई जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस आसपास के लोगों से भी मृतक युवक के संबंध में पूछताछ कर रही है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
संत रविदास जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन
गोंडा। कांग्रेस भवन में शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से संत रविदास जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में संत रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। जिला मीडिया प्रभारी शिव कुमार दुबे ने संत रविदास जी के समाज सुधारक कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन दर्शन हमें समाज में एकता और सौहार्द्र बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में कंट्रोल रूम इंचार्ज सैयद अब्दुल मुजीब, दिवाकर पांडे, शहर उपाध्यक्ष वसीम सिद्दीकी, जानकी देवी, शहर प्रवक्ता जर्निल हयात, जाकिर अली, पिछड़ा वर्ग शहर अध्यक्ष रिजवान अली, इरफान अली समेत कई प्रमुख कांग्रेस नेता मौजूद थे।
श्रम विभाग: विंध्याचल के गोपालपुर में फर्जी लाभार्थियों पर डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने का दिया निर्देश
करणी सेना के पत्र पर कार्यवाही

कूट रचित दस्तावेज लगाकर लिया गया लाभ


मिर्जापुर। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के भ्रष्टाचार मामले में करणी सेना के पत्र का संज्ञान लेते हुए  सहायक श्रम आयुक्त सतीश सिंह व थाना अध्यक्ष विंध्याचल को स्थानीय गोपालपुर प्रकरण पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
करणी सेना जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने बताया कि, श्रम विभाग में 2021 से अब तक लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है। करणी सेना ने भ्रष्टाचार मुद्दे को वरीयता देते हुए जिलाधिकारी को पत्रक देकर श्रम विभाग में अधिकारियों - कर्मचारियों की मिली भगत से तथा जानबूझकर अपात्रों को दिए गए हितलाभ पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की लगातार मांग की जाती रही है। श्री सिंह ने योजना में भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिना विवाह के कन्या विवाह योजना तथा बिना प्रसव यानी कि बिना बच्चा जन्मे, कूट रचित दस्तावेज के सहारे मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना का बड़े पैमाने पर  2021 में लाभ दिया गया है। पहली जांच में 85 प्रतिशत फर्जी आवेदक पाए गए हैं, जो अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। विंध्याचल के गोपालपुर में भी बिचौलिए की मदद से बंदर बाट की गई थी, जिसमें सभी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई थी। आज जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएलसी मिर्जापुर व थानाध्यक्ष विंध्याचल से तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अवगत कराने का निर्देश दिया है, यह सच्चाई की जीत है।
ज्ञात हो कि, इस संबंध में इसके पूर्व मंगल तिवारी ने श्रमिकों के हित में अपनी आवाज उठाई थी और अब नतीजा सामने आ रहा है। आज वे यूनियन के माध्यम से मजदूरों की आवाज बने हुए हैं। 105 आवेदनों की जांच में जो लगभग 90 आवेदन फर्जी पाए गए हैं और विभाग ने वसूली की नोटिस जारी की है ये उसी का परिणाम है। इस विषय पर मंगल तिवारी कहते हैं कि उनके द्वारा जो पूर्व में भ्रष्टाचार को लेकर श्रमिक हित में अपात्रों की जगह पात्रों को लाभ मिलने सहित फर्जी मामले के जांच की आवाज उठाई गई थी उसी क्रम में 1072 आवेदनों की जांच में पहले चार और जून 2025 में 90 फर्जी मिले है।इसके लिए जिलाधिकारी मिर्जापुर से लेकर शासन तक पत्र लिखा गया था।90 खाता धारकों से वसूली की नोटिस जारी है, लेकिन विभाग अभी भी संदिग्ध आवेदनों पर जान बूझकर बिना अनुमति के भुगतान कर रहा है जो एक गंभीर विषय है। विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों ने पात्र श्रमिकों की जगह अपात्र लोगों का चयन किया फिर उनके खाते में योजना का पैसा भी भिजवाया है जो अत्यंत गंभीर विषय है। विभाग की खुद की सिंडिकेट है जिसे विभाग के अधिकारी कर्मचारी से लेकर बाबू चलाते हैं ऐसे सिंडिकेट की जांच जरूर होनी चाहिए और किसी भी श्रमिक को जिन्हें जानबूझकर फंसाया गया हो ऐसे  निर्दोष लोगों पर एफआईआर नहीं होनी चाहिए बल्कि जिन्होंने जानबूझकर कूट रचित दस्तावेज का प्रयोग कर लाभ लिया या दिलवाया है ऐसे तथा जिन्होंने इसको  सुनियोजित ढंग से प्रश्रय दिया है उनकी तथा उनके संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
मड़िहान जंगल में महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप, हत्या की आशंका
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला विंध्य विश्वविद्यालय के पास आज सुबह 45 वर्षीय महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र की तेतरी पत्नी रामपति के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, तेतरी विंध्य विश्वविद्यालय  में ठेकेदार के साथ मजदूरी करती थीं और रोजाना शाम 05 बजे काम खत्म कर घर लौटती थीं। इस दिन भी वह अपने सहकर्मी बलिराम मिस्त्री के साथ काम कर रही थीं। परिवार ने बताया कि पिछले 15 दिनों में तेतरी केवल एक-दो बार ही घर गई थीं। परिवार ने घटना के समय की जानकारी देते हुए बताया कि तेतरी के तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। बेटे सूरत में काम करते हैं, जबकि बेटी अपने ससुराल में रहती है। पति गलीचा बनाने का काम करते हैं। घटना से कुछ समय पहले महिला ने अपने पति से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी, लेकिन अब उनका फोन बंद बताया जा रहा है।
संदिग्ध परिस्थितियों में घटना स्थल पर शव मिलने की स्थिति ने इलाके में सवाल खड़े कर दिए हैं। शव जंगल में पड़ा पाया गया और इसके पीछे के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय लोग और परिजन इसे संदिग्ध और हत्या की आशंका वाला मामला मान रहे हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मृतका के अंतिम दिनों की गतिविधियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही मौत के असली कारण का खुलासा किया जाएगा।
Mirzapur: दिव्यांग दंपत्ति का रोका रास्ता,मना करने पर जान से मारने की मिली धमकी, पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से लगाया न्याय की गुहार

मीरजापुर। एक तरफ़ सरकार जहां आमजनों को सुलभ रास्ता मुहैया कराने के लिए सार्वजनिक रास्ता से लेकर गली सड़क के चौड़ीकरण कार्य को बढ़ावा दे रही है वहीं कुछ लोग आज भी अपने रसूख के बल पर रास्ता रोकर अमन-चैन बिगाड़ने हुए शांति व्यवस्था में खलल डालने का कार्य करते आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नगर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरौधा का सामने आया है जहां के रहने वाले कृष्ण दूबे व उनकी पत्नी दोनों शारीरिक रूप से विकलांग है। जिनके विपक्षी रमाकांत, उमाकांत, श्रीकांत, और शिवकांत पुत्र शिवशंकर उनके रास्ते को रोककर अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। बताया गया है कि कृष्ण दूबे के घर के सामने स्थित लगभग 8 फीट चौड़ा रास्ता है। जिसका उपयोग सैकड़ों ग्रामीण करते हैं। आरोप है कि विपक्षी इस सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कर रहे हैं और आवागमन पूरी तरह से बाधित कर दिया है। जब पीड़ित दंपत्ति ने रास्ता रोकने का विरोध किया, तो आरोपी वकील और उसके भाइयों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने मीरजापुर के जिलाधिकारी कार्यालय में एक पत्रक सौंपा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि तत्काल राजस्व टीम को मौके पर भेजकर पैमाइश कराई जाए और दबंग वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए बंद रास्ते को खुलवाया जाए।
कहासुनी को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट, पीड़ित महिला ने दिया तहरीर
*पुलिस ने शुरू किया जांच

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बभनी कानूनगो गांव में दो गुटों में आपसी कहासुनी को लेकर मारपीट हुई है,जिसका एक वीडियो भी सामने आया है।उक्त गांव निवासी राधा यादव की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दिया है।राधा यादव द्वारा नगर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि जब वह अपने घर के बच्चों के साथ काम में व्यस्त थी कि तभी अजय यादव, विक्की यादव,मंजीत यादव, राम दर्शन यादव,पूजा यादव और बृजनंदन यादव उनके घर में घुस आए।आपसी कहासुनी के बाद इन लोगों ने उनके परिवार के सदस्यों के साथ गाली गलौज शुरू कर दिया और जब उन लोगों को रोका गया तो आरोपियों ने लाठी डंडों से हमला कर दिया।राधा यादव ने बताया कि घर में कोई पुरुष सदस्य न होने के कारण यह घटना हुई।राधा यादव के अनुसार,हमलावरों ने उनके सिर पर वार किया जिससे उनका सिर फट गया।उनके भाई रंजीत यादव और गंभीर बीमारी से ग्रस्त उनकी माता सरफा यादव के साथ भी मारपीट की गयी।नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है और उसकी भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस घटना में कौन लोग दोषी हैं।यह वायरल वीडियो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है और परिजनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया है।
भदोही में स्थित है पांडव काल का अनोखा शिवलिंग: तिलेश्वर महादेव मंदिर में मौसम के साथ बदलता है शिवलिंग का रंग
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही के गोपीगंज से 4 किलोमीटर दूर गंगा तट पर स्थित तिलेश्वर महादेव मंदिर में एक अद्भुत शिवलिंग स्थापित है। यह शिवलिंग अपनी क‌ई विशेषताओं के लिए जाना जाता है। मौसम के अनुसार इस शिवलिंग का रंग बदलता है। साल में एक बार यह चपरा भी छोड़ता है। महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर की स्थापना पांडवों के अज्ञातवास के दौरान भीम द्वारा की गई थी। इसी कारण शिवलिंग का आकार भी विशाल है। मंदिर तिलंगा गांव में स्थित होने के कारण इसे तिलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। पुरातत्त्व विभाग ने जब मंदिर के गर्भगृह की खुदाई की,तो शिवलिंग का दूसरा छोर नहीं मिला। खुदाई के दौरान क‌ई प्राचीन देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली,जो आज भी मंदिर परिसर में एक नीम के नीचे स्थापित है। श्रद्धालु इन मूर्तियों की भी पूजा करते हैं। महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यहां एक माह तक मेला लगता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है यहां की गई प्रार्थना से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
राँची: नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति और कल्याण पदाधिकारियों को 'परफॉर्मेंस' का मंत्र; DDC ने कहा— "आपकी जिम्मेदारी लाखों के जीवन से जुड़ी"

राँची, 09 फरवरी 2026: राँची समाहरणालय में सोमवार को जिले के नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों (BWO) के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन सह मार्गदर्शन बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ भुवनिया ने इन अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और शासन की अपेक्षाओं से रूबरू कराया।

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जनता का हक दिलाना ही प्राथमिकता

बैठक में डीडीसी सौरभ भुवनिया ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल एक 'पद' पर नहीं हैं, बल्कि वे सरकार और जनता के बीच की वह कड़ी हैं जिससे लाखों लोगों की आजीविका और कल्याण जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और पेंशन जैसी सामाजिक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के 5 मुख्य दिशा-निर्देश:

पारदर्शिता और निगरानी: राशन वितरण और खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग और स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना।

त्वरित शिकायत निवारण: आम जनता की समस्याओं को केवल सुनना नहीं, बल्कि उनका निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करना।

डिजिटल इंडिया पर जोर: ई-पॉस (e-PoS) मशीन, आधार सीडिंग और डीबीटी (DBT) के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाना।

कल्याणकारी योजनाओं का दायरा: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के साथ-साथ छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुँचाना।

शून्य भ्रष्टाचार: अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई करना और उच्चाधिकारियों को सूचित करना।

राँची को 'मॉडल जिला' बनाने का संकल्प

उप विकास आयुक्त ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से राँची को आपूर्ति व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे राज्य के लिए एक 'मॉडल जिला' बनाने का आह्वान किया।

उपस्थिति

बैठक में आईटीडीए के श्री संजय भगत, विशिष्ट अनुमंडल पदाधिकारी श्रीमती मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री रामगोपाल पाण्डेय और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
नाले में मिले युवक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
*आई ओ डब्लयू कार्यालय के सामने नाले में मिला युवक का शव

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आई ओ डब्ल्यू कार्यालय के सामने बने नाले में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गयी है।स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नाले से बाहर निकाला,साथ ही मौके पर फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया तथा पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना की सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु प्रदीप कुमार, क्षेत्राधिकारी आनंद राय व नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है,जिसके लिए नगर कोतवाली पुलिस व सेमरा चौकी की पुलिस युवक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 30वर्ष बताई जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस आसपास के लोगों से भी मृतक युवक के संबंध में पूछताछ कर रही है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
संत रविदास जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन
गोंडा। कांग्रेस भवन में शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से संत रविदास जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में संत रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। जिला मीडिया प्रभारी शिव कुमार दुबे ने संत रविदास जी के समाज सुधारक कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन दर्शन हमें समाज में एकता और सौहार्द्र बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में कंट्रोल रूम इंचार्ज सैयद अब्दुल मुजीब, दिवाकर पांडे, शहर उपाध्यक्ष वसीम सिद्दीकी, जानकी देवी, शहर प्रवक्ता जर्निल हयात, जाकिर अली, पिछड़ा वर्ग शहर अध्यक्ष रिजवान अली, इरफान अली समेत कई प्रमुख कांग्रेस नेता मौजूद थे।
श्रम विभाग: विंध्याचल के गोपालपुर में फर्जी लाभार्थियों पर डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने का दिया निर्देश
करणी सेना के पत्र पर कार्यवाही

कूट रचित दस्तावेज लगाकर लिया गया लाभ


मिर्जापुर। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के भ्रष्टाचार मामले में करणी सेना के पत्र का संज्ञान लेते हुए  सहायक श्रम आयुक्त सतीश सिंह व थाना अध्यक्ष विंध्याचल को स्थानीय गोपालपुर प्रकरण पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
करणी सेना जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने बताया कि, श्रम विभाग में 2021 से अब तक लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है। करणी सेना ने भ्रष्टाचार मुद्दे को वरीयता देते हुए जिलाधिकारी को पत्रक देकर श्रम विभाग में अधिकारियों - कर्मचारियों की मिली भगत से तथा जानबूझकर अपात्रों को दिए गए हितलाभ पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की लगातार मांग की जाती रही है। श्री सिंह ने योजना में भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिना विवाह के कन्या विवाह योजना तथा बिना प्रसव यानी कि बिना बच्चा जन्मे, कूट रचित दस्तावेज के सहारे मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना का बड़े पैमाने पर  2021 में लाभ दिया गया है। पहली जांच में 85 प्रतिशत फर्जी आवेदक पाए गए हैं, जो अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। विंध्याचल के गोपालपुर में भी बिचौलिए की मदद से बंदर बाट की गई थी, जिसमें सभी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई थी। आज जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएलसी मिर्जापुर व थानाध्यक्ष विंध्याचल से तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अवगत कराने का निर्देश दिया है, यह सच्चाई की जीत है।
ज्ञात हो कि, इस संबंध में इसके पूर्व मंगल तिवारी ने श्रमिकों के हित में अपनी आवाज उठाई थी और अब नतीजा सामने आ रहा है। आज वे यूनियन के माध्यम से मजदूरों की आवाज बने हुए हैं। 105 आवेदनों की जांच में जो लगभग 90 आवेदन फर्जी पाए गए हैं और विभाग ने वसूली की नोटिस जारी की है ये उसी का परिणाम है। इस विषय पर मंगल तिवारी कहते हैं कि उनके द्वारा जो पूर्व में भ्रष्टाचार को लेकर श्रमिक हित में अपात्रों की जगह पात्रों को लाभ मिलने सहित फर्जी मामले के जांच की आवाज उठाई गई थी उसी क्रम में 1072 आवेदनों की जांच में पहले चार और जून 2025 में 90 फर्जी मिले है।इसके लिए जिलाधिकारी मिर्जापुर से लेकर शासन तक पत्र लिखा गया था।90 खाता धारकों से वसूली की नोटिस जारी है, लेकिन विभाग अभी भी संदिग्ध आवेदनों पर जान बूझकर बिना अनुमति के भुगतान कर रहा है जो एक गंभीर विषय है। विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों ने पात्र श्रमिकों की जगह अपात्र लोगों का चयन किया फिर उनके खाते में योजना का पैसा भी भिजवाया है जो अत्यंत गंभीर विषय है। विभाग की खुद की सिंडिकेट है जिसे विभाग के अधिकारी कर्मचारी से लेकर बाबू चलाते हैं ऐसे सिंडिकेट की जांच जरूर होनी चाहिए और किसी भी श्रमिक को जिन्हें जानबूझकर फंसाया गया हो ऐसे  निर्दोष लोगों पर एफआईआर नहीं होनी चाहिए बल्कि जिन्होंने जानबूझकर कूट रचित दस्तावेज का प्रयोग कर लाभ लिया या दिलवाया है ऐसे तथा जिन्होंने इसको  सुनियोजित ढंग से प्रश्रय दिया है उनकी तथा उनके संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
मड़िहान जंगल में महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप, हत्या की आशंका
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला विंध्य विश्वविद्यालय के पास आज सुबह 45 वर्षीय महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र की तेतरी पत्नी रामपति के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, तेतरी विंध्य विश्वविद्यालय  में ठेकेदार के साथ मजदूरी करती थीं और रोजाना शाम 05 बजे काम खत्म कर घर लौटती थीं। इस दिन भी वह अपने सहकर्मी बलिराम मिस्त्री के साथ काम कर रही थीं। परिवार ने बताया कि पिछले 15 दिनों में तेतरी केवल एक-दो बार ही घर गई थीं। परिवार ने घटना के समय की जानकारी देते हुए बताया कि तेतरी के तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। बेटे सूरत में काम करते हैं, जबकि बेटी अपने ससुराल में रहती है। पति गलीचा बनाने का काम करते हैं। घटना से कुछ समय पहले महिला ने अपने पति से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी, लेकिन अब उनका फोन बंद बताया जा रहा है।
संदिग्ध परिस्थितियों में घटना स्थल पर शव मिलने की स्थिति ने इलाके में सवाल खड़े कर दिए हैं। शव जंगल में पड़ा पाया गया और इसके पीछे के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय लोग और परिजन इसे संदिग्ध और हत्या की आशंका वाला मामला मान रहे हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मृतका के अंतिम दिनों की गतिविधियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही मौत के असली कारण का खुलासा किया जाएगा।
Mirzapur: दिव्यांग दंपत्ति का रोका रास्ता,मना करने पर जान से मारने की मिली धमकी, पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से लगाया न्याय की गुहार

मीरजापुर। एक तरफ़ सरकार जहां आमजनों को सुलभ रास्ता मुहैया कराने के लिए सार्वजनिक रास्ता से लेकर गली सड़क के चौड़ीकरण कार्य को बढ़ावा दे रही है वहीं कुछ लोग आज भी अपने रसूख के बल पर रास्ता रोकर अमन-चैन बिगाड़ने हुए शांति व्यवस्था में खलल डालने का कार्य करते आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नगर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरौधा का सामने आया है जहां के रहने वाले कृष्ण दूबे व उनकी पत्नी दोनों शारीरिक रूप से विकलांग है। जिनके विपक्षी रमाकांत, उमाकांत, श्रीकांत, और शिवकांत पुत्र शिवशंकर उनके रास्ते को रोककर अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। बताया गया है कि कृष्ण दूबे के घर के सामने स्थित लगभग 8 फीट चौड़ा रास्ता है। जिसका उपयोग सैकड़ों ग्रामीण करते हैं। आरोप है कि विपक्षी इस सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कर रहे हैं और आवागमन पूरी तरह से बाधित कर दिया है। जब पीड़ित दंपत्ति ने रास्ता रोकने का विरोध किया, तो आरोपी वकील और उसके भाइयों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने मीरजापुर के जिलाधिकारी कार्यालय में एक पत्रक सौंपा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि तत्काल राजस्व टीम को मौके पर भेजकर पैमाइश कराई जाए और दबंग वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए बंद रास्ते को खुलवाया जाए।
कहासुनी को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट, पीड़ित महिला ने दिया तहरीर
*पुलिस ने शुरू किया जांच

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बभनी कानूनगो गांव में दो गुटों में आपसी कहासुनी को लेकर मारपीट हुई है,जिसका एक वीडियो भी सामने आया है।उक्त गांव निवासी राधा यादव की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दिया है।राधा यादव द्वारा नगर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि जब वह अपने घर के बच्चों के साथ काम में व्यस्त थी कि तभी अजय यादव, विक्की यादव,मंजीत यादव, राम दर्शन यादव,पूजा यादव और बृजनंदन यादव उनके घर में घुस आए।आपसी कहासुनी के बाद इन लोगों ने उनके परिवार के सदस्यों के साथ गाली गलौज शुरू कर दिया और जब उन लोगों को रोका गया तो आरोपियों ने लाठी डंडों से हमला कर दिया।राधा यादव ने बताया कि घर में कोई पुरुष सदस्य न होने के कारण यह घटना हुई।राधा यादव के अनुसार,हमलावरों ने उनके सिर पर वार किया जिससे उनका सिर फट गया।उनके भाई रंजीत यादव और गंभीर बीमारी से ग्रस्त उनकी माता सरफा यादव के साथ भी मारपीट की गयी।नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है और उसकी भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस घटना में कौन लोग दोषी हैं।यह वायरल वीडियो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है और परिजनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया है।
भदोही में स्थित है पांडव काल का अनोखा शिवलिंग: तिलेश्वर महादेव मंदिर में मौसम के साथ बदलता है शिवलिंग का रंग
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही के गोपीगंज से 4 किलोमीटर दूर गंगा तट पर स्थित तिलेश्वर महादेव मंदिर में एक अद्भुत शिवलिंग स्थापित है। यह शिवलिंग अपनी क‌ई विशेषताओं के लिए जाना जाता है। मौसम के अनुसार इस शिवलिंग का रंग बदलता है। साल में एक बार यह चपरा भी छोड़ता है। महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर की स्थापना पांडवों के अज्ञातवास के दौरान भीम द्वारा की गई थी। इसी कारण शिवलिंग का आकार भी विशाल है। मंदिर तिलंगा गांव में स्थित होने के कारण इसे तिलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। पुरातत्त्व विभाग ने जब मंदिर के गर्भगृह की खुदाई की,तो शिवलिंग का दूसरा छोर नहीं मिला। खुदाई के दौरान क‌ई प्राचीन देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली,जो आज भी मंदिर परिसर में एक नीम के नीचे स्थापित है। श्रद्धालु इन मूर्तियों की भी पूजा करते हैं। महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यहां एक माह तक मेला लगता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है यहां की गई प्रार्थना से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।