अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।

विशेष लोक अदालत 21 अगस्त को होगी आयोजित
फर्रुखाबाद l
मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में "समाधान समारोह-2026" का शुभारम्भ 21 अप्रैल, 2026 को किया गया है। यह अभियान  21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत की बैठक सम्पन्न होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद परिसर में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाधान समारोह-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भकिया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
समाधान समारोह के अंतर्गत चिन्हित वादों में प्री-सिटिंग वार्ता के माध्यम से पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर अधिकाधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु वादों के चिन्हीकरण, प्री-सिटिंग वार्ताओं के संचालन तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण के लिए विभिन्न प्री-सिटिंग बैंचों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें अपर जनपद न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय अपर जिला जज प्रथम, शैलेन्द्र सचान विशेष न्यायाधीश डकैती, तरुण कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, रितिका त्यागी अपर जिला जज पाक्सो, दिपेन्द्र कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश ईसी. एक्ट अकिंत कुमार मित्तल अपर जिला जज  संजय कुमार षष्ठम विशेष न्यायाधीश एफ.टी.सी। सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश महोदय ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समाधान समारोह-2026 को सफल बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
एक माह से लापता युवक का नहीं लगा सुराग, परिजन परेशान
अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी लालू पुत्र राजाराम बीते लगभग एक माह से लापता है। परिजनों के अनुसार लालू अपनी माता कलावती के साथ बलीपट्टी गंगा स्नान करने गया था। वापस लौटते समय वह हरसिंहपुर चौराहे स्थित काली माता मंदिर पर रुक गया।
माता कलावती ने बताया कि लालू अक्सर काली माता मंदिर पर जाया करता था और सामान्यतः शाम तक घर लौट आता था, लेकिन इस बार वह वापस नहीं आया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।
परिजनों ने रिश्तेदारों एवं आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। परिवार युवक की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है और प्रशासन से भी मदद की मांग की है।
रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
महिला परिचालकों का फूटा गुस्सा, .
रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की महिला परिचालकों ने हरदोई डिपो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवहन अधिकारी को भेजी गई एक गुमनाम शिकायत में महिला परिचालकों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं है और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। महिला परिचालकों का कहना है कि ड्यूटी पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं होती। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर हर महीने नगद वसूली की जाती है और यूनियन नेताओं के करीबी लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जाती है।
महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ यूनियन नेता वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनके प्रभाव में ही ड्यूटी का आवंटन किया जाता है। शिकायत पत्र में जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि कई बार किसी परिचालक के नाम अलॉट की गई गाड़ी पर पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति को भेज दिया जाता है। वहीं ड्यूटी मांगने पर महिला परिचालकों को कई दिनों तक टालमटोल का सामना करना पड़ता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टाइमकीपर अपने चहेते कर्मचारियों को प्रतिदिन ड्यूटी देते हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जाता है।
महिला परिचालकों ने परिवहन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्रदान करने की मांग की है। साथ ही लखनऊ और दिल्ली रूट पर तैनात कुछ चालक-परिचालकों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग उठाई गई है।फिलहाल शिकायत के बाद रोडवेज विभाग में चर्चाओं का माहौल है।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।

विशेष लोक अदालत 21 अगस्त को होगी आयोजित
फर्रुखाबाद l
मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में "समाधान समारोह-2026" का शुभारम्भ 21 अप्रैल, 2026 को किया गया है। यह अभियान  21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत की बैठक सम्पन्न होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद परिसर में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाधान समारोह-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भकिया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
समाधान समारोह के अंतर्गत चिन्हित वादों में प्री-सिटिंग वार्ता के माध्यम से पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर अधिकाधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु वादों के चिन्हीकरण, प्री-सिटिंग वार्ताओं के संचालन तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण के लिए विभिन्न प्री-सिटिंग बैंचों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें अपर जनपद न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय अपर जिला जज प्रथम, शैलेन्द्र सचान विशेष न्यायाधीश डकैती, तरुण कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, रितिका त्यागी अपर जिला जज पाक्सो, दिपेन्द्र कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश ईसी. एक्ट अकिंत कुमार मित्तल अपर जिला जज  संजय कुमार षष्ठम विशेष न्यायाधीश एफ.टी.सी। सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश महोदय ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समाधान समारोह-2026 को सफल बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
एक माह से लापता युवक का नहीं लगा सुराग, परिजन परेशान
अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी लालू पुत्र राजाराम बीते लगभग एक माह से लापता है। परिजनों के अनुसार लालू अपनी माता कलावती के साथ बलीपट्टी गंगा स्नान करने गया था। वापस लौटते समय वह हरसिंहपुर चौराहे स्थित काली माता मंदिर पर रुक गया।
माता कलावती ने बताया कि लालू अक्सर काली माता मंदिर पर जाया करता था और सामान्यतः शाम तक घर लौट आता था, लेकिन इस बार वह वापस नहीं आया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।
परिजनों ने रिश्तेदारों एवं आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। परिवार युवक की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है और प्रशासन से भी मदद की मांग की है।
रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
न्यायालय के आदेश पर एबीएमपीएल के सीएमडी सहित पांच पर अस्सी लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।प्रति माह निवेश किये हुए धन पर दस प्रतिशत का ब्याज देने वाली एबीएमपीएल कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने अस्सी लाख रूपये ग़बन करने की रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
      कस्बे के बुद्ध बाजार निवासी राम प्रवेश पुत्र राम औतार के अनुसार एबीएमपीएल के प्रमोटर समीर राहने ने उनसे 2022 में सम्पर्क कर कम्पनी की रुपरेखा और निवेश से होने वाले लाभ के लिए बताया और कंपनी के सीएमडी हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौर्य पुत्र ब्रजलाल मौर्य से उसकी मीटिंग करवाई उसने 2022 में कम्पनी में 15000 रूपए का निवेश किया उसे अगले माह मुनाफे के दस प्रतिशत लाभ भी मिला फिर अगली मीटिंग में सीएमडी पुष्पेंद्र के साथ उसका भाई सत्यप्रकाश मौर्य पत्नी नीलम रानी और जय प्रकाश मौर्य पुत्र महिपाल मौर्य साथ आये और कम्पनी से मिलने वाले फायदे के बारे में काफ़ी बताया कम्पनी का अपना एक ऐप्प भी दिखाया माय एबीएमपीएल जिसे खोलकर उसकी आईडी जनरेट की गई उसने अगस्त 25 में कम्पनी में अपने बैंक खाते से पांच लाख छियत्तर हजार 206 रूपए का कम्पनी में और निवेश किया मीटिंग में आने वाले अरुण शर्मा, किशन कुमार, रमेश यादव, वैभव अवस्थी, आदेश, मुद्दसीर, फिरोज, विनीत कुमार और रोहित ने भी उसकी आईडी से अलग अलग करीब छियत्तर लाख रूपए का निवेश एबीएमपीएल कम्पनी में किया कुल निवेश उसके द्वारा 8157000 रूपए का किया गया। कुछ समय बाद पता चला कम्पनी भाग गई उसने माई एबीएमपीएल ऐप्प खोला तो वह नहीं खुला उसके बाद उसने एसपी और डीएम को कई शिकायती पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
       न्यायालय के आदेश पर कम्पनी के सीएमडी सहित पांच लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
महिला परिचालकों का फूटा गुस्सा, .
रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की महिला परिचालकों ने हरदोई डिपो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवहन अधिकारी को भेजी गई एक गुमनाम शिकायत में महिला परिचालकों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं है और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। महिला परिचालकों का कहना है कि ड्यूटी पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं होती। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर हर महीने नगद वसूली की जाती है और यूनियन नेताओं के करीबी लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जाती है।
महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ यूनियन नेता वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनके प्रभाव में ही ड्यूटी का आवंटन किया जाता है। शिकायत पत्र में जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि कई बार किसी परिचालक के नाम अलॉट की गई गाड़ी पर पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति को भेज दिया जाता है। वहीं ड्यूटी मांगने पर महिला परिचालकों को कई दिनों तक टालमटोल का सामना करना पड़ता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टाइमकीपर अपने चहेते कर्मचारियों को प्रतिदिन ड्यूटी देते हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जाता है।
महिला परिचालकों ने परिवहन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्रदान करने की मांग की है। साथ ही लखनऊ और दिल्ली रूट पर तैनात कुछ चालक-परिचालकों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग उठाई गई है।फिलहाल शिकायत के बाद रोडवेज विभाग में चर्चाओं का माहौल है।