लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
अमेठी में टेंट कारोबारी के बेटे की हत्या, नाले में मिला शव
अमेठी। यूपी में अमेठी जिले के बाजार शुक्ल थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे में ही एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि युवक की गला काटकर निर्मम हत्या की गई है। सूचना पर पहुंची पुलिस लाश को कब्जे में लेकर जांच तथा आवश्यक वैधानिक कार्यवाही में जुटी हुई है।मृतक युवक की पहचान शाहिद (35) पुत्र शरीफ निवासी कस्बा बाजार शुक्ल के रूप में हुई है। शाहिद की लाश उसके घर से लगभग 1 किलोमीटर दूर इंटर कॉलेज रोड पर भारत गैस एजेंसी के पास सड़क के किनारे पड़ी ग्रामीणों ने देखी। इसके बाद पुलिस को सूचना की गई।


युवक ने प्रेम विवाह किया था,परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

बताया जा रहा है कि युवक ने प्रेम विवाह किया था। दोनों कुछ समय के लिए मुंबई चले गए थे, बाद में पारिवारिक सहमति से वापस कस्बे में रहने लगे।युवक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।कस्बा निवासी शरीफ टेंट व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके अनुसार, उनका 32 वर्षीय बेटा साहिद सोमवार देर शाम घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और परिचितों व रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।


फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया

बाजार शुक्ल थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष विवेक कुमार वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तत्काल पुलिस पहुंच गई है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया चल रही है। अन्य जानकारी जुटाई जा रही है तथा लोगों से पूछताछ की जा रही है। बहुत ही जल्द घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। घटना के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।पिता शरीफ ने अज्ञात व्यक्तियों पर हत्या का आरोप लगाया है। क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
सिंगापुर में निवेश का बड़ा धमाका! Yogi Adityanath के नेतृत्व में 19,877 करोड़ के एमओयू, 20 हजार नौकरियों का रास्ता साफ
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का बड़ा तोहफा मिला। तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ कुल 19,877 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन परियोजनाओं से करीब 20,000 नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Universal Success Group का मेगा प्लान

यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने उत्तर प्रदेश में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

जेवर एयरपोर्ट के पास थीम टाउनशिप

स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र
भूमि: 100 एकड़
निवेश: 3,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 12,000
शुरुआत: 2027

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क

भूमि: 50 एकड़
निवेश: 650 करोड़ रुपये
रोजगार: 7,500
शुरुआत: अगले वर्ष

नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क

भूमि: 10 एकड़
क्षमता: 40 मेगावाट आईटी पावर
निवेश: 2,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 1,500
प्रस्तावित शुरुआत: 2028
इन परियोजनाओं से शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार मिलेगी।

Golden State Capital का 8,000 करोड़ का डेटा सेंटर निवेश

गोल्डन स्टेट कैपिटल (GSC) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।बैठक के दौरान रूफटॉप सोलर, बैटरी स्टोरेज, ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क जैसे स्वच्छ ऊर्जा आधारित प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई।

ग्रीन एनर्जी पर फोकस

Private Infrastructure Development Group (PIDG) ने 2,500 करोड़ रुपये का एमओयू नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और एग्री-पीवी परियोजनाओं के लिए किया। AVPN Limited ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया।

कौशल विकास में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी

तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) को मजबूत बनाने के लिए ITE Education Services (ITEES) के साथ सहयोग समझौता हुआ। इस साझेदारी के तहत:
शैक्षणिक विकास,बुनियादी ढांचे में सुधार,नेतृत्व और क्षमता निर्माण,ISQ प्रमाणन,क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग मिलेगा, जिससे उत्तर प्रदेश की स्किल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

निवेश से बदलेगी यूपी की तस्वीर

सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए इन समझौतों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में ये निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे।
कानपुर में दर्दनाक कदम: पिता ने बेटी संग ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

कानपुर । यूपी में Kanpur के कल्याणपुर निवासी विकास गुप्ता ने पारिवारिक विवाद के बाद अपनी 13 वर्षीय बेटी वेदिका के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार रात करीब नौ बजे शुक्लागंज के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र स्थित सहजनी रेलवे क्रॉसिंग के पास कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर हुई।

रेलवे ट्रैक पर पिता-पुत्री के शव मिलने से मचा हड़कंप

रेलवे ट्रैक पर पिता-पुत्री के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना गेटमैन ने स्टेशन मास्टर को दी, जिसके बाद आरपीएफ, जीआरपी और गंगाघाट पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शव ट्रैक पर करीब तीन मीटर की दूरी पर पड़े मिले। किशोरी का सिर और बायां हाथ धड़ से अलग हो गया था।

100 मीटर दूर मिली कार

घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर एक लावारिस कार खड़ी मिली, जो लॉक थी। कार के अंदर दो पर्स और दो मोबाइल फोन रखे थे। मृतक विकास की कमर में चाबी का गुच्छा भी मिला। आशंका जताई जा रही है कि वही चाबी कार की थी।कार विकास के साले यश गुप्ता (हरबंश मोहाल कछियाना, कानपुर) के नाम पंजीकृत बताई गई है।

चार घंटे बाद हुई पहचान

घटना के करीब चार घंटे बाद पुलिस दोनों की शिनाख्त कर सकी। बताया गया कि विकास वर्तमान में सहजनी क्षेत्र में रह रहे थे। सूचना पर उनकी पत्नी डॉली देर रात थाने पहुंचीं, जहां पति और बेटी की मौत की खबर सुनकर वह बेहोश हो गईं।

ससुराल में विवाद के बाद डॉली मायके चली आई थीं

परिजनों के अनुसार, ससुराल में विवाद के बाद डॉली मायके चली आई थीं। सोमवार को मायके में भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। पुलिस का कहना है कि इसके बाद ही विकास अपनी बेटी को साथ लेकर घर से निकले और यह कदम उठा लिया।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

मौके पर कार, मोबाइल और चाबी मिलने के बावजूद पहचान में चार घंटे लगने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस एप के माध्यम से वाहन का विवरण तुरंत प्राप्त किया जा सकता था, लेकिन नेटवर्क और एप न चलने का हवाला दिया गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच पंचनामा कार्रवाई को लेकर भी समन्वय की कमी दिखी।

ट्रेनों का संचालन प्रभावित

शव ट्रैक पर पड़े होने के कारण करीब 33 मिनट तक तेजस एक्सप्रेस सहजनी रेलवे क्रॉसिंग पर और 14 मिनट तक गोमती एक्सप्रेस गंगाघाट स्टेशन पर खड़ी रही।पुलिस ने दोनों शवों को उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पारिवारिक विवाद के पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
मेरठ में आग का कहर, जलती इमारत में जिंदा दफ्न हुआ परिवार, पांच मासूम समेत 6 की दर्दनाक मौत

मेरठ । यूपी के मेरठ में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं से भर गया और अंदर फंसे मासूम बच्चों व महिला की दर्दनाक मौत हो गई।इस भयावह हादसे में एक ही परिवार के पांच बच्चों और एक महिला सहित कुल छह लोगों की जान चली गई। इलाके में मातम पसरा है और चीख-पुकार की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।

नमाज पढ़ने गए थे घर के पुरुष, पीछे छूट गया जलता घर

मकान कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का बताया जा रहा है। घटना के समय इकबाल और उनके दोनों बेटे आसिम व फारूक तरावीह की नमाज पढ़ने मस्जिद गए हुए थे। घर में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
रात करीब 9:30 बजे अचानक घर के अंदर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

संकरी गलियां बनीं बाधा, लोग छतों से पहुंचे अंदर

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां सीधे मौके तक नहीं पहुंच सकीं।
ऐसे में स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर छतों के रास्ते घर में प्रवेश किया और झुलसे हुए बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अस्पताल में टूटी सांसें

घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रुखसार (30 वर्ष), अकदस (3 वर्ष), नबिया (6 माह), इनायत (6 माह), महविश (12 वर्ष), हम्माद (4 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और राहत कार्य में आई बाधाओं की भी समीक्षा होगी।यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया है—क्या घर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या फैक्ट्री और रिहाइश एक साथ होने से खतरा बढ़ा?फिलहाल, मेरठ के इस इलाके में मातम का माहौल है। पांच मासूमों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

दुबई के बुर्ज खलीफा पर गूंजेगी ओलचिकी की गूंज: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला ओडिसा का प्रतिनिधिमंडल

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रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित उनके आवासीय कार्यालय में ओडिसा के रायरंगपुर से आए पंडित रघुनाथ मुर्मु हेरिटेज ट्रस्ट के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य केंद्र ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष को वैश्विक मंच पर मनाना रहा।

दुबई में ऐतिहासिक आयोजन:

ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि आगामी 11 और 12 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के बुर्ज खलीफा में 'ओलचिकी शताब्दी समारोह' का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की और राज्य सरकार के सहयोग व मार्गदर्शन की अपेक्षा की।

ओलचिकी में झारखंड का नक्शा:

इस मुलाकात के दौरान ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को एक विशेष उपहार भेंट किया। उन्होंने सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ओलचिकी लिपि में अनुवादित झारखंड का आधिकारिक मानचित्र (Map) मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनी भाषा और लिपि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना गौरव की बात है।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री चुन्नियान मुर्मु, कोषाध्यक्ष श्री अंता आलोक बास्के और सदस्य डॉ. डुमनी माई मुर्मु उपस्थित रहे।

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
अमेठी में टेंट कारोबारी के बेटे की हत्या, नाले में मिला शव
अमेठी। यूपी में अमेठी जिले के बाजार शुक्ल थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे में ही एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि युवक की गला काटकर निर्मम हत्या की गई है। सूचना पर पहुंची पुलिस लाश को कब्जे में लेकर जांच तथा आवश्यक वैधानिक कार्यवाही में जुटी हुई है।मृतक युवक की पहचान शाहिद (35) पुत्र शरीफ निवासी कस्बा बाजार शुक्ल के रूप में हुई है। शाहिद की लाश उसके घर से लगभग 1 किलोमीटर दूर इंटर कॉलेज रोड पर भारत गैस एजेंसी के पास सड़क के किनारे पड़ी ग्रामीणों ने देखी। इसके बाद पुलिस को सूचना की गई।


युवक ने प्रेम विवाह किया था,परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

बताया जा रहा है कि युवक ने प्रेम विवाह किया था। दोनों कुछ समय के लिए मुंबई चले गए थे, बाद में पारिवारिक सहमति से वापस कस्बे में रहने लगे।युवक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।कस्बा निवासी शरीफ टेंट व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके अनुसार, उनका 32 वर्षीय बेटा साहिद सोमवार देर शाम घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और परिचितों व रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।


फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया

बाजार शुक्ल थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष विवेक कुमार वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तत्काल पुलिस पहुंच गई है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया चल रही है। अन्य जानकारी जुटाई जा रही है तथा लोगों से पूछताछ की जा रही है। बहुत ही जल्द घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। घटना के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।पिता शरीफ ने अज्ञात व्यक्तियों पर हत्या का आरोप लगाया है। क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
सिंगापुर में निवेश का बड़ा धमाका! Yogi Adityanath के नेतृत्व में 19,877 करोड़ के एमओयू, 20 हजार नौकरियों का रास्ता साफ
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का बड़ा तोहफा मिला। तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ कुल 19,877 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन परियोजनाओं से करीब 20,000 नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Universal Success Group का मेगा प्लान

यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने उत्तर प्रदेश में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

जेवर एयरपोर्ट के पास थीम टाउनशिप

स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र
भूमि: 100 एकड़
निवेश: 3,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 12,000
शुरुआत: 2027

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क

भूमि: 50 एकड़
निवेश: 650 करोड़ रुपये
रोजगार: 7,500
शुरुआत: अगले वर्ष

नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क

भूमि: 10 एकड़
क्षमता: 40 मेगावाट आईटी पावर
निवेश: 2,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 1,500
प्रस्तावित शुरुआत: 2028
इन परियोजनाओं से शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार मिलेगी।

Golden State Capital का 8,000 करोड़ का डेटा सेंटर निवेश

गोल्डन स्टेट कैपिटल (GSC) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।बैठक के दौरान रूफटॉप सोलर, बैटरी स्टोरेज, ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क जैसे स्वच्छ ऊर्जा आधारित प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई।

ग्रीन एनर्जी पर फोकस

Private Infrastructure Development Group (PIDG) ने 2,500 करोड़ रुपये का एमओयू नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और एग्री-पीवी परियोजनाओं के लिए किया। AVPN Limited ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया।

कौशल विकास में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी

तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) को मजबूत बनाने के लिए ITE Education Services (ITEES) के साथ सहयोग समझौता हुआ। इस साझेदारी के तहत:
शैक्षणिक विकास,बुनियादी ढांचे में सुधार,नेतृत्व और क्षमता निर्माण,ISQ प्रमाणन,क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग मिलेगा, जिससे उत्तर प्रदेश की स्किल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

निवेश से बदलेगी यूपी की तस्वीर

सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए इन समझौतों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में ये निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे।
कानपुर में दर्दनाक कदम: पिता ने बेटी संग ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

कानपुर । यूपी में Kanpur के कल्याणपुर निवासी विकास गुप्ता ने पारिवारिक विवाद के बाद अपनी 13 वर्षीय बेटी वेदिका के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार रात करीब नौ बजे शुक्लागंज के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र स्थित सहजनी रेलवे क्रॉसिंग के पास कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर हुई।

रेलवे ट्रैक पर पिता-पुत्री के शव मिलने से मचा हड़कंप

रेलवे ट्रैक पर पिता-पुत्री के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना गेटमैन ने स्टेशन मास्टर को दी, जिसके बाद आरपीएफ, जीआरपी और गंगाघाट पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शव ट्रैक पर करीब तीन मीटर की दूरी पर पड़े मिले। किशोरी का सिर और बायां हाथ धड़ से अलग हो गया था।

100 मीटर दूर मिली कार

घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर एक लावारिस कार खड़ी मिली, जो लॉक थी। कार के अंदर दो पर्स और दो मोबाइल फोन रखे थे। मृतक विकास की कमर में चाबी का गुच्छा भी मिला। आशंका जताई जा रही है कि वही चाबी कार की थी।कार विकास के साले यश गुप्ता (हरबंश मोहाल कछियाना, कानपुर) के नाम पंजीकृत बताई गई है।

चार घंटे बाद हुई पहचान

घटना के करीब चार घंटे बाद पुलिस दोनों की शिनाख्त कर सकी। बताया गया कि विकास वर्तमान में सहजनी क्षेत्र में रह रहे थे। सूचना पर उनकी पत्नी डॉली देर रात थाने पहुंचीं, जहां पति और बेटी की मौत की खबर सुनकर वह बेहोश हो गईं।

ससुराल में विवाद के बाद डॉली मायके चली आई थीं

परिजनों के अनुसार, ससुराल में विवाद के बाद डॉली मायके चली आई थीं। सोमवार को मायके में भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। पुलिस का कहना है कि इसके बाद ही विकास अपनी बेटी को साथ लेकर घर से निकले और यह कदम उठा लिया।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

मौके पर कार, मोबाइल और चाबी मिलने के बावजूद पहचान में चार घंटे लगने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस एप के माध्यम से वाहन का विवरण तुरंत प्राप्त किया जा सकता था, लेकिन नेटवर्क और एप न चलने का हवाला दिया गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच पंचनामा कार्रवाई को लेकर भी समन्वय की कमी दिखी।

ट्रेनों का संचालन प्रभावित

शव ट्रैक पर पड़े होने के कारण करीब 33 मिनट तक तेजस एक्सप्रेस सहजनी रेलवे क्रॉसिंग पर और 14 मिनट तक गोमती एक्सप्रेस गंगाघाट स्टेशन पर खड़ी रही।पुलिस ने दोनों शवों को उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पारिवारिक विवाद के पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
मेरठ में आग का कहर, जलती इमारत में जिंदा दफ्न हुआ परिवार, पांच मासूम समेत 6 की दर्दनाक मौत

मेरठ । यूपी के मेरठ में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं से भर गया और अंदर फंसे मासूम बच्चों व महिला की दर्दनाक मौत हो गई।इस भयावह हादसे में एक ही परिवार के पांच बच्चों और एक महिला सहित कुल छह लोगों की जान चली गई। इलाके में मातम पसरा है और चीख-पुकार की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।

नमाज पढ़ने गए थे घर के पुरुष, पीछे छूट गया जलता घर

मकान कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का बताया जा रहा है। घटना के समय इकबाल और उनके दोनों बेटे आसिम व फारूक तरावीह की नमाज पढ़ने मस्जिद गए हुए थे। घर में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
रात करीब 9:30 बजे अचानक घर के अंदर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

संकरी गलियां बनीं बाधा, लोग छतों से पहुंचे अंदर

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां सीधे मौके तक नहीं पहुंच सकीं।
ऐसे में स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर छतों के रास्ते घर में प्रवेश किया और झुलसे हुए बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अस्पताल में टूटी सांसें

घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रुखसार (30 वर्ष), अकदस (3 वर्ष), नबिया (6 माह), इनायत (6 माह), महविश (12 वर्ष), हम्माद (4 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और राहत कार्य में आई बाधाओं की भी समीक्षा होगी।यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया है—क्या घर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या फैक्ट्री और रिहाइश एक साथ होने से खतरा बढ़ा?फिलहाल, मेरठ के इस इलाके में मातम का माहौल है। पांच मासूमों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

दुबई के बुर्ज खलीफा पर गूंजेगी ओलचिकी की गूंज: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला ओडिसा का प्रतिनिधिमंडल

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रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित उनके आवासीय कार्यालय में ओडिसा के रायरंगपुर से आए पंडित रघुनाथ मुर्मु हेरिटेज ट्रस्ट के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य केंद्र ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष को वैश्विक मंच पर मनाना रहा।

दुबई में ऐतिहासिक आयोजन:

ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि आगामी 11 और 12 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के बुर्ज खलीफा में 'ओलचिकी शताब्दी समारोह' का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की और राज्य सरकार के सहयोग व मार्गदर्शन की अपेक्षा की।

ओलचिकी में झारखंड का नक्शा:

इस मुलाकात के दौरान ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को एक विशेष उपहार भेंट किया। उन्होंने सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ओलचिकी लिपि में अनुवादित झारखंड का आधिकारिक मानचित्र (Map) मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनी भाषा और लिपि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना गौरव की बात है।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री चुन्नियान मुर्मु, कोषाध्यक्ष श्री अंता आलोक बास्के और सदस्य डॉ. डुमनी माई मुर्मु उपस्थित रहे।

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।