विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, दिए अधिकारियों को निर्देश

  • जनसुनवाई में 117 आवेदन प्राप्त हुए

भोपाल। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 117 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम अंकुर मेश्राम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर सिंह ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न उद्यमियो की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों की उपस्थिति में संपन्न हुई।बैठक में क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमियों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर चर्चा की गई।मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओ का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए जिससे उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए। बैठक में रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है इसलिए संबंधित विभाग इनके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समयसीमा के बाद लंबित सभी मामलों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल पारदर्शी और समयबद्ध बनाना औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है तथा निवेशको का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणो की स्थिति की जानकारी दी गई।मंडल में कुल 16,663 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें से 15,027 का निस्तारण किया जा चुका है। जनपदवार आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 8,837, फतेहपुर में 3,868, प्रतापगढ़ में 2,305 तथा कौशांबी में 1,653 प्रकरण दर्ज किए गए।बैठक के दौरान मंडलायुक्त द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों (सुनील यादव, एच.आर प्रमुख-जय भारत एसोसिएट सुशील कुमार पाण्डेय एच.आर प्रमुख-हबीली सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड उमेश चन्द्र द्विवेदी असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-सोनाटा फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सूबेदार मेजर राम लखन पाल पार्टनर-गरुड़ा सेक्युर्टी सर्विसेस इलाहाबाद) को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने इन इकाइयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं।उद्यमियों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए जिस पर मंडलायुक्त ने उनसे कहा कि वे अपने सुझावों को लिखित प्रस्ताव के रूप में उपलब्ध कराएं ताकि उसे शासन को भेजकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी चर्चा की गई।इस दौरान आर.एम. यूपीएसआईडीए को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि औद्योगिक इकाइयो की गतिविधियां प्रभावित न हो।बैठक में समस्त एलडीएम संबंधित विभागो के अधिकारी तथा उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया द्वारा किया गया।

पुलिस उप निरीक्षक के पदों के लिए 14 व 15 मार्च को होगी दो पालियों में परीक्षाएं, परीक्षार्थी नीला काला पेन नहीं ले जा सकेंगे
फर्रूखाबाद l 14 व 15 मार्च को दो पालियों में होने बाली उ0प्र0 पुलिस में पुलिस उपनिरीक्षक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की परीक्षा को सकुशल एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने हेतु तैयारियों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जनपद में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं इन परीक्षा केंद्र पर दो पालियों में परीक्षा होगी l इस परीक्षा में 5520 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे, परीक्षार्थी नीला काला के नहीं ले जा सकेंगे l

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने हेतु सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रातः 07 बजे ट्रेजरी पर उपस्थित रहेंगे तथा परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कागज के टुकड़े, प्लास्टिक पाउच, पर्स, स्मार्टबैंड, स्मार्टवॉच, सनग्लासेस तथा हैंडबैग ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा तथा सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के पास आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे तथा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की दुकानें बंद रहेंगी। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम बनाए जाएंगे,अभ्यर्थी केवल नीला,काला पेन, प्रवेश पत्र व मूल पहचान पत्र ही परीक्षा केंद्र में ले जा सकेंगे।
उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने परीक्षा केंद्रों के परीक्षा कक्षों एवं शौचालयों का पूर्व निरीक्षण कर लें। साथ ही सभी केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाए तथा ड्यूटी में लगाए गए अध्यापकों के मोबाइल नंबरों की सूची केंद्र व्यवस्थापक को उपलब्ध कराई जाए,जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए है जिन पर एक पाली में 5520 अभ्यर्थी परीक्षा देगे,कुल चार पालियों में परीक्षा होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर क्लॉक रूम, पेयजल एवं शौचालय से संबंधित साइन एज लगाए जाएं तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से लगाई जाए,रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क बनाई जाए कोई भी वाहन ओवर रेटिंग न करे,परीक्षा केंद्रों पर विद्युत की निर्बाध आपूर्ति हो,साफ सफाई की व्यवस्था अच्छी हो।
पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि 13 मार्च को परीक्षा का रिहर्सल कर लिया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिश्वत लेते वीडियो वायरल: नप गए बारुण थाने के दरोगा अभिजीत कुमार हुए निलंबित

,औरंगाबाद। जिले के बारुण थाना में पदस्थापित दरोगा अभिजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें दरोगा को वाहन छोड़ने के एवज में पैसे लेते हुए देखा जा रहा है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि वायरल वीडियो उस समय का है जब सबइंस्पेक्टर अभिजीत कुमार हसपुरा थाना में 2023 पदस्थापित थे। वर्तमान में वे बारुण थाना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दरोगा अभिजीत कुमार को थाने में एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हसपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां दरोगा ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले पैसे मांगे थे। वीडियो में वह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में दरोगा यह कहते नजर आते हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए हैं।

इस पर वाहन मालिक कहता है कि वह बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना का है। इसके जवाब में दरोगा कहते हैं कि सभी मामलों में एक ही “चार्ज” लगता है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति का गौरवपूर्ण संगम:कर्नल ऋतु एस. रावत सम्मानित

रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रेरक आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा एक भव्य प्रेरणादायक एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।क्लब के अध्यक्ष उमंग अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस अवसर पर क्लब की संपूर्ण संचालन व्यवस्था महिलाओ—“रोटरी एंजेल्स”—को सौंपते हुए नारी नेतृत्व और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (2026–27)पूनम गुलाटी रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम का सुसंगठित एवं प्रभावी संचालन श्वेता अग्रवाल द्वारा किया गया।इस अवसर पर समाज शिक्षा चिकित्सा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विशिष्ट एवं प्रेरणास्पद महिलाओ को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।भारतीय सेना की अनुशासन साहस और समर्पण की गौरवशाली परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज की कमान अधिकारी कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत को राष्ट्रसेवा नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तिकरण के प्रेरक उदाहरण के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त बैरियर (नर्सिंग ऑफिसर मिलिट्री हॉस्पिटल)

डॉ.रीना सचान (माइक्रोबायोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज प्रयागराज)ऊर्जा रहेजा (इकोनॉमिक्स में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक धारक),डॉ. कविता अग्रवाल (प्रोफेसर क्राइस्ट चर्च कॉलेज) तथा डॉ.ऋतु जैन(निदेशक मेहक हॉस्पिटल)को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित अतिथियो ने अपने जीवन के संघर्ष अनुशासन परिश्रम और उपलब्धियो की प्रेरणादायक गाथाएँ साझा की जिसने उपस्थित सभी सदस्यो के मन में नव ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

इस अवसर पर क्लब द्वारा सभी अतिथियो को अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि पूनम गुलाटी ने अपने संबोधन में कहा कि जब महिलाएँ नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति कई गुना बढ़ जाती है।उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ की सराहना की।अपने उद्बोधन में कर्नल ऋतु एस.रावत ने भारतीय सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भी एक सशक्त धुरी है।उन्होंने कहा कि एक बेटी बहन पत्नी और माँ के रूप में महिलाएँ समाज की संरचना को सुदृढ़ बनाती हैं और अपने साहस परिश्रम तथा समर्पण से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का परचम लहरा रही हैं।उन्होंने अपने जीवन के संघर्षो और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओ विशेषकर बेटियों को यह संदेश दिया कि अनुशासन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सफलता का सबसे सशक्त मार्ग है।कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा यह आयोजन नारी शक्ति राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण के अद्वितीय संगम का सजीव उदाहरण बन गया।

जनशिकायतों में अभूतपूर्व कमी, सड़क हादसों में गिरावट :डीजीपी
यूपी में अपराध नियंत्रण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, जनशिकायतों और सड़क सुरक्षा में मिली महत्वपूर्ण सफलता

सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं

पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, सड़क सुरक्षा और डिजिटल पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना था। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा, पेशेवर दक्षता और उच्च स्तर के प्रदर्शन के साथ कार्य करें।

बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि लगातार निगरानी और नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में जनशिकायतों के मामलों में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जून 2025 से सभी जनपदों को जनशिकायतों में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था।विशेष रूप से जनपद सम्भल, फिरोजाबाद और इटावा में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि 15 अन्य जनपदों में 40 प्रतिशत से अधिक और 48 जनपदों में 30 प्रतिशत से अधिक कमी प्राप्त हुई। पुलिस महानिदेशक ने इसे सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रभावी उपायों को अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि एफआईआर से पूर्व की प्रभावी पुलिसिंग को थानों और चौकियों पर पोस्टिंग मानकों में शामिल किया जाए, ताकि विवाद और अपराधों को प्रारंभिक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।बैठक में प्रदेश की विवेचनाओं के गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर भी चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं। यह लक्ष्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुरूप तय किया गया है। प्रदेश की वर्तमान रैंकिंग को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्टअभियान के तहत प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश की 54 इकाइयों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई। उदाहरण के लिए, जनपद श्रावस्ती में लगभग 83 प्रतिशत, गाजियाबाद ग्रामीण जोन में 53 प्रतिशत और जालौन में 48 प्रतिशत कमी देखी गई।पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से अपराध-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सुदृढ़ ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को अधिकाधिक वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य संग्रह पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एएनटीएफ  द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई और तीन माह के विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” की जानकारी दी गई।

पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की संपत्ति के जब्तीकरण के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 ई और 68 एपफ के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी क्षेत्रों में उच्चस्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करें। जिन जनपदों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि निर्धारित कार्ययोजना को कड़ाई से लागू किया जाए।यह बैठक उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधार, सड़क सुरक्षा, डिजिटल पुलिसिंग और जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
ऑटो की टक्कर ठेला में लगने से, सब्ज़ी विक्रेता की दर्दनाक मौत

फर्रुखाबाद । सुबह कादरी गेट थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग सब्जी विक्रेता की जान चली गई। तेज रफ्तार ऑटो ने सब्जी विक्रेता की रेहड़ी में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ऑटो भी पलट गया। गंभीर रूप से घायल वृद्ध ने कानपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बंधुआ गांव के रहने वाले सोनपाल (65 वर्ष) पिछले 35 सालों से रेहड़ी पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह हर दिन की तरह मंगलवार को सुबह सब्जी लेने के लिए मंडी जा रहे थे।
मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास
सुबह के समय जब सोनपाल अपनी रेहड़ी लेकर मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेहड़ी के परखच्चे उड़ गए और ऑटो भी सड़क पर पलट गया।
कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई l हादसे में गंभीर रूप से घायल सोनपाल को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहर के ही एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे, रास्ते में सांसें थम गईं।
सोनपाल की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और तीन बेटे- मनोज, अर्पित और राहुल माथुर हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बेटों ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, दिए अधिकारियों को निर्देश

  • जनसुनवाई में 117 आवेदन प्राप्त हुए

भोपाल। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 117 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम अंकुर मेश्राम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर सिंह ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न उद्यमियो की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों की उपस्थिति में संपन्न हुई।बैठक में क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमियों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर चर्चा की गई।मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओ का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए जिससे उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए। बैठक में रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है इसलिए संबंधित विभाग इनके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समयसीमा के बाद लंबित सभी मामलों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल पारदर्शी और समयबद्ध बनाना औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है तथा निवेशको का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणो की स्थिति की जानकारी दी गई।मंडल में कुल 16,663 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें से 15,027 का निस्तारण किया जा चुका है। जनपदवार आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 8,837, फतेहपुर में 3,868, प्रतापगढ़ में 2,305 तथा कौशांबी में 1,653 प्रकरण दर्ज किए गए।बैठक के दौरान मंडलायुक्त द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों (सुनील यादव, एच.आर प्रमुख-जय भारत एसोसिएट सुशील कुमार पाण्डेय एच.आर प्रमुख-हबीली सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड उमेश चन्द्र द्विवेदी असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-सोनाटा फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सूबेदार मेजर राम लखन पाल पार्टनर-गरुड़ा सेक्युर्टी सर्विसेस इलाहाबाद) को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने इन इकाइयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं।उद्यमियों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए जिस पर मंडलायुक्त ने उनसे कहा कि वे अपने सुझावों को लिखित प्रस्ताव के रूप में उपलब्ध कराएं ताकि उसे शासन को भेजकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी चर्चा की गई।इस दौरान आर.एम. यूपीएसआईडीए को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि औद्योगिक इकाइयो की गतिविधियां प्रभावित न हो।बैठक में समस्त एलडीएम संबंधित विभागो के अधिकारी तथा उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया द्वारा किया गया।

पुलिस उप निरीक्षक के पदों के लिए 14 व 15 मार्च को होगी दो पालियों में परीक्षाएं, परीक्षार्थी नीला काला पेन नहीं ले जा सकेंगे
फर्रूखाबाद l 14 व 15 मार्च को दो पालियों में होने बाली उ0प्र0 पुलिस में पुलिस उपनिरीक्षक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की परीक्षा को सकुशल एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने हेतु तैयारियों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जनपद में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं इन परीक्षा केंद्र पर दो पालियों में परीक्षा होगी l इस परीक्षा में 5520 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे, परीक्षार्थी नीला काला के नहीं ले जा सकेंगे l

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने हेतु सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रातः 07 बजे ट्रेजरी पर उपस्थित रहेंगे तथा परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कागज के टुकड़े, प्लास्टिक पाउच, पर्स, स्मार्टबैंड, स्मार्टवॉच, सनग्लासेस तथा हैंडबैग ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा तथा सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के पास आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे तथा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की दुकानें बंद रहेंगी। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम बनाए जाएंगे,अभ्यर्थी केवल नीला,काला पेन, प्रवेश पत्र व मूल पहचान पत्र ही परीक्षा केंद्र में ले जा सकेंगे।
उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने परीक्षा केंद्रों के परीक्षा कक्षों एवं शौचालयों का पूर्व निरीक्षण कर लें। साथ ही सभी केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाए तथा ड्यूटी में लगाए गए अध्यापकों के मोबाइल नंबरों की सूची केंद्र व्यवस्थापक को उपलब्ध कराई जाए,जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए है जिन पर एक पाली में 5520 अभ्यर्थी परीक्षा देगे,कुल चार पालियों में परीक्षा होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर क्लॉक रूम, पेयजल एवं शौचालय से संबंधित साइन एज लगाए जाएं तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से लगाई जाए,रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क बनाई जाए कोई भी वाहन ओवर रेटिंग न करे,परीक्षा केंद्रों पर विद्युत की निर्बाध आपूर्ति हो,साफ सफाई की व्यवस्था अच्छी हो।
पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि 13 मार्च को परीक्षा का रिहर्सल कर लिया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिश्वत लेते वीडियो वायरल: नप गए बारुण थाने के दरोगा अभिजीत कुमार हुए निलंबित

,औरंगाबाद। जिले के बारुण थाना में पदस्थापित दरोगा अभिजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें दरोगा को वाहन छोड़ने के एवज में पैसे लेते हुए देखा जा रहा है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि वायरल वीडियो उस समय का है जब सबइंस्पेक्टर अभिजीत कुमार हसपुरा थाना में 2023 पदस्थापित थे। वर्तमान में वे बारुण थाना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दरोगा अभिजीत कुमार को थाने में एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हसपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां दरोगा ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले पैसे मांगे थे। वीडियो में वह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में दरोगा यह कहते नजर आते हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए हैं।

इस पर वाहन मालिक कहता है कि वह बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना का है। इसके जवाब में दरोगा कहते हैं कि सभी मामलों में एक ही “चार्ज” लगता है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति का गौरवपूर्ण संगम:कर्नल ऋतु एस. रावत सम्मानित

रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रेरक आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा एक भव्य प्रेरणादायक एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।क्लब के अध्यक्ष उमंग अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस अवसर पर क्लब की संपूर्ण संचालन व्यवस्था महिलाओ—“रोटरी एंजेल्स”—को सौंपते हुए नारी नेतृत्व और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (2026–27)पूनम गुलाटी रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम का सुसंगठित एवं प्रभावी संचालन श्वेता अग्रवाल द्वारा किया गया।इस अवसर पर समाज शिक्षा चिकित्सा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विशिष्ट एवं प्रेरणास्पद महिलाओ को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।भारतीय सेना की अनुशासन साहस और समर्पण की गौरवशाली परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज की कमान अधिकारी कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत को राष्ट्रसेवा नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तिकरण के प्रेरक उदाहरण के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त बैरियर (नर्सिंग ऑफिसर मिलिट्री हॉस्पिटल)

डॉ.रीना सचान (माइक्रोबायोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज प्रयागराज)ऊर्जा रहेजा (इकोनॉमिक्स में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक धारक),डॉ. कविता अग्रवाल (प्रोफेसर क्राइस्ट चर्च कॉलेज) तथा डॉ.ऋतु जैन(निदेशक मेहक हॉस्पिटल)को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित अतिथियो ने अपने जीवन के संघर्ष अनुशासन परिश्रम और उपलब्धियो की प्रेरणादायक गाथाएँ साझा की जिसने उपस्थित सभी सदस्यो के मन में नव ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

इस अवसर पर क्लब द्वारा सभी अतिथियो को अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि पूनम गुलाटी ने अपने संबोधन में कहा कि जब महिलाएँ नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति कई गुना बढ़ जाती है।उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ की सराहना की।अपने उद्बोधन में कर्नल ऋतु एस.रावत ने भारतीय सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भी एक सशक्त धुरी है।उन्होंने कहा कि एक बेटी बहन पत्नी और माँ के रूप में महिलाएँ समाज की संरचना को सुदृढ़ बनाती हैं और अपने साहस परिश्रम तथा समर्पण से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का परचम लहरा रही हैं।उन्होंने अपने जीवन के संघर्षो और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओ विशेषकर बेटियों को यह संदेश दिया कि अनुशासन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सफलता का सबसे सशक्त मार्ग है।कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा यह आयोजन नारी शक्ति राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण के अद्वितीय संगम का सजीव उदाहरण बन गया।

जनशिकायतों में अभूतपूर्व कमी, सड़क हादसों में गिरावट :डीजीपी
यूपी में अपराध नियंत्रण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, जनशिकायतों और सड़क सुरक्षा में मिली महत्वपूर्ण सफलता

सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं

पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, सड़क सुरक्षा और डिजिटल पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना था। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा, पेशेवर दक्षता और उच्च स्तर के प्रदर्शन के साथ कार्य करें।

बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि लगातार निगरानी और नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में जनशिकायतों के मामलों में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जून 2025 से सभी जनपदों को जनशिकायतों में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था।विशेष रूप से जनपद सम्भल, फिरोजाबाद और इटावा में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि 15 अन्य जनपदों में 40 प्रतिशत से अधिक और 48 जनपदों में 30 प्रतिशत से अधिक कमी प्राप्त हुई। पुलिस महानिदेशक ने इसे सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रभावी उपायों को अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि एफआईआर से पूर्व की प्रभावी पुलिसिंग को थानों और चौकियों पर पोस्टिंग मानकों में शामिल किया जाए, ताकि विवाद और अपराधों को प्रारंभिक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।बैठक में प्रदेश की विवेचनाओं के गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर भी चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं। यह लक्ष्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुरूप तय किया गया है। प्रदेश की वर्तमान रैंकिंग को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्टअभियान के तहत प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश की 54 इकाइयों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई। उदाहरण के लिए, जनपद श्रावस्ती में लगभग 83 प्रतिशत, गाजियाबाद ग्रामीण जोन में 53 प्रतिशत और जालौन में 48 प्रतिशत कमी देखी गई।पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से अपराध-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सुदृढ़ ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को अधिकाधिक वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य संग्रह पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एएनटीएफ  द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई और तीन माह के विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” की जानकारी दी गई।

पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की संपत्ति के जब्तीकरण के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 ई और 68 एपफ के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी क्षेत्रों में उच्चस्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करें। जिन जनपदों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि निर्धारित कार्ययोजना को कड़ाई से लागू किया जाए।यह बैठक उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधार, सड़क सुरक्षा, डिजिटल पुलिसिंग और जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
ऑटो की टक्कर ठेला में लगने से, सब्ज़ी विक्रेता की दर्दनाक मौत

फर्रुखाबाद । सुबह कादरी गेट थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग सब्जी विक्रेता की जान चली गई। तेज रफ्तार ऑटो ने सब्जी विक्रेता की रेहड़ी में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ऑटो भी पलट गया। गंभीर रूप से घायल वृद्ध ने कानपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बंधुआ गांव के रहने वाले सोनपाल (65 वर्ष) पिछले 35 सालों से रेहड़ी पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह हर दिन की तरह मंगलवार को सुबह सब्जी लेने के लिए मंडी जा रहे थे।
मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास
सुबह के समय जब सोनपाल अपनी रेहड़ी लेकर मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेहड़ी के परखच्चे उड़ गए और ऑटो भी सड़क पर पलट गया।
कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई l हादसे में गंभीर रूप से घायल सोनपाल को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहर के ही एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे, रास्ते में सांसें थम गईं।
सोनपाल की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और तीन बेटे- मनोज, अर्पित और राहुल माथुर हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बेटों ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।