अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी .
रितेश मिश्रा
हरदोई। आगामी अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनसामान्य से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। जारी अपील में कहा गया है कि बाल विवाह के कारण बेटियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसे रोकने के लिए सभी संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और समाज सेवकों से सहयोग मांगा गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर 181, 1098 और 112 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। इसके अलावा सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई, न्यू सिविल लाइन कॉलोनाइज्ड, सीडीओ आवास के पास, हरदोई में भी सूचना दी जा सकती है। प्रेस नोट में बताया गया है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने वालों में पंडित, मौलवी, टेंट, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और सहयोगी भी दोषी माने जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
बुजुर्ग पर लाठी डंडे व चाकू से हमला,रास्ते में घात लगाकर कर रहे थे इंतजार
*जबड़ा टूटा,आरोपी फरार

गोंडा।जिले के खोंडारे थाना क्षेत्र अंतर्गत दबंगई की एक वारदात सामने आई है।जिसमें अल्लीपुर नरहरपुर निवासी राजेश चतुर्वेदी अपने घर लौट रहे थे कि तभी उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया गया।यह घटना उस समय हुई जब राजेश मसकनवां बाजार से काम निपटा कर लौट रहे थे।दौलतपुर ग्रांट प्राथमिक विद्यालय के पास आरोपी अहमद पहले से घात लगाए बैठा था।जैसे ही राजेश वहाँ पहुंचे उनकी मोटरसाइकिल रोक दी गई और गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।आरोप है कि अहमद ने अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया,जिससे इस हमले में राजेश चतुर्वेदी गंभीर रूप से घायल हो गये।इस हमले में उनके जबड़े को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है और उनके शरीर पर कई चोटों के निशान हैं।पीड़ित राजेश चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनकी सोने की अंगूठी भी छीन लिया।घटना के बाद घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनका इलाज जारी है।मामले में थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि आरोपी अहमद के खिलाफ जानलेवा हमले समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है और आरोपी के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।पुलिस ने घायल का मेडिकल परीक्षण भी कराया है और मामले की जांच जारी है।घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

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महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।

लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल तय, सफर महंगा—ट्रेन अब भी सस्ता और सुविधाजनक विकल्प
लखनऊ। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल निर्धारित कर दिया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का न्यूनतम टोल 275 रुपये रखा गया है, जिसे आम यात्रियों के लिए महंगा माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 3600 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसके 15 मई के बाद उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है।

अधिकारियों का दावा है कि इस एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ से कानपुर तक का सफर करीब 35 से 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं जाता, बल्कि उन्नाव के शुक्लागंज तक ही सीमित है। इसके बाद यात्रियों को जाजमऊ होते हुए शहर में प्रवेश करना होगा, जहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कुल यात्रा समय बढ़कर डेढ़ से दो घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

दूसरी ओर, रेलवे सेवाएं यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और किफायती विकल्प बनी हुई हैं। तेजस एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से लखनऊ से कानपुर का सफर लगभग 1 घंटे 10 मिनट से 1 घंटे 20 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इन ट्रेनों का किराया भी 489 से 500 रुपये के बीच है, जबकि अन्य ट्रेनों में स्लीपर और एसी श्रेणी में इससे भी कम किराये पर यात्रा संभव है।

टोल दरों की बात करें तो कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का शुल्क 275 रुपये रखा गया है, जबकि हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए 445 रुपये, बस और ट्रक के लिए 935 रुपये तथा थ्री एक्सल वाहनों के लिए 1020 रुपये टोल निर्धारित किया गया है।

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में किया गया है। पहला चरण स्कूटर इंडिया से बनी तक और दूसरा चरण बनी से उन्नाव के शुक्लागंज तक विकसित किया गया है। हालांकि, इसे लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि जब एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं पहुंचता, तो इसे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कहना पूरी तरह उचित नहीं है।

कुल मिलाकर, जहां एक ओर एक्सप्रेसवे तेज सफर का विकल्प देने का दावा करता है, वहीं अधिक टोल और शहर में प्रवेश की संभावित दिक्कतों के कारण यात्रियों के लिए ट्रेन फिलहाल अधिक बेहतर और किफायती विकल्प बनी हुई है।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट
मंडलायुक्त ने एडीजी जोन और अधिकारियों के साथ किया निरिक्षण

रितेश मिश्रा
हरदोई।मल्लावा थाना छेत्र से निकले नव निर्मित गंगा एक्सप्रेस वे के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को लेकर छेत्रीय विधायक के साथ जिले के आला अधिकारी तैयारियों में दिन रात एक कर रहे हैँ।
        शुक्रवार को प्रधानमंत्री नारेन्द्र मोदी के संभावित दौरे में सुरक्षा के दृष्टि कोण से लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार,आईजी जोन किरन एस के साथ गंगा एक्सप्रेस वे का जिलाधिकारी अनुनय झा और एसपी अशोक कुमार मीणा के साथ निरिक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
पूर्व विधायक बब्बू ने अग्नि पीड़ित कृषकों को दी एक लाख की आर्थिक सहायता
विद्युत लाइन कि चिंगारी गिरने से जल गई थी पीड़ितों कि 25 एकड़ गेहूं कि फसल

रितेश मिश्रा
हरदोई शाहाबाद विधान सभा  क्षेत्र के ग्राम पारा में बिजली विभाग की लापवाही की वजह से लगी आग में किसानों की लगभग 25 एकड़ फसल जलकर राख हो गई।इस घटना में पप्पू सिंह उर्फ बलविंदर सिंह की 15 एकड़,कुलदीप सिंह की 4 एकड़,सुखबिंदर सिंह की 4 एकड़ और धनराज की सात बीघा फसल जलकर राख हो गई।इस घटना से प्रभावित किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू मौके पर पहुंचे और पीड़ित किसानों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और उन्हें ढाढस बंधाया।किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को पूर्व विधायक ने अपने आवास पर सहायता के रूप में एक लाख रुपये का चेक प्रभावित किसानों को प्रदान किया।पूर्व विधायक आसिफ खां ने कहा कि किसानों की यह क्षति अत्यंत दुखद है और इस कठिन समय में हर संभव मदद की जाएगी।उन्होंने प्रशासन से भी मांग की कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति संभल सके।पीड़ित किसानों ने इस सहायता के लिए पूर्व विधायक का आभार व्यक्त किया और अमनदीप सिंह पुत्र बलविंदर सिंह ने बताया कि उनकी 15 एकड़ फसल 14 अप्रैल को लगभग दोपहर 11 बजे तार टूटने से लगी आग से बर्बाद होने से वे काफी हताश है।उन्होंने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद भी उनके खेत से निकली 440 वाट की लाइन की सप्लाई को बंद नहीं किया गया जिससे भारी क्षति हो गई।इस बड़े नुकसान से फसल बर्बाद होने से वे सभी आर्थिक रूप से काफी समस्या ग्रस्त है
खाकी का अहंकार,सच से खुली जंग, लोनार कोतवाली ग्रुप से 13 पत्रकार बाहर,मचा बवाल
रितेश मिश्रा
हरदोई की लोनार कोतवाली में इस समय कानून-व्यवस्था से ज्यादा चर्चा अहंकार व्यवस्था की हो रही है और इसके केंद्र में हैं इंस्पेक्टर राकेश यादव।मामला उस युवती से जुड़ा है जो बावन चौराहे के पास झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी,चेहरे पर चोटें,गंभीर स्थिति और हालात ऐसे कि पूरा दृश्य सवाल खड़े कर रहा था।पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया,लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने घटनास्थल की स्थिति और तथ्यों के आधार पर संभावित आशंका के साथ खबरें चलाईं,मामला जांच से हटकर “सवाल बनाम सिस्टम” में बदल गया।

विवाद तब खड़ा हुआ जब इंस्पेक्टर राकेश यादव ने लोनार कोतवाली के डिजिटल वालंटियर ग्रुप से एक झटके में 13 पत्रकारों को बाहर कर दिया।ग्रुप से हटाने से पहले उन्हें “अज्ञानी” कहकर संबोधित किया गया और संदेश लिखा—“अज्ञानी मित्र से अच्छा ज्ञानी शत्रु होता है।” यह बात अब सिर्फ एक टिप्पणी नहीं,बल्कि पत्रकारिता पर सीधा सवाल है।यानी संदेश साफ है जो सवाल पूछेगा उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि पहले भी सांडी क्षेत्र में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर राकेश यादव पर पत्रकारों से टकराव और विवाद के आरोप लग चुके हैं।लोनार में भी एक पत्रकार पर अभद्रता और फिर कानूनी कार्रवाई की चर्चा ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।फिलहाल, ग्रुप से 13 पत्रकारों के बाहर किए जाने का मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्रकार संगठनों ने इसे गंभीर मानते हुए विरोध शुरू कर दिया है।अब मामला सिर्फ ग्रुप से हटाने का नहीं,बल्कि सवालों को दबाने का बन गया है।लोग कह रहे हैं कि इंस्पेक्टर राकेश यादव ने अपराधी पकड़ने में भी इतनी फुर्ती दिखाई होती तो शायद इलाके में क्राइम का ग्राफ शून्य होता।
मुठभेड़ में घायल कर पुलिस ने दो बदमाशों सहित आठ अंतर्जनपदीय बदमाशों को किया गिरफ्तार
तेल चुराने के उपकरण, विद्युत तार,नगदी, एक कार और तमंचे बरामद

रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर से तेल चोरी और विद्युत तार चोरी की घटनाओं में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शुक्रवार की रात मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक कार, नगदी और तमंचे बरामद किये हैँ। प्राप्त विवरण में 01 अप्रैल को अस्लम खान पुत्र मो० इनुश चौकीदार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौसार द्वारा थाना अरवल पर तहरीर दि गयी कि 31 मार्च को अज्ञात चोरों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर मे लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया गया है।1 फरवरी को अमन गुप्ता अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र सांडी रोड ग्रामीण द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत ग्राम उमरौला में पोखरी रोड पर 250 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा कपर क्वाइल चोरी कर लिया गया है।4 फ़रवरी को अभिषेक यादव अवर अभियंता 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र आशा नगर द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दि गयी कि 3 फ़रवरी को चांदमारी स्थित 400 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल चोरी कर लिया गया।26 मार्च को अमन सक्सेना अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र मन्नापुरवा दवारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि 25 मार्च को ग्राम खेतई स्थित 250 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल, कोर बाइण्डिंग व बुशिंग रॉड चोरी कर ली गयी है।चोरी के चारो मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
     पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा उक्त घटनाओं के सफल अनावरण हेतु पुलिस टीमों का गठन कर लगाया गया ।
         एसपी द्वारा गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों से पूछताछ व सर्विलांस आदि की सहायता से उपरोक्त घटना से सम्बन्धित प्रकाश में आये अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निरन्तर प्रयास किया। इसी दौरान 17 अप्रैल की रात्रि को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि उपरोक्त चोरी की घटना से संबंधित अभियुक्तगण थाना अरवल क्षेत्रान्तर्गत हरपालपुर चौसार रोड पर पिलिया गटवासा गांव के पास ट्रांसफार्मर से तेल चोरी करने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पर थाना प्रभारी अरवल अनिल सिंह और स्वाट/सर्विलांस के प्रभारी राजेश यादव और अब्दुल जब्बार द्वारा ग्राम पिलिया गटवासा में ट्रांसफार्मर के निकट चोरो की गिरफ्तारी का जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने तेल चुराने आये चोरों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ फायरिंग की गयी, जिसमे सत्येन्द्र पुत्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद और गजेन्द्र पत्र इनाम सिंह निवासी ग्राम नगला कटीक थाना पटियाली जनपद कासगंज गोली लगने से घायल हो गये तथा पुलिस टीम द्वारा प्रवेश पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,सुरेन्द्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,अनूप पुत्र स्लेटी सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,मुनेन्द्र पुत्र भैय्यालाल निवसी ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर,रोहित पुत्र देव कुमार ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर और अजय पुत्र सत्यवान ग्राम अजत्पुर थाना हरपालपुर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया।
     पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 49,000/- रुपये नगदी, एक अदद कार, 03 अदद बंडल कॉपर, 50लीटर तेल (टांसफार्मर का), ट्रांसफार्मर खोलने के उपकरण, 02 तमंचे 315 बोर, 04 जिंदा कारतूस एवं 02 खोखा कारतूस बरामद किये गए। पुलिस टीम द्वारा घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रवीन्द्र भवन में संपन्न

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन एवं स्थान ग्रहण के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथिगण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का सूत की माला से स्वागत किया गया।

सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका, उनके कार्य एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. संजय कामले द्वारा आगामी “जनसंवाद सम्मेलनों” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी द्वारा प्रदेश स्तरीय ब्लॉक “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य किसी पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है और इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी।

 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे और 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।

- संगठन विस्तार एवं जनसंवाद को प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा 

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि पार्टी में एक प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग लिया जाएगा। यह राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ही संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहकर कार्यकर्ताओं के सामूहिक योगदान से सशक्त बनेगी और आमजन के साथ सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

श्री चौधरी ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मंडल, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर संगठन का सुदृढ़ गठन सुनिश्चित करें तथा गांव-गांव जाकर इकाइयों एवं बीएलए-2 का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आकलन करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, जबकि ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का आकलन भी आगामी छह माह में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त एवं श्रीमती उषा नायडू, रणविजय लोचन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं गोविंद सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीईसी सदस्य ओमकार मरकाम एवं cwc सदस्य कमलेश्वर पटेल , विधायक आरिफ मसूद, एवं आतिफ अकील पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, फुंदेलाल मार्को, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित समस्त विधायकगण,जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ एवं विभागों के अध्यक्षगण तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी .
रितेश मिश्रा
हरदोई। आगामी अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनसामान्य से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। जारी अपील में कहा गया है कि बाल विवाह के कारण बेटियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसे रोकने के लिए सभी संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और समाज सेवकों से सहयोग मांगा गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर 181, 1098 और 112 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। इसके अलावा सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई, न्यू सिविल लाइन कॉलोनाइज्ड, सीडीओ आवास के पास, हरदोई में भी सूचना दी जा सकती है। प्रेस नोट में बताया गया है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने वालों में पंडित, मौलवी, टेंट, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और सहयोगी भी दोषी माने जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
बुजुर्ग पर लाठी डंडे व चाकू से हमला,रास्ते में घात लगाकर कर रहे थे इंतजार
*जबड़ा टूटा,आरोपी फरार

गोंडा।जिले के खोंडारे थाना क्षेत्र अंतर्गत दबंगई की एक वारदात सामने आई है।जिसमें अल्लीपुर नरहरपुर निवासी राजेश चतुर्वेदी अपने घर लौट रहे थे कि तभी उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया गया।यह घटना उस समय हुई जब राजेश मसकनवां बाजार से काम निपटा कर लौट रहे थे।दौलतपुर ग्रांट प्राथमिक विद्यालय के पास आरोपी अहमद पहले से घात लगाए बैठा था।जैसे ही राजेश वहाँ पहुंचे उनकी मोटरसाइकिल रोक दी गई और गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।आरोप है कि अहमद ने अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया,जिससे इस हमले में राजेश चतुर्वेदी गंभीर रूप से घायल हो गये।इस हमले में उनके जबड़े को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है और उनके शरीर पर कई चोटों के निशान हैं।पीड़ित राजेश चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनकी सोने की अंगूठी भी छीन लिया।घटना के बाद घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनका इलाज जारी है।मामले में थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि आरोपी अहमद के खिलाफ जानलेवा हमले समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है और आरोपी के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।पुलिस ने घायल का मेडिकल परीक्षण भी कराया है और मामले की जांच जारी है।घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

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महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।

लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल तय, सफर महंगा—ट्रेन अब भी सस्ता और सुविधाजनक विकल्प
लखनऊ। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल निर्धारित कर दिया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का न्यूनतम टोल 275 रुपये रखा गया है, जिसे आम यात्रियों के लिए महंगा माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 3600 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसके 15 मई के बाद उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है।

अधिकारियों का दावा है कि इस एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ से कानपुर तक का सफर करीब 35 से 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं जाता, बल्कि उन्नाव के शुक्लागंज तक ही सीमित है। इसके बाद यात्रियों को जाजमऊ होते हुए शहर में प्रवेश करना होगा, जहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कुल यात्रा समय बढ़कर डेढ़ से दो घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

दूसरी ओर, रेलवे सेवाएं यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और किफायती विकल्प बनी हुई हैं। तेजस एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से लखनऊ से कानपुर का सफर लगभग 1 घंटे 10 मिनट से 1 घंटे 20 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इन ट्रेनों का किराया भी 489 से 500 रुपये के बीच है, जबकि अन्य ट्रेनों में स्लीपर और एसी श्रेणी में इससे भी कम किराये पर यात्रा संभव है।

टोल दरों की बात करें तो कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का शुल्क 275 रुपये रखा गया है, जबकि हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए 445 रुपये, बस और ट्रक के लिए 935 रुपये तथा थ्री एक्सल वाहनों के लिए 1020 रुपये टोल निर्धारित किया गया है।

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में किया गया है। पहला चरण स्कूटर इंडिया से बनी तक और दूसरा चरण बनी से उन्नाव के शुक्लागंज तक विकसित किया गया है। हालांकि, इसे लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि जब एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं पहुंचता, तो इसे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कहना पूरी तरह उचित नहीं है।

कुल मिलाकर, जहां एक ओर एक्सप्रेसवे तेज सफर का विकल्प देने का दावा करता है, वहीं अधिक टोल और शहर में प्रवेश की संभावित दिक्कतों के कारण यात्रियों के लिए ट्रेन फिलहाल अधिक बेहतर और किफायती विकल्प बनी हुई है।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट
मंडलायुक्त ने एडीजी जोन और अधिकारियों के साथ किया निरिक्षण

रितेश मिश्रा
हरदोई।मल्लावा थाना छेत्र से निकले नव निर्मित गंगा एक्सप्रेस वे के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को लेकर छेत्रीय विधायक के साथ जिले के आला अधिकारी तैयारियों में दिन रात एक कर रहे हैँ।
        शुक्रवार को प्रधानमंत्री नारेन्द्र मोदी के संभावित दौरे में सुरक्षा के दृष्टि कोण से लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार,आईजी जोन किरन एस के साथ गंगा एक्सप्रेस वे का जिलाधिकारी अनुनय झा और एसपी अशोक कुमार मीणा के साथ निरिक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
पूर्व विधायक बब्बू ने अग्नि पीड़ित कृषकों को दी एक लाख की आर्थिक सहायता
विद्युत लाइन कि चिंगारी गिरने से जल गई थी पीड़ितों कि 25 एकड़ गेहूं कि फसल

रितेश मिश्रा
हरदोई शाहाबाद विधान सभा  क्षेत्र के ग्राम पारा में बिजली विभाग की लापवाही की वजह से लगी आग में किसानों की लगभग 25 एकड़ फसल जलकर राख हो गई।इस घटना में पप्पू सिंह उर्फ बलविंदर सिंह की 15 एकड़,कुलदीप सिंह की 4 एकड़,सुखबिंदर सिंह की 4 एकड़ और धनराज की सात बीघा फसल जलकर राख हो गई।इस घटना से प्रभावित किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू मौके पर पहुंचे और पीड़ित किसानों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और उन्हें ढाढस बंधाया।किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को पूर्व विधायक ने अपने आवास पर सहायता के रूप में एक लाख रुपये का चेक प्रभावित किसानों को प्रदान किया।पूर्व विधायक आसिफ खां ने कहा कि किसानों की यह क्षति अत्यंत दुखद है और इस कठिन समय में हर संभव मदद की जाएगी।उन्होंने प्रशासन से भी मांग की कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति संभल सके।पीड़ित किसानों ने इस सहायता के लिए पूर्व विधायक का आभार व्यक्त किया और अमनदीप सिंह पुत्र बलविंदर सिंह ने बताया कि उनकी 15 एकड़ फसल 14 अप्रैल को लगभग दोपहर 11 बजे तार टूटने से लगी आग से बर्बाद होने से वे काफी हताश है।उन्होंने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद भी उनके खेत से निकली 440 वाट की लाइन की सप्लाई को बंद नहीं किया गया जिससे भारी क्षति हो गई।इस बड़े नुकसान से फसल बर्बाद होने से वे सभी आर्थिक रूप से काफी समस्या ग्रस्त है
खाकी का अहंकार,सच से खुली जंग, लोनार कोतवाली ग्रुप से 13 पत्रकार बाहर,मचा बवाल
रितेश मिश्रा
हरदोई की लोनार कोतवाली में इस समय कानून-व्यवस्था से ज्यादा चर्चा अहंकार व्यवस्था की हो रही है और इसके केंद्र में हैं इंस्पेक्टर राकेश यादव।मामला उस युवती से जुड़ा है जो बावन चौराहे के पास झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी,चेहरे पर चोटें,गंभीर स्थिति और हालात ऐसे कि पूरा दृश्य सवाल खड़े कर रहा था।पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया,लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने घटनास्थल की स्थिति और तथ्यों के आधार पर संभावित आशंका के साथ खबरें चलाईं,मामला जांच से हटकर “सवाल बनाम सिस्टम” में बदल गया।

विवाद तब खड़ा हुआ जब इंस्पेक्टर राकेश यादव ने लोनार कोतवाली के डिजिटल वालंटियर ग्रुप से एक झटके में 13 पत्रकारों को बाहर कर दिया।ग्रुप से हटाने से पहले उन्हें “अज्ञानी” कहकर संबोधित किया गया और संदेश लिखा—“अज्ञानी मित्र से अच्छा ज्ञानी शत्रु होता है।” यह बात अब सिर्फ एक टिप्पणी नहीं,बल्कि पत्रकारिता पर सीधा सवाल है।यानी संदेश साफ है जो सवाल पूछेगा उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि पहले भी सांडी क्षेत्र में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर राकेश यादव पर पत्रकारों से टकराव और विवाद के आरोप लग चुके हैं।लोनार में भी एक पत्रकार पर अभद्रता और फिर कानूनी कार्रवाई की चर्चा ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।फिलहाल, ग्रुप से 13 पत्रकारों के बाहर किए जाने का मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्रकार संगठनों ने इसे गंभीर मानते हुए विरोध शुरू कर दिया है।अब मामला सिर्फ ग्रुप से हटाने का नहीं,बल्कि सवालों को दबाने का बन गया है।लोग कह रहे हैं कि इंस्पेक्टर राकेश यादव ने अपराधी पकड़ने में भी इतनी फुर्ती दिखाई होती तो शायद इलाके में क्राइम का ग्राफ शून्य होता।
मुठभेड़ में घायल कर पुलिस ने दो बदमाशों सहित आठ अंतर्जनपदीय बदमाशों को किया गिरफ्तार
तेल चुराने के उपकरण, विद्युत तार,नगदी, एक कार और तमंचे बरामद

रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर से तेल चोरी और विद्युत तार चोरी की घटनाओं में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शुक्रवार की रात मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक कार, नगदी और तमंचे बरामद किये हैँ। प्राप्त विवरण में 01 अप्रैल को अस्लम खान पुत्र मो० इनुश चौकीदार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौसार द्वारा थाना अरवल पर तहरीर दि गयी कि 31 मार्च को अज्ञात चोरों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर मे लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया गया है।1 फरवरी को अमन गुप्ता अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र सांडी रोड ग्रामीण द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत ग्राम उमरौला में पोखरी रोड पर 250 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा कपर क्वाइल चोरी कर लिया गया है।4 फ़रवरी को अभिषेक यादव अवर अभियंता 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र आशा नगर द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दि गयी कि 3 फ़रवरी को चांदमारी स्थित 400 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल चोरी कर लिया गया।26 मार्च को अमन सक्सेना अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र मन्नापुरवा दवारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि 25 मार्च को ग्राम खेतई स्थित 250 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल, कोर बाइण्डिंग व बुशिंग रॉड चोरी कर ली गयी है।चोरी के चारो मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
     पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा उक्त घटनाओं के सफल अनावरण हेतु पुलिस टीमों का गठन कर लगाया गया ।
         एसपी द्वारा गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों से पूछताछ व सर्विलांस आदि की सहायता से उपरोक्त घटना से सम्बन्धित प्रकाश में आये अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निरन्तर प्रयास किया। इसी दौरान 17 अप्रैल की रात्रि को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि उपरोक्त चोरी की घटना से संबंधित अभियुक्तगण थाना अरवल क्षेत्रान्तर्गत हरपालपुर चौसार रोड पर पिलिया गटवासा गांव के पास ट्रांसफार्मर से तेल चोरी करने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पर थाना प्रभारी अरवल अनिल सिंह और स्वाट/सर्विलांस के प्रभारी राजेश यादव और अब्दुल जब्बार द्वारा ग्राम पिलिया गटवासा में ट्रांसफार्मर के निकट चोरो की गिरफ्तारी का जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने तेल चुराने आये चोरों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ फायरिंग की गयी, जिसमे सत्येन्द्र पुत्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद और गजेन्द्र पत्र इनाम सिंह निवासी ग्राम नगला कटीक थाना पटियाली जनपद कासगंज गोली लगने से घायल हो गये तथा पुलिस टीम द्वारा प्रवेश पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,सुरेन्द्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,अनूप पुत्र स्लेटी सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,मुनेन्द्र पुत्र भैय्यालाल निवसी ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर,रोहित पुत्र देव कुमार ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर और अजय पुत्र सत्यवान ग्राम अजत्पुर थाना हरपालपुर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया।
     पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 49,000/- रुपये नगदी, एक अदद कार, 03 अदद बंडल कॉपर, 50लीटर तेल (टांसफार्मर का), ट्रांसफार्मर खोलने के उपकरण, 02 तमंचे 315 बोर, 04 जिंदा कारतूस एवं 02 खोखा कारतूस बरामद किये गए। पुलिस टीम द्वारा घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रवीन्द्र भवन में संपन्न

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन एवं स्थान ग्रहण के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथिगण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का सूत की माला से स्वागत किया गया।

सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका, उनके कार्य एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. संजय कामले द्वारा आगामी “जनसंवाद सम्मेलनों” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी द्वारा प्रदेश स्तरीय ब्लॉक “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य किसी पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है और इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी।

 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे और 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।

- संगठन विस्तार एवं जनसंवाद को प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा 

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि पार्टी में एक प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग लिया जाएगा। यह राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ही संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहकर कार्यकर्ताओं के सामूहिक योगदान से सशक्त बनेगी और आमजन के साथ सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

श्री चौधरी ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मंडल, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर संगठन का सुदृढ़ गठन सुनिश्चित करें तथा गांव-गांव जाकर इकाइयों एवं बीएलए-2 का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आकलन करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, जबकि ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का आकलन भी आगामी छह माह में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त एवं श्रीमती उषा नायडू, रणविजय लोचन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं गोविंद सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीईसी सदस्य ओमकार मरकाम एवं cwc सदस्य कमलेश्वर पटेल , विधायक आरिफ मसूद, एवं आतिफ अकील पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, फुंदेलाल मार्को, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित समस्त विधायकगण,जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ एवं विभागों के अध्यक्षगण तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षगण उपस्थित रहे।