मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में आक्सीजन पाइपलाइन व मरीजों के पास घूमते दिखे
*जिलाधिकारी की फटकार के बाद जांच के आदेश

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज का आर्थो वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है यहां मरीजों और आक्सीजन पाइपलाइन के पास एक नहीं बल्कि पांच से अधिक बड़े बड़े चूहों के घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।वीडियो में कई चूहे खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों द्वारा बनाए गये इस वीडियो में पांच से अधिक चूहे आक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते उतरते दिख रहे हैं।

वे मरीजों के बिस्तर और पास रखी मेज पर भी घूमते हुए नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को फटकार लगाई है।उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने आर्थो वार्ड समेत सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव करवाया है।उन्होंने पूरे मामले के जांच के भी आदेश दिये हैं।यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मरीजों के परिजन खाना लेकर आते हैं,जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है।अलग अलग सभी वार्डों में इस घटना के बाद दवाओं का छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में न आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं।दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड में जितने भी चूहे दिखाई दे रहे थे वह गायब हो गये हैं।लेकिन यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया की 10वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में एडीओ महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह आयोजन सामूहिक चिंतन अनुभव साझा करने और भविष्य की दिशा तय करने का एक प्रभावी मंच बना।कार्यक्रम में यह रेखांकित किया गया कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा कोरांव क्षेत्र में ग्रामीण विकास आजीविका संवर्धन और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है।संस्था के प्रयासो से क्षेत्र में आजीविका के विविध अवसर विकसित हुए है जिससे महिलाओं और युवाओ को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

टीआरआई द्वारा महिला सशक्तिकरण पंचायत सशक्तिकरण कौशल विकास स्वरोज़गार किसान उत्पादक समूहों के गठन तथा समाज– सरकार–बाज़ार के समन्वय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले है।विशेष रूप से महिलाओ की आय में वृद्धि सामूहिक नेतृत्व का विकास और संस्थागत मजबूती इस पहल की प्रमुख उपलब्धियाँ रही है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दीर्घकालिक एवं समावेशी विकास के लिए समुदाय की सक्रिय सहभागिता और संस्थागत साझेदारी अत्यन्त आवश्यक है।उपस्थित जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं समुदाय के सदस्यो ने टीआरआई के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक सशक्त पंचायतो एवं आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

एस जयशंकर ने मार्को रुबियो से फोन पर की बात, क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल?

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नेताओं के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बात हुई है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई सहमति बन सकती है। ट्रेड के अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और स्वतंत्र और सबके लिए खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर भी बात की है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसके अलावे भी कई मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ महीनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत अटकी हुई थी। हाई इंपोर्ट ड्यूटी, मार्केट एक्सेस और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर मतभेद थे। लेकिन जयशंकर-रुबियो की इस बातचीत ने साफ कर दिया कि दोनों देश अब रुकने के मूड में नहीं हैं।

दोनों देशों ने पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर एकतरफा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद वार्ता रुक गई। इसके बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर अगस्त 2025 अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ दंड के तौर पर लगाया। इसके साथ ही भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दी गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है।

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला-2026 के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर लागू होगा एकल दिशा मूवमेन्ट प्लान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज जंक्शन पर माघ मेला -2026 के दौरान मुख्य स्नान पर्वो के एक दिन पूर्व से दो दिन बाद तक श्रद्धालुओ एवं यात्रियो की सुरक्षा और सुगमता से प्रवेश/निकासी के लिए पर एकल दिशा मूवमेन्ट लागू रहेगा।टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउण्टर एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी।क्रम स्नान पर्व स्नान का दिनांक प्रतिबन्ध अवधि

1.मकर संक्रांति:-15.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे) से 20.01.20 26 (24:00 बजे)तक

2.मौनी अमावस्या:-18.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे)से 20.01.20 26(24:00 बजे) तक

3.बसंत पंचमी:- 23.01.2026 22.01.2026 (00:00 बजे) से 25.01.20 26(24:00 बजे) तक

4.माघी पूर्णिमा:-01.02.20 26 31.01.2026 (00:00 बजे)से 03.02.20 26 (24:00 बजे) तक

5.महाशिवरात्रि:-15.02.20 26.14.02.2026 (00:00 बजे) से 17.02.2026 (24:00 बजे) तक

प्रयागराज जंक्शन:-प्रयागराज जंक्शन पर केवल लीडर रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं सिविल लाइन्स की ओर से निकासी की जाएगी।अनारक्षित यात्रियो को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

सूबेदारगंज स्टेशन:-सूबेदारगंज स्टेशन पर केवल झलवा रोड से प्रवेश (कौशाम्बी रोड)से दिया जाएगा एवं जी.टी. रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

प्रयागराज छिवकी जंक्शन:-

प्रयागराज छिवकी जंक्शन पर केवल सी.ओ.डी.रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं जी.ई.सी.रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

नैनी जंक्शन:-नैनी जंक्शन केवल स्टेशन रोड (प्लेटफॉर्म संख्या-1)की ओर से प्रवेश दिया जायेगा एवं द्वितीय प्रवेश द्वार (प्लेटफॉर्म सं0-4)की ओर से निकासी की जाएगी।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में आक्सीजन पाइपलाइन व मरीजों के पास घूमते दिखे
*जिलाधिकारी की फटकार के बाद जांच के आदेश

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज का आर्थो वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है यहां मरीजों और आक्सीजन पाइपलाइन के पास एक नहीं बल्कि पांच से अधिक बड़े बड़े चूहों के घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।वीडियो में कई चूहे खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों द्वारा बनाए गये इस वीडियो में पांच से अधिक चूहे आक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते उतरते दिख रहे हैं।

वे मरीजों के बिस्तर और पास रखी मेज पर भी घूमते हुए नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को फटकार लगाई है।उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने आर्थो वार्ड समेत सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव करवाया है।उन्होंने पूरे मामले के जांच के भी आदेश दिये हैं।यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मरीजों के परिजन खाना लेकर आते हैं,जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है।अलग अलग सभी वार्डों में इस घटना के बाद दवाओं का छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में न आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं।दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड में जितने भी चूहे दिखाई दे रहे थे वह गायब हो गये हैं।लेकिन यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया की 10वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में एडीओ महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह आयोजन सामूहिक चिंतन अनुभव साझा करने और भविष्य की दिशा तय करने का एक प्रभावी मंच बना।कार्यक्रम में यह रेखांकित किया गया कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा कोरांव क्षेत्र में ग्रामीण विकास आजीविका संवर्धन और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है।संस्था के प्रयासो से क्षेत्र में आजीविका के विविध अवसर विकसित हुए है जिससे महिलाओं और युवाओ को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

टीआरआई द्वारा महिला सशक्तिकरण पंचायत सशक्तिकरण कौशल विकास स्वरोज़गार किसान उत्पादक समूहों के गठन तथा समाज– सरकार–बाज़ार के समन्वय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले है।विशेष रूप से महिलाओ की आय में वृद्धि सामूहिक नेतृत्व का विकास और संस्थागत मजबूती इस पहल की प्रमुख उपलब्धियाँ रही है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दीर्घकालिक एवं समावेशी विकास के लिए समुदाय की सक्रिय सहभागिता और संस्थागत साझेदारी अत्यन्त आवश्यक है।उपस्थित जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं समुदाय के सदस्यो ने टीआरआई के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक सशक्त पंचायतो एवं आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

एस जयशंकर ने मार्को रुबियो से फोन पर की बात, क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल?

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नेताओं के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बात हुई है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई सहमति बन सकती है। ट्रेड के अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और स्वतंत्र और सबके लिए खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर भी बात की है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसके अलावे भी कई मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ महीनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत अटकी हुई थी। हाई इंपोर्ट ड्यूटी, मार्केट एक्सेस और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर मतभेद थे। लेकिन जयशंकर-रुबियो की इस बातचीत ने साफ कर दिया कि दोनों देश अब रुकने के मूड में नहीं हैं।

दोनों देशों ने पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर एकतरफा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद वार्ता रुक गई। इसके बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर अगस्त 2025 अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ दंड के तौर पर लगाया। इसके साथ ही भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दी गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है।

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला-2026 के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर लागू होगा एकल दिशा मूवमेन्ट प्लान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज जंक्शन पर माघ मेला -2026 के दौरान मुख्य स्नान पर्वो के एक दिन पूर्व से दो दिन बाद तक श्रद्धालुओ एवं यात्रियो की सुरक्षा और सुगमता से प्रवेश/निकासी के लिए पर एकल दिशा मूवमेन्ट लागू रहेगा।टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउण्टर एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी।क्रम स्नान पर्व स्नान का दिनांक प्रतिबन्ध अवधि

1.मकर संक्रांति:-15.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे) से 20.01.20 26 (24:00 बजे)तक

2.मौनी अमावस्या:-18.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे)से 20.01.20 26(24:00 बजे) तक

3.बसंत पंचमी:- 23.01.2026 22.01.2026 (00:00 बजे) से 25.01.20 26(24:00 बजे) तक

4.माघी पूर्णिमा:-01.02.20 26 31.01.2026 (00:00 बजे)से 03.02.20 26 (24:00 बजे) तक

5.महाशिवरात्रि:-15.02.20 26.14.02.2026 (00:00 बजे) से 17.02.2026 (24:00 बजे) तक

प्रयागराज जंक्शन:-प्रयागराज जंक्शन पर केवल लीडर रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं सिविल लाइन्स की ओर से निकासी की जाएगी।अनारक्षित यात्रियो को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

सूबेदारगंज स्टेशन:-सूबेदारगंज स्टेशन पर केवल झलवा रोड से प्रवेश (कौशाम्बी रोड)से दिया जाएगा एवं जी.टी. रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

प्रयागराज छिवकी जंक्शन:-

प्रयागराज छिवकी जंक्शन पर केवल सी.ओ.डी.रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं जी.ई.सी.रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

नैनी जंक्शन:-नैनी जंक्शन केवल स्टेशन रोड (प्लेटफॉर्म संख्या-1)की ओर से प्रवेश दिया जायेगा एवं द्वितीय प्रवेश द्वार (प्लेटफॉर्म सं0-4)की ओर से निकासी की जाएगी।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।