अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित
हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।
समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।
महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।
महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।
कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।
4 hours ago
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