हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई: 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त

* पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन में एक सेंटर से मशीन गायब, फर्जी डॉक्टर का भी खुलासा

हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई PCPNDT Act के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि जिन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्होंने पंजीकरण तो कराया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं किया और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें सील किए गए एक अल्ट्रासाउंड सेंटर से मशीन ही गायब कर दी गई। इस पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने जानकारी दी कि नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई है, जबकि चार के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए क्योंकि वहां चिकित्सक तैनात नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति मिली, जबकि एक प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हरिद्वार में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोपी दूधवाला गिरफ्तार

* कनखल क्षेत्र में कई दिनों से कर रहा था परेशान, लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया

हरिद्वार। हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रियाज पुत्र हुसैन अली, निवासी गुर्जर बस्ती, पदार्था के रूप में हुई है।
पीड़िता की मां की शिकायत के अनुसार, आरोपी पिछले 5-6 दिनों से उनकी पुत्री को स्कूल आते-जाते समय परेशान कर रहा था। मंगलवार को भी जब छात्रा स्कूल जा रही थी, तब आरोपी ने उसके साथ फिर अभद्र हरकत की। छात्रा के विरोध करने पर मौके पर स्थानीय लोग एकत्र हो गए और आरोपी को पकड़ लिया।
गुस्साए लोगों ने आरोपी की पिटाई कर दी, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पीड़िता की मां की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया। एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी और कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
NH-24 विस्तार से न्यू मुरादाबाद बना रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट

* बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती कीमतें और योजनाबद्ध विकास से NCR के बाहर उभर रहा नया रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट

नई दिल्ली/मुरादाबाद।
National Highway 24 (NH-9) कॉरिडोर के विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने मुरादाबाद के रियल एस्टेट परिदृश्य को नई दिशा दे दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, योजनाबद्ध टाउनशिप और किफायती प्रॉपर्टी कीमतों के चलते न्यू मुरादाबाद अब एक उभरते हुए रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट के रूप में सामने आ रहा है।
मल्टी-लेन हाईवे में विस्तार से दिल्ली-NCR और मुरादाबाद के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल यात्री आवागमन आसान हुआ है, बल्कि माल परिवहन में भी तेजी आई है। मुरादाबाद, जो पहले से ही एक प्रमुख इंडस्ट्रियल-एक्सपोर्ट हब है, अब धीरे-धीरे एक आकर्षक आवासीय गंतव्य के रूप में भी विकसित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास कॉरिडोर अब रियल एस्टेट ग्रोथ को दिशा दे रहे हैं। NH-24 के प्रभाव से मुरादाबाद जैसे शहर NCR के प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं, जिससे पारंपरिक रियल एस्टेट हब से बाहर निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।
इस विकास को और गति देने के लिए प्रस्तावित Ganga Expressway भी अहम भूमिका निभाएगा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को NCR और राज्य के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ेगा। इससे गाजियाबाद और नोएडा जैसे पारंपरिक बाजारों के बाहर भी रियल एस्टेट गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
सरकारी निवेश भी इस बदलाव को मजबूती दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पश्चिमी यूपी में टाउनशिप विकास के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से ₹1,300 करोड़ से अधिक की राशि मुरादाबाद में 1,200+ एकड़ के बड़े योजनाबद्ध टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई है।
शहर में ₹33 करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट—जैसे ड्रेनेज सिस्टम, इंडोर स्टेडियम और डिजिटल लाइब्रेरी—नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
न्यू मुरादाबाद, शहर के पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों के मुकाबले एक सुव्यवस्थित और आधुनिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। चौड़ी सड़कें, बेहतर लेआउट और अलग-अलग रेजिडेंशियल व इंस्टीट्यूशनल सेक्टर इसे एक संगठित शहरी इकोसिस्टम बनाते हैं।
आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। NH-24 पर दलपतपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) ने लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत किया है, जिससे पीतल और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा मिला है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
लाइवेबिलिटी के लिहाज से भी यह क्षेत्र आकर्षक बन रहा है। NCR की तुलना में कम भीड़भाड़, अपेक्षाकृत स्वच्छ वातावरण और अधिक खुली जगहें घर खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं। महामारी के बाद बदलती प्राथमिकताओं के चलते लोग अब बेहतर जीवन गुणवत्ता और किफायती विकल्पों की तलाश में हैं, जिसमें न्यू मुरादाबाद उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतर रहा है।
कुल मिलाकर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और किफायत का संयोजन न्यू मुरादाबाद को NCR के रेजिडेंशियल मार्केट के एक रणनीतिक विस्तार के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां भविष्य में निवेश और आवास दोनों के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

वीडियो रिकॉर्डिंग से मना करने पर थाने में ही दारोगा को युवक ने जड़ा थप्पड़

संजीव सिंह बलिया। जनपद के नगरा थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जमीन विवाद के सिलसिले में दोनों पक्षों के बीच हो रही बातचीत को एक युवक मोबाइल से रिकॉर्ड करने लगा। दारोगा दिनेश यादव ने उसे मना किया, लेकिन युवक नहीं माना। गुस्साए दारोगा ने मोबाइल छीन लिया और युवक को थप्पड़ जड़ दिया। इसके जवाब में युवक अमित यादव ने भी दारोगा को जोरदार थप्पड़ मार दिया।घटना के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर हिरासत में ले लिया। दारोगा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया।अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर थाने के दारोगा ही थाने में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की क्या स्थिति होगी? यह घटना पुलिस व्यवस्था और जनता के बीच विश्वास के संकट को उजागर करती है।
2 बाइकों की टक्कर में दो की मौत,महिला और बच्चा समेत तीन गंभीर रूप से घायल,किसी ने भी हेलमेट पहना नहीं था
सुल्तानपुर के बल्दीराय थानाक्षेत्र में मंगलवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला, एक बच्चा और एक अन्य बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पूरे चंद्रिका मिश्रा नहर पटरी पर हुआ।

हादसे में एक बाइक चालक और दूसरी बाइक पर पीछे बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय ले जाया गया, जहां से एक घायल को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और शवों को कब्जे में लिया।

पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह लापरवाही मानी जा रही है। बताया गया है कि दोनों बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान अयोध्या निवासी सुरेशचंद्र मिश्रा (45) और अमेठी निवासी राम पटेसर (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमेठी निवासी तिलकराज (43) और हिमांशी पाठक (16) शामिल हैं। तिलकराज को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
मेला देखने गया 7 वर्षीय मासूम मिला मृत, मक्के के खेत में शव मिलने से सनसनी।

संदीप शुक्ला
मल्लावां (हरदोई)। थाना क्षेत्र के ग्राम मटियामऊ में एक 7 वर्षीय बालक अबू सुहेल का शव मक्के के खेत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मासूम 1 मई को गांव में मेला देखने निकला था, जिसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी  अकील पुत्र समीदुल हसन निवासी ग्राम मटियामऊ ने 2 मई 2026 को थाना मल्लावां में अपने पुत्र के लापता होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बालक की तलाश शुरू कर दी थी। इसके लिए थाना स्तर पर दो टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार खोजबीन में जुटी थीं।
इसी क्रम में मंगलवार 5 मई को बालक का शव गांव के बाहर एक मक्के के खेत में बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूर्ण कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। इस घटना से गांव में शोक और दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई: 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त

* पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन में एक सेंटर से मशीन गायब, फर्जी डॉक्टर का भी खुलासा

हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई PCPNDT Act के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि जिन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्होंने पंजीकरण तो कराया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं किया और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें सील किए गए एक अल्ट्रासाउंड सेंटर से मशीन ही गायब कर दी गई। इस पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने जानकारी दी कि नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई है, जबकि चार के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए क्योंकि वहां चिकित्सक तैनात नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति मिली, जबकि एक प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हरिद्वार में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोपी दूधवाला गिरफ्तार

* कनखल क्षेत्र में कई दिनों से कर रहा था परेशान, लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया

हरिद्वार। हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रियाज पुत्र हुसैन अली, निवासी गुर्जर बस्ती, पदार्था के रूप में हुई है।
पीड़िता की मां की शिकायत के अनुसार, आरोपी पिछले 5-6 दिनों से उनकी पुत्री को स्कूल आते-जाते समय परेशान कर रहा था। मंगलवार को भी जब छात्रा स्कूल जा रही थी, तब आरोपी ने उसके साथ फिर अभद्र हरकत की। छात्रा के विरोध करने पर मौके पर स्थानीय लोग एकत्र हो गए और आरोपी को पकड़ लिया।
गुस्साए लोगों ने आरोपी की पिटाई कर दी, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पीड़िता की मां की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया। एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी और कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
NH-24 विस्तार से न्यू मुरादाबाद बना रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट

* बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती कीमतें और योजनाबद्ध विकास से NCR के बाहर उभर रहा नया रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट

नई दिल्ली/मुरादाबाद।
National Highway 24 (NH-9) कॉरिडोर के विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने मुरादाबाद के रियल एस्टेट परिदृश्य को नई दिशा दे दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, योजनाबद्ध टाउनशिप और किफायती प्रॉपर्टी कीमतों के चलते न्यू मुरादाबाद अब एक उभरते हुए रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट के रूप में सामने आ रहा है।
मल्टी-लेन हाईवे में विस्तार से दिल्ली-NCR और मुरादाबाद के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल यात्री आवागमन आसान हुआ है, बल्कि माल परिवहन में भी तेजी आई है। मुरादाबाद, जो पहले से ही एक प्रमुख इंडस्ट्रियल-एक्सपोर्ट हब है, अब धीरे-धीरे एक आकर्षक आवासीय गंतव्य के रूप में भी विकसित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास कॉरिडोर अब रियल एस्टेट ग्रोथ को दिशा दे रहे हैं। NH-24 के प्रभाव से मुरादाबाद जैसे शहर NCR के प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं, जिससे पारंपरिक रियल एस्टेट हब से बाहर निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।
इस विकास को और गति देने के लिए प्रस्तावित Ganga Expressway भी अहम भूमिका निभाएगा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को NCR और राज्य के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ेगा। इससे गाजियाबाद और नोएडा जैसे पारंपरिक बाजारों के बाहर भी रियल एस्टेट गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
सरकारी निवेश भी इस बदलाव को मजबूती दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पश्चिमी यूपी में टाउनशिप विकास के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से ₹1,300 करोड़ से अधिक की राशि मुरादाबाद में 1,200+ एकड़ के बड़े योजनाबद्ध टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई है।
शहर में ₹33 करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट—जैसे ड्रेनेज सिस्टम, इंडोर स्टेडियम और डिजिटल लाइब्रेरी—नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
न्यू मुरादाबाद, शहर के पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों के मुकाबले एक सुव्यवस्थित और आधुनिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। चौड़ी सड़कें, बेहतर लेआउट और अलग-अलग रेजिडेंशियल व इंस्टीट्यूशनल सेक्टर इसे एक संगठित शहरी इकोसिस्टम बनाते हैं।
आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। NH-24 पर दलपतपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) ने लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत किया है, जिससे पीतल और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा मिला है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
लाइवेबिलिटी के लिहाज से भी यह क्षेत्र आकर्षक बन रहा है। NCR की तुलना में कम भीड़भाड़, अपेक्षाकृत स्वच्छ वातावरण और अधिक खुली जगहें घर खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं। महामारी के बाद बदलती प्राथमिकताओं के चलते लोग अब बेहतर जीवन गुणवत्ता और किफायती विकल्पों की तलाश में हैं, जिसमें न्यू मुरादाबाद उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतर रहा है।
कुल मिलाकर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और किफायत का संयोजन न्यू मुरादाबाद को NCR के रेजिडेंशियल मार्केट के एक रणनीतिक विस्तार के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां भविष्य में निवेश और आवास दोनों के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

वीडियो रिकॉर्डिंग से मना करने पर थाने में ही दारोगा को युवक ने जड़ा थप्पड़

संजीव सिंह बलिया। जनपद के नगरा थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जमीन विवाद के सिलसिले में दोनों पक्षों के बीच हो रही बातचीत को एक युवक मोबाइल से रिकॉर्ड करने लगा। दारोगा दिनेश यादव ने उसे मना किया, लेकिन युवक नहीं माना। गुस्साए दारोगा ने मोबाइल छीन लिया और युवक को थप्पड़ जड़ दिया। इसके जवाब में युवक अमित यादव ने भी दारोगा को जोरदार थप्पड़ मार दिया।घटना के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर हिरासत में ले लिया। दारोगा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया।अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर थाने के दारोगा ही थाने में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की क्या स्थिति होगी? यह घटना पुलिस व्यवस्था और जनता के बीच विश्वास के संकट को उजागर करती है।
2 बाइकों की टक्कर में दो की मौत,महिला और बच्चा समेत तीन गंभीर रूप से घायल,किसी ने भी हेलमेट पहना नहीं था
सुल्तानपुर के बल्दीराय थानाक्षेत्र में मंगलवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला, एक बच्चा और एक अन्य बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पूरे चंद्रिका मिश्रा नहर पटरी पर हुआ।

हादसे में एक बाइक चालक और दूसरी बाइक पर पीछे बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय ले जाया गया, जहां से एक घायल को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और शवों को कब्जे में लिया।

पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह लापरवाही मानी जा रही है। बताया गया है कि दोनों बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान अयोध्या निवासी सुरेशचंद्र मिश्रा (45) और अमेठी निवासी राम पटेसर (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमेठी निवासी तिलकराज (43) और हिमांशी पाठक (16) शामिल हैं। तिलकराज को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
मेला देखने गया 7 वर्षीय मासूम मिला मृत, मक्के के खेत में शव मिलने से सनसनी।

संदीप शुक्ला
मल्लावां (हरदोई)। थाना क्षेत्र के ग्राम मटियामऊ में एक 7 वर्षीय बालक अबू सुहेल का शव मक्के के खेत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मासूम 1 मई को गांव में मेला देखने निकला था, जिसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी  अकील पुत्र समीदुल हसन निवासी ग्राम मटियामऊ ने 2 मई 2026 को थाना मल्लावां में अपने पुत्र के लापता होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बालक की तलाश शुरू कर दी थी। इसके लिए थाना स्तर पर दो टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार खोजबीन में जुटी थीं।
इसी क्रम में मंगलवार 5 मई को बालक का शव गांव के बाहर एक मक्के के खेत में बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूर्ण कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। इस घटना से गांव में शोक और दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।