आवास विकास में कूड़े के ढेर में मिला नवजात का शव

फर्रुखाबाद। जनपद में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। थाना कादरी गेट क्षेत्र के आवास विकास इलाके में सोमवार को कूड़े के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कूड़ा उठाने पहुंचे एक सफाई कर्मचारी को कूड़े में पड़ा एक संदिग्ध डिब्बा दिखाई दिया। शक होने पर जब उसने डिब्बा खोला तो उसमें एक नवजात शिशु का शव रखा मिला। यह दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ रंजन गौतम भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात के शव को डिब्बे में बंद कर यहां फेंका है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के अस्पतालों और क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना से जुड़े व्यक्ति की पहचान की जा सके।

एसीएमओ रंजन गौतम ने बताया कि दोषी की पहचान होने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है और ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। इससे पहले भी आवास विकास में कई नवजात के शव मिल चुके है। जिससे पुलिस की शक की सुई निजी नर्सिंग होम की तरफ घूम गई है।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता उमड़ी हजारों की भारी भीड़*
सुलतानपुर,कुड़वार ब्लॉक के कामापुर सोहगौली में वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष पाण्डेय
के यहां चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिवस पर अयोध्या धाम से पधारे श्री जानकीदास जी महाराज के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह के प्रसंग की कथा सुनकर उपस्थित अपार जन समूह भाव विभोर हो गया।

उन्होंने कहा कि, भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह प्रेम और भक्ति का एक दिव्य प्रसंग है। कथा में पूर्व मंत्री एवं वर्तमान भाजपा विधायक सुल्तानपुर विनोद सिंह, सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय उर्फ राजबाबू, पूर्व मंत्री इंदु प्रकाश मिश्र, जिले के सुप्रसिद्ध फिजीशियन व वरिष्ठ समाजसेवी जेपी सिंह, भाजपा के नेता पूर्व विधानसभा प्रत्याशी इसौली ओम प्रकाश पांडेय बजरंगी, भाजपा नेता विकास शुक्ल, वरिष्ठ भाजपा नेता इं.रूपेश सिंह, ब्लॉक प्रमुख बल्दीराय व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख जयसिंहपुर व वरिष्ठ समाजसेवी प्रभाकर शुक्ल, समाजसेवी रामप्रकाश मिश्र दधीक्षि, विजय प्रताप द्विवेदी, पीके अवधी कॉमेडी के सुप्रसिद्ध कॉमेडी काकाजी और उनकी पूरी टीम, डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह प्रबंधक श्यामबख्श सिंह पीजी कॉलेज, समाजसेवी राजकुमार तिवारी, बार एसोसिएशन कादीपुर के पूर्व अध्यक्ष एवं उनके सुपुत्र प्रवीण कुमार शुक्ल, डॉ. अमित शुक्ल मेदांता हॉस्पिटल, मोनू उपाध्याय, प्रधान सोहगौली डॉ. संजय, प्रधान रामनगर, अधिवक्ता रवि शुक्ल, ठेकेदार आलोक तिवारी, मोहित तिवारी एडवोकेट हाईकोर्ट, श्री राघवेन्द्र मणि ओझा एडवोकेट हाईकोर्ट, एडवोकेट राजकुमार तिवारी, हरि प्रकाश सिंह, अरविंद सिंह, जितेंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट, शरद विक्रम चतुर्वेदी एडवोकेट, ओम नारायण शुक्ल एडवोकेट, अमित ओझा एडवोकेट, अनुपम द्विवेदी एडवोकेट, धीरेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट, राजदीप पाण्डेय एडवोकेट, श्रेयांश पाण्डेय एडवोकेट, युवा भाजपा नेता अभय मिश्र समेत हजारों की संख्या में श्रोता शामिल हुए। कथा व्यास श्री जानकीदास जी महाराज ने बताया कि कथा के सातवें व आखिरी दिन राजा परिक्षित का स्वर्गारोहण, भगवान श्रीकृष्ण का स्वर्गारोहण व कलयुग की कथा आदि के प्रसंग की कथा होगी।
देवघर-तिलक सेवा समिति के तत्वाधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी का भव्य नागरिक अभिनंदन।
देवघर: आज तिलक सेवा समिति देवघर झारखंड के तत्वावधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी को भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया सभी कार्यक्रम बचपन प्ले स्कूल श्रीकांत रोड बेलाबगान देवघर में संपन्न हुआ कार्यक्रम को विषय प्रवेश कराते हुए तिलक सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरे कृष्ण राय ने बताया की समिति एक सामाजिक संस्था है। जो बराबर समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करती रहती है सालों भर कि कार्यक्रम का लेखा जोखा कर वर्ष में एक बार वार्षिक समारोह ,, देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान,, आयोजित कर जिला , राज्य , देश भर में अपना नाम रोशन कर पहचान बनाने वाले लोगों को देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करती है जो आने वाले पीढ़ियों को उत्प्रेरित करेगी समिति कि एक तिलक सेवा आश्रम सह तिलक बाल विद्यालय देवीपुर में भव्य निर्माण कार्य प्रारंभ है जो भी आने वाले दिनों में एक अलग पहचान बनेगी , कार्यक्रम का प्रारंभ जलेश्वर ठाकुर के धारदार स्वागत भाषण और कविता पाठ से किया गया जिसमें खूब तालियां बटोरी बचपन प्ले स्कूल के निदेशक रूपा श्री ने भी अपने अंदाज में सारगर्भित विचार रखी मंच संचालन बिपुल कुमार मिश्रा ने किया उनके सारगर्भित विचार ने समारोह में चार चांद लगा दिया समिति के महासचिव डॉक्टर विक्रम कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि समिति कि नाम काम से बनी है समिति द्वारा देवीपुर में बनाए जा रहे भव्य सेवा आश्रम सह तिलक बाल विकास एक अनोखा कार्य है जो सीधे सार्वजनिक जनहित में सकारात्मक पहल को दर्शाता है जो आकर्षक ही नहीं चीर स्मरणीय भी होगी मौके पर समिति के वशिष्ठ राणा ई सचिन सिंह सौरभ कुमार के अलावे काफी संख्या में लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में अतिथि टीप चटर्जी जी को समिति द्वारा प्रशस्तिपत्र अंगवस्त्र मोमेंटो पौधा स्मारिका भेंट कर अभिनंदन के साथ भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
Mirzapur : टीईटी अनिवार्यता को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षक, मशाल जुलूस निकालकर किया विरोध प्रदर्शन
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक संघ मीरजापुर के तत्वावधान में सेवारत शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में विशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर नगर के बरियाघाट से मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। भारी संख्या में महिला शिक्षकों सहित जिले के कोने-कोने से आए हुए शिक्षकों ने मशाल जुलूस में भाग लिया। बरियाघाट से चलकर वासलीगंज, रामबाग होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को पुराने शिक्षकों का अपमान करार देते हुए कहा इसे नहीं सहेंगे। शिक्षकों ने कहा इन्हीं शिक्षकों द्वारा पढ़ाए लिखाए गये लोग आईएएस पीसीएस अफसर बने तो क्या वह गलत रहा। कहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के ऊपर काला क़ानून लागू किया गया है। सरकार से मांग किया कि सरकार शिक्षकों की समस्यायों और सम्मान हित में कदम उठाए और इस कालू कानून को वापस कराने में पहल करें। इस दौरान मुख्य रूप से
मंडल अध्यक्ष श्रीश द्विवेदी, सुधीर कुमार सिंह, सुधीर सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ निकाले गए मशाल जुलूस में भाग लेकर चेताया कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो शिक्षकों को विवश होकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
महिला ने शिक्षक पर नौकरी का झांसा देकर 15 हजार रूपए लेने का लगाया आरोप
मीरजापुर। ड्रम़डगंजक्षेत्र के पटेहरा गांव निवासी सुशीला चौरसिया पत्नी उमाशंकर चौरसिया ने क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो वर्ष पूर्व 15 हजार रूपए ऐंठने का आरोप लगाया। सोमवार शाम को ड्रम़डगंज थाने पहुंची महिला ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई नही करने का पुलिस पर आरोप लगाया।गत पांच अप्रैल को महिला ने शिक्षक के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।दी गई तहरीर में महिला ने आरोप लगाया कि दो वर्ष पूर्व शिक्षक ने जल निगम  में नौकरी का झांसा देकर आपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 हजार रूपए लिया था। नौकरी नही मिलने पर शिक्षक को दिए गए रूपए की मांग की तो शिक्षक ने दस हजार रूपए वापस किया लेकिन पांच हजार रूपए नही दिया। महिला ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि शिक्षक रूपए मांगने पर एससी एसटी के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है। महिला ने बताया कि नौकरी के नाम पर शिक्षक को दो वर्ष पूर्व पंद्रह हजार रूपए दिए थे जिसमें दस हजार रूपए वापस कर दिया है लेकिन पांच हजार रुपए नही दिया।इस संबंध कई बार थाने पर आ चुकी लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नही कर रही है।बल्कि पुलिस कहती हैं कि नौकरी के चक्कर में पैसे क्यों दिया।इस संबंध में शिक्षक प्रवीण कुमार सरोज ने बताया कि महिला का पंद्रह हजार रूपए वापस कर दिया गया है।थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बलिया से बजी संघर्ष की मशाल, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने निकाला विशाल मशाल जुलूस
संजीव सिंह बलिया!अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहे आंदोलन के द्वितीय चरण के तहत जनपद बलिया में विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध दर्ज किया गया। मशाल जुलूस रेलवे स्टेशन बलिया के उत्तरी छोर से टाउन चौराहे तक निकाला गया, जिसके माध्यम से शिक्षकों एवं कर्मचारी संगठनों ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए टेट अनिवार्यता वापस लेने की पुरजोर मांग की।जुलूस में शामिल सैकड़ों शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे हम सब मिलकर हर मोर्चे पर लড়ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। सभी ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को सड़क से लेकर संसद तक व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01/09/25 को टीईटी अनिवार्यता थोपने का आदेश, पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के प्रतिकूल है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों, उनके परिवारों तथा नौनिहालों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार त्वरित प्रभाव से आवश्यक पहल करते हुए इस ‘तुगलकी’ आदेश को निरस्त कराने की दिशा में ठोस और सार्थक कदम उठाए।कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने जनपद बलिया से अनवरत संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलिया से प्रमुख रूप से समीर कुमार पाण्डेय (अटेवा), अजय कुमार सिंह (प्राथमिक शिक्षक संघ), विनय राय (अटेवा), सतीश सिंह (TSCT), घनश्याम चौबे (विशिष्ट बीटीसी), राजेश सिंह (RSM), राजेश पाण्डेय (राज्य कर्मचारी संघ), अविनाश उपाध्याय (श्रमिक समन्वय समिति), सुशील त्रिपाठी (विकास भवन संघ), संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), रामनाथ पासवान, शशिकांत तिवारी (मंत्री रेलवे संघ), कमलाकर पाण्डेय (सिंचाई), दूधनाथ सिंह (आयुर्वेद), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य (महामंत्री अटेवा), मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव (अध्यक्ष एकजुट), रेनु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री), पंकज सिंह, गणेश सिंह, कुलभूषण त्रिपाठी,ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, राज कुमार गुप्ता (एकजुट), अशोक राम (अध्यक्ष, रेलवे संघ), श्याम नारायण सिंह (L.A. संघ), धनंजय चौबे (XRAY संघ), वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, विनय विशेन, अजीत सिंह, राजेश सिंह, हरेराम सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, अंजू देवी, N.K. सिंह, राजीव नयन पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, नागेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह (अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी संघ), मनोज राय (अध्यक्ष LT), शंभू यादव (मंत्री), सुरेश वर्मा, कर्ण प्रताप सिंह, रितेश श्रीवास्तव, सत्य नारायण वर्मा, सुनील गुप्ता, नंदलाल मौर्य, संजय खरवार, रामाशीष यादव, पुष्पेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, अजीत पाठक, जुबेर अहमद, राम नारायण, सुनील गुप्ता (ARP), राम प्रकाश सिंह, कृष्ण नंद पाण्डेय, चंदन सिंह, निर्भय सिंह, धर्मेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
ीडिया टीम – अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.), बलिया
महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जौनपुर। काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के तत्वाधान में आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को श्री आर. पी कालेज ऑफ फार्मेसी खजुरन बदलापुर जौनपुर के सभागार में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृष्णचंद्र शुक्ल व संचालन- दिलीप कुमार ने किया। कार्यक्रम को काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व मिथिलेश कुमार मौर्य ने सम्बोधित किए। वक्ताओं ने कहा कि, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। रॉलेट एक्ट के विरोध में जुटे हज़ारों लोगों में से सैंकड़ों (आधिकारिक 379, अनौपचारिक 1000+) मारे गए। इस नरसंहार के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि लौटा दी थी। दूसरी तरफ यह घटना भारतीय क्रांतिकारी युवाओं के लिए असहनीय थी। आत्मसम्मान पर भी गहरी चोट पहुंची। जिससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश के भीतर और देश के बाहर आजादी की ज्वाला धधक उठी। नौजवानों के दिल में आग ऐसी लगी कि क्रूर ब्रिटिश हुकूमत कांप उठी और उसे हिंदुस्तान को छोड़कर जाना पड़ा। क्रांतिकारी ऊधम सिंह जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान मौजूद थे। नरसंहार की घटना का मुख्य जिम्मेदार तत्कालीन गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर को उधम सिंह ने 21 साल 1940 में इंग्लैंड जाकर भरी सभा में गोली मारा था। इस तरह उधमसिंह ने जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला लिया।अमृतसर में होने वाली जनसभाओं और जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के प्रत्यक्ष गवाह पंजाबी कवि नानक सिंह ने लिखा है कि उस दौर में ऐसी एकता थी कि हिन्दू, मुसलमान, सिख एक ही गिलास पानी पी रहे थे और एक ही थाली में खाना खा रहे थे। वह इस नरसंहार के बाद, अंतिम संस्कार के जुलूसों का वर्णन करते हुए लिखते हैं कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उन्होंने अपनी कविता ‘खूनी वैसाखी’ में उल्लेख किया है कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर एक ही त्योहार मना रहे थे-
“पंच वजे अप्रैल दी तेहरवीं नूं,
लोकीं बाग़ वल होए रवान चले।
दिलां विच इनसाफ़ दी आस रख के,
सारे सिख हिन्दू मुसलमान चले।
विरले आदमी शहिर विच रहे बाकी, सब बाल ते बिरध जवान चले।“वे बताते हैं कि हिन्दू, सिख मुसलमान सब एक ही साथ मिलकर त्यौहार मना रहे थे। इस तहजीब को खत्म करने की कोशिश शोषकवर्ग तब भी कर रहा था और आज भी। दरअसल 1947 में बोतल बदली थी शराब तो अब भी वही है। बोतल बदलने से जनता में जो भ्रम पैदा हुआ था वह धीरे-धीरे टूट रहा है। लोग धीरे-धीरे महसूस कर रहे हैं कि अंग्रेजों के वारिश सत्ता में आज तक बने हुए हैं, इसीलिए इनके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है। अतः जलियाँवाला बाग नरसंहार जैसे खतरे आज भी बने हुए हैं। 13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार में हुये सभी शहीदों को और आजादी आन्दोलन में अपने को कुर्बान कर देने वाले जाने-अनजाने जितने भी क्रातिकारी शहीद हुए हैं। सभी को क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए संकल्प लेते हैं कि आज जन विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करें। इस अवसर पर अरविंद सिंह, संतोष कुमार प्रजापति, विशाल गौतम, शेषना श्रीवास्तव, इदरीश अहमद, अरविंद गुप्ता, आजाद, संजय सिंह, शोभावती सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
आवास विकास में कूड़े के ढेर में मिला नवजात का शव

फर्रुखाबाद। जनपद में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। थाना कादरी गेट क्षेत्र के आवास विकास इलाके में सोमवार को कूड़े के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कूड़ा उठाने पहुंचे एक सफाई कर्मचारी को कूड़े में पड़ा एक संदिग्ध डिब्बा दिखाई दिया। शक होने पर जब उसने डिब्बा खोला तो उसमें एक नवजात शिशु का शव रखा मिला। यह दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ रंजन गौतम भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात के शव को डिब्बे में बंद कर यहां फेंका है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के अस्पतालों और क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना से जुड़े व्यक्ति की पहचान की जा सके।

एसीएमओ रंजन गौतम ने बताया कि दोषी की पहचान होने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है और ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। इससे पहले भी आवास विकास में कई नवजात के शव मिल चुके है। जिससे पुलिस की शक की सुई निजी नर्सिंग होम की तरफ घूम गई है।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता उमड़ी हजारों की भारी भीड़*
सुलतानपुर,कुड़वार ब्लॉक के कामापुर सोहगौली में वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष पाण्डेय
के यहां चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिवस पर अयोध्या धाम से पधारे श्री जानकीदास जी महाराज के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह के प्रसंग की कथा सुनकर उपस्थित अपार जन समूह भाव विभोर हो गया।

उन्होंने कहा कि, भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह प्रेम और भक्ति का एक दिव्य प्रसंग है। कथा में पूर्व मंत्री एवं वर्तमान भाजपा विधायक सुल्तानपुर विनोद सिंह, सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय उर्फ राजबाबू, पूर्व मंत्री इंदु प्रकाश मिश्र, जिले के सुप्रसिद्ध फिजीशियन व वरिष्ठ समाजसेवी जेपी सिंह, भाजपा के नेता पूर्व विधानसभा प्रत्याशी इसौली ओम प्रकाश पांडेय बजरंगी, भाजपा नेता विकास शुक्ल, वरिष्ठ भाजपा नेता इं.रूपेश सिंह, ब्लॉक प्रमुख बल्दीराय व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख जयसिंहपुर व वरिष्ठ समाजसेवी प्रभाकर शुक्ल, समाजसेवी रामप्रकाश मिश्र दधीक्षि, विजय प्रताप द्विवेदी, पीके अवधी कॉमेडी के सुप्रसिद्ध कॉमेडी काकाजी और उनकी पूरी टीम, डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह प्रबंधक श्यामबख्श सिंह पीजी कॉलेज, समाजसेवी राजकुमार तिवारी, बार एसोसिएशन कादीपुर के पूर्व अध्यक्ष एवं उनके सुपुत्र प्रवीण कुमार शुक्ल, डॉ. अमित शुक्ल मेदांता हॉस्पिटल, मोनू उपाध्याय, प्रधान सोहगौली डॉ. संजय, प्रधान रामनगर, अधिवक्ता रवि शुक्ल, ठेकेदार आलोक तिवारी, मोहित तिवारी एडवोकेट हाईकोर्ट, श्री राघवेन्द्र मणि ओझा एडवोकेट हाईकोर्ट, एडवोकेट राजकुमार तिवारी, हरि प्रकाश सिंह, अरविंद सिंह, जितेंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट, शरद विक्रम चतुर्वेदी एडवोकेट, ओम नारायण शुक्ल एडवोकेट, अमित ओझा एडवोकेट, अनुपम द्विवेदी एडवोकेट, धीरेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट, राजदीप पाण्डेय एडवोकेट, श्रेयांश पाण्डेय एडवोकेट, युवा भाजपा नेता अभय मिश्र समेत हजारों की संख्या में श्रोता शामिल हुए। कथा व्यास श्री जानकीदास जी महाराज ने बताया कि कथा के सातवें व आखिरी दिन राजा परिक्षित का स्वर्गारोहण, भगवान श्रीकृष्ण का स्वर्गारोहण व कलयुग की कथा आदि के प्रसंग की कथा होगी।
देवघर-तिलक सेवा समिति के तत्वाधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी का भव्य नागरिक अभिनंदन।
देवघर: आज तिलक सेवा समिति देवघर झारखंड के तत्वावधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी को भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया सभी कार्यक्रम बचपन प्ले स्कूल श्रीकांत रोड बेलाबगान देवघर में संपन्न हुआ कार्यक्रम को विषय प्रवेश कराते हुए तिलक सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरे कृष्ण राय ने बताया की समिति एक सामाजिक संस्था है। जो बराबर समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करती रहती है सालों भर कि कार्यक्रम का लेखा जोखा कर वर्ष में एक बार वार्षिक समारोह ,, देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान,, आयोजित कर जिला , राज्य , देश भर में अपना नाम रोशन कर पहचान बनाने वाले लोगों को देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करती है जो आने वाले पीढ़ियों को उत्प्रेरित करेगी समिति कि एक तिलक सेवा आश्रम सह तिलक बाल विद्यालय देवीपुर में भव्य निर्माण कार्य प्रारंभ है जो भी आने वाले दिनों में एक अलग पहचान बनेगी , कार्यक्रम का प्रारंभ जलेश्वर ठाकुर के धारदार स्वागत भाषण और कविता पाठ से किया गया जिसमें खूब तालियां बटोरी बचपन प्ले स्कूल के निदेशक रूपा श्री ने भी अपने अंदाज में सारगर्भित विचार रखी मंच संचालन बिपुल कुमार मिश्रा ने किया उनके सारगर्भित विचार ने समारोह में चार चांद लगा दिया समिति के महासचिव डॉक्टर विक्रम कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि समिति कि नाम काम से बनी है समिति द्वारा देवीपुर में बनाए जा रहे भव्य सेवा आश्रम सह तिलक बाल विकास एक अनोखा कार्य है जो सीधे सार्वजनिक जनहित में सकारात्मक पहल को दर्शाता है जो आकर्षक ही नहीं चीर स्मरणीय भी होगी मौके पर समिति के वशिष्ठ राणा ई सचिन सिंह सौरभ कुमार के अलावे काफी संख्या में लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में अतिथि टीप चटर्जी जी को समिति द्वारा प्रशस्तिपत्र अंगवस्त्र मोमेंटो पौधा स्मारिका भेंट कर अभिनंदन के साथ भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
Mirzapur : टीईटी अनिवार्यता को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षक, मशाल जुलूस निकालकर किया विरोध प्रदर्शन
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक संघ मीरजापुर के तत्वावधान में सेवारत शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में विशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर नगर के बरियाघाट से मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। भारी संख्या में महिला शिक्षकों सहित जिले के कोने-कोने से आए हुए शिक्षकों ने मशाल जुलूस में भाग लिया। बरियाघाट से चलकर वासलीगंज, रामबाग होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को पुराने शिक्षकों का अपमान करार देते हुए कहा इसे नहीं सहेंगे। शिक्षकों ने कहा इन्हीं शिक्षकों द्वारा पढ़ाए लिखाए गये लोग आईएएस पीसीएस अफसर बने तो क्या वह गलत रहा। कहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के ऊपर काला क़ानून लागू किया गया है। सरकार से मांग किया कि सरकार शिक्षकों की समस्यायों और सम्मान हित में कदम उठाए और इस कालू कानून को वापस कराने में पहल करें। इस दौरान मुख्य रूप से
मंडल अध्यक्ष श्रीश द्विवेदी, सुधीर कुमार सिंह, सुधीर सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ निकाले गए मशाल जुलूस में भाग लेकर चेताया कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो शिक्षकों को विवश होकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
महिला ने शिक्षक पर नौकरी का झांसा देकर 15 हजार रूपए लेने का लगाया आरोप
मीरजापुर। ड्रम़डगंजक्षेत्र के पटेहरा गांव निवासी सुशीला चौरसिया पत्नी उमाशंकर चौरसिया ने क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो वर्ष पूर्व 15 हजार रूपए ऐंठने का आरोप लगाया। सोमवार शाम को ड्रम़डगंज थाने पहुंची महिला ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई नही करने का पुलिस पर आरोप लगाया।गत पांच अप्रैल को महिला ने शिक्षक के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।दी गई तहरीर में महिला ने आरोप लगाया कि दो वर्ष पूर्व शिक्षक ने जल निगम  में नौकरी का झांसा देकर आपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 हजार रूपए लिया था। नौकरी नही मिलने पर शिक्षक को दिए गए रूपए की मांग की तो शिक्षक ने दस हजार रूपए वापस किया लेकिन पांच हजार रूपए नही दिया। महिला ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि शिक्षक रूपए मांगने पर एससी एसटी के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है। महिला ने बताया कि नौकरी के नाम पर शिक्षक को दो वर्ष पूर्व पंद्रह हजार रूपए दिए थे जिसमें दस हजार रूपए वापस कर दिया है लेकिन पांच हजार रुपए नही दिया।इस संबंध कई बार थाने पर आ चुकी लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नही कर रही है।बल्कि पुलिस कहती हैं कि नौकरी के चक्कर में पैसे क्यों दिया।इस संबंध में शिक्षक प्रवीण कुमार सरोज ने बताया कि महिला का पंद्रह हजार रूपए वापस कर दिया गया है।थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बलिया से बजी संघर्ष की मशाल, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने निकाला विशाल मशाल जुलूस
संजीव सिंह बलिया!अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहे आंदोलन के द्वितीय चरण के तहत जनपद बलिया में विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध दर्ज किया गया। मशाल जुलूस रेलवे स्टेशन बलिया के उत्तरी छोर से टाउन चौराहे तक निकाला गया, जिसके माध्यम से शिक्षकों एवं कर्मचारी संगठनों ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए टेट अनिवार्यता वापस लेने की पुरजोर मांग की।जुलूस में शामिल सैकड़ों शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे हम सब मिलकर हर मोर्चे पर लড়ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। सभी ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को सड़क से लेकर संसद तक व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01/09/25 को टीईटी अनिवार्यता थोपने का आदेश, पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के प्रतिकूल है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों, उनके परिवारों तथा नौनिहालों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार त्वरित प्रभाव से आवश्यक पहल करते हुए इस ‘तुगलकी’ आदेश को निरस्त कराने की दिशा में ठोस और सार्थक कदम उठाए।कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने जनपद बलिया से अनवरत संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलिया से प्रमुख रूप से समीर कुमार पाण्डेय (अटेवा), अजय कुमार सिंह (प्राथमिक शिक्षक संघ), विनय राय (अटेवा), सतीश सिंह (TSCT), घनश्याम चौबे (विशिष्ट बीटीसी), राजेश सिंह (RSM), राजेश पाण्डेय (राज्य कर्मचारी संघ), अविनाश उपाध्याय (श्रमिक समन्वय समिति), सुशील त्रिपाठी (विकास भवन संघ), संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), रामनाथ पासवान, शशिकांत तिवारी (मंत्री रेलवे संघ), कमलाकर पाण्डेय (सिंचाई), दूधनाथ सिंह (आयुर्वेद), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य (महामंत्री अटेवा), मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव (अध्यक्ष एकजुट), रेनु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री), पंकज सिंह, गणेश सिंह, कुलभूषण त्रिपाठी,ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, राज कुमार गुप्ता (एकजुट), अशोक राम (अध्यक्ष, रेलवे संघ), श्याम नारायण सिंह (L.A. संघ), धनंजय चौबे (XRAY संघ), वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, विनय विशेन, अजीत सिंह, राजेश सिंह, हरेराम सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, अंजू देवी, N.K. सिंह, राजीव नयन पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, नागेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह (अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी संघ), मनोज राय (अध्यक्ष LT), शंभू यादव (मंत्री), सुरेश वर्मा, कर्ण प्रताप सिंह, रितेश श्रीवास्तव, सत्य नारायण वर्मा, सुनील गुप्ता, नंदलाल मौर्य, संजय खरवार, रामाशीष यादव, पुष्पेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, अजीत पाठक, जुबेर अहमद, राम नारायण, सुनील गुप्ता (ARP), राम प्रकाश सिंह, कृष्ण नंद पाण्डेय, चंदन सिंह, निर्भय सिंह, धर्मेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
ीडिया टीम – अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.), बलिया
महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जौनपुर। काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के तत्वाधान में आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को श्री आर. पी कालेज ऑफ फार्मेसी खजुरन बदलापुर जौनपुर के सभागार में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृष्णचंद्र शुक्ल व संचालन- दिलीप कुमार ने किया। कार्यक्रम को काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व मिथिलेश कुमार मौर्य ने सम्बोधित किए। वक्ताओं ने कहा कि, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। रॉलेट एक्ट के विरोध में जुटे हज़ारों लोगों में से सैंकड़ों (आधिकारिक 379, अनौपचारिक 1000+) मारे गए। इस नरसंहार के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि लौटा दी थी। दूसरी तरफ यह घटना भारतीय क्रांतिकारी युवाओं के लिए असहनीय थी। आत्मसम्मान पर भी गहरी चोट पहुंची। जिससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश के भीतर और देश के बाहर आजादी की ज्वाला धधक उठी। नौजवानों के दिल में आग ऐसी लगी कि क्रूर ब्रिटिश हुकूमत कांप उठी और उसे हिंदुस्तान को छोड़कर जाना पड़ा। क्रांतिकारी ऊधम सिंह जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान मौजूद थे। नरसंहार की घटना का मुख्य जिम्मेदार तत्कालीन गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर को उधम सिंह ने 21 साल 1940 में इंग्लैंड जाकर भरी सभा में गोली मारा था। इस तरह उधमसिंह ने जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला लिया।अमृतसर में होने वाली जनसभाओं और जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के प्रत्यक्ष गवाह पंजाबी कवि नानक सिंह ने लिखा है कि उस दौर में ऐसी एकता थी कि हिन्दू, मुसलमान, सिख एक ही गिलास पानी पी रहे थे और एक ही थाली में खाना खा रहे थे। वह इस नरसंहार के बाद, अंतिम संस्कार के जुलूसों का वर्णन करते हुए लिखते हैं कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उन्होंने अपनी कविता ‘खूनी वैसाखी’ में उल्लेख किया है कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर एक ही त्योहार मना रहे थे-
“पंच वजे अप्रैल दी तेहरवीं नूं,
लोकीं बाग़ वल होए रवान चले।
दिलां विच इनसाफ़ दी आस रख के,
सारे सिख हिन्दू मुसलमान चले।
विरले आदमी शहिर विच रहे बाकी, सब बाल ते बिरध जवान चले।“वे बताते हैं कि हिन्दू, सिख मुसलमान सब एक ही साथ मिलकर त्यौहार मना रहे थे। इस तहजीब को खत्म करने की कोशिश शोषकवर्ग तब भी कर रहा था और आज भी। दरअसल 1947 में बोतल बदली थी शराब तो अब भी वही है। बोतल बदलने से जनता में जो भ्रम पैदा हुआ था वह धीरे-धीरे टूट रहा है। लोग धीरे-धीरे महसूस कर रहे हैं कि अंग्रेजों के वारिश सत्ता में आज तक बने हुए हैं, इसीलिए इनके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है। अतः जलियाँवाला बाग नरसंहार जैसे खतरे आज भी बने हुए हैं। 13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार में हुये सभी शहीदों को और आजादी आन्दोलन में अपने को कुर्बान कर देने वाले जाने-अनजाने जितने भी क्रातिकारी शहीद हुए हैं। सभी को क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए संकल्प लेते हैं कि आज जन विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करें। इस अवसर पर अरविंद सिंह, संतोष कुमार प्रजापति, विशाल गौतम, शेषना श्रीवास्तव, इदरीश अहमद, अरविंद गुप्ता, आजाद, संजय सिंह, शोभावती सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।