गंगा ग्राम में आयोजित हुआ विश्व जल दिवस कार्यक्रम, लोगों को किया जागरूक
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहे गंगा स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत आज विश्व जल दिवस के अवसर पर गंगा ग्राम धीमपुरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कई युवाओं  ने प्रतिभाग किया।उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जल ही जीवन है। प्रायः देखा गया है कि घर के कार्यों में हम प्रतिदिन जल का उपयोग करते हैं एवं अज्ञानता वश जल को व्यर्थ कर देते हैं। यदि प्रत्येक मनुष्य चाहे तो जल की उपयोगिता को कम करके जल का संरक्षण कर सकते है। हम सभी जानते हैं कि हमारे पर्यावरण में जल का स्तर प्रत्येक दिन गिरता ही जा रहा है जो चिंता का विषय है।लोग अनजाने में बिना उपयोग के ही कई लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद कर देते हैं जिसे हमारी धरती का जल कम होता जा रहा है एवं शुद्ध जल समाप्त हो रहा है। यह बहुत चिंता का विषय है।अतः हम सभी को मिलकर यह शपथ लेनी चाहिए कि हम सभी जल की उपयोगिता को समझे एवं एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करें। हम स्वयं भी जल का जितना हो सके कम प्रयोग करें एवं अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। कई जगह पर देखा गया है कि घरों में नल लगे हैं परंतु उन नलों को बंद करने के लिए कोई संसाधन नहीं है उनमें से जल ऐसे ही बहता रहता हैं और शुद्ध जल बहकर नाली में जाता है। यदि समय रहते हम सभी ने जल को बचाने के लिए प्रयास नहीं किया तो हमारी आने वाली पीढ़ी को जल के लिए बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जैसे कि कई देशों और कई जिलों में करना पड़ रहा है। लोगों को जल लेने के लिए कई किलोमीटर दूर चलना पड़ता है।महिलाओं  को पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। अतः सभी को इसके लिए समय रहते प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर जल कलश में सभी ने अपने-अपने माध्यम से बचाए हुए जल को एकत्रित किया एवं यह संदेश दिया कि यदि प्रत्येक मनुष्य प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा जल भी बचाएगा तो बहुत बड़ी मात्रा में जल का संरक्षण हो सकेगा। इसके आंतरिक स्वच्छता के लिए सभी को जागरूक किया गया।इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण से संबंधित पंपलेट पोस्टर भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षक रोहित दीक्षित, गंगा योद्धा पल्लवी, अश्मित एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
गिरिडीह के आसमान में मंडराता हेलीकॉप्टर: सस्पेंस खत्म, लिथियम की खोज और सुरक्षा सर्वे का बड़ा खुलासा

गिरिडीह। पिछले दो दिनों से गिरिडीह जिले के आसमान में लगातार उड़ान भर रहे हेलीकॉप्टर ने आम जनता के बीच भारी कौतूहल और उहापोह की स्थिति पैदा कर दी थी। शनिवार से शुरू हुआ यह सिलसिला रविवार की सुबह भी जारी रहा, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग यह जानने को बेताब दिखे कि आखिर माजरा क्या है। अब प्रशासन और भू-वैज्ञानिकों की ओर से इस मामले पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। यह उड़ान किसी सुरक्षा मिशन का हिस्सा नहीं, बल्कि जिले के विकास और खनिज संपदा की खोज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सर्वे है।

GPS-GNSS और LiDAR तकनीक से चप्पे-चप्पे की मैपिंग

जानकारी के अनुसार, गिरिडीह के शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न प्रखंडों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से GPS-GNSS (Global Positioning System - Global Navigation Satellite System) सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य उन सभी स्थानों का सटीक डेटा जुटाना है, जहाँ पिछले पाँच वर्षों में आपातकालीन स्थितियों, वीआईपी आगमन या बड़े आयोजनों के लिए हेलीपैड का निर्माण किया गया है।

हेलीकॉप्टर में लगे अत्याधुनिक LiDAR (Light Detection and Ranging) सेंसर और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से सेंटीमीटर स्तर की सटीकता वाला डेटा प्राप्त किया जा रहा है। इस डेटा को बाद में GIS (Geographic Information System) सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल मैप्स में बदला जाएगा। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन दुर्गम क्षेत्रों का भी सटीक निरीक्षण कर लेती है जहाँ इंसानी पहुँच संभव नहीं है।

तिसरी-गावां में 'सफेद सोने' की तलाश

आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टर के साथ-साथ जिले के तिसरी और गावां प्रखंडों के जमीन पर भी एक बड़ा अभियान चल रहा है। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के विशेषज्ञों की टीम तिसरी पहुँची है। यहाँ की प्रसिद्ध अभ्रक पट्टी (Mica Belt) में लिथियम (Lithium) के विशाल भंडार होने की संभावना जताई गई है।

लिथियम, जिसे आज की दुनिया में 'सफेद सोना' कहा जाता है, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी बनाने के लिए अनिवार्य खनिज है। जीएसआई की टीम इस क्षेत्र की मिट्टी और पत्थरों के नमूने लेकर जाँच कर रही है। यदि यहाँ लिथियम की पुष्टि होती है, तो गिरिडीह न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।

जनता में उहापोह और प्रशासन का स्पष्टीकरण

हेलीकॉप्टर के बार-बार चक्कर काटने से सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी तैर रही थीं। कुछ लोग इसे बोड़ो हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से जोड़ रहे थे, तो कुछ सुरक्षा बलों का कोई बड़ा ऑपरेशन मान रहे थे। बढ़ते भ्रम को देखते हुए गिरिडीह के डीसी रामनिवास यादव ने स्थिति साफ की।

डीसी रामनिवास यादव ने कहा, "पिछले पांच सालों में जिले में जहाँ कहीं भी हेलीपैड बनाए गए हैं, उनका एरियल सर्वे (Air Survey) किया जा रहा है ताकि भविष्य के लिए सटीक डेटा तैयार रहे। इसके अलावा, तिसरी में लिथियम की उपलब्धता की जाँच के लिए भू-वैज्ञानिकों की एक अलग टीम अपना काम कर रही है। जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।"

भविष्य की राह

यह दोहरी प्रक्रिया गिरिडीह के लिए दूरगामी परिणाम लेकर आएगी। एक तरफ जहाँ सटीक मैपिंग से आपातकालीन लैंडिंग और आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ लिथियम की खोज सफल होने पर जिले में रोजगार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। फिलहाल, गिरिडीह की जनता इस हाई-टेक सर्वे को अपनी नज़रों से देखने के लिए छतों पर जुटी हुई है।

लातेहार में नक्सलियों का 'काउंटडाउन' शुरू: 31 मार्च तक जिला होगा नक्सल मुक्त, सुरक्षा बलों ने घेरा जंगल।

जिले में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू हो गया है. पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें नक्सलियों के पूर्ण उन्मूलन के लिए छत्तीसगढ़ की सीमा तक जंगलों में अभियान चला रही हैं. नक्सलियों की सप्लाई चेन को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है. सशस्त्र सीमा बल 32वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा है कि नक्सलियों के पास अब कुछ ही दिन बचे हैं. उनके पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है आत्मसमर्पण कर अपने जीवन की रक्षा करना.

दरअसल, केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक पूरे देश को नक्सली मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी लक्ष्य के अनुरूप लातेहार जिले को भी 31 मार्च तक पूरी तरह नक्सली मुक्त बनाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें लगातार सक्रिय हैं. पिछले कुछ दिनों से जिले में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सशस्त्र सीमा बल 32वीं बटालियन की पांच कंपनियों के साथ-साथ जिला पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की टीमें जुटी हुई हैं. इन टीमों ने लातेहार के सभी संभावित जंगलों के साथ छत्तीसगढ़ की सीमा तक नक्सलियों को घेरने के लिए पूर्णप्रूफ योजना तैयार की है.

तीन माओवादी और दो जेजेएमपी नक्सली सक्रिय

जानकारी के अनुसार, लातेहार जिले में वर्तमान में माओवादी के तीन और जेजेएमपी के दो नक्सली सक्रिय हैं. माओवादी नक्सलियों में 5 लाख का इनामी सबजोनल कमांडर सुखलाल बृजिया, 5 लाख का इनामी सबजोनल कमांडर राजू भुइयां और 5 लाख का इनामी सबजोनल कमांडर अनिल तुरी शामिल हैं. हालांकि, रिजनल कमांडर 15 लाख का इनामी रविंद्र गंझू और जोनल कमांडर मनोहर गंझू का नाम भी सूची में शामिल है. वहीं, जेजेएमपी नक्सली संगठन में 5 लाख का इनामी रामदेव लोहरा और 5 लाख का इनामी शिवा शामिल हैं. ये सभी नक्सली पुलिस और सुरक्षा बलों के निशाने पर हैं.

नक्सलियों की सप्लाई चेन ध्वस्त

इस संबंध में जानकारी देते हुए सशस्त्र सीमा बल 32वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश सिंह ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सलियों की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों को सहयोग करने वाले लोग भी अब पुलिस और सुरक्षा बलों के निशाने पर हैं. सप्लाई चेन ध्वस्त होने के कारण ही कुछ दिन पहले दो बड़े नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई थी.

आत्मसमर्पण ही जीवन रक्षा का एकमात्र रास्ता

सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि नक्सलियों के पास अब मात्र चंद दिन बचे हैं. इन शेष दिनों में पुलिस और सुरक्षा बलों का अभियान और तेज होगा तथा लगातार जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास अपनी जान बचाने के लिए अब केवल एक ही रास्ता बचा है, हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना और समाज की मुख्यधारा में शामिल होना. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकारी प्रावधानों के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उनका जीवन सुरक्षित रहेगा. उन्होंने नक्सलियों के परिजनों से भी अपील की है कि वे नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करें और अपने परिवार को खुशहाल बनाएं.

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आज होगा भव्य आयोजन, कई जोड़े बंधेंगे पवित्र बंधन में

जानसठ । समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आज सोमवार, 23 मार्च 2026 को कस्बे के उदय पैलेस में एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10:00 बजे से शुरू होगा, जिसमें क्षेत्र के अनेक नवविवाहित जोड़े एक साथ वैवाहिक बंधन में बंधेंगे।

कार्यक्रम की जानकारी सुधीर वालियान समाज कल्याण एडी ओ ने देते हुए बताया कि यह आयोजन उदय पैलेस, निकट पुलिस थाना जानसठ में आयोजित किया जा रहा है, जहां सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। आयोजकों के अनुसार, सम्मानित अतिथियों की उपस्थिति नवविवाहित दंपत्तियों के लिए आशीर्वाद स्वरूप होगी।

कार्यक्रम का आयोजन माननीय ब्लॉक प्रमुख एवं समस्त विकास खंड परिवार के सहयोग से किया जा रहा है, जबकि जिला प्रशासन मुजफ्फरनगर इसके सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समारोह के दौरान विवाह की सभी पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न कराई जाएंगी।

इस अवसर पर “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” और “आपकी बेटी-हमारी बेटी” जैसे संदेशों के माध्यम से समाज में बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश भी दिया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं के विवाह में सहयोग प्रदान करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।यह आयोजन न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी सहायता और खुशी का अवसर भी साबित होगा।
आजमगढ़ : भाजपा जिला कार्यालय पर नव मनोनीत सभासदों का हुआ भव्य स्वागत, पट्टा पहनाकर किया सम्मान
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर रविवार को एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लालगंज जिला अध्यक्ष बिनोद राजभर के नेतृत्व में सरकार द्वारा लालगंज के 8 नगर पंचायतों के मनोनीत नगर पंचायत सभासदों का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवमनोनीत सभासदों को पार्टी का पट्टा पहनाकर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी गईं।   

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष बिनोद राजभर ने कहा कि सरकार द्वारा मनोनीत किए गए सभासद जनता और शासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने सभी सभासदों से अपेक्षा जताई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी हमेशा अपने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ खड़ी रहती है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करती है। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री दिलीप सिंह बघेल द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन अपने अनुशासन और समर्पण के लिए जानी जाती है, और यही कारण है कि आज पार्टी लगातार जनता का विश्वास जीत रही है।
कार्यक्रम में माहुल नगर पंचायत के मनोनीत सभासद सुजीत जायसवाल आशु , शिवा शर्मा ,बिंदेश्वरी ठाकुर ,गोबिन्द यादव, कमला प्रसाद प्रजापति ,मनीष सोनकर , शिव कुमार सोनकर ,दीपक मोदनवाल , अनिल राय ,कृष्ण कुमार मोदनवाल ,पंचम भारती ,दीपेश राजभर ,सबिता गुप्ता ,ठाकुर प्रसाद ,राम स्वारथ राजभर , बिजय प्रताप बिटटू गौतम ,बिमलेश पाण्डेय ,राम मिलन अग्रहरि ,पवन चौहान ,गोपाल मोदनवाल सहित कई अन्य गणमान्य लोग एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने नवमनोनीत सभासदों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस आयोजन के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए संगठन की मजबूती का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
मार्च में जनवरी सी सिहरन क्यों? 22 मार्च तक मौसम में रहेगी नरमी, फिर गर्मी दिखाएगी तेवर

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।शुक्रवार व शनिवार सुबह की आंधी-बारिश के बाद रात में और शनिवार सुबह हवा में सिहरन बरकरार थी। हल्की कंपकंपी भी लग रही थी। पंखे की हवा भी ठंड का एहसास करा रही थी। वहीं एक दिन पूर्व दोपहर में तल्ख धूप और रात में भी गर्मी परेशान कर रही थी। कूलर और एसी भी चलने लगी थी। वहीं शुक्रवार को मौसम बदलने से अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 28.4 पर आ गया।

अधिकतम तापमान में भारी गिरावट

Prayagraj Weather Update मौसम ने अचानक करवट लेना लोगों को चौंका दिया है। मौसम में इस अचानक बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला। गुरुवार को जहां तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार को यह गिरकर 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इतना ही शनिवार को भी रहा। इस तरह एक ही दिन में करीब नौ डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट ने मौसम को सुहावना बना दिया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस था, जबकि शनिवार को और गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे सुबह ठंड बनी रही।

अचानक क्यों बदला प्रयागराज का मौसम?

Prayagraj Weather Update मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बने दबाव के कारण हुआ है। इसकी वजह से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का यह दौर देखने को मिला। कल रविवार 22 मार्च तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है और बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। 23 मार्च के बाद मौसम के साफ होने और मंगलवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी के संकेत हैं। इसके साथ ही गर्मी दोबारा अपने तेवर दिखा सकती है।

मीरजापुर  के पहले ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनर बने सौरभ सिंह, 90वीं बार किया जीवनदायी दान

मीरजापुर। जनपद के लिए गर्व का विषय है कि विंन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी सौरभ सिंह ने मीरजापुर के पहले ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनर के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। उन्होंने अपना 90 वां रक्तदान ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनेशन के रूप में कर एक गंभीर मरीज को नई जिंदगी की उम्मीद दी।
डोनेशन प्रक्रिया के तहत सौरभ सिंह जी बीती रात होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल (HBCH) पहुंचे, जहां उन्हें आवश्यक इंजेक्शन दिया गया, जिससे शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं (WBC) की संख्या बढ़ाई जाती है। देर रात 1 बजे मीरजापुर लौटने के बावजूद, उन्होंने अगले दिन सुबह 9 बजे पुनः अस्पताल पहुंचकर सफलतापूर्वक डोनेशन किया। यह पूरी प्रक्रिया डॉक्टर रेवती नायर की देखरेख में सुरक्षित रूप से सम्पन्न हुई।
ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनेशन के संबंध में ट्रस्ट के सचिव अभिषेक साहू ने बताया कि यह रक्तदान का एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण रूप है। इसमें डोनर को डोनेशन से एक दिन पहले विशेष इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे शरीर में WBC की मात्रा बढ़ जाती है। इसके बाद मशीन के माध्यम से केवल ग्रैनुलोसाइट (WBC) निकाले जाते हैं और शेष रक्त वापस शरीर में पहुंचा दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि यह डोनेशन विशेष रूप से उन मरीजों के लिए जीवनरक्षक होता है, जो कैंसर, कीमोथेरेपी या गंभीर संक्रमण के कारण अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता खो चुके होते हैं। ऐसे मरीजों के लिए WBC डोनेशन किसी संजीवनी से कम नहीं है।
इस अवसर पर विन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्णानंद हैहयवंशी ने संस्था के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट “हर घर ब्लड डोनर” अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने का सतत कार्य कर रहा है।
उन्होंने सौरभ सिंह को बधाई देते हुए कहा मीरजापुर के पहले WBC डोनर बनना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। 90 वीं बार इस प्रकार का डोनेशन करना सच्ची सेवा भावना, समर्पण और मानवता का प्रतीक है। यह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।”
अंत में, विंन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट परिवार ने सौरभ सिंह को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
हजारीबाग यूथ विंग 13 अप्रैल को लगाएगा भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग - समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग द्वारा आगामी 13 अप्रैल दिन सोमवार को शहर के लक्ष्मी सिनेमा हॉल सभागार में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संस्था के एक प्रतिनिधि मंडल ने संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के निर्देश पर हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल से मुलाकात कर उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में संस्था के उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,मार्गदर्शक जयप्रकाश खण्डेलवाल एवं संजय कुमार उपस्थित रहे। इस दौरान सदस्यों ने रक्तदान शिविर की तैयारियों और इसके उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। संस्था ने इस वर्ष 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है,जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक रक्तदाता को संस्था की ओर से सड़क सुरक्षा की दृष्टिकोण से हेलमेट भेंट देकर सम्मानित किया जाएगा, वही इस कार्यक्रम में हजारीबाग पुलिस विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर सांसद मनीष जायसवाल ने संस्था की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, जिससे अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे इस सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान से किसी स्वस्थ व्यक्ति को कोई हानि नहीं होती, बल्कि यह शरीर के लिए लाभकारी होता है और समाज में सहयोग व एकजुटता की भावना को मजबूत करता है। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जिससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। हजारीबाग यूथ विंग हर वर्ष इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष संस्था ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे पूरा करने के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे 13 अप्रैल को आयोजित इस शिविर में शामिल होकर रक्तदान करें और समाज सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। संस्था को उम्मीद है कि समाज के सभी वर्गों का सहयोग इस आयोजन को सफल बनाएगा और यह अभियान मानवता की सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

टाटीझरिया के कोल्हू गांव में भक्ति की गूंज, 401 कलश यात्रा के साथ श्री श्री 108 मारुतिनंदन महायज्ञ का शुभारंभ

टाटीझरिया - हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मांडू विधानसभा अंतर्गत टाटीझरिया प्रखंड के डूमर पंचायत स्थित ग्राम कोल्हू में भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहाँ नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय श्री श्री 108 मारुतिनंदन महायज्ञ का श्रीगणेश रविवार की अहले सुबह दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस भव्य यात्रा की शुरुआत बतौर मुख्य अतिथि हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने यज्ञ मंडप पर बजरंगबली सहित समस्त देवी-देवताओं की सविधि आराधना करने के उपरांत 401 कलश यात्रियों के माथे पर कलश रखकर कराई। गाजे- बाजे और डीजे पर थिरकते हुए और जय श्री राम के उद्घोष के बीच अनुशासित श्रद्धालु डूमर स्थित जलपना डैम से पवित्र जल भरने हेतु भक्तिभाव में झूमते हुए रवाना हुए। 

इस अवसर पर स्थानीय यज्ञ समिति द्वारा सांसद मनीष जायसवाल का जोरदार स्वागत फूल माला पहनाकर और भगवा वस्त्र ओढ़ाकर किया गया। यहाँ उमड़े जनसमूह संग सांसद मनीष जायसवाल ने सनातन धर्म की वर्तमान चुनौतियों पर उनसे गंभीर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज सनातन धर्म पर चौतरफा दबाव है, जहाँ एक वर्ग आर्थिक प्रलोभन देकर धर्मांतरण करा रहा है तो दूसरा आबादी के असंतुलन का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सजग किया कि आजादी के समय जो हिंदू आबादी लगभग 93% थी, वह अब घटकर करीब 65% रह गई है। सांसद मनीष जायसवाल ने आह्वान किया कि हिंदुओं को बांटने के बड़े षड्यंत्र को कुचलने के लिए हमें जातियों के भेदों को भुलाकर एक होना होगा। सनातनी आस्था तभी सुदृढ़ होगी जब हम एकजुट रहेंगे। 

22 मार्च से शुरू हुआ यह भक्तिमय अनुष्ठान आगामी 26 मार्च को विशाल भंडारे और पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा, जिसमें समूचे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी। 

मौके पर विशेष रूप से मांडू विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह, हजारीबाग जिला सांसद प्रतिनिधि अजय कुमार साहू, टाटीझरिया प्रमुख संतोष मंडल, भाजपा मंडल अध्यक्ष कैलाशपति सिंह, उपप्रमुख रवि वर्णवाल, जिप सदस्य रामप्रसाद, पूर्व जिप सदस्य रवि सिंह, मुखिया शिबू प्रसाद सोनी, राजू यादव, रजनीकांत चौधरी, राजेश कुमार यादव, उपेंद्र पांडेय, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि सह मंडल अध्यक्ष महेश अग्रवाल, परमेश्वर प्रसाद यादव, सुरेश प्रसाद कुशवाहा, निखिल सिंह, सुशांत सिंह, संदीप गंझू, ज्योतिष पंडा, कृष्णा साव, अनिल प्रसाद, जीवाधन प्रसाद, संतोष राम, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें। इस महायज्ञ की सफल बनाने में अध्यक्ष संतोष मंडल, उपाध्यक्ष मुकेश मंडल, सचिव प्रकाश प्रसाद और सह सचिव अशोक प्रसाद कोषाध्यक्ष दिलेश्वर प्रसाद साहु सहित समिति के नारायण महतो, लालचंद प्रसाद, पंकज मंडल, शंकर प्रसाद, अमृत प्रसाद, अखिलेश प्रसाद, अजित प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, फूलचंद मंडल, शंभू प्रसाद, बिरेंद्र प्रसाद, जगदेव प्रसाद, चिंतामन महतो, सुनील कुमार जुटे हुए हैं ।

प्रदेश में पहली बार गंगा की सीमाओं की होगी मैपिंग, खनन और कटान रोकने के लिए बनाए जाएंगे पिलर

पहले जमीन का होगा चिह्नांकन,हर 500-500 मीटर पर बनाए जाएंगे पिलर

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के 36 किलोमीटर के दायरे में 47 गांवों से होकर गुजरने वाली गंगा में अतिक्रमण, खनन और कटान रोकने के लिए गंगा की सीमाओं की मैपिंग की जाएगी। वन विभाग अप्रैल से मैपिंग कराने की तैयारी में जुटा है। मैपिंग के बाद सीमाओं पर कटानरोधी बांस और लिसोड़ के पौधे लगाने के साथ-साथ पिलर बनाए जाएंगे। यह कार्य प्रदेश में पहली बार भदोही में कराया जा रहा है। सीमाओं की मैपिंग के लिए कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। गंगा के कछार क्षेत्रों में खेती के नाम पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण किया जाता है। इसके अलावा बिहरोजपुर, रामपुर, बेरासपुर और इब्राहिमपुर जैसे क्षेत्रों में खनन की लगातार शिकायत मिलती है।

हर साल जुलाई, अगस्त और सितंबर में गंगा उफान पर रहती हैं। सीमांकन होने के बाद कटान संबंधी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा

कटान रोकने के लिए रोपे जाएंगे कटानरोधी पौधे
वन विभाग इस बार मैंग्रोव, बांस, लिसोड़, अर्जुन, जामुन, इमली, पीपल, पाकड़ आदि पौधे गंगा किनारे रोपित करेगा। यह पौधे जलीय भूमि के किनारे लगाए जाते हैं। ताकि कटान रोकने में मदद मिले। बांस में कल्ले बहुत जल्द निकलते हैं। एक साल में ही बांस का जंजाल फैल जाता है।

जिले में गंगा का दयारा
जिले में गंगा लंबाई - 36 किमी
गंगा के तटवर्ती गांव - 47
कटान प्रभावित गांव - 12 गांव
कछुआ सेंचुरी का दायरा - 30 किमी
मैपिंग के बाद क्या होंगे फायदे
- वन्य जीवों की रक्षा
- कटान से मुक्ति
- अतिक्रमण से मुक्ति
- खनन पर रोक
- जलीव जैव विधिवता का संरक्षण

गंगा के सीमाओं की मैपिंग कराई जाएगी। इससे गंगा की सीमा की पहचान होगी। निजी संस्था को नामित किया गया है। इस कार्य से कटान रोकने के साथ-साथ गंगा की जमीनों पर अतिक्रमण की समस्या भी रोकी जा सकेगी। - विवेक यादव, डीएफओ, भदोही।
गंगा ग्राम में आयोजित हुआ विश्व जल दिवस कार्यक्रम, लोगों को किया जागरूक
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहे गंगा स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत आज विश्व जल दिवस के अवसर पर गंगा ग्राम धीमपुरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कई युवाओं  ने प्रतिभाग किया।उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जल ही जीवन है। प्रायः देखा गया है कि घर के कार्यों में हम प्रतिदिन जल का उपयोग करते हैं एवं अज्ञानता वश जल को व्यर्थ कर देते हैं। यदि प्रत्येक मनुष्य चाहे तो जल की उपयोगिता को कम करके जल का संरक्षण कर सकते है। हम सभी जानते हैं कि हमारे पर्यावरण में जल का स्तर प्रत्येक दिन गिरता ही जा रहा है जो चिंता का विषय है।लोग अनजाने में बिना उपयोग के ही कई लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद कर देते हैं जिसे हमारी धरती का जल कम होता जा रहा है एवं शुद्ध जल समाप्त हो रहा है। यह बहुत चिंता का विषय है।अतः हम सभी को मिलकर यह शपथ लेनी चाहिए कि हम सभी जल की उपयोगिता को समझे एवं एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करें। हम स्वयं भी जल का जितना हो सके कम प्रयोग करें एवं अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। कई जगह पर देखा गया है कि घरों में नल लगे हैं परंतु उन नलों को बंद करने के लिए कोई संसाधन नहीं है उनमें से जल ऐसे ही बहता रहता हैं और शुद्ध जल बहकर नाली में जाता है। यदि समय रहते हम सभी ने जल को बचाने के लिए प्रयास नहीं किया तो हमारी आने वाली पीढ़ी को जल के लिए बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जैसे कि कई देशों और कई जिलों में करना पड़ रहा है। लोगों को जल लेने के लिए कई किलोमीटर दूर चलना पड़ता है।महिलाओं  को पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। अतः सभी को इसके लिए समय रहते प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर जल कलश में सभी ने अपने-अपने माध्यम से बचाए हुए जल को एकत्रित किया एवं यह संदेश दिया कि यदि प्रत्येक मनुष्य प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा जल भी बचाएगा तो बहुत बड़ी मात्रा में जल का संरक्षण हो सकेगा। इसके आंतरिक स्वच्छता के लिए सभी को जागरूक किया गया।इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण से संबंधित पंपलेट पोस्टर भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षक रोहित दीक्षित, गंगा योद्धा पल्लवी, अश्मित एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
गिरिडीह के आसमान में मंडराता हेलीकॉप्टर: सस्पेंस खत्म, लिथियम की खोज और सुरक्षा सर्वे का बड़ा खुलासा

गिरिडीह। पिछले दो दिनों से गिरिडीह जिले के आसमान में लगातार उड़ान भर रहे हेलीकॉप्टर ने आम जनता के बीच भारी कौतूहल और उहापोह की स्थिति पैदा कर दी थी। शनिवार से शुरू हुआ यह सिलसिला रविवार की सुबह भी जारी रहा, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग यह जानने को बेताब दिखे कि आखिर माजरा क्या है। अब प्रशासन और भू-वैज्ञानिकों की ओर से इस मामले पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। यह उड़ान किसी सुरक्षा मिशन का हिस्सा नहीं, बल्कि जिले के विकास और खनिज संपदा की खोज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सर्वे है।

GPS-GNSS और LiDAR तकनीक से चप्पे-चप्पे की मैपिंग

जानकारी के अनुसार, गिरिडीह के शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न प्रखंडों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से GPS-GNSS (Global Positioning System - Global Navigation Satellite System) सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य उन सभी स्थानों का सटीक डेटा जुटाना है, जहाँ पिछले पाँच वर्षों में आपातकालीन स्थितियों, वीआईपी आगमन या बड़े आयोजनों के लिए हेलीपैड का निर्माण किया गया है।

हेलीकॉप्टर में लगे अत्याधुनिक LiDAR (Light Detection and Ranging) सेंसर और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से सेंटीमीटर स्तर की सटीकता वाला डेटा प्राप्त किया जा रहा है। इस डेटा को बाद में GIS (Geographic Information System) सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल मैप्स में बदला जाएगा। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन दुर्गम क्षेत्रों का भी सटीक निरीक्षण कर लेती है जहाँ इंसानी पहुँच संभव नहीं है।

तिसरी-गावां में 'सफेद सोने' की तलाश

आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टर के साथ-साथ जिले के तिसरी और गावां प्रखंडों के जमीन पर भी एक बड़ा अभियान चल रहा है। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के विशेषज्ञों की टीम तिसरी पहुँची है। यहाँ की प्रसिद्ध अभ्रक पट्टी (Mica Belt) में लिथियम (Lithium) के विशाल भंडार होने की संभावना जताई गई है।

लिथियम, जिसे आज की दुनिया में 'सफेद सोना' कहा जाता है, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी बनाने के लिए अनिवार्य खनिज है। जीएसआई की टीम इस क्षेत्र की मिट्टी और पत्थरों के नमूने लेकर जाँच कर रही है। यदि यहाँ लिथियम की पुष्टि होती है, तो गिरिडीह न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।

जनता में उहापोह और प्रशासन का स्पष्टीकरण

हेलीकॉप्टर के बार-बार चक्कर काटने से सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी तैर रही थीं। कुछ लोग इसे बोड़ो हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से जोड़ रहे थे, तो कुछ सुरक्षा बलों का कोई बड़ा ऑपरेशन मान रहे थे। बढ़ते भ्रम को देखते हुए गिरिडीह के डीसी रामनिवास यादव ने स्थिति साफ की।

डीसी रामनिवास यादव ने कहा, "पिछले पांच सालों में जिले में जहाँ कहीं भी हेलीपैड बनाए गए हैं, उनका एरियल सर्वे (Air Survey) किया जा रहा है ताकि भविष्य के लिए सटीक डेटा तैयार रहे। इसके अलावा, तिसरी में लिथियम की उपलब्धता की जाँच के लिए भू-वैज्ञानिकों की एक अलग टीम अपना काम कर रही है। जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।"

भविष्य की राह

यह दोहरी प्रक्रिया गिरिडीह के लिए दूरगामी परिणाम लेकर आएगी। एक तरफ जहाँ सटीक मैपिंग से आपातकालीन लैंडिंग और आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ लिथियम की खोज सफल होने पर जिले में रोजगार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। फिलहाल, गिरिडीह की जनता इस हाई-टेक सर्वे को अपनी नज़रों से देखने के लिए छतों पर जुटी हुई है।

लातेहार में नक्सलियों का 'काउंटडाउन' शुरू: 31 मार्च तक जिला होगा नक्सल मुक्त, सुरक्षा बलों ने घेरा जंगल।

जिले में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू हो गया है. पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें नक्सलियों के पूर्ण उन्मूलन के लिए छत्तीसगढ़ की सीमा तक जंगलों में अभियान चला रही हैं. नक्सलियों की सप्लाई चेन को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है. सशस्त्र सीमा बल 32वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा है कि नक्सलियों के पास अब कुछ ही दिन बचे हैं. उनके पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है आत्मसमर्पण कर अपने जीवन की रक्षा करना.

दरअसल, केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक पूरे देश को नक्सली मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी लक्ष्य के अनुरूप लातेहार जिले को भी 31 मार्च तक पूरी तरह नक्सली मुक्त बनाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें लगातार सक्रिय हैं. पिछले कुछ दिनों से जिले में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सशस्त्र सीमा बल 32वीं बटालियन की पांच कंपनियों के साथ-साथ जिला पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की टीमें जुटी हुई हैं. इन टीमों ने लातेहार के सभी संभावित जंगलों के साथ छत्तीसगढ़ की सीमा तक नक्सलियों को घेरने के लिए पूर्णप्रूफ योजना तैयार की है.

तीन माओवादी और दो जेजेएमपी नक्सली सक्रिय

जानकारी के अनुसार, लातेहार जिले में वर्तमान में माओवादी के तीन और जेजेएमपी के दो नक्सली सक्रिय हैं. माओवादी नक्सलियों में 5 लाख का इनामी सबजोनल कमांडर सुखलाल बृजिया, 5 लाख का इनामी सबजोनल कमांडर राजू भुइयां और 5 लाख का इनामी सबजोनल कमांडर अनिल तुरी शामिल हैं. हालांकि, रिजनल कमांडर 15 लाख का इनामी रविंद्र गंझू और जोनल कमांडर मनोहर गंझू का नाम भी सूची में शामिल है. वहीं, जेजेएमपी नक्सली संगठन में 5 लाख का इनामी रामदेव लोहरा और 5 लाख का इनामी शिवा शामिल हैं. ये सभी नक्सली पुलिस और सुरक्षा बलों के निशाने पर हैं.

नक्सलियों की सप्लाई चेन ध्वस्त

इस संबंध में जानकारी देते हुए सशस्त्र सीमा बल 32वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश सिंह ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सलियों की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों को सहयोग करने वाले लोग भी अब पुलिस और सुरक्षा बलों के निशाने पर हैं. सप्लाई चेन ध्वस्त होने के कारण ही कुछ दिन पहले दो बड़े नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई थी.

आत्मसमर्पण ही जीवन रक्षा का एकमात्र रास्ता

सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि नक्सलियों के पास अब मात्र चंद दिन बचे हैं. इन शेष दिनों में पुलिस और सुरक्षा बलों का अभियान और तेज होगा तथा लगातार जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास अपनी जान बचाने के लिए अब केवल एक ही रास्ता बचा है, हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना और समाज की मुख्यधारा में शामिल होना. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकारी प्रावधानों के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उनका जीवन सुरक्षित रहेगा. उन्होंने नक्सलियों के परिजनों से भी अपील की है कि वे नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करें और अपने परिवार को खुशहाल बनाएं.

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आज होगा भव्य आयोजन, कई जोड़े बंधेंगे पवित्र बंधन में

जानसठ । समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आज सोमवार, 23 मार्च 2026 को कस्बे के उदय पैलेस में एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10:00 बजे से शुरू होगा, जिसमें क्षेत्र के अनेक नवविवाहित जोड़े एक साथ वैवाहिक बंधन में बंधेंगे।

कार्यक्रम की जानकारी सुधीर वालियान समाज कल्याण एडी ओ ने देते हुए बताया कि यह आयोजन उदय पैलेस, निकट पुलिस थाना जानसठ में आयोजित किया जा रहा है, जहां सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। आयोजकों के अनुसार, सम्मानित अतिथियों की उपस्थिति नवविवाहित दंपत्तियों के लिए आशीर्वाद स्वरूप होगी।

कार्यक्रम का आयोजन माननीय ब्लॉक प्रमुख एवं समस्त विकास खंड परिवार के सहयोग से किया जा रहा है, जबकि जिला प्रशासन मुजफ्फरनगर इसके सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समारोह के दौरान विवाह की सभी पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न कराई जाएंगी।

इस अवसर पर “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” और “आपकी बेटी-हमारी बेटी” जैसे संदेशों के माध्यम से समाज में बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश भी दिया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं के विवाह में सहयोग प्रदान करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।यह आयोजन न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी सहायता और खुशी का अवसर भी साबित होगा।
आजमगढ़ : भाजपा जिला कार्यालय पर नव मनोनीत सभासदों का हुआ भव्य स्वागत, पट्टा पहनाकर किया सम्मान
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर रविवार को एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लालगंज जिला अध्यक्ष बिनोद राजभर के नेतृत्व में सरकार द्वारा लालगंज के 8 नगर पंचायतों के मनोनीत नगर पंचायत सभासदों का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवमनोनीत सभासदों को पार्टी का पट्टा पहनाकर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी गईं।   

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष बिनोद राजभर ने कहा कि सरकार द्वारा मनोनीत किए गए सभासद जनता और शासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने सभी सभासदों से अपेक्षा जताई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी हमेशा अपने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ खड़ी रहती है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करती है। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री दिलीप सिंह बघेल द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन अपने अनुशासन और समर्पण के लिए जानी जाती है, और यही कारण है कि आज पार्टी लगातार जनता का विश्वास जीत रही है।
कार्यक्रम में माहुल नगर पंचायत के मनोनीत सभासद सुजीत जायसवाल आशु , शिवा शर्मा ,बिंदेश्वरी ठाकुर ,गोबिन्द यादव, कमला प्रसाद प्रजापति ,मनीष सोनकर , शिव कुमार सोनकर ,दीपक मोदनवाल , अनिल राय ,कृष्ण कुमार मोदनवाल ,पंचम भारती ,दीपेश राजभर ,सबिता गुप्ता ,ठाकुर प्रसाद ,राम स्वारथ राजभर , बिजय प्रताप बिटटू गौतम ,बिमलेश पाण्डेय ,राम मिलन अग्रहरि ,पवन चौहान ,गोपाल मोदनवाल सहित कई अन्य गणमान्य लोग एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने नवमनोनीत सभासदों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस आयोजन के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए संगठन की मजबूती का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
मार्च में जनवरी सी सिहरन क्यों? 22 मार्च तक मौसम में रहेगी नरमी, फिर गर्मी दिखाएगी तेवर

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।शुक्रवार व शनिवार सुबह की आंधी-बारिश के बाद रात में और शनिवार सुबह हवा में सिहरन बरकरार थी। हल्की कंपकंपी भी लग रही थी। पंखे की हवा भी ठंड का एहसास करा रही थी। वहीं एक दिन पूर्व दोपहर में तल्ख धूप और रात में भी गर्मी परेशान कर रही थी। कूलर और एसी भी चलने लगी थी। वहीं शुक्रवार को मौसम बदलने से अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 28.4 पर आ गया।

अधिकतम तापमान में भारी गिरावट

Prayagraj Weather Update मौसम ने अचानक करवट लेना लोगों को चौंका दिया है। मौसम में इस अचानक बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला। गुरुवार को जहां तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार को यह गिरकर 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इतना ही शनिवार को भी रहा। इस तरह एक ही दिन में करीब नौ डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट ने मौसम को सुहावना बना दिया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस था, जबकि शनिवार को और गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे सुबह ठंड बनी रही।

अचानक क्यों बदला प्रयागराज का मौसम?

Prayagraj Weather Update मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बने दबाव के कारण हुआ है। इसकी वजह से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का यह दौर देखने को मिला। कल रविवार 22 मार्च तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है और बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। 23 मार्च के बाद मौसम के साफ होने और मंगलवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी के संकेत हैं। इसके साथ ही गर्मी दोबारा अपने तेवर दिखा सकती है।

मीरजापुर  के पहले ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनर बने सौरभ सिंह, 90वीं बार किया जीवनदायी दान

मीरजापुर। जनपद के लिए गर्व का विषय है कि विंन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी सौरभ सिंह ने मीरजापुर के पहले ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनर के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। उन्होंने अपना 90 वां रक्तदान ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनेशन के रूप में कर एक गंभीर मरीज को नई जिंदगी की उम्मीद दी।
डोनेशन प्रक्रिया के तहत सौरभ सिंह जी बीती रात होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल (HBCH) पहुंचे, जहां उन्हें आवश्यक इंजेक्शन दिया गया, जिससे शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं (WBC) की संख्या बढ़ाई जाती है। देर रात 1 बजे मीरजापुर लौटने के बावजूद, उन्होंने अगले दिन सुबह 9 बजे पुनः अस्पताल पहुंचकर सफलतापूर्वक डोनेशन किया। यह पूरी प्रक्रिया डॉक्टर रेवती नायर की देखरेख में सुरक्षित रूप से सम्पन्न हुई।
ग्रैनुलोसाइट (WBC) डोनेशन के संबंध में ट्रस्ट के सचिव अभिषेक साहू ने बताया कि यह रक्तदान का एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण रूप है। इसमें डोनर को डोनेशन से एक दिन पहले विशेष इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे शरीर में WBC की मात्रा बढ़ जाती है। इसके बाद मशीन के माध्यम से केवल ग्रैनुलोसाइट (WBC) निकाले जाते हैं और शेष रक्त वापस शरीर में पहुंचा दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि यह डोनेशन विशेष रूप से उन मरीजों के लिए जीवनरक्षक होता है, जो कैंसर, कीमोथेरेपी या गंभीर संक्रमण के कारण अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता खो चुके होते हैं। ऐसे मरीजों के लिए WBC डोनेशन किसी संजीवनी से कम नहीं है।
इस अवसर पर विन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्णानंद हैहयवंशी ने संस्था के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट “हर घर ब्लड डोनर” अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने का सतत कार्य कर रहा है।
उन्होंने सौरभ सिंह को बधाई देते हुए कहा मीरजापुर के पहले WBC डोनर बनना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। 90 वीं बार इस प्रकार का डोनेशन करना सच्ची सेवा भावना, समर्पण और मानवता का प्रतीक है। यह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।”
अंत में, विंन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट परिवार ने सौरभ सिंह को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
हजारीबाग यूथ विंग 13 अप्रैल को लगाएगा भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग - समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग द्वारा आगामी 13 अप्रैल दिन सोमवार को शहर के लक्ष्मी सिनेमा हॉल सभागार में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संस्था के एक प्रतिनिधि मंडल ने संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के निर्देश पर हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल से मुलाकात कर उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में संस्था के उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,मार्गदर्शक जयप्रकाश खण्डेलवाल एवं संजय कुमार उपस्थित रहे। इस दौरान सदस्यों ने रक्तदान शिविर की तैयारियों और इसके उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। संस्था ने इस वर्ष 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है,जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक रक्तदाता को संस्था की ओर से सड़क सुरक्षा की दृष्टिकोण से हेलमेट भेंट देकर सम्मानित किया जाएगा, वही इस कार्यक्रम में हजारीबाग पुलिस विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर सांसद मनीष जायसवाल ने संस्था की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, जिससे अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे इस सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान से किसी स्वस्थ व्यक्ति को कोई हानि नहीं होती, बल्कि यह शरीर के लिए लाभकारी होता है और समाज में सहयोग व एकजुटता की भावना को मजबूत करता है। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जिससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। हजारीबाग यूथ विंग हर वर्ष इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष संस्था ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे पूरा करने के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे 13 अप्रैल को आयोजित इस शिविर में शामिल होकर रक्तदान करें और समाज सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। संस्था को उम्मीद है कि समाज के सभी वर्गों का सहयोग इस आयोजन को सफल बनाएगा और यह अभियान मानवता की सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

टाटीझरिया के कोल्हू गांव में भक्ति की गूंज, 401 कलश यात्रा के साथ श्री श्री 108 मारुतिनंदन महायज्ञ का शुभारंभ

टाटीझरिया - हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मांडू विधानसभा अंतर्गत टाटीझरिया प्रखंड के डूमर पंचायत स्थित ग्राम कोल्हू में भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहाँ नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय श्री श्री 108 मारुतिनंदन महायज्ञ का श्रीगणेश रविवार की अहले सुबह दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस भव्य यात्रा की शुरुआत बतौर मुख्य अतिथि हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने यज्ञ मंडप पर बजरंगबली सहित समस्त देवी-देवताओं की सविधि आराधना करने के उपरांत 401 कलश यात्रियों के माथे पर कलश रखकर कराई। गाजे- बाजे और डीजे पर थिरकते हुए और जय श्री राम के उद्घोष के बीच अनुशासित श्रद्धालु डूमर स्थित जलपना डैम से पवित्र जल भरने हेतु भक्तिभाव में झूमते हुए रवाना हुए। 

इस अवसर पर स्थानीय यज्ञ समिति द्वारा सांसद मनीष जायसवाल का जोरदार स्वागत फूल माला पहनाकर और भगवा वस्त्र ओढ़ाकर किया गया। यहाँ उमड़े जनसमूह संग सांसद मनीष जायसवाल ने सनातन धर्म की वर्तमान चुनौतियों पर उनसे गंभीर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज सनातन धर्म पर चौतरफा दबाव है, जहाँ एक वर्ग आर्थिक प्रलोभन देकर धर्मांतरण करा रहा है तो दूसरा आबादी के असंतुलन का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सजग किया कि आजादी के समय जो हिंदू आबादी लगभग 93% थी, वह अब घटकर करीब 65% रह गई है। सांसद मनीष जायसवाल ने आह्वान किया कि हिंदुओं को बांटने के बड़े षड्यंत्र को कुचलने के लिए हमें जातियों के भेदों को भुलाकर एक होना होगा। सनातनी आस्था तभी सुदृढ़ होगी जब हम एकजुट रहेंगे। 

22 मार्च से शुरू हुआ यह भक्तिमय अनुष्ठान आगामी 26 मार्च को विशाल भंडारे और पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा, जिसमें समूचे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी। 

मौके पर विशेष रूप से मांडू विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह, हजारीबाग जिला सांसद प्रतिनिधि अजय कुमार साहू, टाटीझरिया प्रमुख संतोष मंडल, भाजपा मंडल अध्यक्ष कैलाशपति सिंह, उपप्रमुख रवि वर्णवाल, जिप सदस्य रामप्रसाद, पूर्व जिप सदस्य रवि सिंह, मुखिया शिबू प्रसाद सोनी, राजू यादव, रजनीकांत चौधरी, राजेश कुमार यादव, उपेंद्र पांडेय, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि सह मंडल अध्यक्ष महेश अग्रवाल, परमेश्वर प्रसाद यादव, सुरेश प्रसाद कुशवाहा, निखिल सिंह, सुशांत सिंह, संदीप गंझू, ज्योतिष पंडा, कृष्णा साव, अनिल प्रसाद, जीवाधन प्रसाद, संतोष राम, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें। इस महायज्ञ की सफल बनाने में अध्यक्ष संतोष मंडल, उपाध्यक्ष मुकेश मंडल, सचिव प्रकाश प्रसाद और सह सचिव अशोक प्रसाद कोषाध्यक्ष दिलेश्वर प्रसाद साहु सहित समिति के नारायण महतो, लालचंद प्रसाद, पंकज मंडल, शंकर प्रसाद, अमृत प्रसाद, अखिलेश प्रसाद, अजित प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, फूलचंद मंडल, शंभू प्रसाद, बिरेंद्र प्रसाद, जगदेव प्रसाद, चिंतामन महतो, सुनील कुमार जुटे हुए हैं ।

प्रदेश में पहली बार गंगा की सीमाओं की होगी मैपिंग, खनन और कटान रोकने के लिए बनाए जाएंगे पिलर

पहले जमीन का होगा चिह्नांकन,हर 500-500 मीटर पर बनाए जाएंगे पिलर

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के 36 किलोमीटर के दायरे में 47 गांवों से होकर गुजरने वाली गंगा में अतिक्रमण, खनन और कटान रोकने के लिए गंगा की सीमाओं की मैपिंग की जाएगी। वन विभाग अप्रैल से मैपिंग कराने की तैयारी में जुटा है। मैपिंग के बाद सीमाओं पर कटानरोधी बांस और लिसोड़ के पौधे लगाने के साथ-साथ पिलर बनाए जाएंगे। यह कार्य प्रदेश में पहली बार भदोही में कराया जा रहा है। सीमाओं की मैपिंग के लिए कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। गंगा के कछार क्षेत्रों में खेती के नाम पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण किया जाता है। इसके अलावा बिहरोजपुर, रामपुर, बेरासपुर और इब्राहिमपुर जैसे क्षेत्रों में खनन की लगातार शिकायत मिलती है।

हर साल जुलाई, अगस्त और सितंबर में गंगा उफान पर रहती हैं। सीमांकन होने के बाद कटान संबंधी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा

कटान रोकने के लिए रोपे जाएंगे कटानरोधी पौधे
वन विभाग इस बार मैंग्रोव, बांस, लिसोड़, अर्जुन, जामुन, इमली, पीपल, पाकड़ आदि पौधे गंगा किनारे रोपित करेगा। यह पौधे जलीय भूमि के किनारे लगाए जाते हैं। ताकि कटान रोकने में मदद मिले। बांस में कल्ले बहुत जल्द निकलते हैं। एक साल में ही बांस का जंजाल फैल जाता है।

जिले में गंगा का दयारा
जिले में गंगा लंबाई - 36 किमी
गंगा के तटवर्ती गांव - 47
कटान प्रभावित गांव - 12 गांव
कछुआ सेंचुरी का दायरा - 30 किमी
मैपिंग के बाद क्या होंगे फायदे
- वन्य जीवों की रक्षा
- कटान से मुक्ति
- अतिक्रमण से मुक्ति
- खनन पर रोक
- जलीव जैव विधिवता का संरक्षण

गंगा के सीमाओं की मैपिंग कराई जाएगी। इससे गंगा की सीमा की पहचान होगी। निजी संस्था को नामित किया गया है। इस कार्य से कटान रोकने के साथ-साथ गंगा की जमीनों पर अतिक्रमण की समस्या भी रोकी जा सकेगी। - विवेक यादव, डीएफओ, भदोही।