देवघर-तिलक सेवा समिति के तत्वाधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी का भव्य नागरिक अभिनंदन।
देवघर: आज तिलक सेवा समिति देवघर झारखंड के तत्वावधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी को भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया सभी कार्यक्रम बचपन प्ले स्कूल श्रीकांत रोड बेलाबगान देवघर में संपन्न हुआ कार्यक्रम को विषय प्रवेश कराते हुए तिलक सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरे कृष्ण राय ने बताया की समिति एक सामाजिक संस्था है। जो बराबर समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करती रहती है सालों भर कि कार्यक्रम का लेखा जोखा कर वर्ष में एक बार वार्षिक समारोह ,, देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान,, आयोजित कर जिला , राज्य , देश भर में अपना नाम रोशन कर पहचान बनाने वाले लोगों को देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करती है जो आने वाले पीढ़ियों को उत्प्रेरित करेगी समिति कि एक तिलक सेवा आश्रम सह तिलक बाल विद्यालय देवीपुर में भव्य निर्माण कार्य प्रारंभ है जो भी आने वाले दिनों में एक अलग पहचान बनेगी , कार्यक्रम का प्रारंभ जलेश्वर ठाकुर के धारदार स्वागत भाषण और कविता पाठ से किया गया जिसमें खूब तालियां बटोरी बचपन प्ले स्कूल के निदेशक रूपा श्री ने भी अपने अंदाज में सारगर्भित विचार रखी मंच संचालन बिपुल कुमार मिश्रा ने किया उनके सारगर्भित विचार ने समारोह में चार चांद लगा दिया समिति के महासचिव डॉक्टर विक्रम कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि समिति कि नाम काम से बनी है समिति द्वारा देवीपुर में बनाए जा रहे भव्य सेवा आश्रम सह तिलक बाल विकास एक अनोखा कार्य है जो सीधे सार्वजनिक जनहित में सकारात्मक पहल को दर्शाता है जो आकर्षक ही नहीं चीर स्मरणीय भी होगी मौके पर समिति के वशिष्ठ राणा ई सचिन सिंह सौरभ कुमार के अलावे काफी संख्या में लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में अतिथि टीप चटर्जी जी को समिति द्वारा प्रशस्तिपत्र अंगवस्त्र मोमेंटो पौधा स्मारिका भेंट कर अभिनंदन के साथ भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
Mirzapur : टीईटी अनिवार्यता को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षक, मशाल जुलूस निकालकर किया विरोध प्रदर्शन
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक संघ मीरजापुर के तत्वावधान में सेवारत शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में विशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर नगर के बरियाघाट से मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। भारी संख्या में महिला शिक्षकों सहित जिले के कोने-कोने से आए हुए शिक्षकों ने मशाल जुलूस में भाग लिया। बरियाघाट से चलकर वासलीगंज, रामबाग होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को पुराने शिक्षकों का अपमान करार देते हुए कहा इसे नहीं सहेंगे। शिक्षकों ने कहा इन्हीं शिक्षकों द्वारा पढ़ाए लिखाए गये लोग आईएएस पीसीएस अफसर बने तो क्या वह गलत रहा। कहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के ऊपर काला क़ानून लागू किया गया है। सरकार से मांग किया कि सरकार शिक्षकों की समस्यायों और सम्मान हित में कदम उठाए और इस कालू कानून को वापस कराने में पहल करें। इस दौरान मुख्य रूप से
मंडल अध्यक्ष श्रीश द्विवेदी, सुधीर कुमार सिंह, सुधीर सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ निकाले गए मशाल जुलूस में भाग लेकर चेताया कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो शिक्षकों को विवश होकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
महिला ने शिक्षक पर नौकरी का झांसा देकर 15 हजार रूपए लेने का लगाया आरोप
मीरजापुर। ड्रम़डगंजक्षेत्र के पटेहरा गांव निवासी सुशीला चौरसिया पत्नी उमाशंकर चौरसिया ने क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो वर्ष पूर्व 15 हजार रूपए ऐंठने का आरोप लगाया। सोमवार शाम को ड्रम़डगंज थाने पहुंची महिला ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई नही करने का पुलिस पर आरोप लगाया।गत पांच अप्रैल को महिला ने शिक्षक के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।दी गई तहरीर में महिला ने आरोप लगाया कि दो वर्ष पूर्व शिक्षक ने जल निगम  में नौकरी का झांसा देकर आपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 हजार रूपए लिया था। नौकरी नही मिलने पर शिक्षक को दिए गए रूपए की मांग की तो शिक्षक ने दस हजार रूपए वापस किया लेकिन पांच हजार रूपए नही दिया। महिला ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि शिक्षक रूपए मांगने पर एससी एसटी के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है। महिला ने बताया कि नौकरी के नाम पर शिक्षक को दो वर्ष पूर्व पंद्रह हजार रूपए दिए थे जिसमें दस हजार रूपए वापस कर दिया है लेकिन पांच हजार रुपए नही दिया।इस संबंध कई बार थाने पर आ चुकी लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नही कर रही है।बल्कि पुलिस कहती हैं कि नौकरी के चक्कर में पैसे क्यों दिया।इस संबंध में शिक्षक प्रवीण कुमार सरोज ने बताया कि महिला का पंद्रह हजार रूपए वापस कर दिया गया है।थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बलिया से बजी संघर्ष की मशाल, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने निकाला विशाल मशाल जुलूस
संजीव सिंह बलिया!अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहे आंदोलन के द्वितीय चरण के तहत जनपद बलिया में विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध दर्ज किया गया। मशाल जुलूस रेलवे स्टेशन बलिया के उत्तरी छोर से टाउन चौराहे तक निकाला गया, जिसके माध्यम से शिक्षकों एवं कर्मचारी संगठनों ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए टेट अनिवार्यता वापस लेने की पुरजोर मांग की।जुलूस में शामिल सैकड़ों शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे हम सब मिलकर हर मोर्चे पर लড়ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। सभी ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को सड़क से लेकर संसद तक व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01/09/25 को टीईटी अनिवार्यता थोपने का आदेश, पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के प्रतिकूल है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों, उनके परिवारों तथा नौनिहालों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार त्वरित प्रभाव से आवश्यक पहल करते हुए इस ‘तुगलकी’ आदेश को निरस्त कराने की दिशा में ठोस और सार्थक कदम उठाए।कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने जनपद बलिया से अनवरत संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलिया से प्रमुख रूप से समीर कुमार पाण्डेय (अटेवा), अजय कुमार सिंह (प्राथमिक शिक्षक संघ), विनय राय (अटेवा), सतीश सिंह (TSCT), घनश्याम चौबे (विशिष्ट बीटीसी), राजेश सिंह (RSM), राजेश पाण्डेय (राज्य कर्मचारी संघ), अविनाश उपाध्याय (श्रमिक समन्वय समिति), सुशील त्रिपाठी (विकास भवन संघ), संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), रामनाथ पासवान, शशिकांत तिवारी (मंत्री रेलवे संघ), कमलाकर पाण्डेय (सिंचाई), दूधनाथ सिंह (आयुर्वेद), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य (महामंत्री अटेवा), मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव (अध्यक्ष एकजुट), रेनु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री), पंकज सिंह, गणेश सिंह, कुलभूषण त्रिपाठी,ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, राज कुमार गुप्ता (एकजुट), अशोक राम (अध्यक्ष, रेलवे संघ), श्याम नारायण सिंह (L.A. संघ), धनंजय चौबे (XRAY संघ), वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, विनय विशेन, अजीत सिंह, राजेश सिंह, हरेराम सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, अंजू देवी, N.K. सिंह, राजीव नयन पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, नागेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह (अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी संघ), मनोज राय (अध्यक्ष LT), शंभू यादव (मंत्री), सुरेश वर्मा, कर्ण प्रताप सिंह, रितेश श्रीवास्तव, सत्य नारायण वर्मा, सुनील गुप्ता, नंदलाल मौर्य, संजय खरवार, रामाशीष यादव, पुष्पेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, अजीत पाठक, जुबेर अहमद, राम नारायण, सुनील गुप्ता (ARP), राम प्रकाश सिंह, कृष्ण नंद पाण्डेय, चंदन सिंह, निर्भय सिंह, धर्मेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
ीडिया टीम – अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.), बलिया
महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जौनपुर। काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के तत्वाधान में आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को श्री आर. पी कालेज ऑफ फार्मेसी खजुरन बदलापुर जौनपुर के सभागार में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृष्णचंद्र शुक्ल व संचालन- दिलीप कुमार ने किया। कार्यक्रम को काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व मिथिलेश कुमार मौर्य ने सम्बोधित किए। वक्ताओं ने कहा कि, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। रॉलेट एक्ट के विरोध में जुटे हज़ारों लोगों में से सैंकड़ों (आधिकारिक 379, अनौपचारिक 1000+) मारे गए। इस नरसंहार के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि लौटा दी थी। दूसरी तरफ यह घटना भारतीय क्रांतिकारी युवाओं के लिए असहनीय थी। आत्मसम्मान पर भी गहरी चोट पहुंची। जिससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश के भीतर और देश के बाहर आजादी की ज्वाला धधक उठी। नौजवानों के दिल में आग ऐसी लगी कि क्रूर ब्रिटिश हुकूमत कांप उठी और उसे हिंदुस्तान को छोड़कर जाना पड़ा। क्रांतिकारी ऊधम सिंह जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान मौजूद थे। नरसंहार की घटना का मुख्य जिम्मेदार तत्कालीन गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर को उधम सिंह ने 21 साल 1940 में इंग्लैंड जाकर भरी सभा में गोली मारा था। इस तरह उधमसिंह ने जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला लिया।अमृतसर में होने वाली जनसभाओं और जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के प्रत्यक्ष गवाह पंजाबी कवि नानक सिंह ने लिखा है कि उस दौर में ऐसी एकता थी कि हिन्दू, मुसलमान, सिख एक ही गिलास पानी पी रहे थे और एक ही थाली में खाना खा रहे थे। वह इस नरसंहार के बाद, अंतिम संस्कार के जुलूसों का वर्णन करते हुए लिखते हैं कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उन्होंने अपनी कविता ‘खूनी वैसाखी’ में उल्लेख किया है कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर एक ही त्योहार मना रहे थे-
“पंच वजे अप्रैल दी तेहरवीं नूं,
लोकीं बाग़ वल होए रवान चले।
दिलां विच इनसाफ़ दी आस रख के,
सारे सिख हिन्दू मुसलमान चले।
विरले आदमी शहिर विच रहे बाकी, सब बाल ते बिरध जवान चले।“वे बताते हैं कि हिन्दू, सिख मुसलमान सब एक ही साथ मिलकर त्यौहार मना रहे थे। इस तहजीब को खत्म करने की कोशिश शोषकवर्ग तब भी कर रहा था और आज भी। दरअसल 1947 में बोतल बदली थी शराब तो अब भी वही है। बोतल बदलने से जनता में जो भ्रम पैदा हुआ था वह धीरे-धीरे टूट रहा है। लोग धीरे-धीरे महसूस कर रहे हैं कि अंग्रेजों के वारिश सत्ता में आज तक बने हुए हैं, इसीलिए इनके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है। अतः जलियाँवाला बाग नरसंहार जैसे खतरे आज भी बने हुए हैं। 13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार में हुये सभी शहीदों को और आजादी आन्दोलन में अपने को कुर्बान कर देने वाले जाने-अनजाने जितने भी क्रातिकारी शहीद हुए हैं। सभी को क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए संकल्प लेते हैं कि आज जन विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करें। इस अवसर पर अरविंद सिंह, संतोष कुमार प्रजापति, विशाल गौतम, शेषना श्रीवास्तव, इदरीश अहमद, अरविंद गुप्ता, आजाद, संजय सिंह, शोभावती सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
मीट व्यवसायी के घर में लाखों की चोरी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, एक रात में चोरों ने तीन घरों में चोरी की घटना को दिया अंजाम क्षेत्र में हड़कंप थरवई, प्रयागराज।थाना क्षेत्र के पान की पुलिया और पड़िला गांव में दो घरों में हुई चोरी में चोरों ने नगदी सहित लाखों का माल चुरा लें गए। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पान की पुलिया के मीट व्यवसायी मोहन भारतीया के मकान पर पीछे से चढ़े बदमाशों ने दूसरे तल पर बने कमरे में दाखिल होकर अंदर रखी आलमारी का ताला तोड़कर उसमे रखा चांदी और सोने के जेवरात और दस हजार नगदी सहित लाखों का माल उठा लें गए। इसी तरह पड़िला गांव के पूर्व लेखपाल गुरु प्रसाद के कमरे का ताला तोड़कर कई बोरी सरसों उठा लें गए। पड़िला गांव के ही कमल नारायण शर्मा का शटर का ताला तोड़ रहे थें। आसपास के लोगों के जग जाने से बदमाश भाग गए। घटना की जानकारी पाकर मौक़े पर पहुंची पुलिस ने घटना की जाँच की। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। थरवई पुलिस का कहना है की तहरीर मिली है कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,आज 12 अप्रैल को अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह रविवार को एएमएसीसी धन्वंतरि हॉल, स्टेनली रोड, प्रयागराज में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अथर्व वेद मंत्र के मंत्रोच्चार एवं श्लोक वाचन से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रश्मि भार्गव द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉ. सरिता श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। भौमि द्वार गणेश वंदना गायन, त्विशा और भाव्या के द्वार नृत्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।

संस्था के अध्यक्ष श्री ब्रजेश मिश्रा ने स्वागत भाषण में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत सचिव डॉ. कंचन मिश्रा द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्ष भर किए गए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियानों का उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. सुमन द्वारा काव्य पाठ, डॉ. अल्का दास द्वारा गीत, अर्नेश द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा अरुणकांत द्वारा वाद्य यंत्र (ड्रम) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। श्रीमती मनीषा एवं डॉ. पियूष की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

मुख्य अतिथि सांसद फूलपुर श्री प्रवीण कुमार पटेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अथर्वन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की तथा संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के हरित मिशनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. मुरुगन ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं श्रीमती संगीता यादव ने हरित क्रांति एवं वन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

गंगा टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ, टीए बटालियन) से लेफ्टिनेंट कर्नल नसरीन फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रयास गंगा स्वच्छता अभियान को भी सशक्त बनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंत में संस्था उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन श्रीमती सरिता दुबे एवं स्नेहलता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। आयोजन में टेक सपोर्ट अंकित पाठक द्वारा निर्वाहन किया गया । संचालन में मोहित, अर्चना, नीलम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सफल समन्वयक डॉ सुभाष वर्मा का रहा।

अथर्वन फाउंडेशन का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के प्रति प्रेरित किया।

प्रकृति को बचाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

बालामऊ जंक्शन का कायाकल्प, महाप्रबंधक ने परखीं सुविधाएँ,

नए प्लेटफॉर्म के निर्माण को लेकर जताई कड़ी नाराजगी*

रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) राजेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को बालामऊ जंक्शन का सघन निरीक्षण किया। लगभग 50 मिनट तक चले इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान जीएम ने न केवल स्टेशन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा, बल्कि यात्री सुविधाओं में हो रही देरी और तकनीकी खामियों पर अधिकारियों की जमकर क्लास भी लगाई। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा नए प्लेटफॉर्म का निर्माण रहा। जीएम ने नवनिर्मित मुख्य भवन का अवलोकन करते समय अधिकारियों से तीखे सवाल किए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि फरवरी माह में तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने मुख्य भवन के ठीक पास नया प्लेटफॉर्म बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्य न होने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित विभाग को इस पर स्पष्टीकरण के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, रेलवे लाइनों और प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी यात्रियों, विशेषकर दैनिक यात्रियों और दिव्यांगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। ट्रेन पकड़ने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वीरेंद्र शुक्ला, दीपू शुक्ला, मनोज गुप्ता और अमित श्रीवास्तव सहित कई स्थानीय नागरिकों ने जीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जीएम ने यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि यात्रियों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।महाप्रबंधक अपनी विशेष निरीक्षण ट्रेन से दोपहर 12:01 बजे बालामऊ स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर उतरते ही उन्होंने सीधे मुख्य भवन, टिकट घर और सुरक्षा व्यवस्थाओं का रुख किया। निरीक्षण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जीएम ने एक-एक बिंदु की स्वयं जांच की। करीब 50 मिनट के सघन दौरे के बाद, दोपहर 12:51 बजे वह अपनी टीम के साथ हरदोई के लिए रवाना हो गए। जीएम के साथ इस दौरे में प्रमुख मुख्य अभियंता प्रेम सागर गुप्ता और मुरादाबाद मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि स्टेशन की साफ-सफाई में कोई कोताही न बरती जाए। आरपीएफ के भी जवान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करें। यात्री सुविधाओं और मूलभूत ढांचे के विकास में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी, आरपीएफ के जवान और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
संविधान की रक्षा और भीम राव अम्बेडकर के सपनों को साकार करना समाजवादी पार्टी का उद्देश्य (इफ्तेखार हुसैन)

विश्वनाथ प्रताप सिंह

चौक महानगर कार्यालय पर बैठक में भीम राव अम्बेडकर जयंती को धूम धाम से मनाने पर हुई गहन चर्चा

प्रयागराज, समाजवाद पार्टी महानगर कार्यालय चौक में महानगर अध्यक्ष एडवोकेट सैय्यद इफ्तेखार हुसैन की अध्यक्षता व नगर महासचिव रवीन्द्र यादव रवि के संचालन में १४ अप्रैल मंगलवार को संविधान रचयिता डॉ भीम राव अम्बेडकर जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने को एक अहम बैठक में शहर की तीनों विधानसभा में सेक्टर स्तर पर मनाने को वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श किया गया।श्री इफ्तेखार ने कहा इस वक़्त संविधान को तार तार करने वाली भाजपा सरकार को बेनकाब करने और संविधान की रक्षा के लिए गली मुहल्लों में संविधान निर्माता बाबा साहब के संविधान के मूल उद्देश्य से लोगों को परिचित कराने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए परिवार के लिए प्राण प्रण से लग कर उनके हक़ में खड़े रहने को बताना आवश्यक है। महासचिव रवीन्द्र यादव ने कहा बाबा साहब के संविधान की अगर सच्चे मायनों में कोई दिल से रक्षा करता नज़र आ रहा है तो वह आदरणीय अखिलेश यादव जी ही हैं आगे बताया की वोटर लिस्ट जो जारी की गई है उसमें कई विसंगति सामने आई है ऐसे में उसे सही करवाना भी समाजवादीयों का मेन उद्देश्य है।२०२७ में समाजवादी पार्टी की सरकार आने वाली है और पीडीए परिवार ही सरकार बनवाने में अहम रोल अदा करेंगे।बैठक में विधान सभा अध्यक्षों सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं व नेताओं ने सम्बोधित किया।इस मौके पर सैय्यद इफ्तेखार हुसैन,रवीन्द्र यादव,राजेश गुप्ता,मोईन हबीबी,बब्बन द्वबे,महबूब उस्मानी,शुऐब खान,संदीप यादव,महेंद्र निषाद,रवीन्द्र गुप्ता, संतोष यादव,सैय्यद मोहम्मद अस्करी,मोहम्मद शारिक़,संतोष कुमार निषाद,जीतराज हेला,तहज़ीब अली, मोहम्मद अज़हर,शकील अहमद,हरीशचंद्र श्रीवास्तव,आलोक द्वबे, मृत्युंजय पाण्डेय,भोला पाल,देवी लाल,पंकज साहू,मोहम्मद मेराज अहमद,दीलीप यादव,शाहिद प्रधान,मंजू यादव,सवीता कैथवास,आरती पाल,भोला पाल,सैय्यद मोहम्मद हामिद,प्रमोद यादव, मोहम्मद सऊद,नेपाल सिंह पटेल,जय भारत यादव,अंकित कुमार पटेल,नीरज पासी,गोलू यादव,देवी लाल, मोहम्मद सिब्तैन,दीपू सोनकर,मुकेश जायसवाल, मोहम्मद हारुन आदि उपस्थित रहे।

देवघर-तिलक सेवा समिति के तत्वाधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी का भव्य नागरिक अभिनंदन।
देवघर: आज तिलक सेवा समिति देवघर झारखंड के तत्वावधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी को भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया सभी कार्यक्रम बचपन प्ले स्कूल श्रीकांत रोड बेलाबगान देवघर में संपन्न हुआ कार्यक्रम को विषय प्रवेश कराते हुए तिलक सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरे कृष्ण राय ने बताया की समिति एक सामाजिक संस्था है। जो बराबर समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करती रहती है सालों भर कि कार्यक्रम का लेखा जोखा कर वर्ष में एक बार वार्षिक समारोह ,, देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान,, आयोजित कर जिला , राज्य , देश भर में अपना नाम रोशन कर पहचान बनाने वाले लोगों को देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करती है जो आने वाले पीढ़ियों को उत्प्रेरित करेगी समिति कि एक तिलक सेवा आश्रम सह तिलक बाल विद्यालय देवीपुर में भव्य निर्माण कार्य प्रारंभ है जो भी आने वाले दिनों में एक अलग पहचान बनेगी , कार्यक्रम का प्रारंभ जलेश्वर ठाकुर के धारदार स्वागत भाषण और कविता पाठ से किया गया जिसमें खूब तालियां बटोरी बचपन प्ले स्कूल के निदेशक रूपा श्री ने भी अपने अंदाज में सारगर्भित विचार रखी मंच संचालन बिपुल कुमार मिश्रा ने किया उनके सारगर्भित विचार ने समारोह में चार चांद लगा दिया समिति के महासचिव डॉक्टर विक्रम कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि समिति कि नाम काम से बनी है समिति द्वारा देवीपुर में बनाए जा रहे भव्य सेवा आश्रम सह तिलक बाल विकास एक अनोखा कार्य है जो सीधे सार्वजनिक जनहित में सकारात्मक पहल को दर्शाता है जो आकर्षक ही नहीं चीर स्मरणीय भी होगी मौके पर समिति के वशिष्ठ राणा ई सचिन सिंह सौरभ कुमार के अलावे काफी संख्या में लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में अतिथि टीप चटर्जी जी को समिति द्वारा प्रशस्तिपत्र अंगवस्त्र मोमेंटो पौधा स्मारिका भेंट कर अभिनंदन के साथ भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
Mirzapur : टीईटी अनिवार्यता को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षक, मशाल जुलूस निकालकर किया विरोध प्रदर्शन
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक संघ मीरजापुर के तत्वावधान में सेवारत शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में विशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर नगर के बरियाघाट से मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। भारी संख्या में महिला शिक्षकों सहित जिले के कोने-कोने से आए हुए शिक्षकों ने मशाल जुलूस में भाग लिया। बरियाघाट से चलकर वासलीगंज, रामबाग होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को पुराने शिक्षकों का अपमान करार देते हुए कहा इसे नहीं सहेंगे। शिक्षकों ने कहा इन्हीं शिक्षकों द्वारा पढ़ाए लिखाए गये लोग आईएएस पीसीएस अफसर बने तो क्या वह गलत रहा। कहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के ऊपर काला क़ानून लागू किया गया है। सरकार से मांग किया कि सरकार शिक्षकों की समस्यायों और सम्मान हित में कदम उठाए और इस कालू कानून को वापस कराने में पहल करें। इस दौरान मुख्य रूप से
मंडल अध्यक्ष श्रीश द्विवेदी, सुधीर कुमार सिंह, सुधीर सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ निकाले गए मशाल जुलूस में भाग लेकर चेताया कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो शिक्षकों को विवश होकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
महिला ने शिक्षक पर नौकरी का झांसा देकर 15 हजार रूपए लेने का लगाया आरोप
मीरजापुर। ड्रम़डगंजक्षेत्र के पटेहरा गांव निवासी सुशीला चौरसिया पत्नी उमाशंकर चौरसिया ने क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो वर्ष पूर्व 15 हजार रूपए ऐंठने का आरोप लगाया। सोमवार शाम को ड्रम़डगंज थाने पहुंची महिला ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई नही करने का पुलिस पर आरोप लगाया।गत पांच अप्रैल को महिला ने शिक्षक के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।दी गई तहरीर में महिला ने आरोप लगाया कि दो वर्ष पूर्व शिक्षक ने जल निगम  में नौकरी का झांसा देकर आपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 हजार रूपए लिया था। नौकरी नही मिलने पर शिक्षक को दिए गए रूपए की मांग की तो शिक्षक ने दस हजार रूपए वापस किया लेकिन पांच हजार रूपए नही दिया। महिला ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि शिक्षक रूपए मांगने पर एससी एसटी के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है। महिला ने बताया कि नौकरी के नाम पर शिक्षक को दो वर्ष पूर्व पंद्रह हजार रूपए दिए थे जिसमें दस हजार रूपए वापस कर दिया है लेकिन पांच हजार रुपए नही दिया।इस संबंध कई बार थाने पर आ चुकी लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नही कर रही है।बल्कि पुलिस कहती हैं कि नौकरी के चक्कर में पैसे क्यों दिया।इस संबंध में शिक्षक प्रवीण कुमार सरोज ने बताया कि महिला का पंद्रह हजार रूपए वापस कर दिया गया है।थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बलिया से बजी संघर्ष की मशाल, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने निकाला विशाल मशाल जुलूस
संजीव सिंह बलिया!अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहे आंदोलन के द्वितीय चरण के तहत जनपद बलिया में विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध दर्ज किया गया। मशाल जुलूस रेलवे स्टेशन बलिया के उत्तरी छोर से टाउन चौराहे तक निकाला गया, जिसके माध्यम से शिक्षकों एवं कर्मचारी संगठनों ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए टेट अनिवार्यता वापस लेने की पुरजोर मांग की।जुलूस में शामिल सैकड़ों शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे हम सब मिलकर हर मोर्चे पर लড়ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। सभी ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को सड़क से लेकर संसद तक व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01/09/25 को टीईटी अनिवार्यता थोपने का आदेश, पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के प्रतिकूल है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों, उनके परिवारों तथा नौनिहालों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार त्वरित प्रभाव से आवश्यक पहल करते हुए इस ‘तुगलकी’ आदेश को निरस्त कराने की दिशा में ठोस और सार्थक कदम उठाए।कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने जनपद बलिया से अनवरत संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलिया से प्रमुख रूप से समीर कुमार पाण्डेय (अटेवा), अजय कुमार सिंह (प्राथमिक शिक्षक संघ), विनय राय (अटेवा), सतीश सिंह (TSCT), घनश्याम चौबे (विशिष्ट बीटीसी), राजेश सिंह (RSM), राजेश पाण्डेय (राज्य कर्मचारी संघ), अविनाश उपाध्याय (श्रमिक समन्वय समिति), सुशील त्रिपाठी (विकास भवन संघ), संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), रामनाथ पासवान, शशिकांत तिवारी (मंत्री रेलवे संघ), कमलाकर पाण्डेय (सिंचाई), दूधनाथ सिंह (आयुर्वेद), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य (महामंत्री अटेवा), मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव (अध्यक्ष एकजुट), रेनु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री), पंकज सिंह, गणेश सिंह, कुलभूषण त्रिपाठी,ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, राज कुमार गुप्ता (एकजुट), अशोक राम (अध्यक्ष, रेलवे संघ), श्याम नारायण सिंह (L.A. संघ), धनंजय चौबे (XRAY संघ), वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, विनय विशेन, अजीत सिंह, राजेश सिंह, हरेराम सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, अंजू देवी, N.K. सिंह, राजीव नयन पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, नागेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह (अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी संघ), मनोज राय (अध्यक्ष LT), शंभू यादव (मंत्री), सुरेश वर्मा, कर्ण प्रताप सिंह, रितेश श्रीवास्तव, सत्य नारायण वर्मा, सुनील गुप्ता, नंदलाल मौर्य, संजय खरवार, रामाशीष यादव, पुष्पेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, अजीत पाठक, जुबेर अहमद, राम नारायण, सुनील गुप्ता (ARP), राम प्रकाश सिंह, कृष्ण नंद पाण्डेय, चंदन सिंह, निर्भय सिंह, धर्मेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
ीडिया टीम – अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.), बलिया
महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जौनपुर। काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के तत्वाधान में आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को श्री आर. पी कालेज ऑफ फार्मेसी खजुरन बदलापुर जौनपुर के सभागार में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृष्णचंद्र शुक्ल व संचालन- दिलीप कुमार ने किया। कार्यक्रम को काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व मिथिलेश कुमार मौर्य ने सम्बोधित किए। वक्ताओं ने कहा कि, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। रॉलेट एक्ट के विरोध में जुटे हज़ारों लोगों में से सैंकड़ों (आधिकारिक 379, अनौपचारिक 1000+) मारे गए। इस नरसंहार के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि लौटा दी थी। दूसरी तरफ यह घटना भारतीय क्रांतिकारी युवाओं के लिए असहनीय थी। आत्मसम्मान पर भी गहरी चोट पहुंची। जिससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश के भीतर और देश के बाहर आजादी की ज्वाला धधक उठी। नौजवानों के दिल में आग ऐसी लगी कि क्रूर ब्रिटिश हुकूमत कांप उठी और उसे हिंदुस्तान को छोड़कर जाना पड़ा। क्रांतिकारी ऊधम सिंह जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान मौजूद थे। नरसंहार की घटना का मुख्य जिम्मेदार तत्कालीन गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर को उधम सिंह ने 21 साल 1940 में इंग्लैंड जाकर भरी सभा में गोली मारा था। इस तरह उधमसिंह ने जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला लिया।अमृतसर में होने वाली जनसभाओं और जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के प्रत्यक्ष गवाह पंजाबी कवि नानक सिंह ने लिखा है कि उस दौर में ऐसी एकता थी कि हिन्दू, मुसलमान, सिख एक ही गिलास पानी पी रहे थे और एक ही थाली में खाना खा रहे थे। वह इस नरसंहार के बाद, अंतिम संस्कार के जुलूसों का वर्णन करते हुए लिखते हैं कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उन्होंने अपनी कविता ‘खूनी वैसाखी’ में उल्लेख किया है कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर एक ही त्योहार मना रहे थे-
“पंच वजे अप्रैल दी तेहरवीं नूं,
लोकीं बाग़ वल होए रवान चले।
दिलां विच इनसाफ़ दी आस रख के,
सारे सिख हिन्दू मुसलमान चले।
विरले आदमी शहिर विच रहे बाकी, सब बाल ते बिरध जवान चले।“वे बताते हैं कि हिन्दू, सिख मुसलमान सब एक ही साथ मिलकर त्यौहार मना रहे थे। इस तहजीब को खत्म करने की कोशिश शोषकवर्ग तब भी कर रहा था और आज भी। दरअसल 1947 में बोतल बदली थी शराब तो अब भी वही है। बोतल बदलने से जनता में जो भ्रम पैदा हुआ था वह धीरे-धीरे टूट रहा है। लोग धीरे-धीरे महसूस कर रहे हैं कि अंग्रेजों के वारिश सत्ता में आज तक बने हुए हैं, इसीलिए इनके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है। अतः जलियाँवाला बाग नरसंहार जैसे खतरे आज भी बने हुए हैं। 13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार में हुये सभी शहीदों को और आजादी आन्दोलन में अपने को कुर्बान कर देने वाले जाने-अनजाने जितने भी क्रातिकारी शहीद हुए हैं। सभी को क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए संकल्प लेते हैं कि आज जन विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करें। इस अवसर पर अरविंद सिंह, संतोष कुमार प्रजापति, विशाल गौतम, शेषना श्रीवास्तव, इदरीश अहमद, अरविंद गुप्ता, आजाद, संजय सिंह, शोभावती सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
मीट व्यवसायी के घर में लाखों की चोरी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, एक रात में चोरों ने तीन घरों में चोरी की घटना को दिया अंजाम क्षेत्र में हड़कंप थरवई, प्रयागराज।थाना क्षेत्र के पान की पुलिया और पड़िला गांव में दो घरों में हुई चोरी में चोरों ने नगदी सहित लाखों का माल चुरा लें गए। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पान की पुलिया के मीट व्यवसायी मोहन भारतीया के मकान पर पीछे से चढ़े बदमाशों ने दूसरे तल पर बने कमरे में दाखिल होकर अंदर रखी आलमारी का ताला तोड़कर उसमे रखा चांदी और सोने के जेवरात और दस हजार नगदी सहित लाखों का माल उठा लें गए। इसी तरह पड़िला गांव के पूर्व लेखपाल गुरु प्रसाद के कमरे का ताला तोड़कर कई बोरी सरसों उठा लें गए। पड़िला गांव के ही कमल नारायण शर्मा का शटर का ताला तोड़ रहे थें। आसपास के लोगों के जग जाने से बदमाश भाग गए। घटना की जानकारी पाकर मौक़े पर पहुंची पुलिस ने घटना की जाँच की। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। थरवई पुलिस का कहना है की तहरीर मिली है कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,आज 12 अप्रैल को अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह रविवार को एएमएसीसी धन्वंतरि हॉल, स्टेनली रोड, प्रयागराज में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अथर्व वेद मंत्र के मंत्रोच्चार एवं श्लोक वाचन से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रश्मि भार्गव द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉ. सरिता श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। भौमि द्वार गणेश वंदना गायन, त्विशा और भाव्या के द्वार नृत्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।

संस्था के अध्यक्ष श्री ब्रजेश मिश्रा ने स्वागत भाषण में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत सचिव डॉ. कंचन मिश्रा द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्ष भर किए गए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियानों का उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. सुमन द्वारा काव्य पाठ, डॉ. अल्का दास द्वारा गीत, अर्नेश द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा अरुणकांत द्वारा वाद्य यंत्र (ड्रम) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। श्रीमती मनीषा एवं डॉ. पियूष की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

मुख्य अतिथि सांसद फूलपुर श्री प्रवीण कुमार पटेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अथर्वन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की तथा संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के हरित मिशनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. मुरुगन ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं श्रीमती संगीता यादव ने हरित क्रांति एवं वन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

गंगा टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ, टीए बटालियन) से लेफ्टिनेंट कर्नल नसरीन फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रयास गंगा स्वच्छता अभियान को भी सशक्त बनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंत में संस्था उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन श्रीमती सरिता दुबे एवं स्नेहलता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। आयोजन में टेक सपोर्ट अंकित पाठक द्वारा निर्वाहन किया गया । संचालन में मोहित, अर्चना, नीलम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सफल समन्वयक डॉ सुभाष वर्मा का रहा।

अथर्वन फाउंडेशन का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के प्रति प्रेरित किया।

प्रकृति को बचाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

बालामऊ जंक्शन का कायाकल्प, महाप्रबंधक ने परखीं सुविधाएँ,

नए प्लेटफॉर्म के निर्माण को लेकर जताई कड़ी नाराजगी*

रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) राजेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को बालामऊ जंक्शन का सघन निरीक्षण किया। लगभग 50 मिनट तक चले इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान जीएम ने न केवल स्टेशन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा, बल्कि यात्री सुविधाओं में हो रही देरी और तकनीकी खामियों पर अधिकारियों की जमकर क्लास भी लगाई। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा नए प्लेटफॉर्म का निर्माण रहा। जीएम ने नवनिर्मित मुख्य भवन का अवलोकन करते समय अधिकारियों से तीखे सवाल किए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि फरवरी माह में तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने मुख्य भवन के ठीक पास नया प्लेटफॉर्म बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्य न होने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित विभाग को इस पर स्पष्टीकरण के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, रेलवे लाइनों और प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी यात्रियों, विशेषकर दैनिक यात्रियों और दिव्यांगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। ट्रेन पकड़ने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वीरेंद्र शुक्ला, दीपू शुक्ला, मनोज गुप्ता और अमित श्रीवास्तव सहित कई स्थानीय नागरिकों ने जीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जीएम ने यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि यात्रियों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।महाप्रबंधक अपनी विशेष निरीक्षण ट्रेन से दोपहर 12:01 बजे बालामऊ स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर उतरते ही उन्होंने सीधे मुख्य भवन, टिकट घर और सुरक्षा व्यवस्थाओं का रुख किया। निरीक्षण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जीएम ने एक-एक बिंदु की स्वयं जांच की। करीब 50 मिनट के सघन दौरे के बाद, दोपहर 12:51 बजे वह अपनी टीम के साथ हरदोई के लिए रवाना हो गए। जीएम के साथ इस दौरे में प्रमुख मुख्य अभियंता प्रेम सागर गुप्ता और मुरादाबाद मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि स्टेशन की साफ-सफाई में कोई कोताही न बरती जाए। आरपीएफ के भी जवान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करें। यात्री सुविधाओं और मूलभूत ढांचे के विकास में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी, आरपीएफ के जवान और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
संविधान की रक्षा और भीम राव अम्बेडकर के सपनों को साकार करना समाजवादी पार्टी का उद्देश्य (इफ्तेखार हुसैन)

विश्वनाथ प्रताप सिंह

चौक महानगर कार्यालय पर बैठक में भीम राव अम्बेडकर जयंती को धूम धाम से मनाने पर हुई गहन चर्चा

प्रयागराज, समाजवाद पार्टी महानगर कार्यालय चौक में महानगर अध्यक्ष एडवोकेट सैय्यद इफ्तेखार हुसैन की अध्यक्षता व नगर महासचिव रवीन्द्र यादव रवि के संचालन में १४ अप्रैल मंगलवार को संविधान रचयिता डॉ भीम राव अम्बेडकर जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने को एक अहम बैठक में शहर की तीनों विधानसभा में सेक्टर स्तर पर मनाने को वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श किया गया।श्री इफ्तेखार ने कहा इस वक़्त संविधान को तार तार करने वाली भाजपा सरकार को बेनकाब करने और संविधान की रक्षा के लिए गली मुहल्लों में संविधान निर्माता बाबा साहब के संविधान के मूल उद्देश्य से लोगों को परिचित कराने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए परिवार के लिए प्राण प्रण से लग कर उनके हक़ में खड़े रहने को बताना आवश्यक है। महासचिव रवीन्द्र यादव ने कहा बाबा साहब के संविधान की अगर सच्चे मायनों में कोई दिल से रक्षा करता नज़र आ रहा है तो वह आदरणीय अखिलेश यादव जी ही हैं आगे बताया की वोटर लिस्ट जो जारी की गई है उसमें कई विसंगति सामने आई है ऐसे में उसे सही करवाना भी समाजवादीयों का मेन उद्देश्य है।२०२७ में समाजवादी पार्टी की सरकार आने वाली है और पीडीए परिवार ही सरकार बनवाने में अहम रोल अदा करेंगे।बैठक में विधान सभा अध्यक्षों सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं व नेताओं ने सम्बोधित किया।इस मौके पर सैय्यद इफ्तेखार हुसैन,रवीन्द्र यादव,राजेश गुप्ता,मोईन हबीबी,बब्बन द्वबे,महबूब उस्मानी,शुऐब खान,संदीप यादव,महेंद्र निषाद,रवीन्द्र गुप्ता, संतोष यादव,सैय्यद मोहम्मद अस्करी,मोहम्मद शारिक़,संतोष कुमार निषाद,जीतराज हेला,तहज़ीब अली, मोहम्मद अज़हर,शकील अहमद,हरीशचंद्र श्रीवास्तव,आलोक द्वबे, मृत्युंजय पाण्डेय,भोला पाल,देवी लाल,पंकज साहू,मोहम्मद मेराज अहमद,दीलीप यादव,शाहिद प्रधान,मंजू यादव,सवीता कैथवास,आरती पाल,भोला पाल,सैय्यद मोहम्मद हामिद,प्रमोद यादव, मोहम्मद सऊद,नेपाल सिंह पटेल,जय भारत यादव,अंकित कुमार पटेल,नीरज पासी,गोलू यादव,देवी लाल, मोहम्मद सिब्तैन,दीपू सोनकर,मुकेश जायसवाल, मोहम्मद हारुन आदि उपस्थित रहे।