मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

परिवहन विभाग द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण निर्देश किया गया जारी


*शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था की गई लागू*

*गोण्डा 20 अप्रैल,2026*।
एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने अवगत कराया है कि जिन विद्यालयों एवं उनमें संचालित वाहनों को अभी तक upisvmp.com पोर्टल पर ऑनबोर्ड नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे विद्यालयों के वाहनों को चिन्हित कर सीज (जब्त) किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को अपने संस्थान तथा उसमें संचालित समस्त वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही, प्रत्येक वाहन चालक का पुलिस सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र भी अपलोड किया जाना आवश्यक है।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों के परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या जोखिम को रोका जा सके। बिना सत्यापन के संचालित वाहनों से दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे समाप्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे इस कार्य को अत्यंत प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। यदि किसी कारणवश अभी तक ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, तो उसे तत्काल प्रभाव से पूर्ण कराया जाए, अन्यथा संबंधित वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना है। अतः सभी संबंधित पक्ष सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने विद्यालय एवं वाहनों को शीघ्रातिशीघ्र पोर्टल पर ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें।
लखनऊ से नई दिल्ली के लिए समर स्पेशल ट्रेन का संचालन

आज से प्रत्येक सोमवार, बालामऊ जँ. स्टेशन पर ठहराव

रितेश मिश्रा

हरदोई: यात्रियों की बढ़ती भीड़ और गर्मी के मौसम को देखते हुए रेलवे ने लखनऊ-नई दिल्ली मार्ग पर स्पेशल ट्रेन के संचालन का फैसला लिया है। इससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और भीड़ का दबाव कम होगा।

रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 04203/04204 (लखनऊ–नई दिल्ली–लखनऊ एक्सप्रेस) का संचालन 20 अप्रैल 2026 से 13 जुलाई 2026 तक प्रत्येक सोमवार किया जाएगा। वापसी में ट्रेन 04204 नई दिल्ली से लखनऊ के लिए इसी अवधि में सोमवार को ही चलेगी। इस ट्रेन में एसी, स्लीपर और जनरल कोच उपलब्ध रहेंगे। समय सारिणी के अनुसार ट्रेन 04203 लखनऊ से सुबह 08:05 बजे रवाना होकर बालामऊ जंक्शन पर 09:03 बजे पहुंचेगी। इसके बाद शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ और गाजियाबाद होते हुए शाम 06:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन 04204 नई दिल्ली से शाम 06:35 बजे चलकर बालामऊ जंक्शन पर रात 03:58 बजे रुकते हुए लखनऊ पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव हरदोई रेलवे स्टेशन पर नहीं दिया गया है।

राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" का भव्य शुभारंभ

रितेश मिश्रा

हरदोई माधौगंज नगर में व्यापारिक विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कौशल किशोर एवं राम किशोर द्वारा स्थापित "राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" का भव्य शुभारंभ बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशु उपस्थित रहे। उन्होंने फीता काटकर शोरूम का विधिवत उद्घाटन किया और प्रतिष्ठान संचालकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि इस प्रकार के आधुनिक और सुविधाजनक शोरूम ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित करते हैं।

कार्यक्रम में रमेश वर्मा (ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, माधौगंज) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि "राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" जैसे प्रतिष्ठान क्षेत्र के लोगों को शहरों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराएंगे, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने संचालकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इसके अलावा केशन पाल राठौर (जिला पंचायत सदस्य), रजत पटेल, सचिन पटेल (प्रधान), सुधीर पटेल एवं रोहित शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी शोरूम का अवलोकन किया और प्रतिष्ठान के प्रबंधन एवं सुविधाओं की सराहना की। सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठान क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक सिद्ध होंगे।

शोरूम में परिवार की सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के परिधान, दैनिक उपयोग की वस्तुएं एवं आधुनिक फैशन से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। ग्राहकों को एक ही स्थान पर बेहतर गुणवत्ता और उचित मूल्य पर सामान उपलब्ध कराने का उद्देश्य इस प्रतिष्ठान की खासियत बताया गया।

उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय नागरिकों में भी काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने शोरूम का भ्रमण किया और नए प्रतिष्ठान के प्रति अपनी खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

"राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" के शुभारंभ से माधौगंज नगर में व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह प्रतिष्ठान क्षेत्र के लोगों के लिए सुविधाजनक खरीदारी का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

पश्चिम एशिया संकट का असर : हीलियम, एल्युमीनियम से लेकर मेडिकल उपकरण पर भी असर
अमरेश द्विवेदी

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को शांत करने के लिए किए जा रहे सीजफायर प्रयासों में अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे “स्टैंडस्टिल” यानी ठहराव की स्थिति बता रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यस्थ देशों (जैसे पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र) की कोशिशों से अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और रणनीतिक समुद्री रास्ते (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने की बात शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इससे पहले कई छोटे और अस्थायी सीजफायर प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल दीर्घकालिक और ठोस समझौते पर ही बात करेगा।
इस संघर्ष का असर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस बाजार पहले ही प्रभावित हैं, लेकिन अब इसका असर कई महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों पर भी पड़ने लगा है।
ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर हीलियम की आपूर्ति पर देखा जा रहा है।
कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में से एक है, ने कुछ औद्योगिक घटनाओं और हमलों के बाद उत्पादन में अस्थायी रोक की घोषणा की है। इससे वैश्विक हीलियम सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हीलियम प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक महत्वपूर्ण बाय-प्रोडक्ट है और इसका उपयोग कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है, जैसे - सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, मेडिकल उपकरण (एमआरआई मशीन), स्पेस टेक्नोलॉजी और रॉकेट लॉन्चिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स कूलिंग सिस्टम आदि।
विशेषज्ञों का मानना है कि हीलियम की कमी से चिप निर्माण उद्योग प्रभावित हो सकता है, जिससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की प्रगति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा एल्युमीनियम सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों का वैश्विक एल्युमीनियम उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है और किसी भी प्रकार की रुकावट से इसकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एल्युमीनियम का उपयोग बड़े पैमाने पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में होता है। सप्लाई बाधित होने से इन सभी क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस आपूर्ति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। गैसोलीन और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकता है।
सेमीकंडक्टर और एआई इंडस्ट्री पहले से ही सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है। हीलियम और अन्य दुर्लभ गैसों की कमी से चिप निर्माण की गति धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर स्मार्टफोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो कई कंपनियों को अपने उत्पादन लक्ष्य में देरी करनी पड़ सकती है।
हीलियम की कमी का असर मेडिकल सेक्टर पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एमआरआई मशीनों और अन्य हाई-टेक मेडिकल उपकरणों में इसका उपयोग जरूरी होता है। इसके अलावा स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट फ्यूल टैंक की सफाई और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में भी हीलियम का उपयोग होता है।
स्पेस कंपनियों के बढ़ते लॉन्च कार्यक्रमों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कमी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में यह तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को गहराई से प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि कई कंपनियां पहले से ही संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि को देखते हुए अपने प्रोडक्शन प्लान में बदलाव कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अब तक दूर नहीं हो पाए हैं। इस बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, हीलियम, एल्युमीनियम और हाई-टेक उद्योगों पर असर बढ़ने की आशंका है।
स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जाएगा।
ताजा आटा अब हर दिन घर में: सॉफ्टेल की नई घरघंटी से पारंपरिक स्वाद की वापसी
अहमदाबाद/नई दिल्ली। आधुनिक रसोई की तेज़ रफ्तार में जहां सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं ताज़ा पिसे आटे और मसालों की पारंपरिक खुशबू कहीं पीछे छूटती जा रही है। इसी अंतर को भरने के लिए सॉफ्टेल (SOFTEL) ने घरेलू उपयोग के लिए अपनी नई कॉम्पैक्ट घरघंटी पेश की है, जो परंपरा और तकनीक का संतुलित संगम है। 
35 वर्षों से अधिक के निर्माण अनुभव के साथ सॉफ्टेल का दावा है कि उसकी यह नई मशीन घरों में ताज़ा पीसने की पुरानी परंपरा को फिर से आसान और सुलभ बनाएगी। यह घरघंटी आकार में कॉम्पैक्ट है, जिससे इसे रसोई के प्लेटफॉर्म पर आसानी से रखा जा सकता है, और इसकी क्षमता इतनी है कि यह अनाज, बाजरा और मसालों को सहजता से पीस सकती है। 
इस मशीन की खासियत इसका पत्थर-आधारित ग्राइंडिंग सिस्टम है, जो खाद्य पदार्थों के प्राकृतिक स्वाद, बनावट और पोषण को बनाए रखने में मदद करता है। कंपनी के अनुसार, यह घरघंटी प्रति घंटे 7.5 से 10 किलोग्राम तक पीसने की क्षमता रखती है और इसकी ऊर्जा खपत भी मात्र एक यूनिट प्रति घंटे है, जिससे यह रोज़ाना उपयोग के लिए किफायती विकल्प बनती है। 
उपभोक्ताओं की विभिन्न ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए सॉफ्टेल ने इसे तीन मॉडलों—फुली ऑटोमैटिक, सेमी ऑटोमैटिक और मैनुअल—में उपलब्ध कराया है, ताकि हर घर अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुन सके। 
सॉफ्टेल के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार जैन ने कहा, “ताज़ा भोजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की नींव है। घर में रोज़ ताज़ा पीसना शुद्धता और पोषण को बनाए रखने का सबसे सरल तरीका है।”
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
आजमगढ़:-सुदनीपुर विद्युत उपकेंद्र को नई सुविधा, अब मोबाइल से दर्ज होंगी शिकायतें

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील मुख्यालय सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र को उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई सौगात मिली है। अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी गर्मी को देखते हुए उपकेंद को एक नया मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है, जिससे उपभोक्ता अब अपनी शिकायतें सीधे मोबाइल के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार “उपभोक्ता देवो भव” की भावना के तहत यह पहल की गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपकेंद्र तक बार-बार न आना पड़े। शिकायत दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता को अपना खाता संख्या और मोबाइल नंबर बताना अनिवार्य होगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर बिजली के तार टूटने या अन्य आपात समस्याओं की सूचना देने के लिए उपभोक्ता मोबाइल नंबर 7307562579 पर संपर्क कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को त्वरित सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए यह कदम काफी राहत भरा साबित होगा।
ऑपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी 2,00000/- रूपये कराए गए वापस

पैसे वापस मिलने पर पीड़िता के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ित ने गोण्डा पुलिस को किया धन्यवाद


जनपद गोण्डा में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के मार्गदर्शन में थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़िता की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 2,00000/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण-
आवेदिका श्रीमती पूजा पाण्डेय द्वारा थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क में साइबर फ्रॉड गयी उनकी 2,00000/- रू0 की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसपर थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वाराजनपदीय साइबर सेल टीम की मदद से  कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक से ईमेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां एकत्रित कर नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 2,00000/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस
ग्राम हरहटा में सड़क और नाली की बदहाल स्थिति से ग्रामीण परेशान
बलरामपुर। तहसील तुलसीपुर क्षेत्र के थाना गौरा चौराहा अंतर्गत ग्राम सभा हरहटा में सड़क और नाली की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन कोई न कोई वाहन सड़क में फंस जाता है, जिसे ट्रैक्टर की मदद से निकालना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क और जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। हाल ही में एक व्यक्ति रात के समय फिसलकर गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया। इस घटना से गांव में भय और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है और केवल कागजों पर ही खर्च दिखाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय को प्रार्थना पत्र भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
वहीं, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह के इस मौसम में लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क और नाली की मरम्मत कराई जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो।
मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

परिवहन विभाग द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण निर्देश किया गया जारी


*शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था की गई लागू*

*गोण्डा 20 अप्रैल,2026*।
एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने अवगत कराया है कि जिन विद्यालयों एवं उनमें संचालित वाहनों को अभी तक upisvmp.com पोर्टल पर ऑनबोर्ड नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे विद्यालयों के वाहनों को चिन्हित कर सीज (जब्त) किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को अपने संस्थान तथा उसमें संचालित समस्त वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही, प्रत्येक वाहन चालक का पुलिस सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र भी अपलोड किया जाना आवश्यक है।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों के परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या जोखिम को रोका जा सके। बिना सत्यापन के संचालित वाहनों से दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे समाप्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे इस कार्य को अत्यंत प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। यदि किसी कारणवश अभी तक ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, तो उसे तत्काल प्रभाव से पूर्ण कराया जाए, अन्यथा संबंधित वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना है। अतः सभी संबंधित पक्ष सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने विद्यालय एवं वाहनों को शीघ्रातिशीघ्र पोर्टल पर ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें।
लखनऊ से नई दिल्ली के लिए समर स्पेशल ट्रेन का संचालन

आज से प्रत्येक सोमवार, बालामऊ जँ. स्टेशन पर ठहराव

रितेश मिश्रा

हरदोई: यात्रियों की बढ़ती भीड़ और गर्मी के मौसम को देखते हुए रेलवे ने लखनऊ-नई दिल्ली मार्ग पर स्पेशल ट्रेन के संचालन का फैसला लिया है। इससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और भीड़ का दबाव कम होगा।

रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 04203/04204 (लखनऊ–नई दिल्ली–लखनऊ एक्सप्रेस) का संचालन 20 अप्रैल 2026 से 13 जुलाई 2026 तक प्रत्येक सोमवार किया जाएगा। वापसी में ट्रेन 04204 नई दिल्ली से लखनऊ के लिए इसी अवधि में सोमवार को ही चलेगी। इस ट्रेन में एसी, स्लीपर और जनरल कोच उपलब्ध रहेंगे। समय सारिणी के अनुसार ट्रेन 04203 लखनऊ से सुबह 08:05 बजे रवाना होकर बालामऊ जंक्शन पर 09:03 बजे पहुंचेगी। इसके बाद शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ और गाजियाबाद होते हुए शाम 06:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन 04204 नई दिल्ली से शाम 06:35 बजे चलकर बालामऊ जंक्शन पर रात 03:58 बजे रुकते हुए लखनऊ पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव हरदोई रेलवे स्टेशन पर नहीं दिया गया है।

राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" का भव्य शुभारंभ

रितेश मिश्रा

हरदोई माधौगंज नगर में व्यापारिक विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कौशल किशोर एवं राम किशोर द्वारा स्थापित "राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" का भव्य शुभारंभ बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशु उपस्थित रहे। उन्होंने फीता काटकर शोरूम का विधिवत उद्घाटन किया और प्रतिष्ठान संचालकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि इस प्रकार के आधुनिक और सुविधाजनक शोरूम ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित करते हैं।

कार्यक्रम में रमेश वर्मा (ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, माधौगंज) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि "राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" जैसे प्रतिष्ठान क्षेत्र के लोगों को शहरों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराएंगे, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने संचालकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इसके अलावा केशन पाल राठौर (जिला पंचायत सदस्य), रजत पटेल, सचिन पटेल (प्रधान), सुधीर पटेल एवं रोहित शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी शोरूम का अवलोकन किया और प्रतिष्ठान के प्रबंधन एवं सुविधाओं की सराहना की। सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठान क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक सिद्ध होंगे।

शोरूम में परिवार की सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के परिधान, दैनिक उपयोग की वस्तुएं एवं आधुनिक फैशन से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। ग्राहकों को एक ही स्थान पर बेहतर गुणवत्ता और उचित मूल्य पर सामान उपलब्ध कराने का उद्देश्य इस प्रतिष्ठान की खासियत बताया गया।

उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय नागरिकों में भी काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने शोरूम का भ्रमण किया और नए प्रतिष्ठान के प्रति अपनी खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

"राजमहल कम्प्लीट फैमिली शोरूम" के शुभारंभ से माधौगंज नगर में व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह प्रतिष्ठान क्षेत्र के लोगों के लिए सुविधाजनक खरीदारी का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

पश्चिम एशिया संकट का असर : हीलियम, एल्युमीनियम से लेकर मेडिकल उपकरण पर भी असर
अमरेश द्विवेदी

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को शांत करने के लिए किए जा रहे सीजफायर प्रयासों में अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे “स्टैंडस्टिल” यानी ठहराव की स्थिति बता रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यस्थ देशों (जैसे पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र) की कोशिशों से अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और रणनीतिक समुद्री रास्ते (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने की बात शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इससे पहले कई छोटे और अस्थायी सीजफायर प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल दीर्घकालिक और ठोस समझौते पर ही बात करेगा।
इस संघर्ष का असर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस बाजार पहले ही प्रभावित हैं, लेकिन अब इसका असर कई महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों पर भी पड़ने लगा है।
ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर हीलियम की आपूर्ति पर देखा जा रहा है।
कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में से एक है, ने कुछ औद्योगिक घटनाओं और हमलों के बाद उत्पादन में अस्थायी रोक की घोषणा की है। इससे वैश्विक हीलियम सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हीलियम प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक महत्वपूर्ण बाय-प्रोडक्ट है और इसका उपयोग कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है, जैसे - सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, मेडिकल उपकरण (एमआरआई मशीन), स्पेस टेक्नोलॉजी और रॉकेट लॉन्चिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स कूलिंग सिस्टम आदि।
विशेषज्ञों का मानना है कि हीलियम की कमी से चिप निर्माण उद्योग प्रभावित हो सकता है, जिससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की प्रगति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा एल्युमीनियम सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों का वैश्विक एल्युमीनियम उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है और किसी भी प्रकार की रुकावट से इसकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एल्युमीनियम का उपयोग बड़े पैमाने पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में होता है। सप्लाई बाधित होने से इन सभी क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस आपूर्ति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। गैसोलीन और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकता है।
सेमीकंडक्टर और एआई इंडस्ट्री पहले से ही सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है। हीलियम और अन्य दुर्लभ गैसों की कमी से चिप निर्माण की गति धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर स्मार्टफोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो कई कंपनियों को अपने उत्पादन लक्ष्य में देरी करनी पड़ सकती है।
हीलियम की कमी का असर मेडिकल सेक्टर पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एमआरआई मशीनों और अन्य हाई-टेक मेडिकल उपकरणों में इसका उपयोग जरूरी होता है। इसके अलावा स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट फ्यूल टैंक की सफाई और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में भी हीलियम का उपयोग होता है।
स्पेस कंपनियों के बढ़ते लॉन्च कार्यक्रमों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कमी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में यह तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को गहराई से प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि कई कंपनियां पहले से ही संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि को देखते हुए अपने प्रोडक्शन प्लान में बदलाव कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अब तक दूर नहीं हो पाए हैं। इस बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, हीलियम, एल्युमीनियम और हाई-टेक उद्योगों पर असर बढ़ने की आशंका है।
स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जाएगा।
ताजा आटा अब हर दिन घर में: सॉफ्टेल की नई घरघंटी से पारंपरिक स्वाद की वापसी
अहमदाबाद/नई दिल्ली। आधुनिक रसोई की तेज़ रफ्तार में जहां सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं ताज़ा पिसे आटे और मसालों की पारंपरिक खुशबू कहीं पीछे छूटती जा रही है। इसी अंतर को भरने के लिए सॉफ्टेल (SOFTEL) ने घरेलू उपयोग के लिए अपनी नई कॉम्पैक्ट घरघंटी पेश की है, जो परंपरा और तकनीक का संतुलित संगम है। 
35 वर्षों से अधिक के निर्माण अनुभव के साथ सॉफ्टेल का दावा है कि उसकी यह नई मशीन घरों में ताज़ा पीसने की पुरानी परंपरा को फिर से आसान और सुलभ बनाएगी। यह घरघंटी आकार में कॉम्पैक्ट है, जिससे इसे रसोई के प्लेटफॉर्म पर आसानी से रखा जा सकता है, और इसकी क्षमता इतनी है कि यह अनाज, बाजरा और मसालों को सहजता से पीस सकती है। 
इस मशीन की खासियत इसका पत्थर-आधारित ग्राइंडिंग सिस्टम है, जो खाद्य पदार्थों के प्राकृतिक स्वाद, बनावट और पोषण को बनाए रखने में मदद करता है। कंपनी के अनुसार, यह घरघंटी प्रति घंटे 7.5 से 10 किलोग्राम तक पीसने की क्षमता रखती है और इसकी ऊर्जा खपत भी मात्र एक यूनिट प्रति घंटे है, जिससे यह रोज़ाना उपयोग के लिए किफायती विकल्प बनती है। 
उपभोक्ताओं की विभिन्न ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए सॉफ्टेल ने इसे तीन मॉडलों—फुली ऑटोमैटिक, सेमी ऑटोमैटिक और मैनुअल—में उपलब्ध कराया है, ताकि हर घर अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुन सके। 
सॉफ्टेल के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार जैन ने कहा, “ताज़ा भोजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की नींव है। घर में रोज़ ताज़ा पीसना शुद्धता और पोषण को बनाए रखने का सबसे सरल तरीका है।”
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
आजमगढ़:-सुदनीपुर विद्युत उपकेंद्र को नई सुविधा, अब मोबाइल से दर्ज होंगी शिकायतें

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील मुख्यालय सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र को उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई सौगात मिली है। अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी गर्मी को देखते हुए उपकेंद को एक नया मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है, जिससे उपभोक्ता अब अपनी शिकायतें सीधे मोबाइल के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार “उपभोक्ता देवो भव” की भावना के तहत यह पहल की गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपकेंद्र तक बार-बार न आना पड़े। शिकायत दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता को अपना खाता संख्या और मोबाइल नंबर बताना अनिवार्य होगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर बिजली के तार टूटने या अन्य आपात समस्याओं की सूचना देने के लिए उपभोक्ता मोबाइल नंबर 7307562579 पर संपर्क कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को त्वरित सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए यह कदम काफी राहत भरा साबित होगा।
ऑपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी 2,00000/- रूपये कराए गए वापस

पैसे वापस मिलने पर पीड़िता के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ित ने गोण्डा पुलिस को किया धन्यवाद


जनपद गोण्डा में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के मार्गदर्शन में थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़िता की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 2,00000/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण-
आवेदिका श्रीमती पूजा पाण्डेय द्वारा थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क में साइबर फ्रॉड गयी उनकी 2,00000/- रू0 की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसपर थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वाराजनपदीय साइबर सेल टीम की मदद से  कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक से ईमेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां एकत्रित कर नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 2,00000/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस
ग्राम हरहटा में सड़क और नाली की बदहाल स्थिति से ग्रामीण परेशान
बलरामपुर। तहसील तुलसीपुर क्षेत्र के थाना गौरा चौराहा अंतर्गत ग्राम सभा हरहटा में सड़क और नाली की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन कोई न कोई वाहन सड़क में फंस जाता है, जिसे ट्रैक्टर की मदद से निकालना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क और जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। हाल ही में एक व्यक्ति रात के समय फिसलकर गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया। इस घटना से गांव में भय और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है और केवल कागजों पर ही खर्च दिखाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय को प्रार्थना पत्र भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
वहीं, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह के इस मौसम में लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क और नाली की मरम्मत कराई जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो।