गया नगर निगम का अजब-गजब कारनामा, अतिक्रमण नहीं हटा तो अपना ही डिवाइडर तोड़ लाखों रुपये किए बर्बाद

जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जनता के लाखों रुपए की पैसे पानी में बह गए

गयाजी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम प्रशासन का एक अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी में बह गई।

शहर के केपी रोड में वर्षों व वर्षों का अतिक्रमण को जहां निगम प्रशासन हटाने में विफल रही। वहीं मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया के कारनामे से चर्चा का विषय रहा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने के बजाय, उन्होंने जेसीबी मशीन से लाखों रुपए से सड़क के बीच बने ग्रिल लगे पक्के डिवाइडर को ही ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस अतिक्रमण को नगर प्रशासन ने हटाने के लिए वर्षों से यह कार्रवाई की जा रही थी, जब अतिक्रमण नहीं हटा तो, अपना ही डिवाइडर को हटा दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से लापरवाही और बिना योजना के की गई है। आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए निर्माण को ही तोड़ देना समझ से परे है।

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्यशैली जारी रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

इधर इस संबंध मेयर गणेश पासवान से दूरभाष से बात के दौरान बताया कि इस तरह की मुझे कोई जानकारी नहीं है, न बोर्ड न स्टैंडिंग की बैठक में पास नहीं किया गया। नगर प्रशासक की खुद की कार्रवाई है।

रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पूर्व विधायक पुत्र का परिवार रजिस्टर में नाम नहीं,अधिकारियों पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
कहा सभी दस्तावेज दिए गए

गोंडा।जिले की करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के परिवार में परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर विवाद जारी है।उनकी दूसरी पत्नी के बेटे कुंवर कमलेन मोहन सिंह ने आरोप लगाया है कि सभी दस्तावेज देने के बाद भी उनका नाम अभी तक रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया है।

करनैलगंज डांट बंगले में मीडिया से बात करते हुए कमलेन मोहन सिंह ने कहा कि परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।उन्होंने दावा किया कि उनके पास 50 - 60 से अधिक दस्तावेज,एफिडेविट, फोटो, वीडियो और आधार कार्ड सहित सभी वैध प्रमाण मौजूद हैं।कमलेन मोहन सिंह ने आरोप लगाया कि उनका नाम दर्ज न होने का कारण छोटे अधिकारियों पर कहीं से दबाव आ रहा है।उन्होंने अपने करनैलगंज गोंडा परिवार से इस मामले में समर्थन करने और अधिकारियों से सवाल पूछने की अपील किया है।

इस मामले को लेकर बीते दिनों परिवार में एक बैठक भी हुई थी और सभी प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं,परन्तु वे अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।करनैलगंज ग्राम पंचायत में भी परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने का मामला लंबित है और अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।स्वर्गीय अजय प्रताप सिंह की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन सिंह व कुंवर वैंकटेश मोहन सिंह,उनकी दूसरी पत्नी के बेटों कुंवर कमलेन मोहन सिंह व कुंवर अजयैन मोहन सिंह का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज करने का विरोध कर रहे हैं।
कोर्ट में पैरवी के दौरान युवक पर हमला,एसपी के निर्देश पर हिस्ट्रीशीटर व उसके पुत्र पर केस दर्ज
सुल्तानपुर कोर्ट परिसर में मुकदमे की पैरवी के दौरान एक युवक पर हमला किया गया। यह घटना 23 मार्च को दोपहर में एसी जेएम-द्वितीय के कक्ष संख्या 18 के सामने हुई। पीड़ित युवक सैय्यद मो जीशान ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।

जीशान ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने सिविल वाद संख्या 820/14 की पैरवी के लिए कोर्ट आए थे। इसी दौरान विपक्षी सैय्यद मो रहमान उर्फ मानू और उनके पुत्र मो फरान ने उन पर हमला कर दिया। जीशान के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें गाली दी, मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए।

मारपीट के दौरान जीशान के सीने और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि वकीलों के बीच-बचाव के बाद उनकी जान बच सकी। जीशान ने यह भी आरोप लगाया कि मो फरहान मुकदमे में पक्षकार नहीं है, फिर भी उसने हमला किया।

पीड़ित ने बताया कि सैय्यद मो रहमान उर्फ मानू नगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है और उसका आपराधिक इतिहास है। हमले के समय मानू ने जीशान को मुकदमा वापस लेने की धमकी दी और कहा कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस घटना के बाद जीशान काफी डरे हुए हैं।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के बाद सम्मान समारोह, प्रधान संयोजक राकेश पाल ने कार्यकर्ताओं को सराहा

गढ़वा | 24 मार्च 2026 जोबरईया स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समीक्षा बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महायज्ञ के प्रधान संयोजक सह युवा समाजसेवी राकेश पाल ने इस दौरान जागृति युवा क्लब और आयोजन समिति के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया।

कुशल प्रबंधन और स्वच्छता की हुई प्रशंसा

समारोह को संबोधित करते हुए श्री राकेश पाल ने कहा कि 08 मार्च से 16 मार्च तक चले इस महायज्ञ की सफलता का मुख्य श्रेय सदस्यों के समर्पण और सटीक कार्य-विभाजन को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से परिसर की स्वच्छता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

"लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद महायज्ञ के बाद परिसर की जिस तरह से साफ-सफाई की गई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। यह अनुशासन अन्य आयोजनों के लिए एक मिसाल है।"

विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान

संरक्षक एवं पदाधिकारी: कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के सदस्यों ने संरक्षक राकेश पाल, अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, संरक्षक अनुज प्रसाद और विजय हलवाई (पिंडरा सुखबाना) को माला एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।

विशेष योगदान: श्री विजय हलवाई को मंदिर परिसर के शेड और सीढ़ियों में टाइल्स-मार्बल लगवाने के लिए सम्मानित किया गया।

भूमि दान: क्लब के कोषाध्यक्ष विवेकानंद पाल को यज्ञ और मेला क्षेत्र के लिए अपनी निजी भूमि उपलब्ध कराने हेतु विशेष रूप से बधाई दी गई।

कीर्तन मंडली: प्रत्येक सोमवार को भजन-कीर्तन करने वाली मंडली के सदस्यों (महेंद्र पाल, चंद्रदीप पाल आदि) को भी उनकी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए सराहा गया।

अनुभव और आध्यात्मिक प्रभाव

क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने मुख्य यजमान के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे जीवन की अविस्मरणीय घटना बताया। वहीं अनुज प्रसाद ने आपसी सहयोग को इस बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी बताया।

छठ पूजा और प्रसाद वितरण

सम्मान समारोह के समापन के बाद उपस्थित सभी सदस्यों के बीच चैती छठ पूजा के खरना का प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात हो कि मंदिर परिसर में ही क्लब के अध्यक्ष और अन्य छठव्रतियों द्वारा छठ पूजा का अनुष्ठान भी किया जा रहा था।

प्रमुख उपस्थित सदस्य:

कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश पाल (कार्यक्रम प्रमुख) ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र पाल, सचिव विनय कुमार पाल, उपकोषाध्यक्ष चैतू भुइयां, संगठन मंत्री चंदन कुमार पाल, पंकज पाल, धनंजय कमलापुरी और पीयूष पाल सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इस रिपोर्ट को किसी स्थानीय समाचार पत्र के 'हेडलाइन' स्टाइल में या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए छोटे बुलेट्स में बदल दूँ?

विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता सत्र आयोजित

मीरजापुर। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर टीबी का इलाज संभव है, बस समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी है संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चुनार स्थित एक शिक्षण संस्थान में टीबी जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में टीबी के प्रति आम जनमानस के बीच जागरूकता बढ़ाना तथा संभावित टीबी मरीज को समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार के महत्व को समझाना रहा।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में आए सतीश शंकर यादव जिला समन्वयक, टीबी विभाग ने कहा कि 24 मार्च 1882 में जर्मनी के राबर्ट कांख नामक वैज्ञानिक द्वारा टीबी के वैक्टिरिया का खोज किया गया था‌ जिनके याद में लोगों को टीबी के जागरूकता में सहयोग हेतु हर वर्ष उक्त आयोजन किया जाता है। उन्होंने उपस्थित सभी जनों को टीबी के संपूर्ण लक्षणों एवं सरकारी स्तर से प्रदान की जा रही सभी नि:शुल्क सुविधाओं को विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए अनुरोध किया कि आप सभी भी अपने स्तर से देश हित में समाज में  लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए मरीजों के सहयोग में आगे आने का सराहनीय प्रयास करें।
गया नगर निगम का अजब-गजब कारनामा, अतिक्रमण नहीं हटा तो अपना ही डिवाइडर तोड़ लाखों रुपये किए बर्बाद

जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जनता के लाखों रुपए की पैसे पानी में बह गए

गयाजी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम प्रशासन का एक अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी में बह गई।

शहर के केपी रोड में वर्षों व वर्षों का अतिक्रमण को जहां निगम प्रशासन हटाने में विफल रही। वहीं मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया के कारनामे से चर्चा का विषय रहा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने के बजाय, उन्होंने जेसीबी मशीन से लाखों रुपए से सड़क के बीच बने ग्रिल लगे पक्के डिवाइडर को ही ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस अतिक्रमण को नगर प्रशासन ने हटाने के लिए वर्षों से यह कार्रवाई की जा रही थी, जब अतिक्रमण नहीं हटा तो, अपना ही डिवाइडर को हटा दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से लापरवाही और बिना योजना के की गई है। आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए निर्माण को ही तोड़ देना समझ से परे है।

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्यशैली जारी रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

इधर इस संबंध मेयर गणेश पासवान से दूरभाष से बात के दौरान बताया कि इस तरह की मुझे कोई जानकारी नहीं है, न बोर्ड न स्टैंडिंग की बैठक में पास नहीं किया गया। नगर प्रशासक की खुद की कार्रवाई है।

रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पूर्व विधायक पुत्र का परिवार रजिस्टर में नाम नहीं,अधिकारियों पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
कहा सभी दस्तावेज दिए गए

गोंडा।जिले की करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के परिवार में परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर विवाद जारी है।उनकी दूसरी पत्नी के बेटे कुंवर कमलेन मोहन सिंह ने आरोप लगाया है कि सभी दस्तावेज देने के बाद भी उनका नाम अभी तक रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया है।

करनैलगंज डांट बंगले में मीडिया से बात करते हुए कमलेन मोहन सिंह ने कहा कि परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।उन्होंने दावा किया कि उनके पास 50 - 60 से अधिक दस्तावेज,एफिडेविट, फोटो, वीडियो और आधार कार्ड सहित सभी वैध प्रमाण मौजूद हैं।कमलेन मोहन सिंह ने आरोप लगाया कि उनका नाम दर्ज न होने का कारण छोटे अधिकारियों पर कहीं से दबाव आ रहा है।उन्होंने अपने करनैलगंज गोंडा परिवार से इस मामले में समर्थन करने और अधिकारियों से सवाल पूछने की अपील किया है।

इस मामले को लेकर बीते दिनों परिवार में एक बैठक भी हुई थी और सभी प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं,परन्तु वे अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।करनैलगंज ग्राम पंचायत में भी परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने का मामला लंबित है और अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।स्वर्गीय अजय प्रताप सिंह की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन सिंह व कुंवर वैंकटेश मोहन सिंह,उनकी दूसरी पत्नी के बेटों कुंवर कमलेन मोहन सिंह व कुंवर अजयैन मोहन सिंह का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज करने का विरोध कर रहे हैं।
कोर्ट में पैरवी के दौरान युवक पर हमला,एसपी के निर्देश पर हिस्ट्रीशीटर व उसके पुत्र पर केस दर्ज
सुल्तानपुर कोर्ट परिसर में मुकदमे की पैरवी के दौरान एक युवक पर हमला किया गया। यह घटना 23 मार्च को दोपहर में एसी जेएम-द्वितीय के कक्ष संख्या 18 के सामने हुई। पीड़ित युवक सैय्यद मो जीशान ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।

जीशान ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने सिविल वाद संख्या 820/14 की पैरवी के लिए कोर्ट आए थे। इसी दौरान विपक्षी सैय्यद मो रहमान उर्फ मानू और उनके पुत्र मो फरान ने उन पर हमला कर दिया। जीशान के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें गाली दी, मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए।

मारपीट के दौरान जीशान के सीने और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि वकीलों के बीच-बचाव के बाद उनकी जान बच सकी। जीशान ने यह भी आरोप लगाया कि मो फरहान मुकदमे में पक्षकार नहीं है, फिर भी उसने हमला किया।

पीड़ित ने बताया कि सैय्यद मो रहमान उर्फ मानू नगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है और उसका आपराधिक इतिहास है। हमले के समय मानू ने जीशान को मुकदमा वापस लेने की धमकी दी और कहा कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस घटना के बाद जीशान काफी डरे हुए हैं।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के बाद सम्मान समारोह, प्रधान संयोजक राकेश पाल ने कार्यकर्ताओं को सराहा

गढ़वा | 24 मार्च 2026 जोबरईया स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समीक्षा बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महायज्ञ के प्रधान संयोजक सह युवा समाजसेवी राकेश पाल ने इस दौरान जागृति युवा क्लब और आयोजन समिति के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया।

कुशल प्रबंधन और स्वच्छता की हुई प्रशंसा

समारोह को संबोधित करते हुए श्री राकेश पाल ने कहा कि 08 मार्च से 16 मार्च तक चले इस महायज्ञ की सफलता का मुख्य श्रेय सदस्यों के समर्पण और सटीक कार्य-विभाजन को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से परिसर की स्वच्छता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

"लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद महायज्ञ के बाद परिसर की जिस तरह से साफ-सफाई की गई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। यह अनुशासन अन्य आयोजनों के लिए एक मिसाल है।"

विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान

संरक्षक एवं पदाधिकारी: कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के सदस्यों ने संरक्षक राकेश पाल, अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, संरक्षक अनुज प्रसाद और विजय हलवाई (पिंडरा सुखबाना) को माला एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।

विशेष योगदान: श्री विजय हलवाई को मंदिर परिसर के शेड और सीढ़ियों में टाइल्स-मार्बल लगवाने के लिए सम्मानित किया गया।

भूमि दान: क्लब के कोषाध्यक्ष विवेकानंद पाल को यज्ञ और मेला क्षेत्र के लिए अपनी निजी भूमि उपलब्ध कराने हेतु विशेष रूप से बधाई दी गई।

कीर्तन मंडली: प्रत्येक सोमवार को भजन-कीर्तन करने वाली मंडली के सदस्यों (महेंद्र पाल, चंद्रदीप पाल आदि) को भी उनकी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए सराहा गया।

अनुभव और आध्यात्मिक प्रभाव

क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने मुख्य यजमान के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे जीवन की अविस्मरणीय घटना बताया। वहीं अनुज प्रसाद ने आपसी सहयोग को इस बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी बताया।

छठ पूजा और प्रसाद वितरण

सम्मान समारोह के समापन के बाद उपस्थित सभी सदस्यों के बीच चैती छठ पूजा के खरना का प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात हो कि मंदिर परिसर में ही क्लब के अध्यक्ष और अन्य छठव्रतियों द्वारा छठ पूजा का अनुष्ठान भी किया जा रहा था।

प्रमुख उपस्थित सदस्य:

कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश पाल (कार्यक्रम प्रमुख) ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र पाल, सचिव विनय कुमार पाल, उपकोषाध्यक्ष चैतू भुइयां, संगठन मंत्री चंदन कुमार पाल, पंकज पाल, धनंजय कमलापुरी और पीयूष पाल सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इस रिपोर्ट को किसी स्थानीय समाचार पत्र के 'हेडलाइन' स्टाइल में या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए छोटे बुलेट्स में बदल दूँ?

विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता सत्र आयोजित

मीरजापुर। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर टीबी का इलाज संभव है, बस समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी है संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चुनार स्थित एक शिक्षण संस्थान में टीबी जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में टीबी के प्रति आम जनमानस के बीच जागरूकता बढ़ाना तथा संभावित टीबी मरीज को समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार के महत्व को समझाना रहा।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में आए सतीश शंकर यादव जिला समन्वयक, टीबी विभाग ने कहा कि 24 मार्च 1882 में जर्मनी के राबर्ट कांख नामक वैज्ञानिक द्वारा टीबी के वैक्टिरिया का खोज किया गया था‌ जिनके याद में लोगों को टीबी के जागरूकता में सहयोग हेतु हर वर्ष उक्त आयोजन किया जाता है। उन्होंने उपस्थित सभी जनों को टीबी के संपूर्ण लक्षणों एवं सरकारी स्तर से प्रदान की जा रही सभी नि:शुल्क सुविधाओं को विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए अनुरोध किया कि आप सभी भी अपने स्तर से देश हित में समाज में  लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए मरीजों के सहयोग में आगे आने का सराहनीय प्रयास करें।