आजमगढ़: बुद्ध ज्योति संघ की बैठक 24 को, रविदास जयंती मनाये जाने पर बनेगी रणनीति
आजमगढ़। बुद्ध ज्योति संघ के तत्वावधान में 24 जनवरी को शाम तीन बजे से आतापुर जनईगंज बाजार स्थित डाक्टर भीमराव अम्बेडकर पुस्तकालय हाल में एक बैठक आहूत किया गया है। जिसमें संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती मनाये जाने पर चर्चा किया जायेगा।संघ के कोषाध्यक्ष शेर बहादुर त्यागी ने संघ के कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों से बैठक में भाग लेने की अपील किया है।
सदर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया

ट्रैक्टर-ट्रालियों में रिफ्लेक्टिव टेप लगवायें

फर्रुखाबाद l सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सत्येन्द्र कुमार द्वारा ब्लॉक बढ़पुर में ग्राम प्रधानों तथा पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में 23 ग्राम प्रधानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। शासन के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह के तहत  परिवहन आयुक्त द्वारा पंचायती राज विभाग की ब्लॉक स्तर पर ग्राम प्रधानों की बैठक आहूत किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधानों को ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के अन्तर्गत उस ग्राम का सड़क सुरक्षा अग्रदूत घोषित किया जाये। इस दौरान ब्लॉक बढ़पुर में बैठक आयोजित की गई।
एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत के द्वारा अवगत कराया गया कि यातायात पुलिस से प्राप्त सूचना के अनुसार माह दिसम्बर 2025 तक जनपद फर्रूखाबाद में 490 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई हैं जिनमें 284 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है जबकि दिसम्बर 2024 तक जनपद में 390 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई थीं, जिनमें 213 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। इस प्रकार वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या में 25.64 प्रतिशत तथा मृतकों की संख्या में 33.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यातायात कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्ष 2025 में माह दिसम्बर तक हिट एण्ड रन की 109 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 89 व्यक्तियों की मृत्यु हुई हैं तथा 81 व्यक्ति घायल हुये हैं। वर्ष 2024 में हिट एण्ड रन की 66 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 43 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी तथा 28 व्यक्ति घायल हुये थे। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 42481 चालान किये गये हैं तथा 187 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 18.92 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 4155 चालान किये गये हैं l 1018 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 219.33 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देश पर जनपद में वर्ष 2025 में 265 ड्राइविंग लाइसेन्स निलम्बित किये गये हैं।

जनपद में 19 दिसंबर 2025 से 17 जनवरी 2026 तक ‘‘ नो हेल्मेट नो पेट्रोल ’’ का अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया गया कि वह अपने ग्राम में सड़क सुरक्षा की बैठक आहूत करें तथा सभी ग्रामीणों प्रेरित करें  कि  किसी भी स्थिति में यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग ना करें , वाहन के प्रपत्र पूर्ण रखें, नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें, अपनी गति को नियंत्रण में रखें तथा यातायात नियमों का पालन करें।  सभी चालक गाड़ी पर यदि अपने सामने अपने परिवार की फोटो लगाकर रखेंगे तो उन्हें याद रहेगा कि उन्हें  सकुशल घर पहुंचना है तब वह जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएंगे । सभी सुरक्षित रहें यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने जनपद को दुर्घटना रहित जनपद बनाएं।
सभी ग्राम प्रधानों से यह भी अनुरोध किया गया कि ट्रैक्टर-ट्राली में रिफ्लेक्टर अवश्य लगवायें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। एआरटीओ द्वारा राह-वीर योजना की जानकारी देते हुये बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 21 अप्रैल 2025 से राह-वीर योजना प्रारम्भ की गयी है, जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के अन्तर्गत घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के उपरान्त एक घण्टे (गोल्डन ऑवर)  के अन्दर अस्पताल पहंुचाने से घायल के जीवित रहने पर 25000/- रुपए के पुरस्कार का प्राविधान है। घातक दुर्घटना में बड़ी सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन अस्पताल में रहना, मस्तिष्क की चोट रीढ़ की हड्डी की चोट एवं इलाज के दौरान घायल की मौत सम्मिलित है। राहवीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि हिट एण्ड रन मोटर दुर्घटना के पीड़ितों के लिये मुआवजा योजना-2022 केे अन्तर्गत अज्ञात वाहन से घटित सड़क दुर्घटना में मृत्यु की दशा में 2.00 लाख रुपए तथा गम्भीर रूप से घायल होने की दशा में 50 हजार रुपए के मुआवजा का प्राविधान है। मुआवजा प्राप्ति हेतु प्रारूप-1 में आवेदन पत्र दुर्घटना स्थल के उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष मृतक के वारिस अथवा गम्भीर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, आवेदन पत्र के साथ दावाकर्ता की आधार कार्ड की प्रति, बैक खाता पासबुक की प्रति, एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति/इलाज के साक्ष्य तथा प्रारूप-4 में वचनबन्ध संलग्न किया जायेगा। आवेदन में उस अस्पताल/चिकित्साधिकारी का नाम लिखा जायेगा, जिसने क्षतिग्रस्त/मृत व्यक्ति की देखभाल की। इसके साथ ही दावाकर्ता का नाम व पता आदि आवेदन पत्र में भरा जायेगा।
कार्यक्रम समापन पर सभी को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलायी गई।
प्रमोद राठी के निर्विरोध निर्वाचन पर जश्न, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मिठाई खिलाकर दी बधाई
भूमि विकास बैंक सदर के चेयरमेन पद पर प्रमोद राठी के निर्विरोध निर्वाचन पर भव्य स्वागत

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भूमि विकास बैंक सदर के चेयरमेन पद पर प्रमोद राठी के निर्विरोध निर्वाचित होने पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और हर्षोल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने आवास पर प्रमोद राठी का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि प्रमोद राठी का निर्विरोध निर्वाचन उनकी सादगी, जनसेवा के प्रति समर्पण, संगठनात्मक क्षमता और किसानों के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रमोद त्यागी भूमि विकास बैंक सदर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ-साथ किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और बैंक से जुड़े लाभार्थियों के हितों की रक्षा करते हुए प्रभावी योजनाओं को धरातल पर उतारेंगे।
मंत्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि भूमि विकास बैंक किसानों की आर्थिक मजबूती की रीढ़ है और इसके माध्यम से कृषि विकास, ग्रामीण उत्थान तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। प्रमोद राठी के नेतृत्व में बैंक और अधिक पारदर्शी, सशक्त और किसान-हितैषी बनेगा।
इस खुशी के अवसर पर समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ नवनिर्वाचित चेयरमेन का भव्य स्वागत किया गया। आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया गया और पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने पुष्पमालाएँ पहनाकर प्रमोद त्यागी का अभिनंदन किया तथा एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर अपनी प्रसन्नता साझा की।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, बैंक से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, किसान प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रमोद राठी को उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आशा जताई कि उनके कार्यकाल में भूमि विकास बैंक सदर किसानों की समस्याओं के समाधान, ऋण सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
नवनिर्वाचित चेयरमेन प्रमोद राठी ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो विश्वास उन्हें दिया गया है, उस पर वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे तथा किसानों और बैंक से जुड़े हर वर्ग के हित में कार्य करेंगे।
दावोस में झारखंड का धमाका: 'क्रिटिकल मिनरल्स' का ग्लोबल हब बनेगा राज्य, मुख्यमंत्री ने पेश किया विजन-2050

दावोस / रांची, 22 जनवरी 2026: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान 'जिम्मेदार खनिज केंद्र' के रूप में रखी है। इंडिया पवेलियन में आयोजित उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने “झारखंड की क्रिटिकल मिनरल्स अवसर: भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक” विषय पर अपनी दूरगामी रणनीति साझा की।

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खनिज भंडार में झारखंड का एकाधिकार

बैठक में सचिव अरवा राजकमल ने रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में से 20 अकेले झारखंड में उपलब्ध हैं। यह स्थिति झारखंड को भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के केंद्र में स्थापित करती है।

सिर्फ खनन नहीं, अब होगा 'मूल्य सृजन' (Value Creation)

झारखंड सरकार अब खनिजों के केवल उत्खनन तक सीमित नहीं रहेगी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

प्रसंस्करण और विनिर्माण: कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और रिफाइनरी की स्थापना।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्लस्टर: बैटरी निर्माण, मैग्नेट और एडवांस्ड मैटीरियल्स के लिए एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर का विकास।

सस्टेनेबल माइनिंग: पर्यावरण (ESG) मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार खनन।

वैश्विक दिग्गजों ने क्या कहा?

जयंत सिन्हा (एवरसोर्स कैपिटल): उन्होंने स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) को रोजगार सृजन के लिए अनिवार्य बताया।

मार्टिन (जर्मन विशेषज्ञ): उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोपीय संघ क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत और झारखंड को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।

डॉ. मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि): उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया।

नीतिगत ढांचा और निवेश का भरोसा

खनन निदेशक राहुल सिन्हा और जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने निवेशकों को एक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का आश्वासन दिया। वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने बैठक का समापन करते हुए 'ब्राउनफील्ड माइनिंग' परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, ताकि मौजूदा खदानों के विस्तार से त्वरित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

फिल्म और 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन

इस अवसर पर झारखंड की खनिज क्षमता को दर्शाती एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और 'क्रिटिकल मिनरल्स इन झारखंड' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ, जो राज्य की नई खनिज नीति और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखती है।

ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती किसानों के मसीहा थे-केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़।ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंदद इ सरस्वती सेवा न्यास व महाराज सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय , यूनिवर्सिटी ऑफ़
एग्डर,नॉर्वे, स्वदेशी शोध संस्थान व इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमर कंटक , रूहुना विश्वविद्यालय श्रीलंका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का दो दिवसीय आयोजन हरिऔध कला भवन में किया गया। जिसका विषय ‘’पूर्ण रोजगारयुक्त भारत के लिए शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका’’ थी, जिसकी अध्यक्षता अनन्त विभूषित जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी अनंतानंद सरस्वती,राजगुरु मठ पीठाधीश्वर काशी ने किया |

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ सुनील डबास, अखिल भारतीय संगठक स्वदेशी जागरण मंच कश्मीरी लालजी,कुलपति बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रो.राज कुमार मित्तल ,कुलपति महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ व आयोजक प्रो. सजीव कुमार , टेक्नोक्रेट और नीति निर्माता डॉ ओंकार राय उपस्थित रहे।
   
      कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, स्वदेशी उपयोग और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है और लोगों में राष्ट्रीय गर्व की भावना को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, विश्वविद्यालयों की स्थापना और “एक जनपद — एक उत्पाद” जैसी योजनाओं से प्रदेश और देश की प्रगति में तेजी आई है। उन्होंने युवाओं को 2047 के लक्ष्य में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सहजानंद राय की प्रशंसा करते हुए कहा की स्वामी जी के नाम से न्यास बनाकर इतना बड़ा कार्य कर उनकी सोच को जीवंत करने का सराहनीय कार्य किया है |

ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास के अध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि ब्रम्हर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती जी संन्यास को समाज-सेवा से जोड़ा और जीवनभर किसानों, श्रमिकों और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।वे भारत में किसान आन्दोलन के जनक थे।वह कहते थे जब तक किसान शोषण से मुक्त नहीं होगा, देश सच्चे अर्थों में स्वतंत्र नहीं हो सकता।उन्होंने संन्यास को पलायन नहीं, बल्कि समाज-सेवा का माध्यम माना।  स्वामी जी कहते थे कि सच्चा साधु वही है जो दुखी और शोषित के साथ खड़ा हो।ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुखर आवाज़ थे।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जब केंद्र और प्रदेश में आई है तब युवाओं के लिए  रोज़गार मेले और नियुक्तियाँ अधिक आयोजित की जा रही हैं।स्टार्टअप्स और उद्यमिता को आर्थिक सहायता मिल रही है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार जारी है। अन्नदाता किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि और किसको की आय कैसे दोगुना हो सके लगता इस पर कम कर रही है। नारीशक्ति और कैसे शसक्त और मजबूत हो सके इस पर भी बल दे रही है।कार्यक्रम में जिले युवा उद्यमियों,अन्नदाता किसान,शिक्षकों,खिलाड़ियों, नारी शासक्तिकरण को मजबूत करने वाली महिलाओं और कलाकारों का सम्मान किया गया।

       इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन न्यास के सचिव अवनीश राय मानस,निवर्तमान जिला अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव , प्रवीण सिंह, परितोष राय, डॉ प्रशांत राय, आशीष सिंह,मयंक श्रीवास्तव, ऋषभ सिंह, आनंद मिश्रा, अरविंद चित्रांश, आलोक, सौरभ सिंह श्रीनेत , अमन श्रीवास्तव आयोजन समिति सदस्य सहित सैकड़ो प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे॥
नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती पर विद्यालय में प्रतियोगिताओं का आयोजन
तुलसीपुर स्थित आदि शक्ति माँ पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती के अवसर पर दिनांक 22 जनवरी 2026 को निबंध प्रतियोगिता एवं भाषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के माननीय प्रधानाचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को एक प्रेरणादायक संबोधन दिया।

प्रधानाचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन, संघर्ष, अदम्य साहस, देशभक्ति एवं नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नेताजी के आदर्शों—अनुशासन, त्याग, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण—को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर प्रधानाचार्य महोदय एवं सभी शिक्षकों द्वारा माल्यार्पण के साथ की गई। इसके पश्चात विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों के लिए भाषण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में कक्षा 3 से 5, कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों ने अपनी लेखन क्षमता और विचारों की स्पष्टता से सभी को प्रभावित किया। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम सहयोगी के रूप में श्री सुजीत शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि कार्यक्रम समन्वयक के रूप में  आनंद वर्धन सिंह ने कार्यक्रम का सुचारु संचालन किया।

अंत में प्रधानाचार्य  ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और नेतृत्व गुणों के विकास में सहायक होते हैं।
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव की मांग के मद्देनजर अधिवक्ताओं का अनशन शुरु
बृहस्पतिवार 23 जनवरी को प्रकाशित होगी बार एसोसिएशन की मतदाता सूची

गोंडा।जिला बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव क़ वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा टाले जाने के विरोध में बार एसोसिएशन के मुख्य द्वार पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आमरण अनशन शुरु कर दिया है।बताते चलें कि बार एसोसिएशन के वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव को टाले जाने तथा कार्यकाल बढ़ाए जाने से अधिकांश अधिवक्ता कई दिनों से नाराज चल रहे थे परन्तु उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के दृष्टिगत अधिवक्ता शांत थे परन्तु बुधवार शाम जैसे ही बार काउंसिल चुनाव के लिए जिले में मतदान समाप्त हुआ उसके तत्काल बाद जिला बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की मांग ने एक बार पुनः जोर पकड़ लिया।जिसके बाद बृहस्पतिवार को सुबह अधिवक्ताओं ने चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन को पत्र सौंपा और उसके बाद आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया।

अधिवक्ताओं द्वारा आमरण अनशन प्रारंभ किये जाने के बाद जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक बार एसोसिएशन में आयोजित की गई और आगामी बार एसोसिएशन चुनाव के मद्देनजर मतदाता सूची के प्रकाशन की घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 27 जनवरी तक अपनी आपत्ति प्रस्तुत करें,जिसके बाद 28 जनवरी को मतदाता सूची एल्डर कमेटी को सौंपकर आगामी चुनाव की तिथि निर्धारित किया जा सके।जिसके बाद आमरण अनशन पर बैठे अधिवक्ताओं ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
हजारीबाग डेंटल काॅलेज में विश्व प्रोस्थोडॉन्टिक्स दिवस पर सतत दंत शिक्षा पर व्यावहारिक कार्यक्रम का हुआ सफलतापूर्वक आयोजन

हजारीबाग काॅलेज ऑफ डेंटल साइंसेस एंड होस्पिटल में विश्व प्रोस्थोडॉन्टिक्स दिवस के अवसर पर प्रोस्थोडॉन्टिक्स और क्राउन एंड ब्रिज विभाग ने वेनीर्स और लैमिनेट्स पर एक सतत दंत शिक्षा (सीडीई) व्यावहारिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम प्रधानाचार्य डॉ. के. श्री कृष्णा और उप-प्रधानाचार्य डॉ. अंकुर भार्गव के बहुमूल्य सहयोग और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिनके प्रोत्साहन ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शैक्षणिक सत्र अतिथि वक्ता डॉ. प्रेम भूषण की उपस्थिति से समृद्ध हुआ। जिन्होंने वेनीर्स और लैमिनेट्स की समकालीन अवधारणाओं और नैदानिक ​​अनुप्रयोगों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। सत्र के बाद व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए मॉडलों पर अभ्यास किया। 

मौके पर हजारीबाग डेंटल काॅलेज के सचिव डाॅ प्रवीण श्रीनिवास ने प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग की सराहना करते हुए कहा कि कॉलेज भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा, ताकि हजारीबाग डेंटल कॉलेज शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित करता रहे।

स्नातकोत्तर और स्नातक दोनों ही छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। व्यावहारिक सत्र संकाय सदस्यों डॉ. सौवीर मोहन पांडे (विभागाध्यक्ष), डॉ. दया शंकर, डॉ. श्रेया मुखर्जी और डॉ. नंदिता बिस्वास के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिससे प्रभावी पर्यवेक्षण और शिक्षण सुनिश्चित हुआ। इस कार्यक्रम का संचालन स्नातकोत्तर छात्रों डॉ. ऋत्विक, डॉ. अंकिता कुमारी, डॉ. शौविक, डॉ. सौरभ, डॉ. अंकिता और डॉ. हर्षिता ने उत्साहपूर्वक किया, जिन्होंने कार्यक्रम के सुचारू आयोजन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीडीई कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और सभी प्रतिभागियों ने इसकी सराहना की। यह उन्नत और सौंदर्यपूर्ण दंत चिकित्सा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

यूपी दिवस पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में बहेगी संस्कृति और सुरों की सरिता, लोक कलाओं से सजेगा मंच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर राजधानी स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में प्रदेश की विकास यात्रा की झलक के साथ गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सुरमयी धारा बहेगी। संस्कृति विभाग द्वारा यूपी दिवस को भव्य और यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रमों में गांव से लेकर मंडल स्तर तक चयनित कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अनूठा अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक आयोजनों में प्रदेश की विलुप्त होती लोक कलाओं, पारंपरिक नृत्य-नाट्य और प्राचीन वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। विभिन्न संगीत घरानों के कलाकार शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और लोक संगीत के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे।

* लोक कला और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच : जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार यूपी दिवस को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता “हमारी संस्कृति–हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) के माध्यम से प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस बहुस्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के मूल निवासी किशोर (14 से 20 वर्ष) और युवा (21 से 25 वर्ष) कलाकारों को गायन, वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकनाट्य, सुगम संगीत, जनजातीय व लोक वाद्ययंत्र तथा काव्य पाठ जैसी विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। चयनित प्रतिभागियों को 24 से 26 जनवरी 2026 के बीच राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल, लखनऊ में सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

* संस्कृति उत्सव से विरासत को नई पहचान

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के माध्यम से प्रदेश की लोक और शास्त्रीय कलाओं को सशक्त मंच प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग का यह प्रयास न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

यूपी दिवस के अवसर पर होने वाले ये सांस्कृतिक आयोजन उत्तर प्रदेश की लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
अतिक्रमण नोटिस से नाराज विधायक अरविंद पांडे, दिग्गज भाजपा नेताओं की मुलाकात से नए सियासी समीकरणों की अटकलें तेज
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के कद्दावर नेता, गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे इन दिनों भूमि अतिक्रमण विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। बाजपुर क्षेत्र के विचपुरी गांव की 68 वर्षीय महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्रशासन की ओर से उनके आवास स्थित कथित कैंप कार्यालय पर अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई से अरविंद पांडे खासे नाराज बताए जा रहे हैं, जबकि उनके समर्थकों में भी भारी आक्रोश है।

महिला ने उपजिलाधिकारी को दी शिकायत में अरविंद पांडे पर लीज से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं अरविंद पांडे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसी बीच उनके आवास पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा होने से मामला और तूल पकड़ गया है।

राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई जब भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक और डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल—की अरविंद पांडे से मुलाकात की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के बाद तय हुई है और लगभग एक घंटे तक चल सकती है। त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा अपने कार्यक्रम को सार्वजनिक किए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात सामान्य नहीं है। एक धड़ा इसे पार्टी के भीतर नाराज चल रहे विधायक को साधने की कोशिश मान रहा है, तो वहीं कुछ इसे धामी सरकार पर दबाव और संभावित गुटबाजी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। बीते महीनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड, किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या और अन्य मामलों को लेकर अरविंद पांडे सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते नजर आए हैं और कई मुद्दों पर सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही राजस्व विभाग ने भूमि अतिक्रमण के मामले में अरविंद पांडे को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि प्रशासन इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा है।

अरविंद पांडे उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में शुमार हैं। वर्ष 1997 में वह सबसे कम उम्र के नगर पालिका अध्यक्ष बने थे और अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। त्रिवेंद्र रावत सरकार में वह शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2022 में लगातार पांचवीं बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें धामी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जिसके बाद से उनकी नाराजगी की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

अब सवाल यह है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं की यह प्रस्तावित मुलाकात केवल संगठनात्मक संवाद तक सीमित रहेगी या उत्तराखंड की राजनीति में किसी नए सियासी समीकरण की नींव रखेगी—इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
आजमगढ़: बुद्ध ज्योति संघ की बैठक 24 को, रविदास जयंती मनाये जाने पर बनेगी रणनीति
आजमगढ़। बुद्ध ज्योति संघ के तत्वावधान में 24 जनवरी को शाम तीन बजे से आतापुर जनईगंज बाजार स्थित डाक्टर भीमराव अम्बेडकर पुस्तकालय हाल में एक बैठक आहूत किया गया है। जिसमें संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती मनाये जाने पर चर्चा किया जायेगा।संघ के कोषाध्यक्ष शेर बहादुर त्यागी ने संघ के कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों से बैठक में भाग लेने की अपील किया है।
सदर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया

ट्रैक्टर-ट्रालियों में रिफ्लेक्टिव टेप लगवायें

फर्रुखाबाद l सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सत्येन्द्र कुमार द्वारा ब्लॉक बढ़पुर में ग्राम प्रधानों तथा पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में 23 ग्राम प्रधानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। शासन के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह के तहत  परिवहन आयुक्त द्वारा पंचायती राज विभाग की ब्लॉक स्तर पर ग्राम प्रधानों की बैठक आहूत किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधानों को ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के अन्तर्गत उस ग्राम का सड़क सुरक्षा अग्रदूत घोषित किया जाये। इस दौरान ब्लॉक बढ़पुर में बैठक आयोजित की गई।
एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत के द्वारा अवगत कराया गया कि यातायात पुलिस से प्राप्त सूचना के अनुसार माह दिसम्बर 2025 तक जनपद फर्रूखाबाद में 490 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई हैं जिनमें 284 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है जबकि दिसम्बर 2024 तक जनपद में 390 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई थीं, जिनमें 213 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। इस प्रकार वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या में 25.64 प्रतिशत तथा मृतकों की संख्या में 33.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यातायात कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्ष 2025 में माह दिसम्बर तक हिट एण्ड रन की 109 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 89 व्यक्तियों की मृत्यु हुई हैं तथा 81 व्यक्ति घायल हुये हैं। वर्ष 2024 में हिट एण्ड रन की 66 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 43 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी तथा 28 व्यक्ति घायल हुये थे। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 42481 चालान किये गये हैं तथा 187 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 18.92 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 4155 चालान किये गये हैं l 1018 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 219.33 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देश पर जनपद में वर्ष 2025 में 265 ड्राइविंग लाइसेन्स निलम्बित किये गये हैं।

जनपद में 19 दिसंबर 2025 से 17 जनवरी 2026 तक ‘‘ नो हेल्मेट नो पेट्रोल ’’ का अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया गया कि वह अपने ग्राम में सड़क सुरक्षा की बैठक आहूत करें तथा सभी ग्रामीणों प्रेरित करें  कि  किसी भी स्थिति में यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग ना करें , वाहन के प्रपत्र पूर्ण रखें, नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें, अपनी गति को नियंत्रण में रखें तथा यातायात नियमों का पालन करें।  सभी चालक गाड़ी पर यदि अपने सामने अपने परिवार की फोटो लगाकर रखेंगे तो उन्हें याद रहेगा कि उन्हें  सकुशल घर पहुंचना है तब वह जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएंगे । सभी सुरक्षित रहें यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने जनपद को दुर्घटना रहित जनपद बनाएं।
सभी ग्राम प्रधानों से यह भी अनुरोध किया गया कि ट्रैक्टर-ट्राली में रिफ्लेक्टर अवश्य लगवायें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। एआरटीओ द्वारा राह-वीर योजना की जानकारी देते हुये बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 21 अप्रैल 2025 से राह-वीर योजना प्रारम्भ की गयी है, जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के अन्तर्गत घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के उपरान्त एक घण्टे (गोल्डन ऑवर)  के अन्दर अस्पताल पहंुचाने से घायल के जीवित रहने पर 25000/- रुपए के पुरस्कार का प्राविधान है। घातक दुर्घटना में बड़ी सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन अस्पताल में रहना, मस्तिष्क की चोट रीढ़ की हड्डी की चोट एवं इलाज के दौरान घायल की मौत सम्मिलित है। राहवीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि हिट एण्ड रन मोटर दुर्घटना के पीड़ितों के लिये मुआवजा योजना-2022 केे अन्तर्गत अज्ञात वाहन से घटित सड़क दुर्घटना में मृत्यु की दशा में 2.00 लाख रुपए तथा गम्भीर रूप से घायल होने की दशा में 50 हजार रुपए के मुआवजा का प्राविधान है। मुआवजा प्राप्ति हेतु प्रारूप-1 में आवेदन पत्र दुर्घटना स्थल के उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष मृतक के वारिस अथवा गम्भीर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, आवेदन पत्र के साथ दावाकर्ता की आधार कार्ड की प्रति, बैक खाता पासबुक की प्रति, एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति/इलाज के साक्ष्य तथा प्रारूप-4 में वचनबन्ध संलग्न किया जायेगा। आवेदन में उस अस्पताल/चिकित्साधिकारी का नाम लिखा जायेगा, जिसने क्षतिग्रस्त/मृत व्यक्ति की देखभाल की। इसके साथ ही दावाकर्ता का नाम व पता आदि आवेदन पत्र में भरा जायेगा।
कार्यक्रम समापन पर सभी को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलायी गई।
प्रमोद राठी के निर्विरोध निर्वाचन पर जश्न, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मिठाई खिलाकर दी बधाई
भूमि विकास बैंक सदर के चेयरमेन पद पर प्रमोद राठी के निर्विरोध निर्वाचन पर भव्य स्वागत

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भूमि विकास बैंक सदर के चेयरमेन पद पर प्रमोद राठी के निर्विरोध निर्वाचित होने पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और हर्षोल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने आवास पर प्रमोद राठी का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि प्रमोद राठी का निर्विरोध निर्वाचन उनकी सादगी, जनसेवा के प्रति समर्पण, संगठनात्मक क्षमता और किसानों के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रमोद त्यागी भूमि विकास बैंक सदर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ-साथ किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और बैंक से जुड़े लाभार्थियों के हितों की रक्षा करते हुए प्रभावी योजनाओं को धरातल पर उतारेंगे।
मंत्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि भूमि विकास बैंक किसानों की आर्थिक मजबूती की रीढ़ है और इसके माध्यम से कृषि विकास, ग्रामीण उत्थान तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। प्रमोद राठी के नेतृत्व में बैंक और अधिक पारदर्शी, सशक्त और किसान-हितैषी बनेगा।
इस खुशी के अवसर पर समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ नवनिर्वाचित चेयरमेन का भव्य स्वागत किया गया। आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया गया और पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने पुष्पमालाएँ पहनाकर प्रमोद त्यागी का अभिनंदन किया तथा एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर अपनी प्रसन्नता साझा की।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, बैंक से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, किसान प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रमोद राठी को उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आशा जताई कि उनके कार्यकाल में भूमि विकास बैंक सदर किसानों की समस्याओं के समाधान, ऋण सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
नवनिर्वाचित चेयरमेन प्रमोद राठी ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो विश्वास उन्हें दिया गया है, उस पर वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे तथा किसानों और बैंक से जुड़े हर वर्ग के हित में कार्य करेंगे।
दावोस में झारखंड का धमाका: 'क्रिटिकल मिनरल्स' का ग्लोबल हब बनेगा राज्य, मुख्यमंत्री ने पेश किया विजन-2050

दावोस / रांची, 22 जनवरी 2026: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान 'जिम्मेदार खनिज केंद्र' के रूप में रखी है। इंडिया पवेलियन में आयोजित उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने “झारखंड की क्रिटिकल मिनरल्स अवसर: भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक” विषय पर अपनी दूरगामी रणनीति साझा की।

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खनिज भंडार में झारखंड का एकाधिकार

बैठक में सचिव अरवा राजकमल ने रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में से 20 अकेले झारखंड में उपलब्ध हैं। यह स्थिति झारखंड को भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के केंद्र में स्थापित करती है।

सिर्फ खनन नहीं, अब होगा 'मूल्य सृजन' (Value Creation)

झारखंड सरकार अब खनिजों के केवल उत्खनन तक सीमित नहीं रहेगी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

प्रसंस्करण और विनिर्माण: कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और रिफाइनरी की स्थापना।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्लस्टर: बैटरी निर्माण, मैग्नेट और एडवांस्ड मैटीरियल्स के लिए एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर का विकास।

सस्टेनेबल माइनिंग: पर्यावरण (ESG) मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार खनन।

वैश्विक दिग्गजों ने क्या कहा?

जयंत सिन्हा (एवरसोर्स कैपिटल): उन्होंने स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) को रोजगार सृजन के लिए अनिवार्य बताया।

मार्टिन (जर्मन विशेषज्ञ): उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोपीय संघ क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत और झारखंड को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।

डॉ. मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि): उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया।

नीतिगत ढांचा और निवेश का भरोसा

खनन निदेशक राहुल सिन्हा और जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने निवेशकों को एक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का आश्वासन दिया। वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने बैठक का समापन करते हुए 'ब्राउनफील्ड माइनिंग' परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, ताकि मौजूदा खदानों के विस्तार से त्वरित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

फिल्म और 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन

इस अवसर पर झारखंड की खनिज क्षमता को दर्शाती एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और 'क्रिटिकल मिनरल्स इन झारखंड' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ, जो राज्य की नई खनिज नीति और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखती है।

ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती किसानों के मसीहा थे-केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़।ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंदद इ सरस्वती सेवा न्यास व महाराज सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय , यूनिवर्सिटी ऑफ़
एग्डर,नॉर्वे, स्वदेशी शोध संस्थान व इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमर कंटक , रूहुना विश्वविद्यालय श्रीलंका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का दो दिवसीय आयोजन हरिऔध कला भवन में किया गया। जिसका विषय ‘’पूर्ण रोजगारयुक्त भारत के लिए शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका’’ थी, जिसकी अध्यक्षता अनन्त विभूषित जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी अनंतानंद सरस्वती,राजगुरु मठ पीठाधीश्वर काशी ने किया |

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ सुनील डबास, अखिल भारतीय संगठक स्वदेशी जागरण मंच कश्मीरी लालजी,कुलपति बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रो.राज कुमार मित्तल ,कुलपति महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ व आयोजक प्रो. सजीव कुमार , टेक्नोक्रेट और नीति निर्माता डॉ ओंकार राय उपस्थित रहे।
   
      कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, स्वदेशी उपयोग और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है और लोगों में राष्ट्रीय गर्व की भावना को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, विश्वविद्यालयों की स्थापना और “एक जनपद — एक उत्पाद” जैसी योजनाओं से प्रदेश और देश की प्रगति में तेजी आई है। उन्होंने युवाओं को 2047 के लक्ष्य में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सहजानंद राय की प्रशंसा करते हुए कहा की स्वामी जी के नाम से न्यास बनाकर इतना बड़ा कार्य कर उनकी सोच को जीवंत करने का सराहनीय कार्य किया है |

ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास के अध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि ब्रम्हर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती जी संन्यास को समाज-सेवा से जोड़ा और जीवनभर किसानों, श्रमिकों और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।वे भारत में किसान आन्दोलन के जनक थे।वह कहते थे जब तक किसान शोषण से मुक्त नहीं होगा, देश सच्चे अर्थों में स्वतंत्र नहीं हो सकता।उन्होंने संन्यास को पलायन नहीं, बल्कि समाज-सेवा का माध्यम माना।  स्वामी जी कहते थे कि सच्चा साधु वही है जो दुखी और शोषित के साथ खड़ा हो।ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुखर आवाज़ थे।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जब केंद्र और प्रदेश में आई है तब युवाओं के लिए  रोज़गार मेले और नियुक्तियाँ अधिक आयोजित की जा रही हैं।स्टार्टअप्स और उद्यमिता को आर्थिक सहायता मिल रही है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार जारी है। अन्नदाता किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि और किसको की आय कैसे दोगुना हो सके लगता इस पर कम कर रही है। नारीशक्ति और कैसे शसक्त और मजबूत हो सके इस पर भी बल दे रही है।कार्यक्रम में जिले युवा उद्यमियों,अन्नदाता किसान,शिक्षकों,खिलाड़ियों, नारी शासक्तिकरण को मजबूत करने वाली महिलाओं और कलाकारों का सम्मान किया गया।

       इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन न्यास के सचिव अवनीश राय मानस,निवर्तमान जिला अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव , प्रवीण सिंह, परितोष राय, डॉ प्रशांत राय, आशीष सिंह,मयंक श्रीवास्तव, ऋषभ सिंह, आनंद मिश्रा, अरविंद चित्रांश, आलोक, सौरभ सिंह श्रीनेत , अमन श्रीवास्तव आयोजन समिति सदस्य सहित सैकड़ो प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे॥
नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती पर विद्यालय में प्रतियोगिताओं का आयोजन
तुलसीपुर स्थित आदि शक्ति माँ पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती के अवसर पर दिनांक 22 जनवरी 2026 को निबंध प्रतियोगिता एवं भाषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के माननीय प्रधानाचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को एक प्रेरणादायक संबोधन दिया।

प्रधानाचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन, संघर्ष, अदम्य साहस, देशभक्ति एवं नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नेताजी के आदर्शों—अनुशासन, त्याग, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण—को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर प्रधानाचार्य महोदय एवं सभी शिक्षकों द्वारा माल्यार्पण के साथ की गई। इसके पश्चात विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों के लिए भाषण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में कक्षा 3 से 5, कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों ने अपनी लेखन क्षमता और विचारों की स्पष्टता से सभी को प्रभावित किया। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम सहयोगी के रूप में श्री सुजीत शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि कार्यक्रम समन्वयक के रूप में  आनंद वर्धन सिंह ने कार्यक्रम का सुचारु संचालन किया।

अंत में प्रधानाचार्य  ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और नेतृत्व गुणों के विकास में सहायक होते हैं।
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव की मांग के मद्देनजर अधिवक्ताओं का अनशन शुरु
बृहस्पतिवार 23 जनवरी को प्रकाशित होगी बार एसोसिएशन की मतदाता सूची

गोंडा।जिला बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव क़ वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा टाले जाने के विरोध में बार एसोसिएशन के मुख्य द्वार पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आमरण अनशन शुरु कर दिया है।बताते चलें कि बार एसोसिएशन के वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव को टाले जाने तथा कार्यकाल बढ़ाए जाने से अधिकांश अधिवक्ता कई दिनों से नाराज चल रहे थे परन्तु उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के दृष्टिगत अधिवक्ता शांत थे परन्तु बुधवार शाम जैसे ही बार काउंसिल चुनाव के लिए जिले में मतदान समाप्त हुआ उसके तत्काल बाद जिला बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की मांग ने एक बार पुनः जोर पकड़ लिया।जिसके बाद बृहस्पतिवार को सुबह अधिवक्ताओं ने चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन को पत्र सौंपा और उसके बाद आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया।

अधिवक्ताओं द्वारा आमरण अनशन प्रारंभ किये जाने के बाद जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक बार एसोसिएशन में आयोजित की गई और आगामी बार एसोसिएशन चुनाव के मद्देनजर मतदाता सूची के प्रकाशन की घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 27 जनवरी तक अपनी आपत्ति प्रस्तुत करें,जिसके बाद 28 जनवरी को मतदाता सूची एल्डर कमेटी को सौंपकर आगामी चुनाव की तिथि निर्धारित किया जा सके।जिसके बाद आमरण अनशन पर बैठे अधिवक्ताओं ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
हजारीबाग डेंटल काॅलेज में विश्व प्रोस्थोडॉन्टिक्स दिवस पर सतत दंत शिक्षा पर व्यावहारिक कार्यक्रम का हुआ सफलतापूर्वक आयोजन

हजारीबाग काॅलेज ऑफ डेंटल साइंसेस एंड होस्पिटल में विश्व प्रोस्थोडॉन्टिक्स दिवस के अवसर पर प्रोस्थोडॉन्टिक्स और क्राउन एंड ब्रिज विभाग ने वेनीर्स और लैमिनेट्स पर एक सतत दंत शिक्षा (सीडीई) व्यावहारिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम प्रधानाचार्य डॉ. के. श्री कृष्णा और उप-प्रधानाचार्य डॉ. अंकुर भार्गव के बहुमूल्य सहयोग और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिनके प्रोत्साहन ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शैक्षणिक सत्र अतिथि वक्ता डॉ. प्रेम भूषण की उपस्थिति से समृद्ध हुआ। जिन्होंने वेनीर्स और लैमिनेट्स की समकालीन अवधारणाओं और नैदानिक ​​अनुप्रयोगों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। सत्र के बाद व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए मॉडलों पर अभ्यास किया। 

मौके पर हजारीबाग डेंटल काॅलेज के सचिव डाॅ प्रवीण श्रीनिवास ने प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग की सराहना करते हुए कहा कि कॉलेज भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा, ताकि हजारीबाग डेंटल कॉलेज शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित करता रहे।

स्नातकोत्तर और स्नातक दोनों ही छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। व्यावहारिक सत्र संकाय सदस्यों डॉ. सौवीर मोहन पांडे (विभागाध्यक्ष), डॉ. दया शंकर, डॉ. श्रेया मुखर्जी और डॉ. नंदिता बिस्वास के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिससे प्रभावी पर्यवेक्षण और शिक्षण सुनिश्चित हुआ। इस कार्यक्रम का संचालन स्नातकोत्तर छात्रों डॉ. ऋत्विक, डॉ. अंकिता कुमारी, डॉ. शौविक, डॉ. सौरभ, डॉ. अंकिता और डॉ. हर्षिता ने उत्साहपूर्वक किया, जिन्होंने कार्यक्रम के सुचारू आयोजन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीडीई कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और सभी प्रतिभागियों ने इसकी सराहना की। यह उन्नत और सौंदर्यपूर्ण दंत चिकित्सा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

यूपी दिवस पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में बहेगी संस्कृति और सुरों की सरिता, लोक कलाओं से सजेगा मंच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर राजधानी स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में प्रदेश की विकास यात्रा की झलक के साथ गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सुरमयी धारा बहेगी। संस्कृति विभाग द्वारा यूपी दिवस को भव्य और यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रमों में गांव से लेकर मंडल स्तर तक चयनित कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अनूठा अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक आयोजनों में प्रदेश की विलुप्त होती लोक कलाओं, पारंपरिक नृत्य-नाट्य और प्राचीन वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। विभिन्न संगीत घरानों के कलाकार शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और लोक संगीत के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे।

* लोक कला और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच : जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार यूपी दिवस को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता “हमारी संस्कृति–हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) के माध्यम से प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस बहुस्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के मूल निवासी किशोर (14 से 20 वर्ष) और युवा (21 से 25 वर्ष) कलाकारों को गायन, वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकनाट्य, सुगम संगीत, जनजातीय व लोक वाद्ययंत्र तथा काव्य पाठ जैसी विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। चयनित प्रतिभागियों को 24 से 26 जनवरी 2026 के बीच राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल, लखनऊ में सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

* संस्कृति उत्सव से विरासत को नई पहचान

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के माध्यम से प्रदेश की लोक और शास्त्रीय कलाओं को सशक्त मंच प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग का यह प्रयास न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

यूपी दिवस के अवसर पर होने वाले ये सांस्कृतिक आयोजन उत्तर प्रदेश की लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
अतिक्रमण नोटिस से नाराज विधायक अरविंद पांडे, दिग्गज भाजपा नेताओं की मुलाकात से नए सियासी समीकरणों की अटकलें तेज
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के कद्दावर नेता, गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे इन दिनों भूमि अतिक्रमण विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। बाजपुर क्षेत्र के विचपुरी गांव की 68 वर्षीय महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्रशासन की ओर से उनके आवास स्थित कथित कैंप कार्यालय पर अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई से अरविंद पांडे खासे नाराज बताए जा रहे हैं, जबकि उनके समर्थकों में भी भारी आक्रोश है।

महिला ने उपजिलाधिकारी को दी शिकायत में अरविंद पांडे पर लीज से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं अरविंद पांडे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसी बीच उनके आवास पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा होने से मामला और तूल पकड़ गया है।

राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई जब भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक और डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल—की अरविंद पांडे से मुलाकात की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के बाद तय हुई है और लगभग एक घंटे तक चल सकती है। त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा अपने कार्यक्रम को सार्वजनिक किए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात सामान्य नहीं है। एक धड़ा इसे पार्टी के भीतर नाराज चल रहे विधायक को साधने की कोशिश मान रहा है, तो वहीं कुछ इसे धामी सरकार पर दबाव और संभावित गुटबाजी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। बीते महीनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड, किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या और अन्य मामलों को लेकर अरविंद पांडे सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते नजर आए हैं और कई मुद्दों पर सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही राजस्व विभाग ने भूमि अतिक्रमण के मामले में अरविंद पांडे को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि प्रशासन इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा है।

अरविंद पांडे उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में शुमार हैं। वर्ष 1997 में वह सबसे कम उम्र के नगर पालिका अध्यक्ष बने थे और अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। त्रिवेंद्र रावत सरकार में वह शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2022 में लगातार पांचवीं बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें धामी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जिसके बाद से उनकी नाराजगी की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

अब सवाल यह है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं की यह प्रस्तावित मुलाकात केवल संगठनात्मक संवाद तक सीमित रहेगी या उत्तराखंड की राजनीति में किसी नए सियासी समीकरण की नींव रखेगी—इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।