विजय की सरकार बनने पर अब भी पेंच, क्या थलापति आज बन पाएंगे तमिलनाडु के नए सीएम?

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तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही राजनीतिक उठापटक जारी है। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय आज शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही राज्य में सियासी बवाल शुरू हो गया है। तमिलनाडु लोकभवन के सूत्रों का कहना है कि थलपति विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए हैं। इसलिए उन्हें कल शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।

विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’

तमिलनाडु टीवीके चीफ थलपति विजय के समारोह में देरी होने की संभावना है। शुक्रवार को वामदलों के साथ वीसीके का समर्थन मिलने की जानकारी पर विजय की टीवीके 118 के आंकड़े तक पहुंच गई थी लेकिन अब विजय द्वारा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंपे गए सरकार बनाने के दावे में कुल समर्थक विधायकों की संख्या 116 है। ऐसे में टीवीके चीफ विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’ लग गया है।

थलापति विजय के साथ हुआ ‘खेला’

सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके समर्थन देने की स्थिति में विजय की टीवीके को बहुमत मिल रहा था। अब वीसीके के पत्र में विधायकों के दस्तखत नहीं होने की दावा किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में मामला फिर फंस गया है। वीसीके चीफ थोल. थिरुमावलवन ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है तो वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग-तमिलनाडु के अध्यक्ष कादर मोहिदीन ने कहा है कि पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का हिस्सा बनी रहेगी और टीवीके को अपना समर्थन नहीं देगी। IUML ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उसने TVK को अपना समर्थन नहीं दिया है। आईयूएमएल से ए.एम. शाहजहां और एस.एस.पी. सैयद बदी क्रमश: पापनासम और वानियमबाडी निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें देश के अगले सीडीएस के बारे में

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भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है।

देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के हाथ में तीनों सेनाओं की कमान होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अभी तक देश के सीएडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान हैं। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि अब उन्हें ही रिप्लेस करेंगे। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे।

भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का करियर

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 सितंबर 2025 से संभाली हुई है। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पद भी संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था और भारतीय सेना में उनका करियर 37 वर्षों से अधिक का है।

जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली

अपने सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल फील्ड में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सेना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे।

देश के लिए सेवाओं के लिए हो चुके हैं सम्मानित

ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

सुवेंदु आज लेंगे पश्चिम बंगाल के सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी समेत ये हस्तियां रहेंगी मौजूद

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पश्चिम बंगाल में आज सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

आजादी के बाद पहली बार बंगाल में बीजेपी सरकार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और कोई भाजपा नेता मुख्यमंत्री पद संभालेगा।

क्या शपथ ग्रहण में पहुंचेंगी टीएमसी चीफ?

सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने पर बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को भी आमंत्रण भेजा गया है।

शपथ ग्रहण समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तकों की खास प्रस्तुति

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की लोक संस्कृति की भी खास झलक देखने को मिलेगी। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तक अपनी प्रस्तुति देंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य को शामिल कर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की तैयारी की गई है। पुरुलिया छऊ नृत्य अपनी रंग-बिरंगी वेशभूषा, मुखौटों और ऊर्जावान प्रस्तुति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

धार्मिक आयोजनों से समाज में बढ़ती है सरसता और भाईचारा - सोनू राधे

जहानाबाद: घोसी प्रखंड के छपन्ना गांव में आयोजित श्री श्री शतचंडी प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गांव पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ फीता काटकर महायज्ञ का विधिवत उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान जिप अध्यक्ष सोनू राधे ने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों की आवश्यकता काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि गांवों में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक जुड़ाव धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, ऐसे में धार्मिक आयोजन लोगों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
उन्होंने यज्ञ स्थल का भ्रमण कर आयोजन समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की तथा श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के कई गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। आचार्य भूषण मिश्रा के प्रवचन श्रद्धालुओं को अध्यात्म, संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोड़ रहे हैं। वहीं, रात्रि में आयोजित रामलीला और रासलीला का मंचन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देर रात तक लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश, बैठने और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। महायज्ञ को सफल बनाने में राजीव कुमार, अर्जुन कुमार, धनेश कुमार, नागेंद्र कुमार, रोशन कुमार, लालू कुमार, समेंदर कुमार, विनोद यादव समेत यज्ञ समिति के सभी सदस्य तन-मन से जुटे हुए हैं।
देवघर-विश्व रेड क्रॉस सोसाइटी दिवस के अवसर पर रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में भव्य कार्यक्रम।
देवघर: विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर द्वारा रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर के प्लस-२ भवन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं एवं समाजसेवियों को सम्मानित करना तथा समाज में मानव सेवा, करुणा और रक्तदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था। विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रत्येक वर्ष ८ मई को रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस मानवता, निस्वार्थ सेवा, सहायता और भाईचारे का संदेश देता है। रेड क्रॉस संस्था सदैव जरूरतमंदों की सहायता, रक्तदान, आपदा राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करती रही है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्मचारी अनादिचैतन्य महाराज, शैक्षणिक समन्वयक (वरिष्ठ माध्यमिक विभाग), रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर, डॉ. नृपेन्द्र सिंह लिंगवाल, निदेशक, खाद्य शिल्प संस्थान,श्री जॉय बनर्जी, हवाई अड्डा निदेशक,डॉ. इंद्रनील दास, रक्त आधान विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के chairman जितेश राजपाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में समाज को सेवा और सहयोग की भावना की सबसे अधिक आवश्यकता है। रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा के कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित रक्तदान शिविर के सभी १२४ रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं के इस निस्वार्थ योगदान की सभी अतिथियों ने सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया। एच.डी.एफ.सी. बैंक को रक्तदान शिविर में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। वहीं भारतीय स्टेट बैंक को ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर के प्रायोजन एवं सामाजिक सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा समय-समय पर सामाजिक कार्यों, जनकल्याण गतिविधियों एवं सेवा कार्यों में दिए जा रहे योगदान की भी सराहना की गई। नितेश सिंह राजपूत को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग देने हेतु सम्मान प्रदान किया गया। वहीं रेड क्रॉस की आजीवन सदस्य श्वेता शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त राष्ट्रपति उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उन सामाजिक एवं सेवा संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के साथ मिलकर रक्तदान शिविर एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मारवाड़ी युवा मंच, रोटरी क्लब ऑफ देवघर, इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर, सनातन फाउंडेशन, भारतीय जनता युवा मोर्चा, खाद्य शिल्प संस्थान देवघर, विरोय फाउंडेशन, रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देवघर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर, ब्रह्माकुमारी संस्था, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कल्पतरु प्रोजेक्ट इंटरनेशनल लिमिटेड, दत्ता डेप्युटी हेल्थ ट्रस्ट सत्संग, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी उप-मंडलीय शाखा मधुपुर तथा अडानी पावर प्लांट गोड्डा शामिल रहे। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर की ओर से vice chairman पियुष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, सह-कोषाध्यक्ष सुधांशु शेखर बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य  विजय प्रताप सनातन, अभिषेक नेवर, देवनंदन झा, संजय मिश्रा, आजीवन सदस्य बैद्यनाथ वर्मा, ज्योति झा, श्वेता शर्मा, कृष्णा केशरी एवं युवा सदस्य पल्लवी कुमारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन पियुष जायसवाल एवं श्वेता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष जितेश राजपाल ने किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य सफल हो पाते हैं। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान एवं सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ने की अपील की तथा कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। कार्यक्रम का समापन मानव सेवा, रक्तदान और सामाजिक सहयोग के संदेश के साथ किया गया। यह आयोजन समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम सिद्ध हुआ।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विकास काशी नरेश विश्वविद्यालय के पहले कुलसचिव बने:ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से आकर कार्यभार संभाला
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय को अपना पहला कुलसचिव मिल गया है। शासन द्वारा नियुक्त विकास ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। उनके आगमन पर, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने उनका स्वागत किया। प्रोफेसर यादव ने विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया और माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने कहा कि कुलसचिव के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और प्रगति होगी। नवनियुक्त कुलसचिव विकास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे और विश्वविद्यालय को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे।‌विकास को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के परीक्षा नियंत्रक पद से इस नई जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है। प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग के संयुक्त सचिव ने उनके कुलसचिव पद पर तैनाती का आदेश जारी किया था।
विजय की सरकार बनने पर अब भी पेंच, क्या थलापति आज बन पाएंगे तमिलनाडु के नए सीएम?

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तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही राजनीतिक उठापटक जारी है। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय आज शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही राज्य में सियासी बवाल शुरू हो गया है। तमिलनाडु लोकभवन के सूत्रों का कहना है कि थलपति विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए हैं। इसलिए उन्हें कल शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।

विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’

तमिलनाडु टीवीके चीफ थलपति विजय के समारोह में देरी होने की संभावना है। शुक्रवार को वामदलों के साथ वीसीके का समर्थन मिलने की जानकारी पर विजय की टीवीके 118 के आंकड़े तक पहुंच गई थी लेकिन अब विजय द्वारा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंपे गए सरकार बनाने के दावे में कुल समर्थक विधायकों की संख्या 116 है। ऐसे में टीवीके चीफ विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’ लग गया है।

थलापति विजय के साथ हुआ ‘खेला’

सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके समर्थन देने की स्थिति में विजय की टीवीके को बहुमत मिल रहा था। अब वीसीके के पत्र में विधायकों के दस्तखत नहीं होने की दावा किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में मामला फिर फंस गया है। वीसीके चीफ थोल. थिरुमावलवन ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है तो वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग-तमिलनाडु के अध्यक्ष कादर मोहिदीन ने कहा है कि पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का हिस्सा बनी रहेगी और टीवीके को अपना समर्थन नहीं देगी। IUML ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उसने TVK को अपना समर्थन नहीं दिया है। आईयूएमएल से ए.एम. शाहजहां और एस.एस.पी. सैयद बदी क्रमश: पापनासम और वानियमबाडी निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें देश के अगले सीडीएस के बारे में

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भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है।

देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के हाथ में तीनों सेनाओं की कमान होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अभी तक देश के सीएडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान हैं। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि अब उन्हें ही रिप्लेस करेंगे। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे।

भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का करियर

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 सितंबर 2025 से संभाली हुई है। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पद भी संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था और भारतीय सेना में उनका करियर 37 वर्षों से अधिक का है।

जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली

अपने सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल फील्ड में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सेना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे।

देश के लिए सेवाओं के लिए हो चुके हैं सम्मानित

ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

सुवेंदु आज लेंगे पश्चिम बंगाल के सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी समेत ये हस्तियां रहेंगी मौजूद

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पश्चिम बंगाल में आज सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

आजादी के बाद पहली बार बंगाल में बीजेपी सरकार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और कोई भाजपा नेता मुख्यमंत्री पद संभालेगा।

क्या शपथ ग्रहण में पहुंचेंगी टीएमसी चीफ?

सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने पर बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को भी आमंत्रण भेजा गया है।

शपथ ग्रहण समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तकों की खास प्रस्तुति

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की लोक संस्कृति की भी खास झलक देखने को मिलेगी। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तक अपनी प्रस्तुति देंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य को शामिल कर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की तैयारी की गई है। पुरुलिया छऊ नृत्य अपनी रंग-बिरंगी वेशभूषा, मुखौटों और ऊर्जावान प्रस्तुति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

धार्मिक आयोजनों से समाज में बढ़ती है सरसता और भाईचारा - सोनू राधे

जहानाबाद: घोसी प्रखंड के छपन्ना गांव में आयोजित श्री श्री शतचंडी प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गांव पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ फीता काटकर महायज्ञ का विधिवत उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान जिप अध्यक्ष सोनू राधे ने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों की आवश्यकता काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि गांवों में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक जुड़ाव धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, ऐसे में धार्मिक आयोजन लोगों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
उन्होंने यज्ञ स्थल का भ्रमण कर आयोजन समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की तथा श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के कई गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। आचार्य भूषण मिश्रा के प्रवचन श्रद्धालुओं को अध्यात्म, संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोड़ रहे हैं। वहीं, रात्रि में आयोजित रामलीला और रासलीला का मंचन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देर रात तक लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश, बैठने और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। महायज्ञ को सफल बनाने में राजीव कुमार, अर्जुन कुमार, धनेश कुमार, नागेंद्र कुमार, रोशन कुमार, लालू कुमार, समेंदर कुमार, विनोद यादव समेत यज्ञ समिति के सभी सदस्य तन-मन से जुटे हुए हैं।
देवघर-विश्व रेड क्रॉस सोसाइटी दिवस के अवसर पर रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में भव्य कार्यक्रम।
देवघर: विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर द्वारा रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर के प्लस-२ भवन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं एवं समाजसेवियों को सम्मानित करना तथा समाज में मानव सेवा, करुणा और रक्तदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था। विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रत्येक वर्ष ८ मई को रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस मानवता, निस्वार्थ सेवा, सहायता और भाईचारे का संदेश देता है। रेड क्रॉस संस्था सदैव जरूरतमंदों की सहायता, रक्तदान, आपदा राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करती रही है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्मचारी अनादिचैतन्य महाराज, शैक्षणिक समन्वयक (वरिष्ठ माध्यमिक विभाग), रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर, डॉ. नृपेन्द्र सिंह लिंगवाल, निदेशक, खाद्य शिल्प संस्थान,श्री जॉय बनर्जी, हवाई अड्डा निदेशक,डॉ. इंद्रनील दास, रक्त आधान विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के chairman जितेश राजपाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में समाज को सेवा और सहयोग की भावना की सबसे अधिक आवश्यकता है। रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा के कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित रक्तदान शिविर के सभी १२४ रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं के इस निस्वार्थ योगदान की सभी अतिथियों ने सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया। एच.डी.एफ.सी. बैंक को रक्तदान शिविर में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। वहीं भारतीय स्टेट बैंक को ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर के प्रायोजन एवं सामाजिक सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा समय-समय पर सामाजिक कार्यों, जनकल्याण गतिविधियों एवं सेवा कार्यों में दिए जा रहे योगदान की भी सराहना की गई। नितेश सिंह राजपूत को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग देने हेतु सम्मान प्रदान किया गया। वहीं रेड क्रॉस की आजीवन सदस्य श्वेता शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त राष्ट्रपति उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उन सामाजिक एवं सेवा संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के साथ मिलकर रक्तदान शिविर एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मारवाड़ी युवा मंच, रोटरी क्लब ऑफ देवघर, इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर, सनातन फाउंडेशन, भारतीय जनता युवा मोर्चा, खाद्य शिल्प संस्थान देवघर, विरोय फाउंडेशन, रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देवघर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर, ब्रह्माकुमारी संस्था, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कल्पतरु प्रोजेक्ट इंटरनेशनल लिमिटेड, दत्ता डेप्युटी हेल्थ ट्रस्ट सत्संग, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी उप-मंडलीय शाखा मधुपुर तथा अडानी पावर प्लांट गोड्डा शामिल रहे। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर की ओर से vice chairman पियुष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, सह-कोषाध्यक्ष सुधांशु शेखर बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य  विजय प्रताप सनातन, अभिषेक नेवर, देवनंदन झा, संजय मिश्रा, आजीवन सदस्य बैद्यनाथ वर्मा, ज्योति झा, श्वेता शर्मा, कृष्णा केशरी एवं युवा सदस्य पल्लवी कुमारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन पियुष जायसवाल एवं श्वेता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष जितेश राजपाल ने किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य सफल हो पाते हैं। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान एवं सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ने की अपील की तथा कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। कार्यक्रम का समापन मानव सेवा, रक्तदान और सामाजिक सहयोग के संदेश के साथ किया गया। यह आयोजन समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम सिद्ध हुआ।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विकास काशी नरेश विश्वविद्यालय के पहले कुलसचिव बने:ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से आकर कार्यभार संभाला
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय को अपना पहला कुलसचिव मिल गया है। शासन द्वारा नियुक्त विकास ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। उनके आगमन पर, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने उनका स्वागत किया। प्रोफेसर यादव ने विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया और माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने कहा कि कुलसचिव के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और प्रगति होगी। नवनियुक्त कुलसचिव विकास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे और विश्वविद्यालय को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे।‌विकास को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के परीक्षा नियंत्रक पद से इस नई जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है। प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग के संयुक्त सचिव ने उनके कुलसचिव पद पर तैनाती का आदेश जारी किया था।