गयाजी के मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस गरिमामय अवसर पर कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी एवं प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए खुशी जताई। कॉलेज सचिव शब्बी आर्फीन शमसी ने बताया कि प्रस्तावित भवन में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षण प्रणाली भी और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1969 में स्थापित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने अपने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निरंतर प्रगति के साथ आज यह मगध विश्वविद्यालय के प्रमुख एवं अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्तमान में अध्यक्ष प्रो. हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी और प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के कुशल नेतृत्व में कॉलेज लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है।

संस्थान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल कैंपस की अवधारणा को साकार करते हुए कॉलेज के वोकेशनल भवन में बीसीए, बीबीए, बीएलआईएस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हैं. वर्तमान में कॉलेज में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगभग 60 कक्षाएं, 7 स्मार्ट क्लासरूम तथा 25 हजार से अधिक पुस्तकों से युक्त एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल गया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

साई कॉलेज के विद्यार्थियों ने राज्य वन अनुसंधान संस्थान का किया शैक्षिक भ्रमण

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बायोटेक्रालॉजी, एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर जुलॉजी और एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बॉटनी के विद्यार्थियों ने जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान में शैक्षिक भ्रमण किया। स्किल डेवलपमेंट एंड आउटरिच प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण का प्रारम्भ संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप वासुदेवा ने पॉवर प्वाईंट प्रजेंटेशन से संस्थान की गतिविधियां और अनुसंधान कार्य से अवगत कराया। डॉ. उदय होमकार, डॉ. शैलेंद्र सिंह यादव ने संग्राहलय और फॉरेस्ट कंजर्वेशन और नर्सरी तकनीक से विद्यार्थियों को रू-ब-रू कराया। बॉटेनिकल गार्डन के दुर्लभ पौधे विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। प्रयोगशाला में प्लांट टिस्यू कल्चर करना बेहद शानदार रहा। इस दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का निवारण हुआ।

डॉ. प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने वन प्रबंधन और उत्पादकता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने वन प्रबंधन की अवधारणा, संसाधनों के उपयोग, मृदा की भूमिका के बारे में बताया। विद्यार्थियों ने मृदा परीक्षण कर पौधों की अंकुरण प्रक्रिया और नर्सरी प्रबंधन को देखा। हार्वेरियम का भ्रमण बहुत ही रोमांचक रहा। विद्यार्थियों को संग्रह कला से अवगत कराया गया।

डॉ. अनरूद्ध मजूमदार ने वन्यजीव संख्या, निगरानी की तकनीक, लाइन ट्रांसेक्ट, कैमरा टै्रपिंग, जीन बैंक के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और संवधन में आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। डॉ. मयंक मकरंद वर्मा ने वन्यजीव प्रबंधन एवं जीनोमिक्स से अवगत कराया। वन्यजीव प्रबंधन, एनीमन बिहेवियर में आधुनिक तकनीक निर्णायक है जिससे विद्यार्थी अवगत हुए। बीज प्रौद्योगिकी, नर्सरी प्रबंधन, बीज संग्रहण, अंकुरण एवं पौधों के उत्पादन की विधियां विद्यार्थियों को बेहद आकर्षक लगीं। पौधों की गुणवत्ता और वानिकी विकास विद्यार्थियों के लिए प्रेरक रहा।

मॉलीक्यूलर बायोलॉजी लैब में डीएनए एक्सटै्रक्शन, पीसीआर पर करके दिखाया गया। रासायनिक उपयोग और उसकी प्रतिक्रिया से विद्यार्थी अवगत हुए। सभी को ग्रुप डिस्कशन और पीपीटी, रिपोर्ट तैयार करने की स्थितियों से रू-ब-रू कराया गया।

सहायक प्राध्यापक डॉ. एलपी गुप्ता, डॉ. दीप बराईक और कमलेश कुमार के नेतृत्व72 विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण किया।

लोक जनसंपर्क सम्मान से नवाजे जाएंगे सुनील वर्मा

भोपाल। राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। इस अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, भोपाल एक बहुआयामी आयोजन करेगी। इस दौरान बेहतर सेवाओं, उत्कृष्ट प्रदर्शन और अच्छी सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस कड़ी में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को भी सम्मान से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम सीएमई हॉल, जेके हॉस्पिटल, भोपाल पर सुबह 11 बजे होगा।

देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

अतिथि देवो भव की भावना से परीक्षार्थियों को वाहन में बिठाकर उन्हें परीक्षा केंद्र पर छोड़े, वाहन को ओवरलोड ना करें एआरटीओ
फर्रूखाबाद l उ0प्र0 होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेन्ट-2025 की प्रस्तावित लिखित परीक्षा को सकुशल, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से आज एआरटीओ कार्यालय में ऑटो/टैम्पो एवं ई-रिक्शा चालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह परीक्षा 25, 26 एवं 27 अप्रैल 2026 को दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें प्रत्येक पाली में लगभग 7000 परीक्षार्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है। परीक्षा में अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आगमन को दृष्टिगत रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने एवं परीक्षार्थियों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में एआरटीओ (प्रशासन) कृष्ण कुमार यादव द्वारा सभी चालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि परीक्षार्थियों से किसी भी स्थिति में निर्धारित दरों से अधिक किराया न वसूला जाए। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों से आने वाले परीक्षार्थी जनपद के अतिथि हैं, अतः उनके साथ “अतिथि देवो भवः” की भावना के अनुरूप विनम्र, शिष्ट एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत द्वारा वाहन चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही सवारियां बैठाएं तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न करें। उन्होंने सड़क सुरक्षा के नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न न करने के निर्देश भी दिए। साथ ही यह भी बताया गया कि प्रवर्तन टीमों द्वारा सतत निगरानी रखी जाएगी तथा उल्लंघन की स्थिति में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपस्थित चालकों को परीक्षा तिथियों के दौरान प्रमुख परीक्षा केंद्रों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन के आसपास विशेष सतर्कता बरतने, यातायात सुचारु बनाए रखने तथा परीक्षार्थियों को समय से उनके गंतव्य तक पहुँचाने में सहयोग करने हेतु प्रेरित किया गया।
इस मौके पर लगभग 42 ऑटो/टैम्पो एवं ई-रिक्शा चालक उपस्थित रहे। जनपद प्रशासन द्वारा सभी चालकों से अपेक्षा की गई कि वे अनुशासन, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें, जिससे परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराया जा सके।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश, डी एल निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएं
फर्रूखाबाद l जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई l इस दौरान नये ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने एवं डी0एल0 निरस्तीकरण करने के निर्देश दिए गए l
जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर के निर्देश पर शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा कर प्रभावी नियंत्रण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाना रहा।
बैठक में यातायात कार्यालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों की समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि माह मार्च 2026 तक जनपद में कुल 127 सड़क दुर्घटनाएं घटित हुईं, जिनमें 89 व्यक्तियों की मृत्यु हुई।
इस दौरान दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष महोदय ने पुलिस एवं परिवहन विभाग को सघन प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिये।
अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 के दुर्घटना आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए नये ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने हेतु पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधारात्मक कार्यवाही—जैसे संकेतक चिन्हों की स्थापना, सड़क मरम्मत, स्पीड ब्रेकर एवं प्रकाश व्यवस्था—सुनिश्चित कर दुर्घटनाओं में कमी लाई जाए।
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि एवं उच्च मृत्यु दर को दृष्टिगत रखते हुए अध्यक्ष ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में दोषी पाए जाने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस (डी0एल0) निरस्त किये जाएं। इस क्रम में परिवहन विभाग द्वारा एक वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किये जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।
इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री ऐश्वर्या उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र पाल सिंह, अधिशासी अभियन्ता (प्रा0ख0/नि0ख0) लोक निर्माण विभाग मुरलीधर एवं अशोक कुमार, एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत, एसीएमओ डॉ0 सर्वेश कुमार यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, सहायक अभियन्ता सेतु निगम वी0पी0 चतुर्वेदी, परियोजना प्रबंधक सेतु निगम राजेन्द्र सिंह, एआरएम राजेश कुमार, टीएसआई सतेन्द्र कुमार, रोल आउट मैनेजर दीपक कुमार, आलोक बिहारी लाल, मुकेश गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा में जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* कछौना कस्बा स्थित श्री जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज कछौना पतसेनी की यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट में छात्र-छात्राओं ने परचम लहराया। बेहतर रिजल्ट देखकर छात्र-छात्राओं ने गुरुजनों व माता-पिता व विद्यालय परिवार का मान बढ़ाया। हाई स्कूल छात्र अभिषेक कुमार ने 90.50% अंक प्राप्त का प्रथम स्थान अर्जित किया, छात्र अनुराधा वर्मा ने 90.17% अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र सत्येंद्र कुमार राना ने 89.81 प्रतिशत अंक अर्जित कर तृतीय स्थान प्राप्त किया, छात्रा साक्षी भारतीय ने 89.83% अंक अर्जित का चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट परीक्षा में छत्र राज किशोर ने 87.80 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, छात्र आयुष चौरसिया ने 87.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र नैमिष राठौर ने 87.00% अंक अर्जित कर तृतीय प्राप्त किया, छात्र कौशल किशोर ने 87.00 प्रतिशत अंक अर्जित चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को विद्यालय प्रबंधक डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने सभी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी, परीक्षा परिणाम से छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने कहा परीक्षाएं जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है। सीखने की यात्रा का सिर्फ एक चरण है, सीखना जिंदगी भर चलता रहता है, परीक्षाएं सीखने, बैठने और खुद को समझने का अवसर है।
गयाजी के मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस गरिमामय अवसर पर कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी एवं प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए खुशी जताई। कॉलेज सचिव शब्बी आर्फीन शमसी ने बताया कि प्रस्तावित भवन में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षण प्रणाली भी और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1969 में स्थापित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने अपने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निरंतर प्रगति के साथ आज यह मगध विश्वविद्यालय के प्रमुख एवं अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्तमान में अध्यक्ष प्रो. हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी और प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के कुशल नेतृत्व में कॉलेज लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है।

संस्थान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल कैंपस की अवधारणा को साकार करते हुए कॉलेज के वोकेशनल भवन में बीसीए, बीबीए, बीएलआईएस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हैं. वर्तमान में कॉलेज में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगभग 60 कक्षाएं, 7 स्मार्ट क्लासरूम तथा 25 हजार से अधिक पुस्तकों से युक्त एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल गया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

साई कॉलेज के विद्यार्थियों ने राज्य वन अनुसंधान संस्थान का किया शैक्षिक भ्रमण

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बायोटेक्रालॉजी, एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर जुलॉजी और एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बॉटनी के विद्यार्थियों ने जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान में शैक्षिक भ्रमण किया। स्किल डेवलपमेंट एंड आउटरिच प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण का प्रारम्भ संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप वासुदेवा ने पॉवर प्वाईंट प्रजेंटेशन से संस्थान की गतिविधियां और अनुसंधान कार्य से अवगत कराया। डॉ. उदय होमकार, डॉ. शैलेंद्र सिंह यादव ने संग्राहलय और फॉरेस्ट कंजर्वेशन और नर्सरी तकनीक से विद्यार्थियों को रू-ब-रू कराया। बॉटेनिकल गार्डन के दुर्लभ पौधे विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। प्रयोगशाला में प्लांट टिस्यू कल्चर करना बेहद शानदार रहा। इस दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का निवारण हुआ।

डॉ. प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने वन प्रबंधन और उत्पादकता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने वन प्रबंधन की अवधारणा, संसाधनों के उपयोग, मृदा की भूमिका के बारे में बताया। विद्यार्थियों ने मृदा परीक्षण कर पौधों की अंकुरण प्रक्रिया और नर्सरी प्रबंधन को देखा। हार्वेरियम का भ्रमण बहुत ही रोमांचक रहा। विद्यार्थियों को संग्रह कला से अवगत कराया गया।

डॉ. अनरूद्ध मजूमदार ने वन्यजीव संख्या, निगरानी की तकनीक, लाइन ट्रांसेक्ट, कैमरा टै्रपिंग, जीन बैंक के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और संवधन में आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। डॉ. मयंक मकरंद वर्मा ने वन्यजीव प्रबंधन एवं जीनोमिक्स से अवगत कराया। वन्यजीव प्रबंधन, एनीमन बिहेवियर में आधुनिक तकनीक निर्णायक है जिससे विद्यार्थी अवगत हुए। बीज प्रौद्योगिकी, नर्सरी प्रबंधन, बीज संग्रहण, अंकुरण एवं पौधों के उत्पादन की विधियां विद्यार्थियों को बेहद आकर्षक लगीं। पौधों की गुणवत्ता और वानिकी विकास विद्यार्थियों के लिए प्रेरक रहा।

मॉलीक्यूलर बायोलॉजी लैब में डीएनए एक्सटै्रक्शन, पीसीआर पर करके दिखाया गया। रासायनिक उपयोग और उसकी प्रतिक्रिया से विद्यार्थी अवगत हुए। सभी को ग्रुप डिस्कशन और पीपीटी, रिपोर्ट तैयार करने की स्थितियों से रू-ब-रू कराया गया।

सहायक प्राध्यापक डॉ. एलपी गुप्ता, डॉ. दीप बराईक और कमलेश कुमार के नेतृत्व72 विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण किया।

लोक जनसंपर्क सम्मान से नवाजे जाएंगे सुनील वर्मा

भोपाल। राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। इस अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, भोपाल एक बहुआयामी आयोजन करेगी। इस दौरान बेहतर सेवाओं, उत्कृष्ट प्रदर्शन और अच्छी सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस कड़ी में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को भी सम्मान से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम सीएमई हॉल, जेके हॉस्पिटल, भोपाल पर सुबह 11 बजे होगा।

देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

अतिथि देवो भव की भावना से परीक्षार्थियों को वाहन में बिठाकर उन्हें परीक्षा केंद्र पर छोड़े, वाहन को ओवरलोड ना करें एआरटीओ
फर्रूखाबाद l उ0प्र0 होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेन्ट-2025 की प्रस्तावित लिखित परीक्षा को सकुशल, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से आज एआरटीओ कार्यालय में ऑटो/टैम्पो एवं ई-रिक्शा चालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह परीक्षा 25, 26 एवं 27 अप्रैल 2026 को दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें प्रत्येक पाली में लगभग 7000 परीक्षार्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है। परीक्षा में अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आगमन को दृष्टिगत रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने एवं परीक्षार्थियों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में एआरटीओ (प्रशासन) कृष्ण कुमार यादव द्वारा सभी चालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि परीक्षार्थियों से किसी भी स्थिति में निर्धारित दरों से अधिक किराया न वसूला जाए। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों से आने वाले परीक्षार्थी जनपद के अतिथि हैं, अतः उनके साथ “अतिथि देवो भवः” की भावना के अनुरूप विनम्र, शिष्ट एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत द्वारा वाहन चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही सवारियां बैठाएं तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न करें। उन्होंने सड़क सुरक्षा के नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न न करने के निर्देश भी दिए। साथ ही यह भी बताया गया कि प्रवर्तन टीमों द्वारा सतत निगरानी रखी जाएगी तथा उल्लंघन की स्थिति में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपस्थित चालकों को परीक्षा तिथियों के दौरान प्रमुख परीक्षा केंद्रों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन के आसपास विशेष सतर्कता बरतने, यातायात सुचारु बनाए रखने तथा परीक्षार्थियों को समय से उनके गंतव्य तक पहुँचाने में सहयोग करने हेतु प्रेरित किया गया।
इस मौके पर लगभग 42 ऑटो/टैम्पो एवं ई-रिक्शा चालक उपस्थित रहे। जनपद प्रशासन द्वारा सभी चालकों से अपेक्षा की गई कि वे अनुशासन, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें, जिससे परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराया जा सके।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश, डी एल निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएं
फर्रूखाबाद l जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई l इस दौरान नये ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने एवं डी0एल0 निरस्तीकरण करने के निर्देश दिए गए l
जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर के निर्देश पर शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा कर प्रभावी नियंत्रण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाना रहा।
बैठक में यातायात कार्यालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों की समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि माह मार्च 2026 तक जनपद में कुल 127 सड़क दुर्घटनाएं घटित हुईं, जिनमें 89 व्यक्तियों की मृत्यु हुई।
इस दौरान दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष महोदय ने पुलिस एवं परिवहन विभाग को सघन प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिये।
अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 के दुर्घटना आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए नये ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने हेतु पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधारात्मक कार्यवाही—जैसे संकेतक चिन्हों की स्थापना, सड़क मरम्मत, स्पीड ब्रेकर एवं प्रकाश व्यवस्था—सुनिश्चित कर दुर्घटनाओं में कमी लाई जाए।
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि एवं उच्च मृत्यु दर को दृष्टिगत रखते हुए अध्यक्ष ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में दोषी पाए जाने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस (डी0एल0) निरस्त किये जाएं। इस क्रम में परिवहन विभाग द्वारा एक वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किये जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।
इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री ऐश्वर्या उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र पाल सिंह, अधिशासी अभियन्ता (प्रा0ख0/नि0ख0) लोक निर्माण विभाग मुरलीधर एवं अशोक कुमार, एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत, एसीएमओ डॉ0 सर्वेश कुमार यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, सहायक अभियन्ता सेतु निगम वी0पी0 चतुर्वेदी, परियोजना प्रबंधक सेतु निगम राजेन्द्र सिंह, एआरएम राजेश कुमार, टीएसआई सतेन्द्र कुमार, रोल आउट मैनेजर दीपक कुमार, आलोक बिहारी लाल, मुकेश गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा में जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* कछौना कस्बा स्थित श्री जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज कछौना पतसेनी की यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट में छात्र-छात्राओं ने परचम लहराया। बेहतर रिजल्ट देखकर छात्र-छात्राओं ने गुरुजनों व माता-पिता व विद्यालय परिवार का मान बढ़ाया। हाई स्कूल छात्र अभिषेक कुमार ने 90.50% अंक प्राप्त का प्रथम स्थान अर्जित किया, छात्र अनुराधा वर्मा ने 90.17% अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र सत्येंद्र कुमार राना ने 89.81 प्रतिशत अंक अर्जित कर तृतीय स्थान प्राप्त किया, छात्रा साक्षी भारतीय ने 89.83% अंक अर्जित का चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट परीक्षा में छत्र राज किशोर ने 87.80 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, छात्र आयुष चौरसिया ने 87.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र नैमिष राठौर ने 87.00% अंक अर्जित कर तृतीय प्राप्त किया, छात्र कौशल किशोर ने 87.00 प्रतिशत अंक अर्जित चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को विद्यालय प्रबंधक डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने सभी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी, परीक्षा परिणाम से छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने कहा परीक्षाएं जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है। सीखने की यात्रा का सिर्फ एक चरण है, सीखना जिंदगी भर चलता रहता है, परीक्षाएं सीखने, बैठने और खुद को समझने का अवसर है।