भारत विकास परिषद् मैन शाखा मुजफ्फरनगर का 39 वां दायित्व बोध समारोह का आयोजन किया गया।
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद् मैन शाखा मुजफ्फरनगर का 39वां दायित्व बोध समारोह एक वेंकट हॉल में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, वंदे मातरम् गीत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय पदाधिकारी अनुराग दुबलिश, सरल माधव, आलोक भटनागर, मुकेश चन्द्र गुप्ता एवं प्रवीण गुप्ता उपस्थित रहे।
समारोह में भारत विकास परिषद् मैन शाखा मुजफ्फरनगर को “सर्वश्रेष्ठ शाखा” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अध्यक्ष संजय मिश्रा की टीम — नवनीत गुप्ता, नीरज सिंघल एवं डॉ. अंजलि गर्ग को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में राजीव त्रीखा द्वारा बहुत ही सुंदर गीत प्रस्तुति दी गई। साथ ही नए सदस्यों एवं दायित्व धारियों का शपथ ग्रहण एवं स्वागत समारोह भी सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर नए दायित्व धारियों में के.पी. राठी, पुरुषोत्तम सिंघल, डॉ. अंजलि गर्ग, सुनीता शाह, ओ.डी. शर्मा, प्रीति वर्धन शर्मा, बृजेश आत्रेय, ब्रजमोहन शर्मा, मनीष गर्ग, विनीत गुप्ता, अरुण मित्तल एवं अनिल शर्मा सहित सभी शाखाओं के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संजय मिश्रा, हर्षवर्धन जैन एवं अशोक सिंघल द्वारा सभी अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।

अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान किया गया तथा तत्पश्चात सभी ने सहभोज ग्रहण किया।
राजधानी में अवैध वकील चैंबरों पर चला बुलडोजर, विरोध में हंगामा, पुलिस ने लाठी फटकार कर खदेड़ा
लखनऊ । राजधानी में रविवार सुबह हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध वकील चैंबरों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन देखने को मिला। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी क्षेत्र के आसपास बने अवैध चैंबरों को ध्वस्त करना शुरू किया, जिसके बाद मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।

कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में वकील सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई जगह पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठियां फटकार दीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

हंगामे के बीच एक वकील ने खुद को अपने चैंबर में बंद कर लिया और कार्रवाई का विरोध करते हुए आत्महत्या की कोशिश की। वकील का आरोप था कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और सीधे चैंबर तोड़े जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन, चकबस्त चौराहा, सदर तहसील, निबंधन कार्यालय और जिला सत्र न्यायालय के आसपास बने करीब 240 अवैध चैंबर हटाने के निर्देश दिए थे। नगर निगम ने पहले नोटिस चस्पा कर अधिवक्ताओं को स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय दिया था, लेकिन तय अवधि बीतने के बाद भी कब्जे नहीं हटाए गए।

प्रशासन को विरोध की आशंका पहले से थी, इसलिए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई थी। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सड़क, फुटपाथ और नाले-नालियों पर कब्जा कर बनाए गए चैंबर और दुकानें लंबे समय से यातायात और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। इससे पहले भी पिछले वर्ष अक्टूबर में प्रशासन ने कई अवैध चैंबर हटाए थे, लेकिन बाद में फिर कब्जे कर निर्माण कर लिया गया था।
प्यास बुझाने की कीमत बनी हैवानियत, दलित किशोर को जूते में पानी पिलाकर बेरहमी से पीटा
कानपुर । कानपुर के सचेंडी इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्यास से परेशान एक दलित किशोर को ऊंची जाति के युवक की बाल्टी से पानी पीना इतना भारी पड़ गया कि उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले किशोर को निर्वस्त्र किया, फिर बेरहमी से पीटा और जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
पीड़ित के पिता के मुताबिक घटना 2 मई की रात की है। उनका 16 वर्षीय बेटा खेत पर काम कर रहा था। प्यास लगने पर वह पास में रखी सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा और वहां रखी बाल्टी से पानी पी लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के संजय राजपूत, उसके भाई दीपक और दो अन्य युवक सागर व पटिया वहां पहुंच गए।
परिजनों का आरोप है कि चारों ने किशोर को जातिसूचक गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट में किशोर का हाथ टूट गया। आरोपियों ने जूते पर थूककर उसे चटवाया और फिर उसी जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
मनोज पंड्या की नई पहल ‘गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट’ देगी कलाकारों को ग्लोबल पहचान


भारत हमेशा से प्रतिभाओं की भूमि रहा है। यहाँ हर शहर, हर कस्बे और हर गाँव में कोई न कोई कलाकार अपने सपनों को सच करने की कोशिश में लगा हुआ है। कोई अपनी आवाज़ से लोगों के दिल जीतना चाहता है, कोई अभिनय के माध्यम से पहचान बनाना चाहता है, तो कोई डांस और कॉमेडी के जरिए दुनिया में अपनी अलग जगह बनाना चाहता है। लेकिन कई बार सही मंच और सही मार्गदर्शन के अभाव में ऐसी प्रतिभाएँ भीड़ में कहीं खो जाती हैं। इसी सोच के साथ “गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट” (GIFT Studios Entertainment) एक नई उम्मीद और नए अवसरों के साथ सामने आया है।

ग्रेट इंडिया फिल्म टेलीविज़न (Great India Film Television) की इस नई पहल का उद्देश्य केवल कलाकारों को काम देना नहीं, बल्कि उन्हें एक नई पहचान दिलाना है। फिल्म, टेलीविज़न, वेब सीरीज़, म्यूज़िक वीडियो, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता और गुणवत्ता के लिए जाना जाने वाला गिफ्ट अब भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर की नई प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बनने जा रहा है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की स्थापना इंडस्ट्री के अनुभवी और सम्मानित व्यक्तित्व मनोज पंड्या द्वारा की गई है। भारतीय फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री में उनका 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी और फिर डायरेक्टर तथा प्रोड्यूसर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। इस लंबे सफर में उन्होंने अनेक फिल्मों, टीवी सीरियल्स, विज्ञापनों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनका अनुभव और रचनात्मक सोच ही गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

मनोज पंड्या का मानना है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर कलाकारों को सही दिशा, सही मंच और इंडस्ट्री की समझ नहीं मिल पाती। यही वजह है कि गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट कलाकारों को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल ट्रेनिंग, क्रिएटिव गाइडेंस और इंडस्ट्री एक्सपोज़र भी प्रदान करेगा। कंपनी का उद्देश्य नए कलाकारों को इस तरह तैयार करना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

आज के दौर में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स ने मनोरंजन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। OTT प्लेटफ़ॉर्म्स, सोशल मीडिया और ग्लोबल स्ट्रीमिंग नेटवर्क्स ने कलाकारों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। अब किसी कलाकार का सपना सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। अगर प्रतिभा और मेहनत हो, तो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुँचना संभव है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट इसी नई सोच और नए दौर के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह मंच उन सभी लोगों के लिए खुला है जिनके अंदर कुछ अलग करने का जुनून है। चाहे आप सिंगर हों, डांसर, अभिनेता, स्टैंड-अप कॉमेडियन या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर — गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना चाहता है। कंपनी का मानना है कि हर कलाकार के अंदर एक खास पहचान होती है, जिसे सही दिशा और सही मंच मिल जाए तो वह लाखों लोगों के दिलों तक पहुँच सकता है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट केवल एक एंटरटेनमेंट कंपनी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है। यह पहल उन युवाओं को आत्मविश्वास देने का काम करेगी जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन सही मौके के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। कंपनी का उद्देश्य ऐसे कलाकारों को मंच देना है जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

मनोरंजन उद्योग तेजी से बदल रहा है और दर्शक अब नए चेहरों और नई कहानियों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे समय में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मंच न केवल कलाकारों को अवसर देगा, बल्कि उन्हें एक प्रोफेशनल माहौल में काम करने का अनुभव भी प्रदान करेगा।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट का विज़न भारत की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है। कंपनी भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने की तैयारी कर रही है जो भारतीय संस्कृति, कला और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकें। इसके साथ ही कलाकारों को बड़े प्रोजेक्ट्स, प्रोफेशनल नेटवर्क और ग्लोबल ऑडियंस तक पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

आज जब पूरी दुनिया डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है, तब प्रतिभा को सीमाओं में बाँधना संभव नहीं है। ऐसे में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभर रहा है जो सपनों को सिर्फ दिखाता नहीं, बल्कि उन्हें सच करने का रास्ता भी देता है।

अगर आपके अंदर कला है, मेहनत है और कुछ बड़ा करने का सपना है, तो यह आपके लिए सही समय हो सकता है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक स्पष्ट संदेश दे रहा है — अब दुनिया आपकी प्रतिभा को देखेगी, सुनेगी और पहचानेगी।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट — जहाँ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें सच बनाया जाता है।

बोतल में पेट्रोल बेचना पड़ा महंगा: SDM की छापेमारी में 7 दुकानदार पकड़े गए, 5 दुकानें सील

गढ़वा और मझिआंव क्षेत्र में परचून और जनरल स्टोर की दुकानों में अवैध रूप से पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. अलग-अलग स्रोतों से मिल रही शिकायतों के आलोक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने कई दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की.

सात दुकानों में मिला अवैध पेट्रोल

इस औचक कार्रवाई के दौरान सात दुकानों में अवैध रूप से पेट्रोल का भंडारण और बोतलों में भरकर अधिक कीमतों पर बेचने की बात सामने आई है. एसडीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच दुकानों को मौके पर ही बंद (सील) करवा दिया गया, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की गई है.

इन दुकानदारों पर हुई कार्रवाई

जिन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनमें रामसागर राम, सुकृत मेहता, उमेश मेहता, सतीश कुमार पांडेय, राधाकृष्ण मेहता, सुभाष मेहता, प्रमोद प्रसाद केसरी का नाम शामिल हैं. जांच के दौरान पकड़े गए दुकानदारों ने जिन पेट्रोल पंपों से ईंधन की आपूर्ति होने की बात स्वीकार की है, प्रशासन अब उनपर भी शिकंजा कस रहा है.

खरीदारों पर भी होगी कार्रवाई

एसडीएम ने बताया कि संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों से शो-कॉज किया जा रहा है और इस पूरे रैकेट में उनकी भूमिका की जांच जारी है. इसके अलावा, क्षेत्र में इस अवैध धंधे पर रोक लगाने में लापरवाही बरतने के आरोप में अंचल पदाधिकारियों थाना प्रभारियों और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से भी जवाब-तलब किया जा रहा है. एसडीम संजय कुमार का कहना हैं कि परचून, कपड़ा दुकान या घरों में पेट्रोल रखना और बेचना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है. इसके लिए सिर्फ लाइसेंस धारी पेट्रोल पंप ही अधिकृत हैं. अवैध स्रोतों से पेट्रोल खरीदने वाले वाहन चालकों पर भी अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

आम लोगों से अपील

एसडीएम संजय कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति, अग्निकांड या संभावित दुर्घटना से बचने के लिए केवल अधिकृत पेट्रोल पंपों से ही ईंधन खरीदें. उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अगर उनके आसपास कहीं भी इस तरह अवैध रूप से बोतलों में पेट्रोल बेचा जा रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें जिससे कि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

मानसिक मंदित आश्रय गृह का तीन दिवसीय सोशल ऑडिट हुआ संपन्न

संभल । जनपद में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा अनुदानित सर्व हिताय संस्थान, मोहल्ला गणेश कॉलोनी चंदौसी में संचालित मानसिक मंदित आश्रय गृह सह-प्रशिक्षण केन्द्र का सोशल आडिट जिलाधिकारी महोदय, सम्भल द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम द्वारा किया गया.जिसमें अनुपमा सिंह, अध्यक्ष द्वारकाधीस प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति बनियाखेड़ा की अध्य्क्षयता में टीम के सदस्य सुरेन्द्र पाल- ब्लाक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर बनियाखेड़ा, संगीता भार्गव- सोशल वर्कर, पिंकी- सोशल आडिट टीम सदस्य, ज्योति- बैंक सखी ने संस्था द्वारा वर्ष 2025-26 में प्राप्त अनुदान का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हुआ है या नहीं व लाभार्थियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो रहा है या नहीं तथा अभिलेखों एवं वित्तीय विवरणों की सत्यता एवं पारदर्शिता एवं संस्था द्वारा कराये जा रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन जैसे बिन्दुओं पर किया गया।

संगीता भार्गव द्वारा पाया गया कि केन्द्र का संचालन किराये के भवन में किया जा रहा है। जो संवासी के लिये सुविधाजनक है। केन्द्र में निवासरत संवासियों के नाश्ता भोजन के सम्बन्ध में पाया गया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन सभी संवारियों को प्रतिदिन सुबह शाम निर्धारित समय पर दिया जाता है। मेन्यू किचेन की दीवार पर लगा हुआ पाया गया। भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण कुछ संवासियों से पूछकर किया गया जो कि सन्तोषजनक बताया गया रसोईघर के निरीक्षण में आवश्यक उपकरण एवं हरी सब्जिया, चीनी, मसाले, दालें व राशन आदि उपलब्ध पाये गये। पूछने पर रसोईया द्वारा अवगत कराया गया कि समस्त निवासरत सवासियों को प्रतिदिन निर्धारित मेन्यू के आधार पर ताजा गर्म व शुद्ध भोजन दिया जाता है।

निवासरत संवासियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, मनोरंजन भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मौके पर 01 कार्यालय, 03 हाल बेडरूम, 01 स्टाफ रूम,  01 रसोईघर, 03 बाथरूम 04 शौचालय एवं साफ-सफाई आदि का निरीक्षण किया गया जो कि सन्तोषजनक पाया गया। संवासियों के संवासियों के घूमने हेतु बड़ा आँगन भी है। संस्था समन्वयक को सुझाव किया गया कि संस्था मे नियमित साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है पानी की टंकी के पास समय-समय पर चूने का प्रयोग किया जाय व इस व्यवस्था को निरतंर जारी रखा जाये। केन्द्र में बायोमैट्रिक, एल०ई०डी०टी०वी०, डिश कनेक्शन, आर०ओ० वाटर प्यूरीफायर, वाशिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध है और फर्स्ट एण्ड बाक्स, अग्निशमन यंत्र, सी०सी०टी०वी० कैमरे, फ्रिज, इन्वर्टर एवं वाशिंग मशीन भी लगे पाए गए। संवासियों के शयन कक्षों का निरीक्षण किया गया जिसमें शयन कक्ष हवादार व प्रकाश युक्त तथा प्रत्येक संवासी के लिए आवश्यक फर्नीचर, तख्त, बिस्तर गद्दे तकिया व चादर की व्यवस्था होने के अतिरिक्त बिजली-पंखे, कूलर चालू हालत में पाये गये। संवासियों के लिए उचित  व्यवस्था पायी गयी।

संगीता भार्गव ने  निर्देशित किया physiotherapist  को दिन मे बुलाया जाए.  तिरपाल. आदि की जरूरत है...अभिलेखों के निरीक्षण में यह पाया गया कि संस्था सोसायटी एक्ट व दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत है। संस्था राज्य मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के अंतर्गत पंजीकृत है। संस्था में कार्यरत उपस्थित कार्मिको संवासियों की उपस्थिति पंजिका आय व्यय पंजिका, बिल वाउचर, राशन पंजिका, अनुदान पंजिका, चिकित्सा पंजिका, स्टॉक पंजिका एवं विजिटर्स रजिस्टर आदि अभिलेख बने हुए है व अभिलेखों का रख रखाव भी अच्छा पाया गया। निरीक्षण में बताया गया कि सभी संवासियों के यू०डी०आई०डी० कार्ड बनबाने हेतु समय-समय पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग व मुख्य चिकित्सा कार्यालय के सहयोग से शत-प्रतिशत यू०डी०आई०डी० कार्ड बनबाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं ।
रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग, दो एसी कोच जलकर खाक; सभी 68 यात्री सुरक्षित

रतलाम (मध्य प्रदेश)। रविवार सुबह मध्य प्रदेश के रतलाम के पास त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ट्रेन के एसी कोच बी-1 में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते दूसरे कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि दोनों एसी कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

घटना के समय ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे स्टाफ और आरपीएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोच से धुआं उठते ही ट्रेन को तुरंत रोका गया और यात्रियों को तेजी से बाहर निकाला गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

हादसे के चलते रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट को लेकर जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल
* मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।
तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल

मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज

लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।

लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।

तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।

पटना के पटेल नगर रोड नंबर 2 के समीप “Bihar Sports Point” का भव्य उद्घाटन किया गया।





पटना के पटेल नगर रोड नंबर 2 के समीप “Bihar Sports Point” का भव्य उद्घाटन किया गया।

इस मौके पर सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ वीपी सिंह एवं दीघा विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव चौरसिया जी उपस्थित रहे।
अब खेलकूद से जुड़े सामानों के लिए आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां क्रिकेट, बैडमिंटन सहित कई स्पोर्ट्स के बेहतरीन और उम्दा क्वालिटी के सामान उचित कीमतों पर उपलब्ध हैं।
अगर आप क्रिकेट के शौकीन हैं और अच्छे क्वालिटी के स्पोर्ट्स सामान खरीदना चाहते हैं तो एक बार जरूर विजिट करें वही दुकान के प्रोपराइटर ने बताया कि आने वाले समय में खिलाड़ियों से विचार विमर्श करके जरूर की वस्तु को लाया जाएगा ताकि किसी भी खिलाड़ी को एक ही छत के नीचे सब सामान मिल सके
भारत विकास परिषद् मैन शाखा मुजफ्फरनगर का 39 वां दायित्व बोध समारोह का आयोजन किया गया।
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद् मैन शाखा मुजफ्फरनगर का 39वां दायित्व बोध समारोह एक वेंकट हॉल में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, वंदे मातरम् गीत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय पदाधिकारी अनुराग दुबलिश, सरल माधव, आलोक भटनागर, मुकेश चन्द्र गुप्ता एवं प्रवीण गुप्ता उपस्थित रहे।
समारोह में भारत विकास परिषद् मैन शाखा मुजफ्फरनगर को “सर्वश्रेष्ठ शाखा” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अध्यक्ष संजय मिश्रा की टीम — नवनीत गुप्ता, नीरज सिंघल एवं डॉ. अंजलि गर्ग को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में राजीव त्रीखा द्वारा बहुत ही सुंदर गीत प्रस्तुति दी गई। साथ ही नए सदस्यों एवं दायित्व धारियों का शपथ ग्रहण एवं स्वागत समारोह भी सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर नए दायित्व धारियों में के.पी. राठी, पुरुषोत्तम सिंघल, डॉ. अंजलि गर्ग, सुनीता शाह, ओ.डी. शर्मा, प्रीति वर्धन शर्मा, बृजेश आत्रेय, ब्रजमोहन शर्मा, मनीष गर्ग, विनीत गुप्ता, अरुण मित्तल एवं अनिल शर्मा सहित सभी शाखाओं के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संजय मिश्रा, हर्षवर्धन जैन एवं अशोक सिंघल द्वारा सभी अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।

अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान किया गया तथा तत्पश्चात सभी ने सहभोज ग्रहण किया।
राजधानी में अवैध वकील चैंबरों पर चला बुलडोजर, विरोध में हंगामा, पुलिस ने लाठी फटकार कर खदेड़ा
लखनऊ । राजधानी में रविवार सुबह हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध वकील चैंबरों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन देखने को मिला। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी क्षेत्र के आसपास बने अवैध चैंबरों को ध्वस्त करना शुरू किया, जिसके बाद मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।

कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में वकील सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई जगह पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठियां फटकार दीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

हंगामे के बीच एक वकील ने खुद को अपने चैंबर में बंद कर लिया और कार्रवाई का विरोध करते हुए आत्महत्या की कोशिश की। वकील का आरोप था कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और सीधे चैंबर तोड़े जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन, चकबस्त चौराहा, सदर तहसील, निबंधन कार्यालय और जिला सत्र न्यायालय के आसपास बने करीब 240 अवैध चैंबर हटाने के निर्देश दिए थे। नगर निगम ने पहले नोटिस चस्पा कर अधिवक्ताओं को स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय दिया था, लेकिन तय अवधि बीतने के बाद भी कब्जे नहीं हटाए गए।

प्रशासन को विरोध की आशंका पहले से थी, इसलिए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई थी। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सड़क, फुटपाथ और नाले-नालियों पर कब्जा कर बनाए गए चैंबर और दुकानें लंबे समय से यातायात और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। इससे पहले भी पिछले वर्ष अक्टूबर में प्रशासन ने कई अवैध चैंबर हटाए थे, लेकिन बाद में फिर कब्जे कर निर्माण कर लिया गया था।
प्यास बुझाने की कीमत बनी हैवानियत, दलित किशोर को जूते में पानी पिलाकर बेरहमी से पीटा
कानपुर । कानपुर के सचेंडी इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्यास से परेशान एक दलित किशोर को ऊंची जाति के युवक की बाल्टी से पानी पीना इतना भारी पड़ गया कि उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले किशोर को निर्वस्त्र किया, फिर बेरहमी से पीटा और जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
पीड़ित के पिता के मुताबिक घटना 2 मई की रात की है। उनका 16 वर्षीय बेटा खेत पर काम कर रहा था। प्यास लगने पर वह पास में रखी सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा और वहां रखी बाल्टी से पानी पी लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के संजय राजपूत, उसके भाई दीपक और दो अन्य युवक सागर व पटिया वहां पहुंच गए।
परिजनों का आरोप है कि चारों ने किशोर को जातिसूचक गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट में किशोर का हाथ टूट गया। आरोपियों ने जूते पर थूककर उसे चटवाया और फिर उसी जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
मनोज पंड्या की नई पहल ‘गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट’ देगी कलाकारों को ग्लोबल पहचान


भारत हमेशा से प्रतिभाओं की भूमि रहा है। यहाँ हर शहर, हर कस्बे और हर गाँव में कोई न कोई कलाकार अपने सपनों को सच करने की कोशिश में लगा हुआ है। कोई अपनी आवाज़ से लोगों के दिल जीतना चाहता है, कोई अभिनय के माध्यम से पहचान बनाना चाहता है, तो कोई डांस और कॉमेडी के जरिए दुनिया में अपनी अलग जगह बनाना चाहता है। लेकिन कई बार सही मंच और सही मार्गदर्शन के अभाव में ऐसी प्रतिभाएँ भीड़ में कहीं खो जाती हैं। इसी सोच के साथ “गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट” (GIFT Studios Entertainment) एक नई उम्मीद और नए अवसरों के साथ सामने आया है।

ग्रेट इंडिया फिल्म टेलीविज़न (Great India Film Television) की इस नई पहल का उद्देश्य केवल कलाकारों को काम देना नहीं, बल्कि उन्हें एक नई पहचान दिलाना है। फिल्म, टेलीविज़न, वेब सीरीज़, म्यूज़िक वीडियो, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता और गुणवत्ता के लिए जाना जाने वाला गिफ्ट अब भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर की नई प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बनने जा रहा है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की स्थापना इंडस्ट्री के अनुभवी और सम्मानित व्यक्तित्व मनोज पंड्या द्वारा की गई है। भारतीय फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री में उनका 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी और फिर डायरेक्टर तथा प्रोड्यूसर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। इस लंबे सफर में उन्होंने अनेक फिल्मों, टीवी सीरियल्स, विज्ञापनों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनका अनुभव और रचनात्मक सोच ही गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

मनोज पंड्या का मानना है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर कलाकारों को सही दिशा, सही मंच और इंडस्ट्री की समझ नहीं मिल पाती। यही वजह है कि गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट कलाकारों को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल ट्रेनिंग, क्रिएटिव गाइडेंस और इंडस्ट्री एक्सपोज़र भी प्रदान करेगा। कंपनी का उद्देश्य नए कलाकारों को इस तरह तैयार करना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

आज के दौर में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स ने मनोरंजन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। OTT प्लेटफ़ॉर्म्स, सोशल मीडिया और ग्लोबल स्ट्रीमिंग नेटवर्क्स ने कलाकारों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। अब किसी कलाकार का सपना सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। अगर प्रतिभा और मेहनत हो, तो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुँचना संभव है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट इसी नई सोच और नए दौर के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह मंच उन सभी लोगों के लिए खुला है जिनके अंदर कुछ अलग करने का जुनून है। चाहे आप सिंगर हों, डांसर, अभिनेता, स्टैंड-अप कॉमेडियन या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर — गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना चाहता है। कंपनी का मानना है कि हर कलाकार के अंदर एक खास पहचान होती है, जिसे सही दिशा और सही मंच मिल जाए तो वह लाखों लोगों के दिलों तक पहुँच सकता है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट केवल एक एंटरटेनमेंट कंपनी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है। यह पहल उन युवाओं को आत्मविश्वास देने का काम करेगी जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन सही मौके के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। कंपनी का उद्देश्य ऐसे कलाकारों को मंच देना है जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

मनोरंजन उद्योग तेजी से बदल रहा है और दर्शक अब नए चेहरों और नई कहानियों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे समय में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मंच न केवल कलाकारों को अवसर देगा, बल्कि उन्हें एक प्रोफेशनल माहौल में काम करने का अनुभव भी प्रदान करेगा।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट का विज़न भारत की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है। कंपनी भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने की तैयारी कर रही है जो भारतीय संस्कृति, कला और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकें। इसके साथ ही कलाकारों को बड़े प्रोजेक्ट्स, प्रोफेशनल नेटवर्क और ग्लोबल ऑडियंस तक पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

आज जब पूरी दुनिया डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है, तब प्रतिभा को सीमाओं में बाँधना संभव नहीं है। ऐसे में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभर रहा है जो सपनों को सिर्फ दिखाता नहीं, बल्कि उन्हें सच करने का रास्ता भी देता है।

अगर आपके अंदर कला है, मेहनत है और कुछ बड़ा करने का सपना है, तो यह आपके लिए सही समय हो सकता है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक स्पष्ट संदेश दे रहा है — अब दुनिया आपकी प्रतिभा को देखेगी, सुनेगी और पहचानेगी।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट — जहाँ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें सच बनाया जाता है।

बोतल में पेट्रोल बेचना पड़ा महंगा: SDM की छापेमारी में 7 दुकानदार पकड़े गए, 5 दुकानें सील

गढ़वा और मझिआंव क्षेत्र में परचून और जनरल स्टोर की दुकानों में अवैध रूप से पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. अलग-अलग स्रोतों से मिल रही शिकायतों के आलोक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने कई दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की.

सात दुकानों में मिला अवैध पेट्रोल

इस औचक कार्रवाई के दौरान सात दुकानों में अवैध रूप से पेट्रोल का भंडारण और बोतलों में भरकर अधिक कीमतों पर बेचने की बात सामने आई है. एसडीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच दुकानों को मौके पर ही बंद (सील) करवा दिया गया, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की गई है.

इन दुकानदारों पर हुई कार्रवाई

जिन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनमें रामसागर राम, सुकृत मेहता, उमेश मेहता, सतीश कुमार पांडेय, राधाकृष्ण मेहता, सुभाष मेहता, प्रमोद प्रसाद केसरी का नाम शामिल हैं. जांच के दौरान पकड़े गए दुकानदारों ने जिन पेट्रोल पंपों से ईंधन की आपूर्ति होने की बात स्वीकार की है, प्रशासन अब उनपर भी शिकंजा कस रहा है.

खरीदारों पर भी होगी कार्रवाई

एसडीएम ने बताया कि संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों से शो-कॉज किया जा रहा है और इस पूरे रैकेट में उनकी भूमिका की जांच जारी है. इसके अलावा, क्षेत्र में इस अवैध धंधे पर रोक लगाने में लापरवाही बरतने के आरोप में अंचल पदाधिकारियों थाना प्रभारियों और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से भी जवाब-तलब किया जा रहा है. एसडीम संजय कुमार का कहना हैं कि परचून, कपड़ा दुकान या घरों में पेट्रोल रखना और बेचना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है. इसके लिए सिर्फ लाइसेंस धारी पेट्रोल पंप ही अधिकृत हैं. अवैध स्रोतों से पेट्रोल खरीदने वाले वाहन चालकों पर भी अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

आम लोगों से अपील

एसडीएम संजय कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति, अग्निकांड या संभावित दुर्घटना से बचने के लिए केवल अधिकृत पेट्रोल पंपों से ही ईंधन खरीदें. उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अगर उनके आसपास कहीं भी इस तरह अवैध रूप से बोतलों में पेट्रोल बेचा जा रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें जिससे कि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

मानसिक मंदित आश्रय गृह का तीन दिवसीय सोशल ऑडिट हुआ संपन्न

संभल । जनपद में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा अनुदानित सर्व हिताय संस्थान, मोहल्ला गणेश कॉलोनी चंदौसी में संचालित मानसिक मंदित आश्रय गृह सह-प्रशिक्षण केन्द्र का सोशल आडिट जिलाधिकारी महोदय, सम्भल द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम द्वारा किया गया.जिसमें अनुपमा सिंह, अध्यक्ष द्वारकाधीस प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति बनियाखेड़ा की अध्य्क्षयता में टीम के सदस्य सुरेन्द्र पाल- ब्लाक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर बनियाखेड़ा, संगीता भार्गव- सोशल वर्कर, पिंकी- सोशल आडिट टीम सदस्य, ज्योति- बैंक सखी ने संस्था द्वारा वर्ष 2025-26 में प्राप्त अनुदान का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हुआ है या नहीं व लाभार्थियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो रहा है या नहीं तथा अभिलेखों एवं वित्तीय विवरणों की सत्यता एवं पारदर्शिता एवं संस्था द्वारा कराये जा रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन जैसे बिन्दुओं पर किया गया।

संगीता भार्गव द्वारा पाया गया कि केन्द्र का संचालन किराये के भवन में किया जा रहा है। जो संवासी के लिये सुविधाजनक है। केन्द्र में निवासरत संवासियों के नाश्ता भोजन के सम्बन्ध में पाया गया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन सभी संवारियों को प्रतिदिन सुबह शाम निर्धारित समय पर दिया जाता है। मेन्यू किचेन की दीवार पर लगा हुआ पाया गया। भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण कुछ संवासियों से पूछकर किया गया जो कि सन्तोषजनक बताया गया रसोईघर के निरीक्षण में आवश्यक उपकरण एवं हरी सब्जिया, चीनी, मसाले, दालें व राशन आदि उपलब्ध पाये गये। पूछने पर रसोईया द्वारा अवगत कराया गया कि समस्त निवासरत सवासियों को प्रतिदिन निर्धारित मेन्यू के आधार पर ताजा गर्म व शुद्ध भोजन दिया जाता है।

निवासरत संवासियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, मनोरंजन भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मौके पर 01 कार्यालय, 03 हाल बेडरूम, 01 स्टाफ रूम,  01 रसोईघर, 03 बाथरूम 04 शौचालय एवं साफ-सफाई आदि का निरीक्षण किया गया जो कि सन्तोषजनक पाया गया। संवासियों के संवासियों के घूमने हेतु बड़ा आँगन भी है। संस्था समन्वयक को सुझाव किया गया कि संस्था मे नियमित साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है पानी की टंकी के पास समय-समय पर चूने का प्रयोग किया जाय व इस व्यवस्था को निरतंर जारी रखा जाये। केन्द्र में बायोमैट्रिक, एल०ई०डी०टी०वी०, डिश कनेक्शन, आर०ओ० वाटर प्यूरीफायर, वाशिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध है और फर्स्ट एण्ड बाक्स, अग्निशमन यंत्र, सी०सी०टी०वी० कैमरे, फ्रिज, इन्वर्टर एवं वाशिंग मशीन भी लगे पाए गए। संवासियों के शयन कक्षों का निरीक्षण किया गया जिसमें शयन कक्ष हवादार व प्रकाश युक्त तथा प्रत्येक संवासी के लिए आवश्यक फर्नीचर, तख्त, बिस्तर गद्दे तकिया व चादर की व्यवस्था होने के अतिरिक्त बिजली-पंखे, कूलर चालू हालत में पाये गये। संवासियों के लिए उचित  व्यवस्था पायी गयी।

संगीता भार्गव ने  निर्देशित किया physiotherapist  को दिन मे बुलाया जाए.  तिरपाल. आदि की जरूरत है...अभिलेखों के निरीक्षण में यह पाया गया कि संस्था सोसायटी एक्ट व दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत है। संस्था राज्य मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के अंतर्गत पंजीकृत है। संस्था में कार्यरत उपस्थित कार्मिको संवासियों की उपस्थिति पंजिका आय व्यय पंजिका, बिल वाउचर, राशन पंजिका, अनुदान पंजिका, चिकित्सा पंजिका, स्टॉक पंजिका एवं विजिटर्स रजिस्टर आदि अभिलेख बने हुए है व अभिलेखों का रख रखाव भी अच्छा पाया गया। निरीक्षण में बताया गया कि सभी संवासियों के यू०डी०आई०डी० कार्ड बनबाने हेतु समय-समय पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग व मुख्य चिकित्सा कार्यालय के सहयोग से शत-प्रतिशत यू०डी०आई०डी० कार्ड बनबाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं ।
रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग, दो एसी कोच जलकर खाक; सभी 68 यात्री सुरक्षित

रतलाम (मध्य प्रदेश)। रविवार सुबह मध्य प्रदेश के रतलाम के पास त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ट्रेन के एसी कोच बी-1 में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते दूसरे कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि दोनों एसी कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

घटना के समय ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे स्टाफ और आरपीएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोच से धुआं उठते ही ट्रेन को तुरंत रोका गया और यात्रियों को तेजी से बाहर निकाला गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

हादसे के चलते रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट को लेकर जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल
* मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।
तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल

मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज

लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।

लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।

तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।

पटना के पटेल नगर रोड नंबर 2 के समीप “Bihar Sports Point” का भव्य उद्घाटन किया गया।





पटना के पटेल नगर रोड नंबर 2 के समीप “Bihar Sports Point” का भव्य उद्घाटन किया गया।

इस मौके पर सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ वीपी सिंह एवं दीघा विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव चौरसिया जी उपस्थित रहे।
अब खेलकूद से जुड़े सामानों के लिए आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां क्रिकेट, बैडमिंटन सहित कई स्पोर्ट्स के बेहतरीन और उम्दा क्वालिटी के सामान उचित कीमतों पर उपलब्ध हैं।
अगर आप क्रिकेट के शौकीन हैं और अच्छे क्वालिटी के स्पोर्ट्स सामान खरीदना चाहते हैं तो एक बार जरूर विजिट करें वही दुकान के प्रोपराइटर ने बताया कि आने वाले समय में खिलाड़ियों से विचार विमर्श करके जरूर की वस्तु को लाया जाएगा ताकि किसी भी खिलाड़ी को एक ही छत के नीचे सब सामान मिल सके