सरहुल की तैयारियों में जुटा प्रशासन: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा— "श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता"।

रांची: प्रकृति पर्व सरहुल को शांतिपूर्ण, भव्य और अनुशासित तरीके से मनाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को समाहरणालय में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय सरना समिति और विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं:
बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम प्रमुख सरना स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर साफ-सफाई और लाइटिंग की पुख्ता व्यवस्था करेगा। विशेष रूप से, शोभायात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को उनके घर तक पहुंचाने के लिए नगर निगम की ओर से निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और समितियों के बीच निरंतर संवाद के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा।
सुरक्षा और नियमों का पालन:
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का आश्वासन दिया। वहीं, बिजली विभाग ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए समितियों से आग्रह किया कि शोभायात्रा के दौरान झंडों और झांकियों की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक न रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करने के भी निर्देश दिए गए।
आदिवासी अस्मिता और "टीम रांची":
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का जिक्र करते हुए कहा कि हम “टीम रांची” के रूप में काम करेंगे। उन्होंने पिछले वर्ष के “दुनिया की जतरा” कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति और अस्मिता को दुनिया के सामने लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सहयोग से सरहुल का पर्व पूरे उल्लास और गरिमा के साथ संपन्न होगा।
बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए।
2 hours and 35 min ago
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