ऐली परसौली गोडियन पुरवा में आयोजित होगा वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल एक्सरसाइज*
*गोण्डा 09 जून,2026*।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त आदेश के अनुपालन में बाढ़ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा आगामी 11 जून 2026 को जनपद की तहसील तरबगंज अंतर्गत ग्राम ऐली परसौली स्थित गोडियन पुरवा घाट पर एक वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

यह महत्वपूर्ण अभ्यास प्रातः 09:00 बजे से होगा।

*मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य:*
तैयारियों का आकलन: बाढ़ जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और रिस्पांस टाइम को परखना।

अंतर-विभागीय समन्वय: पुलिस चिकित्सा स्वास्थ्य राजस्व अग्निशमन (Fire Brigade) और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना।

जन-जागरूकता: स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों और राहत व बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना।
इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए संबंधित सभी विभागों को समय से अपनी तैयारियों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय जनमानस से भी अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल (अभ्यास) को वास्तविक आपदा न समझें यह केवल एक सुरक्षात्मक अभ्यास और तैयारी का हिस्सा है।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय जुलाई से शुरू करेगा एआई एवं मशीन लर्निंग कौशल पाठ्यक्रम

मुक्त विश्वविद्यालय, आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में मंगलवार को कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग कौशल विकास तथा उद्योग-आधारित तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय, ट्रांसन्यूरो आईबीएम तथा रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा, कौशल विकास,उद्योग- अकादमिक सहयोग, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित पाठ्यक्रमों के विकास से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम मेधा एवं मशीन लर्निंग विश्व स्तर पर शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त,प्रशासन तथा अनुसंधान के क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन उभरती हुई तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना भी है ।
प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि प्रस्तावित समझौते के अंतर्गत कृत्रिम मेधा (ए आई), मशीन लर्निंग (एम एल), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किल्स तथा उद्योगोन्मुख तकनीकी दक्षताओं से संबंधित अल्पकालिक एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी ।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सक्षम निकायों से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत आगामी शैक्षिक सत्र जुलाई 2026 से इन कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने की योजना है । इन पाठ्यक्रमों में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण, स्नातक स्तर के विद्यार्थी तथा तकनीकी कौशल प्राप्त करने के इच्छुक अन्य शिक्षार्थी भी प्रवेश ले सकेंगे । विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इन पाठ्यक्रमों का लाभ प्राप्त होगा ।
कुलपति ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय रोजगारपरक कौशल आधारित एवं उद्योग समर्थित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । यह पहल प्रदेश के हजारों युवाओं को उभरती तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । बैठक में ट्रांसन्यूरो आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान उद्योग अनुभव तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु विश्वविद्यालय के साथ दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह त्रिपक्षीय सहयोग उच्च शिक्षा कौशल विकास एवं उद्योग जगत के मध्य एक सशक्त सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्षता प्राप्त करने के साथ-साथ बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, शिक्षकों एवं दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की तथा प्रस्तावित सहयोग के विभिन्न आयामों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए ।
अब जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट, जातीय व्यवस्था स्वीकार नहीं : सुरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा (RVM) कि जिला कार्यकारिणी गठन को  लेकर आयोजित बैठक में सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे मुख्य अतिथि जो रूप से शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सत्तालोलुप,जातिवादी,अथवा परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली सोच का प्रतिधित्व नहीं करता, वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के कारण समाज राष्ट और सामाजिक मूल्यों की हो रही छति  को देखते हुए व्यापक विचार विमर्श और परामर्श के पश्चात इसका गठन किया गया है, राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा कोई एक राजनीतिक दल नहीं है बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों,सामाजिक संगठनों और जनहित में कार्यरत समूहों का साझा मंच है इसका उद्देश्य आगामी चुनावों में जनता को एक ईमानदार पारदर्शी,जवाब देही तथा समरसता पूर्ण शासन का विकल्प प्रदान करना है जिसमे किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म ,भाषा क्षेत्र या अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव न किया जाय मोर्चा का मानना है कि प्रत्येक नागरिक प्रत्येक नागरिक समान सम्मान और अवसर का अधिकारी है किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी जाति,धर्म या जन्मगत पहचान के आधार पर भेदभाव किया जाना सामाजिक समरसता मानव गरिमा और प्राकृतिक न्याय के प्रतिकूल है।

इसलिए ऐसी नीतियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा का पक्षधर हु जो समाज के विभाजन ,वैमनस्व या असमानता को बढ़ावा देती है ,प्रदेश के सभी 403विधान सभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि जल्द ही जिला ,तहसील ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा युवा मोर्चा का गठन किया जाएगा ,प्रवेश पाठक ने सवर्ण समाज को संगठित होने पर बल देते हुए कहा कि वर्तवान राजनीत दलों की नीतियों से जनता ऊब चुकी है मदन मोहन मिश्रा ने संकल्प लिया कि सोनभद्र की चारो विधान सभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर विकल्प मोर्चा का गठन करूंगा संतोष पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि इन राजनीतिक दलों के सवर्ण नेताओं सांसद विधायक का बहिष्कार किया जाएगा , शिवा मिश्रा मनीष त्रिपाठी जोगिन्दर दुबे आदि ने विचार व्यक्त किया।
साधु बनकर सोने के गहने ठगने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया जेवर

हजारीबाग, 09 जून 2026। हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र में साधु का भेष बनाकर लोगों को ठगने वाले तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से ठगी कर ले जाए गए सोने के जेवर एवं अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 जून 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे हुरहुरू निवासी गुड़िया देवी के पति ने पुलिस को सूचना दी कि तीन व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे और बहला-फुसलाकर सोने का जेवर (जीतिया) ठगकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर छापामारी दल गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी साधु के भेष में घटना को अंजाम देकर भाग रहे हैं। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए दिशा में खोजबीन शुरू की और शिशिर अस्पताल के समीप एक ऑटो में सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उनके पास से गुड़िया देवी का ठगा गया सोने का जीतिया एवं अन्य लॉकेट बरामद किए गए। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मल्टी लैबोर, अखिलेश लैबोर एवं तितई लैबोर के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बिहार के रोहतास जिले के अमझौर थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सोने का जीतिया (मोती लगा माला सहित) तथा सोने जैसे दिखने वाले 7 छोटे लॉकेट बरामद किए हैं। मामले में बड़ा बाजार थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साधु, बाबा या किसी अन्य वेशभूषा में आने वाले अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

हजारीबाग में अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप जब्त, तस्कर वाहन छोड़कर फरार

उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन में कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर आज प्रातः 4:30 बजे सिंदूर चौक के समीप वाहन जांच अभियान चलाया गया।

वाहन जांच के दौरान एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी एर्टिगा को संदेह के आधार पर रोकने का प्रयास किया गया, किन्तु वाहन चालक वाहन लेकर भागने लगा। उत्पाद विभाग की टीम द्वारा पीछा किए जाने पर वाहन चालक कटकमदाग थाना क्षेत्र के ग्राम सालगाँव स्थित हाई स्कूल के समीप वाहन खड़ा कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गया।

वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अवैध विदेशी शराब लदी हुई पाई गई। छापेमारी के दौरान कुल 55 कार्टन में लंदन ब्रेवरेज निर्मित George William ब्रांड की 180 एमएल क्षमता वाली कुल 475.2 लीटर अवैध विदेशी शराब तथा Royal Green ब्रांड की 375 एमएल क्षमता की 6 बोतलें बरामद की गईं।

बरामद शराब एवं प्रयुक्त वाहन को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है। मामले में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी दल में अवर निरीक्षक उत्पाद भुवनेश्वर नायक, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

#indiafirsttimedeployedreadytofirenuclearmissiles

दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

गयाजी में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी, 51+ ग्राहकों को मिली नई मोटरसाइकिल

गयाजी। शहर के एक निजी होटल में एबी टीवीएस एवं मां मुंडेश्वरी टीवीएस के संयुक्त तत्वावधान में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक ही दिन में 51 से अधिक ग्राहकों को नई टीवीएस रेडर मोटरसाइकिल की चाबी सौंपकर वाहन डिलीवरी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राहकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

समारोह के दौरान कंपनी के टीएम अमन सिन्हा ने बताया कि टीवीएस रेडर अपने आकर्षक स्पोर्टी लुक, दमदार प्रदर्शन और आधुनिक तकनीक के कारण युवाओं की पसंदीदा मोटरसाइकिल बन गई है। यह बाइक स्टाइल, आराम और दैनिक उपयोगिता का बेहतरीन संतुलन प्रदान करती है, जिससे कम्यूटर मोटरसाइकिल श्रेणी में इसकी अलग पहचान बनी है।

अधिकारियों ने कहा कि गयाजी में आयोजित यह मेगा डिलीवरी कार्यक्रम टीवीएस रेडर की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। बिहार में इस मोटरसाइकिल की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका परिष्कृत इंजन, उन्नत फीचर्स और युवाओं को आकर्षित करने वाला डिजाइन ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद ग्राहकों ने नई बाइक प्राप्त कर खुशी व्यक्त की और टीवीएस की गुणवत्ता तथा सेवा की सराहना की। डिलीवरी के बाद ग्राहकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें कंपनी के प्रतिनिधियों ने बाइक की विशेषताओं और रखरखाव से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष उपहार की भी व्यवस्था की गई थी। सभी बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को उपहार स्वरूप वीआईपी सफारी का ट्रॉली बैग प्रदान किया गया, जिसे पाकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कंपनी के अनुसार, टीवीएस रेडर बिहार में 83,567 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। इस मेगा डिलीवरी कार्यक्रम के माध्यम से कंपनी ने क्षेत्र में अपने बढ़ते ग्राहक विश्वास और मजबूत बाजार उपस्थिति को रेखांकित किया। मां मुंडेश्वरी के प्रोपराइटर पीयूष सिंह, एबी टीवीएस के जनरल मैनेजर जितेंद कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू, मुख्यातिथि तौर पर रामाधार सिंह, कलाकार गुलशन राजपूत आदि उपस्थित थे।

गोमती में मछलियों की मौत पर गौ रक्षा वाहिनी ने उठाई आवाज,दोषियों पर कार्रवाई व जलीय जीवों की सुरक्षा की मांग
सुल्तानपुर। पवित्र श्री सीताकुण्ड धाम स्थित आदि गंगा माँ गोमती में बड़ी संख्या में मछलियों के मृत मिलने की घटना पर गौ रक्षा वाहिनी ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने इसे पर्यावरण, जलीय जैव विविधता और जनआस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि माँ गोमती केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। नदी में सैकड़ों मछलियों का मृत पाया जाना इस बात का संकेत है कि जल प्रदूषण, रासायनिक अपशिष्ट अथवा ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसकी जांच और रोकथाम नहीं की गई तो नदी के अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
गौ रक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मत्स्य विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि गोमती नदी के जल का तत्काल नमूना लेकर वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए तथा मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि किसी व्यक्ति, संस्था अथवा उद्योग द्वारा नदी में प्रदूषित अथवा जहरीले पदार्थ छोड़े गए हैं तो उनके विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने जलीय जीवों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने मांग की कि नदी में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए, प्रदूषण फैलाने वाले नालों और स्रोतों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाए, नदी तटों पर जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा मत्स्य विभाग द्वारा जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी दल गठित किया जाए। साथ ही नदी में ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने और पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48(क) एवं 51(क)(ग) के अनुसार पर्यावरण और वन्य जीवों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक और सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए माँ गोमती और उसमें रहने वाले जलीय जीवों की रक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना चाहिए।

गौ रक्षा वाहिनी ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तथा मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन विधिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनहित में व्यापक अभियान चलाने को बाध्य होगा। संगठन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नदी में कचरा, प्लास्टिक या अन्य प्रदूषक पदार्थ न डालें और माँ गोमती को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।
बड़े मंगल पर आस्था का महासंगम: बालाजी के भक्तों ने जगह-जगह कराए भंडारे।

पिहानी में पूड़ी-सब्जी भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे जय बजरंगबली के जयकारे

बबलू प्रजापति
पिहानी। जेठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर जय बाबा बर्फानी मंडल, कटरा बाजार पिहानी के तत्वावधान में रौजा सदर जहां गेट के सामने  पूड़ी-सब्जी भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे क्षेत्र में "जय श्रीराम" और "जय बजरंगबली" के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर हनुमान जी का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राजीव पटवा, जीतू यज्ञ सैनी, धर्मेंद्र यज्ञ सैनी, लालू हलवाई, रितेश गुप्ता, राहुल गुप्ता (दूध वाले), ललित गुप्ता, पवन गुप्ता, अमन गुप्ता, शिवा गुप्ता सहित अनेक भक्तों ने सक्रिय सहयोग करते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
बड़े मंगल के अवसर पर आयोजित इस भव्य भंडारे ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने आयोजकों के इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए इसे सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वह दूसरी और बाबा मैरिज लॉन के मैनेजर वेद प्रकाश पाल ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ हजारों भक्तों को शरबत पिलाया।
सामाजिक विभूतियों को प्रदान की गई मानद डॉक्टरेट पदवी
मुंबई । चर्चगेट स्थित इंडियन मर्चेंट चेम्बर हॉल में उपरोक्त यूनिवर्सिटी के माध्यम से मानद डॉक्टरेट पदवी 2026 प्रदान समारोह का आयोजन किया गया। समाज के सभी क्षेत्रों से प्रतिष्ठित लोगो का इस मानद उपाधि के लिए 300 से अधिक नामांकन हुवा था जिसमे काफी रिसर्च के बाद 25 लोगों का चयन किया गया और उन्हें इस मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में डॉ के. योगेश,पूर्व निदेशक मुंबई विद्यापीठ डॉ.वरदानंद,जपान से पधारी आध्यात्मिक गुरु सावको कोबायासी, आध्यात्मिक चिंतक सेवकानंदजी अग्रवाल कॉलेज के चेयरमैन डॉ.विजय पंडित,सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ.पद्मिनी कृष्णा और व्यापार उद्योग प्रशिक्षक डॉ शशिधरन जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता डॉ.विजय पंडित ने और मंच संचालन डॉ.पद्मिनी कृष्णा और डॉ के.योगेश ने किया l इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य मान्यवर उपस्थित रहे।आए हुए सभी अतिथियों का दिलासा फाउंडेशन की ओर से शॉल पुष्प गुच्छ एवं सम्मानचिन्ह देकर सम्मान किया गया।उपस्थित सभी मान्यवरों को इस मानद उपाधि का महत्व बताया गया।सभी सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को एक नई जिम्मेदारी दी गई जिससे वे एक नई ऊर्जा के साथ समाज मे और ज्यादा कार्य कर सके।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना तथा दीप प्रज्वलन कर की गई।
दिल्ली से पार्लियामेंट सेक्रेटिएट में कार्यरत आई.ए.एस अधिकारी आगम मित्तल ने सभी को फ़ोन द्वारा बधाई दी l
आभार प्रदर्शन डॉ के योगेश ने किया।
ऐली परसौली गोडियन पुरवा में आयोजित होगा वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल एक्सरसाइज*
*गोण्डा 09 जून,2026*।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त आदेश के अनुपालन में बाढ़ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा आगामी 11 जून 2026 को जनपद की तहसील तरबगंज अंतर्गत ग्राम ऐली परसौली स्थित गोडियन पुरवा घाट पर एक वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

यह महत्वपूर्ण अभ्यास प्रातः 09:00 बजे से होगा।

*मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य:*
तैयारियों का आकलन: बाढ़ जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और रिस्पांस टाइम को परखना।

अंतर-विभागीय समन्वय: पुलिस चिकित्सा स्वास्थ्य राजस्व अग्निशमन (Fire Brigade) और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना।

जन-जागरूकता: स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों और राहत व बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना।
इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए संबंधित सभी विभागों को समय से अपनी तैयारियों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय जनमानस से भी अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल (अभ्यास) को वास्तविक आपदा न समझें यह केवल एक सुरक्षात्मक अभ्यास और तैयारी का हिस्सा है।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय जुलाई से शुरू करेगा एआई एवं मशीन लर्निंग कौशल पाठ्यक्रम

मुक्त विश्वविद्यालय, आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में मंगलवार को कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग कौशल विकास तथा उद्योग-आधारित तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय, ट्रांसन्यूरो आईबीएम तथा रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा, कौशल विकास,उद्योग- अकादमिक सहयोग, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित पाठ्यक्रमों के विकास से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम मेधा एवं मशीन लर्निंग विश्व स्तर पर शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त,प्रशासन तथा अनुसंधान के क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन उभरती हुई तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना भी है ।
प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि प्रस्तावित समझौते के अंतर्गत कृत्रिम मेधा (ए आई), मशीन लर्निंग (एम एल), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किल्स तथा उद्योगोन्मुख तकनीकी दक्षताओं से संबंधित अल्पकालिक एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी ।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सक्षम निकायों से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत आगामी शैक्षिक सत्र जुलाई 2026 से इन कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने की योजना है । इन पाठ्यक्रमों में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण, स्नातक स्तर के विद्यार्थी तथा तकनीकी कौशल प्राप्त करने के इच्छुक अन्य शिक्षार्थी भी प्रवेश ले सकेंगे । विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इन पाठ्यक्रमों का लाभ प्राप्त होगा ।
कुलपति ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय रोजगारपरक कौशल आधारित एवं उद्योग समर्थित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । यह पहल प्रदेश के हजारों युवाओं को उभरती तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । बैठक में ट्रांसन्यूरो आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान उद्योग अनुभव तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु विश्वविद्यालय के साथ दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह त्रिपक्षीय सहयोग उच्च शिक्षा कौशल विकास एवं उद्योग जगत के मध्य एक सशक्त सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्षता प्राप्त करने के साथ-साथ बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, शिक्षकों एवं दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की तथा प्रस्तावित सहयोग के विभिन्न आयामों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए ।
अब जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट, जातीय व्यवस्था स्वीकार नहीं : सुरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा (RVM) कि जिला कार्यकारिणी गठन को  लेकर आयोजित बैठक में सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे मुख्य अतिथि जो रूप से शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सत्तालोलुप,जातिवादी,अथवा परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली सोच का प्रतिधित्व नहीं करता, वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के कारण समाज राष्ट और सामाजिक मूल्यों की हो रही छति  को देखते हुए व्यापक विचार विमर्श और परामर्श के पश्चात इसका गठन किया गया है, राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा कोई एक राजनीतिक दल नहीं है बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों,सामाजिक संगठनों और जनहित में कार्यरत समूहों का साझा मंच है इसका उद्देश्य आगामी चुनावों में जनता को एक ईमानदार पारदर्शी,जवाब देही तथा समरसता पूर्ण शासन का विकल्प प्रदान करना है जिसमे किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म ,भाषा क्षेत्र या अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव न किया जाय मोर्चा का मानना है कि प्रत्येक नागरिक प्रत्येक नागरिक समान सम्मान और अवसर का अधिकारी है किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी जाति,धर्म या जन्मगत पहचान के आधार पर भेदभाव किया जाना सामाजिक समरसता मानव गरिमा और प्राकृतिक न्याय के प्रतिकूल है।

इसलिए ऐसी नीतियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा का पक्षधर हु जो समाज के विभाजन ,वैमनस्व या असमानता को बढ़ावा देती है ,प्रदेश के सभी 403विधान सभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि जल्द ही जिला ,तहसील ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा युवा मोर्चा का गठन किया जाएगा ,प्रवेश पाठक ने सवर्ण समाज को संगठित होने पर बल देते हुए कहा कि वर्तवान राजनीत दलों की नीतियों से जनता ऊब चुकी है मदन मोहन मिश्रा ने संकल्प लिया कि सोनभद्र की चारो विधान सभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर विकल्प मोर्चा का गठन करूंगा संतोष पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि इन राजनीतिक दलों के सवर्ण नेताओं सांसद विधायक का बहिष्कार किया जाएगा , शिवा मिश्रा मनीष त्रिपाठी जोगिन्दर दुबे आदि ने विचार व्यक्त किया।
साधु बनकर सोने के गहने ठगने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया जेवर

हजारीबाग, 09 जून 2026। हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र में साधु का भेष बनाकर लोगों को ठगने वाले तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से ठगी कर ले जाए गए सोने के जेवर एवं अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 जून 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे हुरहुरू निवासी गुड़िया देवी के पति ने पुलिस को सूचना दी कि तीन व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे और बहला-फुसलाकर सोने का जेवर (जीतिया) ठगकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर छापामारी दल गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी साधु के भेष में घटना को अंजाम देकर भाग रहे हैं। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए दिशा में खोजबीन शुरू की और शिशिर अस्पताल के समीप एक ऑटो में सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उनके पास से गुड़िया देवी का ठगा गया सोने का जीतिया एवं अन्य लॉकेट बरामद किए गए। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मल्टी लैबोर, अखिलेश लैबोर एवं तितई लैबोर के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बिहार के रोहतास जिले के अमझौर थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सोने का जीतिया (मोती लगा माला सहित) तथा सोने जैसे दिखने वाले 7 छोटे लॉकेट बरामद किए हैं। मामले में बड़ा बाजार थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साधु, बाबा या किसी अन्य वेशभूषा में आने वाले अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

हजारीबाग में अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप जब्त, तस्कर वाहन छोड़कर फरार

उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन में कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर आज प्रातः 4:30 बजे सिंदूर चौक के समीप वाहन जांच अभियान चलाया गया।

वाहन जांच के दौरान एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी एर्टिगा को संदेह के आधार पर रोकने का प्रयास किया गया, किन्तु वाहन चालक वाहन लेकर भागने लगा। उत्पाद विभाग की टीम द्वारा पीछा किए जाने पर वाहन चालक कटकमदाग थाना क्षेत्र के ग्राम सालगाँव स्थित हाई स्कूल के समीप वाहन खड़ा कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गया।

वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अवैध विदेशी शराब लदी हुई पाई गई। छापेमारी के दौरान कुल 55 कार्टन में लंदन ब्रेवरेज निर्मित George William ब्रांड की 180 एमएल क्षमता वाली कुल 475.2 लीटर अवैध विदेशी शराब तथा Royal Green ब्रांड की 375 एमएल क्षमता की 6 बोतलें बरामद की गईं।

बरामद शराब एवं प्रयुक्त वाहन को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है। मामले में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी दल में अवर निरीक्षक उत्पाद भुवनेश्वर नायक, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

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दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

गयाजी में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी, 51+ ग्राहकों को मिली नई मोटरसाइकिल

गयाजी। शहर के एक निजी होटल में एबी टीवीएस एवं मां मुंडेश्वरी टीवीएस के संयुक्त तत्वावधान में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक ही दिन में 51 से अधिक ग्राहकों को नई टीवीएस रेडर मोटरसाइकिल की चाबी सौंपकर वाहन डिलीवरी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राहकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

समारोह के दौरान कंपनी के टीएम अमन सिन्हा ने बताया कि टीवीएस रेडर अपने आकर्षक स्पोर्टी लुक, दमदार प्रदर्शन और आधुनिक तकनीक के कारण युवाओं की पसंदीदा मोटरसाइकिल बन गई है। यह बाइक स्टाइल, आराम और दैनिक उपयोगिता का बेहतरीन संतुलन प्रदान करती है, जिससे कम्यूटर मोटरसाइकिल श्रेणी में इसकी अलग पहचान बनी है।

अधिकारियों ने कहा कि गयाजी में आयोजित यह मेगा डिलीवरी कार्यक्रम टीवीएस रेडर की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। बिहार में इस मोटरसाइकिल की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका परिष्कृत इंजन, उन्नत फीचर्स और युवाओं को आकर्षित करने वाला डिजाइन ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद ग्राहकों ने नई बाइक प्राप्त कर खुशी व्यक्त की और टीवीएस की गुणवत्ता तथा सेवा की सराहना की। डिलीवरी के बाद ग्राहकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें कंपनी के प्रतिनिधियों ने बाइक की विशेषताओं और रखरखाव से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष उपहार की भी व्यवस्था की गई थी। सभी बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को उपहार स्वरूप वीआईपी सफारी का ट्रॉली बैग प्रदान किया गया, जिसे पाकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कंपनी के अनुसार, टीवीएस रेडर बिहार में 83,567 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। इस मेगा डिलीवरी कार्यक्रम के माध्यम से कंपनी ने क्षेत्र में अपने बढ़ते ग्राहक विश्वास और मजबूत बाजार उपस्थिति को रेखांकित किया। मां मुंडेश्वरी के प्रोपराइटर पीयूष सिंह, एबी टीवीएस के जनरल मैनेजर जितेंद कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू, मुख्यातिथि तौर पर रामाधार सिंह, कलाकार गुलशन राजपूत आदि उपस्थित थे।

गोमती में मछलियों की मौत पर गौ रक्षा वाहिनी ने उठाई आवाज,दोषियों पर कार्रवाई व जलीय जीवों की सुरक्षा की मांग
सुल्तानपुर। पवित्र श्री सीताकुण्ड धाम स्थित आदि गंगा माँ गोमती में बड़ी संख्या में मछलियों के मृत मिलने की घटना पर गौ रक्षा वाहिनी ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने इसे पर्यावरण, जलीय जैव विविधता और जनआस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि माँ गोमती केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। नदी में सैकड़ों मछलियों का मृत पाया जाना इस बात का संकेत है कि जल प्रदूषण, रासायनिक अपशिष्ट अथवा ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसकी जांच और रोकथाम नहीं की गई तो नदी के अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
गौ रक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मत्स्य विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि गोमती नदी के जल का तत्काल नमूना लेकर वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए तथा मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि किसी व्यक्ति, संस्था अथवा उद्योग द्वारा नदी में प्रदूषित अथवा जहरीले पदार्थ छोड़े गए हैं तो उनके विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने जलीय जीवों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने मांग की कि नदी में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए, प्रदूषण फैलाने वाले नालों और स्रोतों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाए, नदी तटों पर जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा मत्स्य विभाग द्वारा जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी दल गठित किया जाए। साथ ही नदी में ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने और पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48(क) एवं 51(क)(ग) के अनुसार पर्यावरण और वन्य जीवों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक और सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए माँ गोमती और उसमें रहने वाले जलीय जीवों की रक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना चाहिए।

गौ रक्षा वाहिनी ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तथा मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन विधिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनहित में व्यापक अभियान चलाने को बाध्य होगा। संगठन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नदी में कचरा, प्लास्टिक या अन्य प्रदूषक पदार्थ न डालें और माँ गोमती को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।
बड़े मंगल पर आस्था का महासंगम: बालाजी के भक्तों ने जगह-जगह कराए भंडारे।

पिहानी में पूड़ी-सब्जी भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे जय बजरंगबली के जयकारे

बबलू प्रजापति
पिहानी। जेठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर जय बाबा बर्फानी मंडल, कटरा बाजार पिहानी के तत्वावधान में रौजा सदर जहां गेट के सामने  पूड़ी-सब्जी भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे क्षेत्र में "जय श्रीराम" और "जय बजरंगबली" के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर हनुमान जी का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राजीव पटवा, जीतू यज्ञ सैनी, धर्मेंद्र यज्ञ सैनी, लालू हलवाई, रितेश गुप्ता, राहुल गुप्ता (दूध वाले), ललित गुप्ता, पवन गुप्ता, अमन गुप्ता, शिवा गुप्ता सहित अनेक भक्तों ने सक्रिय सहयोग करते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
बड़े मंगल के अवसर पर आयोजित इस भव्य भंडारे ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने आयोजकों के इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए इसे सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वह दूसरी और बाबा मैरिज लॉन के मैनेजर वेद प्रकाश पाल ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ हजारों भक्तों को शरबत पिलाया।
सामाजिक विभूतियों को प्रदान की गई मानद डॉक्टरेट पदवी
मुंबई । चर्चगेट स्थित इंडियन मर्चेंट चेम्बर हॉल में उपरोक्त यूनिवर्सिटी के माध्यम से मानद डॉक्टरेट पदवी 2026 प्रदान समारोह का आयोजन किया गया। समाज के सभी क्षेत्रों से प्रतिष्ठित लोगो का इस मानद उपाधि के लिए 300 से अधिक नामांकन हुवा था जिसमे काफी रिसर्च के बाद 25 लोगों का चयन किया गया और उन्हें इस मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में डॉ के. योगेश,पूर्व निदेशक मुंबई विद्यापीठ डॉ.वरदानंद,जपान से पधारी आध्यात्मिक गुरु सावको कोबायासी, आध्यात्मिक चिंतक सेवकानंदजी अग्रवाल कॉलेज के चेयरमैन डॉ.विजय पंडित,सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ.पद्मिनी कृष्णा और व्यापार उद्योग प्रशिक्षक डॉ शशिधरन जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता डॉ.विजय पंडित ने और मंच संचालन डॉ.पद्मिनी कृष्णा और डॉ के.योगेश ने किया l इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य मान्यवर उपस्थित रहे।आए हुए सभी अतिथियों का दिलासा फाउंडेशन की ओर से शॉल पुष्प गुच्छ एवं सम्मानचिन्ह देकर सम्मान किया गया।उपस्थित सभी मान्यवरों को इस मानद उपाधि का महत्व बताया गया।सभी सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को एक नई जिम्मेदारी दी गई जिससे वे एक नई ऊर्जा के साथ समाज मे और ज्यादा कार्य कर सके।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना तथा दीप प्रज्वलन कर की गई।
दिल्ली से पार्लियामेंट सेक्रेटिएट में कार्यरत आई.ए.एस अधिकारी आगम मित्तल ने सभी को फ़ोन द्वारा बधाई दी l
आभार प्रदर्शन डॉ के योगेश ने किया।