भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
9.5 लाख करोड़ के बजट पर आज कैबिनेट की मुहर संभव, क्षेत्रीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रारूप को मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में करीब 10 प्रस्तावों पर विचार होगा, जिनमें स्थापना और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।

करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित आकार वाला यह बजट 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार का अंतिम पूर्ण बजट माना जा रहा है। ऐसे में सरकार विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक संदेश देने की तैयारी में है।

क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष फोकस

सरकार पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान कर सकती है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 जिलों में आधारभूत सुविधाओं को गति मिलेगी।

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए भी बजट में विशेष पैकेज संभव है। प्राधिकरण के अंतर्गत अधिग्रहित की जाने वाली शेष जमीन और औद्योगिक ढांचे के विकास के लिए अलग से धनराशि रखी जा सकती है।

एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी परियोजनाएं

प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान संभावित है। लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक मार्ग तथा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता मिल सकती है।

जनकल्याण योजनाओं में बढ़ोतरी

सरकार वृद्धावस्था और निराश्रित महिला पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। शिक्षा मित्रों के मानदेय में वृद्धि और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने की योजनाएं भी बजट का हिस्सा बन सकती हैं। मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण योजना को आगे बढ़ाने के संकेत भी हैं।

विभागवार संभावित आवंटन

सड़क सुधार के लिए 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक, गृह विभाग (साइबर अपराध नियंत्रण सहित) के लिए करीब 48 हजार करोड़ रुपये तथा परिवहन सुरक्षा के लिए लगभग 4700 करोड़ रुपये का प्रावधान हो सकता है। हवाई अड्डों और जलमार्ग विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये और मेट्रो परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये तक की राशि प्रस्तावित बताई जा रही है।

वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि यह बजट प्रदेश की विकास जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इसमें पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देते हुए कृषि, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
ट्रेनों की बढ़ती संख्या के बीच जीआरपी को मिलेगी अतिरिक्त फोर्स, 2740 पुलिसकर्मी एक साल की विशेष ड्यूटी पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ट्रेनों और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। बीते 28 वर्षों से जीआरपी (Government Railway Police) की स्वीकृत जनशक्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में अब कमिश्नरेट और जिलों में तैनात 2740 पुलिसकर्मियों को एक वर्ष की विशेष ड्यूटी पर जीआरपी में तैनात किया जाएगा।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि चयनित पुलिसकर्मियों को उनके गृह जनपद के जीआरपी थानों में ही तैनाती दी जाएगी। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल होंगी।

वर्तमान में जीआरपी में वर्ष 1998 से डीजी से लेकर सिपाही तक कुल 6000 पद स्वीकृत हैं। इस दौरान प्रदेश में ट्रेनों की संख्या बढ़कर 3050 और प्रतिदिन यात्रियों की संख्या लगभग 30 लाख तक पहुंच गई है, लेकिन जनशक्ति में वृद्धि नहीं हो सकी।

जानकारी के अनुसार, जीआरपी कर्मियों के वेतन का आधा हिस्सा रेल मंत्रालय वहन करता है। अतिरिक्त पदों की स्वीकृति को लेकर कई बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी।

अब नई व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही रैंक तक के 2740 पुलिसकर्मी एक वर्ष के लिए जीआरपी में तैनात रहेंगे। उनका वेतन संबंधित कमिश्नरेट या जिले से ही जारी होगा। आवश्यकता पड़ने पर कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है।

एडीजी रेलवे प्रकाश डी. ने बताया कि डीजीपी की स्वीकृति के बाद सभी जिलों और कमिश्नरेट से पुलिसकर्मी मांगे गए हैं। श्रावस्ती जनपद को इसमें शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वहां रेलवे लाइन नहीं है। अतिरिक्त फोर्स मिलने से ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
मृत व्यक्ति को दे दी ई-रिक्शा ट्रेनिंग! बुलंदशहर में ड्राइविंग स्कूल का बड़ा खेल उजागर
लखनऊ /बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में ड्राइविंग ट्रेनिंग के नाम पर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्याना क्षेत्र के कर उप परिवहन आयुक्त, मेरठ मंडल से मान्यता प्राप्त राजा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल ने एक ऐसे व्यक्ति के नाम ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर दिया, जिसकी महीनों पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार, शेखुपुर रौरा निवासी सुखवीर के नाम 10 अगस्त 2025 को ई-रिक्शा की 10 दिवसीय ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र जारी किया गया। सर्टिफिकेट में उल्लेख है कि उन्होंने 01 अगस्त से 10 अगस्त 2025 तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। जारीकर्ता इमरान ने प्रमाणपत्र में यह भी लिखा कि वह प्रशिक्षार्थी की ड्राइविंग क्षमता और शारीरिक फिटनेस से संतुष्ट हैं।

हालांकि रिकॉर्ड के मुताबिक सुखवीर की 01 मार्च 2025 को सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को जिला अस्पताल द्वारा उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया जा चुका है।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

अब सवाल यह है कि जो व्यक्ति पांच महीने पहले ही मृत हो चुका था, उसे प्रशिक्षण कैसे दिया गया? प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी हुआ? और आरटीओ (ट्रेनिंग) मेरठ द्वारा काउंटर साइन किन दस्तावेजों के आधार पर किए गए?

कार्रवाई की तैयारी

मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एआरटीओ बुलंदशहर ने संबंधित ड्राइविंग स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामला: बिलारी के सपा विधायक मो. फहीम का OBC सर्टिफिकेट निरस्त

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मो. फहीम का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है। जनपद स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। विधायक के साथ-साथ उनके चाचा हाजी मोहम्मद उस्मान और उनकी दो बेटियों कुमारी फरहीन जहां व समरीन जहां के प्रमाणपत्र भी रद्द कर दिए गए हैं।

क्या है मामला?

बिलारी तहसील के ग्राम सिहाली निवासी विश्वास यादव उर्फ लवली यादव ने 19 जुलाई 2024 को जनपद स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के समक्ष वाद दायर कर विधायक मो. फहीम के जाति प्रमाणपत्र को चुनौती दी थी। आरोप था कि विधायक और उनके परिजनों ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के तहत झोजा जाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया है।

मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति ने दोनों पक्षों के तर्क सुने और प्रस्तुत अभिलेखीय साक्ष्यों का परीक्षण किया।

समिति का क्या निष्कर्ष रहा?

समिति ने अपने निर्णय में कहा कि:

मो. फहीम का अन्य पिछड़ा वर्ग में झोजा जाति के रूप में वर्गीकृत होना स्पष्ट नहीं हो सका।

इस आधार पर उन्हें OBC के अंतर्गत झोजा जाति का लाभ देना उचित नहीं है।

विधायक, उनके चाचा और चचेरी बहनों के जाति प्रमाणपत्र निरस्त किए जाते हैं।

पिछड़ा वर्ग आयोग के फैसले का हवाला

समिति ने अपने आदेश में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के 1997-98 के एक मामले का उल्लेख किया।

शाहिद हुसैन पाशा (मुरादाबाद) ने झोजा और तुर्क को समानार्थक मानने का प्रार्थनापत्र दिया था।

आयोग ने 24 मार्च 1998 को यह स्पष्ट किया कि झोजा और तुर्क समानार्थक नहीं हैं।

केंद्रीय OBC सूची में केवल झोजा को शामिल किया गया है, तुर्क को नहीं।

समिति ने इसी आधार पर कहा कि दोनों जातियां भिन्न हैं।

जिम्मेदारों के बयान

अनुज सिंह, डीएम मुरादाबाद:
“जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने सभी पक्षों के तर्क और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद निर्णय लिया है। इसी आधार पर विधायक मो. फहीम का जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया गया है।”

मो. फहीम, सपा विधायक:
“विधानसभा सत्र चल रहा है, मैं लखनऊ में हूं। जाति प्रमाणपत्र निरस्त होने की सूचना मुझे नहीं मिली है। लौटकर जरूरत पड़ी तो डीएम से मुलाकात करूंगा।”

हाजी मोहम्मद उस्मान (विधायक के चाचा):
“हमारे पास 1911 से 2018 तक के पुश्तैनी दस्तावेजी साक्ष्य हैं, जिन्हें समिति को दिया गया था। यदि आदेश जारी हुआ है तो उसकी प्रति लेकर मंडलीय अपीलीय फोरम में अपील करेंगे। न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।”
एमएसएमई के लिए कम बिजली खर्च और स्वच्छ ऊर्जा की ओर आसान रास्ता

नागपुर,  फरवरी, 2026: बढ़ती ऊर्जा लागत के दौर में एमएसएमई ऐसे समाधान चाहते हैं, जो खर्च घटाने के साथ भविष्य को भी सुरक्षित बनाएँ। रूफटॉप सोलर इसी दिशा में एक कारगर विकल्प बनकर उभरा है, जो कारोबार को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करता है। इसी सोच के तहत, एक्सिस बैंक ने एमएसएमई के लिए रूफटॉप सोलर फाइनेंस की शुरुआत की है। इस खास वित्तीय समाधान के जरिए एमएसएमई 10 लाख रुपए से 2 करोड़ रुपए तक का बिना जमानत ऋण ले सकते हैं, जिसकी चुकौती अवधि 4 से 7 वर्षों तक रखी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि उद्यम अपने बैलेंस शीट या कार्यशील पूंजी पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना सोलर सिस्टम में निवेश कर सकें।

स्वयं के स्वामित्व वाला रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने से एमएसएमई को बिजली खर्च कम करने, ऊर्जा लागत पर बेहतर नियंत्रण पाने और लंबे समय में वित्तीय मजबूती हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह पहल भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में भी योगदान देगी।

यह सुविधा एक्सिस बैंक के देशभर में फैले शाखा नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध होगी। बेहतर क्रियान्वयन के लिए बैंक ने प्रमुख ओईएम और एक टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ साझेदारी की है, जिससे एमएसएमई को लागत, अनुमानित बचत और समय-सीमा जैसी जानकारियों में पूरी पारदर्शिता मिल सके।
होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया ने मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में सुरक्षित भविष्‍य के लिए रोड सेफ्टी कन्‍वेंशन का आयोजन किया
100 से अधिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने इस कन्‍वेंशन में हिस्‍सा लिया

ग्वालियर : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। यह पहल एचएमएसआई के चल रहे प्रोजेक्ट - हमारी भावी पीढ़ी के लिए माइंडसेट डेवलपमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतें विकसित करना है।
श्री पुष्पा डोदी, डीईओ इंचार्ज, ग्वालियर; डॉ. के. पी. एस. तोमर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, ग्वालियर; और श्री शिशिर चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर – सेफ्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस कन्वेंशन की शोभा बढ़ाई।
सत्रों में शिक्षकों को किड्स माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया। ये मॉड्यूल इस तरह बनाए गए हैं कि बच्चे छोटी उम्र से ही सड़क पर सुरक्षित रहने की आदतें सीख सकें। कन्वेंशन का मुख्य मकसद यह है कि स्कूल इन मॉड्यूल को अपनी पढ़ाई में शामिल करें और सड़क सुरक्षा की शिक्षा को जोर-शोर से बढ़ावा दें। एक खास पोर्टल के जरिए स्कूलों को ये मॉड्यूल हमेशा मिलते रहेंगे। इस पोर्टल पर समय-समय पर नए अपडेट भी आते रहेंगे, ताकि बच्चों को सड़क सुरक्षा की ताजा और सही जानकारी मिलती रहे। स्कूल चाहें तो इन सत्रों को लाइव देख सकते हैं या डाउनलोड करके बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा इसलिए है कि हर स्कूल को आसानी हो। साथ ही, ये मॉड्यूल कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के बच्चे आसानी से समझ सकें।
अब तक, एचएमएसआई ने भारत भर में सफलतापूर्वक 21 रोड सेफ्टी कन्वेंशन्स आयोजित किए हैं, जिनमें 2600+ स्कूलों तक पहुंच बनाई गई है और 11 लाख से अधिक छात्रों को संवेदनशील बनाया गया है। एचएमएसआई ने इस व्‍यापक पहुंच को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश भर में और अधिक स्कूलों तथा समुदायों तक पहुंचा जा सके। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सीधे शामिल करके, कंपनी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से बढ़ता रहे, जिससे आखिरकार परिवारों और पूरे समाज पर प्रभाव पड़े।
एचएमएसआई के ‘सेफ्टी फॉर एव्‍रीवन’ के वैश्विक संदेश के तहत, एक जिम्मेदार रोड यूजर्स की पीढ़ी विकसित करने पर केंद्रित है। इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा की सीख को और बढ़ाया जाए। ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सीखें और यह उनकी आदत बन जाए। शिक्षकों, स्कूल के प्रबंधकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करके, कंपनी लगातार कोशिश करती है कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी और जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया जाए।

सड़क पर सुरक्षा के लिये होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया की सीएसआर को लेकर प्रतिबद्धता:
2021 में होंडा ने साल 2050 के लिये अपना ‘ग्‍लोबल विज़न स्‍टेटमेंट’ घोषित किया था कि वह होंडा मोटरसाइकल्‍स और ऑटोमो‍बाइल्‍स से यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्‍य पर लाने का प्रयास करेगी। भारत में एचएमएसआई 2030 तक ऐसी मौतों की संख्‍या को आधा करने की अपनी सोच और भारत सरकार के निर्देश के अनुसार काम कर रही है। 

इस लक्ष्‍य को हासिल करने का एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी साल 2030 तक बच्‍चों में सड़क पर सुरक्षा के लिये एक सकारात्‍मक सोच विकसित करने के बाद भी उन्‍हें लगातार शिक्षित करना चाहती है। स्‍कूलों और कॉलेजों में सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिये नहीं है, बल्कि बच्‍चों को सुरक्षा की संस्‍कृति से अवगत कराने और उन्‍हें ‘रोड सेफ्टी एम्‍बेसेडर्स’ बनाने के लिये भी है। इससे भविष्‍य की पीढि़याँ जिम्‍मेदार बनने और अधिक सुरक्षित समाज में बड़ा योगदान देने के लिये सशक्‍त होती हैं।

एचएमएसआई ऐसी कंपनी बनना चाहती है, जिसे समाज पसंद करे और वह समाज के सभी वर्गों के बीच सड़क पर सुरक्षा का प्रचार करने पर मजबूती से ध्‍यान दे रही है। स्‍कूली बच्‍चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और बड़े पैमाने पर समाज तक, हर वर्ग के लिये उसके पास अनूठे आइडिया हैं।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक भारत में हमारे द्वारा गोद लिये गये 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्‍स (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एज्‍युकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोजाना कार्यक्रम चलाते हैं। यह काम सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा को समाज के हर हिस्‍से तक पहुँचाने के लिये होता है और इस पहल ने 10 मिलियन से ज्‍यादा भारतीयों तक पहुँच बनाई है। एचएमएसआई के राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने निम्‍नलिखित माध्‍यमों से शिक्षा को मजेदार एवं वैज्ञानिक बनाया है:

सीखने का वैज्ञानिक तरीका: होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिन्‍हों, सड़क पर ड्राइवरों के कर्तव्‍यों, राइडिंग के गियर तथा मुद्रा समझाने और सुरक्षित राइडिंग के आचरण पर सैद्धांतिक सत्रों की बुनियाद तैयार की है।
*इंटर के छात्राओं को विदाई और हाई स्कूल मंगलकान दी गई*
सुल्तानपुर,गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आंगनकोल स्थित ए के शिक्षा निकेतन स्कूल में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय प्रधानाचार्या आरती पांडेय ने बताया कि हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों के लिए विदाई समारोह एवं शुभकामनाएं एक भावनात्मक और यादगार अवसर होता है। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि यह सुख का क्षण है। बच्चे स्कूली पढ़ाई पूरी कर अब उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं. 12वीं व 10वीं के सभी बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की मंगल कामना भी की व आशीर्वाद दिया, विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर 12वीं के सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह व उपहार भेंट किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का भी आह्वान किया। इस मौके पर सीमा मिश्रा, पूजा मिश्रा, शालनी यादव, अनुष्का यादव, रेनू भारती, मैसाना, सत्य प्रकाश तिवारी, शेर मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद यादव, धर्मेंद्र शर्मा, सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।
सिटी इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने किया विद्यालय का नाम रोशन
जौनपुर। जिला विज्ञान क्लब द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय मॉडल प्रतियोगिता में सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित सिटी इंटरनेशनल स्कूल, पिलकिछा खुटहन की छात्राओं ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, तीनों स्थानों पर कब्ज़ा कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। सातवीं की तीन छात्राओं में से सेजल यादव ने प्रथम स्थान, वैष्णवी सिंह ने द्वितीय स्थान तथा रागिनी निषाद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय परिवार के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सभी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

यह सफलता यह संदेश देती है कि सही दिशा, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इस शानदार सफलता पर विद्यालय के प्रबंधक तथा पूर्व ब्लाक प्रमुख राजीव यादव ने सभी विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी है।
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
9.5 लाख करोड़ के बजट पर आज कैबिनेट की मुहर संभव, क्षेत्रीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रारूप को मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में करीब 10 प्रस्तावों पर विचार होगा, जिनमें स्थापना और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।

करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित आकार वाला यह बजट 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार का अंतिम पूर्ण बजट माना जा रहा है। ऐसे में सरकार विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक संदेश देने की तैयारी में है।

क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष फोकस

सरकार पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान कर सकती है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 जिलों में आधारभूत सुविधाओं को गति मिलेगी।

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए भी बजट में विशेष पैकेज संभव है। प्राधिकरण के अंतर्गत अधिग्रहित की जाने वाली शेष जमीन और औद्योगिक ढांचे के विकास के लिए अलग से धनराशि रखी जा सकती है।

एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी परियोजनाएं

प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान संभावित है। लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक मार्ग तथा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता मिल सकती है।

जनकल्याण योजनाओं में बढ़ोतरी

सरकार वृद्धावस्था और निराश्रित महिला पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। शिक्षा मित्रों के मानदेय में वृद्धि और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने की योजनाएं भी बजट का हिस्सा बन सकती हैं। मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण योजना को आगे बढ़ाने के संकेत भी हैं।

विभागवार संभावित आवंटन

सड़क सुधार के लिए 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक, गृह विभाग (साइबर अपराध नियंत्रण सहित) के लिए करीब 48 हजार करोड़ रुपये तथा परिवहन सुरक्षा के लिए लगभग 4700 करोड़ रुपये का प्रावधान हो सकता है। हवाई अड्डों और जलमार्ग विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये और मेट्रो परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये तक की राशि प्रस्तावित बताई जा रही है।

वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि यह बजट प्रदेश की विकास जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इसमें पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देते हुए कृषि, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
ट्रेनों की बढ़ती संख्या के बीच जीआरपी को मिलेगी अतिरिक्त फोर्स, 2740 पुलिसकर्मी एक साल की विशेष ड्यूटी पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ट्रेनों और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। बीते 28 वर्षों से जीआरपी (Government Railway Police) की स्वीकृत जनशक्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में अब कमिश्नरेट और जिलों में तैनात 2740 पुलिसकर्मियों को एक वर्ष की विशेष ड्यूटी पर जीआरपी में तैनात किया जाएगा।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि चयनित पुलिसकर्मियों को उनके गृह जनपद के जीआरपी थानों में ही तैनाती दी जाएगी। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल होंगी।

वर्तमान में जीआरपी में वर्ष 1998 से डीजी से लेकर सिपाही तक कुल 6000 पद स्वीकृत हैं। इस दौरान प्रदेश में ट्रेनों की संख्या बढ़कर 3050 और प्रतिदिन यात्रियों की संख्या लगभग 30 लाख तक पहुंच गई है, लेकिन जनशक्ति में वृद्धि नहीं हो सकी।

जानकारी के अनुसार, जीआरपी कर्मियों के वेतन का आधा हिस्सा रेल मंत्रालय वहन करता है। अतिरिक्त पदों की स्वीकृति को लेकर कई बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी।

अब नई व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही रैंक तक के 2740 पुलिसकर्मी एक वर्ष के लिए जीआरपी में तैनात रहेंगे। उनका वेतन संबंधित कमिश्नरेट या जिले से ही जारी होगा। आवश्यकता पड़ने पर कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है।

एडीजी रेलवे प्रकाश डी. ने बताया कि डीजीपी की स्वीकृति के बाद सभी जिलों और कमिश्नरेट से पुलिसकर्मी मांगे गए हैं। श्रावस्ती जनपद को इसमें शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वहां रेलवे लाइन नहीं है। अतिरिक्त फोर्स मिलने से ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
मृत व्यक्ति को दे दी ई-रिक्शा ट्रेनिंग! बुलंदशहर में ड्राइविंग स्कूल का बड़ा खेल उजागर
लखनऊ /बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में ड्राइविंग ट्रेनिंग के नाम पर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्याना क्षेत्र के कर उप परिवहन आयुक्त, मेरठ मंडल से मान्यता प्राप्त राजा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल ने एक ऐसे व्यक्ति के नाम ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर दिया, जिसकी महीनों पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार, शेखुपुर रौरा निवासी सुखवीर के नाम 10 अगस्त 2025 को ई-रिक्शा की 10 दिवसीय ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र जारी किया गया। सर्टिफिकेट में उल्लेख है कि उन्होंने 01 अगस्त से 10 अगस्त 2025 तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। जारीकर्ता इमरान ने प्रमाणपत्र में यह भी लिखा कि वह प्रशिक्षार्थी की ड्राइविंग क्षमता और शारीरिक फिटनेस से संतुष्ट हैं।

हालांकि रिकॉर्ड के मुताबिक सुखवीर की 01 मार्च 2025 को सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को जिला अस्पताल द्वारा उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया जा चुका है।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

अब सवाल यह है कि जो व्यक्ति पांच महीने पहले ही मृत हो चुका था, उसे प्रशिक्षण कैसे दिया गया? प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी हुआ? और आरटीओ (ट्रेनिंग) मेरठ द्वारा काउंटर साइन किन दस्तावेजों के आधार पर किए गए?

कार्रवाई की तैयारी

मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एआरटीओ बुलंदशहर ने संबंधित ड्राइविंग स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामला: बिलारी के सपा विधायक मो. फहीम का OBC सर्टिफिकेट निरस्त

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मो. फहीम का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है। जनपद स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। विधायक के साथ-साथ उनके चाचा हाजी मोहम्मद उस्मान और उनकी दो बेटियों कुमारी फरहीन जहां व समरीन जहां के प्रमाणपत्र भी रद्द कर दिए गए हैं।

क्या है मामला?

बिलारी तहसील के ग्राम सिहाली निवासी विश्वास यादव उर्फ लवली यादव ने 19 जुलाई 2024 को जनपद स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के समक्ष वाद दायर कर विधायक मो. फहीम के जाति प्रमाणपत्र को चुनौती दी थी। आरोप था कि विधायक और उनके परिजनों ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के तहत झोजा जाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया है।

मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति ने दोनों पक्षों के तर्क सुने और प्रस्तुत अभिलेखीय साक्ष्यों का परीक्षण किया।

समिति का क्या निष्कर्ष रहा?

समिति ने अपने निर्णय में कहा कि:

मो. फहीम का अन्य पिछड़ा वर्ग में झोजा जाति के रूप में वर्गीकृत होना स्पष्ट नहीं हो सका।

इस आधार पर उन्हें OBC के अंतर्गत झोजा जाति का लाभ देना उचित नहीं है।

विधायक, उनके चाचा और चचेरी बहनों के जाति प्रमाणपत्र निरस्त किए जाते हैं।

पिछड़ा वर्ग आयोग के फैसले का हवाला

समिति ने अपने आदेश में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के 1997-98 के एक मामले का उल्लेख किया।

शाहिद हुसैन पाशा (मुरादाबाद) ने झोजा और तुर्क को समानार्थक मानने का प्रार्थनापत्र दिया था।

आयोग ने 24 मार्च 1998 को यह स्पष्ट किया कि झोजा और तुर्क समानार्थक नहीं हैं।

केंद्रीय OBC सूची में केवल झोजा को शामिल किया गया है, तुर्क को नहीं।

समिति ने इसी आधार पर कहा कि दोनों जातियां भिन्न हैं।

जिम्मेदारों के बयान

अनुज सिंह, डीएम मुरादाबाद:
“जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने सभी पक्षों के तर्क और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद निर्णय लिया है। इसी आधार पर विधायक मो. फहीम का जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया गया है।”

मो. फहीम, सपा विधायक:
“विधानसभा सत्र चल रहा है, मैं लखनऊ में हूं। जाति प्रमाणपत्र निरस्त होने की सूचना मुझे नहीं मिली है। लौटकर जरूरत पड़ी तो डीएम से मुलाकात करूंगा।”

हाजी मोहम्मद उस्मान (विधायक के चाचा):
“हमारे पास 1911 से 2018 तक के पुश्तैनी दस्तावेजी साक्ष्य हैं, जिन्हें समिति को दिया गया था। यदि आदेश जारी हुआ है तो उसकी प्रति लेकर मंडलीय अपीलीय फोरम में अपील करेंगे। न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।”
एमएसएमई के लिए कम बिजली खर्च और स्वच्छ ऊर्जा की ओर आसान रास्ता

नागपुर,  फरवरी, 2026: बढ़ती ऊर्जा लागत के दौर में एमएसएमई ऐसे समाधान चाहते हैं, जो खर्च घटाने के साथ भविष्य को भी सुरक्षित बनाएँ। रूफटॉप सोलर इसी दिशा में एक कारगर विकल्प बनकर उभरा है, जो कारोबार को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करता है। इसी सोच के तहत, एक्सिस बैंक ने एमएसएमई के लिए रूफटॉप सोलर फाइनेंस की शुरुआत की है। इस खास वित्तीय समाधान के जरिए एमएसएमई 10 लाख रुपए से 2 करोड़ रुपए तक का बिना जमानत ऋण ले सकते हैं, जिसकी चुकौती अवधि 4 से 7 वर्षों तक रखी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि उद्यम अपने बैलेंस शीट या कार्यशील पूंजी पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना सोलर सिस्टम में निवेश कर सकें।

स्वयं के स्वामित्व वाला रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने से एमएसएमई को बिजली खर्च कम करने, ऊर्जा लागत पर बेहतर नियंत्रण पाने और लंबे समय में वित्तीय मजबूती हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह पहल भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में भी योगदान देगी।

यह सुविधा एक्सिस बैंक के देशभर में फैले शाखा नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध होगी। बेहतर क्रियान्वयन के लिए बैंक ने प्रमुख ओईएम और एक टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ साझेदारी की है, जिससे एमएसएमई को लागत, अनुमानित बचत और समय-सीमा जैसी जानकारियों में पूरी पारदर्शिता मिल सके।
होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया ने मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में सुरक्षित भविष्‍य के लिए रोड सेफ्टी कन्‍वेंशन का आयोजन किया
100 से अधिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने इस कन्‍वेंशन में हिस्‍सा लिया

ग्वालियर : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। यह पहल एचएमएसआई के चल रहे प्रोजेक्ट - हमारी भावी पीढ़ी के लिए माइंडसेट डेवलपमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतें विकसित करना है।
श्री पुष्पा डोदी, डीईओ इंचार्ज, ग्वालियर; डॉ. के. पी. एस. तोमर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, ग्वालियर; और श्री शिशिर चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर – सेफ्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस कन्वेंशन की शोभा बढ़ाई।
सत्रों में शिक्षकों को किड्स माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया। ये मॉड्यूल इस तरह बनाए गए हैं कि बच्चे छोटी उम्र से ही सड़क पर सुरक्षित रहने की आदतें सीख सकें। कन्वेंशन का मुख्य मकसद यह है कि स्कूल इन मॉड्यूल को अपनी पढ़ाई में शामिल करें और सड़क सुरक्षा की शिक्षा को जोर-शोर से बढ़ावा दें। एक खास पोर्टल के जरिए स्कूलों को ये मॉड्यूल हमेशा मिलते रहेंगे। इस पोर्टल पर समय-समय पर नए अपडेट भी आते रहेंगे, ताकि बच्चों को सड़क सुरक्षा की ताजा और सही जानकारी मिलती रहे। स्कूल चाहें तो इन सत्रों को लाइव देख सकते हैं या डाउनलोड करके बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा इसलिए है कि हर स्कूल को आसानी हो। साथ ही, ये मॉड्यूल कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के बच्चे आसानी से समझ सकें।
अब तक, एचएमएसआई ने भारत भर में सफलतापूर्वक 21 रोड सेफ्टी कन्वेंशन्स आयोजित किए हैं, जिनमें 2600+ स्कूलों तक पहुंच बनाई गई है और 11 लाख से अधिक छात्रों को संवेदनशील बनाया गया है। एचएमएसआई ने इस व्‍यापक पहुंच को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश भर में और अधिक स्कूलों तथा समुदायों तक पहुंचा जा सके। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सीधे शामिल करके, कंपनी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से बढ़ता रहे, जिससे आखिरकार परिवारों और पूरे समाज पर प्रभाव पड़े।
एचएमएसआई के ‘सेफ्टी फॉर एव्‍रीवन’ के वैश्विक संदेश के तहत, एक जिम्मेदार रोड यूजर्स की पीढ़ी विकसित करने पर केंद्रित है। इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा की सीख को और बढ़ाया जाए। ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सीखें और यह उनकी आदत बन जाए। शिक्षकों, स्कूल के प्रबंधकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करके, कंपनी लगातार कोशिश करती है कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी और जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया जाए।

सड़क पर सुरक्षा के लिये होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया की सीएसआर को लेकर प्रतिबद्धता:
2021 में होंडा ने साल 2050 के लिये अपना ‘ग्‍लोबल विज़न स्‍टेटमेंट’ घोषित किया था कि वह होंडा मोटरसाइकल्‍स और ऑटोमो‍बाइल्‍स से यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्‍य पर लाने का प्रयास करेगी। भारत में एचएमएसआई 2030 तक ऐसी मौतों की संख्‍या को आधा करने की अपनी सोच और भारत सरकार के निर्देश के अनुसार काम कर रही है। 

इस लक्ष्‍य को हासिल करने का एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी साल 2030 तक बच्‍चों में सड़क पर सुरक्षा के लिये एक सकारात्‍मक सोच विकसित करने के बाद भी उन्‍हें लगातार शिक्षित करना चाहती है। स्‍कूलों और कॉलेजों में सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिये नहीं है, बल्कि बच्‍चों को सुरक्षा की संस्‍कृति से अवगत कराने और उन्‍हें ‘रोड सेफ्टी एम्‍बेसेडर्स’ बनाने के लिये भी है। इससे भविष्‍य की पीढि़याँ जिम्‍मेदार बनने और अधिक सुरक्षित समाज में बड़ा योगदान देने के लिये सशक्‍त होती हैं।

एचएमएसआई ऐसी कंपनी बनना चाहती है, जिसे समाज पसंद करे और वह समाज के सभी वर्गों के बीच सड़क पर सुरक्षा का प्रचार करने पर मजबूती से ध्‍यान दे रही है। स्‍कूली बच्‍चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और बड़े पैमाने पर समाज तक, हर वर्ग के लिये उसके पास अनूठे आइडिया हैं।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक भारत में हमारे द्वारा गोद लिये गये 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्‍स (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एज्‍युकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोजाना कार्यक्रम चलाते हैं। यह काम सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा को समाज के हर हिस्‍से तक पहुँचाने के लिये होता है और इस पहल ने 10 मिलियन से ज्‍यादा भारतीयों तक पहुँच बनाई है। एचएमएसआई के राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने निम्‍नलिखित माध्‍यमों से शिक्षा को मजेदार एवं वैज्ञानिक बनाया है:

सीखने का वैज्ञानिक तरीका: होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिन्‍हों, सड़क पर ड्राइवरों के कर्तव्‍यों, राइडिंग के गियर तथा मुद्रा समझाने और सुरक्षित राइडिंग के आचरण पर सैद्धांतिक सत्रों की बुनियाद तैयार की है।
*इंटर के छात्राओं को विदाई और हाई स्कूल मंगलकान दी गई*
सुल्तानपुर,गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आंगनकोल स्थित ए के शिक्षा निकेतन स्कूल में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय प्रधानाचार्या आरती पांडेय ने बताया कि हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों के लिए विदाई समारोह एवं शुभकामनाएं एक भावनात्मक और यादगार अवसर होता है। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि यह सुख का क्षण है। बच्चे स्कूली पढ़ाई पूरी कर अब उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं. 12वीं व 10वीं के सभी बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की मंगल कामना भी की व आशीर्वाद दिया, विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर 12वीं के सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह व उपहार भेंट किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का भी आह्वान किया। इस मौके पर सीमा मिश्रा, पूजा मिश्रा, शालनी यादव, अनुष्का यादव, रेनू भारती, मैसाना, सत्य प्रकाश तिवारी, शेर मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद यादव, धर्मेंद्र शर्मा, सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।
सिटी इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने किया विद्यालय का नाम रोशन
जौनपुर। जिला विज्ञान क्लब द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय मॉडल प्रतियोगिता में सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित सिटी इंटरनेशनल स्कूल, पिलकिछा खुटहन की छात्राओं ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, तीनों स्थानों पर कब्ज़ा कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। सातवीं की तीन छात्राओं में से सेजल यादव ने प्रथम स्थान, वैष्णवी सिंह ने द्वितीय स्थान तथा रागिनी निषाद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय परिवार के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सभी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

यह सफलता यह संदेश देती है कि सही दिशा, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इस शानदार सफलता पर विद्यालय के प्रबंधक तथा पूर्व ब्लाक प्रमुख राजीव यादव ने सभी विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी है।
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।