पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

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मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

प्रयागराज में मशरूम उत्पादन तकनीक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का दूसरा दिन संपन्न



100 प्रशिक्षार्थियों ने सीखी मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकें 




विश्वनाथ प्रताप सिंह




प्रयागराज। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र, खुसरो बाग प्रयागराज में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत औद्यानिक फसलों के उत्पादन प्रबंधन एवं संरक्षित खेती के साथ-साथ मशरूम उत्पादन तकनीक पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन लगभग 100 प्रशिक्षार्थियों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया।




इस प्रशिक्षण में फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जनपदों से आए किसानों और प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया। मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण लेकर किसान मशरूम उत्पादन शुरू कर सकते हैं।




उन्होंने बताया कि लगभग ₹2 लाख की लागत से एक मिनी मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित कर किसान एक छोटी झोपड़ी से भी मशरूम उत्पादन शुरू कर सकते हैं, जिससे प्रति माह ₹20,000 से ₹25,000 तक आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मशरूम में प्रोटीन, विटामिन-डी और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो डायबिटीज, हृदय रोग और बीपी के मरीजों के लिए लाभदायक होता है।




शुभ सेवा एग्रो वेल्फेयर फाउंडेशन के सीईओ डॉ. एस. आर. बघेल ने प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए बताया कि भूसे को भिगोने (शॉकिंग) के बाद उसमें उचित नमी बनाए रखते हुए स्पॉन डालकर बैग कैसे तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि मशरूम बैग को कमरे में कैसे रखना है, कितने दिनों में उत्पादन शुरू होता है, मशरूम को ड्राई करने की प्रक्रिया क्या है तथा बाजार में पैकिंग कर बिक्री कैसे की जाती है।




मशरूम विशेषज्ञ कुंवारी ईशा ने बताया कि बटन मशरूम उत्पादन के लिए कंपोस्ट तैयार करनी पड़ती है, जिसमें लगभग 28 दिन का समय और 7 बार पलटाई करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि बटन मशरूम का उत्पादन अक्टूबर से फरवरी के बीच बेहतर होता है।

प्रयागराज के डॉ. दीपक त्रिपाठी बने भारतीय विकलांगता डार्ट्स संघ के श्रवण बाधित अनुभाग के राष्ट्रीय समन्वयक




भारतीय पैरा डार्ट्स टीम के चयन एवं प्रशिक्षण शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित







विश्वनाथ प्रताप सिंह







प्रयागराज। खेल एवं सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में प्रयागराज के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि शहर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दीपक त्रिपाठी को भारतीय विकलांगता डार्ट्स संघ के श्रवण बाधित अनुभाग का राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया है। यह दायित्व न केवल उनकी सक्रिय सामाजिक प्रतिबद्धता का सम्मान है, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तिकरण की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों की भी सराहना है।




भारतीय विकलांगता डार्ट्स संघ, जो विश्व विकलांगता डार्ट्स संघ से संबद्ध है, द्वारा आयोजित भारतीय पैरा डार्ट्स टीम के चयन एवं प्रशिक्षण शिविर में भी डॉ. दीपक त्रिपाठी को विशिष्ट अतिथि एवं पदाधिकारी के रूप में सादर आमंत्रित किया गया है। यह चयन एवं प्रशिक्षण शिविर 22-23 मार्च 2026 को ट्विन टावर्स इन, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा।




इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन करना है, जो 23 से 27 अप्रैल 2026 तक सेलांगोर (मलेशिया) में आयोजित होने वाली सेलांगोर ओपन डार्ट्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए देशभर से पैरा डार्ट्स खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।




डॉ. त्रिपाठी वर्तमान में नेहरू ग्राम भारती (मानित विश्वविद्यालय), जमुनीपुर, प्रयागराज में विशेष शिक्षा विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं और लंबे समय से दिव्यांगजनों के अधिकार, शिक्षा तथा खेलों के माध्यम से उनके सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।




डॉ. दीपक त्रिपाठी की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से न केवल प्रयागराज बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को गौरव प्राप्त हुआ है। खेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने, उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने तथा उनके भीतर निहित प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में यह नियुक्ति एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

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रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

आजमगढ़:-नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन युवक गिरफ्तार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को थाना फूलपुर में प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 मार्च को क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर कुछ युवक एक सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 90/2026 के तहत संबंधित धाराओं में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
थानाध्यक्ष सच्चिदानन्द यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में 12 मार्च की रात लगभग 1:05 बजे पुलिस ने टेऊगा पावर लोहिया मैदान के पास नोना बस्ती जाने वाले मार्ग के मोड़, ग्राम टेऊगा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फरार अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित की गई है। 
साइबर अपराध से मुकाबले के लिए लखनऊ पुलिस की बड़ी पहल, महिला पुलिस कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
लखनऊ । राजधानी में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पुलिस आयुक्त Amrendra Kumar Sengar के आदेश पर रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में एक दिवसीय साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।यह कार्यशाला संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय बबलू कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यक्रम का संचालन पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अनिल कुमार यादव के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया।

इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया

कार्यशाला में महिला हेल्प डेस्क और पिंक बूथ पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों की नई प्रवृत्तियों, साक्ष्य संकलन की तकनीक और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया।साइबर सेल की टीम ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को डिजिटल ठगी, संदिग्ध मोबाइल अनुप्रयोगों से होने वाले धोखाधड़ी के तरीकों और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों की पहचान करने के तरीके बताए। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में हेल्पलाइन संख्या 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया

इसके अलावा मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में संचार साथी और मोबाइल पहचान बंद कराने वाली व्यवस्था के उपयोग, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने तथा सामाजिक माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे महिला पीड़ितों को साइबर अपराध के मामलों में तुरंत सहायता दे सकें और प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई कर सकें।कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लखनऊ पुलिस नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अलविदा की नमाज़ को लेकर लखनऊ में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रास्तों पर रहेगा डायवर्जन
लखनऊ । माह रमजान का आखिरी जुमा (अलविदा) के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा भारी संख्या में मस्जिदों में एकत्र होकर नमाज अदा की जायेगी। जिसमें मुख्य रूप से समय 12.30 बजे आसिफी मस्जिद बड़ा इमामबाड़ा एवं समय 13.00 बजे टीले वाली मस्जिद पर नमाज अदा की जायेगी।

उक्त अवसर पर यातायात/डायवर्जन व्यवस्था निम्नानुसार की जायेगी

- सीतापुर रोड की तरफ से आने वाला डालीगंज रेलवे क्रांसिग तिराहे से कोई भी यातायात पक्के पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात डालीगंज रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज से बांये मुड़कर चौराहा नं0 8 निरालानगर से आई0टी0 चौराहा की ओर होकर जा सकेंगे।
-पक्का पुल खदरा साईड तिराहा से सामान्य यातायात पक्का पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर की नही जा सकेंगे बल्कि यह यातायात पक्कापुल से पहले तिराहे से बन्धा रोड या नया पुल से होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-हरदोई रोड/बालागंज से आने वाला यातायात बड़े इमामबाड़े व टीले वाली मस्जिद के तरफ नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर मंदिर चौराहे से दाहिने चौक चौराहा, मेडिकल कालेज चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-कोनेश्वर चौराहे से सामान्य यातायात घण्टाघर होते हुए बडा इमामबाडा, टीले वाली मस्जिद की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर मंदिर चौराहे से चौक चौराहा, मेडिकल क्रास (कमला नेहरू), शाहमीना तिराहा या नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहे से नया पुल होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-नीबू पार्क (रूमीगेट चौकी) चौराहे से सामान्य यातायात बड़ा इमामबाड़ा व टीले वाली मस्जिद की तरफ नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर चौराहा या नींबू पार्क के पीछे नया पुल होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।
-नीबू पार्क ओवरब्रिज से उतरने वाला यातायात रूमी गेट की तरफ नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात चौक चौराहा, ठाकुरगंज होकर अथवा चरक चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-चौक तिराहा से सामान्य यातायात नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहा की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर चौराहा या मेडिकल क्रास (कमला नेहरू) होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
- मेडिकल क्रास (कमला नेहरू) चौराहे से सामान्य यातायात फूलमण्डी, खुन-खुन जी गर्ल्स कालेज होकर नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहे की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात मेडिकल कालेज चौराहा या चौक चौराहा, कोनेश्वर चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-शाहमीना तिराहे से सामान्य यातायात पक्कापुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात मेडिकल कालेज, या डालीगंज पुल, आई0टी0 होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-डालीगंज पुल चौराहे से सीतापुर रोड की ओर जाने वाले रोडवेज/सिटी बसे व अन्य वाहन पक्का पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात आई0टी0, कपूरथला, पूरनिया होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-शाहमीना तिराहे से कैसरबाग की ओर से हरदोई रोड की ओर जाने वाले रोडवेज, सिटी बस पक्का पुल, बडा इमामबाडा की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह शाहमीना तिराहे से बांये मेडिकल कालेज, चौक चौराहा, कोनेश्वर चौराहा होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।

केवल इन वाहनों को रहेगी छूट

सामान्य यातायात हेतु प्रदान डायवर्जन मार्ग के अतिरिक्त यदि किसी जन-सामान्य की चिकित्सकीय अपरिहार्यता की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग के अभाव में प्रतिबन्धित मार्ग पर भी एम्बुलेन्स, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन इत्यादि को ट्रैफिक पुलिस/स्थानीय पुलिस द्वारा कार्यक्रम के दौरान अनुमन्य रहेगा। इसके लिए ट्रैफिक कन्ट्रोल नंम्बर-9454405155 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
जहानाबाद में ‘वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ पर जागरूकता रैली, आंखों की जांच और जागरूकता पर दिया गया जोर
जहानाबाद:वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ (8 मार्च से 14 मार्च 2026) के अवसर पर शुक्रवार को सदर अस्पताल, जहानाबाद में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “Uniting for a Glaucoma-Free World” रखा गया है। रैली का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी एवं कार्यकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मीना कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली के माध्यम से लोगों को ग्लूकोमा यानी काला मोतियाबिंद जैसी गंभीर आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इस बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी देना था। रैली में जीएनएम स्कूल के विद्यार्थी, प्रशिक्षु, नेत्र नोडल पदाधिकारी (नेत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. समीर कुमार लाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार, नेत्र सहायक शैलेश प्रसाद, प्रधान लिपिक गणेश कुमार सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मियों ने भाग लिया। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी ने बताया कि ग्लूकोमा या काला मोतियाबिंद आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख के अंदर का दबाव बढ़ने से ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह धीरे-धीरे व्यक्ति की दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में साइड विजन में कमी, रोशनी के चारों ओर घेरा दिखाई देना और धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर होना शामिल है। कई मामलों में आंखों में दर्द, सिरदर्द, मतली और धुंधला दिखाई देना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्लूकोमा का इलाज दवाइयों, लेजर या सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन इससे खोई हुई दृष्टि वापस नहीं लाई जा सकती। इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, मधुमेह के मरीज और जिनके परिवार में पहले से ग्लूकोमा का इतिहास रहा हो, उन्हें नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपनी आंखों की नियमित जांच कराएं और दूसरों को भी इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करें, ताकि ग्लूकोमा से होने वाली दृष्टि हानि को रोका जा सके।
रमजान की रहमत: कंधों पर राशन उठाकर जरूरतमंदों तक खुशियां पहुंचा रहे समाजसेवी*
राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ का सराहनीय अभियान, मेराज अहमद खान और निजाम खान खुद घर-घर पहुंचा रहे रमजान किट।
सुल्तानपुर। पवित्र रमजान माह में जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से जिले की अग्रणी सामाजिक संस्था राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा “रमजान किट वितरण कार्यक्रम” लगातार चलाया जा रहा है। संस्था के कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। संघ के अध्यक्ष मेराज अहमद खान तथा संस्थापक निजाम खान स्वयं आगे बढ़कर इस सेवा कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों समाजसेवी अपने कंधों पर राशन के पैकेट उठाकर जरूरतमंदों के घरों तक पहुंचा रहे हैं, ताकि रमजान के पवित्र महीने में कोई भी गरीब परिवार राशन के अभाव में परेशान न हो। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि रमजान का महीना रहमत, बरकत और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। इसी भावना के साथ राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जरूरतमंद परिवारों को मैदा, बेसन, चना, आटा, चावल, विभिन्न प्रकार की दालें, तेल, चीनी, मेवा और सेवई जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री से युक्त रमजान किट वितरित की जा रही है। एक किट की लागत लगभग 2550 रुपये है, जिसे वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। संघ के अध्यक्ष मेराज अहमद खान ने कहा कि रमजान का असली संदेश गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना है। इसी उद्देश्य से संगठन लगातार सेवा कार्य कर रहा है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। वहीं संस्थापक निजाम खान ने बताया कि कार्यकर्ताओं द्वारा पहले पात्र लोगों का परीक्षण कर उन्हें चिन्हित किया जाता है। दानी सज्जनों के जनसहयोग से प्राप्त धनराशि को पूरी जिम्मेदारी के साथ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करें, ताकि रमजान की खुशियां हर घर तक पहुंच सकें।
पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

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मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

प्रयागराज में मशरूम उत्पादन तकनीक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का दूसरा दिन संपन्न



100 प्रशिक्षार्थियों ने सीखी मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकें 




विश्वनाथ प्रताप सिंह




प्रयागराज। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र, खुसरो बाग प्रयागराज में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत औद्यानिक फसलों के उत्पादन प्रबंधन एवं संरक्षित खेती के साथ-साथ मशरूम उत्पादन तकनीक पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन लगभग 100 प्रशिक्षार्थियों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया।




इस प्रशिक्षण में फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जनपदों से आए किसानों और प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया। मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण लेकर किसान मशरूम उत्पादन शुरू कर सकते हैं।




उन्होंने बताया कि लगभग ₹2 लाख की लागत से एक मिनी मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित कर किसान एक छोटी झोपड़ी से भी मशरूम उत्पादन शुरू कर सकते हैं, जिससे प्रति माह ₹20,000 से ₹25,000 तक आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मशरूम में प्रोटीन, विटामिन-डी और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो डायबिटीज, हृदय रोग और बीपी के मरीजों के लिए लाभदायक होता है।




शुभ सेवा एग्रो वेल्फेयर फाउंडेशन के सीईओ डॉ. एस. आर. बघेल ने प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए बताया कि भूसे को भिगोने (शॉकिंग) के बाद उसमें उचित नमी बनाए रखते हुए स्पॉन डालकर बैग कैसे तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि मशरूम बैग को कमरे में कैसे रखना है, कितने दिनों में उत्पादन शुरू होता है, मशरूम को ड्राई करने की प्रक्रिया क्या है तथा बाजार में पैकिंग कर बिक्री कैसे की जाती है।




मशरूम विशेषज्ञ कुंवारी ईशा ने बताया कि बटन मशरूम उत्पादन के लिए कंपोस्ट तैयार करनी पड़ती है, जिसमें लगभग 28 दिन का समय और 7 बार पलटाई करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि बटन मशरूम का उत्पादन अक्टूबर से फरवरी के बीच बेहतर होता है।

प्रयागराज के डॉ. दीपक त्रिपाठी बने भारतीय विकलांगता डार्ट्स संघ के श्रवण बाधित अनुभाग के राष्ट्रीय समन्वयक




भारतीय पैरा डार्ट्स टीम के चयन एवं प्रशिक्षण शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित







विश्वनाथ प्रताप सिंह







प्रयागराज। खेल एवं सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में प्रयागराज के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि शहर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दीपक त्रिपाठी को भारतीय विकलांगता डार्ट्स संघ के श्रवण बाधित अनुभाग का राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया है। यह दायित्व न केवल उनकी सक्रिय सामाजिक प्रतिबद्धता का सम्मान है, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तिकरण की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों की भी सराहना है।




भारतीय विकलांगता डार्ट्स संघ, जो विश्व विकलांगता डार्ट्स संघ से संबद्ध है, द्वारा आयोजित भारतीय पैरा डार्ट्स टीम के चयन एवं प्रशिक्षण शिविर में भी डॉ. दीपक त्रिपाठी को विशिष्ट अतिथि एवं पदाधिकारी के रूप में सादर आमंत्रित किया गया है। यह चयन एवं प्रशिक्षण शिविर 22-23 मार्च 2026 को ट्विन टावर्स इन, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा।




इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन करना है, जो 23 से 27 अप्रैल 2026 तक सेलांगोर (मलेशिया) में आयोजित होने वाली सेलांगोर ओपन डार्ट्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए देशभर से पैरा डार्ट्स खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।




डॉ. त्रिपाठी वर्तमान में नेहरू ग्राम भारती (मानित विश्वविद्यालय), जमुनीपुर, प्रयागराज में विशेष शिक्षा विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं और लंबे समय से दिव्यांगजनों के अधिकार, शिक्षा तथा खेलों के माध्यम से उनके सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।




डॉ. दीपक त्रिपाठी की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से न केवल प्रयागराज बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को गौरव प्राप्त हुआ है। खेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने, उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने तथा उनके भीतर निहित प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में यह नियुक्ति एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

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रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

आजमगढ़:-नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन युवक गिरफ्तार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को थाना फूलपुर में प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 मार्च को क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर कुछ युवक एक सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 90/2026 के तहत संबंधित धाराओं में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
थानाध्यक्ष सच्चिदानन्द यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में 12 मार्च की रात लगभग 1:05 बजे पुलिस ने टेऊगा पावर लोहिया मैदान के पास नोना बस्ती जाने वाले मार्ग के मोड़, ग्राम टेऊगा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फरार अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित की गई है। 
साइबर अपराध से मुकाबले के लिए लखनऊ पुलिस की बड़ी पहल, महिला पुलिस कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
लखनऊ । राजधानी में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पुलिस आयुक्त Amrendra Kumar Sengar के आदेश पर रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में एक दिवसीय साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।यह कार्यशाला संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय बबलू कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यक्रम का संचालन पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अनिल कुमार यादव के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया।

इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया

कार्यशाला में महिला हेल्प डेस्क और पिंक बूथ पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों की नई प्रवृत्तियों, साक्ष्य संकलन की तकनीक और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया।साइबर सेल की टीम ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को डिजिटल ठगी, संदिग्ध मोबाइल अनुप्रयोगों से होने वाले धोखाधड़ी के तरीकों और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों की पहचान करने के तरीके बताए। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में हेल्पलाइन संख्या 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया

इसके अलावा मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में संचार साथी और मोबाइल पहचान बंद कराने वाली व्यवस्था के उपयोग, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने तथा सामाजिक माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे महिला पीड़ितों को साइबर अपराध के मामलों में तुरंत सहायता दे सकें और प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई कर सकें।कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लखनऊ पुलिस नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अलविदा की नमाज़ को लेकर लखनऊ में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रास्तों पर रहेगा डायवर्जन
लखनऊ । माह रमजान का आखिरी जुमा (अलविदा) के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा भारी संख्या में मस्जिदों में एकत्र होकर नमाज अदा की जायेगी। जिसमें मुख्य रूप से समय 12.30 बजे आसिफी मस्जिद बड़ा इमामबाड़ा एवं समय 13.00 बजे टीले वाली मस्जिद पर नमाज अदा की जायेगी।

उक्त अवसर पर यातायात/डायवर्जन व्यवस्था निम्नानुसार की जायेगी

- सीतापुर रोड की तरफ से आने वाला डालीगंज रेलवे क्रांसिग तिराहे से कोई भी यातायात पक्के पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात डालीगंज रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज से बांये मुड़कर चौराहा नं0 8 निरालानगर से आई0टी0 चौराहा की ओर होकर जा सकेंगे।
-पक्का पुल खदरा साईड तिराहा से सामान्य यातायात पक्का पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर की नही जा सकेंगे बल्कि यह यातायात पक्कापुल से पहले तिराहे से बन्धा रोड या नया पुल से होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-हरदोई रोड/बालागंज से आने वाला यातायात बड़े इमामबाड़े व टीले वाली मस्जिद के तरफ नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर मंदिर चौराहे से दाहिने चौक चौराहा, मेडिकल कालेज चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-कोनेश्वर चौराहे से सामान्य यातायात घण्टाघर होते हुए बडा इमामबाडा, टीले वाली मस्जिद की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर मंदिर चौराहे से चौक चौराहा, मेडिकल क्रास (कमला नेहरू), शाहमीना तिराहा या नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहे से नया पुल होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-नीबू पार्क (रूमीगेट चौकी) चौराहे से सामान्य यातायात बड़ा इमामबाड़ा व टीले वाली मस्जिद की तरफ नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर चौराहा या नींबू पार्क के पीछे नया पुल होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।
-नीबू पार्क ओवरब्रिज से उतरने वाला यातायात रूमी गेट की तरफ नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात चौक चौराहा, ठाकुरगंज होकर अथवा चरक चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-चौक तिराहा से सामान्य यातायात नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहा की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर चौराहा या मेडिकल क्रास (कमला नेहरू) होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
- मेडिकल क्रास (कमला नेहरू) चौराहे से सामान्य यातायात फूलमण्डी, खुन-खुन जी गर्ल्स कालेज होकर नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहे की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात मेडिकल कालेज चौराहा या चौक चौराहा, कोनेश्वर चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-शाहमीना तिराहे से सामान्य यातायात पक्कापुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात मेडिकल कालेज, या डालीगंज पुल, आई0टी0 होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-डालीगंज पुल चौराहे से सीतापुर रोड की ओर जाने वाले रोडवेज/सिटी बसे व अन्य वाहन पक्का पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात आई0टी0, कपूरथला, पूरनिया होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-शाहमीना तिराहे से कैसरबाग की ओर से हरदोई रोड की ओर जाने वाले रोडवेज, सिटी बस पक्का पुल, बडा इमामबाडा की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह शाहमीना तिराहे से बांये मेडिकल कालेज, चौक चौराहा, कोनेश्वर चौराहा होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।

केवल इन वाहनों को रहेगी छूट

सामान्य यातायात हेतु प्रदान डायवर्जन मार्ग के अतिरिक्त यदि किसी जन-सामान्य की चिकित्सकीय अपरिहार्यता की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग के अभाव में प्रतिबन्धित मार्ग पर भी एम्बुलेन्स, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन इत्यादि को ट्रैफिक पुलिस/स्थानीय पुलिस द्वारा कार्यक्रम के दौरान अनुमन्य रहेगा। इसके लिए ट्रैफिक कन्ट्रोल नंम्बर-9454405155 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
जहानाबाद में ‘वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ पर जागरूकता रैली, आंखों की जांच और जागरूकता पर दिया गया जोर
जहानाबाद:वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ (8 मार्च से 14 मार्च 2026) के अवसर पर शुक्रवार को सदर अस्पताल, जहानाबाद में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “Uniting for a Glaucoma-Free World” रखा गया है। रैली का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी एवं कार्यकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मीना कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली के माध्यम से लोगों को ग्लूकोमा यानी काला मोतियाबिंद जैसी गंभीर आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इस बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी देना था। रैली में जीएनएम स्कूल के विद्यार्थी, प्रशिक्षु, नेत्र नोडल पदाधिकारी (नेत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. समीर कुमार लाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार, नेत्र सहायक शैलेश प्रसाद, प्रधान लिपिक गणेश कुमार सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मियों ने भाग लिया। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी ने बताया कि ग्लूकोमा या काला मोतियाबिंद आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख के अंदर का दबाव बढ़ने से ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह धीरे-धीरे व्यक्ति की दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में साइड विजन में कमी, रोशनी के चारों ओर घेरा दिखाई देना और धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर होना शामिल है। कई मामलों में आंखों में दर्द, सिरदर्द, मतली और धुंधला दिखाई देना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्लूकोमा का इलाज दवाइयों, लेजर या सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन इससे खोई हुई दृष्टि वापस नहीं लाई जा सकती। इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, मधुमेह के मरीज और जिनके परिवार में पहले से ग्लूकोमा का इतिहास रहा हो, उन्हें नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपनी आंखों की नियमित जांच कराएं और दूसरों को भी इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करें, ताकि ग्लूकोमा से होने वाली दृष्टि हानि को रोका जा सके।
रमजान की रहमत: कंधों पर राशन उठाकर जरूरतमंदों तक खुशियां पहुंचा रहे समाजसेवी*
राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ का सराहनीय अभियान, मेराज अहमद खान और निजाम खान खुद घर-घर पहुंचा रहे रमजान किट।
सुल्तानपुर। पवित्र रमजान माह में जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से जिले की अग्रणी सामाजिक संस्था राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा “रमजान किट वितरण कार्यक्रम” लगातार चलाया जा रहा है। संस्था के कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। संघ के अध्यक्ष मेराज अहमद खान तथा संस्थापक निजाम खान स्वयं आगे बढ़कर इस सेवा कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों समाजसेवी अपने कंधों पर राशन के पैकेट उठाकर जरूरतमंदों के घरों तक पहुंचा रहे हैं, ताकि रमजान के पवित्र महीने में कोई भी गरीब परिवार राशन के अभाव में परेशान न हो। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि रमजान का महीना रहमत, बरकत और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। इसी भावना के साथ राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जरूरतमंद परिवारों को मैदा, बेसन, चना, आटा, चावल, विभिन्न प्रकार की दालें, तेल, चीनी, मेवा और सेवई जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री से युक्त रमजान किट वितरित की जा रही है। एक किट की लागत लगभग 2550 रुपये है, जिसे वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। संघ के अध्यक्ष मेराज अहमद खान ने कहा कि रमजान का असली संदेश गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना है। इसी उद्देश्य से संगठन लगातार सेवा कार्य कर रहा है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। वहीं संस्थापक निजाम खान ने बताया कि कार्यकर्ताओं द्वारा पहले पात्र लोगों का परीक्षण कर उन्हें चिन्हित किया जाता है। दानी सज्जनों के जनसहयोग से प्राप्त धनराशि को पूरी जिम्मेदारी के साथ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करें, ताकि रमजान की खुशियां हर घर तक पहुंच सकें।