हजारीबाग में सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर जताई चिंता

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 के दौरान लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और सुबह सवा नौ बजे अपने बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग नगर निगम के वार्ड संख्या 27 स्थित मुनका बगीचा धर्मशाला ( दक्षिणी भाग) में बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली अवस्थित अपने बूथ संख्या 04 पर पहुंचे जहां मतदान से पूर्व की सारी प्रक्रिया पूरी कर लोकतंत्र के महापर्व में अपने मत का उपयोग किया। सांसद मनीष जायसवाल स्काई ब्लू रंग के कुर्ते में बूथ पर पहुंचे। यहां उन्होंने मतदान करने पहुंचे कई लोगों से मिलकर उनका आभार जताया।

मौके पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड के सभी जिलों के मतदाताओं से अपील किया अपने-अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के अधिकार का उपयोग करें, वोट जरूर दें और अपने पसंद का नगर की सरकार चुनकर अपने नगर निकायों में सुशासन और विकास युक्त शासन स्थापित करें। यहां मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नगर की सरकार का गठन होने जा रहा है। यह हमारे दैनिक जीवन की आधारशिला है। हमारी सुबह की स्वच्छता से लेकर, रात की स्ट्रीट लाइट और घर की नल में आने वाले पेयजल तक सब कुछ इसी नगर निकाय से संचालित होता है। इसलिए नगर के सर्वांगीण विकास और सुशासन के लिए आपका घर से निकलकर बूथ तक पहुँचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब इसके सभी स्तंभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि 

आज मतदान के दौरान मैंने एक व्यक्तिगत विडंबना का अनुभव किया। चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट प्रबंधन की त्रुटि के कारण आज मेरे ही परिवार का विभाजन हो गया। मेरा संपूर्ण परिवार वार्ड संख्या 28 में है, जबकि मुझे अकेला वार्ड संख्या 27 में डाल दिया गया। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक ही घर दो अलग-अलग वार्डों में कैसे हो सकता है?

अमूनन मतदान एक पारिवारिक उत्सव होता है जहाँ पूरा परिवार एक साथ वोट देने निकलता है। लेकिन आज जब मैं अकेला वोट देने निकला, तो मन में यह मलाल था कि ऐसा प्रशासनिक बंटवारा उचित नहीं है। यदि एक जन-प्रतिनिधि के साथ ऐसी त्रुटि हो सकती है, तो आम जनमानस को अपने बूथ ढूंढने में कितनी कठिनाई हो रही होगी, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

मेरा जिम्मेवार अधिकारियों से यह विनम्र आग्रह है कि भविष्य में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को और अधिक संजीदगी और सूक्ष्मता से किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में असुविधा न हो।

हजारीबाग में निकलेगी भव्य श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा, तैयारियां पूरी

हजारीबाग - श्याम भक्त परिवार हजारीबाग के द्वारा आयोजित होने वाली श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को लेकर समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। पूरे शहर में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। मंगलवार को यह भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर की सड़कों पर श्याम नाम की गूंज के साथ निकलेगी। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व सोमवार को आयोजन स्थल पर अत्यंत भक्तिमय दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने सामूहिक रूप से प्रभु श्री श्याम के पावन निशान की विधिवत रूप से उसकी सज्जा का कार्य किया। प्रभु श्री श्याम के मधुर भजनों को गुनगुनाते हुए महिलाएं पूरी श्रद्धा और समर्पण भाव से निशान को सजा रही थीं। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा और जय श्री श्याम के जयकारों से पूरा परिसर गूंजायमान हो उठा। मोर पंख, गेंदा फूल, रंगीन वस्त्र एवं आकर्षक सजावटी सामग्री से निशान को भव्य और मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया। भक्ति में लीन महिलाओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था की चमक स्पष्ट झलक रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा वातावरण श्याममय हो उठा हो। वहीं दूसरी ओर आयोजक मंडली के सदस्य भी कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने हेतु अंतिम तैयारियों में जुटे रहे। शोभायात्रा की सुसज्जित रथ की तैयारी, झांकियों की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। आयोजक मंडली के सदस्यों ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने का हमारा संकल्प है। विशेष प्रसन्नता की बात है कि इस बार यात्रा नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से निकाली जा रही है, जो सभी श्याम भक्तों के लिए गर्व और आस्था का विषय है। हम सभी शहरवासियों से आग्रह करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाएं और प्रभु श्री श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करें। आयोजकों के अनुसार प्रातः 9:00 बजे नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत शोभायात्रा प्रारंभ होगी। सुसज्जित रथ पर विराजमान प्रभु श्री श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों एवं मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंचकर संपन्न होगी। श्याम भक्त परिवार हजारीबाग ने समस्त श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस भव्य आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

लोकतंत्र के उत्सव में शामिल हुए CM": मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और कल्पना सोरेन ने वार्ड 26 में किया मतदान

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रांची: झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 के लिए आज हो रहे मतदान के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने राजधानी के वार्ड संख्या 26 स्थित मतदान केंद्र पर पहुँचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

उत्साह और अपील:

सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन बूथ पर पहुँचे और सामान्य नागरिकों की तरह कतार में लगकर वोट डाला। मतदान के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर निकाय चुनाव सीधे तौर पर शहर की स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय विकास से जुड़ा होता है। उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से अपील की कि वे भारी संख्या में घरों से बाहर निकलें और लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल बनाएं।

वार्ड 26 की सरगर्मी:

मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण वार्ड 26 के मतदान केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, फिर भी आम मतदाताओं का उत्साह देखते ही बनता था। कल्पना सोरेन ने भी वोट डालने के बाद 'विकसित और सुंदर रांची' की उम्मीद जताई और कहा कि एक-एक वोट शहर की सूरत बदलने में निर्णायक होता है।

झारखंड के 48 नगर निकायों में आज सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। मुख्यमंत्री के मतदान करने के बाद चुनावी क्षेत्रों में वोटिंग की रफ्तार में और तेजी देखी जा रही है।

185 स्कूलों में नौनिहालों को टाट-पट्टी से मिलेगी मुक्ति

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 185 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जल्द ही टाट-पट्टी से मुक्ति मिलेगी। शिक्षा विभाग ने डेस्क-बेंच खरीद के लिए परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर अप्रैल-मई तक डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी। अब तक करीब 700 विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यह सुविधा मिल रही है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। इसमें एक लाख 40 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। ऑपरेशन कायाकल्प सहित अन्य योजनाओं से विद्यालयों को चमकाया जा रहा है। परियोजना कार्यालय और कंपोजिट ग्रांट से विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। साल 2020 के पहले गिने-चुने विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा थी, लेकिन बीते पांच साल में सुविधाएं बढ़ाई गई। साल 2022 में करीब 250, 2023 में 123, 2024 में 45 और 2025 में 11 समेत अब तक कुल 700 विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा दे दी गई है, लेकिन अब भी 185 विद्यालयों में बच्चों को टाट-पट्टी पर ही बैठना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा मुहैया कराने के लिए विभाग ने परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। एक-एक बेंच पर 8519 रुपये खर्च होंगे। शासन से जैसे बजट मिलेगा विभाग इसकी खरीद करेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि हर साल स्कूलों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। शासन से मिले बजट के अलावा संगठनों, जप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। 185 विद्यालयों का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी।
सीएमओ, एसीएमओ ओपीडी में करेंगे इलाज

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए अब सीएमओ या एसीएमओ भी सप्ताह में एक दिन ओपीडी करेंगे। बृहस्पतिवार का दिन इसके लिए तय किया गया है। छह सीएचसी, 20 पीएचसी सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्रों में से किसी एक केंद्र पर वे अचानक जाएंगे। मरीजों को देखने के साथ ही वहां की व्यवस्था को भी देखेंगे।जिले में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही और सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्र है। किसी एक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी ओपीडी करेंगे। इन केंद्रों पर रोजाना पांच हजार से 5500 की ओपीडी होती है। अमूमन सीएमओ को शिकायत मिलती रहती है कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं। उपचार कराने में मरीज के पूरे दिन बीत जाते है। इसका मुख्य कारण है कि समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं, उपचार कराने में काफी समय लग जाता हैं। यदि मरीज को जांच लिख दिया गया तो पूरा दिन उपचार कराने में निकल जाते हैं। शासन का निर्देश है कि महीने में दो बार स्वास्थ्य महकमा के आलाधिकारियों जैसे सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ को ओपीडी करनी है। यदि सीएमओ और एसीएमओ बैठक या अन्य विभागीय कार्य के कारण शहर से बाहर रहेंगे तो अन्य प्रभारी चिकित्साधिकारी ओपीडी में बैठेंगे।


हर बृहस्पतिवार को खुद किसी न किसी अस्पताल में ओपीडी करुंगा, जिस अस्पताल में ओपीडी करनी है, वहां औचक पहुंचेंगे। बाहर रहने पर किसी अन्य एसीएमओ या डिप्टी सीएमओ ओपीडी में बैठेगे। कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी- डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
देश की छवि धूमिल करने का कांग्रेस पर आरोप, विश्व हिंदू परिषद ने फूंका राहुल गांधी का पुतला

फर्रुखाबाद । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के गौ रक्षा प्रकोष्ठ ने कांग्रेस पार्टी और उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कायमगंज तहसील क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौराहे पर राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस पर 'देश की छवि धूमिल करने' का गंभीर आरोप लगाया।

मुख्य चौराहे पर हुआ पुतला दहन।
जानकारी के अनुसार, विहिप गौ रक्षा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता सबसे पहले सब्जी मंडी जवाहरगंज स्थित अपने स्थानीय कार्यालय पर एकत्रित हुए। वहां से वे एक साथ मुख्य चौराहे पर पहुंचे और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पूरे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व विहिप गौ रक्षा प्रकोष्ठ के सह जिला प्रमुख प्रदीप सक्सेना ने किया।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने हाल ही में 'एआई इम्पैक्ट समिट' जैसे विश्व स्तरीय आयोजन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न केवल कांग्रेस की, बल्कि पूरे देश की छवि खराब हुई है।


'विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ बयानबाजी'प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के प्रमुख नेता अक्सर विदेश जाकर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं। विहिप कार्यकर्ताओं ने इस कृत्य को 'देशद्रोही मानसिकता' का परिचायक बताया। उन्होंने मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्र के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

#delhireceivedbombthreatforredfortanddelhi_assembly

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देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

गया में यादव जी के लव स्टोरी फिल्म को लेकर बढ़ा विवाद, यादव महासंघ ने प्रेस वार्ता कर जताया विरोध, 25 फरवरी को प्रदर्शन

गया: गया में अखिल भारतवर्षीय यादव महासंघ (गया इकाई) ने यादव जी की लव स्टोरी के विरोध को लेकर सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित की। यह प्रेस वार्ता चंदौती स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कार्यालय के समीप एक निजी भवन में संपन्न हुई, जिसमें संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रामाश्रय यादव, मुकुल यादव, एडवोकेट वीरेंद्र गोप, सम्राट सिकंदर और प्रमोद यादव सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।

महासंघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि यादव जी के लव स्टोरी फिल्म में एक विशेष समुदाय का चित्रण आपत्तिजनक तरीके से किया गया है, जिससे यादव समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं। वक्ताओं ने कहा कि किसी समुदाय की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करना न केवल सामाजिक सम्मान को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे के माहौल को भी कमजोर कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सामग्री स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है और शांति व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है।

संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और बिहार सरकार से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने तथा इसके नाम में परिवर्तन करने की मांग की है। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी रचना से समाज के किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है, तो उस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान महासंघ ने 25 फरवरी को गांधी मैदान से विरोध रैली निकालने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि जिस-जिस सिनेमा घर में फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, वहाँ संगठन की ओर से प्रदर्शन और तोड़फोड़ किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग दोहराई गई। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज की गरिमा और सम्मान बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील की।

पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर की रिपोर्ट: रात की दुर्घटनाओं में शराब और बिना हेलमेट बड़ी वजह
लखनऊ। राजधानी स्थित एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पीजीआई लखनऊ की एक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट न पहनना बड़ी वजह बन रहे हैं। वर्ष 2018 से 2024 के बीच रात में भर्ती हुए घायलों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।डॉ. एके सिंह और डॉ. पीके मिश्रा द्वारा तैयार यह शोध रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जर्नल Cureus में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में कुल 3,705 घायलों को शामिल किया गया। रिपोर्ट की प्रमुख बातें रात में लाए गए घायलों में से लगभग हर दूसरे व्यक्ति ने शराब पी रखी थी। केवल एक तिहाई दोपहिया सवारों ने हेलमेट पहना था। चार पहिया वाहन चालकों में सिर्फ 41% ने सीट बेल्ट लगाई थी। कुल मामलों में 67.3% सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े थे। इनमें से 84.7% दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं थीं। 78.3% मरीज पुरुष थे, औसत आयु 37.5 वर्ष। 44.5% मामलों में सिर की चोट पाई गई। आईसीयू और मृत्यु दर अध्ययन में पाया गया कि 58.4% मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। 45.8% को मैकेनिकल वेंटिलेशन की जरूरत हुई। कुल मृत्यु दर 4% रही, जिनमें से 42.2% मौतें 24 घंटे के भीतर हुईं। बुजुर्गों में बाथरूम में गिरने की घटनाएं रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि काफी बुजुर्ग बाथरूम में फिसलकर घायल हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह चिकनी टाइल्स को बताया गया है, जिनकी फिसलन से गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ की राय ट्रॉमा सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वैभव जायसवाल के अनुसार, दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार, लापरवाही और जागरूकता की कमी बड़ी वजह है। बेहतर सड़कें और एक्सप्रेसवे यात्रा का समय तो कम कर रहे हैं, लेकिन सावधानी न बरतने पर हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह ट्रॉमा सेंटर बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।
हजारीबाग में सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर जताई चिंता

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 के दौरान लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और सुबह सवा नौ बजे अपने बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग नगर निगम के वार्ड संख्या 27 स्थित मुनका बगीचा धर्मशाला ( दक्षिणी भाग) में बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली अवस्थित अपने बूथ संख्या 04 पर पहुंचे जहां मतदान से पूर्व की सारी प्रक्रिया पूरी कर लोकतंत्र के महापर्व में अपने मत का उपयोग किया। सांसद मनीष जायसवाल स्काई ब्लू रंग के कुर्ते में बूथ पर पहुंचे। यहां उन्होंने मतदान करने पहुंचे कई लोगों से मिलकर उनका आभार जताया।

मौके पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड के सभी जिलों के मतदाताओं से अपील किया अपने-अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के अधिकार का उपयोग करें, वोट जरूर दें और अपने पसंद का नगर की सरकार चुनकर अपने नगर निकायों में सुशासन और विकास युक्त शासन स्थापित करें। यहां मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नगर की सरकार का गठन होने जा रहा है। यह हमारे दैनिक जीवन की आधारशिला है। हमारी सुबह की स्वच्छता से लेकर, रात की स्ट्रीट लाइट और घर की नल में आने वाले पेयजल तक सब कुछ इसी नगर निकाय से संचालित होता है। इसलिए नगर के सर्वांगीण विकास और सुशासन के लिए आपका घर से निकलकर बूथ तक पहुँचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब इसके सभी स्तंभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि 

आज मतदान के दौरान मैंने एक व्यक्तिगत विडंबना का अनुभव किया। चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट प्रबंधन की त्रुटि के कारण आज मेरे ही परिवार का विभाजन हो गया। मेरा संपूर्ण परिवार वार्ड संख्या 28 में है, जबकि मुझे अकेला वार्ड संख्या 27 में डाल दिया गया। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक ही घर दो अलग-अलग वार्डों में कैसे हो सकता है?

अमूनन मतदान एक पारिवारिक उत्सव होता है जहाँ पूरा परिवार एक साथ वोट देने निकलता है। लेकिन आज जब मैं अकेला वोट देने निकला, तो मन में यह मलाल था कि ऐसा प्रशासनिक बंटवारा उचित नहीं है। यदि एक जन-प्रतिनिधि के साथ ऐसी त्रुटि हो सकती है, तो आम जनमानस को अपने बूथ ढूंढने में कितनी कठिनाई हो रही होगी, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

मेरा जिम्मेवार अधिकारियों से यह विनम्र आग्रह है कि भविष्य में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को और अधिक संजीदगी और सूक्ष्मता से किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में असुविधा न हो।

हजारीबाग में निकलेगी भव्य श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा, तैयारियां पूरी

हजारीबाग - श्याम भक्त परिवार हजारीबाग के द्वारा आयोजित होने वाली श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को लेकर समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। पूरे शहर में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। मंगलवार को यह भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर की सड़कों पर श्याम नाम की गूंज के साथ निकलेगी। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व सोमवार को आयोजन स्थल पर अत्यंत भक्तिमय दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने सामूहिक रूप से प्रभु श्री श्याम के पावन निशान की विधिवत रूप से उसकी सज्जा का कार्य किया। प्रभु श्री श्याम के मधुर भजनों को गुनगुनाते हुए महिलाएं पूरी श्रद्धा और समर्पण भाव से निशान को सजा रही थीं। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा और जय श्री श्याम के जयकारों से पूरा परिसर गूंजायमान हो उठा। मोर पंख, गेंदा फूल, रंगीन वस्त्र एवं आकर्षक सजावटी सामग्री से निशान को भव्य और मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया। भक्ति में लीन महिलाओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था की चमक स्पष्ट झलक रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा वातावरण श्याममय हो उठा हो। वहीं दूसरी ओर आयोजक मंडली के सदस्य भी कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने हेतु अंतिम तैयारियों में जुटे रहे। शोभायात्रा की सुसज्जित रथ की तैयारी, झांकियों की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। आयोजक मंडली के सदस्यों ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने का हमारा संकल्प है। विशेष प्रसन्नता की बात है कि इस बार यात्रा नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से निकाली जा रही है, जो सभी श्याम भक्तों के लिए गर्व और आस्था का विषय है। हम सभी शहरवासियों से आग्रह करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाएं और प्रभु श्री श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करें। आयोजकों के अनुसार प्रातः 9:00 बजे नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत शोभायात्रा प्रारंभ होगी। सुसज्जित रथ पर विराजमान प्रभु श्री श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों एवं मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंचकर संपन्न होगी। श्याम भक्त परिवार हजारीबाग ने समस्त श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस भव्य आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

लोकतंत्र के उत्सव में शामिल हुए CM": मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और कल्पना सोरेन ने वार्ड 26 में किया मतदान

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रांची: झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 के लिए आज हो रहे मतदान के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने राजधानी के वार्ड संख्या 26 स्थित मतदान केंद्र पर पहुँचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

उत्साह और अपील:

सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन बूथ पर पहुँचे और सामान्य नागरिकों की तरह कतार में लगकर वोट डाला। मतदान के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर निकाय चुनाव सीधे तौर पर शहर की स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय विकास से जुड़ा होता है। उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से अपील की कि वे भारी संख्या में घरों से बाहर निकलें और लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल बनाएं।

वार्ड 26 की सरगर्मी:

मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण वार्ड 26 के मतदान केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, फिर भी आम मतदाताओं का उत्साह देखते ही बनता था। कल्पना सोरेन ने भी वोट डालने के बाद 'विकसित और सुंदर रांची' की उम्मीद जताई और कहा कि एक-एक वोट शहर की सूरत बदलने में निर्णायक होता है।

झारखंड के 48 नगर निकायों में आज सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। मुख्यमंत्री के मतदान करने के बाद चुनावी क्षेत्रों में वोटिंग की रफ्तार में और तेजी देखी जा रही है।

185 स्कूलों में नौनिहालों को टाट-पट्टी से मिलेगी मुक्ति

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 185 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जल्द ही टाट-पट्टी से मुक्ति मिलेगी। शिक्षा विभाग ने डेस्क-बेंच खरीद के लिए परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर अप्रैल-मई तक डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी। अब तक करीब 700 विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यह सुविधा मिल रही है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। इसमें एक लाख 40 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। ऑपरेशन कायाकल्प सहित अन्य योजनाओं से विद्यालयों को चमकाया जा रहा है। परियोजना कार्यालय और कंपोजिट ग्रांट से विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। साल 2020 के पहले गिने-चुने विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा थी, लेकिन बीते पांच साल में सुविधाएं बढ़ाई गई। साल 2022 में करीब 250, 2023 में 123, 2024 में 45 और 2025 में 11 समेत अब तक कुल 700 विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा दे दी गई है, लेकिन अब भी 185 विद्यालयों में बच्चों को टाट-पट्टी पर ही बैठना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा मुहैया कराने के लिए विभाग ने परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। एक-एक बेंच पर 8519 रुपये खर्च होंगे। शासन से जैसे बजट मिलेगा विभाग इसकी खरीद करेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि हर साल स्कूलों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। शासन से मिले बजट के अलावा संगठनों, जप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। 185 विद्यालयों का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी।
सीएमओ, एसीएमओ ओपीडी में करेंगे इलाज

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए अब सीएमओ या एसीएमओ भी सप्ताह में एक दिन ओपीडी करेंगे। बृहस्पतिवार का दिन इसके लिए तय किया गया है। छह सीएचसी, 20 पीएचसी सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्रों में से किसी एक केंद्र पर वे अचानक जाएंगे। मरीजों को देखने के साथ ही वहां की व्यवस्था को भी देखेंगे।जिले में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही और सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्र है। किसी एक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी ओपीडी करेंगे। इन केंद्रों पर रोजाना पांच हजार से 5500 की ओपीडी होती है। अमूमन सीएमओ को शिकायत मिलती रहती है कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं। उपचार कराने में मरीज के पूरे दिन बीत जाते है। इसका मुख्य कारण है कि समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं, उपचार कराने में काफी समय लग जाता हैं। यदि मरीज को जांच लिख दिया गया तो पूरा दिन उपचार कराने में निकल जाते हैं। शासन का निर्देश है कि महीने में दो बार स्वास्थ्य महकमा के आलाधिकारियों जैसे सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ को ओपीडी करनी है। यदि सीएमओ और एसीएमओ बैठक या अन्य विभागीय कार्य के कारण शहर से बाहर रहेंगे तो अन्य प्रभारी चिकित्साधिकारी ओपीडी में बैठेंगे।


हर बृहस्पतिवार को खुद किसी न किसी अस्पताल में ओपीडी करुंगा, जिस अस्पताल में ओपीडी करनी है, वहां औचक पहुंचेंगे। बाहर रहने पर किसी अन्य एसीएमओ या डिप्टी सीएमओ ओपीडी में बैठेगे। कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी- डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
देश की छवि धूमिल करने का कांग्रेस पर आरोप, विश्व हिंदू परिषद ने फूंका राहुल गांधी का पुतला

फर्रुखाबाद । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के गौ रक्षा प्रकोष्ठ ने कांग्रेस पार्टी और उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कायमगंज तहसील क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौराहे पर राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस पर 'देश की छवि धूमिल करने' का गंभीर आरोप लगाया।

मुख्य चौराहे पर हुआ पुतला दहन।
जानकारी के अनुसार, विहिप गौ रक्षा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता सबसे पहले सब्जी मंडी जवाहरगंज स्थित अपने स्थानीय कार्यालय पर एकत्रित हुए। वहां से वे एक साथ मुख्य चौराहे पर पहुंचे और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पूरे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व विहिप गौ रक्षा प्रकोष्ठ के सह जिला प्रमुख प्रदीप सक्सेना ने किया।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने हाल ही में 'एआई इम्पैक्ट समिट' जैसे विश्व स्तरीय आयोजन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न केवल कांग्रेस की, बल्कि पूरे देश की छवि खराब हुई है।


'विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ बयानबाजी'प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के प्रमुख नेता अक्सर विदेश जाकर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं। विहिप कार्यकर्ताओं ने इस कृत्य को 'देशद्रोही मानसिकता' का परिचायक बताया। उन्होंने मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्र के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

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देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

गया में यादव जी के लव स्टोरी फिल्म को लेकर बढ़ा विवाद, यादव महासंघ ने प्रेस वार्ता कर जताया विरोध, 25 फरवरी को प्रदर्शन

गया: गया में अखिल भारतवर्षीय यादव महासंघ (गया इकाई) ने यादव जी की लव स्टोरी के विरोध को लेकर सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित की। यह प्रेस वार्ता चंदौती स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कार्यालय के समीप एक निजी भवन में संपन्न हुई, जिसमें संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रामाश्रय यादव, मुकुल यादव, एडवोकेट वीरेंद्र गोप, सम्राट सिकंदर और प्रमोद यादव सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।

महासंघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि यादव जी के लव स्टोरी फिल्म में एक विशेष समुदाय का चित्रण आपत्तिजनक तरीके से किया गया है, जिससे यादव समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं। वक्ताओं ने कहा कि किसी समुदाय की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करना न केवल सामाजिक सम्मान को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे के माहौल को भी कमजोर कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सामग्री स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है और शांति व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है।

संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और बिहार सरकार से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने तथा इसके नाम में परिवर्तन करने की मांग की है। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी रचना से समाज के किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है, तो उस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान महासंघ ने 25 फरवरी को गांधी मैदान से विरोध रैली निकालने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि जिस-जिस सिनेमा घर में फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, वहाँ संगठन की ओर से प्रदर्शन और तोड़फोड़ किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग दोहराई गई। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज की गरिमा और सम्मान बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील की।

पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर की रिपोर्ट: रात की दुर्घटनाओं में शराब और बिना हेलमेट बड़ी वजह
लखनऊ। राजधानी स्थित एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पीजीआई लखनऊ की एक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट न पहनना बड़ी वजह बन रहे हैं। वर्ष 2018 से 2024 के बीच रात में भर्ती हुए घायलों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।डॉ. एके सिंह और डॉ. पीके मिश्रा द्वारा तैयार यह शोध रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जर्नल Cureus में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में कुल 3,705 घायलों को शामिल किया गया। रिपोर्ट की प्रमुख बातें रात में लाए गए घायलों में से लगभग हर दूसरे व्यक्ति ने शराब पी रखी थी। केवल एक तिहाई दोपहिया सवारों ने हेलमेट पहना था। चार पहिया वाहन चालकों में सिर्फ 41% ने सीट बेल्ट लगाई थी। कुल मामलों में 67.3% सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े थे। इनमें से 84.7% दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं थीं। 78.3% मरीज पुरुष थे, औसत आयु 37.5 वर्ष। 44.5% मामलों में सिर की चोट पाई गई। आईसीयू और मृत्यु दर अध्ययन में पाया गया कि 58.4% मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। 45.8% को मैकेनिकल वेंटिलेशन की जरूरत हुई। कुल मृत्यु दर 4% रही, जिनमें से 42.2% मौतें 24 घंटे के भीतर हुईं। बुजुर्गों में बाथरूम में गिरने की घटनाएं रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि काफी बुजुर्ग बाथरूम में फिसलकर घायल हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह चिकनी टाइल्स को बताया गया है, जिनकी फिसलन से गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ की राय ट्रॉमा सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वैभव जायसवाल के अनुसार, दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार, लापरवाही और जागरूकता की कमी बड़ी वजह है। बेहतर सड़कें और एक्सप्रेसवे यात्रा का समय तो कम कर रहे हैं, लेकिन सावधानी न बरतने पर हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह ट्रॉमा सेंटर बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।