संजय सेतु मरम्मत से पहले बनेगा अस्थाई पीपे का पुल,प्रयागराज से मंगाए जा रहे पीपे के पुल
*एनएचएआई ने एक माह तो पीडब्ल्यूडी ने मांगा डेढ़ माह का समय

गोंडा।गोंडा से लखनऊ को जोड़ने वाले संजय सेतु के मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है,शासन ने संजय सेतु के मरम्मत से पहले यहाँ एक अस्थाई पीपा पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है।इस पीपा पुल का निर्माण 8.26 करोड़ के स्थान पर अब 6.28 करोड़ की लागत से किया जाएगा।अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रयागराज से पीपा पुल लाने के सख्त निर्देश दिए गये हैं।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पीपा पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय मांगा है जबकि लोक निर्माण विभाग ने कार्य पूरा करने के लिए डेढ़ महीने का समय मांगा है।संजय सेतु की मरम्मत पीपा पुल के निर्माण के बिना शुरू नहीं होगा।बीते दिनों बलरामपुर,गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती,बाराबंकी और अयोध्या के जनप्रतिनिधियों ने  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पीपा पुल बनाने की मांग किया था।यह पुल काफी पुराना है और संजय गांधी के नाम पर संजय सेतु या घाघरा पुल के नाम से जाना जाता है।इसके जर्जर होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद भारत सरकार ने इसकी मरम्मत को मंजूरी दिया है।पुल के मरम्मत का काम शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्ग बनाए जाएंगे ताकि लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद आखिरकार शासन द्वारा मंजूरी मिल गई है।उन्होंने कहा कि हमने लोक निर्माण विभाग को इस पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय दिया है परन्तु उनके द्वारा डेढ़ महीने का समय मांगा जा रहा है।मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले यहाँ पर एक अस्थाई पीपा पुल बनाया जाएगा,जिसकी प्रक्रिया हमने शुरू कर दिया है और प्रयागराज से पीपा पुल मंगाए जा रहे हैं।
जहानाबाद में समावेशी शिक्षा के सशक्तिकरण हेतु दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
जहानाबाद: बिहार शिक्षा परियोजना, जहानाबाद के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जहानाबाद परिसर में समावेशी शिक्षा संभाग के अंतर्गत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी, जहानाबाद, सरस्वती कुमारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया। अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। यह प्रमंडल स्तरीय प्रशिक्षण शिविर मगध एवं सारण प्रमंडल के विभिन्न संसाधन केंद्रों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में कार्यरत लगभग 36 हेल्पर एवं आयाओं के लिए आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की बेहतर देखभाल, सहयोग और मार्गदर्शन हेतु प्रतिभागियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और संवेदनशील दृष्टिकोण प्रदान करना है।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी सरस्वती कुमारी ने कहा कि दिव्यांगजन समाज के अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग हैं। उनके प्रति हमारा व्यवहार केवल औपचारिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें सहानुभूति, सम्मान और अपनत्व का भाव भी झलकना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ सकारात्मक और स्नेहपूर्ण व्यवहार उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को दिव्यांगता के विभिन्न प्रकार, उससे जुड़ी चुनौतियां और उनके प्रभावी समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।यह पहल समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 बरी, फैसला आते ही भावुक हुए आप संयोजक

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दिल्‍ली शराब घोटाला मामले में बड़ी खबर है। शराब घोटाला मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है। राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।

अदालत ने कहा- आरोप पत्र में कई कमियां

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से समर्थित नहीं हैं।

कोर्ट की सीबीआई जांच पर कड़ी टिप्पणी

अदालत ने सीबीआई की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को बिना ठोस सामग्री के मामले में आरोपित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। साथ ही और किसी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया।

केजरीवाल ने कहा-मैं भ्रष्ट नहीं हूं

राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े। इस दौरान साथ उनके खड़े मनीष सिसोदिया उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाते रहे। काफी देर बाद अरविंद केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा, ‘मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने भी कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमने हमेशा कहा कि सत्य ही जीतता है। हमें भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है’।

सिसोदिया ने कहा- सत्य की जीत

वहीं, बरी होने पर मनीष सिसोदिया ने भी इसे सत्य की जीत बताया। सिसोदिया ने कहा, ‘सत्यमेव जयते, एक बार फिर मुझे बाबा साहब अंबेडकर की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर गर्व हो रहा है। मोदी जी, उनकी पूरी पार्टी और उनकी एजेंसियों के द्वारा हमें बेईमान साबित करने के लिए पूरा जोर लगाने के बावजूद आज यह साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’

क्या था पूरा मामला

पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्‍ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्‍ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। बीजेपी ने आरोप लगाए थे कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्‍यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज की, जिसमें कई गिरफ्तारी भी हुई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।

अकबाल बहादुर तिवारी को एक बार फिर मिली जिले में भाजपा की कमान
*पहले भी दो बार रह चुके हैं जिलाध्यक्ष

गोंडा।जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता अकबाल बहादुर तिवारी को तीसरी बार जिले में भाजपा की कमान सौंपी गई है।जिले के बेलसर विकास खंड अंतर्गत परसदा गांव निवासी श्री तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने श्री तिवारी को गोंडा भाजपा का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है।बताते चलें कि अकबाल बहादुर तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पुराने पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैं।वे पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक पार्टी का जिलाध्यक्ष रहे और वर्ष 2013 से 2015 तक दूसरी बार भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभाला।वह बेलसर ब्लॉक से भाजपा के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं।वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छ: वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।उन पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने का आरोप था।हालांकि निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया और उन्हें पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया था।जिले में भाजपा संगठन पिछले आठ महीने से भी अधिक समय से अध्यक्ष विहीन चल रहा था,जिसके कारण संगठनात्मक कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही थीं।तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप बमबम को जिलाध्यक्ष पद से बर्खास्त करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।जिसके लगभग 8 महीने 15 दिन बाद अब गोंडा भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिला है।अकबाल बहादुर तिवारी की नियुक्ति से पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी ने पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी ने हमें एक बार पुनः काम करने का मौका दिया है और पार्टी नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी उनका निर्वहन किया जाएगा तथा पंचायत चुनाव को लेकर हम लोग अभी से तैयारी प्रारंभ देंगे क्योंकि अब पंचायत चुनाव को अधिक समय नहीं है।
भोर का सन्नाटा टूटा: कानपुर-सागर हाईवे पर सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौत, दो परिवारों के बच्चे अनाथ
लखनऊ /महोबा। भोर के तीन बजे कानपुर-सागर हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने इलाके को हिलाकर रख दिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि सड़क पर धूल का गुबार उठ गया और जैसे ही धूल छटी, खून से लथपथ तीन महिलाएं बिखरी पड़ी मिलीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद जोरदार आवाज सुनाई दी और मौके पर पहुंचने पर एक महिला कराहते हुए कह रही थी, “हम तो मर गए।” इस मंजर ने राहगीरों का कलेजा भी कांपने पर मजबूर कर दिया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुँची, तो चैन की नींद सो रहे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया। जो महिलाएं परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत कर रही थीं, उनका अब इस दुनिया में होना संभव नहीं रहा।

दो परिवारों की खुशियां अब दुख में बदल गईं

हादसे में जान गंवाने वाली भगवती और गीता पहले ही अपने पतियों को खो चुकी थीं। भगवती के पति फूलचंद्र और गीता के पति बालकिशन की मौत सड़क दुर्घटना में पहले ही हो चुकी थी।दोनों महिलाएं वैवाहिक समारोहों में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। अब उनके बच्चों के सामने मां का सहारा भी उठ गया।
भगवती के दो बेटे: रविंद्र और रवि
गीता की दो बेटियां और एक बेटा: बंटी
पिता के जाने के बाद मां का अचानक चले जाना बच्चों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। बच्चे अब पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं और रिश्तेदार, पड़ोसी उनकी चिंता में डूबे हुए हैं।

हादसे का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद सड़क पर टमाटर भी बिखरे मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पिकअप टमाटर लदी हुई थी। पिकअप का बाईं ओर का हिस्सा दुर्घटना में टूटा हुआ पाया गया। पुलिस ने इसे जब्त कर चालक और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।हाईवे पर खून से लथपथ महिलाओं को देख राहगीरों की समझ नहीं आई कि कैसे मदद करें। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चीख-पुकार

हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चों और रिश्तेदारों की चीखें गूंज रही थीं। बच्चे अपने माताओं को देखकर पहली बार समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनकी मां अब उनके साथ नहीं हैं। उन्हें संभालने के लिए परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे, लेकिन बच्चों की आंतरिक पीड़ा को कोई भी पूरी तरह से नहीं समझ सका।गीता के जेठ, अधिवक्ता बलदेव प्रसाद ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले उनके छोटे भाई बालकिशन की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। अब गीता भी उसी तरह सड़क हादसे का शिकार हो गईं।

दो परिवारों के बच्चों के भविष्य पर सवाल

हादसे ने केवल जीवन की क्षति नहीं दी, बल्कि दो परिवारों के बच्चों के भविष्य को भी अनिश्चित कर दिया। पिता के बाद मां का सहारा भी उठ जाने से बच्चों की दुनिया उजड़ गई है। हादसे में जीवन का स्थिर आधार खोने के बाद बच्चे अब अनाथ हो गए हैं और उनका पालन-पोषण किस तरह होगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को खारिज, जताई गिरफ्तारी और हत्या की आशंका

लखनऊ । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदार घाट, उत्तर प्रदेश स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया जो उनके खिलाफ लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल में जहर की सुई देकर मार सकती है।

अग्रिम जमानत पर फैसले की बात

लखनऊ/ वाराणसी शंकराचार्य ने बताया कि वे स्वयं अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन आश्रम से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। उन्होंने बताया, “एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति झूठी कहानी गढ़कर इसे लोगों के सामने रख देता है और इसी आधार पर पूरे मामले को आगे बढ़ाया जाता है।”

जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जांच टीम अपना काम कर रही है, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया, “यदि जांच टीम की रिपोर्ट एक हिस्ट्रीशीटर सार्वजनिक कर रहा है, तो पुलिस क्या कर रही है?” उन्होंने यह भी कहा कि कानूनन पॉक्सो एक्ट से जुड़ी रिपोर्ट सामान्यतः सार्वजनिक नहीं की जाती।

आश्रम की पारदर्शिता और सुरक्षा

मठ के ‘शीश महल’ और पांच मंजिला भवन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वस्तु छिपाई नहीं गई है। स्वामी के अनुसार, शीशा लगा होना बुराई नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आश्रम को ऊपर तक देखना चाहता है, तो बिना कैमरे के पूरा परिसर देखने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन छात्र और निवासियों की सुरक्षा के लिए कैमरे के साथ प्रवेश की अनुमति सीमित रखी गई है।

आरोपों को पीछे का ध्यान भटकाने वाला मामला बताया

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि देश के कानून, न्यायपालिका और सरकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल मामले में देश के कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं और उनकी बदनामी कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि आश्रम और उसके परिसर में कोई छिपा हुआ नहीं है और पूरी स्थिति पारदर्शिता और सुरक्षा के दायरे में रखी जा रही है।
लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने पिता को मारी गोली, फिल्म देखकर किए शव के टुकड़े
लखनऊ । राजधानी के आशियाना इलाके में पैथोलॉजी संचालक व शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में उनके बेटे अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए फिल्म और यूट्यूब वीडियो से तरीका सीखा था।

फिल्म ‘वध’ से मिला आइडिया

सूत्रों के मुताबिक अक्षत ने वध फिल्म देखी थी, जिसमें आरी से शव काटकर ठिकाने लगाने का दृश्य था। इसी तरीके को अपनाने की उसने योजना बनाई। पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया, लेकिन उससे शव काटने में सफल नहीं हुआ। बाद में वह घर से निकलकर दो आरी खरीद लाया और शव के टुकड़े कर दिए।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने यूट्यूब पर भी शव को ठिकाने लगाने से जुड़े वीडियो देखे थे।

बहन से कहा – “तुम परेशान मत हो”

हत्या के बाद अक्षत ने अपनी छोटी बहन कृति से कहा कि वह घबराए नहीं, वह सब संभाल लेगा। सूत्रों के अनुसार कृति गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक तनाव और पिता के प्रति नफरत इस जघन्य अपराध की बड़ी वजह हो सकती है।पुलिस अब मानवेंद्र और अक्षत की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले और बाद में आरोपी ने किन लोगों से संपर्क किया। वारदात के समय घर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं इस अपराध में किसी और की भूमिका तो नहीं थी।

परिवार ने साधी चुप्पी,जेल में बेचैन रहा आरोपी

मानवेंद्र के पिता ने पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। वहीं, अक्षत की मां की मौत को लेकर परिजनों ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए बीमारी से निधन होना बताया है। कॉलोनी में अब भी सन्नाटा पसरा है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।गिरफ्तारी के बाद अक्षत को जेल भेज दिया गया। बुधवार रात वह सो नहीं सका और पूरी रात बड़बड़ाता रहा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं और काउंसिलिंग भी की जा रही है।जेल प्रशासन के अनुसार आरोपी ने बताया कि पहले उसके पिता ने उसे पीटा था, जिसके बाद उसने गुस्से में गोली मार दी। रातभर वह दीवार से टिककर बैठा रहा और कई बार रोते हुए पछतावा भी जताया।इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और मानसिक तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
रिंकू सिंह के पिता का निधन, स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे

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भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। खानचंद को लीवर कैंसर था और वह चौथे स्टेज में पहुंच चुका था। टी20 वर्ल्ड कप के बीच रिंकू सिंह के सिर से पिता का साया उठ गया।

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रिंकू सिंह के पिता ने आज सुबह अस्पताल में आखिरी सांस ली। रिंकू सिंह के पिता का नाम खानचंद्र सिंह था। उन्हें कैंसर की बीमारी थी। वह स्टेज 4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। हाल ही में उनकी तबीयत काफी खराब हो गई जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में उनका इलाजा चल रहा था।

पिता से मिलने गए थे रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले रिंकू सिंह ने ब्रेक लिया था। पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने आए थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले दोबारा टीम के साथ जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर के बाद वो तुरंत वापस लौटे हैं।

सिलिंडर वितरण कर बेटे का सपना पूरा किया

रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक गैस एजेंसी में काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में सहयोग किया। रिंकू की कामयाबी के बाद भी उन्होंने यह काम नहीं छोड़ा। रिंकू ने खुद शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

बहसूमा : घर में घुसकर मारपीट व अभद्रता का आरोप, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर
मेरठ।बहसुमा। जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र में एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना बहसूमा में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता  अनीता पत्नी बालकिशन, निवासी सदरपुर कस्बा बहसूमा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थी। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग पुरानी रंजिश के चलते उसके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपी जबरन घर में घुस आए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके परिवार के सदस्यों को भी धक्का-मुक्की कर घायल कर दिया तथा घर का सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लाठी डंडों से दरवाजा तोड़ दिया और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
महिला ने बताया कि घटना से उसका परिवार भयभीत है और आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने 112 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह  का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।
जिला प्रशासन की पहल पर रक्तदान शिविर का आयोजन, 28 यूनिट रक्त संग्रहित

पायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार गुरुवार को समाहरणालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया।

आयोजित शिविर में कुल 28 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान एक पुनीत एवं मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो।

उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। अतः सभी नागरिक इस मानवीय अभियान का हिस्सा बनें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

संजय सेतु मरम्मत से पहले बनेगा अस्थाई पीपे का पुल,प्रयागराज से मंगाए जा रहे पीपे के पुल
*एनएचएआई ने एक माह तो पीडब्ल्यूडी ने मांगा डेढ़ माह का समय

गोंडा।गोंडा से लखनऊ को जोड़ने वाले संजय सेतु के मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है,शासन ने संजय सेतु के मरम्मत से पहले यहाँ एक अस्थाई पीपा पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है।इस पीपा पुल का निर्माण 8.26 करोड़ के स्थान पर अब 6.28 करोड़ की लागत से किया जाएगा।अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रयागराज से पीपा पुल लाने के सख्त निर्देश दिए गये हैं।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पीपा पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय मांगा है जबकि लोक निर्माण विभाग ने कार्य पूरा करने के लिए डेढ़ महीने का समय मांगा है।संजय सेतु की मरम्मत पीपा पुल के निर्माण के बिना शुरू नहीं होगा।बीते दिनों बलरामपुर,गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती,बाराबंकी और अयोध्या के जनप्रतिनिधियों ने  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पीपा पुल बनाने की मांग किया था।यह पुल काफी पुराना है और संजय गांधी के नाम पर संजय सेतु या घाघरा पुल के नाम से जाना जाता है।इसके जर्जर होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद भारत सरकार ने इसकी मरम्मत को मंजूरी दिया है।पुल के मरम्मत का काम शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्ग बनाए जाएंगे ताकि लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद आखिरकार शासन द्वारा मंजूरी मिल गई है।उन्होंने कहा कि हमने लोक निर्माण विभाग को इस पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय दिया है परन्तु उनके द्वारा डेढ़ महीने का समय मांगा जा रहा है।मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले यहाँ पर एक अस्थाई पीपा पुल बनाया जाएगा,जिसकी प्रक्रिया हमने शुरू कर दिया है और प्रयागराज से पीपा पुल मंगाए जा रहे हैं।
जहानाबाद में समावेशी शिक्षा के सशक्तिकरण हेतु दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
जहानाबाद: बिहार शिक्षा परियोजना, जहानाबाद के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जहानाबाद परिसर में समावेशी शिक्षा संभाग के अंतर्गत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी, जहानाबाद, सरस्वती कुमारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया। अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। यह प्रमंडल स्तरीय प्रशिक्षण शिविर मगध एवं सारण प्रमंडल के विभिन्न संसाधन केंद्रों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में कार्यरत लगभग 36 हेल्पर एवं आयाओं के लिए आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की बेहतर देखभाल, सहयोग और मार्गदर्शन हेतु प्रतिभागियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और संवेदनशील दृष्टिकोण प्रदान करना है।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी सरस्वती कुमारी ने कहा कि दिव्यांगजन समाज के अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग हैं। उनके प्रति हमारा व्यवहार केवल औपचारिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें सहानुभूति, सम्मान और अपनत्व का भाव भी झलकना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ सकारात्मक और स्नेहपूर्ण व्यवहार उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को दिव्यांगता के विभिन्न प्रकार, उससे जुड़ी चुनौतियां और उनके प्रभावी समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।यह पहल समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 बरी, फैसला आते ही भावुक हुए आप संयोजक

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दिल्‍ली शराब घोटाला मामले में बड़ी खबर है। शराब घोटाला मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है। राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।

अदालत ने कहा- आरोप पत्र में कई कमियां

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से समर्थित नहीं हैं।

कोर्ट की सीबीआई जांच पर कड़ी टिप्पणी

अदालत ने सीबीआई की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को बिना ठोस सामग्री के मामले में आरोपित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। साथ ही और किसी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया।

केजरीवाल ने कहा-मैं भ्रष्ट नहीं हूं

राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े। इस दौरान साथ उनके खड़े मनीष सिसोदिया उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाते रहे। काफी देर बाद अरविंद केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा, ‘मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने भी कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमने हमेशा कहा कि सत्य ही जीतता है। हमें भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है’।

सिसोदिया ने कहा- सत्य की जीत

वहीं, बरी होने पर मनीष सिसोदिया ने भी इसे सत्य की जीत बताया। सिसोदिया ने कहा, ‘सत्यमेव जयते, एक बार फिर मुझे बाबा साहब अंबेडकर की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर गर्व हो रहा है। मोदी जी, उनकी पूरी पार्टी और उनकी एजेंसियों के द्वारा हमें बेईमान साबित करने के लिए पूरा जोर लगाने के बावजूद आज यह साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’

क्या था पूरा मामला

पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्‍ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्‍ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। बीजेपी ने आरोप लगाए थे कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्‍यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज की, जिसमें कई गिरफ्तारी भी हुई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।

अकबाल बहादुर तिवारी को एक बार फिर मिली जिले में भाजपा की कमान
*पहले भी दो बार रह चुके हैं जिलाध्यक्ष

गोंडा।जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता अकबाल बहादुर तिवारी को तीसरी बार जिले में भाजपा की कमान सौंपी गई है।जिले के बेलसर विकास खंड अंतर्गत परसदा गांव निवासी श्री तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने श्री तिवारी को गोंडा भाजपा का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है।बताते चलें कि अकबाल बहादुर तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पुराने पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैं।वे पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक पार्टी का जिलाध्यक्ष रहे और वर्ष 2013 से 2015 तक दूसरी बार भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभाला।वह बेलसर ब्लॉक से भाजपा के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं।वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छ: वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।उन पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने का आरोप था।हालांकि निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया और उन्हें पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया था।जिले में भाजपा संगठन पिछले आठ महीने से भी अधिक समय से अध्यक्ष विहीन चल रहा था,जिसके कारण संगठनात्मक कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही थीं।तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप बमबम को जिलाध्यक्ष पद से बर्खास्त करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।जिसके लगभग 8 महीने 15 दिन बाद अब गोंडा भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिला है।अकबाल बहादुर तिवारी की नियुक्ति से पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी ने पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी ने हमें एक बार पुनः काम करने का मौका दिया है और पार्टी नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी उनका निर्वहन किया जाएगा तथा पंचायत चुनाव को लेकर हम लोग अभी से तैयारी प्रारंभ देंगे क्योंकि अब पंचायत चुनाव को अधिक समय नहीं है।
भोर का सन्नाटा टूटा: कानपुर-सागर हाईवे पर सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौत, दो परिवारों के बच्चे अनाथ
लखनऊ /महोबा। भोर के तीन बजे कानपुर-सागर हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने इलाके को हिलाकर रख दिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि सड़क पर धूल का गुबार उठ गया और जैसे ही धूल छटी, खून से लथपथ तीन महिलाएं बिखरी पड़ी मिलीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद जोरदार आवाज सुनाई दी और मौके पर पहुंचने पर एक महिला कराहते हुए कह रही थी, “हम तो मर गए।” इस मंजर ने राहगीरों का कलेजा भी कांपने पर मजबूर कर दिया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुँची, तो चैन की नींद सो रहे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया। जो महिलाएं परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत कर रही थीं, उनका अब इस दुनिया में होना संभव नहीं रहा।

दो परिवारों की खुशियां अब दुख में बदल गईं

हादसे में जान गंवाने वाली भगवती और गीता पहले ही अपने पतियों को खो चुकी थीं। भगवती के पति फूलचंद्र और गीता के पति बालकिशन की मौत सड़क दुर्घटना में पहले ही हो चुकी थी।दोनों महिलाएं वैवाहिक समारोहों में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। अब उनके बच्चों के सामने मां का सहारा भी उठ गया।
भगवती के दो बेटे: रविंद्र और रवि
गीता की दो बेटियां और एक बेटा: बंटी
पिता के जाने के बाद मां का अचानक चले जाना बच्चों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। बच्चे अब पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं और रिश्तेदार, पड़ोसी उनकी चिंता में डूबे हुए हैं।

हादसे का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद सड़क पर टमाटर भी बिखरे मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पिकअप टमाटर लदी हुई थी। पिकअप का बाईं ओर का हिस्सा दुर्घटना में टूटा हुआ पाया गया। पुलिस ने इसे जब्त कर चालक और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।हाईवे पर खून से लथपथ महिलाओं को देख राहगीरों की समझ नहीं आई कि कैसे मदद करें। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चीख-पुकार

हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चों और रिश्तेदारों की चीखें गूंज रही थीं। बच्चे अपने माताओं को देखकर पहली बार समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनकी मां अब उनके साथ नहीं हैं। उन्हें संभालने के लिए परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे, लेकिन बच्चों की आंतरिक पीड़ा को कोई भी पूरी तरह से नहीं समझ सका।गीता के जेठ, अधिवक्ता बलदेव प्रसाद ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले उनके छोटे भाई बालकिशन की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। अब गीता भी उसी तरह सड़क हादसे का शिकार हो गईं।

दो परिवारों के बच्चों के भविष्य पर सवाल

हादसे ने केवल जीवन की क्षति नहीं दी, बल्कि दो परिवारों के बच्चों के भविष्य को भी अनिश्चित कर दिया। पिता के बाद मां का सहारा भी उठ जाने से बच्चों की दुनिया उजड़ गई है। हादसे में जीवन का स्थिर आधार खोने के बाद बच्चे अब अनाथ हो गए हैं और उनका पालन-पोषण किस तरह होगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को खारिज, जताई गिरफ्तारी और हत्या की आशंका

लखनऊ । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदार घाट, उत्तर प्रदेश स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया जो उनके खिलाफ लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल में जहर की सुई देकर मार सकती है।

अग्रिम जमानत पर फैसले की बात

लखनऊ/ वाराणसी शंकराचार्य ने बताया कि वे स्वयं अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन आश्रम से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। उन्होंने बताया, “एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति झूठी कहानी गढ़कर इसे लोगों के सामने रख देता है और इसी आधार पर पूरे मामले को आगे बढ़ाया जाता है।”

जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जांच टीम अपना काम कर रही है, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया, “यदि जांच टीम की रिपोर्ट एक हिस्ट्रीशीटर सार्वजनिक कर रहा है, तो पुलिस क्या कर रही है?” उन्होंने यह भी कहा कि कानूनन पॉक्सो एक्ट से जुड़ी रिपोर्ट सामान्यतः सार्वजनिक नहीं की जाती।

आश्रम की पारदर्शिता और सुरक्षा

मठ के ‘शीश महल’ और पांच मंजिला भवन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वस्तु छिपाई नहीं गई है। स्वामी के अनुसार, शीशा लगा होना बुराई नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आश्रम को ऊपर तक देखना चाहता है, तो बिना कैमरे के पूरा परिसर देखने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन छात्र और निवासियों की सुरक्षा के लिए कैमरे के साथ प्रवेश की अनुमति सीमित रखी गई है।

आरोपों को पीछे का ध्यान भटकाने वाला मामला बताया

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि देश के कानून, न्यायपालिका और सरकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल मामले में देश के कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं और उनकी बदनामी कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि आश्रम और उसके परिसर में कोई छिपा हुआ नहीं है और पूरी स्थिति पारदर्शिता और सुरक्षा के दायरे में रखी जा रही है।
लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने पिता को मारी गोली, फिल्म देखकर किए शव के टुकड़े
लखनऊ । राजधानी के आशियाना इलाके में पैथोलॉजी संचालक व शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में उनके बेटे अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए फिल्म और यूट्यूब वीडियो से तरीका सीखा था।

फिल्म ‘वध’ से मिला आइडिया

सूत्रों के मुताबिक अक्षत ने वध फिल्म देखी थी, जिसमें आरी से शव काटकर ठिकाने लगाने का दृश्य था। इसी तरीके को अपनाने की उसने योजना बनाई। पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया, लेकिन उससे शव काटने में सफल नहीं हुआ। बाद में वह घर से निकलकर दो आरी खरीद लाया और शव के टुकड़े कर दिए।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने यूट्यूब पर भी शव को ठिकाने लगाने से जुड़े वीडियो देखे थे।

बहन से कहा – “तुम परेशान मत हो”

हत्या के बाद अक्षत ने अपनी छोटी बहन कृति से कहा कि वह घबराए नहीं, वह सब संभाल लेगा। सूत्रों के अनुसार कृति गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक तनाव और पिता के प्रति नफरत इस जघन्य अपराध की बड़ी वजह हो सकती है।पुलिस अब मानवेंद्र और अक्षत की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले और बाद में आरोपी ने किन लोगों से संपर्क किया। वारदात के समय घर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं इस अपराध में किसी और की भूमिका तो नहीं थी।

परिवार ने साधी चुप्पी,जेल में बेचैन रहा आरोपी

मानवेंद्र के पिता ने पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। वहीं, अक्षत की मां की मौत को लेकर परिजनों ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए बीमारी से निधन होना बताया है। कॉलोनी में अब भी सन्नाटा पसरा है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।गिरफ्तारी के बाद अक्षत को जेल भेज दिया गया। बुधवार रात वह सो नहीं सका और पूरी रात बड़बड़ाता रहा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं और काउंसिलिंग भी की जा रही है।जेल प्रशासन के अनुसार आरोपी ने बताया कि पहले उसके पिता ने उसे पीटा था, जिसके बाद उसने गुस्से में गोली मार दी। रातभर वह दीवार से टिककर बैठा रहा और कई बार रोते हुए पछतावा भी जताया।इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और मानसिक तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
रिंकू सिंह के पिता का निधन, स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे

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भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। खानचंद को लीवर कैंसर था और वह चौथे स्टेज में पहुंच चुका था। टी20 वर्ल्ड कप के बीच रिंकू सिंह के सिर से पिता का साया उठ गया।

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रिंकू सिंह के पिता ने आज सुबह अस्पताल में आखिरी सांस ली। रिंकू सिंह के पिता का नाम खानचंद्र सिंह था। उन्हें कैंसर की बीमारी थी। वह स्टेज 4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। हाल ही में उनकी तबीयत काफी खराब हो गई जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में उनका इलाजा चल रहा था।

पिता से मिलने गए थे रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले रिंकू सिंह ने ब्रेक लिया था। पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने आए थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले दोबारा टीम के साथ जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर के बाद वो तुरंत वापस लौटे हैं।

सिलिंडर वितरण कर बेटे का सपना पूरा किया

रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक गैस एजेंसी में काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में सहयोग किया। रिंकू की कामयाबी के बाद भी उन्होंने यह काम नहीं छोड़ा। रिंकू ने खुद शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

बहसूमा : घर में घुसकर मारपीट व अभद्रता का आरोप, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर
मेरठ।बहसुमा। जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र में एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना बहसूमा में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता  अनीता पत्नी बालकिशन, निवासी सदरपुर कस्बा बहसूमा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थी। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग पुरानी रंजिश के चलते उसके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपी जबरन घर में घुस आए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके परिवार के सदस्यों को भी धक्का-मुक्की कर घायल कर दिया तथा घर का सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लाठी डंडों से दरवाजा तोड़ दिया और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
महिला ने बताया कि घटना से उसका परिवार भयभीत है और आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने 112 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह  का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।
जिला प्रशासन की पहल पर रक्तदान शिविर का आयोजन, 28 यूनिट रक्त संग्रहित

पायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार गुरुवार को समाहरणालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया।

आयोजित शिविर में कुल 28 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान एक पुनीत एवं मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो।

उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। अतः सभी नागरिक इस मानवीय अभियान का हिस्सा बनें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।