उत्तराखंड : भाजपा नेता बंशीधर भगत बोले, जल जीवन मिशन ने मचा रखा है त्राहिमाम

—‘ बहुत मुश्किल होगी 2027 की डगर, सिर्फ मोदी जी- मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा’
हल्द्वानी। उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की तैयारियों और दावों पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कालाढूँगी से कई बार विधायक रह चुके बंशीधर भगत ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई है।
बंशीधर भगत दो बार मंत्री रह चुके हैं और एक बार प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हल्द्वानी में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—
“जल जीवन मिशन ने ऐसा त्राहिमाम मचा रखा है कि मैं बता नहीं सकता। 2027 बहुत मुश्किल हो जाएगा, मोदी जी-मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा।” तीन- तीन साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है और पानी का कहीं पता तक नहीं है। ऐसे में 2027 बहुत ही मुश्किल होगा।
भगत के इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी सरकार की योजनाओं पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। साथ ही यह बयान संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष मौजूद है।
कानपुर: जनगणना ड्यूटी हटवाने पहुंचे शिक्षक, DM ने 30 मिनट जनता की फरियाद सुनवाई कराई तो बदला सुर!
संजीव सिंह बलिया!कानपुर:18 अप्रैल 2026: डिजिटल जनगणना की तैयारियों के बीच सहायक अध्यापक जयप्रकाश शर्मा अपनी ड्यूटी हटवाने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। लेकिन DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक अनोखे अंदाज में उन्हें सबक सिखाया।DM ने शिक्षक से कहा, "ड्यूटी नहीं करनी तो जनता की फरियाद सुनने में मेरी मदद करो।" फिर उन्होंने शिक्षक की कुर्सी अपने पास लगवा ली और करीब 30 मिनट तक विभिन्न शिकायतें सुनवाई करने को कहा। पेंशन की समस्या, जमीन विवाद से लेकर लड़के के भाग जाने जैसी फरियादें सुनते-सुनते शिक्षक थक गए।अंत में जयप्रकाश शर्मा ने DM को प्रणाम किया और बोले, "साहब, मैं जनगणना की ड्यूटी कर लूंगा, लेकिन यह जनता दरबार का 'अत्याचार' मेरे बस का नहीं।" DM ने शिक्षक को सम्मान देते हुए जनगणना ड्यूटी पर ही लगा दिया।यह वाकया कानपुर में चर्चा का विषय बन गया है। DM का यह अनोखा तरीका प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक माना जा रहा है, जो न केवल समस्या सुलझाता है बल्कि जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है।
सीबीएसई का बड़ा फैसला: स्कूलों में बनेंगी ‘कॉम्पोजिट स्किल लैब’, पढ़ाई होगी अब और प्रैक्टिकल

नई दिल्ली। देश में स्किल-बेस्ड एजुकेशन को मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों में “कॉम्पोजिट स्किल लैब” स्थापित करना अनिवार्य कर दिया है, जिससे छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा दी जा सके।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE 2023) के अनुरूप है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में समस्या समाधान क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग और इनोवेशन जैसी स्किल्स विकसित करना है।
सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए या तो एक लगभग 600 वर्ग फुट की कॉम्पोजिट स्किल लैब बनाई जाएगी या फिर दो अलग-अलग लैब (प्रत्येक 400 वर्ग फुट) स्थापित की जा सकेंगी—एक कक्षा 6-10 और दूसरी कक्षा 11-12 के लिए।
इन लैब्स में आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के जरिए छात्रों को रियल-लाइफ आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकेंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए स्कूलों में यह व्यवस्था शुरुआत से ही लागू होगी, जबकि पहले से संचालित स्कूलों को 22 अगस्त 2027 तक लैब्स स्थापित करनी होंगी।
इस कदम से स्किल और वोकेशनल एजुकेशन को मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी और छात्रों को रोजगार व उद्यमिता के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में गतिरोध दुर्भाग्यपूर्ण: मंत्री एके शर्मा
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर उत्पन्न स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था, जिसे विपक्षी दलों द्वारा विरोध कर गंवा दिया गया।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को शासन और निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देना प्रत्येक समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करना महिलाओं के हितों के अनुरूप नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सदियों से लंबित इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाना इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश की महिलाएं जागरूक हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। आने वाले समय में वे अपने हितों के अनुरूप निर्णय लेंगी और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
गया में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की N1 सीरीज़ लॉन्च, किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

गया: गया शहर के विशाल तालाब स्थित एक निजी होटल में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की नई N1 सीरीज़ का भव्य लॉन्च समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स द्वारा किया गया, जिसमें कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में स्टेट हेड बलवीर चौधरी, एरिया मैनेजर संजय दत्ता तथा क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने भाग लिया।

इस अवसर पर सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स के प्रोप्राइटर सिद्धि नाथ विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में कृषि के क्षेत्र में तेजी से यांत्रिकीकरण बढ़ रहा है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने N1 सीरीज़ को किसानों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह नई सीरीज़ खेती को अधिक आसान, तेज और किफायती बनाने में सहायक होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने बताया कि N1 सीरीज़ में पहले से अधिक शक्तिशाली इंजन दिया गया है, जो विभिन्न कृषि कार्यों को आसानी से करने में सक्षम है। इसके अलावा इस ट्रैक्टर में ड्यूल क्लच, रिवर्स पीटीओ, साइड गियर, मल्टी-स्पीड सिस्टम, बड़े टायर और पावर स्टीयरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को बेहतर प्रदर्शन और सुविधा मिलेगी।

कंपनी ने इस नई सीरीज़ पर 28 अप्रैल तक विशेष इंट्रोडक्टरी ऑफर भी घोषित किया है। इस ऑफर के तहत किसान आकर्षक लाभ के साथ ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। इच्छुक ग्राहक सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स से संपर्क कर इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में किसानों और उपस्थित लोगों ने नई तकनीक से लैस इस ट्रैक्टर की सराहना की और इसे कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।

दो दिन से लापता युवक का शव गंगनहर की पटरी पर पडा मिला मौके पर पहुँची पुलिस।

कँवरपाल सिंह


मुजफ्फरनगर,, थाना रामराज।
थाना रामराज पर सुरेश पुत्र बाबूराम के परिजनों ने सुरेश के गुमशुदा होने का एक प्रार्थना पत्र देकर बताया कि दिनांक 16,,04,,2026,, को सुरेश किसी काम से मीरापुर गया हुआ था। देर रात तक जब सुरेश घर नहीं लोटा थाना रामराज पुलिस टीम ने परिजनों से प्रार्थना पत्र लेकर परिजनों को अशवाशन दिया लापता युवक की जल्द तलाश की जायेगी। आज दिनांक,18,,04,,2026,, को थाना रामराज पुलिस टीम को सुचना प्राप्त हुई। बहसुमा थाना क्षेत्र रामराज गंगनहर पटरी के निचे अज्ञात शव पडा हुआ है। सुचना मिलते थाना रामराज पुलिस टीम मौके पर पहुॅची तथा शव की पहचान सुरेश पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम पुटठीइब्राहिमपुर के रूप मे हुई। पुलिस टीम द्वारा शव को कब्जे मे लिया गया। तथा शव को लेकर थाने पर आ गयी। तथा उसके परिजनों को अवगत कराया। परिजनों ने थाने पहुँच कर शव की पहचान सुरेश के रुप मे की गई। शव को देखकर परिजन थाने मे दहाड़े मार मार कर रोने लगे।तथा पुलिस टीम ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने बताया पुलिस टीम द्वारा जांच की जा रही है।जांच के बाद आगे की कर्यवाही की जायेगी।
सरकारी जमीन बेचकर ठगी का मामला: पांच भाइयों पर मुकदमा, बीजेपी विधायक के बेटे को बेची थी भूमि
* हल्द्वानी के कालाढूंगी क्षेत्र का मामला, जांच में सड़क और सिंचाई विभाग की जमीन शामिल होने का खुलासा

हल्द्वानी, उत्तराखंड। नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी का पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में भाजपा विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत के साथ कथित रूप से सरकारी जमीन बेचकर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच के बाद पांच सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र नामक पांच भाइयों ने वर्ष 2012 में करीब 6691 वर्ग फुट भूमि विकास भगत को बेची थी। उस समय जमीन को पूरी तरह वैध और विवादमुक्त बताया गया था।
मामला वर्ष 2019 में तब सामने आया, जब विकास भगत ने उक्त जमीन को आगे बेचने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि बेची गई भूमि में सरकारी जमीन भी शामिल थी। आरोप है कि सड़क और सिंचाई विभाग की गूल (नहर) की भूमि को अवैध रूप से मिलाकर बिक्री की गई थी।
प्रशासन ने वर्ष 2020 में जांच के बाद धोखाधड़ी की पुष्टि करते हुए विवादित भूमि को अपने कब्जे में ले लिया था। बताया गया कि विक्रेता पक्ष ने दूसरी जगह जमीन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं किया गया।
अब पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की भूमि को नुकसान पहुंचाकर बेचने के आरोप में कार्रवाई की गई है तथा मामले की विवेचना जारी है।
गया के गांधी मैदान स्टेडियम में चैंपियंस फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, लड़की टीम रही विजेता, उपहार दिया गया

गया: गया शहर के गांधी मैदान स्टेडियम में ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के तत्वावधान में चैंपियनशिप फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों में भी उत्साह चरम पर रहा। मैच के दौरान काजल कुमारी ने पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई, जबकि दूसरा गोल चंदन ने दागा। खिलाड़ियों की गति, तालमेल और रणनीति ने मैच को बेहद आकर्षक बना दिया। फाइनल मुकाबले में एफसी नोनो गर्ल्स टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। टीम के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अंततः विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, राधी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के फाउंडर अतुल आनंद ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना और उनमें खेल भावना को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल संस्था द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गया से शुरू हुआ यह प्रयास आगे चलकर पूरे बिहार में बड़े स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन तक पहुंचेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि राकेश सिन्हा, रवि चौरसिया, नंदू कुमार और धीरेंद्र कुमार ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, इससे खेल के प्रति युवाओं की रुचि भी बढ़ती है। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। यह टूर्नामेंट महिला खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जहां उन्होंने न केवल अपने खेल का प्रदर्शन किया, बल्कि भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्राप्त की।

महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
* परिसीमन के मुद्दे पर तेज हुई तकरार, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं तथा दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।
संसद में संबंधित संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में है, लेकिन उससे जुड़े परिसीमन प्रावधानों को लेकर उसकी आपत्ति है।
राजनीतिक विवाद की मुख्य वजह परिसीमन को माना जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से पुनर्गठन की बात कही गई है। विपक्ष का तर्क है कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जबकि भाजपा इसे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर विपक्ष की भूमिका को उजागर करेगी और महिला आरक्षण के समर्थन में जनमत तैयार करेगी।
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि वास्तविक प्राथमिकता महिलाओं को तत्काल प्रतिनिधित्व देना होना चाहिए।आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड में यह मुद्दा और गर्माने के आसार हैं। दोनों प्रमुख दल इसे बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
*नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में छात्राओं की स्कूटी रैली*
गोण्डा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए छात्राओं द्वारा एक प्रभावशाली स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। यह रैली प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह के निर्देशन तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. रेखा शर्मा एवं डॉ. परवेज आलम के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
रैली में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए “नारी शक्ति सशक्त देश” एवं “भारत के विकास में सुनिश्चित हो नारी की भागीदारी” जैसे प्रेरक नारे लगाए। साथ ही छात्राओं ने अपने मोबाइल फोन से 9667173333 नंबर पर मिस्ड कॉल कर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इस अवसर पर छात्राओं ने संसद में बिल के पारित न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना था कि आज भी समाज में महिलाओं के प्रति सोच में अपेक्षित परिवर्तन नहीं आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के समग्र विकास के लिए महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पर्याप्त स्थान मिलना आवश्यक है तथा सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए।
कार्यक्रम में कुल 186 छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें लक्ष्मी साहू, वर्षा जायसवाल, शालिनी तिवारी, मानसी मिश्रा, शालिनी पांडे, आंशिक तिवारी, वर्षा पांडे, खुशी बानो एवं फलक खान सहित अनेक छात्राओं की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।
रैली के सफल आयोजन में प्रो. अरविंद कुमार शर्मा, विजय सिंह, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, आनंद चतुर्वेदी, ड्रिंकल यादव, अमित द्विवेदी एवं मानसी पांडे का सहयोग सराहनीय रहा।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. रेखा शर्मा एवं डॉ. परवेज खान के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उत्तराखंड : भाजपा नेता बंशीधर भगत बोले, जल जीवन मिशन ने मचा रखा है त्राहिमाम

—‘ बहुत मुश्किल होगी 2027 की डगर, सिर्फ मोदी जी- मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा’
हल्द्वानी। उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की तैयारियों और दावों पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कालाढूँगी से कई बार विधायक रह चुके बंशीधर भगत ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई है।
बंशीधर भगत दो बार मंत्री रह चुके हैं और एक बार प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हल्द्वानी में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—
“जल जीवन मिशन ने ऐसा त्राहिमाम मचा रखा है कि मैं बता नहीं सकता। 2027 बहुत मुश्किल हो जाएगा, मोदी जी-मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा।” तीन- तीन साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है और पानी का कहीं पता तक नहीं है। ऐसे में 2027 बहुत ही मुश्किल होगा।
भगत के इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी सरकार की योजनाओं पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। साथ ही यह बयान संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष मौजूद है।
कानपुर: जनगणना ड्यूटी हटवाने पहुंचे शिक्षक, DM ने 30 मिनट जनता की फरियाद सुनवाई कराई तो बदला सुर!
संजीव सिंह बलिया!कानपुर:18 अप्रैल 2026: डिजिटल जनगणना की तैयारियों के बीच सहायक अध्यापक जयप्रकाश शर्मा अपनी ड्यूटी हटवाने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। लेकिन DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक अनोखे अंदाज में उन्हें सबक सिखाया।DM ने शिक्षक से कहा, "ड्यूटी नहीं करनी तो जनता की फरियाद सुनने में मेरी मदद करो।" फिर उन्होंने शिक्षक की कुर्सी अपने पास लगवा ली और करीब 30 मिनट तक विभिन्न शिकायतें सुनवाई करने को कहा। पेंशन की समस्या, जमीन विवाद से लेकर लड़के के भाग जाने जैसी फरियादें सुनते-सुनते शिक्षक थक गए।अंत में जयप्रकाश शर्मा ने DM को प्रणाम किया और बोले, "साहब, मैं जनगणना की ड्यूटी कर लूंगा, लेकिन यह जनता दरबार का 'अत्याचार' मेरे बस का नहीं।" DM ने शिक्षक को सम्मान देते हुए जनगणना ड्यूटी पर ही लगा दिया।यह वाकया कानपुर में चर्चा का विषय बन गया है। DM का यह अनोखा तरीका प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक माना जा रहा है, जो न केवल समस्या सुलझाता है बल्कि जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है।
सीबीएसई का बड़ा फैसला: स्कूलों में बनेंगी ‘कॉम्पोजिट स्किल लैब’, पढ़ाई होगी अब और प्रैक्टिकल

नई दिल्ली। देश में स्किल-बेस्ड एजुकेशन को मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों में “कॉम्पोजिट स्किल लैब” स्थापित करना अनिवार्य कर दिया है, जिससे छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा दी जा सके।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE 2023) के अनुरूप है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में समस्या समाधान क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग और इनोवेशन जैसी स्किल्स विकसित करना है।
सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए या तो एक लगभग 600 वर्ग फुट की कॉम्पोजिट स्किल लैब बनाई जाएगी या फिर दो अलग-अलग लैब (प्रत्येक 400 वर्ग फुट) स्थापित की जा सकेंगी—एक कक्षा 6-10 और दूसरी कक्षा 11-12 के लिए।
इन लैब्स में आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के जरिए छात्रों को रियल-लाइफ आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकेंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए स्कूलों में यह व्यवस्था शुरुआत से ही लागू होगी, जबकि पहले से संचालित स्कूलों को 22 अगस्त 2027 तक लैब्स स्थापित करनी होंगी।
इस कदम से स्किल और वोकेशनल एजुकेशन को मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी और छात्रों को रोजगार व उद्यमिता के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में गतिरोध दुर्भाग्यपूर्ण: मंत्री एके शर्मा
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर उत्पन्न स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था, जिसे विपक्षी दलों द्वारा विरोध कर गंवा दिया गया।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को शासन और निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देना प्रत्येक समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करना महिलाओं के हितों के अनुरूप नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सदियों से लंबित इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाना इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश की महिलाएं जागरूक हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। आने वाले समय में वे अपने हितों के अनुरूप निर्णय लेंगी और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
गया में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की N1 सीरीज़ लॉन्च, किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

गया: गया शहर के विशाल तालाब स्थित एक निजी होटल में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की नई N1 सीरीज़ का भव्य लॉन्च समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स द्वारा किया गया, जिसमें कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में स्टेट हेड बलवीर चौधरी, एरिया मैनेजर संजय दत्ता तथा क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने भाग लिया।

इस अवसर पर सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स के प्रोप्राइटर सिद्धि नाथ विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में कृषि के क्षेत्र में तेजी से यांत्रिकीकरण बढ़ रहा है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने N1 सीरीज़ को किसानों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह नई सीरीज़ खेती को अधिक आसान, तेज और किफायती बनाने में सहायक होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने बताया कि N1 सीरीज़ में पहले से अधिक शक्तिशाली इंजन दिया गया है, जो विभिन्न कृषि कार्यों को आसानी से करने में सक्षम है। इसके अलावा इस ट्रैक्टर में ड्यूल क्लच, रिवर्स पीटीओ, साइड गियर, मल्टी-स्पीड सिस्टम, बड़े टायर और पावर स्टीयरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को बेहतर प्रदर्शन और सुविधा मिलेगी।

कंपनी ने इस नई सीरीज़ पर 28 अप्रैल तक विशेष इंट्रोडक्टरी ऑफर भी घोषित किया है। इस ऑफर के तहत किसान आकर्षक लाभ के साथ ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। इच्छुक ग्राहक सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स से संपर्क कर इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में किसानों और उपस्थित लोगों ने नई तकनीक से लैस इस ट्रैक्टर की सराहना की और इसे कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।

दो दिन से लापता युवक का शव गंगनहर की पटरी पर पडा मिला मौके पर पहुँची पुलिस।

कँवरपाल सिंह


मुजफ्फरनगर,, थाना रामराज।
थाना रामराज पर सुरेश पुत्र बाबूराम के परिजनों ने सुरेश के गुमशुदा होने का एक प्रार्थना पत्र देकर बताया कि दिनांक 16,,04,,2026,, को सुरेश किसी काम से मीरापुर गया हुआ था। देर रात तक जब सुरेश घर नहीं लोटा थाना रामराज पुलिस टीम ने परिजनों से प्रार्थना पत्र लेकर परिजनों को अशवाशन दिया लापता युवक की जल्द तलाश की जायेगी। आज दिनांक,18,,04,,2026,, को थाना रामराज पुलिस टीम को सुचना प्राप्त हुई। बहसुमा थाना क्षेत्र रामराज गंगनहर पटरी के निचे अज्ञात शव पडा हुआ है। सुचना मिलते थाना रामराज पुलिस टीम मौके पर पहुॅची तथा शव की पहचान सुरेश पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम पुटठीइब्राहिमपुर के रूप मे हुई। पुलिस टीम द्वारा शव को कब्जे मे लिया गया। तथा शव को लेकर थाने पर आ गयी। तथा उसके परिजनों को अवगत कराया। परिजनों ने थाने पहुँच कर शव की पहचान सुरेश के रुप मे की गई। शव को देखकर परिजन थाने मे दहाड़े मार मार कर रोने लगे।तथा पुलिस टीम ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने बताया पुलिस टीम द्वारा जांच की जा रही है।जांच के बाद आगे की कर्यवाही की जायेगी।
सरकारी जमीन बेचकर ठगी का मामला: पांच भाइयों पर मुकदमा, बीजेपी विधायक के बेटे को बेची थी भूमि
* हल्द्वानी के कालाढूंगी क्षेत्र का मामला, जांच में सड़क और सिंचाई विभाग की जमीन शामिल होने का खुलासा

हल्द्वानी, उत्तराखंड। नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी का पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में भाजपा विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत के साथ कथित रूप से सरकारी जमीन बेचकर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच के बाद पांच सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र नामक पांच भाइयों ने वर्ष 2012 में करीब 6691 वर्ग फुट भूमि विकास भगत को बेची थी। उस समय जमीन को पूरी तरह वैध और विवादमुक्त बताया गया था।
मामला वर्ष 2019 में तब सामने आया, जब विकास भगत ने उक्त जमीन को आगे बेचने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि बेची गई भूमि में सरकारी जमीन भी शामिल थी। आरोप है कि सड़क और सिंचाई विभाग की गूल (नहर) की भूमि को अवैध रूप से मिलाकर बिक्री की गई थी।
प्रशासन ने वर्ष 2020 में जांच के बाद धोखाधड़ी की पुष्टि करते हुए विवादित भूमि को अपने कब्जे में ले लिया था। बताया गया कि विक्रेता पक्ष ने दूसरी जगह जमीन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं किया गया।
अब पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की भूमि को नुकसान पहुंचाकर बेचने के आरोप में कार्रवाई की गई है तथा मामले की विवेचना जारी है।
गया के गांधी मैदान स्टेडियम में चैंपियंस फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, लड़की टीम रही विजेता, उपहार दिया गया

गया: गया शहर के गांधी मैदान स्टेडियम में ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के तत्वावधान में चैंपियनशिप फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों में भी उत्साह चरम पर रहा। मैच के दौरान काजल कुमारी ने पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई, जबकि दूसरा गोल चंदन ने दागा। खिलाड़ियों की गति, तालमेल और रणनीति ने मैच को बेहद आकर्षक बना दिया। फाइनल मुकाबले में एफसी नोनो गर्ल्स टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। टीम के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अंततः विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, राधी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के फाउंडर अतुल आनंद ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना और उनमें खेल भावना को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल संस्था द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गया से शुरू हुआ यह प्रयास आगे चलकर पूरे बिहार में बड़े स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन तक पहुंचेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि राकेश सिन्हा, रवि चौरसिया, नंदू कुमार और धीरेंद्र कुमार ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, इससे खेल के प्रति युवाओं की रुचि भी बढ़ती है। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। यह टूर्नामेंट महिला खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जहां उन्होंने न केवल अपने खेल का प्रदर्शन किया, बल्कि भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्राप्त की।

महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
* परिसीमन के मुद्दे पर तेज हुई तकरार, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं तथा दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।
संसद में संबंधित संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में है, लेकिन उससे जुड़े परिसीमन प्रावधानों को लेकर उसकी आपत्ति है।
राजनीतिक विवाद की मुख्य वजह परिसीमन को माना जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से पुनर्गठन की बात कही गई है। विपक्ष का तर्क है कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जबकि भाजपा इसे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर विपक्ष की भूमिका को उजागर करेगी और महिला आरक्षण के समर्थन में जनमत तैयार करेगी।
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि वास्तविक प्राथमिकता महिलाओं को तत्काल प्रतिनिधित्व देना होना चाहिए।आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड में यह मुद्दा और गर्माने के आसार हैं। दोनों प्रमुख दल इसे बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
*नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में छात्राओं की स्कूटी रैली*
गोण्डा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए छात्राओं द्वारा एक प्रभावशाली स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। यह रैली प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह के निर्देशन तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. रेखा शर्मा एवं डॉ. परवेज आलम के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
रैली में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए “नारी शक्ति सशक्त देश” एवं “भारत के विकास में सुनिश्चित हो नारी की भागीदारी” जैसे प्रेरक नारे लगाए। साथ ही छात्राओं ने अपने मोबाइल फोन से 9667173333 नंबर पर मिस्ड कॉल कर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इस अवसर पर छात्राओं ने संसद में बिल के पारित न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना था कि आज भी समाज में महिलाओं के प्रति सोच में अपेक्षित परिवर्तन नहीं आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के समग्र विकास के लिए महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पर्याप्त स्थान मिलना आवश्यक है तथा सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए।
कार्यक्रम में कुल 186 छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें लक्ष्मी साहू, वर्षा जायसवाल, शालिनी तिवारी, मानसी मिश्रा, शालिनी पांडे, आंशिक तिवारी, वर्षा पांडे, खुशी बानो एवं फलक खान सहित अनेक छात्राओं की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।
रैली के सफल आयोजन में प्रो. अरविंद कुमार शर्मा, विजय सिंह, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, आनंद चतुर्वेदी, ड्रिंकल यादव, अमित द्विवेदी एवं मानसी पांडे का सहयोग सराहनीय रहा।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. रेखा शर्मा एवं डॉ. परवेज खान के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।