मगध किड्स गैलेक्सी स्कूल में मदर्स डे समारोह की धूम, माताओं को मिला “सर्वश्रेष्ठ माँ सम्मान”

गयाजी : गया शहर के कुजापी स्थित मगध किड्स गैलेक्सी स्कूल में शनिवार को मदर्स डे के अवसर पर भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन मातृत्व सम्मान, प्रेम और खुशी के माहौल से गूंजता रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य माँ के प्रेम, त्याग और समर्पण को सम्मान देना तथा बच्चों के मन में मातृत्व के प्रति आदर की भावना को मजबूत करना था।

यह विद्यालय मगध हायर सेकेंडरी स्कूल की एक इकाई है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूनम कुमारी उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. ऋचा कुमारी तथा विशेष अतिथि रेखा कुमारी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण रंजन गांधी ने सभी अतिथियों का फूल-माला एवं मोमेंटो देकर भव्य स्वागत किया। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

समारोह के दौरान विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने गीत, नृत्य, कविता और नाटक के माध्यम से माँ के महत्व को बेहद भावुक अंदाज में प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुति को देखकर कई माताएँ भावुक हो उठीं और पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “सर्वश्रेष्ठ माँ सम्मान” अवार्ड रहा। इस अवसर पर कई माताओं को उनके परिवार के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली माताओं के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि माँ परिवार और समाज की आधारशिला होती हैं तथा बच्चों के संस्कार और भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। मंच संचालन अनामिक जॉन ने किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मौके पर सोनाली अंजली जॉन, रेखा रानी पुष्प, बेबी कुमारी, मनोरमा, सुंडूस, रिया एवं निशा सहित विद्यालय परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे।

पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पारस हेल्थ, पटना में आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग की शुरुआत*
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पटना। पारस हेल्थ, पटना में आज से “आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग (Pediatrics Department)” की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। इस नई सुविधा की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारस हेल्थ के जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार, निदेशक जेनेरल सर्जरी डॉ. अहमद अब्दुल हई एंव निदेशक वं विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स डॉ. विवेक रंजन द्वारा की गई। यह विभाग अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और 24x7 सेवाओं के साथ बच्चों को समर्पित बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। नए शिशु रोग विभाग के अंतर्गत 24x7 बाल आपातकालीन सेवाएं, PICU (Pediatric Intensive Care Unit), NICU (Neonatal Intensive Care Unit), सामान्य बाल रोगों का उपचार, टीकाकरण सेवाएं, पोषण एवं विकास परामर्श तथा बुखार, खांसी एवं संक्रमण जैसी समस्याओं का समुचित इलाज उपलब्ध रहेगा। इस अवसर पर *जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार* ने कहा कि “पारस हेल्थ, पटना में आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग की शुरुआत हमारे लिए गर्व का विषय है। हमारा उद्देश्य बिहार के बच्चों को महानगरों जैसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध कराना है। अत्याधुनिक PICU और NICU की सुविधा के साथ अब गंभीर रूप से बीमार नवजात और बच्चों का इलाज पूरी दक्षता और संवेदनशीलता के साथ किया जा सकेगा।” वहीं, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स, *डॉ. विवेक रंजन* ने कहा कि “बच्चों का स्वास्थ्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि सही समय पर पहचान, रोकथाम और समुचित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हमारे विभाग में अनुभवी चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की टीम 24x7 उपलब्ध रहेगी, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। हमारा लक्ष्य है कि नवजात से किशोरावस्था तक हर आयु वर्ग के बच्चों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।” पारस हेल्थ, पटना में इस नई पहल से क्षेत्र के अभिभावकों को अपने बच्चों के इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। *पारस हेल्थ के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर दुकानदारों पंडित पुजारी नाविकों का किया गया रजिस्ट्रेशन
फर्रुखाबाद l
जिला गंगा समिति के तत्वावधान मे घाटों पर नाविको, गोताखोर, पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई गई। जिलाधिकारी द्वारा सभी नविकों,गोताखोर,पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण हेतु घाट संचालन समिति का गठन किया गया। समिति के माध्यम से घाट पर उपस्थित सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित दिशा निर्देश बताए गए एवं सभी को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने हेतु जानकारी दी गई। जिनमें से कुछ नविकों, दुकानदारों,गोताखोर, पंडित एवं पुजारी ने अपना पंजीकरण कराया।जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार घाटों पर अनिवार्य रूप से सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। सभी पंजीकरण सत्यापन के बाद ही मान्य होंगे।नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।पंजीकरण के उपरांत सभी को पंजीकरण नंबर एवं पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गोताखोरों का नाम व फोन नंबर घाट पर अंकित किया जाएगा जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके। इसके अतिरिक्त नाविकों के सभी नावों पर नाम,फोन नंबर एवं क्रमांक संख्या अंकित की जाएगी।यह पंजीकरण एक वर्ष के लिए मान्य होगा।एक वर्ष के बाद पुनः सभी का नवीनीकरण किया जाएगा। निहारिका पटेल ने बताया कि अब तक 24 नविकों ने अपना पंजीकरण कराया है।पंजीकरण के बाद सभी नाव पर लाइफ जैकेट रखवाई गई एवं अन्य को भी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई जिलों में नाव पलटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।ऐसे में प्रत्येक नाविक को पूरी सुरक्षा के साथ नाव चलाने एवं सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पंजीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी एवं शेष पंजीकरण जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।  इस अवसर पर एडीओ पंचायत श्री ओम पांडे‌,पंचायत सचिव श्री अशोक कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
मंडी में आलू का भाव उछला, किसान को मिली राहत
फर्रुखाबाद l शनिवार को सातनपुर आलू मंडी में आमद दोगुनी होने पर भी भाव में लगभग 100 रुपए का उछाल रहा, फर्रुखाबाद की एशिया प्रसिद्ध आलू मंडी सातनपुर में पिछले लगभग एक महीने से एक जैसा ही भाव देखने को मिला, जो सफेद आलू 201 रुपए से 401 रुपए प्रति कुंतल में बिक्री होती रही थी लेकिन बरसात होने से भीषण गर्मी से राहत मिलने व बाहिरी मंडियों से मांग के चलते 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की उछाल रही आज 301 से 501 रुपए प्रति क्विंटल में सफेद हाईब्रिड आलू व लाल हालैंड आलू पिछले दिनों 501 से 601 रुपए बिकने वाला आलू आज 601 से 751 रुपए प्रति क्विंटल में बिका है जबकि पिछले दिनों आमद 30 से 40 मोटर रही थी और आज दोगुनी लगभग 80 मोटर आमद होते हुए भी 100 रुपए का उछाल रहा , बिकवाली अच्छी होने से एक घंटे में सभी आलू की बिक्री हो गई ।
अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

हजारीबाग में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बताया ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका

हजारीबाग। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल में शनिवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Unmasked Cyber Security Private Limited द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Saurav Vishwakarma रहे। उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। वक्ताओं ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी के साथ पासवर्ड या ओटीपी साझा करना तथा संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सतर्क रहने का संदेश देते हैं।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव पुलिस ने भरा पंचनामा
अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव चाचूपुर मोड़ स्थित विद्यालय के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। राजेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।मृतक की पहचान ब्रजेश राजपूत 22 पुत्र बालक राम राजपूत निवासी ग्राम चाचूपुर जटपुरा थाना राजेपुर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।परिजनों के अनुसार ब्रजेश अपने परिवार में सबसे छोटा था। मृतक के बड़े भाई का नाम संजू तथा छोटे भाई का नाम कल्याण बताया गया है, जबकि उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। युवक की अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां सावित्री देवी का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि अभी तक मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।राजेपुर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
मगध किड्स गैलेक्सी स्कूल में मदर्स डे समारोह की धूम, माताओं को मिला “सर्वश्रेष्ठ माँ सम्मान”

गयाजी : गया शहर के कुजापी स्थित मगध किड्स गैलेक्सी स्कूल में शनिवार को मदर्स डे के अवसर पर भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन मातृत्व सम्मान, प्रेम और खुशी के माहौल से गूंजता रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य माँ के प्रेम, त्याग और समर्पण को सम्मान देना तथा बच्चों के मन में मातृत्व के प्रति आदर की भावना को मजबूत करना था।

यह विद्यालय मगध हायर सेकेंडरी स्कूल की एक इकाई है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूनम कुमारी उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. ऋचा कुमारी तथा विशेष अतिथि रेखा कुमारी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण रंजन गांधी ने सभी अतिथियों का फूल-माला एवं मोमेंटो देकर भव्य स्वागत किया। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

समारोह के दौरान विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने गीत, नृत्य, कविता और नाटक के माध्यम से माँ के महत्व को बेहद भावुक अंदाज में प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुति को देखकर कई माताएँ भावुक हो उठीं और पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “सर्वश्रेष्ठ माँ सम्मान” अवार्ड रहा। इस अवसर पर कई माताओं को उनके परिवार के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली माताओं के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि माँ परिवार और समाज की आधारशिला होती हैं तथा बच्चों के संस्कार और भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। मंच संचालन अनामिक जॉन ने किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मौके पर सोनाली अंजली जॉन, रेखा रानी पुष्प, बेबी कुमारी, मनोरमा, सुंडूस, रिया एवं निशा सहित विद्यालय परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे।

पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पारस हेल्थ, पटना में आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग की शुरुआत*
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पटना। पारस हेल्थ, पटना में आज से “आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग (Pediatrics Department)” की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। इस नई सुविधा की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारस हेल्थ के जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार, निदेशक जेनेरल सर्जरी डॉ. अहमद अब्दुल हई एंव निदेशक वं विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स डॉ. विवेक रंजन द्वारा की गई। यह विभाग अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और 24x7 सेवाओं के साथ बच्चों को समर्पित बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। नए शिशु रोग विभाग के अंतर्गत 24x7 बाल आपातकालीन सेवाएं, PICU (Pediatric Intensive Care Unit), NICU (Neonatal Intensive Care Unit), सामान्य बाल रोगों का उपचार, टीकाकरण सेवाएं, पोषण एवं विकास परामर्श तथा बुखार, खांसी एवं संक्रमण जैसी समस्याओं का समुचित इलाज उपलब्ध रहेगा। इस अवसर पर *जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार* ने कहा कि “पारस हेल्थ, पटना में आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग की शुरुआत हमारे लिए गर्व का विषय है। हमारा उद्देश्य बिहार के बच्चों को महानगरों जैसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध कराना है। अत्याधुनिक PICU और NICU की सुविधा के साथ अब गंभीर रूप से बीमार नवजात और बच्चों का इलाज पूरी दक्षता और संवेदनशीलता के साथ किया जा सकेगा।” वहीं, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स, *डॉ. विवेक रंजन* ने कहा कि “बच्चों का स्वास्थ्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि सही समय पर पहचान, रोकथाम और समुचित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हमारे विभाग में अनुभवी चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की टीम 24x7 उपलब्ध रहेगी, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। हमारा लक्ष्य है कि नवजात से किशोरावस्था तक हर आयु वर्ग के बच्चों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।” पारस हेल्थ, पटना में इस नई पहल से क्षेत्र के अभिभावकों को अपने बच्चों के इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। *पारस हेल्थ के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर दुकानदारों पंडित पुजारी नाविकों का किया गया रजिस्ट्रेशन
फर्रुखाबाद l
जिला गंगा समिति के तत्वावधान मे घाटों पर नाविको, गोताखोर, पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई गई। जिलाधिकारी द्वारा सभी नविकों,गोताखोर,पंडित पुजारी एवं दुकानदारों के पंजीकरण हेतु घाट संचालन समिति का गठन किया गया। समिति के माध्यम से घाट पर उपस्थित सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित दिशा निर्देश बताए गए एवं सभी को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने हेतु जानकारी दी गई। जिनमें से कुछ नविकों, दुकानदारों,गोताखोर, पंडित एवं पुजारी ने अपना पंजीकरण कराया।जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार घाटों पर अनिवार्य रूप से सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को पंजीकरण से संबंधित सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। सभी पंजीकरण सत्यापन के बाद ही मान्य होंगे।नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।पंजीकरण के उपरांत सभी को पंजीकरण नंबर एवं पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गोताखोरों का नाम व फोन नंबर घाट पर अंकित किया जाएगा जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके। इसके अतिरिक्त नाविकों के सभी नावों पर नाम,फोन नंबर एवं क्रमांक संख्या अंकित की जाएगी।यह पंजीकरण एक वर्ष के लिए मान्य होगा।एक वर्ष के बाद पुनः सभी का नवीनीकरण किया जाएगा। निहारिका पटेल ने बताया कि अब तक 24 नविकों ने अपना पंजीकरण कराया है।पंजीकरण के बाद सभी नाव पर लाइफ जैकेट रखवाई गई एवं अन्य को भी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई जिलों में नाव पलटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।ऐसे में प्रत्येक नाविक को पूरी सुरक्षा के साथ नाव चलाने एवं सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पंजीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी एवं शेष पंजीकरण जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।  इस अवसर पर एडीओ पंचायत श्री ओम पांडे‌,पंचायत सचिव श्री अशोक कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
मंडी में आलू का भाव उछला, किसान को मिली राहत
फर्रुखाबाद l शनिवार को सातनपुर आलू मंडी में आमद दोगुनी होने पर भी भाव में लगभग 100 रुपए का उछाल रहा, फर्रुखाबाद की एशिया प्रसिद्ध आलू मंडी सातनपुर में पिछले लगभग एक महीने से एक जैसा ही भाव देखने को मिला, जो सफेद आलू 201 रुपए से 401 रुपए प्रति कुंतल में बिक्री होती रही थी लेकिन बरसात होने से भीषण गर्मी से राहत मिलने व बाहिरी मंडियों से मांग के चलते 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की उछाल रही आज 301 से 501 रुपए प्रति क्विंटल में सफेद हाईब्रिड आलू व लाल हालैंड आलू पिछले दिनों 501 से 601 रुपए बिकने वाला आलू आज 601 से 751 रुपए प्रति क्विंटल में बिका है जबकि पिछले दिनों आमद 30 से 40 मोटर रही थी और आज दोगुनी लगभग 80 मोटर आमद होते हुए भी 100 रुपए का उछाल रहा , बिकवाली अच्छी होने से एक घंटे में सभी आलू की बिक्री हो गई ।
अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

हजारीबाग में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बताया ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका

हजारीबाग। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल में शनिवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Unmasked Cyber Security Private Limited द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Saurav Vishwakarma रहे। उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। वक्ताओं ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी के साथ पासवर्ड या ओटीपी साझा करना तथा संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सतर्क रहने का संदेश देते हैं।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव पुलिस ने भरा पंचनामा
अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव चाचूपुर मोड़ स्थित विद्यालय के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। राजेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।मृतक की पहचान ब्रजेश राजपूत 22 पुत्र बालक राम राजपूत निवासी ग्राम चाचूपुर जटपुरा थाना राजेपुर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।परिजनों के अनुसार ब्रजेश अपने परिवार में सबसे छोटा था। मृतक के बड़े भाई का नाम संजू तथा छोटे भाई का नाम कल्याण बताया गया है, जबकि उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। युवक की अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां सावित्री देवी का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि अभी तक मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।राजेपुर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।