गढ़वा: बंडा पहाड़ पर गूंजा 'हर-हर महादेव', नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ का तीसरा दिन संपन्न

Image 2Image 3

गढ़वा :- गढ़वा के ग्राम जोबरईया के बंडा पहाड़ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का तीसरा दिन भगवान शंकर के रुद्राभिषेक से प्रारंभ हुआ। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संध्या काल में पावन श्री राम कथा में अयोध्या धाम से पधारे हुए परम पूज्य आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने कथा के तृतीय दिवस में भगवान के पावन जन्म की कथा श्रवण कराया। कथा व्यास जी ने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार पापाचार बढ़ता है, दुष्ट आताताइयो का आतंक बढ़ता है प्रभु विभिन्न स्वरूपों में आकर के राक्षसों का विनाश कर धरती के भार को हल्का करते हैं। परमात्मा निराकार है लेकिन भक्त के भावना के अनुसार समय-समय पर सगुण साकार रूप रखकर इस धरती पर आते हैं। भगवान को धरती पर आने के कई कारण है मानस में गोस्वामी जी ने लिखा है विप्र,धेनु,सुर,संत हित लीन्ह मनुज अवतार l कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुतिकरण हेतु साथ दे रहे संगीतकारों ने अपने गीत के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। कथा के अंत में वृंदावन से पधारे हुए कलाकारों के

द्वारा सुंदर झांकियां की प्रस्तुति हुई। जिसमें राजा दशरथ और महारानी कौशल्या के साथ बाल शाखाओं की टोली की प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित दर्शकों का मनमोहन लिया। महायज्ञ के यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज जी ने कथा व्यास के प्रस्तुतीकरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यास जी एक उद्भट्ट विद्वान है। कथा करने की इनकी गायन शैली काफी रोचक और झांकियां काफी मनोरम है। प्रधान संयोजक श्री राकेश पाल जी ने कहा कि यह महायज्ञ इस धरा धाम को पवित्र करने वाली है इस क्षेत्र के लिए परम सौभाग्य की बात है कि यहां नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन हो रहा है।

श्री रुद्र महायज्ञ के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार पाल ने अपने सभी सदस्यों को काफी सजग होकर भक्तों के सभी आवश्यक सुविधाओं के प्रति सचेत रहने का सुझाव दिया।

वहीं संपूर्ण कथा के दौरान आज के अतिथि के रूप में गढ़वा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री नरेंद्र नारायण जी गढ़वा से प्रमुख समाजसेवी पिंटू केसरी जी, विजय केसरीजी कथा मंडपम में विशेष रूप से उपस्थित थे।।

बौद्धिक संपदा के लिए  छात्रों में जागरुकता उत्पन्न करें विश्वविद्यालय-न्यायमूर्ति सुधीर नारायण
मुफ्त विश्वविद्यालय में आईपीआर पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में बुधवार को आयोजित बौद्धिक संपदा अधिकार पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि बौद्धिक संपदा को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित करने के लिए बड़े कानूनी बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि भारत में बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में जो भी नियम लागू हैं वह वैश्विक स्तर पर मान्य नही है।न्यायमूर्ति नारायण ने बौद्धिक संपदा अधिकार को विधिक परिपेक्ष्य में समझाते हुए बताया कि आईपीआर को लेकर भारत में अभी किसी अधिनियम का निर्माण नहीं किया गया।जिस प्रकार कॉपीराइट एक्ट की व्यवस्था है वैसी कोई व्यवस्था आईपीआर को लेकर नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को बौद्धिक संपदा अधिकार के सम्बन्ध में बड़े कदम उठाने चाहिए जिससे कि छात्रों के बीच जागरूकता उत्पन्न की जा सके।मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की विधि विद्या शाखा की प्रो.मानसी शर्मा ने कहा कि बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में व्यापक पैमाने पर जागरूकता की आवश्यकता है।मनुष्यो द्वारा प्रतिपादित कोई भी मौलिक रचना सृजन उसकी बौद्धिक सम्पदा के अन्तर्गत आती है।इस संपदा को विधिक संरक्षण के द्वारा ही सुरक्षित करना आईपीआर का मुख्य उद्देश्य है।प्रो.शर्मा ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपनी बौद्धिक सम्पदा को संरक्षित करे और उसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करे।हमें अपने परंपरागत एवं अर्जित ज्ञान रचना निर्माण आदि को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित करना चाहिए।अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा कभी अर्थपरक नहीं थी वरन् वह भारत में जनकल्याण के लिए हमेशा प्रयोग में लाई जाती रही।हमारे ऋषि मुनियों के पास बौद्धिक संपदा थी ज्ञान था लेकिन उसका सम्बंध व्यवसाय से नहीं था। पश्चिमी सभ्यता में व्यवसाय महत्वपूर्ण हुआ। वह विद्या से जुड़ा बौद्धिकता से जुड़ा और उसका विस्तार हो गया।प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि नवीन तकनीक और उनके उपभोग एवं प्रयोग के सम्बन्ध में आईपीआर को और सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए। इसके साथ ही कृतिम बुद्धिमत्ता के दौर में बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए निहित कानून एवं नियमों का पालन करते हुए हमें उनको संदर्भित अवश्य करना चाहिए।उद्घाटन सत्र में अतिथियों का वाचिक स्वागत प्रो.सत्यपाल तिवारी तथा विषय प्रवर्तन प्रो.जे पी यादव ने किया। कार्यशाला का संचालन डॉ गौरव संकल्प एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सतीश चन्द्र जैसल ने किया। कार्यशाला के अन्तय तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियो ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
गैस पेट्रोल एवं डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, बुकिंग होने पर ही गैस उपभोक्ता  तक पहुंचाएं
फर्रूखाबाद l जनपद की सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम विक्रय प्रबंधक एल०पी०जी०/पेट्रोलियम पदार्थ द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में गैस, पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा कहीं भी किसी स्तर पर इनकी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपनी एजेंसियां प्रातः निर्धारित समय पर खोलना सुनिश्चित करें तथा बुकिंग के एक से दो दिन के भीतर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस की डिलीवरी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उपभोक्ता द्वारा बुकिंग की गई है, उसी को गैस सिलेंडर की डिलीवरी दी जाए। सी०एस०सी० केंद्रों पर गैस केवल उसी स्थिति में दी जाए जब संबंधित उपभोक्ता की बुकिंग हो तथा किसी भी दशा में वहां 100 किलोग्राम से अधिक स्टॉक न रखा जाए। साथ ही स्टॉक की स्थिति एवं के०वाई०सी० प्रक्रिया का प्रदर्शन गैस एजेंसी के शोरूम के साथ-साथ गोदाम पर भी किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प स्वामी अपने स्टॉक की स्थिति को देखते हुए अग्रिम रूप से धनराशि जमा कराकर गैस, डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति समय से मंगाना सुनिश्चित करें। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में बोतल, केन अथवा खुले पात्र में पेट्रोल की बिक्री न की जाए तथा पेट्रोल की बिक्री केवल वाहनों की टंकियों में ही की जाए। इस संबंध में सूचना सभी पेट्रोल पम्पों पर प्रदर्शित की जाए। डीजल की बिक्री के संबंध में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु अनुमन्य मात्रा से अधिक डीजल एक बार में न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में गैस सिलेंडर, डीजल अथवा पेट्रोल खरीदकर जमाखोरी करने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि निर्धारित मूल्य एवं निर्धारित मात्रा के अनुसार ही ईंधन की आपूर्ति की जाए। यदि कहीं अधिक मूल्य वसूलने अथवा घटतौली की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि पुलिस द्वारा जनपद के सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों का समय-समय पर रैंडम निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही भ्रामक सूचना फैलाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में अनुपस्थित पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसी संचालकों को कारण बताओ नोटिस/स्पष्टीकरण जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
हर हाल में मई तक पूरा करें मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माणः  मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री  ने किया मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री  ने निर्माणाधीन एजेंसी को गुणवत्ता और समय से काम पूरा करने का दिया सख्त निर्देश*

*विश्वविद्यालय प्रांगण में रोपा मौलिश्री का पौधा, राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी किया  निरीक्षण*

बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उतर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया।  मुख्यमंत्री  ने निर्माण एजेंसी को हर हाल में मई 2026 तक निर्माण पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। मा० मुख्यमंत्री जी ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्य प्रगति पर पूरी जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  ने सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के मॉडल पर प्रेजेंटेशन को देखा। मा० मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि कार्य समयसीमा के अंदर हो, इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मई तक काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।

इसके बाद  मुख्यमंत्री जी ने एकेडमिक बिल्डिंग, थियेटर क्लास, लैब समेत समूचे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मा० विधायक श्री पल्टूराम, मा० एमएलसी श्री साकेत मिश्र, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्र, जिलाधिकारी श्री विपिन जैन, कुलसचिव श्री परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक श्री दिनेश कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।
केवल पाठ्य पुस्तक पढ़ने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरक और आदर्श भी बने शिक्षक:BSA मनीष कुमार सिंह
संजीव कुमार सिंह बलिया!राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण के प्रथम बैच का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य /उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में शिक्षा क्षेत्र बेलहरी,बैरिया, मनियर, पंदह,मुरली छपरा,,रेवती,बेरुअरबारी और नगरा के 12-12 शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है जो आज दिनांक 11 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 13 मार्च 2026 तक आयोजित होना है। सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण के प्रभारी डायट प्रवक्ता डॉक्टर मृत्युंजय सिंह एवं इस प्रशिक्षण के नोडल रवि रंजन खरे द्वारा पंजीकरण के उपरांत शिक्षकों को पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण में सम्मिलित होने का आह्वान किया गया। प्रवक्ता जानू राम द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि शिक्षा केवल ज्ञान या सूचना देने की प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह मानव निर्माण की एक सतत श्रृंखला है। यदि शिक्षा में मूल्य का समावेश नहीं होता तो यह केवल कौशल और तकनीकी दक्षता तक ही सीमित रह जाती, ऐसे में समाज की भौतिक प्रगति तो होती किंतु नैतिक पतन और संवेदनहीनता की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है ।शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होता है जब वह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ ही भावनात्मक एवं नैतिक विकास में भी योगदान करें। प्रशिक्षण के नोडल रविरंजन खरे द्वारा आह्वान किया गया कि आज का समय वैज्ञानिक प्रगति, सूचना क्रांति और वैश्वीकरण की है ।विद्यार्थियों के सामने और असंख्य अवसर तो आते हैं परंतु जीवन में तनाव ,नैतिक द्वंद्व और सामाजिक असमानताएं भी बढ़ती हैं ।ऐसे में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं बल्कि जीवन को सार्थक और संतुलित बनाना भी होना चाहिए ।मूल्य आधारित इस प्रशिक्षण में हम सभी मिलकर इन चुनौतियों का सामना करने के लिए नैतिक शक्ति को प्राप्त कर सकेंगे ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा शिक्षकों के मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति अधिक जागरूक होने की बात बताई गई जिसमें शिक्षण में मूल्य का समावेश करने ,उनका दृष्टिकोण और अधिक समानुभूतिपूर्ण तथा संवेदनशील बनाने की दिशा में समय-समय पर मूल्य आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। डायट प्रवक्ता अविनाश सिंह द्वारा कंप्यूटर का शिक्षा में प्रयोग तथा उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की गई और बताया गया की शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जो मनुष्य को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाती है ।यह एक ऐसे प्रकाश पुंज के समान है जो मनुष्य के जीवन को ज्ञान के प्रकाश से परिपूर्ण करते हुए एक जिम्मेदार नैतिक एवं मूल्य आधारित नागरिक बनाती है जिससे देश और समाज की उन्नति एवं विकास में अपना अहम योगदान दिया जा सके। इस प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे बेलहरी शिक्षा क्षेत्र के अध्यापक, पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्र द्वारा बताया गया कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में न्याय ,स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे बहुमूल्य सिद्धांतों का प्रयोग किया गया है जिन्हें अपनाकर शिक्षक अपने आप में सशक्त बन सकता है तथा कक्षाओं में आत्मसात कराकर समाज की नई रूप रेखा का निर्माण कर सकता है जिस पर आगे चलकर सहिष्णुतापूर्ण, समावेशी एवं समतामूलक और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण सामाजिक वातावरण का सृजन किया जा सकता है। डायट प्रवक्ता डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा बताया गया कि शिक्षक भविष्य निर्माता है तथा उनके द्वारा विद्यार्थियों में रोपित मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों का बीज एक दिन विशाल वृक्ष बनकर हमारे समाज को मानवीय गरिमा एवं न्याय की शीतल छाव प्रदान करेगा। तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया गया।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों का दमदार प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से 135 महिला प्रधानों ने प्रतिभाग किया और पंचायतों में महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदेश से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। “बीकन पंचायत (WER)” श्रेणी में श्रीमती प्रियंका तिवारी (राजपुर, हाथरस), श्रीमती नीलम देवी (भरतपुर, अलीगढ़), श्रीमती मनु यादव (फौलादपुर, अमरोहा), सुश्री पूनम सिंह (रोरी, गाजियाबाद) और सुश्री नीलमणि राजे बुंदेला (छिपाई, ललितपुर) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
इसी प्रकार “चैंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में सुश्री सुलेखा कुशवाहा (तिलसड़ा, कानपुर नगर) और श्रीमती मधु चौधरी (मखदुमपुर, अमरोहा) को सम्मानित किया गया। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत (WFGP)” श्रेणी में श्रीमती रूपाली लोधी (सींगनखेड़ा, रामपुर), श्रीमती हेमलता पटेल (सुजानपुर, फतेहपुर), श्रीमती कृष्णा गंगवार (अल्हैया, बरेली), डॉ. अनामिका सिंह (पाला, कन्नौज) और श्रीमती माधुरी सिंह (थावर, लखनऊ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।
ओम प्रकाश राजभर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानें अपने कार्यों से गांवों के विकास की नई मिसाल पेश कर रही हैं और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।वहीं अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति मिलती है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
शिक्षकों की संवेदनशीलता: दिवंगत रसोइया विद्यावती के पुत्र को दी 25 हजार की आर्थिक सहायता
संजीव सिंह बलिया! सीयर: शिक्षा क्षेत्र सीयर के शिक्षकों ने मानवीयता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्राथमिक विद्यालय तिरनई खुर्द की दिवंगत रसोइया विद्यावती देवी के पुत्र अवधेश को आपसी सहयोग से एकत्रित 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।विद्यावती देवी का निधन 3 मार्च को हो गया था, जिससे विद्यालय परिवार और क्षेत्रीय शिक्षकगण शोकाकुल हो गए थे। उनकी स्मृति में और परिवार की सहायता के लिए शिक्षकों ने यह राशि सौंपी।इस पुण्य कार्य में खंड शिक्षा अधिकारी सीयर, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार यादव, उदय प्रताप यादव, जय प्रकाश यादव, देवेन्द्र कुमार वर्मा, दिलीप कुशवाहा, प्रधानाध्यापक आलोक कुमार यादव, शाह आलम, जितेन्द्र कुमार यादव, प्रवीण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
अतरौलिया थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से कट रहे हरे पेड़, भीषण गर्मी के बीच वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
अतरौलिया (आजमगढ़)। अतरौलिया थाना क्षेत्र में इन दिनों हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई तेजी से हो रही है। एक तरफ जहां मार्च महीने की शुरुआत में ही भीषण गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है।ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों और सड़कों के किनारे लगे हरे पेड़ों को रात के अंधेरे में या दिनदहाड़े काटा जा रहा है। लकड़ी माफिया बेखौफ होकर पेड़ों को गिरा रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी कुम्भकर्ण की नींद सो रहे हैं, जिससे अवैध कटान करने वालों के हौसले बुलंद हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पेड़ पर्यावरण के संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं। पेड़ों की लगातार कटाई से न सिर्फ तापमान बढ़ रहा है बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी तेजी से कम होती जा रही है। मार्च में ही जिस तरह से तेज गर्मी पड़ रही है, उससे लोग चिंतित हैं कि आने वाले मई-जून में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में हो रही अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने की भी मांग उठाई जा रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध कटान पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
गढ़वा: बंडा पहाड़ पर गूंजा 'हर-हर महादेव', नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ का तीसरा दिन संपन्न

Image 2Image 3

गढ़वा :- गढ़वा के ग्राम जोबरईया के बंडा पहाड़ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का तीसरा दिन भगवान शंकर के रुद्राभिषेक से प्रारंभ हुआ। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संध्या काल में पावन श्री राम कथा में अयोध्या धाम से पधारे हुए परम पूज्य आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने कथा के तृतीय दिवस में भगवान के पावन जन्म की कथा श्रवण कराया। कथा व्यास जी ने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार पापाचार बढ़ता है, दुष्ट आताताइयो का आतंक बढ़ता है प्रभु विभिन्न स्वरूपों में आकर के राक्षसों का विनाश कर धरती के भार को हल्का करते हैं। परमात्मा निराकार है लेकिन भक्त के भावना के अनुसार समय-समय पर सगुण साकार रूप रखकर इस धरती पर आते हैं। भगवान को धरती पर आने के कई कारण है मानस में गोस्वामी जी ने लिखा है विप्र,धेनु,सुर,संत हित लीन्ह मनुज अवतार l कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुतिकरण हेतु साथ दे रहे संगीतकारों ने अपने गीत के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। कथा के अंत में वृंदावन से पधारे हुए कलाकारों के

द्वारा सुंदर झांकियां की प्रस्तुति हुई। जिसमें राजा दशरथ और महारानी कौशल्या के साथ बाल शाखाओं की टोली की प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित दर्शकों का मनमोहन लिया। महायज्ञ के यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज जी ने कथा व्यास के प्रस्तुतीकरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यास जी एक उद्भट्ट विद्वान है। कथा करने की इनकी गायन शैली काफी रोचक और झांकियां काफी मनोरम है। प्रधान संयोजक श्री राकेश पाल जी ने कहा कि यह महायज्ञ इस धरा धाम को पवित्र करने वाली है इस क्षेत्र के लिए परम सौभाग्य की बात है कि यहां नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन हो रहा है।

श्री रुद्र महायज्ञ के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार पाल ने अपने सभी सदस्यों को काफी सजग होकर भक्तों के सभी आवश्यक सुविधाओं के प्रति सचेत रहने का सुझाव दिया।

वहीं संपूर्ण कथा के दौरान आज के अतिथि के रूप में गढ़वा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री नरेंद्र नारायण जी गढ़वा से प्रमुख समाजसेवी पिंटू केसरी जी, विजय केसरीजी कथा मंडपम में विशेष रूप से उपस्थित थे।।

बौद्धिक संपदा के लिए  छात्रों में जागरुकता उत्पन्न करें विश्वविद्यालय-न्यायमूर्ति सुधीर नारायण
मुफ्त विश्वविद्यालय में आईपीआर पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में बुधवार को आयोजित बौद्धिक संपदा अधिकार पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि बौद्धिक संपदा को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित करने के लिए बड़े कानूनी बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि भारत में बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में जो भी नियम लागू हैं वह वैश्विक स्तर पर मान्य नही है।न्यायमूर्ति नारायण ने बौद्धिक संपदा अधिकार को विधिक परिपेक्ष्य में समझाते हुए बताया कि आईपीआर को लेकर भारत में अभी किसी अधिनियम का निर्माण नहीं किया गया।जिस प्रकार कॉपीराइट एक्ट की व्यवस्था है वैसी कोई व्यवस्था आईपीआर को लेकर नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को बौद्धिक संपदा अधिकार के सम्बन्ध में बड़े कदम उठाने चाहिए जिससे कि छात्रों के बीच जागरूकता उत्पन्न की जा सके।मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की विधि विद्या शाखा की प्रो.मानसी शर्मा ने कहा कि बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में व्यापक पैमाने पर जागरूकता की आवश्यकता है।मनुष्यो द्वारा प्रतिपादित कोई भी मौलिक रचना सृजन उसकी बौद्धिक सम्पदा के अन्तर्गत आती है।इस संपदा को विधिक संरक्षण के द्वारा ही सुरक्षित करना आईपीआर का मुख्य उद्देश्य है।प्रो.शर्मा ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपनी बौद्धिक सम्पदा को संरक्षित करे और उसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करे।हमें अपने परंपरागत एवं अर्जित ज्ञान रचना निर्माण आदि को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित करना चाहिए।अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा कभी अर्थपरक नहीं थी वरन् वह भारत में जनकल्याण के लिए हमेशा प्रयोग में लाई जाती रही।हमारे ऋषि मुनियों के पास बौद्धिक संपदा थी ज्ञान था लेकिन उसका सम्बंध व्यवसाय से नहीं था। पश्चिमी सभ्यता में व्यवसाय महत्वपूर्ण हुआ। वह विद्या से जुड़ा बौद्धिकता से जुड़ा और उसका विस्तार हो गया।प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि नवीन तकनीक और उनके उपभोग एवं प्रयोग के सम्बन्ध में आईपीआर को और सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए। इसके साथ ही कृतिम बुद्धिमत्ता के दौर में बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए निहित कानून एवं नियमों का पालन करते हुए हमें उनको संदर्भित अवश्य करना चाहिए।उद्घाटन सत्र में अतिथियों का वाचिक स्वागत प्रो.सत्यपाल तिवारी तथा विषय प्रवर्तन प्रो.जे पी यादव ने किया। कार्यशाला का संचालन डॉ गौरव संकल्प एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सतीश चन्द्र जैसल ने किया। कार्यशाला के अन्तय तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियो ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
गैस पेट्रोल एवं डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, बुकिंग होने पर ही गैस उपभोक्ता  तक पहुंचाएं
फर्रूखाबाद l जनपद की सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम विक्रय प्रबंधक एल०पी०जी०/पेट्रोलियम पदार्थ द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में गैस, पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा कहीं भी किसी स्तर पर इनकी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपनी एजेंसियां प्रातः निर्धारित समय पर खोलना सुनिश्चित करें तथा बुकिंग के एक से दो दिन के भीतर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस की डिलीवरी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उपभोक्ता द्वारा बुकिंग की गई है, उसी को गैस सिलेंडर की डिलीवरी दी जाए। सी०एस०सी० केंद्रों पर गैस केवल उसी स्थिति में दी जाए जब संबंधित उपभोक्ता की बुकिंग हो तथा किसी भी दशा में वहां 100 किलोग्राम से अधिक स्टॉक न रखा जाए। साथ ही स्टॉक की स्थिति एवं के०वाई०सी० प्रक्रिया का प्रदर्शन गैस एजेंसी के शोरूम के साथ-साथ गोदाम पर भी किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प स्वामी अपने स्टॉक की स्थिति को देखते हुए अग्रिम रूप से धनराशि जमा कराकर गैस, डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति समय से मंगाना सुनिश्चित करें। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में बोतल, केन अथवा खुले पात्र में पेट्रोल की बिक्री न की जाए तथा पेट्रोल की बिक्री केवल वाहनों की टंकियों में ही की जाए। इस संबंध में सूचना सभी पेट्रोल पम्पों पर प्रदर्शित की जाए। डीजल की बिक्री के संबंध में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु अनुमन्य मात्रा से अधिक डीजल एक बार में न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में गैस सिलेंडर, डीजल अथवा पेट्रोल खरीदकर जमाखोरी करने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि निर्धारित मूल्य एवं निर्धारित मात्रा के अनुसार ही ईंधन की आपूर्ति की जाए। यदि कहीं अधिक मूल्य वसूलने अथवा घटतौली की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि पुलिस द्वारा जनपद के सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों का समय-समय पर रैंडम निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही भ्रामक सूचना फैलाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में अनुपस्थित पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसी संचालकों को कारण बताओ नोटिस/स्पष्टीकरण जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
हर हाल में मई तक पूरा करें मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माणः  मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री  ने किया मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री  ने निर्माणाधीन एजेंसी को गुणवत्ता और समय से काम पूरा करने का दिया सख्त निर्देश*

*विश्वविद्यालय प्रांगण में रोपा मौलिश्री का पौधा, राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी किया  निरीक्षण*

बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उतर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया।  मुख्यमंत्री  ने निर्माण एजेंसी को हर हाल में मई 2026 तक निर्माण पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। मा० मुख्यमंत्री जी ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्य प्रगति पर पूरी जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  ने सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के मॉडल पर प्रेजेंटेशन को देखा। मा० मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि कार्य समयसीमा के अंदर हो, इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मई तक काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।

इसके बाद  मुख्यमंत्री जी ने एकेडमिक बिल्डिंग, थियेटर क्लास, लैब समेत समूचे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मा० विधायक श्री पल्टूराम, मा० एमएलसी श्री साकेत मिश्र, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्र, जिलाधिकारी श्री विपिन जैन, कुलसचिव श्री परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक श्री दिनेश कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।
केवल पाठ्य पुस्तक पढ़ने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरक और आदर्श भी बने शिक्षक:BSA मनीष कुमार सिंह
संजीव कुमार सिंह बलिया!राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण के प्रथम बैच का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य /उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में शिक्षा क्षेत्र बेलहरी,बैरिया, मनियर, पंदह,मुरली छपरा,,रेवती,बेरुअरबारी और नगरा के 12-12 शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है जो आज दिनांक 11 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 13 मार्च 2026 तक आयोजित होना है। सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण के प्रभारी डायट प्रवक्ता डॉक्टर मृत्युंजय सिंह एवं इस प्रशिक्षण के नोडल रवि रंजन खरे द्वारा पंजीकरण के उपरांत शिक्षकों को पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण में सम्मिलित होने का आह्वान किया गया। प्रवक्ता जानू राम द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि शिक्षा केवल ज्ञान या सूचना देने की प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह मानव निर्माण की एक सतत श्रृंखला है। यदि शिक्षा में मूल्य का समावेश नहीं होता तो यह केवल कौशल और तकनीकी दक्षता तक ही सीमित रह जाती, ऐसे में समाज की भौतिक प्रगति तो होती किंतु नैतिक पतन और संवेदनहीनता की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है ।शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होता है जब वह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ ही भावनात्मक एवं नैतिक विकास में भी योगदान करें। प्रशिक्षण के नोडल रविरंजन खरे द्वारा आह्वान किया गया कि आज का समय वैज्ञानिक प्रगति, सूचना क्रांति और वैश्वीकरण की है ।विद्यार्थियों के सामने और असंख्य अवसर तो आते हैं परंतु जीवन में तनाव ,नैतिक द्वंद्व और सामाजिक असमानताएं भी बढ़ती हैं ।ऐसे में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं बल्कि जीवन को सार्थक और संतुलित बनाना भी होना चाहिए ।मूल्य आधारित इस प्रशिक्षण में हम सभी मिलकर इन चुनौतियों का सामना करने के लिए नैतिक शक्ति को प्राप्त कर सकेंगे ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा शिक्षकों के मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति अधिक जागरूक होने की बात बताई गई जिसमें शिक्षण में मूल्य का समावेश करने ,उनका दृष्टिकोण और अधिक समानुभूतिपूर्ण तथा संवेदनशील बनाने की दिशा में समय-समय पर मूल्य आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। डायट प्रवक्ता अविनाश सिंह द्वारा कंप्यूटर का शिक्षा में प्रयोग तथा उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की गई और बताया गया की शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जो मनुष्य को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाती है ।यह एक ऐसे प्रकाश पुंज के समान है जो मनुष्य के जीवन को ज्ञान के प्रकाश से परिपूर्ण करते हुए एक जिम्मेदार नैतिक एवं मूल्य आधारित नागरिक बनाती है जिससे देश और समाज की उन्नति एवं विकास में अपना अहम योगदान दिया जा सके। इस प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे बेलहरी शिक्षा क्षेत्र के अध्यापक, पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्र द्वारा बताया गया कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में न्याय ,स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे बहुमूल्य सिद्धांतों का प्रयोग किया गया है जिन्हें अपनाकर शिक्षक अपने आप में सशक्त बन सकता है तथा कक्षाओं में आत्मसात कराकर समाज की नई रूप रेखा का निर्माण कर सकता है जिस पर आगे चलकर सहिष्णुतापूर्ण, समावेशी एवं समतामूलक और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण सामाजिक वातावरण का सृजन किया जा सकता है। डायट प्रवक्ता डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा बताया गया कि शिक्षक भविष्य निर्माता है तथा उनके द्वारा विद्यार्थियों में रोपित मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों का बीज एक दिन विशाल वृक्ष बनकर हमारे समाज को मानवीय गरिमा एवं न्याय की शीतल छाव प्रदान करेगा। तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया गया।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों का दमदार प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से 135 महिला प्रधानों ने प्रतिभाग किया और पंचायतों में महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदेश से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। “बीकन पंचायत (WER)” श्रेणी में श्रीमती प्रियंका तिवारी (राजपुर, हाथरस), श्रीमती नीलम देवी (भरतपुर, अलीगढ़), श्रीमती मनु यादव (फौलादपुर, अमरोहा), सुश्री पूनम सिंह (रोरी, गाजियाबाद) और सुश्री नीलमणि राजे बुंदेला (छिपाई, ललितपुर) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
इसी प्रकार “चैंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में सुश्री सुलेखा कुशवाहा (तिलसड़ा, कानपुर नगर) और श्रीमती मधु चौधरी (मखदुमपुर, अमरोहा) को सम्मानित किया गया। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत (WFGP)” श्रेणी में श्रीमती रूपाली लोधी (सींगनखेड़ा, रामपुर), श्रीमती हेमलता पटेल (सुजानपुर, फतेहपुर), श्रीमती कृष्णा गंगवार (अल्हैया, बरेली), डॉ. अनामिका सिंह (पाला, कन्नौज) और श्रीमती माधुरी सिंह (थावर, लखनऊ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।
ओम प्रकाश राजभर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानें अपने कार्यों से गांवों के विकास की नई मिसाल पेश कर रही हैं और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।वहीं अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति मिलती है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
शिक्षकों की संवेदनशीलता: दिवंगत रसोइया विद्यावती के पुत्र को दी 25 हजार की आर्थिक सहायता
संजीव सिंह बलिया! सीयर: शिक्षा क्षेत्र सीयर के शिक्षकों ने मानवीयता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्राथमिक विद्यालय तिरनई खुर्द की दिवंगत रसोइया विद्यावती देवी के पुत्र अवधेश को आपसी सहयोग से एकत्रित 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।विद्यावती देवी का निधन 3 मार्च को हो गया था, जिससे विद्यालय परिवार और क्षेत्रीय शिक्षकगण शोकाकुल हो गए थे। उनकी स्मृति में और परिवार की सहायता के लिए शिक्षकों ने यह राशि सौंपी।इस पुण्य कार्य में खंड शिक्षा अधिकारी सीयर, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार यादव, उदय प्रताप यादव, जय प्रकाश यादव, देवेन्द्र कुमार वर्मा, दिलीप कुशवाहा, प्रधानाध्यापक आलोक कुमार यादव, शाह आलम, जितेन्द्र कुमार यादव, प्रवीण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
अतरौलिया थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से कट रहे हरे पेड़, भीषण गर्मी के बीच वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
अतरौलिया (आजमगढ़)। अतरौलिया थाना क्षेत्र में इन दिनों हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई तेजी से हो रही है। एक तरफ जहां मार्च महीने की शुरुआत में ही भीषण गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है।ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों और सड़कों के किनारे लगे हरे पेड़ों को रात के अंधेरे में या दिनदहाड़े काटा जा रहा है। लकड़ी माफिया बेखौफ होकर पेड़ों को गिरा रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी कुम्भकर्ण की नींद सो रहे हैं, जिससे अवैध कटान करने वालों के हौसले बुलंद हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पेड़ पर्यावरण के संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं। पेड़ों की लगातार कटाई से न सिर्फ तापमान बढ़ रहा है बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी तेजी से कम होती जा रही है। मार्च में ही जिस तरह से तेज गर्मी पड़ रही है, उससे लोग चिंतित हैं कि आने वाले मई-जून में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में हो रही अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने की भी मांग उठाई जा रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध कटान पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।