50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में अब आएंगे अमेरिकी आयातक

*11 से 14 अप्रैल तक न‌ई दिल्ली में होगा आयोजन,रेसिप्रोकल टैरिफ के कारण बंद था कारोबार*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के बाद निर्यातक अमेरिका के साथ भविष्य में बेहतर कारोबार की आशा जता रहे हैं। आगामी 11 से 14 अप्रैल तक नई दिल्ली में 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो होना है। इसमें अब अमेरिकी आयातकों के आने की उम्मीद बढ़ गई है। निर्यातक अब एक्सपो में दोगुने उत्साह से भाग लेंगे। गत वर्ष अप्रैल में 25 प्रतिशत अमरीकी टैरिफ लागू हुआ।इसके बाद अगस्त में ट्रंप ने पुन: 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया था। भदोही के कालीन निर्यातकों का कहना है कि कुल कारोबार में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की थी।
इस कारण निर्यातकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था। भारत सरकार के प्रयासों से टैरिफ घटाकर अब 18 प्रतिशत किया गया है। बीते 10 महीने से गोदामों में जहां करोड़ों रुपये के माल डंप हो गए थे। कालीन कंपनियों ने इकाईयों से मजदूरों की छंटनी शुरू कर दी।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद सीईपीसी और ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन मानती है कि गत साल अक्तूबर में भदोही में हुए इंडिया कारपेट एक्सपो में आयातकों की अपेक्षित संख्या नहीं आ पाई थी।
इसका मुख्य कारण था कि टैरिफ के कारण हमारे कालीन 50 प्रतिशत तक महंगे हो गए थे। यदि लोग खरीदना भी चाहते तो ऊंची कीमत पर न खरीद पाते।
अब माना जा रहा है कि 18 प्रतिशत टैरिफ होने से भदोही के निर्यातक दोगुने उत्साह के साथ नई दिल्ली में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो में भाग लेंगे। इससे कारोबार बढ़ेगा।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
चीनी मांझा बना मौत की डोर! यूपी में बैन, अब कटेगा गला तो मानी जाएगी हत्या
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जानलेवा साबित हो रहे चीनी मांझे के इस्तेमाल पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में चीनी मांझे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि चीनी मांझे से होने वाली मौतों को अब हत्या की श्रेणी में माना जाएगा।

चीनी मांझे से लखनऊ में एक युवक की मौत

यह फैसला राजधानी लखनऊ के बाजारखाला क्षेत्र में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद लिया गया है, जहां पतंग की चीनी डोर से गला कटने के कारण एक युवक की मौत हो गई थी। हादसे में युवक की गर्दन की नस कट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए पुलिस अधिकारियों को पूरे प्रदेश में चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर छापेमारी करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

इससे पहले भी चीनी मांझे से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके

गौरतलब है कि इससे पहले भी चीनी मांझे से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं। हाल ही में हवा में उड़ती पतंग की डोर हाईटेंशन लाइन पर गिरने से मेट्रो सेवाएं बाधित हो गई थीं और मेट्रो ट्रेनें जहां की तहां रुक गई थीं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा है कि चीनी मांझा न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह आम जनता, राहगीरों और पशु-पक्षियों के लिए भी घातक साबित हो रहा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद, यूपीएससी ने बदले नियम

#afterpassingupsccandidateswillnolongerabletoappearfor_exam

Image 2Image 3

संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। यानी अब एक बार IAS, IPS या IFS बन गए तो बार-बार यूपीएससी का एग्जाम नहीं दे पाएंगे।

यूपीएससी के नए नियम के अनुसार, सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट मिलेगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। नए नियम की शर्ते इस प्रकार हैं।

सिर्फ एक बार रैंक सुधारने का मौका

सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।

नए सेलेक्शन के बाद पुराना सेलेक्शन हो जाएगा कैंसिल

अगर कोई ऐसा उम्मीदवार यूपीएससी सीएसई-2027 में सेलेक्ट होता है, तो वह सीएसई -2026 या सीएसई -2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा को एक्सेप्ट कर सकता है और सीएसई -2027 के लिए निर्धारित ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। इस लेवल पर उसके द्वारा चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सेवा का अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा। अगर उसे सीएसई -2027 के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं की जाती है, तो वह सीएसई-2026 के माध्यम से आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है।

युवक को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर,एक की मौत एक घायल
*तेरहवीं भोज से लौट रहे थे युवक, पुलिस जांच में जुटी

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में देर रात हुए एक सड़क हादसे में नरसिंह (40) की मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं लल्लू (38) गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के तत्काल बाद लल्लू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहाँ से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया है।मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा परन्तु उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।यह हादसा मसौलिया,गौरा माझा मार्ग पर हुआ है।मृतक नरसिंह व घायल लल्लू दोनों करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के बसेरिया तिवारी पुरवा गांव के निवासी थे।दोनों देर रात रामगढ़ गांव में एक रिश्तेदार के यहां तेरहवीं भोज कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे।घर लौटते समय वे मैजापुर चीनी मिल में गन्ना बेचकर जा रही एक खाली ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए।टक्कर इतनी भीषण थी कि नरसिंह की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।घटना की सूचना मिलते ही करनैलगंज कोतवाली पुलिस मौके पहुंची और ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दिया है।मृतक नरसिंह के चार बच्चे हैं,जिनमें क्रमशः आंचल(15),अजीत (10),अंशिका (7) व रिया(4) हैं।इस हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है।घटना की सूचना मिलते ही परिजन करनैलगंज कोतवाली पहुंच गए।करनैलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि मृतक नरसिंह के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा घायल लल्लू का इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है।परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही प्रारम्भ कर दिया है।
राजभर समाज ने धूमधाम से मनाया महाराजा सुहेलदेव जयंती
वसई। राजभर समाज सेवा संघ (महाराष्ट्र) द्वारा श्रावस्ती भर सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव जी की १०१७ वीं जयंती नायगांव में बड़े धूमधाम से मनाई गई। समारोह के प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजभर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जयंती समारोह के इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली समझता हूं कि महाराष्ट्र की इस धरती पर राजभर समाज सेवा संघ (महा.) द्वारा आयोजित इस भव्य महाराजा सुहेलदेव जी की जयंती पर प्रमुख अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने सुहेलदेव जी के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सभी सुहेलदेव देव जी का वंशज होने के नाते हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उनके द्वारा बताए गए रास्तों का अनुसरण करके एकजुटता का परिचय दें और आपस में भाईचारा का माहौल स्थापित करके सुहेलदेव जी के आदर्शों, शौर्य व शूर विरता की गाथा को जन- जन तक पहुंचाने का कार्य करें। संघ के संस्थापक अध्यक्ष लालमनी राजभर ने कहा कि मुंबई में राजभर समाज विगत कई पिंडियों से रह रहा है मगर समाज को महाराष्ट्र में किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ या सहुलियत नहीं मिलता है हमसे १९५० के समय का पुरावा मांगा    जाता है जो कि लगभग नामुमकिन है इसके लिए हमें एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है व महाराष्ट्र सरकार से समन्वय बनाकर संवाद स्थापित कर इस समस्या हल निकाला जा सकता है। सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामदुलारे राजभर ने कहा कि हम सभी राजभर समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा तभी हम किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान ढूंढ पाएंगे। संघ के महामंत्री रमाकांत राजभर ने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष तारकेश्वर राय ने कहा कि उम्र व अस्वस्थता की वजह से अब हम आगे की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाएंगे आप सभी संभाले , संस्था के कोषाध्यक्ष रमेश राजभर के मार्गदर्शन में अतिथियों का सत्कार किया गया। कार्यक्रम का संचालन जीतु भारद्वाज ने किया समारोह में पप्पू राजभर ने अपनी गायकी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित व्यवसाई बलिराम राजभर , पन्नालाल राजभर, राघवेन्द्र राजभर , हीरा भारद्वाज , महेंद्र राजभर,रमेश राजभर, फिल्म निर्माता विरेंद्र प्रताप राजभर गीतकार विलास राजभर कवि नंदलाल राजभर, धर्मा देवी राजभर व संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजनाथ राय , ओमप्रकाश राजभर (छेदी) बालकिशन राजभर, अशोक राजभर, राजेश राजभर, रामभुवन राजभर , चंदू राजभर भुल्लन राजभर, रामप्रताप राजभर, रामबदन राजभर, हरिश्चंद्र राजभर व भारी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।
जिले के 5 विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर घाघरा पुल न बंद करने की मांग की
बंद करने से पहले वैकल्पिक पुल बनाने पर दिया जोर

गोंडा।जिले के पाच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों पर चर्चा किया और उसके बाद सभी विधायकों ने एक मांगपत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में क्रमशः प्रेम नारायण पांडेय विधायक तरबगंज, बावन सिंह विधायक कटरा बाजार, विनय कुमार द्विवेदी विधायक मेहनौन,अजय कुमार सिंह विधायक करनैलगंज तथा प्रभात कुमार वर्मा विधायक गौरा शामिल थे।इन सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री से संजय सेतु (घाघरा पुल) को मरम्मत के लिए तब तक बंद न करने की मांग किया, जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था या पांटून (पीपा पुल) पुल न बन जाए।उन्होंने तर्क दिया कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुल बंद होने से प्रतिदिन लाखों लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों की इस मांग को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि पहले वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा,उसके बाद ही पुल को मरम्मत के लिए बंद किया जाएगा।जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग किया कि मरम्मत के स्थान पर एक नया संजय सेतु (घाघरा पुल)बनाया जाए,ताकि लोगों को भविष्य में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री ने विधायकों की इस मांग पर भी आश्वासन दिया है।मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान जिले के अधिकारियों और विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा किया साथ ही उन्होंने शेष विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उनकी मांगों को सुना और स्वीकार किया।विधायक मेहनौन विनय कुमार द्विवेदी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया कि उन्होंने पांटून (पीपा) पुल बने बिना घाघरा पुल न बंद करने का आश्वासन दिया है।उन्होंने इसको लेकर के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
क्रिकेट और सियासत का मिलन: जून में शादी करेंगे रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज, लखनऊ–वाराणसी पर सस्पेंस



लखनऊ। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह और मछलीशहर (जौनपुर) से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज जून महीने में विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ में संपन्न हुई थी। अब शादी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, हालांकि बरात लखनऊ जाएगी या वाराणसी, इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।

रिंकू सिंह के परिजनों ने शादी की तारीख जून में तय होने की पुष्टि की है। इससे पहले दोनों की शादी 18 नवंबर 2025 को वाराणसी में प्रस्तावित थी, लेकिन रिंकू के अंतरराष्ट्रीय मैचों के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। बाद में फरवरी 2026 में नई तारीख तय हुई, मगर टी-20 विश्वकप और आईपीएल की व्यस्तताओं के कारण शादी को जून तक टाल दिया गया।

लखनऊ में हुई सगाई समारोह में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कई सांसद, विधायक और क्रिकेट जगत की हस्तियां शामिल हुई थीं। शादी के आयोजन की जिम्मेदारी एक पेशेवर इवेंट कंपनी को सौंपी गई है। शादी के बाद अलीगढ़ में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा।

रिंकू सिंह फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं और विश्वकप के बाद वह कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की ओर से आईपीएल खेलेंगे। क्रिकेट करियर के साथ-साथ निजी जीवन में भी उनका सफर सुर्खियों में है।

गौरतलब है कि रिंकू सिंह ने बेहद साधारण परिवार से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाई। 2023 आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ यश दयाल की पांच गेंदों पर पांच छक्के लगाकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। इसके बाद वे देश के भरोसेमंद फिनिशर के रूप में पहचाने जाने लगे।

प्रिया सरोज पेशे से अधिवक्ता हैं और वर्तमान में मछलीशहर से सांसद हैं। यह रिश्ता दोनों परिवारों की सहमति और स्नेह से तय हुआ है। शादी समारोह में देशभर के प्रमुख राजनेताओं, क्रिकेटरों, फिल्मी सितारों और समाजसेवियों के शामिल होने की संभावना है।
तेज रफ्तार स्कूल वैन गड्ढे में पलटा, बाल बाल बचे बच्चे, एक बार फिर विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग पर खड़े हुए सवाल


गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र केे समीप स्थित गांधी मैदान के समीप पीसीसी सड़क किनारे गड्ढे में गुरुवार की सुबह तिसरी के उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन तेज रफ्तार में बच्चे सहित पलटी खा गया। गनीमत रही कि आस पास के ग्रामीणों ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिसमें तीन बच्चों को चोट आई। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए परिजन एवं ग्रामीणों ने बताया कि उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या JH10BT3853 प्रतिदिन की भांति बुटवरिया से लगभग 10 की संख्या में बच्चों को बैठा कर तेज रफ्तार में स्कूल की ओर जा रहा था। इसी बीच वह नवनिर्मित पीसीसी सड़क के मोड पर अनियंत्रित हो गड्ढे में जा पलटा। परिजनों ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी चालक को चेताया गया और उसे धीरे चलने को कहा गया था। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सड़क किनारे गड्ढे नहीं भरे होने की वजह बताया साथ ही उन्होंने कथित तौर पर चालक के अप्रशिक्षित होने एवं उसके पास फर्जी लाइसेंस एवं लाइसेंस नहीं होने की बात को भी कहा, जो कि जांच के बाद ही पता लगाया जा सकता है। बता दें कि घटना में तिसरी के बुटवरिया निवासी 12 वर्षीय मुस्कान कुमारी पिता गणेश पासवान, 8 वर्षीय बिपिन सिंह पिता शारदा सिंह एवं 10 वर्षीय मरिता बेसरा को चोट आई, जिसके बाद सभी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। बताते चलें कि उक्त स्कूल वैन का जब एम परिवहन में जानकारी खंगाला गया तो उक्त वाहन का फिटनेस 28 मार्च 2021 तक ही वैध दिखा। वहीं इंश्योरेंस भी 25 मार्च 2020 को ही खत्म हो चुका था। इतना ही नहीं उक्त विद्यालय में पूर्व में भी एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद विभाग ने जांच भी की थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या प्राइवेट विद्यालय को सरकार एवं विभाग द्वारा दिए गए गाइडलाइन को पालन करना आवश्यक है या नहीं और यदि आवश्यक है तो आखिर विभाग इसकी मॉनिटरिंग क्यों नहीं करता है? आखिर बिना फिटनेस एवं इंश्योरेंस के वाहन निजी विद्यालय में कैसे चलाए किए जा रहे है और इसमें होने वाले हादसों के दोषी कौन है? अब देखना यह है कि प्रशाशन और विभाग इसे लेकर क्या कार्रवाई करता है और निजी विद्यालय के इस मनमानी कदम पर रोक कैसे लगाता है?
50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में अब आएंगे अमेरिकी आयातक

*11 से 14 अप्रैल तक न‌ई दिल्ली में होगा आयोजन,रेसिप्रोकल टैरिफ के कारण बंद था कारोबार*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के बाद निर्यातक अमेरिका के साथ भविष्य में बेहतर कारोबार की आशा जता रहे हैं। आगामी 11 से 14 अप्रैल तक नई दिल्ली में 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो होना है। इसमें अब अमेरिकी आयातकों के आने की उम्मीद बढ़ गई है। निर्यातक अब एक्सपो में दोगुने उत्साह से भाग लेंगे। गत वर्ष अप्रैल में 25 प्रतिशत अमरीकी टैरिफ लागू हुआ।इसके बाद अगस्त में ट्रंप ने पुन: 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया था। भदोही के कालीन निर्यातकों का कहना है कि कुल कारोबार में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की थी।
इस कारण निर्यातकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था। भारत सरकार के प्रयासों से टैरिफ घटाकर अब 18 प्रतिशत किया गया है। बीते 10 महीने से गोदामों में जहां करोड़ों रुपये के माल डंप हो गए थे। कालीन कंपनियों ने इकाईयों से मजदूरों की छंटनी शुरू कर दी।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद सीईपीसी और ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन मानती है कि गत साल अक्तूबर में भदोही में हुए इंडिया कारपेट एक्सपो में आयातकों की अपेक्षित संख्या नहीं आ पाई थी।
इसका मुख्य कारण था कि टैरिफ के कारण हमारे कालीन 50 प्रतिशत तक महंगे हो गए थे। यदि लोग खरीदना भी चाहते तो ऊंची कीमत पर न खरीद पाते।
अब माना जा रहा है कि 18 प्रतिशत टैरिफ होने से भदोही के निर्यातक दोगुने उत्साह के साथ नई दिल्ली में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो में भाग लेंगे। इससे कारोबार बढ़ेगा।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
चीनी मांझा बना मौत की डोर! यूपी में बैन, अब कटेगा गला तो मानी जाएगी हत्या
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जानलेवा साबित हो रहे चीनी मांझे के इस्तेमाल पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में चीनी मांझे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि चीनी मांझे से होने वाली मौतों को अब हत्या की श्रेणी में माना जाएगा।

चीनी मांझे से लखनऊ में एक युवक की मौत

यह फैसला राजधानी लखनऊ के बाजारखाला क्षेत्र में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद लिया गया है, जहां पतंग की चीनी डोर से गला कटने के कारण एक युवक की मौत हो गई थी। हादसे में युवक की गर्दन की नस कट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए पुलिस अधिकारियों को पूरे प्रदेश में चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर छापेमारी करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

इससे पहले भी चीनी मांझे से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके

गौरतलब है कि इससे पहले भी चीनी मांझे से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं। हाल ही में हवा में उड़ती पतंग की डोर हाईटेंशन लाइन पर गिरने से मेट्रो सेवाएं बाधित हो गई थीं और मेट्रो ट्रेनें जहां की तहां रुक गई थीं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा है कि चीनी मांझा न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह आम जनता, राहगीरों और पशु-पक्षियों के लिए भी घातक साबित हो रहा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद, यूपीएससी ने बदले नियम

#afterpassingupsccandidateswillnolongerabletoappearfor_exam

Image 2Image 3

संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। यानी अब एक बार IAS, IPS या IFS बन गए तो बार-बार यूपीएससी का एग्जाम नहीं दे पाएंगे।

यूपीएससी के नए नियम के अनुसार, सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट मिलेगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। नए नियम की शर्ते इस प्रकार हैं।

सिर्फ एक बार रैंक सुधारने का मौका

सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।

नए सेलेक्शन के बाद पुराना सेलेक्शन हो जाएगा कैंसिल

अगर कोई ऐसा उम्मीदवार यूपीएससी सीएसई-2027 में सेलेक्ट होता है, तो वह सीएसई -2026 या सीएसई -2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा को एक्सेप्ट कर सकता है और सीएसई -2027 के लिए निर्धारित ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। इस लेवल पर उसके द्वारा चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सेवा का अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा। अगर उसे सीएसई -2027 के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं की जाती है, तो वह सीएसई-2026 के माध्यम से आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है।

युवक को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर,एक की मौत एक घायल
*तेरहवीं भोज से लौट रहे थे युवक, पुलिस जांच में जुटी

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में देर रात हुए एक सड़क हादसे में नरसिंह (40) की मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं लल्लू (38) गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के तत्काल बाद लल्लू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहाँ से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया है।मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा परन्तु उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।यह हादसा मसौलिया,गौरा माझा मार्ग पर हुआ है।मृतक नरसिंह व घायल लल्लू दोनों करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के बसेरिया तिवारी पुरवा गांव के निवासी थे।दोनों देर रात रामगढ़ गांव में एक रिश्तेदार के यहां तेरहवीं भोज कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे।घर लौटते समय वे मैजापुर चीनी मिल में गन्ना बेचकर जा रही एक खाली ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए।टक्कर इतनी भीषण थी कि नरसिंह की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।घटना की सूचना मिलते ही करनैलगंज कोतवाली पुलिस मौके पहुंची और ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दिया है।मृतक नरसिंह के चार बच्चे हैं,जिनमें क्रमशः आंचल(15),अजीत (10),अंशिका (7) व रिया(4) हैं।इस हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है।घटना की सूचना मिलते ही परिजन करनैलगंज कोतवाली पहुंच गए।करनैलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि मृतक नरसिंह के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा घायल लल्लू का इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है।परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही प्रारम्भ कर दिया है।
राजभर समाज ने धूमधाम से मनाया महाराजा सुहेलदेव जयंती
वसई। राजभर समाज सेवा संघ (महाराष्ट्र) द्वारा श्रावस्ती भर सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव जी की १०१७ वीं जयंती नायगांव में बड़े धूमधाम से मनाई गई। समारोह के प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजभर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जयंती समारोह के इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली समझता हूं कि महाराष्ट्र की इस धरती पर राजभर समाज सेवा संघ (महा.) द्वारा आयोजित इस भव्य महाराजा सुहेलदेव जी की जयंती पर प्रमुख अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने सुहेलदेव जी के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सभी सुहेलदेव देव जी का वंशज होने के नाते हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उनके द्वारा बताए गए रास्तों का अनुसरण करके एकजुटता का परिचय दें और आपस में भाईचारा का माहौल स्थापित करके सुहेलदेव जी के आदर्शों, शौर्य व शूर विरता की गाथा को जन- जन तक पहुंचाने का कार्य करें। संघ के संस्थापक अध्यक्ष लालमनी राजभर ने कहा कि मुंबई में राजभर समाज विगत कई पिंडियों से रह रहा है मगर समाज को महाराष्ट्र में किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ या सहुलियत नहीं मिलता है हमसे १९५० के समय का पुरावा मांगा    जाता है जो कि लगभग नामुमकिन है इसके लिए हमें एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है व महाराष्ट्र सरकार से समन्वय बनाकर संवाद स्थापित कर इस समस्या हल निकाला जा सकता है। सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामदुलारे राजभर ने कहा कि हम सभी राजभर समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा तभी हम किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान ढूंढ पाएंगे। संघ के महामंत्री रमाकांत राजभर ने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष तारकेश्वर राय ने कहा कि उम्र व अस्वस्थता की वजह से अब हम आगे की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाएंगे आप सभी संभाले , संस्था के कोषाध्यक्ष रमेश राजभर के मार्गदर्शन में अतिथियों का सत्कार किया गया। कार्यक्रम का संचालन जीतु भारद्वाज ने किया समारोह में पप्पू राजभर ने अपनी गायकी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित व्यवसाई बलिराम राजभर , पन्नालाल राजभर, राघवेन्द्र राजभर , हीरा भारद्वाज , महेंद्र राजभर,रमेश राजभर, फिल्म निर्माता विरेंद्र प्रताप राजभर गीतकार विलास राजभर कवि नंदलाल राजभर, धर्मा देवी राजभर व संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजनाथ राय , ओमप्रकाश राजभर (छेदी) बालकिशन राजभर, अशोक राजभर, राजेश राजभर, रामभुवन राजभर , चंदू राजभर भुल्लन राजभर, रामप्रताप राजभर, रामबदन राजभर, हरिश्चंद्र राजभर व भारी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।
जिले के 5 विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर घाघरा पुल न बंद करने की मांग की
बंद करने से पहले वैकल्पिक पुल बनाने पर दिया जोर

गोंडा।जिले के पाच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों पर चर्चा किया और उसके बाद सभी विधायकों ने एक मांगपत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में क्रमशः प्रेम नारायण पांडेय विधायक तरबगंज, बावन सिंह विधायक कटरा बाजार, विनय कुमार द्विवेदी विधायक मेहनौन,अजय कुमार सिंह विधायक करनैलगंज तथा प्रभात कुमार वर्मा विधायक गौरा शामिल थे।इन सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री से संजय सेतु (घाघरा पुल) को मरम्मत के लिए तब तक बंद न करने की मांग किया, जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था या पांटून (पीपा पुल) पुल न बन जाए।उन्होंने तर्क दिया कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुल बंद होने से प्रतिदिन लाखों लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों की इस मांग को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि पहले वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा,उसके बाद ही पुल को मरम्मत के लिए बंद किया जाएगा।जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग किया कि मरम्मत के स्थान पर एक नया संजय सेतु (घाघरा पुल)बनाया जाए,ताकि लोगों को भविष्य में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री ने विधायकों की इस मांग पर भी आश्वासन दिया है।मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान जिले के अधिकारियों और विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा किया साथ ही उन्होंने शेष विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उनकी मांगों को सुना और स्वीकार किया।विधायक मेहनौन विनय कुमार द्विवेदी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया कि उन्होंने पांटून (पीपा) पुल बने बिना घाघरा पुल न बंद करने का आश्वासन दिया है।उन्होंने इसको लेकर के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
क्रिकेट और सियासत का मिलन: जून में शादी करेंगे रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज, लखनऊ–वाराणसी पर सस्पेंस



लखनऊ। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह और मछलीशहर (जौनपुर) से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज जून महीने में विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ में संपन्न हुई थी। अब शादी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, हालांकि बरात लखनऊ जाएगी या वाराणसी, इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।

रिंकू सिंह के परिजनों ने शादी की तारीख जून में तय होने की पुष्टि की है। इससे पहले दोनों की शादी 18 नवंबर 2025 को वाराणसी में प्रस्तावित थी, लेकिन रिंकू के अंतरराष्ट्रीय मैचों के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। बाद में फरवरी 2026 में नई तारीख तय हुई, मगर टी-20 विश्वकप और आईपीएल की व्यस्तताओं के कारण शादी को जून तक टाल दिया गया।

लखनऊ में हुई सगाई समारोह में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कई सांसद, विधायक और क्रिकेट जगत की हस्तियां शामिल हुई थीं। शादी के आयोजन की जिम्मेदारी एक पेशेवर इवेंट कंपनी को सौंपी गई है। शादी के बाद अलीगढ़ में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा।

रिंकू सिंह फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं और विश्वकप के बाद वह कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की ओर से आईपीएल खेलेंगे। क्रिकेट करियर के साथ-साथ निजी जीवन में भी उनका सफर सुर्खियों में है।

गौरतलब है कि रिंकू सिंह ने बेहद साधारण परिवार से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाई। 2023 आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ यश दयाल की पांच गेंदों पर पांच छक्के लगाकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। इसके बाद वे देश के भरोसेमंद फिनिशर के रूप में पहचाने जाने लगे।

प्रिया सरोज पेशे से अधिवक्ता हैं और वर्तमान में मछलीशहर से सांसद हैं। यह रिश्ता दोनों परिवारों की सहमति और स्नेह से तय हुआ है। शादी समारोह में देशभर के प्रमुख राजनेताओं, क्रिकेटरों, फिल्मी सितारों और समाजसेवियों के शामिल होने की संभावना है।
तेज रफ्तार स्कूल वैन गड्ढे में पलटा, बाल बाल बचे बच्चे, एक बार फिर विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग पर खड़े हुए सवाल


गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र केे समीप स्थित गांधी मैदान के समीप पीसीसी सड़क किनारे गड्ढे में गुरुवार की सुबह तिसरी के उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन तेज रफ्तार में बच्चे सहित पलटी खा गया। गनीमत रही कि आस पास के ग्रामीणों ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिसमें तीन बच्चों को चोट आई। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए परिजन एवं ग्रामीणों ने बताया कि उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या JH10BT3853 प्रतिदिन की भांति बुटवरिया से लगभग 10 की संख्या में बच्चों को बैठा कर तेज रफ्तार में स्कूल की ओर जा रहा था। इसी बीच वह नवनिर्मित पीसीसी सड़क के मोड पर अनियंत्रित हो गड्ढे में जा पलटा। परिजनों ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी चालक को चेताया गया और उसे धीरे चलने को कहा गया था। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सड़क किनारे गड्ढे नहीं भरे होने की वजह बताया साथ ही उन्होंने कथित तौर पर चालक के अप्रशिक्षित होने एवं उसके पास फर्जी लाइसेंस एवं लाइसेंस नहीं होने की बात को भी कहा, जो कि जांच के बाद ही पता लगाया जा सकता है। बता दें कि घटना में तिसरी के बुटवरिया निवासी 12 वर्षीय मुस्कान कुमारी पिता गणेश पासवान, 8 वर्षीय बिपिन सिंह पिता शारदा सिंह एवं 10 वर्षीय मरिता बेसरा को चोट आई, जिसके बाद सभी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। बताते चलें कि उक्त स्कूल वैन का जब एम परिवहन में जानकारी खंगाला गया तो उक्त वाहन का फिटनेस 28 मार्च 2021 तक ही वैध दिखा। वहीं इंश्योरेंस भी 25 मार्च 2020 को ही खत्म हो चुका था। इतना ही नहीं उक्त विद्यालय में पूर्व में भी एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद विभाग ने जांच भी की थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या प्राइवेट विद्यालय को सरकार एवं विभाग द्वारा दिए गए गाइडलाइन को पालन करना आवश्यक है या नहीं और यदि आवश्यक है तो आखिर विभाग इसकी मॉनिटरिंग क्यों नहीं करता है? आखिर बिना फिटनेस एवं इंश्योरेंस के वाहन निजी विद्यालय में कैसे चलाए किए जा रहे है और इसमें होने वाले हादसों के दोषी कौन है? अब देखना यह है कि प्रशाशन और विभाग इसे लेकर क्या कार्रवाई करता है और निजी विद्यालय के इस मनमानी कदम पर रोक कैसे लगाता है?