STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह, 40 से अधिक मामलों में था वांछित

अयोध्या। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली, जब प्रयागराज एसटीएफ यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप सिंह को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और हत्या, डकैती, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग सहित विभिन्न गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ गोरखपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे।

सूत्रों के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जनपदों की पुलिस द्वारा कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम शामिल थे। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और अदालत में भी लगातार गैरहाजिर रहता था।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने महाराजगंज थाना क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें उसके सीने में गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मुठभेड़ के बाद देर रात करीब 12 बजे के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को भी एहतियातन बढ़ा दिया गया।

दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि मुठभेड़ में घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) Amitabh Yash ने बताया कि भानु प्रताप सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित था। प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पूर्वांचल क्षेत्र में भानु प्रताप सिंह की पहचान एक खतरनाक सुपारी किलर के रूप में थी। पुलिस को कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी। उसके मारे जाने को प्रदेश पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
दिल्ली में विपक्षी दलों का महाजुटान, INDIA गठबंधन की बैठक आज, मीटिंग से पहले CPM ने दिखाए तेवर

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरने के लिए 2 साल बाद विपक्षी दल एक बार फिर साथ आ रहे हैं। I.N.D.I.A ब्लॉक की आज दोपहर 12 बजे दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि इसमें 23 विपक्षी दल शामिल होंगे। हालांकि, बैठक से पहले सीपीआईएम ने कांग्रेस को खूब खरी-खोटी सुनाई है।

भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट विपक्ष

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि 23 दल भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने एक्स पोस्ट में 'इंडिया' को 'इंडिया जनबंधन' लिखा। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले दल भी मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं और संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के साथ खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि I.N.D.I.A. अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है।

कौन-कौन से दलों के बैठक में होंगे शामिल

कांग्रेस ने 23 राजनीतिक दलों विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। इनमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, माकपा, पीडीपी, राजद, भाकपा, टीवीके जैसे प्रमुख दल शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों जैसे- भाकपा-माले, आरएसपी, वीसीके, एमडीएमके, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, असम जातीय परिषद समेत कई और दलों ने इस बैठक में शामिल होने के संकेत दिए हैं।

DMK-आप बैठक में नहीं होंगे शामिल

डीएमके ने साफ कर दिया है कि वह इस विशेष बैठक में शामिल नहीं होगी। यह विपक्षी रणनीति के लिए झटका माना जा रहा है। विपक्ष की चिंता का कारण संसद का गणित भी है। इससे पहले परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर लोकसभा में सरकार के पक्ष में 298 वोट पड़े थे, जबकि विपक्ष के 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया था। दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण बीजेपी सरकार यह विधेयक पारित नहीं करा सकी थी। अब यदि सरकार मॉनसून सत्र में फिर से इस मुद्दे को लेकर आती है तो विपक्ष के लिए पिछली बार जैसी एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

सीपीएम ने कांग्रेस को पुराने आरोपों की याद दिलाई

बैठक से पहले सीपीएम ने कांग्रेस को उसके पुराने आरोपों की याद दिलाई है। सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर कहा कि उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल होगी और राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास उसका प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, उन्होंने केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा सीपीएम और बीजेपी के बीच कथित समझौते के आरोपों पर आपत्ति जताई। बेबी ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव प्रचार में पिनाराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच समझौते की बात कही थी।

विपक्षी एकता के लिए बेहद अहम है बैठक

INDIA गठबंधन की सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। लगभग दो वर्षों के बाद हो रही इस बैठक को विपक्षी एकता के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और कई राज्यों में चुनावी झटकों के बाद गठबंधन के सामने अपनी एकजुटता और रणनीति को नए सिरे से परिभाषित करने की चुनौती है।

“हर जीव है बहुत जरूरी, प्रकृति से ही जीवन चलता” : मुख्यमंत्री योगी

गौरैया, मैना और जुगनुओं के गायब होने पर जताई चिंता, जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी को बताया अनिवार्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति और जीव-जंतुओं के महत्व पर आधारित अपनी नई पाती में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव-जंतु प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण जुगनू, गौरैया और मैना जैसे पक्षी एवं जीव शहरों से लगभग गायब होते जा रहे हैं। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण के संहार के लिए भगवान राम की सेना में वानरों से लेकर छोटी-सी गिलहरी तक ने अपना योगदान दिया था। यह हमारी संस्कृति में जीव-जंतुओं के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हर जीव पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। किसी एक प्रजाति के विलुप्त होने से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है, जिसका असर मानव जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश

हर जीव-जंतु प्रकृति और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा।

गौरैया, मैना और जुगनुओं का गायब होना चिंता का विषय।

आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी जरूरी।

जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक।

* युवाओं को प्रकृति से जुड़ने और जागरूकता फैलाने का आह्वान।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और सारस जैसे वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को रामसर सूची में शामिल किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई दुर्लभ जीव-जंतु अब पुनः दिखाई देने लगे हैं, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रकृति को समझने, उससे सीखने और अपने अनुभव समाज के साथ साझा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि हम पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंप सकेंगे।

तालाब किनारे पेड़ से लटका मिला व्यक्ति का शव, आत्महत्या की आशंका

रितेश मिश्रा 

हरदोई। थाना बघौली क्षेत्र के ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग में एक व्यक्ति का शव गांव के बाहर तालाब किनारे बबूल के पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे भैया लाल पुत्र बद्री निवासी ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग ने पुलिस को सूचना दी कि उनके पुत्र प्रताप (45 वर्ष), जाति पासी, ने गांव के बाहर तालाब के किनारे स्थित बबूल के पेड़ पर अपनी शर्ट के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

सूचना मिलते ही थाना बघौली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

एके शर्मा के प्रयास रंग लाए, मऊ-बलिया फोरलेन परियोजना को मिली मंजूरी

55.57 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग-128बी के चौड़ीकरण से पूर्वांचल को मिलेगी नई रफ्तार, एनएचएआई से निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध

लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के सतत प्रयासों और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-128बी के 55.57 किलोमीटर लंबे खंड के चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। इसे पूर्वांचल के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के उद्देश्य से मंत्री श्री शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए वह लगातार प्रयासरत रहे हैं तथा क्षेत्र की जनता लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मऊ-बलिया फोरलेन केवल सड़क निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। इसके निर्माण से यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और सड़क सुरक्षा के मानकों में भी सुधार होगा।

परियोजना के तहत कई रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आवागमन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी और लोगों को निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। बेहतर संपर्क व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे तथा किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।

मंत्री श्री शर्मा ने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद मऊ, बलिया और आसपास के जनपदों में आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह फोरलेन मार्ग पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था के लिए एक नए ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में उभरेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया

सुलतानपुर ,आज प्रातः 06:00 से 09:00 बजे तक कुशभवनपुर (सुलतानपुर)के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्र मण्डल समिति के सेवाभावी सदस्यों द्वारा एक बार फिर साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया।
प्रत्येक रविवार की भांति इस रविवार भी समिति के सदस्यों ने आराम करने के बजाय माँ गोमती की सेवा और पर्यावरण संरक्षण के नाम समर्पित किया।
अक्सर यहाँ आने जाने वालों के द्वारा पॉलीथिन,पूजा-सामग्री के कारण घाट पर गंदगी जमा हो जाती है। जिसकी सफाई के लिए आज सुबह-सुबह गोमती मित्र मण्डल की टीम पूरे उत्साह और आवश्यक उपकरणों (झाड़ू, कैरेट, फावड़े,बेल्चे) के साथ धाम पर एकत्र हुई।
समिति के सदस्यों ने
माँ गोमती के पावन तट नदी के किनारे जमा प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, सड़े-गले फूल और अन्य कचरे को निकाल कर तट को बिल्कुल साफ किया साथ ही समिति द्वारा सीताकुण्ड धाम मंदिर के मुख्य परिसर, सीढ़ियों और आसपास के रास्तों पर व्यापक झाड़ू लगाई गई और बिखरे हुए कूड़े को डस्टबिन तक पहुंचाया गया।
समिति के सदस्यों ने धाम पर मौजूद स्थानीय दुकानदार, पुरोहित और आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी से विनम्र अपील की कि पूजन की बची हुई सामग्री या कोई भी प्लास्टिक, पक्का कलश,पक्की मूर्तियां इत्यादि सीधे माँ गोमती के जल में न प्रवाहित करें बल्कि धाम पर बने हवन,पूजन सामग्री कुण्ड में ही डाले।
समिति द्वारा आयोजित इस साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान में
रुद्र प्रताप सिंह मदन,राकेश सिंह ददू,दाऊ जी, अजय प्रताप सिंह,डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,मुन्ना सोनी,सौरभ कसौधन
अभय,रामू सोनी,
अर्जुन यादव,अरुण अग्रहरि आदि सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
एएसपी की पहल रंग लाई: आठ करोड़ की फैक्ट्री को लेकर बाप-बेटे का विवाद सुलझा

दो दिन की काउंसिलिंग के बाद हुआ समझौता, पुलिस और मीडिया की पहल से परिवार में लौटी खुशियां

रितेश मिश्रा
हरदोई। पारिवारिक और कारोबारी विवाद में उलझे पिता-पुत्र के बीच आखिरकार सुलह हो गई। करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा मामला पुलिस और मीडिया के सहयोग से सुलझा, जिससे एक परिवार टूटने से बच गया। मझिला पुलिस की लगातार दो दिन की मेहनत और समझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति पर पहुंच गए।
मामला थाना मझिला क्षेत्र से जुड़ा है। बलविंदर सिंह ने अपनी लगभग छ करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर पुत्र कमलजीत सिंह को शाहजहांपुर के यूपीसीडा क्षेत्र में डिस्पोजल फैक्ट्री स्थापित कराई थी। समय के साथ दोनों के बीच फैक्ट्री और कारोबार को लेकर मतभेद बढ़ गए। पिता को आशंका थी कि पुत्र गलत संगत में पड़कर फैक्ट्री बेच सकता है, जिससे उनके जीवनभर की पूंजी खतरे में पड़ जाएगी।
विवाद पुलिस और मीडिया तक पहुंचने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देशन में मझिला पुलिस ने दोनों पक्षों की काउंसिलिंग शुरू कराई। लगातार दो दिन तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने लिखित समझौता कर लिया।
समझौते के अनुसार शाहजहांपुर स्थित फैक्ट्री को भविष्य में बेचने की स्थिति में पिता बलविंदर सिंह की सहमति आवश्यक होगी। फैक्ट्री की बिक्री से प्राप्त धनराशि में दोनों पक्षों की हिस्सेदारी रहेगी। फैक्ट्री संचालित रहने तक पिता द्वारा लिए गए ऋण का भुगतान पुत्र करेगा। इसके अलावा पिता के रिश्तेदारों और मिलने-जुलने वालों पर किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की जाएगी।
समझौते में यह भी तय हुआ कि पुत्र कमलजीत सिंह पिता के खर्च के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। दोनों पक्षों ने समझौते की सभी शर्तों का पालन करने की सहमति जताई है। किसी भी पक्ष द्वारा उल्लंघन किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप न होता तो विवाद गंभीर कानूनी लड़ाई में बदल सकता था।
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समझौते की प्रमुख शर्तें

1--फैक्ट्री की बिक्री पिता की सहमति से ही होगी।
2--बिक्री की धनराशि में दोनों पक्ष हिस्सेदार रहेंगे।
3--पिता के ऋण का भुगतान पुत्र करेगा।
4--पिता के रिश्तेदारों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी।
5--पुत्र प्रतिमाह 20 हजार रुपये खर्च के लिए देगा।
6--समझौते का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
7--मझिला थाने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते पिता बलविंदर सिंह और पुत्र कमलजीत सिंह
पचदेवरा क्षेत्र के चादपुर मोड़ पर गूंजी गोलियों की आवाज, पुलिस के शिकंजे में आया वाहन चोरों का गिरोह
रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच थाना पचदेवरा पुलिस ने एक उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। चादपुर मोड़ के समीप हुई पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार किए गए, जिनकी गिरफ्तारी के साथ ही छह मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं से पर्दा उठ गया। बरामदगी में चोरी की मोटरसाइकिलें, अवैध असलहा, कारतूस तथा वाहनों को खोलने में प्रयुक्त उपकरण शामिल हैं।
घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब शाहाबाद के नई बस्ती मोहल्ले निवासी मोहम्मद सुलेमान की मोटरसाइकिल गत 31 मई को उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी गई। कई दिनों की सतर्क निगरानी और तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस को सफलता का सूत्र हाथ लगा।
6 जून की रात मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ चादपुर मोड़ के निकट मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। जब संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे और स्वयं को घिरा देखकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद चारों आरोपियों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे, राजपाल, वीरेंद्र और विशाल शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हरदोई और शाहजहांपुर जनपदों में मोटरसाइकिल चोरी की कई वारदातों को स्वीकार किया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से वाहन चोरी कर उन्हें खोलकर उनके पुर्जे बेचता था अथवा दूसरे जनपदों में खपा देता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें, एक खुली हुई मोटरसाइकिल, .315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस तथा वाहन खोलने के उपकरण बरामद किए हैं। बरामद मोटरसाइकिलों में शाहाबाद से चोरी हुई बाइक भी शामिल है, जिसकी तलाश पुलिस कई दिनों से कर रही थी।
जांच के दौरान गिरोह के सरगना नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे का लंबा आपराधिक इतिहास भी उजागर हुआ। उसके विरुद्ध चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल जारी है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और क्षेत्र में वाहन चोरी की कई घटनाओं के पीछे इसी का हाथ था। चारों आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि घायल आरोपी का उपचार पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।
इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। वाहन चोरों के इस गिरोह की गिरफ्तारी को हरदोई पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी को मिल रहा लाभ - रजनी तिवारी

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।केन्द्र सरकार के "सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के गौरवपूर्ण 12 वर्ष" पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 5 जून से 21 जून तक संचालित होने वाले वृहद अभियान ‎के अन्तर्गत शनिवार को उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी की अध्यक्षता में विकास खण्ड टोडरपुर की ग्राम पंचायत उमरौली में रात्रि चौपाल आयोजित की गयी।
    श्रीमती तिवारी ने जनता से संवाद कर उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत कराया।उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया  कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से सभी पात्रों को लाभान्वित किया जाय तथा शिकायतों एवं समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध तथा प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
‎        रात्रि चौपाल के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्याम बाबू त्रिवेदी, पीडी ए के मौर्या, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीएसटीओ राम प्रकाश, बीडीओ अरविंद राजपूत, नायब तहसीलदार प्रणव पाण्डेय, प्रधान प्रतिनिधि अवनीश अग्निहोत्री के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
‎      इस अवसर पर श्रीमती तिवारी ने ग्राम पंचायत उमरौली में "एक पेड़ माँ के नाम" रोपित किया। उन्होंने सभी को प्रेरित भी किया कि अधिक से अधिक पौधे रोपित करें। उन्होंने कहा कि पौधरोपण पर्यावरण संरक्षण हेतु अत्यन्त आवश्यक है और इसके लिए सभी को सम्मिलित रूप से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने वृक्षों से होने वाले लाभ के विषय में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए अपील की कि सभी अधिक से अधिक पौधे रोपित करें तथा रोपित किए गए पौधों का संरक्षण अवश्य करें।
विश्व पर्यावरण दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण-अनुकूल शर्बत वितरण

प्रयागराज। विश्व पर्यावरण दिवस के क्रम में 6 जून को अथर्वन फाउंडेशन ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के सहयोग से भीषण गर्मी एवं उमस से राहत प्रदान करने हेतु शर्बत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।इस अवसर पर पूर्णतया स्वच्छता एवं स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए पर्यावरण-अनुकूल स्टील के गिलासों में शर्बत वितरण किया गया।यह पहल अथर्वन फाउंडेशन की सतत विकास की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित की गई। वर्तमान समय में अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठन गर्मी से राहत देने के लिए सड़कों पर शर्बत एवं शीतल पेय पदार्थ वितरित करते हैं, जो निस्संदेह एक अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय सेवा है। किंतु प्रायः इस सेवा में एकल-उपयोग प्लास्टिक के गिलासों का प्रयोग किया जाता है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करते हैं।अथर्वन फाउंडेशन का यह प्रयास इस सेवा भाव को पर्यावरण से जोड़ने और स्टील के गिलासों को उपलब्ध कराने की अनूठी पहल प्रारम्भ की है, ताकि शर्बत सेवा जैसे पुण्य कार्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज सेवा का भी आदर्श उदाहरण बन सकें।इस अवसर पर संस्था का उत्साहवर्धन हेतु राजापुर और सिविल लाइंस पार्षद भोला तिवारी और बबलू रघुवंशी की गरिमामयी उपस्थिति सहित इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता उपस्थित रहे। अथर्वन फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा, सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव, शैलेन्द्र सिंह सहित फाउंडेशन के अन्य सदस्य तथा एमएमए के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह, 40 से अधिक मामलों में था वांछित

अयोध्या। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली, जब प्रयागराज एसटीएफ यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप सिंह को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और हत्या, डकैती, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग सहित विभिन्न गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ गोरखपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे।

सूत्रों के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जनपदों की पुलिस द्वारा कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम शामिल थे। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और अदालत में भी लगातार गैरहाजिर रहता था।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने महाराजगंज थाना क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें उसके सीने में गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मुठभेड़ के बाद देर रात करीब 12 बजे के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को भी एहतियातन बढ़ा दिया गया।

दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि मुठभेड़ में घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) Amitabh Yash ने बताया कि भानु प्रताप सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित था। प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पूर्वांचल क्षेत्र में भानु प्रताप सिंह की पहचान एक खतरनाक सुपारी किलर के रूप में थी। पुलिस को कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी। उसके मारे जाने को प्रदेश पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
दिल्ली में विपक्षी दलों का महाजुटान, INDIA गठबंधन की बैठक आज, मीटिंग से पहले CPM ने दिखाए तेवर

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरने के लिए 2 साल बाद विपक्षी दल एक बार फिर साथ आ रहे हैं। I.N.D.I.A ब्लॉक की आज दोपहर 12 बजे दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि इसमें 23 विपक्षी दल शामिल होंगे। हालांकि, बैठक से पहले सीपीआईएम ने कांग्रेस को खूब खरी-खोटी सुनाई है।

भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट विपक्ष

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि 23 दल भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने एक्स पोस्ट में 'इंडिया' को 'इंडिया जनबंधन' लिखा। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले दल भी मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं और संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के साथ खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि I.N.D.I.A. अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है।

कौन-कौन से दलों के बैठक में होंगे शामिल

कांग्रेस ने 23 राजनीतिक दलों विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। इनमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, माकपा, पीडीपी, राजद, भाकपा, टीवीके जैसे प्रमुख दल शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों जैसे- भाकपा-माले, आरएसपी, वीसीके, एमडीएमके, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, असम जातीय परिषद समेत कई और दलों ने इस बैठक में शामिल होने के संकेत दिए हैं।

DMK-आप बैठक में नहीं होंगे शामिल

डीएमके ने साफ कर दिया है कि वह इस विशेष बैठक में शामिल नहीं होगी। यह विपक्षी रणनीति के लिए झटका माना जा रहा है। विपक्ष की चिंता का कारण संसद का गणित भी है। इससे पहले परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर लोकसभा में सरकार के पक्ष में 298 वोट पड़े थे, जबकि विपक्ष के 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया था। दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण बीजेपी सरकार यह विधेयक पारित नहीं करा सकी थी। अब यदि सरकार मॉनसून सत्र में फिर से इस मुद्दे को लेकर आती है तो विपक्ष के लिए पिछली बार जैसी एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

सीपीएम ने कांग्रेस को पुराने आरोपों की याद दिलाई

बैठक से पहले सीपीएम ने कांग्रेस को उसके पुराने आरोपों की याद दिलाई है। सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर कहा कि उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल होगी और राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास उसका प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, उन्होंने केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा सीपीएम और बीजेपी के बीच कथित समझौते के आरोपों पर आपत्ति जताई। बेबी ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव प्रचार में पिनाराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच समझौते की बात कही थी।

विपक्षी एकता के लिए बेहद अहम है बैठक

INDIA गठबंधन की सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। लगभग दो वर्षों के बाद हो रही इस बैठक को विपक्षी एकता के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और कई राज्यों में चुनावी झटकों के बाद गठबंधन के सामने अपनी एकजुटता और रणनीति को नए सिरे से परिभाषित करने की चुनौती है।

“हर जीव है बहुत जरूरी, प्रकृति से ही जीवन चलता” : मुख्यमंत्री योगी

गौरैया, मैना और जुगनुओं के गायब होने पर जताई चिंता, जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी को बताया अनिवार्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति और जीव-जंतुओं के महत्व पर आधारित अपनी नई पाती में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव-जंतु प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण जुगनू, गौरैया और मैना जैसे पक्षी एवं जीव शहरों से लगभग गायब होते जा रहे हैं। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण के संहार के लिए भगवान राम की सेना में वानरों से लेकर छोटी-सी गिलहरी तक ने अपना योगदान दिया था। यह हमारी संस्कृति में जीव-जंतुओं के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हर जीव पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। किसी एक प्रजाति के विलुप्त होने से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है, जिसका असर मानव जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश

हर जीव-जंतु प्रकृति और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा।

गौरैया, मैना और जुगनुओं का गायब होना चिंता का विषय।

आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी जरूरी।

जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक।

* युवाओं को प्रकृति से जुड़ने और जागरूकता फैलाने का आह्वान।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और सारस जैसे वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को रामसर सूची में शामिल किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई दुर्लभ जीव-जंतु अब पुनः दिखाई देने लगे हैं, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रकृति को समझने, उससे सीखने और अपने अनुभव समाज के साथ साझा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि हम पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंप सकेंगे।

तालाब किनारे पेड़ से लटका मिला व्यक्ति का शव, आत्महत्या की आशंका

रितेश मिश्रा 

हरदोई। थाना बघौली क्षेत्र के ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग में एक व्यक्ति का शव गांव के बाहर तालाब किनारे बबूल के पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे भैया लाल पुत्र बद्री निवासी ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग ने पुलिस को सूचना दी कि उनके पुत्र प्रताप (45 वर्ष), जाति पासी, ने गांव के बाहर तालाब के किनारे स्थित बबूल के पेड़ पर अपनी शर्ट के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

सूचना मिलते ही थाना बघौली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

एके शर्मा के प्रयास रंग लाए, मऊ-बलिया फोरलेन परियोजना को मिली मंजूरी

55.57 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग-128बी के चौड़ीकरण से पूर्वांचल को मिलेगी नई रफ्तार, एनएचएआई से निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध

लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के सतत प्रयासों और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-128बी के 55.57 किलोमीटर लंबे खंड के चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। इसे पूर्वांचल के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के उद्देश्य से मंत्री श्री शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए वह लगातार प्रयासरत रहे हैं तथा क्षेत्र की जनता लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मऊ-बलिया फोरलेन केवल सड़क निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। इसके निर्माण से यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और सड़क सुरक्षा के मानकों में भी सुधार होगा।

परियोजना के तहत कई रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आवागमन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी और लोगों को निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। बेहतर संपर्क व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे तथा किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।

मंत्री श्री शर्मा ने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद मऊ, बलिया और आसपास के जनपदों में आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह फोरलेन मार्ग पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था के लिए एक नए ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में उभरेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया

सुलतानपुर ,आज प्रातः 06:00 से 09:00 बजे तक कुशभवनपुर (सुलतानपुर)के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्र मण्डल समिति के सेवाभावी सदस्यों द्वारा एक बार फिर साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया।
प्रत्येक रविवार की भांति इस रविवार भी समिति के सदस्यों ने आराम करने के बजाय माँ गोमती की सेवा और पर्यावरण संरक्षण के नाम समर्पित किया।
अक्सर यहाँ आने जाने वालों के द्वारा पॉलीथिन,पूजा-सामग्री के कारण घाट पर गंदगी जमा हो जाती है। जिसकी सफाई के लिए आज सुबह-सुबह गोमती मित्र मण्डल की टीम पूरे उत्साह और आवश्यक उपकरणों (झाड़ू, कैरेट, फावड़े,बेल्चे) के साथ धाम पर एकत्र हुई।
समिति के सदस्यों ने
माँ गोमती के पावन तट नदी के किनारे जमा प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, सड़े-गले फूल और अन्य कचरे को निकाल कर तट को बिल्कुल साफ किया साथ ही समिति द्वारा सीताकुण्ड धाम मंदिर के मुख्य परिसर, सीढ़ियों और आसपास के रास्तों पर व्यापक झाड़ू लगाई गई और बिखरे हुए कूड़े को डस्टबिन तक पहुंचाया गया।
समिति के सदस्यों ने धाम पर मौजूद स्थानीय दुकानदार, पुरोहित और आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी से विनम्र अपील की कि पूजन की बची हुई सामग्री या कोई भी प्लास्टिक, पक्का कलश,पक्की मूर्तियां इत्यादि सीधे माँ गोमती के जल में न प्रवाहित करें बल्कि धाम पर बने हवन,पूजन सामग्री कुण्ड में ही डाले।
समिति द्वारा आयोजित इस साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान में
रुद्र प्रताप सिंह मदन,राकेश सिंह ददू,दाऊ जी, अजय प्रताप सिंह,डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,मुन्ना सोनी,सौरभ कसौधन
अभय,रामू सोनी,
अर्जुन यादव,अरुण अग्रहरि आदि सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
एएसपी की पहल रंग लाई: आठ करोड़ की फैक्ट्री को लेकर बाप-बेटे का विवाद सुलझा

दो दिन की काउंसिलिंग के बाद हुआ समझौता, पुलिस और मीडिया की पहल से परिवार में लौटी खुशियां

रितेश मिश्रा
हरदोई। पारिवारिक और कारोबारी विवाद में उलझे पिता-पुत्र के बीच आखिरकार सुलह हो गई। करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा मामला पुलिस और मीडिया के सहयोग से सुलझा, जिससे एक परिवार टूटने से बच गया। मझिला पुलिस की लगातार दो दिन की मेहनत और समझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति पर पहुंच गए।
मामला थाना मझिला क्षेत्र से जुड़ा है। बलविंदर सिंह ने अपनी लगभग छ करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर पुत्र कमलजीत सिंह को शाहजहांपुर के यूपीसीडा क्षेत्र में डिस्पोजल फैक्ट्री स्थापित कराई थी। समय के साथ दोनों के बीच फैक्ट्री और कारोबार को लेकर मतभेद बढ़ गए। पिता को आशंका थी कि पुत्र गलत संगत में पड़कर फैक्ट्री बेच सकता है, जिससे उनके जीवनभर की पूंजी खतरे में पड़ जाएगी।
विवाद पुलिस और मीडिया तक पहुंचने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देशन में मझिला पुलिस ने दोनों पक्षों की काउंसिलिंग शुरू कराई। लगातार दो दिन तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने लिखित समझौता कर लिया।
समझौते के अनुसार शाहजहांपुर स्थित फैक्ट्री को भविष्य में बेचने की स्थिति में पिता बलविंदर सिंह की सहमति आवश्यक होगी। फैक्ट्री की बिक्री से प्राप्त धनराशि में दोनों पक्षों की हिस्सेदारी रहेगी। फैक्ट्री संचालित रहने तक पिता द्वारा लिए गए ऋण का भुगतान पुत्र करेगा। इसके अलावा पिता के रिश्तेदारों और मिलने-जुलने वालों पर किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की जाएगी।
समझौते में यह भी तय हुआ कि पुत्र कमलजीत सिंह पिता के खर्च के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। दोनों पक्षों ने समझौते की सभी शर्तों का पालन करने की सहमति जताई है। किसी भी पक्ष द्वारा उल्लंघन किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप न होता तो विवाद गंभीर कानूनी लड़ाई में बदल सकता था।
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समझौते की प्रमुख शर्तें

1--फैक्ट्री की बिक्री पिता की सहमति से ही होगी।
2--बिक्री की धनराशि में दोनों पक्ष हिस्सेदार रहेंगे।
3--पिता के ऋण का भुगतान पुत्र करेगा।
4--पिता के रिश्तेदारों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी।
5--पुत्र प्रतिमाह 20 हजार रुपये खर्च के लिए देगा।
6--समझौते का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
7--मझिला थाने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते पिता बलविंदर सिंह और पुत्र कमलजीत सिंह
पचदेवरा क्षेत्र के चादपुर मोड़ पर गूंजी गोलियों की आवाज, पुलिस के शिकंजे में आया वाहन चोरों का गिरोह
रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच थाना पचदेवरा पुलिस ने एक उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। चादपुर मोड़ के समीप हुई पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार किए गए, जिनकी गिरफ्तारी के साथ ही छह मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं से पर्दा उठ गया। बरामदगी में चोरी की मोटरसाइकिलें, अवैध असलहा, कारतूस तथा वाहनों को खोलने में प्रयुक्त उपकरण शामिल हैं।
घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब शाहाबाद के नई बस्ती मोहल्ले निवासी मोहम्मद सुलेमान की मोटरसाइकिल गत 31 मई को उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी गई। कई दिनों की सतर्क निगरानी और तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस को सफलता का सूत्र हाथ लगा।
6 जून की रात मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ चादपुर मोड़ के निकट मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। जब संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे और स्वयं को घिरा देखकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद चारों आरोपियों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे, राजपाल, वीरेंद्र और विशाल शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हरदोई और शाहजहांपुर जनपदों में मोटरसाइकिल चोरी की कई वारदातों को स्वीकार किया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से वाहन चोरी कर उन्हें खोलकर उनके पुर्जे बेचता था अथवा दूसरे जनपदों में खपा देता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें, एक खुली हुई मोटरसाइकिल, .315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस तथा वाहन खोलने के उपकरण बरामद किए हैं। बरामद मोटरसाइकिलों में शाहाबाद से चोरी हुई बाइक भी शामिल है, जिसकी तलाश पुलिस कई दिनों से कर रही थी।
जांच के दौरान गिरोह के सरगना नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे का लंबा आपराधिक इतिहास भी उजागर हुआ। उसके विरुद्ध चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल जारी है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और क्षेत्र में वाहन चोरी की कई घटनाओं के पीछे इसी का हाथ था। चारों आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि घायल आरोपी का उपचार पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।
इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। वाहन चोरों के इस गिरोह की गिरफ्तारी को हरदोई पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी को मिल रहा लाभ - रजनी तिवारी

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।केन्द्र सरकार के "सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के गौरवपूर्ण 12 वर्ष" पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 5 जून से 21 जून तक संचालित होने वाले वृहद अभियान ‎के अन्तर्गत शनिवार को उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी की अध्यक्षता में विकास खण्ड टोडरपुर की ग्राम पंचायत उमरौली में रात्रि चौपाल आयोजित की गयी।
    श्रीमती तिवारी ने जनता से संवाद कर उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत कराया।उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया  कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से सभी पात्रों को लाभान्वित किया जाय तथा शिकायतों एवं समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध तथा प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
‎        रात्रि चौपाल के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्याम बाबू त्रिवेदी, पीडी ए के मौर्या, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीएसटीओ राम प्रकाश, बीडीओ अरविंद राजपूत, नायब तहसीलदार प्रणव पाण्डेय, प्रधान प्रतिनिधि अवनीश अग्निहोत्री के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
‎      इस अवसर पर श्रीमती तिवारी ने ग्राम पंचायत उमरौली में "एक पेड़ माँ के नाम" रोपित किया। उन्होंने सभी को प्रेरित भी किया कि अधिक से अधिक पौधे रोपित करें। उन्होंने कहा कि पौधरोपण पर्यावरण संरक्षण हेतु अत्यन्त आवश्यक है और इसके लिए सभी को सम्मिलित रूप से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने वृक्षों से होने वाले लाभ के विषय में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए अपील की कि सभी अधिक से अधिक पौधे रोपित करें तथा रोपित किए गए पौधों का संरक्षण अवश्य करें।
विश्व पर्यावरण दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण-अनुकूल शर्बत वितरण

प्रयागराज। विश्व पर्यावरण दिवस के क्रम में 6 जून को अथर्वन फाउंडेशन ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के सहयोग से भीषण गर्मी एवं उमस से राहत प्रदान करने हेतु शर्बत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।इस अवसर पर पूर्णतया स्वच्छता एवं स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए पर्यावरण-अनुकूल स्टील के गिलासों में शर्बत वितरण किया गया।यह पहल अथर्वन फाउंडेशन की सतत विकास की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित की गई। वर्तमान समय में अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठन गर्मी से राहत देने के लिए सड़कों पर शर्बत एवं शीतल पेय पदार्थ वितरित करते हैं, जो निस्संदेह एक अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय सेवा है। किंतु प्रायः इस सेवा में एकल-उपयोग प्लास्टिक के गिलासों का प्रयोग किया जाता है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करते हैं।अथर्वन फाउंडेशन का यह प्रयास इस सेवा भाव को पर्यावरण से जोड़ने और स्टील के गिलासों को उपलब्ध कराने की अनूठी पहल प्रारम्भ की है, ताकि शर्बत सेवा जैसे पुण्य कार्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज सेवा का भी आदर्श उदाहरण बन सकें।इस अवसर पर संस्था का उत्साहवर्धन हेतु राजापुर और सिविल लाइंस पार्षद भोला तिवारी और बबलू रघुवंशी की गरिमामयी उपस्थिति सहित इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता उपस्थित रहे। अथर्वन फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा, सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव, शैलेन्द्र सिंह सहित फाउंडेशन के अन्य सदस्य तथा एमएमए के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।