अगले साल से ऑनलाइन होगी नीट की परीक्षा, पेपर लीक के बीच केन्द्र सरकार का बड़ा ऐलान

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परीक्षा रद्द होने के बाद नई डेट घोषित की गई। नीट री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। नीट यूजी परीक्षा अगले साल से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पर डिटेल में जानकारी दी है।

नीट पेपर कैंसिल करना कड़ा फैसला-प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीट परकीक्षा रद्द किए जानें को लेकर कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीट पेपर कैंसिल करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा, छात्रों के प्रति सरकार की पूरी संवेदनाएं हैं। नीट पेपर लीक और गड़बडी के माफिया के खिलाफ अभियान जारी है।

21 जून को दोबारा होगी परीक्षा

शिक्षा मंत्री ने कहा, तीन मई को परीक्षा हुई थी और सात मई को एनटीए के पास कहीं से आपत्ति आई कि गेस पेपर में ऐसे कुछ प्रश्न आए हैं, जो इस बार के पेपर में थे। एनटीए और सरकार ने तुरंत उसकी जांच की। राज्यों की एजेसियों से संपर्क किया गया। जब हम स्पष्ट हुए कि इस बार पेपर लीक हुआ है, हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं के षड्यंत्र के कारण किसी भी सही छात्र के अधिकार वंचित हो जाएं। इसलिए हमने 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दिया। हमने आज परीक्षा की नई तिथि की घोषणा की। नीट की फिर से परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

परीक्षा शुल्क वापस करेगी एनटीए

धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न पड़े। इसी के तहत एनटीए परीक्षा शुल्क भी वापस करेगी। साथ ही उम्मीदवारों का मानसिक तनाव कम करने के लिए एक बड़ा बदलाव नीट यूजी की टाइमिंग में किया गया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। छात्रों को इस बार अपनी सुविधा अनुसार परीक्षा शहर और सेंटर चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी। वहीं एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।

पेपर लीक कके बाद कैंसिल हुई थी परीक्षा

नीट यूजी की परीक्षा 3 मई को देशभर में आयोजित की गई थी। इसके बाद पेपर लीक और परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने की जानकारी सामने आते ही इसकी जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया था। मामले की जांच चल रही है।

नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवा की रीढ़: जीवेश त्रिपाठी
राजा कोठी वार्ड-9 में नर्स दिवस पर जीवेश त्रिपाठी ने किया नर्सों का सम्मान



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,शंकरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत राजा कोठी वार्ड नंबर 9 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में राजा कमलाकर डिग्री कॉलेज के पास के स्थानीय निवासी जीवेश त्रिपाठी ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्य को समाज सेवा बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। यह समर्पण ही उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाता है। जीवेश त्रिपाठी ने कहा, नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं बल्कि त्याग और ममता का दूसरा नाम है। कोविड महामारी से लेकर हर आपात स्थिति में नर्सों ने फ्रंटलाइन पर रहकर मानवता की रक्षा की है। शंकरगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने क्षेत्र की सभी नर्सों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्य वातावरण और उज्जवल भविष्य की कामना की।
थाना होलागढ़ में पति ने पति लगाया मायके में घुसकर पत्नी और भतीजे को मारने पीटने का आरोप


विश्वनाथ प्रताप सिंह

घटना सीसीटीवी में कैद, जान से मारने की धमकी का आरोप
होलागढ़ इलाके चार दिनों में हुई बड़ी घटनाएं,पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो होगी बड़ी घटना
प्रयागराज,होलागढ़ । इलाके  के दहियावां निवासी काजल जायसवाल ने अपने पति पर मायके में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जिसमें उनके भतीजे को भी पीटा गया।
शिकायत के अनुसार, कानपुर नगर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित यशोदा नगर निवासी उनके पति आज जायसवाल अवैध हथियार (कट्टा) लेकर दहियावां स्थित उनके मायके पहुंचे। उन्होंने काजल जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। जब उनके भतीजे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो जायसवाल ने उसे भी लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। काजल जायवर्षों से अपने मायके दहियावां में रह रही हैं। उनके और पति के बीच मारपीट तथा घरेलू विवाद को लेकर एक मुकदमा चल रहा है।
ई टिकटिंग अवैध कारोबारी जिला बदर घोषित,घर पर कराई गई डुग्गी मुनादी
*गुंडा एक्ट के तहत छ: महीने के लिए हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ई टिकटिंग के अवैध कारोबारी शमशेर आलम को जिला बदर कर दिया गया है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के न्यायालय ने शमशेर आलम को गुंडा एक्ट के अंतर्गत दोषी घोषित करते हुए छ: माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद खोंड़ारे थाने की पुलिस शमशेर आलम के कोल्हुई गरीब गांव स्थित घर पहुंच गई और डुग्गी मुनादी कराकर उन्हें जिलाबदर किए जाने की जानकारी दी।आदेश के अनुसार,शमशेर आलम अगले छ: महीने तक गोंडा जिले के सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे और उन्हें किसी अन्य जिले में रहना होगा।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के रिपोर्ट पर की गई है।आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शमशेर आलम एक शातिर अपराधी है,जिसका समाज में इतना भय और आतंक व्याप्त है कि कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने या न्यायालय में साक्ष्य देने की हिम्मत नहीं कर पाता।शमशेर आलम बड़े पैमाने पर फर्जी आईबोल और रेडबोल जैसे साफ्टवेयर तथा यूट्यूब का उपयोग करके रेलवे टिकट की वेबसाइट को हैक कर ई टिकट का अवैध कारोबार करता था।उसे रेलवे पुलिस और कई जांच एजेंसियों द्वारा पहले भी कई बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,इसके बावजूद वह लगातार अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा।खोंड़ारे थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर शमशेर आलम को छ: माह के लिए जिलाबदर किया गया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शमशेर आलम उक्त छ: माह के दौरान गोंडा जिले की सीमा में पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यहाँ यह बताना आवश्यक है कि कई बार रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियों के द्वारा शमशेर आलम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी,परन्तु उसके बावजूद भी इसके द्वारा बड़े पैमाने पर इस तरीके से कार्य किया जा रहा है।कई राज्य में और कई जगहों पर शमशेर आलम के खिलाफ अवैध टिकट कारोबार को  लेकर के भी मुकदमा दर्ज है।जिसकी जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
शुभांगी शुक्ला बनी भदोही की एडीएम वित्त एवं राजस्व
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। लंबे समय से जिले में तैनात अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य का स्थानांतरण मेरठ हो गया है। उनकी जगह मेरठ में अपर जिला अधिकारी रहीं शुभांगी शुक्ला को भदोही की जिम्मेदारी दी गई है। एक, दो दिन में वे जिले का कार्यभार संभाल लेंगी। कुंवर वीरेंद्र मौर्य बीते तीन साल से जनपद में तैनात थे। उन्हें एडीएम मेरठ, उप संचालक चकबंदी बनाया गया है।
भदोही पुलिस अधीक्षक ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित: हाईस्कूल-इंटर में 90 से अधिक अंक पाने वाले पुलिसकर्मियों के बच्चों का सम्मान
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने पुलिस लाइन ज्ञानपुर परेड ग्राउंड में साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल की कार्यवाही का अवलोकन कर उसे और बेहतर तरीके से करने हेतु संबंधित को निर्देशित किया। इसके पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण किया और वहां निर्माणाधीन नए बैरकों के कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने एमटी कार्यालय और वहां के अभिलेखों के रख-रखाव को भी परखा। निरीक्षण के इसी क्रम में, परेड ग्राउंड पर मौजूद यूपी-112 की गाड़ियों और एमटी अनुभाग के राजकीय वाहनों व उनमें उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की गई। व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। परेड व निरीक्षण के उपरांत, पुलिस अधीक्षक ने अर्दली रूम किया, जिसमें रजिस्टर पेशी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन कर उन्हें अद्यतन रखने हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में, शैक्षिक सत्र 2025-26 की हाईस्कूल/इंटरमीडिएट परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर जनपद भदोही पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं में कृतिका यादव (हेड ऑपरेटर, रेडियो शाखा के देवमणि यादव की पुत्री) ने 95.40अंक प्राप्त किए। अर्चिता यादव (उपनिरीक्षक, यातायात शाखा के श्री धर्मेंद्र यादव की पुत्री) ने 92.60 अंक प्राप्त किए, जबकि शुभम यादव (मुख्य आरक्षी, पुलिस लाइन के राजकुमार यादव का पुत्र) ने 92.80अंक प्राप्त किए।

भदोही पुलिस परिवार को इन सभी प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व है। जनपद पुलिस द्वारा सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने हेतु शुभाशीष प्रदान किया गया।
जिले के चिन्हित अस्पताल में मरीज होंगे रेफर, बेहतर होंगी स्वास्थ्य व्यवस्था

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले की सीएचसी से रेफर हो रहे मरीजों को लेकर अब मनमानी नहीं चलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी के मरीजों को अब चिह्नित अस्पताल में ही रेफर किया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ, औराई और गोपीगंज के मरीज को जिला अस्पताल और सुरियावां, भदोही और भानीपुर के मरीजों को भदोही एमबीएस में रेफर किया जाएगा। रोजाना सीएचसी पर 80 से 100 मरीजों की इमरजेंसी होती है। इसमें से 30 से 35 मरीज रेफर किए जाते हैं। जिले में छह सीएचसी है, इमसें भानीपुर, भदोही, सुरियावां, औराई, डीघ, गोपीगंज है। यहां रोजाना 2200 से 2500 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 80 से 100 की इमरजेंसी होती है। इसमें से सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को रेफर किया जाता है। ज्यादातर मरीजों को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता था। महाराजा बलवत सिंह राजकीय चिकित्सालय में केवल भदोही सीएचसी के ही मरीज रेफर होते है। जिला अस्पताल की अपेक्षा भदोही एमबीएस में 10 डॉक्टर अधिक है। यहां कुल 22 डॉक्टरों की तैनाती है। सीएमओ डॉक्टर एसके चक ने एक नई पहल की शुरूआत की है। इसके तहत सुरियावां, भानीपुर, भदोही सीएचसी के मरीज भदोही एमबीएस में रेफर किए जाएंगे। इसके अलावा औराई, गोपीगंज, डीघ सीएचसी के मरीज जिला अस्पताल रेफर किए जाएंगे। रेफर पर्ची पर साफ अक्षरों में अस्पताल का नाम लिखा जाएगा। जिस पर्ची पर अस्पताल का नाम नहीं होगा, वहां के अधीक्षक से जवाब मांगा जाएगा। किसी भी सीएचसी के मरीज किसी दूसरे अस्पताल में मरीज लेकर नहीं जाएंगे। इसके अलावा भदोही एमबीएस के मरीज जिला अस्पताल नहीं आएंगा। जिला अस्पताल, एमबीएस से मरीज सीधे मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाएंगे।
पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुए पीएम मोदी, आज यूएई के राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों के दौरे पर रहेंगे। मोदी 5 देशों की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी अगले 6 दिनों में यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी कई विश्व नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मकसद भारत की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना है। उनका पहला पड़ाव यूएई होगा, जहां वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।

क्या होगा यूएई यात्रा का मुख्य फोकस?

पीएम मोदी सबसे पहले यूएई जाएंगे। पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत करेंगे।

यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत

बता दें कि यूएई भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक अहम साझीदार रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल यूएई कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्रोत था, जिसने भारत की जरूरत का लगभग 11% हिस्सा पूरा किया। यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत है, जो भारत की जरूरत का लगभग 40% हिस्सा पूरा करता है। लंबे समय के लिए सप्लाई के समझौते होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हुई है। ऊर्जा सहयोग को बढ़ाना इस दौरे का एक अहम एजेंडा होगा।

दो अहम समझौते की उम्मीद

विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह दौरा अहम व्यापार और निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा खास फोकस क्षेत्र में से एक होगा और एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम एमओयू होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई पिछले 25 सालों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स रहा है। यूएई में 4.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए यह दौरा उनके कल्याण के बारे में बात करने का भी एक मौका होगा।

यूएई के बाद नीदरलैंड का दौरा

अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री नीदरलैंड का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे नीदरलैंड के किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ भी बातचीत करेंगे। वार्ता में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इनोवेशन, रक्षा और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

स्वीडन के साथ व्यापार बढ़ाने पर फोकस

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन जाएंगे। वहां वे अपने स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देश व्यापार और सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री यूरोपीय उद्योग जगत के बड़े मंच 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहेंगी।

नॉर्वे और फिर इटली की यात्रा

स्वीडन के बाद पीएम मोदी नॉर्वे पहुंचेंगे। यहां, 19 मई को ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी शामिल होंगे। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे। भारत और इटली के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है।

अगले साल से ऑनलाइन होगी नीट की परीक्षा, पेपर लीक के बीच केन्द्र सरकार का बड़ा ऐलान

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परीक्षा रद्द होने के बाद नई डेट घोषित की गई। नीट री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। नीट यूजी परीक्षा अगले साल से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पर डिटेल में जानकारी दी है।

नीट पेपर कैंसिल करना कड़ा फैसला-प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीट परकीक्षा रद्द किए जानें को लेकर कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीट पेपर कैंसिल करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा, छात्रों के प्रति सरकार की पूरी संवेदनाएं हैं। नीट पेपर लीक और गड़बडी के माफिया के खिलाफ अभियान जारी है।

21 जून को दोबारा होगी परीक्षा

शिक्षा मंत्री ने कहा, तीन मई को परीक्षा हुई थी और सात मई को एनटीए के पास कहीं से आपत्ति आई कि गेस पेपर में ऐसे कुछ प्रश्न आए हैं, जो इस बार के पेपर में थे। एनटीए और सरकार ने तुरंत उसकी जांच की। राज्यों की एजेसियों से संपर्क किया गया। जब हम स्पष्ट हुए कि इस बार पेपर लीक हुआ है, हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं के षड्यंत्र के कारण किसी भी सही छात्र के अधिकार वंचित हो जाएं। इसलिए हमने 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दिया। हमने आज परीक्षा की नई तिथि की घोषणा की। नीट की फिर से परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

परीक्षा शुल्क वापस करेगी एनटीए

धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न पड़े। इसी के तहत एनटीए परीक्षा शुल्क भी वापस करेगी। साथ ही उम्मीदवारों का मानसिक तनाव कम करने के लिए एक बड़ा बदलाव नीट यूजी की टाइमिंग में किया गया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। छात्रों को इस बार अपनी सुविधा अनुसार परीक्षा शहर और सेंटर चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी। वहीं एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।

पेपर लीक कके बाद कैंसिल हुई थी परीक्षा

नीट यूजी की परीक्षा 3 मई को देशभर में आयोजित की गई थी। इसके बाद पेपर लीक और परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने की जानकारी सामने आते ही इसकी जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया था। मामले की जांच चल रही है।

नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवा की रीढ़: जीवेश त्रिपाठी
राजा कोठी वार्ड-9 में नर्स दिवस पर जीवेश त्रिपाठी ने किया नर्सों का सम्मान



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,शंकरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत राजा कोठी वार्ड नंबर 9 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में राजा कमलाकर डिग्री कॉलेज के पास के स्थानीय निवासी जीवेश त्रिपाठी ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्य को समाज सेवा बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। यह समर्पण ही उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाता है। जीवेश त्रिपाठी ने कहा, नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं बल्कि त्याग और ममता का दूसरा नाम है। कोविड महामारी से लेकर हर आपात स्थिति में नर्सों ने फ्रंटलाइन पर रहकर मानवता की रक्षा की है। शंकरगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने क्षेत्र की सभी नर्सों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्य वातावरण और उज्जवल भविष्य की कामना की।
थाना होलागढ़ में पति ने पति लगाया मायके में घुसकर पत्नी और भतीजे को मारने पीटने का आरोप


विश्वनाथ प्रताप सिंह

घटना सीसीटीवी में कैद, जान से मारने की धमकी का आरोप
होलागढ़ इलाके चार दिनों में हुई बड़ी घटनाएं,पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो होगी बड़ी घटना
प्रयागराज,होलागढ़ । इलाके  के दहियावां निवासी काजल जायसवाल ने अपने पति पर मायके में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जिसमें उनके भतीजे को भी पीटा गया।
शिकायत के अनुसार, कानपुर नगर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित यशोदा नगर निवासी उनके पति आज जायसवाल अवैध हथियार (कट्टा) लेकर दहियावां स्थित उनके मायके पहुंचे। उन्होंने काजल जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। जब उनके भतीजे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो जायसवाल ने उसे भी लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। काजल जायवर्षों से अपने मायके दहियावां में रह रही हैं। उनके और पति के बीच मारपीट तथा घरेलू विवाद को लेकर एक मुकदमा चल रहा है।
ई टिकटिंग अवैध कारोबारी जिला बदर घोषित,घर पर कराई गई डुग्गी मुनादी
*गुंडा एक्ट के तहत छ: महीने के लिए हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ई टिकटिंग के अवैध कारोबारी शमशेर आलम को जिला बदर कर दिया गया है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के न्यायालय ने शमशेर आलम को गुंडा एक्ट के अंतर्गत दोषी घोषित करते हुए छ: माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद खोंड़ारे थाने की पुलिस शमशेर आलम के कोल्हुई गरीब गांव स्थित घर पहुंच गई और डुग्गी मुनादी कराकर उन्हें जिलाबदर किए जाने की जानकारी दी।आदेश के अनुसार,शमशेर आलम अगले छ: महीने तक गोंडा जिले के सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे और उन्हें किसी अन्य जिले में रहना होगा।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के रिपोर्ट पर की गई है।आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शमशेर आलम एक शातिर अपराधी है,जिसका समाज में इतना भय और आतंक व्याप्त है कि कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने या न्यायालय में साक्ष्य देने की हिम्मत नहीं कर पाता।शमशेर आलम बड़े पैमाने पर फर्जी आईबोल और रेडबोल जैसे साफ्टवेयर तथा यूट्यूब का उपयोग करके रेलवे टिकट की वेबसाइट को हैक कर ई टिकट का अवैध कारोबार करता था।उसे रेलवे पुलिस और कई जांच एजेंसियों द्वारा पहले भी कई बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,इसके बावजूद वह लगातार अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा।खोंड़ारे थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर शमशेर आलम को छ: माह के लिए जिलाबदर किया गया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शमशेर आलम उक्त छ: माह के दौरान गोंडा जिले की सीमा में पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यहाँ यह बताना आवश्यक है कि कई बार रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियों के द्वारा शमशेर आलम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी,परन्तु उसके बावजूद भी इसके द्वारा बड़े पैमाने पर इस तरीके से कार्य किया जा रहा है।कई राज्य में और कई जगहों पर शमशेर आलम के खिलाफ अवैध टिकट कारोबार को  लेकर के भी मुकदमा दर्ज है।जिसकी जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
शुभांगी शुक्ला बनी भदोही की एडीएम वित्त एवं राजस्व
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। लंबे समय से जिले में तैनात अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य का स्थानांतरण मेरठ हो गया है। उनकी जगह मेरठ में अपर जिला अधिकारी रहीं शुभांगी शुक्ला को भदोही की जिम्मेदारी दी गई है। एक, दो दिन में वे जिले का कार्यभार संभाल लेंगी। कुंवर वीरेंद्र मौर्य बीते तीन साल से जनपद में तैनात थे। उन्हें एडीएम मेरठ, उप संचालक चकबंदी बनाया गया है।
भदोही पुलिस अधीक्षक ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित: हाईस्कूल-इंटर में 90 से अधिक अंक पाने वाले पुलिसकर्मियों के बच्चों का सम्मान
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने पुलिस लाइन ज्ञानपुर परेड ग्राउंड में साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल की कार्यवाही का अवलोकन कर उसे और बेहतर तरीके से करने हेतु संबंधित को निर्देशित किया। इसके पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण किया और वहां निर्माणाधीन नए बैरकों के कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने एमटी कार्यालय और वहां के अभिलेखों के रख-रखाव को भी परखा। निरीक्षण के इसी क्रम में, परेड ग्राउंड पर मौजूद यूपी-112 की गाड़ियों और एमटी अनुभाग के राजकीय वाहनों व उनमें उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की गई। व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। परेड व निरीक्षण के उपरांत, पुलिस अधीक्षक ने अर्दली रूम किया, जिसमें रजिस्टर पेशी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन कर उन्हें अद्यतन रखने हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में, शैक्षिक सत्र 2025-26 की हाईस्कूल/इंटरमीडिएट परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर जनपद भदोही पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं में कृतिका यादव (हेड ऑपरेटर, रेडियो शाखा के देवमणि यादव की पुत्री) ने 95.40अंक प्राप्त किए। अर्चिता यादव (उपनिरीक्षक, यातायात शाखा के श्री धर्मेंद्र यादव की पुत्री) ने 92.60 अंक प्राप्त किए, जबकि शुभम यादव (मुख्य आरक्षी, पुलिस लाइन के राजकुमार यादव का पुत्र) ने 92.80अंक प्राप्त किए।

भदोही पुलिस परिवार को इन सभी प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व है। जनपद पुलिस द्वारा सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने हेतु शुभाशीष प्रदान किया गया।
जिले के चिन्हित अस्पताल में मरीज होंगे रेफर, बेहतर होंगी स्वास्थ्य व्यवस्था

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले की सीएचसी से रेफर हो रहे मरीजों को लेकर अब मनमानी नहीं चलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी के मरीजों को अब चिह्नित अस्पताल में ही रेफर किया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ, औराई और गोपीगंज के मरीज को जिला अस्पताल और सुरियावां, भदोही और भानीपुर के मरीजों को भदोही एमबीएस में रेफर किया जाएगा। रोजाना सीएचसी पर 80 से 100 मरीजों की इमरजेंसी होती है। इसमें से 30 से 35 मरीज रेफर किए जाते हैं। जिले में छह सीएचसी है, इमसें भानीपुर, भदोही, सुरियावां, औराई, डीघ, गोपीगंज है। यहां रोजाना 2200 से 2500 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 80 से 100 की इमरजेंसी होती है। इसमें से सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को रेफर किया जाता है। ज्यादातर मरीजों को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता था। महाराजा बलवत सिंह राजकीय चिकित्सालय में केवल भदोही सीएचसी के ही मरीज रेफर होते है। जिला अस्पताल की अपेक्षा भदोही एमबीएस में 10 डॉक्टर अधिक है। यहां कुल 22 डॉक्टरों की तैनाती है। सीएमओ डॉक्टर एसके चक ने एक नई पहल की शुरूआत की है। इसके तहत सुरियावां, भानीपुर, भदोही सीएचसी के मरीज भदोही एमबीएस में रेफर किए जाएंगे। इसके अलावा औराई, गोपीगंज, डीघ सीएचसी के मरीज जिला अस्पताल रेफर किए जाएंगे। रेफर पर्ची पर साफ अक्षरों में अस्पताल का नाम लिखा जाएगा। जिस पर्ची पर अस्पताल का नाम नहीं होगा, वहां के अधीक्षक से जवाब मांगा जाएगा। किसी भी सीएचसी के मरीज किसी दूसरे अस्पताल में मरीज लेकर नहीं जाएंगे। इसके अलावा भदोही एमबीएस के मरीज जिला अस्पताल नहीं आएंगा। जिला अस्पताल, एमबीएस से मरीज सीधे मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाएंगे।
पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुए पीएम मोदी, आज यूएई के राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों के दौरे पर रहेंगे। मोदी 5 देशों की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी अगले 6 दिनों में यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी कई विश्व नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मकसद भारत की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना है। उनका पहला पड़ाव यूएई होगा, जहां वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।

क्या होगा यूएई यात्रा का मुख्य फोकस?

पीएम मोदी सबसे पहले यूएई जाएंगे। पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत करेंगे।

यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत

बता दें कि यूएई भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक अहम साझीदार रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल यूएई कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्रोत था, जिसने भारत की जरूरत का लगभग 11% हिस्सा पूरा किया। यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत है, जो भारत की जरूरत का लगभग 40% हिस्सा पूरा करता है। लंबे समय के लिए सप्लाई के समझौते होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हुई है। ऊर्जा सहयोग को बढ़ाना इस दौरे का एक अहम एजेंडा होगा।

दो अहम समझौते की उम्मीद

विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह दौरा अहम व्यापार और निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा खास फोकस क्षेत्र में से एक होगा और एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम एमओयू होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई पिछले 25 सालों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स रहा है। यूएई में 4.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए यह दौरा उनके कल्याण के बारे में बात करने का भी एक मौका होगा।

यूएई के बाद नीदरलैंड का दौरा

अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री नीदरलैंड का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे नीदरलैंड के किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ भी बातचीत करेंगे। वार्ता में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इनोवेशन, रक्षा और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

स्वीडन के साथ व्यापार बढ़ाने पर फोकस

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन जाएंगे। वहां वे अपने स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देश व्यापार और सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री यूरोपीय उद्योग जगत के बड़े मंच 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहेंगी।

नॉर्वे और फिर इटली की यात्रा

स्वीडन के बाद पीएम मोदी नॉर्वे पहुंचेंगे। यहां, 19 मई को ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी शामिल होंगे। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे। भारत और इटली के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है।